हम एक दूसरे में बह रहे हैं : ओशो

Osho thoughts किसी आंतरिक अनुभूति के बल पर ऐसा करते हैं। पूजा कर लेते हैं, सत्संग नहीं करते। सत्संग खतरनाक हो सकता है।

दैनिक जागरण 23 Jun 2019 7:35 am