Bada Mangal 2026: सातवें बड़े मंगल पर अवश्य करें ये 10 कार्य, हनुमान जी देंगे वरदान
Hanuman Ji Blessings Remedies: ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संकटमोचन भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सातवां बड़ा मंगल भक्तों के लिए विशेष अवसर होता है, जब वे हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक कार्य करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल मिलता है। इस बार 7वां बड़ा मंगल 16 जून 2026, दिन मंगलवार को पड़ रहा है। ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां यदि आप जीवन में संकटों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और बजरंगबली की विशेष कृपा चाहते हैं, तो सातवें बड़े मंगल पर ये 10 कार्य अवश्य करें: 1. हनुमान जी को चोला चढ़ाएं सातवें बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल (चोला) अर्पित करें। चोला चढ़ाते समय अपनी मनोकामना मन में दोहराएं। ऐसा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है। 2. सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ इस विशेष दिन पर घर में या मंदिर जाकर सुंदरकांड का पाठ करें। यदि समय की कमी हो, तो कम से कम 7 बार हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। 3. बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग बजरंगबली को बूंदी, बेसन के लड्डू या मलाईदार पेड़े अत्यंत प्रिय हैं। सातवें बड़े मंगल पर हनुमान जी को इनका भोग लगाएं और फिर इस प्रसाद को अधिक से अधिक लोगों और बच्चों में बांटें। 4. राम नाम का कीर्तन या जप हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है भगवान श्री राम की आराधना। इस दिन तुलसी की माला से ॐ राम रामाय नमः या श्री राम जय राम जय जय राम मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। ALSO READ: Jyeshtha Month Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल: क्यों बन रहा है यह महीना खास 5. 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ यदि आप लंबे समय से कर्ज के बोझ से दबे हैं, तो सातवें बड़े मंगल के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। इससे कर्ज से मुक्ति के मार्ग खुलते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। 6. पीपल के पत्तों की माला पीपल के 11 साबुत यानी बिना फटे पत्ते लें। उन्हें साफ पानी से धोकर उन पर लाल चंदन या कुमकुम से 'श्री राम' लिखें। इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। इससे धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। 7. चमेली के तेल का दीपक शाम के समय किसी हनुमान मंदिर में जाएं और उनके सामने मिट्टी का एक बड़ा दीपक चमेली के तेल का जलाएं। उसमें दो लौंग भी डाल दें। यह उपाय नौकरी और व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करता है। 8. बंदरों और गायों को भोजन हनुमान जी के प्रतीक स्वरूप इस दिन बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। इसके अलावा, काली गाय को भी भीगे हुए चने या मीठी रोटी खिलाने से शनि देव और हनुमान जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। 9. जरूरतमंदों को दान इस दिन गर्मी से राहत दिलाने वाली वस्तुओं का दान करें, जैसे- मिट्टी का घड़ा/ मटका, छाता, सूती वस्त्र, या जूते-चप्पल। नि:स्वार्थ भाव से किया गया दान हनुमान जी को तुरंत प्रसन्न करता है। 10. भंडारा और ठंडे पानी का वितरण जेठ के महीने में भीषण गर्मी होती है। बड़े मंगल पर राहगीरों के लिए ठंडे पानी, शरबत या शिकंजी की व्यवस्था करना और आम जनता के लिए भंडारे (पूड़ी-सब्जी या हलवा) का आयोजन करना महापुण्य का काम माना जाता है। बजरंगबली का महामंत्र: इस दिन पूजा के दौरान ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट्।' मंत्र का जप करने से सभी नकारात्मक शक्तियां और शत्रु बाधा दूर हो जाती है। ध्यान रहे कि इस दिन पूरी तरह से सात्विक रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी का भी अनादर न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सातवें बड़े मंगल पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भय, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं। साथ ही साहस, आत्मविश्वास, सफलता और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। हनुमान जी अपने भक्तों के सभी संकट हरकर उन्हें सुखमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग: इस तरह करेंगे हनुमानजी की उपासना तो मिलेंगे अनेक शुभ फल
इंदौर से मां और बेटे के एक साथ दुनिया छोड़कर चले जाने की एक भावुक कर देने वाली खबर आ रही है। लोग इस घटना को मां और बेटे के बीच का अटूट रिश्ता बताकर याद कर रहे हैं। दरअसल, रविवार को इंदौर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ अपार्टमेंट में रहने वाले राजुल शर्मा की घर पर ही मौत हो गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां किरण शर्मा अपनी बेटी के घर पर थीं। परिजनों ने उन्हें फोन कर अपार्टमेंट आने के लिए कहा, लेकिन उन्हें उनके बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया गया। राजुल की मां किरण जब फ्लैट पर पहुंचीं तो बेटे राजुल के शव को देखकर सदमा सहन नहीं कर सकीं। कुछ ही घंटों बाद किरण ने भी दम तोड़ दिया। लेकिन दुनिया से जाते-जाते मां बेटे एक मिसाल पेश कर गए। परिवार ने दोनों की आंखें दान करने का फैसला किया। अब दोनों मां बेटे की आंखें किसी और की जिंदगी में रोशनी बिखेरेगी। बेटे के सिर पर हाथ फेरा और चल बसीं : मां किरण जब बेटे राजुल के शव के पास पहुंची तो सन्न रह गईं। कुछ देर बात उन्होंने बेटे के सिर पर हाथ फेरा और फिर खुद बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजनों को लगा कि वे सदमे के कारण बेहोश हो गई हैं। जब काफी देर तक वे उठी नहीं और आंख नहीं खोली तो परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां बेटे की अर्थी देख भावुक हो गया शहर : इस बेहद दर्दनाक घटना के बाद जब एक ही घर से दो अर्थियां उठीं तो यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया। हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिवार ने मानवता की सेवा के भाव से दोनों का नेत्रदान कराया। उनकी आंखें अब दो लोगों की ज़िंदगी में उजाला करेंगी। मुस्कान ग्रूप के संदीपन आर्य ने बताया कि मां बेटे की मौत दुखद है, लेकिन उनकी आंखें अब किसी दूसरी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी करेगी, यह इंदौर के लिए एक मिसाल है। Edited By: Naveen R Rangiyal
अमेरिका से वापस भेजे गए अफ्रीकी रेफरी अब्दुलकादिर को मिलेगी पूरी पगार
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) ने कहा है कि वीजा संबंधी समस्याओं के कारण अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सके सोमालिया के मैच रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को उनकी भूमिका के लिए भुगतान किया जायेगा। अफ्रीका के अग्रणी रेफरी के रूप में पहचाने जाने वाले आर्टन को पिछले सप्ताह मियामी पहुंचने पर वीजा संबंधी समस्याओं के कारण अमेरिका से वापस भेज दिया गया था, जिसके बाद वे सोमालिया लौट गए थे। अमेरिकी सीमा एवं सीमा शुल्क सुरक्षा के एक बयान में 34 वर्षीय खिलाड़ी को देश से निष्कासित करने के लिए “जांच संबंधी चिंताओं” का हवाला दिया गया। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने आर्टन की ओर से सफलतापूर्वक हस्तक्षेप करने में फीफा की विफलता के बारे में पूछे जाने पर आलोचकों से “शांत रहने” को कहा। सूत्रों का कहना है कि आर्टन को विश्व कप में अपनी भूमिकाओं के लिए पूरा पारिश्रमिक दिया जाएगा। हालांकि, आर्टन को सौंपे गए मैचों की संख्या के कारण सटीक राशि अभी तय नहीं की गई है। आर्टन को विश्व कप से बाहर किए जाने के बाद, यूईएफए ने उस अधिकारी को यूईएफए सुपर कप का प्रभारी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जो अगस्त में ऑस्ट्रिया के साल्ज़बर्ग में चैंपियंस लीग विजेता पेरिस सेंट-जर्मेन और यूरोपा लीग विजेता एस्टन विला के बीच होने वाला एक प्री-सीज़न मुकाबला है। सोमालिया पहुंचने पर हुआ था जोरदार स्वागत अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सोमालिया के फुटबॉल विश्व कप रैफरी उमर अर्टन का पिछले बुधावार को राजधानी मोगादिशू पहुंचने पर समर्थकों और अधिकारियों ने स्वागत किया था।अर्टन टूर्नामेंट के लिए फीफा की अंतिम सूची में जगह बनाने के बाद विश्व कप में रैफरी की भूमिका निभाने वाले सोमालिया के पहले रैफरी बनने वाले थे। अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने हालांकि एक बयान में कहा कि मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच-पड़ताल से जुड़ी चिंताओं के कारण उन्हें देश में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद फीफा ने उन्हें टूर्नामेंट की रैफरी की सूची से हटा दिया। ALSO READ: उमर अब्दुल कादिर- सर्वश्रेष्ठ अफ्रीकी फुटबॉल रेफरी को नहीं मिली अमेरिका में एंट्री (Video)
Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें
significance of the month of Muharram: मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर यानी हिजरी संवत का पहला महीना होता है। इस्लाम धर्म में इस महीने का ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है। यह महीना केवल इस्लामी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक नहीं है, बल्कि त्याग, धैर्य, सत्य और न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा भी देता है। यह महीना खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि इंसाफ, सच्चाई, सब्र/ धैर्य और महान शहादत को याद करने का समय है। 1. मोहर्रम मास का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व 2. मोहर्रम मास की मुख्य परंपराएं 3. एक आम गलतफहमी का निवारण: क्या मोहर्रम कोई त्योहार है? आइए समझते हैं कि इस्लाम में इस महीने का क्या महत्व है और इसके दौरान कौन सी परंपराएं निभाई जाती हैं: 1. मोहर्रम मास का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व * चार पवित्र महीनों में से एक (अशहुरुम हुरुम) कुरान और इस्लाम की मान्यताओं के अनुसार, साल के 12 महीनों में से 4 महीने बेहद पवित्र और अदब के माने गए हैं, जिनमें से मोहर्रम एक है। अल्लाह के रसूल पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) ने इसे 'अल्लाह का महीना' कहा है। इन चार पवित्र महीनों में किसी भी प्रकार की लड़ाई-झगड़े या युद्ध को पूरी तरह प्रतिबंधित (हराम) माना गया है। * कर्बला की ऐतिहासिक शहादत मोहर्रम महीने का महत्व इतिहास की एक ऐसी घटना से जुड़ा है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। सन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के 'कर्बला' नामक स्थान पर एक तरफ इस्लाम के सिद्धांतों को बचाने वाले पैगंबर मोहम्मद के नवासे (नाती) हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथी, जिनमें उनके परिवार के छोटे बच्चे और महिलाएं भी थीं, और दूसरी तरफ अत्याचारी शासक यजीद की बड़ी सेना थी। यजीद चाहता था कि इमाम हुसैन उसके गलत तौर-तरीकों और क्रूर शासन को जायज ठहराते हुए उसके आगे झुक जाएं। लेकिन इमाम हुसैन ने हक यानी सच्चाई और इंसानियत की रक्षा के लिए झुकने से मना कर दिया। यजीद की सेना ने इमाम हुसैन और उनके परिवार का पानी तक बंद कर दिया और अंत में 10वें मोहर्रम (यौम-ए-आशुरा) के दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों को बेहद बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इमाम हुसैन की यह शहादत दुनिया को यह सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अत्याचार के आगे कभी सिर नहीं झुकाना चाहिए और हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए। 2. मोहर्रम मास की मुख्य परंपराएं दुनिया भर के मुसलमान, विशेषकर शिया समुदाय और कई जगहों पर सुन्नी समुदाय भी इस महीने में इमाम हुसैन और उनके परिवार की कुर्बानियों को याद करते हुए कई परंपराएं निभाते हैं: मजालिस (धार्मिक सभाएं): मोहर्रम के शुरुआती 10 दिनों में 'मजालिस' का आयोजन किया जाता है। इसमें धार्मिक गुरु (उलेमा) कर्बला के इतिहास, इमाम हुसैन के संदेशों और उनके परिवार पर ढाए गए जुल्मों की दास्तान सुनाते हैं, जिसे सुनकर लोग शोक व्यक्त करते हैं। मातम और नोहा ख्वानी: शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन के गम में मातम करते हैं। इस दौरान 'नोहा' (शोक गीत) पढ़े जाते हैं, जिसमें कर्बला के शहीदों के दर्द को बयां किया जाता है। ताजिया निकालना: भारत, पाकिस्तान और कई अन्य देशों में मोहर्रम की 10वीं तारीख (आशुरा) को बांस, लकड़ी और रंग-बिरंगे कागजों से इमाम हुसैन के रौजे (मकबरे) की प्रतिकृति बनाई जाती है, जिसे 'ताजिया' कहा जाता है। लोग अकीदत (श्रद्धा) के साथ जुलूस के रूप में इन ताज़ियों को निकालते हैं और अंत में इन्हें कर्बला या स्थानीय कब्रिस्तान या निश्चित स्थान पर सुपुर्द-ए-खाक यानी दफन कर देते हैं। सबील और लंगर लगाना: इमाम हुसैन और उनके भूखे-प्यासे बच्चों की याद में मोहर्रम के दिनों में जगह-जगह 'सबील' अर्थात् ठंडे पानी, शरबत या दूध के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहाँ से गुजरने वाले हर राहगीर को बिना किसी भेदभाव के पानी या शरबत पिलाया जाता है। साथ ही गरीबों के लिए मुफ्त भोजन/ लंगर का इंतजाम किया जाता है। आशुरा के रोजे (उपवास): सुन्नी समुदाय में मोहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख (या 10वीं और 11वीं तारीख) को रोजा रखने की विशेष परंपरा है। पैगंबर मोहम्मद साहब इस दिन रोजा रखा करते थे और उन्होंने इसे रमजान के बाद सबसे उत्तम रोजा बताया है। 3. एक आम गलतफहमी का निवारण: क्या मोहर्रम कोई त्योहार है? अक्सर गैर-मुस्लिम समाज में लोग इसे 'मोहर्रम का त्योहार' कह देते हैं, जो कि गलत है। मोहर्रम कोई त्योहार या उत्सव नहीं है, बल्कि यह इस्लाम का एक शोक (गम) का महीना है। यही कारण है कि इस महीने में कोई भी खुशी का काम (जैसे शादी-ब्याह, नया घर खरीदना या जश्न मनाना) नहीं किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। अंदरखाने कैसे हुई ये डील, इसमें क्या-क्या शर्तें हैं, आखिर कौन जीता ये जंग और अब आगे क्या होगा; ऐसे 7 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: क्या अमेरिका और ईरान में वाकई जंग खत्म हो गई है? जवाबः 14 जून की देर रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहजाब शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ऐलान किया, 'अमेरिका और ईरान में शांति समझौता हो गया है। दोनों देश लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने के लिए तैयार हो गए हैं।' थोड़ी देर बाद ट्रम्प ने भी एक पोस्ट से जरिए कंफर्म किया, 'ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ ईरान की तरफ से भी पुष्टि की गई कि दोनों पक्षों ने एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU फाइनल कर लिया है। इससे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटेगी और मौजूदा सीजफायर आगे बढ़ेगा। हालांकि इस घोषणा को ‘जंग का अंत’ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। इसकी तीन बड़ी वजहें हैं… पहली- खुद ट्रंप का बयान: ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। अगर परमाणु कार्यक्रम पर समझौते से अमेरिका संतुष्ट नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाएगा। दूसरी- इजराइल का रवैयाः समझौते की घोषणा से कुछ घंटे पहले इजराइल ने लेबनान पर बमबारी की। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाने के संकेत दिए हैं। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान पीस डील पर कड़ी नाराजगी जताई है। तीसरी- ईरान की शर्तेंः ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि ये डील कायम रखने के लिए अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना। जेनेवा में 19 जून को MoU पर साइन होंगे। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प या उप राष्ट्रपति जेडी वांस, समझौते पर डिजिटल साइन करेंगे। इसके बाद अगले 60 दिनों तक कई दौर की बातचीत होगी और फाइनल एग्रीमेंट तय किया जाएगा। सवाल-2: पाकिस्तान या कतर, अंदरखाने ये डील किसने कराई? जवाबः जंग शुरू होने के बाद सुलह कराने की कमान सबसे पहले पाकिस्तान ने संभाली, लेकिन आखिरी दौर में बाजी कतर के हाथ आ गई… दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर्स रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में मिडिल ईस्ट से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट कबीर तनेजा बताते हैं, ‘इस समझौते में कतर की एंट्री आर्थिक वजहों से हुई। मसलन- आने वाले दिनों में ईरान फंड्स की मांग करता है, तो ये कतर से ही ट्रांसफर किए जाएंगे। क्योंकि ईरान के फ्रीज फंड का बड़ा हिस्सा कतर के बैंकों में बंद है। अगर ट्रम्प खुद अमेरिका के हवाले से फंड्स भेजेंगे, तो अमेरिका की स्थिति कमजोर दिखेगी।’ डिफेंस एनालिस्ट नितिन ए. गोखले का आकलन है कि पाकिस्तान के पास इतना दम या भरोसा नहीं था कि वह दोनों पक्षों को समझौते के करीब ला सके। आखिरकार कतर की दखल से ही डील मुमकिन हुई। हालांकि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एसोसिएट रिसर्चर डॉ. यासिर अली मिर्जा इसे किसी एक देश की जीत मानने से इनकार करते हैं। उनके मुताबिक यह डील पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब और ओमान के साझा प्रयासों का नतीजा है। सवाल-3: इस समझौते में दोनों देश किन-किन बातों पर राजी हुए हैं?जवाबः आधिकारिक तौर से अभी शांति समझौते की शर्तें जारी नहीं की गई है। लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर और ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शांति के लिए 14 पॉइंट का लेखा तैयार किया गया हैं- सवाल-4: आखिरकार इस जंग में कौन जीता? जवाबः समझौते की शर्तों और बयानों से तो इस जंग में ईरान का पलड़ा भारी दिख रहा है… ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने डील की घोषणा के बाद कहा, 'दुश्मन ने अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हम पर हमला किया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया और हमने जंग में बड़ी जीत हासिल की।' दूसरी तरफ ट्रम्प ने डील का ऐलान करते हुए जंग में जीत का कोई जिक्र नहीं किया। जबकि कुछ हफ्तों पहले तक वो ईरान को नेस्तनाबूद करने का दावा कर रहे थे। सवाल-5: इजराइल इस डील से खुश है या नाराज? जवाबः शुरुआती प्रतिक्रियाओं में इजराइल इस डील से नाखुश दिख रहा है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल बंधा हुआ नहीं है। कबीर तनेजा मानते हैं कि इजराइल के लिए ये डील बुरी खबर है। उसने ट्रम्प के बार–बार कहने के बाद भी लेबनान पर हमले नहीं रोके थे। 14 और 15 जून को भी इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई मिसाइलें दागीं। हालांकि इजराइल को एक बड़ी बढ़त भी मिल रही है। लेबनान की करीब 2,000 वर्ग किमी जमीन पर अब इजराइल का कब्जा है। पहले इजराइल कहता था कि उसका टारगेट सिर्फ लितानी नदी तक हिजबुल्ला लड़ाकों को खत्म करना है। लेकिन अब वो नदी पार कर लेबनान के दक्षिणी शहर नबातीह तक पहुंच गया है। इजराइल ने साफ कर दिया है कि इस जंग के दौरान उसने जो भी जमीन कब्जाई है, वह नहीं लौटाएगा। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार की नीति स्पष्ट है। सेना इन इलाकों में बनी रहेगी ताकि इजराइल की सीमाओं और वहां रहने वाले लोगों को जिहादी गुटों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन सुरक्षा क्षेत्रों से स्थानीय निवासियों को हटाया जाएगा और जमीन के ऊपर तथा नीचे मौजूद सभी आतंकी ढांचों को नष्ट किया जाएगा। सीमा से सटे गांवों में जिन घरों का इस्तेमाल आतंकी ठिकानों के रूप में हुआ, उन्हें भी ध्वस्त किया जाएगा। काट्स ने कहा कि नेतन्याहू ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भी साफ कर दी है। उन्होंने खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस मुद्दे पर बात की है। सवाल-6: इस डील का भारत समेत दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? जवाबः होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में ईंधन का जो संकट पैदा हुआ था, उससे निजाद मिलेगी… हालांकि JNU में फॉरेन अफेयर्स के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘जंग रुकती है, तो तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं। बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो जाता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ यासिर अली मिर्जा बताते हैं, ‘जंग रुकने से ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और भारत और ईरान के बनाए चाबहार बंदरगाह पर व्यापार बढ़ेगा। इससे भारतीय सामान सीधे ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सकेगा। हालांकि, इसका असर दिखने में अभी समय लगेगा।’ सवाल-7: क्या यह डील टिकेगी? टूटने का सबसे बड़ा खतरा क्या है? जवाबः डील टूटने के 3 बड़े खतरे हैं- हालांकि यासिर अली मिर्जा मानते हैं कि मौजूदा डील फाइनल एग्रीमेंट में बदलेगी और जंग खत्म होगी, क्योंकि दोनों देश इस समय जंग आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। ईरान को जंग से इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। वो चाहेगा कि उसके फंड्स रिलीज हों और नुकसान की भरपाई हो। ---------- ये खबर भी पढ़िए… पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पूरी खबर पढ़िए…
सवाईमाधोपुर : ट्रक के अंडरपास में गिरने से एक युवक की मौत, एक घायल
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक ट्रक के अंडरपास में गिरने से उसमें सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर भगवतगढ़ के पास त्रिलोकपुरा अंडरपास में मिर्ची से भरा ट्रक गिर […] The post सवाईमाधोपुर : ट्रक के अंडरपास में गिरने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में तीन साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या
चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुमिदिपुंडी में रविवार शाम को सीपकोट इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मौत पर विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है। पीड़िता […] The post तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में तीन साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या appeared first on Sabguru News .
राम चरण स्टारर 'पेड्डी', जिसमें जाह्नवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में हैं, दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर लगातार तहलका मचा रही है। यह फिल्म न केवल इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, बल्कि यह 2026 की साउथ इंडिया की नंबर 1 ग्रॉसर भी बन गई है। दर्शकों की शानदार तारीफ, ब्लॉकबस्टर वर्ड-ऑफ-माउथ और खचाखच भरे सिनेमाघरों के दम पर 'पेड्डी' अपनी रिलीज के बाद से ही लगातार असाधारण आंकड़े दर्ज कर रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी ब्लॉकबस्टर रफ्तार को और मजबूत करते हुए एक और जबरदस्त वीकेंड देखा है। ALSO READ: श्रीलीला कैसे बनीं देश की सबसे पसंदीदा यंग स्टार? जानिए उनकी सफलता के बड़े राज महज 11 दिनों में 'पेड्डी' ने दुनिया भर में 393 करोड़ रुपए से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है, जो दर्शकों से मिल रहे असीम प्यार को साफ दिखाता है। अपने सनसनीखेज दूसरे हफ्ते के परफॉर्मेंस के साथ, यह फिल्म थिएटर्स में लगातार अपना दबदबा बनाए हुए है और इसके धीमे होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। A post shared by PEDDI (@peddimovie) इस खबर को शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, #Peddi ने 11 दिनों में दुनिया भर में 393 करोड़ से ज़्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। अपने दूसरे हफ्ते में भी दुनिया भर में सफलतापूर्वक चल रही है। बुची बाबू सना द्वारा लिखित और डायरेक्टेड 'पेड्डी' में राम चरण लीड रोल में हैं, जिनके साथ शिव राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह दमदार स्टार कास्ट फिल्म के स्केल और इसके इम्पैक्ट को एक अलग ही लेवल पर ले जाती है। वेंकट सतीश किलारु द्वारा वृद्धि सिनेमाज के तहत, मैत्री मूवी मेकर्स, सुकुमार राइटिंग्स और IVY एंटरटेनमेंट के सहयोग से प्रड्यूस की गई इस फिल्म के को-प्रड्यूसर ईशान सक्सेना हैं।
होशियारपुर में नाबालिग से रेप करने के आरोप में किशोर अरेस्ट
होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर में एक किशोर लड़के को नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने, उसका अश्लील वीडियो बनाने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पीड़िता के परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद स्थानीय पुलिस ने तत्परता […] The post होशियारपुर में नाबालिग से रेप करने के आरोप में किशोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
लोक सभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 सदस्य हुए अलग, बिरला से मिलकर सदन में जगह मांगी
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के नेतृत्व को एक बड़ा झटका देते हुए पार्टी के 20 लोकसभा सदस्यों ने रविवार को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय की घोषणा की और अध्यक्ष ओम बिरला से मिल कर सदन में के सदस्य के रूप में लग बैठने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध-पत्र दिया। बिड़ला […] The post लोक सभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 सदस्य हुए अलग, बिरला से मिलकर सदन में जगह मांगी appeared first on Sabguru News .
