साधक जीवन की क्रियाओं को नियमित बनाएं

अर्थात हाथों के अगले भाग में लक्ष्मी, मध्य भाग में सरस्वती और मूल में ब्रह्मा जी स्थित हैं। इसलिए प्रातःकाल उठते ही सर्वप्रथम अपने हाथों के दर्शन करें। इसके पश्चात निम्नवत प्रार्थना करके भूमि पर पांव रखें : हे विष्णुपत्ने, हे समुद्र रूपी वस्त्रों को धारण करने वाली तथा पर्वत रूपी स्तनों से युक्त देवी, […] Divya Himachal: No. 1 in Himachal news - News - Hindi news - Himachal news - latest Himachal news .

दिव्या हिमाचल 12 Oct 2019 12:05 am