उत्तराखंड: आदर्श संस्कृत ग्राम पर्यटन से जुड़ेंगे, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम की बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रील्स, ऐप और समर कैंप के जरिए संस्कृत के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
डूंगरपुर शहर की पहचान गेपसागर झील अब स्वच्छता के साथ सुंदरता के नए रंग में नजर आएगी। दिवाली से पहले झील की पाल और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए नगरपरिषद ने सौंदर्यीकरण अभियान शुरू कर दिया है। पहले चरण में पाल पर 26 खजूर के पेड़ लगाने की शुरुआत की गई। इसके बाद दूसरे चरण में पाल और झील क्षेत्र को व्यवस्थित और खूबसूरत बनाने के लिए अन्य काम होंगे। परिषद का लक्ष्य दिवाली तक झील क्षेत्र की सूरत बदलने का है, ताकि गेप सागर शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके। पार्कों की भी बदलेगी सूरतउपसभापति अनिल पटेल ने कहा कि गेप सागर के साथ शहर के सभी पार्कों के सौंदर्यीकरण पर भी काम किया जाएगा। महंत शिवशंकर दास ने कहा कि डूंगरपुर को स्वच्छ शहर के साथ पर्यटन नगरी के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास होने चाहिए। कार्यक्रम में समाजसेवी सिद्धार्थ मेहता, गोपाल मराठा, नगर परिषद के हितेश रोत, प्रकाश महावर सहित अन्य मौजूद रहे।
माइक्रोकेशन से लेकर मिरर ट्रिप, ये हैं Gen Z के ट्रैवल फंडे
जेन जी के लिए घूमना-फिरना अब सिर्फ मशहूर जगहों पर जाना और फोटोज खिंचवाना नहीं है. छोटी छुट्टियों से लेकर बिना किसी तय प्लान के घूमने और स्थानीय कहानियां जानने तक, ट्रैवल के कई नए तरीके चर्चा में हैं. माइक्रोकेशन, साइड क्वैस्टिंग और एंटी-इटिनरेरी जैसे शब्द बताते हैं कि युवा अपनी पसंद और सुविधा के हिसाब से सफर के नए अनुभव तलाश रहे हैं.
भोपाल में चल रहे मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुक्रवार को तीसरा दिन है। इस दिन भी सुबह से शाम तक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। शाम को पुरस्कार समारोह होगा। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मार्ट चल रहा है। इसमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, इटली समेत करीब 34 देश के 100 मेहमान भी शामिल हैं, जो घरेलू टूर ऑपरेटर्स से अपने अनुभव, पैकेज आदि साझा कर रहे हैं। शुक्रवार को मिंटो हॉल के पास एमवीएम ग्राउंड पर बी2बी सत्र होगा। इसमें पंजीकृत खरीदार और विक्रेताओं के स्टॉल्स पर सुबह 11.30 से शाम 5.30 बजे तक द्विपक्षीय बैठकों का दौर शुरू होगा। वहीं, शाम को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल, नवाचार, उत्कृष्ट प्रदर्शन और हितधारकों के योगदान को रेखांकित करने के लिए पुरस्कार वितरण समारोह किया जाएगा। पिछले साल 21 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आए सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया, वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है। मां की रसोई सजी, स्थानीय जायके का लुत्फ अतिथियों को मध्य प्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'मां की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। 16 विशेष टूर होंगे विदेशी और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रदेश की जमीनी पर्यटन संपदा का साक्षात्कार कराने के लिए आयोजन के बाद 16 विशेष फैमिलियराइजेशन टूर्स (FAM Trips) आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये दल हेरिटेज सर्किट (खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची, भीमबेटका), वाइल्डलाइफ सर्किट (कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो चीता अभयारण्य), आध्यात्मिक सर्किट (उज्जैन महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर एकात्म धाम, चित्रकूट, अमरकंटक), साहसिक जल पर्यटन सर्किट (पचमढ़ी, चंदेरी, तवा, गांधी सागर) का दौरा करेंगे। साथ ही, भोपाल में प्रवास के दौरान प्रतिनिधियों को हेरिटेज वॉक, वन विहार बर्ड वॉक, बड़े तालाब पर शिकारा राइड तथा स्वास्थ्य-वर्धक योग सत्रों का विशेष अनुभव कराया जा रहा है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 केवल एक व्यापारिक समागम नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक उत्थान, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और स्थानीय समुदायों की समृद्धि का एक समन्वित महाअभियान है, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन के शीर्ष केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
