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14 October, 2026 Stock Market Highlights: आईटी स्टॉक्स में शानदार बढ़त, फिर भी लाल निशान में बंद हुआ बाजार

सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर आज सबसे ज्यादा 2.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

खबर इंडिया टीवी 14 Oct 2026 3:49 pm

Stock Market Update: शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; IT शेयरों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

Stock Market Update: शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; IT शेयरों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

समाचार नामा 14 Oct 2026 2:28 pm

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कतडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 12:20 pm

14 October 2026 Stock Market Updates | आईटी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स सपाट खुला, निफ्टी 22,700 के स्तर पर टिका

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के सत्र में आईटी (IT) शेयरों से मिले मजबूत समर्थन के बाद आज यानी बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सपाट शुरुआत की है। बाजार के प्रमुख सूचकांक (बेंचमार्क इंडेक्स) शुरुआती कारोबार में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। 30 शेयरों वाले BSE सेंसेक्स ने 15.98 अंक या 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,049.76 पर कारोबार शुरू किया, जबकि निफ्टी 6.20 अंक गिरकर 22,715.75 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 73,033.78 पर और निफ्टी 50 22,721.95 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सेशन में बड़े इंडेक्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 31.48 अंकों की बढ़त हुई, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.43 अंक या 0.07 प्रतिशत गिरकर 9,078.31 पर लाल निशान में कारोबार कर रहा था। बाजार की शुरुआती चाल सेंसेक्स (Sensex): बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 15.98 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 73,049.76 के स्तर पर खुला। पिछले सत्र में यह 73,033.78 पर बंद हुआ था। निफ्टी (Nifty 50): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 6.20 अंकों की हल्की गिरावट के साथ 22,715.75 के आसपास टिका रहा (पिछला बंद: 22,721.95)। ब्रॉडर मार्केट (Midcap & Smallcap): बीएसई (BSE) मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.07% की मामूली गिरावट के साथ 9,078.31 के स्तर पर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, HCL टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और BEL में बढ़त देखी गई, जिसमें TCS शुरुआती कारोबार में 1.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, पावर ग्रिड, L&T, एटरनल, टाइटन और बजाज फाइनेंस में गिरावट रही, जिसमें पावर ग्रिड 0.92 प्रतिशत नीचे आया। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख नकारात्मक रहा; NSE पर 1,088 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,529 शेयरों में गिरावट देखी गई। 131 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया; यह पिछले बंद भाव 22,850.50 के मुकाबले 113.5 अंक गिरकर 22,737 पर खुला। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाली करते रहे और 13 अक्टूबर, 2026 को 1,305.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,439.24 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, निकट भविष्य के लिए नजरिया सकारात्मक है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। पिछले सत्र में आई जोरदार रिकवरी से बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। हालांकि, गिफ्ट निफ्टी के कमजोर संकेत और FII की लगातार बिकवाली शुरुआती उत्साह को कम कर सकती है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिल रहा है, जबकि हालिया बढ़त को बनाए रखने और ऊंचे स्तरों पर सप्लाई को संभालने की बाजार की क्षमता रिकवरी को बनाए रखने के लिए अहम होगी। बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से सत्र में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आज एशियाई बाजार दो सत्रों की गिरावट के बाद एशियाई शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई, जबकि अमेरिकी शेयरों में अपने रिकॉर्ड स्तर से थोड़ी गिरावट आई। खबर लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 528.48 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 68,306 पर था। इसी तरह, हांगकांग के हैंग सेंग में 10.78 अंक या 0.04 प्रतिशत की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 73.18 अंक या 1.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 0.27 अंक या 0.01 प्रतिशत बढ़ा।

प्रभासाक्षी 14 Oct 2026 10:00 am

Stock Market Today: Tata Elxsi, BEL और Adani Enterprises समेत इन 6 शेयरों पर रहेगी नजर, जानें बड़ी वजहें

Stock Market Today: Tata Elxsi, BEL और Adani Enterprises समेत इन 6 शेयरों पर रहेगी नजर, जानें बड़ी वजहें

