राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज एक नवंबर को हरियाणा के दौरे पर रहेंगी। पहले उनका दौरा 30 अक्टूबर को होना था, जो अचानक कैंसिल कर दिया गया था। राष्ट्रपति बनने के बाद उनका हरियाणा में यह छठा दौरा है। वे प्रदेश की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर कुरुक्षेत्र में तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनका कार्यक्रम सुबह 9:25 बजे शक्तिपीठ देवी कूप भद्रकाली मंदिर से शुरू होगा। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) पहुंचेंगी, जहां हरियाणा की 60 साल की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी देखेंगी। फिर प्रदेश स्तरीय हीरक जयंती समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वामी श्रद्धानंद के 100वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगी। 3 घंटे 25 मिनट कुरुक्षेत्र में रहने के बाद वे अंबाला से हवाई जहाज से वापसी करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम नायब सैनी शामिल रहेंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कुरुक्षेत्र को 1 नवंबर के लिए ड्रोन 'नो-फ्लाइंग' और ‘रेड जोन’ घोषित किया गया है, जिसकी निगरानी के लिए 9 IPS, 30 DSP की अगुवाई में पुलिस की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। ग्राफिक्स में जानिए राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम और पुलिस की से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी पुलिस की ओर से ऐसे किए गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम DC विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को पूरे कुरुक्षेत्र जिले को ड्रोन उड़ाने के लिए नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 तथा ड्रोन नियम 2021 के नियम 24 के तहत जारी आदेशों के अनुसार जिले को रेड जोन भी घोषित किया गया है। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं सरकारी कर्मचारियों के साथ हरियाणा पुलिस, भारतीय सेना और वायुसेना की ओर से संचालित मानव रहित विमान प्रणालियों को इन आदेशों से छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा पुलिस की 20 कंपनियां, 9 IPS और 30 DSP को नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे की तैयारियों के PHOTO… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा में यह छठा दौरा…
जम्मू-कश्मीर पर्यटन को दो अवॉर्ड, बेस्ट एडवेंचर व बेस्ट एक्सपीरिएंशल टूरिज्म डेस्टिनेशन का खिताब
जमुई के अलीगंज प्रखंड स्थित कैलाश डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने डैम का निरीक्षण कर इसके प्राकृतिक परिवेश और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। प्रशासन की योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता बरकरार रखते हुए इसे पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया जाए। पहाड़ियों और जलराशि की सुंदरता का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डैम के आसपास की पहाड़ियों, जलराशि और प्राकृतिक सुंदरता को देखा। उन्होंने आकलन किया कि इन संसाधनों का इस्तेमाल कर इस जगह को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र कैसे बनाया जा सकता है। पर्यटकों की जरूरत के अनुसार विकसित होंगी सुविधाएं प्रशासन की ओर से डैम के आसपास बुनियादी ढांचा और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता प्रभावित किए बिना इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद प्रशासन का मानना है कि कैलाश डैम के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की पहल जिला प्रशासन जमुई की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत जिले के प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों की पहचान कर उनकी पर्यटन क्षमता का आकलन किया जा रहा है। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद पर्यटन पर जोर नक्सलवाद का असर कम होने के बाद प्रशासन जिले में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। निरीक्षण के दौरान अलीगंज के अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
GOPALGANJ NEWS: थावे रोड में ट्रैवल एजेंसी मालिक व दो कर्मियों को पीटा, अस्पताल में भर्ती
31 अक्टूबर, शनिवार: गोपालगंज के थावे रोड पर ट्रैवल एजेंसी मालिक और दो कर्मियों की पिटाई, अस्पताल में इलाज जारी।
गुजरात के ये शानदार पर्यटन स्थल हैं देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद
भारत के सबसे जीवंत, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और पर्यटन के लिहाज से तेजी से उभरते राज्यों की बात की जाए, तो गुजरात का नाम सबसे ऊपर आता है। ऐतिहासिक धरोहरों, आधुनिक वास्तुकला, प्राकृतिक सुंदरता और विश्व स्तरीय पर्यटक आकर्षणों से सजा यह राज्य इन दिनों देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और राज्य सरकार के सतत प्रयासों के बाद गुजरात में टूरिज्म सेक्टर ने एक अभूतपूर्व छलांग लगाई है। केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से लेकर सफेद रेगिस्तान के रूप में मशहूर कच्छ के रण तक, गुजरात में घूमने के लिए ऐसी कई जादुई जगहें हैं जो हर यात्री के दिल में बस जाती हैं। यदि आप भी इस विंटर सीजन या छुट्टियों में किसी बेहतरीन जगह की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो गुजरात की ये चुनिंदा और खूबसूरत जगहें आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। आइए इस विस्तृत ट्रैवल रिपोर्ट में जानते हैं कि गुजरात के उन टॉप टूरिस्ट स्पॉट्स के बारे में जो पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं।स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया): दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति और आधुनिक इंजीनियरिंग का नायाब अजूबागुजरात के नर्मदा जिले में स्थित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) आज ग्लोबल टूरिज्म मैप पर भारत की सबसे बड़ी शान बन चुका है। देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित यह 182 मीटर ऊंची कांस्य प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। यहां आने वाले पर्यटकों को केवल प्रतिमा देखने का ही मौका नहीं मिलता, बल्कि इसके आसपास विकसित किया गया पूरा 'एकता नगर' (Ekta Nagar) अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है। यहां स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स (फूलों की घाटी), सरदार सरोवर बांध, अत्याधुनिक टेंट सिटी, जंगल सफारी, चिल्ड्रेन न्यूट्रिशन पार्क और रात के समय होने वाला लेजर शो सैलानियों का मन मोह लेता है। पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों और बोटिंग की सुविधाओं ने इस जगह को हर उम्र के पर्यटकों के लिए बेहद लोकप्रिय बना दिया है।कच्छ का रण (White Rann of Kutch): नमक के सफेद रेगिस्तान और सांस्कृतिक उत्सव का जादुई संसारगुजरात के पश्चिमी छोर पर फैला कच्छ का रण अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठे भूगोल के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। सर्दियों के मौसम में यहां का सफेद नमक का रेगिस्तान चांदनी रात में दूधिया रोशनी की तरह चमक उठता है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी पहुंचते हैं। गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा हर साल आयोजित किया जाने वाला प्रसिद्ध 'रण उत्सव' (Rann Utsav) यहां आने वाले पर्यटकों को गुजराती संस्कृति, लोक संगीत, पारंपरिक हस्तशिल्प और लजीज व्यंजनों का अनोखा अनुभव कराता है। इसके अलावा, धोरडो गांव, काला डूंगर (कच्छ का सबसे ऊंचा बिंदु जहां से भारत-पाकिस्तान की सीमा का नजारा दिखता है) और ऐतिहासिक शिल्पग्राम इस यात्रा को और भी ज्यादा यादगार बना देते हैं।