पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा; धर्मेंद्र, ममूटी और अलका याग्निक सहित 131 हस्तियाँ सम्मानित
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है। इस वर्ष धर्मेंद्र (मरणोपरांत), ममूटी और अलका याग्निक सहित कला, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। देखें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री विजेताओं की पूरी सूची और जानें इस बार की खास बातें।
मध्य प्रदेश में 27-28 जनवरी को गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में कोहरे की चेतावनी
Madhya Pradesh Mausam: मध्य प्रदेश में 27-28 जनवरी को गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट। कई जिलों में कोहरे की चेतावनी। जानें कहाँ-कहाँ होगा मौसम खराब।
ब्लॉक ने रोकी ट्रेनों की रफ़्तार; देखिए प्रभावित ट्रेनों की लिस्ट
अहमदाबाद-विरमगाम सेक्शन पर 27 जनवरी 2026 को 12 घंटे का मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। साबरमती में ऑटोमैटिक सिगनलिंग सिस्टम के काम के चलते गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस शॉर्ट टर्मिनेट रहेगी और वलसाड-वडनगर सुपरफास्ट रद्द कर दी गई है। जानिए अपनी ट्रेन का नया रूट और समय सारणी ताकि आपकी यात्रा में कोई बाधा न आए।
ट्रंप का “शांति बोर्ड” फ़लस्तीनियों के ज़ख्मों पर नमक रगड़ने जैसा
डोनाल्ड ट्रंप के “बोर्ड ऑफ़ पीस” प्रस्ताव ने दुनिया भर में आक्रोश पैदा कर दिया है। भारत-फ़लस्तीन एकजुटता नेटवर्क ने इसे फ़लस्तीनियों के ज़ख्मों पर नमक रगड़ने जैसा बताया है
सागर के मार्शल आर्ट गुरु भगवानदास रैकवार समेत मप्र की 4 हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री
मध्य प्रदेश के चार लोगों को पद्मश्री 2026 मिलेगा। सागर के मार्शल आर्ट गुरु भगवानदास रैकवार, पत्रकार कैलाश चंद्र पंत, जल संरक्षक मोहन नागर और पुरातत्वविद् नारायण व्यास को यह सम्मान मिलेगा।
हिंदू समाज में एकता के साथ संस्कार भी जरूरी : उत्तमराम शास्त्री
अजमेर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस क्रम में अजमेर के गुलाब बाड़ी क्षेत्र में रविवार को विशाल शोभायात्रा व वाहन रैली निकाली गई तथा धर्मसभा का आयोजन हुआ। शोभा यात्रा और वाहन रैली का जगह जगह जोरदार स्वागत हुआ। इस […] The post हिंदू समाज में एकता के साथ संस्कार भी जरूरी : उत्तमराम शास्त्री appeared first on Sabguru News .
गौतम स्कूल में होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां पूर्ण
अजमेर। सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन सोमवार शाम 4 बजे से हाथी भाटा स्थित गौतम स्कूल परिसर में होगा। आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को रसोई बैंक्विट हॉल स्वामी कॉम्प्लेक्स में बैठक आयोजित की गई। सम्मेलन के अंतर्गत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं भजन […] The post गौतम स्कूल में होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां पूर्ण appeared first on Sabguru News .
131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से अलंकृत करने की घोषणा
नई दिल्ली। साहित्य और शिक्षा, कला, विज्ञान, खेल और सामाजिक कार्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 131 हस्तियों को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की गई। पुरस्कार के लिए चुने गए विशिष्ट व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है : पद्म विभूषण 1. […] The post 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से अलंकृत करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
प्रसिद्ध ओडिया संगीतकार, गायक अभिजीत मजुमदार का निधन
भुवनेश्वर। ओडिशा के प्रख्यात संगीत निर्देशक, संगीतकार और पार्श्व गायक अभिजीत मजुमदार का लंबी बीमारी के बाद रविवार को भुवनेश्वर स्थित एम्स में निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे। एम्स भुवनेश्वर ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि मजुमदार को 4 सितंबर 2025 को उच्च रक्तचाप, हाइपोथायरायडिज्म और क्रोनिक लिवर रोग सहित कई […] The post प्रसिद्ध ओडिया संगीतकार, गायक अभिजीत मजुमदार का निधन appeared first on Sabguru News .
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 45 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार
नई दिल्ली। साहित्य एवं शिक्षा, कला, चिकित्सा, खेल, समाज सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 45 हस्तियों को चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। पद्म पुरस्कार पाने वाले इन गुमनाम नायकों ने साधारण होते हुए भी असाधारण योगदान दिया है। इन सभी विभूतियों ने गंभीर […] The post विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 45 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार appeared first on Sabguru News .
नितिन नबीन ने फूंका चुनावी बिगुल, बोले कमर कस लीजिए, देश को बांटने वाली ताकतों से भी लड़ना है
लखनऊ/मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए रविवार को मथुरा से चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हर कार्यकर्ता को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा, क्योंकि 2027 दूर नहीं […] The post नितिन नबीन ने फूंका चुनावी बिगुल, बोले कमर कस लीजिए, देश को बांटने वाली ताकतों से भी लड़ना है appeared first on Sabguru News .
डीग में तीन वाहनों के टकराने से रिक्शा चालक की मौत, 8 घायल
डीग। राजस्थान में डीग जिले के कामा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात तीन वाहनों के टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने शव कामा […] The post डीग में तीन वाहनों के टकराने से रिक्शा चालक की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर अराजक तत्वों का हंगामा
प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले में शनिवार देर रात शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर कुछ असमाजिक तत्वों ने जमकर हंगामा किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से कल्पवासी थाना अध्यक्ष को दी इस मामले में तहरीर दी गई है जिसमें उन्होने इसे स्वयं के लिए खतरा बताते हुए कहा कि शिविर में रह […] The post माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर अराजक तत्वों का हंगामा appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में व्यापारी को लूटने के बाद बदमाशों ने मंदिर में चढ़ाए 50000 रुपए
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है जहां बदमाशों ने एक गुटखा व्यापारी से लूटी गई राशि में से पचास हजार रुपए मंदिर पर चढ़ाये और फिर जमकर मौजमस्ती की। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी मोहित सिंह और इसके […] The post भीलवाड़ा में व्यापारी को लूटने के बाद बदमाशों ने मंदिर में चढ़ाए 50000 रुपए appeared first on Sabguru News .
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले में ईडी को मिले धन शोधन के सबूत
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले के संबंध में हाल ही में गोवा, नयी दिल्ली और गुरुग्राम में नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जिसमें उसे धन शोधन के सुराग मिले हैं। ईडी ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इनमें अर्पोरा-नागाओ ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के […] The post गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले में ईडी को मिले धन शोधन के सबूत appeared first on Sabguru News .
26 January Birthday: आपको 26 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
26 January Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 26 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल आपका जन्मदिन: 26 जनवरी 26 को जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप भौतिकतावादी है। आप अद्भुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 8, 17, 26 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 शुभ वर्ष :2024, 2042 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल व्यापार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। परिवार और सेहत: राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति फलक नाज़ (Falak Naaz): एक भारतीय अभिनेत्री हैं जो मुख्य रूप से हिंदी टेलीविजन में काम करती हैं। विजय शंकर (Vijay Shankar): भारतीय क्रिकेटर, जो तमिलनाडु राज्य क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं। किक्केरी सुब्बाराव नरसिम्हास्वामी (Kikkeri Subbarao Narasimhaswamy): जिन्हें आमतौर पर के.एस. नरसिम्हास्वामी के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय कवि थे जिन्होंने कन्नड़ में लिखा था। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 26 जनवरी 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो! 26 January 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 26 जनवरी, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त। ALSO READ: Holi: बरसाना में गड़ा होली का डांडा, ब्रज में शुरू हुआ 40 दिनों का रंग और प्रेम उत्सव आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है। 