300 से अधिक मरीजों की सेवा स्वास्थ्य महोत्सव में जांच व परामर्श
अजमेर। पींसागन क्षेत्रीय माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी समाज पींसागन, क्षेत्रपाल हॉस्पिटल, अकॉर्ड पैथोलॉजी एवं फिजियोथेरेपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेवा स्वास्थ्य महोत्सव भारी उत्साह, जनसहभागिता एवं सेवाभाव के साथ सम्पन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के अनुभवी चिकित्सकों ने मरीजों की […] The post 300 से अधिक मरीजों की सेवा स्वास्थ्य महोत्सव में जांच व परामर्श appeared first on Sabguru News .
शादी के 18 दिन बाद नवविवाहिता की उसके प्यार में पागल युवक ने गला घोंटकर की हत्या
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एकतरफा प्यार में पागल युवक ने शादीशुदा युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी है। घटना बीजधारी थाना क्षेत्र के बथना पाण्डेय टोला गांव की है। मृतका की पहचान सपना (20) के रूप में हुई है, जिसकी शादी 28 अप्रैल को हुई थी। परिजनों ने बताया कि गांव […] The post शादी के 18 दिन बाद नवविवाहिता की उसके प्यार में पागल युवक ने गला घोंटकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
झारखंड के पाकुड़ जिले में नाबालिग के साथ गैंगरेप मामले में 7 लोग अरेस्ट
पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने सात को गिरफ्तार किया है, जिसमे से दो नाबालिग शामिल है। उक्त घटना की पुष्टि एसपी अनुदीप सिंह ने पुष्टि की है। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों के खिलाफ कांड अंकित करते हुए न्यायिक हिरासत […] The post झारखंड के पाकुड़ जिले में नाबालिग के साथ गैंगरेप मामले में 7 लोग अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
समाजवादी सुधरो या टूटो: 92 वर्षों बाद भी क्यों बिखरा हुआ है भारत का समाजवादी आंदोलन?
समाजवादी पार्टी के 92वें स्थापना दिवस पर डॉ. सुरेश खैरनार का तीखा आत्ममंथन। लोहिया, जेपी और आचार्य नरेंद्र देव की विरासत, समाजवादी आंदोलन का विखंडन, RSS की कैडर राजनीति और भारतीय समाजवाद के संकट का गंभीर विश्लेषण।
भोपाल में लिव-इन पार्टनर महिला पर हथौड़े से हमला कर की आत्महत्या
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और बाद में स्वयं पर चाकू से हमला कर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना आज सुबह सोनागिरि सी-सेक्टर में हुई। लक्ष्मण प्रसाद रिछारिया (50) ने […] The post भोपाल में लिव-इन पार्टनर महिला पर हथौड़े से हमला कर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
डीग में डम्पर की चपेट में आने से महिला की मौत, बच्चा घायल
डीग। राजस्थान में डीग जिले में कामां-पहाड़ी मार्ग पर अंगरावली गांव के पास रविवार को एक अनियंत्रित डंपर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हाे गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कामां-पहाड़ी रोड पर जाम लगा दिया। वे […] The post डीग में डम्पर की चपेट में आने से महिला की मौत, बच्चा घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर में उप प्रधानाचार्य की तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में एक उप प्रधानाचार्य की उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शालीमार क्षेत्र में विक्रम सिंह गोठवाल परिवार सहित रह रहे थे। वह तिजारा के गेलपुर स्थित राजकीय विद्यालय में उप प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। […] The post अलवर में उप प्रधानाचार्य की तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत appeared first on Sabguru News .
वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य : वसुंधरा राजे
जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य बताते हुए कहा हैं कि रक्तदान न केवल मानव सेवा है,बल्कि समाज में एकता और इंसानियत का प्रतीक है जो किसी न किसी व्यक्ति केलिए जीवन है। राजे रविवार को स्वास्थ्य कल्याण रक्त केंद्र के 32वें स्थापना […] The post वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य : वसुंधरा राजे appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से कॉन्स्टेबल की मौत
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस की गाड़ी नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे बदमाशों का पीछा करते समय पेड़ से टकरा गई इससे एक कॉन्स्टेबल की मौत हो गई और थानाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि घटना सुबह करीब पांच […] The post झुंझुनूं में बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से कॉन्स्टेबल की मौत appeared first on Sabguru News .
दिल्ली ने टॉस जीतकर राजस्थान के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
DCvsRR दिल्ली कैपिटल्स ने अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। दोनों ही टीम की तरफ से एक एक खिलाड़ी आज फ्रैंचाइजी के लिए डेब्यू करेंगें। प्लेऑफ समीकरण के लिहाज से यह मैच दोनों ही टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। Toss Update from New Delhi @DelhiCapitals won the toss and elected to field first against @rajasthanroyals Updates https://t.co/JwHkQQ1ayi #TATAIPL | #KhelBindaas | #DCvRR pic.twitter.com/u3TocHsOt1 — IndianPremierLeague (@IPL) May 17, 2026
आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' आखिर आंध्र प्रदेश सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें, क्या पैसे देने से जन्म दर बढ़ जाएगी और भारत जैसे सबसे बड़ी आबादी वाले देश में ये कितना सही; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा होने पर पैसा मिलने की नई पॉलिसी क्या है? जवाब: 16 मई को CM नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा के दौरान बच्चे पैदा करने पर पैसे देने की योजना की घोषणा करते हुए कहा, 'बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या ही भविष्य की असली दौलत है। जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या का इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। इसीलिए मैं लंबे समय से जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा हूं।’ दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 मार्च को विधानसभा में एक नई पॉलिसी पेश की थी। इसे 'जनसंख्या प्रबंधन नीति' कहा गया। इसमें प्रस्ताव दिया था कि दूसरा बच्चा पैदा होने पर परिवार को 25 हजार रुपए मिलेंगे। अब तीसरे और चौथे बच्चे के पैदा होने पर पैसे की घोषणा को इसी नीति का विस्तार बताया जा रहा है। यानी अब 4 बच्चे पैदा होने पर कुल 95 हजार रुपए मिलेंगे। नायडू ने अप्रैल 2025 में भी महिलाओं से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की अपील की थी। साथ ही घोषणा की थी कि सरकारी महिला कर्मचारियों के बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर 26 हफ्ते यानी 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिलेगी।’ इसके पहले तक 6 महीने का मातृत्व अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों पर मिलता था। दो से ज्यादा होने पर 3 महीने की छुट्टी का नियम था। नायडू सरकार की जनसंख्या प्रबंधन नीति के मुताबिक, 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को पैसे के अलावा कई दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी… आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार ने बताया कि 'सहायता राशि देने का मकसद प्रेग्नेंसी के दौरान हेल्थ फैसिलिटी, बच्चे की देखभाल और डिलीवरी के बाद कामकाजी महिलाओं को नौकरी या काम करने में मदद करना है। इसके अलावा नायडू सरकार मौजूदा 'तल्लीकी वंदनम योजना' के विस्तार का भी प्लान बना रही है, जिसके तहत अभी स्कूल जाने वाले बच्चों की मांओं को हर साल 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। सवाल-2: नायडू सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें? जवाब: CM नायडू के इस फैसले के पीछे आंध्र प्रदेश की आबादी से जुड़े तीन फैक्टर हैं… 1. बच्चे पैदा होने की दर 3 दशकों में आधी हुई 2. महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हुई 3. राज्य के लोगों की औसत आयु देश से 4 साल कम सवाल-3: क्या नायडू के इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक वजह? जवाब: नायडू के इस फैसले को देश में संभावित लोकसभा सीटों के नए परिसीमन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार अप्रैल 2026 में परिसीमन बिल, 2026 ला चुकी है। हालांकि ये पास नहीं हो पाया था। तब गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि सभी राज्यों की लोकसभा में कुल सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी। राज्यों में कुल सीटों में 50% की आनुपातिक बढ़ोत्तरी होगी। यानी जिस राज्य में जितनी सीटें हैं, उससे करीब डेढ़ गुना सीटें हो जाएंगी। हालांकि ये बात किसी बिल में नहीं थी। वहीं दक्षिणी राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाकर आबादी काबू में रखी है। उत्तरी राज्यों के मुकाबले इनकी आबादी कम है। इसलिए इन राज्यों को डर है कि जनगणना के आधार पर परिसीमन होने से लोकसभा में उनकी सीटें उत्तरी राज्यों के मुकाबले कम हो जाएंगी। क्योंकि 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। 2011 की जनगणना के मुताबिक, हिंदीभाषी राज्यों की औसत जनसंख्या वृद्धि दर 21.6%, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों में ये आंकड़ा 12.1% है। दिलचस्प बात ये है कि जब केंद्र सरकार परिसीमन बिल लाई, तो नायडू ने इसका समर्थन किया। क्योंकि वो केंद्र सरकार में बीजेपी के साथ साझेदार हैं। जबकि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया इसका विरोध किया था। केंद्र सरकार में शामिल होने के कारण नायडू की पार्टी टीडीपी ने परिसीमन बिल के समर्थन में वोट दिया, लेकिन नायडू राज्य की घटती जन्म दर को लेकर चिंता जताते रहे हैं… इसके अलावा बीते महीने ही अमरावती आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी बन गई है। नायडू अमरावती को मेगा सिटी बनाने के लिए यहां आबादी बढ़ाना चाहते हैं। ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। दरअसल, 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग हुए तेलंगाना को बतौर राजधानी हैदराबाद मिल गया। तब नायडू की सरकार ने विजयवाड़ा के पास कृष्णा नदी के किनारे एक नई राजधानी बनाने का फैसला किया और इसका नाम रखा- अमरावती। इसमें 2050 तक 35 लाख लोगों को बसाने का टारगेट है। 2024 में टीडीपी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमरावती प्रोजेक्ट तेज हुआ है। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड सोशल स्टडीज, हैदराबाद के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. चिगुरुपाटी रामचंद्रैया कहते हैं, ‘नायडू की राज्य की जनसंख्या बढ़ाने की चिंता का संबंध उनके अमरावती को मेगासिटी बनाने के प्रोजेक्ट से प्रेरित है।' हालांकि डॉ. रामचंद्रैया कहते हैं कि अमरावती की आबादी तेजी से बढ़ना आसान नहीं है। क्योंकि अमरावती जिन दो जिलों- गुंटूर और कृष्णा में बसा है, वहां जनसंख्या वृद्धि दर दो दशकों में तेजी से घटी है। अभी अमरावती शहर की आबादी सिर्फ 2.7 लाख है। पूरे कैपिटल रीजन की आबादी 58.1 लाख है। सिंगापुर के सलाहकारों का अनुमान है कि ये आबादी 20 साल में 1.01 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इतनी बढ़ोत्तरी होना बेहद मुश्किल है। सवाल-4: क्या पैसे देकर जन्म दर बढ़ाई जा सकती है? जवाब: भारत में प्रजनन दर बढ़ाने के लिए परिवारों को सीधे कैश बांटने की स्कीम पहली बार आंध्र प्रदेश में ही लाई गई है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में ऐसे एक्सपेरिमेंट्स किए जा चुके हैं… 1. दक्षिण कोरिया: 26 हजार करोड़ खर्च, नतीजा उल्टा 2. हंगरी: GDP का 6% खर्च, फिर भी ज्यादा असर नहीं 3. सिंगापुर: पहले बच्चे के जन्म पर 8 लाख रुपए से ज्यादा बांटे अमेरिका के विल्सन मेटरनल हेल्थ सेंटर की डायरेक्टर सारा बार्न्स के मुताबिक, 'अगर सरकारें महिलाओं की शिक्षा, नौकरी और काम के अवसर करें, तो उसका असर सिर्फ 'ज्यादा बच्चे पैदा करो' जैसी नीतियों से ज्यादा अच्छा होगा। दिसंबर 2024 में नीदरलैंड्स में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, 'जब सरकार बच्चे पैदा करने पर आर्थिक मदद देती है, तो ज्यादातर लोग दोबारा बच्चे पैदा करने का फैसला नहीं करते, बल्कि जो लोग बच्चा चाहते थे, वे सिर्फ थोड़ा जल्दी बच्चा प्लान कर लेते हैं। इससे कुछ समय के लिए TFR बढ़ाता है, लेकिन लंबे समय में कोई खास फर्क नहीं पड़ता।’ सवाल-5: आबादी बढ़ाने के लिए नकद स्कीम का देश पर क्या असर होगा? जवाब: भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। अप्रैल 2024 में इसने 141.26 करोड़ की आबादी वाले चीन को पीछे छोड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था UNFPA के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक भारत की जनसंख्या 146.39 करोड़ थी। रियल टाइम डेटा वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, मौजूदा समय में ये आंकड़ा 147 करोड़ से ज्यादा है। इसमें से करीब 68% आबादी युवा है। भारत में UNFPA की प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार के मुताबिक, ‘यहां बेहतर शिक्षा और मेटरनिटी हेल्थ केयर की मदद से प्रजनन दर कम करने में सफलता पाई है। 1970 में पांच बच्चे प्रति महिला से भारत आज लगभग दो बच्चे प्रति महिला पर खड़ा है।’ आंध्र प्रदेश में हर साल करीब 6.7 लाख बच्चे जन्म लेते हैं। जनसंख्या बढ़ने से पानी, घर और मेडिकल फैसिलिटीज जैसे संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा अभी राज्य के वर्कफोर्स में कामकाजी महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 31% हैं। ये हिस्सेदारी और घट सकती है। इस स्कीम को दूसरे दक्षिणी राज्य भी लागू कर सकते हैं। इससे देश की जनसंख्या और बढ़ सकती है, जिससे सरकार को योजनाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। ******* रिसर्च- प्रथमेश व्यास ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शराब दुकानें बंद, 200 यूनिट बिजली फ्री, गोल्ड चेन भी देंगे; फिल्मी हीरो जैसे फैसले ले रहे CM विजय, कितना महंगा पड़ेगा CM बनते ही थलापति विजय किसी फिल्मी नायक की तरह फैसले ले रहे हैं। 48 घंटे में ही 700 से ज्यादा शराब की दुकानें बंद कराने का आदेश दिया। शपथ के मंच से ही 200 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान कर दिया था। सोने की चेन, अंगूठी और कैश देने का भी वादा किया है। पढ़ें पूरी खबर…
आकाश वाणी से छोरी तक, रिस्क लेकर अपने करियर को नया मोड़ देने वाली एक्ट्रेस नुसरत भरुचा
बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरुचा ने अपनी दमदार अदाकारी, अलग किरदारों और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में खास पहचान बनाई है। नुसरत भरुचा का जन्म 17 मई 1985 को मुंबई में एक बोहरा परिवार में हुआ है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई से पूरी की। अभिनय के प्रति रुचि होने के कारण उन्होंने कम उम्र में ही मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में कदम रखा। अपने करियर के शुरुआती दौर में नुसरत को काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली। नुसरत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन धारावाहिक ‘किटी पार्टी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख करते हुए फिल्म ‘जय संतोषी मां’ से बॉलीवुड में पदार्पण किया, हालांकि उन्हें वास्तविक पहचान फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म इसके बाद नुसरत भरुचा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने आकाश वाणी, सोनू के टीटू की स्वीटी, ड्रीम गर्ल, छलांग, अजीब दास्तान्स, जनहित में जारी और हॉरर फिल्म छोरी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का दम दिखाया। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक और महिला केंद्रित विषयों पर आधारित फिल्मों में भी काम किया। हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में, जहां अभिनेत्रियों को अक्सर ग्लैमरस सपोर्टिंग रोल्स तक सीमित कर दिया जाता है, वहीं नुसरत भरुचा ने चुपचाप बॉलीवुड में अपनी एक अलग और प्रेरणादायक पहचान बनाई है। मल्टीस्टारर एंटरटेनर्स का हिस्सा बनने से लेकर पूरी फिल्म को अपने कंधों पर उठाने तक, उनका सफर धैर्य, निरंतर मेहनत और जोखिम उठाने की हिम्मत की मिसाल है। नुसरत भरुचा ने पहली बार मेनस्ट्रीम पहचान फिल्म 'प्यार का पंचनामा' से हासिल की, जहां वे व्यावसायिक रूप से सफल फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बनीं। हालांकि फिल्म मुख्य रूप से पुरुष दोस्ती और रिश्तों के ड्रामे पर आधारित थी, लेकिन अपनी स्क्रीन प्रेज़ेंस से नुसरत ने अलग पहचान बनाई और बॉलीवुड की भीड़ में अपने लिए जगह तैयार की। इसके बाद 'सोनू के टीटू की स्वीटी' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों ने उन्हें कमर्शियल सिनेमा में एक मजबूत जगह दिलाई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि नुसरत ने अपने इस सफर को खास बनाया, धीरे-धीरे खुद को नए रूप में ढालकर। गौरतलब है कि उन्होंने खुद को सिर्फ रोमांटिक कॉमेडी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने ऐसे किरदार चुने, जिनमें कहानी और भावनात्मक गहराई हो। ऐसे समय में जब कई कलाकार सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे थे, नुसरत ने महिला-केंद्रित और विषय-प्रधान कहानियों का रास्ता चुना। उनके करियर का अहम मोड़ 'आकाश वाणी' साबित हुई, जहां उन्होंने भावनात्मक शोषण और वैवाहिक बलात्कार जैसे संवेदनशील विषयों को पर्दे पर निभाया, वह भी ऐसे समय में, जब हिंदी सिनेमा में इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं होती थी। भले ही उस वक्त फिल्म और उनके प्रदर्शन को उतनी सराहना नहीं मिली, लेकिन इस किरदार ने यह संकेत जरूर दे दिया कि नुसरत पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ना चाहती हैं। इसके बाद आया उनके करियर का गेम-चेंजर दौर। 'छोरी' के साथ नुसरत ने हॉरर-सर्वाइवल ड्रामा की दुनिया में कदम रखा और लगभग अकेले दम पर फिल्म को संभाला। एक गर्भवती महिला के रूप में, जो अलौकिक डर और सामाजिक बुराइयों दोनों से लड़ती है, नुसरत ने साबित किया कि वे बिना किसी बड़े मेल लीड के भी स्क्रीन पर पूरी पकड़ बना सकती हैं। 'छोरी' के बाद 'छोरी 2' के साथ वे और भी ज्यादा दमदार अंदाज़ में लौटीं और खुद को इस फ्रेंचाइज़ी का चेहरा बना लिया। फिल्म ‘जनहित में जारी’ में जहां उन्होंने एक जागरूक महिला का किरदार निभाया, वहीं, फिल्म 'अकेली' में उनका अभिनय और भी स्पष्ट रूप से सामने आया। युद्धग्रस्त इलाके में फंसी एक भारतीय महिला के किरदार में नुसरत ने पूरी फिल्म का भावनात्मक भार अपने कंधों पर उठाया। इस भूमिका में उन्होंने संवेदनशीलता, साहस और जुझारूपन को बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश किया। मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्मों से लेकर 'छोरी' और 'अकेली' जैसी फिल्मों की मुख्य ताकत बनने तक, नुसरत भरुचा का करियर इस बात का प्रमाण है कि खुद को लगातार नए रूप में ढालना कितना जरूरी है। नुसरत सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। वह अक्सर अपने प्रशंसकों के साथ अपनी फिल्मों, फिटनेस और निजी जीवन से जुड़ी बातें साझा करती रहती हैं।
कोलकाता को पथिराना की एक गेंद पड़ी 2.5 करोड़ रुपए की, 1 ओवर के बाद हुए चोटिल
लंबे समय से आईपीएल में वापसी का इंतजार कर रहे तेज़ गेंदबाज़ मतीशा पथिराना का IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए डेब्यू सिर्फ़ आठ गेंदों तक ही सीमित रहा। अगर यह मान लिया जाए कि अब वह आगे नहीं खेलेंगे तो उस हिसाब से आईपीएल नीलामी में 18 करोड़ रुपए में खरीदे गए महीश पथिराना की एक गेंद कोलकाता नाईट राइडर्स को 2.5 करोड़ रुपए की पड़ी।दूसरी पारी में गुजरात टाइटंस (GT) के ख़िलाफ़ कोलकाता में गेंदबाज़ी करते हुए हैमस्ट्रिंग में परेशानी महसूस होने के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। श्रीलंका के इस स्लिंगर को KKR ने अपनी गेंदबाज़ी पारी के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतारा था और उन्हें चौथे ओवर में गेंदबाज़ी सौंपी गई। अपने पहले ओवर में उन्होंने सात रन दिए।लेकिन दूसरे ओवर में पहली गेंद डालने के बाद पथिराना ने अपनी हैमस्ट्रिंग के आसपास परेशानी की ओर इशारा किया और ज़मीन पर बैठ गए। टीम फ़िज़ियो ने उनका उपचार किया और उन्होंने एक और गेंद डालने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी रफ़्तार से गेंदबाज़ी नहीं कर पा रहे थे। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे से बातचीत के बाद पथिराना मैदान से बाहर चले गए। वह अपने दूसरे ओवर में सिर्फ़ दो गेंदें ही डाल सके। IPL 2026 में पथिराना की भागीदारी KKR के लिए काफ़ी बहुप्रतीक्षित थी। फ़्रेंचाइज़ी ने उन्हें 18 करोड़ रूपये में ख़रीदा था, लेकिन फ़िटनेस समस्याओं के कारण उनका आग़ाज़ देर से हुआ। 2026 T20 विश्व कप में भी पथिराना ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ श्रीलंका के मैच के दौरान अपना स्पेल अधूरा छोड़कर बाहर चले गए थे और बाद में पूरा टूर्नामेंट मिस कर दिया था। इसके बाद IPL में उनकी भागीदारी को लेकर श्रीलंका क्रिकेट (SLC)ने पथिराना से उनकी पिंडली की चोट पर फ़िटनेस टेस्ट पास करने की शर्त रखी थी, जिसके बाद ही उन्हें नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट (NOC) मिला। यह सर्टिफ़िकेट KKR के अभियान के चार मैच बीतने के बाद जारी किया गया था, उस दौरान फ़्रेंचाइज़ी अपने सभी मैच हार चुकी थी।इसके बावजूद पथिराना KKR के लिए पूरे समय बेंच पर बैठे रहे और शनिवार शाम GT के ख़िलाफ़ टीम के 12वें मैच में उन्हें मौक़ा मिला, लेकिन उनका मैदान पर समय 30 मिनट से भी कम रहा।
एमी बरुआ ने Cannes 2026 में पारंपरिक Karbi परिधान पहन लूटी महफिल