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास दर्दनाक सड़क हादसा, 9 तीर्थयात्रियों की मौत
मुंबई। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास रविवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई महिलाओं और बच्चों सहित नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सूत्रों ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा म्हसवड-पंढरपुर मार्ग पर उस समय हुआ […] The post प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पंढरपुर के पास दर्दनाक सड़क हादसा, 9 तीर्थयात्रियों की मौत appeared first on Sabguru News .
अभिनेत्री गौतमी ने अन्नाद्रमुक छोड़ी, सामाजिक कार्यों पर करेंगी ध्यान केंद्रित
चेन्नई। लगातार चुनावी हार के बाद बड़े पैमाने पर नेताओं के पलायन का सामना कर रही अन्नाद्रमुक को रविवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब पार्टी की उप-प्रचार सचिव और लोकप्रिय अभिनेत्री गौतमी तड़िमल्ला ने सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। भारतीय जनता […] The post अभिनेत्री गौतमी ने अन्नाद्रमुक छोड़ी, सामाजिक कार्यों पर करेंगी ध्यान केंद्रित appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता पर फेंके गए अंडे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता पर रविवार को उनके पूर्व वार्ड कार्यालय में तलाशी अभियान के बाद कुछ अज्ञात लोगों ने अंडे फेंके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दत्ता को जबरन वसूली के एक मामले में दोपहर उनके कार्यालय ले जाया गया। यह […] The post पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता पर फेंके गए अंडे appeared first on Sabguru News .
उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह के बाद बड़ा हादसा, 4 की मौत
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दुखद रेल दुर्घटना में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री ट्रेन से उतर गए और दूसरी पटरी पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ […] The post उदयपुर इंटरसिटी में आग की अफवाह के बाद बड़ा हादसा, 4 की मौत appeared first on Sabguru News .
श्रीलीला कैसे बनीं देश की सबसे पसंदीदा यंग स्टार? जानिए उनकी सफलता के बड़े राज
श्रीलीला को आखिर क्या चीज आज देश की सबसे पसंदीदा युवा सितारों में से एक बनाती है। बहुत कम समय में उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और उम्र के दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है और एक सच्ची पैन-इंडिया सेंसेशन बनकर उभरी हैं। 1. जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस श्रीलीला की सबसे बड़ी खूबियों में से एक उनकी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस है। चाहे हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस हो, इमोशनल सीन हो या फिर कोई कमर्शियल एंटरटेनर, वह हर बार स्क्रीन पर आते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। उनका करिश्मा और आत्मविश्वास उन्हें बेहद खास बनाता है। ALSO READ: गोलू की वापसी को लेकर उत्साहित हैं श्वेता त्रिपाठी, 'मिर्जापुर: द मूवी' के बारे में कही ये बात 2. बेहतरीन परफॉर्मर स्टारडम के अलावा श्रीलीला ने खुद को एक शानदार कलाकार के रूप में भी साबित किया है। वह हर किरदार में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ नजर आती हैं, जिससे दर्शक उनके किरदारों से जुड़ाव महसूस करते हैं। उनकी परफॉर्मेंस मनोरंजन और भावनाओं का बेहतरीन संतुलन पेश करती है। 3. जमीन से जुड़ी शख्सियत उनकी लोकप्रियता की एक और बड़ी वजह उनकी सादगी और जमीन से जुड़ा स्वभाव है। इतनी तेजी से सफलता मिलने के बावजूद श्रीलीला बेहद विनम्र, सहज और असली व्यक्तित्व वाली नजर आती हैं। यही वजह है कि अलग-अलग पीढ़ियों के लोग उनसे आसानी से जुड़ जाते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. हर तरह के किरदारों में खुद को साबित किया एक कलाकार के तौर पर उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने भी उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई है। पुष्पा 2 के गाने किस्सिक में अपनी खास मौजूदगी से लेकर गुंटूर कारम, राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली भगवंत केसरी और पराशक्ति जैसी फिल्मों में यादगार परफॉर्मेंस देकर उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों और शैलियों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। 5. ब्रांड्स की पहली पसंद श्रीलीला की बढ़ती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका मजबूत ब्रांड कनेक्ट भी है। वह कई बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड्स का चेहरा हैं, जो उनकी लोकप्रियता, भरोसेमंद छवि और व्यापक पहुंच को दर्शाता है। अलग-अलग तरह के दर्शकों से जुड़ने की उनकी क्षमता उन्हें ब्रांड्स की पसंदीदा पसंद बनाती है। अपने टैलेंट, आकर्षण, बहुमुखी प्रतिभा और दर्शकों के साथ मजबूत जुड़ाव की बदौलत श्रीलीला लगातार पूरे भारत में लोगों का दिल जीत रही हैं। यही वजह है कि वह आज अपनी पीढ़ी की सबसे पसंदीदा और चर्चित सितारों में शुमार हैं।
रीट-आरएएस पेपर लीक के ‘बड़े मगरमच्छ’नहीं पकड़े गए तो उठाऊंगा बड़ा कदम : किरोड़ी लाल मीणा
अलवर। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री एवं अलवर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि रीट, आरएएस और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामलों के बड़े आरोपी और बीज घोटाले के शेष दोषियों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वह जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि […] The post रीट-आरएएस पेपर लीक के ‘बड़े मगरमच्छ’ नहीं पकड़े गए तो उठाऊंगा बड़ा कदम : किरोड़ी लाल मीणा appeared first on Sabguru News .
अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता, पीएम मोदी ने किया स्वागत; भड़का इजराइल
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एलान से दुनिया ने राहत की सांस ली है। 19 जून, शुक्रवार को जिनेवा में अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वार्ताकार एमबी गालीबाफ और अराघची डील पर साइन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की इस शांति समझौते का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे दुनिया में स्थिरता आएगी। ALSO READ: अमेरिका-ईरान डील का असर: सस्ता हुआ क्रूड ऑयल, कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा। I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries. India hopes that the implementation of this understanding will… — Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026 मीडिया खबरों के अनुसार, प्रस्तावित डील में मिलिट्री ऑपरेशन खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाना शामिल है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भविष्य की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया है। डील पर क्या बोले ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा करते हुए कहा, 'ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!' ALSO READ: मिडिल ईस्ट में खत्म होगी जंग, ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक समझौते का एलान, गिरे तेल के दाम डील से इजराइल नाराज शांति समझौते पर इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्वीर का बड़ा बयान, इजराइल स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र। हमारी नीति कोई और तय नहीं करेगा। ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं। डील के बाद इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर उठ रहे हैं सवाल। इस मामले में उन्होंने अब तक कोई बयान नहीं दिया है। edited by : Nrapendra Gupta
स्मृति कल्प आयोजन में ‘मालवा की मीरा’ मालती जोशी को किया याद
पद्मश्री से सम्मानित, मालवा की मीरा के रूप में ख्यात लोकप्रिय कथाकार मालती जोशी की याद में स्मृति कल्प का आयोजन इंदौर के प्रीतम लाल दुआ सभागार में किया गया। इसमें देश के प्रसिद्ध साहित्यकार और रंगमंच और फ़िल्म की हस्तियों ने भाग लिया। मालती जोशी की कहानियों और कविताओं के पाठ से सज्जित इस कार्यक्रम में लक्ष्मी शंकर बाजपेयी दिल्ली से , अतुल तिवारी मुंबई से जैसी हस्तियां शामिल हुईं और उन्होंने मालती जोशी की कहानियों का पाठ किया। उन्होंने माना कि मालती जोशी अपनी सहज और पारिवारिक पृष्ठभूमि की कहानियों के लिए जानी जाती थीं और अपने समय की सर्वश्रेष्ठ कथा लेखिकाओं में से एक थीं। विद्वानों का ये भी मत था कि सम्मान या आलोचक किसी की श्रेष्ठता का मापदंड नहीं है। श्रेष्ठ वही है जो अपने पाठकों का प्रिय हो और उनके निकट हो। मालती जोशी इसका साक्षात उदाहरण थीं। जाने माने अभिनेता और पटकथा लेखक अतुल तिवारी ने मालती जोशी ने महिला कथाकारों के लिए श्रेष्ठतम मानदंड स्थापित किए। वे कहानी कहने की कला की सिद्धहस्त हस्ताक्षर थी और अपनी कहानियों का वे बिना देखे पाठ करती थीं। उन्होंने कहा कि मालती जोशी जैसे लोग शताब्दियों में पैदा होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कहानियाँ फ़िल्म के बहुत अनुकूल थीं और गुलज़ार, जया बच्चन जैसे फ़िल्मकारों ने उनकी कहानियों पर टेली फ़िल्म का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि मालती जोशी ने रंगमंच पर कहानी की प्रस्तुति का सूत्रपात किया था। लक्ष्मी शंकर बाजपेयी का मानना था कि मालती जी की कहानियों को युवाओं के बीच प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि वे भारतीय परिवार परंपरा का महत्व समझ सकें। उनका मानना था कि मालती जी का शिल्प अनोखा था। बाजपेयी ने कहा कि यदि वे गीत लिखना जारी रखती तो वे सर्वश्रेष्ठ समकालीन गीतकारों में शुमार होती। बाजपेयी जी ने मालती जोशी की कहानी ‘इतिश्री’ का वाचन किया। मोटिवेशनल स्पीकर मंजूषा राजस जौहरी ने कहा कि मालती जोशी की कहानियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रसार के लिए पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने मालती जी की कहानी ‘आखरी शर्त’ का पाठ किया। कथाकार अनीता सक्सेना मालती जोशी जी के काव्य पक्ष पर चर्चा की। उन्होंने मालती जोशी के गीतकार पक्ष की विशेषताओं पर चर्चा की। कथाकार कवियत्री ज्योति जैन ने मालती जी के साथ अपने अंतरंग प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि मालती जोशी के अत्यंत सरल और सहज व्यक्तित्व के कारण वो किसी को भी अपना सा बना लेती थीं। मुंबई से आई प्रसिद्ध शिक्षा विद मधुरा फड़के ने मालती जोशी की संवेदनशीलता और आत्मीयता पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि मालती जी हमेशा अपने समसामयिक संदर्भों के कारण हमेशा प्रासंगिक रहीं और युवाओं में भी उतनी ही लोकप्रिय रहीं। ब्रॉडकास्टर रंजना चितले ने मालती जोशी के जीवन के प्रति दृष्टिकोण का विवेचन किया और मालती जी की कहानी ‘बोल री कठपुतली’ कहानी का पाठ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मालती जोशी के बड़े पुत्र ऋषिकेश जोशी ने स्वागत वक्तव्य दिया और मालती जी स्मृति में बनाये ट्रस्ट के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन मालती जी के छोटे पुत्र सच्चिदानंद जोशी के वक्तव्य से हुआ, जिसमे उन्होंने मालती जी की रचनाओं के कॉपी राइट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बिना अनुमति मालती जोशी की रचनाओं का प्रकाशन कर रहे हैं जो ग़लत है। कार्यक्रम का संचालन रिया जोशी ने किया। कार्यक्रम का प्रबंधन और कला आकल्पन दुष्यंत जोशी तथा अमन चौबे का था। अर्चना जोशी और मालविका जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस आत्मीय कार्यक्रम में साहित्य और सांस्कृतिक जगत की जानी मानी हस्तियां जिनमे सूर्यकांत नागर, कलापिनी कोमकली, कल्पना झोकरकर, संतोष मोहंती आदि शामिल हैं, उपस्थित रहे। Edited By: Naveen R Rangiyal
गोलू की वापसी को लेकर उत्साहित हैं श्वेता त्रिपाठी, 'मिर्जापुर: द मूवी' के बारे में कही ये बात
अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट की 'मिर्जापुर' ने भारत की सबसे सफल और मशहूर ओटीटी फ्रेंचाइजी के रूप में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपने कभी न भूले जाने वाले किरदारों, ग्रिपिंग स्टोरीटेलिंग, शानदार परफॉर्मेंसेस और इंटेंस ड्रामा के दम पर इस सीरीज़ ने सालों से एक बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग खड़ी की है। अब यह फ्रेंचाइजी स्ट्रीमिंग से सीधे थिएटर्स का रुख करके इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'मिर्जापुर: द मूवी' के साथ यह भारत की सबसे बड़ी ओटीटी प्रॉपर्टीज में से एक का पहला थिएट्रिकल एडाप्टेशन बनने जा रही है। ALSO READ: लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका जहां एक तरफ इस फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट लगातार आसमान छू रही है, वहीं फैंस इसके सीजन 4 का भी उतनी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 'मिर्जापुर' को मिलने वाले इस असीम प्यार के बारे में बात करते हुए श्वेता त्रिपाठी, जो दर्शकों के पसंदीदा किरदार 'गोलू' का रोल निभाती हैं, ने फ्रेंचाइजी के साथ दर्शकों के जुड़ाव और एक बार फिर इस रोल में कदम रखने को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की है। 'मिर्जापुर' को मिले इस जबरदस्त प्यार पर बात करते हुए श्वेता ने शेयर किया, 'मिर्जापुर' हमारे लिए सिर्फ और सिर्फ प्यार है, और गोलू का किरदार तो बेशक बेहद खास है। इन सभी सीजंस को मिलाकर अब लगभग एक दशक (10 साल) होने जा रहा है। हमने इससे सिर्फ पैसा ही नहीं कमाया, बल्कि उससे कहीं बढ़कर बहुत कुछ कमाया है - वह प्यार, इज्जत और एक खास कनेक्शन। इसके कास्ट और क्रू अब एक परिवार बन चुके हैं। हमने साथ में बहुत कुछ शेयर किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें गोलू के किरदार को निभाना श्वेता के लिए क्यों इतना मायने रखता है और सीजंस के साथ यह रोल कैसे बदला है, इस पर बात करते हुए उन्होंने शेयर किया: गोलू बेहद खास है। मुझे उसका रोल निभाना बहुत पसंद है। जब हम आर्केटाइप्स की बात करते हैं, तो मुझे लगता है कि गोलू एक वॉरियर है। वह एक ऐसी लड़की है जो सबसे मुश्किल हालातों में भी गरिमा के साथ रहना नहीं छोड़ती। वह कोई पोस्टर गर्ल नहीं है। उसने जो चीजें अपनी आंखों से देखीं, उन्होंने उसे पूरी तरह से बदल दिया, और यह बेहद दुखद है। गोलू का किरदार निभाने के इमोशनल इम्पैक्ट पर बात करते हुए और अगले सीजन के लिए अपनी उत्सुकता जताते हुए श्वेता ने आगे कहा, खासकर सीजन 2 और 3 में मैं एक बेहद गहरे अंधकार में चली गई थी और मुझे इससे बाहर आने में समय लगा। लेकिन फिर भी मैं उससे बहुत प्यार करती हूं। मैं सीजन 4 का और इंतजार नहीं कर सकती। फिंगर्स क्रॉस्ड। मैं इसके लिए दुआ कर रही हूं। मैं बहुत एक्साइटेड हूँ। मैं गोलू से दोबारा मिलने के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकती। 'मिर्जापुर: द मूवी' को अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है। गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा लिखित, और एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रड्यूस की गई यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनिया भर में एक ग्रैंड रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है।
त्रिपुरा चुनाव में कुल 822 वोट पाने वाली पार्टी (NCPI) लोकसभा में बनी NDA की नई 'पॉवर प्लेयर'!
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसद, जो कल तक दीदी के माँ, माटी, मानुष के सुर में सुर मिला रहे थे, अचानक एक रात में 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के रंग में रंग गए। लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दिया गया और देखते ही देखते दिल्ली के ...
अजमेर : अवैध एलपीजी सिलेंडर परिवहन, 50 वाणिज्यिक सिलेंडर जब्त
अजमेर। जिला रसद अधिकारी अजमेर मोनिका जाखड़ के निर्देशन में जिला रसद विभाग की प्रवर्तन टीम एवं जिला स्पेशल टीम (DST) द्वारा अवैध एलपीजी गैस के परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई करते हुए फव्वारा चौराहा, थाना गंज क्षेत्र, अजमेर के निकट एक पिकअप मैक्स वाहन को पकड़ा गया। जिला स्पेशल टीम के प्रभारी […] The post अजमेर : अवैध एलपीजी सिलेंडर परिवहन, 50 वाणिज्यिक सिलेंडर जब्त appeared first on Sabguru News .
'धमाल 4' गैंग लेकर आया मस्ती का परफेक्ट तड़का, 'चटनी' गाना हुआ रिलीज
अपने हंसी से भरपूर ट्रेलर के जरिए दर्शकों को नॉस्टैल्जिया की सैर कराने के बाद 'धमाल 4' ने उत्साह को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। इस उत्साह को और बढ़ाते हुए मेकर्स ने अब 'चटनी' गाना रिलीज़ कर दिया है। यह एक हाई-एनर्जी लोक-प्रेरित गीत है, जो भोजपुरी संगीत की जबरदस्त ऊर्जा को धमाल फ्रेंचाइज़ी की मस्ती भरी दुनिया में लेकर आता है। 'फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी' जैसी लोकप्रिय पंक्तियों पर आधारित यह गाना आकर्षक बीट्स और थिरकने पर मजबूर कर देने वाले रिदम से भरपूर है, जो फिल्म की हंसी और अफरा-तफरी से भरी दुनिया में पूरी तरह फिट बैठता है। यह गीत कलाकारों के बीच की शानदार केमिस्ट्री और धमाल फ्रेंचाइज़ी की पहचान बन चुकी मस्ती और पागलपन को बखूबी दर्शाता है। गाने में अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, अंजलि आनंद और रवि किशन नजर आ रहे हैं। खास तौर पर रवि किशन अपने अंदाज़ और भोजपुरी स्वैग से इस गाने में चार चांद लगा रहे हैं। ALSO READ: लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका इस गाने को नीलकमल सिंह और ममता शर्मा ने अपनी आवाज़ दी है। इसके जोशीले बोल धीरज बबुआन ने लिखे हैं, जबकि संगीत नीलकमल सिंह और आदित्य देव ने तैयार किया है। गाने की कोरियोग्राफी राहुल शेट्टी ने की है। गाने के बारे में बात करते हुए नीलकमल सिंह ने कहा, फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी ऐसा गीत है, जो हमेशा से दर्शकों से गहरा जुड़ाव रखता है। जब हमें पता चला कि धमाल 4 बन रही है, तो हमें लगा कि इसकी ऊर्जा फिल्म के किरदारों और दुनिया के साथ पूरी तरह मेल खाएगी, क्योंकि यह मस्ती, जश्न और मनोरंजन से भरपूर है। इस गाने पर काम करना बेहद मजेदार रहा और मुझे यकीन है कि दर्शक भी इसे सुनकर और इस पर थिरककर खूब आनंद लेंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ममता शर्मा ने कहा, धमाल मेरी पसंदीदा फ्रेंचाइज़ियों में से एक है, इसलिए इसके एक गाने को अपनी आवाज़ देना मेरे लिए बेहद खास रहा। चटनी ऐसा गीत है, जिसे पहले से ही दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है और उसकी उसी ऊर्जा को धमाल 4 के लिए दोबारा पेश करना बेहद रोमांचक और संतोषजनक अनुभव रहा। यह गाना ऊर्जा, मस्ती और जश्न से भरपूर है, और मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि दर्शक इस पर झूमें। हर उम्र के दर्शकों के लिए हंसी का भरपूर मनोरंजन लेकर आ रही धमाल 4 में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। इनके साथ ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। 'धमाल 4' को टी-सीरीज़ और गुलशन कुमार प्रस्तुत कर रहे हैं। यह देवगन फिल्म्स, टी-सीरीज़ फिल्म्स, मारुती इंटरनेशनल और Panorama Studios के बैनर तले बनी है। फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है और इसे अजय देवगन, भुषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, इंद्र कुमार, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद
देवगुरु बृहस्पति का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर ज्योतिष की दुनिया की सबसे बड़ी और शुभ घटनाओं में से एक है। गुरु इस समय अपनी सबसे पावरफुल यानी उच्च की स्थिति कर्क राशि में हैं। चूंकि पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, इसलिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन धन, सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का वरदान पाने का सबसे सुनहरा मौका है। अगर आप भी इस महागोचर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं और अपने जीवन से पैसों की तंगी व बीमारियों को दूर भगाना चाहते हैं, तो इस दौरान ये 5 अचूक उपाय जरूर करें। 1. केसर या हल्दी का तिलक (सौभाग्य और मान-सम्मान के लिए) गुरु ग्रह का सीधा संबंध पीले रंग और खुशहाली से है। इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। फायदा: इससे आपकी कुंडली में गुरु मजबूत होंगे, समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नकारात्मक ऊर्जा आपसे कोसों दूर रहेगी। 2. विष्णु सहस्रनाम का पाठ (धन की तंगी दूर करने के लिए) पुष्य नक्षत्र के देवता खुद बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। इस गोचर अवधि में रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranamam) का पाठ करें या उसे सुनें। फायदा: अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, तो इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे। 3. 'पीली चीजों' का गुप्त दान (बरकत और सुख-समृद्धि के लिए) इस दौरान किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को पीले रंग की चीजें दान करें। दान में आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी दे सकते हैं। फायदा: शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुष्य नक्षत्र में रहने के दौरान किया गया पीली वस्तुओं का दान घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होने देता। 4. केले के वृक्ष का पूजन (करियर और विवाह बाधा के लिए) हर गुरुवार को सुबह उठकर केले के वृक्ष (Banana Tree) की जड़ में जल अर्पित करें। जल में थोड़ी सी हल्दी, चने की दाल और गुड़ जरूर मिला लें। इसके बाद वहां शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें। फायदा: नौकरी और बिजनेस में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उनके योग जल्दी बनेंगे। 5. गाय को गुड़-चना खिलाना (सेहत और आयु रक्षा के लिए) अगर आप लंबे समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं या पेट की बीमारियों से परेशान हैं, तो इस गोचर काल में नियमित रूप से (विशेषकर गुरुवार को) गीली चने की दाल और गुड़ अपने हाथों से गाय को खिलाएं। गाय की पीठ पर हाथ फेरकर उनका आशीर्वाद लें। फायदा: गाय में साक्षात देवताओं का वास होता है। इस उपाय से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है। खास टिप: इस गोचर के दौरान अपने घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं का पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें। उनका सम्मान करने से देवगुरु बृहस्पति बिना किसी उपाय के ही शुभ फल देने लगते हैं!
