बारां कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने 'पंच गौरव' योजना के तहत अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में चिह्नित पर्यटन स्थलों, उत्पादों, खेलों और फसलों के विकास के संबंध में निर्देश दिए। इस योजना के तहत रामगढ़ क्रेटर (पर्यटन स्थल), लहसुन (उत्पाद), फुटबॉल (खेल), चिरौंजी (उपज) और लहसुन (फसल) को विशिष्ट पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। अपने कक्ष में बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि इन 'पंच गौरव' को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, इनकी गुणवत्ता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने बताया कि 'पंच गौरव' योजना से जिले में पर्यटन और खेल का विकास होगा। इसके अतिरिक्त, लहसुन और चिरौंजी उत्पादकों को भी इसका लाभ मिलेगा। कलक्टर ने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने और इस योजना के माध्यम से जिले को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
आगामी 13 से 16 फरवरी के बीच होने वाली वैश्विक पक्षी गणना 'ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट' (जीबीबीसी) से पहले बिहार में पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों की गतिविधियां तेज हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में राज्य में इस नागरिक विज्ञान कार्यक्रम में भागीदारी दोगुनी से अधिक होने की संभावना है। बिहार में लगातार बढ़ रही भागीदारी 2021 में जहां केवल 17 बर्ड वॉचर्स ने 33 चेकलिस्ट के साथ 133 प्रजातियों को दर्ज किया था, वहीं 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 49 बर्ड वॉचर्स ने 500 चेकलिस्ट सबमिट करते हुए 224 प्रजातियों को रिकॉर्ड किया है। यह वृद्धि राज्य के 15 जिलों से दर्ज की गई है। राज्य समन्वयक राहुल कुमार बताते हैं कि 2024 में बिहार ने देश के 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चेकलिस्ट में 24वां स्थान हासिल किया था। हालांकि यह प्रगति उत्साहजनक है, लेकिन राज्य की वास्तविक क्षमता इससे कहीं अधिक है। भारत की वैश्विक मौजूदगी पिछले वर्ष (14 से 17 फरवरी 2025) भारत ने विश्व स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। लगभग 6,500 बर्ड वॉचर्स ने 66,155 चेकलिस्ट सबमिट कर देश को दूसरे स्थान पर पहुंचाया, जबकि 1,086 प्रजातियों के साथ भारत तीसरे स्थान पर रहा। नालंदा के जलाशय: संकट में पारिस्थितिकी धरोहर इस बढ़ती भागीदारी के बीच नालंदा जिले के महत्वपूर्ण जलाशयों की दुर्दशा चिंता का विषय बन गई है। गिद्धि जलाशय (कुंडलपुर-बेगमपुर), पुष्पकर्णी जलाशय (सूरजपुर), पंचाने नदी (गिरियक), पावापुरी जल मंदिर और गिरियक डैम जैसे महत्वपूर्ण आद्रभूमि क्षेत्र गंभीर खतरे में हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इन जलाशयों पर अवैध अतिक्रमण, लीज पर दिया जाना और उचित प्रबंधन के अभाव में पक्षियों की आबादी में लगातार गिरावट आ रही है। ये आद्रभूमियां न केवल पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सिंचाई, जल आपूर्ति, भूजल स्तर बनाए रखने और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पर्यटन की अपार संभावनाएं विशेष रूप से गिद्धि और पुष्पकर्णी जलाशय नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, ह्वेन त्सांग मेमोरियल हॉल और कुंडलपुर मंदिर के निकट स्थित हैं, जो इनके महत्व को और बढ़ा देता है। यहां पर्यावरणीय पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन पहले इनके पारिस्थितिकीय महत्व को संरक्षण देने की जरूरत है। तत्काल कार्रवाई की मांग पर्यावरणविद् इन जलाशयों को लीज मुक्त करने, घेराबंदी करने और अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि तत्काल प्रयास नहीं किए गए तो ये क्षेत्र पक्षी विहीन हो जाएंगे, जिससे पारिस्थितिकीय असंतुलन पैदा होगा।जलाशयों के समीप शोध और संरक्षण केंद्र स्थापित करने की भी मांग की जा रही है, जो जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा दे सके। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें आम नागरिक, सरकार, विभाग, संस्थाएं, पर्यावरणविद और पक्षी प्रेमी सभी को शामिल होना होगा। ई-बर्ड और मर्लिन ऐप से आसान भागीदारी इस वैश्विक कार्यक्रम में भाग लेना अब पहले से कहीं आसान हो गया है। पक्षी प्रेमी ई-बर्ड फोन ऐप पर अपनी गणना दर्ज कर सकते हैं, जबकि मर्लिन बर्ड आईडी ऐप पक्षियों की पहचान में मदद करती है। यह ऐप पक्षियों की आवाज, तस्वीर या आकार, रंग और स्थान की जानकारी के आधार पर प्रजातियों की पहचान बता सकती है। प्रधानमंत्री के सतत विकास और वन्यजीव संरक्षण के सपने को साकार करने के लिए इन जलाशयों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। अन्य जिलों में सरकारी पहल और पक्षी प्रेमियों के प्रयास प्रशंसनीय रहे हैं, नालंदा में भी इसी तरह के प्रयासों की दरकार है।
