महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी सबसे पॉपुलर एसयूवी थार की कीमत ₹20,000 तक बढ़ा दी है। हालांकि, इसके एंट्री लेवल यानी बेस वैरिएंट (AXT डीजल 2WD) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है और यह अब भी ₹9.99 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर अवेलेबल है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद, थार के टॉप-स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल (LXT डीजल 4WD AT) की कीमत ₹17.19 लाख तक पहुंच गई है। वहीं, पेट्रोल 2WD ऑटोमैटिक वैरिएंट अब ₹14.19 लाख का हो गया है। थार मुख्य रूप से दो ट्रिम्स- AXT और LXT में आती है, जिसमें 2-व्हील ड्राइव (2WD) और 4-व्हील ड्राइव (4WD) के ऑप्शन मिलते हैं। महिंद्रा ने पिछले साल अक्टूबर में इसका फेसलिफ्ट लॉन्च किया था। SUV का लुक और डिजाइन पहले की तरह ही है, लेकिन कुछ कॉस्मेटिक अपडेट्स किए गए हैं। फीचर लिस्ट पहले से लंबी है और केबिन में कई अपग्रेड्स हैं, जिसमें नया टच स्क्रीन और स्टीयरिंग व्हील शामिल है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं। वहीं सॉफ्ट-टॉप को हटा दिया गया है।
जर्मन लग्जरी कार मेकर मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक एसयूवी 'EQS' का नया सेलिब्रेशन एडिशन लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके 5-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.34 करोड़ और 7-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.48 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी है। इस स्पेशल एडिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट (EQS 450) में भी अब स्पोर्टी 'AMG लाइन' ट्रिम शामिल कर दिया है। मर्सिडीज के मुताबिक, 2025 में EQS भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV रही है। डिजाइन: अब और भी स्पोर्टी हुई लग्जरी एसयूवीसेलिब्रेशन एडिशन के जरिए मर्सिडीज ने बेस 450 वैरिएंट के लुक्स को अपडेट किया है। इसमें अब AMG लाइन के स्पोर्टी फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। साथ ही, कार में 21-इंच के बड़े AMG-स्पेसिफिकेशन वाले अलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो इसे रोड पर एक दमदार प्रेजेंस देते हैं। इससे पहले तक AMG लाइन ट्रिम स्रिफ टॉप-एंड EQS 580 वैरिएंट में ही अवेलेबल था। इंटीरियर: 56-इंच की हाइपरस्क्रीन और रियर वेंटिलेटेड सीट्सकार के केबिन में मर्सिडीज की सिग्नेचर 'हाइपरस्क्रीन' दी गई है। यह 56-इंच की विशाल स्क्रीन है जो पूरे डैशबोर्ड पर फैली हुई है। इसमें ड्राइवर के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में इंफोटेनमेंट सिस्टम और पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन दी गई है। लग्जरी को बढ़ाते हुए अब दोनों वैरिएंट्स में रियर-सीट वेंटिलेशन फंक्शन को स्टैंडर्ड कर दिया गया है। इसके अलावा 4-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइट और वायरलेस चार्जर जैसे फीचर्स केबिन को खास बनाते हैं। परफॉर्मेंस: 122kWh की बड़ी बैटरी और 820km की रेंजपरफॉर्मेंस के मामले में यह कार बेहद पावरफुल है। दोनों ही वैरिएंट्स में 122kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है: EQS 450: यह 5-सीटर कॉन्फ़िगरेशन में आती है। इसमें ड्यूल-मोटर सेटअप है जो 360hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी रेंज 820km (MIDC) है। EQS 580: यह 7-सीटर ऑप्शन के साथ आती है। इसके ड्यूल-मोटर सेटअप से 544hp की पावर और 858Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी रेंज 809km (MIDC) है। सेफ्टी फीचर्स: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS सुरक्षा के लिहाज से मर्सिडीज ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है। कार में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है, जो ड्राइविंग के दौरान दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए 9 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम दिया गया है।
वियतनामी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी विनफास्ट के दो इलेक्ट्रिक SUV मॉडल VF6 और VF7 को भारत NCAP से टॉप 5-स्टार सेफ्टी सर्टिफिकेशन मिला है। दोनों मॉडल्स ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) दोनों कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग भारत में विनफास्ट के हालिया लॉन्च के बाद ही मिली है और कंपनी की सेफ्टी पर मजबूत कमिटमेंट को दिखाती है। भारत NCAP के रिजल्ट्स के मुताबिक, VF 6 ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 32 में से 27.13 पॉइंट्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 49 में से 44.41 पॉइंट्स स्कोर किए। वहीं VF 7 ने AOP में 32 में से 28.54 पॉइंट्स और COP में 49 में से 45.25 पॉइंट्स हासिल किए। दोनों मॉडल्स का फ्रंटल, साइड और पोल इंपैक्ट टेस्ट्स में अच्छा परफॉर्मेंस रहा, जिससे हाई लेवल की प्रोटेक्शन मिली। हालांकि, VF 6 में फ्रंटल कोलिजन में ड्राइवर के चेस्ट को थोड़ा कम प्रोटेक्शन मिला, लेकिन कुल मिलाकर 5-स्टार रेटिंग बनी रही। विनफास्ट का भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लान विनफास्ट ने 2025 में भारत में एंट्री की थी और अब तमिलनाडु में लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। कंपनी ने 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट कमिट किया है। VF 6 और VF 7 को भारत में मेड-इन-इंडिया तरीके से बनाया जा रहा है। VF 6 की शुरूआती कीमत 16.49 लाख और VF 7 की शुरूआती कीमत 20.89 लाख रुपए (एक्सशोरूम) है। कंपनी के ये दोनों मॉडल कॉम्पैक्ट और मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में टाटा कर्व, नेक्सन ev, महिंद्रा XUV400 जैसे मॉडल्स से मुकाबला करेंगे। सेफ्टी फीचर्स और टेक्नोलॉजी दोनों मॉडल्स में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP, 360 डिग्री कैमरा, ADAS लेवल-2 फीचर्स और सॉलिड बॉडी स्ट्रक्चर दिए गए हैं। विनफास्ट ने वॉलंटरी तरीके से इन मॉडल्स को भारत NCAP टेस्ट के लिए सबमिट किया था, जो कंपनी की क्वालिटी और सेफ्टी पर भरोसे को दिखाता है। यह रेटिंग टाटा और महिंद्रा के कई EV मॉडल्स के 5-स्टार स्कोर से मैच करती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का बयान विनफास्ट के एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि यह 5-स्टार रेटिंग भारत के कस्टमर्स के लिए सेफ्टी और क्वालिटी का मजबूत मैसेज है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है और जल्द ही और मॉडल्स लॉन्च करने की प्लानिंग है। फ्यूचर प्लान्स और मार्केट इंपैक्ट विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में तेजी से एक्सपैंड करने की तैयारी में है। लोकल प्रोडक्शन से कीमतें कंट्रोल में रहेंगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। यह 5-स्टार रेटिंग कस्टमर्स के बीच भरोसा बढ़ाएगी, खासकर फैमिली SUV बायर्स के लिए। आने वाले महीनों में कंपनी और डिटेल्स शेयर कर सकती है।
एपल भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने मास्टरकार्ड और वीजा जैसे बड़े कार्ड नेटवर्क के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल भारत में जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की प्रोसेस में है। कंपनी का प्लान इसे साल 2026 तक फेज तरीके से रोलआउट करने का है। शुरुआत में बिना UPI के लॉन्च हो सकती है सर्विस खबरों के मुताबिक, एपल पे के पहले फेज में कंपनी यूपीआई (UPI) के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। शुरुआत में एपल का पूरा फोकस कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स पर होगा। यानी आईफोन यूजर्स अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को एपल वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और मर्चेंट आउटलेट्स पर सिर्फ फोन टैप करके पेमेंट कर पाएंगे। टैप-टू-पे फीचर से मिलेगी सुविधा एपल पे के आने से यूजर्स को फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 'टैप-टू-पे' तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) पर आधारित है। यूजर्स फेस आईडी या टच आईडी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे। इससे पेमेंट प्रोसेस काफी तेज और सुरक्षित हो जाएगा। वर्तमान में भारतीय कार्ड्स को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा अवेलेबल नहीं है। रेगुलेटरी नियमों को पूरा करने में जुटी कंपनी भारत में डिजिटल पेमेंट्स को लेकर आरबीआई (RBI) के कड़े नियम हैं, विशेषकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन को लेकर। एपल इन सभी नियमों के पालन के लिए रेगुलेटर्स से चर्चा कर रही है। साथ ही बैंकों के साथ कॉमर्शियल एग्रीमेंट और फीस स्ट्रक्चर पर भी बातचीत चल रही है। एपल हर ट्रांजैक्शन पर बैंक से एक छोटा हिस्सा बतौर फीस लेता है, जिसे लेकर भारत में बैंकों के साथ सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। गूगल पे और फोनपे को मिल सकती है टक्कर एपल पे का मुकाबला पहले से मौजूद गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे दिग्गजों से होगा। हालांकि, एपल पे सिर्फ एपल डिवाइसेस (आईफोन, एपल वॉच, आईपैड) पर ही काम करेगा। हालांकि, बाकी ऐप्स एंड्रॉयड और IOS दोनों पर चलते हैं। भारत में एपल का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में प्रीमियम यूजर्स के बीच यह सर्विस काफी पॉपुलर हो सकती है। ग्लोबल मार्केट में 89 देशों में मौजूद है सर्विस एपल पे वर्तमान में दुनिया के 89 देशों में अवेलेबल है। भारत में इसकी एंट्री एपल की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वह चीन के बाद भारत को अपने सबसे बड़े मार्केट के रूप में देख रही है। इससे पहले एपल ने भारत में रेजर-पे के साथ मिलकर इंटरनेशनल पेमेंट्स के लिए कुछ फीचर्स रोलआउट किए थे, लेकिन डोमेस्टिक लेवल पर पूरी सर्विस का आना अभी बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... टोयोटा की पहली e-SUV अर्बन क्रूजर एबेला अनवील: 543KM रेंज, लेवल-2 ADAS जैसे फीचर्स; टाटा नेक्सन EV को टक्कर देगी जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। पूरी खबर पढ़ें...