26 जनवरी 2026, सोमवार का विस्तृत पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। आज भारत का गणतंत्र दिवस है और धार्मिक दृष्टि से आज भीष्म अष्टमी तथा माघ गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि का विशेष संयोग है। आज का पंचांग (26 जनवरी 2026) तिथि: अष्टमी (दोपहर 02:54 तक), उसके बाद नवमी प्रारंभ। पक्ष: शुक्ल पक्ष मास: माघ वार: सोमवार नक्षत्र: भरणी (प्रातः 05:27 तक), उसके बाद कृतिका नक्षत्र। योग: साध्य (सुबह 05:51 तक), उसके बाद शुभ योग। करण: बव (दोपहर 02:54 तक), फिर बालव। चंद्र राशि: मेष (दोपहर 11:47 तक), उसके बाद वृषभ राशि। शुभ और अशुभ मुहूर्त शुभ समय (Auspicious Timings) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:55 तक (शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ) अमृत काल: सायं 05:35 से रात्रि 07:11 तक ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:25 से 06:18 तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02:23 से 03:05 तक सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 07:11 से अगले दिन सुबह 04:11 तक अशुभ समय (Avoid for New Tasks) राहुकाल: प्रातः 08:32 से 09:52 तक (इस दौरान शुभ कार्य टालें) यमगण्ड: सुबह 11:13 से दोपहर 12:33 तक गुलिक काल: दोपहर 01:54 से 03:14 तक कृतिका नक्षत्र: आज कृतिका नक्षत्र होने से सूर्य देव की उपासना भी विशेष फल देती है। ALSO READ: Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के छोटे भाई सोहेल खान भी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी सुर्खियों में रहे हैं। सोहेल ने 1998 में सीमा सजदेह संग शादी रचाई थी। दोनों ने घर से भागकर शादी की थी। सोहेल और सीमा का रिश्ता शादी के 24 साल बाद टूट गया था। दोनों ने 2022 में तलाक ले लिया था। तलाक लेने से पहले सोहेल और सीमा करीब 5 साल से अलग रह रहे थे। लोगों के मन में आज भी यही सवाल है कि आखिर सीमा और सोहेल का रिश्ता क्यों टूटा? तलाक के बाद भी सीमा का खान परिवार से अच्छा रिश्ता है। अब सीमा सचदेह ने अपने तलाक के बारे में खुलकर बात की है। ऊषा काकड़े प्रोडक्शन के साथ बात करते हुए सीमा सजदेह ने कहा, हम दोनों आपसी सहमति से अलग हुए थे, हम आज भी दोस्त हैं। हमारे बीच में कोई कड़वाहट नहीं है, हम दोनों बेटे की परवरिश के लिए साथ में हमेशा रहते हैं। सलमान खान का पूरा परिवार मुझे अभी भी पूरी तरह से सपोर्ट करता है। सीमा ने कहा, मैंने जिस वक्त शादी की थी, उस वक्त मेरी उम्र काफी कम थी लेकिन जैसे-जैसे रिश्ता वक्त से साथ बढ़ा हमें लगा कि हम एक-दूसरे को पति-पत्नी के तौर पर समझ नहीं पा रहे हैं। जब आपके साथ ऐसा होने लगे तो जिंदगी में कड़वाहट पैदा हो जाती है। रिश्ते में तनाव रहने लगता है जिसका असर बच्चों पर भी बहुत बुरा पड़ता है। सीमा ने कहा, खिटपिट से अच्छा है कि अलग-अलग शांति से रहें इसलिए हमने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया। लेकिन मेरे बच्चे आधे सजदेह और आधे खान हैं, इसलिए भले ही मैं और सोहेल अब पति-पत्नी नहीं है लेकिन मेरा परिवार नहीं छूटा है। खान परिवार ने दिया सीमा का साथ सीमा सजदेह ने कहा, परिवार ने कई मौकों पर मेरा साथ दिया है। यहां तक कि जब सोहेल और मैं लड़ते थे, तब भी वे अक्सर मेरे पक्ष में खड़े होते थे। वे आज भी बच्चों की परवरिश में मदद करते हैं। योहान अब टीनएजर है, और अगर मुझे उससे निपटने में कभी मदद चाहिए, तो मैं बिना किसी हिचकिचाहट से सोहेल की बहन या भाई के पास जा सकती हूं। वे हमेशा उपलब्ध रहते हैं। तलाक के बाद कैसा है रिश्ता सीमा ने बताया कि सोहेल के साथ तलाक के बाद शुरुआती दौर इमोशनल रूप से बहुत मुश्किल था। ऐसा समय था जब मैं सोहेल से नाराज थी और वह मुझसे नाराज थे। लेकिन आखिरकार मैंने उनके साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। हमारे बच्चे साथ में हैं। वह हमेशा उनके पिता रहेंगे और मैं उनकी मां। यह रिश्ता हमें जिंदगी भर के लिए जोड़ता है। सोहेल खान और सीमा सजदेह की पहली मुलाकात एक्टर चकी पांडे की सगाई पार्टी में हुई थी। उस वक्त सीमा दिल्ली से मुंबई आई थीं। पहली ही नजर में सौहेल का दिल सीमा पर आ गया था। लेकिन सीमा हिंदू-पंजाबी परिवार से हैं और सोहेल मुस्लिम, ऐसे में इन दोनों की शादी के लिए सीमा का परिवार तैयार नहीं था। ऐसे में सोहेल सीमा को भगाकर ले गए और मंदिर में जाकर शादी रचा ली। इसके बाद जब वह घर लौटे तो पिता सलीम खान के कहने पर सोहेल और सीमा ने निकाह भी किया था। दोनों के दो बेटे- निर्णाव और योहा हैं।
मशहूर ओड़िया संगीतकार-गायक अभिजीत मजूमदार का निधन, 54 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
ओड़िया फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर म्यूजिक कंपोजर और गायक अभिजीत मजूमदार का निधन हो गया है। वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने 54 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह अभिजीत मजूमदार को कार्डियक अरेस्ट आया। अभिजीत मजूमदार ओडिया फिल्म इंडस्ट्री और संबलपुरी म्यूजिक के बड़े नाम थे। उन्होंने अपने करियर में 700 से ज्यादा गानों को कंपोज किया। उनका जाना ओडिशा संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है। अभिजीत मजूमदार का इलाज AIIMS भुवनेश्वर में उनका उपचार चल रहा था। उन्हें पिछले साल सितंबर में हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड की बीमारी और लिवर की गंभीर समस्या के कारण भर्ती कराया गया था। उनकी हालत काफी नाजुक थी। नवीन पटनायक ने जताया शोक अभिजीत मजूमदार के निधन पर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा, जाने-माने म्यूजिक डायरेक्टर और गीतकार अभिजीत मजूमदार के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ। ओडिया म्यूजिक की दुनिया में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मैं दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। कहां होगा अंतिम संस्कार अभिजीत के परिवार के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर कटक ले जाया जाएगा। कटक में ही उनका संस्कार किया जाएगा। अभिजीत मजूमदार ने अपने करियर की शुरुआत साल 1991 में संबलपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री से की थी। उनका पहला एल्बम दक्षिगला काफी फेमस हुआ। अभिजीत ने न केवल फिल्मों में बल्कि म्यूजिक एलबम्स में भी कई सुपरहिट धुनें दीं। उनका ‘लव स्टोरी’, ‘सिस्टर श्रीदेवी’, ‘गोलमाल लव’, ‘सुंदरगढ़ रा सलमान खान’ और ‘श्रीमान सूरदास’ जैसी फिल्मों का संगीत आज भी लोग सुनते हैं। वह टीवी पर भी काफी लोकप्रिय रहे और मेलोडी नाइट्स जैस शो होस्ट किए।
मां नर्मदा प्रकोत्सव नर्मदा नदी की आस्था, संस्कृति और संरक्षण को समर्पित भव्य धार्मिक आयोजन है। नर्मदा तटों पर पूजन, महाआरती, दीपदान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ यह उत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मोड़ आया है। छात्रा के कपड़ों के फोरेंसिक विश्लेषण (FSL Analysis) में 'सीमेन' (Semen) के अंश पाए गए हैं, जिससे यह पुष्टि होती है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। यह रिपोर्ट उन शुरुआती दावों को खारिज करती है जिसमें यौन हिंसा की बात को नकारा जा रहा था। ALSO READ: T20 World Cup 2026 : PCB और ICC के बीच टकराव बढ़ा , Pakistan पर मंडराया अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का खतरा फोरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का मिलान एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक मृतका के परिजनों द्वारा दिए गए कपड़ों को जब्त कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया था। रिपोर्ट में छात्रा के अंतर्वस्त्रों पर मानव शुक्राणु (Sperm) के अवशेष मिले हैं। यह वैज्ञानिक साक्ष्य पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के उन तथ्यों से मेल खाते हैं, जिसमें निजी अंगों पर चोट और शरीर पर नाखूनों के खरोंच के निशान पाए गए थे। पुलिस अब इस नमूने से DNA प्रोफाइल तैयार कर रही है, जिसका मिलान हिरासत में लिए गए आरोपियों और संदिग्धों से किया जाएगा। ALSO READ: झारखंड में मूर्ति विसर्जन के दौरान 2 गुटों में हिंसक झड़प, इलाके में भारी तनाव और पुलिस बल तैनात क्या है पूरा मामला मीडिया खबरों के मुताबिक जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर कोचिंग कर रही थी। इस महीने की शुरुआत में वह अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी 2026 को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शुरू से ही यौन शोषण और हत्या का आरोप लगाया था जबकि पुलिस इसे बीमारी और नींद की गोलियों के सेवन से जुड़ी आत्महत्या बता रही थी। पटना एम्स के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने शनिवार को कहा था कि विशेष जांच दल (SIT) ने अभी तक उन्हें मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। ALSO READ: अमेरिका में तबाही मचा रहा है बर्फीला तूफान, 15 राज्यों में इमरजेंसी लागू, एक हफ्ते में 9000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल 2 अधिकारी निलंबित मीडिया खबरों के मुताबिक मामले में शुरुआती कोताही और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पटना पुलिस ने शनिवार देर रात दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया। निलंबित होने वालों में कदमकुआं थाने के अतिरिक्त थाना प्रभारी हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी उप-निरीक्षक रोशनी कुमारी शामिल हैं। Edited by : Sudhir Sharma
उर्वशी रौतेला के लग्जरी कार कलेक्शन में शामिल हुई रोल्स-रॉयस कलिनन और जी-वैगन, जानिए कितनी है कीमत
उर्वशी रौतेला एक बार फिर इंटरनेट पर छा गई हैं, और इस बार वजह है लग्ज़री, सफलता और भावनाओं का दमदार संगम। अभिनेत्री ने अपने पहले से ही शानदार कार कलेक्शन में दो बेहतरीन गाड़ियाँ शामिल की हैं — 11 करोड़ रुपए की रोल्स-रॉयस कलिनन और 5 करोड़ रुपए की ग्रीन मर्सिडीज़ जी-वैगन। इन नई गाड़ियों के साथ उर्वशी के हालिया ऑटोमोबाइल कलेक्शन की कुल कीमत 16 करोड रुपए तक पहुंच गई है। जैसे ही इन लग्ज़री कारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, वे तेज़ी से वायरल हो गईं और फैंस व नेटिज़न्स हैरान रह गए। A post shared by Urvashi Rautela (@urvashirautela) शानदार रोल्स-रॉयस कलिनन शाश्वत शान और परिष्कृत elegance का प्रतीक है, वहीं बोल्ड ग्रीन जी-वैगन ताकत, आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज़ को दर्शाती है। ये दोनों कारें मिलकर उर्वशी के सफ़र को बखूबी दर्शाती हैं — जहां गरिमा, शक्ति और अथक महत्वाकांक्षा का मेल है। सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाओं, तारीफ़ों और बधाइयों की बाढ़ आ गई, जिन्होंने उर्वशी के सफर को प्रेरणादायक और पूरी तरह से हक़दार बताया। A post shared by Urvashi Rautela (@urvashirautela) अपनी अपार अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और लगातार पेशेवर व्यस्तताओं के बावजूद, उर्वशी परिवार और भावनात्मक संतुलन को हमेशा प्राथमिकता देती हैं — यही गुण उनकी कहानी को ग्लैमर और लग्ज़री से कहीं आगे ले जाते हैं। कई फैंस के लिए उनकी सफलता निजी लगती है, क्योंकि वे अनुशासन, दृढ़ता और ऊँचाइयों पर पहुँचकर भी ज़मीन से जुड़े रहने की मिसाल हैं।
आजादी की पहली सुबह अंडमान में हुई: PM Modi का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराक्रम दिवस पर अंडमान-निकोबार से देश को संबोधित करते हुए कहा कि यही धरती आज़ाद भारत के प्रथम सूर्योदय की साक्षी बनी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पराक्रम, अंडमान के बलिदानों, ऐतिहासिक नाम परिवर्तन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर पीएम ने विस्तार से प्रकाश डाला।