समाचार नामा 14 Oct 2026 9:42 am

खुदरा महंगाई दर 2 साल के उच्चतम स्तर पर: आम आदमी की जेब पर दोहरा झटका

देश में आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट और रोजमर्रा की जिंदगी पर महंगाई की मार एक बार फिर तेज हो गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर उछलकर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले महीने (अगस्त) में 4.83 प्रतिशत थी। यह उछाल पिछले लगभग दो वर्षों में खुदरा महंगाई का सबसे उच्च स्तर है। हालांकि यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 (+/- 2) प्रतिशत के ऊपरी संतोषजनक दायरे (Upper Tolerance Band) यानी 6 प्रतिशत के भीतर है, लेकिन 5.5 प्रतिशत को पार कर जाना केंद्रीय बैंक के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। सब्जियों, खाद्य तेलों, मसालों और रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुओं में आई इस तेज तेजी ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले परिवारों के मासिक खर्च को बुरी तरह प्रभावित किया है।थाली से बिगड़ा पूरा खेल: खाद्य महंगाई दर में बेतहाशा बढ़ोतरीमहंगाई में आए इस अचानक उछाल की सबसे बड़ी वजह खाद्य टोकरी (Consumer Food Price Index) की कीमतों में आई भारी तेजी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत के पार निकल गई है। मॉनसून के अंतिम चरण में देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा और जलभराव के चलते खरीफ फसलों की आवक प्रभावित हुई, जिससे हरी सब्जियों, विशेषकर टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में 40 से 60 प्रतिशत तक की जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव शहरी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर रहा है, जहां ग्रामीण महंगाई दर 6.08 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88 प्रतिशत के आसपास रही। खाद्य पदार्थों के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और रुपये की विनिमय दर में नरमी के कारण आयातित महंगाई (Imported Inflation) ने भी इस आंकड़े को ऊपर धकेलने में अहम भूमिका निभाई है।आरबीआई का अगला कदम क्या होगा? ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर फिरा पानीदेश भर के कर्जदारों और कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी उम्मीद यह थी कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती शुरू किए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक भी अक्टूबर या दिसंबर की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कटौती करके राहत देगा। लेकिन महंगाई के 5.54 प्रतिशत तक पहुंच जाने के बाद अब रेपो रेट में किसी भी प्रकार की कटौती की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। आरबीआई गवर्नर और एमपीसी के सदस्यों का प्राथमिक रुख हमेशा से महंगाई को टिकाऊ तरीके से 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर स्थिर करने का रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई 'हॉकिश' (कड़ा) रुख बनाए रखेगा। जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अब ब्याज दरों में कटौती को कम से कम अगली 2 से 3 तिमाहियों के लिए टाल सकता है, और यदि खाद्य महंगाई जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो सिस्टम से अतिरिक्त नकदी (Liquidity) खींचने के लिए नीतिगत दरों को और कड़ा किया जा सकता है।होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की EMI पर कितना पड़ेगा असरजब भी महंगाई दर ऊपर जाती है और रेपो रेट में कटौती टलती है, तो इसका सीधा असर आम नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ता है:ईएमआई में राहत का इंतजार बढ़ा: जो लोग उम्मीद कर रहे थे कि अक्टूबर-दिसंबर में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट घटेगा और उनकी होम लोन की मासिक किस्त कम होगी, उन्हें अब लंबे समय तक ऊंची ईएमआई भरते रहना होगा।एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR): बैंकों के अधिकांश नए होम लोन और फ्लोटिंग रेट लोन सीधे आरबीआई के रेपो रेट से लिंक्ड होते हैं। यदि केंद्रीय बैंक दरों में कोई बढ़ोतरी करता है, तो बैंकों द्वारा तुरंत लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी जाएंगी।लोन टेन्योर और कुल ब्याज का बोझ: उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का ₹50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए 8.75% की ब्याज दर पर चल रहा है, तो उसकी वर्तमान ईएमआई लगभग ₹44,186 है। यदि दरों में महज 0.25% की भी वृद्धि होती है, तो मासिक ईएमआई बढ़कर लगभग ₹45,000 हो जाएगी, या फिर लोन की अवधि 12 से 18 महीने और लंबी खिंच जाएगी, जिससे ग्राहक को लाखों रुपये का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ेगा।प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों और अर्थशास्त्रियों की क्या है रायमहंगाई के इस ताजे झटके के बाद प्रमुख वैश्विक और घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने अपने अनुमानों में बड़ा बदलाव किया है:नोमुरा (Nomura): जापानी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा का आकलन है कि खाद्य और ऊर्जा कीमतों का दबाव आने वाले महीनों में भी बना रह सकता है। नोमुरा के अनुसार, अगर प्रतिकूल बेस इफेक्ट और कमजोर रुपये का दबाव जारी रहा, तो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत सीपीआई महंगाई 5.2% तक जा सकती है। नोमुरा ने संकेत दिया है कि आरबीआई दरों में कटौती करने के बजाय नीतिगत सख्ती को लंबे समय तक जारी रख सकता है या जरूरत पड़ने पर 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी पर भी विचार कर सकता है।मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley): ग्लोबल ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का मानना है कि उच्च खाद्य महंगाई हेडलाइन मुद्रास्फीति को अस्थिर बनाए रखेगी। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कोर इन्फ्लेशन (जिसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं है) भले ही नियंत्रित दायरे में हो, लेकिन गैर-खाद्य श्रेणियों में मांग दबाव बढ़ने से आरबीआई को दर कटौती का चक्र शुरू करने के लिए 2027 के मध्य तक इंतजार करना पड़ सकता है।एसबीआई रिसर्च (SBI Research): भारतीय स्टेट बैंक के अर्थशास्त्रियों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जब तक सब्जियों और दालों की आवक सामान्य नहीं होती और खुदरा महंगाई 4.5% से नीचे नहीं आती, तब तक नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार की ढील देना वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम भरा होगा।आम उपभोक्ताओं के लिए आगे की राह और बजट प्रबंधनमहंगाई के इस दौर में वेतनभोगी और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने मासिक बजट को पुनर्गठित करने की सख्त आवश्यकता है। जब तक आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम सामान्य स्तर पर नहीं आते, तब तक अनावश्यक गैर-जरूरी (Discretionary) खर्चों पर अंकुश लगाना ही समझदारी होगी। फ्लोटिंग होम लोन धारकों के लिए सबसे व्यावहारिक वित्तीय सलाह यह है कि वे ईएमआई में कटौती का इंतजार करने के बजाय, हर साल अपने मूलधन (Principal) का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा प्री-पेमेंट के रूप में जमा करें। ऐसा करने से न केवल लोन का कुल कार्यकाल छोटा होगा, बल्कि ऊंची ब्याज दरों के इस लंबे दौर में लाखों रुपये के अतिरिक्त ब्याज के नुकसान से भी बचा जा सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Oct 2026 8:16 am