गिर नेशनल पार्क और साबरमती आश्रम: वन्यजीव प्रेमियों और इतिहास के पन्नों से रूबरू होने का मौकायदि आपको वन्यजीवों और एडवेंचर का शौक है, तो जूनागढ़ जिले में स्थित 'गिर नेशनल पार्क' (Gir National Park) आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। एशियाटिक शेरों (Asiatic Lions) का एकमात्र प्राकृतिक आवास होने के कारण गिर के जंगल पूरी दुनिया में वन्यजीव प्रेमियों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। यहां की खुली जीप सफारी के दौरान आप शेरों के अलावा तेंदुए, चित्तीदार हिरण और सैकड़ों प्रजातियों के पक्षियों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देख सकते हैं। वहीं, अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर स्थित 'साबरमती आश्रम' महात्मा गांधी के जीवन और देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ने का सबसे पवित्र स्थान है। यहां आकर इतिहास के उन पन्नों को करीब से महसूस किया जा सकता है जिन्होंने भारत को आजादी दिलाई।द्वारका और सोमनाथ मंदिर: धार्मिक आस्था और समुद्र तटों का अनूठा संगमगुजरात अपनी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी 'द्वारका' (Dwarka) और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रतिष्ठित 'सोमनाथ मंदिर' (Somnath Temple) करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के बड़े केंद्र हैं। अरब सागर के किनारे अरबों वर्षों से खड़े सोमनाथ मंदिर की भव्य वास्तुकला और हर शाम होने वाली लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसके अलावा, द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद सुदामा सेतु और बेट द्वारका की समुद्री यात्रा करना पर्यटकों के लिए एक बेहद आध्यात्मिक और रोमांचक अनुभव होता है।पावागढ़ और चंपानेर पुरातात्विक पार्क: इतिहास और रोमांच का परफेक्ट कॉम्बिनेशनयदि आप प्राचीन इतिहास, किलों और पहाड़ियों के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल 'चंपानेर-पावागढ़ археологический парк' (Champaner-Pavagadh Archaeological Park) जरूर जाएं। पावागढ़ की पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध महाकाली माता का मंदिर शक्तिपीठों में गिना जाता है, जहां रोपवे के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके नीचे फैला चंपानेर का किला और पुरानी मस्जिदें वास्तुकला का बेजोड़ नमूना पेश करती हैं। गुजरात की ये तमाम विशेषताएं यह साबित करती हैं कि यह राज्य हर वर्ग के यात्री—चाहे वह इतिहास प्रेमी हो, प्रकृति प्रेमी हो या फिर धार्मिक प्रवृत्ति का इंसान—के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
Travel Tips: मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए शानदार हैं ये जगह, आ जाए आप भी Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। आप की शादी भी नंवबर दिसंबर में हुई हैं तो फिर आपकी भी मैरिज एनिवर्सरी आने वाली है। ऐसे में आप भी पार्टी की सोच रहे हैं, जैसे 10 साल या 25 साल की तो आपको आज एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जो आपको पसंद आ जाएगी। इस पार्टी के लिए आप जयपुर में त्रिशला फार्महाउस को चुन सकते है। यहां आपको खाने पीने से लेकर स्वीमिंग पूल तक का मजा मिलेगा। चुन सकते है मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए बता दें की जयपुर के गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में बना ये फार्महाउस नेचर के बहुत करीब है। इसके साथ ही शहर की भीड़ से दूर है और यहां आपको एक बढ़िया सुविधा भी मिलती है। तो ऐसे में आप मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए त्रिशला फार्महाउस को चुन सकते है। कम बजट में मिल जाएगा आपको त्रिशला फार्महाउस कम ही बजट में उपलब्ध हो जाएगा। यहां आपको कई एक्टिविटीज भी करने का मौका मिलेगा। आप स्वीमिंग पूल का आनंद भी ले सकेंगे,स्पोटर्स का आनंद ले सकते है। ऐसे में आप टैरिफ से जुडी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज कर के पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कैसे पहुंचे आप राजस्थान के बाहर किसी शहर से हैं और एयरपोर्ट से यहाँ आ रहे हैं तो जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्म हाउस 22 किलोमीटर है। आप टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से जयपुर आ रहे हैं तो रेलवे स्टेशन से त्रिशला फार्महाउस की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। टेक्सी से आप यहां पहुंच सकते है और इसके साथ ही यह जगह अक्षयपात्र जगतपुरा से 15 किलोमीटर है।
Saif-Kareena Vacation: इटली की वादियों में परिवार संग छुट्टियां मना रहे सैफ अली खान, तैमूर और करीना के साथ शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
Bhiwani News: जैसलमेर एडवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
एडजैसलमेरवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
Udhampur News: कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
मुंबई में जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की प्रभावी प्रस्तुति, पर्यटन स्थलों को मिली सराहना
बिहार का जलवा ब्रिटेन में, अपनी विरासत और पर्यटन की ताकत से दुनिया को किया आकर्षित
बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने यूनाइटेड किंगडम में पर्यटन रोड शो में भाग लिया। इसका उद्देश्य बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाना, विदेशी पर्यटकों और निवेश को आकर्षित करना है।
पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी, 1580 कारोबारी बैठकें
तवांग में आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रदेश में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को दी मंजूरी
प्रदेश में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को दी मंजूरी
पुष्कर सिंह धामी: देवभूमि से विकास संवाद कॉन्क्लेव, उत्तराखंड में रोजगार और पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि विकास संवाद कॉन्क्लेव में कहा कि राज्य में पारदर्शी भर्तियों से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
वैष्णवी ट्रैवल्स की बस ने ऑल्टो को मारी टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
अमरपुर-बेहड़ा मोड़ पर तेज रफ्तार वैष्णवी ट्रैवल्स की बस ने ऑल्टो कार को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑल्टो बस के नीचे घुस गई और उसके परखच्चे उड़ गए।
पर्यटन सहयोग के विस्तार के लिए नेपाल–भारत पर्यटन परिषद की स्थापना की घोषणा
नेपाल और भारत के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने, व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करने तथा संयुक्त पर्यटन विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित नेपाल–भारत क्रॉस-
तवांग में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का शुभारंभ
तवांग। पर्यटन मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार एवं और कई पूर्वोत्तर राज्यों के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मा
छत्तीसगढ़ के जनजातीय और ग्रामीण अंचलों में होम-स्टे और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों, युवाओं और महिला समूहों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
गुजरात: एकतानगर में खुलेंगे पर्यटन के नए आकर्षण, पीएम मोदी 426 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण Gujarat New tourist attractions open Ekta Nagar PM Modi to inaugurate development projects worth ₹426 crore
Important Travel Tips: नवंबर के महीने में यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि आपका सफर आरामदायक और बजट में रहे।
रॉयल एनफील्ड हिमालयन 750: EICMA 2026 से पहले फिर दिखी नई एडवेंचर बाइक, जानें क्या होगा खास और कब होगी लॉन्च?