तीसरे वनडे में बांग्लादेश से वाइटवॉश से बाल बाल बची ऑस्ट्रेलिया (Video)
AUSvsBAN सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनली (149) के बेहतरीन शतक से ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को तीसरे वनडे में रविवार को तीन गेंद शेष रहते एक विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। बांग्लादेश ने यह मैच हारने के बावजूद तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।जीत के लिए अंतिम 9 रन पाने के पड़ाव पर खड़ी ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट बाकी थे लेकिन 4 विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया तीसरा वनडे भी हार जाती लेकिन अंतिम ओवर में एडम जैम्पा के चौके ने विश्व विजेता को शर्मसार होने से बचा लिया। We missed this drama today. Australia almost had the worst ever choke we've ever seen pic.twitter.com/y5XxYNGlBa — AdityaRRaj (@RR_for_LIFE) June 14, 2026 बांग्लादेश ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 274 रन बनाये जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 49.3 ओवर में नौ विकेट पर 277 रन बनाकर रोमांचक जीत हासिल की। प्लेयर ऑफ द मैच कूपर कॉनली ने एकतरफा मुकाबला करते हुए 134 गेंदों पर 13 चौकों और छह छक्कों की मदद से शानदार 149 रन बनाये।ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ वनडे सीरीज़ खत्म की और बांग्लादेश को क्लीन स्वीप करने से रोक दिया, जबकि मेज़बान टीम ने बारिश से प्रभावित शुरुआती दो मैच जीते थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया के ओपनर्स ने तेज़ शुरुआत की, लेकिन साझेदारी टूटने के बाद पारी की रफ़्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। जोश इंगलिस और मैथ्यू रेनशॉ जल्दी-जल्दी आउट हो गए, जबकि एलेक्स कैरी कोई खास योगदान नहीं दे पाए। कूपर कॉनली और मार्नस लाबुशेन के बीच अहम साझेदारी से टीम को संभलने में मदद मिली, जिससे लक्ष्य का पीछा करने की गति स्थिर हुई; इसके बाद कैमरन ग्रीन ने भी अच्छा साथ दिया। दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कॉनली बिना घबराए खेलते रहे, लगातार बाउंड्री लगाते रहे और ऑस्ट्रेलिया को जीत की राह पर बनाए रखा। वह 49वें ओवर में आउट हुए, लेकिन ज़म्पा ने शानदार कवर ड्राइव लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। शोरिफुल इस्लाम की शानदार गेंदबाज़ी और लगातार कोशिशों के बावजूद, कोनोली का बेहतरीन शतक निर्णायक साबित हुआ और उनके प्रदर्शन पर भारी पड़ा। शोरिफ़ुल इस्लाम ने 48 रन देकर छह विकेट लिए। इससे पहले मो. तौहीद हृदोय (83), मोसद्दक हुसैन (नाबाद 56) और लिटन कुमार दास ( नाबाद 58) की शानदार पारियों के दम पर बांग्लादेश ने पांच विकेट पर 274 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का किया फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने 61 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। सौम्य सरकार (दो), तंजिद हसन (19) और कप्तान नजमुल शांतो (24) रन बनाकर आउट हुये। इसके बाद मो. तौहीद हृदोय और लिटन कुमार दास चौथे विकेट के लिए 92 रन जोड़कर बड़े स्कोर की नींव रखी। लिटन कुमार दास (48) रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। शतक की ओर बढ़ रहे मो. तौहीद हृदोय को 46वें ओवर में बेन ड्वारश्विस ने आउट कर पवेलियन भेज दिया। मो. तौहीद हृदोय ने 88 गेंदों में आठ चौकों की मदद से (83) रन बनाये। 49वें ओवर में मेहदी हसन (तीन) रन पांचवें विकेट के रूप में आउट हुये। इसके बाद लिटन कुमार दास फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे और (नाबाद 58) रन बनाये। मोसद्दक हुसैन ने 51 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से (नाबाद 56) रनों की पारी खेली। बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट पर 274 रनों का स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट शॉ और जेवियर बार्टलेट को दो-दो विकेट मिले।
लेपर्ड प्रिंट को-ऑर्ड सेट में दिशा पाटनी ने फ्लॉन्ट किया कर्वी फिगर, बोल्ड अदाओं से मचाया तहलका
बॉलीवुड इंड्स्ट्री की सबसे फिट और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में शुमार दिशा पाटनी अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। वह अपनी बोल्ड तस्वीरों से इंटरनेट पर तहलका मचाती रहती हैं। इस बार दिशा पाटनी ने बेहद अट्रैक्टिव और सिजलिंग 'लेपर्ड प्रिंट' को-आर्ड सेट में अपनी तस्वीरें शेयर की है। इस आउटफिट में एक बोल्ड हॉल्टर-नेक क्रॉप टॉप शामिल है, जिसमें डीप प्लंजिंग नेकलाइन दी गई है। ALSO READ: निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका यह टॉप दिशा की टोंड बॉडी और एब्स को पूरी तरह से फ्लॉन्ट कर रहा है। इसके साथ उन्होंने मैचिंग हाई-वेस्टेड लॉन्ग बॉडीकॉन स्कर्ट कैरी की है, जो उनके परफेक्ट कर्व्स को बखूबी निखार रही है। दिशा का यह को-आर्ड सेट न सिर्फ वाइल्ड वाइब्स दे रहा है, बल्कि समर फैशन के लिए एक बड़ा बोल्ड इंस्पिरेशन भी है। दिशा पाटनी अपने सिजलिंग और बोल्ड पोज के लिए मशहूर हैं, और इस फोटोशूट में भी उन्होंने अपनी इस कला का शानदार प्रदर्शन किया है। ALSO READ: दिशा पाटनी का बोल्ड अवतार, बैकलेस गाउन में दिखाया ग्लैमरस अंदाज तस्वीरों में वह एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वह जमीन पर बैठकर रिलैक्स्ड अंदाज में पोज दे रही हैं, तो कभी वुडन चेयर पर बैठकर बेहद एलीगेंट और सिजलिंग पोज देती नजर आ रही हैं। मेकअप की बात करें तो दिशा ने इसे 'न्यूड एंड सटल' रखा है—ग्लोसी लिप्स, न्यूड आईशैडो और हल्के मस्कारा के साथ उनका नेचुरल लुक उभर कर आ रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दिशा ने अपने इस वाइल्ड लुक को कॉम्प्लीमेंट करने के लिए अपने बालों को खुला रखा है। उनके लंबे, काले और चमकदार बाल सॉफ्ट वेव्स के साथ बीच से पार्टेड होकर उनके कंधों पर बिखरे हुए हैं। यह सिंपल मगर क्लासी हेयर स्टाइल उनके चेहरे की बनावट को परफेक्ट फ्रेम दे रहा है। एक्सेसरीज के मामले में दिशा ने मिनिमलिज्म को चुना है। उन्होंने अपने बाएं हाथ में कुछ थिक मैरून और गोल्डन कलर के कलर्ड कड़े पहने हैं और कानों में छोटे गोल्डन स्टड्स कैरी किए हैं, जो लेपर्ड प्रिंट के साथ बेहद सलीके से मैच हो रहे हैं।
महंगाई का महाविस्फोट: 9.68% पर पहुंची भारत की थोक महंगाई, ईंधन और खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट
Wholesale Price Index : मई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह दर 43 महीने में सबसे ज्यादा है। ये बाजार के 9.1 प्रतिशत के अनुमान और अप्रैल के 8.3 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। मई में थोक महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण ईंधन और खाद्य वस्तुओं का महंगा होना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। ईंधन और बिजली में थोक मूल्य महंगाई मई में 30.33 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई मई में 61.51 फीसदी रही। खाद्य वस्तुओं में महंगाई मई में 3.60 फीसदी दर्ज की गई। अप्रैल में यह 2.43 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों में महंगाई अप्रैल के 6.68 फीसदी से बढ़कर मई में 7.48 फीसदी हो गई। खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई भी मई में 3.93 फीसदी पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़े थे। दरअसल, थोक स्तर पर कीमतों में इस तेजी के पीछे कच्चे माल, ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित वस्तुओं की लागत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण मानी जा रही है। अपेक्षा से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उद्योगों की लागत और उपभोक्ताओं पर मूल्य दबाव बढ़ सकता है। थोक महंगाई दर क्या है थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में थोक मूल्य सूचकांक को आधार मान कर महंगाई दर की गणना होती है। हालांकि थोक मूल्य और खुदरा मूल्य में काफी अंतर होने के कारण इस विधि को कुछ लोग सही नहीं मानते हैं। भारत में थोक मूल्य सूचकांक में 697 पदार्थों को शामिल किया गया है। इनमें खाद्यान्न, धातु, ईंधन, रसायन आदि हर तरह के पदार्थ शामिल हैं। अब मान लीजिए 10 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक 120 है और 17 मार्च को यह बढ़कर 122 हो गया। प्रतिशत में अंतर लगभग 1.6 प्रतिशत हुआ और यही महंगाई दर मानी जाती है। सामानों के थोक भाव लेने और सूचकांक तैयार करने में समय लगता है, इसलिए मुद्रास्फीति की दर हमेशा दो हफ्ते पहले की होती है। भारत में हर हफ्ते थोक मूल्य सूचकांक का आकलन किया जाता है। इसलिए महंगाई दर का आकलन भी हफ्ते के दौरान कीमतों में हुए परिवर्तन दिखाता है। पहले डब्ल्यूपीआई मापने का बेस ईयर 2004-2005 था। लेकिन अप्रैल 2017 में सरकार ने इसे बदलकर 2011-12 कर दिया। WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं- प्राइमरी आर्टिकल्स, ईंधन और उत्पादित सामग्रियां। प्राइमरी आर्टिकल्स की भी दो उप-श्रेणियां हैं। पहली खाद्य उत्पाद। दूसरी गैर खाद्य उत्पाद। खाद्य उत्पादों में अनाज, धान, गेहूं, दालें, सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मांस और मछली जैसी चीजें शामिल हैं। गैर खाद्य उत्पाद में तेल के बीज, खनिज संसाधन और कच्चा पेट्रोलियम शामिल है। डब्ल्यूपीआई की दूसरी श्रेणी है ईंधन। इसमें पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें देखी जाती हैं। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी है, मैन्युफैक्चर्ड गुड्स यानी उत्पादित सामग्रियां। इनमें कपड़ा, रेडिमेट कपड़े, कैमिकल, प्लास्टिक, सीमेंट, धातु, चीनी, तंबाकू उत्पाद, वसा उत्पाद जैसे मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। आम जनता पर क्या असर थोक महंगाई दर बढ़ने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। थोक में अगर किसी वस्तु के दाम बढ़ते हैं तो आम आदमी को रिटेल में भी इसके ज्यादा दाम चुकाने होते हैं। वहीं थोक में दाम घटने पर बाजार में वस्तु कम दाम पर मिल जाती है। edited by : Nrapendra Gupta
'राख' देखकर टूटा करण जौहर का सोशल मीडिया डिटॉक्स, देर रात वेब सीरीज की तारीफ में शेयर किया पोस्ट
प्राइम वीडियो की हालिया रिलीज वेब सीरीज 'राख' की हर तरफ चर्चा हो रही है। सीरीज में सोनाली बेंद्रे,अली फजल, राकेश बेदी और आमिर बशीर हैं। यह सीरीज साल 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस पर आधारित है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस सीरीज को देखने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया डिटॉक्स बीच में ही तोड़ दिया और इस शो पर अपनी गहरी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर, जो पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम से दूरी बनाए हुए थे, 'राख' का आखिरी एपिसोड देखने के बाद खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने देर रात 1:35 बजे एक लंबा पोस्ट साझा कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। ALSO READ: निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका करण ने लिखा, मैं इंस्टाग्राम से कुछ समय के लिए दूरी बनाने की कोशिश कर रहा था और मुझे लग रहा था कि मैं इसमें सफल भी हो गया हूं। लेकिन जब मैंने इस दिल दहला देने वाली सीरीज को देखा, तो मुझे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की जरूरत महसूस हुई। A post shared by Karan Johar (@karanjohar) सिंगल फादर करण जौहर ने बताया कि यह शो उनके दिल के बहुत करीब लगा और इसने उन्हें अंदर तक परेशान कर दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, रात के 1:35 बज रहे हैं और आखिरी एपिसोड देखने के बाद मैं पूरी तरह से विचलित हूं... एक पिता के रूप में, एक इंसान के रूप में और समाज के एक सदस्य के रूप में। 'राख' इंसानियत के सबसे बदसूरत चेहरे को सामने लाती है। कोई भी बहाना या बचपन का कोई ट्रॉमा किसी इंसान को अपने अंदर के शैतान के आगे घुटने टेकने की इजाजत नहीं दे सकता। करण जौहर ने जहां सीरीज के मेकर्स की बिना किसी मिर्च-मसाले के ईमानदारी से कहानी पेश करने के लिए तारीफ की, वहीं मुख्य कलाकारों के अभिनय को 'करियर डिफाइनिंग' बताया। उन्होंने विशेष रूप से सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर की सराहना की, जिन्होंने इस त्रासदी को झेलने वाले माता-पिता का किरदार निभाया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें करण ने लिखा, मैं सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर के शानदार अभिनय को अपने दिमाग से नहीं निकाल पा रहा हूं। असहनीय त्रासदी का सामना कर रहे माता-पिता के दर्द और शोक को उन्होंने जिस तरह पर्दे पर उतारा, उसने मुझे हैरान कर दिया। वे पूरी तरह अपने किरदारों में डूब गए और मैं उनके इस काम को सलाम करता हूं। अली फजल और पूरी टीम की हुई तारीफ करण ने सीरीज के मुख्य अभिनेता अली फजल के काम को 'असाधारण और ठोस' बताया। इसके अलावा उन्होंने सह-कलाकार आकाश मखीजा और रमनदीप यादव के किरदारों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने प्राइम वीडियो की टीम को इस तरह का संवेदनशील और बांधकर रखने वाला शो दर्शकों के सामने लाने के लिए बधाई दी। 1978 का वो काला अध्याय, जिसने देश को डराया प्रोसित रॉय, अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'राख' देश के सबसे कुख्यात और खौफनाक आपराधिक मामलों में से एक—1978 के 'रंगा-बिल्ला कांड' से प्रेरित है। दिल्ली में रहने वाले दो किशोर भाई-बहन का कुख्यात अपराधी कुलजीत सिंह उर्फ रंगा और जसबीर सिंह उर्फ बिल्ला ने बेरहमी से अपहरण और मर्डर कर दिया था। इस घटना ने उस दौर में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता के मन में एक गहरा खौफ पैदा कर दिया था। 'राख' इसी त्रासदी और उसके बाद पीड़ित परिवार व समाज पर पड़े असर को बेहद संजीदगी से दिखाती है।
Global Wind Day 2026: विश्व पवन दिवस क्या है, क्यों मनाया जाता है?
Global Wind Day: हर वर्ष 15 जून को पूरी दुनिया में विश्व पवन दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को पवन ऊर्जा (Wind Energy) के महत्व, इसके लाभों और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करना है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पवन ऊर्जा को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों में से एक माना जाता है। विश्व पवन दिवस क्या है? यह दिन क्यों मनाया जाता है? जानें उद्देश्य इसकी शुरुआत कब हुई? (इतिहास) यह कैसे काम करता है? पवन ऊर्जा के मामले में भारत की स्थिति आइए जानते हैं कि यह क्या है, क्यों मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है: विश्व पवन दिवस क्या है? विश्व पवन दिवस एक वैश्विक आयोजन है, जिसे दुनिया भर में पवन ऊर्जा के फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हवा सिर्फ मौसम बदलने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बिजली पैदा करने और प्रदूषण कम करने का एक बेहद शक्तिशाली और कभी न खत्म होने वाला अक्षय स्रोत है। इस दिन को मुख्य रूप से यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन (WindEurope) और ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (GWEC) द्वारा मिलकर आयोजित किया जाता है। यह दिन क्यों मनाया जाता है? जानें उद्देश्य इस दिवस को मनाने के पीछे कुछ बेहद महत्वपूर्ण कारण हैं: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना: कोयला, डीजल और पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) से बड़े पैमाने पर प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग होती है। पवन ऊर्जा इसका एक पूरी तरह से स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है। अर्थव्यवस्था और रोजगार की संभावनाएं: पवन ऊर्जा क्षेत्र दुनिया भर में लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है। पवन चक्कियों (Wind Turbines) के निर्माण, रखरखाव और रिसर्च में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, जिसके प्रति सरकारों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित करना इसका उद्देश्य है। जागरूकता फैलाना: आम जनता और नीति निर्माताओं को यह समझाना कि कैसे पवन ऊर्जा की मदद से बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकता है और कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) को कम किया जा सकता है। इसकी शुरुआत कब हुई? (इतिहास) साल 2007: पहली बार इसकी शुरुआत यूरोप में हुई थी, तब इसे 'विंड डे' (Wind Day) के रूप में मनाया गया था। इसे यूरोपियन विंड एनर्जी एसोसिएशन (EWEA) ने आयोजित किया था। साल 2009: इसकी सफलता और महत्व को देखते हुए ईडब्ल्यूईए (EWEA) और जीडब्ल्यूईसी (GWEC) ने हाथ मिलाया और इसे वैश्विक स्तर पर मनाने का फैसला किया। तब से इसे 'विश्व पवन दिवस' (Global Wind Day) का नाम मिला। यह कैसे काम करता है? पवन ऊर्जा बनाने के लिए बड़े-बड़े मैदानों या समुद्र के तटीय इलाकों में ऊंची पवन चक्कियां (Wind Turbines) लगाई जाती हैं। जब तेज हवा चलती है, तो इन चक्कियों के ब्लेड घूमने लगते हैं। यह घुमावदार गति (Kinetic Energy) टरबाइन के अंदर लगे जनरेटर को चलाती है, जिससे यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) बिजली (Electrical Energy) में बदल जाती है। इसके बाद इस बिजली को ग्रिड के जरिए हमारे घरों और फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। पवन ऊर्जा के मामले में भारत की स्थिति भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है। भारत में तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में पवन ऊर्जा का उत्पादन बहुत बड़े पैमाने पर होता है। भारत सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के उत्पादन के लिए बड़े लक्ष्य रखे हैं, जिसमें पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
निक्की तंबोली का बोल्ड साड़ी लुक, हॉट अदाओं से इंटरनेट पर मचाया तहलका
रियलिटी शो 'बिग बॉस' से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली और अपने बोल्ड फैशन स्टेटमेंट के लिए मशहूर निक्की तंबोली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। निक्की सोशल मीडिया पर अपने हुस्न का जलवा बिखेरने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। इस बार निक्की ने वाइन-पर्पल रंग के मॉडर्न एथनिक आउटफिट में बोल्डनेस और ग्लैमर का ऐसा तड़का लगाया है कि देखने वालों के पसीने छूट गए हैं। निक्की तंबोली के इस लुक की सबसे ज्यादा चर्चा उनकी रिवीलिंग और ग्लैमरस ड्रेस की हो रही है। ALSO READ: दिशा पाटनी का बोल्ड अवतार, बैकलेस गाउन में दिखाया ग्लैमरस अंदाज निक्की ने एक ट्रेडिशनल साड़ी को बेहद मॉडर्न और सिजलिंग ट्विस्ट दिया है। उन्होंने वाइन-पर्पल शेड की प्री-ड्रैप्ड सैटिन साड़ी पहनी है, जो नीचे से स्कर्ट स्टाइल में उनके परफेक्ट टोंड फिगर और बॉडी कर्व्स को बखूबी फ्लॉन्ट कर रही है। इस आउटफिट का सबसे बोल्ड हिस्सा उनका हैवी एम्बेलिश्ड कोर्सेट ब्लाउज है। ब्लाउज पर बेहद चमकीली और बारीक कढ़ाई की गई है। ब्लाउज की प्लंजिंग डीप नेकलाइन और ऑफ-शोल्डर शीयर नेट स्लीव्स निक्की के क्लीवेज को बेहद हॉट अंदाज में शोकेस कर रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निक्की तंबोली अपनी तस्वीरों में सिर्फ कपड़ों से ही नहीं, बल्कि अपने कातिलाना एक्सप्रेशंस से भी बिजली गिराना जानती हैं। इस फोटोशूट की हर एक तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और बोल्डनेस साफ झलक रही है। निक्की अपने दोनों हाथों को अपने बालों में डालकर, आंखें झुकाए बेहद सेक्सी पोज देती नजर आ रही हैं। निक्की ने इस हैवी और बोल्ड आउटफिट के साथ एक्सेसरीज का चुनाव भी बेहद रॉयल रखा है। उन्होंने गले में वाइट डायमंड और पिंक रूबी स्टोन्स से बना एक हैवी फ्लोरल चोकर नेकलेस पहना है। इसके साथ ही उन्होंने मैचिंग इयररिंग्स, ब्रेसलेट और उंगलियों में बड़ी सी रूबी रिंग कैरी की है। ALSO READ: कैंसर से जंग लड़ रहीं दीपिका कक्कड़ ने बताया इम्यूनोथेरेपी का असर, शरीर में हुआ तेज दर्द और बुखार मेकअप की बात करें तो निक्की ने 'ड्यूई और ग्लॉसी' मेकअप चुना है। फ्लॉलेस शाइनी बेस के साथ उन्होंने अपनी आंखों को स्मोकी टच दिया है, आईब्रोज को परफेक्टली डिफाइन किया है और होंठों पर न्यूड-पिंक ग्लॉसी लिपस्टिक लगाई है। उन्होंने बालों को सॉफ्ट वेव्स के साथ खुला छोड़ा है। निक्की तंबोली का यह नया लुक सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। उनके कमेंट सेक्शन में फैंस हार्ट और फायर इमोजीस की बौछार कर रहे हैं।
कैंसर से जंग लड़ रहीं दीपिका कक्कड़ ने बताया इम्यूनोथेरेपी का असर, शरीर में हुआ तेज दर्द और बुखार
टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। साल 2025 में स्टेज 2 लीवर कैंसर का पता चलने के बाद से वे लगातार इस गंभीर बीमारी से बहादुरी से लड़ रही हैं। हाल ही में उनके लिवर में दो नए सिस्ट पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी 'डबल इम्यूनोथेरेपी' शुरू की है। अपने ताजा यूट्यूब व्लॉग में दीपिका ने अपने पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन के बाद सेहत पर पड़े असर और पारिवारिक संकट को लेकर भावुक अपडेट साझा किया है। दीपिका कक्कड़ ने जून के पहले हफ्ते में अपनी पहली इम्यूनोथेरेपी करवाई थी। यह थेरेपी आईवी इन्फ्यूजन के जरिए दी जा रही है। ALSO READ: आमिर खान प्रोडक्शंस के 25 साल पूरे, ऑस्कर से लेकर बॉक्स ऑफिस तक के शानदार सफर पर डालें एक नजर दीपिका ने बताया कि थेरेपी के बाद उन्हें गंभीर पीठ दर्द और हल्का बुखार महसूस हुआ। इसके साथ ही शरीर में भारी दवाइयों के जाने की वजह से काफी कमजोरी और थकान भी रही। दीपिका ने अपने फैंस को आश्वस्त करते हुए कहा, इम्यूनोथेरेपी के सीधे तौर पर कोई बड़े साइड इफेक्ट्स अभी नहीं हैं। जब शरीर में इतनी भारी दवाएं जाती हैं, तो सुस्ती आना आम है। मेरी रिपोर्ट्स बिल्कुल नॉर्मल आई हैं, इसलिए यह दर्द और बुखार किसी बीमारी के कारण नहीं, बल्कि थेरेपी के प्रति शरीर के रिस्पॉन्स की वजह से है। क्या होती है इम्यूनोथेरेपी और आगे क्या है प्लान? कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी एक आधुनिक और प्रभावी तरीका है। परंपरागत कीमोथेरेपी जहां सीधे तौर पर कैंसर कोशिकाओं को मारती है, वहीं इम्यूनोथेरेपी मरीज के शरीर की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है ताकि वह खुद कैंसर सेल्स को पहचान कर उन्हें नष्ट कर सके। दीपिका का इलाज कोकिलाबेन और एचएन रिलायंस अस्पताल के विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है। दीपिका के पति और अभिनेता शोएब इब्राहिम ने बताया कि दीपिका का अगला इम्यूनोथेरेपी सेशन 2 जुलाई को होना तय हुआ है। इससे ठीक पहले उनके कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट्स और 'ट्यूमर मार्कर्स' की जांच की जाएगी। इन टेस्ट्स से डॉक्टरों को यह सटीक जानकारी मिलेगी कि पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन ने दीपिका की बॉडी पर कितना असर दिखाया है और कैंसर कोशिकाएं कितनी नियंत्रित हुई हैं। दीपिका के कैंसर के साथ-साथ इब्राहिम परिवार पर एक और बड़ा संकट टूट पड़ा है। मई के आखिरी हफ्ते में शोएब इब्राहिम के पिता को अचानक ब्रेन हैमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस दोहरे संकट ने पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से थका दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दीपिका ने व्लॉग में बेहद भावुक होते हुए कहा कि यह समय उनके पति शोएब के लिए सबसे ज्यादा कठिन है। दीपिका ने कहा, शोएब इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। मेरी पहली थेरेपी के वक्त भी वे मेरे साथ खड़े रहना चाहते थे। मैं हमेशा पापा के बीमार होने पर अस्पताल में उनके साथ रहती थी, लेकिन इस बार अपनी सेहत के कारण मैं वहां नहीं जा पा रही हूं। हमें अपने छोटे बेटे रुहान को भी समय देना पड़ रहा है। आप सब शोएब को सपोर्ट करें, उन्हें इस वक्त दुआओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। बता दें कि पिछले साल कैंसर का पता चलने के बाद दीपिका की एक बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसमें उनके लिवर का करीब 22 प्रतिशत हिस्सा काटकर निकाला गया था। इसके बाद से ही दीपिका अपने यूट्यूब चैनल 'दीपिका की दुनिया' पर अपनी कीमोथेरेपी, खान-पान में बदलाव और अपने भावनात्मक उतार-चढ़ाव को फैंस के साथ साझा करती आ रही हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (15 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 15 June horoscope in Hindi 2026: करियर: आज ऑफिस में चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकते हैं, धैर्य बनाए रखें। लव: रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: निवेश से लाभ संभव है, पर जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या सिरदर्द हो सकता है। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहकर्मियों और अधिकारियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में स्थिरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, पर खर्चों में संयम रखें। स्वास्थ्य: पाचन या हल्की गैस की समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट और जिम्मेदारियां मिलने की संभावना। लव: साथी के साथ संवाद से संबंध मजबूत होंगे। धन: धन लाभ संभव है, पर निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: आज धार्मिक ग्रंथ पढ़ें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। लव: साथी के साथ तालमेल और समझ बढ़ेगी। धन: अचानक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की सर्दी या एलर्जी की संभावना। उपाय: दूध का दान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना। लव: प्रेम जीवन में उत्साह और रोमांस बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह बनाए रखें। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा। टीम वर्क अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: प्रतिदिन गाय को आहार दें। ALSO READ: Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर इन 5 शुभ उपायों से चमकेगी आपकी किस्मत 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: संबंधों में सामंजस्य अच्छा रहेगा। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: आज गायत्री मंत्र का जाप करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: जोखिम उठाने का समय अच्छा है। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: नीले या काले कपड़े पहनें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति की संभावना। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: पीले चने का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: चावल का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए अवसर मिलेंगे, ध्यान केंद्रित रखें। लव: भावनात्मक समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: आंखों और दृष्टि का ध्यान रखें। उपाय: आज भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह, जानें 15 से 21 जून 2026 का सटीक भविष्यफल
11 जून 2026। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK का रावलकोट शहर। ईदगाह मैदान पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा थे। साधारण सी मांगे थीं- किफायती आटा, चावल, बिजली और बुनियादी अधिकार। पाकिस्तानी सेना ने अचानक निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से गोलीबारी शुरू कर दी। 16 लोग मारे गए, 37 घायल हो गए। इससे दो दिन पहले भी PoK में 30 प्रदर्शनकारियों की हत्या हो चुकी थी। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की पूरी कहानी पर आज की मंडे मेगा स्टोरी… **** डिस्क्लेमर: भारतीय संविधान के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) समेत संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और दैनिक भास्कर इस संवैधानिक स्थिति का पूर्ण समर्थन करता है। इस स्टोरी का मकसद सिर्फ PoK के इतिहास, मौजूदा प्रशासनिक ढांचे और हालिया घटनाओं को तथ्यात्मक रूप से पेश करना है। इसमें इस्तेमाल हुए संदर्भ, नाम या ब्योरे जैसे 'आजाद जम्मू-कश्मीर', 'गिलगित-बाल्टिस्तान' आदि पाकिस्तान द्वारा दिए गए नामों का सिर्फ रिपोर्टिंग के लिए जिक्र हैं। इन्हें किसी दावे या अधिकार की स्वीकृति के तौर पर न देखा जाए। **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी, अंकलेश विश्वकर्मा, अंकुर बंसल ------------ ये खबर भी पढ़िए… क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है:4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स; कोशिशों के पीछे असली वजह और इसका असर क्या होगा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा। इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूरी खबर पढ़िए…
‘तुम्हारे हिंदू मंदिर निशाने पर हैं। दिल्ली और हरियाणा के लोगों, तुमने 6 जून, 1984 को भिंडरांवाले की मौत पर मिठाइयां बांटी थीं। अब हम इसका बदला तुम्हारे मंदिरों में ब्लास्ट करके लेंगे। इसलिए अपने बच्चों को बचाओ और 5-6 जून को कोई सफर न करो।’ 4 जून की सुबह 9:54 बजे पंचकूचा के मेयर श्यामलाल बंसल को धमकी भरा ये ई-मेल मिला। इसमें दिल्ली-हरियाणा के 6 बड़े मंदिरों में ब्लास्ट करने की धमकी थी। मेल मिलते ही लोकल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। डॉग स्क्वाड और एंटी-बम स्क्वाड बुलाई गईं। मंदिर खाली कराए गए, लेकिन कुछ नहीं मिला। जांच आगे बढ़ी, तो पता चला कि धमकी के पीछे पाकिस्तान में एक्टिव खालिस्तान नेशनल आर्मी है। इसके बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को एक्टिव कर दिया गया। पाकिस्तान से सटे बॉर्डर के 50 किलोमीटर के दायरे में गांवों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। अजरबैजान में भारत विरोधी सम्मेलन, तीन देशों से खालिस्तान समर्थक पहुंचे क्या खालिस्तान के नए टेरर मॉड्यूल में हिंदू मंदिर टारगेट पर हैं? खालिस्तान नेशनल आर्मी के काम करने का तरीका क्या है? दैनिक भास्कर ने NIA के अफसरों और डिफेंस एक्सपर्ट्स से ये सवाल पूछे। जवाब मिला कि धार्मिक स्थलों पर दहशत फैलाने की साजिश 16 जनवरी को अजरबैजान में हुए भारत विरोधी सम्मेलन का हिस्सा हो सकती है। इसमें कनाडा, अमेरिका और पाकिस्तान में रहने वाले खालिस्तानी संगठनों के बड़े नेता शामिल हुए थे। बीते 2 साल में खालिस्तानी टेरर मॉड्यूल देश के 10 बड़े मंदिरों को लेकर धमकी दे चुका है। उसके टारगेट पर नागपुर का RSS हेडक्वार्टर भी है। अलग-अलग संगठनों को मिलाकर बनी खालिस्तान नेशनल आर्मी 28 जनवरी से 10 जून 2026 तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। इसमें हिंदू मंदिर, सरकारी इमारतें, स्कूलों और रेल नेटवर्क को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सभी की जिम्मेदारी खालिस्तान के नए मॉड्यूल KNA, यानी खालिस्तान नेशनल आर्मी ने ली है। खालिस्तानी टेरर फोर्सेस पर स्टडी कर चुके भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी कहते हैं, ‘भारत में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और सिख फॉर जस्टिस जैसे आतंकी संगठन दशहत फैला रहे हैं। इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम भी जुड़ गया है। ये कोई संगठन नहीं, बल्कि नया आतंकी मॉड्यूल है।’ ‘भारत के राजनीतिक दबाव के बाद कनाडा और अमेरिका में खुलकर ऑपरेट करना खालिस्तानी संगठनों के लिए मुश्किल हो गया है। इसलिए ये गुट नए नाम से पाकिस्तान और अजरबैजान जैसे इस्लामिक देशों में ऑपरेट कर रहे हैं। वहां ये बगैर रोक-टोक के भारत के खिलाफ रणनीति बना सकते हैं।’ पुराने संगठनों ने नया मॉड्यूल बनाया, पाकिस्तान-अजरबैजान में बेस केंद्रीय जांच एजेंसी NIA के मुताबिक, खालिस्तान नेशनल आर्मी की गतिविधियों में एक कॉमन पैटर्न दिखता है। 28 जनवरी को पहली बार इससे जुड़े ई-मेल में दिल्ली के द्वारका कोर्ट में ब्लास्ट की धमकी मिली। 30 जनवरी को पंजाब-हरियाणा सचिवालय को ई-मेल भेजा गया। फरवरी में संसद में ब्लास्ट की धमकी मिली। जांच एजेंसी से जुडे़ एक अधिकारी बताते हैं, ‘18 जून 2023 को खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पाकिस्तान में एक्टिव खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकी संगठन नए मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं। खालिस्तान नेशनल आर्मी इसी का हिस्सा है।’ ‘ISI के समर्थन से पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स प्रमुख रंजीत नीटा और बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सरगना बावधा सिंह तुर्किए और अजरबैजान में नेटवर्क फैला रहे हैं। 16 जनवरी, 2026 को अजरबैजान की राजधानी बाकू में एक सम्मेलन हुआ था। इसमें अमेरिका, कनाडा और पाकिस्तान के चरमपंथी नेता शामिल हुए।’ अधिकारी के मुताबिक, अजरबैजान सम्मेलन के 11 दिन बाद ही 28 जनवरी को गुजरात के स्कूलों, फिर फरवरी, मार्च और जून में मंदिरों-सरकारी इमारतों में ब्लास्ट की धमकियां मिलीं। धमकी भरे ई-मेल खालिस्तान नेशनल आर्मी ने भेजे थे। ये साबित करता है कि भारत में दहशत फैलाने का ये पैटर्न अजरबैजान बैठक में तैयार साजिश का हिस्सा है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि खालिस्तानी नेटवर्क को अजरबैजान के समर्थन की 2 अहम वजह हो सकती हैं- पहली: भारत अजरबैजान के दुश्मन आर्मेनिया के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। भारत आर्मेनिया को हथियार बेचता है। इसमें पिनाका रॉकेट लॉन्चर और आकाश-1S मिसाइल शामिल हैं। 2023 में अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संघर्ष हुआ था। 2024 में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत से आर्मेनिया को हथियार न देने की गुजारिश की थी। दूसरी: अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संघर्ष की वजह नागोर्नो-काराबाख एरिया है। इस पर दोनों दावा करते हैं। पाकिस्तान इस मसले पर अजरबैजान के साथ है। इसके बदले अजरबैजान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष लेता रहा है। पहलगाम हमले के बाद भारत के पाकिस्तान पर हवाई हमलों की अजरबैजान ने निंदा की थी। पूर्व DGP बोले- ई-मेल के जरिए धमकियां देना नया पैटर्न 1986 से 1988 के बीच पीलीभीत में खालिस्तानी संगठनों पर कार्रवाई कर चुके यूपी के पूर्व DGP बृजलाल ने खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अपने ऑपरेशन से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। 1987 में सितंबर में आतंकियों ने पीलीभीत के उदासीन मठ में दो संतों की हत्या कर दी थी। वे डेरे से साधुओं की जीप लेकर भाग रहे थे। गश्त पर निकले दो सिपाहियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आतंकियों ने उन्हें भी गोली मार दी। पीलीभीत में एक ही दिन में 4 मर्डर खालिस्तान सपोर्टर ग्रुप की पहली घटना थी। इसी दौरान यूपी में पहली बार भिंडरावाले टाइगर फोर्स के पोस्टर चिपकाए गए। उस वक्त बृजलाल पीलीभीत के SP थे। वे 13 पुलिसवालों की टीम लेकर आतंकियों को दबोचने पंजाब चले गए। उनकी टीम तरन तारन से 2 आतंकियों को पकड़कर यूपी लाई थी। ये खालिस्तान मूवमेंट के खिलाफ उस वक्त की बड़ी कार्रवाई थी। क्या अब खालिस्तान ने भारत में ऑपरेट करने का पैटर्न बदला है? जवाब में बृजलाल कहते हैं, ‘ई-मेल के जरिए धमकियां देना नया पैटर्न है। अब तक ये संगठन मौजूदगी दर्ज कराने के लिए गुरुद्वारों पर पर्चे लगाते या ऑडियो-वीडियो टेप रिलीज करते थे। अब ई-मेल भेजकर डिजिटल टेरर फैला रहे हैं।’ गुजरात का CM ऑफिस और नगर निगम कार्यालय भी टारगेट पर ई-मेल के जरिए धमकी भेजने का सबसे नया मामला गुजरात का है। 10 जून को खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से सरकारी आईडी पर भेजे गए ईमेल में गांधीनगर में CM ऑफिस, अहमदाबाद नगर निगम और RSS के ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यहां तलाशी अभियान भी चलाया गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। गुजरात के DGP जीएस मलिक कहते हैं, ‘धमकी भरे ई-मेल्स को गुजरात पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। हर धमकी के बाद लोकल पुलिस, बम निरोधक दस्ते, खुफिया इकाइयों और साइबर विशेषज्ञों को एक्टिव किया जाता है।’ खालिस्तान का दावा- पूरे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में फैला नेटवर्क अगस्त, 2024 में खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने मैप जारी कर 7 राज्यों में नेटवर्क होने का दावा किया था। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। NIA के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए 2 साल में पंजाब के 6 पुलिस स्टेशनों पर ग्रेनेड हमले किए गए। इसी साल 27 अप्रैल को पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर बम लगाने की कोशिश के दौरान धमाका हुआ, जिसमें आरोपी की मौत हो गई थी। …………………………… ये खबर भी पढ़ेंकश्मीर में हिज्बुल्लाह जैसे ड्रोन अटैक का खतरा, पाकिस्तान से 4 आतंकी घुसे जम्मू कश्मीर में आतंकी हिजबुल्लाह की तर्ज पर हमले की साजिश रच रहे हैं। 26 अप्रैल को खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला कि साउथ लेबनान का रहने वाले आतंकी शादाब बाजी पाकिस्तान के रास्ते भारत में दाखिल हुआ। उसके साथ 3 पाकिस्तानी आतंकियों ने भी घुसपैठ की है। लेबनानी आतंकी हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों में माहिर होते हैं। खुफिया एजेंसी को शक है कि संदिग्ध आतंकी कश्मीर में ड्रोन हमलों की तैयारी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
जस्टिस मार्कंडेय काटजू की 'मेरे पूर्वज कश्मीर की बर्फ से आए थे': भारत की एकता को एक कविता जैसा सलाम
जस्टिस मार्कंडेय काटजू की कविता मेरे पूर्वज कश्मीर की बर्फ़ीली वादियों से आए थे (My Ancestors Came from the Snows of Kashmir) पढ़ें। यह कविता भारत के अलग-अलग इलाकों, संस्कृतियों, धर्मों और साझी विरासत की एक संगीतमय यात्रा है, जो निजी अनुभवों के ज़रिए विविधता में एकता का जश्न मनाती है।
स्मृति मंधाना की 68 रनों की विस्फोटक पारी से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 170 रनों तक
INDvsPAK ओपनर स्मृति मंधाना (68), कप्तान हरमनप्रीत कौर (36) और ऋचा घोष (34) की शानदार पारियों से भारत ने महिला टी 20 विश्व कप में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत की और 18 रन तक दो विकेट गंवा दिए। लेकिन मंधाना ने 44 गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत ने 35 गेंदों पर 36 रन में चार चौके लगाए। ऋचा ने आखिर में आतिशी तेवर दिखाते हुए मात्र 17 गेंदों पर 34 रन में पांच चौके और एक छक्का मारा। भारत को शेफ़ाली वर्मा और जेमिमा रॉड्रिग्स के रूप में शुरुआती झटके लगे । हालांकि इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बीच साझेदारी पनप गई। पहले 10 ओवर में भारत ने दो विकेट के नुक़सान पर 65 रन बना लिए थे और इसके बाद मंधाना और हरमनप्रीत दोनों ने मिलकर भारत की पारी को गति दी। मंधाना ने मात्र 34 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। हालांकि मंधाना को दो जीवनदान भी मिले। Richa Ghosh bossed the penultimate over to push India to a strong total Watch the #T20WorldCup LIVE, broadcast details https://t.co/niBjzedxPu pic.twitter.com/lF8aRQIpbe — ICC (@ICC) June 14, 2026 मंधाना के आउट होने के बाद जल्द ही भारती फ़ुलमाली और हरमनप्रीत के रूप में भारत को झटका लगा। लेकिन घोष की 17 गेंदों पर 34 रनों की आक्रामक पारी की बदौलत भारत ने एक बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया जो कि टी20 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का सर्वोच्च स्कोर भी है। पाकिस्तान ने टी20 में सर्वश्रेष्ठ चेज़ 156 के लक्ष्य का किया है। रिचा घोष की 17 गेंदों में 34 रन की पारी और आखिरी दो ओवरों में बने 38 रनों की बदौलत भारत एक अच्छा स्कोर बनाने में कामयाब रहा। भारत ने 19 वें ओवर में कुल 23 रन बटोरे जिसमें ऋचा ने तीन चौके और एक छक्का लगाया।
अर्नेस्टो चे ग्वेरा: क्रांति, प्रेम और मानवीय संवेदना का अमर नायक | प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी
प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी का विशेष लेख पढ़ें जिसमें अर्नेस्टो चे ग्वेरा के जीवन, फिदेल कास्त्रो के ऐतिहासिक पत्र, क्रांति, प्रेम, मानवीय संवेदना और समाजवादी विचारों का विश्लेषण किया गया है
ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी
- WIPO की PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ने 320 पायदान की छलांग लगाई - आकाश अंबानी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित है यह उपलब्धि - 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए Jio Platforms : जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी यानी PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में पहुंच गई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है। जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी इकाई है। नई रैंकिंग के साथ जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। कंपनी अब हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है। ALSO READ: MP-CG में Jio का नया रिकॉर्ड, 5 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के करीब पहुंची कंपनी; ब्रॉडबैंड यूजर्स 20 लाख के पार जियो की पेटेंट फाइलिंग अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई वर्षों की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा। ALSO READ: आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनाने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है। खास बात यह है कि जियो की 320 पायदान की छलांग ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर PCT फाइलिंग की वृद्धि 1 प्रतिशत से भी कम रही। WIPO की यह रैंकिंग जियो प्लेटफॉर्म्स की R&D क्षमता और उसके बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो की मजबूती को वैश्विक स्तर पर मान्यता देती है। 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं। ALSO READ: MP-CG में Jio का धमाका! जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, TRAI रिपोर्ट में खुलासा जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और Agentic AI की अगली दिशा JioBrain जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर, भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है। Edited By : Chetan Gour
