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World Tourism Day: बजट में घूमने के लिए भारत की ये खूबसूरत जगहें हैं बेस्ट, दिल्ली से हैं नज़दीक

अगर आपको घूमना पसंद है तो आप दिल्ल से नज़दीक इन खूबसूरत जगहों पर घूमने जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन जगहों पर आप बजट में ही यात्रा कर सकते हैं।

खबर इंडिया टीवी 27 Sep 2026 11:13 pm

International Travel Tips: विदेश घूमने की कर रहे हैं तैयारी? सफर से पहले रट लें ये 10 गोल्डन रूल्स, वरना भारी पड़ सकती है एक छोटी सी चूक

विदेश यात्रा की योजना बनाना जितना रोमांचक और सुखद अनुभव होता है, उतनी ही इसमें बारीक योजना और सतर्कता की आवश्यकता होती है। कई बार यात्री फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के उत्साह में ऐसी छोटी-छोटी बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो परदेस पहुंचते ही उनके पूरे ट्रिप का मजा किरकिरा कर देती हैं। दूसरे देश की धरती पर भाषा, मुद्रा, संस्कृति और कानूनी कायदे भारत से बिल्कुल अलग होते हैं। एक छोटी सी दस्तावेजी कमी या स्थानीय नियम की अनदेखी आपको एयरपोर्ट पर डिटेन करवा सकती है या भारी आर्थिक दंड का शिकार बना सकती है। यदि आप भी विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो उड़ान भरने से पहले ये 10 गोल्डन टिप्स अच्छी तरह समझ लें, ताकि आपका अंतरराष्ट्रीय सफर सुरक्षित, तनावमुक्त और यादगार बन सके।पासपोर्ट की 6 महीने वाली वैधता और ब्लैंक पेज चेक करेंअंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सबसे प्राथमिक और अनिवार्य नियम पासपोर्ट की वैधता है। दुनिया के अधिकांश देश (जैसे थाईलैंड, यूएई, सिंगापुर, यूरोपीय शेंगेन देश आदि) यह अनिवार्य शर्त रखते हैं कि आपके पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट यात्रा की वापसी तिथि से कम से कम 6 महीने बाद की होनी चाहिए। यदि पासपोर्ट में 5 महीने या उससे कम की वैलिडिटी बची है, तो भारतीय हवाई अड्डे पर ही एयरलाइन स्टाफ आपको बोर्डिंग पास देने से मना कर देगा। इसके अलावा, पासपोर्ट में इमिग्रेशन स्टैंपिंग और वीजा स्टीकर के लिए कम से कम 2 से 3 खाली पन्ने (Blank Pages) होना आवश्यक है।व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस (Travel Insurance) कभी न छोड़ेंविदेश यात्रा के दौरान अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में ट्रैवल इंश्योरेंस नहीं लेते, जो सबसे बड़ी वित्तीय भूल साबित हो सकती है। अमेरिका, यूरोप या खाड़ी देशों में सामान्य चिकित्सकीय आपातकाल या अस्पताल में एक दिन का खर्च लाखों रुपये में बैठता है। एक व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल में भर्ती होने, फ्लाइट कैंसिलेशन, बैगेज गुम होने और पासपोर्ट खोने जैसी आपात स्थितियों में लाखों रुपये का वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करती है। कई देशों (जैसे शेंगेन जोन) में वीजा के लिए न्यूनतम 30,000 यूरो का इंश्योरेंस अनिवार्य है।फॉरेक्स कार्ड बनाम कैश: 70:30 का स्मार्ट अनुपात अपनाएंविदेश में केवल भारतीय क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर निर्भर रहना भारी पड़ सकता है, क्योंकि उन पर 3.5% से 5% तक का भारी फॉरेक्स मार्कअप चार्ज और डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क कटता है।मल्टी-करंसी फॉरेक्स कार्ड: यात्रा से पहले बैंक या मान्यता प्राप्त फिनटेक कंपनियों से जीरो-फॉरेक्स मार्कअप वाला कार्ड लें। इसमें स्थानीय मुद्रा पहले से लॉक-इन रहती है, जिससे विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का नुकसान नहीं होता।कैश रिजर्व: कुल बजट का लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा हमेशा कैश (अमेरिकी डॉलर या स्थानीय मुद्रा) में रखें, क्योंकि स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे टैक्सी चालक या सार्वजनिक शौचालयों में कार्ड स्वीकार नहीं किए जाते। एयरपोर्ट के बजाय शहर के अधिकृत मनी एक्सचेंजर्स से करेंसी बदलवाना ज्यादा किफायती होता है।ई-सिम (eSIM) या इंटरनेशनल रोमिंग का पहले से प्रबंधनए देश में कदम रखते ही कैब बुक करने, गूगल मैप्स देखने और परिवार से संपर्क साधने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा की तुरंत जरूरत होती है।लोकल सिम या ई-सिम: यदि आपका स्मार्टफोन ई-सिम सपोर्ट करता है, तो भारत से ही एयरलो (Airalo) या नोमैड (Nomad) जैसी विश्वसनीय सेवाओं से डेस्टिनेशन देश का ई-सिम डाउनलोड कर लें।एयरपोर्ट वाई-फाई का जोखिम: एयरपोर्ट के सार्वजनिक वाई-फाई पर पूरी तरह निर्भर न रहें, क्योंकि कई देशों में वहां एसएमएस ओटीपी की आवश्यकता होती है जो भारतीय नंबर पर रोमिंग बंद होने के चलते नहीं आता।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टरभारत में आमतौर पर टाइप-डी और टाइप-सी प्लग सॉकेट का उपयोग होता है, जबकि यूके में टाइप-जी, अमेरिका में टाइप-ए/बी और यूरोप में टाइप-सी/एफ सॉकेट प्रचलन में हैं। कई यात्री होटल पहुंचकर देखते हैं कि उनका भारतीय चार्जर दीवार के सॉकेट में फिट ही नहीं बैठ रहा। इसलिए अपने हैंड बैगेज में एक अच्छी क्वालिटी का यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टर (जिसमें मल्टीपल यूएसबी और टाइप-सी पोर्ट्स हों) हमेशा साथ रखें। साथ ही, 20,000 mAh तक का पावर बैंक हमेशा केबिन बैगेज में रखें; इसे चेक-इन लगेज में रखना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत सख्त वर्जित है।डेस्टिनेशन देश के कानून और सांस्कृतिक शिष्टाचार की पड़तालहर देश के अपने सख्त सामाजिक और कानूनी नियम होते हैं जिनकी अनदेखी भारी पड़ सकती है:दवाइयों पर प्रतिबंध: कई सामान्य भारतीय दवाएं (जैसे कोडीन युक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल या नींद की गोलियां) यूएई, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में नशीले पदार्थों की श्रेणी में प्रतिबंधित हैं। हमेशा डॉक्टर के मूल प्रिस्क्रिप्शन के साथ ही जरूरी दवाएं सीमित मात्रा में ले जाएं।स्थानीय कायदे: सिंगापुर में चिंगम चबाना या थूकना अपराध है, थाईलैंड में राजपरिवार का अपमान जेल भेज सकता है और खाड़ी देशों में सार्वजनिक स्थलों पर अमर्यादित कपड़े पहनना या फोटोग्राफी करना दंडनीय है। जाने से पहले गंतव्य देश की गाइडलाइंस का अध्ययन जरूर करें।जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल और फिजिकल बैकअप कॉपीयात्रा के दौरान किसी भी समय पासपोर्ट या वीजा गुम होने की स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार रखें:डिजिटल स्टोरेज: पासपोर्ट के पहले और आखिरी पन्ने, वैध वीजा, फ्लाइट टिकट, होटल वाउचर और कोविड/टीकाकरण प्रमाणपत्र की स्पष्ट पीडीएफ कॉपियां अपने ईमेल, गूगल ड्राइव या डिजीलॉकर में सुरक्षित रखें।फिजिकल जेरोक्स: इन सभी दस्तावेजों की कम से कम दो-दो फोटोकॉपी अपने मुख्य चेक-इन बैग और हैंड बैग में अलग-अलग सुरक्षित रखें।भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के संपर्क सूत्र नोट करेंकिसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट, पासपोर्ट खोने, कानूनी अड़चन या प्राकृतिक आपदा के समय आपका सबसे बड़ा सहारा उस देश में स्थित भारतीय दूतावास या उच्चायोग (Indian Embassy/Consulate) होता है। जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां स्थित भारतीय दूतावास का आपातकालीन फोन नंबर, ईमेल आईडी और पूरा पता अपनी डायरी और फोन के ऑफलाइन नोट्स में पहले से सहेज कर रखें।होटल की लोकेशन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटीसस्ते होटल के लालच में अक्सर लोग शहर के मुख्य केंद्र या मेट्रो स्टेशन से 20-25 किलोमीटर दूर बाहरी इलाकों में कमरा बुक कर लेते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि आने-जाने में टैक्सी का भारी खर्च हो जाता है और समय बर्बाद होता है। हमेशा ऐसा होटल चुनें जो मेट्रो स्टेशन, ट्राम या बस टर्मिनल से पैदल दूरी (Walking Distance) पर हो। अधिकांश यूरोपीय और एशियाई शहरों में टूरिस्ट डे-पास (Metro Tourist Pass) मिलते हैं, जो आवागमन के खर्च को 70% तक कम कर देते हैं।मौसम का पूर्वानुमान और पैकिंग का सही संतुलनयात्रा की तारीख से 3 दिन पहले गंतव्य शहर के मौसम का 7-दिवसीय पूर्वानुमान जरूर जांचें। यूरोपीय देशों में गर्मियों में भी अचानक बारिश और ठंड हो सकती है, जबकि रेगिस्तानी देशों में रातें ठंडी होती हैं। उसी आधार पर लेयरिंग वाले कपड़े, आरामदायक वॉकिंग शूज और एक हल्का वाटरप्रूफ विंडचीटर साथ रखें। याद रखें कि विदेशी शहरों को पैदल चलकर ही सबसे बेहतर तरीके से एक्सप्लोर किया जा सकता है, इसलिए हील्स या असहज जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले स्नीकर्स आपकी यात्रा को सुखद बनाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:43 pm

मणिपुर में जातीय हिंसा का असर, पर्यटन में भारी गिरावट: मुख्यमंत्री

राज्यपाल ने कहा कि मणिपुर के लिए यह अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है, और उन्होंने आगे कहा कि सरकार होमस्टे को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है, स्थानीय परिवारों को अपने घरों को पर्यटक आवास में बदलने के लिए सशक्त बना रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पर्यटन राजस्व जमीनी स्तर तक पहुंचे।

खास खबर 27 Sep 2026 10:27 pm

पेरेंट्स के साथ घूमने का है मन? यहां देखिए ट्रैवल फ्रेंडली 5 ऑफबीट जगह

परिवार के साथ घूमने की बात आती हैं तो अक्सर जगह को लेकर कंफ्यूजन होता रहता है कि पेरेंट्स को लेकर कहां जाएं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रैवल फ्रेंडली ऑफबीट जगहों के बारे में बता रहे हैं। जानिए-

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 9:36 pm

विश्व पर्यटन दिवस- सागर पोखरा मंदिर परिसर में जागरूकता शिविर:मेडिएशन 3.0 से विवाद सुलझाने पर जोर

बेतिया में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को बेतिया के ऐतिहासिक सागर पोखरा मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम चंपारण की ओर से कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी विधिक योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देना था। नालसा-बालसा की योजनाओं की दी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कन्हैया जी चौधरी के नेतृत्व में शिविर का आयोजन किया गया। पैनल अधिवक्ता शेखर कुमार जोशी, राजेश राम तथा पीएलवी चंदन कुमार रजक और मौसी मियां ने लोगों को नालसा और बालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जरूरतमंदों को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता शिविर में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए पात्र लोग प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं। मेडिएशन 3.0 से विवाद सुलझाने पर जोर कार्यक्रम के दौरान मेडिएशन 3.0 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। 21 नवंबर को एनआई एक्ट विशेष लोक अदालत सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने लोगों से 21 नवंबर को बेतिया व्यवहार न्यायालय में आयोजित होने वाली एनआई एक्ट विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों के पक्षकार इस अवसर का उपयोग कर अपने विवादों का समाधान करा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 7:58 pm

बिहार पर्यटन में डिजिटल सुविधाओं पर दिया जा रहा जोर:सीतामढ़ी से सोनपुर और बोधगया तक कई बड़ी परियोजनाएं, विश्व पर्यटन दिवस पर कार्यक्रम हुआ

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बिहार के पर्यटन विकास को लेकर सिख हेरिटेज गुरुनानक भवन में सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, आधुनिक सुविधाओं और सतत पर्यटन के जरिए राज्य की पर्यटन क्षमता को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2025 में 6.62 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे बिहार पर्यटन मंत्री ने बताया कि बिहार में पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में राज्य में 6.62 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों के प्रति पर्यटकों के बढ़ते आकर्षण को देखते हुए पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। सीतामढ़ी से सोनपुर और बोधगया तक कई बड़ी परियोजनाएं राज्य में कई महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता की जन्मस्थली पर मंदिर, सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर, बोधगया में 165 करोड़ रुपये की लागत से बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र, सहरसा की मत्स्यगंधा झील में ग्लास ब्रिज और पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा पटना, वैशाली और राजगीर में फाइव स्टार होटल व इको-टूरिज्म सुविधाओं के विकास, पटना हाट सांस्कृतिक केंद्र और वाल्मीकिनगर में लव-कुश पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। धार्मिक सर्किट से जोड़े जा रहे प्रमुख स्थल पर्यटन विकास के तहत बिहार के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को विभिन्न सर्किट से जोड़ा जा रहा है। रामायण सर्किट में पुनौराधाम, कुशेश्वरस्थान और सिंहेश्वर, जबकि बौद्ध सर्किट में बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली को शामिल किया गया है। वहीं फुलवारी और मनेर को सूफी सर्किट से जोड़ा गया है। ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के तहत सोनपुर के उन्नयन, अंबिका भवानी मंदिर में पर्यटक सुविधाओं और गया में बौद्ध ध्यान केंद्र के विकास की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। राजगीर, वैशाली और पटना में फाइव स्टार होटल की योजना राज्य में लक्जरी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर राजगीर में दो, वैशाली में एक और पटना में दो फाइव स्टार होटल विकसित करने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन के जरिए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। 2026-27 में पर्यटन को लेकर कई लक्ष्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्यगंधा झील और वाल्मीकि पार्क को पूरा करने के साथ गया में 1,000 बेड की क्षमता वाले धर्मशाला परिसर के निर्माण का लक्ष्य रखा है। साथ ही बिहार को घरेलू पर्यटक आगमन के मामले में देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करने और विदेशी पर्यटक आगमन में शीर्ष पांच राज्यों में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर ने पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। पर्यटकों की सुविधा के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप, ऑनलाइन बुकिंग, जीपीएस आधारित सेवाओं और रियल टाइम पर्यटन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-वाहनों और रोपवे जैसे पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। पर्यटन निवेश के लिए सब्सिडी और विशेष पैकेज अधिकारियों के अनुसार पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन दिए हैं। 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 30 प्रतिशत तक और 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक की परियोजनाओं पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी, दिव्यांग और महिला उद्यमियों के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की गई है। पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए नीति अवधि में एक लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने और एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 6:56 pm

Rajasthan Creators Conclave 2026: पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में बोलीं दिया कुमारी

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कंटेंट क्रिएटर्स के साथ राजस्थान में हिडन डेस्टिनेशन और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने का नया विजन साझा किया।

प्रातःकाल 27 Sep 2026 6:43 pm

दीया कुमारी बोलीं- राजनेता नहीं होती तो ट्रैवल ब्लॉगर बनती:बचपन में एस्ट्रोनोट-वकील बनने का भी देखा सपना; कहा- किसी जगह को रोचकता से दिखाना करता आकर्षित

