आखिर आत्महत्या क्यों कर रहे हैं भारत में विवाहित पुरुष
एनसीआरबी की ओर से जारी 'भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं 2024 (एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया)' शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में करीब 1.70 लाख लोगों ने आत्महत्या कर ली। वर्ष 2023 के आंकड़ों के मुकाबले यह 0.4 ...
ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत के साथ जल्द होगा व्यापार समझौता
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि भारत और अमरीका जल्द ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जाएंगे। ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देश् ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम एक समझौते तक जरूर पहुंचेंगे, क्योंकि मैं भारतीय प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं। […] The post ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत के साथ जल्द होगा व्यापार समझौता appeared first on Sabguru News .
आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी, जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाया
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच शुक्रवार को रेपो रेट तथा अन्य नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की शुक्रवार को समाप्त तीन दिवसीय बैठक में पश्चिम एशिया संकट जारी रहने, मुद्रास्फीति में वृद्धि-विशेषकर ईंधन की कीमतों में, और कमजोर मानसून की भविष्यवाणी […] The post आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी, जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाया appeared first on Sabguru News .
राम चरण स्टारर 'पेड्डी' का बॉक्स ऑफिस पर दिखा तूफान, ओपनिंग डे पर ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
'पेड्डी' इस साल की सबसे मच-अवेटेड पैन-इंडिया रिलीज में से एक थी, जिसमें राम चरण लीड रोल में हैं और जाह्नवी कपूर और जगपति बाबू ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अपने सुपरहिट गानों, दमदार प्रमोशनल कंटेंट और इम्पैक्टफुल ट्रेलर के जरिए सोशल मीडिया पर भारी बज बनाने के बाद, यह फिल्म आखिरकार 4 जून को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। रिलीज होते ही 'पेड्डी' ने थिएटर्स में तूफान ला दिया है। हिम्मत, जज्बे और दिल छू लेने वाली कहानी को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ रही है, फैंस जश्न मना रहे हैं और जनता की तरफ से फिल्म को शानदार रिव्यूज मिल रहे हैं। दर्शकों के इस जबरदस्त रिस्पॉन्स का असर बॉक्स ऑफिस के कलेक्शन पर भी साफ देखने को मिल रहा है। ALSO READ: है जवानी तो इश्क होना है रिव्यू: हंसी की तलाश में भटकती कॉमेडी फिल्म ने दुनिया भर में अपने पहले ही दिन 135.36 करोड़ रुपए से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन करके एक धमाकेदार शुरुआत की है, जिससे यह इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्मों में से एक बन गई है। सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और शोज़ में दर्शकों की लगातार बढ़ती भीड़ के दम पर 'पेड्डी' के हिंदी वर्जन ने भी पहले दिन जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। फिल्म को मिल रही तारीफों और सामने आ रहे वीकेंड को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह कमाई के नए रिकॉर्ड बनाएगी। यह कामयाबी राम चरण के लिए बेहद खास है, क्योंकि 'RRR' के बाद यह उनकी दूसरी 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ओपनिंग है। इसी के साथ वे एक से ज्यादा बार 100 करोड़ रुपए की ओपनिंग डे देने वाले दुनिया के सिर्फ पांचवें एक्टर बन गए हैं। A post shared by PEDDI (@peddimovie) इस बड़ी खुशखबरी को शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, बॉक्स ऑफिस चैंपियन - #PEDDI सर पहले दिन दुनिया भर में 135.36 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन। मिलिए #PEDDI से अब अपने नजदीकी सिनेमाघरों में। अपनी टिकटें अभी बुक करें। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 23 मई को भोपाल में हुआ 'पेड्डी' का ग्रैंड म्यूज़िकल लॉन्च इवेंट इस साल के सबसे बड़े और यादगार फिल्मी इवेंट्स में से एक बनकर उभरा है। इस शानदार शाम में फिल्म की पूरी स्टार कास्ट और क्रू एक साथ नजर आए, जिनमें राम चरण, जाह्नवी कपूर, रवि किशन, शिवा राजकुमार, दिव्येंदु शर्मा, जगपति बाबू, डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना और ऑस्कर विनर कंपोजर ए. आर. रहमान शामिल थे। इन सबने मिलकर फैंस के लिए इस शाम को कभी न भूलने वाला एक बेहतरीन अनुभव बना दिया। फिल्म में राम चरण ने एक 'क्रॉसओवर एथलीट' का किरदार निभाया है। यह कैरेक्टर उन महान खेल दिग्गजों के सफर से प्रेरित है, जिन्होंने अपनी असली मंजिल पाने से पहले अलग-अलग खेलों में अपना दमखम दिखाया था। ठीक वैसे ही जैसे एम एस धोनी क्रिकेट के आइकॉन बनने से पहले फुटबॉल खेला करते थे, और सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट का इतिहास रचने से पहले शुरुआत में टेनिस में हाथ आजमाया था। 'पेद्दि' भी इसी तरह हिम्मत, बदलाव और बड़े सपनों को सच करने के जज्बे का जश्न मनाती है। बुची बाबू सना द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में राम चरण मुख्य भूमिका में हैं, और उनके साथ शिवा राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू जैसे बेहतरीन कलाकारों की फौज है, जो फिल्म के स्केल और इसके इम्पैक्ट को और ज्यादा बढ़ा देती है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर इंदौर: एक अद्वितीय, कालजयी एवं वैश्विक प्रतिमान
वैश्विक पृष्ठभूमि- जलवायु क्रिया की वैश्विक पुकार विश्व पर्यावरण दिवस २०२६ जलवायु क्रिया (Climate Action) के केंद्रीय विषय के अंतर्गत मनाया जा रहा है, और इस वर्ष अज़रबैजान गणराज्य की राजधानी बाकू इसका वैश्विक आयोजन-स्थल है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का यह वैश्विक अभियान पृथ्वी द्वारा भेजे जा रहे आपातकालीन संकेतों पर केंद्रित है। प्रश्न अब यह नहीं कि परिवर्तन आएगा या नहीं, बल्कि यह है कि मानवता इस परिवर्तन को किस दिशा में और कितनी गति से मोड़ती है। इस वर्ष की थीम Inspired by Nature. For Climate. For Our Future प्रकृति को जलवायु-संकट के सबसे बड़े पीड़ित के साथ-साथ उसके सबसे शक्तिशाली समाधान के रूप में प्रस्तुत करती है। वर्ष २०१५ से २०२५ तक के ग्यारह वर्ष रिकॉर्ड पर सबसे गर्म रहे हैं। अनुमान है कि २०५० तक विश्व की तीन-चौथाई से अधिक जनसंख्या सूखे की चपेट में आ सकती है और वर्तमान हिमनद-स्थलों (Glaciers) का एक-तिहाई भाग सदा के लिए विलुप्त हो सकता है। ऐसी वैश्विक विभीषिका के महासंकट-काल में, जब समूची मानव-जाति आसन्न पर्यावरणीय प्रलय के भय से आतंकित है, भारत की मध्यभूमि में स्थित एक नगर इंदौर संपूर्ण विश्व के समक्ष आशा और संकल्प का एक अभूतपूर्व, दीप्तिमान एवं अनुकरणीय दृष्टान्त प्रस्तुत कर रहा है। नव-चेतना का संवाहक इंदौर इंदौर ने केवल स्वच्छता के धरातल पर ही कीर्तिमान स्थापित नहीं किए हैं, अपितु उसने आधुनिक युग की विकासवादी अंधी दौड़ के बीच प्रकृति के साथ तादात्म्य बिठाने की एक युगांतरकारी कला सीखी है। निरंतर राष्ट्रपटल पर शीर्ष स्थान अर्जित करने वाला यह महानगर अब विश्व पर्यावरण दिवस (५ जून) के पावन अवसर पर संपूर्ण वसुंधरा के समक्ष एक अग्रणी, जाज्वल्यमान एवं वैश्विक प्रतिमान (Global Role Model) बनकर उभरा है। जब वैश्विक समुदाय जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक असंतुलन के संकट से जूझ रहा है, तब इंदौर ने सिद्ध किया है कि विकास और पर्यावरण का सह-अस्तित्व न केवल संभव है, बल्कि अनिवार्य भी है। प्रकृति के तीन मूलभूत, अनादि और अनंत स्तंभों, मृदा (मिट्टी), जल और वन्य जीवन के संरक्षण, संवर्धन एवं संपूर्ण कायाकल्प में इंदौर का भगीरथ प्रयास अत्यंत विस्मयकारी, श्लाघनीय और संपूर्ण मानवता के लिए अनुकरणीय है। ये तीनों तत्व ही इस धरा पर हमारे अस्तित्व के वास्तविक 'प्राण-आधार' हैं। १. अक्षय मृदा संपदा एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन (Soil Health & Waste Management) भूमि केवल अन्न ही नहीं उपजाती, वह समस्त जीव-जगत को अपनी गोद में धारण करती है। इंदौर ने अपनी इस पावन धरा को प्रदूषण की विभीषिका और रसायनों के घातक प्रभावों से पूर्णतः मुक्त रखने के लिए एक अद्वितीय, त्रि-आयामी कचरा प्रबंधन तंत्र स्थापित किया है, जो आज संपूर्ण विश्व के शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन का विषय है। शून्य अपशिष्ट भराव क्षेत्र (Zero Landfill City): इंदौर ने 'कचरा' शब्द की परिभाषा को ही बदल दिया है। यहाँ शत-प्रतिशत अपशिष्ट को उसके जनन-स्रोत (घरों और उद्योगों) पर ही छह अलग-अलग श्रेणियों में पृथक (Segregate) कर लिया जाता है। इसके फलस्वरूप प्लास्टिक, सीसा और अन्य घातक रसायनों के अंश हमारी जीवनदायिनी मिट्टी में मिलकर उसे बंजर नहीं बना पाते। एशिया का विशालतम बायो-सीएनजी संयंत्र (देवगुराड़ियन): देवगुराड़ियन का यह आधुनिक संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि पर्यावरण शुद्धि का आधुनिक यज्ञ है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों टन गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण (Processing) से जहाँ एक ओर प्रचुर मात्रा में बायो-गैस का उत्पादन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उच्चतम कोटि की जैविक खाद (Organic Compost) निर्मित की जा रही है। यह खाद मृदा की नैसर्गिक उर्वरा शक्ति को पुनर्जीवित करने के लिए कृषकों को अत्यंत सुलभ दरों पर प्रदान की जाती है, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता समाप्त हो रही है। मृदा स्वास्थ्य संवर्धन एवं शहरी कृषि: नगर के नागरिकों में मिट्टी के प्रति कृतज्ञता का भाव जगाने के लिए 'मृदा स्वास्थ्य संवर्धन' और 'गृह-वाटिका' (Kitchen Gardening) को एक जन-आंदोलन का रूप दिया गया है, ताकि शहरी क्षेत्रों की मिट्टी भी सजीव और समृद्ध बनी रहे। २. दिव्य जल संस्कृति: संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन अपो हि ष्ठा मयोभुवः अर्थात् जल ही साक्षात् आनंद और जीवन का स्रोत है। जल संकट से जूझती दुनिया को इंदौर ने जल संचय, जल शोधन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का एक ऐसा दर्शन दिया है जो विरला है। देश का प्रथम और एकमात्र 'वॉटर प्लस' नगर: इंदौर ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से यह सुनिश्चित किया है कि नगर के पारंपरिक नालों, जलस्रोतों और यहाँ की ऐतिहासिक नदियों कान्ह और सरस्वती में तनिक भी दूषित या अशोधित जल प्रवाहित न हो। सीवेज के दूषित जल को अत्याधुनिक संयंत्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत उपचारित (Treat) किया जाता है। इस पुनर्चक्रित (Recycled) जल का उपयोग औद्योगिक निर्माण कार्यों, सड़कों की सफाई और उद्यानों को सींचने में किया जा रहा है, जिससे ताजे जल की भारी बचत हो रही है। भवन-छत वर्षाजल संचयन (Rooftop Rainwater Harvesting): इंदौर ने अपनी वास्तुकला को पर्यावरण से जोड़ा है। नगर के लाखों निजी आवासों, व्यावसायिक परिसरों और शासकीय भवनों में वर्षा की एक-एक बूंद को सहेजकर भूगर्भ में उतारने (Groundwater Recharge) की प्रणाली को वैधानिक रूप से अनिवार्य किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, विगत वर्षों में यहाँ के भूजल स्तर में एक चमत्कारी और तीव्र सुधार दर्ज किया गया है। अमृत सरोवरों का पुनरुद्धार: इंदौर और उसके ग्रामीण अंचलों में स्थित प्राचीन, ऐतिहासिक और पारंपरिक तालाबों की गाद निकालकर उनका जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे न केवल जल संग्रहण क्षमता बढ़ी है, बल्कि आसपास का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) भी समृद्ध हुआ है। ३. वन्य जीवन एवं हरित आवरण: जैव-विविधता का महासंगम पर्यावरण का शाश्वत संतुलन तभी संभव है जब इस धरा पर मूक वन्य जीव, दुर्लभ पक्षी और वनस्पति संपदा पूर्णतः सुरक्षित, फलित और पुष्पित हों। इंदौर ने अपनी कंक्रीट की दीवारों के बीच प्रकृति को सांस लेने की जगह दी है। नगर वन (अहिल्या वन): मियावाकी पद्धति का अभूतपूर्व अवलंबन: कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस लेती इस नगरी में जापानी वैज्ञानिक डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित अद्भुत पद्धति का अवलंबन कर सघन लघु-वनों (City Forests) का अभूतपूर्व सृजन किया गया है। मियावाकी तकनीक एक ऐसी अनोखी पद्धति है जिसके माध्यम से प्राकृतिक वन-क्षेत्रों से बाहर भी दस गुना तेज गति से वृक्षों को विकसित किया जा सकता है। अहिल्या वन की यह पहल क्षरित एवं कूड़े से भरी भूमि को हरे-भरे तथा सघन हरित क्षेत्रों में रूपांतरित करने का एक संकल्पित अभियान है, जो कार्बन अवशोषण, भूजल पुनर्भरण और स्थानीय जैव-विविधता तीनों दिशाओं में एक साथ कार्य करता है। यहाँ मोरिंगा, अमरूद, नीम, महोगनी, पीपल, जामुन, कदम्ब, टेबुबिया, सिरस, कटहल, चम्पा और मोहनी जैसे देशज वृक्षों का रोपण कर इन्हें पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र में रूपांतरित किया जा रहा है। प्रत्येक अहिल्या वन के मध्य एक लघु सरोवर का भी निर्माण किया जाता है, जो जैव-विविधता के संवर्धन और पक्षियों के आकर्षण का केंद्र बनता है। 'भारत वन' की ऐतिहासिक घोषणा: वर्ष २०२५ में नगर महापौर ने नगर के मध्यभाग में ३६ एकड़ की खुली भूमि पर एक 'भारत वन' के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा की है। एक ऐसा क्षेत्र जो शत-प्रतिशत हरित होगा, जिसमें कमल-तालाब और मियावाकी वन की परिकल्पना साकार की जाएगी और जो इंदौर के 'फेफड़े' (Lungs of Indore) के रूप में कार्य करेगा। 'अहिल्या वन' जैसे ये सघन हरित क्षेत्र आज स्थानीय पक्षियों, तितलियों और लघु जीवों के लिए एक अभेद्य और सुरक्षित प्राकृतिक आश्रय-स्थली बन चुके हैं, जो नगर के वायुमंडल को निरंतर शुद्ध कर रहे हैं। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (वैश्विक स्तर का जीवोद्धार केंद्र): कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (इंदौर जू) ५१ एकड़ में फैला एक सघन हरित वन्यजीव अभयारण्य है, जो नगर के हृदय में स्थित है। इसमें ५७ से अधिक प्रजातियों के लगभग ६२८ वन्यजीव, स्तनपायी, पक्षी और सरीसृप संरक्षित हैं। १९७४ में स्थापित और १९९९ में विस्तारित इस संग्रहालय में बाघ, सिंह, दरियाई घोड़ा, सर्प, मगरमच्छ और असंख्य दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ हैं। इंदौर का यह प्राणी उद्यान केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, अपितु यह वन्य जीवों के संरक्षण, बंदी-प्रजनन (Captive Breeding) और संकटग्रस्त मूक जीवों के चिकित्सा-सह-जीवोद्धार (Rescue) के क्षेत्र में संपूर्ण एशिया के सबसे सक्रिय, संवेदनशील और सफल केंद्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ४. इंदौर की जल-भूमि विरासत: रामसर स्थल एवं भारत की प्रथम 'वेटलैंड सिटी' यशवंत सागर मालवांचल का मुकुटमणि यशवंत सागर, गंभीर नदी पर निर्मित एक विशाल जलाशय है, जो इंदौर से लगभग २६ किलोमीटर पश्चिम में हातोद ग्राम के निकट स्थित है। इसका निर्माण सन् १९३९ में हुआ था और यह लगभग २,६५० हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है। इसे ७ जनवरी २०२२ को रामसर स्थल (Ramsar Site क्र. २४९५) के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई। यशवंत सागर मध्य भारत में संकटग्रस्त सारस क्रेन (Sarus Crane) का एक सुदृढ़ आवास-क्षेत्र माना जाता है। अपनी विशाल उथली नरकट-भूमि के कारण यह आर्द्रभूमि शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की असंख्य प्रजातियों के लिए स्वर्ग के समान है। सुदूर साइबेरिया और मध्य एशिया से आने वाले हजारों दुर्लभ प्रवासी पक्षी प्रतिवर्ष इस विशाल आर्द्रभूमि को अपना शीतकालीन आश्रय बनाते हैं। सिरपुर आर्द्रभूमि- इंदौर का 'पक्षी विहार' सिरपुर झील इंदौर की पश्चिमी सीमा पर इंदौर-धार मार्ग पर स्थित एक ऐतिहासिक मानव-निर्मित सरोवर है, जिसका निर्माण होल्कर राजाओं ने नगर को जलापूर्ति के लिए करवाया था। आज यह ८०० एकड़ के क्षेत्र में फैली एक शहरी पक्षी-अभयारण्य बन चुकी है। अपने आकार की दृष्टि से लघु होने के बावजूद सिरपुर में नॉर्दर्न शॉवेलर, गैडवाल, कॉमन पोचार्ड, बार-हेडेड गूज और कॉम्ब डक जैसी १४० से अधिक पक्षी प्रजातियाँ नियमित रूप से अंकित की जाती हैं। सिरपुर झील में २०० से अधिक पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जिनमें विभिन्न प्रकार के प्रवासी पक्षी भी सम्मिलित हैं। आवास-पुनर्स्थापन, जल-गुणवत्ता सुधार और जैव-विविधता अनुश्रवण इन तीनों स्तरों पर यहाँ सतत कार्य जारी है। भारत की प्रथम 'रामसर वेटलैंड सिटी'- इंदौर का वैश्विक सम्मान जनवरी २०२५ में रामसर अभिसमय की ६४वीं स्थायी समिति की बैठक में विश्व के ३१ नव-मान्यता प्राप्त वेटलैंड नगरों की घोषणा की गई। इसमें इंदौर और उदयपुर को भारत के प्रथम दो रामसर वेटलैंड सिटी के रूप में वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई। इंदौर में सिरपुर झील (रामसर स्थल) को जलपक्षी-समागम की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण मान्यता दी गई है और इसे एक पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मान्यता रामसर अभिसमय के अंतर्गत प्रदान की गई है और यह ६ वर्षों के लिए वैध है। इसका उद्देश्य नगरीय आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं उनके विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि स्थानीय जनसमुदाय को पारिस्थितिक एवं सामाजिक-आर्थिक लाभ सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में भारत अब एशिया का सबसे बड़ा रामसर नेटवर्क बन चुका है और वैश्विक स्तर पर रामसर स्थलों की संख्या में तीसरे स्थान पर विराजमान है। ५. भारत की वैश्विक वन्यजीव संरक्षण यात्रा- इंदौर का सन्दर्भ वर्ष २०२५ भारत की वन्यजीव संरक्षण यात्रा में एक निर्णायक मोड़ के रूप में अंकित हुआ है। इस वर्ष हिम-तेंदुए की प्रथम जनसंख्या आकलन रिपोर्ट प्रकाशित हुई, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नए बाघ आरक्षित क्षेत्र स्थापित किए गए, गंगा नदी डॉल्फिन पर पहली बार रेडियो-टैगिंग की गई और नए रामसर स्थलों को मान्यता दी गई। विशेष रूप से, रातापानी वन्यजीव अभयारण्य को मध्य प्रदेश का ८वां बाघ आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया। ८९० वर्ग किलोमीटर में विस्तृत यह अभयारण्य पन्ना और सतपुड़ा बाघ आरक्षित क्षेत्रों के बाघ-कुनबे को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण गलियारे के रूप में कार्य करता है। राष्ट्रीय स्तर पर, वर्ष २०२५ में नगर वन योजना (Nagar Van Yojana) के अंतर्गत ७५ नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई और इंदौर के अहिल्या वन इसी महान राष्ट्रीय हरित संकल्प की एक अग्रणी अभिव्यक्ति हैं। भारत सरकार ने वित्त वर्ष २०२५-२६ में वन्यजीव आवासों के एकीकृत विकास हेतु ₹४५० करोड़ आवंटित किए हैं तथा प्रोजेक्ट टाइगर एवं प्रोजेक्ट एलीफेंट के लिए २९० करोड़ की विशेष व्यवस्था की गई है, जो विगत वर्ष की तुलना में १८% की वृद्धि दर्शाती है। ६. जन-भागीदारी: इंदौर की वास्तविक महाशक्ति और निष्कर्ष इंदौर की इस अप्रतिम और युगांतरकारी सफलता का सबसे बड़ा रहस्य किसी तकनीक में नहीं, बल्कि यहाँ के जन-मानस के चरित्र में है। इंदौर ने संपूर्ण मानवता के समक्ष यह अकाट्य सत्य सिद्ध कर दिया है कि जब 'जन-भागीदारी' (Public Participation) एक पवित्र संस्कार बन जाती है और उसे 'प्रशासनिक संकल्प' का त्रिवेणी संगम प्राप्त होता है, तो कोई भी भूभाग पृथ्वी का स्वर्ग बन सकता है। यहाँ का बच्चा-बच्चा पर्यावरण का सजग प्रहरी है। इंदौर और उदयपुर की यह उपलब्धि प्रमाणित करती है कि नगरीय विकास और आर्द्रभूमि संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। भारत के अन्य नगरों को भी इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर अपनी अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। ५ जून को विश्व पर्यावरण दिवस- Inspired by Nature. For Climate. For Our Future- के पावन अवसर पर इंदौर के इस यशस्वी, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक मॉडल पर वैश्विक पटल पर विमर्श करना, अपनी राह से भटक रही आधुनिक सभ्यता को एक नवीन, कल्याणकारी, संधारणीय (Sustainable) और सनातन मार्ग दिखाने के सदृश है। इंदौर की यह उपलब्धि यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार एक नगर अपनी स्वच्छता-नीति, आर्द्रभूमि संरक्षण और हरित नगर-नियोजन को एकीकृत दृष्टि से आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण जागरूकता और सतत् पर्यटन का एक विश्वस्तरीय केंद्र बन सकता है। इंदौर केवल एक शहर नहीं, वह पर्यावरण संरक्षण, वन्य जीवन, जल-संस्कृति और मृदा-स्वास्थ्य की एक वैश्विक प्रतिज्ञा है। वह एक जीती-जागती, श्वास लेती हुई प्रेरणा है, समूचे भारत के लिए, समूची मानवता के लिए। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। लेखक: डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानन्द व्यास पीएच.डी., डी.लिट्. | proftpv49@gmail.com | +917987713115
'दिल धड़कने दो' के 11 साल, पारिवारिक मूल्यों से भरपूर है एक्सेल एंटरटेनमेंट की फिल्म
एक्सेल एंटरटेनमेंट की शानदार पारिवारिक कॉमेडी-ड्रामा, 'दिल धड़कने दो' साल 2015 में रिलीज हुई थी। फिल्म में एक बेहतरीन कलाकारों की टोली ने एक ऐसी कहानी पेश की जो एक परिवार की गतिशीलता को गहराई से दर्शाती है, जो भावनाओं के रोलरकोस्टर को पेश करती है और जिसमें हास्य का तड़का भी शामिल है। ज़ोया अख़्तर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो गए हैं। यह एक ऐसी फ़िल्म है जो आज भी लोगों के दिलों को जीत रही है। 'दिल धड़कने दो' में मेहरा परिवार की कहानी को दिखाया गया है, जो एक अव्यवस्थित लेकिन प्यारा परिवार है, जो अपने माता-पिता की 30वीं शादी की सालगिरह मनाने के लिए 10 दिनों की जर्नी पर निकलता है और आखिरकार पुराने ज़ख्मों को भरता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म में अनिल कपूर, प्रियंका चोपड़ा, रणवीर सिंह, अनुष्का शर्मा, शेफाली शाह और फरहान अख्तर जैसे दमदार कलाकार हैं, जबकि आमिर खान ने परिवार के प्यारे कुत्ते प्लूटो मेहरा के लिए अपनी आवाज दी है। राहुल बोस, जरीना वहाब, विक्रांत मैसी, पवन चोपड़ा, परमीत सेठी, डॉली मट्डो और मनोज पाहवा जैसे सहायक कलाकारों ने सिनेमाई अनुभव को और समृद्ध किया है। भूमध्य सागर और फ्रांस, स्पेन, ट्यूनीशिया, तुर्की और इटली के खूबसूरत स्थानों से गुजरते एमएस सॉवरेन क्रूज शिप की लुभावनी पृष्ठभूमि में सेट की गई इस फिल्म के दृश्य आंखों को सुकून देने वाले हैं। 'दिल धड़कने दो' को जो चीज और भी बेहतर बनाती है, वह है फरहान अख्तर द्वारा लिखे गए इसके संवाद और शंकर-एहसान-लॉय द्वारा रचित एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला साउंडट्रैक, जिसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं। चाहे वह 'दिल धड़कने दो' की धड़कन हो, 'पहली बार' की भावपूर्ण धुन हो, 'गल्लां गूड़ियां' की संक्रामक ऊर्जा हो, 'गर्ल्स लाइक टू स्विंग' की जीवंतता हो या फिर 'फिर भी ये जिंदगी' का आत्मनिरीक्षण हो, हर गीत फिल्म की कथात्मकता में योगदान देता है, जिससे यह एक संगीतमय आनंद बन जाता है। इसके अलावा, यह फिल्म अभी भी सभी आयु समूहों के दर्शकों को पसंद आती है। यह फिल्म हर पीढ़ी के लोगों के लिए फिट बैठती है और दर्शकों के लिए एक बेहतरीन फिल्म है। एक्सेल एंटरटेनमेंट की अनूठी कहानी के साथ, यह फिल्म परिवार और दोस्तों के साथ देखने लायक बन जाती है। एक्सेल एंटरटेनमेंट की 'दिल धड़कने दो' ने अपने शानदार अभिनय, मजाकिया हास्य, शानदार सिनेमैटोग्राफी, मनमोहक संगीत, स्टाइलिश वेशभूषा और कुशल निर्देशन के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की। फिल्म ने दर्शकों के दिलों में भी जगह बनाई और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक सफलता के रूप में उभरी। इसने भारत में 1 बिलियन से अधिक और दुनिया भर में 450 मिलियन से अधिक की कमाई की।
है जवानी तो इश्क होना है रिव्यू: हंसी की तलाश में भटकती कॉमेडी
एक दौर था जब डेविड धवन का नाम सुनते ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। उनकी फिल्मों का मतलब होता था बिना ज्यादा दिमाग लगाए भरपूर मनोरंजन। लेकिन समय बदल गया है और कॉमेडी भी। आज के दौर में दर्शक सिर्फ शोर-शराबे, गलतफहमियों और भागदौड़ को कॉमेडी मानने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षों में आई कई तथाकथित कॉमेडी फिल्में हंसी से ज्यादा निराशा दे गईं। दुर्भाग्य से ‘है जवानी तो इश्क होना है’ भी उसी कतार में खड़ी नजर आती है। यह न केवल डेविड धवन की हालिया फिल्मों में बल्कि उनके पूरे करियर की सबसे कमजोर फिल्मों में गिनी जा सकती है। युनूस सेजवाल जैसे सफल लेखक और मसाला मनोरंजन के उस्ताद माने जाने वाले डेविड धवन का साथ सुनने में बेहद रोमांचक लगता है। उम्मीद थी कि यह जोड़ी बड़े पर्दे पर धमाका करेगी, लेकिन नतीजा इसके बिल्कुल उलट निकलता है। खूबसूरत विदेशी लोकेशन, रंगीन फ्रेम और सजे-धजे सितारों के बावजूद फिल्म में ऐसा बहुत कम है जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। करीब सवा दो घंटे की यह फिल्म कई जगह इतनी लंबी और थकाऊ महसूस होती है कि समय रुकता हुआ प्रतीत होने लगता है। कहानी जस (वरुण धवन) और बानी (मृणाल ठाकुर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और शादी के पांच साल पूरे कर चुके हैं। समस्या सिर्फ इतनी है कि जस पिता बनना चाहता है जबकि बानी अभी मां बनने के लिए तैयार नहीं है। यह मतभेद इतना बढ़ जाता है कि मामला अदालत तक पहुंच जाता है। जज दोनों को छह महीने का समय देता है और वे अलग रहने का फैसला कर लेते हैं। इसके बाद जस लंदन पहुंच जाता है, जहां उसकी मुलाकात प्रीत (पूजा हेगड़े) से होती है और दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरू हो जाती है। स्थिति तब उलझती है जब प्रीत गर्भवती हो जाती है और उसी दौरान बानी भी लंदन पहुंचकर खुद के गर्भवती होने की खबर देती है। इसके बाद शुरू होता है झूठ, भ्रम और छिपाव का सिलसिला, जिसे फिल्म हास्य के रूप में पेश करना चाहती है। समस्या यहीं से शुरू होती है। फिल्म की पूरी बुनियाद ही बेहद कमजोर और अविश्वसनीय लगती है। जस और बानी के रिश्ते को जिस तरह गहरे प्रेम से भरा दिखाया गया है, उसके बाद उनका तलाक की कगार तक पहुंच जाना सहज नहीं लगता। उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जस अचानक लंदन क्यों पहुंचता है? फिल्म इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं देती। शादीशुदा होने के बावजूद उसका प्रीत के साथ प्रेम संबंध बनाना भी चरित्र के अनुरूप नहीं लगता क्योंकि फिल्म लगातार उसे भोला, मासूम और नेकदिल साबित करने की कोशिश करती रहती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जस अपने किसी भी फैसले या गलती को लेकर वास्तव में अपराधबोध महसूस करता दिखाई नहीं देता। उल्टा पटकथा इस तरह लिखी गई है कि दर्शक उसकी गलतियों पर सवाल उठाने के बजाय उस पर तरस खाने लगें कि बेचारा दो महिलाओं को खुश रखने के लिए कितनी मुश्किलें झेल रहा है। यह दृष्टिकोण न केवल सतही लगता है बल्कि पूरी कहानी को नैतिक और भावनात्मक स्तर पर खोखला भी बना देता है। फिल्म का क्लाइमैक्स इस कमजोरी को और उजागर करता है, जहां जस अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए लगभग सभी को गलत ठहरा देता है। स्क्रीनप्ले की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि पूरी दुनिया में केवल जस ही बुद्धिमान दिखाई देता है। बानी, प्रीत, प्रीत का भाई और लगभग बाकी सभी किरदार इतने भोले या मूर्ख दिखाए गए हैं कि वे जस की किसी भी कहानी पर बिना सोचे-समझे विश्वास कर लेते हैं। कॉमेडी फिल्मों में अतिशयोक्ति स्वीकार की जा सकती है, लेकिन यहां यह अतिशयोक्ति हास्य नहीं बल्कि झुंझलाहट पैदा करती है। दर्शक हंसने के बजाय बार-बार सोचता है कि आखिर कोई पात्र इतना अविश्वसनीय व्यवहार कैसे कर सकता है। हास्य दृश्य भी फिल्म की सबसे बड़ी निराशाओं में शामिल हैं। अधिकांश कॉमिक सिचुएशन लंबी खिंचती हैं और उनमें हास्य का प्रभाव लगभग नदारद है। कई दृश्य ऐसे लगते हैं जैसे वे सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए हों। हंसी पैदा करने के लिए संवाद, परिस्थितियां और किरदारों की प्रतिक्रिया, तीनों का मजबूत होना जरूरी है, लेकिन यहां तीनों स्तरों पर लेखन कमजोर पड़ जाता है। लेखक युनूस सेजवाल का काम स्तरहीन है। कॉमेडी के नाम पर कई जगह बेहद आसान और पुराने ढर्रे के चुटकुलों का सहारा लिया गया है। यहां तक कि मोटे लोगों का मजाक उड़ाने जैसी पुरानी और अप्रासंगिक शैली भी अपनाई गई है। फरहाद सामजी के संवाद भी याद रखने योग्य नहीं हैं। एक कॉमेडी फिल्म में संवाद ही सबसे बड़ा हथियार होते हैं, लेकिन यहां वे शायद ही कभी मुस्कान पैदा कर पाते हैं। निर्देशक के रूप में डेविड धवन भी पूरी तरह निराश करते हैं। ऐसा लगता है मानो वे अपने ही पुराने दौर को दोहराने की कोशिश कर रहे हों। पुराने गीतों का इस्तेमाल, पुरानी फिल्मों के संदर्भ और वही परिचित फार्मूला बार-बार नजर आता है, लेकिन उस जादू की पूरी तरह कमी है जिसने कभी उनकी फिल्मों को लोकप्रिय बनाया था। निर्देशन बेहद सतही और जल्दबाजी में किया गया प्रतीत होता है। फिल्म का एक दृश्य इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। पूजा हेगड़े का किरदार नदी में डूबता हुआ दिखाया जाता है, लेकिन दृश्य इतना बनावटी है कि उसमें किसी तरह का रोमांच या खतरा महसूस ही नहीं होता। वह नदी किनारे से कुछ मीटर दूर खड़ी होकर हाथ हिलाती रहती है और तुरंत वरुण धवन उसे बचा लेते हैं। सवाल उठता है कि ऐसे दृश्य को अंतिम रूप देने से पहले किसी ने इसकी विश्वसनीयता पर विचार क्यों नहीं किया? ऐसा लगता है कि फिल्म को यह भरोसा था कि तेज रफ्तार बैकग्राउंड म्यूजिक, लगातार भागदौड़ और अचानक आने वाले गाने उसकी कमियों को छिपा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। अभिनय की बात करें तो वरुण धवन अपनी सहज कॉमिक टाइमिंग के दम पर कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं। हालांकि कमजोर पटकथा उनके प्रदर्शन को भी सीमित कर देती है। पूजा हेगड़े को फिल्म में मुख्य रूप से ग्लैमरस उपस्थिति के लिए इस्तेमाल किया गया है और उन्होंने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। जो भी दृश्य उन्हें मिले, उनमें वे प्रभाव छोड़ती हैं और कई मौकों पर मृणाल ठाकुर से बेहतर नजर आती हैं। मृणाल का अभिनय कई जगह जरूरत से ज्यादा ऊंचे सुर में जाता है, जिससे उनका किरदार स्वाभाविक नहीं लग पाता। सहायक कलाकारों में चंकी पांडे लगातार झुंझलाहट पैदा करते हैं। जिमी शेरगिल को ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे वे प्रभाव छोड़ सकें। मनीष पाल का उपयोग बेहद सीमित और निराशाजनक है। मौनी रॉय का किरदार कहानी में लगभग हास्यास्पद स्तर तक अनावश्यक महसूस होता है। राजपाल यादव, जॉनी लीवर और राकेश बेदी जैसे अनुभवी कलाकार छोटे-छोटे रोल में नजर आते हैं, लेकिन पटकथा उन्हें चमकने का अवसर ही नहीं देती। संगीत भी फिल्म की मदद नहीं कर पाता। कई गीतकारों और संगीतकारों की मौजूदगी के बावजूद गानों का स्तर औसत है। ज्यादातर गाने कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय ब्रेक का काम करते हैं। फिल्म का एकमात्र लगातार सकारात्मक पक्ष अयानंका बोस की सिनेमाटोग्राफी है। उनकी कैमरा दृष्टि हर फ्रेम को आकर्षक बनाती है। विदेशी लोकेशन खूबसूरती से कैद की गई हैं और कई बार लगता है कि कैमरा कहानी से कहीं ज्यादा दिलचस्प काम कर रहा है। आखिरकार ‘है जवानी तो इश्क होना है’ उस बुनियादी कसौटी पर ही असफल हो जाती है जिस पर किसी भी कॉमेडी फिल्म को परखा जाता है और वो है मनोरंजन। दर्शक टिकट खरीदकर हंसने, हल्का महसूस करने और अच्छा समय बिताने की उम्मीद से थिएटर पहुंचता है, लेकिन फिल्म उसे न हंसी दे पाती है, न भावनात्मक जुड़ाव और न ही कोई यादगार सिनेमाई अनुभव। खूबसूरत लोकेशन, स्टारकास्ट और रंगीन पैकेजिंग के बावजूद भीतर से यह फिल्म खाली महसूस होती है। डेविड धवन की फिल्म से जिस बेफिक्र मनोरंजन की उम्मीद की जाती है, वह यहां कहीं नजर नहीं आता। नतीजतन, ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक ऐसी कॉमेडी बनकर रह जाती है, जिसमें हंसी सबसे दुर्लभ चीज साबित होती है। HA JAWANI TOH ISHQ HONA HAI (2026) निर्देशक: डेविड धवन गीतकार: वायु, जयराज, मोहसिन शेख, रॉनी अंजली एंड गिल मैक्करी, आईपी सिंह संगीत: व्हाइट नॉइज़ कलेक्टिव्स, तनिष्क बागची, रॉनी अंजली, गिल मैक्करी, जावेद-मोहसिन, अक्षय एंड आईपी कलाकार: वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, मनीष पाल, चंकी पांडे, जिम्मी शेरगिल, मौनी रॉय, राकेश बेदी, राजपाल यादव, जॉनी लीवर निर्माता: रमेश तौरानी सेंसर सर्टिफिकेट : यूए (16 वर्ष प्लस)* 2 घंटे 16 मिनट 40 सेकंड रेटिंग : 1/5
