क्रिटिकल मिनरल्स-माइनिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में निवेश की बात रखेगा झारखंड : मुख्यमंत्री
स्विटजरलैंड के दावोस में सोमवार से पांच दिवसीय 56वां वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम शुरू होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इसमें शामिल होंगे। इससे पहले रविवार को वे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि फोरम में झारखंड क्रिटिकल मिनरल्स व माइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से उठाएगा। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, बायो-इकोनॉमी, एनर्जी, रिन्युएबल एनर्जी ट्रांसमिशन, पर्यटन और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की बात भी रखेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की यह प्रस्तुति केंद्र सरकार के विजन के साथ पूरी तरह समन्वित होगा। सीएम टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। उन्हें झारखंड में निवेश का न्योता देंगे। स्विटजरलैंड के दावोस में आज शुरू होगा 5 दिवसीय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन कल दावोस में झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। इसमें हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में झारखंड अपने यात्रा को दिखाएगा। इस फोरम में झारखंड पहली बार शामिल हो रहा है। इसमें दुनियाभर के 130 देशों के 3000 से अधिक नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर एक दंपति से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने जांच की, जिसके बाद केस लसूडिया थाना पुलिस को सौंपा गया। पुलिस ने मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और इंस्टाग्राम अकाउंट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लसूडिया पुलिस के मुताबिक सिंगापुर नेस्ट निवासी सौरभ खिची और उनकी पत्नी देविका ने शिकायत दर्ज कराई थी। दंपति ने बताया कि जून 2025 में उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को वीसी कुमार बताते हुए सेबी से रजिस्टर्ड ट्रेडर होने का दावा किया। उसने कहा कि वह क्रिप्टो निवेश और शेयर मार्केट में प्रशिक्षक के तौर पर काम करता है। आरोपी ने विश्वास में लेने के लिए अपनी इंस्टाग्राम आईडी (https://www.instagram.com/kumar_vc_k) और ई-मेल आईडी traderkumarvc@gmail.com साझा की। इसके बाद लगातार निवेश को लेकर बातचीत करता रहा। मुनाफा दिखने पर पत्नी से भी निवेश कराया 13 जून से आरोपी ने दंपति से निवेश शुरू करवाया। शुरुआत में सौरभ के खाते से रकम डलवाई गई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखने के बाद आरोपी ने उनकी पत्नी देविका को भी निवेश में शामिल कर लिया। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में कई बार रकम उनके बताए गए खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई गई। कुछ समय बाद जब खाते में अच्छा मुनाफा दिखाई देने लगा तो दंपति ने रकम निकालने की बात कही। इस पर आरोपी ने पैसे निकालने के लिए अलग-अलग चार्ज और टैक्स के नाम पर दोबारा रकम जमा कराने को कहा। कुछ पैसे लौटाने के बाद वह लगातार बहाने बनाता रहा। फोन नंबर ब्लॉक किए इसके बाद आरोपी ने मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। कॉल करने पर फोन नहीं उठाया और अंत में दंपति के नंबर भी ब्लॉक कर दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शनिवार को जांच रिपोर्ट लसूडिया थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मोबाइल नंबर, ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
हल्के गहने ट्रेंड में, 4 ग्राम सोने की चेन व 20 ग्राम चांदी की पायल भी
सोना और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है, जिससे उपभोक्ता खरीदारी के पैटर्न में बदलाव आया है। इस तेजी का असर जेवरात बाजार पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहां पारंपरिक रूप से भारी गहने खरीदने वाले अब हल्के‑वजन वाले डिजाइनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद के कारण अब पायल, हल्की सोने की चेन, 4 से 9 ग्राम के गले के हार, 1 ग्राम की कान की बाली और हल्के‑वजन के कड़े की मांग बढ़ी है। पहले जहां 30 ग्राम से ज्यादा वजन वाली पायल आमतौर पर पसंद की जाती थी, अब 18 से 20 ग्राम या उससे भी हल्की पायल बाजार में तेजी से आ रही है। इसी तरह सोने और चांदी के हल्के‑वजन गहने ग्राहकों के बजट के अनुरूप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ज्वेलर्स भी ग्राहकों को लाइट वेट गहनों के साथ‑साथ बजट‑फ्रेंडली स्कीमें और ऑफर दे रहे हैं, ताकि बढ़ती कीमतों के बावजूद बिक्री को मजबूती मिले और खरीदारों की रुचि बरकरार रहे। स्पष्ट है कि ऊंचे भावों के बावजूद खरीदारी में रुचि खत्म नहीं हुई, बल्कि ग्राहक अब कम वजन के गहने चुन रहे हैं। पिछले सात दिन में सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी तिथि सोना चांदी (नोट : सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की रुपए प्रति किलो में) और बढ़ सकते हैं दाम: सोना-चांदी व्यवसायी समिति, रांची के मुख्य संरक्षक रवि कुमार पिंकू ने कहा कि लग्न की खरीदारी शुरू हो चुकी है। लग्न का सीजन आ रहा है, कीमती धातुओं के दाम में और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल है। विश्व के शेयर बाजार में गिरावट का रुख दिख रहा है। यही कारण है कि निवेशक भी सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि चांदी की औद्योगिक खपत काफी बढ़ गई है। इस कारण चांदी की कीमतों में काफी उछाल दिख रहा है।सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रु. महंगी हुई: रांची सर्राफा बाजार में सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रुपए महंगी हो गई है। 12 जनवरी को चांदी की कीमत 256000 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो बढ़कर 292000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। इसी तरह जेवराती सोना 128000 रुपए से बढ़कर 132400 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। सोना करीब चार हजार रुपए तेज हो गया है।
