नवरात्रि की नवमी तिथि की रात कर लें केवल ये 3 उपाय, बढ़ेंगी धन आवक, हो जाएंगे मालामाल

शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन यानी की महानवमी की रात्र को ये महाउपाय करने बड़ी से बड़ी मनोकामना पूरी होने में देरी नहीं लगती। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि की नवमी तिथि को माँ दुर्गा की महाशक्तियां अत्यधिक जाग्रत रहती है और इस समय जो भी इच्छा पूर्ति के लिए कोई भी उपाय करता है उसकी सभी मनोकामनाएं माँ दुर्गा की कृपा से पूरी हो कर रहेगी। साल 2019 की शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि सोमवार 7 अक्टूबर को है।   शारदीय नवरात्रि : देवी कवच के पाठ से रक्षा के साथ हर कामना पूरी करती है माँ जगदंबा शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि की रात में 10 बजे से लेकर 12 बजे रात के बीच इन महाउपायों में से किसी भी एक को करने से व्यक्ति के जीवन की धन संबंधित सभी परेशानियां खत्म होने लगती है। इन उपायों को करते समय ध्यान रखें कोई भी रोके या टोके नहीं। माँ दुर्गा अपने भक्‍तों के कल्‍याण के लिए सदैव तत्पर रहती है। श्रद्धालु भक्त नौ दिनों तक माँ आद्यशक्ति दुर्गा की उपासना विशेष विधि विधान से तो करते ही पर नवमी तिथि को किये गये ये उपाय कभी खाली नहीं जाते। शारदीय नवरात्रि के आखरी दिन सुबह नवमी पूजन, कन्या पूजन आदि कार्य किये जाते हैं। लेकिन अगर इस दिन रात में इन उपायों को पूर्ण विश्वास के साथ किया जाएं तो व्यक्ति की सभी तरह की समस्‍या और परेशानी दूर होने लगती है। माँ दुर्गा भवानी उपायकर्ता की कामनाएं पूरी कर देती है।   नवरात्र की सप्तमी तिथि : इस उपाय से शीघ्र प्रसन्न हो जाती है कालरात्रि माता, कर देती है हर इच्छा पूरी 1- शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि 7 अक्टूबर के दिन रात्रि में 10 बजे से ठीक पहले गंगाजल मिले जल से स्नान करके घर के पूजा स्थल की थोड़ी सी जगह को गाय के गोबर से लीप लें, अब उसी जगह पर गाय के घी का दो मुंह वाला एक दीपक जलायें। दीपक के सामने एक कपूरी पान के पत्ते पर 5 लौंग, देशी कपूर, 5 इलायची और गुग्‍गल के साथ कुछ मीठा रखकर माता रानी को इसकी धूनी दें, एवं माँ दुर्गा के बीज मंत्र का एक हजार बार जप भी करें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में धन आवक के रास्ते खुल जाते हैं।   दुर्गा महाअष्टमी 6 अक्टूबर : रात में कर लें ये महाउपाय, जो चाहोगे मिलेगा माता से 2- अगर किसी को अपना बनाना चाहते हो तो शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि की रात्रि में सुगंधित चंदन और केसर पाउडर को मिलाकर एक कपूरी पान के पत्ते पर रखकर जलाएं। अब माँ चंडी स्‍त्रोत का पाठ लाल रंग के आसन पर बैठकर करें। सुबह उठकर पान की राख की भस्म का तिलक माथे और गले पर लगाएं। ऐसा करने पर जिसे चाहेंगे, उसे अपने वश में कर सकते हैं।   दुर्गा सप्तशती के केवल ये 8 मंत्र ही दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए है काफी 3- शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि की रात को माँ दुर्गा जी के मंदिर में धन-वैभव की कामना से जाकर कपूरी पान के पत्ते पर केसर, चंदन का इत्र व गाय का घी को मिलाकर छोटा सा स्‍वास्‍तिक बनाएं। अब इस पर कलावा बांधकर एक सुपारी रख दें, धन संबंधित सभी परेशानियां खत्म होने लगेगी।

पत्रिका 4 Oct 2019 10:23 am