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आज का एक्सप्लेनर:मई इतना खौल रहा, जून में क्या होगा; इस साल इतनी ज्यादा गर्मी क्यों, जानिए कब आएगी राहत की फुहार

धरती के 50 सबसे तपते शहर इस वक्त भारत में ही हैं। 22 मई को सबसे ज्यादा यूपी के बांदा में 47.6C, एमपी के खजुराहो में 47.4C, महाराष्ट्र के वर्धा में 47.1C तापमान दर्ज हुआ। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी, एमपी, गुजरात और राजस्थान में लगातार हीटवेव जारी है। जब मई इतना खौल रहा तो जून में क्या होगा, इस बार क्यों पड़ रही इतनी गर्मी और कब तक आएगा मानसून; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: देश में अभी हीटवेव का असर कहां-कहां और कितना है? जवाब: बीते 2 दिनों से हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, विदर्भ, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 42 से 47C तापमान वाली भीषण गर्मी के साथ हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। IMD के मौसम वैज्ञानिक आरके जेनामनी के मुताबिक, किसी इलाके में तापमान सामान्य से ज्यादा हो और दो या ज्यादा दिनों तक तेज लू चलने लगे, तो उसे हीटवेव माना जाता है। IMD ने पैरामीटर बनाया है कि किसी इलाके में तापमान सामान्य से 4.5C ज्यादा होने पर हीटवेव और 6.4C ज्यादा होने पर सीवियर हीटवेव होगी। सवाल-2: इस बार इतनी भीषण गर्मी क्यों पड़ रही? जवाब: भूमध्य रेखा एक ऐसी काल्पनिक लाइन है, जो धरती को दो हिस्सों में बांटती है। इस पर सूरज की सीधी किरणें पड़ती हैं, वहीं भारत भूमध्य रेखा के उत्तर में कर्क रेखा पर है। आम तौर पर भारत में मार्च से अप्रैल के पहले हफ्ते में गर्मी की शुरुआत होती है। फिर मई से आधे जून तक सूरज भूमध्य रेखा से कर्क रेखा की तरफ बढ़ता है। ऐसे में इस इलाके में गर्मी अपने पीक पर पहुंच जाती है। फिर जून के आखिरी हफ्ते में मानसूनी हवाओं से गर्मी थोड़ी कम होने लगती है। इस बार अप्रैल-मई में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी। इसके पीछे की वजहें समझने के लिए दो चीजों का मतलब जानना जरूरी है- वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: भारत के पश्चिम में भूमध्य सागर से तूफानी हवा नमी लेकर भूमध्य सागर, काला सागर से ईरान, अफगानिस्तान होते हुए भारत तक आती है, जिसे 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' कहते हैं। ये हवा भारत में आकर यहां के वेदर पैटर्न को डिस्टर्ब करती है, इसलिए डिस्टर्बेंस शब्द जुड़ा। जेट स्ट्रीम: जमीन से करीब 8 से 15 किमी ऊपर क्षोभमंडल या ट्रोपोस्फेयर की ऊपरी लेयर में बहने वाली हवा की तेज धारा को 'जेट स्ट्रीम' कहते हैं। अब इस बार भारत में इतनी गर्मी पड़ने के पीछे 3 वजहें जानिए- 1. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अप्रैल की शुरुआत में बारिश हुई 2. जेट स्ट्रीम ने गर्म हवा लॉक कर दी, जिससे गर्मी बढ़ गई 3. लंबे समय तक गर्मी से 'हीट डोम' बन गया ये स्थिति लू चलने के उलट है। लू में गर्मी बढ़ने पर आंधी या गरज के साथ बारिश की स्थिति बन जाती है, जिससे गर्मी ऊपर निकल जाती है और लोगों को राहत मिलती है। वहीं हीट डोम में एक एंटी-साइक्लोन यानी उलटे चक्रवात जैसी स्थिति बनती है, जो हवाओं को नीचे की तरफ भेजता है और हवाएं और गर्म होती हैं। जमीन के पास जितनी ज्यादा गर्मी होगी, ऊपर उतना ही मजबूत हाई प्रेशर सिस्टम मजबूत होता है। इसीलिए हीट डोम एक बार बनने के बाद हफ्तों तक बना रहता है, जब तक कोई नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या मानसून इस साइकिल को न तोड़ दे। सवाल-3: अगले कुछ दिन मौसम कैसा रहने वाला है, क्या कुछ राहत मिलेगी? जवाब: भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक- अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाके में दक्षिण-पश्चिमी मानसून आगे बढ़ रहा है। भारत की 70-80% सालाना बारिश इसी मानसून से होती है। गुजरात, केरल और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में 23 मई से प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू हो सकती है। इन राज्यों के कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। IMD के मुताबिक… उत्तर भारत के इलाके हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 22 से 27 मई तक बारिश की संभावना नहीं है। भयंकर हीटवेव जारी रह सकती है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी यही हालात रहेंगे। सवाल-4: भारत के बाकी हिस्सों में कब तक आएगी राहत की फुहार? जवाब: गर्मी से राहत मानसूनी बारिश से ही मिल सकती है। मानसून जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, हीटवेव खत्म होती जाती है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, केरल के बाद उत्तर भारत तक पहुंचने में मानसून को 4 से 6 हफ्ते और लगते हैं। यानी राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों, जहां हीटवेव का असर सबसे ज्यादा है, उन्हें बारिश के लिए 15 जून से 31 जून तक का इंतजार करना होगा। जून 2026 के तीसरे सप्ताह तक पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन रह सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे गर्मी से राहत मिलना शुरू होगी। सवाल-5: इस बार जोरदार गर्मी पड़ी, तो क्या बारिश भी उतनी ही अच्छी होगी? जवाबः मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 2026 के मानसून की शुरुआत पिछले 26 साल में सबसे कमजोर हो सकती है। इस बार सामान्य से 8% कम बारिश का अनुमान है। इसकी वजह है- एल नीनो। एल नीनो उस कंडीशन को कहते हैं, जब प्रशांत महासागर की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसकी वजह से प्रशांत महासागर की सतह पर बहने वाली हवा और पानी के पैटर्न में बदलाव हो जाता है। भारत में हिंद महासागर और अरब सागर की ओर से आने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर होती हैं। इससे भयानक सूखा या तेज गर्मी पड़ती है। अमेरिकी मौसम एजेंसी नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन, यानी NOAA के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 तक एल नीनो बनने की संभावना 70% से ऊपर है। इसके बाद 'सुपर एल नीनो' आ सकता है। दरअसल, प्रशांत महासागर की सतह का पानी अगर 2 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बढ़ता है, तो 'सुपर एल नीनो' के हालात बनते हैं। ये सामान्य एल नीनो से चार गुना ज्यादा असरदार माना जाता है। पिछली बार 2015-16 में जब सुपर एल नीनो आया था, तो सामान्य से 14% कम बारिश हुई, दक्षिण एशिया में सूखा पड़ा, फसलें बर्बाद हुईं और खाने की महंगाई आसमान छू गई थी। अब 2026 में वैज्ञानिक कह रहे हैं- यह उससे भी बड़ा हो सकता है। ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पंखे आग उगलते हैं, रात में भी राहत क्यों नहीं:भारत की गर्म रातें कैसे बन रहीं साइलेंट किलर; इससे कैसे बचें भारत में गर्मी का मतलब अब सिर्फ दोपहर की झुलसाने वाली धूप नहीं रह गया है। अब सूरज ढलने के बाद भी राहत नहीं मिलती। रात 11 बजे भी दीवारें गर्म रहती हैं, पंखे गर्म हवा फेंकते हैं और कूलर-एसी भी कई बार बेअसर लगते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 23 May 2026 6:08 pm

'है जवानी तो इश्क होना है' का मजेदार ट्रेलर रिलीज, दो हसीनाओं के बीच फंसे वरुण धवन

निर्देशक डेविड धवन एक बार फिर वह अपने सिग्नेचर स्टाइल के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। लंबे इंतजार और भारी सस्पेंस के बाद उनकी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का मजेदार ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े लीड़ रोल में नजर आने वाली हैं। ट्रेलर की शुरुआत वरुण धवन और उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी मृणाल ठाकुर के रोमांटिक पलों से होती है। लेकिन यह रोमांस जल्द ही कोर्ट-कचहरी के चक्कर में बदल जाता है। मृणाल का किरदार वरुण के हद से ज्यादा प्यार और अटेंशन से तंग आकर तलाक की मांग करता है। इस पर वरुण का सीधा सा जवाब होता है कि वह बहुत शिद्दत से 'पिता' बनना चाहते हैं। कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब तलाक की कार्यवाही के बीच वरुण की जिंदगी में पूजा हेगड़े की एंट्री होती है। वरुण उनसे भी प्यार कर बैठते हैं। किस्मत का ऐसा अनोखा खेल पलटता है कि जो शख्स पिता बनने के लिए तरस रहा था, वह एक साथ मृणाल और पूजा दोनों के बच्चों का पिता बनने वाला होता है। ALSO READ: रॉयल ब्लू आउटफिट में निक्की तंबोली ने ढाया कहर, सिजलिंग लुक्स से बढ़ाया इंटरनेट का पारा इस 'डबल ट्रबल' को छुपाने के लिए वरुण और उनके दोस्त (मनीष पॉल) दोनों अभिनेत्रियों को एक-दूसरे से दूर रखने की हर मुमकिन कोशिश करते हैं, जो दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती है। फिल्म में जिमी शेरगिल पूजा के विलेन भाई के रोल में हैं, जबकि मौनी रॉय वरुण की नकली मां के अनोखे किरदार में नजर आ रही हैं। फिल्म का ट्रेलर खूब सारी कॉमेडी, ट्विस्ट और कन्फ्यूजन से भरा हुआ है। ट्रेलर में 'धुरंधर' के जमील जमाली यानी राकेश बेदी की भी झलक दिखाई गई है। वह इस फिल्म में एक डॉक्टर का किरदार निभा रहे हैं। फैंस को फिल्म का ट्रेलर काफी पसंद आ रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जितना हंगामा फिल्म के ट्रेलर में है, उतना ही बवाल इसके पीछे की कानूनी लड़ाई को लेकर मचा हुआ है। दरअसल, फिल्म में 1999 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बीवी नंबर 1' के आइकॉनिक गाने 'चुनरी चुनरी' को रीक्रिएट किया गया है। ट्रेलर के बैकग्राउंड में भी यह गाना साफ सुना जा सकता है। 'बीवी नंबर 1' के निर्माता वासु भगनानी की कंपनी 'पूजा एंटरटेनमेंट' ने 'टिप्स म्यूजिक' के खिलाफ कोर्ट का रुख किया है। उनका आरोप है कि टिप्स ने उनकी अनुमति के बिना इस गाने को रीक्रिएट किया है। तमाम विवादों और कानूनी खींचतान के बावजूद, फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त बज बना हुआ है। डेविड धवन और वरुण धवन की पिता-पुत्र की जोड़ी इससे पहले 'मै तेरा हीरो', 'जुड़वा 2' और 'कुली नंबर 1' जैसी फिल्में दे चुकी है। यह उनकी साथ में चौथी फिल्म है। 'टिप्स फिल्म्स' के बैनर तले बनी और रमेश तौरानी द्वारा निर्मित यह कन्फ्यूजन-कॉमेडी फिल्म 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म में अली असगर, चंकी पांडे, कुब्रा सैफ और राजेश कुमार भी हैं।

वेब दुनिया 23 May 2026 5:23 pm

Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह

Weekly horoscope predictions: 25 मई से 31 मई 2026 का सप्ताह संयम, योजना और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। यह सप्ताह निवेश, व्यवसाय और करियर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए समय निकालें। साप्ताहिक राशिफल के माध्यम से जानें आप घर, परिवार और कार्यक्षेत्र में किस तरह के बेहतर निर्णय ले सकते हैं। ALSO READ: शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर साप्ताहिक राशिफल (25 मई से 31 मई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन बजट बनाकर चलना जरूरी होगा। इस सप्ताह आपको आत्मविश्वास और नियंत्रण महसूस होगा, जिससे आप महत्वपूर्ण काम आसानी से पूरा कर पाएंगे। प्रेम जीवन में गहराई आएगी और रिश्ते मजबूत होंगे। करियर में धीरे-धीरे प्रगति होगी और आपको सराहना मिल सकती है। घर में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन गर्व का कारण बनेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले आपके पक्ष में रहेंगे। यात्रा से पहले योजना जांच लेना बेहतर रहेगा। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: येलो वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) आर्थिक लाभ समझदारी से लिए गए फैसलों से मिलेगा। प्रेम जीवन में थोड़ी चुनौती आ सकती है, इसलिए धैर्य रखें। सकारात्मक सोच से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। यह सप्ताह खासकर बिजनेस में नए मौके लेकर आ सकता है, जिससे प्रगति होगी। घर का माहौल खुशहाल रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे। यात्रा थोड़ी थकाने वाली हो सकती है, लेकिन नए लोगों से जुड़ाव होगा। प्रॉपर्टी के फैसले आपके अनुसार सही साबित हो सकते हैं। बेचैनी होने पर कोई अच्छा शौक अपनाना फायदेमंद रहेगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: रेड मिथुन (21 मई – 21 जून) आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी, बस फिजूल खर्च से बचें। प्रेम जीवन में एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करना जरूरी है। यह सप्ताह आपके बिजनेस से जुड़े भ्रम को दूर करेगा और निर्णय लेना आसान बनाएगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा रिश्तों को बेहतर बनाएगी। आपकी समझदारी आपको अच्छे मौके दिखाएगी। विदेश यात्रा का योग बन सकता है। प्रॉपर्टी डील में देरी हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें। दोस्तों की सलाह बिना सोचे-समझे न मानें। पढ़ाई में अनुशासन से सफलता मिलेगी। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: पर्पल कर्क (22 जून – 22 जुलाई) आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें, खासकर नए निवेश में। प्रेम संबंधों में ईमानदारी और समझ जरूरी होगी। यह सप्ताह आपके जीवन में स्पष्टता लेकर आएगा। मेहनत का अच्छा फल मिलेगा और पहचान मिल सकती है। परिवार में आपका सहयोग माहौल को अच्छा बनाएगा। सेहत के लिए आप अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यात्रा से मन तरोताजा होगा। मनचाही प्रॉपर्टी मिलने के संकेत हैं। छोटी बातों पर विवाद से बचें। पढ़ाई में लापरवाही से नुकसान हो सकता है। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: मैजेंटा सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) नए अवसर और कॉन्ट्रैक्ट्स आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे। परिवार में अपनापन और खुशी बनी रहेगी। सेहत के लिए संतुलन जरूरी है, शॉर्टकट से बचें। काम में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। यह सप्ताह आपको खुशी, प्यार और सकारात्मक ऊर्जा पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगा। यात्रा से नए अनुभव मिलेंगे। प्रॉपर्टी निवेश फायदेमंद रहेगा। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। छात्रों को गलत तरीकों से बचना चाहिए। ALSO READ: गंगा दशहरा विशेष: रोंगटे खड़े कर देगी गंगा आरती की ये 5 अलौकिक बातें, जानकर रह जाएंगे दंग शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, बस लापरवाही से खर्च न करें। प्रेम जीवन में साथी को भावनात्मक सहारा देना जरूरी होगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नई परेशानी को नजरअंदाज न करें। यह सप्ताह काम में कुछ चुनौतियां ला सकता है, जिन्हें धैर्य और समझदारी से पार करना होगा। धीरे-धीरे आगे बढ़ने से सफलता मिलेगी। घर का माहौल अच्छा रहेगा अगर आप अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएं। यात्रा के अच्छे मौके मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ऑफ-व्हाइट तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) छोटे निवेश भविष्य में लाभ दे सकते हैं। प्रेम जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ बदलाव जरूरी होंगे। यह सप्ताह आपके करियर और बिजनेस को मजबूत करने में मदद करेगा। परिवार के लोग मुश्किल समय में आपसे सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं। सेहत के लिए वातावरण से बचाव जरूरी है। परिवार के साथ यात्रा खुशी देगी। अभी नई प्रॉपर्टी में निवेश से बचें। अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: ब्राउन वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में समझदारी और देखभाल से रिश्ते मजबूत होंगे। यह सप्ताह आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और काम में आपकी बातों का असर दिखेगा। परिवार की समस्याएं आप समझदारी से सुलझा पाएंगे। सेहत का ध्यान रखें, खासकर मौसम से बचाव करें। यात्रा रोमांचक और फायदेमंद हो सकती है। प्रॉपर्टी बेचने से लाभ हो सकता है। दोस्तों से बात करते समय शब्दों का ध्यान रखें। पढ़ाई में खुद मेहनत करना जरूरी होगा। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: मैरून धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) अच्छी सेहत इस सप्ताह आपकी ताकत बनेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन योजना बनाकर चलना बेहतर होगा। प्रेम जीवन में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। परिवार में शांति और संतुलन रहेगा। काम का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य रखें। प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई अच्छा सौदा हो सकता है। किसी धार्मिक या ऐतिहासिक जगह की यात्रा मानसिक शांति देगी। अचानक बदलावों के लिए तैयार रहें। पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: पिंक मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। यह सप्ताह आपकी बातचीत की कला को मजबूत करेगा और आपको काम में सहयोग मिलेगा। परिवार में प्यार और समझ बढ़ेगी। प्रेम जीवन में भरोसा और प्रतिबद्धता दिखाना जरूरी होगा। आध्यात्मिकता की ओर रुझान आपको शांति देगा। यात्रा से नए अनुभव मिलेंगे। अच्छी प्रॉपर्टी खरीदने का मौका मिल सकता है। कुछ चुनौतियों में परिवार का सहयोग लेना पड़ सकता है। पढ़ाई में तुरंत सुधार जरूरी होगा। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: ग्रे कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) यह सप्ताह आपको काम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका देगा। परिवार के बड़ों की सलाह आपके लिए फायदेमंद रहेगी। आर्थिक निवेश में सावधानी रखें। प्रेम जीवन को निजी रखना बेहतर रहेगा। घर के बड़े लोगों की सेहत का ध्यान रखें। यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं। धन जुटाने में थोड़ी परेशानी आ सकती है, लेकिन मेहनत से समाधान मिलेगा। यह सप्ताह व्यस्त रहेगा। पढ़ाई में नियमितता से सुधार होगा। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: ऑरेंज मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) बिजनेस में लंबी अवधि के निवेश से लाभ होगा। प्रेम जीवन में निरंतर प्रयास से रिश्ता मजबूत होगा। नियमित व्यायाम से सेहत बेहतर रहेगी। यात्रा में थोड़ी देरी हो सकती है। इस सप्ताह आपका ध्यान और एकाग्रता आपको काम में आगे बढ़ाएगी। माता-पिता की सलाह प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने में मदद करेगी। प्रॉपर्टी का अच्छा सौदा मिल सकता है। भौतिक चीजों के आकर्षण से दूर रहना बेहतर रहेगा। पढ़ाई में ध्यान भटक सकता है, इसलिए फोकस बनाए रखें। ALSO READ: Padmini Ekadashi 2026: अधिकमास की पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें, जानिए व्रत रखने के 5 नियम शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: क्रीम

वेब दुनिया 23 May 2026 5:03 pm

रॉयल ब्लू आउटफिट में निक्की तंबोली ने ढाया कहर, सिजलिंग लुक्स से बढ़ाया इंटरनेट का पारा

रियलिटी टीवी स्टार और एक्ट्रेस निक्की तंबोली अक्सर अपने बोल्ड और सिजलिंग अवतार से सोशल मीडिया का तापमान बढ़ाए रखती हैं। हाल ही में निक्की ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटोशूट साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इन तस्वीरों में निक्की का ग्लैमरस अंदाज और कातिलाना एक्सप्रेशंस फैंस को अपना दीवाना बना रहे हैं। निक्की रॉयल ब्लू कलर का बेहद अट्रैक्टिव को-ऑर्ड सेट पहने नजर आ रही हैं। ALSO READ: जाह्नवी कपूर का 'मॉडर्न देसी प्रिंसेस लुक, शिफॉन साड़ी में दिखाई ग्लैमरस अदाएं निक्की के इस आउटफिट में एक स्ट्रैपलेस स्टाइल का रूश्ड ब्रालेट क्रॉप टॉप और मैचिंग की हाई-वेस्ट थाई-हाई स्लिट स्कर्ट शामिल है। इसके साथ ही, उन्होंने एक मैचिंग श्रग को बेहद स्टाइलिश तरीके से कैरी किया है, जो उनके लुक में मॉडर्न टच दे रहा है। लुक को कम्पलीट करने के लिए निक्की ने अपने बालों को नया मेकओवर दिया है। उन्होंने फ्रंट बैंग्स के साथ वेवी हेयरस्टाइल चुना है, जो उनके चेहरे पर काफी सूट कर रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निक्की का न्यूड ग्लॉसी लिप्स, स्मोकी आइज और सटल मेकअप उनके पूरे लुक को अट्रैक्टिव बना रहा है। उनके चेहरे का कॉन्फिडेंस और कातिलाना निगाहें इस फोटोशूट की यूएसपी हैं। तस्वीरों में निक्की तंबोली कैमरे के सामने एक से बढ़कर एक सिजलिंग और हॉट पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वह दीवार का सहारा लेकर अपनी टोंड एब्स और कर्वी फिगर फ्लॉन्ट कर रही हैं, तो कभी फ्रंट लुक में अपनी किलर स्माइल से फैंस को घायल कर रही हैं। फैंस निक्की की इन तस्वीरों पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। तस्वीरों के कमेंट सेक्शन में फायर और हार्ट इमोजीस की बाढ़ आ गई। फैंस उनकी तारीफ में हॉटनेस ओवरलोडेड, ब्लू एंजेल और क्वीन ऑफ ग्लैमर जैसे कमेंट्स कर रहे हैं।

वेब दुनिया 23 May 2026 4:55 pm

Bakrid 2026: मुस्लिम लोग बकरीद क्यों मनाते हैं?

Muslim festival Bakrid: Eid al-Adha जिसे भारत में आमतौर पर 'बकरीद' कहा जाता है, यह मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। यह त्योहार त्याग, आज्ञापालन और इंसानियत की मदद की भावना को दर्शाता है। इसका संबंध Prophet Ibrahim की उस कहानी से है, जिसमें उन्होंने ईश्वर (अल्लाह) के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की तैयारी दिखाई। इस्लामी मान्यता के अनुसार, जब उन्होंने पूरी निष्ठा दिखाई, तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार कर ली। इसी घटना की याद में मुसलमान बकरीद मनाते हैं। ALSO READ: Eid ul Azha 2026: कब मनाई जाएगी ईद उल-अज़हा, जानें परंपरा और महत्व इस त्योहार को मनाए जाने के पीछे एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक घटना है, जो पैगंबर हजरत इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) से जुड़ी हुई है: बकरीद मनाने का मुख्य कारण: हजरत इब्राहिम की कुर्बानी इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की भक्ति और वफादारी की परीक्षा लेने का फैसला किया। अल्लाह ने उन्हें ख्वाब (सपने) में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। बेटे की कुर्बानी का फैसला: हजरत इब्राहिम के लिए दुनिया में सबसे अजीज उनके बेटे हजरत इस्माइल थे। अल्लाह का हुक्म मानकर वह अपने इकलौते और प्यारे बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए। अल्लाह की मर्जी और समर्पण: जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलाने वाले थे, तो उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी ताकि पिता का मोह अल्लाह के हुक्म के आड़े न आए। दुंबे (मेमने) की कुर्बानी: जैसे ही उन्होंने छुरी चलाई, अल्लाह ने उनकी सच्ची नियत और निष्ठा को कुबूल कर लिया और जिब्रईल (फरिश्ते) के जरिए हजरत इस्माइल की जगह एक दुंबा (भेड़/मेमना) रख दिया। हजरत इस्माइल पूरी तरह सुरक्षित रहे और दुंबे की कुर्बानी हो गई। इसी महान आत्मसमर्पण और अल्लाह के प्रति बिना किसी शर्त के प्रेम की याद में हर साल पूरी दुनिया के मुसलमान इस दिन को 'कुर्बानी के त्योहार' के रूप में मनाते हैं। इस त्योहार से जुड़े मुख्य संदेश और परंपराएं कुर्बानी का असली मतलब: बकरीद में बकरे, भेड़ या ऊंट की कुर्बानी सिर्फ एक प्रतीक है। इसका असली संदेश यह है कि इंसान को अल्लाह की रजा (मर्जी) के लिए अपनी हर प्यारी चीज, अहंकार और बुरी आदतों को कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। जैसा कि कुरान में भी कहा गया है कि अल्लाह तक न तो उस जानवर का मांस पहुंचता है और न ही खून, बल्कि केवल इंसान का तकवा यानी परहेजगारी और साफ नियत ही पहुंचती है। मांस के तीन बराबर हिस्से: कुर्बानी के बाद मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है: पहला हिस्सा: गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। दूसरा हिस्सा: दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के लिए। तीसरा हिस्सा: अपने खुद के परिवार के लिए। परिवार और समुदाय के साथ भोजन और मेल-मिलाप होता है। हज का समापन: यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने 'जुल-हिज्जा' में मनाया जाता है। इसी दौरान मक्का में पवित्र 'हज यात्रा' का समापन भी होता है। बकरीद का संदेश हमें त्याग, दया, ईमानदारी और मानवता की सेवा की सीख देता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Padmini Ekadashi 2026: अधिकमास की पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें, जानिए व्रत रखने के 5 नियम

वेब दुनिया 23 May 2026 4:42 pm

पिछले 50 सालों से अधिक समय से जीवित एक आंदोलनजीवी तथा ‘कॉकक्रोच के कॉकक्रोच’का ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’के बहाने मुक्त चिंतन

‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ कितनी सच है या झूठ, इस बहस में उलझने वाले लोगों से मेरा विनम्र निवेदन है कि इस प्रयोग से एक बात तो साफ हो गई है—भारत में वर्तमान समय में जो राजनीतिक शून्यता (पोकळी) का आलम चल रहा है, उससे लोग ऊब चुके हैं। और सचमुच, कोई सार्थक पहल—जैसे 1973-74 में […]

चौथी दुनिया 23 May 2026 3:45 pm

सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच के बाद कोहली ने हेड से हाथ नहीं मिलाया

हैदराबाद। आईपीएल 2026 में हैदराबाद में हुए सनराइज़र्स हैदराबाद (एसआरएच) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) मैच के बाद आरसीबी के सलामी बल्लेबाज़ विराट कोहली ने एसआरएच के सलामी बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। मैच के बाद होने वाली पारंपरिक हैंडशेक लाइन में कोहली ने एसआरएच कप्तान पैट कमिंस और अभिषेक […] The post सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच के बाद कोहली ने हेड से हाथ नहीं मिलाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 3:37 pm

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान का आंदोलन स्थगित

जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (एबीआरएसएम) विद्यालय शिक्षा द्वारा शिक्षकों के हितों को लेकर चलाए जा रहा राज्यव्यापी आंदोलन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ सार्थक चर्चा के बाद स्थगित कर दिया गया हैं। महासंघ के महामंत्री महेन्द्र कुमार लखारा ने शनिवार को बताया कि 29 मई को होने वाले जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन […] The post अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान का आंदोलन स्थगित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 3:29 pm

पलक तिवारी ने दीपिका पादुकोण को बताया अपनी प्रेरणा, कहा- वो हैं 'क्विंटेसेंशियल हीरोइन'

नई पीढ़ी के कलाकार लगातार दीपिका पादुकोण को सिर्फ उनके शानदार स्क्रीन प्रेज़ेंस के लिए ही नहीं, बल्कि सिनेमा में महिलाओं के लिए बनाए गए उनके मजबूत रास्ते के लिए भी अपना आदर्श मानते हैं। इसी कड़ी में अब पलक तिवारी ने भी दीपिका की जमकर तारीफ की है। पलक का मानना है कि दीपिका ने हमेशा अपनी पहचान एक मजबूत हीरोइन के रूप में बनाई है, बिना कभी “हीरो बनने” की कोशिश किए। उनके अनुसार, दीपिका ने कभी हीरो बनने की कोशिश नहीं की, क्योंकि हीरोइन होना अपने आप में ही बहुत ताकतवर है। दीपिका पादुकोण का करियर इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक अभिनेत्री अपनी शर्तों पर इंडस्ट्री में जगह बना सकती है। चाहे बात ‘पद्मावत’ जैसी भव्य फिल्मों की हो या ‘पीकू’ जैसी संवेदनशील कहानी की, दीपिका ने हर बार अपने किरदारों में गहराई और मजबूती दिखाई है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पलक तिवारी जैसी युवा अभिनेत्रियों के लिए दीपिका सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि एक सोच हैं जो बताती हैं कि सिनेमा में महिलाओं का रोल सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है, बल्कि वो कहानी की असली ताकत भी बन सकती हैं। आज के दौर में, जहां इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है, दीपिका पादुकोण का यह सफर नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन चुका है यह दिखाते हुए कि असली ताकत खुद को स्वीकार करने और अपनी पहचान पर गर्व करने में है।

वेब दुनिया 23 May 2026 3:24 pm

IMDb पर छाया 'सपने वर्सेज एवरीवन 2', TVF ने फिर साबित की कंटेंट की ताकत

द वायरल फीवर ने पिछले कुछ वर्षों में खुद को भारत के सबसे सम्मानित प्रोडक्शन हाउस में से एक के रूप में स्थापित किया है। TVF ने सालों से मिडिल क्लास की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद प्रामाणिक तरीके से दिखाने में महारत हासिल की है, ऐसे किरदार और पल रचे हैं जिनसे दर्शक तुरंत जुड़ जाते हैं। हालांकि 'सपने वर्सेज एवरीवन' का दूसरा सीजन अभी हाल ही में प्रीमियर हुआ है, लेकिन दर्शक इसे खूब पसंद कर रहे हैं और यह अब IMDb की पॉपुलर इंडियन टीवी सीरीज की लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गया है। क्रिएटर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए सपने वर्सेज एवरीवन 2 के IMDb की पॉपुलर इंडियन टीवी शोज की लिस्ट में नंबर 1 रैंक हासिल करने की इस उपलब्धि का जश्न मनाया। A post shared by TVF | The Viral Fever (@theviralfever) उन्होंने इसे कैप्शन दिया, सपने देखने वालों द्वारा बनाई गई एक कहानी, जिसे हर किसी ने सराहा! #SapneVsEveryoneOnPrime, New Season, Watch Now only on primevideoin IMDb की टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में Sapne vs Everyone के शामिल होने के साथ ही TVF ग्लोबल कंटेंट स्पेस में अपना दबदबा बना रहा है। IMDb की दुनिया की टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल TVF के अन्य शोज़ हैं — TVF पिक्चर्स 9.1 रेटिंग के साथ (64), पंचायत 9.0 रेटिंग के साथ (70), गुल्लक 9.1 रेटिंग के साथ (74), कोटा फैक्ट्री 9.0 रेटिंग के साथ (86), एस्प्रेंट्स 9.1 रेटिंग के साथ (130), और यह मेरी फैमिली 8.9 रेटिंग के साथ (183)। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें TVF एक बेहद सम्मानित प्रोडक्शन कंपनी के रूप में उभरा है, जो भारत, साउथ और यहां तक कि हॉलीवुड में भी शानदार कंटेंट देने के लिए जाना जाता है। इसने हालिया कई बड़ी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स जैसे द डेविल वियर्स प्राडा 2, एक दिन, शिवाजी, पटरियोट और नेटफ्लिक्स की ग्लोरी को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा, प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स में TVF का अनाउंसमेंट प्रोग्राम इतना प्रभावशाली रहा कि उसने सच में पूरी लाइमलाइट अपने नाम कर ली। उनकी लाइनअप बेहद विविध थी, जिसमें व्वान और कॉलेज फेस्ट जैसी फिल्में, पिरामिड और वंश जैसे नए शोज़, और एस्पिरेंट्स, पंचायत, ग्राम चिकित्सालय, सपने वर्सेज एवरीवन और संदीप भैया के बहुप्रतीक्षित नए सीज़न शामिल थे।

वेब दुनिया 23 May 2026 3:07 pm

Guru Pradosh Vrat 2026: शिव और देवगुरु की बरसेगी असीम कृपा! जानें गुरु प्रदोष व्रत का महत्व और चमत्कारी लाभ

Guru Pradosh 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को महादेव की कृपा पाने का सबसे अचूक दिन माना गया है। चंद्र मास के दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण पक्ष) की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि का मिलाप प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद का समय) से होता है, तो वह समय शिव साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ बन जाता है। वर्ष 2026 में जब यह पावन व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे 'गुरु प्रदोष' या 'बृहस्पति प्रदोष' के नाम से जाना जाता है। आइए इसे अलग-अलग श्रेणियों के माध्यम से विस्तार से समझते हैं। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा 1. गुरु प्रदोष व्रत का आध्यात्मिक महत्व शिव और गुरु का मिलन: यह दिन भगवान भोलेनाथ को तो अत्यंत प्रिय है ही, साथ ही देवगुरु बृहस्पति से संबंधित होने के कारण इसका महत्व दोगुना हो जाता है। आध्यात्मिक उन्नति: जो साधक अपनी आध्यात्मिक यात्रा को मजबूत करना चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत धर्मज्ञान और आत्मिक शांति की प्राप्ति कराने वाला माना गया है। 2. जीवन के इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलता है लाभ ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को कई मुख्य विषयों का कारक माना गया है। इसलिए गुरु प्रदोष का व्रत करने से साधक को निम्नलिखित क्षेत्रों में सीधे तौर पर उन्नति मिलती है: शिक्षा और ज्ञान: बुद्धि प्रखर होती है और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। धन और सुख-समृद्धि: जीवन से आर्थिक तंगी दूर होती है और संपन्नता आती है। विवाह और संतान सुख: जिन लोगों के विवाह में अड़चनें आ रही हैं या जो संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए यह व्रत वरदान साबित होता है। पारिवारिक रिश्ते: कुंडली में गुरु मजबूत होने से पिता, बड़े भाई और शिक्षकों के साथ संबंध मधुर और मजबूत होते हैं। ALSO READ: अधिकमास में 3 साल बाद बन रहे 2 प्रदोष व्रत, चंद्र और शनिदोष से मुक्ति पाने का दुर्लभ मौका 3. किन लोगों के लिए यह व्रत है सबसे विशेष? यूं तो यह व्रत हर कोई रख सकता है, लेकिन कुछ विशेष वर्ग के लोगों के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है: विद्यार्थियों के लिए: परीक्षा में सफलता, एकाग्रता और उच्च शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए छात्रों को यह व्रत जरूर करना चाहिए। आध्यात्मिक साधकों के लिए: जो लोग प्रभु भक्ति, ध्यान, जप-तप और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन ऊर्जा से भरा होता है।

वेब दुनिया 23 May 2026 2:54 pm

2027 में बड़े सिनेमाई दौर के लिए तैयार प्रभास, फौजी और स्पिरिट का तगड़ा वर्क शेड्यूल

प्रभास लगातार अपनी दमदार फिल्मों की लाइनअप के साथ पैन-इंडियन सुपरस्टारडम को नए स्तर पर ले जा रहे हैं। उनकी अपकमिंग फिल्मों को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट है और इसे उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा फेज माना जा रहा है। अपनी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और सिनेमा के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले प्रभास इन दिनों लगातार फौजी और स्पिरिट की शूटिंग में बिजी हैं, वहीं साथ ही एक और बड़े प्रोजेक्ट की तैयारियां भी संभाल रहे हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभास पिछले तीन महीनों से लगातार फौजी और स्पिरिट के बीच अपना शेड्यूल मैनेज कर रहे हैं और उनका यह व्यस्त रूटीन कम से कम अगले चार महीनों तक जारी रहने वाला है। चूंकि ये सभी फिल्में बिल्कुल अलग-अलग जॉनर और दुनिया से जुड़ी हैं, इसलिए हर प्रोजेक्ट के लिए काफी इंटेंस तैयारी करनी पड़ रही है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिलहाल प्रभास की पूरी डेट डायरी शूट्स और प्रिपरेशन से भरी हुई है, जिसकी वजह से 2026 के लिए उनके पास लगभग कोई डेट उपलब्ध नहीं बची है। हालांकि, अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चलता रहा, तो 2027 सिर्फ प्रभास ही नहीं बल्कि उनके फैंस के लिए भी बेहद बड़ा साल साबित हो सकता है। इतने व्यस्त और थकाऊ शेड्यूल के बावजूद प्रभास दुनियाभर के दर्शकों को बड़े स्तर का सिनेमाई अनुभव देने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, उनकी कैलेंडर शूट्स और तैयारी से पूरी तरह पैक है, जिसके चलते 2026 में किसी नए कमिटमेंट के लिए लगभग कोई जगह नहीं बची है। यह न सिर्फ उनके बड़े प्रोजेक्ट्स के स्केल को दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि फिल्ममेकर्स आज भी उनकी बॉक्स ऑफिस पावर पर कितना भरोसा करते हैं। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो 2027 प्रभास और उनके फैंस दोनों के लिए ऐतिहासिक साल बन सकता है। कई बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्में कम समय के अंतराल में रिलीज हो सकती हैं, जिससे पूरे देश में एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है। भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल प्रभास एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपना दबदबा कायम करने और दर्शकों को यादगार सिनेमाई पल देने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।

वेब दुनिया 23 May 2026 2:44 pm

पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के आदेश

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के शुक्रवार को आदेश दिए। हाईकोर्ट ने सरकार की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव दिसम्बर तक टालने के लिए समय मांगा गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने मामले की […] The post पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के आदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 2:28 pm

कॉकरोच जनता पार्टी के जवाब में शुरू हुई ‘हिट पार्टी’

चिक्कमगलुरु। कर्नाटक में सोशल मीडिया पर एक अनोखा राजनीतिक व्यंग्य युद्ध शुरू हो गया है जहां इंटरनेट पर वायरल हो रहे कॉकरोच जनता पार्टी अभियान के जवाब में लक्ष्मण रेखा और हिट पार्टी नाम से एक विरोधी अभियान शुरू किया गया है। इस दिलचस्प घटनाक्रम की शुरुआत मलनाड क्षेत्र से हुई है। शृंगेरी निर्वाचन क्षेत्र […] The post कॉकरोच जनता पार्टी के जवाब में शुरू हुई ‘हिट पार्टी’ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 2:02 pm

बारां के अन्ता में मां- बेटी पर चाकू से हमला, मां की मौत

बारां। राजस्थान में बारां जिले के अन्ता थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते मां-बेटी पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को घटना के करीब 12 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदाशु ने शुक्रवार को बताया कि 21 मई की रात सूचना मिली कि […] The post बारां के अन्ता में मां- बेटी पर चाकू से हमला, मां की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 1:41 pm