पिछले हफ्ते अमेरिकी हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात की और कड़ा विरोध दर्ज कराया। लेकिन इसी बातचीत का जो ब्यौरा रूबियो ने दिया, उस पर भारत में हंगामा मचा है। इसी से जुड़े 5 जरूरी सवालों के जवाब; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत का पूरा मामला क्या है?जवाबः 8 जून 2026 की दोपहर करीब सवा दो बजे। ओमान की खाड़ी में डूबते जहाज से एक आवाज गूंजी- सर, ये मोटर टैंकर मैरिवेक्स है। जहाज डूब रहा है। थोड़ी देर बाद एक और आवाज आई- ‘सभी 24 क्रू सदस्य भारतीय हैं। प्लीज जल्दी मदद करो।’ इसके बाद ओमान के मिलिट्री हेलीकॉप्टरों और इंडियन कोस्ट गार्ड की मदद से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। दो दिन बाद ही ‘MT सेटेबेलो’ नाम के जहाज पर भी हमला हुआ। इसमें सवार 28 में से 24 क्रू मेंबर्स भारतीय थे। इनमें 3 की मौत हो गई। तीसरा हमला 11 जून को ओमान तट के पास 20 भारतीय नाविकों वाले एमटी जलवीर पर हुआ। जहाज के इंजन वाले हिस्से पर दो हेलफायर मिसाइल दागी गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खुद इन तीनों हमलों की जिम्मेदारी ली। सेटेबेलो और जलवीर पर हमले का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें भारतीयों की मौत हुई थी। शिपिंग मिनिस्टर सर्बानंद सोनोवाल के मुताबिक, 10 जून को मारे गए तीनों भारतीय नागरिक आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश के शव फिलहाल ओमान में हैं। विदेश मंत्रालय के सहयोग से जल्द भारत लाकर परिवारों को सौंपा जाएगा। सवाल-2: भारत ने अब तक इस मामले पर क्या रुख अपनाया है?जवाबः भारत ने 10 जून को सेटेबेलो पर हुए हमले के विरोध में अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया और चिंता जताई। जलवीर पर हमले के बाद एक बार फिर मीक्स को तलब किया गया। विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर हमलों की निंदा की। बयान में कहा, 'इस क्षेत्र में शिपिंग पर लगातार हमले की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इसकी सीधी वजह इस इलाके में चल रहा संघर्ष है। जल्द से जल्द अंतर्राष्ट्रीय समुद्री रास्तों से बिना रुकावट के दोबारा व्यापार शुरू होना चाहिए।' हालांकि इसमें अमेरिका का कहीं जिक्र नहीं था। हालांकि देश में बढ़ते आक्रोश के बीच 12 जून को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात कर हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने एक्स पर बताया, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ़ भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने वाली ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं है।’ सवाल-3: क्या अमेरिका को भारतीय नाविकों के मारे जाने का पछतावा है?जवाबः अमेरिका की हालिया प्रतिक्रियाओं से नहीं लगता कि अमेरिका को इसका कोई पछतावा है… भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिबल के मुताबिक मार्को रूबियो का बयान बहुत ज्यादा कठोर था। उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत को सही ठहराने की कोशिश की। एक मित्र देश के निहत्थे नागरिकों की मौत पर उन्होंने कोई दुख नहीं जताया। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर ने भी X पर लिखा, ‘रूबियो का बयान पढ़कर झटका लगा। इसमें भारतीय नागरिकों की मौत पर न तो दुख जताया गया है और न ही संवेदना। भारत का कोई 'मित्र' और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?’ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिका ने न तो लोगों की मौत को स्वीकार किया, न ही जिम्मेदारी ली और न कोई पछतावा जाहिर किया। इसके बजाय, विदेश मंत्री रुबियो ने कथित तौर पर चेतावनी जारी कर दी। कहा अमेरिकी मिलिट्री के आदेशों का पालन न करना 'बर्दाश्त नहीं' किया जाएगा। यह आदेश की भाषा है, पछतावे की नहीं।’ सवाल-4: क्या भारत ने अपने नाविकों की मौत का मुद्दा मजबूती से नहीं उठाया?जवाबः जियो-पॉलिटिक्स, डिप्लोमेसी और डिफेंस एक्सपर्ट्स भारत सरकार के रुख पर सवाल उठा रहे हैं। सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में स्ट्रैटेजिक स्टडीज के प्रोफेसर डॉ. ब्रह्म चेल्लानी के मुताबिक, ‘भारतीय नाविकों की मौत पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया कमजोर ही है। इसे 'उचित नहीं' बताया गया है, मानो निहत्थे नाविकों की हत्या कोई ऐसी बात हो जिस पर बस बहस की जा सकती है। अभी भी अमेरिका से माफी मांगने या पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने की कोई मांग नहीं की गई है। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि नई दिल्ली इस मामले को सामान्य डिप्लोमैटिक औपचारिकताओं से आगे ले जाने का इरादा रखती है।’ भारतीय सेना से रिटायर्ड मेजर जनरल जी. डी. बख्शी के मुताबिक, ‘अब तक 100 से ज्यादा चीनी जहाज अमेरिकी नाकेबंदी पार कर चुके हैं, लेकिन न तो किसी चीनी जहाज पर हमला हुआ है और न ही रूसी जहाज पर। इसके उलट भारत, जिसने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, उसके जहाजों को निशाना बनाया गया। जब भारत में लोगों का गुस्सा बढ़ा, तब जाकर विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।’ द हिन्दू अखबार के अंतरराष्ट्रीय संपादक स्टैनली जॉनी ने एक्स पर लिखा है, 'भारत यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा में किसी का नाम नहीं लेता समझ आता है, कतर पर इजराइली बमबारी की निंदा में नाम लेने से बचना भी समझ आता है। लेकिन भारत उस देश का नाम क्यों नहीं लेता, जिसने भारतीय नागरिकों को ले जा रहे जहाजों पर मिसाइलें दागीं और उनमें से तीन भारतीयों की जान ले ली। वह भी भारत के पड़ोस के समुद्री क्षेत्र में।’ पवन खेड़ा के मुताबिक, ‘भारत को मांग करनी चाहिए थी कि अमेरिका अपने हमले में तीन युवा भारतीय नाविकों की हत्या के लिए बिना शर्त माफी मांगे।’ हालांकि यूनाइटेड स्टेट्स इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के डायरेक्टर और विदेश मामलों के जानकार रोबिंदर सचदेव का मानना है, 'कूटनीतिक तरीके से भारत सरकार का रुख सबसे मजबूत है। ऐसे मामलों में सरकार बैलेंस रुख ही रखती है, लेकिन आम लोग न्यूयॉर्क में केस फाइल कर सकते हैं। पीड़ित परिवार अमेरिका से मुआवजा भी मांग सकता है।' सवाल-5: इससे पहले अमेरिका के साथ ऐसी क्राइसिस हुई, तब क्या हुआ?जवाबः भारत पहले कई बार अमेरिका के सामने कड़ा डिप्लोमैटिक प्रतिरोध दर्ज करा चुका है - 1. 2009: भारतीय डिप्लोमैट देवयानी खोब्रागड़े की गिरफ्तारी 2. 2009-2011: अमेरिकी एयलाइंस का दो बार पूर्व राष्ट्रपति कलाम की तलाशी लेना 3. 2010: साड़ी पहने होने के चलते भारतीय राजदूत की तलाशी *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें…पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पढ़ें पूरी खबर…
'वेलकम टू द जंगल' बनी IMDb की सबसे मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म, ट्रेलर को 48 घंटे में 28 मिलियन व्यूज
अक्षय कुमार की मच-अवेटेड फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी धमक दर्ज करा चुकी है। मशहूर 'वेलकम' फ्रैंचाइज़ी की इस तीसरी किस्त के ट्रेलर ने रिलीज होते ही डिजिटल दुनिया में एक नया ब्लॉकबस्टर रिकॉर्ड कायम कर दिया है। यूट्यूब पर लॉन्च होने के महज 48 घंटों के भीतर इस ट्रेलर को 28 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, जिसके साथ ही यह प्लेटफॉर्म के ट्रेंडिंग चार्ट पर नंबर 1 पायदान पर काबिज हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ सिर्फ इसी फिल्म की चर्चा हो रही है। IMDb की मोस्ट एंटीसिपेटेड लिस्ट में टॉप पर पहुंची फिल्म इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच दीवानगी इस कदर है कि इसने IMDb की 'मोस्ट एंटीसिपेटेड इंडियन फिल्म्स' (सबसे पसंदीदा और प्रतीक्षित भारतीय फिल्में) की सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है। फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि रिलीज से महीनों पहले इस तरह का क्रेज दिखना इस बात का साफ संकेत है कि दर्शक करीब दो दशक पुरानी इस कॉमेडी फ्रैंचाइज़ी की दुनिया में वापस लौटने के लिए पूरी तरह बेताब हैं। यह प्री-रिलीज बज अमूमन ओपनिंग वीकेंड पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई में तब्दील होता है। ALSO READ: 'कॉकटेल 2' के प्रमोशन इवेंट में बेकाबू हुई भीड़, रश्मिका मंदाना के लिए ढाल बनीं कृति सेनन, वीडियो वायरल क्या है 'वेलकम टू द जंगल' की कहानी? जहां पहले पार्ट में उदय-मजनू और डॉक्टर घुंघरू की जुगलबंदी थी, वहीं इस बार अहमद खान के निर्देशन में कहानी पूरी तरह बदलने वाली है। ट्रेलर से साफ हुआ है कि यह फिल्म एक 'फेक मूवी' स्कैम पर आधारित है। कहानी में परेश रावल का किरदार एक बहुत बड़ा फ्रॉड प्लान करता है, जहां करीब 2,000 करोड़ रुपये की एक फर्जी फिल्म बनाने का नाटक रचा जाता है। अक्षय कुमार इस फिल्म में एक स्ट्रगलिंग और फ्लॉप एक्टर की भूमिका निभा रहे हैं, जो अनजाने में इस जाल में फंस जाता है। इस नकली फिल्म की शूटिंग के बहाने पूरी पलटन को घने जंगलों के बीच ले जाया जाता है, जहां खतरनाक स्टंट्स, गलतफहमियों और मिलिट्री ट्रेनिंग के बीच कॉमेडी ऑफ एरर्स का एक ऐसा सिलसिला शुरू होता है जो दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'वेलकम टू द जंगल' की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कास्ट है। इसे हालिया हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी स्टार-कास्ट वाली फिल्म माना जा रहा है। फिल्म में 30 से ज्यादा मुख्य और सपोर्टिंग एक्टर्स शामिल हैं। अक्षय कुमार के साथ संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जैकलीन फर्नांडिस और दिशा पाटनी मुख्य किरदारों में नजर आ रहे हैं। जॉनी लीवर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर और आफताब शिवदासानी जैसे दिग्गज कॉमेडियन इस बार हंसी का डोज दोगुना करने वाले हैं। इस फॉरेस्ट-कॉमेडी फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है। फिल्म को बेस इंडस्ट्रीज ग्रुप के बैनर तले फिरोज ए. नाडियाडवाला द्वारा प्रोड्यूस किया गया है। 'वेलकम टू द जंगल' 26 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जून को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश कार्यक्रम में मुख्य आतिथ्य के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ की राशि प्रदान की। उन्होंने उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत उद्यमियों को सहायता राशि के चेक सौंपे गए और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि के चेक दिए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अलग आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम सभी अमृत स्नान करेंगे। देश में ऐसा केंद्रीय नेतृत्व है, जो हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। आज अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी प्रधानमंत्री मोदी के आने का इंतजार करता है। हमने मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में उनके कार्यकाल को देखा है। देश के महान उद्योगपति स्व. रतन टाटा ने देशवासियों को एक लाख रुपए में कार देने का सपना देखा था। जब तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार में उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन नहीं मिली तो उन्होंने गुजरात का रुख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से संवाद किया और प्रदेश में नए उद्योग स्थापित के लिए पूर्ण सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवाओं को लगातार प्रोत्साहित कर रही सरकार सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अपने युवा उद्यमियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। एमएसएमई इकाई के जरिये राज्य में लगभग सवा करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। हमारी सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों को मार्च 2026 तक करीब पौने चार करोड़ रुपये का देयक दिया जा चुका है। यह सरकार की ढाई साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हम इन इकाइयों के साथ प्रदेश को आर्थिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। हमारा राज्य औद्योगिक क्षेत्र में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृषि कल्याण वर्ष में हमने फूड-प्रोसेसिंग इकाई के लिए भी कई योजनाएं बनाई हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी इसका भी लाभ लेंगे। उद्यमियों के साथ हर पल खड़ी सरकार प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में 5 लाख 26 हजार मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनमें 42 हजार 700 करोड़ का निवेश है। इनसे करीब 44 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने उद्योग अनुकूल एमएसएमई पॉलिसी लागू की है। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में निवेश सहायता के रूप में 6 हजार 136 एसएसएमई उद्यमियों को 3 हजार 723 करोड़ राशि दी गई है। उसके पहले के ढाई साल में केवल 1245 करोड़ की राशि प्रदान की गई थी। अब तक उद्योग प्रोत्साहन राशि के रूप में तीन गुना अधिक राशि उद्यमियों की दी जा चुकी है। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक के सभी देयकों का भुगतान कर चुकी है। उन्होंने कहा कि आज सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ की राशि दी गई है। प्रदेश में अभी 181 औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति तीव्र, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल है। पिछले एक वर्ष में उद्यमियों को 1000 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में 44 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर प्रस्तावित हैं। उद्यमियों के लिए वरदान सिद्ध हो रही सरकार की दूरदृष्टि लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पिछले ढाई साल में औद्योगिक विकास को तेज गति प्रदान की है। भारत कृषि प्रधान देश से पहले उद्योग प्रधान देश भी रहा है। 1750 ईस्वी के आसपास विश्व की मैन्यूफैक्चरिंग में भारत की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी, जो अब केवल 2 प्रतिशत के आसपास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लघु उद्योग भारती देश के विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिए प्रयास कर रही है। राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ उद्यमियों की सहायता कर रही है। सरकार की दूरदृष्टि उद्यमियों के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं। कार्यक्रम में अलाना कंपनी की संस्थापक राशि मेहरा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से शुरु हुआ अलाना लिप केयर ब्रांड की शुरुआत आसान नहीं थी, आज हमारा ग्रुप देश-विदेश में अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई कर रहा है। उद्यमी कुनाल ज्ञानी ने बताया कि हमने मध्यप्रदेश से एक छोटी एमएसएमई यूनिट शुरू की थी। आज देश के 5 राज्यों में हमारी ईकाइयां हैं और अब यूके में भी खुलने जा रही है। मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहते हैं, जिसमें उद्योग संचालन की लागत सबसे कम है। Edited by : Sudhir Sharma
'चंदू चैंपियन' के 2 साल: कैसे एक फिल्म ने बदल दी एक भूले-बिसरे हीरो मुरलीकांत पेटकर की किस्मत?
कुछ फिल्में सिर्फ मनोरंजन करती हैं, जबकि कुछ पर्दे से आगे बढ़कर लोगों के दिलों और समाज पर गहरी छाप छोड़ जाती हैं। रिलीज़ के दो साल बाद भी 'चंदू चैंपियन' सिर्फ एक प्रेरणादायक स्पोर्ट्स ड्रामा के रूप में ही नहीं, बल्कि उस फिल्म के तौर पर याद की जाती है जिसने लाखों भारतीयों को मुरलीकांत पेटकर की असाधारण कहानी से परिचित कराया। कबीर खान के निर्देशन में बनी और कार्तिक आर्यन अभिनीत इस फिल्म ने भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट की कहानी को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया, जिनकी ऐतिहासिक उपलब्धियां लंबे समय तक आम लोगों से कोसों दूर थीं। ALSO READ: 370 रुपये की बिरयानी विवाद: नौकरी जाने के बाद हिमांशु जांगड़ा ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मनोरंजन के लिए बनाई थी झूठी कहानी मुरलीकांत पेटकर का सफर संघर्ष, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की मिसाल है। भारतीय सेना में सेवा के दौरान गंभीर चोट लगने के बाद भी उन्होंने अपनी विषम परिस्थितियों को अपनी पहचान नहीं बनने दी, बल्कि उन्होंने 1972 के हीडलबर्ग पैरालंपिक्स में भारत के लिए पहला पैरालंपिक गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। हालांकि, इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद दशकों तक उनकी कहानी लगभग गायब थी। 'चंदू चैंपियन' ने इस कमी को दूर करते हुए उनकी प्रेरणादायक यात्रा को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया और भारतीय खेल इतिहास के इस नायक से नई पीढ़ी को परिचित कराया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म का प्रभाव सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं रहा। मुरलीकांत पेटकर की उपलब्धियों को लेकर चर्चाएं बढ़ीं और लोगों का ध्यान उनकी कहानी की ओर गया। यह फ़िल्म का प्रभाव ही था कि जनवरी 2025 में उन्हें उनकी उपलब्धियों के मद्देनजर अर्जुन अवॉर्ड (लाइफटाइम) से सम्मानित किया गया, जो उनके पैरालंपिक गोल्ड जीतने के पांच दशक से भी अधिक समय बाद उन्हें मिला। खुद मुरलीकांत पेटकर ने भी माना कि इस फिल्म ने उनकी कहानी को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने निर्माता साजिद नाडियाडवाला, निर्देशक कबीर खान और अभिनेता कार्तिक आर्यन का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने ही उनकी जिंदगी की कहानी भारत के लोगों तक पहुंचाई। पीछे मुड़कर देखें तो 'चंदू चैंपियन' की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वह जागरूकता है, जो इसने पैदा की। ऐसे समय में जब फिल्मों की चर्चा अक्सर सिर्फ बॉक्स ऑफिस आंकड़ों तक सीमित रह जाती है, इस फिल्म ने साबित किया कि सिनेमा विरासत को संजोने और अनदेखी उपलब्धियों को सम्मान दिलाने का भी एक मजबूत माध्यम बन सकती है। दो साल बाद भी इसकी विरासत सिर्फ सिनेमाई सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने यह सुनिश्चित किया है कि मुरलीकांत पेटकर के भारतीय खेलों में योगदान को वह सम्मान और पहचान मिले, जिसके वे लंबे समय से हकदार थे।
आज के दौर में एक गैर-जिम्मेदाराना बयान किसी की जिंदगी को किस कदर प्रभावित कर सकता है, इसका ताजा उदाहरण गुरुग्राम का '370 रुपये की बिरयानी' विवाद है। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के लाइव शो के दौरान महिला की सहमति और डेटिंग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले दर्शक हिमांशु जांगड़ा अब चौतरफा मुश्किलों में घिर चुके हैं। लगातार हो रही ट्रोलिंग के बाद अपनी नौकरी गंवा चुके हिमांशु ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई पेश की है और माफी मांगी है। हिमांशु जांगड़ा ने खुलासा किया कि जो कहानी उन्होंने मंच पर सुनाई थी, वह पूरी तरह सच नहीं थी। ALSO READ: आसमान छूने की चाहत से कोडिंग सिखाने तक, सुशांत सिंह राजपूत के वो 50 सपने जो अधूरे रह गए हिमांशु ने कहा, मैंने वहां जो कहानी बताई, उसमें जिस लड़की की बात मैं कर रहा हूं... हां, मैंने एक लड़की को डेट किया था, लेकिन जो मैंने वहां बताया वह पूरी तरह सच नहीं था। वह एक इम्प्रोवाइज्ड कहानी थी। क्योंकि मुझसे पहले जो लोग वहां अपनी कहानियां सुना रहे थे, वे भी इसी तरह की बातें कर रहे थे। मैंने वह सब सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए कहा था। मेरी ऐसी कोई मानसिकता या इरादा नहीं था। हिमांशु ने माना कि उसने गलत शब्दों का चयन किया, जिसके लिए वह दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दफ्तर में महिला सहकर्मियों के साथ उसके संबंध हमेशा सम्मानजनक और पेशेवर रहे हैं। वीडियो में हिमांशु ने बेहद भावुक होकर बताया कि इस विवाद ने उसके परिवार को किस कदर तोड़ दिया है। शुरुआत में उन्होंने इस मामले को अपने माता-पिता से छिपाकर रखा था और उसे उम्मीद थी कि कुछ दिनों में ट्रोलिंग थम जाएगी। लेकिन जब पड़ोसियों और रिश्तेदारों के जरिए यह बात उसके माता-पिता तक पहुंची, तो स्थिति बिगड़ गई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हिमांशु ने अपने माता-पिता की प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा, जब माता-पिता को वीडियो के बारे में पता चला, तो उन्होंने हिमांशु को घर बुलाया। हिमांशु ने अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद माता-पिता ने उसे डांटा और समझाया। हिमांशु के मुताबिक, यहाँ तक स्थिति फिर भी संभली हुई थी। असली झटका तब लगा जब परिवार को पता चला कि इस हरकत की वजह से हिमांशु को कंपनी से निकाल दिया गया है। नौकरी जाने की खबर सुनते ही उसके माता-पिता बेहद तनाव में आ गए। उन्होंने कहा, अब जब मैं घर वालों को देखता हूं तो मुझे बहुत ज्यादा पछतावा होता है कि मैं उस शो में गया ही क्यों था। कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने भी मांगी माफी इस विवाद की आंच से शो के होस्ट प्रणित मोरे भी नहीं बच सके। उन पर आरोप लगे कि उन्होंने एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को रोकने के बजाय उस पर ठहाके लगाए और हिमांशु को इनाम भी दिया। बढ़ते दबाव के बाद प्रणीत मोरे ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है। ALSO READ: 'रामायण' के लक्ष्मण सुनील लहरी बने किसान, ऑर्गेनिक फार्महाउस का वीडियो वायरल क्या है '370 रुपये की बिरयानी' का पूरा मामला? यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इंटरनेट पर कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंड-अप शो का 'क्राउड वर्क' वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में गुरुग्राम की एक मार्केटिंग और वेब डिजाइनिंग एजेंसी 'स्टारविक डिजाइन' में वेब डेवलपर के रूप में काम करने वाले हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का किस्सा सुनाया। हिमांशु ने माइक पर कहा कि उसने एक लड़की के साथ डेट पर चिकन बिरयानी के लिए 370 रुपये खर्च किए थे। जब लड़की ने उसे घर छोड़ने को कहा, तो हिमांशु ने प्रणीत मोरे से कहा, 'मैंने कहा 370 रुपये लगे हैं, मैं वसूल तो करूंगा।' इसके बाद उसने लड़की की मर्जी के बिना उसे एक अंधेरे पार्क में ले जाने की बात बेहद हल्के अंदाज में कही, जिस पर शो में मौजूद दर्शक हंसने और तालियां बजाने लगे।
यूट्यूबर नीलू व्यास को फेक न्यूज़ फैलाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया जस्टिस काटजू ने !
Retired Supreme Court judge Justice Markandey Katju accuses Neelu Vyas of repeatedly spreading false claims about 75 Indian judges attending a London badminton event.
