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जापान में राजस्थान के कम चर्चित पर्यटन स्थलों और बौद्ध विरासत को लेकर बढ़ी रुचि

राजस्थान के किले-महलों और राजसी विरासत से आगे जापानी पर्यटन बाजार में राज्य के कम चर्चित स्थलों, ग्रामीण जीवन, वन्यजीव और बौद्ध विरासत को लेकर भी रुचि बढ़ रही है...

खास खबर 25 Sep 2026 4:39 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा की नॉन-फिक्शन ट्रैवल सीरीज 'मुसाफिरी' का पहला एपिसोड शुक्रवार से रिलीज हो रहा है। इस सीरीज में मुंबई शहर के इतिहास, वहां के समुदायों, छिपी हुई कहानियों और कम चर्चित जगहों को दिखाया जाएगा।

खास खबर 25 Sep 2026 3:33 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो ‘मुसाफिरी’, दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

Mumbai , 25 सितंबर . Actress ऋचा चड्ढा की नॉन-फिक्शन ट्रैवल सीरीज ‘मुसाफिरी’ का पहला एपिसोड Friday से रिलीज हो रहा है. इस सीरीज में Mumbai शहर के इतिहास, वहां के समुदायों, छिपी हुई कहानियों और कम चर्चित जगहों को दिखाया जाएगा. पहले एपिसोड में Mumbai के इतिहास, कल्चर और कुछ सबसे हैरान करने वाले ... Read more

डेली किरण 25 Sep 2026 3:08 pm

9 से 5 की नौकरी छोड़ बनी ट्रैवलर, अब एक ही ट्रिप से कमाती हैं 2.5 लाख रुपये! जॉब की किचकिच से इस युवती को ऐसे मिली आजादी

UK की एक 26 साल की महिला ने घूमने-फिरने के अपने शौक को फुल-टाइम करियर बना लिया है। विदेश में कम सैलरी वाली कई नौकरियां करने के बाद, उन्हें ट्रैवल कंटेंट से पैसे कमाने का तरीका मिल गया और अब वह दुनिया भर में ग्रुप टूर लीड करती हैं।रियानन वुड के Instagram पर लगभग 60,000 फॉलोअर्स हैं। वह एक ही ट्रिप से कमीशन के तौर पर $3,000 (लगभग 2.5 लाख रुपये) तक कमा सकती हैं। वह ब्रांड डील्स और स्पॉन्सर्ड पोस्ट से भी पैसे कमाती हैं और अब अपनी ट्रैवल एजेंसी शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं।यूनिवर्सिटी के दिनों से है घूमने का शौकवुड को नई जगहों पर घूमने का अपना जुनून तब पता चला जब वह 2021-22 में फ्रांस के ल्योन में पढ़ाई कर रही थीं। आस-पास के देशों और आल्प्स की वीकेंड ट्रिप्स ने उन्हें ग्रेजुएशन के बाद भी घूमते रहने के लिए प्रेरित किया। बाद में वह कनाडा चली गईं, जहां उन्होंने बोट और कैनो रेंटल कंपनी, जिपलाइन बिजनेस और स्की रिजॉर्ट में काम किया। इन नौकरियों में उन्हें कम सैलरी मिलती थी।2024 के आखिर में उन्होंने अपने ट्रैवल कंटेंट को कमाई का जरिया बनाने के मकसद से Instagram का इस्तेमाल ज्यादा गंभीरता से करना शुरू किया। उन्होंने सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी के कोर्स किए और अपने अकाउंट को बढ़ाने और उससे पैसे कमाने का तरीका सीखने के लिए एक Instagram कोच को हायर किया।उन्हें पहला बड़ा मौका चार महीने बाद मिला। ग्रुप-ट्रिप कंपनी Mapo Tapo ने उन्हें स्विट्जरलैंड में एक टूर लीड करने का मौका दिया, जिसके लिए उन्होंने 330 कमाए।आउटडोर एक्टिविटीज के उनके अनुभव ने ग्रुप टूर में मदद कीBusiness Insider के अनुसार वुड को ऑर्गनाइज्ड टूर लीड करने का पहले कोई अनुभव नहीं था। हालांकि हाइकिंग, माउंटेनियरिंग और रॉक क्लाइंबिंग में उनके बैकग्राउंड ने उन्हें आउटडोर एक्टिविटीज पर आधारित ट्रिप्स प्लान करने में मदद की। स्विट्जरलैंड की ट्रिप से और भी मौके मिले। बाद में उन्होंने Skyscanner, Siroko और Roamless जैसी ट्रैवल और स्पोर्ट्स से जुड़ी कंपनियों के साथ काम किया।टूर से उनकी कमाई ग्रुप के साइज़ और शामिल एजेंसी पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक ट्रिप से $3,000 तक कमाए हैं। शुरुआत में कुछ सौ डॉलर से शुरू हुई उनकी Instagram कोलैबोरेशन फीस भी बढ़कर $1,000 से ज्यादा हो गई है। बिजनेस इनसाइडर ने बताया कि वुड की मौजूदा कमाई पांच अंकों में है। वह अपनी टूर की कमाई का बड़ा हिस्सा बचाती हैं और स्पॉन्सरशिप से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए करती हैं।ट्रैवल बिजनेस में रहती हैं काफी बिजीइस लाइफस्टाइल में कई चुनौतियां भी हैं। वुड अक्सर सीमित सामान के साथ यात्रा करती हैं। बजट वाले होटलों में ठहरती हैं और लगभग एक साल से ज्यादातर समय बैकपैक में ही गुजारा कर रही हैं। उनके रोजाना के काम में कंटेंट बनाना, ईमेल का जवाब देना, ब्रांड डील पर चर्चा करना और ग्रुप ट्रिप आयोजित करना शामिल है। उन्होंने कहा- मुझे शायद ही कभी छुट्टी मिलती है।वुड ने यह भी कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की थी तो स्पॉन्सरशिप के लिए बातचीत करना मुश्किल होता था, क्योंकि उन्हें यह तय करने में आत्मविश्वास की कमी महसूस होती थी कि कितना चार्ज किया जाए। अब वह अपनी ट्रैवल एजेंसी शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं और एक ऐसा बिजनेस बनाना चाहती हैं, जिससे वह अपने फॉलोअर्स के साथ घूमती रह सकें।

ज़ी न्यूज़ 25 Sep 2026 3:03 pm

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

ऋचा चड्ढा लेकर आईं नया ट्रैवल शो 'मुसाफिरी', दिखेगा मुंबई का अनदेखा इतिहास

समाचार नामा 25 Sep 2026 3:02 pm

Travel Tips: पितृपक्ष में जा रहे हैं गया तो फिर होनी चाहिए आपको ये जानकारी, ठहरने से लेकर पहुंचने तक सबकुछ

इंटरनेट डेस्क । पितृपक्ष चल रहा हैं और इस दौरान गया में देशभर से लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और पूजा करने पहुंचते हैं। 2026 में गया में पितृपक्ष मेला सितंबर के आखिर से अक्टूबर की शुरुआत तक चलेगा। अगर पहली बार गया जा रहे हैं, तो सिर्फ पिंडदान की जगहों की जानकारी रखना काफी नहीं है। भीड़ को देखते हुए रहने और आने-जाने की योजना पहले बना ले। गया कैसे पहुंचें? गया पहुंचने का सबसे आसान तरीका ट्रेन है। गया रेलवे स्टेशन देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, लखनऊ और दूसरे शहरों से यहां ट्रेनें मिलती हैं। दिल्ली से भी सीधी ट्रेनें चलती हैं। गया में अपना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दिल्ली समेत कुछ शहरों से सीधी उड़ानें मिलती हैं। गया में कहां ठहरें? पितृपक्ष में गया में काफी भीड़ रहती है, इसलिए आखिरी समय तक रुकने की जगह ढूंढने के बजाय पहले से बुकिंग करना बेहतर रहेगा। अगर आपका मुख्य काम पिंडदान है, तो विष्णुपद मंदिर और चांदचौरा के आसपास रुकना सुविधाजनक हो सकता है। यहां से कई प्रमुख पिंडदान वाली जगहों तक पहुंचना आसान रहता है। pc- aaj tak

राजस्थान खबरे 25 Sep 2026 2:48 pm

अमरकंटक का कपिलधारा मार्ग गड्ढों में तब्दील:एक साल बाद भी निर्माण अधूरा; अस्पताल और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना मुश्किल

अनूपपुर की पर्यटन स्थली अमरकंटक का कपिलधारा मार्ग खराब हालत में है। 5 किलोमीटर से ज्यादा लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य एक साल बाद भी अधूरा है। इसे पांच से छह महीने में पूरा करने का दावा किया गया था। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को रोज परेशानी होती है। शहर की जीवनरेखा माना जाता है मार्ग कपिलधारा मार्ग अमरकंटक के मुख्य रास्तों में से एक है और इसे शहर की जीवनरेखा माना जाता है। इसी रास्ते पर शहर का मुख्य अस्पताल है, जहां मरीज, उनके परिजन और एम्बुलेंस लगातार आते-जाते हैं। इसके अलावा कपिलधारा जलप्रपात और दुग्धधारा जैसे कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इसी मार्ग पर हैं, जहां श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश में गड्ढों में भर जाता है पानी इस महत्वपूर्ण सड़क की खराब हालत अब एक गंभीर समस्या बन गई है। अधूरा निर्माण कार्य होने से आना-जाना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर रहता है। बारिश के दिनों में सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर सड़क और गड्ढों में फर्क करना भी कठिन हो जाता है। हादसे में बाइक सवार की हो चुकी मौत कुछ महीने पहले इसी सड़क पर एक बाइक सवार युवक की हादसे में मौत हो गई थी। इस मार्ग पर वाहनों और बसों को बहुत संभलकर चलना पड़ता है। मरीजों को लाने-ले जाने वाली एम्बुलेंस के लिए यह रास्ता सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि उन्हें खराब सड़क पर खतरनाक हालात में आना-जाना पड़ता है। सड़क की मौजूदा स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा रही है। एक साल बाद भी निर्माण अधूरा स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के समय लोगों में बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। पांच से छह माह में निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद सड़क का अधूरा रहना चिंता का विषय है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और लंबे समय से बनी अव्यवस्था के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समस्या के निराकरण की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। पर्यटन सीजन में बढ़ती है परेशानी अमरकंटक में पर्यटन सीजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में कपिलधारा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। बाहर से आने वाले पर्यटकों को जहां प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों के दर्शन की अपेक्षा रहती है, वहीं जर्जर सड़क और गड्ढों से भरा रास्ता उनके सफर को असुविधाजनक बना रहा है। अस्पताल, पर्यटन और आम जनजीवन से सीधे जुड़े इस मार्ग की दुर्दशा ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की समयसीमा और संबंधित विभाग की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिसंबर तक काम पूरा करने का दावा लोक निर्माण विभाग अनूपपुर के कार्यपालन यंत्री पीके लारिया का कहना है कि क्षेत्र में बारिश अधिक और लगातार होते रहने से काम प्रभावित हुआ है। गड्ढों की भराई के लिए कॉन्ट्रेक्टर को निर्देशित किया गया है। हम दिसंबर माह तक सड़क का काम पूरा कर देंगे।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 11:25 am

चंबल के बीहड़ों में दुबई मॉडल की तर्ज पर एडवेंचर टूरिज्म, रेवाइन सफारी का आनंद ले सकेंगे ट्यूरिस्ट

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड चंबल के बीहड़ों में विश्वस्तरीय एडवेंचर और रेवाइन टूरिज्म सर्किट विकसित करेगा। सफारी, कैंपिंग, वाटर स्पोर्ट्स और ग्रामीण अनुभवों से पर्यटन व रोजगार बढ़ाने की योजना है।

दैनिक जागरण 25 Sep 2026 9:25 am

कॉरपोरेट नौकरी छोड़ी, बैग उठाया और दुनिया घूमने निकलीं: अब एक ट्रिप से कमाती हैं लाखों रुपये; 26 साल की लड़की ने ट्रैवल के शौक को बना डाला करोड़ों का बिजनेस

