अलौकिक शक्तियों से संपन्न है 64 योगिनियां, नवरात्रि में रहती है चैतन्य

नवरात्रि के 9 दिनों में दुर्गा जी के नौं स्वरुपों को पूजा जाता है। लेकिन इसके अलावा कई तांत्रिक इस दौरान तांत्रिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिये साधना भी करते हैं। वहीं कुछ लोग कई अन्य विशेष सिद्धियां पाने के लिये नवरात्रि के पवित्र दिनों में योगिनियों की साधना भी करते हैं। इन दिनों योगिनियों की आराधना का बहुत महत्व माना जाता है। वहीं पंडित रमाकांत मिश्रा ने बताया की नवरात्रि के दिनों में सभी 64 योगिनियां चैतन्य अवस्था में रहती है। इन सभी योगिनियों को मां काली का अवतार माना जाता है और इस सभी को आदिशक्ति भी कहा जाता है। मां काली ने घोर नामक दैत्य का वध करने के लिए इन्हीं सभी रुपों में अवतार लिए थे। इसके अलावा यह भी कहा जाता है की ये सभी योगिनियां माता पार्वति की सखियां हैं। 64 योगिनियों को लेकर कुछ लोगों का मानना है की योगिनियों का संबंध काली कुल से हैं और ये सभी तंत्र तथा योग विद्या से घनिष्ठ संबंध रखती हैं। इसलिए इनकी साधना ज्यादातर तांत्रिकों द्वारा की जाती है। कहा जाता है की ये सभी योगिनियां अलौकिक शक्तिओं से सम्पन्न हैं तथा इंद्रजाल, जादू, वशीकरण, मारण, स्तंभन इत्यादि कर्म इन्हीं की कृपा द्वारा ही सफल हो पाते हैं। वहीं दूसरी तरफ इन 64 देवियों में से दस महाविद्याएं और सिद्ध विद्याओं की भी गणना की जाती है। ये सभी आद्या शक्ति काली के ही भिन्न-भिन्न अवतारी अंश हैं।   चौंसठ योगिनियों में प्रमुख है ये 8 योगिनियां चौंसठ योगिनियों के नाम 1.बहुरूप, 3.तारा, 3.नर्मदा, 4.यमुना, 5.शांति, 6.वारुणी 7.क्षेमंकरी, 8.ऐन्द्री, 9.वाराही, 10.रणवीरा, 11.वानर-मुखी, 12.वैष्णवी, 13.कालरात्रि, 14.वैद्यरूपा, 15.चर्चिका, 16.बेतली, 17.छिन्नमस्तिका, 18.वृषवाहन, 19.ज्वाला कामिनी, 20.घटवार, 21.कराकाली, 22.सरस्वती, 23.बिरूपा, 24.कौवेरी, 25.भलुका, 26.नारसिंही, 27.बिरजा, 28.विकतांना, 29.महालक्ष्मी, 30.कौमारी, 31.महामाया, 32.रति, 33.करकरी, 34.सर्पश्या, 35.यक्षिणी, 36.विनायकी, 37.विंध्यवासिनी, 38. वीर कुमारी, 39. माहेश्वरी, 40.अम्बिका, 41.कामिनी, 42.घटाबरी, 43.स्तुती, 44.काली, 45.उमा, 46.नारायणी, 47.समुद्र, 48.ब्रह्मिनी, 49.ज्वाला मुखी, 50.आग्नेयी, 51.अदिति, 51.चन्द्रकान्ति, 53.वायुवेगा, 54.चामुण्डा, 55.मूरति, 56.गंगा, 57.धूमावती, 58.गांधार, 59.सर्व मंगला, 60.अजिता, 61.सूर्यपुत्री 62.वायु वीणा, 63.अघोर और 64. भद्रकाली।

पत्रिका 3 Oct 2019 9:45 am