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 जून, 2026)
मेष (Aries) Today 14 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करें। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: आज पर्याप्त आराम करें। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर इन 5 शुभ उपायों से चमकेगी आपकी किस्मत वृषभ (Taurus) करियर: मेहनत का फल मिलने का दिन है। लव: विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, निवेश के योग हैं। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई अर्पित करें। मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट या इंटरव्यू के योग बन रहे हैं। लव: प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: तनाव से बचें, योग और ध्यान लाभकारी रहेगा। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह, जानें 15 से 21 जून 2026 का सटीक भविष्यफल कर्क (Cancer) करियर: ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी। लव: परिवार का सहयोग मिलेगा। धन: आज रुका हुआ पैसा मिल सकता है। स्वास्थ्य: नींद की कमी हो सकती है, दिनचर्या सुधारें। उपाय: शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं। सिंह (Leo) करियर: प्रमोशन या मान-सम्मान मिलने के योग हैं। लव: अहंकार से बचें, तभी रिश्ता मजबूत रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी, लेकिन अधिक मेहनत से बचें। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: काम में एकाग्रता बढ़ेगी, लक्ष्य पूरे होंगे। लव: पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। धन: धन संचय का अच्छा समय है। स्वास्थ्य: त्वचा या एलर्जी की समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी को जल दें। तुला (Libra) करियर: साझेदारी के काम में लाभ होगा। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। धन: आय-व्यय संतुलित रहेगा। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी। उपाय: मां दुर्गा की आराधना करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: गोपनीय योजनाएं सफल होंगी। लव: रिश्तों में गहराई आएगी। धन: अचानक धन लाभ संभव है। स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर या तनाव पर ध्यान दें। उपाय: शिव मंत्र का जाप करें। धनु (Sagittarius) करियर: यात्रा या विदेश से जुड़े काम सफल होंगे। लव: नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। धन: खर्च बढ़ सकता है, सावधानी रखें। स्वास्थ्य: फिटनेस पर ध्यान दें। उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें। मकर (Capricorn) करियर: धैर्य से काम लें, सफलता धीरे-धीरे मिलेगी। लव: रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा। धन: निवेश से लाभ संभव है। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द हो सकता है। उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर इनोवेटिव आइडिया से पहचान बनेगी। लव: दोस्ती प्यार में बदल सकती है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: पानी अधिक पिएं। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। मीन (Pisces) करियर: रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: भावनाओं में बहने से बचें। धन: आय के नए अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य: इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। उपाय: जरूरतमंद को खाने की चीजें दान करें। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? आज ट्रम्प का 80वां जन्मदिन है। बचपन से अब तक के किस्सों में छुपी उनकी साइकोलॉजी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… ------------ ये खबर भी पढ़िए… भारतीय क्रू वाले जहाजों पर लगातार मिसाइल क्यों मार रहा अमेरिका; क्या ईरान से गुपचुप तेल खरीद रहा है भारत सेटेबेलो नाम के इस जहाज पर सवार 24 क्रू मेंबर्स भारतीय थे। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। 8 जून और 11 जून को भी अमेरिका ने भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर हमले किए हैं। आखिर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर मिसाइल क्यों मार रहा है अमेरिका? पूरी खबर पढ़िए…
अनंतनाग की रहने वाली गुलशन बानो जमीन पर गिरे सेब नहर में फेंक रही थीं। अचाबल में उनका चार कनाल (आधा एकड़) का बाग है। 5 और 9 जून को हुई तूफानी बारिश और ओलों ने लगभग 90% फसल बर्बाद कर दी। सेब टूटकर गिर गए और बेचने लायक भी नहीं बचे। गुलशन कहती हैं, ‘यही रोजी-रोटी का अकेला जरिया है। इस साल लगा था कि अच्छी फसल होगी, लेकिन 22 मिनट के तूफान ने सारे सपने तोड़ दिए। अक्टूबर-नवंबर में बेटी की शादी करने वाले थे, लेकिन अब लगता है कि टालनी ही पड़ेगी।‘ कश्मीर में इस दर्द से गुजरने वाली गुलशन अकेली नहीं है। यहां एक महीने में 7 बार ओले गिरे, जिससे सेब कारोबार से जुड़े 12 लाख लोगों की रोजी-रोटी मुश्किल में आ गई है। हर साल कश्मीर से करीब 20 लाख मीट्रिक टन सेब देशभर में जाता है, लेकिन इस साल 7 लाख मीट्रिक टन बर्बाद हो गया। इससे सेब कारोबारियों को 300 से 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ‘ऐसी बेबसी पहले नहीं देखी, सुसाइड का ख्याल आ रहा’ कश्मीर देश में सेब का सबसे बड़ा उत्पादक है। कुल सेब का 70% हिस्सा यहीं होता है। हर साल इससे करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलता है। पिछले दो महीनों में बारिश और ओले गिरने से बारामूला, शोपियां, अनंतनाग और कुलगाम समेत कई जिलों में सेब की 80-85% फसल बर्बाद हो गई। अनंतनाग के अचाबल में गुलशन का परिवार इसी बर्बादी से परेशान है। वे कहती हैं, ‘किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए बैंक से 2 लाख रुपए का लोन लिया था। खाद भी उधार में खरीदी। 50 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया है। अब सेब की फसल बर्बाद होने के बाद हम टूट चुके हैं। पहली बार इतने बेबस हैं कि खुदकुशी का ख्याल आ रहा है।’ ‘22 मिनट ओले गिरे और साल भर की मेहनत बर्बाद’ हम शोपियां पहुंचे तो फैयाज अहमद भट्ट अपने बगीचे में गिरे सेब इकट्ठा कर रहे थे। यहां एक दिन पहले ही ओले गिरे थे। फैयाज का 8 कनाल, यानी 1 एकड़ का बाग है। वे कहते हैं, ‘सीजन में 5-6 बार ओले गिरे हैं। अब ये सेब B और C कैटेगरी में भी बिकने लायक नहीं है। पेड़ों पर बचे फल भी किसी काम के नहीं हैं।’ वे नीचे गिरे फलों को दिखाते हुए कहते हैं, ‘देखिए, हर सेब पर निशान है। ऐसे सेब बाजार में नहीं बिकते। जून में फल आकार लेना शुरू करते हैं, लेकिन सिर्फ 22 मिनट ओले गिरने ने सब बर्बाद हो गया।’ फैयाज को लगातार दूसरी साल नुकसान उठाना पड़ा है। वे बताते हैं, ‘पिछले साल अच्छी फसल हुई थी, लेकिन हम उसे बाजार तक नहीं पहुंचा सके। रामबन के पास जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे करीब डेढ़ महीने बंद रहा था। सेब बागानों में रखे-रखे ही खराब हो गए और उन्हें नालों में फेंकना पड़ा। इस साल बहुत उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सब तबाह कर दिया।‘ ‘घर-परिवार का हर छोटा-बड़ा खर्च इसी बाग से चलता है। तीन बच्चे हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च भी इसी से निकलता है। फल ही बर्बाद हो गए, तो ये सब काम कैसे होंगे। खाद और कीटनाशकों के लिए पहले ही 50 हजार रुपए उधार ले रखा है। अब समझ नहीं आ रहा कि दुकानदारों का कर्ज चुकाएं या परिवार का पेट भरें।‘ ‘3 से 4 लाख रुपए कमाते थे, इस बार 30 हजार भी नहीं मिलेंगे’ फैयाज को इस साल करीब 3 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। वे बताते हैं, ‘हर साल बाग से 3 से 4 लाख रुपए कमा लेता था, लेकिन इस बार 30 हजार रुपए भी नहीं मिल पाएंगे। बाग में हुई तबाही देखकर दिल इतना टूट जाता है कि बाग तक जाने का मन नहीं करता।‘ केंद्र सरकार से कश्मीर के सेब उद्योग के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग करते हुए वो कहते हैं, ‘हमें कर्ज माफी, मुआवजा और आर्थिक मदद चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी रहे और हम गुजर-बसर कर सकें।‘ ’बच्चों का पेट भरें या पढ़ाई का इंतजाम करें’ कुलगाम के रहने वाले अब्दुल रशीद नजर के पास करीब 6 कनाल का बाग है। चार बेटियों और एक बेटे वाला परिवार इसी से चलता है। वे बताते हैं, ‘आमतौर पर सीजन में सेब के 400 से 500 बॉक्स तैयार हो जाते हैं, लेकिन इस बार लगातार दूसरे साल नुकसान उठाना पड़ रहा है।’ ‘पेड़ों पर सिर्फ 10% फल ही बचे हैं, लेकिन वो भी खराब हो चुके हैं। इस साल आमदनी की कोई उम्मीद नहीं है। बच्चों की पढ़ाई खतरे में पड़ गई है। फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल आने-जाने का खर्च कैसे उठाएंगे।‘ रशीद ने भी किसान क्रेडिट कार्ड से करीब 2 लाख का कर्ज लिया है, जो अगस्त तक चुकाना है। वे कहते हैं, ‘समझ नहीं आ रहा कि अब बच्चों का पेट भरें, पढ़ाई का इंतजाम करें या कर्ज चुकाएं।’ जम्मू-कश्मीर में पिछले साल करीब 21 लाख मीट्रिक टन सेब की पैदावार हुई थी। 2024 में ये आंकड़ा करीब 20 लाख मीट्रिक टन था। इस इंडस्ट्री से 12 लाख लोगों की रोजी-रोटी चलती है। जम्मू-कश्मीर की GDP में इसका योगदान 8-10% है। बाढ़ और हाई-वे बंद रहने के कारण 2025 में कश्मीर की एप्पल इंडस्ट्री को लगभग 600 से 700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इस साल भी ओले और बारिश की वजह से 300 से 400 करोड़ रुपए नुकसान होने का अनुमान है। कश्मीर फ्रूट ग्रोअर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फैयाज अहमद मलिक कहते हैं कि ये साल खेती और किसानों के लिए सिर्फ आपदा लेकर आया। सेब की बागवानी से जुड़े 12 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। अप्रैल में कुलगाम, नेहामा और शोपियां में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 12 मई को बारामूला जिले के क्रीरी, वगोरा, कुंजर, अंडरगाम और लोलीपोरा इलाकों में ओला गिरने से बाग तबाह हुए हैं। फैयाज कहते हैं, ‘हम लंबे समय से फसल बीमा योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर मार्च में ही योजना लागू कर दी गई होती, तो प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा मिल चुका होता।‘ …………….. ये खबर भी पढ़ें… वंदे भारत से 5 घंटे में जम्मू से श्रीनगर अब जम्मू ट्रेन के जरिए सीधे कश्मीर घाटी से जुड़ गया है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से घाटी में बदलाव दिख रहा है। जम्मू-श्रीनगर के बीच 270 किमी की दूरी है। यहां रोड कनेक्टिविटी हमेशा बड़ी चुनौती रही है। पढ़िए पूरी खबर…
'शुगर मॉमी' संबंध क्यों बढ़ रहे हैं? शोध में सामने आए सामाजिक, आर्थिक और यौन कारण
दक्षिण अफ्रीका के एक अध्ययन में 'शुगर मॉमी' संबंधों के सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारणों का विश्लेषण किया गया। शोध ने HIV जोखिम पर भी चिंता जताई
नाबालिग से रेप करने के दो दोषियों को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के यौन अपराध बाल संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम न्यायालय ने नाबालिग को ब्लैकमेल करके दुष्कर्म करने के बहुचर्चित मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश डॉ. कैलाश चन्द्र अटवासिया ने अभियुक्त मनीष (26) और अमित (28) को नाबालिग को ब्लैकमेल […] The post नाबालिग से रेप करने के दो दोषियों को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .
दिया कुमारी ने गिनाई मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां
अजमेर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा है कि उसने पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण, सुशासन, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा उत्थान, किसान कल्याण, आधारभूत संरचना विकास तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। दिया कुमारी शनिवार को अजमेर में […] The post दिया कुमारी ने गिनाई मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां appeared first on Sabguru News .
राजस्थान क्रिकेट संघ महिला चयन कमेटी का गठन
जयपुर। राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र के विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली राजस्थान टीम के संभावितों के चयन के लिए आरसीए महिला चयन कमेटी का गठन किया हैं। आरसीए एडहॉक कमेटी संयोजक डॉ मोहित जसवंत यादव, सदस्य आशीष तिवाड़ी, धनञ्जय सिंह […] The post राजस्थान क्रिकेट संघ महिला चयन कमेटी का गठन appeared first on Sabguru News .
भरतपुर के बयाना में दो बसों की भिड़ंत में 3 बुजुर्गाें की मौत, कई घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बयाना क्षेत्र से गंगास्नान के लिए उत्तरप्रदेश के सोरोंजी के लिए जा रहे एक ही परिवार के श्रद्धालुओं की लोक परिवहन बस के शनिवार को कासगंज में उत्तरप्रदेश परिवहन की बस से टकराने से एक महिला सहित तीन बुजुर्गों की मौत हो गई जबकि कई घायल हाे गए। प्राप्त जानकारी […] The post भरतपुर के बयाना में दो बसों की भिड़ंत में 3 बुजुर्गाें की मौत, कई घायल appeared first on Sabguru News .
कार का एयरबैग नहीं खुला, निर्माता कंपनी को देना होगा 40 लाख रुपए का मुआवजा
जयपुर। राजस्थान में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जयपुर-प्रथम ने सड़क दुर्घटना में एयरबैग नहीं खुलने पर महिला कार चालक की मौत होने से जुड़े मामले में विपक्षी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का सेवादोष मानते हुए सवा लाख रुपए के जुर्माने सहित आश्रितों को क्षतिपूर्ति की मद में 40 लाख रुपए का […] The post कार का एयरबैग नहीं खुला, निर्माता कंपनी को देना होगा 40 लाख रुपए का मुआवजा appeared first on Sabguru News .
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ थल सेनाध्यक्ष नियुक्त, 30 जून से संभालेंगे कार्यभार
नई दिल्ली। वर्तमान में थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वर्तमान थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में आरमर्ड कॉर्प्स में कमीशन […] The post लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ थल सेनाध्यक्ष नियुक्त, 30 जून से संभालेंगे कार्यभार appeared first on Sabguru News .
जयपुर पोलो ग्राउंड की बेदखली के मामले में इंडियन पोलो एसोसिएशन को नहीं मिली अंतरिम राहत
नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पास स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड से बेदखली के मामले में सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश धीरेंद्र राणा सरकार के बेदखली के आदेश के खिलाफ इंडियन पोलो एसोसिएशन की याचिका पर शनिवार को सुनवाई की। राजधानी […] The post जयपुर पोलो ग्राउंड की बेदखली के मामले में इंडियन पोलो एसोसिएशन को नहीं मिली अंतरिम राहत appeared first on Sabguru News .
सिलीगुड़ी में वरिष्ठ तृणमूल नेता ऐनुल हक का शव घर में फंदे से लटका मिला
सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी महाकुमा परिषद के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऐनुल हक का शव शनिवार सुबह उनके आवास पर फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने सुबह उन्हें संदिग्ध अवस्था में फंदे से लटका देखा, जिसके बाद वे तुरंत उन्हें फांसीदेवा ग्रामीण अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें […] The post सिलीगुड़ी में वरिष्ठ तृणमूल नेता ऐनुल हक का शव घर में फंदे से लटका मिला appeared first on Sabguru News .
वायु सेना का मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, 5 वायुसेना कर्मी शहीद
नई दिल्ली। वायु सेना का एक माल वाहक विमान ए एन 32 शनिवार को असम के जोरहाट वायु सेना स्टेशन में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें सवार पांच वायु सेनाकर्मी शहीद हो गये। हादसे में शहीद हुए वायुसेनाकर्मियों में दो अग्निवीर वायु भी शामिल हैं। वायु सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस दुर्घटना में स्क्वाड्रन […] The post वायु सेना का मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, 5 वायुसेना कर्मी शहीद appeared first on Sabguru News .
युद्ध खत्म होने के करीब, होर्मुज, पुनर्निर्माण पर बातचीत का फोकस : ईरान
तेहरान/वाशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमरीका के साथ शत्रुता समाप्त करने संबंधी समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रस्तावित समझौते में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरान की जब्त विदेशी परिसंपत्तियों को मुक्त करने तथा युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में सहायता संबंधी […] The post युद्ध खत्म होने के करीब, होर्मुज, पुनर्निर्माण पर बातचीत का फोकस : ईरान appeared first on Sabguru News .
अलवर : विवाद के कारण पुत्र के ट्रैक्टर से कुचलने से पिता की मौत, दो भतीजे घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को खेत की डोल (मेढ़) निर्माण को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद में एक वृद्ध की मौत हो गई, जबकि दो युवक घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार ठोकदार का बास गांव में राकेश प्रजापत खेत में डोल निर्माण का कार्य कर रहा […] The post अलवर : विवाद के कारण पुत्र के ट्रैक्टर से कुचलने से पिता की मौत, दो भतीजे घायल appeared first on Sabguru News .
धार में निंबोली बीन रही दो नाबालिग बालिकाओं का कथित अपहरण कर रेप
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के आदिवासी बहुल कुक्षी क्षेत्र में दो नाबालिग बालिकाओं के कथित अपहरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुक्षी थाना क्षेत्र के ग्राम लोहारी बड़गांव में 11 जून की शाम तीन नाबालिग बालिकाएं […] The post धार में निंबोली बीन रही दो नाबालिग बालिकाओं का कथित अपहरण कर रेप appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में चक्कर आने से बीएसएफ के सहायक उप निरीक्षक की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के घडसाना सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 140 वीं बटालियन के एक सहायक उप निरीक्षक की ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि अश्विनी कुमार (56) को बीएसएफ के जवान शुक्रवार को दोपहर गंभीर हालत में नई […] The post श्रीगंगानगर में चक्कर आने से बीएसएफ के सहायक उप निरीक्षक की मौत appeared first on Sabguru News .
अमरीकी उद्योगपति एलन मस्क बने दुनिया के पहले ‘ट्रिलिनेयर’
टेक्सास। अमरीकी उद्योगपति एलन मस्क 1.11 लाख करोड़ डॉलर के मालिक होने के साथ ही दुनिया के पहले ‘ट्रिलिनेयर’ बन गए। यह कामयाबी उनकी रॉकेट कंपनी ‘स्पेसएक्स’ के शेयरों में आई भारी तेजी के बाद मिली, जिसने शेयर बाजार में अब तक की सबसे भव्य शुरुआत की है। ब्लूमबर्ग की अमीरों की सूची के अनुसार, […] The post अमरीकी उद्योगपति एलन मस्क बने दुनिया के पहले ‘ट्रिलिनेयर’ appeared first on Sabguru News .
370 रुपए बिरयानी विवाद: प्रणित मोरे पर एफआईआर, NCW का भी समन, स्टैंडअप कॉमेडियन ने मांफी माफी
फेमस स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे के कॉमेडी शो से जुड़े '370 रुपए की बिरयानी' विवाद गरमाता जा रहा है। एक लाइव शो के दौरान शुरू हुई सामान्य सी दिखने वाली बातचीत अब नौकरी जाने, FIR और राष्ट्रीय महिला आयोग के समन तक पहुंच चुकी है। शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से नेटिजन्स और कई बड़े इन्फ्लुएंसर्स का गुस्सा भड़का हुआ है। लोगों ने इसे कॉमेडी नहीं बल्कि 'यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती का महिमामंडन' करार दिया। बढ़ते आक्रोश के बीच, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और अन्य के खिलाफ अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं के प्रति इस तरह के अपमानजनक कंटेंट को बढ़ावा देना कानूनन अपराध है। ALSO READ: 'काला हिरण' का टीजर रिलीज होते ही हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, मेकर्स को नोटिस जारी राष्ट्रीय महिला आयोग का कड़ा एक्शन इस मामले ने तब और बड़ा रूप ले लिया जब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने खुद इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लिया। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि मनोरंजन और कॉमेडी के नाम पर किसी महिला की सहमति, गरिमा और उसकी शारीरिक स्वायत्तता का मज़ाक उड़ाना या उसे सामान्य बात दिखाना समाज और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है। NCW ने प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों को नोटिस जारी कर 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विवाद का असर रियल-वर्ल्ड में भी तुरंत देखने को मिला। हिमांशु जांगड़ा जिस गुरुग्राम की कंपनी 'स्टारविक डिज़ाइन' में वेब डेवलपर थे, उसके संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने एक वीडियो जारी कर हिमांशु को नौकरी से बर्खास्त करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि वे ऐसी किसी भी मानसिकता का समर्थन नहीं करते जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाए। A post shared by Pranit More (@rj_pranit) प्रणित मोरे ने मांगी सार्वजनिक माफी चौतरफा घिरने और अपना इंस्टाग्राम अकाउंट कुछ समय के लिए डिएक्टिवेट करने के बाद प्रणितमोरे ने वापस आकर एक वीडियो के जरिए सार्वजनिक माफी मांगी है। प्रणितने स्वीकार किया कि उनसे बहुत बड़ी गलती हुई है। उन्होंने कहा, जब वह लड़का ये बातें बोल रहा था, तो सब हंस रहे थे। मैं भावनाओं में बह गया और यह मेरे जजमेंट की एक बड़ी चूक थी। मुझे उसे वहीं रोक देना चाहिए था या स्टैंड लेना चाहिए था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने उसे मंच दिया जिससे बात बढ़ गई। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं और पुलिस व अथॉरिटीज के साथ पूरा सहयोग कर रहा हूं। क्या है 370 रुपए बिरयानी का पूरा मामला? यह पूरा विवाद गुरुग्राम में प्रणितमोरे के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ। शो के दौरान प्रणितमोरे दर्शकों से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच हिमांशु जांगड़ा नाम के एक दर्शक ने अपनी डेटिंग लाइफ का एक किस्सा सुनाया। हिमांशु ने माइक पर दावा किया कि उसने एक लड़की के साथ डेट पर चिकन बिरयानी ऑर्डर की थी, जिसकी कीमत 370 रुपए थी। इसके बाद जब लड़की ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा, तो हिमांशु ने मंच पर खड़े कॉमेडियन से कहा, मैंने कहा 370 रुपएलगे हैं, मैं वसूल तो करूंगा ही। यानी उसका मानना था कि डेट पर पैसे खर्च करने के बदले उसे लड़की से नज़दीकी बनाने का हक मिल गया।