बाराबंकी में डंपर ने परिवार के सदस्यों को रौंदा, 4 की मौत, एक घायल

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह सड़क किनारे मच्छरदानी लगाकर सो रहे एक परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। इस हादसे में पिता, दो बेटे और एक बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस सूत्रों […] The post बाराबंकी में डंपर ने परिवार के सदस्यों को रौंदा, 4 की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 1:31 pm

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में अजय राय के खिलाफ मुकदमा

महोबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध अमर्यादित एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ महोबा पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि सदर कोतवाली में भाजपा कार्यकर्ता नीरज रावत की तहरीर पर कांग्रेस […] The post प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में अजय राय के खिलाफ मुकदमा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 1:24 pm

पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े

नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि की है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। दूसरे शहरों में भी […] The post पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 1:20 pm

'जब पैसे चाहिए तो वो बाप है, इज्जत देनी हो तो नहीं', प्रतीक पर फूटा आर्य बब्बर का गुस्सा

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनेता राज बब्बर का परिवार एक बार फिर पारिवारिक कलह को लेकर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद की वजह राज बब्बर के बड़े बेटे और अभिनेता आर्य बब्बर का एक इंटरव्यू है। विक्की लालवानी को दिए इस बेबाक इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने अपने सौतेले भाई प्रतीक के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई है। आर्य ने प्रतीक पर पिता राज बब्बर का अपमान करने और केवल अपनी सहूलियत के लिए उनका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। आर्य बब्बर ने इंटरव्यू के दौरान इस बात पर गहरी हैरानी और दुख जताया कि प्रतीक ने अचानक पूरे परिवार से रिश्ता तोड़ लिया। ALSO READ: Cannes 2026 में खूनी ड्रामा: मिस वेनेजुएला एंड्रिया डेल वाल पर सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट ने किया हमला, बिगाड़ा चेहरा उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक प्रतीक उनके साथ रियलिटी शोज में जाते थे, परिवार की तरह रहते थे और यहां तक कि उनके स्टैंड-अप कॉमेडी शो को देखने भी आए थे। लेकिन अचानक उनके व्यवहार में 180 डिग्री का बदलाव आ गया, जो समझ से परे है। प्रतीक पर निशाना साधते हुए आर्य बब्बर ने कहा, ये कुछ ऐसा है कि जब आपका करियर अच्छा नहीं चल रहा है, आपको सर्वाइव करने के लिए बाप से पॉकेट मनी चाहिए, तब आपका बाप बाप है। आपके बाप ने हमारी स्मिता मां के लिए जो घर बनाकर दिया, उसमें आपको रहना है, तब वो आपका बाप है। मतलब जब आपको सारे बेनिफिट्स लेने हैं, तब वो आपके बाप हैं। पर जब समाज में उन्हें इज्जत देनी है, तब वो आपका बाप नहीं है। आर्य बब्बर ने अतीत को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि इतिहास गवाह है कि राज बब्बर अपनी पहली पत्नी नादिरा और बच्चों को छोड़कर स्मिता पाटिल के पास चले गए थे। उन्होंने कहा, कितने बड़े दुख की बात है कि जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हम सबको छोड़ा और चले गए, आज उसी स्मिता मां का जो बच्चा है, वो पापा को पापा नहीं मान रहा है। इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है कि तुम पहले उन्हें पापा कहकर बुलाते थे, पर अब नहीं। आर्य ने साफ किया कि एक बड़ा भाई होने के नाते वह प्रतीक से बहुत प्यार करते हैं और अगर रात के 3 बजे भी उन्हें जरूरत होगी तो वह खड़े रहेंगे, लेकिन जहां प्रतीक गलत हैं, वहां वह गलत जरूर बोलेंगे। शादी में न बुलाना और सरनेम बदलना बना वजह बब्बर परिवार के इस आपसी मनमुटाव में खटास तब और बढ़ गई जब प्रतीक ने साल 2025 में प्रिया बनर्जी संग हुई अपनी शादी में न तो पिता राज बब्बर को बुलाया और न ही उनके परिवार को। इसके अलावा प्रतीक ने अपने नाम से पिता का सरनेम 'बब्बर' हटाकर आधिकारिक रूप से अपनी दिवंगत मां का सरनेम जोड़ लिया और अब वह खुद को 'प्रतीक स्मिता पाटिल' लिखते हैं। इस कदम से राज बब्बर बेहद आहत हुए थे। इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने पिता के अतीत के रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि बचपन में किसी भी बच्चे के लिए पिता के अफेयर की बातें सुनना आसान नहीं होता, लेकिन अब हर कोई लाइफ में आगे बढ़ चुका है। आर्य ने कहा कि उनकी मां नादिरा बब्बर ने हमेशा उन्हें प्रतीक और स्मिता पाटिल को सम्मान देना सिखाया। बता दें कि राज बब्बर ने नादिरा से शादी के बाद स्मिता पाटिल से विवाह किया था। हालांकि, 1986 में प्रतीक के जन्म के समय कुछ स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण स्मिता पाटिल का निधन हो गया, जिसके बाद राज बब्बर बेहद टूट गए थे और वापस अपनी पहली पत्नी नादिरा और बच्चों के पास लौट आए थे।

वेब दुनिया 23 May 2026 1:16 pm

Padmini Ekadashi 2026: अधिकमास की पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें, जानिए व्रत रखने के 5 नियम

Purushottam Maas Padmini Ekadashi Vrat: ज्येष्ठ अधिकमास या पुरुषोत्तम मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'पद्मिनी एकादशी' कहा जाता है। चूंकि अधिकमास हर तीन साल में एक बार आता है, इसलिए इस एकादशी का महत्व बाकी सभी एकादशियों से कहीं अधिक माना गया है। यह एकादशी ज्येष्ठ मास या पुरुषोत्तम मास में आती है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ होता है। यह समय धार्मिक अनुष्ठानों का माना गया है, अत: इस दिन की गई पूजा और दान का फल सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाता है। ALSO READ: Adhik Maas Purnima 2026: अधिकमास की पूर्णिमा कब है, क्या है इसका महत्व? वर्ष 2026 में यह बेहद शुभ व्रत 27 मई, बुधवार को रखा जाएगा। आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें और इस व्रत को रखने के 5 कड़े नियम: पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें 1. तीन साल में एक बार आने वाला दुर्लभ महाव्रत: यह एकादशी हर साल नहीं आती। यह केवल अधिकमास (मलमास) में ही आती है, जो तीन साल के अंतराल पर पड़ता है। इस वजह से इस व्रत को करने का अवसर बेहद भाग्य से मिलता है। 2. स्वयं श्रीहरि ने बताया इसका महत्व : पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत की महिमा बताते हुए कहा था कि जो पुण्य सभी यज्ञों, तपस्याओं और तीर्थ यात्राओं से नहीं मिलता, वह अकेले पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से मिल जाता है। 3. मनोकामना पूर्ति और राजयोग की प्राप्ति: इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। प्राचीन काल में कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के माता-पिता ने संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें अत्यंत शक्तिशाली पुत्र की प्राप्ति हुई थी। ALSO READ: Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें? 4. बैकुंठ लोक की प्राप्ति: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत करने वाले साधक के जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं और मृत्यु के बाद उसे सीधे विष्णु लोक (बैकुंठ) में स्थान मिलता है। 5. महालक्ष्मी की विशेष कृपा: अधिकमास के स्वामी भगवान विष्णु हैं। इस दिन विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी का विशेष पूजन करने से घर की दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं। पद्मिनी एकादशी व्रत के 5 जरूरी नियम पद्मिनी एकादशी का व्रत अन्य एकादशियों की तुलना में थोड़ा कठिन होता है और इसके नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है: 1. दशमी तिथि से ही संयम (शुरुआत): व्रत के नियम दशमी तिथि यानी एकादशी के एक दिन पहले की रात से ही शुरू हो जाते हैं। दशमी की रात को कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए और मांस, मदिरा, मसूर की दाल, प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। 2. निर्जला या फलाहार का नियम: यह व्रत अत्यंत पवित्र है। सामर्थ्य के अनुसार इसे निर्जला अर्थात् बिना पानी के या फलाहार यानी केवल फल और पानी रखकर किया जाता है। व्रत के दिन अन्न जैसे- चावल, गेहूं आदि का सेवन पूरी तरह वर्जित है। 3. रात्रि जागरण और कीर्तन: पद्मिनी एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए। इस रात भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर रात्रि जागरण करना चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ या भजन-कीर्तन करना चाहिए। 4. अखंड शांत और सात्विक व्यवहार: व्रत के दिन किसी की निंदा या चुगली न करें, झूठ न बोलें और क्रोध करने से बचें। ब्रह्मचर्य का पूर्ण पालन करें और मन को पूरी तरह भगवान के चरणों में लगाएं। 5. द्वादशी को पारण का सही तरीका: व्रत का पारण यानी व्रत खोलने का कार्य अगले दिन द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में ही करें। पारण करने से पहले ब्राह्मणों या किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं, दान-दक्षिणा दें और उसके बाद ही स्वयं तुलसी दल और जल ग्रहण करके व्रत खोलें। विशेष मंत्र: इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का मानसिक जाप करते रहने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। अधिकमास 2026 और पद्मिनी एकादशी– FAQs 1. अधिकमास 2026 कब है? उत्तर: 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ माह में आता है। इसकी तिथियाँ पंचांग के अनुसार अलग-अलग राज्यों में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। 2. पद्मिनी एकादशी 2026 की तिथि क्या है? उत्तर: यह एकादशी अधिकमास के दौरान आती है। सही तिथि पंचांग देखकर ही निश्चित होती है। इस बार यह 27 मई, बुधवार को मनाई जा रही है। 3. इस दिन कौन-कौन से व्रत किए जाते हैं? उत्तर: मुख्य रूप से पद्मिनी एकादशी व्रत, निर्जल व्रत, फलाहारी व्रत और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा

वेब दुनिया 23 May 2026 12:40 pm

26 मई को उदय होंगे बुध ग्रह: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल?

बुध देव का वृषभ राशि में उदय ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट लेकर आ रहा है। बुद्धि, संवाद और चातुर्य के कारक बुध 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे जब उदित होंगे, तो कई बंद पड़े किस्मत के ताले खुलेंगे। खासकर 5 राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। अटके हुए काम गति पकड़ेंगे और करियर-कारोबार में जबरदस्त उछाल आएगा। आइए जानते हैं कि इस नए बदलाव से किन 5 राशियों की जिंदगी चमकने वाली है। ALSO READ: सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा वृषभ राशि (Taurus): चमकेगी किस्मत, बढे़गा मान-सम्मान वृषभ राशि वालों के लिए बुध का यह उदय उनके अपने ही लग्न भाव में हो रहा है, जो इनके लिए बेहद भाग्यशाली है। अगर आप छात्र हैं, तो आपकी एकाग्रता बढ़ेगी और आप एक साथ कई मोर्चों पर बाजी मारेंगे। आर्थिक रूप से यह समय निवेश से लाभ कमाने का है। जो लोग ग्लैमर, स्टेज परफॉर्मेंस या ऐसे काम में हैं जहां बोलना ही सब कुछ है, उनकी धाक जमने वाली है। पिछले कुछ समय से जो घबराहट, स्किन की दिक्कतें या स्टेज फियर आपको परेशान कर रहा था, वह अब छूमंतर हो जाएगा। आपके बात करने का अंदाज इतना खूबसूरत होगा कि लोग आपकी तरफ खिंचे चले आएंगे। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी और अपनों के साथ दिल की बातें शेयर करने का मौका मिलेगा। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान सिंह राशि (Leo): करियर में ऊंची उड़ान और धन का आगमन सिंह राशि के जातकों के लिए बुध धन और आय के मालिक होकर आपके कर्म भाव (दसवें भाव) में उदित हो रहे हैं। सूर्य और बुध की यह जुगलबंदी आपके बिजनेस और नौकरी में चार चांद लगाने वाली है। आपकी लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। वर्क प्रेशर कितना भी हो, आप हंसते-खेलते बड़ी से बड़ी टीम को संभाल लेंगे। अगर आप पैसों के लेन-देन या बजट को लेकर कोई नई प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह बिल्कुल सही समय है। इस दौरान की गई व्यावसायिक यात्राएं और मीटिंग्स आपके हक में फैसला सुनाएंगी। पारिवारिक मोर्चे पर भी सुखद बदलाव होंगे; पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी और अपनों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर कन्या राशि (Virgo): दुखों का अंत, नई ऊर्जा का संचार कन्या राशि वालों के लिए तो यह उदय किसी संजीवनी बूटी जैसा है, क्योंकि बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं। पिछले कुछ समय से जो आपकी छवि को नुकसान पहुंच रहा था या सेहत साथ नहीं दे रही थी, वह दौर अब खत्म हुआ। आपके सिर से एक बड़ा बोझ हटने वाला है। अब आप खुद को तरोताजा और ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। रुके हुए काम दोबारा पटरी पर दौड़ने लगेंगे। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ जाएगा। जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे थे या इंटरनेशनल बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। भ्रम के बादल छंटेंगे और आपको जीवन की एक सही दिशा मिलेगी। धनु राशि (Sagittarius): वर्कप्लेस पर जलवा और वैवाहिक सुख धनु राशि के लिए बुध का उदय छठे भाव में होने जा रहा है, जो व्यापारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। आप मुश्किल से मुश्किल फैसले बहुत ही सूझबूझ के साथ ले पाएंगे। अगर आप किसी ऊंचे पद पर हैं या मैनेजर हैं, तो आपकी मैनेजमेंट स्किल देखकर सहकर्मी और बॉस आपके मुरीद हो जाएंगे। सिर्फ करियर ही नहीं, पर्सनल लाइफ में भी खुशियां दस्तक दे रही हैं। शादीशुदा जातकों के जीवन में प्यार और तालमेल बढ़ेगा, वहीं जो लोग सिंगल हैं और एक अच्छे जीवनसाथी की तलाश में हैं, उनके घर शहनाइयां बजने के योग बन रहे हैं। मकर राशि (Capricorn): कन्फ्यूजन खत्म, क्रिएटिविटी और रोमांस की बहार मकर राशि वालों के लिए बुध का पांचवें भाव में उदित होना हर मायने में कल्याणकारी है। अभी तक जो आपके जीवन में 'मैं क्या कर रहा हूं?' वाला असमंजस था, वह अब खत्म होगा। चाहे आप छात्र हों, कलाकार हों या शेयर मार्केट से जुड़े हों, आपके फैसले सटीक बैठेंगे। जो लोग अध्यात्म, ध्यान या पूजा-पाठ से जुड़े हैं, उन्हें मानसिक शांति मिलेगी। लव लाइफ की बात करें तो पार्टनर के साथ चल रहे मनमुटाव खत्म होंगे और रोमांस के नए पल जीने को मिलेंगे। कुल मिलाकर, यह समय आपको सेहत, तरक्की और एक नई पहचान देने आ रहा है।

वेब दुनिया 23 May 2026 11:17 am

Adhik Maas Purnima 2026: अधिकमास की पूर्णिमा कब है, क्या है इसका महत्व?

Purushottam Maas significance: वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास (मलमास) लगने के कारण इस महीने की पूर्णिमा का महत्व कहीं अधिक बढ़ गया है। अधिकमास की पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अधिकमास की पूर्णिमा तिथि 31 मई 2026, रविवार को पड़ रही है। ALSO READ: Purushottam Maas: अधिकमास में ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, मिलेगा अक्षय पुण्य पूर्णिमा का दिन, यानी पूर्णिमा तिथि, इस महीने में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि अधिकमास की पूर्णिमा में किए गए कर्म और पूजा का फल कई गुना माना जाता है। भक्तजन इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की आराधना करते हैं। विशेष रूप से, ज्येष्ठ माह का यह समय धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान की गई पूजा और दान का महत्व बहुत अधिक होता है। इसलिए, यदि आप आध्यात्मिक लाभ और धार्मिक पुण्य की दृष्टि से अपने जीवन को समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो अधिकमास की पूर्णिमा और पुरुषोत्तम मास को अवश्य याद रखें। अधिकमास की पूर्णिमा कब है? जानें तारीख और मुहूर्त अधिकमास पूर्णिमा का धार्मिक महत्व अधिकमास की पूर्णिमा – FAQs आइए जानते हैं इसकी सही तारीख, मुहूर्त और धार्मिक महत्व: अधिकमास की पूर्णिमा कब है? जानें तारीख और मुहूर्त अधिक पूर्णिमा व्रत-उपवास का दिन, शनिवार, 30 मई, 2026 को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा उपवास के दिन चन्द्रोदय का समय - 06:40 पी एम पर। अधिक पूर्णिमा रविवार, 31 मई, 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ- 30 मई, 2026 को 11:57 ए एम बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त- 31 मई, 2026 को 02:14 पी एम बजे उदयातिथि के अनुसार व्रत, स्नान और दान 31 मई को ही किया जाएगा। ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय- 07:36 पी एम अधिकमास पूर्णिमा का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में सामान्य पूर्णिमा का भी विशेष महत्व होता है, लेकिन जब पूर्णिमा अधिकमास या पुरुषोत्तम मास में आती है, तो इसका फल कई हजार गुना बढ़ जाता है: भगवान विष्णु की असीम कृपा: अधिकमास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं। इसलिए इस पूर्णिमा पर श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। 'मल' से 'पावन' होने का दिन: मलमास को अशुद्ध मास माना जाता है, लेकिन पूर्णिमा की तिथि इस पूरे महीने के दोषों को दूर कर देती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। अक्षय पुण्य और लक्ष्मी योग: इस दिन माता लक्ष्मी की साधना करने से 'अचल लक्ष्मी' यानी स्थिर धन की प्राप्ति होती है। रविवार का संयोग होने के कारण इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति भी होगी। पुण्य की वृद्धि: इस दिन किए गए धार्मिक कार्य (दान, पूजा, जप, उपवास) का फल सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कई गुना माना जाता है। दान-पुण्य का महत्व: विशेष रूप से गरीबों और ब्राह्मणों को दान देने का शुभ समय माना जाता है। कृषि और ऋतु से जुड़ा: इस मास को अक्सर वर्षा और खेती के अनुकूल समय से जोड़ा जाता है। पूजा और उपवास: इस दिन किसी विशेष देवता की पूजा या विशेष रूप से विष्णु और लक्ष्मी करने से मोक्ष और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अधिकमास व्रत: कुछ लोग इस पूर्णिमा पर व्रत और कथा सुनते हैं। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास? अधिकमास की पूर्णिमा – FAQs 1. अधिकमास की पूर्णिमा कब आती है? उत्तर: अधिकमास की पूर्णिमा हर तीन साल में एक बार आती है, जब चंद्र कैलेंडर के अनुसार साल में अतिरिक्त महीना जोड़ना पड़ता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। 2. पुरुषोत्तम मास और अधिकमास में क्या अंतर है? उत्तर: पुरुषोत्तम मास और अधिकमास दोनों ही वही महीना हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इसे विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और दान के लिए शुभ माना जाता है। 3. अधिकमास की पूर्णिमा का महत्व क्या है? उत्तर: अधिकमास की पूर्णिमा का महत्व बहुत अधिक है। इस दिन किए गए व्रत, पूजा, और दान का फल कई गुना माना जाता है। इसे आध्यात्मिक शुद्धि और पुण्य कमाने का उत्तम अवसर कहा गया है। 4. ज्येष्ठ मास और अधिकमास की पूर्णिमा में क्या विशेष है? उत्तर: ज्येष्ठ मास की यह पूर्णिमा धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होती है। ज्येष्ठ मास में सूर्य का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए इस दिन किए गए दान और पूजा का फल अत्यधिक माना जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

वेब दुनिया 23 May 2026 11:07 am

भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरु 

सिरोही। भारतीय जनता पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत शुक्रवार को जहाज मंदिर मीरपुर में हुई। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री मितिलेश गौतम ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान, मानव दर्शन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, पंच निष्ठाएं पर विचार रखते हुए कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, […] The post भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरु appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 May 2026 6:38 am

कश्मीर में हिजबुल्लाह जैसे ड्रोन अटैक का खतरा:6 जगहें टागरेट, पाकिस्तान से 4 आतंकी घुसे; एक लेबनानी-एक कसाब का पड़ोसी

जम्मू कश्मीर में आतंकी हिजबुल्लाह की तर्ज पर हमले की साजिश रच रहे हैं। 26 अप्रैल को खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला कि साउथ लेबनान का रहने वाले आतंकी शादाब बाजी पाकिस्तान के रास्ते भारत में दाखिल हुआ। उसके साथ 3 पाकिस्तानी आतंकियों ने भी घुसपैठ की है। लेबनानी आतंकी हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों में माहिर होते हैं। खुफिया एजेंसी को शक है कि संदिग्ध आतंकी कश्मीर में ड्रोन हमलों की तैयारी कर रहे हैं। आतंकियों की उम्र 23 से 25 साल के बीच है। इनके निशाने पर कश्मीर में मौजूद सैन्य ठिकाने हैं। खुफिया एजेंसियों को 6 टारगेट के नाम भी मिले हैं। दैनिक भास्कर को खुफिया एजेंसी के सूत्रों से ये भी पता चला है कि पाकिस्तान में गैंगस्टर से आतंकी बना ISI समर्थित शहजाद भट्टी भी जम्मू-कश्मीर के युवाओं के संपर्क में है। वो दुबई में रहकर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा है और उन्हें ग्रेनेड हमले की ट्रेनिंग दिला रहा है। पुंछ के रास्ते घुसे आतंकी, दो लोकल गाइडों ने की मदद पुंछ के गगरिया और कुंडे नाला इलाके से आतंकियों के घुसपैठ की आशंका है। ये इलाका LoC से जीरो पॉइंट पर है। यहां पाकिस्तान और भारत के बीच नियंत्रण रेखा पहाड़ों और जंगल के बीच से गुजरती है। ये घुसपैठ का सबसे सेफ रास्ता है। पीर पंजाल रेंज के काजीगुंड (देवसर इलाके) में संदिग्ध आतंकियों की एक्टिविटी देखी गई है। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने से लेकर आगे जाने तक दो लोकल गाइड ने इनकी मदद की। दोनों जम्मू के रियासी के रहने वाले हैं। ये आतंकियों को घने जंगल वाले इलाकों में आने-जाने और रास्ता दिखाने में मदद कर रहे हैं। लॉजिस्टिक मदद भी पहुंचा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से हम गाइडों के नाम नहीं बता रहे हैं। घुसपैठ करने वाले चारों संदिग्ध आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहे हैं। इसमें 23 साल का जाकिर खान और 24 साल का जुल्फखान शिकारी उर्फ आमिर खान पाकिस्तान का रहने वाला है। इनमें से जाकिर मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब के गांव फरीदकोट का रहने वाला है। 25 साल का मीर हमजा उर्फ अबू PoK और शादाब बाजी उर्फ मोहम्मद उस्मान लेबनान का रहने वाला है। हिजबुल्लाह आतंकी पहले ट्रेनिंग दे सकता है, फिर हमले की आशंका हिजबुल्लाह आतंकी शादाब बाजी की घुसपैठ को लेकर खुफिया एजेंसियों ने इंटरनल मैसेज में अलर्ट जारी किया है। लश्कर और हिजबुल्लाह के हाइब्रिड मॉडल की वजह से इसे खतरनाक बताया जा रहा है। सूत्रों ने आशंका जताई है कि हिजबुल्लाह से जुड़ा शादाब पहले यहां आतंकियों को ड्रोन और आत्मघाती हमलों की ट्रेनिंग भी देगा। हिजबुल्लाह लेबनान का आतंकी संगठन है। ये आत्मघाती और ड्रोन हमलों में एक्सपर्ट है। 6 जगहें टारगेट पर, आतंकियों का ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क एक्टिव सूत्रों से पता चला है कि तश्कर-ए-तैयबा ने अपने ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क को एक्टिव किया है, ताकि संवेदनशील जगहों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। आतंकियों के निशाने पर 6 संवेदनशील जगहें हैं। OGW के जरिए वे यहां आने-जाने वालों के पैटर्न और सुरक्षा इंतजामों से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। खुफिया एजेंसियों को 15 मई के आसपास भी एक अलर्ट मिला। इसमें बताया गया कि राजौरी एरिया से आए कुछ लोग गुलमर्ग होते हुए बदरकोटा पहुंचे। फिर यहां से दूधपथरी की ओर गए। इनमें से कम उम्र का एक लड़का बैग लेकर घोड़े से घने जंगल की तरफ गया, लेकिन लौटा नहीं। खुफिया एजेंसियां इस लड़के के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। हमास के साथ भी लश्कर-जैश कैंप में हुई थी आतंकियों की ट्रेनिंग कश्मीर में क्या पहली बार लेबनानी आतंकी ने घुसपैठ की है, ये कितना बड़ा खतरा है। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद कहते हैं, ‘1999 में कारगिल युद्ध के दौरान अलग-अलग बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को कारगिल मूव करना पड़ा था। उस वक्त पाकिस्तानी सीमा से काफी संख्या से आतंकियों ने घुसपैठ की थी। उसमें पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान, सीरिया, ईरान और अन्य देशों के आतंकी भी थे। हो सकता है कि तब लेबनानी आतंकी भी आए हों, लेकिन इसकी कंफर्म जानकारी नहीं है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘करीब डेढ़ से दो साल पहले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने हमास के साथ जैश और लश्कर के कैंप में ट्रेनिंग कराई थी।‘ ISI समर्थित शहजाद भट्टी अब जम्मू कश्मीर भी यूथ का कर रहा ब्रेनवॉश खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि ISI समर्थित आतंकी शहजाद भट्टी ने जम्मू कश्मीर के गैंगस्टर, स्मगलर और यूथ को ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी दी है। जम्मू से सटे पंजाब के इलाकों में भी इन्हें एक्टिव किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और आर्मी इनके निशाने पर है। साथ ही एक खास राजनीतिक दल के लोग भी टारगेट पर हैं। 13 मई को महाराष्ट्र ATS की छापेमारी में शहजाद का पंजाब, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में नेटवर्क भी मिला है। 57 लोगों को हिरासत में भी लिया गया। छापेमारी में हथियारों की सप्लाई से लेकर ड्रग्स तस्करी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। स्टोरी में इनपुट: रऊफ डार, भास्कर सहयोगी……………….ये खबर भी पढ़ें… ‘ढोक में छुपे थे पहलगाम आतंकी, चावल खिलाकर दी पनाह’ कश्मीर में पोनी यानी घोड़ा चलाने वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद ने पहलगाम में हमला करने वालों को न सिर्फ अपने घर में रुकवाया, बल्कि लोकेशन की डिटेल भी दी। अपने ढोक यानी झोपड़ी में आतंकियों को चाय पिलाई, खाना खिलाया। पॉलिथीन में सब्जी-रोटी पैक करके दी। वे आतंकी हैं, ये पता चलने के बावजूद पुलिस या सुरक्षाबलों को जानकारी नहीं दी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 23 May 2026 5:05 am

NEET पेपर लीक करने वाले सवाल रट लाए थे:न किताबें बाहर आईं, न अंदर डिवाइस जाने दी; फिर भी हुए लीक

‘नीट पेपर लीक ने हमारा भरोसा तोड़ा है। सालों से जो लोग हमारे साथ काम कर रहे थे, उन्होंने ही पेपर लीक कर दिए। लीक किस–किस ने किया, कैसे किया ये जांच के बाद पता चल जाएगा। लेकिन ऐसा लग रहा है कि, सवाल रटकर लीक किए गए हैं।’ ‘क्योंकि क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स को तय प्रोटोकॉल के साथ रखा जाता है। जिन किताबों से सवाल तैयार होते हैं, वो बाहर नहीं जातीं। कोई डिवाइस पास नहीं होती।’ ‘इसका मतलब है कि, क्वेश्चन पेपर तैयार करने वालों ने कमरे पर जाकर पहले किताब लिखी होगी और फिर उससे सवाल बनाए होंगे और फिर उन्हें लीक किया। लेकिन अब ऐसा सिस्टम बना रहे हैं, जिससे कोई एक व्यक्ति सब चौपट नहीं कर पाएगा। क्या कर रहे हैं, वो अभी नहीं बता सकता।’ ये बात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की टॉप अथॉरिटी ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कही है। हालांकि, उन्होंने नाम नहीं लिखने को कहा है। सवाल–जवाब में पढ़िए उनका पूरा इंटरव्यू… सवाल: 22 लाख छात्रों और उनके पैरेंट्स का भरोसा फिर से कायम करने के लिए NTA इस बार क्या मेजर्स लेने जा रही है? कौन से स्टेप आप पहली बार इम्प्लीमेंट करने वाले हैं? जवाब: जो हुआ वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। नहीं होना चाहिए था। हमारी नीति जीरो टॉलरेंस, जीरो एरर की थी। जांच में पता चलेगा कि दोषी कौन है। बहुत से लोग गिरफ्तार हुए हैं। फिलहाल कैंडिडेट्स के हित में कई फैसले लिए हैं। उन्हें फीस जमा नहीं करनी होगी। पुरानी फीस वापस होगी। राज्यों से रिक्वेस्ट की है कि वे बच्चों को एग्जाम सेंटर तक ट्रांसपोर्टेशन फ्री दें। फर्स्ट च्वॉइस वाला सेंटर देने की कोशिश कर रहे हैं। 3 लाख बच्चों ने सेंटर बदलने की मांग की है, सभी को उनकी पसंद का सेंटर देने की कोशिश है। सेफ्टी और सिक्योरिटी के प्रोटोकॉल को दोबारा रिव्यू किया है। हर ऐसे स्टेप पर जहां कोई माफिया इंटरवीन कर सकता है, उसको खत्म किया है। जिन्होंने अभी गड़बड़ी की, वो सालों से हमारे साथ काम कर रहे थे। उन्होंने विश्वासघात किया है। दिक्कत यही होती है कि आपके विश्वासीय लोगों में से ही कोई गड़बड़ कर दे, तो उससे बुरी बात नहीं हो सकती। अब हर चीज को तीन-चार बार चेक कर रहे हैं। कुछ व्यवस्थाएं ऐसी हैं जिन्हें सिक्योरिटी रीजन से डिस्क्लोज नहीं कर सकता, लेकिन ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि ये चीज न हो। 21 जून को परीक्षा होने के बाद इस बारे में डिटेल में सब कुछ बताऊंगा। अभी बोलना कम, करना ज्यादा है। पेपर सेट करने का एक्सेस किसी एक के पास नहीं जाएगा। काफी कुछ किया है, ताकी गड़बड़ी को मिनिमाइज किया जा सके। सवाल: NTA जैसी देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी में केवल 22 अधिकारी डेप्यूटेशन पर हैं, 39 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी हैं और 132 आउटसोर्स इम्पलॉई हैं। ऐसे में 22 लाख स्टूडेंट्स की परीक्षा करवाना कितनी बड़ी चुनौती है? जवाब: भारत सरकार ने दो ज्वॉइंट सेक्रेटरी पोस्ट किए हैं। दो डायरेक्टर पोस्ट किए हैं। हमने कुछ पोजिशन भी निकाली हैं, लेकिन 21 जून तक इसका लिमिटेड रोल होगा। हां, NTA को अपनी कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने की जरूरत है। लॉन्ग टर्म में बहुत कुछ करना है। क्या करना है, वो पता है। उस पर काम शुरू कर दिया है। सवाल: पेपर लीक में महाराष्ट्र, बिहार और राजस्थान का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। हरियाणा, उत्तराखंड, केरल और झारखंड में भी CBI की जांच चल रही है। इन राज्यों को लेकर इस बार क्या तैयारी है? जवाब: सब जगह सतर्कता रखेंगे। हम चोर-पुलिस नहीं खेल सकते। हम ऑर्गनाइज्ड क्राइम से डील कर रहे हैं। ये मानकर चलना पड़ेगा। सवाल: NTA ने प्रिंटिंग से डिस्ट्रिब्यूशन और CCTV मॉनिटरिंग तक के लिए अलग कंपनियों को जिम्मा दे रखा है। ऐसी कितनी कंपनियां अभी NTA के साथ काम कर रही हैं? जवाब: इस मामले में कोई चूक नहीं हुई। मूवमेंट, स्टोरेज, परीक्षा सेंटर पर 3 मई तक कहीं से कोई घटना का क्लू नहीं था। 4, 5, 6 मई तक भी कोई शिकायत नहीं थी। हमारे पास मार्कशीट वापस आ गई थीं। वैल्यूएशन का काम शुरू हो गया था। हम तो बस यही कहेंगे कि गड़बड़ी को दबाएं नहीं, उसकी जड़ तक जाएं। कोई माफिया और पैसे वाला व्यक्ति ईमानदार बच्चों की सीट न ले पाए, इसलिए इतना बड़ा निर्णय लिया, एग्जाम रद्द कर दिया। 3 मई के पहले खबर मिल जाती तो हम इस सिचुएशन में जाते ही नहीं। हमने सोशल मीडिया की टीम बढ़ाई है। टेलीग्राम चैनल के साथ भी मंत्रीजी की मीटिंग करवाई। उनको भी निर्देश दिए कि आप सतर्कता बढ़ाइए। क्यों वो चैनल चलाते हैं जिसमें NEET पेपर लीक के नाम पर ग्रुप चलते हैं। चौतरफा प्रयास करेंगे। मुख्य दायित्व तो NTA और सरकार का है। मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। जो भी मीडिया ये चला रही है कि, NTA अपने सिस्टम को पूरा पुख्ता बता रहा है, ऐसा नहीं है। गड़बड़ी हुई है तो फिर हमारा सिस्टम भी पुख्ता कहां रहा। सवाल: क्वेश्चन पेपर सेट करने वाले सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स के पास भी सिस्टम का एक्सेस होता है, सवाल भी मालूम होते हैं। फिर ये कैसे इंश्योर होगा कि सवाल लीक न हों? आने वाली एग्जाम्स में भी ऐसा हो सकता है? जवाब: ये लोग टीचर हैं। इनको अगर याद हो जाए, कमरे में जाकर लिख लें, तो वो भी एक समस्या है। किताब से ही प्रश्न बनता है। इनको हम किताब ले जाने नहीं देते। कमरे में जाकर उसी किताब को लिखकर उसी चीज को लिख दें, जो इन्होंने यहां लिखा था और उसको आउट कर दें। फिजिक्स का कुछ नहीं हुआ है। केमेस्ट्री का ज्यादा हुआ है। बायोलॉजी का कम हुआ है। पूरा खुलासा इन्वेस्टिगेशन में होगा। लेकिन एक भी प्रश्न लीक हुआ तो दिक्कत है। ट्रांसलेटर ने गड़बड़ी की है तो मैं ये नहीं कहूंगा कि ये NTA की गड़बड़ी नहीं है। ये कह सकता हूं कि, परीक्षा केंद्र और मूवमेंट के तंत्र से लीक नहीं हुआ है, उसके पहले हुआ है। ट्रांसलेटर से हो रहा है, लेकिन उसको लाने की जिम्मेदारी भी NTA की है। गड़बड़ी नहीं है तो हम कैंसिल क्यों करेंगे। इतना बड़ा निर्णय आसान नहीं होता। बीमारी को जड़ से हटाना है तो सर्जरी करना पड़ती है। अभी जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा है, उसमें मेरा एक्सपर्टाइजेशन नहीं है, मेंडेट भी नहीं है। अभी मेरा लक्ष्य 21 जून को सही तरीके से परीक्षा करवाना है। अर्जुन की तरह लक्ष्य पर नजर है। मैंने CBI को कहा कि जो भी दोषी है, NTA के अंदर का हो, उसको पकड़कर बाहर करेंगे। चार बच्चों ने सुसाइड कर लिया है। ये कैसे हो सकता है। ग्लानि होती है। ये नॉर्मल नहीं है। हमें सुनिश्चित करना है कि दोबारा कोई चूक न हो। अब सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को भी रेस्ट्रिक्ट किया जाएगा। एक व्यक्ति के ऊपर निर्भरता कम करनी पड़ेगी, ताकि अगर एक व्यक्ति गड़बड़ करे तो पूरा प्रोग्राम चौपट न हो जाए। मल्टीपल लोग रहें और मल्टी-लेयर में काम हो। 21 जून को दोबारा परीक्षा – 3 मई को हुई एग्जाम में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के बाद नीट यूजी 2026 की री–एग्जाम 21 जून 2026 को होगी। वक्त दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। इस बार भी एग्जाम पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। इसमें 22 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हो सकते हैं। जिन स्टूडेंट्स ने एग्जाम सेंटर चेंज करने के लिए आवेदन किया है, उनके सेंटर बदलने पर काम जारी है। NTA कैसे सेट करता है क्वेश्चन पेपर, प्रॉसेस जानिए स्टेप 1 : NTA फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को बुलाता है। इनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। इन्हें सीक्रेट जगह पर रखा जाता है, जहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकता। स्टेप 2 : प्रश्ननपत्र तैयार होने के बाद उसकी फाइल NTA परिसर में एक ऐसे टर्मिनल पर रखी जाती है जो इंटरनेट से नहीं जुड़ा होता। कितने लोगों ने फाइल खोली और कितनी बार खोली, यह सब रिकॉर्ड किया जाता है। स्टेप 3: पेपर तैयार होने के बाद प्रश्नपत्र को सुरक्षित कंप्यूटर से प्रिंटिंग प्रेस भेजा जाता है ताकि उसकी कॉपियां छापी जा सकें। एक से ज्याद प्रेस हैं तो NTA हर प्रेस पर एक पर्यवेक्षक तैनात करता है। छपाई के दौरान पर्यवेक्षक का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ होता है। प्रिंटिंग प्रक्रिया की निगरानी CCTV कैमरों से की जाती है। स्टेप 4: छपे हुए प्रश्नपत्रों को परीक्षा से पहले बैंक के सिक्योर लॉकर में रखा जाता है, ताकि वे लीक या चोरी न हों। फिर उन्हें एग्जाम सेंटर तक पहुंचाया जाता है। ट्रांसपोर्ट के दौरान डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के लोग भी शामिल होते हैं। स्टेप 5: प्रश्नपत्रों को पुलिस सुरक्षा में GPS निगरानी वाले वाहनों से एग्जाम सेंटर तक ले जाया जाता है। ………………………….. आप ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं NEET पेपर लीक का ब्यूटीशियन कनेक्शन:जहां पेन ले जाना भी मना, वहां से बाहर आया पेपर, क्या कोई अफसर मास्टरमाइंड NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 5:05 am

आज का एक्सप्लेनर:कॉकरोच जनता पार्टी का क्या होने वाला है; बुलबुला फूटेगा, सरकार दबा देगी या राजनीतिक धमाल मचाएगी

कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। अकाउंट बनने के बाद करीब 90 घंटे में बीजेपी को पीछे छोड़ा, फिर कांग्रेस को। कुछ घंटे की बात है, दोनों पार्टियों के टोटल फॉलोअर्स से भी ज्यादा इसके हो जाएंगे। अब बड़ा सवाल है कि आगे क्या? क्या ये सिर्फ एक बुलबुला है, जो कुछ दिनों में फूट जाएगा? सरकार इसे किसी साजिश का हिस्सा बताकर दबा देगी या फिर कटाक्ष से शुरू हुआ ये ऑनलाइन कैम्पेन किसी असली राजनीतिक ताकत में बदलेगा; आज के एक्सप्लेनर में तीनों सिनैरियो का एनालिसिस… सिनैरियो-1: क्या कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ एक बुलबुला है, जो फूट जाएगा? भारत दुनिया के सबसे सस्ता इंटरनेट देने वाले टॉप-3 देशों में है। यहां कभी आंख मारना वायरल हो जाता है, कभी ‘कच्चा बादाम’। हर 1-2 हफ्ते में कुछ नया वायरल होता है। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी भी एक वायरल बुलबुला है, जो कुछ दिनों में फूट जाएगा। शायद नहीं, क्योंकि इस बार कुछ चीजें अलग हैं… कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहते हैं, युवा निराश है और इसीलिए इससे जुड़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि इसके पीछे जो युवा हैं, वो इस एनर्जी को मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में लाने का रास्ता निकाल लेंगे या फिर अपने वोट के जरिए बदलाव की आवाज बनेंगे। निष्कर्षः कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत कटाक्ष के तौर पर हुई थी, लेकिन अब ये सिर्फ बुलबुला नहीं रह गया है। हालांकि इसके फाउंडर अभिजीत कहते हैं- ‘मैं भ्रम में नहीं हूं, मुझे पता है कि ये कैम्पेन कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।' सिनैरियो-2: क्या कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे विदेशी हाथ, सरकार दबा देगी? पहले इसके फाउंडर अभिजीत के बारे में जान लीजिए। 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स किया। वो अभी अमेरिका में ही रहते हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक AAP के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। अभिजीत पहले भी किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। अभिजीत और उनकी CJP पर सबसे बड़ा आरोप लग रहा है कि उनके पीछे एंटी नेशनल ताकतें और विदेशी फंडिंग है… फाउंडर अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स का डेटा शेयर करते हुए पूछा- 94% भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बता रहे हो? अभिजीत किसी फंडिंग से भी इनकार कर रहे हैं। नेपाल और बांग्लादेश जैसा जेन-जी आंदोलन भारत में होगा क्या, इस सवाल पर अभिजीत ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘नेपाल और बांग्लादेश से तुलना करके भारत के जेन-जी को कम न आंकें और न ही उनका अपमान करें। इस देश के युवा कहीं ज्यादा मैच्योर, जागरूक और राजनीतिक तौर पर सजग हैं। वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।' कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद शशि थरूर ने कहा, 'लोकतंत्र में असहमति, हास्य, व्यंग्य और यहां तक कि हताशा व्यक्त करने के लिए भी मंचों की जरूरत होती है। अकाउंट को रोका जाना बेहद नुकसानदेह और समझदारी से परे है।’ तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘ये फासीवाद है, लोकतंत्र नहीं। सरकार देश के युवाओं से इतनी डरी हुई है कि वह एक वर्चुअल ऑनलाइन मूवमेंट तक को बर्दाश्त नहीं कर पा रही।’ निष्कर्ष: फिलहाल सरकार के पास अभिजीत दीपके की विदेशी फंडिंग के कोई सबूत नहीं हैं। अगर मिलते हैं, तो इस पूरे मूवमेंट को फौरन खत्म किया जा सकता है। बिना किसी ठोस वजह के ऐसे अकाउंट बंद किए, तो प्रतिरोध झेलना पड़ेगा। सिनैरियो-3: क्या कॉकरोच जनता पार्टी राजनीतिक बदलाव ला पाएगी? NEET पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई, बेरोजगारी और SIR में धांधली जैसे मुद्दों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत हुई। इसलिए बड़ा सवाल है कि क्या ये ऑनलाइन मूवमेंट कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव ला पाएगा… ऑनलाइन फॉलोइंग का जमीनी सपोर्ट में बदलना काफी मुश्किल होता है। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर लड़े तेजिंदर बग्गा को सिर्फ 38 हजार वोट मिले थे, जबकि फेसबुक पर तब उनके 6.5 लाख फॉलोवर थे। यूट्यूबर मेघनाद 2025 में दिल्ली की मालवीय सीट से चुनाव लड़े थे। उन्हें कुल 192 वोट मिले थे जबकि 500 से ज्यादा वोट NOTA के थे। अक्सर विवादित बयान देने वाले एक्टर एजाज खान बिग बॉस में आए थे। उनके 5.6 मिलियन फॉलोअर हैं। 2024 के मुंबई विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी की टिकट पर वर्सोवा से चुनाव लड़े थे, उन्हें कुल 155 वोट मिले थे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट हर्षवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक, 'CJP सोशल मीडिया पर माहौल बना सकती है, पॉलिटिकल पार्टी नहीं बन सकती। कॉकरोच पार्टी भारत में अल्पमृत्यु को प्राप्त होगी।’ हालांकि कई राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक तरह के अनरेस्ट का नतीजा है। इसके दूरगामी असर होंगे…. पॉलिटिक एनालिस्ट योगेंद्र यादव के मुताबिक, 'देश के भीतर एक सुगबुगाहट और छटपटाहट है। जब भी कोई सरकार संस्थाओं पर कब्जा कर लेती है और पूर्णसत्ता स्थापित करती है, तब विद्रोह अनपेक्षित जगहों से पैदा होता है। जैसे- 1971 में इंदिरा गांधी की भारी जीत के बाद 1974 में जयप्रकाश आंदोलन शुरू हुआ। 2009 में कांग्रेस की जीत के बाद 2011 में अन्ना आंदोलन और 2019 में पीएम मोदी के दूसरी बार सत्ता में आने के 2 साल बाद किसान आंदोलन शुरू हुआ।’ पॉलिटिकल एनालिस्ट राशिद किदवई के मुताबिक, विपक्ष को यह सोचने की गलती नहीं करनी चाहिए कि कॉकरोच मूवमेंट सिर्फ बीजेपी के खिलाफ है। यह विपक्ष की भी नाकामी दिखाता है। युवाओं की नाराजगी सत्ताधारी दल के लिए है। इसका यह मतलब नहीं है कि विपक्ष में उनका विश्वास है। निष्कर्षः कॉकरोच जनता पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक बदलाव लाना अभी दूर की बात है। फिलहाल ये मूवमेंट कोई राजनीतिक पार्टी में बदल पाएगा, इसमें भी संशय है। इसने युवाओं के बीच फैले असंतोष को जरूर उघाड़ दिया है, जिसे किसी न किसी को तो एड्रेस करना ही पड़ेगा। ----- रिसर्च सहयोग- श्रेया नाकाड़े ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 दिन में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा, इंस्टा पर डेढ़ करोड़+ फॉलोअर्स; ये सिर्फ मजाक है या बदलाव की आहट BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 22 May 2026 6:15 pm

154 Km/h की तेजी से सिराज की गेंद IPL 2026 सत्र की सबसे तेज (Video)

IPL 2026 इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह कारनामा उन्होंने तब किया जब चेन्नई 1 विकेट के नुकसान पर 29 रन बना चुकी थी। इस गेंद की तेजी 154.8 KMPH बताई जा रही है।उन्होंने मैच के बाद कहा कि गेंदबाजी में सुधार के लिए मैंने अपने वीडियो देखे और नई गेंद से अभ्यास किया। Mohammad Siraj just bowled the fastest ball of this IPL season with a speed of 154.8 KMPH Siraj is breathing fire at the Narendra Modi Stadium #GTvsCSK pic.twitter.com/Gs5RDqb8n2 — Fan Account Richard Kettlebourogh (@RichKettle07) May 21, 2026 चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गये मोहम्मद सिराज ने कहा कि गेंद मेरे हाथ से काफी अच्छी तरह से निकल रही है। वर्ल्ड कप के ज्यादातर मैचों से मैं बाहर ही रहा था और मुझे खेलने का मौका नहीं मिला था। इसी वजह से गेम के लिए जिस लय की जरूरत होती है, वो मेरे पास नहीं थी। मैं पहले कुछ मैचों में अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहा था। लेकिन इसके बाद मैंने अपने वीडियोज देखे और उसके बाद से गेंद अच्छी तरह से पड़ने लगी। MOHAMMAD SIRAJ ON FIRE Samson Ruturaj Urvil 3 wickets in just 10 balls. pic.twitter.com/gNEFM74ABl — Faruk (@uf2151593) May 21, 2026 उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान मैंने अपनी लाइन और लेंथ सुधारने के लिए नई गेंद का प्रयोग किया। इसके बाद यॉर्कर की भी प्रैक्टिस की। लाल मिट्टी वाली पिच पर मैं हमेशा संजू सैमसन से ड्राइव करवाने की कोशिश करुंगा। पावरप्ले में गेंदबाजी करते हुए मेरा काम होता है कि बल्लेबाजों पर दबाव बनाकर रखूं। अगर मैं दबाव बनाकर रखता हूं तो फिर उससे रबाडा को भी विकेट मिल सकता है। साझेदारी में आप इसी तरह से गेंदबाजी करते हैं।

वेब दुनिया 22 May 2026 3:30 pm

इंदौर के हाईप्रोफाइल हनीट्रैप में खुल सकते हैं बड़े नेताओं के राज? दिल्‍ली इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी खोली जांच की फाइल

इंदौर के चर्चित हनीट्रैप में कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस कांड में गिरफ्तार की गई आरोपी महिलाओं के पास से कुछ बड़े नेताओं और अफसरों के अश्‍लील वीडियो भी बरामद किए गए हैं। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। बता दें कि इंदौर में शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को धमकाने से जुड़े हनी ट्रैप-2 मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर निवासी रेशु उर्फ अभिलाषा और इंदौर पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को मजिस्ट्रेट के बंगले पर पेश किया गया। वहां से कोर्ट ने उन्हें 25 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। ALSO READ: इंदौर में हनीट्रैप का जाल, ब्‍लैकमेलिंग, 1 करोड़ की डिमांड और 6 गिरफ्तारियां, क्‍या है हनीट्रैप का बीजेपी कनेक्‍शन? सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क में कई नेता, अफसर और बड़े कारोबारी जुड़े होने की आशंका है। अब तक इस केस में कथित लेडी तस्कर अलका दीक्षित, लाखन चौधरी, जयदीप, जितेंद्र पुरोहित, रेशु उर्फ अभिलाषा और मास्टरमाइंड श्वेता जैन समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस को कई वीडियो भी मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है। ALSO READ: इंदौर में हनीट्रैप का शिकार शराब कारोबारी, ब्‍लैकमेल कर मांगे 1 करोड़, 5 गिरफ्तार, एक हेड कॉन्स्टेबल भी शामिल राजनीति में रेशु का हस्‍तक्षेप : बता दें कि रेशु का राजनीति में भी अच्‍छा खासा दखल है। उसका नेटवर्क सागर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था। रेशु सागर में राजनीति में भी रह चुकी है। वह मूल रूप से सागर के मकरोनिया क्षेत्र की रहने वाली है। वह पढ़ाई के लिए ओमान गई थी। वहां उसने एक कारोबारी से शादी की, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। भारत लौटने के बाद उसने राजनीति में सक्रियता बढ़ाई और सागर में यूपीएससी कोचिंग सेंटर भी संचालित किया। सागर में विधायक से करीबी : पुलिस सूत्रों के मुताबिक सागर में एक विधायक से नजदीकियों को लेकर रेशु चर्चा में आई थी। बताया जाता है कि विधायक की पत्नी और परिजनों ने सार्वजनिक रूप से उसे फटकार भी लगाई थी। इसके बाद वह मकरोनिया क्षेत्र में कई संदिग्ध और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के संपर्क में आ गई। जांच एजेंसियों को उसके दिल्ली में एक केंद्रीय राज्य मंत्री से करीबी संबंधों की भी जानकारी मिली है। आईएएस अकादमी का संचालन : रेशु इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल में खुद को कभी यूपीएससी प्री परीक्षा क्वॉलिफाइड तो कभी एमपीपीएससी प्री-2016 पास-आउट बताती थी। कुछ प्रोफाइल में उसने रेवेन्यू सर्विस में चयनित होने का दावा भी किया। 2016 में उसने ब्रह्मपुत्र आईएएस अकादमी नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था, जो कुछ समय बाद बंद हो गया। ALSO READ: भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश, महिला ने मांगे 2 करोड़ रुपए सामने आ सकते हैं कई ब ड़े नाम : बताया जा रहा है कि पुलिस को रेशु के पास से कुछ बड़े नेताओं और अफसरों के अश्‍लील वीडियो मिले हैं। पुलिस पूरे कांड की जांच कर रही है। अगर सबकुछ नियमों से चला तो कई बड़े नेताओं और अफसरों के नाम सामने आ सकते हैं। इस हनीट्रैप के तार दिल्‍ली से भी जुड़े हैं, क्‍योंकि दिल्‍ली इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी इस मामले की जांच की फाइल खोली है और इंदौर पुलिस से कई तरह के अपडेट लिए हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 22 May 2026 3:22 pm

भारत में अब भी कैसे जारी है हर दिन 16 महिलाओं की दहेज हत्या?

भारत में दहेज के लिए होने वाली प्रताड़ना को 'घर का मामला' कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। दहेज की कुप्रथा को साल 1961 में कानूनन अपराध घोषित कर दिया गया था। छह दशक बाद भी किसी ना किसी रूप में समाज में मौजूद दिखता है। अब कई लोग लड़की के परिवार से दहेज ...

वेब दुनिया 22 May 2026 3:10 pm

गले में मंगलसूत्र पहनकर क्यों घूम रही थीं कंगना रनौट? एक्ट्रेस ने बताया शादीशुदा लुक का सच

बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौट एक बार फिर सोशल मीडिया से लेकर गूगल ट्रेंड्स तक पर छाई हुई हैं। हाल ही में कंगना को एक ऐसे लुक में स्पॉट किया गया, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया और उनके फैंस के बीच सस्पेंस पैदा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में कंगना हल्के गुलाबी रंग के सलवार-सूट, आंखों पर चश्मा, गले में मंगलसूत्र और हाथों में हरी चूड़ियां पहने नजर आईं। वह बेहद जल्दबाजी में अपनी गाड़ी की तरफ भागती दिखीं। कंगना का यह लुक देखने के बाद फैंस सवाल करने लगे कि क्या उन्होंने गुपचुप शादी रचा ली है? लेकिन अब इस पूरे मामले का असली और बेहद दिलचस्प सच सामने आ चुका है। कंगना रनौट के इस वायरल लुक के पीछे कोई सीक्रेट शादी नहीं, बल्कि उनकी आने वाली फिल्म का सेट है। कंगना ने खुद सोशल मीडिया पर इसका राज खोला है। कंगना रनौट ने इंस्टा स्टोरी पर अपनी वायरल तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, मैं हर दिन शहर में और आस-पास फिल्म की शूटिंग कर रही हूं। किसी ने मेरे कैरेक्टर मेकअप वाली एक रैंडम फोटो खींच ली। अब मुझे बहुत सारे फोन कॉल्स आने लगे हैं। लेकिन शादीशुदा औरत जैसा लुक होने में इतनी बड़ी बात क्या है? एक्टर्स तो हर तरह के रोल करते हैं। मैं चुपके से शादी नहीं कर रही हूं, वादा करती हूं। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) कंगना रनौट इन दिनों बेहद कड़े शेड्यूल से गुजर रही हैं। वह न सिर्फ एक एक्ट्रेस हैं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद भी हैं। खबरों के मुताबिक वह इन दिनों फिल्म 'क्वीन 2' की शूटिंग कर रही हैं। इस फिल्म की शूटिंग दक्षिण मुंबई और ग्रांट रोड के आस-पास चल रही है, जहां रानी के घर का सेट तैयार किया गया। जहां पहली फिल्म 'क्वीन' की शूटिंग पेरिस और एम्स्टर्डम जैसे विदेशी शहरों में हुई थी, वहीं चर्चा है कि 'क्वीन 2' की कहानी पूरी तरह से देसी पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। इस बार रानी अपनी आत्मनिर्भरता और पहचान की खोज में भारत के ही अलग-अलग महानगरों और शहरों की यात्रा पर निकलेगी।

वेब दुनिया 22 May 2026 3:09 pm

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति से बनने वाले 'बुधादित्य राजयोग' को बेहद शुभ और शक्तिशाली माना गया है। सूर्य जहां आत्मा, मान-सम्मान, सफलता और सरकारी क्षेत्र के कारक हैं, वहीं बुध बुद्धि, व्यापार, तर्कशक्ति और संवाद के स्वामी हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ वृषभ राशि (शुक्र की राशि) में आते हैं, तो यह योग और भी अधिक फलदायी हो जाता है। वृषभ राशि स्थिरता, धन और भौतिक सुखों की राशि है। इस गोचर से मुख्य रूप से 6 राशियों की किस्मत चमकने वाली है, जिन्हें करियर में तरक्की और बम्पर धन लाभ होगा। आइए जानते हैं वो भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं। ALSO READ: मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश 1. मेष राशि: लक्ष्मी की कृपा और कारोबारी विस्तार आपकी राशि के लिए यह योग धन भाव में बनने जा रहा है। आर्थिक पक्ष: बैंक बैलेंस में अच्छी बढ़ोतरी होगी। व्यवसायियों के लिए यह समय 'गोल्डन पीरियड' साबित होगा, जहां मुनाफे के कई नए अवसर हाथ लगेंगे। व्यक्तित्व: आपकी वाणी में एक अलग प्रभाव होगा, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। सावधानी: अपनी बातों में कड़वाहट न आने दें, वरना परिवार में विवाद हो सकता है। सेहत के मामले में माइग्रेन या सिरदर्द का ख्याल रखें। 2. वृषभ राशि (Taurus) - मान-सम्मान और व्यक्तित्व में निखार चूंकि यह बुधादित्य योग आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रहा है, इसलिए इसका सबसे बड़ा सकारात्मक असर आप पर ही दिखेगा। करियर और व्यापार: आपकी कार्यशैली में सुधार होगा। कार्यस्थल पर सीनियर्स आपके काम की तारीफ करेंगे। नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह समय स्वर्णिम है। आर्थिक स्थिति: धन कमाने के नए अवसर मिलेंगे। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। मानसिक स्थिति: आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। ALSO READ: बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी 3. कर्क राशि: अटके काम होंगे पूरे और बढ़ेगी आमदनी कर्क राशि वालों के लिए यह राजयोग 'लाभ स्थान' में बन रहा है, जो आपकी हर अधूरी इच्छा पूरी करने का संकेत है। करियर: दफ्तर में सीनियर्स का पूरा सहयोग मिलेगा और सरकारी अटके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे। आपकी आय में जबरदस्त उछाल आने की संभावना है। मानसिक स्थिति: स्वास्थ्य में सुधार होगा और आपकी सकारात्मक सोच तनाव को कोसों दूर रखेगी। सावधानी: पार्टनर के साथ बातचीत (Communication) जारी रखें ताकि रिश्तों में कोई गलतफहमी न आए। 4. सिंह राशि (Leo) - करियर में बड़ा उछाल और पद-प्रतिष्ठा सिंह राशि के जातकों के लिए यह युति आपके दसवें (कर्म/करियर) भाव में होने जा रही है। ज्योतिष में दसवें भाव का बुधादित्य योग करियर के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। नौकरी में तरक्की: यदि आप नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, तो शानदार ऑफर मिल सकता है। प्रमोशन और इंक्रीमेंट के प्रबल योग हैं। सरकारी लाभ: सरकारी क्षेत्र या उच्च अधिकारियों से आपको बड़ा लाभ मिल सकता है। व्यापारिक विस्तार: जो लोग पैतृक व्यवसाय या खुद के काम में हैं, उनके मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होगी। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान 5. कन्या राशि (Virgo) - भाग्य का पूरा साथ और यात्राओं से लाभ कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं। आपकी राशि के लिए यह योग नौवें (भाग्य) भाव में बनने जा रहा है, जिससे आपका भाग्य सातवें आसमान पर होगा। किस्मत का कनेक्शन: आपके जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, वे अब बिना किसी बाधा के पूरे होने लगेंगे। आर्थिक लाभ: अचानक कहीं से धन लाभ हो सकता है। पैतृक संपत्ति से भी फायदा मिलने के संकेत हैं। उच्च शिक्षा व यात्रा: छात्रों को पढ़ाई में बड़ी सफलता मिलेगी। धार्मिक या व्यावसायिक यात्राएं सुखद और आर्थिक रूप से लाभदायक रहेंगी। 6. वृश्चिक राशि (Scorpio) - साझेदारी में लाभ और वैवाहिक सुख वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह शुभ योग सातवें (साझेदारी और विवाह) भाव में बनने जा रहा है। बिजनेस में मुनाफा: यदि आप पार्टनरशिप में कोई व्यापार करते हैं, तो यह समय आपको उम्मीद से ज्यादा मुनाफा देकर जाएगा। नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे। दांपत्य जीवन: जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। यदि जीवनसाथी भी काम करता है, तो उनके जरिए आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है। कम्युनिकेशन का लाभ: आपकी वाणी में गजब का आकर्षण रहेगा, जिससे आप दूसरों से अपनी बात मनवाने में सफल रहेंगे। विशेष उपाय: बुधादित्य योग का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए रोजाना सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करें। इससे आपकी बुद्धि और भाग्य दोनों का विकास होगा।

वेब दुनिया 22 May 2026 2:49 pm

रोनित रॉय के नाम पर महिलाओं संग साइबर फ्रॉड, एक्टर ने फैंस को‍ किया अलर्ट

बॉलीवुड एक्टर रोनित रॉय ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने अपने फैंस, विशेष रूप से महिलाओं और युवा लड़कियों को एक बड़े साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया है। दरअसल, कुछ अज्ञात जालसाज रोनित रॉय की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। रोनित रॉय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक नोट शेयर किया है। इस नोट में उन्होंने बताया कि कैसे कुछ लोग उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर लड़कियों से मीटिंग और इवेंट बुकिंग के बहाने पैसों की मांग कर रहे हैं। अभिनेता ने साफ किया है कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। A post shared by Ronit Bose Roy (@ronitboseroy) सार्वजनिक किए स्कैमर के नंबर और ईमेल आईडी आमतौर पर मशहूर हस्तियां ऐसे मामलों में सीधे पुलिस का रुख करती हैं, लेकिन रोनित रॉय ने एक कदम आगे बढ़कर अपने फैंस की सुरक्षा के लिए स्कैमर की डिटेल्स को सरेआम उजागर कर दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में उस नंबर और ईमेल आईडी का जिक्र किया है, जिसके जरिए यह पूरा फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा था। ALSO READ: काश कोई होता सुनने वाला, संजय दत्त की बेटी त्रिशाला ने खोले बचपन के दर्दनाक राज रोनित ने पोस्ट में लिखा, सावधान!!!! मेरे संज्ञान में आया है कि कोई मेरे नाम का इस्तेमाल कर लोगों, खासकर लड़कियों से संपर्क कर रहा है और पैसे मांग रहा है। यह व्यक्ति मेरे नाम पर बुकिंग लेने की कोशिश कर रहा है। अभिनेता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, फ्रॉड के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग किया जा रहा था जांगी नंबर: 3318085685, ईमेल आईडी: ronitroybookings@hotmail.com इस जानकारी को साझा करते हुए रोनित ने जालसाज को कड़े लहजे में चेतावनी दी और लिखा, 'जहां तक अपराधी की बात है... पुलिस तुम्हारे पीछे आ रही है।' रोनित रॉय ने सोशल मीडिया यूजर्स को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे या उनके प्रतिनिधि कभी भी किसी से पैसे या किसी अनुचित लाभ की मांग नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह कभी भी सोशल मीडिया या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से इस तरह का संपर्क नहीं साधते हैं। रोनित ने अपने फैंस से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के भी पास इस तरह का कोई संदेश या कॉल आता है, तो उसकी सूचना तुरंत सीधे उन्हें या पुलिस को दी जाए। रोनित ने चैट के कुछ स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं, जो इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि किस तरह उनकी छवि का गलत इस्तेमाल कर मासूम लोगों को फंसाने की साजिश रची जा रही थी। रोनित रॉय के इस साहसिक और सतर्कता भरे कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। इस खुलासे के बाद उनके फैंस लगातार कमेंट्स के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि आज के डिजिटल दौर में मशहूर हस्तियों के नाम पर ऐसे फ्रॉड आम हो गए हैं, ऐसे में खुलकर सामने आना बहुत जरूरी था। वर्कफ्रंट की बात करें तो रोनित रॉय लगातार अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। हाल ही में वह अजय देवगन के प्रोडक्शन में बनी फिल्म मां में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ काजोल और इंद्रनील सेनगुप्ता मुख्य भूमिकाओं में थे। वह जल्द ही वेब सीरीज तीन कौवे में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे।

वेब दुनिया 22 May 2026 1:12 pm

चांद मेरा दिल रिव्यू: प्यार की मिठास से ज्यादा रिश्तों की कड़वी सच्चाई

चांद मेरा दिल शुरुआत में खुद को एक इंटेंस लव स्टोरी की तरह पेश करती है। फिल्म के ट्रेलर, पोस्टर और प्रचार देखकर यही लगता है कि यह दो प्रेमियों की गहरी और जुनूनी मोहब्बत की कहानी होगी। लेकिन फिल्म मुश्किल से आधे घंटे बाद ही उस ट्रैक से हट जाती है और एक बिल्कुल अलग दिशा पकड़ लेती है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है और सबसे बड़ा जोखिम भी। असल में ‘चांद मेरा दिल’ प्यार से ज्यादा रिश्तों की अपरिपक्वता पर बात करती है। यह उस पीढ़ी की कहानी है जिसे प्यार करने की जल्दी है, लेकिन रिश्ते निभाने का धैर्य नहीं। फिल्म सवाल उठाती है कि क्या आज की जनरेशन प्यार को सिर्फ एक इमोशनल मोमेंट समझती है? क्या रिश्तों में समझौता, धैर्य और जिम्मेदारी अब पुराने शब्द बन चुके हैं? फिल्म की कहानी अराव (लक्ष्य) और चांदनी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द घूमती है। हैदराबाद के कॉलेज में पढ़ते-पढ़ते दोनों प्यार में पड़ जाते हैं। रिश्ता तेजी से आगे बढ़ता है और चांदनी प्रेग्नेंट हो जाती है। वह अबॉर्शन के लिए तैयार नहीं होती। परिवार दोनों का साथ छोड़ देता है और 21 साल की उम्र में दोनों शादी कर लेते हैं। यहीं से फिल्म का असली संघर्ष शुरू होता है। कम उम्र में शादी, बच्चा, पढ़ाई, नौकरी और घर खर्च जैसी जिम्मेदारियां दोनों को धीरे-धीरे भीतर से तोड़ने लगती हैं। फिल्म बहुत ईमानदारी से दिखाती है कि रोमांस के बाद असली जिंदगी कितनी कठिन हो सकती है। प्यार में कही गई बड़ी-बड़ी बातें जब किराए, बिल और करियर के दबाव के सामने आती हैं, तब रिश्तों की असली परीक्षा शुरू होती है। फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा यही है कि यह यंग पैरेंट्स की परेशानियों को सिर्फ सतही तरीके से नहीं दिखाती, बल्कि उनके मानसिक दबाव को महसूस करवाती है। अराव का फ्रस्टेशन, उसकी बेचैनी और जिम्मेदारियों के नीचे दबता आत्मविश्वास कई जगह वास्तविक लगता है। वहीं चांदनी का भावनात्मक टूटना भी कहानी को संवेदनशील बनाता है। हालांकि फिल्म का लेखन यहां थोड़ी लड़खड़ाहट दिखाता है। अराव और चांदनी की लव स्टोरी को बहुत जल्दी निपटा दिया गया है। दर्शक जब तक उनके प्यार में पूरी तरह डूबें, फिल्म सीधे संघर्ष और अलगाव की तरफ बढ़ जाती है। अगर शुरुआती रोमांस को थोड़ा और समय दिया जाता तो बाद की जुदाई ज्यादा गहराई से असर करती। सबसे ज्यादा खटकने वाली बात चांदनी का तलाक लेने वाला फैसला बनता है। माना कि अराव गुस्से और दबाव में सीमाएं पार करता है, गलत बातें कहता है और थोड़ा फिजिकल भी हो जाता है, लेकिन फिल्म उस मोड़ को पूरी तरह भावनात्मक वजन नहीं दे पाती। दर्शक कई जगह सोचते रह जाते हैं कि क्या अराव की गलती इतनी बड़ी थी कि रिश्ता खत्म कर दिया जाए? यहां लेखक विवेक सोनी और स्क्रीनप्ले राइटर तुषार परांजपे को उस संघर्ष को और गहराई से लिखना चाहिए था। इसी तरह क्लाइमैक्स भी थोड़ा ज्यादा प्रभावी हो सकता था। फिल्म जिस भावनात्मक ऊंचाई तक पहुंचने की कोशिश करती है, वहां अंत पूरी तरह वैसा असर नहीं छोड़ पाता जिसकी उम्मीद बन चुकी होती है। लेकिन लेखन की इन कमियों के बावजूद ‘चांद मेरा दिल’ दर्शकों को बांधे रखती है और इसका सबसे बड़ा श्रेय निर्देशक विवेक सोनी को जाता है। ‘मीनाक्षी सुंदरेश्वर’ और ‘आप जैसा कोई’ जैसी फिल्मों से अपनी संवेदनशील समझ दिखा चुके विवेक यहां भी रिश्तों के भावनात्मक उतार-चढ़ाव को महसूस करवाने में सफल रहते हैं। बतौर निर्देशक उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे सिर्फ कहानी नहीं सुनाते, एक एहसास पैदा करते हैं। फिल्म के कई दृश्य बेहद खूबसूरती से फिल्माए गए हैं। खासकर कॉलेज लाइफ, युवा शादीशुदा जोड़े की असहजता, कम उम्र का बचपना और धीरे-धीरे आती मैच्योरिटी को उन्होंने बहुत बारीकी से पकड़ा है। हैदराबाद को भी फिल्म में बेहद खूबसूरत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। शहर सिर्फ बैकड्रॉप नहीं लगता, बल्कि कहानी का हिस्सा महसूस होता है। फिल्म का संगीत इसकी आत्मा बनकर उभरता है। अमिताभ भट्टाचार्य के गीत और सचिन-जिगर का संगीत कई जगह संवादों से ज्यादा असर छोड़ता है। गानों के बोल सिर्फ सुनाई नहीं देते, किरदारों की भावनाओं का विस्तार लगते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी लगातार कहानी के भावनात्मक तापमान को बनाए रखता है। संवाद भी फिल्म की बड़ी ताकत हैं। “मोहब्बत की ताकत मोमेंट्स में नहीं बल्कि सफर में है” जैसे डायलॉग लंबे समय तक याद रहते हैं और फिल्म के मूल भाव को सामने लाते हैं। अभिनय की बात करें तो लक्ष्य ने अपने करियर के शुरुआती दौर में बेहद चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया है। कहीं-कहीं अनुभव की कमी जरूर नजर आती है, लेकिन उन्होंने अराव के संघर्ष, गुस्से और टूटन को ईमानदारी से निभाया है। यह रोल आसान नहीं था और लक्ष्य इसमें काफी हद तक सफल रहते हैं। अनन्या पांडे भी इस बार सिर्फ ग्लैमरस मौजूदगी तक सीमित नहीं रहतीं। भावनात्मक दृश्यों में उन्होंने अच्छा काम किया है और कई जगह चुप्पी के जरिए भी अपने किरदार की पीड़ा महसूस करवाई है। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म को विश्वसनीय बनाती है। तकनीकी रूप से भी फिल्म मजबूत है। सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और एडिटिंग मिलकर फिल्म को एक स्मूद फ्लो देते हैं। कुल मिलाकर ‘चांद मेरा दिल’ परफेक्ट फिल्म नहीं है। इसका लेखन कई जगह कमजोर पड़ता है और कुछ भावनात्मक फैसले पूरी तरह विश्वसनीय नहीं लगते। लेकिन इसके बावजूद यह फिल्म रिश्तों के दर्द, प्यार की अधूरी समझ और कम उम्र की जिम्मेदारियों को जिस संवेदनशीलता से दिखाती है, वह इसे देखने लायक बनाता है। विवेक सोनी का निर्देशन, संगीत और कलाकारों का अभिनय फिल्म को भावनात्मक रूप से जोड़े रखता है। यह ऐसी फिल्म है जो खत्म होने के बाद भी रिश्तों और प्यार को लेकर कुछ सवाल मन में छोड़ जाती है। CHAND MERA DIL (2026) निर्देशक: विवेक सोनी गीतकार: अमिताभ भट्टाचार्य संगीत: सचिन जिगर कलाकार: अनन्या पांडे, लक्ष्य निर्माता: हीरू यश जौहर, करण जौहर, अदार पूनावाला, अपूर्व मेहता, सोमेन मिश्रा, मार्जिके डिसूजा सेंसर सर्टिफिकेट : यूए (16 वर्ष प्लस)* 2 घंटे 15 मिनट 36 सेकंड रेटिंग : 3/5

वेब दुनिया 22 May 2026 1:11 pm

मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश

ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र को सबसे शुभ और फलदायी ग्रह माना गया है। गुरु जहां ज्ञान, भाग्य, और वृद्धि के कारक हैं, वहीं शुक्र धन, वैभव, विलासिता और सुख-सुविधाओं के स्वामी हैं। जब इन दोनों बड़े ग्रहों की युति (मिलन) मिथुन राशि में होती है, तो यह एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली गजलक्ष्मी योग का निर्माण करती है। इस युति के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सुख, शांति और धन की भारी वर्षा होने के योग बनते हैं। आइए जानते हैं वो भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं। ALSO READ: बृहस्पति अपनी उच्च की राशि कर्क में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए विपरीत राजयोग 1. मिथुन राशि (Gemini)- चमकेगा भाग्य और बढ़ेगा मान-सम्मान चूंकि यह युति आपकी ही राशि में हो रही है, इसलिए इसका सबसे अधिक और सीधा लाभ आपको मिलने वाला है। धन लाभ: अटके हुए धन की प्राप्ति होगी। निवेश से भारी मुनाफ़ा होने के योग हैं। करियर व व्यापार: नौकरी में प्रमोशन और वेतन वृद्धि की पूरी संभावना है। व्यापारियों के लिए कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। सुख-शांति: मानसिक तनाव दूर होगा और परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। ALSO READ: Atichari brihaspati:क्या अतिचारी बृहस्पति बढ़ाएगा गर्मी? 50 डिग्री तक जा सकता है पारा? 2. सिंह राशि (Leo) - आय के नए स्रोत और पारिवारिक सुख सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु और शुक्र की यह युति ग्यारहवें (लाभ) भाव में होने जा रही है, जो कि आपकी आर्थिक स्थिति के लिए वरदान साबित होगी। धन लाभ: एक से अधिक माध्यमों से धन का आगमन होगा। यदि आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो समय बेहद उत्तम है। मनोकामना पूर्ति: लंबे समय से रुके हुए काम इस दौरान पूरे हो जाएंगे। भौतिक सुख-साधनों (गाड़ी, मकान) पर खर्च कर सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में आपका कद बढ़ेगा और बड़े लोगों से संपर्क स्थापित होंगे जो भविष्य में लाभ देंगे। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग 3. तुला राशि (Libra) - भाग्य का साथ और विदेश यात्रा के योग तुला राशि के स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं। मिथुन राशि में होने वाली यह युति आपके नौवें (भाग्य) भाव में होगी, जिससे आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा। भाग्य का सहयोग: आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी। कम मेहनत में भी बड़े परिणाम देखने को मिल सकते हैं। धन व शांति: आर्थिक तंगी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है। घर में किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य का आयोजन होने से मानसिक शांति मिलेगी। यात्रा से लाभ: लंबी दूरी की यात्राएं या विदेश यात्रा के योग बनेंगे, जो आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक सिद्ध होंगी। विशेष टिप: इस शुभ अवधि का पूरा लाभ उठाने के लिए गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल अर्पित करें, साथ ही शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की उपासना करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं। इससे ग्रहों की शुभता और अधिक बढ़ जाएगी।

वेब दुनिया 22 May 2026 1:03 pm

The Grace of Power

Remembering Rajiv Gandhi Beyond Memory The passing of Rajiv Gandhi did not merely interrupt a political campaign; it fractured a specific sensibility in Indian public life. To look back at his legacy decades after his departure—and more than forty years since he reluctantly stepped into the political arena—is to examine a transformative, deeply polarizing, yet […]

चौथी दुनिया 22 May 2026 12:40 pm

51 सालों पहले, आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर छाती पिटने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को खुला पत्र.