12,000 नई नौकरियां और 35,000 करोड़ का निवेश; ऑटो कंपनी ने किया बड़ा ऐलान
मारुति सुजुकी ने गुजरात के खोरज में 35,000 करोड़ रुपये निवेश से नया मेगा कार प्लांट स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। 1,750 एकड़ में बनने वाले इस प्लांट में सालाना 10 लाख कारें उत्पादन का लक्ष्य है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह कदम गुजरात को ऑटो हब के रूप में मजबूत करेगा।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अब गुजरात में अपनी मौजूदगी और ज्यादा बढ़ाने जा रही है। कंपनी ने राज्य के खोराज (गांधीनगर जिला) में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ ₹35,000 करोड़ के निवेश का करार किया है। शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची की मौजूदगी में इसका इन्वेस्टमेंट लेटर सौंपा गया। इस नए प्लांट से राज्य में करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सालाना 10 लाख कारें बनाने की क्षमता होगी खोराज में बनने वाला यह नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर फैला होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि यहां हर साल 10 लाख (1 मिलियन) गाड़ियां बनाई जाएं। गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (GIDC) इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया करा रहा है। इस निवेश के साथ ही गुजरात भारत के एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा। 2031 तक 40 लाख गाड़ियां बनाने का टारगेट मारुति सुजुकी का लक्ष्य साल 2030-31 तक अपनी कुल प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख यूनिट सालाना करने का है। फिलहाल कंपनी की क्षमता करीब 24-25 लाख यूनिट के आसपास है। खोराज प्लांट इस विजन को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी ने हाल ही में हरियाणा के खरखोदा में भी अपने नए प्लांट का काम शुरू किया है। 12 हजार डायरेक्ट और लाखों इनडायरेक्ट जॉब्स मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल 12,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में एक पूरा 'ऑटो क्लस्टर' तैयार होगा। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भी इसे गुजरात की ग्रोथ स्टोरी के लिए एक गर्व का पल बताया। 2025 में मारुति ने बनाया प्रोडक्शन का रिकॉर्ड कंपनी के लिए पिछला साल काफी शानदार रहा है। साल 2025 में मारुति सुजुकी ने 22.55 लाख से ज्यादा गाड़ियां बनाईं, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें फ्रोंक्स, बलेनो, स्विफ्ट और डिजायर जैसी कारों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। एक्सपोर्ट के मामले में भी कंपनी ने 21% की ग्रोथ दर्ज की है। जापान और भारत की पार्टनरशिप और मजबूत होगी यह प्रोजेक्ट भारत और जापान के बीच औद्योगिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची ने कहा कि गुजरात का इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस के अनुकूल माहौल ही वजह है कि कंपनी यहां अपना विस्तार कर रही है। यह प्लांट 'मेक इन इंडिया' और 'मेड फॉर द वर्ल्ड' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Upcoming IPOs: 20 जनवरी से लेकर 22 जनवरी 2026 के बीच प्राइमरी मार्केट में कुल चार कंपनियों के आईपीओ आ रहे हैं. इनके द्वारा 2100 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. इन आईपीओ में तीन SME IPO और एक मेनबोर्ड का आईपीओ है.
17 जनवरी 2026 को बुध का मकर राशि में गोचर:बुद्धि, व्यापार और प्रशासनिक निर्णयों को मिलेगी नई दिशा
अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषी हेमंत कासट के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजकर 10 मिनट पर बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश कर गया है। ग्रहों की यह चाल देश-दुनिया के लिए महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संकेत लेकर आई है, जिसका व्यापक प्रभाव बुद्धि, व्यापार और प्रशासनिक निर्णयों पर पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणना, लेखन, व्यापार, तकनीक और संचार का प्रमुख कारक ग्रह माना गया है। मकर राशि, जो शनि की राशि है, अनुशासन, कर्मठता, धैर्य और व्यावहारिक सोच का प्रतीक है। बुध का मकर राशि में यह गोचर विचारों को ठोस आधार देगा, निर्णयों में स्पष्टता लाएगा और योजनाओं को स्थायित्व प्रदान करेगा। यह जल्दबाज़ी के बजाय सोच-समझकर आगे बढ़ने का संकेत देता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर विशेष रूप से मेष, सिंह और मकर राशि के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, हालांकि इसका प्रभाव सभी बारह राशियों पर किसी न किसी रूप में देखने को मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषी हेमंत कासट के अनुसार, बुध का यह गोचर भारत के लिए बौद्धिक, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान सरकार और प्रशासन से जुड़े निर्णय अधिक व्यावहारिक, तर्कसंगत और दीर्घकालिक सोच के साथ लिए जाएंगे। नीति निर्माण में स्पष्टता आएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आर्थिक क्षेत्र में बैंकिंग, लेखा, आईटी, संचार, स्टार्टअप, डेटा मैनेजमेंट और ट्रेडिंग सेक्टर में सकारात्मक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। डिजिटल शिक्षा, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिसिस से जुड़ी योजनाओं को गति मिलने के संकेत हैं। शेयर बाजार में स्थिरता बने रहने और लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है। राशियों पर प्रभाव मेष राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारियां लेकर आएगा। सरकारी और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। वृषभ राशि के जातकों को उच्च शिक्षा, विदेश संपर्क और नई योजनाओं में सफलता मिलने के योग हैं। मिथुन राशि वालों के लिए निवेश, रिसर्च और विश्लेषण से जुड़े कार्य लाभकारी सिद्ध होंगे। कर्क राशि के जातकों के लिए साझेदारी और वैवाहिक जीवन में संवाद बेहतर होगा, जबकि सिंह राशि वालों को नौकरी, लेखन, मैनेजमेंट और तकनीकी क्षेत्रों में सफलता मिलने की संभावना