साइबर ठग ने निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर महिला सिपाही से 4.62 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटना का एहसास होने पर पीड़िता ने कोतवाली पुलिस से मामले की शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात महिला सिपाही सपना कुमार के अनुसार वाट्सएप नंबर को एक ग्रुप में जोड़ा गया। जिसमे शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने के मैसेज आते थे। ग्रुप के एडमिन के झांसे में आकर उन्होंने एक लिंक के जरिए एप्लीकेशन डाउनलोड किया, जिसमें उनका अकाउंट बनाया गया। उन्होंने कई बार में 4.62 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने रुपए निकालने का प्रयास किया, तो वह रुपए नहीं निकाल सकी। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्जकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मनोज दुबे का राजस्थान सरकार पर हमला, 1200 करोड़ का निवेश अटकने का लगाया आरोप
बेरोजगार मजदूर किसान संघर्ष समिति ने फ्रांस की कंपनी का निवेश रुकने पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घेरा।
युद्ध में तेजी से क्रूड 112 डॉलर पार, बुलियन मार्केट में क्या है सोने चांदी का हाल?
Gold Silver Rates 25 March : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की वजह से क्रूड, शेयर बाजार और सोने चांदी की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दे रहा है। क्रूड के दाम 112 डॉलर पार होने से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। वायदा कारोबार में भी सोने और चांदी की ...
ईरान युद्ध से हिला बाजार: 4 दिन में 2 दिन क्रैश, कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दिया। 4 दिन वाले कारोबारी हफ्ते में 2 दिन बाजार में भारी बढ़त दिखाई दी तो 2 दिन बाजार क्रेश हो गया। इस ...
राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संसद में देश के लाखों निवेशकों से जुड़े एक अहम मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सहारा इंडिया परिवार में फंसी जमा पूंजी को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सांसद मेवाड़ ने कहा कि सहारा समूह की विभिन्न निवेश योजनाओं में देशभर के करोड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि राजसमंद सहित कई राज्यों के मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा- परिवार आज भी अपनी ही जमा पूंजी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई करते हुए सभी पात्र निवेशकों को शीघ्र धन वापसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने निवेशकों की पहचान, दावों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने का भी आग्रह किया।
इंदौर में नौकरी और निवेश के नाम पर ठगी:50 लाख जमा करने पर दिया दो करोड़ रुपए देने का झांसा
इंदौर के एरोड्रम इलाके में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले निवेश और फिर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, मामले की जानकारी साइबर पुलिस को दी गई। इसके बाद जांच एरोड्रम पुलिस को सौंपी गई है। 25 लाख रुपए की और मांग की एरोड्रम पुलिस ने कमलेश वैष्णव की शिकायत पर करीब आधा दर्जन से अधिक अकाउंट होल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कमलेश ने बताया कि जून 2024 में फेसबुक के माध्यम से मुंबई, पुणे और चेन्नई की कंपनियों में निवेश का ऑफर आया। जिसमें 50 लाख रुपए जमा करने पर दो करोड़ रुपए देने की बात कही गई। इसमें अनिका और एलिना के अकाउंट में करीब 11 और 12 लाख रुपए जमा कराए गए। इसके बाद 25 लाख रुपए की और मांग की गई, लेकिन रुपए नहीं होने पर मार्च 2025 तक का समय दिया गया। इसके बाद सोफी अन्ना नाम की युवती ने फेसबुक पर संपर्क किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश की वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से पाउडर सैंपल ब्रिटेन भेजने की बात कही गई। इसमें 3 लाख 37 हजार रुपए जमा कराए गए, जिसे ब्रिटेन की कंपनी ने 8 लाख रुपए में खरीदने की बात कही। इसके बाद ब्रिटेन की कंपनी में विलियम नाम के डॉक्टर ने 5 किलो से कम सैंपल खरीदने की बात कही, जिसमें और निवेश करने के लिए कहा गया। रुपये नहीं होने पर कमलेश ने इनकार कर दिया। अच्छी नौकरी का ऑफर देने की भी बात कही तीसरी बार अंबानी फाउंडेशन के पेज की तरफ से संपर्क किया गया, जिसमें 5 लाख रुपए के निवेश पर 25 लाख रुपए का लाभ देने की बात कही गई। इसमें किरण सिंह, संगीता सिंह सहित अन्य लोगों के अकाउंट में करीब 4 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। उन्होंने अच्छी नौकरी का ऑफर देने की भी बात कही। कमलेश ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि इतने रुपये निवेश करने के चलते उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। जब उसने नौकरी की तलाश की, तब ठगों ने अमेरिका की एक कंपनी में नौकरी के नाम पर भी हजारों रुपए अकाउंट में जमा कराए। बाद में जब अमेरिका की कंपनी की जानकारी निकाली गई तो वह फर्जी निकली। इसके बावजूद नौकरी नहीं मिली। अंततः ठगी का पता चलने पर साइबर सेल में शिकायत की गई।
ईरान युद्ध से बाजार में तबाही: सेंसेक्स 1690 अंक गिरा, 8 लाख करोड़ स्वाहा
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की वजह से भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,690 अंकों की गिरावट के साथ 73,583 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 486 अंक गिरकर 22,820 पर जा पहुंचा। शेयर बाजार में आई भारी गिरावट की वजह से निवेशकों ...
