केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा की समृद्ध समुद्री विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के समुद्री क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद प्रवीण चक्रवर्ती जल्द ही छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता सीए रवि ग्वालानी चेन्नई गए थे, जहां उन्होंने प्रवीण चक्रवर्ती से मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा भेंट करते हुए राज्य का दौरा करने का निमंत्रण दिया। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, रोजगार और निवेश पर हुई चर्चा मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, निवेश बढ़ाने और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक चुनौतियों और उनसे जुड़े संभावित समाधान पर भी विचार साझा किए। रवि ग्वालानी ने प्रवीण चक्रवर्ती को राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि एक अनुभवी अर्थशास्त्री और नीतिगत विशेषज्ञ के रूप में उनकी मौजूदगी संसद में देश की आर्थिक नीतियों को और मजबूत बनाएगी। प्रवीण चक्रवर्ती ने छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि संसद के मानसून सत्र के बाद वे राज्य के दौरे का कार्यक्रम बनाने की कोशिश करेंगे। बतादें कि प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी रायपुर आ चुके हैं और वहां उन्होंने प्रोफेशनल्स कांग्रेस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। वे ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। प्रवीण चक्रवर्ती ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पिलानी स्थित संस्थान से की है और विदेश के एक प्रतिष्ठित संस्थान से प्रबंधन की उच्च शिक्षा हासिल की है। वे वित्तीय क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सीए रवि ग्वालानी रायपुर स्थित भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) की शाखा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे जिला कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। फिलहाल वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में सक्रिय हैं और भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान की राष्ट्रीय परिषद की महिला एवं युवा सदस्य समिति के सह-नामित सदस्य भी हैं।
फॉक्सकॉन करेगा भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश
नई दिल्ली, ताइवान के हॉन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी फॉक्सकॉन सिंगापुर ने अपनी भारतीय इकाई फॉक्सकॉन हॉन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में 37.2 मिलियन डॉलर के निवेश को मंजूरी दे दी है।
मोहर्रम के चलते बंद रहेगा शेयर बाजार, नहीं होगा कारोबार
मुंबई, मोहर्रम के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बंद रहेगा। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिग और बॉरोइंग (एसएलबी) और करेंसी डेरिवेटिव्स पर कारोबार पूरी तरह से बंद रहेगा।
छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने 61.06 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराते थे। इनमें से एक आरोपी के नाम पर 7 से 8 बैंक खाते संचालित मिले, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। गीदम के रहने वाले भूपेंद्र तेलामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 61.06 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। शिकायत के आधार पर धारा 318(4) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच से जुड़े साइबर नेटवर्क के तार जांच के दौरान भारत सरकार के समन्वय पोर्टल, तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। इससे पहले इसी मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपियों की तलाश में भेजी गई टीम ने केरलम के कोझिकोड से मोहम्मद नीजाज आरएम (21), अभिनव श्रीनिवास (23) और मोहम्मद साहिल (21) को गिरफ्तार किया। एक आरोपी के नाम पर मिले 7-8 बैंक खाते पूछताछ में मोहम्मद नीजाज ने स्वीकार किया कि उसके नाम से अलग-अलग बैंकों में 7-8 खाते संचालित थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया जाता था। पुलिस को चकमा देकर भागा, अगले दिन फिर गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून को मोहम्मद नीजाज केरलम के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। स्थानीय थाना में मामला दर्ज कराने के बाद अगले ही दिन उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। कमीशन लेकर रकम दूसरे खातों और क्रिप्टो में भेजते थे पूछताछ में आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने बताया कि वह परिचितों और अन्य लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाता था। इसके बाद कमीशन लेकर रकम दूसरे बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे भेज देता था। वहीं, मोहम्मद साहिल ने भी अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और निकासी में किए जाने की बात स्वीकार की। पुलिस को आरोपियों से साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम डिजिटल और वित्तीय इनपुट मिले हैं। इनकी मदद से नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी की अपील- ऑनलाइन निवेश और टास्क के झांसे में न आएं एसपी गौरव राय ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब, टास्क आधारित कमाई और अज्ञात लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
अदाणी एयरपोर्ट्स ने गुरुवार को अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा की। इस परियोजना के पहले चरण में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।
एमक्योर फार्मा शेयर अपडेट: भारतीय फार्मा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (Emcure Pharmaceuticals) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने कंपनी में अपनी बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई एक ब्लॉक डील के जरिए बेन कैपिटल ने करीब 12 साल पुराने इस निवेश सफर को पूरी तरह खत्म करते हुए कंपनी से एग्जिट कर लिया है। बाजार के बड़े घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs/DIIs) ने इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीदा है।₹352 करोड़ की ब्लॉक डील, इन दिग्गजों ने खरीदे एमक्योर के शेयरस्टॉक एक्सचेंज से मिले ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा में अपनी करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर यानी 19.4 लाख शेयर खुले बाजार में बेचे हैं। यह पूरी डील औसतन ₹1,817 प्रति शेयर की कीमत पर हुई, जिसकी कुल वैल्यू 352 करोड़ रुपये है।इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने भरोसा जताया है:HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस: इसने सबसे बड़ा दांव लगाते हुए ₹130 करोड़ में 7.1 लाख शेयर खरीदे।एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF): फंड हाउस ने ₹50 करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो में शामिल किए।आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF: इन्होंने ₹47.5 करोड़ निवेश कर 2.6 लाख शेयर खरीदे।इसके अलावा ग्लोबल इनवेस्टर सेंटिमेंट को दर्शाते हुए HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बीएनपी पारिबा (BNP Paribas) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने भी ₹25-25 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।शार्क टैंक फेम नमिता थापर से है नाता, 2024 में आया था IPOएमक्योर फार्मा देश की उन चुनिंदा दवा कंपनियों में से है जिसकी पहचान घर-घर में है। बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की लोकप्रिय जज नमिता थापर इस कंपनी में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता इस कंपनी के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।कंपनी के शेयर बाजार के सफर की बात करें तो:जुलाई 2024 में कंपनी का ₹1,952.03 करोड़ का आईपीओ (IPO) आया था।मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) ₹35,600 करोड़ के पार निकल चुका है।फिलहाल बीएसई (BSE) पर एमक्योर फार्मा के शेयर की कीमत ₹1,881.90 के स्तर पर टिकी हुई है।मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास अभी भी 77.87 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है।निवेशकों की कराई तगड़ी कमाई, 1 साल में 40% का बंपर रिटर्नबाजार में लिस्ट होने के बाद से ही इस फार्मा स्टॉक ने निवेशकों को लगातार मालामाल किया है। पिछले कुछ समय में शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें शानदार तेजी देखने को मिली है:1 साल का रिटर्न: शेयर की कीमत में करीब 40 प्रतिशत की मजबूती आई है।6 महीने का रिटर्न: इस अवधि में स्टॉक ने 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दिया है।2 हफ्ते का रिटर्न: हालिया दो हफ्तों में भी यह शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला है।₹10 की फेस वैल्यू वाले इस स्टॉक में आ रही लगातार तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।कैसी है एमक्योर फार्मा की वित्तीय सेहत? जानिए मुनाफे के आंकड़ेहिस्सेदारी की इस फेरबदल के बीच कंपनी के वित्तीय नतीजे भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जनवरी-मार्च 2026 (Q4FY26) की तिमाही में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹1,467.70 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी ने ₹233.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) दर्ज किया।अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹5,243.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया है और सालाना शुद्ध मुनाफा ₹732.96 करोड़ रहा है। वित्तीय मोर्चे पर इस मजबूती के कारण ही बेन कैपिटल के एग्जिट के बाद भी घरेलू फंड हाउसेज ने स्टॉक में खरीदारी करने में जरा भी देर नहीं लगाई।
एशियन मार्केट अपडेट (26 जून): वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच आज एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वॉल स्ट्रीट पर कल रात आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर आज सुबह एशियाई देशों के सूचकांकों पर साफ नजर आ रहा है। दिग्गज टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई अचानक गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते बाजार में चौतरफा मुनाफावसूली हावी है।टेक शेयरों की कमजोरी से सहमा एशियाई बाजार, निक्केई और कोस्पी औंधे मुंह गिरेशुक्रवार सुबह के कारोबारी सत्र में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई (Nikkei) करीब 4.18 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69,341.00 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में 7.38 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।अन्य एशियाई बाजारों का हाल भी कुछ ऐसा ही है:ताइवान का बाजार: 2.28% टूटकर 45,200.59 के स्तर पर आ गया।हैंगसेंग (हांगकांग): 2.32% की कमजोरी के साथ 22,541.00 पर ट्रेंड कर रहा है।स्ट्रेट टाइम्स (सिंगापुर): यहां भी 0.89% की सुस्ती देखी जा रही है।हालांकि, इन सबके उलट चीन का शंघाई कम्पोजिट विपरीत दिशा में चलते हुए 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर टिका हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों की ओर से बेहतर भविष्य के अनुमान (गाइडेंस) आने के बावजूद निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं।आज भारतीय शेयर बाजार बंद, BSE और NSE में नहीं होगी कोई हलचलअगर आप आज घरेलू शेयर बाजार में ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए। भारतीय शेयर बाजार (BSE और National Stock Exchange) आज, 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर पूरी तरह बंद हैं। आज इक्विटी, डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। अब बाजार में सोमवार को नियमित रूप से ट्रेडिंग शुरू होगी।