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, आपका आज ही समाप्त हुआ पांच दिनों का विदेश दौरा संपन्न हुआ। इस दौरान आपने नॉर्वे का दौरा किया, जो एक छोटा सा यूरोपियन देश है और जिसकी जनसंख्या हमारे नागपुर के आस-पास की है; लेकिन वह एक स्वतंत्र देश है। वहाँ की राजधानी ओस्लो में एक शिष्टाचार पत्रकार […]

चौथी दुनिया 22 May 2026 12:31 pm

इंजन में आग लगने के कारण पूर्ण आपात स्थिति में उतरी एयर इंडिया की फ्लाइट

नई दिल्ली। एयर इंडिया के एक विमान के इंजन में गुरुवार रात को आग लगने के कारण पूर्ण आपात स्थिति में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। यह उड़ान संख्या एआई2802 बेंगलुरु से दिल्ली आ रही […] The post इंजन में आग लगने के कारण पूर्ण आपात स्थिति में उतरी एयर इंडिया की फ्लाइट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 22 May 2026 11:39 am

मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कामकाज में तेजी लाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे पांच देशों के राजनयिक दौरे से लौटने के तुरंत बाद मंत्रिपरिषद के साथ साढ़े चार लंबी चली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी अधिकारियों ने इस बैठक को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की एक बड़ी मध्यावधि […] The post मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कामकाज में तेजी लाएं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 22 May 2026 11:33 am

क्या कंगना रनौट ने रचाई गुपचुप शादी? एक्ट्रेस के गले में मंगलसूत्र और हाथों में हरी चूड़ियां देख फैंस हुए शॉक्ड

बॉलीवुड की 'क्वीन' यानी कंगना रनौट एक बार फिर इंटरनेट पर टॉक ऑफ द टाउन बन गई हैं। फिल्मों से लेकर राजनीति के गलियारों तक अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली कंगना का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में कंगना के बदले हुए हुलिए ने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में कंगना का लुक देखने के बाद हर कोई पूछ रहा है कि क्या उन्होंने गुपचुप शादी रचा ली है? वायरल वीडियो में कंगना रनौट को भारी सुरक्षा के बीच एक घर से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) कंगना सीधे अपनी कार की तरफ बढ़ती नजर आ रही हैं। लाइट पिंक कलर के सिंपल सलवार-सूट और माथे पर लाल बिंदी के साथ कंगना बेहद खूबसूरत लग रही हैं। वीडियो में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा कंगना के पारंपरिक एक्सेसरीज ने। कंगना के गले में एक मंगलसूत्र और हाथों में सुहागिनों की तरह हरी चूड़ियां साफ दिखाई दे रही थीं। ALSO READ: जैस्मीन सैंडलस के देहरादून कॉन्सर्ट में हुआ हादसा, बैरिकेडिंग टूटने से मची अफरा-तफरी इसके बाद सोशल मीडिया पर कमेंट की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने हैरानी जताते हुए लिखा, 'मंगलसूत्र?? क्या उन्होंने सच में शादी कर ली?' वहीं एक अन्य यूजर ने बधाई देते हुए लिखा, 'जो कोई भी भाग्यशाली लड़का है, उसके लिए अच्छा है। कंगना को शादीशुदा जिंदगी की शुभकामनाएं।' हालांकि, कुछ फैंस ने कंगना के इस लुक को उनकी किसी फिल्म का हिस्सा बताया। एक यूजर ने कमेंट किया, 'शूटिंग चालू होगी भाई, यह फिल्म का लुक है।' कंगना रनौत ने चुपके से शादी कर ली क्या? गले में मंगलसूत्र जैसा कुछ पहना हुआ दिख रहा है। दूल्हा कौन है? pic.twitter.com/wz0NYdZFIZ — Rahul Kumar (@MukAn_X) May 21, 2026 क्या है वायरल वीडियो का असली सच? खबरों के मुताबिक, कंगना रनौत ने कोई सीक्रेट मैरिज नहीं की है। उनका यह पारंपरिक लुक असल में उनकी आने वाली बड़ी फिल्म की शूटिंग का हिस्सा है। कंगना इन दिनों मुंबई में अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'क्वीन 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं। साउथ मुंबई के ग्रांट रोड इलाके में फिल्म के लिए एक भव्य सेट बनाया गया है, जो मुख्य किरदार 'रानी' के घर को दर्शाता है। इसके अलावा, चर्चा है कि यह लुक उनकी एक और फ्रेंचाइजी फिल्म 'तनु वेड्स मनु 3' के टेस्ट लुक से भी जुड़ा हो सकता है। मंडी (हिमाचल प्रदेश) से सांसद निर्वाचित होने के बाद कंगना रनौट राजनीति और अभिनय दोनों को बेहद शानदार तरीके से संतुलित कर रही हैं। वे एक तरफ दिल्ली में संसद सत्र में शामिल होती हैं, तो वहीं रात में मुंबई लौटकर फिल्मों की शूटिंग पूरी करती हैं।

वेब दुनिया 22 May 2026 10:57 am

राजस्थान पीसीसी अध्यक्ष और सिरोही जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी के दावों की निकाली हवा! 

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जातिगत जनगणना को लेकर राहुल गांधी के जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी का स्लोगन है।राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सिरोही के जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी में राहुल गांधी के इस स्लोगन की हवा निकाल दी है। हाल में घोषित हुई जिला कांग्रेस की 31 सदस्यों […] The post राजस्थान पीसीसी अध्यक्ष और सिरोही जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी के दावों की निकाली हवा! appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 22 May 2026 10:10 am

भोजशाला पर फैसले के बाद पहला शुक्रवार: हिंदू पक्ष करेगा महाआरती, धार में पुलिस का फ्लैग मार्च

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से मिले निर्बाध पूजा के अधिकार के बाद आज भोजशाला में पहला शुक्रवार है। हिंदू पक्ष मंदिर में वाग्देवी की पूजा और महाआरती करेगा। वहीं मुस्लिम पक्ष ने घर में ही काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने का फैसला किया है। पुलिस ने शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। महाआरती और पूजा को लेकर पूरे अंचल में उत्सव का माहौल है। घर घर में लोगों को महाआरती में शामिल होने का न्योता दिया गया है। श्रद्धालु मंदिर में सुर्यास्त तक पूजा अर्चना कर सकेंगे। धार में पुलिस ने किया फ्लैग मार्च धार में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च भी किया। प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश का अक्षरश: पालन कराया जाएगा। ड्रोन और सीसीटीवी की मदद से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष भोजशाला पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका हस्तक्षेपकर्ता काजी मोइनुद्दीन की ओर से दायर की गई है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की तरफ लगी हुई हैं, जहां इस मामले में सुनवाई की संभावना है। ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भोजशाला विवाद, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती इंदौर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक दस्तावेजों को मुख्य आधार मानते हुए इस परिसर को वाग्देवी का मंदिर माना था। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के स्तंभों पर हिन्दू प्रतीक और संस्कृत अभिलेख पाए गए थे। इसके बाद हाईकोर्ट ने परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। edited by : Nrapendra Gupta

वेब दुनिया 22 May 2026 9:25 am

भाजपा जिलाध्यक्ष के गृह नगर में ही संयम लोढ़ा ने भाजपा को घेरा, लगाए अतिक्रमण के आरोप

सबगुरु न्यूज – शिवगंज। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा गुरुवार को अपने और भाजपा जिलाध्यक्ष के गृह नगर शिवगंज की नगर पालिका में कांग्रेस की निवर्तमान पार्षदों के साथ पहुंचे।उन्होंने सरकारी जमीनों पर भाजपाईयों द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं करने, अवैध दुकानों के निर्माण, अनके कॉलोनी में ओपन लैंड […] The post भाजपा जिलाध्यक्ष के गृह नगर में ही संयम लोढ़ा ने भाजपा को घेरा, लगाए अतिक्रमण के आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 22 May 2026 8:48 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 मई, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 22 May 2026: करियर: आज आपके कार्यस्थल पर सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। लव: पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। धन: माता के पक्ष से आर्थिक सहयोग मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: महालक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज आप मानसिक रूप से काफी सक्रिय रहेंगे। लव: पार्टनर के साथ संवाद में स्पष्टता रखें, रिश्ते मजबूत होंगे। धन: आपकी मेहनत का फल आर्थिक रूप से प्राप्त होगा। स्वास्थ्य: कंधों और हाथों में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: आज हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं? 3. मिथुन (Gemini) करियर: यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो आपकी वाणी कार्यस्थल पर आकर्षण का केंद्र बनेगी। लव: पार्टनर के साथ शॉपिंग का प्लान बन सकता है। धन: आभूषण या कीमती धातु खरीदने के लिए शुभ दिन है। स्वास्थ्य: मुख रोग या दांतों में समस्या हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: छोटी व्यापारिक यात्राएं भविष्य में बड़ा लाभ दिलाएंगी। लव: पार्टनर के प्रति आपका समर्पण रोमांस में जोश भर देगा। धन: अचानक लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचने के लिए ध्यान लगाएं। उपाय: शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ किसी बात पर अनबन हो सकती है। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य: नींद की कमी महसूस हो सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: बड़े अधिकारियों के सहयोग से आय के नए स्रोत खुलेंगे। लव: प्रेम संबंधों में कोई बड़ा सकारात्मक मोड़ आ सकता है। धन: आर्थिक पक्ष काफी मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: गाय को हरी घास या पालक खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और नई जिम्मेदारी मिलेगी। लव: दांपत्य जीवन में मान-सम्मान बढ़ेगा। धन: व्यापार में निवेश के लिए दिन बहुत शुभ है। स्वास्थ्य: घुटनों में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी से जुड़े लोगों के लिए दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। धन: धन लाभ के साथ-साथ यश की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य: पिता की सेहत का ध्यान रखें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नौकरी में अचानक आने वाली रुकावटों से परेशान न हों। लव: ससुराल पक्ष से कोई विवाद हो सकता है। धन: बीमा या वसीयत से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: आज चोट लगने या इन्फेक्शन होने का खतरा है। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर नए अनुबंध साइन करने के लिए दिन उत्तम है। लव: प्रेम विवाह के योग प्रबल हैं। धन: कारोबारियों के दैनिक आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: शरीर संबंधी स्वच्छता का ध्यान रखें। उपाय: शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: छात्रों को विदेश से शुभ समाचार मिल सकता है। लव: पार्टनर के साथ संबंधों में छोटी-मोटी नोक-झोंक हो सकती है। धन: कानूनी मामलों में धन व्यय हो सकता है। स्वास्थ्य: मामा पक्ष से कोई चिंता मिल सकती है। उपाय: पशु-पक्षियों के लिये जल दान की व्यवस्था करें। 12. मीन (Pisces) करियर: रचनात्मक कार्यों में छात्रों की बुद्धि प्रखर रहेगी। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन बहुत रोमांटिक है। धन: शेयर बाजार या सट्टा निवेश से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: संतान की ओर से खुशी मिलेगी। उपाय: पीले चने का दान करें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास?

वेब दुनिया 22 May 2026 7:04 am

तेल बेचकर एक रुपया खर्च नहीं करता नॉर्वे:दुनिया का सबसे बड़ा फंड, 7 हजार कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदी; क्या इसीलिए गए पीएम मोदी

नॉर्वे की आबादी सिर्फ 56 लाख है। दिल्ली की एक चौथाई भी नहीं। लेकिन इस छोटे से देश के पास ऐसा सरकारी फंड है, जो भारत की पूरी GDP का आधा है। 2.1 ट्रिलियन डॉलर। अगर बांटा जाए, तो नॉर्वे के हर नागरिक को करीब ₹3.5 करोड़ मिलेंगे। लेकिन अपने देश पर खर्च करने की बजाए नॉर्वे ने इस फंड से दुनिया के 68 देशों की 7200 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद रखी है। 18 मई को नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी ने भारत की क्लीन एनर्जी में इसी फंड से निवेश का न्योता दिया। आखिर नॉर्वे ने इतना बड़ा फंड कैसे बनाया, ये चलता कैसे है, भारत में कितना निवेश किया और नॉर्वे अपने नागरिकों को यह पैसा बांट क्यों नहीं देता; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… नॉर्वे आमदनी के लिहाज से छठा और खुशहाली के मामले में 7वां सबसे सम्पन्न देश है। यहां की आबादी 56 लाख है। हर शख्स औसतन एक लाख डॉलर, यानी 96 लाख रुपए सालाना कमाता है। लेकिन 60 साल पहले तक ऐसा नहीं था। उत्तरी यूरोप में बसे नॉर्वे की जियोग्राफी काफी दुर्गम रही है- चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़, गहरे समुद्री रास्ते। 1960 के दशक तक ज्यादातर आबादी कमाई के लिए मछली पकड़ती, लकड़ी काटती या जहाजों पर काम करती। तब न कोई बड़ा उद्योग था और न कोई कार या टेक कंपनी। नौकरी के लिए युवा दूसरे देश चले जाते। नॉर्वे के अर्थशास्त्रियों को लग रहा था कि उनके पास संसाधन ही नहीं हैं। किसी चमत्कार के दम पर ही विकासशील देश बना जा सकता है। तभी एक चमत्कार हो गया। 1959 में नॉर्वे के पड़ोसी देश नीदरलैंड्स को तटीय इलाके 'ग्रोनिंगन' में नेचुरल गैस का एक बहुत बड़ा भंडार मिला। पूरे यूरोप में तेल और गैस की खोज की होड़ मच गई। नॉर्वे के भूवैज्ञानिकों ने भी समुद्र में खोज शुरू करने का मन बनाया। इस बीच 1962 में अमेरिकी कंपनी फिलिप्स पेट्रोलियम ने नॉर्वे सरकार को एक ऑफर दिया- ‘हमें उत्तरी समुद्र में तेल खोजने का इजाजत दीजिए। बदले में हर महीने 1.6 लाख डॉलर देंगे।’ 1965 में नॉर्वे सरकार ने फिलिप्स पेट्रोलियम, शेल और एस्सो जैसी बड़ी तेल कंपनियों को 22 लाइसेंस जारी किए। इन कंपनियों को समुद्र में ड्रिल करने, तेल-गैस खोजने और निकालने का अधिकार था। 1966 की गर्मियों में पहला तेल कुआं खोदा गया, लेकिन वह सूखा निकला। अगले साल बाल्डर के इलाके में तेल मिला, लेकिन सरकार और कंपनियों को लगा यहां से तेल काफी चुनौती भरा और खर्चीला है। कुल 36 कुएं खोदे गए, लेकिन किसी में भी तेल नहीं मिला। कंपनियों ने अपना डेरा समेटने का फैसला किया। लेकिन फिलिप्स पेट्रोलियम को अभी एक और कुंआ खोदना बाकी था। 23 दिसंबर 1969, यानी क्रिसमस से 2 दिन पहले। फिलिप्स पेट्रोलियम के आखिरी कुएं से अचानक काला, गाढ़ा और चिपचिपा तरल फूट पड़ा। इंजीनियर समझ गए थे कि उन्हें कामयाबी हाथ लग गई। जिस इलाके में तेल निकला, उसे ‘एकोफिस्क फील्ड’ नाम दिया गया। नॉर्वे के तट से करीब 300 किमी दूर ये फील्ड दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडारों में से एक बना। 1971 से नॉर्वे ने तेल कारोबार शुरू किया। विदेशी कंपनियों ने डेरा डाला। इन्हें खुदाई करने के लिए सरकार से कड़ी शर्तों पर लाइसेंस लेना पड़ता था। सरकार तय करती कि कितना और कब तक तेल निकालेंगे, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। फिर 1972 में नॉर्वे की संसद ने राष्ट्रीय तेल कंपनी बनाई, जिसका नाम रखा- स्टेटऑयल (अब इक्विनोर)। नियम बना कि उत्तरी सागर के किसी भी तेल प्रोजेक्ट में कम से कम 50% की हिस्सेदारी इस सरकारी कंपनी की होगी। नॉर्वे की किस्मत बदल चुकी थी, लेकिन तभी 2 बड़े झटके लगे… पहला झटका: 78% टैक्स लगाकर खजाना भरा, लेकिन महंगाई बढ़ गई दूसरा झटका: तेल की कीमतें गिरीं, तो बैंक बर्बाद हो गए अचानक मिला बहुत सारा पैसा किसी देश के लिए वरदान नहीं, बल्कि अभिशाप बन जाता है। अर्थशास्त्र में इसे 'रिसोर्स कर्स' कहा जाता है। इसी रिसोर्स कर्स को बेअसर करने के लिए नॉर्वे ने कई कदम उठाए। सरकार ने देश के 4 सबसे बड़े बैंकों में से 3 का राष्ट्रीयकरण किया। टैक्स ढांचा बदला। कई सब्सिडी, मुफ्त की सुविधाएं वगैरह बंद कीं। अपना बजट ठीक किया। मई 1990 में नॉर्वे की संसद में एक बिल पास हुआ- गवर्नमेंट पेट्रोलियम फंड एक्ट। इस कानून के मुताबिक, ‘तेल से होने वाली अतिरिक्त कमाई एक अलग फंड में जाएगी, जिसे सरकार खर्च नहीं कर सकती।’ यहीं से जन्म हुआ दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड का, जिसे आज 'गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल' कहा जाता है। हर्मोड स्कैनलैंड, जॉन एम. हार्टविक जैसे अर्थशास्त्रियों की सोच इस कानून का आधार बनी- ‘जो तेल हमें समुद्र के नीचे मिला है, यह हमारी जागीर नहीं है। यह हमारे पूर्वजों की मेहनत और आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। तेल आज है, कल खत्म हो जाएगा। इसलिए हमें इस 'काले सोने' (तेल) को 'अमर धन' (फंड) में बदल देना चाहिए। ताकि जब तेल खत्म हो, तब भी हमारी नई पीढ़ियां इसी अमीरी और सुरक्षा के साथ जी सकें।’ 1996 में 400 मिलियन डॉलर फंड में जमा हुए। आज इसमें 2.1 ट्रिलियन डॉलर जमा हैं। इसे संभालने की जिम्मेदारी नॉर्वे की फाइनेंस मिनिस्ट्री के पास है, जो नॉर्वे की संसद के प्रति जवाबदेह है। 1 जनवरी 1998 से इस फंड के ऑपरेशनल काम ‘नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट’ संभाल रहा है, जो नॉर्वे के सेंट्रल बैंक ‘नॉर्जेस बैंक’ का एक डिपार्टमेंट है। इसके दफ्तर ओस्लो, न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर जैसे बड़े कारोबारी शहरों में हैं। करीब 700 प्रोफेशनल्स, इकोनॉमिस्ट्स, इंजीनियर्स, फाइनेंस एक्सपर्ट्स वगैरह इस फंड को मैनेज करते हैं। 1. पैसे को देश से बाहर रखो 2. वैल्यू का सिर्फ 3% खर्च करो 3. गड़बड़ जगहों में पैसा मत फंसाओ नॉर्वे के फंड का पैसा निवेश करने के बेहद कड़े नैतिक नियम हैं। सिर्फ मुनाफे के लिए ऐसी कंपनियों में पैसा नहीं लगाया जाता, जो… इन्हीं नियमों का हवाला देते हुए फंड ने भारत के अडाणी समूह की कुछ कंपनियों में पैसा लगाने पर रोक लगाई है… जानकारों को उम्मीद है कि पीएम मोदी के न्योते के बाद नॉर्वे की सरकार भारत की ग्रीन एनर्जी कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाएगी। ------------ ये भी खबर पढ़िए…5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले थे। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आएं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 22 May 2026 5:15 am

11 को आकृति गिरफ्तार, 13 अप्रैल को हिंसा कैसे भड़काई:नोएडा प्रोटेस्ट केस; वकील बोले- पुलिस खाली हाथ, 1 करोड़ ट्रांजेक्शन के सबूत नहीं दिए

13 अप्रैल, 2026 को यूपी के नोएडा में मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन हुआ। इस केस में लखनऊ के जर्नलिस्ट सत्यम वर्मा और नोएडा से एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर NSA लगाया गया है। इन पर सोशल मीडिया पर मजदूरों को भड़काने और विदेशी फंडिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, यूपी पुलिस ने इस पूरे मामले में जो कहानी बताई है, उसमें कई कमियां भी नजर आ रही हैं। पुलिस की इस थ्योरी में हमें 4 बातें खटक रहीं: 1. आकृति को 11 अप्रैल को ही मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया, तो उसने 13 अप्रैल को हिंसा कैसे भड़का दी? 2. सत्यम वर्मा को पुलिस लखनऊ से 17 अप्रैल को ले गई, लेकिन गिरफ्तारी 19 अप्रैल को दिखाई गई। सत्यम नोएडा में नहीं थे। पुलिस के संपर्क में थे और उनके कहने पर आर्टिकल भी हटा लिया था। 3. पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर दावा किया है कि सत्यम को विदेशों से 1 करोड़ रुपए की फंडिंग मिली है, इससे जुड़े सबूत पुलिस ने कोर्ट में पेश क्यों नहीं किए। 4. FIR में देरी क्यों हुई, एक ही केस में कई FIR क्यों दर्ज की गईं। अब पढ़ें ये गिरफ्तारियां कैसे हुईं और सवाल क्यों उठे…सीन-1तारीख- 10 अप्रैलजगह- जनचेतना पब्लिकेशन हाउस, लखनऊ 65 साल के सत्यम वर्मा दफ्तर में काम कर रहे थे। तभी हसनगंज पुलिस वहां पहुंची और उनसे एक आर्टिकल डिलीट करने को कहा। सत्यम जर्नलिस्ट और एक्टिविस्ट हैं। मजदूरों के अधिकारों के लिए काम करते हैं। उनका ये आर्टिकल मजदूर बिगुल अखबार में छपा था। नोएडा में 9 अप्रैल से मजदूरों का प्रदर्शन चल रहा था। पुलिस को डर था कि इस आर्टिकल से हालात बिगड़ सकते हैं। सत्यम ने पुलिस की बात मान ली और आर्टिकल हटा दिया। करीब 7 दिन बाद हसनगंज पुलिस दोबारा पब्लिकेशन हाउस पहुंची। सत्यम वर्मा और उनकी सहयोगी कात्यायनी सिन्हा को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। फिर 19 मई को दोनों को अरेस्ट कर लिया। 1 करोड़ के ट्रांजेक्शन के सबूत कोर्ट में क्यों नहीं दिए सत्यम वर्मा के वकील अली जिया कबीर चौधरी का दावा है कि उन्हें अभी तक सिर्फ पुलिस की मीडिया सेल से पता चला है कि NSA लगाया गया है। वे कहते हैं, ‘हमें इससे जुड़े कोई डॉक्यूमेंट नहीं मिले हैं। जबकि कानूनी तौर पर पुलिस को कोर्ट में कागजात पेश कर डिफेंस के वकील को बताना होता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।’ विदेशी फंडिंग के आरोप पर कबीर कहते हैं, ‘सत्यम के परिवार ने विदेशी अकाउंट्स से 1 करोड़ रिसीव होने की बात खारिज की है। वो ट्रांसलेटर के तौर पर काम करते हैं, इसलिए मुमकिन है कि विदेशी पब्लिकेशन से पेमेंट आया हो।‘ परिवार ने बताया है कि वो सिर्फ 30 हजार रुपए तक के ट्रांजेक्शन के बारे में जानते हैं। पुलिस ने एक करोड़ रुपए विदेशी फंडिंग को लेकर भी अब तक कोई सबूत कोर्ट में पेश नहीं किया है। वे आगे कहते हैं, ‘पुलिस ने कोर्ट में जो चैट सबूत के तौर पर पेश की है, वो बिगुल ग्रुप की है। इसमें उसी पब्लिकेशन में काम करने वाले कुछ दूसरे जर्नलिस्ट शामिल हैं। इसमें वर्मा अपने सहयोगियों से नोएडा मजदूर प्रोटेस्ट पर बात कर रहे थे। क्या इस बारे में पत्रकार एक-दूसरे से बात नहीं कर सकते, क्या बात करने का मतलब हिंसा भड़काना है।’ 12 मई को यूपी पुलिस ने सत्यम वर्मा और आकृति के खिलाफ NSA लगाया है। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जिन पर NSA लगाया गया है, वो दोनों ना ही मजदूर हैं, ना ही नोएडा में रहते हैं। ये बाहरी हैं, जिन्होंने हिंसा भड़काने की कोशिश की।’ इसके बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 15 मई को बयान जारी कर कहा कि सत्यम के बैंक खाते में 1 करोड़ जमा किए गए। ये रकम डॉलर, पाउंड और यूरो जैसी करेंसी में अन्य देशों से जमा की गईं। दोस्त ने बताया- बिना सर्च वारंट आई थी पुलिस सत्यम वर्मा के साथ काम करने वाली उनकी दोस्त पुलिस पर गलत तरह से कार्रवाई करने का आरोप लगाती हैं। नाम ना लिखने की शर्त पर उन्होंने बताया, ‘पुलिस के पास सिर्फ दफ्तर की एक फ्लोर का सर्च वॉरंट था, लेकिन उन्होंने पूरे दफ्तर की तलाशी ली। उन्होंने सत्यम को गिरफ्तार करने के साथ सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी सीज कर लिए। पुलिस ने ना कोई वॉरंट दिखाया, ना डिवाइस के लिए सीजर मेमो दिखाया।’ आकृति की गिरफ्तारी पर क्यों सवाल… सीन-2तारीख- 11 अप्रैलजगह- बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, नोएडा 11 अप्रैल को भी एक गिरफ्तारी हुई। ये गिरफ्तारी पुलिस ने नोएडा प्रोटेस्ट के हिंसक होने से दो दिन पहले की थी। यहां से दिल्ली यूनिवर्सिटी में की पूर्व स्टूडेंट आकृति चौधरी को अरेस्ट किया गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि वे ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ संगठन से जुड़ी हैं। नोएडा पुलिस कथित तौर पर सादी वर्दी में मेट्रो स्टेशन पहुंची। आकृति उस वक्त एक फैक्ट्री मजदूर मनीषा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अदित आनंद के साथ थीं। आकृति की दोस्त प्रियंवदा कहती हैं, ‘पूरे प्रदर्शन के दौरान आकृति मजदूरों से शांतिपूर्ण और अहिंसक प्रदर्शन करने की अपील करती रहीं। इसका वीडियो भी है। उस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है। आकृति ना सिर्फ पढ़ाई में अच्छी थी, वो देश-दुनिया में चल रहे मुद्दों पर मुखरता से बोलती रही हैं। वो भगत सिंह को आदर्श मानती हैं।’ वहीं उसके साथी चिरांशु ने बताया, ‘हम सब आकृति को 12 अप्रैल से लगातार कॉल करते रहे, लेकिन फोन स्विच ऑफ बताता रहा। फिर पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।’ हिंसा से दो दिन पहले अरेस्ट, फिर कैसे भड़काया वकील कबीर भी कहते हैं कि अगर पुलिस ने आकृति को 11 अप्रैल को ही गिरफ्तार कर लिया था, तो वो 13 अप्रैल को हिंसा कैसे भड़का सकती है। उनका कहना है कि वो जैसे बेल एप्लीकेशन डालते हैं, वैसे पुलिस केस में कुछ नए सेक्शन जोड़ देती है, जिससे केस की सुनवाई में देरी हो रही है। पुलिस ने NSA भी इसलिए लगाया है, ताकि दोनों को जमानत ना मिल सके। उन्हें ज्यादा से ज्यादा दिन जेल में रखा जा सके। डिफेंस वकील कबीर के आरोपों पर बात करने और केस की जांच की डीटेल के लिए हमने नोएडा के एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर राजीव नारायण मिश्रा से संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। उन्होंने कॉल और वॉट्सएप पर हमारे मैजेस का भी जवाब नहीं दिया। जवाब मिलने पर स्टोरी में शामिल करेंगे। …………………… ये खबर भी पढ़िए… नोएडा में हिंसक प्रदर्शन, 350 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ नोएडा में 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों में पथराव, तोड़फोड़ की। कर्मचारियों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और करीब 50 से ज्यादा फूंक दीं। पुलिस की गाड़ियां भी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 22 May 2026 5:10 am

भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रेस नोट में अछूते रहे लोढ़ा, इस बार राहुल गांधी निशाना 

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा गुरवार को सीधे तौर पर भाजपा फिर हमलावर दिखे। उन्होंने भाजपा की जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के गृह क्षेत्र शिवगंज में नगर पालिका में जाकर भाजपा के नेताओं के द्वारा जमीनो पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। इसके बावजूद शाम को जो उनका प्रेस नोट आया उसमें वो […] The post भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रेस नोट में अछूते रहे लोढ़ा, इस बार राहुल गांधी निशाना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 22 May 2026 12:25 am

दो करोड़ की लागत से फूलों की खेती का हब बनेगा अयोध्या का पिरखौली क्षेत्र

Ayodhya flower farming hub: रामनगरी अयोध्या में फूलों की खेती को नई ऊंचाई देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने जा रही है। पिरखौली क्षेत्र में तीन हेक्टेयर भूमि पर दो करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश का पहला 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर' (फूल उत्कृष्टता केंद्र) स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र न सिर्फ फूल उत्पादकों के लिए तकनीकी सहायता का हब बनेगा, बल्कि श्री राम मंदिर को भी गुणवत्तापूर्ण फूलों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। उप निदेशक उद्यान अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह केंद्र फूलों की आधुनिक खेती को बढ़ावा देने का प्रमुख माध्यम बनेगा। यहां किसानों को फूलों की उन्नत प्रजातियों की जानकारी, वैज्ञानिक तरीके से खेती, कीट प्रबंधन, सिंचाई प्रणाली और विपणन की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। केंद्र में फूलों की कई दुर्लभ और लोकप्रिय प्रजातियां लगाई जाएंगी, जिनमें डच रोज़ और गेंदे की उच्च गुणवत्ता वाली वैरायटी शामिल होंगी। योगी सरकार कृषि और उद्यान क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए यह पहला बड़ा कदम है। जल्द ही इस केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसी तर्ज पर मथुरा और वाराणसी में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे प्रदेश में फूल उत्पादन का नया नेटवर्क तैयार होगा। फूलों की खेती के प्रति बढ़ेगी जागरूकता इस परियोजना से स्थानीय किसानों में फूलों की खेती के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। वर्तमान में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं, लेकिन इस केंद्र के माध्यम से वे फूलों की खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे। केंद्र न सिर्फ उत्पादन बढ़ाएगा बल्कि प्रसंस्करण, ड्राई फ्लावर और एक्सपोर्ट की संभावनाओं को भी खोलेगा। राम मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना के लिए बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होती है। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फूल उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर केंद्र के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा। फूल कटाई, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। योगी सरकार के विजन के अनुरूप यह परियोजना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। उद्यान विभाग इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र में आधुनिक ग्रीनहाउस, ड्रिप इरिगेशन, सोलर पावर और टिश्यू कल्चर लैब जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। किसान यहां आकर सीधे विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे और बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित होंगे। पिरखौली केन्द्र बनेगा जीवंत उदाहरण यह पहल न केवल अयोध्या बल्कि पूरे प्रदेश के कृषि परिदृश्य को बदलने वाली साबित होगी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार कृषि विविधीकरण, किसान कल्याण और धार्मिक पर्यटन को जोड़कर समग्र विकास का मॉडल प्रस्तुत कर रही है। पिरखौली फूल केंद्र इसी मॉडल का जीवंत उदाहरण बनेगा। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 21 May 2026 7:28 pm

योगी सरकार देगी आयुष छात्रों को स्मार्ट क्लास की सौगात, स्मार्ट होगी आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई

- सीएम योगी के निर्णय से प्रदेश के आयुष कॉलेजों में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम से बढ़ेगी शिक्षण गुणवत्ता - आईएफपी, ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल टूल्स से छात्रों को मिलेगा इंटरएक्टिव लर्निंग का अनुभव - एलएमएस आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन लेक्चर और पठन सामग्री होगी उपलब्ध Uttar Pradesh News : योगी सरकार आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने आयुष कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास की सौगात देने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लास रूम विकसित किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और इंटरैक्टिव शिक्षा का अनुभव मिल सकेगा। स्मार्ट क्लास रूम में आईएफपी, ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स का किया जाएगा यूज आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष चिकित्सा शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि विद्यार्थी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों का भी लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शिक्षा प्रणाली का आधुनिक होना बेहद जरूरी है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आयुष कॉलेज में स्मार्ट क्लास रूम संचालित की जाएंगी। ALSO READ: भीषण गर्मी पर CM योगी अलर्ट, अस्पताल, बिजली और राहत व्यवस्था पर सख्त निगरानी के निर्देश इनमें इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी), ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स का उपयोग किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल सहयोग आधारित शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही रियल टाइम इंटरएक्शन, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। 17 आयुष कॉलेजों में संचालित किये जाएंगे 51 स्मार्ट क्लासरूम आयुष महानिदेशक ने बताया कि स्मार्ट क्लास रूम को 17 आयुष कॉलेजों में स्थापित किया जाएगा। इनमें राज्य होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ शामिल हैं। इसके साथ ही आयुर्वेदिक संस्थानों में लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी के कॉलेजों को स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किये जाएंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्किल मिशन तेज, ITIOT लखनऊ में 10 नए ट्रेड शुरू, युवाओं को मिलेगी हाईटेक ट्रेनिंग इन सभी संस्थानों में कुल 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए कार्यदायी संस्था के रूप में यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को नामित किया गया है। इन स्मार्ट क्लासों के माध्यम से आयुष छात्रों को 21वीं सदी की आवश्यक डिजिटल स्किल्स से लैस किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में नवाचार, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता का विकास होगा। स्मार्ट क्लासरूम केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह आयुष शिक्षा को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ने का माध्यम भी बनेंगे। लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) की मदद से सभी आयुष संस्थानों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। एलएमएस के माध्यम से अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। ALSO READ: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब ड्रेस कोड अनिवार्य, छात्रों के लिए नए नियम लागू इसके अलावा एलएमएस के जरिए डिजिटल कंटेंट रिपॉजिटरी भी तैयार की जाएगी, जिससे विद्यार्थी कहीं भी और कभी भी अध्ययन सामग्री तक पहुंच सकेंगे। इससे शिक्षण संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विभिन्न संस्थानों के बीच ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी। Edited By : Chetan Gour

वेब दुनिया 21 May 2026 7:25 pm

आज का एक्सप्लेनर:कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 दिन में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा, इंस्टा पर डेढ़ करोड़ फॉलोअर्स; ये सिर्फ मजाक है या बदलाव की आहट

BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। CJP ने अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। हर घंटे करीब 5 लाख फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म चीफ जस्टिस सूर्यकांत के उस बयान के बाद खड़ा हुआ, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी, इसके पीछे किन लोगों का हाथ और क्या वाकई ये पार्टी कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कॉकरोच जनता पार्टी है क्या?जवाबः ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंगात्मक ऑनलाइन कैंपेन है… 21 मई की शाम तक यानी महज 5 दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टा फॉलोअर्स ने बीजेपी और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है। CJP के इंस्टाग्राम पर गुरुवार शाम 5 बजे तक 1.49 करोड़ फॉलोअर्स हो गए। जबकि कांग्रेस के करीब 1.33 करोड़, बीजेपी के 88 लाख और AAP के 19 लाख फॉलोअर्स हैं। CJP औपचारिक रूप से चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है। इसकी वेबसाइट पर व्यंग्य में लिखा गया है कि ये कॉकरोचिस्तान के नो इलेक्शन कमीशन पर कॉकरोच एक्ट के तहत एक नॉन-रजिस्टर्ड पार्टी है। 30 साल के अभिजीत दीपके ने खुद को इसका फाउंडर बताया है। सवाल-2: अभिजीत दीपके कौन हैं और क्या उनका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन है?जवाबः 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। अभिजीत AAP के IT सेल के चीफ अंकित लाल को रिपोर्ट करते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर अभिजीत X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। सवाल-3: आखिर इंटरनेट पर लोग कॉकरोच जनता पार्टी को पसंद क्यों कर रहे हैं?जवाबः 3 बड़ी वजहें हैं- 1. सोशल मीडिया पर यूथ से जुड़ी कंटेंट स्ट्रैटेजी 2. CJP के लॉन्च की परफेक्ट टाइमिंग 3. बेरोजगारी के चलते युवाओं में फ्रस्ट्रेशन अभिजीत कहते हैं, मैं ये नहीं कहूंगा कि ये सब मैंने हासिल किया है। यूथ के अंदर कई सालों से जो निराशा और गुस्सा पल रहा है, वही इतने बड़े रिएक्शन की वजह है। सरकार की नाकामियों की वजह से युवा बेरोजगार है। उन्हें एक मंच मिला, जहां पर वो अपनी निराशा और गुस्सा निकाल सकते हैं। सवाल-4: कॉकरोच जनता पार्टी का एजेंडा क्या है?जवाबः CJP का फिलहाल कोई सीरियस घोषित एजेंडा नहीं है। उसने अपने मैनिफेस्टो में 5 वादे किए हैं- सवाल-5: क्या इससे पहले भी ऑनलाइन कैंपेन से पार्टियां बनी हैं, उनका क्या हुआ?जवाबः भारत में अभी तक किसी ऑनलाइन कैंपेन या मूवमेंट से भारत में कोई राजनीतिक पार्टी उभर कर नहीं आई है। हालांकि दुनिया में इसके 3 बड़े उदाहरण हैं… 1. फाइव स्टार मूवमेंट, इटली 2. पोलिश बीयर लवर्स पार्टी, पोलैंड 3. बेस्ट पार्टी, आइसलैंड सवाल-6: क्या वाकई CJP असली पार्टी बनकर कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी?जवाबः CJP फिलहाल कोई ऑफिशियली रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी या ऑर्गेनाइजेशन नहीं है। औपचारिक चुनावी राजनीति के लिए CJP को चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अभिजीत के बयानों से ऐसा लगता है कि फिलहाल उनका इरादा औपचारिक राजनीतिक दल बनाने का नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों को लेकर सरकार के खिलाफ एक्टिविज्म जारी रखने का है। अभिजीत के ये बयान पढ़िए- इधर 21 मई की दोपहर करीब 12 बजे CJP के X अकाउंट पर रोक लगाई गई है। अभिजीत ने कहा है कि जैसी आशंका थी, वैसा ही हुआ। X स्थानीय कानून, कोर्ट के आदेश या कानूनी शिकायत के आधार पर Withhold करने यानी रोक लगाने की कार्रवाई करता है। **** रिसर्च सहयोग- उत्कर्ष राज **** ये खबर भी पढ़ें… CJI सूर्यकांत ने कॅाकरोच वाले बयान पर सफाई दी:कहा- इसे गलत तरीके से पेश किया गया, मैंने फर्जी डिग्रीधारियों की आलोचना की थी चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 21 May 2026 6:55 pm

Maruti : महंगी होंगी मारुति की कारें, 30 हजार रुपए तक बढ़ सकती है कीमत, 1 जून से बढ़ेंगे दाम

अब कारों पर महंगाई का झटका लगने वाला है। मारुति अपनी कारों की कीमतों में इजाफा कर सकती है। खबरों के मुताबिक मारुति की कारों की कीमतें 30 हजार रुपए तक बढ़ सकती है। कंपनी जून से कारों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने गुरुवार को घोषणा की कि जून 2026 से उसके सभी वाहन मॉडल महंगे हो जाएंगे। कंपनी ने कहा है कि बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई के दबाव के चलते कारों की कीमतों में 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी ने बताया कि पिछले कई महीनों से लागत कम करने और ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ कम डालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा, “पिछले कुछ महीनों से कंपनी लागत में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार कॉस्ट कटिंग उपाय अपना रही थी। हालांकि, अब महंगाई का दबाव काफी बढ़ गया है और लागत का प्रतिकूल माहौल लगातार बना हुआ है। ऐसे में बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार पर डालना जरूरी हो गया है, जबकि ग्राहकों पर इसका असर न्यूनतम रखने की कोशिश जारी रहेगी।” साल 2026 में यह मारुति सुजुकी की कीमतों में की गई ताजा बढ़ोतरी है। इससे पहले फरवरी में कंपनी ने संकेत दिए थे कि कच्चे माल, कीमती धातुओं और अन्य कमोडिटी की बढ़ती कीमतों के कारण एक और प्राइस हाइक पर विचार किया जा रहा है। इससे पहले सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद कंपनी ने एंट्री-लेवल छोटी कारों की कीमतें घटाई थीं और प्रस्तावित कीमत बढ़ोतरी को 15-20 दिनों के लिए टाल दिया था। Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 21 May 2026 6:51 pm