फ्रांस की कंपनी को राजस्थान में इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन देने में देरी और कंपनी को होने वाली परेशानियों को लेकर राजदूत की चिट्ठी सामने आने के बाद सियासी विवाद हो गया है। इस चिट्ठी को सोशल मीडिया पर शेयर कर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा है। फ्रांस के राजदूत ने राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर फ्रेंच कंपनी सॉफ्लेट माल्ट इंडिया को हो रही दिक्कतों को दूर करने और कंपनी को बैठक के लिए समय देने का आग्रह किया है। राजदूत ने कंपनी को रीको की तरफ से जमीन देने में देरी करने और सीएम से वार्ता होने के बावजूद महंगी दरों पर जमीन की दरें तय करने पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने सरकार पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे पर अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस चिट्ठी के सामने आने के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा- फ्रांस की कंपनी सॉफ्लेट माल्ट इंडिया ने राजस्थान की निवेश नीति की असल तस्वीर सामने लाकर रख दी है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत के बाद भी निवेश धरातल पर नहीं उतर रहा तो ये सीधे-सीधे सिस्टम की मंशा पर बड़ा सवाल है। क्या निवेशकों को सेटिंग के लिए मजबूर किया जा रहाडोटासरा ने लिखा- समिट में समझौता होने और सकारात्मक चर्चा के बाद भी अगर विदेशी कंपनी जमीन के लिए भटक रही है, तो इसके क्या मायने हैं? आखिर कौन हैं जो फाइल रोककर बैठा है? किसके इशारे पर निवेश अटकाया जा रहा है? 'राइजिंग राजस्थान' या राइजिंग 'कमीशन' अभियान?फ्रांस की कंपनी Soufflet Malt India ने राजस्थान की निवेश नीति की असल तस्वीर सामने लाकर रख दी है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत के बाद भी निवेश धरातल पर नहीं उतर रहा तो ये सीधे-सीधे सिस्टम की मंशा पर बड़ा सवाल है।समिट में समझौता… pic.twitter.com/8GwaUoG1xL— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) March 27, 2026 डोटासरा ने कहा कि क्या निवेशकों को जानबूझकर उलझाकर सेटिंग के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि सौदेबाजी हो सके? ऐसे दर्जनों उद्यमी हैं जो समिट में एग्रीमेंट के बाद धरातल पर उद्योग लगाना चाहते हैं, रोजगार देना चाहते हैं, लेकिन जमीन के लिए भटक रहे हैं। सरकार में बैठे लोगों तक उनकी सीधी बात नहीं, बल्कि कमीशनखोरों के रास्ते बढ़ रही है। ये प्रकरण साफ बता रहा है कि भाजपा की पर्ची सरकार की प्राथमिकता निवेश और रोजगार सृजन नहीं, बल्कि कलेक्शन बन चुकी है। जूली बोले- निवेशकों को दूर करने के हालात पैदा कर रही सरकारनेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने फ्रांस के राजूदत की चिट्ठी को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए है। जूली ने एक्स पर लिखा- जो बात मैं विधानसभा के अंदर और बाहर कहता आ रहा हूं, उसी विषय पर अब फ्रांस के राजदूत ने मुहर लगा दी है। राज्य सरकार सिर्फ और सिर्फ राइजिंग राजस्थान के नाम पर वाहवाही लूटने का काम कर रही है और निवेशकों को मदद करने की इनकी सोच ही नहीं है। जूली ने लिखा- फ्रांस के राजदूत का पत्र बेहद गंभीर तथ्य की ओर इशारा कर रहा है कि जिन बातों पर सहमति हुई, उसके बावजूद निवेशक को जमीन के लिए तरसाया जा रहा है, ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं कि निवेशक दूर हो जाएं। कभी मुख्यमंत्री कहते हैं कि निवेशक फोन नहीं उठाते, कभी निवेशक शिकायत कर रहे हैं कि सरकार जमीन नहीं दे रही। यह पूरा प्रकरण राजस्थान की छवि पर बट्टा लगाता है। ये राइजिंग राजस्थान असल में जोक ऑफ राजस्थान बन गया है।
क्या शेयर बाजार बंद होते ही ट्रंप करेंगे ईरान पर 'फाइनल अटैक'? इजरायल जमीनी जंग को तैयार
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर 'फाइनल अटैक' प्लान और इजरायल की जमीनी सेना की तैनाती। जानें ग्लोबल मार्केट पर इसका क्या होगा असर।
