संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज करेगी आपात बैठक, मादुरो गिरफ्तारी पर वैश्विक चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद रविवार को अमेरिका के अधिकारियों ने यहां एक हिरासत केंद्र में मादुरो से पूछताछ शुरू की
ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीवन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने X पर ग्रीनलैंड का मैप अमेरिकी झंडे से ढककर 'SOON' कैप्शन दिया है.ये पोस्ट वेनेजुएला पर अमेरिकी ऑपरेशन के बाद आई है. जिसके बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है, अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अब अमेरिका किस देश पर हमला करने जा रहा है.
अमेरिका में भारतीय महिला की बेरहमी से हत्या, 'लापता' बताकर भारत भाग आया एक्स-बॉयफ्रेंड
Nikita Godishala murder: अमेरिका में 27 वर्षीय भारतीय महिला निकिता गोदीशाला की हत्या कर उनके पूर्व प्रेमी अर्जुन शर्मा के भारत भागने के बाद अंतरराष्ट्रीय लेवल पर तलाश शुरू की गई है.
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग
अमेरिका ने शनिवार को जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया
'15 हजार सैनिकों ने ली पोजीशन...' ट्रंप की वेनेजुएला पर एक और स्ट्राइक की चेतावनी
वेनेजुएला पर अमेरिकी ऐक्शन अभी थमा नहीं है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी की बात नहीं मानी गई तो हम दूसरी स्ट्राइक के लिए तैयार हैं.
trump welfare list: ट्रंप ने हाल में ही एक वेलफेयर लिस्ट निकाली है जिसमें उन देशों के नाम है जहां के नागरिक अमेरिका में सरकारी मदद पर निर्भर रहने का काम करते हैं. लेकिन इस वेलफेयर लिस्ट में भारत का नाम नहीं है.
वेनेजुएला पर हुकूमत करेगा अमेरिका...? अब ट्रंप ने लिया यूटर्न, कहा- हमारे कब्जे का इरादा नहीं है
US action against Venezuela: अमेरिकी कार्रवाई और ट्रंप के बयान के बाद वेनेजुएला को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है, हालांकि अमेरिका ने फिलहाल कब्जे से इनकार किया है. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद दबाव बनाकर सही राजनीतिक बदलाव कराना है, न कि वेनेजुएला पर सीधे शासन करना.
12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। अमेरिकी प्राइवेट कंपनी ओशन इन्फिनिटी ने कहा है कि प्लेन खोजने के बाद ही वो 630 करोड़ रुपए फीस लेगी, पहले नहीं। मंडे मेगा स्टोरी में MH-370 फ्लाइट की मिस्ट्री और इसके सर्च ऑपरेशन से जुड़ी पूरी कहानी… आखिर MH-370 प्लेन के साथ क्या हुआ, सटीक जवाब किसी को नहीं पता। 6 बड़ी थ्योरीज चलती हैं… **** ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह ------ ये स्टोरी भी पढ़िए... सुनसान रेगिस्तान में क्या छिपा रहा है चीन:सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा अमेरिका जैसा वॉरशिप, भारत से सिर्फ 300 किमी दूर; जानिए पूरी कहानी चीन का सुनसान टकलामकान रेगिस्तान, जहां दूर-दूर तक पानी का नामो-निशान नहीं। रेत के बीच कुछ वॉरशिप तैनात दिखे हैं। सैटेलाइट इमेज में यहां रेलवे लाइन, रनवे और नौसेनिक अड्डा तक दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़िए...
जम्मू के डोडा में रहने वाली अनीता राज विलेज डिफेंस गार्ड्स यानी VDG की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक राइफल चलानी सीखी है। वे ट्रेनिंग में आकर बहुत खुश हैं और कहती हैं, 'अभी सर्दियां हैं तो आतंकी ज्यादा एक्टिव रहते हैं। वो इसका फायदा उठाकर पाकिस्तान से घुसपैठ करते हैं। इसलिए अभी हम 24 घंटे अलर्ट रहते हैं।‘ 30 दिसंबर को ही सेना ने डोडा के अलग-अलग गांवों में ट्रेनिंग कैंप लगाए हैं। यहां जंगलों और पहाड़ों के बीच पेट्रोलिंग करने के साथ ही हथियार चलाना और हैंडल करना भी सिखाया जा रहा है। डोडा की रहने वाली कई महिलाएं विलेज डिफेंस गार्ड भी हैं। ये पिछले एक साल से घर के कामकाज के अलावा सेना के साथ गांव की सुरक्षा भी कर रही हैं। उन्हीं में से एक सोनाली कहती हैं, ‘मैं एक साल से VDG में हूं। मुझे देश के लिए लड़ना है और हम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। हमें खुशी है कि देश के लिए काम कर रहे हैं।‘ पहले विलेज डिफेंस ग्राउंड (VDG ) को VDC कहा जाता था। इसमें सिर्फ पुरुष ही ट्रेनिंग ले रहे थे। अब पिछले साल से महिलाएं भी इसका हिस्सा हैं। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी के मुताबिक, ये 10 से 15 लोगों का एक ग्रुप होता है, जिसका लीडर रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है। ऑटोमैटिक हथियार मिले और ट्रेनिंग भी, अब आतंकियों से लड़ना आसानदैनिक भास्कर ने VDG की ट्रेनिंग देने वाले अधिकारियों से बात की। वे कहते हैं, ‘जम्मू के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में पैदल जाने का ही रास्ता है। वहां अगर कभी आतंकियों का मूवमेंट होता तो कैंप से आर्मी को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे भी लग जाते हैं। ऐसे इलाकों की पहचान कर वहां के लोकल लोगों को उनकी इच्छा से हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। अगर कोई रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है तो उसे ग्रुप की जिम्मेदारी दी जा रही है।‘ हमने डोडा में VDG की ट्रेनिंग में शामिल महिलाओं और कुछ युवकों से भी बात की। इनमें से एक सुरिंदर कुमार ने बताया कि पहले उन्हें थ्री नॉट थ्री से ट्रेनिंग दी जाती थी। हालांकि अब ऑटोमैटिक हथियार दिया गया है, जिससे काफी सहूलियत हो रही है। 2022 में गृह मंत्रालय के ऑर्डर के बाद अब VDG को ऑटोमैटिक हथियार दिए जा रहे हैं। ट्रेनिंग लेने वाले एक अन्य VDG मेंबर राजेश कुमार सिंह कहते हैं, ‘हमें समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती है। गन कैसे ओपन करनी है, कैसे बंद करनी और कैसे चलानी है। इससे हमें काफी फायदा हुआ है। अगर हमें किसी जंग में चीन बॉर्डर पर भी ले जाया गया तो हम उसके लिए तैयार हैं।‘ यहां हथियारों की ट्रेनिंग लेने आईं मधुबाला कहती हैं, हमें ट्रेनिंग मिली है। इससे हमें बहुत फायदा हुआ। हमारा जज्बा बढ़ा है। वैसे भी हमें सब कुछ आना चाहिए। दुश्मन से लड़ना भी। खुशी है कि देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। वहीं डोडा में रहने वाले सुनील कहते हैं कि गांव में जब भी कोई अजनबी आता है तो हम उसकी पहचान करके सेना को जानकारी देते हैं। फिर आर्मी के साथ मिलकर गश्त भी करते हैं। हाल के दिनों में डोडा के इलाकों में कुछ संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां देखने को मिलीं। उसके बाद से यहां VDG को फिर एक्टिव किया जा रहा है। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी बताते हैं, ‘पिछले दो साल से महिलाएं भी विलेज डिफेंस गार्ड्स का हिस्सा बन रही हैं। दरअसल, महिलाएं सुनसान पहाड़ी पर मौजूद घरों में अकेली पड़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ट्रेनिंग मिलने से अब सुरक्षा बढ़ गई है। VDG जिले के SSP, डीएम और आर्मी अफसरों से कॉन्टैक्ट में रहते हैं। उनके लीडर को वायरलेस सेट भी दिए गए हैं। इसलिए कोई भी खतरा होने पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।‘ 1995 में कैसे बनाई गई पहली विलेज डिफेंस कमेटी, रियासी में हुई ट्रेनिंगजम्मू के गांवों में लोकल लोगों को आतंकियों का मुकाबला करने के लिए हथियारों की ट्रेनिंग देने की शुरुआत 1995 में रियासी के बागनकोट गांव से हुई थी। उस समय रियासी के SSP पूर्व IPS अधिकारी एसपी वैद थे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP रिटायर्ड IPS अधिकारी एसपी वैद बताते हैं, ‘ये 1995 की शुरुआत की बात है। रियासी के बागनकोट गांव में आतंकियों का ग्रुप पाकिस्तान से घुसपैठ करके आ रहा था। आतंकी कश्मीर की तरफ जा रहे थे। तभी उन्होंने बागनकोट गांव में हमला कर दिया और गांव के दो लोगों को मार गिराया। मुझे वायरलेस पर मैसेज मिला।‘ ‘किसी तरह हम लोग गांव की तरफ पहुंचे। हमें रास्ते में ही गांव के लोग मिले और वे लाशें लेकर सड़क पर आ गए थे। उनमें बहुत गुस्सा था। वे हथियार की मांग करने लगे। हमने लाइसेंस के बारे में पूछा तो बोले- हम गरीब हैं, लाइसेंस कैसे लेंगे। तब हमने उन्हें हथियार दिलाने का भरोसा दिया।‘ ‘गांव वालों ने ये भी बताया कि उन्होंने अपना बचाव करते हुए कुल्हाड़ी और गडासे से दो आतंकियों को मार गिराया, लेकिन उनकी लाशें बाकी आतंकी अपने साथ ले गए। गांव वालों की हिम्मत देखकर पहली बार हमने ही विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) शुरू की। तब मैंने पुलिस मुख्यालय से परमिशन लेकर गांव वालों को पहली बार थ्री नॉट थ्री की 10 राइफलें दीं और ट्रेनिंग दिलाई। उन्हें 50-50 राउंड गोलियां भी दी गईं।’ ’जिन दो लोकल लोगों को आतंकियों ने मारा था। उनकी एक-एक बेटियों को पुलिस कॉन्स्टेबल बनवाया गया। जिससे पूरे गांव का हौसला बढ़ा। इसके बाद उन पहाड़ी इलाकों के लिए ये एक सिस्टम बन गया।’ पुलिस और सेना के होते हुए VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ीहमने पूछा कि इन इलाकों में हमेशा आर्मी और पुलिस क्यों नहीं तैनात रहती है। VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर पूर्व DGP एसपी वैद कहते हैं, ‘जम्मू और कश्मीर की भौगोलिक स्थिति में काफी अंतर है। कश्मीर में दूर-दराज के दो से तीन गांव भी एक साथ सटे हुए हैं। वहीं जम्मू में डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी और रियासी समेत कई इलाकों के हालात काफी अलग हैं।‘ ‘यहां के गांवों में जाने के लिए एक या दो ही सड़क है। इसके बाद एक घर किसी एक पहाड़ी पर है तो दूसरा घर उससे काफी दूर दूसरी पहाड़ी पर है। इन घरों तक जाने के लिए सिर्फ पैदल रास्ते हैं। यहां आर्मी या फोर्सेस तुरंत नहीं पहुंच सकतीं। कोई घटना होने पर सूचना मिलने के बाद भी सेना को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे लग जाते थे। तब तक आतंकी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।‘ ‘यही वजह है कि यहां के लोकल लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग देकर सुरक्षा के लिए तैयार किया गया। यही वजह है कि जम्मू के इन इलाकों में आतंकी जल्द अपना ठिकाना नहीं बना पाते, न ही लोगों को मार पाते हैं। ये बेहद जरूरी और कारगर कदम है।‘ VDG अगर न होते तो जम्मू में भी हिंदुओं का नरसंहार होताजम्मू के दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में विलेज डिफेंस गार्ड्स न होते तो क्या होता। इस सवाल पर पूर्व DGP वैद कहते हैं, ‘1990 के दशक में कश्मीर की तरह जम्मू में भी नरसंहार होने लगा था। उस वक्त पाकिस्तान चाहता था कि जिस तरह कश्मीर से हिंदुओं को भगाया गया। कश्मीरी पंडितों पर जुल्म हुए, उसी तरह जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भी जुल्म हो और हिंदुओं को भगा दिया जाए।