डब्ल्यूपीआई: सितंबर में थोक महंगाई दर 11.39% पर पहुंचने के क्या मायने? जानिए आपकी जेब पर कैसे असर

देश में थोक महंगाई दर अगस्त के 9.92% से बढ़कर सितंबर 2026 में 11.39% के दोहरे अंक पर पहुंच गई है। ईंधन, बिजली और खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से थोक बाजार गर्म है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें और समझें इसका सीधा असर।

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 1:41 am

थोक महंगाई दर में बड़ा उछाल: सितंबर में बढ़कर 11.39% हुई; खाद्य और ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

थोक महंगाई दर में बड़ा उछाल: सितंबर में बढ़कर 11.39% हुई; खाद्य और ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 1:04 am

13 October, 2026 Stock Market Highlights: शेयर बाजार में बंपर बढ़त, आईटी स्टॉक्स बने रॉकेट

आज एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर भारी बढ़त के साथ बंद हुए।

ज़ी न्यूज़ 13 Oct 2026 3:47 pm

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

समाचार नामा 13 Oct 2026 2:09 pm

Stock Market Today Update: सेंसेक्स 600 अंक से ज़्यादा चढ़ा, शेयर बाज़ार में तेज़ी आने के ये हैं 4 बड़े कारण

शेयर बाज़ार के मुख्य इंडेक्स में तेज़ी लौटी; सेंसेक्स 600 से ज़्यादा अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 50 भी 22,600 के स्तर के करीब पहुँच गया। सुबह करीब 10 बजे, BSE सेंसेक्स 660.75 अंक या 0.92% बढ़कर 72,585.43 पर था। NSE निफ्टी 50 में 202.20 अंक या 0.90% की बढ़त हुई और यह 22,565.55 पर ट्रेड कर रहा था। इस तेज़ी में IT (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) शेयरों का अहम योगदान रहा। TCS में 5.05%, HCL टेक्नोलॉजीज़ में 4.67%, टेक महिंद्रा में 3.22% और इन्फोसिस में 2.53% की बढ़त देखी गई। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज़ और कंज्यूमर-फ़ेसिंग शेयरों में भी तेज़ी रही, जिससे पूरे बाज़ार को सहारा मिला। हालांकि, यह तेज़ी ऐसे मुश्किल हालात में आई है जब विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं, रुपया कमज़ोर हो रहा है और कच्चे तेल की कीमतें ज़्यादा बनी हुई हैं। बाज़ार के जानकारों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के असर को घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिल रहा है, जबकि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और महंगाई अभी भी बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें: BSE Sensex 548 अंक लुढ़का, Crude Oil में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से गिरा बाजार IT शेयरों में तेज़ी इस तेज़ी में टेक्नोलॉजी शेयरों का सबसे बड़ा हाथ रहा, जिसमें निफ्टी 50 की सभी चार बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई। TCS में 5.05%, HCL टेक्नोलॉजीज़ में 4.67%, टेक महिंद्रा में 3.22% और इंफोसिस में 2.53% की बढ़त हुई। IT शेयरों में आई इस बढ़त ने पूरे बाज़ार को ऊपर उठाने में मदद की, हालांकि उपलब्ध प्राइस डेटा से इस खरीदारी की कोई खास वजह साफ़ नहीं होती। निवेशक यह देखेंगे कि क्या ट्रेडिंग के दौरान यह तेज़ी बनी रहती है। इसे भी पढ़ें: US Dollar के मुकाबले Rupee 82 पैसे मजबूत होकर 94.96 पर पहुंचा घरेलू निवेशकों ने विदेशी बिकवाली का असर कम किया मंगलवार को बाज़ार में सुधार के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बाज़ार का ट्रेंड उलझा हुआ बना हुआ है। म्यूचुअल फंड समेत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस बिकवाली का ज़्यादातर हिस्सा सोख लिया है, जिससे शेयरों की कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिली है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि कैश मार्केट में FII की बिकवाली और DII की खरीदारी के मौजूदा ट्रेंड को बदलने के लिए कोई साफ़ वजह नहीं दिख रही है। विजयकुमार के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने पिछले सेशन में 1,708 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। उन्होंने बिकवाली में कमी की एक वजह रुपये में सुधार को बताया, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के उन कदमों के बाद हुआ जिनसे विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग पर रोक लगी और ऐसे ट्रेड की लागत बढ़ गई। हालांकि, दबाव बना रह सकता है। विजयकुमार ने US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 5.2% से ऊपर बने रहने को एक ऐसे कारक के तौर पर बताया जो विदेशी निवेशकों को भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालने के लिए प्रेरित कर सकता है। वहीं, घरेलू निवेशक म्यूचुअल फंड के ज़रिए निवेश करते रहे हैं। विजयकुमार द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में म्यूचुअल फंड में नेट इनफ्लो रिकॉर्ड 38,307 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्हें उम्मीद है कि घरेलू संस्थान विदेशी बिकवाली को सोखना जारी रखेंगे, एक ऐसा ट्रेंड जो लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बीच भी बाजार को सहारा दे सकता है। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों से मिला सहारा मंगलवार को हुई बढ़त में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का भी योगदान रहा। HDFC बैंक 1.52%, बजाज फिनसर्व 1.18%, बजाज फाइनेंस 0.99% और ICICI बैंक 0.42% चढ़े। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 0.53% की बढ़त हुई। यह बढ़त तब देखने को मिली जब निवेशक बढ़ती महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावनाओं पर विचार कर रहे थे। विजयकुमार ने कहा कि सितंबर में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई दर 5.54% रही, जो उम्मीद के मुताबिक थी, लेकिन 7.74% की फूड महंगाई और ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। हर तरफ़ हुई खरीदारी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ तेज़ी सिर्फ़ IT और बैंकिंग शेयरों तक ही सीमित नहीं रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.31%, एटरनल में 1.38%, ट्रेंट में 1.81% और ITC में 0.85% की बढ़त हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 0.56% ऊपर रही, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.77% की बढ़त देखी गई। बढ़त का दायरा बताता है कि खरीदारी का रुझान कई सेक्टर में फैला हुआ था, न कि सिर्फ़ कुछ टेक्नोलॉजी शेयरों तक सीमित था। हालाँकि, कुछ शेयरों ने इस ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया; NTPC में 0.92%, पावर ग्रिड में 0.44% और मारुति सुज़ुकी में 0.37% की गिरावट आई।

प्रभासाक्षी 13 Oct 2026 12:17 pm

Stock Market Update: सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी तेजी; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी

Stock Market Update: सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी तेजी; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी

समाचार नामा 13 Oct 2026 9:48 am

6.4% नहीं, 7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था; IMF का इस कारण बदला मूड