दीपावली पर लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने वाला है। गुजरात समेत देशभर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है, जबकि पर्यटकों की ओर से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। दीपावली पर होटल के ब्रांड और कमरों की श्रेणी के आधार पर किराया 12 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। दीपावली पर गुजरात से सबसे ज्यादा पर्यटक उदयपुर आते हैं। गुजरात में दीपावली पर पूजन के बाद कई पर्यटक नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उदयपुर के साथ नाथद्वारा और कुंभलगढ़ में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। पर्यटक दो से तीन दिन तक इन पर्यटन स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं। होटल-रिसॉर्ट दे रहे विशेष पैकेज, कमरों की संख्या सीमित होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है। होटल और रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं। इनमें ठहरने के साथ खाना-पीना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पांच सितारा होटल और कई रिसॉर्ट में ऑनलाइन उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित बताई जा रही है। किराया होटल के ब्रांड और कमरे की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। सहेलियों की बाड़ी से सिटी पैलेस तक जाम के हालात: पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ किला, फतहसागर, सिटी पैलेस और दूध तलाई मार्ग पर जाम के हालात बनते हैं। दीपावली के दौरान इन प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की आशंका है। ट्रेनों में बुकिंग, बसों का किराया बढ़ा: दीपावली पर उदयपुर के साथ संभाग के उन लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है, जो रोजगार, नौकरी-शिक्षा के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में रहते हैं। त्योहार पर ये लोग घर लौटते हैं। इसके चलते ट्रेनों में अधिकांश बुकिंग हो चुकी हैं, बसों का किराया भी बढ़ गया है। बसों में 20 नवंबर तक आवाजाही अधिक रहेगी।
पर्यटक बसों पर रोक से उपजा संकट टला: पर्यटन संगठनों की एकजुटता, सांसद की पहल से राहत
उदयपुर | शहर में पर्यटक बसों के आवागमन पर लगी रोक से आगामी पर्यटन सीजन प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया था। पर्यटन कारोबार ठप होने की आशंका से चिंतित विभिन्न पर्यटन संगठनों ने उग्र कदम उठाते हुए व्यवसाय बंद करने तक की चेतावनी दे दी थी। हालात बिगड़ने पर संगठनों की एकजुटता, पूर्व आईपीएस राजेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन और सांसद मन्नालाल रावत के हस्तक्षेप से समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास हुए। बसों के निर्बाध संचालन की मांग पूरी होने से हजारों लोगों की आजीविका सुरक्षित हुई है। इस राहत पर संगठनों ने जिला प्रशासन और पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना का आभार जताया।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95 फीसदी काम पूरा, 3-4 महीने में खुलेगा रिवर फ्रंट: कार्यकारी इंजीनियर
धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95 फीसदी काम पूरा, 3-4 महीने में खुलेगा रिवर फ्रंट: कार्यकारी इंजीनियर
जम्मू-कश्मीर: रियासी के धनौड़ में टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, महिला की मौत; 3 घायल
रियासी जिले के धनौड़ में बुधवार रात एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गया, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
Travel Tips: नवंबर में घूमने के लिए बड़ी ही बेस्ट जगह हैं राजस्थान, आ सकते हैं इन जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। नवंबर का महीना शुरू होने वाला हैं और इसके साथ ही दिवालका त्योहार भी आने वाला है। आप भी अगर दिवाली पर घूमने जाने की सोच रहे हैं तो राजस्थान का मौसम घूमने लायक हो चुका है। ऐसे में आप भी अगर इस महीने कही घूमने जाने की तैयारी कर रहे हैं तो फिर आज आपको हम यह बताएंगे की आप घूमने के लिए कहा जा सकते है और वो भी राजस्थान में। रणथंभौर इस बार आप घूमने के लिए राजस्थान में रणथंभौर आ सकते है। राजस्थान का एक मशहूर टाइगर रिजर्व है। रणथंभौर घूमने का सबसे बेस्ट टाइम अक्टूबर से जून का ही होता है। साथ ही, अक्टूबर टाइगर सफारी का सबसे अच्छा समय होता है। यहां आप जंगलों में सफारी कर सकते हैं और बाघों के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों को देख सकते हैं। भरतपुर इसके साथ ही आप भरतपुर भी घूमने जा सकते है। भारत की सबसे मशहूर बर्ड सेंचुरी, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान यहीं स्थित है। यहां अक्टूबर के महीने से घूमना बिल्कुल परफेक्ट माना जाता है। इस समय कई प्रवासी पक्षियां यहां रहने आते हैं। pc- taxibazaar.in
तवांग में 14वां अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट आयोजित, 22 देशों के प्रतिनिधि शामिल
पूर्वोत्तर में पर्यटन और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए तवांग में 13 साल बाद तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का आयोजन किया जा रहा है।
Kullu News: दशहरा उत्सव में भी मनाली का पर्यटन कारोबार फीका
दशहरा उत्सव के दौरान भी मनाली का पर्यटन कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। पर्यटकों की आमद में कमी के चलते पर्यटन स्थलों पर रौनक घट गई है।
Pithoragarh News: गौड़ी में तीन करोड़ की लागत से बनेगा एडवेंचर पार्क
गौड़ीमें तीनकरोड़की लागत से बनेगा एडवेंचर पार्क
Kawasaki KLE650 ABS एडवेंचर बाइक हुई पेश, मिलेगा 70hp का पावरफुल इंजन और क्रूज कंट्रोल जैस फीचर
Kawasaki KLE650: कावासाकी ने नई KLE650 और KLE650 SE ABS को पेश किया है। इसमें 21-इंच फ्रंट व्हील और पावरफुल इंजन से लैस है।
Travel Tips: Arunachal Pradesh में Tawang और Sela Pass की सैर बना देगी आपकी ट्रिप यादगार