है। कन्या राशि के लिए यह समय रचनात्मकता, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से अनुकूल रहेगा। तुला राशि वालों को संपत्ति, वाहन और पारिवारिक निर्णयों में स्पष्टता मिलेगी। वृश्चिक राशि के जातकों को साहस, संचार और मार्केटिंग से जुड़े कार्यों में प्रगति देखने को मिलेगी। धनु राशि वालों का धन प्रबंधन सुदृढ़ होगा और आय में स्थिरता आएगी। मकर राशि के लिए यह गोचर अत्यंत शुभ माना जा रहा है। बुद्धि, करियर, व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। कुंभ राशि वालों को मानसिक स्पष्टता मिलेगी और गुप्त योजनाओं में सफलता के संकेत हैं। वहीं, मीन राशि के जातकों को मित्रों और नेटवर्क के माध्यम से लाभ तथा आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। यह निष्कर्ष निकलेगाकुल मिलाकर बुध का मकर राशि में गोचर बुद्धि और अनुशासन का संतुलन स्थापित करने वाला रहेगा। यह समय ठोस योजना, व्यावहारिक सोच और ज्ञान को सही दिशा में उपयोग करने का है। शिक्षा, लेखन, व्यापार, तकनीक, प्रशासन और विश्लेषण से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
राजधानी रायपुर में एक सरकारी कर्मचारी से 15.60 लाख की ठगी हुई है। आरोपी कुलदीप भतपहरी खुद को निवेश सलाहकार बताता था। उसने कर्मचारी अमित दास को शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया और पैसे इन्वेस्ट करवाए। मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। कर्मचारी ने 7 अलग-अलग किश्तों में पैसे दिए। रुपए लेने के बाद आरोपी ने कुछ दिन तक पैसे दिए लेकिन अचानक वह मोबाइल बंद करके फरार हो गया है। जिसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने 30-40 लोगों से ऐसे ही ठगी की है। खुद को निवेश सलाहकार बताता था आरोपी पीड़ित अमित दास ने पुलिस को बताया कि 2021–22 में पहचान देवपुरी निवासी कुलदीप भतपहरी से हुई थी। कुलदीप खुद को निवेश सलाहकार बताता था और शेयर बाजार में पैसा इन्वेस्ट करने पर ज्यादा मुनाफा दिलाने की बात कहता था। इन्वेस्ट में मुनाफा देने के साथ आरोपी ब्याज देने की बात कहता था। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित अमित दास और उसके भाई रोहित दास ने 15.60 लाख रुपए किश्तों में ले लिए। पैसे लेने के बाद कुछ दिन तक पैसे दिए और फिर 2024 से फरार हो गया। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने 16 जनवरी को केस दर्ज करके जांच में लिया है। पंडरी पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश की जा रही है। 7 किश्तों में आरोपी ने लिए पैसे पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने 7 किश्तों में अलग-अलग अकाउंट में पैसे लिए है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी ने जिले के 30-40 से ज्यादा पीड़ितों से पैसे लिए और फरार हो गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। केस दर्ज किया है, जांच जारी है आरोपी के खिलाफ जांच कर रहे विवेचना अधिकारियों ने बताया कि इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में जांच की जा रही है। पढ़े एफआईआर की कॉपी
राजधानी में रेलवे कर्मचारी के साथ शेयर मार्केट के नाम पर फ्रॉड किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने उनके साथ 36 लाख 74 हजार 500 रुपए का फ्रॉड किया है। फ्रॉड होने के बाद उन्होंने बागसेवनिया थाना पुलिस को शिकायती आवेदन दिया था। मामले में जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि साकेत नगर निवासी आंचल मिश्रा (36) रेलवे में कर्मचारी हैं। उनके पति प्राइवेट जॉब करते हैं। आंचल के साथ 24 दिसंबर 2025 को फ्रॉड हुआ है। आरोपी ने पहले उनको वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा। कई गुना मुनाफा कमाने का लालच देकर उनसे पैसे इन्वेस्ट कराए। आरोपी ने धीरे धीरे उनको अपने विश्वाश में लिया। इसके बाद आंचल से कुल 36 लाख 74 हजार 500 रुपए इन्वेस्ट करवा लिए। इतने पैसे होने के बाद आरोपी फरार हो गए और उनसे सभी संपर्क तोड़ दिए। इसके बाद उन्हें उनके साथ हुए फ्रॉड की जानकारी हुई। आंचल ने इसके बाद बागसेवनिया थाने ने शिकायत दर्ज कराई। ग्रुप पर दी शेयर मार्केट में निवेश की जानकारी पुलिस ने बताया कि आंचल वॉट्सएप पर बने एक ग्रुप के माध्यम से आरोपी के संपर्क आईं। ग्रुप पर शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट को लेकर जानकारी दी जाती थी। आरोपी ने अपना एक फर्जी शेयर मार्केट का एप भी बना रखा था। आरोपी ने आंचल से इसी एप में पैसे जमा कराते थे। कई गुना मुनाफे की लालच में आकर आंचल ने पैसे इन्वेस्ट कर डाले। शेयर ऊपर उठने का कह जमा कराई बड़ी राशि पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी ने आंचल से पहले छोटी छोटी राशि जमा कराई। उसमें झूठा मुनाफा दिया। फिर उनसे कहा कि एक कंपनी का आईपीओ आने वाला है। उसके शेयर उठेंगे। आरोपी ने आंचल से अधिक मुनाफा कमाने के लिए ज्यादा राशि इन्वेस्ट करने को कहा था। ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर दोस्त से 2.72 लाख की ठगी अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में ज्यादा रिटर्न का लालच देकर 2 लाख 72 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले पीड़ित से दोस्ती बढ़ाई और फिर पैसे दोगुने करने का झांसा दिया। पीड़ित रोहित मंडल, जो ट्रेडिंग का कोर्स कर रहे हैं, आरोपियों के झांसे में आ गए और पिता का एटीएम कार्ड व पिन उन्हें दे दिया। आरोपियों ने 20 हजार रुपए निकालने की बात कही थी, लेकिन 2.72 लाख रुपए निकाल लिए। आरोपी हमजा और प्रशांत इंद्रपुरी के रहने वाले हैं। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के अनुसार पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
यूपी बनेगा फूड प्रोसेसिंग का पावरहाउस, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है
Punjab News:ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से की मुलाकात की. इस दौरान मुख्यमंत्री मान ने ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की वकालत करते हुए पंजाब राज्य को निवेश करने के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में पेश किया है.
