Score Free Spins Ice Fishing Adventure
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Kathua News: ऑल सीजन फ्लावर गार्डन से वादियों में सालभर महकेगा पर्यटन
jammu and kashmir news
Haryana में Travel Agents के लिए नए नियम मंजूर, पंजीकरण अनिवार्य
चंडीगढ़, तीन नवंबर हरियाणा के युवाओं को विदेश में रोजगार और बेहतर करियर के अवसर दिलाने का झांसा देकर ठगने तथा अवैध रूप से विदेश भेजने वाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार प्रभावी नियामकीय व्यवस्था लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा पंजीकरण एवं ट्रैवल एजेंट विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत हरियाणा पंजीकरण एवं ट्रैवल एजेंट विनियमन नियम, 2026 को मंजूरी दी गई। इन नियमों का मुख्य मकसद राज्य के युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट, विदेश में अवैध भर्ती, मानव तस्करी और ‘डंकी रूट’ (अवैध प्रवास का रास्ता) जैसी गैरकानूनी गतिविधियों से बचाना तथा ट्रैवल एजेंसी के कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। हरियाणा के कई युवा पहले भी धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट से शोषण का शिकार होने की आपबीती सुना चुके हैं। इस साल जून में कुरुक्षेत्र के एक युवक ने बताया था कि मोल्दोवा जाने का वैध रास्ता मुहैया कराने का वादा कर उसे ट्रैवल एजेंट ने अवैध ‘डंकी रूट’ से यूरोप भेज दिया था, जहां उसे कथित तौर पर यातना, जबरन वसूली और कैद का सामना करना पड़ा। नए नियमों के तहत राज्य में काम कर रहे सभी नए और मौजूदा ट्रैवल एजेंट के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक नए कार्यालय या शाखा के लिए अलग से पंजीकरण कराना होगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, पासपोर्ट सेवाओं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाओं, शिक्षा के लिए वीजा परामर्श और टिकट बुकिंग सेवाओं सहित प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग-अलग पंजीकरण अनिवार्य होगा।
पश्चिम बंगाल सीएम ने स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन क्षेत्रों के विकास की घोषणा की
कोलकाता, 3 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के उत्तरी क्षेत्र में दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कई घोषणाएं कीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और आने वाले वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल होने की...
लंदन के World Travel Mart 2026 में गूंजी हाड़ौती की पहचान, दीया कुमारी ने किया रोड शो
वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट में चंबल रिवर फ्रंट और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को डॉक्यूमेंट्री से किया प्रमोट, विदेशी निवेशकों से हुआ संवाद।
ब्रिटेन के पर्यटन बाजार में राजस्थान की मजबूत दस्तक, नए पर्यटन अनुभवों और निवेश पर वैश्विक नजर
राजस्थान अब अपनी पारंपरिक पहचान किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे बढ़कर वन्यजीव, ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, इको-टूरिज्म, वेलनेस और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों के...
पहाड़ छोड़ नवंबर में घूमें ये 10 मैदानी जगहें, छुट्टियां बनेंगी खास
November Travel Destinations: नवंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं लेकिन पहाड़ों पर नहीं जाना चाहते तो देश में कई खूबसूरत मैदानी जगहें मौजूद हैं. इस मौसम में इन जगहों पर न ज्यादा गर्मी होती है और न ही तेज ठंड, जिससे घूमने का मजा दोगुना हो जाता है.
हरियाणा में ट्रैवल एजेंटों पर सख्ती, मानव तस्करी और 'डंकी रूट' पर लगेगी लगाम
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में 7 एजेंडों को मंजूरी दी गई. 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. ट्रैवल एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य करने, जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के भर्ती नियमों में बदलाव और टीडीआर नीति में संशोधन को मंजूरी मिली
गुजरात की ये 5 जादुई जगहें बनीं पर्यटकों की पहली पसंद, जानिए पूरा ट्रैवल प्लान
भारत का पश्चिमी राज्य गुजरात अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्यजीव अभयारण्यों और अद्भुत प्राकृतिक छटा के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के दिलों पर राज कर रहा है। जब भी सर्दियों के मौसम या छुट्टियों में घूमने का प्लान बनता है, तो पर्यटकों की पहली पसंद में गुजरात का नाम सबसे ऊपर आता है। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की भव्यता से लेकर कच्छ के विशाल 'सफेद रेगिस्तान' (White Rann) की चांदनी रात तक, गुजरात में हर कदम पर एक नया रोमांच छुपा हुआ है। अगर आप भी अपनी अगली ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां इतिहास, आधुनिकता, धार्मिक आस्था और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिले, तो गुजरात की ये चुनिंदा और सबसे लोकप्रिय जगहें आपकी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए। आइए जानते हैं गुजरात के उन प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में जो देशी और विदेशी पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं।#1. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया): दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा और आधुनिक पर्यटन का केंद्रकेवड़िया (एकता नगर) में नर्मदा नदी के तट पर स्थित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) आज के समय में भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक टूरिस्ट हब बन चुका है। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित 182 मीटर ऊंची यह गगनचुंबी प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होने का गौरव रखती है। यहां केवल प्रतिमा देखना ही नहीं, बल्कि इसके आसपास बने वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट अट्रैक्शन्स जैसे—ग्लो गार्डन, बटरफ्लाई पार्क, वैली ऑफ फ्लावर्स, जंगल सफारी और नर्मदा आरती पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। यहां बनी ऑब्जर्वेशन डेक (Observation Deck) से सरदार सरोवर बांध और विंध्याचल-सतपुड़ा पहाड़ियों का अद्भुत नजारा दिखाई देता है, जिसे देखने रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं।#1. रण ऑफ कच्छ: चांदनी रात में जगमगाता सफेद रेगिस्तान और सांस्कृतिक 'कच्छ महोत्सव'गुजरात के पर्यटन का जिक्र बिना रण ऑफ कच्छ (Rann of Kutch) के अधूरा माना जाता है। थार रेगिस्तान के विशाल हिस्से में फैला यह दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मरुस्थल है, जिसे 'ग्रेट रण ऑफ कच्छ' के नाम से जाना जाता है। सर्दियों के महीनों में जब यहां विश्व प्रसिद्ध 'रण उत्सव' (Rann Utsav) का आयोजन होता है, तो पूरा रेगिस्तान रंग-बिरंगे टेंटों, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और हस्तशिल्प की दुकानों से सज उठता है। पूर्णिमा की रात (Full Moon Night) को जब सफेद नमक की चादर पर चांद की रोशनी पड़ती है, तो वह नजारा किसी जादुई दुनिया जैसा लगता है। यहां ऊंट की सवारी करना, पारंपरिक कच्छी भोजन का स्वाद लेना और टेंट सिटी में ठहरना पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होता है।#1. सोमनाथ और द्वारका: धार्मिक आस्था, समुद्र तट और आध्यात्मिक शांति का पावन स्थलभगवान श्री कृष्ण की नगरी द्वारका और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम 'सोमनाथ मंदिर' (Somnath & Dwarka) गुजरात के धार्मिक पर्यटन के मुख्य स्तंभ हैं। अरब सागर के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर का भव्य स्थापत्य और शाम के समय होने वाली आरती की गूंज मन को असीम शांति से भर देती है। वहीं दूसरी ओर द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन के साथ-साथ बेट द्वारका और शिवराजपुर बीच (Shivrajpur Beach) पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। शिवराजपुर बीच को इसकी स्वच्छता और नीले पानी के कारण अंतरराष्ट्रीय 'ब्लू फ्लैग' टैग भी मिला हुआ है, जहां पर्यटक स्कूबा डाइविंग और वॉटर स्पोर्ट्स का मजा लेते हैं।#1. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park): एशियाई शेरों का इकलौता संसार और वाइल्डलाइफ एडवेंचरप्रकृति प्रेमी और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए जूनागढ़ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क (Gir National Park) किसी स्वर्ग से कम नहीं है। पूरी दुनिया में अफ्रीका के बाद गिर ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां एशियाई शेर (Asiatic Lions) अपने प्राकृतिक आवास में बेखौफ घूमते हुए नजर आते हैं। गिर में जीप सफारी के दौरान एशियाई शेरों, तेंदुओं, हिरणों और दुर्लभ पक्षियों को करीब से देखना एक बेहद रोमांचक अनुभव प्रदान करता है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए अक्टूबर से मार्च का समय गिर सफारी के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।#1. अहमदाबाद और मोढेरा का सूर्य मंदिर: यूनेस्को धरोहर और स्थापत्य कला की अद्वितीय मिसालगुजरात का पहला वर्ल्ड हेरिटेज सिटी 'अहमदाबाद' (Ahmedabad) अपनी ऐतिहासिक इमारतों, साबरमती आश्रम, कांकरिया झील और अदलज की वाव (Stepwell) के लिए जाना जाता है। अहमदाबाद के पास मेहसाणा जिले में स्थित मोढेरा का सूर्य मंदिर (Modhera Sun Temple) अपनी अद्वितीय नक्काशी और प्राचीन भारतीय वास्तुकला की भव्यता को दर्शाता है। पुष्पावती नदी के तट पर बना यह मंदिर अपनी सूर्य कुंड और पत्थरों पर तराशी गई आकृतियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह जगह उन पर्यटकों को खूब भाती है जो इतिहास और प्राचीन भारतीय शिल्पकला में रुचि रखते हैं।
नवंबर में बढ़ते प्रदूषण से परेशान? दिल्ली से कुछ घंटे दूर हैं ये 4 शांत जगहें
नवंबर की शुरुआत होते ही देश की राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पर जहरीले धुंध यानी स्मॉग (Smog) की गहरी चादर पसर जाती है। हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) जब खतरनाक स्तर को पार कर जाता है, तब आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ होना बेहद आम बात हो जाती है। ऐसे माहौल में अगर आप भी अपनी सेहत को बचाना चाहते हैं और कुछ दिनों के लिए शहर के इस प्रदूषण भरे माहौल से दूरी बनाकर नीले आसमान, शांत वादियों और ताजी हवा में सुकून पाना चाहते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दिल्ली से महज 5 से 8 घंटे की दूरी पर उत्तर भारत में कई ऐसी खूबसूरत और सुरम्य हिल स्टेशंस (Hill Stations) मौजूद हैं, जहां का एक्यूआई (AQI) बिल्कुल साफ है और जहां की पहाड़ियां आपका मन मोह लेंगी। आइए जानते हैं नवंबर के इस महीने में दिल्ली के करीब घूमने लायक उन बेहतरीन ट्रैवल डेस्टिनेशंस (Travel Destinations) के बारे में जहां जाकर आपकी फेफड़ों को असली ऑक्सीजन का वरदान मिलेगा।#1. लैंसडाउन (उत्तराखंड): दिल्ली से महज 6 घंटे दूर छावनी शहर का शांत और प्रदूषण मुक्त माहौलयदि आप बहुत ज्यादा भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और देवदार के घने जंगलों से घिरी जगह की तलाश में हैं, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन (Lansdowne) आपके लिए सबसे मुफीद ठिकाना है। दिल्ली से लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन गढ़वाल राइफल्स की छावनी (Cantt Board) होने के कारण बेहद साफ-सुथरा और अनुशासित रहता है। यहां व्यावसायिक गतिविधियां काफी सीमित हैं, जिसकी वजह से यहां की हवा में जरा सा भी प्रदूषण नहीं है। नवंबर के महीने में यहां हल्की-हल्की ठंड का अहसास शुरू हो जाता है, और सुबह-शाम का मौसम बेहद सुहाना लगता है। टिप-इन-टॉप (Tip-in-Top) पॉइंट से हिमालय की बर्फीली चोटियों का नजारा देखना हो या भुल्ला ताल झील के किनारे सुकून के पल बिताना, लैंसडाउन की हवा आपको तरोताजा कर देगी।