एमी बरुआ ने कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर शानदार तरीके से पेश किया। अपनी पांचवीं कान उपस्थिति के दौरान उन्होंने असम के पारंपरिक करबी परिधान में रेड कार्पेट पर कदम रखकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। असम के करबी समुदाय से प्रेरित यह खूबसूरत हैंडवोवन आउटफिट राज्य की समृद्ध हथकरघा परंपरा और आदिवासी कला का प्रतीक था। पारंपरिक आभूषणों के साथ उनके इस लुक ने नॉर्थईस्ट इंडिया की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी। A post shared by Aimee Baruah (@aimeebaruahofficial) एमी बरुआ ने अपने इंस्टाग्राम पर रेड कार्पेट की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “Wearing our tradition, our pride.” इस कैप्शन के जरिए उन्होंने अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव जाहिर किया। A post shared by Aimee Baruah (@aimeebaruahofficial) करबी समुदाय अपनी पारंपरिक बुनाई कला, विशिष्ट डिजाइन और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उनके वस्त्रों में इस्तेमाल होने वाले पैटर्न और मोटिफ समुदाय की पहचान और इतिहास को दर्शाते हैं। एमी बरुआ की इस विरासत को कान जैसे वैश्विक मंच तक पहुंचाकर एमी बरुआ ने भारतीय क्षेत्रीय संस्कृति को नई पहचान दिलाई। एमी बरुआ लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर असमिया सिनेमा और नॉर्थईस्ट इंडिया की कहानियों को बढ़ावा देती रही हैं। उनकी हर कान उपस्थिति यह साबित करती है कि भारतीय क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराएं भी वैश्विक सिनेमा में मजबूत स्थान रखती हैं।
थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर रजनीकांत ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, स्टालिन से मुलाकात पर दी सफाई
तमिलनाडु की राजनीति में हाल ही में आए चुनावी भूचाल के बाद अब सिनेमा और सियासत के गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। तमिल सिनेमा के 'थलाइवर' यानी सुपरस्टार रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डन स्थित अपने निवास स्थान पर एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद से ही रजनीकांत की चुप्पी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। आखिरकार, दिग्गज अभिनेता ने सामने आकर सभी अफवाहों का करारा जवाब दिया है। प्रेस मीट के दौरान रजनीकांत ने TVK के प्रमुख सी. जोसेफ विजय की प्रचंड जीत पर अपनी प्रतिक्रिया दी। Chennai, Tamil Nadu: Actor Rajinikanth says, I was extremely shocked when I heard that Vijay had become the Chief Minister. I am not in politics; it has been many days since I stepped away from politics. There is a 28-year age difference between Vijay and me. Here, Vijay has… https://t.co/WUxYS8YUbK pic.twitter.com/dcr0lcGfiA — ANI (@ANI) May 17, 2026 रजनीकांत ने कहा, मैं यह प्रेस मीट इसलिए कर रहा हूं क्योंकि चुनावों को लेकर मेरे बारे में सोशल मीडिया और मीडिया में कई तरह की मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं। चुनाव नतीजों के आने के बाद मैं एम.के. स्टालिन से मिलने गया था, जिसे बेवजह आलोचना का विषय बना दिया गया। ALSO READ: 'पति पत्नी और वो दो' के कलेक्शन में शानदार उछाल, दूसरे दिन फिल्म ने किया इतना कलेक्शन उन्होंने कहा, लोगों को समझना होगा कि हमारी दोस्ती राजनीति के दायरे से बहुत ऊपर है। मुझे व्यक्तिगत रूप से इस बात का बेहद दुख हुआ कि एम.के. स्टालिन कुलाथुर सीट से चुनाव हार गए। रजनी कोई इतना सस्ता या घटिया दर्जे का इंसान नहीं है जो किसी भी बात पर राजनीति करे या बेवजह की बातें बनाए। जैसे ही मुख्यमंत्री ने जीत दर्ज की, मैंने तुरंत उन्हें बधाई दी थी। रजनीकांत ने कहा, जब मैंने पहली बार सुना कि विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो मुझे सचमुच बहुत हैरानी हुई। मैं अब राजनीति में नहीं हूं और मुझे सियासत से दूर हुए एक लंबा अरसा बीत चुका है। विजय और मेरे बीच उम्र का करीब 28 साल का फासला है। तमिलनाडु की धरती पर विजय ने सूबे की दो सबसे बड़ी और स्थापित पार्टियों के खिलाफ अकेले खड़े होकर चुनाव जीता है और अपनी यह पहचान खुद के दम पर बनाई है, जो काबिल-ए-तारीफ है। शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं शामिल हुए रजनीकांत? विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान रजनीकांत की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए। इसका जवाब देते हुए थलाइवर ने अपने पुराने इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने पत्रकारों से प्रतिप्रश्न किया, क्या आपने मुझे कभी इतिहास में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते देखा है? मैं कभी इन समारोहों का हिस्सा नहीं बनता, यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। नताशा से तलाक के बाद हार्दिक काफी समय समय से माहिका शर्मा को डेट रहे हैं। अब आईपीएल 2026 के बीच खबरें आ रही है कि हार्दिक अपनी गर्लफ्रेंड माहिका संग शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हार्दिक पंड्या इसी महीने 22 मई को उदयपुर में माहिका संग शादी करने जा रहे हैं। दोनों राजस्थान के उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। हार्दिक और माहिका की शादी की खबर सामने आते ही फैंस के बीच खलबली मच गई है। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म हालांकि हार्दिक पंड्या या माहिका शर्मा की टीम की तरफ से शादी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हार्दिक और माहिका शर्मा साल 2025 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। फरवरी 2026 में हार्दिक ने माहिका के जन्मदिन और वैलेंटाइन डे के मौके पर अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था। गौरतलब है कि जुलाई 2024 में हार्दिक पंड्या और सर्बियाई मॉडल नताशा स्टेनकोविक ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी। दोनों आज भी अपने बेटे अगस्त्य की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं। नताशा से अलग होने के बाद हार्दिक के जीवन में माहिका की एंट्री हुई।
Girish Kumar: For nearly two decades, if one wished to understand what was going wrong inside India’s schools, there was perhaps no more grounded guide than Vimala Ramachandran’s Inside Indian Schools. It was a book that carried neither ideological certainty nor fashionable optimism. It walked patiently through classrooms, sat beside teachers, listened to girls from […]
Adani, Trump, Modi, and the conversion of American legal authority from a court into a marketplace In April 2026, representatives of Gautam Adani walked into the United States Department of Justice headquarters in Washington and presented approximately one hundred slides to federal prosecutors. The slides argued, among other things, that the government lacked basic evidence […]
समाजवादी पार्टी के 92 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पटना में इकठ्ठा होने वाले सभी साथियों को क्रांतिकारी अभिवादन . समाजवादी पार्टी के 92 वां स्थापना दिवस के उपलक्षमे. कुछ मुक्त चिंतन करते हूऐ सभी साथियों को आज हमारी स्थिति सिर्फ जन्मदिन और पुण्यतिथियां मनाने तक ही सिमित होने की वजह को इमानदारी से […]
जब पंकज उधास का गाना सुनकर लोग हुए इमोशनल, इनाम में मिले थे 51 रुपए
संगीत जगत में पंकज उधास को ऐेसे पार्श्वगायक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने गजल गायिकी को नया आयाम दिया। पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के राजकोट के निकट जेटपुर में जमींदार गुजराती परिवार में हुआ। घर में संगीत के माहौल से पंकाज उधास की भी रूचि संगीत की ओर हो गई। महज सात वर्ष की उम्र से ही पंकज उधास गाना गाने लगे। उनके इस शौक को उनके बड़े भाई मनहर उधास ने पहचान लिया और उन्हें इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। मनहर उधास अक्सर संगीत से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया करते थे। उन्होंने पंकज उधास को भी अपने साथ शामिल कर लिया। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म एक बार पकंज को एक संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेने का मौका मिला जहां उन्होंने 'ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी' गीत गाया। इस गीत को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। उनमें से एक ने पंकज उधास को खुश होकर 51 रुपए दिए। इस बीच पंकज उधास राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी से जुड़ गये और तबला बजाना सीखने लगे। कुछ वर्ष के बाद पंकज उधास का परिवार बेहतर जिंदगी की तलाश में मुंबई आ गया। पंकज उधास ने अपनी स्नातक की पढ़ाई मुंबई के मशहूर सैंट जेवियर्स कॉलेज से हासिल की। इसके बाद उन्होंने स्नाकोत्तर पढ़ाई करने के लिये दाखिला ले लिया लेकिन बाद में उनकी रूचि संगीत की ओर हो गई और उन्होंने उस्ताद नवरंग जी से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। पंकज उधास के सिने करियर की शुरूआत 1972 में प्रदर्शित फिल्म कामना से हुई लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह असफल साबित हुई। इसके बाद गजल गायक बनने के उद्देश्य से पंकज उधास ने उर्दू की तालीम हासिल करनी शुरू कर दी। वर्ष 1976 में पंकज उधास को कनाडा जाने का अवसर मिला और वह अपने एक मित्र के यहां टोरंटो में रहने लगे। ALSO READ: Cannes में तारा सुतारिया का रॉयल अंदाज, आइवरी गाउन में दिखाई सिजलिंग अदाएं उन्हीं दिनों अपने दोस्त के जन्मदिन के समारोह में पंकज उधास को गाने का अवसर मिला। उसी समारोह में टोरंटो रेडियो में हिंदी के कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले एक सज्जन भी मौजूद थे उन्होंने पंकज उधास की प्रतिभा को पहचान लिया और उन्हें टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाने का मौका दे दिया। लगभग दस महीने तक टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाने के बाद पंकज उधास का मन इस काम से उब गया। इस बीच कैसेट कंपनी के मालिक मीरचंदानी से उनकी मुलाकात हुई और उन्हें अपनी नई एलबम आहट में पार्श्वगायन का अवसर दिया। यह अलबम श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। वर्ष 1986 में प्रदर्शित फिल्म 'नाम' पंकज उधास के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। यूं तो इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए लेकिन पंकज उधास की मखमली आवाज में 'चिट्ठी आई है वतन से चिट्ठी आई है' गीत आज भी श्रोताओ की आंखो को नम कर देता है। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में गाना गाने का मौका मिला। इन फिल्मों में गंगा जमुना सरस्वती, बहार आने तक, थानेदार, साजन, दिल आशना है, फिर तेरी कहानी याद आई, ये दिल्लगी, मोहरा, मै खिलाड़ी तू अनाड़ी, मंझधार, घात, और ये है जलवा, प्रमुख है। पंकज उधास के गाए गीतों की संवदेनशीलता उनकी निजी जिन्दगी में भी दिखाई देती थी। वह एक सरल हृदय के संवदेशनशील इंसान भी है जो दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने का प्रयास करते है। दूसरों के प्रति हमदर्दी और संवेदनशीलता की इस भावना को प्रदर्शित करने वाला एक वाकया है। एक बार मुंबई के नानावती अस्पताल से एक डॉक्टर ने पंकज उधास को फोन किया कि एक व्यक्ति के गले के कैंसर का ऑपरेशन हुआ है और उसकी उनसे मिलने की तमन्ना है। इस बात को सुनकर पंकज उधास तुरंत उस शख्स से मिलने अस्पताल गए और न सिर्फ उसे गाना गाकर सुनाया बल्कि अपने गाए गाने का कैसेट भी दिया। बाद में पंकज उधास को जब इस बात का पता चला कि उसके गले का ऑपेरशन कामयाब रहा है और उसकी बीमारी धीरे-धीरे ठीक हो रही है तो पंकज उधास काफी खुश हुए। पंकज उधास को अपने करियर में मान सम्मान भी खूब मिला। इनमें सर्वश्रेष्ठ गजल गायक .के.एल. सहगल अवार्ड, रेडियो लोटस अवार्ड, इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी अवार्ड, दादाभाई नौरोजी मिलेनियम अवार्ड और कलाकार अवार्ड जैसे कई पुरस्कार शामिल है। साथ ही गायकी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये उन्हें 2006 में पदमश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पंकज उधास ने कई एलबम के लिए पार्श्वगायन किया, इनमें नशा, हसरत, महक, घूंघट, नशा 2, अफसाना, आफरीन, नशीला, हमसफर, खूशबू और टुगेदर, प्रमुख है। गजल गायिकी को नया आयाम देने वाले पंकज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया।
कमल हासन ने CM थलपति विजय से की मुलाकात, रखीं 6 बड़ी मांगें
तमिलनाडु की राजनीति में 10 मई 2026 का दिन एक ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज हो चुका है। तमिल सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में से एक, सी. जोसेफ विजय जिन्हें फैंस प्यार से 'थलपति' कहते हैं ने तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह एक सत्ता परिवर्तन ही नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 60 सालों से चले आ रहे DMK और AIADMK के द्विध्रुवीय एकाधिकार का अंत भी है। वर्ष 1967 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब इन दोनों स्थापित द्रविड़ क्षेत्रीय दलों से अलग किसी तीसरे दल के नेता ने राज्य की कमान संभाली है।मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही थलापति विजय ने अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं का संकेत दे दिया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने सचिवालय जाकर तीन अत्यंत महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। ALSO READ: आधी उम्र के लड़कों से मिलते हैं शादी के प्रपोजल, अमीषा पटेल ने बताया 50 की उम्र चाहती हैं कैसा हमसफर इसके साथ ही, विजय सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंडों के पास स्थित तमिलनाडु राज्य विपणन निगम के 717 सरकारी शराब ठेकों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया। इस फैसले की पूरे राज्य में आम जनता, विशेषकर महिलाओं द्वारा सराहना की जा रही है। @TVKVijayHQ pic.twitter.com/timwTZeEdY — Kamal Haasan (@ikamalhaasan) May 16, 2026 कमल हासन ने की मुलाकात विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री अपने वैचारिक मतभेदों को भुलाकर उनके पीछे खड़ी नजर आ रही है। हाल ही में दिग्गज अभिनेता और मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। कमल हासन ने थलपति विजय को तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी 6 अहम मांगें सौंपीं और राज्य सरकार के समर्थन की जरूरत पर जोर दिया, ताकि इंडस्ट्री आज जो मुश्किलों का सामना कर रही है, उनसे बाहर आ सके। ALSO READ: मल्टी-कलर बिकिनी में पूजा हेगड़े का बोल्ड लुक, शॉर्ट्स का बटन खोल सिजलिंग अंदाज में दिए पोज कमल हासन ने लिखा, आज मैंने व्यक्तिगत रूप से माननीय मुख्यमंत्री, भाई विजय से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तमिलनाडु के विकास के लिए अपने कई सपनों को साझा किया। मुलाकात के दौरान उनकी विनम्रता और स्नेह ने मुझे गर्व से भर दिया। कमल हासन ने विजय सरकार के 717 शराब की दुकानों को बंद करने के फैसले की खुलकर तारीफ की और कहा कि सरकार का काम शराब बेचना नहीं बल्कि उसे नियंत्रित करना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सिनेमा उद्योग को संकटों से उबारने के लिए मुख्यमंत्री के सामने 6 महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। कमल हासन के अलावा आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, अभिनेता आर. माधवन, अभिनेत्री सिमरन और तृषा जैसी फिल्मी हस्तियों ने भी विजय को एक नए युग की शुरुआत के लिए बधाई दी है। तमिलनाडु का सिनेमा और राजनीति से बेहद पुराना और गहरा नाता रहा है। विजय से पहले एमजी रामचंद्रन (MGR), जे. जयललिता, और एम. करुणानिधि जैसे दिग्गजों ने भी फिल्मी पर्दे से निकलकर सूबे की सत्ता पर राज किया है। विजय अब इसी गौरवशाली फेहरिस्त का हिस्सा बन चुके हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 17 May 2026: करियर: आज काम में नई चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य बनाए रखें। लव: रिश्तों में तालमेल और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें और लाल वस्त्र पहनें। 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहयोगियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: पेट या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें और गाय को आहार दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: साथी के साथ संवाद में सुधार होगा। धन: आर्थिक लाभ संभव है, पर जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: उपवास का पारण सात्विक भोजन से करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे और सराहना मिलेगी। लव: साथी के साथ समझ बढ़ेगी। धन: अचानक खर्च हो सकता है, बचत करें। स्वास्थ्य: हल्की एलर्जी या सर्दी हो सकती है। उपाय: आज हनुमान चालीसा पढ़ें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। लव: संबंधों में रोमांस बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी रहेगी। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा, टीम वर्क में सुधार होगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश और बचत लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: पीले रंग के कपड़े पहनें। 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और सफलता मिलेगी। लव: संबंधों में संतुलन बना रहेगा। धन: खर्च पर नियंत्रण जरूरी। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: पानी का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: जोखिम उठाने का समय अच्छा है, अवसर मिलेंगे। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी की पूजा करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति संभव है। लव: रिश्तों में समझ बढ़ेगी। धन: निवेश या सौदे लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: पीले चने का दान करें और सूर्य को अर्घ्य दें। 10. मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी। उपाय: आज नीले या काले वस्त्र पहनें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या नींद की कमी। उपाय: आज गायत्री मंत्र का जाप करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए अवसर मिलेंगे, ध्यान केंद्रित रखें। लव: भावनात्मक समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: अपना खानपान सुधारें। उपाय: आज धार्मिक ग्रंथ पढ़ें।
स्मार्ट सिटी अजमेर से तीन नई नियमित ट्रेनों का शुभारंभ
अजमेर। स्मार्ट सिटी अजमेर से आज तीन नई नियमित साप्ताहिक ट्रेनों गाड़ी संख्या 09621/09622 अजमेर-बांद्रा साप्ताहिक एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 09625/09626 अजमेर-दौंड साप्ताहिक एक्सप्रेस तथा गाड़ी संख्या 09653/09654 अजमेर-बांद्रा साप्ताहिक एक्सप्रेस का शुभारंभ किया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव के अनुसार शनिवार शाम 5.30 बजे अजमेर स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या 01 पर आयोजित कार्यक्रम […] The post स्मार्ट सिटी अजमेर से तीन नई नियमित ट्रेनों का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में 17 मई से प्रारंभ होंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्ग
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र में 17 मई से प्रदेश के 12 स्थानों पर 14 प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ होंगे। इनमें 10 संघ शिक्षा वर्ग, तीन घोष वर्ग और एक कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम शामिल है। इन वर्गों में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, तरुण तथा विभिन्न व्यवसायों से जुड़े स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राष्ट्रीय […] The post राजस्थान में 17 मई से प्रारंभ होंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्ग appeared first on Sabguru News .
प्रयागराज में रील बना रहे 4 युवक नदी में डूबे, 3 की मौत
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र में शनिवार को टोंस नदी में स्नान के दौरान तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक युवक को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार मेजारोड पुलिस चौकी क्षेत्र के बलुआ गांव स्थित टोंस नदी में चार युवक स्नान […] The post प्रयागराज में रील बना रहे 4 युवक नदी में डूबे, 3 की मौत appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में उच्च क्षमता के बिजली के तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के भोलापुरा गांव में शनिवार को एक युवक की 11 केवी के उच्च क्षमता के बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भोलापुरा निवासी भोला (22) खेत पर काम करने जा रहा था कि उच्च क्षमता का बिजली का जर्जर तार […] The post भरतपुर में उच्च क्षमता के बिजली के तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
उत्तराखंड के शिवपुरी में गंगा स्नान के दौरान राजस्थान का युवक डूबा
टिहरी। उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल जिले शिवपुरी स्थित नमामि गंगे घाट पर शनिवार को गंगा नदी में स्नान के दौरान एक युवक तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और डीप डाइविंग टीम द्वारा तलाश अभियान शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार […] The post उत्तराखंड के शिवपुरी में गंगा स्नान के दौरान राजस्थान का युवक डूबा appeared first on Sabguru News .
आजमगढ़ : पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा, कार कंटेनर में घुसी, 5 की मौत
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार अपराह्न हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि स्विफ्ट डिजायर कार तेज गति से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर जा रही थी। माइलस्टोन-238 के पास कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल […] The post आजमगढ़ : पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा, कार कंटेनर में घुसी, 5 की मौत appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : शराब के नशे में दोस्तों ने की दोस्त की हत्या
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के खुइयां थाना क्षेत्र में गोरखाना गांव में शराब पीने के दौरान हुए मामूली विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि सुभाष नायक (35) गांव के वार्ड नंबर 10 में एक पुराने खंडहरनुमा मकान में अकेला रहता था। सुभाष अत्यधिक शराब […] The post हनुमानगढ़ : शराब के नशे में दोस्तों ने की दोस्त की हत्या appeared first on Sabguru News .