‘ ‘उस समय अगर ये विलेज गार्ड कमेटी नहीं बनाई जाती तो जम्मू एरिया में भी हिंदुओं पर अत्याचार होते और मास मर्डर किए जाते क्योंकि यहां के लोग खुद ही हथियार लेकर अपनी सुरक्षा में जुट गए इसलिए पाकिस्तान की ये चाल जम्मू में नहीं चली।‘ तब की VDC (अब VDG) को याद करते हुए वो कहते हैं, ‘डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ की पहाड़ियों में रहने वाले लोग रात-रात भर आतंकियों से लड़े हैं। वे तब तक लड़ते, जब तक उनके पास से गोला-बारूद खत्म नहीं हो गए। बहुत सारे लोगों ने इसके लिए अपनी जान भी दी है।‘ गृह मंत्रालय ने नया VDG बनाने का दिया आदेशदैनिक भास्कर ने 2022 में गृह मंत्रालय की तरफ से विलेज डिफेंस गार्ड्स (VDG) को लेकर जारी आदेश की कॉपी भी निकाली। उसमें VDG को लेकर नए दिशा-निर्देश दिए हैं। ये आदेश 14 अगस्त 2022 को जारी हुआ। इसमें लिखा है- ‘VDG को अपनी इच्छा के आधार पर छोटे-छोटे ग्रुप बनाने हैं। ये जम्मू के दूर-दराज के इलाकों में खुद अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहेंगे।‘ ‘इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और ये दिन-रात के वक्त गश्त करेंगे। ये उन एरिया के लिए है, जहां पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेज को पहुंचने में काफी मुश्किल होती है। VDG के एक ग्रुप में 15 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। इनके पास हथियार का लाइसेंस होना जरूरी है।‘ इनके ग्रुप का लीडर कोई रिटायर्ड आर्मी मैन या जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व कर्मी होना चाहिए। ग्रुप में ऐसे युवा होने चाहिए, जो अपनी खुशी से हथियारों की ट्रेनिंग लें और कम्युनिटी की सिक्योरिटी में अलर्ट रहें। ‘VDG दो कैटेगरी में बनाए गए। पहला V1 कैटेगरी, जिसमें ग्रुप को लीड करने वाला होगा। वही ग्रुप को दिशा-निर्देश देगा। उसके पास वायरलेस सेट भी होगा, जिससे वो रिमोट एरिया से आर्मी और पुलिस को मैसेज भी कर सकेगा। उसे हर महीने 4500 रुपए सैलरी दी जाएगी। दूसरी कैटेगरी V2 है, जिसमें ग्रुप मेंबर्स होंगे। इन्हें हर महीने 4000 रुपए मिलेंगे।‘ VDG की ट्रेनिंग पर आतंकियों की नजर, 33 साल से वांटेड आतंकी का खुलासाजम्मू से पिछले 33 साल से गायब आतंकी जहांगीर सरूरी का प्रोपेगैंडा इंटरव्यू द रिवोल्यूशन रिसर्जेंस मैगजीन में पब्लिश हुआ है। उसमें लोकल लोगों को सेना की मदद करने और ट्रेनिंग देने का जिक्र किया गया है। जिससे पता चलता है कि आतंकियों की भी इस VDG पर नजर है। इस आतंकी से सवाल पूछा गया था कि भारतीय सेना और सरकार इन्हें (आतंकियों के आंदोलन को) दबाने के लिए कौन से तरीके अपना रही है? इस पर मोस्ट वांटेड आतंकी जहांगीर सरूरी ने जवाब दिया कि भारतीय सेना ने कुछ हिंदू युवाओं को हथियारों से लैस किया है। उन्हें उधमपुर जैसे शिविरों में आर्मी ट्रेनिंग दी गई है।.................... ये खबर भी पढ़ें... 'मार्च में इंडियन आर्मी करेगी बड़ा ऑपरेशन' ‘हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हम जानते हैं कि किसी भी इम्तिहान का मुश्किल हिस्सा आखिर में होता है। अल्लाह की मर्जी से हम इसे जीतकर, और मजबूत होकर निकलेंगे। ये सिर्फ आपकी लड़ाई है। जो भी करना है, खुद करना है। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा एक प्लान बताएंगे।’ ये मैसेज कश्मीर में एक्टिव आतंकियों के लिए है। पढ़िए पूरी खबर...
पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी
नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड आएंगे नई दिल्ली, अपने समर्थकों को करेंगे संबोधित
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ भारत पहुंचने वाले हैं। वे सोमवार को नेपाली प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे
बंदूकधारियों का ग्रामीणों पर टूटा कहर, घरों और दुकानों में लगाई आग; 30 लोगों की कर दी हत्या
World News: घटना के बाद बचे हुए ग्रामीण गांव में जाकर लोगों की लाश उठाने तक से डर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नाइजर राज्य के कासुवान-दाजी गांव में शनिवार को हथियारबंद बदमाशों ने हमला बोला था, जिसमें हमलावरों ने गांव में घुसते ही लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
Nepal: मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भारी बवाल, बीरगंज में आगजनी; स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
India Nepal border: नेपाल की मस्जिद में हुई तोड़फोड़ के विरोध में सीमा पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. इसके चलतेजोगबनी में भारत–नेपाल सीमा पर जोरदार प्रदर्शन हुआ. बिगड़े हालातों के बीच सुरक्षा कारणों से सीमा पर कुछ समय के लिए आवागमन ठप रहा. प्रशासन की सतर्कता से हालात काबू में आए.
बांग्लादेश में हिंदुओं की ताबड़तोड़ हत्याओं की असल वजह क्या? तस्लीमा नसरीन ने बताया
Hindu killings in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या जारी है. बीते कुछ दिनों में चार हिंदुओं की सरे आम दिन दहाड़े हत्या की गई है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के आका मुहम्मद यूनुस ने हिंदुओं की हत्याओं पर चुप्पी साध रखी है. इस बीच बांग्लादेश मूल की लेखिका ने हिंदुओं की हत्या क्यों हो रही है, उस राज का खुलासा किया है.
वेनेजुएला पर अमेरिका ने घातक हमला करने के बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिकी फोर्स मादुरो को लेकर न्यूयॉर्क पहुंच गई है, और अब वहां उनके खिलाफ आपराधिक मामले चलाए जाएंगे
ड्रग्स नहीं तेल का है मामला... ट्रंप पर फूटा कमला हैरिस का गुस्सा, वेनेजुएला अटैक पर की सख्त टिप्पणी
Kamala Harris: वेनेजुएला पर अमेरिका ने ताबड़तोड़ हमले किए, इस हमले की वजह से हाहाकार मच गया, वहीं अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. जिसपर अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है.
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति बनी डेल्सी रोड्रिगेज़, जानिए किन अहम पदों पर कर चुकी हैं काम
अमेरिका ने वेनेजुएला की सत्ता को हिला कर ऱख दिया है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया। इस कार्रवाई से दुनिया भर में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के इस कदम की दुनियाभर में चर्चा हो रही है
ट्रंप के सीक्रेट प्लान की थी जानकारी फिर भी नहीं खुली जुबान, मादुरो भी नहीं भांप पाए रणनीति
Donald Trump: अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला भी भीषण तबाही मचाई है. ट्रंप के इस सीक्रेट प्लान की जानकारी कुछ अखबारों और चैनलों को थी, लेकिन उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया, इसके पीछे की क्या वजह थी आइए जानते हैं.
सीरिया में ब्रिटेन-फ्रांस की एयर स्ट्राइक, आतंकियों के अंडरग्राउंड ठिकानों को किया नेस्तनाबूद
Britain Air Strike: ब्रिटेन और फ्रांस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में सीरिया के अंदर आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है. लड़ाकू विमानों ने सीरिया में आतंकी ठिकानों पर हमला किया है.
क्या ट्रंप को पुतिन के खिलाफ भड़का रहे जेलेंस्की? बोले- US को आता है तानाशाहों से निपटना
Putin: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया कि तानाशाहों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन बयान को रूस से जोड़कर देखा जा रहा है.
अमेरिकी परिवहन विभाग के सचिव शॉन डफी ने कहा कि कैरेबियन हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध रविवार को रात 12:00 बजे (0500 जीएमटी) समाप्त हो जाएंगे और उड़ानें फिर से शुरू हो सकती हैं
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई पर यूएनएससी ने बुलाई आपात बैठक
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई पर सोमवार को आपात बैठक करेगी। यह जानकारी सुरक्षा परिषद की प्रेसिडेंसी की ओर से दी गई
थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर ट्रांसजेंडर महिलाओं का जानलेवा हमला, पैसे को लेकर हुआ था विवाद
Thailand Transgender Attack: थाईलैंड के पटाया में 27 दिसंबर को भारतीय नागरिक राज जसूजा पर ट्रांसजेंडर महिलाओं के एक समूह ने हमला किया. विवाद पैसे के भुगतान को लेकर शुरू हुआ जब जसूजा और एक ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर के बीच बहस हो गई जो बाद में हाथापाई में बदल गई.
वेनेजुएला पर हमले के बाद फिर क्यों याद आए बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस? सच हो रहीं भविष्याणियां!
साल 2026 की शुरुआत से पहले ही सोशल मीडिया पर नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां वायरल होने लगी थीं, जिनमें बड़े युद्ध का संकेत दिया गया था. अब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद इन भविष्यवाणियों पर लोगों का ध्यान फिर से केंद्रित हो गया है. आइए जानते है बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस ने क्या कहा था...
Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया है. अमेरिका ने जैसे मादुरो की गिरफ्तारी की कुछ ऐसा ही 36 साल पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉकर बुश के शासनकाल में हुआ था. उस दौरान पनामा में जनरल मैनुअल नोरिएगा को बंदी बनाया गया था.
Venezuela Invasion: अमेरिका के ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व में 150 से ज्यादा विमानों के साथ वेनेजुएला में बड़ी सैन्य कार्रवाई की गई. राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के बाद 5 घंटे में मिशन पूरा हुआ और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार किए गए. इस ऑपरेशन में करीब 40 लोगों की मौत की खबर है. अमेरिका ने इसे तेज और सटीक कार्रवाई बताया है.
तेल, ताकत और तख्तापलट... अब किसके हवाले की जाएगी वेनेजुएला की सत्ता? ट्रंप ने खोल दिए पत्ते
Donald Trump: अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अब वेनेजुएला की सत्ता किसके हाथ में होगी. आइए जानते हैं इस हमले के बाद के बाद वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है…
राष्ट्रपति, लेकिन बेबस: मादुरो और पत्नी को सैन्य अड्डे के बेडरूम से घसीटते हुए ले गई अमेरिकी फोर्स
Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को बंदी बना लिया है. राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ काराकास के हाई-सिक्योरिटी फोर्ट टिउना मिलिट्री कंपाउंड में अपने घर के अंदर सो रहे थे, तभी अमेरिकन कमांडो ने घर में घुसपैठ की.