आज पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है और 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। ऐसे समय में जब स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, बॉलीवुड के कई सितारे भी पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति यह दर्शाती है कि ये सितारे कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठा रहे हैं। आइए जानते हैं उन बॉलीवुड हस्तियों के बारे में, जिन्होंने हरित भविष्य की ओर अपना कदम बढ़ाया है। शाहरुख खान शाहरुख खान ने भारत मोबिलिटी एक्सपो 2023 में हुंडई आयोनिक 5 को पेश कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया। उनका यह कदम स्वच्छ परिवहन और प्रदूषण कम करने के महत्व को रेखांकित करता है। ALSO READ: 'गुड बॉय' इमेज से बाहर निकलना चाहते हैं रितिक रोशन, सोशल मीडिया पर मांगा 'ग्रे शेड' रोल कुब्रा सैत कुब्रा सैत लंबे समय से पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की समर्थक रही हैं। हाल ही में महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाकर उन्होंने इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। रितेश देशमुख रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने साल 2022 में बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपने कार कलेक्शन का हिस्सा बनाया। यह फैसला उनके पर्यावरण के प्रति जागरूक नजरिए और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को अपनाने की सोच को दर्शाता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सुनील शेट्टी सुनील शेट्टी ने एमजी कॉमेट ईवी को अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के रूप में अपनाकर यह संदेश दिया कि छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं। माधुरी दीक्षित माधुरी दीक्षित ने टाटा नेक्सन ईवी डार्क एडिशन को अपनाकर पर्यावरण-अनुकूल लाइफस्टाइल को बढ़ावा दिया। उनका यह कदम भारत के विकसित हो रहे ईवी इकोसिस्टम को समर्थन देने की दिशा में प्रेरणादायक माना जाता है। दीया मिर्जा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाने वाली दीया मिर्जा ने बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपनाकर एक बार फिर ग्रीन लाइफस्टाइल के समर्थन का संदेश दिया। जैकलीन फर्नांडिस जैकलीन फर्नांडिस ने बीएमडब्ल्यू i7 के जरिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाया, जो आधुनिक तकनीक, लग्जरी और पर्यावरण-अनुकूल सोच का शानदार उदाहरण है। कुणाल खेमू कुणाल खेमू ने मर्सिडीज-बेंज जी-क्लास इलेक्ट्रिक को अपनाकर यह दिखाया कि आधुनिक प्रदर्शन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। इन बॉलीवुड सितारों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना केवल एक व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि समाज को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है। यह साबित करता है कि सस्टेनेबिलिटी केवल एक चलन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यक जिम्मेदारी है।
इंसान के जीवन के लिए पांच तत्वों का होना जरूरी है, तभी वो सांस ले पाएगा। हमारे दर्शन में इन पांच तत्वों का जिक्र है और विज्ञान भी इस पांच तत्वों पर ही टिका है। ये पांच तत्व हैं वायू, जल, आकाश, पृथ्वी और आग। मनुष्य के जीवन का आधार यही पांच तत्व हैं। इनके बगैर न तो कोई इंसान जीवित रह सकता है और न ही कोई शहर। भले ही इंदौर सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन इंदौर के ये पांचों ही तत्व बिगड़ रहे हैं। यहां पानी दूषित है, हवा जहरीली होकर आकाश का रंग बदलती जा रही है, पृथ्वी में भूजल स्तर गिरता जा रहा है, जिससे हर साल भयंकर जल संकट आता जा रहा है। विकास के नाम पर लगातार पेड़ों की बलि एक अलग त्रासदी बनती जा रही है। जानते है 5 जनू को पर्यावरण दिवस के मौके पर कि किस तरह से से इंदौर के ये पंचमहाभूत बिगड़ते जा रहे हैं। पंचमहाभूत एक जगह एकत्र होकर सुना रहे हैं इंदौर की हवा खराब होने की कहानी। पांच तत्वों का विलाप और इंदौर की चेतावनी : इंदौर के राजवाड़ा के सामने देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा शांत खड़ी थी, लेकिन आज उनकी आंखों में एक गहरी चिंता थी। रात के सन्नाटे में, जब शहर की शोरगुल थमी, तो राजवाड़ा के प्रांगण में पांच अदृश्य शक्तियां इकट्ठा हुईं। ये थे ब्रह्मांड को रचने वाले पंचमहाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। आज वे इंदौर की हालत पर चर्चा करने के लिए एकजुट हुए थे। 1. वायु (प्रदूषित हवा) सबसे पहले 'वायु' ने एक भारी सांस ली। उसकी आवाज़ में घुटन थी। उसने कहा, इंदौर ने स्वच्छता में छक्का लगाया, सड़कों को चमकाया, लेकिन मेरी तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। वाहनों का धुआं, लगातार बढते वाहन, धूल के कण और फैक्ट्रियों के धुएं से निकलते जहर ने मेरी शुद्धता को छीन लिया है। इंदौर के लोग अब खुलकर सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। मेरा दम घुट रहा है। 2. जल (खराब और प्रदूषित पानी) तभी पास के सूखे और गंदे नाले से 'जल' की कराहने की आवाज़ आई। जल ने कहा, मेरा वजूद ही संकट में है। कभी खान और सरस्वती नदियां इंदौर की जीवनरेखा हुआ करती थीं, आज वे नाले में बदल चुकी हैं। भूजल का स्तर इतना गिर चुका है कि लोग पाताल तक खुदाई कर रहे हैं, फिर भी उन्हें जो मिल रहा है, वह प्रदूषित और रसायनों से भरा पानी है। इंदौर प्यासा भी है और बीमार भी। 3. पृथ्वी (खोखली जमीन और कटते पेड़) 'पृथ्वी' ने गहरे दर्द के साथ अपनी बात रखी। वह बुरी तरह कांप रही थी। मेट्रो, कंक्रीट के जंगलों और चौड़ी सड़कों के नाम पर मेरे सीने से हजारों हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया। पेड़ मेरी जड़ें थे, जो मुझे थाम कर रखते थे। अब इंदौर की जमीन भीतर से खोखली हो चुकी है। न तो इसमें पानी सोखने की क्षमता बची है और न ही हरियाली को पालने की। 4. अग्नि (भीषण गर्मी और लगातार लगती आग) 'अग्निदेव' ने अपनी प्रचंडता दिखाते हुए कहा, जब पृथ्वी पर पेड़ नहीं बचे और कंक्रीट का जाल बिछ गया, तो मेरा तापमान बढ़ना ही था। इस बार इंदौर ने भीषण गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। कंक्रीट के ढांचे दिनभर मेरी गर्मी को सोखते हैं और रात को उसे उगलते हैं (अर्बन हीट आइलैंड)। यही कारण है कि शहर के तापमान में इतनी बढ़ोतरी हुई है। और तो और, इंसानी लापरवाही के कारण शहर के व्यावसायिक इलाकों और कबाड़खानों में लगातार लग रही आग मेरी इसी विकरालता का नतीजा है। 5. आकाश (धुंधला और तंग होता आसमान) अंत में 'आकाशतत्व' ने ऊपर से निहारते हुए कहा, ऊंची-ऊंची इमारतों और प्रदूषण के घने कोहरे ने मेरे फैलाव को समेट दिया है। इंदौर का आसमान अब नीला और साफ नहीं दिखता, बल्कि उस पर प्रदूषण की एक काली चादर हमेशा तनी रहती है। पांचों तत्वों ने एक साथ माता अहिल्या की प्रतिमा की ओर देखा। उनकी विलाप भरी बातें हवा में गूंज रही थीं—यदि इंदौर के नागरिकों ने पर्यावरण दिवस पर सिर्फ दिखावे के पौधे लगाने के बजाय सच में हमें नहीं बचाया, तो यह मिनी मुंबई जल्द ही एक निर्जन कंक्रीट का ढेर बन जाएगा। इंदौर के लिए कितनी खतरनाक है यह स्थिति ? पंचमहाभूतों का यह असंतुलन इंदौर के भविष्य के लिए एक बड़ी रेड अलार्म है। स्वास्थ्य का आपातकाल ( Health Emergency): वायु और जल प्रदूषण के कारण इंदौर में सांस की बीमारियां, फेफड़ों के रोग और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह शहर रहने लायक नहीं बचेगा। एलर्जी और दमे के मरीजों में इजाफा हुआ है सो अलग। जल संकट ( Water Crisis): जमीन खोखली होने और वाटर रिचार्ज न होने से आने वाले कुछ वर्षों में इंदौर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसकी बानगी इसी साल देखने को मिली है। पिछले दो तीन साल से जल का संकट गहराता जा रहा है। टैंकर माफिया और पानी के लिए विवाद आम हो रहे हैं। इस साल भी लोग बूंद-बूंद को तरसे। सत्ता और विपक्ष पानी को लेकर आमने-सामने हैं। अर्बन हीट आइलैंड का खतरा: पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण इंदौर का तापमान मालवा की प्रसिद्ध शब-ए-मालवा (ठंडी रातों) को खत्म कर रहा है। रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ेगी और हीट स्ट्रोक से मौतें हो सकती हैं। कई पेड़ काट दिए गए हैं, रीगल पर स्थित रानी सराय के सैकड़ों पेड़ों को मेट्रो के लिए काटने की अनुमति दे दी है। इसके बाद इंदौर के कंक्रीट एरिया में और ज्यादा इजाफा हो जाएगा। आर्थिक नुकसान: इस बिगड़ते पांच तत्वों की वजह से लगातार शहर में आग और पर्यावरण असंतुलन के कारण निवेश प्रभावित हो सकता है। कोई भी बड़ी कंपनी या रहने वाले ऐसे शहर की ओर रुख नहीं करेंगे, जहां बुनियादी प्राकृतिक संसाधन (हवा-पानी) ही दूषित हों।
'गुड बॉय' इमेज से बाहर निकलना चाहते हैं रितिक रोशन, सोशल मीडिया पर मांगा 'ग्रे शेड' रोल
बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले रितिक रोशन की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग हैं। पिछले ढाई दशकों से हिंदी सिनेमा में एक आदर्श नायक, देशभक्त और सीधे-साधे 'गुड बॉय' की भूमिकाएं निभाने के बाद, अब रितिक रोशन कुछ डार्क और जटिल किरदारों की तलाश में है। रितिक ने खुद सोशल मीडिया पर खुलकर इस बात का इजहार किया है कि वे पारंपरिक हीरो के सांचे से बाहर निकलना चाहते हैं। हाल ही में रितिक रोशन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर पेरिस से अपनी एक बेहद खूबसूरत नाइट-सेल्फी साझा की। ALSO READ: पलक तिवारी ने फ्लोरल ड्रेस में दिखाया कातिलाना अंदाज, तस्वीरों से बढ़ाया इंटरनेट का पारा इस तस्वीर के बैकग्राउंड में रोशनी से नहाया हुआ एफिल टावर साफ नजर आ रहा है। ब्लैक कैप, डार्क जैकेट और मफलर पहने रितिक ने इस फोटो के साथ एक ऐसा कैप्शन लिखा जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान खींच लिया है। A post shared by Hrithik Roshan (@hrithikroshan) रितिक ने लिखा, मुझसे अभी पूछा गया कि मैं किस तरह का रोल करना चाहता हूं। जब इसका जवाब मेरे दिमाग में आया, तो मैं खुद भी हैरान रह गया। क्या आपको फिल्म 'लक बाय चांस' का जफ्फर याद है? मुझे वैसा ही रोल चाहिए। मैं इस तरह के किसी भी प्रोजेक्ट को तुरंत लपक लूंगा। लेकिन दुख की बात है कि डायरेक्टर्स मुझे सिर्फ 'अच्छे इंसान' के रोल में ही देखना चाहते हैं। सैड। क्या था 'जफ्फर' का वो यादगार किरदार? रितिक रोशन जिस 'जफ्फर' की बात कर रहे हैं, वह साल 2009 में आई जोया अख्तर की निर्देशित पहली फिल्म 'लक बाय चांस' का एक बेहद खास हिस्सा था। इस फिल्म में रितिक का सिर्फ एक एक्सटेंडेड कैमियो था। फिल्म में उन्होंने 'जफ्फर खान' नाम के एक ऐसे सुपरस्टार का रोल प्ले किया था जो ऊपर से बेहद आकर्षक और हंसमुख दिखता है, लेकिन असल जिंदगी में वह बेहद मतलबी, असुरक्षित और मौकापरस्त है। रितिक की इस पोस्ट पर बॉलीवुड गलियारे से तुरंत प्रतिक्रियाएं आने लगीं। निर्देशक जोया अख्तर ने कमेंट किया, 'चलो, कॉफी पर मिलते हैं।' जोया के इस कमेंट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या दोनों जल्द ही किसी नए डार्क प्रोजेक्ट के लिए साथ आ सकते हैं। वहीं डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी लिखा, 'चलो फिर!' बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पहले भी ग्रे शेड्स में कर चुके हैं कमाल ऐसा नहीं है कि रितिक ने कभी निगेटिव किरदार नहीं निभाए। जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया है। धूम 2 में रितिक ने एक ऐसा हाई-टेक चोर का किरदार निभाया जो बेहद शातिर, बेपरवाह और स्टाइलिश था। लोगों को पुलिस से ज्यादा इस चोर से प्यार हो गया था। अग्निपथ में रितिक ने एक प्रतिशोधी और क्रूर युवक का किरदार निभाया, जिसमें पारंपरिक हीरो वाली कोई मिठास नहीं थी। फिल्म विक्रम वेधा में एक सनकी, खूंखार लेकिन तेज दिमाग गैंगस्टर, जो पुलिस अधिकारी के साथ दिमागी खेल खेलता है।
RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा। इस फैसले से अब लोन की EMI नहीं बढ़ेगी। यानी आपके होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की मासिक किस्त में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने रियल GDP ग्रोथ का अनुमान अब 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया गया है। रेपो रेट को स्थिर रखकर आरबीआई ने एक ओर देश की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखा है। दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर भी उसकी नजर है। रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। आरबीआई ने इसके साथ मौद्रिक नीति रुख को ‘तटस्थ’ बनाए रखा है। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर लचीला बना रहेगा। मौद्रिक नीति की 6 खास बातें नीतिगत दर रेपो को उम्मीद के मुताबिक 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 6.6 प्रतिशत किया। पहले इसके 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान था। 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 4.6 प्रतिशत था। RBI को अब अर्थव्यवस्था की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी धीमी रहने की आशंका है। विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए RBI पूरी तरह सतर्क। सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश पर कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया है। क्या बोले RBI गर्वनर संजय मल्होत्रा? गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी मजबूती के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में, ग्लोबल अर्थव्यवस्था में काफ़ी अनिश्चितता रही है, अहम व्यापारिक रास्तों और सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है और बिजनेस को लेकर सावधानी का माहौल रहा है। मैं सबसे पहले इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी मजबूती के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे। आरबीआई के इस फैसले से इकोनॉमी को भी मजबूती मिलेगी क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने का डर खत्म होने से बाजार में घरों और नई गाड़ियों की डिमांड बढ़ेगी। इससे प्रॉपर्टी और ऑटोमोबाइल सेक्टर को रफ्तार मिलेगी। edited by : Nrapendra Gupta
मोदी और कॅाकरोच का लक्ष्य है कांग्रेस का स्पेस खाओ
प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी भारतीय राजनीति, नरेंद्र मोदी सरकार, कांग्रेस, लोकतंत्र और विपक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हैं। पढ़िए और सुनिए उनका विस्तृत विश्लेषण...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 05 June 2026 horoscope in Hindi: करियर: आज के दिन दफ्तर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंधों में गहराई आएगी। धन: रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। उपाय: लक्ष्मी जी को सफेद फूल अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 1 to 7 June: साप्ताहिक राशिफल (1 से 7 जून 2026): अपने भाग्य को जानें और तैयार रहें 2. वृषभ (Taurus) करियर: कला, फैशन या मीडिया से जुड़े लोगों के उन्नति के द्वार खुलेंगे। लव: वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: कारोबार में आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: बाहर के तले-भुने भोजन से बचें। उपाय: कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। लव: बातचीत के माध्यम से पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। धन: बजट से बाहर जाकर की गई खरीदारी भविष्य में परेशानी दे सकती है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को ताजी रोटी और गुड़ खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: करियर में स्थिरता आएगी। लव: परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धन: अचल संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सफेद चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर विरोधियों की चालें विफल होंगी। लव: अहंकार के कारण रिश्ते में तनाव आ सकता है। धन: फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। स्वास्थ्य: मधुमेह रोगी को नियमित जांच करानी चाहिए। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत हैं। लव: लव लाइफ में आज कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है। धन: व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। स्वास्थ्य: पेट संबंधी छोटी समस्या हो सकती है। उपाय: मां दुर्गा को मिश्री का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत? 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बदलाव का मन बना रहे हैं तो आज का दिन शुभ है। लव: जीवनसाथी की सलाह को महत्व दें। धन: शेयर बाजार और कमोडिटी से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: टेक्निकल फील्ड वालों के लिए अच्छा दिन है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: पैतृक संपत्ति के विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: एलर्जी या इंफेक्शन के प्रति सावधान रहें। उपाय: श्री सूक्त का पाठ लाभकारी रहेगा। 9. धनु (Sagittarius) करियर: धार्मिक या शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रतिष्ठा मिलेगी। लव: प्रेमी के साथ रिश्तों में सुधार होगा। धन: भाग्य के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा। स्वास्थ्य: आज आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: किसी गरीब महिला को चावल या दूध का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: दफ्तर में आपकी पूछ-परख बढ़ेगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। धन: नया वाहन खरीदने का योग बन सकता है। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: शनि देव के मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर आपकी क्रिएटिविटी की सराहना होगी। लव: वैवाहिक जीवन में प्रेम और उत्साह बना रहेगा। धन: आय के नए स्रोत विकसित होंगे। स्वास्थ्य: घर के किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: पेड़-पौधों का ज्योतिष कनेक्शन: 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है सिर्फ एक पौधा! जानें किस्मत चमकाने वाली 11 जादुई बातें
पर्यावरणीय संकट से समाधान की ओर बढ़ने का समय
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2026 पर विशेषः 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य को बचाने का वैश्विक संकल्प है। वर्ष 2026 का विश्व पर्यावरण दिवस ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण, जल ... Read more
तारीख- 2 जून 2026, जगह- महाराष्ट्र का समृद्धि एक्सप्रेस-वे। उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। ये मेरे अकेले के चाहने से नहीं होगा, दोनों तरफ से इच्छा होनी चाहिए। अब्दुल सत्तार ने जवाब में कहा- शिंदे साहब रजामंदी दें, तो दोनों पार्टियों को एक होने में जरा भी वक्त नहीं लगेगा। 18 जून को महाराष्ट्र की 16 सीटों पर MLC चुनाव होने हैं। इससे पहले शिवसेना के दोनों नेताओं का मिलना और गठबंधन की बात करना चर्चा में क्यों है, 2 पॉइंट्स में समझिए... 1. MLC चुनाव से बढ़ी खींचतान: BJP ने चुनाव में संभाजी नगर-जालना सीट से सुहास शिरसाट को उम्मीदवार बनाया है। शिंदे गुट ने भी इस सीट पर दावा किया था। ये शिवसेना का पारंपरिक गढ़ है, इसलिए दोनों के दावों से खींचतान बढ़ गई है। अविभाजित शिवसेना का गढ़ रही औरंगाबाद-जालना सीट पर भी BJP ने अपना उम्मीदवार उतारा है। इससे भी शिंदे गुट में नाराजगी दिखी। 2. BJP के बढ़ते प्रभाव की चिंता: उद्धव और शिंदे, दोनों खेमों के नेताओं का मानना है कि BJP धीरे-धीरे सहयोगी दलों की राजनीतिक जमीन पर कब्जा कर रही है। शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे और शिंदे गुट के नेता अब्दुल सत्तार ने खुलेआम BJP को चुनौती बताया। शिवसैनिक बोले- विचारधारा एक, सिर्फ हाईकमान के ऑर्डर का इंतजारक्या 4 साल पहले अलग हुई शिवसेना एक होने जा रही है? इस पर एकनाथ शिंदे के करीबी नासिक जिलाध्यक्ष अजय बोरास्ते कहते हैं, ‘महाराष्ट्र का हर शिवसैनिक चाहता है कि दोनों गुट एक हो जाएं, लेकिन हमारे लीडर्स (उद्धव और एकनाथ) के मन में क्या है, ये कोई नहीं जानता। दोनों तरफ बालासाहेब के आदर्शों को मानने वाले हैं, इसलिए कार्यकर्ता यही चाहते हैं कि दोनों पार्टियां फिर एक हो जाएं।' 'महाराष्ट्र में BJP जैसे काम कर रही है, उससे सहयोगी दलों के लिए हालात बहुत बदल गए हैं। NCP का हाल सब देख रहे हैं। लेकिन हमारे शिंदे साहब फाइटर हैं, इसलिए सब कंट्रोल में है।’ शिवसेना UBT उद्धव गुट के नेता प्रथमेश गीते भास्कर से कहते हैं, ‘महाराष्ट्र में शिवसेना एक नंबर की पार्टी रही है। ये अलग बात है कि राजनीतिक मतभेदों के कारण हम दो गुटों में बंट गए, लेकिन नाम अब भी एक ही है। सब साथ होंगे, तो अच्छा रहेगा।’ ’अभी MLC चुनावों के लिए नामांकन हुआ। सब देख रहे हैं कि BJP क्या कर रही है। कई पुराने उम्मीदवारों को टिकट नहीं मिला। अगर दोनों शिवसेना साथ काम करें, तो मजबूती से चुनाव लड़ सकेंगे।’ शिवसैनिकों में बढ़ी छटपटाहट के पीछे वजह क्या है?महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की नामांकन प्रक्रिया के दौरान संभाजीनगर-जालना निर्वाचन क्षेत्र को लेकर BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच मतभेद दिखा। दोनों पार्टियां यहां से अपना उम्मीदवार उतारना चाहती थीं। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ कार्यकर्ता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं, ‘कभी औरंगाबाद नगर निगम और जिला परिषद पर शिवसेना का एकछत्र राज था। 2022 में पार्टी टूट गई। आज इन दोनों प्रमुख निकायों पर BJP ने कब्जा जमा लिया है।’ संभाजीनगर-जालना सीट पर शिवसेना पिछले 20 साल से ज्यादा समय से चुनाव लड़ती आ रही थी। इस बार BJP ने यहां से सुहास शिरसाट को टिकट दे दिया। इससे शिंदे गुट नाराज है। ’शिंदे गुट यहां से सिल्लोड MLA अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार को टिकट देना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विरोध में समीर ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। मामला बढ़ता देख CM देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को नामांकन वापस लेने के लिए फोन करना पड़ा। समीर सत्तार ने नाम वापस ले लिया, लेकिन इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में मैसेज गया है कि हम भले गठबंधन के साथी हैं, लेकिन BJP अपनी मर्जी से टिकट बांट रही है।’ महाराष्ट्र MLC चुनाव में 4 जून को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख के बाद कई विपक्षी उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिया। जिसके बाद महायुति ने 6 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली। लिहाजा, चुनावी मुकाबला अब घटकर 11 सीटों पर आ गया है। संजय राउत के बयान ने गठबंधन की अटकलों को हवा दीउद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत महायुति गठबंधन में बढ़ती बेचैनी का फायदा उठाने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने 2 जून को कहा कि 2022 में एकनाथ शिंदे का साथ देने वाले नेताओं को अगर फैसले पर पछतावा है, तो उन्हें उद्धव ठाकरे की पार्टी में लौट जाना चाहिए। उनका स्वागत है। संजय ने BJP पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘अगर शिंदे गुट के नेताओं को लगता है कि BJP शिवसेना को खत्म कर रही है, तो उन्हें अपने उन नेताओं से सवाल करना चाहिए, जो अब भी BJP के साथ चमचों की तरह काम कर रहे हैं।’ शिंदे बोले- हमारी शिवसेना को जनता ने चुनाडिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने गठबंधन की बात से न इनकार किया, न हामी भरी। वे महायुति कैंडिडेट रविंद्र फाटक के ठाणे-पालघर निकाय सीट पर नामांकन दाखिल करने के बाद बोल रहे थे। BJP बोली: झूठ फैलाया जा रहा, ध्यान मत दें विलय की अटकलों पर BJP के नेशनल स्पोक्सपर्सन प्रेम शुक्ला कहते हैं, ‘झूठ फैलाया जा रहा है। दूर-दूर तक ऐसी संभावना नहीं दिख रही है। पार्टी के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे भी साफ कर चुके हैं कि महायुति का हिस्सा बनकर महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करते रहेंगे।’ रही बात MLC चुनावों में महायुति में टिकट बंटवारे को लेकर उठे मतभेद की, तो सारे विवाद सेटल हो चुके हैं। BJP, शिवसेना और NCP के कैंडिडेट्स चुनावों के लिए तैयार हैं। शिवसैनिक किसी भी गुट का हो, उसकी आखिरी उम्मीद 'मातोश्री'महाराष्ट्र में शिवसेना की गतिविधियों पर 20 साल से नजर रख रहे पॉलिटिकल एनालिस्ट पांडुरंग म्हस्के कहते हैं, ‘शुरुआती दौर से जुड़े शिवसैनिक आज भी 'मातोश्री' (बांद्रा में ठाकरे परिवार का घर) के प्रति ही ईमानदार हैं। शिंदे के साथ यही दिक्कत रही कि वो कभी विश्वसनीय नेता नहीं बन सके।‘ शिवसेना टूटने पर ज्यादातर विधायक सिर्फ पैसे और पोजीशन के लिए शिंदे गुट में चले गए। उनका जुड़ाव आज भी 'मातोश्री' से ही है। इसलिए शिवसैनिक जब भी हताश होता है, उसे 'मातोश्री' ही आखिरी उम्मीद लगती है। ‘एकनाथ शिंदे फाइनेंशियल तौर पर मजबूत हैं। वो महायुति में रहते हुए BJP को इसलिए चैलेंज कर पा रहे हैं, क्योंकि उन पर दिल्ली का हाथ है। देवेंद्र फडणवीस भी ये अच्छे से जानते हैं। ये भी सुगबुगाहट है कि वो 'मातोश्री' के टच में हैं। संभव है कि BJP शिवसेना की पावर खत्म कर उसके एक-एक विधायक 'मातोश्री' को ट्रांसफर कर सकती है,जो शिंदे की पार्टी के प्रभाव पर असर डाल सकता है।’ ’उद्धव ठाकरे पार्टी से जुड़ी छोटी सी बात भी बेहद गंभीरता से लेते हैं। जितना मैं जानता हूं, 2022 में हुई बगावत के बाद वो कभी भी शिंद से गठबंधन नहीं करेंगे।’ सीनियर जर्नलिस्ट बोले- शिवसेना के गुटों का मिलना नामुमकिनमहाराष्ट्र के सीनियर जर्नलिस्ट सुधीर सूर्यवंशी कहते हैं, ’शिवसेना में दोनों गुट के नेता भले एक दूसरे के पक्ष में बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि विधानसभा चुनाव तक इनके बीच कोई अलायंस होगा। पहले भी शिंदे गुट में ऐसी टूट की बातें सामने आईं हैं, लेकिन शिंद ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया।’ ’महायुति में रहते हुए BJP जैसे शिवसेना को साइडलाइन कर रही है, उससे बौखलाकर शिंदे गुट के कुछ नेताओं ने निगेटिव स्टेटमेंट दिए। अभी के समीकरणों को देखते हुए पार्टी के पास BJP का साथ छोड़ने की कोई वजह नहीं है।’ …………….. ये खबर भी पढ़ें.. मंत्री के बेटे पर पॉक्सो, RSS-BJP में दरार 17 साल की लड़की और उसके दोस्तों ने मिलकर नए साल की पार्टी रखी। 31 दिसंबर 2025 की रात एक फॉर्मफाउस पर जश्न शुरू हुआ। नाबालिग के साथ एक लड़की और 5 लड़के थे। इनमें एक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार का 25 साल का बेटा साई भागीरथ भी था। पढ़िए पूरी खबर…
भरतपुर जेल में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के मामले में हेड कांस्टेबल निलम्बित
भरतपुर। राजस्थान में सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में कैदियों तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के मामले में जेल प्रशासन ने एक हेड कांस्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित करके दो बाहरी संदिग्ध लोगों को पुलिस के हवाले किया है। जेल के प्रशासनिक सूत्रों ने गुरुवार को की गई इस कार्रवाई […] The post भरतपुर जेल में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के मामले में हेड कांस्टेबल निलम्बित appeared first on Sabguru News .