भारत का नॉर्थ ईस्ट अपनी अनोखी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इन खूबसूरत राज्यों में अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है। जिसको अक्सर हरे-भरे जंगलों, नदियों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और झरनों की वजह से प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और रोमांचक जगह की यात्रा करना चाहती हैं, तो अरुणाचल प्रदेश को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए। यहां पर आपको हिमालय की शानदार चोटियों से लेकर खूबसूरत घाटियां, प्राचीन बौद्ध मठ और स्थानीय जनजातीय संस्कृति भी देखने को मिलेगी। तवांग, बोमडिला, जीरो वैली और सेला पास जैसे पर्यटन स्थल आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इसे भी पढ़ें: Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें क्यों खास है अरुणाचल प्रदेश हिमालय की खूबसूरती अरुणाचल प्रदेश में आपको हिमालय का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। बादलों से घिरी चोटियों, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और घुमावदार पहाड़ी आपकी रोड ट्रिप को यादगार बना देंगी। सुबह के समय जब पहाड़ों पर धूप पड़ती है, तो यह नजारा बेहद आकर्षक और खूबसूरत नजर आता है। फोटोग्राफी पंसद करने वाले लोगों को यहां पर कई शानदार दृश्य देखने को मिल जाएंगे। तवांग यह अरुणाचल प्रदेश के सबसे फेमस पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर स्थित तवांग मठ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। पहाड़ों के बीत स्थित यह क्षेत्र अपने शांत वातावरण और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। तवांग की यात्रा के दौरान आपको रास्ते में पहाड़ी नजारे और ऊंचाई वाले क्षेत्र देखने को मिलेंगे। सेला पास ऊंचाई पर स्थित सेला पास अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए फेमस है। यहां पर बर्फ से ढके पहाड़ और झीलों का नजारा आपका मन मोह लेंगे। हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल जाता है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। जीरो वैली जीरो वैली अपने शांत वातावरण और हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां के खूबसूरत पहाड़, खेत और स्थानीय संस्कृति आपको एकदम अलग अनुभव देते हैं। जो लोग प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। अनोखी जनजातीय संस्कृति बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की सबसे बड़ी खासियत में से एक यहां की विविध जनजातीय संस्कृति है। राज्य में अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं, त्योहार, भाषा, पहनावा और खान हैं। इसके अलावा आप यहां पर स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान यहां की की विविधता को करीब से जान सकते हैं। एडवेंचर लवर्स के लिए है खास कैंपिंग, फोटोग्राफी, पहाड़ी ट्रैकिंग और प्रकृति के करीब रहने की इच्छा रखने वाले अरुणाचल प्रदेश की यात्रा को रोमांचक बना सकते हैं। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय नियम और परमिट लागू होते हैं, इसिलए यात्रा से पहले ऑफिशियल दिशा-निर्देश जरूर देख लें। शहरों की भीड़ से दूर मिलेगा सुकून अगर आप भी कुछ दिनों के लिए शहर की भागदौड़ से दूर जाना चाहते हैं, तो आपको अरुणाचल प्रदेश प्रकृति के बीच सुकून का अनुभव दे सकता है। यहां पर पहाड़ों की शांति और साफ वातावरण आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इन बातों का रखें ध्यान अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने से पहले यहां के मौसम, सड़क की स्थिति, स्थानीय यात्रा के नियम और परमिट आदि की जानकारी कर लें। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक से मौसम बदल जाता है, इसलिए दवाएं और कपड़े आदि रखें।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संकिशा को बौद्ध सर्किट से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात करेंगे।
Mohali News: मोहाली में 10 ट्रैवल और इमिग्रेशन फर्मों के लाइसेंस रद
Licenses of 10 travel and immigration firms cancelled in Mohali
Kanpur News: पर्यटन विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचेंगे जॉइंट मजिस्ट्रेट
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक की। उन्होंने पिछले चार वर्षों में हुए पर्यटन विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश जॉइंट मजिस्ट्रेट संदीप कुमार को दिए।
वर्मा ट्रैवल्स के कारण भोपाल आईएसबीटी से सभी प्राइवेट बसें हटाई जाएंगी
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मुंगेर के रत्नेश्वर नाथ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए बिहार सरकार ने 9.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
माइक्रो-केशन से मिरर ट्रिपिंग तक, Gen Z के ये 5 ट्रैवल ट्रेंड्स हैं सबसे हटके
घूमना हर किसी को पसंद होता है लेकिन Gen Z ने नए ट्रैवल ट्रेंड्स खोज निकाले हैं। अब तक लोग सिर्फ घूमने जाते हैं लेकिन नई पीढ़ी घूमने के साथ सुकून, आराम के लिए भी ट्रिप प्लान करती हैं। चलिए इन ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से बताते हैं।
फ्रांस में करीना-सैफ का फैमिली वेकेशन, तैमूर-जेह संग देखें खूबसूरत तस्वीरें
करीना कपूर और सैफ अली खान इन दिनों फ्रांस में छुट्टियां मना रहे हैं। सैफ ने वेकेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें परिवार का मस्ती भरा अंदाज और कैजुअल लुक देखने को मिल रहा है।
दीपावली पर नवंबर के पहले सप्ताह में लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने की उम्मीद है। शहरों से अपने गांवों में त्योहार मनाने आने वालों के कारण रोडवेज व निजी बसों में भी ट्रैफिक फुल रहेगा। ट्रेनों में बुकिंग फुल होने से यात्रियों का दबाव बसों पर बढ़ गया है। निजी बसों में कई रूटों पर 3 और 4 नवंबर से ही सीटों की बुकिंग तेजी से बढ़ने लगी है। बसों में 20 नवंबर तक बुकिंग का दबाव रहने से सीटों की मारामारी रहेगी। उदयपुर ट्रैवलर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश जोशी के अनुसार दीपावली पर मुंबई से उदयपुर और आसपास के गांवों में आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। इस रूट पर सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। अभी मुंबई रूट पर बसों का किराया 1400 से 2000 रुपए तक है, जबकि ऑनलाइन साइटों पर किराया 3000 से 4000 तक बताया जा रहा है। इसमें वोल्वो व नॉन एसी बसों का किराया शामिल है। अन्य रूटों पर किराया 200 से 300 तक बढ़ने की बात भी सामने आई है। दिल्ली रूट पर किराया 1000 से 1500 रुपए और आगरा रूट पर 1200 से 1500 रुपए तक है। गांवों में लौटेंगे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश समेत दूसरे राज्यों में बसे लोग मुंबई में नौकरी और कारोबार से जुड़े मेवाड़ के कई लोग दीपावली पर अपने गांव लौटते हैं। इनमें भीम, देवगढ़, आमेट, लावासरदारगढ़, गोमती, चारभुजा, सायरा, गोगुंदा, घासा और मावली