June 2026 Weekly Horoscope: यह सप्ताह विशेष रूप से आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन में सफलता के योग बन रहे हैं, वहीं नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहने की संभावना है। जानिए 15 जून से 21 जून 2026 तक का विस्तृत साप्ताहिक राशिफल। ALSO READ: सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश, 6 राशियों को रहना होगा संभलकर, धन और सेहत पर होगा असर साप्ताहिक राशिफल (15 जून से 21 जून 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) प्रेम जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और आपको साथी से प्यार व सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं, बस सही अवसरों को पहचानने की जरूरत होगी। परिवार का माहौल सुकूनभरा और खुशहाल रह सकता है, जिससे मन को शांति मिलेगी। सेहत सामान्य रह सकती है, इसलिए आराम, सही दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में कुछ कठिन परिस्थितियां आ सकती हैं, लेकिन यही आपके हुनर और आत्मविश्वास को साबित करने का मौका भी देंगी। छोटी यात्रा या थोड़ा बदलाव मन को तरोताजा कर सकता है। कुछ लोगों को बुक की गई प्रॉपर्टी का लाभ भी मिल सकता है। सामाजिक मेलजोल थोड़ा कम रह सकता है, इसलिए रिश्तों को समय देना फायदेमंद रहेगा। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: पर्पल वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) यह सप्ताह वृषभ राशि वालों के लिए उत्साह और जिम्मेदारियों का मेल लेकर आ सकता है। प्रेम संबंधों में आकर्षण और भावनाएं गहरी हो सकती हैं। करियर में कोई खास जिम्मेदारी या नया अवसर आपको लंबे समय से देखे गए सपनों के करीब ले जा सकता है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और धीरे-धीरे मजबूती भी आएगी। परिवार में किसी नई बात या नए सदस्य के कारण थोड़ी असहजता हो सकती है, इसलिए साफ बातचीत जरूरी रहेगी। अकेले बिताया गया थोड़ा समय मन को सुकून देगा और सोचने का मौका भी मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में स्थिरता बनी रहेगी। सामाजिक जीवन में आपकी समझदारी और व्यवहार लोगों को प्रभावित कर सकता है। पढ़ाई करने वालों के लिए ग्रुप स्टडी या दूसरों के साथ विचार साझा करना फायदेमंद रहेगा। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच मिथुन (21 मई – 21 जून) परिवार का साथ मजबूत रहेगा और अपनों पर भरोसा बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रह सकती है, जिससे भविष्य की योजनाओं के लिए लोन या निवेश पर विचार कर सकते हैं। प्रेम जीवन में अपनापन और भावनात्मक सुरक्षा महसूस होगी। सेहत को बेहतर रखने के लिए अच्छी नींद और नियमित दिनचर्या जरूरी रहेगी। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचकर लंबे समय की सफलता पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों को नए प्रोजेक्ट्स और रचनात्मक कामों में सफलता मिल सकती है। यात्रा के लिए समय बहुत अनुकूल नहीं है, इसलिए फिलहाल योजनाएं बनाना ज्यादा सही रहेगा। संपत्ति और जरूरी चीजों को सोच-समझकर संभालना लाभ देगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: रेड कर्क (22 जून – 22 जुलाई) परिवार का सहयोग बना रहेगा और बड़ों की सलाह आपके लिए मददगार साबित होगी। रुका हुआ धन मिलने के योग हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में शांति और मधुरता बनी रहेगी। सुबह की सैर या हल्का व्यायाम आपको ऊर्जावान बनाए रख सकता है। करियर में आपकी योग्यता और अनुभव की सराहना हो सकती है, जिससे आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े प्रयास धीरे-धीरे अच्छे परिणाम दे सकते हैं। छोटी यात्रा मन को खुश कर सकती है और यादगार पल दे सकती है। विद्यार्थियों के लिए दूसरों से विचार साझा करना और साथ पढ़ाई करना लाभकारी रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: येलो सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) सेहत में सुधार महसूस होगा और ऊर्जा बढ़ेगी। प्रेम संबंधों में अपनापन, समर्पण और साथ बिताया समय रिश्तों को और मजबूत बना सकता है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा, इसलिए सोच-समझकर खर्च करें। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगेगा और रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में थोड़ी देरी या रुकावट आ सकती है, इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से देखें। सामाजिक जीवन में नए लोगों से अच्छे संबंध बन सकते हैं। छोटी यात्रा मानसिक ताजगी दे सकती है। विद्यार्थियों के लिए समय का सही उपयोग और मिलकर पढ़ाई करना फायदेमंद रहेगा। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: गोल्डन कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) आर्थिक स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है और बचत बढ़ाने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन रोमांच और गहराई से भरा रह सकता है। परिवार में भावनात्मक दूरी को कम करने के लिए समझदारी और समय देना जरूरी होगा। सेहत और आत्मविश्वास दोनों मजबूत रहेंगे, जिससे आप नए कामों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी समझ और अनुभव कठिन परिस्थितियों को सफलता में बदल सकते हैं। प्रॉपर्टी में निवेश खासकर व्यापारिक जगहों में फायदेमंद साबित हो सकता है। यात्रा फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। पढ़ाई में ध्यान बनाए रखने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: ब्राउन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) करियर में अच्छे बदलाव आपकी स्थिति को मजबूत बना सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्यार और गर्मजोशी बढ़ेगी। आर्थिक लाभ सीमित रह सकते हैं, इसलिए समझदारी से खर्च करना जरूरी होगा। सेहत और आत्मविश्वास दोनों मजबूत रहेंगे, जिससे आप नए कामों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे। परिवार में थोड़ी तनावपूर्ण स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य और खुलकर बातचीत करना जरूरी रहेगा। अचानक यात्रा का अवसर मिल सकता है जो मन को अच्छा महसूस कराएगा। प्रॉपर्टी से जुड़ी उम्मीदें पूरी होने में समय लग सकता है। विद्यार्थियों को गुरु या मेंटर का अच्छा सहयोग मिल सकता है। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: मैजेंटा वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) वृश्चिक राशि वालों के लिए यह सप्ताह करियर में अच्छे अवसर और सफलता लेकर आ सकता है। परिवार का साथ मजबूत रहेगा और जिम्मेदारियां आसान लगेंगी। सेहत अच्छी बनी रह सकती है और आप सक्रिय महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, इसलिए फिलहाल नए जोखिम लेने से बचना बेहतर होगा। प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव और गहराई बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी निवेश में अच्छे संकेत मिल सकते हैं। यात्रा सुखद और ऊर्जा देने वाली साबित हो सकती है। सामाजिक जीवन में छोटी परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी सब संभाल लेगी। विद्यार्थियों के लिए अनुशासन और नियमित पढ़ाई सफलता दिला सकती है। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: स्काई ब्लू धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा और लोग आपकी क्षमता की सराहना करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार महसूस हो सकता है। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी जरूरी होगी, इसलिए संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम अपनाएं। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्तों में मिठास आएगी। प्रेम जीवन फिलहाल शांत रह सकता है, इसलिए इस समय को खुद को समझने में लगाना बेहतर रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं जो नए अनुभव देंगे। प्रॉपर्टी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों पर ध्यान देना पड़ सकता है। पढ़ाई में आपकी योजना और मेहनत अच्छे परिणाम दिला सकती है। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ग्रीन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने लगेगा और प्रगति के अच्छे संकेत मिलेंगे। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और छोटे समझौते रिश्तों को मजबूत बनाए रखेंगे। आर्थिक लाभ अच्छे मिल सकते हैं, जिससे भविष्य की योजनाएं मजबूत होंगी। सेहत पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना जरूरी होगा और शरीर को जरूरत से ज्यादा थकाने से बचें। प्रेम जीवन बहुत ज्यादा केंद्र में नहीं रहेगा, लेकिन रिश्तों में अपनापन बनाए रखना अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी निवेश या घर बदलने जैसे विचार मन में आ सकते हैं। परिवार के साथ यात्रा खुशी और अपनापन बढ़ा सकती है। समाज सेवा या दूसरों की मदद करने से मन को संतोष मिलेगा। विद्यार्थियों को ट्रेनिंग या इंटर्नशिप से नया अनुभव मिल सकता है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: मैरून कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) आपकी मेहनत और सहनशक्ति आपको हर काम आसानी से संभालने में मदद करेगी। सिंगल लोगों के जीवन में नई मुलाकातें हो सकती हैं, वहीं रिश्ते में रहने वाले लोग एक-दूसरे को बेहतर समझने की कोशिश करेंगे। परिवार में सबकी बात ध्यान से सुनना माहौल को खुशहाल बनाए रखेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े काम सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। सामाजिक जीवन में धीरे-धीरे अच्छे बदलाव आएंगे। करियर में प्रगति भले धीमी हो, लेकिन स्थिर रहेगी। यात्रा थोड़ी थकाने वाली हो सकती है, इसलिए तैयारी पहले से रखें। पढ़ाई करने वालों के लिए यह समय अपने लक्ष्यों को दोबारा समझने और सुधारने का है। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: ब्राउन मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) परिवार और अपनों के साथ रिश्ते ज्यादा महत्वपूर्ण महसूस होंगे और आप उनकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति थोड़ी दबाव वाली लग सकती है, लेकिन दूसरी अच्छी बातें इसकी कमी पूरी कर देंगी। प्रेम जीवन रोमांच और उत्साह से भरा रह सकता है, और किसी खास मुलाकात या रिश्ते में नई चमक आने के योग हैं। प्रॉपर्टी या जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन धीरे-धीरे सब ठीक होगा। यात्रा मन को तरोताजा कर सकती है। समाज सेवा या लोगों की मदद करने से आपको अंदर से खुशी मिलेगी। यह समय सपनों और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाने का है। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह, जानें 15 से 21 जून 2026 का सटीक भविष्यफल शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: क्रीम
Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
Muharram Month 2026: इस्लाम धर्म में मोहर्रम वर्ष का पहला महीना माना जाता है और इसे अत्यंत पवित्र एवं सम्मानित महीनों में शामिल किया गया है। मोहर्रम केवल इस्लामिक नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह त्याग, बलिदान, सत्य और इंसाफ की याद दिलाने वाला महीना भी है। विशेष रूप से मोहर्रम की 10वीं तारीख, जिसे यौम-ए-आशूरा (Ashura) कहा जाता है, का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। इतिहास के अनुसार, इमाम हुसैन और उनके साथियों ने करबला की लड़ाई में सत्य और न्याय की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। इसी घटना की स्मृति में दुनिया भर के मुसलमान मोहर्रम के दौरान शोक सभाएं, मजलिस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। यह महीना मानवता, धैर्य, करुणा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश देता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मोहर्रम साल का पहला महीना होता है, जिससे इस्लामिक नए साल (हिजरी वर्ष 1448) की शुरुआत होती है। साल 2026 में मोहर्रम का पवित्र महीना जून के मध्य से शुरू होने जा रहा है। इसकी सटीक तिथियां चांद दिखने पर निर्भर करती हैं। 1. मोहर्रम 2026 की शुरुआत (पहला मोहर्रम) चांद दिखने के आधार पर, साल 2026 में मोहर्रम का महीना 16 जून 2026 (मंगलवार) या 17 जून 2026 (बुधवार) से शुरू होगा। चांद का नियम: इस्लामिक तारीखों की सटीक शुरुआत हमेशा 'चांद देखने' (Moon Sighting) पर निर्भर करती है। यदि 15 जून की शाम को मोहर्रम का चांद नजर आ जाता है, तो पहला मोहर्रम 16 जून को होगा। यदि चांद 15 जून को नहीं दिखता, तो यह महीना 17 जून से शुरू होगा। 2. आशुरा की तारीख (10वां मोहर्रम) मोहर्रम महीने का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन 10वां दिन होता है, जिसे 'यौम-ए-आशुरा' (Ashura) कहा जाता है। इसी दिन इराक के कर्बला में पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत हुई थी, जिसकी याद में शोक (मातम) मनाया जाता है। भारत में आशुरा (10वें मोहर्रम) की मुख्य तिथि इस प्रकार रहने वाली है: सही डेट: 25 जून 2026 (गुरुवार) या 26 जून 2026 (शुक्रवार)। कैलेंडर और सरकारी छुट्टियों की सूची के अनुसार, आशुरा की संभावित छुट्टी 26 जून 2026 (शुक्रवार) को तय की गई है। मोहर्रम के मुख्य दिनों की संभावित सूची (2026): विशेष दिन तारीख (यदि चांद 15 जून को दिखा) 01 मोहर्रम (इस्लामिक नया साल) 16 जून 2026 (मंगलवार) 09 मोहर्रम (आशुरा से पहले का रोजा) 24 जून 2026 (बुधवार) 10 मोहर्रम (यौम-ए-आशुरा / मातम का दिन) 25 या 26 जून 2026 (गुरुवार/शुक्रवार) अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
1876-78 का दौर। भारत में 55 लाख से ज्यादा लोग अकाल मौत मारे गए। उस तबाही की जड़ में था- सुपर अल नीनो। प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा उबला और पूरी दुनिया का मौसम पलट गया। अब 148 साल बाद वैसी ही दस्तक फिर सुनाई दे रही है। 11 जून 2026 को अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA ने आधिकारिक ऐलान किया कि अल नीनो शुरू हो चुका है। जल्द ही ये 'सुपर अल नीनो' में तब्दील हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून सामान्य से 10% कम बारिश होगी। सूखे की आशंका 60% पहुंच गई है। पीएम मोदी ने भी राज्यों से कहा- अल नीनो के खतरे के लिए तैयार रहें। आखिर ये अल नीनो और सुपर अल नीनो क्या है, दूर समुद्र का पानी गर्म होने से भारत का मौसम कैसे बदलता है और इससे आपके खाना-पानी और बिजली पर कितना असर पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… ****** ग्राफिक्स- दृगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा ------------- मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 6 घंटे में मार सकती है बांदा की गर्मी; 117 डिग्री बुखार जितना तापमान; रेगिस्तान से भी गर्म क्यों है ये इलाका यूपी का बांदा अप्रैल के आखिरी 10 में से 5 दिनों में दुनिया का सबसे गर्म शहर रहा है। 27 अप्रैल को तापमान रिकॉर्ड 47.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ये इस गर्मी का सबसे ज्यादा पारा था। अगर इसमें कोई इंसान खुले आसमान में रहे, तो 30 मिनट से 6 घंटों के बीच उसकी मौत हो सकती है। पूरी खबर पढ़िए…
इंदौर में एयरपोर्ट रोड़ पर हादसे में निगमकर्मी की मौत, मेट्रो प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
एयरपोर्ट रोड पर चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के एक लोहे के पाइप से टकरा जाने के बाद एक शख्स की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस हादसे के लिए मेट्रो प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक मनोज चंदेल (30) निवासी जम्बुडी हप्सी की मौत हुई है। मनोज नगर निगम की वर्कशाप में ट्रैक्टर ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। गुरूवार रात में वह ड्यूटी से घर जा रहा था, तभी हादसा हुआ। स्वजन ने बताया कि एयरपोर्ट रोड पर चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य स्थल के पास सड़क पर रखे लोहे के पाइप से मनोज की बाइक टकरा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में लोहे का पाइप निगमकर्मी के सीने में घुस गया था। स्वजन ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सड़क पर निर्माण सामग्री अव्यवस्थित तरीके से रखी गई थी और वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम या संकेतक भी नहीं लगाए गए थे। इसी लापरवाही के चलते हादसा हुआ। मृतक मनोज के दो बच्चे हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कोई सुरक्षा कर्मी नहीं: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि गंभीर चोट लगी और उसके बाद मौत हो गई। मौके पर मेट्रो और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई सुरक्षाकर्मी भी मौके पर मौजूद नहीं था। परिजनों ने बताया कि मनोज की ड्यूटी शाम छह बजे से रात दो बजे तक थी। ड्यूटी पूरी करने के बाद वह वाहन खड़ा कर अपने घर जंबूड़ी गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में मेट्रो के खुले पाइप से यह हादसा हो गया। आरोप है कि मेट्रो निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और बाहर निकले सरिए तथा अन्य अव्यवस्थाएं दुर्घटना का कारण बनी। Edited By: Naveen R Rangiyal
Adhik Maas Remedies 2026: अधिकमास के समापन करें ये 5 प्रभावशाली उपाय, मिलेगा श्रीविष्णु का आशीर्वाद
Purushottam Month 2026: अधिक मास (जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है) भगवान श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने के समापन पर किए गए कुछ विशेष उपाय व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट मिटाकर सुख-समृद्धि और विष्णु जी की असीम कृपा दिलाते हैं। इस बार 15 जून को अधिकमास की समाप्ति हो रही है। ALSO READ: अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में किए जाने वाले महादान कौन से हैं और उनका क्या फल मिलता है? यदि आप भी अधिक मास के समापन पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो ये 5 प्रभावशाली उपाय जरूर करें: 1. पीले वस्त्र और फलों का दान भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। अधिक मास के अंतिम दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले कपड़े, चने की दाल, केला, और केसरिया मिठाई दान करें। लाभ: ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती। 2. तुलसी पूजा और दीपदान अधिक मास के समापन पर शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। विशेष ध्यान रखें: इस दिन तुलसी पत्र तोड़ने से बचें, केवल उनकी पूजा करें। लाभ: इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर का वास्तु दोष दूर होता है। 3. पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक समापन के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु या लड्डू गोपाल का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान शंख का उपयोग करना बेहद शुभ माना जाता है। महत्वपूर्ण: इस पंचामृत में तुलसी का पत्ता जरूर डालें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते। 4. पीपल के वृक्ष की सेवा शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में त्रिदेवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। अधिक मास के अंतिम दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और वहां एक चौमुखी यानी चार मुख वाला दीपक जलाएं। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में इन तीर्थों की यात्रा से मिलेगा कई जन्मों का पुण्यफल जल चढ़ाते समय मन में अपनी मनोकामना का स्मरण करें। लाभ: इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है और अटके हुए काम पूरे होने लगते हैं। 5. श्रीसूक्त और विष्णु सहस्रनाम का पाठ अधिक मास के आखिरी दिन घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए 'विष्णु सहस्रनाम' या 'श्रीसूक्त' का पाठ करें या इसे ऑडियो के माध्यम से घर में बजाएं। यदि आप स्वयं पाठ कर रहे हैं, तो पीले आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें। लाभ: यह उपाय मानसिक शांति देता है और घर से नकारात्मक शक्तियों को हमेशा के लिए दूर रखता है। एक छोटा सा टिप: अधिक मास के समापन पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार भूखे लोगों को भोजन जरूर कराएं या किसी गोशाला में हरी घास का दान करें। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा का फल भगवान विष्णु कई गुना बढ़ाकर वापस देते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास की पौराणिक कथा
सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश, 6 राशियों को रहना होगा संभलकर, धन और सेहत पर होगा असर
15 जून को सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश कर गए हैं। ग्रहों के राजा सूर्य का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रभाव डाल रहा है। इसमें से आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक, इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा। 1. वृषभ राशि (Taurus) प्रभाव: आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलें, क्योंकि अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें वरना करीबी लोग आपकी बात का गलत मतलब निकाल सकते हैं। बाहर के तीखे और मसालेदार भोजन से बचें, पेट और आंखों का ख्याल रखें। 2. मिथुन राशि (Gemini) प्रभाव: सूर्य आपकी ही राशि के पहले भाव में आ रहे हैं, जिससे आपकी लीडरशिप क्वालिटी निखरेगी। हालांकि, स्वभाव में गुस्सा या अहंकार आ सकता है, जिससे बचें। सरकारी क्षेत्र से लाभ होगा, लेकिन खानपान की लापरवाही से एसिडिटी या गैस की समस्या हो सकती है। 3. कर्क राशि (Cancer) प्रभाव: धन भाव का स्वामी खर्च भाव में जाने से बिना वजह की आर्थिक तंगी हो सकती है; बजट का सख्ती से पालन करें। बिना काम की यात्राओं से बचें। कार्यक्षेत्र या समाज में किसी भी सरकारी अधिकारी या प्रशासन से विवाद मोल न लें, धैर्य रखें। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) प्रभाव: आठवें भाव का सूर्य कार्यों में रुकावटें और मानसिक दबाव दे सकता है। नया काम शुरू करने या नौकरी बदलने के लिए यह समय सही नहीं है, थोड़ा ठहरें। सेहत, खासकर आंखों का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों से उलझने से बचें। 5. कुंभ राशि (Aquarius) प्रभाव: प्रेम संबंधों के लिए समय अनुकूल है, प्रेम विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। हालांकि, विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता की कमी महसूस होगी, इसलिए ध्यान न भटकने दें। संतान की गतिविधियों पर नजर रखें और मन में असमंजस की स्थिति से बचें। 6. मीन राशि (Pisces) प्रभाव: चौथा सूर्य मानसिक तनाव और घरेलू कलह दे सकता है, शांत रहें। माता के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें। जमीन या मकान से जुड़े फैसलों में सावधानी रखें और संपत्ति के विवादों से दूर रहें।
एम्बियंस से वेलकम टू द जंगल तक, 5 फिल्में जिन्होंने सबसे लंबे ट्रेलर्स का रिकॉर्ड बनाया
किसी भी फिल्म का ट्रेलर बेहद महत्वपूर्ण होता है। आखिरकार, यह दर्शकों को फिल्म की दुनिया की पहली झलक देता है। आमतौर पर ट्रेलर 2 मिनट या उससे थोड़ा अधिक का होता है, लेकिन कुछ ऐसी फिल्में भी रही हैं जिन्होंने इस परंपरा को तोड़ते हुए दर्शकों को अपनी दुनिया की लंबी और विस्तृत झलक दिखाई। आइए जानते हैं उन 5 फिल्मों के बारे में जिन्होंने अपने लंबे ट्रेलर्स से रिकॉर्ड बनाया। 1. एम्बियंस (7 घंटे 20 मिनट) जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। स्वीडिश फिल्ममेकर एंडर्स वेबर्ग ने ‘एम्बियंस’ नाम की एक प्रयोगात्मक फिल्म बनाई थी जिसकी कुल अवधि 720 घंटे थी। वर्ष 2016 में उन्होंने इसका एक “शॉर्ट ट्रेलर” रिलीज किया, जिसकी लंबाई 7 घंटे 20 मिनट थी। यह पूरा ट्रेलर समुद्र तट पर एक ही लगातार शॉट में, बिना किसी संवाद के फिल्माया गया था। ALSO READ: 'पेड्डी' बनी 2026 की नंबर 1 साउथ फिल्म, 9 दिन में किया इतना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 2. द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू (8 मिनट 6 सेकंड) जब डेविड फिंचर किसी प्रोजेक्ट पर काम करते हैं, तो वह किसी तरह का समझौता नहीं करते। अपनी 2011 की चर्चित फिल्म ‘द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू’ के लिए सोनी ने एक विस्तारित ट्रेलर जारी किया था, जिसकी अवधि 8 मिनट से अधिक थी। तेज कट्स और साधारण रोमांच दिखाने के बजाय, इस ट्रेलर ने फिल्म के रहस्यमयी और तनावपूर्ण माहौल को विस्तार से पेश किया, जिससे यह अपने आप में एक शॉर्ट फिल्म जैसा महसूस होता था। 3. सिंघम अगेन (4 मिनट 58 सेकंड) रोहित शेट्टी का कॉप यूनिवर्स अपने भव्य एक्शन और बड़े पैमाने के लिए जाना जाता है। ‘सिंघम अगेन’ के लिए निर्माताओं ने महसूस किया कि एक सामान्य ट्रेलर फिल्म की विशालता को दिखाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। लगभग 5 मिनट लंबे इस ट्रेलर में पारिवारिक ड्रामा, धमाकेदार एक्शन, उड़ती हुई कारें और कई बड़े सितारों की मौजूदगी देखने को मिली। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. वेलकम टू द जंगल (4 मिनट 10 सेकंड) जब एक फिल्म में बॉलीवुड के इतने बड़े कलाकार शामिल हों, तो दो मिनट का ट्रेलर शायद पर्याप्त नहीं होता। ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर 4 मिनट 10 सेकंड लंबा है, जो दर्शकों को इसकी अराजक और मनोरंजक दुनिया, भव्य गानों और विशाल स्टारकास्ट से विस्तार से परिचित कराता है। यह ट्रेलर अपने आप में एक बड़े मनोरंजन पैकेज जैसा महसूस होता है। 5. धुरंधर (4 मिनट 8 सेकंड) इस सूची में आखिरी नाम ‘धुरंधर’ का है। 4 मिनट से अधिक लंबे इस ट्रेलर में कहानी और किरदारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। यह दर्शाता है कि कभी-कभी फिल्म निर्माताओं के पास दर्शकों को दिखाने के लिए इतना कुछ होता है कि वे पारंपरिक ट्रेलर की समय-सीमा में बंधना नहीं चाहते।
पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK/PoJK): कब बनने भारत का हिस्सा, जानिए इतिहास
वर्तमान में POK में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। भारत की पश्चिमी सीमा पर स्थित पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) दशकों से भू-राजनीतिक विवाद और संघर्ष का विषय बना हुआ है। भारत सरकार ने अब इसका आधिकारिक नाम बदलकर 'पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर' ...