चिरंजीवी की 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास! ₹255 करोड़ की कमाई के साथ अल्लू अर्जुन की 'अला वैकुंठपुरमुलु' का रिकॉर्ड टूटा। बिना हिंदी रिलीज के टॉलीवुड की सबसे बड़ी क्षेत्रीय हिट बनी यह फिल्म उत्तर अमेरिका में भी 3.2 मिलियन डॉलर कमा चुकी है। जानिए मेगास्टार की इस फिल्म की सफलता के पीछे के बड़े आंकड़े और आज होने वाले जश्न की पूरी जानकारी।
UFC 324 में जस्टिन गेथ्जी ने रचा इतिहास! लास वेगास में हुए पांच राउंड के रोमांचक युद्ध में पैडी पिमलेट को हराकर गेथ्जी बने नए अंतरिम लाइटवेट चैंपियन। अनुभवी गेथ्जी के पावर पंच और पिमलेट के जुझारूपन के बीच हुई इस खूनी भिड़ंत की पूरी रिपोर्ट, जजों का स्कोरकार्ड और भविष्य के 'टाइटल यूनिफिकेशन' मैच का विश्लेषण यहाँ पढ़ें।
भारतीय क्रिकेट की 'दीवार' चेतेश्वर पुजारा आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। 103 टेस्ट, 7195 रन और गाबा की ऐतिहासिक जीत के नायक पुजारा के करियर को प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर 'थ्रोबैक' यादों और आंकड़ों के साथ सलाम किया। जानिए क्यों पुजारा की बल्लेबाजी को आज भी टेस्ट क्रिकेट की सबसे मजबूत ढाल माना जाता है और आईपीएल टीमों ने उन्हें कैसे दी बधाई।
लॉस एंजिल्स लेकर्स के स्टार लुका डोंचिच की डलास मेवरिक्स के खिलाफ भावुक घर वापसी! डलास से ट्रेड होने के एक साल बाद लुका फिर अपने पुराने मैदान पर लौट रहे हैं। प्रशंसकों के लिए विशेष उपहारों और कूपर फ्लैग की मेवरिक्स के साथ इस कड़ी टक्कर की पूरी रिपोर्ट। जानिए क्यों यह एनबीए मुकाबला खेल से ज्यादा जज्बातों की दास्तां बन गया है।
भारत आज 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' को 'अतिथि देवो भव' के मूल मंत्र के साथ मना रहा है। देश की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जानिए कैसे इको-टूरिज्म और डिजिटल इंडिया के माध्यम से भारत पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और क्यों 2026 पर्यटन के लिए क्रांतिकारी साल साबित होगा।
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में रात के समय जबरन घुसने की कोशिश और धक्का-मुक्की की घटना ने पूरे देश में चिंता पैदा कर दी है। एक ... Read more
अजीत कुमार की फिल्म 'मनकथा' की री-रिलीज ने तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका! पहले दिन ₹4.6 करोड़ की कमाई के साथ 'गिल्ली' का रिकॉर्ड टूटा। बुकमायशो पर 2 लाख से अधिक टिकटों की बिक्री और सिनेमाघरों में प्रशंसकों की भारी भीड़ ने साबित किया अजीत का स्टारडम। जानिए क्यों इस फिल्म को देखने के लिए नवविवाहित जोड़े भी अपनी रिसेप्शन पार्टी छोड़कर पहुँच गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी 2026 को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। 2026 के इस पहले संवाद में पीएम ने विकास, संस्कृति और जन-भागीदारी की सफल कहानियाँ साझा कीं। यूजीसी के नए नियमों और शिक्षा सुधारों के बीच हुए इस संबोधन के मुख्य आकर्षण और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर विशेष रिपोर्ट।
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच जारी विवाद अब गंभीर और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शंकराचार्य ... Read more
गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर भारत ने पेश की अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की भव्य झलक। राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में 'विकसित भारत' के लिए बड़ी नीतिगत घोषणाएं की गईं। आत्मनिर्भर भारत के रक्षा हथियारों से लेकर नारी शक्ति के शौर्य तक, जानिए इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह के सबसे महत्वपूर्ण और रोमांचक आकर्षणों की पूरी रिपोर्ट।
भारत ने मनाया 77वां गणतंत्र दिवस! कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पराक्रम, स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन और राज्यों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली झांकियों के साथ देश के संविधान का जश्न मनाया गया। 'नारी शक्ति' और 'विकसित भारत' की थीम पर आधारित इस भव्य परेड की पूरी रिपोर्ट, मुख्य आकर्षण और ऐतिहासिक महत्व के बारे में यहाँ विस्तार से पढ़ें।
गणतंत्र का महोत्सव: 26 जनवरी 2026 के लिए शीर्ष 10 प्रेरणादायक संदेश जो जगाएंगे राष्ट्रभक्ति का जज्बा
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करें ये 10 प्रेरणादायक और देशभक्ति से ओतप्रोत संदेश। 'विकसित भारत' के विजन और संविधान के गौरव को समर्पित ये संदेश सोशल मीडिया के लिए बेहतरीन हैं। जानिए इस गणतंत्र दिवस की मुख्य विशेषताएं और देश के नाम प्रमुख शुभकामनाएं।
पहाड़ों की गोद से शिखर तक का सफर: हिमाचल प्रदेश के 56वें स्थापना दिवस पर गौरवान्वित हुआ 'देवभूमि'
हिमाचल प्रदेश आज अपना 56वां स्थापना दिवस मना रहा है। 25 जनवरी 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से लेकर आज 'ग्रीन स्टेट' बनने की राह तक, देवभूमि ने विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। शिमला के रिज मैदान से शुरू हुई इस ऐतिहासिक यात्रा और राज्य की उपलब्धियों पर विशेष रिपोर्ट। जानिए हिमाचल के गौरवशाली इतिहास और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में।
नोएडा सेक्टर 150 में दिल दहला देने वाला हादसा! घने कोहरे के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरी। 2 घंटे तक मदद की गुहार लगाने के बाद डूबने से हुई मौत। सीएम योगी ने दिए SIT जांच के आदेश, बिल्डर गिरफ्तार और नोएडा अथॉरिटी के सीईओ का तबादला। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
JEE Main 2026 सत्र 1 में छात्रों की रिकॉर्ड 96.15% उपस्थिति! नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की प्रगति पर ताजा विवरण साझा करते हुए इसे एक बड़ी सफलता बताया है। जानिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और एनटीए ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कौन सी नई तकनीक अपनाई। परीक्षा के सफल आयोजन और आगामी आंसर की पर विस्तृत रिपोर्ट।
भारत ने मनाया 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस! 'मेरा भारत, मेरा वोट' थीम के साथ राष्ट्रपति मुर्मू ने नई दिल्ली में युवा मतदाताओं को किया सम्मानित। निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव की सफलता पर विशेष प्रकाशन जारी किए और देशभर में साइकिल रैलियों के जरिए मतदान जागरूकता फैलाई। जानिए कैसे युवा शक्ति बन रही है भारतीय लोकतंत्र का नया आधार।
तेलंगाना में हरित ऊर्जा की नई लहर: INOXGFL ग्रुप करेगा सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा धमाका
तेलंगाना में सौर और पवन ऊर्जा की क्रांति! दावोस WEF 2026 में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और INOXGFL ग्रुप के बीच हुए समझौते से राज्य में क्लीन एनर्जी और सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई दिशा। जानिए कैसे आइनॉक्स ग्रुप का यह निवेश तेलंगाना को भारत का प्रमुख ग्रीन एनर्जी हब बनाने और हजारों रोजगार पैदा करने में मदद करेगा।
INOXGFL ग्रुप ने गुजरात में हरित ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ₹17,000 करोड़ के तीन ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मेगा निवेश से पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी और हजारों रोजगार सृजित होंगे। जानिए कैसे यह प्रोजेक्ट गुजरात को भारत का रिन्यूएबल एनर्जी हब बनाएगा और देश के ग्रीन विजन को सशक्त करेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल! सोना $5,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुँच गया है, जिससे वॉल स्ट्रीट के निवेशकों में भारी उत्साह है। वहीं, 2026 के पहले फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले 'मेन स्ट्रीट' पर सतर्कता और सन्नाटा पसरा है। क्या सोने की यह तेजी मंदी का संकेत है या नई शुरुआत? पढ़ें बाजार का पूरा विश्लेषण।
एम्स्टर्डम प्रशासन शहर में बढ़ते प्रदूषण और ओवर-टूरिज्म को रोकने के लिए क्रूज जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे इस क्रांतिकारी कदम से वैश्विक पर्यटन उद्योग में खलबली मच गई है। जानिए क्यों दुनिया का सबसे लोकप्रिय शहर अपने बंदरगाह से विशाल जहाजों को विदा करने की तैयारी में है।
ओटीटी पर मनोरंजन का महाकुंभ: कड़ाके की ठंड में घर बैठे उठाएं इन ब्लॉकबस्टर फिल्मों और सीरीज का लुत्फ
जनवरी के इस वीकेंड ओटीटी पर रिलीज हुईं 'तेरे इश्क में', 'मस्ती 4' और 'स्पेस जेन: चंद्रयान' जैसी बड़ी फिल्में और सीरीज। नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और प्राइम वीडियो पर मनोरंजन के इस महाकुंभ का आनंद उठाएं। घर बैठे कड़ाके की ठंड में इन रोमांचक कहानियों और स्टार-स्टडेड रिलीज के साथ अपना वीकेंड बनाएं खास।
युजवेंद्र चहल और आरजे महविश के बीच बढ़ी दूरियां! इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने के बाद चहल की रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया बवाल। क्या है इस 'Cryptic Message' के पीछे की सच्चाई और क्यों हो रही है दोनों सितारों के रिश्तों पर चर्चा? खेल और मनोरंजन जगत की इस बड़ी खबर का पूरा विश्लेषण।
क्या पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करेगा? पीसीबी अध्यक्ष अब प्रधानमंत्री के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। विक्रांत गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाक क्रिकेट विवाद के बीच पाकिस्तान सरकार टूर्नामेंट में भागीदारी पर बड़ा निर्णय ले सकती है। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आईसीसी पर पड़ने वाले इसके प्रभाव के बारे में।
देशव्यापी मौसम अपडेट: उत्तर में बर्फबारी और ठंड की वापसी, दक्षिण में बारिश का तांडव और गिरता AQI
भारत मौसम अपडेट 25 जनवरी 2026: उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और दिल्ली-NCR में गलन वाली ठंड की वापसी। तमिलनाडु के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जबकि कोलकाता और मुजफ्फरपुर में AQI स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचा। जानिए आपके शहर के तापमान और प्रदूषण का हाल।
मिनेयापोलिस में सनसनीखेज वारदात: आईसीई (ICE) छापे के दौरान संघीय एजेंटों की गोलीबारी में नर्स की मौत
मिनेयापोलिस में ICE की छापेमारी के दौरान संघीय एजेंटों की गोलीबारी में एक नर्स की मौत ने पूरे अमेरिका को स्तब्ध कर दिया है। आव्रजन विभाग की इस विवादास्पद कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा और पीड़ित के लिए न्याय की मांग को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तृत रिपोर्ट। क्या यह बल प्रयोग अनिवार्य था या एक बड़ी लापरवाही?
