समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने शिवहर जिले के ऐतिहासिक बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम स्थित देकुली धाम में तालाब के सौंदर्यीकरण और 74 दुकानों के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार की ओर से तालाब के सौंदर्यीकरण पर 5.83 करोड़ रुपये और मंदिर परिसर के बाहर 74 दुकानों के निर्माण पर 2.93 करोड़ रुपये की लागत आई है। मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से ही बिहार के कई पर्यटन विभाग से जुड़े ऐतिहासिक कार्यों का उद्घाटन किया है, जिसमें यह परियोजना भी शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार राज्य पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर का लगभग 11.98 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया है। इसमें मंदिर परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, सरोवर और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। देकुली धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए कुशहर से देकुली धाम तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य भी किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। मंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों का उद्देश्य इस प्राचीन महाभारतकालीन स्थल को एक प्रमुख पर्यटन और धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित करना है। इस अवसर पर एमएलसी रेखा कुमारी, देकुली धाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल दंडाधिकारी अविनाश कुणाल, सचिव संदीप भारती, प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार, जदयू के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जदयू युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हेमंत कुमार, लोजपा (रा) जिला अध्यक्ष विजय कुमार पांडे, जदयू उपाध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री राजेश कुमार उर्फ राजू जी, राजीव कुमार पांडे सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में कार सवार युवकों का खतरनाक स्टंट सामने आया है। जयनगर थाना थाना क्षेत्र में कोई चलती कार का दरवाजा खोलकर स्टंट करता नजर आया, तो कुछ युवक कार की खिड़की से बाहर निकलकर हंगामा और स्टंटबाजी करते दिखाई दिए। वहीं, अब स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो अजबनगर स्थित मोरभंज पर्यटन स्थल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रविवार को कुछ युवक कार से पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने चलती कार में जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट किए। वीडियो में कुछ युवक कार की खिड़की और दरवाजे से बाहर निकलकर स्टंट करते, जबकि कुछ हूटिंग करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में पर्यटन को नई गति देने और स्थानीय लोगों की आय के स्रोतों को विस्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना का आगाज किया गया है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 16 जिलों के 34 विशिष्ट पर्यटन स्थलों का चयन किया है, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध नालंदा जिले को सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली है। जिले के कुल 6 प्रमुख स्थलों को इस योजना के लिए चुना गया है, जिससे अब पर्यटकों को होटलों की चकाचौंध से इतर स्थानीय ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य का वास्तविक अनुभव मिल सकेगा। योजना के तहत चयनित स्थलों में प्राचीन नालंदा महाविहार के भग्नावशेष, पावापुरी का पवित्र जलमंदिर, राजगीर का रोपवे, जू सफारी, नेचर सफारी और विश्व प्रसिद्ध गर्म जलकुंड शामिल हैं। इन स्थलों के आसपास के घरों में होमस्टे की सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे न केवल पर्यटकों को ठहरने के लिए नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि वे बिहार की परंपराओं, स्थानीय खानपान और रहन-सहन को बेहद करीब से जान सकेंगे। आर्थिक सहायता और स्वरोजगार की राह सरकार ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे इकाई खोल सकता है। प्रत्येक इकाई के लिए अधिकतम आठ कमरों की स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए सरकार प्रति कमरा 2.50 लाख रुपए तक की सहायता देगी। इस प्रकार एक संचालक अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकता है। युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं, जिसके तहत महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और 18 से 25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे 25 हजार रुपए का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। आने वाले वर्षों में पर्यटन का नया चेहरा पर्यटन विभाग ने आगामी पांच वर्षों के भीतर राज्यभर में एक हजार कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा है। नालंदा जैसे पर्यटन हब में इस योजना के लागू होने से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और परिवहन व्यवसायों को भी संबल मिलेगा। राजगीर और पावापुरी जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थलों के पास स्थित घरों में पर्यटकों के ठहरने से स्थानीय परिवारों की आय में इजाफा होगा और बेरोजगारी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
