विशेष संयोगों में देवी के स्वरूप की राशि अनुसार करें पूजा, मिलेगा दोगुना फल

नवरात्रि में नौं दिनों का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। इन पवित्र दिनों में माता रानी को प्रसन्न करने के लिये कई उपाय किये जाते हैं। कई तांत्रिक तो सिद्धियां प्राप्त करने के लिये तंत्रिक क्रियाएं भी करते हैं। यूं तो मां दुर्गा अपने भक्तों की हमेशा ही मनोकामनाएं पूरी करती है लेकिन नवदुर्गा में विशेष पूजा का फल मिलता है।   नवरात्रि में मां दुर्गा पृथ्वी पर अपने भक्तों के घरों में निवास करती है, जहां उनकी सच्चे मन से पूजा की जाती है। इस बार शारदीय नवरात्रि में कई विशेष संयोग बने हैं, इसलिये राशि के अनुसार पूजा पाठ करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी हो जाएगी आइए जानते हैं किस राशि वाले को कैसे करनी है पूजा...   मेष राशि वाले जातक नवरात्रि में देवी मैय्या को लाल फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें। इसके साथ नवार्ण मंत्र का जप करें, लाभदायक रहेगा। वहीं आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी हो जाएगी। वृषभ राशि वाले जातक नवरात्रि में मां दुर्गा के महागौरी रूप की पूजा करें और उन्हें पंचमेवा अर्पित करें। इसके साथ ललिता सहस्त्रनाम और सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ करें। इस राशि वाले जातक नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें और ओम शिव शक्त्यै नम: मंत्र का 108 बार जप करें। लाभदायक साबित होगा। इस राशि वाले जातक नवरात्रि में मां शैलपुत्री की पूजा करें और उन्हें बताशे, चावल और दही का भोग लगाएं। इसके साथ ही लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस राशि वाले जातक देवी मां के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करें और दुर्गा सप्तशति का पाठ जरूर करें। इसके अलावा अधिक सफलता प्राप्त करने के लिये मां के 5 मंत्रों का जप करें। कन्या राशि वाले मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरुप की पूजा करें। खीर का भोग लगाएं और दुर्गा चालिसा का पाठ करें। इस राशि के जातकों को आदिशक्ति के महागौरी रूप की पूजा करनी चाहिए और उनको उनको दूध, चावल और लाल चुनरी अर्पित करें। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करें। इस राशि के जातक मां दुर्गा के स्कंदमाता रुप की पूजा करें और उनको लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं। कपूर से माता की आरती करें। इस राशि वाले जातक माता रानी के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा करें और उनके पीली मिठाई का भोग लगाएं। उनको हल्दी, केसर, पीले फूल और तिल का तेल अर्पित करें। हर रोज श्रीरामरक्षा स्तोत्र का ब्रह्म मुहूर्त में पाठ करें। माता को भोग में पीली मिठाई व केले चढ़ाएं। इस राशि के जातक मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें और उन्हें उड़द से बनी मिठाई या हलवे का भोग लगाएं। साथ ही नवार्ण मंत्रों का जप करें। इस राशि के जातक मां अम्बे के कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए और हलवे का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही प्रतिदिन देवी कवच का पाठ करें। इस राशि के जातक दुर्गा माता के चंद्रघंटा स्वरुप की पूजा करें और पीली मिठाई व केले का भोग लगाएं। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशति का पाठ करें।  

पत्रिका 30 Sep 2019 5:34 pm