अलवर में हवाला कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई, 33.62 लाख रुपए बरामद
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में हवाला कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार करके उनसे 33 लाख 62 हजार 623 रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस को आशंका है कि यह रकम हवाला नेटवर्क के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाई जा रही […] The post अलवर में हवाला कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई, 33.62 लाख रुपए बरामद appeared first on Sabguru News .
हिज्बुल्ला ने लेबनान-इजराइल युद्धविराम को नकारा, कहा, यह आत्मसमर्पण
बेरूत। लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला के प्रमुख नईम कासिम ने इजरायल-लेबनान के बीच हुए युद्धविराम को सिरे से खारिज करते हुए गुरुवार को कहा कि यह बस एक अलग तरीके का ‘आत्मसमर्पण’ है। उन्होंने इज़राइल और लेबनान द्वारा एक नए युद्धविराम समझौते की घोषणा किए जाने के एक दिन से भी कम समय बाद […] The post हिज्बुल्ला ने लेबनान-इजराइल युद्धविराम को नकारा, कहा, यह आत्मसमर्पण appeared first on Sabguru News .
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित किए 11 उम्मीदवारों के नाम
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने विभिन्न राज्यों से राज्यसभा चुनाव के लिए गुरुवार को 11 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग मध्य प्रदेश से प्रत्याशी बनाए गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आज बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अरुणाचल, गुजरात मध्य प्रदेश, […] The post भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित किए 11 उम्मीदवारों के नाम appeared first on Sabguru News .
इजराइल-लेबनान युद्धविराम समझौते के बाद तेल कीमतों में गिरावट
लंदन। इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अमरीका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए व्यापक समझौते की दिशा में प्रगति हो सकती है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से […] The post इजराइल-लेबनान युद्धविराम समझौते के बाद तेल कीमतों में गिरावट appeared first on Sabguru News .
सिन्धपुति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम
अजमेर। राष्ट्र रक्षा में बलिदान हुए सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस के उपलक्ष में तीन दिवसीय आयोजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह निर्णय कवंल प्रकाश किशनानी की अध्यक्षता में स्वामी काम्पलेक्स में हुई समिति की बैठक लिया गया। समिति के महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन के बलिदान दिवस पर […] The post सिन्धपुति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .
48 देशों के 891 खिलाड़ी पहली बार भाग लेंगे FIFA World Cup में
FIFA को अंतिम दल घोषित करने के बाद 48 देशों को प्रतिनिधित्व करने वाले रिकॉर्ड 1,248 खिलाड़ियों के नाम पर मुहर लगाई गई है। मशहूर वैश्विक सितारों से लेकर पदार्पण वालों तक, ये स्क्वॉड बहुत ज़्यादा विविधता और दुनिया भर में प्रतिनिधित्व दिखाते हैं। फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 के लिए अंतिम दल घोषित कर दिया है, जो टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मील के पत्थर में से एक है, जिसके शुरुआत में सिर्फ़ नौ दिन बाकी हैं। कनाडा, मैक्सिको और यूनाइटेड स्टेट्स में 104 मैचों में 48 टीमों और 1,248 खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने के साथ, यह संस्करण वैश्विक खेल के लिए एक अहम पल है, जो पहले से कहीं ज़्यादा देशों, खिलाड़ियों और उनके फैंस के लिए दरवाज़े खोल रहा है। कन्फर्म स्क्वॉड लिस्ट टूर्नामेंट के स्केल और लंबे समय तक चलने वाले आकर्षण को दिखाती है, जिसमें 357 खिलाड़ी कम से कम एक बार पहले फीफा वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल होने के बाद वापस आ रहे हैं। करीब 891 खिलाड़ी पहली बार इस कॉम्पिटिशन का अनुभव करने वाले हैं, जो दुनिया भर के खेल में निरंतरता और नवीनीकरण दोनों को दिखाता है। पीढ़ियों का अंतर भी उतना ही चौंकाने वाला है, जिसमें सबसे उम्रदराज खिलाड़ी (स्कॉटलैंड के क्रेग गॉर्डन, 43 साल और 162 दिन के) और सबसे युवा खिलाड़ी (मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा, 17 साल और 240 दिन के) के बीच 25 साल से ज़्यादा का अंतर है। टूर्नामेंट की शुरुआत में 20 साल से कम उम्र के कुल 22 खिलाड़ी और 40 साल या उससे ज़्यादा उम्र के सात खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जबकि 22 फीफा वर्ल्ड कप विजेता दुनिया भर में वापसी कर रहे हैं। फुटबॉल के सबसे बड़े कॉम्पिटिशन में जाने-माने सितारों की वापसी के साथ, यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों और देशों की एक नई लहर को भी सुर्खियों में लाता है। काबो वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज़्बेकिस्तान पहली बार फीफा वर्ल्ड कप का अनुभव करने के लिए तैयार हैं, जो दिखाता है कि कैसे बड़ा फ़ॉर्मेट इस कॉम्पिटिशन को ग्लोबल गेम का ज़्यादा रिप्रेज़ेंटेटिव बना रहा है।
सीड बॉल कार्यशाला में बच्चों ने सीखा पर्यावरण संरक्षण का अनोखा मंत्र
मिट्टी और बीज से तैयार किए सीड बॉल, पक्षियों के लिए परिंडे भी वितरित अजमेर। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद अजमेर मुख्य शाखा, सेंट्रल एकेडमी स्कूल एवं ऑप्टिमिस्टिक आउटरीच ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सेंट्रल एकेडमी स्कूल के समर कैम्प में […] The post सीड बॉल कार्यशाला में बच्चों ने सीखा पर्यावरण संरक्षण का अनोखा मंत्र appeared first on Sabguru News .
झारखंड के पलामू जिले के राजहरा स्टेशन के समीप मालगाड़ी के 15 डब्बे पटरी से उतरे
मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले के धनबाद रेलमंडल अंतर्गत बरवाडीह-गढवारोड रेलखंड के बीच रजहरा रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर पहले गुरूवार दोपहर कोयला से लदा मालगाड़ी के 15 डब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह मालगाड़ी टोरी से मुगलसराय जा रही थी। फिलहाल यह हादसा […] The post झारखंड के पलामू जिले के राजहरा स्टेशन के समीप मालगाड़ी के 15 डब्बे पटरी से उतरे appeared first on Sabguru News .
मुंबई में मेट्रो ट्रेन की लिफ्ट में छेड़छाड़ मामला : गीतांजलि एक्सप्रेस ट्रेन से आरोपी अरेस्ट
मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित धनुकरवाड़ी स्टेशन पर मुंबई मेट्रो ट्रेन की लिफ्ट के अंदर 17 साल की किशोरी से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में 44 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया […] The post मुंबई में मेट्रो ट्रेन की लिफ्ट में छेड़छाड़ मामला : गीतांजलि एक्सप्रेस ट्रेन से आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मानसून ने केरल में दस्तक दी, तमिलनाडु के सीमावर्ती जिलों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद
चेन्नई। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरल में दस्तक दी, जिससे पश्चिमी घाट और तमिलनाडु के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश होने तथा भीषण गर्मी के प्रकोप से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, मध्य-पश्चिम और […] The post मानसून ने केरल में दस्तक दी, तमिलनाडु के सीमावर्ती जिलों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद appeared first on Sabguru News .
सूर्यास्त की ओर T20I कप्तान का करियर, बाहर होने की अटकलों के बीच क्या लेंगे संन्यास
T-20I विश्वकप के विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जब घरेलू मैदान पर टी-20 विश्वकप जीता था तो कहा था यह अंत नहीं है वह एशियन गेम्स तथा ओलंपिक में भी भारत को बतौर कप्तान गोल्ड दिलाना चाहते हैं। लेकिन अब ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा क्योंकि मीडिया सूत्रों की मानें तो 6 जुलाई को एशियन गेम्स और आयरलैंड दौरे के लिए जब भारतीय टीम की घोषणा होगी तो ना केवल उनकी कप्तानी जाएगी बल्कि टीम में भी उनकी जगह नहीं होगी।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह ड्रॉप होने से पहले संन्यास लेना मंजूर करेंगे। लगातार दो बड़े ICC खिताब जीतने के बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कुर्सी अब खतरे में नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BCCI और चयनकर्ता अब अगले टी20 साइकिल को ध्यान में रखते हुए नई लीडरशिप पर दांव लगाने की तैयारी कर रहे हैं, और इस रेस में सबसे आगे नाम है श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का। सूर्या की कप्तानी शानदार, लेकिन बल्लेबाजी बनी चिंता सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है। हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका। आईपीएल 2026 में भी फीका रहा प्रदर्शन मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है। सूर्यकुमार ने 12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं। टीम Points Table में नौवें स्थान पर रही । पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का यह खराब प्रदर्शन भी कहीं न कहीं सूर्या पर दबाव बढ़ा गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सूर्या लंबे समय से कलाई (Wrist Issue) की समस्या से जूझ रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी वह भारी टेपिंग के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए थे। आईपीएल 2025 में भी उनकी कलाई पर मोटी स्ट्रैपिंग देखी गई थी। टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन यह चोट अब उनके प्रदर्शन को प्रभावित करती दिख रही है।
तमिलनाडु के कीरैकडाई में किशोरी के यौन शोषण के आरोप में कैब चालक अरेस्ट
चेन्नई। तमिलनाडु के त्रिची जिले के कीरैकडाई इलाके में 14 साल की किशोरी के यौन शोषण के आरोप में गुरुवार को एक कैब चालक को गिरफ्तार किया गया है। कैब चालक पर किशोरी को नशीला पदार्थ खिलाकर यौन शोषण करने का आरोप है। बाद में लोगों ने उस चालक को पकड़ लिया, उसकी जमकर पिटाई […] The post तमिलनाडु के कीरैकडाई में किशोरी के यौन शोषण के आरोप में कैब चालक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
'मां बहन' बनी माधुरी दीक्षित के अभिनय का नया अध्याय, हर फ्रेम में छाईं एक्ट्रेस
कई सालों से अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतती आ रही माधुरी दीक्षित, नेटफ्लिक्स की नई फिल्म 'मां बहन' में एक बिल्कुल अलग अंदाज़ में नजर आ रही हैं। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया है जो रंगों से भरपूर होने के साथ-साथ भावनात्मक गहराई भी रखता है। माधुरी ने इस भूमिका को पूरी ईमानदारी और सहजता के साथ निभाया है। ALSO READ: बेबी पिंक कॉरसेट ड्रेस में पूजा हेगड़े ने बिखेरा हुस्न का जलवा, किलर पोज से मचाई सनसनी इस बार उनका किरदार उनकी पारंपरिक हीरोइन वाली छवि और 'धक-धक गर्ल' वाली पहचान से काफी अलग है। अपने करियर के इस पड़ाव पर ऐसा किरदार चुनना एक साहसिक फैसला है। माधुरी यह दिखाती हैं कि वह समय के साथ खुद को बदल सकती हैं, लेकिन उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी और अभिनय की ताकत आज भी वैसी ही है। फिल्म में वह एक साधारण मध्यमवर्गीय महिला की भूमिका निभा रही हैं, जिसे दर्शक उनके साथ कम ही देख पाए हैं। उनके चेहरे के भाव, उनकी कॉमिक टाइमिंग और उत्तर भारतीय लहजे में बोले गए संवाद इस किरदार को और भी खास बना देते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'माँ बहन' में माधुरी दीक्षित पूरी तरह छाई हुई हैं। उन्होंने व्यंग्य, हास्य और आत्मविश्वास का बेहतरीन संतुलन दिखाया है। इस फिल्म के जरिए वह एक बार फिर साबित करती हैं कि शानदार अभिनय उम्र का मोहताज नहीं होता और आज भी वह नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों को कड़ी टक्कर दे सकती हैं।
Parama Ekadashi 2026: 3 साल बाद आई परमा एकादशी, इस तरह करें पूजा और व्रत
Adhik Maas Parama Ekadashi: परमा एकादशी हिंदू धर्म में बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है। यह एकादशी हर साल नहीं आती, बल्कि लगभग 3 साल में एक बार आने वाले 'अधिक मास' (मलमास या पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में आती है। शास्त्रों के अनुसार, 'परमा' शब्द का अर्थ है 'सर्वोच्च'। इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता दूर होती है, सुख-समृद्धि आती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। ALSO READ: भाग्य बदलने वाली रात: परमा एकादशी व्रत की अमर कथा परमा एकादशी का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। जो श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान नारायण की आराधना करते हैं, उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होती है। चूंकि अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस महीने में आने वाली 'परमा एकादशी' का महत्व बाकी अन्य एकादशियों से कहीं अधिक बढ़ जाता है। वर्ष 2026 में अधिक मास ज्येष्ठ के महीने में यह पावन व्रत 11 जून 2026, दिन गुरुवार को रखा जाएगा। इस तरह करें पूजा, जानें विधि परमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के 'पुरुषोत्तम' रूप की पूजा की जाती है। इसकी विधि इस प्रकार है: ब्रह्म मुहूर्त में शुरुआत: एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। संभव हो तो पीले रंग के साफ वस्त्र धारण करें। व्रत का संकल्प: हाथ में जल लेकर भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें। पूजा की तैयारी: घर के मंदिर में एक छोटी चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। अभिषेक और श्रृंगार: भगवान श्रीहरि को गंगाजल से स्नान कराएं। उन्हें पीले चंदन का तिलक लगाएं, पीले फूल, फल और तुलसी दल/ तुलसी के पत्ते मुख्य रूप से अर्पित करें। (ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ी जाती, इसलिए एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें)। भोग और आरती: भगवान को सात्विक चीजों या फलों का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। अंत में माता लक्ष्मी और विष्णु जी की आरती करें। रात्रि जागरण का महत्व: इस एकादशी पर रात के समय सोना नहीं चाहिए। रात में भगवान के भजनों, कीर्तन या मंत्रों का जाप करते हुए समय बिताना अत्यंत फलदायी माना गया है। ALSO READ: परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम परमा एकादशी व्रत के जरूरी नियम दशमी से ही शुरुआत: व्रत के नियम एक दिन पहले यानी दशमी तिथि की रात से ही शुरू हो जाते हैं। दशमी की रात को सात्विक और हल्का भोजन करना चाहिए। चावल का निषेध: एकादशी के दिन घर में चावल बनाना और खाना पूरी तरह वर्जित होता है। व्रत रखने वालों के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस दिन चावल नहीं खाने चाहिए। फलाहार या निर्जला: यह व्रत अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रखना चाहिए। आप चाहें तो केवल पानी पीकर (निर्जला) या फिर फल, दूध और कुट्टू-सिंघाड़े का आटा जैसी फलाहारी चीजों का सेवन करके व्रत रख सकते हैं। परमा एकादशी व्रत कथा (संक्षेप में) पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में काम्पिल्य नगरी में सुमेधा नाम का एक अत्यंत धार्मिक लेकिन बहुत गरीब ब्राह्मण रहता था। उसकी पत्नी का नाम पवित्रा था, जो बेहद पतिव्रता और शांत स्वभाव की थी। वे दोनों इतने गरीब थे कि कई बार उन्हें भूखा ही सोना पड़ता था, लेकिन फिर भी वे अपने द्वार पर आए किसी अतिथि को खाली हाथ नहीं लौटने देते थे। अपनी गरीबी से परेशान होकर जब सुमेधा ने अपनी पत्नी से धन कमाने के लिए परदेस जाने की बात कही, तो पवित्रा ने कहा कि धन और सुख-दुख पूर्व जन्मों के कर्मों के आधार पर मिलते हैं, इसलिए हमें यहीं रहकर ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए। एक दिन उनके घर महर्षि कौंडिन्य पधारे। सुमेधा और पवित्रा ने उनका आदर-सत्कार किया। तब ब्राह्मण दंपत्ति ने ऋषि से अपनी दरिद्रता दूर करने का उपाय पूछा। महर्षि कौंडिन्य ने उन्हें बताया कि अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली 'परमा एकादशी' का व्रत रखने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और दरिद्रता का नाश होता है। महर्षि के कहे अनुसार दोनों ने पूरी श्रद्धा से यह व्रत और रात्रि जागरण किया। व्रत के प्रभाव से कुछ ही दिनों में उनकी गरीबी दूर हो गई, उन्हें धन-धान्य की प्राप्ति हुई और जीवन के अंत में वे विष्णु लोक को सिधारे। व्रत का पारण एकादशी व्रत का समापन अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को किया जाता है। अगले दिन सुबह स्नान करके दोबारा भगवान विष्णु की पूजा करें, ब्राह्मणों या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं या सीधे दान-दक्षिणा (अनाज, वस्त्र) दें। इसके बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करके व्रत का पारण करें। ALSO READ: जून माह में रहेगी ज्येष्ठ माह की 2 एकादशियां, जानिए तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
कोटा में जेईई कोचिंग छात्र ने की आत्महत्या
कोटा। देशभर में इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रमुख केंद्र कोटा में एक और कोचिंग छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। गत दो वर्षों से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहे 17 वर्षीय छात्र ने बुधवार देर रात अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। […] The post कोटा में जेईई कोचिंग छात्र ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
शाहजहांपुर में सौतेले पिता ने मासूम बच्ची की हत्या कर खेत में दफनाया
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम बच्ची की पीट-पीटकर हत्या कर शव को खेत में दफनाने के मामले में पुलिस ने सौतेले पिता समेत 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौतेले पिता और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। […] The post शाहजहांपुर में सौतेले पिता ने मासूम बच्ची की हत्या कर खेत में दफनाया appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ जिले में पटवारी 15000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील के चाहूवाली पटवार मण्ड़ल के राजस्व पटवारी श्रीराम को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी हनुमानगढ़ को शिकायत मिली कि पटवारी द्वारा परिवादी के पिता […] The post हनुमानगढ़ जिले में पटवारी 15000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
खरगोन : सार्वजनिक शौचालय में महिला ने बच्चे को जन्म दिया
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल खरगोन में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। भीकनगांव के ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. विजय वर्मा […] The post खरगोन : सार्वजनिक शौचालय में महिला ने बच्चे को जन्म दिया appeared first on Sabguru News .
पिता के मौत पर नहीं पहुंचे चारों बेटे, बेटी ने दिया कंधा और किया अंतिम संस्कार
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पिता की मौत की खबर सुनने के बाद भी चारों बेटों ने मुंह मोड़ लिया, तो बेटी ने बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। झारखंड की रहने वाली पूजा अपने बुजुर्ग पिता के बीमार होने की खबर सुनकर उनकी सेवा […] The post पिता के मौत पर नहीं पहुंचे चारों बेटे, बेटी ने दिया कंधा और किया अंतिम संस्कार appeared first on Sabguru News .
विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'गवर्नर', जिसमें मनोज बाजपेयी लीड रोल में हैं, इस साल की सबसे मच-अवेटीड फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। हाल ही में रिलीज हुए इसके ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर भारी बज बना दिया है। यह ट्रेलर दर्शकों को 1990 के भारत के उस दौर में ले जाता है, जब देश एक बहुत बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा था और उस मुश्किकी दिशा तय करने वाले कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे। फिल्म में मनोज बाजपेयी आरबीआई के गवर्नर के रूप में एक बिल्कुल नए और अलग ल समय में देश अवतार में नजर आ रहे हैं, और इस रोल के लिए उन्हें काफी तैयारी और ट्रांसफॉर्मेशन से गुजरना पड़ा। ALSO READ: बेबी पिंक कॉरसेट ड्रेस में पूजा हेगड़े ने बिखेरा हुस्न का जलवा, किलर पोज से मचाई सनसनी हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान मनोज बाजपेयी ने गवर्नर के इस किरदार को निभाने के लिए की गई अपनी तैयारियों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अपनी परफॉर्मेंस को पर्दे पर एकदम असली और विश्वसनीय बनाने के लिए उन्होंने इकोनॉमिक्स के बुनियादी शब्दों को सीखा। मनोज ने शेयर किया, मैंने फिल्म में आरबीआई गवर्नर का रोल निभाया है, इसलिए मुझे इसके बेसिक टर्म्स की पढ़ाई करनी पड़ी और जरूरी जानकारी जुटानी पड़ी। चूंकि मैं इकोनॉमिक्स में बहुत कमजोर था, इसलिए मुझे हर एक सीन और डायलॉग के लिए उन शब्दों को ऑनलाइन सर्च करना पड़ता था। एक एक्टर के तौर पर मैं पर्दे पर जो कुछ भी बोलूँ, वो सच लगना चाहिए। अगर मुझे खुद ही यह समझ नहीं आएगा कि '1.5 बिलियन का डेफिसिट बैलेंस (घाटा)' होने का क्या मतलब है, तो मैं उसे दर्शकों को कैसे समझा पाता। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सच्ची घटनाओं से प्रेरित 'गवर्नर' दर्शकों को भारत के आर्थिक सफर के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक में वापस ले जाती है। 1990 के दशक के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म महत्वपूर्ण फैसलों, सियासी शह और मात के खेल, और देश के बड़े संस्थानों के बीच के टकरावों की एक बेहद दिलचस्प कहानी पेश करती है। तनाव और ड्रामे से भरपूर यह ट्रेलर उस दुनिया की एक झलक दिखाता है जहाँ मेकर्स का हर एक कदम देश के भविष्य पर बहुत बड़ा असर डाल सकता है। इस पूरी कहानी को नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेयी अपने दमदार अभिनय से आगे बढ़ाते हैं, जो एक ऐसे गवर्नर के रूप में नजर आ रहे हैं जो पूरे देश का भविष्य बदलने वाले एक बेहद नाजुक मोड़ को संभाल रहा है। दमदार और असरदार डायलॉग्स से सजी यह बेहतरीन कहानी 'सनशाइन पिक्चर्स' के बैनर तले आ रही है। इस फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है और इसके प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह हैं। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार है।
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्ना हजारे के शामिल होने की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर एडिटेड है. कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच पर अन्ना हजारे मौजूद नहीं थे.
अक्षय कुमार ने मुंबई के बोरिवली में बेचे दो फ्लैट्स, रिटर्न देखकर चौंक जाएंगे!
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट मार्केट में भी सटीक दांव लगाने के लिए जाने जाते हैं। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और क्रेडिबल रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म 'क्रिए मैट्रिक्स' के दस्तावेजों से एक बड़ा खुलासा हुआ है। अक्षय कुमार ने मुंबई के पॉश इलाके बोरिवली (ईस्ट) में स्थित 'ओबेरॉय स्काई सिटी' प्रोजेक्ट में अपने दो शानदार अपार्टमेंट्स को एक साथ बेच दिया है। इस कंबाइंड डील से अक्षय को कुल 7.1 करोड़ रुपए की रकम हासिल हुई है। ALSO READ: बेबी पिंक कॉरसेट ड्रेस में पूजा हेगड़े ने बिखेरा हुस्न का जलवा, किलर पोज से मचाई सनसनी दस्तावेजों के मुताबिक, अक्षय कुमार ने इन दोनों संपत्तियों को साल 2017 में 'इन्क्लाइन रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड' से खरीदा था। लगभग 8 से 9 साल तक इन प्रॉपर्टीज को होल्ड करने के बाद, अब उन्होंने इसे बेचने का फैसला किया। इस डील की सबसे दिलचस्प बात इसका मुनाफा है, जिसने यह साबित कर दिया है कि मुंबई का प्रॉपर्टी मार्केट आज भी निवेशकों के लिए फायदे का सौदा है। पहला फ्लैट बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर स्थित है, जिसका कारपेट एरिया 1,101 वर्ग फुट है। अक्षय कुमार ने इसे 5.75 करोड़ रुपए में बेचा है। इस ट्रांजैक्शन के लिए 28.75 लाख रुपए की स्टांप ड्यूटी चुकाई गई है और खरीदार को इसके साथ दो कार पार्किंग स्पेस मिले हैं। बता दें कि 2017 में अक्षय ने इसे 3 करोड़ रुपए में खरीदा था, यानी इस पर उन्हें करीब 91.7% का सीधा फायदा हुआ। दूसरा अपार्टमेंट इसी फ्लोर पर स्थित दूसरा छोटा फ्लैट 252 वर्ग फुट का है, जिसे 1.35 करोड़ रुपए में बेचा गया। इसके लिए 6.75 लाख रुपए की स्टांप ड्यूटी दी गई है और इसमें एक कार पार्किंग शामिल है। इसे अक्षय ने 67.55 लाख रुपए में खरीदा था, जिससे उन्हें पूरा 100% (दोगुना) रिटर्न मिला। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह कोई पहली बार नहीं है जब अक्षय कुमार ने अपनी किसी प्रॉपर्टी को बेचा हो। अगर पिछले कुछ समय के उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, तो वह मुंबई के अलग-अलग माइक्रो-मार्केट्स में मौजूद अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को लगातार मोनिटाइज कर रहे हैं। इससे पहले साल 2025 में भी उन्होंने इसी बोरिवली ईस्ट इलाके में दो आस-पास के फ्लैट्स को 7.10 करोड़ रुपए में प्रवीन शेट्टी और सबीता शेट्टी को बेचा था, जिसपर उन्हें 92% से अधिक का रिटर्न मिला था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में अक्षय कुमार ने बोरिवली में ही एक अन्य 1,073 वर्ग फुट का अपार्टमेंट 4.25 करोड़ में बेचा था। वहीं, साल 2025 की सबसे बड़ी डील्स में से एक तब सामने आई, जब अक्षय और उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना ने मुंबई के सबसे महंगे इलाकों में शुमार वर्ली के 'ओबेरॉय 360 वेस्ट' प्रोजेक्ट में अपना एक अल्ट्रा-लग्जरी अपार्टमेंट पूरे 80 करोड़ रुपए में बेचा।
भीलवाड़ा में दो गुटों के खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में बुधवार रात कंजर जाति के दो गुटों में हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हाे गई। थाना प्रभारी भंवरलाल ने गुरुवार को बताया कि कल देर रात लक्ष्मणगढ़ कॉलोनी में विनोद कंजर (40) और कमलेश कंजर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी […] The post भीलवाड़ा में दो गुटों के खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत appeared first on Sabguru News .