वॉल स्ट्रीट पर फीकी पड़ी रफ्तार, Apple की इस घोषणा से मची हलचलअमेरिकी बाजार (Wall Street) में गुरुवार का सत्र काफी मिला-जुला और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) बड़े तकनीकी शेयरों में गिरावट के चलते नुकसान के साथ बंद हुआ। दिग्गज टेक कंपनी Apple के शेयरों में 6.1% की भारी गिरावट आई, जिसने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया। दरअसल, कंपनी द्वारा Mac, iPad और होम डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाने के फैसले से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। इसका असर 'मैग्निफिसेंट सेवन' (दिग्गज टेक समूह) के अन्य शेयरों पर भी पड़ा।अमेरिकी बाजारों का क्लोजिंग स्टेटस:Dow Jones: 71.72 अंक (0.14%) बढ़कर 51,920.62 पर बंद।S&P 500: 0.73 अंक (0.01%) की मामूली गिरावट के साथ 7,357.49 पर बंद।Nasdaq: 118.03 अंक (0.46%) फिसलकर 25,358.60 के स्तर पर बंद हुआ।माइक्रोन टेक्नोलॉजी की शानदार कमाई और मजबूत आउटलुक के बावजूद अमेरिकी बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रहे।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव से कच्चे तेल में सुस्ती, बॉन्ड यील्ड घटीवैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रेड रूट 'होर्मुज स्ट्रेट' में एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पसंदीदा महंगाई आंकड़ों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से बॉन्ड मार्केट को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को टाल सकता है।AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और चिप स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशक सतर्कमौजूदा समय में दुनिया भर के बाजारों में इस बात को लेकर बहस और चिंता छिड़ी हुई है कि टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश से वास्तविक रिटर्न कब और कितना मिलेगा। यही वजह है कि टेक और चिप मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में भारी अस्थिरता है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 इस तिमाही में अपनी पहली मासिक गिरावट दर्ज करने की कगार पर हैं।भले ही क्वालकॉम ने साल 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री 15 अरब डॉलर से पार ले जाने का भरोसा जताया हो, लेकिन आज एशियाई बाजार में चिप कंपनियों (SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स) के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है।OpenAI का IPO अब 2027 तक टलने की खबरटेक जगत से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी OpenAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। आंतरिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी अब अपने IPO को साल 2027 तक टालने की योजना बना रही है, जिससे टेक निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा है।
नवा रायपुर में पहली गारमेंट यूनिट की नींव रखी गई 235 करोड़ का निवेश, 4650 को मिलेगा रोजगार
राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए गुरुवार को नवा रायपुर के प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की नींव रखी गई। वाणिज्य-उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास व पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की 235 करोड़ रुपए की परियोजना का भूमिपूजन किया। इस यूनिट से 4650 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। कंपनी यहां किड्स वियर और निट गारमेंट्स का उत्पादन करेगी। इनका निर्यात यूरोप और अमेरिका के बाजारों में किया जाएगा। नवा रायपुर में 81 एकड़ में विकसित हो रहे आधुनिक टेक्सटाइल पार्क में टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल और सहायक उद्योगों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। तीनों परियोजनाओं में करीब 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। पांच साल तक उद्योगों को रोजगार सहायता छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता देने के प्रावधान हैं। एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने की अपार क्षमता है। स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है। सरकार घर के पास ही रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।-लखन लाल देवांगन, वाणिज्य-उद्योग मंत्री हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टिविटी समेत निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। -ओपी चौधरी, आवास व पर्यावरण मंत्री।
निवेश के नाम पर 61 लाख ठग क्रिप्टो करंसी में खपाए
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा गीदम थाना क्षेत्र में ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर 61.06 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने केरल से अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर ठगी की रकम ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गीदम निवासी भूपेंद्र तेलामी को ऑनलाइन टास्क के जरिए भारी मुनाफे का झांसा दिया गया था। इसी बहाने 61.06 लाख रुपए की ठगी हुई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए। बैंक खातों की कड़ियां जोड़ीं। तार केरल से जुड़े मिले। पुलिस इस केस में पहले महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, केरल से भी कई आरोपियों को पकड़ चुकी है। इस बार विशेष टीम ने केरल के कोझिकोड जिले में दबिश दी। तीन और आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नीजाज आर.एम. 21 साल का है। इसके नाम पर 7 से 8 अलग-अलग बैंकों में खाते चल रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने और निकालने में होता था। दूसरा आरोपी अभिनव श्रीनिवास 23 साल का है। यह दूसरों के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाता था। ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर कराता था। मोटा कमीशन लेता था। रकम आगे भेज देता था। तीसरा आरोपी मोहम्मद साहिल 21 साल का है। यह लेन-देन की पूरी मॉनिटरिंग करता था। जांच में सामने आया है कि अभिनव श्रीनिवास ठगी की रकम को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए क्रिप्टो में बदलकर आगे रूट करता था। पुलिस डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है।
SIP से अमीर बनने का सबसे बड़ा सीक्रेट! 28 साल के ऐतिहासिक डेटा ने खोले निवेश के 4 बड़े राज
अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा कितने दिनों के लिए लगाएं? बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में से कौन सा फंड आपके भविष्य के सपनों को सच करेगा? इन सभी उलझनों को दूर करने के लिए पिछले 28 सालों के मार्केट डेटा का एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है, जो हर भारतीय निवेशक की आंखें खोल देगा।पहला जवाब: कम से कम कितने साल तक जारी रखनी चाहिए SIP?ऐतिहासिक डेटा का सबसे पहला और ठोस निष्कर्ष यह है कि एसआईपी में समय का बहुत बड़ा महत्व है। अगर आप सिर्फ 1 से 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण आपको नुकसान होने का डर रहता है। लेकिन डेटा बताता है कि जैसे ही आप अपने निवेश की अवधि को 7 से 10 साल या उससे ऊपर ले जाते हैं, तो आपके नुकसान की संभावना (रिस्क) लगभग जीरो हो जाती है। लंबी अवधि में 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का जादू काम करता है, जो आपके छोटे से निवेश को एक बड़े फंड में बदल देता है।दूसरा जवाब: लार्ज, मिड या स्मॉल कैप—कहां टिकेगा आपका पैसा?28 सालों के आंकड़ों ने फंड्स की परफॉर्मेंस को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है:लार्ज कैप फंड्स: ये देश की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस) में पैसा लगाते हैं। यहां रिस्क सबसे कम होता है और रिटर्न में स्थिरता मिलती है। नए निवेशकों या सुरक्षित दांव खेलने वालों के लिए यह बेस्ट है।मिड कैप फंड्स: ये मझोली कंपनियों में निवेश करते हैं। डेटा के मुताबिक, लंबी अवधि में इन्होंने लार्ज कैप से बेहतर और स्मॉल कैप से अधिक स्थिर रिटर्न दिया है।स्मॉल कैप फंड्स: ये छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है, लेकिन जब बाजार तेज दौड़ता है, तो यही स्मॉल कैप फंड्स सबसे ज्यादा छप्परफाड़ रिटर्न कमा कर देते हैं।तीसरा जवाब: रिटर्न की रेस में किसने मारी बाजी?पिछले 28 वर्षों के लंबे सफर में अलग-अलग समय पर मार्केट ने कई उतार-चढ़ाव देखे—जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोरोना काल। डेटा गवाह है कि जिन निवेशकों ने बिना डरे स्मॉल और मिड कैप फंड्स में अपनी SIP को 15 से 20 साल तक जारी रखा, उन्हें औसतन 15 से 18 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिला है। वहीं, लार्ज कैप फंड्स ने भी विपरीत परिस्थितियों में 12 से 14 प्रतिशत का बेहद सुरक्षित और शानदार रिटर्न मेंटेन किया है, जो बैंक एफडी या पारंपरिक बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।चौथा जवाब: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है परफेक्ट पोर्टफोलियो फॉर्मूला?देश के टॉप फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस 28 साल के डेटा के आधार पर एक खास फॉर्मूला सुझाते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (GDP) का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को किसी एक जगह ब्लॉक नहीं करना चाहिए। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए अपनी कुल एसआईपी रकम का 50 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप (स्थिरता के लिए), 30 फीसदी मिड कैप (ग्रोथ के लिए) और 20 फीसदी स्मॉल कैप (एक्स्ट्रा हाई रिटर्न के लिए) में बांटना सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला कदम साबित होता है।
टाटा संस की लिस्टिंग टलेगी? RBI के इस बड़े यू-टर्न ने दी टाटा ग्रुप को राहत
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया कदम से देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह, टाटा संस (Tata Sons) को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बाजार में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने के कड़े नियम से छूट मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो टाटा ग्रुप के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं होगा।क्या था RBI का वो नियम जिससे बढ़ी थीं टाटा की मुश्किलें?पूरा मामला आरबीआई के 'अपर लेयर' एनबीएफसी (NBFC) नियमों से जुड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत टाटा संस को एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) और 'अपर लेयर' एनबीएफसी के रूप में क्लासीफाइड किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऐसी कंपनियों के लिए सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी रूप से अनिवार्य था। टाटा संस पिछले काफी समय से इस अनिवार्य लिस्टिंग से बचने के कानूनी रास्ते तलाश रहा था, क्योंकि ग्रुप अपनी होल्डिंग कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने पास रखना चाहता है।RBI का यू-टर्न और टाटा संस के लिए राहत का रास्ताअब रेगुलेटरी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, आरबीआई अपने कुछ कड़े नियमों में ढील देने या उनके रिव्यू पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कुछ विशेष परिस्थितियों वाली बड़ी होल्डिंग कंपनियों को इस अनिवार्य लिस्टिंग के नियम से छूट देने की राह पर आगे बढ़ सकता है। अगर आरबीआई आधिकारिक तौर पर इस यू-टर्न को मंजूरी देता है, तो टाटा संस को आईपीओ (IPO) लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचने के दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।लोकल मार्केट और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?मुंबई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देश भर के रिटेल निवेशकों की नजरें इस खबर पर टिकी हैं। अगर टाटा संस की लिस्टिंग टलती है, तो टाटा ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टीसीएस (TCS) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग टलने से टाटा संस के भीतर की रीस्ट्रक्चरिंग का दबाव खत्म होगा, जिससे ग्रुप अपनी पूंजी का इस्तेमाल नए जमाने के बिजनेस जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी (EV) और डिजिटल सेक्टर में ज्यादा आक्रामक तरीके से कर पाएगा।