नेटफ्लिक्स पर छाई 'कर्तव्य', सैफ अली खान की फिल्म बनी ग्लोबल सेंसेशन

रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की फिल्म 'कर्तव्य', जो हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है, धीरे-धीरे इस साल के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले क्राइम ड्रामा के रूप में उभर रही है। सैफ अली खान के लीड रोल वाली यह फिल्म अपनी रिलीज के बाद से ही गहरा असर छोड़ रही है और न सिर्फ भारत में बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी दर्शकों के बीच लगातार सुर्खियां बटोर रही है। अपनी सस्पेंस से भरी कहानी, बेहतरीन एक्टिंग और इंटेंस क्राइम बैकड्रॉप की वजह से यह फिल्म दुनिया भर के दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब रही है। ​इस फिल्म ने अब नेटफ्लिक्स पर एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए जबरदस्त तहलका मचा दिया है। 'कर्तव्य' इस समय भारत में नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है और दुनिया के 16 देशों में 'ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश फिल्म' कैटेगरी में दूसरे नंबर पर अपनी जगह पक्की कर चुकी है। यह कामयाबी फिल्म की बढ़ती पॉपुलैरिटी को साफ दिखाती है और यह भी जाहिर करती है कि अलग-अलग देशों और मार्केट्स के दर्शक इसे कितना पसंद कर रहे हैं। ALSO READ: शाहरुख खान की 'किंग' के सेट पर भारी सुरक्षा, AI फैन एडिट के वायरल होने से मेकर्स की बढ़ी टेंशन दर्शकों और समीक्षकों दोनों से मिल रही तारीफों ने इसके प्रभाव को और मजबूत कर दिया है, जहां कई लोग इसे सैफ अली खान के अब तक के करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक बता रहे हैं। ​फिल्म में सैफ अली खान एक ईमानदार छोटे शहर के पुलिस वाले के किरदार में हैं, जो मर्डर, करप्शन, बाल शोषण और समाज में गहराई तक फैली जातिगत रूढ़ियों के एक अंधेरे और उलझे हुए जाल में फंस जाता है। उनके साथ रसिका दुग्गल, मनीष चौधरी और संजय मिश्रा ने भी शानदार परफॉर्मेंस दी है, जो दर्शकों पर एक गहरी छाप छोड़ती है। ​रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के बैनर तले गौरी खान द्वारा प्रोड्यूस और पुलकित द्वारा डायरेक्ट व लिखी गई फिल्म 'कर्तव्य' इस समय नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

वेब दुनिया 21 May 2026 5:32 pm

Purushottam Maas: अधिकमास में ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, मिलेगा अक्षय पुण्य

पुरुषोत्तम मास चल रहा है जिसे अधिकमास भी कहते हैं। इस माह में श्रीहरि विष्णुजी के पुरुषोत्तम स्वरूप की पूजा विधिवत, खासकर षोडशोपचार पूजन करना बहुत ही पुण्यदायक माना जाता है। चलिए जानते हैं कि षोडशोपचार पूजा कैसे करते हैं और क्या है इस पूजा की सामग्री। ALSO READ: अधिकमास: पुरुषोत्तम मास की आरती 1.पूजा के मुख्‍यत: 5 प्रकार है- अभिगमन, उपादान, योग, स्वाध्याय और इज्या। इसमें उपादान पूजा के 3 प्रकार होते है। पंचोपचार, दशोपचार और सोलह उपचार। सलोहर उपचार को ही षोडशोपचार कहते हैं। 1. पांच उपचार : गंध, पुष्प, धूप, दीप और नेवैद्य। 2. दस उपचार : पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र निवेदन, गंध, पुष्प, धूप, दीप और नेवैद्य। 3. सोलह उपचार : पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नेवैद्य, आचमन, ताम्बुल, स्तवपाठ, तर्पण और नमस्कार। पूजन के अंत में सांगता सिद्धि के लिए दक्षिणा भी चढ़ाना चाहिए। षोडशोपचार यानी विधिवत 16 क्रियाओं से पूजा संपन्न करना। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा 2.षोडशोपचार पूजन क्या है: सोलह प्रकार की चीजों को मिलाकर तरीकों से पूजाकर करना षोडशोपचार पूजन है। इसमें- 1.ध्यान-प्रार्थना, 2.आसन, 3.पाद्य, 4.अर्ध्य, 5.आचमन, 6.स्नान, 7.वस्त्र, 8.यज्ञोपवीत, 9.गंधाक्षत, 10.पुष्प, 11.धूप, 12.दीप, 13.नैवेद्य, 14.ताम्बूल, दक्षिणा, जल आरती, 15.मंत्र पुष्पांजलि, 16.प्रदक्षिणा-नमस्कार एवं स्तुति। 3. विष्णु पूजा की मुख्य सामग्री: मुख्य देव और वेदी के लिए:- भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर: (यदि मां लक्ष्मी के साथ संयुक्त तस्वीर हो तो अति उत्तम)। चौकी या पटरा: जिस पर भगवान को विराजमान किया जा सके। पीला कपड़ा: चौकी पर बिछाने के लिए (विष्णु जी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है)। अभिषेक और स्नान सामग्री:- तांबे या पीतल का पात्र: (मूर्ति स्नान के लिए)। गंगाजल और शुद्ध जल पंचामृत: (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण)। ALSO READ: अधिकमास 2026: इन 33 देवताओं की पूजा से मिलता है शुभ फल, पूरे साल बनी रहती है सुख-समृद्धि पूजन और श्रृंगार सामग्री:- पीला चंदन या गोपी चंदन अक्षत: (ध्यान रहे, विष्णु जी की पूजा में अक्षत यानी चावल साबुत होने चाहिए, टूटे हुए नहीं। कई लोग विष्णु पूजा में अक्षत की जगह तिल का प्रयोग करते हैं, जो ज्यादा शुभ माना जाता है)। रोली या कुमकुम हल्दी या अष्टगंध जनेऊ: (भगवान को अर्पित करने के लिए सूती सूत)। मौली (कलावा): रक्षासूत्र के रूप में। पीले फूल और माला: (गेंदे या पीले गुलाब के फूल)। धूप, दीप और सुगंध:- गाय का शुद्ध घी दीपक: (मिट्टी, पीतल या तांबे का)। रुई की बत्ती धूपबत्ती और अगरबत्ती कपूर: (आरती के लिए)। माचिस नैवेद्य (भोग) और प्रसाद:- तुलसी पत्र (तुलसी के पत्ते): (इसके बिना पूजा अधूरी है। ध्यान रखें, एकादशी, रविवार या सूर्यास्त के बाद तुलसी न तोड़ें, इसे पहले से तोड़कर रख लें)। पीली मिठाइयां: (बेसन के लड्डू, पेड़े, या केसरिया हलवा/खीर)। ऋतु फल: (विशेषकर केला, क्योंकि केले के वृक्ष में विष्णु जी का वास माना जाता है)। पंचमेवा: (काजू, बादाम, किशमिश, मखाना, छुआरा)। नारियल: (पानी वाला जटा युक्त नारियल)। पान के पत्ते और सुपारी लौंग और छोटी इलायची 4. षोडशोपचार पूजा संक्षिप्त विधि: ध्यान, आवाह्‍न, आचमन, पाद्य, नैवेद्य, पुष्पांजलि आदि सभी के मंत्र याद होना चाहिए या इसकी एक पुस्तक ले आएं फिर पूजा प्रारंभ करें। प्रात:काल स्नान-ध्यान से निवृत हो माता का स्मरण करते हुए व्रत एवं पूजा का संपल्प लें। घर पर पूजा कर रहे हैं तो एक पाट पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर घट एवं कलश की स्थापना करें। इसके बाद एक बड़ी सी थाली में शालिग्राम या विष्णुमूर्ति को स्थापित करके उस थाल को पाट पर स्थापित करें। अब धूप दीप को प्रज्वलित करें। इसके बाद कलश की पूजा करें। कलश पूजा के बाद शालिग्राम या विष्णुमूर्ति को जल से स्नान कराएं। फिर पंचामृत से स्नान कराएं। पंचामृत के बाद पुन: जलाभिषेक करें। फिर शालिग्राम या विष्णुमूर्ति के मस्तक पर चंदन या हल्दी कंकू लगाएं और फिर उन्हें हार और फूल चढ़ाकर माला पहनाएं। पूजन में अनामिका अंगुली (छोटी उंगली के पास वाली यानी रिंग फिंगर) से इत्र, गंध, चंदन आदि लगाना चाहिए। इसके बाद 16 प्रकार की संपूर्ण सामग्री एक एक करके अर्पित करें। सभी को अर्पित करते हुए मंत्र बोलते जाएं। पूजा करने के बाद प्रसाद या नैवेद्य (भोग) चढ़ाएं और प्रसाद अर्पित करें। ध्यान रखें कि नमक, मिर्च और तेल का प्रयोग नैवेद्य में नहीं किया जाता है। नैवेद्य अर्पित करने के बाद अंत में शिवजी की आरती करें। आरती के बाद सभी को प्रसाद वितरित करें। 5.पूजा के नियम:- माता के पूजन में शुद्धता व सात्विकता का विशेष महत्व है। पूजा के समय हमारा मुंह ईशान, पूर्व या उत्तर में होना चाहिए। घर के ईशान कोण में ही पूजा करें। पूजा का उचित मुहूर्त देखें या दोपहर 12 से शाम 4, रात्रि 12 से प्रात: 3 बजे के बीच का समय छोड़कर पूजा करें। पूजन के समय पंचदेव की स्थापना जरूर करें। सूर्यदेव, श्रीगणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु को पंचदेव कहा गया है। पूजा के समय सभी एकत्रित होकर पूजा करें। पूजा के दौरान किसी भी प्रकार शोर न करें। भगवान विष्णु की पूजा में कभी भी भैरव जी की पूजा की चीजें (जैसे राई या बहुत तीखी चीजें) और तुलसी की सूखी पत्तियां अर्पित न करें (केवल ताजी या सूखी पत्तियां जो पहले से चढ़ी न हों, साफ करके चढ़ाई जा सकती हैं)। इसके अलावा, विष्णु जी को कभी भी अगस्त्य के फूल नहीं चढ़ाए जाते।

वेब दुनिया 21 May 2026 5:25 pm

100 साल पुराने मकान मलबे में हुए तब्‍दील, इंदौर के जिंसी में 60 फीट सड़क के लिए चले बुल्‍डोजर, 30 से ज्‍यादा मकान जमींदोज

इंदौर में सड़क के चौडीकरण के लिए बुल्‍डोजर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत 30 से ज्‍यादा मकानों को जमींदोंज किया गया है। बता दें कि इंदौर के जिंसी क्षेत्र में 60 फीट चौड़ी सड़क निर्माण के लिए नगर निगम ने कार्रवाई कर 30 से अधिक निर्माण हटाए हैं। हालांकि रहवासियों ने मुआवजा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। इंदौर के जिंसी क्षेत्र में 60 फीट चौड़ी सड़क निर्माण के लिए गुरुवार को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक निर्माण हटा दिए। वर्षों पुरानी बसाहट वाले इस इलाके में 100 साल से अधिक पुराने मकान भी मलबे में तब्दील हो गए। सुबह नगर निगम का अमला करीब 50 कर्मचारियों और बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। करीब दो घंटे में 30 से अधिक निर्माण हटाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए रास्ता साफ किया गया। पिछले एक माह से कई रहवासी स्वेच्छा से सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्सों को खुद ही हटा रहे थे। निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण में 170 से अधिक निर्माण बाधक हैं। जिन लोगों ने स्वयं निर्माण नहीं हटाए, उनके मकान गुरुवार को निगम ने तोड़ दिए। कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बाधाएं हटने के बाद अब यहां जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। पहले नर्मदा और ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी, उसके बाद सड़क का निर्माण होगा। मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 80 फीट प्रस्तावित है, लेकिन फिलहाल निगम इसे 60 फीट चौड़ा बना रहा है। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 21 May 2026 5:18 pm

शाहरुख खान की 'किंग' के सेट पर भारी सुरक्षा, AI फैन एडिट के वायरल होने से मेकर्स की बढ़ी टेंशन

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'किंग' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है। हालांकि, हाल ही में फिल्म के सेट से कुछ ऐसी चीजें सामने आई हैं जिसने मेकर्स की रातों की नींद उड़ा दी है। इंटरनेट पर फिल्म के सेट से लगातार हो रही लीक्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एआई जनरेटेड फेक वीडियोज ने मेकर्स की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, कुछ दिनों पहले मुंबई और केप टाउन शेड्यूल से फिल्म के कुछ हिस्से इंटरनेट पर लीक हो गए थे। इसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का एक गाना और फिल्म के हाई-ओल्टेज क्लाइमेक्स से जुड़े कुछ स्टिल्स शामिल थे। ALSO READ: 'किंग' के सेट पर शाहरुख खान का बेटी सुहाना संग कैसा था बर्ताव, सौरभ शुक्ला ने किया खुलासा मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक 15 मिनट का फैन-मेड वीडियो वायरल हो गया। यह कोई साधारण वीडियो नहीं था, बल्कि एआई की मदद से तैयार किया गया एक विस्तृत एडिट था। इस वीडियो में लीक हुई तस्वीरों, पपराजी क्लिप्स और पुरानी कड़ियों को जोड़कर फिल्म की पूरी कहानी को रीक्रिएट करने का दावा किया गया था। इसे फिल्म का एक 'मिनी वर्जन' कहा जा रहा था, जिसने मेकर्स को हैरान कर दिया। इसके बाद फिल्म के मेकर्स काफी सतर्क हो गए हैं। खबरों के अनुसार मेकर्स ने एक सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, ताकि आगे किसी भी तरह की लीक को रोका जा सके। खबरों के अनुसार प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि टीम केप टाउन और मुंबई के लीक से पहले ही परेशान थी, लेकिन एआई-जनरेटेड एडिट ने सारी सीमाएं पार कर दीं। सूत्र के मुताबिक, जब शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार सार्वजनिक स्थानों पर शूटिंग करते हैं, तो लीक के सोर्स का पता लगाना नामुमकिन हो जाता है। लेकिन एआई वीडियो ने फिल्म के स्क्रीनप्ले और कहानी के ताने-बाने को चुराने की कोशिश की, जो कि एक गंभीर खतरा है। राहत की बात यह रही कि शाहरुख खान के वफादार फैंस और प्रोडक्शन टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस वीडियो को रिपोर्ट किया, जिसके बाद इसे ज्यादातर बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। वर्तमान में फिल्म की शूटिंग मुंबई के बाहरी इलाके घोड़बंदर रोड के पास चल रही है। चूंकि यह एक बेहद व्यस्त सार्वजनिक क्षेत्र है, इसलिए यहां सुरक्षा बनाए रखना टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। लीक को रोकने के लिए मेकर्स ने अब रणनीति बदल दी है। सार्वजनिक जगह होने के कारण क्रू और आम लोगों से फोन पूरी तरह छीनना संभव नहीं है, इसलिए अब एक्शन दृश्यों और महत्वपूर्ण ट्विस्ट वाले सीन्स के दौरान मूवमेंट को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सेट के चारों ओर अतिरिक्त बाउंड्री और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी दूर से भी वीडियो न बना सके। pic.twitter.com/sTvx9IP4w3 — Siddharth Anand (@justSidAnand) May 1, 2026 निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फैंस से भावुक अपील मामले की गंभीरता को देखते हुए फिल्म के सिद्धार्थ आनंद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दर्शकों और प्रशंसकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने लिखा, कृपया 'किंग' के सेट से लीक हुआ कोई भी मल्टीमीडिया कंटेंट पोस्ट या सर्कुलेट न करें। हमारी पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि आपको सिनेमाघरों में एक बेहतरीन अनुभव मिल सके। कृपया बड़े पर्दे पर मिलने वाले सरप्राइज का इंतजार करें। फिल्म 'किंग' अपनी शूटिंग के आखिरी पड़ाव पर है। बताया जा रहा है कि फिल्म का लगभग दो महीने का काम अभी बाकी है, जिसमें कुछ पैचवर्क, एक्शन इन्सर्ट्स और एक छोटा शेड्यूल शामिल है। इसके साथ ही फिल्म का वीएफएक्स का काम भी बैकएंड पर तेजी से चल रहा है। मेकर्स का लक्ष्य इस साल जुलाई के अंत तक फिल्म की शूटिंग को पूरी तरह से रैप-अप करने का है। फिल्म 'किंग' में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, सुहाना खान, रानी मुखर्जी, अरशद वारसी और अभय वर्मा जैसे कई सितारे शामिल हैं। फिल्म को रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और जियो स्टूडियोज़ ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। इसे सुजॉय घोष, सागर पंड्या और सुरेश नायर ने मिलकर लिखा है और डायलॉग अब्बास टायरवाला ने लिखे हैं।

वेब दुनिया 21 May 2026 5:13 pm

फैक्ट चेक: हिंदू शादी में डीजे बंद करवाने के गलत सांप्रदायिक दावे से वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वीडियो में दिख रहे लोग हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम परिवार से डीजे को 'हराम' बताते हुए उसे बंद करने की अपील कर रहे थे.

बूमलाइव 21 May 2026 4:49 pm

जैस्मीन सैंडलस के देहरादून कॉन्सर्ट में हुआ हादसा, बैरिकेडिंग टूटने से मची अफरा-तफरी

'धुरंधर' मूवी सिंगर जैस्मीन सैंडलस इन दिनों अपने गानों और लाइव परफॉर्मेंस को लेकर छाई हुई हैं। जैस्मीन एक के बाद एक कई कॉन्सर्ट कर रही हैं। हाल ही में जैस्मीन सैंडलस उत्तराखंड के देहरादून में एक लाइव शो के लिए पहुंचीं, जहां उन्हें देखने और सुनने के लिए हजारों फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन जैस्मीन सैंडलस के इस कॉन्सर्ट में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक दर्शकों के सामने लगी बैरिकेडिंग टूट गई। इस वजह से कई फैंस भी गिर गए। यह घटना उस वक्त हुई जब सिंगर मंच पर परफॉर्म कर रही थीं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं फ्रंट रो में मौजूद थे। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, जैसे ही बैरिकेड का एक हिस्सा गिरा, सामने खड़े कई दर्शकों का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। कुछ सेकंड के भीतर ही माहौल में हड़कंप मच गया। भीड़ के दबाव और अचानक हुए इस हादसे ने मौके पर मौजूद लोगों को घबरा दिया। ALSO READ: द इंडिया स्टोरी: खेती के ज़हर पर बनी फिल्म, काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े पहली बार दिखेंगे साथ स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जैस्मिन सैंडलस ने तुरंत अपनी परफॉर्मेंस रोक दी। उन्होंने स्टेज से ही स्थिति पर नजर रखते हुए अपनी टीम को हस्तक्षेप करने के लिए कहा। वायरल वीडियो में वह बार-बार अपनी इंटरनल टीम को बुलाते हुए नजर आ रही हैं। इतना ही नहीं जैस्मीन सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति को शांत तरीके से संभाला जा सकता है और जरूरत से ज्यादा आक्रामकता से बचना चाहिए। उनकी इस प्रतिक्रिया ने न केवल हालात को काबू में लाने में मदद की, बल्कि दर्शकों के बीच भी भरोसा कायम किया। कुछ ही मिनटों में आयोजन टीम और जैस्मीन की टीम ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। हालात सामान्य होने के बाद जैस्मीन ने दोबारा अपना परफॉर्मेंस शुरू किया। उन्होंने माहौल को हल्का करने के लिए दर्शकों से मजाकिया अंदाज में बात की और कहा कि देहरादून में उनका यह पहला दौरा है और लोगों का उत्साह देखकर वह खुश हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों में मजबूत बैरिकेडिंग बेहद जरूरी है। कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने अपने कई लोकप्रिय गाने पेश किए। इसके अलावा उन्होंने कुछ भावुक गाने भी गाए, जिनसे दर्शकों के साथ उनका कनेक्शन और मजबूत हुआ। कार्यक्रम के अंत तक माहौल फिर से सामान्य और उत्साहपूर्ण हो गया। पंजाबी और बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी अलग आवाज और बेबाक अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वाली जैस्मीन सैंडलस आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। जैस्मीन सैंडलास का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। बचपन में ही उनका परिवार अमेरिका के कैलिफोर्निया शिफ्ट हो गया। जैस्मीन का पहला गाना Muskan था, जिसने उन्हें शुरुआती पहचान दिलाई।

वेब दुनिया 21 May 2026 3:29 pm

द इंडिया स्टोरी: खेती के ज़हर पर बनी फिल्म, काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े पहली बार दिखेंगे साथ

गंभीर मुद्दों पर फिल्में कम बनती हैं, लेकिन जब बनती हैं तो चर्चा दूर तक जाती है। अब ऐसी ही एक फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ रिलीज़ से पहले सुर्खियों में आ गई है। Kajal Aggarwal और Shreyas Talpade स्टारर यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ऐसे खामोश खतरे को सामने लाने की कोशिश कर रही है जो लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़ा है। खेती में इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायनों पर आधारित है कहानी The India Story का सबटाइटल ‘स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस’ है, जो इसके विषय की गंभीरता को साफ दिखाता है। फिल्म खेती में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायनों और उनके लोगों की सेहत पर पड़ने वाले खतरनाक असर को केंद्र में रखती है। कहानी यह दिखाने की कोशिश करती है कि कैसे औद्योगिक लापरवाही और जागरूकता की कमी धीरे-धीरे समाज को नुकसान पहुंचा रही है। पहली बार साथ दिखेंगे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े इस फिल्म की एक और खास बात यह है कि पहली बार Kajal Aggarwal और Shreyas Talpade एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। दोनों कलाकारों से दमदार और भावनात्मक अभिनय की उम्मीद की जा रही है। फिल्म का टोन गंभीर है, इसलिए दर्शकों को इसमें इमोशन और सामाजिक संदेश का मजबूत मिश्रण देखने को मिल सकता है। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़ फिल्म का निर्देशन Chetan DK ने किया है, जबकि कहानी, लेखन और निर्माण की जिम्मेदारी Sagar B Shinde ने संभाली है। यह फिल्म Zee Studios और MIG Production and Studios के सहयोग से बनाई गई है। ‘द इंडिया स्टोरी’ 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। मेकर्स को उम्मीद है कि यह फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक चर्चा में भी अपनी खास जगह बनाएगी।

वेब दुनिया 21 May 2026 3:18 pm

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान ओस्लो में जो कुछ भी हुआ, वह इसी छटपटाहट और एजेंडा-आधारित पत्रकारिता का एक ज्वलंत उदाहरण है। दुःख की बात यह है कि विदेशी जमीन पर रची गई एक पब्लिसिटी स्टंट की स्क्रिप्ट पर भारत का मुख्य ...

वेब दुनिया 21 May 2026 3:05 pm

'खतरों के खिलाड़ी' के सेट से ओरी ने शेयर किया बस राइड का मज़ेदार पल

सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरी ने हाल ही में 'खतरों के खिलाड़ी' के सेट से एक मज़ेदार और दिलचस्प पल अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है, जिससे फैंस को शो में उनके सफर की एक और शानदार झलक देखने को मिली है। वीडियो में ओरी कंटेस्टेंट्स की बस में अकेले सफर करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने सफर के दौरान खुद का वीडियो रिकॉर्ड करते हुए अपने खास अंदाज़ में लिखा, “बस में मैं अकेले बैठा हूँ, क्योंकि कोई मुझसे बात नहीं करना चाहता” और साथ में हैशटैग के साथ उन्होंने 'खतरों के खिलाड़ी 15' भी लिखा है। ओरी की यह हल्की-फुल्की और मज़ाकिया पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करते ही तेजी से चर्चा में आ गई है। फैंस ने भी उनके इस मज़ेदार अंदाज़ पर खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं। गौरतलब है कि अपनी बेबाक पर्सनैलिटी और सोशल मीडिया प्रेजेंस के लिए पहचाने जाने वाले ओरी, शो की शूटिंग शुरू होने के बाद से ही लगातार सेट से छोटी-छोटी अपडेट्स शेयर कर रहे हैं। 'खतरों के खिलाड़ी' का नया सीज़न पहले ही अपने कंटेस्टेंट लाइनअप और बिहाइंड-द-सीन झलकियों को लेकर चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में ओरी की यह नई पोस्ट, शो को लेकर फैंस की उत्सुकता को और बढ़ा रही है।

वेब दुनिया 21 May 2026 2:59 pm

Vastu Tips: घर से वास्तु दोष मिटाने के 3 आसान उपाय, सुख-समृद्धि से भर जाएगा जीवन

घर में वास्तु दोष होने पर मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह जैसी परेशानियां खड़ी होने लगती हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि वास्तु दोष ठीक करने के लिए घर में तोड़-फोड़ करनी पड़ेगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। वास्तु शास्त्र में कुछ बेहद सरल और छोटे उपायों के बारे में बताया गया है, जिन्हें आजमाने से बिना किसी तोड़-फोड़ के घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 3 अचूक और छोटे वास्तु उपाय। ALSO READ: वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips 1. मुख्य द्वार पर सेंधा नमक और पानी का पोंछा (Salt Water Mopping) घर का मुख्य द्वार (Main Gate) ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जाएं घर में आती हैं। क्या करें: रोजाना या सप्ताह में कम से कम दो बार (विशेषकर गुरुवार और शनिवार को छोड़कर) पोंछे के पानी में एक मुट्ठी सेंधा नमक (Rock Salt) मिला लें। इस पानी से पूरे घर और मुख्य द्वार के आसपास पोंछा लगाएं। फायदा: नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इससे घर के कोने-कोने में छिपी डिप्रेशन या तनाव की ऊर्जा खत्म होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। 2. ईशान कोण (North-East) को रखें खाली और शुद्ध घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है, जिसे देवताओं (विशेषकर भगवान शिव और कुबेर जी) का स्थान माना गया है। इस दिशा में दोष होने पर तरक्की रुक जाती है। क्या करें: ईशान कोण को हमेशा पूरी तरह साफ, खुला और हल्का रखें। यहाँ कभी भी भारी सामान, कबाड़, झाड़ू या डस्टबिन न रखें। विशेष उपाय: इस कोने में एक कांच के बर्तन में साफ पानी भरकर रखें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिला दें। इस पानी को रोजाना बदलते रहें। यदि संभव हो, तो यहाँ एक छोटा सा तुलसी का पौधा या जलता हुआ दीया रखें। फायदा: इससे घर में धन का प्रवाह (Cash Flow) बढ़ता है और परिवार के सदस्यों की बुद्धि सही दिशा में काम करती है। ALSO READ: Vastu tips: किराए के घर में रह रहे हैं? तो जान लें ये 8 वास्तु टिप्स, जो बदल देंगे आपकी किस्मत 3. कपूर और फिटकरी का जादुई उपाय (Camphor & Alum) अगर घर के किसी विशेष कमरे या कोने में आपको भारीपन महसूस होता है, या वहां जाते ही मूड खराब हो जाता है, तो यह उपाय रामबाण है। क्या करें: घर के बाथरूम और कमरों के गुप्त कोनों में एक छोटी सी कांच की कटोरी में फिटकरी (Alum) के कुछ टुकड़े या कपूर (Camphor) की टिकिया रख दें। जब यह कपूर हवा में उड़ जाए या फिटकरी का रंग बदलने लगे, तो इसे बदल दें। इसके अलावा, शाम के समय पूरे घर में कपूर और लौंग जलाकर उसका धुआं दिखाएं। फायदा: यह उपाय घर के सूक्ष्म वास्तु दोषों को खींच लेता है, हवा को शुद्ध करता है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम को बढ़ाता है। ALSO READ: Vastu Tips for Home: कैसे पता करें कि घर में वास्तु दोष है? जानें 13 काम की बातें झटपट टिप: याद रखें, वास्तु का सबसे पहला नियम है 'स्वच्छता'। घर में जो भी चीजें टूटी-फूटी हैं (जैसे बंद घड़ियां, चटके हुए कांच के बर्तन या खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान), उन्हें तुरंत घर से बाहर निकालें, क्योंकि ये राहू और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।

वेब दुनिया 21 May 2026 2:58 pm

The Silent Megaphone: India’s Sovereign Bypassing of the Fourth Estate

In the cavernous press rooms of Western capitals, the script of modern statesmanship follows a predictable, almost liturgical rhythm. A leader speaks, the podium is cleared, and the floor is surrendered to the messy, adversarial friction of the press conference. It is a theater of accountability that global leaders, however reluctantly, accept as the cost […]

चौथी दुनिया 21 May 2026 2:55 pm

जूनियर एनटीआर की 'ड्रैगन' होगी सबसे बड़ी देशभक्ति फिल्म, डायेक्टर प्रशांत नील के बयान ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक 'ड्रैगन' अपनी बड़ी घोषणा के साथ हर तरफ छा गई है। यह फिल्म 'मैन ऑफ द मासेस' जूनियर एनटीआर (NTR) और देश के सबसे बड़े डायरेक्टर प्रशांत नील को एक साथ लेकर आ रही है, जो दर्शकों को सिनेमा का एक बेहद असाधारण अनुभव देने वाली है। एक बहुत बड़े स्केल पर बनाई जा रही यह फिल्म अपनी कमाल की कहानी और धमाकेदार एक्शन के साथ सिनेमाई अनुभव को एक बिल्कुल अलग लेवल पर ले जाने का वादा करती है। इस फिल्म की पहली झलक अब सामने आ चुकी है, जिसके हर एक शॉट में एक विशाल और बेहद आकर्षक दुनिया की झलक देखने को मिल रही है। ALSO READ: 'ऑफ कैंपस' में दिखीं महिमा चौधरी की बेटी? हॉलीवुड एक्ट्रेस को शो में देख कन्फ्यूज हुए फैंस, जानिए कौन हैं मीका अब्दुल्ला जिसने भी इस पहली झलक को देखा है, उसके होश उड़ गए हैं और अब हर कोई अपनी सांसें थामकर यह जानने का इंतजार कर रहा है कि यह फिल्म उनके लिए और क्या सरप्राइज लेकर आने वाली है। फिल्म की पहली झलक के बारे में बात करते हुए, 'ड्रैगन' के डायरेक्टर प्रशांत नील ने फैंस के बीच मचे इस जबरदस्त उत्साह पर अपनी प्रतिक्रिया दी। A post shared by Mythri Movie Makers (@mythriofficial) उन्होंने कहा, हमने इस झलक में जो कुछ भी दिखाया है, वह सिर्फ एक सेटिंग (माहौल) है। हमने टीज़र के जरिए जो बात पहुंचाई है, फिल्म उससे बिल्कुल उलट है। जैसा कि मैंने आपसे कहा, यह सिर्फ एक बैकग्राउंड तैयार करना है; आसान शब्दों में कहें तो यह सिर्फ खेलने का मैदान तैयार करने जैसा है। लेकिन इस फिल्म का असली ड्रामा यह है कि हम एक ऐसी कोशिश कर रहे हैं जो शायद अब तक की सबसे बेहतरीन देशभक्ति फिल्मों में से एक बनकर सामने आएगी। घोषणा के बाद से ही इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त बज बना हुआ है, और फैंस इसके हर एक अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जब सिनेमा जगत के दो इतने बड़े और दमदार नाम एक साथ आ रहे हों, तो 'ड्रैगन' का सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक होना लाज़मी है। दर्शक बड़े पर्दे पर इस मेगा कोलाबोरेशन का जादू देखने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं। प्रशांत नील के डायरेक्शन में बन रही फिल्म 'ड्रैगन' में जूनियर एनटीआर लीड रोल में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्माण 'माइथ्री मूवी मेकर्स' और 'एनटीआर आर्ट्स' के बैनर तले किया जा रहा है। यह फिल्म कुल 5 भाषाओं में रिलीज होगी, और इसे 11 जून 2027 को एक भव्य स्तर पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है।

वेब दुनिया 21 May 2026 2:49 pm

अन्ना आंदोलन से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ तक : भारतीय लोकतंत्र में बदलाव की छटपटाहट

भा रत का लोकतंत्र केवल चुनावों की मशीन नहीं है, बल्कि यह समय-समय पर समाज की बेचैनी, उम्मीद और असंतोष का दर्पण भी रहा है। 1950 के दशक के नेहरूवादी आदर्शवाद से लेकर 2026 के मीम-प्रधान, सोशल मीडिया संचालित राजनीतिक विमर्श तक भारतीय राजनीति लगातार एक ऐसे समाज की कहानी कहती है जो हर पीढ़ी में “ बदलाव” चाहता है, लेकिन हर बार उस बदलाव की परिभाषा बदल जाती है। आज सोशल मीडिया पर उभरी तथाकथित “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसी व्यंग्यात्मक डिजिटल राजनीति हो, या 2011 का अन्ना आंदोलन—दोनों के केंद्र में एक समान भावना दिखाई देती है: व्यवस्था से गहरा मोहभंग और एक वैकल्पिक राजनीतिक नैरेटिव की तलाश। फर्क सिर्फ इतना है कि अन्ना का आंदोलन सड़कों पर था, जबकि जेन-जी की राजनीति इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शॉर्ट्स और मीम संस्कृति के जरिए आकार ले रही है। 1956 से 1977: आदर्शवाद से असंतोष तक स्वतंत्रता के बाद भारत में लंबे समय तक जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का प्रभुत्व रहा। यह वह दौर था जब राजनीति विकास, समाजवाद और राष्ट्र-निर्माण की भाषा बोलती थी। लेकिन 1962 के चीन युद्ध, 1965 और 1971 के युद्ध, खाद्यान्न संकट और बेरोजगारी ने जनता के भीतर यह प्रश्न पैदा किया कि क्या सत्ता का केंद्रीकरण लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है। 1967 के चुनावों में पहली बार कांग्रेस की पकड़ कई राज्यों में कमजोर हुई। यही वह समय था जब भारतीय राजनीति में “विकल्प” शब्द जन्म लेने लगा। फिर आया 1975 का आपातकाल। इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का निर्णायक मोड़ बना। प्रेस पर नियंत्रण, विपक्ष की गिरफ्तारी और नागरिक स्वतंत्रताओं के हनन ने जनता के भीतर सत्ता-विरोधी ऊर्जा पैदा की। 1977 में जनता पार्टी का उभार इसी बेचैनी का परिणाम था।भारतीय लोकतंत्र ने पहली बार यह साबित किया कि जनता सत्ता बदल सकती है। 1980 से 1990 : जाति, धर्म और पहचान की राजनीति 1980 के दशक में भारतीय राजनीति का चरित्र बदलने लगा। अब विमर्श “गरीबी हटाओ” से आगे बढ़कर पहचान-आधारित राजनीति में प्रवेश कर चुका था। मंडल कमीशन की सिफारिशों ने सामाजिक न्याय की राजनीति को जन्म दिया, जबकि राम मंदिर आंदोलन ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को नई ऊर्जा दी। इसी दौर में भारतीय जनता पार्टी का उभार शुरू हुआ। “ यह वह समय था जब भारत में राजनीति केवल विचारधारा नहीं रही, बल्कि सामाजिक समूहों की आकांक्षाओं का युद्धक्षेत्र बन गई। “ दूसरी ओर, भ्रष्टाचार के मुद्दे—विशेषकर बोफोर्स—ने जनता में यह धारणा मजबूत की कि सत्ता चाहे किसी की भी हो, व्यवस्था अंततः भ्रष्ट हो जाती है। यही भावना आगे चलकर अन्ना आंदोलन की जमीन बनी। 1991 से 2010 : उदारीकरण और नए भारत की राजनीति 1991 के आर्थिक उदारीकरण ने भारतीय लोकतंत्र को आर्थिक रूप से बदल दिया। एक नया मध्यम वर्ग पैदा हुआ, निजी मीडिया का विस्तार हुआ और राजनीति में “विकास” एक नए नारे के रूप में सामने आया। अटल बिहारी बाजपेई ने गठबंधन राजनीति को स्थिरता दी, जबकि डॉ. मनमोहन सिंह के दौर में अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी। लेकिन इसी समय भ्रष्टाचार के बड़े आरोप—2G, कोयला आवंटन, कॉमनवेल्थ—जनता के भीतर यह भावना पैदा कर रहे थे कि लोकतंत्र चुनाव तो करा रहा है, लेकिन जवाबदेही नहीं दे पा रहा। 2011 : अन्ना आंदोलन और व्यवस्था-विरोध की राजनीति 2011 में अन्ना हजारे का आंदोलन भारतीय राजनीति में एक मनोवैज्ञानिक विस्फोट था। दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन केवल लोकपाल की मांग नहीं था। वह उस मध्यम वर्ग की राजनीतिक एंट्री थी जो लंबे समय तक “ राजनीति गंदी है” कहकर दूरी बनाए हुए था। यह आंदोलन सत्ता-विरोधी ऊर्जा का राष्ट्रीय विस्फोट था। लोगों को लगा कि शायद राजनीति को “ईमानदार” बनाया जा सकता है। इसी आंदोलन से आम आदमी पार्टी (AAP) का जन्म हुआ। हालांकि समय के साथ यह भी पारंपरिक राजनीतिक दलों जैसी आलोचनाओं के घेरे में आ गई। लेकिन अन्ना आंदोलन ने एक स्थायी बदलाव किया—उसने नागरिकों को यह एहसास कराया कि राजनीति केवल नेताओं की चीज नहीं , बल्कि जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी का क्षेत्र भी हो सकती है। 2014 के बाद: व्यक्तित्व-प्रधान राजनीति और डिजिटल राष्ट्रवाद 2014 के बाद भारतीय राजनीति में एक नया चरण शुरू हुआ जिसमें नेतृत्व, नैरेटिव और डिजिटल संचार सबसे बड़ी ताकत बन गए। नरेंद्र मोदी ने चुनावी राजनीति को अभूतपूर्व तरीके से केंद्रीकृत और ब्रांड-आधारित बनाया। राष्ट्रवाद, मजबूत नेतृत्व, कल्याणकारी योजनाएं और सोशल मीडिया—इन सबका मिश्रण भारतीय राजनीति का नया मॉडल बना। विपक्ष लगातार यह प्रश्न उठाता रहा कि क्या संस्थाएं कमजोर हो रही हैं, क्या लोकतंत्र अत्यधिक व्यक्ति-केंद्रित हो गया है, और क्या असहमति के लिए पर्याप्त जगह बची है? दूसरी ओर समर्थकों का तर्क था कि दशकों की नीतिगत सुस्ती के बाद भारत को निर्णायक नेतृत्व मिला है। यानी भारतीय लोकतंत्र का विमर्श अब “वाम बनाम दक्षिण” से आगे बढ़कर “स्थिरता बनाम असहमति”, “राष्ट्रवाद बनाम उदारवाद” और “केंद्रीकरण बनाम संस्थागत संतुलन” के बीच घूमने लगा। जेन-जी और ‘ कॉकरोच राजनीति’: मीम, व्यंग्य और विद्रोह 2020 के दशक में राजनीति का नया चेहरा जेन-जी (Gen-Z) है—वह पीढ़ी जो टीवी डिबेट नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम क्लिप और यूट्यूब एल्गोरिद्म से राजनीतिक राय बनाती है।यह पीढ़ी वैचारिक रूप से स्थायी नहीं है। वह तेजी से प्रभावित होती है, तेजी से निराश होती है और तेजी से ट्रोल भी करती है। इसी वातावरण में “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसे व्यंग्यात्मक डिजिटल प्रयोग लोकप्रिय होते हैं। यह वास्तविक राजनीतिक दल से अधिक एक सांस्कृतिक संकेत है—एक ऐसी पीढ़ी का संकेत जिसे लगता है कि पारंपरिक राजनीतिक दल उसकी भाषा नहीं समझते। कॉकरोच का प्रतीक यहां महत्वपूर्ण है। वह व्यवस्था की हर दरार में जीवित रहने वाली सत्ता-संरचनाओं का प्रतीक भी हो सकता है, और उस आम नागरिक का भी जो तमाम राजनीतिक विफलताओं के बावजूद जीवित है। “ जेन-जी राजनीति को गंभीर वैचारिक युद्ध की तरह नहीं, बल्कि “ सिस्टम हैक” की तरह देखती है। उसके लिए मीम भी राजनीतिक हथियार है। “ क्या भारत बदलाव चाहता है या सिर्फ नया चेहरा? भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा विरोधाभास यही है कि जनता हर दशक में बदलाव चाहती है, लेकिन अक्सर बदलाव का अर्थ केवल “नई सत्ता” रह जाता है। 1977 में कांग्रेस के खिलाफ लहर थी। 1989 में भ्रष्टाचार के खिलाफ। 2011 में व्यवस्था के खिलाफ। 2014 में निर्णायक नेतृत्व के पक्ष में। और 2026 तक आते-आते यह असंतोष डिजिटल व्यंग्य और एंटी-एस्टैब्लिशमेंट इंटरनेट संस्कृति में बदल रहा है। लेकिन, हर बार जनता की मूल मांग लगभग समान रही— अधिक जवाबदेही, कम भ्रष्टाचार, बेहतर अवसर, और ऐसी राजनीति जो नागरिक को केवल वोटर नहीं बल्कि सहभागी माने। भारतीय लोकतंत्र की अगली परीक्षा भारत का लोकतंत्र अभी भी जीवंत है क्योंकि यहां असंतोष दबता नहीं, नए रूप में लौटता है। कभी जेपी आंदोलन बनकर, कभी अन्ना आंदोलन बनकर और कभी “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसे इंटरनेट-व्यंग्य के रूप में। यह बदलाव की बेचैनी लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी जीवन्तता का प्रमाण है। असल प्रश्न यह नहीं कि अगली सत्ता किसके पास होगी। असल प्रश्न यह है कि क्या भारतीय राजनीति 21वीं सदी के उस नागरिक को समझ पाएगी जो जाति और धर्म से आगे रोजगार, अवसर, स्वतंत्रता, पारदर्शिता और डिजिटल भागीदारी की राजनीति चाहता है। यदि पारंपरिक दल इस बदलाव को नहीं समझेंगे, तो आने वाले वर्षों में भारत की राजनीति और अधिक अस्थिर, अधिक डिजिटल और अधिक अप्रत्याशित होती जाएगी। यहां — Martin Luther King Jr. की यह पंक्ति सटीक बैठती है कि “ राजनीति में सबसे बड़ा खतरा बुरे लोगों का नहीं, अच्छे लोगों की चुप्पी का होता है।” भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि यहां जनता अभी भी बोलती है, सवाल पूछती है, नाराज़ भी होती है और हर पीढ़ी में बदलाव का नया सपना गढ़ती है।

वेब दुनिया 21 May 2026 1:12 pm

पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास?

साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास (जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है) का बेहद शुभ योग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब एक ही चंद्र मास दो बार आता है, तो पहले वाले को 'अधिकमास' और दूसरे को 'शुद्ध' या 'निज' मास कहा जाता है। यह महीना भौतिक सुखों के विस्तार के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और ईश्वर की भक्ति के लिए समर्पित है। आइए जानते हैं इसकी तिथियां और जरूरी नियम। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा ज्येष्ठ अधिकमास 17 मई 2026 (रविवार) से प्रारंभ। 15 जून 2026 (सोमवार) को समाप्त। निज ज्येष्ठ मास (शुद्ध) 16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ। 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को समाप्त। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इन खास तिथियों पर रखें व्रत, करें इन देवी-देवताओं की पूजा; मिलेगा अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि इस माह में क्या करें? (Dos) चूंकि यह महीना भगवान विष्णु (श्री पुरुषोत्तम) को समर्पित है, इसलिए इस दौरान किए गए आध्यात्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है: भगवान विष्णु की उपासना: नियमित रूप से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम या पुरुष सूक्त का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। महादान का महत्व: इस महीने में अनाज, जल, वस्त्र और दीपदान का विशेष महत्व है। प्राचीन परंपरा: इस माह में कांसे के पात्र (बर्तन) में मालपुए रखकर दान करने की विशेष परंपरा है। धार्मिक ग्रंथों का श्रवण: श्रीमद्भागवत कथा या भगवद्गीता का पाठ करें अथवा इसे सुनें। पवित्र स्नान: संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें, अन्यथा घर पर ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। व्रत और साधना: आत्मिक शुद्धि के लिए इस दौरान मौन व्रत रखने या पूरी तरह सात्विक जीवन जीने का संकल्प लें। ALSO READ: अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें क्या न करें? (Don'ts) अधिकमास को 'मलमास' भी कहा जाता है, इसलिए इस काल में सांसारिक मांगलिक (शुभ) कार्य पूरी तरह वर्जित माने गए हैं: मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई (तय करना), मुंडन, जनेऊ संस्कार और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य भूलकर भी न करें। नया बिजनेस या करियर: नया व्यापार शुरू करना या नई नौकरी ज्वाइन करने जैसे कदम इस समय टाल देने चाहिए। बड़ी खरीदारी: नया घर बनाना शुरू करना, या नया प्लॉट/गाड़ी खरीदने से बचना चाहिए। तामसिक भोजन का त्याग: भोजन में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा (शराब) का सेवन पूरी तरह वर्जित है। आचरण पर नियंत्रण: किसी का अपमान न करें, झूठ न बोलें और वाद-विवाद से बचें; क्योंकि इस दौरान किए गए बुरे कर्मों का नकारात्मक फल भी गहरा होता है। विशेष : यदि आप मीन राशि या उन 3 राशियों में से हैं जिन्हें ज्योतिषविदों द्वारा इस वर्ष सावधान रहने की सलाह दी गई है, तो यह महीना आपके लिए अपनी मानसिक ऊर्जा को शांत करने और उसे सकारात्मक दिशा में मोड़ने का सबसे बेहतरीन अवसर है।

वेब दुनिया 21 May 2026 1:10 pm

POGO लेकर आया नया 3D एनिमेटेड शो 'सम्पत चम्पत', 40 साल पुराने कॉमिक कैरेक्टर्स की वापसी

बच्चों के मनोरंजन की दुनिया में अब एक नया और मजेदार शो आ गया है। पोगो ने अपने नए 3D एनिमेटेड शो 'सम्पत चम्पत' का 18 मई को प्रीमियर किया है। यह शो बच्चों की मशहूर कॉमिक पत्रिका ‘लोटपोट’ के लोकप्रिय किरदारों पर आधारित है। इसके साथ ही भारत की पसंदीदा कॉमिक कहानियों को एक नए अंदाज़ में दर्शकों के सामने पेश किया गया है। सम्पत चम्पत अपनी मजेदार हरकतों और कॉमेडी के लिए पिछले 40 सालों से लोगों का मनोरंजन करते आ रहे हैं। अब पहली बार ये दोनों किरदार कॉमिक्स से निकलकर टीवी स्क्रीन पर 3D एनिमेशन में दिखाई दे रहे हैं। यह शो बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार के लिए हंसी, रोमांच और पुरानी यादों से भरा मनोरंजन लेकर आया है। A post shared by Pogo TV (@pogotvin) इस पर बात करते हुए लोटपोट कॉमिक्स के प्रकाशक और शो के निर्माता अमन बजाज ने कहा, मैं इस शो को लेकर बहुत उत्साहित हूं। सम्पत चम्पत पिछले 40 सालों से हमारी कॉमिक्स का हिस्सा रहे हैं, और अब उन्हें टीवी पर एनिमेशन के रूप में देखना मेरे लिए बेहद ख़ुशी की बात है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने कहा, सम्पत चम्पत लोटपोट की दुनिया से आते हैं, जिसने ‘मोटू पतलू’, ‘शेखचिल्ली एंड फ्रेंड्स’ जैसे कई सुपरहिट आईपी दिए हैं। मुझे विश्वास है कि अब ब्रॉडकास्टर्स भारतीय घरेलू आईपी को और भी ज्यादा अपनाएंगे। उम्मीद है कि दर्शक भी सम्पत चम्पत को उतना ही प्यार देंगे। लोटपोट कॉमिक्स के सीएमओ और शो के निर्माता शिवांक अरोड़ा ने कहा, यह बच्चों के टीवी शो के निर्माता के रूप में मेरा पहला प्रोजेक्ट है और मैं इसके लिए बहुत खुश और उत्साहित हूं। पिछले कुछ सालों से हम इस सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। मैं उम्मीद करता हूं कि यह शो सभी रिकॉर्ड तोड़े और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए। कॉमिक लेखक और चित्रकार डॉ. हरविंदर मंकर ने कहा, मैंने सम्पत चम्पत को 40 साल पहले लोटपोट कॉमिक्स के लिए बनाया था और यह मेरे और इससे जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व का पल है कि यह अब एक प्रसिद्ध चैनल पोगो पर एनिमेशन के रूप में प्रसारित हो रहा है। मैं कह सकता हूं कि यह हमारी उम्मीद से कई बेहतर है। आशा है कि यह दर्शकों को भी पसंद आएगा। ‘पोगो’ हमेशा बच्चों के लिए मजेदार और भारतीय कहानियों वाले अच्छे शो लाने की कोशिश करता है। ‘सम्पत चम्पत’ इसी कड़ी का एक उदाहरण है। यह लोटपोट कॉमिक्स के लिए भी बहुत खुशी और गर्व की बात है, क्योंकि उनके पुराने और पसंदीदा किरदार अब एनिमेशन के जरिए टीवी पर दिखाए जा रहे हैं।

वेब दुनिया 21 May 2026 1:03 pm

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

चुनाव परिणाम के बाद बंगाल में जगह-जगह कुछ हिंसा तो तृणमूल नेताओं द्वारा मकानों, जमीनों, कार्यालयों पर कब्जे के संदर्भ में हुई जब लोग स्वयं निकलकर इसे मुक्त कराने लगे। इसी तरह हिंदुओं के कई धर्मस्थलों या धर्म स्थानों की मुक्ति के दृश्य भी सामने आए।

वेब दुनिया 21 May 2026 11:45 am

गुरु-पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, 3 कार्य करेंगे तो मिलेगी सफलता

Guru Pushya Yoga: 21 मई 2026 को गुरु पुष्य के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु-पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के मिलन को बेहद दुर्लभ और महासंयोग माना गया है। गुरु देव बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र का मिलन जब सर्वार्थ सिद्धि योग (जो हर कार्य को सिद्ध करने वाला है) के साथ होता है, तो ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है। इस महासंयोग के दौरान यदि आप सही दिशा में प्रयास करते हैं, तो आपकी सफलता की संभावना शत-प्रतिशत हो जाती है। इस शुभ अवसर पर आपको मुख्य रूप से निम्नलिखित 3 कार्य जरूर करने चाहिए। गुरुवार का व्रत या सिर पर लगाएं केसर का तिलक बृहस्पति, श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की करें पूजा मंदिर में करें पीली वस्तुओं को अर्पित ALSO READ: Guru Pushya Yoga benefits: गुरु-पुष्य योग में खरीदी करने के 5 बड़े फायदे 1. नए कार्यों की शुरुआत और निवेश (New Beginnings & Investments) इस महासंयोग को किसी भी नए काम की नींव रखने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन शुरू किया गया कार्य लंबे समय तक शुभ फल देता है। क्या करें: यदि आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, नया प्रोजेक्ट हाथ में ले रहे हैं, या नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है। निवेश (Investment): सोना, चांदी, जमीन, मकान या शेयर मार्केट में दीर्घकालिक (Long-term) निवेश करने के लिए यह दिन अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है। इस दिन की गई खरीदारी में निरंतर वृद्धि होती है। 2. गुरु और माता लक्ष्मी की विशेष साधना (Spiritual Practice & Worship) पुष्य नक्षत्र के देवता देवगुरु बृहस्पति हैं और इस योग में धन की देवी मां लक्ष्मी की साधना करने से दरिद्रता का नाश होता है। क्या करें: सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। मंत्र जाप: हल्दी की माला से ॐ बृं बृहस्पतये नमः या ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः का जाप करें। विशेष उपाय: इस दिन कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती। 3. दान-पुण्य और ज्ञान का अर्जन (Charity & Knowledge Acquisition) बृहस्पति ज्ञान, धर्म और दान के कारक हैं। इस महासंयोग में किया गया दान अक्षय पुण्य (जिसका कभी क्षय न हो) प्रदान करता है। क्या करें: पीले रंग की वस्तुओं जैसे- चने की दाल, बेसन के लड्डू, पीले वस्त्र या हल्दी का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को करें। ज्ञान की शुरुआत: यदि आप विद्यार्थी हैं या कुछ नया सीखना चाहते हैं (जैसे कोई नई स्किल, कोर्स या अध्यात्म), तो आज के दिन उसकी शुरुआत करें। गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लेना इस दिन आपकी सफलता के द्वार खोलता है। विशेष टिप: इस महासंयोग के दौरान किसी भी प्रकार के वाद-विवाद, झूठ बोलने और तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से पूरी तरह दूर रहें, ताकि इस योग की सकारात्मक ऊर्जा का आपको पूरा लाभ मिल सके।

वेब दुनिया 21 May 2026 11:28 am

'जोर से बोलो, आवाज नहीं आ रही', पैपराजी ने मांगी सलमान खान से माफी, विवाद का हैप्पी एंड

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी दरियादिली के साथ-साथ अपने कड़क मिजाज के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के बाहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने सेलिब्रिटी प्राइवेसी और पैपराजी के काम करने के तौर-तरीकों पर एक नई बहस छेड़ दी। दरअसल, सलमान खान अपने किसी करीबी से मिलने हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, इस दौरान पैपराजी ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद सलमान पैपराजी पर बुरी तरह भड़क उठे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके भी पैपराजी को फटकार लगाई थी। LATEST: Cute Banter Between Salman Khan and Media People! Media - Aaj koi chilana mat re, Love u bhai. Salman - Ha yeh jagah sahi hai. Media - Kal ke liye sorry bhai Salman - Jor se bolo awaz Nahi aa rahi tum sabki #SalmanKhan pic.twitter.com/vhwiFz8K00 — Being ADARSH (@IBeingAdarsh_) May 20, 2026 हालांकि अब इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत बेहद सकारात्मक रहा, जहां गलती का एहसास होने पर मीडियाकर्मियों ने माफी मांगी और सलमान ने भी मुस्कुराकर उन्हें माफ कर दिया। इस विवाद के ठीक अगले दिन यानी बुधवार को सलमान खान मुंबई में रितेश देशमुख की मराठी फिल्म 'राजा शिवाजी' के सक्सेस बैश में शामिल होने पहुंचे, जहां उन्होंने एक कैमियो रोल किया है। ALSO READ: '60 साल का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला', पैपराजी पर भड़के सलमान खान, आधी रात को दी चेतावनी जैसे ही सलमान अपनी सुरक्षा टीम के साथ रितेश देशमुख के बगल में पोज देने के लिए आगे बढ़े, वहां मौजूद सभी फोटोग्राफर्स ने एक सुर में चिल्लाकर कहा— सॉरी भाईजान, सॉरी! शुरुआत में हलचल देखकर सलमान थोड़े ठिठके, लेकिन जब उन्हें समझ आया कि पैपराजी अपनी पिछली रात की गलती के लिए माफी मांग रहे हैं, तो उनका दिल पिघल गया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को पीछे हटने का इशारा किया और पैपराजी की माफी स्वीकार कर ली। LATEST: Megastar #SalmanKhan with Riteish Deshmukh together & look at the paps... literally apologising & saying sorry. They know they crossed the line yesterday. It's never a bad idea to apologise to India's biggest megastar… & Bhai, being the man with the biggest heart,… pic.twitter.com/jdbRE9OOm3 — BeingXSohail (@BeingSohail__) May 20, 2026 मजाकिया अंदाज में खत्म हुआ तनाव माहौल को हल्का करते हुए सलमान खान ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ज़ोर से बोलो, आवाज़ नहीं आ रही तुम सबकी! सलमान की यह बात सुनते ही वहां मौजूद रितेश देशमुख और सभी फोटोग्राफर्स हंस पड़े। सलमान ने उनसे यह भी पूछा कि उन्होंने वह वीडियो क्यों नहीं शेयर किया जिसमें वे कल रात चप्पलें हाथ में लेकर भाग रहे थे? इसके बाद पैपराजी ने फिर से अपनी गलती मानी और कहा, आज कोई नहीं चिल्लाएगा भाई, लव यू भाई। जवाब में सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा, हां, यह जगह चिल्लाने के लिए सही है, अस्पताल नहीं। सलमान खान ने वहां मौजूद लोगों को यह भी बताया कि वह कल रात काफी भावुक थे क्योंकि उनके किसी करीबी की पत्नी बहुत बीमार थीं। इस तरह, महज 24 घंटे के भीतर सलमान खान और पैपराजी के बीच का यह बड़ा विवाद सुलझ गया। सलमान के इस कदम की सोशल मीडिया पर फैंस जमकर तारीफ कर रहे हैं।

वेब दुनिया 21 May 2026 11:17 am

'मिर्जापुर: द मूवी' रचेगी इतिहास, दिव्येंदु ने फिल्म को लेकर किया बड़ा खुलासा

भारत की सबसे प्रतिष्ठित ओटीटी फ्रैंचाइज़ी में से एक, 'मिर्जापुर: द मूवी' के साथ बड़े पर्दे पर अपनी बहुप्रतीक्षित छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो इसके बेबाक और फैंस के पसंदीदा यूनिवर्स को सिनेमाघरों में कहीं बड़े पैमाने पर लेकर आ रही है। यह फिल्म अभी से साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित रिलीज में से एक बनकर उभरी है। ​दर्शकों को इसके धमाकेदार और विस्फोटक दुनिया में वापस ले जाने का वादा करते हुए, 'मिर्जापुर: द मूवी' से यह उम्मीद की जा रही है कि यह बड़े एक्शन सीन्स, नए ट्विस्ट, तीखे टकरावों और एक बड़े सिनेमाई अनुभव के साथ रोमांच को और बढ़ा देगी। फिल्म की रिलीज से पहले, दिव्येंदु ने अपने पसंदीदा किरदार 'मुन्ना भैया' के रूप में वापसी को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। ALSO READ: वाणी कपूर ने की 'सपने वर्सेस एवरीवन 2' की तारीफ, बोलीं- ऐसी कहानियां दिल को छू जाती है ​इसे 'विंटेज' (क्लासिक) मिर्जापुर बताते हुए और यह फिल्म बड़े पर्दे पर कितनी भव्य होने वाली है, इस पर दिव्येंदु ने साझा किया, यह पूरी तरह से 'विंटेज' मिर्जापुर होने वाला है। हम पूरी ताकत के साथ धमाकेदार वापसी कर रहे हैं। आप उन्हीं किरदारों को देखेंगे जो पहले सीज़न में थे, वे जैसे थे वैसे ही नज़र आएंगे। बैकड्रॉप बिल्कुल वैसा ही है लेकिन परिस्थितियां अलग हैं। चूंकि यह एक फिल्म है, इसलिए यह बहुत बड़े और सिनेमाई कैनवास पर बनी है, और यह वाकई में सिर्फ और सिर्फ फैंस के लिए है। ​'मुन्ना भैया' के लिए मिले इस अगाध प्यार और एक बार फिर इस आइकॉनिक किरदार में कदम रखने के बारे में बात करते हुए दिव्येंदु ने कहा, मुन्ना के लिए लोगों के दिल में जो प्यार है, उसे मैं आज भी पूरी तरह समझ नहीं पाता हूं। कभी-कभी तो हैरानी होती है कि क्या ऐसा कोई किरदार सचमुच किसी समानांतर दुनिया में जी रहा है। चूंकि तीसरे सीज़न में मेरा किरदार मर गया था, इसलिए लोग पुराने हिंदी गानों के साथ इमोशनल रील्स बना रहे थे और उससे वापस आने की गुहार लगा रहे थे। ​उन्होंने आगे कहा, मैं सचमुच यही उम्मीद करता हूं कि मैं एक बार फिर इस किरदार के साथ पूरा न्याय कर सकूँ। मेरे दिमाग में थोड़ा सा द्वंद्व (dichotomy) था कि क्या मुझे इसे बिल्कुल नए सिरे से निभाना चाहिए या फिर पहले सीज़न में जो मैंने किया था, उसी की नकल करनी चाहिए, इसलिए शुरुआत में मैं थोड़ा असमंजस में था। ​ 'मिर्जापुर: द मूवी' को लेकर चारों तरफ मचे जबरदस्त बवाल और इसके इतिहास रचने की बात पर विचार करते हुए दिव्येंदु ने कहा: हां, कमाई और रेवेन्यू स्ट्रीमिंग के मामले में यह एक बहुत बड़ी क्रांति साबित होने वाली है; मुझे लगता है कि बहुत से लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह फॉर्मूला काम करता है, ताकि वे भी ऐसा ही कर सकें (यानी किसी वेब सीरीज़ को फिल्म में बदल सकें)। ठीक वैसे ही, जैसे जब पहली बार 'मिर्जापुर' आई थी और किसी ने उससे इतनी उम्मीदें नहीं लगाई थीं, मुझे लगता है कि यह फिल्म भी कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक करने की राह पर है। ​'मिर्जापुर: द मूवी' अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत की जा रही है। गुरमीत सिंह द्वारा निर्देशित और पुनीत कृष्णा द्वारा लिखित इस फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 4 सितंबर, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में एक भव्य रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है।

वेब दुनिया 21 May 2026 10:48 am

भाजपा के संगठनात्मक एवं मीडिया प्रशिक्षण की सांगठनिक चर्चा

सिरोही। भारतीय जनता पार्टी जिला सिरोही की संगठनात्मक व मीडिया प्रशिक्षण बैठक बालाजी भवन सरूपगंज में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भंड़ारी व प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया पेनलिस्ट ललित लकवाल के आतिथ्य में सम्पन्न हुई। जिला संगठनात्मक बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भंड़ारी ने कहा कि जिला, मंडल व बूथ तक की योजना बना कर महीने […] The post भाजपा के संगठनात्मक एवं मीडिया प्रशिक्षण की सांगठनिक चर्चा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 May 2026 8:42 am

ब्लैकबोर्ड-’ईसाई बन गए थे दादा, कब्र खोदकर ले गए लाश’:गांव वाले बोले- शव को शराब पिलाए बगैर नहीं दफना सकते

17 दिसंबर 2025। चारों तरफ जंगल और उसके बीच खाली खेत में 90 पंचायतों के लोग जुटे हैं। सभी के हाथ में लाठी-डंडे, कुदाल और फावड़े हैं। पंचायत में एक शख्स ने फरमान सुनाया कि उस कब्र को खोद डालो और लाश निकाल लो। इतना सुनते ही भीड़ कब्र की ओर चल पड़ी। एक खेत के किनारे ईंट-पत्थर से कब्र बनी है। भीड़ से कुछ लोग कुदाल-फावड़े से उसे तोड़ने लगते हैं। कुछ ही देर में कब्र टूट जाती है। दो लोग आगे आकर कब्र से एक लाश निकालते हैं। लाश सड़ चुकी है। कफन के चीथड़े बाहर बिखरे पड़े हैं। वे लाश को घसीटते हुए सड़क की तरफ चल पड़ते हैं। भीड़ लाश को कहां ले गई आज तक पता नहीं चला। लाश को गायब हुए 6 महीने हो चुके हैं। यह लाश चमरा राम सलाम की थी। इस भीड़ को चमरा राम सलाम का ईसाई धर्म को मानना मंजूर नहीं था। इस बार ब्लैकबोर्ड सीरीज में इस घटना का स्याह पहलू जानने के लिए मैं नीरज झा छत्तीसगढ़ के कांकेर पहुंचा हूं। कांकेर से 50 किलोमीटर दूर बड़े तेवड़ा गांव। यहां एक घर के बाहर आम के पेड़ के नीचे मेरी मुलाकात एक लड़की से होती है। यह 14 साल की लड़की चमरा राम सलाम की पोती है। नाम है ज्योति। वह कच्चे आम छील रही है। ज्योति बताती है, ‘उस दिन 90 गांव की भीड़ के साथ पुलिस भी थी। हम डरकर घर के एक कमरे में दुबक गए। चाची ने फौरन भीतर से कुंडी लगा लिया। मैं घर के एक झरोखे से क्रब तोड़ने का सारा मंजर देख रही थी। आज भी जब खेत की तरफ देखती हूं या दो से ज्यादा लोगों को उधर जाते हुए देखती हूं, तो डर लगता है। वही नजारा आंखों के सामने आ जाता है।’ ये बातें सुनते हुए पास में बैठीं ज्योति की मां ललिता रोने लगती हैं। घटना के बाद उनके पति सरपंच राजमन सलाम इतने डर गए कि पिछले 6 महीने से गांव से फरार हैं। ललिता टूटी-फूटी हिंदी में डर-डरकर बताती हैं- ‘पति से बात किए 6 महीने हो चुके हैं। पता नहीं कहां हैं। चारों बच्चे अपने पापा को याद कर के रोते हैं। कहते हैं कि दादा की तो लाश भी नहीं बची, पापा भी घर छोड़कर चले गए।’ ललिता आंसू पोंछते हुए कहती हैं- अब बच्चों को ये कैसे बताऊं कि धर्म बदलने के कारण गांव वालों ने हमारा ऐसा हाल कर दिया है। हमारा राशन-पानी, सड़क पर चलना-फिरना सब बंद कर दिया है। ‘गांव वालों की चोरी से राशन खरीदने जाती हूं’ पानी भी दूसरे गांव के बोरवेल से लाना पड़ता है, वो भी रात में ताकि कोई पहचान न सके। राशन भी रात में चुपके से लाती हूं, तब घर का चूल्हा जलता है। ऊपर से मुकदमा भी हमारे ही खिलाफ लिखा है। हर 15 दिन में हमारे परिवार को थाने बुलाया जाता है। पुलिस भी पैसे लेती है और तभी घर आने देती है। जबकि मुकदमा तो हमें करना चाहिए था। ललिता अपने बाल खींचकर कहती हैं- ‘देखिए, अभी भी मेरे बाल कटे हुए हैं। पिछले साल 15 दिसंबर की बात है। मेरे ससुर चमरा राम कई दिनों से बीमार थे। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो हम उन्हें शहर लेकर भागे। शाम होते-होते अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई। पति ने गांव वालों को फोन करके खबर दी कि- पिताजी की मौत हो गई है। कल आप लोग मिट्टी देने आ जाइएगा। तब तक तो अंदाजा ही नहीं था कि लोग हमारे ईसाई धर्म अपना लेने से नाराज हैं। ससुर ने मरने से पहले ही कह दिया था मेरा अंतिम संस्कार ईसाई धर्म के अनुसार करना। जब मेरे पति ससुर का शव लेकर घर पहुंचे तो छोटे देवर राम सिंह ने कहा- भइया, पिताजी का अंतिम संस्कार आदिवासी हिंदू रीति-रिवाज से ही होना चाहिए, ईसाई धर्म के मुताबिक नहीं। देवर राम सिंह ने धर्म नहीं बदला है, वे आज भी आदिवासी हिंदू हैं। उनकी बात पर मेरे पति नाराज हो गए और सख्ते लहजे में कहा- मैं घर का बड़ा बेटा हूं, जिस धर्म को मानता हूं, उसी के मुताबिक पिताजी का अंतिम संस्कार करूंगा। ‘पति ने मिन्नतें की तब जाकर अंतिम संस्कार हुआ’ ये सुनते ही देवर राम सिंह ने गुस्से में गांव वालों को जुटा लिया और झगड़ा करने लगे। कहने लगे कि पिताजी तो हिंदू थे। फिर उन्हें ईसाई धर्म के मुताबिक कैसे दफना सकते हो? हम ऐसा नहीं होने देंगे। ये सब होते-होते शाम होने लगी। लाश दरवाजे पर रखी थी। मेरे पति मिन्नतें करने लगे कि पिताजी की यही इच्छा थी, देर मत करो। अंतिम संस्कार हो जाने दो। आखिरकार सबने हामी भर दी। मेरे पति ने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर ससुर का शव घर के पास वाले खेत में दफना दिया। सभी ने ईसाई धर्म के मुताबिक प्रार्थना की। फिर ईंट और सीमेंट से पक्की कब्र बनवाई। अगले दिन 17 दिसंबर को मैं और मेरे पति कुछ रिश्तेदारों के साथ इसी आम के पेड़ के नीचे बैठे थे। अचानक 90 गांव के लोग पंचायत करके मेरे घर आ धमके। उनके हाथ में लाठी-डंडे थे। वे हमें पीटने लगे। मेरे सिर पर किसी ने डंडा मारा और मैं बेहोश हो गई। वे घर में घुसकर तोड़-फोड़ करने लगे। घर के बगल में बना हमारा चर्च भी तोड़ दिया। मुझे होश आया तो सिर से खून बह रहा था। पति भी बुरी तरह घायल थे। फौरन हमें हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर ने दो दिन भर्ती रखा। जब वापस घर लौटे, तो सब कुछ उजड़ चुका था। गांव वाले ससुर की लाश को कब्र से खोदकर निकाल ले गए थे। कहां ले गए, आज तक नहीं पता चला। पुलिस भी कुछ बताती नहीं। ललिता बात करते-करते मुझे, अपने खेत की ओर ले गईं। वहां एक आम के पेड़ के नीचे कब्र खुदी हुई है। क्रब के पास ही मिट्टी का ढेर लगा है। सामने एक टूटी हुई खाट पड़ी है। जिस पर उनके ससुर की लाश लाई गई थी। ललिता कहती हैं, ‘अब तो हम यहां आते ही नहीं। ससुर की लाश ही नहीं है, कैसे आंसू बहाएं?’ टूटी कब्र दिखाकर ललिता वापस लौट आती हैं। सामने अपनी देवरानी की घर की ओर इशारा करते हुए कहती हैं- मेरी सास अब उसी के घर रहती हैं।’ अब ललिता के देवरानी के घर पहुंचता हूं। आंगन में 65 साल की वैशाखी बाई बैठी हैं। नीचे चटाई पर बैठते हुए डबडबाई आंखों के साथ गोंडी भाषा में कहती हैं- मेरे सामने की बात है। गांव वाले पति की लाश कब्र से खोदकर कुत्ते की तरह घसीटते हुए ले गए। अब मैं कब्र पर नहीं जाती। जाती हूं तो कई दिन तक पति को याद करके रोती हूं। हाथ में पति की धुंधली सी पासपोर्ट साइज फोटो लिए वैशाखी बाई बताती हैं कि आज भी खेत में उनके कफन के फटे हुए टुकड़े पड़े हैं। अब तो केवल अपने बच्चों का सहारा है। मेरे पति को तो कब्र तक नसीब न हुई। लाश भी खोदकर ले गए। पास ही बैठी वैशाखी बाई की छोटी बहू ऊषा बीच में ही बोल पड़ीं, ‘10 साल पहले मेरी जेठानी ललिता ने ईसाई धर्म अपनाया था। मुझे बच्चे नहीं हो रहे थे, तो मुझे भी अपने साथ चर्च ले जाने लगीं। उसी साल मुझे बच्चा हुआ। तब से मैं भी ईसाई धर्म मानने लगी। मेरे गांव के लोगों को ईसाई धर्म से दिक्कत है।’ ऊषा की बात खत्म होते ही अब मैं अपने साथी को लेकर गांव की तरफ निकल पड़ता हूं। रास्ते में एक घर और उसके बरामदे पर बैठे कुछ लोग दिखाई पड़ते हैं। मैं रुककर इन लोगों से बात करने लगता हूं। ये सभी ‘ग्राम पटेल’ नाम के समूह के सदस्य हैं। यहां ग्राम पटेल कई पंचों का एक समूह को कहते हैं। इन्हीं में से एक हिरऊ राम सलाम छत्तीसगढ़ी जुबान में चमरा राम सलाम के बेटे सरपंच राजमन को गाली देते हुए कहते हैं- ‘हां, वह हमारा पट्टीदार है। सर, हम तो आदिवासी हिंदू हैं। शीतला माता की पूजा करते हैं, लेकिन उसका परिवार गलत रास्ते पर चल दिया। अपने देवी-देवता को छोड़कर ईसा-मसीह को मानने लगा। सिर्फ राजमन का भाई राम सिंह आदिवासी हिंदू धर्म मानता है। वह पिता का अंतिम संस्कार उसी के मुताबिक करना चाहता था, लेकिन नहीं करने दिया। उस परिवार के साथ जो हुआ, ठीक ही हुआ है। लेकिन आप यह सब क्यों पूछ रहे हैं? आपका कोई एजेंडा तो नही? आप भी ईसाई तो नहीं हैं?’ यह कहते हुए लोगों के बीच बैठे हिरऊ राम सलाम भड़क गए। बातचीत के लिए लगाया माइक निकालकर फेंकने लगे। गुस्से में उनकी आंखें लाल हो गईं। शायद शराब भी पी रखी है। बोले- अब आपसे बात नहीं करना चाहता। उनका गुस्सा शांत करने के लिए मैंने अपने हाथ में बंधा रक्षा-सूत्र कई बार दिखाया। मेरे साथ मौजूद लोकल ड्राइवर युवराज के माथे पर लगे चंदन को दिखाते हुए समझाया कि हम हिंदू हैं। तब जाकर वह फिर से बात करने के लिए तैयार हुए। वह कहते हैं- ‘देखिए सर, सरपंच राजमन के पिता चमरा राम सलाम तो मेरे चाचा थे। जब उनकी मौत हुई, तो हम लोगों ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू आदिवासी रीति-रिवाज से होना चाहिए। राम सिंह हिंदू धर्म मानता है। वही चाचा का अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन वह नहीं माने। दरअसल, हमारे आदिवासी समाज में अंतिम संस्कार का एक रीति-रिवाज है। हम भी शव को दफनाते हैं, लेकिन कब्र खोदने से पहले जमीन पर दारू गिराते हैं। फिर तीन बार जमीन पर कुदाल मारी जाती है। उसके बाद कोई भी कब्र खोद सकता है। उसके बाद शव को शराब पिलाते हैं। आखिरी तौर पर दफनाने का काम मरे हुए आदमी की समधन करती है। लेकिन राजमन और उसका परिवार इस रिवाज के खिलाफ गया। हमें बिना बताए कब्र खोदी और चाचा का अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाज के मुताबिक किया। हम चाचा को इस तरह कभी भी अपने गांव में दफनाने नहीं देंगे।’ यह बातचीत चल ही रही थी कि हिरऊ राम सलाम मेरी गाड़ी में बैठे दो लड़कों देखकर फिर से भड़क जाते हैं। वे उन लड़को को पहचानते हैं। कुछ ही साल पहले ही दोनों लड़कों ने ईसाई धर्म अपनाया है। ये लड़के मुझे सरपंच राजमन सलाम के घर और अब हिरऊ राम सलाम तक लेकर पहुंचे हैं। हिरऊ राम सलाम और उनके साथ बैठे बाकी लोग दोनों लड़कों की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, ‘आप इन लोगों को अपने साथ लेकर क्यों घूम रहे हो? आप झूठ बोल रहे हैं कि आप ईसाई नहीं हैं। दरअसल, आप लोग हमारे गांव में ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं। जल्दी से अपना मोबाइल निकालो। गांव में जिन भी परिवारों का वीडियो बनाया है, सारे डिलीट कर दो। नहीं तो वापस नहीं जा पाओगे’ इस हल्ला-गुल्ला के बीच अचानक दर्जनभर के करीब और लोग जमा हो जाते हैं। इस बीच हिरऊ राम सलाम की मोबाइल पर एक के बाद एक कॉल आने लगती हैं। वह अपने मोबाइल का स्पीकर ऑन कर देते हैं। कॉल पर एक आदमी बात करते हुए खुद को सरपंच बता रहा है। उसे सरपंच राजमन सलाम के फरार होने के बाद गांव वालों ने अस्थायी सरपंच चुना है। नाम है- श्याम सिंह सरफे। श्याम सिंह सरफे स्पीकर पर मुझसे कहते हैं, ‘थाने की परमिशन के बिना आपकी गांव में घुसने की हिम्मत कैसे हुई? आप ईसाई धर्म मानने वाले लोगों को लेकर गाड़ी में घूम रहे हैं? हम भी आ रहे हैं। जब तक हम पहुंचते नहीं। आप कहीं नहीं जाएंगे।’ उसके बाद वहां खड़े बाकी लोग मेरी गाड़ी को घेर लेते हैं। माहौल खराब होता देख मैं फौरन अपने मोबाइल, माइक समेटता हूं और अपनी गाड़ी में बैठ जाता हूं। गाड़ी का शीशा चढ़ाता हूं और अपने ड्राइवर युवराज साहू को इशार करके गाड़ी भगाने को कहता हूं। रास्ते में युवराज बताने लगते हैं, ‘सर, ये लोग जंगल से पता नहीं किस-किस तरह के जानवर मारकर खाते हैं। अगर कब्र में दफनाया गया शव निकाल सकते हैं, तो पता नहीं और क्या-क्या कर सकते हैं। यहां से जितना जल्दी हो निकल चलना बेहतर होगा। लोकल थाना भी इनसे मिला हुआ है।’ ड्राइवर की यह बात सुनते ही मेरा ध्यान अचानक आमाबेड़ा थाने के उस गेट की तरफ चला गया, जहां कुछ देर पहले वीडियो शूट करते वक्त तैनात सिपाही ने मुझसे मेरा धर्म पूछा था। मैंने उसे हिंदू होने की बात बताई थी। आगे पूछा था कि- ‘आप किस गांव में जा रहे हैं? हमें तो सरकार ने यहां मरने के लिए छोड़ दिया है।’ लेकिन मैं उसे बताए बगैर बड़े तेवड़ा गांव पहुंच गया था। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-'तुम ईसाई बन गए, बाप की लाश नाले में बहाओ':22 दिन तक सड़ती रही लाश, सरपंच बोला- अंतिम संस्कार किया तो बीवी-बच्चों के बारे में सोच लेना कुछ देर तक शव देखते खड़े रहे, फिर कड़क आवाज में बोले- ‘देखो, तुम अपने बाप की लाश गांव के कब्रिस्तान में नहीं दफना सकते। वहां केवल दलित हिंदू ही शव दफना सकते हैं। तुम लोगों ने धर्म बदला है। इसलिए गांव के बाहर लाश दफनाओ'। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-सुहागरात पर ड्रग्स लेने गया, रातभर नहीं लौटा:हर हफ्ते लड़कियां बदलता, सड़क पर अंडरवियर में मिला; नशे के लिए 25 लाख की नौकरी छोड़ी जुलाई 2022 की वो रात… जिस रात के लिए ज्यादातर लोग सपने बुनते हैं। उस दिन मेरी सुहागरात थी। कमरा सज चुका था। रिश्तेदार थककर सो गए थे। दुल्हन मेरे कमरे में इंतजार कर रही थी। मैं उसके कमरे में गया और उससे बात किए बिना बगल में लेट गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 21 May 2026 5:09 am