नई दिल्ली। आज के दौर में जहां लाखों युवा 9 से 5 की बंधी-बंधाई कॉरपोरेट नौकरी, भारी ट्रैफिक और ऑफिस के वर्क प्रेशर के बीच अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं, वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं जो लीक से हटकर अपने सपनों को हकीकत में बदलने का साहस दिखाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है 26 वर्षीय एक युवती की, जिसने एक अच्छी-खासी सैलरी वाली कॉर्पोरेट डेस्क जॉब से इस्तीफा देकर अपना बैग पैक किया और दुनिया की सैर पर निकल पड़ी। शुरुआती दिनों में परिवार और दोस्तों ने इसे एक जोखिम भरा और गैर-जिम्मेदाराना फैसला बताया, लेकिन अपनी मेहनत, रणनीतिक सोच और सोशल मीडिया की ताकत के दम पर इस युवा आंत्रप्रेन्योर ने अपने घूमने के शौक (Wanderlust) को ही एक फुल-टाइम और बेहद मुनाफेदार बिजनेस एंपायर में तब्दील कर दिया है। आज वह केवल एक ही इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्यूरेटेड ट्रिप से लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रही हैं।जब अधिकांश लोग छुट्टियों के लिए महीनों तक अपनी छुट्टियों (Leaves) और बजट का हिसाब लगाते हैं, तब इस 26 वर्षीय युवती का पूरा जीवन ही एक खूबसूरत सफर बन चुका है। उन्होंने न केवल भारत के कोने-कोने—लद्दाख की बर्फीली वादियों से लेकर केरल के बैकवाटर्स तक—की यात्रा की, बल्कि वियतनाम, बाली, जॉर्जिया और यूरोप जैसे अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशंस पर भी भारतीय मुसाफिरों के लिए खास टूर पैकेज तैयार किए। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण सोलो ट्रैवलर ने आधुनिक दौर में ट्रैवल इन्फ्लुएंसिंग और टूर क्यूरेशन का एक सफल सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल खड़ा कर दिया।9 से 5 की जॉब से बगावत: कैसे हुई इस अनोखे सफर की शुरुआत?कॉलेज खत्म करने के बाद युवती ने एक मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर डिजिटल मार्केटर अपने करियर की शुरुआत की थी। सैलरी अच्छी थी, लेकिन हर दिन स्क्रीन के सामने बैठकर वही रूटीन दोहराना उन्हें अंदर से खाली कर रहा था। उन्हें वीकेंड्स पर नई जगहों की खोज करने, स्थानीय लोगों से मिलने और अलग-अलग संस्कृतियों को कैमरे में कैद करने का गहरा शौक था।सैलरी से कुछ पैसे बचाकर उन्होंने पहले कुछ घरेलू सोलो ट्रिप्स कीं। यात्राओं के दौरान उन्होंने देखा कि भारत में खासकर महिलाएं, युवा प्रोफेशनल्स और सोलो ट्रैवलर्स दुनिया घूमना तो चाहते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा, सटीक प्लानिंग और समान विचारधारा वाले सह-यात्रियों (Like-minded Travelers) की कमी खलती है। इसी गैप को उन्होंने एक बड़े व्यावसायिक अवसर के रूप में पहचाना। 24 साल की उम्र में उन्होंने अपनी नौकरी से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से ट्रैवल इंडस्ट्री में कूदने का साहसिक फैसला लिया।पैशन को कैसे बनाया प्रॉफिटेबल बिजनेस? जानिए कमाई का पूरा मॉडलसिर्फ घूमना कोई बिजनेस नहीं होता; इसे कमाई में बदलने के लिए उन्होंने एक सुनियोजित मल्टी-स्ट्रीम रेवेन्यू मॉडल (Multi-stream Revenue Model) तैयार किया। उनकी मुख्य कमाई के चार मजबूत स्तंभ इस प्रकार हैं:क्यूरेटेड ग्रुप ट्रिप्स (Boutique & Community Trips): यह उनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया है। वह 10 से 15 लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप्स के लिए 'एक्सपीरियंसियल ट्रैवल' डिजाइन करती हैं। इनमें आम टूरिस्ट पैकेज की तरह सिर्फ दर्शनीय स्थलों को देखना नहीं, बल्कि लोकल होमस्टे, ट्रेकिंग, लोकल फूड टेस्टिंग और फोटोग्राफी वर्कशॉप्स शामिल होती हैं। एक 7 से 10 दिन के इंटरनेशनल ट्रिप से सभी खर्चे निकालकर वह आसानी से ₹2 लाख से ₹4 लाख तक का नेट प्रॉफिट कमा लेती हैं।सोलो फीमेल ट्रैवल कम्युनिटी: उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त बनाने वाले ऑल-विमेन ग्रुप टूर्स शुरू किए। इससे उन कामकाजी महिलाओं और कॉलेज छात्राओं का बड़ा भरोसा जीता, जो अकेले यात्रा करने से झिझकती थीं।ब्रांड कोलैबोरेशंस और स्पॉन्सरशिप्स: इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके रियल और सिनेमैटिक ट्रैवल रील्स ने लाखों फॉलोअर्स बटोरे। आज नामी हॉस्पिटैलिटी चेन्स, लगेज ब्रांड्स, एक्शन कैमरा मेकर्स और एयरलाइंस अपने प्रचार के लिए उनके साथ पेड पार्टनरशिप करती हैं।डिजिटल ट्रैवल गाइड्स और कंसल्टेंसी: वह अपनी वेबसाइट पर कस्टमाइज्ड आइटिनरेरी (यात्रा कार्यक्रम) और ई-बुक्स बेचती हैं। इसके अलावा, जो लोग बिना टूर पैकेज के खुद यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें वन-ऑन-वन ट्रैवल कंसल्टेशन देकर फीस चार्ज करती हैं।शुरुआत में आईं ये बड़ी चुनौतियां, लेकिन नहीं मानी हारइस मुकाम तक पहुंचना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। युवती बताती हैं कि शुरुआती एक साल उनके लिए बेहद कठिन था:वित्तीय अनिश्चितता: नौकरी छोड़ने के शुरुआती छह महीनों तक कोई नियमित आय नहीं थी और बचत का पैसा भी तेजी से खत्म हो रहा था।क्लाइंट्स का अविश्वास: 24-25 साल की उम्र में किसी टूर ऑपरेटर के रूप में लोगों का भरोसा जीतना बहुत मुश्किल था। शुरुआत में उन्होंने नो-प्रॉफिट-नो-लॉस पर अपने दोस्तों और परिचितों को ले जाकर ट्रिप्स आयोजित कीं।लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन प्रबंधन: विदेश में फ्लाइट डिले, वीजा संबंधी जटिलताएं और स्वास्थ्य समस्याओं से निपटना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने ग्राउंड पार्टनर्स के साथ मजबूत टाइ-अप करके सुलझाया।नई पीढ़ी के युवाओं के लिए सफलता का संदेशआज यह 26 वर्षीय युवा आंत्रप्रेन्योर न केवल आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र हैं, बल्कि उन्होंने कई लोकल टूर गाइड्स, ड्राइवरों और होमस्टे मालिकों को भी नियमित रोजगार उपलब्ध कराया है।उनका मानना है कि आज का इंटरनेट और सोशल मीडिया युग हर उस व्यक्ति को अपना सपना पूरा करने का मंच देता है जिसके पास कोई अनूठा हुनर और दृढ़ इच्छाशक्ति है। उनका कहना है कि नौकरी छोड़ना कोई अंधाधुंध फैसला नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके लिए कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड और एक स्पष्ट बिजनेस प्लान पहले से तैयार होना चाहिए। उनकी यह कामयाबी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो आपके पैर जहां-जहां पड़ेंगे, वहीं से आपकी सफलता की राह निकल पड़ेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Sep 2026 8:08 am

संस्थाओं ने सुझाया IGM में पर्यटन का रोडमैप:गीता क्रिएटर्स मीट से जुड़ेगा GEN-Z, हेरिटेज सर्किट बनाने की एडवाइज; कुरुक्षेत्र में बनें गीता-गंगा घाट

इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) में कुरुक्षेत्र फिर से यज्ञमान बनेगा। इस बार IGM को मेले और धार्मिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय इसे शहर के पर्यटन, तीर्थाटन, युवाओं और संस्कृति से जोड़ने की तैयारी है। गुरुवार को गीता ज्ञान संस्थानम् में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हुई बैठक में 285 धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं ने महोत्सव के स्वरूप को लेकर सुझाव दिए। अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) इन सुझाव पर काम करेगा। ज्यादातर सुझावों में एक बात साफ थी कि महोत्सव 21 दिन का जरूर हो, लेकिन इसका फायदा कुरुक्षेत्र को पूरे साल मिलना चाहिए। इस IGM 5 से 25 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान आर्ट एंड क्राफ्ट मेला लगाया जाएगा। 14 से 20 दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रम होंगे। इनमें गीता यज्ञ, गीता पाठ, प्रदर्शनी, संत सम्मेलन समेत कई कार्यक्रम होंगे। पहली बार दिखेंगी सैन्य और अंतरिक्ष की अचीवमेंट्स IGM में पहली बार देशभर के स्कूलों और यूनिवर्सिटी के करीब 10 लाख स्टूडेंट्स को महोत्सव से जोड़ने की तैयारी है। इसके साथ-साथ नेवी, एयरफोर्स और इसरो अपनी प्रदर्शनी लगाएंगे, यानी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ देश की सैन्य और अंतरिक्ष अचीवमेंट्स को भी महोत्सव से जोड़ा जाएगा। महोत्सव में इस बार दिल्ली और पश्चिम बंगाल स्टेट पार्टनर रहेंगे। कुरुक्षेत्र का इतिहास और महत्सव समझकर लौटें बैठक में आए सुझावों में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि बाहर से आने वाला श्रद्धालु और पर्यटक सिर्फ कार्यक्रम देखकर वापस न जाए, बल्कि कुरुक्षेत्र के इतिहास, महत्सव और संस्कृति को समझकर जाएं। इससे पर्यटक और श्रद्धालु खुद कुरुक्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देंगे। टूर ऑपरेटर बुलाने के साथ चले स्पेशल बसें-ट्रेन श्री जयराम संस्थाओं की ओर से कहा गया कि कुरुक्षेत्र में टूर ऑपरेटरों का विशेष सेमिनार कराया जाए। इसमें उन्हें कुरुक्षेत्र के इतिहास, तीर्थ स्थलों और गीता महोत्सव की जानकारी दी जाए। टूर ऑपरेटर देश के दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कुरुक्षेत्र को टूर पैकेज में शामिल कर सकेंगे। इससे सिर्फ महोत्सव के दिनों में भीड़ बढ़ाने के बजाय कुरुक्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के स्थायी नक्शे पर मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसी के साथ सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की तर्ज पर गीता हेरिटेज बोर्ड या गीता सर्किट बनाने का सुझाव भी आया। इसका मकसद गीता से जुड़े तीर्थों को एक सर्किट में जोड़कर पर्यटकों के लिए घूमना आसान बनाना है। गीता क्रिएटर्स मीट: संतों से लेकर सीएम-पीएम तक गीता पर वीडियो इस्कॉन की ओर से गोविंद कृष्ण दास ने गीता जयंती क्रिएटर्स मीट का सुझाव दिया। इसका मकसद सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक गीता का संदेश पहुंचाना है। इसमें देश के बड़े कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को बुलाया जा सकता है। साथ ही मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, वीआईपी और संत-महात्मा भी गीता से जुड़े छोटे वीडियो या सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करें। इनमें वे गीता के किसी श्लोक, संदेश या अपने अनुभव की बात कहें। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर चलाए जाएं तो महोत्सव का कंटेंट सिर्फ ब्रह्मसरोवर तक सीमित नहीं रहेगा। खासकर युवाओं (GEN-G) तक गीता का संदेश डिजिटल माध्यम से पहुंचाने का रास्ता बनेगा। स्कूलों के लिए फ्री बसें, स्पेशल बस और ट्रेन की मांग कृष्ण कृपा सोसायटी की ओर से स्पेशल बस और ट्रेन चलाने की पेशकश की गई। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने की मांग रखी गई। इसका सीधा असर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पड़ेगा। साथ ही देशभर से स्टूडेंट्स को जोड़ने की तैयारी को देखते हुए स्कूलों के लिए फ्री बसों की सुविधा देने का सुझाव आया। पुरानी पहचान को बचाने की बात बैठक में ब्रह्मसरोवर और आसपास के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने पर भी सुझाव आए। चारों तरफ पेड़ और हरियाली रखने की बात कही गई। साथ ही सरोवर की सफाई पर विशेष ध्यान देने का सुझाव आया। गीता भवन से जुड़े केके गुप्ता की ओर से कुरुक्षेत्र की पुरानी पहचान और ऐतिहासिक स्वरूप को सामने रखने की बात रखी गई। सुझाव यह था कि महोत्सव में नई भव्यता के साथ शहर के पुराने इतिहास और धरोहर को भी सामने रखा जाए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को यह पता चले कि कुरुक्षेत्र सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि लंबे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला क्षेत्र है। सन्निहित सरोवर में सफाई की व्यवस्था हो श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव पंडित रामपाल शर्मा की ओर से सन्निहित सरोवर में पानी की सफाई कराने का सुझाव दिया गया। साथ ही पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए वहां जरूरी पिंडदान सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था का सुझाव आया। इसका मकसद यह है कि तीर्थ पर आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी सामग्री के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और धार्मिक व्यवस्था भी व्यवस्थित रहे। इसके अलावा महोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले फूड कोर्ट और खाने-पीने के स्टॉल ब्रह्मसरोवर की परिधि से बाहर रखे जाएं, क्योंकि ब्रह्मसरोवर धार्मिक तीर्थ है। खाने-पीने की व्यावसायिक गतिविधियों को बाहर रखने से तीर्थ की मर्यादा और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलेगी। संस्था अपने परिसर में एक दिन मनाए गीता महोत्सव अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से सुझाव आया कि महोत्सव सिर्फ ब्रह्मसरोवर या मुख्य आयोजन स्थल तक सीमित न रहे। हर संस्था अपने कार्यालय या परिसर में एक दिन गीता महोत्सव का कार्यक्रम करे। वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता से जुड़े कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां हों। समाज की ओर से देशभर से अपने अग्र बंधुओं को कुरुक्षेत्र आने का निमंत्रण देने की बात भी कही गई। इसी तरह दूसरे समाजों की संस्थाएं भी अपने समाज के लोगों को महोत्सव में बुलाएं। इससे अलग-अलग शहरों से आने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ाने का रास्ता बनेगा। ज्योतिसर नहर पर बने गीता-गंगा घाट पवन शर्मा पहलवान ने ज्योतिसर नहर पर गीता-गंगा घाट बनाने का सुझाव दिया। मांग रखी कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बहते पानी में स्नान और पूजा की सुविधा मिले, जैसे हरिद्वार और बनारस में गंगा के कई घाट है, उसी मॉडल पर यहां घाट बनाया जाए। इसके साथ सतलुज-यमुना लिंक (SYL) में नौका विहार शुरू की जाए। अगर ऐसी सुविधाएं विकसित होती हैं तो धार्मिक पर्यटन के साथ घूमने-फिरने का आकर्षण भी बढ़ सकता है। इससे सरकार को फाइनेंशियल सुपोर्ट मिलेगा। साथ ही रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी। पार्किंग की स्थायी व्यवस्था हो जीओ गीता समिति ने महोत्सव के दौरान आने वाली भीड़ को देखते हुए स्थायी पार्किंग व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। अभी महोत्सव के समय अस्थायी इंतजाम करने के बजाय ऐसी पार्किंग विकसित करने की बात कही गई, जिसका इस्तेमाल पूरे साल किया जा सके। दो समय स्पेशल भंडारे की पेशकश अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान कृष्ण कुमार श्योकंद ने महोत्सव में दो समय स्पेशल भंडारा लगाने की बात कही। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन की सुविधा देने में संस्थाओं की भागीदारी बढ़ेगी। षड्दर्शन साधु समाज ने सुझाव दिया गया कि महोत्सव के दौरान नगर परिषद सीमा या मुख्य आयोजन क्षेत्र में मीट और शराब की दुकानें बंद रखी जाएं। अयोध्या की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर प्रेस क्लब कुरुक्षेत्र के उपप्रधान अशोक यादव ने अयोध्या मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का मीडिया सेंटर बनाने का सुझाव दिया। इसका मकसद देश-विदेश से आने वाले पत्रकारों को रिपोर्टिंग के लिए बेहतर सुविधाएं देना और कुरुक्षेत्र से महोत्सव की खबरों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए एक स्थायी व्यवस्था तैयार करना है। कृष्ण-राम की लीलाओं की जानकारी सनातन धर्म मंदिर की ओर से ललित चावला ने महोत्सव में लगाए जाने वाले फ्लैक्स, होर्डिंग और बोर्ड को ज्यादा रोचक और नया बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन बोर्ड पर सिर्फ कार्यक्रम की जानकारी देने के बजाय बीच-बीच में श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़ी लीलाओं और प्रसंगों की छोटी-छोटी जानकारी दी जाए। केडीबी की अनाउंसमेंट में भी ऐसे प्रसंग बताए जाएं। इससे महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक सिर्फ घूमकर वापस न जाएं, बल्कि साथ में धार्मिक और संस्कार से जुड़ी जानकारी भी लेकर जाएं। लाडवा-पिहोवा-शाहाबाद से भी जोड़े जाने की जरूरत बैठक में यह सोच भी सामने आई कि गीता महोत्सव का असर सिर्फ थानेसर और ब्रह्मसरोवर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लाडवा, पिहोवा और शाहाबाद जैसे कुरुक्षेत्र जिले के दूसरे हिस्सों को भी कार्यक्रमों और पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे आने वाले पर्यटक एक ही स्थान पर रुकने के बजाय जिले के दूसरे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचेंगे।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 6:15 am

Mohali News: दो ट्रैवल फर्मों पर कार्रवाई, एकनूर ग्लोबल्स का आवेदन खारिज

Action taken against two travel firms; Ekanoor Globals' application rejected

अमर उजाला 25 Sep 2026 2:42 am

Faridabad News: अरावली में अवैध खनन के मामले में पर्यटन विभाग ने प्रशासन को भेजा जवाब

Tourism Department sends response to administration regarding illegal mining in the Aravallis.

अमर उजाला 25 Sep 2026 1:43 am

Unnao News: ट्रैवल एजेंसी की आड़ में चल रहे स्लीपर बसों के अड्डे, नियम-कायदे दरकिनार

ट्रैवल एजेंसी कीआड़में चल रहे स्लीपर बसों के अड्डे, नियम-कायदे दरकिनार

अमर उजाला 25 Sep 2026 1:43 am

Udhampur News: रामनगर में निकला मार्च, पर्यटन विकास के बारे में किया जागरूक

रामनगर में निकला मार्च, पर्यटन विकास के बारे में किया जागरूक

अमर उजाला 25 Sep 2026 1:13 am

कुल्लू-मनाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू, इन जगहों पर घूमना न भूलें

मॉनसून के बाद हिमाचल प्रदेश में राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज फिर शुरू हो गई हैं. अगर आप दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो कुल्लू-मनाली, सोलंग वैली, बीर-बिलिंग और तत्तापानी जैसी जगहों पर एडवेंचर का मजा ले सकते हैं. ट्रिप से पहले मौसम और स्थानीय निर्देश जरूर चेक करें.

आज तक 24 Sep 2026 7:42 pm

Marco Rubio का बड़ा एक्शन: US Birth Tourism सिंडिकेट और Visa Fraud पर लगेगा कड़ा बैन

अमेरिका ने व्यावसायिक जन्म पर्यटन में शामिल व्यक्तियों को लक्षित करते हुए वीज़ा प्रतिबंध लागू किए हैं, जो फर्जी विवाह और काल्पनिक रोजगार प्रस्तावों सहित वीज़ा धोखाधड़ी को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई एक नई सार्वजनिक रिपोर्टिंग प्रणाली के शुभारंभ के पूरक हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की कि इन उपायों में प्रसव के माध्यम से अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका की यात्रा का समन्वय करने वाले व्यावसायिक दलालों के साथ-साथ प्रतिभागी भी शामिल हैं, और संभावित रूप से उनके तत्काल परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जा सकता है। इस प्रथा की निंदा करते हुए, मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा कि विदेशी व्यावसायिक जन्म पर्यटन नेटवर्क ने लाभ के लिए अमेरिकी नागरिकता बेचने के लिए अमेरिकी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग किया है। इसे भी पढ़ें: Xi Jinping US Visit: अभी तो सिर्फ ट्रेलर सामने आया है, पूरी पिक्चर दिसम्बर में सामने आयेगी, तब दुनिया का हैरान होना तय है सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट ने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं विदेशी आवेदकों को वीज़ा अधिकारियों को धोखा देने के लिए तैयार करती हैं और सिर्फ़ नागरिकता पाने के लिए अमेरिकी ज़मीन पर बच्चे को जन्म दिलाने का इंतज़ाम करने के नाम पर मोटी रकम वसूलती हैं। यह पहल इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत लागू की गई है। इसके तहत कमर्शियल बर्थ टूरिज़्म सिंडिकेट के मालिकों, अधिकारियों और मैनेजरों के साथ-साथ आवेदकों को धोखा देने के लिए तैयार करने वाले बिचौलियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। विदेश में मौजूद मेडिकल स्टाफ़ जो जानबूझकर ऐसी यात्रा और मेडिकेड के फ़र्ज़ी इस्तेमाल में मदद करते हैं, वे भी इन गाइडलाइंस के दायरे में आते हैं, साथ ही बाहरी मददगार भी। मार्को रुबियो ने कहा कि यह निर्देश उन लोगों पर केंद्रित है जो अभी या पहले बर्थ टूरिज़्म को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं, हालांकि बयान में अलग-अलग मामलों का ज़िक्र नहीं किया गया। विभाग ने यह भी कहा कि कुछ परिवार के सदस्य भी इन पाबंदियों के दायरे में आ सकते हैं, लेकिन यह साफ़ नहीं किया कि कौन से रिश्तेदार या किस हद तक के सदस्य इसमें शामिल होंगे। इस कदम को सार्वजनिक संसाधनों, टैक्स देने वालों के पैसे और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के तौर पर पेश करते हुए, प्रशासन ने वीज़ा के गलत इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए स्टेट डिपार्टमेंट के ज़रिए एक डिजिटल चैनल भी शुरू किया है। इसे भी पढ़ें: Iran पर Donald Trump के पास कोई ठोस रणनीति नहीं, पूर्व US NSA John Bolton का दावा यह प्लेटफ़ॉर्म धोखाधड़ी के कई तरीकों को रोकता है, जैसे कि झूठे यात्रा कार्यक्रम, ब्रोकर के ज़रिए नकली शादियाँ, फ़र्ज़ी कंपनियाँ (शेल कंपनियाँ), नौकरी की झूठी जानकारी और 'बर्थ टूरिज़्म' (बच्चे को जन्म देने के लिए विदेश यात्रा) में शामिल होना। कांसुलर अधिकारियों ने गैर-कानूनी यात्रा की कोशिशों को रोकने के लिए चल रहे रोकथाम के तरीकों पर ज़ोर दिया। इसके नतीजों में वीज़ा रद्द होना और आपराधिक जाँच के लिए मामला आगे बढ़ाना शामिल हो सकता है। विभाग ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान वीज़ा धोखाधड़ी के लिए ज़िम्मेदार कई लोगों की जानकारी सार्वजनिक सूचनाओं से मिली, हालाँकि आँकड़ों का ब्यौरा नहीं दिया गया। इस सिस्टम की उपयोगिता बताते हुए प्रशासन ने कहा, यह नया ऑनलाइन टूल जनता के लिए ज़रूरी जानकारी देने का एक आसान और भरोसेमंद ज़रिया है, ताकि उस पर तुरंत समीक्षा और कार्रवाई की जा सके। साथ ही, जानकारी देने वालों को travel.state.gov/reportvisafraud पर जाने के लिए कहा गया।

प्रभासाक्षी 24 Sep 2026 6:59 pm

यमुना एक्सप्रेस-वे पर जलकर खाक हुई बस का 6 राज्यों से कनेक्शन, छतरपुर से चल रहा था बस ट्रैवल्स का दफ्तर

दिल्ली से महोबा जा रही प्राइवेट बस के यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक हादसे में 9 यात्रियों के जिंदा जलने की मौत मामले का मध्यप्रदेश कनेक्शन सामने आय़ा है। यमुना एक्सप्रेस वे पर जिस बस में आग लगी उस बस का रजिस्ट्रेशन बिहार का है। बस का फिटनेस ...