आध्यात्मिक महापर्व: शाह सतनाम सिंह जी महाराज के 107वें 'पावन अवतार दिवस' पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
डेरा सच्चा सौदा के दूसरे रूहानी गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का 107वां पावन अवतार दिवस आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। सिरसा समेत देशभर में मानवता भलाई के कार्यों, रक्तदान और विशाल सत्संगों के साथ करोड़ों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। जानिए महाराज जी के जीवन और उनकी अमर आध्यात्मिक विरासत के बारे में।
उत्तर भारत में हाड़ कपाने वाली ठंड और कोहरे का सितम, दक्षिण में साफ आसमान: देश भर के AQI पर एक नजर
उत्तर भारत में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच दक्षिण भारत में साफ आसमान और सुनहरी धूप का आनंद। दिल्ली के गिरते तापमान से लेकर देश के प्रमुख शहरों के खतरनाक AQI स्तर तक, पढ़ें भारत के मौसम और वायु गुणवत्ता पर यह विस्तृत रिपोर्ट।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने रविवार को तमिलनाडु के चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम और तंजावुर सहित 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण राज्य में बेमौसम बरसात का दौर जारी है। जानिए किन इलाकों में अलर्ट है और क्या है मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी।
मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। 30 साल की लड़की और 92 किलोग्राम वजन। लोग खूब मजाक उड़ाते थे। किसी को पलटकर जवाब देने की सोचती, तो क्या देती। कुछ नहीं… सिर झुकाए आगे बढ़ जाती थी। लेकिन जो लोग इन नामों से बुलाते थे, वही अब पूछते हैं- आभा, तुमने अपना वजन कैसे कम किया? जरूर कोई जड़ी-बूटी खाई होगी। नहीं तो, 92 किलो से सीधे 65 किलो वजन? यह तो सिर्फ फिल्मों में हो सकता है, असल जिंदगी में नहीं। हो ही नहीं सकता। लेकिन जब उन्हें इसके बारे में बताती हूं, तो वे खीझते हुए कहते हैं- झूठ बोल रही हो। मैं मुस्कुरा देती हूं। खैर… मेरी पुरानी और अब नई जिंदगी कहां से शुरू होती है, सब बताती हूं। 2007 की बात है। मेरी उम्र उस वक्त 15 साल थी। एकदम दुबली-पतली लड़की। करीब 35 किलोग्राम वजन था। पापा सरकारी टीचर थे। मैं उनके ज्यादा करीब थी और छोटा भाई मम्मी के करीब ज्यादा था। 2007 में फरवरी का महीना, तारीख 2। पापा मुझे हर रोज कंप्यूटर क्लास छोड़ने के लिए जाते थे। उस दिन भी वे मुझे छोड़ने गए। छोड़कर, किसी काम से शहर के बाहर चले गए। शाम 5 बजे उनके आने का वक्त था, लेकिन वे उस दिन आए नहीं। मैं गुस्से में थी। खुद ही कोचिंग से घर चली आई। मन ही मन सोच रही थी- पापा को आज आने दो, फिर उनसे जी-भरकर लड़ूंगी। घड़ी में पौने 6 बजे ही थे कि एक लड़का भागता हुआ मेरे घर आया, बोला- तुम्हारे पापा का एक्सीडेंट हो गया है। सुनते ही मैं जमीन पर गिर गई। मैं, मम्मी और भाई… सभी भागते हुए हॉस्पिटल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर पापा को CPR दे रहे थे। उनका एक पैर टूटा हुआ था। मुंह से खून निकल रहा था। अचानक पापा के हाथ-पांव जम गए। डॉक्टर उठकर खड़े हुए और पूछा- आपके पापा थे…? डॉक्टर ने डेड घोषित कर दिया। मैं खूब रोई। मां दीवार में सिर मारकर रोने लगीं। वहीं पर चूड़ी तोड़ने लगी। सभी के लिए फरवरी का महीना वसंत लेकर आता था, लेकिन मेरे लिए सिर्फ पापा के जाने का गम लेकर आया। आज भी जब फरवरी का महीना आता है, तो मैं 2 तारीख को पूरे दिन के लिए घर में खुद को बंद कर लेती हूं। खूब रोती हूं। ऐसा लगता है, सब कुछ कल की ही बात है। कोई मुझे उस हॉस्पिटल में ले जाए, तो मैं आज भी पूरी बात ऐसे बता सकती हूं, जैसे ये सब कल ही हुआ हो। एक-एक चीज… पापा के कफन पर रखे एक-एक फूल से लेकर शर्ट पर लगे खून के धब्बे तक याद हैं। मेरी चलती तो, उनके अस्थि से भरा कलश गंगा में प्रवाहित नहीं करती। उसे अपने घर की अलमारी में संभालकर रखती। आखिर उसी में तो उनके शरीर के आखिरी अंश बचे थे। मेरे 6 फीट के पापा एक कलश में सिमटे हुए थे! जब मैंने घर वालों से कहा, तो वे चीखते हुए बोले- ये कैसे हो सकता है? भला किसी आदमी का अस्थि कलश घर में रखा जाता है। इसे गंगा में प्रवाहित करना होता है। खैर, मजबूरी में वह अस्थि कलश गंगा में प्रवाहित करना पड़ा, लेकिन मैंने पापा का सफारी सूट आज भी संभालकर रखा हुआ है। उसे ही वे आखिरी बार पहन कर मुझे कोचिंग क्लास छोड़ने गए थे। उसमें आज भी खून के धब्बे लगे हुए हैं। हर साल 2 फरवरी को उसे निकालकर निहारती हूं। पापा के गुजरने के बाद किराएदारों ने मेरे घर पर कब्जा कर लिया। किराया देना बंद कर दिया। मांगने पर कहने लगे- न पैसे देंगे और न घर खाली करेंगे। ज्यादा बोलोगी, तो भाई पर पॉक्सो एक्ट लगवाकर रेप का मुकदमा करवा देंगे। फिर रहना जेल में सड़ते हुए। डर के मारे हमने कुछ साल बाद उस घर को चौथाई कीमत में बेच दिया। वहीं गांव की जमीन पर मेरे चाचा ने कब्जा कर लिया। उस वक्त मैं 12वीं में पढ़ती थी। ऐसा लगा- अब तो सब खत्म हो गया। सोचती- जब पापा ही नहीं रहे, तो फिर जीने का क्या फायदा। खुद को एक कमरे में बंद कर लेती। गहरे डिप्रेशन में जाने लगी। मां ने खुद को समझा लिया कि अगर वह घर को नहीं संभालेगी, तो उनके दोनों बच्चे बर्बाद हो जाएंगे। इकलौता भाई है। उसने खुद को संभाल लिया, क्योंकि उसे ही अब सब कुछ संभालना था। मैं चाहकर भी खुद को नहीं समझा पाई। हर वक्त बस एक ही ख्याल आने लगा- आत्महत्या कर लूं, तो पापा के पास चली जाऊंगी। अब इस धरती पर, इस घर में जीने का क्या ही मतलब है, जहां मुझे दुलार करने वाला ही न बचा हो। वहां किसलिए जिऊं।ऐसा नहीं है कि मेरी मां, भाई मुझसे प्यार नहीं करते थे, लेकिन पापा की कमी सही नहीं जा रही थी। इतना तनाव में थी कि डॉक्टर को दिखाना पड़ा। डिप्रेशन की दवाएं चलने लगीं। 24 घंटे में 16 घंटे सोने लगी थी। सोकर उठती तब भी नींद आती। ऐसे करीब 3-4 साल गुजरे। डिप्रेशन की दवाओं से ज्यादा नींद आने के कारण मेरा वजन बढ़ने लगा। चेक कराया तो पता चला 42 किलोग्राम हो गया है, फिर एक महीने बाद चेक कराया तो 60 किलोग्राम हो गया…। मैं सोचती थी, आगे चलकर वजन कम हो जाएगा, लेकिन यह बढ़कर 80 किलो के ऊपर पहुंच गया। उस समय लगने लगा कि अब बहुत मोटी हो गई हूं। मार्केट में मेरी पसंद के कपड़े नहीं मिलते थे। जींस की साइज अब 44 नंबर हो गई। 4XL साइज की कुर्ती ही हो पाती। कई बार मार्केट में कपड़ा खरीदने जाती, तो दुकानदार कहता- दीदी, अपनी साइज देखी हो। मेरे पास आपकी साइज के कपड़े नहीं हैं। जो इन्हीं में से पसंद कर लो। रिश्तेदार, आस-पड़ोस के लोग कहने लगे- अरे इसका वजन तो भैंस के बराबर हो गया। 45 साल की आंटी हो गई। तब तक मेरा वजन 92 किलोग्राम हो चुका था। इसी बीच, रिश्तेदार मेरे रिश्ते की बात करने लगे। कहने लगे- जितना वजन है, उतना दहेज देना पड़ेगा, तब शायद कोई लड़का शादी कर ले। ये तो चलती-फिरती बुलडोजर हो गई है। लोगों ने कहना शुरू किया। अरे! इसके पेट तो देखो। 7 महीने की प्रेग्नेंट लग रही है। सीना कितना बड़ा हो गया है। चेहरा भैंस जैसा लग रहा। जांघ और हाथ में कोई फर्क ही नहीं बचा है। वजन बढ़ने की वजह से मैंने शादी-ब्याह में जाना बंद कर दिया। मार्केट में मेरे साइज के कपड़े ही नहीं मिलते थे। कहीं आती-जाती तो लोग मुझे ही घूरते। मुझे याद है- मेरे मामा की बेटी की शादी थी। बचपन से ख्वाहिश थी कि बहन की शादी में सजूंगी, संवरूंगी। उसके लिए जब पार्लर गई, तो ब्यूटीशियन ने मेरे लिए बड़ा-सा ब्लाउज तैयार किया। पुराना-सा एक लंहगा दिया। बोली- तुम्हारे साइज का लहंगा तो है नहीं। उस दिन वही पहनकर बहन की शादी में गई। बाकियों के कपड़े देखकर उस दिन मुझे बहुत शर्म आई। एक कमरे में जाकर रोने लगी। जयमाल के समय बहन ने मुझे जबर्दस्ती बुलाया। उसके बाद से कभी किसी की शादी में नहीं गई। पहले तो मैं डिप्रेशन की दवा ले रही थी। अब, जब वजन बढ़कर 92 किलोग्राम हो गया, तो एक-एक करके चार-पांच डॉक्टर को दिखाया। कोलेस्ट्रॉल, ब्लड-प्रेशर, शुगर सब बढ़ने लगा था। थोड़ी देर चलती, तो हांफने लगती थी। ऐसा लगता, जैसे हार्ट-अटैक आ जाएगा। ब्लड की जांच हुई, तो पता चला कि किडनी में इन्फेक्शन है। डॉक्टरों ने कहा ऐसा ही रहा, तो किडनी फेल हो जाएगी। 2023 की बात है। यकीन हो चुका था कि अब जिंदगी बस कुछ महीनों की है। मैं मम्मी से कहने भी लगी कि मेरे गुजरने के बाद हमेशा भाई के साथ रहना। मम्मी, पापा की जगह सरकारी टीचर हो गई थीं। इसी बीच कानपुर के एक डॉक्टर से मिली। वह मेरी हालत देखते ही बोले- सबसे पहले इसके डिप्रेशन की दवा बंद करो। इसे कोई बीमारी नहीं है। उन्होंने मेरी सारी दवाएं बंद करा दीं। उस वक्त तक मैं हर दिन डिप्रेशन के 10 से ज्यादा टैबलेट खा रही थी। दवा छोड़ी तो पहले 15 दिन तक नींद ही नहीं आई। शरीर को डिप्रेशन और नींद की दवा खाने की आदत हो चुकी थी। सोचिए 13 साल से मैं लगातार डिप्रेशन की दवा खा रही थी। दवा छूटी तो डॉक्टर ने पहले एक महीने में कम-से-कम दो किलोग्राम वजन कम करने की सलाह दी। मैंने सुबह-शाम एक्सरसाइज करना शुरू किया। 16 घंटे की फास्टिंग करने लगी। 10 बजे के बाद सिर्फ एक-दो रोटी, दाल और सब्जी खाती। दोपहर में थोड़ा-सा भूना हुआ काला चना और शाम को फिर से दो रोटी, दाल और सब्जी। रात में भी रोज 6 से 7 किलोमीटर पैदल चलती थी। शुरू में वजन कम करने का इतना जुनून सवार हुआ कि ज्यादा चलने लगी। रास्ते में हाफंते हुए कई बार लगा कि गिर पड़ूंगी। ज्यादा वजन होने से मेरे फेफड़े में भी इन्फेक्शन हो चुका था। इतनी ज्यादा एक्सरसाइज कर रही थी कि घर पर जब मां की नींद खुलती, तो उन्हें मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती नजर आती थी। रात के डेढ़ बजे, दो बजे भी मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती थी। महीने के आखिर में जब मशीन पर अपना वजन चेक किया, तो 6 किलोग्राम घट चुका था। मैं हैरान थी कि यह कैसे हुआ। यकीन नहीं हो रहा था। डॉक्टर के पास गई। उन्होंने एक मशीन पर मेरा वजन चेक किया। तब मुझे लगा कि मशीन खराब होगी। फिर दूसरी मशीन पर चेक किया, तब कन्फर्म हो गया कि मेरा वजन कम हुआ है। इस तरह अब तो वजन घटाने का जुनून सवार हो गया था। अगले महीने फिर चेक कराया। 4 किलोग्राम और कम हो चुका था। तीसरे महीने में 8 किलोग्राम, फिर चौथे महीने में 2 किलोग्राम। 100 दिन के भीतर 20 किलो वजन कम हो गया। जब वजन कम होने की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब मेरे आस-पड़ोस के लोग और सोशल मीडिया पर जो लोग न जाने मुझे क्या-क्या कहते थे, वे मुझसे वजन कम करने की टिप्स मांगने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि मैं वही मोटी वाली आभा शुक्ला हूं। दर्जनों लोग मेरे घर आए। कहने लगे कि आपको देखना था कि आप वाकई पतली हो गई हैं या कहीं AI से तो एडिट करके फोटो पोस्ट नहीं कर दी है? अब तक मैं हजार से ज्यादा लोगों को वजन कम करने की सलाह दे चुकी हूं। 2018-19 के बाद से मैंने कानपुर में सामाजिक कार्य शुरू कर दिए थे। सोच रही थी कि अब जिंदगी जब कुछ महीनों-साल की ही बची है, तो कुछ करके मरा जाए। उसी के बाद ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बनी थी। (आभा शुक्ला ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) ------------------------------------------ 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
2014 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट बने। उसी साल भारत-जापान ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया। 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि बने। अमेरिका ने भारत को 'मेजर डिफेंस पार्टनर' घोषित किया। 2016 में फ्रेंच राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद चीफ गेस्ट बने। उनके दौरे में ही भारत-फ्रांस ने 36 राफेल फाइटर जेट्स का एग्रीमेंट साइन किया। रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। आखिर भारत ने यूरोपीय यूनियन के लीडर्स को न्योता क्यों दिया, कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट और इससे भारत क्या हासिल करता है, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: यूरोपीय यूनियन के नेताओं को भारत ने रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट क्यों बनाया? जवाब: यूरोपीय यूनियन किसी एक देश की तरह नहीं, बल्कि 27 देशों के ब्लॉक की तरह काम करता है। भारत ने इसके टॉप-2 लीडर्स को बुलाकर पूरे यूरोप को एक साथ साधने की कोशिश की है। दरअसल, उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष है। यह EU की एग्जिक्यूटिव विंग है, जो ट्रेड डील और रूल्स को लागू करती है। वहीं एंतोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं और स्ट्रैटजिक डायरेक्शन तय करते हैं। यूरोपियन यूनियन के नेताओं को चीफ गेस्ट बनाने के पीछे भारत के 3 मकसद हो सकते हैं… 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बनेगा 200 करोड़ ग्राहकों का मार्केट 2. अमेरिका-चीन की खींचतान में 'बफर स्ट्रैटजी' 3. IMEC के लिए EU का साथ जरूरी सवाल-2: गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? जवाब: पहले गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को ही मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा शुरू हुई। उस दिन की परेड दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम) में हुई थी। तब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। इंडोनेशिया को पहले चीफ गेस्ट के तौर पर चुनना भी एक सिंबोलिज्म था। क्योंकि दोनों देश हाल ही में आजाद हुए थे और औपनिवेशिक शासन के लिए खिलाफ लड़े थे। दरअसल, 17 अगस्त 1945 को इंडोनेशिया ने आजादी का ऐलान किया था, जिसे 1949 में मान्यता मिली थी। चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा भारत की सॉफ्ट और स्ट्रैटजिक डिप्लोमेसी का हिस्सा है… सवाल-3: आखिर कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट, प्रोसेस क्या है? जवाब: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि को चुनना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें डिप्लोमेसी, ट्रेड, स्ट्रैटजी और मिलिट्री फायदे का बारीकी से एनालिसिस किया जाता है। ये प्रोसेस करीब 6 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है। भले ही 26 जनवरी का कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय की जिम्मे है, लेकिन मुख्य अतिथि चुनने का काम विदेश मंत्रालय करता है। मेहमान के नाम चुनने से लेकर उनके कर्तव्य पथ तक पहुंचने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस… स्टेप-1: विदेश मंत्रालय में शुरुआती चर्चा विदेश मंत्रालय उन देशों की लिस्ट बनाता है, जिनके साथ भारत अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। इसके इन 3 सवालों का जवाब ढूंढा जाता है और उनका एनालिसिस किया जाता है… स्टेप-2: प्रधानमंत्री की मंजूरी विदेश मंत्रालय अपनी सिफारिशों की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO को भेजता है। पीएम और उनके सलाहकार तय करते हैं कि मौजूदा वैश्विक माहौल में किस नेता को बुलाना सबसे सही रहेगा। स्टेप-3: नेता का शेड्यूल पता करना स्टेप-4: राष्ट्रपति के सिग्नेचर के साथ न्योता भेजना PMO से मंजूरी मिलने और मेहमान का शेड्यूल चेक करने के बाद औपचारिक निमंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिस पर वे सिग्नेचर करती हैं। क्योंकि गणतंत्र दिवस का समारोह भारत के राष्ट्रपति आयोजित करते हैं। इसके बाद न्योता मेहमान देश को भेज दिया जाता है। स्टेप-5: सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल व्यवस्था यह पूरी प्रोसेस गोपनीय रहती है, जब तक इसका आधिकारिक ऐलान न हो जाए। इसका मकसद फॉरेन रिलेशंस को मजबूत करना और ग्लोबल लेवल पर भारत की पॉजिशन को उभारना है। पूर्व IFS अधिकारी और 1999 से 2002 तक प्रोटोकॉल चीफ रहे मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट की दौरे में पूरा फोकस होता है कि वे प्रसन्न और संतुष्ट हों। उनकी यात्रा आराम से और बिना किसी दिक्कत के साथ हो। कई मेहमानों और उनके राजदूतों ने भारत के सामारोह और प्रोटोकॉल की जमकर तारीफ कर चुके हैं। सवाल-4: क्या यह सिर्फ सम्मान देने का तरीका है या कोई डिप्लोमैटिक मैसेज? जवाब: गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि न्योता मिलना किसी देश के लिए प्रोटोकॉल के लिहाज से सर्वोच्च सम्मान की बात है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में ऑफिशियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। फिर शाम में भारत के राष्ट्रपति उनके लिए स्वागत समारोह आयोजित करते हैं। मेहमान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाते हैं। उनके लिए भारत के प्रधानमंत्री एक लंच भी रखते हैं, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी VIP मौजूद रहते हैं। पूर्व IFS अधिकारी मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट का दौरा सिंबोलिक अहमियत रखता है। उन्हें भारत के गौरव और खुशी का हिस्सा बनाया जाता है। ये दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी की झलक दिखाती है। सम्मान से कहीं ज्यादा ये डिप्लोमैटिक स्ट्रेंथ नुमाइश होती है। चीफ गेस्ट के सिलेक्शन प्रोसेस में भी ये दिखाई देता है। फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट विनय कौरा के का मानना है कि भारत ऐसे सिंबॉलिक काम से अपनी डिप्लोमैटिक और स्ट्रैटजिक पैठ को मजबूत करता है। इसके जरिए भारत दुनियाभर में अपने रणनीतिक इरादे और विदेश नीति को व्यक्त करता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मेहमान-नवाजी के जरिए भारत बताता है कि उसके लिए कौन अहम है? साथ ही अपनी सॉफ्ट पावर और डिफेंस कैपेबिलिटी की ताल ठोकता है। मेहमान देश के साथ डील्स और पार्टनरशिप भी करता है। सवाल-5: क्या पाकिस्तान और चीन को कभी बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया गया? जवाब: हां। भारत ने पाकिस्तान और चीन को उस दौर में न्योता दिया, जब वह ‘पड़ोसी पहले’ और ‘शांति के साथ रहने’ की नीति पर चल रहा था… रिश्ते सुधारने के लिए पाकिस्तान को 2 बार न्योता 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के दौर में चीन को बुलाया तब के पीएम पं. नेहरू का मानना था कि ऐसे न्योते और सम्मान से पड़ोसियों के साथ तनाव कम किया जा सकता है। साथ ही वे एशियाई एकजुटता का नेतृत्व कर रहे थे। इसमें चीन और पाकिस्तान को साथ रखना बेहद जरूरी था। सवाल-6: किस देश को सबसे ज्यादा बार और सबसे कम बार न्योता दिया गया? जवाब: 2025 तक 47 देशों के 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस के मेहमान के तौर पर शिरकत की है। भारत ने चीफ गेस्ट के लिए हमेशा अपने उन सहयोगियों को तरजीह दी है, जो डिफेंस, एनर्जी और स्ट्रैटजिक तौर से सबसे करीब रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारत ने सबसे ज्यादा 6 बार फ्रांस को न्योता दिया। 1976, 1980, 1998, 2008, 2016 और 2024 के गणतंत्र दिवस में फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया। 5 बार ब्रिटेन, 4-4 बार भूटान, इंडोनेशिया और रूस के नेता चीफ गेस्ट बने। वहीं दुनिया के कई ताकतवर और अहम देश ऐसे हैं, जिन्हें भारत ने सिर्फ एक बार ही न्योता दिया। इसमें चीन (1958), ऑस्ट्रेलिया (1979), ईरान (2003), सऊदी अरब (2006), साउथ कोरिया (2010) और अमेरिका (2015) शामिल हैं। सवाल-7: क्या कभी ऐसा हुआ कि जब कोई मेहमान ही नहीं आए? जवाब: हां। 5 बार ऐसा हुआ है, जब गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर मुख्य अतिथि की कुर्सी खाली रही। इनमें से 3 मौके शुरुआती साल के थे, जबकि दो मौके कोविड के दौरान के थे। शुरुआती 3 साल नहीं बुलाए चीफ गेस्ट कोरोना महामारी में 2 साल कोई मुख्य अतिथि नहीं ****** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां: सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी भारत के 77वां गणतंत्र दिवस की परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर होंगी। पूरी खबर पढ़िए...