दिल्ली की सीक्रेट शुद्धिसभा, हर हफ्ते 400 हिंदू बन रहे:राजा मानसिंह के वंशज अनवर बने नरेश, हर साल 2.5 लाख घर वापसी का दावा

तारीख- 28 अप्रैल 2026, जगह- दिल्ली के कमला नगर का आर्य समाज मंदिर। मंदिर के कुंड से धुआं उठ रहा था। हवन की सौंधी खुशबू थी। हमने वही खड़े मंदिर के सेवादार से पूछा कि अभी हवन हुआ है क्या। उन्होंने जवाब दिया- हां, अभी-अभी शुद्धि हुई है। एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। आर्य समाज में बताए तरीकों से उसकी वैदिक धर्म में वापसी कराई गई है। मंदिर से 50 मीटर दूर एक टूटा-फूटा कमरा है। बाहर सफेद रंग की नेम प्लेट लगी है, जिस पर लिखा है- शुद्धि सभा। कमरे के अंदर कुछ रैक हैं, जिनमें डॉक्यूमेंट्स का ढेर लगा है। इसमें शुद्धि यानी वैदिक धर्म में वापसी करने वालों का हिसाब-किताब है। पूजा-हवन के बाद पंडितजी बोले- अब लड़की हिंदू हुई शुद्धि कैसे होती है? इसके जवाब में मंदिर के सेवादार कहते हैं, ‘आप 15 मिनट पहले आतीं, तो शुद्धिकरण होते देख लेतीं।' उन्होंने हमें 18-20 मिनट की एक रिकॉर्डिंग दिखाई। इसमें एक लड़की दो महिलाओं के साथ थी। वैदिक मंत्रों के साथ हवनकुंड में आहुतियां देने के बाद पंडित जी ने लड़की के माथे पर रोली से तिलक लगाया। हाथ में कलावा बांधा। पूजा के बाद बोले- अब लड़की हिंदू हुई।‘ लड़की का नाम रीता (बदला हुआ नाम) रखा गया। उसने पंडित जी, सास और ननद के पैर छुए। एक सेवादार ने पीछे से कहा- ‘घर वापसी की बधाई।’ लड़की शांत थी, चेहर पर कृतज्ञता थी या दुविधा, ये नहीं पता, लेकिन हल्की सी मुस्कान जरूर थी। आर्य समाज मंदिर के बगल में शुद्धि सभा, हर हफ्ते करीब 400 शुद्धिकरणकमला नगर में कभी बिरला मिल चलती थी। अब बंद है। इसके नाम पर गली का नाम बिरला लेन हो गया। भीड़भाड़ वाला इलाका है, लेकिन शुद्धि सभा के बारे में पूछने पर लोग बगले झांकने लगते हैं। आर्यसमाज मंदिर के बारे में पूछेंगे, तो तुरंत बता देंगे। भारतीय हिंदू शुद्धि सभा भवन का 10 बाई 10 का ऑफिस है। अंदर एक टेबल, दो कुर्सियां और एक रैक रखी है। यही हमारी मुलाकात केयरटेकर से हुई, जो अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते। वे बताते हैं, 'जिस दफ्तर से इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है, उसका पता किसी को क्यों बताएं। हमेशा हमले का खतरा बना रहता है। हम प्रचार कम, काम ज्यादा पर भरोसा करते हैं।' वे ऑफिस की रैक में रखी एक फाइल निकालकर कुछ लिखने लगे। हमने पूछा कि ये रजिस्टर किसलिए है, इसमें क्या लिखा? जवाब मिला, ‘आज जो शुद्धिकरण कराया गया, उसकी एंट्री की है। लड़की मुस्लिम से हिंदू बनी है। उसकी होने वाली सास और ननद लेकर आए थे। वो हिंदू लड़के से शादी करना चाहती है, इसलिए मर्जी से हिंदू बनना स्वीकार किया।' उसके परिवार वाले नहीं आए? इस पर वे कहते हैं, ‘नहीं। मां राजी थी, लेकिन डर की वजह से साथ नहीं आई। घर वालों को पता चल जाएगा तो लड़की, लड़के और उनके परिवार को जान का खतरा हो जाएगा।’ क्या हर शुद्धिकरण की एंट्री होती है? जवाब मिला- ‘हां, डेटा तो रखना पड़ता है।‘ हफ्ते भर में कितने लोगों का शुद्धिकरण करवाते हैं? वे कहते हैं, ‘डेटा नहीं बता सकते, कॉन्फिडेंशियल है।‘ फिर बोले, ‘यही कोई 400 से 500 लोगों का शुद्धिकरण करते हैं । रोज कोई न कोई आता ही है। कोई अकेले आता है, कोई परिवार के साथ, कई परिवार एक साथ भी आ जाते हैं।‘ वे रजिस्टर दिखाने को तैयार हो गए, लेकिन फोटो या वीडियो लेने से मना कर दिया। रैक पर रखे रजिस्टरों में पिछले एक साल का रिकॉर्ड है। 1923 से शुरू हुई शुद्धि सभा, 30 हजार राजपूतों की घर वापसी इसके बाद हम भारतीय हिंदू शुद्धि सभा (BHSS) के महामंत्री सुभाष चंद्र दुआ से मिले। घर वापसी के इतिहास पर वे कहते हैं, ’देहरादून के रहने वाले मोहम्मद उमर, आर्यसमाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती के संपर्क में आए। उन्होंने वैदिक धर्म में वापसी की इच्छा जताई। दयानंद जी ने उनका शुद्धिकरण किया और अलखधारी नाम दिया।’ ’अलखधारी बाद में सनातन के प्रचारक बने। तब शुद्धि आंदोलन की नींव रखी जा रही थी। दयानंद सरस्वती ने ऐसे बहुत से लोगों का शुद्धिकरण किया। वे 1875 से ये काम कर रहे थे।’ '25 फरवरी को स्वामी श्रद्धानंद जी ने आगरा के रायभा गांव में सबसे पहले शुद्धि की। एक साथ करीब 5 हजार लोगों ने सनातन में वापसी की। 1923 के आखिर तक ये आंकड़ा 30 हजार के पार हो गया। इसमें मलकाना राजपूतों ने बड़े स्तर पर घर वापसी की।' घर वापसी करने वालों की संख्या पूछने पर सुभाष कहते हैं कि हम सटीक आंकड़ा तो नहीं बता सकते। हमारे पास सब डाक्यूमेंटेड है। मोटे तौर पर हर साल करीब 2.5 लाख लोग घर वापसी करते हैं। इसमें मुस्लिम और ईसाई दोनों हैं। मुसलमान ज्यादा हैं। मलकाना राजपूतों के गांव में आज भी है शुद्धि मोहल्ला सुभाष की बातों की पुष्टि के लिए हम आगरा के रायभा गांव पहुंचे। यहां की बड़ी आबादी मलकाना राजपूत है। गांववाले कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हुए। कुछ लोगों ने बताया, ‘हम तो उस वक्त नहीं थे। पूर्वजों ने जरूर बताया था कि मुगलों के आक्रमण के वक्त जान बचाने के लिए हम हिंदू से मुसलमान बने, लेकिन बाद में शुद्धिकरण कर हिंदू बन गए।’ वे कहते हैं, ‘बेटे-बेटियों, नाती-पोतों की शादियां अब हिंदुओं में होती हैं। रिश्तेदार ये सब नहीं जानते। इतनी पुरानी बात बताने का मतलब भी नहीं। अगर ये खबर फैली, तो लोग हमारे हिंदू होने पर शक करेंगे। अगर सबूत चाहिए, तो यहां आज भी एक मोहल्ले का नाम शुद्धि है, जहां वैदिक रीति-रिवाज से हमारे पूर्वज हिंदू बने थे।‘ अमेरिका में बसे राजघराने के वंशजों की घर वापसी कराई भारतीय शुद्धि सभा के महामंत्री सुभाष चंद्र दुआ आगे बताते हैं, ‘जयपुर के महाराज मानसिंह का जिक्र आपने सुना होगा। वे मुगल सेना के साथ महाराणा प्रताप के खिलाफ लड़े थे। मुगलों ने उन्हें रियासत दी और वे मुसलमान बन गए। इनके वंशज अभी अमेरिका में रहते हैं। अनवर रजा और पत्नी जारा खान। दोनों 4 साल पहले वैदिक परंपरा में लौटे हैं।’ क्या आपने उनका शुद्धिकरण करवाया? सुभाष कहते हैं, ‘हां, अमेरिका में ही। शुद्धिकरण के बाद अनवर रजा नरेश सिंह राजपूत और पत्नी जारा खान अब जारा सिंह हो गई हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी हमारा बड़ा नेटवर्क है, खासकर दक्षिण अफ्रीका में।' नमाज छोड़ी, ध्यान सीखा, 4 साल पहले टेक्सास में हुई शुद्धि अनवर रजा से हिंदू बने नरेश सिंह राजपूत से हमने बात की। वे 1980 से अमेरिका में रह रहे हैं। नरेश बताते हैं, ‘मेरी पैदाइश पाकिस्तान के लाहौर की है। पिता कट्टर मुस्लिम थे। मुझे भी जमात-ए-इस्लामी पार्टी के मुखिया मौलाना मौदूदी के पास इस्लामी विचारधारा सीखने भेजते थे।‘ मेरे दादा खुद को पक्का मुसलमान नहीं मानते थे। मुझ पर उनका बहुत असर था। उन्होंने ही मुझे रामचंद्र और रानी लक्ष्मीबाई के बारे में बताया। उन साहित्यों के बारे में जाना, जो हिंदू संस्कृति का हिस्सा है। क्या दादा से आपको परिवार के इतिहास के बारे में पता चला। इस पर वे कहते हैं, ‘नहीं, सीधा तो नहीं। उन्होंने पापा को जो फैमिली ट्री दिया था, उसे उर्दू से अंग्रेजी में अनुवाद किया, तब मिर्जा राजा मानसिंह के बारे में पता चला। ये राजस्थान के आमेर के 29वें कछवाहा राजा थे और मुगल शासक अकबर के खास थे। हमारे पूर्वज उनकी सेना में थे।‘ ‘उन्हें और हमारे परिवार को मुस्लिम बनने पर किस चीज ने मजबूर किया होगा, इसका जवाब तो नहीं मिलेगा। हालांकि, यहीं से मुझे अपनी जड़ों की ओर लौटने का पहला इशारा मिला। मैंने नॉनवेज खाना छोड़ दिया। नमाज बंद कर दी। मन की शांति के लिए विपश्यना की और ध्यान करना सीखा।‘ ‘मैं मन ही मन सनातन में वापसी तो चाहता था, लेकिन रास्ता समझ नहीं आ रहा था। इसी दौरान मेरी सोशल मीडिया पोस्ट पढ़कर भारतीय हिंदू शुद्धि सभा के एक कार्यकर्ता ने मुझसे संपर्क किया। मैंने अपने बारे में सब बताया और पूछा कि क्या मैं दोबारा हिंदू बन सकता हूं। इसके बाद आर्यसमाज के एक कार्यकर्ता ने यहीं टेक्सास में ही वैदिक रीति रिवाज से मेरी शुद्धि करवाई।‘ आपकी पत्नी ने भी स्वीकार किया? जवाब मिला- ‘हां, हमने एक साथ ही घर वापसी की। वो अभी ब्रह्मकुमारी संस्था की कार्यकर्ता हैं। शादी के वक्त मैं मुस्लिम था, तो मुस्लिम से ही शादी की थी, लेकिन पत्नी ने मुझे ध्यान, विपश्यना करते देख ये सब करने की इच्छा जताई।‘ परिवार ने विरोध नहीं किया? नरेश कहते हैं, ‘ये सब अचानक नहीं किया। मैं धीरे-धीरे इस्लाम छोड़ ही रहा था। मेरा खान-पान, पूजा-पद्धति सब पहले ही बदल चुका था। बस नाम बदलना बाकी था। करीब 4 साल पहले शुद्धिकरण के जरिए ये भी हो गया।‘ बच्चे कौन सा धर्म मानते हैं? वे कहते हैं, ‘जारा और मेरे बच्चे नहीं हैं। मेरी पत्नी की पहली शादी से तीन बच्चे हैं। इनमें से दो इस्लाम मानते हैं और एक नास्तिक है।‘ कानूनी तरीके से होता है धर्म परिवर्तन शुद्धि सभा के केयरटेकर के मुताबिक, आर्य समाज रजिस्टर्ड गैर सरकारी संगठन है। घर वापसी के इच्छुक या उनके संबंधी आवेदन करते हैं। आवेदन करने वाले बालिग हैं या नहीं, इसके लिए मैट्रिक सर्टिफिकेट या एफिडेविट लगता है। उसे नया नाम देकर साइन या अंगूठा लगवाया जाता है। ये पूरी कानूनी प्रक्रिया है, इसमें डर और दबाव नहीं है। केयरटेकर बताते हैं, ‘हम व्यक्ति की प्राइवेसी और सुरक्षा को देखते हुए, धर्म बदलने वाले के डाक्यूमेंट किसी से शेयर नहीं करते। दो साल पहले एक लड़की ने यहां धर्म बदला था। न जाने कैसे उसके घरवालों को पता चला और लड़की की हत्या कर दी गई, इसलिए हम सबकुछ कॉन्फिडेंशियल रखते हैं।‘ ………………..ये खबर भी पढ़ें… TCS केस- हिंदुओं को नमाज पढ़ाने वाला तौसीफ मास्टरमाइंड 26 मार्च से 3 अप्रैल 2026 के बीच नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की 9 महिला कर्मचारियों ने FIR दर्ज कराई। 9 में से 6 FIR में TCS नासिक के टीम लीडर तौसीफ अत्तार का नाम है। तौसीफ पर सेक्शुअल हैरेसमेंट, जबरन धर्म परिवर्तन और वर्कप्लेस पर डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 21 May 2026 5:06 am

कोलकाता के सामने फ्लॉप हुई मुंबई की बल्लेबाजी, बन पाए 148 रन

KKRvsMI ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाईट राइडर्स के सामने मुंबई इंडियन्स की बल्लेबाजी फ्लॉप हो गई और वर्षा बाधित मैच में टीम 8 विकेट खोकर सिर्फ 148 रन ही बना सकी। टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कॉर्बिन बॉश रहे जिन्होंने नाबाद 18 रन बनाए। कोलकाता की ओर से कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे और कैमरन ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए। इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 65वें मुकाबले में टॉस जीत कर मुम्बई इंडियंस के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। Innings Break! A fantastic bowling performance from #KKR , but #MI fought back to put up /8 Who ends the night with points? Scorecard https://t.co/Aw11jLoww5 #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvMI pic.twitter.com/7zQZfpfraf — IndianPremierLeague (@IPL) May 20, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- कोलकाता नाइट राइडर्स (एकादश): अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, रोवमेन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और सौरभ दुबे। मुम्बई इंडियंस (एकादश): रोहित शर्मा, रायन रिकल्टन, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, और रघु शर्मा।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:11 pm

वैभव सूर्यवंशी अब तोड़ेंगें यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड

युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अब तक 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा किसी भी टी 20 टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज़्यादा हैं। सबसे ज़्यादा 59 छक्के क्रिस गेल ने आईपीएल 2012 में लगाए थे। सूर्यवंशी की नज़रें अब गेल के रिकॉर्ड पर होंगी। सूर्यवंशी ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मंगलवार को 10 छक्कों की मदद से 93 रन बनाये। सूर्यवंशी ने तीन बार आईपीएल की एक पारी में 10 या उससे ज़्यादा छक्के लगाए हैं। वह अब सिर्फ़ गेल से पीछे हैं, जिन्होंने ऐसा चार बार किया था। सूर्यवंशी ने 2026 में दो बार एक पारी में 10 या उससे ज़्यादा छक्के लगाए हैं। आईपीएल के एक सीज़न में एक से अधिक बार ऐसा करने वाले एकमात्र दूसरे बल्लेबाज़ फ़िन ऐलन हैं, जिन्होंने 2026 में ही ऐसा किया है। राजस्थान रॉयल्स ने इस आईपीएल में पहले छह ओवरों में 60 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी टीम द्वारा इस चरण में आईपीएल के एक सीज़न में सबसे ज़्यादा लगाए गए छक्के हैं। उन्होंने 2024 में सनराइज़र्स हैदराबाद के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। इनमें से अकेले सूर्यवंशी ने 37 छक्के लगाए हैं। किसी और बल्लेबाज़ ने किसी एक सीज़न के पहले छह ओवरों में 30 छक्के भी नहीं लगाए हैं। nराजस्थान रॉयल्स लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ 221 रनों का लक्ष्य हासिल किया। आईपीएल में राजस्थान द्वारा 220 से ज़्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज़ करने का यह चौथा मौका था, जो किसी भी टीम द्वारा सबसे ज़्यादा है। इससे पहले पंजाब किंग्स और एसआरएच ने तीन-तीन बार ऐसा किया था।

वेब दुनिया 20 May 2026 9:13 pm

आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौट रहे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स से चीन का काउंटर, मेलोनी से भी डील

PM मोदी 15 मई की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले थे। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आएंगे। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- UAE। मोदी यहां करीब 3 घंटे रुके। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। इस दौरान 7 MoU साइन किए, इसमें सबसे अहम था- स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व एग्रीमेंट। इसके तहत UAE की अबुधाबी नेशनल ऑइल कंपनी अब भारत के स्ट्रैटजिक तेल भंडारों में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगी। जंग के हालात या सप्लाई रुकने पर इस रिजर्व पर पहला हक भारत का होगा। UAE इस रिजर्व का किराया भी भरेगा। फिलहाल भारत के पास कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में 3 स्ट्रैटजिक ऑइल रिजर्व है। इनकी क्षमता 53.3 लाख मीट्रिक टन है, यानी इनमें करीब 4 करोड़ बैरल तेल स्टोर हो सकता है। ओडिशा के चंदीखोल में नया रिजर्व और कर्नाटक के पादुर में रिजर्व क्षमता बढ़ाई जा रही है। भारतीय रिजर्व के अलावा, UAE के फुजैराह में भी भारत के लिए पेट्रोलियम रिजर्व करने की व्यवस्था की जाएगी। इस डील के मायने UAE से 2 और अहम डील दूसरा स्टॉप था- नीदरलैंड्स। वो यहां 15 मई की रात करीब 9 बजे पहुंचे और डेढ़ दिन रुके। उन्होंने नीदरलैंड्स के राजपरिवार और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात की। इस दौरान 17 MoU साइन हुए। इनमें 2 मुख्य हैं- 1. चिप-मेकिंग डील 2. क्रिटिकल मिनरल सपोर्ट नीदरलैंड्स से 2 और डील हुई तीसरे पड़ाव के लिए मोदी 17 मई को स्वीडन पहुंचे। उन्हें स्वीडन के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया। मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात की और स्ट्रैटेजिक साझेदारी के 6 समझौते किए। इसमें अगले 5 साल में कारोबार दोगुना करने जैसी बाते हैं। एक बड़ा डेवलपमेंट जरूर दिखा। स्वीडन में मोदी से यूरोपियन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने वादा किया कि साल के अंत तक वो भारत और EU के बीच तय हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन कर देंगी। लेयेन ने जब गणतंत्र दिवस पर भारत का दौरा किया था, तब 27 जनवरी को इस समझौते की घोषणा हुई थी। मोदी और लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' नाम दिया था। इस डील के तहत यूरोप से आने वाले करीब 96.6% चीजों से टैरिफ पूरी तरह हटा दिया जाएगा या बहुत कम कर दिया जाएगा। ऐसा ही यूरोप ने भी भारत से आने वाले 99.5% सामान पर होगा। चौथे पड़ाव नॉर्वे था, जहां मोदी 18 मई को पहुंचे। आखिरी बार 1983 में इंदिरा गांधी नॉर्वे गईं थी। अब 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे की यात्रा की है। कुल 12 मुद्दों पर समझौते हुए। इसमें सबसे जरूरी है- ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप। इसके तहत नॉर्वे, भारत के क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट में निवेश करेगा। क्लीन एनर्जी यानी ऐसी ऊर्जा, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। जैसे- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, परमाणु ऊर्जा। नॉर्वे की करीब 98% बिजली आपूर्ति क्लीन एनर्जी से ही होती है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट क्लीन एनर्जी उत्पादन करना है। अप्रैल 2026 तक सिर्फ 283.46 गीगावाट तक की क्षमता इंस्टॉल हुई है। यानी टारगेट से लगभग आधी। यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है नॉर्वे, भारत LPG खरीद रहा नॉर्वे तीन तरफ से समुद्र से घिरा है। यह नॉर्वेजियन सागर और बारेंट्स सागर से तेल निकालता है। नॉर्वे हर दिन करीब 2 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है और यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है। इसका 90% एक्सपोर्ट कर देता है। ज्यादातर तेल यूरोपीय देशों को ही बेचता है। भारत कई मौकों पर नॉर्वे से छोटी खेपों में तेल खरीद भी चुका है। ईरान जंग शुरू होने के बाद से भारत ने नॉर्वे से LPG की खरीद भी बढ़ाई है। इंडिया-नॉर्वे बिजनेस समिट के दौरान नॉर्वे की सबसे बड़ी तेल कंपनी एक्विनॉर भी शामिल हुई थी। इससे पहले 2024 में भी एक्विनॉर से भारत के स्ट्रैटजिक रिजर्व के लिए कच्चा तेल खरीदने की खबरें आई थी। भारत भविष्य में भी नॉर्वे से तेल खरीदने के विकल्प तलाश सकता है। पत्रकार के सवाल का जवाब न देने पर विवाद राजधानी ऑस्लो में मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग की थी। जब वह कॉन्फ्रेंस से जाने लगे तो एक महिला पत्रकार ने पूछा, ‘आप दुनिया की सबसे आजाद प्रेस के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते?’ पीएम उन्हें जवाब दिए बिना चले गए तो पत्रकार हेली लिंग ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और हेली को इसमें अपने सवाल पूछने को कहा। यहां भी विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज और हेली के बीच बहस हुई। यूरोप दौरे के आखिरी पड़ाव के लिए मोदी 19 मई को इटली पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इटली में दोनों नेता एक ही कार में घूमे और 2000 साल पुराने कोलोजियम में सेल्फी ली। मोदी ने मेलोडी टॉफी भी गिफ्ट की। भारत और इटली के बीच कई समझौते हुए, इनमें से 2 प्रमुख हैं- 1. IMEC से ट्रेड कनेक्टिविटी इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC को आगे बढ़ाने पर दोनों देश सहमत हुए हैं। IMEC की घोषणा 9 सितंबर 2023 को दिल्ली में G20 समिट के दौरान हुई थी। ये प्रोजेक्ट भारत को मिडिल ईस्ट और यूरोप से रेलवे, पोर्ट और शिपिंग नेटवर्क के जरिए जोड़ने का प्लान है। IMEC क्यों अहम? 2. AI, टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी मोदी ने कहा, ‘भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इटली की इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी को जोड़कर नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम बनाया जाएगा। दोनों देश जिम्मेदार और सुरक्षित AI डेवलपमेंट पर भी साथ काम करेंगे। इसके अलावा भारत और इटली 2029 तक आपसी व्यापार को 20 अरब यूरो से ज्यादा तक ले जाने का लक्ष्य बनाया है। फिलहाल भारत-इटली के बीच 14 अरब यूरो यानी 1.60 लाख करोड़ का व्यापार है। दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा देने का फैसला किया है। मोदी ने मेलोनी को भारत आने का न्योता भी दिया। ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मेलोनी के पिता ड्रग तस्करी में जेल गए, खुद बारटेंडर रहीं; कैसे बनीं इटली की पहली महिला पीएम, इटली में मोदी से हुई मुलाकात कभी ट्रम्प ने बीच भाषण रोककर खूबसूरती की तारीफ की, कभी अल्बानिया के पीएम ने घुटने पर बैठकर स्वागत किया। मोदी के साथ सेल्फी ली तो #Melodi ट्रेंड हो गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जब भी किसी विदेशी नेता से मिलती हैं, वो मुलाकात मोमेंट बन जाती है। आज पीएम मोदी से फिर उनकी मुलाकात हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 20 May 2026 6:23 pm

जयदीप अहलावत बने दोस्ती की मिसाल, दोस्त की फिल्म ‘Momacu’ के ट्रेलर लॉन्च में बने चीफ गेस्ट

कहते हैं कि जब सारे रिश्ते अपना हक मांगने की होड़ में लग जाते हैं तब दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता होता हैं जो बिना किसी शर्त के बस निःश्वार्थ भाव से हमेशा अपने गले लगाता हैं। एक्टर जयदीप अहलावत भी एक ऐसे दोस्त हैं जो अपने यारो के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। अब देखिए आज के समय जहा जयदीप के पास एक बाद एक फिल्में हैं वही दोस्त एक्टर जतिन सारन की आगामी फ़िल्म 'Momacu – Motor Machis Aur Cutte'r के ट्रेलर लॉन्च पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केबल वन और सागा स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत तथा हैरी भाटी फिल्म्स के सहयोग से आर्ट बीट हाउस एवं आर्ट Art Worshipers Productions द्वारा निर्मित इस फिल्म को कुलदीप कुनाल ने लिखा और निर्देशित किया है। Momacu – Motor Machis Aur Cutter एक दमदार, रहस्यमयी और डार्क लेयर्ड सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है, जिसमें सस्पेंस, ड्रामा और इंटेंस परफॉर्मेंस का जबरदस्त मिश्रण देखने मिलेगा। फिल्म यथार्थ, भावनाओं और सिचुएशनल डार्क कॉमेडी को एक तेज़ रफ्तार कहानी में प्रस्तुत करती है, जो एक ही रात के घटनाक्रम पर आधारित है। ALSO READ: '60 साल का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला', पैपराजी पर भड़के सलमान खान, आधी रात को दी चेतावनी फिल्म के बारे में बात करते हुए जयदीप अहलावत ने कहा, मुझे Momacu की सबसे खास बात इसकी रूटेड स्टोरीटेलिंग और इसकी दुनिया का पागलपन लगा। ऐसी फिल्में दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। ट्रेलर उस रॉ एनर्जी को बेहद खूबसूरती से सामने लाता है और मुझे बेहद खुशी है कि इस तरह की ईमानदार और निडर कहानी दर्शकों के सामने आ रही है। निर्माता सुमित सिंह ने कहा, Momacu – Motor Machis Aur Cutter ऐसी फिल्म है जो पारंपरिक कहानी कहने के तरीके से अलग हटकर सोचती है। शुरू से ही हमें इसकी कहानी की गहराई, पागलपन और भावनात्मक पक्ष पर भरोसा था। पूरी टीम ने जुनून के साथ काम किया है और अब हम दर्शकों को यह अनोखी दुनिया दिखाने के लिए उत्साहित हैं। वरिष्ठ अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा, फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद अलग है। यह डार्क है, लेयर्ड है और साथ ही कई ऐसे पल भी हैं जो आपको अचानक हंसा देते हैं। हर किरदार की अपनी गहराई है और कहानी अंत तक बांधे रखती है। अभिनेता जतिन सरना ने कहा, Momacu में पागलपन, थ्रिल, ह्यूमर और इमोशन सब कुछ है। यह उन स्क्रिप्ट्स में से है जहां हर सीन आपको चौंकाता है और एक अभिनेता के तौर पर यही सबसे रोमांचक होता है। अभिनेत्री अपूर्वा अरोरा ने कहा, Momacu की दुनिया बेहद रॉ और अनप्रिडिक्टेबल है। मुझे सबसे ज्यादा इसकी ईमानदारी और किरदारों की सच्चाई ने प्रभावित किया। दर्शकों को इसमें कुछ बिल्कुल अलग देखने मिलेगा। ALSO READ: वाणी कपूर ने की 'सपने वर्सेस एवरीवन 2' की तारीफ, बोलीं- ऐसी कहानियां दिल को छू जाती है निर्देशक कुलदीप कुनाल ने कहा, Momacu – Motor Machis Aur Cutter एक ऐसी कहानी है जो अराजकता, संघर्ष और इंसानी भावनाओं से जन्मी है। हम चाहते थे कि फिल्म एक साथ असहज, मजेदार, वास्तविक और थ्रिलिंग लगे। फिल्म का हर किरदार अपने भीतर कोई रहस्य, डर और संघर्ष लेकर चलता है। निर्माता हैरी भट्टी ने कहा, हमें शुरुआत से ही इस स्क्रिप्ट की अलग पहचान पर भरोसा था। Momacu कोई पारंपरिक फिल्म नहीं है। इसकी अपनी भाषा, अपनी रफ्तार और अपनी धड़कन है और हम इसे दर्शकों तक पहुंचाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट, क्रू, निर्माता और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे, जहां फिल्म की दुनिया की एक खास झलक देखने मिली। फिल्म के निर्माता सुमीत सिंह, हैरी भट्टी और सतेंदर सत्य सेहरावत हैं, जबकि अरमान सिद्धू और रूबी रोमाना़ सह-निर्माता हैं। हरमन धनोआ फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं। Momacu – Motor Machis Aur Cutter 4 जून 2026 को विशेष रूप से KableOne पर स्ट्रीम होगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 5:17 pm

फिल साल्ट के आने से प्लेऑफ में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू होगी और मजबूत

चोट के इलाज के सिलसिले में इंग्लैंड गए फिल साल्ट के रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के साथ जुड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि उनकी अनुपस्थिति में जैकब बैथल ने यह काम संभाला था। फिल साल्ट पिछले महीने उंगली में लगी चोट का स्कैन कराने के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं।इस चोट के कारण साल्ट आरसीबी के पिछले तीन मैचों में नहीं खेल पाए थे। उनकी जगह उनके हमवतन जैकब बेथेल ने विराट कोहली के साथ पारी का आगाज किया। यह 29 वर्षीय खिलाड़ी 18 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के दौरान डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर बाउंड्री बचाने के लिए डाइव लगाते समय चोटिल हो गया था। उनकी बाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। साल्ट ने मौजूदा आईपीएल में छह पारियों में 168.33 के स्ट्राइक रेट से 202 रन बनाए थे।फिल साल्ट की मौजूदगी में विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करने आए जैकब बैथल का बल्ला भी खास नहीं चला है। 6 मैचों में वह 14 की औसत और 121 की स्ट्राइक रेट के साथ सिर्फ 85 रन ही बना पाए है। उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 27 रनों की रही है।

वेब दुनिया 20 May 2026 5:13 pm

'60 साल का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला', पैपराजी पर भड़के सलमान खान, आधी रात को दी चेतावनी

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपने कूल अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब बात प्राइवेसी और परिवार की संवेदनशीलता पर आती है, तो वह सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटते। मंगलवार रात मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के बाहर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां पैपराजी की एक हरकत पर सलमान खान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद खुद सलमान ने आधी रात को सोशल मीडिया पर आकर पैपराजी और मीडिया को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। दरअसल, मंगलवार, 19 मई की रात सलमान खान मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में किसी करीबी से मिलने पहुंचे थे। ALSO READ: Jr NTR की नई फिल्म का नाम होगा 'ड्रैगन', टीजर में दिखी खून-खराबे से भरपूर कहानी इस दौरान पैपराजी ने सलमान का पीछा ट्रैफिक सिग्नल से ही शुरू कर दिया था और वे अस्पताल परिसर तक पहुंच गए। सलमान जब अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तब कुछ फोटोग्राफर्स ने उनका ध्यान खींचने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया— भाई, भाई, मातृभूमि! अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर फिल्म का नाम लेकर चिलाना और कैमरे फ्लैश करना सलमान को बिल्कुल रास नहीं आया। वे तुरंत फोटोग्राफर्स की तरफ बढ़े और गुस्से में अपने माथे पर इशारा करते हुए कहा, 'पागल हो गए हो क्या?' उन्होंने पैपराजी से सवाल किया कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल के अंदर भर्ती हो, तो क्या वे ऐसा ही व्यवहार करेंगे? सलमान का यह कड़ा रूप देखकर मौके पर मौजूद फोटोग्राफर्स ने तुरंत अपनी गलती मानी और उनसे माफी मांगी। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) इंस्टाग्राम पर फूटा 'भाईजान' का गुस्सा अस्पताल के बाहर मामला भले ही शांत हो गया था, लेकिन सलमान खान का गुस्सा कम नहीं हुआ था। बुधवार तड़के करीब 2 बजे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक चार सेल्फी पोस्ट कीं, जिनके कैप्शन में उन्होंने मीडिया की असंवेदनशीलता पर तीखे सवाल उठाए। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) पहली पोस्ट में सलमान ने लिखा, 'अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरे दर्द का आनंद लेते हुए देखूं... वो प्रेस जिसके लिए मैं हमेशा खड़ा रहा, बातचीत की, ध्यान रखा और यह सुनिश्चित किया कि वे भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें...' A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) दूसरी पोस्ट में उन्होंने फिल्म का नाम घसीटे जाने पर नाराजगी जताते हुए लिखा, लेकिन अगर वे मेरे नुकसान से पैसे कमाना चाहते हैं... तो चुप रहें, एन्जॉय न करें। भाई भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर जरूरी है या जिंदगी? A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) तीसरी और चौथी पोस्ट में चेतावनी का लहजा और कड़ा हो गया। उन्होंने लिखा, ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई के एक भाई के दुख पर अगली बार मेरे साथ ट्राई कर लेना। बस ट्राई कर लेना... जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, तो क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा? साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला, ये याद रख लेना। जेल में डालोगे? हा हा हा। सलमान खान के इन पोस्ट्स ने उनके फैंस को हैरान और चिंतित कर दिया है। कमेंट सेक्शन में फैंस लगातार उनका समर्थन कर रहे हैं। यूजर्स का मानना है कि सेलिब्रिटीज की भी अपनी पर्सनल लाइफ होती है और विशेषकर अस्पताल जैसी जगहों पर पैपराजी को अपनी सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए।

वेब दुनिया 20 May 2026 4:51 pm

हर नए घर के साथ बढ़ रहा कार्बन संकट: विकास की रफ्तार और जलवायु का टकराव

संयुक्त राष्ट्र की नई Global Status Report for Buildings and Construction 2025-2026 के अनुसार दुनिया की इमारतें अब भी 37 प्रतिशत वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। तेजी से बढ़ते निर्माण, ऊर्जा संकट और जलवायु असुरक्षा के बीच भारत सहित दुनिया के सामने कम-कार्बन और ऊर्जा-कुशल घर बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी है।

हस्तक्षेप 20 May 2026 3:37 pm

प्लेऑफ का एक स्थान और 4 दावेदार, कौन अंतिम मौके पर छीनेगा चौथी जगह

Indian Premiere League (IPL 2026) के लीग चरण में अब केवल 6 मैच शेष होने के बावजूद प्लेऑफ के लिए 4 टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। पंजाब को हराकर सिर्फ बैंगलोर ने प्लेऑफ में जगह सुनिश्चित की है।सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की की और इस ही दिन गुजरात टाइटंस का भी प्लेऑफ पक्का हो गया लेकिन अभी भी 1 स्थान के लिए लड़ाई है। चेन्नई सुपर किंग्स- लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद से मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदों को झटका दिया है, लेकिन टीम अब भी अपने आखिरी मैच जीतकर 14 अंक तक पहुंच सकती है।14 अंक पर भी क्वालिफाई करने की संभावना बनी हुई है। अगर पंजाब किंग्स अपने शेष सभी मैच हार जाएं और दिल्ली कैपिटल्स कोलकाता नाइट राइडर्स से हार जाए तो ऐसा हो सकता है। लेकिन इसके साथ ही राजस्थान की ना केवल हार बल्कि मुंबई के खिलाफ बड़ी हार ही चेन्नई को प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। पंजाब किंग्स:- लगातार 6 हार के बाद पंजाब किंग्स 13 अंक पर अटकी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि टीम अब भी 13 अंक के साथ चौथी क्वालिफाई करने वाली टीम बन सकती है।केकेआर को डीसी को हराकर मुंबई इंडियंस से हारना होगा। ऐसे में आरसीबी, जीटी, एसआरएच और पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी और नेट रन रेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजाब किंग्स के लिए आसान रास्ता यह है कि अपना अंतिम मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंच जाएं और दूसरे नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। खासकर राजस्थान की मुंबई के खिलाफ हार ही टीम को प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। राजस्थान रॉयल्स- पिछले 9 मैचों में 6 हार ने RR की स्थिति मुश्किल कर दी थी।लेकिन कल लखनऊ के खिलाफ मिली जीत से राजस्थान ने राहत ली है। अब राजस्थान को सिर्फ मुंबई पर जीत दर्ज करनी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसको कामना करनी होगी कि लखनऊ पंजाब को हरा दे और कोलकाता बचे दो मैच ना जीते। कोलकाता नाईट राइडर्स: लगातार चार जीत के बाद केकेआर ने वापसी की थी, लेकिन आरसीबी से हार के बाद टीम अधिकतम 15 अंक तक ही पहुंच सकती है। इसका मतलब अब उन्हें दूसरे नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।केकेआर के बाक़ी 2 मैच घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में हैं, लेकिन इस सीजन टीम ने वहां चार मैचों में सिर्फ़ एक जीत हासिल की है।टीम को फिलहाल पंजाब और राजस्थान दोनों के हार की कामना करनी होगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 3:15 pm

