झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा
झुंझुनूं/जयपुर/जींद। राजस्थान की झुंझुनूं जिला पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए के सोने के जेवरात चोरी होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए नवलगढ़ इलाके से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जमीन […] The post झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा appeared first on Sabguru News .
कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत
अजमेर। सीनियर सिटीजन सोसायटी अजमेर अधिशासी परिषद की द्विमासिक मीटिंग हरि भाऊ उपाध्याय नगर विस्तार स्थित जय अंबे सेवा समिति के वृद्धाश्रम में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश रवि प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।विशिष्ट अतिथि चिरंजी लाल शर्मा रहे। मीडिया प्रभारी डॉ एसडी मिश्रा ने बताया कि कार्यकारणी ने सर्वसम्मति से समाजसेवी कालीचरण दास खण्डेलवाल […] The post कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत appeared first on Sabguru News .
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न
जयपुर। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक रविवार को अधिवक्ता भवन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में संगठन के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर एवं संयुक्त महामंत्री रणबीर सिंह […] The post अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न appeared first on Sabguru News .
अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी
जम्मू। गणमान्य समाज संगठन (सैनी समाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी ने अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंचे गुजरात के सैनी समाज के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। गुजरात से आए प्रतिनिधिमंडल ने सैनी से मुलाकात कर सामाजिक, सांस्कृतिक और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सैनी समाज […] The post अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर
ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं। रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था। रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा। कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी। भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है। वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा। बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है। भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे। RoKo, Captain Gill and Bumrah are all set to light up the #ENGvIND ODI series. Watch the 1st ODI tomorrow, 2:30 PM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV… pic.twitter.com/XhoNBRslOc — Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 13, 2026 टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव। इंग्लैंड : हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद। समय: दोपहर 3:30 बजे
राष्ट्रपति ट्रम्प के बेहद करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम 11 जुलाई को यूक्रेन दौरे से अमेरिका लौटे, ट्रम्प से फोन पर बात की और सोने चले गए। कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। लिंडसे ईरान और रूस के धुर विरोधी माने जाते थे। भारत को भी निशाने पर रखा और मौत से एक दिन पहले तक 500% टैरिफ लगाने की जिद करते रहे। ग्राहम की मौत पर एक तरफ ईरानी मीडिया जश्न मना रही है, दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं कि कहीं जहर देकर तो नहीं मारा गया। मौत बीमारी से हुई या कोई बड़ी साजिश; इस कंट्रोवर्सी को डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: लिंडसे ग्राहम की मौत की आधिकारिक वजह क्या बताई गई? जवाबः ग्राहम के ऑफिस ने आधिकारिक बयान में सिर्फ इतना बताया कि उनकी मौत ‘बीमारी की वजह’ से हुई। 12 जुलाई को वॉशिंगटन डीसी के मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस ने प्रारंभिक ऑटोप्सी के आधार पर बताया- ‘Aortic Dissection due to Arteriosclerotic Cardiovascular Disease’ यानी धमनियों के सख्त होने की बीमारी की वजह से एओर्टा की अंदरूनी परत फट गई। दरअसल, एओर्टा इंसानी शरीर की सबसी बड़ी धमनी है। यह दिल से साफ खून लेकर पूरे शरीर में पहुंचाती है। एओर्टा की सबसे अंदरूनी परत में दरार की वजह से ग्राहम की मौत हुई। हालांकि ग्राहम का डेथ सर्टिफिकेट अभी जारी नहीं हुआ है। जहर से जुड़ी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही कन्फर्म होगा कि मौत नेचुरल थी या किसी साजिश के तहत जहर दिया गया। 71 साल के ग्राहम यूक्रेन जाने से पहले स्वस्थ दिख रहे थे। उन्हें अगले हफ्ते एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करनी थी। ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज से कहा, ‘मौत से कुछ घंटे पहले उनकी ग्राहम से बात हुई थी। ग्राहम की आवाज ठीक लग रही थी। हालांकि वह थोड़े थके हुए लग रहे थे।’ सवाल-2: ग्राहम की मौत से ईरान में जश्न क्यों मनाया जा रहा? जवाबः लिंडसे ग्राहम की मौत को ईरानी मीडिया ने सबसे बड़े दुश्मन की मौत बताया। मेहर न्यूज एजेंसी ने लिखा- ‘ग्राहम ईरान को तबाह करने का अपना सपना कब्र तक ले गए।' सरकारी न्यूज़ चैनल IRINN ने तो ग्राहम की मौत पर ईरानी जनता को बधाई तक दे दी। ग्राहम का रवैया हमेशा इजराइल समर्थक और धुर ईरान विरोधी रहा है… अमेरिकी लेखक रब्बी शमूएल ने लिखा है, ‘5 दिन पहले ईरान ने अमेरिका के महान सीनेटर को मारने की धमकी दी थी। अब उनकी मृत्यु हो गई, वो भी यूक्रेन से लौटने के अगले ही दिन।’ अमेरिकी दक्षिणपंथी पत्रकार लौरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है, ‘IRGC ने उन्हें मारने की धमकी दी थी। खामेनेई के अंतिम संस्कार में धमकी भरे पोस्टर लहराए जा रहे थे। रूस भी इस अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था। वो ईरान को परमाणु हथियार देने की बात कर रहा था। अब यूक्रेन से लौटने के बाद ग्राहम की मौत हो गई। यह सब महज एक संयोग तो नहीं लगता।' सवाल 3: तो क्या ग्राहम की मौत के पीछे रूस की साजिश है? जवाबः अभी तक किसी बड़ी एजेंसी या अधिकारी ने रूसी साजिश की बात नहीं की। सबकुछ कयासों में चल रहा है… रूसी सोशियोलॉजिस्ट इगोर ईदमन के मुताबिक, ग्राहम की मौत में रूस खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है। रूस के पास उन्हें मारने का कारण भी था। ईदमन ने बेलारूस के मीडिया आउटलेट NEXTA को बताया, ‘ग्राहम यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थक थे। उन्होंने 10 जुलाई को कीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए मना लिया है। यूक्रेन से लौटकर ग्राहम की मौत होना सबसे बड़ा संकेत देती है कि इसमें रूस का हाथ हो सकता है।’ ग्राहम अमेरिका से प्लेन के जरिए पोलैंड पहुंचे। वहां से 10-12 घंटे की ट्रेन यात्रा करके यूक्रेन की राजधानी कीव गए। इसी रास्ते से वापस भी लौटे। ईदमन के मुताबिक, इसी दौरान किसी खुफिया रूसी एजेंट को जहर देने का मौका मिल गया होगा। पूर्व CIA अधिकार माइकल सेलर्स के मुताबिक, ‘ग्राहम की हत्या के अभी कोई सबूत नहीं दिख रहे हैं। लेकिन जिन स्थितियों में उनकी मौत हुई है, उस हिसाब से इस एंगल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस दिशा में भी जांच होनी चाहिए।’ रूस का खुलकर विरोध करते थे ग्राहम, निशाने पर थे… सवाल-4: लिंडसे ग्राहम के निशाने पर भारत कैसे आ गया था? जवाबः लिंडसे ग्राहम ने अपने करियर में कई मौकों पर भारत को निशाना बनाया है। रूस-यूक्रेन जंग के बाद यह और बढ़ गया… ग्राहम ने भारत को रूस या अमेरिका में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया था। साथ ही कहा था, ‘मुझे विश्वास है कि वो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चुनेंगे।' इसके बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने के चलते भारत पर 25% पेनल्टी टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर लगने वाला कुल टैरिफ बढ़कर 50% तक हो गया था। अगस्त 2025 में ग्रहाम ने फिर दावा किया कि भारत ने टैरिफ के दबाव के चलते रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। भारत पर दबाव की वजह से पुतिन जंग में समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। सवाल-5: ग्राहम की मौत ट्रम्प के लिए कितना बड़ा झटका है, असर क्या होगा? जवाबः ग्राहम ट्रम्प के बेहद करीबी सलाहकारों में से एक थे, खासकर विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर। मिडिल ईस्ट में उनकी खासी दिलचस्पी थी। ग्राहम को श्रद्धांजलि देते हुए ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'वो हमेशा काम करते रहते थे। वो सच्चे अमेरिकी राष्ट्रभक्त थे। उन्हें बहुत याद किया जाएगा। उनकी अचानक मौत मौजूदा हालातों में कई चुनौतियां पैदा करती हैं।’ ग्राहम का अचानक निधन ट्रम्प के लिए 3 वजहों से बड़ा झटका है… 1. चुनाव के लिए महीने भर में नया उम्मीदवार चुनना होगा: नवंबर 2025 में अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन होने हैं। इसमें ग्राहमी 5वीं बार साउथ कैरोलिना सीट से चुनाव लड़ने वाले थे। उनकी मौत के बाद अब 11 अगस्त तक रिपब्लिकन पार्टी को नए उम्मीदवार का चुनाव करना होगा। कई नेता अपनी दावेदारी पेश भी करने लगे हैं। यह सीट रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्राहम के अलावा जो भी इस सीट से चुनाव लड़ेगा, उसे हराना मुश्किल होगा। हालांकि लंबे समय बाद कोई नया कैंडिडेट डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मौका भी हो सकता है। 2. लोगों को ट्रम्प के पक्ष में करने वाला हुनरमंद साथी खोया: ट्रम्प ने खुद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि ग्राहम कोई भी चीज अप्रूव करवा सकते थे। उन्हें लोगों से अपनी बात मनवानी आती थी। अगर मुझे डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों से भी कोई समस्या होती थी, तो वो उनसे बात कर सुलझा लेते थे। 3. सीनेट में रिपब्लिकन की बढ़त कम हुई: 100 सीटों वाली अमेरिकी सीनेट में अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेटिक के पास 47 सीटें थीं। ग्राहम की मौत से एक सीट कम हो गई। वहीं एक अन्य सीनेटर मिच मैककोनेल अस्पताल में भर्ती हैं और सदन में उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में पहली बार ट्रम्प के पास सदन में 4 वोटों से कम की मार्जिन होगी। क्रॉस वोटिंग होने से ट्रम्प को जरूरी बिल पास कराने में मुश्किल होगी। --------- ये खबर भी पढ़िए… टीम इंडिया वर्ल्ड चैम्पियन से ‘लूजर’ कैसे बनी; 76 रन पर ऑलआउट, आयरलैंड से सीरीज हारी, आखिर जीत का फॉर्मूला क्यों बदला इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया 125 रन से हार गई। टी-20 में ये भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछले महीने आयरलैंड भी भारत को 2-0 से सीरीज हरा चुकी है। मार्च में टी-20 वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद टीम इंडिया ने 5 मैच खेले, कोई नहीं जीता। पूरी खबर पढ़िए…
देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से भगवान श्री हरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस पर यह तिथि 25 जुलाई 2026 को है। इस वर्ष देवशयनी एकादशी पर अमृतसिद्धि योग, शिववास योग, ब्रह्म योग, इंद्र योग, सूर्य और उच्च के गुरु का पुष्य नक्षत्र संयोग आदि कई दुर्लभ और शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन किए जाने वाले पूजा-पाठ और उपायों के फल को कई गुना बढ़ा देंगे। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में ये 5 विशेष उपाय जरूर करें। 1. केसर मिश्रित दूध से नारायण का अभिषेक देवशयनी एकादशी के शुभ संयोग में भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध या गंगाजल भरकर अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल और पीले फल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 2. तुलसी पूजा और दीपदान तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिय माना गया है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते और न ही उनमें जल चढ़ाया जाता है, इसलिए केवल दीपदान और परिक्रमा ही करें। 3. विष्णु सहस्रनाम या स्तोत्र का पाठ चूंकि भगवान विष्णु इसके बाद चार महीनों के लिए निद्रा में चले जाएंगे, इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए देवशयनी एकादशी पर 'विष्णु सहस्रनाम' या 'नारायण कवच' का पाठ अवश्य करें। यदि पाठ करना संभव न हो, तो इसे शांत मन से श्रवण करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति का वास होता है। 4. पीले अनाज और वस्त्रों का दान शुभ योगों के इस महासंयोग में दान करने का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले रंग की वस्तुएं जैसे- चना दाल, केला, सोना, हल्दी, या पीले वस्त्र दान करें। इस दान से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। 5. पीपल के वृक्ष पर अर्घ्य और प्रार्थना शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। एकादशी के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और शाम को वहां एक दीपक जलाकर अपनी मनोकामना कहें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने और अटके हुए धन को वापस पाने के लिए बेहद अचूक माना जाता है।
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने रविवार देर रात पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में पत्नी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पत्नी के जन्मदिन पर दोनों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार […] The post दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
रांची। झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रबदा गांव में सोमवार सुबह चाचा ने अपने ही 12 वर्षीय भतीजे की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान रबदा गांव निवासी साधु बैठा के 12 वर्षीय पुत्र रोशन बैठा के […] The post झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय मासूम, चाचा ने चाकू मारकर की भतीजे की हत्या appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में अपनी नियुक्ति के लिए मान्यता की मांग करने वाले 350 शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद इन सभी […] The post सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु के मदुरै में दो बसों की टक्कर से 5 लोगों की मौत, 42 घायल
चेन्नई। तमिलनाडु में मदुरै जिले के कोट्टमपट्टी के पास सोमवार तड़के एक निजी बस और तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की बस की टक्कर से पांच लोगों की मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतकों में चार पुरुष और एक महिला शामिल है। सभी घायलों को इलाज के लिए […] The post तमिलनाडु के मदुरै में दो बसों की टक्कर से 5 लोगों की मौत, 42 घायल appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में गो-हत्या रोकने के लिए मद्रास हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। राज्य में अब गो-हत्या पर हाई कोर्ट के आदेश की वजह से बकरीद के समय लगा प्रतिबंध हट गया है। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया। विजय सरकार ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय सरकार ने प्रदेश में गाय और बछड़े की हत्या पर पूरी तरह से बैन लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती क्या थी सिंंघवी की दलील? सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट,1958 का विरोधाभासी है। इसके तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की वह गाय, जो कि काम में इस्तेमाल या बच्चा देने लायक नहीं हैं, उनकी हत्या की अनुमति है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मौजूदा कानून पशुओं के वध को नियंत्रित करते हैं, लेकिन वे इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं करते। गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद 27 मई, 2027 को तमिलनाडु में गो-हत्या पर पूर्ण पाबंदी वाला आदेश जारी किया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों को भी शामिल किया था, जिसमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गाय की कुर्बानी आवश्यक नहीं है।
अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमरीका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी […] The post अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना appeared first on Sabguru News .