दक्षिण वन मंडल कोंडागांव ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर अमरावती रेंज में एक अनुकरणीय पहल की है। ऐतिहासिक जंगलों के बीच स्थित उपेक्षित दलदली भूमि और विशाल तालाब को एक आकर्षक पर्यटन स्थल और जैव विविधता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह स्थान अब प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और प्रवासी पक्षियों के लिए एक नया ठिकाना बन गया है। घने वनों की हरियाली के बीच विकसित यह क्षेत्र न केवल आम नागरिकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया जैसे ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का भी सुरक्षित आश्रय बन गया है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में ये पक्षी लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं, खासकर प्रजनन काल के दौरान, और बच्चों के साथ वापस लौट जाते हैं। दक्षिण वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा, “दलदली भूमि प्रकृति की धरोहर है। इसे संरक्षित कर हम न केवल वन्यजीवों बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित कर रहे हैं। अमरावती रेंज का यह विकास कार्य पर्यावरण और पर्यटन के बीच संतुलन का एक अच्छा उदाहरण है।” रेंजर प्रतीक वर्मा ने बताया, “यह क्षेत्र अब सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि लोगों के लिए सीखने और प्रकृति से जुड़ने का केंद्र बन गया है। प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि हमारा संरक्षण कार्य सही दिशा में है।”
बिहार बजट 2026-27 ने ऐतिहासिक नालंदा जिले के लिए विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। 3.47 लाख करोड़ रुपए के इस महत्वाकांक्षी बजट में पर्यटन, शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर देते हुए जिले को बिहार के विकास की नई कहानी का केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है। बौद्ध सर्किट से पर्यटन को नई पहचान बजट में राजगीर को बौद्ध सर्किट से मजबूती से जोड़ने और नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को शामिल किया गया है। जानकारों का मानना है कि इससे पर्यटन उद्योग में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे। नालंदा की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की इस पहल से होटल, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को भी गति मिलने की संभावना है। किसानों के लिए बड़ी राहत बजट में कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिले के 1.74 लाख किसानों को कर्पूरी सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। पीएम किसान सम्मान निधि के साथ मिलाकर अब प्रत्येक किसान को सालाना 9,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे खेती की बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा क्रांति की तैयारी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले के 4.21 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से न केवल बिजली बिल में भारी कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति बजट में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की परिकल्पना की गई है। जिले की 231 पंचायतों में एक-एक मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहां स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर कौशल विकास मिशन के विस्तार और स्टार्टअप फंड में वृद्धि से युवाओं के सपनों को पंख लगेंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों को आसान ऋण और तकनीकी सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। कृषि आधारित उद्योगों और पर्यटन सेवाओं के विकास से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान आने की उम्मीद है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे का कायाकल्प बजट में ग्रामीण सड़कों को एक लेन से दो लेन में विकसित करने की योजना शामिल की गई है। यह पहल गांवों को शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। जनता का उत्साह जिले के उद्यमियों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस बजट को रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला बताया है। कपड़ा व्यवसायियों, स्वर्ण कारोबारियों और स्थानीय निवासियों ने एकमत से माना कि यह बजट विकसित बिहार की मजबूत नींव रखेगा।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नंगल से कीरतपुर साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दिलाई है। श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस परियोजना की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। इसके जल्द शुरू होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। यह मार्ग पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा को जोड़ता है। यह माता बगलामुखी, बाबा बालक नाथ और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार सड़क हादसों के कारण स्थानीय लोग इसे 'किलर रोड' भी कहते रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। 