कन्नौज में मंत्री असीम अरुण की मौजूदगी वाले सरकारी कार्यक्रम में अफसरों के लेट पहुंचने के मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। अफसर और नेता लेटलतीफी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंकने लग गए। सरकार के 9 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर शहर के रोमा स्मारक में 26 मार्च की शाम कार्यक्रम होना था। इस कार्यक्रम का समय 5:30 बजे तय था, जिसमें समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण चीफगेस्ट थे। वह पत्नी ज्योत्स्ना के साथ तय समय में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन वहां अफसर मौजूद नहीं थे। 45 मिनट इंतजार करने के बाद वह नाराज होकर वहां से चले गए। ये मामला सुर्खियों में आया तो जिम्मेदार अधिकारी और नेता लेटलतीफी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंकने लग गए। डीएम आशुतोष अग्निहोत्री का कहना है कि कार्यक्रम की आयोजक एसडीएम सदर वैशाली थीं। उनके 15 मिनट देरी से पहुंचने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उधर डीएम को दिए स्पष्टीकरण में एसडीएम वैशाली ने बताया गया कि उस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल को बनाया गया था। जिन्होंने बताया कि मंत्री असीम अरुण 6:30 बजे आएंगे और डीएम 6 बजे आएंगे। जिसके आधार पर वह खुद 5:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं थीं, लेकिन तब तक मन्त्री असीम अरुण आ चुके थे। उधर पर्यटन अधिकारी मोहम्मद मकबूल का कहना है कि उन्होंने मंत्री असीम अरुण के प्रतिनिधि विवेक पाठक को समय की सूचना दे दी थी, लेकिन उन्होंने मंत्री जी को कार्यक्रम लेट होने की जानकारी नहीं दी। अब इस मामले में विवेक पाठक ने डीएम आशुतोष मोहन के नाम पत्र लिखा और साथ मे मोबाइल की कॉल डिटेल का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि पर्यटन अधिकारी की ओर से कोई काल नहीं की गई, बल्कि मैंने खुद उन्हें कॉल कर मंत्री जी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि पर्यटन अधिकारी द्वारा इस ब्लेम गेम में मुझे शामिल किया गया, जोकि गलत है। इस मामले की जांच कर सत्यता का पता लगाया जाए।
आगरा के प्रभारी मंत्री व यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह 30 मार्च को आ रहे हैं। वे जैन मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के शिलान्यास के साथ ही जिले की कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे लगभग 6 घंटे तक आगरा में रहेंगे। ये रहेगा प्रभारी मंत्री का कार्यक्रमकार्यक्रम के मुताबिक, प्रभारी मंत्री सुबह 11 बजे एत्मादपुर पहुंचेंगे। यहां वे जैन मंदिर के विकास कार्यों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास तथा भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 12.30 बजे से जनप्रतिनिधियों, भाजपा व सहयोगी दलों के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। दोपहर 1 बजे से जिले की कोर कमेटी के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय आरक्षित रखा गया है। 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे शाम को 5 बजे लखनऊ के रवाना हो जाएंगे। इससे पहले प्रभारी मंत्री 27 फरवरी को आगरा आए थे। तब उन्होंने ताजनगरी स्थित गीता गोविंद वाटिका का शुभारंभ किया था। प्रभारी मंत्री ने आगरा के ताजगंज फेस-2, जोनल पार्क में 12.41 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस गीता-गोविंद वाटिका का लोकार्पण किया। गीता-गोविंद वाटिका में ब्रज की संस्कृति की छटा बिखेर रही है। यहां न सिर्फ श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित फाउंटेशन शो हो रहा है बल्कि गीता के उपदेशों को भी शिलालेख पर उकेरा गया है। महाभारत के कुरुक्षेत्र के दृश्य को भी विभिन्न मूर्तियों और आकृतियों से सजीव करने का प्रयास किया गया है। यहां हर शाम को लाइट एंड साउंड के साथ फाउंटेशन के दो शो होंगे।
गंगापुर सिटी: कुशाल लेक के लिए 1.60 करोड़ स्वीकृत, बनेगा पर्यटन केंद्र