महिला साइबर ठग ने एक कारोबारी को करीब पांच माह तक लालच के जाल में फंसाकर 3.16 करोड़ रुपये ठग लिए। डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग कर करोड़ों रुपये कमाने का आरोपी ने झांसा दिया। पांच माह तक निवेश करने के बाद भी रकम नहीं निकली तो कारोबारी को संदेह हुआ। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-150 में रहने वाले रवि राजपाल ने पुलिस को बताया कि वह लेदर कारोबारी हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। 31 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग संबंधी संदेश आया। महिला ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा था संदेश संदेश किसी रिया नाम की महिला ने भेजा था। उसने खुद को डिजिटल गोल्ड एक्सचेंज की जानकार बताया। रवि के मोबाइल नंबर को एसजीई एक्स नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ दिया। ग्रुप में महिला ठग के साथ अन्य सदस्य भी डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मुनाफा होने के स्क्रीन शाट साझा करते। रवि के पूछने पर महिला ने ठग ने बताया कि उसने पांच साल में कई करोड़ रुपये डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में कमाए हैं। पार्ट टाइम इनकम की जा सकती है। पहले निवेश में 19000 का मुनाफा महिला ठग ने रवि को भी लिंक भेजकर एसजीए एक्स नाम की ऐप डाउनलोड कराया। उस पर पंजीकरण कराकर सबसे पहले 19 अप्रैल को 44 हजार रुपये का निवेश कराया। दो दिनों में ऐप पर 19 हजार रुपये का मुनाफा दिखने लगा। उन्होंने रकम को वापस अपने बैंक खाते में निकालकर देखा तो रकम क्लिक करते ही खाते में आ गई। 21 बार में डालें 3 करोड़ 16 लाख इससे रवि को महिला ठग पर विश्वास हो गया। महिला ठग के कहने पर रवि लगातार निवेश करने लगे। 26 मई तक पीड़ित कारोबारी ने 21 बार में तीन करोड़ 16 लाख दो हजार 423 रुपये ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऐप पर छह करोड़ से ज्यादा का पोर्टफोलियो दिखने लगा। रवि जैसे ही रकम निकालने का प्रयास करता। महिला ठग और रकम निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने की बात कहकर टरका देती। इससे रवि को संदेह हुआ। अलग-अलग राज्यों में खुले बैंक खातों में पहुंची रकमपुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि पीड़ित ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी, वह देश के विभिन्न राज्यों में खोले गए थे। इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडू, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और झारखंड आदि हैं। पुलिस इन बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने का प्रयास कर रही है।
शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने तीन प्रमुख कंपनियों—कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, टोरेंट गैस और सत्य एजेंसीज को अपना आईपीओ (IPO) लाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन तीनों कंपनियों के बाजार में उतरने से पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। ये कंपनियां न केवल अपने कारोबार का विस्तार करेंगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का एक नया मौका लेकर आएंगी।जानिए किन कंपनियों को मिली 'हरी झंडी'सेबी की मंजूरी पाने वाली इन तीनों कंपनियों का ताल्लुक देश के अलग-अलग राज्यों से है:कनोहर इलेक्ट्रिकल्स (उत्तर प्रदेश): यह ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है।टोरेंट गैस (गुजरात): यह कंपनी सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है।सत्य एजेंसीज (तमिलनाडु): यह दक्षिण भारत की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बड़ी रिटेल चेन है।आईपीओ का साइज और निवेश का लक्ष्यकंपनियों द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, सत्य एजेंसीज आईपीओ के जरिए कुल 600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। वहीं, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी और प्रमोटर 1.45 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। टोरेंट गैस ने सेबी के 'प्री-फाइलिंग रूट' का इस्तेमाल किया है, जिससे वे अपने इश्यू साइज को फिलहाल गोपनीय रखने में सक्षम हैं। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना, व्यावसायिक विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना है।क्या है इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल?कनोहर इलेक्ट्रिकल्स: यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए ट्रांसफॉर्मर बनाती है। यह भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।टोरेंट गैस: गुजरात के 34 जिलों में सक्रिय, टोरेंट गैस के पास 526 सीएनजी स्टेशन और 2 लाख से अधिक पाइप्ड गैस कनेक्शन हैं। यह ऊर्जा क्षेत्र की एक उभरती हुई बड़ी कंपनी है।सत्य एजेंसीज: दक्षिण भारत में इनका दबदबा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी में इनके फिजिकल स्टोर्स का विशाल नेटवर्क है, जो होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचते हैं।इन कंपनियों के आईपीओ बाजार में आने के बाद निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता लाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। आने वाले हफ्तों में इनके इश्यू प्राइस और तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला और निफ्टी 24,100 के पार
भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत बेहद शानदार और सकारात्मक रही है। ओपनिंग बेल बजते ही घरेलू स्टॉक मार्केट पूरी तरह से हरे निशान में नहाया हुआ नजर आया। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की चौतरफा खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की भारी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24,100 के पार निकल गया है।आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में आई तूफानी तेजीआज के शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी (Information Technology) और रियल्टी (Real Estate) सेक्टर के शेयरों में देखने को मिल रही है। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली दर्ज की गई है, जिससे पूरे सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। इसके साथ ही रियल्टी इंडेक्स भी आज सुबह से ही रॉकेट बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से आ रहे अच्छे संकेतों और तकनीकी कंपनियों के बेहतर आउटलुक के कारण निवेशक इन सेक्टर्स पर जमकर दांव लगा रहे हैं, जिससे बाजार की इस तेजी को और मजबूती मिल रही है।वैश्विक संकेतों और लोकल सेंटीमेंट्स ने बाजार को दिया सहाराआज सुबह एशियाई बाजारों से मिल रहे मजबूत और सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर आज हमारे घरेलू बाजार पर ओपनिंग के समय ही साफ तौर पर दिखाई दिया। इसके अलावा, देश के स्थानीय और क्षेत्रीय बाजारों से आ रहे मजबूत आर्थिक आंकड़े (Local Economic Data) और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बेहतर अनुमानों ने भी बाजार के सेंटीमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। ओपनिंग मिनटों में ही चौतरफा खरीदारी आने से ट्रेडर्स काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।निफ्टी के इन शेयर्स में दिख रही है सबसे ज्यादा हलचलशुरुआती कारोबार में निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में आईटी और रियल्टी दिग्गजों के साथ-साथ कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयर्स भी शामिल हैं। निवेशकों द्वारा छोटे और मझोले (Midcap & Smallcap) शेयरों में भी दिलचस्पी दिखाए जाने के कारण बाजार का चौतरफा आउटलुक काफी मजबूत नजर आ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी आज 24,100 के स्तर के ऊपर खुद को बनाए रखने में कामयाब रहता है, तो आने वाले ट्रेडिंग सेशन्स में हमें बाजार में और भी नए रिकॉर्ड बनते हुए दिखाई दे सकते हैं।निवेशकों और इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज क्या है विशेषज्ञों की रायबाजार के मौजूदा रुख को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स और तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि आज इंट्राडे ट्रेडर्स को 'बाय ऑन डिप्स' यानी हर छोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। निफ्टी के लिए अब 24,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आज के तेजी वाले माहौल में निवेशकों को आईटी और रियल्टी के साथ-साथ लार्ज-कैप शेयरों पर विशेष फोकस रखना चाहिए, लेकिन किसी भी नए निवेश से पहले स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026' के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में उत्तर प्रदेश निवेश और औद्योगिक विकास के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट जैसी देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उनकी नीतियों की जमकर सराहना की। कॉरपोरेट लीडर्स ने एक सुर में कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। उत्तर प्रदेश भारत की विकास गाथा का केंद्र: अमित शेट्टी एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास गाथाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा राज्य नहीं है, बल्कि यह नए भारत की महत्वाकांक्षा, प्रतिभा और उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण में यूपी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। अमित शेट्टी ने विशेष रूप से तीन शहरों का जिक्र किया: नोएडा और ग्रेटर नोएडा: मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और जेवर एयरपोर्ट के कारण यह क्षेत्र एनसीआर के भीतर सबसे आकर्षक बिजनेस और टेक्नोलॉजी हब बन चुका है। लखनऊ: राजधानी अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं रही, बल्कि एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है, जहां मजबूत टैलेंट बेस और बढ़ती सर्विस इकोनॉमी मौजूद है। लखनऊ में खुलेगी आईबीएम की सॉफ्टवेयर लैब; जनरेटिव एआई पर होगा काम आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद राज्य बन गया है। निवेश मित्र पोर्टल, सिंगल विंडो सिस्टम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता सराहनीय है। तेजस्विनी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में लखनऊ में 'एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर' लॉन्च करने के बाद अब आईबीएम लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने जा रही है। यह अत्याधुनिक लैब जनरेटिव एआई (Generative AI) और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी, जो आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी। नोएडा में कॉग्निजेंट के 10 हजार कर्मचारी, जीसीसी नीति की तारीफ कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के मामले में बेहद प्रतिस्पर्धी केंद्र बन चुके हैं। कॉग्निजेंट ने साल 2015 में यूपी में कदम रखा था और आज केवल नोएडा में ही कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। गौरव हाजरा ने उत्तर प्रदेश की जीसीसी नीति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बड़े निवेशकों के लिए 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट और लचीली नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सबसे आकर्षक बनाती हैं। इसके अलावा लखनऊ में बन रही 'एआई सिटी' और 'एआई प्रज्ञा' जैसी पहल राज्य को भविष्य की एआई आधारित अर्थव्यवस्था में सबसे आगे ले जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC Sector) में पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अब 1 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति (Asset Size) वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को 'अपर लेयर' (NBFC-UL) कैटेगरी में रखने के नियमों को बेहद आसान और ठोस बना दिया है।