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। डिजाइन में मारुति से अलग और मस्कुलर लुक एबेला का ओवरऑल प्रोफाइल काफी हद तक मारुति की ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन टोयोटा ने इसके फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए हैं। इसमें स्लीक LED हेडलाइट्स और मस्कुलर फ्रंट बंपर दिया गया है। कार में 18-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स और ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे रफ-एंड-टफ लुक देती है। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और रूफ स्पॉइलर मिलता है। कार की लंबाई 4,285mm और व्हीलबेस 2,700mm है, जिससे इसमें अंदर काफी स्पेस मिलता है। दो बैटरी पैक के साथ आएगी, 543 किमी की रेंज टोयोटा एबेला को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ पेश किया गया है। पहला 49kWh का बैटरी पैक है जो 144hp की पावर जनरेट करता है। दूसरा बड़ा 61kWh का बैटरी पैक है, जो 174hp की पावर देता है। दोनों ही मॉडल 189Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं। कंपनी का कहना है कि इसके बड़े बैटरी पैक के साथ 543 किलोमीटर (ARAI सर्टिफाइड) की रेंज मिलेगी। खास बात यह है कि इसे फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल व्हील ड्राइव (AWD) दोनों विकल्पों में उतारा जाएगा। इंटीरियर में 10.25-इंच की दो स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स कार का केबिन काफी मॉडर्न है। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इतने ही साइज का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। फीचर्स की बात करें तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग और डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे लग्जरी फीचर्स मिलते हैं। ड्राइवर की सुविधा के लिए इसमें रोटरी डायल गियर सिलेक्टर और टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 6 एयरबैग्स सुरक्षा के मामले में टोयोटा ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है। एबेला में लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया गया है, जिसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर मिल सकते हैं। कंपनी ने नहीं दी कीमत और लॉन्चिंग की जानकारी हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक कीमतों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत 18 लाख रुपए से 25 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसे 2026 की शुरुआत में शोरूम पर देखा जा सकेगा। टोयोटा इसके साथ 8 साल की बैटरी वारंटी और 60% एश्योर्ड बायबैक जैसे ऑफर्स भी दे सकती है।
जियो स्टार ने अपने OTT प्लेटफॉर्म 'जियो हॉटस्टार' के नए अपडेटेड सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी ने पहली बार मोबाइल, सुपर और प्रीमियम तीनों कैटेगरी में मंथली प्लान पेश किए हैं। अब मोबाइल पर कंटेंट देखने के लिए यूजर्स को कम से कम ₹79 का खर्च करना होगा। इसके साथ ही कंपनी ने सुपर और प्रीमियम प्लान्स की कीमतों में 47% तक की बढ़ोतरी की है। नई दाम 28 जनवरी 2026 से लागू होंगे। पुराने ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर जिओ-हॉटस्टार ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ 28 जनवरी के बाद जुड़ने वाले नए ग्राहकों के लिए है। जिन लोगों के पास पहले से एक्टिव सब्सक्रिप्शन है, उन्हें पुरानी कीमतों पर ही सर्विस मिलती रहेगी। हालांकि, इसके लिए उन्हें अपना 'ऑटो-रिन्यूअल' मोड ऑन रखना होगा। अगर पुराना सब्सक्रिप्शन खत्म हो जाता है और यूजर नया पैक लेता है, तो उसे नई कीमतें चुकानी होंगी। कनेक्टेड टीवी पर बढ़ी व्यूअरशिप, इसलिए बदले रेट जिओ-स्टार के हेड (SVOD बिजनेस) सुशांत श्रीराम ने बताया कि पिछले 11 महीनों में कनेक्टेड टीवी (बड़ी स्क्रीन) पर कंटेंट देखने वाले यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने प्राइसिंग स्ट्रक्चर में बदलाव किया है ताकि यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ज्यादा विकल्प मिल सकें। प्लेटफॉर्म के पास फिलहाल 45 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और गूगल प्ले स्टोर पर इसके 100 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। मोबाइल यूजर्स को हॉलीवुड कंटेंट के लिए अलग से देने होंगे पैसे नए नियमों के मुताबिक, मोबाइल प्लान लेने वाले यूजर्स को अब हॉलीवुड फिल्में और सीरीज देखने के लिए अलग से 'ऐड-ऑन' पैक खरीदना होगा। ₹79 वाले मंथली मोबाइल प्लान के साथ अगर कोई हॉलीवुड कंटेंट देखना चाहता है, तो उसे ₹49 एक्स्ट्रा देने होंगे। वहीं, सुपर और प्रीमियम प्लान में हॉलीवुड कंटेंट पहले की तरह ही शामिल रहेगा। प्रीमियम सालाना प्लान सबसे ज्यादा महंगा हुआ कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल प्रीमियम एनुअल प्लान में देखने को मिला है। पहले इसके लिए ₹1,499 देने पड़ते थे, जो अब बढ़कर ₹2,199 हो गए हैं। इसी तरह सुपर एनुअल प्लान भी ₹899 से बढ़कर ₹1,099 का हो गया है। प्रीमियम प्लान में यूजर्स एक साथ 4 डिवाइसेस पर 4K क्वालिटी में कंटेंट देख सकते हैं, जबकि सुपर प्लान में 2 डिवाइसेस और मोबाइल प्लान में सिर्फ 1 मोबाइल डिवाइस पर एक्सेस मिलता है। लाइव स्पोर्ट्स में सभी को देखने होंगे विज्ञापन जिओ-हॉटस्टार ने विज्ञापन की पॉलिसी में भी स्थिति साफ की है। मोबाइल और सुपर प्लान लेने वाले यूजर्स को सभी कंटेंट (फिल्में, सीरीज) के बीच विज्ञापन दिखाए जाएंगे। वहीं, प्रीमियम यूजर्स के लिए एंटरटेनमेंट कंटेंट तो 'ऐड-फ्री' रहेगा, लेकिन लाइव स्पोर्ट्स (जैसे क्रिकेट मैच) और लाइव शो के दौरान उन्हें भी विज्ञापन देखने होंगे।
एपल के पहले फोल्डेबल आईफोन का इंतजार कर रहे फैन्स के लिए बड़ी खबर है। दिग्गज टेक एनालिस्ट जेफ पु ने निवेशकों के लिए जारी एक नोट में इस डिवाइस में क्या-क्या मिल सकता है इसकी जानाकरी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एपल का यह फोन 2026 में लॉन्च हो सकता है। यह डिवाइस दिखने में काफी हद तक आईपैड मिनी जैसा होगा और इसमें मजबूती के लिए खास लिक्विड मेटल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस साल एपल का लॉन्चिंग इवेंट सितंबर में हो सकता है। दो डिस्प्ले और टाइटेनियम बॉडी मिलेगीएनालिस्ट जेफ पु के अनुसार, फोल्डेबल आईफोन में दो डिस्प्ले होंगे। बाहर वाला कवर डिस्प्ले 5.3 इंच का होगा, जबकि फोन को खोलने पर अंदर की मेन स्क्रीन 7.8 इंच की होगी। फोन की बॉडी को एल्युमीनियम और टाइटेनियम से बनाया जाएगा। इसके हिंज यानी मुड़ने वाले हिस्से में टाइटेनियम और लिक्विड मेटल का इस्तेमाल होगा, ताकि बार-बार मोड़ने पर भी यह खराब न हो और काफी मजबूत रहे। फेस आईडी नहीं, टच आईडी मिलने की संभावनाइस फोन की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी सिक्योरिटी फीचर है। आमतौर पर एपल अपने प्रीमियम आईफोन्स में फेस आईडी देता है, लेकिन फोल्डेबल फोन में कंपनी टच आईडी का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एपल ने यह फैसला तकनीकी वजहों से लिया है या फिर फोन की लागत कम करने के लिए। टेक एक्सपर्ट्स इसे थोड़ा निराशाजनक मान रहे हैं क्योंकि फेस आईडी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कैमरा सेटअप: अंदर 18MP के सेल्फी कैमरेकैमरा की बात करें तो जेफ पु ने बताया कि इसमें फ्रंट-फेसिंग दो 18MP के कैमरे हो सकते हैं। इनमें से एक कैमरा अंदर वाली बड़ी डिस्प्ले पर और दूसरा बाहर वाली स्क्रीन पर मिलेगा। वहीं, फोन के पिछले हिस्से (रियर) पर 48-48 मेगापिक्सल के दो सेंसर वाला डुअल कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। कीमत 2 लाख रुपए के पार जा सकती हैएपल ने आधिकारिक तौर पर कीमत को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन लीक्स और मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक यह फोन काफी महंगा होगा। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि इसकी कीमत 2,399 डॉलर (करीब 2.17 लाख रुपए) तक हो सकती है। वहीं कुछ का मानना है कि एपल इसे 2,000 डॉलर (करीब 1.81 लाख रुपए) के आसपास लॉन्च कर सकता है। साफ है कि एपल का यह पहला फोल्डेबल फोन आम आईफोन के मुकाबले काफी प्रीमियम कैटेगरी में होगा। सैमसंग और गूगल से मुकाबलासैमसंग (Galaxy Z Fold) और गूगल (Pixel Fold) पहले से ही इस मार्केट में हैं। एपल करीब 5 साल की देरी से इस सेगमेंट में कदम रखेगा। एपल का अभी तक कोई फोल्डेबल डिवाइस नहीं है। फोल्डेबल फोन सेगमेंट में सैमसंग का ग्लोबल मार्केट शेयर 35.4% है।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अब गुजरात में अपनी मौजूदगी और ज्यादा बढ़ाने जा रही है। कंपनी ने राज्य के खोराज (गांधीनगर जिला) में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ ₹35,000 करोड़ के निवेश का करार किया है। शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची की मौजूदगी में इसका इन्वेस्टमेंट लेटर सौंपा गया। इस नए प्लांट से राज्य में करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सालाना 10 लाख कारें बनाने की क्षमता होगी खोराज में बनने वाला यह नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर फैला होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि यहां हर साल 10 लाख (1 मिलियन) गाड़ियां बनाई जाएं। गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (GIDC) इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया करा रहा है। इस निवेश के साथ ही गुजरात भारत के एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा। 2031 तक 40 लाख गाड़ियां बनाने का टारगेट मारुति सुजुकी का लक्ष्य साल 2030-31 तक अपनी कुल प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख यूनिट सालाना करने का है। फिलहाल कंपनी की क्षमता करीब 24-25 लाख यूनिट के आसपास है। खोराज प्लांट इस विजन को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी ने हाल ही में हरियाणा के खरखोदा में भी अपने नए प्लांट का काम शुरू किया है। 12 हजार डायरेक्ट और लाखों इनडायरेक्ट जॉब्स मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल 12,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में एक पूरा 'ऑटो क्लस्टर' तैयार होगा। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भी इसे गुजरात की ग्रोथ स्टोरी के लिए एक गर्व का पल बताया। 2025 में मारुति ने बनाया प्रोडक्शन का रिकॉर्ड कंपनी के लिए पिछला साल काफी शानदार रहा है। साल 2025 में मारुति सुजुकी ने 22.55 लाख से ज्यादा गाड़ियां बनाईं, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें फ्रोंक्स, बलेनो, स्विफ्ट और डिजायर जैसी कारों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। एक्सपोर्ट के मामले में भी कंपनी ने 21% की ग्रोथ दर्ज की है। जापान और भारत की पार्टनरशिप और मजबूत होगी यह प्रोजेक्ट भारत और जापान के बीच औद्योगिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची ने कहा कि गुजरात का इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस के अनुकूल माहौल ही वजह है कि कंपनी यहां अपना विस्तार कर रही है। यह प्लांट 'मेक इन इंडिया' और 'मेड फॉर द वर्ल्ड' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ओपनएआई ने अपना नया AI-पावर्ड टूल 'ChatGPT ट्रांसलेट' लॉन्च कर दिया है। इस टूल से आप बिना लॉग-इन और सब्सक्रिप्शन चार्ज दिए 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी ने इसे गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देने के लिए बनाया है। हालांकि, चैटजीपीटी में ट्रांसलेशन का फीचर पहले भी था, अब कंपनी ने इसके लिए एक अलग वेब प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो देखने में काफी हद तक गूगल ट्रांसलेट जैसा ही नजर आता है। इस नए टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ शब्दों को ट्रांसलेट नहीं करता, बल्कि सेंटेंस के पीछे के भाव (टोन) और संदर्भ (कॉन्टेक्स्ट) को भी समझता है। साथ ही यह मुहावरे का मतलब भी समझा सकता है। लॉग-इन की जरूरत नहीं, ऐसे कर सकते हैं इस्तेमालइस नए टूल का इस्तेमाल करना आसान है। यूजर्स सीधे chatgpt.com/translate पर जाकर इसे एक्सेस कर सकते हैं। फिलहाल वेबसाइट पर ट्रांसलेशन के लिए लॉग-इन करने की भी जरूरत नहीं है। यूजर को बस अपनी सोर्स भाषा और जिस भाषा में अनुवाद