पर्यटन विभाग ने झील के सौंदर्यीकरण हेतु पहली किस्त के रूप में 80 लाख रुपये जारी किए, पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के प्रयासों से मिली सफलता।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला कोटा क्षेत्र के बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट का है। दरअसल, वन विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि, बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित प्राइवेट रिसार्ट में हिरण का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। अफसरों ने रिसार्ट में दबिश देकर तलाशी ली, तो किचन में कड़ाही पर मांस पकाया जा रहा था। पर्यटन मंडल का है रिसार्ट जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मीट बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को पकड़ा है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। मैनेजर समेत कर्मचारियों ने कुक को बताया दोषी वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की, तब उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है। उन्होंने पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। जबकि, कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा मीट वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, वन विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है। जंगल में बेधड़क हो रहा वन्य जीवों का शिकार कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में कई प्राइवेट रिसार्ट भी हैं, जहां इसी तरह हिरण का शिकार कर मीट बनाया जाता है। लेकिन, वन विभाग के अफसरों ने अब तक प्राइवेट रिसार्ट में छापेमारी नहीं की है।
Free Train Travel Gallantry Award: मोदी सरकार ने वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों और उनके परिजनों को बड़ा गिफ्ट दिया है। उनके सम्मान में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार अब थल सेना, वायुसेना और नौसेना के वीरता पदक विजेताओं को ट्रेनों ...
वन मंत्री केदार कश्यप ने कोंडागांव जिले की पूसपाल वैली का हालिया दौरा किया। उन्होंने बताया कि कभी नक्सल प्रभावित रहा यह क्षेत्र अब पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। मंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाके का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जहां नक्सल डर से मिनट भी नहीं रुकते थे, वहां उन्होंने घंटों बिताए। मंत्री ने हल्बी भाषा में कहा कि 'आमचो बस्तर कितरो सुंदर' (हमारा बस्तर कितना सुंदर है)। नक्सली गढ़ से पर्यटन स्थल तक मर्दापाल क्षेत्र कभी नक्सलियों के प्रशिक्षण शिविरों का गढ़ था। दुर्गम इलाका, इंद्रावती नदी और पहाड़ी भूभाग नक्सली गतिविधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने माने जाते थे। हालांकि अब स्थिति बदल चुकी है और आम लोगों के लिए यह क्षेत्र सुलभ हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में प्रयास वन मंत्री ने बताया कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में कार्य जारी है, जिसमें कोंडागांव पहले ही काफी प्रगति कर चुका है। पर्यटन विकास की संभावनाएं मंत्री ने पूसपाल वैली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात दोहराई। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में यहां मोटर बोटिंग, पैराग्लाइडिंग और रोपवे जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। वन मंडल अधिकारी ने दी जानकारी दक्षिण वन मंडल कोंडागांव के वनमंडल अधिकारी चुडामणि सिंह ने जानकारी दी कि वनों की सुरक्षा के साथ-साथ इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का उत्साह स्थानीय ग्रामीणों ने भी पूसपाल वैली की सुंदरता की सराहना की। उन्होंने बताया कि नक्सली गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र सालों से उपेक्षित था, लेकिन अब सड़क और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुँच रही हैं। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान बना सकेगा।
बरगी थाना के फडिंगो क्लब में आज शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां पर अचानक ही भीषण आग लग गई। जानकारी लगते ही क्लब में मौजूद कर्मचारी वहां से बाहर निकल आए। कुछ ही देर बाद बरगी थाना पुलिस के साथ फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और मुश्किल से क्लब में लगी आग को बुझाया। बताया जा रहा है कि क्लब वासु गुप्ता नाम के व्यक्ति का है, जिसका घटना के बाद से ही मोबाइल बंद है। जानकारी के मुताबिक क्लब में काम करने वाला एक कर्मचारी गायब है, माना जा रहा है कि संभवता उसकी जलने से मौत हो गई हो, हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि लापता कर्मचारी कौन है और उसका नाम क्या है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी, जिसके बाद पूरा क्लब जल गया। फायर बिग्रेड में पदस्थ सहायक अधीक्षक राजेंद्र पटेल ने बताया कि शाम करीब 6 बजे सूचना मिली थी कि बरगी के पास स्थित फडिंगो एडवेंचर एरीना में आग लग गई है। फौरन मौके पर 4 दमकल की बड़ी गाड़ियां भेजी और करीब दो घंटे तक लगातार आग को बुझाने का प्रयास किया, और सफलतापूर्वक आग को बुझा दिया गया है। कुछ लोग बता रहे थे कि एक कर्मचारी मिल नहीं रहा है, जिसे जले हुए क्लब के अदंर तलाश भी किया गया पर वह नहीं मिला।