अर्लिंग हालेंड (फुटबॉल), विक्टर वेम्बान्यामा (बास्केटबॉल) और कार्लोस अल्कारेज (टेनिस) जैसे दुनिया के शीर्ष एथलीट्स में एक बात समान है- शतरंज के प्रति उनका गहरा जुनून। शतरंज का खेल भले ही फुटबॉल के आक्रामक खेल से बिल्कुल अलग हो, लेकिन रणनीति, योजना और समस्या-समाधान जैसे इसके गुण खिलाड़ियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। हाल ही में मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर हालेंड ने एक ग्लोबल चेस टूर में निवेश किया है। उनका मानना है कि यह बोर्ड गेम फुटबॉल की तरह ही है, जो दिमाग को तेज करता है और भविष्य की रणनीति बनाने में मदद करता है। शतरंज का क्रेज कई खेलों के दिग्गजों में देखा जा रहा है। इंग्लैंड के डिफेंडर ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने पांच बार के वर्ल्ड चैम्पियन मैग्नस कार्लसन के खिलाफ मैच खेला था। वहीं, एबेरेची एजे ने चेस.कॉम का चार दिवसीय एमेच्योर टूर्नामेंट अपने नाम किया और करीब 18 लाख रुपए जीते। लिवरपूल के स्टार मोहम्मद सालाह तो ऑनलाइन ‘ब्लिट्ज चेस’ (तेज गति वाला शतरंज) के इतने आदी हैं कि वे रोज गुमनाम प्रोफाइल से खेलते हैं। वेम्बान्यामा ने न्यूयॉर्क के एक पार्क में फैंस को शतरंज खेलने की चुनौती देकर सुर्खियां बटोरी थीं। इंग्लैंड की रग्बी टीम बाकायदा शतरंज की प्रतियोगिताएं आयोजित करती थी। शीर्ष स्तर के खेलों में शारीरिक क्षमता के अलावा मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। इसमें शतरंज बहुत मददगार साबित होता है। वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्कारेज कहते हैं, ‘आपको यह अनुमान लगाना होता है कि विरोधी खिलाड़ी गेंद को कहां भेजेगा। आपको समय से पहले आगे बढ़ना होता है। शतरंज इसमें बहुत मदद करता है।’ शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं फुटबॉल मैनेजर क्विके सेटिन के अनुसार, शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं। दोनों में मोहरे (या खिलाड़ी) आक्रमण और बचाव के लिए जुड़े होते हैं और बीच के हिस्से (सेंटर) पर दबदबा बनाना सबसे अहम होता है। ब्रिटिश चेस प्लेयर मैल्कम पेन का मानना है कि शतरंज खिलाड़ियों को खेल के तनाव से ‘स्विच ऑफ’ करने का मौका देता है। इसमें शांत रहना होता है; अगर भावनाएं हावी हुईं, तो हार तय है। बोरिस बेकर जब नोवाक जोकोविच के कोच थे, तो रणनीति सुधारने के लिए साथ में शतरंज खेला करते थे।
ग्वालियर में एक ज्वैलरी शोरूम में फिल्मी अंदाज में चोरी का मामला सामने आया है। पड़ाव थाने के सामने स्थित ब्लू स्टोन ज्वैलरी स्टोर से 3.21 लाख रुपए कीमत की 22 कैरेट सोने की अंगूठी चोरी हो गई। खास बात यह रही कि आरोपी असली अंगूठी की जगह शोकेस में नकली अंगूठी रख गया, जिससे चोरी का खुलासा करीब 10 दिन बाद हो सका। जानकारी के मुताबिक, ब्लू स्टोन ज्वेलरी शोरूम में 17 मार्च को हुए ऑडिट के दौरान 17.6 ग्राम की अंगूठी नकली पाई गई। इसके बाद शोरूम संचालक ऋषभ दुबे ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में 5 मार्च को एक युवक अंगूठी बदलते हुए नजर आया। आरोपी बड़े ही शातिर तरीके से पहले अंगूठी देखता है, फिर एक कोने में जाकर जेब से रुमाल में रखी नकली अंगूठी निकालकर असली से बदल देता है। मामले में पड़ाव थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने कर्मचारियों से पूछताछ की, जिसमें संदेह शोरूम के पुराने कर्मचारी अभिषेक शर्मा पर गया। आरोपी वर्तमान में दिल्ली के एक ज्वैलरी शोरूम में काम कर रहा था। पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि शेयर बाजार में हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए उसने यह चोरी की थी। उसे यह भी पता था कि शोरूम में कैमरे लगे हैं, बावजूद इसके उसने प्लान बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
युद्ध की वजह से क्रूड 108 डॉलर पार, क्या है सोने चांदी के हाल?