Indian Economy News: भारतीय इकॉनमी की रफ्तार पहले की उम्मीद से अधिक रहने वाली है। ऐसा IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) का मानना है। आईएमएफ ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ का कहना है कि मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली। आईएमएफ में कच्चे तेल के भाव में उछाल और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद जुलाई में लगाए गए अपने अनुमान में अब बढ़ोतरी की है। सिर्फ यही नहीं, आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2028 की ग्रोथ के अनुमान को 6.7% से बढ़ाकर 7% कर दिया है।जून 2026 तिमाही की शानदार आर्थिक रफ्तार के बाद वैश्विक एजेंसियां भारतीय इकॉनमी के अपने आउटलुक को अपग्रेड कर रही हैं।घरेलू मांग से तेज हो रही रफ्तारआईएमएफ का कहना है कि महंगे तेल के बावजूद मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी ने आर्थिक रफ्तार को सहारा दिया। वित्त वर्ष 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी और अब WEO में वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 में इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 2026 के मुकाबले रफ्तार सुस्त होती दिख रही है लेकिन पहले के अनुमान के मुकाबले यह अधिक है और खास वजह से है।आईएमएफ का कहना है कि अलग-अलग देशों में ग्रोथ की संभावनाएं अलग-अलग हो सकती हैं, जो इस बार पर निर्भत करती है कि वे हाई एनर्जी प्राइसेज से कितना प्रभावित हैं और बढ़ती ग्लोबल टेक्नोलॉजी में उनकी कितनी हिस्सेदारी है। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था को फेवरेबल डेमोग्राफिक डाइनेमिक्स, बड़े और बढ़ते घरेलू बाजार, और लगातार हो रहे स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स से मीडियम-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा हैवैश्विक सुस्ती के बीच चमक रहा भारतआईएमएफ का अनुमान है कि ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ 2025 में 3.5% से घटकर 2026 में 3.1% रह जाएगी और फिर 2027 में बढ़कर 3.4% हो जाएगी। वहीं चीन की ग्रोथ 2025 में 5% से घटकर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% होने का अनुमान है। इसे तेल के ऊंचे भाव, घरेलू मांग में कमी और लगातार बनी हुई स्ट्रक्चरल चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आईएफएफ थोड़ा बुलिश हुआ है। यह अंतर इसलिए भी अहम है क्योंकि एनर्जी इंपोर्ट करने वाले उभरते देशों की ग्रोथ का अनुमान घटाया जा रहा है।बने हुए हैं ये रिस्कआईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी तो की है लेकिन महंगी कमोडिटी जैसे कुछ रिस्क भी हैं। आईएमएफ का अनुमान है कि भारत में कंज्यूमर इनफ्लेशन वित्त वर्ष 2026 में 2% के मुकाबले वित्त वर्ष 2027 में 5% रहेगी और फिर FY28 में घटकर 4.4% रहेगी। सितंबर में भारत की महंगाई दर बढ़कर 5.5% हो गई, जो नई सीरीज में सबसे हाई लेवल है। आईएमएफ ने महंगाई को लेकर जो अनुमान लगाया है, वह वित्त वर्ष 2027 में RBI के 5.2% के अनुमान से थोड़ा कम है। जीडीपी के मुकाबले देश के चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2026 में 0.7% से वित्त वर्ष 2027 में 1.5% और फिर वित्त वर्ष 2028 में 1.3% हो सकता है। आईएमएफ के मुताबिक भारत में ग्रोथ की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है, लेकिन तेल की सप्लाई में रुकावट, नए सिरे से ट्रेड टेंशन और सख्त फाइनेंशियल स्थितियों के कारण ग्लोबल आउटलुक पर रिस्क बना हुआ है।RBI Policy : RBI ने वित्त वर्ष 2027 के GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% किया, दूसरी और तीसरी तिमाही के अनुमान भी बढ़े