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर में घोषणा की है कि पटना से बक्सर तक मरीन ड्राइव का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास को रेखांकित किया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पटना से कोईलवर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। अब इसे आगे बढ़ाकर बक्सर तक विस्तारित करने की योजना है। उनका कहना था कि इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। दो घंटे में पहुंचे पटना से बक्सर सड़कों की स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए चौधरी ने कहा कि पहले पटना से बक्सर की यात्रा में लगभग 5 घंटे लगते थे और लोग ट्रेनों पर निर्भर रहते थे। अब डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो रही है। उन्होंने बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में चल रहे कार्यों की भी जानकारी दी, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2024 के केंद्रीय बजट का जिक्र करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर बक्सर में गंगा नदी पर एक फोरलेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। बक्सर और डुमरांव बेवरेज इंडस्ट्री के बड़े हब रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर अब उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में यहां सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बक्सर और डुमरांव बेवरेज इंडस्ट्री के बड़े हब के रूप में उभरेंगे, जहां पेप्सिको और कोका-कोला जैसी कंपनियों के प्लांट स्थापित किए गए है। चौधरी ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के पूरा होने से बक्सर जिले का समग्र विकास सुनिश्चित होगा और यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अब बक्सर के युवा मेड इन यूएसए नहीं, बल्कि मेड इन बक्सर कोल्ड ड्रिंक का स्वाद लेंगे।
सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स कहे जाने वाले बांसवाड़ा में माही नदी के टापुओं के लिए मास्टर प्लान बनेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में वागड़ अंचल के माही बांध क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। माही के टापुओं को संवारने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है। प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार उदयपुर संभागीय आयुक्त को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। पर्यटन की नई ऊंचाइयों को छुएगा बांसवाड़ा यह समिति माही बांध के जल भराव क्षेत्र और आसपास के टापुओं के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके तहत क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर एक्टिविटीज और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित पर्यटन विकसित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। समिति में कौन-कौन शामिल उच्चस्तरीय समिति में बांसवाड़ा जिला कलेक्टर, मुख्य अभियंता (जल संसाधन), उपवन संरक्षक और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सहित कई अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति बांध क्षेत्र की राजकीय और निजी भूमि के उपयोग, लीज आवंटन और पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए नियम व दिशा-निर्देश भी तय करेगी। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस पहल को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।
आस्था, आरोग्य, प्रकृति व पर्यटन का संगम है नीमज माता मंदिर