सीहोर में वर्षाकाल में संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने इन स्थानों पर राजस्व, वन, पुलिस और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें तैनात की हैं। कलेक्टर के निर्देश पर अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल जैसे दुर्घटना संभावित स्थलों के पहुंच मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। तैनात टीमें पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोकने के साथ ही सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। प्रशासन की टीमों ने अमरगढ़ वॉटरफॉल की ओर जा रहे 20 लोगों को रोककर प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी और उन्हें वापस लौटा दिया। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। भोपाल से भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक कलेक्टर बालागुरु के. ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में सीहोर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर जिले के अलावा भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने सभी लोगों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है।
खंडवा नगर निगम के अमले ने रविवार को बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की हैं। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से ओटलों को तोड़ा गया। इस दौरान एक दर्जन दुकानों के बाहर से पक्का और टीनशैड का अतिक्रमण तोड़ा गया। मलबे और सामान को ट्रक में भरने के दौरान निगम अमले को विरोध का सामना भी करना पड़ा। बता दें कि, इन ओटलों के नीचे सरकारी नाला दबा हुआ था। बारिश में पानी निकासी की आफत होती, इससे पहले कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान हनी ट्रैवल्स एजेंसी पर कार्यरत महिला कर्मचारियों ने निगम अमले का विरोध किया। चार से पांच महिला कर्मचारी जेसीबी मशीन के आगे खड़ी हो गई। खुद मोबाइल से वीडियो बनाए और यहां तक कि कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी और अतिक्रमण हटा रहे निगम कर्मचारियों से बदसलूकी भी की। हनी ट्रैवल्स का ओटला और छज्जा दोनों तोड़ा गया। आगे गीत ट्रैवल्स और आर्या बस सर्विस तक पक्के ओटलों को हटाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट बोले- भंडारिया रोड़ पर जमीन देंगे नगर निगम की कार्रवाई का नेतृत्व कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय कर रहे थे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर भी पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर उन्हें निगम अमले ने बताया कि, महिला कर्मचारियों ने बदसलूकी की हैं। यह सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट भड़क गए और उन्होंने कहा कि ओटले यदि नहीं तोड़ने दे तो सभी दुकानों को भीतर तक तोड़ दो। इन्हें भंडारिया रोड़ पर जमीन के बदले जमीन दे देंगे।
महू के पर्यटन स्थल पर्यटकों पर भीड़ लगी:रविवार की छुट्टी मनाने जाम गेट-पातालपानी-जानापाव पर जाम लगा
महू इलाके के पिकनिक स्पॉट रविवार की छुट्टी पर सैलानियों से पूरी तरह भरे रहे। सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ जाम गेट, पातालपानी, वांचू पॉइंट और जानापाव जैसी मशहूर जगहों पर पहुंचे। इंदौर, महू, धार और देवास समेत आस-पास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे थे। दोपहर होते-होते सभी मुख्य पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ जमा हो गई। कई जगहों पर पार्किंग की जगह गाड़ियों से खचाखच भर गई, तो वहीं मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। मौसम का लिया मजा, दुकानदारों के चेहरे खिले यहां आए लोगों ने हरियाली से भरी पहाड़ियों, झरनों और ठंडी हवा के बीच जमकर फोटोग्राफी की, सेल्फी ली और पिकनिक का मजा उठाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में मौसम को लेकर भारी उत्साह देखा गया। पर्यटकों की इस भारी भीड़ की वजह से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की कमाई भी अच्छी हुई। प्रशासन ने की संभलकर रहने की अपील बारिश के मौसम में महू इलाके की इन प्राकृतिक जगहों की खूबसूरती देखने लायक होती है, यही वजह है कि हर रविवार यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और खतरे वाली जगहों (जैसे गहरी खाइयों और झरनों के पास) से दूर रहने की अपील की है।