आरबीआई के इस नए फैसले के बाद अब सबसे बड़ा असर देश के दिग्गज कॉर्पोरेट घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) पर पड़ने जा रहा है। नए और कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कारण टाटा संस के लिए अब शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने से बचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि रिजर्व बैंक का यह नया नियम क्या है और इससे टाटा संस की मुश्किलें क्यों बढ़ गई हैं।अब क्या है अपर लेयर NBFC की पहचान का नया पैमाना?पहले के नियमों (फ्रेमवर्क) के तहत, अपर लेयर NBFC की पहचान करने के लिए कंपनियों के आकार (Size), इंटरकनेक्टेडनेस (आपसी जुड़ाव) और उनकी जटिलता पर आधारित एक पेचीदा स्कोरिंग पद्धति (Scoring Method) का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब केंद्रीय बैंक ने इस जटिल तरीके को हटाकर एक साफ और सीधा मानदंड अपना लिया है।नए संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार:1 लाख करोड़ का नियम: अब वे सभी NBFC अपर लेयर का हिस्सा होंगी, जिनका कुल एसेट साइज (संपत्ति का आकार) चालू वित्त वर्ष की लेटेस्ट ऑडिटेड बैलेंस शीट के अनुसार 1,00,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है।हर 3 साल में समीक्षा: इस 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट साइज सीमा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और हर 3 साल में इस लिमिट को दोबारा परखा जाएगा।ग्रुप एंटिटी के लिए नियम: यदि कोई NBFC किसी कमर्शियल बैंक की ग्रुप एंटिटी है और दोनों एक जैसा बिजनेस या गतिविधि कर रहे हैं, तो उस NBFC को सभी कड़े नियमों का पालन करना ही होगा, चाहे वह किसी भी लेयर में आती हो।स्केल बेस्ड रेगुलेशन (SBR) के तहत NBFC की 4 कैटेगरीरिजर्व बैंक वित्तीय जोखिम (Risk Profile) और देश की अर्थव्यवस्था के लिए उनके महत्व के आधार पर एनबीएफसी को रेगुलेट करता है। इसके तहत पूरे सेक्टर को चार स्तरों (Layers) में बांटा गया है:लेयर का नामकौन सी कंपनियां आती हैं इसमें?1. NBFC-बेस लेयर (NBFC-BL)सबसे निचले स्तर की कंपनियां, जिन पर कम नियम लागू होते हैं।2. NBFC-मिडिल लेयर (NBFC-ML)मध्यम आकार की एनबीएफसी।3. NBFC-अपर लेयर (NBFC-UL)1 लाख करोड़ रुपये से अधिक एसेट वाली शीर्ष कंपनियां, जिन पर कड़े नियम लागू होते हैं।4. NBFC-टॉप लेयर (NBFC-TL)यदि अपर लेयर की किसी कंपनी से सिस्टम को बहुत बड़ा जोखिम दिखता है, तो उसे इस टॉप लेयर में डाला जाता है।टाटा संस के लिए प्राइवेट बने रहने का रास्ता कैसे हुआ बंद?अपर लेयर एनबीएफसी को लेकर आए इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरा वित्तीय बाजार टाटा ग्रुप की पैरेंट कंपनी टाटा संस पर नजरें गड़ाए हुए है। टाटा संस वर्तमान में एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रिजर्व बैंक के पास रजिस्टर्ड है।विवाद और पृष्ठभूमि:आरबीआई ने साल 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की सूची में डाल दिया था। नियमों के मुताबिक, इस श्रेणी में आने वाली किसी भी कंपनी को तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। लेकिन टाटा संस स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की कड़ी बाध्यताओं से बचना चाहती थी, जिसके लिए उसने अपना सीआईसी (CIC) लाइसेंस रद्द करने और एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी आरबीआई को दी थी।क्यों बढ़ीं मुश्किलें?इकोनॉमिक टाइम्स इंटेलिजेंस ग्रुप (ETIG) के ताजा वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, केवल स्टैंडअलोन बेसिस (Standalone Basis) पर ही टाटा संस की कुल संपत्ति लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये की है। यह आरबीआई द्वारा तय की गई 1 लाख करोड़ रुपये की नई सीमा से बहुत ज्यादा है। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड मार्केट कैप 300 अरब डॉलर से भी ऊपर जा चुका है।आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वह नियमों में किसी भी कंपनी को कोई विशेष छूट नहीं देगा। ऐसे में टाटा संस का एसेट साइज बहुत बड़ा होने के कारण वह स्वतः ही अपर लेयर के दायरे में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्ट रुख के बाद टाटा संस के एक 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी बने रहने की बची-खुची संभावनाएं भी खत्म हो गई हैं और आने वाले समय में उसे भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना ही पड़ेगा।
देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट घराने 'टाटा ग्रुप' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से एक बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (NBFC) के नियमों को सख्त बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे टाटा संस को रेगुलेटरी मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है।आरबीआई ने एनबीएफसी की 'अपर-लेयर' (Upper-Layer) में शामिल होने के लिए एसेट (संपत्ति) की सीमा को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये करने की कॉर्पोरेट जगत की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आसान भाषा में समझें तो आरबीआई के इस कड़े रुख का मतलब यह हुआ कि टाटा संस अभी भी रिजर्व बैंक के कड़े निगरानी दायरे (CIC-Core Investment Company) में बनी रहेगी और नियमों के तहत उसे भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य होगा।क्यों एसेट लिमिट में बदलाव चाहती थी टाटा संस?एनबीएफसी सेक्टर और टाटा ग्रुप की तरफ से लंबे समय से यह दलील दी जा रही थी कि किसी भी कंपनी के दर्जे को तय करने के लिए केवल संपत्ति का आकार ही नहीं, बल्कि उसके मुनाफे, वित्तीय स्थिरता और एसेट क्वालिटी को भी पैमाना बनाया जाना चाहिए। यदि आरबीआई इंडस्ट्री की मांग को मानते हुए एसेट लिमिट को बढ़ाकर ढाई लाख करोड़ रुपये कर देता, तो टाटा संस इस कड़े नियम के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाती।वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के आंकड़ों के अनुसार, टाटा संस की कुल standalone संपत्ति 1.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यह संपत्ति आरबीआई की मौजूदा 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा से तो अधिक है, लेकिन प्रस्तावित ढाई लाख करोड़ रुपये की सीमा से कम थी। हालांकि, रिजर्व बैंक अपने इस वित्तीय स्थिरता के फैसले से टस से मस नहीं हुआ।डूबी कंपनी तो पूरे फाइनेंशियल सिस्टम को खतरा: आरबीआईएक लाख करोड़ रुपये की इस सीमा को बरकरार रखने के पीछे रिजर्व बैंक ने बेहद मजबूत तर्क दिया है। आरबीआई का कहना है कि यह लिमिट मौजूदा एनबीएफसी सेक्टर की जमीनी हकीकत और इस दायरे में आने वाली कंपनियों के वित्तीय प्रोफाइल का गहन विश्लेषण करने के बाद ही तय की गई है।केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि 'टू बिग टू फेल' (Too Big to Fail) के सिद्धांत के तहत इस स्तर की किसी भी बड़ी वित्तीय कंपनी के डूबने या संकट में आने से पूरे देश के फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता और बैंकिंग नेटवर्क को बड़ा खतरा हो सकता है। आपको बता दें कि आरबीआई ने सबसे पहले सितंबर 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की श्रेणी में डाला था, जिसके बाद से ही उसके लिए शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना कानूनी रूप से जरूरी हो गया था।कर्ज चुकाकर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की चाल; बोर्ड में खुलकर आया मतभेदशेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ की कड़े वैधानिक नियमों व बाध्यताओं से बचने के लिए टाटा संस ने पिछले दिनों एक रणनीतिक कदम उठाया था। कंपनी ने अपने ऊपर बकाया सभी तरह के कर्जों को पूरी तरह चुका दिया (Debt-Free) और खुद को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के दायरे से बाहर बताते हुए आरबीआई के पास अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर (रद्द) करने के लिए आवेदन कर दिया। टाटा संस का यह आवेदन अभी भी आरबीआई के पास लंबित (Pending) है।इस बीच, टाटा संस के बोर्ड रूम के भीतर लिस्टिंग को लेकर दो बड़े दिग्गजों के बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं:नोएल टाटा (Noel Tata): टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामांकित डायरेक्टर नोएल टाटा कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ लाने के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि होल्डिंग कंपनी की गोपनीयता बनी रहनी चाहिए।वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan): ट्रस्ट के ही दूसरे नामांकित डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन लिस्टिंग के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि पब्लिक लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स ही टाटा संस में सबसे बड़ी और मुख्य शेयरधारक (Shareholder) है, इसलिए बोर्ड के इस आंतरिक विवाद पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हैं।standalone बैलेंस शीट से होगी जांच; बढ़ेंगी टाटा संस की मुश्किलेंआरबीआई ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी एनबीएफसी कंपनी का मूल्यांकन उसके पूरे ग्रुप के एकीकृत खातों (Consolidated Accounts) के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत standalone ऑडिटेड बैलेंस शीट के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक अब हर 5 साल के बजाय हर 3 साल में इस एसेट लिमिट की समीक्षा करेगा ताकि तेजी से बदलते वित्तीय माहौल पर कड़ी नजर रखी जा सके।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी विशिष्ट कंपनी को इस नियम में कोई 'विशेष छूट' या रियायत नहीं देगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की यह टिप्पणी भले ही सीधे तौर पर कुछ सरकारी एनबीएफसी के संदर्भ में आई हो, लेकिन इसका सीधा और गहरा असर टाटा संस के रजिस्ट्रेशन रद्द करने वाले आवेदन पर पड़ेगा, जिससे टाटा संस के लिए अब आईपीओ के रास्ते पर आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी आर्थिक खबर सामने आ रही है। ग्लोबल मार्केट में छाई मंदी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में आई रिकॉर्ड मजबूती के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी हाहाकार मचा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आ रही इस बड़ी गिरावट का आलम यह है कि आज गुरुवार को सोने के दाम टूटकर नवंबर 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर (Lowest Level) पर आ गए हैं।अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से दूरी बना ली है। इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना (Spot Gold) करीब ढाई फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 3,997 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जबकि चांदी भी फिसलकर 57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारतीय घरेलू बुलियन मार्केट में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लुढ़ककर 141,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है।दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,200 और चांदी 4,000 रुपये लुढ़कीअमेरिकी मौद्रिक नीति (US Monetary Policy) को लेकर बदलते वैश्विक अनुमानों के बीच भारतीय बाजारों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते शाम को सोना 1,200 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर सीधे 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि इससे पिछले सत्र में यह 1,49,300 रुपये पर बंद हुआ था।सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव 4,000 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,31,000 रुपये प्रति किलो रह गया। गौर करने वाली बात यह है कि इससे ठीक पिछले सत्र में चांदी में 10,500 रुपये की अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट देखी गई थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस हालिया उठापटक के बाद चांदी अब अप्रैल की शुरुआत वाले अपने निचले स्तर पर वापस पहुंच गई है।क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम? ये हैं 2 सबसे बड़े कारणवैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में आ रहे इस बड़े क्रैश के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं:ईरान जंग का संकट टलना: वैश्विक स्तर पर पिछले काफी समय से ईरान और मिडल ईस्ट में युद्ध को लेकर जो गहरा डर बना हुआ था, वह अब धीरे-धीरे पूरी तरह टलने लगा है। जैसे ही युद्ध की आशंका कम हुई, निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित ठिकानों से अपना मुनाफावसूली (Profit Booking) कर पैसा निकालना शुरू कर दिया और उसे इक्विटी मार्केट में लगाने लगे हैं।अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को लेकर बेहद सख्त संकेत दिए हैं। बाजार के बड़े ट्रेडर्स अब यह मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी तय समय-सीमा से पहले, यानी आगामी सितंबर महीने की शुरुआत में ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला कर सकता है। जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई से धड़ाम हुए रेटइस साल की शुरुआत में जनवरी 2026 के दौरान सोने और चांदी ने जो आसमान छूते हुए रिकॉर्ड स्तर बनाए थे, वर्तमान कीमतें उस मुकाबले आधे से भी कम दाम पर आ चुकी हैं। चांदी जनवरी 2026 में 121 डॉलर प्रति औंस के अपने ऑल-टाइम हाई (All-Time High) पर थी, जो अब वहां से घटकर केवल 57 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गई है। यह दिसंबर 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। वहीं, सोना भी जनवरी में बनाए गए अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर 5,594.82 डॉलर प्रति औंस से अब तक 1,500 डॉलर से ज्यादा टूट चुका है।13 महीने के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा अमेरिकी डॉलरपृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इस समय अपने 13 महीने के सबसे उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर के मजबूत होने का सीधा और विपरीत असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा, दुनिया भर में महंगाई की उम्मीदें कम होने से भी सोने को मिलने वाला पारंपरिक सपोर्ट कमजोर हुआ है।हालांकि, मनोज कुमार जैन का यह भी कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की तरफ से की जा रही लगातार सोने की खरीदारी की वजह से सोने को 3,900 डॉलर के पास एक बेहद मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इस सपोर्ट लेवल के कारण सोना किसी और बड़ी गिरावट से बच सकता है और आने वाले कुछ हफ्तों तक कीमतें इसी सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं।घरेलू बुलियन और IBJA मार्केट की ताजा रेट लिस्टबुलियन मार्केट के समापन सत्र और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा बुधवार शाम को जारी किए गए आधिकारिक रेट्स के अनुसार विभिन्न कैरेट के सोने और चांदी का भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया है:बुलियन मार्केट क्लोजिंग रेट्स (प्रति 10 ग्राम):24 कैरेट गोल्ड: 141,220 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 129,452 रुपये20 कैरेट गोल्ड: 117,683 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 105,915 रुपयेचांदी (प्रति किलो): 213,440 रुपयेIBJA आधिकारिक रेट लिस्ट (बुधवार शाम):24 कैरेट गोल्ड: 142,178 रुपये23 कैरेट गोल्ड: 141,609 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 130,235 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 106,634 रुपयेचांदी (क्लोजिंग प्राइस): 222,035 रुपये प्रति किलोशादियों और त्योहारों के सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई यह भारी गिरावट उन आम ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदने का एक शानदार मौका हो सकती है, जो लंबे समय से सही दामों का इंतजार कर रहे थे।
योगी बोले- बीमारू टैग से बाहर निकला यूपी:बेंगलुरु में उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता
बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखी। योगी ने कहा- आज यूपी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड यानी 3S मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। 9 साल पहले जिस यूपी की पहचान बीमारू राज्य के तौर पर होती थी, वही अब निवेश और उद्योग का बड़ा केंद्र बन रहा है। सभी क्षेत्रों में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है। मैं आज आप सबको यूपी में आमंत्रित करता हूं। इस कार्यक्रम में यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने शिरकत की। जहां यूपी सरकार ने नए निवेश को आकर्षित करने के लिए अपना विजन साझा किया। 2 तस्वीरें देखिए सीएम योगी के भाषण की 5 मुख्य बातें 1. यूपी बना 3S मॉडल, सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीडसीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उद्योगों के लिए 3S मॉडल (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) के रूप में उभर रहा है। किसी भी इंडस्ट्री के विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था, स्थिर माहौल और तेज फैसले जरूरी होते हैं। यूपी ने खुद को एक मजबूत रूल ऑफ लॉ वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। पारदर्शी शासन और निवेश के अनुकूल नीतियों से प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। 2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में यूपी की नई पहचानयूपी में पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, सड़क, रेलवे, एयर और जलमार्ग कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। यूपी के पास देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी से हल्दिया तक नेशनल इनलैंड वाटरवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश को नई गति दे रही हैं। 3. 9 साल में बदली यूपी की तस्वीर और परसेप्शन9 साल पहले उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था, पलायन और विकास की कमी वाले राज्य के रूप में होती थी। लेकिन आज यूपी की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। अब प्रदेश निवेश, उद्योग और विकास की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में आज वह हर सुविधा उपलब्ध है, जो भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है। 4. MSME और इंडस्ट्री सेक्टर में तेज विकासयूपी में आज करीब 96 लाख MSME यूनिट काम कर रही हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्योगों को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े औद्योगिक संस्थानों की संख्या करीब 14 हजार से बढ़कर 33 हजार से अधिक हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग और उद्योगों के लिए यूपी में निवेश की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। 5. स्किल्ड टैलेंट और निवेश के लिए तैयार यूपीयूपी में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट का मजबूत नेटवर्क है। प्रदेश हर साल बड़ी संख्या में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) ग्रेजुएट तैयार करता है। आईआईटी, आईआईएम, टेक्निकल यूनिवर्सिटी और वोकेशनल एजुकेशन संस्थानों के जरिए इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से यूपी की ग्रोथ स्टोरी में भागीदार बनने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। यूपी के निवेश अवसरों पर मंथन, कई सेक्टरों पर हुई चर्चा सीएम योगी ने 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026' के तहत IT, ITeS, AI और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में देश के बड़े उद्योगपति, बिजनेस लीडर और निवेशक शामिल हुए। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, IT-ITeS, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और FDI जैसे क्षेत्रों में यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य की निवेश नीतियों और विकास के अवसरों को लेकर अपने विचार साझा किए। IT और AI सेक्टर के निवेशकों से किया संवाद बैठक में प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश के लिए अनुकूल नीतियों, कुशल मानव संसाधन और AI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर व डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में मौजूद अवसरों को सामने रखा गया। यूपी के विकास मॉडल को प्रस्तुत किया गया, जिसमें बेहतर शहरी विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छी कनेक्टिविटी और निवेश के लिए अनुकूल नीतियों पर जोर दिया गया। निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के सुशासन और मजबूत औद्योगिक माहौल की सराहना की। ………………………… ये खबर भी पढिए… राममंदिर चोरी-SIT ने चंपत राय समेत 17 को आरोपी माना:इन पर FIR लगभग तय; टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़िए…
भिंड में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच भिंड पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए 15 दिवसीय जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ की शुरुआत की है। बुधवार से शुरू हुआ यह अभियान 8 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना है। अभियान के दौरान पुलिस लोगों को साइबर स्वच्छता (साइबर हाइजीन) के महत्व से भी अवगत कराएगी, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी लाई जा सके। भिंड पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बैंक परिसरों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और विभिन्न शासकीय-अर्धशासकीय कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैपिंग, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, म्यूल अकाउंट, फिशिंग, हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, डेटा चोरी, फर्जी लोन, फर्जी नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के उपाय बताए जाएंगे। अभियान के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल बनाए गए हैं। वहीं जिले के सभी अनुभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे। तस्वीरों में देखिए पुलिस की एक्टिविटी साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायतभिंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब या तत्काल लोन देने के प्रलोभन में न आएं। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो घटना के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ माना जाता है। इस दौरान तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कराया जा सकता है और रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर सीएसपी निरंजन राजपूत, एसडीओपी रविंद्र वास्कले, डीएसपी दीपक तोमर, यातायात निरीक्षक राघवेंद्र भार्गव, साइबर सेल के अधिकारी एवं विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
Share Bazaar में आई बड़ी तेजी, Sensex 791 अंक उछला, Nifty भी 24000 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे। एक ...