भास्कर एक्सपर्ट नीम से जुड़ीं, इसलिए ये नीमज माता; 1890 में पहाड़ी पर विराजीं शहर में देवाली पहाड़ी पर विराजित नीमज माता को ‘गिर्वा की वैष्णोदेवी’ और लोक में लिंबज माता भी कहा गया। पहलवानों, मल्ल विद्या से जुड़े लोगों और जेठिया समुदाय में लिंबज माता का विशेष महत्व है। मल्ल पुराण और मोढ़ पुराण में भी इनकी महिमा का उल्लेख मिलता है। जनजातीय मान्यता के अनुसार यह देवी नीम के वृक्ष से जुड़ी हैं और पहले नीम के नीचे ही विराजित थीं। आज भी नीम की पत्तियां, भभूत, आखा और जेवड़ी (लच्छा) श्रद्धालुओं के विश्वास का आधार हैं। करीब 1890 में फतहसागर झील के निर्माण के दौरान नीमज माता को देवाली की पहाड़ी पर स्थापित किया गया, क्योंकि उनका पुराना स्थान जल भराव क्षेत्र में आ गया था। पहली बार फतहसागर भरने पर हरियाली अमावस्या के अवसर पर महाराणा फतह सिंह रानी सहित दर्शन के लिए आए थे। श्रद्धालुओं के सहयोग से 1991 में पहाड़ी पर सीढ़ियों का निर्माण शुरू हुआ। नीमज माता की शृंगारित प्रतिमा। डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, इतिहासविद उदयपुर | शहर की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच स्थित नीमच या नीमज माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की गहरी आस्था, आरोग्य और सक्रिय जीवनशैली का प्रतीक भी है। फतहसागर झील के किनारे ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। पूर्व पुजारियों के अनुसार नीमच माता को मां दुर्गा का ही रूप माना जाता है, जो कई परिवारों की कुलदेवी के रूप में पूजित हैं। जन मान्यता है कि देवी की कृपा से न केवल सुख-समृद्धि आती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है। मंदिर की एक विशेषता इसका पहाड़ी पर स्थित होना भी है। मां के दरबार तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सीढ़ियों और पगडंडियों के रास्ते चढ़ाई करते हैं। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि शारीरिक सक्रियता और पर्वतारोहण का अनुभव भी देती है। सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग दर्शन के साथ-साथ सेहत बनाए रखने के लिए भी आते हैं। इस तरह यह स्थल अध्यात्म और स्वास्थ्य दोनों को साथ लेकर चलता है। लोक मान्यताओं के अनुसार नीम के वृक्ष से प्रकट हुई माता की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी है। नवरात्रि, दीपावली और हरियाली अमावस्या जैसे अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और उत्सव का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। समय के साथ यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। पहाड़ी की चोटी से दिखाई देने वाला उदयपुर शहर और झीलों का मनोरम दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। हाल के वर्षों में यहां रोपवे की सुविधा शुरू होने से पहुंच और भी आसान हो गई है, जिससे अधिक लोग इस स्थल तक पहुंच पा रहे हैं। दर्शन के साथ-साथ सेहत बनाए रखने के लिए भी आते हैं। इस तरह यह स्थल अध्यात्म और स्वास्थ्य दोनों को साथ लेकर चलता है। लोक मान्यताओं के अनुसार नीम के वृक्ष से प्रकट हुई माता की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी है। नवरात्रि, दीपावली और हरियाली अमावस्या जैसे अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और उत्सव का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। समय के साथ यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। पहाड़ी की चोटी से दिखाई देने वाला उदयपुर शहर और झीलों का मनोरम दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। हाल के वर्षों में यहां रोपवे की सुविधा शुरू होने से पहुंच और भी आसान हो गई है, जिससे अधिक लोग इस स्थल तक पहुंच पा रहे हैं।
देश में एडवेंचर टूरिज्म को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पर्यटन मंत्रालय और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मिलकर राजधानी भोपाल में चार दिवसीय एडवेंचर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम और राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया। 17 से 20 मार्च तक चले इस कार्यक्रम में देशभर से नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। 