ग्लैमर, नाम, शोहरत और बॉलीवुड के बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका—यह एक ऐसा सपना है जिसे पाने के लिए लोग सालों संघर्ष करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी शख्सियतें भी रही हैं, जिन्होंने सफलता के शिखर पर होने के बावजूद अपनी जड़ों और अपने असली सपनों की ओर लौटने का हौसला दिखाया। ऐसी ही एक मिसाल हैं बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस पेरिजाद जोराबियन। 2000 के दशक में अपनी शानदार एक्टिंग और नेचुरल चार्म से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली पेरिज़ाद आज भारतीय बिजनेस जगत में 'चिकन क्वीन' के नाम से अपनी पहचान बना चुकी हैं। ALSO READ: टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो पेरिज़ाद जोराबियन का जन्म मुंबई के एक पारसी-इरानी परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही पढ़ाकू और होनहार थीं। वह मुंबई यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ-साथ एक ट्रेन्ड वेस्टर्न क्लासिकल बैले डांसर भी हैं। पेरिजाद ने अपना फिल्मी करियर 2001 में शुरू किया था, फिर 2003 में सुभाष घई की फिल्म 'जॉगर्स पार्क' में भी नजर आई थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने दिल की बात साझा करते हुए पेरिज़ाद ने बताया, जब मैं सिर्फ 8 साल की थी, तब मुझे 'एंटरप्रेन्योर' शब्द का सही उच्चारण करना भी नहीं आता था, लेकिन मुझे यह बखूबी पता था कि मुझे बड़े होकर यही बनना है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वह भारत में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूयॉर्क चली गईं, जहां उन्होंने न्यूयोर्क के बारूक कॉलेज से मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री हासिल की। न्यूयॉर्क में पढ़ाई के दौरान एक दोस्त के कहने पर पेरिज़ाद ने प्रसिद्ध 'ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट' से एक साल एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। उनके पिता ने हमेशा उनके हर फैसले का समर्थन किया। जब वह एमबीए पूरी कर भारत लौटीं, तो उनका इरादा पिता के पोल्ट्री बिजनेस को संभालने का ही था। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फैमिली फंक्शन में एक मॉडलिंग कोऑर्डिनेटर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें 'फेयर एंड लवली' ब्रांड का पहला विज्ञापन मिला। इसके बाद उनके पास ऑफर्स की लाइन लग गई। डायरेक्टर नागेश कुकुनूर ने उन्हें अपनी फिल्म 'बॉलीवुड कॉलिंग' में लीड एक्ट्रेस का रोल दिया। फिल्म हिट रही और पेरिज़ाद रातों-रात चर्चा में आ गईं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इसके बाद उन्होंने 'जॉगर्स पार्क', 'मॉर्निंग रागा', 'मुंबई मैटिनी' जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में काम किया। फिल्म 'एक अजनबी' में वह महानायक अमिताभ बच्चन के अपोजिट भी नजर आईं। हालांकि, पेरिज़ाद खुद को हमेशा एक 'एक्सीडेंटल एक्ट्रेस' मानती थीं, जिनका पहला प्यार हमेशा से बिजनेस ही था। शादी, परिवार और सिनेमा को अलविदा साल 2006 में पेरिज़ाद ने मशहूर कंस्ट्रक्शन टाइकून बोमन रुस्तम ईरानी से शादी कर ली। शादी के बाद उनके जीवन की प्राथमिकताएं बदलने लगीं। सुभाष घई की 'ब्लैक एंड व्हाइट' और निखिल आडवाणी की 'सलामे-इश्क' जैसी बड़ी फिल्मों के ऑफर्स को ठुकराते हुए उन्होंने अपनी मर्जी से शोबिज की चकाचौंध को अलविदा कह दिया। वह एक मां के रूप में अपने परिवार को वक्त देना चाहती थीं। जब पेरिज़ाद ने अपने पारिवारिक बिजनेस 'जोराबियन चिकन' में दोबारा कदम रखा, तब कंपनी कर्ज और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही थी। उन्होंने अपनी एमबीए की पढ़ाई और ब्रांडिंग की समझ का पूरा इस्तेमाल किया। गर्भावस्था के दौरान भी उन्होंने आराम करने के बजाय पोल्ट्री फार्म्स का दौरा किया, पैकेजिंग बदली और लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया। उन्होंने पारंपरिक थोक पोल्ट्री बिजनेस को एक मॉडर्न, रेडी-टू-कुक और प्रीमियम रिटेल ब्रांड में बदल दिया। 'जोराबियन चिकन' आज भारत के 15 से अधिक राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। कंपनी का सालाना टर्नओवर 120 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।
तुर्किए ने अमेरिका को घरेलू दर्शकों के सामने 3-2 से हराकर विश्वकप की पहली जीत पाई (Video)
कान आयहान ने मैच की आखिरी किक पर गोल किया और तुर्किए ने गुरूवार को अमेरिका को 3-2 से हराकर विश्व कप में अपनी एकमात्र जीत दर्ज की।ऑस्टन ट्रस्टी ने तीसरे मिनट में गोल करके अमेरिका को बढ़त दिलाई लेकिन तुर्किए ने आर्डा गुलेर (10वें मिनट) और बारिस अल्पर यिलमाज (31वें मिनट) के गोल की बदौलत स्कोर 2-1 कर दिया। अमेरिका ने 49वें मिनट में सबेस्टियन बरहाल्टर के गोल से बराबरी हासिल की लेकिन आयहान ने अंतिम लम्हों में गोल दागकर तुर्किए की जीत सुनिश्चित कर दी।अमेरिकी टीम पहले ही पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को हराकर ग्रुप डी जीतकर नॉकआउट में जगह बना चुकी थी। कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम बुधवार को राउंड ऑफ 32 में बोस्निया और हर्जेगोविना से भिड़ेगी। पोचेटिनो ने इस कम अहमियत वाले मैच के लिए नौ नए खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में शामिल किया लेकिन क्रिश्चियन पुलिसिक 58वें मिनट में मैदान पर उतरे। पिंडली की चोट के कारण वह अमेरिकी टीम के पहले मैच के पहले हाफ के बाद से नहीं खेले थे।तुर्किए ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले हाफ में दो गोल की बदौलत दबदबा बनाया और अंतत: रोमांचक जीत दर्ज करने में सफल रहा। Trkiye beating the USA with its B squad The USA are so overhyped and were lucky we had two bad games otherwise they would’ve finished under us. pic.twitter.com/zhuROl3bFh — Turk Scout (@ScouTurk) June 26, 2026 तुर्किए अपने पहले दो मैच हारने के बाद पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था जबकि आंकड़ों के लिहाज से उसने दोनों मैचों में काफी हद तक दबदबा बनाए रखा था।इंजरी टाइम के आठवें मिनट में तुर्किए ने अप्रत्याशित जीत हासिल की। कैन उज़ुन को बैक पोस्ट पर खाली जगह में गेंद मिली और उन्होंने उसे गोलकीपर मैट टर्नर के पास से आयहान की ओर धकेल दिया जिन्होंने स्लाइड करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। खचाखच भरे सोफी स्टेडियम में दर्शकों के लिए मैच के नतीजे का कोई खास महत्व नहीं था। घरेलू मैदान पर हो रहे इस विश्व कप में अमेरिकी टीम की शानदार शुरुआत ने प्रशंसकों में जोश भर दिया था लेकिन टीम को अंतत: हार झेलनी पड़ी।
कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल, जानें आपके शहर में आज का गोल्ड-सिल्वर रेट
Gold Silver Rates 26 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी सोने चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 70 डॉलर तक पहुंच गई। WTI क्रूड 70.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 74.05 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 6.07 फीसदी गिरकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गए। 26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दिया। दोपहर 12:00 बजे MCX पर सोना 73 रुपए बढ़कर 1,43,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,268 रुपए की बढ़त के साथ 2,20,940 पर थी। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4034.611 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.179 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,41,600 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,29,800 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,02,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपए प्रति किलो थी। आपके शहर में क्या है सोने के दाम? आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
टेक इंडस्ट्री में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाली कंपनी Nothing अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन Nothing Phone (3) को भारत में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आप भी नथिंग के सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन और नए ग्लिफ इंटरफेस (Glyph Interface) के दीवाने हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। ALSO READ: जून 2026 के 3 सस्ते स्मार्टफोन्स, 7000mAh बैटरी और गेमिंग परफॉर्मेंस का जबरदस्त कॉम्बो प्रसिद्ध टेक टिपस्टर्स और इंडस्ट्री लीक्स के जरिए इस फोन की प्री-बुकिंग डेट, संभावित कीमत और सभी बड़े स्पेसिफिकेशन्स सामने आ चुके हैं। आइए जानते हैं कि यह नया स्मार्टफोन भारतीय बाजार में पहले से मौजूद दिग्गजों को कितनी कड़ी टक्कर देने वाला है। 'Nothing OS 3.0' और धांसू AI फीचर्स का कॉम्बिनेशन लीक्स की मानें तो Nothing Phone (3) आउट-ऑफ-द-बॉक्स Nothing OS 3.0 पर काम करेगा, जो पूरी तरह से पर्सनलाइज्ड एआई (AI) फीचर्स से लैस होगा। इसमें एक नया AI Glyph Composer मिल सकता है, जो आपके मूड और नोटिफिकेशन के हिसाब से खुद ब खुद बैक पैनल की लाइट्स को कस्टमाइज कर देगा। इसके अलावा, फोटो एडिटिंग के लिए 'AI ऑब्जेक्ट इरेज़र' और रियल-टाइम वॉयस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स भी शामिल किए जा रहे हैं। ALSO READ: 15,000 रुपए में कौन सा फोन है बेस्ट? जानिए टॉप 5 5G स्मार्टफोन कड़ा मुकाबला: Nothing Phone (3) vs OnePlus 12R भारतीय प्रीमियम मिड-रेंज मार्केट में इस समय OnePlus 12R का दबदबा है। ऐसे में नथिंग अपने नए फोन को सीधे वनप्लस के खिलाफ उतार रहा है। विश्वसनीय टिपस्टर्स के अनुसार दोनों फोन्स की सटीक तुलना नीचे दी गई है: भारत में क्या होगी कीमत और कब शुरू होगी प्री-बुकिंग? संभावित कीमत: टेक एक्सपर्ट्स और मुकुल शर्मा जैसे बड़े टिपस्टर्स के अनुसार, भारत में Nothing Phone (3) के बेस वेरिएंट (8GB RAM + 128GB) की शुरुआती कीमत 42,999 से 44,999 रुपए के बीच हो सकती है। बैंक ऑफर्स के साथ यह और भी कम में मिल सकता है। प्री-बुकिंग और लॉन्च डेट: लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर इस फोन का प्री-बुकिंग पेज अगले महीने के पहले हफ्ते में लाइव हो सकता है, जबकि फोन की ऑफिशियल लॉन्चिंग जुलाई 2026 के मध्य में होने की पूरी उम्मीद है। फर्स्ट लुक ओपिनियन (Experience Note): अगर हम लीक हुए रेंडर्स और फर्स्ट लुक को देखें, तो इस बार नथिंग ने इन-हाथ फील (In-hand feel) को बेहतर करने के लिए किनारों को थोड़ा और बेवल (Beveled) किया है। इसके अलावा, कैमरा मॉड्यूल के चारों ओर ग्लिफ एलईडी लाइट्स की संख्या बढ़ाई गई है, जो चार्जिंग प्रोग्रेस को और अधिक बारीकी से दर्शाती है। ALSO READ: Honor करने वाला है धमाका, आने वाला है 10,000mAh बैटरी और 10,000 Nits ब्राइटनेस वाला सस्ता स्मार्टफोन निष्कर्ष: यदि आप एक ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जो भीड़ से अलग दिखे और जिसमें लेटेस्ट एआई फीचर्स के साथ क्लीन एंड्रॉइड एक्सपीरियंस (No Bloatware) मिले, तो आपको कुछ दिन रुककर Nothing Phone (3) की प्री-बुकिंग का इंतजार जरूर करना चाहिए।
दो कीवी ओपनर्स के टेस्ट शतक, 317 रनों की साझेदारी में पिसा इंग्लैंड
ENGvsNZ कप्तान टॉम लैथम और डेवॉन कॉन्वे के शतक की बदौलत न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन 4 विकेट पर 361 रन बना लिए। हालांकि दोनों सलामी बल्लेबाजों के शतकों के कारण इंग्लैंड को विकेट के लिए तीसरे सत्र में शाम 5.30 बजे और 72 ओवर तक इंतजार करना पड़ा। What a knock. Tom Latham's 17th Test century brings him level with the late great Martin Crowe to be third equal on the list of BLACKCAPS century-makers. Name the top two? #ENGvNZ pic.twitter.com/dWsPW8GxMs — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 317 रनों के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने यह साझेदारी तोड़ी। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इन दोनों कीवी ओपनर्स के बीच 300 रनों की सलामी साझेदारी हुई हो। डेवॉन कॉन्वे ने अपने करियर का आठवां टेस्ट शतक जड़ा और कप्तान टॉम लेथम भी तिहरे आंकड़े तक गए। Devon Conway take a bow. The left hander brings up his 8th Test century and third in his last 5 tests. #ENGvNZ pic.twitter.com/IhVqtNj7Y2 — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 दोनों ही बल्लेबाज 150 के आंकड़े के पार गए। टॉम लेथम ने 214 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 151 रन बनाए। वहीं डेवॉन कॉन्वे ने 224 गेंदों में 22 चौके और 3 छक्के लगाकर 157 रन बनाए।
टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो
रोहित शेट्टी का एडवेंचर रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' अपनी पूरी ताकत के साथ छोटे पर्दे पर लौटने के लिए तैयार है। साल 2025 में कुछ अंदरूनी विवादों के कारण यह शो प्रसारित नहीं हो सका था, जिसके चलते दर्शकों को दो साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब फैंस का यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। होस्ट रोहित शेट्टी ने साउथ अफ्रीका के केपटाउन में इस सीजन की 40 दिनों की बेहद कठिन और थका देने वाली शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रोहित शेट्टी ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर वादा किया है कि यह सीजन अब तक का सबसे खतरनाक और अनोखा होने वाला है। ALSO READ: ईशा देओल ने दिया मां हेमा मालिनी के बंगले 'अद्वितीय' का टूर, संजोकर रखीं धर्मेंद्र की यादें कब और कहां प्रसारित होगा खतरों के खिलाड़ी 15? मेकर्स ने एक धमाकेदार प्रोमो जारी करते हुए 'खतरों के खिलाड़ी 15' के प्रीमियर की तारीख साफ कर दी है। प्रोमो के अनुसार, 'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 25 जुलाई से होने जा रहा है। टीवी पर चल रहे कॉमेडी कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स सीजन 3' के समाप्त होते ही यह शो वीकेंड स्लॉट को अपने नाम कर लेगा। 'खतरों के खिलाड़ी 15 एक बाई-वीकली शो होगा, जिसका प्रसारण हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे कलर्स टीवी पर किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल दर्शक इसे जियो हॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम कर सकेंगे। A post shared by ColorsTV (@colorstv) क्या था चैनल और प्रोडक्शन हाउस का विवाद? साल 2025 के मध्य में शो की प्लानिंग की गई थी, लेकिन अप्रैल 2025 में अचानक 'बनिजय एशिया' और 'एंडेमॉल' के बीच हुए अंदरूनी मतभेदों के कारण प्रोडक्शन का काम रुक गया था। खबरें तो यहां तक थीं कि 'बिग बॉस 19' और 'खतरों के खिलाड़ी 15' कलर्स टीवी को छोड़कर 'सोनी टीवी' पर शिफ्ट हो सकते हैं। हालांकि, कलर्स चैनल ने समय रहते नए प्रोडक्शन हाउस के साथ इस गुत्थी को सुलझा लिया और शो अपने मूल चैनल पर ही वापस लौट आया। इस बार का अनोखा फॉर्मेट और कंटेस्टेंट्स लिस्ट शो के इतिहास में पहली बार एक बिल्कुल नया और अनूठा फॉर्मेट पेश किया जा रहा है। इस सीजन की थीम 'डर का नया दौर' रखी गई है, जिसमें टीवी के कुछ नए चेहरों का मुकाबला उन पुराने कंटेस्टेंट्स से कराया जा रहा है जो पहले ट्रॉफी जीतने से चूक गए थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शो के कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की लिस्ट: पुराने खिलाड़ी - रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, जैस्मीन भसीन और विशाल आदित्य सिंह। नए जांबाज खिलाड़ी - गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, हर्ष गुजराल, शगुन शर्मा, अविका गोर, रुहानिका धवन और ओरहान अवत्रामणि उर्फ 'ओरी'।
जब एक 'Kiss' के लिए छूटे कार्तिक आर्यन के पसीने, देने पड़े थे 37 रीटेक
बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन आज लाखों-करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करते हैं। बड़े पर्दे पर उनकी किलर स्माइल, चार्म और को-एक्ट्रेसेस के साथ उनकी गजब की केमिस्ट्री देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता कि कभी इस नेशनल क्रश को कैमरे के सामने रोमांस करने में घबराहट होती थी। आज भले ही कार्तिक पर्दे पर इश्क के सौ रंग बिखेरते हों, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वे ऑन-स्क्रीन 'किस' करने में इतने अनाड़ी थे कि डायरेक्टर को परफेक्ट शॉट देने के लिए उन्हें पूरे 37 रीटेक देने पड़े थे। आइए, जानते हैं बॉलीवुड के गलियारों से निकला यह बेहद दिलचस्प और मजेदार किस्सा। ALSO READ: भरत तख्तानी से तलाक के बाद ईशा देओल को खल रही है इस चीज़ की कमी यह बात साल 2014 की है, जब कार्तिक आर्यन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें बॉलीवुड के दिग्गज शोमैन सुभाष घई की फिल्म 'कांची: द अनब्रेकेबल' में एक छोटा सा रोल मिला। भले ही स्क्रीन टाइम कम था, लेकिन सुभाष घई जैसे लीजेंडरी डायरेक्टर के साथ काम करना कार्तिक के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं था। फिल्म के एक खास सीन में कार्तिक आर्यन को लीड एक्ट्रेस मिष्टी चक्रवर्ती को एक बेहद इंटेंस, सीरियस और पैशनेट 'किस' करना था। कैमरा रोल हुआ, कार्तिक आगे बढ़े, लेकिन सुभाष घई को वो शॉट पसंद नहीं आया। घई साहब को सीन में वो शिद्दत और आग नहीं दिख रही थी, जिसकी स्क्रिप्ट को डिमांड थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक पुराने इंटरव्यू में इस मजेदार वाकये को याद कर कार्तिक आर्यन खुद हंसते हुए बोले थे, मुझे उस वक्त फिल्मों में पैशनेटली किस करना नहीं आता था। सुभाष जी को सीन में बहुत ज्यादा पैशन चाहिए था और मैं उसे ठीक से एक्सप्रेस ही नहीं कर पा रहा था। एक पल तो ऐसा आया जब मैं इतना डर गया था कि घई साहब से कहने वाला था— सर, प्लीज आप ही यह सीन करके दिखा दीजिए! मुझे सच में नहीं पता था कि फिल्मों में एक किसिंग सीन फिल्माना इतना थका देने वाला काम होता है। इस एक परफेक्ट शॉट को 'ओके' करवाने में कार्तिक के पसीने छूट गए थे और आखिरकार 37वें रीटेक में जाकर सुभाष घई ने 'कट' बोला था। आज कार्तिक आर्यन जिस सहजता से पर्दे पर लवर-बॉय के किरदारों को जीते हैं, उसकी नींव में 'कांची' के वो 37 रीटेक भी शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें निखारने का काम किया। 'प्यार का पंचनामा' (2011) के मोनोलॉग से लाइमलाइट में आए कार्तिक का सफर इतना आसान नहीं था। 'कांची' जैसी फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद उन्होंने एक लंबा रिजेक्शन और स्ट्रगल का दौर देखा। उनके पास फिल्में नहीं थीं और बॉक्स ऑफिस पर उनका सिक्का जम नहीं पा रहा था। लेकिन साल 2018 में आई लव रंजन की फिल्म 'सोनू की टीटू की स्वीटी' ने कार्तिक आर्यन की किस्मत का पासा 180 डिग्री पलट दिया। इस फिल्म की ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद कार्तिक ने कभी मुड़कर नहीं देखा। आज वे बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर के बॉलीवुड के सबसे महंगे, भरोसेमंद और 'गारंटीड हिट' देने वाले सुपरस्टार्स में से एक बन चुके हैं।
भरत तख्तानी से तलाक के बाद ईशा देओल को खल रही है इस चीज़ की कमी
बॉलीवुड गलियारे में रिश्तों का बनना और बिगड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कुछ सितारे अपने अलगाव को भी बेहद गरिमा और परिपक्वता के साथ संभालते हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल भी इन्हीं में से एक हैं। साल 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी के साथ शादी के बंधन में बंधीं ईशा ने 2024 में अपनी 11 साल पुरानी शादी को आपसी सहमति से खत्म करने का फैसला किया था। अब, तलाक के बाद अपनी पर्सनल लाइफ, सिंगलहुड और प्यार को लेकर ईशा देओल ने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हाल ही में ईशा देओल मशहूर टॉक शो 'कर्ली टेल्स' के पॉडकास्ट में नजर आईं। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने और भरत के अलगाव पर दिल खोलकर बात की। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस ईशा ने बेहद बेबाकी से स्वीकार किया कि आज वह अपनी जिंदगी में एक खास चीज की कमी महसूस कर रही हैं और वह चीज कुछ और नहीं बल्कि 'प्यार और रोमांस' है। इंटरव्यू के दौरान जब ईशा से उनकी मौजूदा जिंदगी और भावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि किसी भी इंसान की जिंदगी में प्यार और रोमांस सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं, जिन्हें मैं फिलहाल अपनी लाइफ में मिस कर रही हूं। मुझे रोमांटिक होना पसंद है। मैं पूरी तरह से एक 'रॉम-कॉम' पर्सन हूं। मुझे लव सॉन्ग्स बेहद पसंद हैं और मैं प्यार की कहानियां देखना-सुनना पसंद करती हूं। क्या तलाक के बाद बदल गया प्यार का नजरिया? जब ईशा देओल से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला। इस पर उन्होंने कहा, नहीं, ये चीजें बदलती नहीं है। ब्रेकअप होते रहते हैं। मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई। ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है। ना ही इसमें कोई कमी आई है। हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निस्वार्थ प्यार को देखा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ईशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी कपल के लिए अलग होने का फैसला बेहद निजी और संवेदनशील होता है, खासकर तब जब उस रिश्ते से बच्चे जुड़े हों। ईशा और भरत की दो बेटियां हैं- राध्या और मिराया। ईशा ने बताया कि वह कभी नहीं चाहती थीं कि उनका सेपरेशन मीडिया की हेडलाइंस बने, लेकिन पब्लिक फिगर होने के नाते वे जानते थे कि इसे छुपाया नहीं जा सकता। इसलिए उन्होंने और भरत ने इस स्थिति को बेहद समझदारी, देखभाल और संवेदनशीलता के साथ हैंडल किया। बता दें कि साल 2024 में एक संयुक्त बयान जारी कर ईशा और भरत ने अलग होने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी बेटियों की भलाई और परवरिश उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। अपने इसी वादे को निभाते हुए आज भी दोनों एक बेहतरीन को-पैरेंट्स की भूमिका निभा रहे हैं।
Vat Savitri Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन वट पूर्णिमा (वट सावित्री) का व्रत रखकर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा इस महापर्व की पूजा तभी पूरी मानी जाती है, जब आपकी थाली में हर जरूरी चीज मौजूद हो। पूजा के दिन ऐन वक्त पर कोई हड़बड़ी न हो, इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं जरूरी पूजन सामग्रियों की पूरी चेकलिस्ट। वट सावित्री पूर्णिमा: पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट अपनी थाली सजाने से पहले इन चीजों को एक बार जरूर चेक कर लें: मुख्य तस्वीरें और पात्र: 1. सावित्री-सत्यवान की मूर्ति या सुंदर तस्वीर 2. दो बांस की टोकरी 3. स्टील या कांसे की साफ थाली सुहाग और वस्त्र: 4. सुहाग का पूरा सामान (चूड़ी, बिंदी, आदि) 5. लाल कलावा (रक्षासूत्र) 6. लाल कपड़ा और 1.25 मीटर का अलग से वस्त्र 7. सिंदूर और रोली (कुमकुम) पेड़ की परिक्रमा और विशेष सामग्री: 8. बांस का पंखा (सत्यवान को हवा झलने के प्रतीक के रूप में) 9. कच्चा सूत (बरगद के पेड़ पर लपेटने के लिए) 10. जल से भरा एक सुंदर कलश 11. भीगा हुआ चना (व्रत खोलने और पूजा के लिए बेहद जरूरी) फल, फूल और नैवेद्य (प्रसाद): 12. बरगद का फल 13. ताजे फल (विशेषकर आम, लीची और मौसमी फल) 14. घर में बना पकवान और शुद्ध घी की पूड़ियाँ 15. मिठाई और बताशे 16. ताजा फूल और दूर्वा घास 17. पान के पत्ते और साबुत सुपारी 18. पानी वाला नारियल पूजा-आरती का सामान: 19. मिट्टी का दीपक और शुद्ध घी 20. धूपबत्ती और इत्र (खुशबू के लिए) 21. अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) 22. नकद रुपए (दक्षिणा के लिए) खास टिप: पूजा से एक दिन पहले ही इन सभी सामग्रियों को एक जगह इकट्ठा करके रख लें। बांस के पंखे और भीगे चने का इस पूजा में सबसे विशेष महत्व होता है, इसलिए इन्हें भूलना बिल्कुल न भूलें। आपकी पूजा मंगलमय हो! वट सावित्री पूर्णिमा की पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा और सुहाग के अटूट बंधन का प्रतीक है। सही सामग्री के साथ की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है और इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: सुहागिनें नोट कर लें तारीख और शुभ मुहूर्त, इस दिन बरगद पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान!