2022 में हुआ था सड़क का सर्वे मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि जुलाई 2022 में इस सड़क परियोजना का सर्वे कराया गया था। इसके उपरांत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सड़क की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया। वर्ष 2023 में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई, जिसके बाद सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त की गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उन्होंने दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। अब रिकॉर्ड समय में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और अगले दो महीनों के भीतर किसानों के खातों में मुआवजे की राशि जमा करा दी जाएगी। इसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मंत्री बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंत्री बैंस ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आसपास के 100 से 150 गांवों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी तेजी से जारी हैं।
कोहरे के कारण इंडिगो सहित कई उड़ानों पर असर, यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई
देश के कई हिस्सों में खराब मौसम के कारण विमान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी कड़ी में देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार को यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
रोडवेज गिरोह मामले में 7 और आरोपी गिरफ्तार:निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना में बड़े गबन का पर्दाफाश
राजस्थान रोडवेज की निःशुल्क परीक्षा यात्रा योजना में बड़े गबन, धमकी, ब्लैकमेलिंग और मिलीभगत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन राइड के तहत दूसरे चरण में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी झालावाड़ के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय थे। यह गिरोह परीक्षाओं में मिलने वाली किराए की छूट में गड़बड़ी कर रहा था। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जहां परीक्षार्थी टोंक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन उसके एडमिट कार्ड का उपयोग झालावाड़ या कोटा जिले में रोडवेज परिचालकों द्वारा कर राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। नियमानुसार, परीक्षा केंद्र वाले जिले में ही एडमिट कार्ड जमा कराया जाना चाहिए। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि रोडवेज बसों में परीक्षा अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि कुछ बस सारथी और परिचालक अपने तय लक्ष्य पूरे करने के लिए परीक्षा अवधि के दौरान निःशुल्क योजना के बावजूद 50 से 75 प्रतिशत तक यात्रियों से किराया वसूल रहे थे। इस पूरे मामले में परिचालक, सिविल डिफेंस कर्मी (संविदा ड्राइवर) और बस सारथी की मिलीभगत सामने आई है। रोडवेज में तीन प्रकार के परिचालक काम कर रहे हैं, जिनमें सिविल डिफेंस, बस सारथी और स्थायी परिचालक शामिल हैं। स्थायी परिचालकों को छोड़कर अन्य परिचालकों को मासिक लक्ष्य पूरा करना होता है। पुलिस ने जोधपुर, अजमेर, कोटा, बांसवाड़ा और झालावाड़ से 7 ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड का उपयोग फर्जी तकनीकी तरीके से करके रोडवेज को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और अन्य सबूत बरामद किए गए हैं। इससे पहले झालावाड़ में भी रोडवेज में गिरोह बनाकर राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
बजट में झारखंड के पर्यटन की उपेक्षा; मंईयां योजना का 10 हजार रु. भी नहीं मिला: राधाकृष्ण
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्रीय बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार ने तीन कर्तव्यों को केंद्र में रखकर बजट बनाया है- विकास की गति तेज करना, क्षमताओं का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना कि विकास समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उनके वक्तव्य से उम्मीद जगी थी कि केंद्रीय बजट में कुछ ठोस और सार्थक प्रावधान देखने को मिलेंगे, पर इस बजट ने निराश किया। कृषि, उद्योग, एमएसएमई शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, पर्यटन एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए जो प्रावधान किए गए हैं, वे न केवल अपर्याप्त हैं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से कोसों दूर हैं। राज्य को उग्रवाद मिला था विरासत में, कई प्रक्षेत्रों में थी आर्थिक सहयोग की उम्मीद राज्य गठन के पूर्व झारखंंड देश के अति पिछड़ा प्रदेश बिहार का एक हिस्सा था। उग्रवाद की समस्या राज्य को विरासत में मिली। राज्य और केंद्रीय पुलिस बल की कार्रवाई से उग्रवाद नियंत्रित तो हुआ है, पर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई प्रक्षेत्रों में झारखंड को केंद्र से आर्थिक सहयोग की उम्मीद थी, पर बजट में नहीं मिला। खनन और उद्योग : राहत और टीस झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ खनन है। बजट में कोयला, लिग्नाइट और लौह अयस्क की बिक्री पर टीसीएस की दर को तर्कसंगत बनाते हुए 2% करने का प्रस्ताव है। यह कर संरचना को स्पष्ट करेगा। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है, जो झारखंड में प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित कर सकता है। हालांकि यहां एक टीस भी दिखाई देती है। बजट में ‘रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट’ के लिए एक विशेष योजना की घोषणा की गई, लेकिन इसके लिए ओडिशा, केरल, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु का नाम लिया गया, जबकि झारखंड का नाम नदारद था। खनिज संपन्न राज्य होने के बावजूद इस हाई-टेक वैल्यू चेन से बाहर रह जाना राज्य के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को औद्योगिक कॉरिडोर का नोड बनाया गया है, लेकिन झारखंड के किसी शहर के लिए ऐसी विशिष्ट घोषणा नहीं हुई । केंद्रीय बजट झारखंड के लिए संजीवनी व सवाल दोनों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट ने विकसित भारत के रोडमैप को स्पष्ट किया है। बजट 2026-27 झारखंड को सीधे तौर पर कोई बड़ा नया उद्योग या विशेष आर्थिक पैकेज नहीं देता, लेकिन रांची के संस्थान का उन्नयन और पूर्वोदय योजना में हिस्सेदारी राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है। वैसे यह राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता पर भी निर्भर करेगा कि वे पर्यटन और ई-बसों की केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ कैसे उठाते हैं। यह बजट झारखंड के लिए एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। जहां एक ओर राजधानी रांची को स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की सौगात मिली है, वहीं दूसरी ओर ‘पूर्वोदय’ के नाम पर खनिज संपदा वाले इस राज्य से कुछ औद्योगिक अवसर छिटकते हुए भी दिखाई देते हैं। यहां झारखंड के लिए बजट के प्रमुख पहलुओं के विश्लेषण से लगता है कि झारखंड के लिए इस बजट की सबसे बड़ी सुर्खी स्वास्थ्य क्षेत्र से है। वित्त मंत्री ने संसद में स्वीकार किया कि उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए रांची स्थित केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान को अपग्रेड कर क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान का दर्जा देने की घोषणा की गई है। यह न केवल रांची के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर की सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और केंद्रीय फंडिंग का रास्ता साफ होगा। झारखंड की 7 प्रमुख मांगों को किया दरकिनार डॉ. धीरजमणि पाठक, अर्थशास्त्री बजट में झारखंड ‘ग्रामीण और महिला सशक्तीकरण झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘शी-मार्ट’’ की घोषणा महत्वपूर्ण है। यह योजना लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों के लिए खुदरा आउटलेट बनाए जाएंगे। झारखंड में सखी मंडलों का नेटवर्क बहुत मजबूत है और यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकती है। ‘पूर्वोदय’ का वादा : पर्यटन और परिवहन सरकार ने पूर्वी भारत (पूर्वोदय) के राज्यों को विकास का इंजन माना है। झारखंड इस योजना के केंद्र में है। बजट में पांच पूर्वोदय राज्यों में 5 नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव है। झारखंड को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपनी प्राकृतिक सुंदरता (जैसे बेतला, नेतरहाट) या धार्मिक स्थलों (जैसे पारसनाथ, देवघर) के लिए इनमें से एक स्लॉट सुरक्षित करे। इसके अलावा, पूर्वोदय राज्यों के लिए 4,000 ई-बसों का प्रावधान किया गया है। रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे प्रदूषण से जूझ रहे शहरों के लिए यह परिवहन व्यवस्था में सुधार का बड़ा मौका है। इलेस्ट्रेशन : गौतम चक्रवर्ती रोको-रोको... पूर्वोदय एक्सप्रेस में हमारी सीट भी कन्फर्म करो... वित्त मंत्री राधाकृष्ण ने कहा कि देश में निवेश-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात पिछले कई वर्षों से लगातार कम हुआ है। इसे बढ़ाए बिना देश की विकास दर प्राप्त करना संभव नहीं है। इस अनुपात को बढ़ाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी, इस विषय में बजट मौन है। बजट में विदेशी मुद्रा विनिमय दर को स्थिर करने या सोना-चांदी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। कुछ वर्षों से भारतीय मुद्रा लगातार कमजोर होती जा रही है, लेकिन इन गंभीर परिस्थितियों के समाधान के लिए कोई पहल का उल्लेख नहीं है। केंद्रीय बजट में झारखंड की घोर उपेक्षा की गई। यहां के लिए न तो नई रेल लाइन-ट्रेन की घोषणा की गई और न ही कृषि सिंचाई और सामाजिक प्रक्षेत्रों को ही कोई स्थान दिया गया है। 