Share Market : उतार-चढ़ाव के बाद आई गिरावट, Sensex 117 अंक टूटा, Nifty भी 23400 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार आज मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 116.67 अंक या 0.16 ...
आरबीआई के निवेश नियमों में ढील के बाद डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत हुआ रुपया
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए निवेश नियमों में ढील देने और पूंजी प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा के बाद शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 05 June 2026 horoscope in Hindi: करियर: आज के दिन दफ्तर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंधों में गहराई आएगी। धन: रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। उपाय: लक्ष्मी जी को सफेद फूल अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 1 to 7 June: साप्ताहिक राशिफल (1 से 7 जून 2026): अपने भाग्य को जानें और तैयार रहें 2. वृषभ (Taurus) करियर: कला, फैशन या मीडिया से जुड़े लोगों के उन्नति के द्वार खुलेंगे। लव: वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: कारोबार में आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: बाहर के तले-भुने भोजन से बचें। उपाय: कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। लव: बातचीत के माध्यम से पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। धन: बजट से बाहर जाकर की गई खरीदारी भविष्य में परेशानी दे सकती है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को ताजी रोटी और गुड़ खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: करियर में स्थिरता आएगी। लव: परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धन: अचल संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सफेद चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर विरोधियों की चालें विफल होंगी। लव: अहंकार के कारण रिश्ते में तनाव आ सकता है। धन: फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। स्वास्थ्य: मधुमेह रोगी को नियमित जांच करानी चाहिए। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत हैं। लव: लव लाइफ में आज कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है। धन: व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। स्वास्थ्य: पेट संबंधी छोटी समस्या हो सकती है। उपाय: मां दुर्गा को मिश्री का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत? 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बदलाव का मन बना रहे हैं तो आज का दिन शुभ है। लव: जीवनसाथी की सलाह को महत्व दें। धन: शेयर बाजार और कमोडिटी से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: टेक्निकल फील्ड वालों के लिए अच्छा दिन है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: पैतृक संपत्ति के विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: एलर्जी या इंफेक्शन के प्रति सावधान रहें। उपाय: श्री सूक्त का पाठ लाभकारी रहेगा। 9. धनु (Sagittarius) करियर: धार्मिक या शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रतिष्ठा मिलेगी। लव: प्रेमी के साथ रिश्तों में सुधार होगा। धन: भाग्य के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा। स्वास्थ्य: आज आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: किसी गरीब महिला को चावल या दूध का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: दफ्तर में आपकी पूछ-परख बढ़ेगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। धन: नया वाहन खरीदने का योग बन सकता है। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: शनि देव के मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर आपकी क्रिएटिविटी की सराहना होगी। लव: वैवाहिक जीवन में प्रेम और उत्साह बना रहेगा। धन: आय के नए स्रोत विकसित होंगे। स्वास्थ्य: घर के किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: पेड़-पौधों का ज्योतिष कनेक्शन: 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है सिर्फ एक पौधा! जानें किस्मत चमकाने वाली 11 जादुई बातें
पुष्प ब्रांड; आईपीओ के लिए सेबी में डीआरएचपी दाखिल किया
जयपुर| इंदौर स्थित पैकेज्ड मसाला कंपनी पुष्प ब्रांड (इंडिया) लिमिटेड ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया। इश्यू में प्रमोटर और निवेशक शेयरधारकों द्वारा 74.45 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। कंपनी वर्तमान में पुष्प और मुनीमजी ब्रांड के तहत मसाले एवं खाद्य उत्पाद बेचती है। वित्त वर्ष 2026 तक इसके पोर्टफोलियो में 312 एसकेयू शामिल थे, इनमें 129 शुद्ध मसाले, 173 मिश्रित मसाले और 10 अन्य उत्पाद श्रेणियां शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में ‘पुष्प कड़क चाय’ लॉन्च करने की तैयारी है।
भोपाल में देश की सबसे महत्वाकांक्षी शिक्षा परियोजनाओं में से एक आकार ले सकती है। केंद्र सरकार की प्रस्तावित यूनिवर्सिटी टाउनशिप योजना के तहत भौंरी क्षेत्र में 700 से 1000 एकड़ में यूनिवर्सिटी सिटी विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार और मैनिट मिलकर केंद्र के सामने विस्तृत प्रस्ताव रखेंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में 3 जून को इसकी पहली उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी सिटी, राजा भोज एयरपोर्ट और भौंरी के पास विकसित की जा रही 3700 एकड़ की नॉलेज एंड एआई सिटी का हिस्सा होगी। यहां विवि, रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप हब, स्किल डेवलपमेंट संस्थान और उद्योग एक ही इकोसिस्टम में विकसित किए जाएंगे। फायदा क्या? दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर पर उद्योगों के लिए टैलेंट व रिसर्च हब बनेगा क्या है यूनिवर्सिटी सिटी?केंद्र सरकार ने बजट 2026 में देश में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की घोषणा की है। इसके लिए 9 एनआईटी को प्रारंभिक मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें भोपाल का मैनिट भी है। दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों में से एक है। इसके आसपास इंडस्ट्री, वेयरहाउसिंग, एआई, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी टाउनशिप का उद्देश्य इन्हीं क्षेत्रों के लिए रिसर्च, इनोवेशन व स्किल्ड मैनपावर तैयार करना है। मैनिट और मप्र सरकार भोपाल की दावेदारी का प्रस्ताव तैयार करेंगे। भोपाल की दावेदारी मजबूत क्यों है?मुख्य सचिव के साथ बैठक में एसीएस संजय दुबे, अनुपम राजन और मैनिट के प्रोफेसर मौजूद रहे। शासन का मानना है कि एयरपोर्ट, आईटी पार्क और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों की वजह से भोपाल इस परियोजना के लिए उपयुक्त स्थान है। शुरुआती चरण में 700 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर लैंड पूलिंग से अतिरिक्त जमीन जुटाने की तैयारी है। मध्यप्रदेश को क्या फायदा होगा?परियोजना को मंजूरी मिलने पर अगले पांच वर्षों में प्रदेश को करीब 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश मिल सकता है। इससे उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा, जबकि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा और रिसर्च सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। यहां क्या खास होगा?सार्वजनिक और निजी दोनों संस्थान अपने कैंपस खोल सकेंगे। उन्हें फीस, प्रवेश प्रक्रिया, फैकल्टी भर्ती और पाठ्यक्रम तय करने की स्वतंत्रता होगी। सड़क, कॉमन लैब, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल जैसी साझा सुविधाओं का संचालन एक विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) करेगी।
मध्य प्रदेश 6 जूनको भारत–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 की मेजबानी करेगा। इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन क्षेत्र के 15 देशों के वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और व्यापार विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। फोरम का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना तथा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 15 देशों के राजदूत और निवेशक जुटेंगे फोरम में 15 देशों के राजदूत, एक उच्चायुक्त और एक महावाणिज्यदूत सहित वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनके अलावा निवेशक, निर्यातक, व्यापार आयुक्त, एमएसएमई प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों और चार प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों की सहभागिता रहेगी। निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस मध्यप्रदेश से वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को लगभग 4,186 करोड़ का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6%अधिक है। राज्य के निर्यात में फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। ब्राजील, मैक्सिको और चिली मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में शामिल हैं। मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता का होगा प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन, राजनयिक प्रतिनिधियों का सम्मान, विशेष प्रकाशन का विमोचन तथा मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। इस दौरान एमपीआईडीसी मध्यप्रदेश की औद्योगिक और निवेश संभावनाओं पर विशेष प्रस्तुति देगा। व्यापार और निवेश पर होंगी तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी निवेश संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों पर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही तीन प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। व्यापार एवं निवेश के नए अवसर विनिर्माण क्षेत्र में निवेश (फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग) सेवा क्षेत्र में निवेश (आईटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा) के अवसर होंगे। कार्यक्रम के अंत में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों का आयोजन होगा, जिससे निवेश और व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। 5 जून को होगा राजनयिक रात्रिभोज फोरम से एक दिन पहले 5 जून की शाम रेडिसन ब्लू होटल में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मान में विशेष राजनयिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Share Bazaar में आई मामूली तेजी, Sensex 14 अंक चढ़ा, Nifty भी 23400 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बेहद उतार-चढ़ाव भरा और सुस्त कारोबार देखने को मिला। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से ठीक एक दिन पहले निवेशकों ने पूरी तरह से सावधानी बरतने का रुख अपनाया। इसके चलते कारोबार के ...