सेना प्रमुख की पाकिस्तान को दो टूक, आतंकवाद का समर्थन करेगा तो मिटा दिया जाएगा मानचित्र से
नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उसे तय करना होगा कि वह विश्व मानचित्र पर अपनी पहचान बनाए रखना चाहता है या आतंकवादियों को आश्रय देने और भारत के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधि जारी रखकर खुद को इतिहास से मिटाने का जोखिम […] The post सेना प्रमुख की पाकिस्तान को दो टूक, आतंकवाद का समर्थन करेगा तो मिटा दिया जाएगा मानचित्र से appeared first on Sabguru News .
रामपुर में आजम खान को दो साल की सजा, 20 हजार रुपए जुर्माना
रामपुर। उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की एक विशेष अदालत ने शनिवार को विवादित बयान के एक मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं समाजवादी पार्टी नेता मोहम्मद आजम खान को दो वर्ष की साधारण कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में […] The post रामपुर में आजम खान को दो साल की सजा, 20 हजार रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में 5 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ जलाकर नष्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिला पुलिस ने मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में जब्त किए गए मादक पदार्थों को शनिवार को एक ईंट भट्टे पर जला कर नष्ट किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुल पांच करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक मूल्य के इन मादक पदार्थों को […] The post श्रीगंगानगर में 5 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ जलाकर नष्ट appeared first on Sabguru News .
क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में 135 लड़कों और 17 लड़कियों ने लिया भाग
सबगुरु न्यूज-सिरोही।जिला क्रिकेट संघ सिरोही की ओर से सिरोही स्थित अरविंद पेवेलियन में आयोजित निःशुल्क क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन खिलाड़ियों में क्रिकेट के प्रति उत्साह और अधिक बढ़ा हुआ नजर आया। जिला क्रिकेट संघ सिरोही के अध्यक्ष विक्रम देवासी ने बताया की शिविर के दूसरे दिन कुल 135 युवकों खिलाड़ी एवं 17 महिला […] The post क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में 135 लड़कों और 17 लड़कियों ने लिया भाग appeared first on Sabguru News .
गुजरात ने टॉस जीतकर कोलकाता के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
GTvsKKR गुजरात टाइटंस ने शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 60वें मुकाबले में टॉस जीतकर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। आज यहां गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने कहा हम पहले गेंदबाजी करेंगे। कल थोड़ी बरसात हुई थी। इसी वजह से हमें उम्मीद है कि बाद में पिच बैटिंग के लिए बेहतर हो जाएगी। हमारी गेंदबाजी ने अभी तक काफी शानदार काम किया है। मोमेंटम हमारे साथ है। हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते हैं। टॉप-2 में फिनिश करने की कोशिश रहेगी, क्योंकि इससे आपको एक मैच एक्स्ट्रा मिल जाता है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि मैं एक बार में एक ही मैच के बारे में सोच रहा हूं। हमें तीनों ही मैच जीतने हैं और उसके बाद देखते हैं कि क्या होता है। हम पिछले पांच मैच से काफी अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं। मैं भी पहले फील्डिंग ही करना चाहता था। पिच में थोड़ी नमी है। मुझे नहीं लगता है कि पिच में बहुत ज्यादा बदलाव आएगा। वरुण फिट होकर वापस आ गए हैं। Toss update from Kolkata @gujarat_titans won the toss and elected to bowl first against @kkriders Updates https://t.co/m8jevRTt29 #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvGT pic.twitter.com/frBgC5n6vs — IndianPremierLeague (@IPL) May 16, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- कोलकाता (एकादश): फ़िन एलन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, रिंकू सिंह, मनीष पांडे, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, कार्तिक त्यागी और सौरभ दुबे। गुजरात टाइटंस (एकादश): शुभमन गिल (कप्तान), साईं सुदर्शन, जॉस बटलर (विकेट कीपर), वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, निशांत सिंधु, राशिद ख़ान, अरशद ख़ान, कगिसो रबाडा, साई किशोर और मोहम्मद सिराज।
500 सालों में 50 से ज्यादा शिप्स और दर्जनों प्लेन एक खास इलाके से गुजरते हुए गायब हो गए। न मलबा मिला, न कोई लाश। बरमूडा ट्रायंगल की यही मिस्ट्री दुनिया को डराती रही है। अब वैज्ञानिकों ने वहां के समुद्र में कुछ ऐसा खोजा है, जो पूरी दुनिया में कहीं नहीं है। तो क्या इसबार बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य खुल गया? इसी से जुड़े सवाल समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बरमूडा ट्रायंगल से कैसे गायब होते रहे हैं शिप्स और प्लेन? जवाब: उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिका के फ्लोरिडा तट, ब्रिटेन के बरमूडा द्वीप और प्यूर्टो रिको द्वीप को मिलाएं, तो एक त्रिभुज बनता है। इसे ही बरमूडा ट्रायंगल कहते हैं। इसका एरिया करीब 13 लाख वर्ग किलोमीटर है। साल 1492 की बात है। क्रिस्टोफर कोलंबस तीन बड़ी नौकाओं और 90 लोगों के साथ इस इलाके से गुजर रहे थे, तो कुछ अनोखा देखा। जहाज की लॉगबुक में दर्ज किया- समुद्र में आग की लपटें थीं और कंपास की रीडिंग भी असामान्य हो गई। कोलंबस वही नाविक हैं, जिन्होंने अमेरिका खोजा था। बरमूडा ट्रायंगल से शिप गायब होने का पहला बड़ा मामला 31 दिसंबर 1812 का है। ‘पैट्रियट’ नाम का अमेरिकी जहाज साउथ कैरोलिना से न्यूयॉर्क के लिए निकला। इसमें तब के अमेरिकी उपराष्ट्रपति हारून बर्र की बेटी थियोडोसिया सवार थीं। पैट्रियट बरमूडा ट्रायंगल में अचानक गायब हो गया। 3 साल बाद USS एपेरवियर भी वहीं गायब हुआ। न इसका मलबा मिला और न इसमें सवार 135 लोगों में किसी की लाश। मार्च 1918 में अमेरिका का ‘USS साइक्लोप्स’ जहाज गायब होने के बाद दुनिया भर में खतरनाक बरमूडा ट्रायंगल की चर्चा तेज हो गई। इसमें 10 हजार टन मैंगनीज और 309 लोग सवार थे। इसके मलबे और जहाज की जानकारी 108 साल बाद भी नहीं है। बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरने वाले विमानों और जहाजों के गायब होने के करीब 50 इंसीडेंट्स दर्ज हैं… सवाल-2: बरमूडा में विमान, जहाज गायब होने के पीछे क्या वजह बताई जाती है? जवाब: बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य से जुड़ी 5 प्रमुख थ्योरी और दावे किए जाते हैं… 1. नुकीले बादल एयर बम बनाते हैं 2. मीथेन गैस विस्फोट थ्योरी 3. मैग्नेटिक इफेक्ट की थ्योरी 4. 'इलेक्ट्रॉनिक फॉग' और 'टाइम वार्प' थ्योरी 5. विशालकाय भटकती लहरें ये भी कहा जाता है कि बरमूडा ट्रायंगल में पानी के अंदर एलियंस का एक स्पेस शिप है, जो अपनी तकनीक से गुजरते जहाजों और विमानों को निशाना बनाता है। 1974 में चार्ल्स बर्लिट्ज की किताब 'The Bermuda Triangle' से प्रचलित हुआ कि बरमूडा ट्रायंगल के नीचे 'खोया हुआ पौराणिक शहर 'अटलांटिस' है। उस सभ्यता की उन्नत तकनीक आज भी एक्टिव है, जो गुजरने वाले जहाजों और विमानों को खींचती है। सवाल-3: अब वैज्ञानिकों को इस इलाके के बारे में क्या पता चला है? जवाब: अमेरिका के कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस और येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक विलियम फ्रेजर और जेफरी पार्क की टीम ने एक रिसर्च की है। कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस की वेबसाइट पर 8 मई को ये रिसर्च छपी है। इससे पता चला कि बरमूडा द्वीप के नीचे एक ऐसा खास स्ट्रक्चर है, जिसे दुनिया में और कहीं नहीं देखा गया है। दरअसल, समुद्र के बीच में ज्वालामुखी का पहाड़ या द्वीप उसके नीचे के 'मेंटल प्लम' के ऊपर बनता है। ‘मेंटल प्लम’ यानी धरती के अंदर का बेहद गर्म चट्टानों का गुबार। ये समुद्र की तली को ऊपर की तरफ धकेलता है। हालांकि समय के साथ टेक्टोनिक प्लेटें खिसकती हैं और ये द्वीप वापस नीचे की तरफ धंसने लगते हैं। जबकि बरमूडा द्वीप के मामले में ऐसा नहीं है। 3 करोड़ साल से भी ज्यादा समय से बरमूडा के नीचे ज्वालामुखी पूरी तरह शांत है। फिरे भी बरमूडा द्वीप समुद्र तल से लगभग 1600 फीट की ऊंचाई पर टिका हुआ है। इस गुत्थी को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने बरमूडा के इलाके में भूकंप की तरंगों के जरिए द्वीप के 20 मील नीचे की एक तस्वीर तैयार की। इससे पता चला कि समुद्री क्रस्ट के नीचे 12 मील मोटी एक अजीबोगरीब चट्टान की परत है। ये परत आसपास के मेंटल की तुलना में बहुत हल्की और कम घनत्व वाली है। ये हल्की चट्टान एक नाव की तरह काम कर रही है। इसी के सहारे बरमूडा और उसके आसपास का समुद्री तल तैर रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये खोजना बाकी है कि क्या दुनिया के किसी और द्वीप के नीचे भी इसी तरह की कोई हल्की चट्टान है या नहीं। सवाल-4: क्या इस नई खोज से बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य खुल जाएगा? जवाब: नहीं, ये रिसर्च सिर्फ बरमूडा द्वीप के भूगर्भ से जुड़ी है। बरमूडा द्वीप का एरिया सिर्फ 54 वर्गकिमी है। जबकि बरमूडा ट्रायंगल 13 लाख वर्ग किमी का समुद्री इलाका है। वैज्ञानिकों ने भी इस रिसर्च में बरमूडा ट्रायंगल में जहाज डूबने या विमानों के हादसे का जिक्र नहीं किया है। हालांकि बरमूडा द्वीप को लेकर ये जानकारी नई जरूर है, साथ ही किसी और द्वीप के नीचे इस तरह के अनोखे स्ट्रक्चर की जानकारी अब तक नहीं है, इसलिए इसे बरमूडा ट्रायंगल के रहस्यों से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो बरमूडा ट्रायंगल में जहाजों और विमानों के गायब होने के पीछे किसी रहस्यमयी थ्योरी से इनकार करता है। सवाल-5: बरमूडा ट्रायंगल में वाकई कोई रहस्य छिपा है, या सिर्फ सामान्य हादसे हैं? जवाब: अमेरिकी मौसम विभाग से जुड़ी संस्था ‘नेशनल ओशियनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’, यानी NOAA के मुताबिक, ‘बरमूडा ट्रायंगल इलाके में होने वाले हादसे खराब मौसम, मुश्किल नेविगेशन और इंसानी गलतियों की वजह से होते हैं। इनके पीछे कोई सुपरनैचुरल पावर नहीं है।’ इसी तरह अमेरिकी रिसर्चर लॉरेंस डेविड कुस्चे अपनी किताब 'द बरमूडा ट्रायंगल मिस्ट्री सॉल्व्ड' में लिखते हैं, 'ट्रायंगल पर हुए हादसों पर जो रिपोर्ट्स सामने आईं, उनमें से ज्यादातर बढ़ा-चढ़ाकर लिखी गई हैं। ये हादसे दुनिया के दूसरे समुद्री रास्तों पर होने वाले हादसों से ज्यादा नहीं हैं।’ हवाई जहाजों और शिप्स का इंश्योरेंस करने वाली कंपनी ‘लॉयड ऑफ लंदन’ को अपनी रिसर्च में बरमूडा ट्रायंगल के ज्यादा खतरनाक होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले। इसके बाद 1970 के दशक में कंपनी ने बरमूडा ट्रायंगल से गुजरने वाले जहाजों के लिए बीमा के बदले एक्सट्रा प्रीमियम लेना बंद कर दिया। सिंगापुर के रिसर्चर डेरिक ली ने 2021 में दुनिया भर के 85 हजार से ज्यादा विमान हादसों का एनालिसिस किया। इसमें बरमूडा ट्रायंगल के अंदर महज 56 हादसे मिले। डेरिक के मुताबिक, 'इन हादसों के पैटर्न खोजने पर कुछ भी असामान्य या रहस्यमयी नहीं मिला। ये मौसम की खराबी से जुड़े साधारण हादसे थे, जो दुनिया की बाकी जगहों पर भी देखने को मिलते हैं। अक्टूबर 2024 में नाइजीरिया के प्रोफेसर चिगोजी एके ने कहा था कि कुछ न्यूज चैनलों ने बरमूडा ट्रायंगल की खबरों को सनसनीखेज बना दिया, जिससे लोगों में डर पैदा हुआ और इसे सच माना जाने लगा। दुनिया में कई समुद्री इलाके हैं, जिन्हें बरमूडा से भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है। उदाहरण के लिए ड्रेक पैसेज, अर्जेंटीना। चिली के केप हॉर्न और अंटार्कटिका के साउथ शेटलैंड द्वीपों के बीच मौजूद ड्रेक पैसेज में लहरें अक्सर 40 फीट तक पहुंच जाती हैं। यहां लगभग 800 जहाज तबाह हो चुके हैं और करीब 20 हजार नाविकों की मौत हो चुकी है। सबसे चर्चित हादसा 1819 में स्पेन के जहाज ‘सैन टेल्मो’ के डूबने का है, जिसमें 644 लोगों की मौत हुई थी। आस्ट्रेलियाई साइंटिस्ट डॉ. कार्ल क्रुजेलनिकी कहते हैं कि बरमूडा ट्रायंगल के हादसों के लिए एलियंस के बजाय खराब प्लानिंग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। ये कोई सुपरनैचुरल पावर नहीं, बल्कि प्रकृति की ताकत और इंसानी गलतियों का नतीजा है। ---------- रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चुटकी में हैक कर लेता है बैंक, दुनियाभर की सरकारों को Mythos AI का डर; क्या खातों में जमा आपका पैसा भी खतरे में है एंथ्रोपिक का नया AI मॉडल 'क्लॉड मिथोस' इतना खतरनाक है कि इसे आम लोगों के लिए रिलीज ही नहीं किया गया। हालांकि ये किसी तरह लीक हो गया है। एंथ्रोपिक के मुखिया डेरियो अमोदेई ने खुद इसके खतरे की चेतावनी दी है। दुनियाभर की सरकारें आशंका से डरी हुई हैं। 23 अप्रैल को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक हाई-लेवल बैठक बुलाई। इसमें चर्चा हुई कि भारत के बैंकिंग सिस्टम को मिथोस से कैसे बचाया जाए। सरकार एंथ्रोपिक के सीनियर ऑफिसर्स से भी बात कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
Cannes में तारा सुतारिया का रॉयल अंदाज, आइवरी गाउन में दिखाई सिजलिंग अदाएं
बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश एक्ट्रेसेस में शुमार तारा सुतारिया इन दिनों फ्रांस के फ्रेंच रिविएरा में आयोजित हो रहे 79वें कान फिल्म फेस्टिवल में अपनी खूबसूरती के परचम लहरा रही हैं। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के 'वूमेन इन सिनेमा' गाला डिनर से सामने आईं उनकी ताजा तस्वीरों ने इंटरनेट का तापमान बढ़ा दिया है। इन तस्वीरों में तारा विंटेज ओल्ड हॉलीवुड और भारतीय राजसी वैभव यानी 'मॉडर्न-महारानी' कोर का एक ऐसा कॉम्बिनेशन पेश कर रही हैं, जिसे देख हर कोई दंग है। तारा सुतारिया ने इस खास शाम के लिए दिग्गज फैशन ब्रांड विविएन वेस्टवुड के कलेक्शन से एक बेहद खूबसूरत आइवरी (हाथीदांत के रंग का) सैटिन गाउन चुना। इस गाउन की यूएसपी इसका सिग्नेचर स्कल्प्टेड कोर्सेट डिज़ाइन है। गाउन का काउल नेकलाइन इसके ड्रेप को रोमांटिक और फेमिनिन लुक दे रहा है। इसके साथ ही, उनके हाथों पर लपेटा गया मैचिंग आइवरी स्टोल जब हवा में लहराया, तो उसने पूरे लुक में एक क्लासिक रेड-कार्पेट ड्रामा जोड़ दिया। फ्लोर-लेंथ की इस सैटिन स्कर्ट में तारा किसी तैरते हुए ख्वाब जैसी नजर आ रही हैं। इस न्यूट्रल और मोनोटोन वाइट गाउन को रीगल टच देने के लिए तारा ने बेहद कीमती हीरे और पन्ने का हैवी नेकलेस कैरी किया है। तारा सुतारिया सिर्फ अपने कपड़ों से ही नहीं, बल्कि अपने सिडक्टिव और कॉन्फिडेंट पोज से भी फैंस को दीवाना बना रही हैं। तस्वीरों में उनका साइड-प्रोफाइल लुक, कैमरे के सामने नजाकत से आंखें बंद कर अपनी ज्वैलरी को फ्लॉन्ट करना और सीढ़ियों पर खड़े होकर दिया गया रीगल पोज उनकी कमाल की सेंसुअलिटी को बयां करता है। इस लुक को क्लीन और शार्प रखने के लिए तारा ने मिडिल-पार्टेड स्लीक जूड़ा बनाया हुआ है। तारा ने विंग्ड आईलाइनर, न्यूड-ब्राउन ग्लॉसी लिप्स, फ्लश्ड चीक्स और एक परफेक्ट रिविएरा-इंस्पायर्ड ब्रॉन्ज ग्लो के साथ अपना मेकअप कम्प्लीट किया है। चाहे वो समंदर के किनारे हवा में लहराता हुआ उनका गाउन हो या बंद लिफ्ट के भीतर उनका सिजलिंग वॉक, तारा सुतारिया ने यह साबित कर दिया है कि जब बात 'क्लासिक ब्यूटी' की आती है, तो उनका मुकाबला करना बेहद मुश्किल है।
अधिकमास 2026: इन 33 देवताओं की पूजा से मिलता है शुभ फल, पूरे साल बनी रहती है सुख-समृद्धि
क्या आप जानते हैं कि हमारी काल-गणना (Calendar) सिर्फ तारीखें नहीं बदलती, बल्कि हर तीन साल में हमें आध्यात्मिक रूप से रिचार्ज होने का एक जादुई मौका देती है? जी हाँ, इसे ही हम 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहते हैं। इस साल यह अनूठा और पवित्र कालखंड 17 मई से 15 जून 2026 तक रहने वाला है। आइए जानते हैं इस महीने के पीछे का अनोखा विज्ञान, इसकी दिलचस्प कहानी और उन 33 दिव्य शक्तियों के बारे में, जो आपके पूरे साल को खुशियों से भर सकती हैं। क्यों आता है यह अतिरिक्त महीना? (समय का संतुलन) यह कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि शुद्ध खगोल विज्ञान है। दरअसल, सूर्य और चंद्रमा की चाल में हर साल 11 दिनों का अंतर आ जाता है। अगर इस अंतर को ऐसे ही छोड़ दिया जाए, तो हमारे मौसम और त्योहारों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। इसी गैप को भरने के लिए प्रकृति हर तीसरे साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ देती है, जिसे हम अधिकमास कहते हैं। इस तरह 12 महीनों का साल, इस बार 13 महीनों का महावर्ष बन जाता है। जब 'मलमास' बना 'पुरुषोत्तम मास' एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा है कि शुरुआत में इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी (भगवान) नहीं था, इसलिए इसे लोग 'मलमास' कहकर इसकी उपेक्षा करते थे। तब इस महीने ने भगवान विष्णु की शरण ली। श्रीहरि ने दया भाव दिखाते हुए न केवल इसे अपना सबसे प्रिय नाम 'पुरुषोत्तम' दिया, बल्कि इसके अधिपति देवता भी बन गए। यही वजह है कि इस पूरे महीने में भगवान विष्णु के 'नृसिंह अवतार', श्री राम कथा और श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ का माहौल चारों तरफ गूंजने लगता है। श्रीहरि के वे 33 रूप, जो चमकाएंगे आपकी किस्मत धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस विशेष महीने के हर दिन भगवान विष्णु के 33 अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। माना जाता है कि इन नामों के सुमिरन मात्र से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं। ये दिव्य नाम हैं: विष्णु, जिष्णु, महाविष्णु, हरि, कृष्ण, अधोक्षज, केशव, माधव, राम, अच्युत, पुरुषोत्तम, गोविंद, वामन, श्रीश, श्रीकांत, नारायण, मधुरिपु, अनिरुद्ध, त्रिविक्रम, वासुदेव, जगतयोनि, अनंत, विश्वाक्षिभूणम्, शेषशायी, संकर्षण, प्रद्युम्न, दैत्यारि, विश्वतोमुख, जनार्दन, धरावास, दामोदर, अघार्दन और श्रीपति। स्वयं भगवान नृसिंह का वरदान: कोई गरीब नहीं रहेगा शास्त्रों में साफ़ लिखा है कि स्वयं भगवान नृसिंह ने इस महीने को वरदान देते हुए कहा था— अब से मैं इस मास का स्वामी हूँ और इसके नाम से सारा संसार पवित्र होगा। इस महीने में जो भी भक्ति, जप, तप और दान के जरिए मुझे प्रसन्न करेगा, दरिद्रता कभी उसके दरवाजे पर दस्तक नहीं देगी। उसकी हर मनोकामना पूरी होगी। चलते-चलते... अधिकमास का यह समय किसी उत्सव से कम नहीं है। यह भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा ठहरकर, खुद को भीतर से शुद्ध करने और पुण्य कमाने का 'बोनस टाइम' है। तो इस बार 17 मई से शुरू हो रहे इस पावन महीने में जप, तप और दान का हाथ थामिए, और अपने पूरे साल को सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर लीजिए!