विश्व पर्यटन दिवस पर उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने कहा- अगर मैं राजनेता नहीं होती तो अब मेरा दूसरा करियर ट्रैवल ब्लॉगर बनने का होता। उन्होंने कहा कि बचपन में मैं एस्ट्रोनॉट बनना चाहती थी। इसके बाद मैंने वकील बनने का सपना देखा। वहीं अब सोशल मीडिया पर ट्रैवल ब्लॉगिंग और कंटेंट क्रिएशन मुझे काफी आकर्षित करता है। टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान क्रिएटर्स कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि दीया कुमारी ने यह कहा। कॉन्क्लेव में देशभर के 100 से अधिक ट्रैवल ब्लॉगर, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, स्कूल-कॉलेज के युवा और होटल इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। कार्यक्रम में राजस्थान के पर्यटन को नए दौर के यात्रियों की पसंद और सोशल मीडिया के बदलते ट्रेंड के अनुरूप डवलप करने पर चर्चा हुई। प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स शशांक संघवी, प्रकृति अरोरा और आशीष शर्मा के साथ मंच पर चर्चा करते हुए दीया कुमारी ने अपनी बात रखी। ‘मैं भी आपका जॉब लेना चाहती हूं’ दीया कुमारी ने कंटेंट क्रिएटर्स से कहा- मैं ट्रैवल ब्लॉगर्स के काम से काफी प्रभावित हूं। अब मैं आपका जॉब लेना चाहती हूं। उन्होंने कहा- ट्रैवल ब्लॉगर्स जिस तरह किसी जगह, संस्कृति, खानपान और अनुभव को सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करते हैं, वह काफी दिलचस्प है। कई बार मुझे भी लगता कि ये लोग किस तरह कंटेंट तैयार करते हैं और किसी जगह को इतनी रोचकता से कैसे दिखाते हैं। दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान की सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता है। यहां अलग-अलग तरह के पर्यटन अनुभव एक ही राज्य में मिल जाते हैं। जयपुर की विरासत, आमेर, हवा महल और जंतर-मंतर से लेकर जोधपुर का मेहरानगढ़ और ब्लू सिटी, बीकानेर की अलग स्थापत्य शैली-खानपान, जैसलमेर के सैंड ड्यून्स-गोल्डन फोर्ट, उदयपुर की झीलें-महल और सवाई माधोपुर के टाइगर रिजर्व पर्यटकों को अलग-अलग अनुभव देते हैं। उन्होंने जयपुर के परकोटा क्षेत्र को भी खास बताते हुए कहा- यहां की छोटी-छोटी गलियां और अलग-अलग व्यवसायों के पारंपरिक बाजार शहर को विशिष्ट बनाते हैं। एक गली में किसी खास तरह के उत्पाद मिलना और दूसरी गली में किसी दूसरे कारोबार का केंद्र होना जयपुर की अलग पहचान है। यहां देखिए इवेंट के फोटोज… ‘अब पर्यटक सिर्फ स्मारक देखकर वापस नहीं जाना चाहते’ दीया कुमारी ने कहा- पर्यटन की परिभाषा तेजी से बदल रही है। अब पर्यटक केवल किसी स्मारक पर जाकर फोटो खिंचवाने और उसके बारे में जानकारी लेने सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे अनुभव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा- ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे इसका उदाहरण हैं। पर्यटक अब यह जानना चाहते हैं कि स्थानीय लोग कैसे रहते हैं। क्या खाते हैं। उनकी भाषा, संस्कृति और रहन-सहन कैसा है। इसी तरह वे स्थानीय त्योहारों का हिस्सा बनना और वहां की संस्कृति को करीब से अनुभव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्मारक और संग्रहालय आज भी पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इनके साथ नए अनुभव जोड़ना भी जरूरी है। ‘सरकार अकेले पर्यटन को आगे नहीं बढ़ा सकती’ पर्यटन मंत्री ने कहा- सरकार नीति बना सकती है। आधारभूत ढांचा विकसित कर सकती है। कनेक्टिविटी और सुरक्षा बेहतर कर सकती है, लेकिन पर्यटन में रचनात्मकता और नए अनुभव विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र और स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने राजस्थान की पर्यटन नीति-2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि कॉन्सर्ट और आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार की ओर से कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। जयपुर में हुए आईफा अवॉर्ड्स का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और निजी संस्थाओं के सहयोग से बड़े आयोजन संभव हुए। ‘नए पर्यटन स्थलों को सामने लाना जरूरी’ दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जिनके बारे में अभी पर्यटकों को पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे जगह का प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। इससे नए क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने नाइट टूरिज्म के साथ-साथ दिन और रात दोनों समय के पर्यटन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा- पर्यटन के नए अनुभव विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों को भी साथ लेकर चलना होगा। इन्फ्लुएंसर्स से पूछा- ‘कौन सी रील चलती है, कौन सी नहीं?’ दीया कुमारी ने कहा- ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर्स को पता होता है कि दर्शकों को क्या पसंद आ रहा है। किस तरह की रील आगे बढ़ रही है और किस तरह की सामग्री पर लोगों की प्रतिक्रिया कम मिल रही है। इसी अनुभव का उपयोग राजस्थान के पर्यटन प्रचार में करने के लिए क्रिएटर्स के साथ संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के युवाओं को भी इस तरह के संवाद में शामिल किया गया, ताकि नई पीढ़ी की पसंद और पर्यटन से जुड़ी उनकी अपेक्षाओं को समझा जा सके। शेखावाटी पर भी फोकस दीया कुमारी ने कहा- शेखावाटी के लिए भी नई पर्यटन नीति लाई जा रही है। उन्होंने कहा- वहां पर्यटन विकसित करते समय स्थानीय लोगों को साथ लेकर चलना जरूरी होगा। कला-संस्कृति की हस्तियों को किया सम्मानित कॉन्क्लेव-2026’ में पर्यटन, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। जयपुर के प्रसिद्ध चित्रकार और कलाविद रामू रामदेव को कला और संस्कृति के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए सम्मान मिला। देवांग अग्रवाल को नवीन पर्यटन स्थलों के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं राजस्थान पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में उल्लेखनीय भूमिका के लिए कुलदीप चंदेला को सम्मान दिया गया। अपरंपरागत पर्यटन अनुभवों के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाने वाले अभिमन्यु सिंह को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सामाजिक पर्यटन और ग्राम पर्यटन के विकास में योगदान के लिए श्याम सुंदर पालीवाल को सम्मानित किया गया। लाखों फॉलोअर्स वाले ट्रैवल क्रिएटर्स पहुंचे कॉन्क्लेव में देश के प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स भी शामिल हुए। इनमें शशांक संघवी के करीब 33 लाख फॉलोअर्स हैं। प्रकृति अरोड़ा, आशीष शर्मा के करीब 7 लाख फॉलोअर्स, अंकुश शर्मा और श्रेष्ठा शर्मा के करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा कृतिका गोयल के करीब 7 लाख सब्सक्राइबर और 1.80 लाख फॉलोअर्स है। वहीं लक्ष्मी शरत, जो हेरिटेज टूरिज्म पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटर हैं, उन्होंने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 6:18 pm

सम्भल में विश्व पर्यटन दिवस पर प्रतियोगिताएं:पर्यटन स्थलों पर वीडियो पोस्टर डिजाइनिंग, पर्यटन प्रश्नोत्तरी में बच्चों ने लिया भाग

सम्भल में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को 3 बजे बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में रील निर्माण, पर्यटन स्थलों पर वीडियो पोस्टर डिजाइनिंग और पर्यटन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने जनपद के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार राज्य शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी रहीं। कार्यक्रम संयोजक चन्द्रसेन राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अनामिका यादव, मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट,भाजपा जिला अध्यक्ष हरेंद्र सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन का उद्देश्य जनपद के पर्यटन स्थलों को डिजिटल माध्यमों के जरिये व्यापक पहचान दिलाने के साथ युवाओं को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा। रील निर्माण और वीडियो पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को नए अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं पर्यटन प्रश्नोत्तरी के जरिये प्रतिभागियों ने जनपद की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:35 pm

कानपुर में पर्यटन मंथन का शुभारंभ:सिधांशु राय बोले- स्कूलों में टूरिज्म, क्लब बनाकर पर्यटन एम्बेसडर बनाए जाएं

कानपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर सोसाइटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट और मुस्कुराए कानपुर की ओर से एलेन फॉरेस्ट जू में ‘पर्यटन मंथन’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कानपुर में पर्यटन विकास और शहर की विरासत को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। शिक्षाविद एवं पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. सिधांशु राय ने स्कूलों में टूरिज्म क्लब और पर्यटन एम्बेसडर बनाने की बात कही। फॉरेस्ट ऑफिसर फिरोज ने चिड़ियाघर को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। आनंद गुप्ता ने पर्यटन स्थलों, घाटों, मंदिरों, फूड स्ट्रीट और होटलों की जानकारी वाला क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ब्रोशर तैयार करने की बात कही। विशेषज्ञों ने साप्ताहिक कानपुर दर्शन बस यात्रा, टूरिज्म वॉक और टूरिज्म टॉक शुरू करने, चिड़ियाघर में कानपुर की कलाकृतियों का संग्रहालय बनाने तथा कानपुर और बिठूर महोत्सव को नए स्वरूप में आयोजित करने के सुझाव दिए। तीन वर्ष का पर्यटन रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. हेमंत मोहन और डॉ. पंकजा पांडे ने टूरिज्म वॉक का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संयोजन स्वयं नंदा और संचालन बृजेश शर्मा बिरजू ने किया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों समेत करीब 60 लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:32 pm

विश्व पर्यटन दिवस पर सवाई माधोपुर में विविध पर्यटन गतिविधियां, पर्यटकों का पारंपरिक स्वागत

सवाई माधोपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग ने पर्यटकों के पारंपरिक स्वागत, हेरिटेज वॉक, विद्यार्थियों की क्विज और गलता मंदिर परिसर में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया।

प्रातःकाल 27 Sep 2026 5:21 pm

विश्व पर्यटन दिवस पर सिटी पैलेस में सजी पैनोरमा उदयपुर सीज़न-3 कला प्रदर्शनी

सिटी पैलेस संग्रहालय देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए यह प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। कलाप्रेमियों ने कलाकारों द्वारा उकेरे गए चित्रों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उदयपुर की स्थापत्य कला के विविध आयामों को एक ही मंच पर देखकर सराहना व्यक्त की।

खास खबर 27 Sep 2026 5:10 pm

Bihar: विश्व पर्यटन दिवस पर अररिया के कुसियारगाँव जैव विविधता उद्यान में विधिक जागरूकता शिविर

27 सितंबर, रविवार: अररिया के कुसियारगाँव जैव विविधता उद्यान में विश्व पर्यटन दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 4:45 pm

अररिया के कुसियार गांव में विधिक जागरूकता शिविर:विश्व पर्यटन दिवस पर नालसा-बालसा की योजनाएं बताईं; मुफ्त कानूनी सहायता और अधिकारों की दी जानकारी

विश्व पर्यटन दिवस पर अररिया जिले के कुसियार गांव स्थित जैव विविधता उत्थान बायोडायवर्सिटी पार्क में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। यह शिविर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आयोजित हुआ। शिविर में स्थानीय लोगों को कानून से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) की अलग-अलग योजनाओं के बारे में भी बताया गया। लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त कानूनी सहायता पाने के तरीके और दूसरी कानूनी सेवाओं की जानकारी दी गई। इसका मकसद ग्रामीणों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से दूर न रहे। दर्जनों लोग हुए शामिल, नियमित कार्यक्रम की मांग आसपास के इलाकों से दर्जनों लोग शिविर में शामिल हुए। उन्होंने नालसा और बालसा की योजनाओं को समझा। लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों को फायदेमंद बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 3:47 pm

विश्व पर्यटन दिवस 2026: AI और डिजिटल तकनीक के दौर में भारत में पर्यटन का बदलता स्वरूप

विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नया स्वरूप देने पर केंद्रित है। भारत में ऑनलाइन बुकिंग, यात्रा योजना, स्थानीय सेवाओं की खोज और पर्यटन स्थलों के प्रबंधन में तकनीक की भूमिका बढ़ रही है। आधिकारिक वैश्विक समारोह की मेजबानी अल सल्वाडोर कर रहा है।

तहलका 27 Sep 2026 3:30 pm

Bihar: विश्व पर्यटन दिवस पर सासाराम में चला विशेष स्वच्छता अभियान, गुब्बारे उड़ाकर दिया संदेश

27 सितंबर, रविवार: सासाराम में विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष स्वच्छता अभियान, गुब्बारे उड़ाकर दिया संदेश।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 12:58 pm

MP Tourism:

मध्य प्रदेश ने 2025 में 21.05 करोड़ से अधिक आगंतुकों को दर्ज किया, उज्जैन, इंदौर और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख स्थलों पर घरेलू

वन इंडिया 27 Sep 2026 12:31 pm

विश्व पर्यटन दिवस पर छत्तीसगढ़ को बड़ा तोहफा, हाईवे पर बनेंगे 'हाईटेक वे-साइड एमिनिटीज सेंटर'; डोमिनोज-KFC के साथ मिलेगा छत्तीसगढ़ी स्वाद!

विश्व पर्यटन दिवस (27 सितंबर 2026) के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने राज्य के प्रमुख राजमार्गों- रायपुर-जगदलपुर, रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा पर यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए 'हाईटेक वे-साइड एमिनिटी सेंटर्स' स्थापित करने की घोषणा की है।

दैनिक जागरण 27 Sep 2026 12:29 pm

मुजफ्फरपुर में तैयार हो रहा पर्यटन का नया ठिकाना, नौका विहार, पिकनिक स्पाट और मंदिर दर्शन

मुजफ्फरपुर में बाबा गरीबनाथ सहित तीन मंदिरों और मणिका मन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां नौकायान, रेस्तरां और पिकनिक स्पॉट जैसी सुविधाएं होंगी।

जागरण 27 Sep 2026 11:50 am

ग्वालियर किले में पर्यटन दिवस पर चला स्वच्छता अभियान:नगर निगम संग सामाजिक संस्थाओं और लोगों ने की सफाई, गीला-सूखा कचरा अलग रखने की अपील

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को ग्वालियर के ऐतिहासिक किला परिसर में नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें शहरवासियों के साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने किले के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कर कचरा एकत्र किया और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। शहर और पर्यटन स्थलों की छवि से जुड़ी है स्वच्छता अभियान के दौरान लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने की अपील की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की सफाई सीधे तौर पर शहर की छवि से जुड़ी है। यदि पर्यटन स्थल साफ-सुथरे रहेंगे तो बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच ग्वालियर की अच्छी छवि बनेगी और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छता के साथ पौधरोपण पर भी जोर अभियान के दौरान सफाई के साथ पौधरोपण पर भी जोर दिया गया। लोगों से अपील की गई कि वर्तमान मौसम पौधों के विकास के लिए अनुकूल है, इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं। इससे शहर में हरियाली बढ़ेगी और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण व शुद्ध हवा मिल सकेगी। गीला-सूखा कचरा अलग रखने की सलाह कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की सलाह दी गई। साथ ही प्लास्टिक का उपयोग कम करने और बाजार जाते समय कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। लोगों से कहा गया कि घरों से निकलने वाले सब्जी-भाजी के कचरे और प्लास्टिक वेस्ट को अलग रखने की आदत डालें, जिससे कचरे के बड़े ढेर न बनें। 'शहर को साफ रखना सिर्फ निगम का काम नहीं' अभियान में शामिल बाइक राइडर शबनम ने कहा कि शहर को साफ रखना सिर्फ नगर निगम का काम नहीं है। निगम कर्मचारी सुबह से रात तक सफाई में जुटे रहते हैं, जबकि कचरा हम लोग फैलाते हैं। उन्होंने अपील की कि लोग कहीं भी जाएं, कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 11:13 am

विश्व पर्यटन दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने दी बधाई

New Delhi, 27 सितंबर . विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के उपGovernor मनोज सिन्हा सहित कई नेताओं ने बधाई दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडियो पोस्ट में लिखा, “विश्व पर्यटन दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर हमारे प्राकृतिक ... Read more

डेली किरण 27 Sep 2026 11:08 am

विश्व पर्यटन दिवस: पहाड़, समुद्र या जंगल? अपने मूड के हिसाब से चुनें भारत की ये शानदार डेस्टिनेशन

World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको बताएंगे भारत की खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार घूमने अवश्य जाना चाहिए।

अमर उजाला 27 Sep 2026 11:05 am

घुम्मण दे शाैकीं पंजाबी: घरेलू पर्यटन में पंजाब का जलवा, शहरों से ज्यादा गांवों के लोग सैर सपाटे में आगे

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जारी आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के लोग सैर-सपाटे के काफी शौकीन हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को लेकर उत्साह अधिक है।

अमर उजाला 27 Sep 2026 10:45 am

सवाई माधोपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर हेरिटेज वॉक:पर्यटकों का रेलवे स्टेशन पर किया वेलकम, प्रश्नोत्तरी कॉम्पिटिशन हुआ

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यटन विभाग की ओर से सवाई माधोपुर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस साल दिवस की थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ रखी गई है। कार्यक्रमों के जरिए जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को पर्यटकों और आमजन से जोड़ने का प्रयास किया गया। रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का स्वागत कार्यक्रमों की शुरुआत पर्यटक स्वागत केंद्र के उप निदेशक मधुसूदन सिंह ने रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का स्वागत कर की। इस दौरान पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्टेशन पर कच्ची घोड़ी नृत्य समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिन्हें देखकर पर्यटक आकर्षित हुए। भैरू दरवाजे से गलता मंदिर तक हेरिटेज वॉक पर्यटन विभाग और इंटेक की ओर से जिले के प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों से लोगों को रूबरू कराने के लिए हेरिटेज वॉक निकाली गई। यह भैरू दरवाजे से शुरू होकर शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल आमने-सामने का मंदिर होते हुए गलता मंदिर पहुंची। इसमें शामिल लोगों को क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य के बारे में जानकारी दी गई। गलता मंदिर परिसर में साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। इसके जरिए ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कार्यक्रमों के तहत विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें जिले के पर्यटन स्थलों, इतिहास, संस्कृति और विरासत की जानकारी देकर विद्यार्थियों को पर्यटन के प्रति जागरूक किया गया। विश्व पर्यटन दिवस पर हुए इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जिले की समृद्ध पर्यटन विरासत को बढ़ावा देना और नई तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नए स्वरूप से जोड़ना रहा।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 10:35 am

विश्व पर्यटन दिवस: काशी में पर्यटकों का स्वागत, गंगा स्वच्छता का लिया संकल्प; संस्कृति-परंपरा-पर्यटन का समागम

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को वाराणसी में पर्यटकों के स्वागत और गंगा स्वच्छता को लेकर विभिन्न आयोजन हुए।

अमर उजाला 27 Sep 2026 10:26 am

विश्व नदी और पर्यटन दिवस पर नमामि गंगे ने दिया संदेश, नदियां स्वच्छ हाेंगी तो बढ़ेगा पर्यटन; VIDEO

विश्व नदी और पर्यटन दिवस पर नमामि गंगे ने दिया संदेश, नदियां स्वच्छ हाेंगी तो बढ़ेगा पर्यटन; VIDEO

अमर उजाला 27 Sep 2026 10:25 am

विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन मंत्रालय ने दिल्ली में चलाया स्वच्छता अभियान, की सफदरजंग के मकबरे पर सफाई

विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन मंत्रालय ने दिल्ली में चलाया स्वच्छता अभियान, की सफदरजंग के मकबरे पर सफाई

समाचार नामा 27 Sep 2026 9:33 am

अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक स्थली के लिए सरकार ने खोला खजाना, स्मारक और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास

उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक स्थली बटेश्वर के विकास के लिए 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से स्मारक निर्माण, पार्किंग, श्रद्धालुओं की सुविधाएँ और प्राचीन मंदिरों का संरक्षण किया जाएगा, साथ ही आगरा में अन्य पर्यटन स्थलों का भी विकास होगा।