राजधानी रायपुर में शेयर मार्केट और आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर ठगों ने कारोबारी और उसके परिचितों से 84 लाख 63 हजार रुपए की ठगी की है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामला देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-1 देवेंद्र नगर निवासी अविनाश लोखंडे शेयर बाजार से जुड़ी एक ब्रोकिंग फर्म का संचालन करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि जून 2025 में कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप के जरिए से उनसे संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया। उनके झांसे में आकर अविनाश और उनके परिचितों ने अलग-अलग किश्तों में 84 लाख 63 हजार रुपए निवेश कर दिए। बाद में जब मुनाफा और मूल रकम वापस नहीं मिली, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पहले दिलाया भरोसा, फिर लगाया चूना पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने अविनाश से एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया। कुछ समय तक सामान्य ट्रेडिंग कराकर उन्हें मुनाफा भी दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने प्रीमियम आईपीओ कम कीमत पर उपलब्ध कराने का झांसा दिया और अधिक रकम निवेश करने के लिए कहा। आरोपियों की बातों पर भरोसा कर अविनाश और उनके परिचित निवेशकों ने बड़ी राशि निवेश कर दी। हालांकि, बाद में न तो उन्हें वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम वापस मिली। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। शिकायत के अनुसार अविनाश लोखंडे के अलावा उनके परिचित अमित अग्रवाल, अशोक वर्मा, सौरभ अग्रवाल और श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी निवेश करने की सहमति दी। इसके बाद आरोपियों के निर्देश पर सभी ने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 84 लाख 63 हजार रुपए जमा कराए। आईपीओ नहीं मिला, बंद हो गए मोबाइल रकम जमा होने के बाद निवेशकों को न तो किसी आईपीओ का आवंटन मिला और न ही उनकी निवेश की गई राशि वापस की गई। जब पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके सभी मोबाइल नंबर बंद मिले, जिस ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश कराया जा रहा था, वह भी अचानक बंद हो गया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल और देवेंद्र नगर थाना की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें। निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।
चंडीगढ़ में एक बुजुर्ग महिला साइबर ठगों के जाल में फंसकर 49.91 लाख रुपए गंवा बैठी। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पुराने भाषण को एआई तकनीक से बदलकर तैयार किए गए डीपफेक वीडियो के जरिए उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। यूएस-ईरान युद्ध के दौरान निवेश करने पर अधिक रिटर्न मिलने का लालच देकर आरोपियों ने उनसे कुल 49.91 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ साइबर सेल ने बुधवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए महिला कैसे हुई ठगी का शिकार:- बढ़ रहे हैं निवेश और डीपफेक ठगी के मामले साइबर सेल के अनुसार, चंडीगढ़ और ट्राइसिटी क्षेत्र में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पहले ठग खुद को सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराते थे, जबकि अब एआई आधारित फर्जी वीडियो और निवेश योजनाओं का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में सेक्टर-47 के एक बुजुर्ग दंपती से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए की ठगी का मामला भी सामने आया था।
मध्य प्रदेश वन विकास निगम ने वन भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण में निजी निवेशकों की भागीदारी का प्रस्ताव फिलहाल वापस ले लिया है। राज्य सरकार की स्पष्ट नीति बनने तक निगम इस दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। यह फैसला बुधवार को वन भवन में निगम अध्यक्ष रामनिवास रावत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक में लिया गया। बैठक में निगम की 10 हजार हेक्टेयर खाली वन भूमि पर कमर्शियल प्लांटेशन के लिए निजी निवेश आकर्षित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए 21 पेज का एक्शन प्लान भी तैयार किया गया था, पर बोर्ड सदस्यों के बीच इस पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक में वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नीति तैयार कर रही है। नीति बनने के बाद ही ऐसे प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके बाद प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया। बैठक में निगम की आय-व्यय की समीक्षा भी की गई। बोर्ड ने निगम के लाभ का 20% हिस्सा राज्य सरकार को लाभांश के रूप में देने पर सहमति जताई। अध्यक्ष रामनिवास रावत ने निगम की आय बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं प्रबंध संचालक एचयू खान ने एनएचएआई व एमपीआरडीसी जैसी सरकारी एजेंसियों के सड़क किनारे पौधरोपण का काम वन विकास निगम को सौंपने का प्रस्ताव रखा।
Share Bazaar में बिकवाली रही हावी, Sensex 304 अंक टूटा, Nifty में भी आई गिरावट
Share Market Update News : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक नुकसान के साथ बंद हुए। बीएसई ...
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। युवती की सहेली के परिचित दो लोगों ने शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा फायदा दिलाने का लालच दिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवा ली। आरोप है कि बाद में न तो मूल राशि लौटाई गई और न ही किसी प्रकार का मुनाफा दिया गया। पैसे मांगने पर आरोपियों ने झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सहेली ने कराई थी आरोपियों से मुलाकात खजराना पुलिस के मुताबिक भोपाल के अशोका गार्डन निवासी हेमा शर्मा की शिकायत पर सत्येंद्र द्विवेदी और संजय जायसवाल के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। हेमा ने बताया कि उसकी सहेली शिवानी इंदौर में रहती है। शिवानी ने ही दोनों आरोपियों से उसकी मुलाकात कराई थी। उसने बताया था कि सत्येंद्र और संजय शेयर मार्केट का कारोबार करते हैं और लोगों को अच्छा मुनाफा दिलाते हैं। इसके बाद अगस्त 2023 में खजराना स्थित टास्कस बिजनेस पार्क, रेडिसन चौराहे के पास हेमा की दोनों आरोपियों से मुलाकात हुई। शुरुआत में उसने 60 हजार रुपए निवेश किए। कुछ महीनों तक आरोपियों ने उसे कमीशन भी दिया, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। किस्तों में 21 लाख से अधिक जमा कराए पीड़िता के मुताबिक शिवानी ने बताया कि उसने भी लोन लेकर अधिक पैसा निवेश किया है और उसे अच्छा फायदा मिल रहा है। इसके बाद हेमा ने बैंक से लोन लेकर रकम निवेश करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसने अपनी बहन की सैलरी से भी हर महीने पैसे आरोपियों को देना शुरू कर दिए। साल 2024 में आरोपियों ने किसी तरह का मुनाफा देना बंद कर दिया। जब हेमा ने हिसाब लगाया तो पता चला कि वह करीब 21 लाख 30 हजार रुपए निवेश कर चुकी है। पैसे वापस मांगने पर आरोपी मोबाइल कॉल के बजाय केवल व्हाट्सएप कॉल पर बात करने लगे और टालमटोल करने लगे। आरोप है कि रकम मांगने पर उन्होंने धमकियां भी दीं। इसके बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके आधार पर खजराना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिरावट के साथ लाल निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स में 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 03 June 2026 horoscope in Hindi : करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Vibhuvan Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें महत्व, पूजा विधि और मंत्र 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: बजट बनाकर चलना बेहतर होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस के प्रोजेक्ट में कलीग्स का सहयोग मिलेगा। लव: लव पार्टनर से वाद-विवाद हो सकता है। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कारोबार में शुभ समाचार मिल सकता है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह का प्रस्ताव आ सकता है। धन: भूमि-भवन से जुड़े मामलों में लाभ की स्थिति है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम की संभावना है। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में लिये गये निर्णय आपको बड़ी सफलता दिलाएंगे। लव: पार्टनर आपकी भावनाओं का सम्मान करेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बांटें। लव: पुरानी बातों को भूलकर नई शुरुआत करने का समय है। धन: आज सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: कमर दर्द या जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope 1–7 June 2026: 01 से 07 जून तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 7. तुला (Libra) करियर: साझेदारी में किया गया काम फलदायी होगा। लव: रोमांटिक डिनर पर जा सकते हैं। धन: सुख-सुविधाओं पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: आज ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी मेहनत का श्रेय कोई और ले सकता है। लव: प्रेम जीवन में पारदर्शिता रखें। धन: उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए संगीत का सहारा लें। उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज नौकरी में उच्च अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी। लव: रिश्तों में नयापन आएगा। धन: पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही न बरतें। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: करियर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लव: घर के बड़ों की सहमति से प्रेम संबंध विवाह में बदल सकते हैं। धन: आज अनावश्यक खर्च पर रोक लगाएं। स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है। उपाय: शनिवार के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं पर टीम वर्क में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ यात्रा का योग है। धन: शेयर बाजार में लाभ होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान हो सकती है। उपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं। 12. मीन (Pisces) करियर: काम में मन नहीं लगेगा, मन भटक सकता है। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: गुरु का कर्क राशि में गोचर: किन राशियों के लिए रहेगा शुभ और अशुभ
एआई से निवेश तक, भारत करेगा 25 नेपाली स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने में मदद
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारत-नेपाल स्टार्टअप पार्टनरशिप नेटवर्क (इन-स्पैन) कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य नेपाली स्टार्टअप उद्यमियों को भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सीखने, सहयोग करने और नए अवसर हासिल करने का मंच उपलब्ध कराना है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मंगलवार को जोधपुर में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है। वहीं बाड़मेर में कच्चा माल बरामद किया। टीम ने बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा था। इसमें एमडी ड्रग्स बनाने का केमिकल मिला। वहीं, 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई (30) नशे और अय्याशी के कारण कर्ज में डूब गया था। वहीं उसका दोस्त अशोक कुमार (25) शेयर बाजार में रुपए दोगुने करने के चक्कर में कर्जदार बन गया। इस पर दोनों ने मिलकर जोधपुर में ड्रग्स की फैक्ट्री बनाई। दोनों ने यूट्यूब से ड्रग्स बनाना सीखा, लेकिन खराब क्वालिटी के कारण माल जल जाता था। ऐसे में कच्चा माल सप्लायर को वापस देते समय आरोपी पकडे़ गए। जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना पुलिस और ANTF ने बाड़मेर के खेत में मुख्य आरोपी नारायणराम, अशोक सहित सुमेर सिंह (29), प्रेम सिंह (29), विजयपाल सिंह (20) और हेमाराम विश्नोई (40) को गिरफ्तार किया। इनमें कई आरोपी एमडी बनाने के साथ केमिकल्स के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। ऐसे में उन्होंने कर्ज में डूबे नारायणराम को ड्रग्स बनाने के लिए कहा था। टीम ने मौके से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, उपकरण और संदिग्ध मिश्रण जब्त किए हैं। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- गैंग में शामिल आरोपी शॉर्टकट से अमीर बनने और कर्ज उतारने के चक्कर में जुर्म की दुनिया में उतरे थे। मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई निवासी रामड़ावास कलां (जोधपुर) और अशोक कुमार निवासी केरिया (जालोर) दो-तीन बार बाड़मेर आए तो टीम को शक हो गया था। उसी आधार पर उन पर निगरानी रखी गई। बाड़मेर के एक खेत में आरोपी रुककर MD ड्रग बनाने में काम आने वाले कच्चे माल की डीलिंग करने वाले थे। वहां से टीम ने इन्हें पकड़ा। जब पूछताछ हुई तो पता चला कि आरोपियों की फैक्ट्री जोधपुर में है। एक सुराग और खुलती गई राज की परतें ANTF को मारवाड़ में एमडी (MD) ड्रग्स फैक्ट्री डालने का इनपुट मिला था। टीम ने जाल बिछाया और बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में हेमाराम विश्नोई के खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा। वहां टीम को 42.660 किलोग्राम का एक ड्रम मिला। इसमें एमडी बनाने का केमिकल भरा हुआ था। यहां पकड़े गए आरोपी नारायणराम से पूछताछ की तो उसने बताया कि जोधपुर के कापरड़ा स्थित रामड़ावास कल्ला गांव में मैंने अपने घर पर पूरी लैब और केमिकल छुपा रखे हैं। पुलिस ने तुरंत जोधपुर की टीम को अलर्ट किया और वहां से भारी मात्रा में उपकरण, कांच की बोतलें और एसिड बरामद किए गए। कर्ज में डूबे तो चुना ड्रग्स बनाने का रास्ता एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम पहले बेंगलुरु में स्टील-फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी प्रेम सिंह व सुमेर सिंह और रतलाम निवासी विजयपाल से हुई, जो नशा करते थे और एमडी बनाना जानते थे। बाद में नारायणराम गांव आया और शादी की। नशे और अय्याशी के चक्कर में पत्नी के गहने तक बेच दिए। कर्ज में डूब गया। आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम का साथी अशोक कुमार नशेड़ी था। उसने पैसा डबल करने के चक्कर में शेयर मार्केट में मोटा पैसा लगाया। वहां बर्बाद होकर कर्जदार बन गया। ऐसे में दोनों दोस्तों ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए बेंगलुरु वाले दोस्तों को जोधपुर बुला लिया। उनके साथ मिलकर एमडी बनाने की साजिश रची थी। वहीं बाड़मेर निवासी हेमाराम विश्नोई केमिकल और कच्चे माल की व्यवस्था करने में शामिल था। बाड़मेर में खेत भी इसका ही था। हर बार जल जाता था माल आईजी विकास कुमार ने बताया- आरोपियों में नारायणराम को-ऑर्डिनेटर बना। वहीं अशोक सप्लायर बना। हेमाराम केमिकल लाया और सुमेर सिंह को फैक्ट्री मैनेजर बनाया गया। वहीं प्रेम सिंह और विजयपाल केमिस्ट बने। यूट्यूब से फॉर्मूला देखकर ये लोग एमडी बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्रॉब्लम यह हुई कि ये जितनी बार भी प्रोसेस करते, एमडी बनने की बजाय माल जल जाता। इस पर मध्य प्रदेश वाले एक्सपर्ट ने कहा- ब्रोमो केमिकल ही खराब क्वालिटी का है। इसे सप्लायर को वापस करो। ऐसे में ये लोग खराब केमिकल वापस करने के लिए बाड़मेर में सप्लायर का इंतजार ही कर रहे थे कि एएनटीएफ ने इन्हें दबोच लिया। टीम ने बाड़मेर से 42.660 किलोग्राम अवैध केमिकल सहित एक कार जब्त की। वहीं जोधपुर से कई केमिकल, कांच की बोतलें, लिक्विड मिश्रण और ड्रग्स निर्माण के उपकरण बरामद किए।
IT शेयरों में तेजी से बाजार में आई बहार, Sensex 383 अंक उछला, Nifty भी पहुंचा 23480 के पार
Share Market Update News : आईटी शेयरों में बड़ी रैली के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज बहार आ गई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 382.50 अंक या 0.52 प्रतिशत उछलकर 74649.84 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 100.95 अंक या 0.43 प्रतिशत की मजबूती के ...