ज़ी न्यूज़ 13 Oct 2026 9:25 am

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए ठीक-ठाक संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 1800 करोड़ की बिकवाली हुई है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। उधर कल US इंडेक्स मिले-जुले रहे। लेकिन एशिया में कमजोर कारोबार होता दिख रहा है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।अनुमान के आसपास रहे HCL टेक के नतीजेदूसरी तिमाही में HLC टेक के नतीजे अनुमान के आसपास रहे। रेवेन्यू में तीन तो मुनाफे में 11% की बढ़त दिखी। मार्जिन का आंकड़ा उम्मीद से अच्छा रहा। Advanced AI से रेवेन्यू 29% बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पर रही। कंपनी ने पूरे कारोबारी साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का लोअर रेंज 1%-4% से बढ़ाकर 2.5%-4% कर दिया है।RBL Bank के Q2 नतीजे अच्छेदूसरी तिमाही में RBL Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है। ब्याज से होने वाली कमाई में 37 परसेंट का उछाल आया है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।ICICI प्रू लाइफ, टाटा एलेक्सी के नतीजे आजआज वायदा में शामिल ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और Tata elxsi के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में ICICI Pru life का annual premium equivalent यानी APE 18% बढ़ सकता है। वहीं VNB मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है। वहीं टाटा Tata elxsi के मुनाफे में तीन परसेंट तो रेवेन्यू में दो परसेंट की बढ़त संभव है।TVS ग्रुप में पारिवारिक विवादTVS ग्रुप में उत्तराधिकार प्लान पर विवाद शुरू हो गया है। परिवार ओनरशिप और मैनेजमेंट के अधिकारों पर आमने-सामने है। मां मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने सेटलमेंट का प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा है कि 2024 का फैमिली MOU कोई आर्थिक समझौता नहीं है। परिवार की सभी संपत्तियां कोई एक आदमी नहीं बांट सकता।23 महीने के ऊपरी स्तर पर रिटेल महंगाईरिटेल महंगाई 23 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर में CPI महंगाई 4.83% से बढ़कर 5.54% पर रही है। खाने-पीने की चीजों के साथ ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।कच्चे तेल में उबाल, 106 डॉलर के करीबजियो पॉलिटिकल संकट गहराने से कच्चे तेल में उबाल आया है। इसके भाव 106 डॉलर पर पहुंच गए हैं। रुस के यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रा पर हमले से कीमतों में उछाल आया है। हॉर्मूज संकट और हूती-सऊदी के बीच घमासान ने भी सेंटिमेंट खराब किए हैं।मार्केट ओवरव्यूपिछले सेशन में रिकवरी के बाद,12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क पर फिर से बिकवाली का दबाव दिखा। IT, FMCG और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट के बीच निफ्टी 22,300 के स्तर की ओर फिसल गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।गिफ्ट निफ्टीशुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी बढ़त के साथ 22,415.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।एशियाई बाजारइस साल मार्केट के सबसे चर्चित सेक्टर में से एक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर नतीजों के सीज़न से पहले फिर से दबाव बना है,जिससे एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है।दक्षिण कोरिया और जापान में शेयरों में गिरावट के कारण MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिर गया है और अगस्त के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है।AI ट्रेड का पैमाना माने जाने वाले कोस्पी इंडेक्स में 4.8% तक की गिरावट आई है और यह जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है,क्योंकि चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों SK Hynix Inc. और Samsung Electronics Co. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई। टोक्यो में ट्रेडर्स के लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर निक्केई 225 इंडेक्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई है।अमेरिकी बाजारसोमवार को नैस्डैक कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हमले के बाद तेल की कीमतों में लगभग $2 प्रति बैरल की बढ़ोतरी रही।डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक या 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। S&P 500 में 4.30 अंक या 0.06% की गिरावट आई और यह 7,807.24 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 120.27 अंक या 0.44% गिर कर बंद हुआ।विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी12 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

ज़ी न्यूज़ 13 Oct 2026 8:41 am

खाने-पीने की चीज़ें महंगी होने से सितंबर में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हुई

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित भारत की खुदरा महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतें थीं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए महंगाई दर क्रमशः 6.08 प्रतिशत और 4.88 प्रतिशत रही। अगस्त में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर 4.83 प्रतिशत थी। जनवरी में जारी नई इंडेक्स सीरीज़ में सितंबर की महंगाई दर सबसे ज़्यादा है। फूड बास्केट (खाने-पीने की चीज़ों) में महंगाई दर पिछले महीने के 5.97 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई। पिछले हफ़्ते, महंगाई की चिंताओं के बीच रिज़र्व बैंक ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट (रेपो रेट) को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था। सितंबर में फूड महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई जनवरी में नई इंडेक्स सीरीज़ जारी होने के बाद से सितंबर में महंगाई दर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर थी। सितंबर में फूड महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले महीने यह 5.97 प्रतिशत थी। इस बढ़ोतरी के साथ, महंगाई दर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चली गई, हालांकि यह सेंट्रल बैंक की 2-6 प्रतिशत की स्वीकार्य सीमा के भीतर ही है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने महंगाई की चिंताओं के बीच पिछले हफ़्ते रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था। प्याज की कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) से मापी जाने वाली फूड महंगाई दर अगस्त के 5.97 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 7.74 प्रतिशत हो गई। मुख्य चीज़ों में, प्याज की कीमतों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्याज के लिए महंगाई दर अगस्त के 48.78 प्रतिशत से बढ़कर 108.09 प्रतिशत हो गई। लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत से बढ़कर 54.62 प्रतिशत हो गई, जबकि नींबू की कीमतें पिछले महीने के 15.15 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 36.41 प्रतिशत हो गईं। अन्य सभी क्षेत्रों में भी महंगाई बढ़ी इनके अलावा, सितंबर में पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान व सेवाओं में महंगाई दर 13.75 प्रतिशत रही, जबकि रेस्टोरेंट और होटलों में रहने-खाने की सेवाओं की कीमतें 9.36 प्रतिशत बढ़ गईं। ट्रांसपोर्ट में महंगाई दर 5.01 प्रतिशत रही, जिसमें निजी गाड़ियां चलाने का खर्च 7.46 प्रतिशत बढ़ा। हेल्थ सेक्टर में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत; हाउसिंग और यूटिलिटीज में 2.74 प्रतिशत; और एजुकेशन सेवाओं में 3.94 प्रतिशत रही। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 5:28 pm