वेब दुनिया 24 Sep 2026 6:10 pm

सांसद राजकुमार सांगवान ने पर्यटन मंत्री से की मुलाकात:बागपत के धार्मिक स्थलों को विकास और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की मांग

बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से मुलाकात की। सांसद ने जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और वहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इन धार्मिक स्थलों के विकास की मांग सांसद ने लव-कुश मंदिर, पुरा महादेव कॉरिडोर, फुलेरा मंदिर, बड़ागांव मंदिर और बाबा गुफावाला मंदिर समेत बागपत के कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बागपत में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले कई स्थल हैं। इनका व्यवस्थित विकास होने से जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। पुरा महादेव के विकास का मुद्दा पहले भी उठा पुरा महादेव मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग पहले भी सामने आ चुकी है। 2024 में सांसद की पहल पर पुरा महादेव मंदिर के विकास के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग ने जिलाधिकारी से मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। वर्तमान में भी पुरा महादेव बागपत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और जिला प्रशासन की ओर से यहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया सांसद के मुताबिक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बागपत के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने और जरूरी विकास कार्यों के लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि बागपत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन के लिहाज से विकसित करना जरूरी है। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:43 pm

सवाई माधोपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और हेरिटेज वॉक का आयोजन

डिजिटल एजेंडा और एआई थीम पर आधारित इन आयोजनों का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

प्रातःकाल 24 Sep 2026 4:36 pm

काम से ब्रेक लेकर मालदीव पहुंचे करण टैकर, शेयर की वेकेशन की खूबसूरत तस्वीरें

Mumbai , 24 सितंबर . Actor करण टैकर हाल ही में काम से समय निकाल कर मालदीव में वैकेशन मनाने गए. Thursday को Actor ने अपनी इस वैकेशन की झलक पोस्ट कीं, जिसमें आइलैंड की खूबसूरत लोकेशन पर बिताए समय की एक झलक दिखी. Actor ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें वह अपनी ... Read more

डेली किरण 24 Sep 2026 2:43 pm

एक्सप्रेसवे और सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों के जाल से देश में सफर हुआ सुपरफास्ट, कई प्रमुख शहरों का ट्रैवल टाइम घटकर हुआ आधा; जानिए कैसे बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर

भारत में परिवहन और आवागमन का परिदृश्य बीते कुछ वर्षों में बुनियादी तौर पर बदल चुका है। कभी एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए जाम, टूटी सड़कें और सुस्त रफ्तार वाली रेलगाड़ियां यात्रियों के घंटों बर्बाद कर देती थीं। आज वही सफर विश्वस्तरीय एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और स्वदेशी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों के जरिए फर्राटेदार और बेहद सुगम बन चुका है। केंद्र सरकार की 'भारतमाला परियोजना', 'गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान' और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान ने मिलकर देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक केंद्रों के बीच की दूरियों को समय के पैमाने पर आधा कर दिया है।एक्सप्रेसवे क्रांति: सड़कों पर 100 से 120 किमी/घंटा की निर्बाध रफ्तारदेश में आधुनिक एक्सप्रेसवे का बढ़ता नेटवर्क केवल कंक्रीट की सड़कें नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की नई जीवनरेखा बन चुका है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपुर), और बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने अंतर-शहर यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। इन 6 से 8 लेन वाले नियंत्रित-पहुंच मार्गों पर बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल या स्थानीय रुकावट के वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ते हैं। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ से गाजीपुर तक 340 किलोमीटर से अधिक लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों की दूरी जो पहले 10 से 12 घंटे लेती थी, अब घटकर महज 4 से 5 घंटे रह गई है। इसी तरह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के तालमेल ने राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक का सड़क मार्ग का सफर 6 से 7 घंटे के भीतर समेट दिया है।वंदे भारत और नमो भारत: रेलवे के बदलते ट्रैक और घटते घंटेसड़क परिवहन के साथ-साथ भारतीय रेलवे ने भी गति और आराम के मामले में लंबी छलांग लगाई है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने देश के कोने-कोने में लंबी दूरी के सफर को घंटों छोटा कर दिया है। 130 से 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति वाली इन चेयर-कार और स्लीपर ट्रेनों ने यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव पटरियों पर दिया है। दिल्ली से वाराणसी, दिल्ली से कटरा, मुंबई से अहमदाबाद, और चेन्नई से मैसूरु जैसे व्यस्त रेल रूटों पर यात्रा समय में 25% से 40% तक की भारी कटौती दर्ज की गई है। इसके समानांतर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में संचालित 'नमो भारत' (RRTS - रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) ने दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आवागमन को अभूतपूर्व गति दी है, जिससे दैनिक यात्रियों को जाम से पूरी मुक्ति मिली है।लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और व्यापारिक गतिविधियों को मिला बूस्टएक्सप्रेसवे और तेज रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ देश की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिल रहा है। पहले जहां भारी ट्रकों और मालवाहक वाहनों को एक राज्य से दूसरे राज्य जाने में टोल नाकों, खराब सड़कों और शहरी जाम के कारण कई दिन लग जाते थे, वहीं अब समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor - DFC) और एक्सप्रेसवे के जरिए माल ढुलाई का समय 50% तक कम हो गया है। समय की बचत से ईंधन की भारी खपत घटी है, वाहनों का रखरखाव खर्च कम हुआ है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर वैश्विक मानकों के करीब लाने में बड़ी सफलता मिल रही है। औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और विनिर्माण इकाइयों को नई गति मिली है।टियर-2 और टियर-3 शहरों का मेट्रो शहरों से सीधा जुड़ावइस बुनियादी ढांचे की क्रांति ने देश के छोटे शहरों की किस्मत बदल दी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, और वाराणसी जैसे शहर अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इतने करीब महसूस होते हैं कि लोग सुबह निकलकर शाम तक अपना काम निपटाकर वापस लौट सकते हैं। दक्षिण भारत में बेंगलुरु और चेन्नई के बीच नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से दोनों आईटी हब के बीच की दूरी महज दो से तीन घंटे की रह जाएगी। पश्चिमी भारत में मुंबई और नागपुर के बीच का फासला समृद्धि महामार्ग के कारण 16 घंटे से घटकर लगभग 8 घंटे पर आ चुका है। इस तेज कनेक्टिविटी ने न केवल पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा तक आम जनता की पहुंच को आसान बनाया है, बल्कि रियल एस्टेट और स्थानीय उद्योगों में भी भारी उछाल ला दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Sep 2026 2:16 pm

बस्तर की नक्सल पहचान से पर्यटन के नए केंद्र तक:प्रकृति, होमस्टे, इको-टूरिज्म से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा विस्तार

छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। कभी नक्सलवाद और हिंसा के संदर्भ में चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र आज प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आतिथ्य के कारण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बदलते माहौल के साथ बस्तर में पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर आकार ले रहे हैं। बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रकृति और संस्कृति का संगम है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर और कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों को प्रकृति, रोमांच, अध्यात्म और इतिहास का अनूठा अनुभव देते हैं। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शनीय स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय जीवन, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और संगीत से भी जुड़ता है। यही वजह है कि बस्तर को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन के एक खास क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कनेक्टिविटी से खुल रहे विकास के नए रास्ते पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। बस्तर में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रयास पर्यटन की संभावनाओं को नई गति दे रहे हैं। ‘बस्तर 2.0’ ब्लूप्रिंट में 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में रायपुर और हैदराबाद के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है। वहीं रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल पर्यटकों को नहीं मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ बस्तर में ग्रामीण और जनजातीय होमस्टे पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्यटन का आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंच सकता है। पर्यटकों के ठहरने के साथ भोजन, स्थानीय गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए आसपास के अन्य परिवारों के लिए भी आय के अवसर बन रहे हैं। बस्तर में नए कमरे के निर्माण पर प्रति कमरा 1 लाख रुपए और पहले से बने कमरे के नवीनीकरण पर प्रति कमरा 50 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान है। न्यूनतम एक और अधिकतम नौ कमरों तक सहायता की व्यवस्था से ग्रामीण परिवार अपनी क्षमता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। वर्तमान में 85 हितग्राहियों के अनुदान के लिए बैंकों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि 27 होमस्टे पहले से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। संस्कृति बनी पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत बस्तर की जनजातीय संस्कृति उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बेलमेटल और धातु शिल्प, लकड़ी और बांस की कला, पारंपरिक आभूषण, नृत्य, संगीत और खान-पान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच दे रहे हैं। वर्ष 2026 के बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की 12 विधाओं को मंच मिला और करीब 55 हजार आदिवासी लोगों की सहभागिता हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर दिया। आस्था से एडवेंचर तक पर्यटन की कई संभावनाएं बस्तर में धार्मिक, सांस्कृतिक, इको और एडवेंचर पर्यटन की संभावनाएं एक साथ मौजूद हैं। मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को आधार देते हैं। वहीं कांगेर घाटी और धुड़मारास जैसे क्षेत्र प्रकृति और रोमांच आधारित पर्यटन के लिए नए अवसर दे रहे हैं। धुड़मारास में एडवेंचर पर्यटन, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी सुविधाओं की योजना है। गांव का यूएन टूरिज्म बेस्ट टूरिज्म विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए चयन भी ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है। पर्यटन से रोजगार और स्थानीय समृद्धि बस्तर के पर्यटन विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय समुदाय तक इसका लाभ पहुंचाना है। होमस्टे संचालक, पर्यटन गाइड, स्थानीय ड्राइवर, भोजन सेवा, हस्तशिल्प विक्रेता, सांस्कृतिक कलाकार और साहसिक पर्यटन से जुड़े युवा इस नई पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। बस्तर के पर्यटन रोडमैप के तहत 45 युवाओं को पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। इससे पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखकर स्थानीय कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयास सामने आते हैं। बस्तर की बदलती तस्वीर बस्तर का पर्यटन ऐसा मॉडल तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है, जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे, जनजातीय संस्कृति की मौलिकता बनी रहे और पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। सड़कें बस्तर को जोड़ रही हैं, हवाई संपर्क दूरी कम कर रहा है, रेल कनेक्टिविटी की संभावनाएं विस्तार पा रही हैं, होमस्टे गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इसकी सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने ला रहे हैं। बस्तर अब केवल अतीत की कहानी नहीं है। यह संभावनाओं का नया अध्याय है, जहां जंगलों की हरियाली, जलप्रपातों की सुंदरता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे रही है। बस्तर की नई पहचान अब उसके अतीत से नहीं, बल्कि शांति, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय विकास की नई संभावनाओं से लिखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 1:33 pm

Travel Tips: राजस्थान में घूमने के लिए बढ़िया हैं ये हिल स्टेशन, जा सकते हैं आप भी

इंटरनेट डेस्क। अब सर्दियों के मौसम की शुरूआत होने वाली हैं और इसके साथ ही आपको भी घूमने जाने का मन हैं तो आप राजस्थान जा सकते है। आपको बता रहे है राजस्थान के उस हिल स्टेशन के बारे में जहां आप जा सकते है। माउंट आबू राजस्थान का हिल स्टेशन माउंट आबू लोगांे की पहली पसंद है। ये ऐसी जगह पर है जहां लोग घूमने जाते है और एंजोय करते है, ऐसा इसलिए की यहां एक से बढ़कर एक जगह देखने को मिलती है। वैसे बता दें की यह राजस्थान और गुजरात के बॉर्डर पर है। ऐसे में यहां दोनों ही राज्यों के खूब लोग पहुंचते है। जा सकते है आप बता दें की आप अगर अपनी छुट्टियां बिताने के लिए जयपुर, उदयपुर टूर पर हैं तो कुछ दूरी पर स्थित राजस्थान के इस खूबसूरत हिल स्टेशन पर जा सकते है। यहां आप अपना वीकेंड स्पेंड कर सकते है। बता दें की माउंट आबू को राजस्थान का शिमला भी कहते हैं। pc- gnttv.com

राजस्थान खबरे 24 Sep 2026 1:17 pm

Flight Crew Visa: क्या Pilot और Air Hostess को भी हर देश के लिए Visa चाहिए? जानें International Travel के नियम

Flight Crew Visa: क्या Pilot और Air Hostess को भी हर देश के लिए Visa चाहिए? जानें International Travel के नियम

समाचार नामा 24 Sep 2026 12:50 pm

विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार

Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।

अमर उजाला 24 Sep 2026 12:00 pm

क्या होता है वर्क वेकेशन? जिस पर इस कपल ने ₹96,600 खर्च किए, ट्रेंड कर रहा लद्दाख का Video

क्या होता है वर्क वेकेशन? जिस पर इस कपल ने ₹96,600 खर्च किए, ट्रेंड कर रहा लद्दाख का Video