जागरण 27 Sep 2026 9:24 am

वर्ल्ड टूरिज्म डे पर मानस साहू ने बनाया खास सैंड एनिमेशन, कहा- आर्थिक विकास के लिए पर्यटन जरूरी

विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर ओडिशा के प्रसिद्ध इंटरनेशनल सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने अपनी कला के माध्यम से पर्यटन और तकनीक के संगम का अनोखा संदेश दिया है। 27 सितंबर को मनाए जा रहे वर्ल्ड टूरिज्म डे के लिए उन्होंने अपने स्टूडियो में एक विशेष सैंड एनिमेशन तैयार किया।

खास खबर 27 Sep 2026 9:13 am

फिरोजाबाद में पर्यटन को मिली नई रफ्तार:346 करोड़ से मंदिरों, जैन तीर्थों और ईको जोन का विकास

फिरोजाबाद की पहचान अब सिर्फ कांच उद्योग तक सीमित नहीं रह गई है। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ जिले को ईको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2026-27 तक जिले में 346.42 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम कराया गया है। मंदिरों, जैन तीर्थों, आश्रमों और ऐतिहासिक स्थलों के साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। वर्ष 2020-21 में 2.82 करोड़ रुपए से यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पाढ़म के पौराणिक स्थल, माता सियर देवी मंदिर, खप्पर वाले बाबा सेवा आश्रम, रूपाढी देवी और मदुआ माता मंदिर के विकास कार्य कराए गए। इसके बाद धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने का काम लगातार आगे बढ़ा। रपड़ी में ईको टूरिज्म, चंद्रवाड़ जैन तीर्थ पर काम वर्ष 2022-23 में 16.13 करोड़ रुपए से रपड़ी वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म और चंद्रवाड़ जैन तीर्थ समेत वनखंडी मंदिर, खप्पर बाबा आश्रम और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास कराया गया। वर्ष 2023-24 में 166.16 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनमें चिंतामणि नंदेश्वर मंदिर, बालाजी मंदिर, मां सियर देवी मंदिर, गोपाल आश्रम और नीम करौली बाबा की जन्मस्थली नागऊ शामिल हैं। ग्लास म्यूजियम और पर्यटन सूचना केंद्र भी विकसित होंगे रूरिया में यमुना किनारे ईको टूरिज्म, ग्लास म्यूजियम, पर्यटन सूचना केंद्र और सांस्कृतिक संकुल जैसी परियोजनाएं भी शुरू की गईं। वर्ष 2024-25 में 34.74 करोड़ और 2025-26 में 74.88 करोड़ रुपए से पर्यटन अवस्थापना का विस्तार किया गया। रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र में रोशनी, पेयजल, सुलभ प्रसाधन, यात्री बेंच, क्यूआर कोड आधारित साइनेज और लैंडस्केपिंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 2026-27 में 51.70 करोड़ की नई परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 51.70 करोड़ रुपए की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। टूंडला, फरिहा, चंद्रवाड़ और शिकोहाबाद के धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, यात्री सुविधाएं और लैंडस्केपिंग का काम कराया जा रहा है। आर्य संस्कृति संकुल और नीम करौली बाबा आधारित म्यूजियम के दूसरे चरण का काम भी प्रस्तावित है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, आस्था, संस्कृति और स्थानीय विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर फिरोजाबाद को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 8:58 am

केरल के आयुर्वेद की तर्ज पर चमकेगी झारखंड की 'होड़ोपैथी', आदिवासी चिकित्सा को पर्यटन से जोड़ने में जुटी सरकार

झारखंड सरकार पर्यटन विकास के साथ अपनी हजारों साल पुरानी आदिवासी चिकित्सा पद्धति 'होड़ोपैथी' को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है।

जागरण 27 Sep 2026 7:00 am

45 पर्यटन स्थलों से बदलेगी जिले की तस्वीर,चार श्रेणियों में बांट कर विकसित करने की है योजना

कभी छऊ की जीवंत परंपरा, कभी सदियों पुराने जगन्नाथ मंदिर की आस्था, कभी दलमा-चांडिल की पहाड़ियों व जलाशयों की प्राकृतिक खूबसूरती। सरायकेला-खरसावां के पास पर्यटन की ऐसी विरासत है, जिसे अब योजनाबद्ध तरीके से नई पहचान देने की तैयारी है। जिले के 45 पर्यटन स्थलों को चार श्रेणियों में बांटकर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों को सुंदर बनाना नहीं है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जिले की अर्थव्यवस्था और स्थानीय कला-संस्कृति को भी जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों को श्रेणी ए, बी, सी और डी में रखा गया है। श्रेणी ए में चांडिल एवं दलमा टूरिस्ट जोन को शामिल किया गया है। श्रेणी बी में जिला मुख्यालय स्थित छऊ कला केंद्र और जगन्नाथ मंदिर हैं। श्रेणी सी में शहीद पार्क, पलना डैम, जायदा मंदिर और नीमडी आर्ट एंड क्राफ्ट को स्थान दिया गया है। वहीं श्रेणी डी में जिले के अन्य 35 पर्यटन स्थलों को सूचीबद्ध किया गया है। जिला मुख्यालय के छऊ कला केंद्र के विकास की योजना इस पूरी कवायद का प्रमुख आकर्षण है। पर्यटन विभाग करीब 10 करोड़ की लागत से इसे उच्च स्तरीय कला केंद्र के रूप में विकसित करेगा। इसका डीपीआर तैयार हो चुका है। राशि भी प्राप्त हो चुकी है। इसी तरह आकर्षिणी मंदिर में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से नीचे से ऊपर तक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के सुंदरीकरण के लिए भी अलग डीपीआर है। जल्द ही निविदा की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि पलना डैम को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है। वन विभाग की डीपीआर के तहत पलना डैम और चांडिल डैम के विकास पर फिलहाल करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में पर्यटन स्थलों के विकास का असर केवल पर्यटकों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सुविधाओं के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी खुल सकते हैं। छऊ कला केंद्र के विकसित होने से कलाकारों को प्रदर्शन और प्रशिक्षण के लिए बेहतर मंच मिलेगा। छऊ मुखौटा और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को पर्यटकों से सीधे बाजार मिलने की संभावना है। चांडिल, दलमा और पलना डैम जैसे प्राकृतिक स्थलों के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, वाहन, खान-पान, होम-स्टे, पर्यटन सेवाओं से जुड़े रोजगार के रास्ते खुल सकते हैं। ईको रिसॉर्ट की योजना आगे बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर ठहरने और खान-पान की सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन स्थलों पर मनोरंजन और खेल गतिविधियों का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा। जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार समेत संबंधित विभागों की भूमिका अहम होगी। इस तरह 45 पर्यटन स्थलों का विकास जिले की कला, संस्कृति व अर्थव्यवस्था को जोड़ने का अवसर बन सकता है।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:30 am

विश्व पर्यटन दिवस आज:झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी सरकार, इको टूरिज्म सर्किट बनेगा, भूमिगत कोयला खदानों को देखेंगे पर्यटक

झारखंड को प्रकृति ने भरपूर संसाधन दिया है। पर्यटन के लिहाज से यहां काफी संभावना है। क्योंकि, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवघर, गिरिडीह स्थित पारसनाथ, सिमडेगा स्थित रामरेखा धाम, गुमला में टांगीनाथ, रामगढ़ में मां छिन्नमस्तिका मंदिर में सालों भर पर्यटकों को आने के लिए विवश करती है। इसके अलावा झरना-पहाड़, नदी-डैम और जंगल, ऐतिहासिक धरोहर पर्यटकों को लुभाती है। इसी का नतीजा है कि झारखंड में साल दर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में झारखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर 3.58 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे। जबकि, वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 5.40 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, 2025 में दिसंबर तक पर्यटकों की संख्या करीब 5.42 करोड़ दर्ज की गई। इसे देखते हुए झारखंड सरकार पर्यटन की तस्वीर बदलने के लिए राज्य में इको टूरिज्म सर्किट बनाने की तैयारी कर रही है। पर्यटन विभाग रांची, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार,हजारीबाग सहित अन्य जिलों में इको टूरिज्म विकसित करेगा। इतना ही नहीं आने वाले समय में पर्यटक जमीन के गर्भ में जाकर भूमिगत कोयला खदानों को देखेंगे और राजगीर की तर्ज पर ग्लास ब्रिज पर सैर करते हुए प्राकृतिक नजारा देखेंगे। इन योजनाओं से पर्यटन इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार 1: व्यू प्वाइंट... पतरातू में स्काईवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट: पतरातू घाटी को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पतरातू में स्काईवॉक, व्यू प्वाइंट, जलाशय डैम में सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बनाने की तैयारी है। यहां अन्य स्थलों पर रोपवे बनाने की संभावना भी तलाश की जा रही है। पर्यटन विभाग इसके लिए डीपीआर तैयार कराने में जुटा है। 2: एडवेंचर टूरिज्म... दशम-जोन्हा में ग्लास ब्रिज, हुंडरू में रोपवे: एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दशम फॉल में ग्लास ब्रिज, जोन्हा फॉल में ग्लास ब्रिज और रोपवे और हुंडरू फॉल में रोपवे बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सर्वे कराने और डीपीआर तैयार कराने का काम चल रहा है। अगले साल इसका निर्माण शुरू होगा। दूसरी ओर, खूंटी के पंचघाघ जलप्रपात में 7.5 करोड़ रुपए से सौंदर्यीकरण, फुटब्रिज, फुटपाथ और शौचालय का काम चल रहा है। 3: माइनिंग टूरिज्म... खदानों की सैर, तोपचांची झील बनेगा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन: झारखंड पर्यटन विकास निगम और सीसीएल के बीच समझौते के बाद जुलाई 2025 में माइनिंग टूरिज्म की शुरुआत की गई है। पहले चरण में रांची-पतरातू-उरीमारी सर्किट के तहत नॉर्थ उरीमारी ओपन कास्ट कोयला खदान की गतिविधियां दिखाने की योजना है। वहीं तोपचांची झील को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी है। यहां 184 करोड़ की लागत से पीपीपी मोड पर पर्यटन स्थल विकसित किया जाना है। 4: धार्मिक-हेरिटेज सर्किट... सभी धार्मिक स्थलों को विकसित करने की तैयारी: झारखंड में धार्मिक - हेरिटेज सर्किट बनाने पर भी काम चल रहा है। इसके तहत देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम, दुमका स्थित मलूटी मंदिर,गिरिडीह स्थित पारसनाथ को जैन सर्किट और इटखोरी को बुद्ध सर्किट, रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम को 30 एकड़ में कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यातायात, दर्शन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। बासुकीनाथ धाम में शिवगंगा सरोवर के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में आधुनिक मॉडल शेड बनाने की तैयारी है। रजरप्पा मंदिर और पारसनाथ में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। रजरप्पा के लिए 100 करोड़ से अधिक की योजना बनाई गई है।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:30 am

कुदरत ने बारां को दिए नायाब तोहफे पर्यटन बढ़ाने के प्रयास अब तक अधूरे

प्रकृति ने बारां जिले को जंगल, पहाड़, झरने, किले, प्राचीन मंदिर, वन्यजीव, आदिवासी संस्कृति और हजारों साल पुरानी भूगर्भीय संरचना जैसे नायाब तोहफे दिए है। बारां के पास पर्यटन के लिए वो सब कुछ है, जो किसी डेस्टिनेशन को अपनी पहचान दिला सकता है। सरकारी पर्यटन वेबसाइट भी रामगढ़ क्रेटर, शेरगढ़ किला-अभयारण्य, सीताबाड़ी, शाहाबाद, सोरसन, कपिलधारा और डोल मेले जैसे स्थलों को जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करती है। लेकिन सालों से यहां पर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। रामगढ़ क्रेटर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणाएं लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन वॉच टावर और पर्यटक हट्स जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विलेज के रूप में विकसित करने की योजना भी लंबे समय तक टेंडर प्रक्रिया में अटकी रही। अब ओर काम शुरू हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए 149 लाख रुपए के वर्क ऑर्डर 18 सितंबर को जारी हो चुके है और काम शुरू हो गया है। रामगढ़ में वॉच टावर, पर्यटक हट्स सहित अन्य सुविधाओं के लिए वन विभाग ने तहसीलदार को पत्र भेजा है। अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है। सोरसन में 10 साल से तैयार हट्स के संचालन के लिए अभी भी वन ग्राम समिति से बातचीत हर चल रही है। यह है बारां में पर्यटन स्थल रामगढ़ क्रेटर: भारत में ज्ञात चार इम्पैक्ट क्रेटरों में से एक। इसका व्यास करीब 3.5 किमी है। जियो-हेरिटेज साइट में शामिल। शेरगढ़ वाईल्डलाइफ: शेरगढ़ में वाईल्डलाइफ अभयारण्य और इसके बीच से परवन नदी गुजर रही है। यहां पर सफारी के लिए प्रस्ताव भी भेजे जा चुके है। शेरगढ़ विलेज: शेरगढ़ में किले पर आइकॉनिक ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन व हैरिटेज विलेज बनाने की तैयारी। सोरसन: काले हिरण के लिए प्रसिद्ध। खमनौर ब्रिडिंग सेंटर बनाया जा रहा है। पर्यटक हट्स के संचालन की कमी। शाहाबाद: हाड़ौती का सबसे सघन जंगल है। शाहाबाद किला व कुंडाखोह प्रपात। वाइल्ड लाइफ।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:30 am

कुंभलगढ़ से नाथद्वारा तक बिखरे पर्यटन के अनोखे रंग

आज विश्व पर्यटन दिवस है। पर्यटन के महत्व और ऐतिहासिक, प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहरों को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। राजसमंद जिला भी पर्यटन की इन खूबियों को एक साथ समेटे हुए है। कुंभलगढ़ दुर्ग, हल्दीघाटी, नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर, कांकरोली द्वारकाधीश मंदिर, चारभुजा गढ़बोर और राजसमंद झील प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं। कुंभलगढ़ दुर्ग की करीब 36 किमी लंबी परकोटा दीवार और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली के रूप में खास पहचान है। 2017 में पहुंचे थे सबसे ज्यादा 4.56 लाख देशी: कुंभलगढ़ दुर्ग पर 2017 में सर्वाधिक 4.56 लाख देशी व 12,856 विदेशी पहुंचे। 2018 में 4.12 लाख देशी व 9,772 विदेशी आए। कोरोना के बाद 2021 में 2.85 लाख देशी व 4,063 विदेशी, 2022 में 3.62 लाख व 2,133, 2023 में 4.38 लाख व 6,565 और 2024 में 3.56 लाख व 6,168 पर्यटक पहुंचे। 2025 में 4 लाख देशी और करीब 5 हजार विदेशी पर्यटक आए। 2026 में सितंबर तक 2 लाख से अधिक देशी और 2,100 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं। इतिहासकार कुबेर सिंह सोलंकी के अनुसार, पर्यटकों को सही ऐतिहासिक जानकारी देने के लिए होटल स्टाफ को भी दुर्ग और क्षेत्र के इतिहास से परिचित कराने की पहल की जा रही है। कुंभलगढ़ में सालभर गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। मानसून और वीकेंड में करीब 60 होटल-रिसॉर्ट पर्यटकों से भर जाते हैं। जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुंभलगढ़, नाथद्वारा, हल्दीघाटी और राजसमंद वाले अरावली पर्यटन सर्किट में 40 लाख 4 हजार 291 पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। 2025 में राजस्थान में 2525.03 लाख यानी करीब 25.25 करोड़ घरेलू और 19.45 लाख विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। जनवरी-जून 2026 में प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं हुईं। आगे बढ़ेगा हेरिटेज-एडवेंचर पर्यटन: कुंभलगढ़ में बादल महल, नीलकंठ महादेव मंदिर, वेदी मंदिर, गोलेराव जैन मंदिर, वन्यजीव अभयारण्य, मामादेव और परशुराम महादेव प्रमुख स्थल हैं। जड़फा ट्रेकिंग पॉइंट भी आकर्षण है। कुंभलगढ़ महोत्सव और एडवेंचर टूरिज्म से पर्यटन का दायरा बढ़ रहा है। फोटो-अशोक सोनी

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:30 am

विश्व पर्यटन दिवस आज:हाईवे पर डोमिनोज जैसे ब्रांड लाने की तैयारी, छत्तीसगढ़ी व्यंजन मिलेंगे, पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग व साफ टॉयलेट भी

छत्तीसगढ़ के प्रमुख हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों और पर्यटकों को अब बीच रास्ते में शहरों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल रायपुर-जगदलपुर, रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा जैसे प्रमुख मार्गों पर हाईटेक वे-साइड एमिनिटीस सेंटर यानी यात्री सुविधा केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां एक ही परिसर में पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, फूड कोर्ट, पार्किंग और साफ-सुथरे शौचालय होंगे। फूड कोर्ट में डोमिनोज, पिज्जा हट और केएफसी जैसे ब्रांड के साथ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के आउटलेट भी रखने की योजना है। पर्यटन मंडल ने इन सेंटरों के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। ऐसी जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो हाईवे से सीधे जुड़ी हों और जहां कारों, बसों व भारी वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह हो। स्थान का चयन इस आधार पर भी होगा कि वह दो शहरों के बीच ऐसे पड़ाव पर हो, जहां यात्रियों को रुकने की ज्यादा जरूरत पड़ती है। जमीन तय होने के बाद निजी भागीदारों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाएगा। योजना पीपीपी मॉडल पर होगी। पर्यटन मंडल जमीन और सुविधाओं के मानक तय करेगा, जबकि निजी भागीदार अपने निवेश से सेंटर बनाएगा। और तय अवधि तक उसका संचालन व रखरखाव करेगा। इसके लिए नियम और शर्तें तैयार की जा रही हैं। रास्ते पर मिलेगा छत्तीसगढ़ी स्वादवे-साइड सेंटरों में फूड कोर्ट प्रमुख आकर्षण होगा। यहां डोमिनोज, पिज्जा हट और केएफसी जैसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के आउटलेट लाने की योजना है। स्थानीय आउटलेट में चीला, फरा, ठेठरी, खुरमी, चौसेला, बोरे-बासी, देहरौरी और अंगाकर रोटी जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजन मिलेंगे। इससे बाहर के लोग परिचित हो सकेंगे। ईवी चार्जिंग से लंबा सफर होगा आसानइलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हर सेंटर पर ईवी चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित है। इससे इलेक्ट्रिक कार से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को बीच रास्ते में चार्जिंग की सुविधा मिल सकेगी। पेट्रोल पंप के साथ कार, बस और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था भी होगी। एक ही जगह मिलेंगी सारी सुविधाएंरायपुर-जगदलपुर, रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा जैसे प्रमुख मार्गों पर वे-साइड एमिनिटीस सेंटर बनाए जाएंगे। एक ही जगह पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग, ब्रांडेड व छत्तीसगढ़ी खाने का फूड कोर्ट और साफ-सुथरे शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सेंटर पीपीपी मॉडल पर बनाए और संचालित किए जाएंगे। मानक पर्यटन मंडल तय करेगा।”-सौमिल चौबे, प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:30 am