12 October, 2026 Stock Market Highlights: शेयर बाजार में जोरदार गिरावट- टेक महिंद्रा, आईटीसी समेत इन शेयरों का बुरा हाल

सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंकों (0.76 प्रतिशत) की बड़ी गिरावट के साथ 71,924.68 अंकों पर बंद हुआ।

ज़ी न्यूज़ 12 Oct 2026 3:48 pm

Stock Market Update: शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट, सेंसेक्स 556 अंक टूटा; निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला

Stock Market Update: शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट, सेंसेक्स 556 अंक टूटा; निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला

समाचार नामा 12 Oct 2026 2:15 pm

12 October, 2026 Stock Market Updates: रुपये में 94 पैसे की मजबूती, BSE Sensex और Nifty हरे निशान पर खुले

12 अक्टूबर को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मज़बूती के साथ खुला, जिससे भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स - सेंसेक्स और निफ्टी - ने पॉज़िटिव नोट पर शुरुआत की। शुक्रवार को रुपया 96.73 पर बंद हुआ था, जबकि आज यह 94 पैसे की बढ़त के साथ 95.77 प्रति डॉलर पर खुला। 30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 298.99 अंक या 0.41 प्रतिशत बढ़कर 72,771.32 पर खुला, जबकि निफ्टी 72.75 अंक बढ़कर 22,593.20 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 72,472.33 पर और निफ्टी 50 22,603.05 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सेशन में ब्रॉडर इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 79.57 अंकों की गिरावट आई, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 23.91 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 8,978.72 पर ट्रेड कर रहा था। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टाटा स्टील, L&T, M&M, TCS और रिलायंस में बढ़त देखी गई। शुरुआती कारोबार में टाटा स्टील सबसे आगे रहा और इसमें 0.95% की बढ़त हुई। वहीं, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और ICICI बैंक में गिरावट रही; टेक महिंद्रा के शेयर में लगभग 0.71% की गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 2,120 शेयरों में बढ़त हुई, जबकि 466 शेयरों में गिरावट देखी गई। 139 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसे भी पढ़ें: Flipkart के 1000 से अधिक पूर्व कर्मचारियों ने Walmart से Stock Options भुनाने की मांग की गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतकों में से एक, गिफ्ट निफ्टी ने आज सकारात्मक शुरुआत की। यह पिछले बंद भाव 22,602.50 के मुकाबले 45.5 अंक ऊपर, 22,648 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को बिकवाली जारी रखी और 9 अक्टूबर, 2026 को 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी जारी रखी और 4,743.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट दीपेश सरावगी ने कहा, कुल मिलाकर, बाजार की शुरुआत सकारात्मक दिख रही है, जिसे गिफ्ट निफ्टी के अच्छे संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला है। हालांकि, बाजार में रिकवरी चुनिंदा शेयरों तक सीमित रह सकती है क्योंकि FII की लगातार बिकवाली और महंगाई के आने वाले आंकड़े बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशक किसी ठोस दिशा के बारे में कोई राय बनाने से पहले संस्थागत गतिविधियों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नज़र रखेंगे। इसे भी पढ़ें: शेयर बाजार पर Wipro, HCL Tech के नतीजों और Brent Crude का दिखेगा असर आज एशियाई बाज़ार खाड़ी में शिपिंग और एयरपोर्ट्स पर लगातार हो रहे हमलों के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, निवेशक अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों के दौर) के लिए तैयार हो रहे थे, जिससे एशियाई शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहा। खबर लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 11.19 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 69,030.92 पर था। हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग में 23.65 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 184.87 अंक या 2.79 प्रतिशत गिरा। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 4.71 अंक या 0.12 प्रतिशत ऊपर था।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 12:28 pm

महंगाई दर 7% तक पहुंचने का अनुमान, RBI को रेपो रेट में 100-150 bps की करनी पड़ सकती है बढ़ोतरी: रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमानों के विपरीत देश में महंगाई के जोखिम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आने वाली तिमाहियों में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 6 से 7 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच सकती है।

ज़ी न्यूज़ 12 Oct 2026 11:41 am

Stock Market Today: सेंसेक्स 300 अंक चढ़ा, निफ्टी में 100 अंकों से ज्यादा की तेजी; FII ने 7 दिन में बेचे ₹25,595 करोड़ के शेयर

Stock Market Today: सेंसेक्स 300 अंक चढ़ा, निफ्टी में 100 अंकों से ज्यादा की तेजी; FII ने 7 दिन में बेचे ₹25,595 करोड़ के शेयर