नाटो प्रमुख से खुश लेकिन यूरोपीय साझेदारों से चिढ़े ट्रंप
नीदरलैंड्स के पूर्व प्रधानमंत्री और नाटो के महासचिव मार्क रुटे को डोनाल्ड ट्रंप ने अपना दोस्त बताया है। लेकिन उनके देश समेत नाटो के यूरोपीय साझेदारों को अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर से तीखे ताने सुनाए हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 26 June horoscope in Hindi 2026 : करियर : कार्यक्षेत्र में नए विचार आपके लिए लाभकारी साबित होंगे। लव : लव पार्टनर से अच्छे संबंध बनाए रखें। धन : आज किसी अप्रत्याशित खर्च से बचें। स्वास्थ्य : आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : आज तांबे की धातु का उपयोग करें। ALSO READ: LIVE: भूकंप से वेनेजुएला में भारी तबाही, ट्रंप बोले- अमेरिका मदद के लिए तैयार 2. वृष (Taurus) करियर : कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी बढ़ेगी। धन : कोई नया निवेश लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से सामान्य रहेंगे। उपाय : गाय को हरा चारा खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं। धन : पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय : केले के पेड़ की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर : कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें, धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। लव : प्रेम संबंधों में थोड़ी दूरियां हो सकती हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए समय निकालें। उपाय : चांदी के सिक्के का उपयोग करें। 5. सिंह (Leo) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर : कार्यक्षेत्र में मेहनत से सफलता मिलेगी। लव : पार्टनर के साथ अच्छे पल बिताएंगे। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने के लिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य : आज आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें। ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स 7. तुला (Libra) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण से अच्छे परिणाम मिलेंगे। लव : पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए थोड़ा आराम करें। उपाय : तांबे के बर्तन का उपयोग करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर : आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। लव : समझदारी से आपसी मतभेद दूर हो सकते हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा खर्च करने से बचें। स्वास्थ्य : आज शारीरिक रूप से थोड़ा आराम करें। उपाय : सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव : पार्टनर के साथ समय बिताएं, आपसी समझ बढ़ेगी। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय : तुलसी के पौधे की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर : कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। पार्टनर से बातचीत बढ़ाएं। धन : आज आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : लोहे का टुकड़ा पानी में डालकर पेड़ के नीचे रखें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर : कार्यक्षेत्र में कुछ नए विचारों से सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास बढ़ेगा। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने की कोशिश करें। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने हेतु योग का सहारा लें। उपाय : शहद का सेवन करें। 12. मीन (Pisces) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता के अच्छे संकेत हैं। लव : प्रेम संबंधों में आपसी समझ से रिश्ते मजबूत होंगे। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें और जल अर्पित करें। ALSO READ: बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
कमरे के फर्श पर एक बच्ची बेजान सी पड़ी है। उम्र 13 साल। वो न सुन सकती है, न बोल सकती है और न देख सकती है। आंखों में कोई चाकू भी घोंप दे, तो पलकें नहीं झपकेंगी। दरअसल, उसकी आंखों में किसी के छूने, कुछ चुभने या जख्म का कोई अहसास नहीं होता। बस, कुछ देर आंसू बहते हैं। ये बच्ची रह-रहकर कराहती है, छटपटाती है। सिर घुमाती है और अपने बाल खींचती है। दोनों हाथों से अपना चेहरा टटोलती है। फिर पूरी ताकत से फर्श पर हाथ-पैर पटकने लगती है। अजीब सी आवाज में चीखती है फिर कुछ देर के लिए एकदम चुप हो जाती है। दिन हो या रात, जानवी ऐसे ही छटपटाती रहती है। दरअसल, जानवी के दिमाग, कान और आंखों की नसें आपस में उलझी हुई हैं। या यूं कहें कि गलत जगह जुड़ी हैं। इसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है। जानवी की छोटी बहन यानसी को भी यही बीमारी है। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ‘ऐ जिंदगी’ में मैं नीरज झा पहुंचा हूं राजस्थान के उदयपुर से 90 किमी दूर वीरवा खुर्द गांव। आज कहानी वहीं से… अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे गांव में 2 किलोमीटर चलने पर एक घर नजर आया। दरवाजे पर दस्तक देते ही एक बच्ची सामने आई। चेहरा आम लोगों से काफी अलग, हाथ-पैर सूखी टहनी की तरह। सिर का पिछला हिस्सा चपटा। चेहरे पर आंखें दिखती तो हैं, खुलती हैं या नहीं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। वह बार-बार कमरे में इधर-से-उधर चक्कर काट रही है। अपने दोनों हाथों को जांघों पर जोर-जोर से मार रही है। वो कब, कहां टकरा जाए, गिर जाए, पता नहीं लगता। अपनी भौहों को जोर देकर ऐसे सिकोड़ती है, जैसे कुछ देखने की कोशिश कर रही हो। तभी नरेश चौबीसा आते हैं। ये बच्चियों के पिता हैं। आते ही बोले- ‘ये मेरी छोटी बेटी यानसी है। बोल नहीं सकती है, सुन नहीं सकती। आंखों में भी थोड़ी सी रोशनी है। डॉक्टर कहते हैं कि दिन के उजाले में 20 परसेंट देख पाती है। बड़ी बेटी जानवी तो बस जिंदा लाश है।’ अभी उनकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि पास के एक कमरे से किसी के कराहने की आवाज आने लगी। नरेश बोले- ‘बड़ी बेटी जानवी की आवाज है। चौबीसों घंटे ऐसे ही तड़पती है।’ फिर वो मुझे उस कमरे की ओर ले गए। कमरे में बेड तो है, लेकिन जानवी फर्श पर बेसुध पड़ी है। नरेश आगे बढ़कर उसके दोनों हाथ पकड़ते हैं और गोद में उठाकर आंगन में ले आते हैं। जैसे-तैसे उसे खाट पर बैठाते हैं, लेकिन जानवी चिढ़कर हाथ-पैर झटक देती है। कुछ पल बैठी रहती है और फिर बेसुध होकर खाट पर लुढ़क जाती है। नरेश कहते हैं- ‘छोटी बेटी यानसी को तो फिर भी थोड़ी समझ है। वह हमारे आसपास खेलती-कूदती है। हमें महसूस करती है, लेकिन जानवी पूरी तरह से बेसुध है। उसकी दोनों आंखों को लकवा मार चुका है।' वो अपनी उंगली से बेटी जानवी की आंखें दबाते हुए कहते हैं- ‘देखिए, इसको कुछ महसूस ही नहीं होता है। पलक भी नहीं झपकाती। ऐसे लगता है जैसे पत्थर हो गई हो। इस दौरान, जानवी को अहसास होता है कि कोई अनजान उसके करीब खड़ा है। वह अचानक पूरी ताकत से हवा में हाथ चलाती है और हमें खुद से दूर धकेलने की कोशिश करती है। उसकी आवाज तो नहीं निकल रही है, लेकिन झल्लाहट में आंसू निकल आते हैं। नरेश भावुक हो जाते हैं। कहते हैं- ‘जानवी 13 साल की है और यानसी 10 की। दोनों में से किसी ने आज तक मुझे पापा या मां को मम्मी नहीं कहा। ये सुनने के लिए हमारे कान तरस गए हैं।' 'काश! ये कभी दूसरे बच्चों की तरह जिद करतीं। कहतीं कि पापा मुझे खिलौने चाहिए, मुझे यह खाना है, लेकिन इनके हिस्से में तो कोई जिद नहीं है। जो खिला दो, खा लेती हैं। जो पहना दो, पहन लेती हैं।’ इतने में किचन में काम कर रही उनकी पत्नी अंजना भी आ जाती हैं। नरेश बताते हैं- ‘जून 2012 में हमारी शादी हुई, लव-मैरिज थी। उन दिनों मैं फोटोग्राफी करता था।' 9 नवंबर 2013 को जानवी का जन्म हुआ। तब वो स्वस्थ थी। वजन भी 3 किलो था। 'जब अंजना ने पहली बार उसे दूध पिलाना चाहा, तो नहीं पिया। डॉक्टरों ने सलाह दी कि अभी चम्मच से दूध पिलाओ, एक-दो महीने बाद वह खुद पीने लगेगी। शुरुआती दिनों में वह बिल्कुल आम बच्चों की तरह हाथ-पैर चलाती और हरकतें करती थी।’ जैसे ही एक महीने की हुई, छह-सात घंटे रोने लगी। उदयपुर में डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उसका रोना बंद नहीं हुआ। ‘घरवाले कहते कि बच्चे तो रोते ही हैं, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। हालांकि, उसका रोना आम बच्चों जैसा नहीं था। पेट भरकर दूध पिलाने के बाद भी चीख-चीखकर रोती। किसी तरह थपकियां दे-देकर उसे सुलाते थे। जैसे ही उसकी आंख खुलती, फिर रोने लगती।’ ‘ऐसा करते-करते छह महीने बीत गए। अचानक जानवी की दोनों आंखें सुर्ख लाल रहने लगीं। अंदर की ओर धंसने लगीं, गड्ढे पड़ने लगे। हम दोनों डर गए, क्योंकि ऐसा हमने पहले कभी किसी बच्चे के साथ होते हुए नहीं देखा। उसे लेकर उदयपुर भागे। वहां डॉक्टरों ने अहमदाबाद रेफर कर दिया।’ ‘अहमदाबाद में डॉक्टर ने जब उसे देखा, तो एमआरआई करवाया। पता चला कि हमारी बच्ची न सुन सकती है, न बोल सकती है। तब तक यह अंदाजा नहीं था कि वह देख भी नहीं सकती। डॉक्टरों ने उसकी आंखों का इलाज शुरू किया। पहले दोनों आंखों में टांके लगाए और हर 15 दिन में उसकी सर्जरी की।’ ‘इसी जद्दोजहद में दो महीने और बीत गए। अब डॉक्टर कहने लगे- इसकी आंखों की नसें पूरी तरह पैरालाइज्ड हैं, यह कभी नहीं देख पाएगी। इसे क्रेनियल डिसइनरवेशन सिंड्रोम नाम की बीमारी है। यह दुर्लभ बीमारी है, जिसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है।’ 'अस्पताल से लौटने के बाद, डॉक्टरों ने हमें जानवी की आंखों में डालने के लिए एक दवा दी थी। कहा था- इसे रोजाना तय समय पर दिन में दो-चार बार डालना, ताकि आंखों में नमी बनी रहे। लेकिन एक दिन हमसे चूक हो गई और वक्त पर ड्रॉप डालना भूल गए।’ 'इसी दौरान जानवी की आंखों में तेज खुजली उठी। वह अपनी उंगलियों से आंखों को ऐसे नोंच रही थी, जैसे उसे खोदकर बाहर निकाल फेंकेगी। शुक्र है, समय रहते हमने उसे देख लिया नहीं तो वह अपनी आंखें निकाल लेती। उस दिन के बाद चाहे जो हो जाए, उसकी आंखों में दवाई डालना नहीं भूलते।' नरेश कहते हैं- 'एक रोज शाम का वक्त था। जानवी बाहर जमीन पर लेटी हुई थी। तभी हवा के तेज झोंके के साथ उड़कर आई ढेर सारी धूल-मिट्टी उसकी आंखों में चली गई, लेकिन उसने पलकें झपकाई तक नहीं। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी आंखों को छूकर देखा। उसके चेहरे पर न कोई दर्द था, न कोई हलचल। उस दिन हमें पहली बार अहसास हुआ कि उसकी दोनों आंखें पूरी तरह बेजान हैं।' मैं एक बड़ी कंपनी में सेल्स मैनेजर था। परिवार के साथ विदेश में रहने का सपना था। मेरे कई दोस्त गए हैं, लेकिन मुझे तो बेटियों की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी। हर हफ्ते इन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। मन में बस एक आस रहती थी कि काश, कहीं कोई चमत्कार हो जाए। रिश्तेदार और आसपास के लोग कहते थे- ऐसे बच्चों का इलाज करवाकर क्या फायदा, पैसे बहा रहे हो। आप ही बताइए, अपनी औलाद को कैसे तड़पते हुए छोड़ दूं?’ 2016 की बात है। जानवी 3 साल की हो चुकी थी, लेकिन उसकी जिंदगी एक बिस्तर तक सिमटी हुई थी। जहां इस उम्र के बच्चे दौड़ लगाते हैं, वहीं जानवी के पैरों ने जमीन को छुआ तक नहीं था। हम दूसरे बच्चे के बारे में सोचने लगे। कुछ दिनों बाद अंजना गर्भवती हो गई। सब बहुत खुश थे, लेकिन तभी मेरे बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। वे दो महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। परिवार अस्पताल के चक्कर काटता रहा। जब गर्भ चार-साढ़े चार महीने का हो गया, तब हमें होश आया कि पहली संतान इस हाल में है, तो कहीं दूसरी के साथ भी ऐसा न हो जाए। तब दोनों जेनेटिक टेस्ट कराने अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा कि रिपोर्ट आने में कम से कम आठ महीने लगेंगे। सोचा कि जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक तो बच्चा दुनिया में आ चुका होगा। और इतने दिनों बाद गर्भ को गिराना भी संभव नहीं था। हम कोख में पल रहे बच्चे को मार नहीं सकते थे। सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया कि जो होगा, देखा जाएगा। फिर दूसरी बेटी यानसी का जन्म हुआ। यानसी भी 5-6 महीने ठीक रही, लेकिन बाद में उसकी आंखें भी लाल हो गईं। आंखों के नीचे गड्ढे हो गए। कॉर्निया सूखने लगा। हालांकि यानसी को थोड़ा जल्दी इलाज मिल गया, इसलिए वह 20 प्रतिशत देख पाती है। कमजोर है, इसकी भी पूरी देखभाल बड़ी बेटी की तरह करनी पड़ती है। बच्चे एक-डेढ़ साल में चलना सीख जाते हैं। इसने 8 साल की उम्र में चलना शुरू किया।’ नरेश रुआंसी आवाज में कहते हैं- ‘पहले हमारा घर यहां से 500 मीटर दूर, बीच गांव में था। वहां गांववालों ने हमें बीमारी से भी गहरे जख्म दिए। कोई कहता- तुम्हारे घर पर बुरा साया है। कोई कहता- यह तुम्हारे पिछले जन्मों को पाप है। ओझा-फकीरों के पास भी बच्चों को लेकर गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।’ आखिर, वहां का घर छोड़कर यहां घर बनाया। बैंक से लोन लेना पड़ा। इसी दौरान, दरवाजे की घंटी बजती है। सामने खड़े दो शख्स नरेश को किसी फंक्शन में चलने के लिए कहते हैं। नरेश जवाब देते हैं- नहीं चल पाऊंगा, कुछ काम है, आप चले जाइए। अंदर आकर नरेश बताते हैं- ‘24 घंटे हम दोनों में से किसी एक को घर पर पहरा देना पड़ता है। जब बच्चे छोटे थे, तो गोद में उठाकर कभी-कभी किसी फंक्शन में चले जाते थे। लेकिन अब चौखट पार करने में भी सोचना पड़ता है।' बेटियों को क्या बीमारी है? कहां इलाज करवा रहे हैं? कितनों को इसका जवाब दें। सो जाना ही छोड़ दिया। मेरी बहन की बेटी, जानवी से 2 महीने बड़ी है। वह घर का काम करती है, लेकिन ये अपने हाथ से खाना भी नहीं खा पाती। हाथ चलते नहीं, निगल पाती नहीं, इसलिए पेस्ट बनाकर खिलाना पड़ता है। हम दोनों ने इनके खाने-पानी का समय तय कर रखा है, क्योंकि दोनों तो भूख लगने पर खाना भी नहीं मांग सकतीं। जब भी घर के सामने से स्कूल बस गुजरती है, तो एक आस जागती है कि काश! मैं भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाता।’ बोलते-बोलते नरेश की आंखें भर आती हैं। वे कहते हैं- ‘जानवी सुन सके इसलिए कॉकलियर इम्प्लांट के लिए सोचा, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। यानसी के लिए भी कोशिश की तो डॉक्टर ने कहा कि 10-15 लाख रुपए खर्च होंगे, कोई भी NGO करवा देगा। जब उसके कान का चेकअप हुआ, तो पता चला कि इम्प्लांट नहीं हो सकता।’ डॉक्टरों ने साफ कह दिया- दो ही रास्ते हैं। इन बच्चियों को ऐसे ही स्वीकार कर लें या 'ब्रेन इम्प्लांट' करा लें। लेकिन ऐसे बच्चों में ब्रेन इम्प्लांट का सक्सेस रेट शून्य है। जान का भी खतरा है। 'हमने यह सोचकर मना कर दिया कि कम से कम बेटियां जिंदा तो रहेंगी। वैसे भी 50 लाख का खर्च उठाने की हैसियत कहां है। इलाज में अब तक 10 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर जैसे-तैसे दिव्यांग कार्ड बनवाया, लेकिन पेंशन के नाम पर महीने के सिर्फ 2400 रुपए मिलते हैं।’ तभी खाट पर लेटी जानवी उठने की कोशिश करती है। अंजना, उसे संभालती हैं और वॉशरूम ले जाती हैं। थोड़ी देर बाद वह लौटती हैं। नरेश कहते हैं- ‘कभी-कभी जब सब सो जाते हैं, तो मैं बेटियों के पास बैठ जाता हूं। सोचता हूं कि ये दोनों क्या सोचती होंगी। क्या कहना चाहती होंगी।’ मेरी पत्नी अंजना तीसरी बार गर्भवती है, सात महीने हो चुके हैं। दो बेटियों की हालत देखने के बाद अब यही उम्मीद है कि आने वाली संतान ठीक हो। इसी आस में हर महीने डॉक्टरों के चक्कर काटते हैं, सारे टेस्ट और चेकअप भी करवा रहे हैं। तीसरे बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला भी सिर्फ इसलिए लिया कि हमारे जाने के बाद कोई हो, जो इन दोनों का ख्याल रख सके। डॉक्टर का कहना है, इस बार 99% उम्मीद है कि बच्चा बिल्कुल ठीक और सामान्य होगा, लेकिन सच कहूं तो बेटियों को देखकर रूह कांप जाती है- अगर इस बार भी पहले जैसा कुछ हुआ तो…!’ जानवी और यानसी को देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मेरे मन में कई सवाल उठने लगे। जवाब पाने के लिए अहमदाबाद स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स’ पहुंचा। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हर्ष शेठ से मुलाकात हुई। उनसे जानवी और यानसी की बीमारी का जिक्र किया। डॉ. हर्ष बताते हैं- 'दोनों बच्चियां क्रेनियल डिसइनरवेंशन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह भारत का पहला और दुनिया का चौथा मामला है। इसमें बच्चे के दिमाग से चेहरे, आंख, कान और गले तक जाने वाली नस ठीक से विकसित नहीं हो पातीं या गलत जुड़ जाती हैं। GJB2 नाम के जीन की खराबी से ये बीमारी होती है। इसका कोई इलाज नहीं है।' बच्चा जन्म से ही सुन और बोल नहीं पाता। दिमाग का विकास रुक जाता है। चेहरे की नसें इतनी कमजोर होती हैं खाने का पेस्ट बनाकर देना पड़ता है। आंखें अंदर धंस जाती हैं और बच्चा सिर झुकाकर या चीजों को आंख के बेहद करीब लाकर देखता है। लेकिन जानवी-यानसी का केस इससे भी एक स्टेप आगे है। वो तो देख भी नहीं सकती। क्या गर्भ के समय ही इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है? डॉ. हर्ष कहते हैं- ‘गर्भावस्था में इसका पता लगाया जा सकता है। यह जेनेटिक और नसों की बीमारी है। इसके लिए एडवांस जेनेटिक टेस्ट कराना पड़ता है। इसे CVS या एमिनियोसेंटेसिस टेस्ट के नाम से जाना जाता है। इससे GJB2 जीन की खराबी को पकड़ा जा सकता है।’ इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान हाई-रिजोल्यूशन फीटल MRI से गर्भ में शिशु की क्रेनियल नसों की गलत बनावट का पता चल सकता है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- उम्र-29, हाइट 3 फीट, खांसने से टूटती हैं हड्डियां:भगवान से हर रोज कहती हूं- मुझसे पहले मेरी बेटी को उठा लेना तखत पर एक लड़की करवट लिए लेटी है। बाल छोटे-छोटे। लंबाई बमुश्किल 3 फीट, लेकिन उम्र 29 बरस। इस लड़की ने आज तक आइसक्रीम नहीं खाई। जानते हैं क्यों? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
शेफाली वर्मा की आतिशी पारी ने भारत को दिलाई बांग्लादेश पर 5 विकेट से जीत
BANvsIND सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने महिला टी20 विश्व कप में गुरूवार को बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं।भारतीय टीम की क्षेत्ररक्षण एक बार फिर निराशाजनक रही और खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए, लेकिन बल्लेबाजों ने 137 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए 16.5 ओवर में जीत हासिल कर ली।बांग्लादेश को आठ विकेट पर 136 रन पर रोकने के बाद भारत ने 16.5 ओवर में पांच विकेट पर 139 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद दबाव में उतरी भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में भारत का स्कोर एक विकेट पर 63 रन तक पहुंचा दिया। शेफाली ने महज 29 गेंद में इस विश्व कप का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि नौवें ओवर में असामान्य तरीके से स्टंप आउट हो गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद उन्होंने एक रन लेने की कोशिश की, लेकिन विकेटकीपर ने गेंद पकड़कर गिल्लियां बिखेर दी।बीच के ओवरों में रनगति कुछ धीमी पड़ी, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन की तेज पारी खेलकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया।इस जीत के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अभी आसान नहीं है। अंतिम चार में जगह बनाने के लिए उसे 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला जीतना होगा। Continuing her fiery form Player of the Match Shafali Verma with yet another impactful performance in the #T20WorldCup Scorecard https://t.co/mWgNXcEkp0 #TeamIndia | #WomenInBlue | #INDvBAN | @TheShafaliVerma pic.twitter.com/jgwPZjSIZN — BCCI Women (@BCCIWomen) June 25, 2026 इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार में भी खराब क्षेत्ररक्षण भारत के लिए महंगा साबित हुआ और इस मुकाबले में स्थिति और चिंताजनक दिखी।भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में ही चार आसान कैच टपका दिए। कैच छोड़ने वालों में नंदनी शर्मा (दो कैच), यास्तिका भाटिया और राधा यादव शामिल रहीं। राधा ने पिछले मैच में भी दो कैच छोड़े थे।भारतीय क्षेत्ररक्षकों की गलतियों का सबसे अधिक फायदा सलामी बल्लेबाज जुयैरिया फिरदौस को मिला, जिन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले। हालांकि वह इन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हो गईं। पिच पर दौड़ने को लेकर दो बार चेतावनी झेलने वाली नंदनी ने बाद में शानदार कैच लेकर फिरदौस को पवेलियन भेजा। फिरदौस और शोभना मोस्तारी (26 गेंद में 22 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रन की उपयोगी साझेदारी हुई थी।गेंदबाजी में भारत ने इस मैच में रेणुका सिंह ठाकुर को मौका दिया और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (चार) पुल शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं। भारत ने स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों का भरपूर उपयोग किया। राधा यादव ने गेंद से शानदार वापसी करते हुए 28 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों पर 32 रन) और शोभना को जल्दी-जल्दी आउट किया।अंतिम ओवर में श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट भी झटके। ब्रिटेन में इस समय पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षाकृत अधिक मदद मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा किया।क्षेत्ररक्षकों के चार कैच छोड़ने के अलावा भारतीय गेंदबाजों ने सात वाइड और तीन नो-बॉल भी फेंकीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी
अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .
शर्ट का ‘लोगो’और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ?
मुंबई। महाराष्ट्र की लोकल ट्रेन में चाकू के इस्तेमाल से की गयी हत्या के केस को पुलिस ने महज 15 घंटे में सुलझा दिया है। इस मामले में पुलिस की मदद की हत्यारे की कमीज पर सिले गए कंपनी के नाम (लोगो) ने। पुुलिस ने मीरा भयंदर के रहने वाले आरोपी रोशन सुवर्णा को पनवेल […] The post शर्ट का ‘लोगो’ और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ? appeared first on Sabguru News .
मुंबई। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से सत्ताधारी शिवसेना को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन […] The post शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन appeared first on Sabguru News .
अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण
अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की […] The post अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश
पुणे। महाराष्ट्र की पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को यहां बताया कि युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की मृत्यु कोई अचानक हुआ हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी मंगेतर की रची एक सुनियोजित और गंभीर साजिश का परिणाम थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिया गोयल (20) का क्रिकेटर चेतन चौधरी (23) के साथ प्रेम संबंध था। दोनों […] The post लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश appeared first on Sabguru News .
26 June Birthday: आपको 26 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
26 June Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 26 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर आपका जन्मदिन: 26 जून 26 को जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप भौतिकतावादी है। आप अद्भुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 8, 17, 26 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 शुभ वर्ष :2024, 2042 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल व्यापार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। परिवार और सेहत: राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor): फिल्म निर्माता बोनी कपूर के बेटे हैं। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan): एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा कैबिनेट मंत्री हैं। रामा राघोबा राणे (Rama Raghoba Rane): भारतीय सैनिक सेकेंड लेफ्टिनेंट तथा परमवीर चक्र से सम्मानित। गौहर जान (Gauhar Jaan): भारतीय गायिका और नर्तकी। बंकिमचंद्र चटर्जी (Bankim Chandra Chatterjee): बंगाली उपन्यासकार। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स
24 जून की शाम 6 बजकर 4 मिनट। वेनेजुएला की धरती अचानक जोर से कांप उठी। ये रिक्टर स्केल पर 7.2 तीव्रता का भूकंप था। लोग संभलते, तब तक महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और भूकंप आ गया। ये Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप था। 26 मिनट बाद 15 हजार किमी दूर जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। आखिर वेनेजुएला में क्यों आया ‘जुड़वा भूकंप’, क्या धरती के नीचे कोई चेन रिएक्शन चल रही और आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ‘जुड़वा भूकंप’ क्या है और ये ज्यादा घातक क्यों होता है?जवाबः पहले जानिए कि भूकंप क्या है… अब बात Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप की… कभी-कभी एक ही फॉल्ट लाइन पर दो बार प्लेटों के टूटने से एनर्जी निकलती है और दोनों बार बड़े भूकंप आते हैं। इनका एपिसेंटर यानी उद्गम केंद्र एक-दूसरे के बहुत करीब होता है। किसी बड़े भूकंप के बाद एनर्जी की छोटी-छोटी लहरें उठना, यानी आफ्टरशॉक सामान्य है, लेकिन जुड़वा भूकंप कम देखने को मिलते हैं। क्योंकि एक बार एक फॉल्ट लाइन से एनर्जी रिलीज होने के बाद वहां दबाव कम हो जाता है। दोबारा उसी फॉल्ट लाइन से इतनी तेज एनर्जी नहीं निकलती। जुड़वा भूकंपों के बीच कुछ सेकेंड से लेकर कई सालों का अंतर हो सकता है। वेनेजुएला में ये महज 38 सेकेंड के भीतर आ गया। जुड़वा भूकंपों की रिक्टर स्केल पर तीव्रता लगभग बराबर होती है। आमतौर पर दोनों भूकंपों के बीच 0.2 से 0.5 पॉइंट्स का अंतर होता है। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली कहते हैं कि 7.5 तीव्रता का भूकंप 7.2 तीव्रता के भूकंप की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा एनर्जी रिलीज करता है। सवाल-2: वेनेजुएला में जुड़वा भूकंप क्यों आया? जवाबः वेनेजुएला के नीचे की बनावट समझिए... 25 जून को जो दोहरा भूकंप आया, उसका सेंटर ठीक उसी जगह था जहां वेनेजुएला की तीन बड़ी फॉल्ट लाइनें- ओका-अनकोन, एल पिलार और बोकोनो फॉल्ट आपस में मिलती हैं। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली के मुताबिक, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसका झटका पूरी तरह खत्म होने में ही कई सेकेंड लग गए। इस दौरान फॉल्ट लाइन के साथ-साथ दरार दो डायरेक्शन में फैलती चली गई। पहले भूकंप की एनर्जी ने आसपास की चट्टानों में दबाव को फैलाया, जिससे फॉल्ट सिस्टम का एक और हिस्सा टूट गया और महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आ गया। दोनों वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दो भूकंपों को एक ही बड़े भूकंप के दो 'पल्स' यानी झटकों की तरह भी देखा जा सकता है, जिनकी कुल एनर्जी मिलाकर करीब 7.6 तीव्रता के एक भूकंप के बराबर थी। सवाल-3: क्या वेनेजुएला में ये सदी का सबसे ताकतवर भूकंप है? जवाबः हां। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण संस्था USGS के मुताबिक, 1900 के बाद से वेनेजुएला में आया यह सबसे ताकतवर भूकंप है। 29 अक्टूबर 1900 की सुबह वेनेजुएला के तट के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। चूंकि उस दौर में आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे, इसलिए यह तीव्रता नुकसान और असर की रिपोर्टों के आधार पर आंकी गई है। USGS की इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, तब 21 लोगों की मौत हुई, 50 घायल हुए और पूरे शहर में गिरजाघर, विश्वविद्यालय, मीनारें और घर समेत ३०० इमारतें ढह गईं। 126 साल बाद आया भूकंप रिक्टर स्केल पर भले कुछ कम (7.2 और 7.5) लगे, लेकिन जान और माल का कई गुना ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। सवाल-4: इस बार वेनेजुएला भूकंप में कितनी मौतों की आशंका है? जवाबः अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण यानी USGS का शुरुआती अनुमान है कि वेनेजुएला में 10 हजार से 1 लाख मौतों हो सकती हैं। हालांकि यह कोई पक्का आंकड़ा नहीं है। सूचनाओं के आधार पर ये अपडेट होता रहेगा। इस अनुमान के लिए USGS ने PAGER नाम के एक खास सिस्टम का इस्तेमाल किया। यह सिस्टम कई चीजें देखता है- भूकंप की तीव्रता, भूकंप के केंद्र की गहराई, उस इलाके की आबादी और पहले आ चुके ऐसे ही भूकंपों से तुलना करके यह अनुमान तैयार करता है। वेनेजुएला की ही तरह 6 फरवरी 2023 को तुर्किए में सीरियाई सीमा के पास जुड़वा भूकंप आया था। पहला सुबह करीब 4:17 बजे और फिर दूसरा भूकंप पहले एपिसेंटर से करीब 100 किमी दूर करीब 9 घंटे बाद आया। इसमें 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। अगस्त 2021 में दक्षिण अटलांटिक महासागर के साउथ सैंडविच आइलैंड में भी जुड़वा भूकंप आया था। तब 7.5 तीव्रता के भूकंप के करीब ढाई मिनट बाद 8.1 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया था। हालांकि वो आबादी वाला इलाका नहीं था, इसलिए जान-माल का नुकसान कम हुआ। सवाल-5: क्या जापान में आए भूकंप का वेनेजुएला से कोई कनेक्शन है?जवाबः वेनेजुएला के तुरंत बाद करीब 15 हजार किमी दूर जापान में आए भूकंप का कोई सीधा संबंध नहीं है। इंडोनेशियन डिजास्टर एक्सपर्ट्स एसोसिएशन के मेंबर डॉ. डारियोनो के मुताबिक, धरती के भीतर रोजाना हजारों भूकंप आते हैं, जिनमें से कुछ ही महसूस होते हैं। खास बात ये है कि हर भूकंप का स्रोत अलग और दूर होता है। कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च एसोसिएट और भूकंपविज्ञानी डॉ. लूसी जोन्स मानती हैं कि वेनेजुएला और जापान में आए भूकंपों के पीछे कोई 'चेन रिएक्शन' या एक-दूसरे को ट्रिगर करने वाली वजह नहीं है। ऐसा न होने के दो और फैक्टर जानिए… सवाल-6: वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है? जवाबः वेनेजुएला में लगातार 2 भूकंप आने के बाद 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। USGS ने आशंका जताई है कि वेनेजुएला में २५ जून की शाम ६.३० बजे तक 4 या उससे ज्यादा तीव्रता के करीब 26 भूकंप आ सकते हैं। इनमें से कम से कम एक की तीव्रता 5 या उससे ज्यादा होने की 89% संभावना है। भूकंपविज्ञान के 'ओमोरी लॉ' के मुताबिक, शुरुआती 24 से 48 घंटों में आफ्टरशॉक्स की संख्या और उनकी तीव्रता सबसे ज्यादा होती हैं। हां, एक आशंका है। लगातार 2 बड़े भूकंप झेलने के बाद जमीन के नीचे की टेक्टोनिक प्लेटों को पूरी तरह शांत और सेट होने में हफ्तों से लेकर कई महीनों तक का समय लग सकता है। अगर इस दौरान 5 तीव्रता के अफ्टरशॉक्स आए, तो वेनेजुएला को और ज्यादा तबाही झेलनी पड़ सकती है। क्योंकि वहां की इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही कमजोर हो चुके हैं।------------- भूकंप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वेनेजुएला में 39 सेकेंड में भूकंप के 2 बड़े झटके: 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा, अब तक 164 की मौत, 971 घायल वेनेजुएला में 39 सेकेंड में दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे। भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। पूरी खबर पढ़िए…
त्रिग्रही योग योग से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ, मौका न चुकें 3 उपाय करें
22 जून 2026 को बुध ग्रह ने कर्क राशि में प्रवेश करके त्रिग्रही योग बनाया है, क्योंकि यहां पर पहले से ही शुक्र और बृहस्पति ग्रह मौजूद हैं। इस युति से एक अत्यंत प्रभावशाली सरस्वती राजयोग का निर्माण भी हुआ है। इस योग के चलते 3 राशियों को बहुत लाभ होगा। जल्दी से 3 उपाय करके इस लाभ को दोगुना करें। 1. कर्क राशि (Cancer)- चूंकि यह त्रिग्रही युति और राजयोग आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा सकारात्मक बदलाव आपमें ही देखने को मिलेंगे। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। गुरु और शुक्र की कृपा से आपके अटके हुए काम पूरे होंगे और दांपत्य जीवन (वैवाहिक जीवन) में मधुरता आएगी। 2. मिथुन राशि (Gemini)- आपकी राशि के द्वितीय (धन और वाणी) भाव में यह युति होने जा रही है। बुध आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए यह समय आपके लिए लॉटरी जैसा साबित हो सकता है। अचानक कहीं से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। जो लोग कूरियर, मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा या बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी वाणी का जादू चलेगा और बड़ी डील्स फाइनल होंगी। बैंक बैलेंस में भारी बढ़ोतरी के योग हैं। 3. कन्या राशि (Virgo)- आपकी राशि के एकादश (आय और लाभ) भाव में सरस्वती राजयोग का निर्माण हो रहा है। आपके राशि स्वामी बुध का इस भाव में आना बेहद शुभ है। आपकी आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोतरी (Increment) की पूरी संभावना है। व्यापारियों को कोई बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है। निवेश (Investment) से भी अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। मौका न चुकें 3 उपाय करें 1. शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें और अंत में जलाभिषेक करके उनकी पूजा करें। 2. गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं को मंदिर में दान करें। 3. माता दुर्गा को हरी चुनरी अर्पित करें।
2026 Vat Savitri Purnima: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पावन पर्व विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। साल 2026 में यह व्रत पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।साल 2026 में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026, सोमवार को रखा जाएगा। ALSO READ: Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत पर पढ़ें ये महत्वपूर्ण पौराणिक कथा अमावस्या और पूर्णिमा व्रत में क्या है अंतर? अक्सर महिलाओं में इस व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। दरअसल, वट सावित्री का व्रत दो अलग-अलग तिथियों पर रखा जाता है। उत्तर भारत में सुहागिनें ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री पूर्णिमा कहते हैं। क्यों इतना खास है वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व? यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और दृढ़ संकल्प का उत्सव है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सती सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म के बल पर मृत्यु के देवता यमराज को भी झुकने पर मजबूर कर दिया था और अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बरगद (वट) के पेड़ में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। चूंकि यह वृक्ष सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है, इसलिए सुहागिनें इसकी पूजा कर अपने पति के लिए भी दीर्घायु (लंबी उम्र) का वरदान मांगती हैं। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026 वट पूर्णिमा 2026: तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त अगर आप भी इस साल यह व्रत रख रही हैं, तो उदयातिथि के अनुसार पूजा के सही समय और तारीख को डायरी में नोट कर लें: पूर्णिमा तिथि शुरू: 29 जून 2026 को तड़के/ सुबह 03:06 बजे से पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे। व्रत की तारीख: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन सोमवार, 29 जून को ही किया जाएगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय: सुबह का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 08:55 AM से सुबह 10:40 AM तक अभिजीत मुहूर्त (महा शुभ): दोपहर 11:57 AM से दोपहर 12:52 PM तक स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण पूजन विधि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं पूजा का सही तरीका: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। इस दिन लाल, पीले या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली: अपनी थाली में रोली, अक्षत/ चावल, धूप, दीपक, भीगे हुए चने, कलावा (कच्चा सूत), फल, मिठाई और जल का पात्र सजाएं। साथ ही माता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर साथ रखें। वट वृक्ष की पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ को तिलक लगाएं, अक्षत, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाएं। सूत लपेटना और परिक्रमा: हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की 7, 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सूत को पेड़ के तने पर लपेटते जाएं और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। कथा और आरती: पूजा स्थल पर बैठकर सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा जरूर सुनें। इसके बाद धूप-दीप से आरती करें और बांस के पंखे से वट वृक्ष व मूर्तियों को हवा करें। बड़ों का आशीर्वाद: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बुजुर्गों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें। उन्हें 'बायना' में सुहाग सामग्री और मिठाई भेंट करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत का अर्थ, पूजा विधि, आरती, चालीसा और कथा
राजस्थान में लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन 5000 बढ़ाकर 25000 रुपए करने की घोषणा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन पांच हजार रुपए बढ़ाकर 25 हजार रुपए तथा मासिक चिकित्सा सहायता को एक हजार रुपए बढ़ाकर पांच हजार रुपए करने की घोषणा की हैं। शर्मा ने गुरुवार को दुर्गापुरा में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में यह […] The post राजस्थान में लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन 5000 बढ़ाकर 25000 रुपए करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
सबगुरु न्यूज- सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आबूरोड में अनियमित तौर पर कार्मिक की स्थाई नियुक्ति करने और तनख्वाह जारी होने के प्रकरण की पत्रावली आरटीआई में मांगने की बात कही थी, वो पत्रावली ही आबूरोड नगर पालिका से गायब है। जिला कांग्रेस के सचिव और आबूरोड […] The post पत्रकार वार्ता में संयम लोढ़ा ने जिस पत्रावली को RTI में मांगने की जानकारी दी थी, आबूरोड से वो ही गायब appeared first on Sabguru News .
पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट
भुवनेश्वर। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने एक फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्नी पति की प्रॉपर्टी नहीं है और बालिग महिलाएं यह तय करने के लिए पूरी तरह आजाद हैं कि उन्हें कहां रहना है। मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुरारी रमन की पीठ ने कहा कि उसे उसके पति […] The post पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
संविधान हत्या दिवस बनाम इतिहास: RSS की आपातकाल विरोधी कथा पर सवाल क्यों उठते हैं?
1975 की इमरजेंसी में RSS की भूमिका क्या थी? बालासाहेब देवरस के इंदिरा गांधी को लिखे पत्र, ऐतिहासिक दस्तावेज़, और आज के ‘अघोषित आपातकाल’ पर विश्लेषण
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम
जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होने जा रहे हैं तो जान लें कि वहां पर किन नियमों का आपको करना होगा पालन। इसके पहले यह भी जानना जरूरी है कि रथ निर्माण, ओसर घर, छर पहनरा, गुंडीचा मार्जन, रथयात्रा का आरंभ, गुंडिचा मंदिर आगमन, हेरा पंचमी, बहुड़ा यात्रा और पुन: मंदिर आगमन कब होता है और कब किस रस्म में शामिल हों। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा: आखिर क्यों बीमार पड़ते हैं भगवान जगन्नाथ? जानें ज्वरलीला का अद्भुत रहस्य जगन्नाथ रथ यात्रा: पुण्य, रथों का रहस्य और नियम पुरी की विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आस्था का एक ऐसा समंदर है, जहाँ भगवान खुद अपने गर्भगृह से निकलकर भक्तों के बीच आते हैं। आइए इस पावन यात्रा से जुड़ी खास बातों को नए अंदाज़ में समझते हैं। यात्रा में शामिल होने का महापुण्य इस अलौकिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए किसी विशेष पात्रता की आवश्यकता नहीं है। कोई भी साधारण व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। मान्यता: जो भी भक्त इस पावन रथयात्रा में सम्मिलित होता है, उसे 100 यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ALSO READ: जगन्नाथ मंदिर के आसपास आसमान हुआ गुलाबी, चमत्कार, विज्ञान या भविष्य का संकेत? तीनों रथों की अनूठी संरचना (एक नज़र में) नंदीघोष (या गरुड़ध्वज): ऊँचाई 45 फीट, पहियों की संख्या 16, पवित्र रस्सी का नाम शंखाचुड़ा नाड़ी। तालध्वज: ऊँचाई 43 फीट, पहियों की संख्या 14, पवित्र रस्सी का नाम बासुकी। दर्पदलन (या पद्म रथ): ऊँचाई 42 फीट, पहियों की संख्या 14 और पवित्र रस्सी का नाम स्वर्णचूड़ा नाड़ी। यात्रा का मार्ग और अवधि दूरी: इन तीनों विशाल रथों को भक्तों द्वारा खींचकर 3 किलोमीटर दूर स्थित 'गुंडिचा मंदिर' ले जाया जाता है। विश्राम: गुंडिचा मंदिर में भगवान 10 दिनों तक आराम करते हैं। वापसी: यात्रा के 11वें दिन महाप्रभु पुनः अपने मुख्य जगन्नाथ मंदिर लौट आते हैं। रथ खींचने के नियम: जहाँ भक्ति में कोई भेद नहीं भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए किसी भी प्रकार का कठोर नियम या सामाजिक बंधन नहीं है: सबके नाथ जगन्नाथ: यहाँ जाति, धर्म, प्रांत या देश की कोई सीमा नहीं है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति या भक्त इन रथों को खींच सकता है। खींचने का क्रम: भक्तगण एक निश्चित क्रम से तीनों रथों की रस्सियों को श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। मोक्ष की प्राप्ति: ऐसी अटूट धार्मिक मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचता है, वह जीवन-मरण के चक्र (आवागमन) से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है। रथ खींचने के दौरान धोती पहना जरूरी है। रथ खींचने के दौरान पवित्रता का ध्यान रखें। तीनों रथ को क्रमवार खींचे। कम से कम तीन कदम और आप जितनी देर आसानी से और सुरक्षित रहकर रस्सी खींच सकें, खींचें। गुंडिचा मंदिर में दर्शन जरूर करें। कैसे करें जाने की तैयारी: 1. यदि आप उड़ीसा से बाहर रहते हैं तो आपको अभी से वहां पर ठहरने का इंतजाम करना होगा। अन्यथा आप परेशान हो जाएंगे क्योंकि वहां पर रहने के सीमित साधन है। 2. आपको पुरी के बाहर में कहीं ठहने का स्थान मिलता है तो उसे हायर कर सकते हैं। 3. जगन्नाथ पुरी में मंदिर के सामने ही समुद्र है इस संपूर्ण क्षेत्र में घुमने के लिए आपको कम से कम 3 दिन का प्लान करना चाहिए। 4. तीन दिन का खर्च कम से कम 4 से 5 हजार का आ सकता हैं। 5. जगन्नाथ मंदिर दर्शन, चिलका वन्यजीव अभयारण्य, अथरनाला ब्रिज, पुरी का गुंडिचा मंदिर और समुद्री तट पर आप जा सकते हैं। 6. यदि आप पुरी से कुछ किलोमीटर दूर कोणार्क मंदिर को देखने का प्लान भी कर रहे हैं तो 1 दिन और आपको रुकना होगा। 7. रथ यात्रा के दौरान बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप यदि अपने परिवार के साथ जा रहे हैं तो सुरक्षा का भी ध्यान रखें। 8. बच्चों के साथ जा रहे हैं तो हमारी सलाह है कि आप यात्रा के दर्शन दूर से ही करें बाद में मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें। 9. पूरी में आप पहले दिन जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करें और रथयात्रा का आनंद लें। दूसरे दिन गुंडिचा मंदिर जा सकते हैं। तीसरे दिन समुद्र का आनंद ले सकते हैं।
कन्नड़ एक्ट्रेस के फ्लैट में मिली दोस्त की लाश, जांच में जुटी पुलिस
मनोरंजन जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। कन्नड़ एक्ट्रेस और मॉडल कृषि थापंडा के बेंगलुरु के आरआर नगर स्थित 'एलीगेंट्स अपार्टमेंट' में एक 33 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान वैशाख के रूप में हुई है, जो कृषि थापंडा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है। घटना के वक्त अभिनेत्री कृषि खुद फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद आरआर नगर पुलिस ने 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, वैशाख बुधवार रात को कृषि थापंडा के फ्लैट पर आया था। देर रात वैशाख ने कृषि तापंडा को फोन किया और मानसिक तनाव में होने की बात कहते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त करने की चेतावनी दी। फोन कॉल से घबराकर अभिनेत्री ने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों को अलर्ट किया। जब लोग फ्लैट पर पहुंचे, तो वैशाख का शव सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब यह दुखद घटना घटी, तब एक्ट्रेस कृषि थापंडा अपने फ्लैट पर नहीं थीं, बल्कि किसी काम से बाहर गई हुई थीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आरआर नगर पुलिस इस मामले को महज एक सामान्य आत्महत्या के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि मृतक वैशाख के बैकग्राउंड को भी खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वैशाख का अपनी पत्नी के साथ गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था और अक्सर एक्ट्रेस के यहां आता-जाता रहता था। बता दें कि कृषि थापंडा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। साल 2014 में 'मिस कर्नाटक' का खिताब जीतने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 'अकीरा', 'काही' जैसी फिल्मों और 'बिग बॉस कन्नड़ सीजन 5' से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली।
महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण
चंद्रपुर। महाराष्ट्र के चर्चित किसान किडनी बिक्री मामले में वांछित दिल्ली के डॉक्टर रविंद्र पाल सिंह ने बुधवार को ब्रह्मपुरी अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डॉ. सिंह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) उनकी तलाश कर रही थी। […] The post महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण appeared first on Sabguru News .
आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी है जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी। मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आज, […] The post आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी appeared first on Sabguru News .
अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के कथित गबन के मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आठ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की तैयारी भी की जा रही है। […] The post अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त appeared first on Sabguru News .
अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस अक्षरा सिंह अब बॉलीवुड में अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अक्षरा सिंह बहुत जल्द बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में एक बेहद खास भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म में अक्षरा सिंह अक्षय कुमार के साथ धमाकेदार डांस नंबर ‘घिस घिस घिस’ में थिरकती हुई दिखाई देंगी। हाल ही में एक इवेंट के दौरान अक्षरा सिंह को अक्षय कुमार के साथ मंच साझा करने का मौका मिला। इस ऐतिहासिक पल की कुछ बेहद खूबसूरत तस्वीरें अक्षरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। A post shared by Akshara singh (@singhakshara) इन तस्वीरों के साथ अक्षरा ने 'खिलाड़ी कुमार' के लिए एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है। एक्ट्रेस ने अक्षय कुमार के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा, खिलाड़ी कुमार के साथ यादगार मुरादाबाद। कभी अक्षय कुमार सर को स्क्रीन पर देखकर तालियां बजाती थी, आज उनके साथ मंच साझा कर रही हूं। ALSO READ: 'वेलकम टू द जंगल' की स्टार कास्ट ने सुनाए मजेदार किस्से, निर्देशक ने बताया 10 साल बाद क्यों आई 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की नई फिल्म अक्षरा ने आगे लिखा कि अक्षय कुमार का स्टारडम पूरी दुनिया देखती है, लेकिन जिस चीज ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह है अक्षय कुमार की सादगी और उनकी विनम्रता। अक्षय कुमार की स्क्रीन और रीयल लाइफ मौजूदगी बेहद प्रभावशाली है, लेकिन एक इंसान के रूप में उनकी इंसानियत उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है। उन्होंने इस सुनहरे मौके के लिए अपने परिवार और फैंस के प्यार, समर्थन और आशीर्वाद का दिल से धन्यवाद किया। 'घिस घिस घिस' गाना और सेट का अनुभव एक हालिया इंटरव्यू में अक्षरा सिंह ने फिल्म की शूटिंग के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वह पहली बार सेट पर गई थीं, तो वह बॉलीवुड के इतने बड़े सितारों को देखकर काफी घबरा रही थीं। उनके मन में कई तरह के संशय थे। लेकिन जैसे ही अक्षय कुमार सेट पर आए, माहौल बेहद सहज और शांत हो गया। अक्षय कुमार ने उन्हें बहुत कम्फर्टेबल महसूस कराया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अक्षरा सिंह ने कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, डायरेक्टर अहमद खान और खुद अक्षय कुमार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके करियर का एक 'लाइफ-चेंजिंग' टर्निंग पॉइंट है। अहमद खान के निर्देशन और ए. ए. नडियादवाला के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ मशहूर 'वेलकम' फ्रैंचाइज़ी की तीसरी किस्त है। यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म की सबसे खास बात इसकी विशाल और दिग्गज स्टारकास्ट है, जिसमें करीब 30 से अधिक नामी कलाकार एक साथ कॉमेडी का तड़का लगाते नजर आएंगे।
कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना
बेंगलूरु। कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में उत्तर प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक की गिरफ़्तारी के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की एक कथित साज़िश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले सुहैल के तौर पर हुई […] The post कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना appeared first on Sabguru News .
जामताड़ा : शादी समारोह में वज्रपात का कहर, 2 की मौत, 2 की हालत गंभीर
जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाह गांव में शाम शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। शादी समारोह के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से 49 वर्षीय विनय सोरेन और 38 वर्षीय विश्वकर्मा टुडू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय शिवशन टूटू और 19 […] The post जामताड़ा : शादी समारोह में वज्रपात का कहर, 2 की मौत, 2 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .
मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुत्तथी पर कावेरी नदी के किनारे अपनी तस्वीरें (सेल्फी) खींचने के प्रयास में एक ही परिवार की चार महिलाओं और उनके कार चालक सहित पांच लोगों की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतकों की पहचान विजयम्मा, […] The post मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित
काराकास। वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय के अंतर पर भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गयी। अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी।प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के जोरदार झटकों से 32 लोगों की मौत हो गई और चार घायल […] The post वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित appeared first on Sabguru News .
52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा
मुंबई। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री करिश्मा कपूर आज आज 52 वर्ष की हो गई। करिश्मा कपूर ने 1990 के दशक में अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और लगातार सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई। 25 जून 1974 को मुंबई में जन्मीं करिश्मा कपूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। […] The post 52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा appeared first on Sabguru News .
कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव
बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के फ्लैट में एक पुरुष का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में पाया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना तब सामने आई, जब उस व्यक्ति को आवासीय परिसर के भीतर अचेत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक सूचनाओं से […] The post कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव appeared first on Sabguru News .
अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में तिलकपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई महिला और पुरुष घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार तिलकपुर गांव स्थित हरचंद दास बाबा मंदिर परिसर में 22 जून […] The post अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल appeared first on Sabguru News .
ऋषभ पंत का 1 IPL रन संजीव गोयनका को पड़ा 9 लाख रुपए का, जानिए कैसे
ऋषभ पंत को जब लखनऊ सुपर जाएंट्स के संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा था तो लगा था वह लखनऊ को नई ऊचाइंयों तक पहुंचाएंग लेकिन उनका खुदका बल्ला इतना शांत रहा कि लखनऊ गहराई में पहुंच गई। लखनऊ सुपर जाएंट्स से अब ऋषभ पंत की दिल्ली घर वापसी हो गई है। लेकिन जब साल 2024 में मेगा नीलामी के बाद ऋषभ पंत लखनऊ आए थे तब से उनका सफर खासा अच्छा नहीं रहा। हालांकि इन 2 सालों में उनको संजीव गोयनका से 54 लाख रुपए मिले। हालांकि इन रुपयों को ऋषभ पंत प्रदर्शन में तब्दील नहीं कर पाए। उन्होंने इन दो सालों में महज 24 की औसत और 135 की स्ट्राइक रेट के साथ 581 रन बनाए। इसमें से वह 2 बार अर्धशतक और एक शतक आया है। यह 28 मैचों का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। लेकिन उनके प्रदर्शन से असली नुकसान राजीव गोयनका का हुआ जिनको ऋषभ पंत का एक आईपीएल रन 9 लाख का पड़ा। Well done Pant pic.twitter.com/bqNyDljbyM — Shivani (@meme_ki_diwani) June 19, 2026 लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ एक ऐतिहासिक ट्रेड के बाद पंत आईपीएल 2027 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने को तैयार हैं। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी को एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब वे 15 करोड़ रुपये में डीसी में वापस आ रहे हैं, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अपनी मौजूदा 13.5 करोड़ रुपये की फ़ीस पर लखनऊ चले जाएंगे।
बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
पंडित उमाशंकर शर्मा के अनुसार 11 जून को बुध ग्रह ने बृहस्पति के नक्षत्र पुनर्वसु में प्रवेश किया था जहां वे 8 अगस्त तक रहेंगे। वर्तमान में बुध ग्रह कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, वहां वे 7 जुलाई तक रहेंगे। फिर 5 अगस्त से पुन: कर्क में गोचर करेंगे। बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर से 4 राशियों की किस्मत के दरवाजे खुल गए हैं और अब जरूरत है इस अवसर का लाभ लेने की। इन 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ 1. मेष राशि (Aries) पंडितजी के अनुसार मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लाभ: आपके अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। बिजनेस और नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता या कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत खुलेंगे, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। ALSO READ: बुध का कर्क राशि में गोचर: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क 2. कन्या राशि (Virgo) पंडितजी के अनुसार बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए गुरु के नक्षत्र में उनका जाना आपके लिए अत्यंत शुभ है। लाभ: विद्यार्थियों, लेखकों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए यह समय स्वर्ण काल की तरह रहेगा। ज्ञानार्जन के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल हैं। आर्थिक स्थिति: यदि आप शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या किसी नए बिजनेस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो 8 अगस्त तक का समय आपको बड़ा मुनाफा दे सकता है। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग 3. तुला राशि (Libra) पंडितजी के अनुसार तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर मानसिक शांति और धन लाभ लेकर आया है। लाभ: नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। आर्थिक स्थिति: सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा, लेकिन साथ ही धन का आगमन भी लगातार बना रहेगा, जिससे आपका बैंक बैलेंस सुधरेगा। ALSO READ: राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान 4. मकर राशि (Capricorn) पंडितजी के अनुसार मकर राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का पूरा साथ मिलने वाला है। लाभ: यदि आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। आपको कोई बड़ी व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: कर्ज से मुक्ति मिल सकती है और लंबे समय से फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। बुध ग्रह को और मजबूत करने के अचूक उपाय पंडितजी के अनुसार यदि आप इस गोचर काल का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं और बुध देव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो 8 अगस्त तक ये आसान उपाय जरूर करें: मंत्र जाप: नियमित रूप से ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें। दान: बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां या किसी जरूरतमंद को हरे वस्त्रों का दान करें। पूजा: भगवान गणेश को बुधवार के दिन दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें, इससे बुद्धि और व्यापार में उन्नति होती है। पशु सेवा: गायों को हरा चारा खिलाना इस दौरान बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। ALSO READ: मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Teaser Review: भौकाल मचाने आ रही है मिर्जापुर द मूवी, क्या धुरंधर को पटकनी दे पाएगी?
'मिर्जापुर' की आइकॉनिक दुनिया ओटीटी से थिएटर्स का रुख कर रही है, जो अपने सिग्नेचर इंटेंसिटी, दमदार स्टोरीटेलिंग और बड़े पैमाने के साथ सिनेमाघरों में आ रही है। 2018 में सीजन 1 से शुरू हुई टाइमलाइन से जुड़े रहते हुए, यह फिल्म बड़े पर्दे के लिए तैयार की गई एक कमाल की अनसुनी कहानी के साथ इस सागा को और आगे बढ़ाती है। 4 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली 'मिर्जापुर: द मूवी' फैन्स की इस पसंदीदा फ्रेंचाइजी को एक बिल्कुल नए थिएट्रिकल अवतार में पेश करने का वादा करती है। वहीं अब मेकर्स ने इस फिल्म का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह टीज़र अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु के साथ दर्शकों का मिर्जापुर की दुनिया में वापस स्वागत करता है, वहीं जितेंद्र कुमार 'बबलू पंडित' के रोल में कदम रख रहे हैं, जिससे फैन्स का यह फेवरेट किरदार स्क्रीन पर वापस लौट आया है। ALSO READ: जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत इस सागा में रवि किशन भी शामिल हो रहे हैं, जिनकी दमदार नई प्रेजेंस मिर्जापुर यूनिवर्स में एक और दिलचस्प एंगल जोड़ती है। पूर्वांचल की गलियों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तानों तक, यह सागा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा रूप ले रहा है, जो अपनी इस ग्रिपिंग दुनिया और लार्जर-देन-लाइफ स्टोरीटेलिंग को हर रीजन के सिनेमाघरों में लेकर आ रहा है। इस स्टार-कास्ट को और बड़ा करते हुए, फिल्म में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान शामिल हैं, जो मिर्जापुर की दुनिया के एक शानदार अनसुने चैप्टर को जीने के लिए एक साथ आए हैं। 'मिर्जापुर: द मूवी' अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड है। गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा रिटेन, और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रोड्यूस्ड और कासिम जगमागिया और विशाल रामचंद्रनी द्वारा को-प्रोड्यूस्ड, यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में एक भव्य रिलीज के लिए तैयार है।
मौसम में बदलाव के चलते इंदौर में तमाम तरह की बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी कर लोगों को बचाव के लिए अलर्ट किया है। पिछले कुछ दिनों से इंदौर में मौसम की मार की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर और पानी से होने वाली बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसके बाद अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, जांच किट की उपलब्धता, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था और बीमारी की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में डेंगू के 14 मरीज : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2025 में अप्रैल महीने में इंदौर में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला था, जबकि इस साल 2026 में अप्रैल तक 14 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि इस साल अब तक इंदौर में डेंगू के 25 मरीज और मलेरिया के 8 मरीज मिल चुके हैं। जहां मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। कौन कौनसे क्षेत्र हैं संवेदनशील : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले वर्ष भंवरकुआं, चंदन नगर, खजराना, मुसाखेड़ी और देपालपुर क्षेत्रों में अधिक मरीज मिले थे। इस बार इन इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही नीचली बस्तियों में और जिन बस्तियों और इलाकों के आसपास गंदे नाले बह रहे हैं वहां भी निगरानी करने की योजना बनाई जा रही है। 46 हजार घरों में सर्वे , 381 जगह मिला लार्वा: मलेरिया विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए अब तक 46 हजार 231 घरों का सर्वे किया है। सर्वे के दौरान 381 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। वहीं 2 लाख 18 हजार 912 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 372 में लार्वा मिला। विभाग ने लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने की समझाइश दी है। जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग लगातार सर्वे कर रहा है। ड्रोन की मदद से भी जांच की जाएगी। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण भी दिया गया है। Edited By: Naveen R Rangiyal
इंडियन एक्सप्रेस की जांच के बाद विपक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। The Indian Express की एक विशेष जांच रिपोर्ट में दावा किया […]
केतन अग्रवाल मर्डर केस: हिना खान का सिया पर फूटा गुस्सा, बोलीं- सच कहना इतना मुश्किल क्यों?