वाहेगुरु गुरु जी का खालसा। वाहेगुरु जी की फतह। मैं वही महिंदर कौर हूं, जिसे कंगना रनोट ने 100-100 रुपए लेकर किसान आंदोलन में जाने वाली महिला कहा था। कंगना बीबी ने बाकायदा मेरी फोटो शेयर कर लिखा था कि ‘यह वही दादी हैं जो 100 रुपए में परफॉर्मेंस के लिए उपलब्ध हैं।’ बीबी ये जान ले कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थीं। मैं खुद बठिंडा के गांव महेंद्रगढ़ जंडियां के किसान परिवार से हूं। पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ रही हूं और जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती मैं लड़ती रहूंगी। जब तक उसे सबक नहीं सिखा देती, तब तक अदालत जाती रहूंगी। कंगना के शब्दों ने मेरे समेत तमाम पंजाबियों के दिलों पर चोट की है। कंगना पर केस के चक्कर में कुल साढ़े सात लाख कर्ज है मुझ पर। साहूकार का 62,000 का कर्ज अलग से है। बैंक वालों ने हम पर केस कर रखा है। ट्रैक्टर नहीं है हमारे पास, किराए पर लेते हैं हर साल। मेरी कुछ जमीन राजस्थान में भी है, जो मेरे ही रिश्तेदारों ने हड़प ली है। उसका भी केस चल रहा है। चाहे कंगना वाला मामला हो या मेरी जायदाद का मामला हो, दोनों में ही वकील को पैसे देने पड़ते हैं। वकील बात करने तक के पैसे लेता है। जमीन बेचकर उसे लाखों रुपए दिए हैं मैंने। कुछ कर्ज लिया, कुछ जमीन बेची। कंगना वाले मामले में किसान जत्थेबंदियों ने भी मेरी मदद की है। मैं तो अनपढ़ हूं। मुझे तो अपनी उम्र भी नहीं पता। आजादी के वक्त दो साल की थी, उस हिसाब से अब मेरी उम्र करीब 82 साल होगी। जब हमें पता लगा कि मीडिया के जरिए कंगना ने ऐसा कहा है तो पंजाबियों का खून खौल गया। सभी एक हो गए। हमारे पूरे गांव में इस बारे में मीटिंग हुई। गांव ने फैसला लिया कि इस पर मानहानि का केस करो। इसे बोलने की तमीज सिखाई जाए। ऐसे तो हर कोई उठकर हमें कुछ भी बोल देगा। जिन्होंने यह फैसला लिया वो मेरे बच्चे जैसे थे, उन्होंने मुझे मां बना लिया। पूरा पंजाब ही इस मसले पर एक हो गया। किसान जत्थेबंदियों को विदेशों तक से फोन आए कि मानहानि का केस किया जाए। मैं पंजाब और पंजाबियों के लिए लड़ रही हूं। किसान यूनियन की जड़े विदेशों तक फैली हैं, सहायता भी आई थी। हमारे बच्चे जो विदेशों में बैठे हैं उनका खून खौल गया। इसलिए मैंने केस किया। मेरे तीन बेटियां हैं, उन्होंने मुझे जाने से मना किया, लेकिन मैं नहीं रुकी। फिर मुझे किसी ने रोका भी नहीं। इस सोमवार यानी पांच जनवरी को कोर्ट में तारीख है। कंगना कोर्ट में पेश होगी। मैंने आज तक उसे देखा नहीं है। उससे मिलना चाहती हूं। देखना चाहती हूं कि आखिर वो कितनी बड़ी शेरनी है, जिसने शेर किसान बेटे की शेरनी मां को गलत शब्द बोले हैं। वो जवान है, भाजपा सांसद है, पैसे वाली है, एक्ट्रेस है। फिर भी मेरे सामने क्यों नहीं आती है, उसे किस बात का डर है। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है। मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं, लेकिन पांच साल में मैंने हार नहीं मानी। खाली हाथ अदालत के मैदान में जाती हूं। मुझे तो उससे या उसकी सरकार से डर नहीं लगता। मैं उससे पूछना चाहती हूं कि क्या कोई किसान 100 रुपए की खातिर आंदोलन में जाएगा? उसे लगता है हम उसे मार देंगे। अगर वो शेरनी है तो सामने तो आए, पीछे क्यों हट रही है। वो तो छिप रही है, हम तो नहीं छिप रहे। मेरे मन में रोष है कि वो इतनी पढ़ी-लिखी होकर भी, बड़े नेताओं को खुश करने के लिए और टिकट लेने के लालच में हमें आतंकवादी और माओवादी कहती है। उसने कहा कि इंदिरा के दंगों के वक्त हमें मच्छर जैसे मसल दिया गया। हम अन्नदाता हैं। हमारा उगाया अन्न सारा देश खाता है, कंगना भी खाती है। फिर भी हमें कीड़ा-मकोड़ा समझती है। मुझे दुख है कि जिसे खेती किसानी के बारे में जरा सा भी नहीं पता, वो महिला किसानों के खिलाफ ऐसी बातें करती है। बसता हुआ पंजाब कंगना को अच्छा नहीं लगता है। कंगना मुझसे माफी मांगे। एकबार मुझसे पूछे तो सही कि मैं उसे माफ करूंगी या नहीं। उसने जज से माफी मांगी है, मेरे तो मत्थे ही नहीं लगी। पांच साल अकेले अदालत में धक्के खाने के बाद अब माफी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। माफी का वक्त अब निकल चुका है। जितनी बारी मैं अदालत गई हूं उतनी बार वो आए। मिले तो सही मुझसे, मेरे सामने तो आए। मैं उसे सबक सिखाना चाहती हूं। अक्ल देना चाहती हूं। कंगना को ये पता चलना चाहिए कि किसी कौम को ऐसे छेड़ना आसान नहीं। बीबी कंगना थोड़ा जुबान पर लगाम रख, कौड़े बचन न बोल। संभल कर बोल, अभी भी स्याणी बन जा। मैं फिर उसे यही कहूंगी की वह जियूंदी बसती रहे बीबी, लेकिन अदालत आए कम से कम। मेरे पास कुल 12 किले (जमीन नापने की इकाई) जमीन है। एक बेटा है। मैंने रातों को अपने बेटे को खेतों में काम करते हुए और पानी देते हुए देखा है। मैं खुद इस उम्र में धान बोती हूं। बेटा फसल उगाने से लेकर उसे मंडी तक गिराने तक का काम खुद करता है। इतनी मेहनत कौन कर लेगा। मैं तो इस उम्र में भी सारा काम खुद करती हूं। चाय बनाती हूं, खाना बनाती हूं। बारिश, आंधी, तूफान, सर्दी, गर्मी कुछ हो हम खेत में ही रहते हैं। किसान कहां रुकता है। मेरे इकलौते बेटे को चार महीने पहले खेत में धान बोते हुए सांप ने काट लिया। जहर उसके खून में आ गया था। वह बिस्तर पर पड़ा है। चार महीने के बाद अब कहीं जाकर डॉक्टर ने कहा है कि खतरे की कोई बात नहीं है। किसान आंदोलन पर मैं अपनी बहू के साथ गई थी। मेरी बहू भी बराबर मेरे साथ 200 दिन तक वहां बैठी थी। वहां उसे ऐसी सर्दी लगी कि निमोनिया हो गया, जो संभला ही नहीं। आखिरकार वो मर गई। बेटा बिस्तर पर है, बहू मर गई, उनका कोई बच्चा नहीं है। मेरा घर देखो कैसा है, अभी तक बना नहीं है। हम अनपढ़ ही सही, लेकिन शेरनियां हैं। दरअसल, मोदी सरकार जब काले कानून लेकर आई थी तब हर दिन हमारे गांव के गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट होने लगी। गांव की पंचायत और किसान जत्थेबंदी के प्रधान ने इन कानूनों का और इसका किसानों पर असर का पंजाबी में तर्जुमा करके हमें बताया। तब हमें पता लगा कि यह क्या बला है। हम हर दिन गुरुद्वारे जाने लगे, वहां इन कानूनों के बारे में बताया जाता था। हमें बताया गया कि तुम्हारे बच्चों को जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। तुमसे तुम्हारी ही जमीन पर दिहाड़ी पर काम करवाया जाएगा। तुम्हें लगता है कि हम किसान दिहाड़ी मजदूरी कर सकेंगे। जब हमें समझ आ गया कि यह क्या कानून है, उसके बाद हम सबने दिल्ली की राह पकड़ ली। जब बेटे धरने पर बैठे हों तो माएं कहां से घर बैठ जाएंगी। हम अणखी पंजाबी हैं। क्या बच्चे, क्या औरतें सभी अपने बेटों की जायदाद की खातिर घर से निकल गईं। वहां हमें गर्मी लगी, बारिश आई, धुंध रही, सर्दी हुई। ऐसा कौन सा दुख था जो हमने नहीं सहा। बारिशों में हम ट्रालियों में बैठे। आंधी में हमारे तंबू उखड़ गए, हमने फिर लगा लिए। दुख ऐसा था कि हमसे सहा तो नहीं जाता था, लेकिन हम डटे रहे। वहां कौन सी हमारी हवेलियां थीं, लेकिन हम औरतें फिर से उसे लगा देती थीं। सरकारों ने बुढ़ापे में वक्त डाला, लेकिन भगवान ने साथ दिया। हमें वो वक्त कभी भूलेगा नहीं जो इस सरकार ने हम पर डाला और कंगना बोलती है कि हम सौ सौ रुपए लेकर आंदोलन में आए हैं। हम वहां घूमने या किसी एश परस्ती में नहीं गए थे। बल्कि हम पर वक्त पड़ गया था ऐसा। कंगना खुद तो इश्क की छांव में थी और पैसों में खेल रही थी। हमारे पास कैसी छांव और कैसा पैसा। हम तो दाने उगाएंगे तो खाएंगे और देश को खिलाएंगे। पता नहीं कंगना क्यों पंजाब का बुरा चाहती है। सरकार जनता की सुख मनाए जनता है तभी वो राज कर सकेंगे। मेरे सामने की बात है, मैं 200 दिन तक किसान आंदोलन में बैठी हूं। कितने किसान मेरे सामने मर गए। मैंने रोती हुई माएं देखी हैं। मुझे नहीं भूलते वो सब। मरते दम तक कंगना से अदालत में लड़ूंगी। पीछे नहीं हटूंगी। (महिंदर कौर ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) -------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-रिश्तेदार की लाश लेकर आया, मेरे गाल छूने लगा:लाशें जलाने के कारण शादी नहीं हुई- पति के बिना जी लूंगी, लाशों के बिना नहीं मैं टुम्पा दास- पश्चिम बंगाल में डोम समुदाय की पहली महिला हूं, जो पिछले कई सालों से कोलकाता के बड़िपुर गांव के श्मशान में लाशें जला रही हूं। पता नहीं भारत में कोई और महिला यह काम करती है या नहीं, पर मैंने यही रास्ता चुना… और यह रास्ता आसान नहीं था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
केरल के सबरीमाला मंदिर से चोरी हुए 4.5 किलो सोने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। SIT जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिसके बाद अब ये मामला मंदिर के द्वारपालकों की मूर्तियों से सोना चोरी होने तक ही सीमित नहीं है। केरल पुलिस का दावा है कि चोरी में मंदिर प्रशासन और कई रसूखदार राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसमें बड़े इंटरनेशनल मूर्ति तस्करी रैकेट और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के शामिल होने का भी शक है। अब सवालों के घेरे में वो लोग हैं, जिनकी निगरानी में ये गड़बड़ी पता चली। 12 दिसंबर को केरल के स्पेशल कोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व चेयरमैन और CPI(M) नेता ए. पद्मकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं 17 दिसंबर को मंदिर बोर्ड से जुड़े एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर श्रीकुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि मंदिर के गर्भगृह के मुख्यद्वार और द्वारपालकों की मूर्तियों से सोने की परतें हटाकर बाहर भेजी गईं। केरल पुलिस ने एक NRI शख्स को भी गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में तमिलनाडु के डिंडीगुल में रहने वाले डी मणि और केरल निवासी उन्नीकृष्णन पोट्टी को चोरी का मास्टरमाइंड बताया। वहीं, केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का आरोप है कि LDF सरकार के कार्यकाल में मंदिर की 4 पंचलोहा मूर्तियों को बाहर निकालकर इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क को बेच दिया गया। अब तक इस मामले में TDB के पूर्व चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि केस में अब तक चार्जशीट फाइल नहीं हो पाई है। इस मामले में केरल और तमिलनाडु के दो गोल्ड कारोबारी भी रडार पर हैं। दैनिक भास्कर ने इस मामले में अब तक हुई जांच का पता लगाया और घटना के जिम्मेदारों की लिस्टिंग की है। एक्सपर्ट्स और केरल पुलिस के सोर्सेज से ये भी समझने की कोशिश की कि क्या सबरीमाला में चोरी के पीछे अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का हाथ हो सकता है। केरल की पॉलिटिकल पार्टियों की भी राय जानी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले उन किरदारों पर चलते हैं, जो केरल पुलिस की रडार पर हैं… सबरीमाला मंदिर से 4.5 किलो सोना चोरी होने के मामले में केरल का नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी मुख्य आरोपी है। पोट्टी को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है।1. मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर द्वारपालकों की मूर्तियों पर चढ़ी सोने की प्लेटें चोरी कीं।2. TDB बोर्ड के अधिकारियों की सिफारिश पर गर्भगृह के सोने से मढ़े दरवाजों को तांबे की प्लेट बताकर हटाया। मामले की जांच कर रही SIT से जुड़े सोर्स ने बताया कि उन्नीकृष्णन पोट्टी 29 अगस्त 2019 को द्वारपालक मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई की एक फर्म 'स्मार्ट क्रिएशंस' के पास ले गए थे। उस वक्त तिरुवभरणम कमिश्नर आरजी राधाकृष्णन ने महाजर (सरकारी दस्तावेज) में बताया था कि सोने की परत चढ़ाने से पहले 38,258 ग्राम तांबे के पैनलों की चेकिंग की गई। इससे जुड़े दस्तावेज पर पोट्टी के साइन भी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि 1999 में जिन पैनलों पर बिजनेसमैन विजय माल्या ने सोने की परत चढ़वाई थी, वो पैनल 2019 तक तांबे के कैसे बन गए। SIT सोर्स ने बताया, ‘इस मामले में एक मलयाली NRI बिजनेसमैन से पूछताछ की गई, जिसने कबूला है कि मंदिर में हुई चोरी में पोट्टी का बड़ा हाथ था। सबरीमाला में 2019 और 2020 के दौरान बड़े पैमाने पर मूर्तियों की तस्करी हुई। इसी दौरान पंचधातु की 2 मूर्तियां एक अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी गिरोह को बेची गईं। इन्हें तमिलनाडु के रहने वाले डी मणि ने खरीदा था।’ ’NRI शख्स ने खुलासा किया है कि उन्नीकृष्णन पोट्टी खरीदारों और मंदिर प्रशासन के बीच हुई सौदेबाजी में मिडिलमैन था क्योंकि उस वक्त सबरीमाला में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले एक उच्च अधिकारी ने मूर्तियां उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी।’ SIT को दिए गए बयान में NRI व्यापारी ने बताया कि मूर्तियों की खरीदारी के वक्त उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ डी मणि और सबरीमाला के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। अब केरल पुलिस एक-एक करके इन्हें दबोच रही है। इस मामले में 17 दिसंबर को TDB के पूर्व एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर AO श्रीकुमार और 29 दिसंबर को मंदिर बोर्ड के सदस्य रह चुके एन. विजयकुमार को गिरफ्तार किया गया है। उन्नीकृष्णन पोट्टी के अलावा इस मामले का दूसरा मास्टरमाइंड तमिलनाडु का मूर्ति व्यापारी डी मणि है। उसका असली नाम बालमुरुगन है। केरल पुलिस में शामिल एक सीनियर अफसर ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि डी मणि तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम था। हालांकि केरल कांग्रेस के लीडर रमेश चेन्निथला ने 14 दिसंबर को खुद SIT से संपर्क कर उससे जुड़ी अहम जानकारी दी। 'उसी जानकारी के आधार पर SIT टीम को चेन्नई भेजा गया। जहां कई दिनों की निगरानी और पीछा करने के बाद डी मणि का पता लगा। चेन्निथला के अलावा डी मणि का नाम NRI बिजनेसमैन ने भी लिया था। उसने आरोप लगाया कि डी मणि उस गिरोह का हिस्सा था, जो साउथ के मंदिरों की मूर्तियों की तस्करी की बड़ी प्लानिंग कर रहा था। उनके निशाने पर तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर भी था।’ 'व्यवसायी ने अपने बयान में ये खुलासा किया कि इंटरनेशनल मार्केट में डी मणि को लोग 'डायमंड मनी' और 'दाऊद मनी' जैसे नामों से जानते थे। उसका गिरोह केरल के मंदिरों से करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले की प्लानिंग कर रहा था।' SIT सोर्सेज के अनुसार, इंटरनेशनल ब्लैक मार्केट में सोने की चादरें और दुर्लभ मूर्तियां भारी कीमतों पर खरीदी-बेची जाती हैं। खासकर जब उन्हें अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के जरिए बेचा जाए। पूछताछ में ये भी पता चला है कि ये गैंग अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और खाड़ी देशों में ऑपरेट कर रहे अंतरराष्ट्रीय तस्करों को मूर्ति सप्लाई करता था। ये दुर्लभ कलाकृतियों के लिए करोड़ों रुपए देने को तैयार थे। मामले में 30 और 31 दिसंबर को SIT ने डी मणि से पूछताछ की। इस दौरान उसे कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है। मणि ने केरल पुलिस को बताया कि वो तिरुवनंतपुरम केवल दो बार आया। न वो NRI बिजनेसमैन को जानता है और न ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को। मणि से पूछताछ के बाद SIT इस नतीजे पर पहुंची है कि वो इरिडियम धोखाधड़ी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल डी मणि को छोड़ दिया गया है, लेकिन उससे आगे भी पूछताछ हो सकती है। सबरीमाला सोना चोरी मामले में सबसे बड़ा चेहरा पूर्व TDB चेयरमैन और CPI(M) विधायक ए पद्मकुमार हैं। पद्मकुमार 2019 में मंदिर बोर्ड के चेयरमैन थे। आरोप है कि 19 मार्च 2019 को उनकी अध्यक्षता में मंदिर बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके बाद गर्भगृह के मुख्यद्वार पर चढ़ी सोने की प्लेटें उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। SIT को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान मंदिर से सोना गायब हुआ होगा। SIT सोर्स ने बताया, ‘29 दिसंबर को चोरी के इस मामले में पद्मकुमार की भूमिका सही साबित हुई। जब TDB के पूर्व सदस्य एन विजयकुमार ने SIT को बताया कि उन्होंने पद्मकुमार के कहने पर ही सोने की परत चढ़ाने के काम से जुड़े अहम दस्तावेज साइन किए थे।’ 69 साल के पद्मकुमार फिलहाल केरल पुलिस की न्यायिक हिरासत में हैं। बीते 12 दिसंबर को कोल्लम कोर्ट में पद्मकुमार के वकील राजन ने उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अब PMLA-मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ED के पास उनकी तलाशी और जब्ती के अधिकार हैं। ऐसे में पद्मकुमार की जमानत पर कई महीनों तक रोक बरकरार रह सकती है। केरल और तमिलनाडु के 2 गोल्ड बिजनेसमैन भी रडार पर केरल SIT ने इस केस में कर्नाटक के सोना कारोबारी गोवर्धन और चेन्नई के बिजनेसमैन पंकज भंडारी को भी बराबर दोषी माना है। आरोप है कि दोनों ने जांच के दौरान केरल पुलिस से न सिर्फ अहम सबूत छिपाए, बल्कि अधिकारियों को गुमराह करने की भी कोशिश की। 24 दिसंबर को कर्नाटक के बेल्लारी में गोवर्धन के 'रोड्डम ज्वेलरी' शोरूम में छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस ने दुकान बंद करवाकर वहां कई घंटों तक स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और लॉकर में रखी ज्वेलरी की जांच की। जांच टीम का ये मानना है कि मंदिर के सोने की मूल प्लेट्स अब भी गायब हैं, जिनकी बरामदगी के लिए दूसरी बार गोवर्धन के ठिकानों पर छापेमारी की गई। पहली कार्रवाई में बेल्लारी से 470 ग्राम सोना जब्त किया गया था, लेकिन उस सोने का संबंध सबरीमाला मंदिर से नहीं पाया गया। अब आरोपी गोवर्धन ने केरल हाईकोर्ट का रुख करते हुए SIT पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मंदिर से 500 करोड़ का सोना चोरी होने का दावाजैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, केरल हाईकोर्ट भी SIT जांच की प्रोग्रेस पर नजर बनाए हुए है। अदालत ने मंदिर से लापता सोने को पता लगाने में हो रही देरी, जांच और गवाहों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया है कि क्या सोने की मूल छड़ों की तस्करी करके उन्हें सोने की परत चढ़ी तांबे की छड़ों से बदल दिया गया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सबरीमाला मंदिर में रखे गए सोने को साइंटिफिक टेस्टिंग के लिए विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) भेजा गया है। टेस्टिंग रिजल्ट आने के बाद ये साबित हो पाएगा कि क्या वाकई सोने में मिलावट की गई। गोल्ड स्कैम मामले में SIT को अहम जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ये कह चुका है कि भारत के मंदिरों से धातु की दुर्लभ मूर्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त में पहले भी सुभाष कपूर जैसे फॉरेन स्मगलर्स शामिल रहे हैं। ऐसे में संभव है कि सबरीमाला मंदिर से जो सोना और कीमती सामान निकाला गया, उसे पुरानी कीमती सामान के तौर पर बेच दिया गया हो।‘ ‘मंदिर के सोने की चोरी में TDB बोर्ड के पुराने अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। मेरा अनुमान है कि गायब संपत्तियों की कीमत लगभग 500 करोड़ हो सकती है।‘ इस केस में पूर्व TDB चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में तेजी लाने के लिए 30 दिसंबर को हाईकोर्ट ने SIT में दो सर्कल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को होगी। एक्सपर्ट बोले- केस में जांच की दिशा सही, लेकिन रफ्तार धीमीकेरल के सीनियर जर्नलिस्ट केए शाजी सबरीमाला गोल्ड स्कैम केस पर करीब से नजर रख रहे हैं। उनका मानना है कि मामले की जांच सही दिशा में जरूर है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है। SIT ने डी मणि और उन्नीकृष्णन पोट्टी जैसे अहम नामों को पकड़ तो लिया है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि चोरी हुआ सोना कहां है और किसे बेचा गया है। न ही चार्जशीट दाखिल हो पाई है। जब तक मनी ट्रेल सामने नहीं आती, ये केस सिर्फ गिरफ्तारियों तक ही सीमित रहेगा। केए शाजी कहते हैं, ‘दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपए का दान और बेशकीमती सामान भेंट किए जाते हैं, लेकिन इसका सटीक ब्योरा आम जनता के सामने कभी ट्रांसपेरेंसी से नहीं रखा जाता। अगर मंदिरों में हर साल मिलने वाले दान और चढ़ावे का सार्वजनिक ऑडिट किया जाए और भक्तों को इसका ब्योरा दिया जाए तो इससे दो बड़े फायदे होंगे।‘ 1. मंदिर में आने वाले हर चढ़ावे का सटीक और दस्तावेजी लेखा-जोखा बना रहेगा।2. मंदिर प्रशासन और टेंपल बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे खजाने और बहुमूल्य संपत्तियों को लेकर निगरानी और सतर्कता मजबूत होगी। पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं… BJP: मूर्तियां अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल नेटवर्क को बेची गईं, CBI जांच होकेरल BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर कहते हैं, ‘ यह मामला भगवान अयप्पा मंदिर में लूटे गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं है। इसमें कुछ लोगों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। ये एक बड़ी राजनीतिक साजिश है, जो कांग्रेस-UDF के शासनकाल में शुरू हुई और माकपा-LDF के शासन में खूब आगे बढ़ी। लिहाजा मामले में सिर्फ SIT जांच काफी नहीं है। CBI को ये केस जल्द से जल्द हैंडओवर किया जाना चाहिए।‘ ‘ये केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक धार्मिक और राजनीतिक षड्यंत्र है। 2015 में भी UDF शासनकाल के दौरान बदली गईं पवित्र ‘पठिनेट्टम पदी’ (मंदिर तक जाने वाली सोने की 18 सीढ़ियां) के कुछ हिस्सों के साथ छेड़छाड़ की गई। इस मामले में भी चोरी हुई। BJP अयप्पा भक्तों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।‘ कांग्रेस: जांच में हो रही चूक उजागर करेंगेकेरल कांग्रेस के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन कहते हैं, ‘सबरीमाला सोने की लूट मामले में CBI जांच की मांग सबसे पहले कांग्रेस ने ही की थी। हमने इस पर ज्यादा जोर इसलिए नहीं दिया क्योंकि केरल हाईकोर्ट ने खुद इस मामले को गंभीरता से लिया था। अगर कोर्ट ने दखल नहीं दिया होता तो ये चोरी आज भी जारी रहती। 2019 में हुई चोरी 2026 में भी होती।‘ ‘CM ऑफिस के इशारे पर दो सीनियर IPS अधिकारी SIT पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता। इन दोनों को मामले से हटा दिया जाना चाहिए, नहीं तो इन अधिकारियों के नाम उजागर किए जाएंगे।‘ LDF: सबरीमाला पर UDF और BJP झूठ फैला रहेLDF में शामिल CPM के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन कहते हैं, ‘सबरीमाला मामले की जांच जारी है, बावजूद इसके विपक्षी दल इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। कांग्रेस इसका फायदा उठाना चाहती है। UDF और BJP ने सबरीमाला जैसे मुद्दों पर झूठा प्रचार किया। उनकी ये कोशिश सफल नहीं हुई। उन्हें लोकल निकाय चुनाव में हार झेलनी पड़ी। क्या केस में आरोपी बनाए गए पद्मकुमार पर पार्टी एक्शन लेगी? इस सवाल पर गोविंदन कहते हैं, ‘CPM ऐसी पार्टी नहीं है जो खबरों के आधार पर कार्रवाई करती है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही हम कोई फैसला लेंगे।‘ UDF: SIT जांच शुरू होने के बाद मामला धीमा पड़ा UDF में शामिल रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी RSP के सीनियर लीडर शिबू बेबी जॉन ने मामले में हो रही जांच की दिशा पर सवाल उठाए हैं। केरल हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि SIT जांच शुरू होने के कुछ हफ्तों बाद से ये मामला बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। .............ये खबर भी पढ़ें... कहां गया बांके बिहारी मंदिर का 1000 करोड़ का खजाना 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन मथुरा के पास वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 54 साल से बंद पड़े खजाने का ताला टूटा तो सबको उत्सुकता थी कि अंदर से क्या मिलेगा। हाई पावर कमेटी के निर्देश पर जब दरवाजा खोला गया तो अंदर दीवारों पर सीलन-फफूंद, सतह पर कीचड़ और धूल की परतें जमी मिलीं। टॉर्च की रोशनी में जांच अधिकारी तहखाने में गए लेकिन जो भी सामने आया, वो 'सोने का भंडार' की उम्मीद के मुकाबले बहुत मामूली था। पढ़िए पूरी खबर,,,
वेनेजुएला में जो हुआ वो दुनिया ने देखा... सऊदी-यूएई के मामले में ट्रंप किसके साथ हैं?