Gold Silver Rates 25 March : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की वजह से क्रूड, शेयर बाजार और सोने चांदी की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दे रहा है। क्रूड के दाम 108 डॉलर पार होने से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। वायदा कारोबार में भी सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा हुआ। वायदा कारोबार (MCX) पर सुबह 9.50 बजे सोना 1,457 रुपए बढ़कर के साथ 1,40,950 पर था जबकि चांदी 4,228 रुपए की बढ़त के साथ 2,24,102 रुपए पर थी। दोपहर 12:47 बजे सोने की कीमत 2,982 रुपए बढ़कर 142,475 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर थी। इस समय चांदी 6,826 रुपए बढ़कर 226,700 रुपए प्रति किलो हो गई। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4555.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेट क्रूड 108.48 और WTI क्रूड 94.50 डॉलर प्रति बैरल पर था। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम 157.04 डॉलर प्रति बैरल थे। बुलियन मार्केट में आपके शहर में क्या है सोने के दाम? शहर सोने के दाम मुंबई 1,48,280 रुपए प्रति 10 ग्राम चेन्नई 1,48,572 रुपए प्रति 10 ग्राम दिल्ली 1,48,486 रुपए प्रति 10 ग्राम कोलकाता 1,48,100 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल 1,48,754 रुपए प्रति 10 ग्राम अहमदाबाद 1,48,398 रुपए प्रति 10 ग्राम जयपुर 1,48,336 रुपए प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु 1,48,499 रुपए प्रति 10 ग्राम तिरुवनंतपुरम 1,48,142 रुपए प्रति 10 ग्राम पटना 1,48,570 रुपए प्रति 10 ग्राम आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? शहर चांदी के दाम मुंबई 2,33,737 रुपए प्रति किलो चेन्नई 2,33,893 रुपए प्रति किलो दिल्ली 2,33,896 रुपए प्रति किलो अहमदाबाद 2,33,806 रुपए प्रति किलो भोपाल 2,34,151 रुपए प्रति किलो कोलकाता 2,33,923 रुपए प्रति किलो जयपुर 2,33,832 रुपए प्रति किलो बेंगलुरु 2,34,078 रुपए प्रति किलो तिरुवनंतपुरम 2,33,989 रुपए प्रति किलो पटना 2,34,176 रुपए प्रति किलो अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
27 मार्च का ट्रेड सेटअप: क्या निफ्टी की रिकवरी एक जाल है? जानें GIFT NIFTY के संकेत, 23,000 का अहम सपोर्ट लेवल और ग्लोबल मार्केट का हाल। साप्ताहिक क्लोजिंग पर टिकी नजरें।
जोधपुर में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी एप और नकली कंपनी के झांसे में फंसाकर एक युवक से 68 लाख 71 हजार रुपए हड़प लिए। पीड़ित को एप में करीब 6 करोड़ रुपए का फर्जी मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन वह रकम निकाल नहीं पाया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में उद्या अपार्टमेंट, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी सैयद हमीदुदीन पुत्र फसीउदीन ने बताया कि वह लंबे समय से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रहा था। 9 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल नंबर को “Victory Vanguards 1 Team” और “Victory Vanguards 2 Team” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। खुद को सेबी रजिस्टर्ड कंपनी का बताया इन ग्रुपों में शेयर मार्केट से जुड़ी टिप्स दी जाती थीं, जो शुरुआती समय में सही साबित हुईं। इससे उसका ग्रुप की जानकारी पर भरोसा हो गया। इसके बाद ग्रुप एडमिन ने विदेशी नंबरों से संपर्क किया और अपने नाम राहुल वर्मा व प्रणय अधवर्यु बताए। आरोपियों ने खुद को “Gray Matters Capital” नामक कंपनी से जुड़ा बताया और कंपनी के सर्टिफिकेट भी भेजे। कंपनी को सेबी रजिस्टर्ड बताया। गूगल पर जांच करने पर कंपनी का नाम सही दिखने से उसे और भरोसा हो गया। फर्जी ऐप ‘Gray In’ से कराया निवेश आरोपियों ने पीड़ित का “Gray In” नाम की एप्लीकेशन में अकाउंट खुलवाया और बताया कि वे NASDAQ एक्सचेंज के जरिए आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग कराते हैं। 26 फरवरी 2026 को आरोपियों ने पहली बार 1 लाख रुपए जमा करवाए। इसके बाद एप में ट्रेडिंग दिखाकर 1–2 करोड़ रुपए तक का मुनाफा दिखाया गया। शुरुआत में छोटे विड्रॉल से बनाया भरोसा विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को कुछ रकम निकालने दी गई। इसमें 27 फरवरी को 18,000 , मार्च को 50,000, 4 मार्च को 50,000 और 20,000 रुपए निकाले । ये रकम तुरंत बैंक खाते में आने से पीड़ित को पूरी तरह विश्वास हो गया। परिवार के नाम से भी खुलवाया अकाउंट इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को और निवेश के लिए प्रेरित किया और उनकी बहन सैय्यद आईशा के नाम से भी अकाउंट खुलवा दिया। