भगवान ही खिलाते हैं, नहीं खाओ तो मारकर खिलाते हैं

किसी नगर में एक सेठ जी रहते थे, उनके घर के नजदीक ही एक मंदिर था। एक रात्रि पुजारी के कीर्तन की ध्वनि के कारण सेठ जी को ठीक से नींद नहीं आई। सुबह उन्होंने पुजारी जी को खूब सूनाया और कहा कि यह जागरण...

लाइव हिन्दुस्तान 26 Jun 2019 12:49 am