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार देर रात डीएफओ और एसीएफ अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी। इसका असर रणथंभौर टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी विभाग पर भी देखने को मिलेगा। जारी सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ सहित कई एसीएफ और रेंजर के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ का पद फिलहाल रिक्त रखा गया है। इन डीएफओ के हुए तबादले तबादला सूची के अनुसार रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटक डीएफओ के पद पर कार्यरत संजीव कुमार शर्मा का तबादला डीएफओ रणथंभौर टाइगर रिजर्व सेकेंड के पद पर किया गया है। वहीं डीएफओ सूचना का अधिकार हैड ऑफ फॉरेस्ट के पद पर कार्यरत अरूण कुमार शर्मा को डीएफओ विकास रणथंभौर टाइगर रिजर्व लगाया गया है। इसके अलावा विष्णु कुमार गुप्ता को डीएफओ विस्थापन रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पद पर लगाया गया है। एसीएफ स्तर पर भी हुए बदलाव एसीएफ की तबादला सूची में महेश कुमार शर्मा, जो एसीएफ रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के पद पर कार्यरत थे, उनका तबादला एसीएफ केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के पद पर किया गया है। योगेश कुमार को अलवर से वन्यजीव मुख्यालय बाघ परियोजना प्रथम सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं अजय कुमार सत्तावन को सामाजिक वानिकी से रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लगाया गया है। रेंजर स्तर पर भी जारी हुए आदेश रेंजर फर्स्ट ग्रेड की तबादला सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलोदी रेंज के रेंजर विजय कुमार मीणा को खंडार रेंजर लगाया गया है। हेमंत कुमार मीणा को बेगू से रेंजर सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर के रेंजर कैलाश शर्मा का तबादला हिंडोली रेंजर के पद पर किया गया है। उल्लेखनीय है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ जैसे महत्वपूर्ण पद को इस तबादला सूची में रिक्त रखा गया है।
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
मैनपुरी के करहल रोड स्थित प्राचीन श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर को जल्द ही नई पहचान मिलेगी। योगी सरकार ने मंदिर के पर्यटन विकास और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने हेतु 1.80 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की है। सूचना विभाग मैनपुरी द्वारा यह जानकारी दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, मंदिर न केवल जैन समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि यह क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में मैनपुरी के इस प्राचीन जैन मंदिर के विकास की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित परियोजना में मंदिर परिसर में बहुउद्देशीय हॉल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय, स्वच्छ पेयजल सुविधा, यात्री बेंच, आकर्षक लैंडस्केपिंग और क्यूआर कोड आधारित साइनेज शामिल हैं। क्यूआर कोड आधारित साइनेज के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटक अपने मोबाइल पर मंदिर का इतिहास, भगवान पार्श्वनाथ के जीवन, जैन धर्म की परंपराओं और दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इससे मंदिर परिसर आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने के साथ-साथ धार्मिक जानकारी का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सभी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण और विकास के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर का विकास जैन समाज की आस्था का सम्मान करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री ने आगे कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंदिर के पुजारी शिवांग मोदी जैन ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मंदिर के समुचित विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर की भव्यता में भी वृद्धि होगी।
उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी, झरने, डैम और अन्य पर्यटन स्थलों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद अधिकांश संवेदनशील स्थानों पर पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी या सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी उनका पालन नहीं हो सका। भास्कर टीम ने किया ग्राउंड निरीक्षण दैनिक भास्कर की टीम ने झोझाफाल झरना और मछडार डैम का जायजा लिया। झोझाफाल में कई युवक ऊंची और फिसलन भरी चट्टानों पर बैठकर फोटो खिंचवाते नजर आए, जबकि मछडार डैम पर भी लोग बारिश के बीच बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के घूमते और मस्ती करते दिखे। कहीं नहीं दिखे चेतावनी बोर्ड दोनों पर्यटन स्थलों पर खतरे की चेतावनी देने वाले बोर्ड, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश या प्रतिबंधात्मक सूचना बोर्ड नहीं मिले। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने, तेज बहाव और फिसलन के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले साल हुई थी युवक की मौत पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिले के सभी संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। संबंधित विभागों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अब तक यह व्यवस्था नहीं हो सकी है। कलेक्टर बोलीं- कराएंगे जांच मामले में कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के मामले की जांच कराई जाएगी। आवश्यक निर्देश जारी कर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
