यहां गिरी थी मां सती की बाईं आंख, दर्शन मात्र से दूर हो जाती है आंखों की पीड़ा

स्थानीय लोग बताते हैं कि नवरात्र के दौरान सुबह तीन बजे से ही माता की पूजा शुरू हो जाती है और संध्या में श्रृंगार पूजन किया जाता है। मां के इस विशाल मंदिर परिसर में काल भैरव, शिव परिवार के अलावा अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर है, जहां श्रद्धालु पूजा करते हैं।

पत्रिका 30 Sep 2019 12:13 pm