यमन और सऊदी अरब के बॉर्डर पर जहां नए टकराव हुए हैं. ये वही जगह है जहां 1 और 2 जनवरी के दरमियान सऊदी एयरफोर्स ने बमबारी की थी. सऊदी अरब का कहना था कि ये बमबारी बागियों को सऊदी की सीमा से दूर रखने के लिए की गई. बमबारी के बाद UAE ने भी यमन से फौज वापस हटा ली थी. लेकिन तनाव बरकरार है.
क्या अमेरिका वाकई दुनिया का 'दादा' है? जिसे दूसरे 'तानाशाह' पसंद नहीं आते!
US News:ऐसे ऑपरेशन के ज़रिए अमेरिका UN के सिस्टम को पूरी तरह ख़त्म कर रहा है. जब उसे अपनी ही मर्ज़ी चलानी है तो फिर UN की क्या ज़रूरत है. जब तानाशाह बताकर वो किसी का भी तख्तापलट कर सकता है तो सुरक्षा परिषद की क्या भूमिका है. जब अमेरिका खुद नियम बनाता है, और खुद सजा देता है तो UN पर ताला क्यों नहीं लगा देना चाहिए.
DNA: 2026 के दूसरे महायुद्ध की तैयारी? 'ऑपरेशन मादुरो' खत्म, 'ऑपरेशन खलीफा' शुरू!
World politics: सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या मादुरो के बाद अब अगली बारी ईरान के खलीफा खामेनेई की है? क्या मादुरो के बाद अब खामेनेई का तख्तापलट होगा? क्या खामेनेई को भी अमेरिका मादुरो की तरह ही उठाएगा? क्या इस बार खलीफा का सत्ता से हटना तय है? बीते48 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.
Venezuela coup: निकोलस मादुरो का तख्तापलट अगर एक फिक्सिंग है तो ये किसने की और किस मकसद से की? इस सवाल का जवाब आने वाले वक्त में मिल जाएगा लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इस एक्शन ने उन देशों की साख पर बट्टा लगा दिया है जो मादुरो का साथ देने का दम भर रहे थे.
DNA: 30 मिनट में वेनेजुएला के राष्ट्रपति अगवा, क्या अब अमेरिका तय करेगा कि कौन देश चलाएगा?
US Venezuela war in Hindi: अमेरिकी सेना ने शनिवार को महज 30 मिनट के ऑपरेशन में वेनेजुएला में घुसकर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर लिया. उन्हें पकड़कर न्यूयार्क ले जाया जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब यूएस तय करेगा कि दुनिया में कौन सरकार चलाएगा.
Was the US attack on Venezuela fixed: क्या वेनेजुएला पर यूएस का हमला फिक्स था. यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि घातक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद वेनेजुएला ने अमेरिकी हमले का कोई जवाब नहीं दिया और वहां की सेना मादुरो को उठाकर ले गए.
DNA: 2026 में एशिया बन सकता है जंग का मैदान? 2000 मिसाइलों से ताइवान पर हमला करने को तैयार चीन!
DNA Analysis: अमेरिका वेनेजुएला में तख्तापलट कर चुका है. ईरान में करना चाहता है. इन दोनों देशों में वो चीन के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है. यानी जहां-जहां चीन अपनी पैठ बढ़ा रहा है, अमेरिका वहां-वहां तख्तापलट करने में लगा है. इसी के साथ अमेरिका ताइवान में भी चीन का का रास्ता रोक रहा है. जिसके खिलाफ चीन सख्त हो गया है. अब हम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ताइवान और अमेरिका के खिलाफ एलान ए जंग के बारे में बताएंगे. जिसके बाद 2026 को दुनिया में सबसे बड़ी उथल पुथल वाला साल भी माना जा रहा है.
Venezuela President Nicolas Maduro: अमेरिकी की वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर सामने आई है. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति की फोटो शेयर की है. जिसमें मादुरो की आंखों पर पट्टी और हाथों में हथकड़ी लगी दिखाई दे रही है.
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी ने निकोलस के जिंदा होने का मांगा सबूत
अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, एक रिपब्लिकन सांसद ने बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका में ट्रायल के लिए अरेस्ट किया है।
Inside Story of Maduro Kidnapping: अमेरिका ने जिस तरह आज वेनेजुएला पर हमला किया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण कर ले गया. क्या वह वाकई इतना आसान था या फिर इस ऑपरेशन को लंबे प्लान के बाद अंजाम दिया गया. आइए आपको ट्रंप का पूरा प्लान आपको बताते हैं.
मादुरो के बाद कोरिना मचाडो सत्ता संभालने को तैयार, लेकिन क्या कहता है वेनेजुएला का कानून?
Venezuela New President News:ने देश पर हुए हमले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि वो देश की सत्ता संभालने को तैयार हैं, लेकिन किसी के कहने से क्या होता है, आपात स्थितियों में कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव क्या कहता है वेनेजुएला का संविधान और कानून आइए बताते हैं.
कितनी खतरनाक है US की रहस्यमयी डेल्टा फोर्स, नेवी सील कमांडो से कितनी अलग?
Difference between Delta Force and Navy SEAL: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को 30 मिनट के अंदर गिरफ्तार कर अमेरिका ने दुनिया में तहलका मचा दिया. जिसके बाद अमेरिका की डेल्टा फोर्स का नाम सुर्खियों में बना हुआ है, जिसने रात के अंधेरे को चीरते हुए दूसरे देश में घुसकर चंद मिनटों में राष्ट्रपति को उठा लिया.
Who is Trump Next Target: वेनेजुएला पर जबरदस्त सैन्य हमले के बाद अमेरिकन सेनाएं वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अरेस्ट कर यूएस ले जा चुकी है. इस हमले के बाद से ईरानी तानाशाह खामेनेई को भी डर बढ़ गया है. लेकिन सूत्रों की मानें तो ट्रंप ने खामेनेई को नहीं बल्कि एक अन्य देश के राष्ट्रपति को टारगेट कर लिया है.
अमेरिका के हवाई और जमीनी हमले में वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई शहरों को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के ट्वीट के बावजूदवेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कहां हैं? इस पर असमंजस बना हुआ है.
मादुरो पर अमेरिका में चलेगा आपराधिक मुकदमा: मार्को रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश में मुकदमे के लिए गिरफ्तार किया गया है। उटाह राज्य के सीनेटर माइक ली ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी
वेनेजुएला में ताबड़तोड़ हमले के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित, मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में
वेनेजुएला में शनिवार को ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में हैं
US attack on Venezuela: वेनेजुएला पर हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरों की गिरफ्तारी को लेकर ट्रंप ने दावा किया है. अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई के लिए चीन को जिम्मेदार माना जा रहा है. लेकिन क्या सच में मादुरो के लिए ड्रैगन से नजदीकी इस अटैक का कारण है?
Bangladesh Hindu Murder: बांग्लादेश में हिंदुओं को कट्टरपंथी लगातार मौत के घाट उतारते जा रहे हैं. किसी को कट्टरपंथियों ने जिंदा जलाया तो किसी को गोली मार दी. ताजा घटना में हिंसा के शिकार हुए हिंदू व्यापारी खोकन दास को कट्टरपंथियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. जिस तरीके से खोकन की हत्या की गई, उसको सुनकर किसी का भी कलेजा कांप सकता है.
अमेरिका का वेनेज़ुएला पर बड़ा हमला, ट्रंप का दावा-अमेरिका के कब्ज़े में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो
अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर किया बड़ा हमला, कराकस समेत 4 शहरों में बमबारी
वेनेजुएला ARMY का सरेंडर, डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ा, देश से बाहर ले गए; ट्रंप का दावा
US Attack on Venezuela: राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाया है. ट्रंप कुछ देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी जानकारी देश की जनता से साझा करेंगे.
हमें पता है निशाना कहां साधना है...ट्रंप की चेतावनी पर बरसे विदेश मंत्री, किस बात पर फूटा गुस्सा?
Donald Trump: बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी, जिसके बाद अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि हमें पता है निशाना कहां साधना है.
Bangladesh Violence:बांग्लादेश के शरियतपुर में हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास की 31 दिसंबर की रात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी. खोकन ने आग बुझाने के लिए तालाब में कूदकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान आझ ढाका के राष्ट्रीय बर्न इंस्टीट्यूट में उनकी मृत्यु हो गई.
बांग्लादेश में अगले महीने की 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहा है। 13वें संसदीय चुनाव की तैयारियों के बीच, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) में अंदरूनी उथल-पुथल मची हुई है। बांग्लादेशी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन को लेकर एनसीपी के नेताओं में आक्रोश है। इस वजह से एनसीपी के 14 केंद्रीय नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है
Venezuela Attack: हमले के बाद निकोलस मादुरो ने छोड़ा राष्ट्रपति भवन, वेनेजुएला में लगी इमरजेंसी
Venezuela Attack: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी फाइटर जेटों ने तहलका मचा दिया है. हमले के बाद निकोलस मादुरो ने राष्ट्रपति भवन छोड़ दिया है और वेनेजुएला में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है.
US Attack On Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के अचानक कई धमाके हुए और आसमान में अमेरिकी फाइटर जेटों की आवाजें सुनाई दी हैं.
US attack on Venezuela Live: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी हेलीकॉप्टरों और फाइटर जेटों द्वारा किए गए हमलों से धमाके और धुआं फैल गया है, जिससे शहर में दहशत मच गई है. घटनास्थल पर बिजली कट गई और अमेरिकी हमले की वजह से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के घर पर भी हमला किया गया है.
2026 के दूसरे ही दिन शक्तिशाली भूकंप से दक्षिणी मैक्सिको दहल उठा। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी मैक्सिको में 6.5 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए
ट्रम्प की धमकी से भड़का ईरान, यूएन पहुंची शिकायत कहा- हम युद्ध की आग को उभार देंगे
Trump warning Iran: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों ने तनाव और बढ़ा दिया है. ईरान ने इन बयानों को भड़काऊ बताया है. संयुक्त राष्ट्र से इसकी कड़ी निंदा करने की मांग भी की है. ईरान का कहना है कि अमेरिका के ऐसे बयान उसकी संप्रभुता के खिलाफ हैं और हालात को और बिगाड़ सकते हैं.
Taliban Spokesperson: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है. जिसकी वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में हलचल मची है. इसी बीच तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ लड़ाई की उम्मीद नहीं है.