नागौर जिले की ग्राम पंचायत भूंडेल स्थित लोकदेवता वीर हड़बूजी महाराज की जन्मस्थली का पर्यटन विभाग अजमेर की टीम ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर श्रद्धालुओं के लिए यात्री सुविधाओं के विकास की संभावनाएं देखीं। स्थानीय लोगों से लिए सुझावउप निदेशक पर्यटन योगेश कुमार खत्री, आर्किटेक्ट विमल सिंघारिया और सिविल इंजीनियर अमन सचदेवा ने निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सौंदर्यीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सुझाव भी लिए। निरीक्षण के आधार पर बनेगा प्रस्तावअधिकारियों ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल के समग्र विकास की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। निरीक्षण के आधार पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। ग्रामीण और समिति के सदस्य रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान हड़बूजी जन्मस्थली विकास समिति के अध्यक्ष एवं प्रशासक धर्मेंद्र गौड़, दलपत सिंह चौहान, पुजारी भोम सिंह उड़ सहित समिति के सदस्य, ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे।
खगड़िया में पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने गुरुवार को विभिन्न प्रस्तावित पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चौथम प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां कात्यायनी धाम और कसरैया धार पहुंचकर विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने मां कात्यायनी मंदिर परिसर से की। यहां उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली उन्होंने परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, सुगम आवागमन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली। मौके पर मौजूद प्रभारी पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने प्रस्तावित योजनाओं की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी कसरैया धार पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर भी बल दिया गया। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खगड़िया के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का सुनियोजित विकास जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पर्यटन विकास योजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि खगड़िया के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर उन्हें राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।
भीलवाड़ा में सुरक्षा इंतजाम ठीक नहीं मिलने पर गुरुवार रात एक ट्रैवल्स बस को सीज कर दिया गया। बस में सवार यात्रियों को नीचे उतरवाकर दूसरी बस से से भेजा गया। कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य की अगुवाई में परिवहन विभाग की टीम ने होटल लैंडमार्क के पास चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान की। जांच में बस सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों पर खरी नहीं उतरी, जिसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के जरिए उसे मौके पर ही सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षणजिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बसों की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान एक बस निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के माध्यम से उसे तत्काल सीज करने की कार्रवाई की गई। यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गयाबस सील होने के बाद यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए बस संचालक को उन्हें दूसरी बस से रवाना करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान होटल लैंडमार्क क्षेत्र में सामान्य से कम बसें दिखाई दीं। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ चालक वैकल्पिक मार्गों से बसें ले जाते भी नजर आए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग कभी भी जांच कर सकता है और सभी निजी बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जांच से जुड़ी तस्वीरें …
आजाद टूर एंड ट्रैवलर्स वेलफेयर एसो. ने लगाया चावल का भंडारा