भारतीय कुश्ती के दिग्गज और अजेय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने 19 जुलाई को कुआलालंपुर, मलेशिया में पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ होने वाली अपनी बहुप्रतीक्षित 'एशिया चैंपियन खिताब' की भिड़ंत से पहले पूरा आत्मविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने के एकमात्र उद्देश्य के साथ रिंग (केज) में उतर रहे हैं। इस मुकाबले से जुड़ी आधिकारिक प्री-फाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के 'द ललित' होटल में आयोजित की गई। इस दौरान संग्राम सिंह, पीएमएमए (PMMA) मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन, पीएमएमए के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला, आयोजन समिति के सदस्य, संग्राम की कोचिंग टीम के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी मौजूद रहे। भारत बनाम पाकिस्तान के इस मुकाबले ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स (युद्धक खेलों) के प्रशंसकों के बीच पहले से ही भारी उत्साह पैदा कर दिया है, और इस मैच के विजेता को 'एशिया चैंपियन' का ताज पहनाया जाएगा। संग्राम सिंह का अब तक का सफर दो बार के राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) हेवीवेट कुश्ती चैंपियन और भारत के सबसे सम्मानित पेशेवर पहलवानों में से एक, संग्राम सिंह ने पेशेवर एमएमए (MMA) में कदम रखने के बाद से इतिहास रचा है। धमाकेदार शुरुआत: उन्होंने जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में हराकर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी। अजेय रिकॉर्ड: इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड में ट्यूनीशिया के हाकिम ट्रैबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कौडियर पर जीत दर्ज की। वर्तमान में उनका पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड 3-0 का है और वे अजेय हैं। ऐतिहासिक जीत: अर्जेंटीना में मिली उनकी जीत ने उन्हें अर्जेंटीना की धरती पर पेशेवर एमएमए मुकाबला जीतने वाला पहला भारतीय बना दिया। रिंग से इतर, संग्राम सिंह युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'फिट इंडिया आइकन' के रूप में काम करते हैं। उन्हें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छ भारत और विकसित भारत' अभियानों के लिए ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। उनके इस अंतरराष्ट्रीय एमएमए अभियान को वैश्विक स्तर पर फिटनेस, स्वस्थ जीवन शैली और भारतीय एथलीटों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है। संग्राम सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा: जब भी मैं केज (रिंग) में कदम रखता हूँ, तो मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि 145 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूँ। भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, चाहे खेल कोई भी हो, और मैं इस मुकाबले से जुड़ी भावनाओं को पूरी तरह समझता हूँ। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ ट्रेनिंग की है, लेकिन एक बार जब केज बंद हो जाएगा, तो मेरा एकमात्र मिशन यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराए। मेरा मानना है कि फिटनेस, समर्पण और मानसिक ताकत किसी भी एथलीट के सबसे बड़े हथियार होते हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव (IPS) ने कहा: “संग्राम सिंह उन मूल्यों के प्रतीक हैं जिन्हें भारतीय खेल बढ़ावा देना चाहते हैं—अनुशासन, लचीलापन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता। एक कुशल पहलवान से एक अजेय पेशेवर एमएमए एथलीट बनने का उनका सफर इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर नए खेलों में अपनी पहचान बना रहे हैं। हम संग्राम को शुभकामनाएं देते हैं क्योंकि वे इस महत्वपूर्ण चैंपियनशिप में देश की उम्मीदें लेकर जा रहे हैं। उनका यह सफर अनगिनत युवा भारतीयों को फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।” उम्र के बंधन को तोड़ते हुए संग्राम ने आगे कहा: लोग 40 साल की उम्र के बाद एमएमए शुरू करने के मेरे फैसले पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन मैं यह साबित करना चाहता था कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा उद्देश्य सिर्फ खिताब जीतना नहीं है, बल्कि युवा भारतीयों को जीवन जीने के तरीके के रूप में फिटनेस, अनुशासन और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। मैं भारत सरकार, फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय और उन सभी को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरे इस सफर का समर्थन किया है। उनके कोच भूपेश कुमार ने भारतीय फाइटर पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा: संग्राम ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो वर्षों में उनकी कुश्ती की पृष्ठभूमि, उनके स्ट्राइकिंग (प्रहार) करने के तरीके, कंडीशनिंग और मानसिक क्रूरता में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम आबिद अली का सम्मान करते हैं, लेकिन संग्राम भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल के जरिए एकता का संदेश PMMA मलेशिया के अध्यक्ष, इस्माइल मरज़ुकी बिन ने एशियाई कॉम्बैट स्पोर्ट्स के बढ़ते कद की सराहना की: एशिया चैंपियन खिताब एशिया में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और पाकिस्तान में खेल को लेकर एक अलग ही जुनून है, और यह मुकाबला इस क्षेत्र से उभरती हुई बेहतरीन प्रतिभाओं को प्रदर्शित करेगा। हमें इस स्तर के एथलीटों को एक मंच पर लाने में गर्व और बेहद खुशी हो रही है। PMMA के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला ने कहा कि यह आयोजन खेल के माध्यम से एकता का प्रतीक है:कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सम्मान, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के जरिए देशों को एकजुट करने की अनूठी क्षमता होती है। हमें विश्वास है कि यह चैंपियनशिप एशिया की प्रमुख एमएमए प्रतियोगिताओं में से एक बनेगी, और हम संग्राम सिंह और आबिद अली जैसे विशिष्ट एथलीटों की भागीदारी की सराहना करते हैं। आयोजकों के अनुसार, एशिया चैंपियन खिताब की यह भिड़ंत हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़े कॉम्बैट स्पोर्ट्स मुकाबलों में से एक होने की उम्मीद है। यह एशियाई फाइटर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। यूरोप और दक्षिण अमेरिका में जीत का परचम लहरा चुके अजेय संग्राम सिंह अब पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ 'एशिया चैंपियन खिताब' के लिए भिड़ेंगे और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।
सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का नक्षत्र परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 20 जुलाई 2026 को सूर्य देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के स्वामित्व वाले और नक्षत्रों के राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस नक्षत्र में 3 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। सूर्य और शनि के बीच भले ही शत्रुता का भाव हो, लेकिन पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ, पोषण करने वाला और समृद्धि देने वाला माना गया है। जब मान-सम्मान के कारक सूर्य इस कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो यह सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है। आइए जानते हैं कि इसगोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि: सुख-सुविधाओं ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल में वृद्धि मेष राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ है। कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। भूमि, भवन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे। माता के पक्ष से पूरा सहयोग और लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृषभ राशि: करियर में मान-सम्मान और नई शुरुआत आपके लिए 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह गोचर एक नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। करियर के क्षेत्र में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। किसी नए निवेश या प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में पैसा लगाना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित होगा। सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। मिथुन राशि: आर्थिक मजबूती और धन लाभ मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से शानदार परिणाम देगा। आपकी वाणी के प्रभाव से अटके हुए काम पूरे होंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ या अचानक धन लाभ के योग हैं। निवेश करने के लिए यह समय बहुत उत्तम है। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा कर्क राशि: पद-प्रतिष्ठा में लाभ, पर वाणी पर रखें संयम कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में नए अवसर लाएगा, लेकिन चूंकि सूर्य शनि के नक्षत्र में हैं, इसलिए आपको कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस के साथ वाद-विवाद से बचना चाहिए। अपने गुस्से और अहंकार पर काबू रखें तथा वाहन सावधानी से चलाएं। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा सिंह राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी और सफलता चूंकि सूर्य देव आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र बदलने से आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में जबरदस्त इजाफा होगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी क्षेत्रों या उच्च अधिकारियों से सीधा लाभ मिल सकता है। पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलेगी। कन्या राशि: किस्मत का मिलेगा पूरा साथ कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यशाली रहेगा। आपके रुके हुए सरकारी काम पूरे होने की प्रबल संभावना है। छात्रों के लिए यह समय उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का संकेत दे रहा है। अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखें, काम अपने आप बनते चले जाएंगे। तुला राशि: सूझबूझ से मिलेगी स्थिरता तुला राशि के लिए यह गोचर जीवन में स्थिरता लेकर आ रहा है। यह समय आपको अनुशासित होकर काम करने की प्रेरणा देगा। जल्दबाजी में कोई भी व्यावसायिक समझौता या निर्णय न लें। पारिवारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने का यह सबसे उत्तम समय है। वृश्चिक राशि: भाग्य का साथ और लाभकारी यात्राएं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकता है। आपके अटके हुए कामों को गति मिलेगी। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है। व्यावसायिक या धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक रहेंगी। धनु राशि: मिले-जुले परिणाम, सेहत का रखें ध्यान धनु राशि वालों के लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम देगा। आर्थिक मामलों में आपको थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। अचानक से कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं। इस दौरान खान-पान का ध्यान रखें और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में कोई जल्दबाजी न दिखाएं। मकर राशि: सुख-समृद्धि का संचार चूंकि पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं और मकर राशि के स्वामी भी शनि हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा। आर्थिक लाभ और पारिवारिक खुशहाली का योग है। आप लंबे समय से सोचे गए किसी बड़े प्रोजेक्ट को इस दौरान धरातल पर उतार सकते हैं। कुंभ राशि: विरोधियों पर विजय, पर सहकर्मियों से न उलझें कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में सफलता दिलाने वाला रहेगा। आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे। हालांकि, कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें और अनावश्यक बहस से पूरी तरह दूर रहें। मीन राशि: फोकस बनाए रखने की जरूरत मीन राशि के जातकों को इस अवधि में अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहना होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों और प्रियजनों के साथ बातचीत करते समय थोड़ा पोलाइट (विनम्र) रहें, ताकि कोई गलतफहमी पैदा न हो। शुभ फल पाने के उपाय इस गोचर काल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए: रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। नियमित रूप से ॐ आदित्याय नमः मंत्र का जाप करें। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों की मदद करें।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित
बेंगलूरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया। आयोग के अध्यक्ष पर अपनी दो बेटियों को आरक्षण का गलत लाभ लेकर सरकारी नौकरी देने का आरोप है। राज्यपाल ने आयोग अध्यक्ष पर […] The post कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित appeared first on Sabguru News .
‘जुरासिक पार्क’अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन
वेलिंगटन। हॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता और जुरासिक पार्क तथा द पियानो जैसी चर्चित फिल्मों में अपनी दमदार अभिनय क्षमता के लिए चर्चित सैम नील का निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। नील का सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में निधन हो गया। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जारी बयान में कहा गया […] The post ‘जुरासिक पार्क’ अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .
आषाढ़ अमावस्या 2026: पितरों की कृपा पाने और पितृदोष से मुक्ति के 5 अचूक उपाय
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात आषाढ़ महीने की अमावस्या की हो, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य और भी बढ़ जाता है। आषाढ़ अमावस्या को पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए बेहद पवित्र माना गया है। यदि आपकी कुंडली में पितृदोष है या जीवन में बिना वजह परेशानियां आ रही हैं, तो इस दिन कुछ खास कार्य करके आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन 5 मुख्य कार्यों के बारे में, जिन्हें करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण आषाढ़ अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर स्नान करने का विधान है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद अंजलि में जल, काले तिल, कुश और जौ लेकर पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें तर्पण दें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वे वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ALSO READ: आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या का संयोग आज, यदि कर लिए ये 5 कार्य तो चमक जाएगी किस्मत 2. पिंडदान और श्राद्ध कर्म यदि किसी कारणवश पूर्वजों की पुण्यतिथि पर उनका श्राद्ध न किया जा सका हो, तो आषाढ़ अमावस्या इसके लिए सर्वोत्तम तिथि है। इस दिन योग्य ब्राह्मणों के माध्यम से आदरपूर्वक पितरों के निमित्त पिंडदान या तर्पण करवाना चाहिए। दोपहर के समय (कुतुप मुहूर्त में) किया गया श्राद्ध सीधे पितरों तक पहुंचता है और इससे कुंडली में मौजूद गंभीर से गंभीर पितृदोष भी शांत होता है। 3. पंचबलि भोग और ब्राह्मण भोज अमावस्या के दिन सात्विक भोजन बनाएं और उसका एक हिस्सा सबसे पहले अग्नि को समर्पित करें। इसके बाद शास्त्रों के अनुसार 'पंचबलि' निकालें, यानी भोजन के पांच हिस्से करके उन्हें क्रमशः गाय, कुत्ते, कौए, देवादि और चींटियों को खिलाएं। इसके उपरांत आदरपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, अनाज या दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। माना जाता है कि कौए और गाय के रूप में पितर ही हमारा दिया भोग स्वीकार करते हैं। ALSO READ: हलहारिणी अमावस्या की पौराणिक कथा 4. पीपल के वृक्ष की पूजा और दीपदान पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना गया है। आषाढ़ अमावस्या के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल में दूध, काले तिल और गंगाजल मिलाकर अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय पीपल के जड़ के पास सरसों के तेल का एक दीपक (दीपदान) जलाएं और अपने पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें। ध्यान रहे कि इस दिन पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। 5. तिल, अन्न और गुप्त दान अमावस्या की तिथि दान के बिना अधूरी मानी जाती है। इस दिन जरूरतमंदों या किसी गरीब व्यक्ति को काले तिल, सफेद वस्त्र, छाता, चप्पल, घी या मौसमी फलों का दान करें। आषाढ़ के महीने में गर्मी और बारिश का मौसम होता है, इसलिए इस समय जल का दान करना (जैसे प्याऊ लगवाना या पानी का मटका दान करना) महापुण्य का काम माना जाता है। इस प्रकार के दान से पितर अत्यंत प्रसन्न होकर घर में खुशहाली का वरदान देते हैं। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? ALSO READ: Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय
अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा
अजमेर। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक के तहत अजमेर कलेक्ट्रेट में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। वहीं प्रशासनिक अनदेखी के चलते नगर निगम की भव्य इमारत पर ध्वज यथावत फहराता रहा। सामान्य प्रशासन (प्रोटोकॉल) विभाग द्वारा जारी आदेश […] The post अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा appeared first on Sabguru News .
सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट
छपरा। बिहार में सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र में खेत में अकेली काम करने गयी एक युवती से दुष्कर्म करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि डुमरी गांव की एक युवती अकेले अपने खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान उसे खेत में […] The post सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल
बालोतरा। राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपादरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात को ट्रेलर के पीछे स्कॉर्पियो कार के टकराने से पांच लोगों की मौत हाे गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये हैं। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बीती देर रात भांडियावास के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो […] The post बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल appeared first on Sabguru News .
वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए पांच युवतियों, दो ग्राहकों तथा होटल के दो संचालकों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर […] The post वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .
बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर
बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के मनोरम चतुचक जिले में रविवार देर रात एक बार में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 63 से अधिक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। […] The post बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .
यामल बनाम एमबाप्पे, क्या स्पेन रोक पाएगा फ्रांस के विश्वकप फाइनल जाने का सिलसिला?
फीफा विश्वकप में फ्रांस की टीम बेहतरीन दिखाई दी है। अगर सेनेगल का मैच हटा दे तो हर मैच में टीम का दबदबा रहा है। वहीं स्पेन की बात करें तो टीम ने सातवें मुकाबले में अपना पहला गोल खाया था। मतलब मंगलवार को पहले सेमीफाइनल का मुकाबला बेहतरीन आक्रमण पंक्ति और सुदृढ रक्षात्मक पंक्ति के बीच होगा। फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था। France's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/3c7PbsiCjj — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 लेकिन इस बार उसके सामने खड़ी है स्पेन जो कई मौकों पर फ्रांस के सामने बड़े मुकाबले में आकर खड़ी हो जाती है। इन दोनों टीमों का मुकाबला अक्सर टूर्नामेंट के ऐसे ही मोड़ पर होता है।फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है। फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया। Spain's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/os0ksOZMOG — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं। स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।
आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी बनी राजनीतिक मुद्दा, नितेश राणे बोले- 'क्या इसे लव जिहाद का उदाहरण माना जाए बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी अब सिर्फ निजी जिंदगी की खबर नहीं रह गई है, बल्कि इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह के मामलों को ‘लव जिहाद’ के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। नितेश राणे ने सेलिब्रिटीज को लेकर कही बड़ी बात अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक कार्यक्रम के दौरान नितेश राणे ने कहा कि जब बड़ी हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के फैसले लेती हैं, तो समाज को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से अपील की कि वे किसी भी सेलिब्रिटी को समर्थन देने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। राणे ने सवाल उठाते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ का चेहरा कौन है और क्या आमिर खान इस तरह की चर्चा का हिस्सा नहीं बन रहे हैं? उन्होंने कहा कि जो युवा उनकी फिल्मों को देखते हैं और उन्हें बड़ा स्टार बनाते हैं, उन्हें भी ऐसे मामलों पर अपनी राय बनाते समय सोचने की जरूरत है। फिल्मों के बहिष्कार को लेकर भी दिया बयान मंत्री नितेश राणे ने यह भी कहा कि लोगों को यह तय करना चाहिए कि वे किन हस्तियों को अपना समर्थन देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसी हस्तियों को सेलिब्रिटी का दर्जा देते हैं, उन्हें अपने फैसलों और सोच पर दोबारा विचार करना चाहिए। 5 जुलाई को आमिर खान ने की तीसरी शादी गौरतलब है कि अभिनेता आमिर खान ने 5 जुलाई को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने पाली हिल आवास पर एक निजी समारोह में शादी की थी। उन्होंने वेलनेस और ब्यूटी प्रोफेशनल गौरी स्प्रैट के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की। दोनों शादी से पहले करीब एक साल तक रिलेशनशिप में थे। रीना दत्ता और किरण राव के बाद गौरी बनीं आमिर की जीवनसाथी आमिर खान की यह तीसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से पहली शादी की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्ममेकर किरण राव से दूसरी शादी की, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। अब आमिर खान ने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की है।
गुप्त नवरात्रि 2026: पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का सही समय
साल 2026 में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई, 2026, दिन बुधवार से शुरू होकर 23 जुलाई, 2026, दिन गुरुवार तक रहेगी। इस नवरात्रि में साधना का खास महत्व माना गया है। यदि आप पूजा और साधना करने जा रहे हैं तो जानिए कलश स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त। कलश,तिथि,घटस्थापना मुहूर्त: कलश और घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:09 बजे से 10:33 तक। पूजा का शुभ मुहूर्त: दिन में 10:49 से 12:30 तक, शाम को 5:33 से 7:15 और 8:37 से 9:56 तक। प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 14 जुलाई 2026 को मध्यरात्रि 03:12 बजे से। प्रतिपदा तिथि समाप्त- 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे तक। नवरात्रि की शुरुआत: कैसे करें सही समय पर घटस्थापना और क्यों जरूरी हैं नियम? शारदीय हो या गुप्त, नवरात्रि की नौ दिवसीय दिव्य उत्सव का आगाज़ 'घटस्थापना' (जिसे हम कलश स्थापना भी कहते हैं) के साथ होता है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि साक्षात आदि शक्ति माँ दुर्गा का अपने घर में आह्वान करने का सबसे पवित्र अनुष्ठान है। हमारे शास्त्रों में इसके लिए बेहद कड़े और स्पष्ट नियम बताए गए हैं, क्योंकि माना जाता है कि गलत समय पर की गई घटस्थापना से देवी मां रुष्ट भी हो सकती हैं। इसीलिए, अमावस्या के दिन और रात के समय कलश स्थापना करना पूरी तरह वर्जित है। मूर्हत का सही गणित: कब करें स्थापना? कलश स्थापना के लिए समय का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है। इसके लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम तय किए गए हैं: प्रतिपदा का पहला तिहाई भाग: प्रतिपदा तिथि के दिन का शुरुआती एक-तिहाई हिस्सा घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। अभिजित मुहूर्त का विकल्प: यदि किसी कारणवश आप सुबह के शुभ समय में स्थापना न कर पाएं, तो दोपहर का 'अभिजित मुहूर्त' सबसे श्रेष्ठ बैकअप प्लान है। मध्याह्न से पहले का नियम: सबसे जरूरी बात यह ध्यान रखनी चाहिए कि घटस्थापना हमेशा हिंदू मध्याह्न (दोपहर) से पहले, प्रतिपदा तिथि रहते ही कर ली जाए। नक्षत्र, योग और लग्न का खास तालमेल मुहूर्त की गणना करते समय ज्योतिषीय पहलुओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है: किसे टालें: कलश स्थापना के समय 'चित्रा नक्षत्र' और 'वैधृति योग' को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि ये पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं, फिर भी इनसे बचना बेहतर माना जाता है। द्वि-स्वभाव लग्न (कन्या लग्न): ज्योतिष में शुभ काम के लिए द्वि-स्वभाव लग्न को प्राथमिकता दी जाती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान सूर्योदय के समय कन्या लग्न (जो कि द्वि-स्वभाव लग्न है) प्रभावी होता है। इसलिए यदि समय अनुकूल हो, तो इसी लग्न में घटस्थापना करना बेहद शुभ होता है। भूलकर भी इन समयों पर न करें कलश स्थापना शास्त्रों के अनुसार, कुछ समय ऐसे होते हैं जब शुभ शक्तियां सुप्त होती हैं या उनका प्रभाव कम होता है। इसलिए निम्नलिखित समय पर घटस्थापना कभी न करें: दोपहर का समय (मध्याह्नकाल) रात्रि का समय सूर्योदय होने के बाद के 16 घटी (लगभग 6 घंटे 24 मिनट) बीत जाने के बाद का समय। (नोट: यदि आप इस वर्ष की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए आप संपूर्ण आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कैलेंडर की मदद से सटीक तिथियां देख सकते हैं।)
सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर
भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई। इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ। इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे । इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है। The way this guy keeps cooking Shreyas Iyer is unreal. pic.twitter.com/52ry2EJNBV — Ahmed Says (@AhmedGT_) July 11, 2026 अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’ भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’
पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद के भाड़ज इलाके में आयोजित एक महा-अभियान के तहत, महज एक घंटे के भीतर मियावाकी पद्धति से 3 लाख 61 हजार से अधिक पौधे लगाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness World Record) स्थापित किया गया है। लगभग 91,006 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान शहर के पर्यावरणीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर लोकसभा के सांसद अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शहरी विकास मंत्री, अहमदाबाद के मेयर, मुख्य सचिव और म्युनिसिपल कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे। उत्तर-पश्चिम जोन के थलतेज वार्ड में गोता-गोधवी कैनाल के पास स्थित इस स्थल पर सभी गणमान्य लोगों ने खुद पौधा लगाकर अपना अमूल्य योगदान दिया। 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय जनभागीदारी इस महा-अभियान की भव्य सफलता के पीछे एक अनुकरणीय जनभागीदारी रही। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए AMC के सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल बोर्ड, BAPS संस्था, CREDAI, पुलिस स्टाफ, NCC के छात्र और विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक संगठनों (NGOs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 25,000 से अधिक उत्साही स्वयंसेवकों और पर्यावरण-प्रेमी नागरिकों ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया और इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग अभियान को हकीकत में बदला। मियावाकी पद्धति और 35 स्थानीय प्रजातियों का बेहतरीन समन्वय इस वृक्षारोपण अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जापानी 'मियावाकी पद्धति' का उपयोग किया गया है, जो बहुत कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए जानी जाती है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल करीब 35 स्थानीय (Indigenous) प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। ये स्वदेशी पेड़ भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, कार्बन सोखने, तापमान नियंत्रण और शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सतत शहरी विकास और वैश्विक स्तर पर मिली नई पहचान अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित यह वैश्विक रिकॉर्ड केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सौंपने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इस अभियान के जरिए अहमदाबाद ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और नई पहचान बनाई है। जनभागीदारी और प्रशासन के इस बेहतरीन तालमेल से लिया गया यह कदम अहमदाबाद को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सतत (Sustainable) शहर बनाने की दिशा में आगे ले जाएगा।
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया घटना की निंदा करते हुए न्यायपालिका में घटते जनविश्वास, न्यायिक स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों पर अपने विचार रखे हैं
Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?