चाहिए, उसे चुनना होता है और चैटजीपीटी तुरंत रिजल्ट दे देता है। यूजर फ्रेंडली इंटरफेस और 50+ भाषाओं का सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट के इंटरफेस को बहुत सरल और यूजर फ्रेंडली रखा गया है। इसकी वेबसाइट पर दो बड़े बॉक्स दिए गए हैं- एक में अपनी बात लिखें और दूसरे में तुरंत उसका अनुवाद (ट्रांसलेशन) मिल जाएगा। कंपनी का दावा है कि यूजर्स हिंदी, इंग्लिश, जापानी और अरबी समेत 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेशन कर सकते हैं। ओपनएआई के मुताबिक, यह टूल सिर्फ शब्दों को नहीं बदलता, बल्कि पूरी बात का सही मतलब और गहराई समझकर सटीक अनुवाद करता है। कस्टमाइजेशन के लिए दिए गए खास ऑप्शन ओपनएआई ने इसमें एक 'एक्स्ट्रा ट्विस्ट' जोड़ा है। इसमें यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रांसलेशन की टोन बदल सकते हैं। इसके लिए कुछ खास आइकन्स दिए गए हैं, जैसे- PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट की कमी भले ही चैटजीपीटी ने नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, लेकिन इसमें अभी भी कुछ कमियां हैं। वर्तमान में वेबसाइट पर इमेज इनपुट, PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट जैसे ऑप्शन नजर नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर, गूगल ट्रांसलेट सालों से ये सुविधाएं दे रहा है। हाल ही में गूगल ने 'जेमिनी' AI की मदद से 'लाइव स्पीच-टू-स्पीच' फीचर भी पेश किया है, जो हेडफोन के जरिए रीयल-टाइम में बातचीत का ट्रांसलेशन करता है और बोलने वाले की लय और टोन को भी बरकरार रखता है। भाषा सीखने वालों के लिए मददगार होगा टूलचैटजीपीटी का यह टूल न सिर्फ ट्रांसलेशन करेगा, बल्कि फॉलो-अप सवालों के जवाब भी देगा। जैसे अगर आपको किसी ट्रांसलेशन में कोई शब्द समझ नहीं आया, तो आप चैटजीपीटी से उसका कारण या इस्तेमाल पूछ सकते हैं। वहीं, गूगल भी पीछे नहीं है; उसने अपने एप में 'कस्टमाइज्ड प्रैक्टिस सेशन' और 'streak tracker' जैसे फीचर्स जोड़े हैं, ताकि यूजर्स नई भाषा सीखने के लिए मोटिवेट रहें।
टेस्ला और X (पहले ट्विटर) के मालिक इलॉन मस्क के बच्चों में से एक की मां एश्ले सेंट क्लेयर ने xAI कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप कि xAI के चैटबॉट ग्रोक (Grok) ने यूजर्स को उनकी आपत्तिजनक डीपफेक फोटो बनाने की परमिशन दी, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और बदनामी झेलनी पड़ी। राइटर और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट 27 साल की एश्ले सेंट क्लेयर ने गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रोक से बनाई गई फोटो में उनकी 14 साल की उम्र की एक पुरानी फोटो को बदला। इसमें उन्हें बिकिनी पहने दिखाया गया। इसके अलावा कुछ दूसरी फोटो में उन्हें एक एडल्ट महिला के रूप में सेक्सुअल पोजिशन में और यहां तक कि स्वस्तिक छपी बिकिनी पहने दिखाया गया। एश्ले सेंट क्लेयर यहूदी हैं, इसलिए उन्होंने इसे और भी अपमानजनक और डराने वाला बताया। वहीं, xAI का आरोप है कि सेंट क्लेयर ने अपने यूजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जिसमें कहा गया है कि कंपनी के खिलाफ केस केवल टेक्सास के फेडरल कोर्ट में ही किया जा सकता है। xAI ने भी काउंटर केस किया गुरुवार को ही xAI ने इस केस को न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट से हटाकर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया। इतना ही नहीं, उसी दिन xAI ने टेक्सास के फेडरल कोर्ट में एश्ले सेंट क्लेयर के खिलाफ दावा भी दायर कर दिया। इस दावे में xAI ने हर्जाने की रकम की मांग की है। X और xAI पर गंभीर आरोप सेंट क्लेयर का कहना है कि जैसे ही उन्हें इन डीपफेक फोटो के बारे में पता चला, उन्होंने पिछले साल ही X को इसकी शिकायत की और तस्वीरें हटाने की मांग की। लेकिन शुरुआती जवाब में प्लेटफॉर्म ने कहा कि ये फोटो उसकी पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करतीं। बाद में X ने यह भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना उनकी फोटो का इस्तेमाल या एडिटिंग नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सेंट क्लेयर का दावा है कि उनके साथ जवाबी कार्रवाई (रिटैलियेशन) की गई।उन्होंने आरोप लगाया- कौन हैं एश्ले सेंट क्लेयर? एश्ले सेंट क्लेयर, इलॉन मस्क के 16 महीने के बेटे रोमुलस की मां हैं। वे न्यूयॉर्क सिटी में रहती हैं। अपने केस में उन्होंने इमोशनल परेशानी और अन्य कानूनी दावों के लिए बिना तय की गई हर्जाने की रकम और कोर्ट से xAI को उनके और डीपफेक बनाने से तुरंत रोकने का आदेश मांगा है। 15 जनवरी- ग्रोक से अश्लील इमेज बनाने पर दुनियाभर में रोक X ने 15 जनवरी को घोषणा की थी कि अब ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को कपड़े कम करके दिखाने या एडिट करने का काम उन जगहों पर नहीं करेगा, जहां यह गैर-कानूनी है। इमेज बनाने और एडिटिंग की सुविधा सिर्फ पेड अकाउंट्स तक सीमित की जाएगी, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। X ने यह भी कहा कि उसकी नीति में बच्चों के सेक्सुअल हैरेसमेंट, बिना सहमति की न्यूडिटी और अनचाहे सेक्सुअल कंटेंट के लिए जीरो टॉलरेंस है। ऐसे किसी भी कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा और बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों में संबंधित अकाउंट्स की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें...
इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस ठप हो गई है। भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के हजारों यूजर्स ने शिकायत की है कि वे अपना फीड एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं और ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' पर रात 8.48 बजे सबसे ज्यादा 74,598 लोग शिकायत रिपोर्ट कर चुके थे। यूजर्स का कहना है कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे हैं और न ही नई पोस्ट कर पा रहे हैं। X की सर्विस 4 दिन में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 13 जनवरी को भी भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 57% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। 57% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 33% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 10% ने बताया कि उन्हें सर्वर कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। यही नहीं, मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट 'ग्रोक' भी काम नहीं कर रहा है। यूजर्स जब रिफ्रेश कर रहे हैं, तो पुरानी पोस्ट भी गायब हो रही हैं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा है। यूजर को दिख रहा क्लाउडफ्लेयर एरर मैसेज लॉगिन करने की कोशिश कर रहे कई यूजर्स को 'Cloudflare' का एरर मैसेज दिखाई दे रहा है। इसमें लिखा आ रहा है कि क्लाउडफ्लेयर इस वेबसाइट की सुरक्षा करता है, लेकिन वेब सर्वर तक पहुंचने में समस्या हो रही है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि यह समस्या बाहरी नेटवर्क की नहीं, बल्कि X के अपने सर्वर की आंतरिक खराबी के कारण आई है। इस हफ्ते दूसरी बार ठप हुई सर्विस, यूजर्स ने पूछा- क्या साइबर अटैक हुआ? X में इस हफ्ते यह दूसरा बड़ा ग्लोबल आउटेज है। इससे पहले मंगलवार (13 जनवरी) को भी सर्विस घंटों तक बाधित रही थी। बार-बार आ रही इस तकनीकी खराबी को लेकर यूजर्स अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। डाउनडिटेक्टर के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा, X फिर से डाउन है, क्या यह कोई साइबर हमला है? यह काफी असामान्य है। दूसरे यूजर ने पूछा कि क्या वेबसाइट केवल उनके लिए धीमी है या सबको दिक्कत आ रही है। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
242 अवैध ऑनलाइन गेमिंग लिंक्स ब्लॉक:अब तक 7800 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने शुक्रवार (16 जनवरी) को देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 242 वेबसाइट्स के लिंक्स ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। 'ऑनलाइन गेमिंग एक्ट' बबने के बाद ये सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कदम युवाओं को वित्तीय और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट संसद में पास होने के बाद से प्रवर्तन कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य उन प्लेटफार्मों पर नकेल कसना है जो त्वरित धन का लालच देकर लोगों को गुमराह करते हैं। अगस्त में बना था ऑनलाइन गेमिंग पर कानून प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। WHO ने भी माना गेमिंग डिसऑर्डर को गंभीर बीमारी सट्टेबाजी और जुए की लत सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। WHO के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है जिसमें व्यक्ति का खेल पर नियंत्रण नहीं रहता, वह दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करने लगता है और हानिकारक परिणामों के बावजूद खेल जारी रखता है। युवाओं की लत रोकने की कोशिश सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अवैध ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने समाज को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा दी है, तो कई युवा इसकी लत का शिकार हो गए हैं। कुछ मामलों में तो वित्तीय तंगी के कारण आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। सरकार ने इन खतरों को पहचानते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। ई-स्पोर्ट्स और क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा नए कानून का मकसद सिर्फ पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि एक संतुलन बनाना भी है। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग डिजिटल इकोनॉमी का एक गतिशील हिस्सा है। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम... देश में करीब 65 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं। ज्यादातर लोग रियल मनी गेम्स में दांव लगाते हैं। इनका सालाना कारोबार 1.8 लाख करोड़ से ज्यादा है। इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।
1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। नए नियमों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही इस्तेमाल करना होगा। यह जानकारी टीवी न्यूज चैनल आज तक को इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने कहा कि टोल पर नकद (कैश) लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और सफर को बाधा रहित बनाना है। इस 'नो-स्टॉप' सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्ट किया जा रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है। ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी खत्म करने की कोशिश केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस डिजिटल बदलाव को लागू करने के लिए अंतिम रूप दे रहा है। वर्तमान में फास्टैग अनिवार्य होने के बावजूद कई जगहों पर कैश लेनदेन होते हैं। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। कैश बंद होने से गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के 3 बड़े कारण डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के अलावा सरकार इसके जरिए तीन प्रमुख टारगेट पूरे करना चाहती है... बैरियर-मुक्त टोलिंग की तरफ बढ़ने की तैयारी कैश पेमेंट बंद करना देश में 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है। सरकार ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर (नाका) नहीं होगा। गाड़ियां हाईवे की रफ्तार पर चलती रहेंगी और कैमरों व सेंसर्स की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। अपना फास्टैग बैलेंस चेक करें नया नियम लागू होने से पहले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग अकाउंट को एक्टिव रखें। अगर आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है या वापस लौटाया जा सकता है। हालांकि नए नियमों की डिटेल आना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... फास्टैग के लिए KYV प्रोसेस 1 फरवरी से खत्म होगी: वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट नहीं करना पड़ेगा, बैंक खुद डेटा वेरिफाई करेंगे 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें...