विश्व पर्यटन दिवस: बारूद के धुएं से अमन की महक तक, कश्मीर में परवान चढ़ रहा है 'बॉर्डर टूरिज्म', सेना मददगार

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास शांति और स्थिरता का एक नया दौर शुरू हो चुका है।

अमर उजाला 27 Sep 2026 4:25 am

विश्व पर्यटन दिवस: दिल को छू लेने वाली है विदेशी महिला सैलानी और ऑटो चालक की एक वीडियो, लाखों व्यूज और लाइक्स

दिल्ली में एक विदेशी पर्यटक और ऑटो रिक्शा चालक के बीच हुई दिल छू लेने वाली घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।

अमर उजाला 27 Sep 2026 3:56 am

Kanpur News: विश्व पर्यटन दिवस...पर्यटकों के दिल में भी बस रहा अपना शहर, हर साल बढ़ रही संख्या

कभी उद्योगों और कारखानों के लिए पहचाने जाने वाले मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट कानपुर की तस्वीर अब बदल रही है। गंगा की लहरें, बिठूर की विरासत, चिड़ियाघर की हरियाली और भीतरगांव के प्राचीन मंदिर शहर को पर्यटन की नई पहचान दे रहे हैं।

अमर उजाला 27 Sep 2026 2:53 am

Moradabad News: पार्कों से धाम तक... पर्यटन के लिए बदल रहा मुरादाबाद

पार्कों से धाम तक... पर्यटन के लिए बदल रहा मुरादाबाद

अमर उजाला 27 Sep 2026 2:44 am

Mirzapur News: विंढम फॉल तक ईको-हेरिटेज वॉक, पर्यटन में एआई के इस्तेमाल पर मंथन

Eco-heritage walk to Wyndham Falls; deliberations on the use of AI in tourism.

अमर उजाला 27 Sep 2026 1:55 am

Sultanpur News: आस्था की राह में बढ़ी रौनक, पर्यटन से रोजगार की उम्मीद

आस्था की राह में बढ़ी रौनक, पर्यटन से रोजगार की उम्मीद

अमर उजाला 27 Sep 2026 1:45 am

Bilaspur News: विद्यार्थियों को पर्यटन के महत्व, रोजगार की संभावनाओं की दी जानकारी

घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के बी वॉक विभाग

अमर उजाला 27 Sep 2026 1:43 am

भारत घूमने आने से डर रही थी विदेशी महिला ट्रैवलर, बोली- जीवनभर याद रहेगा ये अनुभव

भारत घूमने आने से डर रही थी विदेशी महिला ट्रैवलर, बोली- जीवनभर याद रहेगा ये अनुभव

समाचार नामा 26 Sep 2026 11:50 pm

बस अग्निकांड में 9 मौतों के बाद खौफ में दिल्ली की ट्रैवल एजेंसियां, Raj Kalpana समेत कई दफ्तरों पर जड़ा ताला

राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी की बस में आग लगने के बाद संचालक व कर्मचारी कार्यालयों पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं, जिससे ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्री परेशान हैं।

जागरण 26 Sep 2026 11:27 pm

ई-वीज़ा से लेकर क्रूज़ हब तक: विश्व पर्यटन दिवस और भारत के पर्यटन उछाल के 10 महत्वपूर्ण तथ्य

नई दिल्ली। हर साल 27 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यटन दिवस' (World Tourism Day) इस बार भारत के लिए दोहरी खुशियों और ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बन रहा है। ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों का केंद्र रहे भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पर्यटन नीति को 'आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर', 'डिजिटल सुगमता' और 'अनुभव आधारित यात्रा' (Experiential Tourism) के मॉडल में बदल दिया है। इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा (e-Visa) की सरलीकृत व्यवस्था से लेकर तटीय और अंतर्देशीय क्रूज़ हब के विस्तार तक, भारत वैश्विक पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा और सुलभ गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है। आइए जानते हैं विश्व पर्यटन दिवस और भारत के पर्यटन उछाल से जुड़े 10 सबसे महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी तथ्य।1. विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल एजेंडासंयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN Tourism) द्वारा इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की आधिकारिक वैश्विक थीम डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ पर्यटन का पुनर्रचना (Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism) रखी गई है। यह थीम दर्शाती है कि कैसे तकनीक और डेटा विश्लेषण पर्यटन क्षेत्र को स्मार्ट, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल बना रहे हैं। भारत ने इस दिशा में भारत मंडपम से लेकर डिजिटल हेरिटेज गाइड तक कई अत्याधुनिक तकनीकी पहलों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है।2. ई-वीज़ा का महा-विस्तार: 170 से अधिक देशों के नागरिकों को मिला सीधा लाभअंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यात्रा को झंझट-मुक्त बनाने के लिए भारत की ई-वीज़ा (e-Visa) प्रणाली दुनिया के सबसे सफल मॉडलों में से एक बन चुकी है। वर्ष 2014 में केवल 43 देशों के साथ शुरू हुई यह डिजिटल सुविधा अब बढ़कर 170 से अधिक देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके तहत ई-टूरिस्ट, ई-बिजनेस, ई-मेडिकल और ई-कॉन्फ्रेंस वीज़ा घर बैठे ऑनलाइन जारी किए जाते हैं, जिन्हें 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों पर मान्य किया गया है।3. क्रूज़ टूरिज्म में वैश्विक क्रांति: 'क्रूज़ भारत मिशन' और मैरीटाइम इंडिया विजनभारत अपने 7,500 किलोमीटर लंबे समुद्र तट का रणनीतिक उपयोग करते हुए एशिया का शीर्ष क्रूज़ हब बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र सरकार के 'क्रूज़ भारत मिशन' और 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' के तहत मुंबई, कोच्चि, चेन्नई, गोवा और विशाखापट्टनम में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनलों का आधुनिकीकरण किया गया है।ई-ग्रुप वीज़ा की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ ऑपरेटरों और यात्रियों के लिए विशेष 30 दिवसीय मल्टीपल-एंट्री 'e-Group Visit Visa' की सुविधा शुरू की गई है, जिससे विदेशी क्रूज़ यात्रियों को भारतीय बंदरगाहों पर क्यूआर कोड के जरिए तुरंत इमिग्रेशन क्लीयरेंस मिलता है।जहाजों की संख्या में उछाल: देश में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रूज़ कॉल्स की संख्या को 1,000 वार्षिक कॉल तक पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।4. दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज़ यात्रा: 'एमवी गंगा विलास' का कीर्तिमानतटीय पर्यटन के साथ-साथ भारत ने अपने अंतर्देशीय जलमार्गों (National Waterways) को पर्यटन की रीढ़ बना दिया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ (बांग्लादेश होते हुए) तक चलने वाली 'एमवी गंगा विलास' (MV Ganga Vilas) दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा (लगभग 3,200 किमी) का रिकॉर्ड बना चुकी है। गंगा, ब्रह्मपुत्र और केरल के बैकवाटर में संचालित रिवर क्रूज़ ने विदेशी सैलानियों के लिए ग्रामीण और पारिस्थितिक पर्यटन के नए द्वार खोले हैं।5. वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक साख: 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलभारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थापत्य कला विश्वभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। देश में अब कुल 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Sites) मौजूद हैं। हाल के वर्षों में शांतिनिकेतन, होयसल के पवित्र मंदिर समूह और मोइदम्स (असम के अहोम राजवंश की टीला-दफन प्रणाली) को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने से विदेशी पर्यटकों के बीच भारत के सांस्कृतिक हेरिटेज सर्किट की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है।6. 'स्वदेश दर्शन 2.0' और 'प्रसाद' योजना से तीर्थ व थीम-आधारित सर्किटकेंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की 'स्वदेश दर्शन 2.0' और 'प्रसाद' (PRASHAD) योजनाओं ने देश के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों का कायाकल्प कर दिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक (उज्जैन), अयोध्या धाम, केदारनाथ धाम और कामाख्या मंदिर जैसे प्रमुख केंद्रों पर विश्वस्तरीय सुविधाओं, पार्किंग और कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। इसके तहत हेरिटेज, वाइल्डलाइफ, वेलनेस, बुद्ध सर्किट और रामायण सर्किट जैसी थीम-आधारित यात्राओं को संगठित रूप दिया गया है।7. आध्यात्मिक व वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र: योग, आयुर्वेद और मेडिकल वीज़ाआधुनिक तनाव भरी जीवनशैली के बीच भारत दुनिया के 'ग्लोबल वेलनेस कैपिटल' के रूप में उभरा है। उत्तराखंड का ऋषिकेश, केरल के पारंपरिक आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर्स और कर्नाटक व गोवा के ध्यान केंद्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पहली पसंद हैं। भारत के 'हील इन इंडिया' (Heal in India) अभियान और किफायती विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते मेडिकल टूरिज्म के तहत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या में सालाना 30% से अधिक की वृद्धि देखी जा रही है।8. 'देखो अपना देश' और 'वेड इन इंडिया' अभियानों का घरेलू असरविदेशी पर्यटकों के साथ-साथ घरेलू पर्यटन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'देखो अपना देश' जन-आंदोलन ने घरेलू यात्राओं को नई ऊर्जा दी है। इसके साथ ही भारतीय शादियों को विदेशों में आयोजित करने के बजाय देश के हेरिटेज महलों (राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा और केरल) में आयोजित करने के लिए 'वेड इन इंडिया' (Wed in India) अभियान को बढ़ावा दिया गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प और रोजगार को अरबों रुपये का सीधा संबल मिला है।9. बुनियादी ढांचे का सुपर-कनेक्टिविटी नेटवर्क: वंदे भारत और उड़ान योजनापर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत तेज और आरामदायक आवागमन होती है। भारतीय रेलवे की सेमी-हाईस्पीड 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेनों ने देश के सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन नगरों (कटरा, वाराणसी, देहरादून, पुरी, अजमेर, तिरुपति) को महानगरों से कुछ ही घंटों की दूरी पर ला दिया है। वहीं दूसरी तरफ, नागर विमानन मंत्रालय की 'उड़ान' (UDAN - उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत छोटे टियर-2 और टियर-3 शहरों व दूरदराज के द्वीपों (लक्षद्वीप, अंडमान) में नए एयरपोर्ट्स और हेलीपोर्ट्स चालू होने से ऑफबीट लोकेशन्स तक पहुंच बेहद आसान हो गई है।10. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और हॉस्पिटैलिटी का मानकीकरण: NIDHI+ प्लेटफॉर्मपर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने NIDHI+ (National Integrated Database of Hospitality Industry) प्लेटफॉर्म सक्रिय किया है, जिस पर देश के 63,000 से अधिक होटल, होमस्टे और टूर ऑपरेटर्स पंजीकृत हो चुके हैं। भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने विदेशी यात्रियों के लिए बिना स्थानीय करेंसी बदले सेकंडों में डिजिटल भुगतान करना संभव बना दिया है। इसके अलावा गूगल और वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी करके ऐतिहासिक स्मारकों के 360-डिग्री वर्चुअल टूर और एआई-संचालित बहुभाषी गाइड की सुविधाएं शुरू की गई हैं।भारत आज न केवल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों और 'अतिथि देवो भव:' के संस्कार को सहेजे हुए है, बल्कि अत्याधुनिक कनेक्टिविटी और डिजिटल सुगमता के दम पर 21वीं सदी के वैश्विक पर्यटन बाजार का सबसे चमकदार सितारा बनकर उभर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 10:57 pm

विश्व पर्यटन दिवस पर उदयपुर के सरकारी स्कूल छात्रों ने जाना होटल इंडस्ट्री का संसार

उदयपुर में विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर सरकारी स्कूल के छात्रों ने होटल इंडस्ट्री, करियर अवसर और पर्यटन की दुनिया को करीब से जाना।

प्रातःकाल 26 Sep 2026 7:03 pm

घरेलू पर्यटकों की संख्या 428.55 करोड़ तक पहुंची, पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय 2.76 लाख करोड़ रुपए के पार : सरकार

सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ पहुंच गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राएं बढ़कर 2.53 करोड़ हो गईं। इसी अवधि में पर्यटन क्षेत्र से होने वाली विदेशी मुद्रा आय बढ़कर 2,76,831 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

खास खबर 26 Sep 2026 6:19 pm

घरेलू पर्यटकों की संख्या 428.55 करोड़ तक पहुंची, पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय 2.76 लाख करोड़ रुपए के पार: सरकार

New Delhi, 26 सितंबर . Government द्वारा Saturday को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ पहुंच गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राएं बढ़कर 2.53 करोड़ हो गईं. इसी अवधि में पर्यटन क्षेत्र से होने वाली विदेशी मुद्रा आय बढ़कर 2,76,831 करोड़ रुपये तक पहुंच ... Read more

डेली किरण 26 Sep 2026 6:13 pm

विश्व पर्यटन दिवस : महेश्वर में अहिल्या लोक से बदलेगी तस्वीर, खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

नर्मदा तट पर बसा यह नगर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत इतिहास है। जहां घाटों पर आस्था बहती है, किले की दीवारों में अहिल्याबाई होलकर का युग बोलता है और करघों पर चलती महेश्वरी साड़ी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखती है।

दैनिक जागरण 26 Sep 2026 5:33 pm

शिल्पा शेट्टी ने की वेकेशन की तस्वीरें शेयर

मुंबई, विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सभी से प्रकृति की खूबसूरती को महसूस करने की अपील की। फिटनेस क्विन का कहना है कि सेहत और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

देशबन्धु 26 Sep 2026 4:59 pm

World Tourism Day 2026: राजस्थान पर्यटन का नया रिकॉर्ड, 6 महीने में पहुंचे 10.92 करोड़ पर्यटक, विदेशी पसंद Jaipur

आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 4:52 pm

सवाई माधोपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर होंगे विशेष आयोजन, हेरिटेज वॉक शामिल

27 सितंबर को पर्यटकों के स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियान और स्कूली छात्रों की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

प्रातःकाल 26 Sep 2026 4:21 pm

जुलाना के 3 तीर्थस्थलों के लिए 5 करोड़ रुपए मंजूर:होगा सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार, धार्मिक पर्यटन को दिया जाएगा बढ़ावा

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने जुलाना विधानसभा क्षेत्र के तीन तीर्थस्थलों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए करीब पांच करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इनमें आसन स्थित अश्वनी कुमार तीर्थ के लिए 1.99 करोड़ रुपए, रामराय स्थित रामहृदय तीर्थ के लिए 1.48 करोड़ रुपए और बराहकलां स्थित वराह तीर्थ के लिए 1.38 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इन तीर्थस्थलों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। जुलाना रैली में सीएम ने की थी घोषणा हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जुलाना विकास रैली में इन आस्था केंद्रों के विकास की घोषणा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने के लिए बोर्ड चेयरमैन रविंद्र सांगवान से पैसा जल्दी जारी करने का अनुरोध किया था। बैरागी ने कहा कि यह क्षेत्र की धार्मिक विरासत को बचाने की कोशिश है। विकास से जुलाना में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। रामराय, बराहकलां और आसन गांव के ग्रामीणों ने भी सरकार का आभार जताया।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 4:12 pm

उदयपुर में दिन का तापमान 37 डिग्री पहुंचा:गर्मी और उमस से लोग परेशान, पर्यटन स्थलों पर रौनक घटी

उदयपुर में दिन का तापमान 37 डिग्री पहुंच गया है वहीं रात का तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। सुबह करीब 8-9 बजे से ही तेज धूप होने से गर्मी और उमस का असर दिखाई देने लगता है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर बढ़ने लग जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर पर्यटन स्थलों पर देखने को मिल रहा है। गर्मी के चलते पर्यटन स्थलों पर कम ही लोग दिखाई देते हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से उदयपुर में बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते झीलों और तालाबों के जलस्तर बढ़ने की बजाय धीरे-धीरे घटने लगा है। इस बार समय से पहले विदा मानसून: डॉ देवड़ा मौसम विशेषज्ञ डॉ आरएस देवड़ा ने बताया कि जब मानसून की समय से पहले विदाई हो जाती है या उसमें लंबा गैप आ जाता है। तब धरातल से नमी खत्म होते ही सूर्य की किरणें सीधे तापमान बढ़ाती हैं। इस बार मानसून उम्मीद से पहले ही विदा हो गया। अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थम गई। जिससे अचानक तापमान में उछाल आया है।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 3:23 pm

World Tourism Day: ट्रिप के लिए कर रहे बैग पैक तो ये 10 हैक्स याद रखें

अकेले ट्रिप पर जाना चाहते हैं या फैमिली के साथ, किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन 10 ट्रैवल हैक्स को जरूर याद रखें। वर्ल्ड टूरिज्म डे पर नोट कर लें घूमने की कर लें तैयारी।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 2:32 pm