Amagi Media Labs IPO: Amagi Media Labs का IPO 13 जनवरी 2026 को खुला था और इसको सब्सक्राइब करने की आखिरी तारीख 16 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार थी. कंपनी आईपीओ के जरिए कुल 1788.62 करोड़ रुपये जुटा रही है.
Share Market: बड़ा ऐलान, 1 फरवरी रविवार को भी खुलेगा शेयर बाजार; BSE और NSE पर होगी ट्रेडिंग
Share Market Open On Sunday: 1 फरवरी को शेयर बाजार खुले रहेंगे. बजट वाले दिन रविवार को बाजार सुबह 9 से 3:30 PM तक खुले रहेंगे. बाजार प्री ओपन सेशन सुबह 9 से 9:08 तक होगा. वहीं, सामान्य कारोबार सुबह 9:15 से 3:30 PM होगा.
प्रॉफिट बुकिंग ने काटी बाजार की रफ्तार! 750 अंक की छलांग के बाद मामूली बढ़त पर थमा सेंसेक्स
शेयर बाजार समाचार 16 जनवरी 2026: आईटी और बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर 83,570 के पार बंद हुआ। इन्फोसिस और एसबीआई ने बाजार की तेजी का नेतृत्व किया, जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स 3% से अधिक उछला। जानिए आज के टॉप गेनर्स, लूजर्स और बाजार के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल की पूरी रिपोर्ट।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत आज दुनिया का थर्ड लार्जेस्ट इको सिस्टम है। 10 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, लेकिन आज 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप है। नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर पीएम ने कहा कि भारत के युवाओं का फोकस रियल प्रॉब्लम सॉल्व करने पर है। हमारे यंग इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया। मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं। पीएम नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में स्टार्टअप इंडिया कैंपेन के 10 साल पूरे होने के कार्यक्रम में स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े लोगों से संवाद कर रहे हैं। स्टार्टअप इंडिया कैंपेन को 16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री ने लॉन्च किया था। जिसका मकसद इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना और इन्वेस्टमेंट से होने वाली ग्रोथ को सक्षम बनाना है। पिछले एक दशक में देश भर में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स को मान्यता मिली है। दो तस्वीरें देखिएं… पीएम मोदी के संबोधन की तीन बड़ी बातें… पीयूष गोयल बोले- 10 साल में स्टार्टअप से 21 लाख नौकरियां दी गई केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री ने देश के समक्ष एक नई सोच रखी थी। हम सबको गर्व है कि आपके नेतृत्व में देश भर में बदलाव दिख रहा है, 2016 में जब स्टार्टअप इंडिया लॉन्च हुआ तो मात्र 400 के करीब स्टार्टअप हुआ करते थे। आज इस मुहिम ने एक विशाल रूप ले लिया है और 2 लाख से अधिक स्टार्टअप है। अनुमान है कि इन स्टार्टअप के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से 21 लाख से अधिक नौकरियां अभी तक प्रदान कर दी गई है। 10 सालों के दौरान 6,385 स्टार्टअप बंद ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होने से 4 यूनिकॉर्न (ड्रीम11, एमपीएल, गैम्सक्राफ्ट, गैम्स24इनटू7) का दर्जा छिन गया। DPIIT के संयुक्त सचिव संजीव के मुताबिक, देश में बीते 10 सालों के दौरान 6,385 स्टार्टअप बंद हुए हैं। यह कुल स्टार्टअप का महज 3 फीसदी है। यह दर दुनिया भर में सबसे कम है। स्टार्टअप इंडिया से एंटरप्रेन्योरियल भारत की ओर बढ़ रहा लाइफ स्किल: जीडीपी में 15% योगदान संभव- भारत ‘स्टार्टअप इंडिया’ से ‘एंटरप्रेन्योरियल भारत’ की ओर बढ़ रहा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एंटरप्रेन्योरशिप को जरूरी लाइफ स्किल के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। 2035 तक 75% सेकंडरी स्कूलों और 80% हायर एजुकेशन संस्थानों में इसे शामिल करना आवश्यक है। ऐसा हो तो स्टार्टअप जीडीपी में 15% का योगदान दे सकते हैं और 5 करोड़ नए जॉब पैदा हो सकते हैं। इकोसिस्टम: आईपीओ लाने में कम समय- ओरियोस वेंचर पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले 20 स्टार्टअप्स ने ऐसा 13.3 वर्षों में कर दिखाया। 2024 में औसत 13.4 वर्ष लगे। हालांकि 2023 में मामाअर्थ और यात्रा ने 12.5 वर्षों में ही शेयर बाजार में जगह बनाई। 2022 और 2021 में इस मुकाम तक पहुंचने में 16 साल लगे थे। यानी भारतीय स्टार्टअप कम समय में आईपीओ के लिए तैयार हो रहे हैं। फंडिंग: भारत से सिर्फ अमेरिका-ब्रिटेन आगे- ट्रैक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप्स ने 2025 में 94,500 करोड़ रुपए जुटाए। अमेरिका-ब्रिटेन के बाद भारत तीसरा बड़ा फंडेड स्टार्टअप इकोसिस्टम बना रहा। एक दशक पूरा होने पर आज कार्यक्रम- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया पहल का एक दशक पूरा होने के कार्यक्रम में भाग लेंगे। स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को हुई थी। ------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में रोज 136 स्टार्टअप खुल रहे:स्टार्टअप डे आज- 2025 में 50 हजार नए जुड़े, अब 2.09 लाख स्टार्टअप; बंद होने की दर सबसे कम साल 2025 में देश में 50 हजार से ज्यादा नए स्टार्टअप शुरू हुए हैं। यानी औसतन हर रोज 136 नए स्टार्टअप खुले हैं। इसके बाद अब देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 2.09 लाख हो गई है। पिछले स्टार्टअप दिवस (जनवरी, 2025) के मौके पर देश में स्टार्टअप की संख्या 1.59 लाख थी। बीते एक दशक में यह सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी है। पूरी खबर पढ़ें…