बरनाला| आजाद टूर एंड ट्रैवलर्स वेलफेयर एसोसिएशन, 22 एकड़, बरनाला की ओर से एक विशेष चावल का भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया। एसोसिएशन के प्रधान मक्खन सिंह जलूर ने जानकारी दी। इस परोपकारी सेवा कार्य के दौरान एसोसिएशन के मीत प्रधान शेर सिंह फौजी, राज शर्मा, जसविंदर सिंह, राजिंदर कुमार, अश्वनी कुमार, हरदीप सिंह, बारू सिंह, जमील मोहम्मद, अर्जन देव, सतिंदर सिंह, बलकार सिंह, पाल, बहादुर सिंह फौजी, नैब सिंह चीमा, गुरदीप सिंह चीमा, हरजीत सिंह और सतपाल पाली सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बिहार के कैमूर जिले में मुंडेश्वरी पर्वत पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना का अनुबंध रद्द कर दिया गया है। 735 लाख रुपये की यह पर्यटन योजना अब अनिश्चितता में है। इस महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना को वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। नियमानुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका। परियोजना में देरी का मुख्य कारण तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, वन्यप्राणी क्लीयरेंस और स्टेज-1 की आवश्यक सरकारी स्वीकृति मिलने के बावजूद संबंधित एजेंसी ने सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। लगातार हो रही देरी और लापरवाही के मद्देनजर विभाग ने अंततः इस रोपवे परियोजना का अनुबंध रद्द करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से करोड़ों रुपये की यह योजना अब पूरी तरह रुक गई है।
उदयपुर ने देश भर में एक बार फिर राजस्थान का मान बढ़ाया है। साल 2026 के मानसून सीजन में अकेले यात्रा करने वाली यानी सोलो वीमेन ट्रैवलर्स के लिए उदयपुर को देश के टॉप 5 सबसे सुरक्षित पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है। भारत के 15 सबसे सुरक्षित मानसून डेस्टिनेशन की इस राष्ट्रीय सूची में उदयपुर को पांचवा स्थान मिला है। सुरक्षित माहौल, मजबूत पर्यटन व्यवस्था और शानदार मेहमाननवाजी की वजह से उदयपुर आज महिला पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। इस रैंकिंग के आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी मानसून सीजन में यहां आने वाली महिला पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस रैंकिंग सर्वे में महिला यात्रियों की सुरक्षा, सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय लोगों के सहयोग को मुख्य आधार बनाया गया है। इसके अलावा कई मशहूर ट्रैवल वेबसाइट्स, गूगल रिव्यू और पहले यात्रा कर चुकीं महिला पर्यटकों के असली अनुभवों का गहराई से विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए मुख्य रूप से पांच मानकों को देखा गया, जिनमें पुलिस द्वारा सत्यापित पर्यटन क्षेत्र, हर मौसम में सुरक्षित सड़क संपर्क, होटल और होमस्टे की बेहतरीन क्वालिटी, यात्रियों की मदद के लिए एक्टिव लोकल नेटवर्क और साल 2022 से 2025 के बीच कम भूस्खलन जोखिम वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन सभी पैमानों पर उदयपुर बिल्कुल खरा उतरा। इस सूची में दक्षिण भारत के दो मशहूर हिल स्टेशन, कर्नाटक का कुर्ग पहले और केरल का मुन्नार दूसरे स्थान पर रहे हैं। दक्षिण के इन पहाड़ी और अच्छी बारिश वाले इलाकों के मुकाबले उदयपुर अपनी ऐतिहासिक झीलों, महलों और राजपूती मेहमाननवाजी के अनूठे संगम के कारण अलग पहचान रखता है। जहां साउथ के डेस्टिनेशंस में मानसून के दौरान तेज बारिश और घने जंगलों के बीच अकेले सफर करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, वहीं उदयपुर अपनी बेहतरीन कनेक्टिविटी, शहरी सुरक्षा और हर कदम पर मिलने वाली गाइडेंस के चलते सोलो फीमेल ट्रैवलर्स के लिए ज्यादा सुगम और सुरक्षित साबित होता है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि यह उदयपुर के पर्यटन उद्योग के लिए एक गौरवशाली क्षण है। एसोसिएशन की ओर से लगातार पुलिस के साथ मिलकर होटल्स और होमस्टे में महिला पर्यटकों की सुरक्षा और उनकी सहूलियत पर पूरा फोकस रहता है। आने वाले दिनों में वीमेन-ओनली टूर पैकेजेस और महिला यात्रियों के लिए कस्टमाइज्ड सर्विसेज की डिमांड तेजी से बढ़ेगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है। उदयपुर को यह खास मुकाम मिलने के पीछे कई बड़ी वजहें हैं। यहां की नियमित पुलिस गश्त, स्पेशल पर्यटन पुलिस और हेल्प डेस्क महिलाओं को सुरक्षा का अहसास कराते हैं। शहर में सुरक्षित होटल, होमस्टे के साथ-साथ ऑनलाइन कैब और ऑटो की बेहतरीन सुविधाएं मौजूद हैं। सबसे खास बात यह है कि उदयपुर के स्थानीय लोगों का व्यवहार बहुत ही सहयोगी और दोस्ताना है। यहां का शांत वातावरण, पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी और हर भाषा समझने वाले गाइड महिला यात्रियों के भरोसे को और मजबूत करते हैं। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने कहा कि मानसून के आते ही उदयपुर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। इस मौसम में अरावली की पहाड़ियां बादलों से घिर जाती हैं और चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पिछोला, फतहसागर और उदयसागर झीलों का सौंदर्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। सज्जनगढ़ की वादियों का नजारा इस मौसम में देखते ही बनता है। एक खास बात यह भी है कि मानसून के दौरान यहां भीड़भाड़ थोड़ी कम रहती है और होटल व होमस्टे के किराए 30 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इससे अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यह सफर बेहद आरामदायक, सुरक्षित और बजट के अनुकूल बन जाता है।