शिल्पा शेट्टी ने शेयर की वेकेशन की तस्वीरें, पर्यावरण की अहमियत पर कही बड़ी बात

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सभी से प्रकृति की खूबसूरती को महसूस करने की अपील की। फिटनेस क्विन का कहना है कि सेहत और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

खास खबर 26 Sep 2026 2:09 pm

वर्ल्ड टूरिज्म डे 2026: पर्यटन बना रोजगार और विकास का मजबूत आधार, धार्मिक यात्राएं बनीं सबसे बड़ी वजह

हर वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। किसी भी कंट्री कीइकोनॉमी और कल्चरल आइडेंटिटी टूरिज्म होती है।

खास खबर 26 Sep 2026 11:12 am

अक्तूबर ट्रैवल प्लेसेज: कपल साथ घूमने का बना रहे प्लान? अक्तूबर में इन 7 जगहों को न करें मिस

October Travel Places: किसी जगह को चुनते समय मौसम, यात्रा की सुविधा, बजट और वहां की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है। कपल्स के लिए शांत पहाड़ी शहरों से लेकर समुद्र किनारे के डेस्टिनेशन और ऐतिहासिक शहरों तक कई विकल्प मौजूद हैं।

अमर उजाला 26 Sep 2026 11:07 am

जैसलमेर में सितंबर में पारा 40 डिग्री के पार:10 साल का रिकॉर्ड टूटा, पर्यटन और फसलों को नुकसान

जैसलमेर में इस बार सितंबर महीने की विदाई के वक्त मौसम अपने तीखे तेवरों से हर किसी को हैरान कर रहा है। अमूमन इस समय तक आसमान गुलाबी ठंडक की ओर अपने कदम बढ़ाने लगता है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बंध जाती है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। सितंबर के महीने में पड़ रही इस कड़ाके की गर्मी और उमस से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और राहत दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के पिछले 10 सालों के आंकड़े बताते हैं कि इतिहास में पहली बार सितम्बर के महीने में लगातार 6 दिनों तक पारा 40 डिग्री के पार टिका रहा। गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव और भीषण गर्मी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस मौसम में लोगों को एहतियात बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है, ताकि इस बेमौसम गर्मी के प्रकोप से बचा जा सके। फसलें बर्बाद हो रही हैं जिले के नहरी और बारानी इलाकों के किसानों पर इस मौसम का सबसे घातक असर हुआ है। अगस्त महीने में हुई छिटपुट बारिश के बाद किसानों ने बाजरा, ग्वार, तिल और मूंग की बुवाई की थी, लेकिन बारिश नहीं होने से खड़ी फसलें जलकर नष्ट हो रही हैं। पर्यटन स्थलों पर पसरा सन्नाटा इस भयंकर गर्मी और चिलचिलाती धूप का सीधा असर जैसलमेर के पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ़्तों में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवक शुरू हो जाती है और यहां के ऐतिहासिक किले, गड़ीसर झील और अन्य दर्शनीय स्थल गुलजार रहने लगते हैं। लेकिन इस बार गर्मी के टॉर्चर के चलते प्रमुख पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं। पर्यटकों की कमी के कारण पर्यटन से जुड़े कारोबारियों, होटल व्यवसायियों और गाइडों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 11:03 am

World Tourism Day 2026: AI के साथ बनाएं अपनी ट्रिप स्मार्ट और बजट-फ्रेंडली, सफर से पहले फॉलो करें ये 5 अचूक तरीके

नई दिल्ली। हर साल 27 सितंबर को दुनियाभर में 'विश्व पर्यटन दिवस' (World Tourism Day) उत्साह के साथ मनाया जाता है। नई जगहों की सैर करना, संस्कृतियों को समझना और जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिताना हर किसी की ख्वाहिश होती है। लेकिन ट्रिप पर जाने से पहले टिकट बुकिंग, होटल की खोज, दिनभर का शेड्यूल तैयार करने और अनपेक्षित खर्चों से निपटने की चिंता अक्सर छुट्टियों का मजा किरकिरा कर देती है। साल 2026 में आधुनिक तकनीक और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पर्यटकों की इस सबसे बड़ी मुश्किल को हमेशा के लिए आसान बना दिया है। अब आपको महंगे ट्रैवल एजेंट्स के चक्कर काटने या घंटों तक इंटरनेट पर रिव्यू पढ़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपकी जेब में मौजूद स्मार्टफोन का एआई टूल आपका पर्सनल, चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला वर्चुअल टूर गाइड बन चुका है।टूरिज्म इंडस्ट्री में एआई के बढ़ते दखल ने यात्रा की पूरी परिभाषा बदल दी है। यूनाइटेड नेशंस वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन (UNWTO) के विजन के अनुसार भी डिजिटल तकनीक सस्टेनेबल और स्मार्ट टूरिज्म को नई दिशा दे रही है। यदि आप भी इस त्योहारी सीजन या आने वाले वीकेंड पर किसी हिल स्टेशन, हेरिटेज सिटी या अंतरराष्ट्रीय वेकेशन की योजना बना रहे हैं, तो एआई का सही इस्तेमाल करके आप अपने समय और पैसे दोनों की भारी बचत कर सकते हैं।सेकंडों में तैयार करें कस्टमाइज्ड और पर्सनलाइज्ड ट्रैवल इटिनररीअक्सर यात्रा पर जाने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि 3 या 4 दिनों में कौन सी जगहें घूमी जाएं और उनका क्रम क्या हो। चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी या माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे आधुनिक जेनरेटिव एआई टूल्स की मदद से आप अपनी पसंद के अनुसार मिनटों में सटीक ट्रैवल प्लान तैयार कर सकते हैं।सटीक प्रॉम्प्ट दें: आपको केवल अपनी प्राथमिकताएं दर्ज करनी होती हैं, जैसे—मैं अपने परिवार के साथ मनाली जा रहा हूं, जिसमें दो बुजुर्ग और एक बच्चा है। मुझे 3 दिन का ऐसा इटिनररी प्लान दें जिसमें चढ़ाई कम हो और सुकून वाली जगहें शामिल हों।समय और दूरी का प्रबंधन: एआई टूल्स न केवल दर्शनीय स्थलों की सूची देते हैं, बल्कि दो जगहों के बीच की दूरी, वहां लगने वाला संभावित समय और ट्रैफिक की स्थिति को ध्यान में रखकर ऐसा रूट मैप बनाते हैं जिससे आपको बार-बार शहर के एक कोने से दूसरे कोने भागना न पड़े।ऑफबीट लोकेशन्स की खोज: यदि आप भीड़भाड़ वाले मुख्य टूरिस्ट स्पॉट्स से बचना चाहते हैं, तो एआई आपको शहर के छिपे हुए कैफे, शांत व्यू-पॉइंट्स और स्थानीय सांस्कृतिक केंद्रों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है।डायनेमिक प्राइस प्रेडिक्शन से करें फ्लाइट और होटल पर भारी बचतसफर का सबसे बड़ा हिस्सा फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के बजट में जाता है। अक्सर लोगों को यह तय करने में उलझन होती है कि टिकट अभी बुक करें या कुछ दिन बाद दाम कम होंगे।प्राइस प्रेडिक्शन टूल्स: गूगल फ्लाइट्स (Google Flights), हॉपर (Hopper) और स्काईस्कैनर जैसे एआई-पावर्ड प्लेटफॉर्म्स एयरलाइंस के ऐतिहासिक डेटा, वेकेशन ट्रेंड्स और सीट अवेलेबिलिटी का विश्लेषण करके आपको बताते हैं कि टिकट बुक करने का सबसे सही समय कौन सा है।स्मार्ट होटल सर्च: एआई-आधारित सर्च इंजन न केवल कमरा बुक करने में मदद करते हैं, बल्कि वे उस होटल के पिछले सैकड़ों रिव्यूज को सेकंडों में एनालाइज करके यह सारांश बता देते हैं कि होटल की सफाई, वाई-फाई स्पीड और स्टाफ का व्यवहार वास्तव में कैसा है।रियल-टाइम वॉइस और विजुअल ट्रांसलेशन: भाषा की दीवार पूरी तरह खत्मअगर आप किसी ऐसे राज्य या देश की यात्रा कर रहे हैं जहां की स्थानीय भाषा आपको नहीं आती, तो पहले रास्ता पूछने या खाना ऑर्डर करने में भारी दिक्कत होती थी। अब एआई विजन और वॉइस ट्रांसलेशन टूल्स ने इस बाधा को जड़ से खत्म कर दिया है।गूगल लेंस और लाइव कैमरा ट्रांसलेशन: किसी रेस्टोरेंट के विदेशी मेन्यू, सड़क के साइनबोर्ड या ऐतिहासिक स्मारकों पर लिखे शिलालेख के सामने अपना कैमरा ऑन करें; एआई तुरंत उस टेक्स्ट को आपकी मातृभाषा में स्क्रीन पर अनुवादित कर देगा।रियल-टाइम वॉयस कन्वर्सेशन: गूगल ट्रांसलेट या चैटजीपीटी के लाइव वॉयस मोड के जरिए आप स्थानीय दुकानदार या टैक्सी ड्राइवर से अपनी भाषा में बात कर सकते हैं, और ऐप आपकी बात को तुरंत स्थानीय भाषा में बोलकर सुना देगा।स्मार्ट बजटिंग और पैकिंग असिस्टेंट: न छूटेगा कोई जरूरी सामानट्रिप के दौरान अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा सामान पैक कर लेते हैं या फिर दवाइयां और चार्जर जैसी जरूरी चीजें घर पर ही भूल जाते हैं। इसके अलावा ट्रिप के दौरान बजट का ट्रैक रखना भी मुश्किल हो जाता है।वेदर बेस्ड पैकिंग लिस्ट: आप एआई को अपनी डेस्टिनेशन और यात्रा की तारीखें बताकर पूछ सकते हैं—मैं अगले हफ्ते लेह-लद्दाख जा रहा हूं, वहां के मौजूदा मौसम के हिसाब से मुझे बैग में कौन से कपड़े और मेडिकल किट रखनी चाहिए? एआई मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार तुरंत जरूरी सामानों की पूरी चेकलिस्ट तैयार कर देगा।एक्सपेंस ट्रैकिंग: यात्रा के दौरान होने वाले खर्चों को ट्रैक करने के लिए कई एआई ऐप्स आ चुके हैं। आप बिल की फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं, और ऐप अपने आप मुद्रा रूपांतरण (Currency Conversion) करके आपके दैनिक बजट का हिसाब रखता है।स्थानीय खान-पान और कल्चरल गाइडेंस का भरपूर आनंदकिसी भी नई जगह का असली मजा वहां के पारंपरिक भोजन और स्थानीय संस्कृति को अनुभव करने में होता है। कमर्शियल वेबसाइट्स अक्सर केवल बड़े स्पॉन्सर्ड रेस्टोरेंट्स का प्रचार करती हैं, लेकिन एआई से आप बिल्कुल प्रामाणिक जानकारी ले सकते हैं।लोकल फूड गाइड: आप एआई से पूछ सकते हैं कि शहर में सबसे प्रामाणिक स्थानीय नाश्ता कहां मिलता है और किस स्ट्रीट वेंडर का स्वाद सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।वर्चुअल हिस्ट्री गाइड: किसी ऐतिहासिक किले, मंदिर या म्यूजियम में घूमते समय आप उस इमारत की तस्वीर खींचकर एआई से उसके इतिहास, वास्तुकला और उससे जुड़ी रोचक लोककथाओं के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक आपके छुट्टियों के अनुभव को न केवल तनावमुक्त और व्यवस्थित बनाती है, बल्कि यह हर यात्री को अपनी तरह से दुनिया देखने की आजादी भी देती है। इस वर्ल्ड टूरिज्म डे पर तकनीक को अपना हमसफर बनाएं और अपनी अगली यात्रा को बनाएं और भी ज्यादा यादगार।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 9:28 am

राजस्थान पर्यटन में नया रिकॉर्ड: छह महीने में 10.92 करोड़ पर्यटक, विदेशी सैलानियों की पहली पसंद जयपुर

2026 की पहली छमाही में राजस्थान में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। घरेलू पर्यटन में सीकर सबसे आगे रहा, जबकि विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर बना रहा।

अमर उजाला 26 Sep 2026 8:35 am

Bareilly News: 14.4 करोड़ से पर्यटन को लगेंगे पंख

जिले में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार कर ली।

अमर उजाला 26 Sep 2026 2:54 am

Kushinagar News: पर्यटन प्रबंधन के गुर सीखने पहुंचे आजमगढ़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी

विश्व पर्यटन दिवस से पहले शुक्रवार को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन विभाग के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर कुशीनगर पहुंचे।

अमर उजाला 26 Sep 2026 1:04 am

भारत और ईयू ने पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और परिवहन में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर की चर्चा

न्यूयॉर्क, 25 सितंबर . India और यूरोपीय संघ (ईयू) ने Friday को पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से इतर न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज और सतत परिवहन और पर्यटन के लिए ... Read more

डेली किरण 25 Sep 2026 11:43 pm

कानपुर में मंधना-गंगा बैराज मार्ग पर 7 करोड़ से लगेंगी 575 आकर्षक लाइटें, बिठूर पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कानपुर के मंधना-गंगा बैराज मार्ग पर 7 करोड़ रुपये की लागत से 9 किलोमीटर में 575 जगुआर लाइटें लगाई जाएंगी। यह परियोजना बिठूर आने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को रात में बेहतर आवागमन सुविधा प्रदान करेगी, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।

जागरण 25 Sep 2026 6:33 pm

जापान में राजस्थान के कम चर्चित पर्यटन स्थलों और बौद्ध विरासत को लेकर बढ़ी रुचि

राजस्थान के किले-महलों और राजसी विरासत से आगे जापानी पर्यटन बाजार में राज्य के कम चर्चित स्थलों, ग्रामीण जीवन, वन्यजीव और बौद्ध विरासत को लेकर भी रुचि बढ़ रही है...

खास खबर 25 Sep 2026 4:39 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा की नॉन-फिक्शन ट्रैवल सीरीज 'मुसाफिरी' का पहला एपिसोड शुक्रवार से रिलीज हो रहा है। इस सीरीज में मुंबई शहर के इतिहास, वहां के समुदायों, छिपी हुई कहानियों और कम चर्चित जगहों को दिखाया जाएगा।

खास खबर 25 Sep 2026 3:33 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो ‘मुसाफिरी’, दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

Mumbai , 25 सितंबर . Actress ऋचा चड्ढा की नॉन-फिक्शन ट्रैवल सीरीज ‘मुसाफिरी’ का पहला एपिसोड Friday से रिलीज हो रहा है. इस सीरीज में Mumbai शहर के इतिहास, वहां के समुदायों, छिपी हुई कहानियों और कम चर्चित जगहों को दिखाया जाएगा. पहले एपिसोड में Mumbai के इतिहास, कल्चर और कुछ सबसे हैरान करने वाले ... Read more

डेली किरण 25 Sep 2026 3:08 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

समाचार नामा 25 Sep 2026 3:02 pm

Travel Tips: पितृपक्ष में जा रहे हैं गया तो फिर होनी चाहिए आपको ये जानकारी, ठहरने से लेकर पहुंचने तक सबकुछ

इंटरनेट डेस्क । पितृपक्ष चल रहा हैं और इस दौरान गया में देशभर से लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और पूजा करने पहुंचते हैं। 2026 में गया में पितृपक्ष मेला सितंबर के आखिर से अक्टूबर की शुरुआत तक चलेगा। अगर पहली बार गया जा रहे हैं, तो सिर्फ पिंडदान की जगहों की जानकारी रखना काफी नहीं है। भीड़ को देखते हुए रहने और आने-जाने की योजना पहले बना ले। गया कैसे पहुंचें? गया पहुंचने का सबसे आसान तरीका ट्रेन है। गया रेलवे स्टेशन देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, लखनऊ और दूसरे शहरों से यहां ट्रेनें मिलती हैं। दिल्ली से भी सीधी ट्रेनें चलती हैं। गया में अपना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दिल्ली समेत कुछ शहरों से सीधी उड़ानें मिलती हैं। गया में कहां ठहरें? पितृपक्ष में गया में काफी भीड़ रहती है, इसलिए आखिरी समय तक रुकने की जगह ढूंढने के बजाय पहले से बुकिंग करना बेहतर रहेगा। अगर आपका मुख्य काम पिंडदान है, तो विष्णुपद मंदिर और चांदचौरा के आसपास रुकना सुविधाजनक हो सकता है। यहां से कई प्रमुख पिंडदान वाली जगहों तक पहुंचना आसान रहता है। pc- aaj tak

राजस्थान खबरे 25 Sep 2026 2:48 pm

Chery Jetour T2 फेसलिफ्ट Traveller 7 चीन में हुई लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

Jetour J2 Facelift: Chery Jetour T2 फेसलिफ्ट (Traveller 7) को चीन में ICE और PHEV दोनों वर्जन में कई अपडेट्स के साथ लॉन्च किया गया है। इसमें नया रिफाइंड डिज़ाइन, अपडेटेड केबिन और बेहतर बैटरी रेंज जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

जागरण 25 Sep 2026 2:33 pm

अमरकंटक का कपिलधारा मार्ग गड्ढों में तब्दील:एक साल बाद भी निर्माण अधूरा; अस्पताल और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना मुश्किल