रीमेक या ओरिजिनल? 'है जवानी तो इश्क होना है' पर Tips Films ने तोड़ी चुप्पी, जारी किया स्टेटमेंट
डेविड धवन के निर्देशन में बनी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में वरुण धवन, पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर जैसी फ्रेश स्टारकास्ट नजर आने वाली हैं। फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। हालांकि, अपनी रिलीज से ठीक पहले यह फिल्म एक बड़े कानूनी विवाद और सोशल मीडिया कयासों के केंद्र में आ गई है। फिल्म को लेकर दो मुख्य विवाद सामने आ रहे हैं—पहला इसके 'रीमेक' होने की अफवाह और दूसरा साल 1999 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बीवी नंबर 1' के सुपरहिट गाने 'चुनरी चुनरी' के रीमेक राइट्स का उल्लंघन। ALSO READ: 'रामायणम्' के लिए साथ आया भारतीय सिनेमा का सबसे विशाल क्रू, 10 हजार से ज्यादा लोग कर रहे हैं काम! पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज थी कि डेविड धवन और वरुण धवन की यह फिल्म उनकी ही किसी पुरानी हिट फिल्म की रीमेक या उससे प्रेरित है। कुछ लोगों को यह गोविंदा की 2006 में रिलीज फिल्म 'सैंडविच' से मिलती-जुलती लगी। अब इन अफवाहों पर विराम लगाने के लिए फिल्म की निर्माता कंपनी 'टिप्स फिल्म्स' ने एक आधिकारिक पब्लिक नोटिस जारी किया। A post shared by TIPS (@tips) टिप्स ने अपने बयान में कहा, हमारे संज्ञान में आया है कि व्यापार जगत और जनता के बीच हमारी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर कुछ भ्रामक चर्चाएं चल रही हैं। टिप्स, रमेश तौरानी, डेविड धवन और पूरी कास्ट-क्रू यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह फिल्म एक पूरी तरह से ओरिजनल कहानी और पटकथा पर आधारित है। इसका किसी अन्य फिल्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, हमने इस फिल्म को बनाने में अपना पूरा दिल लगा दिया है और 5 जून को सिनेमाघरों में दर्शकों का वेलकम करने के लिए एक्साइटेड हैं, ताकि वे एक एंटरटेनिंग फैमिली एक्सपीरियंस को एंजॉय कर सकें। बता दें कि फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने लीज रोल निभाया है। 'है जवानी तो इश्क होना है' का निर्देशन डेविड धवन ने किया है। इसमें कुब्रा सैत, मनीष पॉल, चंकी पांडे, प्रणव चड्ढा, विजय राज, राजेश जैस, चैतन्य व्यास और अन्य कलाकार भी हैं। फिल्म 5 जून को रिलीज हो रही है।
Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं?
Horoscope May 18 to May 24 2026: 18 मई से 24 मई 2026 का सप्ताह कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम और लाभ लेकर आएगा, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र, निवेश और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। परिवार और प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखना इस सप्ताह महत्वपूर्ण है। साप्ताहिक राशिफल का अध्ययन कर आप अपनी योजना और निर्णयों को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। ALSO READ: गंगा दशहरा पर बन रहा है इस बार दुर्लभ योग संयोग, इस मुहूर्त में करें स्नान और पूजा साप्ताहिक राशिफल (18 मई से 24 मई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) बिजनेस करने वालों को नए लाभदायक मौके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन में साथी का प्यार और गहराई महसूस होगी। सेहत में सुधार होगा अगर आप अपनी देखभाल जारी रखें। इस सप्ताह आपके पिछले प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है, जिससे आप करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले आगे बढ़ा सकते हैं। घर में हल्का तनाव या भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकता है, जिसे शांत रहकर संभालना बेहतर रहेगा। अचानक छोटी यात्रा मन को खुश कर सकती है। किसी साझेदारी से अलगाव भी शांति से हो सकता है। आप दूसरों को मार्गदर्शन देने में भी आगे रहेंगे। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पिंक वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) काम में बढ़ती जिम्मेदारियां आपकी दिनचर्या में बदलाव ला सकती हैं। परिवार में आपका सहयोग और स्नेह रिश्तों को मजबूत करेगा। यह सप्ताह अच्छे और चुनौतीपूर्ण दोनों अनुभव लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी अगर आप समझदारी से चलें। प्रेम जीवन में कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। हल्की एक्सरसाइज से सेहत बेहतर रहेगी। ठंडी जगहों की यात्रा में रुकावट आ सकती है। निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में निवेश भविष्य में लाभ दे सकता है। सकारात्मक सोच आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन मिथुन (21 मई – 21 जून) नए आय के स्रोत या सहयोग से आर्थिक अवसर मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों को फिलहाल निजी रखना बेहतर रहेगा। यह सप्ताह कई मामलों में आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। पुराने प्रयासों का फल मिल सकता है और करियर में प्रगति दिखेगी। घर से जुड़े फैसले जल्दबाजी में न लें। सेहत अच्छी और स्थिर रहेगी। यात्रा के दौरान नई जगहें देखने का मौका मिलेगा। प्रॉपर्टी में छोटे विवाद हो सकते हैं, जिन्हें समझदारी से सुलझाना होगा। पढ़ाई में मेहनत का फल मिलेगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: गोल्डन कर्क (22 जून – 22 जुलाई) आपको कई मामलों में स्पष्टता देगा। काम में रुकावट महसूस हो सकती है, लेकिन धैर्य और मेहनत से सुधार आएगा। परिवार के भरोसेमंद लोगों से सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक फैसलों में लंबे समय की सोच रखें। रिश्तों में, खासकर विवाह में, ध्यान और समझ जरूरी है। हल्की वॉक भी आपकी सेहत के लिए लाभकारी होगी। नई जगह जाना मन को तरोताजा करेगा। जमीन या प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले आपके पक्ष में हो सकते हैं। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: क्रीम सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) आपकी क्रिएटिव सोच आपको खास बना सकती है और काम में प्रभाव डाल सकती है। बिजनेस पार्टनर आपकी बातों को समझेंगे और सहयोग करेंगे। परिवार को नजरअंदाज न करें, वरना दूरी आ सकती है। जोखिम भरे निवेश से बचें। प्रेम जीवन में नई ऊर्जा आएगी और कोई खास व्यक्ति आपको प्रेरित कर सकता है। फिटनेस पर ध्यान देने से सेहत बेहतर होगी। विदेश यात्रा में खर्च का ध्यान रखें। प्रॉपर्टी या किराए से जुड़े मामलों को समझदारी से संभालें। ALSO READ: बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: व्हाइट कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) काम में वरिष्ठ लोगों से मिलने का मौका मिलेगा, जो भविष्य के लिए मार्गदर्शन देंगे। घर में अचानक बदलाव करने से बचें। यह सप्ताह काफी एक्टिव और व्यस्त रह सकता है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखें क्योंकि प्रगति धीमी लग सकती है। प्रेम जीवन में जल्दबाजी से बचें। संतुलित भोजन से सेहत अच्छी रहेगी। प्रॉपर्टी के मामलों में जल्दबाजी में फैसला न लें। आपकी मेहनत और लगातार प्रयास आपको सफलता दिलाएंगे। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: नारंगी तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) सामाजिक जीवन अच्छा रहेगा और नए लोगों से मुलाकात होगी। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। इस सप्ताह आपकी धैर्य और अनुशासन की परीक्षा हो सकती है। काम में स्पष्टता की कमी से थोड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए योजना बनाकर चलें। प्रेम जीवन में सुखद सरप्राइज मिल सकते हैं। हेल्दी खान-पान से सेहत मजबूत रहेगी। यात्रा से बिजनेस बढ़ सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने के नए विकल्प सामने आ सकते हैं। बिना सबूत किसी पर आरोप लगाने से बचें। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: रॉयल ब्लू वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) काम में आपकी नई सोच से सीनियर्स प्रभावित होंगे। परिवार में कोई धार्मिक या खुशी का आयोजन हो सकता है। यह सप्ताह सुखद और अच्छे सरप्राइज लेकर आ सकता है। अनावश्यक खर्चों से बचें। प्रेम जीवन में अपने भाव व्यक्त करने से रिश्ते मजबूत होंगे। ताजा और हेल्दी भोजन से ऊर्जा बनी रहेगी। यात्रा खास और यादगार बन सकती है। कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश फायदेमंद रहेगा। पढ़ाई में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद मेहनत करें। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ब्राउन धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) आय बढ़ाने के नए तरीके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन में शक से बचें और संवाद बनाए रखें। डांस या स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां सेहत और मूड दोनों बेहतर करेंगी। यह सप्ताह भाग्य और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा। आपका प्रभाव काम को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। दूर के रिश्तेदार से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। किसी खास जगह की यात्रा मानसिक शांति दे सकती है। निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में निवेश लाभदायक रहेगा। पढ़ाई में नए कोर्स या ट्रेनिंग फायदेमंद होगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: लाइट ग्रे मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) नए काम शुरू करने के लिए अच्छा है। आपकी अलग सोच और क्रिएटिविटी काम में मदद करेगी। परिवार में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। महत्वपूर्ण फैसलों में अपनी समझ के साथ सही सलाह भी लें। प्रेम जीवन में नए मौके मिल सकते हैं। नियमित व्यायाम से सेहत में सुधार होगा। परिवार के साथ यात्रा का प्लान पूरा हो सकता है। आर्थिक मामलों में तेजी से निर्णय लेना नुकसान से बचाएगा। पुरानी बातों को छोड़ना आपके लिए अच्छा रहेगा। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: मैरून कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) नए लोगों से जुड़ना आपके करियर को दिशा देगा। परिवार का सहयोग आपको मजबूत बनाएगा। यह सप्ताह आपके लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आर्थिक साझेदारी से लाभ मिल सकता है। प्रेम जीवन में समझ और अपनापन बढ़ेगा। लिखना या मेडिटेशन करना मानसिक शांति देगा। यात्रा पहले से प्लान करने से बेहतर अनुभव मिलेगा। विवादित प्रॉपर्टी में निवेश से बचें। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: येलो मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, खासकर साझेदारी से लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन में छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए साथी को महत्व दें। यह सप्ताह आपको नई सोच और क्रिएटिव आइडियाज अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। काम में तेजी आएगी अगर आप मेहनत बनाए रखें। परिवार और बच्चों पर ध्यान देना जरूरी होगा। अच्छी नींद और सही खान-पान से सेहत ठीक रहेगी। परिवार के साथ यात्रा खास बन सकती है। जमीन या लोन से जुड़े काम आगे बढ़ेंगे। ALSO READ: बुध का वृषभ राशि में गोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव? शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: मैजेंटा
बॉलीवुड के टैलेंटेड और दमदार अभिनेताओं में शुमार विक्की कौशल आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 16 मई को जन्मे विक्की ने बेहद कम समय में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी एक्टिंग में एक अलग ही सच्चाई और गहराई देखने को मिलती है, जो उन्हें बाकी एक्टर्स से अलग बनाती है। लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पिता नहीं चाहते थे बेटा बने एक्टर विक्की कौशल के पिता शाम कौशल इंडस्ट्री के जाने-माने स्टंट डायरेक्टर हैं। उन्होंने अपने करियर में काफी संघर्ष देखा, इसलिए वे नहीं चाहते थे कि उनका बेटा भी इस अनिश्चित और कठिन इंडस्ट्री में कदम रखे। उनकी इच्छा थी कि विक्की पढ़ाई करके एक सुरक्षित और स्थिर नौकरी करें। ALSO READ: 'धुरंधर 2' के ओटीटी पर रिलीज होते ही मचा बवाल, पाकिस्तान में क्रैश हुआ नेटफ्लिक्स का सर्वर! इंजीनियरिंग के बाद लिया बड़ा फैसला पिता के कहने पर विक्की ने मुंबई के Rajiv Gandhi Institute of Technology से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। लेकिन एक आईटी कंपनी के इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि 9 से 5 की नौकरी उनके लिए नहीं बनी है। यहीं से उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्ट्यूट से ट्रेनिंग ली। असिस्टेंट डायरेक्टर से शुरू हुआ सफर फिल्मों में सीधे लीड रोल मिलना आसान नहीं था। विक्की ने अपने करियर की शुरुआत बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर की। उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में काम किया और फिल्ममेकिंग की बारीकियां सीखी। मसान से मिली पहचान साल 2015 में रिलीज हुई मसान से विक्की कौशल ने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों ने खूब सराहा।इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। Raman Raghav 2.0, Raazi और Sanju जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने लोगों का ध्यान खींचा। ALSO READ: गुजराती सिनेमा ने रचा नया इतिहास, कान फिल्म फेस्टिवल में गूंजा 'लालो' का नाम विक्की के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' बनी। इस फिल्म में निभाए गए उनके किरदार और डायलॉग “How’s the Josh?” ने उन्हें देशभर में सुपरस्टार बना दिया। इस फिल्म के बाद विक्की कौशल हर घर में पहचाने जाने लगे। ‘सरदार उधम’ में दिखा असली टैलेंट साल 2021 में रिलीज हुई सरदार उधम में विक्की ने शहीद उधम सिंह का किरदार निभाया। उनकी परफॉर्मेंस को क्रिटिक्स ने बेहद सराहा और इसे उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। हाल ही में विक्की फिल्म 'छावा' में छत्रपति संभाजी महाराज के रोल में नजर आए। इस फिल्म में उनका रफ और टफ लुक फैंस को काफी पसंद आया और यह साबित करता है कि वह हर किरदार में खुद को ढाल सकते हैं।
रोहिणी लगना और नौतपा लगने में क्या है अंतर, क्या है इसका विज्ञान
Nautapa: भारतीय लोक संस्कृति, ज्योतिष और मौसम विज्ञान में 'रोहिणी लगना' और 'नौतपा' का बहुत गहरा संबंध है। अक्सर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं, लेकिन इनमें एक सूक्ष्म अंतर है। भारत में प्राचीन काल से ही इसके विज्ञान और महत्व को समझजा गया लेकिन आधुनिक विज्ञान अब इसे मानता है। आइए इनके अंतर और इसके पीछे के विज्ञान को आसान भाषा में समझते हैं। 1. क्या है रोहिणी लगना: जब सूर्य देव आकाशमंडल के 27 नक्षत्रों में से चौथे नक्षत्र 'रोहिणी' में प्रवेश करते हैं, तो उसे 'रोहिणी लगना' कहते हैं। सूर्य एक नक्षत्र में लगभग 14 दिनों तक रहता है। इसलिए रोहिणी का प्रभाव 14 दिन का होता है। यह अमूमन हर साल 25 मई के आसपास शुरू होता है। ALSO READ: नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र कब से शुरू होगा और कितने दिन तक रहेगा? जानिए पूरी जानकारी 2. क्या होता है नौतपा: रोहिणी नक्षत्र के शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है। यह रोहिणी नक्षत्र के भीतर की ही एक विशेष 9 दिनों की अवधि है। यह भी 25 मई से शुरू होकर जून के शुरुआती सप्ताह तक चलता है। सरल शब्दों में अंतर: रोहिणी लगना सूर्य की एक खगोलीय स्थिति (नक्षत्र प्रवेश) है, और उस स्थिति के कारण शुरू होने वाले सबसे गर्म 9 दिनों के कालखंड को नौतपा कहते हैं। 3. नौतपा और रोहिणी का पारंपरिक/ज्योतिषीय महत्व भारतीय ज्योतिष के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र का स्वभाव शीतल माना गया है क्योंकि इसका स्वामी चंद्रमा है। जब ग्रहों के राजा सूर्य (जो अत्यंत गर्म हैं), चंद्रमा के इस नक्षत्र (रोहिणी) में आते हैं, तो वे इसके प्रभाव को सोख लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि यदि नौतपा के इन 9 दिनों में भीषण गर्मी पड़े, तो उस साल मानसून बहुत अच्छा आता है और भरपूर बारिश होती है। ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां 4. इसके पीछे का विज्ञान क्या है? भले ही इसका नाम ज्योतिषीय गणना (नक्षत्र) पर आधारित हो, लेकिन नौतपा के समय पड़ने वाली इस भीषण गर्मी के पीछे पूरी तरह खगोलीय (Astronomical) और मौसम वैज्ञानिक (Meteorological) कारण हैं। इसका सीधा विज्ञान है कि जब गर्मी तेज होती तो समुद्र का जल वाष्पित होकर अधिक बादल निर्मित करेगा। क) सूर्य की सीधी किरणें (खगोलीय कारण) मई के उत्तरार्ध (Late May) और जून की शुरुआत में, पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere), जहाँ भारत स्थित है, सूर्य की ओर सबसे अधिक झुका होता है। इस समय सूर्य की किरणें कर्क रेखा (Tropic of Cancer) के ठीक ऊपर यानी भारत के मध्य भाग पर बिल्कुल सीधी (90 डिग्री पर) पड़ती हैं। सीधी किरणों के कारण वायुमंडल सबसे ज्यादा गर्म हो जाता है। ख) 'लो प्रेशर एरिया' या कम दबाव का क्षेत्र (मौसम विज्ञान) विज्ञान के नियम के अनुसार, जब किसी स्थान पर अत्यधिक गर्मी पड़ती है, तो वहाँ की हवा गर्म होकर हल्की हो जाती है और ऊपर उठ जाती है। इससे ज़मीन के पास 'कम हवा के दबाव का क्षेत्र' (Low Pressure Area) बन जाता है। ALSO READ: Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण ग) मानसून से सीधा संबंध भारत के मैदानी इलाकों (जैसे उत्तर और मध्य भारत) में नौतपा के दौरान जब भीषण गर्मी से मजबूत 'लो प्रेशर एरिया' बनता है, तो प्रकृति इसे संतुलित करने का प्रयास करती है। इस खाली जगह को भरने के लिए समुद्र (हिंद महासागर और अरब सागर) की तरफ से ठंडी और नमी से भरी हवाएं (High Pressure) तेज़ी से धरती की ओर खिंची चली आती हैं। इन्हीं नमी युक्त हवाओं को हम 'मानसून' कहते हैं। इसलिए विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि मई के अंत में उत्तर भारत जितनी तीव्रता से तपेगा, समुद्र से मानसूनी हवाएं उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेंगी, जिससे बारिश अच्छी होगी। निष्कर्ष 'रोहिणी' और 'नौतपा' हमारे पूर्वजों द्वारा मौसम के चक्र को समझने का एक अनूठा व्यावहारिक तरीका था। जिसे वे नक्षत्रों के आधार पर देखते थे, आज का आधुनिक विज्ञान उसे 'सोलर इंसोलेशन' (Solar Radiation) और 'वायुमंडलीय दबाव' (Atmospheric Pressure) के रूप में प्रमाणित करता है।
'धुरंधर 2' के ओटीटी पर रिलीज होते ही मचा बवाल, पाकिस्तान में क्रैश हुआ नेटफ्लिक्स का सर्वर!