इलॉन मस्क के X ने ग्रोक AI से रियल लोगों की अश्लील इमेज बनाने पर वर्ल्डवाइड बैन लगा दिया है। यह फैसला AI-पावर्ड चैटबॉट से महिलाओं और बच्चों की फोटोज मिसयूज की शिकायतों के बाद लिया गया है। अब यूजर्स इस टूल का इस्तेमाल करके किसी भी असली व्यक्ति की ऐसी फोटो नहीं बना पाएंगे जो आपत्तिजनक हो या जिसमें उन्हें कम कपड़ों में दिखाया गया हो। ये रिस्ट्रिक्शन पेड और अनपेड सभी यूजर्स पर लगाया गया है। अश्लील फोटो एडिटिंग पर पूरी तरह रोक X के सेफ्टी अकाउंट ने गुरुवार इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने तकनीकी स्तर पर ऐसे बदलाव किए हैं, जिससे ग्रोक अब असली लोगों की बिना कपड़ों वाली फोटो नहीं बना पाएगा। इसमें बिकिनी जैसे कपड़ों वाली एडिटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि किसी की निजता का उल्लंघन न हो और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किसी को परेशान करने के लिए न किया जा सके। महिलाओं की शिकायतों से शुरू हुई जांच पिछले साल दिसंबर में कई महिलाओं ने X पर शिकायत की कि उनकी फोटोज ग्रोक से सेक्शुअल इमेज बनाने में यूज हो रही हैं। IT मिनिस्ट्री की साइबर लॉ डिवीजन ने X को निर्देश दिया कि IT रूल्स 2021 के तहत कंटेंट हटाएं। दरअसल कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद ग्रोक AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि ग्रोक इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। भारत में 3,500 फोटो हटाई गईं, 600 यूजर्स पर बैन X ने भारत सरकार को सौंपी अपनी एक्शन रिपोर्ट में बताया कि उसने भारत में Grok के जरिए बनाई गई लगभग 3,500 आपत्तिजनक और अश्लील फोटो को हटा दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने उन 600 यूजर्स की पहचान करके उन्हें प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया था, जो बार-बार इस AI चैटबॉट का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। मस्क बोले थे- जिम्मेदारी टूल की नहीं, यूजर की इससे पहले X के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहा है, लेकिन यह ऐसे है जैसे किसी बुरी बात को लिखने के लिए पेन को दोष देना। कलम यह तय नहीं करती कि क्या लिखा जाएगा। यह काम उसे पकड़ने वाला करता है। मस्क ने कहा कि Grok भी उसी तरह काम करता है। आपको क्या मिलेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसमें क्या इनपुट देते हैं। क्योंकि जिम्मेदारी टूल की नहीं, उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की होती है।
टू-व्हीलर मेकर बजाज ऑटो के सब ब्रांड चेतक इलेक्ट्रिक ने अपना सबसे सस्ता ई-स्कूटर 'चेतक C25' भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार फुल चार्ज करने पर 113 किलोमीटर चलता है और इसे सिर्फ 2.5 घंटे में 80% चार्ज किया जा सकता है। नई चेतक C25 में बजाज का नया चेसिस फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बैटरी पैक फ्लोरबोर्ड के नीचे है। इससे ई-स्कूटर में 25 लीटर का अंडर सीट स्पेस मिलेगा। कंपनी ने इसकी एक्स-शोरूम कीमत 91,399 रुपए रखी है। भारत में ये ई-स्कूटर TVS आईक्यूब और ओला S1 X को टक्कर देगा।
मर्सिडीज-बेंज ने भारत में बनी (लोकल असेंबल) मेबैक GLS 600 को लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.75 करोड़ रुपए रखी गई है। खास बात यह है कि भारत में असेंबल होने के कारण इसकी कीमत पूरी तरह से इम्पोर्टेड (CBU) मॉडल के मुकाबले करीब 42 लाख रुपए कम हो गई है। पहले इम्पोर्टेड मॉडल की कीमत 3.17 करोड़ रुपए थी। कंपनी ने इसके साथ ही एक खास 'सेलिब्रेशन एडिशन' भी उतारा है, जिसकी कीमत 4.10 करोड़ रुपए है। लोकल असेंबली से कीमतों में बड़ी कटौती मर्सिडीज-बेंज इंडिया अब अपनी सबसे प्रीमियम SUV, मेबैक GLS को पुणे के चाकन प्लांट में असेंबल कर रही है। भारत में मर्सिडीज के लिए मेबैक सीरीज काफी सफल रही है और इसे स्थानीय स्तर पर बनाने का फैसला ग्राहकों को लुभाने के लिए किया गया है। कीमत में ₹42 लाख की बड़ी गिरावट उन खरीदारों के लिए फायदेमंद होगी जो अल्ट्रा-लग्जरी SUV सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं। मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन भी पेश हुआ रेगुलर मॉडल के अलावा, कंपनी ने 'मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन' को भी मार्केट में उतारा है। 4.10 करोड़ रुपए की कीमत वाला यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है जो एक्सक्लूसिविटी पसंद करते हैं। इसमें कुछ खास कॉस्मेटिक बदलाव, नए पेंट स्कीम और इंटीरियर में ज्यादा कस्टमाइजेशन के विकल्प दिए गए हैं। इंजन और परफॉर्मेंस: 4.0-लीटर V8 इंजन इस अल्ट्रा-लग्जरी SUV में 4.0-लीटर का V8 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन 557 hp की पावर और 730 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें 48-वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी मिलता है, जो जरूरत पड़ने पर एडिशनल 22 hp की पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है। यह गाड़ी महज 4.9 सेकंड में 0 से 100Kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। इंटीरियर: चलता-फिरता फर्स्ट क्लास लाउंज मेबैक GLS का केबिन किसी प्राइवेट जेट जैसा महसूस होता है। इसमें पीछे की सीटों पर रिक्लाइनिंग फंक्शन, मसाज और वेंटिलेशन की सुविधा दी गई है। साथ ही रियर-सीट एंटरटेनमेंट पैकेज के तहत टचस्क्रीन टैबलेट और प्रीमियम बर्मेस्टर सराउंड साउंड सिस्टम मिलता है। पूरी बॉडी पर क्रोम फिनिश और 22-इंच के सिग्नेचर मेबैक अलॉय व्हील्स इसे सड़क पर अलग पहचान देते हैं। भारत में मेबैक का बढ़ता क्रेज मर्सिडीज-बेंज के मुताबिक, भारत में मेबैक ब्रांड की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे पहले कंपनी मेबैक S-Class को भी भारत में असेंबल करना शुरू कर चुकी है। कंपनी का लक्ष्य लग्जरी सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करना है। क्योंकि अब भारतीय बाजार में रोल्स रॉयस कलिनन और बेंटले बेंटायगा जैसी गाड़ियों से भी मुकाबला बढ़ रहा है। क्या होती है लोकल असेंबली? जब कोई विदेशी कंपनी कार को पूरी तरह से बने-बनाए रूप में विदेश से मंगवाती है, तो उसे CBU (कंप्लीट बिल्ट यूनिट) कहा जाता है। इस पर भारत सरकार करीब 100% से ज्यादा टैक्स (इम्पोर्ट ड्यूटी) वसूलती है। वहीं जब गाड़ी के पुर्जे मंगाकर उन्हें भारत में जोड़ा यानी असेंबल किया जाता है, तो उसे CKD (कंप्लीट नॉक्ड डाउन) यानी लोकल असेंबली कहते हैं। इस पर टैक्स कम लगता है, जिससे कार की कीमत काफी कम हो जाती है। ये खबर भी पढ़ें... 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख: नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन, सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा टाटा मोटर्स ने (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। पूरी खबर पढ़ें...
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। टाटा पंच भारत में पहली बार 2021 में लॉन्च की गई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में इसे ट्विन सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ CNG वर्जन में उतारा गया था। जनवरी-2024 में इसे अपडेट लुक और नए फीचर के साथ इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया गया था।
एपल और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर समझौता हुआ है। जिसके तहत अब एपल के AI फाउंडेशन मॉडल्स गूगल के जेमिनी एआई मॉडल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार किया जाएगा। गूगल जेमिनी मॉडल एपल के नए सिरी (Siri) और एपल इंटेलिजेंस फीचर्स को और बेहतर बनाएगा। गूगल ने एक्स पर पोस्ट डालकर इस साझेदारी का ऐलान किया है। गूगल ने कहा कि आईफोन, आईपैड और मैकबुक में एपल इंटेलीजेंस फीचर्स को बेहतर और सिरी को अधिक पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए यह पार्टनरशिप हुई है। बयान में कहा गया है कि सिरी के नए वर्जन को इसी साल लॉन्च किया जाएगा। जेमिनी AI एपल के सिरी को बेहतर बनाएगाइस पार्टशिप पर प्रतिक्रिया देते हुए इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम हैं, ऐसे में यह डील उसकी ताकत का गलत इस्तेमाल करने जैसा लगता है। मस्क की कंपनी xAI 'ग्रोक' (Grok) नाम का AI चैटबॉट बनाती है, जो सीधे तौर पर गूगल के जेमिनी को टक्कर देता है। मस्क पहले से ही एपल और OpenAI के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये कंपनियां ऐप स्टोर पर प्रतिद्वंद्वी AI सेवाओं को ब्लॉक कर रही हैं। यह मुकदमा फिलहाल अदालत में चल रहा है। डील की खबर से गूगल की वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचीडील की खबर आने के बाद सोमवार को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर में 1% से ज्यादा की तेजी रही। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू ने 4 ट्रिलियन डॉलर (361 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल गई है। गूगल दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत गूगल के जेमिनी मॉडल एपल के 'प्राइवेट क्लाउड कंप्यूटिंग' इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे और इस साल के आखिर तक नया सिरी लॉन्च किया जा सकता है। एपल ने कहा- गूगल की टेक्नोलॉजी सबसे बेहतरएपल ने गूगल की तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि उनके इवैल्यूएशन प्रोसेस में जेमिनी सबसे बेहतर साबित हुआ है। एपल के मुताबिक, 'एपल फाउंडेशन मॉडल्स' के लिए जेमिनी सबसे सक्षम आधार प्रदान करता है।
अब जेमिनी सिर्फ आपके सवालों के जवाब ही नहीं देगा, बल्कि आपके लिए शॉपिंग भी करेगा। कंपनी जेमिनी में एक नया 'बाय बटन' जोड़ रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स जेमिनी के चैट इंटरफेस को छोड़े बिना ही अपनी पसंद का सामान खरीद सकेंगे। गूगल ने इस नई सुविधा को 'एजेंटिक शॉपिंग' एक्सपीरियंस का नाम दिया है। अभी ये फीचर केवल अमेरिका में उपलब्ध है। जल्द ही भारत में भी लॉन्च किया जाएगा। गूगल ने अमेरिका में इसके लिए वॉलमार्ट, टारगेट, शॉपीफाई जैसे बड़े रिटेलर्स के साथ टाइ-अप किया है। गूगल पे से होगा पेमेंट, जल्द जुड़ेगा पेपैल गूगल ने इसे अपने पेमेंट गेटवे से जोड़ा है। जैसे ही आप 'बाय' बटन पर क्लिक करेंगे, एप के अंदर ही एक चेकआउट विंडो खुल जाएगी। यह फीचर आपके गूगल पे में पहले से सेव जानकारी का इस्तेमाल करेगा। कंपनी जल्द ही इसमें पेपैल का सपोर्ट भी जोड़ने वाली है। डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी रिटेलर की होगी भले ही आप ट्रांजैक्शन जेमिनी एप के अंदर कर रहे हैं, लेकिन सामान की डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी गूगल की नहीं होगी। उदाहरण के लिए, अगर आपने जेमिनी के जरिए वॉलमार्ट से कोई सामान मंगवाया है, तो उसकी शिपिंग, रिटर्न और कस्टमर सर्विस का सारा काम वॉलमार्ट ही संभालेगा। गूगल यहां सिर्फ एक प्लेटफॉर्म या माध्यम की तरह काम कर रहा है। जेमिनी से शॉपिंग की पूरी प्रोसेस समझें भारत में अभी क्या है स्थिति? अभी भारत में जेमिनी एप शॉपिंग में मदद तो करता है, लेकिन वह अलग-अलग वेबसाइट्स के प्रोडक्ट्स की तुलना दिखाता है और खरीदने के लिए बाहरी साइट्स के लिंक देता है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भारतीय यूजर्स को भी सीधे एप से खरीदारी का विकल्प मिलेगा। भविष्य में बदल जाएगा खरीदारी का तरीका गूगल का मानना है कि एआई एजेंट आने वाले समय में शॉपिंग के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। अब ग्राहकों को दर्जनों टैब्स खोलने या अलग-अलग एप्स में लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप बस एआई को बताएंगे कि आपको क्या चाहिए और वह आपके बजट और पसंद के हिसाब से बेस्ट ऑप्शन ढूंढकर वहीं पेमेंट करवा देगा।