#1. कसौली और चैल (हिमाचल प्रदेश): शिमला की भीड़ से दूर देवदार के पेड़ों के बीच बसी जन्नतअगर आपकी पसंद हिमाचल प्रदेश की वादियां हैं, तो शिमला जाने के बजाय आप कसौली (Kasauli) या चैल (Chail) का रुख कर सकते हैं। दिल्ली-अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे के जरिए आप सिर्फ 5 से 6 घंटे की आरामदायक ड्राइविंग से कसौली पहुंच सकते हैं। कसौली का मौसम नवंबर में सुहाना और बेहद साफ होता है। यहां का 'मंकी पॉइंट', सनराइज पॉइंट और मॉल रोड टहलने के लिए बेहतरीन जगहें हैं। वहीं अगर आप और ज्यादा एकांत और प्राकृतिक सुंदरता चाहते हैं, तो कसौली से कुछ ही दूरी पर स्थित चैल भी एक शानदार विकल्प है। चैल में दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड स्थित है और यहां के देवदार और बांज के घने जंगल फेफड़ों के लिए शुद्ध ऑक्सीजन का पावरहाउस साबित होते हैं।#1. नाहन और रेणुका जी (हिमाचल प्रदेश): इतिहास, झील और प्रकृति का अनोखा संगमबहुत कम लोग जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बसा नाहन (Nahan) दिल्ली से महज 4.5 से 5 घंटे की दूरी पर स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और शांत शहर है। भीड़भाड़ से दूर स्थित यह जगह अपनी प्राचीन झीलों, महलों और हरे-भरे परिदृश्य के लिए जानी जाती है। नाहन के पास ही प्रसिद्ध रेणुका जी झील (Renuka Lake) स्थित है, जो प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक महत्व दोनों का अद्भुत मिश्रण पेश करती है। नवंबर के महीने में इस झील के शांत पानी के किनारे बैठना और आसपास के जंगलों से आती ताजी ठंडी हवा को महसूस करना दिल्ली के जहरीले धुएं से तुरंत मुक्ति दिलाता है।#1. कौसानी और मुक्तेश्वर (उत्तराखंड): हिमालयी दृश्यों और ताजे फलों के बागों के बीच बिताएं वीकेंडअगर आपके पास वीकेंड से थोड़ा ज्यादा वक्त है और आप दिल्ली से 7-8 घंटे का सफर तय कर सकते हैं, तो कुमाऊं क्षेत्र का कौसानी (Kausani) और मुक्तेश्वर (Mukteshwar) आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए। कौसानी को भारत का 'स्विट्जरलैंड' भी कहा जाता है क्योंकि यहां से त्रिशूल, नंदा देवी और पंचाचूली की राजसी बर्फ से ढकी चोटियों का 300 डिग्री का स्पष्ट नजारा दिखता है। मुक्तेश्वर अपने सेब के बागों, रॉक क्लाइंबिंग और चौली की जाली जैसे पिकनिक स्पॉट्स के लिए मशहूर है। इन दोनों ही जगहों पर हवा की गुणवत्ता इतनी शुद्ध है कि कुछ ही घंटों में आपको दिल्ली की थकान और प्रदूषण का असर पूरी तरह गायब होता महसूस होगा।
होंडा ने EICMA 2026 में नया ADV125 एडवेंचर स्कूटर पेश किया है।इसमें 125cc इंजन के साथ 12.5 PS की पावर मिलेगी।स्कूटर का माइलेज 47.6 km/l और टॉप स्पीड 97 km/h है।
भूल जाएंगे ACTIVA... Honda लाया सबसे छोटा एडवेंचर स्कूटर
होंडा ने अपना दमदार स्कूटर ईआईसीएमए मोटर शो में पेश किया है. हम बात कर रहे हैं कंपनी के सबसे छोटे एडवेंचर स्कूटर की, जो दमदार फीचर्स के साथ आता है. कंपनी ने इसमें एसयूवी जैसी स्टाइलिंग और एक फ्यूल एफिशिएंट इंजन का कॉम्बो दिया है. स्कूटर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर क्रूज कर सकता है. आइए जानते हैं इसकी खास बातें.
उदयपुर में दीपावली मेले और पर्यटन सीजन के बीच यातायात व्यवस्था को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस सतर्क है। एसपी डॉ. अमृता दुहन ने शहर के विभिन्न मार्गों का निरीक्षण कर अधिकारियों और जवानों को आवश्यक निर्देश दिए।
नई बाइक खरीदने का प्लान है?: 2027 में लॉन्च हो सकते हैं क्रूजर और एडवेंचर सेगमेंट के कई नए मॉडल, देखें लिस्ट
नैनीताल में पर्यटकों को बड़ी राहत: मरम्मत के बाद आम जनता के लिए खुली लोअर मालरोड, पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार
Lucknow News: ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
बिहार: करमचट डैम पर शुरू हुई राज्य की पहली लग्जरी हाउसबोट सेवा, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बिहार सरकार रोहतास के कर्मचत बांध में राज्य का पहला लग्जरी हाउसबोट क्रूज पेश कर रही है, जिससे जल पर्यटन को बढ़ावा मि
एडवेंचर बाइक पसंद करने वालों के लिए रॉयल एनफील्ड ने अपनी नई मोटरसाइकिल Himalayan 750 से पर्दा उठा दिया है। कंपनी ने इसे इटली में पेश किया है। यह बाइक हिमालयन सीरीज को मिडिलवेट सेगमेंट में ले जाएगी। इसमें नया 750cc-क्लास पैरेलल-ट्विन इंजन, क्रूज ...
Travel Food Recipe: सफर में 8-10 दिन तक खराब नहीं होंगे मूंग दाल के पराठे! अप्पे पैन में बनाएं स्वादिष्ट बैंगन का चोखा
सिर्फ मॉस्को नहीं, पूरा रूस है खूबसूरत, रूसी क्षेत्रों ने भारत में पेश किए अपने पर्यटन उत्पाद
New Delhi, 2 नवंबर . India और रूस की दशकों पुरानी दोस्ती को अब पर्यटन के नए रंग मिलने जा रहे हैं. New Delhi स्थित रशियन हाउस में…
Travel Tips: घूमने के लिए बड़ी ही शानदार है ये जगह, आप भी जा सकते है परिवार के साथ
इंटरनेट डेस्क। आप भी कही बाहर घूमने जाने का प्लॉन बना रहे है और आपको भी घूमने गए हुए कॉफी समय हो गया है तो फिर अभी मौसम भी सर्दियों का हैं और आपको घूमने के लिए जाना चाहिए। इस बार आप अपने परिवार के साथ या फिर अपने पार्टनर के साथ घूमने के लिए जा सकते है। ऐसे मंे आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जहां आप जा सकते है। मुन्नार इस बार आप केरल घूमने के लिए जा सकते है। नेचुरल ब्यूटी से घिरा केरल का मुन्नार आपको बड़ा ही पसंद आएगा। वैसे अब वहां सर्दी की शुरूआत हो चुकी है तो आपको घूमने का मजा आ जाएगा। यहां आप चाय के बागान देख सकते है। हाउसबोट में घूम सकते है। धनौल्टी इसके साथ ही आप चाहे तो उत्तराखंड के धनौल्टी भी जा सकते है। यह घूमने के लिए शानदार जगह है। शांत औऱ प्रकृति के बिलकुल बीचों बीच बसी ये जगह आपको सकून देने वाली है। यहां पहाड़ों के बीच वुडन कॉटेज में आप अपने पार्टनर के साथ शानदार समय निकाल सकते है। pc- amar ujala
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे हैं। आने वाले समय में इन उपलब्धियों का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के तीन ...
