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ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमरीका, ट्रंप प्रशासन इजराइल में तैनात करेगा अतिरिक्त फ्यूल टैंकर विमान

वाशिंगटन/येरूशलेम। अमरीका ने ईरान के खिलाफ अभियान के संभावित विस्तार से पहले इजराइल को देश में कई और अमरीकी ईंधन भरने वाले विमान तैनात करने की अपनी योजना की सूचना दी है और इजराइली अधिकारियों के अनुसार यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंगलवार को सिचुएशन रूम की बैठक के बाद व्यापक सैन्य अभियान […] The post ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमरीका, ट्रंप प्रशासन इजराइल में तैनात करेगा अतिरिक्त फ्यूल टैंकर विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:34 pm

सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल

नई दिल्ली। बीस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उनके शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और पोटेशियम की कमी के लक्षण पाए। उन्होंने नस के जरिए (आईवी) तरल, ओआरएस जैसे पेय तथा अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। […] The post सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:28 pm

जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर

हिन्दू जनजागृति समिति एवं सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की मांग नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में नीट (NEET) मुद्दे को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के मंच से खुलेआम सनातन धर्म का अपमान और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरुद्ध […] The post जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:11 pm

भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज

भिण्ड। मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति पर सोशल मीडिया पर उसके अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर बदनाम करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी पति लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। विरोध करने पर उसने जान […] The post भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:04 pm

बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के बागी नेताओं को बड़ा प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जिम्मेदार ठहराकर तृणमूल छोड़ने वाले सांसद और विधायक पार्टी में वापस लौट आते हैं तो वे एक घंटे के भीतर पार्टी के सभी पदों से […] The post बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:59 pm

बागेश्वर में स्कूल के प्रधानाचार्य की हत्या में प्रशासनिक अधिकारी अरेस्ट

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर में शनिवार को स्कूल के प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की हत्या के आरोप में पुलिस ने विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के अनुसार दिल दहला देने वाली यह घटना आज सुबह हुई। उन्होंने बताया कि जीआईसी भटखोला के समीप विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी नवल […] The post बागेश्वर में स्कूल के प्रधानाचार्य की हत्या में प्रशासनिक अधिकारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:54 pm

भिवाड़ी में एटीएम कार्ड बदलकर 73 हजार की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रुपए उड़ाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय ने शनिवार को बताया कि आरोपी करीब दो वर्ष से फरार था। पुलिस ने उसे हरियाणा के पलवल जिले से […] The post भिवाड़ी में एटीएम कार्ड बदलकर 73 हजार की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:43 pm

सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही भाजपा में पिछले चैबीस घंटों से ये चर्चा गर्म है कि यहां के दो नेता एक दूसरे का नीचा दिखाने और पटखनी देने के लिए हर स्तर पर आ चुके हैं। वर्चस्व की ये लडाई अब पिण्डवाडा विधानसभा क्षेत्र में चरम पर पहुंच चुकी है। सिरोही विधानसभा में भी ये खींचतान है। […] The post सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:25 pm

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद

अलवर। राजस्थान में अलवर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने चुनावी रंजिश को लेकर की गई हत्या के नौ आरोपियों को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत भंडारी ने अभियुक्त भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन […] The post भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:25 pm

देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)। देश के पहले निजी तौर पर विकसित आर्बिटल क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने शनिवार को यहां से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और अपनी लक्षित कक्षा तक पहुंचने में सफल रहा। इस उड़ान को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हैदराबाद स्थित ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा विकसित […] The post देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’ अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:19 pm

वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान

नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह हिरासत में लेना तानाशाही है जिसका विरोध ज़रूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म […] The post वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:14 pm

सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे

नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनशन पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया। दीपके ने सोशल मीडिया मंच […] The post सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:08 pm

सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से शनिवार सुबह हटा कर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। वांगचुक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक होने से रोकने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के […] The post सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:02 pm

अस्पताल से घर लौटे राजेश शर्मा, जहरीले कीड़े के काटने के बाद हो गए थे गंभीर बीमार

बॉलीवुड एक्टर राजेश शर्मा के फैंस के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। हैदराबाद में एक आगामी फिल्म की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए राजेश शर्मा को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह कोलकाता के अस्पताल से रिलीज होकर अब मुंबई स्थित अपने आवास पर लौट आए हैं, जहां उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुआ था हादसा यह पूरी घटना इस महीने की शुरुआत में हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी की है। राजेश शर्मा वहां साउथ सुपरस्टार प्रभास की मुख्य भूमिका वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'फौजी' की शूटिंग के लिए पहुंचे हुए थे। सेट पर काम करने के दौरान ही वह उन्हें एक जहरीले कीड़े ने काट लिया, जिसने बाद में गंभीर रूप से मेडिकल जटिलता का रूप ले लिया। ALSO READ: सनी देओल की 'बंटवारा 1947' का नया टीजर रिलीज, पार्टिशन की दर्दनाक कहानी करेगी रोंगटे खड़े सह-कलाकारों और फिल्म क्रू से मिली जानकारी के अनुसार, शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा सेट के पास ही घने पेड़-पौधों और वनस्पतियों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात कीड़े ने उनके पैर पर काट लिया। शुरुआत में यह एक सामान्य और मामूली बात लगी, जिसके कारण अभिनेता ने इस पर तुरंत विशेष ध्यान नहीं दिया और कोई तत्काल प्राथमिक चिकित्सा या मेडिकल अटेंशन नहीं ली। वह अपनी निर्धारित फ्लाइट पकड़कर कोलकाता के लिए रवाना हो गए। फ्लाइट के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत, पैर में असहनीय दर्द और तेज बुखार हैदराबाद से कोलकाता पहुंचने के कुछ ही समय बाद, संक्रमण ने गंभीर रूप ले लिया। राजेश शर्मा के दाहिने पैर में अचानक असहनीय और तेज दर्द शुरू हो गया। इसके साथ ही उन्हें बहुत तेज बुखार आ गया और वे अत्यधिक बेचैनी महसूस करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बिना समय गंवाए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, कीड़े के काटने के बाद समय पर इलाज न मिलने के कारण संक्रमण अंदरूनी परतों तक फैल गया था, जिससे शरीर में तेज प्रतिक्रिया हुई। हालांकि, कुछ दिनों के गहन उपचार और एंटीबायोटिक दवाओं के असर के बाद उनकी सेहत में सुधार दिखने लगा। FWICE अध्यक्ष ने की डिस्चार्ज की पुष्टि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने राजेश शर्मा के स्वास्थ्य का अपडेट दिया। उन्होंने कहा, राजेश शर्मा जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह वर्तमान में मुंबई में अपने आवास पर आराम कर रहे हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। वह पूरी तरह से काम पर लौटने के लिए उत्सुक हैं और आने वाले दिनों में एक बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 5:19 pm

Weekly Horoscope: 20 से 26 जुलाई 2026 का राशिफल: जानें नौकरी, व्यापार, प्रेम और स्वास्थ्य का साप्ताहिक हाल

July 2026 Horoscope for All Zodiac Signs: जुलाई 2026 का यह सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से कई राशियों के लिए नए अवसर और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु और शनि की ग्रह स्थिति का प्रभाव करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर देखने को मिलेगा। यदि आप जानना चाहते हैं कि 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच आपकी राशि के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं और किन उपायों से आप अपने सप्ताह को बेहतर बना सकते हैं, तो पढ़ें सभी सभर 12 राशियों का विस्तृत साप्ताहिक राशिफल। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक साप्ताहिक राशिफल (20 जुलाई से 26 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं और सप्ताह की शुरुआत में धन लाभ की खुशी मिल सकती है। परिवार में संपत्ति से जुड़ा कोई मामला विवाद का रूप ले सकता है, इसलिए जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें। यह सप्ताह आपको धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने की सलाह देता है। शांत रहकर लिए गए निर्णय मुश्किल परिस्थितियों को भी आपके पक्ष में कर सकते हैं। किसी सहकर्मी के साथ हुई बातचीत भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी संकेत दे सकती है। भावनाओं को मन में दबाने के बजाय अपनों से खुलकर बात करना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में जल्दबाजी से बचें और नए रिश्ते में कदम रखने से पहले खुद को समय दें। विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों को आर्थिक पक्ष पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ब्लू वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) आप लंबे समय से रुके हुए कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। समय और प्राथमिकताओं का सही प्रबंधन आपको कम समय में बेहतर परिणाम देगा। नए लोगों से संपर्क बढ़ाना लाभदायक रहेगा, क्योंकि कुछ नई पहचानें भविष्य के अवसरों का द्वार खोल सकती हैं। आर्थिक रूप से यह समय स्थिरता और प्रगति का संकेत दे रहा है। किसी विशेषज्ञ या प्रशिक्षक का मार्गदर्शन आपकी फिटनेस यात्रा को नई दिशा देगा। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत और रोमांटिक यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार में कोई उत्सव या मिलन समारोह घर के माहौल को खुशियों से भर देगा। नए लोगों से बातचीत के लिए खुले रहें, क्योंकि साधारण-सी शुरुआत भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: व्हाइट मिथुन (21 मई – 21 जून) कार्यक्षेत्र में फिलहाल वेतन वृद्धि या पदोन्नति के लिए दबाव बनाने का समय नहीं है; धैर्य रखें और खुद को बेहतर ढंग से तैयार करें। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। बिना सोचे-समझे किया गया निवेश नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरों की सलाह उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल के बाद ही लें। परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने के प्रयास रिश्तों को और मजबूत बनाएंगे। जीवनसाथी या प्रियजन के साथ दिल की बात करने से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। प्रियजनों के साथ किसी धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। अपने शौक और रुचियों को समय देना मानसिक ताजगी बनाए रखेगा। संपत्ति और दस्तावेजों से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड संभालकर रखें। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: स्काई ब्लू कर्क (22 जून – 22 जुलाई) परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आती दिखाई देंगी और जीवन में नई गति का अनुभव होगा। ऊर्जा और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता आपको आगे रखेगी। आर्थिक रूप से यह समय किसी सोच-समझकर किए गए निवेश के लिए अच्छा माना जा सकता है। व्यापार से जुड़े लोग यदि अपने काम का विस्तार करने में सफल होते हैं तो उनकी पहचान और मजबूत हो सकती है। पारिवारिक जीवन में रिश्तों में स्थिरता आएगी और आप परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे। प्रेम संबंधों में साथी का सहयोग और भरोसा आपको सुकून देगा। किराए या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समझौते के योग हैं। हालांकि, यात्रा योजनाओं में देरी या थकान महसूस हो सकती है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: इलेक्ट्रिक ग्रे सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) यह सप्ताह आपके लिए नई उपलब्धियों और रुके हुए कार्यों में सफलता का संकेत दे रहा है। व्यापार का विस्तार करने की सोच रहे लोगों को नई और प्रभावी रणनीतियां मिल सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना एक कदम आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन आपकी समझदारी आपको दूसरों से आगे रखेगी। आपकी रचनात्मक सोच उन समस्याओं का समाधान निकाल सकती है जिन्हें दूसरे असंभव मानते हैं। यात्रा रोमांचक साबित हो सकती है और कुछ लोगों के जीवन में कोई खास व्यक्ति भी प्रवेश कर सकता है। खान-पान और जीवनशैली में सुधार से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। सामाजिक या धार्मिक कार्यों में योगदान देने की इच्छा भी बढ़ सकती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यक्षेत्र में देर तक काम करना पड़ सकता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करने से बचें। अल्पकालिक निवेश योजनाएं सही चुनाव करने पर लाभ दे सकती हैं। प्रेम जीवन में गर्मजोशी और अपनापन बढ़ेगा तथा साथी का व्यवहार अधिक सकारात्मक रहेगा। नियमित व्यायाम आपको ऊर्जावान और एकाग्र बनाए रखेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और नए स्नातकों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पेशेवर जीवन में अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका मिल सकता है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी विश्वसनीयता और सादगी लोगों का दिल जीत लेगी। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) इस सप्ताह बदलाव आपके जीवन में दस्तक दे सकते हैं और उन्हें खुले मन से स्वीकार करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा और आप अपने बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। घर से काम करने वालों के कार्यस्थल या दिनचर्या में बदलाव आ सकता है। पुराने निवेश अच्छे परिणाम देने लगेंगे, जिससे आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में बड़ों के प्रति सम्मान और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। किसी पारिवारिक समारोह या सामाजिक कार्यक्रम में किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, लेकिन रिश्ते को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा। लंबी कार्य यात्राएं थकाने वाली हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े निर्णय जल्दबाजी में न लें। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: रेड वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) कार्यस्थल का माहौल बेहतर बनाने के आपके प्रयास उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे। कोई नया कौशल सीखना या अनुभवी लोगों के साथ समय बिताना करियर के लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक रूप से आप लंबे समय से चाही गई किसी चीज पर खर्च करने का मन बना सकते हैं। नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान का सकारात्मक असर स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा या घूमने का कार्यक्रम रिश्तों को और मजबूत बनाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति की संभावना है। कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरा सप्ताह संतोषजनक रहेगा। कोई प्रेरणादायक व्यक्ति आपके जीवन में आकर आपको बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित कर सकता है। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ऑरेंज धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) आपके संपर्क और पहचान आपको सही लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। प्रेम की तलाश कर रहे लोगों की मुलाकात किसी दिलचस्प व्यक्ति से हो सकती है, जबकि प्रेम संबंधों में जुड़े लोग भावनात्मक रूप से खूबसूरत पल बिताएंगे। परिवार में आपका सरल और स्नेहपूर्ण व्यवहार पुराने मतभेदों को दूर करने में मदद करेगा। कार्यक्षेत्र में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत भविष्य की सुरक्षा और सफलता को मजबूत कर सकती है। जीवनसाथी के साथ आर्थिक मामलों पर चर्चा करने से बचत और खर्चों में संतुलन आएगा। स्वास्थ्य के लिए अपनाई गई नई दिनचर्या अच्छे परिणाम देगी। यह ऐसा समय है जब सकारात्मक सोच और सक्रिय प्रयास सफलता को आपके करीब ला सकते हैं। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: डार्क ब्लू मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपको अपने शरीर की जरूरतों को समझने और खुद को थोड़ा आराम देने की सलाह देता है। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने के बजाय संतुलन बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक प्रगति धीरे-धीरे होगी, लेकिन भविष्य की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर या लंबित योजनाओं को मंजूरी मिल सकती है। लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते किसी गंभीर और स्थायी प्रतिबद्धता की ओर बढ़ सकते हैं। कुछ लोगों के लिए विवाह से जुड़ी चर्चाएं तेज हो सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना भी साकार होने के संकेत दे रही है। वर्तमान परेशानियों के बजाय नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना इस सप्ताह आपको बेहतर परिणाम देगा। शुभ अंक: 15 | शुभ रंग: रेड कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) आपकी रचनात्मकता पूरे शिखर पर रहेगी और नए विचारों के साथ प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में निरंतरता और खुले विचार आपको सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसे किसी समझौते से बचना चाहिए जो भविष्य में बोझ बन जाए। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। संतान की योजना बना रहे दंपतियों को शुभ संकेत मिल सकते हैं। अकेले की गई यात्रा आपके लिए सुकूनभरी साबित होगी और किसी यादगार मुलाकात का कारण भी बन सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। परिवार में समझदारी और लचीला व्यवहार रिश्तों को मधुर बनाए रखेगा। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) आप स्वयं को ऊर्जावान, मानसिक रूप से सजग और नए कार्यों के लिए उत्साहित महसूस करेंगे। आपका उत्साह आसपास के लोगों को भी प्रेरित करेगा। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय परिवार की सलाह को महत्व देना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण परियोजना अतिरिक्त समय और मेहनत मांग सकती है, लेकिन इससे आपकी प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आपकी अंतःप्रेरणा सही दिशा दिखाएगी और आपको समझदारी भरे निर्णय लेने में मदद करेगी। लंबे समय से रिश्ते में जुड़े लोगों को विवाह की मंजूरी या आशीर्वाद मिल सकता है। व्यापारिक यात्राएं नए संपर्क और अवसर प्रदान करेंगी। नई संपत्ति खरीदने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। ALSO READ: Weekly Horoscope 20 to 26 July: साप्ताहिक अंक राशिफल: जानें किन मूलांक वालों पर रहेगी किस्मत मेहरबान शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: मैजेंटा

वेब दुनिया 18 Jul 2026 4:50 pm

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की छठवीं देवी मां छिन्नमस्ता, जानिए पूजा विधि

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के छठे दिन/ षष्ठी तिथि की अधिष्ठात्री देवी मां छिन्नमस्ता हैं, जो दस महाविद्याओं में पांचवें स्थान पर आती हैं। मां छिन्नमस्ता का स्वरूप अत्यंत अलौकिक, विस्मयकारी और तीव्र माना गया है। 'छिन्नमस्ता' का शाब्दिक अर्थ है 'कटे हुए सिर वाली'। भले ही इनका स्वरूप पहली नजर में भयभीत करने वाला लगता हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से वे पूर्णतः ममतामयी हैं और अपने भक्तों के अहंकार, मोह-माया और अज्ञान का नाश कर उन्हें परम ज्ञान की ओर ले जाती हैं। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? आइए जानते हैं मां छिन्नमस्ता का स्वरूप, उनकी गुप्त पूजा विधि और महत्व: मां छिन्नमस्ता का दिव्य स्वरूप मां छिन्नमस्ता की छवि अत्यंत रहस्यमयी है। वे अपने बाएं हाथ में अपना ही कटा हुआ सिर धारण किए हुए हैं और दाएं हाथ में खड्ग (तलवार) लिए हुए हैं। उनके कटे हुए गले से रक्त की तीन धाराएं निकलती हैं। पहली और दूसरी धारा: उनके साथ खड़ी उनकी दो सहचरियां—'डाकिनी' और 'शाकिनी' पीती हैं। तीसरी धारा: स्वयं देवी का कटा हुआ सिर (मुख) ग्रहण करता है। उनका यह रूप यह संदेश देता है कि जीवन में अहंकार का त्याग कर आत्मज्ञान की ओर बढ़ना ही वास्तविक साधना है। मां छिन्नमस्ता दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या हैं और त्याग, आत्मबल, वैराग्य, आत्मसंयम तथा आध्यात्मिक जागरण की प्रतीक मानी जाती हैं। माता कामदेव और रति के ऊपर खड़ी हैं, जो ब्रह्मांड की सृजनात्मक ऊर्जा और इच्छाओं पर नियंत्रण का प्रतीक है। इनका यह स्वरूप दर्शाता है कि संसार में सृजन और विनाश दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद साधना का महत्व: मां छिन्नमस्ता की साधना से व्यक्ति के जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी रुकावटें, कर्ज की समस्या और अदालती विवाद तुरंत समाप्त हो जाते हैं। आध्यात्मिक साधकों के लिए यह साधना रीढ़ की हड्डी में स्थित 'कुंडलिनी शक्ति' को जाग्रत करने और विशेष रूप से 'आज्ञा चक्र' को सक्रिय करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। षष्ठी तिथि की विशेष पूजा विधि मां छिन्नमस्ता की पूजा भी गुप्त नवरात्रि की अन्य देवियों की तरह आधी रात्रि में करना सर्वोत्तम माना जाता है। गृहस्थ साधक इसे सुबह के समय सात्विक भाव से कर सकते हैं : 1. स्नान करके नीले या गहरे रंग के वस्त्र धारण करें। यदि उपलब्ध न हो, तो लाल वस्त्र भी पहन सकते हैं। पूजा स्थान पर बैठकर आचमन करें और हाथ में जल लेकर मां छिन्नमस्ता की पूजा का संकल्प लें। 2. लकड़ी की चौकी पर काले या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। उस पर मां छिन्नमस्ता का चित्र या 'छिन्नमस्ता यंत्र' स्थापित करें। माता के सम्मुख सरसों के तेल या घी का दीपक और धूप जलाएं। 3. माता को कुमकुम, अक्षत और नीले या लाल रंग के फूल, जैसे- विशेष रूप से गुड़हल या अपराजिता के फूल अर्पित करें। इत्र और लौंग का जोड़ा अर्पित करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। 4. रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार या एक माला माता के इस विशेष भयनाशक और शक्ति प्रदायक मंत्र- 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा॥' का जाप करें। 5. मंत्र जाप के बाद माता की आरती करें। पूजा के अंत में हाथ जोड़कर अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और जीवन के सारे कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें। 6. मां छिन्नमस्ता को भोग में उड़द की दाल की पिठ्ठी से बने पकवान, इमरती, या कोई भी लाल रंग की मिठाई अर्पित की जाती है तथा अनार या मौसमी फल भी चढ़ाएं जाते हैं। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर मां छिन्नमस्ता की विधिपूर्वक पूजा करने से भय, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति दूर होती है। साथ ही साधक को आत्मविश्वास, साहस और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की पंचमी की देवी मां त्रिपुर भैरवी, जानिए पूजा विधि

वेब दुनिया 18 Jul 2026 4:48 pm

संभावना सेठ ने दिखाईं जुड़वां बच्चों की पहली झलक, अनोखे नामों का किया खुलासा

मशहूर अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी के घर आखिरकार वो खुशियां आ ही गईं, जिसका उन्हें पिछले एक दशक से इंतजार था। इस स्टार कपल ने आधिकारिक तौर पर अपने जुड़वां बच्चों को दुनिया से रूबरू करा दिया है। संभावना और अविनाश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बच्चों के बेहद अनोखे और खूबसूरत नामों का खुलासा किया है, जिसके बाद से ही फैंस और सेलिब्रिटीज उन्हें लगातार बधाइयाँ दे रहे हैं। संभावना सेठ ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक कई प्यारी पारिवारिक तस्वीरें साझा की हैं। A post shared by Sambhavna Seth (@sambhavnasethofficial) ये तस्वीरें उनके घर पर आयोजित हुए एक छोटे और निजी नामकरण समारोह की लग रही हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए संभावना ने कैप्शन में लिखा, 'मिलिए हमारे बेटे 'युगार्थ' (YUGAARTH) और बेटी 'ध्वजाह' (DHWAJAH) से।' ALSO READ: 'सैयारा' की पहली सालगिरह पर वेम्बली स्टेडियम में लॉन्च हुआ कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी सामने आई तस्वीरों में संभावना और अविनाश का पारंपरिक लुक फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। संभावना जहां लाल रंग की कुर्ती में बेहद खूबसूरत लग रही हैं, वहीं अविनाश नीले रंग के कुर्ते में नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में दोनों अपने नवजात बच्चों को गोद में लिए हुए प्यार से निहारते और कैमरे के सामने मुस्कुराते दिख रहे हैं। हालांकि, कपल ने प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए अभी बच्चों के चेहरे इमोजी से छिपाकर रखे हैं। सरोगेसी के जरिए हुआ बच्चों का जन्म बता दें कि संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने 4 जून 2026 को सरोगेसी के माध्यम से अपने इन जुड़वां बच्चों का दुनिया में स्वागत किया था। इन नन्हे मेहमानों के आने से कपल के जीवन का सबसे लंबा और भावुक सफर एक खूबसूरत मोड़ पर पहुंच गया है। बच्चों के जन्म के बाद से ही संभावना के घर में जश्न का माहौल है और अब नामकरण की रस्म भी पूरी हो चुकी है। संभावना और अविनाश के लिए माता-पिता बनने का यह सफर आसान नहीं था। यह खुशियां उनके जीवन में सालों के दर्द, असफलताओं और आंसुओं के बाद आई हैं। संभावना ने अपने यूट्यूब व्लॉग्स के जरिए अपनी इस पूरी जर्नी को फैंस के साथ खुलकर शेयर किया था। शादी के 10 सालों के दौरान कपल ने माता-पिता बनने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने कई बार आईवीएफ ट्रीटमेंट का सहारा लिया, जो हर बार असफल रहा। इस दौरान संभावना को कई बार दर्दनाक मिसकैरेज का सामना भी करना पड़ा। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद भी इस कपल ने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार सरोगेसी के जरिए उनका माता-पिता बनने का सपना सच हो गया।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 3:30 pm

श्री ताप्ती जयंती 2026: कब है, जानें पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां ताप्ती जयंती (ताप्ती जन्मोत्सव) अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। सूर्यपुत्री मां ताप्ती देश की प्रमुख और पवित्र नदियों में से एक हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में बहुत अधिक है। वर्ष 2026 में मां ताप्ती जयंती की तिथि, पूजा मुहूर्त और इसके महत्व की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है। श्री ताप्ती जयंती 2026 तिथि व मुहूर्त साल 2026 में आषाढ़ शुक्ल सप्तमी तिथि 20 जुलाई 2026, सोमवार को पड़ रही है। उदय तिथि के अनुसार इस दिन ताप्ती जयंती का उत्सव मनाया जाएगा। सप्तमी तिथि का आरंभ: 20 जुलाई 2026 को तड़के सुबह 03:30 बजे से सप्तमी तिथि का समापन: 21 जुलाई 2026 को सुबह 04:03 बजे तक पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त: सूर्योदय से लेकर दोपहर तक (इस दिन सोमवार होने के कारण शिव परिवार के साथ मां ताप्ती की पूजा का विशेष फल मिलेगा)। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 से 01:11 तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:17 से 07:39 तक। मां ताप्ती का पौराणिक महत्व (जन्म कथा) धार्मिक पुराणों (विशेषकर स्कंद पुराण और महाभारत) के अनुसार, मां ताप्ती को भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की सगी बहन माना गया है। जन्म की कथा: सूर्य देव का तेज (गर्मी) इतना प्रचंड था कि पृथ्वी और देवलोक उसे सहन नहीं कर पा रहे थे। स्वयं सूर्य देव को भी अपने ताप को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही थी। तब उन्होंने अपने शरीर के तीव्र ताप (गर्मी) को शांत करने के लिए उसे एक जलधारा के रूप में धरती पर प्रवाहित कर दिया। सूर्य के इसी 'ताप' से उत्पन्न होने के कारण इनका नाम 'ताप्ती' या 'तापी' पड़ा। सूर्य की पुत्री और शनि की बहन होने के कारण इन्हें अत्यंत कल्याणकारी और पापों का नाश करने वाली नदी माना जाता है। ताप्ती जयंती पर पूजा का महत्व शनि दोष और सूर्य दोष से मुक्ति: चूंकि ताप्ती जी शनि देव की बहन और सूर्य देव की पुत्री हैं, इसलिए ताप्ती जयंती के दिन इनके जल में स्नान करने या इनकी पूजा करने से कुंडली के शनि दोष (साढ़ेसाती, ढैय्या) और सूर्य जनित दोषों का प्रभाव शांत होता है। पापों से मुक्ति: मान्यताओं के अनुसार, गंगा नदी में स्नान करने से, नर्मदा जी के दर्शन मात्र से और ताप्ती नदी का स्मरण या नाम लेने मात्र से मनुष्य के कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। गौ हत्या जैसे महापाप से मुक्ति: पौराणिक कथाओं में उल्लेख है कि मां ताप्ती के पावन जल में स्नान करने से अनजाने में हुए बड़े से बड़े पापों का भी प्रायश्चित हो जाता है। पितृ तर्पण के लिए फलदायी: इस दिन ताप्ती नदी के तट पर पिंडदान और पितृ तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूजा विधि (घर पर या नदी तट पर कैसे करें पूजा?) यदि आप ताप्ती नदी (बैतूल के मुलताई, बुरहानपुर या सूरत) के तट पर जा सकते हैं, तो वहाँ स्नान-दान करें। यदि ऐसा संभव न हो, तो घर पर ही इस विधि से पूजा करें: स्नान: सुबह उठकर अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या ताप्ती जल (यदि उपलब्ध हो) मिलाकर स्नान करें। संकल्प व अर्घ्य: ताप्ती माता का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। पूजन: मां ताप्ती की कपूर, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल) और पीले फूलों से पूजा करें। उन्हें चुनरी अर्पित करें। भोग: मां को मौसमी फल और खीर या हलवे का भोग लगाएं। आरती व दीपदान: शाम के समय मां ताप्ती की आरती करें और घर के मुख्य द्वार या किसी पवित्र स्थान (जैसे तुलसी जी के पास) दीपदान करें। नदी तट पर रहने वाले लोग इस दिन नदी में तैरते हुए दीए प्रवाहित करते हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 3:16 pm

तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है। सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे। मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।” BIG BLOW FOR INDIA - Washington Sundar ruled out of the 3rd ODI Match Vs England. (ESPNcricinfo). pic.twitter.com/hhWn4rLD42 — Tanuj (@ImTanujSingh) July 17, 2026 एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं। अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।” कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 3:06 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या सोनम वांगचुक को जबरन खाना खिलाना गैरकानूनी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और एक्सपर्ट्स से समझिए; अब आंदोलन का क्या होगा

जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठा ले गई। अभिजीत दीपके ने कहा- ‘पुलिस ने सोनम सर को गालियां दीं और घसीटकर जबरन ले गए।’ नई दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल पहुंची वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि हमारी सहमति के बिना उन्हें न तो जबरन मुंह से कुछ खिलाया जाए और न ही नस के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए। क्या बिना मर्जी सोनम वांगचुक को कुछ भी खिलाना गैरकानूनी है और इतने दिन बिना खाए उनके शरीर के भीतर क्या-क्या हुआ होगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या सरकार जबरन सोनम का अनशन तुड़वा सकती है?जवाब: भूख-हड़ताल भी अभिव्यक्ति यानी अपनी बात कहने का तरीका है। आर्टिकल 19 के तहत ये एक मूल अधिकार है। यानी सरकार किसी को भूख-हड़ताल करने से रोक नहीं सकती। वहीं, आर्टिकल 21 से जीवन का अधिकार मिलता है और सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह किसी व्यक्ति की जान को बचाए रखे। इसीलिए भारत में आत्महत्या करना या इसके लिए किसी को उकसाना अपराध है। इन दो कानूनों से जुड़ा एक रोचक मामला मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला का है, जो 2000 से 2016 तक 16 साल भूख हड़ताल पर रही थीं। उन्हें अनशन के तीसरे दिन ही आत्महत्या के प्रयास के आरोप में IPC की धारा 309 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और 16 साल तक सरकारी अस्पताल में रखकर जबरन फीडिंग ट्यूब से खाना दिया गया। हालांकि 2021 में मद्रास हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में कहा कि भूख-हड़ताल के चलते किसी को आत्महत्या के प्रयास में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। सोनम वांगचुक का केस भी इन्हीं दो मूल अधिकारों के बीच झूल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सोनम पर इरोम चानू की तरह आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार आर्टिकल 21 का हवाला देकर उनका अनशन तुड़वा सकती है। उनकी जान बचाने के लिए फीडिंग ट्यूब से तरल खाना या फिर नसों से जरूरी फ्लूइड दिया जा सकता है। ये गैरकानूनी नहीं होगा। सोनम का अनशन तुड़वाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था, 'डॉक्टरों से उनकी नियमित जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। क्योंकि हर नागरिक की जान कीमती है।’ हालांकि भूख हड़ताल को लेकर 1991 में वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन की ‘माल्टा घोषणा’ के मुताबिक, कोई मानसिक रूप से सक्षम व्यक्ति, यानी जो होश में हो, उसकी दिमागी स्थिति ठीक हो, उसे उसकी मर्जी के बिना खाना खिलाना नैतिक रूप से गलत है। इसे अमानवीय तथा अपमानजनक व्यवहार माना गया है। सवाल-2: जबरन अनशन तुड़वाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख रहा है?जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में साफ तौर पर कहा है कि अनशन तोड़ने के लिए तब तक मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक ये उनकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी न हो। दरअसल, 26 नवंबर 2024 से 70 साल के किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ 20 दिन भूख हड़ताल की। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसी मामले में कहा था, ‘भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, ये तय करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य और जिम्मेदारी है।’ कोर्ट ने कहा कि केंद्र और पंजाब की राज्य सरकार को उनकी उम्र, बीमारी पर ध्यान देना चाहिए। उनका कर्तव्य है कि वे जगजीत को तत्काल मेडिकल एड देने के लिए सभी जरूरी कोशिश करें। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा, ‘उन्हें अनशन तोड़ने के लिए तब तक मजबूर न किया जाए, जब तक ये उनकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी न हो।’ 6 अप्रैल 2025 को 133 दिन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की अपील के बाद जगजीत ने अपना अनशन तोड़ दिया था। 2011 में बाबा रामदेव की अनशन की कोशिश पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार को अनशन करने वालों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण नजरिया नहीं रखना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सरकार अभिव्यक्ति के अधिकार को तब तक रोक नहीं सकता, जब तक कि सांप्रदायिक समस्या न हो, सामाजिक व्यवस्था न बिगड़े और कोई शांति भंग का कोई खतरा न हो। भूख हड़ताल, विरोध का ऐसा रूप है, जिसे हमारे संविधान में ऐतिहासिक और कानूनी दोनों तरह से स्वीकार किया गया है। इसकी शुरुआत महात्मा गांधी के सत्याग्रह से हुई है। सवाल-3: तो क्या वाकई सोनम वांगचुक की जान को खतरा था?जवाब: भुखमरी से जुड़ी कई रिसर्च 3 जरूरी बातें बताती हैं.. सोनम का वजन अनशन की शुरुआत में 65.9 किलो था, जो 18 जुलाई तक 9.5 किलो घटकर 56.4 हो गया। यानी करीब 15% की गिरावट। उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी नॉर्मल से कम चल रहे थे। उत्तर प्रदेश बेस्ड डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) अजय सिंह कहते हैं कि ये कहना ठीक नहीं होगा कि तत्काल उनकी जान को कोई खतरा था। वे पानी ले रहे थे। हालांकि 20 दिन के अनशन के बाद मेडिकल जांचों और लगातार निगरानी की जरूरत है, क्योंकि उनकी उम्र 59 साल है। वहीं सफदरजंग अस्पताल ने कहा है कि उपवास और डिहाइड्रेशन के चलते सोनम कमजोर हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन सारे पैरामीटर्स को सामान्य करने के लिए उन्हें लगातार निगरानी, चिकित्सकीय देखभाल और इलाज की जरूरत है। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर में न्यूरोलॉजिस्ट और मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. टी.एन दुबे कहते हैं, ‘मेडिकल साइंस में इस बात कि साफ पुष्टि नहीं है कि इंसान कितने दिन तक भूख बर्दाश्त कर सकता है। भूख तब तक जानलेवा नहीं होगी, जब तक कीटोसिस न शुरू हो जाए। एक बार ये प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो माना जाता है कि व्यक्ति कोमा में जा सकता है। दरअसल, बिना खाने के कुछ दिन बाद कीटोसिस की फेज शुरू हो जाती है। इसके बाद चौथी फेज और फिर व्यक्ति की मृत्यु। आखिर भूखे रहने के दौरान हमारे शरीर में होता क्या है, इसके चारों फेज समझते हैं… सवाल-4: अब आगे कॉकरोच पार्टी के आंदोलन और सोनम के अनशन का क्या होगा?जवाबः आगे 3 सिनैरियो बन सकते हैं...1. सोनम अस्पताल से ही अनशन करें 2. कॉकरोच पार्टी का आंदोलन तेज हो सकता है 3. पुलिस प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करवा ले ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: प्रोटेस्ट कॉकरोच पार्टी का, फिर सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर क्यों; क्या सरकार मांगें मानेगी, तबीयत बिगड़ी तो क्या होगा 59 साल के सोनम वांगचुक 17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सिर्फ नमक का पानी ले रहे हैं। 8.5 किलो वजन गिर चुका है। उनके पीछे बैनर कॉकरोच जनता पार्टी का है, जिसकी मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 2:52 pm

'सैयारा' की पहली सालगिरह पर वेम्बली स्टेडियम में लॉन्च हुआ कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी

भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित रोमांटिक फिल्मों में शामिल 'सैयारा' ने अपनी रिलीज के एक साल पूरे होने पर अपने प्रशंसकों को एक बेहद खास तोहफा दिया है। फिल्म की पहली वर्षगांठ के अवसर पर अभिनेता अहान पांडे और अनीत पड्डा ने लंदन के प्रतिष्ठित वेम्बली स्टेडियम में फिल्म के एक्सक्लूसिव कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी का भव्य अनावरण किया। मोहित सूरी के निर्देशन और वाईआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी के निर्माण में बनी 'सैयारा' हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफल प्रेम कहानियों में शामिल हो गई है। फिल्म ने दुनियाभर में 580 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रोमांटिक फिल्मों में अपनी जगह बनाई। फिल्म ने अहान पांडे और अनीत पड्डा को नई पीढ़ी के चर्चित सितारों के रूप में स्थापित किया। ALSO READ: काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की 'द इंडिया स्टोरी' का ट्रेलर रिलीज, सामाजिक मुद्दे पर छिड़ेगी बड़ी बहस फिल्म की पहली सालगिरह के मौके पर वाईआरएफ ने प्रशंसकों के लिए यह खास पहल की। अहान और अनीत, जिन्हें प्रशंसक प्यार से 'अहनीत' कहते हैं, वेम्बली स्टेडियम पहुंचे और फिल्म के कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी को लॉन्च किया। वेम्बली स्टेडियम का फिल्म से खास भावनात्मक जुड़ाव है। A post shared by Yash Raj Films (@yrf) ‘सैयारा’ के यादगार दृश्यों में से एक में कृष कपूर (अहान पांडे) विशाल स्क्रीन पर वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) की आंखों को पहचानकर उसे तलाशता है। फिल्म का भावनात्मक क्लाइमेक्स भी इसी स्टेडियम में आयोजित कॉन्सर्ट के दौरान दोनों किरदारों के पुनर्मिलन के साथ पूरा होता है। दो डिस्क वाले इस कलेक्टर्स एडिशन एलपी में फिल्म का पूरा संगीत सफर शामिल है। पहली डिस्क में फिल्म के नौ गाने हैं, जबकि दूसरी डिस्क में 16 ओरिजिनल बैकग्राउंड स्कोर कंपोजिशन और फिल्म के नौ चर्चित संवाद शामिल किए गए हैं। इसमें कुल 25 ट्रैक हैं, जो दर्शकों को फिल्म के भावनात्मक पलों को दोबारा महसूस करने का मौका देंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस कलेक्टर्स पैक में एक विशेष ‘सैयारा डायरी’, वाणी की नोटबुक से प्रेरित इंक पेन और कृष-वाणी के डिजाइन किए गए बुकमार्क्स भी शामिल हैं। डायरी में अक्षय विधानी, मोहित सूरी, अहान पांडे, अनीत पड्डा समेत फिल्म से जुड़े कलाकारों और संगीतकारों के संदेश शामिल हैं। वाईआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी ने कहा कि ‘सैयारा’ उनके लिए बेहद खास फिल्म है, जिसने रोमांस की उस दुनिया को फिर से जीवंत किया, जिसके लिए वाईआरएफ जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस विनाइल एलपी के जरिए प्रशंसकों को फिल्म के संगीत, संवादों और भावनाओं को दोबारा अनुभव करने का अवसर मिलेगा। निर्देशक मोहित सूरी ने कहा कि संगीत किसी भी प्रेम कहानी की आत्मा होता है। उन्होंने कहा कि ‘सैयारा’ के गीतों ने कृष और वाणी के रिश्ते की गहराई और भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 2:52 pm

अभिजीत दिपके सोनम वांगचुक की जान लेकर ही उसे छोड़ेगा, जस्टिस काटजू की टिप्पणी

सोनम वांगचुक के आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू की विवादित टिप्पणी। पढ़ें अभिजीत डुबके और विपक्षी नेताओं पर उनके आरोपों का पूरा लेख।

हस्तक्षेप 18 Jul 2026 1:30 pm

ग्रीस वेकेशन में मलाइका अरोड़ा का ग्लैमरस अंदाज, समंदर के बीच मिस्ट्री मैन संग दिए पोज

बॉलीवुड की सबसे फिट और ग्लैमरस डीवा मलाइका अरोड़ा एक बार फिर अपनी पर्सनल और वेकेशन लाइफ को लेकर सोशल मीडिया पर छा गई हैं। हाल ही में मलाइका ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर ग्रीस वेकेशन की कुछ बेहद खूबसूरत और हॉट तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में जहां एक तरफ उनके किलर फैशन सेंस और टोंड फिगर की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक रहस्यमयी तस्वीर ने पूरे इंटरनेट का पारा बढ़ा दिया है। इस वायरल तस्वीर में मलाइका समंदर के बीचों-बीच एक 'मिस्ट्री मैन' के साथ बेहद क्लोज पोज देती नजर आ रही हैं, जिसके बाद से ही उनके रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial) ग्रीक समर में मलाइका का ग्लैमरस अवतार अपनी लेटेस्ट पोस्ट में मलाइका अरोड़ा ने ग्रीस के नीले समंदर, मनमोहक सनसेट और वहां के पारंपरिक सफेद घरों की खूबसूरत झलकियां दिखाई हैं। तस्वीरों में मलाइका का स्टाइलिश हॉलिडे लुक हर किसी का ध्यान खींच रहा है। ALSO READ: प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर 'वाराणसी' से 'मंदाकिनी' का धांसू लुक रिलीज, इंटरनेट पर छाए पोस्टर्स एक तस्वीर में वह पारंपरिक ग्रीक विला में आराम फरमाती दिख रही हैं, तो वहीं दूसरी झलकियों में उन्होंने वाइब्रेंट पिंक और रेड कलर की मोनोकिनी पहनी हुई है, जिसमें उनका कॉन्फिडेंस और सिजलिंग अवतार देखते ही बनता है। इसके अलावा, ढलते सूरज की रोशनी के बीच वाइन-रेड कलर की हॉल्टर-नेक मैक्सी ड्रेस में उनका लुक किसी अप्सरा से कम नहीं लग रहा है। मलाइका ने अपनी इन सिजलिंग तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'ग्रीक समर की कुछ खूबसूरत यादें, मेरे सिग्नेचर स्टाइल के साथ।' लेकिन फैंस की निगाहें तो उस आखिरी तस्वीर पर टिक गईं, जिसने सस्पेंस का तगड़ा तड़का लगा दिया है। समंदर के बीचों-बीच 'मिस्ट्री मैन' संग जाम छलकाती आईं नजर सोशल मीडिया पर इस वक्त जिस तस्वीर की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसमें मलाइका अरोड़ा गहरे समंदर के बीच एक अनजान शख्स के साथ खड़ी हैं। दोनों के हाथों में ड्रिंक के ग्लास हैं और दोनों का अंदाज काफी क्लोज नजर आ रहा है। हालांकि, मलाइका ने बेहद चालाकी से इस फोटो को क्लिक किया है, जिसमें उस शख्स का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है और न ही मलाइका ने उसे टैग किया है। A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial) इस सस्पेंस ने फैंस और नेटीजंस को कयास लगाने पर मजबूर कर दिया है। कमेंट सेक्शन में लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि 'आखिर यह मिस्ट्री मैन कौन है?' कई यूजर्स ने तो इस शख्स का संबंध मुंबई के मशहूर डायमंड मर्चेंट हर्ष मेहता से भी जोड़ना शुरू कर दिया है, जिनके साथ मलाइका को पहले भी कुछ मौकों पर देखा गया है। 52 की उम्र में फिटनेस और फैशन गोल्स सस्पेंस और अफवाहों से इतर, फैंस मलाइका अरोड़ा की फिटनेस के एक बार फिर कायल हो गए हैं। 52 वर्ष की उम्र में भी जिस तरह मलाइका ने खुद को मेंटेन रखा है, वह वाकई तारीफ के काबिल है। उनकी टोंड बॉडी, ग्लोइंग स्किन और मिनिमल मेकअप वाले हॉलिडे लुक्स युवाओं को फिटनेस गोल्स दे रहे हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 1:17 pm

44 साल की हुईं प्रियंका चोपड़ा, जानिए कैसे जमशेदपुर की लड़की बनी बॉलीवुड और हॉलीवुड की सुपरस्टार

बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा 44 वर्ष की हो गई हैं। 18 जुलाई 1982 को झारखंड के जमशेदपुर में जन्मी प्रियंका चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली से पूरी की। बाद में उन्होंने लखनऊ और मुंबई से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। इस बीच उनका रूझान मॉडलिंग इंडस्ट्री की ओर हो गया और वह मॉडल के रूप में काम करने लगीं। वर्ष 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर रहीं। बाद में उन्हें मिस वर्ल्ड के खिताब से नवाजा गया। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारतीय सुंदरता का परचम पूरी दुनिया में लहराते हुए रीता फारिया के बाद मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली वह पांचवीं भारतीय सुंदरी बनीं। ALSO READ: 'बजरंगी भाईजान' के 11 साल: सलमान नहीं थे पहली पसंद, इन सितारों ने फिल्म को कर दिया था रिजेक्ट प्रियंका चोपड़ा ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 2002 में तमिल फिल्म से की। इस फिल्म को व्यावसायिक सफलता तो नहीं मिली लेकिन अपने दमदार अभिनय से उन्होंने समीक्षकों का दिल जीत लिया। साल 2003 में उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा और सनी देओल और प्रीति जिंटा के साथ 'द हीरो लव स्टोरी ऑफ द स्पाई' में काम किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और उनके अभिनय को दर्शको के साथ ही समीक्षकों ने भी काफी पसंद किया। साल 2003 में ही राज कंवर फिल्म 'अंदाज' प्रियंका चोपड़ा के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म में उनके नायक की भूमिका में अक्षय कुमार थे। बेहतरीन गीत-संगीत, अभिनय और दमदार पटकथा से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए प्रियंका चोपड़ा सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित की गई। इसके साथ ही उन्हें नवोदित अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। साल 2004 में प्रियंका चोपड़ा की एक और सुपरहिट फिल्म 'मुझसे शादी करोगी' रिलीज हुई। डेविड धवन निर्देशित इस फिल्म में सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे मंझे हुए सितारे की मौजूदगी में भी उन्होंने फिल्म में युवा फैशन डिजायनर के रूप में अपने किरदार को रूपहले पर्दे पर जीवंत करके फिल्म को सुपरहिट बना दिया। साल 2004 में ही प्रियंका चोपड़ा को निर्देशक सुभाष घई की फिल्म 'ऐतराज' में काम करने का अवसर मिला। वह फिल्म भी सुपरहिट फिल्म साबित हुई। 'ऐतराज' में प्रियंका चोपड़ा का किरदार ग्रे शेडस लिए हुए थी। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ खलनायक के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं। यह फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का दूसरा मौका था जब किसी अभिनेत्री को सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया था। इससे पहले अभिनेत्री काजोल को फिल्म गुप्त के लिए यह अवार्ड दिया गया था। साल 2006 प्रियंका चोपड़ा के सिने करियर के लिए अहम वर्ष साबित हुआ। इस साल उनकी फिल्म 'डॉन' रिलीज हुई। सत्तर के दशक में बनी सुपरहिट फिल्म डॉन के इस रीमेक में प्रिंयका चोपड़ा ने जीनत अमान वाली भूमिका निभाई। इसी साल क्रश जैसी सुपरहिट फिल्म भी रिलीज हुई जिसमें उन्होंने रितिक रौशन की प्रेयसी की भूमिका निभाई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2008 में प्रियंका चोपड़ा की एक और अहम फिल्म 'फैशन' रिलीज हुई। फैशन की दुनिया को दर्शकों से रूबरू कराती मधुर भंडारकर निर्देशित इस फिल्म में प्रिंयका चोपड़ा एक उभरती मॉडल की भूमिका में दिखाई दी। फिल्म में अपने सशक्त अभिनय से उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ ही फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित की गईं। साल 2009 में रिलीज फिल्म 'व्हाटस योर राशि' प्रियंका चोपड़ा की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। देखा जाए तो फिल्मों में किसी अभिनेता या अभिनेत्री द्वारा का एक फिल्म में दोहरी या तिहरी भूमिका निभाना बड़ी बात समझी जाती है लेकिन प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म में एक या दो नहीं बल्कि 12 अलग अलग भूमिका निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। प्रियंका चोपड़ा अपने दो दशक लंबे सिने करियर में करीब 50 फिल्मों में अभिनय कर चुकी है। प्रियंका की साल 2016 में फिल्म जय गंगाजल रिलीज हुई। प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड फिल्म बेवाच समेत कई फिल्मों में काम किया है। साल 2018 में प्रियंका चोपड़ा ने अमेरीकी सिंगर निक जोनास के साथ शादी कर ली। प्रियंका चोपड़ा की एक बेटी भी है जिसका नाम मालती रखा है। प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड के साथ ही बॉलीवुड में भी सक्रिय है।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 11:30 am

'बजरंगी भाईजान' के 11 साल: सलमान नहीं थे पहली पसंद, इन सितारों ने फिल्म को कर दिया था रिजेक्ट

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'बजरंगी भाईजान' को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो गए है। बजरंगी भाईजान सलमान के करियर की एक ऐसी फिल्म है जिसने अपनी कहानी से देशभर में लाखों लोगों का दिल जीत लिया था। फिल्म में सलमान ने अपनी भूमिका से दर्शकों की आंखे नम कर दी थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनसे पहले यह फिल्म कई सितारों को ऑफर की गई थी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी होते ही लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने सबसे पहले फिल्मकार राकेश रोशन और अभिनेता रितिक रोशन से संपर्क किया था। उन्हें फिल्म की कहानी बेहद पसंद आई और उन्होंने फिल्म की पूरी तैयारी कर ली। रितिक इसमें 'बजरंगी भाईजान' का किरदार निभाने वाले थे। हालांकि, बाद में राकेश रोशन और विजयेंद्र के बीत बात नहीं बन पाई। ALSO READ: तीसरी शादी के बाद आमिर खान को बिश्नोई गैंग की धमकी, कहा- 'लव जिहाद' बर्दाश्त नहीं करेंगे! इसके बाद लेखक विजयेंद्र फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर कबीर खान के पास पहुंच गए। खबरों के अनुसार इस फिल्म को रितिक रोशन, आमिर खान, रजनीकांत, अल्लू अर्जुन और पुनीत राजकुमार को ठुकरा चुके थे। रिपोर्ट्स के अनुसार आमिर फिल्म में कुछ बदलाव चाहते थे। इसीलिए उन्होंने फिल्म को मना करने के साथ ही सलमान का नाम भी मेकर्स को सुझाया। और बजरंगी बन गए सलमान खान। एक इंटरव्यू के दौरान सलमान ने बताया था कि आमिर ने इस फिल्म को न करने के साथ ही निर्देशक को उनका नाम भी सुझाया। आमिर खान ने बजरंगी भाईजान को रिजेक्ट कर दिया था। क्योंकि वे फिल्म की कहानी में कुछ बदलाव चाहते थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर चांद नवाब का किरदार निभाते हुए देखा गया था, लेकिन इस किरदार के लिए पहले इमरान हाशमी से संपर्क किया गया था। उन्होंने फिल्म में इस भूमिका को ठुकराते हुए कहा था कि उन्हें उनका किरदार बहुत छोटा लग रहा है। 'बजरंगी भाईजान' 90 करोड़ रुपए की लागत में बनी और इसे दुनियाभर के खूब पसंद किया गया। फिल्म ने भारत में 321 करोड़ रुपए का बिजनेस कर कई रिकॉर्ड्स कायम किए थे। जबकि दुनियाभर में इस फिल्म ने लगभग 969 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 11:19 am

तीसरी शादी के बाद आमिर खान को बिश्नोई गैंग की धमकी, कहा- 'लव जिहाद' बर्दाश्त नहीं करेंगे!

बॉलीवुड गलियारे से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सलमान खान के बाद अब मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी मिली है। आमिर खान को बिश्नोई गैंग की तरफ से सोशल मीडिया पर धमकी दी गई है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें आमिर खान को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही गई है। एक्टर को धमकी देने वाला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई आरजू बिश्नोई बताया जा रहा है। ALSO READ: दिशा पाटनी बनाम कृति सेनन; बोल्डनेस और स्टाइल के मामले में इंटरनेट पर कौन किस पर पड़ता है भारी? आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और ऑडियो शेयर करके आमिर को धमकी दी है। हालांकि वेबदुनिया सोशल मीडिया पर वायरल इन पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है। इस कथित ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति खुद का परिचय टायसन बिश्नोई के रूप में दे रहा है। क्लिप में वह खुलेआम आमिर खान को टारगेट करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। इसके साथ ही एक लंबा टेक्स्ट पोस्ट भी साझा किया गया है, जिसमें अभिनेता पर देश की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में लिखा गया है, जय श्री राम, जय सीता राम। मैं, आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई (लॉरेन्स बिश्नोई गैंग), यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे देश में स्टारडम के नाम पर जो 'लव जिहाद' और हमारी संस्कृति के खिलाफ चीजें फैलाई जा रही हैं, उसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस कृत्य को बढ़ावा देने वालों को बहुत जल्द करारा जवाब दिया जाएगा। जो कोई भी हमारे सनातन धर्म और देश के खिलाफ जाएगा, हम उसकी सांसें थाम देंगे। इस धमकी भरे संदेश में सिर्फ आमिर खान ही नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक मासूम लड़की के साथ हुई क्रूरता का भी उल्लेख किया गया है। पोस्ट में राजनेताओं को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अपराधियों को बचाने की कोशिश करने वाले नेताओं का अंजाम भी बुरा होगा। इसके अलावा, हाल ही में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंग के दो सदस्यों—परवेश और हिमांशु—को 'शहीद' बताते हुए उनकी मौत का बदला लेने का भी दावा किया गया है। जांच में जुटी मुंबई पुलिस की साइबर सेल इन पोस्ट के वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हो गई हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी तक इस पोस्ट और ऑडियो क्लिप की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो पाई है। एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि यह वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की किसी विंग द्वारा किया गया कृत्य है या फिर इंटरनेट पर सनसनी फैलाने के लिए किसी शरारती तत्व द्वारा किया गया फेक प्रोपेगैंडा है। इस पूरे विवाद के बीच आमिर खान या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर खान इन दिनों अपनी पत्नी गौरी के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। वहां वे 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न' (IFFM) में शामिल होने पहुंचे हैं, जहां उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'लगान' के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाना है।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 11:08 am

गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें क्या करें, क्या न करें?