अनूपपुर की पर्यटन स्थली अमरकंटक का कपिलधारा मार्ग खराब हालत में है। 5 किलोमीटर से ज्यादा लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य एक साल बाद भी अधूरा है। इसे पांच से छह महीने में पूरा करने का दावा किया गया था। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को रोज परेशानी होती है। शहर की जीवनरेखा माना जाता है मार्ग कपिलधारा मार्ग अमरकंटक के मुख्य रास्तों में से एक है और इसे शहर की जीवनरेखा माना जाता है। इसी रास्ते पर शहर का मुख्य अस्पताल है, जहां मरीज, उनके परिजन और एम्बुलेंस लगातार आते-जाते हैं। इसके अलावा कपिलधारा जलप्रपात और दुग्धधारा जैसे कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इसी मार्ग पर हैं, जहां श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश में गड्ढों में भर जाता है पानी इस महत्वपूर्ण सड़क की खराब हालत अब एक गंभीर समस्या बन गई है। अधूरा निर्माण कार्य होने से आना-जाना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर रहता है। बारिश के दिनों में सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर सड़क और गड्ढों में फर्क करना भी कठिन हो जाता है। हादसे में बाइक सवार की हो चुकी मौत कुछ महीने पहले इसी सड़क पर एक बाइक सवार युवक की हादसे में मौत हो गई थी। इस मार्ग पर वाहनों और बसों को बहुत संभलकर चलना पड़ता है। मरीजों को लाने-ले जाने वाली एम्बुलेंस के लिए यह रास्ता सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि उन्हें खराब सड़क पर खतरनाक हालात में आना-जाना पड़ता है। सड़क की मौजूदा स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा रही है। एक साल बाद भी निर्माण अधूरा स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के समय लोगों में बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। पांच से छह माह में निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद सड़क का अधूरा रहना चिंता का विषय है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और लंबे समय से बनी अव्यवस्था के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समस्या के निराकरण की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। पर्यटन सीजन में बढ़ती है परेशानी अमरकंटक में पर्यटन सीजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में कपिलधारा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। बाहर से आने वाले पर्यटकों को जहां प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों के दर्शन की अपेक्षा रहती है, वहीं जर्जर सड़क और गड्ढों से भरा रास्ता उनके सफर को असुविधाजनक बना रहा है। अस्पताल, पर्यटन और आम जनजीवन से सीधे जुड़े इस मार्ग की दुर्दशा ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की समयसीमा और संबंधित विभाग की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिसंबर तक काम पूरा करने का दावा लोक निर्माण विभाग अनूपपुर के कार्यपालन यंत्री पीके लारिया का कहना है कि क्षेत्र में बारिश अधिक और लगातार होते रहने से काम प्रभावित हुआ है। गड्ढों की भराई के लिए कॉन्ट्रेक्टर को निर्देशित किया गया है। हम दिसंबर माह तक सड़क का काम पूरा कर देंगे।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 11:25 am

चंबल के बीहड़ों में दुबई मॉडल की तर्ज पर एडवेंचर टूरिज्म, रेवाइन सफारी का आनंद ले सकेंगे ट्यूरिस्ट

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड चंबल के बीहड़ों में विश्वस्तरीय एडवेंचर और रेवाइन टूरिज्म सर्किट विकसित करेगा। सफारी, कैंपिंग, वाटर स्पोर्ट्स और ग्रामीण अनुभवों से पर्यटन व रोजगार बढ़ाने की योजना है।

दैनिक जागरण 25 Sep 2026 9:25 am

संस्थाओं ने सुझाया IGM में पर्यटन का रोडमैप:गीता क्रिएटर्स मीट से जुड़ेगा GEN-Z, हेरिटेज सर्किट बनाने की एडवाइज; कुरुक्षेत्र में बनें गीता-गंगा घाट

इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) में कुरुक्षेत्र फिर से यज्ञमान बनेगा। इस बार IGM को मेले और धार्मिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय इसे शहर के पर्यटन, तीर्थाटन, युवाओं और संस्कृति से जोड़ने की तैयारी है। गुरुवार को गीता ज्ञान संस्थानम् में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हुई बैठक में 285 धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं ने महोत्सव के स्वरूप को लेकर सुझाव दिए। अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) इन सुझाव पर काम करेगा। ज्यादातर सुझावों में एक बात साफ थी कि महोत्सव 21 दिन का जरूर हो, लेकिन इसका फायदा कुरुक्षेत्र को पूरे साल मिलना चाहिए। इस IGM 5 से 25 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान आर्ट एंड क्राफ्ट मेला लगाया जाएगा। 14 से 20 दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रम होंगे। इनमें गीता यज्ञ, गीता पाठ, प्रदर्शनी, संत सम्मेलन समेत कई कार्यक्रम होंगे। पहली बार दिखेंगी सैन्य और अंतरिक्ष की अचीवमेंट्स IGM में पहली बार देशभर के स्कूलों और यूनिवर्सिटी के करीब 10 लाख स्टूडेंट्स को महोत्सव से जोड़ने की तैयारी है। इसके साथ-साथ नेवी, एयरफोर्स और इसरो अपनी प्रदर्शनी लगाएंगे, यानी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ देश की सैन्य और अंतरिक्ष अचीवमेंट्स को भी महोत्सव से जोड़ा जाएगा। महोत्सव में इस बार दिल्ली और पश्चिम बंगाल स्टेट पार्टनर रहेंगे। कुरुक्षेत्र का इतिहास और महत्सव समझकर लौटें बैठक में आए सुझावों में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि बाहर से आने वाला श्रद्धालु और पर्यटक सिर्फ कार्यक्रम देखकर वापस न जाए, बल्कि कुरुक्षेत्र के इतिहास, महत्सव और संस्कृति को समझकर जाएं। इससे पर्यटक और श्रद्धालु खुद कुरुक्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देंगे। टूर ऑपरेटर बुलाने के साथ चले स्पेशल बसें-ट्रेन श्री जयराम संस्थाओं की ओर से कहा गया कि कुरुक्षेत्र में टूर ऑपरेटरों का विशेष सेमिनार कराया जाए। इसमें उन्हें कुरुक्षेत्र के इतिहास, तीर्थ स्थलों और गीता महोत्सव की जानकारी दी जाए। टूर ऑपरेटर देश के दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कुरुक्षेत्र को टूर पैकेज में शामिल कर सकेंगे। इससे सिर्फ महोत्सव के दिनों में भीड़ बढ़ाने के बजाय कुरुक्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के स्थायी नक्शे पर मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसी के साथ सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की तर्ज पर गीता हेरिटेज बोर्ड या गीता सर्किट बनाने का सुझाव भी आया। इसका मकसद गीता से जुड़े तीर्थों को एक सर्किट में जोड़कर पर्यटकों के लिए घूमना आसान बनाना है। गीता क्रिएटर्स मीट: संतों से लेकर सीएम-पीएम तक गीता पर वीडियो इस्कॉन की ओर से गोविंद कृष्ण दास ने गीता जयंती क्रिएटर्स मीट का सुझाव दिया। इसका मकसद सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक गीता का संदेश पहुंचाना है। इसमें देश के बड़े कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को बुलाया जा सकता है। साथ ही मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, वीआईपी और संत-महात्मा भी गीता से जुड़े छोटे वीडियो या सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करें। इनमें वे गीता के किसी श्लोक, संदेश या अपने अनुभव की बात कहें। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर चलाए जाएं तो महोत्सव का कंटेंट सिर्फ ब्रह्मसरोवर तक सीमित नहीं रहेगा। खासकर युवाओं (GEN-G) तक गीता का संदेश डिजिटल माध्यम से पहुंचाने का रास्ता बनेगा। स्कूलों के लिए फ्री बसें, स्पेशल बस और ट्रेन की मांग कृष्ण कृपा सोसायटी की ओर से स्पेशल बस और ट्रेन चलाने की पेशकश की गई। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने की मांग रखी गई। इसका सीधा असर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पड़ेगा। साथ ही देशभर से स्टूडेंट्स को जोड़ने की तैयारी को देखते हुए स्कूलों के लिए फ्री बसों की सुविधा देने का सुझाव आया। पुरानी पहचान को बचाने की बात बैठक में ब्रह्मसरोवर और आसपास के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने पर भी सुझाव आए। चारों तरफ पेड़ और हरियाली रखने की बात कही गई। साथ ही सरोवर की सफाई पर विशेष ध्यान देने का सुझाव आया। गीता भवन से जुड़े केके गुप्ता की ओर से कुरुक्षेत्र की पुरानी पहचान और ऐतिहासिक स्वरूप को सामने रखने की बात रखी गई। सुझाव यह था कि महोत्सव में नई भव्यता के साथ शहर के पुराने इतिहास और धरोहर को भी सामने रखा जाए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को यह पता चले कि कुरुक्षेत्र सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि लंबे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला क्षेत्र है। सन्निहित सरोवर में सफाई की व्यवस्था हो श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव पंडित रामपाल शर्मा की ओर से सन्निहित सरोवर में पानी की सफाई कराने का सुझाव दिया गया। साथ ही पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए वहां जरूरी पिंडदान सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था का सुझाव आया। इसका मकसद यह है कि तीर्थ पर आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी सामग्री के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और धार्मिक व्यवस्था भी व्यवस्थित रहे। इसके अलावा महोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले फूड कोर्ट और खाने-पीने के स्टॉल ब्रह्मसरोवर की परिधि से बाहर रखे जाएं, क्योंकि ब्रह्मसरोवर धार्मिक तीर्थ है। खाने-पीने की व्यावसायिक गतिविधियों को बाहर रखने से तीर्थ की मर्यादा और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलेगी। संस्था अपने परिसर में एक दिन मनाए गीता महोत्सव अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से सुझाव आया कि महोत्सव सिर्फ ब्रह्मसरोवर या मुख्य आयोजन स्थल तक सीमित न रहे। हर संस्था अपने कार्यालय या परिसर में एक दिन गीता महोत्सव का कार्यक्रम करे। वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता से जुड़े कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां हों। समाज की ओर से देशभर से अपने अग्र बंधुओं को कुरुक्षेत्र आने का निमंत्रण देने की बात भी कही गई। इसी तरह दूसरे समाजों की संस्थाएं भी अपने समाज के लोगों को महोत्सव में बुलाएं। इससे अलग-अलग शहरों से आने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ाने का रास्ता बनेगा। ज्योतिसर नहर पर बने गीता-गंगा घाट पवन शर्मा पहलवान ने ज्योतिसर नहर पर गीता-गंगा घाट बनाने का सुझाव दिया। मांग रखी कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बहते पानी में स्नान और पूजा की सुविधा मिले, जैसे हरिद्वार और बनारस में गंगा के कई घाट है, उसी मॉडल पर यहां घाट बनाया जाए। इसके साथ सतलुज-यमुना लिंक (SYL) में नौका विहार शुरू की जाए। अगर ऐसी सुविधाएं विकसित होती हैं तो धार्मिक पर्यटन के साथ घूमने-फिरने का आकर्षण भी बढ़ सकता है। इससे सरकार को फाइनेंशियल सुपोर्ट मिलेगा। साथ ही रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी। पार्किंग की स्थायी व्यवस्था हो जीओ गीता समिति ने महोत्सव के दौरान आने वाली भीड़ को देखते हुए स्थायी पार्किंग व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। अभी महोत्सव के समय अस्थायी इंतजाम करने के बजाय ऐसी पार्किंग विकसित करने की बात कही गई, जिसका इस्तेमाल पूरे साल किया जा सके। दो समय स्पेशल भंडारे की पेशकश अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान कृष्ण कुमार श्योकंद ने महोत्सव में दो समय स्पेशल भंडारा लगाने की बात कही। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन की सुविधा देने में संस्थाओं की भागीदारी बढ़ेगी। षड्दर्शन साधु समाज ने सुझाव दिया गया कि महोत्सव के दौरान नगर परिषद सीमा या मुख्य आयोजन क्षेत्र में मीट और शराब की दुकानें बंद रखी जाएं। अयोध्या की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर प्रेस क्लब कुरुक्षेत्र के उपप्रधान अशोक यादव ने अयोध्या मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का मीडिया सेंटर बनाने का सुझाव दिया। इसका मकसद देश-विदेश से आने वाले पत्रकारों को रिपोर्टिंग के लिए बेहतर सुविधाएं देना और कुरुक्षेत्र से महोत्सव की खबरों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए एक स्थायी व्यवस्था तैयार करना है। कृष्ण-राम की लीलाओं की जानकारी सनातन धर्म मंदिर की ओर से ललित चावला ने महोत्सव में लगाए जाने वाले फ्लैक्स, होर्डिंग और बोर्ड को ज्यादा रोचक और नया बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन बोर्ड पर सिर्फ कार्यक्रम की जानकारी देने के बजाय बीच-बीच में श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़ी लीलाओं और प्रसंगों की छोटी-छोटी जानकारी दी जाए। केडीबी की अनाउंसमेंट में भी ऐसे प्रसंग बताए जाएं। इससे महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक सिर्फ घूमकर वापस न जाएं, बल्कि साथ में धार्मिक और संस्कार से जुड़ी जानकारी भी लेकर जाएं। लाडवा-पिहोवा-शाहाबाद से भी जोड़े जाने की जरूरत बैठक में यह सोच भी सामने आई कि गीता महोत्सव का असर सिर्फ थानेसर और ब्रह्मसरोवर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लाडवा, पिहोवा और शाहाबाद जैसे कुरुक्षेत्र जिले के दूसरे हिस्सों को भी कार्यक्रमों और पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे आने वाले पर्यटक एक ही स्थान पर रुकने के बजाय जिले के दूसरे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचेंगे।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 6:15 am

Mohali News: दो ट्रैवल फर्मों पर कार्रवाई, एकनूर ग्लोबल्स का आवेदन खारिज

Action taken against two travel firms; Ekanoor Globals' application rejected

अमर उजाला 25 Sep 2026 2:42 am

Faridabad News: अरावली में अवैध खनन के मामले में पर्यटन विभाग ने प्रशासन को भेजा जवाब

Tourism Department sends response to administration regarding illegal mining in the Aravallis.

अमर उजाला 25 Sep 2026 1:43 am

Udhampur News: रामनगर में निकला मार्च, पर्यटन विकास के बारे में किया जागरूक

रामनगर में निकला मार्च, पर्यटन विकास के बारे में किया जागरूक

अमर उजाला 25 Sep 2026 1:13 am

मैजिक शो, पपेट शो और टॉय ट्रेन...दिल्ली के बांसेरा पार्क में विश्व पर्यटन दिवस पर बच्चे दो दिन करेंगे धमाल

विश्व पर्यटन दिवस पर सराय काले खां स्थित डीडीए के बांसेरा पार्क में 26 और 27 सितंबर को 'रंग रस रूह' महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें बच्चों के लिए मैजिक शो, टॉय ट्रेन और गेम्स जैसे कई आकर्षण हैं।

जागरण 24 Sep 2026 9:39 pm

Marco Rubio का बड़ा एक्शन: US Birth Tourism सिंडिकेट और Visa Fraud पर लगेगा कड़ा बैन

अमेरिका ने व्यावसायिक जन्म पर्यटन में शामिल व्यक्तियों को लक्षित करते हुए वीज़ा प्रतिबंध लागू किए हैं, जो फर्जी विवाह और काल्पनिक रोजगार प्रस्तावों सहित वीज़ा धोखाधड़ी को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई एक नई सार्वजनिक रिपोर्टिंग प्रणाली के शुभारंभ के पूरक हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की कि इन उपायों में प्रसव के माध्यम से अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका की यात्रा का समन्वय करने वाले व्यावसायिक दलालों के साथ-साथ प्रतिभागी भी शामिल हैं, और संभावित रूप से उनके तत्काल परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जा सकता है। इस प्रथा की निंदा करते हुए, मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा कि विदेशी व्यावसायिक जन्म पर्यटन नेटवर्क ने लाभ के लिए अमेरिकी नागरिकता बेचने के लिए अमेरिकी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग किया है। इसे भी पढ़ें: Xi Jinping US Visit: अभी तो सिर्फ ट्रेलर सामने आया है, पूरी पिक्चर दिसम्बर में सामने आयेगी, तब दुनिया का हैरान होना तय है सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट ने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं विदेशी आवेदकों को वीज़ा अधिकारियों को धोखा देने के लिए तैयार करती हैं और सिर्फ़ नागरिकता पाने के लिए अमेरिकी ज़मीन पर बच्चे को जन्म दिलाने का इंतज़ाम करने के नाम पर मोटी रकम वसूलती हैं। यह पहल इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत लागू की गई है। इसके तहत कमर्शियल बर्थ टूरिज़्म सिंडिकेट के मालिकों, अधिकारियों और मैनेजरों के साथ-साथ आवेदकों को धोखा देने के लिए तैयार करने वाले बिचौलियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। विदेश में मौजूद मेडिकल स्टाफ़ जो जानबूझकर ऐसी यात्रा और मेडिकेड के फ़र्ज़ी इस्तेमाल में मदद करते हैं, वे भी इन गाइडलाइंस के दायरे में आते हैं, साथ ही बाहरी मददगार भी। मार्को रुबियो ने कहा कि यह निर्देश उन लोगों पर केंद्रित है जो अभी या पहले बर्थ टूरिज़्म को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं, हालांकि बयान में अलग-अलग मामलों का ज़िक्र नहीं किया गया। विभाग ने यह भी कहा कि कुछ परिवार के सदस्य भी इन पाबंदियों के दायरे में आ सकते हैं, लेकिन यह साफ़ नहीं किया कि कौन से रिश्तेदार या किस हद तक के सदस्य इसमें शामिल होंगे। इस कदम को सार्वजनिक संसाधनों, टैक्स देने वालों के पैसे और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के तौर पर पेश करते हुए, प्रशासन ने वीज़ा के गलत इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए स्टेट डिपार्टमेंट के ज़रिए एक डिजिटल चैनल भी शुरू किया है। इसे भी पढ़ें: Iran पर Donald Trump के पास कोई ठोस रणनीति नहीं, पूर्व US NSA John Bolton का दावा यह प्लेटफ़ॉर्म धोखाधड़ी के कई तरीकों को रोकता है, जैसे कि झूठे यात्रा कार्यक्रम, ब्रोकर के ज़रिए नकली शादियाँ, फ़र्ज़ी कंपनियाँ (शेल कंपनियाँ), नौकरी की झूठी जानकारी और 'बर्थ टूरिज़्म' (बच्चे को जन्म देने के लिए विदेश यात्रा) में शामिल होना। कांसुलर अधिकारियों ने गैर-कानूनी यात्रा की कोशिशों को रोकने के लिए चल रहे रोकथाम के तरीकों पर ज़ोर दिया। इसके नतीजों में वीज़ा रद्द होना और आपराधिक जाँच के लिए मामला आगे बढ़ाना शामिल हो सकता है। विभाग ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान वीज़ा धोखाधड़ी के लिए ज़िम्मेदार कई लोगों की जानकारी सार्वजनिक सूचनाओं से मिली, हालाँकि आँकड़ों का ब्यौरा नहीं दिया गया। इस सिस्टम की उपयोगिता बताते हुए प्रशासन ने कहा, यह नया ऑनलाइन टूल जनता के लिए ज़रूरी जानकारी देने का एक आसान और भरोसेमंद ज़रिया है, ताकि उस पर तुरंत समीक्षा और कार्रवाई की जा सके। साथ ही, जानकारी देने वालों को travel.state.gov/reportvisafraud पर जाने के लिए कहा गया।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:59 pm