₹1.73 लाख महीने का खर्च, 75 हजार ट्रैवल पर, ऐसे मैनेज करते हैं सैलरी
जहां एक तरफ IT सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों छंटनी या वॉलंट्री एग्जिट जैसे ऑफर मिल रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ बेंगलुरु के रहने वाले एक कपल ने वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि वह केवल ट्रैवलिंग के लिए हर महीने 75,000 रुपये खर्च करते हैं.
पांच नवंबर को खुलेगा शहीद स्मारक, कैंट बनेगा पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट की पहचान अब सैन्य इतिहास और व्यापार के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी बनेगी। 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियां बनाई गई हैं। इन्हें देखने में करीब 6 घंटे लगेंगे। 63 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर स्काई कैफे, हाई स्पीड लिफ्ट और दूरबीन से शहर देखने की सुविधा भी होगी। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को बीपीएस प्लेनेटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्बाला की धरती से आजादी की पहली लड़ाई का बिगुल बजा था और इस इतिहास पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। विज ने कहा कि हरियाणा के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मारक निशुल्क दिखाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी आजादी के संघर्ष और गुमनाम शहीदों के योगदान को समझ सके। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से 5 नवंबर को गांधी ग्राउंड में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। विज के अनुसार, उन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्मारक की जानकारी दी थी। शाह ने इसके निर्माण की सराहना की। 22 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की कहानी स्मारक में 1857 की क्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग गैलरी बनाई गई है, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, फूड कोर्ट और वॉटर बॉडीज बनाई गई हैं। लाइट, लेजर और साउंड शो के माध्यम से भी इतिहास को दिखाया जाएगा। मेमोरियल टावर में दो हाई स्पीड लिफ्ट और सबसे ऊपरी मंजिल पर स्काई कैफे बनाया गया है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कारोबार को मिलेगा लाभ विज ने कहा कि स्मारक शुरू होने से छावनी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, खानपान, परिवहन और बाजार से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का विचार भी रखा। इसके प्रस्तावित रूट में शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर और सुभाष पार्क को शामिल करने की योजना है। पर्यटकों को सदर बाजार में खरीदारी का अवसर भी मिलेगा।
Bahraich News: कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
Bijnor News: पांच माह बाद फिर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ पर्यटन
Tourism resumes in Amangarh Tiger Reserve after five months
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया SIR,gajendrasinghshekhawatकेंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण- […]
भारत में Cruise Tourism की अपार संभावनाएं, 20 करोड़ लोग यात्रा खर्च उठाने में सक्षम
मुंबई, एक नवंबर भारत में क्रूज पर्यटन का बाजार आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। देश की 12,000 किलोमीटर की लंबी समुद्री तटरेखा और लोगों की तेजी से बढ़ती खर्च करने की क्षमता के बीच क्रूज यात्रा भारतीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रही है। उद्योग के एक शीर्ष अधिकारी ने यह राय जताई है। अधिकारी ने कहा कि आज देश की करीब 20 करोड़ आबादी घरेलू क्रूज यात्रा का खर्च आसानी से उठा सकती है। यह संख्या दुनिया के सभी क्रूज जहाजों की कुल यात्री क्षमता का लगभग पांच गुना है। कॉर्डेलिया क्रूज के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जर्गेन बैलोम ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में दावा किया, ‘‘कॉर्डेलिया क्रूज के घरेलू बाजार में आने से पहले हर साल करीब दो लाख भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रूज यात्रा करते थे, जबकि कंपनी अबतक करीब 10 लाख यात्रियों को यात्रा करवा चुकी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘13 से 14 प्रतिशत भारतीय आसानी से क्रूज पर्यटन का खर्च उठा सकते हैं। यह आंकड़ा 20 करोड़ बैठता है।’’‘क्रूज लाइन्स इंटरनेशनल एसोसिएशन’ (सीएलआईए) के अप्रैल, 2026 में जारी 2025 के वैश्विक क्रूज यात्री आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा दुनिया के शीर्ष पांच क्रूज बाजारों में शामिल हैं। अमेरिका 2.06 करोड़ यात्रियों के साथ सबसे प्रमुख बाजार है। इसके बाद जर्मनी 28 लाख, ब्रिटेन और आयरलैंड 25-25 लाख, ऑस्ट्रेलिया 14.5 लाख और कनाडा 12.7 लाख का स्थान आता है। सीएलआईए की रैंकिंग में हालांकि भारत शीर्ष 10 बाजारों में शामिल नहीं है। बैलोम ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2032 तक भारत को दुनिया के पांच सबसे बड़े क्रूज बाजारों में शामिल करना है।’’बैलोम ने मुंबई तट के पास ‘कॉर्डेलिया स्काई’ पर संवाददाताओं से कहा कि कंपनी के पास वर्तमान में ‘कॉडेलिया एम्प्रेस’ और ‘कॉर्डेलिया स्काई’ दो क्रूज हैं। इसके अलावा कंपनी का तीसरा क्रूज ‘कॉर्डेलिया सन’ के भी जल्द बेड़े में शामिल होने की संभावना है। कॉर्डेलिया क्रूज का परिचालन करने वाली वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘नए जहाज के शामिल होने से कंपनी की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही मुंबई और कोच्चि से गोवा, लक्षद्वीप, मालदीव और श्रीलंका सहित विभिन्न घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर क्रूज सेवाओं का विस्तार होगा।’’कॉर्डेलिया क्रूज वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी है।
8 शहरों वाली लंबी फ्लाइट भी तुम्हारे साथ एडवेंचर है, सबा को ऋतिक ने किया बर्थडे विश
मुंबई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता ऋतिक रोशन ने रविवार को अपनी गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री सबा आजाद को जन्मदिन की बधाई दी। अभिनेता का कहना है कि जब वह सबा के साथ होते हैं, तो सबसे लंबा सफर भी एक खास एडवेंचर बन जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज एक नवंबर को हरियाणा के दौरे पर रहेंगी। पहले उनका दौरा 30 अक्टूबर को होना था, जो अचानक कैंसिल कर दिया गया था। राष्ट्रपति बनने के बाद उनका हरियाणा में यह छठा दौरा है। वे प्रदेश की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर कुरुक्षेत्र में तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनका कार्यक्रम सुबह 9:25 बजे शक्तिपीठ देवी कूप भद्रकाली मंदिर से शुरू होगा। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) पहुंचेंगी, जहां हरियाणा की 60 साल की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी देखेंगी। फिर प्रदेश स्तरीय हीरक जयंती समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वामी श्रद्धानंद के 100वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगी। 