समाचार नामा 12 Oct 2026 9:27 am

Stock Market Weekly: 12 से 17 अक्टूबर तक शेयर बाजार में हलचल, HDFC Bank से Wipro तक कई कंपनियों के नतीजों पर नजर

Stock Market Weekly: 12 से 17 अक्टूबर तक शेयर बाजार में हलचल, HDFC Bank से Wipro तक कई कंपनियों के नतीजों पर नजर

समाचार नामा 12 Oct 2026 9:24 am

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: भारतीय शेयर बाज़ार के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है, क्योंकि GIFT Nifty ने 12 अक्टूबर 2026 को ऊंचे स्तर पर खुलने का संकेत दिया है। वहीं, सोमवार को एशियाई बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ खुले, जबकि US स्टॉक फ्यूचर्स में कमाई और महंगाई के आंकड़ों से पहले बढ़त देखी गई। Gift Nifty लगभग 22,649 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो Nifty फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 47 अंक ऊपर है, जिससे भारतीय शेयर बाज़ार इंडेक्स के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत मिलता है।

ज़ी न्यूज़ 12 Oct 2026 7:34 am

Silver vs Gold Prices: सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा गिरावट, शिखर से 50% टूटी; अब आगे कैसी रहेगी चाल?

Silver vs Gold Prices: सोना और चांदी दोनों पिछले कुछ महीनों से दबाव में हैं। हालांकि, हालिया गिरावट में चांदी को ज्यादा नुकसान हुआ है। चांदी में गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 29 जनवरी को 121 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद यह करीब 50% टूट चुकी है। इसके मुकाबले सोना अपने शिखर से करीब 25% नीचे है। यानी हालिया गिरावट में चांदी पर सोने के मुकाबले दोगुना दबाव पड़ा है।हालांकि लंबी अवधि की तस्वीर अलग है। पिछले एक साल में चांदी ने 23.80% रिटर्न दिया, जबकि सोने का रिटर्न 3.81% रहा। पांच साल में चांदी 167.71% और सोना 138.77% चढ़ा। दस साल में भी चांदी ने 249.72% रिटर्न दिया, जबकि सोने का रिटर्न 233.98% रहा।Silver vs Gold: अलग-अलग अवधि में रिटर्न अवधि चांदी का रिटर्न सोने का रिटर्न बेहतर प्रदर्शन 1 महीना -8.14% -3.83% सोना 6 महीने -20.14% -12.19% सोना इस साल अब तक -16.53% -3.14% सोना 1 साल 0.238 0.0381 चांदी 5 साल 1.6771 1.3877 चांदी 10 साल 2.4972 2.3398 चांदी सोर्स: TradingView, 9 अक्टूबर तक।चांदी में ज्यादा गिरावट क्यों?सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है। इसकी बड़ी वजह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सोलर पैनल जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग रहती है। इसलिए ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार धीमी होने की आशंका चांदी पर ज्यादा असर डालती है।Augmont की चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रेनीशा चैनानी के मुताबिक, चांदी में पहले तेज तेजी आई थी। इसके बाद निवेशकों की बिकवाली और मार्जिन बढ़ने से गिरावट तेज हुई। सोलर सेक्टर में चांदी की खपत घटने की आशंका भी कीमतों पर दबाव बना रही है।सोने को केंद्रीय बैंकों का सहारासोने को दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सपोर्ट मिलता है। पिछले तीन वर्षों में केंद्रीय बैंकों ने औसतन हर साल 1,000 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। चांदी को इस तरह का संस्थागत सहारा नहीं मिलता।इसके अलावा, चांदी का बाजार सोने के मुकाबले छोटा है। इसलिए कम मात्रा में बिकवाली भी इसकी कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव ला सकती है।चांदी की कीमतों पर आगे क्या असर पड़ेगा?J.P. Morgan ने चांदी की औसत कीमत का अनुमान 84 डॉलर प्रति औंस से घटाकर 70 डॉलर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोलर सेक्टर में मांग घटने से चांदी की खपत प्रभावित हो सकती है। Silver Institute ने भी 2026 में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से चांदी की मांग में करीब 10% गिरावट का अनुमान लगाया है।अहर महंगाई, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर औद्योगिक मांग का दबाव बना रहा, तो चांदी में और गिरावट मुमकिन है। वहीं, इन परिस्थितियों में सुधार आने पर चांदी में तेज रिकवरी भी देखने को मिल सकती है।Retiring at 45: जल्द रिटायरमेंट की तैयारी! नौकरी छोड़ने से पहले कर लें ये कैलकुलेशनDisclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 11 Oct 2026 6:18 pm

India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल

पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 10:31 pm

PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 5:25 pm

Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

Stock Market Opening :हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:42 am

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:14 am