सिनेमाघरों में 1,800 करोड़ रुपए से अधिक की ऐतिहासिक कमाई कर दुनिया भर को चौंकाने वाली फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' अब ओटीटी की दुनिया में भी नए रिकॉर्ड बना रही है। दिग्गज फिल्ममेकर आदित्य धर के निर्देशन और रणवीर सिंह के दमदार अभिनय से सजी इस स्पाई-थ्रिलर फिल्म को 14-15 मई की आधी रात को नेटफ्लिक्स पर इंटरनेशनली रिलीज किया गया है। रिलीज के साथ ही पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर ऐसा उन्माद देखा गया, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को हैरान कर दिया है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर इस समय 'धुरंधर 2' की ही चर्चा है। वहां के एक मशहूर कंटेंट क्रिएटर माविया उमर फारूकी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि फिल्म के रिलीज होते ही पाकिस्तान में नेटफ्लिक्स का सर्वर डाउन हो गया। A post shared by maviya umer farooqui (@kaam_wali_baat) वायरल वीडियो में क्रिएटर ने कहा, पाकिस्तान में आज ही धुरंधर रिलीज हुई है और सर्वर क्रैश हो गया। पाकिस्तानी तो बस इंतजार ही कर रहे थे कि कब रात के 12 बजें, नेटफ्लिक्स फिल्म डाले और सब एक साथ मिलकर क्लिक करें। यहां इस फिल्म का ऐसा क्रेज देखा गया है। अब फिल्म में सच दिखाया गया है या झूठ, वो अलग बात है, लेकिन पाकिस्तानी यह देखना चाहते हैं कि फिल्म बनी कैसी है और ल्यारी की असल हकीकत क्या है। ALSO READ: धुरंधर द रिवेंज रिव्यू: रणवीर सिंह का विस्फोटक अंदाज और इंटेंस सिनेमाई सफर वीडियो में कंटेंट क्रिएटर ने अपने टीवी स्क्रीन पर फिल्म को लगातार बफर होते हुए भी दिखाया और दावा किया कि उनका इंटरनेट बिल्कुल ठीक चल रहा था, यह रुकावट सिर्फ भारी ट्रैफिक के कारण नेटफ्लिक्स के सर्वर पर आए लोड की वजह से थी। विवादों के बावजूद पाकिस्तान में नंबर-1 पर ट्रेंडिंग राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दों पर आधारित होने के कारण इस फिल्म को पाकिस्तान समेत कई खाड़ी देशों में थियेट्रिकल रिलीज के लिए बैन कर दिया गया था। यही वजह थी कि वहां की जनता इस फिल्म को देखने के लिए बेहद उत्सुक थी। नेटफ्लिक्स पर आते ही 'धुरंधर 2' सीधे पाकिस्तान की ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर-1 पायदान पर पहुंच गई। फिल्म में रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रंगी उर्फ 'हमजा अली मजारी' नाम के एक भारतीय अंडरकवर एजेंट का किरदार निभाया है, जो कराची के ल्यारी में एक गैंग में शामिल होकर आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करता है। ALSO READ: पति पत्नी और वो दो रिव्यू: जल्दबाजी और ओवर एक्टिंग में खोया हास्य इंटरनेशनल दर्शकों के लिए रिलीज हुआ 'रॉ एंड अनकट' वर्जन ग्लोबल रिलीज के लिए मेकर्स ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म का Raw & Uncut वर्जन उतारा है। इसमें कई ऐसे डार्क, हिंसक और संवेदनशील सीन्स शामिल हैं, जिन्हें भारतीय सेंसर बोर्ड ने थियेट्रिकल रिलीज के समय हटा दिया था। इसी बिना काट-छांट वाले वर्जन को देखने के लिए विदेशी दर्शकों में होड़ मची हुई है। बॉक्स ऑफिस पर रच चुकी है इतिहास रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर. माधवन, अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल जैसे मल्टीस्टारर्स से सजी इस फ्रैंचाइज़ी ने बॉक्स ऑफिस को पूरी तरह से डॉमिनेट किया है। दोनों पार्ट्स को मिलाकर इस फ्रैंचाइज़ी ने दुनिया भर में 3,100 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस कर इतिहास रच दिया है, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया बेंचमार्क है। A post shared by JioHotstar (@jiohotstar) भारत में कब और कहां होगी रिलीज? भारतीय दर्शकों को इस फिल्म के ओटीटी प्रीमियर के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आईपीएल 2026 के रोमांच को देखते हुए मेकर्स ने भारत में इसकी डिजिटल रिलीज को टाल दिया था। अब यह फिल्म 4 जून 2026 को शाम 7:00 बजे 'जियोहॉटस्टार' पर स्ट्रीम की जाएगी।
क्या अमेरिका के पास है ईरान का यूरेनियम हटाने का कोई प्लान?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों से विवादों का कारण रहा है। आज कई ईरानी नागरिक ‘येलोकेक', ‘सेंट्रीफ्यूज' और ‘संवर्धन' जैसे शब्दों को संकट, अस्थिरता और युद्ध से जोड़कर देखते हैं। यूरेनियम संवर्धन पर सरकार की जिद के कारण देश पर कड़े प्रतिबंध लगे हैं। ...
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जहां वे अहमदाबाद और गांधीनगर में विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। आज सुबह 10:00 बजे वे एसजी हाईवे पर कर्णावती क्लब के पास स्थित दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र (साउथ वेस्ट जोन) के कार्यालय में म्युनिसिपल कमिश्नर और कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में 'गांधीनगर लोकसभा हरियाली लोकसभा' के तहत वृक्षारोपण, विकास कार्यों, तालाबों को आपस में जोड़ने (इंटरलिंकिंग) और उनके नवीनीकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah के गुजरात में विभिन्न कार्यक्रम। કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રી શ્રી અમિતભાઈ શાહના ગુજરાતમાં વિવિધ કાર્યક્રમો। pic.twitter.com/LvZu1X1miq — गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) May 15, 2026 एसजी हाईवे और माणसा नगरपालिका के विकास कार्यों पर चर्चा केंद्रीय गृह मंत्री दोपहर तक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों के साथ गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को लेकर बैठक करेंगे, जिसमें एसजी हाईवे के विकास पर विशेष चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, गांधीनगर लोकसभा के अंतर्गत आने वाली माणसा नगरपालिका के तालाबों, अस्पतालों और अन्य जनकल्याणकारी कार्यों की भी अधिकारियों के साथ समीक्षा की जाएगी। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के भी उपस्थित रहने की संभावना है। चुनावों में जीत के बाद पहला दौरा और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा हाल ही में असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहली बार गुजरात आ रहे हैं। 16 मई को उनकी अध्यक्षता में गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक होगी। इसके साथ ही लोकसभा क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों के कामकाज और 'अखंड आनंद' व 'सस्तु साहित्य मुद्रणालय ट्रस्ट' के कार्यों को लेकर भी विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं। नवनिर्वाचित पार्षदों और अभियान के प्रभारियों से मुलाकात गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में चल रहे अनूठे अभियान “रमशे बालक – खीलशे बालक” (खेलेगा बच्चा - खिलेगा बच्चा) के तहत खिलौना संग्रह अभियान के प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ गृह मंत्री संवाद करेंगे। इसके अलावा, वे घाटलोडिया, वेजलपुर, साबरमती और नारणपुरा विधानसभा क्षेत्रों से अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के नवनिर्वाचित पार्षदों (काउंसिलरों) के साथ भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे और उनसे विभिन्न विषयों पर बातचीत करेंगे। 17 मई को मधुर डेयरी के नए प्लांट और आईटी पार्क का उद्घाटन दौरे के दूसरे दिन यानी 17 मई को अमित शाह अहमदाबाद के त्रागड में गणेश हाउसिंग द्वारा निर्मित “मिलियन माइंड्स टेक पार्क” आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही गांधीनगर जिले के दशेला में मधुर डेयरी द्वारा निर्मित 5 लाख लीटर क्षमता वाले अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन, इन्फोसिटी में एनआईडी (NID) के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर (IIC) का लोकार्पण और गांधीनगर महानगरपालिका के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया जाएगा।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 16 May 2026: करियर: कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। आपकी लीडरशिप की सराहना होगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल रहेगा, यात्रा संभव है। धन: निवेश के लिए दिन शुभ है, अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सिरदर्द महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Banyan tree worship: वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ में छिपा है अखंड सौभाग्य का रहस्य, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व 2. वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी में अटके हुए काम पूरे होंगे। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: लव लाइफ में मधुरता रहेगी, पुराने विवाद सुलझेंगे। धन: सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा, लेकिन बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य: गले में खराश या इंफेक्शन से बचें। उपाय: एकादशी पर विष्णु जी को पीले फूल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। अपनी वाणी पर संयम रखें। लव: जीवनसाथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: शेयर मार्केट से लाभ मिल सकता है, जोखिम कम लें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा, ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: बिजनेस में नए सौदे लाभकारी रहेंगे। लव: भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें, धैर्य रखें। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: सरकारी कामों में सफलता मिलेगी। अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे। लव: पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है। रिश्ता मजबूत होगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: , भारी सामान उठाने से पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: टेक्निकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी कामयाबी मिलेगी। लव: प्रेमी के साथ गलतफहमी दूर होगी। बातचीत जारी रखें। धन: लेन-देन में सावधानी बरतें, कागजात ध्यान से पढ़ें। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: तुलसी के पास दीपक जलाएं। ALSO READ: वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा 7. तुला (Libra) करियर: साझेदारी के काम में मुनाफा होगा। रचनात्मकता बढ़ेगी। लव: जीवनसाथी की सलाह आपके बहुत काम आएगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: मंदिर में पीले रंग की मिठाई का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: अपने काम पर ध्यान दें। ऑफिस में राजनीति से दूर रहें। लव: रिश्तों में नयापन आएगा। किसी मित्र से मुलाकात होगी। धन: भूमि या संपत्ति के काम से धन लाभ होगा। स्वास्थ्य: योग और ध्यान से मानसिक शांति मिलेगी। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए दिन बेहतरीन है। लव: लव पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर का प्लान बन सकता है। धन: बचत करने में सफल रहेंगे, भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। स्वास्थ्य: घुटनों में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में समय का प्रबंधन जरूरी है। काम का बोझ बढ़ सकता है। लव: परिवार के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद लें, तनाव न पालें। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: किसी प्रोजेटक्ट में आपकी मेहनत रंग लाएगी, पदोन्नति के योग हैं। लव: सोशल मीडिया के जरिए कोई नया रिश्ता जुड़ सकता है। धन: खर्च बढ़ेंगे, लेकिन आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उपाय: जरूरतमंदों को फल दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: विदेश से जुड़ी कंपनियों में काम करने वालों को लाभ मिलेगा। लव: पार्टनर की सेहत का ध्यान रखें, रिश्तों में समय दें। धन: निवेश के लिए आज का दिन अति उत्तम है। स्वास्थ्य: पैर में चोट लगने का डर है, संभलकर चलें। उपाय: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। ALSO READ: शनि जयंती 2026: शनिदेव की कृपा प्राप्ति हेतु 6 अनिवार्य अनुष्ठान
पीएम मोदी ने 10 मई को लोगों से सोना न खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा- हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। 15 मई को कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने निशाना साधा- ‘आप बोलते हैं कि एक मंगलसूत्र मत खरीदो। जेवर मत खरीदो… और मोदी सरकार 7 महीने में 85.88 मीट्रिक टन सोना खरीद रही है। ऐसा क्यों?’ ये सवाल आपके मन में भी हो सकता है। इसी को समझेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… पहले जानते हैं कि क्या सरकार ने वाकई सोने की खरीद बढ़ा दी है? जवाब है- हां। लेकिन उतना नहीं, जितना सुरजेवाला दावा कर रहे। भारतीय रिजर्व बैंक, यानी RBI के पास अभी 880.5 टन गोल्ड रिजर्व है। ये ऑल टाइम हाई है। भारत आज गोल्ड रिजर्व की ग्लोबल रैंकिंग में 5वें नंबर पर है। 2021 से 2025 के बीच 185 टन सोना खरीदा गया। पिछले 10 साल में RBI का गोल्ड रिजर्व 560 टन से बढ़कर 880.5 टन हो गया, यानी 57% की बढ़त। फिलहाल भारत के कुल फॉरेन रिजर्व, यानी विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 16.7% है, जो पिछले साल से 5% ज्यादा है। दिलचस्प बात ये है कि RBI विदेशों बैंकों की बजाय अब अपनी तिजोरियों में सोना जमा कर रहा है। 2023 में RBI के गोल्ड रिजर्व का सिर्फ 38% देश में था, जो आज 77% हो गया है। फिलहाल 680.05 टन सोना देश में है, बाकी का करीब 197.67 टन सोना विदेशी तिजोरियों में रखा है। वहीं 2.8 टन गोल्ड डिपोजिट में है, यानी ब्याज कमाने के लिए निवेश किया गया है। सोने की ये घरवापसी पिछले 3 कारोबारी साल में बढ़ी है। ये ग्राफिक देखिए- आखिर सरकार लगातार सोना क्यों खरीद रही है? सोना खरीदने का ट्रेंड सिर्फ भारत में नहीं है। चीन, ब्राजील, तुर्किये, पोलैंड जैसे कई देशों के सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। चीन तो पिछले 18 महीने से लगातार सोना जुटा रहा है। अभी उसके पास 2313.46 टन गोल्ड रिजर्व है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, कारोबारी साल 2025-26 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने कुल 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा, जो औसत से ज्यादा खरीद का लगातार चौथा साल है। सोने की ताबड़तोड़ खरीदी का डायरेक्ट कनेक्शन अमेरिकी डॉलर से है। सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे-2025 की ये दो फाइंडिंग्स देखिए… दुनिया भर में चर्चा है कि कारोबार और बचत के लिए अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम की जाए। इस चर्चा की सबसे बड़ी वजह है- अमेरिका का एक फैसला। दरअसल, 2022 में जब रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ, तो अमेरिका ने अपने यूरोपीय दोस्तों के साथ मिलकर रूस के 300 बिलियन डॉलर के फॉरेन रिजर्व पर रोक लगा दी थी। दरअसल, रूस का जो पैसा अमेरिकी ट्रेजरी बिल में जमा रखा था, अमेरिका ने उसे कैश करने से मना कर दिया था। अमेरिका के इस कदम से एक झटके में पूरी दुनिया सहम गई। माना जाने लगा कि अमेरिका अपनी करेंसी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है। इसके बाद से दुनियाभर के देशों में डॉलर के प्रति भरोसा कम होने लगा और वो अपना फॉरेन रिजर्व दूसरी करेंसी और खासकर सोने में जमा करने लगे। 2016 में दुनियाभर के कुल फॉरेन रिजर्व में 65% अमेरिकी डॉलर था, जो अब घटकर 57% रह गया है। भारत ने भी ऐसा किया है। दरअसल, RBI सोना खरीद कर फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर निर्भरता घटाना चाहता है। डॉलर में उतार-चढ़ाव आता रहता है। अमेरिका ऐन वक्त पर इसे कैश करने में दगाबाजी भी कर सकता है। लेकिन सोना ऐसी चीज है, जिससे हम किसी भी देश से कोई भी सामान खरीद सकते हैं या सोने से कोई भी करेंसी खरीद सकते हैं। जब सरकार को लग रहा है कि सोना मुश्किल वक्त में काम आएगा, तब वो लोगों को सोना खरीदने से क्यों रोक रही है? इसका जवाब भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़ा है। दरअसल, भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। इसके लिए डॉलर चुकाए जाते हैं और ये डॉलर फॉरेन रिजर्व यानी विदेशी मुद्रा भंडार से खर्च होते हैं। यानी ज्यादा सोना खरीदा, तो ज्यादा डॉलर चुकाने पड़ेंगे। इससे आयात बिल बढ़ेगा और फॉरेन रिजर्व घटेगा। फिलहाल भारत के आयात बिल, यानी विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान के कुल खर्चे में 9% की हिस्सेदारी के साथ सोना दूसरे नंबर पर है। पिछले कारोबारी साल में भारत ने 6.4 लाख करोड़ रुपए का सोना खरीदा गया। इसमें भी दिलचस्प बात ये है कि 2025-26 में पिछले कारोबारी साल के मुकाबले 4.76% कम मात्रा में सोना खरीदा, लेकिन सोने के इम्पोर्ट बिल में 24% तक का उछाल आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- सोने की तेजी से बढ़ती कीमतें। सोने का दाम 76 हजार डॉलर प्रति किलो से बढ़कर 1 लाख डॉलर प्रति किलो तक पहुंच गया। अभी सोने की कीमत करीब 1.52 लाख डॉलर प्रति किलो है। इन कीमतों पर सोना खरीदने से भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर तेजी से घटेगा। सोने की बढ़ी कीमतों के चलते गोल्ड इम्पोर्टर्स हाथ पीछे खींच रहे हैं और कम सोना भारत आ रहा है। जनवरी में करीब 100 टन, फरवरी में करीब 65 टन और मार्च में करीब 22 टन सोना खरीदा गया। अप्रैल में अनुमान है कि सिर्फ 15 टन सोना खरीदा जाएगा, जो पिछले 30 सालों के सबसे निचले स्तर में से एक है। सोने की घरेलू कीमतें करीब 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हैं, जिसका असर कस्टमर की जेब पर पड़ रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में भारत में निवेश के लिए सोने की मांग गहनों से भी ज्यादा है। यानी अगर आप सोना नहीं खरीदेंगे, तो भारत का इम्पोर्ट बिल घटेगा। इससे फॉरेन रिजर्व में डॉलर स्थिर बना रहेगा और रुपया तेजी से कमजोर नहीं होगा। -------- महंगाई से जुड़े ये खबर भी पढ़िए… 48 घंटे के भीतर पेट्रोल, सोना और दूध महंगा हुआ, अगला नंबर किसका; क्या सरकार के हाथों से चीजें निकल रही हैं बुधवार की रात सोना महंगा हुआ। गुरुवार सुबह दूध। शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल और CNG महंगे हो गए। इन सबके बीच आंकड़ा आया कि थोक महंगाई 42 महीने में सबसे ज्यादा और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। 48 घंटे में महंगाई की चौतरफा मार। लेकिन यह शुरुआत है। पूरी खबर पढ़िए…
विश्वविद्यालयों को राष्ट्रचेतना और इतिहास के पुनर्पाठ का केंद्र बनना होगा : ओंकार सिंह लखावत
सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के पृथ्वीराज चौहान ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक शोध केंद्र के तत्वावधान में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 860वीं जयंती के उपलक्ष्य में तराइन से परे पृथ्वीराज : पुनर्कल्पित इतिहास विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में इतिहास, राष्ट्रचेतना, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा […] The post विश्वविद्यालयों को राष्ट्रचेतना और इतिहास के पुनर्पाठ का केंद्र बनना होगा : ओंकार सिंह लखावत appeared first on Sabguru News .
धार की ‘भोजशाला’हिंदू मंदिर,…अब काशी-मथुरा बाकी है : हिंदू जनजागृति समिति
भोपाल। मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला हिंदुओं का ही पवित्र श्री वाग्देवी (श्री सरस्वती) मंदिर है।। इस पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर शाखा ने कानून और साक्ष्यों की मुहर लगा दी है। यह निर्णय केवल एक इमारत की जीत नहीं है, अपितु सदियों से दबाए गए ऐतिहासिक सच और विदेशी इस्लामी आक्रमणकारियों द्वारा […] The post धार की ‘भोजशाला’ हिंदू मंदिर,…अब काशी-मथुरा बाकी है : हिंदू जनजागृति समिति appeared first on Sabguru News .
सुप्रीमकोर्ट ने रद्द की कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत, सजा रहेगी बरकरार
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जेल की सजा निलंबित करने और उसे जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को शुक्रवार को रद्द करते हुए उसकी सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही न्यायालय ने उच्च न्यायालय को दोषसिद्धि के […] The post सुप्रीमकोर्ट ने रद्द की कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत, सजा रहेगी बरकरार appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों में लिप्त पाए जाने पर राजस्थान की दो कोचिंग सेवा फर्मों मोशन एजुकेशन प्रालि के खिलाफ 10 लाख रुपए का जुर्माना और करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) के खिलाफ 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की शुक्रवार को […] The post भ्रामक विज्ञापन, व्यापार में अनुचित प्रथा के इस्तेमाल के लिए राजस्थान के दो कोचिंग संस्थानों पर जुर्माना appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने हटाया अपना पुलिस एस्कॉर्ट वाहन
अजमेर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपनी सुरक्षा में लगे पुलिस एस्कॉर्ट वाहन को हटाकर अपनी एकल गाड़ी में सफर करना शुरु कर दिया हैं। चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से डीजल-पेट्रोल की बचत के आह्वान पर यह कदम उठाया हैं। इसी प्रेरणा और राष्ट्रहित सर्वोपरि […] The post केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने हटाया अपना पुलिस एस्कॉर्ट वाहन appeared first on Sabguru News .
हैप्पी बर्थडे : 59 वर्ष की हुई माधुरी दीक्षित
मुंबई। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित आज 58 वर्ष की हो गई। माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में एक मध्यमवर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई से हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी में माइक्राबॉयलोजिस्ट बनने के लिये दाखिला ले लिया। इस बीच उन्होंने लगभग […] The post हैप्पी बर्थडे : 59 वर्ष की हुई माधुरी दीक्षित appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना
धार। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार स्थित भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। वर्षों पुराने इस विवाद में पांच याचिकाओं और तीन हस्तक्षेप आवेदनों पर सुनवाई पूरी होने के बाद सूत्रों के अनुसार दो सदस्यीय खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया है। जबकि फैसले के मद्देनजर धार और इंदौर जिला प्रशासन को अलर्ट मोड […] The post मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना appeared first on Sabguru News .
पेट्रोल, डीजल, सीएनजी के दाम बढ़े, महंगी हो सकती हैं रोजमर्रा की जरूरत की चीजें
नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी भी महंगी हो गई है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से गैर-ब्रांडेड […] The post पेट्रोल, डीजल, सीएनजी के दाम बढ़े, महंगी हो सकती हैं रोजमर्रा की जरूरत की चीजें appeared first on Sabguru News .
शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर मामले में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को निलंबित किया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में शुक्रवार को कोलकाता पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और दो अन्य आईपीएस अधिकारियों इंदिरा मुखर्जी तथा अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि तब गोयल कोलकाता (उत्तर) में पुलिस आयुक्त थे […] The post शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर मामले में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को निलंबित किया appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में कृषि भूमि की रंजिश में अधेड़ की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के खुइयां थाना क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोकेंद्रसिंह राजपूत (23) ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता रविंद्र सिंह राजपूत की उसके ही गांव के मुकेश शर्मा (35) ने ट्रैक्टर के टायरों से […] The post हनुमानगढ़ में कृषि भूमि की रंजिश में अधेड़ की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या appeared first on Sabguru News .