What not to do in Pushya Nakshatra: वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, शिक्षा और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। साथ ही गुरु और पुष्य नक्षत्र का मिलन बेहद दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार 9 जुलाई को गुरु देव पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। ALSO READ: शुक्र का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर, किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क? पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, और जब देवताओं के गुरु बृहस्पति अपने ही प्रिय नक्षत्र पुष्य में गोचर (प्रवेश) करते हैं, तो यह समय आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए एक वरदान की तरह होता है। इस बेहद शुभ अवधि का पूरा लाभ उठाने के लिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए यहां जानते हैं गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर के दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए... क्या करें? (Do's) 1. मंत्र जाप और साधना: गुरु और पुष्य नक्षत्र के मिलन के दौरान ॐ बृं बृहस्पतये नमः या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे मानसिक शांति और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है। 2. दान-पुण्य: इस समय किए गए दान का फल अक्षय, कभी न समाप्त होने वाला होता है। धार्मिक पुस्तकों, पीले वस्त्र, चने की दाल, केसर या सोने का दान करना विशेष शुभ माना जाता है। 3. विद्या और ज्ञान की शुरुआत: यदि आप कोई नई पढ़ाई, रिसर्च, गुरु-दीक्षा या कोई आध्यात्मिक कोर्स शुरू करना चाहते हैं, तो यह गोचर इसके लिए सर्वश्रेष्ठ समय है। 4. निवेश और खरीदारी: इस अवधि में सोना, चांदी, भूमि, वाहन या नए व्यापारिक सौदों में निवेश करना दीर्घकालिक लाभ देता है। 5. बड़ों और गुरुओं का आशीर्वाद: अपने माता-पिता, गुरु और वृद्ध जनों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें। गुरु गोचर के दौरान उनका आशीर्वाद आपकी प्रगति के द्वार खोलता है। ALSO READ: सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव क्या न करें? (Don'ts) 1. मांगलिक कार्य न करें: ध्यान रखें कि पुष्य नक्षत्र को सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन शादी-विवाह के लिए इसे वर्जित माना गया है, क्योंकि ब्रह्मा जी के श्राप के कारण इस नक्षत्र में विवाह शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान शादी-ब्याह के लग्न तय करने से बचें। 2. अहंकार और अभिमान से बचें: गुरु ज्ञान और विनम्रता के कारक हैं। इस गोचर के दौरान किसी भी बात का घमंड न करें और न ही किसी का अपमान या उपहास उड़ाएं। 3. कर्ज लेने से बचें: पुष्य नक्षत्र में धन का आगमन शुभ होता है, लेकिन इस अवधि में नया कर्ज लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे चुकाने में लंबा समय लग सकता है। 4. झूठ और अधर्म का मार्ग न चुनें: गुरु धर्म के प्रतीक हैं। इस समय किसी के साथ धोखाधड़ी, झूठ बोलना या अनैतिक कार्य करने से कुंडली में गुरु का अशुभ प्रभाव शुरू हो सकता है। 5. तामसिक भोजन का त्याग: इस शुभ अवधि में मांस, मदिरा या अत्यधिक तीखे-मसालेदार भोजन से दूरी बनानी चाहिए। सात्विक जीवन शैली अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। एक छोटा सा उपाय : इस गोचर के दौरान रोजाना सुबह उठकर अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे गुरु ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा आपके भीतर प्रवेश करती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: जब सूर्य चलेंगे शनि के पुष्य नक्षत्र की राह: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

वेब दुनिया 18 Jul 2026 11:05 am

Top News 18 July: सोनम वांगचुक के अनशन पर एक्शन, अंतरिक्ष में PM मोदी का 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड

Top News 18 July : दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। ईरान पर अमेरिका के हमले जारी। वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं। लॉर्ड्स में रविवार को रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं। 18 जुलाई की खास खबरें : सोनम वांगचुक के अनशन पर बड़ा एक्शन जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। वे अब वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अनशन स्थल खाली करने को कहा है। ALSO READ: अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई ईरान में अमेरिकी हमले जारी ईरान में 7वें दिन भी अमेरिकी हमले जारी हैं। अमेरिकी सेना ने कार्रवाई और हवाई हमलों के दौरान ईरान में पुलों और पानी के प्लांट पर बम बरसाए हैं। अमेरिकी सेना की कार्रवाई होर्मुज में गतिरोध को लेकर ट्रंप की धमकी के बाद हो रही है। वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट उड़ान होगी, जिसमें कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष पेलोड भी शामिल हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा नहीं उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से कहा कि वे इस उपाय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लें। लॉर्ड्स में रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं बीसीसीआ के सचिव देवजीत सैकिया ने उन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। उन्होंने कहा- रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे, तब तक देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 9:19 am

विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश में सांदीपिनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के नए मंदिर के तौर पर स्थापित हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कटनी में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज विद्यार्थी विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री और कल्याण का भाव रखने का संदेश देती है। कृष्ण-सुदामा का प्रसंग भी हमें मैत्री के भाव को पूर्ण गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाने का संदेश देता है। यह प्रसंग हमें अमीर-गरीब का भेद मिटाकर समरसता का संदेश भी देता है। भगवान कृष्ण का शिक्षा के लिए सांदीपनि आश्रम उज्जैन आगमन और शिक्षा ग्रहण कर उनका 64 कलाओं 14 विद्याओं में पारंगत होना हमें शिक्षा का महत्व बताता है। राज्य सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दे रही हैं। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय सर्वसुविधा युक्त गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बन रहे है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। शासकीय शालाओं में बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें और साइकिलें प्रदान की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और अगर कोई विद्यार्थी स्कूल में टॉप करता है तो उसे स्कूटी दी जा रही है। राज्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसीलिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कुलगुरु संबोधन की परंपरा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रवासियों को झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दी। झिंझरी का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 61 लाख रुपए तथा बहोरीबंद का सांदीपनि विद्यालय 35 करोड़ 63 लाख रुपए से अधिक लागत से बनकर तैयार हुआ। यहां उपलब्ध सुविधाएं गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 9:19 am

बांग्लादेशी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?

भारत में नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच पड़ोसी बांग्लादेश में भी नाराज छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:37 am

नाचते-नाचते निर्वस्त्र हो जाती थी महिला जासूस:एक साथ 12 गोलियां मारकर मौत की सजा, आखिरी इच्छा में प्रेमी को लिखी चिट्ठी; माता हारी पार्ट-1

तारीख थी 15 अक्टूबर 1917, फ्रांस की राजधानी पेरिस की सेंट लाजारे जेल। सर्दभरी सुबह के 4 बजे थे। अचानक भारी बूटों की थाप गूंजी- ठक, ठक, ठक। हाथों में चमचमाती टॉर्च थामे 18 फ्रांसीसी अफसर, सधे हुए कदमों से जेल के दूसरे फ्लोर की तरफ बढ़ रहे थे। वे सीधे कोठरी नंबर 12 के सामने पहुंचे। एक अफसर ने दरवाजा खोलने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाया, वहां खड़ी नन ने उसे रोक दिया। उसने कहा- ‘आप लोग यहीं रुकिए। मैं खुद उसे लेकर आती हूं।’ ये नन उस जेल की जेलर थी। वो कोठरी के भीतर दाखिल हुई। माचिस की तीली निकाली और मेज पर रखे लैंप को जलाया। लोहे की चारपाई पर 40-41 साल की महिला सो रही थी। उसके बिखरे हुए घुंघराले बालों पर हाथ फेरते हुए नन ने आहिस्ता से उसे हिलाया, कोई हरकत नहीं हुई। घबराकर नन ने बाहर खड़ी दूसरी नन को भी बुला लिया। दोनों ने मिलकर जब उसे झकझोरा, तब जाकर उस औरत ने अंगड़ाई ली। उसने अपनी बड़ी-बड़ी, काली आंखों को रगड़ते हुए अलसाए मन से नन की तरफ देखा। नन का गला रूंध गया था, आवाज फंस रही थी। उसने भारी मन से कहा- ‘तुम्हारी दया याचिका खारिज हो चुकी है... डेथ वॉरंट जारी हो गया है। आज... इसी वक्त मौत की सजा मुकर्रर की गई है।’ महिला के चेहरे पर कोई शिकन नहीं। वह आराम से उठी और बिस्तर पर बैठ गई। उसने पूछा, ‘क्या मुझे सीधे ले जाएंगे?’ नन कुछ जवाब देती, इससे पहले ही महिला फिर से बोल पड़ी- ‘कोई बात नहीं। ले चलिए मुझे। तैयार हूं मैं।’ नन ने घड़ी की तरफ देखा और कहा- ‘आपके पास आधा घंटा है। तैयार हो जाइए। अगर किसी के नाम कोई संदेश देना चाहती हैं, तो वो भी लिखकर दे सकती हैं।’ महिला तैयार होने लगी। वह ऐसे सजने लगी जैसे किसी शाही महफिल में जा रही हो। उसने बड़े सलीके से सिल्क की स्टॉकिंग्स पहनी, पैरों में ऊंची एड़ी के जूते पहने, एक लंबा फर वाला कीमती कोट पहना और सिर पर बड़ी हैट लगा ली। फिर बालों को संवारा। उसने पास खड़ी नन की तरफ मुड़कर मुस्कुराते हुए पूछा, ‘कैसी लग रही हूं मैं?’ नन उसे देखती रह गई। 5 फीट 9 इंच हाइट, सांवली त्वचा, बड़ी-बड़ी काली आंखें, घुंघराले बाल और छरहरा बदन… यही तो थी वो महिला जिसका कभी पूरा यूरोप दीवाना था। अब उसने नन से कहकर अपने वकील एडुआर्ड क्लुनेट को बुलावा भेजा। जब क्लुनेट पहुंचे, तो बुरी तरह घबराए हुए थे। आंखों में आंसू और चेहरे पर उसे न बचा पाने का मलाल। महिला समझ गई कि वकील के मन में क्या चल रहा है। उसने कहा- ‘खुद को मत कोसिए। मुझे न तो आपसे कोई गिला है और न ही इस जिंदगी से। बस, मेरे लिए एक सिगार का इंतजाम करवा दीजिए।’ फौरन सिगार मंगवाया गया। महिला ने बेहद तसल्ली से सिगार के कश लिए, जैसे वह किसी बड़े थिएटर के ग्रीन रूम में बैठकर परफॉर्मेंस की तैयारी कर रही हो। घड़ी की सुइयां सरकती रहीं और अब सुबह के 4:45 बज चुके थे। जेलर ने भारी मन से पूछा- ‘कोई आखिरी इच्छा?’ ‘हां, जरा कुछ पन्ने और कलम दे दीजिए। खत लिखना है।’ महिला ने हंसते हुए कहा। एक डायरी और कलम मंगाया गया। उसने दो खत लिखे। पहला खत बेटी लुईस के नाम और दूसरा खत प्रेमी और रूसी कैप्टन व्लादिमीर मैरोव के नाम। जेलर ने दोनों खत लेकर वकील के हाथों में दे दिए। ब्राजील के मशहूर उपन्यासकार पाउलो कोएल्हो अपनी किताब 'द स्पाई' में लिखते हैं- ‘सुबह के 5.15 बज चुके थे। महिला अपनी कोठरी से बाहर निकली। उसे नीचे ले जाकर एक आसमानी रंग की फौजी गाड़ी में बैठा दिया गया। गाड़ी में सिर्फ चार लोग थे। वो महिला, उसका वकील और दो नन। गाड़ी पेरिस की सुनसान और कोहरे से घिरी सड़कों पर रफ्तार पकड़ने लगी। कुछ देर बाद गाड़ी पेरिस के बाहरी इलाके में बने विन्सेन्स फोर्ट पहुंची। वहां फ्रांस की तीनों सेनाओं के 100 से ज्यादा हथियारबंद सैनिक घेरा बनाकर खड़े थे। मैदान के बीचों-बीच एक लकड़ी का खंभा गड़ा हुआ था। महिला को गाड़ी से उतारा गया। वह पैदल ही चलकर उस खंभे तक पहुंच गई। एक फौजी रस्सी लेकर उसे खंभे से बांधने के लिए आगे बढ़ा। महिला ने मना कर दिया। अफसर जब जिद पर अड़ गया, तब महिला ने कहा- ‘ठीक है, एक हाथ बांध दो।’ उसका बायां हाथ खंभे से बांध दिया गया। तभी एक दूसरा फौजी हाथ में काली पट्टी लेकर उसकी आंखों पर बांधने के लिए आगे बढ़ा। महिला ने उसे डांटते हुए कहा- ‘रुक जाओ, मुझे कोई पट्टी-वट्टी नहीं चाहिए। मैं मौत को अपनी खुली आंखों से देखना चाहती हूं।’ फौजी वहां से हट गया। महिला के ठीक सामने, महज 20 कदम की दूरी पर 12 फ्रांसीसी सैनिकों का फायरिंग स्क्वाड राइफल ताने खड़ा था। कमांडर ने अपनी चमचमाती तलवार हवा में लहराई, यह सैनिकों के मुस्तैद होने का इशारा था। ठीक 5 बजकर 30 मिनट पर एक भारी-भरकम घंटा बजा। उसकी गूंज पूरे मैदान में फैल गई। यह मौत का घंटा था, जिसे फ्रांस में डेथ बेल कहा जाता था। उसी आखिरी पल में, महिला ने सामने खड़े सैनिकों और रोते हुए वकील की तरफ देखा, मुस्कुराई और हवा में 'फ्लाइंग किस' उछाल दिया। तभी कमांडर की आवाज गूंजी- ‘फायर…’ महिला को निशाना बनाकर एक साथ 12 गोलियां दागी गईं। गोलियों की गूंज से मैदान दहल उठा। महिला के शरीर में तीन गोलियां लगीं। वह झटके से जमीन पर गिर गई। एक फौजी तेजी से आगे बढ़ा। उसने पिस्तौल निकाली और महिला के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी। महिला का सिर फट गया। खून से सने हुए मांस के लोथड़े जमीन पर बिखर गए। मौत के बाद महिला की बॉडी को कोई लेने नहीं आया। उसकी बॉडी पेरिस के मेडिकल कॉलेज को दे दी गई, ताकि डॉक्टरी की पढ़ाई में चीरफाड़ के लिए इस्तेमाल की जा सके उसके चेहरे को एनाटॉमी म्यूजियम में रख दिया गया, लेकिन 90 के दशक में एक रोज वो चेहरा भी किसी ने चुरा लिया। यह महिला एक इरोटिक डांसर थी, जो नाचते-नाचते निर्वस्त्र हो जाती थी। 20वीं सदी की शुरुआत में यूरोप के नेता, अभिनेता, सेना के जनरल और बड़े-बड़े बिजनेसमैन उस पर हजारों डॉलर लुटा देते थे। महिला का एक और परिचय था- वो दुनिया की सबसे ग्लैमरस जासूस थी। पहले विश्व यद्ध में हार के बाद फ्रांस उसके खून का प्यासा हो गया था। ये महिला कौन थी और कैसे जासूस बन गई, जानने के लिए फ्लैशबैक में चलते हैं… नीदरलैंड्स का लेउवार्डेन शहर। 7 अगस्त 1876 को यहां एक लड़की का जन्म हुआ। नाम रखा गया- मार्गेटा जेले। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी। पिता एडम कपड़े और सिलाई से जुड़े सामानों की दुकान चलाते थे। कुछ साल बाद एडम ने तेल के कारोबार में हाथ आजमाया। तकदीर ने साथ दिया। जल्द ही वे शहर के रईसों में गिने जाने लगे। बड़ी होने के नाते मार्गेटा को अपने भाई-बहनों में सबसे ज्यादा प्यार मिला। पिता ने शहर के सबसे महंगे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा। उसके कपड़े रेशम के होते थे, खिलौने बेहद कीमती। उसके शौक बाकी बच्चों के मुकाबले बेहद लग्जरी थे। कुछ साल सबकुछ अच्छा चला। फिर वक्त ने करवट ली और 1885 का साल आ गया। मार्गेटा के पिता को कारोबार में घाटा होने लगा। कमाई का ज्यादातर हिस्सा कर्ज उतारने में चला जाता। 1889 आते-आते हालात ऐसे हो गए कि बैंक ने उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया। धोखाधड़ी और कर्ज के कई मुकदमों से लद गए। अब परिवार के सामने खाने-पीने तक की किल्लत होने लगी। बच्चों की पढ़ाई छूट गई। परिवार को शहर छोड़कर एक छोटे और तंग अपार्टमेंट में जाकर रहना पड़ा। तंगहाली के बीच मार्गेटा के माता-पिता में अनबन भी होने लगी। मार-पीट और चीखें आम हो गईं। आखिरकार 1890 में दोनों का तलाक हो गया। मार्गेटा ने मां के साथ रहने का फैसला किया, लेकिन ये साथ लंबा नहीं चला। कुछ ही महीने बाद उसकी मां की मौत हो गई। 14 साल की मार्गेटा अब अकेली और बेसहारा थी। कुछ दिनों तक रिश्तेदारों ने साथ रखा, पर जल्द ही उन्होंने भी मुंह फेर लिया। मार्गेटा के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- ‘पेट के लिए कुछ पैसों का इंतजाम करना।’ मार्गेटा का रूप-रंग आम डच लड़कियों से जुदा था। वह सांवली थी, हाइट करीब 5 फीट 9 इंच हो चुकी थी। उस दौर में नीदरलैंड की आम लड़कियों की लंबाई मुश्किल से पांच फीट हुआ करती थी। वह स्वभाव से बेहद चुलबुली और खूब बोलने वाली लड़की थी। इस वजह से भी रिश्तेदार मार्गेटा से दूरी बनाकर रखते थे। वक्त का पहिया घूमता रहा और साल 1892 आ गया। मार्गेटा 16 साल की हो चुकी थी। वह लीडेन शहर में रहने लगी थी। उन्हीं दिनों एक ट्रेनिंग स्कूल वैकेंसी निकली। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कम उम्र के लड़के-लड़कियों की जरूरत थी। मार्गेटा ने फौरन अप्लाई कर दिया। उसका इंटरव्यू हुआ और वह चुन ली गई। बच्चों को पढ़ाने के बाद उसका ज्यादातर वक्त स्कूल की लाइब्रेरी में किताबें पढ़ने में गुजरता। इस दौरान, वह खुद से 35 साल बड़े स्कूल के हेडमास्टर के करीब आ गई। धीरे-धीरे स्कूल का ये रिश्ता बेहद निजी हो गया। ब्रिटिश जर्नलिस्ट मैरी क्रेग अपनी किताब ‘ए टैंगल्ड वेब: माता हारी’ में लिखती हैं- 'मार्गेटा और हेडमास्टर के बीच शारीरिक संबंध तो था, लेकिन यह पता नहीं चल सका कि वह हेडमास्टर को पसंद करती थी या वो उसकी मजबूरी का फायदा उठा रहा था। ये भी हो सकता है कि दोनों एक-दूसरे की जरूरतों के लिए आकर्षित थे।' जल्द ही स्कूल में दोनों के रिश्ते की चर्चाएं होने लगीं। बवाल बढ़ा तो 1893 में मैनेजमेंट ने मार्गेटा को नौकरी से निकाल दिया, लेकिन उस हेडमास्टर पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब 17 साल की मार्गेटा फंस चुकी थी। एक तरफ पैसों की तंगी और दूसरी तरफ पूरे शहर में बदनामी। इस डर से कोई भी उससे रिश्ता या सरोकार नहीं रखना चाहता था। 1894 की बात है। एक अखबार में विज्ञापन छपा। डच कोलोनियल आर्मी के कैप्टन रुडोल्फ जॉन मैकलियोड को एक पार्टनर की तलाश थी। उसकी पोस्टिंग इंडोनेशिया में थी और वह उन दिनों छुट्टी बिताने नीदरलैंड्स आया हुआ था। मार्गेटा, विज्ञापन देखकर खुद से 20 साल बड़े कैप्टन रुडोल्फ से मिलने पहुंच गई। पहली ही मुलाकात में उस फौजी ने मार्गेटा को पसंद कर लिया। मार्गेटा मन ही मन यह सोचकर खुश थी कि अब उसकी जिंदगी से पैसों की तंगी मिट जाएगी। वह एक फौजी अफसर की शानो-शौकत वाली पत्नी बनकर दुनिया घूम सकेगी। 11 जुलाई 1895 को दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद कैप्टन रुडोल्फ उसे लेकर इंडोनेशिया चले गए। दोनों को दो बच्चे हुए- एक बेटा और एक बेटी। शुरुआत में सबकुछ ठीक रहा, लेकिन फिर हालात बदल गए। मार्गेटा का पति शराबी, बदमिजाज और हिंसक प्रवृत्ति का आदमी था। वह बात-बात पर उसे मारता-पीटता था। उसके दूसरी महिलाओं के साथ भी संबंध थे। एक रोज मार्गेटा के बेटे की अचानक मौत हो गई। बाद में पता चला कि उसे किसी ने जहर दे दिया था। इसके बाद मार्गेटा और उसके पति के बीच रिश्ते और खराब हो गए। आखिरकार 1902 में दोनों अलग हो गए। पति ने पैसे के दम पर बेटी को भी मार्गेटा से छीनकर अपने पास रख लिया। मार्गेटा डिप्रेशन में चली गई। कई महीने इधर-उधर भटकती रही। इसी दौरान, वह इंडोनेशिया की स्थानीय आदिवासी महिलाओं के संपर्क में आई। वह उनसे मेल-जोल बढ़ाने लगी। इंडोनेशिया की मलय भाषा सीखी। पारंपरिक और धार्मिक नृत्यों का अध्ययन किया। उसने देखा कि कैसे वहां की महिलाएं अपनी देह की भंगिमाओं से देवताओं की कथित आराधना करती हैं। 1903 में मार्गेटा इंडोनेशिया से पेरिस आ गई। तब वहां बड़े-बड़े चित्रकार अपनी पेंटिंग्स के लिए मॉडल्स को नग्न या अर्धनग्न अवस्था में सामने बिठाकर उनका स्केच तैयार करते थे। मार्गेटा भी इसी काम में उतर गई। उसने अपना नाम बदलकर 'लेडी मैकलियोड' रख लिया। एक रोज, चित्रकार ने मार्गेटा के चेहरे पर छाई उदासी को भांप लिया। उसने पूछा, तुम इतनी परेशान और गुमसुम क्यों रहती हो? मार्गेटा की आंखें भर आईं। उसने कहा- ‘मुझे पैसों की जरूरत है। इस पेशे में यह सोचकर आई थी कि कुछ कमाई हो जाएगी, पर यहां भी कुछ हो नहीं पा रहा।' फिर थोड़ा रुककर कहा- ‘मैंने सब कुछ खो दिया है। घर, बच्चा, बेटी... और शायद खुद को भी।’ चित्रकार कुर्सी खींचकर उसके सामने बैठ गया। आहिस्ता से बोला, ‘मेरे पास तुम्हारे लिए एक शानदार ऑफर है। अगर तुम तैयार हो जाओ... तो पैसों की बरसात होने लगेगी।’ मार्गेटा ने भी धीरे से पूछा- ‘कैसा ऑफर?’ चित्रकार ने उसकी आंखों में झांकते हुए कहा, ‘तुम कमाल की दिखती हो। अपने शरीर को कपड़ों के बजाय रंग-बिरंगे पंखों और मोतियों से ढंककर मॉडल बन जाओ... पेरिस में रेगुलर काम भी मिलेगा और मुंहमांगे पैसे भी।’ मार्गेटा झटके से उठ खड़ी हुई। ‘अगर तुम्हारे इस प्रस्ताव का मतलब सरेआम कपड़े उतारना है, तो साफ सुन लो, मैं ऐसा घिनौना काम नहीं कर सकती।’ इतना कहकर मार्गेटा वहां से चली गई। चित्रकार ने चिल्लाते हुए कहा- ‘सोच लो मैकलियोड… तुम जितना चाहो उतना पैसे कमा सकती हो।’ मार्गेटा उस रात सो नहीं पाई। काफी देर रोती रही। वह बार-बार सोच रही थी- ‘अगर मैं इस ऑफर को मान लूं, तो मेरी सारी जरूरतें एक झटके में पूरी हो जाएंगी। मैं बेटी की देखरेख भी खुद के दम पर कर लूंगी, लेकिन इसके लिए क्या मैं अपनी इज्जत दांव पर लगा सकती… हरगिज नहीं।’ यूके की सीनियर जर्नलिस्ट जूली व्हीलराइट एक आर्टिकल में लिखती हैं- ‘कुछ दिनों की कश्मकश के बाद मार्गेटा ने हार मान ली। उसने एक परिचित को अपनी बेबसी जाहिर करते हुए लिखा- ‘मैं जानती हूं कि बदनाम जिंदगी का अंत दुखद और दर्दनाक होता है, लेकिन अब मैं मजबूरी के उस मोड़ से आगे निकल चुकी हूं। यह मत समझना कि मैं दिल से बुरी या चरित्रहीन हूं... मैंने यह अंधेरा रास्ता सिर्फ और सिर्फ गरीबी की वजह से चुना है।’ मार्गेटा ने उस चित्रकार का ऑफर मान लिया। कुछ सालों तक उसने पेरिस में बतौर मॉडल काम किया। फिर वो एक नए पेशे से जुड़ गई। काम था घुड़सवारी करते हुए बोल्ड पोज देना। जिसे 'मोलीयर सर्कस' कहा जाता था। घोड़ों पर सवार होकर मार्गेटा के उस बोल्ड, बेबाक और राजसी अंदाज ने पहली बार पेरिस के रईस तबके का ध्यान अपनी तरफ खींचा। 'माता हारी : ट्रू स्टोरी' किताब के मुताबिक- एक रोज शाम का वक्त था। करतब दिखाने के बाद मार्गेटा अपने धूल से सने कपड़ों में हांफती हुई, चेहरे से पसीना पोंछते हुए लौट रही थी। तभी सर्कस के मालिक मोलीयर की आवाज गूंजी- ‘मार्गेटा, जरा इधर आना।’ थकी-हारी मार्गेटा उसके सामने खड़ी हो गई। मोलीयर ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए गंभीर आवाज में कहा- ‘तुम ये जानलेवा करतब दिखाकर अपनी जान जोखिम में डाल रही हो। कब तक मौत से खेलती रहोगी?’ मार्गेटा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘और कोई रास्ता भी तो नहीं है, मोलीयर।’ मोलीयर ने पास रखी एक कुर्सी की तरफ इशारा किया- ‘बैठो यहां।’ मार्गेटा चुपचाप बैठ गई। मोलीयर ने धीमी आवाज में बोला- ‘तुमने इंडोनेशिया में जो डांस सीखा है, उसे इन रईसों के सामने नए अंदाज में पेश करो। इन भेड़ियों को हुस्न की भूख है, सर्कस की कलाबाजियों की नहीं।’ मार्गेटा ने चौंककर मोलीयर की तरफ देखा। मार्गेटा ने खुद को संभाला, कुर्सी से उठी और अपनी शॉल ओढ़ते हुए बोली- अभी तो मैं घर जा रही हूं। फिर कभी सोचती हूं इसपर।’ कुछ हफ्ते बाद… मार्गेटा ने एक नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। उसने नाम बदलकर ‘माता हारी’ रख लिया। इंडोनेशिया की मलय भाषा में इसका मतलब होता है- 'सुबह की पहली किरण'। तारीख 13 मार्च, 1905, पेरिस का मशहूर मुसी गुइमेट म्यूजियम। हॉल को पुराने भारतीय और जावानीस मंदिर की तरह सजाया गया था। दरअसल, इंडोनेशिया के जावा द्वीप में बने हिंदू और बौद्ध मंदिरों को जावानीस मंदिर कहा जाता है। हॉल के भीतर मोमबत्तियों की मद्धम रोशनी। हवा में लोबान और अगरबत्तियों की भीनी-भीनी खुशबू तैर रही थी। कुर्सियों पर पेरिस के बड़े रसूखदार फौजी अफसर, अमीर व्यापारी और बड़े नेता बैठे थे। रात 8 बजे माता हारी हॉल में पहुंची। शरीर पर कपड़े कम और गहने ज्यादा। संगीत की धुन गूंजी और माता हारी उस पर थिरकती हुई मंच के ठीक बीचों-बीच आ गई। जैसे-जैसे संगीत की थाप तेज होती गई, माता हारी डांस करते हुए अपने रंग-बिरंगे कपड़ों को उतारकर एक तरफ फेंकने लगी। हॉल में बैठे लोगों की सांसें थम गईं। लोग पलकें झपकाना भूल गए। डांस के आखिरी क्लाइमेक्स पर पहुंचकर माता हारी ने सारे कपड़े उतार दिए। शरीर पर बस कुछ गहने बचे थे। अब वो थिरकते-थिरकते मंच पर रखी शिव की एक मूर्ति के पास पहुंची। हाथ जोड़े और अपनी एड़ियों के बल बैठ गई। कुछ देर बाद संगीत की थाप मद्धम होते-होते बंद हो गई। माता हारी खड़ी हुई। आंखें बंद कीं और हाथ जोड़ लिए। तभी हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ‘माता हारी, माता हारी’ का शोर गूंजने लगा। अगली सुबह पेरिस के तमाम बड़े अखबारों में माता हारी का डांस और तस्वीरें छाई रहीं। जल्द ही वो यूरोप की सबसे महंगी, सबसे लोकप्रिय स्टार बन गई। सेना के जनरल, रसूखदार फौजी और नेता उसकी सोहबत में एक शाम बिताने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार थे…पूरी कहानी कल, यानी रविवार को पढ़िए दूसरे एपिसोड में.. रेफरेंस : 1. Mata Hari: Courtesan and Spy : By Major Thomas Coulson 2. Mata Hari's Last Dance: By Michelle Moran 3. Mata Hari, the True Story : By Russell Warren Howe 4. The fatal lover : By Julie Wheelwright 5. The Spy: A Novel of Mata Hari : By Paulo Coelho 6. A Tangled Web: Mata Hari: By Mary W. Craig

दैनिक भास्कर 18 Jul 2026 5:07 am

RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य स्वास्थ्य योजना में वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तीन महीनों में 51 संबद्ध अस्पतालों को योजना से निलंबित किया है जबकि 24 संबद्ध अस्पतालों पर करीब तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री […] The post RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:47 pm

Software Engineer Reddit FIRE Journey 2026: 14 घंटे काम, टॉक्सिक माहौल और बीमारियां; 44 साल के टेक प्रोफेशनल ने 6.5 करोड़ का फंड बनाकर कॉर्पोरेट लाइफ को कहा अलविदा, शेयर किया सफलता का सीक्रेट!