33 एडवेंचर प्रोफेशनल्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ट्रेकिंग, माउंटेनियरिंग और वाटर-बेस्ड गतिविधियों से जुड़े 33 प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसमें फर्स्ट एड, CPR, वाइल्डरनेस इमरजेंसी रिस्पॉन्स, रिस्क असेसमेंट और क्राइसिस मैनेजमेंट जैसे अहम विषयों पर प्रैक्टिकल और थ्योरी के जरिए ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और मध्यप्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड का भी सहयोग रहा। एडवेंचर टूरिज्म को लेकर तैयार हुआ रोडमैप कार्यक्रम के समापन पर “एडवेंचर स्ट्रैटेजी फॉर अ न्यू एरा” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इसमें अजीत बजाज ने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म दुनिया में तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है और भारत में रोजगार और क्षेत्रीय विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने 2034 तक भारत को दुनिया के टॉप-10 एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल करने का लक्ष्य रखा। मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने पर जोर मुख्य वक्ता इलैयाराजा टी (पर्यटन सचिव) ने मध्यप्रदेश को उभरता हुआ एडवेंचर टूरिज्म हब बताते हुए कहा कि राज्य में इस क्षेत्र को संगठित और सुरक्षित बनाने के लिए संस्थागत सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने ATOAI के साथ मिलकर नीति निर्माण और डेस्टिनेशन डेवलपमेंट पर काम करने की बात कही। विशेषज्ञों ने रखे सुझाव, टेक्नोलॉजी पर फोकस सेमिनार में अगले दशक की रणनीति विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें डॉ. अरविंद अभय बेडेकर, एल. कृष्णमूर्ति और निरत भट्ट सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, वैश्विक मानकों को अपनाने, AI और टेक्नोलॉजी के उपयोग तथा निवेश बढ़ाने जैसे मुद्दों पर फोकस रहा। 80 से ज्यादा डेलिगेट्स की भागीदारी इस आयोजन में 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें टूर ऑपरेटर्स, एडवेंचर क्लब, ट्रेनिंग संस्थान और होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल रहे।
झालावाड़ में पर्यटन विकास समिति ने सोमवार को गढ़ परिसर में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समिति सदस्यों ने शहीदों की तस्वीरों पर पुष्प चढ़ाकर उनके बलिदान को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पर्यटन विकास समिति के संयोजक ओम पाठक ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान पर सभी भारतीयों को गर्व है। उन्होंने कहा कि इनके जीवन से राष्ट्रीय भावना जागृत करने की प्रेरणा मिलती है। यह दिन सर्वोच्च बलिदान, साहस, राष्ट्र प्रेम और स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों को समर्पित है। झालावाड़ के इतिहासकार ललित शर्मा ने शहीदों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 9 मार्च 1965 को शहीद भगत सिंह की मां विद्यावती उज्जैन के छतरी चौक आई थीं, जहां उन्होंने राष्ट्र कवि श्रीकृष्ण सरल के ग्रंथ 'भगत सिंह महाकाव्य' का लोकार्पण किया था। इसके अलावा, 23 मार्च 1981 को दुर्गा भाभी भी उज्जैन के शहीद पार्क में उपस्थित थीं। समिति सदस्य सालिगराम दांगी ने कहा कि शहीदों द्वारा दिए गए नारे 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है' आज भी उनके साहस और निडरता की याद दिलाते हैं। डॉ. नंद सिंह राठौड़ ने कहा कि यह दिन हमें शहीदों की वीरता और बलिदान से प्रेरणा लेने तथा देशभक्ति की भावना को जीवित रखने की याद दिलाता है। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी भगवती प्रकाश मेहर, मंजीत सिंह कुशवाह, सूरजकरण नागर, अलीम बेग, लक्ष्मीकांत पहाड़िया, लालचंद रेगर, सूरजमल, गजानंद, परथीराज, रामलाल और मोहनलाल सहित अन्य सदस्यों ने भी पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इंदौर हाईवे पर कोलूखेड़ी के पास शनिवार रात हुए सड़क हादसे में टूर एंड ट्रैवल्स संचालक गौरव सिंह (30) की मौत हो गई। उनका साथी गंभीर रूप से घायल है। कार बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में उतरकर पेड़ से टकराई थी।खजूरी सड़क टीआई नीरज वर्मा के मुताबिक, मूलत: मुरैना निवासी गौरव अवधपुरी में रहकर ऑनलाइन टूर एंड टैवल्स एजेंसी चलाते थे। फूफा के निधन की सूचना मिलने पर वह दोस्त के साथ इंदौर जा रहे थे। रात करीब 2 बजे कोलूखेड़ी के पास कार अनियंत्रित होकर नीचे उतर गई और पेड़ से टकरा गई। घायल गौरव कार से निकलने के बाद कुछ दूर चले और गिर गए। उन्हें हमीदिया अस्पतल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। दोस्त का इलाज चल रहा है। डिवाइडर से टकराकर घायल हुए बाइक चालक की मौत…
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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