Monsoon Immunity Tips: बारिश का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई मौसमी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां मानसून के दौरान तेजी से फैल सकती हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में केवल स्वादिष्ट मानसूनी व्यंजनों का आनंद लेना ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। ALSO READ: बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा अगर आप भी इस मानूसन में बीमार पड़ने के बजाय रिमझिम फुहारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप खुद को बिल्कुल फिट रख सकते हैं: 1. डाइट में करें थोड़ा बदलाव यानी खान-पान पर कंट्रोल बारिश के मौसम में पकौड़े और चाट-पकौड़ी खाने का मन सबसे ज्यादा करता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। स्ट्रीट फूड से तौबा: इस मौसम में बाहर का खुला खाना, कटी हुई सब्जियां, फल और गंदा पानी 'टायफायड' और 'डायरिया' जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए बाहर खाने से बचें। हरी पत्तेदार सब्जियों को कहें 'ना': बारिश में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर खाएं भी, तो उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर, उबालकर ही खाएं। इम्यूनिटी बूस्टर अपनाएं: अपनी चाय या काढ़े में अदरक, तुलसी, काली मिर्च, लौंग और हल्दी का इस्तेमाल बढ़ा दें। 2. पानी उबालकर ही पीएं मानसून में जल जनित रोग बहुत तेजी से फैलते हैं क्योंकि इस मौसम में पीने के पानी के सोर्स जल्दी दूषित हो जाते हैं। हमेशा पानी को उबालकर और छानकर पीएं। अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं, तो केवल सीलबंद भरोसेमंद ब्रांड का ही पानी पीएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखना इस मौसम में भी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी में। 3. पर्सनल हाइजीन/ व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान नमी के कारण इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी बहुत आम हो जाती है। भीगने पर तुरंत नहाएं: अगर आप बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आकर साफ पानी और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से तुरंत नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं। गीले कपड़े और जूते न पहनें: कपड़ों या जूतों में थोड़ी भी नमी हो, तो उन्हें न पहनें। फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए पैरों को साफ और सूखा रखें। एक छोटा सा मंत्र: इस मौसम में 'ताजा खाएं, उबला पानी पीएं और एक्टिव रहें'। मानसून का मजा तभी है जब आपकी सेहत एकदम चकाचक हो! 4. घर के अंदर ही करें वर्कआउट बारिश की वजह से अक्सर मॉर्निंग वॉक या जिम जाना छूट जाता है, जिससे लोग सुस्त महसूस करने लगते हैं। लेकिन फिटनेस से नो कॉम्प्रोमाइज! अगर बाहर बारिश हो रही है, तो घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या स्किपिंग/ रस्सी कूदना जैसे कार्य करें। आप 20-30 मिनट का कोई भी होम वर्कआउट यूट्यूब की मदद से कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सही रहेगा और वजन भी कंट्रोल में रहेगा। 5. मच्छरों से रहें सावधान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां मानसून की ही देन हैं क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। अपने घर के आसपास, कूलरों में, गमलों या टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंटका इस्तेमाल जरूर करें। पूरी आस्तीनके कपड़े पहनें। ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
4 बड़े बच्चों की मां नहीं बनना चाहती थीं हेमा मालिनी, मां के कहने पर साइन की थी 'बागबान'
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' यानी हेमा मालिनी ने अपने दशकों लंबे करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने पर्दे पर जो भी किरदार निभाया, उसे हमेशा के लिए अमर कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक 'बागबान' (2003) को हेमा मालिनी लगभग रिजेक्ट करने वाली थीं? हेमा मालिनी इस फिल्म में काम करने के मूड में बिल्कुल नहीं थीं। आइए जानते हैं उस दिलचस्प किस्से के बारे में, जिसने हेमा मालिनी के करियर को एक नया मोड़ दे दिया। ALSO READ: 'धमाल 4' की कमाई में दूसरे दिन 50% का उछाल, शनिवार को किया इतना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन साल 2003 में जब निर्देशक रवि चोपड़ा पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'बागबान' की स्क्रिप्ट लेकर हेमा मालिनी के पास पहुंचे, तो कहानी सुनकर हेमा असमंजस में पड़ गईं। दरअसल, हेमा मालिनी लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही थीं। एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए हेमा मालिनी ने बताया था, जब रवि चोपड़ा मुझे 'बागबान' की कहानी सुना रहे थे, तो मेरी मां (जया चक्रवर्ती) भी वहीं बैठी हुई थीं। कहानी सुनने के बाद मैंने अपनी मां से धीरे से कहा कि इसमें तो 4 इतने बड़े लड़कों की मां का रोल है, मैं भला यह कैसे कर सकती हूं? लंबे समय बाद वापसी करते हुए मुझे इस तरह के रोल से शुरुआत क्यों करनी चाहिए? हेमा मालिनी को डर था कि इतने बड़े बच्चों की मां का किरदार निभाने से उनकी 'ड्रीम गर्ल' वाली इमेज पर असर पड़ सकता है। हेमा मालिनी भले ही इस रोल को लेकर तैयार नहीं थीं, लेकिन उनकी मां जया चक्रवर्ती को फिल्म की स्क्रिप्ट में छिपा हुआ जादू समझ आ गया था। उन्होंने तुरंत हेमा की हिचकिचाहट को खारिज कर दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हेमा मालिनी ने आगे बताया था, मेरी मां ने मुझसे कहा— 'नहीं-नहीं, तुम्हें यह फिल्म हर हाल में करनी ही होगी। इस फिल्म की कहानी बहुत खूबसूरत है और तुम्हारा किरदार बेहद दमदार है।' मां के बार-बार समझाने और उनके दबाव के बाद आखिरकार मैंने कहा, ठीक है, मैं यह फिल्म करूंगी। मल्टीस्टारर 'बागबान' और अमिताभ-हेमा की एवरग्रीन केमिस्ट्री रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी 'बागबान' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है। फिल्म में हेमा मालिनी के अपोजिट बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन नजर आए थे। सालों बाद जब यह जोड़ी स्क्रीन पर लौटी, तो उनकी केमिस्ट्री ने आग लगा दी।
सिर्फ एक साल में 130 से 1300% तक रिटर्न। 8 से 10 रुपए का शेयर कुछ ही महीनों में 100 रुपए के पार पहुंच गया। दैनिक भास्कर की टीम ने शेयर बाजार में लिस्टेड और भरपूर मुनाफा देने वाली गुजरात की ऐसी 6 कंपनियों की पहचान की और उनके रजिस्टर्ड पते पर पहुंची। वहां जो मिला, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। जिन कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह भाग रहे थे, कहीं उनके बंद ऑफिस मिले, कहीं वीरान प्लॉट और कहीं फोटोकॉपी की दुकान। इन सभी कंपनियों के रजिस्टर्ड ऑफिस और कुछ के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में ही हैं। बाजार की भाषा में जिन शेयरों को पेनी स्टॉक कहा जाता है, उनमें संदिग्ध तरीके से भारी उतार-चढ़ाव दिखा। इन कंपनियों में प्रमोटर होल्डिंग में भी चौंकाने वाले बदलाव दिखे हैं। स्टॉक मार्केट के डेटा का एनालिसिस करने वाली वेबसाइट Screeners से मिले आंकड़ों को देखने के बाद कई सवाल खड़े हुए। इस इन्वेस्टिगेशन में जो पता चला, वह शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले छोटे-बड़े निवेशकों के लिए जानना और समझना जरूरी है। हो सकता है कि इन कंपनियों के शेयर आपके पोर्टफोलियो में भी हों। ऐसा होने पर आपकी कमाई जोखिम में पड़ सकती है। 1. सप्तक केमिकल: ऑफिस की जगह फोटोकॉपी की दुकान एक साल में निवेशकों का पैसा 1300 गुना करने वाली कंपनी सप्तक केमिकल का रजिस्टर्ड ऑफिस आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, तीर्थस्थान डाकोर के मोहन चेंबर कॉम्प्लेक्स में है। कागजों पर यह केमिकल कंपनी है, लेकिन मोहन चेंबर की दुकान नंबर-3 पर पहुंचते ही हैरानी हुई। वहां न कोई कॉर्पोरेट ऑफिस था और न ही फैक्ट्री। वहां 'चामुंडा जेरॉक्स' नाम की एक दुकान थी, जो बंद मिली। बोर्ड पर लिखे नंबर के आधार पर दुकान के मालिक जिग्नेश भावसार से संपर्क किया गया। वे मौके पर पहुंचे और सप्तक केमिकल्स के बारे में जो जानकारी दी, उसने एक अलग तस्वीर सामने रख दी। जिग्नेशभाई ने बताया, ‘वे लोग कभी यहां आते नहीं थे। करीब 5 साल बाद बार-बार सरकारी जांच होने लगी, तो मैंने जगह देने से मना कर दिया। इसके बाद किराया भी बंद हो गया। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में आज भी यही पता दर्ज है। करीब छह महीने पहले दिल्ली से भी अधिकारी जांच के लिए आए थे।’ सवाल यह है कि जिस कंपनी के ऑफिस की जगह 88 फीट की फोटोकॉपी की दुकान हो, जहां कोई कर्मचारी नहीं हो, कोई कारोबार नहीं हो, वह कंपनी एक साल में 1300% का रिटर्न कैसे दे सकती है? आखिर एक केमिकल कंपनी का ऐसा कौन-सा बिजनेस मॉडल है। इतना ही नहीं, पिछले एक साल में कंपनी के प्रमोटरों ने भी अपने हिस्से के शेयर बेचना शुरू कर दिया है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 12.5% रह गई है। बाकी हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास है। यह तो सिर्फ शुरुआत थी। हमारी टीम जैसे-जैसे गुजरात के अलग-अलग जिलों में दूसरी कंपनियों के ऑफिस और प्लांट के पते पर पहुंची, नए खुलासे होते गए। हमारी लिस्ट में अगली कंपनी थी उमिया ट्यूब्स। 2. उमिया ट्यूब्स: ट्यूब बनाने वाली कंपनी के पते पर जंगल कंपनी के रजिस्टर्ड प्लांट का पता साबरकांठा जिले के तलोद के पास तोरणिया गांव का था। उम्मीद थी कि यहां ट्यूब बनाने का बड़ा प्लांट होगा, जहां भारी मशीनरी भी देखने को मिलेगी। मौके पर पहुंचने के बाद लगा जैसे रास्ता ही गलत आ गए हों। वहां कोई फैक्ट्री नहीं थी। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि जिस वीरान जमीन पर कांटेदार झाड़ियां और बबूल उगे हुए थे, इसी जमीन पर कागजों में उमिया ट्यूब्स का प्लांट दर्ज है। यहां से हमारी टीम कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। गांधीनगर के सेक्टर-11 में बने ऑफिस के बाहर कंपनी का छोटा सा बोर्ड लगा था, लेकिन शटर पर ताला मिला। ऑफिस का बड़ा हिस्सा पार्टीशन करके किसी और को ऑफिस के लिए किराए पर दिया गया था। प्रमोटरों ने तीन साल में 46% शेयर बेचे पास के ऑफिस में मौजूद एक शख्स से इस बारे में सवाल किया। उसने कहा कि ऑफिस और प्लांट कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन डॉक्युमेंट अब भी यहीं आते हैं। अब इस कंपनी के शेयर में आए संदिग्ध बदलाव को नीचे दिए गए ग्राफिक्स के जरिए समझिए। फिलहाल उमिया ट्यूब्स में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 4% रह गई है, जबकि लगभग 96% शेयर आम निवेशकों के पास हैं। सितंबर 2023 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी करीब 50% थी। ऐसे में ढाई साल के भीतर इतना बड़ा बदलाव आखिर क्यों आया? जब प्लांट और रजिस्टर्ड ऑफिस के नाम पर कुछ भी नहीं मिला, तो यह कंपनी शेयर बाजार में करीब 175% का रिटर्न कैसे दे रही है, यह एक गंभीर सवाल है। 