आज के इस दौर में कॉर्पोरेट लाइफ की अंधी दौड़, काम के लंबे घंटे (Long Working Hours) और ऑफिस की अंदरूनी राजनीति से परेशान होकर अमूमन हर कामकाजी इंसान कभी न कभी नौकरी छोड़ने का विचार करता है। लेकिन समाज और भविष्य की असुरक्षा के डर से लोग कदम पीछे खींच लेते हैं। ऐसे माहौल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है, जिसने बर्नआउट (Burnout) से तंग आकर अपनी सफल कॉर्पोरेट नौकरी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।इस टेक प्रोफेशनल ने बिना किसी जल्दबाजी के, बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक बेहद मजबूत और सुरक्षित इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो खड़ा करने के बाद यह बड़ा कदम उठाया है। रेडिट पर उन्होंने अपनी इस कहानी को My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोडिंग या इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं, बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के असहनीय मानसिक तनाव से रिटायर हुए हैं। आइए जानते हैं कि इस इंजीनियर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है:14 घंटे काम और खराब होती सेहत: वो टर्निंग पॉइंट जिसने आंखें खोल दींरेडिट पोस्ट के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर शादीशुदा हैं और उनका एक 11 साल का बेटा है। उन्होंने देश के एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की यूजी (UG) और पीजी (PG) की पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने अपने पूरे करियर का एक बड़ा हिस्सा स्टार्टअप्स (Startups) में बिताया, जहाँ कई बार उन्होंने कंपनी के प्रति वफादारी के चलते महीनों बिना सैलरी के भी काम किया। उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर (गृहणी) रही हैं।उनके जीवन का सबसे बड़ा और सबसे खराब टर्निंग पॉइंट तब आया जब वे एक रेफरल के जरिए एक नई स्टार्टअप कंपनी में शामिल हुए।टॉक्सिक माहौल: उस कंपनी का माहौल बेहद टॉक्सिक (जहरीला) था और हर तरफ केवल ऑफिस पॉलिटिक्स का बोलबाला था।शारीरिक नुकसान: उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे लगातार काम करना पड़ता था। इस भयानक दबाव का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा। उन्हें इनसोमनिया (नींद न आने की बीमारी) हो गई और वे बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर व मोटापे (Obesity) का शिकार हो गए। आखिरकार साल 2023 में उन्होंने ब्रेक लिया और अपनी वित्तीय स्थिति व सेहत का आकलन किया।कैसे बना 6.5 करोड़ रुपये का यह विशाल पोर्टफोलियो? (Asset Allocation)शुरुआत में वे पैसों के निवेश को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) मूवमेंट उनका कोई लक्ष्य था। लेकिन उनके कुछ सही फैसलों ने उनकी पूरी संपत्ति का गणित बदल दिया:फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद: उन्होंने एक सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेकर साल 2018 में म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी (SIP) के जरिए अनुशासित निवेश की शुरुआत की।ESOPs से मिला बड़ा बूस्ट: साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वे काम कर रहे थे, उसका एक बड़ी कंपनी द्वारा अधिग्रहण (Acquisition) कर लिया गया। इसके बदले उन्हें ईशॉप (ESOP) के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का बड़ा एकमुश्त पेआउट मिला। उन्होंने इस रकम को उड़ाने के बजाय पूरी तरह से मार्केट में इन्वेस्टेड रखा, जिसने कंपाउंडिंग (Compounding) के जरिए उनकी वेल्थ को कई गुना बढ़ा दिया।अप्रैल 2026 में उनका एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) कैसा था?अप्रैल 2026 तक उनकी कुल जमा पूंजी 6.5 करोड़ रुपये हो चुकी थी, जिसे उन्होंने बेहद समझदारी से डायवर्सिफाई किया हुआ था:इक्विटी (Share Market): पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा सीधे तौर पर शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लगा हुआ था, जिसने बाजार की तेजी का पूरा लाभ उठाया।डेट व लिक्विड फंड्स: शेष 40% हिस्सा उन्होंने डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) जैसी सुरक्षित और फिक्स्ड इनकम वाली जगहों पर फैला रखा था ताकि मार्केट के उतार-चढ़ाव से रिस्क को कम किया जा सके।खर्च का गणित: जब काम मजबूरी नहीं, चॉइस बन गयाइंजीनियर ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके पूरे परिवार का सालाना घरेलू खर्च लगभग 14 लाख रुपये है। इसके अलावा, देश के एक टियर-1 (महानगर) शहर में उनका अपना खुद का घर भी है, जिसके चलते उन्हें कोई होम लोन या किराया नहीं देना पड़ता। जब उन्होंने देखा कि उनके पोर्टफोलियो का साइज उनके सालाना खर्च से कई गुना ज्यादा है और वे वित्तीय रूप से पूरी तरह स्वतंत्र हो चुके हैं, तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से नौकरी से इस्तीफा दे दिया।नौकरी छोड़ने के बाद आए 4 चमत्कारी बदलाव:नौकरी छोड़ने के महज 3 महीनों के भीतर ही उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उनका वजन काफी कम हो गया है, नींद न आने की समस्या जड़ से खत्म हो गई है और ब्लड प्रेशर पूरी तरह नियंत्रण में है। अब वे सुबह उठकर ध्यान (Meditation) करते हैं, एक्सरसाइज करते हैं, परिवार को समय देते हैं और अपने शौक के लिए लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) पर रिसर्च करने के साथ-साथ ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में कोडिंग का योगदान देते हैं।जल्दी रिटायर होने के लिए इंजीनियर के 5 गोल्डन फॉर्म्युले (FIRE Tips)यदि आप भी कॉर्पोरेट की इस दौड़ से जल्दी बाहर निकलकर अपनी शर्तों पर जीना चाहते हैं, तो इस टेक प्रोफेशनल ने 5 बेहद जरूरी सबक साझा किए हैं:क्या वे भविष्य में कभी दोबारा नौकरी करेंगे?इस सवाल का जवाब देते हुए इंजीनियर ने साफ किया कि उन्होंने काम करना पूरी तरह से बंद नहीं किया है। अंतर सिर्फ इतना है कि अब वे पैसों के लिए किसी टॉक्सिक माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं हैं। अगर भविष्य में उन्हें कोई ऐसा अवसर मिलता है जो मानसिक रूप से शांति देने वाला हो और जिसमें कुछ सार्थक सीखने को मिले, तो वे दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन फिलहाल वे अपनी मर्जी के मालिक हैं और अपनी शर्तों पर जिंदगी का आनंद ले रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:42 pm

विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी

जालंधर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास सहित पंजाब में रेलवे और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार न होने के बावजूद केन्द्र सरकार पंजाब के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ […] The post विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:18 pm

तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के दो पूर्व विधायक, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शुक्रवार को शामिल हो गए। नए राजनीतिक घटनाक्रम में बनगांव उत्तर के पूर्व विधायक बिश्वजीत दास तथा राजारहाट-न्यू टाउन के पूर्व विधायक तापस चट्टोपाध्याय औपचारिक […] The post तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:11 pm

रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग के उस आदेश को चुनौती देगी जिसमें एक ग्राहक के वाहन के बदले उसे ई20 के अनुकूल वाहन देने का निर्देश दिया गया है। कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में दावा […] The post रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:03 pm

मोदी ने हरियाणा में 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, लोकार्पण

जींद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही राज्य की 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद एक कार्यक्रम में […] The post मोदी ने हरियाणा में 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, लोकार्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 8:57 pm

दिल्ली में ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहा अवैध बांग्लादेशी नागरिक अरेस्ट

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने महेंद्र पार्क थाना इलाके से ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहे एक गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी 14 जुलाई को तड़के एक गुप्त मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर की। यह डिवीजन निगरानी और गुप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर […] The post दिल्ली में ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहा अवैध बांग्लादेशी नागरिक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 8:50 pm

आज का एक्सप्लेनर:दर्जनों विपक्षी सांसद टूटे, क्या फिर भी नंबर्स नहीं जुटा पाई मोदी सरकार; संसद सत्र के एजेंडे से गायब क्यों है ‘परिसीमन बिल’

मोदी सरकार ने 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इसमें ‘परिसीमन विधेयक’ का जिक्र नहीं है, जिसके लिए जरूरी दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जुटाने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। क्या दर्जनों विपक्षी सांसद तोड़ने के बावजूद नंबर्स नहीं जुटा पाई सरकार या संसद सत्र के बीच अचानक चौंका देगी; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: परिसीमन विधेयक है क्या और अप्रैल में पारित क्यों नहीं हो सका था?जवाबः आम बोलचाल में जिसे हम परिसीमन विधेयक कह रहे, वो दो विधेयकों का पैकेज है। जिसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने और लोकसभा क्षेत्रों का आकार दोबारा तय करने (परिसीमन) के प्रावधान हैं।मोदी सरकार ने 16 से 18 अप्रैल 2026 को संसद का विशेष सत्र बुलाकर ये विधेयक पेश किए। तर्क दिया कि 2029 चुनाव तक महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए इन्हें पारित होना जरूरी है।विपक्षी पार्टियां इसके विरोध में एकजुट हो गईं। उनका तर्क था कि महिला आरक्षण की आड़ में बीजेपी अपना एजेंडा पूरा करना चाहती है। परिसीमन विधेयक से ज्यादा जनसंख्या वाले हिन्दी भाषी राज्यों को फायदा मिलेगा, जहां बीजेपी का गढ़ है। जबकि जनसंख्या वृद्धि रोकने वाले राज्यों को नुकसान होगा।संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। यानी वोटिंग में आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद हों और जितने सदस्य मौजूद हैं, उनमें से कम से कम दो-तिहाई सांसद इसके पक्ष में वोट दें… सवाल-2: क्या इसबार भी सरकार जरूरी नंबर्स नहीं जुटा पाई?जवाबः अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा में NDA के साथ 318 सांसद राज्यसभा में NDA के साथ 152 सांसद सवाल-3: तो क्या मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक नहीं आएगा?जवाबः संविधान के आर्टिकल 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक पेश करने के लिए राष्ट्रपति की अनुमति नहीं लेनी होती। इसे सरकार का कोई मंत्री या सांसद निजी तौर पर भी संसद सत्र के दौरान पेश कर सकता है। ऐसा भी कोई नियम नहीं है कि सत्र के एजेंडे में बिल के बारे में बताना जरूरी हो। इतिहास में भी कई संविधान संशोधन बिल अचानक लाए जा चुके हैं। कई संकेत हैं कि सरकार सत्र के बीच किसी दिन परिसीमन बिल ला सकती है… सवाल-4: तो फिर बिल पारित कराने के लिए सरकार के पास और क्या रास्ते हैं?जवाब: फिलहाल सरकार लोकसभा में दो-तिहाई के आंकड़े से 41 सीट और राज्यसभा में 11 सीट दूर है। ये कमी कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों से पूरी हो सकती है… 1. लोकसभा में शरद पवार की NCP, DMK और JMM के सांसदों पर दांव 2. राज्यसभा में YSR कांग्रेस और बीजू जनता दल की जरूरत सवाल-5: आखिर परिसीमन बिल पारित होने से क्या हो जाएगा, बीजेपी इतना जोर क्यों लगा रही?जवाबः नए परिसीमन के बाद लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 50% सीटें बढ़ेंगी। गृहमंत्री अमित शाह ने इसका फॉर्मूला बताते हुए कहा था, ‘मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33% आरक्षण देना है, तो इसमें 50 सीटें बढ़ाएंगे। इस हिसाब से 150 सीट होती हैं। लोकसभा में ये राउंड ऑफ फिगर 850 है।' सरकार का कहना था कि सारे राज्यों में सीटें 'आनुपातिक रूप से' बढ़ेंगी। यानी, अगर 543 सीटों की लोकसभा में तमिलनाडु के पास 7.18% हिस्सेदारी, यानी 39 सीटें हैं, तो 850 सीटों की लोकसभा में भी 7.18% हिस्सेदारी यानी 61 सीटें होंगी। हालांकि परिसीमन विधेयक में सीटें 'आनुपातिक रूप से बढ़ाने’ की गारंटी देने वाला कोई प्रावधान नहीं है। इसके उलट संविधान का अनुच्छेद 81(2)(a) कहता है कि सीटें जनसंख्या के अनुपात में मिलेंगी, न कि सभी राज्यों में बराबर प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। इसमें भी सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया। यानी 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या के अनुपात से ही परिसीमन हो सकता है। ऐसे में ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों को ज्यादा सीटें और कम जनसंख्या वाले राज्यों को कम सीटें मिलेंगी। इससे यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा फायदा में होंगे। ये सभी हिंदी बेल्ट के राज्य हैं, जहां बीजेपी का स्ट्रॉन्ग होल्ड है। इससे बीजेपी के पिछले तीन चुनावों के आंकड़ों के आधार पर उसके लिए अच्छे और बुरे दोनों सिनैरियो में फायदा है… 1. बीजेपी के लिए बेस्ट केस सिनैरियोः अगर 2019 का प्रदर्शन दोहराती है 2. बीजेपी के वर्स्ट केस सिनैरियो: अगर 2024 का प्रदर्शन दोहराती है ------ ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:मोदी सरकार को क्यों चाहिए 362 सांसद; TMC के 20, शिवसेना UBT के 6 सांसद टूटे; बाकी 44 कहां से जुटाएंगे 14 जून को TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने गुमनाम सी पार्टी NCPI में विलय कर लिया। आज शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 से 6 लोकसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी। इससे पहले 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी थी। ये सभी बागी BJP या NDA में शामिल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 6:41 pm

UP Bahraich Crocodile Attack : बहराइच में दर्दनाक हादसा, घाघरा नदी किनारे गए 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ खींच ले गया, घंटों बाद मिला शव

उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में एक दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय बच्चे की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, बच्चा अपने चाचा के साथ खेत पर गया था, तभी घाघरा नदी के किनारे घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे नदी में खींच ले गया। कई घंटे की तलाश के बाद शाम को उसका शव बरामद किया गया। यह घटना मंगलवार की है। मृतक अपने चाचा उदयराज सिंह के साथ घाघरा नदी के किनारे स्थित कृषि भूमि पर काम करने गया था। इसी दौरान बच्चा शौच के लिए नदी किनारे गया, तभी पानी के पास छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर चाचा उसे बचाने के लिए दौड़े और मगरमच्छ से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ अधिक ताकतवर साबित हुआ। वह बच्चे को नदी में घसीटकर ले गया और पानी में गायब हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस और बहराइच वन प्रभाग की टीम ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया। बच्चे की तलाश के लिए नदी में जाल भी डाले गए, लेकिन शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके।कई घंटे बाद शाम को बच्चे का शव नदी से बरामद कर लिया गया। घटना के बाद घाघरा नदी के किनारे रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी मगरमच्छों के दिखाई देने और हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 5:30 pm

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

Navratri Mantra Chanting: गुप्त नवरात्रि का पर्व तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में मां आदिशक्ति की आराधना पूरे श्रद्धा भाव से करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं और साधक को सुख, समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि गुप्त नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का विधिपूर्वक जप किया जाए तो माता दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की पंचमी की देवी मां त्रिपुर भैरवी, जानिए पूजा विधि यदि आप अपने जीवन के घोर संकटों, कर्ज, बीमारी या शत्रुओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो गुप्त नवरात्रि के दौरान नीचे दिए गए मंत्रों का पूरी निष्ठा और गोपनीयता के साथ जप करें। आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि में कौन-से मंत्रों का जप करना शुभ माना जाता है और इन्हें किस विधि से करना चाहिए...। संकट नाश और सर्वकल्याण के लिए महामंत्र यदि जीवन में चौतरफा परेशानियां आ रही हों और कोई रास्ता न सूझ रहा हो, तो दुर्गा सप्तशती का यह सिद्ध मंत्र तुरंत असर दिखाता है: 'शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तुते॥' महत्व: यह मंत्र हर प्रकार के संकट को हरने और माता की शरण में आए भक्त की रक्षा करने के लिए अचूक माना गया है। 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।' महत्व: यह नवार्ण मंत्र ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक है। यह जातक के चारों तरफ एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे कोई भी नकारात्मक शक्ति या शत्रु उसका बाल भी बांका नहीं कर पाता। मंत्र जप की गुप्त और सही विधि गुप्त नवरात्रि की साधना तभी फलित होती है जब इसे पूरी तरह गुप्त रखा जाए। जप करते समय इन नियमों का पालन अवश्य करें: गोपनीयता: आप कौन से मंत्र का जप कर रहे हैं और कितनी संख्या में कर रहे हैं, यह बात आपके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति को पता नहीं होनी चाहिए। समय: गुप्त नवरात्रि में निशीथ काल (मध्यरात्रि/रात 11:00 से 1:00 बजे का समय) में किया गया जप सबसे जल्दी सिद्ध होता है। आसन और माला: लाल रंग के ऊनी आसन पर बैठें और रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से मंत्र का जप करें। दिशा : जप के समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। दीपक: पूजा के दौरान शुद्ध घी या सरसों के तेल का अखंड दीपक या जप काल तक जलने वाला दीपक अवश्य जलाएं। विशेष सलाह: मंत्र जप की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश और अपने गुरु (यदि हों) का स्मरण अवश्य करें, ताकि साधना बिना किसी विघ्न के पूरी हो सके। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी की देवी मां भुवनेश्वरी, जानिए पूजा विधि

वेब दुनिया 17 Jul 2026 5:13 pm

Dope Test में +ve आने पर इस पाकिस्तानी ऑलराउंडर पर लगा 3 महीने का बैन

अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी की एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया है। आईसीसी ने यह कार्यवाही इस साल के शुुरुआत में हुए टी-20 विश्वकप में के दौरान एक प्रतिबंधित दवा की जांच में पॉजीटीव आने के कारण की है। 32 साल के नवाज ने श्रीलंका में पाकिस्तान के सभी सात मैचों में हिस्सा लिया था, जहां टीम सुपर-8 स्टेज से बाहर हो गई थी, इन मैचों में उन्होंने 15 रन बनाए और सात विकेट लिए। नवाज ने सरे के साथ करार करने पर सहमति जताई थी, और उन्हें पूरे ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहना था, जो 26 मई से 18 जुलाई तक चलना था।इंग्लैंड में होने वाले टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम में शामिल होने का नवाज का करार टूट गया है। Mohammad Nawaz handed a three-month ban after testing positive for Carboxy-THC, a prohibited substance, during the 2026 T20 World Cup pic.twitter.com/cPCpKkGUPb — Cricbuzz (@cricbuzz) July 17, 2026 उनका टेस्ट एक ‘Recreational Drug’ (नशे वाली दवा) के इस्तेमाल के लिए पॉजिटिव आया है।नवाज ने पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 मैच खेले हैं। पीसीबी ने पहले घोषणा की थी कि नवाज को ब्लास्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया गया है, और सरे ने इस हफ़्ते उनके टीम में शामिल होने की घोषणा करने की योजना बनाई थी। लेकिन यह करार टूट गया, और नवाज क्लब में शामिल नहीं सके। सरे ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 5:00 pm

बुध की मार्गी चाल से बदलेगी किस्मत? मेष से मीन तक जानिए 12 राशियों का हाल

ब्रह्मांड के सबसे चतुर, बुद्धि और वाणी के प्रदाता ग्रह 'बुध' एक बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं। 24 जुलाई 2026 की रात 03 बजकर 54 मिनट पर बुध देव अपनी प्रिय राशि मिथुन में 'मार्गी' (सीधी चाल) होने जा रहे हैं। जब बुद्धि के देवता सीधे चलेंगे, तो ज़ाहिर है कि हमारी सोच, व्यापार और बातचीत के तरीकों में बड़ा यू-टर्न आएगा। आइए जानते हैं कि इस खगोलीय घटना का आपकी राशि पर क्या और कैसा असर होने वाला है। मेष राशि: सूझबूझ से टलेगा संकट मेष राशि वालों के लिए बुध का यह बदलाव तीसरे (पराक्रम) भाव में हो रहा है। आमतौर पर यहाँ बुध की सीधी चाल थोड़ी उथल-पुथल मचाती है। भाइयों या करीबियों के साथ छोटी-मोटी बहस या मन में असुरक्षा की भावना आ सकती है। धन के मामले में थोड़ा हाथ खींचकर चलना होगा, क्योंकि धन भाव के स्वामी गुरु के साथ बुध की युति से खर्च बढ़ सकते हैं। गुरु मंत्र: अपनी वाणी में विनम्रता रखें। अगर आप प्यार से बात करेंगे, तो बिगड़ते काम भी बन जाएंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और छोटी यात्राएं फायदेमंद रहेंगी। वृषभ राशि: आर्थिक उन्नति और सुखद समय वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का मार्गी होना किसी वरदान से कम नहीं है। यह बदलाव आपके दूसरे (धन और वाणी) भाव में हो रहा है, जो कि बुध की अपनी ही राशि है। यह समय आपकी तिजोरी भरने वाला साबित हो सकता है। आप कपड़े, ज्वेलरी या अपनी पसंद की चीज़ों पर खुलकर खर्च करेंगे। विशेष: आपकी कम्युनिकेशन स्किल (बातचीत की कला) लोगों को सम्मोहित करेगी। छात्रों के लिए यह समय गोल्डन पीरियड रहेगा, परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करेंगे। मिथुन राशि: समझदारी से चमकेगा भाग्य मिथुन राशि वालों के लग्न (पहले) भाव में ही बुध देव मार्गी हो रहे हैं। अपनी ही राशि में होने के कारण और देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से आपको मिले-जुले लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। कभी-कभी स्वभाव में थोड़ा तीखापन आ सकता है, जिससे दूसरों से अनबन हो सकती है। विशेष: आर्थिक मोर्चे पर फिजूलखर्ची से बचें। गुरु के प्रभाव के कारण परिवार में मान-सम्मान बना रहेगा। यदि आप शांत रहकर फैसले लेंगे, तो यह समय आपको बड़ी सफलता दिलाएगा। कर्क राशि: खर्चों पर नियंत्रण और ध्यान की जरूरत कर्क राशि के जातकों के लिए बुध देव बारहवें (व्यय/खर्च) भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। यहाँ बुध की स्थिति जेब पर थोड़ी भारी पड़ सकती है। अनचाहे खर्च और भागदौड़ बढ़ सकती है। मानसिक तनाव या महिलाओं से जुड़े किसी विवाद की आशंका बन सकती है। गुरु मंत्र: इस समय नुकसान से बचने का एक ही उपाय है—योग, ध्यान और घर के बुजुर्गों की सलाह। गुरु का शुभ प्रभाव आपको किसी बड़ी हानि से बचा कर रखेगा। छात्र थोड़ी अधिक मेहनत से सफलता पा सकेंगे। सिंह राशि: छप्परफाड़ धन लाभ का योग सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर बेहद शानदार रहने वाला है। बुध आपकी कुंडली के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु के साथ विराजमान होकर मार्गी हो रहे हैं। यह स्थिति व्यापारियों के लिए मुनाफा कमाने की सबसे बेहतरीन अवधि साबित होगी। विशेष: आपकी आमदनी के नए स्रोत बनेंगे। सेहत दुरुस्त रहेगी और दोस्तों व भाइयों का पूरा सहयोग मिलेगा। लव लाइफ और बच्चों की तरफ से भी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि: करियर में मिलेगी नई उड़ान कन्या राशि के स्वामी बुध देव आपके दसवें (कर्म/बिजनेस) भाव में सीधे चलने जा रहे हैं। लग्न स्वामी का अपने ही घर में मार्गी होना करियर के लिए किसी बूस्टर डोज की तरह काम करेगा। विशेष: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारी अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर बड़ा मुनाफा कमाएंगे। समाज में आपकी प्रसिद्धि और साख बढ़ेगी। तुला राशि: भाग्य का साथ और आध्यात्मिक लाभ तुला राशि वालों के लिए बुध नौवें (भाग्य) भाव में मार्गी हो रहे हैं। सामान्यतः भाग्य भाव में बुध की स्थिति को थोड़ा कमजोर माना जाता है, जो काम में रुकावटें ला सकती है। लेकिन यहाँ एक अच्छी बात यह है कि बुध अपने ही घर में हैं और साथ में ज्ञान के देवता गुरु बैठे हैं। गुरु मंत्र: यदि आप धर्म की राह पर चलते हैं, सकारात्मक सोचते हैं और दान-पुण्य करते हैं, तो यह बुध आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएगा। कार्यक्षेत्र की परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगी। वृश्चिक राशि: अचानक धन लाभ और तरक्की वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध का यह बदलाव आठवें (आयु व शोध) भाव में हो रहा है। आठवें भाव में अपनी ही राशि के बुध का मार्गी होना आपके लिए लॉटरी जैसा साबित हो सकता है। आपको अचानक से रुका हुआ धन या पैतृक संपत्ति मिल सकती है। विशेष: नौकरी में कोई बड़ा और शानदार अवसर मिल सकता है। हालांकि, शनि की दृष्टि के कारण आपको अपनी जुबान पर लगाम रखनी होगी। गुरु की कृपा से आपकी वाणी में गंभीरता बनी रहेगी, जिससे मान-सम्मान मिलेगा। धनु राशि: रिश्तों में बरतें थोड़ी सावधानी धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें (साझेदारी/विवाह) भाव में मार्गी हो रहे हैं। सातवें भाव में बुध की यह चाल जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद पैदा कर सकती है। व्यापारिक यात्राओं में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। गुरु मंत्र: रिश्तों में ईगो (अहंकार) को बीच में न आने दें। गुरु और बुध की युति आपको किसी बड़े विवाद में फंसने नहीं देगी। महीने के उत्तरार्ध में सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा परेशानी हो सकती है। मकर राशि: विरोधियों पर विजय और उत्तम स्वास्थ्य मकर राशि के जातकों के लिए बुध का छठे (शत्रु/रोग) भाव में मार्गी होना बेहद शुभ फलदायी रहेगा। यदि आपका कोई कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है या कोई विरोधी परेशान कर रहा है, तो जीत आपकी तय है। विशेष: गुरु के प्रभाव से आपके खर्च तो बढ़ेंगे, लेकिन वे सभी खर्च शुभ और जरूरी कामों पर होंगे। सेहत अच्छी रहेगी और जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें मनचाही सफलता मिलने के पूरे योग हैं। कुंभ राशि: मानसिक शांति और योजनाओं की सफलता कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें (बुद्धि/संतान) भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। दिमाग में विचारों का तूफान चल सकता है, लेकिन गुरु की संगति के कारण आपकी बुद्धि सही दिशा में काम करेगी। विशेष: भाइयों के साथ जो थोड़े-बहुत मतभेद थे, वे गुरु की कृपा से दूर होंगे। आपकी जो योजनाएं लंबे समय से अटकी हुई थीं, वे अब गति पकड़ेंगी और मुनाफा देना शुरू करेंगी। यह समय आत्म-संतुष्टि देने वाला रहेगा। मीन राशि: पारिवारिक सुख और सुख-समृद्धि मीन राशि के जातकों के लिए बुध देव चौथे (सुख/माता) भाव में मार्गी होने जा रहे हैं, जिसका सीधा संबंध आपके सुख-चैन से है। लग्न स्वामी गुरु के साथ बुध की यह युति घर-परिवार में खुशियों की बौछार लेकर आएगी। विशेष: माता के साथ रिश्ते सुधरेंगे और यदि कोई संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़ा विवाद चल रहा था, तो उसका शांतिपूर्ण समाधान निकल जाएगा। महीने के मध्य में सूर्य के प्रभाव से थोड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर बुध आपके लिए भाग्यशाली बने रहेंगे।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 4:57 pm

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की पंचमी की देवी मां त्रिपुर भैरवी, जानिए पूजा विधि