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र से निवेश के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक फरियादी अभिषेक डोडिया मेडिकल स्टूडेंट है। उसने शिकायत में बताया कि 8 अप्रैल के आसपास उसके व्हाट्सएप नंबर पर दो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आए। मैसेज करने वालों ने खुद को धर्मा रिसर्च कंपनी का प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी कंपनी शेयर मार्केट और अन्य निवेश प्लेटफॉर्म पर काम करती है और निवेश पर अच्छा रिटर्न दिलाती है। रकम वापस करने मांगे रुपए शुरुआत में अभिषेक ने निवेश करने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोपी लगातार उससे संपर्क करते रहे। इसके बाद 11 अप्रैल से 6 मई के बीच आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे 13 ट्रांजेक्शन में करीब 4 लाख 55 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब अभिषेक ने निवेश की गई राशि और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपियों ने कहा कि और पैसे जमा करने पर ही रकम वापस मिल सकेगी, अन्यथा पूरा पैसा डूब जाएगा। इसके बाद आरोपी बहानेबाजी करने लगे। ठगी का एहसास होने पर अभिषेक ने बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पलवल जिले के हथीन क्षेत्र में एक युवक से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1 लाख 40 हजार रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम ग्रुप और एक फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया। जिला साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि अंधरोला गांव निवासी हैदर अली ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में शेयर मार्केट निवेश के 'विशेषज्ञ टिप्स' दिए जाते थे। ठगों ने ग्रुप में फर्जी सदस्यों और रोजाना मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट पोस्ट कर हैदर अली का विश्वास जीता। फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण कराया विश्वास जीतने के बाद ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण कराया। पिछले दो-तीन महीनों के दौरान पीड़ित को लगातार अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 40 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पीड़ित को यह एहसास हुआ कि ग्रुप और वेबसाइट दोनों फर्जी हैं, तो उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पोर्टल से शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने आमजन से अपील की है कि वे टेलीग्राम, वॉट्सएप या अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर शेयर बाजार निवेश और घर बैठे भारी मुनाफे के झांसे में न आएं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें।
छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी एनएसई और बीएसई में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। पूंजी जुटाने के लिए कंपनी जल्द ही इनिशियल पब्लिक आॅफरिंग (आईपीओ) लाएगी। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ सरकार की पहली कंपनी बन जाएगी, जिसके शेयर स्टॉक मार्केट में ट्रेड करेंगे। ट्रांसमिशन आईपीओ से कितने करोड़ रुपए जुटाएगी, इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इससे पहले पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी भी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है, लेकिन वह ट्रेड नहीं करती। डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी ने 2014-15 और 2015-16 में बांड जारी लोगों से पैसे जुटाए हैं। छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी के आईपीओ लाने के बाद कंपनी अपना कुछ अंश आम लोगों को बेच देगी। ये शेयर स्ट्रॉक मार्केट में ट्रेड होंगे। शेयर की खरीदी-बिक्री होने से कंपनी के बिजनेस परफार्मेंस के आधार पर मार्केट में शेयर के प्राइज बढ़ते जाते हैं। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़ता जाता है। कंपनी को नेशनल फ्रेम मिलता है। आम लोग कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं। प्राफिट बढ़ने पर कंपनी उसे डिविडेंड के रूप में अपने शेयर होल्डर्स को बांटती है। क्या है ट्रांसमिशन कंपनी का काम छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश की पावर उत्पादन और वितरण कंपनी को ट्रांसमिशन लाइन उपलब्ध कराती है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करती है। पावर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली ट्रांसमिशन कंपनी की लाइनों के जरिए ही वितरण कंपनी के सबस्टेशन तक पहुंचती है। सबस्टेशन से बिजली लोगों के घरों में पहुंचती है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसमिशन कंपनी के लॉस में रहने की स्थिति बहुत ही कम या नहीं के बराबर रहती है। दरअसल, ट्रांसमिशन कंपनी की डिलिंग आम उपभोक्ताओं से नहीं होती। निजी और सरकारी बिजली उत्पादन और वितरण कंपनियों से रहती है। इसलिए लॉसेस की संभावना कम ही रहती है। ट्रांसमिशन कंपनी अपना आईपीओ लाती है और उसके शेयर पब्लिक के बीच ट्रेड होते हैं तो शेयर धारकों को रिस्क कम रहेगा। शेयर जारी करना यानी कंपनी प्राइवेट हाथों में देना नहीं आम लोगों में यह धारणा है कि कंपनी अगर शेयर मार्केट के जरिए अपनी हिस्सेदारी आम लोगों को बेचती है, तो इससे कंपनी प्राइवेट हाथों में चली जाएगी। दरअसल, कंपनियां जब आईपीओ लाती है तो कंपनी के कुल शेयर (अंश) का एक छोटा सा हिस्सा आम लोगों को बेचती है। छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी भी आईपीओ के जरिए छोटा सा हिस्सा बेचेगी। इसके बावजूद कंपनी की होल्डिंग सरकार के पास ही रहेगी। सरकार का ही इसपर नियंत्रण रहेगा। कंपनी अपने शेयर धारकों को लाभांश बांटेगी। देश की कौन-कौन सरकारी कंपनियां ला रहीं अपना आईपीओ केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनी पहले से लिस्टेड हैं देश के कई राज्यों की सरकारी पावर कंपनियां अपना आईपीओ लांच कर आम लोगों से पैसे जुटा रही हैं। केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनियां पहले से स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं। छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी के भी आईपीओ लाने के विषय में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। यह शासन स्तर का मामला है। -राजेश कुमार शुक्ला, एमडी पावर ट्रांसमिशन कंपनी
ग्वालियर में साइबर अपराधियों की दहशत चरम पर पहुंच गई है। मई महीने का आखिरी दिन पूरी तरह से साइबर ठगों के नाम रहा, जिन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों में जाल बिछाकर 8 से अधिक लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। इसमें सबसे बड़ी वारदात जनकगंज थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां एक किराना कारोबारी को फेसबुक पर युवती से दोस्ती और निवेश के नाम पर सवा आठ लाख रुपए की ठगी की गई है। ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए कारोबारी को चूना लगाया है। शहर के विभिन्न थानों में अलग-अलग ऑनलाइन फ्रॉड के आठ मामले दर्ज किए गए हैं। फेसबुक पर 'बेंगलुरू की सोनिया' ने बुना जालजनकगंज थाना पुलिस ने बताया कि भूरे बाबा की बस्ती छत्री बाजार निवासी शैलेंद्र उपाध्याय सिकंदर कंपू क्षेत्र में किराना एवं जनरल स्टोर चलाते हैं। सितंबर 2025 में शैलेंद्र की फेसबुक पर सोनिया शर्मा नाम की एक प्रोफाइल से दोस्ती हुई। बातचीत के दौरान शातिर युवती ने खुद को बेंगलुरू का निवासी बताया और कहा कि वह कपड़ों की एक बड़ी फैक्ट्री संचालित करती है। विश्वास जीतने के बाद सोनिया ने शैलेंद्र को ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसे लगाकर घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसने एक लिंक भेजकर मोबाइल में एक फ्रॉड ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया। 20 हजार पर 60 हजार कमाकर फंसा व्यापारीशुरुआत में शैलेंद्र ने जब 10 हजार रुपए लगाए तो ऐप के वॉलेट में 15 हजार रुपए का रिटर्न दिखा। जब 20 हजार रुपए लगाए तो 60 हजार रुपए का मुनाफा दिखा। इस फर्जी मुनाफे को असली मानकर शैलेंद्र ने अपनी गाढ़ी कमाई से अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख 20 हजार रुपए निवेश कर दिए। स्क्रीन पर दिखे 50 लाख, निकालने के नाम पर मांगे 10 लाखकुछ समय बाद शैलेंद्र के मोबाइल ऐप स्क्रीन पर उनका कुल फंड और मुनाफा बढ़कर करीब 50 लाख रुपए दिखाई देने लगा। इतनी बड़ी रकम देखकर जब शैलेंद्र ने उसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर विड्रॉल करने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन ब्लॉक हो गया। जब उन्होंने सोनिया से संपर्क किया, तो उसने एक नया पैतरा चला। उसने कहा कि रकम बड़ी है, इसलिए वेरिफिकेशन फीस के नाम पर 10 लाख रुपए और जमा करने होंगे। साथ ही मेरे हेड अनिल मैथ्यू को कमीशन देना होगा। इतनी बड़ी रकम और मांगने पर शैलेंद्र के होश उड़ गए। उन्हें समझ आ गया कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जनकगंज पुलिस ने मामला दर्ज किया। ब्लैक संडे: शहर के अन्य थानों में भी दर्ज हुए ठगी के मामलेमहीने के आखिरी दिन शैलेंद्र के अलावा शहर के 8 अन्य नागरिकों के बैंक खातों में भी साइबर अपराधियों ने सेंध लगाई। थानों से मिली जानकारी के मुताबिक आठ ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस प्रकार है। साइबर सेल और पुलिस प्रशासन की चेतावनीग्वालियर साइबर एक्सपर्ट धर्मेंद्र कुमार ने बताया किमहीने के अंतिम दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है। सभी संबंधित थानों में पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बैंक खातों के लेन-देन को खंगाला जा रहा है ताकि जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें फ्रीज कराया जा सके। जनता से अपील है कि फेसबुक या सोशल मीडिया पर अज्ञात युवतियों के कहने पर किसी भी अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप में निवेश न करें। शुरुआती भारी मुनाफा हमेशा एक जाल होता है।