भोपाल में एआई से अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल, छात्रा ने की आत्महत्या
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में 11वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में परिजनों ने दो युवकों पर एआई तकनीक से कथित अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों […] The post भोपाल में एआई से अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल, छात्रा ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
शकीरा और बर्ना बॉय ने फीफा विश्व कप 2026 का गाना ‘दाई दाई’किया रिलीज
ज़्यूरिख (स्विट्जरलैंड)। कोलंबिया की गायिका शकीरा और बर्ना बॉय ने संयुक्त रुप से फीफा विश्वकप कप 2026 का गाना ‘दाई दाई’ को रिलीज कर दिया हैं। शकीरा ने इस गाने का नाइजीरियन अफ्रोबीट्स के दिग्गज बर्ना बॉय के साथ मिलकर बनाया है। चार मिनट के इस गाने में अफ्रोबीट्स, डांस-पॉप, रेगेटन की झलक देखने को […] The post शकीरा और बर्ना बॉय ने फीफा विश्व कप 2026 का गाना ‘दाई दाई’ किया रिलीज appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु चुनावों में अवैध रूप से मतदान करने के आरोप में 25 विदेशी नागरिक अरेस्ट
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर अवैध रूप से वोट डालने के आरोप में अब तक लगभग 25 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है। ये विदेशी नागरिक श्रीलंका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया और कनाडा के हैं और उनके पास अपने देशों के पासपोर्ट हैं। इन्हें चेन्नई और मदुरई […] The post तमिलनाडु चुनावों में अवैध रूप से मतदान करने के आरोप में 25 विदेशी नागरिक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मां वाग्देवी का मंदिर माना है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को भारतीय संस्कृति-आस्था के सम्मान का पल बताया है। उनका मानना है कि हमारी संस्कृति ने हमेशा सबको समरसता और भाईचारे की नजर से ही देखा है। हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं। हमारी सरकार सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाएगी। हाई कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है। एएसआई के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित होगा। मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटेन से भारत वापस लाने के संबंध में केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश स्वागतयोग्य है। इस दिशा में राज्य सरकार भी आवश्यक प्रयास करेगी। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है। ASI के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा… — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 15, 2026 सामाजिक सद्भाव को बनाएंगे और अधिक सशक्त- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति सदैव ‘सर्वधर्म समभाव’, सामाजिक समरसता और भाईचारे की वाहक रही है। हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं और प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। न्यायालय का यह निर्णय स्वागतयोग्य है। राज्य सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। हाई कोर्ट का फैसला एक नजर में- गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने कहा है कि भोजशाला एक संरक्षित स्मारक है। भोजशाला वाग्देवी का मंदिर है। यहां हिंदुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया गया है। जबकि, मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने का अधिकार निरस्त कर दिया गया है। अब भोपाल शाला का प्रबंधन और नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) करेगा। इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने भारत सरकार को लंदन के संग्रहालय से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने संबंधी प्रस्तुतिकरण पर विचार करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय अन्य उपयुक्त भूमि आवंटन के लिए सरकार के समक्ष प्रस्तुतिकरण दे सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर में इलेक्ट्रिक वाहन से किया सफर
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को अनूठी पहल करते हुए अपने नियमित काफिले के वाहन को छोड़कर शहर में इलेक्ट्रिक वाहन से सफर किया। शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुरूप सादगी और किफायत सुनिश्चित करने की शुरूआत व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के साथ की और इसके तहत मुख्यमंत्री कार्यालय से मेरियट […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर में इलेक्ट्रिक वाहन से किया सफर appeared first on Sabguru News .
नहीं मिल रहा शारीरिक सुख, इंदौर में पति से नाखुश पत्नी ने मांगा तलाक
इंदौर में तलाक का एक अलग तरह का मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी ने अपने पति से इसलिए तलाक मांगा है क्योंकि पति उसे शारीरिक सुख नहीं दे रहा है। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही वह अपने पति के साथ संबंधों को लेकर संतुष्ट नहीं है। दरअसल, पत्नी अपने पति से नाखुश हैं। इसलिए वो तलाक लेना चाहती है। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही वह अपने पति के साथ संबंधों को लेकर संतुष्ट नहीं है। हालांकि महिला का पति और उसके परिवार वाले महिला के साथ ही रहना चाहते हैं। लेकिन महिला ने साथ रहने से इंकार कर दिया है। पत्नी चाहती है कि वह अपने पति को जितना जल्दी हो सके तलाक लेकर छोड़ दे। घर के अंदर शुरु हुआ ये विवाद पहले बाहर लोगों को पता नहीं था लेकिन धीरे-धीरे ये बात घर के बाहर जाने लगी है। पहले तो दोनों परिवारों ने बैठ कर उनके बीच सुलह कराने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। मामले के निपटारे के लिए समाज की पंचायत बुलाई गई। इसके बाद फैसला हुआ कि पति की मेडिकल जांच करवाई जाए। पूरी कहानी समझने के बाद पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों की पडताल के लिए डॉक्टर से पति की जांच कराई गई। आखिरकार, मामला सुलझ गया। बड़ी मिश्किलों के बाद दोनों साथ रहने को तैयार हुए। सिंधी समाज की पहल से टूटने से बच रहे परिवार : जानकारी के लिए बता दें कि ये शहर में अकेले ऐसा मामला नहीं है। कई कपल के बीच संबंधों में असंतुष्टि को लेकर झगड़े चल रहे है। शहर में सिंधी समाज ऐसे मामलों को लगातार सुलझा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि सिंधी समाज नें छोटे-छोटे झगड़ों को सुलझाने लिए 17 जुलाई 2023 से हुई पहल ने अब तक 800 से ज्यादा विवादों को सुना है। समाज के द्वारा जब लोगों की परेशानियों को सुना गया तो सामने आया कि शहर में बड़ी संख्या में कई ऐसे कपल हैं जो रिलेशन में असंतुष्ट हैं। कई परिवार टूटने की कगार पर आ गए हैं लेकिन समाज के सरहानीय पहल से आज कई परिवार सुखी जीवन जी रहे हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, दिल्ली में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर महंगा
नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से गैर-ब्रांडेड डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पहले इसकी कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर थी। […] The post पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, दिल्ली में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर महंगा appeared first on Sabguru News .
हॉर्मूज़ संकट ने खोली जीवाश्म ईंधन की कमजोरी, क्या स्वच्छ ऊर्जा ही समाधान है?
हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य संकट ने दुनिया को दिखा दिया कि तेल आधारित ऊर्जा व्यवस्था कितनी असुरक्षित है। जानिए कैसे ईरान युद्ध, महंगा तेल, LNG संकट और सप्लाई चेन बाधाओं ने भारत समेत पूरी दुनिया को सौर, पवन और स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से धकेला है।
Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास
Guru Pushya Yoga significance: 21 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ और शुभ होने जा रहा है। इस दिन 'गुरु-पुष्य योग' का महासंयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, और जब यह गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे 'गुरु-पुष्य योग' कहते हैं। ALSO READ: Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें? यहां जानिए क्यों यह दिन इतना खास है और इसमें क्या करना शुभ रहेगा: 1. गुरु-पुष्य योग क्यों है इतना प्रभावशाली? शास्त्रों के अनुसार, पुष्य नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता बृहस्पति (गुरु) हैं और इसके स्वामी शनि देव हैं। चूंकि पुष्य नक्षत्र खुद में शुभ है और गुरुवार भी भगवान विष्णु व गुरु बृहस्पति का दिन है, इसलिए इन दोनों का मिलन एक 'अक्षय' फल देने वाला योग बनाता है। यदि आप कोई बड़ी खरीदारी टाल रहे थे या घर-गाड़ी लेने का मन बना रहे थे, तो 21 मई 2026 का दिन कैलेंडर में मार्क कर लें। यह दिन आपकी आर्थिक उन्नति के द्वार खोल सकता है। 2. 21 मई 2026 का विशेष संयोग गुरु-पुष्य योग: 21 मई 2026 गुरु पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ- 21 मई 2026 को 04:12 ए एम से पुष्य नक्षत्र का अंत: 22 मई 2026 को 02:49 ए एम पर। तिथि: हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग भी बन रहा है। विशेषता: इस दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में होंगे, जो पुष्य नक्षत्र के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं। अमृत सिद्धि योग: कई बार इस दिन गुरु-पुष्य के साथ अमृत सिद्धि योग भी बनता है, जो इसे किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए 'अबूझ मुहूर्त' अर्थात् बिना पंचांग देखे किया जाने वाला कार्य बना देता है। 3. इस दिन क्या करना होता है शुभ? स्वर्ण (Gold) की खरीदारी: गुरु-पुष्य योग में सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना पीढ़ी दर पीढ़ी बना रहता है और समृद्धि लाता है। निवेश (Investment): प्रॉपर्टी, शेयर बाजार या नए व्यापार में निवेश के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ है। धार्मिक कार्य: इस दिन गुरु मंत्र का जाप, दीक्षा लेना या तीर्थ यात्रा पर जाना आत्मिक शांति प्रदान करता है। बहीखाता की शुरुआत: व्यापारी वर्ग इस दिन नए खाते या नई दुकान की शुरुआत करना पसंद करते हैं। ALSO READ: Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु 4. इन कार्यों से मिलेगा महालाभ विष्णु लक्ष्मी पूजन: इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करने से दरिद्रता दूर होती है। श्री यंत्र की स्थापना: अपने घर या ऑफिस में 'श्री यंत्र' स्थापित करने के लिए यह सबसे सिद्ध मुहूर्त है। पीली वस्तुओं का दान: चने की दाल, गुड़, पीले वस्त्र या हल्दी का दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है। 5. क्या न करें? माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र को ब्रह्मा जी का श्राप मिला था, इसलिए इस अत्यंत शुभ योग में भी 'विवाह' (Marriage) की रस्में नहीं की जाती हैं। खरीदारी और निवेश के लिए यह उत्तम है, लेकिन विवाह संस्कार के लिए अन्य मुहूर्तों को प्राथमिकता दी जाती है। टिप: इस दिन शाम को उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में घी का दीपक जलाना सौभाग्य वर्धक माना जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026
Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?
Adhik Maas Festival 2026: ज्येष्ठ मास का अधिकमास हिन्दू पंचांग के अनुसार एक अतिरिक्त महीना होता है जो सूर्य और चंद्रमा के गमन के अंतर से बनता है। इसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है। इसे धार्मिक रूप से बहुत शुभ माना जाता है, विशेषकर पाप निवारण और पुण्य कमाने के लिए। वर्ष 2026 में यह माह कब से होगा आरंभ आइएयहां जानते हैं इस समयावधि में क्या करें और क्या नहीं... ALSO READ: Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु इस माह की तिथियां और नियम इस प्रकार हैं: ज्येष्ठ अधिकमास 2026 की तिथियां प्रारंभ: 17 मई 2026, रविवार समाप्त: 15 जून 2026, सोमवार अधिकमास होने के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना लगभग 60 दिनों का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु/ पुरुषोत्तम हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। कैसे पाएं पुण्य लाभ, क्या-क्या करें? अधिकमास आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य संचय का समय है। इस दौरान ये कार्य करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है: विष्णु उपासना: भगवान विष्णु और उनके अवतारों, विशेषकर श्रीकृष्ण की पूजा करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करें। श्रीमद्भागवत कथा : इस माह में भागवत कथा का श्रवण या पाठ करना मोक्ष प्रदायक माना गया है। दान-पुण्य: अन्न, जल, वस्त्र और दीपदान का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ की भीषण गर्मी को देखते हुए मिट्टी का घड़ा/ मटका, सत्तू, छाता और पंखे का दान करना महापुण्य देता है। तीर्थ स्नान: यदि संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें। घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी फलदायी है। ब्रह्मचर्य और सात्विकता: इस पूरे माह में सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। ALSO READ: साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य क्या टालें/ क्या-क्या न करें? अधिकमास को 'मलमास' भी कहा जाता है, जिसमें भौतिक और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है: मांगलिक कार्य वर्जित: इस दौरान विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत/ जनेऊ, गृह प्रवेश और कर्णवेध जैसे संस्कार नहीं किए जाते। नए निवेश और व्यापार: नई दुकान खोलना, नया व्यवसाय शुरू करना या बड़ी अचल संपत्ति (मकान, प्लॉट) खरीदना टालना चाहिए। तामसिक भोजन का त्याग: मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें। विवाद से बचें: किसी का अपमान न करें, झूठ न बोलें और घर में क्लेश न होने दें। विशेष टिप: इस महीने में कांसे के बर्तन में मालपुआ रखकर दान करना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इससे दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा
बुधवार की रात सोना महंगा हुआ। गुरुवार सुबह दूध। शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल और CNG महंगे हो गए। इन सबके बीच आंकड़ा आया कि थोक महंगाई 42 महीने में सबसे ऊपर और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। 48 घंटे में महंगाई की चौतरफा मार। लेकिन यह शुरुआत है। आगे और क्या महंगा होगा, आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा, और क्या वाकई सरकार के हाथ से चीजें निकल रही हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पिछले 48 घंटे में क्या-क्या महंगा हुआ? जवाब: 10 और 11 मई को पीएम मोदी ने लोगों से सोना न खरीदने, पेट्रोल कम खर्च करने जैसी 7 अपीलों से संकेत दे दिए थे। इसके बाद 4 चीजों के दाम सीधे बढ़े हैं- 1. इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से सोना-चांदी महंगे हुए 2. दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े 3. पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपए महंगा हुआ 4. CNG के दाम 2 रुपए किलो बढ़े इससे पहले मई की शुरूआत में कमर्शियल LPG (19 किलो) की कीमत 993 रुपए बढ़कर अगल-अलग शहरों में 3,315 रुपए तक हो गई थी। ईरान जंग शुरू होने के बाद से 3 बार इसकी कीमत बढ़ चुकी है। वहीं घरेलू LPG (14.2 किलो) की कीमत 7 मार्च को 60 रुपए से बढ़ी थी। मार्च में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत भी 2 से 2.35 रुपए तक बढ़ी थी। इसके अलावा कई प्राइवेट प्रोवाइडर्स जैसे नायरा एनर्जी और शेल इंडिया ने भी मार्च और अप्रैल में पेट्रोल के दाम 5 से 7.4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ाए थे। सवाल-2: इन चीजों के दाम बढ़ने से आम आदमी पर कितना बोझ बढ़ेगा? जवाब: पहले कीमतें बढ़ने का सीधा असर समझते हैं… पेट्रोल-डीजल: अगर आप महीने में 50 लीटर पेट्रोल खर्च करते हैं, तो 3 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ने से महीने का खर्च 150 रुपए बढ़ जाएगा। ऐसा ही डीजल के मामले में होगा। दूध: अगर हर दिन 2 लीटर दूध इस्तेमाल करते हैं, तो महीने का खर्च 120 रुपए बढ़ेगा। CNG: हर महीने 50 किलो CNG खरीदते हैं, तो महीने का 100 रुपए खर्च बढ़ेगा। सोना-चांदी: इनके दाम हर दिन बढ़ते-घटते हैं। आज के भाव के हिसाब से 10 ग्राम सोना खरीदना 8,148 रुपए और एक किलो चांदी खरीदना 9,313 रुपए महंगा हो गया है। (मार्केट बंद होने के बाद फाइनल डेटा) हालांकि इन चीजों के डायरेक्ट असर से बड़े हैं इनडायरेक्ट असर जैसे... सवाल-3: अभी और किन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं? जवाब: अभी 4 और चीजों के दाम बढ़ सकते हैं… 1. पेट्रोल-डीजल 13-14 रुपए और महंगा हो सकता है अब सवाल आता है कितना? 14 मई का मोटा-मोटी कैलकुलेशन है कि कंपनियों को अपना घाटा पूरा करने के लिए पेट्रोल पर 16 रुपए और डीजल 17 रुपए बढ़ाने की जरूरत है। इसमें अभी सिर्फ 3 रुपए दाम बढ़े हैं, बाकी बढ़ोत्तरी आगे हो सकती है। हिसाब नीचे ग्राफिक में देख लीजिए- 2. खाने का तेल 5% महंगा हो सकता है 3. रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के दाम 10% तक बढ़ सकते हैं 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस के दाम बढ़ सकते हैं सवाल-4: क्या हालात अब सरकार के कंट्रोल से बाहर जा रहे हैं? जवाब: 5 संकेत, जो बताते हैं कि चीजें सरकार के मन-मुताबिक नहीं चल रही हैं… 1. डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल-टाइम लो 2. थोक महंगाई दर 42 महीने में सबसे ज्यादा 3. फॉरेक्स रिजर्व में बड़ी गिरावट 4. विदेशी निवेशकों ने निकाले 2 लाख करोड़ 5. सरकार के घाटे में 0.3% का इजाफा इकॉनोमिक एक्सपर्ट शरद कोहली कहते हैं रुपए की कमजोरी, महंगाई या विदेशी निवेश में कमी जैसी दिक्कतों के पीछे रूट कॉज एक ही है- क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ना। फिलहाल ग्लोबल स्थितियों के हिसाब से ही भारत के हालात बदलेंगे। शरद कहते हैं कि पूरी दुनिया में इस समय ‘स्टैगफ्लेशन’ का दौर है, यानी एकसाथ आर्थिक वृद्धि में कमी, बेरोजगारी और महंगाई। होर्मुज स्ट्रेट खुलने से ही ग्लोबल इकोनॉमी दोबारा पटरी पर आ सकती है। इस बीच आम भारतीयों को अपना बजट बनाना चाहिए। जिन खर्चों में कटौती की जा सकती है, उनमें कटौती करनी चाहिए। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…आज का एक्सप्लेनर:पीएम मोदी क्यों चाहते हैं कि आप सोना न खरीदें, ऐसी 7 अपील के पीछे की कहानी; क्या आपको चिंता करनी चाहिए पीएम मोदी ने रविवार को तेलंगाना की एक रैली में देश से 7 अपीलें कीं। इनमें एक अपील सोना न खरीदने की भी थी। पीएम मोदी ने कहा- देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। हालांकि सरकार ने खुद पिछले कुछ सालों से RBI के जरिए सोने की खरीद बढ़ा दी है। पढ़ें पूरी खबर…
गुजराती सिनेमा ने रचा नया इतिहास, कान फिल्म फेस्टिवल में गूंजा 'लालो' का नाम
ब्लॉकबस्टर गुजराती फिल्म 'लालो' ने कान फिल्म फेस्टिवल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। फिल्म की टीम ने दुनिया के सबसे बड़े सिनेमाई मंचों में से एक पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गुजराती सिनेमा को नई पहचान दिलाई है। 'लालो' कान तक पहुंचने वाली उन शुरुआती गुजराती फिल्मों में शामिल हो गई है, जिसने क्षेत्रीय कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का काम किया है। यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा, मिट्टी से जुड़ी सच्ची कहानियों और देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली कहानियों को दुनिया भर में मिल रही पहचान का उत्सव है। फिल्म की टीम ने दर्शकों के लगातार प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया, जिसकी वजह से यह खास सफर संभव हो सका। ALSO READ: तारा सुतारिया का धमाकेदार Cannes डेब्यू, क्लासिक लुक ने जीता दिल निर्देशक अंकित साखिया ने कहा, लालो- श्री कृष्ण सदा सहायते का कान फिल्म फेस्टिवल में प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए गर्व और बेहद भावुक कर देने वाला पल है। हमारा मानना है कि हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और इस फिल्म ने ही हमें यहां तक पहुंचाया है। A post shared by Laalo Shree Krishna Sada Sahaayate (@laalothefilm.official) उन्होंने कहा, हो सकता है कि हम इतनी समृद्ध संस्कृति को पूरी तरह दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए बहुत बड़े नाम न हों, लेकिन 'लालो' के माध्यम से गुजरात और उसकी आध्यात्मिकता की एक छोटी-सी झलक को दुनिया के सामने पेश करना हमारे लिए गर्व की बात है। हमें उम्मीद है कि यह फिल्म भाषा और सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों को छू सकेगी। फिल्म के प्रोड्यूसर्स अजय बलवंत पडरिया, जय व्यास और जिगर दलसानिया ने कहा, लालो- श्री कृष्ण सदा सहायते के प्रोड्यूसर्स के तौर पर हमारी सबसे बड़ी कोशिश हमेशा यही रही है कि यह कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। सिनेमा तब खास बनता है, जब वह लोगों के दिलों तक पहुंचे, बातचीत की वजह बने और स्क्रीन से बाहर भी दर्शकों के साथ बना रहे। मैनिफेस्ट फिल्म्स, जय व्यास प्रोडक्शंस, जिगर दलसानिया, पार्थिव जोधाणी और अजय बलवंत पडरिया द्वारा निर्मित इस फिल्म में रीवा राछ, श्रुहद गोस्वामी और करण जोशी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं, शुभम गज्जर ने फिल्म में डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (डीओपी) और क्रिएटिव प्रोड्यूसर की भूमिका निभाई है।