Gupt Navratri Panchami Worship: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधना, शक्ति उपासना और दस महाविद्याओं की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। इस नवरात्रि में प्रत्येक दिन एक विशेष शक्ति स्वरूप की पूजा का विधान है। इसीलिए गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है, और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन यानी पंचमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी मां त्रिपुर भैरवी हैं। ALSO READ: गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें इन्हें 'भैरवी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये तमोगुण और ब्रह्मांड के विनाशक तत्वों को नियंत्रित करती हैं, लेकिन अपने भक्तों के लिए वे अभय वरदान देने वाली करुणामयी मां हैं। मां त्रिपुर भैरवी का स्वरूप अत्यंत ओजस्वी, विनाशक और साथ ही भक्तों के लिए परम कल्याणकारी माना गया है। इनकी कृपा से साधक के भय, नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु बाधा तथा मानसिक अशांति दूर होती है और जीवन में आत्मविश्वास तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि की पंचमी तिथि पर विधि-विधान से मां त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से साधना शीघ्र सिद्ध होती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आइए जानते हैं मां त्रिपुर भैरवी का स्वरूप, उनकी पूजा विधि और महत्व... मां त्रिपुर भैरवी का स्वरूप माता का रंग उदीयमान सूर्य यानी सुबह के लाल सूर्य की तरह लाल है। उनके चार हाथ हैं, जिनमें वे विद्या/ ज्ञान, वरद मुद्रा, अभय मुद्रा और एक माला धारण किए हुए हैं। मां त्रिपुर भैरवी के तीन नेत्र हैं और वे मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करती हैं। लाल वस्त्र और लाल फूलों की माला माता को अत्यंत प्रिय है। साधना का महत्व मां त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से व्यक्ति के भीतर का डर, डिप्रेशन और मानसिक तनाव पूरी तरह खत्म हो जाता है। यह साधना कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय दिलाने, शत्रुओं के प्रभाव को कम करने और वाक-सिद्धि प्राप्त करने के लिए अचूक मानी जाती है। गृहस्थ जीवन में आ रही बाधाएं भी इस पूजा से दूर होती हैं। गुप्त नवरात्रि की पूजा आधी रात या निशिथ काल में करना सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है, हालांकि गृहस्थ लोग इसे सुबह भी कर सकते हैं। पूजा की सरल और सटीक विधि इस प्रकार है: पंचमी तिथि की विशेष पूजा विधि 1. सुबह या मध्यरात्रि स्नान करके साफ लाल रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल का शुद्धिकरण करें, फिर गंगाजल छिड़कें। हाथ में जल और अक्षत लेकर मां त्रिपुर भैरवी की पूजा का संकल्प लें। ALSO READ: भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा 2. लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर कलश और मां त्रिपुर भैरवी की तस्वीर या यंत्र स्थापित करें। यदि तस्वीर न हो, तो मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने ही उनका ध्यान करें। माता के सम्मुख घी का दीपक और धूप जलाएं। 3. माता को लाल रंग की सामग्री- जैसे कुमकुम, सिंदूर, लाल चंदन और अक्षत चढ़ाएं। उन्हें लाल रंग के फूल- विशेषकर गुड़हल या गुलाब अर्पित करें और लाल फलों का भोग लगाएं। 4. शांत चित्त होकर कमल गट्टे या रुद्राक्ष की माला से माता के विशेष मंत्र- 'ॐ ह्रीं भैरवी क्लौं ह्रीं स्वाहा॥' का कम से कम 108 बार/ एक माला जाप करें। 5. जाप पूरा होने के बाद कपूर या घी के दीपक से मां की आरती उतारें। पूजा के समापन पर पूजा में हुई किसी भी अनजानी भूल के लिए हाथ जोड़कर माता से क्षमा याचना करें और अपना मनोरथ कहें। 6. पंचमी तिथि के दिन मां त्रिपुर भैरवी को खीर, शहद, हलवा या लाल रंग की मिठाइयों का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की पंचमी तिथि मां त्रिपुर भैरवी की साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा, मंत्र जाप और आराधना करने से साधक को साहस, आत्मबल, आध्यात्मिक ऊर्जा तथा जीवन की बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। मां त्रिपुर भैरवी अपने भक्तों को निर्भयता, सफलता और दिव्य शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी की देवी मां भुवनेश्वरी, जानिए पूजा विधि

वेब दुनिया 17 Jul 2026 4:53 pm

एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’की कामयाबी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें

नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय राजधानी में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और वह महज 48 घंटों के भीतर दूसरी बार नयी दिल्ली के दौरे पर हैं। महाराष्ट्र में जैसे-जैसे राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं शिंदे का मकसद केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने गुट के लिए सत्ता में बड़ी हिस्सेदारी प्राप्त करना […] The post एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ की कामयाबी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 4:18 pm

आईसीसी ने डोपिंग मामले मोहम्मद नवाज पर लगाया तीन महीने का प्रतिबंध

दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी के एंटी-डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। आईसीसी ने की ओर यह यह कार्रवाई इस साल की शुरुआत में पुरुषों के टी-20 विश्व कप के दौरान एक प्रतिबंधित पदार्थ लेने की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव […] The post आईसीसी ने डोपिंग मामले मोहम्मद नवाज पर लगाया तीन महीने का प्रतिबंध appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 3:44 pm

राहुल गांधी के 'धुरंधर' पवन खेड़ा पहुंचे सोनम वांगचुक से मिलने, मोदी सरकार पर साधा निशाना

Pawan Khera meets Sonam Wangchuk: कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वांगचुक का हालचाल जाना और अन्य प्रदर्शनकारियों से भी मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक को लेकर वांगचुक करीब 20 दिन से अनशन कर रहे हैं। इस दौरान उनकी हालत काफी खराब हो चुकी है। खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना एक संवैधानिक अधिकार है। जब नागरिक अपनी बात रखने के लिए उपवास करते हैं, तो सरकार का फर्ज है कि वह उनकी बात सुने न कि नज़रअंदाज करे। यही 'राज धर्म' है। श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1984 में यही किया था। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 2011 में यही किया था। वे समझते थे कि सरकार की पहली ज़िम्मेदारी बातचीत करना है, भले ही असहमति हो। लेकिन, इस सरकार ने उदासीनता का रास्ता चुना है। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील उदासीन और संवेदनहीन सरकार उन्होंने कहा- वर्तमान सरकार ने शिक्षा सुधारों की मांग पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है, चाहे यह मांग राहुल गांधी और देश भर में NSUI और IYC कार्यकर्ताओं ने उठाई हो या जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने। ऐसी उदासीनता सिर्फ़ अहंकार नहीं है, यह संवेदनहीनता है और लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है। आज, कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं श्री सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिला और उनसे आग्रह किया कि वे अपनी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अपना उपवास समाप्त करें। अपने लोगों को खोने से कोई आंदोलन मजबूत नहीं होता। हम आगे भी लड़ने के लिए जीवित रहते हैं। क्यों भूख हड़ताल कर रहे हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक की इस भूख हड़ताल का सबसे बड़ा और मुख्य कारण राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर NEET (UG) 2026 परीक्षा में हुई कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताएं हैं। वांगचुक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन के समर्थन में 28 जून से अनशन पर हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि परीक्षा प्रणाली में हुए इस बड़े खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा प्रणालियों में कमियों के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है और कई छात्र मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। लंबे समय से लद्दाख में वैकल्पिक और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाले वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि भारत की मौजूदा परीक्षा और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की भारी कमी है, जिसे सुधारा जाना बेहद जरूरी है।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 3:28 pm

केन-बेतवा संघर्ष का 11वां दिन: टूटती सांसें, सुलगते सवाल, मुआवजे और पुनर्वास पर कब जागेगा प्रशासन?

छतरपुर (मध्य प्रदेश): विकास परियोजनाओं में विस्थापितों की अनदेखी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बुंदेलखंड की धरती पर आक्रोश की आग सुलग उठी है। केन-बेतवा लिंक, मझगांव, रूंज, नैगुवा और एनटीपीसी जैसी बड़ी परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 'जय किसान संगठन' का 'चिता आंदोलन' अब और तेज हो गया है। इस बीच, विस्थापितों के हक की आवाज बुलंद कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन आज 11वें दिन भी जारी है, जिससे शासन-प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। लेकिन प्रशासन जागने को तैयार नहीं है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। 500 बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग भूखे: आंदोलनकारियों के अनुसार अनशन के दौरान उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है और अब तक करीब 6 किलो वजन कम हो चुका है। वहीं आंदोलन के समर्थन में बुधवार को भी आंदोलन स्थल पर चूल्हा नहीं जला, जिससे करीब 500 बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भूखे रहे। पुनर्वास की मांग की तेज हुई : आंदोलनकारी पिछले चार वर्षों से वे ग्राम सभाओं के आयोजन, पारदर्शी सर्वे, जनसुनवाई, आपत्तियों के निराकरण और उचित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि पात्र परिवारों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला, जबकि कई अपात्र लोगों को अधिक राशि दी गई। साथ ही बिचौलियों के खातों में मुआवजा पहुंचने और पुनर्वास प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए गए हैं। परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का आरोप : आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक विस्थापित परिवार को तीन एकड़ जमीन, कट-ऑफ डेट वर्ष 2026 तक बढ़ाना, परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच तथा केन-बेतवा लिंक परियोजना के लाभ-हानि पर सार्वजनिक चर्चा और कानून के अनुरूप कार्रवाई शामिल है। उमंग सिंघार ने लगाए आरोप : मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि हाल ही में उन्होंने परियोजना प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि छतरपुर और पन्ना जिले के 14 गांवों के लोग लंबे समय से जमीन अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासन बल प्रयोग कर रहा है लाठियां मारकर धरना स्थल से हटाया : उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे महिलाओं और बुजुर्गों को लाठियां मारकर धरना स्थल से हटाया जा रहा है। उनका कहना है कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर बिना ग्रामसभा की वैधानिक अनुमति के किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई। जिन ग्रामसभा प्रस्तावों का हवाला दिया जा रहा है, उनमें वर्तमान सरपंच के हस्ताक्षर तक नहीं हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं। केन बेतवा विस्‍थापन आंदोलन : अब तक क्‍या क्‍या हुआ ? असंतोष और शिकायतें (4 वर्ष पहले से): प्रभावित ग्रामीण पिछले चार सालों से पारदर्शी भूमि सर्वेक्षण, ग्राम सभाओं के आयोजन, सार्वजनिक सुनवाई और आपत्तियों के सही निपटारे की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि पात्र परिवारों को कम मुआवजा मिला या छोड़ दिया गया, जबकि अपात्रों और बिचौलियों ने मोटी रकमें ऐंठ लीं। प्रशासनिक आश्वासन और विफलता: प्रशासन द्वारा बार-बार सूची में सुधार करने और मुआवजा देने के वादे किए गए। प्रशासन ने दावा किया कि 638 छूटे हुए परिवारों को सूची में जोड़ा गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि 'मैनारी' जैसे कई गांवों के नाम अब भी पूरी तरह गायब हैं। गिरफ्तारियां और झड़पें (फरवरी 2026): आंदोलन की अगुवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अमित भटनागर को पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद बिजावर तहसील में ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। प्रदर्शन हिंसक हुआ, पथराव की घटनाएं हुईं और तत्कालीन एसडीएम व अन्य अधिकारी अंदर ही फंस गए, जिसके बाद पुलिस ने कई मामले दर्ज किए। पदयात्रा और पीएम को खून से पत्र (मार्च 2026): जेल से रिहा होने के बाद आंदोलन ने फिर जोर पकड़ा। 23 मार्च से पन्ना से छतरपुर के गांवों तक 'न्याय अधिकार पदयात्रा' निकाली गई। 28 मार्च को आंदोलनकारियों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। चिता आंदोलन (अप्रैल और जुलाई 2026): आंदोलनकारियों ने न्याय दो या मार दो का नारा दिया। 'चिता आंदोलन' के तहत विस्थापित ग्रामीण और विशेषकर आदिवासी महिलाएं प्रतीक के तौर पर बनाई गई चिताओं पर लेट गईं। उनका कहना था कि ज़मीन और जंगल छिन जाने के बाद वे जीते जी मर चुके हैं। जल सत्याग्रह और सूली आंदोलन (जुलाई 2026): चिता आंदोलन के बाद ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह शुरू किया, जहां महिलाएं और पुरुष घंटो बराना नदी के ठंडे पानी में खड़े रहे। इसके तुरंत बाद आंदोलन 'सूली आंदोलन' (फांसी सत्याग्रह) में बदल गया, जिसमें ग्रामीणों ने अपने गले में फांसी के फंदे डाले और प्रतीकात्मक फांसी के तख्तों पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। 11 दिनों का आमरण अनशन (ताजा स्थिति): विस्थापितों की मांगों को लेकर अमित भटनागर और पूना नाम की एक आदिवासी महिला अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए। लगातार 11 दिनों तक भूखे रहने के कारण अमित भटनागर का वजन करीब 6 किलो तक घट चुका है और उनकी तबीयत बेहद नाजुक हो गई है। आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर एक दिन खाना तक नहीं पकाया गया। राजनीतिक मोड़: आंदोलन के लगातार खींचने पर मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन स्थल का दौरा किया और सरकार पर विस्थापित आदिवासियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। विस्थापितों की मुख्य मांगें : भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 का पूरी तरह पालन हो। प्रत्येक विस्थापित परिवार को कम से कम 3 एकड़ कृषि भूमि दी जाए। पुनर्वास के लिए पात्रता की कट-ऑफ तारीख को बढ़ाकर 2026 किया जाए। केन-बेतवा लिंक परियोजना के सामाजिक-आर्थिक लाभों और नुकसानों पर एक खुली सार्वजनिक बहस (Public Debate) कराई जाए। सीएम यादव को पत्र लिखेंगे सिंघार : नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो जमीन अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और परियोजना की प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ जाएगी।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 3:27 pm

अनुराग कुमार दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त

नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे राष्ट्रीय राजधानी के पुलिस बल के प्रमुख के रूप में कार्यरत सतीश गोलचा का स्थान लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार अरूणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्रशासित प्रदेश (एजीएमयूटी) संवर्ग के 1994 बैच के […] The post अनुराग कुमार दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 3:23 pm

लंदन पहुंचे रोहित शर्मा के माता पिता, संन्यास की खबरों पर लगने लगी मुहर

रोहित शर्मा की संन्यास की अटकलों के बीच रोहित शर्मा के माता पिता लंदन पहुंच गए हैं। ऐसा लग रहा है बहुत जल्द रोहित शर्मा अटकलों पर विराम लगाते हुए शनिवार या रविवार तक संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर देंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे, चयनकर्ताओं के मुताबिक। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने रोहित को बता दिया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 2027 में होने वाले विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिलेगी। इससे रविवार को होने वाले मैच के बाद रोहित के संन्यास की घोषणा करने या उन्हें स्थायी रूप से टीम से बाहर किए जाने की संभावना पैदा हो गई है।वह पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। रोहित शर्मा ने इस कारण अपने पिता गुरुनाथ शर्मा और माता पूर्णिमा शर्मा के लिए लॉर्ड्स में मैच देखने का पूरा बंदोबस्त कर दिया है। हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को आज भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया।रोहित शर्मा सफेद गेंद की क्रिकेट (एकदिवसीय और टी-20 प्रारुप) में भारत के सफलतम बल्लेबाजों में से एक हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान भारत को टी-20 विश्वकप और चैंपियन्स ट्रॉफी जिता चुके हैं और महेंद्र सिंह धोनी के बाद सबसे सफल कप्तान हैं। NO ROHIT SHARMA FOR WORLD CUP. - Lord’s could be Rohit’s final ODI as the selectors have conveyed him he’s not part of the 2027 World Cup plans. (Express Sports). pic.twitter.com/7Mg7Cki2TV — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 16, 2026 ऐसा रहा है करियर रोहित 2022 टी20 विश्व कप में भी कप्तान थे जब भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने हराया था। इसके एक साल बाद 50 ओवरों के विश्व कप में रोहित की कप्तानी वाली भारतीय टीम फाइनल में आस्ट्रेलिया से हार गई।रोहित ने टी20 क्रिकेट में 159 मैच खेलकर 4231 रन बनाये जिसमें पांच शतक और 32 अर्धशतक शामिल है। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 3:23 pm

परेश रावल ने बताया कैसे उनकी कहानी बनी 'OMG 2', लेकिन क्रेडिट किसी और को मिला

साल 2023 की सबसे चर्चित और बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही फिल्म 'ओएमजी 2' (OMG 2) एक बार फिर सुर्खियों में है। पंकज त्रिपाठी और अक्षय कुमार स्टारर इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की खूब सराहना मिली थी। लेकिन अब, इस फिल्म की मूल कहानी को लेकर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने सनसनीखेज खुलासा किया है। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में परेश रावल ने दावा किया है कि 'OMG 2' का ओरिजिनल कॉन्सेप्ट और आइडिया उनका था, जिसे उन्होंने खुद तैयार किया था, लेकिन फिल्म की रिलीज के वक्त उन्हें इसका कोई क्रेडिट नहीं दिया गया। ALSO READ: क्या '3 इडियट्स' में आमिर खान का किरदार सोनम वांगचुक से था प्रेरित? सालों बाद सामने आया सच परेश रावल ने बताया कि उन्होंने फिल्म 'रोड टू संगम' के निर्देशक अमित राय के साथ मिलकर इस पूरी कहानी का ताना-बाना बुना था। परेश ने स्पष्ट किया, 'मैं कोई लेखक नहीं हूं, इसलिए मैंने अमित से कहा था कि मैं फिल्म लिखूंगा नहीं, बल्कि आइडिया दूंगा और जहां भी हम गलत दिशा में जाएंगे, उसे ठीक करने में मदद करूंगा।' परेश रावल के अनुसार, उनकी मूल कहानी एक ऐसे स्कूली छात्र के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो पकड़ा गया है। इसके बाद उस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है, जिससे उस बच्चे और उसके परिवार की जिंदगी नर्क बन जाती है। इस ओरिजिनल ड्राफ्ट में लड़के के पिता खजुराहो मंदिर में एक टूरिस्ट गाइड थे। बाद में, स्क्रिप्टिंग के दौरान डायरेक्टर अमित राय ने सुझाव दिया कि पिता के किरदार को खजुराहो के गाइड के बजाय महाकाल मंदिर का अंशकालिक पुजारी बनाया जाए। दोनों ने इस विषय की संवेदनशीलता और प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए देश के जाने-माने सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश कोठारी को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा था और वे इस प्रक्रिया में गहराई से शामिल थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जब सलमान खान और अजय देवगन ने ठुकरा दिया रोल परेश रावल ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके इस कॉन्सेप्ट में किसी भगवान या दिव्य शक्ति का कोई रोल नहीं था। वह कहानी को बेहद यथार्थवादी रखना चाहते थे, जहां पिता का मार्गदर्शन करने के लिए एक आम 'बाइकर' आता है। परेश ने इस बाइकर के रोल के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन और सलमान खान से संपर्क किया था। उन्होंने बताया, मैंने अजय और सलमान दोनों को यह कॉन्सेप्ट समझाने की कोशिश की थी, लेकिन संभवतः इस विषय की संवेदनशीलता और संभावित विवाद के डर से उन्होंने इस फिल्म को करने से मना कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि परेश ने जानबूझकर अक्षय कुमार को इस रोल के लिए अप्रोच नहीं किया था, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि लोग इसे साल 2012 में आई उनकी सुपरहिट फिल्म 'ओएमजी' का सीक्वल समझें। परेश रावल के मुताबिक, जब वह और अमित राय अभी स्क्रिप्ट पर काम ही कर रहे थे, तभी अमित ने उन्हें बताया कि अक्षय कुमार इस फिल्म में काम करने के लिए उत्सुक हैं। यह स्क्रिप्ट निर्माता अश्विन वर्दे के जरिए अक्षय तक पहुंची थी। अक्षय के आते ही फिल्म को कॉर्पोरेट रूप दिया गया और इसे 'OMG' फ्रेंचाइजी में बदलने का फैसला लिया गया, जिसके परेश सख्त खिलाफ थे। जब अक्षय कुमार ने खुद परेश रावल से इस फिल्म में अभिनय करने का अनुरोध किया, तो परेश ने साफ तौर पर मना कर दिया। परेश ने कहा, मैंने अक्षय से कहा कि यह वह फिल्म नहीं है जिसकी मैंने कल्पना की थी। मेरी कहानी में भगवान की कोई भूमिका नहीं थी। अक्षय ने मुझे मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैं शुरुआत से इस स्क्रिप्ट के साथ जिया था और जानता था कि इसे क्या होना चाहिए था। इसीलिए मैं इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गया। परेश रावल ने बेहद निराशा जताते हुए कहा कि सबसे दुखद बात यह रही कि फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें कहानी या कॉन्सेप्ट का कोई क्रेडिट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, अमित राय, अक्षय कुमार, अश्विन वर्दे, अजय देवगन, करण जौहर और सलमान खान... ये सभी अच्छी तरह जानते हैं कि यह मेरा आइडिया और मेरी कहानी थी। लेकिन मेरा नाम कहीं नहीं लिया गया। बता दें कि परेश रावल के हटने के बाद इस फिल्म में पिता का मुख्य किरदार पंकज त्रिपाठी ने निभाया, जबकि अक्षय कुमार भगवान शिव के दूत के रूप में नजर आए।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 3:03 pm

नोएडा की पारस टियरा सोसाइटी में एसी ब्लास्ट के बाद फ्लैट में लगी आग

नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-137 स्थित पारस टियरा सोसाइटी में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब 11 बजे सोसाइटी की सातवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (एसी) में अचानक ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई। देखते ही देखते फ्लैट से धुआं और लपटें उठने लगीं, […] The post नोएडा की पारस टियरा सोसाइटी में एसी ब्लास्ट के बाद फ्लैट में लगी आग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 2:18 pm

जर्मनी और चीन से बेहतर है भारत की हाइड्रोजन ट्रेन

जींद। भारत ने हरित एवं स्वच्छ रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित ट्रेन शुरू कर दी है। जर्मनी और चीन में संचालित हाइड्रोजन ट्रेनों की तुलना में यह अधिक क्षमता और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यह ट्रेन भारतीय रेलवे की स्वदेशी इंजीनियरिंग […] The post जर्मनी और चीन से बेहतर है भारत की हाइड्रोजन ट्रेन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 1:58 pm

उड़ने की आशा में 7 साल का महा-लीप: बिखर जाएगी सचिन और सायली की गृहस्थी?

स्टार प्लस का नंबर वन फैमिली ड्रामा सीरियल 'उड़ने की आशा' इन दिनों दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है। लेकिन अब शो के मेकर्स दर्शकों को एक बहुत बड़ा सरप्राइज देने जा रहे हैं। सीरियल में 7 साल का लंबा लीप आने वाला है, जो सचिन और सायली की हंसती-खेलती जिंदगी को पूरी तरह से पलट कर रख देगा। इस महा-लीप के साथ ही शो की कहानी एक बेहद भावुक और नए सफर की तरफ मुड़ जाएगी, जहां हर मोड़ पर दर्शकों के लिए सस्पेंस और इमोशनल ड्रामा देखने को मिलेगा। 'उड़ने की आशा' में 'सचिन' की भूमिका निभा रहे लोकप्रिय अभिनेता कंवर ढिल्लों इस लीप के बाद बिल्कुल नए अंदाज में नजर आने वाले हैं। लीप के बाद अपने किरदार को और भी परिपक्व और फ्रेश दिखाने के लिए कंवर ने अपने लुक के साथ एक बड़ा एक्सपेरिमेंट किया है। A post shared by StarPlus (@starplus) कंवर ढिल्लों ने अपने नए लुक के बारे में बात करते हुए बताया, पिछले ढाई सालों से दर्शकों ने सचिन और सायली के इस सफर को सिर्फ एक सीरियल की तरह नहीं देखा, बल्कि दिल से जिया है। फैंस इस ऑन-स्क्रीन जोड़ी से भावनात्मक रूप से जुड़ चुके हैं। इस नए फेज के लिए मैंने अपने लुक में एक बड़ा बदलाव किया है। मैंने आखिरकार ढाई साल बाद पहली बार इस शो के लिए अपने बाल कटवाए हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि दर्शकों को सचिन का यह बदला हुआ रूप पसंद आएगा। ALSO READ: रवि किशन को जान से मारना चाहते थे पिता, 17 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर क्या है सचिन और सायली की नई कहानी? लीप के बाद सचिन और सायली की जिंदगी का कैनवास पूरी तरह बदल चुका है। दोनों अपनी बेटी 'पूर्णा' के साथ एक नए शहर में अपनी दुनिया बसाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस हंसते हुए चेहरे के पीछे एक गहरा सन्नाटा और दर्द छुपा हुआ है। A post shared by StarPlus (@starplus) सचिन और सायली का बेटा उनसे दूर हो चुका है। दोनों को लगता है कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन असलियत यह है कि उनका बेटा जीवित है और किसी और जगह पल-बढ़ रहा है। बेटे के खोने का गम और इस कड़वे सच से अनजान होकर जीना, सचिन और सायली के रिश्ते को किस मोड़ पर ले जाएगा, यही इस शो का सबसे बड़ा सस्पेंस होने वाला है। शो में सायली का मुख्य किरदार निभा रहीं एक्ट्रेस नेहा हरसोरा (Neha Harsora) भी इस नए ट्रैक को लेकर काफी इमोशनल हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार इस लीप की स्क्रिप्ट सुनी थी, तो उनकी आँखों में आंसू आ गए थे। सायली के जीवन का यह नया संघर्ष हर उस माँ को छू जाएगा जो अपने बच्चे से दूर रहने का दर्द सहती है।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 1:33 pm

महाराष्ट्र सरकार ने 25 लाख परिवारों के लिए मुफ्त साड़ी योजना बंद की

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण अंत्योदय राशन कार्ड वाले लगभग 25 लाख परिवारों को मुफ्त साड़ी देने की योजना को बंद कर दी है। कपड़ा विभाग के गुरुवार रात जारी इस आदेश से पता चलता है कि सरकार बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच राज्य-प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं में बड़ी कटौती कर रही […] The post महाराष्ट्र सरकार ने 25 लाख परिवारों के लिए मुफ्त साड़ी योजना बंद की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 1:16 pm

मासूम अनिका के इलाज में देरी पर हाई कोर्ट नाराज, 23 जुलाई तक मांगा जवाब, 27 जुलाई को अगली सुनवाई

इंदौर की बालिका के इलाज में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, अनिका स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 जैसी दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उसकी उम्र महज तीन साल है। बता दें कि अनिका शर्मा के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग की गई थी। उसके इलाज को लेकर सुनवाई चल रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने गंभीर चिंता जताई है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान AIMS नई दिल्ली की ओर से एक बार फिर जवाब पेश नहीं किए जाने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 23 जुलाई तक हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि अनिका के इलाज को लेकर लगातार देरी हो रही है। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पष्ट किया कि अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। क्राउड फंडिंग से 7.5 करोड़ रुपए जुटाए : अनिका की ओर से एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा द्वारा दायर याचिका में बताया गया है कि बच्ची SMA टाइप-2 नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके इलाज के लिए लगभग 9.5 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। परिजनों ने केंद्र सरकार से मंजूर 50 लाख रुपए की सहायता राशि के अलावा सामाजिक संगठनों और आम लोगों के सहयोग से क्राउडफंडिंग के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ से ज्यादा रुपए जुटा लिए हैं। इसके बावजूद इलाज अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इलाज के लिए अब करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता है। इसके बावजूद इलाज शुरू नहीं होना चिंताजनक है, क्योंकि हर दिन की देरी बच्ची के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है। परिजनों के मुताबिक AIMS प्रशासन ने बताया है कि केंद्र सरकार से मंजूर 50 लाख रुपए की राशि की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से इनवॉइस मंगाया जाएगा। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों द्वारा जुटाई गई राशि भी इनवॉइस के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है। नतीजतन, आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद इलाज प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पिछली सुनवाइयों में भी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एम्स की ओर से लगातार समय मांगा जाता रहा है। जबकि मामला एक गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम बच्ची के जीवन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए एम्स को निर्देश दिया कि वह 23 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 12:47 pm

विश्वकप 2027 की योजना में नहीं रविंद्र जड़ेजा, जल्द ले सकते हैं संन्यास

रोहित शर्मा के बाद भारत के एक दिग्गज ऑलराउंडर की बल्ला टांगने की खबर आ रही है। यह नाम भी रोहित शर्मा के समकालीन ही रहा है। रविंद्र जड़ेजा जो महेंद्र सिंह धोनी और फिर रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियन्स ट्रॉफी जीते वह अब भारतीय एकदिवसीय टीम में जगह नहीं बना पाएंगे क्योंकि वह टीम प्रबंधन की विश्वकप 2027 की योजनाओं में नहीं है। गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए। वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके।रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं। This picture says everything without saying a word. pic.twitter.com/9082Bx6lEo — Charvi Vyas (@4Vvyas) July 16, 2026 फरवरी में फैंस की इस मांग को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने गंभीरता से लिया और माना कि वह उनके ही कलेवर के बल्लेबाज और गेंदबाज अक्षर पटेल को दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले एकदिवसीय विश्वकप में ले जाना चाहते हैं।इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में उनका चयन नहीं हुआ था लेकिन अब यह खबर सामने आ रही है। रविंद्र जड़ेजा चाहे तो संन्यास ले सकते हैं या फिर अगली एकदिवसीय सीरीज से खुद को ड्रॉप होते हुए देख सकते हैं। ऐसा रहा है करियर रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है। वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 12:44 pm

चैट जीपीटी के ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग कमजोर होने का डर

ईमेल लिखने से लेकर, कंप्यूटर कोड, अनुवाद या फिर यात्रा की योजना बनाने में जेनरेटिव एआई चैटबॉट का जम कर इस्तेमाल होने लगा है। जितनी आसानी से वे हमारी मदद करते हैं उतनी ही आसानी से हमारे दिमाग को मंद कर सकते हैं।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 12:44 pm

बानसूर में कपड़ा व्यापारी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में 3 आरोपी अरेस्ट

कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर कस्बे में उधार के रुपये मांगने पर एक कपड़ा व्यापारी को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनसे एक अवैध देशी पिस्तौल बरामद की है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि कपड़ा व्यापारी प्रमोद महाजन ने पुलिस को शिकायत की […] The post बानसूर में कपड़ा व्यापारी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में 3 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 12:40 pm

बड़ौदामेव में मोबाइल शोरूम में भीषण आग से लाखों का सामान खाक

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात मुख्य बाजार में स्थित एक मोबाइल शोरूम में अचानक आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान के अंदर रखा लाखों रुपए […] The post बड़ौदामेव में मोबाइल शोरूम में भीषण आग से लाखों का सामान खाक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 12:35 pm

आम आदमी पार्टी और सपा के बाद कांग्रेस ने भी दिया वांगचुक को समर्थन

नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को विपक्षी दलों के समर्थन के बीच शुक्रवार को कांग्रेस की तरफ से संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा भी उनसे मिलने पहुंचे। खेड़ा ने आज सुबह धरना स्थल पर पहुंचकर वांगचुक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे विचार विमर्श कर […] The post आम आदमी पार्टी और सपा के बाद कांग्रेस ने भी दिया वांगचुक को समर्थन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 11:59 am

मोदी ने जींद से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

जींद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली इस पैसेंजर ट्रेन में 2600 लोग सफ़र कर सकेंगे। रेल मंत्रालय के अनुसार 10 डिब्बों वाली यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक […] The post मोदी ने जींद से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 11:50 am

'मन्नत' में आधी रात को हुई सीक्रेट मीटिंग! शाहरुख खान को लेकर अपनी सबसे बड़ी फिल्म बनाने जा रहे हैं आर्यन खान?