वियतनाम की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी विनफास्ट ने भारत में एंट्री के 4 महीनों के अंदर 1,000 यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। इस बिक्री के साथ ही विनफास्ट, टाटा मोटर्स , एमजी और महिंद्रा के बाद भारत की चौथी सबसे बड़ी ईवी ब्रांड बनकर उभरी है। कंपनी ने पिछले साल सितंबर में अपने दो मिड-साइज एसयूवी मॉडल के साथ भारतीय बाजार में कदम रखा था। 2026 की शुरुआत से तेज बिक्री आंकड़ों के मुताबिक, विनफास्ट ने 2025 के आखिरी तीन महीनों में करीब 830 गाड़ियां बेची थीं। वहीं, नए साल यानी 2026 की शुरुआत भी कंपनी के लिए अच्छी रही है। जनवरी के शुरुआती दिनों में ही कंपनी अब तक 200 से ज्यादा ईवी बेच चुकी है। सितंबर में भारतीय बाजार में एंट्री हुई थी विनफास्ट ने भारत में अपने ऑपरेशन की शुरुआत पिछले साल सितंबर में की थी। कंपनी ने मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में दो मॉडल उतारे थे- VF 6 और VF 7। इन दोनों गाड़ियों को भारतीय ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विनफास्ट VF 6 और VF 7 के फीचर्स VF 6 एक प्रीमियम कॉम्पैक्ट SUV है, जो 'द डुअलिटी इन नेचर' के कॉन्सेप्ट से इंस्पायर है। इसमें 59.6 kWh की बैटरी है, जो 25 मिनट में 10% से 70% तक चार्ज हो जाती है और 468 Km तक की ARAI सर्टिफाइड रेंज देती है। वहीं बोल्ड और प्रीमियम VF 7 'द यूनिवर्स इज असिमेट्रिकल' डिजाइन फिलॉसफी के साथ आता है। ये एक बड़ी SUV है, जिसकी लंबाई 4.5 मीटर से ज्यादा और व्हीलबेस 2,840 mm है। ये दो बैटरी ऑप्शन्स (59.6 kWh और 70.8 kWh) और पांच वेरिएंट्स- अर्थ, विंड, विंड इनफिनिटी, स्काई और स्काई इनफिनिटी में अवेलेबल हैं। इसमें FWD और AWD ड्राइवट्रेन ऑप्शन्स भी हैं। तमिलनाडु में 50,000 यूनिट्स कैपेसिटी का असेंबली प्लांट विनफास्ट की EV तूतुकुड़ी, तमिलनाडु में असेंबल होती हैं। फैक्ट्री की सालाना कैपेसिटी 50,000 यूनिट्स है, जो बढ़ाकर 1,50,000 यूनिट्स की जा सकती है। ये प्लांट भारत में कंपनी की पहली फैसिलिटी है। कंपनी ने भारत में एंट्री के साथ लोकल असेंबली पर फोकस किया, जो कॉस्ट कम रखने और जॉब्स क्रिएट करने में मदद करता है। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें टेस्ला के बाद विनफास्ट ने भारत में पहला शोरूम खोला:सूरत के इस शोरूम में VF 6 और VF 7 शोकेस करेगी, कंपनी का 35 डीलरशिप ओपन करने का प्लान इलॉन मस्क की टेस्ला के बाद अब वियतनाम की इलेक्ट्रिक मेकर विनफास्ट ने भारत में अपना पहला शोरूम गुजरात के सूरत में ओपन किया है। रविवार (27 जुलाई) को 3,000 स्क्वायर फीट के इस शोरूम का इनोग्रेशन किया गया। पूरी खबर पढ़ें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के 1.75 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक हो गया है। ये जानकारी साइबर क्रिमिनल्स के हाथ लग गई है। एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फर्म मालवेयरबाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक लीक डेटा में यूजरनेम, घर का पता, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस जैसी चीजें शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि ये डेटा डार्क वेब पर बिक रहा है और इससे फिशिंग या अकाउंट हैकिंग जैसे खतरे बढ़ सकते हैं। 2024 में हुई सुरक्षा चूक से डेटा लीक मालवेयरबाइट्स ने अपने कस्टमर्स को ईमेल में बताया कि ये लीक उनकी रूटीन डार्क वेब स्कैन में पकड़ा गया। ये 2024 में इंस्टाग्राम के API (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, जो ऐप्स को एक-दूसरे से कनेक्ट करता है) से जुड़ा है। कंपनी ने कहा कि इस डेटा से साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है स्टेटिस्टा के मुताबिक भारत में इंस्टाग्राम के अक्टूबर 2025 तक सबसे ज्यादा यूजर्स 48 करोड़ यूजर्स हैं। यहां फेसबुक और वॉट्सऐप के भी 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जो मेटा का सबसे बड़ा बाजार है। लीक डेटा में भारत के यूजर्स की जानकारी भी हो सकती है, जिससे भारतीय यूजर्स के लिए खतरा बढ़ सकता है। हैकर्स कैसे कर सकते हैं इस डेटा का इस्तेमाल? यह लीक सिर्फ इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि लीक हुए क्रेडेंशियल्स (लॉगिन डीटेल्स) का इस्तेमाल करके हैकर्स: फिशिंग : आपको फर्जी ईमेल या मैसेज भेजकर फंसा सकते हैं। अकाउंट टेकओवर: आपका अकाउंट हाईजैक कर सकते हैं। क्रेडेंशियल स्टफिंग: अगर आप बाकी जगह (जैसे फेसबुक, नेटफ्लिक्स या बैंक) भी वही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं, तो हैकर्स वहां भी सेंध लगा सकते हैं। मेटा ने डेटा ब्रीच के आरोपों को नकारा मेटा के प्रवक्ता ने डेटा ब्रीच की बात को नकारा है। उन्होंने कहा हमने एक समस्या को ठीक कर लिया है जिसकी वजह से कोई बाहरी पार्टी कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए पासवर्ड रीसेट ईमेल भेजने का अनुरोध कर पा रही थी। हमारे सिस्टम में कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ है और लोगों के इंस्टाग्राम अकाउंट्स सुरक्षित हैं।
टेस्ला इंडिया ने अब बेंगलुरु में अपना चौथा शोरूम खोलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, 'सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु'। यह कदम भारत में टेस्ला की तेज एक्सपेंशन की ओर इशारा करता है। जहां कंपनी पहले से दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में मौजूद है। बेंगलुरु में नया शोरूम कब और कैसे खुलेगा टेस्ला ने अभी सटीक ओपनिंग डेट नहीं बताई है, लेकिन कंपनी का फोकस तेजी से बढ़ते साउथ इंडियन मार्केट पर है। बेंगलुरु में IT हब होने की वजह से यहां हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और EV इंटरेस्टेड कस्टमर्स की संख्या अच्छी है। लोग X पर काफी एक्साइटेड हैं। एक यूजर ने लिखा, 'वेलकम टू नम्मा बेंगलुरु'। दूसरे यूजर ने कहा, 'बेंगलुरु में वेल्दी टेस्ला फैन बेस है, यह बहुत शानदार होने वाला है। पहले से मौजूद शोरूम्स की लिस्ट मॉडल Y की डिलीवरी और प्राइस डिटेल्स टेस्ला ने भारत में अपना Model Y लॉन्च किया है, जिसकी कीमत ₹59.89 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। कंपनी का प्लान है कि सितंबर तक डिलीवरी शुरू कर दे। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई प्रायोरिटी मार्केट हैं, लेकिन अब बेंगलुरु भी जल्द जुड़ेगा। Model Y के दो वैरिएंट हैं - RWD और लॉन्ग रेंज RWD। सुपरचार्जिंग नेटवर्क का एक्सपेंशन टेस्ला चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रही है। पिछले साल दिसंबर में गुरुग्राम के DLF होराइजन सेंटर में पहला सुपरचार्जर लगाया गया। अब दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में नेटवर्क बढ़ाने का प्लान है। इससे कस्टमर्स को सीमलेस और सस्टेनेबल मोबिलिटी मिलेगी। टेस्ला का कहना है कि ये कदम भारत में ग्रेजुअल एक्सपेंशन का हिस्सा हैं। आने वाले महीनों में और शहरों में प्रेजेंस बढ़ सकती है। कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की थी टेस्ला ने सालों से भारत में एंट्री की कोशिश की, लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी और रेगुलेशंस की वजह से देरी हुई। 2025 में सरकार की EV पॉलिसी में छूट मिलने के बाद कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की। अब तेजी से शोरूम और चार्जिंग स्टेशन बढ़ा रही है। कंपनी का फोकस ब्रैंड बिल्डिंग और डिमांड चेक करने पर है, फिलहाल मैन्युफैक्चरिंग प्लान्स नहीं बताए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें... भारत में लॉन्च हुई टेस्ला मॉडल Y की पहली तस्वीरें: अमेरिका से ₹28 लाख महंगी, जानें बुकिंग से लेकर कीमत और सर्विसिंग की सभी डिटेल्स दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला का पहला शोरूम आज यानी, 15 जुलाई को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में खुल गया है। अभी केवल मॉडल Y कार भारत में बेची जाएगी। इसकी कीमत 60 लाख रुपए से शुरू है। ये अमेरिका की तुलना में 28 लाख रुपए ज्यादा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टेस्ला शोरूम क उद्घाटन किया। इसके साथ ही कारों की बुकिंग शुरू हो गई है। पूरी खबर पढ़ें...
गेमिंग टेक कंपनी रेजर नेलास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES) 2026 में अपनी नई तकनीक 'प्रोजेक्ट एवा' (Project Ava) को पेश किया है। यह एक फिजिकल होलोग्राफिक AI साथी है, जो एक छोटे ट्रांसपेरेंट सिलेंडर के अंदर एनिमे अवतार में दिखाई देता है। यह डिवाइस न सिर्फ गेमिंग के दौरान रियल-टाइम कोचिंग देगी, बल्कि रोजमर्रा के अलमारी सेट करने जैसे कामों में एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह मदद भी करेगी। कंपनी ने इसे 'फ्रेंड फॉर लाइफ' (जिंदगी भर का दोस्त) के तौर पर प्रमोट किया है। 1,803 रुपए में प्री-बुकिंग शुरू रेजर ने इसके लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। इसे 20 डॉलर (करीब 1,803 रुपए) देकर रिजर्व किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह करीब 200 डॉलर (लगभग ₹18,030) में खरीदा जा सकेगा। इसकी शिपिंग 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। 5.5 इंच के सिलेंडर में दिखेगा AI अवतार रेजर का यह डिवाइस 5.5 इंच के ट्रांसपेरेंट सिलेंडर जैसा है, जो USB टाइप-C के जरिए कनेक्ट होता है। इसमें एक HD कैमरा, एम्बिएंट लाइट सेंसर और दो पावरफुल माइक्रोफोन दिए गए हैं। यूजर्स इसे वॉयस कमांड या पुश-टू-टॉक बटन के जरिए निर्देश दे सकते हैं। खास बात यह है कि यह AI न सिर्फ आपकी स्क्रीन पर चल रहे गेम को समझता है, बल्कि कैमरे के जरिए आपके आसपास के माहौल को भी देख सकता है। 5 अवतारों में से चुन सकेंगे, ई-स्पोर्ट्स स्टार 'फेकर' भी शामिल कंपनी ने इसमें फिलहाल 5 अवतारों का ऑप्शन दिया है। इनमें 'किरा' (एक एनिमे गर्ल), 'जेन' (टैटू वाला मस्कुलर कैरेक्टर), 'साओ' (जापानी सैलरी-वुमन कैरेक्टर) और मशहूर ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ी 'फेकर' का अवतार शामिल है। इसके अलावा रेजर का लोगो 'एवा' भी एक विकल्प है। रेजर ने कहा है कि भविष्य में इन्फ्लुएंसर्स के साथ पार्टनरशिप कर और भी नए चेहरे जोड़े जाएंगे और यूजर्स अपना खुद का अवतार भी बना सकेंगे। गेमिंग कोचिंग से लेकर अलमारी सेट करने तक में मदद CES के डेमो के दौरान देखा गया कि यह AI गेमिंग में काफी मददगार है। यह बैटलफील्ड-6 जैसे गेम्स में हथियारों के चुनाव और स्ट्रेटेजी बनाने की सलाह देता है। गेमिंग के अलावा, यह आपके कैलेंडर को मैनेज कर सकता है और कैमरे की मदद से आपको यह भी बता सकता है कि आज आपको कौन से कपड़े पहनने चाहिए। यह स्टीम सेल जैसी डील्स पर भी नजर रखता है। गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी का भी मिलेगा सपोर्ट तकनीकी तौर पर यह डिवाइस फिलहाल एलन मस्क की कंपनी xAI के 'ग्रोक' पर बेस्ड है, लेकिन इसे एक ओपन प्लेटफॉर्म की तरह डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार गूगल के 'जेमिनी' या 'चैटजीपीटी' को भी इस डिवाइस में इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि वे चाहते हैं कि यूजर्स को भाषा और काम करने के तरीके में अपनी पसंद का मॉडल चुनने की आजादी मिले। प्राइवेसी के लिए माइक्रोफोन म्यूट बटन प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच रेजर ने इसमें फिजिकल कैमरा शटर और माइक्रोफोन म्यूट बटन दिया है। हालांकि, कुछ शुरुआती रिव्यूअर्स ने इसके व्यवहार को थोड़ा 'अजीब' बताया है। डेमो के दौरान कुछ अवतार यूजर्स के साथ काफी ज्यादा दोस्ताना होने की कोशिश कर रहे थे, जो कुछ लोगों को असहज लगा। इसके बावजूद, टेक एक्सपर्ट्स इसे गेमिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव मान रहे हैं।