दक्षिण कोरिया: कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून के खिलाफ एक और अरेस्ट वारंट किया जारी
दक्षिण कोरिया की अदालत ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ सबूतों को नष्ट करने की चिंताओं का हवाला देते हुए एक अतिरिक्त हिरासत वारंट जारी किया। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एक स्वतंत्र वकील चो यून सुक द्वारा किए गए अनुरोध को स्वीकार कर, जिन्होंने यून के विद्रोह और अन्य आरोपों की जांच का नेतृत्व किया था
कौन हैं मिखाइलो फेडोरोव? जिन्हे ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन का नया रक्षा मंत्री बनने का दिया प्रस्ताव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार (2 दिसंबर) को कहा कि डेनिस शमीहाल की जगह प्रथम उप प्रधानमंत्री मिखाइलो फेडोरोव नए रक्षा मंत्री बनेंगे
ट्रंप ने फिर निकाली चीन की हेकड़ी, अब इस चीज पर लगा दी रोक; US की सुरक्षा का दिया हवाला
US: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईफो कॉर्पोरेशन को एमकोर कॉर्पोरेशन के चिप संबंधित एसेट्स खरीदने से रोक दिया. ट्रंप ने कार्यकारी आदेश जारी कर इस सौदे को रद्द कर दिया और हाईफो को 180 दिनों के भीतर इन संपत्तियों से अपने हित खत्म करने का निर्देश दिया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर ट्रंप ने चीन-लिंक्ड चिप डील रोकी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर एसेट्स और एक चीनी-लिंक्ड कंपनी से जुड़े एक बड़े सौदे पर रोक लगा दी है। ट्रंप ने कहा कि यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है
उत्तर कोरिया में पॉवर शिफ्टिंग की तैयारी? किम जोंग उन ने पहली बार दुनिया को दिखाया अपना असली वारिस!
Kim Jong Un Daughter: उत्तर कोरिया दुनिया का एक ऐशा देश जो अपने खतरनाक मिसाइलों और सख्त फैसलों के लिए जाना जाता है, अब वहां से आई एक तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. नए साल की शुरुआत पर तानाशाह किम जोंग-उन अपनी पत्नी के साथ देश की सबसे पवित्र और प्रतिबंधित मानी जाने वाली राजकीय समाधि पर पहुंचे लेकिन इस बार सबकी नजरें उन पर नहीं बल्कि उनके साथ मौजूद उनकी बेटी किम जू-ए पर टिकी थीं.
जन्नत का ख्वाब, खून की साजिश! 18 साल की उम्र में 20 बेगुनाहों के कत्ल की कसम, कौन है यह लड़का?
अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना को दहलाने की साजिश एक लड़के ने बनाई थी. नए साल की खुशियों को मातम में तब्दील करने की उसने कसम भी खाई थी. हालांकि समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जानिए आखिर ये लड़का कौन है?
Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क के नए मेयर बने ममदानी ने शपथ के बाद पहले दिन कुछ ऐसा काम किया कि वो चर्चाओं में आ गए हैं, शपथ लेने के बाद ममदानी एक्टिव हो गए और उन्होंने पहला दिन कुछ ऐसे गुजारा.
मेक्सिको में फिर डोली धरती, आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; बाल-बाल बची राष्ट्रपति क्लाउडिया-देखें Video
Earthquake:मेक्सिको सिटी में शुक्रवार को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके राजधानी में महसूस किए गए. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भूकंप के झटकों के बाद हॉल छोड़ने पर मजबूर हो गईं लेकिन कुछ मिनटों बाद वापस लौटीं. भूकंप का केंद्र गुरेरो राज्य के सैन मार्कोस कस्बे के पास था.
सऊदी अरब की यमन पर एक और स्ट्राइक, UAE के लड़ाकों पर फिर बोला हमला; 7 की मौत
Yemen Crisis: यमन में यूएई द्वारा समर्थित एसटीसी के हद्रामौत और अल-महरा में घुसने के बाद वहां के हालात बिगड़ गए हैं, जिससे सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है. जिसके बाद सऊदी अरब ने यमन में यूएई समर्थित गुटों के लिए भेजे जा रहे हथियारों की एक खेप पर हवाई हमला किया था. जिसमें कुछ 7 लोगों की मारे जाने की खबर है.
ईरान के भीतर बढ़ती जा रही बेकरारी... ट्रंप ने खींच दी लक्ष्मण रेखा, कहा- हम खुद जमीन पर उतरेंगे
Trump Warns Iran Over Protest: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती हैं, तो अमेरिका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बयान के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.
‘बहुत रिसर्च करने के बाद मुझे पता चला कि पार्टी (कांग्रेस) के जो हाईकमान हैं, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और राहुल गांधी जी, अगर वहां सुधार नहीं होगा, तो संगठन में नीचे भी सुधार नहीं होगा।’ ये बात कह रहे मोहम्मद मुकीम लंबे वक्त तक कांग्रेस में रहे। विधायक बने। उनकी बेटी सोफिया फिरदौस कांग्रेस से अब भी विधायक हैं। मोहम्मद मुकीम ने सोनिया गांधी को लेटर लिखकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की लीडरशिप पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र ज्यादा हो गई है, इसलिए उन्हें बदला जाना चाहिए। उन्होंने शिकायत की थी कि राहुल जमीनी नेताओं से कट गए हैं। इसलिए प्रियंका गांधी को आगे लाना चाहिए। लेटर सामने आने के बाद मोहम्मद मुकीम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वे दावा करते हैं कि 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा और बदलाव की जड़ में मोहम्मद मुकीम ही होंगे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने लीडरशिप पर सवाल उठाए और पार्टी से निकाल दिए गए। आपने सोनिया गांधी को चिट्ठी क्यों लिखी थी?जवाब: दुख की बात है कि जो परिवार कांग्रेस से जुड़े रहे, वे आज पार्टी से दूर हो रहे हैं। मेरे परिवार का आजादी की लड़ाई में योगदान रहा है। मेरे बड़े भैया पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक से जुड़े थे। जेबी पटनायक की गाड़ी में ही सिर्फ 42 साल की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। इसके बाद भी मेरा परिवार कांग्रेस के लिए हमेशा साथ रहा। आपको एक बात बताता हूं। राहुल जी ने 2023 में हम 18 नेताओं को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद PCC अध्यक्ष बदल दिया। ओडिशा में शरत पटनायक जी को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। हम लोग समझ नहीं पाए कि किस आधार पर ये फैसला लिया गया। जो व्यक्ति खुद 6 बार इलेक्शन हार चुका हारे, उसे प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यहीं से गड़बड़ शुरू हुई। इसका नतीजा यह हुआ कि ओडिशा में कांग्रेस पूरी तरह बिखर गई। वोट शेयर 30% से गिरकर 15% रह गया। प्रदेश अध्यक्ष खुद चुनाव हार गए। उन्हें सिर्फ 15 हजार वोट मिले। केंद्र में उम्मीद जागी थी कि हम 54 से 99 सीट तक पहुंचे थे। हमें लगा था कि कांग्रेस शायद फिर वापस आ रही है, लेकिन इसके बाद हम सभी 5 राज्यों में बुरी तरह चुनाव हारे। सवाल: ओडिशा में शरत पटनायक को PCC अध्यक्ष बनाने का फैसला राहुल गांधी जी के कहने पर हुआ था?जवाब: हां, यह फैसला उनकी सहमति से ही लिया गया था। राहुल जी ने सबसे अलग-अलग बात की। फिर ये फैसला लिया। मुझे लगा कि उनके आसपास जो लोग हैं, हमारे राज्य के इंचार्ज हैं, ये लोग सही बात नहीं पहुंचा रहे हैं। इससे गलत फैसले होते हैं। 5 राज्यों में हारने के बाद मुझे लगा कि हम विपक्ष में हैं। विपक्ष के अध्यक्ष का बड़ा रोल होना चाहिए। हमारी पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी अनुभवी नेता हैं, लेकिन उनकी उम्र 83 साल से ज्यादा हो चुकी है। वे उस तरह की दौड़भाग नहीं कर पाते। अगर हम रूलिंग पार्टी से तीन गुना मेहनत नहीं करेंगे तो हम उस पोजिशन में नहीं आ पाएंगे। सवाल: आपको लगता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र का मुद्दा उठाना सही है?जवाब: मैंने 7–8 पॉइंट लिखे थे। इसमें ये भी था कि कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए दौड़भाग मुश्किल हो रही है। यहां युवा लीडर को लाना चाहिए। हमारे पास प्रियंका गांधी हैं। हम उन्हें बना सकते हैं। ऐसे लीडर हैं, जिन्होंने खुद को साबित किया है। डीके शिवकुमार, शशि थरूर, सचिन पायलट, रेवंत रेड्डी हैं, इनकी एक टीम बनाकर उन्हें पूरे भारत में भेजना चाहिए। मेरी बात कड़वी हो सकती है, लेकिन आज भी मुझे अफसोस नहीं है। भले पार्टी ने मुझे बिना बात किए बाहर कर दिया है। सवाल: आप सोनिया गांधी से क्या उम्मीद कर रहे थे?जवाब: सोनिया जी कांग्रेस की सुप्रीम लीडर हैं। उनकी मेहनत से कांग्रेस 2004 में सत्ता में आई थी। हमने 10 साल सरकार चलाई। इसलिए मैंने सोचा कि उन्हें अपनी बात बताना चाहिए। अब उनके दखल देने का समय आ गया है, उन्हें कोई उपाय निकालना चाहिए। ऐसा नहीं होता तो कांग्रेस को रूटलेस होने में टाइम नहीं लगेगा। सवाल: आपने लेटर में लिखा कि युवा नेताओं जैसे सचिन पायलट, रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार और शशि थरूर को मुख्य भूमिका मिलनी चाहिए। क्या ये राहुल की लीडरशिप को चैलेंज करना नहीं होगा?जवाब: मैंने जिन नेताओं की बात कही, वे दूसरी लाइन के नेता हैं। प्रियंका गांधी अब सांसद हैं। संसद में अच्छा बोल रही हैं। उन्हें सामने आकर लीडरशिप लेनी चाहिए। उनका अंदाज ऐसा है कि लोग उन्हें पसंद करते हैं। अभी हम सिर्फ तीन राज्यों में हैं। बाकी राज्य BJP या रीजनल पार्टियों के पास हैं। हमारे यहां के PCC प्रेसिडेंट ईस्टर्न ओडिशा से हैं। उनकी कोस्टल ओडिशा में कोई पहचान नहीं है। हमने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि प्रेसिडेंट के साथ अलग-अलग नेताओं को टीम की तरह सिलेक्ट कीजिए। उनका असर आसपास की तीन-चार सीटों पर होगा। सवाल: ये बात सुनकर राहुल गांधी क्या बोले?जवाब: कुछ नहीं। 6 महीने हो गए, कुछ नहीं हुआ। आप BJP को देखिए। वे पूरे साल चुनाव की तैयारी करते हैं। अगर संगठन ठीक से काम नहीं करेगा, तो कांग्रेस आगे कैसे बढ़ेगी। हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को अगर मौका नहीं मिलता है, तो निराशा होती है। पार्टी गलत फैसला ले रही है। लीडरशिप मेहनत नहीं कर रही है। इसलिए पार्टी चुनाव हार रही है। चुनाव नहीं जीतेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे। सवाल: आपने लिखा कि राहुल गांधी तक किसी की पहुंच नहीं है। आप उनसे आखिरी बार कब मिले थे?जवाब: मैं विधायक था, मैंने तीन साल कोशिश की, लेकिन एक बार भी राहुल गांधी से मिलने का अपॉइंटमेंट नहीं मिला। 2019 में हमारी मुलाकात हुई थी। 2019 से 2024 के बीच एक बार 2023 में हमें बुलाया गया था, जब PCC अध्यक्ष चुना गया। बीच में जब भी मिलने का वक्त मांगा, विधायक होने के बाद भी मुझे अपॉइंटमेंट नहीं मिला। अगर पार्टी के सुप्रीम लीडर हमसे बात नहीं करेंगे, तो पार्टी का हाल क्या होगा। इसी भावना के साथ सोनिया गांधी को लेटर लिखा था। CWC मेंबर्स को भी भेजा। वह लेटर लीक होकर मीडिया तक पहुंच गया। सवाल: क्या प्रियंका गांधी, राहुल गांधी से बेहतर नेतृत्व दे सकती हैं?जवाब: अकेले राहुल गांधी से भी होना मुश्किल है। हम लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार रहे हैं। इसलिए पार्टी को सामूहिक नेतृत्व की जरूरत है। राहुल जी पार्टी के अध्यक्ष नहीं हैं। मेरा मानना है कि प्रियंका गांधी जी को आगे लाया जाना चाहिए। पूरी टीम को साथ लेकर काम किया जाए। ऊपर से नीचे तक सर्जरी होनी चाहिए। सवाल: राहुल गांधी से आपको क्या शिकायत है?