बॉलीवुड के गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। नेटफ्लिक्स पर अपनी पहली सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' (The Ba***ds of Bollywood) की जबरदस्त सफलता के बाद, किंग खान के बड़े नवाब यानी आर्यन खान अब बड़े पर्दे पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन गॉसिप के गलियारों में चर्चा इस बात की नहीं है कि वो फिल्म बना रहे हैं, बल्कि इस बात की है कि इस फिल्म का लीड हीरो कौन होने वाला है! ALSO READ: OTT Releases Today: आज 17 जुलाई को रिलीज हो रही हैं ये धांसू फिल्में और वेब सीरीज, नोट कर लें अपनी वीकेंड वॉचलिस्ट! आधी रात को 'मन्नत' में क्या पका? बॉलीवुड के एक बेहद करीबी इनसाइडर ने खुलासा किया है कि पिछले हफ्ते शाहरुख खान के बंगले 'मन्नत' में आधी रात को एक बेहद गुप्त मीटिंग हुई। इस मीटिंग में शाहरुख, गौरी खान और आर्यन के अलावा रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की कोर टीम मौजूद थी। सूत्रों की मानें तो आर्यन खान ने अपने पिता शाहरुख खान को एक हाई-ऑक्टेन, डार्क-कॉमेडी थ्रिलर की स्क्रिप्ट सुनाई है। कहा जा रहा है कि स्क्रिप्ट सुनने के बाद शाहरुख इतने इम्प्रेस हुए कि उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी। इनसाइडर का दावा है कि 'आर्यन हमेशा से चाहते थे कि वो अपने पिता को तभी डायरेक्ट करें जब उनके पास एक बिल्कुल अलग और कल्ट स्क्रिप्ट हो। ओटीटी पर अपनी काबिलियत साबित करने के बाद, आर्यन अब अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की ओर बढ़ रहे हैं।' 2027 का सबसे बड़ा धमाका? हालांकि, शाहरुख खान इस समय अपनी बेटी सुहाना खान के साथ आने वाली मेगा-एक्शन फिल्म 'किंग' की शूटिंग में व्यस्त हैं, जो दिसंबर 2026 में रिलीज होने वाली है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आर्यन खान का यह बिग-स्क्रीन डायरेक्टोरियल डेब्यू, जिसमें वो खुद अपने पिता को डायरेक्ट करेंगे, 2027 की शुरुआत में फ्लोर पर आ सकता है। यह पहली बार होगा जब सिल्वर स्क्रीन पर बाप-बेटे की यह जोड़ी डायरेक्टर और एक्टर के रूप में एक साथ नजर आएगी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इंटरनेट पर क्यों मचा है बवाल? जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर लीक हुई, फैंस के बीच उत्सुकता सातवें आसमान पर पहुंच गई है। ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर फैंस लगातार रिएक्ट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, SRK को आर्यन से बेहतर और कौन समझ सकता है? यह फिल्म बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। हालांकि, अभी तक रेड चिलीज या शाहरुख खान की तरफ से इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन गॉसिप इंडस्ट्री में इसे साल की सबसे बड़ी डील माना जा रहा है।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 11:15 am

OTT Releases Today: आज 17 जुलाई को रिलीज हो रही हैं ये धांसू फिल्में और वेब सीरीज, नोट कर लें अपनी वीकेंड वॉचलिस्ट!

यदि आप भी इस वीकेंड घर बैठे कुछ नया और मजेदार देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। आज, यानी 17 जुलाई 2026 को OTT प्लेटफॉर्म्स पर एंटरटेनमेंट का बड़ा धमाका होने जा रहा है। नेटफ्लिक्स (Netflix) से लेकर जियोहॉटस्टार (JioHotstar) तक, रोमांस, थ्रिलर और हॉरर-फैंटेसी से भरपूर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज डिजिटल स्क्रीन पर दस्तक दे चुकी हैं। आइए जानते हैं कि आज आपको अपनी वॉचलिस्ट में किन-किन टाइटल्स को शामिल करना चाहिए। 1. Chand Mera Dil (चाँद मेरा दिल) — जियोहॉटस्टार थिएटर्स में धमाल मचाने के बाद अनन्या पांडे (Ananya Panday) और लक्ष्य (Lakshya) की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'चाँद मेरा दिल' आज से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने के लिए तैयार है। करन जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन विवेक सोनी ने किया है। क्यों देखें: अगर आपको 'आरव और चांदनी' की दिल छू लेने वाली मॉडर्न लव स्टोरी, बेहतरीन म्यूजिक और इमोशनल ड्रामा पसंद है, तो यह फिल्म आपके परफेक्ट डेट नाइट या वीकेंड बिंज के लिए बेस्ट ऑप्शन है। ALSO READ: 'मिर्जापुर: द मूवी' को क्या मिलेगा 'A' सर्टिफिकेट? निर्देशक गुरमीत सिंह ने बताई पूरी वजह 2. Raktanchal Season 3 (रक्तांचल सीजन 3) — अमेज़न एमएक्स प्लेयर पूर्वांचल के खूंखार माफिया नेटवर्क और क्राइम सिंडिकेट पर आधारित लोकप्रिय सीरीज 'रक्तांचल सीजन 3' का इंतजार खत्म हो गया है। रितम श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी यह सीरीज आज से पूरी तरह मुफ्त (Free) देखी जा सकती है। क्यों देखें: उत्तर प्रदेश की राजनीति और गैंगवार की पुरानी दुश्मनी इस सीजन में और भी खतरनाक मोड़ ले चुकी है। अगर आप पावर स्ट्रगल और हैवी एक्शन थ्रिलर के शौकीन हैं, तो इसे बिल्कुल मिस न करें। 3. The East Palace (द ईस्ट पैलेस) — नेटफ्लिक्स के-ड्रामा (Korean Drama) और हॉरर के शौकीनों के लिए नेटफ्लिक्स आज एक बड़ा इंटरनेशनल प्रोजेक्ट लेकर आया है। नाम जू-ह्युक और रोह यून-सियो स्टारर 'The East Palace' आज रिलीज हो गई है। क्यों देखें: यह एक शाही महल की कहानी है जो एक रहस्यमयी शाप की चपेट में है। फैंटेसी और सुपरनेचुरल ताकतों से लड़ते दो अजनबियों की यह कहानी आपको अंत तक बांधकर रखेगी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. Heartstopper Forever (हार्टस्टॉपर फॉरएवर) — नेटफ्लिक्स पॉपुलर कमिंग-ऑफ-एज रोमांस सीरीज का आखिरी और बेहद भावुक कर देने वाला चैप्टर 'हार्टस्टॉपर फॉरएवर' आज नेटफ्लिक्स पर लाइव हो चुका है। निक और चार्ली की यह आखिरी कहानी फैंस को अलविदा कहने के लिए तैयार है। अगर आप सिनेमाहॉल के बजाय घर पर ही थ्रिलर के दीवाने हैं, तो 'रक्तांचल 3' से शुरुआत करें और यदि पार्टनर के साथ लाइट-हार्टेड कंटेंट देखना चाहते हैं, तो 'चाँद मेरा दिल' बेस्ट पिक है।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 10:58 am

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी की देवी मां भुवनेश्वरी, जानिए पूजा विधि

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व बताया गया है। इस पावन पर्व के चौथे दिन मां भुवनेश्वरी की आराधना की जाती है। मां भुवनेश्वरी को दस महाविद्याओं में चतुर्थ स्थान प्राप्त है। वे संपूर्ण सृष्टि की अधिष्ठात्री, जगतजननी और ब्रह्मांड की स्वामिनी मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता है कि उनकी कृपा से साधक को सुख-समृद्धि, यश, ऐश्वर्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: 9 दिनों में किस देवी की करें पूजा? जानें हर दिन का महत्व और लाभ धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मां भुवनेश्वरी समस्त लोकों की रक्षा करने वाली शक्ति हैं। तंत्र साधना में भी मां भुवनेश्वरी की विशेष महिमा का वर्णन मिलता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान उनकी उपासना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। गुप्त नवरात्रि की प्रकृति के अनुसार, मां भुवनेश्वरी की पूजा अत्यंत शांत और सात्विक भाव से, लेकिन पूरी गोपनीयता के साथ की जाती है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? जानें मां भुवनेश्वरी की पूजा विधि गुप्त नवरात्रि में माता की साधना के लिए सुबह या मध्यरात्रि/ निशीथ काल का समय सबसे उत्तम माना जाता है। इस विधि से आप माता की पूजा कर सकते हैं: * प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ अथवा लाल या गुलाबी, पीले या हल्के लाल रंग के वस्त्र धारण करें। * पूजा स्थल की सफाई करें या पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें। * फिर हाथ में जल, अक्षत व पुष्प लेकर गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन मां भुवनेश्वरी की पूजा का संकल्प लें। * एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। मां भुवनेश्वरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। यदि तस्वीर न हो, तो मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने ही उनका ध्यान करें। * फिर माता के सम्मुख घी का दीपक और धूप जलाकर, उनको कुमकुम, लाल चंदन, अक्षत, और लाल पुष्प, जैसे गुलाब या कमल अर्पित करें। * मां भुवनेश्वरी को नारियल, मौसमी फल, पेड़े, या किसी सफेद मिठाई अथवा खीर का भोग लगाएं। इसके बाद मां भुवनेश्वरी की आरती करें और पूजा में अनजाने में हुई भूलचूक के लिए क्षमा याचना करें। * मां भुवनेश्वरी के स्वरूप का ध्यान करते हुए श्रद्धापूर्वक उनके बीज मंत्र: 'ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः' या 'ह्रीं' का रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से कम से कम 108 बार जप करें। * अंत में माता की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना करें। मां भुवनेश्वरी साधना का महत्व: मां भुवनेश्वरी को संतान सुख, कर्ज से मुक्ति और मान-सम्मान दिलाने वाली देवी माना जाता है। गुप्त नवरात्रि में इनकी पूजा करने से वाणी में मधुरता और व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण आता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: भड़ली नवमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक महत्व, मान्यताएं और खास बातें

वेब दुनिया 17 Jul 2026 10:53 am

Perfume History and Evolution: राजा-रानियों की शान से लेकर आम लोगों की लाइफस्टाइल तक, जानें परफ्यूम का 4,000 साल पुराना दिलचस्प इतिहास

इंसान का खुशबू से रिश्ता सदियों पुराना है। आज भले ही परफ्यूम (Perfume) हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और ग्रूमिंग का एक सामान्य हिस्सा बन चुका है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब यह सिर्फ राजा-रानियों और शाही परिवारों की शान व रसूख का प्रतीक माना जाता था। प्राचीन सभ्यताओं से शुरू हुआ खुशबू का यह सफर आधुनिक लग्जरी ब्रांड्स तक कैसे पहुंचा, यह बेहद दिलचस्प है। आइए जानते हैं 4,000 साल पुराने परफ्यूम के इतिहास और इसके विकास की पूरी कहानी:1. 4,000 साल पुराना इतिहास: मेसोपोटामिया से सिंधु घाटी तकइतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार, परफ्यूम बनाने और इस्तेमाल करने की कला की शुरुआत प्राचीन मेसोपोटामिया, मिस्र (Egypt) और सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) के दौर में हुई थी।प्राकृतिक अवयवों का उपयोग: उस समय आज की तरह केमिकल या अल्कोहल वाले परफ्यूम नहीं होते थे। लोग विभिन्न प्रकार के फूलों, सुगंधित तेलों, प्राकृतिक राल (Resin), चंदन व ऊद जैसी लकड़ियों और औषधीय जड़ी-बूटियों को मिलाकर खुशबू तैयार करते थे।कीमत और धार्मिक महत्व: ये सुगंधित पदार्थ अत्यधिक दुर्लभ और कीमती होते थे। इसलिए इनका उपयोग केवल देवताओं को प्रसन्न करने के लिए धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और राजघरानों के विशेष समारोहों में ही किया जाता था।2. राजाओं और रानियों की शान: शरीर की गर्मी से पिघलता था वैक्सप्राचीन मिस्र के शाही परिवारों में खुशबू का एक अलग ही क्रेज था, जिसे ऐतिहासिक दस्तावेजों में भी दर्ज किया गया है:सुगंधित वैक्स का अनूठा प्रयोग: मिस्र के राजा और रानियां शाही दावतों या विशेष उत्सवों के दौरान अपने सिर पर एक खास प्रकार का सुगंधित मोम (Wax cone) रखते थे। जैसे-जैसे उत्सव आगे बढ़ता और शरीर की गर्मी बढ़ती, वह मोम धीरे-धीरे पिघलकर उनके बालों और शरीर पर गिरता था, जिससे चारों ओर भीनी-भीनी खुशबू फैल जाती थी।सोशल प्रेस्टीज का प्रतीक: प्राचीन रोम और यूनान (Greece) के शाही परिवारों में तो बाथ टब में सुगंधित तेल डालकर नहाना और उसके बाद दुर्लभ इत्र लगाना सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Prestige) और कुलीनता की पहचान माना जाता था।3. अरब देशों ने दिया 'आसवन' (Distillation) का तोहफाजैसे-जैसे समय बदला, खुशबू बनाने की कला में भी बड़ा तकनीकी सुधार आया। इस बदलाव का सबसे बड़ा श्रेय अरब देशों के वैज्ञानिकों और विद्वानों को जाता है:आसवन तकनीक (Distillation Technique): अरब के रसायनशास्त्रियों ने फूलों और पौधों के अर्क से शुद्ध खुशबू निकालने के लिए लिक्विड डिस्टिलेशन तकनीक को विकसित और परिष्कृत किया।बढ़ा दायरा: इस नई वैज्ञानिक पद्धति की वजह से तेल के बिना भी लंबे समय तक टिकने वाली और बेहतर क्वालिटी वाली खुशबू बड़ी मात्रा में तैयार की जाने लगी। इसी तकनीक के कारण इत्र और परफ्यूम का व्यापार सिल्क रूट के जरिए दुनिया के अन्य कोनों में फैलना शुरू हुआ।4. फ्रांस कैसे बना दुनिया की 'परफ्यूम कैपिटल'?अरब जगत से होते हुए जब आसवन की यह कला यूरोप पहुंची, तो वहां एक औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई, जिसमें फ्रांस सबसे आगे निकल गया:लग्जरी हब: फ्रांस के राजाओं और फ्रांसीसी कुलीनों के संरक्षण में परफ्यूम मेकिंग का काम एक बड़े उद्योग में बदल गया। फ्रांस के 'ग्रास' (Grasse) जैसे शहर अपने फूलों के बागानों और खुशबू बनाने के पारंपरिक हुनर के दम पर वैश्विक केंद्र बन गए।ग्लोबल लीडर: आज भी फ्रांस को दुनिया की 'परफ्यूम कैपिटल' (Perfume Capital of the World) कहा जाता है, जहां दुनिया के सबसे महंगे, लग्जरी और नामी फ्रेगरेंस ब्रांड्स मौजूद हैं।5. आधुनिक दौर: अब हर किसी के बजट और पहुंच मेंफ्रेगरेंस के प्रकार (Fragrance Notes)खासियत (Characteristics)किसके लिए उपयुक्त?फ्लोरल और साइट्रस (Floral & Citrus)गुलाब, चमेली जैसे फूलों और नींबू व संतरे जैसे खट्टे फलों की ताजगी से भरपूर नोट्स।डेली वियर और समर सीजन के लिए बेस्ट।वुडी और स्पाइसी (Woody & Spicy)चंदन, देवदार की लकड़ी और दालचीनी, लौंग जैसे मसालों की कड़क व गहरी खुशबू।शाम की पार्टियों, शादियों और विंटर सीजन के लिए।फ्रेश और एक्वाटिक (Fresh & Aquatic)समंदर की लहरों और ताजी हवा का अहसास कराने वाली हल्की खुशबू।युवाओं और जिम-स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए।पहले जहां एक आम इंसान परफ्यूम की शीशी खरीदने की कल्पना भी नहीं कर सकता था, वहीं आज साइंस और मॉडर्न मैन्युफैक्चरिंग की बदौलत यह हर वर्ग के बजट में फिट बैठता है। बाजार में पुरुषों, महिलाओं और यूनिसेक्स श्रेणियों में हजारों वैरायटी उपलब्ध हैं, जिसने इस शाही शौक को आज हर घर की लाइफस्टाइल का एक जरूरी हिस्सा बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:21 am

Minimalist Bridal Look 2026: भारी-भरकम गहनों को कहें बाय-बाय! केरल की इस दुल्हन ने बिना सोना-हीरा पहने शादी में ढाया कहर, लुक देख हर कोई हैरान

आज के आधुनिक दौर में शादियों का ट्रेंड बड़ी तेजी से बदल रहा है। अब दुल्हनों का लुक केवल भारी-भरकम सोने, चांदी या हीरों के गहनों से तय नहीं होता, बल्कि सही स्टाइलिंग, मिनिमलिज्म (Minimalism) और आत्मविश्वास (Confidence) से निखरता है। इसका सबसे ताजा और बेहतरीन उदाहरण पेश किया है केरल (Kerala) की मशहूर मेकअप आर्टिस्ट हर्षा पाथु (Harsha Pathu) ने।हर्षा ने अपनी शादी में बिना किसी सोने, हीरे या आर्टिफिशियल जूलरी के ऐसा बेमिसाल ब्राइडल लुक कैरी किया कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उनका यह मिनिमल और एलिगेंट अंदाज अब आधुनिक और नई दुल्हनों के लिए फैशन इंस्पिरेशन (Fashion Inspiration) बन गया है। आइए डिकोड करते हैं हर्षा पाथु का यह अनोखा और ड्रीमी ब्राइडल लुक:बिना जूलरी के भी कैसे बनीं सबसे खूबसूरत दुल्हन? (Decoding the Look)एक मेकअप आर्टिस्ट होने के नाते हर्षा को विजुअल बैलेंस और स्टाइलिंग की गहरी समझ है। उन्होंने गहनों की जगह अपने ऑउटफिट और नेचुरल ब्यूटी को हाईलाइट किया:रॉयल वेलवेट साड़ी: शादी के मुख्य फंक्शन के लिए हर्षा ने 'Ladies Planet' लेबल की रिच कलर वाली वेलवेट साड़ी चुनी। साड़ी के बॉर्डर पर की गई बारीक सेक्विन डिटेलिंग और साफ-सुथरी प्लीट्स ने उनके पूरे लुक को बिना किसी हार-कंगन के भी एक रॉयल और क्लासी टच दिया।फुल स्लीव्स ब्लाउज का जादू: हर्षा के लुक की सबसे बड़ी जान उनका ब्लाउज था। उन्होंने फुल स्लीव्स और कॉलर डिजाइन वाला ब्लाउज पहना था, जिस पर खूबसूरत फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और हल्की सेक्विन वर्क की गई थी। इस हैवी और शानदार ब्लाउज ने गले और हाथों को इस तरह कवर किया कि किसी नेकलेस या चूड़ियों की कमी बिल्कुल महसूस नहीं हुई।लॉन्ग वेल (Long Veil) से मिला ड्रीमी टच: अपने ब्राइडल लुक को पूरा करने और उसे क्रिश्चियन ब्राइडल वाइब देने के लिए उन्होंने मैचिंग शेड की प्लेन नेट की एक लंबी वेल (घूंघट/ट्रेल) कैरी की। इस सिंगल स्टाइलिंग एलिमेंट ने उनके पूरे अपीयरेंस को बेहद एलिगेंट और ड्रीमी बना दिया।मेकअप और कॉन्फिडेंस ने जीता सोशल मीडिया का दिलसटल और मिनिमल मेकअप: खुद एक प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट होने के बावजूद हर्षा ने अपने चेहरे पर लाउड या ओवर-द-टॉप मेकअप करने से परहेज किया। उन्होंने बहुत ही हल्का, सॉफ्ट और नेचुरल मेकअप लुक चुना। ग्लोइंग स्किन, सटल आई मेकअप और सॉफ्ट लिप्स ने उनकी नेचुरल ब्यूटी को और ज्यादा निखार दिया।सादगी और मुस्कान: हर्षा के इस लुक को जो चीज सबसे ज्यादा खास बना रही थी, वह था उनका कॉन्फिडेंस और चेहरे की प्यारी मुस्कान। सोशल मीडिया पर लोग उनकी इसी सादगी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।प्री-वेडिंग फंक्शन में भी दिखाया सादगी का स्वैगहर्षा पाथु ने यह नो-जूलरी ट्रेंड (No-Jewelry Trend) सिर्फ अपनी मुख्य शादी के दिन ही नहीं, बल्कि अपने प्री-वेडिंग फंक्शन्स में भी बरकरार रखा। प्री-वेडिंग के लिए उन्होंने क्रीम कलर की एक बेहद खूबसूरत फ्लोरल एम्बेलिश्ड साड़ी चुनी और इसके साथ भी कोई जूलरी नहीं पहनी।हर्षा ने अपने दोनों ही लुक्स से यह रूढ़िवादी सोच तोड़ दी है कि एक दुल्हन केवल भारी गहने पहनकर ही खूबसूरत दिख सकती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर आपकी स्टाइलिंग सही हो और आप अंदर से कॉन्फिडेंट महसूस कर रही हों, तो सादगी से बढ़कर कोई दूसरा गहना नहीं होता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:44 am

Grand Trunk Road History & Route 2026: क्या सचमुच शेरशाह सूरी ने बनवाई थी ग्रैंड ट्रंक रोड? जानिए 2300 साल पुरानी इस ऐतिहासिक सड़क का पूरा सच