3. संगीनीता केमिकल्स: सिक्योरिटी गार्ड ने बताया, प्लांट तीन महीने से बंद संगीनीता केमिकल्स का प्लांट गांधीनगर जिले के छत्राल GIDC फेज-4 में है। वहां पहुंचने पर पिछली दो कंपनियों की तरह ही मेन गेट पर ताला लटका मिला। पास ही एक दुकान थी। कंपनी के बारे में पूछने पर दुकानदार ने बताया कि कंपनी कुछ समय पहले ही बंद हो चुकी है। कैंपस के अंदर सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड था। उसने भी कहा कि कंपनी का प्लांट पिछले तीन महीनों से बंद है। यहां कोई कामकाज नहीं हो रहा। ऑफिस में 4-5 कर्मचारी, अधिकारी बोले- 10 दिन बाद आना इसके बाद टीम गांधीनगर के सेक्टर-11 में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। वहां चार-पांच कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन मुख्य चेंबर खाली था। कर्मचारियों ने कंपनी के कामकाज से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। स्टाफ ने हमारी बात अपने एक सीनियर अधिकारी से फोन पर कराई। हमने कंपनी की मौजूदा स्थिति के बारे में सवाल किए। फोन पर बात करने वाले अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल इस पर बात नहीं कर सकता। आप 10 दिन बाद आइए।’ इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने उस अधिकारी का नंबर भी नहीं दिया। ध्यान देने वाली बात यह है कि छत्राल में संगीनीता केमिकल्स का प्लांट बंद है। कंपनी की तिमाही बिक्री में 29.36% की गिरावट दर्ज हुई है, इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार ऊपर जा रहा है। वहीं प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी घटकर सिर्फ 25% रह गई है। पहले यह करीब 60% थी। 4. AVI पॉलिमर्स: दरवाजे पर ताला और मकड़ी के जाले कागजों में AVI पॉलिमर्स का ऑफिस अहमदाबाद के पॉश इलाके वस्त्रापुर के नालंदा कॉम्प्लेक्स में दर्ज है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के गेट पर मकड़ी के जाले लगे थे। पहली नजर में ही ऐसा लगा कि यह ऑफिस कई साल से नहीं खुला है। दरवाजे पर एक पर्ची लगी थी, जिस पर लिखा था कि यहां आने वाले सभी दस्तावेज ऑफिस नंबर-96 में जमा कराएं। इसके बाद हमारी टीम ऑफिस नंबर-96 पहुंची। वहां मौजूद स्टाफ ने हमें ग्राहक समझते हुए पूछा, ‘क्या आप ऑफिस किराये पर लेने आए हैं।’ हमने कंपनी के बारे में पूछा तो उन्होंने मालिक का मोबाइल नंबर दिया। मालिक से बात हुई तो उन्होंने कंपनी के बारे में चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘यह कंपनी तो काफी समय पहले बंद हो चुकी है।’ कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी सिर्फ 1% के आसपास रह गई है, यानी मालिक लगभग पूरी तरह कंपनी से बाहर निकल चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में कंपनी का तिमाही लाभ (प्रॉफिट वैरिएशन) 1283.78% दर्शाया गया है और शेयर ने 143.45% का रिटर्न दिया है। 5. केस्टोरा एग्री: एक ही पते पर दो-दो कंपनियां अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्थित निर्माण कॉम्प्लेक्स में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज का ऑफिस होने का जिक्र आधिकारिक दस्तावेजों में है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के बाहर लगे बोर्ड पर केस्टोरा एग्री के साथ बड़े अक्षरों में हरिगोपाल स्टील एंड मेटल प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम लिखा मिला। ऑफिस पर ताला भी लगा हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि यह ऑफिस रेगुलर कभी खुलता ही नहीं। एग्री कमोडिटीज के नाम से चल रही इस कंपनी की तिमाही बिक्री (क्वार्टर सेल्स वैरिएशन) शून्य है, यानी कोई नया कारोबार नहीं हो रहा। इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। केस्टोरा एग्री के शेयरों से प्रमोटरों ने भी बनाई दूर सितंबर 2023 में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज लिमिटेड में पब्लिक शेयरहोल्डिंग करीब 73% और प्रमोटर होल्डिंग लगभग 26% थी। मार्च 2026 तक स्थिति पूरी तरह बदल गई। प्रमोटरों ने ज्यादातर हिस्सेदारी बेच दी और उनके पास सिर्फ 5% शेयर बचे। वहीं 94% से ज्यादा हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास पहुंच गई। 6. गुरुकृपा जेम्स: लिस्ट में सिर्फ एक कंपनी, जहां कामकाज सामान्य मिला इस लिस्ट में सिर्फ गुरुकृपा जेम्स ऐसी कंपनी थी, जिसका अहमदाबाद के आश्रम रोड स्थित चार मंजिला ऑफिस चलता हुआ मिला। वहां कर्मचारी काम करते हुए दिखाई दिए। ग्राउंड रियलिटी में सब कुछ सामान्य लगा। हालांकि वहां से जानकारी मिली कि कंपनी का नाम बदलकर अब भक्ति ज्वेल्स कर दिया गया है। इसके बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का नाम गुरुकृपा जेम्स ही है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सितंबर 2023 में कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग करीब 40% थी, जो अब घटकर 9.76% रह गई है। वहीं तिमाही मुनाफे में 84.66% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर ने एक वर्ष में 209.32% का रिटर्न दिया है। अब निवेशकों को क्या समझना चाहिए… शेयर बाजार की सामान्य धारणा है कि जिस कंपनी के भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद होती है, उसके प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर रखते हैं। यहां जिन छह कंपनियों की जांच की गई, उनमें लगातार प्रमोटर होल्डिंग घटती दिखाई दे रही है। AVI पॉलिमर्स में तो यह घटकर केवल 1.11% रह गई है। इसका सीधा अर्थ यही है कि प्रमोटरों ने अपने ज्यादातर शेयर या तो आम निवेशकों को बेच दिए हैं या फिर ऑपरेटरों के पास पहुंच गए हैं। मुनाफा और शेयर की चाल, दोनों में मेल नहीं सप्तक केमिकल का मुनाफा आधा रह गया। केस्टोरा एग्री का मुनाफा 84.72% घट गया। इसके बावजूद इन कंपनियों के शेयरों के भाव लगातार ऊंचाई पर बने हुए हैं। यह सामान्य बाजार सिद्धांत के बिल्कुल उलट स्थिति है। इतना ही नहीं, ये सभी माइक्रो-कैप कंपनियां हैं। ऐसी छोटी कंपनियों में ऑपरेटरों के लिए शेयर की कीमतों को मनचाहे तरीके से ऊपर या नीचे ले जाना आसान माना जाता है। इस इन्वेस्टिगेशन से यह स्पष्ट होता है कि ग्राउंड लेवल पर इन कंपनियों की ओर से किसी बड़े प्रोडक्शन या सक्रिय कारोबारी गतिविधि के पर्याप्त संकेत नहीं मिले। सामान्य निवेशक 100% से ज्यादा रिटर्न देखकर लालच में आकर इन शेयरों की खरीदारी करते हैं, तब कुछ ‘समझदार लोग’ ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा वसूल लेते हैं। बाजार की भाषा में इसे डंपिंग कहा जाता है। इसके बाद यदि शेयर में लगातार लोअर सर्किट लगने लगें तो आम निवेशकों की पूंजी फंस सकती है। ऐसी स्थिति में शेयर बेचने के लिए खरीदार तक नहीं मिलते और निवेशकों का पैसा लंबे समय तक अटकने या डूबने का जोखिम बना रहता है। दैनिक भास्कर ने 29 जून 2026 को इन सभी छह कंपनियों को ई-मेल भेजकर उनके शेयरों में दिखाई दे रहे असामान्य रुझान पर आधिकारिक जवाब मांगा था। 10 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद किसी भी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। हमने शेयर बाजार की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली संस्था SEBI को भी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर इन कंपनियों के शेयरों में दर्ज असामान्य तेजी के बारे में जानकारी भेजी गई और पूछा गया कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जा सकती है। SEBI की ओर से ऑटो-जनरेटेड जवाब मिला, जिसमें कहा गया कि इस तरह की शिकायत संबंधित कंपनी के शेयरधारक ही दर्ज करा सकते हैं।
24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। दुनियाभर के मिलिट्री एक्सपर्ट्स बोले- रूस 24 घंटे के भीतर यूक्रेन को घुटनों पर ला देगा। लेकिन 4 साल, 4 महीने और 18 दिन की जंग के बाद रूस खुद बेहाल दिख रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने जंग के दौरान पहली बार माना कि देश मुश्किल में है। क्या छोटा-सा यूक्रेन वाकई सुपरपावर रूस को हरा देगा; मंडे मेगा स्टोरी में 4 चैप्टर्स में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा ------- ये खबर भी पढ़िए… मेलोनी की सिगरेट, पुतिन का अमर होने वाला प्लान:वर्ल्ड लीडर्स आपस में क्या बातें करते हैं; पीएम मोदी कैसे करते हैं तैयारी 16 जून 2026। G7 की सालाना बैठक से पहले अनौपचारिक बातचीत चल रही थी। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी बोलीं- आज सुबह 3 कॉफी पीकर आई हूं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने फौरन पूछा- और एक सिगरेट? ये गपशप वायरल हो गई। लोगों ने देखा कि दुनिया के सबसे ताकतवर लोग भी आपस में हम-आप जैसे ही बातें करते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक
नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन, […] The post RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना, नशा मुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर हुआ मंथन appeared first on Sabguru News .
श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .
नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .
अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .
भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’सीड बॉल अभियान
दो दिन में 2000 से अधिक सीड बॉल पहाड़ियों क्षेत्रों में उछाली अजमेर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा अजमेर की ओर से जस्ट थ्रो एंड गो सीड बॉल अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दो दिनों में 2000 से अधिक सीड बॉल अजमेर की पहाड़ी क्षेत्रों एवं […] The post भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’ सीड बॉल अभियान appeared first on Sabguru News .
जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़
दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .
गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा; यानी साधक और शिष्य जिस दिन की अत्यंत उत्सुकता (आतुरता) से प्रतीक्षा करते हैं, वह गुरु पूर्णिमा का मंगलमय दिन है। शिष्य के संपूर्ण जीवन में समाए हुए सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ गुरु के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, और साधना के अगले लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेने के लिए […] The post गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व appeared first on Sabguru News .