कोविड के बाद भारत का विदेशी निवेश, वैश्विक रुझान के विपरीत रही थी तेजी
नई दिल्ली, भारत का बाहरी देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (आउटवर्ड एफडीआई) कोविड-19 के बाद के दौर में तेजी से बढ़ा है, जबकि इसके विपरीत दुनिया भर में विदेशी निवेश में गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को जारी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का पूरा कब्जा देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। चौतरफा खरीदारी के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी तेजी का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती पूरी तरह गायब हो चुकी है।ग्लोबल मार्केट के मजबूत संकेतों ने भरा बाजार में दम इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती और एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट दिया है। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता भी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई है।आईटी सेक्टर के शेयरों में लौटी भारी रौनक आज के इस तेजी के चक्रव्यूह में सबसे आगे देश का आईटी (Information Technology) इंडेक्स दौड़ रहा है। पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में भारी वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में सुधार की उम्मीदों और बड़े डील्स की घोषणाओं के चलते निवेशकों ने एक बार फिर आईटी सेक्टर पर अपना भरोसा जताया है, जिससे पूरा इंडेक्स चमक उठा है।लोकल और क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और एआई (AI) आधारित मॉडर्न इन्वेस्टमेंट टूल्स के आ जाने से भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोकल निवेशक भी इस रैली का पूरा फायदा उठा रहे हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Regions) से रिटेल निवेशकों की भागीदारी शेयर बाजार में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। यह स्थानीय निवेश भारतीय शेयर बाजार को एक नया और मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार लगातार रिकवरी मोड में बने हुए हैं।
भिलाई में घरेलू परेशानियां दूर करने, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर एक महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को कभी जिन्न और प्रेत बाधा का डर दिखाया, कभी निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। गुप्त पूजा और पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर डराया। इतना ही नहीं, जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने हाथ की नस काटकर व्हाट्सएप पर फोटो भेज दी और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच में गिरफ्तार बताकर भी लाखों रुपए ऐंठ लिए। भिलाई की रहने वाली संगीता कश्यप ने कोतवाली थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जबलपुर निवासी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदार के जरिए हुई थी पहचान शिकायत के मुताबिक नवंबर 2023 में संगीता कश्यप एक पारिवारिक कार्यक्रम में रायपुर गई थीं। वहां रिश्तेदारों और परिचितों के साथ उनकी मुलाकात पवन बधौलिया से हुई। बातचीत के दौरान महिला ने अपनी घरेलू परेशानियों का जिक्र किया। इस पर पवन ने दावा किया कि उसकी पहुंच ऐसे लोगों तक है जो विशेष पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के जरिए सारी समस्याएं दूर कर सकते हैं। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार उसे फोन कर ग्रह दोष, प्रेत बाधा और जिन्न का डर दिखाने लगा। वह कहता था कि जबलपुर में गुप्त पूजा कराई जा रही है और इसके लिए पैसे भेजने होंगे। आरोपी ने 43 दिन तक दिया जलाने जैसी बातें भी कहीं और पूजा के नाम पर लगातार रकम मांगता रहा। जिन्न से अनिष्ट हो जाएगा', कहकर बनाता था दबाव महिला ने पुलिस को बताया कि जब भी वह पैसे देने में देरी करती थी, आरोपी उसे डराता था कि जिन्न नाराज हो जाएंगे और परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आरोप है कि उसने कई बार दैवीय शक्तियों का डर दिखाकर पैसे लिए। यहां तक कि अपने रिश्तेदार के जरिए 50 हजार रुपए भी एक क्यूआर कोड पर ट्रांसफर करवाए। पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर मांगे डेढ़ लाख शिकायत में महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे कहा था कि यदि विशेष पूजा नहीं कराई गई तो उसके पति का एक्सीडेंट हो सकता है। इसके लिए उसने 1.50 लाख रुपए लिए थे। बाद में महिला के पति का सड़क हादसा हो गया। पति की मौत हो गई। महिला को संदेह है कि आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाकर उससे पैसे वसूले। उसने बताया कि पति के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी आरोपी लगातार पैसों की मांग करता रहा। ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भी लिए लाखों महिला के बेटे विक्रांत कश्यप को भी आरोपी ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर बड़ा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। इसके बाद बेटे के बैंक खातों से भी अलग-अलग किस्तों में रकम भेजी गई। आरोपी ने दावा किया था कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर बड़ा निवेश कर रहा है, जिसमें करोड़ों रुपए का फायदा होगा और महिला को ब्याज समेत पूरी रकम लौटा दी जाएगी। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कभी जेल में होने का बहाना, कभी मां के ऑपरेशन का महिला के अनुसार आरोपी अक्सर अपनी आर्थिक परेशानी बताकर पैसे मांगता था। कभी वह खुद को कोलकाता जेल में बंद बताता, तो कभी मां के ब्रेन हेमरेज और ऑपरेशन का हवाला देता। एक बार उसने पिता की मौत का बहाना बनाकर भी पैसे लिए। 16 अगस्त को आरोपी ने महिला को फोन कर कहा कि उसे उज्जैन के पास पुलिस ने पकड़ लिया है और अब मुंबई क्राइम ब्रांच ले जाया जा रहा है। उसने दावा किया कि पुलिस छोड़ने के लिए 7 लाख रुपए मांग रही है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे और उसके बेटे को फर्जी केस में फंसाने तथा गुंडे भेजने की धमकी दी। डर के कारण उसने अलग-अलग किश्तों में 5 लाख रुपए और भेज दिए। पैसे मांगने पर नस काटकर भेजी फोटो जब महिला और उसके बेटे ने अपने पैसों का हिसाब मांगा तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2025 को उसने अपने हाथ की नस काटकर फोटो खींची और व्हाट्सएप पर भेज दी। इसके जरिए वह महिला पर मानसिक दबाव बनाता रहा। महिला का आरोप है कि जब उसने निवेश की रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसा लौटाने के बजाय सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया। उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, जॉइनिंग लेटर और अधिकारियों से सिफारिश कराने जैसी बातें कहकर लाखों रुपए और ले लिए। आरोपी कभी कहता था कि नियुक्ति पत्र घर तक पहुंच गया था, कभी कहता था कि उसका दोस्त लेटर संभालकर रखा है। नौकरी के नाम पर महिला को भोपाल भी बुलाया गया, जहां उसने 4 लाख रुपए नकद दिए। पुलिस ने दर्ज किया केस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। महिला ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर पूजा-पाठ, जिन्न, निवेश और नौकरी के नाम पर कितने लोगों को इस तरह ठगा गया है।
राजधानी जयपुर में क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों पर लोगों को 70 दिन में निवेश की राशि दोगुनी करने का लालच देकर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सीकर जिले के लापवा निवासी राजेंद्र बाजिया, झुंझुनूं जिले के ओजटू निवासी संजय स्वामी और सीकर जिले के लाडपुरा निवासी रेणुका गढ़वाल शामिल हैं। तीनों फिलहाल जयपुर में किराए के मकानों में रह रहे थे। फर्जी स्कीमों के जरिए निवेशकों को फंसाते थे जयपुर स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी HLX, JUPITER, AiPF और Value City जैसे नामों से फर्जी निवेश योजनाएं संचालित कर रहे थे। इन योजनाओं में निवेश पर कम समय में दोगुना मुनाफा देने का दावा किया जाता था। आरोपियों का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसा जुटाकर कॉल सेंटर बंद कर फरार होना था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर दिखाते थे नकली मुनाफा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ब्लॉकचेन तकनीक के नाम पर तथाकथित मीम कॉइन तैयार कर उन्हें असली डिजिटल करेंसी बताकर निवेश करवाते थे। निवेशकों से रकम लेकर बदले में यूएसडीटी दिए जाते और फिर उन्हें आरोपियों द्वारा बनाए गए फर्जी प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कराया जाता था। इस प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को नकली लाभ दिखाकर अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। बेरोजगार युवाओं से चलवाते थे कॉल सेंटर आरोपी बेरोजगार युवाओं को बिजनेस और रोजगार का झांसा देकर कॉल सेंटर खुलवाते थे। वहां कर्मचारियों को प्रतिदिन लोगों को फोन कर निवेश के लिए तैयार करने और नए निवेशक जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। 50 से ज्यादा लोगों के ठगी का शिकार होने की आशंका पुलिस को अब तक 50 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी होने की जानकारी मिली है। हालांकि आरोपियों ने कुल कितनी राशि ठगी और किन-किन राज्यों के लोगों को निशाना बनाया, इसकी जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ विद्याधर नगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में अत्यधिक लाभ के दावों पर भरोसा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
ओपी राजभर का आरोप, अखिलेश ने मध्य प्रदेश में जमीनों में किया निवेश