जवाब: मैं जो कहना चाहता हूं, उसे राहुल जी के खिलाफ नहीं समझा जाना चाहिए। मैंने उन्हें लीडर माना है। मैं आज भी कांग्रेस की विचारधारा के साथ हूं। राहुल जी को समझना चाहिए था। हम काम करने वाले लोग हैं। मैंने जो सीट जीती, वहां 35 साल से कांग्रेस नहीं जीती थी। पिछले चुनाव में मेरी बेटी लड़ी थीं। वहां PM मोदी आए, अमित शाह आए, तब के चीफ मिनिस्टर भी आए, इसके बावजूद हम जीते। हमारे साथ लोग जुड़े हैं। हम जैसे लोग पार्टी को बचाकर रखे हुए हैं। पार्टी को ये सोचना चाहिए। भारत जोड़ो यात्रा चल रही थी। राहुल जी ओडिशा आए थे। राउरकेला गए थे। हम भी वहां थे। वे तीन दिन रहे, लेकिन सिर्फ सुबह नमस्कार करके चले गए। हमने कहा कि राहुल जी यूथ कांग्रेस और कार्यकर्ताओं से मिलें, पूर्व विधायक-सांसदों से मिलें। इससे उन्हें पता भी चल जाएगा कि स्थिति क्या है, लेकिन वे नहीं मिले। सवाल: बिहार में राहुल गांधी फ्रंट पर थे, फिर भी चुनाव में हार मिली। क्या आपको राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कोई कमी महसूस होती है?जवाब: वहां हमारा मैनेजमेंट अच्छा नहीं था। हम ग्राउंड पर नहीं गए। यह एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए कई साल की मेहनत चाहिए। यह राहुल गांधी जी के नेतृत्व की बात नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष को राज्य में संगठन मजबूत करना चाहिए था। इसीलिए तो हम 5 राज्यों में हारे हैं। सवाल: पार्टी में प्रियंका गांधी जी को किस तरह की भूमिका निभानी चाहिए?जवाब: प्रियंका गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहिए। पार्टी को ऐसा चेहरा चाहिए, जो लोगों का दर्द समझे और कार्यकर्ताओं के साथ काम कर सके। राहुल गांधी जी नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए प्रियंका जी काे आगे आना चाहिए। सवाल: इससे कांग्रेस को कैसे फायदा हो सकता है?जवाब: आप मानें या न मानें, कांग्रेस गांधी परिवार से अलग नहीं हो सकती। अगर गांधी परिवार से कोई नेतृत्व करे, चुनाव जीते लोगों की टीम बनाए, भारत को 4–5 जोन में बांटकर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दे। इससे अपने-आप अच्छा माहौल बनेगा। कांग्रेस में ऐसे लीडर कम हैं, जिन्हें लोग सुनने आएं। हमारे पास युवा नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिलिंद देवड़ा कांग्रेस में नहीं हैं। अब जो नेता बचे हैं, उन्हें अगर सही से सामने नहीं लाएंगे तो कांग्रेस भी डूबेगी और वे लोग भी जाएंगे। सवाल: आपकी बेटी सोफिया फिरदौस अब भी कांग्रेस विधायक हैं। आपकी बगावत का उन पर क्या असर होगा?जवाब: एक जिम्मेदार कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर मैं वही कर रहा हूं, जो पार्टी के हित में सही है। सोफिया अपने बलबूते पर विधायक है। वह अपना काम करेगी। मुझे मेरा काम करने दीजिए। सवाल: आगे आप क्या करेंगे, क्या नई पार्टी बनाएंगे?जवाब: मेरे मन में कांग्रेस की विचारधारा है, उसे कांग्रेस मुझसे अलग नहीं कर सकती। उसी विचारधारा में रहते हुए हम ओडिशा के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर सोचेंगे। इसके लिए हम लोगों से मिल रहे हैं। ये पहले ही साफ कर चुका हूं कि हम BJP और BJD में नहीं जाएंगे। सवाल: अब आपको लगता है कि लेटर नहीं लिखना चाहिए था, क्या कोई अफसोस है?जवाब: बिल्कुल भी नहीं। आप देखिए, 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा। बदलाव की जड़ मैं ही होऊंगा। दिल्ली में इस पर चर्चा हो रही है। सवाल: पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, आप इसे कैसे देखते हैं?जवाब: यह सब घिसी-पिटी राजनीति है। भारत सेक्युलर देश है। किसी को ऊपर या नीचे दिखाने की कोशिश करना सही नहीं है। कोई मस्जिद बनवाता है, जैसे बहुत लोग मंदिर भी बनवाते हैं, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
Why are Protests Happening in Iran: ईरान में गृहयुद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एकाएक क्यों सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने ईरान को धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के साथ बलप्रयोग किया गया तो यूएस सैनिक हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा.
North Korea Kim Jong Un News: क्या उत्तर कोरिया में सत्ता बदलने वाली है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि कोरिया सरकार ने एक फोटो जारी की है. जिसमें शासक किम जोंग उन साइड में खड़े हैं, जबकि केंद्र में एक लड़की दिख रही है.
Iran US : ईरान की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उन्हें जबरदस्त जवाब दिया है. ईरान ने कहा, 'आप हमें न समझाए कि क्या करना है? हम दंगाइयों और कारोबारियों में फर्क करना जानते हैं. बेहतर होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने सैनिकों की सुरक्षा पर ध्यान दें, बजाए की मिडिल ईस्ट की शांति खतरे में डाले.'
यमन में UAE के समर्थन वाले अलगाववादियों पर ताबड़तोड़ हमला, एयरस्ट्राइक में 7 की मौत
Airstrike In Yemen: यमन में सऊदी अरब की लीडरशिप वाले गठबंधन ने UAE समर्थित दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) के खिलाफ एयरस्ट्राइक किए, जिसने पिछले महीने देश के बड़े हिस्से पर कंट्रोल किया था.
मातम में बदला नया साल, जश्न के दौरान अपार्टमेंट में लगी आग; ऊंची मंजिल से कूदकर भारतीय छात्र की मौत
Indian Student Death Germany: जर्मनी के बर्लिन शहर में न्यू ईयर के जश्न के दौरान एक अपार्टमेंट में आग लग गई, जिससे कूदने के दौरान एक भारतीय छात्र की मौत हो गई.
नेपाल के बाद अब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जेन-जी का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिल रहा है। बढ़ती महंगाई को लेकर बीते पांच दिनों से जारी जेन-जी के विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। इसमें कम से कम छह लोग मारे गए
पीओके में विरोध 'प्रदर्शन', पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश, वादाखिलाफी के लगाए आरोप
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में फिर से शहबाज सरकार के खिलाफ विरोध की भावनाएं धधक रही हैं। पीओके की जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और सरकार के बीच बातचीत रद्द हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में अक्टूबर 2025 के समय में लंबे विरोध और हिंसा के बाद जो शांति आई थी, वह फिर से जा सकती है
Iran Protests: ईरान में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की हिंसक झड़प में अबतक आठ की मौत की खबर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देते हुए उनकी सुरक्षा का दावा कर रहे हैं. गौरतलब है कि खामेनेई के शासन की नाकामी से खस्ताहाल इकॉनमी और आसमान छूती महंगाई के चलते लोग सड़कों पर हैं.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, जिसकी वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी खटास आई है. ऐसे में अब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने कहा है ट्रंप ने रिश्ते को बिगाड़ दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में अपनी सेहत को लेकर कहा कि अक्टूबर में उनका MRI नहीं बल्कि CT स्कैन हुआ था. नतीजे पूरी तरह सामान्य थे. ट्रम्प ने चोट और सूजन के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हाथ की चोट और सूजन नियमित एस्पिरिन और क्रोनिक वीनस इनसफिशिएंसी के कारण हैं.
2025 में नेपाल आए 11.5 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक
नेपाल में वर्ष 2025 के दौरान 11.5 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों ने यात्रा की। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को पूरी तरह बिगाड़ा: कांग्रेसमैन सुब्रमण्यम का आरोप
व्यक्तिगत मतभेदों से कमजोर हुए रिश्ते, आर्थिक और रणनीतिक हितों पर असर टैरिफ और नीतिगत फैसलों से भारत-अमेरिका साझेदारी को नुकसान: सुब्रमण्यम चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत को स्वाभाविक सहयोगी बताया अमेरिकी सांसद ने वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनके अनुसार, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच रिश्तों में आई यह कमजोरी दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा रही है। सुहास सुब्रमण्यम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को पूरी तरह से खराब कर दिया है। यह एक ऐसा प्रशासन था, जिसमें अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप ने वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों को मजबूत किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रिश्तों में आई गिरावट की वजह व्यक्तिगत और नीतिगत मतभेद हैं। सुब्रमण्यम के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री मोदी को लेकर व्यक्तिगत कारणों के चलते ट्रंप उन मजबूत आर्थिक संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो कई वर्षों से बने हुए थे। इसका असर दोनों देशों पर पड़ रहा है। सांसद ने चेतावनी दी, हमारे और भारत के बीच संबंधों को खत्म करने या नुकसान पहुंचाने का कोई मतलब नहीं है। अगर अमेरिका के पास भारत के साथ संबंधों को मजबूत करके एक बड़ा अवसर है, तो हम वास्तव में अपनी आर्थिक शक्ति और आर्थिक प्रभाव को मजबूत कर सकते हैं। जब हम देखते हैं कि चीन के साथ क्या हो रहा है, तो भारत कई मायनों में हमारे लिए एक स्वाभाविक सहयोगी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी और बढ़ाई जा सकती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव को उन्होंने एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने विनिर्माण और औद्योगिक सहयोग का हवाला देते हुए कहा, अगर कंपनियां चीन से निवेश निकालना चाहती हैं, तो भारत उस प्रयास में एक स्वाभाविक भागीदार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) इस संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी ने भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा, दोनों तरफ ऐसे कई लोग हैं जो आपसी मजबूत संबंधों के पक्ष में हैं। लेकिन जब आप मौजूदा ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के एक्शन देखते हैं, तो यह बहुत-बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध खत्म करने और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। उल्टा हालात और खराब हो गए। उनके अनुसार, टैरिफ और सहयोगी देशों से रिश्तों में आई दरार के कारण अमेरिका पर भरोसा कम हुआ है। कई देश अब अमेरिका पर पहले जैसा भरोसा नहीं कर रहे हैं। आगे की राह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीते एक साल में खराब हुए रिश्तों को सुधारने की जरूरत है, जिनमें भारत के साथ संबंध भी शामिल हैं।
Donald Trump: न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर जोहरान ममदानी के कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने से अमेरिका में विवाद छिड़ गया. ट्रंप और उनके समर्थकों ने विरोध जताया, जबकि ममदानी समर्थकों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक बताया. ट्रंप ममदानी की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नीतियों से भी असहज हैं, जिससे दोनों के बीच वैचारिक टकराव और बढ़ गया है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो झुके, अमेरिका से बातचीत को तैयार; ड्रोन हमले पर साध ली चुप्पी
Venezuela US Relation: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से ड्रग तस्करी के खिलाफ समझौते पर बात करना चाहता है तो वेनेजुएला इसके लिए पूरी तरह तैयार है.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले दिनों यूक्रेन की ओर से भेजे गए 250 ड्रोन को मार गिराया, जिनमें से 12 ड्रोन मास्को क्षेत्र को निशाना बनाने वाले थे
Muhammad Yunus: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में दक्षिण एशियाई देशों की एकजुट उपस्थिति का हवाला देते हुए SAARC को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय सहयोग और एकता का संकेत है तथा SAARC दक्षिण एशिया के लोगों के लिए फिर प्रभावी मंच बन सकता है.