पंजाब में वाघा बॉर्डर से सिर्फ 35 किमी दूर अजनाला नाम का एक छोटा सा शहर है। यहां गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इस कुएं को ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ के नाम से जाना जाता है। कुएं तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सीढ़ियों से उतरकर नीचे जाने पर कुआं नजर आने लगता है, पास में ही एक लोहे का बक्सा रखा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। आपको ये जानकर थोड़ा झटका लग सकता है कि ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। 2014 में पहली बार खुदाई में ये अवशेष निकले। प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार, राज्य सरकार सभी को लगातार चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन शहीदों के बचे-खुचे कंकाल और अवशेषों को अब तक लोहे का बक्सा ही हासिल हो पाया है। 168 से ज्यादा साल बीत चुके हैं। न तो किसी सरकार ने इन शहीदों का अंतिम संस्कार करवाने की पहल की। न इन अवशेषों को सम्मान के साथ किसी म्यूजियम में रखा गया। शर्म की बात ये है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले अंग्रेज अफसर फ्रेडरिक हेनरी कूपर के नाम पर अमृतसर में एक रोड है। क्रिस्टल चौक से रेलवे ब्रिज की तरफ जाने वाली इस रोड का नाम है- कूपर रोड। राज्य में कांग्रेस, अकाली-BJP और AAP की सरकार भी आ गई, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं मिली। केंद्र में मोदी सरकार को भी लेटर लिखे गए, लेकिन अभी तक ये शहीद सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, पहचान का इंतजार कर रहे हैं। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर इन शहीदों की कहानी याद करें… भारतीय सैनिकों का नरसंहार, जो इतिहास में खो गयाये कहानी सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स को कबाड़ में मिली एक किताब से शुरू हुई। 1857 में अमृतसर का डिप्टी कमिश्नर था फ्रेडरिक हेनरी कूपर। इसी फ्रेडरिक ने 1858 में ब्रिटेन में एक किताब लिखी थी, द क्राइसिस इन द पंजाब। (The Crisis in the Punjab From The 10th Of May Until the fall of Delhi) इस किताब को भारत में कोई नहीं जानता था। ये अमृतसर की मोती लाल नेहरू लाइब्रेरी में रखी थी। ये लाइब्रेरी अंग्रेजों के जमाने में बने टाउन हॉल में है, जो गोल्डन टेंपल से महज कुछ दूरी पर है। सौ साल से ज्यादा समय तक रखी इस किताब को 2003 में लाइब्रेरी में ही रद्दी के ढेर में फेंक दिया गया। इसी लाइब्रेरी में अमृतसर के सुरेंद्र कोछड़ जाया करते थे। उन्होंने ये किताब पढ़ने के लिए ले ली। किताब के पेज नंबर 151 पर चैप्टर-6 है। इसमें 1857 में मौजूद 26वीं नेटिव इन्फैन्ट्री बटालियन का जिक्र है। इस चैप्टर में मेजर स्पेंसर की हत्या और उस रेजिमेंट के टोटल डिस्ट्रक्शन की बात है। इसी चैप्टर में हेनरी कूपर ने अजनाला के सूखे कुएं में 282 सैनिकों को मारकर दफनाने का जिक्र किया है। यहीं से सुरेंद्र कोछड़ की खोज शुरू हुई। 11 साल तक ढूंढा, 2007 में कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बन गया थासुरेंद्र कोछड़ के मुताबिक, ‘किताब में लिखा था कि अजनाला थाने के पास कैंपिंग ग्राउंड है। पहले वहां एक छोटा कुआं था। इसमें 20-30 लोगों को ही फेंका जा सकता था। उससे करीब 100 मीटर दूर एक बड़ा सूखा कुआं मिल गया।' 'इसके बाद कूपर ने उसी कुएं में गोलियों से मारे गए सैनिक और भूख-प्यास से जिंदा, लेकिन अधमरे हो चुके सैनिकों को दफना दिया था। पहले तो ये लगा कि अगर ये सच होता तो पंजाब के अजनाला या अमृतसर में इसकी चर्चा जरूर होती। कई साल तक लगातार पड़ताल के बाद भी हमें ऐसे कुएं के बारे में जानकारी नहीं मिली।’ ‘कोई दस्तावेज नहीं मिल रहा था, कई साल गुजर गए। हमें 1928 में प्रयागराज से पब्लिश एक पत्रिका मिली। इस पत्रिका में अजनाला के रहने वाले बाबा जगत सिंह का इंटरव्यू छपा था। अजनाला हत्याकांड उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।’ ‘उनके हवाले से लिखा गया था कि 26 नंबर की पलटन के कुछ थके हुए सिपाही अमृतसर की एक तहसील अजनाला से 6 मील दूर रावी नदी के किनारे पड़े थे। ये वही सिपाही थे, जो 30 जुलाई की रात को लाहौर की छावनी से भागे थे। इन्हें शक के आधार पर पकड़ लिया गया। इसके बाद मार दिया गया। इस पत्रिका में कूपर की दरिंदगी का भी जिक्र था।’ सुरेंद्र आगे बताते हैं, ‘इसी के बाद मुझे इस कहानी पर यकीन हो गया। जिस कैंपिंग ग्राउंड में छोटे कुएं और उसके 100 मीटर की दूरी पर बड़े कुएं की बात हो रही थी। उसकी 1857 और 1957 यानी 100 साल बाद की भी फोटो मिल गई। 1857 की पहली फोटो में बंद कुएं के आसपास झाड़ियां नजर आ रही हैं। 1957 की फोटो में उस कुएं के आसपास ईंट की चारदीवारी बना दी गई थी। कुछ बच्चे और लोग खड़े थे। साल 2007 के आसपास उसी कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बना दिया गया था।’ पत्नी-बच्चों की कसम खाई तो खुदाई शुरू हुईसुरेंद्र ने कूपर की किताब तो पढ़ ली थी, लेकिन इस घटना की दूसरे ऐतिहासिक सोर्स से जांच-पड़ताल भी जरूरी थी। 11 साल तक वे अलग-अलग किताबों और जरियों से पड़ताल करते रहे। उन्हें भरोसा हो गया था, लेकिन कुएं की खुदाई कराने को कोई तैयार नहीं हो रहा था। गुरुद्वारा प्रशासन, स्थानीय लोग, राज्य सरकार सबको बताया, लेकिन कोई इस सच को मानने के लिए तैयार नहीं था। सुरेंद्र कोछड़ को कहना पड़ा कि अगर सिपाहियों के कंकाल न मिलें तो मुझे भी इसी कुएं में दफना देना। कंकालों के हाथ ऊपर की तरफ थे, मरने से पहले निकलना चाहते थेसुरेंद्र बताते हैं, ‘10 फीट के बाद लोग सवाल उठाने लगे थे, लेकिन थोड़ा ही नीचे पहला कंकाल नजर आ गया। वो कंकाल एक हाथ का हिस्सा था। कुएं में नीचे से ऊपर की तरफ। मानो मरने वाला कुएं से बाहर निकलने की आखिरी कोशिश में था, पर निकल न सका। उसी हालात में उस सैनिक की मौत हो गई होगी। इसके बाद एक-एक कर कंकाल निकलने लगे।’ सुरेंद्र ये बताते हुए इमोशनल हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘खुदाई के दौरान मिले दो सैनिकों के कंकाल को मैं कभी नहीं भूल सकता। एक सैनिक के कंकाल के जबड़े में कुछ दबा हुआ था। उसे खोला तो जबड़े में उंगली डाली हुई थी। उंगली में एक अंगूठी भी थी। वो अंगूठी किसी महिला की थी। सोने और हीरे की बनी हुई। शायद उसकी याद में मरते हुए सैनिक ने उसे मुंह में दबा लिया होगा। ऐसा लगता है कि या तो उस सैनिक की नई शादी हुई होगी या फिर सगाई होने वाली होगी। दूसरा कंकाल मुझे याद है, उसकी हाथ की मुट्ठी बंद थी। उस कंकाल की हथेली को खोला गया, तब उसमें 7 सिक्के मिले। उसने अपनी मेहनत की कमाई और परिवार की याद में सिक्के दबा रखे होंगे। इस उम्मीद में कि अगर कुएं से जिंदा निकल गए तो शायद परिवार को दे सकेंगे। दुख इस बात का है कि किसी ने भी इन सैनिकों की पहचान तक करने की कोशिश नहीं की।’ कूपर ने अपनी किताब में सैनिकों के कत्लेआम के बारे में क्या लिखा, पढ़िए कुएं से क्या-क्या मिलासुरेंद्र कोछड़ बताते हैं, ‘खुदाई के दौरान 282 लोगों के कंकाल मिले थे। इनमें जो काफी हद तक बेकार हो चुके थे, उन्हें तो हमने खुद हरिद्वार में जाकर जल प्रवाह करा दिया। कुछ कंकाल आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास हैं। बाकी जो दांत मिले थे, वो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में जांच के लिए रखे हैं।’ ‘इनके अलावा सैनिकों की काफी निशानियां मिली थीं, जैसे उस समय के चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठियां, हीरे की अंगूठी, सोने के कई सामान, हाथ के कड़े और कुछ मालाएं। ये सब हमने गुरुद्वारा कमेटी के पास ही रख दिए थे। ये निशानियां आज भी उनके पास ही रखी हैं। हम चाहते थे कि ये सामान भारत सरकार के पास रहे। इन्हें लोगों को दिखाने के लिए किसी म्यूजियम में रखा जाए।’ सैनिकों को गोली मारी, गोलियां खत्म हुईं तो पत्थरों से मार डालादैनिक भास्कर ने हेनरी कूपर की लिखी किताब 'क्राइसिस इन पंजाब' पढ़ी। सुरेंद्र कोछड़ के अलावा बरामद कंकालों की साइंटिफिक जांच करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से भी बात की। कंकालों की DNA जांच में जुटे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘10-10 लोगों के हाथ पीछे की तरफ बांधकर कैंपिंग ग्राउंड में ले गए। फिर उन्हें गोली मार दी गई। गोलियां कम पड़ गईं, तो उन्हें पत्थर की गोलियां मारी गईं। इसके सबूत हमें कंकालों की जांच में मिले हैं। हथियार के बट से सैनिकों के सिर के पीछे हमला किया गया, जिसके निशान उन खोपड़ियों पर मिले हैं।’ हेनरी कूपर की किताब और सुरेंद्र कोछड़ से बात कर हम भारतीय सैनिकों के साथ हुई दरिंदगी की 3 बड़ी निशानियों तक पहुंचे। पहली निशानी- अंग्रेजों के जमाने की पुरानी तहसीलअब इस तहसील के पास ही टेलीफोन एक्सचेंज का दफ्तर है। पुरानी तहसील इतनी जर्जर हालत में है कि यहां ताला लगा रहता है। हम उस ताले को खुलवाकर अंदर पहुंचे। आसपास की दीवारें जर्जर, दरवाजे टूटे-फूटे। किनारे-किनारे आसपास घने और लंबे पेड़। इन्हीं पेड़ों और जर्जर दीवारों के बीच में जर्जर गुंबदनुमा बुर्ज वाली छोटी कोठरी है। इसमें एक भी खिड़की नहीं है। लोहे के दो गेट हैं, जिन्हें तहसील के जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। अजनाला थाने में जगह कम पड़ गई तो इसी 7 फुट चौड़े और करीब 8-9 फुट लंबे गुंबद के आकार वाली कोठरी में 60-70 सैनिकों को रखा गया था। इन सैनिकों को पहले यहीं के पेड़ों पर फांसी देने की तैयारी थी। बारिश और लकड़ियों की कमी से सैनिकों को जिंदा ही सूखे कुएं में डाल दिया गया था। दूसरी बड़ी निशानी कैंपिंग ग्राउंडये जगह उस सूखे कुएं से 100 मीटर और अजनाला थाने से चंद कदम दूर है। पहले भी यहां सैनिकों की छावनी हुआ करती थी। आज भी छावनी है। गेट पर आर्मी के जवान तैनात मिले। इन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। न ही अंदर जाने दिया। बात करते हुए ये जरूर बताया कि यहां आने पर हमें पता चला कि अजनाला नरसंहार के दौरान अंग्रेजों ने इसी कैंपिंग ग्राउंड में 1857 के दौरान भारतीय सैनिकों को मारा था। इसी कैंपिंग ग्राउंड में थाने में बंद सैनिकों को 10-10 की संख्या में खड़ा करके गोली मारी गई थी। जब ये सैनिक मर गए तब उन्हें सूखे कुएं में फेंक दिया गया था। तीसरी निशानी सूखा कुआंहम इसी कैंपिंग ग्राउंड के किनारे-किनारे उस गुरुद्वारे तक पहुंचे, जहां सूखे कुएं में 282 सैनिकों को दफनाया गया था। उस कुएं तक पहुंचे तो वहां एक संदूक मिला। इसमें आज भी एक संदूक में उन गुमनाम सैनिकों की अस्थियां पड़ी मिलीं। इसके बाद अजनाला से करीब 10-11 किमी दूर रावी नदी तक पहुंचे। यहां सोफियां गांव से आगे रावी नदी से कुछ दूर पाकिस्तान शुरू हो जाता है। आखिर कब इन सैनिकों को सम्मान मिलेगा, अंतिम संस्कार होगाकुएं के पास ले जाकर सुरेंद्र हमें एक लोहे का बक्सा दिखाते हैं। ये एक सामान्य बक्सा है, जैसा घरों में सामान या कपड़े रखने के लिए इस्तेमाल होता है। वे इस बक्से का ढक्कन खोलते हैं और हाथ में एक इंसानी हड्डी लेकर हमें दिखाने लगते हैं। सुरेंद्र कोछड़ उदास होकर कहते हैं, ‘साल 2014 में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच गुरुद्वारे के नीचे खुदाई हुई थी। इसमें से 282 सैनिकों के कंकाल मिले। खुदाई के 12 साल बाद और दफन होने के 168 साल बाद भी इनके कंकाल आज भी उसी कुएं के पास 2 बाई 1 के एक संदूक में बंद हैं।' मैंने कई बार केंद्र और राज्य सरकार को जानकारी दी। सैनिकों के काफी अवशेष आज भी लैब में पड़े हैं। ये सैनिकों की सबसे बड़ी तौहीन है। इनके साथ ऐसा होगा इसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। न PMO ने सुनी न पंजाब सरकार ने, अभी जांच ही चल रहीऐसा भी नहीं है कि सरकारों को इस घटना की जानकारी नहीं है। दैनिक भास्कर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, सैनिकों के नाम और पहचान के लिए 16 मई 2022 को पीएमओ के ऑनलाइन पोर्टल पर डिमांड की गई थी। इसके तीन दिन बाद ही 18 मई को इसके लिए उस समय के अंडर सेक्रेटरी मुकुल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई थी। हमने उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे पहले, गृह मंत्रालय की तरफ से भी 26 मार्च 2014 को लेटर जारी हुआ था। ये लेटर ब्रिटेन भी भेजा गया था। अब तक ब्रिटेन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सैनिकों के कंकाल और निशानियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण को 2024 में लेटर लिखा गया था। हालांकि जवाब मिला कि ये स्थल संरक्षण योग्य नहीं है। सुरेंद्र कोछड़ ने 25 जुलाई 2025 को पंजाब के मुख्यमंत्री को एक लेटर लिखा था। इसका ज्ञापन अजनाला के एसडीएम रविंद्र सिंह अरोड़ा को भी दिया था। लेटर में सवाल किया गया था कि अजनाला से खुदाई में मिले अवशेषों को पंजाब सरकार कब्जे में क्यों नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेएस सहरावत को जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि हम लोग इस पर लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही साइंटिफिक तरीके से एक रिपोर्ट पब्लिश करेंगे। उस रिपोर्ट पर सहमति मिल जाएगी, तभी हम उस बारे में मीडिया को जानकारी दे सकेंगे। .................................स्टोरी का दूसरा पार्ट 26 जनवरी, सोमवार को पढ़िएयूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीदअजनाला के कुएं में मिले कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले प्रोफेसर और सैनिकों के संभावित परिवारों से बात की है। ये रिपोर्ट पढ़िए 26 जनवरी को...
