Gold prices में आज फिर उछाल; 24 कैरेट गोल्ड 15,878 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंचा
आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना 15,878 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 14,555 रुपये और 18 कैरेट 11,909 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। वैश्विक संकेतों और बढ़ती मांग ने गोल्ड रेट को समर्थन दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिहारशरीफ नगर निगम एक बार फिर आय संवर्धन की बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। निगम प्रशासन ने सभी विभागों से आय-व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा है। पिछले वर्षों का आर्थिक प्रदर्शन नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.67 अरब रुपए की आय का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया था, जिसमें 2.61 अरब रुपए के मुनाफे का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब जब नया बजट तैयार हो रहा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि निगम इन लक्ष्यों को कितना हासिल कर पाया है। इससे पहले 2024-25 में निगम ने 389.6 करोड़ रुपए का कुल बजट प्रस्तुत किया था, जिसमें 159.34 करोड़ रुपए की आय अनुमानित की गई थी। बजट निर्माण की तैयारी नगर निगम की राजस्व शाखा, स्थापना, संरचना विकास और स्मार्ट सिटी विभाग से आगामी वित्तीय वर्ष में आय और व्यय की संभावित गणना मांगी गई है। प्रशासन ने बजट को अधिक व्यापक और जनोन्मुखी बनाने के लिए नगर निगम क्षेत्र के आम नागरिकों से भी परामर्श लेने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी।प्री-बजट चर्चा के लिए इसी माह कर्मचारियों के साथ बैठक होने की संभावना है। राजस्व संग्रहण की वास्तविकता नगर निगम की राजस्व शाखा की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, होल्डिंग टैक्स, जलकर और कचरा प्रबंधन टैक्स से अब तक मात्र 10.52 करोड़ रुपए की आय हुई है। यह आंकड़ा निगम की आर्थिक चुनौतियों को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है। सरकारी अनुदान पर निर्भरता स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम के आय के स्रोत इतने विकसित नहीं हैं कि कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन व्ययों को पूरा किया जा सके। परिणामस्वरूप, निगम को हर वर्ष केंद्र और राज्य सरकार के अनुदान पर निर्भर रहना पड़ता है। पिछले वर्ष के बजट में राजस्व अनुदान के रूप में 128.66 करोड़ रुपए की प्राप्ति का प्रावधान किया गया था, जबकि 139.91 करोड़ रुपए के व्यय का उपबंध रखा गया था। आय के प्रमुख स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स: बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, टोल टैक्स और सैरात बंदोबस्ती से प्राप्त राजस्व। होल्डिंग टैक्स: नगर निगम क्षेत्र में स्थित आवासीय और वाणिज्यिक भवनों से संग्रहित कर। जल कर: प्रत्येक घर में जलापूर्ति सेवा के बदले लिया जाने वाला शुल्क। कचरा प्रबंधन शुल्क: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा के लिए वसूला जाने वाला टैक्स। ट्रेड लाइसेंस: शहर के व्यावसायिक संस्थानों से प्राप्त पंजीकरण शुल्क।

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