नवरात्रि में मां दुर्गा ने आपकी पूजा स्वीकार की है या नहीं, ऐसे जानें

शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो चुके हैं, इस दौरान सभी देवी मां की पूजा-अर्चना में लीन हैं। बाजारों में भी दुर्गा पूजा की धूम दिखाई दे रही। हिंदू धर्म के इस पवित्र त्यौहार में बड़े से लेकर छोटों में भारी उल्लास देखने को मिलता है। इन पावन दिनों में कई लोग व्रत उपवास करते हैं और पूरे भक्तिभाव से मां की उपासना करते हैं।   शक्तिपीठों का महापीठ कामाख्या मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब नवरात्रि में जगह-जगह देवी पंडाल लगते हैं और घरों में व पंडालों में ज्वारे बोए जाते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान ज्वारे बोना बहुत शुभ, फलदायक और महत्वपूर्ण भी माना जाता है। क्योंकि ये आपकी भक्ति व आपकी पूजा के सफल होने या ना होने का संकेत देते हैं। जी हां, लेकिन कैसे आइए जानते हैं.... 1. मान्यताओं के अनुसार यदि अंकुरित जौ सफेद रंग के हुए है, तो यह शुभ संकेत माना जाता है। यह शुभ संकेत आपकी सफल पूजा और कामनाओं के पूरे होने का इशारा होता है। 2. यदि अंकुरित जौ हरे रंग के उगे हैं, तो यह बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। क्योंकि हरा कलर खुशहाली का रंग माना जाता है। जौं का हरे रंग का होना सालभर धन-धान्य में वृद्धि और आर्थिक संकट से मुक्ति पाने के लिये माना जाता है। 3. अंकुरित जौ का दो रंग यानी हरे और पिले रंग का होना मिश्रित परिणाम का संकेत देता है। यानी सालभर आपके कार्य में सफल तो होंगे लेकिन फल आपको मेहनत के अनुसार नहीं मिलेगा। अशुभ संकेत: - अगर कभी आपके जौ नहीं उगते हैं, तो समझ लिजिये की यह साल आपके लिये बहुत ही कठिनाईयों भरा रहने वाला है। यह संकेत जनहानि या किसी प्राकृतिक आपदा के होने का संकेत देती है। परिवार में किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु भी हो सकती है। - अंकुरित जौ अगर धुंए के रंग वाली उगती है तो यह परिवार के लिए शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार उस साल परिवार में विवाद होता है और आपसी सामंजस्य खत्म होने के संकेत देता है। - अगर अंकुरित जौ में काले रंग के उगते है, तो वह अशुभ संकेत होता है और यह सालभर ही अकाल और आर्थिक संकट के बढ़ने की ओर ईशारा करता है।

पत्रिका 30 Sep 2019 12:40 pm