समाचार नामा 24 Sep 2026 8:40 am

कूनो नेशनल पार्क में बनेगा नया रिकॉर्ड: नए पर्यटन सत्र में पहली बार खुले जंगल में दिखेंगे 16 चीते

कूनो नेशनल पार्क में बनेगा नया रिकॉर्ड: नए पर्यटन सत्र में पहली बार खुले जंगल में दिखेंगे 16 चीते

समाचार नामा 24 Sep 2026 8:30 am

बिहार और थाईलैंड के बीच बढ़ेगा पर्यटन कारोबार, बौद्ध सर्किट के प्रचार-प्रसार व सीधी कनेक्टिविटी पर बनी रणनीति

बिहार पर्यटन विभाग थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के पर्यटकों के लिए अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को बढ़ावा दे रहा है। एक थाई प्रतिनिधिमंडल ने बिहार का दौरा किया और पर्यटन सहयोग, कनेक्टिविटी और व्यापार साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

जागरण 24 Sep 2026 7:24 am

चूरू सहित शेखावाटी की भित्तिचित्र कला बनेगी राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

चूरू सहित शेखावाटी की विशिष्ट भित्तिचित्र कला को भारत की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने की तैयारी है। भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी व संस्कृति मंत्रालय ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कला परंपरा को सूची में 65वें क्रमांक पर स्थान दिया गया है। इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण व राष्ट्रीय पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रीय पहचान मिलने से अंचल में पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान कला, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण अभियान समिति की ओर से शेखावाटी की हवेलियों में उकेरे गए भित्तिचित्रों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। संस्था ने संबंधित विभागों को लगातार पत्राचार किया और शोध सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद संस्कृति मंत्रालय ने सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की। {जिला मुख्यालय पर 1870 में बनी सुराणा हवेली को चूरू का हवामहल कहा जाता है। इसमें 1133 खिड़की-दरवाजे हैं। यह हवेली फिल्मों की शूटिंग के लिए भी जानी जाती है। सुजानगढ़ में साहित्यकार कन्हैयालाल सेठिया की 135 वर्ष पुरानी हवेली स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है। वहीं रतनगढ़ में पोद्दार परिवार द्वारा निर्मित गजकेशरी हवेली स्थापत्य कला व भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। जिले में 400+ हवेलियां ऐसी हैं, जिनका सौंदर्यीकरण करवाकर पर्यटन के रूप में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि अधिकतर के मालिक बाहर रहते हैं। जिला प्रशासन ने भित्ति चित्रों से सजी व स्थापत्य कला के रूप में विशिष्ट पहचान रखने वाली जिले की 112 हवेलियों को सूची तैयार करवाई है। इनमें सर्वाधिक सरदारशहर की 35, सुजानगढ़ की 24, छापर की 15, चूरू की 12, तारानगर की 9 व रतनगढ़ की 7 हवेलियां हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूरू की सुराणा हवेली, कोठारी हवेली, पारख हवेली, बांठिया हवेली, बोथरा हवेली, रावतमल हवेली, नगरश्री व कोठारी हवेली पर क्यूआर कोड लगाए है, जिन्हें स्कैन कर अंदर के भित्तिचित्र देखे जा सकते हैं। शेखावाटी की सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह कला व विरासत प्रेमियों, शोधकर्ताओं, स्थानीय समुदायों व वर्षों से इस धरोहर को बचाने में जुटे लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। -नितिन बजाज, संयोजक, राजस्थान कला, संस्कृति व विरासत संरक्षण अभियान समिति

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:30 am

दिवेर विजय महोत्सव का समापन 26 को, केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत व उप मुख्यमंत्री बैरवा आएंगे

प्रताप गौरव केंद्र में चल रहे 10 दिवसीय ‘दिवेर विजय महोत्सव’ का भव्य समापन समारोह 26 सितंबर को शाम 4 बजे केंद्र परिसर स्थित कुंभा सभागार में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे। वहीं, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता धरोहर के चेयरमैन एवं न्यासी संजय सिंघल करेंगे और नगर निगम उदयपुर के महापौर पारस सिंघवी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महोत्सव के तहत चल रही कार्यशालाएं अब अंतिम चरण में हैं। चित्रकार अपनी कृतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और जल्द ही प्रतियोगिताओं के परिणाम जारी किए जाएंगे। सहसंयोजक डॉ. देवेंद्र श्रीमाली के अनुसार, गुरुवार शाम 6 बजे पद्मिनी सभागार में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें भरतनाट्यम, कथक और कालबेलिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सहसंयोजक हरीश राजानी ने बताया कि समापन व्यवस्थाओं को लेकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा और महामंत्री दीपक शुक्ल के नेतृत्व में बैठक हुई। इसके अलावा, गुरुवार शाम पानेरियों की मादड़ी की मयूरवन कॉलोनी स्थित नर्बदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में ‘दिवेर का रणघोष’ नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Sep 2026 5:30 am

ऋषिकेश: गंगा पूजन के साथ मुनि की रेती में रिवर राफ्टिंग का रोमांच शुरू, पर्यटन कारोबार को रफ्तार की उम्मीद

मुनि की रेती क्षेत्र में बुधवार को गंगा की लहरों पर रोमांच का दौर शुरू हो गया। रिवर राफ्टिंग के नए सीजन का विधिवत शुभारंभ गंगा पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ।

अमर उजाला 24 Sep 2026 1:45 am

लाल आतंक से मुक्ति, पर्यटन से समृद्धि; 'बस्तर 2.0' से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर

बस्तर अब नक्सलवाद की पहचान छोड़कर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आतिथ्य के कारण पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है। 'बस्तर 2.0' ब्लूप्रिंट, बेहतर कनेक्टिविटी और होमस्टे नीति के माध्यम से यह क्षेत्र स्थानीय समृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।

जागरण 23 Sep 2026 9:54 pm

UN की पसंद से लेकर 'बस्तर पंडुम' तक, वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर चमकी जनजातीय संस्कृति

बस्तर अब नक्सलवाद की पहचान छोड़कर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आतिथ्य के कारण पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है। 'बस्तर 2.0' ब्लूप्रिंट, बेहतर कनेक्टिविटी और होमस्टे नीति के माध्यम से यह क्षेत्र स्थानीय समृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।

दैनिक जागरण 23 Sep 2026 9:54 pm

Priyanka Gandhi ने Wayanad में सुरक्षा इंतजामों पर जताई नाराजगी, यात्रा योजना साझा न करने की चेतावनी

(फोटो के साथ)मलप्पुरम (केरलम), 23 सितंबर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को वायनाड लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान किए गए व्यापक सुरक्षा इंतजामों पर आपत्ति जताई और कहा कि अगर ऐसी व्यवस्था जारी रही तो वह सुरक्षा कर्मियों के साथ अपनी यात्रा योजनाएं साझा करना बंद कर देंगी। वाद्रा ने सुरक्षा कर्मियों से दूरी बनाए रखने को कहा और कहा कि ऐसा नहीं होने पर वह उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं की जानकारी देना बंद कर देंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘‘कृपया अपने सुरक्षाकर्मियों से थोड़ी दूरी बनाए रखने को कहें।’’कांग्रेस सांसद ने दिन के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा किया, जिनमें जिले में हाल में आई बाढ़ में मारे गए छह लोगों में से एक सजीता का घर भी शामिल था। उन्होंने सजीता के परिवार से उनकी जरूरतों के बारे में पूछा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह सहानुभूतिपूर्वक हस्तक्षेप करेंगी। वाद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार से मिलने वाली आठ लाख रुपये की वित्तीय सहायता के अलावा वह परिवार की मदद करेंगी। उन्होंने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों, ऑटोरिक्शा चालकों और वानीयमपुझा बस्ती के उन आदिवासियों से बातचीत की, जो 2019 की बाढ़ में विस्थापित हो गए थे। वानीयमपुझा बस्ती से विस्थापित हुए आदिवासियों के संबंध में वाद्रा ने कहा कि उनका पुनर्वास प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जमीन मिल चुकी है, उनके लिए घरों का निर्माण कार्य तेज किया जाना चाहिए। क्षेत्र में मानव-पशु संघर्ष को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है, जिसका कोई तत्काल समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए इस सप्ताह एक बैठक आयोजित की जाएगी। वाद्रा ने कहा कि समस्या के समाधान के तरीकों पर चर्चा के लिए बैठक में विशेषज्ञ शामिल होंगे। ‘वीबी-जी राम जी’ के तहत काम करने वाले श्रमिकों के साथ अपनी बैठक के दौरान उन्होंने सांसद को बताया कि काम से जुड़ी आवश्यकताएं, जैसे पोर्टल पर दिन में दो बार तस्वीरें अपलोड करना, उत्पीड़न के समान हैं और इनके कारण उनके काम के दिन कम हो रहे हैं। श्रमिकों की चिंताएं सुनने के बाद वाद्रा ने कहा कि नयी योजना रोजगार गारंटी अधिनियम की मूल भावना को कमजोर कर रही है और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस पहल को विफल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा और समाधान खोजने के लिए उस पर दबाव बनाया जायेगा। ऑटोरिक्शा चालकों ने सांसद के समक्ष अपनी चिंताओं को रखा और कहा कि ईंधन की ऊंची कीमतें तथा कलपुर्जों की लागत उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने अन्य उपायों के अलावा तत्काल कदम के तौर पर ईंधन पर सब्सिडी देने की मांग की।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 9:42 pm

चीन में ग्रामीण पर्यटन सम्मेलन का दक्षिण इलाके में मुख्य स्थल का कार्यक्रम शुरू

बीजिंग, 23 सितंबर . चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के तत्वावधान और चीनी पर्यटन संघ के सह आयोजन में ‘चीन में ग्रामीण पर्यटन सम्मेलन यानी ग्रामीण सांस्कृतिक पर्यटन से खपत का प्रोत्साहन’ कार्यक्रम के देश के दक्षिणी इलाके में मुख्य स्थल का कार्यक्रम 22 सितंबर को चच्यांग प्रांत के हूचो शहर में शुरू हुआ. इस मौके ... Read more

डेली किरण 23 Sep 2026 9:28 pm

AI की हुकूमत, अजीबोगरीब तकनीक; साल 6000 के ‘टाइम ट्रैवलर’ के ये दावे उड़ा देंगे नींद!

AI की हुकूमत, अजीबोगरीब तकनीक; साल 6000 के ‘टाइम ट्रैवलर’ के ये दावे उड़ा देंगे नींद!

समाचार नामा 23 Sep 2026 7:30 pm

Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद

आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 5:32 pm

'2 घंटे में दो ज्योतिर्लिंग दर्शन': MP में पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा बनी श्रद्धालुओं की पहली पसंद, रोजाना 10 से अधिक यात्री

एक ही दिन में दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की सुविधा वाली महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच की आध्यात्मिक सर्किट सेवा श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनती जा रही है।

दैनिक जागरण 23 Sep 2026 4:40 pm

तन-मन दोनों को चाहिए ब्रेक? भारत की ये 5 जादुई जगहें हैं परफेक्ट डिटॉक्स वेकेशन के लिए

भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, काम का अंतहीन तनाव, शहर का प्रदूषण और हर वक्त डिजिटल स्क्रीन से चिपके रहने की आदत आज के दौर में इंसानी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर बेहद बुरा असर डाल रही है। सुबह की भागदौड़ से लेकर रात के लेट नाइट वर्क तक, हमारा दिमाग और शरीर लगातार थकावट महसूस करता है, जिसके कारण अनिद्रा, चिंता, क्रॉनिक फटीग और ऊर्जा की कमी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में जब शरीर और मन पूरी तरह थक जाते हैं, तो उन्हें एक ऐसे ब्रेक की सख्त जरूरत होती है जो केवल बाहरी सैर-सपाटा न हो, बल्कि भीतर से पूरी तरह हील कर सके। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 'डिटॉक्स वेकेशन' (Detox Vacation) का ट्रेंड आज पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भारत में ऐसी कई अद्भुत और नैसर्गिक जगहें मौजूद हैं जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, ध्यान और प्राचीन भारतीय जीवन पद्धतियों के जरिए आपके तन और मन को पूरी तरह रीसेट किया जा सकता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि भारत की वे कौन सी शीर्ष 5 डिटॉक्स जगहें हैं जहां जाकर आप अपनी थकी हुई जीवनशैली को अलविदा कह सकते हैं और एक नई ऊर्जा से भर सकते हैं।1. ऋषिकेश, उत्तराखंड: योग, अध्यात्म और गंगा किनारे मानसिक शांति का सबसे बड़ा केंद्रभारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में 'योग की राजधानी' के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड का ऋषिकेश (Rishikesh) तन और मन को डिटॉक्स करने के लिए सबसे पहला और बेहतरीन विकल्प माना जाता है। हिमालय की गोद से निकलती पवित्र गंगा नदी के तट पर बसा यह शहर सदियों से ऋषियों और मुनियों की साधना स्थली रहा है। यहां आपको दुनिया के सबसे बेहतरीन आयुष केंद्र, प्रमाणित योग आश्रम और विश्व स्तरीय आयुर्वेद व नेचुरोपैथी रिजॉर्ट मिल जाएंगे। सुबह-ससुबह गंगा की लहरों के बीच ध्यान करना, प्राणयाम सीखना और प्रामाणिक पंचकर्म चिकित्सा लेना आपके शरीर के सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा यहां का सात्विक और ऑर्गेनिक भोजन आपके पाचन तंत्र को पूरी तरह विश्राम देता है। यदि आप अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से तंग आ चुके हैं और कुछ दिन पूरी तरह खुद के साथ बिताना चाहते हैं, तो ऋषिकेश का यह आध्यात्मिक वातावरण आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।2. अट्टापडी और पलक्कड़, केरल: प्रकृति की गोद में प्रामाणिक आयुर्वेदिक पंचकर्म और कायाकल्पजब बात शरीर की पूरी तरह शुद्धि और प्राकृतिक चिकित्सा की आती है, तो केरल (Kerala) का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित अट्टापडी (Attappadi) और पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच फैले घने जंगल डिटॉक्स वेकेशन के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यहां पारंपरिक आयुर्वेद की जड़ें बहुत गहरी हैं और योग्य चिकित्सकों की देखरेख में विशेष पंचकर्म (Panchakarma) थेरेपी दी जाती है। तेल मालिश, शिरोधारा, नवरकंजी और हर्बल स्टीम बाथ जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के जरिए शरीर की नसों और कोशिकाओं से सारे विषैले तत्व बाहर निकाल दिए जाते हैं। यहां के रिसॉर्ट्स और वैलनेस सेंटर पूरी तरह से प्राकृतिक और शांत वातावरण में बने होते हैं, जहां मोबाइल और इंटरनेट के शोर से दूर केवल पक्षियों की चहचहाहट और हवाओं की सरसराहट सुनाई देती है। यह जगह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह रीबूट करने की क्षमता रखती है।3. मुन्नार, केरल: चाय के हरे-भरे बागानों के बीच बादलों की छांव में मानसिक सुकूनकेरल का एक और खूबसूरत पर्वतीय स्थल मुन्नार (Munnar) अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए पर्यटकों के बीच विशेष स्थान रखता है। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर फैले मीलों लंबे चाय के हरे-भरे बागान, ठंडी हवाएं और चारों तरफ छाई धुंध आपके मन को पल भर में मोह लेती है। मुन्नार में डिटॉक्स वेकेशन का मतलब केवल घूमना नहीं है, बल्कि प्रकृति के सबसे करीब बैठकर अपने मानसिक तनाव को कोसो दूर भगाना है। यहां कई ऐसे इको-फ्रेंडली वेलनेस रिट्रीट हैं जो ऑर्गेनिक फार्मिंग, हर्बल टी थेरेपी, प्रकृति की गोद में लंबी ट्रैकिंग और मेडिटेशन सेशन की सुविधा प्रदान करते हैं। जब आप सुबह उठकर खिड़की से बाहर देखते हैं तो बादलों को छूते हुए पहाड़ दिखाई देते हैं, जो आपकी आंखों और दिमाग को एक असीम शांति प्रदान करते हैं। ताजी हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को नेचुरल डिटॉक्स देने का काम करता है।4. धर्मशाला और मैक्लोडगंज, हिमाचल प्रदेश: तिब्बती बौद्ध दर्शन, ध्यान और हिमालयी हवाओं का संगमयदि आप पहाड़ों की ऊंचाई पर जाकर बौद्ध दर्शन, ध्यान (Meditation) और तिब्बती हीलिंग पद्धतियों के जरिए अपने मन को शांत करना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज (Dharamshala and McLeod Ganj) आपके लिए सबसे परफेक्ट जगह है। दलाई लामा का यह निवास स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से ओत-प्रोत है। यहां कई ऐसे प्रसिद्ध मेडिटेशन सेंटर और मठ हैं जहां विपश्यना, बौद्ध ध्यान और माइंडफुलनेस वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं। हिमालय की ठंडी और शुद्ध हवा आपके फेफड़ों को तरोताजा कर देती है, जबकि यहां का तिब्बती हर्बल मेडिसिन सिस्टम और एक्यूपंचर थेरेपी शरीर के दर्दों को दूर करने में बेहद असरदार मानी जाती है। यहां के शांत कैफे में मिलने वाला हर्बल टी, ऑर्गेनिक फूड और ढोलाधार पर्वत श्रृंखलाओं का मनमोहक नजारा आपके मानसिक तनाव को पूरी तरह छूमंतर कर देता है।5. उदयपुर के आसपास के वैलनेस रिसॉर्ट्स, राजस्थान: शाही आतिथ्य के साथ वेलनेस और मेडिटेशनझीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur) और उसके आसपास का शांत ग्रामीण परिवेश अब देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लग्जरी डिटॉक्स और वैलनेस टूरिज्म के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। यदि आप बहुत अधिक दुर्गम पहाड़ों पर जाने की बजाय किसी शांत, आरामदायक और शाही माहौल में अपने तन-मन को डिटॉक्स करना चाहते हैं, तो उदयपुर के अरावली पहाड़ियों और झीलों के किनारे बने वेलनेस रिसॉर्ट्स बेहतरीन विकल्प हैं। यहां प्राचीन राजस्थानी जड़ी-बूटियों, आधुनिक स्पा थेरेपी, योग सत्र और हेल्दी डाइट प्लान का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। झील के शांत पानी को निहारते हुए सूर्योदय या सूर्यास्त के समय मेडिटेशन करना मानसिक एकाग्रता को कई गुना बढ़ा देता है। यह वेकेशन उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो आराम और विलासिता के साथ-साथ अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:15 pm

जालंधर के युवक की कंबोडिया से पंजाब वापसी:तीन साल बाद लौटा, ट्रैवल एजेंट की ठगी का शिकार हुआ, 7.5 लाख रुपए हड़पे

जालंधर के रहने वाले हरदीप कुमार करीब तीन साल बाद कंबोडिया से भारत लौट आए हैं। उन्हें एक ट्रैवल एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगा था। हरदीप के परिवार ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय और दूसरे अधिकारियों से संपर्क किया गया। स्वदेश लौटै हरदीप के परिवार ने बताया कि एक ट्रैवल एजेंट ने हरदीप को पुर्तगाल भेजने का लालच देकर करीब 7.5 लाख रुपए लिए थे। आरोप है कि एजेंट ने उसे पुर्तगाल भेजने के बजाय पहले थाईलैंड और फिर कंबोडिया भेज दिया। कंबोडिया पहुंचने पर हरदीप का पासपोर्ट भी उसे वापस नहीं मिला। मई 2025 में उसका वीजा भी खत्म हो गया, जिससे उसकी परेशानियां और बढ़ गईं। सड़क हादसे में टूटा पैर निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचे हरदीप कुमार ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि कंबोडिया में रहते हुए उनका एक सड़क हादसा हो गया था। इसमें उनका पैर टूट गया। हादसे के बाद उन्हें लंबे समय तक सही इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाईं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब 15 महीने तक बहुत मुश्किल हालात झेले। हरदीप कुमार के परिवार ने 9 जून 2026 को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी। उन्होंने हरदीप को कंबोडिया से सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संत सीचेवाल ने तुरंत विदेश मंत्रालय को ईमेल भेजकर दखल देने को कहा। राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने उठाया मामला परिवार ने बताया कि जब उम्मीद के मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला फिर से विदेश मंत्रालय के सामने उठाया गया। साथ ही, कंबोडिया में भारतीय दूतावास से भी हरदीप की मदद और सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया। लगातार कोशिशों के बाद अधिकारियों ने इस मामले में कार्रवाई की। आखिरकार, 29 अगस्त 2026 को हरदीप कुमार अपने परिवार के पास सुरक्षित भारत लौट आए। परिवार ने सीचेवाल का जताया आभार हरदीप कुमार की सुरक्षित वापसी के बाद परिवार ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल का आभार जताया। परिवार ने कहा कि उन्होंने मामले को विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ लगातार फॉलो-अप किया, जिसके चलते हरदीप की भारत वापसी संभव हो सकी। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि नौकरी और बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश जाने वाले युवाओं को ट्रैवल एजेंटों के झूठे वादों और गैर-कानूनी तरीकों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की कि विदेश जाने से पहले एजेंट और पूरी प्रक्रिया की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें तथा केवल कानूनी और सरकार द्वारा मंजूर माध्यमों से ही विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी करें।

दैनिक भास्कर 23 Sep 2026 2:12 pm

Solar Gadgets: बिजली का खर्च घटाने में काम आएंगे ये 10 सोलर गैजेट्स, घर से ट्रैवल तक उपयोगी

Solar Gadgets: बिजली का खर्च घटाने में काम आएंगे ये 10 सोलर गैजेट्स, घर से ट्रैवल तक उपयोगी

समाचार नामा 23 Sep 2026 12:20 pm

मोहाली में बिना टैक्स दौड़ रही टूरिस्ट बसों पर एक्शन:13 वाहनों के 7 लाख के चालान काटे; 8 बसे- 3 टेंपो ट्रैवलर शामिल

मोहाली आरटीओ ने पंजाब का टैक्स चुकाए बिना सड़कों पर दौड़ रहे प्राइवेट टूरिस्ट बसों और अन्य कमर्शियल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग को लंबे समय से ऐसे वाहनों की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 13 वाहनों के चालान किए गए, जिनकी कुल राशि करीब 7 लाख रुपए है। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कुछ टूरिस्ट बसें पंजाब का टैक्स जमा किए बिना यहां चल रही थीं। इससे परिवहन नियमों का उल्लंघन होने के साथ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। कार्रवाई के दौरान 8 टूरिस्ट बसों और 3 टेंपो ट्रैवलर्स के चालान किए गए। इसके अलावा कागजात और टैक्स से जुड़ी कमियां मिलने पर 10 से 12 वाहनों को अलग-अलग पुलिस थानों में जब्त करवाया गया। कुछ चालान मौके पर भरे, वाहन छोड़े कार्रवाई के दौरान कुछ वाहन चालकों ने मौके पर ही चालान और बकाया टैक्स जमा कर दिया। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके वाहनों को छोड़ दिया गया। वहीं, जिन वाहनों के मामलों का मौके पर निपटारा नहीं हो सका, उन्हें पुलिस थानों में खड़ा करवाया गया। लालड़ू और लेहली थाने में जब्त वाहन असिस्टेंट आरटीओ गगनदीप ने बताया कि कार्रवाई में पकड़ी गई कुछ बसों को लालड़ू और कुछ को लेहली पुलिस स्टेशन में जब्त करवाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बसों और अन्य कमर्शियल वाहनों की चेकिंग लगातार जारी रहेगी। जरूरत के अनुसार दिन के साथ रात में भी अभियान चलाया जाएगा। टैक्स बकाया या नियमों की अनदेखी मिलने पर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Sep 2026 8:35 am

Varanasi News: युवा पर्यटन क्लब ने जानी तुलसी और कबीर की संत परंपरा

Youth Tourism Club explored the saintly traditions of Tulsidas and Kabir

अमर उजाला 23 Sep 2026 2:22 am

Viral Video: सारा अली खान का एडवेंचर वीडियो वायरल, खतरनाक अंदाज और खूबसूरत नजारे ने जीता लोगों का ध्यान

Viral Video: सारा अली खान का एडवेंचर वीडियो वायरल, खतरनाक अंदाज और खूबसूरत नजारे ने जीता लोगों का ध्यान

समाचार नामा 22 Sep 2026 8:30 pm

कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों के मुहानों पर दिखेगी हिमाचली परंपरा और पर्यटन स्थलों की झलक

कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों को हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के चित्रों से सजाया गया है। यह कलाकृति पर्यटकों को राज्य की परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता से रूबरू कराएगी।

जागरण 22 Sep 2026 6:51 pm

वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण्य में 73 करोड़ से बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र, पर्यटन मंत्रालय से मिली अनुमति

महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण्य को राष्ट्रीय स्तर का आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना है। 15 एकड़ में बनने वाले इस श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू काॅम्प्लेक्स पर तिहत्तर करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड अठारह महीने के भीतर इस भव्य परियोजना को पूरा करेगा।

दैनिक जागरण 22 Sep 2026 6:19 pm

हिमाचल सरकार ने बदले दो IAS अधिकारी, पदभार का इंतजार कर रहे अनुराग चंद्र शर्मा संभालेंगे पर्यटन विकास निगम

हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने दो आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। अनुराग चंद्र शर्मा को पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि डॉ. राजीव कुमार को अगली तैनाती का इंतजार है।

जागरण 22 Sep 2026 4:48 pm

सुजान गंगा को पुनः जीवनदायिनी बनाकर पर्यटन का प्रमुख केंद्र विकसित किया जाएः सीताराम गुप्ता

गुप्ता ने कहा कि सुजान गंगा पर विगत वर्षों में किए गए कार्यों, प्रस्तावित कार्यों तथा वर्तमान स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि कई स्थानों पर गंदगी, जलकुंभी और कचरे की समस्या बनी हुई है, तो यह संकेत है कि समस्या का समाधान केवल निर्माण एवं सफाई कार्यों से नहीं होगा।

खास खबर 22 Sep 2026 3:28 pm

Travel Tips: अक्टूबर में जा सकते हैं आप भी घूमने के लिए इन खूबसूरत जगहों पर...