3 घंटे 25 मिनट कुरुक्षेत्र में रहने के बाद वे अंबाला से हवाई जहाज से वापसी करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम नायब सैनी शामिल रहेंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कुरुक्षेत्र को 1 नवंबर के लिए ड्रोन 'नो-फ्लाइंग' और ‘रेड जोन’ घोषित किया गया है, जिसकी निगरानी के लिए 9 IPS, 30 DSP की अगुवाई में पुलिस की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। ग्राफिक्स में जानिए राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम और पुलिस की से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी पुलिस की ओर से ऐसे किए गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम DC विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को पूरे कुरुक्षेत्र जिले को ड्रोन उड़ाने के लिए नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 तथा ड्रोन नियम 2021 के नियम 24 के तहत जारी आदेशों के अनुसार जिले को रेड जोन भी घोषित किया गया है। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं सरकारी कर्मचारियों के साथ हरियाणा पुलिस, भारतीय सेना और वायुसेना की ओर से संचालित मानव रहित विमान प्रणालियों को इन आदेशों से छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा पुलिस की 20 कंपनियां, 9 IPS और 30 DSP को नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे की तैयारियों के PHOTO… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा में यह छठा दौरा…
जम्मू-कश्मीर पर्यटन को दो अवॉर्ड, बेस्ट एडवेंचर व बेस्ट एक्सपीरिएंशल टूरिज्म डेस्टिनेशन का खिताब
जमुई के अलीगंज प्रखंड स्थित कैलाश डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने डैम का निरीक्षण कर इसके प्राकृतिक परिवेश और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। प्रशासन की योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता बरकरार रखते हुए इसे पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया जाए। पहाड़ियों और जलराशि की सुंदरता का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डैम के आसपास की पहाड़ियों, जलराशि और प्राकृतिक सुंदरता को देखा। उन्होंने आकलन किया कि इन संसाधनों का इस्तेमाल कर इस जगह को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र कैसे बनाया जा सकता है। पर्यटकों की जरूरत के अनुसार विकसित होंगी सुविधाएं प्रशासन की ओर से डैम के आसपास बुनियादी ढांचा और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता प्रभावित किए बिना इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद प्रशासन का मानना है कि कैलाश डैम के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की पहल जिला प्रशासन जमुई की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत जिले के प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों की पहचान कर उनकी पर्यटन क्षमता का आकलन किया जा रहा है। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद पर्यटन पर जोर नक्सलवाद का असर कम होने के बाद प्रशासन जिले में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। निरीक्षण के दौरान अलीगंज के अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
GOPALGANJ NEWS: थावे रोड में ट्रैवल एजेंसी मालिक व दो कर्मियों को पीटा, अस्पताल में भर्ती
31 अक्टूबर, शनिवार: गोपालगंज के थावे रोड पर ट्रैवल एजेंसी मालिक और दो कर्मियों की पिटाई, अस्पताल में इलाज जारी।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के अनियंत्रित विस्तार और अंधाधुंध निर्माण ने राज्य की पारिस्थितिकी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। बीते एक दशक में होटलों में 90.8% और होमस्टे में 669.7% की वृद्धि दर्ज की गई है।
Bhiwani News: जैसलमेर एडवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
एडजैसलमेरवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
Udhampur News: कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
मुंबई में जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की प्रभावी प्रस्तुति, पर्यटन स्थलों को मिली सराहना
तवांग में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का शुभारंभ
तवांग। पर्यटन मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार एवं और कई पूर्वोत्तर राज्यों के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मा
Important Travel Tips: नवंबर के महीने में यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि आपका सफर आरामदायक और बजट में रहे।
रॉयल एनफील्ड हिमालयन 750: EICMA 2026 से पहले फिर दिखी नई एडवेंचर बाइक, जानें क्या होगा खास और कब होगी लॉन्च?
दीपावली पर लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने वाला है। गुजरात समेत देशभर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है, जबकि पर्यटकों की ओर से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। दीपावली पर होटल के ब्रांड और कमरों की श्रेणी के आधार पर किराया 12 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। दीपावली पर गुजरात से सबसे ज्यादा पर्यटक उदयपुर आते हैं। गुजरात में दीपावली पर पूजन के बाद कई पर्यटक नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उदयपुर के साथ नाथद्वारा और कुंभलगढ़ में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। पर्यटक दो से तीन दिन तक इन पर्यटन स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं। होटल-रिसॉर्ट दे रहे विशेष पैकेज, कमरों की संख्या सीमित होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है। होटल और रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं। इनमें ठहरने के साथ खाना-पीना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पांच सितारा होटल और कई रिसॉर्ट में ऑनलाइन उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित बताई जा रही है। किराया होटल के ब्रांड और कमरे की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। सहेलियों की बाड़ी से सिटी पैलेस तक जाम के हालात: पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ किला, फतहसागर, सिटी पैलेस और दूध तलाई मार्ग पर जाम के हालात बनते हैं। दीपावली के दौरान इन प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की आशंका है। ट्रेनों में बुकिंग, बसों का किराया बढ़ा: दीपावली पर उदयपुर के साथ संभाग के उन लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है, जो रोजगार, नौकरी-शिक्षा के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में रहते हैं। त्योहार पर ये लोग घर लौटते हैं। इसके चलते ट्रेनों में अधिकांश बुकिंग हो चुकी हैं, बसों का किराया भी बढ़ गया है। बसों में 20 नवंबर तक आवाजाही अधिक रहेगी।
दिवाली पर लेकसिटी में पर्यटन का बूम, होटल-रिसॉर्ट में 50 प्रतिशत बुकिंग; किराया 1.50 लाख रु. तक
होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है। होटल और रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं। इनमें ठहरने के साथ खाना-पीना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पांच सितारा होटल और कई रिसॉर्ट में ऑनलाइन उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित बताई जा रही है। किराया होटल के ब्रांड और कमरे की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। ट्रेनों में बुकिंग, बसों का किराया बढ़ा: दीपावली पर उदयपुर के साथ संभाग के उन लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है, जो रोजगार, नौकरी-शिक्षा के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में रहते हैं। त्योहार पर ये लोग घर लौटते हैं। इसके चलते ट्रेनों में अधिकांश बुकिंग हो चुकी हैं, बसों का किराया भी बढ़ गया है। बसों में 20 नवंबर तक आवाजाही अधिक रहेगी। सहेलियों की बाड़ी से सिटी पैलेस तक जाम के हालात: पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ किला, फतहसागर, सिटी पैलेस और दूध तलाई मार्ग पर जाम के हालात बनते हैं। दीपावली के दौरान इन प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की आशंका है। उदयपुर| दीपावली पर लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने वाला है। गुजरात समेत देशभर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है, जबकि पर्यटकों की ओर से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। दीपावली पर होटल के ब्रांड और कमरों की श्रेणी के आधार पर किराया 12 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। दीपावली पर गुजरात से सबसे ज्यादा पर्यटक उदयपुर आते हैं। गुजरात में दीपावली पर पूजन के बाद कई पर्यटक नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उदयपुर के साथ नाथद्वारा और कुंभलगढ़ में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। पर्यटक दो से तीन दिन तक इन पर्यटन स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं।
पर्यटक बसों पर रोक से उपजा संकट टला: पर्यटन संगठनों की एकजुटता, सांसद की पहल से राहत
उदयपुर | शहर में पर्यटक बसों के आवागमन पर लगी रोक से आगामी पर्यटन सीजन प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया था। पर्यटन कारोबार ठप होने की आशंका से चिंतित विभिन्न पर्यटन संगठनों ने उग्र कदम उठाते हुए व्यवसाय बंद करने तक की चेतावनी दे दी थी। हालात बिगड़ने पर संगठनों की एकजुटता, पूर्व आईपीएस राजेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन और सांसद मन्नालाल रावत के हस्तक्षेप से समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास हुए। बसों के निर्बाध संचालन की मांग पूरी होने से हजारों लोगों की आजीविका सुरक्षित हुई है। इस राहत पर संगठनों ने जिला प्रशासन और पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना का आभार जताया।
जम्मू-कश्मीर: रियासी के धनौड़ में टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, महिला की मौत; 3 घायल
रियासी जिले के धनौड़ में बुधवार रात एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गया, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
Kullu News: दशहरा उत्सव में भी मनाली का पर्यटन कारोबार फीका
दशहरा उत्सव के दौरान भी मनाली का पर्यटन कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। पर्यटकों की आमद में कमी के चलते पर्यटन स्थलों पर रौनक घट गई है।
माइक्रो-केशन से मिरर ट्रिपिंग तक, Gen Z के ये 5 ट्रैवल ट्रेंड्स हैं सबसे हटके
घूमना हर किसी को पसंद होता है लेकिन Gen Z ने नए ट्रैवल ट्रेंड्स खोज निकाले हैं। अब तक लोग सिर्फ घूमने जाते हैं लेकिन नई पीढ़ी घूमने के साथ सुकून, आराम के लिए भी ट्रिप प्लान करती हैं। चलिए इन ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से बताते हैं।
Winter Travel Calendar: पुष्कर मेले से Kite Festival तक, सर्दियों के 4 प्रमुख उत्सव
सर्दियों के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान लोग कहीं न कहीं ट्रिप का प्लान करते हैं। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर तरफ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। विंटर सीजन के समय कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यदि आप इस बार सर्दी की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने के जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आइए आपको ट्रैवल का प्लान बताते हैं। भारत के 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार जरुर जाना चाहिए। आइए आपको बताते है- पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान (नवंबर) हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजस्थान के पुष्कार में 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मवेशी मेलों में से एक हैं। यहां आपको रंग-बिरंगे बाजार, लोक संगीत और राजस्थानी कल्चर का खूबसूरत रुप देखने को मिलता है। असल में यहां पर केवल जानवर खरीदे और बेचे नहीं जाते बल्कि मटका फोड़ने, सबसे लंबी मूंछें दिखाने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन भी होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और बाहर से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच भी खेला जाता है। यहां पर आप पुष्कर झील और भगवान ब्रह्मा के मशहूर मंदिर देखने जरुर जाएं। कब जाएं- मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होगा। ट्रैवल टिप- मेले के आसपास की जगहों पर रुके और सुबह-सुबह घूमने निकलें। इस दौरान फोटो अच्छी आएगी और मेला में रौनक देखने को मिलेगी। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा (दिसंबर) असल में इस डांस फेस्टिवल की शुरुआत गुरु गंगाधर प्रदान ने कोर्णाक ने 1986 में की थी, जो आज भारत के सबसे बड़े क्लवासिकल डांस फेस्टिवल में से एक है। ओडिशा टूरिज्म की तरफ से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर से बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेने आते हैं। यहां पर कोर्णाक सूर्य मंदिर के समाने स्टेज पर ओडिसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने को मिलते हैं। कब जाएं- यह फेस्टिवल 1 से 5 दिसंबर 2026 तक चलेगा। ट्रैवल टिप- कोर्णाक के सबसे नियर भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जो यहां से करीब 65 किलोमीटर दूर है। आप कोर्णाक के साथ ही पुरी और भुवनेश्वर का घूमने का प्लान बना सकती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान (जनवरी) यदि आपको किताबें पढ़ने और नई-नई बातें जानने का बेहद शौक है, तो जयपुर का लिटरेचर फेस्टिवल जरुर जाएं। यहां पर दुनिया भर के लेखकों, कवियों, इतिहासकारों और पत्रकारों का ठिकाना बना रहता है। यहां पर किताबों, राजनीति, इतिहास, साइंस और समाज से संबंधित टॉपिक्स पर बातचीत होती है। वहीं, आप किताबों की दुकानों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बाद में आप जयपुर के बाजारों में घूम सकते हैं। कब जाएं- साल 2027 में यह फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी के बीच जयपुर में होगा। ट्रैवल टिप- जाने से पहले पूरा प्रोग्राम देख लें और अपना रजिस्ट्रेशन जरुर कराएं। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात (जनवरी) हर सार गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहते हैं। इस अवधि में पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और पतंगबाजी की घूम मची रहती है। वहीं, अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल मनाया जाता है। यहां आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के साथ ही खाना भी एकदम जबरदस्त मिलता है। कब जाएं- 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच साबरमती रिवरफ्रंट पर यह फेस्टिवल चलेगा। ट्रैवल ट्रिप- अहमदाबाद रुकने के लिए होटल की बुकिंग पहले से ही कर लें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें और पक्के या कांच वाले मांझे से थोड़ा दूर रहे, जिससे चोट न लगे।