तृणमूल विधायक दल में टूट, 58 सदस्यों के साथ ऋतब्रत बंदोपाध्याय बने विपक्ष के नेता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बुधवार को उस समय एक और झटका लगा जब विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ बोस ने पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बंदोपाध्याय के नेतृत्व वाले 58 विधायकों वाले समूह को मुख्य विपक्षी दल की मान्यता दे दी। विधानसभा ने बंदोपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष के नेता […] The post तृणमूल विधायक दल में टूट, 58 सदस्यों के साथ ऋतब्रत बंदोपाध्याय बने विपक्ष के नेता appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर इलाके के एक होटल में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की जान चली गई। अपने एक बीमार रिश्तेदार की देखरेख के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आए अग्रवाल परिवार के ये सदस्य होटल फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। यह होटल मैक्स […] The post दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में प्रेमी युगल पर हमला, युवती की मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात छह से अधिक लोगों ने एक प्रेमी युगल पर हमला कर दिया जिससे एक युवती की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि मनजीतकौर (32) विवाहित है। जंडवाला गांव के निवासी रमजान (40) के साथ […] The post हनुमानगढ़ में प्रेमी युगल पर हमला, युवती की मौत appeared first on Sabguru News .
शादी का झांसा देकर मुरैना डिप्टी कलेक्टर ने युवती से किया रेप, अरेस्ट
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और शारीरिक शोषण का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक […] The post शादी का झांसा देकर मुरैना डिप्टी कलेक्टर ने युवती से किया रेप, अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
प्रयागराज : टीचर ने की कोचिंग छात्रा से अश्लील हरकत,जमकर हुई धुनाई
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के नैनी के दांडी इलाके में कोचिंग छात्रा के साथ शिक्षक ने अश्लील हरकत की जिसके बाद परिजनों ने उसकी जम कर पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। कक्षा तीन में पढ़ने वाली 10 साल की मासूम बच्ची ने अपने घर वालों को टीचर द्वारा किए गए […] The post प्रयागराज : टीचर ने की कोचिंग छात्रा से अश्लील हरकत,जमकर हुई धुनाई appeared first on Sabguru News .
मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, आईसीयू में 4 मरीजों की मौत, 20 झुलसे
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर स्थित एक निजी अस्पताल में गुरुवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड में आईसीयू में भर्ती चार मरीजों की मौत हो गई, तथा 20 से अधिक लोग झुलस गए। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग […] The post मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, आईसीयू में 4 मरीजों की मौत, 20 झुलसे appeared first on Sabguru News .
ओटीटी पर धमाका करने को तैयार 'धुरंधर 2: द रिवेंज, जानिए कब और कहां देख सकते हैं फिल्म का अनकट वर्जन
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर खूब तहलका मचाया है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े। अब यह फिल्म अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि आप इस जबरदस्त एक्शन-थ्रिलर को सिनेमाघरों में देखने से चूक गए थे, या फिर इसके धांसू सीन्स को एक बार फिर घर बैठे एन्जॉय करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। मेकर्स ने 'धुरंधर 2' के डिजिटल प्रीमियर को किसी बड़े इवेंट की तरह डिजाइन किया है। आइए जानते हैं धुरंधर 2 के ओटीटी प्रीमियर, इसकी टाइमिंग और सबसे ज्यादा चर्चा में चल रहे इसके 'अनकट वर्जन' से जुड़ी हर एक जरूरी डिटेल। A post shared by JioHotstar (@jiohotstar) जियो हॉटस्टार पर होगा ग्रैंड प्रीमियर जियो हॉटस्टार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि 'धुरंधर 2' का डिजिटल प्रीमियर 4 जून को होने जा रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इस खास रिलीज को दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प बना दिया है। ALSO READ: झूठा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने पर ट्रोल हो रहीं शिल्पा शिंदे का करारा जवाब, बोलीं- किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं... 4 जून को फिल्म के मुख्य प्रीमियर से पहले 30 मिनट का एक स्पेशल 'बिहाइंड द सीन्स' सेगमेंट दिखाया जाएगा। इस प्री-शो सेगमेंट में फिल्म की स्टारकास्ट के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, फिल्म मेकिंग से जुड़ी चुनौतियां और शूटिंग के दौरान के कई अनसुने किस्से दर्शकों के सामने लाए जाएंगे। इस ग्रैंड प्रीमियर के ठीक अगले दिन, यानी 5 जून से यह फिल्म सभी सब्सक्राइबर्स के लिए ऑन-डिमांड स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो जाएगी। पांच भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म पैन-इंडिया दर्शकों की भारी डिमांड को देखते हुए मेकर्स ने इसे केवल हिंदी तक सीमित नहीं रखा है। धुरंधर 2 को जियो हॉटस्टार पर कुल पांच भारतीय भाषाओं में स्ट्रीम किया जाएगा। दर्शक इस शानदार स्पाई थ्रिलर का लुत्फ हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में उठा सकेंगे। इससे साफ है कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक, हर क्षेत्र के सिनेमा प्रेमी अपनी पसंदीदा भाषा में रणवीर सिंह के एक्शन अवतार को देख पाएंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'रॉ और अनकट' वर्जन को लेकर फैंस में एक्साइटमेंट सिनेमाघरों में 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर इतिहास रचने के बावजूद, सोशल मीडिया पर इसके ओटीटी वर्जन को लेकर गजब का माहौल बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है फिल्म का 'रॉ और अनकट वर्जन'। दरअसल, जब यह फिल्म थिएटर्स में रिलीज हुई थी, तब सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स या फिल्म की लेंथ को ध्यान में रखते हुए कुछ अत्यधिक हिंसक और कुछ अन्य आपत्तिजनक सीन्स को हटा या ट्रिम कर दिया गया था। लेकिन अब ओटीटी पर मेकर्स बिना किसी कांट-छांट के ओरिजिनल डायरेक्टर कट रिलीज कर रहे हैं। फैंस इस बात को लेकर बेहद एक्साइटेड हैं कि उन्हें स्क्रीन पर वो सब कुछ देखने को मिलेगा जो सिनेमाघरों में मिस हो गया था। फिल्म का यह अनफिल्टर्ड रूप इसके थ्रिल और एक्शन को दोगुना करने वाला साबित होगा। रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर जो गदर काटा है, उसने कई पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। इस फिल्म की कहानी, वीएफएक्स, बैकग्राउंड स्कोर और रणवीर सिंह की एक्टिंग की चौतरफा तारीफ हुई है। अब देखना यह होगा कि थिएटर्स में तबाही मचाने के बाद यह स्पाई थ्रिलर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर व्यूअरशिप के कौन से नए कीर्तिमान स्थापित करती है।
दिल्ली के गेस्टहाउस में आग लगने पर लोग क्यों नहीं भाग सके
गेस्ट हाउस में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती पड़ताल में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और निर्माण से जुड़ी गडबड़ियों के संकेत मिले हैं। मरने वालों में 9 भारतीय और 12 ...
Adhik Panchami 2026: अधिक पंचमी क्या है, जानें महत्व, पूजा विधि और उपाय
Purushottam Maas Panchami 2026: हिंदू पंचांग में 'अधिक पंचमी' का संबंध अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) से है। जब अधिक मास के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आती है, तो उसे 'अधिक पंचमी' कहा जाता है। चूंकि अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस पूरे महीने की हर तिथि का महत्व सामान्य दिनों से कहीं अधिक बढ़ जाता है। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक पंचमी के दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, जप, दान और पुण्य कर्म करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। यह दिन आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष माना गया है। कई श्रद्धालु इस दिन गीता पाठ, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और गरीबों को दान देकर पुण्य अर्जित करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अधिक पंचमी पर किए गए धार्मिक उपाय ग्रह दोषों को शांत करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप और पूजा कई गुना फल प्रदान करता है। इसलिए अधिक पंचमी को पुण्य संचय और ईश्वर भक्ति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। अधिक पंचमी का महत्व अधिक पंचमी पर क्या करें? जानें पूजा विधि और उपाय आइए यहां जानते हैं अधिक पंचमी का क्या महत्व है और इस दिन क्या करना फलदायी होता है। पढ़ें अधिक पंचमी का महत्व, पूजन की विधि और उपाय... अधिक पंचमी का महत्व हिंदू धर्म में अधिक मास को बहुत पवित्र माना गया है। इस महीने में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना होकर मिलता है। दोषों से मुक्ति: इस दिन भगवान विष्णु (श्रीहरि) और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्टों, पापों और कुंडली के दोषों से मुक्ति मिलती है। अक्षय फल की प्राप्ति: मान्यता है कि अधिक पंचमी के दिन किए जाने वाले दान-पुण्य और व्रत का फल कभी नष्ट नहीं होता, वह अक्षय बना रहता है। मानसिक शांति: इस तिथि पर पूजा-पाठ और ध्यान करने से मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अधिक पंचमी पर क्या करें? जानें पूजा विधि और उपाय यदि आप अधिक पंचमी के दिन विशेष लाभ पाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं: ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास? 1. श्रीहरि विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले फल, चंदन और तुलसी दल यानी तुलसी के पत्ते अर्पित करें। माता लक्ष्मी को मखाने की खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं। 2. महामंत्रों का जाप इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना या नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है: - 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' - 'ॐ श्री विष्णवे नमः' 3. दीपदान का विशेष महत्व अधिक मास में दीपदान (दीपक जलाना) सबसे उत्तम माना गया है। पंचमी की शाम को घर के मंदिर में, तुलसी के पौधे के पास और संभव हो तो किसी पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जरूर जलाएं। 4. दान-पुण्य पंचमी तिथि पर भूखे लोगों को भोजन कराना, पीले अनाज- जैसे चने की दाल, पीले कपड़े या केले का दान करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और भाग्य का साथ मिलता है। ध्यान दें: अधिक मास (मलमल मास) में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक व शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसलिए अधिक पंचमी के दिन केवल ईश्वर की भक्ति, साधना, व्रत और दान-पुण्य पर ही ध्यान देना चाहिए। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पेड़-पौधों का ज्योतिष कनेक्शन: 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है सिर्फ एक पौधा! जानें किस्मत चमकाने वाली 11 जादुई बातें
प्रोड्यूसर पर झूठा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने पर ट्रोल हुईं शिल्पा शिंदे, सेलेब्स ने भी जताई नाराजगी
टीवी शो 'भाबीजी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर फेमस हुई एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में शिल्पा ने भारती सिंह और हर्ष के पॉडकास्ट में कबुला की उन्होंने 'भाबीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया था। शिल्पा शिंदे के इस खुलासे के बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। टीवी और बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलेब्स भी शिल्पा के इस कदम की कड़ी निंदा कर रहे हैं। शिल्पा शिंदे के इस चौंकाने वाले बयान के बाद अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बेदी ने इस पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। ALSO READ: आमिर खान 5 जुलाई को तीसरी बार करेंगे शादी, गौरी स्प्रैट बनेंगी दुल्हन! पूजा बेदी ने कहा, कोई भी महिला जो बदला लेने, व्यक्तिगत लाभ, पब्लिसिटी या दुर्भावना के लिए पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को हथियार बनाती है, वह वास्तव में उस पूरे आंदोलन और मकसद को धोखा दे रही है जिसके लिए ये कानून बनाए गए थे। उन्होंने कहा, ऐसे झूठे आरोप न केवल एक मासूम इंसान की जिंदगी और उसका मान-सम्मान बर्बाद करते हैं, बल्कि समाज में वास्तविक पीड़ितों और सरवाइवर्स पर भरोसा करना भी मुश्किल बना देते हैं। कानून का ऐसा दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके गंभीर परिणाम होने चाहिए। एक्ट्रेस हिना खान ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा, आमतौर पर मैं ना किसी के बारे में बात करती हूं, ना किसी और के मुद्दों पर कमेंट या रिएक्ट करती हूं। मैं सिर्फ और सिर्फ तभी बोलती हूं जब संवेदनशील बात हो, या फिर ऐसी कोई बात हो जिसका असर समाज को प्रभावित करें, खासकर महिलाओं को। हिना ने लिखा, पब्लिक फिगर होने के नाते अपनी बात रखना मेरी जिम्मेदारी है। किसी विवाद में जीतने के लिए अपने सेक्स का इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना सचमुच शर्मनाक है। जो लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं, वे बिल्कुल सही हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने लिखा, मैं पूरी तरह से शॉक्ड हूं। मेरे पास कहने को शब्द नहीं हैं। लेकिन मैं यहां रियल विक्टिम के बारे में बात करना चाहूंगी। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती प्रोड्यूसर, जिसने कई आइकॉनिक शो ऑडियंस को दिए हैं। उसे इस तरह की परेशानी से गुजरना पड़ा। जैसा कि फीमेल एक्ट्रेस ने कुबूला कि उसके आरोप बेबिनुयाद थे। वो आरोप उसने सिर्फ फायदा उठाने, जीतने, अपनी बात मनवाने और समझौता करवाने के लिए लगाए थे। करण ओबेरॉय ने बताया 'कानूनी आतंकवाद' अभिनेता व सिंगर करण ओबेरॉय ने भी इस मुद्दे पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, एक झूठा मामला पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के खिलाफ होता है, क्योंकि इसकी वजह से वास्तविक पीड़ित महिलाओं को भुगतना पड़ता है। एक झूठा केस समाज में चल रहे सौ सच्चे मामलों पर भी संदेह की उंगली उठा देता है। यह एक तरह का 'कानूनी आतंकवाद' है, जिससे हजारों निर्दोष लोगों की जिंदगियां तबाह हो रही हैं। शिल्पा शिंदे ने पॉडकास्ट में अपनी पुरानी कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा था, मैं आज इस प्लेटफॉर्म के जरिए पहली बार सच कबूल कर रही हूं कि वह आरोप झूठा था। उस वक्त मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। मेरे सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे और मैं बस उस स्थिति से बाहर निकलना चाहती थी। उन्होंने कहा, जब आप पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने जाते हैं, तो वे कहते हैं कि मामला गंभीर बनाने के लिए आपको कुछ बड़ा और कड़ा लिखना पड़ेगा। चूंकि मेरा बैकग्राउंड कानून का रहा है, इसलिए मैं इस प्रक्रिया को समझती थी। इस मामले के बाद दोनों पक्षों के बीच सेटलमेंट हो गया था और उनका बकाया भुगतान भी मिल गया था।
FCI साइलो परियोजना में अडानी-लीप इंडिया की बढ़ती हिस्सेदारी पर CPI(M) ने चिंता जताई है। पार्टी ने खाद्य सुरक्षा ढांचे के निगमीकरण और एकाधिकार पर सवाल उठाए हैं।
युद्ध समाप्त होने के बाद भी अवैध हथियार हिंसा को बढ़ाते रहते हैं। घोस्ट गन, 3डी-प्रिंटेड हथियार और तस्करी नेटवर्क वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 04 June 2026: करियर: आज वर्कप्लेस पर नए टारगेट मिलेंगे जिन्हें आप समय से पूरा कर लेंगे। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में भावनात्मक मजबूती आएगी। धन: निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति जरूर जांच लें। स्वास्थ्य: आज पर्याप्त पानी पिएं। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें। ALSO READ: Miracle Plants: ये 9 चमत्कारी पौधे जो बदल देंगे आपकी जिंदगी: सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का प्राकृतिक खजाना 2. वृषभ (Taurus) करियर: अगर आप बिजनेस में हैं, तो आज कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। लव: लव लाइफ में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। धन: आज खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी है। स्वास्थ्य: बाहर के खाने से बचें। उपाय: 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: आज बचत करने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: योग को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: आज वर्कप्लेस में एकाग्रता बनाए रखें। लव: रिश्तों में संवेदनशीलता बढ़ेगी। धन: आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम की शिकायत हो सकती है। उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आज मानसिक चंचलता काम पर असर डाल सकती है। लव: प्रेम संबंधों में अतिउत्साह देखने को मिलेगा। धन: कारोबार से आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में तकलीफ हो तो मोबाइल का उपयोग कम करें। उपाय: सूर्य देव को जल चढ़ाएं और शिवजी की आरती करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: बैंकिंग से जुड़े लोगों के लिए काम का बोझ बढ़ सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ बैठकर बात सुलझाएं। धन: भविष्य के लिए बचत की गई प्लानिंग सफल होगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द या कमर दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: सोमवार का व्रत रखें। ALSO READ: Weekly Horoscope 1 to 7 June: साप्ताहिक राशिफल (1 से 7 जून 2026): अपने भाग्य को जानें और तैयार रहें 7. तुला (Libra) करियर: पार्टनरशिप में नई योजनाओं पर काम शुरू होगा। लव: प्रेमी के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: आप मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरीपेशा का ऑफिस में किसी से विवाद होने की संभावना है। लव: पुराने लव अफेयर के कारण परेशानी हो सकती है। धन: खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य: रात में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। उपाय: हनुमान जी के दर्शन करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नौकरी से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा। लव: लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। धन: रुका हुआ धन मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में दिन अच्छा है। उपाय: चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज का दिन शुभ है। करियर में स्थिरता आएगी। लव: परिवार के सदस्यों के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: पैसों के मामले में किसी पर अंधविश्वास न करें। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। उपाय: भगवान शिव का अभिषेक शहद से करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: वर्कप्लेस पर नए प्रयोग करना सफल रहेगा। लव: पार्टनर के साथ चल रहे विवाद हल होंगे। धन: शेयर मार्केट में निवेश फायदेमंद हो सकता है। स्वास्थ्य: दिन भर स्फूर्ति बनी रहेगी। उपाय: गरीबों को भोजन कराएं। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। लव: लव पार्टनर आपकी भावनाओं का सम्मान करेगा। धन: धन को लेकर पारिवारिक खर्च भी बढ़ेंगे। स्वास्थ्य: गुनगुने पानी का प्रयोग करें। उपाय: शनि मंदिर में काले तिल अर्पित करें। ALSO READ: कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव
दिल्ली के दरियागंज–चांदनी चौक में सूटकेस और नकदी से चलने वाला हवाला अब डिजिटल हो चुका है। यहां बैठे ऑपरेटर क्रिप्टो करेंसी के जरिए हवाला चला रहे हैं। इस नेटवर्क से जुड़े ऑपरेटर्स ने कैमरे पर दावा किया कि दुबई, थाईलैंड, कंबोडिया, हांगकांग समेत कई देशों में मिनटों में पेमेंट पहुंचाई जा सकती है। पर्दाफाश करने के लिए रिपोर्टर ने ब्रोकर बनकर दो माफियाओं से मुलाकात की। ‘10 हजार USDT से शुरू करो, फिर करोड़ों तक ले जाओ’ लोकेशन: दरियागंज, पुरानी दिल्लीकिससे मुलाकात: सलमान और शाहिद (डिजिटल हवाला एजेंट) क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हवाला करने वाले माफियाओं तक पहुंचने के दौरान हमारी पहली मुलाकात साद से हुई। वो दरियागंज की एक पुरानी इमारत के सामने मिला। हमें पांचवी मंजिल पर बने ऑफिस में ले गया। हमने खुद को ब्रोकर बताते हुए कहा कि दुबई में हमारे क्लाइंट की बेटिंग कंपनी चलती है। भारत में सट्टे से आने वाला पैसा क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजना और जरूरत पड़ने पर वापस लाना है। हमने कहा कि हमें नकद के बदले USDT (यह एक क्रिप्टोकरेंसी है) चाहिए और बाद में उसी USDT के जरिए दूसरे देशों में नकद भी चाहिए। इसके बाद हवाला ऑपरेटर सलमान ने पूरा सिस्टम समझाया। सवाल: बेटिंग ऐप का काम है। USDT के जरिए काम करना चाहते हैं? जवाब : हो जाएगा। सवाल: सिस्टम क्या रहेगा? जवाब : पैसा एडवांस देना होगा। जितना USDT चाहिए मिल जाएगा। हाथों-हाथ ट्रांसफर होगा। पहले 10 हजार USDT से शुरू करो, फिर करोड़ों तक ले जाओ। सवाल: काम कहां से शुरू होगा? जवाब : दिल्ली से शुरुआत करो। बाद में दुबई या दूसरी कंट्री में भी पेमेंट कलेक्ट करवा देंगे। ऑफिस दुबई में भी है। सवाल: USDT को नकद कैसे करेंगे? जवाब : अंदर करना हो या बाहर निकालना हो, सब हमारे जरिए होगा। क्रिप्टो को नकद, नकद को क्रिप्टो, हवाला सब हो जाएगा। दुबई, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी जहां बोलोगे वहां पेमेंट मिल जाएगी। सवाल: हमें नकद और USDT दोनों चाहिए। जवाब : हो जाएगा। सवाल: ऑफिस में कोई रिस्क तो नहीं ? जवाब : यहां कुछ रखा नहीं जाता। इनकम टैक्स भी आ जाए तो कुछ नहीं मिलेगा। सवाल: बायनेंस (क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म) से काम करते हो? KYC की जरूरत पड़ती है? जवाब : बायनेंस से करते हैं। ट्रेडिंग में बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं पड़ती। आप सीधे USDT इस्तेमाल कर सकते हो। सवाल: पैसा अलग-अलग शहरों में भी मिल जाएगा? जवाब : जहां बोलोगे वहां मिल जाएगा। सवाल: आपका कमीशन कितना है? जवाब : मार्केट रेट पर 50 पैसे प्रति डॉलर। आज USDT का रेट 97 रुपए है, हम 97.50 में देंगे। 10 हजार डॉलर पर करीब 50 हजार कमीशन होगा। सवाल: अगर हमें वॉलेट चलाना नहीं आता तो? जवाब : अपना वॉलेट बनाने की जरूरत नहीं है। हमारा वॉलेट इस्तेमाल कर लो। USDT हमारे वॉलेट में रहेगा, जब जहां नकद चाहिए होगा वहां भिजवा देंगे। सवाल: कौन सा वॉलेट सिक्योर है? जवाब : बायनेंस ठीक है। सवाल: नया अकाउंट भी बनवा देंगे? जवाब : हां, दोनों सिस्टम करा देंगे। सवाल: काम का समय क्या रहता है? जवाब : दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक। ज्यादातर हवाला दुबई से होता है, इसलिए बाजार उसी हिसाब से चलता है। दूसरी मुलाकात लोकेशन: पूर्वी दिल्ली, गाजीपुर पेपर मार्केटकिससे मुलाकात: हर्ष सिंघल, डिजिटल हवाला नेटवर्क ऑपरेटर अगली मुलाकात अमन से हुई। अमन के संपर्क में डिजिटल हवाला नेटवर्क से जुड़े कई एजेंट थे। अमन ने बताया कि वह हर्ष सिंघल नाम के एक शख्स को जानता है, जो दुबई में बैठे बड़े सट्टेबाजों के पैसों को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर डिजिटल हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाता है। उसके मुताबिक हर्ष दिल्ली का बड़ा डिजिटल हवाला एजेंट है। शुरुआत में हर्ष सीधे मिलने को तैयार नहीं था। कई दिनों तक अमन हम पर नजर रखता रहा कि कहीं हम किसी एजेंसी से जुड़े तो नहीं हैं। भरोसा होने के बाद वह हमें गाजीपुर पेपर मार्केट इलाके में हर्ष सिंघल से मिलवाने ले गया। एक गोदाम के बाहर इंतजार के दौरान नई मर्सिडीज कार आकर रुकी। अमन हमें कार के अंदर ले गया और सिंघल से मिलवाया। रिपोर्टर और सिंघल के बीच हुई बातचीत ‘एक दिन में 10 लाख, 20 लाख, 50 लाख तक भेज सकते हैं…’ सवाल: आप क्या काम करते हैं? जवाब : मैं USDT का काम करता हूं। दुबई में अपने लोग हैं, पूरा सेटअप है। सवाल: अकाउंट का भी इंतजाम हो जाएगा? जवाब : अकाउंट के चक्कर में मत पड़ना। सबसे ज्यादा रिस्क वहीं है। अकाउंट में कई बार स्कैम का पैसा आ जाता है और खाते फ्रीज हो जाते हैं। हम नकद में काम करते हैं। सवाल: सिस्टम कैसे चलेगा? जवाब : नकद लाओ, हाथों-हाथ USDT ट्रांसफर। शुरुआत 10 हजार से करो या लाखों से, कोई दिक्कत नहीं। एक दिन में 10 लाख, 20 लाख, 50 लाख तक करवा सकते हैं। सवाल: आज का रेट क्या है? जवाब: आज 99.50 का रेट है। सवाल: अगर दिल्ली में USDT दी और दुबई में नकद चाहिए तो? जवाब: वहां दिरहम मिल जाएगा। टोकन देंगे और पेमेंट हो जाएगी। सवाल: भारत में भी कहीं पैसा मिल जाएगा? जवाब : जहां नेटवर्क होगा वहां दिलवा देंगे। सवाल: किन देशों तक नेटवर्क है? जवाब: अमेरिका, ब्रिटेन, हांगकांग, दुबई, थाईलैंड जहां बोलोगे, जिस करेंसी में बोलोगे, वहां पैसा पहुंच जाएगा। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में हर्ष का गोदाम है, जबकि गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में उसका ऑफिस है। दावा है कि यहीं से क्रिकेट सट्टेबाजी से लेकर डिजिटल हवाला तक का नेटवर्क ऑपरेट होता है। हर्ष ने बताया कि पहले बैंक अकाउंट के जरिए लेन-देन होता था, लेकिन साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसे आने के चलते कई खाते फ्रीज हो गए। इसी वजह से उसने बैंकिंग सिस्टम से दूरी बना ली और अब सिर्फ नकद में काम करता है। बातचीत के दौरान हर्ष लगातार हमारी कहानी की तस्दीक करता रहा। उसने दुबई में अपने संपर्कों को फोन कर हमारे बताए बेटिंग नेटवर्क की जानकारी मिलाई, ताकि यह तय कर सके कि हम सच बोल रहे हैं या नहीं। इसके बाद हमने उससे पूछा कि वह किस वॉलेट के जरिए क्रिप्टो का इस्तेमाल करता है। सवाल: बायनेंस से काम करते हो? जवाब : नहीं, हम सीधे काम करते हैं। बायनेंस की जरूरत नहीं पड़ती। सवाल: फिर वॉलेट कौन सा इस्तेमाल करते हो? जवाब : ट्रोनलिंक। सवाल: अगर शुरुआत 50 लाख से करें तो? जवाब : कोई दिक्कत नहीं। म्यूल अकाउंट, शेल कंपनी और USDT : हवाला का नया रास्ता सलमान, शाहिद और हर्ष सिंघल जैसे एजेंट डिजिटली चल रहे हवाला कारोबार की सिर्फ बानगी हैं। ED की कार्रवाई से पता चलता है कि, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियां और USDT हवाला का नया रास्ता बन चुके हैं। ED ने फरवरी 2026 में कहा कि उसने साइबर अपराध से जुड़े 234 प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग यानी PMLA मामलों में 34 हजार 855 करोड़ की अपराध से जोड़ी गई रकम की पहचान की है। इसमें अवैध सट्टेबाजी, क्रिप्टो घोटाले, फर्जी ट्रेडिंग ऐप, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, इंस्टेंट लोन ऐप स्कैम शामिल हैं। ED के मुताबिक इन पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग मोटेतौर पर म्यूल अकाउंट्स, शेल कंपनियों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला ऑपरेटरों के जरिए की गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि धोखाधड़ी नेटवर्क पहले शेल कंपनियों और पेमेंट गेटवे के जरिए पैसा इकट्ठा करते हैं, फिर उसे क्रिप्टो खासकर USDT जैसे स्टेबलकॉइन में बदलकर हवाला चैनलों और फर्जी विदेशी रेमिटेंस के जरिए बाहर भेजते हैं। अब तक ऐसे मामलों में 12 हजार 229 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है और 1,000 से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स की पहचान हुई है। भास्कर की दरियागंज से लेकर गाजीपुर तक हुई इस पड़ताल से पता चला कि, पहले जहां कोड वर्ड, पर्चियों और नकदी के जरिए पैसा एक देश से दूसरे देश पहुंचता था, वहीं अब उसी खेल में USDT का इस्तेमाल हो रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले हवाला का पैसा बैग और नकदी के जरिए घूमता था, अब वही रकम डिजिटल वॉलेट के जरिए सरहद पार पहुंचाई जा रही है। ‘क्रिप्टो को दुनिया में कहीं भी आसानी से भेजा जा सकता है…’ दिल्ली पुलिस के DCP विनीत कुमार कहते हैं कि, ‘साइबर फ्रॉड या गैरकानूनी तरीके से जुटाए गए पैसों के मामलों में रकम पहले हवाला ऑपरेटर्स के पास जाती है। इसके बाद हवाला ऑपरेटर्स नकद को क्रिप्टो में बदलते हैं।’ ‘इंटरनेट पर कई ऐसे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जहां नकद देकर क्रिप्टो खरीदी जा सकती है। एक बार क्रिप्टो आपके पास आ जाए तो उसे दुनिया में कहीं भी आसानी से भेजा जा सकता है। कई जगहों पर क्रिप्टो से प्रॉपर्टी तक खरीदी जा रही है।’ ‘कई ऐसे वॉलेट हैं, जिनमें बैंक KYC की जरूरत नहीं होती। ट्रस्ट वॉलेट जैसे प्लेटफॉर्म माफियाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि ऐसे कई और वॉलेट भी हैं, जिनमें बिना KYC के ट्रांसफर संभव है।’ ‘सरकार चाहती है कि, लोग ऐसे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करें जहां यूजर की पहचान दर्ज हो KYC यानी ‘नो योअर कस्टमर’ हो। बिना KYC वाले वॉलेट्स को बंद किए बिना इस नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है।’ अब हवाला करना आसान हो गया, ट्रैक करना मुश्किल वहीं, सायबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल कहते हैं कि,’ भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर स्पष्ट कानून नहीं बनाया है। फिलहाल सरकार ने सिर्फ इतना तय किया है कि क्रिप्टो खरीदने या बेचने पर 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इसके बावजूद क्रिप्टो को कानूनी मुद्रा या कानूनी संपत्ति का पूरा दर्जा नहीं मिला है।’ ‘क्रिप्टो के बाद हवाला पहले से कई गुना आसान हो गया है और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल। साइबर अपराधियों और हवाला एजेंट्स के लिए क्रिप्टो एक तरह का ‘सेफ हेवन’ बन चुका है।’ ‘जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और सर्विस प्रोवाइडर्स भारत के बाहर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय एजेंसियों को जानकारी हासिल करने में मुश्किल आती है और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की पूरी चेन जोड़ना चैलेंजिंग हो जाता है।’ क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हवाला के तीन मामले केस स्टडी 1 : 5.24 करोड़ का साइबर फ्रॉड, हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क का खुलासा 26 नवंबर 2025 को दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट को सूचना मिली कि द्वारका के एक होटल में कुछ लोग साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसों को ट्रांसफर कर रहे हैं। पुलिस ने होटल पर छापा मारा। यहां से सुल्तान सलीम शेख, सैयद अहमद चौधरी, तुषार मालिया और सतीश कुमार नाम के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस को एक ऐसे बैंक अकाउंट का पता चला, जिसमें सिर्फ 6 दिनों के भीतर 10,423 ट्रांजैक्शन हुए थे और करीब 5.24 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि हवाला चैनलों के जरिए इस रकम की मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी। कैश के बदले क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन किए जाते थे। हवाला ऑपरेटर्स को नकद रकम दी जाती थी और बदले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम को आगे ट्रांसफर किया जाता था। केस स्टडी 2 : महादेव ऐप और क्रिप्टो हवाला नेटवर्क 21 अक्टूबर 2023 को ईडी ने महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया था। ईडी के मुताबिक बेटिंग से आने वाला पैसा सीधे मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंचाया जाता था। पहले रकम को कई फर्जी, किराये और म्यूल बैंक अकाउंट्स में घुमाया जाता था। इसके बाद हवाला ऑपरेटर्स रकम को नकदी में बदलते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार बाद में पैसे का एक हिस्सा USDT और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था। फिर अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए रकम को विदेशों तक पहुंचाया जाता था। ईडी ने बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, चैट्स, केवाईसी डिटेल्स, आईपी लॉग्स और ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया। एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क हजारों करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन से जुड़ा था और इसके तार दुबई समेत कई विदेशी लोकेशनों तक फैले हुए थे। केस स्टडी 3 : जम्मू-कश्मीर में ‘क्रिप्टो हवाला’ का अलर्ट इसी साल जनवरी में सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकी नेटवर्क को दोबारा एक्टिव करने की कोशिशों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक अब पारंपरिक हवाला और कैश कुरियर सिस्टम की जगह ‘क्रिप्टो हवाला’ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विदेशी हैंडलर्स अब क्रिप्टोकरेंसी, प्राइवेट वॉलेट्स और पीयर-टू-पीयर ट्रांजैक्शन के जरिए बिना बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किए पैसे जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह भी पता चला कि कई स्थानीय संपर्कों को बिना KYC वाले क्रिप्टो वॉलेट बनाने और VPN के जरिए डिजिटल पहचान छुपाने के लिए कहा गया था, ताकि विदेशों से ट्रांसफर हुए क्रिप्टो को कई डिजिटल लेयर्स में घुमाकर भारत में नकद में बदला जा सके। …………………………………………….. आप ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं NEET पेपर लीक करने वाले सवाल रट लाए थे:न किताबें बाहर आईं, न अंदर डिवाइस जाने दी; फिर भी हुए लीक ‘नीट पेपर लीक ने हमारा भरोसा तोड़ा है। सालों से जो लोग हमारे साथ काम कर रहे थे, उन्होंने ही पेपर लीक कर दिए। लीक किस-किस ने किया, कैसे किया ये जांच के बाद पता चल जाएगा। लेकिन ऐसा लग रहा है कि, सवाल रटकर लीक किए गए हैं।’ पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…।