इंटरनेट डेस्क। बारिश का मौसम अब थम चुका हैं और कुछ ही दिनों में गुलाबी सर्दी की शुरूआत हो जाएगी। ऐसे में आप भी अगर घूमने जाने का प्लॉन बना रहे हैं तो फिर आज आपको बताएंगे की आप कहा जा सकते है। सितंबर के बाद इन जगहों की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। कूर्ग और चिकमगलूर, कर्नाटक कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर अपनी हरियाली, पहाड़ियों, कॉफी के बागानों और झरनों के लिए जाने जाते हैं। सितंबर में बारिश के बाद यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। चारों तरफ फैले कॉफी के पौधे, ठंडी हवा और पहाड़ियों के बीच बहते झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मुन्नार और वैली ऑफ फ्लावर्स केरल का मुन्नार अपने हरे-भरे चाय के बागानों और धुंध से ढकी पहाड़ियों के लिए मशहूर है। सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी निखर जाती है। दूसरी ओर उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगह है। यहां सितंबर में रंग-बिरंगे फूलों और हरी-भरी वादियों का सुंदर नजारा दिखाई देता है। pc- skywaytour.com

राजस्थान खबरे 22 Sep 2026 3:00 pm

मलेशिया जाने वाले नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी, वीजा-मुक्त सुविधा सिर्फ पर्यटन के लिए : भारतीय उच्चायोग

New Delhi, 22 सितंबर . कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने Tuesday को एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को आगाह किया है कि वे रोजगार की तलाश में मलेशिया जाने के लिए वहां की 30 दिन की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा का दुरुपयोग न करें. उच्चायोग ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर वीजा अवधि ... Read more

डेली किरण 22 Sep 2026 2:28 pm

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स अब प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होंगे: अश्विनी वैष्णव

फिल्मों और पर्यटन को जोड़ने के लिए सरकार की नई पहल; राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव, पहला आयोजन एकता नगर में संभव।

प्रातःकाल 22 Sep 2026 1:25 pm

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को पर्यटन स्थलों से जोड़ने की पहल, अश्विनी वैष्णव बोले- पीएम मोदी से प्रेरित है ये सोच

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के अहमदाबाद में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को भारत की प्रमुख पर्यटन जगहों तक ले जाने की पहल की गई है।

खास खबर 22 Sep 2026 1:17 pm

लंबी छुट्टी नहीं, छोटी-छोटी ट्रिप्स! Gen Z ने कैसे बदला ट्रैवल ट्रैंड?

Gen Z के बीच ट्रैवल का तरीका बदल रहा है. Airbnb की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 10 में से 7 युवा एक लंबी सालाना छुट्टी के बजाय तीन छोटी ट्रिप पसंद करते हैं. 95% चाहते हैं कि यात्रा पर्सनल और अलग हो, जबकि 87% मानते हैं कि उनका ट्रैवल स्टाइल उनकी पर्सनैलिटी दिखाता है. क्या अब साल में एक बड़ी छुट्टी का इंतजार पुराना हो गया है?

आज तक 22 Sep 2026 12:00 pm

छत्तीसगढ़ में पर्यटन की बदली तस्वीर:हर दूसरे सैलानी का सफर राजिम और डोंगरगढ़ तक; दोनों जगह 1.96 करोड़ फुटफाल

छत्तीसगढ़ में पर्यटन का ट्रेंड तेजी से धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ रहा है। 2025 में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 4.05 करोड़ यात्राएं दर्ज की गई। इनमें अकेले राजिम और डोंगरगढ़ की हिस्सेदारी 1.96 करोड़ यानी 48.4% रही। यानी प्रदेश में दर्ज लगभग हर दूसरी पर्यटन यात्रा इन दोनों धार्मिक स्थलों की रही। नए धार्मिक केंद्र भी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी, शिवरीनारायण, गिरौदपुरी धाम, कुदरगढ़ और चंद्रहासिनी मंदिर को 2025 में पर्यटन केंद्रों की सूची में शामिल किया गया। पहले ही साल इन पांच जगहों पर 95 लाख से ज्यादा यात्राएं दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 3.15 करोड़ यात्राएं दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4.05 करोड़ हो गया। यानी महज एक साल में 90 लाख या 28.6% की वृद्धि हुई। उपलब्ध पिछले सात वर्षों के आंकड़ों में यह सबसे बड़ी वार्षिक संख्या है। राजिम और डोंगरगढ़ में सबसे ज्यादा फुटफॉल दर्ज किया गया। 2024 में राजिम में 78 लाख यात्राएं हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 1.12 करोड़ हो गई। यानी एक साल में 34 लाख की बढ़ोतरी। पहली बार सूची में 5 धार्मिक केंद्र, पहले साल 95 लाख पार छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 2025 में कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी, शिवरीनारायण, गिरौदपुरी धाम, कुदरगढ़ और चंद्रहासिनी मंदिर चंद्रपुर को पर्यटन केंद्रों की सूची में शामिल किया। पहले ही साल इन स्थलों पर कुल 95 लाख से ज्यादा यात्राएं दर्ज हुईं। टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों का अनुमान है कि 2026 में इन पांच केंद्रों का आंकड़ा एक करोड़ के पार जा सकता है। बढ़ते फुटफॉल को देखते हुए यहां पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। कौशल्या धाम में बने कॉटेज को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है और इसके लिए जल्द टेंडर जारी करने की तैयारी है। दूसरे धार्मिक केंद्रों पर भी सुविधाएं और बुनियादी ढांचा बढ़ाने की योजना है। 2025 में प्रमुख केंद्रों पर बढ़ा फुटफॉल “छत्तीसगढ़ में अब अनुभव आधारित पर्यटन, होमस्टे, राम वन गमन परिपथ, जनजातीय व ईको टूरिज्म, बुनियादी ढांचे और पीपीपी के जरिए नए निजी निवेश पर काम कर रहे हैं। लक्ष्य पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने व उनका खर्च भी बढ़ाना है।” —सौमिल रंजन चौबे, एमडी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड

दैनिक भास्कर 22 Sep 2026 5:30 am

Chandauli News: छह करोड़ से संवारे गए थे चार पर्यटन स्थल, दो साल में 70 फीसदी सुविधाएं ध्वस्त

Four tourist sites were spruced up at a cost of 6 crore; 70 percent of the facilities have been destroyed within two years.

अमर उजाला 21 Sep 2026 1:28 am

सीएम ने मादा चीता को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा:नीमच में बोले- पर्यटन के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नीमच पहुंचे। वे तय समय से करीब दो घंटे की देरी से दोपहर लगभग 2 बजे नीमच आए, जहां सीआरपी परिसर में बने हेलीपैड पर स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से मुख्यमंत्री रोड शो करते हुए कामा बाई रोड स्थित अग्रोहा भवन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं के तहत लोगों को मदद पहुंचाई और स्कूली छात्रों को स्कूटी सहित अन्य सामान बांटे। गांधी सागर में चीता प्रोजेक्ट से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नीमच में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण को बचाते हुए रोजगार के नए साधन तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि नीमच में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। सीएम ने कहा कि बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ना इस पूरे इलाके के लिए बड़ी सौगात है, जिससे यहां पर्यटन के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे पहले उन्होंने उज्जैन में बन रहे आईटी पार्क और विकास कार्यों का जायजा भी लिया था।

दैनिक भास्कर 20 Sep 2026 7:03 pm

मुजफ्फरपुर में पर्यटन मंत्री ने दरगाह शरीफ पर चढ़ाई चादर:देश और राज्य में अमन-चैन, भाईचारे की कामना; BJP के नेता-कार्यकर्ता रहे मौजूद

मुजफ्फरपुर के हजरत दाता कंबल शाह चिश्ती दरगाह शरीफ पर रविवार को चादरपोशी कार्यक्रम हुआ। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने चिश्ती दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाई। देश-राज्य में अमन-चैन, भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और सभी नागरिकों के कल्याण की दुआ मांगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मौके पर बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मकसद समाज में एकता और समरसता का संदेश फैलाना था। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भाजपा के जिला प्रवक्ता जुनैद खान थे। अध्यक्षता भाजपा मुजफ्फरपुर पूर्वी के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने की। बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता खास मेहमान के तौर पर मौजूद रहे। एकता का दिया संदेश बीजेपी के नेताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर की धरती गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और सामाजिक समरसता के लिए जानी जाती है। यह संस्कृति पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे आयोजनों से समाज के अलग-अलग वर्गों में विश्वास, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष, जिला महामंत्री समेते पार्टी के नेता रहे मौजूद दाता कंबल शाह मजार के सचिव तनवीर आलम ने पूरी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधिवत इबादत और दुआएं कराई। जिसके बाद चादरपोशी की रस्म को विधि-विधान से संपन्न किया गया। इस क्षण में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैयद अफरीदी रहमान भी प्रमुखता से शामिल रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र प्रसाद सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, फेकु राम, जिला महामंत्री मनोज तिवारी, जिला मंत्री कृष्णा महतो, जिला मीडिया प्रभारी डॉ. साकेत शुभम ठाकुर, कार्यालय मंत्री दिलीप कुमार, मोहम्मद निजाम सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 20 Sep 2026 2:08 pm

विश्व पर्यटन दिवस 2026: सितंबर के आखिर में घूमने के लिए ये 5 जगहें हैं परफेक्ट

Places to Visit in September In India: हर साल 27 सितंबर को विश्व टूरिज्म डे मनाया जाता है। ऐसे में इस मौके पर हम आपको भारत की पांच ऐसी जगहों की जानकारी देंगे, यहां आप इस महीने के आखिर में घूमने जा सकते हैं।

अमर उजाला 20 Sep 2026 10:29 am

शिमला: आईटीएचएम में खेल प्रतियोगिताओं के साथ पर्यटन सप्ताह 2026 का आगाज, टूरिज्म प्रीमियर लीग में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

शिमला: आईटीएचएम में खेल प्रतियोगिताओं के साथ पर्यटन सप्ताह 2026 का आगाज, टूरिज्म प्रीमियर लीग में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

अमर उजाला 20 Sep 2026 10:10 am

धामी सरकार की होम स्टे नीति: गांवों में पर्यटन को मिली नई रफ्तार, रिवर्स पलायन को मिली नई दिशा

धामी सरकार की होम स्टे नीति ने उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में पर्यटन को नई गति दी है, साथ ही रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है। इस पहल से युवा और प्रवासी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