1. मनरेगा योजना अंतर्गत केंद्र और राज्य के बीच 60% और 40% खर्च के बंटवारे से झारखंड को अतिरिक्त बोझ पड़ने पर लगभग 5000 करोड़ रुपए केंद्र से मांगा गया था। 2. खेतों की सिंचाई क्षमता की वृद्धि के िलए अगले 4 वर्षों तक लगातार झारखंड को 2000 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। 3. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कर युक्तिकरण से हर वर्ष झारखंड को होनेवाले 4000 करोड़ रुपए क्षति की भरपाई की मांग केंद्र सरकार से की गई थी। 4. बिहार की तर्ज पर 10 हजार रुपए झारखंड की मइयांओं को भी उद्यमिता के लिए केंद्र से मांगा गया था। 5. झारखंड में पर्यटन के विकास के लिए बजट में कोई स्थान नहीं िदया गया। 6. विभिन्न कंपनियों के पास झारखंड का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए बकाया राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। 7. झारखंड के लिए कई नई ट्रेन या रेल लाइन की घोषणा इस बजट में नहीं की गई है।
विदेश भेजने के नाम पर 6.24 लाख की ठगी, ट्रैवल एजेंट और फाइनेंसर पर केस
विदेश भेजकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने ट्रैवल एजेंट और उसके फाइनेंसर साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत गुरबचन सिंह निवासी शिमलापुरी (हाल निवासी फिरोज गांधी मार्केट) ने पुलिस कमिश्नर को दी थी। जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। गुरबचन सिंह ने बताया कि फरवरी 2024 में फिरोज गांधी मार्केट में उसकी मुलाकात शंभू तिवाड़ी नाम के व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को ट्रैवल एजेंट बताया और अमेरिका में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोपी ने शुरुआत में 1.50 लाख रुपए फीस और बाद में 10 से 12 लाख रुपए खर्च का हवाला देकर किश्तों में पैसे लेना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रोसेसिंग फीस, ऑफर लेटर, इंटरव्यू स्लॉट, फंड दिखाने, एंबेसी फीस, टिकट समेत कई बहानों से उससे कुल 6 लाख 24 हजार रुपए वसूल किए गए। आरोप है कि एजेंट ने शिकायतकर्ता के माता-पिता के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और उसकी चेकबुक अपने पास रख लिए। जब अमेरिका का वीजा रिजेक्ट हो गया तो आरोपियों ने इंग्लैंड भेजने का झांसा देकर दोबारा पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब गुरबचन सिंह ने और भुगतान करने से असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को धमकियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं, उसके नाम पर खरीदे गए प्लॉट पर कब्जा करने का दबाव भी बनाया गया। मामले की जांच एडीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) स्तर पर करवाई गई। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से विदेश भेजने के नाम पर पैसे तो लिए गए, लेकिन न तो उसे अमेरिका और न ही इंग्लैंड भेजा गया। साथ ही उसका पासपोर्ट और दस्तावेज भी वापस नहीं किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ट्रैवल एजेंट शंभू कुमार तिवाड़ी निवासी दुगरी और उसके फाइनेंसर गुरप्रीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 120-बी और इमीग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है।
उदयपुर | राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (आरटीडीसी) की उदयपुर में 4 में 3 इकाइयां बंद हैं। सिर्फ शास्त्री सर्किल स्थित कजरी होटल चालू है। यह होटल हमेशा मुनाफे में रहने वाली इकाई है। जयसमंद होटल, हल्दीघाटी गेस्टहाउस आैर गोगुंदा मोटल करीब 20 साल से बंद पड़े हैं। जयसमंद पाल पर हर रोज आैसत 1500 से ज्यादा पर्यटक आते हैं। इसके बाद भी यह पर्यटन इकाई को फिर से शुरू करने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रही है। इस तरह हल्दीघाटी आैर गोगुंदा महाराणा प्रताप सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर स्थित है। इस मामले को लेकर आरटीडीसी के निदेशक राजीव सूद से सपंर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सीएम-राज्यपाल के कार्यक्रम में कैटरिंग का जिम्मा आरटीसीडी के पास रहता : दिसंबर माह में उदयपुर में आए राज्यपाल आैर कुछ माह पहले बांसवाड़ा में सीएम के दौर पर कैटरिंग का जिम्मा आरटीडीसी को मिला था। किसी भी वीवीआईपी कार्यक्रम में खाने पीने की व्यवस्था संभाले क जबकि आमजन के लिए आरटीडीसी की पर्यटन इकाई को ठीक नहीं किया जा रहा है। सिटी एंकर जयसमंद होटल में उग आईं झाड़ियां, दीवार भी क्षतिग्रस्त 11 कमरे और रेस्टोरेंट वाला जयसमंद होटल करीब 20 साल से बंद है। यह हेरिटेज महल है, जिसे होटल में बदला गया है। पाल पर बने इस होटल के कमरांे से लेक का व्यू दिखता है। अभी होटल में झाड़ियां उगी हुई है। पाल की साइड महल से कई जगह दीवार क्षतिग्रस्त है। सेंचुरी एरिया में होने यह भवन पहले वन विभाग के पास था। 