सांसद राजकुमार सांगवान ने पर्यटन मंत्री से की मुलाकात:बागपत के धार्मिक स्थलों को विकास और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की मांग

बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से मुलाकात की। सांसद ने जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और वहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इन धार्मिक स्थलों के विकास की मांग सांसद ने लव-कुश मंदिर, पुरा महादेव कॉरिडोर, फुलेरा मंदिर, बड़ागांव मंदिर और बाबा गुफावाला मंदिर समेत बागपत के कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बागपत में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले कई स्थल हैं। इनका व्यवस्थित विकास होने से जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। पुरा महादेव के विकास का मुद्दा पहले भी उठा पुरा महादेव मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग पहले भी सामने आ चुकी है। 2024 में सांसद की पहल पर पुरा महादेव मंदिर के विकास के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग ने जिलाधिकारी से मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। वर्तमान में भी पुरा महादेव बागपत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और जिला प्रशासन की ओर से यहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया सांसद के मुताबिक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बागपत के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने और जरूरी विकास कार्यों के लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि बागपत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन के लिहाज से विकसित करना जरूरी है। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:43 pm

बस्तर की नक्सल पहचान से पर्यटन के नए केंद्र तक:प्रकृति, होमस्टे, इको-टूरिज्म से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा विस्तार

छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। कभी नक्सलवाद और हिंसा के संदर्भ में चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र आज प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आतिथ्य के कारण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बदलते माहौल के साथ बस्तर में पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर आकार ले रहे हैं। बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रकृति और संस्कृति का संगम है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर और कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों को प्रकृति, रोमांच, अध्यात्म और इतिहास का अनूठा अनुभव देते हैं। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शनीय स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय जीवन, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और संगीत से भी जुड़ता है। यही वजह है कि बस्तर को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन के एक खास क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कनेक्टिविटी से खुल रहे विकास के नए रास्ते पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। बस्तर में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रयास पर्यटन की संभावनाओं को नई गति दे रहे हैं। ‘बस्तर 2.0’ ब्लूप्रिंट में 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में रायपुर और हैदराबाद के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है। वहीं रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल पर्यटकों को नहीं मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ बस्तर में ग्रामीण और जनजातीय होमस्टे पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्यटन का आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंच सकता है। पर्यटकों के ठहरने के साथ भोजन, स्थानीय गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए आसपास के अन्य परिवारों के लिए भी आय के अवसर बन रहे हैं। बस्तर में नए कमरे के निर्माण पर प्रति कमरा 1 लाख रुपए और पहले से बने कमरे के नवीनीकरण पर प्रति कमरा 50 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान है। न्यूनतम एक और अधिकतम नौ कमरों तक सहायता की व्यवस्था से ग्रामीण परिवार अपनी क्षमता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। वर्तमान में 85 हितग्राहियों के अनुदान के लिए बैंकों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि 27 होमस्टे पहले से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। संस्कृति बनी पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत बस्तर की जनजातीय संस्कृति उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बेलमेटल और धातु शिल्प, लकड़ी और बांस की कला, पारंपरिक आभूषण, नृत्य, संगीत और खान-पान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच दे रहे हैं। वर्ष 2026 के बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की 12 विधाओं को मंच मिला और करीब 55 हजार आदिवासी लोगों की सहभागिता हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर दिया। आस्था से एडवेंचर तक पर्यटन की कई संभावनाएं बस्तर में धार्मिक, सांस्कृतिक, इको और एडवेंचर पर्यटन की संभावनाएं एक साथ मौजूद हैं। मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को आधार देते हैं। वहीं कांगेर घाटी और धुड़मारास जैसे क्षेत्र प्रकृति और रोमांच आधारित पर्यटन के लिए नए अवसर दे रहे हैं। धुड़मारास में एडवेंचर पर्यटन, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी सुविधाओं की योजना है। गांव का यूएन टूरिज्म बेस्ट टूरिज्म विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए चयन भी ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है। पर्यटन से रोजगार और स्थानीय समृद्धि बस्तर के पर्यटन विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय समुदाय तक इसका लाभ पहुंचाना है। होमस्टे संचालक, पर्यटन गाइड, स्थानीय ड्राइवर, भोजन सेवा, हस्तशिल्प विक्रेता, सांस्कृतिक कलाकार और साहसिक पर्यटन से जुड़े युवा इस नई पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। बस्तर के पर्यटन रोडमैप के तहत 45 युवाओं को पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। इससे पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखकर स्थानीय कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयास सामने आते हैं। बस्तर की बदलती तस्वीर बस्तर का पर्यटन ऐसा मॉडल तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है, जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे, जनजातीय संस्कृति की मौलिकता बनी रहे और पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। सड़कें बस्तर को जोड़ रही हैं, हवाई संपर्क दूरी कम कर रहा है, रेल कनेक्टिविटी की संभावनाएं विस्तार पा रही हैं, होमस्टे गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इसकी सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने ला रहे हैं। बस्तर अब केवल अतीत की कहानी नहीं है। यह संभावनाओं का नया अध्याय है, जहां जंगलों की हरियाली, जलप्रपातों की सुंदरता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे रही है। बस्तर की नई पहचान अब उसके अतीत से नहीं, बल्कि शांति, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय विकास की नई संभावनाओं से लिखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 1:33 pm

अमेरिका में हरियाणवी ट्रैवल व्लॉगर पर नस्लीय टिप्पणी:अमेरिकन युवकों ने मजाक उड़ाया, ‘7-इलेवन में क्लर्क बनोगे’; जवाब-मुझे अफॉर्ड नहीं कर पाओगे

दुनिया के 120 से ज्यादा देशों में घूम चुके हरियाणा के ट्रैवल व्लॉगर परमवीर बेनीवाल को अमेरिका में नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा। लास वेगास में दो अमेरिकन युवकों ने बेनीवाल को रोककर कमेंट किए और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी की। अमेरिकन युवकों ने मजाक उड़ाते हुए कहा- क्या 7-इलेवन में कैशियर बनोगे असल में 7-इलेवन कन्वीनियंस स्टोर चेन है, जिसमें काफी संख्या में भारतीय कैशियर-क्लर्क जैसे जॉब करते हैं, जिन्हें अमूमन अमेरिकन यूथ जॉब के तौर पर पसंद नहीं करते। इसे कम दर्जे वाली जॉब मानते हैं। अचानक हुई इस तरह की टिप्पणी पर परमवीर घबराए नहीं बल्कि करार जवाब दिया। परमवीर ने कहा- तुम मुझे अफॉर्ड नहीं कर पाओगे ये सुनकर अमेरिकन युवक सन्न रह गए और कोई जवाब नहीं दे पाए। फिर वो डोंट-डोंट करते रहे। परमवीर ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने यूटयूब चैनल पैसेंजर परमवीर पर अपलोड किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। पहले जानिये…लास वेगास का पूरा घटनाक्रम वीडियो वायरल होते ही दबाव में आया वेब स्ट्रीमर परमवीर का वीडियो वायरल होने के बाद कमेंट करने वाले अमेरिकन वेब स्ट्रीमर की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया सामने आई है। इंस्टा अकाउंट @fore1gnxprime पर डाली वीडियो क्लिप्स के मुताबिक, उसने कहा कि हम पर भारतीयों का हमला हो गया है। उसने माना कि उसने “गलत इन्फ्लुएंसर से पंगा ले लिया”। यह भी कहा कि उसे लगता है कि वह भारत में बड़ा इन्फ्लुएंसर है, इसलिए अब भारतीय यूजर्स उसके अकाउंट्स पर स्पैम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय यूजर्स स्ट्रीमर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पहुंचकर उसके डायरेक्ट मैसेज (डीएम) में उसकी हरकत की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। एक क्लिप में स्ट्रीमर ने अपने फॉलोअर्स से कहा कि आगे की कुछ वीडियोज़ में वह 7-इलेवन रेज बेटिंग (यानी लोगों को भड़काने वाला कंटेंट) वापस लाएगा। उसने यह भी कहा कि तुम लोगों ने गलत इंसान से पंगा लिया है। यानी माफी मांगने या अपने व्यवहार पर खेद जताने के बजाय उसने उसी तरह का कंटेंट दोबारा बनाने की बात कही। क्या है 7-इलेवन वाला ताना परमवीर ने बताया कि अमेरिका में भारतीयों और अन्य दक्षिण एशियाई लोगों को अक्सर कन्वीनियंस स्टोर के कैशियर या कैब ड्राइवर के स्टीरियोटाइप में बांधकर मजाक बनाया जाता है। उनके मुताबिक, भारतीयों के लिए 7-इलेवन और अरब मूल के लोगों के लिए 9/11 जैसे तंज कसे जाते हैं। असल में 9/11 अमेरिका पर हुए आतंकी हमले का दिन रहा है। 7-इलेवन दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल-कन्वीनियंस स्टोर चेन में से एक है। सॉफ्ट रेसिज्म रोज झेलना पड़ता है परमवीर ने वीडियो में कहा कि उन पर इस घटना का ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि विदेशों में सॉफ्ट रेसिज्म का सामना वे रोज करते हैं। उनका कहना था कि भारतीय मेहनत और कानूनी तरीके से कमाकर उन देशों की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रुकनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से लोग ऐसे तंज समझ ही नहीं पाते और नस्लभेद का शिकार होकर चुप रह जाते हैं। वीडियो को मिले 32 लाख से ज्यादा व्यूज परमवीर ने यह पूरा वाकया 22 सितंबर को अपने चैनल पर साझा किया। वीडियो लास एंजिल्स के वेनिस बीच से लास वेगास तक के सफर पर आधारित है। खबर लिखे जाने तक इसे 32 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था और 54 हजार से ज्यादा लाइक मिल चुके थे। परमवीर के यूट्यूब पर करीब 28.4 लाख सब्सक्राइबर हैं।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 1:19 pm

विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार

Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।

अमर उजाला 24 Sep 2026 12:00 pm

बिहार और थाईलैंड के बीच बढ़ेगा पर्यटन कारोबार, बौद्ध सर्किट के प्रचार-प्रसार व सीधी कनेक्टिविटी पर बनी रणनीति

बिहार पर्यटन विभाग थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के पर्यटकों के लिए अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को बढ़ावा दे रहा है। एक थाई प्रतिनिधिमंडल ने बिहार का दौरा किया और पर्यटन सहयोग, कनेक्टिविटी और व्यापार साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

जागरण 24 Sep 2026 7:24 am

चूरू सहित शेखावाटी की भित्तिचित्र कला बनेगी राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

चूरू सहित शेखावाटी की विशिष्ट भित्तिचित्र कला को भारत की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने की तैयारी है। भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी व संस्कृति मंत्रालय ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कला परंपरा को सूची में 65वें क्रमांक पर स्थान दिया गया है। इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण व राष्ट्रीय पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रीय पहचान मिलने से अंचल में पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान कला, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण अभियान समिति की ओर से शेखावाटी की हवेलियों में उकेरे गए भित्तिचित्रों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। संस्था ने संबंधित विभागों को लगातार पत्राचार किया और शोध सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद संस्कृति मंत्रालय ने सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की। {जिला मुख्यालय पर 1870 में बनी सुराणा हवेली को चूरू का हवामहल कहा जाता है। इसमें 1133 खिड़की-दरवाजे हैं। यह हवेली फिल्मों की शूटिंग के लिए भी जानी जाती है। सुजानगढ़ में साहित्यकार कन्हैयालाल सेठिया की 135 वर्ष पुरानी हवेली स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है। वहीं रतनगढ़ में पोद्दार परिवार द्वारा निर्मित गजकेशरी हवेली स्थापत्य कला व भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। जिले में 400+ हवेलियां ऐसी हैं, जिनका सौंदर्यीकरण करवाकर पर्यटन के रूप में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि अधिकतर के मालिक बाहर रहते हैं। जिला प्रशासन ने भित्ति चित्रों से सजी व स्थापत्य कला के रूप में विशिष्ट पहचान रखने वाली जिले की 112 हवेलियों को सूची तैयार करवाई है। इनमें सर्वाधिक सरदारशहर की 35, सुजानगढ़ की 24, छापर की 15, चूरू की 12, तारानगर की 9 व रतनगढ़ की 7 हवेलियां हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूरू की सुराणा हवेली, कोठारी हवेली, पारख हवेली, बांठिया हवेली, बोथरा हवेली, रावतमल हवेली, नगरश्री व कोठारी हवेली पर क्यूआर कोड लगाए है, जिन्हें स्कैन कर अंदर के भित्तिचित्र देखे जा सकते हैं। शेखावाटी की सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह कला व विरासत प्रेमियों, शोधकर्ताओं, स्थानीय समुदायों व वर्षों से इस धरोहर को बचाने में जुटे लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। -नितिन बजाज, संयोजक, राजस्थान कला, संस्कृति व विरासत संरक्षण अभियान समिति

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:30 am

दिवेर विजय महोत्सव का समापन 26 को, केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत व उप मुख्यमंत्री बैरवा आएंगे

प्रताप गौरव केंद्र में चल रहे 10 दिवसीय ‘दिवेर विजय महोत्सव’ का भव्य समापन समारोह 26 सितंबर को शाम 4 बजे केंद्र परिसर स्थित कुंभा सभागार में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे। वहीं, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता धरोहर के चेयरमैन एवं न्यासी संजय सिंघल करेंगे और नगर निगम उदयपुर के महापौर पारस सिंघवी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महोत्सव के तहत चल रही कार्यशालाएं अब अंतिम चरण में हैं। चित्रकार अपनी कृतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और जल्द ही प्रतियोगिताओं के परिणाम जारी किए जाएंगे। सहसंयोजक डॉ. देवेंद्र श्रीमाली के अनुसार, गुरुवार शाम 6 बजे पद्मिनी सभागार में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें भरतनाट्यम, कथक और कालबेलिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सहसंयोजक हरीश राजानी ने बताया कि समापन व्यवस्थाओं को लेकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा और महामंत्री दीपक शुक्ल के नेतृत्व में बैठक हुई। इसके अलावा, गुरुवार शाम पानेरियों की मादड़ी की मयूरवन कॉलोनी स्थित नर्बदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में ‘दिवेर का रणघोष’ नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:30 am

6 एकड़ में बना हर्बल गार्डन, जनता के लिए खुला:25 आयुष परियोजनाएं शुरू, पर्यटन स्थलों पर 12 वेलनेस सेंटर भी खुलेंगे

प्रदेश में आयुर्वेद और वेलनेस सेवाओं के विस्तार के लिए बुधवार को 184 करोड़ रुपए की 25 आयुष परियोजनाओं की शुरुआत हुई। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 आयुष भवनों का लोकार्पण किया, जबकि 13 भवनों, चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों का भूमिपूजन किया। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इन्हें ‘आयुष आरोग्यम धाम’ नाम दिया गया है। महाविद्यालय परिसर में तैयार स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। यहां आने वाले लोग पौधों के सामने लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उनके बारे में जानकारी ले सकेंगे।डिंडौरी में 102 करोड़ का आयुर्वेद कॉलेज डिंडौरी में 102 करोड़ रुपए की लागत से बने आयुर्वेद महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ। इसके साथ प्रदेश में आयुष महाविद्यालयों की संख्या 9 हो गई है। वहीं, 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के मुताबिक प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग संचालित हैं।आयुष इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष मंत्री से चर्चा के बाद निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द शुभ समाचार मिलेगा।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:30 am

ऋषिकेश: गंगा पूजन के साथ मुनि की रेती में रिवर राफ्टिंग का रोमांच शुरू, पर्यटन कारोबार को रफ्तार की उम्मीद

मुनि की रेती क्षेत्र में बुधवार को गंगा की लहरों पर रोमांच का दौर शुरू हो गया। रिवर राफ्टिंग के नए सीजन का विधिवत शुभारंभ गंगा पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ।

अमर उजाला 24 Sep 2026 1:45 am

लाल आतंक से मुक्ति, पर्यटन से समृद्धि; 'बस्तर 2.0' से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर

बस्तर अब नक्सलवाद की पहचान छोड़कर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आतिथ्य के कारण पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है। 'बस्तर 2.0' ब्लूप्रिंट, बेहतर कनेक्टिविटी और होमस्टे नीति के माध्यम से यह क्षेत्र स्थानीय समृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।

जागरण 23 Sep 2026 9:54 pm

Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद

आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 5:32 pm

जालंधर के युवक की कंबोडिया से पंजाब वापसी:तीन साल बाद लौटा, ट्रैवल एजेंट की ठगी का शिकार हुआ, 7.5 लाख रुपए हड़पे