क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, आगरा, गंगानगर, सीकर, चूरू और झुंझुनूं रूट पर भी बुकिंग बढ़ रही है। इन शहरों में नौकरी और शिक्षा के लिए रहने वाले लोग त्योहार पर घर आते हैं। रोडवेज: आगार डिपो से 86 बसें चल रहीं रोडवेज के आगार प्रबंधक हरदीप सिंह राव ने बताया कि दीपावली पर सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त यात्रीभार रहता है। ऐसे में रूट पर चलकर वापस आने वाली बसों को जरूरत के अनुसार दोबारा रवाना किया जाएगा। फिलहाल आगार से 86 बसें संचालित हो रही हैं। हर साल गुजरात रोडवेज भी इस दौरान रूटों पर बसें चलाने के लिए अनुमति मांगता है। एक्सप्रेस बसों में यात्री अभी से ऑनलाइन टिकट बुक कराने लगे हैं। जाम की रहेगी आशंका दीपावली के दौरान गुजराती पर्यटक लेकसिटी पहुंचते हैं। वे धनतेरस के बाद मेवाड़ का रुख करते हैं, जो नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन के बाद राजसमंद-उदयपुर में ठहरते हैं। इनकी वापसी लाभ पंचमी तक होती है। शहर में पर्यटकों और गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक जाम की आशंका रहेगी।
एमपीटी को उत्कृष्ट पर्यटन राज्य का राष्ट्रीय सम्मान
एमपी टूरिज्म बोर्ड को कोलकाता में 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 69वें राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्कृष्ट पर्यटन राज्य का सम्मान मिला। बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय बेड़ेकर ने पुरस्कार ग्रहण किया। पर्यटन सचिव एवं प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक विविधता पर्यटन की बड़ी ताकत हैं। सम्मान से पर्यटन विकास और उद्योग सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों, वन्यजीव अभयारण्यों, फिल्म पर्यटन, हवाई कनेक्टिविटी की जानकारी दी गई।
Kanpur News: भारत-नेपाल पर्यटन को बढ़ावा देंगे ट्रैवल संचालक, आ सकती योजना
Travel operators to promote India-Nepal tourism; a plan may be in the offing
Lakhimpur Kheri News: दुधवा के नए पर्यटन सत्र में जंगल के हमसफर बनेंगे 110 नेचर गाइड
दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के नए पर्यटन सत्र में 110 नेचर गाइड पर्यटकों के जंगल सफर के हमसफर बनेंगे।
Maharajganj News: नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय टूर ऑपरेटरों का स्वागत
Indian tour operators welcomed to promote tourism in Nepal
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस पर अमृतसर में वाल्मीकि तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 17.72 करोड़ रुपये की घोषणा की।
26 अक्टूबर, सोमवार: भभुआ प्रखंड के परसिया में धर्म सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां मुंडेश्वरी धाम और गुप्तधाम को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, इको टूरिज्म और बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास… 1. पुल से 25 फीट नीचे गिरी कार, 4 श्रद्धालु जिंदा जले धार जिले के बदनावर में लेबड़-नयागांव फोरलेन पर कार पुल से करीब 25 फीट नीचे गिर गई। हादसे में कार सवार चार श्रद्धालुओं की जिंदा जलने से मौत हो गई। बताया गया कि टायर फटने के बाद कार डिवाइडर से टकराई और नीचे जा गिरी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का इंजन बाहर निकल आया। श्रद्धालु सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे। पढ़ें पूरी खबर 2. सिंहस्थ 2028 से पहले बनेगा मां बगलामुखी देवी लोक: CM ने किया भूमिपूजन नलखेड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां बगलामुखी देवी लोक का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि देवी लोक का निर्माण सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 85.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रस्तावित देवी लोक 55 एकड़ में विकसित होगा और मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा। पढ़ें पूरी खबर 3. कलेक्टर से शिकायत करने 20 किमी पैदल चले स्टूडेंट्स रतलाम में एकलव्य मॉडल स्कूल के विद्यार्थी शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर पैदल चले। रास्ते में अफसर उन्हें बस में बैठाने के लिए मनाते रहे। विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और हॉस्टल में भी गंदगी रहती है। वे अपनी समस्याएं कलेक्टर तक पहुंचाना चाहते थे। पढ़ें पूरी खबर 4. राज्यसभा उपचुनाव में MP के बाहर से हो सकता है उम्मीदवार मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। भाजपा उम्मीदवार के चयन को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई। चर्चा है कि उम्मीदवार मध्यप्रदेश के बाहर का भी हो सकता है। बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल नहीं हुए। पढ़ें पूरी खबर 5. ग्वालियर में सीएम राइज स्कूल की छत गिरी, 4 मजदूर घायल ग्वालियर में निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल की छत गिर गई। हादसे में चार मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। हादसे के कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है। पढ़ें पूरी खबर 6. करवा चौथ पर MP में बारिश का अलर्ट, 17 जिलों में बरसात मध्यप्रदेश में 29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। 17 जिलों में पानी गिरने का अलर्ट है। त्योहार के दिन बारिश से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम प्रभावित हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर 7. इंद्रेश उपाध्याय बोले- युवा यूजलेस नहीं, उनका इस्तेमाल हो रहा इंदौर में जेन-जी चर्चा कार्यक्रम के दौरान कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि युवा यूजलेस नहीं हैं, बल्कि उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने राजनीति और संवैधानिक व्यवस्थाओं में जेन-जी को शामिल करने की जरूरत बताई। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. अब काउंटर से रेल टिकट बुकिंग पर भी मिलेगा बीमा रेलवे अब रिजर्वेशन काउंटर से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा का विकल्प देगा। 45 पैसे में 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। अब तक यह सुविधा ऑनलाइन रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों के लिए थी। नई व्यवस्था से काउंटर से टिकट लेने वाले यात्री भी कम कीमत पर बीमा ले सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. बाइक चोरी के 3 दिन बाद चोर ने लौटाई, CCTV में मांगी माफी मंडला में बाइक चोरी करने वाले युवक ने तीन दिन बाद बाइक वापस लौटा दी। CCTV फुटेज में वह कान पकड़कर माफी मांगते हुए नजर आया। पुलिस फुटेज के आधार पर मामले में कार्रवाई कर रही है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट 10. मोहन कैबिनेट की बैठक कल, सिंचाई परियोजनाओं पर हो सकता है फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 11 बजे मंत्रालय में कैबिनेट बैठक होगी। बैठक में सिंचाई परियोजनाओं समेत कई विकास कार्यों को मंजूरी मिल सकती है।
Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों का शहर लखनऊ जितना अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, उतना की अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतों से भरपूर लखनऊ शहर प्राचीन काल से ही तहजीब और अदब का नमूना पेश करता आया है। लखनऊ में आपको जितनी खूबसूरती इमारतें मिलेंगी, यहां की संस्कृति और खाना भी वैसा ही है। वैसे तो यह शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत है, लेकिन गर्मियों में यह शहर काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर सुकून के साथ-साथ छुट्टियों का भी पूरा मजा उठाया जा सके। तो हम आपको आज इस आर्टिकल के जरिए लखनऊ से करीब 400 किमी से कम दूरी पर स्थिति कुछ ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बेहद खूबसूरत हैं और आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें नैनीताल लखनऊ से करीब 381 किमी दूर स्थित नैनीताल हिल स्टेशन बेहद खास और खूबसूरत है। यहां पर आप नैनी झील, नैना देवी मंदिर, टिफिन टॉप और स्नो व्यू पॉइंट जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा नैनीताल लखनऊ के पास सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर पूरे साल मौसम सुहावना रहता है। वहीं यह जगह फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट है। भीमताल उत्तराखंड का भीमताल भी एक बेहद शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस जगह की खासियत यहां का अनोखा और शांत माहौल है। यहां पर आप भीमताल झील, पैडल बोटिंग, बर्ड वाचिंग और प्रकृति के बीच सैर करने का मजा ले सकते हैं। लखनऊ से भीमताल की दूरी करीब 367 किमी है। यह जगह अपने आप में खूबसूरती को समेटे हुए है। भीमताल चीड़, ओक और झाड़ियों के घने जंगलों से घिरा है। इसके अलावा आप यहां पर कुछ फेमस मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं। चंपावत उत्तराखंड में बसा चंपावत सबसे कम आबादी वाले जिलों में शामिल है। यह उत्तराखंड राज्य के पूर्वी हिस्से है और बेहद खूबसूरत जिला है। यहां पर आपको प्रकृति, पौराणिक कथाएं, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय की शानदार पहाड़ियों से घिरे चंपावत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आप भी अगर किसी नई जगह की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए है। लखनऊ से यह जगह करीब 367 किमी दूर है। नौकुचियाताल उत्तराखंड का नौकुचियाताल झील के किनारे बसा एक खूबसूरत और छोटा गांव है। यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जोकि प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और सुकून की तलाश में हैं। यह मुख्य रूप में यह जगह नौ कोनों वाली झील के लिए प्रसिद्ध है, जोकि करीब 1 किमी लंबी और 40 मीटर गहरी है। ऐसे में अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो इस बार की छुट्टियों में फैमिली के साथ यहां पर जा सकते हैं। लखनऊ से यहां की दूरी करीब 368 किमी है।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित यात्री विमानों का संचालन बंद होने से हवाई संपर्क और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना प्रभावित हो रही है। नवंबर 2023 के बाद नियमित व्यावसायिक उड़ानें नहीं चल रही हैं, जबकि पर्यटन विभाग के आंकड़ों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। होटल कारोबारियों और स्थानीय लोगों को अब नियमित उड़ानें शुरू होने का इंतजार है। करीब 448 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 590 एकड़ में बने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 20 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उद्घाटन के मौके पर श्रीलंका के कोलंबो से श्रीलंकन एयरलाइंस का विशेष विमान पहुंचा था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि कुशीनगर सीधे श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम जैसे बौद्ध बहुल देशों से जुड़ेगा। एयरपोर्ट पर 3,200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे है। करीब 3,600 वर्ग मीटर में बने टर्मिनल भवन की व्यस्त समय में लगभग 300 यात्रियों को संभालने की क्षमता बताई गई है। महापरिनिर्वाण मंदिर और रामाभार स्तूप जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों के नजदीक होने के कारण इसे बौद्ध सर्किट के महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की योजना थी। नवंबर 2023 के बाद नियमित उड़ानें बंद एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें मुख्य रूप से स्पाइसजेट की सेवाओं पर निर्भर थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की उड़ानें नवंबर 2023 में बंद हो गईं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में यहां से करीब 23,221 यात्रियों ने हवाई यात्रा की थी। 2023-24 में यह संख्या घटकर 17,742 रह गई, जबकि 2024-25 में करीब 270 यात्री दर्ज किए गए। दूसरी ओर, पर्यटन विभाग के आंकड़े कुशीनगर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की तस्वीर दिखाते हैं। वर्ष 2022 में 8.89 लाख पर्यटक पहुंचे थे। 