आज भारत में एक्सप्रेस-वे और आधुनिक हाईवे का जाल बहुत तेजी से फैल रहा है, जिससे यात्रा बेहद सुगम और तेज हो गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे से शुरू हुआ यह आधुनिक सिलसिला आज देश के कोने-कोने को जोड़ रहा है। लेकिन जब देश में चमचमाती कंक्रीट की सड़कें, नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे का वजूद नहीं था, तब भारत की सबसे बड़ी जीवन रेखा 'ग्रैंड ट्रंक रोड' (Grand Trunk Road - GT Road) हुआ करती थी।यह सड़क न केवल अंग्रेजों के जमाने से पुरानी है, बल्कि इसका इतिहास सदियों का सफर समेटे हुए है। जीटी रोड को लेकर अक्सर आम लोगों के बीच यह धारणा है कि इसे केवल शेरशाह सूरी ने बनवाया था। लेकिन ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तथ्य कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। आइए बेहद आसान शब्दों में समझते हैं एशिया के इस सबसे पुराने और ऐतिहासिक मार्ग की पूरी दास्तां, इसका रूट और वर्तमान स्थिति:ऐतिहासिक रूट: बांग्लादेश से काबुल तक का विशाल गलियाराऐतिहासिक रूप से ग्रैंड ट्रंक रोड का विस्तार बेहद विशाल था। यह दक्षिण एशिया को आपस में जोड़ने वाला सबसे बड़ा व्यापारिक और सामरिक मार्ग माना जाता था:ऐतिहासिक विस्तार: यह सड़क वर्तमान बांग्लादेश के चटगांव (Chittagong) क्षेत्र से शुरू होकर भारत और पाकिस्तान को पार करते हुए सीधे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल तक जाती थी।भारत में पुराना मार्ग: भारत के भीतर यह मुख्य रूप से कोलकाता से शुरू होकर आधुनिक बिहार, उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से गुजरती हुई दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के अमृतसर तक पहुंचती थी। इसके बाद यह लाहौर, पेशावर होते हुए काबुल से जुड़ती थी।ऐतिहासिक सीमा: भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित प्रसिद्ध वाघा-अटारी बॉर्डर (Wagha-Attari Border) इसी ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पर स्थित है।आधुनिक स्वरूप: आज के समय में भारत के भीतर जीटी रोड का मूल वजूद कई आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों में विलीन हो चुका है। इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा अब राष्ट्रीय राजमार्ग 19 (NH 19) और राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH 44) जैसी प्रमुख सड़कों का हिस्सा बन चुका है।2300 साल पुराना इतिहास: चंद्रगुप्त मौर्य का 'उत्तरापथ'ग्रैंड ट्रंक रोड का इतिहास शेरशाह सूरी से भी हजारों साल पुराना है। वास्तव में इसका मूल संबंध प्राचीन भारत के 'उत्तरापथ' (Uttarapath) से है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'उत्तर दिशा का प्रमुख मार्ग'।मौर्य काल की रीढ़: मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य और उनके बाद सम्राट अशोक के शासनकाल में (लगभग 2300 वर्ष पूर्व) इस मार्ग का प्रशासनिक और सैन्य महत्व चरम पर था। इतने बड़े साम्राज्य को एक सूत्र में पिरोने, सेना की त्वरित आवाजाही, व्यापार और गुप्तचरों के जरिए संदेश भेजने के लिए इस कच्चे मार्ग को व्यवस्थित किया गया था।यात्रियों की जीवन रेखा: प्राचीन काल से ही इस मार्ग का उपयोग देश-विदेश के व्यापारी, सैनिक, बौद्ध भिक्षु, साधु-संत और तक्षशिला जैसी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले छात्र करते आ रहे थे। इसलिए यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि जीटी रोड का मूल ढांचा प्राचीन काल से ही मौजूद था, जिसे समय-समय पर विभिन्न राजाओं ने अपनी जरूरत के अनुसार सुधारा।क्या वाकई शेरशाह सूरी ने बनाई यह सड़क? (दस्तावेजी सच)इतिहास की किताबों में जीटी रोड के निर्माता के रूप में शेरशाह सूरी का नाम सबसे ऊपर सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। लेकिन यदि हम ऐतिहासिक समय-सीमा और वैज्ञानिक तथ्यों का विश्लेषण करें, तो एक बिल्कुल अलग पहलू सामने आता है:5 साल का संक्षिप्त कार्यकाल: शेरशाह सूरी ने कन्नौज के युद्ध में मुगल बादशाह हुमायूं को पराजित कर दिल्ली के सिंहासन पर अधिकार किया था। सूरी का कुल शासनकाल महज 5 वर्ष (1540 से 1545 ईस्वी) का रहा। महज़ पांच साल के इतने छोटे से कार्यकाल में बांग्लादेश से लेकर अफगानिस्तान तक, हजारों किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का नए सिरे से निर्माण करना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है।तो फिर सूरी का नाम क्यों लिया जाता है?शेरशाह सूरी ने सड़क का निर्माण नहीं कराया था, बल्कि उसने प्राचीन बिखरे हुए 'उत्तरापथ' मार्ग का कायाकल्प (Restructuring) किया था। सूरी का योगदान निम्नलिखित कारणों से अतुलनीय माना जाता है:उसने पुराने और जर्जर रास्तों को पूरी तरह से ठीक कराकर एक व्यवस्थित सड़क का रूप दिया और कई संकरे हिस्सों को चौड़ा कराया।सराय व्यवस्था: यात्रियों और व्यापारियों की सुरक्षा व आराम के लिए सड़क के किनारे हर कुछ दूरी पर 'सरायों' (Rest houses) का निर्माण कराया, जहाँ ठहरने और घोड़ों के लिए चारे की व्यवस्था थी।कोस मीनारें: दूरी को मापने के लिए सूरी ने सड़क के किनारे 'कोस मीनारें' बनवाईं। उस समय एक कोस लगभग 3 किलोमीटर के बराबर होता था, जिससे राहगीरों को यात्रा का सटीक अनुमान लगाने में मदद मिलती थी।सुरक्षा एवं डाक: उसने सड़कों पर डाकुओं और लुटेरों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और पहली बार इस मार्ग पर एक कुशल 'डाक चौकी व्यवस्था' विकसित की।मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक: कैसे आधुनिक हुई जीटी रोड?मुगल काल का वैभव: शेरशाह सूरी के बाद जब मुगलों ने दोबारा सत्ता संभाली, तो बादशाह अकबर और उनके उत्तराधिकारियों ने भी इस मार्ग का भरपूर उपयोग किया। दिल्ली, आगरा और लाहौर जैसे प्रमुख मुगल केंद्रों को जोड़ने में इसकी बड़ी भूमिका रही। इसी मार्ग के जरिए कपड़े, मसाले, अनाज और घोड़ों का बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार हुआ, जिससे इसके आसपास कई समृद्ध कस्बे और सांस्कृतिक केंद्र विकसित हुए।ब्रिटिश काल की आधुनिक इंजीनियरिंग: 19वीं शताब्दी के दौरान ब्रिटिश शासन ने भारत पर अपनी प्रशासनिक और सैन्य पकड़ मजबूत करने के लिए जीटी रोड का पूरी तरह से आधुनिकरण किया। अंग्रेजों ने सड़क के बड़े हिस्सों को पक्का (Metalled Road) करवाया, पुराने नालों पर आधुनिक इंजीनियरिंग के पुल बनवाए और यातायात को सुगम बनाया। हालांकि, बाद में रेलवे नेटवर्क के आने से लंबी दूरी के लिए इसका महत्व थोड़ा कम हुआ, पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए यह हमेशा रीढ़ बनी रही।आज 2026 में किस हाल में है यह ऐतिहासिक धरोहर?आज के दौर में ग्रैंड ट्रंक रोड अपने पुराने पारंपरिक रूप में दिखाई नहीं देती। बदलते वक्त के साथ यह पूरी तरह से आधुनिक भारत की विकास गाथा का हिस्सा बन चुकी है:आधुनिक हाईवे में तब्दील: दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजरने वाले इसके हिस्सों को चौड़ा करके 4-लेन और 6-लेन के चमचमाते नेशनल हाईवे, नए बाईपास और फ्लाईओवर में बदल दिया गया है, जिससे लंबी दूरी का सफर बेहद तेज हो चुका है।शहरी चुनौतियां: बड़े शहरों (जैसे दिल्ली के शाहदरा, कानपुर, या वाराणसी के शहरी इलाकों) से गुजरते वक्त जीटी रोड को आज अत्यधिक ट्रैफिक जाम, अवैध अतिक्रमण (Encroachment) और बढ़ते प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दिनों में इसके कुछ पुराने और उपेक्षित हिस्सों में गड्ढों और जलभराव की समस्या भी आम है।ग्रैंड ट्रंक रोड केवल एक भौगोलिक रास्ता या मिट्टी-पत्थरों से बनी सड़क नहीं है; यह भारत के 2300 साल से अधिक के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास, संस्कृतियों के मिलन, व्यापारिक क्रांतियों और साम्राज्यों के उदय-अस्त की एक जीवित निशानी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 8:43 am

टैक्स चोरी रोक कर अरबों यूरो कमाना चाहती है जर्मन सरकार

टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी करने वालों पर नकेल कस कर जर्मन सरकार अरबों यूरो का राजस्व हासिल करना चाहती है। इसे रोकने के लिए नए नियम बनाए गए हैं।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 8:26 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 जुलाई, 2026)

1. मेष राशि (Aries) Today 17 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत का फल मिलने का समय आ गया है। लव: सिंगल लोगों को आज कोई ऐसा मिल सकता है जो उनके दिल के करीब हो। धन: सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च हो सकता है, लेकिन बजट नियंत्रण में रहेगा। स्वास्थ्य: खुद को एक्टिव रखने के लिए एक्सरसाइज या योग का सहारा लें। उपाय: लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और मां लक्ष्मी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: Kark Sankranti: सूर्य कर्क संक्रांति 2026: स्नान, दान और पूजा का क्या है महत्व? 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: अपनी योजनाओं को सहकर्मियों से साझा करने में जल्दबाजी न करें। लव: लव लाइफ में किसी पुरानी बात को लेकर अनबन हो सकती है। धन: किसी भी तरह के सट्टे या लॉटरी से दूर रहें, नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। उपाय: शुक्रवार के दिन किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की मिठाई या चावल का दान करें। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज का दिन कोई बड़ा मुनाफा लेकर आ सकता है। लव: पार्टनर के साथ घूमने-फिरने या डिनर का प्लान बन सकता है। धन: पुराना अटका हुआ पैसा या लोन का धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: आप खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट पाएंगे। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और छोटी कन्याओं का आशीर्वाद लें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें, आपके काम की समीक्षा की जा सकती है। लव: जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। धन: ऑनलाइन शॉपिंग या फिजूलखर्ची जेब पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं या अपच परेशान कर सकती है। उपाय: शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लव: अपने पार्टनर को कोई छोटा सा तोहफा देकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। धन: पुराने किए गए किसी निवेश से आज आपको बड़ा वित्तीय लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, आप ऊर्जा से सराबोर रहेंगे। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को कोई शुभ समाचार मिल सकता है। लव: अविवाहित लोगों के लिए घर में विवाह की चर्चा शुरू हो सकती है। धन: धन संचय/ बचत करने में आज आप कामयाब रहेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए स्क्रीन टाइम कम रखें। उपाय: मां दुर्गा के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। 7. तुला राशि (Libra) करियर: कारोबार में कोई नया और बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। लव: एक-दूसरे के प्रति सम्मान और प्यार की भावना बढ़ेगी। धन: आज विलासिता की चीजों पर खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: मौसम के बदलाव के कारण हल्की सर्दी या खांसी हो सकती है। उपाय: किसी मंदिर में जाकर इत्र या सफेद फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: कारोबार में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आपकी निर्णय लेने की क्षमता से आप सब संभाल लेंगे। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप के कारण तनाव हो सकता है। धन: आज किसी को बड़ा कर्ज देने से बचना ही आपके लिए समझदारी होगी। स्वास्थ्य: बदन दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: नवरात्रि और अंक ज्योतिष : क्या संख्या ‘9’ केवल एक अंक है या आत्मपरिवर्तन का सांस्कृतिक सूत्र? (भाग–2) 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: नई नौकरी या प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में की गई यात्राएं सफल होंगी। लव: जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं। स्वास्थ्य: आप मानसिक रूप से काफी शांत और प्रसन्न महसूस करेंगे। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: काम पेंडिंग छोड़ने से सीनियर्स की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। लव: पार्टनर की व्यस्तता के कारण आज आपको थोड़ा कम समय मिल पाएगा। धन: आर्थिक मामले आज थोड़े धीमे रह सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक थकान और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें और चींटियों को आटा खिलाएं। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: टीम वर्क से काम करने पर आज आपको बड़ी सफलता मिलेगी। लव: एक-दूसरे पर भरोसा बढ़ेगा और भविष्य को लेकर प्लानिंग कर सकते हैं। धन: अटका हुआ धन मिलने से आपके रुके हुए काम फिर से गति पकड़ेंगे। स्वास्थ्य: खेलकूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों में मन लगेगा। उपाय: शुक्रवार की शाम को घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में विरोधी शांत रहेंगे। लव: लव लाइफ में आपस में बैठकर बात सुलझाएं। धन: आज बाहरी पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: गले में खराश हो तो घरेलू नुस्खों से आराम मिलेगा। उपाय: विष्णु मंदिर में बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की तृतीय देवी माता त्रिपुर सुंदरी, जानिए पूजा विधि

वेब दुनिया 17 Jul 2026 7:02 am

आज लॉन्च होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन:चलाने पर धुआं नहीं, सिर्फ पानी निकलता है; क्या पेट्रोलियम-बिजली छोड़ हाइड्रोजन बनेगा अगला ईंधन

17 जुलाई को हरियाणा के जींद स्टेशन से एक अनोखी ट्रेन चलेगी। इसे चलाने के लिए न डीजल चाहिए, न बिजली। चलने पर न धुआं होगा, न राख; निकलेगा सिर्फ पानी। ये भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन है। जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के सफर में यह ट्रेन 682 यात्रियों को लेकर दौड़ेगी और दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन में गिनी जाएगी। भारत का यह प्रयोग खास क्यों है? हाइड्रोजन गैस की कहानी क्या है और कभी एयरशिप को आग का गोला बना चुकी हाइड्रोजन क्या भविष्य का ईंधन बनेगी? सिलसिलेवार तरीके से जानेंगे… इस कहानी की शुरुआत होती है आज से करीब ढाई सौ साल पहले, लंदन की एक लैब से… साल 1776, हेनरी कैवेंडिश नाम के वैज्ञानिक जिंक धातु को तेजाब में डालते हैं। अचानक बर्तन से बुलबुले उठने लगते हैं। ये एक ऐसी गैस के बुलबुले थे, जिसे पहले कभी किसी ने पहचाना नहीं था। जब कैवेंडिश ने इस रंगहीन गैस में चिंगारी लगाई, तो हल्की ‘भम्म’ जैसी आवाज के साथ पानी की बूंदें बन गईं। यहीं से यह राज खुला कि पानी कोई एक चीज नहीं, बल्कि दो अलग-अलग गैसों- हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना है। सोचिए, जिस पानी को हम रोज पीते हैं, उसमें वही गैस है, जिससे ट्रेन चल रही है। गैस तो मिल गई थी, पर उसका नाम क्या रखा जाए? यह काम किया फ्रांस के एक केमिस्ट ने। उन्होंने ग्रीक भाषा के दो शब्द जोड़े- ‘हाइड्रो’ यानी पानी, और ‘जेनस’ यानी जन्मा। हाइड्रोजन का मतलब ‘पानी से जन्मा’। 1800 ईस्वी में दो अंग्रेज वैज्ञानिकों ने उल्टा कमाल कर दिखाया। उन्होंने पानी में बिजली का करेंट दौड़ाकर उसे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस में तोड़ दिया। इस तरीके को नाम मिला ‘इलेक्ट्रोलिसिस’। आज इसी तरीके से दुनियाभर में ‘हाइड्रोजन’ बनाई जा रही है। अब बारी थी एक और बड़े सवाल की- क्या हाइड्रोजन गैस ईंधन के तौर पर इस्तेमाल हो सकती है? 1838 में एक केमिस्ट ने पाया कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को साथ मिलाने पर सिर्फ पानी ही नहीं, एनर्जी भी पैदा होती है। इंग्लैंड के वैज्ञानिक और जज विलियम ग्रोव ने इसी सिद्धांत पर एक असली मशीन बना डाली, जिसे उन्होंने ‘गैस बैटरी’ कहा। इसमें हाइड्रोजन की एनर्जी को बैटरी में स्टोर किया जा सकता था। यही दुनिया का पहला फ्यूल सेल था। इसी वजह से ग्रोव को ‘फादर ऑफ द फ्यूल सेल’ कहा जाता है। हाइड्रोजन की कहानी में एक बड़ा हादसा भी दर्ज है। 1937 में हाइड्रोजन गैस से भरा हिंडनबर्ग नाम का एक विशालकाय एयरशिप लैंड करते वक्त अचानक आग का गोला बन गया। दरअसल, हाइड्रोजन बेहद हल्की गैस है। हिंडनबर्ग एयरशिप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल हवा के गुब्बारे की तरह एयरशिप को ऊपर उठाने के लिए किया जाता था। किसी वजह से एयरशिप की पूंछ में आग सुलगने लगी। चूंकि हाइड्रोजन बेहद ज्वलनशील होती है, इसलिए सेकेंडों में पूरी एयरशिप जल गई। हादसे के बाद पूरा प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया और हाइड्रोजन को ‘खतरनाक’ कहा जाने लगा। असली मोड़ आया 1973 में, जब मिडिल ईस्ट के देशों ने अचानक तेल की सप्लाई रोक दी। दुनिया को एहसास हुआ कि हमेशा तेल पर निर्भर रहना रिस्की है। यहीं से हाइड्रोजन को गंभीरता से एक विकल्प के तौर पर देखा जाने लगा। 1998 में आइसलैंड नाम के छोटे से देश ने ऐलान कर दिया कि वो 2030 तक दुनिया की पहली पूरी तरह हाइड्रोजन-आधारित इकोनॉमी बनेगा। जर्मनी ने 2018 में दुनिया की पहली कॉमर्शियल हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन उतार दी थी। जापान, चीन और अमेरिका ने भी हाइड्रोजन ट्रेनें लॉन्च की हैं। 17 जुलाई 2026 को लॉन्च होने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जर्मनी की मूल हाइड्रोजन ट्रेन से करीब पांच गुना लंबी है। जो सफर ढाई सौ साल पहले लंदन की एक लैब में एक बुलबुले से शुरू हुआ था, वह आज हरियाणा के जींद स्टेशन पर एक नई मंजिल की तरफ बढ़ चला है। 10वीं क्लास में पढ़ी पीरियोडिक टेबल याद है? वही, जिसमें दुनिया के सारे तत्व करीने से सजे हैं। उस टेबल में हाइड्रोजन का नंबर पहला है। इसके न्यूक्लियस में सिर्फ एक प्रोटॉन पाया जाता है, इसलिए यह सबसे हल्का तत्व है। यह पूरे ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला तत्व भी है- सूरज और तारों में भी मौजूद। लेकिन हाइड्रोजन के साथ एक पेच है। यह अपने आप में इतना अस्थिर है कि अकेला कभी टिक ही नहीं पाता। हमेशा किसी साथी की जरूरत पड़ती है। यह साथी या तो कोई और हाइड्रोजन परमाणु होता है, या फिर कोई दूसरा तत्व। इसलिए जब भी हाइड्रोजन गैस का नाम सुनेंगे, असल में उसका मतलब H2 अणु होता है, अकेला हाइड्रोजन परमाणु कभी नहीं। ज्यादातर यह पानी में ऑक्सीजन के साथ जुड़ा मिलता है, यानी H2O। अगर हमें शुद्ध हाइड्रोजन चाहिए, तो पहले ऑक्सीजन के साथ जोड़ी को तोड़ना पड़ता है। जोड़ी तोड़ने का तरीका ही इलेक्ट्रोलिसिस कहलाता है। ये प्रोसेस आप खुद भी लैब में कर सकते हैं… लेकिन इस हाइड्रोजन गैस से एनर्जी कैसे बनाई जाए और ट्रेन-कार कैसे चलाई जाएं? इसका सबसे स्मार्ट तरीका है- फ्यूल सेल का इस्तेमाल। फ्यूल सेल असल में एक तरह की बैटरी है। यह हाइड्रोजन और हवा में मौजूद ऑक्सीजन को आपस में मिलाकर बिजली पैदा करती है। इस पूरी प्रक्रिया के बाइप्रोडक्ट हैं- एनर्जी और पानी की भाप। न धुआं, न कार्बन, न कोई प्रदूषण। यही वजह है कि हाइड्रोजन ट्रेन को ‘जीरो एमिशन’ यानी शून्य प्रदूषण वाली ट्रेन कहा जाता है। लेकिन यहां एक ट्विस्ट है। हाइड्रोजन खुद भले प्रदूषण न फैलाए, लेकिन इसे बनाने के तरीके में प्रदूषण होता है। सबसे साफ-सुथरा तरीका तीसरा है, जहां सूरज या हवा से मिली बिजली का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रोलिसिस किया जाए और हाइड्रोजन तैयार हो। भारत की हाइड्रोजन ट्रेन का लक्ष्य भी यही ग्रीन हाइड्रोजन है। साधारण इलेक्ट्रिक ट्रेन को चलने के लिए ऊपर लगे तारों (ओवरहेड वायर) से बिजली खींचनी पड़ती है। हाइड्रोजन ट्रेन को इसकी जरूरत ही नहीं। यह अपनी बिजली खुद बनाती है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ट्रेन जींद-सोनीपत के 89 किलोमीटर के रूट पर रोज दो राउंड ट्रिप करेगी। कुल मिलाकर 356 किलोमीटर। इसमें करीब 300 किलोग्राम हाइड्रोजन खर्च होगी। ट्रेन अपने साथ कुल 440 किलोग्राम हाइड्रोजन लेकर चलती है। अब बात उन बड़ी चुनौतियों की, जो हाइड्रोजन को एक आम फ्यूल की तरह इस्तेमाल करने से रोकती है… हाइड्रोजन ट्रेन की टेक्नोलॉजी दुनिया में बहुत नई है। फ्रांस की कंपनी अल्स्टॉम ने सबसे पहले 2016 में बर्लिन की एक प्रदर्शनी में इसे दिखाया था। 2018 में जर्मनी में दुनिया की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन चली। 2024 के आखिर तक आते-आते जर्मनी ने अपनी कई हाइड्रोजन ट्रेनें सर्विस से हटा दीं। इनकी जगह बैटरी ट्रेनों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया, क्योंकि ये ज्यादा सस्ती और सहूलियत भरी होती हैं। जापान ने 2022 में हाइड्रोजन ट्रेन की टेस्टिंग शुरू की थी, लेकिन उसे अभी भी बड़े पैमाने पर नहीं उतार सका है। चीन और अमेरिका में भी अब तक यह टेक्नोलॉजी सिर्फ छोटी दूरी तक सीमित है। हाइड्रोजन को बनाना और चलाना अब भी बैटरी के मुकाबले महंगा साबित हो रहा है। कुल मिलाकर हाइड्रोजन कोई जादू की छड़ी नहीं, बल्कि एक ऐसा फ्यूल है जिसकी अपनी खूबियां और चुनौतियां भी। खूबी यह कि यह जलने पर सिर्फ पानी छोड़ता है, कोई प्रदूषण नहीं। चुनौती यह कि इसे बनाना, स्टोर करना और ढोना आसान नहीं और अभी ज्यादातर हाइड्रोजन साफ भी नहीं होती। तो क्या भारत बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन ट्रेनें शुरू करेगा? अगर जींद-सोनीपत रूट पर यह प्रयोग कामयाब रहा, तो आने वाले सालों में देश के कई हेरिटेज और पहाड़ी रूट (जैसे कालका-शिमला) भी हाइड्रोजन की तरफ बढ़ सकते हैं, जहां बिजली की लाइन खींचना मुश्किल है और डीजल इंजन का धुआं आज भी एक बड़ी चिंता का सबब है। अगर सफल नहीं रहा या बहुत महंगा पड़ा, तो जर्मनी की तरह भारत भी इससे दूरी बना सकता है। ------------------- ये स्टोरी भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। पढ़िए पूरी कहानी…

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:59 am

सिर से जुड़ीं दो बहनें अब अलग नहीं होना चाहतीं:सलमान खान ने बहन बनाया, इलाज का वादा किया, अब फोन तक नहीं उठाते