नए साल की रात खून से लाल रूस! खेरसॉन में यूक्रेन का ड्रोन हमला, 24 की मौत 50 से ज्यादा लोग घायल
New Year attack Russia: रूस के खेरसॉन इलाके में नए साल के जश्न के दौरान एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है. रूस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन की तरफ से किए गए इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है. जिनमें 1 बच्चा भी शामिल है. वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. हमला एक कैफे और होटल पर हुआ, जहां लोग नया साल मना रहे थे. रूस ने इसे आम लोगों पर किया गया आतंकी हमला बताया है.
‘हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हम जानते हैं कि किसी भी इम्तिहान का मुश्किल हिस्सा आखिर में होता है। अल्लाह की मर्जी से हम इसे जीतकर, और मजबूत होकर निकलेंगे। ये सिर्फ आपकी लड़ाई है। जो भी करना है, खुद करना है। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा एक प्लान बताएंगे।’ ये मैसेज कश्मीर में एक्टिव आतंकियों के लिए है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन कश्मीरियों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रोपेगैंडा चला रहे हैं। दैनिक भास्कर को कुछ मैगजीन और डॉक्यूमेंट मिले हैं, जिनसे नौजवानों को संगठन से जोड़ने और हमले की तैयारी का खुलासा हुआ है। ये मैगजीन दिसंबर में आतंकी नेटवर्क के जरिए पब्लिश की गई थी। ये मैगजीन या एक-दो पेज के स्टेटमेंट वाले पेज का पीडीएफ बनाकर अलग-अलग ग्रुप तक पहुंचाया जा रहा है। ये कंटेंट उर्दू और अंग्रेजी में है। सुरक्षा एजेंसियों के सोर्स बताते हैं कि इसका मकसद पढ़े-लिखे नौजवानों को टारगेट करना है। मैगजीन के जरिए आतंकियों को आर्मी के ऑपरेशन और आगे की तैयारी की जानकारी दी जा रही है। इसमें 33 साल से फरार आतंकी जहांगीर का इंटरव्यू भी है। घुसपैठ का प्लान तैयार, लिखा- जवाब नहीं दिया तो हालात खराब हो जाएंगेआतंकी संगठन मैसेज देने के लिए ZUV नाम से एक लेटर भेज रहे हैं। ZUV का मतलब है- मेरी जिंदगी, मेरी रूह की मौजूदगी से है। एक महीने के भीतर ही इस नेटवर्क की तरफ से कई बार स्टेटमेंट बनाकर आतंकी ग्रुपों में भेजे गए हैं। इनमें से एक स्टेटमेंट 9 पेज का है। इसके आखिरी पेज पर भारतीय सेना की तैयारी का जिक्र है। 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए अलर्ट भी किया गया है। इस स्टेटमेंट में लिखा है, ‘नवंबर की घटना ने इंडिया को और भड़का दिया है। वे कश्मीर पर अपनी मशीनरी से पकड़ मजबूत कर रहे हैं। हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा प्लान बताएंगे। हम अपने लोगों से आने वाले इवेंट्स के लिए मेंटली और फिजिकली तैयारी शुरू करने के लिए कहेंगे।’ ‘खासकर नौजवानों से कहेंगे कि वे इस सर्दी का समझदारी से इस्तेमाल करें। ये बताना जरूरी है कि इंडियन आर्मी और कश्मीर पुलिस को ऑर्डर दिए गए हैं कि जैसे ही रास्ता बर्फ से साफ होना शुरू हो, वो ऊपर के इलाकों में ऑपरेशन शुरू कर दें। मार्च 2026 से इसकी शुरुआत हो सकती है। इस बारे में हमने अगस्त में ही ऑपरेशन प्लान के बारे में बताया था। इसलिए अगर हम जल्दी जवाब नहीं देते हैं, तो हालात और खराब हो जाएंगे। ‘सभी ऑर्गेनाइजेशन मिलकर एक्टिव हों’14 दिसंबर को जारी ZUV के लेटर में नौजवानों को नेटवर्क में भर्ती करने की बात कही गई है। इसमें लिखा है कि हथियारों के साथ विरोध करने वालों को खत्म करने के लिए इंडियन आर्मी को ऑर्डर मिला है। आर्मी कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बड़ा ऑपरेशन शुरू कर सकती है। इसलिए हम भी सेना की एक्टिविटी पर नजर बनाए हुए हैं। आगे लिखा है कि हम सभी भाइयों को बदलते हालात के बारे में अलर्ट कर रहे हैं। चाहे वे किसी भी ऑर्गनाइजेशन से जुड़े हों। सभी आर्मी का प्लान रोकने के लिए काउंटर स्ट्रैटजी बनाने में आगे आएं। इसके अलावा कश्मीरी युवाओं से सोशल मीडिया पर कुछ भी संदिग्ध एक्टिविटी पोस्ट नहीं करने की गुजारिश की गई है। दिल्ली और नौगाम में हुए ब्लास्ट का जिक्र, एजेंसियों पर सवालडॉक्यूमेंट के पेज नंबर-8 पर दिल्ली ब्लास्ट और फिर नौगाम में हुए धमाके का जिक्र है। इसमें लिखा है कि हाल में पुलिस की हिंसा में इजाफा हुआ है। दिल्ली और नौगाम धमाकों के बाद पुलिस काफी निराश है। हम जानते हैं कि भारतीय एजेंसियों को महीनों तक इसकी भनक तक नहीं लगी कि उनकी नाक के नीचे क्या होने वाला है। पुलिस केमिकल्स (विस्फोटक) को भी ठीक से नहीं संभाल पाई। इसलिए छापेमारी कर रही है। 33 साल से वांटेड आतंकी का इंटरव्यू, पहाड़ों का बेटा बतायाजम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बन रहे रतले पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले तीन लोगों का लिंक आतंकी जहांगीर सरूरी से मिला था। इनमें एक जहांगीर का सगा भाई, दूसरा चचेरा भाई और तीसरा भतीजा है। मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी को हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बताया जाता है। वह 1992 से एक्टिव है। जहांगीर को जम्मू में सबसे लंबे वक्त तक जिंदा रहने वाले आतंकवादियों में से एक माना जाता है। उस पर डोडा-किश्तवाड़ में कई हत्याओं में शामिल होने का केस है। जहांगीर सरूरी का प्रोपेगैंडा इंटरव्यू द रिवोल्यूशन रिसर्जेंस मैगजीन में पब्लिश हुआ है। 29 पेज की मैगजीन में 24 नंबर पेज पर ओवैस बिलाल ने ये इंटरव्यू किया है। ये बातचीत कहां हुई, इसका जिक्र नहीं है। जहांगीर के बारे में लिखा है कि वह पिछले 33 साल से जम्मू के किश्तवाड़ और डोडा में आजादी की लड़ाई लड़ रहा है। उसे पहाड़ों का बेटा बताया गया है। इंटरव्यू में लिखा है कि 1992 में मुजाहिदीन में शामिल होने के बाद उसने कई ऑपरेशन किए। ‘गोला-बारूद और हथियार कम, इसलिए किसी भी तरह हथियार चाहिए’इंटरव्यू के दौरान जहांगीर से 1992 से अब तक के सफर के बारे में पूछा गया। उसने जवाब दिया, ‘मैं मुजाहिदीन में शामिल हुआ, तब आगे का रास्ता कुर्बानी का था। अल्लाह ने हमें कई मोर्चों पर जीत दिलाई। इंडियन आर्मी और उनकी खुफिया एजेंसियों ने हमें रोकने के लिए हर कोशिश की, लेकिन हम कभी पीछे नहीं हटे। मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह अल्लाह की मदद और मेरे दोस्तों की कुर्बानी की बदौलत है। दुश्मन आज भी हमसे डरता है। यही डर हमारी कामयाबी का सबूत है।’ भारतीय सेना के एक्शन पर जहांगीर ने जवाब दिया, ‘हमें पता चला है कि भारतीय सेना कुछ खास लोगों को उधमपुर जैसे कैंप में मिलिट्री ट्रेनिंग दे रही है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों और नशीली दवाओं के अड्डों से हमारे लोगों को दिक्कत आ रही है। हमारे पास अब काफी लिमिटेड गोला-बारूद है। उसी से ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी संख्या अब कम हो गई है। रिसोर्स भी कम हैं, लेकिन हम लड़ाई लड़ रहे हैं।’ इसके बाद जहांगीर कहता है कि हमारे पास हथियार कम हैं, लेकिन ये सच है कि सिर्फ हथियार ही हथियार से मुकाबला कर सकते हैं। इसलिए किसी भी तरह कश्मीर के हर कोने तक हथियार पहुंचने चाहिए। हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक कश्मीर को भारत के कंट्रोल से बाहर नहीं करा देते। उनके हथियारों का इकलौता जवाब हमारा अपना हथियार है। आतंकियों के मददगारों पर एक्शन, इसलिए प्रोपेगैंडा चला रहे: सोर्सआखिर आतंकी संगठन नौजवानों को नए-नए तरीके से क्यों टारगेट कर रहे हैं। इसे समझने के लिए हमने जांच एजेंसियों के कुछ अधिकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर कार्रवाई हो रही है। उनके मददगारों की प्रॉपर्टी जब्त हो रही है। आतंकियों के घरों को तोड़ा जा रहा है। इससे जम्मू-कश्मीर में लोकल नेटवर्क से आतंकियों को मदद मिलने में काफी कमी आई है। यही वजह है कि आतंकी अब लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसके लिए वे प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अनंतनाग में दिखा पाकिस्तानी आतंकी, एजेंसियां अलर्ट25 दिसंबर को कश्मीर के अनंतनाग में दो संदिग्ध आतंकी देखे गए थे। इनमें एक लोकल आतंकी मोहम्मद लतीफ भट्ट कुलगाम का रहने वाला है। उसने इसी साल नवंबर में आतंकी संगठन जॉइन किया है। दूसरा आतंकी हंजुल्ला पाकिस्तानी है। दोनों लश्कर-ए-तैयबा के संगठन कश्मीर रिवोल्यूशन आर्मी से जुड़े हैं। दोनों की तलाश के लिए अनंतनाग और कुलगाम के आसपास के इलाके में छापेमारी की गई। एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लतीफ और हंजुल्ला के दिखने का दावा है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दोनों आतंकियों का अब तक पता नहीं चला है। सोर्स बताते हैं कि दोनों अनंतनाग से भागकर कुलगाम के जंगलों की ओर चले गए हैं। ये एरिया पीर पंजाल रेंज से जुड़ा है, जहां आतंकी छिपते रहे हैं। आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पाकिस्तान में एक मंच पर दिखे आतंकी, महिला विंग की भी मीटिंगहाल में लाहौर में हुए एक कार्यक्रम में हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा सईद, सैफुल्लाह कसूरी और आतंकी मुजम्मिल इकबाल हाशिमी एक साथ मंच पर दिखे। इस मंच से युवाओं को कट्टरपंथी का मैसेज दिया गया। इसके अलावा आतंकी मसूद अजहर की छोटी बहन सादिया अजहर की अगुआई में बनी महिला विंग भी साजिश रच रही है। ऑपरेशन सिंदूर में हवाई हमले में सादिया का पति यूसुफ अजहर मारा गया था। वह जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वॉर्टर बहावलपुर में मौजूद था। मीटिंग के बारे में सोर्स से पता चला कि मीटिंग में महिलाओं से परिवार के नौजवानों को जिहाद के रास्ते पर लाने के लिए तैयार करने के लिए कहा गया। महिलाओं को ट्रेनिंग देने के साथ उनके बच्चों को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ने की बात कही जा रही है। इससे जैश के ट्रेनिंग सेंटर पर युवाओं को लाने में आसानी होगी। इससे पहले जमात उल मोमिनात ने 8 अक्टूबर से भर्तियां शुरू की थीं। इसे बहावलपुर में जैश के ट्रेनिंग सेंटर मरकज-उस्मान-ओ-अली में शुरू किया गया।
अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदा का कहर, बाढ़ से 12 की मौत, 11 घायल
अफगानिस्तान के कई प्रांतों में बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और बर्फबारी के कारण अचानक आई बाढ़ में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए
नए साल की रात स्विट्जरलैंड के मशहूर स्की रिसॉर्ट क्रैन्स-मोंटाना में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया