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सिक्किम की खूबसूरत पहाड़ियों तक पहुंचने का अनुभव अब एक नए अध्याय में प्रवेश करने जा रहा है। भारतीय रेल ने गंगटोक को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 34 किलोमीटर लंबी रंगपो-गंगटोक रेल लाइन को प्राथमिकता के स्तर पर आगे बढ़ाया है। करीब 9,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना पूरी होती है तो देश के सबसे आकर्षक पर्वतीय पर्यटन स्थलों में शामिल गंगटोक तक रेल पहुंच का रास्ता खुल जाएगा। यह प्रस्ताव हाल में प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत काम करने वाले इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) के सामने रखा गया है। मकसद केवल एक नई रेल लाइन बनाना नहीं, बल्कि ऐसा क्रम तैयार करना है जिसमें सिवोक-रंगपो लाइन के चालू होते ही रंगपो-गंगटोक पर काम में बड़ा अंतर न आए। फिलहाल पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग क्षेत्र के सिवोक को पूर्वी सिक्किम के रंगपो से जोड़ने वाली 44.96 किलोमीटर लंबी सिवोक-रंगपो रेल परियोजना निर्माणाधीन है। करीब 17,124 करोड़ रुपये की लागत वाली इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना लगभग 75 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर चुकी है। देखा जाये तो हिमालयी भूगोल ने इस रेलमार्ग को देश की सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे परियोजनाओं में शामिल कर दिया है। हम आपको बता दें कि पूरी लाइन का करीब 86 प्रतिशत हिस्सा यानी 38.623 किलोमीटर सुरंगों से होकर गुजरेगा। मार्ग में 14 सुरंगें, 13 बड़े और 10 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं। सबसे लंबी सुरंग 5.30 किलोमीटर और सबसे छोटी 538 मीटर की होगी। सुरंग निर्माण के लिए न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) अपनाई जा रही है। इस रेलखंड पर सिवोक, रियांग, मेल्ली, रंगपो और तीस्ता बाजार स्टेशन प्रस्तावित हैं। तीस्ता बाजार में भूमिगत हॉल्ट स्टेशन इस परियोजना को तकनीकी रूप से और भी खास बनाता है। 44.96 किलोमीटर में 41.55 किलोमीटर हिस्सा पश्चिम बंगाल और 3.41 किलोमीटर सिक्किम में होगा। इस परियोजना का सामरिक महत्व भी कम नहीं है। पहाड़ी राज्य सिक्किम तक सड़क संपर्क मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है, जबकि रेल नेटवर्क एक अतिरिक्त और अपेक्षाकृत अधिक स्थिर परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएगा। आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, यात्रियों की आवाजाही और माल परिवहन को इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है। आगे चलकर देश के अलग-अलग हिस्सों से सिक्किम के लिए लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं का रास्ता भी खुल सकता है। इसके अलावा, सिक्किम पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिलहाल पहाड़ी सड़कों पर निर्भरता कई बार यात्रा का अनुभव प्रभावित कर देती है। बारिश, भूस्खलन, बर्फबारी या खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग बाधित होने पर पर्यटकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, यात्रा कार्यक्रम बिगड़ जाता है और कई बार गंगटोक तथा आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। दूर-दराज से सिक्किम पहुंचे पर्यटकों के लिए ऐसी परिस्थितियां खास तौर पर निराशाजनक होती हैं। ऐसे में रेल कनेक्टिविटी एक अतिरिक्त और अधिक भरोसेमंद परिवहन विकल्प उपलब्ध करा सकती है, जिससे पर्यटन सीजन में यात्रियों की आवाजाही सुगम होने के साथ सिक्किम की पर्यटन क्षमता को भी नया विस्तार मिल सकता है। रणनीतिक स्तर पर देखें तो यह परियोजना केवल गंगटोक तक ट्रेन पहुंचाने की कहानी नहीं है। पूर्वोत्तर की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की राष्ट्रीय कोशिश के क्रम में सिक्किम का राजधानी-कनेक्टिविटी नेटवर्क में आना क्षेत्रीय संपर्क को नया आयाम देगा। सिवोक-रंगपो और उसके बाद रंगपो-गंगटोक का जुड़ाव यात्री परिवहन, माल ढुलाई, पर्यटन और व्यापक आर्थिक गतिविधियों को एक ही कॉरिडोर में जोड़ सकता है। साथ ही पर्यटकों के लिए इसकी तस्वीर बेहद रोमांचक है। कल्पना कीजिए कि पहाड़ों के बीच सुरंग से निकलती ट्रेन, खिड़की के बाहर तीस्ता की घाटियां, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और फिर धीरे-धीरे गंगटोक की ओर बढ़ता रेलमार्ग। जिस सिक्किम की यात्रा अब तक मुख्यतः सड़क या हवाई मार्ग से जुड़ी रही है, वहां भविष्य में ट्रेन की यात्रा खुद एक पर्यटन अनुभव बन सकती है। हम आपको याद दिला दें कि 2021 में सिवोक-रंगपो परियोजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देरी के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे। अब परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यदि इसके बाद रंगपो-गंगटोक विस्तार भी गति पकड़ता है, तो सिक्किम की पहाड़ियों में केवल रेल की पटरियां नहीं बिछेंगी बल्कि पर्यटन, व्यापार, आपूर्ति और रणनीतिक संपर्क के लिए एक नया गलियारा तैयार होगा। बहरहाल, गंगटोक तब सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती देखने की मंजिल नहीं रहेगा; वह भारतीय रेल के नक्शे पर दर्ज एक ऐसा गेटवे बन सकता है, जहां रोमांचक हिमालयी यात्रा और आधुनिक परिवहन का संगम दिखाई देगा। -नीरज कुमार दुबे
सीहोर में 848 करोड़ से बनेगा लग्जरी गोल्फ कोर्स! MP Travel Mart का शुभारंभ, करोड़ों का हुआ निवेश
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ किया। इस दौरान 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए, लेटर ऑफ अवार्ड भी दिए गए। इनमें सीहोर में 848 करोड़ से प्रस्तावित गोल्फ कोर्स व लक्जरी होटल भी शामिल है।
हरियाणा पर्यटन निगम के दो वाहनों की लॉगबुक गायब, राज्य सूचना आयोग ने दिए जांच के आदेश
हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने हरियाणा पर्यटन निगम के दो सरकारी वाहनों की लॉगबुक गायब होने के मामले में गंभीर रुख अपनाया है।
मिथुन चक्रवर्ती का अलीपुरद्वार को पर्यटन हब बनाने का लक्ष्य, नाना पाटेकर को याद कर हुए भावुक
मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग के सलाहकार के रूप में पहली बार अलीपुरद्वार का दौरा किया।
Travel Tips: शुरू होने वाला हैं सर्दियों का मौसम, घूम आएं एक बार इन खूबसूरत जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। नवंबर में सर्दियों का दौर शुरू हो जाएगा और उसके साथ ही घूमने फिरने का मजा भी दोगुना हो जाएगा। अगर आपको भी इस दौरान कही घूमने जाना हैं या फिर कुछ प्लॉन कर रहे हैं तो आज आपको बता रहे हैं की आप सर्दियों में कहा जा सकते है। तवांग, अरुणाचल प्रदेश आप इन सर्दियों में तवांग जा सकते हैं, अरुणाचल प्रदेश में स्थित एक ऐसी जगह है जहां बर्फबारी का नजारा बेहद शानदार होता है। यहां सर्दियों में पहाड़ और घाटियां बर्फ की मोटी परत से ढक जाती हैं। तवांग मठ, जो दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध मठों में से एक है। औली, उत्तराखंड इसके अलावा आप औली भी जा सकते है। दिसंबर से मार्च तक बर्फबारी होती है। यहां का विशाल बर्फीला मैदान स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और अन्य कई रोमांचक एक्टिविटीज के लिए मशहूर है। pc- aaj tak
एयर इंडिया ने लॉन्च की EasyRoam ट्रैवल SIM, 30 देशों में मिलेगी कनेक्टिविटी
टाटा कम्युनिकेशंस के साथ साझेदारी में शुरू हुई इस सेवा से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लोकल SIM खरीदने और महंगे रोमिंग चार्ज से राहत मिलेगी।
उत्तराखंड परिवहन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग ऐप को तैयार किया जा रहा है. पर्यटक होटल की तरह पार्किंग की बुकिंग कर पाएंगे. पहले देहरादून में लागू किया जाएगा.
'MP ट्रैवल मार्ट'-पर्यटन को बढ़ावा देने पर होगा मंथन: बायर्स-सेलर्स के बीच बैठकें होंगी, प्रदर्शनी का भी शुभारंभ
भोपाल में चल रहे मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का गुरुवार को दूसरा दिन है। इस दिन सुबह से शाम तक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। वहीं, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश्वर कुमार बी2बी व प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। चार दिवसीय ट्रैवल का बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ किया था। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मार्ट चल रहा है। इसमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, इटली समेत करीब 34 देश के 100 मेहमान भी शामिल हैं, जो घरेलू टूर ऑपरेटर्स से अपने अनुभव, पैकेज आदि साझा कर रहे हैं। यह सातवां संस्करण, बी2बी मंचयह आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। गुरुवार सुबह प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। फिर विशेष चर्चा का सत्र शुरू होगा। जिसका विषय 'भारत के वन्यजीवों का एक जीवंत परिदृश्य: भारत की वन्यजीव राजधानी के रूप में मध्य प्रदेश' रहेगा। इसके बाद रणनीतिक राउंड टेबल्स में 2030 तक मध्य प्रदेश को भारत का प्रमुख साहसिक गंतव्य बनाने के लिए विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। राज्य की इकोनॉमी को बढ़ावा देने और सम्मेलन/प्रदर्शनी हब के रूप में विकास पर केंद्रित राउंड टेबल मीटिंग होगी। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पंजीकृत बायर और सेलर के बीच बैठकें आयोजित की जाएंगी। पिछले साल 21 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आएसचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया, वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है। मां की रसोई सजी, स्थानीय जायके का लुत्फअतिथियों को मध्य प्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'मां की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। 16 विशेष टूर होंगेविदेशी और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को प्रदेश की जमीनी पर्यटन संपदा का साक्षात्कार कराने के लिए आयोजन के बाद 16 विशेष फैमिलियराइजेशन टूर्स (FAM Trips) आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये दल हेरिटेज सर्किट (खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची, भीमबेटका), वाइल्डलाइफ सर्किट (कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो चीता अभयारण्य), आध्यात्मिक सर्किट (उज्जैन महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर एकात्म धाम, चित्रकूट, अमरकंटक), साहसिक जल पर्यटन सर्किट (पचमढ़ी, चंदेरी, तवा, गांधी सागर) का दौरा करेंगे। साथ ही, भोपाल में प्रवास के दौरान प्रतिनिधियों को हेरिटेज वॉक, वन विहार बर्ड वॉक, बड़े तालाब पर शिकारा राइड तथा स्वास्थ्य-वर्धक योग सत्रों का विशेष अनुभव कराया जा रहा है।
पुष्कर मेला 2026 का कार्यक्रम पोस्टर जारी, 17 नवंबर से शुरू होंगी पर्यटन विभाग की गतिविधियां
अजमेर। विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला-2026 की तैयारियों के बीच बुधवार को जिला कलक्टर लोक बन्धु ने मेले के कार्यक्रमों से संबंधित पोस्टर और आधिकारिक कार्यक्रम पुस्तिका का विमोचन किया। इस बार पुष्कर मेले में देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक खेलों, लोक संस्कृति, धार्मिक आयोजनों, ऊंट एवं घोड़ा प्रतियोगिताओं के साथ फूड एंड क्राफ्ट […] The post पुष्कर मेला 2026 का कार्यक्रम पोस्टर जारी, 17 नवंबर से शुरू होंगी पर्यटन विभाग की गतिविधियां appeared first on Sabguru News .
MPTM 2026: 34 देश, 1100 करोड़ का निवेश, CM मोहन यादव भोपाल में आज MP ट्रैवल मार्ट का आगाज करेंगे
भोपाल में 7 से 10 अक्टूबर तक होने वाले एमपी ट्रैवल मार्ट में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उत्तरकाशी में विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर बनाने की घोषणा, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित सेवा ज्योति सभा में प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत-2047 के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के विजन को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
भोपाल में बुधवार से शुरू होगा मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट, 34 देशों के 100 मेहमान होंगे शामिल
भोपाल में बुधवार से शुरू होगा मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट, 34 देशों के 100 मेहमान होंगे शामिल
52 देशों की यात्रा ने बदली ट्रैवल ब्लॉगर महिला की किस्मत, सिंगापुर के Meta ऑफिस से शेयर किया वीडियो
डिजिटल कंटेंट क्रिएटर इयाना याशचेंको ने 6 अक्टूबर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है.
15 साल के अर्जुन हरदैनियां को डेली लाइफ और ट्रैवल ब्लॉगिंग सम्मान
करौली के 15 वर्षीय अर्जुन शर्मा हरदैनियां को दिल्ली में ग्लोबल आइकन अवार्ड्स-2026 में मोस्ट इन्फ्लुएंशियल ब्लॉग ऑफ द ईयर सम्मान से नवाजा है। डिजिटल इन्फ्लुएंसर और क्रिएटिव टैलेंट की श्रेणी में उन्हें यह सम्मान मिला है। वे Arjun Vlog RJ34 नाम से ब्लॉगिंग करते हैं। उनकी पहचान सादगी भरे डेली लाइफ और ट्रैवल ब्लॉग्स से बनी है। खास बात यह है कि जिस उम्र में अधिकांश बच्चे सोशल मीडिया को मनोरंजन तक सीमित रखते हैं, उसी उम्र में अर्जुन ने इसे अपनी क्रिएटिव पहचान बनाने का जरिया बना लिया। अपने आसपास की जिंदगी, रोजमर्रा के अनुभव और घूमने-फिरने से जुड़े वीडियो के जरिए वे दर्शकों तक पहुंच बना रहे हैं। दिल्ली के जनकपुरी स्थित होटल में ग्लोबल आइकन अवार्ड्स में समारोह हुआ। कार्यक्रम में डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और क्रिएटिव टैलेंट्स सहित अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अर्जुन की ब्लॉगिंग की शुरुआत किसी बड़े शहर के स्टूडियो से नहीं, बल्कि करौली जिले से हुई। डेली लाइफ और ट्रैवल को कैमरे में उतारकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी जगह बनाई। उनके ब्लॉग्स में स्थानीय जीवन और यात्रा के अनुभव दिखाई देते हैं। अर्जुन करौली के प्रसिद्ध हलवाई झंडू परिवार से जुड़े हैं। वे कृष्ण कन्हैया हरदैनियां और इंद्रा देवी के बेटे विश्वनाथ हरदैनियां के बड़े बेटे हैं।
भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट शुरू होगा। 10 अक्टूबर तक चलने वाले मार्ट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, इटली समेत करीब 34 देश के 100 मेहमान भी शामिल होंगे, जो घरेलू टूर ऑपरेटर्स से अपने अनुभव, पैकेज आदि साझा करेंगे। वहीं, 15 राज्य के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। शुभारंभ अवसर पर प्रदेश में ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप मिलेगा, जबकि सीहोर में ₹848.40 करोड़ का मेगा निवेश समझौता किया जाएगा। यह 7वां संस्करण, बी2बी मंचयह आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। पिछले साल 21 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आए सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया, वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है। इन देशों के प्रतिनिधि आएंगे MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं। इतने प्रस्ताव आएंगेआयोजन के दौरान लगभग ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों की सड़क यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए राज्य के 3 प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर अत्याधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्रों' के विकास के लिए भी LOA प्रदान किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मेसर्स एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य होने वाले इस अनुबंध के अंतर्गत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। यह विशाल परियोजना न केवल विंध्य और मालवा क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र को वैश्विक पहचान देगी, बल्कि इससे क्षेत्र में लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगारों का सृजन होगा। मां की रसोई सजीअतिथियों को मध्य प्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'मां की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जाएंगे।
रुडयार्ड किपलिंग के काल्पनिक किरदार मोगली की तरह चेंदरू ने वास्तव में जंगल और वन्यजीवों के साथ इंसानी आत्मीयता का जीवन जिया। उनकी इसी ऐतिहासिक पहचान और बस्तर के सहज प्राकृतिक जीवन को जीवंत रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों के लिए ‘चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है, जिससे यह लोकनायक हमेशा याद रखा जा सके।
भोपाल में एमपीटीएम 2026, मध्य प्रदेश पर्यटन को बढ़ाने और रोजगार पैदा करने के लिए ₹ 848.40 करोड़ की परियोजनाओं के साथ अंतरर
भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में बुधवार से 'मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट' की शुरुआत होगी। मार्ट चार दिन चलेगा। इस दौरान 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। शुभारंभ अवसर पर ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप मिलेगा। इसमें सीहोर में ₹848.40 करोड़ का मेगा निवेश समझौता भी शामिल हैं। चार दिन तक 10 हजार से अधिक बी2बी बैठकें होंगी और 12 रणनीतिक एमओयू साइन किए जाएंगे। इस दौरान बहुभाषी वेबसाइट संस्करण और डिजिटल हैंडबुक का लोकार्पण भी होगा। मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। उन्होंने बताया, मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को भारत की वन्यजीव राजधानी के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होम स्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साल 2025 में 21 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आएसचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है। इन देशों से आएंगे 100 मेहमानदुनिया के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका, पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं। इनकी साझेदारी होगीदेश के पर्यटन तंत्र को भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से MPTM 2026 में 12 विशिष्ट रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों में कौशल विकास के तहत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ साझेदारी शामिल हैं। जिसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, शिष्टाचार और ग्राहक सेवा का RPL प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन के डिजिटलीकरण के लिए 'ग्राम स्टे' के साथ समझौता किया जा रहा है। जिससे सुदूर ग्रामीण होम स्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा सके। साहसिक और जल पर्यटन के विस्तार के लिए 'रॉयल एनफील्ड' के साथ नए बाइक राइडिंग रूट्स के चिन्हांकन, 'एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (ATOAI) के साथ सुरक्षा मानकों के निर्धारण और पीथमपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन के विकास के लिए एमओयू किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने नया पुरस्कार शुरू किया है। ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। विजेता को राज्योत्सव के दौरान सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसके लिए ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए हैं। पुरस्कार के जरिए गांवों की संस्कृति, परंपरा, खान-पान, हस्तशिल्प, लोककला और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। गांव में पर्यटक आएंगे तो स्थानीय लोगों की भी होगी कमाई सरकार का फोकस केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि पर्यटन से होने वाली कमाई को गांवों तक पहुंचाने पर है। इसके लिए होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवा, महिलाएं, स्व-सहायता समूह, कारीगर और ग्रामीण उद्यमी पर्यटन से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए जारी होगा विज्ञापन ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर प्रविष्टियां आमंत्रित करेगा। आवेदन के साथ आवेदक को अपनी प्रोफाइल, फोटो, छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए काम और उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। 6 सदस्यीय जूरी करेगी चयन पुरस्कार के लिए आने वाली प्रविष्टियों का मूल्यांकन 6 सदस्यीय निर्णायक मंडल करेगा। इसकी अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। जूरी में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे। चयन में ग्रामीण पर्यटन के लिए किए गए काम के साथ उसके स्थानीय लोगों पर प्रभाव, रोजगार सृजन, समुदाय की भागीदारी और संस्कृति व प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को भी देखा जाएगा। एक व्यक्ति को जीवन में एक ही बार मिलेगा पुरस्कार नियमों के मुताबिक किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाएगा। पुरस्कार हर साल दिया जाएगा। चयनित व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपए के साथ प्रशस्ति पत्र मिलेगा। ‘चेन्दरू’ नाम से बस्तर की पहचान को भी जोड़ा पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ रखा गया है। इसका संबंध बस्तर और वहां के प्राकृतिक जीवन की उस पहचान से है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। इसी नाम से अब गांवों में पर्यटन के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को राज्य स्तर पर पहचान दी जाएगी। विजेता के काम की स्मारिका भी बनेगी राज्योत्सव में पुरस्कार देने के साथ विजेता के काम, नवाचार और उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे दूसरे गांवों और समुदायों को भी पर्यटन के नए मॉडल अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की बड़ी संभावना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, लोककला, हस्तशिल्प, मेले-पर्व और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि पर्यटक केवल किसी जगह को देखकर वापस न लौटें, बल्कि गांव में रुककर वहां की संस्कृति, भोजन और जीवनशैली का अनुभव भी करें। इसके लिए होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को विस्तार देने पर जोर रहेगा। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, गांवों की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और समृद्धि के नए रास्ते खोले जा सकते हैं। पर्यटन का लाभ बड़े पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहकर दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे, यही सरकार का प्रयास है।
लखनऊ में गोमती नदी से बाढ़ आई है। इसकी चपेट में रिहायशी इलाकों के साथ कई मुख्य धार्मिक, पर्यटन स्थल हैं। हनुमंत धाम, गोमती रिवर फ्रंट, लेटे हनुमान मंदिर, प्राचीन शनिदेव मंदिर, खाटू श्याम मंदिर, हैदरी मस्जिद, मरीन ड्राइव का फूड वैली लगभग डूब गए हैं। शहर का प्रमुख श्मशान घाट भैंसा कुंड डूब गया है। फैजुल्लागंज, घैला समेत कई इलाके में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ऊपर फोटो पर क्लिक करके देखिए 5 VIP जगहों के डूबने का VIDEO देखिए… 5 तस्वीरें भी देखिए…
टोंक जिले में बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी पर करीब 144.21 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति से एक्स्ट्रा-डोज्ड हैंगिंग ब्रिज बनाने की योजना है। पुल और एप्रोच रोड मिलाकर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार होगा।
बिहार पीपीपी के तहत बांधों और जल निकायों के पास इको-टूरिज्म में तेज़ी ला रहा है, टिकाऊ बुनियादी ढांचे, हरियाली और स्थ
झारखंड: ₹102 करोड़ से होगा छिन्नमस्तिका मंदिर का कायाकल्प, पर्यटन विभाग ने कोर्ट में दी जानकारी
झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ के मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया कि मंदिर के कायाकल्प के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।
कुल्लू-मनाली, मणिकर्ण और बंजार-जिभी में वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। कई मार्गों पर जाम लगा, वहीं होटल, होम स्टे, दुकानदार और पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं।
हलाली डेम में जलकुंभी बढ़ी, सिंचाई पेयजल और पर्यटन हुआ प्रभावित
सलामतपु| जिले की पहचान माने जाने वाले हलाली डैम में जलकुंभी तेजी से फैल रही है। जलाशय के बड़े हिस्से पर हरी परत जम गई है। इससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने और ऑक्सीजन स्तर घटने की आशंका है। जलीय जीवों पर भी खतरा बढ़ रहा है। हलाली डैम सिंचाई और पेयजल का प्रमुख स्रोत होने के साथ पर्यटन स्थल भी है। जलकुंभी के फैलाव से बोटिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर सफाई नहीं होने से समस्या बढ़ी है। ग्राम पंचायत खोहा के सरपंच कालूराम मीणा ने डैम को क्षेत्र की लाइफलाइन बताते हुए तत्काल सफाई की मांग की। विदिशा से आए पर्यटक असद खान ने कहा कि जलकुंभी से डैम की सुंदरता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों और पर्यटकों ने प्रशासन से बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाने तथा जलकुंभी रोकने के ठोस उपाय करने की मांग की है।
Bhiwani News: 17 साल से खाली पड़ी रेड रोबिन की जमीन पर खुलेगा पर्यटन निगम का पहला पेट्रोल पंप
17 साल से खाली पड़ी रेड रोबिन की जमीन पर खुलेगा पर्यटन निगम का पहला पेट्रोल पंप
पौनी-रियासी मार्ग सड़क हादसा, टेंपो ट्रैवलर और डंपर की टक्कर में चार लोग घायल
पौनी-रियासी मार्ग पर धनुआ जरडी क्षेत्र में एक टेंपो ट्रैवलर और डंपर की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
इंदौर इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन से महेश्वर और मांडू आएंगे रेलवे पर्यटन के नक्शे पर
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए पांच हजार करोड़ रुपए के टेंडर जारी हो गए हैं। महू से ग्यासपुरखेड़ी के बीच 72 किलोमीटर रेल लाइन चार साल में तैयार होगी। इसके बनने से मांडू और महेश्वर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
Siddharthnagar News: नेपाल-भारत के बीच पर्यटन बढ़ाने का समझौताल
Nepal and India sign agreement to promote tourism
पटना में बिहार समेत दूसरे राज्यों के 118 पासपोर्ट बरामद हुए हैं। अलग-अलग कंपनियों के नाम से तैयार फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट और इंटरव्यू लेटर भी मिले हैं। इसके अलावा पुलिस ने 3 लैपटॉप और 5 मोबाइल जब्त किए हैं। इसके अलावा 1.44 लाख रुपए भारतीय मुद्रा, 2.10 लाख दुबई दिरहम, ओमान के 7 रियाल और सऊदी अरब के 7 रियाल भी बरामद किए गए हैं। 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला गांधी मैदान थाना क्षेत्र के एग्जीबिशन रोड स्थित चांदी व्यापार भवन का है। जहां वैशाली ट्रैवल कंसल्टेंसी के कार्यालय में छापेमारी हुई। बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच हो रही गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा ने छापेमारी और बरामदगी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने ट्रैवल कंसल्टेंसी के कार्यालय में छापेमारी की। थानेदार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके लिंक की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए राहत की खबर है। इंडिगो एयरलाइन की ओर से दोनों शहरों के बीच हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नई फ्लाइट शुरू की जाएगी। इससे यात्रियों को सुबह और शाम के अलावा दोपहर में भी हवाई सफर करने का विकल्प मिलेगा। नई फ्लाइट शुरू होने के बाद जयपुर से चंडीगढ़ के बीच हर दिन संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। जयपुर से दोपहर में भरेगी उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6E-7516 जयपुर से दोपहर 1:15 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरेगी। वापसी में फ्लाइट 6E-7517 चंडीगढ़ से शाम 4:15 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस नई सेवा के शुरू होने से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को दिन के समय भी हवाई यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। खासकर ऐसे यात्रियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सुबह जल्दी या देर शाम की फ्लाइट के बजाय दोपहर के समय यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक लगता है। सुबह, दोपहर और शाम को मिलेगी फ्लाइट की सुविधा जयपुर और चंडीगढ़ के बीच हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। अभी तक इस रूट पर यात्रियों को सीमित समय के विकल्पों के अनुसार अपनी यात्रा तय करनी पड़ती थी। नई फ्लाइट शुरू होने के बाद सुबह, दोपहर और शाम के समय उड़ान उपलब्ध होने से यात्रियों के पास ज्यादा विकल्प होंगे। इससे व्यावसायिक कामकाज, सरकारी बैठकों, पर्यटन और निजी यात्राओं के लिए दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है।