बेंगलुरु स्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड 20 जनवरी, 2026 को अपना 1,907.27 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च कर रही है। 118-124 रुपये के प्राइस बैंड वाले इस ऑफर में नए शेयर और ओएफएस शामिल हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और मॉर्गन स्टेनली जैसे दिग्गज इस निर्गम का प्रबंधन कर रहे हैं। जानिए निवेश की पूरी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें।
मुनाफावसूली का असर: सेंसेक्स में 300 अंकों की गिरावट; निफ्टी पड़ी कमजोर
16 जनवरी को शेयर बाजार ने ऊपरी स्तरों से फिसलकर मुनाफावसूली का संकेत दिया। सेंसेक्स 84,000 के पार जाने के बाद 250 अंक से ज्यादा टूटा, जबकि निफ्टी 25,800 से नीचे आ गया। गिरावट के पीछे लाभ बुकिंग, एफआईआई बिकवाली और वैश्विक संकेत अहम रहे।
शेयर बाजार में कब होगी भारत कोकिंग कोल IPO की लिस्टिंग?
BCCL IPO Listing Date: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्टिंग 16 जनवरी को होनी थी। लेकिन इसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब इसके शेयरों की लिस्टिंग सोमवार, 19 जनवरी को होगी। इसकी लिस्टिंग को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र में निकाय चुनावों को देखते हुए कंपनी ने शुक्रवार को लिस्टिंग का फैसला टाल दिया है। 17 को शनिवार और 18 को रविवार होने की वजह से शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग 19 को होगी। 2026 के इस पहले बड़े आईपीओ पर सरकारी कंपनी होने के साथ ही कम प्राइस बैंड होने की वजह से भी निवेशकों की नजर थी। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 21 रुपए से 23 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। निवेशकों को कम से कम 600 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी थी। ऊपरी प्राइस बैंड 23 रुपए के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम 13,800 रुपए निवेश करना था। पात्र कर्मचारियों को हर शेयर पर 1 रुपए का डिस्काउंट भी दिया गया। BCCL को 1,071 करोड़ रुपए के इस ऑफर के लिए लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपए की बोलियां हासिल हुई हैं। यानी ओवरऑल 147 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। BCCL के इस आईपीओ का कुल साइज 46.57 करोड़ शेयरों का है। यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' है। इससे मिलने वाला पैसा प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड के पास जाएगा। edited by : Nrapendra Gupta
औद्योगिक नगरी पानीपत में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और सनसनीखेज तरीका अपनाते हुए एक शख्स को करीब 48 लाख रुपए का चूना लगा दिया है। शेयर बाजार में निवेश की ट्रेनिंग और भारी मुनाफे का लालच देकर ठगों ने युवक से किस्तों में कुल 47 लाख 76 हजार रुपए हड़प लिए। खुद के साथ ठगी होने का पता लगने पर युवक ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। यहां पढ़िए, कैसे जाल बुनकर युवक को फंसाया... सोशल मीडिया पर विज्ञापन से शुरू हुआ 'खेल'पीड़ित प्रदीप सिंह ठाकुर, जो विराट नगर (बाल विकास स्कूल के पास) के रहने वाले हैं, ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर बाजार में पैसा लगाने और ट्रेनिंग देने से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में निवेश पर मुनाफे की शत-प्रतिशत गारंटी दी जा रही थी। प्रदीप ने जिज्ञासावश उस पोस्ट को लाइक कर दिया। बस यहीं से ठगों ने उन पर अपना जाल फेंकना शुरू किया। 'वर्मा क्लब ट्रेनिंग ग्रुप' का मनोवैज्ञानिक जालपोस्ट लाइक करते ही ठगों ने प्रदीप का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और उन्हें 'वर्मा क्लब ट्रेनिंग ग्रुप' नामक एक वॉट्सऐप/सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़ दिया। इस ग्रुप में हर रोज कथित निवेश और उससे होने वाले मोटे मुनाफे के स्क्रीनशॉट और जानकारी साझा की जाती थी। ग्रुप के अन्य सदस्यों (जो संभवतः ठगों के ही साथी थे) की सफलता देख प्रदीप के मन में भी पैसे कमाने की इच्छा जागी। लिंक के जरिए शुरू हुआ निवेश का झांसा25 नवंबर 2025 को ठगों ने प्रदीप को एक लिंक (संदिग्ध लिंक हटा दिया गया) भेजा और उस पर अकाउंट बनाकर निवेश करने को कहा। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए छोटी रकम लगवाई गई। प्रदीप ने 25 नवंबर को 50 हजार और 28 नवंबर को फिर 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इसके बाद मुनाफे का फर्जी लालच दिखाकर ठगों ने उनसे मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी। 17 दिनों में लुटा दी उम्र भर की कमाईजैसे-जैसे प्रदीप को फर्जी डेशबोर्ड पर मुनाफा दिखने लगा, वे ठगों के बहकावे में आते गए। 2 दिसंबर से 12 दिसंबर के बीच उन्होंने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों रुपए भेजे। कुल मिलाकर 12 दिसंबर तक प्रदीप ने विभिन्न बैंक खातों में 47,76,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने और पैसों की मांग की, तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाईप्रदीप सिंह ठाकुर ने तुरंत इस धोखाधड़ी की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पानीपत साइबर थाना पुलिस उन बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोग 'कम समय में अधिक मुनाफे' के विज्ञापनों से बचें, क्योंकि ये ठगी का सबसे बड़ा औजार हैं।