पुणे के 26 वर्षीय युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत का मामला इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। 18 जून को पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान 400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई केतन की मौत को पहले एक सामान्य हादसा माना गया था। मगर, जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो एक ऐसा हाई-प्रोफाइल और खौफनाक मर्डर प्लॉट सामने आया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। केतन अग्रवाल की सगाई इसी साल फरवरी में सिया गोयल से हुई थी। दोनों परिवारों के बीच रजामंदी थी और इस साल नवंबर में उदयपुर के एक महल में करीब 17 करोड़ रुपये के खर्च के साथ एक भव्य और शाही शादी होने वाली थी। मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट जेट तक बुक किए गए थे। लेकिन सिया पुणे के ही एक अन्य व्यवसायी चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। ALSO READ: जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत जांच में सामने आया है कि शादी टालने या केतन को रास्ते से हटाने के लिए पहले भी कई कोशिशें की गईं। 18 जून को सिया के जन्मदिन के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाया गया। जहां सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन ने केतन को खाई में धका दे दिया। हिना खान का भावुक और बेबाक रिएक्शन इस सनसनीखेज वारदात पर मशहूर टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखी है। हिना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा— आज के समय में सच सुनना और सच कहना इतना मुश्किल हो गया है कि लोग किसी की जान लेने तक को तैयार हैं। ऐसा लगता है कि सच्चाई स्वीकार करने से आसान किसी की जिंदगी खत्म कर देना हो गया है। सिर्फ एक सच बोलकर तुम उसे बचा सकती थीं और अपनी पसंद की जिंदगी किसी और के साथ जी सकती थीं। आखिर क्यों? बेहद अफसोस। हिना खान का यह सवाल आज हर उस नागरिक का सवाल है जो यह सोच रहा है कि अगर सिया इस शादी से खुश नहीं थी, तो उसने सामाजिक दबाव या परिवार की झूठी प्रतिष्ठा के डर से सच बोलने के बजाय एक मासूम की हत्या करना क्यों बेहतर समझा? फिलहाल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
राम मंदिर के दान प्रबंधन पर उठे सवाल, ऑडिट रिपोर्ट में अव्यवस्था की चेतावनी
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े दान प्रबंधन को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। एक राष्ट्रीय समाचार-पत्र की विशेष जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2020 में तैयार की गई एक ऑडिट रिपोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नकद दान के प्रबंधन में संभावित अव्यवस्थाओं को […]
चालक रहित वाहन नियम : संयुक्त राष्ट्र ने चालक रहित वाहनों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढाँचा अपनाया। नए नियम स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम की सुरक्षा, परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करेंगे
सीनेट ने रोकी ट्रंप की युद्ध शक्तियां
वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण War Powers Resolution (युद्ध शक्तियां प्रस्ताव) पारित कर दिया है। सीनेट में यह प्रस्ताव 50-48 मतों से मंजूर हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने या दोबारा शुरू करने से रोकना […]
जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं। 25 जून 1992 भी एक ऐसी ही तारीख थी। इसी दिन बड़े पर्दे पर एक ऐसे नौजवान की एंट्री हुई थी, जिसने अपनी जादुई मुस्कान, हवा में लहराते हाथ और बेमिसाल शिद्दत से न सिर्फ बॉलीवुड की परिभाषा बदल दी, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों दिलों पर कब्ज़ा कर लिया। हम बात कर रहे हैं शाहरुख खान की। आज किंग खान फिल्म इंडस्ट्री में अपने गौरवशाली 34 साल पूरे कर चुके हैं। शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत 'फौजी' और 'सर्कस' जैसे छोटे पर्दे के सीरियल्स से की थी। लेकिन 34 साल पहले जब निर्देशक राज कंवर की फिल्म 'दीवाना' रिलीज हुई, तो बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रच गया। फिल्म के सेकंड हाफ में जब शाहरुख खान हाथ छोड़ बाइक पर सवार होकर 'कोई ना कोई चाहिए प्यार करने वाला' गाते हुए स्क्रीन पर आते हैं, तो थियेटर्स तालियों और सिक्कों की गड़गड़ाहट से गूंज उठे थे। इस पहली ही फिल्म ने शाहरुख को रातों-रात सुपरस्टार का तमगा दिला दिया था। ALSO READ: रोनाल्डो, नेमार और ड्रेक जैसे खास लोगों की लिस्ट में शामिल हुईं उर्वशी रौतेला, खरीदीं 90 करोड़ की दो बुगाटी टर्बिलॉन हाइपरकार पहली पसंद नहीं थे शाहरुख 'दीवाना' फिल्म के बनने और शाहरुख को यह रोल मिलने की कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दरअसल, इस रोल के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे। उनसे पहले यह रोल अरमान कोहली को ऑफर किया गया था। लेकिन कुछ विवादों के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह रोल किंग खान के पास आया और बाकी सब इतिहास है। हालांकि शाहरुख ने इससे पहले पांच फिल्में साइन की थीं, लेकिन रिलीज के मामले में 'दीवाना' उनकी पहली फिल्म बनी। ऋषि कपूर और दिव्या भारती जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद, नए नवेले शाहरुख खान ने अपनी एक्टिंग से हर किसी का ध्यान खींचा। 'दीवाना' उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई और सिनेमाघरों में 50 हफ्तों तक टिकी रही। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नदीम-श्रवण के संगीत और समीर के लिखे गाने जैसे 'ऐसी दीवानगी' और 'तेरी उम्मीद तेरा इंतजार' आज भी उतने ही तरोताजा लगते हैं। इस फिल्म के लिए शाहरुख खान को 'बेस्ट मेल डेब्यू फिल्मफेयर अवॉर्ड' से नवाजा गया था। उस साल 'दीवाना' ने कुल 5 फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम कर तहलका मचा दिया था। 34 साल के इस लंबे सफर में शाहरुख खान ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन साल 2023 में 'पठान', 'जवान' और 'डंकी' जैसी लगातार ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर उन्होंने साबित कर दिया कि किंग हमेशा किंग ही रहता है। वह जल्द मेगा-बजट एक्शन थ्रिलर फिल्म 'किंग' में नजर आने वाले हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख खान पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे।
आज के इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर व्यूज, लाइक्स और वायरल होने के चक्कर में कई ऐसे खतरनाक और अजीबोगरीब ट्रेंड्स चल रहे हैं, जो खासकर बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और खौफनाक मामला ऑस्ट्रेलिया से सामने आया है। यहाँ एक 10 साल की मासूम बच्ची ने इंटरनेट पर वीडियो देखकर अपने 'स्क्विशी टॉय' (हाथ से दबाने वाला जेल से भरा खिलौना) को किचन के माइक्रोवेव में गर्म कर दिया।इसके बाद जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया के माता-पिता को झंझोर कर रख दिया है। वह खिलौना माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही अचानक एक शक्तिशाली बम की तरह फट गया और उसके अंदर मौजूद उबलता हुआ जहरीला केमिकल सीधे बच्ची के चेहरे पर जा गिरा, जिससे उसकी स्किन मौके पर ही पिघलने लगी।क्या है यह 'स्क्विशी टॉय चैलेंज' और कैसे शुरू हुआ खेल?ब्रिटिश मीडिया वेबसाइट 'मिरर' में छपी एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, यह खौफनाक घटना ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध तटीय शहर 'गोल्ड कोस्ट' (Gold Coast) की है। यहाँ रहने वाली 10 साल की वायलेट जेर्ब्स्ट नाम की बच्ची ने यूट्यूब, टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर कुछ वायरल वीडियो देखे थे। इन वीडियोज में कथित तौर पर दावा किया जा रहा था कि अगर जेल से भरे रबर के स्क्विशी टॉय को माइक्रोवेव के अंदर रखकर थोड़ी देर गर्म किया जाए, तो वह पहले से कहीं ज्यादा सॉफ्ट, स्ट्रेची और खेलने में मजेदार हो जाता है।मासूम वायलेट ने भी खेल-खेल में इस इंटरनेट ट्रिक को खुद आजमाने की सोची। उसने अपनी मां की नजरें बचाकर खिलौने को माइक्रोवेव के अंदर रख दिया और करीब 30 सेकंड के लिए टाइमर सेट करके उसे ऑन कर दिया।दबाते ही हुआ भयानक ब्लास्ट, चीखों से गूंज उठा पूरा घरजैसे ही माइक्रोवेव का टाइम पूरा हुआ, वायलेट ने खिलौने को बाहर निकाला। वह यह जांचना चाहती थी कि खिलौना वास्तव में उतना सॉफ्ट हुआ है या नहीं जैसा वीडियो में दिखाया गया था; इसलिए उसने उसे अपने चेहरे के करीब लाकर दोनों हाथों से जोर से दबा दिया। दबाते ही अत्यधिक प्रेशर के कारण वह खिलौना एक भयानक धमाके के साथ फट गया।खिलौने के फटते ही उसके अंदर भरा हुआ खौलता हुआ रासायनिक लिक्विड सीधे वायलेट की आंखों, चेहरे और मुंह पर जा गिरा। मासूम बच्ची असहनीय दर्द के कारण बुरी तरह चीखने-चिल्लाने लगी। वायलेट की डरावनी चीख सुनकर उसकी मां तुरंत दौड़ती हुई आई और सूझबूझ दिखाते हुए उसे बाथरूम की तरफ ले गई और चेहरे पर लगातार ठंडा पानी डालना शुरू किया, जबकि पिता ने बिना समय गंवाए तुरंत एम्बुलेंस को फोन घुमाया।मुझे महसूस हो रहा था कि मेरी चमड़ी पिघलकर मुंह के अंदर जा रही हैअस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रही वायलेट ने इस खौफनाक हादसे को याद करते हुए बताया कि वह दर्द इतना भयानक था कि बयां नहीं किया जा सकता। उसने बताया, मुझे साफ महसूस हो रहा था कि मेरे चेहरे की चमड़ी (स्किन) खौलते केमिकल के कारण पूरी तरह पिघलकर मेरे मुंह के अंदर जा रही थी। मैं डर के मारे लगातार उसे बाहर थूकने की कोशिश कर रही थी।वायलेट के पिता जोडी ने बताया कि वह रविवार की सुबह घर में आराम से फुटबॉल मैच देख रहे थे और पलक झपकते ही उनकी हंसती-खेलती बेटी के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया। बच्ची की चीखें इतनी खौफनाक थीं कि पूरे परिवार का दिल दहल गया था।अस्पताल में चला लंबा इलाज, डॉक्टर भी रह गए हैरानवायलेट को तुरंत गंभीर हालत में 'गोल्ड कोस्ट हॉस्पिटल यूनिवर्सिटी' के बर्न वॉर्ड में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम ने करीब एक हफ्ते तक उसका सघन इलाज किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उसी एक हफ्ते के भीतर वे एक और ऐसी ही दूसरी बच्ची का इलाज कर रहे थे, जो ठीक इसी 'स्क्विशी टॉय माइक्रोवेव चैलेंज' के कारण बुरी तरह झुलसकर अस्पताल पहुंची थी। इससे साफ है कि बच्चे बिना किसी समझ के इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली फर्जी चीजों को आंख मूंदकर कॉपी कर रहे हैं।अमेरिका में भी आ चुका है ऐसा ही एक दर्दनाक मामलायह कोई पहली या इकलौती घटना नहीं है जो किसी बच्चे के साथ हुई हो। कुछ महीने पहले अमेरिका के इलिनोइस (Illinois) प्रांत में भी 9 साल के कैलेब चाबोला नाम के एक बच्चे के साथ हूबहू यही हादसा हुआ था। कैलेब ने भी अपने दोस्तों से इस ट्रेंड के बारे में सुना था और अपने खिलौने को माइक्रोवेव में रख दिया था। जब वह खिलौना ब्लास्ट हुआ, तो कैलेब का दाहिना चेहरा पूरी तरह से झुलसकर पिघलने लगा था और वह सेकेंड-डिग्री बर्न (Second-Degree Burn) का शिकार हो गया था, जिसके चलते उसे कई हफ्तों तक आईसीयू में बिताना पड़ा था।पैरेंट्स के लिए बड़ी चेतावनी: घर के भीतर बढ़ रहा है डिजिटल खतराटिकटॉक, इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी फिल्टर के चल रहे ये अजीबोगरीब चैलेंज आज के बच्चों के लिए एक अदृश्य दुश्मन बन चुके हैं। टेक और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन रबर और प्लास्टिक के खिलौनों के अंदर जो लिक्विड, जेल या सिंथेटिक केमिकल भरा होता है, वह माइक्रोवेव की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हीट और रेडिएशन को बिल्कुल भी झेल नहीं पाता। बंद होने के कारण उसके अंदर गैस का भारी दबाव बनता है और वह एक प्रेशर कुकर की तरह ब्लास्ट हो जाता है।ऐसे में यह घटना देश और दुनिया के सभी माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पैरेंट्स को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है कि उनका बच्चा अकेले में स्मार्टफोन पर क्या देख रहा है, उसकी सर्च हिस्ट्री क्या है और वह बंद कमरे या किचन में अकेले क्या एक्सपेरिमेंट कर रहा है। बच्चों को इंटरनेट के इन छद्म और खतरनाक खतरों के प्रति जागरूक करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
यूएन रिपोर्ट के अनुसार 2025 में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में 24 हजार से अधिक बच्चे प्रभावित हुए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता पर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई
जस्टिस काटजू जून 2026 के US-ईरान MOU, परमाणु निरीक्षणों को लेकर विरोधाभासी दावों और इस बात की पड़ताल करते हैं कि शांति की नाज़ुक प्रक्रिया क्यों विफल हो सकती है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच पकिस्तान बढ़ा सकता है रक्षा खर्च
जून 2026 में पाकिस्तान की सरकार ने सांसदों के सामने बजट का ड्राफ्ट पेश किया। बजट प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र पर अपना खर्च 18 प्रतिशत बढ़ाकर 3000 अरब रुपये (3 ट्रिलियन) करने जा रहा है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 25 June 2026 : करियर: आज आपको नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। लव: प्रेमी साथी के साथ तालमेल बनाना आवश्यक। धन: अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: सिर या आंखों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें। ALSO READ: श्री गायत्री प्रकटोत्सव जयंती की जन्म कथा 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्यस्थल में कलीग्स के सहयोग से पुराना प्रोजेक्ट पूरा होगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: पाचन क्रिया पर ध्यान दें। उपाय: पीपल के वृक्ष की पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नौकरी या बिजनेस में लाभकारी अवसर। लव: दोस्ती और रोमांस में मधुरता रहेगी। धन: अप्रत्याशित खर्च हो सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: शनिदेव की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: सहकर्मियों के साथ सहयोग जरूरी रहेगा। लव: पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। धन: पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: पेट और किडनी की देखभाल करें। उपाय: दूध में गुड़ मिलाकर सेवन करें। 5. सिंह (Leo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा, नौकरीपेशा का प्रमोशन संभव। लव: प्रेम जीवन में नई शुरुआत होगी। धन: आर्थिक लाभ की संभावना बनेगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा स्तर अच्छा रहेगा। उपाय: सूर्य नमस्कार करें, पीले वस्त्र पहनें। ALSO READ: Gayatri Prakatotsav 2026: श्री गायत्री प्रकटोत्सव: मां गायत्री की पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल पर नए अवसर मिल सकते हैं, फिर भी सतर्क रहें। लव: प्रेमीजन भावनाओं में स्पष्टता लाएं। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: थकान और तनाव से बचें। उपाय: भगवान गणेश को फूल अर्पित करें। 7. तुला (Libra) करियर: टीम वर्क में सफलता आपके हिस्से आयेगी। लव: प्रेम और दोस्ती में सामंजस्य बना रहेगा। धन: कारोबार से धन लाभ के योग है। स्वास्थ्य: आंखों और कानों की सुरक्षा रखें। उपाय: नीले वस्त्र पहनें या हनुमान चालीसा का पाठ करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में कठिनाइयों का सामना करेंगे, विजय संभव होगी। लव: प्यार में भावनाएं गहरी होंगी। धन: अप्रत्याशित खर्च हो सकते हैं। स्वास्थ्य: रक्त संबंधित समस्याओं पर ध्यान। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: यात्रा या विदेश से लाभ होगा। लव: साथी के साथ सामंजस्य बनाकर चलें। धन: पुराने निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: जोड़ों में हल्का दर्द आज संभव है। उपाय: सूर्यदेव को अर्घ्य दें,पी ले फूल चढ़ाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्य में मेहनत रंग लाएगी, प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लव: प्रेम जीवन में सावधानी रखें। धन: वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: हड्डियों और पेट का ध्यान रखें। उपाय: शनि व्रत करें, काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता और सहयोग मिलेगा। लव: दोस्ती और प्रेम में सामंजस्य बना रहेगा। धन: अनियमित खर्च से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम करें। उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान लगायें। 12. मीन (Pisces) करियर: छात्रों को रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन सुखमय बना रहेगा। धन: कारोबार से धन की आवक होगी। स्वास्थ्य: आंखों और त्वचा का ध्यान रखें। उपाय: शिवजी की पूजा करें। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग
आज ब्लैकबोर्ड में कहानी ऐसे पति-पत्नी की जिनकी दो बेटियां हैं। इन्होंने एकबार फिर मां-बाप बनने का फैसला किया, लेकिन उम्र आड़े आ गई। डॉक्टर ने सलाह दी- ‘IVF आजमाइए।’ डॉक्टर ने पत्नी के एग्स और पति के स्पर्म को लैब में फर्टिलाइज करके भ्रूण को गर्भाशय में ट्रांसफर कर दिया। रोजाना दर्जनों गोलियां और कैप्सूल खाए। दोनों जांघों पर सैकड़ों इंजेक्शन लगे। आखिरकार 9 महीने तकलीफ झेलने के बाद इनके घर जुड़वां बच्चियों ने जन्म लिया। सब बहुत खुश थे, लेकिन रिश्तेदार सवाल उठाने लगे कि इनकी शक्ल-सूरत मां-बाप से काफी अलग है। जब कई लोगों ने बार-बार ये कहा तो पति को शक हुआ- कहीं IVF में गड़बड़ तो नहीं कर दी गई। उसने बच्चियों का डीएनए टेस्ट करवा लिया। आखिर वही हुआ जिसका उन्हें शक था। बच्चियों का डीएनए न तो मां से मैच हुआ न पिता से। अस्पताल में भ्रूण बदल दिए गए। अब मां ने इन्हें 9 महीने अपनी कोख में रखा है इसलिए बच्चों से लगाव तो हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता इस बात की है कि उनके अपने बच्चे कहां हैं।’ ये कहानी है गुड़गांव में रहने वाले मीनू और राहुल राठौर की। सुबह के 10 बजे हैं। गुड़गांव के पालम विहार की सड़कों पर धूप ऐसी चुभ रही है कि मानो दोपहर के 12 बजे हों। आसमान छू रही इमारत के एक चमकते फ्लैट में रहते हैं मीनू और राहुल राठौर। बिल्डिंग के गेट पर पहुंचते ही मैंने राहुल को फोन किया। वो बोले- आप सोसाइटी के क्लब हाउस में हमारा इंतजार करिए। सॉरी, हम आपको घर नहीं बुला सकते। हमारे घर का माहौल ठीक नहीं है ना। कुछ ही देर में धीमें कदमों से दोनों क्लब हाउस आ गए। सबसे पहले नजर मीनू पर पड़ी। मुझे देखते ही वो बेमन मुस्कुराई। चेहरे पर नई मां वाली थकान साफ झलक रही है। राहुल ने उन्हें सहारा देकर कुर्सी पर बैठाया। दोनों का चेहरा भी इतना मायूस, मानो सबकुछ खो गया हो। राहुल के चेहरे से ये साफ है कि कई रातों से सोए नहीं हैं। मैं कुछ पूछती उससे पहले ही वो हाथ जोड़कर कहने लगे- ‘हमारी मदद कर दीजिए, प्लीज। कोई तो तरीका होगा, जिससे हम अपने बच्चों तक पहुंच पाएं। मुझे बस इतना पता चल जाए कि वो ठीक हैं और सही हाथों में हैं। इतनी बड़ी दुनिया में हम अपने बच्चे कैसे तलाशें, कहां तलाशें। पुलिस, अदालत, हेल्थ डिपार्टमेंट, कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।’ ये कहते हुए दोनों सुबकने लगे। खुद को संभालते हुए डबडबाई आंखों से मीनू कहती हैं, ‘मुझे बड़ा परिवार पसंद है। इसलिए दो बेटियां होने के बाद, 39 साल की उम्र में मैंने एकबार फिर मां बनने का फैसला किया। दोनों बेटियों के बीच 10 साल का फर्क है। मुझे लगता था कि दुनिया में मां बनना सबसे अच्छी चीज है। नौ महीने तक बच्चे को कोख में रखने का जो अहसास होता है न, उस खुशी की बराबरी किसी चीज से नहीं की जा सकती। जिस दिन से कंसीव किया, उस दिन से मैं केवल शबद, रामायण और गीता का पाठ करती थी। मां बनने की खुशी इतनी ज्यादा थी कि IVF की तकलीफ भी आसानी से झेल रही थी। दरअसल, IVF शुरू करने से पहले क्लीनिक वाले ये कभी नहीं बताते कि प्रोसेस कितना तकलीफदेह है। बस यही बोलते हैं कि शुरुआत के 10-11 दिन परेशानी होगी। बच्चे की खुशी में हर कोई इंजेक्शन लगवाने की तकलीफ 10 से 11 दिन तक हंसकर झेल जाता है। जब 11 दिन के बाद आपके एग्स कलेक्ट किए जाते हैं तो प्रक्रिया और तकलीफ वाली हो जाती है। इसके बाद आप पीछे भी नहीं हट सकते हैं। कई बार तो मेरी तकलीफ देखकर राहुल ने ये तक कह दिया था कि पता नहीं, क्यों हमने IVF का फैसला लिया। मीनू बताती हैं- ‘हर दिन मैं किलो के हिसाब से दवाएं खाती थी। लगातार 4 महीने तक जांघों पर इंजेक्शन लगे। एक दिन दो, फिर अगले दिन तीन, फिर उसके बाद चार। जांघों में थक्के जम गए थे, खाल नीली पड़ गई थी। इतनी बुरी हालत थी कि नर्स कह देती थी, आइसिंग करो ताकि इंजेक्शन लगाने के लिए मसल्स मिल सके। प्रेग्नेंसी के दौरान मैं न तो बैठ सकती थी और न ही चल सकती थी। जिस दिन कमर पर इंजेक्शन लगते, पीठ दर्द के मारे अकड़ जाती। शरीर सुन्न हो जाता था। ये सब सहन करके भी मैं खुश थी, सिर्फ अपने बच्चों के लिए।’ मीनू की आंखों से आंसू भरभराकर बहने लगते हैं। वो राहुल का हाथ पकड़ कर कहती हैं- डिलीवरी का तीसरा दिन था। मैं बेड पर लेटी थी और परिवार के बाकी लोग सोफे पर बैठकर बात कर रहे थे। अचानक मेरे कानों में आवाज आई कि बच्चों का डीएनए होना है। सुनते ही मैं बेहोश हो गई, ICU पहुंच गई। मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि परिवार ने यह फैसला क्यों लिया। दरअसल, छोटी बेटी को देखते ही मेरी ननद को शक हो गया था। उन्हें लगा कि उसके नैन-नक्श परिवार से मिलते नहीं। हालांकि राहुल ने कहा कि ऐसा नहीं है। फिर ननद ने राहुल और मेरी दोनों बड़ी बेटियों की फोटो से बच्चियों की शक्ल मिलाई। सच में वो बच्चियां थोड़ा अलग दिख रही थीं। फिर सभी ने डीएनए टेस्ट का फैसला लिया। मीनू कहती हैं कि पहली रिपोर्ट में पिता के साथ डीएनए मैच नहीं हुआ। दूसरे दिन जो रिपोर्ट आई उसमें मेरे साथ भी मैच नहीं हुआ। रोते हुए वह कहती हैं कि अगर मेरे अकेले के साथ डीएनए मैच हो जाता, तो वो मेरी आखिरी सांस होती। अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंची तो एंग्जाइटी होने लगी। घबराहट में दौरे आने लगे। बीस दिन तक मैं बेहोशी की हालत में थी। मुझे केवल परिवार का तनाव दिख रहा था। अपना दर्द बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं, नर्क भोगा है हमने। मेरा दिमाग सुन्न हो चुका था। ट्रॉमा की वजह से दूध आना बंद हो गया था। बच्चों ने मां का दूध तक नहीं पीया।’ मीनू कहती हैं- ‘मेरी हालत देखकर भांजी चक्कर खाकर गिर गई। परिवार की ऐसी हालत देखकर मैं पत्थर बन गई। आसान नहीं था अपनी आंखों के सामने परिवार को तड़पते और रोते हुए देखना। आज भी यही हालत है। कोई एक फैमिली मेंबर बच्चों को संभालता है, फिर थकान का बहाना बनाकर बच्चा किसी दूसरे को दे देता। खुद बाहर जाकर रोता है, फिर नॉर्मल होकर अंदर आता है। हम लोग बाथरूम में छिपकर रोते हैं। सब रोते हैं, लेकिन एक दूसरे से सूजी हुई आंखे छिपाते हैं।’ राहुल बताते हैं- ‘14 जनवरी 2026 को हमें पता लगा कि बच्चों का डीएनए हम दोनों से मैच नहीं हुआ। तब से लेकर आज तक मैं परिवार संभाल रहा हूं, नए बच्चों को भी देख रहा हूं। उन्हें उनके हिस्से का प्यार देता हूं। मेरी मां अंदर से टूट गई हैं। पापा एकदम चुप हो गए हैं। मीनू और मेरी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 12 भाई बहनों में मैं सबसे छोटा हूं। आज तक सभी मुझे छोटा बच्चा ही समझते हैं। पहली बार लग रहा है कि मैं बड़ा हो गया हूं। नर्क दिखा दिया इस सिस्टम ने हमें। पहले तीन महीने पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाते रहे। फिर एंटी ह्युमन ट्रैफिकिंग डिपार्टमेंट, अदालत, मानवाधिकार, महिला और बाल आयोग सब जगह गए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं। यहां तक कि 4 जून को अदालत ने पुलिस को जांच करने और बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स सीज करने के लिए कह दिया है। फिर भी कोई टस से मस नहीं हो रहा है। हमें पैसे ऑफर किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि आपके एंब्रियो बनाकर मल्टीपल लड़कियों में इम्प्लांट कर देंगे। ये तो बच्चों की तस्करी है। बार-बार हाथ जोड़कर, आंसू पोंछ कर बस इतना कहते हैं, हमें इतना पता लग जाए कि हमारे बच्चे किसके पास हैं। बात करते हुए राहुल कांपने लगते हैं। कहते हैं कि कल की ही खबर है कि दिल्ली में डॉक्टर बच्चे बेच रहे हैं। अपने बच्चों का ख्याल आता है तो रूह कांप जाती है। घर में चीख पुकार, रोना धोना देखकर थक चुका हूं। हम इतने बदनसीब हैं कि बच्चों के बारे में पता नहीं लगा तो तड़प-तड़प कर मर जाएंगे। न जाने हमारे बच्चे किस हालात में होंगे। यही सोच-सोच कर जान निकल जाएगी। जिंदगी में पहली बार पुलिस स्टेशन, अदालत देखी है। जब तक अपने बच्चों को अपनी आंखों से देख नहीं लेता, तब तक न थकूंगा, न रूकूंगा। इन्हें बताना होगा कि कि मेरे बच्चे कहां है। मैं तनाव में नए बच्चों के साथ वक्त तक नहीं गुजार पा रहा हूं। क्योंकि यह सिस्टम क्रिमिनल है। सुबह मीडिया, पुलिस स्टेशन, रात को घर आता हूं। छह महीने से हम लड़ रहे हैं। यही किसी बड़े नेता के बच्चे होते तो सिस्टम रातों-रात बदल जाता। राहुल कहते हैं कि- मीनू ने 9 महीने बच्चियों को कोख में पाला है। हम उन्हें अपने बच्चे जैसा ही प्यार करते हैं। पूरा परिवार इनके साथ खेलता है। हर महीने इनका जन्मदिन मनाया जाता है। परियों की तरह इन्हें सजाते हैं। हम वो सब कर रहे हैं, जो अपने बच्चे के लिए सोचा था। रात-रात भर इन्हें गोद में लेकर घूमते हैं। बच्चों को उनके हर रिश्ते का प्यार मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं। मेरी मां ने सख्त हिदायत दी है कि इन बच्चों के लिए तुम्हारे प्यार में जरा भी फर्क नहीं आना चाहिए। प्यार बेशक ज्यादा हो जाए, लेकिन कम नहीं होना चाहिए। एक बेटी का नाम चित्रांगदा और दूसरी का दिव्यांगदा रखा है। राहुल कहते हैं कि जब तक इन बच्चियों के मम्मी-पापा नहीं मिल जाते हम ही इनके सबकुछ हैं। कन्यादान तक इनके माता-पिता लेने आते हैं तो हम इन्हें जाने देंगे। नहीं तो मैं इन दोनों को इतना पढ़ाउंगा कि दुनिया देखेगी। मैं चाहता हूं, मेरे बच्चे भी मिल जाएं और मैं इन्हें भी रखूं। मैं सभी को रख लूंगा। आखिरी में मीनू ये कहते हुए कुर्सी से उठकर चली जाती हैं कि मैम, हमारी मदद कोई नहीं कर रहा है। हमारे बच्चे ढूंढ दो। सारे कागजात बदले जा रहे हैं। सारा सिस्टम अस्पताल को बचाने में लगा है। इस बारे में हॉस्पिटल मालिक डॉ. शिवानी सचदेव से बात करने की कोशिश की गई। मैसेज भी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। साउथ दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। नोट- दोनों बच्चियों का नाम बदला हुआ है। -------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड- तानों से परेशान होकर ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया:ऑडिशन वाले कहते थे- तुम्हारा फिगर ठीक नहीं, अब आधी कमाई सर्जरी की EMI में जा रही एकबार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। वहां मुझे ट्रायल के लिए एक बिकिनी दी गई। 10-15 मर्दों के सामने जैसे ही बिकिनी पहनकर बाहर आई, तो सब हंसने लगे। कहने लगे- 'अरे मैडम, ये सब आपके लिए नहीं है। आप तो एकदम फ्लैट हैं।' पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- भाई का अपहरण किया, जिससे जिंदा साबित हो जाऊं: सिंदूर लगाने वाली पत्नी विधवा पेंशन मांगने पहुंची, लेकिन मुझे जिंदा नहीं माना साल 1975। लाल बिहारी 20 साल के थे। शादी के 10 साल बाद अभी-अभी गौना हुआ था और पत्नी घर आई थी। मां ने कहा- गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से कुछ लोन ले लो। अपना काम-धंधा शुरू करो, वर्ना आगे बाल-बच्चों को कैसे पालोगे? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास
बुलंदशहर। बुलंदशहर जिले की एक अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म की घटना में दोषी पाए गए आरोपी को 40 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक भारत सिंह शर्मा ने बुधवार को बताया कि अभियुक्त कल्लू पुत्र हरचंदी, निवासी ग्राम बागपुर, थाना चांद, जनपद पलवल (हरियाणा) […] The post बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .
इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला
खरगोन। मध्यप्रदेश के इंदौर से लापता एक एरिया सेल्स मैनेजर का शव आज बुधवार को खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 50 वर्षीय निशांत जोशी के रूप में हुई है। वह एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में एरिया सेल्स […] The post इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला appeared first on Sabguru News .
ब्रिटेन: कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा
लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपनी ही लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के बीच टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए इस्तीफे की घोषणा कर दी है। उनके इस्तीफे के साथ ही ब्रिटिश राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब उनके […]
The Provincialization of Indian Science
In his sharply critical expos, “A Trojan horse has breached the IITs,” science journalist Vasudevan Mukunth uncovers a profound crisis unfolding within India’s elite technological institutions. Mukunth details how the Indian Knowledge System (IKS)—an initiative formalized under the National Education Policy (NEP) 2020—has veered from a legitimate historical reclamation of ancient Indian science into an […]
कोलंबिया में एस्प्रिएला बनेंगे राष्ट्रपति
बोगोटा। कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी उद्योगपति और वकील अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज कर देश के नए राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थित माने जाने वाले 47 वर्षीय डे ला एस्प्रिएला ने दूसरे चरण के चुनाव में वामपंथी उम्मीदवार […]
अमेरिका-ईरान; ट्रम्प की शर्त ईरान को अस्वीकारिय तेल पर 60 दिनों की छूट
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी उच्चस्तरीय वार्ताओं दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ विषयों पर मतभेद अभी भी बरकरार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका द्वारा जारी की जा रही धनराशि एक विशेष एस्क्रो खाते में रखी जाएगी और उसका उपयोग मुख्य रूप […]
रेनो इंडिया ने पेश किए काइगर के चार नए संस्करण
नई दिल्ली। रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने बुधवार को रेनो काइगर के चार नये संस्करण बाजार में उतारने की घोषणा की। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रेनो ने नया इवॉल्यूशन प्लस पेश किया है, जो नैचुरली एस्पिरेटेड (एमटी और एएमटी) तथा टर्बो (एमटी) दोनों इंजनों के […] The post रेनो इंडिया ने पेश किए काइगर के चार नए संस्करण appeared first on Sabguru News .
‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा है कि यशराज फिल्म्स की आगामी एक्शन फिल्म ऐल्फा की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही है। आलिया भट्ट ने का मानना है कि यह फिल्म लिंग की सीमाओं से परे जाकर ‘ऐल्फा’ सोच और आत्मविश्वासपूर्ण एटीट्यूड का जश्न मनाती है। […] The post ‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट appeared first on Sabguru News .
पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहागढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ अब पुणे पुलिस ने खुलासा किया है कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं, मर्डर था। इसे खुद सिया ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अंजाम दिया, क्योंकि वो शादी नहीं करना चाहती थी। आज के एक्सप्लेनर में इस केस की सभी बिखरी कड़ियां जोड़ेंगे, साथ ही जानेंगे कि सिया ने शादी से मना करने की जगह सीधे हत्या क्यों कर दी… पुणे पुलिस को घटना के अगले दिन, यानी 19 जून को 340 फीट गहरी खाई से केतन का शव मिला। लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ की रिपोर्ट दर्ज की गई। 20 जून को केतन का अंतिम संस्कार हो गया, लेकिन आगे के घटनाक्रम में पुलिस को 4 बड़े सुराग मिले… पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रेकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून के दिन वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार एक शख्स दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी। यानी दोनों रोजाना करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। चौथा सुरागः हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद पुलिस को शक था कि किले के CCTV फुटेज में हुडी वाला लड़का चेतन है। हालांकि 18 जून के दिन चेतन के फोन की लोकेशन निकाली गई, तो वो पुणे में उसके ऑफिस की मिली। चेतन के फोन रिकॉर्ड में पुलिस को एक और अजीब चीज मिली। 18 जून को उसके फोन पर कॉल्स तो आ रहे थे, लेकिन उसका इंटरनेट पूरे दिन बंद था। पुलिस पूछताछ के लिए चेतन के ऑफिस पहुंची, तो उसने कहा कि 18 जून को वो ऑफिस में ही था। हालांकि पूछताछ में ऑफिस के एक कमर्चारी ने बताया कि चेतन 18 जून को उसका फोन लेकर गया था। इस नंबर की लोकेशन खंगाली गई, तो पता चला 18 जून को कर्मचारी वाला फोन लोहागढ़ किले में ही था। इससे तस्वीर साफ होने लगी। 22 जून को पुलिस ने चेतन को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन सिया को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस और केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, सिया ने 18 जून के पहले भी दो बार केतन को पहाड़ी पर ले जाकर उसकी हत्या करने का प्लान बनाया था। तीसरी बार में वो कामयाब हो गई। ये पूरी कहानी 11 फरवरी 2026 को केतन और सिया की सगाई के बाद शुरू हुई… 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दे दिया पुलिस के मुताबिक, केतन की हत्या के पीछे सिया का मोटिव उससे शादी से बचना था। दरअसल, विशाल अग्रवाल की पुणे में ‘सक्सेस ग्रुप’ नाम से रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। केतन ने 2023 में अमेरिका के बैबसन कॉलेज से एंटरप्रेन्योरियल स्टडीज में 'मास्टर ऑफ साइंस' किया। उसके बाद सक्सेस ग्रुप में डायरेक्टर के बतौर काम शुरू कर दिया। वहीं सिया कॉमर्स की स्टूडेंट है। पिता पुणे के बड़े मसाला कारोबारी हैं। सिया और केतन के पिता 35 साल से एक-दूसरे को जानते थे। इसलिए दोनों परिवारों ने केतन और सिया की शादी तय कर दी। 11 फरवरी को सगाई हुई और 25 नवंबर को जयपुर के एक पैलेस में 17 करोड़ रुपए के खर्च से दोनों की शादी होनी थी। दोनों परिवारों के पहुंचने के लिए 2 चार्टर्ड प्लेन भी बुक थे। इधर सिया 4 साल से चेतन के संपर्क में थी। चेतन के पिता बाबू लाल चौधरी भी पुणे के बड़े कारोबारी हैं। संदीप सिंह गिल के मुताबिक, दोनों के बीच एक साल से प्रेम संबंध था। इसलिए सिया केतन के साथ शादी से बचना चाहती थी। इसी पैटर्न पर पिछले दिनों 2 और हत्याएं भी हुईं... पार्टनर से पीछा छुड़ाने के लिए सीधे हत्या पर आमादा हो जाने का ये पैटर्न जितना सीधा दिखता है, उतना है नहीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे 3 अहम साइकोलॉजिकल वजहें हैं… 1. कोई और आसान रास्ता न दिखना: दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल की कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट डॉ. रोमा कहती हैं कि समाज में समग्र रूप से आपराधिकता बढ़ रही है। युवा बिना परिणाम सोचे एक घातक प्लान बना लेते हैं। उन्हें लगता है कि यही अकेला और आसान रास्ता है। अपने तय टारगेट्स को पूरा करने के लिए वो सही-गलत सोचे बिना अपराध कर जाते हैं। क्राइम के समय वो खुद को सेफ करने का प्लान तो बनाते हैं, लेकिन ये नहीं सोचते कि वो दूसरे का भी बुरा कर रहे हैं। 2. पुराना और अनसुलझा ट्रॉमा: दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट राशि सहाय के मुताबिक, ‘ऐसी हत्याएं अक्सर किसी पुराने अनसुलझे ट्रॉमा, यानी मानसिक आघात, किसी अधूरी भावनात्मक जरूरत के लिए या खुद की वैल्यू और पहचान न होने की सोच के चलते होती हैं। ये सोच अचानक नहीं, धीरे-धीरे पनपती है।’ 3. तुरंत सजा देने का इरादा: क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. कृति भार्गव के मुताबिक, लोगों को लगता है कि वे हत्या करके अपने दुश्मन को तुरंत सजा दे रहे हैं और इससे उन्हें तुरंत संतुष्टि मिल जाएगी। हिंसा से दूर रहने के लिए इमोशनल मैच्योरिटी की जरूरत होती है और ज्यादातर लोगों में ये नहीं होती। डॉ. कृति भार्गव के मुताबिक, ‘महिलाओं और पुरुषों में हत्या के मोटिव अलग हो सकते हैं। हमेशा नहीं लेकिन आमतौर पर पुरुष ताकत दिखाने, हक जताने या अपमान का बदला लेने के लिए हत्या करते हैं। वहीं महिलाएं खतरा महसूस होने पर, हताश होने पर या लंबे समय से अत्याचार सहने पर हत्याएं करती हैं।’ --------- ये खबर भी पढ़िए… CM विजय, गृहमंत्री शाह से मुलाकात, सैन्य कमांड का दौरा; ट्रम्प के दूत सर्जियो गोर आखिर भारत में कर क्या रहे हैं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 22 जून को तमिलनाडु के सीएम विजय थलापति से मिलने चेन्नई पहुंच गए। उससे 4 दिन पहले, 18 जून को गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। 6 महीने में 6 मुख्यमंत्रियों से मिले। दिल्ली के उपराज्यपाल और राजस्थान की डिप्टी सीएम तक से मीटिंग की। भारतीय सेना के पश्चिमी कमान हेडक्वार्टर के दौरे पर तो हंगामा भी हुआ था। पूरी खबर पढ़िए…
Boss Scam Alert: WhatsApp पर आए ऐसा मैसेज तो भूलकर भी न खोलें फाइल, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
अगर आपके पास किसी बड़े अधिकारी, बॉस, सरकारी विभाग या कंपनी के नाम से WhatsApp या ईमेल पर कोई जरूरी संदेश आता है, तो सतर्क हो जाइए। गृह मंत्रालय (MHA) ने देशभर के नागरिकों और संस्थानों को तेजी से बढ़ रहे एक नए साइबर फ्रॉड 'बॉस स्कैम' (Boss Scam) को लेकर चेतावनी जारी की है। ALSO READ: Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का तांडव, 24 घंटे में 340 मिमी बारिश, सड़कें डूबीं, ट्रेनें प्रभावित, IMD ने जारी की चेतावनी सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, साइबर अपराधी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स, सीईओ और आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग भरोसेमंद व्यक्ति या संस्थान बनकर WhatsApp और ईमेल के जरिए मैसेज भेजते हैं और फिर लोगों के डिवाइस में खतरनाक मालवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी क्या है Boss Scam? इस स्कैम में साइबर अपराधी किसी वरिष्ठ अधिकारी, बॉस, सरकारी एजेंसी या प्रतिष्ठित संस्था की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। पीड़ित को ऐसा संदेश भेजा जाता है जो देखने में पूरी तरह असली लगता है। मैसेज में अक्सर कोई फाइल डाउनलोड करने या अटैचमेंट खोलने के लिए कहा जाता है। जैसे ही यूजर उस फाइल को खोलता है, उसके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे ठग लोगों की जल्दबाजी, भरोसे और घबराहट का फायदा उठाते हैं। इसलिए कोई भी फाइल खोलने, लिंक पर क्लिक करने या पैसा भेजने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े वित्तीय नुकसान और डेटा चोरी से बचा सकती है। ALSO READ: Electric Scooters : भारत के 10 सबसे शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, दमदार रेंज, स्मार्ट फीचर्स और किफायती कीमत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन इन फाइलों से रहें सावधान अगर किसी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से आपको ये फाइलें मिलती हैं, तो उन्हें बिल्कुल न खोलें- .zip .exe .dll ये फाइलें आपके कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल में वायरस या मालवेयर इंस्टॉल कर सकती हैं। क्या-क्या नुकसान हो सकता है? गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने बताया है कि मालवेयर इंस्टॉल होने के बाद साइबर अपराधी: आपका WhatsApp अकाउंट अपने कब्जे में ले सकते हैं। WhatsApp Web का एक्सेस हासिल कर सकते हैं। बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम तक पहुंच बना सकते हैं। आपकी निजी बातचीत पढ़ सकते हैं। संवेदनशील दस्तावेज और कॉर्पोरेट डेटा चुरा सकते हैं। बिना अनुमति के वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं। बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। कैसे बचें Boss Scam से? I4C ने नागरिकों और संस्थानों के लिए कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय बताए हैं: किसी भी संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें। अटैचमेंट डाउनलोड करने से पहले भेजने वाले की पहचान जरूर सत्यापित करें। सरकारी विभाग या नियामक संस्था के नाम से आए संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट में एंटीवायरस एवं सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर अपडेट रखें। WhatsApp Web की Active Sessions नियमित रूप से जांचें। किसी भी अनजान डिवाइस को तुरंत लॉगआउट करें। पैसे ट्रांसफर करने या वित्तीय मंजूरी से जुड़े किसी भी जरूरी अनुरोध की फोन कॉल या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करें। Edited by : Sudhir Sharma
'मिर्जापुर: द मूवी' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कल होने वाले फिल्म के टीजर लॉन्च से पहले, मेकर्स ने फर्स्ट-लुक्स कैरेक्टर पोस्टर्स की एक सीरीज जारी की है, जिसमें आइकॉनिक गद्दी, मुन्ना भैया, गुड्डू भैया और कालीन भैया नजर आ रहे हैं। गद्दी है तो हम हैं के संदेश के साथ, ये पोस्टर्स उस पावर, विरासत और दुश्मनी की याद दिलाते हैं जिसने मिर्जापुर की दुनिया को पहचान दी है, और इसने फैन्स के बीच तुरंत एक्साइटमेंट बढ़ा दी है। ALSO READ: 'मिर्जापुर: द मूवी' के नए पोस्टर ने बढ़ाई हलचल, इस दिन रिलीज होगा धमाकेदार टीजर इस खुलासे ने इंटरनेट पर अभी से ही बज पैदा कर दिया है, जहां दर्शक मिर्जापुर की दुनिया को याद कर रहे हैं और कयास लगा रहे हैं कि इसके बड़े पर्दे वाले चैप्टर में क्या होने वाला है। कल आने वाले टीज़र के साथ, यह उत्सुकता और ज्यादा बढ़ने वाली है। A post shared by Excel Entertainment (@excelmovies) सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए, मेकर्स ने पंकज त्रिपाठी यानी कालीन भैया का फर्स्ट-लुक कैरेक्टर पोस्टर रिलीज किया और लिखा, जो आया है, वह जाएगा भी, बस मर्जी कालीन भैया की होगी। आपका स्वागत करते हैं बड़े पर्दे पर। #MirzapurTheMovie, टीज़र कल दोपहर 12 बजे आ रहा है। रिमाइंडर सेट कर लें और सबसे पहले टीज़र देखें। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें A post shared by Excel Entertainment (@excelmovies) मेकर्स ने अली फज़ल यानी गुड्डू भैया का फर्स्ट-लुक कैरेक्टर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, शुरू मजबूरी में किए थे, अब मजा आ रहा है। गुड्डू भैया आ रहे हैं बड़े पर्दे पर, तैयार हैं ना? #MirzapurTheMovie, टीज़र कल दोपहर 12 बजे आ रहा है। रिमाइंडर सेट कर लें और सबसे पहले टीज़र देखें। A post shared by Excel Entertainment (@excelmovies) दिव्येंदु यानी मुन्ना भैया का फर्स्ट-लुक कैरेक्टर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, हिंदी फिलम के हीरो हैं हम, कहा था ना, हम अमर हैं। मुन्ना भैया का भौकाल, अब बड़े पर्दे पर। #MirzapurTheMovie, टीज़र कल दोपहर 12 बजे आ रहा है। रिमाइंडर सेट कर लें और सबसे पहले टीज़र देखें। देखिए #MirzapurTheMovie सिर्फ सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में। अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड, 'मिर्जापुर: द मूवी' गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा रिटेन और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रोड्यूस्ड है। यह फिल्म कासिम जगमागिया और विशाल रामचंद्रनी द्वारा को-प्रोड्यूस्ड है, फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है और 4 सितंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर
July Masik Rashifal: जुलाई 2026 का यह महीना अंतरिक्ष में ग्रहों की भारी उथल-पुथल गवाह बनने जा रहा है। इस महीने शुक्र, सूर्य और बुध की चाल बदलेगी, तो वहीं शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे। ग्रहों के इस बड़े फेरबदल का सीधा असर आपके करियर, लव लाइफ और जेब पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का संक्षिप्त और सटीक भविष्यफल। मेष राशि: महीने की शुरुआत धमाकेदार आत्मविश्वास के साथ होगी। हालांकि, 16 जुलाई के बाद घरेलू शांति और बजट डगमगा सकता है। निवेश में जल्दबाजी न करें, राहु की कृपा से अचानक लाभ के योग भी बनेंगे। वृषभ राशि: 16 जुलाई के बाद आपका गोल्डन पीरियड शुरू होगा; साहस और पराक्रम से रुके काम बनेंगे। गुस्सा काबू में रखें। महीने का उत्तरार्ध पारिवारिक सुख-सुविधाएं और आर्थिक स्थिरता लेकर आ रहा है। मिथुन राशि: शुरुआती आर्थिक और पारिवारिक तनाव 16 जुलाई के बाद छूमंतर हो जाएगा। कार्यक्षेत्र में अचानक नए मौके मिलेंगे। वाणी पर संयम रखें और स्वास्थ्य को लेकर लापरवाह न हों। कर्क राशि: उतार-चढ़ाव से भरा मिला-जुला महीना है। आमदनी के नए स्रोत तो खुलेंगे, लेकिन कन्फ्यूजन और गलत फैसलों के कारण हाथ आए मौके निकल सकते हैं। धैर्य से काम लें। सिंह राशि: 16 जुलाई तक करियर में बेहतरीन तरक्की और मान-सम्मान मिलेगा, लेकिन उसके बाद खर्चों में भारी बढ़ोतरी होगी। सूझबूझ और सही प्लानिंग से आप इस महीने को बेहतर बना सकते हैं। कन्या राशि: यह महीना आपके लिए तरक्की के नए दरवाजे खोलेगा। सूर्य और गुरु की जुगलबंदी से करियर में बड़ी सफलता और धन लाभ के प्रबल योग हैं। रिश्तों में थोड़ा संभलकर चलें। तुला राशि: करियर के लिहाज से यह महीना शानदार रहने वाला है, उच्च पद और स्थिरता मिलेगी। हालांकि, आठवें मंगल के कारण दुर्घटना या अचानक आने वाली रुकावटों से सतर्क रहें। वृश्चिक राशि: ग्रहों की चाल इस महीने आपको 'रोलर-कोस्टर राइड' पर ले जाएगी। साझेदारी और लव लाइफ में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। 16 जुलाई के बाद भाग्य का साथ मिलना शुरू होगा। धनु राशि: शत्रुओं और प्रतियोगियों पर आपकी जीत पक्की है। महीने का पहला भाग अच्छा है, लेकिन 16 जुलाई के बाद सेहत और बजट का ध्यान रखें। भाग्य का साथ धीरे-धीरे मिलेगा। मकर राशि: 16 जुलाई तक का समय आपके लिए बेहद शानदार है। गुरु की शुभ दृष्टि से अटके काम पूरे होंगे और मेहनत का मीठा फल मिलेगा। महीने के अंत में सेहत का ख्याल रखें। कुंभ राशि: महीने की शुरुआत थोड़ी सुस्त और कमजोर रह सकती है, विशेषकर घरेलू मामलों में तनाव रहेगा। हालांकि, 16 जुलाई के बाद स्थितियां आपके नियंत्रण में आने लगेंगी। मीन राशि: इस महीने आपके सितारे बुलंद हैं! पराक्रम भाव का मंगल और उच्च के गुरु आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएंगे। करियर और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बस आलस्य से बचें।
'तारक मेहता' के बाघा पर टूटा दुखों का पहाड़, तन्मय वेकारिया के पिता का निधन
Photo Credit : X फेमस कॉमेडी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। तन्मय के पिता मशहूर गुजराती एक्टर अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। उनके निधन की जानकारी CINTAA ने दी है। अरविंद वेकारिया के निधन की खबर मिलते ही पूरी गुजराती फिल्म इंडस्ट्री और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अरविंद अभिनय की दुनिया का एक जाना-माना और प्रतिष्ठित नाम थे। उन्होंने गुजराती थिएटर और सिनेमा को कई दशक समर्पित किए। अरविंद वेकारिया को मुख्य रूप से कौटुंबिक और हास्य प्रधान नाटकों का मास्टर माना जाता था। उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि कई बेहतरीन नाटकों का सफल निर्देशन भी किया। #cintaa expresses its condolences on the demise of senior actor and theatre personality Mr. Arvind Vekaria #cintaa #condolence #restinpeace #rip pic.twitter.com/7ZKtbaZzaU — CINTAA_Official (@CintaaOfficial) June 24, 2026 अरविंद वेकारिया को गुजराती फिल्मों जैसे 'यशोदा' और 'छानू चमकलो' में उनके बेहतरीन किरदारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इसके अलावा वह 'रुपियों नाच नचावे' जैसी मशहूर फिल्म में भी नजर आए थे। सिद्धार्थ रांदेरिया जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ उनका नाटक 'अजब करामत' सुपरहिट रहा था, वहीं 'घर घर की बात' नाटक में उनके अभिनय और निर्देशन दोनों को खूब सराहा गया था। ALSO READ: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में आएगा 10 साल का महा-लीप, जेल से लौटेंगी तुलसी 'तारक मेहता' में निभाया था यादगार रोल 90 के दशक के बच्चों के पसंदीदा और भारत के पहले सुपरहीरो शो 'शक्तिमान' में भी अरविंद वेकारिया नजर आ चुके थे। इसके साथ ही, उन्होंने 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में एक बेहद दिलचस्प गेस्ट अपीयरेंस दी थी। शो के एक पुराने और लोकप्रिय एपिसोड में जब आत्माराम तुकाराम भिड़े को पैसो की सख्त जरूरत होती है, तब वह अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए एक सोनार की दुकान पर जाते हैं। उस सोनार की भूमिका किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अरविंद वेकारिया ने ही निभाई थी। कुछ दिन पहले ही सेट पर भावुक हुए थे तन्मय बीते दिनों सोशल मीडिया 'तारक मेहता' के सेट से तन्मय वेकारिया का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह शूटिंग के दौरान अचानक फूट-फूटकर रोने लगे थे, जिसके बाद मेकर्स को कुछ समय के लिए शूटिंग रोकनी पड़ी थी। दरअसल, शो में इन दिनों बाघा और बावरी की लव स्टोरी का ट्रैक चल रहा है, जिसे दर्शक काफी प्यार दे रहे हैं। कैमरा रोल होते ही तन्मय को अपनी दिवंगत मां की याद आ गई, जो उन्हें 'बाघा' के किरदार में देखने के लिए हमेशा उत्सुक रहती थीं। उस दौरान तन्मय अपने पिता की बिगड़ती सेहत को लेकर भी काफी चिंतित और भावुक नजर आए थे। सेट पर मौजूद शो के निर्माता असित कुमार मोदी, नट्टू काका और बावरी का किरदार निभाने वाले कलाकारों ने तन्मय को ढांढस बंधाया था। तन्मय वेकारिया के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन और झकझोर देने वाला है। अभी कुछ ही समय पहले यानी अक्टूबर 2025 में उनकी माता जी का निधन हुआ था। माता के जाने के गम से तन्मय अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब पिता का साया भी उनके सिर से उठ गया है। कुछ ही महीनों के भीतर माता-पिता दोनों को खो देना किसी भी बेटे के लिए सबसे बड़ा जीवन-आघात है।
गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान
अमृतसर/नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया का एक विमान सोमवार रात गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया, हालांकि इसका एहसास होते ही वह तुरंत वापस भारतीय सीमा में लौट आया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया कि 22 जून को उड़ान संख्या […] The post गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान appeared first on Sabguru News .
धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त एवं अधिशासी अभियंता गुमान सिंह सैनी को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कथित रिश्वतखोरी के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने यह कार्रवाई की है। परिषद […] The post धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर युवक से लाखों रुपए ऐंठे
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के फेफाना थाना क्षेत्र में एक युवक को उसकी कृत्रिम बुद्धमत्ता (एआई) से बनाई गई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो डिलीट करवाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग करके लाखों रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पीड़ित युवक ने मंगलवार देर शाम मामला दर्ज कराते […] The post हनुमानगढ़ में एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर युवक से लाखों रुपए ऐंठे appeared first on Sabguru News .
Muharram 2026: मुहर्रम की 10वीं तारीख क्यों है खास? जानिए यौम-ए-अशुरा की पूरी कहानी
Martyrdom of Imam Hussain: मोहर्रम/ मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी सन) का पहला महीना है, और इस महीने की 10वीं तारीख को 'यौम-ए-आशूरा' (Yoom-e-Ashura) कहा जाता है। यह दिन पूरी दुनिया के मुसलमानों, विशेषकर शिया समुदाय के लिए बेहद भावुक, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। यह दिन विशेष रूप से इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में दी गई महान शहादत की याद दिलाता है। यह कोई खुशी या जश्न का त्योहार नहीं है, बल्कि यह शहादत, हक (सच्चाई) और सब्र (धैर्य) का प्रतीक है। ALSO READ: Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें आइए जानते हैं कि यह दिन इतना खास क्यों है और इसकी पूरी कहानी क्या है... यौम-ए-आशूरा की ऐतिहासिक कहानी (कर्बला का युद्ध) यौम-ए-आशूरा का सीधा संबंध आज से लगभग 1400 साल पहले इराक के 'कर्बला' के मैदान में हुई एक ऐतिहासिक और दर्दनाक घटना से है। यह कहानी है इस्लाम के आखिरी नबी (पैगंबर) हजरत मोहम्मद साहब के नवासे (नाती) हजरत इमाम हुसैन की। 1. यजीद का जुल्म और इमाम हुसैन का इंकार उस दौर में सीरिया का शासक यजीद था, जो एक क्रूर, अत्याचारी और भ्रष्ट राजा था। वह खुद को खलीफा/ इस्लामिक शासक घोषित कर चुका था और चाहता था कि इमाम हुसैन उसके शासन और उसकी गलत नीतियों को अपनी मान्यता दे दें। इमाम हुसैन जानते थे कि अगर उन्होंने यजीद के सामने सिर झुका दिया, तो इस्लाम के मूल सिद्धांत- न्याय, दया और सच्चाई हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। इसलिए उन्होंने यजीद की अधीनता स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया। 2. कर्बला की घेराबंदी यजीद के अत्याचारों से बचने और शांति बनाए रखने के लिए इमाम हुसैन अपने परिवार- जिसमें छोटे बच्चे और महिलाएं शामिल थीं और कुछ वफादार साथियों के साथ मदीना छोड़ चुके थे। सफर के दौरान यजीद की विशाल फौज ने उन्हें इराक के कर्बला के तपते रेगिस्तान में घेर लिया। पानी पर रोक : मुहर्रम की 7वीं तारीख को यजीद की फौज ने इमाम हुसैन के खेमे के लिए फरात नदी का पानी बंद कर दिया। तपती धूप, भूख और भयंकर प्यास के बावजूद इमाम हुसैन और उनके साथियों ने यजीद के क्रूर शासन के आगे घुटने नहीं टेके। 3. 10वें मुहर्रम की महा-शहादत (आशूरा) मुहर्रम की 10वीं तारीख को यजीद की हजारों की सेना और इमाम हुसैन के महज 72 साथियों के बीच युद्ध हुआ। यह युद्ध सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सिद्धांतों की रक्षा के लिए था। एक-एक करके इमाम हुसैन के भाई, बेटे, भतीजे और साथी शहीद होते गए। यहां तक कि उनके 6 महीने के मासूम बेटे हजरत अली असगर को भी यजीद की फौज ने प्यासा ही तीर से शहीद कर दिया। अंत में, 10वें मुहर्रम के दिन अस्र (शाम) की नमाज के वक्त इमाम हुसैन का भी बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कहावत है: 'कत्ल-ए-हुसैन असल में मर्ग-ए-यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर करबला के बाद।' - अर्थात: हुसैन की शहादत ने यजीद के क्रूर तंत्र को हमेशा के लिए वैचारिक रूप से मार दिया और इस्लाम के सच्चे मूल्यों को जीवित रखा। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
ग्लोबल स्टार उर्वशी रौतेला ने अपनी शानदार लाइफस्टाइल में एक और बेहतरीन चीज शामिल करके दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खबर है कि उर्वशी ने एक नहीं, बल्कि दो बेहद खास बुगाटी टर्बिलॉन हाइपरकार खरीदी हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 90 करोड़ रुपए है। इस शानदार खरीदारी के साथ, उर्वशी दुनिया भर की उन मशहूर हस्तियों और स्पोर्ट्स आइकन के खास ग्रुप में शामिल हो गई हैं, जिन्हें अनोखी और बेहतरीन कारें पसंद हैं। इस ग्रुप में क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार जूनियर और ड्रेक जैसे नाम शामिल हैं। ALSO READ: 'वेलकम टू द जंगल' का नया धमाका, अक्षय कुमार की आवाज में रिलीज हुआ 'तेरा पैसा मेरा पैसा' A post shared by Urvashi Rautela (@urvashirautela) बुगाटी टर्बिलॉन को अब तक की सबसे एडवांस्ड और खास हाइपरकार में से एक माना जाता है। यह इंजीनियरिंग, लग्ज़री और रुतबे का बेहतरीन नमूना है, इसलिए दुनिया के सबसे अमीर लोग इसे पाना चाहते हैं। बुगाटी टर्बिलॉन हाइपरकार की खरीदारी को उर्वशी के बढ़ते ग्लोबल रुतबे और शानदार सफलता का एक और सबूत माना जा रहा है। यह गाड़ी अपने आप में खास है; दुनिया भर में इसकी बहुत कम संख्या में ही बनने की उम्मीद है, इसलिए इसका मालिक बनना कुछ चुनिंदा लोगों के लिए ही संभव है। A post shared by Urvashi Rautela (@urvashirautela) जैसे-जैसे उर्वशी एंटरटेनमेंट, फ़ैशन और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन के ज़रिए अपनी ग्लोबल पहचान बढ़ा रही हैं, यह नई उपलब्धि दुनिया की सबसे जानी-मानी और प्रभावशाली हस्तियों में उनकी जगह को और मज़बूत करती है। रेड कार्पेट से लेकर लग्ज़री कलेक्शन तक, और फ़िल्मों में कामयाबी से लेकर अंतरराष्ट्रीय पहचान तक, उर्वशी रौतेला लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वे बेहतरीन जीवन जीते हुए लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। खबरों के मुताबिक, उनके कलेक्शन में अब दो बुगाटी टूरबिलॉन हाइपरकारें शामिल हो गई हैं। इससे उर्वशी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन ग्लोबल सुपरस्टार्स की श्रेणी में आती हैं जो दुनिया भर के मंच पर लग्ज़री, महत्वाकांक्षा और सफलता की नई परिभाषा गढ़ते हैं।
बुध का शत्रु राशि में गोचर: 3 राशियों को रहना होगा सतर्क, बढ़ सकती हैं परेशानियां
22 जून 2026 को बुध ग्रह अपनी खुद की राशि मिथुन से निकलकर शत्रु चंद्र की राशि कर्क राशि में प्रवेश कर गए हैं जहां वे 7 जुलाई तक रहकर वृषभ, कर्क, कन्या और तुला राशि को लाभ देंगे लेकिन सिंह, वृश्चिक और धनु राशि के लोगों को सतर्क रहना होगा। ALSO READ: मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क सिंह राशि (Leo) आपकी राशि से बारहवें भाव में बुध का आना खर्चों की बाढ़ ला सकता है। इसलिए बजट बनाकर चलना ही इस समय सबसे बड़ी समझदारी होगी। बिजनेस के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, जो आगे चलकर फायदेमंद साबित होंगी। कार्यक्षेत्र में आप अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाएंगे, जिसका इनाम आने वाले वक्त में मिलेगा। परिवार के किसी सदस्य के विदेश जाने के योग बन सकते हैं। इस दौरान फालतू के वाद-विवाद से खुद को दूर रखें, वरना आपकी ऊर्जा बेकार की उलझनों में नष्ट हो जाएगी। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग वृश्चिक राशि (Scorpio) बुध आपकी राशि से नौवें भाव यानी भाग्य स्थान में गोचर करेंगे। यह समय आपके जीवन में मिले-जुले नतीजे लेकर आ रहा है, जहाँ कुछ चुनौतियों के साथ अचानक बड़े लाभ भी मिलेंगे। आर्थिक उन्नति के लिए आपको लगातार प्रयास करने होंगे। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, उनकी यह इच्छा इस दौरान पूरी हो सकती है। माता जी की सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए उनकी देखभाल में कमी न छोड़ें। इस अवधि में आपका रुझान धर्म-कर्म और अध्यात्म की तरफ ज्यादा रहेगा। धनु राशि (Sagittarius) आपकी राशि से आठवें भाव में बुध का गोचर सेहत के मामले में थोड़ा संभलकर रहने की चेतावनी दे रहा है। अपनी लाइफस्टाइल को अनुशासित रखें। पिता के कामकाज या धन से जुड़े मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है, लेकिन इस वक्त उनका साथ देने से आपका सम्मान बढ़ेगा। इस दौरान आपका झुकाव रहस्यमयी विद्याओं या ज्योतिष की तरफ बढ़ सकता है। शादीशुदा जिंदगी में छोटी-मोटी बातों पर तकरार हो सकती है। रिश्तों को बचाने के लिए धैर्य और समझदारी से काम लें, गुस्से को खुद पर हावी न होने दें। ALSO READ: राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान
'राणाबाली' का क्लाइमेक्स होगा सबसे बड़ा हाईलाइट, 16 दिन तक चला विजय देवरकोंडा-अर्नोल्ड वोस्लू का शूट
एक्टर विजय देवरकोंडा की आने वाली फिल्म 'राणाबाली' ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोर ली हैं, क्योंकि 'द ममी' के विलेन अर्नोल्ड वोस्लू इस प्रोजेक्ट में विलेन के रूप में शामिल हुए हैं। डायरेक्टर राहुल संक्रित्यन ने माना कि इस हॉलीवुड एक्टर से मिलना उनके लिए एक बड़ा 'स्टार-स्ट्रक' (किसी बड़े स्टार को देखकर हैरान रह जाने वाला) मोमेंट था। यह कास्टिंग कैसे मुमकिन हुई, इस बारे में बात करते हुए राहुल, जिन्होंने हाल ही में फिल्म से अर्नोल्ड का लुक जारी किया है, कहते हैं, हम जानते थे कि हमें इस रोल के लिए एक दमदार हॉलीवुड एक्टर की जरूरत है, जो कि एक असली किरदार से प्रेरित है। इसलिए हमने इस रोल के लिए कई एजेंसियों से संपर्क किया। हम अर्नोल्ड को लेने के लिए बहुत उत्सुक थे क्योंकि 'द ममी' में उनका काम भारत में बहुत मशहूर है और यह दर्शकों के लिए एक मजबूत नॉस्टेल्जिया फैक्टर भी जोड़ता है। ALSO READ: पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद अलका याग्निक का भावुक पोस्ट, बयां किया बीते दो साल का दर्द फिल्ममेकर आगे कहते हैं, मेरे लिए भी यह निश्चित रूप से एक स्टार-स्ट्रक होने वाला पल था क्योंकि हम इतने लंबे समय से उनकी फिल्में देखते आ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह भावना फिल्म प्रेमियों को भी पसंद आएगी। हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी 'द ममी' में प्राचीन मिस्र के महापुजारी 'इमहोटेप' का आइकॉनिक रोल निभाने वाले अर्नोल्ड ने भी भारतीय सिनेमा के बारे में अपनी कुछ राय रखी, जब राहुल उनसे पहली बार मिले थे। A post shared by Rahul Sankrityan (@rahulsankrityan) राहुल बताते हैं, वह भारतीय सिनेमा के बारे में बहुत डिटेल में नहीं जानते थे, लेकिन उन्हें कुछ फिल्मों के बारे में पता था। उन्होंने 'आरआरआर' के बारे में बात की क्योंकि वह एक ऑस्कर-विजेता फिल्म है और पश्चिम के लोग इसके बारे में जानते हैं। उन्होंने भारतीय फिल्ममेकिंग स्टाइल की तारीफ करते हुए कहा कि हम कितनी बेहतरीन फिल्में बनाते हैं, भले ही कभी-कभी हमारे पास रिसोर्सेज सीमित हों। अर्नोल्ड ने इस फिल्म की शूटिंग के लिए साल 2025 के दूसरे हिस्से से लेकर इस साल की शुरुआत तक, भारत में लगभग छह महीने बिताए। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग हैदराबाद में हुई, जहाँ इस एक्टर ने अपने खाली समय में शहर को भी करीब से जाना। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें राहुल आगे बताते हैं, हैदराबाद में अर्नोल्ड के कुछ दोस्त थे और शूटिंग शेड्यूल के बीच में वह शहर घूमने निकल जाते थे। उन्हें शहर का मौसम बहुत पसंद आया और उन्होंने वहाँ के कई स्थानीय मंदिरों के दर्शन भी किए। विजय देवरकोंडा और अर्नोल्ड के बीच के एक खास एक्शन सीक्वेंस पर बात करते हुए फिल्ममेकर कहते हैं, फिल्म का क्लाइमेक्स सीन इस फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट है। इसे शूट करने में हमें 16 दिन लगे और इस सीन का ड्रामा और दोनों की केमिस्ट्री कमाल की है। 'राणाबाली' भारत के इतिहास के कुछ कम जाने-पहचाने अध्यायों से प्रेरित एक भव्य ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा है, जो औपनिवेशिक काल (ब्रिटिश दौर) की पृष्ठभूमि पर आधारित है। विजय देवरकोंडा इस फिल्म में एक निडर योद्धा के रूप में लीड रोल निभा रहे हैं, जबकि रश्मिका मंदाना उनकी पत्नी 'जयम्मा' के किरदार में नजर आएंगी। 'राणाबाली' 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग
18 जून 2026 गुरुवार को ज्योतिष की दृष्टि से एक अत्यंत दुर्लभ और महाशुभ संयोग बना जिसके चलते 18 अगस्त तक का समय 3 राशियों के लिए बेहद ही शुभ समय रहेगा। इस दौरान आप इस समय का भरपूर लाभ लेने के लिए गुरु के उपाय के साथ ही अपने अटके कार्यों पर काम करना शुरू करें और जो भी योजनाएं बना रखी है उस पर भी काम शुरू कर दें। 1. कर्क राशि (Cancer) गुरु आपकी ही राशि के लग्न भाव में उच्च के होकर पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। प्रभाव: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपके मान-सम्मान में भारी वृद्धि होगी, मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां खत्म होंगी और अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे। ALSO READ: 12 वर्षों के बाद बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्य नक्षत्र में गोचर, तुरंत करें 5 उपाय 2. कन्या राशि (Virgo) आपके ग्यारहवें भाव (आय भाव) में यह गोचर होने जा रहा है, जो आर्थिक समृद्धि का संकेत है। प्रभाव: आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) की संभावनाएं बनेंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) यह गोचर आपके भाग्य स्थान (नौवें भाव) को प्रभावित करेगा। प्रभाव: किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जो काम पिछले कई महीनों से रुके हुए थे, वे अचानक गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। उच्च शिक्षा या विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सफलता मिलेगी। ALSO READ: देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, करियर-धन पर पड़ सकता है असर
पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद अलका याग्निक का भावुक पोस्ट, बयां किया बीते दो साल का दर्द
मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक को राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मु ने 'पद्म भूषण 2026' से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामयी नागरिक अलंकरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने उन्हें देश के इस तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा। इस ऐतिहासिक पल के बाद जहां देश भर के संगीत प्रेमी बेहद खुश हैं, वहीं समारोह के दौरान उनके कमजोर शरीर और सहायक के सहारे चलने के वीडियो ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों को चिंतित कर दिया। इसके तुरंत बाद अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक और प्रेरक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने न केवल इस सम्मान के लिए आभार जताया बल्कि अपनी सेहत को लेकर भी बड़ी बात कही। #WATCH | Delhi | Eminent playback singer Alka Yagnik conferred with Padma Bhushan by President Droupadi Murmu (Video source: Rashtrapati Bhavan) pic.twitter.com/ui2U9koEMy — ANI (@ANI) June 23, 2026 पद्म भूषण मिलने पर हुईं भावुक, प्रशंसकों को समर्पित किया अवॉर्ड अलका याग्निक ने राष्ट्रपति भवन की अपनी तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा कि यह सम्मान केवल उनके नाम पर हो सकता है, लेकिन असल में यह उन लाखों श्रोताओं का है जिन्होंने पीढ़ियों से उनके गानों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। ALSO READ: प्रकाश राज पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, बेंगलुरु कोर्ट ने जारी किया तीसरा गैर-जमानती वारंट, जानें क्या है मामला? उन्होंने लिखा, आज जब मैं पद्म भूषण लेने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह पल मेरे काम की पहचान के साथ-साथ उस ताकत की याद दिलाता है जो मुझे आपके प्यार, उम्मीद और हिम्मत से मिली है। अलका ने इस अवॉर्ड के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद किया। A post shared by Alka Yagnik (@therealalkayagnik) दो साल की मुश्किल स्वास्थ्य लड़ाई पर तोड़ी चुप्पी पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों और पब्लिक इवेंट्स से पूरी तरह दूर चल रहीं अलका याग्निक ने अपनी सेहत पर खुलकर बात की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, पिछले दो सालों से, मैं स्पॉटलाइट से और जनता के सामने आने से दूर रही हूं। आप में से बहुत से लोग जानते थे कि मैं एक कठिन स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रही हूं। इस पूरे सफर में आपका प्यार और दुआएं मेरे साथ रहीं। समारोह में उनके कमजोर दिखने पर फैंस की बढ़ती चिंताओं के बीच उन्होंने एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा, मैं धीरे-धीरे अपना रास्ता वापस ढूंढ रही हूं। मैं आज यहां केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए आना चाहती थी जो मेरी इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें गौरतलब है कि साल 2024 में अलका याग्निक ने पहली बार खुलासा किया था कि वह एक दुर्लभ कान की बीमारी 'सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस' से पीड़ित हैं। यह समस्या उन्हें एक अचानक हुए वायरल अटैक की वजह से हुई थी, जिसके बाद फ्लाइट से उतरते समय उनकी सुनने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी। इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति के कारण वह पिछले दो सालों से संगीत रिकॉर्डिंग और लाइव शो से दूर हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी साझा किया था कि इस बीमारी के चलते वह संगीतकारों के कई प्रस्तावों को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं क्योंकि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हैं। इसी बीमारी के दौरान उन्होंने युवाओं को हेडफोन के अत्यधिक इस्तेमाल और बहुत तेज आवाज में संगीत सुनने से बचने की चेतावनी भी दी थी। अलका याग्निक का संगीत सफर चार दशकों से भी ज्यादा लंबा है। उन्होंने 'मोहरा' फिल्म के 'टिप टिप बरसा पानी', 'कयामत से कयामत तक' के 'ऐ मेरे हमसफर', 'हम दिल दे चुके सनम' के 'चांद छुपा बादल में' और 'तमाशा' के 'अगर तुम साथ हो' जैसे हजारों कालजयी गानों को अपनी जादुई आवाज दी है।
UN महासचिव ने AI कंपनियों से मांगा बिजली, पानी और जमीन का हिसाब
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों से अपने कार्बन उत्सर्जन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की अपील की है। उन्होंने कंपनियों से बिजली, पानी और जमीन के इस्तेमाल का हिसाब भी मांगा। लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक को ...