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब स्वच्छ परिवहन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और स्टार्टअप नवाचार को नई गति देने की तैयारी है। इसी दिशा में 26 जून को शेराटन ग्रैंड पैलेस में एचईवी कैपिटल कनेक्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसे मध्य भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित निवेश एवं नवाचार सम्मेलन माना जा रहा है। यह आयोजन केवल एक व्यावसायिक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि इंदौर और मध्य भारत को स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और भविष्य के परिवहन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की पहल है। इंदौर नगर निगम ने इस आयोजन का शहर मेजबान भागीदार है। स्टार्टअप और निवेशकों को जोड़ने का बड़ा मंच डॉ. ललित सिंह, सीईओ ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर के निवेशकों, कॉरपोरेट्स और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ना है। आयोजकों के अनुसार, अब तक इस आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश रुचि दर्ज की जा चुकी है। कार्यक्रम में 50 से अधिक स्टार्टअप, 12 निवेशक, 16 उद्योग विशेषज्ञ और 10 चयनित स्टार्टअप्स अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा VIDA-Hero Group, TVS, Olectra, Cargo Matters सहित कई प्रमुख कंपनियां भी इसमें भाग लेंगी। 2400 स्टार्टअप्स में से चुने गए 10 फाइनलिस्ट कॉन्क्सेव के लिए देशभर से लगभग 2,400 स्टार्टअप्स ने रुचि दिखाई थी। बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया, जिनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने लाइव पिचिंग का अवसर मिलेगा। ये स्टार्टअप्स अपने बिजनेस मॉडल और तकनीकी समाधान वेंचर कैपिटल फर्मों, एंजेल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की वचुर्अली उपस्थिति संभावित है। कॉन्क्लेव में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव शिरकत करेंगे। स्वच्छ तकनीक और भविष्य के उद्योगों पर रहेगा फोकस कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बैटरी एवं ऊर्जा भंडारण प्रणाली, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन इंदौर और मध्य प्रदेश को स्वच्छ परिवहन तथा सतत विकास से जुड़े निवेशों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इंदौर के लिए क्यों है महत्वपूर्ण इंदौर पहले ही स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। अब यह कॉन्क्लेव शहर को स्वच्छ तकनीक, हरित निवेश और नवाचार आधारित उद्योगों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान करेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्थानीय स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में ED ने दिल्ली के 5 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रग्स से कमाए गए धन को नाइट क्लबों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।
शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौकानिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइसइस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत सैटेलाइट निवेश का उभरता ग्लोबल हब, कनेक्टिविटी ग्रोथ ड्राइव कर रहे सेक्टर
इंडिया स्पेस कांग्रेस में कंसल्टेंट विशाल माथुर बोले... सिटी रिपोर्टर }नई दिल्ली में आयोजित इंडिया स्पेस कांग्रेस में जयपुर के बिजनेस स्ट्रैटेजिस्ट और सैटेलाइट कंसल्टेंट विशाल माथुर ने सैटेलाइट निवेश और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट निवेश पर आयोजित पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया। माथुर ने कहा कि भारत का बड़ा कंज्यूमर बेस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बढ़ती कनेक्टिविटी जरूरतें इसे आकर्षक सैटेलाइट मार्केट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी डिमांड और तेजी से डवलप होता स्पेस इकोसिस्टम भारत को आने वाले समय में ग्लोबल सैटेलाइट निवेश हब के रूप में मजबूत कर सकता है।
लगातार तेजी के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। मेटल, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों में कमजोरी तथा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में 1.1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी पड़ा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रूपानी ने मंत्रालय में मुलाकात करके एमपी में निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश के राजगढ़ जिले के पीलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। कोका कोला बेवरेजेस इसी क्षेत्र में अपना नया निवेश बढ़ा सकता है। इसको लेकर अब उद्योग विभाग के साथ कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख अश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। जल संचय जन भागीदारी में एमपी का देश में तीसरा स्थान इसके पहले मंत्रालय में मंत्रियों के साथ मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिंडौरी, खंडवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खंडवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल हैं। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में अच्छे कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए।
मुंबई, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को सपाट हुई। सेंसेक्स 8.02 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 77,086.05 और निफ्टी 31.60 अंक की गिरावट के साथ 24,071.30 पर खुला।
शॉपिंग एप में निवेश का झांसा देकर 20.89 लाख ठगे, म्यूल खाताधारक आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | उदयपुर साइबर थाना पुलिस ने शॉपिंग एप में निवेश कराने का झांसा देकर व्यवसायी से 20.89 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने म्यूल खाताधारक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में 7.79 लाख रुपए और बकाया 13.1 लाख रुपए अन्य 7 खातों में जमा हुए थे। डीएसपी विनय चौधरी ने बताया कि मामले में मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी म्यूल खाताधारक दीपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने खुद के नाम का खाता खुलवाकर दोस्त को कमीशन पर दिया हुआ था। इसी खाते में ठगी के 20.89 लाख में से 7 लाख 79 हजार 871 रुपए जमा हुए थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। बता दें, हाथीपोल के गुलाबेश्वर मार्ग निवासी व्यवसायी मोडीलाल पूर्बिया ने गत 19 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि पिछले साल 28 नवंबर को फेसबुक फ्रेंड रेह रेड्डी ने उनसे वाट्सएप पर बात की। फिर 2 दिसंबर को उसने क्लब 21 मॉल एक्सचेंज इंवेस्टमेंट मेनेजमेंट शॉपिंग एप के बारे में बताकर राशि निवेश करने के लिए कहा। इसके लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाए। लॉगिन करने पर ठगों ने अच्छा मुनाफ होने का झांसा दिया। फिर 4 से 7 दिसंबर के बीच अलग-अलग 8 बैंक खातों में कुल 20.89 लाख रुपए जमा करवा कर हड़प लिए। राशि वापस मांगने पर फर्जी कंपनी के टैक्स नोटिस उन्हें भेजे। फिर टैक्स भरने का दबाव बनाया। उन्हें और भी बैंक खाते भेजे, जिनमें 10 लाख रुपए जमा कराने के लिए कहा।
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। सोमवार को यह जानकारी मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग ने एक पोस्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने यह फैसला उस डील के तहत लिया है, जिसमें मेटा UPI और बिल पेमेंट एप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इसके बदले मेटा को क्रेड में 20% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद क्रेड कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर ₹43,239 करोड़ हो जाएगी। वॉट्सएप में AI इंटीग्रेशन और विज्ञापन से कमाई बढ़ाने पर फोकस होगा मेटा के मुताबिक, कुणाल शाह के बॉस बनने के बाद वॉट्सएप का पूरा ध्यान दो बड़ी चीजों पर होगा। मितेन संपत बने क्रेड के अंतरिम CEO, IPO लाने की तैयारी तेज वॉट्सएप के ग्लोबल हेड की कमान संभालने के लिए कुणाल शाह क्रेड CEO के अपने मौजूदा ऑपरेटिंग पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद वह मेटा का हिस्सा बनेंगे। क्रेड ने फिलहाल मितेन संपत को कंपनी का अंतरिम CEO बनाया है। मितेन संपत साल 2020 से क्रेड में स्ट्रेटजी और फाइनेंस विभाग की कमान संभाल रहे थे। क्रेड के बोर्ड और मैनेजमेंट ने बताया कि वे कंपनी के लिए एक लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट स्ट्रक्चर तैयार करने पर काम कर रहे हैं, क्योंकि कंपनी आने वाले समय में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की योजना बना रही है। वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के प्लस वर्जन आएंगे मेटा ने हाल ही में इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए गए हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें… क्रेड का डेटा सुरक्षित, मेटा को नहीं मिलेगी जानकारीइस बड़ी डील के बाद क्रेड के ग्राहकों के मन में डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, मेटा ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि एक रणनीतिक निवेशक (Strategic Investor) बनने के बावजूद उसे क्रेड के ग्राहकों की किसी भी तरह की निजी या फाइनेंशियल जानकारी का एक्सेस नहीं दिया जाएगा। ग्राहकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। नई फंडिंग से बिजनेस बढ़ाने और क्रेड को आगे ले जाने का प्लान निवेश और लीडरशिप में हुए इस बड़े बदलाव पर बात करते हुए कुणाल शाह ने कहा कि क्रेड की शुरुआत सिर्फ अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को रिवॉर्ड देने के एक आइडिया से हुई थी, जो आज लाखों मेंबर्स और मुनाफे वाले बिजनेस मॉडल के साथ एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने बताया कि क्रेड की लीडरशिप टीम अगले फेज में कंपनी को और आगे ले जाएगी। नए अंतरिम CEO मितेन संपत ने भी कहा कि इस फ्रेश कैपिटल (नई फंडिंग) का इस्तेमाल अलग-अलग वर्टिकल्स में लीडरशिप मजबूत करने और क्रेड को शेयर बाजार में लिस्ट कराने से पहले बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए किया जाएगा। ------------------ पूरी खबर पढ़ें… ब्रोकरेज हाउसेज ने डिकोड की रिलायंस की AGM: जियो IPO से कमाई का रास्ता खुलेगा, न्यू एनर्जी और AI से ग्रोथ मिलेगी; शेयर आज 2% चढ़ा रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज कारोबार के दौरान 2% से ज्यादा की तेजी है। कंपनी का शेयर ₹1,345 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने इसके भविष्य के रोडमैप और जियो इन्फोकॉम के IPO के लिए सेबी (Sebi) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को लेकर अपनी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। पूरी खबर पढ़ें…
चीन ने जारी किया विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए नई कार्य योजना जारी
बीजिंग, चीन ने विदेशी निवेश को स्थिर रखने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्य योजना जारी की है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस योजना की घोषणा की। योजना में पांच प्रमुख क्षेत्रों के तहत 15 उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर, निवेशकों को रहत
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले।
नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश पर मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। वह पेशे से डॉक्टर है। वह सोशल मीडिया एप पर महिला बनकर लोगों से संपर्क करता था। निवेश करने के बाद नाम पर उन्हें जाल में फंसाता था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से रामाकृष्ण पेदगावेगी को गिरफ्तार किया है। उसकी अरेस्टिंग इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हुई है। वह मूलरूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उसकी उम्र 37 वर्ष है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ्रेंड ऐप व अन्य डेटिंग साइटों पर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था।शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाता था। इसके बाद वह अधिक धनराशि का निवेश करवाता था। लोगों से जिस बैंक खाते में पैसा जमा कराया जाता था, वह एक म्यूल अकाउंट था। इस खाते की इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्ट्रर्ड था। इसी के जरिये वह ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देता था। उसने शहर के एक ही व्यक्ति के साथ भी फर्जीवाड़ा किया था। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया गया था।
नमस्कार, NEET-UG की दोबारा परीक्षा हुई। इस दौरान कई जगहों पर हिजाब और कलावा उतरवाए जाने को लेकर विवाद हुआ। उधर, राम मंदिर में रोज का चढ़ावा ₹12 लाख से कम होकर ₹1 लाख से कम हो गया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की खबर बताएंगे… ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. NEET री-एग्जाम में एक-दो मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, हिजाब पर विवाद, कलावा-इयररिंग्स उतरवाए देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 केंद्र बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एग्जाम सेंटरों में एंट्री दी गई। एक-दो मिनट देर से पहुंचने पर मुंबई में 2 और बेंगलुरु में 4 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। नाक पर टेप चिपकाया: राजस्थान के अजमेर में हिजाब पहन कर आई एक छात्रा को एंट्री देने से पहले मना किया गया। काफी बहस के बाद उसे अंदर भेजा गया। उदयपुर में एक कैंडिडेट की नोज पिन नहीं निकली तो नाक पर टेप चिपकाया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्रों के हाथ से कलावा काटकर हटाए गए। यूपी में लड़कियों के कान से इयररिंग्स उतरवाए गए। हैदराबाद में छात्रा ने सुसाइड किया: 19 साल की एक NEET छात्रा ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसके अपार्टमेंट में फंदे से लटका शव मिला। पुलिस को आशंका है कि उसने री-एग्जाम के दबाव में यह कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पूरी खबर पढ़ें... 2. योगी को आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट मिल सकती है, 7 पेन ड्राइव में सबूत चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT आज सोमवार को CM योगी को शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। जांच टीम ने मौके से जुटाए गए सारे सबूत और लोगों से की पूछताछ का ब्योरा 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किया है। 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई है। रोज का चढ़ावा ₹1 लाख से कम हुआ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद का श्रद्धालुओं पर गहरा असर पड़ा है। यही वजह है कि पहले दानपेटियों से रोजाना 8 से 12 लाख रुपए तक चढ़ावा निकलता था। वो अब घटकर 1 लाख रुपए के नीचे आ गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं का कहना है- दान चोरी से दुख हुआ है। इसलिए ऑनलाइन दान करना ज्यादा बेहतर होगा। पूरी खबर पढ़ें... 3. इंग्लैंड दौरे पर गिल होंगे वनडे कप्तान, श्रेयस उपकप्तान; रोहित-विराट शामिल BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं। शतक बनाने वाले यशस्वी टीम से बाहर: अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम में जगह नहीं मिली है। यशस्वी को चोटिल विराट कोहली की जगह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में चुना गया था। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें... 4. कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, दीपके ने क्रिकेट खेला कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कई समाजसेवियों ने प्रदर्शनकारियों को खाने का सामान बांटा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने पानी और केले दान करने वाले लोगों का आधार कार्ड चेक किया। दीपके ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट भी खेला। दीपके ने आगे कहा;- अगर PM मोदी धर्मेंद्र प्रधान जैसे अयोग्य मंत्री को नहीं हटाते हैं, तो इतिहास उन्हें सबसे अयोग्य प्रधानमंत्री मानेगा। पानी और लाइट को लेकर शिकायत: दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के सार्वजनिक शौचालयों में पानी बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि रात में कुछ समय के लिए लाइट बंद कर दी गई थी। दीपके ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। पूरी खबर पढ़ें... 5. वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, 11 बॉल में अर्धशतक; 50 ओवर क्रिकेट में फास्टेस्ट फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली। 10 चौके और 8 छक्के लगाए। वैभव से पहले 50 ओवर की क्रिकेट में फास्टेस्ट हाफ सेंचुरी श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने ने बनाई थी। उन्होंने 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए 12 बॉल पर फिफ्टी पूरी की थी। मैच के हाईलाइट्स: इंडिया-ए ने फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर ट्राई सीरीज अपने नाम कर ली। इंडिया-ए ने दांबुला में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 67, ऋतुराज गायकवाड ने 40 और अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन का योगदान दिया। पूरी खबर पढ़ें... 6. योगी बोले- बेटियों को छेड़ने वाला यमराज के घर जाएगा, सपा मोहर्रम-ईद पर उदंडता कराती थी सीएम योगी ने रविवार को हमीरपुर में कहा- सपा सरकार में हर जिले में एक माफिया होता था। ये माफिया जमीनों पर कब्जा करते थे। व्यापारी और बेटी के लिए संकट खड़ा करते थे। पुलिस पर हमला करते थे। छवि खराब होती थी- बुंदेलखंड की। योगी ने कहा- आज माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। माफिया अब जेल में है या मिट्टी मिल गए। अब बेटी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता है। अगर ऐसा दुस्साह कोई करता है तो यमराज के घर जाएगा। सपा ईद और मोहर्रम पर सड़कों पर उदंडता करवाती थी और कृष्ण जन्मोत्सव और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी। योगी ने कहा- 21 जून हो गया, लेकिन मानसून नहीं आया। चूंकि हम लोगों को दौरा हो रहा था। इसलिए भगवान ने कहा होगा- ज्यादा गर्मी न हो, इसलिए थोड़े-बहुत बादल देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल मानसून अच्छा था। अगले 3 साल तक अलनीनो के कारण असमय और कम वर्षा की चेतावनी अभी से आ रही है। इसलिए मेरी अपील है कि पानी बचाइए। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: कोलकाता में मोदी बोले-70 की उम्र में 50 जैसा दिखें:योग इसमें मददगार, यह सबको जोड़ता है; पीएम ने 5 आसन किए, लोगों को सिखाया (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में गैस रिसाव, 2 की मौत: 65 से ज्यादा घायल, 9 वेंटिलेटर पर; मरने वालों में सभी महिलाएं (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: मुंबई में बारिश, फिर एक्टिव हुआ मानसून: आगे बढ़ने के आसार, सोलापुर के पास 14 दिनों से रुका था; 8 राज्यों में तापमान 40C के पार (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली- ट्रेन में चढ़ने को लेकर यात्री की पीट-पीटकर हत्या: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद; 8 हिरासत में (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: नेवी को मिले 3 स्वदेशी युद्धपोत: INS दूनागिरी ब्रह्मोस से लैस, रडार नहीं पकड़ पाएगा; INS संशोधक लगातार 12000km तक चल सकता है (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: इस हफ्ते 5 फैक्टर्स शेयर बाजार के लिए अहम: विदेशी निवेशक लौटे, क्या निफ्टी पार करेगा 24,500 का स्तर; अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर आज तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: पंजाब के निहंगों ने उत्तराखंड में गुरुद्वारे पर कब्जा किया: कहा- घुसने वाले को काट देंगे, SP समझाने पहुंचीं तो धमकी दी (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: 31 जुलाई तक फाइल कर दें इनकम टैक्स रिटर्न: अगर इनकम 2.50 लाख से ज्यादा तो भरना जरूरी, इन 10 बातों का रखें ध्यान (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... घर की दीवार से निकले 29 कोबरा ओडिशा के भद्रक जिले में एक घर की दीवार से 29 कोबरा सांप मिले। घरवालों को सांप की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद स्नेक कैचर को बुलाया गया। जांच में दीवार की दरार से 2 बड़े कोबरा और उनके 27 बच्चे निकले। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… स्पाई फाइल्स: पाकिस्तानी लड़की से इश्क, शादी और फिर फांसी की सजा: दोस्त की गलती से पकड़ा गया इंदिरा गांधी का ‘ब्लैक टाइगर’; जासूस रविंद्र कौशिक पार्ट-2 आज का एक्सप्लेनर: 13 दिन से अटका मानसून, मौसम के कौन से 5 सिस्टम जिम्मेदार; अब तक 38% कम बारिश, आखिर कब मिलेगी राहत भास्कर इन्वेस्टिगेशन: रौशन आनंद के भाई का 20 मिनट में हुआ पोस्टमॉर्टम: पॉइजन या कार्डियक अटैक जैसी रिपोर्ट बनी ही नहीं, विसरा के लिए पूरा हार्ट भेज दिया साइबर लिटरेसी- फर्जी लोन एप से सावधान: सरकार ने जारी की फर्जी लोन एप्स की लिस्ट, डाउनलोड करते और लोन लेते हुए रहें सतर्क ग्राउंड रिपोर्ट: भरत तिवारी एनकाउंटर-'हमारे सामने 3 गोली मारी, 5 कैसे निकली?': हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, दूर ले जाकर दागी बुलेट; गांववालों की आंखों-देखी जरूरत की खबर- डायबिटीज है तो रोज करें सूर्य नमस्कार: योग गुरु से जानें 12 बड़े फायदे, करने का सही तरीका, समय और जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के लिए प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ाने का अच्छा दिन है। कुंभ राशि वालों को जरूरी कागज और सामान संभालकर रखना होगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भारतीय कंपनी का धमाका- 9 बड़ी कंपनियों ने जोड़े 2.15 लाख करोड़, भारती एयरटेल ने मारी बाजी
मुंबई, वैश्विक अस्थिरता में कमी से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इससे देश की शीर्ष 10 भारतीय कंपनियों में से नौ का मार्केटकैप 2.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है।
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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