जागरण 20 Sep 2026 7:37 am

मध्य प्रदेश में पर्यटन...:हर 2 में से एक यात्रा उज्जैन-इंदौर की

मध्य प्रदेश में पर्यटन यात्राएं 2024 के 13.33 करोड़ से बढ़कर 2025 में 21.05 करोड़ हो गईं। यानी एक साल में 7.72 करोड़ या 57.9% की बढ़ोतरी। मप्र टूरिज्म बोर्ड के केंद्रवार आंकड़ों की पड़ताल बताती है कि कुल यात्राओं में आधे से ज्यादा हिस्सा सिर्फ उज्जैन-इंदौर का है। उज्जैन में 8.40 करोड़ और इंदौर में 2.81 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। दोनों को मिलाकर यह 11.21 करोड़ यानी प्रदेश की कुल यात्राओं का 53.3% है। इस बढ़ोतरी में नए धार्मिक केंद्रों का जुड़ना भी अहम है। 2025 के आंकड़ों में शामिल कुबेरेश्वर धाम, रतनगढ़ माता मंदिर, बगलामुखी मंदिर, श्री पीतांबरा पीठ और बागेश्वर धाम में ही करीब 3.51 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। उज्जैन में यात्राएं 7.32 करोड़ से बढ़कर 8.40 करोड़ हुईं, यानी 1.08 करोड़ ज्यादा। इंदौर में यह संख्या 1.03 करोड़ से बढ़कर 2.81 करोड़ हो गई। यहां 1.78 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। भोपाल में 17.24 लाख से बढ़कर 24.63 लाख यात्राएं दर्ज हुईं। कुबेरेश्वर जैसे नए केंद्रों से जुड़ी 3.51 करोड़ यात्राएं... कुबेरेश्वर धाम में 1.50 करोड़ और रतनगढ़ माता मंदिर में 1 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। बगलामुखी मंदिर में 51.69 लाख, श्री पीतांबरा पीठ में 40 लाख और बागेश्वर धाम में 9 लाख यात्राएं हुईं। ये केंद्र 2025 की पर्यटन सूची में पहली बार शामिल हैं। इसलिए सालाना बढ़ोतरी को पुराने पर्यटन केंद्रों की बढ़ी आवाजाही नहीं माना जा सकता। मप्र में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। अनुभव आधारित, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, संग्रहालय, बुनियादी ढांचे और नए होटल ब्रांड पर काम है। लक्ष्य पर्यटन की गुणवत्ता और पर्यटकों का खर्च बढ़ाना है। -इलैया राजा टी, एमडी, मप्र टूरिज्म बोर्ड

दैनिक भास्कर 20 Sep 2026 5:57 am

Ballia News: मां परमेश्वरी धाम में पर्यटन के विकास के लिए 1.20 करोड़ की योजना मंजूर

Scheme worth 1.20 crore approved for tourism development at Maa Parameshwari Dham.

अमर उजाला 20 Sep 2026 1:32 am

Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान

अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खास‍ियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार व‍िजयनगर साम्राज्‍य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्‍पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 2:10 pm

Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें

हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 4:56 pm

Travel Tips: Trishla Farmhouse

इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)

समाचार जगत 12 Sep 2026 3:40 pm

Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें

मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंड‍िया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:06 pm

Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal

इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:50 pm

सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल

किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 4:18 pm

UGC NET री-एग्जाम से पहले दिल्ली के अभ्यर्थियों के लिए NTA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, जानें जरूरी बातें

UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 3:16 pm

Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary

उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 3:28 pm

चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं

टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।

आज तक 5 Sep 2026 2:38 pm

September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम

सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 5:48 pm

कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा

3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 10:11 am

International Tourism Trends: बजट और वाइब्स के मामले में क्यों छा रहे हैं ये 4 Honeymoon Destinations

शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:24 pm

दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें

अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 4:40 pm

Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट

जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्‍स्‍प्‍लोर अब आप द्वारकाधीश मंद‍िर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शि‍व के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्‍योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:46 pm

Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace

भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:58 pm

Vacation Sex Tips: ट्रिप के दौरान कैसे करें रोमांस, होटल रूम से लेकर टाइमिंग तक रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपकी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग या एक जैसी हो गई है, तो पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाना अच्छा आइडिया हो सकता है। रोज की भागदौड़ से दूर छुट्टियों का माहौल आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका देता है। नए माहौल में रोमांस और नजदीकियां रिश्ते में एक नई ताजगी ला सकती हैं। लेकिन छुट्टियों में इंटीमेसी को बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान टिप्स, जो आपके कपल टाइम को और खास बना सकते हैं। अपनी पसंद की चीजें साथ लेकर जाएं अगर आपके लिए कोई खास चीज रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करती है, तो उसे ट्रिप पर साथ ले जा सकते हैं। यह आपकी पसंद की कोई रोमांटिक एक्सेसरी, परफ्यूम, आरामदायक नाइटवियर या दूसरी पसंदीदा चीज हो सकती है। ध्यान रखें कि जो भी चीज आप इस्तेमाल करें, उसमें दोनों पार्टनर की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। सिर्फ बेड तक सीमित न रहें होटल का कमरा सिर्फ सोने के लिए नहीं होता। छुट्टियों में आप कमरे के माहौल को थोड़ा अलग और रोमांटिक बना सकते हैं। कमरे की लाइटिंग, खुशबू और म्यूजिक जैसी छोटी चीजें भी मूड को बेहतर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी तरह की एक्टिविटी में होटल की संपत्ति और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी आजमाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कपल्स अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या के हिसाब से ही इंटीमेट होते हैं। छुट्टियों में आपके पास समय की थोड़ी ज्यादा आजादी होती है। इसलिए अगर आमतौर पर आपके पास सिर्फ रात या सुबह का समय होता है, तो छुट्टी के दौरान दिन में भी एक-दूसरे के साथ रोमांटिक समय बिताया जा सकता है। जल्दबाजी न करें काम, घर और रोज की जिम्मेदारियों के बीच कपल्स के पास अक्सर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। छुट्टियां इस रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का अच्छा मौका देती हैं। एक-दूसरे के साथ आराम से समय बिताएं, बातचीत करें और बिना किसी जल्दबाजी के पल को एंजॉय करें। यहां मकसद किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना है। छुट्टियों में काम को थोड़ा दूर रखें अगर आप छुट्टियों पर भी लगातार ईमेल, ऑफिस चैट या काम के मैसेज चेक करते रहेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाएगा। इसलिए जहां संभव हो, काम से ब्रेक लें। लैपटॉप और ऑफिस नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए दूर रखना आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे पर ध्यान देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर और भावनाओं पर ध्यान दें छुट्टियां खुद को रिलैक्स करने और अपने पार्टनर के साथ जुड़ने का अच्छा समय होती हैं। अपने आसपास के माहौल को महसूस करें और पार्टनर के साथ बिताए जा रहे समय पर ध्यान दें। नए माहौल, नई जगह और पार्टनर की मौजूदगी को महसूस करने से रोमांटिक कनेक्शन और बेहतर हो सकता है। ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं इंटीमेसी के दौरान ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल आराम और सुविधा बढ़ाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर अगर ड्रायनेस या असहजता महसूस हो रही हो, तो सही ल्यूब्रिकेंट उपयोगी हो सकता है। ट्रिप पर जाने से पहले इसे साथ रखना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखें कई बार इंटीमेसी के दौरान लोग काम, तनाव या दूसरी बातों के बारे में सोचते रहते हैं। इससे वे उस पल को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते। छुट्टियों में खुद को थोड़ा रिलैक्स करने की कोशिश करें। किसी तरह की परफॉर्मेंस या उम्मीद का दबाव न बनाएं और अपने पार्टनर के साथ सहज तरीके से समय बिताएं। इसे भी पढ़ें: Couples Special: बोरिंग Sex Life को रोमांचक बनाने के लिए ट्राई करें ये 4 नई Sex Positions यह न गिनें कि कितनी बार इंटीमेट हुए छुट्टियों में ज्यादा रोमांस होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर दिन या बार-बार इंटीमेट होना ही चाहिए। हर कपल की पसंद और कम्फर्ट अलग होता है। इसलिए खुद पर या पार्टनर पर कोई दबाव न डालें। अगर छुट्टी के माहौल में ढलने में थोड़ा समय लग रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ नया आजमाने की कोशिश करें छुट्टियां रिश्ते में कुछ नया करने का अच्छा मौका हो सकती हैं। आप कोई नया रोमांटिक आइडिया, नई एक्टिविटी या ऐसी चीज आजमा सकते हैं जिसे दोनों पार्टनर पहले से करने की इच्छा रखते हों। लेकिन यहां भी दोनों की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। अगर किसी एक पार्टनर को कोई चीज पसंद नहीं है, तो उसे करने का दबाव नहीं होना चाहिए। छुट्टियों में रोमांस का असली मतलब वेकेशन सेक्स या छुट्टियों में इंटीमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है। असल में यह अपने पार्टनर के साथ बिना रोजमर्रा के तनाव के क्वालिटी टाइम बिताने और रिश्ते में नजदीकी बढ़ाने का मौका है। इसलिए छुट्टी के दौरान खुद पर किसी तरह का दबाव न डालें। साथ में घूमना, बातें करना, एक-दूसरे को समय देना और छोटे-छोटे रोमांटिक पल भी रिश्ते को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:54 pm

Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद

हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।

प्रभासाक्षी 28 Aug 2026 5:00 pm

Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च

घुमक्कड़ लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। यह लोग हमेशा कही न कहीं का प्लान बनाते रहते हैं। सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से खास माना जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश होती है, इसलिए मौसम सुहाना होता है। बरसात के बाद से हर जगह खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है और आसपास का नजारा काफी फ्रेश नजर आता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना अच्छा हो सकता है। आइए आपको बताते हैं करीब 5000 रुपये में बजट में आप कहां घूम सकते हैं। पुष्कर, राजस्थान यदि आप पहाड़ों की जगह पर किसी झील और मंदिर वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के पुष्कर जा सकते हैं। यहां की झीलें घूमना, ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करना और बाजारों में घूमना आपको मजेदार लगेगा। इस मौसम में यहां गर्मी कम होती है। - दिल्ली से दूरी-करीब 430 किमी है। - समय- लगभग 7-9 घंटे का समय लग जाता है। - घूमने के लिए पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर, घाट और लोकल बाजार घूमने जा सकते हैं। बजट फ्रेंडली होटल लें, लोकल स्ट्रीट से खाना खाएं। होटल को बुकिंग ऑनलाइन ही करें। ऋषिकेश, उत्तराखंड योग नगरी ऋषिकेश धार्मिक दृष्टि से तो खास है, लेकिन यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सुबह की आरती से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, यहां पर आप सब कुछ देख सकते है। रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं और भी कई एक्टिविटीज कर सकते हैं। - दिल्ली से दूरी करीब 240 किमी। - समय- लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। - होटल के लिए कम से कम 1200 से 1500 रुपये में रुम मिल जाएगा। - 5000 हजार में ट्रिप को करने के लिए पैदल या शेयरिगं ऑटो से घूमें और महंगे कैफे से बचें। अमृतसर, पंजाब बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए आप पंजाब घूमने जा सकते हैं। अमृतसर में धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह की जगहें देखने को मिल जाएगी। सबसे फेमस यहां पर स्वर्ण मंदिर है, जिसकी खूबसूरती काफी देखने के लायक है और माहौल भी शांत देखने को मिलेगा। वहीं, आप अटारी-वाघा बॉर्डर भी घूमने जा सकते हैं। -दिल्ली से दूरी- लगभग 450 किमी -समय- लगभग 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप खाने पर खर्च बचा सकते हैं, गुरुद्वारे में खाना खा सकते हैं। वहीं, आप लोकल स्ट्रीट पर फूड खा सकते हैं। महंगे होटल पर खाना खाने से बचें।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 6:27 pm

Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय

एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 3:43 pm

चार नए सर्किट बदलेंगे दिल्ली की पर्यटन तस्वीर: सीएम ने किया शुभारंभ, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत बनेगी पहचान

राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।

अमर उजाला 12 Aug 2026 3:32 am

शर्मिंदगी का पर्यटन

बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:00 am

कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक

टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 5:01 pm

स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें

भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...

वेब दुनिया 9 Apr 2025 5:46 pm

गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...

वेब दुनिया 7 Apr 2025 4:18 pm

कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...

वेब दुनिया 24 Oct 2024 2:10 pm

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग, रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

समाचार नामा 27 Jun 2024 6:00 pm

पत्नी Natasa Stankovic से तलाक की अफवाहों के बीच Hardik Pandya विदेश में मना रहे हैं वेकेशन, तस्वीरें आयी सामने

सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

प्रभासाक्षी 27 May 2024 6:08 pm

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समाचार नामा 21 May 2024 11:00 pm

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मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 9:00 am