1980 के दशक में यह भवन आरटीडीसी को सौंपा गया था। साल 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया था। लेकिन लीजधारक ने होटल के बीच पाल पर स्वीमिंग पूल बनाना शुरू कर दिया था। लीज रद्द कर दी गई। 2024 में नए जिले सलंूबर का सर्किट हाउस बनाने के लिए इस भवन को चुना। आरटीडीसी ने मासिक किराया 91354 रुपए बताया। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी अलग था। मरम्मत पर 1 करोड़ का खर्च आ रहा था। प्रोजेक्ट अटक गया। प्रताप सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर बनी हुई इकाई बंद n गोगुंदा मोटल : 20 साल से बंद पड़ी है। महाराणा प्रताप की राज तिलक को देखने पर्यटक पहुंचते हैं। रेस्टोरेंट बंद होने से निजी होटल, ढाबों का रुख करना पड़ता है। n हल्दीघाटी गेस्ट हाउस : यह भी 20 साल से बंद था। इसमें 1 रूम औैर रेस्टोरेंट है। म्यूजियम भी है, जिसमें हल्दी घाटी युद्ध का दर्शन होता है। हर माह हजारों पर्यटक आते हैं। इन्हें खाने-पीने के लिए निजी होटल-रेस्टोरेंट में जाना पड़ता है।
होटल एसोसिएशन ने की नई ट्रेनों की मांग की, ताकि पर्यटन को मिले उड़ान
बजट में केंद्र सरकार से मेवाड़ की उम्मीद उदयपुर | होटल एसोसिएशन ने आगामी रेल बजट में उदयपुर से नई ट्रेनों की मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में होटल एसोसिएशन ने उदयपुर से रेल यातायात को सुगम और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों की पेशकश की है। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि रेल मंत्री को लिखे पत्र में बजट में उदयपुर-मुंबई सीधी ट्रेन, उदयपुर से मुंबई अहमदाबाद वाया वंदे भारत ट्रेन, उदयपुर से दक्षिण भारत के लिए नई ट्रेनें, चित्तौड़-अहमदाबाद वाया उदयपुर ट्रैक का डबलिकेशन की मांग की है। अग्रवाल ने कहा इन परिवर्तनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रेल यात्री भी अपनी यात्रा को ज्यादा आरामदायक और सुगम अनुभव करेंगे। पत्र में यह भी अपील की गई है कि सांसद मन्नालाल रावत इस मुद्दे पर सरकार के स्तर पर समर्थन करें, ताकि उदयपुर का पर्यटन और व्यापार दोनों ही क्षेत्रों में विकास हो सके।
खगड़िया के ऐतिहासिक और धार्मिक कात्यायनी मंदिर के समग्र विकास के लिए डीएम नवीन कुमार ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर क्षेत्र को एक आदर्श धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर की सुरक्षा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण बनाने हेतु भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मंदिर प्रांगण में ग्रीन जोन विकसित करने के लिए पौधारोपण, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित आवश्यक तैयारियां जल्द से जल्द पूरी की जाएं। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने मंदिर क्षेत्र में चल रही नई विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनावश्यक और बाधक संरचनाओं को हटाकर वहां बिना विलंब विकासात्मक कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि मंदिर क्षेत्र का विकास योजनाबद्ध, चरणबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो, ताकि भविष्य में कोई अव्यवस्था न हो। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मंदिर विकास से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खर्च की पूरी जानकारी सार्वजनिक और पारदर्शी हो, जिससे आमजन का विश्वास बना रहे और कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी न आए। उन्होंने बताया कि कात्यायनी मंदिर खगड़िया जिले की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसलिए इसे केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखते हुए धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से विकसित करना आवश्यक है। मंदिर क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और जिले के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया और कहा कि सभी विकास कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रीनलैंड के टॉप 10 पर्यटन स्थल: सुंदर प्रकृति, बर्फ, फजॉर्ड और रोमांच की अनोखी दुनिया
ग्रीनलैंड आर्कटिक का एक अद्भुत देश है, जो अपने विशाल ग्लेशियरों, तैरते हिमखंडों (Icebergs), और रंगीन घरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियां इसे अनोखा बनाती हैं। यहाँ घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें हैं।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