पति पत्नी और वो दो रिव्यू: जल्दबाजी और ओवर एक्टिंग में खोया हास्य
बीआर चोपड़ा की 1978 की क्लासिक फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ आज भी अपने समय की बेहतरीन कॉमेडी के रूप में याद की जाती है। इसके बाद 2019 में इसी कहानी पर आधारित फिल्म बनी, जिसमें कार्तिक आर्यन लीड रोल में थे। अब मुदस्सर अज़ीज़ ने इसी प्लॉट पर एक बार फिर ‘पति पत्नी और वो दो’ पेश किया है, लेकिन इस बार परिणाम दर्शकों को प्रभावित करने में असफल रहा है। फिल्म का मूल कथानक सरल है, लेकिन इसका प्रस्तुतिकरण कमजोर है। चंचल कुमारी (सारा अली खान) को सनी से इश्क है, जिसके खिलाफ सनी के पिता है। उन्हें नहीं पता कि सनी किससे मोहब्बत कर रहा है। चंचल सहित जिन तीन-चार लड़कियों पर उन्हें संदेह है उनके पीछे वह अपने आदमी लगा देता है। इनको धोखा देने के लिए चंचल अपने दोस्त प्रजापति पांडे (आयुष्मान खुराना) की मदद लेती है। दोनों प्रेमी-प्रेमिका का नाटक करते हैं ताकि सनी के पिता को यह लगे कि चंचल और सनी में किसी तरह का इश्क नहीं है। इस नाटक से प्रजापति की गृहस्थी में आग लग जाती है क्योंकि उसकी पत्नी अपर्णा (वामिका गब्बी) तक अपने पति की इश्कबाजी की बात पहुंच जाती है। नीलोफर खान (रकुल प्रीत) से भी तार जुड़ जाते हैं। गलतफहमी पर गलतफहमियां होती है जब ढेर सारे किरदार इस झूठ को सच समझने लगते हैं। जहाँ कहानी में हास्य के असीम अवसर मौजूद थे, वहाँ लेखक और निर्देशक उन्हें पकड़ने में पूरी तरह फेल हो गए हैं। कई जगह लॉजिक दरकिनार कर दिया गया है। सीन तेज़ गति से आगे बढ़ते हैं, जिससे ठहराव और पनाह नहीं मिल पाती। ऐसे सीन जो थोड़ा धीमे चलकर कहानी के लिए जमीन तैयार करते और मजेदार प्रतिक्रिया दे सकते थे, वो जल्दबाजी में फास्ट फॉरवर्ड कर दिए गए हैं। फिल्म की सेटिंग भी अजीब हैं। कहानी यूपी में सेट की गई है, लेकिन वहाँ की संस्कृति और उच्चारण को महसूस नहीं किया जा सकता। कलाकारों का बोलने का अंदाज़ और स्थानीय माहौल असंगत लगता है। बेहतर होता कि कहानी को किसी बड़े शहर के वातावरण में रखा जाता, जिससे विश्वसनीयता और मज़ा दोनों बढ़ते। कॉमिक सीन की संख्या बहुत कम है। कुछ दृश्य मजेदार हैं, लेकिन उनमें भी लॉजिक का अभाव है। उदाहरण के तौर पर चंचल की बुआ का किरदार फन के नाम पर दर्शकों को इरिटेट करता है। कुल मिलाकर हास्य का पोटेंशियल बर्बाद हो गया है। निर्देशन में मुदस्सर अज़ीज़ की जल्दबाजी साफ नजर आती है। फिल्म इतनी तेजी से दौड़ती है कि कई महत्वपूर्ण ड्रामैटिक पल और कॉमिक पल पूरी तरह से बिखर गए हैं। निर्देशक ने स्क्रिप्ट की बारिकियों पर ध्यान नहीं दिया। गाने को कहानी में सही सिचुएशन में फिट नहीं किया गया। प्रोडक्शन डिज़ाइन और सिनेमैटोग्राफी औसत स्तर की है, एडिटिंग कमजोर और रिदमिक फ्लो को नुकसान पहुंचाती है। अभिनय की बात करें तो आयुष्मान खुराना वन विभाग के ऑफिसर के किरदार में पूरी तरह फिट नहीं बैठे। उनकी ओवर एक्टिंग फिल्म को झूठे और दबाव वाले लहजे में बदल देती है। उनकी कॉमिक टाइमिंग भी नहीं दिखी। सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह निराश करते हैं। केवल वामिका गब्बी अपने किरदार में थोड़ी राहत देती हैं। विजय राज और तिग्मांशु धूलिया ठीक प्रदर्शन करते हैं, लेकिन यह फिल्म के ओवरऑल अनुभव को नहीं बचा पाते। संगीत की बात करें तो आधा दर्जन संगीतकारों के बावजूद कोई भी गाना यादगार नहीं बन पाया। पुराना गाना ‘रूप दी रानी’ ही दर्शकों को याद रह जाता है। आखिरकार, ‘पति पत्नी और वो दो’ उन फिल्मों में शामिल हो गई है जो स्टार कास्ट और कल्ट फॉलोइंग के बावजूद अपने उद्देश्य में असफल साबित होती हैं। निर्देशन, लेखन और अभिनय में गंभीर कमी इसे औसत मनोरंजन तक सीमित कर देती है। PATI PATNI AUR WOH DO (2026) निर्देशक: मुदस्सर अज़ीज़ गीतकार: इंदीवर, कुमार, बादशाह, कुणाल वर्मा, फहीम अब्दुल्लाह, अरशद निज़ामी, आयुष्मान खुराना, आशुतोष तिवारी, टोनी कक्कड़, समीर, मयूर पुरी, जावेद अख्तर संगीतकार: राजेश रोशन, तनिष्क बागची, रोचक कोहली, बादशाह, हितेन, देव सदाना, फहीम अब्दुल्लाह, अरशद निज़ामी, रोचक कोहली, नीलकमल सिंह, लिजो जॉर्ज, टोनी कक्कड़, आनंद मिलिंद, हिमेश रेशमिया, प्रीतम, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल कलाकार: आयुष्मान खुराना, रकुल प्रीत सिंह, वामिका गब्बी, सारा अली खान, विजय राज, तिग्मांश धूलिया सेंसर सर्टिफिकेट : यूए * 1 घंटा 57 मिनट रेटिंग : 2/5
रजनीकांत की 'जेलर 2' के सेट पर दर्दनाक हादसा, करंट लगने से क्रू मेंबर की मौत
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट से एक दुखद खबर सामने आई है। चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी में चल रही फिल्म की शूटिंग के दौरान एक युवा क्रू मेंबर की जान चली गई है। इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और रजनीकांत के प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है। खबरों के अनुसार, फिल्म 'जेलर 2' के अंतिम शेड्यूल की कुछ पेंडिंग दृश्यों की शूटिंग चल रही थी। सलेम के रहने वाले 28 वर्षीय टी. कार्तिकेयन, जो फिल्म यूनिट में एक इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत थे, एक घर के सेट पर बिजली के कनेक्शन का काम देख रहे थे। काम के दौरान अचानक वह एक लाइव बिजली के तार के संपर्क में आ गए। ALSO READ: इस जंगल में जानवर नहीं, इंसान मिलेंगे, अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' का टीजर रिलीज करंट इतना जोरदार था कि कार्तिकेयन मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। सेट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया। कार्तिकेयन एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट थे और सिनेमा की दुनिया में अपना भविष्य बनाने का सपना लेकर चेन्नई आए थे। हादसे की सूचना मिलते ही कानाथुर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बिजली के इंतजामों में लापरवाही की बात सामने आ रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या सेट पर पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। इस घटना के बाद उस दिन की शूटिंग, जिसमें रजनीकांत खुद शामिल होने वाले थे, तुरंत रद्द कर दी गई। 'जेलर 2', जिसे 'हुकुम' (Hukum) नाम दिए जाने की चर्चा है, का मुख्य हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका था। 21 अप्रैल 2026 को मेकर्स ने एक रैप-अप पार्टी की तस्वीरें भी साझा की थीं। हालांकि, कुछ पैचवर्क और तकनीकी दृश्यों के लिए छोटी यूनिट के साथ काम जारी था। इस सीक्वल में रजनीकांत के साथ राम्या कृष्णन, योगी बाबू, वसंत रवि और मिर्ना अपनी भूमिकाओं को दोहराते नजर आएंगे।
क्या शहनाज गिल को मिला नया प्यार? RCB के इस स्टार क्रिकेटर संग जुड़ा रहा नाम
बिग बॉस फेम एक्ट्रेस शहनाज गिल इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सिद्धार्थ शुक्ला के निधन के बाद से ही शहनाज की जिंदगी में कोई नया शख्स नहीं आया है। लेकिन अब एक क्रिकेटर के साथ शहनाज का नाम जुड़ता नजर आ रहा है। इस क्रिकेटर का नाम है देवदत्त पडिक्कल। पिछले कुछ हफ्तों से इंटरनेट पर यह चर्चा जोरों पर है कि पंजाब की कैटरीना कैफ कही जाने वाली शहनाज गिल और RCB के उभरते सितारे देवदत्त पडिक्कल के बीच कुछ पक रहा है। A post shared by Shehnaaz Gill (@shehnaazgill) इन अफवाहों को हवा तब मिली जब शहनाज गिल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बेहद चुलबुली रील शेयर की। इस वीडियो का कैप्शन था, 'Dil RCB main hai' बस फिर क्या था, फैंस ने इसे सीधे देवदत्त पडिक्कल से जोड़ दिया। आईपीएल 2026 के मैचों के दौरान शहनाज को कई बार स्टेडियम में RCB के लिए चीयर करते देखा गया है। ALSO READ: तारा सुतारिया का धमाकेदार Cannes डेब्यू, क्लासिक लुक ने जीता दिल हाल ही में रायपुर में KKR और RCB के मैच के दौरान, शहनाज की मौजूदगी ने कैमरों का ध्यान अपनी ओर खींचा। शहनाज का स्टैंड्स में जोश से भरे रहना और टीम की जीत के बाद RCB की जर्सी में तस्वीरें पोस्ट करना, सोशल मीडिया डिटेक्टिव्स के लिए काफी था। भले ही फैंस इन्हें 'अगला सेलिब्रिटी कपल' घोषित कर चुके हैं, लेकिन हकीकत यह है कि न तो शहनाज और न ही देवदत्त ने इस पर कोई आधिकारिक बयान दिया है। देवदत्त पडिक्कल फिलहाल आईपीएल के इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं और अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं। वहीं, शहनाज हमेशा से ही क्रिकेट की शौकीन रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि यह केवल टीम के प्रति उनका समर्थन है, न कि किसी विशेष खिलाड़ी के लिए प्यार। दिलचस्प बात यह भी है कि दोनों अभी एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो भी नहीं करते, जो इन अफवाहों को खारिज करने का एक बड़ा संकेत माना जाता है। अफवाहों से इतर, शहनाज गिल का करियर ग्राफ 2026 में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वह अब केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक फिल्म निर्माता भी बन चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने पंजाबी फिल्म 'इक्क कुड़ी' के साथ प्रोडक्शन में कदम रखा है। वह जल्द ही फिल्म 'इश्कनामा' में नजर आने वाली हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है माधुरी दीक्षित का नाम, स्कूल में पढ़ते हुए मिली थी पहली फिल्म
बॉलीवुड की धक धक गर्ल माधुरी दीक्षित 59 वर्ष की हो गई हैं। माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में एक मध्यमवर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई से हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी में माइक्राबॉयलोजिस्ट बनने के लिए दाखिला ले लिया। इस बीच उन्होंने लगभग आठ वर्ष तक कथक नृत्य की शिक्षा भी हासिल की। माधुरी ने अपने सिने करियर की शुरुआत 1984 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म 'अबोध' से की थी। लेकिन वह उस समय तक अभिनेत्री बनने में कोई खास दिलचस्पी नहीं रखती थीं। गर्मी की छुट्टियों में फिल्म अबोध की शूटिंग खत्म कर माधुरी ने कॉलेज में दाखिला ले लिया। फिल्म अबोध बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई, लेकिन माधुरी ने कई फिल्ममेकर्स का ध्यान खींच लिया। ALSO READ: शादी के 4 साल बाद हुआ मौनी रॉय-सूरज नांबियार की शादी अंत, जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर किया अलग होने का ऐलान माधुरी को लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। यह देख माधुरी ने भी कॉलेज की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और फिल्मी करियर को चुन लिया। माधुरी दीक्षित की किस्मत का सितारा वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म 'तेजाब' से चमका। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने अनिल कपूर की प्रेयसी की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनपर फिल्माया गीत 'एक दो तीन' उन दिनो श्रोताओ के बीच छा गया था। फिल्म की सफलता के बाद माधुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सही पहचान पाने में कुछ हद तक कामयाब हो गई। वर्ष 1990 में माधुरी दीक्षित के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म दिल रिलीज हुई। फिल्म में माधुरी दीक्षित और आमिर खान की जोड़ी को सिने दर्शको ने काफी पसंद किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए माधुरी दीक्षित को अपने सिने करियर का पहला फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला। वर्ष 1991 माधुरी दीक्षित के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनके अभिनय के नये रंग दर्शको को देखने को मिले। 1991 में माधुरी की 100 डेज, साजन और प्रहार जैसी फिल्में रिलीज हुई। इन फिल्मों की सफलता के बाद माधुरी दीक्षित शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंची। वर्ष 1992 में माधुरी दीक्षित की एक और अहम फिल्म 'बेटा' रिलीज हुई। वर्ष 1994 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म 'हम आपके है कौन' माधुरी दीक्षित की सर्वाधिक सुपरहिट फिल्म में शुमार की जाती है। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में उनकी जोड़ी सलमान खान के साथ काफी पसंद की गई। ALSO READ: 'रामायणम्' के राम का अयोध्या में बड़ा निवेश, रणबीर कपूर ने खरीदा करोड़ों का प्लॉट इस फिल्म में उनपर फिल्माया गाना 'दीदी तेरा देवर दीवाना' उन दिनों श्रोताओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए और ऑल टाइम ग्रेटेस्ट हिट्स में शुमार हो गई। नब्बे के दशक में माधुरी हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं, जिसके चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। वर्ष 2002 में माधुरी दीक्षित को शरत चंद्र के मशहूर उपन्यास 'देवदास' पर बनी फिल्म में काम करने का अवसर मिला। संजय लीला भंसाली की इसी नाम से बनी फिल्म में चन्द्रमुखी के अपने किरदार से माधुरी ने दर्शको का दिल जीत लिया और अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गई। माधुरी दीक्षित के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेता अनिल कपूर साथ काफी पसंद की गई। भारतीय सिनेमा में माधुरी के योगदान को देखते हुए वर्ष 2008 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया। वर्ष 2002 में प्रदर्शित फिल्म 'हम तुम्हारे है सनम' के बाद माधुरी दीक्षित ने फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया और वैवाहिक जीवन बिताने लगी। वर्ष 2007 में फिल्म 'आजा नच ले' के जरिए उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की लेकिन इस फिल्म की उन सफलता के बाद उन्होंने एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। माधुरी दीक्षित ने वर्ष 2013 में रिलीज फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' से इंडस्ट्री में कमबैक किया। इसके बाद माधुरी ने डेढ़ इश्किया, गुलाब गैंग, मराठी फिल्म बकेट लिस्ट, कलंक, टोटल धमाल और भूल भुलैया 3 में काम किया है।
बड़े शहरों में 'बिहारी' पहचान के मायने और हिंसा पर उठे सवाल
बिहार के खगड़िया जिले के मूल निवासी 21 वर्षीय पांडव कुमार दिल्ली में रह कर फूड डिलीवरी का काम करते थे। 25 अप्रैल की रात करीब ढाई बजे वह अपने दोस्त रूपेश कुमार के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात कॉन्स्टेबल नीरज ...
छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मौनी रॉय और उनके पति, बिजनेसमैन सूरज नांबियार बीते कुछ समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में थे। सोशल मीडिया पर दोनों के तलाक लेने के कयास लगाए जा रहे थे। अब मौनी रॉय ने अपने तलाक का कंफर्मेशन दे दिया है। मौनी और सूरज ने एक जॉइंट पोस्ट शेयर करके अपनी शादी के चार साल बाद आधिकारिक तौर पर अलग होने का ऐलान कर दिया है। मौनी और सूरज ने अपने आधिकारिक बयान में मीडिया और प्रशंसकों के बीच चल रही अफवाहों पर दुख व्यक्त किया। A post shared by mon (@imouniroy) उन्होंने लिखा, हम मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा हमारे व्यक्तिगत जीवन में अनावश्यक और दखल देने वाले ध्यान को निराशा के साथ देख रहे हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि हमने अलग होने का फैसला किया है और निजी और सौहार्दपूर्ण तरीके से इन मामलों को सुलझाने के लिए आवश्यक समय ले रहे हैं। ALSO READ: Cannes के रेड कार्पेट पर आलिया भट्ट का रॉयल लुक, ऑफ-शोल्डर गाउन में बिखेरा ग्लैमर कपल ने आगे कहा कि उनके निजी जीवन को लेकर कई मनगढ़ंत कहानियां और झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं, जो उनकी वास्तविकता को नहीं दर्शाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर विचार करने के बाद, उन्होंने आपसी सम्मान और समझ के साथ अलग रास्तों पर चलने का फैसला लिया है। मौनी और सूरज के बीच सब कुछ ठीक न होने की खबरें तब शुरू हुईं जब फैंस ने गौर किया कि दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। इसके साथ ही सूरज नांबियार ने अपने अकाउंट से शादी की कई तस्वीरें भी हटा दी थीं। जब अटकलें तेज हुईं, तो मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर मीडिया से प्राइवेसी की गुहार भी लगाई थी, लेकिन गुरुवार को इस जॉइंट स्टेटमेंट ने तलाक की खबरों पर मुहर लगा दी। दुबई में मुलाकात और गोवा की 'फेयरी टेल' शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार की प्रेम कहानी किसी फिल्म से कम नहीं थी। दोनों की पहली मुलाकात 2018 में दुबई में नए साल के जश्न के दौरान हुई थी। खबरों की मानें तो सूरज को शुरुआत में यह अंदाजा भी नहीं था कि मौनी भारत की एक बड़ी स्टार हैं। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदली और फिर दोनों ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में शादी कर ली। मौनी और सूरज की शादी काफी चर्चा में रही थी क्योंकि इसमें बंगाली और मलयाली दोनों संस्कृतियों का खूबसूरत संगम देखने को मिला था। मौनी ने हमेशा सूरज को अपना 'सपोर्ट सिस्टम' बताया था, लेकिन शादी के चार साल पूरे होते-होते इस रिश्ते में दरार आ गई।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (15 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today 15 May horoscope in Hindi 2026 : करियर: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन की खुशखबरी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझेंगे, रिश्ता मजबूत होगा। धन: नए निवेश से लाभ होगा, आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। स्वास्थ्य: दिन भर स्फूर्ति बनी रहेगी, लेकिन बाहर के खाने से बचें। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें, हर महिला को जानना हैं जरूरी 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में टारगेट पूरा करने में कामयाब रहेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। कर्ज चुकाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा दान करें। Gemini (मिथुन) करियर: आईटी और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों को नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे का हस्तक्षेप परेशानी बढ़ा सकता है, संवाद स्पष्ट रखें। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है, वरना बजट बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम करने के लिए योग का सहारा लें। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। लव: सिंगल लोगों को कोई दिलचस्प व्यक्ति मिल सकता है। धन: संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा होगा। शेयर मार्केट में लाभ की उम्मीद है। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी, दिन ऊर्जावान रहेगा। उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: राजनीति या प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए दिन सफलता भरा रहेगा। लव: प्रेमी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, आपसी विश्वास बढ़ेगा। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है, लेकिन आय बनी रहेगी। स्वास्थ्य: एसिडिटी की समस्या हो सकती है, भरपूर पानी पिएं। उपाय: सूर्य देव को तांबे के पात्र से अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छी खबर मिलेगी। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें, छोटी बातों पर बहस से बचें। धन: रुका हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। उपाय: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। ALSO READ: वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में अपना प्रभाव जमाने में सफल रहेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ डिनर का प्लान बन सकता है। धन: बैंकिंग और निवेश के लिए दिन उत्तम है। बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: दिन सामान्य रहेगा, लेकिन देर रात तक जागने से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को चावल का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नए व्यापारिक सौदे लाभदायक रहेंगे। लव: पुराने प्रेमी से मुलाकात हो सकती है। धन: पैतृक संपत्ति के विवाद सुलझने से धन लाभ होगा। स्वास्थ्य: रक्तचाप (BP) के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें। उपाय: मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा और रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है, धैर्य रखें। धन: यात्रा पर खर्च अधिक हो सकता है, सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से खुद को शांत महसूस करेंगे। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरीपेशा को काम का दबाव अधिक रहेगा। लव: लव पार्टनर के साथ भविष्य की प्लानिंग करेंगे। धन: आर्थिक तंगी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य: पीठ या कमर में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में शादी की बात आगे बढ़ सकती है। धन: आय के पुराने स्रोतों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचाव रखें। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 12. मीन (Pisces) करियर: शिक्षा क्षेत्र में उन्नति होगी। लव: पार्टनर के साथ सुकून के पल बिताएंगे। धन: निवेश के लिए आज का दिन भाग्यशाली है। स्वास्थ्य: खानपान पर ध्यान दें, हल्का भोजन लें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ALSO READ: शनि जयंती 2026: शनिदेव की कृपा प्राप्ति हेतु 6 अनिवार्य अनुष्ठान