गूगल ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म जीमेल में 'AI इनबॉक्स' और 'AI ओवरव्यू' जैसे कई फीचर्स जोड़े हैं। अब आपका जीमेल इनबॉक्स न सिर्फ ईमेल रिसीव करेगा, बल्कि एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह यह भी बताएगा कि कौन सा ईमेल आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। गूगल का कहना है कि यह नया इनबॉक्स जेमिनी 3 की रीजनिंग पावर पर काम करेगा। इससे यह ईमेल की लिस्ट दिखाने के बजाय कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से जरूरी एक्शन सुझाएगा। सर्च बॉक्स में सवाल पूछकर पुराने मेल सर्च कर सकेंगे अब आपको पुराने ईमेल ढूंढने के लिए कीवर्ड सर्च करने या मैन्युअली स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप जीमेल के सर्च बॉक्स में साधारण भाषा में सवाल पूछ सकेंगे। जैसे- पिछले साल इस प्रोजेक्ट पर क्या फैसला हुआ था? या फ्लाइट का टिकट किसने भेजा था?। जेमिनी की रीजनिंग पावर आपके पुराने ईमेल को एनालाइज करेगी और सटीक जानकारी ढूंढकर सीधे जवाब देगी। फिलहाल यह फीचर गूगल AI प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए है। गूगल ने सर्च इंजन की तरह जीमेल में भी 'AI ओवरव्यू' फीचर पेश किया है। अक्सर कई लोग एक ही ईमेल थ्रेड में बात करते हैं, जिससे पुराना मैसेज ढूंढना मुश्किल हो जाता है। अब AI ओवरव्यू ऐसी लंबी बातचीत को कुछ पॉइंट्स में समेट देगा। समय के हिसाब से नहीं, जरूरत के हिसाब से दिखेंगे ईमेल गूगल 'AI इनबॉक्स' नाम का एक टूल भी ला रहा है। यह इनबॉक्स आपके ईमेल को समय के हिसाब से दिखाने के बजाय उनकी अहमियत के हिसाब से सेट करेगा। यह आपके जरूरी सेंडर्स, आने वाली डेडलाइन्स और जरूरी बिल या अपॉइंटमेंट रिमाइंडर्स को पहचान कर उन्हें सबसे ऊपर दिखाएगा। गूगल का दावा है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। 'हेल्प मी राइट' अब सबके लिए फ्री, स्टाइल भी मैच करेगा जीमेल का 'हेल्प मी राइट' फीचर अब सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया गया है। इसके अलावा 'स्मार्ट रिप्लाई' को भी अपग्रेड करके 'सजेस्टेड रिप्लाई' कर दिया गया है। यह आपकी बातचीत के कॉन्टेक्स्ट (संदर्भ) को समझेगा और आपके पुराने लिखने के तरीके (टोन) को मैच करते हुए जवाब सुझाएगा। यानी यह आपकी स्टाइल में ही ईमेल ड्राफ्ट करने में मदद करेगा। प्रीमियम यूजर्स के लिए प्रूफरीड और एडवांस्ड फीचर जहां कई फीचर्स फ्री किए गए हैं, वहीं कुछ खास टूल्स अभी भी पेड सब्सक्राइबर्स के लिए रखे गए हैं। 'प्रूफरीड' फीचर, जो ग्रामर चेक के साथ-साथ स्टाइल और टोन में सुधार के सुझाव देता है, केवल 'गूगल AI प्रो' और 'अल्ट्रा' सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा। इसी तरह, नेचुरल लैंग्वेज में सवाल पूछने वाला फीचर फिलहाल केवल अमेरिका में प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को ही मिलेगा।
सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.88 लाख रुपए रखी गई है। स्कूटर में 3.07 kWh की LFP बैटरी दी गई है, जो एक बार चार्ज करने पर 95Km तक की रेंज देती है। कंपनी ने डीलरशिप पर इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। सुजुकी e-Access के स्पेसिफिकेशंस e-Access में परमानेंट मैग्नेट मोटर लगा है, जो 5.5 bhp की पीक पावर और 15 Nm टॉर्क देता है। इसकी टॉप स्पीड 71Kmph है। स्कूटर का वजन 122Kg और सीट हाइट 765 mm है। इसमें 12 इंच के अलॉय व्हील्स, आगे डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक मिलते हैं। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर से फुल चार्ज होने में 6 घंटे 40 मिनट से ज्यादा समय लगता है। वहीं कंपनी के DC फास्ट चार्जर से 2 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है। सुजुकी के 240 से ज्यादा शोरूम पर DC फास्ट चार्जर और सभी डीलरशिप पर AC चार्जर अवेलेबल हैं। चार ड्यूल-टोन कलर ऑप्शंस में अवेलेबल स्कूटर चार ड्यूल-टोन कलर ऑप्शंस में आती है। इनमें ब्लैक/रेड, व्हाइट/ग्रे, ग्रीन/ग्रे और ब्लू/ग्रे शामिल हैं। डिजाइन पेट्रोल Access से काफी अलग है, आगे LED लाइटिंग और स्पोर्टी लुक दिया गया है। कॉम्पिटिटर्स से कितनी महंगी है स्कूटर e-Access की कीमत अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा है। बजाज चेतक के टॉप वेरिएंट से यह 50 हजार रुपए से ज्यादा महंगी है। वहीं इसकी कीमत TVS iQube ST (5.3 kWh बैटरी वाली) और Ather Rizta के 3.7 kWh वेरिएंट से भी 30 हजार रुपए से ज्यादा है। पेट्रोल Access के टॉप मॉडल से दोगुनी से ज्यादा कीमत पर यह इलेक्ट्रिक वर्जन आई है। कंपनी ने लॉन्च पर क्या कहा सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर केनिची उमेदा ने कहा कि e-Access कंपनी का पहला ग्लोबल स्ट्रैटेजिक बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल है। इसमें लॉन्ग लाइफ बैटरी, अच्छी हैंडलिंग, स्मूथ एक्सीलरेशन और हाई क्वालिटी फिट एंड फिनिश दिया गया है। e-Access को ऑटो एक्सपो 2025 में दिखाया गया था सुजुकी e-Access को सबसे पहले जनवरी 2025 में ऑटो एक्सपो में दिखाया गया था। उस समय जून 2025 में लॉन्च की प्लानिंग थी, लेकिन इसे डिले कर दिया गया था। इसका प्रोडक्शन गुरुग्राम प्लांट में शुरू हो चुका है। LFP बैटरी इसलिए चुनी गई क्योंकि यह लॉन्ग लाइफ वाली होती है और सेफ्टी में बेहतर है, हालांकि रेंज थोड़ी कम मिलती है। भारत में चार्जिंग नेटवर्क बढ़ा रही कंपनी यह सुजुकी की भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की शुरुआत है। कंपनी चार्जिंग नेटवर्क बढ़ा रही है और सर्विस सेंटर्स को EV रेडी कर रही है। रियल वर्ल्ड में रेंज 65-75km के आसपास रहने की उम्मीद है। अगर कीमत को देखते हुए बिक्री अच्छी रही तो आगे और मॉडल्स आने की संभावना है।
लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES) 2026 में एडल्ट टेक कंपनी 'लोवेंस' ने दुनिया की पहली ऐसी ह्युमनॉइड डॉल पेश की है, जो न सिर्फ दिखने में असली इंसान जैसी है, बल्कि इसमें दिमाग और याददाश्त (Memory) भी है। इसका नाम एमिली है। कंपनी का दावा है कि यह रोबोट समय के साथ आपकी पसंद-नापसंद को याद रखेगी और आपसे किसी पुरानी बात का संदर्भ लेकर बातचीत भी कर सकेगी। यह एक तरह की सेक्स टॉय है, कंपनी ने इसे 'गर्लफ्रेंड सर्विस' के तौर पर पेश किया गया है। कीमत और अवेलेबलिटी: ₹16,000 देकर रिजर्व कर सकते हैं एमिली की कीमत कस्टमाइजेशन के आधार पर $4,000 से $8,000 (करीब 3.30 लाख से 6.60 लाख रुपए) के बीच होगी। कंपनी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो चुकी है। इसे रिजर्व करने के लिए $200 (करीब ₹16,500) की फीस देनी होगी। इसकी डिलीवरी साल 2027 से शुरू होने की उम्मीद है। एमिली रोबोट: सिलिकॉन बॉडी और बोलने वाला चेहरा एमिली एक लाइफ-साइज रोबोट है, जिसकी बाहरी बॉडी को असली स्किन जैसा अहसास देने के लिए सिलिकॉन से बनाया गया है। इसके अंदर एक लचीला ढांचा (Skeleton) है, जिससे इसके अंगों को मोड़ा जा सकता है। इसमें चेहरे के हाव-भाव और बोलने के लिए मुंह की मूवमेंट भी दी गई है। कंपनी का कहना है कि इसका हार्डवेयर तो सिर्फ एक हिस्सा है, असली जादू इसके 'इमोशनल सॉफ्टवेयर' में है। यह रोबोट आपसे बातें करते समय आपके मूड को समझने की कोशिश करती है। याददाश्त वाली पहली रोबोट: पिछली बातें भूलती नहीं 'एमिली' अब तक के एडल्ट रोबोट्स सिर्फ रटे-रटाए जवाब देते थे, लेकिन एमिली अलग है। इसमें मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। अकेलापन दूर करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद मिलेगी लोवेंस ने इस प्रोडक्ट को सिर्फ एक सेक्स टॉय के रूप में नहीं, बल्कि एक 'साथी' के रूप में पेश किया है। कंपनी के अनुसार, एमिली उन लोगों की मदद कर सकती है, जो अकेलापन महसूस करते हैं या जिन्हें समाज में बातचीत करने में झिझक होती है। कंपनी का कहना है कि यह एक 'जजमेंट-फ्री' रिश्ता है, जहां यूजर बिना किसी डर के अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है और अपना कॉन्फिडेंस बढ़ा सकता है। बढ़ता कॉम्पिटिशन: पिछले साल आई थी 'आरिया' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब स्क्रीन से निकलकर शरीर ले रही है। पिछले साल CES 2025 में 'आरिया' (Aria) नाम की ह्युमनॉइड रोबोट दिखाई दी थी, जो एमिली से ज्यादा एडवांस थी। उसकी कंपनी 'रियलपोटिक्स' अब ऐसे रोबोट बना रही है जिनका इस्तेमाल केवल पर्सनल लाइफ में ही नहीं, बल्कि हेल्थकेयर और कॉर्पोरेट सर्विसेज में भी किया जा सके। एमिली का आना यह दिखाता है कि भविष्य में इंसान और रोबोट के बीच का फर्क और कम होने वाला है।
टेक कंपनी शाओमी की सब ब्रांड पोको ने आज (8 जनवरी) भारत में अपनी 'M' सीरीज के नए स्मार्टफोन 'पोको M8' को लॉन्च कर दिया है। 5G स्मार्टफोन को 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा, स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर और कर्व्ड OLED डिस्प्ले के साथ मार्केट में उतारा गया है। पोको M8 को 3 स्टोरेज ऑप्शन के साथ लॉन्च किया गया है। इसके कीमत 21,999 रुपए से शुरू होती है। इसकी सेल 13 जनवरी दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। लॉन्च ऑफर के तहत क्रेडिट पर 2,000 रुपए का इंस्टेंट डिस्काउंट या 6 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा, इंट्रोडक्टरी ऑफर के तौर पर बेस वैरियंट को 15,999 रुपए की कीमत पर सिर्फ 12 घंटे के लिए अवेलेबल कराया जाएगा। यह ऑफर सिर्फ 13 जनवरी को दोपहर 12 बजे से शुरू होगा और अगले 12 घंटे तक लागू रहेगा। भारत में ये नथिंग फोन (3a) लाइट, रियलमी 15T, इन्फिनिक्स GT 30 और वीवो Y400 प्रो जैसे स्मार्टफोन को टक्कर देगा। डिजाइन: 3D कर्व्ड बॉडी के साथ 7.35mm मोटाई पोको M8 के डिजाइन में प्रीमियम लुक देने की कोशिश की गई है। फोन सिर्फ 7.35mm पतला है, इसका वजन 178 ग्राम है और इसमें 3D कर्व्ड बॉडी डिजाइन मिलता है, जो इसे हाथ में पकड़ने पर एक फ्लैगशिप फोन जैसा फील देगी। फोन के फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स और सेंटर पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। इसमें हाई रिफ्रेश रेट वाला पैनल मिलेगा, जिससे स्क्रॉलिंग और एनिमेशन स्मूथ मिलते हैं। बैक पैनल पर टेक्स्चर फिनिश और एक बड़ा कैमरा मॉड्यूल है। पोको M8 स्मार्टफोन: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: फोन में 6.77 इंच की बड़ी और किनारों से मुड़ी हुई (3D कर्व्ड) एमोलेड स्क्रीन दी गई है। इसकी ब्राइटनेस 3200 निट्स है, जिसका मतलब है कि तेज धूप में भी आपको स्क्रीन साफ नजर आएगी। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है, यानी डिस्प्ले काफी स्मूथ है। खास तकनीक (TV सर्टिफिकेशन) की वजह से लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने पर भी आंखों में थकान कम होगी। परफॉर्मेंस: पोको M8 में स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर लगा है, जो पिछले मॉडल के मुकाबले 83% ज्यादा फास्ट है। इसमें 16GB तक रैम (8GB फिजिकल और 8GB वर्चुअल) का सपोर्ट मिलता है, जिससे भारी एप्स और गेम्स बिना अटके चलते हैं। फोटो-वीडियो रखने के लिए 256GB तक का स्टोरेज है, जिसे SD कार्ड की मदद से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है। सॉफ्टवेयर: फोन लेटेस्ट एंड्रॉइड 15 और शाओमी के नए हाइपर OS 2 पर चलता है। इसमें गूगल जेमिनी और 'सर्कल टू सर्च' जैसे स्मार्ट AI फीचर्स मिलेंगे। कंपनी का कहना है कि फोन को 4 बड़े एंड्रॉइड अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स मिलते रहेंगे। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए रियर में 50 मेगापिक्सल मेन कैमरा है, जो 4K वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसमें खराब फोटो को ठीक करने के लिए AI मैजिक इरेजर और स्काय रिप्लेसमेंट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सेल्फी के लिए सामने की तरफ 20 मेगापिक्सल का कैमरा है, जो धुंधली फोटो को भी AI की मदद से साफ कर देता है। बैटरी: पावरबैकअप के लिए फोन में 5520mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर आप 19 घंटे तक लगातार यू-ट्यूब देख सकते हैं या 9 घंटे तक गेम खेल सकते हैं। आम इस्तेमाल में यह 1.6 दिन तक चल जाती है। इसकी बैटरी लाइफ 5 साल तक बेहतर बनी रहेगी। चार्जिंग: फोन को चार्ज करने के लिए 45W का फास्ट चार्जर मिलता है, जो फोन को सिर्फ 28 मिनट में 1% से 50% तक चार्ज कर देता है। फोन में रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी दी गई है, यानी आप इससे दूसरे छोटे गैजेट्स (जैसे ईयरबड्स) भी चार्ज कर सकते हैं। मजबूती और साउंड: मजबूती के लिए इसे IP66 रेटिंग मिली है, यानी इस पर धूल और पानी की बौछारों का असर नहीं होगा। अगर स्क्रीन पर पानी की बूंदें हैं, तब भी टच काम करेगा। इसमें डॉल्बी एटमॉस के साथ दो स्पीकर दिए गए हैं, जो बहुत तेज और साफ आवाज देते हैं।
सैम ऑल्टमैन की कंपनी ओपन-एआई ने हेल्थ से जुड़ी जानकारी के लिए एक नया फीचर 'चेटजीपीटी हेल्थ' लॉन्च किया है। यह फीचर यूजर्स को उनके मेडिकल रिकॉर्ड्स और फिटनेस एप्स जैसे एपल हेल्थ और माय-फिटनेस-पाल को चैटजीपीटी से जोड़ने की सुविधा देता है। कंपनी का दावा है कि इसकी मदद से लोग अपनी बीमारियों, लैब टेस्ट रिपोर्ट्स और फिटनेस रूटीन को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। फिलहाल इस फीचर के लिए वेटलिस्ट शुरू की गई है। हर हफ्ते 23 करोड़ लोग पूछते हैं सेहत से जुड़े सवाल ओपन-एआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि हर हफ्ते दुनियाभर के करीब 23 करोड़ लोग चैटजीपीटी से स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़े सवाल पूछते हैं। इसी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कंपनी ने डॉक्टरों के साथ मिलकर 'चैटजीपीटी हेल्थ' को डिजाइन किया है। इसका मकसद लोगों को उनकी सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक बनाना और डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट से पहले उन्हें बेहतर तरीके से तैयार करना है। मेडिकल रिकॉर्ड्स और फिटनेस एप्स से मिलेगा सटीक जवाब चैटजीपीटी हेल्थ की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीग्रेशन है। यूजर्स अपने मेडिकल डेटा और वेलनेस ऐप्स को इससे सुरक्षित तरीके से कनेक्ट कर सकेंगे। डेटा सुरक्षा पर जोर: AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं होगा डेटा मेडिकल डेटा की संवेदनशीलता को देखते हुए ओपन-एआई ने सेफ्टी के कड़े इंतजाम किए हैं। कंपनी का कहना है कि: कैसे कर सकेंगे इस्तेमाल और कहां उपलब्ध है यह सेवा? चैटजीपीटी हेल्थ का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अभी वेटलिस्ट के लिए साइन-अप करना होगा। एक्सेस मिलने के बाद यह चैटजीपीटी के साइडबार में 'हेल्थ' नाम से दिखेगा। मेडिकल रिकॉर्ड्स जोड़ने की सुविधा अभी सिर्फ अमेरिका के यूजर्स के लिए शुरू की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसमें 'कस्टम निर्देश' देने की भी सुविधा है, ताकि चैटजीपीटी को पता रहे कि उसे किन बातों पर ध्यान देना है और क्या नहीं बोलना है। 2015 में शुरू हुई थी ओपन AI ओपनएआई (Open AI) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलप करने वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 2015 में इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन और उनके कुछ दोस्तों ने मिलकर की थी। यह AI टेक्नोलॉजी विशेष रूप से जेनेरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (जैसे चैट GPT) के डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है। कंपनी का मिशन सेफ और ह्यूमन सेंट्रिक AI डेवलप करना है। कंपनी सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में स्थित है।
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV अर्बन क्रूजर EV को भारत में 19 जनवरी 2026 को लॉन्च करने जा रही है। यह मारुति सुजुकी की अपकमिंग इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा का री-बैज वर्जन है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक SUV को एक बार फुल चार्ज करने पर 550 किलोमीटर की रेंज मिलेगी। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹21 लाख से ₹26 लाख के बीच हो सकती है। डिलीवरी मार्च-अप्रैल 2026 से शुरू हो सकती है। मिड-साइज सेगमेंट में आने वाली इस इलेक्ट्रिक SUV का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और महिंद्रा BE 6 से होगा। हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाई गई है ईवी टोयोटा अर्बन क्रूजर को हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाया गया है, जिसे कंपनी ने मारुति सुजुकी के साथ मिलकर बनाया है। यह नई कार ईवीएक्स का रिबैज्ड वर्जन है, जिसके प्रोडक्शन वर्जन को इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ग्लोबल मार्केट के लिए ई-विटारा नाम से पेश किया गया था। अर्बन क्रूजर ईवी के प्रोडक्शन मॉडल में अपने कॉन्सेप्ट मॉडल से कुछ बदलाव किए गए हैं। इसकी लंबाई को 15mm और चौड़ाई को 20mm कम किया गया है, लेकिन इसकी ऊंचाई को 20mm बढ़ाई गई है। व्हीलबेस की लंबाई 2,700mm ही है। खास बात यह है कि ये डायमेंशन अर्बन क्रूजर ईवी को ई विटारा से थोड़ा बड़ा बनाते हैं। एक्सटीरियर: LED लाइटिंग सेटअप के साथ 19-इंच के एलॉय व्हील्स कार का ओवर ऑल बॉडी स्ट्रक्चर ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन इसकी फ्रंट प्रोफाइल बिल्कुल अलग है। इसमें एक चौड़ी क्रोम स्ट्रिप है, जो दोनों LED हेडलैम्प्स को जोड़ती है और पूरा सेटअप एक ब्लैक केसिंग में घिरा है। दोनों तरफ 12 छोटी-छोटी गोल LED DRLs दी गई हैं। नीचे की तरफ एक मोटा बम्पर है और दोनों तरफ वर्टिकल एयर वेंट दिए गए हैं। साइड से देखने पर टोयोटा की ईवी मारुति eVX जैसी ही नजर आ रही है, जिसमें चौकोर व्हील आर्च, डोर पर चौड़ी बॉडी क्लैडिंग और सी-पिलर पर लगे रियर डोर हैंडल दिए गए हैं। इसमें ई-विटारा की तरह 19-इंच के एलॉय व्हील्स दिए गए हैं, लेकिन डिजाइन अलग है। रियर प्रोफाइल पूरी तरह से eVX जैसी दिख रही है। इसमें एक बड़ा बंपर, रूफ इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और बीच में रिफ्लेक्टिंग एलिमेंट के साथ एंड-टू-एंड कनेक्टेड टेल लैंप सेटअप है। DRLs की तरह ही, टेललैंप में भी गोल लाइटिंग एलिमेंट दिए गए हैं, जो इसे ई-विटारा से अलग बनाते हैं। इंटीरियर और फीचर्स: 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम अर्बन क्रूजर ईवी का केबिन बिल्कुल ई-विटारा जैसा ही है। इसकी कलर केबिन थीम को अलग रखा गया है, जो पूरी तरह से ब्लैक है। केबिन का बाकी हिस्सा लेयर्ड डैशबोर्ड, सेमी-लेदरेट अपहोल्स्ट्री, स्क्वैरिश एसी वेंट, ब्रश एल्युमिनियम और ग्लॉस ब्लैक एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर ग्लॉस ब्लैक टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। फीचर लिस्ट में 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.1 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, फिक्स्ड ग्लासरूफ, JBL साउंड सिस्टम और पावर्ड ड्राइवर सीटें शामिल हैं। इसमें वायरलेस फोन चार्जर, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी होगा। दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ 550 किलोमीटर की रेंज यूरोपियन मार्केट में टोयोटा अर्बन क्रूजर ईवी को ई-विटारा की तरह दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कंपनी ने अभी तक कार की सर्टिफाइड रेंज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है इसकी फुल चार्ज में रेंज 550 किलोमीटर तक हो सकती है, जो ई विटारा से 150km ज्यादा है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया जाएगा। सेफ्टी फीचर्स : ADAS के साथ 360-डिग्री कैमरा सेफ्टी के लिए अर्बन क्रूजर ईवी में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मिलेगा। इसमें लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर शामिल होंगे। अन्य फीचर में 7 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) और कई एयरबैग मिलेंगे।
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। दरअसल, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को AI चैटबोट Grok के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। उन्होंने आईटी मिनिस्टर को लेटर लिखा था। इसमें कहा था कि कुछ लोग AI की मदद से महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है। पहले इस पूरे मामले को समझिए कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद Grok AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि Grok इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। सरकार ने आदेश में क्या कहा मंत्रालय का कहना है कि X ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत तय कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ, तो X, उसके जिम्मेदार अधिकारियों और ऐसे कंटेंट फैलाने वाले यूजर्स के खिलाफ आईटी एक्ट, आईटी रूल्स और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। प्रियंका चतुर्वेदी ने लेटर में लिखा- आदेश न मानने पर कानूनी सुरक्षा खत्म होने का खतरा आईटी एक्ट के अनुसार, अगर X पर कोई अश्लील, आपत्तिजनक, महिला विरोधी या गैरकानूनी कंटेंट डाला जाता है, तो प्लेटफॉर्म को इसकी जानकारी मिलते ही उसे तुरंत हटाना होता है। अगर केंद्र सरकार या कोर्ट X को कोई कंटेंट हटाने या अकाउंट ब्लॉक करने को कहती है, तो उसे मानना कानूनी रूप से जरूरी है। अगर X आदेश नहीं मानता तो X को जो कानूनी सुरक्षा मिलती है, वह छीन ली जा सकती है। इसके बाद X यूजर्स को ही गैरकानूनी कंटेंट के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। वहीं कंपनी पर क्रिमिनल केस, जुर्माना, जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR जांच एजेंसियों द्वारा पूछताछ हो सकती है। सरकार IT Act की धारा 69A के तहत X के किसी खास अकाउंट किसी कंटेंट या पूरे प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स भारत में ब्लॉक कर सकती है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी, कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा। पूरी खबर पढ़ें...
दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट CES 2026 में इस बार 'AI रोबोटिक्स' का दबदबा रहा। हुंडई मोटर ग्रुप ने बोस्टन डायनेमिक्स के साथ मिलकर अपने सबसे एडवांस ह्युमनॉइड (इंसान जैसे) रोबोट एटलस को पेश किया। यह रोबोट केवल एक मशीन नहीं, बल्कि भविष्य में फैक्ट्रियों में इंसानों के साथ काम करने वाला 'को-वर्कर' बनेगा। इसके अलावा घर में काम करने वाला रोबोट, इवेंट में सीढ़ियां चढ़ने वाले वैक्यूम क्लीनर, खुद चलने वाले स्कूटर और घास काटने वाले स्मार्ट रोबोट्स ने भी सबका ध्यान खींचा। आइए CES 2026 के टॉप रोबोट्स के बारे में जानते हैं... हुंडई एटलस: फैक्ट्रियों में इंसानों का हाथ बंटाएगा ह्युमनॉइड रोबोट हुंडई ने 'पार्टनरिंग ह्यूमन प्रोग्रेस' विजन के तहत एटलस रोबोट को पेश किया। यह रोबोट 56 रोटेशनल जॉइंट्स के साथ बनाया गया है, जो इसे इंसानों की तरह ही लचीला है। इसके हाथों में 'टैक्टाइल सेंसिंग' (स्पर्श महसूस करने की क्षमता) है, जिससे यह भारी के साथ-साथ नाजुक पुर्जों को भी आसानी से पकड़ सकता है। यह 50 किलो तक वजन उठा सकता है और -20C से 40C के तापमान में काम करने में सक्षम है। हुंडई इसे 2028 तक अपने अमेरिका स्थित 'मेटाप्लांट' में तैनात करेगी। LG CLOiD होम रोबोट: घर के काम करने वाला हाउसकीपर LG का CLOiD होम रोबोट शायद अब तक का सबसे एडवांस रोबोट हाउसकीपर है। मौजूदा रोबोट्स के उलट, जो केवल झाड़ू या पोछा कर सकते हैं, CLOiD एक साथ कई कामों में माहिर है। यह कपड़े फोल्ड कर सकता है, किचन में खाना बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह डिशवॉशर से बर्तन बाहर निकालकर उन्हें सही जगह जमा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट पूरी तरह AI पर निर्भर है, जिससे यह घर के जटिल रास्तों को समझता है और रटे-रटाए आदेशों के बजाय स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेता है। रोबोकॉक सारोस रोवर: अब सीढ़ियां भी साफ करेगा वैक्यूम क्लीनर रोबोट वैक्यूम क्लीनर के लिए अब तक सीढ़ियां सबसे बड़ी रुकावट थीं, लेकिन रोबोकॉक ने इसका समाधान निकाल लिया है। 'सारोस रोवर' में पक्षियों की तरह दो पैर लगे हैं, जिनके सहारे यह 30-40 सेकंड में 5 बड़ी सीढ़ियां चढ़ सकता है। इसकी बड़ी खूबी यह है कि यह सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते उन्हें साफ भी करता है। यह बाधाओं के ऊपर से कूदने और ढलान पर चलने में भी माहिर है। स्ट्रट Ev1: दुनिया का पहला 'सेल्फ-ड्राइविंग' स्कूटर स्मार्ट कार के बाद अब खुद चलने वाले स्कूटर की बारी है। स्ट्रट (Strutt) कंपनी ने Ev1 नाम का स्कूटर लॉन्च किया है जो पूरी तरह ऑटोनॉमस है। इसे वॉयस कमांड देकर बताया जा सकता है कि सोफे के पास ले चलो या किचन मार्क करो, और यह अपने आप वहां पहुंच जाएगा। इसमें लिडार सेंसर और 2 कैमरे लगे हैं, जिससे यह सामने किसी के आने पर अपने आप रुक जाता है। इसकी अर्ली-बर्ड कीमत करीब ₹4.40 लाख है। बीटबॉट एक्वासेंस X: खुद कचरा खाली करने वाला पूल क्लीनर स्विमिंग पूल साफ करने वाले रोबोट्स में अब तक कचरा निकालने का काम इंसान को ही करना पड़ता था, लेकिन बीटबॉट ने इसे ऑटोमैटिक बना दिया है। 'एक्वासेंस X' सफाई के बाद अपने डॉक पर लौटता है और खुद ही कचरा खाली कर फिल्टर को धो लेता है। यूजर को बस दो महीने में एक बार इसका डिस्पोजेबल डस्ट बैग बदलना होगा। इसकी कीमत $4,250 (करीब ₹3.50 लाख) है। इकोवैक्स लिलमाइलो: पालतू जानवर की कमी पूरी करेगा AI डॉग जिन लोगों के पास असली कुत्ता पालने का समय नहीं है, उनके लिए इकोवैक्स ने 'लिलमाइलो' पेश किया है। यह एक छोटा और सॉफ्ट रोबोटिक कुत्ता है। इसमें एडवांस बायोमेट्रिक्स और AI लगे हैं, जिससे यह अपने मालिक की आवाज और आदतों को पहचानता है। यह न केवल घर में आपके पीछे घूमता है, बल्कि समय के साथ अपनी एक अलग पर्सनैलिटी भी विकसित कर लेता है। सेगवे नैविमो H2: 1 सेमी की बाधा भी पहचान लेगा घास काटने वाला रोबोट सेगवे ने 'नैविमो H2' सीरीज के स्मार्ट लॉन मोवर पेश किए हैं। इनमें 'EFLS LiDAR+' तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो घने पेड़ों के नीचे या रात के अंधेरे में भी सटीक मैपिंग करती है। यह 1 सेंटीमीटर जितनी छोटी बाधा को भी पहचान कर रास्ता बदल लेता है और 45% तक की खड़ी ढलानों पर आसानी से घास काट सकता है।
दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट CES 2026 में इस बार 'स्मार्ट होम' तकनीक ने सबका ध्यान खींचा है। कंपनियां ऐसे गैजेट्स लेकर आई हैं, जो न सिर्फ आपकी बात सुनते हैं, बल्कि घर के काम भी कम करते हैं। इस साल का मुख्य आकर्षण LG का घरेलू रोबोट और सैमसंग का 130-इंच का विशाल टीवी है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 वह साल होगा, जब रोबोटिक हेल्पर्स और AI बेस्ड मशीनें हमारे घरों का हिस्सा बनना शुरू होंगी। इवेंट में ऐसे स्मार्ट लॉक्स भी पेश किए गए हैं, जो आपकी हथेली की नसों को पहचानकर दरवाजा खोल देते हैं। आइए सभी गेजेट्स को डिटेल में जानते हैं... LG CLOiD होम रोबोट: घर के काम करने वाला हाउसकीपर LG का CLOiD होम रोबोट शायद अब तक का सबसे एडवांस रोबोट हाउसकीपर है। मौजूदा रोबोट्स के उलट, जो केवल झाड़ू या पोछा कर सकते हैं, CLOiD एक साथ कई कामों में माहिर है। यह कपड़े फोल्ड कर सकता है, किचन में खाना बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह डिशवॉशर से बर्तन बाहर निकालकर उन्हें सही जगह जमा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट पूरी तरह AI पर निर्भर है, जिससे यह घर के जटिल रास्तों को समझता है और रटे-रटाए आदेशों के बजाय स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेता है। अल्ट्रालॉक बोल्ट सेंस: हथेली की नसें पहचानकर खुलेगा घर का ताला होम सिक्योरिटी सेगमेंट में 'एक्स थिक्ंस' ने 'अल्ट्रालॉक बोल्ट सेंस (अल्ट्रा लॉक बोल्ट सीन) पेश किया है। इसमें फिंगरप्रिंट की जगह फेशियल रिकॉग्निशन और हथेली की नसों को स्कैन करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। पाम वेन स्कैनिंग फिंगरप्रिंट से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि यह त्वचा के नीचे नसों के पैटर्न को पढ़ती है। यह तकनीक नियर-इंफ्रारेड लाइट का इस्तेमाल करती है, इसलिए यह अंधेरे में भी काम करती है और हाथ गीले या गंदे होने पर भी ताला तुरंत खोल देती है। सैमसंग फैमिली हब फ्रिज: बोलकर खोल सकेंगे दरवाजा स्मार्ट फ्रिज अब पहले से ज्यादा समझदार हो गए हैं। सैमसंग ने अपने फैमिली हब रेफ्रिजरेटर के लिए एक नया 'हैंड्स-फ्री' अपडेट जारी किया है। अब यूजर्स बिक्सबी के जरिए वॉयस कमांड देकर फ्रिज का दरवाजा खोल या बंद कर सकेंगे। दरवाजा खोलो या फ्रिज बंद करो जैसे छोटे कमांड अब काम करेंगे। यह फीचर तब बहुत काम आएगा जब आपके हाथ ग्रोसरी के सामान या बर्तनों से भरे हों। यह वॉयस कंट्रोल को एक नई सहूलियत दे रहा है। ड्रीम का लैंप वाला हेयर ड्रायर: ₹58,000 की कीमत और अनोखा डिजाइन ड्रीम कंपनी ने एक ऐसा प्रोडक्ट पेश किया है जो ब्यूटी टेक और घर की सजावट के बीच के अंतर को खत्म कर देता है। इसका नया हेयर ड्रायर $700 (करीब ₹58,000) का है और यह फर्श पर रखे एक स्टाइलिश लैंप जैसा दिखता है। इसमें LED लाइटिंग भी दी गई है, जिससे यह लैंप का काम भी करता है। इसका मकसद 'हैंड्स-फ्री' हेयर ड्राइंग है; यानी आप सोफे पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए अपने बाल सुखा सकते हैं। कंपनी इसे साल के अंत तक लॉन्च करने की तैयारी में है। वेक्स: पालतू जानवरों के लिए आपका पर्सनल रोबोट कैमरामैन पेट टेक की दुनिया में 'वेक्स' नाम का एक छोटा रोबोट पेश किया गया है। यह एक छोटा रोबोटिक साथी है, जिसे आपके पालतू जानवर के पीछे घूमने और उनकी हरकतों को फिल्म करने के लिए बनाया गया है। साधारण पालतू कैमरों के उलट, वेक्स सक्रिय रूप से चलता-फिरता है और AI का इस्तेमाल कर आपके जानवर के पूरे दिन के खास पलों का एक 'हाइलाइट वीडियो' तैयार कर देता है। यह देखने में काफी छोटा और कलरफुल है ताकि पालतू जानवर इससे डरें नहीं। सैमसंग का 130-इंच माइक्रो RGB टीवी: दीवार पर लगेगा खिड़की जैसा सैमसंग ने दुनिया का पहला 130-इंच का माइक्रो RGB टीवी लॉन्च कर सबको हैरान कर दिया है। इसे कंपनी के 'टाइमलेस फ्रेम' डिजाइन पर तैयार किया गया है, जिससे यह टीवी कम और घर की दीवार पर लगी किसी बड़ी आर्ट गैलरी की खिड़की जैसा ज्यादा लगता है। इसमें सैमसंग का सबसे एडवांस 'AI इंजन प्रो' और HDR10+ एडवांस सपोर्ट मिलता है। यह चकाचौंध को रोकने वाली (glare-free) तकनीक के साथ आता है, जो रोशनी वाले कमरे में भी एकदम असली जैसा पिक्चर क्वालिटी देता है।
Redmi Note 15 5G : सस्ता 5जी स्मार्टफोन, धांसू फीचर्स, कीमत में डिस्काउंट के साथ मिल रही है छूट
Redmi Note 15 5G और Redmi Pad 2 Pro पेश कर दिए हैं। स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खूबी सिर्फ नए फीचर्स नहीं, बल्कि इन डिवाइसेज के लिए मिलने वाला लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट है। स्मार्टफोन के फीचर्स की बात करें तो Redmi Note 15 को जहां 4 बड़े Android अपडेट और 6 ...