14 जून विश्व रक्तदाता दिवस विशेष: 29 वर्षों में 133 बार रक्तदान का रिकॉर्ड
इंदौर। इंदौर के 'रक्तवीर' नाम से मशहूर डॉ. अभिजीत तायड़े ने पिछले 29 वर्षों में 133 बार रक्तदान कर एक अनूठी मिसाल कायम की है। दशकों से लोगों की जान बचा रहे डॉ. तायड़े ने इतनी बार रक्तदान कर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। 'रक्तवीर' डॉ. अभिजीत तायड़े का परिचय निवासी व पद: इंदौर के विज्ञान नगर निवासी डॉ. अभिजीत तायड़े वर्तमान में इंडेक्स एवं अमलतास मेडिकल कॉलेज में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। रक्त समूह (Blood Group): उनका ब्लड ग्रुप 'ओ-पॉजिटिव' (O-Positive) है। सम्मान: समाज सेवा और इस अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 'इंदौर गौरव अवार्ड' सहित कई अन्य प्रमुख पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। जीवन का संकल्प: उन्होंने बहुत कम उम्र में ही यह लक्ष्य बना लिया था कि वे हर जरूरतमंद की मदद के लिए रक्तदान करेंगे। वे हर समय रक्तदान के लिए तत्पर रहते हैं। उनका मानना है कि हर किसी को रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि जीवन में इससे बड़ा कोई महादान नहीं है। डोनेट ब्लड, सेव लाइफ समूह और सेवा कार्य डॉ. अभिजीत तायड़े केवल व्यक्तिगत रक्तदान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज की मदद के लिए उन्होंने एक रक्तदान समूह भी बनाया है, जिसका नाम डोनेट ब्लड, सेव लाइफ है। कार्यप्रणाली: इस समूह का कोई भी सदस्य जरूरत पड़ने पर कभी भी और कहीं भी रक्तदान करने पहुँच जाता है। इन बीमारियों में मददगार: इस ग्रुप के माध्यम से दुर्घटनाओं, बड़ी सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर, थैलेसीमिया, सिकल सेल और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जाता है। अन्य सामाजिक कार्य: नियमित रक्त उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस समूह द्वारा शहर में नशामुक्ति एवं अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। हेल्पलाइन नंबर: यदि किसी भी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता हो, तो वह इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकता है: 9977070185, 9630098978 रक्तदान से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और फायदे विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) के अवसर पर डॉ. तायड़े शहर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने रक्तदान से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए हैं: कौन कर सकता है रक्तदान: 18 से 60 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है। एक दान, तीन जान: आपके द्वारा दान किए गए मात्र एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। पूरी तरह सुरक्षित: रक्तदान एक अत्यंत सुरक्षित प्रक्रिया है। इससे दाता के स्वास्थ्य पर कोई भी विपरीत या प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। नियमित आवश्यकता: थैलेसीमिया, सिकल सेल और डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को हर 15 दिन में रक्त की आवश्यकता होती है। प्रेरणा और संदेश डॉ. अभिजीत तायड़े के इन निस्वार्थ प्रयासों ने न जाने कितने ही लोगों को जीवनदान दिया है और समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाया है। वे वास्तव में समाज के असली हीरो हैं, जिनकी प्रेरणा से अन्य लोग भी इस नेक कार्य के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी को पूरी तरह मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनका कहना है कि समय पर रक्त मिलने से किसी का जीवन बच सकता है, और इस सेवा के बदले वे ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि रक्त देने वाला और रक्त प्राप्त करने वाला, दोनों हमेशा स्वस्थ और सुखी रहें।
‘राव बहादुर’ का ‘जस्ट अ टीज़र’ रिलीज, सत्यदेव कंचराना का खतरनाक ट्रांसफॉर्मेशन
'महेश बाबू प्रेजेंट्स: राव बहादुर', जिसे वेंकटेश महा डायरेक्ट कर रहे हैं, के शानदार फर्स्ट लुक से दर्शकों को इम्प्रेस करने के बाद मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने इस फिल्म को आने वाले सबसे अनोखे और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक बना दिया है। फिल्म को लेकर बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच, मेकर्स ने अब 'जस्ट अ टीज़र' नाम की एक और झलक रिलीज की है, जो बहादुर राजकुमार के रोल में सत्यदेव स्टारर इस एपिक साइकोलॉजिकल ड्रामा के विज़न को और भी करीब से दिखाती है। अब 'राव बहादुर' की दुनिया में कदम रखने का समय आ गया है क्योंकि आखिरकार 'जस्ट अ टीज़र' सामने आ चुका है। ALSO READ: 'राणा नायडू 2' के एक साल, कृति खरबंदा का शांत अभिनय क्यों बना शो की जान? फोबिया, भ्रम, मतिभ्रम और बेमिसाल एंटरटेनमेंट से भरपूर यह टीज़र एक बिल्कुल अलग और अनोखे सिनेमाई एक्सपीरियंस का वादा करता है। यह झलक एक ऐसी दुनिया की तरफ इशारा करती है जो तेलुगु सिनेमा ने पहले कभी नहीं देखी है और यह निश्चित रूप से दर्शकों के बीच एक हलचल पैदा कर देगी। सत्यदेव एक कमाल के ट्रांसफॉर्मेशन से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि फिल्म का ओवरऑल कैनवस बेहद खूबसूरत, ग्रैंड और विजुअली शानदार लग रहा है। Remember... This is JUST A TEASER.!! Really proud of this team for bringing the extraordinary vision of #RaoBahadur to life…. Coming to cinemas on July 3rd.. @ActorSatyaDev @mahaisnotanoun @DeepaThomasss @GMBents @SrichakraasEnts @AplusSMovies @Mahayana_MP … pic.twitter.com/qTCCbv5v8r — Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) June 12, 2026 सुपरस्टार महेश बाबू ने अपने सोशल मीडिया पर सत्यदेव स्टारर 'राव बहादुर' का 'जस्ट अ टीज़र' शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, याद रखिए... यह सिर्फ एक टीज़र है!! #RaoBahadur के इस असाधारण विज़न को पर्दे पर उतारने के लिए मुझे इस टीम पर वाकई बहुत गर्व है…. 3 जुलाई को सिनेमाघरों में आ रही है। 'राव बहादुर' के टीज़र ने एक बेहद अनोखी कहानी पेश की है जहाँ लीड कैरेक्टर पर एक भूत सवार है और यहाँ 'शक' ही सबसे बड़ा भूत (डेमन) है। यह बात फिल्म को मिस्टिकल रियलिज्म से जुड़े एक साइकोलॉजिकल ड्रामा के रूप में स्थापित करती है। एक लीक से हटकर दिखी पहली झलक के बाद, फिल्म का पहला सिंगल 'ओ सुंदरी' एक चार्टबस्टर बन गया, जिसे इसके मेलोडियस कंपोज़िशन और एलिगेंट प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया गया यह रोमांटिक ट्रैक बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो अपनी पीरियड सेटिंग और विजुअल भव्यता के साथ फिल्म के आकर्षण को और बढ़ा देता है। 'राव बहादुर' साइकोलॉजिकल ड्रामा को एक राजसी अतीत की धुंधली यादों के साथ जोड़ती है। वेंकटेश महा, जो राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग तीनों संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो अपनी लोकल सेंसिबिलिटीज़ से गहराई से जुड़ी हुई है और साथ ही इसमें एक यूनिवर्सल इमोशनल कनेक्ट भी है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का सपोर्ट मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई म्यूजिक कंपोज़ कर रहे हैं, और रोहन सिंह फिल्म के खास प्रोडक्शन डिज़ाइन को तैयार कर रहे हैं। शाही इमेजरी और रहस्यमयी अंडरटोन्स के अपने इस अनोखे ब्लेंड के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म के रूप में उभर रही है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ हर छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।
भारत के सीमा विवाद: POK, J&K, IB, LOC और LAC का पूरा इतिहास और भूगोल
भारत की पश्चिम और पूर्वोत्तर सीमाओं पर चीन का कब्जा वर्षों से विवाद, संघर्ष और युद्ध का विषय बना हुआ है। चीन और पाकिस्तान लगातर भारत को चुनौती देते आ रहे हैं जिसका भारत अपने तरीके से जवाब भी देते आया है। दोनों देशों ने वर्तमान में, भूटान, नेपाल और ...
पेपर लीक, बेरोजगारी जैसे मुद्दों के खिलाफ 17 जून को कोटा से कांग्रेस के अभियान शुरुआत करेंगे राहुल
कोटा/नई दिल्ली। कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है और इसकी शुरुआत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 जून को राजस्थान के कोटा में आयोजित छात्र सम्मेलन से करेंगे। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को […] The post पेपर लीक, बेरोजगारी जैसे मुद्दों के खिलाफ 17 जून को कोटा से कांग्रेस के अभियान शुरुआत करेंगे राहुल appeared first on Sabguru News .
लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत की संभावना से BJP गदगद, विशेष सत्र बुलाने की तैयारी; कौन सा बिल होगा पास?
नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार लोकसभा में ... Read more
ममता बनर्जी ने पुलिस पर अभिषेक के घर का ताला तोड़कर तलाशी लेने का लगाया आरोप
कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास का ताला तोड़कर घर की तलाशी ली। आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने ताला तोड़ा और पूरे घर की तलाशी ली। यह […] The post ममता बनर्जी ने पुलिस पर अभिषेक के घर का ताला तोड़कर तलाशी लेने का लगाया आरोप appeared first on Sabguru News .
सूर्योदय से पहले अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम, मकसद अस्पष्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के एक बड़े दल ने शनिवार तड़के तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचकर राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब बनर्जी विभिन्न मामलों में चल रही जांचों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय सूत्रों […] The post सूर्योदय से पहले अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम, मकसद अस्पष्ट appeared first on Sabguru News .
ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज पर हमले के दावे फर्जी : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज लियाकी फ्रीडम पर अमरीकी नौसेना के हमले के बारे में सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावों को गलत बताते हुए इन्हें बेबुनियाद करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपने फैक्ट चेक हैंडल से एक पोस्ट में […] The post ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाले चौथे जहाज पर हमले के दावे फर्जी : विदेश मंत्रालय appeared first on Sabguru News .
'राणा नायडू 2' के एक साल, कृति खरबंदा का शांत अभिनय क्यों बना शो की जान?
'राणा नायडू 2' को रिलीज़ हुए एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन सीरीज़ को लेकर चर्चाएं आज भी उसके विस्फोटक पारिवारिक ड्रामा, दमदार परफॉर्मेंस और उस गहरे, भावनात्मक रूप से जटिल संसार के इर्द-गिर्द घूमती हैं, जिसे इस शो ने दर्शकों के सामने पेश किया। हालांकि शो का सबसे ज्यादा ध्यान राणा दगुबत्ती और व्यंकटेश दगुबत्ती पर था, लेकिन इस बीच एक परफॉर्मेंस ऐसा भी था, जिसने बिना ज्यादा शोर किए गहरा प्रभाव छोड़ा और वह थी कृति खरबंदा द्वारा निभाया गया आलिया ओबेरॉय का किरदार। ALSO READ: कृति सेनन फैमिली की बड़ी प्रॉपर्टी डील, मुंबई में बेचे 4 फ्लैट, हुआ करोड़ों का फायदा रोमांटिक कॉमेडी और मेनस्ट्रीम एंटरटेनर्स में कृति को देखने वाले दर्शकों के लिए आलिया एक ताज़ा बदलाव की तरह थी। वह कहानी में केवल ग्लैमर जोड़ने वाला पारंपरिक किरदार नहीं थीं, बल्कि 'राणा नायडू' की दुनिया में वे रहस्य, बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और अप्रत्याशितता का मिश्रण लेकर आई थीं, जिसने दर्शकों को उनके किरदार से जोड़े रखा। इसके अलावा कृति की परफॉर्मेंस को सबसे अलग बनाने वाली बात थी उनका संयम। एक ऐसे शो में, जो ऊंची आवाज़ वाले टकराव, सत्ता संघर्ष और हाई-स्टेक ड्रामा से भरा हुआ था, में उन्होंने अपनी छोटी-छोटी भावनाओं को बेहद संजीदगी से निभाया। उन्होंने आलिया की भावनाओं को धीरे-धीरे उभरने दिया। यही वजह है कि उनका किरदार वास्तविक और यादगार महसूस हुआ। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आलिया ओबेरॉय के किरदार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि उसने 'राणा नायडू' की दुनिया को उसके केंद्रीय पारिवारिक संघर्ष से आगे बढ़ाया। वह कहानी में एक अलग तरह की ताकत का प्रतिनिधित्व करती दिखीं। यह एक ऐसी शक्ति थी, जो शारीरिक दबदबे से नहीं बल्कि भावनात्मक जटिलताओं और रणनीतिक सोच से बनी थीं। यही वजह है कि कृति के लिए यह भूमिका उनके लगातार विकसित होते करियर में एक अहम पड़ाव साबित हुई। कमर्शियल फिल्मों और विभिन्न किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री को 'राणा नायडू 2' ने अपने अभिनय का अधिक गंभीर, गहरा और रोमांचक पक्ष दिखाने का अवसर दिया। इसी के साथ एक साल बाद भी 'राणा नायडू 2' भारतीय स्ट्रीमिंग जगत की सबसे चर्चित सीरीज़ बनी हुई है, और कृति खरबंदा की आलिया ओबेरॉय इसकी सबसे दिलचस्प मौजूदगियों में से एक मानी जाती हैं। यह कृति की सबसे शोरगुल वाली परफॉर्मेंस भले न हो, लेकिन निश्चित रूप से यह उन परफॉर्मेंस में से एक है, जो लंबे समय तक याद रहेगी।
guru ka pushya nakshatra me gochar: ज्योतिष शास्त्र में गुरु का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर अत्यंत दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्तमान में गुरु चंद्र की राशि कर्क राशि में हैं और इसी राशि में रहते हुए वे 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे। पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं। चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा। आइए जानते हैं कि यह गोचर किस राशि के लिए विशेष शुभ (भाग्यशाली) रहेगा और किन्हें थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ (Lucky Signs) 1. कर्क राशि (Cancer) गुरु आपकी ही राशि के लग्न भाव में उच्च के होकर पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। प्रभाव: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपके मान-सम्मान में भारी वृद्धि होगी, मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां खत्म होंगी और अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे। 2. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस गोचर से आपको आर्थिक रूप से बड़ा फायदा हो सकता है। प्रभाव: अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था, तो वह वापस मिल सकता है। करियर और व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। सुख-सुविधाओं और संपत्ति में निवेश के लिए यह बेहतरीन समय है। 3. कन्या राशि (Virgo) आपके ग्यारहवें भाव (आय भाव) में यह गोचर होने जा रहा है, जो आर्थिक समृद्धि का संकेत है। प्रभाव: आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) की संभावनाएं बनेंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) यह गोचर आपके भाग्य स्थान (नौवें भाव) को प्रभावित करेगा। प्रभाव: किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जो काम पिछले कई महीनों से रुके हुए थे, वे अचानक गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। उच्च शिक्षा या विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सफलता मिलेगी। 5. मकर राशि (Capricorn) यह गोचर आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में हो रहा है। प्रभाव: व्यापार में बड़ी साझेदारी (Partnerships) लाभदायक साबित होगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और यदि व्यापार में कोई मंदी चल रही थी, तो वह दूर होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। इन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी (Signs need to be cautious) गुरु का यह गोचर किसी भी राशि के लिए पूरी तरह 'अशुभ' नहीं है क्योंकि गुरु उच्च के हैं, लेकिन कुछ राशियों को अपनी स्थिति (Houses) के कारण थोड़ा संभलकर रहना होगा। सिंह राशि (Leo): गुरु आपकी राशि से 12वें भाव में गोचर करेंगे। इसके कारण आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह खर्च धार्मिक या शुभ कार्यों पर हो सकता है, फिर भी बजट बनाकर चलें और निवेश सोच-समझकर करें। कुंभ राशि (Aquarius): छठे भाव में गोचर होने के कारण आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। पेट से जुड़ी समस्याएं या मोटापा परेशान कर सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी, लेकिन विरोधियों से सावधान रहें। किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें। तुला राशि (Libra): आपके दसवें भाव में गोचर होने से कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाएंगी। काम का दबाव (Workload) मानसिक तनाव दे सकता है। सीनियर्स के साथ बातचीत करते समय अहंकार (Ego) से बचें, अन्यथा विवाद हो सकता है। बाकी बची राशियों के लिए प्रभाव (Aries, Taurus, Gemini, Pisces) इन राशियों के लिए यह गोचर सामान्य से बेहतर (Average to Good) रहेगा। मेष राशि वालों को भूमि-भवन का लाभ होगा। वृषभ राशि वालों के साहस और भाई-बहनों से संबंधों में सुधार होगा। मिथुन राशि वालों की वाणी का प्रभाव और बैंक बैलेंस बढ़ेगा। मीन राशि वालों को संतान सुख व शिक्षा में प्रगति मिलेगी। नक्षत्र गोचर का अचूक उपाय: गुरु के शुभ प्रभावों को बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रतिदिन ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें या गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।गुरुवार के दिन मंदिर में पीली वस्तुओं का करें दान।
विपक्ष को फांसी दे दो!: सांसद का सुप्रीम कोर्ट से बड़ा आग्रह, मची खलबली
राहुल गांधी के वायरल बयान और INDIA गठबंधन की रणनीति पर वरिष्ठ पत्रकारों की विस्तृत चर्चा। चुनाव प्रक्रिया, विपक्ष के आरोप, लोकतंत्र और राजनीतिक घटनाक्रम पर तथ्य आधारित विश्लेषण देखिए
लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत की ओर NDA, TMC के बाद अब इस दल में बड़ी बगावत के संकेत
लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत (360 सीटें) जुटाने के लिए NDA का बड़ा प्लान। TMC के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT के 6 सांसदों के पाला बदलने की अटकलें ... Read more
फिटनेस गोल्स सेट कर रहे ताहा शाह बदुशा, मुश्किल मूव्स से फैंस को कर रहे मोटिवेट
ताहा शाह बदुशा का सोशल मीडिया उनकी फिटनेस जर्नी की झलकियों से भरा हुआ है, और यह कहना गलत नहीं होगा कि वह आसान रास्ता चुनने वालों में से नहीं हैं। मुश्किल फ्लिप्स से लेकर इंटेंस कैलिस्थेनिक्स ड्रिल्स तक, अभिनेता खुद को लगातार नई चुनौतियाँ देते नजर आते हैं। ताहा के वीडियो जितने देखने में प्रभावशाली लगते हैं, उससे कहीं ज्यादा प्रेरणादायक है उनके पीछे छिपी मेहनत और लगातार अभ्यास। आइए नजर डालते हैं उनके ऐसे पाँच वर्कआउट वीडियोज़ पर, जो बताते हैं कि ताहा का फिटनेस गेम आखिर इतना खास क्यों है। A post shared by Taha Shah Badussha (@taahashah) जबरदस्त फ्लिप्स के साथ ग्रैविटी को चुनौती इस वीडियो में ताहा को फ्रंट फ्लिप्स और बैकफ्लिप्स करते हुए देखा जा सकता है, और जिस सहजता से वह इन्हें करते हैं, वह किसी को भी हैरान कर सकती है। हालांकि, जो लोग जिम्नास्टिक्स से परिचित हैं, वे जानते हैं कि ऐसे मूव्स के पीछे कितनी कड़ी ट्रेनिंग और अभ्यास होता है। यह वीडियो देखकर उनकी मेहनत का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। A post shared by Taha Shah Badussha (@taahashah) कोर स्ट्रेंथ का शानदार प्रदर्शन इस वीडियो में ताहा को एक सपोर्ट स्ट्रक्चर पर खुद को बेहद मुश्किल पोजिशन में होल्ड करते देखा जा सकता है। वह सिर्फ लटकते नहीं दिखते, बल्कि अपने पूरे शरीर का भार नियंत्रित करते हुए बेहतरीन संतुलन बनाए रखते हैं। देखने में यह आसान लग सकता है, लेकिन इसे करना बेहद कठिन है और इसके लिए गज़ब की ताकत चाहिए होती है। A post shared by Taha Shah Badussha (@taahashah) जिम्नास्टिक्स और कैलिस्थेनिक्स का शानदार मेल इस वीडियो में ताहा की ट्रेनिंग रूटीन की विविधता देखने को मिलती है। बॉडीवेट एक्सरसाइज़ से लेकर एक्सप्लोसिव मूवमेंट्स तक, अभिनेता अलग-अलग तरह की ड्रिल्स को आसानी से करते नजर आते हैं। यह दिखाता है कि उनकी फिटनेस सिर्फ जिम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तरह एथलेटिक क्षमता को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। A post shared by Taha Shah Badussha (@taahashah) बड़े और मुश्किल मूव्स को अपनाने का जज़्बा इस ट्रेनिंग वीडियो में ताहा बड़े-बड़े एरियल मूव्स और कई फ्लिप्स करते नजर आते हैं। चाहे अलग-अलग सेटअप्स पर छलांग लगाना हो या एडवांस स्किल्स को आज़माना, इस वीडियो में उनका आत्मविश्वास और खुद को लगातार चुनौती देने का जज़्बा साफ दिखाई देता है। A post shared by nadeem Akhtar (@nadeemkhiladi786) लगातार मेहनत के बाद मिली सफलता का जश्न शायद सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस कराने वाला वीडियो वह है, जिसमें ताहा अपने कोच की निगरानी में एक मुश्किल फ्लिप सीखने की कोशिश करते नजर आते हैं। कई प्रयासों के बाद जब वह आखिरकार उसे सही तरीके से कर लेते हैं, तो उनकी खुशी देखने लायक होती है। उनकी एक्साइटमेंट और जश्न उस मेहनत और संतुष्टि को बखूबी दिखाते हैं, जो लगातार अभ्यास के बाद मिलती है। ताहा शाह बदुशा की फिटनेस जर्नी यह याद दिलाती है कि प्रोग्रेस कभी रातोंरात नहीं होती। हर फ्लिप, हर होल्ड और हर सफल लैंडिंग के पीछे घंटों की मेहनत और निरंतर अभ्यास होता है। शायद यही वजह है कि उनके ये वीडियो सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा भी देते हैं।
Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर इन 5 शुभ उपायों से चमकेगी आपकी किस्मत
Hindu Festival Somvati Amavasya: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव, पितृ देवताओं और पीपल वृक्ष की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान, व्रत, जप और विशेष उपाय करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ALSO READ: मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय व्यक्ति की किस्मत बदलने की क्षमता रखते हैं। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर किए जाने वाले 5 ऐसे चमत्कारी उपाय, जिनसे आपकी किस्मत चमक सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। पितृ दोष और सुख-समृद्धि के अचूक उपाय यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, घर में बार-बार क्लेश होता है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो इस खास अवसर पर ये 3 उपाय जरूर करें: 1. पितृ दोष शांति के लिए/ काले तिल का उपाय: अमावस्या की सुबह एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़े से काले तिल, कच्चा दूध और गंगाजल मिलाएं। इसे पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ाते हुए अपने पूर्वजों से गलतियों के लिए क्षमा मांगें। मान्यता है कि बिना काले तिल के पितर जल स्वीकार नहीं करते। 2. शिवजी का विशेष पूजन: सोमवार के दिन शिवजी का विशेष पूजन करें। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा और गाय के घी का दीपक जलाएं। इससे परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है। 3. पंचबलि भोग: इस दिन भोजन बनाने के बाद सबसे पहली 5 रोटियां निकालकर गाय, कुत्ते, कौए, देव और चींटियों के लिए अलग रखें। कौए को भोजन कराने से पितर सीधे तौर पर तृप्त होते हैं। 4. अंधकार दूर करने के लिए दीपदान/ गुप्त दान: सोमवती अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के बाद किसी पुराने पीपल के पेड़ या मंदिर के पास जाकर गाय के शुद्ध घी का एक चौमुखी यानी 4 बत्तियों वाला मिट्टी का दीपक जलाएं। इससे पितरों का मार्ग आलोकित होता है और 3 पीढ़ियों के पितृ शांत होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 5. कौन-सा मंत्र जपें: ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या/ सोमवती अमावस्या पर 'ॐ नमः शिवाय', 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' तथा पितृ शांति के लिए पितृ गायत्री मंत्र 'ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।' का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा, शिव अभिषेक, तिल दान, पितृ तर्पण और दीपदान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं, पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन, वैभव तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। ध्यान रखें: अमावस्या की तिथि पूरी तरह नकारात्मक ऊर्जाओं से बचने और आध्यात्मिक शुद्धता की होती है, इसलिए इस दिन घर में तामसिक भोजन यानी प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का प्रयोग बिल्कुल न करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: सोमवती अमावस्या क्यों हैं इस बार खास, जानें महासंयोग, पूजा मुहूर्त और विधि
ग्वालियर में शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती से रेप, केस दर्ज
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ग्वालियर शहर के मुरार थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने परिचित युवक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 21 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि […] The post ग्वालियर में शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती से रेप, केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
बड़वानी : लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई महिला को श्वानों ने नोचकर मार डाला
बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक 35 वर्षीय महिला की आवारा श्वानों के झुंड के हमले में मृत्यु हो गई। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के समीप लीलाबाई बकावले लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई थी। इसी दौरान उस पर आवारा […] The post बड़वानी : लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई महिला को श्वानों ने नोचकर मार डाला appeared first on Sabguru News .
एनटीए ने नीट परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) -2026 परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने के लिए परीक्षा समय को 15 मिनट बढ़ाने का फैसला किया है। एनटीए ने शुक्रवार को सार्वजनिक सूचना जारी कर कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में […] The post एनटीए ने नीट परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देखी ‘भारत भाग्य विधाता’फिल्म
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ देखी। फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, राज्य की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्देशक एवं निर्माता सहित नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं मौजूद थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देखी ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म appeared first on Sabguru News .
फीफा विश्वकप 2026 : अमरीका ने परग्वे को 4-1 से हराया
लॉस एंजिल्स। फोलारिन बालोगुन के दो गोलों की बदौलत अमेरिका की फुटबॉल टीम ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में पैराग्वे को 4-1 से हरा दिया। सोफी स्टेडियम में खेले गए मैच में अमरीका ने पैराग्वे पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अमरीका ने विश्व कप मैच में पहली बार चार गोल […] The post फीफा विश्वकप 2026 : अमरीका ने परग्वे को 4-1 से हराया appeared first on Sabguru News .
WHO की नई रिपोर्ट के अनुसार रक्तदान में प्रगति हुई है, लेकिन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता अब भी बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है

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