उदयपुर में कमीशन के लालच में टूरिस्ट को परेशान करने वाले 5 लपकों को पर्यटन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। ये लपके शहर के चौराहों पर बाइक लेकर खड़े होते हैं। दिल्ली, गुजरात, एमपी, महाराष्ट्र आदि बाहरी राज्यों की गाड़ी देखते ही टूरिस्ट की ओर लपकते हैं। फिर कम से कम रेट का झांसा देकर शहर के पर्यटनों स्थलों पर विजिट कराने की बात करते हैं। एएसआई नरेंद्र सिंह ने बताया- पूछताछ में पता लगा कि लपकों ने शहर में हैंडीक्रॉफ्ट और राजस्थानी ड्रेसेज आदि की शॉप से 30 प्रतिशत कमीशन फिक्स कर रखा है। साइट सीन विजिट कराने की आड़ में ये अपनी चुनिंदा शॉप पर शॉपिंग कराने का दबाव बनाते हैं। कम रेट का लालच देकर वहां खरीदारी के लिए ले जाते हैं। शहर के चौराहों से किया गिरफ्तार गश्त के दौरान पुलिस ने पारस चौराहा, सूरजपोल चौराहा, उदयपोल चौराहा पर लपकों द्वारा टूरिस्ट को परेशान करते हुए देखा। लपकों से पूछताछ की तो उनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। उदयपोल बस स्टैंड राकेश पिता भंवरलाल, चंपालाल धर्मशाला के सामने से सिपाही नट पिता हरफूल, पारस चौराहे से दिनेश पिता मनोज, निसार पिता अब्दुल खान और मोहम्मद आसिफ को गिरफ्तार किया था। पर्यटन व्यवसाय अधिनियम के तहत इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद इनकी जमानत हो गई। एएसआई नरेंद्र सिंह ने बताया- पुलिस कोर्ट में इनका चालान पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी। साथ ही आगे भी टूरिस्ट को परेशान करने वाले लपकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
खगड़िया की कसरैया धार झील के ईको टूरिज्म विकास के लिए बिहार सरकार ने ₹29.20 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में ईको पर्यटन एवं पार्क विकास योजना के तहत मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार के विकास पर खर्च की जाएगी। इस परियोजना से कसरैया धार को बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। बजट सत्र के दौरान उठाया प्रश्न खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इस स्वीकृति को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कसरैया धार के विकास के लिए उन्होंने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न उठाया और शून्यकाल में भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। विधायक के निरंतर प्रयासों के बाद वन एवं पर्यावरण विभाग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। तत्कालीन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने इस आधार पर विकास प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा था। विधायक मंडल ने बताया कि प्रस्ताव भेजने के बाद भी उन्होंने विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने वन विभाग की सर्वे टीम के साथ कसरैया धार का स्थलीय निरीक्षण भी किया था। इस दौरान पर्यटन की संभावनाओं, प्राकृतिक संरचना और स्थानीय आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन किया गया। सदर अस्पताल में जल निकासी व्यवस्था फरवरी में आयोजित बजट सत्र के दौरान विधायक बबलू कुमार मंडल ने खगड़िया के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी विधानसभा में उठाए थे। इनमें शहर के ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण, सदर अस्पताल में जल निकासी की व्यवस्था, डिग्री कॉलेज की स्थापना और राजेंद्र सरोवर का जीर्णोद्धार शामिल थे। विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि कसरैया धार केवल एक झील नहीं, बल्कि खगड़िया की प्राकृतिक पहचान है। इसके ईको टूरिज्म हब के रूप में विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आसपास के दर्जनों गांवों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी होटल, रेस्टोरेंट, नौकायन, स्थानीय हस्तशिल्प, परिवहन, गाइड सेवा और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों से बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र में भी वे खगड़िया में उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखेंगे, ताकि जिले के विकास को और गति मिल सके। इस अवसर पर विधायक ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की सकारात्मक सोच और सहयोग से खगड़िया को लगातार विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि कसरैया धार परियोजना आने वाले समय में जिले के पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।
बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