पैर की एक नस में बना खून का थक्का, खामोशी से बहते हुए फेफड़े तक पहुंचा और 13 मई की सुबह अचानक सपा मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निकला- 'पल्मोनरी थ्रॉम्बो एम्बोलिज्म’। उनके शरीर में 6 जगह चोट के निशान भी मिले हैं। पल्मोनरी एम्बोलिज्म कैसी बीमारी है और इसका प्रतीक के शरीर पर मिले चोट के निशान से क्या कोई कनेक्शन है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या निकला?जवाब: मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना के बेटे प्रतीक की 13 मई की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी। लखनऊ के सिविल अस्पताल में चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के मुताबिक- जब प्रतीक को लाया गया, तब उनकी पल्स पूरी तरह डाउन थी। दिल भी रुक चुका था। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, यानी KGMU में प्रतीक का पोस्टमॉर्टम हुआ। 13 मई की शाम जारी शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि प्रतीक के फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जम गए थे। जिससे दिल और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। सवाल-2: आखिर क्या है पल्मोनरी थ्रॉम्बो एम्बोलिज्म?जवाब: प्रतीक की मौत के पीछे जो बीमारी बताई गई, उसमें 3 टर्म हैं- पल्मोनरी, यानी फेफड़े से जुड़ी दिक्कत, थ्रॉम्बो, यानी खून का थक्का और एम्बोलिज्म, यानी शरीर की धमनियों में कोई रुकावट। 'पल्मोनरी थ्रॉम्बो-एम्बोलिज्म' को डॉक्टरी जुबान में PE कहा जाता है। इसमें शरीर के किसी दूसरे हिस्से से खून का थक्का फेफड़े के अंदर या फेफड़े तक जाने वाली नसों तक पहुंच जाता है और खून के फ्लो को ब्लॉक कर देता है। इससे फेफड़े काम नहीं कर पाते और ऑक्सीजन शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं पहुंच पाती। इससे कार्डियक अरेस्ट आता है और मौत हो जाती है। आम तौर पर ये थक्का पैर या पेल्विस के इलाके की नसों में बनना शुरू होता है। फिर ये टूटकर खून के फ्लो के साथ-साथ फेफड़ों तक पहुंच जाता है। ग्राफिक में पूरा प्रॉसेस देख लीजिए- अमेरिका के मेडिकल सेंटर क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, PE के चलते अमेरिका में हर साल कम से कम एक लाख लोगों की मौत होती है। हालांकि भारत में इस बीमारी से मौतों का कोई पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। सवाल-3: ये बीमारी कैसे हो जाती है?जवाबः PE के ज्यादातर मामलों की शुरुआत DVT, यानी 'डीप वेन थ्रॉम्बोसिस' से होती है। इसमें आमतौर पर पैर की नस में खून का थक्का बनने लगता है। DVT 4 बड़ी वजहों से हो सकती है... 1. लंबे समय तक निष्क्रिय रहना 2. कोई सर्जरी या चोट लगना 3. खून में थक्का बनने के डिसऑर्डर 4. कैंसर या कुछ और बीमारियां हॉर्मोन थेरेपी और कुछ गर्भनिरोधक गोलियों से भी PE का खतरा हो सकता है। इसके अलावा मोटापे, किडनी की बीमारी, नसों की बीमारी 'वैरिकोज वेंस', परिवार में किसी को DVT या PE होने, स्टेरॉयड्स जैसी कुछ दवाएं लेने, धूम्रपान और किसी तरह के इन्फेक्शन से भी DVT और PE हो सकता है। सवाल-4: इस बीमारी में अचानक मौत होना कितना कॉमन है?जवाब: आमतौर पर PE के लक्षण अचानक ही नजर आते हैं। कुछ मामलों में पैरों में दर्द, सूजन और गर्मी महसूस हो सकती है। क्लीवलैंड के मुताबिक, PE की चपेट में आए करीब एक-तिहाई लोगों की कुछ ही घंटे के अंदर मौत हो जाती है। अक्सर इलाज मिलने से पहले ही। सवाल-5: क्या प्रतीक की अचानक मौत के पीछे PE ही इकलौती वजह है?जवाब: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक करीब 5 साल से हाई ब्लड प्रेशर और DVT से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। प्रतीक की पत्नी अपर्णा की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि 4 महीने पहले उन्हें पता चला था कि प्रतीक को फेफड़े में इन्फेक्शन हुआ है, जिसका ऑपरेशन हुआ था। 30 अप्रैल को भी प्रतीक सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत के चलते एडमिट हुए थे। 3 दिन में उन्हें थोड़ा आराम मिला। रिपोर्ट्स हैं कि वो अपनी मर्जी से बिना छुट्टी लिए घर चले गए। मेदांता हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया, प्रतीक हमारे पुराने मरीज थे। मैं काफी समय से उनके हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन और DVT जैसी दिक्कतों के लिए देख रही थी। कुछ ही दिन पहले, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म होने के बाद सांस फूलने के चलते यहां एडमिट किया गया था। दरअसल, PE के इलाज के लिए कुछ दिनों तक खून को पतला करने वाली ‘ब्लड थिनर’, यानी एंटीकोगुलेंट दवाएं दी जाती हैं। गंभीर मामला हो तो ऑपरेशन या सर्जरी करके भी थक्के को निकाला जाता है। कुछ मामलों में पेट की एक बड़ी नस में एक जाल डाल दिया जाता है, ताकि थक्का फेफड़े तक न पहुंचे। डॉ. रुचिता शर्मा के मुताबिक, प्रतीक खून पतला करने वाली और बीपी की दवाइयां रेगुलर ले रहे थे। इस बार क्या हुआ, ये कहना मुश्किल है। उत्तर प्रदेश में लाइफलाइन हॉस्पिटल के संचालक और सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. सतीश कुमार कहते हैं, PE के मरीजों को अस्पताल में रखकर इलाज करना जरूरी है, ताकि कंडीशन लगातार मॉनिटर की जा सके। अगर PE का इलाज पूरा न हो पाए, तो कुछ खून के थक्के बचे रह सकते हैं। DVT के चलते भी दोबारा थक्के बन सकते हैं और PE हो सकता है। डॉ. सतीश के मुताबिक, हो सकता है कि प्रतीक की थेरेपी पूरी न हुई और उन्होंने बिना पूरी डोज लिए अस्पताल से डिस्चार्ज ले लिया। ऐसे में सबसे प्रबल संभावना है कि उन्हें अचानक PE हुआ, जिससे उनके फेफड़े और फिर दिल ने काम करना बंद कर दिया। सवाल-6: क्या प्रतीक के शरीर पर चोट के निशान से इसका कोई कनेक्शन है?जवाब: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक की छाती, दाएं हाथ, कोहनी, बाएं हाथ सहित कुल 6 जगहों पर चोट के निशान पाए गए… इन सभी को ‘कन्ट्यूजन’, यानी अंदरूनी चोट का निशान बताया गया है। साथ ही सभी चोटों के नीचे एकीमॉसिस, यानी खून जमने के निशान पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी चोटें मौत लगने से पहले की हैं। पहली, दूसरी और तीसरी चोट 5 से 7 दिन, जबकि चौथी, पांचवीं और छठी चोट करीब 1 दिन पुरानी है। डॉ. सतीश कुमार के मुताबिक, ‘पैर पर तो PE या DVT के चलते चोट का निशान हो सकता है, लेकिन जिस तरह के निशान प्रतीक के शरीर पर हैं, उनका इस बीमारी से संबंध होना मुश्किल है। इस तरह के निशान किसी और मेडिकल कंडीशन, एलर्जी या दवाइयों के चलते भी हो सकते हैं।’ सवाल-7: प्रतीक की मौत पर किन सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले?जवाब: प्रतीक के शरीर पर चोट के निशान उनकी मौत के पहले के हैं। ये निशान कैसे पड़े, अभी इसको लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। प्रतीक की मौत पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने पहले बयान में संकेत दिया था कि प्रतीक फाइनेंशियल स्थितियों के चलते तनाव में थे। 19 जनवरी को प्रतीक ने अचानक इंस्टाग्राम पोस्ट पर अपर्णा से तलाक की घोषणा करते हुए कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी।’ हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- ‘All is Good’, यानी सब अच्छा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग कई सवाल उठा रहे हैं…. पूरे हार्ट और फेफड़ों के थ्रोम्बोएम्बोलिक मटेरियल, यानी थक्के वाले हिस्सों को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा विसरा, यानी अंदरूनी अंगों के सैंपल भी सुरक्षित किए गए हैं, ताकि किसी जहर या केमिकल की पुष्टि की जा सके। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने मांग की है कि हाई कोर्ट के किसी पूर्व जज से प्रतीक की मौत की जांच करवाई जाए। ---- ये खबर भी पढ़ें… प्रतीक यादव की मौत से ससुराल वाले शॉक्ड:उत्तरकाशी में अपर्णा के भाई बोले- परिवार के साथ गलत हुआ; पूरे मामले की जांच होनी चाहिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन की खबर बुधवार को उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक स्थित गढ़बरसाली (कुरा) गांव तक पहुंची तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पूरी खबर पढ़ें..
‘7 जनवरी 2025। सुबह के 10 बजे थे। पापा की किडनी फेल होने की वजह से मौत हो गई थी। देखते ही मां रो-रो कर बेहाल हो गई। शव बरामदे में रखते ही चीख-पुकार मच गई। सभी रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। सभी कहने लगे- अंतिम संस्कार की तैयारी करो। जब तक लाश दरवाजे पर रहेगी, सब रोते रहेंगे। हम लोग अर्थी सजा रहे थे, तभी गांव के लोगों के साथ सरपंच आए। उनके साथ थानेदार और तहसीलदार भी थे। कुछ देर तक शव देखते खड़े रहे, फिर कड़क आवाज में बोले- ‘देखो, तुम अपने बाप की लाश गांव के कब्रिस्तान में नहीं दफना सकते। वहां केवल दलित हिंदू ही शव दफना सकते हैं। तुम लोगों ने धर्म बदला है। इसलिए गांव के बाहर लाश दफनाओ'। तुम लोगों ने महार जाति के खिलाफ जाकर ईसाई धर्म अपनाया है। इसलिए लाश को गांव के बाहर दफनाओ'। खाट पर बैठे रमेश बघेल अपने पापा की मौत का दिन याद करते हुए ये वाकया बताते हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज ऐसे परिवारों की कहानी, जिन्होंने ईसाई धर्म अपनाया तो गांव के लोगों ने विरोध किया। परिवार में किसी की मृत्यु हुई तो उसके शव को ईसाई धर्म के मुताबिक दफनाने से रोक दिया। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर छिंदावाड़ा गांव। रास्ते में कई जगह ईंट से बनी कब्र नजर आ रही हैं। गांव पहुंचते ही मेरी मुलाकात 42 साल के रमेश बघेल से हुई। रमेश बताते हैं, ‘उस दिन हम सभी पापा की लाश के पास बैठकर रो रहे थे। अचानक सरपंच और गांव के लोग कहने लगे- लाश को गांव की सीमा से बाहर दफनाओ या फिर किसी नाली या गटर में फेंक दो। तुम लोगों ने महार जाति के खिलाफ जाकर ईसाई धर्म अपनाया है, इसलिए लाश यहां नहीं दफना सकते। सोचने लगा कि लोग तो कुत्ते-बिल्ली को भी मौत के बाद अपनी जमीन में दफनाते हैं। मुझसे पापा की लाश नाली में फेंकने को कहा गया, जबकि पापा तो 13 एकड़ जमीन के मालिक थे। मरने के बाद उन्हें दो गज जमीन भी न दे सका।' रमेश कहते हैं- 'उनकी बातें सुनते ही मैं लोगों से मिन्नतें करने लगा। कहने लगा कि सिर्फ मूर्ति पूजा में यकीन नहीं करता हूं, इसलिए ईसा-मसीह को मानता हूं। मैंने घर पर बनी चर्च में भी ईसा मसीह की मूर्ति नहीं लगाई है। पक्का ईसाई नहीं हूं। मेरे पापा को कब्रिस्तान में जगह मिलनी चाहिए। जो आदमी इस गांव में पैदा हुआ। पला-बढ़ा, उसे मरने के बाद गांव की मिट्टी नसीब होनी चाहिए। इतनी गुहार लगाने पर सरपंच ने गाली देते हुए कहा- क्या तुम लोगों ने हमसे पूछकर धर्म बदला था? किसी भी कीमत पर तुम्हें ये लाश गांव में नहीं दफनाने देंगे। तुम ही नहीं, तुम्हारे पापा भी ईसाई धर्म मानते थे। ईसाइयों के कब्रिस्तान जहां हों, वहां लाश लेकर जाओ। यह सुनते ही मैं फूट-फूटकर रोने लगा। फिर से हाथ जोड़ते हुए कहा- अगर गांव के कब्रिस्तान में नहीं दफना सकता, तो अपनी जमीन में दफनाऊंगा। पापा ने बड़ी मेहनत-मजदूरी करके 13 एकड़ जमीन खरीदी थी। अपने भाइयों से कहा कि पापा की अर्थी तैयार करो। सरपंच और बाकी लोग फिर से भड़क गए। बोले- पंचायत ने फैसला लिया है कि तुम अपनी जमीन में भी लाश नहीं दफना सकते। पंचायत का फैसला तुम्हें मानना पड़ेगा। हमने एक साल पहले ही तय कर लिया था कि अब से ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों को गांव के कब्रिस्तान में शव नहीं दफनाने देंगे। केवल दलित हिंदू ही यहां शव दफना सकते हैं। अगर तुमने गांव वालों के खिलाफ जाकर शव दफनाया, तो बीवी-बच्चों के बारे में सोच लेना। ये बताते हुए रमेश की आंखें भर आईं। खुद को संभालते हुए वो बोले- उस वक्त ऐसा लगा कि सच में अनाथ हूं।' 'उनसे कहा- देखता हूं, कैसे आप लोग पापा की लाश को नहीं दफनाने देंगे। मामले को कोर्ट में लेकर जाऊंगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, पापा की लाश दफनाऊंगा नहीं। सुनते ही पुलिस बोली- अभी फिलहाल, लाश को जगदलपुर पोस्टमार्टम हाउस लेकर जाना होगा। उधर, पुलिस पापा की लाश पोस्टमार्टम हाउस लेकर गई और मैं रोते हुए तुरंत बिलासपुर हाईकोर्ट के लिए निकल पड़ा।' रमेश बघेल को उनके पिता की लाश न दफनाने देने का यह पहला मामला नहीं था। गांव में ऐसे कई ईसाई परिवारों को शव दफनाने से रोका गया था। रमेश ने बिलासपुर पहुंचकर एक वकील की मदद से हाईकोर्ट में अपील दायर की। कोर्ट ने करीब एक हफ्ते बाद फैसला सुनाया- 'ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए पहले से कब्रिस्तान बने हैं। वहीं ले जाना होगा। गांव में दफनाने का आदेश देने से माहौल खराब हो जाएगा।' कोर्ट के फैसले से मुझे बहुत निराशा हुई। उसके बाद दिल्ली के लिए फ्लाइट ली और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।' रमेश आगे बताते हैं कि, 'सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। कहा- बहुत दुख की बात है कि एक बेटे को अपने पिता का शव दफनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट आना पड़ा। 4 महीने में राज्य सरकार अपनी रिपोर्ट दे। सरकार ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों के लिए अलग से कब्रिस्तान की व्यवस्था करे। लेकिन उस रिपोर्ट का क्या हुआ, आज तक पता नहीं चला।' 'पिता की कोई तस्वीर है आपके पास?' मैंने पूछा ‘है न! बड़ी तस्वीर है, लेकिन एक बक्से में है। उनकी तस्वीर देखता हूं तो ये सारी बातें याद आने लगती हैं। मां भी उस तस्वीर को देखकर रोने लगती हैं। फिलहाल रुकिए, दिखाता हूं।’ रमेश घर से पास्टर यानी ईसाई धर्म के प्रचारक पिता सुरेश बघेल की एक बड़ी-सी तस्वीर निकालकर लाते हैं। उनकी नजर बार-बार उस तस्वीर पर रुक जा रही है। मानो वह खुद को रोने से रोक रहे हों। वह कहते हैं- 'पापा का शव 22 दिन तक जगदलपुर पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा रहा। जब सुप्रीम कोर्ट से भी न्याय नहीं मिला तो उन्हें जगदलपुर में ही बने ईसाई कब्रिस्तान में दफनाया। गांव नहीं ला पाया, जिसका जिंदगीभर मलाल रहेगा। उन 22 दिनों तक घर का चूल्हा नहीं जला। शव को अंतिम संस्कार किए बिना चूल्हा कैसे जला सकते थे? पड़ोसी हमें खाना खिला रहे थे। आखिर केस लड़ने में ही हमारे लाख-दो लाख खर्च हो गए, लेकिन पिता की लाश को न्याय दिलाने का खर्च गिनाते हुए अच्छा नहीं लग रहा। वो सब याद करके रो देता हूं। अब एक साल बीत चुके हैं। दिसंबर 2024 की बात है। पिता को हाई लेवल डायबिटीज था। तबीयत लगातार खराब होती जा रही थी। करीब हफ्तेभर उन्हें जगदलपुर के अस्पताल में भर्ती रखा। 24 तारीख को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर आए थे। एकदम ठीक लग रहे थे। उसके 14 दिन बाद यानी 7 जनवरी 2025 की बात है। सुबह के 8 बजे थे। पत्नी ने नाश्ते में दलिया बनाया था। कहने लगीं- बाबूजी, अभी तक सो कर नहीं उठे हैं, रोज तो जल्दी उठ जाते थे। मैंने मां से पिताजी को जगाने के लिए कहा। मां ने आवाज दी, हिला-डुलाया। जब नहीं जगे तो रोने लगीं। पापा की मौत हो चुकी थी।' इस बातचीत के दौरान सामने एक अलग तरह का सफेद रंग का मकान दिख रहा है। बार-बार मेरी नजर उस पर जा रही है। रमेश कहते हैं- ‘यही मेरा चर्च है। पिताजी ने 1994 में बनवाया था। वह भी ईसा मसीह को मानते थे। दरअसल, मेरे घर में अक्सर लोगों पर देवी-देवता सवार हो जाते थे। झाड़-फूंक चलती रहती थी।’ रमेश कहते हैं कि- 'ओझा ने बताया था कि हमारी पड़ोसन ने करिश्मा कर दिया है। तुम्हारे परिवार पर भूत भेज दिया है। उससे कई बार पड़ोसियों से झगड़े हुए और मार-पिटाई भी। परेशान होकर पिताजी चर्च में जाने लगे। धीरे-धीरे उनका ईसाई धर्म के प्रति झुकाव बढ़ता गया और हिंदू धर्म से विश्वास उठने लगा। उसके बाद मेरा पूरा परिवार चर्च में प्रार्थना करने जाने लगा। ईसाई धर्म मानने के बाद हमारे घर में भूत-प्रेत की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई। उसके बाद पिताजी ने यह चर्च बनवाया। हमने चर्च में आज भी ईसा मसीह की मूर्ति नहीं रखी है। इसमें सिर्फ प्रार्थना करते हैं। आखिर इसमें बुराई क्या है?' बातचीत के बीच रमेश बघेल की मां आ जाती हैं। रमेश इशारा करते हैं- 'अब बातचीत बंद कीजिए। मां यह सब सुनेंगी, तो रोने लगेंगी। वह बताते हैं कि अब तो ईसाई धर्म मानने वाले लोगों की एक टीम तैयार कर ली है। जिसके घर में कोई दिक्कत आती है, जाकर हम उसकी मदद करते हैं। किसी के घर में मृत्यु होने पर इलाके में उसके दफनाने की व्यवस्था करते हैं। काश, पिता को अपनी जमीन में दफना पाता और उनकी कब्र पर जाकर उन्हें याद कर पाता!' रमेश बघेल के घर से दो किलोमीटर दूर चंद्रवती का घर है। कच्चे मकान के आंगन में वह कई घंटे से बैठी हैं। साथ में बेटी ओजमनी भी हैं। चंद्रवती को गोंडी भाषा ही आती है। उनकी बेटी ओजमनी बताती हैं- 'मैं तो अपने पापा के शव को गांव लेकर आई ही नहीं। कैसे आती? उनकी मृत्यु से पहले ही गांव के लोग घर के बाहर जुट गए थे। कह रहे थे- गांव में शव को लेकर आए, तो पूरे घर को तोड़ देंगे। 21 जनवरी 2026 की बात है। विशाखापट्टनम में पढ़ाई करती थी। घर से खबर आई कि पिता की तबीयत खराब है। उनके ब्रेन में खून जम गया है। मम्मी और मेरे भाई पापा को लेकर रायपुर भागे। दो दिन वहां भर्ती रहे। 23 तारीख की सुबह उनकी सर्जरी हुई। उसके कुछ घंटे बाद ही मौत हो गई। उस वक्त हम नहीं चाहते थे कि किसी तरह का झगड़ा-विवाद हो। इसलिए पापा के शव को जगदलपुर के ईसाई कब्रिस्तान में ले जाकर दफनाया।' मैंने ओजमनी से पूछा- ‘धर्म कब बदला?’जवाब मिला- 'बहुत साल पहले। अब तो 25 साल की हूं। ईसाई धर्म में ही पैदा हुई। मम्मी बताती हैं कि मेरे छोटे चाचा पास्टर यानी ईसाई धर्म के प्रचारक थे। उस वक्त मम्मी को जितने भी बच्चे होते, सभी की मौत हो जाती थी। चाचा के कहने पर मम्मी चर्च जाकर प्रार्थना करने लगीं। हम पैदा हुए और सभी बच गए। हम लोग तीन बहन और एक भाई हैं। तब से हम ईसाई धर्म को मानने लगे। लेकिन बस्तर और मेरे गांव में हाल-फिलहाल में जो कुछ हुआ है, वह तो कुछ भी नहीं है। यहां कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां ईसाई धर्म मानने की वजह से कई दफनाए हुए शवों को कब्र से बाहर निकाल दिया गया।' उनकी बात सुनकर मेरी भौहें तन जाती हैं। मन-ही-मन सवाल उठ रहा है- शायद यह लड़ाई कफन और दफन की है। इसके बाद मैं बस्तर के उस इलाके के लिए निकल पड़ता हूं, जहां एक शख्स के पिता का शव 90 गांव के लोग कब्र से निकालकर ले गए। पूरी कहानी अगले गुरुवार, 21 मई को ‘ब्लैकबोर्ड’ की नई सीरीज में… ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-सुहागरात पर ड्रग्स लेने गया, रातभर नहीं लौटा:हर हफ्ते लड़कियां बदलता, सड़क पर अंडरवियर में मिला; नशे के लिए 25 लाख की नौकरी छोड़ी 'जुलाई 2022 की वो रात… जिस रात के लिए ज्यादातर लोग सपने बुनते हैं। उस दिन मेरी सुहागरात थी। कमरा सज चुका था। रिश्तेदार थककर सो गए थे। दुल्हन मेरे कमरे में इंतजार कर रही थी। मैं उसके कमरे में गया और उससे बात किए बिना बगल में लेट गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 1- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

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