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
Budget Travel Tips: केवल ₹5,000 में घूमें उत्तराखंड के ये 3 गांव, दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट लॉन्ग वीकेंड प्लान
Punjab Tourism: Dangal से Jab We Met तक Punjab के इन मशहूर Shooting Locations की करें सैर
पंजाब सिर्फ अपने स्वादिष्ट खाने, मेहमानवाजी और संस्कृति के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि यहां पर कई ऐसी खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें भी हैं, जोकि बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कभी बॉलीवुड के सितारे इन खेतों में रोमांस करते दिखे, तो कभी पुरानी हवेलियों और किलों मे फिल्मों की कहानी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाया। यही कारण है कि फिल्मी लोकेशन पसंद करने वाले लोगों के लिए पंजाब की कुछ जगहें किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी पंजाब घूमने का प्लान कर रही हैं, तो हम आपको पंजाब की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। पटियाला पंजाब का पटियाला शहर अपने ऐतिहासिक महलों, इमारतों और खूबसूरत गलियों के लिए जाना जाता है। फिल्म 'जब वी मेट' और 'बॉडीगार्ड' में शहर की शाही वास्तुकला देखने को मिलती है। ऐसे में आप भी अपने पार्टनर के साथ पटियाला घूमने के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें अमृतसर अमृतसर, पंजाब के सबसे फेमस जगहों में से एक है। यहां पर स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल से लेकर पुरानी गलियों तक हर एक कोना अलग है। तापसी पन्नू की फिल्म 'मनमर्जियां' में पंजाब के अमृतसर का खूबसूरत नजारा दिखाया गया है। ऐसे में आप भी यहां जाने का प्लान बना सकती हैं। लुधियाना पंजाब की असली खूबसूरती देखने के लिए आपको लुधियाना और इसके आसपास के इलाकों को एक्सप्लोर करना चाहिए। सरसों के रंग, खेत और पंजाबी माहौल फिल्मों में खूब दिखाए जाते हैं। आपको यहां पर फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वाला रोमांटिक माहौल मिलेगा। गुज्जरवाल और नारंगवाल गांव बॉलीवुड की फिल्म दंगल की पंजाब और हरियाणा की कई जगहों पर शूटिंग हुई है। फिल्म में दिखाए जाने वाले कई सीन पंजाब के गांव गुज्जरवाल और नारंगवाल के हैं। ऐसे में अगर आप भी इस गांव के सुंदर नजारे देखना चाहती हैं, तो आप यह गांव घूमने के लिए जा सकती हैं। मोहाली पंजाब की यह जगह तब अधिक लोकप्रिय हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म की शूटिंग यहां हुई थी। इसके अलावा एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिल्म की भी यहां पर शूटिंग हो चुकी है। ऐसे में आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
World Tourism Day: बजट में घूमने के लिए भारत की ये खूबसूरत जगहें हैं बेस्ट, दिल्ली से हैं नज़दीक
अगर आपको घूमना पसंद है तो आप दिल्ल से नज़दीक इन खूबसूरत जगहों पर घूमने जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन जगहों पर आप बजट में ही यात्रा कर सकते हैं।
पेरेंट्स के साथ घूमने का है मन? यहां देखिए ट्रैवल फ्रेंडली 5 ऑफबीट जगह
परिवार के साथ घूमने की बात आती हैं तो अक्सर जगह को लेकर कंफ्यूजन होता रहता है कि पेरेंट्स को लेकर कहां जाएं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रैवल फ्रेंडली ऑफबीट जगहों के बारे में बता रहे हैं। जानिए-
विश्व पर्यटन दिवस: पहाड़, समुद्र या जंगल? अपने मूड के हिसाब से चुनें भारत की ये शानदार डेस्टिनेशन
World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको बताएंगे भारत की खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार घूमने अवश्य जाना चाहिए।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।
अक्तूबर ट्रैवल प्लेसेज: कपल साथ घूमने का बना रहे प्लान? अक्तूबर में इन 7 जगहों को न करें मिस
October Travel Places: किसी जगह को चुनते समय मौसम, यात्रा की सुविधा, बजट और वहां की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है। कपल्स के लिए शांत पहाड़ी शहरों से लेकर समुद्र किनारे के डेस्टिनेशन और ऐतिहासिक शहरों तक कई विकल्प मौजूद हैं।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार
Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।
Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद
आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा
विश्व पर्यटन दिवस 2026: सितंबर के आखिर में घूमने के लिए ये 5 जगहें हैं परफेक्ट
Places to Visit in September In India: हर साल 27 सितंबर को विश्व टूरिज्म डे मनाया जाता है। ऐसे में इस मौके पर हम आपको भारत की पांच ऐसी जगहों की जानकारी देंगे, यहां आप इस महीने के आखिर में घूमने जा सकते हैं।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।
Travel Tips: Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)
Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें
मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंडिया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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