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में युवक ने साइबर ठगों के जाल में फंसकर 43 लाख रुपए गंवा दिए। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप निवेश ग्रुप और फार्लोन CM नामक ट्रेडिंग ऐप के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने इनकम टैक्स के नाम पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। तब युवक को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और पुलिस से शिकायत की। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फंसाया गया चंद्रलोक कॉलोनी, अलीगंज निवासी अभिषेक भारती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 25 मार्च को उन्हें B7 इंवेस्टमेंट स्ट्रेजी डिसकशन व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। 11 मई को A17 वर्मा इंवेस्टमेंट क्लब इंटर्नशिप टीम नाम के दूसरे ग्रुप में शामिल किया गया। दोनों ग्रुपों का संचालन खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले जयेश वर्मा नामक व्यक्ति और उसकी टीम कर रही थी। शुरुआत में ग्रुप में शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी सामान्य चर्चाएं कर भरोसा जीता गया। इसके बाद आरोपियों ने फार्लोन CM नामक ट्रेडिंग ऐप का प्रचार करते हुए कम समय में कई गुना मुनाफा मिलने का दावा किया। भरोसा बढ़ाने के लिए आरोपियों ने खुद को वैध संस्था साबित करने के उद्देश्य से सेबी का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया। एक बैंक खाते का विवरण देकर निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताया। दोस्तों से उधार लेकर पैसा दिया पीड़ित ने बताया कि ऐप में सीधे पैसा जमा करने की सुविधा नहीं थी। हर बार निवेश के लिए आरना नामक महिला अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी भेजती थी। जिनमें रकम ट्रांसफर करनी होती थी। इसके बाद ठगों ने गोल्डलाइन-P नामक आईपीओ में निवेश कराने का झांसा दिया। 200 से 300 प्रतिशत तक लाभ मिलने का दावा किया। 10 गुना सब्सक्रिप्शन के नाम पर भी अतिरिक्त रुपए जमा कराई गई। आरोपियों ने बाद में बताया कि अपेक्षा से अधिक शेयर आवंटित हुए हैं और उन्हें बेचने के लिए आउटस्टैंडिंग अमाउंट जमा करना जरूरी है। लगातार दबाव और बातों में आकर अभिषेक ने 43 लाख रुपए जमा कर दिए। पर्सनल इनकम टैक्स मांगने पर शक हुआ पीड़ित के अनुसार, कुछ समय बाद ऐप में उनके खाते में करीब 1.24 करोड़ रुपए दिखने लगे, जिसमें लगभग 43 लाख रुपए निवेश और करीब 80 लाख रुपए लाभ दर्शाया गया था। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो निकालने नहीं दिया। आरोपियों ने प्रॉफिट पर 15 प्रतिशत पर्सनल इनकम टैक्स जमा करने की शर्त रखी। संदेह होने पर जांच करने पर पता चला कि व्हाट्सएप समूह के अधिकांश सदस्य और मोबाइल नंबर फर्जी हैं। पूरा नेटवर्क लोगों से ठगी करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। उनकी तहरीर पर अलीगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अलीगंज का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 51 लाख की ठगी
भास्कर न्यूज | सोनीपत शहर में शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 51 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने सुनियोजित साजिश के तहत शहर निवासी अनिल को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में अनिल ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी पहचान ऑनलाइन माध्यम से कुछ लोगों से हुई थी। आरोपियों ने उसे शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में उन्होंने निवेश की गई छोटी राशि पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कथित मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद ठगों ने लगातार अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उनके झांसे में आकर अनिल ने 10 अप्रैल से 13 मई के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 51 लाख रुपये जमा करा दिए। जब उसने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टैक्स और तकनीकी समस्याओं का बहाना बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद मिलने और संपर्क टूटने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सट्टे के 666 करोड़ रुपए दुबई से शेयरों में डाले ईडी ने सीज किए, कोर्ट ने नहीं दी ट्रेडिंग की मंजूरी
महादेव सट्टा एप के जरिए करोड़ों की काली कमाई करने वाले आरोपियों ने 666 करोड़ रुपए दुबई के रास्ते ‘विदेशी निवेश’ (एफपीआई) बनाकर 13 भारतीय कंपनियों के शेयरों में खपा दिया। इनका दुस्साहस देखिए कि अब ईडी द्वारा फ्रीज किए गए शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति मांगने हाईकोर्ट तक पहुंच गए। आरोपियों ने कोर्ट में दलील दी कि शेयरों के भाव गिरने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान’ हो रहा है। सट्टेबाजी और हवाला मामले के आरोपियों ने कोर्ट से गुहार लगाई कि या तो उन्हें इन शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति दी जाए या फिर ईडी खुद शेयरों की खरीद-बिक्री की व्यवस्था करे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारी-भरकम राशि को ‘प्रोसीड ऑफ क्राइम’ मानकर फ्रीज किया। अब कम्पनियों की शेयर होल्डिंग में ये शेयर ईडी रायपुर के नाम पर दिख रहे हैं। आरोपियों के दुस्साहस भरे आग्रह को किनारे लगाते हुए हाईकोर्ट ने उनकी रिट खारिज कर दी है। 2018 में छत्तीसगढ़ में सामने आए महादेव सट्टा एप मामले में ऑपरेटर के साथ ही कोलकाता और दुबई के हवाला कारोबारियों पर कार्रवाई हुई है। अलग-अलग कम्पनियों की शेयर होल्डिंग का अध्ययन करने पर दैनिक भास्कर को विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) के नाम पर 13 कंपनियों में लगभग 666 करोड़ रुपए की शेयर होल्डिंग की पूरी जानकारी मिली है। ये सभी शेयर पहले एफपीआई के नाम पर थे। 13 कंपनियों के कितने शेयरों में निवेश, भास्कर के पास हैं दस्तावेज एफपीआई से ईडी के नाम चढ़ी होल्डिंग भास्कर के पास ईडी द्वारा फ्रीज किए गए शेयर की डिटेल है। 13 कंपनियों में विदेशी निवेशक की 666 करोड़ की शेयर होल्डिंग ईडी ने फ्रीज की है। मई पहले हफ्ते के आंकड़े के हिसाब से 6419, 2179, 1640 और 1600 करोड़ की एक-एक कंपनी हैं। दो कम्पनियों का मार्केट कैप 900 करोड़ के करीब है। बाकी 7 कम्पनियों का वेल्यूएशन 300 से 15.60 करोड़ तक का है। आंकड़े स्क्रीनर डॉट इन और मार्केट से संबंधित वेबसाइट्स से लिए गए हैं। कंपनी का पत्र: एफपीआई से हमारा कोई सीधा संबंध नहीं 7 अगस्त 2025 को बालू फोर्ज कंपनी द्वारा बीएसई व एनएसई को लिखा हुआ आधिकारिक पत्र में एफएक्यू के 10 वें नंबर पर कम्पनी ने स्पष्ट किया है कि, फ्रीज की गई सिक्योरिटीज (शेयर) संबंधित निवेशकों द्वारा खुले बाजार से खरीदी गई थीं। कंपनी का उक्त एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) फर्म से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है। काले धन को सफेद करने वाले मास्टरमाइंड दुबई में बसे कोलकाता के हरिशंकर टिबरेवाल व उनके सहयोगी गोविंद केड़िया की भूमिका उजागर हुई। टिबरेवाल स्काई एक्सचेंज के संचालक हैं। मार्च 2024 में ईडी ने टिबरेवाल से जुड़ी लगभग ₹580 करोड़ की सिक्योरिटी होल्डिंग्स फ्रीज की थीं। पहले ये होल्डिंग दुबई की 'जेनिथ मल्टी ट्रेडिंग डीएमसीसी' के नाम पर थी। नुकसान, इसलिए मांगी ट्रेडिंग की अनुमति ईडी द्वारा होल्डिंग फ्रीज करने के बाद शेयरों में गिरावट आई है। सबसे बड़ा ₹233 करोड़ से अधिक का निवेश ‘बालू फोर्ज' में है, जहां एफपीआई के रूप में हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 4.23% से घटकर मार्च-26 में 4.02% रह गई है। शेयर ₹700 से गिरकर ₹479 पर आ गया है। सर्वोटेक रिन्यूएबल में अक्टूबर-दिसंबर 2024 के बीच 2.30% शेयर खरीदे गए थे, जिसकी कीमत ₹198 से घटकर ₹93 के करीब रह गई है। 13 कम्पनियों में से 9 कम्पनियों में किए गए निवेश में सटोरियों को 20 से 65% का बड़ा घाटा हो रहा है, यही वजह है कि वे कोर्ट से ट्रेडिंग की अनुमति मांग रहे हैं। काली कमाई पर पीएमएलए के तहत कार्रवाई यदि शेयर मार्केट या किसी अन्य चल-अचल संपत्ति में किया गया निवेश अपराध के जरिए अर्जित रुपयों से हो, तो प्रवर्तन निदेशालय उसे ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के सख्त प्रावधानों के तहत जब्त करता है... फ्रीज शेयरों की ट्रेडिंग विधि विरुद्ध: पांडेय ईडी के विशेष अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया, एफपीआई के जरिए शेयर बाजार में अलग-अलग कम्पनियों में किया गया इन्वेस्टमेंट ईडी द्वारा फ्रीज किया गया था। इसके खिलाफ गोविंद केड़िया और अन्य दो लोगों ने याचिकाएं लगाई थीं। उनका तर्क था कि शेयरों की कीमतें घटती-बढ़ती रहती हैं और मामला लंबित रहने तक उनका निवेश डूब सकता है। इसलिए या तो ईडी उन्हें ट्रेडिंग की अनुमति दे या खुद ट्रेडिंग की व्यवस्था करे। हमने कोर्ट में इसका पुरजोर विरोध किया और तर्क दिया कि अपराध की कमाई से खरीदी गई संपत्तियों पर ट्रेडिंग की याचना करना ही पूरी तरह विधि विरुद्ध है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