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में बड़ी रकम जमा करवाई। इस प्रकार कुल मिलाकर 68,71,000 रुपए अलग-अलग खातों में जमा करवाए गए। एप में दिखाया 6 करोड़ का फर्जी मुनाफा इतनी बड़ी राशि जमा कराने के बाद एप में पीड़ित को करीब 6 करोड़ का मुनाफा दिखाया जाने लगा, लेकिन जब उसने राशि निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल नहीं हो पाया। आरोपियों ने एप अपडेट और IPO में पैसा फंसा होने का बहाना बनाया गया। पीड़ित को कहा कि कुछ दिन बाद सब क्लियर हो जाएगा इस तरह लगातार झांसा दिया जाता रहा। आखिर में सामने आई ठगी पीड़ित ने बार-बार संपर्क कर अपनी पूरी राशि निकालने की मांग की, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल करते हुए रकम नहीं लौटाई। तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी और अमानत में खयानत कर उसकी पूरी राशि हड़प ली। उसने पुलिस से मांग की है कि है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और 68,71,000 की ठगी गई राशि बरामद कर वापस दिलाई जाए।
भारत में चांदी की कीमतों में भारी बदलाव। जानें आज का प्रति ग्राम और प्रति किलो चांदी का भाव। रुपया और डॉलर के उतार-चढ़ाव का आपकी जेब पर क्या होगा असर? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
गुरुग्राम शहर में साइबर ठगों ने अब मशहूर हस्तियों के नाम का सहारा लेकर आम लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला थाना साइबर साउथ में सामने आया है। जहां भारतीय सेना से सेवानिवृत्त एक पूर्व फौजी के साथ शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 8 लाख 67 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। शिकायतकर्ता विजयपाल यादव निवासी गांव टिकली ने पुलिस को बताया कि वह फेसबुक पर विज्ञापन देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की तस्वीर वाला एक लुभावना विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दावा किया गया था कि शेयर बाजार में तेल (Oil) के शेयरों में पैसा लगाने पर निवेश की गई रकम बहुत कम समय में दोगुनी हो जाएगी। विज्ञापन के साथ एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर भी दिया गया था। तीन किस्तों में ठगी जीवनभर की कमाई विजयपाल यादव के अनुसार जब उसने नंबर पर संपर्क किया, तो उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया गया। ठगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जगह बैंक जाकर पैसे भेजने को कहा। पहली किस्त: 20 जनवरी 2026 को उसने अपने YES बैंक खाते से 17 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इसके तुरंत बाद उन्हें व्हाट्सएप पर बताया गया कि उनके पैसे बढ़कर 51 हजार रुपए हो गए हैं। दूसरी किस्त: मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने उनसे 15 लाख रुपए का रिटर्न देने का वादा किया। इसके चलते 28 जनवरी 2026 को पीड़ित ने अपने ICICI बैंक खाते से 5 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। तीसरी किस्त: ठग यहीं नहीं रुके उन्होंने 20 लाख रुपए के रिटर्न का लालच दिया। 29 जनवरी 2026 को विजयपाल ने फिर से अपने YES बैंक खाते से 3 लाख 50 हजार रुपए भेज दिए। राशि मांगने पर असलियत आई सामने कुल 8.67 लाख रुपए निवेश करने के बाद जब विजयपाल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने और पैसों की मांग शुरू कर दी। तब उन्हें एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत गृह मंत्रालय के NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई। जिसके बाद अब साइबर साउथ थाना पुलिस ने औपचारिक FIR दर्ज की है। मामले की जांच में जुटी पुलिस थाना साइबर साउथ के इंस्पेक्टर नवीन कुमार के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल इस ठगी में किया गया।
प्रीमियम प्रॉपर्टी की तलाश में लुधियाना के निवेशक, दिल्ली एनसीआर पर फोकस