2023 में यह संख्या बढ़कर 21.40 लाख और 2024 में 22.47 लाख हो गई। वर्ष 2025 में जनवरी से अक्टूबर तक करीब 19.90 लाख पर्यटक पहुंचे। इनमें भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के पर्यटक शामिल थे। ऐसे में सवाल है कि पर्यटन की यह मांग एयरपोर्ट के यात्री आंकड़ों में क्यों नहीं दिख रही। हर महीने डेढ़ करोड़ खर्च, संचालन पर सवाल विभागीय जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट पर करीब 300 कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। देखरेख, रखरखाव और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं पर हर महीने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। हालांकि, कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और मासिक खर्च का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा स्पष्ट नहीं है। नियमित उड़ानें बंद होने के बावजूद सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने की जरूरत बनी हुई है। नियमित यात्री विमानों के बंद होने के बाद भी एयरपोर्ट पर नॉन-शेड्यूल उड़ानों की आवाजाही जारी रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसी उड़ानें करीब 100 बार संचालित हुई हैं। इनके जरिए विशिष्ट अतिथि और राजनेता कुशीनगर पहुंचे। इससे यह सवाल उठता है कि विशेष उड़ानों के संचालन के बीच आम यात्रियों के लिए नियमित सेवाएं कब बहाल होंगी। पर्यटन सीजन से होटल कारोबारियों को उम्मीद अक्टूबर से मार्च तक का समय कुशीनगर के होटल और पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कारोबारियों को उम्मीद है कि नियमित उड़ानें शुरू होने पर विदेशी पर्यटकों और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, टूर ऑपरेटर, गाइड और स्थानीय दुकानदारों को फायदा मिलने की संभावना है। कुशीनगर और आसपास के जिलों के व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी दिल्ली, मुंबई जैसे प्रमुख शहरों तक सीधा हवाई संपर्क मिल सकता है। नियमित उड़ानों की बहाली के लिए तकनीकी और परिचालन संबंधी स्थिति स्पष्ट करने के साथ विमानन कंपनियों से बातचीत जरूरी है। ऐसे रूट तय करने होंगे, जिन पर पर्याप्त यात्री मिलने की संभावना हो। घरेलू उड़ानों के साथ बौद्ध बहुल देशों से अंतरराष्ट्रीय संपर्क की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। कुशीनगर के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय महत्व का स्थल है और यहां पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी कई अवसर हैं। एयरपोर्ट के संचालन को लेकर उन्होंने कहा कि कमियों को दूर करते हुए इसे जल्द से जल्द संचालित कराने की दिशा में प्रशासन प्रयास करेगा। अब सवाल है कि नियमित उड़ानें कब शुरू होंगी और क्या आगामी पर्यटन सीजन में कुशीनगर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन के लिए अपेक्षित भूमिका निभा पाएगा।
अब रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से आरक्षित टिकट बुक कराने वाले यात्री भी ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा ले सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने यह सुविधा 27 अक्टूबर 2026 से लागू करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व स्टेशन अधीक्षक वीके पालीवाल ने बताया कि यह बीमा पूरी तरह वैकल्पिक होगा। इसके लिए यात्री की सहमति और डिजिटल भुगतान जरूरी है। बैतूल रेलवे स्टेशन पर भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। बीमा का प्रीमियम वर्तमान में सभी करों सहित 45 पैसे प्रति यात्री है। इसके तहत यात्रा के दौरान मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता होने पर 10 लाख रुपए, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 7.50 लाख रुपए और चोट के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर 2 लाख रुपए तक का कवर मिलेगा। मृतक के शव को ले जाने के लिए 10 हजार रुपए भी दिए जाएंगे। आरएसी और आंशिक कंफर्म टिकट को भी लाभयह बीमा ट्रेन में चढ़ने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने और उतरने की प्रक्रिया के दौरान भी लागू रहेगा। हालांकि, इसका लाभ कंफर्म, आरएसी और आंशिक कंफर्म टिकट पर ही मिलेगा। बीमा लेने के लिए मोबाइल नंबर देना और डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा। पॉलिसी की जानकारी मोबाइल पर भेजी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को रिजर्वेशन काउंटरों पर जरूरी तैयारियां पूरी करने और कर्मचारियों को यात्रियों की सहमति दर्ज करने के लिए प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। पॉलिसी और बीमा दावे से संबंधित जानकारी संबंधित बीमा कंपनी से प्राप्त करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, नारकंडा और डलहौजी में बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वीकेंड के लिए पर्यटक होटलों में पूछताछ और एडवांस बुकिंग कर रहे हैं।
Rajasthan news: बगरू में NH-48 पर भीषण हादसा, टेंपो ट्रैवलर की ट्रेलर से टक्कर में 3 की मौत
24 अक्टूबर, शनिवार: राजस्थान के बगरू में NH-48 पर देर रात टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें
इंफाल एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत है। यहां की ताजी हवा और खुला आकाश आपका मन मोह लेगा। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप फ्लाइट से उतरकर पैदल ही भवन में जा सकते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी खासियत है। ऐसे में अगर आप भी मणिपुर जाने का प्लान कर रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप मणिपुर के इंफाल में कौन-कौन सी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इमा मार्केट शहर के बीचों-बीच इमा मार्केट है। यह महिलाओं यानी की माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार है। यह मार्केट सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाई जाती है। आप यहां से फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें ले सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी कांगला किला की सैर आपको इंफाल में दो जगहें जरूर देखनी चाहिए। पहली कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में इसका अर्थ है जमीन का मुख्य भाग। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में से एक है। यहां के राजवंश के शासकों की कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के लोगों के लिए गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इस फोर्ट के मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके अलावा आप यहां पर कांगला संग्रहालय, बोट म्यूजियम और पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर को देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है, जिसको मेतेई लोग पवित्र और शुभ मानते हैं। यहां पर कई दर्शनीय स्थल है, जैसे राजा बोधचंद्र की समाधि और महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति आदि। इसके अलावा यहां महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी देख सकते हैं। लोकताक लेक आप इस दौरान लोकताल लेक भी जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी और फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत है कि झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' भी कहा जाता है। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास होता है, जो जमीन की शक्ल ले लेता है, लेकिन पानी के ऊपर तैरता रहता है। मोइरांग के पास लोकताक झील स्थित है, जहां आईएनए का संग्रहालय भी है। इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं देख सकते हैं। वहीं आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जोकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इस रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इन बातों का रखें खास ध्यान ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको सबसे पहले दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी आप यहां पर जा सकते हैं। आप सितंबर से लेकर अप्रैल के लिए बीच का समय इंफाल जाने के लिए सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से आपको इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। अब यह सुविधा ऑनलाइन मौजूद है। आप मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसको कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आपको इंफाल एयरपोर्ट पर भी यह उपलब्ध है।
Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा
भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। बैजनाथ, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता बिसरख गांव उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। मंदसौर मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं। बस्तर और दक्षिण भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।
इटली में रोमांटिक वेकेशन पर जहीर खान और सागरिका
एक्ट्रेस सागरिका घाटगे और पूर्व क्रिकेटर जहीर खान ने इटली वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर शेयर की हैं. दोनों ने वहां के खूबसूरत नजारे भी दिखाए हैं. कपल ने इटली के टस्कन में सुकून के पल बिताए.
Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना
बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska नड्डी गांव अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं। ट्रैकिंग और लोकल फूड नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी। ऐसे जाएं नड्डी गांव बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है। ऋषिकेश गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है। इसे भी पढ़ें: Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide मोरनी हिल्स मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे। झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है। लैंसडाउन जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं। यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। नैनीताल अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं। हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा। सरिस्का दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।
Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide
शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। शारदीय नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। कल यानी 14 अक्तूबर को नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यदि आप इस दिन मां के दर्शन करने के लिए किसी खास मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में मां कूष्मांडा देवी का चमत्कारी मंदिर है। खासकर इस मंदिर में जमीन पर लेटी हुई दिखने वाली मां की पिंडी है, जिससे पूरे साल पानी रिसता रहता है। आइए आपको यहां पर जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड बताते हैं। कानपुर में मां कूष्मांडा का मंदिर कहां है? अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप कानपुर के घाटमपुर तहसील में मां कूष्मांडा का मंदिर है। यह मंदिर अनोखी पिंडी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में मां की पिंडी जमीन पर लेटी हुई और इसका आकार भी आम मूर्तियों से काफी अलग है। पिंडी के दो मुख होने के कारण इसका आखिरी सिरा अभी तक किसी को समझ नहीं आया है। कानपुर के कूष्मांडा मंदिर जाने का सही समय क्या है? मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों या सर्दियों के मौसम में समय में बदलाव भी होता है। नवरात्रि के दिन जाने से पहले मंदिर का समय एक बार जरुर पता करें। मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं? यदि आप किसी दूसरे शहर से मां के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आप एक दिन से ज्यादा रुकना चाहते है, तो आप घाटमपुर में होटल या गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। वहीं, आपको कानपुर के बर्रा इलाके में भी स्टे देखने को मिलेगा। बस रुम बुक करने से पहले मंदिर से उसकी दूरी, आने-जाने की सुविध और किराया जरुर पता कर लें। कानपुर के मां कूष्मांडा मंदिर कैसे पहुंचें? ट्रेन से: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आपको घाटमपुर जाने के लिए टैक्सी, ऑटो या बस का ऑप्शन मिल जाएगा। सड़क: असल में कानपुर शहर सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों से कनेक्टेड है। जब आप कानपुर पहुंचे जाए, तो यहां से घाटमपुर जाने के लिए बस, टैक्सी आपको मिल जाएगी। हवाई जहाज से: कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टैक्सी या कैब से घाटमपुर पहुंच सकते हैं। मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन के लिए कितने समय का प्लान बनाएं? आप यहां पर दो दिन का प्लान बना सकती हैं। पहले दिन पहुंचकर फ्रेश होकर मंदिर के दर्शन करें। जिसके बाद कुछ नाश्ता या खाना खाकर दूसरी जगहों को एक्सप्लोर करें। आप कानपुर के और भी खूबसूरत मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं- -बिठूर -गंगा बैराज -कानपुर जू -मोती झील -जेके मंदिर -इस्कॉन मंदिर -जैन ग्लास मंदिर -कानपुर मेमोरियल चर्च
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत फेज का आनंद ले रहे हैं। पहली बार माता-पिता बनने के लगभग एक साल बाद यह कपल अब अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह ...
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
Budget Travel Tips: केवल ₹5,000 में घूमें उत्तराखंड के ये 3 गांव, दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट लॉन्ग वीकेंड प्लान
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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