3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन माना गया है। लेकिन जब यह व्रत अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आता है और उस दिन गुरुवार होता है, तो इसका महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है। अधिकमास के गुरु प्रदोष व्रत के महात्म्य को हम कुछ मुख्य बिंदुओं के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 1. 'हरि-हर' की दोहरी कृपा सामान्य प्रदोष: केवल भगवान शिव (हर) को समर्पित होता है। अधिकमास का गुरु प्रदोष: अधिकमास के स्वामी भगवान विष्णु (हरि) हैं, गुरुवार के कारक देवगुरु बृहस्पति हैं, और प्रदोष तिथि के देवता भगवान शिव हैं। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा करने से महादेव, श्रीहरि विष्णु और गुरु बृहस्पति तीनों का आशीर्वाद एक साथ मिलता है। 2. कुंडली में 'बृहस्पति दोष' से मुक्ति ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर स्थिति में है, विवाह में अड़चनें आ रही हैं या शिक्षा में रुकावट है, उनके लिए यह दिन वरदान जैसा है। इस दिन शिवलिंग पर केसर मिश्रित दूध चढ़ाने और चने की दाल का दान करने से गुरु दोष शांत होता है और भाग्य का साथ मिलने लगता है। ALSO READ: अधिकमास में 3 साल बाद बन रहे 2 प्रदोष व्रत, चंद्र और शनिदोष से मुक्ति पाने का दुर्लभ मौका 3. शत्रुओं और विरोधियों पर विजय पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवराज इंद्र ने वृत्तासुर राक्षस पर विजय प्राप्त करने के लिए गुरुदेव बृहस्पति के कहने पर ही 'गुरु प्रदोष व्रत' किया था। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने या शाम के समय शिव चालीसा का पाठ करने से शत्रुओं और गुप्त विरोधियों का नाश होता है। 4. दाम्पत्य जीवन और संतान सुख गुरु प्रदोष का व्रत वैवाहिक जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए अचूक माना गया है। यदि पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही हो, तो इस दिन शाम को (प्रदोष काल में) शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करने से रिश्ते मधुर होते हैं। साथ ही, योग्य संतान की प्राप्ति और संतान की उन्नति के लिए भी यह व्रत बेहद फलदायी है। 5. अनंत गुना फल (अधिकमास का प्रभाव) शास्त्रों में कहा गया है कि अधिकमास (मलमास) में किया गया कोई भी जप, तप, दान या व्रत सामान्य दिनों की तुलना में करोड़ों गुना अधिक फल प्रदान करता है। इसलिए इस दिन किया गया लोटा भर जल का अर्पण भी अक्षय पुण्य लेकर आता है। गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व शुभ फल: हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, गुरु प्रदोष का व्रत रखने से जातक को दोहरे शुभ फल प्राप्त होते हैं। शत्रु विजय: यह व्रत शत्रुओं के विनाश और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए जाना जाता है। सौभाग्य और समृद्धि: भगवान शिव की कृपा से आर्थिक तंगी दूर होती है और बृहस्पति देव की कृपा से यश, कीर्ति और उच्च पद की प्राप्ति होती है। पूर्वजों का आशीर्वाद: इस दिन व्रत करने से पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। पुण्य फल: ऐसी मान्यता है कि एक प्रदोष व्रत रखने का पुण्य दो गायों के दान के बराबर होता है। इस दिन क्या विशेष करें? प्रदोष काल में पूजा: सूर्यास्त के समय (शाम के वक्त) भगवान शिव का रुद्राभिषेक या जलाभिषेक जरूर करें, क्योंकि मान्यता है कि इस समय महादेव कैलाश पर अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं। दीपदान: शाम को घर के मंदिर, मुख्य द्वार या तुलसी/बेलपत्र के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। अधिकमास में दीपदान का विशेष महत्व है। क्या आप इस व्रत की विशेष पूजा-विधि या इस दिन किए जाने वाले किसी खास उपाय के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं? गुरु प्रदोष व्रत की कथा: गुरु प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक बार इंद्र और वृत्तासुर की सेना में घनघोर युद्ध हुआ। देवताओं ने दैत्य-सेना को पराजित कर नष्ट-भ्रष्ट कर डाला। यह देख वृत्तासुर अत्यंत क्रोधित हो स्वयं युद्ध को उद्यत हुआ। आसुरी माया से उसने विकराल रूप धारण कर लिया। सभी देवता भयभीत हो गुरुदेव बृहस्पति की शरण में पहूंचे। बृहस्पति महाराज बोले- पहले मैं तुम्हें वृत्तासुर का वास्तविक परिचय दे दूं। वृत्तासुर बड़ा तपस्वी और कर्मनिष्ठ है। उसने गंधमादन पर्वत पर घोर तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया। पूर्व समय में वह चित्ररथ नाम का राजा था। एक बार वह अपने विमान से कैलाश पर्वत चला गया। वहां शिवजी के वाम अंग में माता पार्वती को विराजमान देख वह उपहासपूर्वक बोला- 'हे प्रभो! मोह-माया में फंसे होने के कारण हम स्त्रियों के वशीभूत रहते हैं किंतु देवलोक में ऐसा दृष्टिगोचर नहीं हुआ कि स्त्री आलिंगनबद्ध हो सभा में बैठे।' चित्ररथ के यह वचन सुन सर्वव्यापी शिवशंकर हंसकर बोले- 'हे राजन! मेरा व्यावहारिक दृष्टिकोण पृथक है। मैंने मृत्युदाता-कालकूट महाविष का पान किया है, फिर भी तुम साधारणजन की भांति मेरा उपहास उड़ाते हो!' माता पार्वती क्रोधित हो चित्ररथ से संबोधित हुईं- 'अरे दुष्ट! तूने सर्वव्यापी महेश्‍वर के साथ ही मेरा भी उपहास उड़ाया है अतएव मैं तुझे वह शिक्षा दूंगी कि फिर तू ऐसे संतों के उपहास का दुस्साहस नहीं करेगा- अब तू दैत्य स्वरूप धारण कर विमान से नीचे गिर, मैं तुझे शाप देती हूं।' जगदम्बा भवानी के अभिशाप से चित्ररथ राक्षस योनि को प्राप्त हुआ और त्वष्टा नामक ऋषि के श्रेष्ठ तप से उत्पन्न हो वृत्तासुर बना। गुरुदेव बृहस्पति आगे बोले- 'वृत्तासुर बाल्यकाल से ही शिवभक्त रहा है अत हे इंद्र! तुम बृहस्पति प्रदोष व्रत कर शंकर भगवान को प्रसन्न करो।' देवराज ने गुरुदेव की आज्ञा का पालन कर बृहस्पति प्रदोष व्रत किया। गुरु प्रदोष व्रत के प्रताप से इंद्र ने शीघ्र ही वृत्तासुर पर विजय प्राप्त कर ली और देवलोक में शांति छा गई। अत: प्रदोष व्रत हर शिव भक्त को अवश्य करना चाहिए।

वेब दुनिया 20 May 2026 2:39 pm

Guru Pushya Yoga: गुरु-पुष्य योग क्यों है इतना प्रभावशाली? जानें विशेष संयोग, क्या करें और क्या न करें

Guru Pushya Yoga: वैदिक ज्योतिष में 'गुरु पुष्य योग' या गुरु पुष्य नक्षत्र को अत्यंत दुर्लभ, शक्तिशाली और स्थायी समृद्धि देने वाला शुभ संयोग माना जाता है। ज्योतिषीय प्रभाव में यह योग तब बनता है जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग का निर्माण होता है। मान्यतानुसार इस अत्यंत शुभ मुहूर्त में नवीन संपत्ति की खरीदना, निवेश करना तथा नया व्यापार शुरू करना बहुत फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर आध्यात्मिक कार्य करना भी शुभ फल प्रदान करता है। ALSO READ: Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें? हिंदू धर्म में पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, और जब यह गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे 'गुरु-पुष्य योग' कहते हैं। इस बार 21 मई 2026, गुरुवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग वाला होने जा रहा है, क्योंकि इस दिन 'गुरु-पुष्य योग' का महासंयोग बन रहा है। आइए यहां जानते हैं इस दिन के बारे में खास जानकारी... 1. गुरु-पुष्य योग: 21 मई 2026 के विशेष संयोग गुरु पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ- 21 मई 2026 को 04:12 ए एम से पुष्य नक्षत्र का अंत: 22 मई 2026 को 02:49 ए एम पर। तिथि: हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग भी बन रहा है। विशेषता: इस दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में होंगे, जो पुष्य नक्षत्र के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं। अमृत सिद्धि योग: कई बार इस दिन गुरु-पुष्य के साथ अमृत सिद्धि योग भी बनता है, जो इसे किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए 'अबूझ मुहूर्त' अर्थात् बिना पंचांग देखे किया जाने वाला कार्य बना देता है। 2. क्यों है प्रभावशाली गुरु-पुष्य योग? शास्त्रों के अनुसार, पुष्य नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता बृहस्पति (गुरु) हैं और इसके स्वामी शनि देव हैं। चूंकि पुष्य नक्षत्र खुद में शुभ है और गुरुवार भी भगवान विष्णु व गुरु बृहस्पति का दिन है, इसलिए इन दोनों का मिलन एक 'अक्षय' फल देने वाला योग बनाता है। यदि आप कोई बड़ी खरीदारी टाल रहे थे या घर-गाड़ी लेने का मन बना रहे थे, तो 21 मई 2026 का दिन कैलेंडर में मार्क कर लें। यह दिन आपकी आर्थिक उन्नति के द्वार खोल सकता है। ALSO READ: गंगा दशहरा पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, इस दिन करें ये 5 उपाय 3. इस दिन क्या करें? धर्म कार्य: इस दिन गुरु मंत्र का जाप, दीक्षा लेना या तीर्थ यात्रा पर जाना आत्मिक शांति प्रदान करता है। नई दुकान की शुरुआत: व्यापारी वर्ग इस दिन नए बही खाते या नई दुकान की शुरुआत करना पसंद करते हैं। सोने की खरीदारी: गुरु-पुष्य योग में सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना पीढ़ी दर पीढ़ी बना रहता है और समृद्धि लाता है। निवेश: प्रॉपर्टी, शेयर बाजार या नए व्यापार में निवेश के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ है। 4. गुरु-पुष्य योग में क्या न करें? माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र को ब्रह्मा जी का श्राप मिला था, इसलिए इस अत्यंत शुभ योग में भी 'विवाह' यानी मैरेज की रस्में नहीं की जाती हैं। खरीदारी और निवेश के लिए यह उत्तम योग है, लेकिन विवाह संस्कार के लिए अन्य मुहूर्तों को प्राथमिकता दी जाती है। 5. लाभ: उत्तर-पूर्व दिशा: उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में इस दिन शाम को घी का दीपक जलाना सौभाग्य वर्धक माना जाता है। श्रीयंत्र स्थापना: अपने घर या ऑफिस में 'श्री यंत्र' स्थापित करने के लिए यह सबसे सिद्ध मुहूर्त है। पीली चीजों का दान: चने की दाल, गुड़, पीले वस्त्र या हल्दी का दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है। विष्णु-लक्ष्मी पूजन: इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करने से दरिद्रता दूर होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा

वेब दुनिया 20 May 2026 1:23 pm

क्या आप जानते हैं Jr NTR का पूरा नाम, 8 साल की उम्र में रखा था फिल्मी दुनिया में कदम

तेलुगु सिनेमा के पावरहाउस एक्टर जूनियर एनटीआर 20 मई को अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका पूरा नाम नंदमुरी तारक रामा राव जूनियर है, और वे न सिर्फ अपनी एक्टिंग बल्कि अपने करिश्माई स्क्रीन प्रेजेंस के लिए भी जाने जाते हैं। बेहद कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले Jr NTR आज ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। बचपन से ही अभिनय की शुरुआत Jr NTR ने महज 8 साल की उम्र में फिल्म Brahmarshi Viswamitra से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 1997 में रिलीज हुई फिल्म Ramayanam में उन्होंने भगवान राम का किरदार निभाया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। विरासत में मिला फिल्मी टैलेंट Jr NTR एक प्रतिष्ठित फिल्मी और राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके दादा एन. टी. रामा राव तेलुगु सिनेमा के महानायक और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। वहीं उनके पिता नंदमुरी हरिकृष्ण भी अभिनेता और राजनेता थे। इस मजबूत विरासत ने जूनियर एनटीआर के करियर को एक मजबूत आधार दिया। ALSO READ: जाह्नवी कपूर का 'मॉडर्न देसी प्रिंसेस लुक, शिफॉन साड़ी में दिखाई ग्लैमरस अदाएं लीड एक्टर के तौर पर धमाकेदार एंट्री साल 2001 में जूनियर एनटीआर ने फिल्म Ninnu Choodalani से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। उसी साल रिलीज हुई फिल्म Student No. 1, जिसे एसएस राजामौली ने डायरेक्ट किया था, उनकी पहली सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। 2004 में फिल्म Andhrawala के ऑडियो लॉन्च पर करीब 10 लाख फैंस की मौजूदगी ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। एक समय ऐसा भी था जब Jr NTR को उनके बढ़े हुए वजन के कारण ट्रोल किया गया। 2006 की फिल्म Rakhi के दौरान उनका वजन करीब 100 किलो तक पहुंच गया था। लेकिन उन्होंने जबरदस्त मेहनत और अनुशासन के साथ खुद को फिट किया और एक नए अवतार में वापसी की, जो आज उनके फैंस के लिए इंस्पिरेशन बन चुका है। 2011 में जूनियर एनटीआर ने लक्ष्मी प्रणती के साथ शादी की। यह साउथ इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और महंगी शादियों में से एक थी, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए। उनकी शादी आज भी भव्यता और रॉयल स्टाइल के लिए याद की जाती है। इस शादी में लगभग 100 करोड़ रुपए का खर्च आया था। आज Jr NTR न केवल साउथ बल्कि पूरे भारत और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी एक्टिंग, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें बाकी स्टार्स से अलग बनाती है। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि टैलेंट और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

वेब दुनिया 20 May 2026 1:11 pm

रकुल प्रीत सिंह ने याद किया रणवीर सिंह से पहली मुलाकात का पल, बोलीं- मैं पूरी तरह स्टार-स्ट्रक हो गई थी

इन दिनों इंडस्ट्री में रणवीर सिंह का जबरदस्त प्रभाव देखने को मिल रहा है। धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की ऐतिहासिक सफलता के बाद अभिनेता को दर्शकों, समीक्षकों और फिल्म जगत से भरपूर प्यार और सराहना मिल रही है। इसी बीच रकुल प्रीत सिंह ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह से अपनी पहली मुलाकात को याद किया और बताया कि उन्हें पहली बार देखकर वह पूरी तरह स्टार-प्रभावित हो गई थीं। रकुल प्रीत सिंह इन दिनों अपनी हालिया रिलीज पति पत्नी और वो दो में नीलोफर के किरदार के लिए खूब तारीफें बटोर रही हैं। इस घटना के बारे में बात करते हुए रकुल ने बताया कि बैंड बाजा बारात देखने के बाद से ही वह रणवीर सिंह की प्रशंसक बन गई थीं और अपने फिल्मी पदार्पण से पहले ही एक अवॉर्ड समारोह में उनसे मिलने का मन बना चुकी थीं। रकुल ने कहा, मैं रणवीर सिंह की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैंने बैंड बाजा बारात देखी थी, जो यारियां से कुछ समय पहले आई थी। हम लोग एक पुरस्कार समारोह में थे और पूरी टीम प्रस्तुति देने वाली थी। मंच के पीछे रणवीर मौजूद थे और मैं उनसे पहले कभी नहीं मिली थी। ALSO READ: कार्तिक आर्यन का शानदार सफर: प्यार का पंचनामा के द मोनोलॉग गाइ से लेकर बैंकेबल स्टार बनने तक उन्होंने कहा, उस समय तक मेरी पहली फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए मैं बहुत उत्साहित थी। मुझे पता चला कि रणवीर वहां मौजूद हैं और वही कार्यक्रम का संचालन भी कर रहे हैं। सबको पता था कि वह मेरे पसंदीदा अभिनेता हैं। मैंने सबको कहा था कि आज मुझे रणवीर से मिलना ही है और उनके साथ तस्वीर भी लेनी है। रकुल ने आगे कहा, हम लोग मंच के पीछे खड़े थे तभी अचानक पीछे से एक हाथ आया और आवाज आई — ‘रकुल?’ मैं एकदम घबरा गई और बस ‘हां, हां’ कह पाई। उसके बाद मैं अपनी वैनिटी वैन में गई और खुशी से उछलने लगी। मैं सोच रही थी — ‘हे भगवान, मैं रणवीर से मिल ली।’ बाद में मैंने उन्हें यह किस्सा बताया भी और हम इस पर खूब हंसे। लेकिन वही मेरा पहला और शायद आखिरी स्टार-प्रभावित पल था। रकुल का यह खुलासा एक बार फिर दिखाता है कि रणवीर सिंह को इंडस्ट्री में कितना सम्मान और प्यार मिलता है। बीते वर्षों में कई अभिनेता और फिल्मकार उनकी ऊर्जा, करिश्मा और लोगों पर गहरी छाप छोड़ने की क्षमता की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। अब धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की बड़ी सफलता के बाद रणवीर सिंह का यह प्रभाव और भी बढ़ गया है। दर्शक उनके अभिनय का जश्न मना रहे हैं, समीक्षक उनकी बहुमुखी प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं और फिल्म जगत खुलकर उनके स्टारडम को स्वीकार कर रहा है। इसी शानदार दौर के बीच रणवीर सिंह ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। वह हिंदी सिनेमा में एक हजार करोड़ रुपये के शुद्ध कारोबार वाले क्लब की शुरुआत करने वाले अभिनेता बन गए हैं, जिससे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में उनकी जगह और मजबूत हो गई है।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:29 am

कार्तिक आर्यन का शानदार सफर: प्यार का पंचनामा के द मोनोलॉग गाइ से लेकर बैंकेबल स्टार बनने तक

बॉक्स ऑफिस सफलता और मेनस्ट्रीम पहचान हासिल करने से पहले, कार्तिक आर्यन ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के एक छोटे शहर के लड़के थे, जिनका फिल्मी बैकग्राउंड या इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन नहीं था, लेकिन बॉलीवुड में बड़ा नाम बनाने का सपना जरूर था। जब साल 2011 में 'प्यार का पंचनामा' रिलीज हुई, तब इस फिल्म ने एक ऐसे मासूम लड़के को दर्शकों से मिलवाया, जिसकी रिलेटेबल स्क्रीन प्रेजेंस और रॉ एनर्जी ने खासकर युवाओं के साथ गहरा जुड़ाव बना लिया। मज़ेदार बात यह है कि लव रंजन के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न सिर्फ कार्तिक को ‘द मोनोलॉग गाइ’ का टैग दिलाया, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी की। हालांकि कार्तिक के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2018 में 'सोनू के टीटू की स्वीटी' से आया, जहां उन्होंने एक लीडिंग मैन के तौर पर अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल की। यह फिल्म न सिर्फ कमर्शियल हिट साबित हुई, बल्कि कार्तिक की पहली 100 करोड़ रुपए क्लब में शामिल होने वाली फिल्म भी बनी, जिसने उन्हें मजबूत ऑडियंस कनेक्ट वाले बैंकेबल यंग स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। ALSO READ: अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों का सच आया सामने, बिग बी बोले- चील जब होवे शांत तो... उसके बाद साल 2019 में कार्तिक ने लक्ष्मण उतेकर की फिल्म 'लुका छुपी' के जरिए कमर्शियल स्पेस में अपनी पकड़ और मजबूत की, जहां उनके किरदार गुड्डू शुक्ला ने फैमिली ऑडियंस और मास मार्केट के साथ गहरा जुड़ाव बनाया। इसी साल भूषण कुमार की 'पति पत्नी और वो' में उन्होंने अपने कॉमिक टाइमिंग और मेनस्ट्रीम अपील का एक और उदाहरण पेश किया, जहां ‘चिंटू त्यागी’ के रूप में उनकी परफॉर्मेंस को खूब पसंद किया गया। इसके बाद साल 2020 में 'लव आज कल' में उन्होंने इमोशनल और रोमांटिक स्पेस को एक्सप्लोर किया, जहां उन्होंने ड्यूल टाइमलाइन और भावनात्मक कहानी को संतुलित तरीके से निभाया। पोस्ट-पैंडेमिक दौर में, जब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री मुश्किल समय से गुजर रही थी, कार्तिक आर्यन के करियर का एक निर्णायक फेज शुरू हुआ। साल 2021 में राम माधवानी की 'धमाका' ने उन्हें एक ज्यादा गंभीर और इंटेंस अवतार में पेश किया। इसके बाद साल 2022 में 'भूल भुलैया 2' आई, जहां उनका किरदार ‘रूह बाबा’ दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। ऐसे समय में जब थिएटर्स अभी भी कोविड के बाद रिकवरी कर रहे थे, यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक बनकर उभरी और लंबे सूखे दौर के बाद दर्शकों को दोबारा सिनेमाघरों तक लाने में सफल रही। उसी साल, शशांक घोष की 'फ्रेडी' ने कार्तिक का एक अलग और ज्यादा इंटेंस पक्ष दर्शाया। साइकोलॉजिकल थ्रिलर स्पेस में कदम रखते हुए उन्होंने फ्रेडी दारूवाला के किरदार को शांत लेकिन लेयर्ड अंदाज में निभाया, जिससे यह साबित हुआ कि वह सिर्फ मेनस्ट्रीम एंटरटेनर्स तक सीमित रहने वाले अभिनेता नहीं, बल्कि उससे ज़्यादा हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2023 में, समीर विद्वन्स की 'सत्यप्रेम की कथा' में कार्तिक ने ‘सत्तू’ का किरदार निभाया, जहां कियारा आडवाणी के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म में उन्होंने इमोशनल रोमांटिक ड्रामा स्पेस में वापसी करते हुए कमर्शियल अपील और संवेदनशील अभिनय के बीच संतुलन बनाया। फिर इसके बाद साल 2024 में आई 'चंदू चैंपियन', जिसने कार्तिक के करियर में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई। इस परफॉर्मेंस-ड्रिवन फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जिसने उनके करियर ग्राफ में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी। इसी दौरान 'भूल भुलैया 3' ने भी फ्रेंचाइज़ स्पेस में उनकी सफलता को आगे बढ़ाते हुए दुनियाभर में 423.85 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दर्ज किया। आज यह फ्रेंचाइज़ भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और पसंदीदा हॉरर-कॉमेडी फ्रेंचाइज़ में टॉप तीन में गिनी जाती है। फिल्मों के अलावा, कार्तिक आर्यन ने अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू भी बनाई है। इंस्टाग्राम पर 50.6 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ वह प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले भारतीय मेल एक्टर्स में टॉप तीन में शामिल हैं और देशभर के युवाओं के बीच उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। आज कई बड़े ब्रांड्स उनकी लोकप्रियता, रिलेटेबिलिटी और मार्केट में बढ़ती पकड़ के कारण उनसे जुड़े हुए हैं। दो दर्जन से ज्यादा ब्रांड एंडोर्समेंट्स के साथ कार्तिक अपनी पीढ़ी के सबसे ज्यादा डिमांड वाले और कमर्शियली वैल्यूएबल सितारों में शामिल हो चुके हैं। फिलहाल आने वाले समय में कार्तिक आर्यन की अपकमिंग फिल्मों में 'नागज़िला' और 'कैप्टन इंडिया' के साथ अनुराग बासु की अनटाइटल्ड म्यूजिकल लव स्टोरी और कबीर खान की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्मों में नज़र आनेवाले हैं। माना जा रहा है कि यह फ़िल्में कार्तिक की फिल्मोग्राफी के साथ उनकी स्क्रीन इमेज को और भी बढ़ाएगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:13 am

अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों का सच आया सामने, बिग बी बोले- चील जब होवे शांत तो...

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की सेहत को लेकर हाल ही में खबर आई की वह मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि 83 वर्षीय अमिताभ को अस्पताल के वीआईपी विंग में पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण भर्ती कराया गया है और उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस खबर के फैलते ही दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों प्रशंसकों की सांसें अटक गईं और लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं मांगने लगे। हालांकि अब इन खबरों का सच सामने आ गया है। अमिताभ की तबीयत बिल्कुल ठीक है। बिग बी अपने घर जलसा में हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ALSO READ: ‘मैं अकेला नहीं हूं...’ सलमान खान ने तोड़ी चुप्पी, ‘Lonely’ पोस्ट पर मचा बवाल तो मां सलमा खान ने पूछा- क्या हुआ बेटा? ईटाइम्स की रिपोटे के अनुसार, अमिताभ बच्चन शनिवार को नानावटी अस्पताल गए थे, लेकिन सिर्फ रूटीन चेकअप के लिए। वह चेक-अप के तुरंत बाद अपने घर 'जलसा' लौट आए थे। बिग बी पूरी तरह तंदुरुस्त हैं और उन्हें अस्पताल जाने के अगले ही दिन अपनी गाड़ी खुद चलाकर 'जलसा' से अपने दूसरे बंगले 'जनक' जाते हुए भी देखा गया था। ब्लॉग पर शेयर की अनोखी कविता अमिताभ बच्चन ने हमेशा की तरह मीडिया में चल रही अपनी सेहत की खबरों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अपने खास अंदाज में प्रशंसकों को आश्वस्त जरूर कर दिया। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर एक देसी और मजाकिया लहजे वाली कविता साझा की। उन्होंने लिखा, चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें इर बीर फत्ते, कहान, चल हमऊ, पिलावे सुरु करें!!!! बाजरे दी रोटी खा दी, फु पड़ीयों दा, साग रे मुहं में डलन लगाई जैसे, बोलन लगे काग रे! इस कविता के माध्यम से बिग बी ने बिना कुछ कहे यह साबित कर दिया कि वे हमेशा की तरह ऊर्जा से भरपूर और पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने अपने इस पोस्ट के अंत में प्रशंसकों के लिए ढेर सारा प्यार और प्रार्थनाएं भी भेजीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें क्यों उड़ी अस्वस्थ होने की अफवाह? हाल ही में पत्रकार विक्की लालवानी ने एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया था कि अमिताभ बच्चन शनिवार से अस्पताल में भर्ती हैं। पिछले तीन दिनों से पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण वे ए-विंग के वीआईपी एनक्लोजर में रह रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अभिषेक बच्चन भी अपने पिता को देखने मंगलवार की शाम अस्पताल पहुंचे थे। अपनी सेहत की अफवाहों को पीछे छोड़ते हुए महानायक इस उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं। वह जल्द ही साल 2024 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के सीक्वल में नजर आने वाले हैं। निर्देशक इसके अलावा अमिताभ बच्चन के प्रशंसक उन्हें एक बार फिर इंटेंस कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'सेक्शन 84' में देखने के लिए उत्सुक हैं।

वेब दुनिया 20 May 2026 10:58 am

Varada Chaturthi 2026: अधिकमास की वरद गणेश चतुर्थी आज, जानें महत्व, पूजा विधि और विशेष मंत्र

Lord Ganesha Puja May 20, 2026: वरद विनायक चतुर्थी 20 मई 2026, बुधवार कोमनाई जा रही है। यह चतुर्थी विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रसिद्ध है और इसे अधिकमास चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है। अधिकमास के कारण यह चतुर्थी साल में किसी अन्य सामान्य चतुर्थी की तुलना में और भी पवित्र मानी जाती है। ALSO READ: अधिकमास में 3 साल बाद बन रहे 2 प्रदोष व्रत, चंद्र और शनिदोष से मुक्ति पाने का दुर्लभ मौका वरद विनायक चतुर्थी पर भक्तगण भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन की पूजा में विशेष रूप से सिद्धि, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। अधिकमास चतुर्थी का महत्व धार्मिक ग्रंथों में भी वर्णित है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए कोई भी धार्मिक कार्य या व्रत दोगुना फल देते हैं। भक्तजन गणेश मंत्र, आरती और भजन के माध्यम से भगवान गणेश को याद करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस चतुर्थी के अवसर पर भारत के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा और आयोजन किए जाते हैं। लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा की स्थापना कर इसे विधिपूर्वक सजाते हैं और पूरे दिन ध्यान और भक्ति में लीन रहते हैं। यहां विनायक चतुर्थी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं: वरदा चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त (मई 2026) ज्येष्ठ, शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 19 मई 2026, 02:18 पी एम से चतुर्थी तिथि समाप्त: 20 मई 2026, 11:06 ए एम पर। वरद चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - 10:56 ए एम से 11:06 ए एम चतुर्थी: 00 घण्टे 10 मिनट्स बता दें कि विनायक चतुर्थी की पूजा दोपहर के समय की जाती है। वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 08:43 ए एम से 11:08 पी एम अवधि - 14 घण्टे 25 मिनट्स विनायक चतुर्थी का महत्व जैसा कि नाम से स्पष्ट है, 'विनायक' का अर्थ है विशिष्ट नायक यानी विघ्नहर्ता और बाधाओं को हरने वाला। इस दिन व्रत रखने से जीवन की सभी अड़चनें दूर होती हैं। भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के देवता हैं। विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से पूजा करने से रुके हुए कार्य संपन्न होते हैं और घर में सुख-शांति आती है। यह व्रत बुद्धि और समृद्धि के साथ-साथ जीवन में सफलता का मार्ग भी दिखाता है। ALSO READ: गंगा दशहरा पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, इस दिन करें ये 5 उपाय सरल पूजा विधि विनायक चतुर्थी पर दोपहर की पूजा का विधान है। आप इस विधि का पालन कर सकते हैं: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। व्रत का संकल्प लें। स्थापना: पूजा स्थान पर गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करें। उन्हें लाल चंदन का तिलक लगाएं। अर्पण: भगवान गणेश को 21 दूर्वा घास की गांठें चढ़ाएं। उन्हें लाल फूल, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें। भोग: गणेश जी के प्रिय मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। कथा और आरती: विनायक चतुर्थी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में कपूर से आरती करें। विशेष मंत्र पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है: मुख्य मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः। कार्य सिद्धि के लिए: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ दूर्वा अर्पण मंत्र: 'इदं दूर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः' विशेष सावधानी: विनायक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा को देखने से कलंक या झूठे आरोप लगने का डर रहता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: गंगा दशहरा पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, इस दिन करें ये 5 उपाय

वेब दुनिया 20 May 2026 10:55 am

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

भारत ने पश्चिम एशिया की परस्पर विरोधी ताकतों के बीच जिस सावधानी से संतुलन बनाए रखा है, वह उसकी बड़ी उपलब्धि रही है। हालांकि, मौजूदा संकट यह संकेत दे रहा है कि यह संतुलन बनाए रखना भारत के लिए कितना मुश्किल होता जा रहा है।

वेब दुनिया 20 May 2026 8:38 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 मई, 2026)

1. मेष (Aries) करियर: आज नए अवसर मिलेंगे, मेहनत का फल शीघ्र प्राप्त होगा। लव: प्रेमी साथी के साथ मधुरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या सिरदर्द हो सकता है। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इन खास तिथियों पर रखें व्रत, करें इन देवी-देवताओं की पूजा; मिलेगा अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहकर्मियों और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में संतुलन और मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्चों पर संयम रखें, निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: पाचन या हल्की गैस की समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट और जिम्मेदारियां मिलने की संभावना। लव: साथी के साथ संवाद और तालमेल बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: गौमाता/ गाय को आहार दें, चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: पुराने प्रोजेक्ट सफल होंगे, अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। लव: साथी के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। धन: अचानक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की सर्दी या एलर्जी हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में पदोन्नति और सम्मान मिलने की संभावना। लव: प्रेम जीवन में रोमांस और उत्साह बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह बनाए रखें। उपाय: पीले कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, टीम वर्क अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: प्रतिदिन धार्मिक पाठ करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं? 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: सफेद फूलों का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कारोबार में जोखिम उठाने का समय अनुकूल है। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी की पूजा करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति की संभावना। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: कारोबारियों की वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी रहेगा। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरी में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: प्रेमी साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: कारोबारी खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: आज गायत्री मंत्र जपें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल की नई योजनाएं फायदेमंद होंगी। लव: सिंगल्स के लिए रोमांटिक मौका मिलेगा। धन: कारोबार से आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: आज पीले वस्त्र पहनें। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर

वेब दुनिया 20 May 2026 7:04 am

वंदे भारत से 5 घंटे में जम्मू से श्रीनगर:855 रुपए किराया, सुरक्षा में CORAS कमांडो; यूरोप सा नजारा, सेब कारोबारी खुश

जावेद के ससुर की सर्जरी होनी थी। इसके लिए चंडीगढ़ जाना था। जावेद कश्मीर के पुलवामा में रहते हैं। कश्मीर से चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) ही इकलौता रास्ता है। वो भी लैंडस्लाइड या बर्फबारी की वजह से अक्सर बंद हो जाता है। इसे ध्यान में रखकर जावेद सर्जरी से कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ के लिए निकल गए। 50 किमी दूर काजीगुंड पहुंचकर पता चला कि रामबन के पास रास्ता बंद है। दिक्कत तब बढ़ गई, जब सर्जरी की तारीख पास आने लगी और रास्ता नहीं खुला। अब फ्लाइट टिकट बुक कराने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। परिवार के चार-पांच लोगों के टिकट का खर्च लगभग सर्जरी के खर्च के बराबर हो गया। जावेद अहमद की ये कहानी 2023 है। 30 अप्रैल से पहले तक यही परेशानी कश्मीर में रहने वालों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थी। अब जम्मू ट्रेन के जरिए सीधे कश्मीर घाटी से जुड़ गया है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से घाटी में बदलाव दिख रहा है। लोकल लोगों की बात…20 दिन में दो बार सफर किया, सिर्फ हजार रुपए खर्च हुए जम्मू-श्रीनगर के बीच 270 किमी की दूरी है। यहां रोड कनेक्टिविटी हमेशा बड़ी चुनौती रही है। अब जावेद कहते हैं, ‘अगर तीन साल पहले ट्रेन की सुविधा होती तो हम इतने बड़े खर्च और परेशानी से बच सकते थे। हम जैसे उन मिडिल क्लास परिवारों के लिए ये बड़ी राहत है, जो हवाई सफर या महंगी रोड ट्रिप पर खर्च नहीं कर सकते हैं।’ ट्रेन चलने के बाद दो बार सफर कर चुका हूं। महज हजार रुपए में सुबह घर से निकलकर शाम तक लौट आया। पैसा और समय दोनों बचा। जावेद बताते हैं कि सर्दियों में रामबन, बनिहाल और रामसू जैसे इलाकों में लैंडस्लाइड और बर्फबारी होने से सड़क कई दिनों या हफ्तों तक बंद रहती थी। इससे न सिर्फ काम रुकता था, बल्कि कश्मीर में जरूरी सामानों की भी कमी हो जाती थी। अब सड़कें जरूर पहले से बेहतर हुई हैं। हाईवे फोर-लेन और टनल से लैस हैं, लेकिन ट्रेन का सफर ज्यादा आसान, सस्ता और भरोसेमंद है। बाहर पढ़ रहे 70 हजार स्टूडेंट्स के लिए सफर आसान हुआ जम्मू-कश्मीर के करीब 70 हजार स्टूडेंट दिल्ली, चंडीगढ़ और देश के बाकी शहरों में रहकर पढ़ रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट श्रीगुफवारा के रहने वाले मोहम्मद आमिर कहते हैं, ‘पहले सर्दी या बारिश में जब NH-44 बंद हो जाता, तो मजबूरी में हवाई सफर करके घर जाना पड़ता था। अब घर आने-जाने से पहले सोचना नहीं पड़ेगा।‘ आमिर सरकार से अनंतनाग में ट्रेन के स्टॉपेज की मांग भी करते हैं। वे कहते हैं कि इससे साउथ कश्मीर में अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिलों के स्टूडेंट्स को सीधा फायदा मिलेगा। अमरनाथ यात्रियों के लिए अनंतनाग में स्टॉपेज की मांग साउथ कश्मीर के लोग भी अनंतनाग में वंदे भारत ट्रेन के स्टॉपेज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे अनंतनाग धार्मिक पर्यटन का बड़ा ट्रांजिट हब बन सकता है। अमरनाथ यात्रियों और इलाके के टूरिज्म को भी फायदा होगा। अमरनाथ यात्रियों के लिए अनंतनाग पारंपरिक बेस कैंप का मुख्य प्रवेश द्वार है। यहां ट्रेन रुकने से यात्रियों के सफर का समय और खर्च दोनों कम होगा। यात्रियों की आवाजाही से होटल, रेस्त्रां, टैक्सी ऑपरेटर और छोटे व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। फल कारोबारियों की बात…अब सेब सड़ेंगे नहीं, ढुलाई भी सस्ती हुई एशिया की दूसरी सबसे बड़ी सोपोर फ्रूट मंडी के अध्यक्ष फैयाज अहमद भट कहते हैं, ‘पहले सड़क के रास्ते दिल्ली तक एक सेब की पेटी 100–130 रुपए में भेजते थे। ट्रेन से ये लागत घटकर 30-45 रुपए रह गई है।‘ फैयाज के मुताबिक, ये सेक्टर हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपए का कारोबार करता है। इससे लगभग 7 लाख परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है और करीब 35 लाख लोगों को रोजगार देता है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘पिछले साल सेब के सीजन में NH-44 काफी दिनों तक बंद रहा और हमें 2 हजार करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। ये रास्ता लैंडस्लाइड के चलते 7 साल में 284 दिनों तक बंद रहा है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई। जब ट्रक रास्ते में फंसते हैं, तो माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है और किसानों की कमाई घट जाती है।‘ ’रेल से फलों का ट्रांसपोर्ट किफायती है, लेकिन इसके लिए बेहतर इंतजाम जरूरी है। बुकिंग सीधे रेलवे से हो ताकि आम लोगों को फायदा मिले। एजेंट सक्रिय हुए तो ना ट्रांसपेरेंसी रहेगी, मोनोपोली अलग हो जाएगी। अभी फलों के लिए भी सीमेंट ढोने वाले वैगन इस्तेमाल हो रहे हैं, जो सही नहीं हैं।’ पर्यटकों की बात…कश्मीर में यूरोप सा नजारा, 10-12 घंटे का सफर 5 घंटे में पिछले 13 साल से परिवार के साथ कश्मीर घूमने आ रहे गणेश उंडाले कहते हैं, ‘रेलवे ने पूरा सफर ही बदल दिया। पहले मुंबई से जम्मू और फिर सड़क के रास्ते श्रीनगर पहुंचने में वक्त और पैसा दोनों लगता था। अब ट्रेन का किराया क्लास के हिसाब से 855 से 1600 रुपए तक है, जबकि टैक्सी का खर्च 7 से 8 हजार रुपए तक पहुंच जाता है।’ ’रोड के बजाय ट्रेन से सफर ज्यादा सेफ है। स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसा सिक्योरिटी चेक होता है। जम्मू से श्रीनगर का सफर सिर्फ 5 घंटे में तय हो जाता है। रोड ट्रिप की तुलना में 5-7 घंटे बचते हैं। फिर कश्मीर में ट्रेन जब पहाड़ों और खूबसूरत वादियों से गुजरती है, तो यूरोप की खूबसूरती को भी टक्कर देती है। चिनाब रेलवे ब्रिज से गुजरना एक्सपीरियंस को और खास बनाता है।’ ट्रेन की सुरक्षा के लिए CORAS कमांडो जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस देश के सबसे संवेदनशील इलाकों से गुजरती है। इस रेल रूट की कई जगहें आतंकियों के निशाने पर रही हैं। भारतीय रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां इसीलिए ट्रेन को हाई-सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की तरह देख रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम: ……………. ये खबर भी पढ़ें… कैसे बना चिनाब रेलवे ब्रिज, 10 पुलों के बराबर लगा लोहा जम्मू और पीर-पंजाल में पहाड़ियों पर बना है दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज। 16 साल में 1486 करोड़ रुपए की लागत से बना ये ब्रिज इंजीनियरिंग का शानदार नमूना तो है ही, भारतीय रेलवे के लिए भी अब तक का सबसे चैलेंजिंग प्रोजेक्ट रहा है। दैनिक भास्कर आपको बता रहा है इस ब्रिज की पूरी कहानी, वो भी ग्राउंड जीरो से। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 20 May 2026 5:11 am