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना के निवेशकों की नजर अब दिल्ली-एनसीआर के लग्जरी हाउसिंग बाजार पर टिकी हुई है, जहां हाई-राइज प्रोजेक्ट्स तेजी से लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। शहर के संपन्न लोग अब अपने निवेश को बढ़ाने के लिए लुधियाना से बाहर निकलकर दिल्ली-एनसीआर में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के विकल्प तलाश रहे हैं। दिल्ली का रेजिडेंशियल परिदृश्य अब धीरे-धीरे स्वतंत्र फ्लोर से गेटेड हाई-राइज कोंडोमिनियम की ओर बढ़ रहा है। मोती नगर स्थित वन मिडटाउन, जो डीएलएफ मिडटाउन कम्युनिटी का हिस्सा है, इस बदलते ट्रेंड का एक प्रमुख उदाहरण है। पश्चिमी दिल्ली में स्थित यह प्रोजेक्ट हाई-राइज लग्जरी जीवन की ओर इस बदलाव को दर्शाता है। यह प्रोजेक्ट 39 मंजिल से अधिक ऊंचे टावरों के साथ विकसित किया गया है और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तथा दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से अच्छी कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसके अलावा, मिडटाउन कम्युनिटी में पहले से ही 3,500 से अधिक परिवारों के लिए आवास विकसित किए जा चुके हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ईएक्सपी रियल्टी इंडिया के प्रेसिडेंट और कंट्री हेड, सैम चोपड़ा ने कहा कि मोती नगर और कीर्ति नगर जैसे इलाकों के नेतृत्व में पश्चिमी दिल्ली तेजी से एक लग्जरी रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में उभर रही है। जब वन मिडटाउन प्रोजेक्ट 2022 में लॉन्च हुआ था, तब इसकी शुरुआती कीमत करीब 18,000 रुपए प्रति वर्ग फुट थी, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 32,300 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई है। यह वृद्धि न केवल इस प्रोजेक्ट बल्कि पूरे पश्चिमी दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
प्रयागराज में एक बड़ा साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर एक युवक से 6.20 लाख की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।क्या है पूरा मामलाममफोर्डगंज निवासी शैलेन्द्र कुमार नन्दा ने साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग सीख रहे थे और पहले उन्हें कुछ नुकसान हुआ था। फरवरी 2025 में उन्हें व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति चिराग पटेल का मैसेज आया, जिसने खुद को ब्रोकर बताया। उसने भरोसा दिलाया कि वह उनका पूरा नुकसान कवर कर देगा।इसके बाद उसने अपने एक अन्य साथी शंकर भाई से संपर्क करवाया। कैसे हुई ठगीशंकर भाई ने पीड़ित को मारुति सुजुकी के शेयर में निवेश करने की सलाह दी। अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 के बीच, आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग QR Code भेजे। इस पर पर भरोसा करके इन QR कोड के माध्यम से कुल ₹6,20,000 ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब कोई रिटर्न नहीं मिला और आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की अब तक की कार्रवाईमामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह अनजान लोगों के कहने पर निवेश न करें।
पलवल में ऑनलाइन निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 7.25 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जहां साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित दिनेश कुमार की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि पीड़ित दिनेश कुमार को फरवरी माह में एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में राजेश मोदी नामक व्यक्ति खुद को सीनियर स्टॉक मार्केट एनालिस्ट बताकर निवेश संबंधी सलाह देता था। मुफाफे का लालच देकर कराया निवेश ग्रुप के अन्य सदस्य भी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, मीना जोशी नाम की एक महिला ने दिनेश कुमार से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया और उन्हें एक ऐप के माध्यम से आईपीओ में निवेश करने को कहा। 