नोएडा के सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के निठारी गांव में रहने वाले इंजीनियर नर्मदेश्वर झा साइबर ठगों के शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लगभग 18 लाख रुपए ठग लिए। शुरुआत में हुआ मामूली मुनाफा पीड़ित ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को एक अनिल गोयल नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताया। ठगों ने उन्हें एक एप के जरिए निवेश कर 30% तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। पहली बार में इंजीनियर ने 50 हजार रुपए निवेश किए, और कुछ दिनों में साढ़े सात हजार रुपए का मुनाफा दिखा, जो बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ। इससे इंजीनियर का भरोसा बढ़ गया। लगातार रकम ट्रांसफर करते गए इंजीनियर इंजीनियर ने 8 जनवरी तक कई किश्तों में कुल 18 लाख रुपए ठगों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। एप पर उनका पोर्टफोलियो 80 लाख रुपए से ज्यादा का दिखने लगा। पैसे निकालने पर खुला ठगी का सच पूरी रकम निकालने की कोशिश करने पर ठगों ने कर और ट्रांसफर फीस के नाम पर और रकम मांगी। शंका होने पर जब इंजीनियर ने पैसे नहीं भेजे, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पुलिस ने की कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अगर चाहें तो मैं इसे डिजिटल न्यूज़ वर्जन (100–120 शब्द) में भी तैयार कर दूँ, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जल्दी पढ़ा जा सके।
चांदी का उतार-चढ़ाव: निवेशकों के लिए बनी चुनौती, सर्राफा बाजार में 2.89 लाख के पार
बीकानेर सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी ने फिर से तेज उतार-चढ़ाव का प्रदर्शन किया। दिनभर के ट्रेडिंग सत्र में चांदी की कीमत अधिकतम 2,89,393 रुपए प्रति किलो तक पहुंची, जबकि न्यूनतम 2,74,124 रुपए के स्तर तक आ गई। शाम तक बाजार में चांदी 2,77,690 रुपए के आसपास स्थिर रही। आरटीजीएस ट्रेडिंग में भी चांदी ने 2,89,393 रुपए के उच्च स्तर को छुआ, वहीं मंदी में इसकी कीमत 2,80,649 रुपए तक गिर गई। पिछले सप्ताह की तुलना में चांदी की कीमतों में स्पष्ट उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 10 जनवरी को चांदी का अधिकतम भाव 2,82,500 रुपए प्रति किलो था और न्यूनतम 2,76,000 रुपए के आसपास रहा। वहीं 12 जनवरी को यह 2,85,000 रुपए के स्तर तक पहुंची थी। बुधवार को 2,89,393 रुपए तक बढ़ने से निवेशकों में उत्साह देखा गया, लेकिन दिन के दौरान 2,74,124 रुपए तक गिरने से सावधानी भी बनी रही। सर्राफा बाजार एक्सपर्ट एवं चांदी विशेषज्ञ मुकेश जांगिड़ के अनुसार, चांदी के दाम अभी भी वैश्विक बाजार के संकेतों, विदेशी मुद्रा दर और सरकारी बॉन्ड के रिटर्न पर निर्भर हैं। मौजूदा रुझान को देखते हुए निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से प्रभावित न होकर दीर्घकालिक निवेश की योजना बनानी चाहिए। खरीदारी करने से पहले भाव स्थिर होने का इंतजार करना फायदेमंद रहेगा। चांदी की बढ़ती कीमत ने रोकी ग्राहकी, कारीगर हुए परेशान : सर्राफा बाजार में चांदी के तेजी से बढ़ते दामों ने अब आम ग्राहकों और कारीगरों की परेशानी बढ़ा दी है। 289,393 रुपए प्रति किलो तक पहुंची चांदी के कारण ग्राहकी लगभग ठहर सी गई है। ग्राहकों ने अब आभूषण या छोटे निवेश पर हाथ झटकना शुरू कर दिया है। कारीगरों के घरों की दुकानों में मानो सन्नाटा सा छा गया है। जिन परंपरागत कारीगरों की रोजी-रोटी चांदी पर निर्भर करती है, उन्हें अब ग्राहकों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-मध्यम कारीगर इस महंगाई के दौर में उत्पादन कम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी के दाम स्थिर नहीं हुए तो आगामी महीने में यह समस्या और गहरी हो सकती है। ग्राहकों और कारीगरों दोनों के लिए राहत के उपाय जल्द लाए जाने की आवश्यकता है। चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, निवेशकों के लिए रणनीति जरूरी चांदी का बाजार हमेशा वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों से प्रभावित रहता है। डॉलर इंडेक्स, अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत, सोने-चांदी का अंतर और आयात-निर्यात नीतियां इसकी कीमतों को दिशा देती हैं। उदाहरण के लिए, इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और घरेलू मांग में हल्की कमी ने चांदी के भाव में हल्की गिरावट लाने का काम किया। वहीं आरटीजीएस ट्रेडिंग के दौरान बड़े व्यापारी और निवेशक तेजी से खरीद-बिक्री करते रहे, जिससे दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक्सपर्ट के अनुसार छोटे निवेशक 2,75,000 से 2,80,000 प्रति किलो के स्तर पर सतर्क रहते हुए अल्पकालिक अवसरों पर खरीद-बिक्री कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक निवेश के लिए 2,85,000 के आसपास स्थिर भाव देखना बेहतर रहेगा। इस प्रकार बुधवार का दिन सर्राफा बाजार में चांदी के लिए मिश्रित रहा, जिसमें निवेशकों और व्यापारियों को तेजी और मंदी दोनों के संकेत मिले। आगामी हफ्तों में वैश्विक बाजार और घरेलू मांग के रुझानों पर नजर रखकर ही निर्णय लेना उचित होगा।
गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के सामुदायिक निवेश निधि में 1.15 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) कुलदीप कुमार सहित 12 लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इन 12 आरोपियों में समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की महिला पदाधिकारी भी शामिल हैं। सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से चल रहा था। रुपईडीह ब्लॉक एक आकांक्षी ब्लॉक है और नीति आयोग की निगरानी में कार्यरत है। दिसंबर 2023 में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंकिता जैन के निर्देश पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई। लगभग एक साल तक चली इस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ बनाए गए थे। नियमानुसार, प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे। हालांकि, तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख रुपये तक की रकम जारी करवा ली गई। चार अलग-अलग मामलों में जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह, फरेंदा शुक्ल में 21,21,531 रुपये के गबन के आरोप में अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी, कोषाध्यक्ष जोखना देवी व बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं। भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंककुमारी पर केस दर्ज हुआ है। महिला शक्ति ग्राम संगठन, पचरन में 38,85,960 रुपये के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की, कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार आरोपी बनाए गए हैं। राधा महिला ग्राम संगठन,खरगूपुर डींगुर में 42,61,900 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंककुमारी, सचिव काजल तिवारी, कोषाध्यक्ष कांती देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर शेषमणि पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। घोटाले के खुलासे के बाद विकास विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बरेली: क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जालसाजों ने 27 निवेशकों से करीब 1.72 करोड़ रुपए की ठगी की है। आरोपियों ने पीड़ितों को 7 से 15 प्रतिशत प्रतिमाह रिटर्न का झांसा दिया था। यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी के अधिकारी बताकर पहले उनका विश्वास जीता। इसके बाद उन्होंने निवेशकों से रकम जमा करवाई। कैंट थाना क्षेत्र के इचौरिया निवासी दुर्गेश चंद्र शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात बॉमवीटिक फाउंडेशन बीमैक्स रियल्टी कंपनी से जुड़े लोगों से हुई थी। आरोपियों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के माध्यम से निवेशकों को नियमित और सुरक्षित मुनाफा प्रदान करती है। ठगी के लिए जालसाजों ने 13 अप्रैल 2025 को निवेशकों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक होटल में बुलाया। इस बैठक में बड़े-बड़े प्रेजेंटेशन और आकर्षक वादों के जरिए लोगों से लाखों रुपये का निवेश करवाया गया। निवेश के बाद न तो निवेशकों को तय समय पर मुनाफा मिला और न ही उनका मूल धन वापस किया गया। यह ठगी सिर्फ शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। शहर और देहात के विभिन्न इलाकों से जुड़े कुल 27 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। पीड़ितों में से किसी ने 1 लाख रुपये तो किसी ने 32 लाख रुपये तक गंवाए हैं। कई निवेशकों ने अपनी जमा-पूंजी के अलावा उधार लेकर भी इस योजना में निवेश किया था। पीड़ितों की शिकायत पर कैंट पुलिस ने खीरी और सीतापुर के पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें सीईओ महिपाल मौर्य, डायरेक्टर आशा देवी मौर्य, फंड मैनेजर दयाशंकर मौर्य, निकिता मौर्य और देवेंद्र मौर्य शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।
ललितपुर में सक्रिय चिटफंड कंपनी LUCC से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की। तालबेहट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भरत वर्मा (निवासी सिविल लाइन, ललितपुर), मुकेश कुमार जैन (निवासी मड़ावरा, ललितपुर), रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी (निवासी लेखपाल कॉलोनी, ललितपुर, वर्तमान पता भोपाल) और विनोद कुमार तिवारी उर्फ रानू (निवासी लेखपाल कॉलोनी, ललितपुर, वर्तमान पता भोपाल) शामिल हैं। पैसा वापस मांगने पर आरोपियों ने टाल-मटोल की पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा तालबेहट थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि इन लोगों ने एक संगठित गिरोह बनाकर LUCC नामक चिटफंड कंपनी के माध्यम से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और निवेश के नाम पर उसकी धनराशि हड़प ली। जब पीड़ित ने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने टाल-मटोल की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। अन्य राज्यों में फैला नेटवर्क पुलिस पूछताछ में रविशंकर तिवारी और विनोद तिवारी ने बताया कि वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने LUCC नाम से एक चिटफंड कंपनी बनाई थी। जानबूझकर अलग-अलग राज्यों के लोगों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर उन्हें कंपनी का डायरेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी बनाया गया, जबकि कंपनी का पूरा संचालन समीर अग्रवाल और उसके मुंबई, इंदौर, लखनऊ सहित अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क