डॉलर के मुकाबले भारत का रुपया एशिया में सबसे तेजी से गिर रहा है। पिछले 5 महीने में 6% से ज्यादा टूटा। जबकि इसी दौरान पाकिस्तानी रुपया 0.5% और चीनी युआन तो 3% मजबूत हो गया। नीचे बाकी देशों का हाल देखिए- आगे बढ़ने से पहले डॉलर और रुपए का रिश्ता समझ लेते हैं- दुनिया में एक बाजार है- फॉरेक्स मार्केट, यानी रोकड़ मंडी। ये मंडी किसी एक बिल्डिंग में नहीं होती। ये डिजिटली चलती है, जिसमें दुनियाभर के बैंक, इन्वेस्टमेंट फर्म, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कंपनियां करेंसी खरीदती-बेचती हैं। इकोनॉमिक्स का सबसे बुनियादी उसूल है- जिसकी मांग ज्यादा, उसकी कीमत ज्यादा। दुनिया का 88% कारोबार डॉलर में होता है। तो सभी देश डॉलर रखना ही चाहेंगे। इसी के चलते सभी देशों के पास जितनी भी विदेशी करेंसी है, उसमें करीब 57% तो डॉलर ही है। इसीलिए रोकड़ मंडी में भी डॉलर को ग्लोबल करेंसी मान लिया गया है। अब इसी के आधार पर बाकी देशों की करेंसी नापी-जोखी जाती है। फिलहाल रोकड़ मंडी में डॉलर की मांग बहुत ज्यादा है। भारत में भी डॉलर जितना आ रहा है, उससे ज्यादा खर्च हो रहा है। इसलिए रुपया तेजी से गिर रहा है। इस वक्त १ डॉलर ९५ रुपए के आस-पास ट्रेड कर रहा है। ये तो हुई सिंपल परिभाषा। अब जानिए वो फैक्टर जिनकी वजह से रुपया इतना तेजी से टूटा… 1. कच्चे तेल का दाम बढ़ा, ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़े 2. विदेशी निवेशकों ने भारत से अंधाधुंध डॉलर निकाले 3. रुपया टूटने की अटकलबाजी से रुपया और टूटा 4. भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसे की कमी इसके अलावा ‘डॉलर इंडेक्स’ में भी तेजी आई है। डॉलर इंडेक्स 6 बड़ी करेंसी- यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, कनाडाई डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दिखाता है। ईरान जंग शुरू होने के बाद ये 97.6 से 99 तक पहुंच गया। बीच में 100 के पार भी गया। इसका मतलब है कि पूरी दुनिया में डॉलर की डिमांड बढ़ी है, जिसके चलते डॉलर मजबूत हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है- जब चीन-पाकिस्तान की करेंसी मजबूत हुई, फिर भारत से कहां चूक रही? 2004 से 2014 के बीच, यानी 10 साल में डॉलर के मुकाबले रुपए 45 से गिरकर 59 तक पहुंचा, यानी 31.1% गिरा। औसतन हर साल करीब 3% की गिरावट। वहीं 2014 के बाद, यानी पिछले पिछले 12 सालों में रुपया 61% टूटा। यानी हर साल औसतन 5% गिरा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारत सरकार से मोटे तौर पर 3 चूक हो रही है… 1. नई तकनीक में निवेश नहीं, तो कमाई कहां से होगी? 2. तकनीक नहीं, तो ज्यादा सामान कैसे बनेगा? 3. ज्यादा सामान नहीं बनेगा, तो बेचेंगे क्या? गिरते रुपए को रोकने के लिए फिलहाल RBI क्या कर रहा? क्या जल्द ही रूपया 100 का आंकड़ा छू सकता है? ---------- भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी भी खबर पढ़िए… पीएम की 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील: सरकार खुद अपनी तिजोरियों में लगातार सोना क्यों भर रही; पीछे की पूरी कहानी पीएम मोदी ने 10 मई को लोगों से सोना न खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा- हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। आखिर सरकार क्यों चाहती है कि आप सोना मत खरीदिए। पूरी खबर पढ़िए…
सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच। दिल्ली के हौजरानी में रहने वाले मोहम्मद शाहरुख काम पर जा रहे थे। मालवीय नगर पहुंचे, तो फ्लरिश स्टे होटल से धुआं निकलता दिखा। भागकर होटल के पास पहुंचे, देखा चाचा और भाई अंदर फंसे लोगों को बचाने के इंतजाम कर रहे हैं। दोनों होटल के पास नीचे गद्दे लगा रहे थे। शाहरूख बताते हैं कि गद्दे लगाते ही होटल की खिड़की से सबसे पहले स्टाफ कूदकर बाहर आया। उन्हीं से पता चला कि अंदर 40 से ज्यादा लोग फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर विदेशी हैं। कुछ गेस्ट सो रहे हैं, उन्हें आग लगने की खबर भी नहीं है। आस-पास के लोगों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस बुलाई। आस-पास जाम था, इसलिए फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में थोड़ा वक्त लग गया। एक के ऊपर एक 5-6 गद्दे लगाए, 8 ने कूदकर जान बचाई होटल के सामने अरमान खान की गद्दे की दुकान है। वे बताते हैं, ‘होटल के ग्राउंड फ्लोर पर भीषण आग लगी थी। न कोई अंदर जा सकता था और न बाहर निकल सकता था। होटल के तीनों फ्लोर पर फंसे लोग खिड़कियों से कूदने की कोशिश कर रहे थे। हमने दुकान से गद्दे निकाले और होटल के पास 5 से 6 गद्दे एक के ऊपर एक करके लगा दिए। करीब 8 लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई।‘ ‘तब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग बुझानी शुरू कर दी थी। आग बुझी, तो हम 10-12 लोग होटल के अंदर गए। धुएं में दम घुटने की वजह से अंदर कई लोग बेहोश पड़े थे। उन्हें चादरों में लपेटकर बाहर लाया गया। हमने करीब 40-45 लोगों को निकाला। अंदर जो जैसे बैठा या लेटा था, वैसे ही जलकर खाक हो गया था।‘ ‘पहले फ्लोर से एक महिला हेल्प-हेल्प की आवाज दे रही थी। हम सब कई लोग रेस्क्यू में लगे थे, इसलिए पता नहीं कि महिला बची या नहीं।‘ होटल में गेस्ट के साथ स्टाफ भी था क्या। इस पर अरमान बताते हैं, ‘हमें शुरू में ही स्टाफ के लोग दिखे। फिर वो कहां गए, पता नहीं।‘ रिसेप्शन पर बैठी लड़की, उसी हाल में जली मिली रेस्क्यू में शामिल आमिर खान बताते हैं, ‘ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर भयानक आग लगी थी। बुझने के बाद भी मंजर इतना भयानक था कि कमजोर दिल वाला इंसान अंदर का हाल नहीं देख सकता। अंदर इतना धुआं भरा था कि सांस लेना मुश्किल था। फर्स्ट फ्लोर के रिसेप्शन पर बैठी लड़की, हमें उसी हालत में जली मिली।' ‘बेसमेंट तक आग नहीं पहुंची थी, इसलिए हम शटर काटकर वहां फंसे लोगों को देखने पहुंचे, लेकिन अंदर बहुत अंधेरा था। हमने बाथरूम और कमरों से लोगों को ढूंढकर निकाला। ज्यादातर बेहोश थे। करीब 20 से 25 लोगों को चादरों के जरिए बाहर लाए। इनमें ज्यादातर विदेशी गेस्ट थे, सिर्फ 3 ही भारतीय थे। इनमें से कई लोगों को सीपीआर देकर हॉस्पिटल भेजा। दो लेन की सड़क पर गाड़ियां खड़ीं, फायर ब्रिगेड कैसे आएहोटल के पास मेडिकल शॉप चलाने वाले शैलेंद्र तिलक बताते हैं, ‘मैक्स अस्पताल की वजह से इलाके में हमेशा भीड़ रहती है। यहां दूसरे देशों से लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। मरीज के साथ जो परिवार वाले आते हैं, वो इन्हीं होटलों में रूकते हैं। पिछले 6-7 साल से यहां के 10-12 होटल इन्हीं लोगों से चल रहे हैं।‘ ट्रैफिक जाम के चलते टाइम पर फायर ब्रिगेड न पहुंचने पर वे कहते हैं, ‘यहां 6 लेन की सड़क पास हुए 40 साल बीत गए, लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं हो सका। दो लेन की सड़क पर गाड़ियां खड़ी रहती हैं, इसलिए गाड़ियों के आने-जाने के लिए भी रास्ता नहीं होता।‘ रिहायशी इलाका बना होटल हब, सेफ्टी इंतजाम भी नहीं इस घटना के बाद हौजरानी में रहने वाले लोग रिहायशी इलाके में होटल चलाने पर सवाल उठा रहे हैं। शाहीन खान कहती हैं कि यहां BNB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) सर्टिफाइड होम स्टे के नाम पर होटल चल रहे हैं। इनमें ज्यादातर विदेशी गेस्ट ठहरते हैं, जिनमें साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान से आने लोग ज्यादा है। गेट नंबर-1 पर होटल रजिस्टर देखेंगे, तो करीब 20 होटलों का रिकॉर्ड मिल जाएगा। BNB के तहत 5 से 6 कमरों के होम स्टे चलाने की परमिशन होती है, लेकिन उसके सर्टिफिकेट पर यहां 25 कमरे का 3 से 4 मंजिला होटल चल रहा है। इनमें न फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और न इमरजेंसी एग्जिट। पिछले कुछ सालों में पुराने घर होटल की नई बिल्डिंग में बदल गए हैं। सिर्फ 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल मालवीय नगर के जिस फ्लरिश स्टे होटल में आग लगी, उसके 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। वहीं 100 मीटर के दायरे में फ्लरिश स्टे समेत तीन होटल हैं। तीनों के मालिक लोकेश बजाज ही हैं। इनके नाम- 1- फ्लरिश स्टे 2- फ्लरिश इन गेस्ट हाउस3- ग्रीन रेजीडेंसी होटल इनमें फायर सेफ्टी समेत सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए हम फ्लरिश इन गेस्ट हाउस पहुंचे। फ्लरिश स्टे की तरह यहां भी बेसमेंट में 5 कमरे और किचन मिला। बेसमेंट में न कोई फायर एक्सटिंग्विशर लगा मिला, न ही वेंटिलेशन का इंतजाम था। बेसमेंट में एंट्री और एग्जिट के लिए एक सकरा सा गेट है, जिसमें एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है। इसके अलावा कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। एक व्यक्ति के आने-जाने लायक कॉरिडोर है और इसी से कमरों में जाने का रास्ता है। बेसमेंट के ऊपर 3 फ्लोर हैं। हर फ्लोर पर 6-6 कमरे हैं और बाहर दो-दो फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं, लेकिन वेंटिलेशन ऊपर के फ्लोर पर भी नहीं है। विंडो में फिक्स ग्लास लगे हैं, जिसे इमरजेंसी की स्थिति में तोड़कर निकलने के सिवा बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है। जब हम अंदर पहुंचे, तो होटल खाली मिला। अंदर कोई स्टाफ नहीं था। एक कमरे में बुजुर्ग रूके हुए थे, लेकिन वो बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हुए। …………….ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। पूरी खबर पढ़िए…
अगर आप WhatsApp पर आने वाले फर्जी मैसेज, ऑनलाइन ठगी और स्कैम कॉल्स से परेशान हैं, तो जल्द ही आपके लिए एक उपयोगी फीचर आने वाला है। लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp अपने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नए ‘Scam Alert’ फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जो संदिग्ध संदेशों की पहचान करने में मदद करेगा। ALSO READ: ममता बनर्जी की TMC में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ 60 विधायक, चुने गए विपक्ष के नेता, स्पीकर ने बागी गुट को दी मंजूरी क्या है WhatsApp का नया Scam Alert फीचर? रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर WhatsApp के एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.22.2 में देखा गया है। इसकी मदद से यदि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से कोई संदिग्ध संदेश आता है, तो WhatsApp उसे स्कैन कर संभावित स्कैम की पहचान करेगा। यदि मैसेज संदिग्ध पाया जाता है, तो चैट विंडो में एक चेतावनी (Warning Banner) दिखाई देगी, जिसमें बताया जाएगा कि यह संदेश धोखाधड़ी या स्कैम से जुड़ा हो सकता है। ALSO READ: Lava Bold N2 5G : यह भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी, Android 16 और 120Hz डिस्प्ले यूजर्स को मिलेंगे दो विकल्प WhatsApp किसी भी संदिग्ध अकाउंट को अपने आप ब्लॉक नहीं करेगा। इसके बजाय यूजर्स को दो विकल्प दिए जाएंगे— Sender को Block और Report करें यदि संदेश भरोसेमंद लगे तो बातचीत जारी रखें इससे यूजर्स को अधिक नियंत्रण मिलेगा और वे अपनी समझ के अनुसार निर्णय ले सकेंगे। प्राइवेसी से नहीं होगा समझौता WhatsApp का कहना है कि स्कैम की जांच सीधे यूजर के मोबाइल डिवाइस पर होगी। इसके लिए किसी भी मैसेज को WhatsApp के सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा। इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म की End-to-End Encryption पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और WhatsApp आपके निजी संदेशों की सामग्री नहीं देख सकेगा। ALSO READ: BTA से पहले US का बड़ा झटका, 60 देशों की बदनाम लिस्ट में क्यों है भारत का नाम, क्या पड़ेगा असर फीचर रहेगा वैकल्पिक WhatsApp का यह Scam Alert फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा। जो यूजर्स इसे इस्तेमाल करना चाहेंगे, वे सेटिंग्स में जाकर इसे मैन्युअली ऑन कर सकेंगे। फिलहाल कंपनी ने इस फीचर की आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए WhatsApp लगातार नए सुरक्षा फीचर्स पर काम कर रहा है। ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट भी मिल सकती है रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp एक नया Transparency Section भी जोड़ सकता है, जहां यूजर्स उन सभी संदिग्ध गतिविधियों की सूची देख सकेंगे जिन्हें ऐप ने स्कैम के रूप में चिन्हित किया है। यह पूरी जानकारी केवल यूजर के डिवाइस में ही स्टोर होगी और किसी बाहरी सर्वर पर साझा नहीं की जाएगी। Edited by: Sudhir Sharma
FIFA World Cup के लिए दक्षिण अफ्रीका की 26 सदस्यीय टीम हुई घोषित
दक्षिण अफ्रीका ने फीफा विश्वकप 2026 के लिए 26 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूज ने बुधवार को देश की राधानी प्रिटोरिया में एक सेंड-ऑफ डिनर के दौरान आधिकारिक रूप से फीफा विश्वकप 2026 के लिए 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। टीम में घरेलू प्रतिभा पर भरोसा जताया गया है। विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका को ग्रुप ए में मेक्सिको, दक्षिण कोरिया और चेक रिपब्लिक के साथ रखा गया है। 11 जून को, दक्षिण अफ्रीका अपने पहले ग्रुप मैच में मेक्सिको सिटी के मशहूर एज़्टेका स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको का सामना करेगा, ठीक 16 साल बाद जब दोनों टीमें दक्षिण अफ्रीका में 2010 वर्ल्ड कप के पहले मैच में मिली थीं। यह वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका की चौथी मौजूदगी होगी। फीफा विश्वकप 2026 के लिए दक्षिण अफ्रीका की 26 सदस्यीय की टीम इस प्रकार है: गोलकीपर: रॉनवेन विलियम्स (मैमेलोडी सनडाउन्स), रिकार्डो गॉस (सिवेलेले), सिफो चेन (ऑरलैंडो पाइरेट्स); डिफेंडर : खुलिसो मुडाऊ (मामेलोडी सनडाउन्स), नकोसिनाथी सिबिसी (ऑरलैंडो पाइरेट्स), इमे ओकोन (हनोवर 96), खुलुमानी नडामने (मामेलोडी सनडाउन्स), ऑब्रे मोदिबा (मामेलोडी सनडाउन्स), मबेकेज़ेली म्बोकाज़ी (शिकागो फायर), सैमुकेले काबिनी (मोल्डे FK), थबांग माटुलुडी (पोलोकवाने सिटी), ओल्वेथु माखन्या (फिलाडेल्फिया यूनियन), ब्रैडली क्रॉस (काइज़र चीफ्स); मिडफील्डर: तेबोहो मोकोएना (मामेलोडी सनडाउन्स), टैलेंटे मबाथा (ऑरलैंडो पाइरेट्स), स्फेफेलो सिथोले (सीडी टोंडेला), जेडन एडम्स (मामेलोडी सनडाउन्स); फॉरवर्ड: कामोगेलो सेबेलेबेले (ऑरलैंडो पाइरेट्स), ओसविन एपोलिस (ऑरलैंडो पाइरेट्स), इकराम रेनर्स (मैमेलोडी सनडाउन्स), त्सेपांग मोरेमी (ऑरलैंडो पाइरेट्स), एविडेंस माकगोपा (ऑरलैंडो पाइरेट्स), लाइल फोस्टर (बर्नले), रेलेबोहिले मोफोकेंग (ऑरलैंडो पाइरेट्स), थेम्बा ज़्वाने (मैमेलोडी सनडाउन्स), थापेलो मासेको (एईएल लिमासोल)।
गुजरात के प्राथमिक स्कूलों में 1808 मुख्य शिक्षकों की तत्काल होगी भर्ती
Gujarat Primary Teacher Recruitment: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल की सरकार ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग ने एचटीएटी (HTAT) मुख्य शिक्षकों के लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए आधिकारिक परिपत्र (circular) जारी कर दिया है। इस परिपत्र के माध्यम से विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों को खाली पदों को भरने के लिए तत्काल और उचित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। खाली पड़े पदों को तत्काल और तेजी से भरने के निर्देश नए आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, राज्य भर के प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े 1808 मुख्य शिक्षकों के पदों को बहुत जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों को आगामी बजट की तैयारियां शुरू होने से पहले स्कूलों में नए पदों की आवश्यकता से संबंधित जरूरी प्रस्ताव तैयार कर भेजने के भी विशेष निर्देश दिए हैं। 1:1:2 रेशियो के आधार पर नियमानुसार होगी भर्ती प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने इस बार मुख्य शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1:1:2 के तय रेशियो (अनुपात) के अनुसार आयोजित करने का बड़ा फैसला किया है। इस निर्धारित रेशियो के तहत मुख्य शिक्षकों के खाली पदों को सीधी भर्ती, विभागीय पदोन्नति (प्रमोशन) और विशेष प्रतिस्पर्धी (सेमी-डायरेक्ट) परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से भरा जाएगा। प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को मिलेगी नई गति विभाग के इस महत्वपूर्ण निर्णय से स्कूलों के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में काफी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षा जगत में इस कदम का स्वागत किया जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से मुख्य शिक्षकों की कमी के कारण राज्य के कई प्राथमिक स्कूलों में दैनिक संचालन और प्रशासन से जुड़ी बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हो रही थीं। प्राथमिक स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद सभी प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही समय पर पूरी करके पूरी भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए कहा गया है। शिक्षा विभाग के इस सराहनीय कदम के कारण आने वाले समय में राज्य के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर में सुधार होगा और साथ ही स्कूलों की प्रबंधन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और मजबूत बनेगी। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
इंग्लैंड टीम में गे और बेकर डेब्यू को तैयार, इस गेंदबाज की भी 2 साल बाद वापसी
इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले रोथेसे टेस्ट के लिए 12-खिलाड़ियों वाली टीम का ऐलान किया है।एमिलियो गे अपना टेस्ट डेब्यू करने के लिए तैयार हैं, और उनके साथ टीम में सोनी बेकर के रूप में एक और नया खिलाड़ी शामिल हो सकता है, जबकि ओली रॉबिन्सन दो साल से ज़्यादा समय में अपना पहला टेस्ट खेलने के लिए तैयार हैं। छोटी टीम का मतलब है कि पिछले महीने घोषित 15 खिलाड़ियों में से 3 खिलाड़ी को हटा दिया गया है: समरसेट के जेम्स रेव, जो अपना डेब्यू भी कर रहे होते, साथ ही लेगस्पिनर रेहान अहमद और फास्ट बॉलर मैट फिशर। आखिरी विकल्प गुरुवार सुबह कन्फर्म होने की संभावना है, हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने इशारा किया है कि आने वाले हफ्ते में खराब मौसम को देखते हुए, दो अलग-अलग तेज गेंदबाज, शायद गस एटकिंसन और बेकर के बीच होगी। “हम बस यह तय करेंगे कि क्या हमें एक्स्ट्रा एयर स्पीड चाहिए, अगर अचानक मौसम 35 डिग्री हो जाए और फ्लैट हो जाए। या हम लॉर्ड्स में जो ट्राई और टेस्ट किया गया है, उसी पर टिके रहेंगे और ऐसे बॉलर्स के साथ रहेंगे जो कुछ ओवरहेड कंडीशंस में कुछ मूवमेंट निकाल सकें। मैकुलम ने आगे कहा, “हम अपने ग्रुप के साथ बहुत कम्फर्टेबल हैं। हम जो चुनने जा रहे हैं, उस पर हमें भरोसा है। इससे हमें कुछ भी गारंटी नहीं मिलती, लेकिन इससे हमें लगता है कि लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ हमें सबसे अच्छा मौका मिलेगा। हम इस विरोधी टीम के खिलाफ़ इन हालात में जो ज़रूरी होगा, हम उसी पर टिके रहना चाहते हैं।” शोएब बशीर, जो 18 महीने तक इंग्लैंड के पहले पसंद के स्पिनर थे, जब तक कि उन्हें इस सर्दी की एशेज़ के लिए नज़रअंदाज़ नहीं कर दिया गया, उनके XI में वापस आने की उम्मीद है।मैकुलम ने कहा, “बैश, उनमें शायद लॉर्ड्स में पहले कुछ दिनों में ज़्यादा होल्डिंग रोल निभाने की काबिलियत है।फिर जैसे-जैसे खेल गहरा होता है, और अगर स्पिन ज़्यादा होने लगती है, तो वह ज़्यादा अटैकिंग रोल में जा सकते हैं।” इंग्लैंड टेस्ट XII: बेन स्टोक्स (कप्तान), गस एटकिंसन, सोनी बेकर, शोएब बशीर, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, बेन डकेट, एमिलियो गे, ओली रॉबिन्सन, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), जोश टंग
जून 2026 में शुक्र प्रदोष व्रत कब है? कैसे करें पूजन, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और कथा
June 2026 Shukra Pradosh Vrat: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। हर महीने के दोनों पक्षों (कृष्ण और शुक्ल) की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। शुक्रवार के दिन पड़ने वाले इस प्रदोष व्रत से सुख-समृद्धि मिलती है। ALSO READ: कर्क राशि में गुरु और शुक्र की युति से बना ये खास राजयोग, 4 राशियों के लिए धनवर्षा इस साल जून 2026 में ज्येष्ठ मास (अधिकमास) के कृष्ण पक्ष में शुक्र प्रदोष व्रत 12 जून 2026 को पड़ रहा है। आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और व्रत कथा: जून 2026 शुक्र प्रदोष व्रत: तिथि व शुभ मुहूर्त इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत और प्रदोष काल (शाम का समय) का संयोग शुक्रवार को बन रहा है, इसलिए व्रत 12 जून को ही रखा जाएगा। साथ ही इस दिन सुबह के समय सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग भी बन रहा है, जो पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देता है। शुक्र प्रदोष व्रत की तारीख: 12 जून 2026, शुक्रवार त्रयोदशी तिथि आरंभ- 12 जून 2026 को शाम 07:36 बजे से त्रयोदशी तिथि समाप्त- 13 जून 2026 को शाम 04:07 बजे तक दिन का प्रदोष समय - 07:19 पी एम से 09:20 पी एम शिव प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम 07:36 बजे से रात 09:20 बजे तक कुल अवधि: 1 घंटा 44 मिनट शुक्र प्रदोष व्रत की सरल पूजन विधि प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा हमेशा शाम को सूर्यास्त के समय (प्रदोष काल) की जाती है। सुबह का संकल्प और स्नान प्रातःकाल/ सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र, यदि संभव हो तो सफेद या पीले पहनें। हाथ में जल लेकर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें। सुबह सामान्य पूजा करें। शाम की तैयारी (प्रदोष काल) सूर्यास्त से थोड़ा पहले यानी शाम को सूर्यास्त से करीब 1 घंटा पहले दोबारा स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ हो जाएं। पूजा स्थल पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें। शिवलिंग का अभिषेक मुख्य पूजा के रूप में पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद शुद्ध जल चढ़ाएं। भगवान शिव को चंदन का तिलक लगाएं। सामग्री अर्पित करना और मंत्र जप महादेव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें। कथा और आरती शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। धूप-दीप से शिव जी की आरती करें और भोग लगाएं। अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद पारण करें या व्रत खोलें। शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अलग-अलग दिनों को पड़ने वाले प्रदोष व्रत का फल भी अलग होता है। शुक्र प्रदोष व्रत रखने से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं: सौभाग्य और समृद्धि: यह व्रत जीवन से दरिद्रता को मिटाकर सुख, समृद्धि और वैभव लाता है। दांपत्य जीवन में मधुरता: यदि पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है, तो यह व्रत रखने से आपसी प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। संतान सुख: संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले दंपत्तियों के लिए भी यह व्रत बेहद फलदायी माना गया है। ग्रह दोष शांत: इस व्रत से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है। शुक्र प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में तीन मित्र रहते थे- राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और तीसरा धनिक पुत्र। राजकुमार और ब्राह्मण कुमार विवाहित थे। धनिक पुत्र का भी विवाह हो गया था, लेकिन गौना शेष था। एक दिन तीनों मित्र स्त्रियों की चर्चा कर रहे थे। ब्राह्मण कुमार ने स्त्रियों की प्रशंसा करते हुए कहा- 'नारीहीन घर भूतों का डेरा होता है।' धनिक पुत्र ने यह सुना तो तुरंत ही उसने अपनी पत्नी को लाने का निश्चय कर लिया। तब धनिक पुत्र के माता-पिता ने समझाया कि अभी शुक्र देवता डूबे हुए हैं। ऐसे में बहू-बेटियों को उनके घर से विदा करवा लाना शुभ नहीं माना जाता लेकिन धनिक पुत्र ने एक नहीं सुनी और ससुराल पहुंच गया। ससुराल में भी उसे मनाने की कोशिश की गई लेकिन वो जिद पर अड़ा रहा और कन्या के माता-पिता को उनकी विदाई करनी पड़ी। विदाई के बाद पति-पत्नी शहर से निकले ही थे कि बैलगाड़ी का पहिया निकल गया और बैल की टांग टूट गई। दोनों को चोट लगी लेकिन फिर भी वो चलते रहे। कुछ दूर जाने पर उनका पाला डाकुओं से पड़ा। जो उनका धन लूटकर ले गए। दोनों घर पहूंचे। वहां धनिक पुत्र को सांप ने डंस लिया। उसके पिता ने वैद्य को बुलाया तो वैद्य ने बताया कि वो तीन दिन में मर जाएगा। जब ब्राह्मण कुमार को यह खबर मिली तो वो धनिक पुत्र के घर पहुंचा और उसके माता-पिता को शुक्र प्रदोष व्रत करने की सलाह दी और कहा कि इसे पत्नी सहित वापस ससुराल भेज दें। धनिक ने ब्राह्मण कुमार की बात मानी और ससुराल पहुंच गया, जहां उसकी हालत ठीक होती गई और शुक्र प्रदोष के माहात्म्य से सभी घोर कष्ट दूर हो गए। इस दिन व्रत रखकर कथा सुनें अथवा सुनाएं। कथा समाप्ति के बाद हवन सामग्री मिलाकर 11 या 21 या 108 बार 'ॐ ह्रीं क्लीं नम: शिवाय स्वाहा' मंत्र से आहुति दें। उसके बाद शिवजी की आरती तथा प्रसाद वितरित करें, उसके बाद भोजन करें। कहा जाता है कि शुक्रवार को प्रदोष व्रत सौभाग्य और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि भर देता है। यही कारण है कि शुक्र प्रदोष व्रत बहुत खास माना जाता है। ALSO READ: कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव
भारत भाग्य विधाता: जॉन अब्राहम की दरियादिली से कंगना रनौट को मिला टाइटल
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में मुंबई में एक ग्रैंड इवेंट में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया। ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान कंगना ने एक्टर जॉन अब्राहम का शुक्रिया भी अदा किया। जॉन अब्राहम ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए एक रजिस्टर्ड फिल्म का टाइटल कंगना को बिना कोई पैसा लिए सौंप दिया है। यह टाइटल और कोई नहीं बल्कि कंगना की आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' है। कंगना ने बताया कि शुरुआत में इस फिल्म का नाम काफी सीधा और वास्तविक था। ALSO READ: आमिर खान 5 जुलाई को तीसरी बार करेंगे शादी, गौरी स्प्रैट बनेंगी दुल्हन! कंगना ने बताया, मेकर्स ने इसका वर्किंग टाइटल 'नर्सेस ऑफ कामा' रखा था, जो सीधे तौर पर फिल्म की कहानी की पृष्ठभूमि को दर्शाता था। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम आगे बढ़ा और इसकी शूटिंग पूरी हुई, मेकर्स को महसूस हुआ कि यह फिल्म सिर्फ एक अस्पताल या चंद नर्सों की कहानी नहीं है। यह कहानी देश की उस सामूहिक चेतना और राष्ट्रवाद की भावना को दर्शाती है, जहां आम लोग भी वक्त आने पर असाधारण वीरता दिखाते हैं। टीम को लगा कि फिल्म का नाम ऐसा होना चाहिए जो इसके गहरे और भावनात्मक संदेश को बखूबी बयां कर सके। ऐसे में उनके दिमाग में 'भारत भाग्य विधाता' नाम आया। शीर्षक तय होने के बाद जब मेकर्स ने इसकी खोजबीन की, तो पता चला कि 'भारत भाग्य विधाता' टाइटल पहले से ही जॉन अब्राहम के पास रजिस्टर्ड है। बॉलीवुड के नियमों के मुताबिक, किसी भी रजिस्टर्ड टाइटल को हासिल करना एक लंबी और कभी-कभी महंगी प्रक्रिया होती है। कई बार लोग इसके बदले मोटी रकम की मांग करते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कंगना रनौत ने इस वाकये को याद करते हुए कहा, जब हमें पता चला कि यह टाइटल जॉन सर के पास है, तो मैंने उन्हें फोन किया और अपनी फिल्म की कहानी बताई। मुझे लोगों ने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी आसानी से अपना टाइटल नहीं छोड़ता है। लेकिन जॉन सर ने हमारी बात सुनी और महज एक दिन के भीतर बिना एक भी रुपया चार्ज किए यह टाइटल हमारे नाम ट्रांसफर कर दिया। आज के समय में ऐसा बड़प्पन दिखाना वाकई बहुत बड़ी बात है। मनोज तपाड़िया द्वारा लिखित और निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' साल 2008 में हुए 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के एक ऐसे अध्याय को पर्दे पर लाती है, जो इतिहास के पन्नों में कहीं ओझल हो गया था। यह कहानी मुंबई के कामा एंड अल्ब्लेस हॉस्पिटल की है। हमले की उस खौफनाक रात दो खूंखार आतंकवादी इस सरकारी अस्पताल की दीवार फांदकर अंदर घुस गए थे। पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया था और मौत सामने खड़ी थी। ऐसे नाजुक वक्त में अस्पताल की नर्सों, वार्ड बॉय, सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। उन्होंने सूझबूझ से वार्डों के दरवाजे बंद किए, रोते हुए बच्चों को चुप कराया और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित जगहों पर छिपाया। इन गुमनाम हीरोज ने उस खौफनाक रात लगभग 400 मासूम जिंदगियों को आतंकियों की गोलियों का शिकार होने से बचा लिया था। फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' में कंगना रनौट के साथ-साथ गिरिजा ओक गोडबोले, स्मिता तांबे और ईशा डे जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्माण 'पेन स्टूडियोज', 'मणिकर्णिका फिल्म्स' और 'परमहंस क्रिएशन्स' के बैनर तले किया गया है। यह फिल्म 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आमिर खान 5 जुलाई को तीसरी बार करेंगे शादी, गौरी स्प्रैट बनेंगी दुल्हन!
बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान अब अपनी जिंदगी के नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं। एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि आमिर 5 जुलाई को अपनी प्रेमिका गौरी स्प्रैट से निजी समारोह में शादी करेंगे। यह शादी बेहद गुपचुप और सीमित मेहमानों के बीच होगी। आमिर ने पिछले साल अपने 60वें जन्मदिन पर मीडिया के सामने गॉरी को पेश किया था और तब से उनकी जोड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। गौरी स्प्रैट कौन हैं? गॉरी स्प्रैट मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उन्होंने अपना अधिकांश जीवन वहीं बिताया। उनकी मां रीटा स्प्रैट बेंगलुरु में एक सैलून की मालकिन हैं। गॉरी ने ब्लू माउंटेन स्कूल से पढ़ाई की और 2004 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ द आर्ट्स, लंदन से फैशन कोर्स, FDA स्टाइलिंग और फोटोग्राफी पूरा किया। वर्तमान में वह मुंबई में बीब्लंट सैलून चला रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, गॉरी की एक सात साल की बच्ची भी है। आमिर के पिछले रिश्ते आमिर खान ने 1986 में अपनी बचपन की प्रेमिका रीना दत्ता से शादी की थी। उनकी एक बेटी इरा और एक बेटा जुनैद हैं। 16 साल बाद, यानी 2002 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद, आमिर ने 2005 में किरण राव से शादी की। दोनों की मुलाकात फिल्म लगान के सेट पर हुई थी। 2021 में उनका तलाक हो गया, लेकिन वे अपने बेटे आज़ाद को मिलकर पाल रहे हैं। आमिर और गौरी का प्यार आमिर ने एक इंटरव्यू में कहा कि गॉरी उनके जीवन में आने के बाद उन्हें सच्ची खुशी मिली है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि गॉरी मेरी जिंदगी में आईं। हमारे बीच का रिश्ता बेहद खास है। मुझे लगता है अब मैं जाकर मुकम्मल हुआ हूं।” आमिर और गॉरी ने पिछले साल कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ में भाग लिया, जिसमें चीन के मकाऊ इंटरनेशनल कॉमेडी फेस्टिवल भी शामिल है
PSG की जीत के बाद पेरिस में भड़की हिंसा से जोड़कर पुराना वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2022 का है, तब पेरिस की सड़कों पर कुर्दिश कल्चरल सेंटर के पास हुई गोलीबारी के विरोध में प्रदर्शन हुआ था.
सम्राट विक्रमादित्य का विजय अभियान: क्या समुद्रगुप्त से भी बड़ा था उज्जैन के राजा का साम्राज्य?
इतिहास के पन्नों को जब हम पलटते हैं, तो अक्सर कुछ गौरवशाली गाथाएं कहीं पीछे छूट जाती हैं। अगर इतिहास की किताबों में हरिषेण की 'प्रयाग प्रशस्ति' के आधार पर सम्राट समुद्रगुप्त के विजय अभियानों को पढ़ाया जाता है, तो समय आ गया है कि सोमदेव के 'कथासरित्सागर' और आचार्य क्षेमेंद्र की 'बृहत्कथामंजरी' के उन पन्नों को भी सामने लाया जाए, जो उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के अखंड भारत साम्राज्य की गवाही देते हैं। आइए, इतिहास के इस नए और भव्य अंदाज़ में सम्राट विक्रमादित्य के उस चक्रवर्ती अभियान को समझते हैं, जिसने भारत की सीमाओं को ईरान तक फैला दिया था। इस महा-विजय यात्रा को चार मुख्य क्षेत्रों में श्रेणीबद्ध करके विस्तार से समझते हैं। 1. शकों का समूल नाश और भारत का पश्चिमी अभियान सम्राट विक्रमादित्य की पहली और सबसे बड़ी चुनौती विदेशी आक्रांता 'शक' थे। उन्होंने शकों को देश से खदेड़ने के लिए एक सिलसिलेवार अभियान चलाया:- चरण 1 (मालवा की मुक्ति): विक्रमादित्य ने सबसे पहले अपने गृह क्षेत्र मालवा पर कुंडली मारकर बैठे शकों पर भीषण आक्रमण किया और उन्हें वहां से भागने पर मजबूर कर दिया। चरण 2 (गुजरात पर विजय): मालवा से हारकर शक जब गुजरात की ओर भागे, तो सम्राट ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने गुजरात पर हमला कर वहां भी अपना परचम लहराया। चरण 3 (सिंधु और शकों का अंत): गुजरात से खदेड़े जाने के बाद शक सिंध जा छुपे। विक्रमादित्य ने एक निर्णायक सैन्य अभियान चलाकर उन्हें सिंध और भारत की सीमाओं से हमेशा-हमेशा के लिए बाहर खदेड़ दिया। 2. आर्यावर्त (उत्तर और मध्य भारत) का एकीकरण शकों के सफाए के बाद, सम्राट ने उत्तर और मध्य भारत के जनपदों को एक सूत्र में पिरोने का काम शुरू किया:- चरण 4 (मत्स्य देश): सम्राट ने मध्य भारत के मत्स्य देश (वर्तमान राजस्थान का क्षेत्र) पर आक्रमण कर उसे अपने साम्राज्य में मिलाया। चरण 5 (कुरु जनपद): यहाँ से आगे बढ़ते हुए उन्होंने कुरु जनपद (आज का दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र) पर विजय प्राप्त की। चरण 6 और 7 (पांचाल, मथुरा और प्रयाग): इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के पांचाल जनपद और कृष्ण की नगरी मथुरा को जीता। अपनी सेना के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने प्रयाग (इलाहाबाद) तक अपने शासन का विस्तार किया। चरण 8 (पूर्वदिक्ग): प्रयाग की विजय के बाद सम्राट ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश (पूर्वदिक्ग) को अपने अधीन कर लिया। 3. पूर्वी भारत और सुदूर दक्षिण (समुद्र पार तक) की विजय उत्तर भारत को सुदृढ़ करने के बाद विक्रमादित्य की सेनाएं पूर्व और फिर दक्षिण की ओर बढ़ीं, जहाँ उन्होंने समुद्र पार के द्वीपों तक को जीत लिया: चरण 9, 10 और 11 (बिहार, बंगाल और बांग्लादेश): पूर्व की ओर बढ़ते हुए सम्राट ने अंग (बिहार), गौड़ (पश्चिम बंगाल) और फिर बंग (वर्तमान बांग्लादेश) पर अपनी संप्रभुता स्थापित की। चरण 12 (कलिंग): इसके बाद उन्होंने ओडिशा के ऐतिहासिक कलिंग क्षेत्र को जीता। चरण 13 और 14 (अपरांत और विदर्भ): दक्षिण का रुख करते हुए उन्होंने अपरांत (कोंकण क्षेत्र) और विदर्भ (महाराष्ट्र का नागपुर क्षेत्र) पर विजय पताका फहराई। चरण 15 और 16 (आंध्र और कुंतल): विजय रथ आगे बढ़ा और आज के आंध्र प्रदेश-तेलंगाना (आंध्र) तथा कर्नाटक (कुंतल) को साम्राज्य का हिस्सा बनाया गया। चरण 17 (केरल, तमिल और सिंहल द्वीप): मुख्य भूमि के सुदूर दक्षिण यानी केरल और तमिल क्षेत्रों को जीतने के बाद सम्राट की सेना ने समुद्र पार किया और सिंहल द्वीप (आज का श्रीलंका) को भी जीत लिया। चरण 18 (हिंद महासागर के द्वीप): श्रीलंका विजय के बाद, उन्होंने हिंद महासागर में स्थित कई छोटे-बड़े रणनीतिक द्वीपों पर अपना आधिपत्य स्थापित किया। 4. पश्चिमोत्तर सीमांत और अंतरराष्ट्रीय विजय (ईरान तक साम्राज्य) भारत के भीतर और दक्षिण में अपनी धाक जमाने के बाद, सम्राट विक्रमादित्य ने उस दौर की वैश्विक शक्तियों और विदेशी मलेच्छों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया: चरण 19 (कश्मीर और पश्चिमोत्तर): उन्होंने भारत के पश्चिमोत्तर क्षेत्र पर एक बड़ा हमला बोला, जिसमें कश्मीर, कावेरी और काष्ठा के क्षेत्रों को जीतकर वहां पैर पसारे बैठे विदेशियों को बाहर निकाला। चरण 20 (पेशावर के मलेच्छ): कश्मीर से आगे बढ़ते हुए सम्राट ने पेशावर (वर्तमान पाकिस्तान) के क्षेत्र में 'मलेच्छों' को बुरी तरह पराजित कर खदेड़ा। चरण 21 (यवनों की पराजय): पेशावर के भी पार जाकर उन्होंने यवनों (यूनानियों/ग्रीक्स) की सेनाओं को धूल चटाई। चरण 22 (तुषारों/कुषाणों का अंत): विक्रमादित्य ने आगे बढ़कर तुषार साम्राज्य यानी कुषाणों को परास्त किया। इस विजय के साथ ही वे आधुनिक ईरान की सीमाओं तक जा पहुंचे। चरण 23 (पार्थियन विजय - ईरान पर कब्जा): अपने अंतिम और सबसे भव्य चरण में, राजा विक्रमादित्य ने पार्थियन यानी 'पहलवों' को उनके ही घर में युद्ध हराकर संपूर्ण ईरान पर सनातन साम्राज्य का भगवा ध्वज लहरा दिया। निष्कर्ष: सोमदेव और क्षेमेंद्र के ग्रंथ केवल कहानियों के पुलिंदे नहीं हैं, बल्कि वे भारत के उस स्वर्णिम काल के दस्तावेज हैं जब उज्जैन की धरती से उठकर एक महानायक ने भारत को 'अखंड भारत' बनाया था और उसकी सीमाएं एशिया के दिल (ईरान) तक फैला दी थीं। यह इतिहास की वह भव्य गाथा है, जो हर भारतीय को गौरवान्वित करती है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अलावा, उन्हें वेताल पंचविंशति (विक्रम और बेताल) और सिंहासन बत्तीसी जैसी लोककथाओं में एक ऐसे पराक्रमी चक्रवर्ती सम्राट के रूप में दिखाया गया है, जिन्होंने कभी कोई युद्ध नहीं हारा। - संकलन: अनिरुद्ध जोशी
तमिल फिल्म 'किलर' के सेट पर दर्दनाक हादसा, शूटिंग के दौरान फटा सिलेंडर, एक की मौत
तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। एक्टर और निर्देशक एस.जे. सूर्या की आगामी फिल्म 'किलर' के सेट पर एक भीषण हादसा हो गया। चेन्नई के पेरम्बूर स्थित ऐतिहासिक बिन्नी मिल्स परिसर में चल रही शूटिंग के दौरान एक गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में स्पेशल इफेक्ट विभाग के एक युवा तकनीशियन की जान चली गई, जबकि तीन अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना बुधवार सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। ALSO READ: बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर फिल्म के सेट पर एक महत्वपूर्ण बम ब्लास्ट सीक्वेंस फिल्माया जा रहा था। इस दृश्य को सजीव और प्रभावी बनाने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स टीम गुब्बारों में भरी जाने वाली गैस और सिलेंडरों का उपयोग कर रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक एक सिलेंडर में तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव के कारण जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद तकनीशियनों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। हादसे की चपेट में आने से स्पेशल इफेक्ट्स टीम के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 26 वर्षीय मधन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य तीन घायल तकनीशियनों—शक्तिवेल, सूर्या और दिनकरन का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम की मदद से ब्लास्ट के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिल्म 'किलर' की शूटिंग को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। फिल्म के मुख्य अभिनेता एस.जे. सूर्या और सह-कलाकार प्रीति असरानी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
द इंडिया स्टोरी: खेती के ज़हर पर बनी फिल्म, काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े पहली बार दिखेंगे साथ
गंभीर मुद्दों पर फिल्में कम बनती हैं, लेकिन जब बनती हैं तो चर्चा दूर तक जाती है। अब ऐसी ही एक फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ रिलीज़ से पहले सुर्खियों में आ गई है। Kajal Aggarwal और Shreyas Talpade स्टारर यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ऐसे खामोश खतरे को सामने लाने की कोशिश कर रही है जो लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़ा है। खेती में इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायनों पर आधारित है कहानी The India Story का सबटाइटल ‘स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस’ है, जो इसके विषय की गंभीरता को साफ दिखाता है। फिल्म खेती में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायनों और उनके लोगों की सेहत पर पड़ने वाले खतरनाक असर को केंद्र में रखती है। कहानी यह दिखाने की कोशिश करती है कि कैसे औद्योगिक लापरवाही और जागरूकता की कमी धीरे-धीरे समाज को नुकसान पहुंचा रही है। पहली बार साथ दिखेंगे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े इस फिल्म की एक और खास बात यह है कि पहली बार Kajal Aggarwal और Shreyas Talpade एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। दोनों कलाकारों से दमदार और भावनात्मक अभिनय की उम्मीद की जा रही है। फिल्म का टोन गंभीर है, इसलिए दर्शकों को इसमें इमोशन और सामाजिक संदेश का मजबूत मिश्रण देखने को मिल सकता है। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़ फिल्म का निर्देशन Chetan DK ने किया है, जबकि कहानी, लेखन और निर्माण की जिम्मेदारी Sagar B Shinde ने संभाली है। यह फिल्म Zee Studios और MIG Production and Studios के सहयोग से बनाई गई है। ‘द इंडिया स्टोरी’ 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। मेकर्स को उम्मीद है कि यह फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक चर्चा में भी अपनी खास जगह बनाएगी।
भारत भाग्य विधाता: जब डर के सामने खड़ी हुई इंसानियत, कंगना रनौत की यह मूवी सच्ची कहानी पर आधारित
हर सुपरहीरो के पास केप नहीं होती और इसी सच्चाई को पर्दे पर लाने जा रही हैं कंगना रनौत अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए। 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म किसी काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि उस सच्चाई को दिखाती है जहां आम लोगों ने असाधारण हालात में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाई। यही वजह है कि फिल्म का पहला पोस्टर सामने आते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। कहानी: आतंक के बीच इंसानियत की जीत यह फिल्म एक भयावह रात की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जब शहर में आतंक का माहौल था। बाहर गोलियों और हमलों की गूंज थी, लेकिन अस्पताल के अंदर इंसानियत जिंदा थी। खास तौर पर कामा अस्पताल के भीतर करीब 400 लोगों की जान बचाई गई और यही इस कहानी का सबसे मजबूत पहलू है। फिल्म अस्पताल के गलियारों, वार्ड्स और इमरजेंसी के उन पलों को दिखाती है, जहां हर सेकंड भारी था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। ‘भारत भाग्य विधाता’ सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि उन गुमनाम नायकों की कहानी है, नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक स्टाफ, जिन्होंने बिना हथियार के, सिर्फ अपने कर्तव्य और साहस के दम पर लोगों की जान बचाई। जब पूरा शहर डर के साए में था, तब इन लोगों ने दिखाया कि असली बहादुरी क्या होती है। कंगना रनौत का नजरिया फिल्म को लेकर कंगना रनौत का कहना है कि हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस शांत होता है जो बिना शोर के अपनी जिम्मेदारी निभाता है। उनके मुताबिक, यह फिल्म देशभक्ति का सबसे सच्चा रूप दिखाती है, जहां आम लोग ही असली हीरो बन जाते हैं। मैं इस कहानी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं और 12 जून को इसे बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हूं।” फिल्म को मनोज तापड़िया ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि डॉ. जयंतीलाल गडा के पेन स्टूडियोज ने इसे प्रस्तुत किया है। मेकर्स का मानना है कि भारत की असली ताकत उसके आम लोग हैं, जो मुश्किल वक्त में बिना किसी पहचान के बड़ा काम कर जाते हैं। मनोज तापड़िया ने कहा, “12 जून को दर्शक एक ऐसा थ्रिलर देखेंगे जो तनाव से भरा, भावनात्मक और गहराई से इंसानी होगा। लेकिन इसकी असली कहानी सिर्फ आतंक के बारे में नहीं है, यह कहानी है उस साहस की जो डर पर जीत हासिल करता है, उस करुणा की जो अफरा-तफरी के बीच भी ज़िंदा रहती है, और उस बलिदान की जो खतरे के सामने दिया जाता है। फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे कलाकार नजर आएंगे। ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और दर्शकों को एक ऐसी कहानी से रूबरू कराएगी, जो दिल को छूने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देगी। निर्देशक: मनोज तापड़िया कलाकार: कंगना रनौत, गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा रिलीज डेट : 12 जून 2026
कर्क राशि में गुरु और शुक्र की युति से बना ये खास राजयोग, 4 राशियों के लिए धनवर्षा
सितारों की चाल बदलने वाली है और इस बार ब्रह्मांड में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा है! ज्योतिष की दुनिया में जब वैभव और धन के देवता शुक्र और ज्ञान के महागुरु बृहस्पति (गुरु) एक साथ हाथ मिलाते हैं, तो जन्म होता है एक बेहद शक्तिशाली और चमत्कारी योग का- 'गजलक्ष्मी राजयोग'। आने वाली 8 जून 2026 से यह धमाकेदार युति कर्क राशि में बनने जा रही है, जो कुछ चुनिंदा राशियों की किस्मत का ताला खोलने के लिए बिल्कुल तैयार है। अगर आपकी राशि नीचे दी गई 4 राशियों में से एक है, तो समझ लीजिए कि आपके जीवन में अचानक धन की बरसात और करियर में एक लंबी छलांग लगने वाली है। आइए जानते हैं कि यह राजयोग किन राशियों की जिंदगी में खुशियों का तड़का लगाने आ रहा है। ALSO READ: साल का सबसे बड़ा महागोचर: 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल मेष राशि: अटके काम होंगे पूरे, चमकेगा करियर मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था या पैतृक संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा था, तो अब वह सुलझ जाएगा और अचानक धन का आगमन होगा। नौकरी करने वालों के बॉस उनकी तारीफ करते नहीं थकेंगे- प्रमोशन और सैलरी हाइक की पूरी उम्मीद है। वहीं, बिजनेसमैन इस दौरान कोई ऐसी बड़ी डील क्रैक कर सकते हैं जो उनके बिजनेस का रुख बदल देगी। मिथुन राशि: पैसों की तंगी होगी दूर, बढ़ेगा बैंक बैलेंस मिथुन राशि के जातकों के लिए यह राजयोग सीधे उनकी जेब पर असर डालेगा, यानी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल आने वाला है। कमाई के नए रास्ते खुलेंगे और अगर आपने पहले कभी कहीं इन्वेस्ट किया था, तो अब उससे मोटा मुनाफा वसूलने का समय आ गया है। घर में सुख-सुविधाओं की चीजें बढ़ेंगी और परिवार में किसी शुभ या मांगलिक कार्य की शहनाई गूंज सकती है। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग कर्क राशि: आप ही हैं इस राजयोग के 'असली किंग' चूंकि यह जादुई संयोग कर्क राशि में ही आकार ले रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा लाइमलाइट और फायदा आपको ही मिलने वाला है। समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा, लोग आपकी बात सुनेंगे और मान-सम्मान में चार चांद लग जाएंगे। बिजनेस करने वालों के हाथ कोई 'जैकपॉट' लग सकता है, जिससे अप्रत्याशित मुनाफा होगा। अगर कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इससे बेहतर मुहूर्त दूसरा नहीं हो सकता। कन्या राशि: सुख-साधनों की बौछार और मनचाही सफलता कन्या राशि वालों के लिए यह समय ऐश-ओ-आराम और भौतिक सुखों को बढ़ाने वाला रहेगा। शेयर मार्केट, लॉटरी या किसी पुराने निवेश से अचानक आपकी तिजोरी भर सकती है, जिससे आपका बैंक बैलेंस तेजी से बढ़ेगा। स्टूडेंट्स के लिए यह दौर बेहतरीन है; उन्हें कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में सफलता मिलेगी। वहीं, जो युवा लंबे समय से जॉब की तलाश में भटक रहे थे, उन्हें मनचाही नौकरी का ऑफर लेटर मिल सकता है। भाग्य चमकाने का एक सीक्रेट मंत्र: ग्रहों के इस अद्भुत संयोग का सौ फीसदी फायदा उठाने के लिए, इस दौरान मां लक्ष्मी की दिल से आराधना करें। साथ ही, शुक्रवार के दिन सफेद चीजें (जैसे दूध, चीनी या सफेद कपड़े) दान करना न भूलें। ऐसा करने से इस राजयोग का शुभ असर कई गुना बढ़ जाएगा!