7 लाख 25 हजार 344 रुपए कराए ट्रांसफर आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक और यूपीआई खातों में दिनेश कुमार ने दो अलग-अलग आईपीओ के लिए कुल 7 लाख 25 हजार 344 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ऐप में मुनाफा दिखने से उन्हें शुरुआत में भरोसा हो गया था। पैसा निकालने पर नहीं निकला हालांकि, जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। आरोप है कि आरोपियों ने बार-बार नई निवेश योजनाओं में पैसे फंसाकर और अधिक रकम जमा करने का दबाव बनाया। तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। मामले की जांच में जुटी पुलिस साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सहारनपुर में फेसबुक के जरिए निवेश का लालच देकर एक दुकानदार से 12.15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित अभिषेक कुमार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। देवबंद निवासी अभिषेक कुमार के अनुसार 30 सितंबर 2025 को उन्हें आलोक कुमार नाम के व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को निवेश सलाहकार बताया और फेसबुक पर ‘फाइनेंशियल प्रमोटर’ पेज के माध्यम से मोटे मुनाफे का झांसा दिया। शुरुआत में आरोपी ने छोटी रकम पर ब्याज सहित भुगतान कर अभिषेक का भरोसा जीत लिया। इसके बाद पीड़ित ने 30 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 के बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की देवबंद शाखा से बैंक ऑफ बडोदा की विभिन्न शाखाओं में कुल 12 लाख 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी लगातार बड़े रिटर्न का लालच देकर निवेश बढ़ाने के लिए उकसाता रहा। जैसे ही बड़ी रकम ट्रांसफर हुई, आरोपी का मोबाइल नंबर बंद हो गया और वह गायब हो गया। अभिषेक ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें पता चला कि वे सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। अभिषेक कुमार ने पुलिस से रकम बरामद कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि ऐसे साइबर ठगों पर अंकुश लगाया जा सके।
अवैध निर्माण के लिए बढ़ाई सड़क की चौड़ाई, कांग्रेस ने घेरा नगर निवेश
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव नंदई-मोहारा रोड में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर मल्टीप्लेक्स को दिए विकास अनुज्ञा के विरोध में कांग्रेस ने नगर निवेश कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने विभाग की इस हरकत को पूंजीपतियों को लाभ देने वाला बताया। वहीं जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार की अगुवाई में कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए नगर निवेश कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मौजूद अफसरों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा सुनियोजित षड़यंत्र के तहत पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। नंदई चौक से रानीतराई तक नगर व ग्राम निवेश द्वारा 30 मीटर चौड़ाई की सड़क को 45 मीटर दर्शाया जा रहा है। जिससे इस क्षेत्र में व्यापारियों, निवासरत परिवारों को दिक्कत आएगी। भविष्य में कई वैध निर्माण भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ जाएंगे। आगे चलकर जब रोड 45 मीटर की कर दी जाएगी तब आमलोगों को मुआवजा नहीं मिल पाएगा। गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के आशियाने और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में 11 लाख करोड़ से ज्यादा पूंजीगत निवेश की बनाई योजना: सरकार
सरकार ने सोमवार को कहा कि भारतीय कंपनियों (इंडिया इंक) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) की योजना बनाई है
ट्रंप के फैसले से तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट, गिफ्ट निफ्टी में जोरदार उछाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा करने और दोनों देशों के बीच बातचीत के 'सकारात्मक' होने की बात कहने के बाद सोमवार को वैश्विक तेल कीमतों में भारी गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 13 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई
चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय सिंह और उसकी पत्नी स्वाति सिंगला को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। सभी आरोपियों से मास्टरमाइंड विक्रम वधावा के सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। ईओडब्ल्यू पहले ही विक्रम वधावा को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। रिभव ऋषि, अभय सिंह और स्वाति सिंगला को पंचकूला एसीबी ने पहले गिरफ्तार किया था। अब ईओडब्ल्यू ने इन्हें प्रोडक्शन वारंट के जरिए अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 116.84 करोड़ के स्मार्ट सिटी फंड एंगल से भी जांच ईओडब्ल्यू इस मामले को केवल 75 करोड़ की ठगी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि नगर निगम के स्मार्ट सिटी फंड के 116.84 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर के एंगल से भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों मामलों के बीच कनेक्शन की संभावना को देखते हुए पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों के खाते प्राइवेट बैंक में खुलवाए गए। इसके बाद इन खातों से रकम को शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पैसे को आगे शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट में निवेश किया गया। 8 सदस्यीय एसआईटी का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम चंडीगढ़ और हरियाणा के सरकारी विभागों के खातों से हुए कथित गबन की गहराई से जांच कर रही है। एसआईटी बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पूरी चेन खंगाल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि डायवर्ट किया गया पैसा आखिर कहां और किन-किन संपत्तियों में लगाया गया। इसमें रियल एस्टेट निवेश की भी जांच की जा रही है। अफसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे मामले में कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को डायवर्ट किया गया और कुछ रकम आरोपितों तथा उनकी पत्नी दिव्या अरोड़ा से जुड़े खातों में ट्रांसफर होने के संकेत मिले हैं। ईओडब्ल्यू अब सभी आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
मप्र में सरकार निवेश लाने के लिए लगातार इन्वेस्टर समिट आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री व अफसरों की विदेशों की यात्रा पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन इन आयोजन और दावों की जमीनी हकीकत जो सामने आई है वह चौंकाने वाली है। मप्र में दो प्लास्टिक पार्क की स्थापित हो गए, जिनमें रायसेन जिले के तामोट में 108 रुपए खर्चा कर प्लास्टिक पार्क स्थापित किया गया। इसमें 20 हजार को रोजगार देने का दावा था, लेकिन जो जानकारी सामने आई है, इस भारी भरकर खर्च के बाद पार्क में सिर्फ 274 को ही रोजगार मिल पाया है। यही स्थिति ग्वालियर जिले के बिलौआ में स्थापित प्लास्टिक पार्क की है जिसमें 68 करोड़ रुपए खर्च के बाद रोजगार की स्थिति जीरो है। यह जानकारी रतलाम-झाबुआ से सांसद अनीता नागर सिंह चौहान द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में आई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में प्लास्टिक पार्क स्थापित करने में खर्चा तो हुआ सैंकड़ों करोड़ रुपए लेकिन निवेश आया वह भी कम और युवाओं को रोजगार मिलने के दावे और हकीकत कुछ और है। तामोट... 274 को ही मिला रोजगार रायसेन जिले के तामोट में स्थित प्लास्टिक पार्क की आधारशिला 5 जून 2015 को मौजूदा केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखी थी, उस दौरान दावा किया गया था कि 100 से अधिक इकाइयां लगेंगी, जिनमें 713 करोड़ रुपए का निवेश आएगा और 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। लेकिन, प्रोजेक्ट की लागत तो 108 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जिसमें केंद्रीय अनुदान 40 करोड़ रुपए था। यहां प्लास्टिक पार्क का काम पूरा हो चुका है, 33 प्लॉट भी आवंटित हो गए , लेकिन रोजगार सिर्फ 274 लोगों को मिला। निजी निवेश भी दावों के मुताबिक सिर्फ 68.75 करोड़ रुपए ही आया है। यानी खर्चा 108 करोड़ रुपए हुआ, 40 करोड़ केंद्र का अनुदान था तो पार्क स्थापित करने में खर्चा 68 करोड़ रुपए हुआ जिसमें सिर्फ 68 करोड़ रुपए का ही निजी निवेश आया।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

24 C