निर्जला एकादशी 2026: बिना पानी पिए क्यों रखा जाता है यह कठिन व्रत? जानिए भीमसेन से जुड़ी अद्भुत कथा
Bhimsen Story : सनातन धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम माना गया है। वर्ष 2026 में आने वाली निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी बताया गया है। इस व्रत की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें श्रद्धालु पूरे दिन अन्न ही नहीं, बल्कि जल का भी त्याग करते हैं। ALSO READ: निर्जला एकादशी पर दान की वस्तुएं और उनका महत्व निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन माना जाता है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली इस एकादशी में अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करना होता है, यानी सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी के सूर्योदय तक पानी की एक बूंद भी ग्रहण नहीं की जाती। वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी 25 जून 2026, दिन बृहस्पतिवार को मनाई जा रही है। आइए जानते हैं कि इस बेहद कठिन व्रत को रखने के पीछे का धार्मिक कारण क्या है और इसके पीछे भीमसेन से जुड़ी वह अद्भुत पौराणिक कथा कौन सी है। बिना पानी पिए क्यों रखा जाता है यह व्रत? हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन निर्जला एकादशी का महत्व सबसे ऊपर है। इसके पीछे मुख्य कारण इस प्रकार हैं: इंद्रियों पर नियंत्रण: भीषण गर्मी के महीने (ज्येष्ठ) में जब प्यास सबसे तीव्र होती है, उस समय जल का त्याग करना मानसिक शक्ति, आत्म-संयम और इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण को दर्शाता है। सभी एकादशियों का पुण्य: मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति साल की सभी 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाता है, तो वह केवल निर्जला एकादशी का व्रत रखकर सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त कर सकता है। मोक्ष की प्राप्ति: इस व्रत को विधि-विधान से करने पर दीर्घायु, आरोग्य और मृत्यु के पश्चात मोक्ष (विष्णु लोक) की प्राप्ति होती है। भीमसेन से जुड़ी अद्भुत कथा: क्यों कहते हैं इसे 'भीमसेनी एकादशी'? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस एकादशी का संबंध महाभारत काल के पांडु पुत्र भीमसेन से है, जिसके कारण इसे भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी भी कहा जाता है। ALSO READ: निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का मिलेगा फल, जानिए व्रत का नियम पौराणिक प्रसंग महाभारत काल में महर्षि वेदव्यास ने पांडवों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष देने वाले एकादशी व्रत का महत्व बताया। माता कुंती, युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव और द्रौपदी सभी पूरी श्रद्धा से हर महीने आने वाली दोनों एकादशियों का व्रत रखते थे। लेकिन भीमसेन के साथ एक बड़ी समस्या थी। भीम के पेट में 'वृक' नाम की अग्नि (भूख) थी, जिसके कारण उन्हें बहुत अधिक भूख लगती थी और वे भूखे नहीं रह सकते थे। जब भीम पहुंचे महर्षि व्यास के पास भूख सहन न कर पाने के कारण भीम बड़े संकट में पड़ गए। वे भगवान विष्णु की भक्ति भी करना चाहते थे और व्रत न रख पाने के कारण पाप के भागीदार भी नहीं बनना चाहते थे। तब भीमसेन महर्षि वेदव्यास के पास पहुंचे और बोले: हे पितामह! मेरे परिवार के सभी लोग एकादशी का व्रत रखते हैं और मुझे भी व्रत रखने को कहते हैं। लेकिन मैं भगवान की पूजा-अर्चना तो कर सकता हूँ, दान भी दे सकता हूं, पर भूख सहन नहीं कर सकता। क्या ऐसा कोई उपाय है जिससे मैं व्रत भी रख लूं और मुझे स्वर्ग की प्राप्ति भी हो जाए?' ALSO READ: निर्जला एकादशी के दिन करें प्रमुख रूप से ये 5 उपाय तो मिलेगा सफलता और धन समृद्धि का आशीर्वाद महर्षि व्यास का समाधान भीम की व्याकुलता देखकर महर्षि वेदव्यास ने कहा: 'हे भीम! यदि तुम वर्ष भर की सभी एकादशियां नहीं कर सकते, तो तुम केवल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की 'निर्जला एकादशी' का व्रत करो।' 'इस व्रत में आचमन (पूजा के समय तीन बूंद पानी) के अलावा अगले दिन सूर्योदय तक पानी की एक बूंद भी पेट में नहीं जानी चाहिए।' 'यदि तुम इस एक व्रत को पूरी निष्ठा से कर लेते हो, तो तुम्हें साल भर की सभी 24 एकादशियों का फल एक साथ मिल जाएगा और तुम्हें नरक नहीं जाना पड़ेगा।' भीमसेन ने पितामह की बात मानकर पूरी हिम्मत जुटाई और इस कठिन व्रत को किया। हालांकि, बिना पानी और भोजन के रहने के कारण अगले दिन सुबह तक भीम बेहोश हो गए थे, जिसके बाद गंगाजल और तुलसी दल देकर उनकी मूर्छा दूर की गई। तभी से इस एकादशी का नाम 'भीमसेनी एकादशी' पड़ गया। निर्जला एकादशी पर दान का महत्व इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। चूंकि यह व्रत तीव्र गर्मी में आता है, इसलिए इस दिन ठंडी वस्तुओं का दान सबसे उत्तम माना जाता है: - जल से भरे घड़े (कलश) का दान। - राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना और शरबत पिलाना। - हाथ के या बिजली के पंखे, छाता, तरबूज, खरबूजा, और सत्तू का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: निर्जला एकादशी: साल की सबसे बड़ी एकादशी कब है? सिर्फ एक व्रत से पाएं सभी 24 एकादशियों का पुण्य फल
'बालिका वधू' फेम आसिया काजी बनीं मां, शादी के 2 साल बाद घर आई नन्ही बेटी
मनोरंजन जगत से एक खुशखबरी सामने आई है। छोटे पर्दे की लोकप्रिय अभिनेत्री आसिया काजी मां बन गई हैं। 'बालिका वधू' और 'बंदिनी' जैसे सुपरहिट सीरियल्स में अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली आसिया के घर एक नन्ही राजकुमारी का आगमन हुआ है। शादी के लगभग दो साल बाद आसिया और उनके पति व अभिनेता गुलशन नैन के जीवन में आए इस नन्हे मेहमान ने उनके परिवार को पूरा कर दिया है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर मां बनने की गुडन्यूज शेयर की है। आसिया ने 20 जून को अपनी बेटी को जन्म दिया। A post shared by Aasiya Kazzi Nain (@aasiya_o9) इंस्टाग्राम पर एक बेहद प्यारी पोस्ट साझा करते हुए आसिया ने अपनी लाडली की पहली झलक दिखाई है। हालांकि, इस तस्वीर में बच्ची का चेहरा पूरी तरह से नजर नहीं आ रहा है, लेकिन नवजात के नन्हें हाथ, पैर और होंठों की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। ALSO READ: 'वेलकम टू द जंगल' के साथ लौटेगा फैमिली एंटरटेनमेंट का दौर, जानिए क्यों खास है फिल्म? इस तस्वीर को साझा करते हुए आसिया काजी ने कैप्शन में ईश्वर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, हमारी छोटी सी प्रिंसेस इस दुनिया में आ चुकी है। हम पर इतना बड़ा भरोसा करने के लिए ईश्वर को बहुत-बहुत शुक्रिया, हम माता-पिता के रूप में अपनी बेटी को सर्वश्रेष्ठ देने के लिए अपना बेस्ट करेंगे। A post shared by Gulshan Nainn (@gulshannain) गुलशन ने भी अपनी बेटी के जन्म के दो दिन बाद अपनी लाडली को गोद में लिए हुए एक बेहद भावुक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में एक पिता का अपनी बेटी के प्रति प्यार साफ देखा जा सकता है। तस्वीर के साथ गुलशन ने कैप्शन में लिखा, मेरी बेटी ने मुझे 'फादर्स डे' के सबसे खास तोहफे के रूप में खुद को सौंप दिया है। एक पिता के लिए इससे बढ़कर और इससे खूबसूरत एहसास दुनिया में कोई दूसरा नहीं हो सकता। 8 साल का लंबा रिलेशनशिप और शादी का सफर आसिया काजी और गुलशन नैन की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों ने एक-दूसरे को शादी के बंधन में बंधने से पहले पूरे 8 साल तक डेट किया था। चूंकि आसिया एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं और गुलशन हिंदू हैं, इसलिए शुरुआत में इस इंटरफेथ रिलेशनशिप के लिए आसिया के परिवार वाले पूरी तरह से सहमत नहीं थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आखिरकार वे अपने परिवारों को मनाने में सफल रहे। इसके बाद, नवंबर 2024 में दोनों ने एक निजी लेकिन बेहद खूबसूरत समारोह में शादी रचाई थी। अब शादी के लगभग दो साल बाद उनके घर आई इस नन्ही परी ने उनके रिश्ते और परिवार को और भी ज्यादा मजबूत और मुकम्मल बना दिया है। आसिया काजी टेलीविजन जगत का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने साल 2009 में आए इमेजिन टीवी के मशहूर शो 'बंदिनी' में 'संतु धर्मराज' का मुख्य किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद वह कलर्स टीवी के लोकप्रिय शो 'बालिका वधू' में डॉ. गंगा जगदीश सिंह के महत्वपूर्ण किरदार में नजर आईं, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
बालोतरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बालाेतरा जिले की गुड़ामालानी तहसील में सर्किल नगर भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) नारायण लाल को 20 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी बाड़मेर को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता […] The post बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नौकरी की सुरक्षा, शानदार कॉर्पोरेट लाइफ और हर महीने आने वाली मोटी सैलरी को छोड़कर अपने अनूठे सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन २३ वर्षीय भारतीय मूल की आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग बेहद जोखिम भरा और नासमझी मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता Google जैसी दिग्गज कंपनी को छोड़ना नहीं थी, बल्कि यह थी कि अगर उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों को मौका नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा।आशना की यह कहानी आज के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने स्टार्टअप के सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में फंसे रहते हैं।ग्रेजुएशन से पहले ही मिल गया था Google का बुलावाआशना दोशी जब 'जॉर्जिया टेक' (Georgia Tech) यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं, तभी फरवरी २०२४ में गूगल ने उन्हें फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी का ऑफर दे दिया था। शुरुआत में यह पोस्टिंग कैलिफोर्निया में थी, लेकिन आशना न्यूयॉर्क में रहकर अपना करियर शुरू करना चाहती थीं।उस दौर में जब नए ग्रेजुएट्स के लिए मंदी के कारण नौकरी पाना बेहद मुश्किल था, आशना ने कैलिफोर्निया का वह ऑफर ठुकरा दिया। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही महीनों बाद गूगल ने उन्हें न्यूयॉर्क स्थित ऑफिस में उनकी पसंद की भूमिका (Role) ऑफर कर दी।कोडिंग में सब अच्छा था, पर दिल पॉडकास्टिंग के लिए धड़क रहा थागूगल न्यूयार्क में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनका असली पैशन सिर्फ कंप्यूटर स्क्रीन पर कोडिंग करने तक सीमित नहीं है। उन्हें लोगों की असल कहानियां सुनना, नए इनोवेटिव विचारों पर चर्चा करना और खुद की एक पहचान बनाना ज्यादा आकर्षित करने लगा।साल २०२५ की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर 0 to 1 नाम का एक बिजनेस पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में वे बड़े उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और उनके संघर्ष की कहानियां साझा करती थीं। धीरे-धीरे यह पॉडकास्ट इतना लोकप्रिय हुआ कि एक साल के भीतर ही इसके यूट्यूब पर १ लाख से ज्यादा व्यूज हो गए और इसी के बहाने उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के टॉप एग्जीक्यूटिव्स से हुई।AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की दुनिया में दिखा बड़ा मौकापॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का वेंचर शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का मौजूदा दौर नए उद्यमियों के लिए सदी का सबसे बड़ा अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि अगर कुछ बड़ा करना है, तो यही सही समय है जब रिस्क उठाकर तकनीक की दुनिया में कुछ नया स्थापित किया जाए।Google को कहा अलविदा, शुरू किया AI आधारित मार्केटप्लेस Bountyमई २०२६ में आशना ने आखिरकार Google की अपनी आलीशान नौकरी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर Bounty नाम का एक टेक AI स्टार्टअप शुरू किया।क्या है Bounty स्टार्टअप?'Bounty' मूल रूप से एक अत्याधुनिक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां दुनिया भर की कंपनियां अपनी भर्ती (Recruitment), बिजनेस आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे महत्वपूर्ण काम पोस्ट कर सकती हैं। इस स्टार्टअप का सबसे अनोखा मॉडल यह है कि कंपनियों को केवल परिणाम (Results) मिलने पर ही भुगतान करना होता है।कमाई घटी, पर बढ़ा आत्मविश्वास: 'रुक जाना सबसे बड़ा डर था'आशना बेहद बेबाकी से मानती हैं कि कॉर्पोरेट लाइफ छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप शुरुआती स्टेज में होने के कारण कोई कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी अभी कोई डायरेक्ट रेवेन्यू नहीं है। इसके बावजूद उन्हें अपने इस बड़े फैसले पर रत्ती भर भी पछतावा नहीं है।उनका कहना है कि Google छोड़ना उनके लिए डरावना नहीं था, बल्कि वहां की आरामदायक जिंदगी में रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह अपनी जिंदगी में और क्या बड़ा कर सकती थीं। सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा क्या होता अगर... की कशमकश में जीने से बेहतर है कि जमीन पर उतरकर रिस्क लिया जाए।
सूडान युद्ध में यौन हिंसा बनी ‘युद्ध का हथियार’: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में 546 मामलों का खुलासा
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सूडान युद्ध में यौन हिंसा का व्यापक इस्तेमाल किया गया। 546 मामलों की पुष्टि, महिलाएं और बच्चियां सबसे अधिक प्रभावित
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 24 June 2026 : करियर: आज कार्यक्षेत्र में टीमवर्क और सहयोग से सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन में स्थिरता बनी रहेगी। धन: अचानक आने वाले अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या मानसिक तनाव संभव। उपाय: हनुमान जी को चना-चिरोंजी अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 22-28 June 2026: इन 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, जानें मेष से मीन तक का साप्ताहिक राशिफल 2. वृष (Taurus) करियर: नए अवसर मिलेंगे, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें। लव: साथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे, संवाद बनाए रखें। धन: निवेश पर ध्यान दें, व्यय संतुलित रखें। स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद और आराम आवश्यक। उपाय: सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज नए प्रोजेक्ट और योजना लाभकारी रहेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में संवाद बनाए रखें। धन: घर-बाहर खर्च बढ़ सकते हैं, सावधान रहें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में परेशानी हो सकती है। उपाय: पीले फूल किसी मंदिर में चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: टीम कार्य में सफलता और नए अवसर मिल सकते हैं। लव: परिवार और साथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: निवेश और लेन-देन सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें, योग और ध्यान लाभकारी रहेंगे। उपाय: घर में लक्ष्मी जी का ध्यान करके दीपक जलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। लव: प्रेमी साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: कारोबार की आय में सुधार होगा। स्वास्थ्य: हृदय और रक्तचाप का ध्यान रखें। उपाय: गुरुवार को हल्दी का दान करें। ALSO READ: मोबाइल नंबर और अंक ज्योतिष: जानिए कौन से अंक संयोजन बढ़ाते हैं चुनौतियां 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा, पदोन्नति संभव। लव: परिवार और मित्रों के साथ संबंध मधुर रहेंगे। धन: आय बढ़ेगी, खर्च संतुलित रखें। स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को केसरी रंग का अर्पण करें। 7. तुला (Libra) करियर: कार्य में सफलता मिलेगी, फिर भी निर्णय सोच-समझकर लें। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: नए आय के स्रोत मिल सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन दें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में चुनौतियाँ आएंगी, धैर्य और समझदारी आवश्यक होगी। लव: सिंगल राशियों के लिए प्रेम संबंध शुभ रहेगा। धन: निवेश में लाभ संभव। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यक्षेत्र में नए विचार और योजना लाभकारी साबित होगी। लव: परिवार और प्रेमी साथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: अचानक बाहरी खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: हल्का पेट दर्द या अपच हो सकता है। उपाय: गुरुवार को हनुमान जी को चने अर्पित करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरीपेशा को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंध में समझदारी और संवाद जरूरी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: रीढ़ और मांसपेशियों का ध्यान रखें। उपाय: शनिवार को काली वस्तु या अन्न दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: कारोबार में समय लाभकारी बना रहेगा। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आय बढ़ेगी, खर्च संतुलित रखें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान कम करने के लिए ध्यान जरूरी होगा। उपाय: हरे पौधे लगाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी तथा कारोबार के कार्य में सहयोग और स्थिरता रहेगी। लव: प्रेम रिश्तों में विश्वास बनाए रखें। धन: पुराने निवेश से धन लाभ संभव। स्वास्थ्य: हड्डियों और पेट का ध्यान रखें। उपाय: शनिवार को खाने की वस्तु दान करें। ALSO READ: कर्क राशि में वक्री होंगे बुध, जानिए 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल)
अजमेर के अशोक कुमार तंवर भी बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर। सार्वजनिक निर्माण विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 18 अधीक्षण अभियंताओं को अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन सभी अधीक्षण अभियंताओं (सिविल) को वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर नियमित रूप से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया […] The post PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) appeared first on Sabguru News .
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा
केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने निकाली लॉटरी ट्रेन से 1504 और हवाईमार्ग से 184 करेंगे यात्रा अजमेर। देवस्थान विभाग की प्रमुख योजना वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के एक हजार 677 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग तथा 205 को हवाईमार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय कृषि […] The post वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा appeared first on Sabguru News .
Major announcement by Bloomberg Philanthropies: $285 million investment for clean energy expansion; renewable energy to gain momentum by 2030.
ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय और जावेद खान सहित आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बड़ी कार्रवाई तृणमूल के कालीघाट गुट द्वारा इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के […] The post ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला appeared first on Sabguru News .
पुणे। पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि […] The post पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का appeared first on Sabguru News .
बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने बालिका के हाथ-पैर बांधकर उससे दो बार दुष्कर्म किया। घटना के समय बालिका की मां मजदूरी पर गयी हुई थी। बालिका घर में खेल रही थी, तभी गांव का ही एक युवक […] The post बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप appeared first on Sabguru News .

42 C