ये हैं सबा और फरहा। उम्र 24 साल। दोनों का जन्म एक दिन, एक समय और एक ही मां की कोख से हुआ, सो ये जुड़वां कहलाती हैं। लेकिन… इनके जिस्म अलग-अलग नहीं, सिर से आपस में जुड़े हैं। वो भी इस तरह कि दोनों एक दूसरे को देख नहीं सकतीं। आईने में भी नहीं, अगर एक का रुख आईने की तरफ होता है तो दूसरी का उसके उलट। सबा और फरहा की कहानी लिखने में ‘लेकिन’ शब्द जल्द खत्म नहीं होते… इनके सिर जुड़े हुए हैं, लेकिन ये दोनों अलग-अलग शख्सियतें हैं।इनके दिमाग अलग-अलग हैं, लेकिन उन तक खून पहुंचाने वाली नस एक ही है।इनके सिर को छोड़कर बाकी जिस्म अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों के पास किडनी सिर्फ एक जोड़ी हैं।दोनों सोचती अलग-अलग हैं, लेकिन ज्यादातर काम एक साथ करने होते हैं। फिर चाहे चलना-फिरना हो या सोना-जागना। दोनों के नर्वस सिस्टम अलग-अलग हैं, लेकिन कभी सबा के शरीर को फरहा कंट्रोल करती है तो कभी फरहा के शरीर को सबा। ये दो जिस्म एक जान हैं या दो जान एक जिस्म या फिर दो जिस्म दो जान, कहना मुश्किल है। खैर… मैं नीरज झा दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ में इस बार इन्हीं दो बहनों की कहानी लाया हूं… दोपहर के करीब 1 बज रहे हैं। पटना के समनपुरा इलाके की मदरसा रोड। यहां एक चार मंजिला मकान है। दस्तक देने पर एक बुजुर्ग महिला ने दरवाजा खोला। बिना कुछ कहे वो मुझे पहली मंजिल पर बने एक कमरे की ओर ले गईं। पूछने पर उन्होंने अपना नाम- रबिया खातून बताया। मुझे सोफे पर बैठने का इशारा करते हुए बोली- यहीं बैठिए, मैं बेटियों को बुलाती हूं। उन्होंने सीढ़ियों पर खड़े होकर आवाज लगाई- ‘सबा... फरहा…’ करीब 5 मिनट के बाद, दो लड़कियां सीढ़ियों की रैलिंग के सहारे लड़खड़ाते, डगमगाते कदमों से आईं। छोटे-छोटे बाल। आंखों के नीचे काले घेरे। पैर की उंगलियां भी तिरछी। कदम बढ़ाते या उठते-बैठते, हर वक्त दोनों इस बात का ध्यान रख रही हैं कि एक-दूसरे का सिर न खिंचे। एक का सिर जरा सा ज्यादा हिलने पर दूसरी कराह उठती है। जैसे-तैसे दोनों सामने वाले सोफे पर आकर बैठीं। थोड़ी देर बाद, एक ने ऊपर की तरफ देखकर कहा- मैं सबा हूं और ये फरहा। सबा कहती हैं- जब आप आए, तब मैं खाना खा रही थी। फरहा को न चाहते हुए भी मेरे साथ बैठना पड़ा... क्या करे, मुझसे चिपकी हुई जो है। 24 सालों में हम दोनों में से कोई भी करवट लेकर सो नहीं सका है। मैं बीमार पडूं या फरहा... अस्पताल दोनों को जाना पड़ता है। अब तो जिंदगी से कोई शिकायत नहीं। अलग हुए तो शायद जिंदा न बचें। जब तक सांसें चल रही हैं, ऐसे ही हम साथ रहेंगी। तभी फरहा कहती हैं- जब छोटे थे, तो आस थी कि डॉक्टर ऑपरेशन करके हमको अलग-अलग कर देंगे। हम एक-दूसरे के गले लग सकेंगे। आमने-सामने बैठकर बातें करेंगे, लेकिन ये सब सपना ही रहा। अब तो हम ऐसे ही रहना चाहते हैं। मैं डॉक्टर बनना चाहती थी और सबा टीचर। जब हम 7-8 साल की हुईं, तो अम्मी-अब्बू स्कूल लेकर गए। टीचर कहने लगीं- ऐसे बच्चों को हम कैसे पढ़ाएंगे। इन्हें कौन संभालेगा। बच्चे इन्हें देखकर डर जाएंगे। बस, उनके शब्दों ने हमारे लिए स्कूल के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए। फरहा कहती हैं- उम्र के साथ हमारा थायराइड बढ़ गया और गठिया भी हो गया। पूरे जिस्म में हर वक्त दर्द रहता है। हम दोनों दिन-रात कराहती रहती हैं। जब भी आसपास के लोगों को हंसते-खेलते देखती हूं, तो खुदा से मन ही मन पूछती हूं- हम बहनों को किस बात की सजा दी। कुछ पल खामोश रहने के बाद फरहा कहती हैं- दर्द कितना भी हो, हम एक-दूसरे से अलग रहने के बारे में सोच नहीं सकतीं। मन करता है कि अम्मी-अब्बू के साथ हज पर जाएं, खुली हवा में सांस लें, दुनिया देखें और बाकी लड़कियों की तरह खुलकर अपनी जिंदगी जीएं, लेकिन मजबूरी है। इस चारदीवारी के बाहर कदम रखने से पहले हमें कई बार सोचना पड़ता है। इसी बीच, सबा कहती हैं- मेरी तो अब एक ही ख्वाहिश है- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुकेश अंकल से मिलना है। जब मिलूंगी, तो मन की बात कहूंगी। सबा यहां उद्योगपति मुकेश अंबानी को मुकेश अंकल कहती है। मैंने पूछा- उनसे क्या कहना चाहती हो? वो राज की बात है। आपको नहीं बता सकती। बस कोई हमें उनसे मिलवा दे। इसी बीच, एक शख्स कमरे में आता है। सबा बताती हैं- ये हमारे बड़े भाई मोहम्मद तमन्ना हैं। यही हमारी देखरेख करते हैं। फिर कहती हैं- हमारे लिए सजने-संवरने का कोई मतलब नहीं है। हम खुद कोई काम नहीं कर पातीं। ब्रश कराने और खाना खिलाने से लेकर नहाने और वॉशरुम ले जाने तक, सब कुछ घरवाले करते हैं। इसी बीच, भाई तमन्ना बोला- ये दोनों ज्यादा बात नहीं कर पातीं। ज्यादा देर तक बैठ भी नहीं सकतीं, दर्द होता है। तमन्ना के इतना कहते ही सबा और फरहा उठती हैं और लड़खड़ाते हुए उसी सीढ़ी के सहारे नीचे चली जाती हैं। तमन्ना बताते हैं- हम 8 भाई-बहन हैं। ये दोनों चौथे और पांचवें नंबर की है। मैं इनसे 13 साल बड़ा हूं। इनकी हर तकलीफ का गवाह हूं। अम्मी-अब्बू पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए मदद मांगने में हमेशा झिझकते हैं। नतीजा- पिछले 24 सालों से दोनों घर में कैद हैं। जब ये छोटी थीं, तो हम इन्हें पैदल या ऑटो से कभी-कभार मार्केट ले जाते थे, लेकिन ये जहां भी जातीं, लोग तमाशा बना देते। उल्टे-सीधे सवाल पूछते। तरह-तरह की बातें करते, इसीलिए हमने इन्हें बाहर ले जाना छोड़ दिया। 2002 की बात है। अम्मी पेट से थीं। तब हमारे यहां अल्ट्रासाउंड या एडवांस टेस्ट नहीं होते थे। जब घर पर डिलीवरी की कोशिश नाकाम हो गई। अम्मी की हालत बिगड़ने लगी, तो अब्बू आनन-फानन में उन्हें पटना के त्रिपोलिया हॉस्पिटल लेकर भागे। वहां डॉक्टरों ने बताया- पेट में जुड़वां बच्चे हैं, इसलिए नॉर्मल डिलीवरी मुमकिन नहीं। तुरंत बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा। जैसे ही इन दोनों का जन्म हुआ, अस्पताल में सन्नाटा छा गया। दोनों के हाथ-पैर और जिस्म तो अलग-अलग थे, लेकिन सिर आपस में जुड़े थे। डॉक्टर से पूछा, क्या इनके सिर अलग हो सकते हैं? उन्होंने कहा- जब दोनों बड़ी होंगी, तो सर्जरी से अलग हो जाएंगे। अम्मी-अब्बू इन्हें लेकर गांव लौट आए। पूरे इलाके में बातें होने लगीं मोहम्मद शकील के घर सिर जुड़ी दो लड़कियां पैदा हुई हैं। तमन्ना कहते हैं कि- बहनों के घर आते ही सर्कस, तमाशे जैसी भीड़ हमारे घर के बाहर लगने लगी। लोग-रिश्तेदार सब इन्हें देखने के लिए आने लगे। कई लोग तो अम्मी-अब्बू को ये सलाह भी दे जाते थे कि ऐसी बेटियों को क्यों पाल रहे हो, कहीं छोड़ आओ। तब मेरे अब्बू ने हिम्मत दिखाई, कहा- जैसी भी हैं, मेरी बेटियां हैं। जब तक जिंदा हैं, देखभाल करेंगे। फिर वे सभी को लेकर पटना आ गए। यहां चाय का ठेला लगाकर गुजारा करने लगे। दरअसल, हम लोगों को लग रहा था कि जब ये बड़ी होंगी, तो सर्जरी करा देंगे। इनके शरीर अलग हो जाएंगे। फिर जैसे बाकी बहनें हैं, वैसे ये दोनों भी हो जाएंगी। इतने पैसे ही नहीं थे कि बड़े डॉक्टर से सलाह ले पाते। इनके जन्म के वक्त डॉक्टर ने जो बता दिया, वही अब्बू ने सच मान लिया। 2005 में उत्तरप्रदेश के किसी शहर से एक शख्स घर आया। उसने बताया कि अबूधाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सबा-फरहा के बारे में मीडिया में देखा-सुना है। वो हमारी मदद करना चाहते हैं। उसने प्रिंस से हमारी बात कराई। प्रिंस ने वादा किया था कि वह सबा-फरहा के ऑपरेशन का पूरा खर्च उठाएंगे। उनकी पहल पर अमेरिका के मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. बेंजामिन कार्सन भारत आए। उन्होंने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में सबा-फरहा की एंजियोग्राफी और कई जटिल जांचें कीं। तब डॉ. कार्सन ने बताया था कि दोनों को अलग करना संभव है, लेकिन ऑपरेशन जोखिम भरा है। जान भी जा सकती है। इसी डर से अम्मी-अब्बू ने सर्जरी कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद से प्रिंस की ओर से बातचीत भी बंद हो गई। मो. तमन्ना बताते हैं- साल 2009 में, मीडिया के जरिए अभिनेता सलमान खान को पता चला कि सबा-फरहा उनकी फैन हैं। राखी बांधना चाहती हैं, तो उन्होंने खुद पूरे परिवार के लिए फ्लाइट की टिकटें भेजीं। मुंबई में अपने घर बुलाया और सबा-फरहा से राखी बंधवाई। खूब बातें कीं। सलमान ने वादा किया था दोनों को गोद लेंगे। मदद करेंगे। इलाज कराएंगे। हालांकि, बाद में कोई पूछने नहीं आया। जो शख्स उनसे बात करवाता था, अब वो फोन भी नहीं उठाता। इसके बाद, 2012 में इनके इलाज का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम बनी। टीम पटना आई। डॉक्टरों ने दोनों की MRI, एंजियोग्राफी समेत तमाम जांचें करवाई। रिपोर्ट देखने के बात डॉक्टरों ने कहा-सबा-फरहा का सिर्फ सिर ही नहीं, बल्कि सिर से गुजरने वाली खून की नली और नसें भी एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में अगर इन्हें सर्जरी के जरिए अलग करने की कोशिश की गई, तो दोनों या फिर किसी एक की जान जाना तय है। सबा के शरीर में किडनी नहीं है। अलग करने के बाद सबा को तुरंत किडनी की जरूरत होगी, जो इस खतरे को कई गुना और बढ़ा देगी। यह सुनते ही अम्मी-अब्बू ने सर्जरी से इनकार कर दिया। इसके बाद, 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश दिया कि दोनों के इलाज और दवाइयों का पूरा खर्च उठाएं। परिवार की आर्थिक सहायता भी करें। पटना के सिविल सर्जन को आदेश दिया कि हर तीन महीने में दोनों की जांच करें। रिपोर्ट दिल्ली एम्स भेजें, लेकिन चार-पांच साल से कोई पूछने तक नहीं आया। दोनों के लिवर में सूजन है। जोड़ों में दर्द रहता है। आपने तो देख लिया होगा कि दोनों कितनी कमजोर हो गई हैं। जब मैं इन्हें देखता हूं, तो दुख होता है। दूसरी ओर, समाज के ताने रोज हमारी रूह छीलते हैं। कहते हैं- बेटियों के इलाज के नाम पर हमें सलमान खान और अबू धाबी के प्रिंस से करोड़ों रुपये मिले हैं। मीडिया वालों से भी इंटरव्यू और वीडियो बनाने के बदले पैसे वसूलते हो। तुम्हें क्या फिक्र, तुम्हें तो बेटियां कमा कर दे रही हैं। मैं किस-किस का मुंह बंद करूं, किस-किस को सफाई दूं। लोग बस तमाशा देखते हैं। उंगलियां उठाते हैं, लेकिन हमारा दर्द, हम ही जानते हैं। बाकी बहनों की शादी हुई, तो अम्मी कहने लगीं- काश ! सबा-फरहा भी अच्छी होती, तो इनकी भी शादी होती, लेकिन क्या करें। मैं फूड स्टॉल लगाकर बमुश्किल 500-600 रुपए कमाता हूं। जैसे-तैसे इनकी देखभाल करता हूं। इनका आगे क्या होगा, अल्लाह ही जाने। ये कहकर तमन्ना एक गहरी सांस लेते हैं। इसके बाद, मैं सबा-फरहा की अम्मी रबिया खातून से बेटियों के बारे में कुछ पूछने की कोशिश करता हूं। तमन्ना फौरन इनकार कर देते हैं। तस्वीर भी नहीं खींचने देते। कहते हैं- इतनी बातचीत बहुत है। अब आप जाइए। मुझे दुकान के लिए निकलना है। अब एक सेकंड भी बात नहीं कर सकता। सबा-फरहा की जिंदगी को करीब से देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मेरे मन में कई सवाल उठ रहे हैं। इनका जवाब जानने के लिए मैं पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIMS) पहुंचा। जहां मेरी मुलाकात न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. समरेंद्र कुमार से हुई। सबा-फरहा की जांच के लिए AIIMS दिल्ली से जो टीम आई थी, डॉ. समरेंद्र उस टीम का हिस्सा थे। वो बताते हैं- सबा-फरहा को कोई बीमारी नहीं है, यह एक जैविक चूक है। इसे क्रेनियोपैगस कहते हैं। गर्भधारण के पहले दिन, महिला का अंडाणु और पुरुष का शुक्राणु मिलकर एक जायगोट (एकल कोशिका) बनाते हैं। सामान्यतः इससे एक ही बच्चा विकसित होता है। जब यह एक जायगोट गर्भ में विकसित होना शुरू होता है, तो एक समान जुड़वां बच्चे बनने के लिए इस जायगोट को दो अलग-अलग हिस्सों में बंटना पड़ता है। शुरुआती दो हफ्तों के भीतर, कोशिकाएं बंटकर दो अलग-अलग बच्चों का रूप ले रही होती हैं। लेकिन किसी जैविक चूक के कारण, बंटवारे की यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। यह प्रक्रिया जहां रुकती है, शरीर का वह हिस्सा आपस में जुड़ा रह जाता है। सबा और फराह के मामले में यह रुकावट सिर के हिस्से पर हुई। सबा-फरहा का जुड़ाव सिर्फ ऊपरी चमड़ी या हड्डी तक सीमित नहीं है। अगर ऐसा होता, तो सर्जरी आसान होती। उनके दिमाग में ब्लड सप्लाई करने वाली मुख्य नस भी आपस में गुथी हुई है। यही कारण है कि ऑपरेशन करने पर किसी एक या दोनों की जान जाने का खतरा है। दोनों बहनों का नर्वस सिस्टम एक ही जगह से जुड़ा होने के कारण सबा के दिमाग से निकला सिग्नल कभी-कभी फरहा के अंगों तक पहुंच जाता है और फरहा का सिग्नल सबा तक। इससे दोनों के दिमागी सिग्नलों में टकराव हो जाता है। ऐसे समझें- जब फरहा सोती है, तो सबा जाग सकती है क्योंकि सोने और जागने को नियंत्रित करने वाला दिमाग का केंद्र दोनों का अपना-अपना है। अगर सबा कुछ खाती है, तो उसका स्वाद सिर्फ सबा को ही आता है, फरहा को नहीं, क्योंकि दोनों की स्वाद ग्रंथियां और दिमागी सिग्नल अलग हैं। लेकिन जब सबा अपने पैर को आगे बढ़ाने का फैसला करती है, तो उसके दिमाग से निकला सिग्नल उस साझा नस से होकर गुजरता है जो फरहा से भी जुड़ी है। नतीजा-वह सिग्नल आधा सबा के पैर में जाता है और आधा फरहा के। इससे कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है। ऐसे बच्चों की सर्जरी जन्म के कुछ साल बाद ही हो जानी चाहिए, लेकिन सबा-फरहा के मामले में यह कभी मुमकिन नहीं था। उम्र बढ़ने के साथ इनका शरीर कमजोर होता जाएगा। ऐसे बच्चे अधिकतम 30 से 40 वर्ष ही जी पाते हैं। डॉ. समरेंद्र से मिलने के बाद मैं IGIMS के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. विनित ठाकुर से मिला। उन्हें सबा और फरहा की तस्वीर दिखाई। वे कहते हैं- ऐसे मरीजों का दिमाग दो हिस्सों में विकसित होने के बावजूद आपस में इस कदर घुला-मिला है कि इसे सर्जरी से अलग करना असंभव है। यदि दोनों शरीर लिवर साझा कर रहे होते, तो उसे काटना मुमकिन था, क्योंकि लिवर दोबारा बढ़ जाता है। लेकिन दिमाग का जो हिस्सा एक बार कट गया, वह कभी दोबारा नहीं बढ़ता। सिर की मुख्य नसों के साझा होने के कारण यह सर्जरी जानलेवा है। सामान्य जुड़वां बच्चे 3 साल की उम्र तक अपनी अलग पसंद-नापसंद बना लेते हैं। लेकिन सबा-फरहा के मामले में ऐसा नहीं हो सका। वे एक जैसा ही सोच पाती हैं। चूंकि दोनों के शरीर की 'सप्लाई चेन' एक है, इसलिए एक की बीमारी दोनों को प्रभावित करती है। उनकी सबसे बड़ी पीड़ा उनका रोज का तालमेल है। जहां एक बहन सोना चाहती है तो दूसरी जागना, एक बैठना चाहती है तो दूसरी चलना। एक की शारीरिक जरूरत, दूसरी की मजबूरी है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- चेहरे पर मांस के लोथड़े देख लोग कहते हैं भूत:शक्ल देखकर 5 लोग गड्ढे में जा गिरे, मां बोली-मरेगा तभी बला टलेगी ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- बेटे की सभी हड्डियां टेढ़ी, 4 करोड़ में होगा इलाज:बिस्तर से उठ नहीं पाता, 3 डॉक्टर बोले- आपसी रिश्तों में शादी का असर 8 साल का जावेद स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते-खेलते अचानक गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जमीन पर पड़ा कराहने लगा। टीचर भागते हुए आए, उन्होंने भी उठाने की कोशिश की। वो बार-बार कहता रहा- मेरे घुटने और कोहनियों में बहुत दर्द है। पैर मुड़ ही नहीं रहे। मैं उठ नहीं पाऊंगा। अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाऊंगा। प्लीज, अम्मी-अब्बू को फोन करके बुला दीजिए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:18 am

रोहित शर्मा की विदाई लगभग तय, लॉर्ड्स में हो सकता है अंतिम वनडे

ENGvsIND इंग्लैंड की 2 पारियों में फ्लॉप होने के बाद रोहित शर्मा के लिए वह घड़ी आ गई है जब वह या तो खुद से बल्ला टांगेंगे या फिर अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे। मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है। रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है। These lines will hurt forever. pic.twitter.com/7ckR4qcGLU — Selfless Cricket (@SelflessCricket) July 16, 2026 pic.twitter.com/h6u5YKcVJ9 — dxp (@drivexpull) July 16, 2026 No hate But it is becoming difficult for Rohit Sharma day by day for 2027 World Cup As South Africa pitches will have more uneven bounch pic.twitter.com/63AzUFSh2q — Aarav (@AARAVOJHA18) July 16, 2026 रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 11:23 pm

विराट और श्रेयस के अर्धशतक के बावजूद भारत इंग्लैंड के खिलाफ 233 रनों पर सिमटा

ENGvsIND श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ गुरूवार को दूसरे वनडे में 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम के मध्यक्रम ने पूरी तरह से निराश किया है। अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुन्दर और शिवम दुबे के विकेट गुच्छों में गिरे। उससे पहले ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय टीम आसानी से 300 के स्कोर को पार कर सकती है। हालांकि जोफ़्रा आर्चर, साकिब महमूद और गस एटकिंसन ने कमाल का काउंटर अटैक किया। कोहली के विकेट पतन के बाद सबसे बड़ी साझेदारी 20 रनों की हुई, जो श्रेयस और बुमराह के बीच हुई। परिणाम यह रहा कि भारतीय टीम एक सम्मानजनक स्कोर से भी थोड़ी सी दूर रह गई। श्रेयस ने 71 गेंदों पर 66 रन की पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए जबकि विराट कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन में आठ चौके लगाए। कप्तान शुभमन गिल ने 33 और ओपनर रोहित शर्मा ने 26 रन का योगदान दिया। जसप्रीत बुमराह ने 13 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 20 रन बनाकर भारत को 233 तक पहुंचाया। यह मेन इन ब्लू की तरफ से सबसे भरोसेमंद बैटिंग नहीं थी। ALL OUT We require 234 runs to win in Cardiff pic.twitter.com/8RfE68nf21 — England Cricket (@englandcricket) July 16, 2026 शुभमन गिल ने तेज़ शुरुआत दी, लेकिन रोहित शर्मा लय में नहीं दिखे और कुछ शुरुआती राहत मिलने के बावजूद इसका फ़ायदा नहीं उठा पाए। विराट कोहली ने एक अच्छी हाफ सेंचुरी के साथ पारी को संभाला, जबकि श्रेयस अय्यर ने एक कीमती पारी खेलकर भारत को एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंचाया। जसप्रीत बुमराह ने कुछ ज़रूरी रन जोड़े, जिससे भारत को आखिर में एक और धक्का मिला। इंग्लैंड की बॉलिंग पूरी टीम की परफॉर्मेंस थी। जोफ्रा आर्चर ने तीन अहम विकेट लेकर लीड किया, जबकि गस एटकिंसन ने भी तीन विकेट लेकर उनकी बराबरी की। साकिब महमूद ने भी दो विकेट लिए, जिससे यह पक्का हो गया कि भारत कभी भी कोई मोमेंटम न बना पाए। पहली पारी में पेसरों ने नौ विकेट लिए।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 10:41 pm

कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के बीच 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा के ऐलान के बाद मथुरा पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को गुरुवार को उनके आश्रम में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी सौंपा है। इस बीच स्वामी सच्चिदानंद ने 9 अगस्त को प्रस्तावित […] The post कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:20 pm

गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना नसीराबाद। राजगढ़ स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम में आगामी 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। बैठक चम्पालाल महाराज (मुख्य उपासक, भैरव धाम) के सान्निध्य तथा उपखंड अधिकारी नसीराबाद कल्पित शिवरान की अध्यक्षता […] The post गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:14 pm

धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे कथित […] The post धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:04 pm

कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास

अलवर। राजस्थान में कोटपुतली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी को मृत्यु होने तक के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त सुमित (18) को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपए […] The post कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:00 pm

जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली से पहले ही ऐसा कर […] The post जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:49 pm

नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया

श्रीगंगानगर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने श्रीगंगानगर जिले में नई मंडी घड़साना के सरकारी अस्पताल में गुरुवार को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को 3500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की गंगानगर इकाई में शिकायत की थी कि उसकी गर्भवती पत्नी को पेट […] The post नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:43 pm

पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

पाली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को पाली जिले में नगरपालिका सोजत रोड में दलाल परमानन्द शर्मा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी के बडे पिताजी के नाम का […] The post पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:18 pm

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करे। न्यायालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को सुधारने के लिए आवश्यक कोई भी चिकित्सकीय हस्तक्षेप सरकार […] The post दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:13 pm

तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का मोह भंग होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा और इनमें नया नाम बंगला फिल्मों की अभिनेत्री और सांसद रुक्मिणी मल्लिक का जुड़ गया है जिन्होंने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस ने मल्लिक को करीब तीन महीने पहले ही सांसद […] The post तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:08 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने में हो रही देरी पर गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पांच दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम और संभावित तिथि बताने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा कि आखिर वह क्यों चाहते हैं कि […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:04 pm

अलवर में 12वीं कक्षा के छात्र तुषार की गोली मारकर हत्या

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ के नौगांवा थाना क्षेत्र में बारहवीं कक्षा के छात्र की हत्या का मामला सामने आया है। दो दिन से लापता छात्र तुषार कुमार का शव बुधवार सुबह रामगढ़ क्षेत्र के नौगांवा थाना क्षेत्र में नेवाड़ी गांव के पास पहाड़ी की तलहटी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक […] The post अलवर में 12वीं कक्षा के छात्र तुषार की गोली मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:59 pm

नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान

अजमेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान का नया रिकार्ड बन गया। गत वर्ष 1068 यूनिट रक्तदान हुआ था। यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि लायन्स क्लब अजमेर प्रिमियम एवं सतगुरु स्कूल के सहयोग से रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन […] The post नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:40 pm

साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स

जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बैंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ विषय पर विशेष स्टडी सर्किल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की […] The post साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:32 pm

नाना पटवारी के साथियों ने कबूला, 20 से 100 रुपए मिलता है क्रिकेट सट्टे में कमीशन, चार लोगों पर FIR

कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी की मुश्‍किलें बढती जा रही हैं। उनके साथियों ने पुलिस के सामने कुछ मामलों में कबूल किया है। बता दें कि वहीं दूसरी तरफ जीतू पटवारी नीट पेपर लीक और अन्‍य मामलों के खिलाफ सायकल यात्रा पर हैं। दरअसल, एमडी ड्रग्स के मामले में आरोपी नाना पटवारी और उसके साथी सुमित मंत्री से बुधवार देर रात तक राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पूछताछ की गई थी। जांच में सामने आया कि नाना के साथी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे के कमीशन एजेंट थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन मिलता था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नाना के चार साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल इस प्रकरण में नाना पटवारी का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार जांच में संजय कौशल, मनीष जादौन, दिनेश उर्फ लल्ला चौहान, प्रीतेश त्रिपाठी सहित अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। इन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित करने और बेटिंग आईडी उपलब्ध कराने का आरोप है। कितना कमीशन मिलता है : जांच में सामने आया कि कृष्णा नगर निवासी संजय कौशल ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे का कमीशन एजेंट था। प्रत्येक लेन देन पर उसे 20 से 100 रुपए तक कमीशन मिलता था। पूछताछ में संजय ने पुलिस को बताया कि सच्चिदानंद नगर (महू नाका) निवासी मनीष पमनानी उसे ऑलपैन एक्स और ग्रेडटेक्स डॉट कॉम की बेटिंग लिंक उपलब्ध कराता था। ये लिंक वॉट्सऐप के जरिए भेजी जाती थीं, जिन पर 5 हजार रुपए या उससे अधिक बैलेंस वाली बेटिंग आईडी मिल जाती थी।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:44 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या ‘2 दिन में मर सकते हैं सोनम वांगचुक’, जबरन खाना खिलाने पर क्या खतरा; भूख हड़ताल से शरीर में होता क्या है

सोनम वांगचुक 19 दिन से भूख-हड़ताल कर रहे हैं। मांग है- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। सरकार ने अब तक उनसे कोई बात नहीं की है। दिल्ली हाई कोर्ट में एक वकील ने याचिका दायर कर कहा कि सोनम को फोर्स-फीडिंग करवाई जाए, वरना 2 दिन में जान जा सकती है। कोर्ट ने सरकार को रोजाना मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए हैं। सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के तीसरे फेज में हैं, चौथे फेज में कैसे जा सकती है जान और क्या जबरन खाना खिलाया जा सकता है; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में... फेज-3: कुछ हफ्ते शरीर के 'इमरजेंसी सिस्टम' कीटोसिस का सहारा फेज-4: एनर्जी का कोई सुरक्षित तरीका नहीं बचता, मौत सवाल-1: तो क्या अगले दो-तीन दिन में सोनम वांगचुक की जान को खतरा है? जवाब: भुखमरी से जुड़ी कई रिसर्च में 3 जरूरी बातें हैं.. सोनम का वजन अनशन की शुरुआत में 65.9 किलो था, जो 16 जुलाई तक 9 किलो घटकर 56.9 हो गया है। यानी करीब 14% की गिरावट। उनका ब्लड प्रेशर नॉर्मल 120/80 यूनिट्स से घटकर 101/65 यूनिट्स आ गया है। वहीं ब्लड शुगर 89 यूनिट्स है। उत्तर प्रदेश बेस्ड डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) अजय सिंह कहते हैं कि सोनम के हेल्थ पैरामीटर्स देखते हुए ऐसा कहना ठीक नहीं होगा कि उनको दो दिन में जान का खतरा है। वे पानी ले रहे हैं। हालांकि निगरानी की जरूरत है, क्योंकि उनकी उम्र 59 साल है। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर में न्यूरोलॉजिस्ट और मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. टी.एन दुबे कहते हैं, ‘मेडिकल साइंस में इस बात कि साफ पुष्टि नहीं है कि इंसान कितने दिन तक भूख बर्दाश्त कर सकता है। भूख तब तक जानलेवा नहीं होगी, जब तक कीटोसिस न शुरू हो जाए। एक बार ये प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो माना जाता है कि व्यक्ति कोमा में जा सकता है। सवाल-2: क्या सरकार जबरन सोनम का अनशन तुड़वा सकती है? जवाब: भूख-हड़ताल भी अभिव्यक्ति, यानी अपनी बात कहने का तरीका है। आर्टिकल 19 के तहत ये एक मूल अधिकार है। यानी सरकार किसी को भूख-हड़ताल करने से रोक नहीं सकती। वहीं आर्टिकल 21 से जीवन का अधिकार मिलता है और ये सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह किसी व्यक्ति की जान को बचाए रखे। इसीलिए भारत में आत्महत्या करना या इसके लिए किसी को उकसाना अपराध है। इन दो कानूनों से जुड़ा एकएक रोचक मामला मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला का है, जो 2000 से 2016 तक 16 साल भूख हड़ताल पर रही थीं। उन्हें अनशन के तीसरे दिन ही आत्महत्या के प्रयास के आरोप में IPC की धारा 309 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और 16 साल तक सरकारी अस्पताल में रखकर जबरन फीडिंग ट्यूब से खाना दिया गया। हालांकि 2021 में मद्रास हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में कहा कि भूख-हड़ताल के चलते किसी को आत्महत्या के प्रयास में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सोनम पर इरोम चानू की तरह आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार आर्टिकल 21 का हवाला देकर उनका अनशन तुड़वा सकती है। सोनम का अनशन तुड़वाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कहा है, 'डॉक्टरों से उनकी नियमित जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। क्योंकि हर नागरिक की जान कीमती है।’ --------- ये खबर भी पढ़िए… प्रोटेस्ट कॉकरोच पार्टी का, फिर सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर क्यों; क्या सरकार मांगें मानेगी, तबीयत बिगड़ी तो क्या होगा 59 साल के सोनम वांगचुक 17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सिर्फ नमक का पानी ले रहे हैं। 8.5 किलो वजन गिर चुका है। उनके पीछे बैनर कॉकरोच जनता पार्टी का है, जिसकी मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- सरकार बात तक करने को तैयार नहीं, मरने के लिए छोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 6:19 pm

'मिर्जापुर: द मूवी' को क्या मिलेगा 'A' सर्टिफिकेट? निर्देशक गुरमीत सिंह ने बताई पूरी वजह

'मिर्जापुर: द मूवी' का बहुप्रतीक्षित टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसने फैंस को पहली बार फिल्म की दमदार झलक दिखाई। ओटीटी की इस आइकॉनिक दुनिया को अब बड़े पर्दे पर लाते हुए फिल्म पहले से भी बड़ा एक्शन, जबरदस्त ड्रामा और वही सिग्नेचर भौकाल लेकर आ रही है, जिसने 'मिर्जापुर' को एक कल्ट फिनॉमेनन बना दिया। भारत की सबसे बड़ी ओटीटी क्राइम फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' अब इतिहास रचने जा रही है। 'मिर्जापुर: द मूवी' के साथ यह भारत की पहली बड़ी स्ट्रीमिंग ओरिजिनल फ्रेंचाइजी बन गई है, जो इतने बड़े स्तर पर सिनेमाघरों का रुख कर रही है। अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु शर्मा एक बार फिर अपने चर्चित किरदारों में नजर आएंगे। ALSO READ: 'आर्यभट्ट का जीरो' का टीजर रिलीज, फैमिली, प्यार और संघर्ष के बीच सम्मान की तलाश में दिखे हिमांश कोहली फिल्म 'मिर्जापुर' की उसी दुनिया को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है, जिसने इसे एक कल्ट फिनॉमेनन बना दिया। हाल ही में रिलीज हुए टीजर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है और फैंस के बीच फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है। फिल्म की रिलीज जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि अपनी हिंसा, बेबाक भाषा और दमदार कहानी के लिए मशहूर 'मिर्जापुर' बड़े पर्दे पर CBFC के नियमों के हिसाब से खुद को कैसे ढालेगी। इस पर बात करते हुए निर्देशक गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके लिए सबसे जरूरी था 'मिर्जापुर' की असली पहचान को बरकरार रखना। उन्होंने बताया कि ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए फिल्म को हल्का करने की बजाय, इसे शुरू से ही Adults Only सर्टिफिकेट को ध्यान में रखकर बनाया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि फिल्म अपनी दमदार पहचान बनाए रखते हुए बोर्ड के सभी नियमों का पालन करे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निर्देशक गुरमीत सिंह ने कहा, हम शुरुआत से ही फिल्म के लिए Adults Only (एडल्ट्स ओनली) सर्टिफिकेट को ध्यान में रखकर चल रहे हैं। इसके बाद, जाहिर है कि CBFC की अपनी गाइडलाइंस होती हैं कि कौन-सी भाषा इस्तेमाल की जा सकती है और कौन-सी नहीं। हमने इन्हीं नियमों के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश की है। गुरमीत सिंह का मानना है कि भारतीय सिनेमा और दर्शक दोनों काफी बदल चुके हैं। अब सिनेमाघरों में ऐसी कहानियों के लिए भी जगह बन रही है, जो खास तौर पर वयस्क दर्शकों के लिए बनाई जाती हैं और जिनमें क्रिएटिव विजन से समझौता नहीं किया जाता। A post shared by Mirzapur (@yehhaimirzapur) उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दर्शक भी पहले से ज्यादा मैच्योर हो गए हैं। अगर आप 'एनिमल', 'धुरंधर' और हाल की कई फिल्मों को देखें, तो साफ है कि अब एडल्ट स्टोरीटेलिंग को भी थिएटर में जगह मिल रही है। इससे हमारे लिए भी रास्ता बना कि हम 'मिर्जापुर: द मूवी' को बिना उसकी असली पहचान और तेवर बदले बड़े पर्दे पर ला सकें। फिल्म की दमदार स्टारकास्ट को और बड़ा बनाते हुए 'मिर्जापुर: द मूवी' में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी नजर आएंगे। ये सभी मिलकर 'मिर्जापुर' की दुनिया के एक ऐसे अनदेखे चैप्टर को बड़े पर्दे पर लेकर आएंगे, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। 'मिर्जापुर: द मूवी' को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। वहीं, कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके सह-निर्माता हैं। 'मिर्जापुर: द मूवी' 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 5:13 pm