नोएडा में निवेश के नाम पर 22 लाख ठगे:75 साल के है बुजुर्ग, वाट्सऐप ग्रुप पर जोड़कर निवेश कराए गई रकम
निवेश में मुनाफा का लालच देकर साइबर ठगों ने 75 साल के बुजुर्ग से 21.94 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सेक्टर 76 स्थित सोसाइटी में रहने वाले प्रभात कुमार सिन्हा पूर्व में छत्तीसगढ़ की एक स्टील कंपनी से रिटायर्ड है। जनवरी में अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे सोशल मीडिया और मोबाइल पर संपर्क किया और निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का झांसा दिया। सात जनवरी से 17 जनवरी के बीच कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इस तरह से ट्रांसफर की रकमसाइबर ठगों ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न दिखाकर बुजुर्ग को भरोसे में लिया। जब उन्होंने निवेश की गई रकम और लाभ वापस लेने का प्रयास किया तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। अलग-अलग तारीखों पर 19 हजार 412 रुपये, चार बार दो लाख रुपए, 2.25 लाख रुपये, 3.50 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 3 लाख रुपये सहित कई ट्रांजेक्शन किए। कुल मिलाकर उनके खाते से 21 लाख 94 हजार 412 रुपए निकल गए। पोर्टल पर भी की शिकायतमामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि संबंधित बैंक खाताधारकों, मोबाइल नंबर धारकों और अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ठगी गई राशि की रिकवरी कराई जाए।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और वहां संचालित हो रही इकाइयों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में नए निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं को लेकर MPIDC को कड़े निर्देश कलेक्टर ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए निवेशकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उद्योग स्थापना के लिए जरूरी जमीन, बिजली, पानी और बेहतर सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मुहैया कराने पर जोर दिया। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवंटित जमीन का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया और वहां पहुंच मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करने को कहा। युवा उद्यमी के प्लांट का निरीक्षण और सराहना दौरे के दौरान कलेक्टर चंद्रा झांझरवाड़ा स्थित एसीसी (AAC) ब्लॉक बनाने वाली फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों की संख्या, कच्चे माल की उपलब्धता और सुरक्षा के इंतजामों को देखा। कलेक्टर ने युवा उद्यमी हातिम नजमी द्वारा किए गए नवाचार और कम समय में उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को काम देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्लांट में फायर सेफ्टी उपकरणों की मौजूदगी की भी जांच की। राजस्व और उद्योग विभाग के अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार संतोष कुमार और एमपीआईडीसी के अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में जो भी समस्याएं लंबित हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा ताकि नीमच में उद्योगों के लिए और भी बेहतर माहौल बन सके।
चित्रकूट साइबर सेल ने फर्जी शेयर निवेश और नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी के 17 पीड़ितों को राहत दिलाई है। सेल ने कुल 3 लाख 90 हजार 870 रुपए की ठगी गई रकम उनके खातों में वापस कराई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रही है। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार राय और उनकी टीम ने शिकायतों की जांच कर संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद यह रकम वापस कराई जा सकी। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को फर्जी शेयर निवेश में अधिक मुनाफे का लालच दिया था। इसके अलावा, मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर और घर बैठे रोजगार दिलाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की गई थी। पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। साइबर सेल ने आम जनता को चेतावनी दी है कि इन दिनों ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से फर्जी एपीके फाइलें भेज रहे हैं। ये फाइलें आरटीओ चालान, एम-परिवहन, योनो एसबीआई जैसे विभिन्न नामों से भेजी जाती हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे फोटो, कॉन्टैक्ट, मैसेज, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने ऑफर के झांसे में आने से बचने की सलाह दी गई है। घर बैठे रोजगार, ऑनलाइन निवेश और सस्ते सामान के नाम पर मांगे जाने वाले एडवांस भुगतान से भी सावधान रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
खगड़िया में शनिवार को लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्राओं के सर्वांगीण विकास, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। विधायक ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। राष्ट्र का भविष्य बच्चों पर निर्भर विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों और बच्चों पर निर्भर करता है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। विधायक के अनुसार, एक बेटी के शिक्षित होने से केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज शिक्षित तथा जागरूक बनता है। विधायक ने छात्राओं को बिहार सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रोत्साहन राशि योजना और निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना का उल्लेख किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। सरकारी योजनाओं से लाभ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। विधायक ने बताया कि इन्हीं योजनाओं के कारण आज बड़ी संख्या में बेटियां विद्यालय और महाविद्यालय तक पहुँच रही हैं। वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएँ भी प्राप्त कर रही हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं विधायक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन को सफलता की कुंजी बताया। छात्राओं से अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने का आग्रह किया गया। उन्होंने बुरी संगति और नकारात्मक सोच से दूर रहकर शिक्षा को प्राथमिकता बनाने की सलाह भी दी। चहारदीवारी सहित अन्य सुविधाओं की मांग बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन एवं स्थानीय लोगों द्वारा विद्यालय की चहारदीवारी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग उठाई गई। इस पर विधायक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए विद्यालय की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण की मांग जायज है और इसके लिए आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सके। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी विधायक ने कहा कि वे लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जाकर प्रबंधकारिणी समिति की बैठक कर रहे हैं, ताकि विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके। उनका उद्देश्य क्षेत्र के सभी विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करना है, जहां छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।बैठक में जदयू नेता दीपक सिन्हा, उमेश सिंह पटेल, सुनीत चौधरी, लक्ष्मी नारायण राय, यशवंत सिंह पटेल, अजय कुमार, अवध किशोर राय, रामप्रीत साह, निशिकांत कुमार, धर्मवीर कुमार, शशिभूषण कुमार तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक रत्नेश कुमार पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।बैठक के अंत में विधायक ने छात्राओं से कहा कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा से पढ़ाई करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राएं आने वाले दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर जिले और राज्य का गौरव बढ़ाएंगी।