राहुल से BJP क्यों डरती है? सुप्रिया श्रीनेत ने गिनाईं 20 बड़ी वजहें
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राहुल गांधी के समर्थन में भाजपा और आलोचकों पर तीखा हमला बोला। जानिए राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस के बड़े दावे
एक्सीडेंटल महापौर और जख्मी इंदौर, आखिर किसके पाप की सजा भुगत रही जनता, कांग्रेस ने उठाए सवाल
जहरीला पानी। 36 मौतें। खराब सड़कें। बदहाल ट्रैफिक। दुविधाओं से भरे प्रोजेक्ट्स। भीषण गर्मी में जल संकट। बार-बार गुल होती बत्ती और विकास के नाम पर हरियाली का नाश। ये वर्तमान इंदौर की कुल जमा कहानी है। इंदौर की बर्बादी की ये स्क्रिप्ट लिखने वाले इंदौर के ही जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार हैं। जिन्होंने इंदौर को अपने हाल पर छोड़ दिया है। जबकि वार्ड और पंचायतों से लेकर नगर निगम प्रशासत तक। प्रदेश से लेकर केंद्र तक एक ही दल की सत्ता है। काम करने वाले भी यही और काम नहीं करने वाले भी यही। इस पूरी कहानी के पीछे बार-बार सीधेतौर पर जिसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है वो हैं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव। पानी के संकट को लेकर तो महापौर और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी आमने सामने हैं ही। इस बीच कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने महापौर को ‘एक्सीडेंटल महापौर’ कहकर आग में घी डालने का काम कर दिया है। कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही हैं, जब महापौर आपका, नगरीय प्रशासन मंत्री आपके शहर का यहां तक कि मुख्यमंत्री आपका तो फिर आप ही का ये शहर किस के पाप की सजा भुगत रहा है। सज्जन वर्मा बोले : महापौर , नगरीय प्रशासन मंत्री के अलावा कौन जिम्मेदार? मध्यप्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने वेबदुनिया को फोन पर बताया कि इंदौर की जनता को प्यासा मारने से लेकर उनकी जहरीले पानी से जान लेने तक और इंदौर की इस बर्बादी के पीछे महापौर, नगरीय प्रशासन मंत्री हैं। विपक्ष क्या करेगा और कितना करेगा। हम सडक पर बैठ गए, आंदोलन कर लिए, प्रदर्शन कर लिए। अब क्या लठ लेकर मारने जाएं। झूठे वादे कर के जनता के वोट ले लिए और जनता को ठग लिया इन्होंने। हमने पानी की जांच करा ली, ऑडिट करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इन्होंने जो किया उससे तो पूरे देश में इंदौर की छवि धूमिल करने का मैसेज चला गया। इन तीनों के अलावा कौन जिम्मेदार है आप बता दो कोई दूसरा जिम्मेदार हो तो। क्या है कांग्रेस का दावा : कांग्रेस नेता और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में बताया कि उन्होंने इंदौर में पिये जाने वाले पानी के 240 सैंपल की जांच करवाई थी, जिसमें से 98 पानी के सैंपल फेल पाए गए है। उन्होंने दावा किया कि इस पानी में ई-कोलाई समेत दूसरे हानिकारक बैक्टीरिया मिले हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। कांग्रेस ने इंदौर के 29 वार्डों से पानी के सैंपल लिए, जिन्हें रासायनिक जांच के लिए दिल्ली भी भेजा गया। जांच में 240 में से 98 सैंपल फेल पाए गए। पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया सहित अन्य हानिकारक बैक्टीरिया मिले, जो डायरिया और हैजा जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। जीतू पटवारी ने सरकार से इंदौर का वाटर ऑडिट कराने की मांग की है। महापौर ने पिया नल का पानी : इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विपक्ष के दावों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए हाल ही में जनता के सामने खुद नल का पानी पीकर इंदौर के पानी को सुरक्षित बताया है। इंदौर में जहरीले पानी से 36 मौतें : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए दूषित (जहरीले) पानी के कारण मौतें हुई हैं, जिसमें विपक्ष (कांग्रेस) और स्थानीय लोगों का दावा 36 मौतों का है, जबकि राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर 22 मौतों की पुष्टि की है। यह दुखद घटना मुख्य रूप से दिसंबर 2025 के दौरान सामने आई थी जब पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवेज (गटर) का गंदा पानी मिल जाने से पूरे इलाके में उल्टी-दस्त और हैजा जैसी महामारी फैल गई थी। 311 पर 20 लाख शिकायतें दर्ज : इंदौर की जनता तमाम समस्याओं से कितनी परेशान है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर निगम की अपनी हेल्पलाइन सेवा 311 पर अब तक लाखों शिकायतें मिल चुकी हैं। खास बात है कि खुद नगर निगम प्रशासन ने अपने जारी किए गए प्रेसनोट में अपनी ही पोलपट्टी को उजागर किया है। मोबाइल ऐप 311 सेवा पर निगम के ही मुताबिक 9 लाख से ज्यादा सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, तो अब तक नागरिकों द्वारा इस ऐप के माध्यम से 20 लाख शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। निगम का दावा है कि इनमें से ज्यादातर शिकायतें हल कर दी गई हैं। उनका कहना है कि समाधान का औसत समय 12 घंटे रहा है। ऐसे में सवाल है कि अगर समस्याएं हल हो रही हैं तो लोग शिकायतों का अंबार क्यों लगा रहे हैं। बिना रसूख के नहीं होता काम : नगर निगम भले यह दावा करे कि ऐप के माध्यम से लोगों की शिकायतें हल हो रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जब तक आम लोग किसी प्रभावशाली नेता या रसूखदार की मदद नहीं लेते कोई समस्या सुनने को तैयार नहीं है। निगम प्रशासन ने भले ही कंट्रोल रूम से लेकर हेल्पलाइन सर्विस तक सेवाएं शुरू कर रखी हैं, लेकिन इंदौर के नागरिकों की समस्याएं जस की तस हैं। लोगों की शिकायतें कैसी कैसी : लोग जो शिकायतें कर रहे हैं इनमें सडक़, ड्रेनेज, गंदे पानी की शिकायतों से लेकर अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गड्ढों से लेकर उसी तरह की समस्याएं हैं, जिसका सामना सभी 85 वार्डों के नागरिकों को करना पड़ता है। जगह जगह खुदी हुई सडकें और गढ्डे मिल जाएंगे। इंदौर नगर निगम के हाल हेल्पलाइन सर्विस 311 एक साल में 75 हजार 205 नए डाउनलोड कुल डाउनलोड 12 लाख 23 हजार 525 9 लाख 32 हजार 111 एक्टिव यूजर्स कुल 20 लाख शिकायतें दर्ज जनवरी, फरवरी, मार्च में 25 हजार 786 शिकायतें ऐप की लोकप्रियता बता रही इंदौर का हाल : बीते एक साल में ऐप 311 को 75 हजार 205 लोगों ने डाउनलोड किया है। वर्तमान में ऐप के कुल डाउनलोड की संख्या बढकर 12 लाख 23 हजार 525 तक पहुंच गई है। इनमें से 9 लाख 32 हजार 111 एक्टिव यूजर्स हैं। जो नियमित रूप से ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं अब तक पंजीकृत नागरिकों द्वारा ऐप के माध्यम से लगभग 20 लाख शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। जिससे यह साबित होता है कि लोगों के पास कितनी समस्याएं हैं जो मैनुअली हल नहीं हो पा रही है। 3 महीने में कुल 25 हजार 786 शिकायतें : बता दें कि इस साल जनवरी, फरवरी एवं मार्च में स्वच्छता प्रबंधन (SWM) से संबंधित कुल 25 हजार 786 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 25 हजार 700 शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक निराकरण करने का निगम प्रशासन ने दावा किया है।
बॉबी देओल ने मनीषा कोइराला संग इंटीमेट सीन करने से कर दिया था इनकार, सालों बाद बताई वजह
बॉलीवुड के 'लॉर्ड बॉबी' यानी बॉबी देओल इन दिनों अपने करियर के पीक पर है। वेब सीरीज 'आश्रम' की सफलता के बाद से ही बॉबी के पास बैक-टू-बैक फिल्मों की लाइन लगी हुई है। वह जल्द ही अनुराग कश्यप की फिल्म 'बंदर' में नजर आने वाले हैं। हाल ही में बॉबी देओल रजत शर्मा के शो 'आप की अदालत' में पहुंचे। शो में बॉबी देओल ने अपने पुराने दिनों को याद किया। इस दौरान उन्होंने 90 के दशक में अपनी फीमेल को-स्टार्स के साथ अनबन और सेट पर उन्हें परेशान करने की अफवाहों पर से सालों पुराना पर्दा उठा दिया है। ALSO READ: 'धुरंधर' के लिए रणवीर सिंह ने ली मामूली फीस, फिर भी की मोटी कमाई, 'रिस्क मॉडल' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास ट्विंकल खन्ना से लड़ाई की अफवाह बॉबी देओल ने साल 1995 में फिल्म 'बरसात' से ट्विंकल खन्ना के साथ अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। उस दौर में दोनों के बीच अनबन की कई खबरें आती थीं। इस पर बॉबी ने कहा, हम दोनों उस समय बहुत छोटे और नासमझ थे। दरअसल, मुझे बचपन से ही पेट की समस्या रही है। मैं अक्सर सेट पर अपनी इस समस्या के बारे में बात करता रहता था कि आज मेरा पेट कैसा है या मैं वॉशरुम गया या नहीं। ट्विंकल मेरी इन बातों से बहुत ज्यादा चिढ़ जाती थीं। बॉबी ने आगे बताया कि ट्विंकल खन्ना ने अपने करियर के पहले ही इंटरव्यू में बॉबी की इस आदत का खुलासा मीडिया के सामने कर दिया था, जिसके बाद मीडिया ने इसे दोनों के बीच की बड़ी लड़ाई का रूप दे दिया। मनीषा कोइराला और प्याज का 'मजेदार' बदला साल 1997 की कल्ट थ्रिलर फिल्म 'गुप्त: द हिडन ट्रुथ' में बॉबी देओल, काजोल और मनीषा कोइराला मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म के एक गाने के दौरान बॉबी ने मनीषा कोइराला के साथ एक क्लोज सीन करने से मना कर दिया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस घटना को याद करते हुए बॉबी ने शो में बताया, ठंड का मौसम था और सेट के पास कोई 'चना जोर गरम' बेच रहा था। मनीषा बड़े चाव से उसमें खूब सारा कच्चा प्याज डलवाकर खा रही थीं। जब शॉट का समय आया, तो उनके मुंह से प्याज की इतनी तेज बदबू आ रही थी कि मैं चाहकर भी रोमांटिक एक्सप्रेशन नहीं दे पा रहा था। बॉबी ने इस बात का बदला लेने के लिए एक मजेदार प्रैंक भी प्लान किया। कॉलेज के एक सीन में मनीषा के भाई का किरदार निभा रहे एक नए एक्टर को बॉबी ने खूब सारी प्याज खिला दी और कहा कि इससे एक्टिंग बेहतर होती है। बॉबी का प्लान मनीषा को परेशान करने का था, लेकिन मनीषा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा और बॉबी का यह प्रैंक फेल हो गया। 90 के दशक के इन हल्के-फुल्के प्रैंक्स से निकलकर बॉबी देओल अब पूरी तरह से बदल चुके हैं। फिल्म 'एनिमल' में अबरार के मूक और खूंखार विलेन के किरदार के बाद अब वे बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद एक्टर्स में शुमार हैं। वह जल्द ही अनुराग कश्यप के निर्देशन और सुदीप शर्मा की लिखी फिल्म 'बंदर' में नजर आने वाले हैं।
शुक्र तारे का नक्षत्र परिवर्तन, इन 5 राशियों पर होगा सकारात्मक असर
Venus Transit: शुक्र तारा का नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शुक्र ग्रह प्रेम, वैवाहिक सुख, धन, ऐश्वर्य, कला, सौंदर्य, विलासिता और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह है। जब शुक्र एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इस बार शुक्र तारे के नक्षत्र परिवर्तन से विशेष रूप से मेष, वृषभ, सिंह, तुला और मीन राशि के जातकों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बन रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह परिवर्तन करियर, व्यापार, प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में शुभ अवसर प्रदान कर सकता है। शुक्र ग्रह का यह नक्षत्र परिवर्तन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आकर्षण शक्ति, धन लाभ, प्रेम संबंधों में मधुरता तथा भौतिक सुखों में वृद्धि का संकेत देता है। इसलिए मेष, वृषभ, सिंह, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी और शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं उन 5 भाग्यशाली राशियों के बारे में जिन्हें इस गोचर से जबरदस्त लाभ होने वाला है: 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि वाले जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ रहने वाला है। आर्थिक लाभ: लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। आय के नए स्रोत खुलेंगे। करियर: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सराहना मिलेगी और पदोन्नति के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन: जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा। 2. वृषभ राशि (Taurus) चूंकि शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस परिवर्तन का सबसे अधिक और सकारात्मक प्रभाव आप पर देखने को मिलेगा। व्यक्तित्व में निखार : आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और आकर्षण में वृद्धि होगी। लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। बिजनेस: व्यापारियों के लिए यह समय कोई नई डील साइन करने के लिए उत्तम है। बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा और आप खुद को मानसिक रूप से काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे। 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। भाग्य का साथ: आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी। यात्राएं: बिजनेस या नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। सुख-साधन: भौतिक सुख-सुविधाओं- जैसे गाड़ी, मकान या इलेक्ट्रॉनिक्स पर खर्च कर सकते हैं, जिससे घर में खुशियां आएंगी। 4. तुला राशि (Libra) तुला राशि के स्वामी भी शुक्र देव ही हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए भी वरदान से कम नहीं है। प्रेम और वैवाहिक जीवन: यदि आप सिंगल हैं, तो आपके जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। विवाहित जातकों के बीच प्रेम और बढ़ेगा। करियर में बदलाव: कला, मीडिया, फैशन या डिजाइनिंग से जुड़े लोगों को इस अवधि में कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। निवेश: शेयर मार्केट या प्रॉपर्टी में किया गया पुराना निवेश अब अच्छा रिटर्न दे सकता है। 5. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह परिवर्तन आर्थिक और मानसिक सुकून लेकर आ रहा है। धन की आवक: अचानक से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। कर्ज से मुक्ति: यदि आप पिछले कुछ समय से कर्ज से परेशान थे, तो उससे राहत मिलने के रास्ते नजर आएंगे। मानसिक शांति: पिछले कुछ समय से चल रहा तनाव समाप्त होगा और आप मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे। विशेष टिप: शुक्र देव की कृपा को और अधिक बढ़ाने के लिए शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़े पहनें, छोटी कन्याओं को खीर खिलाएं या मिश्री का दान करें। इससे शुक्र जनित शुभ फलों में और वृद्धि होगी। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
डॉन 3 विवाद: FWICE के बैन के खिलाफ कोर्ट पहुंचे रणवीर सिंह, भेजा लीगल नोटिस
बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) के बीच जारी टकराव ने अब एक बेहद गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब कोर्ट में सुलझाया जाएगा। रणवीर सिंह ने फिल्म वर्कर्स की शीर्ष संस्था FWICE को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा है, जिसने पूरी इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है। रणवीर सिंह की लीगल टीम ने अंदरूनी तौर पर बड़ा दांव खेला है। अभिनेता द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में FWICE के अधिकार क्षेत्र पर ही सीधे सवाल उठाए गए हैं। ALSO READ: हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बनते हैं, रणवीर सिंह के सपोर्ट में आगे आईं कंगना रनौट रणवीर के वकीलों का तर्क है कि एक अभिनेता और प्रोडक्शन हाउस के बीच का विवाद पूरी तरह से एक 'निजी संविदात्मक मामला' है, और इसमें किसी भी ट्रेड यूनियन या फेडरेशन को टांग अड़ाने या किसी कलाकार की आजीविका पर अघोषित प्रतिबंध लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद में अब बॉलीवुड के अन्य बड़े चेहरे भी कूद पड़े हैं। जहां एक तरफ दिग्गज प्रोड्यूसर टी.पी. अग्रवाल ने बॉम्बे सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर कर फेडरेशन के इस अलोकतांत्रिक रवैये को चुनौती दी है, वहीं सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) भी अभिनेता के समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है। फिलहाल, गेंद अब पूरी तरह से अदालत के पाले में है। रणवीर सिंह के इस कानूनी नोटिस के बाद FWICE को कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल करना होगा। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या फिल्म फेडरेशन अपने रुख पर अड़ा रहता है या फिर कानून के आगे उसे अपनी इस 'नॉन-कोऑपरेशन' गाइडलाइन को वापस लेना पड़ता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या है पूरा विवाद? इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने जा रही फिल्म 'डॉन 3' से रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से ऐन पहले अपने पैर पीछे खींच लिए। फिल्म के निर्देशक और निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इस संबंध में फिल्म फेडरेशन से शिकायत दर्ज कराई। मेकर्स का आरोप है कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन, लोकेशन स्काउटिंग और लॉजिस्टिक्स पर पहले ही लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। ऐसे में एडवांस स्टेज पर आकर अभिनेता का प्रोजेक्ट को छोड़ना मेकर्स को भारी वित्तीय नुकसान के संकट में डाल गया। फरहान अख्तर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए FWICE ने अपने सभी संबद्ध यूनियनों और सदस्यों को रणवीर सिंह के साथ काम न करने का एक 'असहयोग निर्देश' जारी कर दिया। संगठन के अध्यक्ष अशोक पंडित ने मीडिया को बताया कि रणवीर सिंह को अपनी बात रखने के लिए कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण फेडरेशन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। हालांकि, बाद में विवाद बढ़ता देख संगठन ने स्पष्ट किया कि यह कोई 'आधिकारिक बैन' नहीं बल्कि एक असहयोग आंदोलन है।
हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बनते हैं, रणवीर सिंह के सपोर्ट में आगे आईं कंगना रनौट
बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों सुपरस्टार रणवीर सिंह और निर्देशक-निर्माता फरहान अख्तर के बीच का 'डॉन 3' विवाद गर्माया हुआ है। 'डॉन 3' से रणवीर सिंह के अचानक पीछे हटने के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ एक 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' यानी असहयोग का नोटिस जारी किया है। यह विवाद अब सिर्फ गॉसिप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानूनी मोड़ और फिल्म इंडस्ट्री के दोफाड़ होने की स्थिति आ गई है। इस विवाद के बीच कई सेलेब्स रणवीर सिंह के सपोर्ट में आगे आए हैं। अब बॉलीवुड की 'क्वीन' कंगना रनौट ने भी रणवीर सिंह का समर्थन किया है। कंगना रनौट हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। अपनी आगामी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब उनसे रणवीर सिंह के इस बैन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'आप मुझसे पूछ रहे हैं? मुझे तो सबने बैन कर रखा है।' बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें रणवीर का हौसला बढ़ाते हुए कंगना ने आगे कहा, जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो दुश्मन भी बनते हैं। ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपका कद बढ़े और आपके दुश्मन न बनें। रणवीर सिंह को तो यह सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है जो उनके इतने दुश्मन हैं। उन्होंने कहा, जीवन में जब आप आगे बढ़ते हैं, तो कई तरह की बाधाएं आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। मेरे साथ भी इतना सब कुछ हुआ है और देखिए, आज मैं अच्छा कर रही हूँ। मेरी गाड़ी चल रही है, कोई फर्क नहीं पड़ता। सब कुछ अंत में ठीक हो जाएगा। इस विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन (IMPPA) के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज निर्माता टी.पी. अग्रवाल ने इस बैन के खिलाफ मुंबई की डिंडोशी सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने FWICE और IMPPA दोनों को कानूनी नोटिस भिजवाया है। अग्रवाल का तर्क है कि किसी भी ट्रेड यूनियन या फेडरेशन के पास किसी भी कलाकार या नागरिक की आजीविका और रचनात्मक स्वतंत्रता को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। सिविल या कॉन्ट्रैक्टर विवादों का निपटारा अदालतों में होना चाहिए, न कि इस तरह के एकतरफा प्रतिबंधों के जरिए। क्या है विवाद की जड़ यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने एक्सेल एंटरटेनमेंट की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' से अपने हाथ पीछे खींच लिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन और FWICE से शिकायत की कि रणवीर के आखिरी वक्त पर फिल्म छोड़ने की वजह से उनके प्री-प्रोडक्शन के लगभग 45 करोड़ रुपए बर्बाद हो गए। FWICE का दावा है कि उन्होंने रणवीर सिंह को बातचीत के लिए तीन बार नोटिस भेजे, लेकिन अभिनेता की तरफ से ईमेल पर जवाब आया कि यह मामला पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है और FWICE इस पर फैसला सुनाने का सही मंच या अधिकार क्षेत्र नहीं है। रणवीर के इस रुख से नाराज होकर फेडरेशन ने अपने 4 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को रणवीर के साथ काम न करने का निर्देश जारी कर दिया।
किडनी प्रत्यारोपण के लिए भारत में क्यों है लंबा इंतजार?
भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अंगदान (Organ Donation) की भारी कमी और डायलिसिस के भारी-भरकम खर्च के कारण देश में अवैध किडनी रैकेट की जड़ें फैल रही हैं। जानिए इसके लक्षण, इलाज का खर्च और जमीनी हकीकत।
अजमेर में पश्चिम बंगाल की युवती से दरगाह में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
अजमेर। दरगाह थाना क्षेत्र में पश्चिम बंगाल की एक 39 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पश्चिम बंगाल से प्राप्त जीरो नंबर एफआईआर के आधार पर दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों […] The post अजमेर में पश्चिम बंगाल की युवती से दरगाह में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी appeared first on Sabguru News .
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 03 June 2026 horoscope in Hindi : करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Vibhuvan Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें महत्व, पूजा विधि और मंत्र 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: बजट बनाकर चलना बेहतर होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस के प्रोजेक्ट में कलीग्स का सहयोग मिलेगा। लव: लव पार्टनर से वाद-विवाद हो सकता है। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कारोबार में शुभ समाचार मिल सकता है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह का प्रस्ताव आ सकता है। धन: भूमि-भवन से जुड़े मामलों में लाभ की स्थिति है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम की संभावना है। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में लिये गये निर्णय आपको बड़ी सफलता दिलाएंगे। लव: पार्टनर आपकी भावनाओं का सम्मान करेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बांटें। लव: पुरानी बातों को भूलकर नई शुरुआत करने का समय है। धन: आज सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: कमर दर्द या जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope 1–7 June 2026: 01 से 07 जून तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 7. तुला (Libra) करियर: साझेदारी में किया गया काम फलदायी होगा। लव: रोमांटिक डिनर पर जा सकते हैं। धन: सुख-सुविधाओं पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: आज ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी मेहनत का श्रेय कोई और ले सकता है। लव: प्रेम जीवन में पारदर्शिता रखें। धन: उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए संगीत का सहारा लें। उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज नौकरी में उच्च अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी। लव: रिश्तों में नयापन आएगा। धन: पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही न बरतें। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: करियर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लव: घर के बड़ों की सहमति से प्रेम संबंध विवाह में बदल सकते हैं। धन: आज अनावश्यक खर्च पर रोक लगाएं। स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है। उपाय: शनिवार के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं पर टीम वर्क में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ यात्रा का योग है। धन: शेयर बाजार में लाभ होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान हो सकती है। उपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं। 12. मीन (Pisces) करियर: काम में मन नहीं लगेगा, मन भटक सकता है। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: गुरु का कर्क राशि में गोचर: किन राशियों के लिए रहेगा शुभ और अशुभ
तारीख- 1 मई, जगह- पंजाब के नवांशहर का पोजेवाल इलाका। गरीबदासी संप्रदाय के सद्गुरू ब्रह्मानंद भूरीवाले का 24वां निर्वाण दिवस। केसरिया पगड़ी बांधे हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने मंच से पहले संत के लिए कुछ लाइनें बोलीं। फिर पंजाबी में कहा, 'पंजाब का विकास तभी होगा, जब यहां नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बनेगी।’ पंजाब में सैनी का ये कार्यक्रम विधानसभा चुनाव के लिए BJP के ‘पंजाब प्लान’ की झलक है। सोर्स बताते हैं कि पिछले 6-7 महीनों में सैनी पंजाब में 45 से ज्यादा दौरे और 65 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। अगले महीने उनके 4 दौरे पहले से तय हैं। पिछले साल उन्होंने पंजाब के करीब 20-22 दौरे किए थे। इनके जरिए राज्य की 33% OBC आबादी पर नजर है। पंजाब में BJP 117 विधानसभा सीटों में से 40 सीटें टागरेट कर रही है। पंजाब में नायब सिंह सैनी सबसे पहले क्यों एक्टिव? पटियाला ग्रामीण (उत्तर) के BJP अध्यक्ष जसपाल सिंह गगरोली कहते हैं, 'पंजाब और हरियाणा की संस्कृति से लेकर जमीन पर मौजूद सीमाएं आपस में घुली-मिली हैं। नायब सिंह सैनी अंबाला से हैं, लेकिन धराप्रवाह पंजाबी बोलते हैं। CM बनने से पहले करीब 3 साल पंजाब में OBC मोर्चा के प्रभारी रहे हैं। वो BJP संगठन में एक-एक कार्यकर्ता को नाम से जानते हैं। चुनाव में उनकी भूमिका नहीं होगी, तो किसकी होगी?' अमृतसर ग्रामीण के BJP अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी कहते हैं, 'वे संगठन में मजबूती से जमे हैं, इसलिए पंजाब के लिए उनसे मजबूत और जमीनी किरदार कोई नहीं। हरियाणा में किए सैनी के कामों की चर्चा तुरंत पंजाब पहुंच जाती है। व्यापारी बिरादरी उनसे बहुत खुश है, क्योंकि उन्होंने बिजनेस के लिए सिस्टम पहले से आसान किया है।' नायब सिर्फ पुलिया, वोट ट्रांसफर होना मुश्किल पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. राजिंदर पाल सिंह कहते हैं, ‘नायब सिंह पंजाब में पुलिया की तरह काम कर सकते हैं, लेकिन वोट ट्रांसफर होना मुश्किल हैं। वो पगड़ी बांध लें, पंजाबी बोल लें, लेकिन उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावी नहीं कि वोट ट्रांसफर करा सके। वो अलोकप्रिय भी नहीं हैं, इसलिए पार्टी उनके जरिए पंजाब टटोलने की कोशिश कर रही है।’ ’चुनाव के 8-10 महीने पहले नायब की लॉन्चिंग बुरी भी नहीं, वैसे भी पंजाब में OBC वोट बैंक अब तक किसी भी पार्टी ने एक्सप्लोर नहीं किया है। BJP अब सैनी को आगे करके इसे एक्सप्लोर कर रही है। वैसे चुनाव से 2-3 महीने पहले ही पॉलिटिकल सिनैरियो साफ होता है, इसलिए ये वोटर कितना एकजुट होगा, अभी कहना जल्दबाजी है।’ वहीं पॉलिटिकल एक्सपर्ट बलजीत पाल कहते हैं, ‘पंजाब में नायब की पकड़ मजबूत है। वो यहां 2-3 साल OBC मोर्चा के प्रभारी रहे हैं, इसलिए उनके असर को कम करके देखना ठीक नहीं।‘ पंजाब में BJP का सिख जाट बनाम गैर सिख मॉडल प्रो. राजिंदर पाल कहते हैं, ‘हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के जाट बनाम गैर-जाट मॉडल को BJP पंजाब में भी इस्तेमाल कर रही है। यहां सिख जाट करीब 25% है, जो जमींदार या बड़े किसान हैं। BJP इनके बजाय गैर जाट वर्ग पर फोकस कर रही है।‘ ‘BJP यहां OBC और दलितों को मिलाकर सिख जाट बनाम गैर जाट का फॉर्मूला तैयार कर रही है। OBC वाला प्रयोग नया है और कारगर साबित हो सकता है। हालांकि OBC को एकजुट करने के लिए कुछ बड़ा करना होगा, जिसकी झलक अब तक नहीं दिखी है।‘ पंजाब में CM योगी और सुवेंदु का बंगाल मॉडल कितना कारगर पटियाला ग्रामीण के BJP अध्यक्ष जसपाल बताते हैं, 'लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने के लिए यहां योगी बाबा का बुलडोजर मॉडल ही चलेगा। पंजाब में लोग योगी आदित्यनाथ जैसे CM की डिमांड करते हैं।' अमृतसर ग्रामीण के BJP अध्यक्ष अमृतपाल सिंह बोनी भी यही बात दोहराते हैं। दिल्ली BJP में सूत्र बताते हैं, 'नायब के अलावा शाह-योगी की रैलियों की भी डिमांड आई है। बंगाल में सुवेंदु अधिकारी जैसे काम कर रहे हैं, चुनाव करीब आने पर वो भी पंजाब में नजर आएंगे।' हालांकि प्रो. राजिंदर का कहना है कि पंजाब में हिंदू-मुस्लिम नहीं कर सकते, इसलिए यहां ना बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा है और ना रोहिंग्या का। सुवेंदु बंगाल में चेहरा हैं, पंजाब में नहीं। कोई बाहरी पंजाब नहीं जिता सकता।‘ पंजाब में दलित वोटर के लिए BJP का रोडमैप… इस्लाम की जगह मौत कुबूल करने वाले संत का किस्सा गूंजेगा BJP सोर्सेज बताते हैं, ‘दलित संतों की लिस्ट तैयार हो रही है। इनके जरिए 33% दलित आबादी टारगेट की जाएगी। इसमें सबसे बड़ा नाम गुरु गोबिंद सिंह के शिष्य तेगबहादुर और औरंगजेब की सेना के बीच से गुरु तेगबहादुर का सिर निकालकर लाने वाले संत जैता सिंह का है।‘ सबसे ज्यादा कन्वर्जन वाले इलाकों में दलित संतों के बड़े कार्यक्रम कराए जाएंगे। जैता सिंह के कार्यक्रम से इन दलित संतों को याद करने की शुरुआत होगी। पंजाब में 56 अमृतधारी सिख संत हैं, जिसमें से 37 दलित हैं, जिन्हें BJP टारगेट कर रही है। दलित वर्ग को साधने के लिए यहां BJP से ज्यादा काम RSS कर रही है। दिल्ली BJP एक्टिव, लेकिन पंजाब में कार्यकर्ता खफा बंगाल जैसे नतीजों के लिए कई नायक चाहिए, राघव पर भरोसा डुबोएगा राघव को BJP में लाने और भरोसा जताने से पंजाब में कार्यकर्ताओं का एक धड़ा नाराज है। वे नायब सिंह के एक्टिव होने को अच्छा बताते हैं, लेकिन गुस्सा भी जताते हैं। नाम न छापने की शर्त पर वे इसकी 4 वजहें बताते हैं। 1. नायब का आना पॉजिटिव है, लेकिन पार्टी के बड़े लीडर्स के दौरे होने चाहिए। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान से कुछ नहीं होगा। 2. हमारे पास कोई CM फेस नहीं है। केजरीवाल के सामने एक चेहरा चाहिए, तभी फायदा होगा। बंगाल तभी जीते, जब लड़ाई सुवेंदु अधिकारी बनाम ममता बनर्जी हुई। 3. राघव चड्ढा और उनके साथियों को शामिल करने का फैसला ऊपर से ले लिया गया। क्या पंजाब में उनकी जमीनी पकड़ है, क्या वो क्राउड पुलर हैं, कम से कम कार्यकर्ताओं से पूछना चाहिए था। 4. पंजाब को लूटने वालों में एक नाम राघव चड्ढा का भी है। अगर उन्हें CM फेस बनाया गया, तो ये पार्टी की सबसे बड़ी भूल होगी। BJP के लिए पंजाब जीतने के दो ही रास्ते 1. अकाली दल के असंतुष्ट धड़े से गठजोड़प्रो. राजिंदर पाल कहते हैं, ‘BJP ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा भले कर दी, लेकिन अमित शाह अकाली दल के असंतुष्ट नेताओं से चुपचाप मिल रहे हैं। 2025 में अकाली दल औपचारिक रूप से बंट चुका है। वे नए बने अकाली दल के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। मुमकिन है कि वो चुनाव से 2-3 महीने पहले गठबंधन कर लें। 2. AAP और भगवंत मान को तोड़ ले BJPपंजाब में AAP से 7 लोग पहले टूट चुके हैं। अगर और लोग टूटकर BJP के साथ जाते हैं, तो बड़ा फायदा मिल सकता है। वैसे भी पार्टी में भगवंत मान की जो स्थिति है, वो सब जानते हैं। वो नाम के CM हैं। सरकार केजरीवाल और सिसोदिया ही चला रहे हैं। पंजाब में मान के बराबर कोई लोकप्रिय चेहरा नहीं है। AAP बोली- लोकल चुनाव में कैंडिडेट नहीं मिले, विधानसभा कैसे लड़ेगीपंजाब में आम आदमी पार्टी के स्पोक्सपर्सन नील गर्ग कहते हैं, ‘BJP की तैयारियों का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पंजाब में 29 मई को 1977 वार्ड में लोकल चुनाव हुए। इसमें BJP को 616 सीटों पर तो कैंडिडेट नहीं मिले। जिन वार्ड में पार्टी ने चुनाव लड़ा, उनमें से 1142 कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई। पंजाब में जमीन पर BJP की यही सच्चाई है।‘ ‘ये पार्टी सिर्फ ED, CBI और बाकी एजेंसियों के दम पर चुनाव प्रभावित करना जानती है। रही बात नायब सिंह की, तो पहले वो अपना घर संभाल लें, जहां जनता ने उन्हें चुनकर मुख्यमंत्री बनाया है। हरियाणा में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा हुआ है। किसान और रोजगार सबकी हालत खराब है।‘ ……………….पंजाब की ये स्टोरी भी पढ़ें… पंजाब में क्या 38% दलित दिलाएंगे BJP को जीत पंजाब में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल बाकी है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने ‘पंजाब विजय प्लान’ लॉक कर लिया है। गृह मंत्री अमित शाह भी साफ कर चुके हैं कि BJP पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पढ़िए पूरी खबर…
देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य समापन, महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पुष्कर। निकटवर्ती रेवत डूंगरिया खुर्द स्थित जोगणियाधाम में आयोजित देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में भव्य समापन हुआ। आठ दिनों तक चली कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक पंडित दिलीप शास्त्री […] The post देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य समापन, महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ appeared first on Sabguru News .