जालंधर के रहने वाले हरदीप कुमार करीब तीन साल बाद कंबोडिया से भारत लौट आए हैं। उन्हें एक ट्रैवल एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगा था। हरदीप के परिवार ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय और दूसरे अधिकारियों से संपर्क किया गया। स्वदेश लौटै हरदीप के परिवार ने बताया कि एक ट्रैवल एजेंट ने हरदीप को पुर्तगाल भेजने का लालच देकर करीब 7.5 लाख रुपए लिए थे। आरोप है कि एजेंट ने उसे पुर्तगाल भेजने के बजाय पहले थाईलैंड और फिर कंबोडिया भेज दिया। कंबोडिया पहुंचने पर हरदीप का पासपोर्ट भी उसे वापस नहीं मिला। मई 2025 में उसका वीजा भी खत्म हो गया, जिससे उसकी परेशानियां और बढ़ गईं। सड़क हादसे में टूटा पैर निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचे हरदीप कुमार ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि कंबोडिया में रहते हुए उनका एक सड़क हादसा हो गया था। इसमें उनका पैर टूट गया। हादसे के बाद उन्हें लंबे समय तक सही इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाईं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब 15 महीने तक बहुत मुश्किल हालात झेले। हरदीप कुमार के परिवार ने 9 जून 2026 को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी। उन्होंने हरदीप को कंबोडिया से सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संत सीचेवाल ने तुरंत विदेश मंत्रालय को ईमेल भेजकर दखल देने को कहा। राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने उठाया मामला परिवार ने बताया कि जब उम्मीद के मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला फिर से विदेश मंत्रालय के सामने उठाया गया। साथ ही, कंबोडिया में भारतीय दूतावास से भी हरदीप की मदद और सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया। लगातार कोशिशों के बाद अधिकारियों ने इस मामले में कार्रवाई की। आखिरकार, 29 अगस्त 2026 को हरदीप कुमार अपने परिवार के पास सुरक्षित भारत लौट आए। परिवार ने सीचेवाल का जताया आभार हरदीप कुमार की सुरक्षित वापसी के बाद परिवार ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल का आभार जताया। परिवार ने कहा कि उन्होंने मामले को विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ लगातार फॉलो-अप किया, जिसके चलते हरदीप की भारत वापसी संभव हो सकी। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि नौकरी और बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश जाने वाले युवाओं को ट्रैवल एजेंटों के झूठे वादों और गैर-कानूनी तरीकों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की कि विदेश जाने से पहले एजेंट और पूरी प्रक्रिया की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें तथा केवल कानूनी और सरकार द्वारा मंजूर माध्यमों से ही विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी करें।

दैनिक भास्कर 23 Sep 2026 2:12 pm

मोहाली में बिना टैक्स दौड़ रही टूरिस्ट बसों पर एक्शन:13 वाहनों के 7 लाख के चालान काटे; 8 बसे- 3 टेंपो ट्रैवलर शामिल

मोहाली आरटीओ ने पंजाब का टैक्स चुकाए बिना सड़कों पर दौड़ रहे प्राइवेट टूरिस्ट बसों और अन्य कमर्शियल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग को लंबे समय से ऐसे वाहनों की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 13 वाहनों के चालान किए गए, जिनकी कुल राशि करीब 7 लाख रुपए है। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कुछ टूरिस्ट बसें पंजाब का टैक्स जमा किए बिना यहां चल रही थीं। इससे परिवहन नियमों का उल्लंघन होने के साथ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। कार्रवाई के दौरान 8 टूरिस्ट बसों और 3 टेंपो ट्रैवलर्स के चालान किए गए। इसके अलावा कागजात और टैक्स से जुड़ी कमियां मिलने पर 10 से 12 वाहनों को अलग-अलग पुलिस थानों में जब्त करवाया गया। कुछ चालान मौके पर भरे, वाहन छोड़े कार्रवाई के दौरान कुछ वाहन चालकों ने मौके पर ही चालान और बकाया टैक्स जमा कर दिया। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके वाहनों को छोड़ दिया गया। वहीं, जिन वाहनों के मामलों का मौके पर निपटारा नहीं हो सका, उन्हें पुलिस थानों में खड़ा करवाया गया। लालड़ू और लेहली थाने में जब्त वाहन असिस्टेंट आरटीओ गगनदीप ने बताया कि कार्रवाई में पकड़ी गई कुछ बसों को लालड़ू और कुछ को लेहली पुलिस स्टेशन में जब्त करवाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बसों और अन्य कमर्शियल वाहनों की चेकिंग लगातार जारी रहेगी। जरूरत के अनुसार दिन के साथ रात में भी अभियान चलाया जाएगा। टैक्स बकाया या नियमों की अनदेखी मिलने पर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Sep 2026 8:35 am

Varanasi News: युवा पर्यटन क्लब ने जानी तुलसी और कबीर की संत परंपरा

Youth Tourism Club explored the saintly traditions of Tulsidas and Kabir

अमर उजाला 23 Sep 2026 2:22 am

कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों के मुहानों पर दिखेगी हिमाचली परंपरा और पर्यटन स्थलों की झलक

कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों को हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के चित्रों से सजाया गया है। यह कलाकृति पर्यटकों को राज्य की परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता से रूबरू कराएगी।

जागरण 22 Sep 2026 6:51 pm

ललितपुर पहुंचे प्रशिक्षु PCS अधिकारियों को दिया गया प्रेजेंटेशन:जिले की भौगोलिक, पर्यटन और प्रशासनिक गतिविधियों की दी जानकारी

मंगलवार को ललितपुर पहुंचे प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक और ब्रीफिंग सेशन रखा गया। इसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार ने की। बैठक की शुरुआत में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और कोषाधिकारी ने प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों के दल नायक नितिन कुमार और अन्य सभी अधिकारियों का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी ने उन्हें ललितपुर जिले की भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताया। उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र विक्रम ने जिले के प्रशासनिक मामलों, राजस्व संबंधी प्रकरणों, कृषि व्यवस्था और स्थानीय औषधीय वातावरण पर जानकारी दी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने पीपीटी के जरिए जिले के जल संसाधनों और प्रमुख बांधों की स्थिति के बारे में बताया। पर्यटन अधिकारी हेमलता ने ललितपुर जिले को पर्यटन के लिहाज से बहुत खास बताया। उन्होंने यहां के पुरातात्विक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का सचित्र प्रेजेंटेशन दिया। जीएसटी कमिश्नर हीरालाल ने जीएसटी विभाग के कामकाज और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। कोषाधिकारी राहुल यादव ने जिले की ट्रेजरी प्रणाली, वित्तीय संचालन और प्रशासनिक गतिविधियों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक के बाद ट्रेनी पीसीएस अधिकारियों के दल ने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश से मुलाकात की। उन्होंने जिले के भ्रमण की रणनीति पर चर्चा की। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी जखौरा सौरभ वर्णवाल समेत प्रशासन और अलग-अलग विभागों के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 22 Sep 2026 4:51 pm

हिमाचल सरकार ने बदले दो IAS अधिकारी, पदभार का इंतजार कर रहे अनुराग चंद्र शर्मा संभालेंगे पर्यटन विकास निगम

हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने दो आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। अनुराग चंद्र शर्मा को पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि डॉ. राजीव कुमार को अगली तैनाती का इंतजार है।

जागरण 22 Sep 2026 4:48 pm

छत्तीसगढ़ में पर्यटन की बदली तस्वीर:हर दूसरे सैलानी का सफर राजिम और डोंगरगढ़ तक; दोनों जगह 1.96 करोड़ फुटफाल

छत्तीसगढ़ में पर्यटन का ट्रेंड तेजी से धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ रहा है। 2025 में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 4.05 करोड़ यात्राएं दर्ज की गई। इनमें अकेले राजिम और डोंगरगढ़ की हिस्सेदारी 1.96 करोड़ यानी 48.4% रही। यानी प्रदेश में दर्ज लगभग हर दूसरी पर्यटन यात्रा इन दोनों धार्मिक स्थलों की रही। नए धार्मिक केंद्र भी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी, शिवरीनारायण, गिरौदपुरी धाम, कुदरगढ़ और चंद्रहासिनी मंदिर को 2025 में पर्यटन केंद्रों की सूची में शामिल किया गया। पहले ही साल इन पांच जगहों पर 95 लाख से ज्यादा यात्राएं दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 3.15 करोड़ यात्राएं दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4.05 करोड़ हो गया। यानी महज एक साल में 90 लाख या 28.6% की वृद्धि हुई। उपलब्ध पिछले सात वर्षों के आंकड़ों में यह सबसे बड़ी वार्षिक संख्या है। राजिम और डोंगरगढ़ में सबसे ज्यादा फुटफॉल दर्ज किया गया। 2024 में राजिम में 78 लाख यात्राएं हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 1.12 करोड़ हो गई। यानी एक साल में 34 लाख की बढ़ोतरी। पहली बार सूची में 5 धार्मिक केंद्र, पहले साल 95 लाख पार छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 2025 में कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी, शिवरीनारायण, गिरौदपुरी धाम, कुदरगढ़ और चंद्रहासिनी मंदिर चंद्रपुर को पर्यटन केंद्रों की सूची में शामिल किया। पहले ही साल इन स्थलों पर कुल 95 लाख से ज्यादा यात्राएं दर्ज हुईं। टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों का अनुमान है कि 2026 में इन पांच केंद्रों का आंकड़ा एक करोड़ के पार जा सकता है। बढ़ते फुटफॉल को देखते हुए यहां पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। कौशल्या धाम में बने कॉटेज को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है और इसके लिए जल्द टेंडर जारी करने की तैयारी है। दूसरे धार्मिक केंद्रों पर भी सुविधाएं और बुनियादी ढांचा बढ़ाने की योजना है। 2025 में प्रमुख केंद्रों पर बढ़ा फुटफॉल “छत्तीसगढ़ में अब अनुभव आधारित पर्यटन, होमस्टे, राम वन गमन परिपथ, जनजातीय व ईको टूरिज्म, बुनियादी ढांचे और पीपीपी के जरिए नए निजी निवेश पर काम कर रहे हैं। लक्ष्य पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने व उनका खर्च भी बढ़ाना है।” —सौमिल रंजन चौबे, एमडी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड

दैनिक भास्कर 22 Sep 2026 5:30 am

विश्व पर्यटन दिवस 2026: सितंबर के आखिर में घूमने के लिए ये 5 जगहें हैं परफेक्ट

Places to Visit in September In India: हर साल 27 सितंबर को विश्व टूरिज्म डे मनाया जाता है। ऐसे में इस मौके पर हम आपको भारत की पांच ऐसी जगहों की जानकारी देंगे, यहां आप इस महीने के आखिर में घूमने जा सकते हैं।

अमर उजाला 20 Sep 2026 10:29 am

Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान

अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खास‍ियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार व‍िजयनगर साम्राज्‍य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्‍पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 2:10 pm

Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें

हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 4:56 pm

Travel Tips: Trishla Farmhouse

इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)

समाचार जगत 12 Sep 2026 3:40 pm

Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें

मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंड‍िया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:06 pm

Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal

इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:50 pm

सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल

किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 4:18 pm

UGC NET री-एग्जाम से पहले दिल्ली के अभ्यर्थियों के लिए NTA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, जानें जरूरी बातें

UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 3:16 pm

Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary

उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 3:28 pm

Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules

आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 10:59 am

चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं

टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।

आज तक 5 Sep 2026 2:38 pm

September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम

सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 5:48 pm

कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा

3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 10:11 am

International Tourism Trends: बजट और वाइब्स के मामले में क्यों छा रहे हैं ये 4 Honeymoon Destinations

शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:24 pm

दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें

अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 4:40 pm

Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट

जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्‍स्‍प्‍लोर अब आप द्वारकाधीश मंद‍िर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शि‍व के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्‍योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:46 pm

Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace

भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:58 pm

Vacation Sex Tips: ट्रिप के दौरान कैसे करें रोमांस, होटल रूम से लेकर टाइमिंग तक रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपकी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग या एक जैसी हो गई है, तो पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाना अच्छा आइडिया हो सकता है। रोज की भागदौड़ से दूर छुट्टियों का माहौल आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका देता है। नए माहौल में रोमांस और नजदीकियां रिश्ते में एक नई ताजगी ला सकती हैं। लेकिन छुट्टियों में इंटीमेसी को बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान टिप्स, जो आपके कपल टाइम को और खास बना सकते हैं। अपनी पसंद की चीजें साथ लेकर जाएं अगर आपके लिए कोई खास चीज रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करती है, तो उसे ट्रिप पर साथ ले जा सकते हैं। यह आपकी पसंद की कोई रोमांटिक एक्सेसरी, परफ्यूम, आरामदायक नाइटवियर या दूसरी पसंदीदा चीज हो सकती है। ध्यान रखें कि जो भी चीज आप इस्तेमाल करें, उसमें दोनों पार्टनर की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। सिर्फ बेड तक सीमित न रहें होटल का कमरा सिर्फ सोने के लिए नहीं होता। छुट्टियों में आप कमरे के माहौल को थोड़ा अलग और रोमांटिक बना सकते हैं। कमरे की लाइटिंग, खुशबू और म्यूजिक जैसी छोटी चीजें भी मूड को बेहतर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी तरह की एक्टिविटी में होटल की संपत्ति और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी आजमाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कपल्स अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या के हिसाब से ही इंटीमेट होते हैं। छुट्टियों में आपके पास समय की थोड़ी ज्यादा आजादी होती है। इसलिए अगर आमतौर पर आपके पास सिर्फ रात या सुबह का समय होता है, तो छुट्टी के दौरान दिन में भी एक-दूसरे के साथ रोमांटिक समय बिताया जा सकता है। जल्दबाजी न करें काम, घर और रोज की जिम्मेदारियों के बीच कपल्स के पास अक्सर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। छुट्टियां इस रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का अच्छा मौका देती हैं। एक-दूसरे के साथ आराम से समय बिताएं, बातचीत करें और बिना किसी जल्दबाजी के पल को एंजॉय करें। यहां मकसद किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना है। छुट्टियों में काम को थोड़ा दूर रखें अगर आप छुट्टियों पर भी लगातार ईमेल, ऑफिस चैट या काम के मैसेज चेक करते रहेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाएगा। इसलिए जहां संभव हो, काम से ब्रेक लें। लैपटॉप और ऑफिस नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए दूर रखना आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे पर ध्यान देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर और भावनाओं पर ध्यान दें छुट्टियां खुद को रिलैक्स करने और अपने पार्टनर के साथ जुड़ने का अच्छा समय होती हैं। अपने आसपास के माहौल को महसूस करें और पार्टनर के साथ बिताए जा रहे समय पर ध्यान दें। नए माहौल, नई जगह और पार्टनर की मौजूदगी को महसूस करने से रोमांटिक कनेक्शन और बेहतर हो सकता है। ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं इंटीमेसी के दौरान ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल आराम और सुविधा बढ़ाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर अगर ड्रायनेस या असहजता महसूस हो रही हो, तो सही ल्यूब्रिकेंट उपयोगी हो सकता है। ट्रिप पर जाने से पहले इसे साथ रखना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखें कई बार इंटीमेसी के दौरान लोग काम, तनाव या दूसरी बातों के बारे में सोचते रहते हैं। इससे वे उस पल को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते। छुट्टियों में खुद को थोड़ा रिलैक्स करने की कोशिश करें। किसी तरह की परफॉर्मेंस या उम्मीद का दबाव न बनाएं और अपने पार्टनर के साथ सहज तरीके से समय बिताएं। इसे भी पढ़ें: Couples Special: बोरिंग Sex Life को रोमांचक बनाने के लिए ट्राई करें ये 4 नई Sex Positions यह न गिनें कि कितनी बार इंटीमेट हुए छुट्टियों में ज्यादा रोमांस होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर दिन या बार-बार इंटीमेट होना ही चाहिए। हर कपल की पसंद और कम्फर्ट अलग होता है। इसलिए खुद पर या पार्टनर पर कोई दबाव न डालें। अगर छुट्टी के माहौल में ढलने में थोड़ा समय लग रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ नया आजमाने की कोशिश करें छुट्टियां रिश्ते में कुछ नया करने का अच्छा मौका हो सकती हैं। आप कोई नया रोमांटिक आइडिया, नई एक्टिविटी या ऐसी चीज आजमा सकते हैं जिसे दोनों पार्टनर पहले से करने की इच्छा रखते हों। लेकिन यहां भी दोनों की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। अगर किसी एक पार्टनर को कोई चीज पसंद नहीं है, तो उसे करने का दबाव नहीं होना चाहिए। छुट्टियों में रोमांस का असली मतलब वेकेशन सेक्स या छुट्टियों में इंटीमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है। असल में यह अपने पार्टनर के साथ बिना रोजमर्रा के तनाव के क्वालिटी टाइम बिताने और रिश्ते में नजदीकी बढ़ाने का मौका है। इसलिए छुट्टी के दौरान खुद पर किसी तरह का दबाव न डालें। साथ में घूमना, बातें करना, एक-दूसरे को समय देना और छोटे-छोटे रोमांटिक पल भी रिश्ते को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:54 pm

Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी

Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी

समाचार नामा 29 Aug 2026 4:30 pm

Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद

हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।

प्रभासाक्षी 28 Aug 2026 5:00 pm

Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय

एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 3:43 pm

चार नए सर्किट बदलेंगे दिल्ली की पर्यटन तस्वीर: सीएम ने किया शुभारंभ, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत बनेगी पहचान

राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।

अमर उजाला 12 Aug 2026 3:32 am

शर्मिंदगी का पर्यटन

बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:00 am

कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक

टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 5:01 pm

स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें

भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...

वेब दुनिया 9 Apr 2025 5:46 pm

गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...

वेब दुनिया 7 Apr 2025 4:18 pm

कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...

वेब दुनिया 24 Oct 2024 2:10 pm

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग, रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

समाचार नामा 27 Jun 2024 6:00 pm

पत्नी Natasa Stankovic से तलाक की अफवाहों के बीच Hardik Pandya विदेश में मना रहे हैं वेकेशन, तस्वीरें आयी सामने

सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

प्रभासाक्षी 27 May 2024 6:08 pm

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकले Rakul Preet Singh और Jackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

समाचार नामा 21 May 2024 11:00 pm

एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्म Interstellar, 10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 9:00 am