द्वारा किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे महंगे होटलों में सेमिनार आयोजित करते थे, जहां लोगों को विदेश यात्रा, महंगी गाड़ियां, मुफ्त होटल और कपड़ों का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। निवेशकों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनका पैसा गोल्ड माइंस, लोहे की खदानों और तेल के कुओं में लगाया जा रहा है और पांच वर्षों में रकम दोगुनी होकर पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। कंपनी द्वारा अल्टो ग्रुप, स्कॉर्पियो ग्रुप, एक्सयूवी ग्रुप समेत करीब 10 अलग-अलग स्कीमें बनाई गई थीं, जिनके जरिए भोले-भाले लोगों को करोड़ों रुपये निवेश कराने के लिए उकसाया गया। ललितपुर, टीकमगढ़, सागर, अशोकनगर, झांसी और विदिशा सहित कई जिलों में नेटवर्क फैलाकर सैकड़ों करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया गया। अवैध कारोबार से मिली भारी कमीशन राशि आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार से मिली भारी कमीशन राशि से उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर ललितपुर, भोपाल और इंदौर में होटल, प्लॉट और जमीनें खरीदीं तथा विलासितापूर्ण जीवन जिया। शिकायत से बचने के लिए कंपनी का नाम और कार्यालय लगातार बदले जाते थे। आरोपी भरत वर्मा ने बताया कि वह LUCC कार्यालय में विभिन्न शाखाओं से नकदी संग्रह का काम करता था। इसके बदले उसे 50 हजार रुपए मासिक वेतन और समय-समय पर नकद उपहार दिए जाते थे। वह प्रतिदिन जमा की गई लाखों रुपए की नकदी का लेखा-जोखा रखकर झांसी स्थित LUCC चेस्ट में भिजवाता था। निवेशकों को एफडी और आरडी प्रमाण पत्र दिए वहीं आरोपी मुकेश जैन ने स्वीकार किया कि वह मड़ावरा स्थित LUCC शाखा का हेड था और उसके माध्यम से करोड़ों रुपए का निवेश कराया गया। शाखा में एकत्र धनराशि को LUCC वैन के जरिए ललितपुर स्थित हेड ऑफिस भेजा जाता था। निवेशकों को कूटरचित एफडी और आरडी प्रमाणपत्र देकर संगठित रूप से धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। एसपी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। निवेशकों से की गई ठगी की कुल राशि और संपत्तियों का आकलन कर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निवेश कर मुनाफा कमाने के चक्कर में घर बेचने वाले कारोबारी के साथ साइबर अपराधियों ने 36 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने की पुलिस से की है। पुलिस मामले की जांच कर केस दर्ज करने की बात कह रही है। 16 बार में पीड़ित ने ठगों द्वारा बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर की। थाने में दी शिकायत में ग्रेटर नोएडा के कासना निवासी व्यक्ति ने बताया कि उनकी प्लास्टिक के पार्ट बनाने की फैक्ट्री है। ट्रेडिंग के नाम पर उनसे बीते साल नवंबर में संपर्क किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से ठग ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बताया कि स्टॉक मार्केट और विभिन्न आईपीओ में निवेश कर प्रतिमाह लाखों रुपए मुनाफा घर बैठे कमाया जा सकता है। कई दिन तक बातचीत करने के बाद ठग ने शिकायतकर्ता से भी निवेश करने के लिए कहा। इसके लिए उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इसमें कई अन्य लोग पहले से ही जुड़े हुए थे। ग्रुप में निवेश संबंधी प्रशिक्षण एक व्यक्ति द्वारा रोजाना दिया जाता था। उसके बताए अनुसार ग्रुप के लोग निवेश कर मुनाफा कमा रहे थे। इसका स्क्रीनशॉट भी उन लोगों द्वारा ग्रुप पर साझा किया जा रहा था। हिचकिचाते हुए पीड़ित ने पहली बार में कम रकम निवेश की। इसपर उसे मुनाफा हुआ और मुनाफा समेत रकम निकालने की अनुमति भी दी गई। पीड़ित को लगा की वह सही जगह पर निवेश कर रहा है और कम समय में अमीर बन सकता है। ऐसे में उसने अपनी सारी जमा पूंजी निवेश कर दी। रकम जब कम पड़ी तो मुनाफे के चक्कर में पीड़ित ने अपना घर भी बेच दिया। टैक्स जमा करने को कहा गया नवंबर में पीड़ित ने करीब तीन लाख, दिसंबर में करीब साढ़े आठ लाख और जनवरी 2026 में 25 लाख रुपए निवेश किए। अचानक से पीड़ित को रकम की आवश्यकता पड़ गई। उन्होंने मुनाफे समेत रकम निकालनी चाही तो ठगों ने विभिन्न करों का हवाला देते हुए और रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित के मना करने पर ठगों ने निवेश की हुई रकम भी वापस न मिलने की धमकी दी। ठगी के इस्तेमाल खातों की दी जानकारीपीड़ित ने पुलिस को उन खातों की भी लिखित जानकारी दी है,जिनका ठगी में इस्तेमाल हुआ। सबसे ज्यादा 15 लाख की रकम पीड़ित ने नौ जनवरी को ट्रांसफर की। आठ जनवरी को दो खातों में 12 लाख रुपए भेजे गए। 18 दिसंबर को भी दो खातों में सात लाख रुपए की रकम भेजी गई। ठगी का सिलसिला करीब दो महीने तक चला। शिकायतकर्ता ने ठगी करने वाली दो महिलाओं और उसके एक सहयोगी के नाम की भी जानकारी पुलिस को दी है। जिन चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल ठगी में हुआ उसकी सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
Weekly Numerology Horoscope: वर्ष 2026 का प्रारंभ गुरुवार से हो रहा है जो की देवगुरु है अतः यह वर्ष हर दृष्टि से 2025 की अपेक्षा अच्छा जाने की संभावना है। इस वर्ष मूल्यवान धातुओ और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। प्रचंड गर्मी होने की प्रबल ...
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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