बंगाल में आजादी के बाद से ही एक ट्रेंड है। जो पार्टी सत्ता से एकबार बेदखल हुई, वो कभी लौट नहीं सकी। सिर्फ कांग्रेस एक अपवाद है। 2026 का बंगाल चुनाव हारने के बाद TMC भी सबसे मुश्किल दौर में है। क्या ममता बनर्जी TMC को संकट से निकालकर वापसी कर पाएंगी या उनके हाथ से पार्टी फिसल जाएगी; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ममता की TMC पर कितना बड़ा संकट है? जवाबः TMC पर आए संकट को 4 संकेतों से समझिए… 1. TMC के सांसद, नेता और सभासदों तक के इस्तीफे 2. दावा- भाजपा के संपर्क में TMC के 75% सांसद-विधायक 3. 80 में सिर्फ 20 विधायक ही ममता की मीटिंग में पहुंचे 4. TMC के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले सवाल-2: पार्टी को बचाने के लिए ममता बनर्जी क्या कर रहीं? जवाबः ममता बनर्जी दो तरह की स्ट्रैटेजी पर काम कर रही हैं, पहली- मजबूत और जुझारू दिखो, दूसरी- पॉलिटिकली रिलेवेंट बने रहो। चुनाव में हार के बाद पहली बार किसी सीएम ने इस्तीफा देने से मना कर दिया। जानकार बताते हैं कि ममता ने ‘मैं नहीं झुकूंगी’ वाला संदेश देने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए ऐसा किया। चुनाव बाद TMC कार्यकर्ताओं के साथ हो रही हिंसा और 30 मई को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को भी ममता ने आक्रामक तरीके से उठाया। TMC इन घटनाओं के विरोध में पूरे राज्य में पॉलिटिकल कैंपेन खड़ा करने की कोशिश कर रही है। ममता ने 2 जून को कोलकाता के धर्मतला बस स्टैंड के पास प्रोटेस्ट किया। ममता ने एक मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें मंच बनाने या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन मैं लड़ूंगी या मर जाऊंगी।’ ममता ने कहा, ‘बंगाल में पुलिस वाले TMC नेताओं को धमका रहे हैं। इस मुश्किल समय में मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ूंगी।’ ममता कई मुद्दों पर INDIA ब्लॉक से अलग लीक पर चलती दिखती थीं। हालांकि चुनाव हारने के बाद उनका नया रुख दिखा। वह नेशनल लेवल पर विपक्ष की राजनीति में TMC की हिस्सेदारी और प्रभाव को कमजोर नहीं होने देना चाहतीं। चुनाव हारते ही 5 मई को ममता ने कहा, ‘मेरा टारगेट बहुत क्लियर है। मैं INDIA टीम को मजबूत करूंगी... सोनिया जी, राहुल, अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन…सभी ने मुझे फोन किया। सभी INDIA गठबंधन के सहयोगी मेरे साथ हैं। आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत होगी।’ सवाल-3: ममता की कोशिशों के बावजूद क्या वाकई TMC बिखर सकती है? जवाबः पश्चिम बंगाल को करीब से समझने वाले एक्सपर्ट्स के बीच राय बंटी हुई है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक प्रभाकर मणि तिवारी का मानना है कि TMC बिखर जाएगी। वो कहते हैं, ‘ममता 2011 में सत्ता में आईं, तो धीरे-धीरे उन्होंने भी CPM को खत्म कर दिया था। बीजेपी भी बंगाल में विपक्ष को खत्म करना चाहती है। बीजेपी की कोशिश रहेगी कि TMC के आधे से ज्यादा विधायक अलग हो जाएं, जिससे उपचुनाव भी न कराना पड़े। हालांकि अगले 2-3 महीने तक TMC में किसी बड़ी टूट की आशंका नहीं है।’ वहीं, वरिष्ठ पत्रकार शिखा मुखर्जी मानती हैं कि TMC में कोई बड़ा विभाजन होता नहीं दिख रहा। वो कहती हैं, ‘इसका कोई साफ संकेत नहीं है कि बीजेपी TMC नेताओं को बीजेपी में शामिल होने के लिए उकसा रही है।’ बंगाल बीजेपी के बड़े नेताओं के बयानों से भी लगता है कि बीजेपी बागियों को खुला न्योता नहीं देना चाहती… हालांकि जीत के बाद 5 मई को सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता का राजनीतिक निर्वासन शुरू हो गया है। बंगाल में TMC के कई सांसद और कार्यकर्ता उनके साथ जुड़ेंगे। शिखा मुखर्जी कहती हैं कि बीजेपी फिर भी TMC को कमजोर करने के लिए कुछ विधायकों को अपने पाले में जरूर ले सकती है। सवाल-4: क्या बंगाल की सत्ता में टीएमसी वापसी कर पाएगी? जवाबः 1977 तक बंगाल में कांग्रेस 25 साल शासन में रही। हालांकि, बीच में 1967 से 1972 तक यूनाइटेड फ्रंट भी सत्ता में आई। फिर 34 साल लेफ्ट फ्रंट की सरकार चली। 2011 में सीएम बनीं ममता 2026 तक काबिज रहीं। यानी बंगाल में जो आता है, सालों तक छा जाता है। अब बीजेपी सत्ता में है। 4 वजहों से TMC की भी सत्ता में वापसी मुश्किल लगती है… 1. कैडर बेस नई पार्टी में शिफ्ट हो जाता है 2. दिल्ली बनाम बंगाल का नैरेटिव खत्म 3. ममता की जगह सुवेंदु का ‘पर्सनैलिटी कल्ट’ 4. वोटबैंक की सटीक चुनावी इंजीनियरिंग ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------पश्चिम बंगाल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…बंगाल में गाय की कुर्बानी पर रोक, हिंदू क्यों नाराज:बोले- दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने 2500 करोड़ का धंधा बिगाड़ा पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में रहने वाले सुखदेव मंडल खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का खर्च चलता है। इस साल बेटी की शादी करनी है, इसलिए सालभर पहले बैंक से लोन लेकर मवेशी खरीदे। उम्मीद थी कि बकरीद पर बिक जाएंगे और शादी-ब्याह का खर्च निकल जाएगा, लेकिन बंगाल सरकार के एक फैसले ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। पढ़ें पूरी खबर…
मिथुन संक्रांति 2026: कब है, क्या है इसका धार्मिक महत्व और पुण्य फल?
वर्ष में 12 संक्रांतियां होती है। जिसमें मेष, मकर, कर्क, धनु, मिथुन और मीन संक्रांति संक्रांति का ज्यादा महत्व है। 15 जून 2026 सोमवार को अधिकमास के समाप्ति के दिन मिथुन संक्रांति रहेगी। इस दिन सूर्यदेव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचर दोपहर करीब 12:58 बजे होगा। इस संक्रांति का महत्व ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में अधिक है। मिथुन संक्रांति का महत्व 1. मौसम में बदलाव का प्रतीक यह संक्रांति सीधे तौर पर प्रकृति से जुड़ी है। मिथुन संक्रांति के साथ ही उत्तर भारत और मध्य भारत में भीषण गर्मी का दौर खत्म होने लगता है और आधिकारिक रूप से वर्षा ऋतु (Monsoon) की शुरुआत मानी जाती है। किसानों के लिए यह दिन बेहद खास होता है क्योंकि यहां से खेती-किसानी के काम में तेजी आती है। 2. ओडिशा का प्रसिद्ध 'राजा पर्ब' (Raja Parba) ओडिशा राज्य में मिथुन संक्रांति को 'राजा पर्ब' के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार तीन से चार दिनों तक चलता है। मान्यता: ऐसी लोक मान्यता है कि जैसे महिलाओं को मासिक धर्म (Periods) होता है, वैसे ही इन तीन दिनों में धरती माता (भूदेवी) रजस्वला होती हैं, यानी वे भविष्य की फसलों के लिए खुद को तैयार करती हैं। परंपरा: इन दिनों में धरती पर हल चलाना, खुदाई करना या कोई भी चोट पहुंचाना पूरी तरह मना होता है। महिलाएं और लड़कियां नए कपड़े पहनती हैं, झूला झूलती हैं और इस त्योहार का आनंद लेती हैं। चौथे दिन धरती माता को स्नान कराकर उनकी विशेष पूजा की जाती है। 3. पूर्वोत्तर भारत में 'अम्बुबाची मेला' (Ambubachi Mela) भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर प्रांतों में मिथुन संक्रांति को माता पृथ्वी के वार्षिक मासिक धर्म चरण के रूप में मनाया जाता है, जिसे राजा पारबा या अंबुबाची मेला के नाम से जानते हैं। असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में इस संक्रांति के दौरान 'अम्बुबाची मेला' लगता है। मान्यता है कि इस दौरान देवी कामाख्या रजस्वला होती हैं। इसलिए संक्रांति से लेकर अगले तीन दिनों तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और चौथे दिन विशेष पूजा के बाद भक्तों के लिए खोले जाते हैं। 4. दान-पुण्य और पितृ तर्पण अन्य संक्रांतियों की तरह मिथुन संक्रांति पर भी पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन गरीब लोगों को अन्न, वस्त्र, पानी का घड़ा, छाता और पंखा दान करने से पुण्य मिलता है। साथ ही, इस दिन पूर्वजों (पितरों) के नाम तर्पण करने से घर में सुख-शांति आती है। ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान और करियर का कारक माना गया है। 15 जून को मिथुन राशि में सूर्य के आते ही इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से मेष, मिथुन, सिंह और कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और आर्थिक दृष्टिकोण से काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
बॉलीवुड की सबसे चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ के प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग आधिकारिक तौर पर पूरी हो चुकी है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह अपडेट किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में प्रवेश कर चुकी है और इसकी रिलीज की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। निर्देशक अभिषेक पाठक ने दी बड़ी जानकारी फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए शूटिंग पूरी होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से पूरी टीम इसी फिल्म की दुनिया में जी रही थी। दिन-रात मेहनत, चुनौतियों का सामना और लगातार कहानी को बेहतर बनाने की कोशिशों के बाद आखिरकार फिल्म का शूट पूरा हो गया है। अभिषेक पाठक ने अपनी पोस्ट में कलाकारों और तकनीकी टीम का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति ने पूरे समर्पण और धैर्य के साथ काम किया और यही मेहनत अब बड़े पर्दे पर दिखाई देगी। ALSO READ: काला हिरण फिल्म पर सलमान खान का बड़ा एक्शन, रिलीज से पहले भेजा कानूनी नोटिस; 24 घंटे का अल्टीमेटम हर फ्रेम में टीम की मेहनत निर्देशक ने कहा कि इस फिल्म का हर दृश्य उन लोगों की मेहनत, जुनून और समर्पण की कहानी कहता है जिन्होंने इसे बनाने में योगदान दिया। उनके मुताबिक शूटिंग के दौरान अच्छे और मुश्किल दोनों तरह के दिन आए, लेकिन पूरी टीम ने कभी हार नहीं मानी। उनकी पोस्ट से साफ झलकता है कि ‘दृश्यम 3’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए एक भावनात्मक सफर भी रही है। ALSO READ: गोल्ड डिगर नहीं, डायमंड थीं सुष्मिता सेन: 4 साल बाद ललित मोदी का बड़ा खुलासा, रिश्ते पर पहली बार खुलकर बोले फिर लौटेगा सस्पेंस का बादशाह विजय सालगांवकर ‘दृश्यम’ सीरीज ने भारतीय सिनेमा में सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की एक अलग पहचान बनाई है। अजय देवगन द्वारा निभाया गया विजय सालगांवकर का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा है। पहली और दूसरी फिल्म में जिस तरह कहानी ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा, उसी वजह से तीसरे भाग को लेकर उत्सुकता अपने चरम पर है। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू और श्रिया सरन भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। इन कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। ALSO READ: थाई-हाई स्लिट आउटफिट में शिल्पा शेट्टी का कातिलाना अंदाज, बोल्ड अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका गांधी जयंती पर होगा बड़ा मुकाबला ‘दृश्यम 3’ का निर्माण पैनोरमा स्टूडियोज और वायकॉम18 द्वारा किया जा रहा है। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। त्योहारी माहौल और लंबे वीकेंड का फायदा फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मिल सकता है। ऐसे में इंडस्ट्री की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘दृश्यम 3’ अपने पिछले दोनों भागों की सफलता को पीछे छोड़ पाएगी। फिलहाल इतना तय है कि विजय सालगांवकर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। शूटिंग पूरी होने की खबर ने फैंस के उत्साह को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है और अब सभी को ट्रेलर और फिल्म की पहली झलक का इंतजार है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर लें धरती को हरा-भरा बनाने का सच्चा संकल्प
World Environment Day 2026: हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें याद दिलाता है कि यह धरती हमारा इकलौता घर है और इसकी हरियाली को बचाना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। साल 2026 में, जब कंक्रीट के जंगल लगातार बढ़ते जा रहे हैं और मौसम का मिजाज बदल रहा है, तब सिर्फ एक दिन का उत्सव मनाना काफी नहीं है। यदि पर्यावरण संतुलित रहेगा तो पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रहेगा। इस बार हमें अपनी सोच और आदतों को बदलने का एक सच्चा 'संकल्प' लेना होगा। ALSO READ: विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश आइए जानते हैं कि इस पर्यावरण दिवस पर हम अपनी धरती को फिर से सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए क्या संकल्प ले सकते हैं: 1. 'एक पौधा, एक संकल्प' (हर खास मौके पर वृक्षारोपण) हम अक्सर पर्यावरण दिवस पर पौधे तो लगाते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। इस साल यह संकल्प लें: अपने या परिवार के सदस्यों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या किसी भी शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। पौधे को सिर्फ लगाएं नहीं, बल्कि अगले 3 वर्षों तक उसकी एक बच्चे की तरह देखभाल करने की जिम्मेदारी भी लें, ताकि वह एक मजबूत पेड़ बन सके। 2. 'शहरी हरियाली' (बालकनी और छतों को बनाएं हरा-भरा) अगर आप शहरों में रहते हैं और आपके पास जमीन की कमी है, तो भी आप धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान दे सकते हैं: अपनी बालकनी, खिड़की या छत पर छोटे-छोटे गमले रखें। हवा को शुद्ध करने वाले (Air-Purifying) पौधे जैसे—तुलसी, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा और स्पाइडर प्लांट लगाएं। यह आपके घर के अंदर की हवा को साफ रखेंगे। 3. 'जीरो वेस्ट' और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प हरियाली तभी बढ़ेगी जब हम धरती को कचरे और प्लास्टिक के बोझ से मुक्त करेंगे: कच्चा कचरा, सूखी खाद: अपने रसोईघर के गीले कचरे (सब्जियों और फलों के छिलकों) को फेंकने के बजाय उससे घर पर ही जैविक खाद तैयार करें। इसी खाद को अपने पौधों में डालें। प्लास्टिक को ना: बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ ले जाने का संकल्प लें। प्लास्टिक की थैलियों और सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें। ALSO READ: World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध 4. पानी की बचत का संकल्प (जल है तो जीवन है) बिना पानी के किसी भी हरियाली की कल्पना नहीं की जा सकती। गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए यह संकल्प लें: घर में वॉटर प्यूरीफायर (RO) से निकलने वाले बेकार पानी को बाल्टी में इकट्ठा करेंगे और उसका उपयोग पौधों में डालने या पोछा लगाने में करेंगे। बारिश के पानी को बचाने (Rainwater Harvesting) के छोटे-छोटे प्रयास अपने घरों में शुरू करेंगे। 5. अपनी 'कार्बन फुटप्रिंट' को कम करने का संकल्प प्रदूषण को कम करके ही हम पौधों को एक स्वस्थ वातावरण दे सकते हैं: कम दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लें। सार्वजनिक वाहनों (बस या मेट्रो) या कारपूलिंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। संकल्प पत्र: आज ही से शुरुआत करें 'आज इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, मैं यह संकल्प लेता/लेती हूं कि मैं प्रकृति के संसाधनों का सम्मान करूंगा/करूंगी। मैं अपनी ज़रूरतों को सीमित रखूंगा/रखूंगी और अपनी धरती मां को फिर से हरा-भरा और स्वस्थ बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा/करूंगी।' याद रखें, बदलाव की शुरुआत हमेशा एक छोटे से कदम से होती है। आपका लगाया हुआ एक पौधा और आपकी एक सुधरी हुई आदत आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सांस लेने योग्य भविष्य दे सकती है। इस 5 जून को आइए केवल बातें नहीं, बल्कि काम करके दिखाएं! अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पृथ्वी और पर्यावरण पर कविता: काश प्रकृति भी बोल पाती
भाग्य बदलने वाली रात: परमा एकादशी व्रत की अमर कथा
parama ekadashi vrat katha: यह बात द्वापर युग की है। महाभारत के युद्ध की कगार पर खड़े अर्जुन के मन में कई दुविधाएं थीं। तब उनके सारथी और मार्गदर्शक, भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें एक ऐसी कहानी सुनाई, जो यह सिखाती है कि जब इंसान के पास सब कुछ खत्म हो जाता है, तब भी धर्म और धैर्य उसका साथ नहीं छोड़ते। अभावों के बीच महकता प्रेम और संतोष सदियों पहले, काम्पिल्य नाम के एक खूबसूरत नगर में सुमेधा नाम के एक ब्राह्मण रहते थे। उनकी पत्नी का नाम था पवित्रा—जो अपने नाम की तरह ही पवित्र, शांत और ऊंचे विचारों वाली महिला थीं। दोनों के जीवन में एक बहुत बड़ी परीक्षा थी—घोर दरिद्रता। खाने को ठीक से अनाज नहीं था, पहनने को फटे-पुराने कपड़े थे, लेकिन उनके घर का दरवाज़ा कभी किसी अतिथि के लिए बंद नहीं होता था। खुद भूखे सो जाते, पर मेहमान को भूखा नहीं लौटने देते। एक दिन गरीबी के इस अंतहीन सिलसिले से टूटकर सुमेधा ने अपनी पत्नी से कहा, पवित्रा, अब यह मुफ़लिसी मुझसे देखी नहीं जाती। मैं धन कमाने के लिए परदेस जा रहा हूँ। पवित्रा ने मुस्कुराते हुए अपने पति का हाथ थामा और बड़े शांत भाव से कहा, स्वामी, धन और संतान तो पूर्वजन्मों के कर्मों और दान से मिलते हैं। अगर हमारे भाग्य में इस समय संघर्ष लिखा है, तो जगह बदलने से भाग्य नहीं बदलेगा। आप यहीं रहिए, हम मिलकर इस संकट का सामना करेंगे। ALSO READ: परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम जब कुटिया में आए महर्षि कौडिन्य वक्त गुज़रा और एक दोपहर उनकी कुटिया में साक्षात महर्षि कौडिन्य पधारे। ब्राह्मण दंपत्ति के पास देने के लिए कोई धन-दौलत नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने तन-मन की श्रद्धा से महर्षि की ऐसी सेवा की कि ऋषि का हृदय पिघल गया। दोनों की आंखों में छिपे दर्द को महर्षि ने भांप लिया। महर्षि कौडिन्य ने प्यार से कहा, हे सुमेधा! तुम्हारी इस कंगाली का अंत अब निकट है। मैं तुम्हें इस दरिद्रता के चक्रव्यूह से निकलने का सबसे सीधा और दिव्य रास्ता बताता हूँ। अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में एक चमत्कारी तिथि आती है, जिसे 'परमा एकादशी' कहते हैं। तुम दोनों मिलकर पूरी श्रद्धा से इस दिन व्रत रखो और रात में सोओ मत, बल्कि ईश्वर की भक्ति में लीन रहकर जागरण करो। याद रखो, इसी व्रत के पुण्य से कभी राजा हरिश्चंद्र को उनका खोया राजपाठ मिला था और कुबेर देवताओं के धनाधीश बने थे। श्रद्धा का फल और बदला हुआ भाग्य ऋषि की बात मानकर सुमेधा और पवित्रा ने पूरे नियम और अटूट विश्वास के साथ परमा एकादशी का व्रत किया। रात भर दोनों ने प्रभु के नाम के दीप जलाए और कीर्तन किया। कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा कभी खाली हाथ नहीं लौटती। अगले ही दिन सुबह, उनकी कुटिया के बाहर घोड़े की टापों की आवाज़ गूंजी। उन्होंने देखा कि एक दिव्य राजकुमार वहां खड़ा था। राजकुमार ने सुमेधा के त्याग और धार्मिकता से प्रभावित होकर उन्हें उपहार स्वरूप एक भव्य, आलीशान घर और इतनी धन-सम्पदा दी कि उनकी सात पीढ़ियों की गरीबी एक पल में गायब हो गई। सीख: श्री कृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, जो इंसान अपने धर्म पर टिका रहता है और ईश्वर पर भरोसा रखता है, समय आने पर उसका भाग्य ज़रूर बदलता है। परमा एकादशी का व्रत सिर्फ धन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और समृद्धि देता है।
परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम
अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाली एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस बार अधिकमास ज्येष्ठ महीने में लगा है, इसलिए इसके कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है। इस बार परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं साल 2026 की परमा एकादशी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें। 1. परमा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण समय एकादशी तिथि आरंभ: 11 जून, 2026 को सुबह 12:57 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून, 2026 को रात 10:36 बजे तक उदयातिथि (व्रत का दिन): बृहस्पतिवार, 11 जून 2026 व्रत तोड़ने का (पारण) समय: 12 जून 2026 को सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे के बीच द्वादशी तिथि समाप्त: 12 जून 2026 को शाम 07:36 बजे ALSO READ: भाग्य बदलने वाली रात: परमा एकादशी व्रत की अमर कथा 2. व्रत का विशेष महत्व और लाभ कल्पतरू के समान फल: नि:स्वार्थ भावना से रखा गया यह व्रत कल्पतरू वृक्ष के समान फलदायी है, जिससे हर मनोकामना पूरी होती है। पापों से मुक्ति व मोक्ष: इस व्रत को करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। सुख और ऐश्वर्य: यह एकादशी जीवन में धन, सुख, समृद्धि और पुत्र-पौत्रादि का सुख देने वाली है। दुर्लभ सिद्धियां: पुरुषोत्तम मास की इस एकादशी को करने से साधक को परम दुर्लभ सिद्धियां प्राप्त होती हैं। ALSO READ: परमा एकादशी का व्रत रखने के 10 फायदे 3. सम्पूर्ण पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप) दशमी तिथि (व्रत से एक दिन पहले): दशमी की रात्रि को सात्विक भोजन ग्रहण करें। एकादशी तिथि (व्रत का दिन): संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। पूजन सामग्री: धूप, दीप, पुष्प, मौसमी फल और नैवेद्य (प्रसाद) एकत्रित करें। अभिषेक व मंत्र: भगवान श्री विष्णु जी को पंचामृत से स्नान कराएं। पूजन के समय इस मंत्र का मनपूर्वक उच्चारण करें: एकादश्यां निराहार: स्थित्वाहमपरेअहनि, भोक्ष्यामि पुण्डरीकाक्ष शरणं मे भवाच्युत दिनचर्या: पूरा दिन उपवास रखें (केवल एक समय फलाहार ले सकते हैं) और ज्यादा से ज्यादा समय श्रीहरि की भक्ति में बिताएं। रात्रि जागरण: रात में सोएं नहीं; भजन-कीर्तन, दीपदान, विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करते हुए जागरण करें। द्वादशी तिथि (अगले दिन): दूध से अभिषेक: सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु का केवल दूध से अभिषेक करें और हाथ जोड़कर इस मंत्र का जाप करें: अज्ञानतिमि रान्धस्य व्रतेनानेन केशव, प्रसीद सुमुखो भूत्वा ज्ञानदृष्टिप्रदो भव तर्पण व अर्घ्य: सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और पितृ तर्पण करें। दान-दक्षिणा: ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन करवाएं। उन्हें कपड़े, अनाज और सामर्थ्य अनुसार रुपए-पैसे दान दें। पारण: इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें। ALSO READ: Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? 4. परमा एकादशी व्रत के कड़े नियम (क्या करें, क्या न करें) अन्न का त्याग: एकादशी के दिन भूलकर भी अन्न (चावल, गेहूं आदि) का सेवन न करें। वाणी पर संयम: इस दिन किसी की निंदा या बुराई न करें। किसी का दिल दुखाने वाले कटु (कड़वे) वचन न बोलें। पुण्य कार्य: गाय को चारा-पानी दें, असहाय और गरीब लोगों को भोजन, वस्त्र और अनाज का दान करें। मंदिर में फलों का दान करना भी शुभ होता है। महादान का फल: इस दिन स्वर्ण, विद्या, अन्न, भूमि और गौदान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। 5. विशेष परंपरा: पंचरात्रि उपवास परमा एकादशी पर कुछ श्रद्धालु बेहद कठिन 'पंचरात्रि उपवास' रखते हैं: यह उपवास एकादशी तिथि से शुरू होकर अमावस्या तिथि तक (5 दिनों तक) चलता है। इसमें रात के समय जल का पूर्ण त्याग कर दिया जाता है। उपवास के दौरान केवल भगवान का चरणामृत ही ग्रहण किया जाता है। इस पंचरात्र व्रत का पुण्य लाभ असीमित माना गया है।
इंदौर ने अपने चैंपियंस को किया सलाम: कार्तिक जोशी और प्रीति खंडेलवाल का भव्य सम्मान
Academy of Indore Marathoners (AIM) द्वारा सोमवार प्रातः राजबाड़ा पर शहर के दो गौरवशाली खिलाड़ियों, अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी एवं मध्यप्रदेश की प्रथम महिला आयरनमैन प्रीति खंडेलवाल का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 रनर्स एवं साइक्लिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर दोनों खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल ने बताया कि इंदौर के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों का सम्मान करना पूरे शहर का दायित्व है, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर माननीय श्री पुष्यमित्र भार्गव ने दोनों खिलाड़ियों का पुष्पहार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी ने कार्तिक जोशी की कारगिल से कन्याकुमारी तक की ऐतिहासिक रनिंग यात्रा की सराहना करते हुए उनके उत्साहवर्धन हेतु 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कार्तिक जैसे खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनकी उपलब्धियां पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। वहीं उन्होंने प्रीति खंडेलवाल को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि उन्होंने आयरनमैन जैसी विश्व की सबसे कठिन खेल प्रतियोगिताओं में से एक को पूर्ण कर यह सिद्ध किया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां प्राप्त कर सकती हैं। उनकी सफलता प्रदेश की हजारों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी। कार्यक्रम के दौरान एकेडमी के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया जाए, जो योग्य खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति (Scholarship), प्रशिक्षण सहायता एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करे। सम्मान समारोह में कार्तिक जोशी एवं प्रीति खंडेलवाल ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्तिक जोशी ने अपनी लंबी एवं चुनौतीपूर्ण रनिंग यात्रा के अनुभव बताते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं प्रीति खंडेलवाल ने आयरनमैन प्रतियोगिता की तैयारी, संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। सम्मान समारोह के पश्चात सभी रनर्स एवं साइक्लिस्टों ने दोनों खिलाड़ियों के सम्मान में राजबाड़ा से दशहरा मैदान तक रन एवं साइक्लिंग रैली आयोजित की। सैकड़ों प्रतिभागियों ने कार्तिक जोशी के साथ दौड़ लगाकर उनके प्रति अपना सम्मान एवं समर्थन व्यक्त किया। पूरे मार्ग में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा खेलों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन Academy of Indore Marathoners के श्री विशाल मुदगल ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि इंदौर अपने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करना जानता है और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर है।
LIVE: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई
Latest News Today Live Updates in Hindi : भाजपा से मोहभंग की खबरों के बीच तमिलनाडु भाजपा के दिग्गज नेता अन्नामलाई आज दिल्ली में है। यहां वे पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई दिग्गजों से मुलाकात कर रहे हैं। पल पल की जानकारी...
बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपना ध्यान कैसे रखें? WHO ने जारी किए नए स्व-सहायता दिशानिर्देश
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए नई गाइड जारी की है। जानिए डिप्रेशन, चिंता और तनाव से निपटने के स्व-सहायता उपाय
सिरोही:वार्ड पंचों ने दिया तीन बच्चों के सबूत, प्रशासन पर बिना जांच प्रशासक बनाने के आरोप
सबगुरु न्यूज- सिरोही। आबूरोड पंचायत समिति की किवरली पंचायत में चुने हुए जनप्रतिनिधियों और लोगों में आक्रोश है। वो इस बात का कि उनकी पंचायत समिति के अनुसूचित जनजाति के प्रशासक को प्रशासन ने कथित मामूली अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया है, उनकी जगह उस निवर्तमान जनप्रतिनिधि को प्रशासक नियुक्त कर दिया जिसके खिलाफ […] The post सिरोही:वार्ड पंचों ने दिया तीन बच्चों के सबूत, प्रशासन पर बिना जांच प्रशासक बनाने के आरोप appeared first on Sabguru News .
इतना गर्म कैसे हो गया यूपी का बांदा जिला?
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर बुंदेलखंड के बांदा जिले में इस साल गर्मी में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक पहुंच गया। पिछले कई दिनों तक यहां का तापमान 47-48 डिग्री ही बना रहा। तापमान के असर के चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों में दोपहर में ...

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