फ्रांस में करीना-सैफ का फैमिली वेकेशन, तैमूर-जेह संग देखें खूबसूरत तस्वीरें
करीना कपूर और सैफ अली खान इन दिनों फ्रांस में छुट्टियां मना रहे हैं। सैफ ने वेकेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें परिवार का मस्ती भरा अंदाज और कैजुअल लुक देखने को मिल रहा है।
Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों का शहर लखनऊ जितना अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, उतना की अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतों से भरपूर लखनऊ शहर प्राचीन काल से ही तहजीब और अदब का नमूना पेश करता आया है। लखनऊ में आपको जितनी खूबसूरती इमारतें मिलेंगी, यहां की संस्कृति और खाना भी वैसा ही है। वैसे तो यह शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत है, लेकिन गर्मियों में यह शहर काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर सुकून के साथ-साथ छुट्टियों का भी पूरा मजा उठाया जा सके। तो हम आपको आज इस आर्टिकल के जरिए लखनऊ से करीब 400 किमी से कम दूरी पर स्थिति कुछ ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बेहद खूबसूरत हैं और आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें नैनीताल लखनऊ से करीब 381 किमी दूर स्थित नैनीताल हिल स्टेशन बेहद खास और खूबसूरत है। यहां पर आप नैनी झील, नैना देवी मंदिर, टिफिन टॉप और स्नो व्यू पॉइंट जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा नैनीताल लखनऊ के पास सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर पूरे साल मौसम सुहावना रहता है। वहीं यह जगह फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट है। भीमताल उत्तराखंड का भीमताल भी एक बेहद शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस जगह की खासियत यहां का अनोखा और शांत माहौल है। यहां पर आप भीमताल झील, पैडल बोटिंग, बर्ड वाचिंग और प्रकृति के बीच सैर करने का मजा ले सकते हैं। लखनऊ से भीमताल की दूरी करीब 367 किमी है। यह जगह अपने आप में खूबसूरती को समेटे हुए है। भीमताल चीड़, ओक और झाड़ियों के घने जंगलों से घिरा है। इसके अलावा आप यहां पर कुछ फेमस मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं। चंपावत उत्तराखंड में बसा चंपावत सबसे कम आबादी वाले जिलों में शामिल है। यह उत्तराखंड राज्य के पूर्वी हिस्से है और बेहद खूबसूरत जिला है। यहां पर आपको प्रकृति, पौराणिक कथाएं, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय की शानदार पहाड़ियों से घिरे चंपावत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आप भी अगर किसी नई जगह की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए है। लखनऊ से यह जगह करीब 367 किमी दूर है। नौकुचियाताल उत्तराखंड का नौकुचियाताल झील के किनारे बसा एक खूबसूरत और छोटा गांव है। यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जोकि प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और सुकून की तलाश में हैं। यह मुख्य रूप में यह जगह नौ कोनों वाली झील के लिए प्रसिद्ध है, जोकि करीब 1 किमी लंबी और 40 मीटर गहरी है। ऐसे में अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो इस बार की छुट्टियों में फैमिली के साथ यहां पर जा सकते हैं। लखनऊ से यहां की दूरी करीब 368 किमी है।
Rajasthan news: बगरू में NH-48 पर भीषण हादसा, टेंपो ट्रैवलर की ट्रेलर से टक्कर में 3 की मौत
24 अक्टूबर, शनिवार: राजस्थान के बगरू में NH-48 पर देर रात टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें
इंफाल एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत है। यहां की ताजी हवा और खुला आकाश आपका मन मोह लेगा। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप फ्लाइट से उतरकर पैदल ही भवन में जा सकते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी खासियत है। ऐसे में अगर आप भी मणिपुर जाने का प्लान कर रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप मणिपुर के इंफाल में कौन-कौन सी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इमा मार्केट शहर के बीचों-बीच इमा मार्केट है। यह महिलाओं यानी की माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार है। यह मार्केट सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाई जाती है। आप यहां से फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें ले सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी कांगला किला की सैर आपको इंफाल में दो जगहें जरूर देखनी चाहिए। पहली कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में इसका अर्थ है जमीन का मुख्य भाग। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में से एक है। यहां के राजवंश के शासकों की कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के लोगों के लिए गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इस फोर्ट के मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके अलावा आप यहां पर कांगला संग्रहालय, बोट म्यूजियम और पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर को देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है, जिसको मेतेई लोग पवित्र और शुभ मानते हैं। यहां पर कई दर्शनीय स्थल है, जैसे राजा बोधचंद्र की समाधि और महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति आदि। इसके अलावा यहां महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी देख सकते हैं। लोकताक लेक आप इस दौरान लोकताल लेक भी जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी और फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत है कि झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' भी कहा जाता है। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास होता है, जो जमीन की शक्ल ले लेता है, लेकिन पानी के ऊपर तैरता रहता है। मोइरांग के पास लोकताक झील स्थित है, जहां आईएनए का संग्रहालय भी है। इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं देख सकते हैं। वहीं आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जोकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इस रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इन बातों का रखें खास ध्यान ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको सबसे पहले दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी आप यहां पर जा सकते हैं। आप सितंबर से लेकर अप्रैल के लिए बीच का समय इंफाल जाने के लिए सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से आपको इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। अब यह सुविधा ऑनलाइन मौजूद है। आप मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसको कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आपको इंफाल एयरपोर्ट पर भी यह उपलब्ध है।
Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा
भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। बैजनाथ, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता बिसरख गांव उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। मंदसौर मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं। बस्तर और दक्षिण भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: राजस्थान के Bera में लें बजट Night Safari और Jawai Dam का अद्भुत आनंद
राजस्थान अपने रेतीले टीले और ऐतिहासिक महलों के लिए जाना जाता है। अक्सर लोग छुट्टियां मिलने पर राजस्थान की फेमस जगहों पर घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन कुछ ज्यादा फेमस जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आप सुकून के पल बिताने के साथ नाइट जंगल सफारी का मजा लेना चाहती हैं। तो आपको राजस्थान के पाली जिले में बसा छोटा सा कस्बा 'बेरा' जाना चाहिए। यह जगह आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। राजस्थान की खास जगह यह इलाका जवाई बांध और अरावली की ग्रेनाइट पहाड़ियों के आसपास फैला हुआ है। जोकि पूरे देश में तेंदुओं की आबादी के लिए जाना जाता है। जैसलमेर या जोधपुर के महंगे टूर पैकेजों की जगह आप बजट में बेहतरीन नाइट जंगल सफारी का एक्सपीरियंस लेने के लिए राजस्थान की इस फेमस जगह बेरा जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: लुधियाना में है मां महागौरी का यह सिद्ध शक्तिपीठ मंदिर, महाअष्टमी पर करें दर्शन; जानें कैसे पहुंचे और क्या है खास? नाइट जंगल सफारी अक्सर लोग महंगे नेशनल पार्कों और कोर टाइगर रिजर्व्स में जाते हैं। लेकिन इसकी जगह बेरा में सफारी का एक अगल ही मजा है। यहां पर बाकी जगहों की तुलना में काफी कम खर्च होगा और आपकी ट्रिप यादगार बन सकती है। जैसलमेर या रणथंभौर की महंगी सफारी के चक्कर में पड़ने की जगह बेरा में स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में आसानी से नाइट सफारी प्लान कर सकती हैं। यहां पर सरकारी सफारी की एडवांस बुकिंग को लेकर परेशान नहीं होना होगा। होमस्टे और कैंपिंग जब आप जोधपुर या जैसलमेर जैसी जगहों पर जाती हैं, तो यहां पर आप महंगे हेरिटेज होटल की बजाय बेरा और उसके आसपास के गांवों में होमस्टे में रुक सकते हैं। यब आपको आसानी से बजट में मिल जाएंगे। होमस्टे में आपको 800 से 1,500 रुपए तक में रहने के लिए अच्छे कमरे मिल जाएंगे। यहां आप रात में कैंपफायर का मजा लेने के साथ-साथ पारंपरिक राजस्थानी भोजन का स्वाद ले सकते हैं। देखें जवाई बांध और प्राकृतिक नजारे रात के समय सफारी के दौरान आपको तेंदुए के अलावा जंगल कैट, लोमड़ी, सियार और लकड़बग्घा जैसे जानवर देखने को मिल सकते हैं। जानवरों के अलावा आप बेरा के बेहद खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का भी लुत्फ उठा सकती हैं। इस इलाके में फेमस जलाशय 'जवाई बांध' भी है। यहां पर आपको सैकड़ों मगरमच्छ पानी के किनारे धूप सेंकते दिख जाएंगे। ऐसे पहुंचे राजस्थान के बेरा गांव यहां पहुंचने का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है। जोकि करीब 150 किमी दूर है। वहीं जोधपुर एयरपोर्ट करीब 170 किमी दूर है। इसके अलावा यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन 'जवाई बांध' और 'फालना' है। यहां से आपको सीधी टैक्सी या बसें मिल जाएंगी।
Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना
बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska नड्डी गांव अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं। ट्रैकिंग और लोकल फूड नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी। ऐसे जाएं नड्डी गांव बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है। ऋषिकेश गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है। इसे भी पढ़ें: Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide मोरनी हिल्स मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे। झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है। लैंसडाउन जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं। यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। नैनीताल अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं। हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा। सरिस्का दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।
Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide
शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। शारदीय नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। कल यानी 14 अक्तूबर को नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यदि आप इस दिन मां के दर्शन करने के लिए किसी खास मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में मां कूष्मांडा देवी का चमत्कारी मंदिर है। खासकर इस मंदिर में जमीन पर लेटी हुई दिखने वाली मां की पिंडी है, जिससे पूरे साल पानी रिसता रहता है। आइए आपको यहां पर जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड बताते हैं। कानपुर में मां कूष्मांडा का मंदिर कहां है? अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप कानपुर के घाटमपुर तहसील में मां कूष्मांडा का मंदिर है। यह मंदिर अनोखी पिंडी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में मां की पिंडी जमीन पर लेटी हुई और इसका आकार भी आम मूर्तियों से काफी अलग है। पिंडी के दो मुख होने के कारण इसका आखिरी सिरा अभी तक किसी को समझ नहीं आया है। कानपुर के कूष्मांडा मंदिर जाने का सही समय क्या है? मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों या सर्दियों के मौसम में समय में बदलाव भी होता है। नवरात्रि के दिन जाने से पहले मंदिर का समय एक बार जरुर पता करें। मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं? यदि आप किसी दूसरे शहर से मां के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आप एक दिन से ज्यादा रुकना चाहते है, तो आप घाटमपुर में होटल या गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। वहीं, आपको कानपुर के बर्रा इलाके में भी स्टे देखने को मिलेगा। बस रुम बुक करने से पहले मंदिर से उसकी दूरी, आने-जाने की सुविध और किराया जरुर पता कर लें। कानपुर के मां कूष्मांडा मंदिर कैसे पहुंचें? ट्रेन से: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आपको घाटमपुर जाने के लिए टैक्सी, ऑटो या बस का ऑप्शन मिल जाएगा। सड़क: असल में कानपुर शहर सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों से कनेक्टेड है। जब आप कानपुर पहुंचे जाए, तो यहां से घाटमपुर जाने के लिए बस, टैक्सी आपको मिल जाएगी। हवाई जहाज से: कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टैक्सी या कैब से घाटमपुर पहुंच सकते हैं। मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन के लिए कितने समय का प्लान बनाएं? आप यहां पर दो दिन का प्लान बना सकती हैं। पहले दिन पहुंचकर फ्रेश होकर मंदिर के दर्शन करें। जिसके बाद कुछ नाश्ता या खाना खाकर दूसरी जगहों को एक्सप्लोर करें। आप कानपुर के और भी खूबसूरत मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं- -बिठूर -गंगा बैराज -कानपुर जू -मोती झील -जेके मंदिर -इस्कॉन मंदिर -जैन ग्लास मंदिर -कानपुर मेमोरियल चर्च
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत फेज का आनंद ले रहे हैं। पहली बार माता-पिता बनने के लगभग एक साल बाद यह कपल अब अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह ...
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