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने चैनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश के माहौल पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को बिहार में निवेश के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं, विशेषकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। मंत्री जमा खान ने बताया कि राज्य सरकार बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है। इसके लिए बड़े उद्योगपतियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे बिहार के विकास के लिए चौबीसों घंटे चिंतन-मनन करते हैं। सरकार का लक्ष्य बिहार को समृद्ध और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है। ''सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही'' विपक्षी नेताओं द्वारा राज्य की स्थिति पर उठाए गए सवालों पर मंत्री जमा खान ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिहार के हितों को लेकर कभी गंभीर नहीं रहा और उनके बयानों का कोई आधार नहीं है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आलोचना करने तक सीमित रहता है, जबकि सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही है। विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा - मंत्री मोहम्मद जमा खान ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में बिहार में बड़े उद्योगपति निवेश करेंगे। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है, जबकि एनडीए सरकार राज्य को विकास की राह पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी को भी आंसू आ जाएं। शेयर मार्केट (MCX) ट्रेडिंग में भारी नुकसान और कर्ज के दबाव के चलते एक स्टॉक मार्केट ट्रेडर राजेश अग्रवाल ने अपने कमरे में सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली, लेकिन घटना का दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक की पत्नी और 15 साल के बेटे की मानसिक स्थिति ऐसी है कि उन्हें अब तक नहीं पता कि उनके घर का मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है। जब पुलिस घर के अंदर कागजी कार्रवाई और शव को कब्जे में लेने में जुटी थी, तब पत्नी किचन में सामान्य रूप से रोटी बना रही थी और बेटा सोफे पर बैठा हुआ था। पापा उठेंगे तो बाहर आ जाएंगे… मृतक राजेश अग्रवाल के जाने के बाद उनकी पत्नी और बेटे की बातें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप गया। पत्नी वर्षा का कहना है- उन्हें बुखार आ गया है… सो रहे थे। उन्हें अस्पताल ले गए हैं, वो जल्दी वापस आ जाएंगे। 15 साल के बेटे रौनक ने कहा- पापा ने 2 दिन से दरवाजा नहीं खोला था। उन्होंने खाना नहीं खाया था, इसलिए उन्हें नींद आ गई है। उठ जाएंगे तो बाहर आ जाएंगे। राजेश की बहनें जब भाई की मौत की खबर सुनकर छतरपुर पहुंचीं तो भाभी और भतीजे की हालत देखकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। बहनों ने रोते हुए कहा- भैया तो चले गए, पर इन दोनों की मानसिक स्थिति बच्चों जैसी है। भाई इन्हें भी अपने साथ लेकर चला जाता, अब इनका क्या होगा? बंद कमरे का खुला दरवाजा तो नीचे मिली लाश ओरछा रोड थाना पुलिस के मुताबिक, राजेश अग्रवाल दो दिन से घर के एक कमरे में बंद थे। कॉलोनी वालों को जब कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा धक्का देकर खोला तो राजेश जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत मिले। कमरे में एसी और लाइट चालू थी। शव के पास ही मोबाइल, लैपटॉप और सल्फास की डिब्बी पड़ी थी। लैपटॉप पर MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) की वेबसाइट खुली थी और नोटपैड पर ट्रेडिंग से जुड़ी अंकगणनाएं लिखी थीं। पुश्तैनी मकान के बाद छतरपुर का घर भी बिका, 70 लाख का कर्ज था मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरुआ सागर के रहने वाले राजेश अग्रवाल चार बहनों में इकलौते भाई और सबसे छोटे थे। काम की तलाश में वह 12 साल पहले छतरपुर शिफ्ट हुए थे। शुरुआत में उन्होंने बरुआ सागर का पुश्तैनी मकान बेचा। इसके बाद छतरपुर में एक मकान खरीदा, लेकिन शेयर बाजार के घाटे और कर्ज के दलदल में फंसने के कारण उन्हें वह मकान भी करीब 70 लाख रुपए में बेचना पड़ा। फिलहाल, वह किराए के मकान में रह रहे थे। वर्षों से घर में कैद था परिवार, कोरोना काल के बाद बिगड़े हालात परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, राजेश बेहद रिजर्व नेचर (कम बात करने वाले) के थे। वह अपनी बहनों या मां से भी ज्यादा बात नहीं करते थे। पड़ोसियों ने बताया कि राजेश के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य कभी घर से बाहर नहीं निकलता था। राजेश की साली वंदना ने बताया कि शादी के समय वर्षा नॉर्मल थी और ग्रेजुएशन के बाद ट्यूशन पढ़ाती थी, लेकिन छतरपुर आने और खासकर कोरोना काल के बाद स्थितियां बिगड़ गईं। बेटे रौनक की पढ़ाई भी छूट चुकी थी। उसके पैरों का इलाज दिल्ली में चल रहा था। परिवार पूरी तरह घर की चहारदीवारी में कैद होकर रह गया था। बहनों का आरोप- बड़े कारोबारियों के दबाव में आकर दी जान राजेश की बहन रूबी सिंघल और साली वंदना का आरोप है कि राजेश को MCX के धंधे में धकेलने वाले और कर्ज का दबाव बनाने वाले लोग ही इस मौत के जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश को बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। परिवार ने पुलिस-प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने और बेसहारा बची बूढ़ी मां, पत्नी और बच्चे की मदद करने की गुहार लगाई है। यह खबर भी पढ़ें पत्नी रोटियां बनाती रही...कमरे में पड़ी थी पति की लाश:UP के ट्रेडर की नाक से बह रहा था खून; दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। पढ़ें पूरी खबर
निजी कंपनी के सुपरवाइजर को शेयर मार्केट में निवेश का झांसा, 12 लाख ठगे
राजधानी के धनेली इलाके में निजी कंपनी के सुपरवाइजर से 12 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई। जब पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो उससे सर्विस चार्ज और टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे गए। धनेली निवासी राजेंद्र पांडेय एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं। करीब एक माह पहले उन्हें सोशल मीडिया पर एक मैसेज मिला, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। दिए गए लिंक के जरिए वे एक मैसेंजर ग्रुप से जुड़ गए। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश के नाम पर पैसे जमा कराना शुरू कर दिया। झांसे में आकर राजेंद्र ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भी कुल 12 लाख रुपए जमा कर दिए। बाद में टैक्स के नाम पर और पैसे मांगने शुरू किए थे।
पिछले साल खरीदारों को मालामाल करने वाले सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ गई है। वर्ष 2025 में सोना 73.94% और चांदी 167.53% महंगी हुई थी। इस साल पहले पांच माह में सोने से मात्र 17.91 और चांदी से 14.58% ही रिटर्न मिला। 29 जनवरी के मौजूदा स्तर से सोना 12.5 और चांदी 32 फीसदी नीचे बिक रहे हैं। तब सोना 1.84 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो थी। अभी सोना 1.61 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 2.71 लाख रुपए प्रति किलोग्राम है। इस साल 23 मार्च को तो चांदी के भाव घटकर 2,11,500 रुपए प्रति किलो तक रह गए थे। यानी रिकॉर्ड स्तर से करीब 47 फीसदी सस्ती हो गई थी। इसी दिन सोना भी उच्चतम स्तर से 24.7 फीसदी गिरकर 1,38,500 रुपए प्रति दस ग्राम बिका था। फरवरी से अब तक देखें तो 28 फरवरी को सोना 1.72 लाख रुपए प्रति दस ग्राम, जबकि 2 मार्च को चांदी 2.98 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के अधिकतम भाव पर बिकी है। काबिलेगौर है कि 31 दिसंबर, 2024 को सोना 78,300 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 88,400 रुपए प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग से 31 दिसंबर 2025 तक सोना बढ़कर 1,36,200 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 2,36,500 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। आगे क्या...अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात आने वाले महीनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की खरीद तेज कर सकते हैं। वहीं, शेयर बाजार में मजबूती और डॉलर में तेजी आने पर इनकी कीमत घटने की संभावना है। डेढ़ साल में सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव सोर्स : सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर। सोना रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी रुपए प्रति किलोग्राम चांदी में अवसर के साथ जोखिम भीपिछले डेढ़ साल में असाधारण तेजी के बाद बाजार संतुलन की ओर बढ़ रहा है। महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं से सोना लंबे समय तक सुरक्षित निवेश बना रहेगा, लेकिन चांदी में जोखिम अधिक होगा।-डॉ संजय जोशी, एमडी, एसकेजे ज्वेलर्स कीमत घटने के बावजूद खरीदारी कम“कीमत घटने के बाद भी गोल्ड ज्वैलरी की सेल 40% तक कम है। कमजोर मांग से सोना-चांदी डिस्काउंट पर बिक रहे हैं। आर्थिक मंदी की आशंका, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।”-मनीष खूंटेटा, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष
मप्र के बिगड़े वनों को सुधारने के लिए निजी निवेशकों को शामिल करने की सरकार की मुहिम अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। पहले चरण में प्राइवेट कंपनियों के लिए वन विकास निगम के पास मौजूद खाली पड़ी जमीन पर निवेश के द्वार खोले जाएंगे। मप्र वन विकास निगम के हाल ही में अध्यक्ष बने पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत की अध्यक्षता में आगामी 3 जून को एमपी- एसएफडीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होने जा रही है। इस बैठक के एजेंडे में सबसे अहम और बड़ा मुद्दा यह है कि क्या निगम के नियंत्रण वाली 4.25 लाख हेक्टेयर जमीन में से खाली पड़ी लगभग 35 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर प्राइवेट कंपनियों को प्लांटेशन (पौधरोपण) और सस्टेनेबल हार्वेस्टिंग गतिविधियों के लिए निजी निवेश के जरिए भागीदार बनाया जाए। बोर्ड की हरी झंडी के बाद एजीएम में लगेगी अंतिम मुहर जानकारों का कहना है कि 3 जून को होने वाली बैठक में वन विकास निगम का बोर्ड इस नीति को सैद्धांतिक मंजूरी दे सकता है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद, इस पूरे प्रस्ताव को निगम की आगामी 'एनुअल जनरल मीटिंग' (एजीएम) में अंतिम निर्णय और वैधानिक स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। वन विकास निगम के इस कदम को राज्य सरकार की उस बड़ी वन लीज नीति के पायलट प्रोजेक्ट (पहले चरण) के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी रूपरेखा पिछले दिनों मुख्य सचिव के निर्देश पर तैयार की गई है। केंद्र की गाइडलाइन और कॉर्पोरेट निवेश का नया मॉडल: दरअसल, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी की गई नई गाइडलाइन के बाद राज्यों के लिए यह रास्ता खुला है। केंद्र के नए नियमों के तहत ऐसी गतिविधियों को 'वानिकी गतिविधि' (फॉरेस्ट्री एक्टिविटी) मानकर नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) और प्रतिपूरक वनीकरण शुल्क से छूट दी गई है। 51 साल से वन भूमि पर प्लांटेशन व कटाई का काम कर रहा निगम वन विकास निगम के पास प्रदेश के 22 जिलों में कुल 4.25 लाख हेक्टेयर वन भूमि है। बीते 51 साल में वन विकास निगम 3.90 लाख हेक्टेयर वन भूमि को उपचारित कर चुका है। इसमें से 3.14 लाख हेक्टेयर वन भूमि में प्लांटेशन क्षेत्र है। बाकी जमीन पर पौधे तैयार करने की नर्सरी, 15 डिपो और 13 इमारती लकड़ी के डिपो हैं। करीब 35 हजार हेक्टेयर खाली जमीन ऐसी है जिसका वन विभाग निगम अब तक कोई उपयोग नहीं कर सका है।
बीते दो वर्षों से टेक इंडस्ट्री में नारा गूंज रहा है...‘एआई जल्द ही सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह ले लेगा और कंपनियों का खर्च आधा हो जाएगा।’ इस वादे ने शेयर बाजार को आसमान पर पहुंचा दिया, कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की और करोड़ों रुपए एआई इन्फ्रा खर्च कर दिए। पर, जब इन टूल्स को काम पर लगाया गया, तो जो इनवॉइस सामने आई उसने दिग्गज कंपनियों को हिला दिया। सबसे बड़ा झटका माइक्रोसॉफ्ट को लगा। कंपनी ने एंथ्रोपिक में 48 हजार करोड़ रु. निवेश किए और अपने 1 लाख इंजीनियरों को ‘क्लॉड कोड’ का एक्सेस दे दिया। उम्मीद थी कि उत्पादकता बढ़ेगी, पर हर शब्द पर भुगतान की मजबूरी ने लागत को बेकाबू कर दिया। इस वजह से जून तक सभी लाइसेंस रद्द कर दिए गए व इंजीनियरों को माइक्रोसॉफ्ट के इन-हाउस टूल पर शिफ्ट करना पड़ा। उबर ने दिसंबर 2025 में अपने 5,000 इंजीनियरों को क्लॉड कोड दिया। 84% डेवलपर्स इसका इस्तेमाल करने लगे और 70% कोड एआई से आने लगा। नतीजा यह हुआ कि इंजीनियर हर महीने 47 हजार से 1.9 लाख रुपए का व्यक्तिगत बिल बनाने लगे। एक सीटीओ ने तो दो घंटे के डेमो में 1.1 लाख रु. खर्च कर दिए। अप्रैल तक ही उबर ने 2026 का पूरा एआई बजट खत्म कर दिया। एनवीडिया ने भी माना कि उनकी टीम के लिए कंप्यूटिंग की लागत कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा हो गई है। दरअसल, साधारण एआई लगभग मुफ्त हो चुका है, पर गंभीर कोडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टॉप-टियर एआई के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ओपनएआई ने नया मॉडल दोगुने दाम पर उतारा, जबकि एंथ्रोपिक ने टेक्स्ट गिनने का तरीका बदल दिया, जिससे बिल बढ़ने लगा। बेजोस बोले- यह संकट नहीं ‘एआई बबल’ के डर को खारिज करते हुए अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने कहा कि यह संकट नहीं, बल्कि ‘सदी में एक बार मिलने वाला सबसे बड़ा अवसर’ है। वहीं, सॉफ्टबैंक के प्रमुख मासायोशी सन 9.5 लाख करोड़ रु. का नया एआई फंड ‘प्रोजेक्ट इजा नागी’ लॉन्च कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस कुछ वर्षों में इंसानी दिमाग से 10 गुना ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। एआई में बिग टेक का महा निवेश...एंथ्रोपिक की बादशाहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा व अमेजन इस साल एआई इन्फ्रा पर रिकॉर्ड 69 लाख करोड़ रु. खर्च कर रहे हैं। गार्टनर के अनुसार, वैश्विक एआई खर्च 240 लाख करोड़ रु. हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का एआई बिजनेस 3.53 लाख करोड़ के रन रेट (अनुमानित लाभ) पर है, जबकि गूगल का क्लाउड बैकलॉग 43.93 लाख करोड़ रु. पार कर चुका है। एंथ्रोपिक ने इस साल 2.86 लाख करोड़ के दो फंडिंग राउंड पूरे किए, जिससे वैल्यूएशन 86 लाख करोड़ हो गई है। वहीं रिलायंस ग्रुप 7 वर्षों में भारत के एआई इन्फ्रा पर ₹10 लाख करोड़ निवेश करेगा। एक कॉल और एआई कानून ध्वस्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ऐसे सरकारी आदेश पर साइन करने वाले थे, जिसके तहत सरकार को शक्तिशाली एआई मॉडल के लॉन्च से पहले 90 दिनों तक उसकी सुरक्षा जांच का हक मिलता। इसके लिए टेक दिग्गज (ऑल्टमैन, पिचाई, नडेला) वॉशिंगटन पहुंच चुके थे। लेकिन ऐन वक्त पर, ट्रम्प के पूर्व सलाहकार और 449 एआई कंपनियों में भागीदार डेविड साक्स ने राष्ट्रपति को फोन किया और तर्क दिया कि नियमों से एआई डेवलपमेंट धीमा होगा व चीन बाजी मार ले जाएगा। मस्क-जुकरबर्ग ने भी यही दबाव बनाया। नतीजतन ट्रम्प ने आदेश रद्द कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि कानून स्वैच्छिक था, फिर भी टेक दिग्गजों ने महज 12 घंटे में महीनों की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पलटवा दी।
इस साल आईओएस 27 के साथ एपल नए एआई फीचर्स ला सकता है। नई सिरी सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगी, बल्कि फोन के कई काम खुद संभाल सकेगी। उदाहरण के तौर पर रिमाइंडर्स लगाना, मैसेजेस तैयार करना या एप्स के बीच काम करना आसान हो सकता है। वहीं गूगल भी एंड्रॉइड में जेमिनी को जोड़ने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य है कि एआई छोटे काम खुद करने लगे। जानते हैं कौन से बदलाव आएंगे। एपल लॉन्च करेगा नई सिरी... जीमेल में आ रहा एआई इनबॉक्स गूगल - अब ब्लिंकिट जैसे एप्स जेमिनी से जुड़ेंगे 1. ब्लिंकिट जैसे एप्स भी एआई से जुड़ेंगे - जेमिनी अब ब्लिंकिट, जेप्टो और उबर जैसे एप्स के साथ सीधे काम कर सकेगा। यह इन सभी एप्स पर तुलना करके आपके लिए सबसे सही विकल्प चुनने में मदद करेगा। 2. नया एजेंट ‘जेमिनी स्पार्क’लॉन्च होगा यह गूगल का नया ‘पर्सनल एआई एजेंट’ होगा। ऑनलाइन टास्क पूरे कर सकेगा। रिमाइंडर्स व बुकिंग्स भी संभाल लेगा। 3. जीमेल एआई इनबॉक्स - यह ईमेल्स का सार खुद तैयार करेगा। यूजर बिना पूरा मेल पढ़े ही जरूरी जानकारी समझ सकेंगे और सीधे उसी जगह से जवाब दे पाएंगे। यह अब बड़े स्तर पर जारी किया जा सकता है। 4. जीमेल लाइव - नया वॉइस-बेस्ड फीचर होगा। इसमें जेमिनी से बोलकर ईमेल मैनेज कर सकेंगे। जैसे, किसी मेल के बारे में पूछना, जवाब लिखना आवाज से होगा। एपल- नई सिरी से ज्यादा स्मार्ट होगा आईफोन 1. लिखने और सुधारने में मदद- Write With Siri और Help Me Write जैसे फीचर्स यूजर को लिखने में मदद करेंगे। सिरी टेक्स्ट सुधार सकेगी, बेहतर वाक्य सुझा सकेगी और टाइपिंग को आसान बना सकेगी। 2. आवाज से बनेंगे शॉर्टकट- यूजर सिर्फ बोलकर बता सकेंगे कि उन्हें कौन सा काम जल्दी करना है। इसके बाद सिरी अपने आप उस काम का शॉर्टकट तैयार कर देगी। 3. निजी डिजिटल सहायक की तरह काम - सिरी सुबह न्यूज, रिमाइंडर्स, शेयर बाजार की जानकारी और पूरे दिन की प्लानिंग जैसी चीजों में मदद कर सकती है। यानी फोन एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करने लगेगा। 4. ऑटो डिलीट चैट हिस्ट्री- प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए सिरी में ऑटो-डिलीट फीचर होगा। इसमें तय कर सकेंगे कि चैट्स 30 दिन बाद अपने आप डिलीट हो जाएं।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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