मंडियों में फसलों की रिकॉर्ड आवक; धान और बाजरा एमएसपी से ₹1,000 ऊपर बिके
मंडी भाव 2026: देश की मंडियों में धान, मक्का और बाजरे की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल! एमएसपी से कहीं अधिक दामों पर बिक रही हैं फसलें। जानें 25 जनवरी के ताजा आंकड़े, फसलों की आवक और बाजार के बदलते समीकरणों की पूरी रिपोर्ट। किसानों के लिए लाभदायक रहे बाजार के रुझान और व्यापारिक विश्लेषण की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
मुंबई के सराफा बाजार में भारी उछाल; ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुँचा सोना, निवेशकों में मची हलचल
मुंबई में सोने की कीमतों ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड! 24 कैरेट सोने की कीमत ₹16,000 प्रति ग्राम के पार पहुँची। इस लेख में जानें मुंबई के सराफा बाजार में आए भारी उछाल के विस्तृत आंकड़े, 22 कैरेट और 18 कैरेट के ताजा भाव और निवेशकों पर इसके प्रभाव की पूरी रिपोर्ट। आज की सबसे सटीक और विस्तृत गोल्ड रेट अपडेट।
पाकिस्तान का नया बखेड़ा: आईसीसी को बताया 'BCCI की कठपुतली'; नजम सेठी ने उगला भारत के खिलाफ जहर
पूर्व PCB अध्यक्ष नजम सेठी ने ICC को 'इंडियन क्रिकेट काउंसिल' बताकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने और स्कॉटलैंड के शामिल होने पर भड़के सेठी ने आरोप लगाया कि ICC को पूरी तरह BCCI चला रहा है। जानें क्यों पाकिस्तान ने दी वर्ल्ड कप बहिष्कार की धमकी और क्या है मोहसिन नकवी और शहबाज शरीफ का इस पर अंतिम फैसला। क्रिकेट जगत की इस सबसे बड़ी कूटनीतिक जंग की पूरी रिपोर्ट।
ट्रंप का बड़ा यू-टर्न: NATO को पहले दी नसीहत; फिर सोशल मीडिया पर लिखा- 'Love You All'
अफगानिस्तान युद्ध में नाटो और ब्रिटिश सैनिकों की भूमिका पर विवादित बयान देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा यू-टर्न लिया है। ब्रिटेन और डेनमार्क के कड़े कूटनीतिक विरोध के बाद, ट्रंप ने ब्रिटिश सैनिकों को 'महानतम योद्धा' बताते हुए उनकी सराहना की है। जानें कैसे एक साक्षात्कार से शुरू हुआ यह विवाद कूटनीतिक दबाव के बाद 'लव यू ऑल' के संदेश पर आकर थमा।
महाराष्ट्र लाडकी बहिन योजना की रुकी हुई किस्तों को लेकर मंत्री अदिति तटकरे ने बड़ा ऐलान किया है। अब 181 हेल्पलाइन और आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से ई-केवाईसी (e-KYC) की गलतियों को सुधारा जाएगा। 25 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ। जानिए कैसे सुधारें अपने आवेदन की त्रुटियां और पाएं बकाया पैसा।
पंच परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने का माध्यम : सुनील आंबेकर
जयपुर। कांस्टिट्यूशनल क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित समारोह में विकसित भारत : पंच परिवर्तन (एक महत्वपूर्ण पहल) पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम हुआ। पुस्तक विमोचन अवसर पर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत : पंच परिवर्तन राष्ट्र निर्माण की दिशा […] The post पंच परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने का माध्यम : सुनील आंबेकर appeared first on Sabguru News .
पंचशील नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन से पूर्व निकलेगी वाहन रैली
अजमेर। सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में 1 फरवरी को पंचशील नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन होगा। आयोजन समिति के अशोक टेवानी ने बताया कि सम्मेलन से पूर्व विशालल वाहन रैली निकाली जाएगी। यह रैली दोपहर 2 बजे चन्द्रेश्वर महादेव मंदिर चंद्रप्रभु नगर से आरंभ होकर भैरूवाडा, गणेश गुवाडी होते हुए हिन्दू सम्मेलन […] The post पंचशील नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन से पूर्व निकलेगी वाहन रैली appeared first on Sabguru News .
डिवाइडर लांघकर ट्रक ने मारी टक्कर; SUV के उड़े परखच्चे, 6 लोगों की मौके पर मौत
गुजरात के बनासकांठा में आबू-पालनपुर हाईवे पर शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां डिवाइडर लांघकर आए एक ट्रक ने SUV को कुचल दिया। इस दर्दनाक घटना में राजस्थान के 6 लोगों की मौत हो गई और 3 गंभीर रूप से घायल हैं। पूरी खबर पढ़ें: कैसे एक बेकाबू ट्रक ने इलाज के लिए जा रहे परिवार की खुशियां छीन लीं और अब पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में क्या कदम उठा रही है।
रोडवेज बस की टक्कर से सैनिक की मौत होने पर एक करोड़ रुपए के मुआवजे के आदेश
जयपुर। राजस्थान के जयपुर में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) न्यायाधीश श्वेता गुप्ता ने सड़क दुर्घटना में मारे गए पूर्व सैनिक रणजीत सिंह के परिजनों को ब्याज सहित एक करोड़ छह लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश पारित किया है। झुंझुनूं जिले के ग्राम पोषाणा, उदयपुरवाटी निवासी मृतक की पत्नी मंजू देवी एवं बच्चों […] The post रोडवेज बस की टक्कर से सैनिक की मौत होने पर एक करोड़ रुपए के मुआवजे के आदेश appeared first on Sabguru News .
रिश्वत लेने के दाेषी तत्कालीन रीडर को 4 वर्ष का कारावास
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के विशेष न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में तत्कालीन रीडर को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ट न्यायाधीश प्रहलाद राय शर्मा ने अभियुक्त तत्कालीन रीडर मनीष कुमार को रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए उस पर 40 हजार रुपए […] The post रिश्वत लेने के दाेषी तत्कालीन रीडर को 4 वर्ष का कारावास appeared first on Sabguru News .
कोटपूतली-बहरोड़ के होटल में प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर स्थित एक होटल में शनिवार को प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस उपाधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कांकर दोपा गांव के पास स्थित गणगौर मिडवे होटल में युवक और युवती […] The post कोटपूतली-बहरोड़ के होटल में प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
जयपुर में देखा गया विंटेज कारों का शाही जलवा
27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार प्रदर्शनी जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को विंटेज कारों का शाही जलवा देखने को मिला और इस दौरान लोगों में इन कारों को लेकर खासा उत्साह रहा। राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब की ओर से आयोजित 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार प्रदर्शनी में इन कारों का प्रदर्शन देखने […] The post जयपुर में देखा गया विंटेज कारों का शाही जलवा appeared first on Sabguru News .
ट्रंप के घुड़की-धमकी वाले स्वर दावोस में अचानक बदले
US President Donald Trump: स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में हर वर्ष होने वाले विश्व आर्थिक फ़ोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी अब तक की घुड़की-धमकी के स्वर अचानक बदल दिए। उन्होंने ने ग्रीनलैंड विवाद का समाधान मिल जाने की घोषणा कर दी है। ...
रामकथा जीवन जीने की पाठशाला : भजनलाल शर्मा
कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामकथा को जीवन जीने की पाठशाला बताया है और कहा है कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रामराज्य की संकल्पना को साकार कर सकेंगे। शर्मा शनिवार को कोटा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित […] The post रामकथा जीवन जीने की पाठशाला : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
लातूर के चाकूर बाईपास पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में ठाणे के कलवा निवासी चेतन पंचाक्षरी मलकसमुद्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी अश्विनी गंभीर रूप से घायल हैं। ससुराल जाते समय गन्ने के ट्रैक्टर से टकराने के कारण यह दुखद दुर्घटना हुई। पूरी खबर पढ़ें और जानें पुलिस की कार्रवाई और हादसे की मुख्य वजह।
सवाई माधोपुर के मोशन इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन गर्ग ने किया विशेष निरीक्षण। कोटा की फैकल्टी और अनुशासित शैक्षणिक माहौल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे डॉक्टर व इंजीनियर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए उत्कृष्ट बताया। संस्थान प्रबंधन ने मदन मोहन गर्ग का सम्मान किया और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत
इंदौर। नगर में श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ माता के मंदिर, साईं मंदिर के पीछे नंदा नगर से हुआ। यात्रा समापन पुन: लौटकर आने के बाद उसी स्थान पर श्रद्धापूर्वक किया गया। पालकी यात्रा के दौरान मार्ग को फूलों […] The post सिद्धि धात्री माता की भव्य पालकी यात्रा, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में उड़ान क्लब ने बिखेरे बसंत के रंग: पीले फूलों और भक्तिमयी भजनों से गूंजा उत्सव
भीलवाड़ा के उड़ान क्लब द्वारा बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संरक्षक प्रतिभा मानसिंहका की अध्यक्षता में आयोजित इस उत्सव में नीलू वागरानी, आशा अग्रवाल और अंजना मानसिंहका सहित कई सदस्यों ने मां सरस्वती की पूजा और भजनों के माध्यम से बसंत का स्वागत किया। आगामी सामाजिक सेवा कार्यों की रूपरेखा के साथ खेलों में सपनी अग्रवाल, द्रोपदी मानसिंहका और आभा मित्तल विजेता रहीं।
चित्तौड़गढ़ के बस्सी में देवनारायण जयंती पर केलझर बालाजी मंदिर में उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की उपस्थिति में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की ऐतिहासिक शपथ ली। भगवती सेवा संस्थान और प्रशासनिक अधिकारियों की इस पहल का उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करना है। जानिए कैसे एक धार्मिक आयोजन बना सामाजिक परिवर्तन का गवाह।
जयपुर की बेटियों की उड़ान: डॉ. राजेश डोगीवाल ने कहा—सशक्त बालिका ही है विकसित राष्ट्र की असली नींव
जयपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। डॉ. राजेश डोगीवाल ने 'सक्षम जयपुर' अभियान के तहत बालिकाओं को शिक्षित और सुरक्षित बनाने पर जोर देते हुए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सांगानेर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बना राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
जयपुर आर्ट वीक 5.0 का आगाज़ 27 जनवरी से होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। सना रेज़वान के नेतृत्व में आयोजित इस उत्सव में 100 से अधिक कलाकार शहर के 11 प्रमुख स्थलों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ‘अंधा युग’ और ‘आवतो बैरो बाजे’ जैसी प्रदर्शनियों के साथ यह आयोजन जयपुर को एक वैश्विक आर्ट हब के रूप में प्रस्तुत करेगा।
जयपुर के माधोराजपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। हरसूलिया निवासी हीरालाल गुर्जर को फर्टिलिटी किट और उन्नत तकनीक की जानकारी के साथ मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ मिला। जानिए कैसे आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाएं राजस्थान के पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
जयपुर में आयोजित भव्य समारोह में हमीद खान मेवाती ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। मदन राठौड़ और जमाल सिद्दीकी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को केंद्र व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करने का आह्वान किया गया।
जयपुर के प्रताप नगर में 25 जनवरी 2026 को सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज द्वारा यशोदा देवी रेवाचन्द गुरुनानी चैरिटेबल ट्रस्ट के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण होगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उपस्थिति में भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और दिव्य सत्संग का भव्य आयोजन किया जाएगा। समाज हित और आध्यात्मिक चेतना को समर्पित इस कार्यक्रम का पूर्ण विवरण यहाँ पढ़ें।
जयपुर में 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्जीबिशन का शानदार आगाज़! उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया उद्घाटन और शाही कारों की सवारी कर सराहा इतिहास का संरक्षण। दुर्लभ और ऐतिहासिक गाड़ियों का अनूठा संगम देखने उमड़ी भीड़। राजस्थान के पर्यटन और हेरिटेज को बढ़ावा देने वाले इस भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि हम अब सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, अगर उन्होंने मना कर दिया तो हम भी टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 2 हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में बांग्लादेश को वर्ल्ड कप नहीं खेलने से क्या घाटा होगा, क्या पाकिस्तान भी मैच नहीं खेलेगा और भारत पर क्या असर पड़ेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना क्यों किया? जवाब: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में न खेलने का फैसला किया है। BCB चाहता था कि उसके T20 वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में हों, लेकिन ICC ने इससे इनकार कर दिया। बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है।’ सुरक्षा से जुड़ी इस वजह के अलावा बांग्लादेशी टीम के भारत न आने की 2 छिपी वजहें भी हैं… 1. मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करना IPL की टीम KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा, लेकिन भारत में इसका विरोध होने लगा। BCCI ने KKR से उन्हें रिलीज करने को कहा। 3 जनवरी को KKR ने ऐसा कर दिया। BCB ने इसे अपमान माना और IPL का टेलिकास्ट बैन कर दिया। यहीं से ये विवाद शुरू हुआ। 2. भारत-बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और रिश्ते पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के डिप्लोमेटिक रिलेशंस बेहद खराब हुए हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या होने के बाद भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों और कलाकारों के विरोध की बात होने लगी। बिगड़ते माहौल का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने टीम भेजने से मना कर दिया। हालांकि BCB के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम ICC से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। बांग्लादेश के बायकॉट के फैसले के बाद अब उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप में खेल सकती है। सवाल-2: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश को क्या-क्या नुकसान होगा? जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से लेकर बांग्लादेश में बिजनेस को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है… पार्टिसिपेशन फीस नहीं मिलेगी, बोर्ड का घाटा मैच जीतने पर भी फीस मिलती है, इसका नुकसान स्पॉन्सर और कॉमर्शियल लॉस रैंकिंग पर असर दैनिक भास्कर डिजिटल के स्पोर्ट्स एडिटर बिक्रम प्रताप सिंह के मुताबिक बांग्लादेश ने पाकिस्तान से प्रभावित होकर फैसला तो ले लिया कि वह वर्ल्ड कप बायकॉट कर देगा, लेकिन ICC में पाकिस्तान का फिर भी दबदबा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पूरे वर्ल्ड कप का 25% तक रेवेन्यू आता है, लेकिन बांग्लादेश के साथ ऐसा नहीं है। उसने वर्ल्ड कप बायकॉट कर अपना ही नुकसान किया है। हालांकि BCB की फाइनेंस कमेटी के प्रमुख और अंतरिम सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर नजमुल हुसैन ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा। जो नुकसान होगा वो खिलाड़ियों को होगा। सवाल-3: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को क्या नुकसान होगा जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के करियर और फाइनेंस को नुकसान होगा… हर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख का नुकसान रैंकिंग पर असर स्पॉन्सर्स का पीछे हटना सवाल-4: क्या ICC बांग्लादेश टीम के खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है? जवाब: ICC के पास कार्रवाई का अधिकार है। ICC के नियमों के मुताबिक वर्ल्ड कप का बायकॉट, मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है। ऐसे मामलों में ICC आर्थिक दंड से लेकर सदस्यता निलंबन तक का फैसला ले सकती है। पहले भी ICC सख्त कदम उठा चुकी है। 2019 में जिम्बाब्वे क्रिकेट को राजनीतिक दखल के कारण निलंबित किया गया था, जिससे वह 2020 में कोई ICC टूर्नामेंट नहीं खेल सका। अगर ICC को लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने राजनेताओं के दबाव में फैसला लिया है, तो ICC के सदस्य के तौर पर उसके निलंबन पर सोचा जा सकता है। अगर बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट से हटती है तो ICC उसे ग्रुप स्टेज में भागीदारी पर मिलने वाले लगभग 3 लाख डॉलर भी नहीं देगी। इसके अलावा बोर्ड को ICC से मिलने वाला 30–40 मिलियन डॉलर का सालाना हिस्सा भी रोका जा सकता है। इसके अलावा ICC भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी का अधिकार भी छीन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरशिप पर असर पड़ेगा। सवाल-5: क्या पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप का बायकॉट कर सकता है? जवाब: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप बायकॉट करने की संभावना कम है क्योंकि उसके मैच पहले से ही भारत में नहीं होना तय है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में शेड्यूल हैं। हालांकि PCB के चेरयमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि बांग्लादेश के साथ गलत हुआ है। अगर हमारी सरकार ने वर्ल्ड कप खेलने से मना किया, तो हम भी टीम नहीं भेजेंगे। लेकिन नकवी बार-बार बयान बदल रहे हैं। कुछ दिन पहले टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने PCB सूत्रों के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप न खेलने जैसा कदम नहीं उठाएगा। सवाल-6: बांग्लादेश के बायकॉट करने से क्या भारत को भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब: बांग्लादेश के वर्ल्ड कप बायकॉट करने से भारत से ज्यादा बांग्लादेश को ही नुकसान होगा। इससे भविष्य में अब भारत भी बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकता है। जब भारत-बांग्लादेश के मैच होते हैं तो बांग्लादेश के ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर सबसे ज्यादा कमाई करते हैं। IPL से भी यह कमाई करते हैं। भारत से संबंध खराब कर BCB अपना ही नुकसान कर रहा है। हालांकि मैच टिकट और टूरिज्म से होने वाली कमाई का नुकसान भारत को झेलना पड़ेगा… ***** बांग्लादेश क्रिकेट विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर: बोर्ड बोला- भारत में नहीं खेलेंगे; ICC ने कल कहा था- इंडिया में ही खेलना होगा बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही ICC ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही कराए जाएंगे। पूरी खबर पढ़िए...
कोटा में आयोजित भव्य रामकथा एवं गौ महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रीराम के आदर्शों को रामराज्य की नींव बताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई दिग्गजों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने राजस्थान में सनातन धर्म की अलख जगाई। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
दिल्ली: 7 दिन से लापता मजदूर दंपति की लाशें नाले से हुई बरामद, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर निवासी मजदूर दंपति के शव नजफगढ़ नाले से बरामद। 17 जनवरी से थे लापता, पोस्ट-मार्टम के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
मोकलसर के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब आपकी दहलीज पर ठहरेगी चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस
रेलवे ने मोकलसर वासियों को दी बड़ी सौगात! अब एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी रेलसेवा का मोकलसर स्टेशन पर होगा ठहराव। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने गाड़ी संख्या 20625 और 20626 के समय और तारीखों की घोषणा की है। इस नए स्टॉपेज से दक्षिण भारत की यात्रा होगी आसान और व्यापार को मिलेगा नया आयाम। पूरी समय-सारणी यहाँ पढ़ें।
जयपुर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने भगवान श्री देवनारायण जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोक देवता को गौ रक्षक और असहायों का मसीहा बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। पढ़ें, कैसे राजस्थान के राजभवन से जन-जन के आराध्य के प्रति व्यक्त की गई गहरी श्रद्धा।
जयपुर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए मतदाता को 'भाग्य विधाता' बताया। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लेने का आह्वान किया है। पढ़िए राज्यपाल का पूरा संदेश और मतदान जागरूकता पर्व का महत्व।
चित्तौड़गढ़ में अग्रसेन महिला मंडल द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व पर महाराजा अग्रसेन और माता माधवी का विवाह वर्षगांठ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दीप प्रज्वलन, सांस्कृतिक खेलों और भजनों की प्रस्तुति के साथ आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रथसप्तमी की पूर्व संध्या पर भड़की कीमतें: सोना ₹1.58 लाख, चांदी ₹3.30 लाख, डॉलर 92 के करीब!
24 जनवरी 2026 की रात सराफा बाजार में भूचाल! रथसप्तमी से पहले सोना 1.58 लाख और चांदी 3.30 लाख रुपये के पार। जानें 24 कैरेट गोल्ड, सिल्वर और डॉलर (91.90) के ताजा रेट्स। इस ऐतिहासिक तेजी ने त्योहारी सीजन में खरीदारों की चिंता बढ़ाई। पढ़ें पूरी मार्केट रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़: अटूट आस्था का पैदल सफर, 1200 किमी की दूरी तय कर बागेश्वर धाम पहुंचेंगे उदयपुर के भक्त
उदयपुर से बागेश्वर धाम के लिए 1200 किमी की पैदल यात्रा पर निकले 20 भक्तों का चित्तौड़गढ़ में भव्य स्वागत किया गया। यह जत्था पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री को उदयपुर के संकट मोचन बागेश्वर धाम मंदिर की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण देने जा रहा है। जानिए इस साहसिक और भक्तिपूर्ण सफर की पूरी कहानी, जिसमें श्रद्धा और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
चित्तौड़गढ़ में शिवसेना द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और बाला साहब ठाकरे की पुण्यतिथि पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और गोसेवा के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने इन महान नायकों को श्रद्धांजलि दी। शहर के प्रमुख चौराहों पर केसरिया ध्वज फहराकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया, जिसमें जिले के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।
चित्तौड़गढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूर्ण! राज्य मंत्री गौतम कुमार दक करेंगे ध्वजारोहण। सुरक्षा व्यवस्था में पहली बार शामिल हुई एक साल की डॉग 'लुभना' ने संभाली कमान। उदयपुर की बम स्क्वायड टीम ने स्टेडियम की बारीकी से की जांच। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों से सजेगा इंदिरा गांधी स्टेडियम। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

10 C