UK Lottery Cath Main Story: भारत में अक्सर कहा जाता है कि किस्मत कब किसी को राजा बना दे और कब एक पल में सब कुछ छीन ले, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है. ब्रिटेन के साउथ वेल्स (South Wales) से सामने आई एक बेहद हैरान करने वाली घटना ने इस कहावत को शत-प्रतिशत सच साबित कर दिया है. यहां रहने वाली 46 साल की कैथ मेन (Cath Main) के साथ एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. कहां तो वह एक झटके में 150 करोड़ रुपये की मालकिन बनने वाली थीं, लेकिन एक छोटी सी मानवीय भूल के कारण उनके हाथ एक फूटी कौड़ी भी नहीं लगी.मशहूर ब्रिटिश अखबार 'द सन' (The Sun) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैथ ने पिछले 20 सालों से लगातार एक ही नंबर पर भरोसा करके लॉटरी खेली थी. 6 जून को हुए लकी ड्रॉ में आखिरकार उनके उन्हीं नंबरों ने बाजी मारी और करीब 12 मिलियन पाउंड यानी लगभग 150 करोड़ रुपये का बंपर जैकपॉट जीत लिया. लेकिन इस महा-जीत की खबर मिलने से ठीक पहले उनका वह असली करोड़पति टिकट कूड़ेदान के हवाले किया जा चुका था.20 साल पुराने जादुई नंबरों ने रातोंरात बदली किस्मतसाउथ वेल्स के एबरसीनन इलाके की रहने वाली कैथ मेन पेशे से एक रग्बी क्लब में ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) हैं. वह पिछले दो दशकों से अपनी मां फियोना की मदद से लॉटरी का टिकट खरीदती आ रही थीं. कैथ ने बताया कि उन्होंने हमेशा एक ही छह फिक्स नंबरों पर भरोसा किया और हर बार उन्हीं नंबरों के साथ अपनी किस्मत आजमाती थीं.6 जून के लॉटरी ड्रॉ के कई दिनों बाद तक जब किसी भी विजेता ने जैकपॉट की इतनी बड़ी राशि पर अपना दावा (Claim) नहीं किया, तो यह खबर मीडिया में छा गई. इस खबर पर जब कैथ की नजर पड़ी, तो उन्होंने सोचा कि क्यों न एक बार अपने रेगुलर नंबरों का मिलान कर लिया जाए.सभी नंबर थे हुबहू सेम, पर एक भूल से उड़े होशजैसे ही कैथ ने अखबार से अपने नंबर मिलाए, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लॉटरी के सभी छह नंबर बिल्कुल वही थे जो वह 20 साल से खरीद रही थीं. कैथ को यकीन नहीं हुआ कि वह आधिकारिक तौर पर करोड़पति बन चुकी थीं. उन्होंने तुरंत खुशी-खुशी अपनी मां फियोना को फोन लगाया और पूछा कि क्या उन्होंने उस विशेष सप्ताह उनके नंबरों वाला लॉटरी टिकट खरीदा था? उनकी मां ने हां में जवाब दिया. लेकिन इसके तुरंत बाद मां ने जो बात बताई, उसने कैथ की चीखें निकाल दीं और खुशी पल भर में भयंकर चिंता में बदल गई.मशीन की तकनीकी खराबी ने बिगाड़ा खेलदरअसल, ड्रॉ खत्म होने के बाद कैथ की मां फियोना उस टिकट को लेकर पास की एक स्थानीय लॉटरी दुकान पर गई थीं ताकि पता चल सके कि कोई इनाम निकला है या नहीं. दुकान के कर्मचारी ने जब उस टिकट को मशीन में स्कैन किया, तो मशीन से कोई अलर्ट या संकेत नहीं मिला. आमतौर पर विजेता टिकट स्कैन होने पर मशीन से एक विशेष बीप या अलर्ट आता है, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उस वक्त ऐसा कुछ नहीं हुआ.कर्मचारी ने फियोना से कह दिया कि इस टिकट पर कोई इनाम नहीं निकला है. फियोना ने भी सोचा कि जब टिकट खाली गया है तो इसे रखने का क्या फायदा. उन्होंने दुकानदार से कहा कि वह इसे कूड़ेदान (Dustbin) में फेंक दे. कर्मचारी ने टिकट कचरे के डिब्बे में डाल दिया. जब तक कैथ को अपनी जीत का पता चला, तब तक दुकान का पूरा कचरा साफ होकर शहर के मुख्य डंपिंग यार्ड में जा चुका था और वह ऐतिहासिक टिकट हमेशा के लिए गायब हो गया.अब 150 करोड़ रुपये के लिए चल रही है कानूनी जांचकैथ ने बिना असली टिकट के अपनी जीत साबित करने के लिए लॉटरी ऑपरेटर कंपनी 'ऑलविन' (Allwyn) के मुख्यालय से संपर्क किया है. कंपनी ने इस अनोखे मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है. कैथ का दावा है कि उनके पास अपनी सच्चाई साबित करने के लिए कई डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद हैं.उन्होंने टिकट खरीदने की बैंक ट्रांजैक्शन रसीद और दुकान के आसपास लगे कैमरों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी कंपनी को सौंपी है, जिसमें उनकी मां को उस दुकान में जाते और टिकट चेक कराते हुए साफ देखा जा सकता है. लॉटरी कंपनी के नियमों के मुताबिक, यदि टिकट खो जाए या नष्ट हो जाए, तो भी मजबूत सबूतों के आधार पर 30 दिनों के भीतर दावे पर विचार किया जा सकता है.दुकानदार ने भी जताया गहरा अफसोसलॉटरी दुकान के मालिक करण कुमार ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बताया कि उस समय दुकान के भीतर कुछ मेंटेनेंस का काम चल रहा था, जिसके चलते अंदर के कैमरे बंद थे. उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः टिकट स्कैन करने वाली मशीन में कोई अस्थायी तकनीकी खराबी आ गई होगी जिसके कारण करोड़ों का टिकट रीजेक्ट हो गया. फिलहाल ऑलविन कंपनी सभी डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है और अंतिम फैसले के लिए कैथ को एक महीने का इंतजार करना होगा.'दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता हूं मैं'कैथ मेन ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया और कहा, यह पूरा अनुभव मेरे लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है. मैं खुद को दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता महसूस कर रही हूं. मेरी आंखों के सामने 150 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम तैर रही है, लेकिन उसे पाने के लिए मुझे अब एक अदद कागज के टुकड़े के बिना पूरी दुनिया से लड़ना होगा. कैथ ने बताया कि अगर उन्हें यह रकम मिल जाती है, तो उनका सबसे बड़ा सपना अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड जाकर छुट्टियां मनाने का है. फिलहाल, वह केवल प्रार्थना कर रही हैं कि उनका 20 साल पुराना यह सपना सच साबित हो जाए.
तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं
हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .
पीएम मोदी 6 जुलाई की सुबह नई दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए निकले थे। फिर ऑस्ट्रेलिया होते हुए न्यूजीलैंड पहुंचे। वे 6 दिनों में 3 देशों का दौरा करके 12 जुलाई की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 144 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- इंडोनेशिया का जकार्ता। ये पीएम मोदी की चौथी इंडोनेशियाई यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दो दिन के टूर में उन्होंने इंडोनेशियाई संसद में भाषण दिया। दोनों देशों के बीच 14 समझौतों पर साइन हुए। इनमें 2 डील सबसे अहम हैं- 1. सबांग पोर्ट डीलभारत और इंडोनेशिया मिलकर सुमात्रा के उत्तर में सबांग पोर्ट डेवलप करेंगे। इंडोनेशिया ने मई 2018 में ही भारत को इसका न्योता दिया था। तब पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसके लिए ज्वॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला हुआ था। 2023 तक प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी भी हुई। अब समझौते पर साइन होने से काम आगे बढ़ पाएगा। सबांग समुद्र में गहरे पानी वाला पोर्ट है। ये 50 हजार टन के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को भी संभाल सकता है। पोर्ट में भारत कितना इन्वेस्टमेंट करेगा और ये कब तक पूरा होगा, अभी ये जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों ने अंडमान-निकोबार और इंडोनेशिया के आचे व सुमात्रा द्वीपों के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी सहमति जताई है। भारत के लिए डील के मायने 2. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की सप्लाईDRDO के तहत आने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ये एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम देगा। इंडोनेशिया ने पहले 10 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस की 12 मिसाइल्स की एक बैटरी लेने का प्रपोजल दिया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अनुमान हैं कि पूरी डील करीब 63 करोड़ डॉलर की हो सकती है। इसमें मिसाइल सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है। इस पैकेज में सरफेस-टू-सरफेस और एयर-लॉन्च्ड, यानी मिसाइल के दोनों सुपरसोनिक वैरिएंट शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 किलोमीटर है। ब्रह्मोस भारत के सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है। इंडोनेशिया भी अपने सुखोई-30 बेड़े में इसे इंटीग्रेट करेगा। इस डील के साथ फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, BDL और इंडोनेशियाई कंपनी 'रिपब्लिकॉर्प' के बीच भारत की एस्ट्रा Mk-1 एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का दूसरा पड़ाव था- ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न। वे यहां 8 और 9 जुलाई को रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी सालाना भारत-ऑस्ट्रेलिया समिट हुई। दोनों देशों के बीच 18 समझौते और घोषणाएं हुईं। इनमें दो डील सबसे अहम हैं- 1. यूरेनियम सप्लाई डीलभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में ‘सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ हुआ था। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई होनी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्लाई बेहद सीमित रखी। उसको चिंता थी कि यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। अब दोनों देशों ने उसी एग्रीमेंट को अमल में लाने के लिए 'एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेंट' पर साइन किए हैं। यानी अब ऑस्ट्रेलिया भारत को जरूरत भर का यूरेनियम एक्सपोर्ट करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये सप्लाई सिर्फ यूरेनियम के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, यानी बिजली वगैरह बनाने के लिए होगी। सप्लाई की निगरानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी, यानी IAEA करेगी। ऑस्ट्रेलिया किस कीमत पर और कितना यूरेनियम देगा, सप्लाई कब होगी, अभी ये डिटेल्स सामने नहीं आए हैं। भारत के लिए डील के मायने 2. क्रिटिकल मिनरल्स प्रोडक्शन भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लीथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसे ‘क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप’ कहा जा रहा है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लॉन्ग-टर्म ऑफटेक, रिफाइनिंग और वैल्यू-एडिशन के लिए निवेश की व्यवस्था तय हुई है। यानी दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मिनरल्स की सप्लाई में लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगी। कच्चे माल की खरीद के अलावा प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग भी मिलकर होगी। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव था- न्यूजीलैंड का ऑकलैंड। वे 10 और 11 जुलाई को यहां रहे। ये पिछले 40 सालों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इससे पहले 1986 में तब के पीएम राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद 10 समझौते और 8 इनिशिएटिव की घोषणा हुई। इनमें 2 चीजें सबसे अहम थीं- 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रोडमैप टू 2030मार्च 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पूरी हुई। 27 अप्रैल 2026 को इस पर औपचारिक साइन हुए। यानी ये डील मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले ही हो चुकी थी। अब इस यात्रा में इसे 'स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के लेवल पर अपग्रेड किया गया। यानी तय हुआ कि FTA जल्द ही लागू करने ट्रेड बढ़ाया जाएगा। साथ ही 'इंडिया-न्यूजीलैंड रोडमैप टू 2030' नाम का एक दस्तावेज जारी किया गया। इसके तहत दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, खेती, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में पार्टनरशिप बढ़ाएंगे। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करके करीब 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर, यानी 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। FTA के तहत भारत न्यूजीलैंड को केमिकल्स, प्रोसेसिंग फूड, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स वगैरह की सप्लाई करेगा। इस सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा। वही न्यूजीलैंड से कीवी सहित दूसरे फल, लकड़ी और क्रिटिकल्स मिनरल्स वगैरह आएंगे। एग्रीमेंट के तहत पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 % सामान पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। भारत के लिए डील के मायने 2. डिफेंस और मैरिटाइम पार्टनरशिपदोनों देशों ने डिफेंस में आपसी साझेदारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और जॉइंट नेवी एक्सरसाइज बढ़ाने पर सहमति जताई है।इसका मतलब है कि दोनों देशों की नेवी एक-दूसरे के पोर्ट और मैरीटाइम फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई 2026 की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं, पूरी खबर में पढ़िए…
नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .
धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले
वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों ने रविवार को एक-दूसरे पर नए सिरे से हमले किए। अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी सैन्य […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले appeared first on Sabguru News .
मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले
अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .
ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा
तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
'अलायंस' में सोहेल खान का दर्द छलका, एक्स-वाइफ सीमा सजदेह से मांगी माफी, बोले- गलती मेरी थी
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर तहलका मचा रहे नए रियलिटी शो 'अलायंस' में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा और इमोशनल मोड़ देखने को मिल रहे हैं। शो में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आया, जब मेकर्स ने घर के अंदर वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री कराई। इन वाइल्डकार्ड्स में कोई और नहीं, बल्कि बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता सोहेल खान की एक्स-वाइफ और मशहूर फैशन डिजाइनर सीमा सजदेह शामिल थीं। साल 2022 में तलाक के बाद अलग हो चुके इस पूर्व जोड़े को एक बार फिर एक ही छत के नीचे देखकर न सिर्फ घरवाले, बल्कि दर्शक भी दंग रह गए। ALSO READ: ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल हालांकि, इस रीयूनियन ने शो का माहौल पूरी तरह से बदल दिया। दोनों ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया और नेशनल टेलीविजन पर सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की जो वजह बताई, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। A post shared by Banijay Asia (@banijayasia) मेरी गलतियों की वजह से टूटा घर शो के होस्ट कुणाल खेमू और सह-प्रतियोगी निखिल चिनापा ने जब सोहेल खान से सीमा की एंट्री और उनके रिश्ते को लेकर सवाल किया, तो सोहेल अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए। निखिल ने पूछा था, 'औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है। आपके घर में किसका हाथ था?' इस सवाल का जवाब देते हुए सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ले ली। सोहेल ने कहा, उस दौर में मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से मैं सही मानसिक स्थिति में नहीं था। मेरे चिड़चिड़े व्यवहार और बर्ताव के कारण मैंने उस इंसान को खो दिया जिसे मैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता था। अगर हमारे बीच कोई भी गलती हुई थी, तो मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेलीविजन पर लेता हूं। सोहेल ने आगे कहा कि सीमा उनके दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए उनके मन में सीमा के लिए प्यार से कहीं ज्यादा सम्मान है। उन्होंने 'अलायंस' शो का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनके बीच जो एक 'मिसिंग लिंक' थी, इस शो ने उसे फिर से जोड़ने का काम किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सीमा सजदेह ने सोहेल को बताया अपना 'इकलौता साथी' घर में कदम रखते ही सीमा सजदेह ने भी परिपक्वता दिखाई। उन्होंने सोहेल खान के बदले व्यवहार और उनके द्वारा बनाई गई ग्रीन-टी को स्वीकार करते हुए उन्हें घर के अंदर अपना इकलौता सच्चा साथी बताया। सीमा का कहना था कि भले ही वे असल जिंदगी में अलग हो चुके हैं, लेकिन अपने बच्चों के माता-पिता होने के नाते उनका गठबंधन हमेशा कायम रहेगा। सोहेल खान और सीमा सजदेह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। दोनों ने 1998 में घर से भागकर पहले आर्य समाज मंदिर में शादी की थी और बाद में निकाह किया था। निकाह के दिन ही सोहेल की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं - निर्वाण और योहान। 24 साल तक साथ रहने के बाद साल 2022 में दोनों ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया था। तलाक के बावजूद दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। शो के दौरान ज़ैद दरबार से बात करते हुए सोहेल ने खुलासा किया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा हफ्ते में तीन बार बच्चों से मिलने उनके घर आती हैं और आज भी उनके पास सोहेल के घर की चाबी मौजूद है। मशहूर डच रियलिटी फॉर्मेट पर आधारित और कुणाल खेमू द्वारा होस्ट किया जा रहा शो 'अलायंस' इन दिनों दर्शकों का पसंदीदा शो बन चुका है। अपनी अनूठी रणनीति, पल-पल बदलते समीकरणों और धोखेबाजी के खेल की वजह से लोग इसे 'लॉक अप सीजन 2' से भी बेहतर मान रहे हैं।
ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल
बॉलीवुड की यंग जनरेशन की सबसे चर्चित और फैशनेबल अभिनेत्रियों में से एक, जाह्नवी कपूर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से कभी पीछे नहीं हटतीं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस बार जाह्नवी ने ऑल-ब्लैक एथनिक लुक चुना है, जिसमें उनका ग्लैमर और बोल्डनेस साफ झलक रही है। ALSO READ: गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर जाह्नवी कपूर के इस लुक की सबसे बड़ी यूएसपी उनका खूबसूरत ब्लैक लहंगा है। उन्होंने एक डीप-नेकलाइन वाला ब्लाउज कैरी किया है, जिस पर चमकीले रंगों की बेहद बारीक और हैवी एम्ब्रॉयडरी की गई है। ब्लाउज के निचले हिस्से पर लगे रंग-बिरंगे लटकन उनके लुक को थोड़ा फंकी और अट्रैक्टिव टच दे रहे हैं। इसके साथ ही, लहंगे के बॉर्डर पर की गई हेरिटेज कढ़ाई और लाल रंग की पाइपिंग उनके पूरे आउटफिट को शाही लुक दे रही है। साथ में ब्लैक शीयर दुपट्टा उनके इस स्टाइल को मुकम्मल कर रहा है। तस्वीरों में जाह्नवी कपूर का कॉन्फिडेंस देखने लायक है। कभी वह कैमरे की तरफ देखकर अपनी नशीली आंखों से जादू बिखेर रही हैं, तो कभी साइड प्रोफाइल फ्लॉन्ट करते हुए कैंडिड पोज दे रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और एब्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। जाह्नवी ने न्यूड-ग्लॉसी मेकअप, सटल ब्लश और माथे छोटी सी लाल बिंदी के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। जाह्नवी ने अपने बालों को वेवी रखते हुए खुला छोड़ा है, जो उनके कंधों पर बिखरकर उनके लुक को और भी सिडक्टिव बना रहे हैं। ज्वेलरी की बात करें तो, उन्होंने कानों में बड़े झुमके, हाथों में मैचिंग भारी कंगन और नाक में एक छोटी सी नथ पहनी है, जो उनके इस एथनिक ग्लैमर को और अधिक निखार रही है। जाह्नवी की इन तस्वीरों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, ट्रेडिशनल कपड़ों में आपकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं दूसरे ने कमेंट किया, ब्लैक कलर आप पर बेहद सूट करता है।
रोहित चंदेल ने कबूल की नाबालिग का पीछा करने की बात! कोर्ट ने भेजा जेल
'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बैलाल' जैसे लोकप्रिय शोज में अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके मशहूर टीवी अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रोहित पर उनकी ही एक 16 वर्षीय नाबालिग सह-कलाकार ने पीछा करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 जुलाई को अभिनेता को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ALSO READ: गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर रोहित ने कबूला सच, कोर्ट ने भेजा जेल घाटकोपर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) विट्ठल लक्ष्मण आर्डेकर ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर तुरंत अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीनियर पीआई के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोहित ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार नहीं किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दहिसर से इतनी दूर घाटकोपर सिर्फ उस नाबालिग लड़की से मिलने आता था। लड़की द्वारा बार-बार मना करने और ब्लॉक करने के बाद भी वह लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि अब यह पूरी तरह अदालत पर निर्भर करता है कि रोहित कितने समय तक सलाखों के पीछे रहेगा। क्या है पूरा मामला? पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रोहित चंदेल पिछले काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने रोहित का नंबर ब्लॉक कर दिया था और उसे साफ तौर पर दूरी बनाए रखने को कहा था। इसके बावजूद, रोहित ने अपने पर्सनल नंबर और कई अन्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार उसका पीछा करना और कॉल करना जारी रखा। वह लड़की पर लगातार बात करने का दबाव बना रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीती 5 जुलाई को रोहित ने कथित तौर पर लड़की के घर (आवासीय इमारत) के पास जाकर उसे रोका। शिकायत के मुताबिक, रोहित ने वहां न सिर्फ पीड़िता के साथ बहस और गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। 2014 में 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 90 से ज्यादा ऑडिशन दिए थे। हाल ही में 2 जून 2026 को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुए म्यूजिकल ड्रामा 'सैरब' में वह मुख्य भूमिका 'ईशान' के रूप में नजर आ रहे थे। इस बड़े विवाद के बाद अब उनके करियर और इस शो के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है।
जब प्राण की फीस अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा थी, जानिए बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन की कहानी
बॉलीवुड में प्राण एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने खलनायकी के क्षेत्र में एकछत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़कें और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया। प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गए। ALSO READ: आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप फिल्म यमला जट से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनाएगें तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते है। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण लाहौर छोड़कर मुंबई आ गए। प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बॉम्बे टॉकीज की निर्मित फिल्म जिद्दी में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएंगे। इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जब प्राण रूपहले पर्दे पर फिल्म अभिनेता से बात करते होते तो उनके बोलने के पहले दर्शक बोल पड़ते यह झूठ बोल रहा है, इसकी बात पर विश्वास नहीं करना यह प्राण है, इसकी रग-रग में मक्कारी भरी पड़ी है। वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म अदालत में प्राण ने इतने खतरनाक तरीके से अभिनय किया कि महिलाएं हॉल से भाग खड़ी हुईं और दर्शकों को पसीने आ गए। सत्तर के दशक में प्राण खलनायक की छवि से बाहर निकलकर चरित्र भूमिका पाने की कोशिश में लग गए। वर्ष 1967 में निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार ने अपनी फिल्म उपकार में प्राण को मलंग काका का एक ऐसा रोल दिया जो प्राण के सिने करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। फिल्म उपकार में प्राण ने मलंग काका के रोल को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग प्राण के खलनायक होने की बात भूल गए। सदी के खलनायक प्राण की जीवनी भी लिखी जा चुकी है जिसका टाइटल 'एंड प्राण' रखा गया है। पुस्तक का यह टाइटल इसलिए रखा गया है कि प्राण की अधिकतर फिल्मों में उनका नाम सभी कलाकारों के पीछे 'और प्राण' लिखा हुआ आता था। कभी-कभी उनके नाम को इस तरह पेश किया जाता था एबॉव आल प्राण। प्राण ने अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगभग 350 फिल्मों मे अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राण के मिले सम्मान पर यदि नजर डालें तो अपने दमदार अभिनय के लिये वह तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2013 में प्राण को फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। प्राण को उनके करियर के शिखर काल में फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डॉन फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्राण 12 जुलाई 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Rashifal 12 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य या शादी-ब्याह की चर्चा हो सकती है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन जल्दबाजी में निवेश से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति रहेगी, लेकिन आंखों में थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है, बातचीत से गलतफहमियां दूर करें। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खान-पान का ध्यान रखें। उपाय: माता लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। रिश्ते में नयापन आएगा। धन: अप्रत्याशित लाभ होने के योग हैं। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: पक्षियों को हरी मूंग की दाल खिलाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा। संयम से काम लें, वाद-विवाद से बचें। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। धन: घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त नींद लें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अहंकार का टकराव हो सकता है। शांत रहें। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। धूप में निकलने से बचें। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: अधूरे काम पूरे होंगे। आपके काम की सटीकता की तारीफ होगी। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। धन: धन संचय करने में सफल रहेंगे। अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुबह की सैर आपको तरोताजा रखेगी। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा मुकाम मिल सकता है। लव: लव लाइफ में संतुलन रहेगा। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल देखने को मिलेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। अटके हुए वित्तीय मामले सुलझेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। पानी खूब पिएं। उपाय: किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की मिठाई या कपड़े का दान करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में प्रमोशन या ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। चुनौतियां आएंगी, पर आप पार पा लेंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। छोटी बातों को तूल न दें। धन: पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। आज किसी को उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। भारी वजन न उठाएं। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा या विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: लव लाइफ सामान्य है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: भाग्य का साथ मिलेगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। आप खुद को मानसिक रूप से मजबूत पाएंगे। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत करनी होगी। सीनियर्स आपके काम पर नजर रख रहे हैं। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, मन में कोई बात न छुपाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी की समस्या हो सकती है। उपाय: शनिवार या आज के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: टीम वर्क से काम आसानी से पूरे होंगे। बिजनेस में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण बढ़ेगा। आपसी विश्वास गहरा होगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन पैरों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या गरीबों को भोजन कराएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: आज का दिन आपके पक्ष में है। नौकरीपेशा लोगों को इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। पार्टनर आपकी हर बात को समझेगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आप खुद को बहुत हल्का महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले रंग के फल या फूल अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन गंगा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 30 जनवरी 1971 को दो कश्मीरी लड़कों ने पिस्तौल और हैंडग्रेनेड दिखाकर भारत के यात्री विमान ‘गंगा’ को हाईजैक कर लिया। वे विमान को लाहौर ले गए और भीड़ के सामने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हाईजैकर्स की मांग थी कि हिंदुस्तान अपने जेलों में बंद उनके 36 साथियों को रिहा करे, लेकिन भारत तैयार नहीं हुआ। दुनियाभर में हड़कंप मच गया। भारत के लोग गुस्से में थे, लेकिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और RAW प्रमुख मुस्कुरा रहे थे… क्या थी पूरी कहानी जानते हैं ‘ऑपरेशन गंगा’ पार्ट-2 में… इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1956 से। पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश के चटगांव की पहाड़ियों में बना एक सीक्रेट मिलिट्री कैंप। कंट्रोल रूम में कुछ फौजी नक्शों पर उंगलियां फेर रहे थे। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के अफसर थे। इन्हीं में से एक ने सिगार का धुआं उड़ाते हुए कहा- ‘फिजो साहब, असम और नगालैंड में ऐसी आग लगाओ कि दिल्ली की हुकूमत बुझा न पाए।’ फिजो ने मुस्कुराते हुए राइफल उठाई और कहा- ‘दिल्ली बहुत दूर है और हमारे जंगल बहुत घने। हमें तबाही मचाने से कोई रोक नहीं पाएगा।’ फिजो का पूरा नाम अंगामी जापु फिजो था। वह नगा उग्रवादी था और अलग नगालैंड बनाना चाहता था। ISI ने उसे ना सिर्फ पनाह दी थी, बल्कि हथियारों, गुरिल्ला वॉर की ट्रेनिंग और पैसों से पाट दिया था। 1960 तक पाकिस्तान यही खेल मिजोरम में भी शुरू कर चुका था। वह मिजो नेशनल फ्रंट को मोहरा बनाकर मिजोरम को भी भारत से तोड़ना चाहता था। इस खेल में चीन भी कूद चुका था, जो चटगांव के रास्ते चरमपंथियों को हथियार सप्लाई कर रहा था। भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा था- 'सिलिगुड़ी कॉरिडोर' यानी 'चिकन नेक'।’ पश्चिम बंगाल में 22 किमी. चौड़ा ये हिस्सा पूरे पूर्वोतर को भारत से जोड़ने का अकेला जमीनी रास्ता है। अगर पाकिस्तान इस पर कब्जा कर लेता, तो पूर्वोत्तर के सातों राज्य भारत से कट जाते। RAW के पूर्व अफसर आरके यादव अपनी किताब ‘मिशन आर एंड ए डब्ल्यू’ में लिखते हैं- ‘प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने RAW प्रमुख आरएन काव से कहा- ‘अगर पाकिस्तान हमारे नॉर्थ-ईस्ट को तोड़ने के लिए पूर्वी पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है, तो क्यों न हम उस जमीन को ही अलग कर दें?’ काव साहब कुछ देर सोचते रहे, फिर बोले- ‘ठीक है मैडम। कुछ करते हैं।’ दिसंबर 1970 में पाकिस्तान में पहला आम चुनाव हुआ। कुल 300 सीटों में से बहुमत के लिए 151 सीट चाहिए थीं। पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान की 'आवामी लीग' ने 160 सीटें जीत लीं, जबकि पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो को सिर्फ 81 सीट मिलीं। मुजीब का प्रधानमंत्री बनना तय था, लेकिन रावलपिंडी में बैठे तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान को एक बंगाली का हुकूमत चलाना बर्दाश्त नहीं था। दिन बीतते गए, पर उन्होंने मुजीब को सत्ता नहीं सौंपी। नतीजा यह हुआ कि पूर्वी पाकिस्तान की सड़कों पर 'जॉय बांग्ला' के नारे गूंजने लगे। इसी बीच लंदन में बैठे एक सोर्स ने RAW को खबर भेजी कि पाकिस्तान अपने पूर्वी हिस्से में बड़े मिलिट्री एक्शन की तैयारी में है। वह वहां गुपचुप तरीके से हथियार, रसद और सैनिक भेज रहा है। ऐसे में RAW चीफ काव ने PM इंदिरा को सुझाव दिया- ‘हम पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर देते हैं। फिर उसे श्रीलंका होकर पूर्वी पाकिस्तान जाना पड़ेगा, जो काफी लंबा रास्ता है। पूर्वी हिस्से में उसकी पकड़ ढीली पड़ जाएगी।’ PM ने जवाब दिया- ‘सुझाव तो ठीक है, लेकिन इसके लिए कोई ठोस वजह चाहिए होगी। अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते हम अचानक ऐसा कदम नहीं उठा सकते। काव मुस्कुराए और बोले- ‘हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।’ यहीं से RAW ने अपने सीक्रेट मिशन की बिसात बिछानी शुरू कर दी… अब एक साल पीछे चलते हैं… साल 1969, पाकिस्तान के पेशावर में एक आलीशान बंगला। यह घर था कश्मीरी अलगाववादी नेता डॉ. फारूख हैदर का। उस शाम डायनिंग टेबल पर लजीज कश्मीरी पुलाव और कबाब परोसे गए थे। दस्तरखान के एक तरफ अलगाववादी नेता मकबूल भट्ट बैठा था और दूसरी तरफ 19 साल का हाशिम कुरैशी। मकबूल, कश्मीर की कथित आजादी के लिए नेशनल लिब्रेशन फ्रंट चला रहा था। उस पर हत्या के कई मुकदमे थे। भारत में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी थी। वहीं, कश्मीर का रहने वाला हाशिम एक रिश्तेदार की शादी में पाकिस्तान गया था। उसके भीतर कश्मीर को लेकर कुछ करने की छटपटाहट थी। मकबूल इस बात को ताड़ चुका था और कई दिनों से उसका ब्रेनवॉश करने में जुटा था। अचानक, रेडियो पर आवाज गूंजी- ‘आज कराची हवाई अड्डे पर इरिट्रिया के दो चरमपंथियों ने इथियोपिया के एक जहाज पर फायरिंग की है। जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है।’ मकबूल कुर्सी से छलांग मारकर उठ खड़ा हुआ। उसने टेबल पर मुक्का मारते हुए कहा- ‘देखा तुम लोगों ने? दुनिया हमारी चीखें नहीं सुनती, लेकिन जब जहाज हवा में हिचकोले खाता है, तो पूरी दुनिया के कान खड़े हो जाते हैं। हमें ऐसा ही कुछ करना होगा।’ मकबूल ने हाशिम के कंधे पर हाथ रखा। ‘हाशिम... अगर हम तुम्हें एक हिंदुस्तानी जहाज को अगवा करने की ट्रेनिंग दें, तो क्या तुम कौम के लिए इसे अंजाम दे पाओगे?’ हाशिम जोश में था। उसने तुरंत जवाब दिया- ‘आप हुक्म कीजिए। मैं तैयार हूं।’ मकबूल ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा- ‘तो फिर जुबान समझें?’ हाशिम ने बिना सोचे कहा- ‘जी बिल्कुल।’ हाशिम की ट्रेनिंग शुरू हो गई। भाग-दौड़ से लेकर हथियार चलाने तक। कुछ महीने बाद मकबूल ने उसे फिर से मिलने बुलाया। मकबुल ने कहा- ‘सुनो हाशिम, अब तुम्हें कश्मीर वापस जाना है। श्रीनगर से उड़ने वाले एक जहाज को अगवा करके रावलपिंडी लाना है। बदले में हम हिंदुस्तान की जेलों में बंद अपने 36 साथियों को छुड़ाएंगे। दुनिया को भी पता चलना चाहिए कि कश्मीरी अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।’ हाशिम ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘ठीक है जनाब। तैयारी करता हूं।’ मकबूल ने उसे एक पर्ची थमाते हुए कहा- ‘वहां पहुंचकर इस पते पर चले जाना। हथियार और बाकी का जरूरी सामान वहीं मिल जाएगा।’ ‘जी…खुदा हाफिज’ कहकर हाशिम वहां से निकल पड़ा। साल 1970 की एक सर्द शाम। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास श्रीनगर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF की एक टुकड़ी गश्त पर थी। तभी अंधेरे में एक साया रेंगता हुआ दिखा। 'कौन है वहां? हाथ ऊपर करो।' जवान ने राइफल तानते हुए आवाज लगाई। 19-20 साल के एक लड़के ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए- 'गोली मत चलाना भाई, मैं सरेंडर कर रहा हूं।' BSF के जवानों ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी ली गई, तो उसके पास से पाकिस्तानी दस्तावेज, नक्शे और विदेशी करेंसी बरामद हुई। BSF के अफसर ने उसकी छाती पर राइफल तानते हुए पूछा- ‘कौन हो तुम? किसने भेजा है?’ लड़के ने चुप्पी साध ली, तो अफसर ने एक थप्पड़ जड़ दिया, 'बोलता क्यों नहीं?' लड़के ने गिड़गिड़ाते हुए कहा, 'साहब, मैं तो कश्मीरी हूं। पास के गांव का रहने वाला। रास्ता भटक गया था।' अफसर ने जवानों से कहा- ‘ये ऐसे नहीं खुलेगा। हेडक्वार्टर ले चलो।’ BSF के जवान उसे लेकर हेडक्वार्टर की तरफ चल पड़े। अगली सुबह…. एक बंद कमरे में वो लड़का पसीने से तरबतर बैठा था। सामने BSF के दो अफसर बैठे थे। एक घंटे की सख्त पूछताछ और 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर के बाद लड़का टूट गया। उसने हांफते हुए कहा, ‘साहब, मत मारो। सब सच-सच बताता हूं।’ लड़के ने राज खोल दिया- ‘मेरा नाम हाशिम है। मकबूल भट्ट ने भेजा है। मैं हिंदुस्तान का एक हवाई जहाज हाईजैक करने आया हूं।’ किताब ‘द वॉर दैट मेड आर एंड ए डब्ल्यू’ के मुताबिक- ‘अफसर ने मुस्कुराते हुए तंज कसा- ‘अच्छा… एक जहाज अगवा कर लेने से कश्मीर आजाद हो जाएगा?’ हाशिम ने झट से जवाब दिया- 'मेरा निशाना वो जहाज था, जिसे इंदिरा गांधी का बेटा राजीव उड़ाता है।' कमरे में सन्नाटा छा गया। दोनों अफसर एक-दूसरे को देखते रह गए। मामला देश की प्रधानमंत्री के बेटे और सुरक्षा से जुड़ा था। अफसरों ने फौरन यह खबर BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी तक पहुंचाई। रुस्तमजी ने फौरन फोन घुमाया और पूरी कहानी RAW चीफ को बता दी। जल्द ही दिल्ली में एक गोपनीय बैठक बुलाई गई। बंद कमरे में सिर्फ तीन लोग थे- PM इंदिरा गांधी, RAW चीफ आरएन काव और BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी। RAW प्रमुख ने सुझाव दिया- ‘हम हाशिम से सौदा करेंगे।’ ‘कैसा सौदा?’ इंदिरा ने पूछा। ‘डबल एजेंट बनने का सौदा। हम हाशिम के सामने दो विकल्प रखेंगे- या तो वो हमारे लिए काम करे या फिर पूरी जिंदगी जेल में सड़े।' काव ने जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने उनकी तरफ देखा- ‘आपको लगता है वह इस बात के लिए तैयार होगा?’ RAW प्रमुख बोले- ‘कोशिश करके देखते हैं।’ अगली सुबह, श्रीनगर के इंटरोगेशन रूम का दरवाजा खुला। इस बार अफसरों के हाथों में डंडा नहीं, चाय की प्याली थी। एक अफसर ने आगे बढ़कर हाशिम के कंधे पर हाथ रखा और कहा- 'देखो, तुम्हारी उम्र अभी बहुत कम है। जेल गए तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। हम तुम्हें एक मौका दे सकते हैं। तुम जहाज हाईजैक करो, हम नहीं रोकेंगे। बदले में तुम्हें वो करना होगा, जो हम कहेंगे।’ हाशिम असमंजस में पड़ गया- ‘लेकिन... इसमें मेरा क्या फायदा?’ ‘तुम पाकिस्तान की नजर में हीरो बन जाओगे। तुम्हारी जान भी बचेगी और दुनिया को लगेगा कि तुमने हिंदुस्तानी एजेंसियों को चकमा दे दिया।' अफसर ने उसे समझाया। हाशिम ने कहा- ‘मैं कुछ समझा नहीं।’ अफसर ने चाय की प्याली उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा- 'पहले चाय पियो।’ हाशिम ने चुपचाप कप ले लिया। अफसर ने बताया- ‘घबराओ मत, हम तुम्हें फंसा नहीं रहे हैं। तुम अपने प्लान के मुताबिक जहाज हाईजैक करके पाकिस्तान ले जाओ। इस काम में हम तुम्हारी मदद करेंगे। बस हमारी एक ही शर्त है।' ‘क्या शर्त है?’ हाशिम ने पूछा। अफसर बोला, ‘तुम यह बात किसी को नहीं बताओगे।’ हाशिम ने कुछ देर सोचा, फिर सिर हिलाकर कहा- ‘मैं तैयार हूं। क्या करना होगा मुझे?’ अफसर ने दोबारा उसके कंधे को थपथपाया- 'अभी आराम से यहीं रहो, खाओ-पियो। वक्त आने पर हम तुम्हें सब समझा देंगे।’ हाशिम को बेंगलुरु के एक सेफ हाउस में भेज दिया गया। पूरे मामले को इतना सीक्रेट रखा गया कि किसी दूसरी एजेंसी को तो दूर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री तक को भनक नहीं लगी। पाकिस्तान में बैठे हाशिम के आका भी इससे बेखबर थे। कुछ दिनों बाद हाशिम को BSF में भर्ती कर लिया गया। उसे जॉइनिंग लेटर भी दे दिया गया। उसकी ड्यूटी श्रीनगर हवाई अड्डे पर लगाई गई। हाशिम ने हफ्तों तक रेकी की। लोग किस गेट से आते हैं, कहां से जाते हैं और दस्तावेजों की जांच कहां-कहां होती है, उसकी नजर हर कोने पर थी। रेकी करते हुए हाशिम को अहसास हुआ कि अकेले दम पर किसी जहाज को अगवा करना मुमकिन नहीं होगा। उसने यह बात RAW अफसर को बताई। अफसर ने कहा- ‘तुम अपने हिसाब से कोई साथी ढूंढ लो, बस ध्यान रखना कि उसे प्लान की भनक नहीं लगनी चाहिए।’ हाशिम ने चचेरे भाई अशरफ कुरैशी को चुना। अशरफ सीधा-साधा और जज्बाती लड़का था। हाशिम ने धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश कर दिया। वह मिशन के लिए तैयार भी हो गया। अब बारी थी हथियारों के इंतजाम की। एक रोज हाशिम की नजर उर्दू अखबार के कोने में छपे विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें लिखा था- 'असली जैसी दिखने वाली खिलौना बंदूकें घर बैठे मंगाएं।' हाशिम ने बंदूक का ऑर्डर दे दिया। उधर, अशरफ ने घर के पिछले हिस्से में बैठकर लकड़ी से एक हथगोला बनाया और बाजार से पेंट लाकर उसे पोत दिया। देखने में वह असली ग्रेनेड जैसा लगने लगा। अब हाईजैक के लिए जहाज की व्यवस्था करनी थी। RAW ने इंडियन एयरलाइंस के कबाड़ हो चुके विमान गंगा को चुना। इस फोकर फ्रेंडशिप विमान को भारतीय सेना पहले ही डिकमीशन कर चुकी थी। अब स्क्रिप्ट तैयार थी। तारीख तय की गई- 30 जनवरी 1971… श्रीनगर एयरपोर्ट पर धुंध छाई हुई थी। रनवे पर 'गंगा' उड़ान भरने के लिए तैयार था। कैप्टन एम.के. कचरू कॉकपिट में बैठकर कंट्रोल पैनल की जांच कर रहे थे। यात्रियों की कतार में हाशिम और अशरफ भी शामिल हो गए। हाशिम की जेब में वह खिलौना बंदूक थी और अशरफ के पास लकड़ी का ग्रेनेड। RAW के गुप्त निर्देशों के चलते एयरपोर्ट पर उनकी गंभीर चेकिंग नहीं हुई। विमान में 28 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार हुए। ठीक 11:30 बजे 'गंगा' ने जम्मू के लिए उड़ान भरी। करीब 20 मिनट बाद, जब विमान पूरी ऊंचाई पर था, अचानक हाशिम अपनी सीट से उठा। उसने जेब से नकली पिस्तौल निकाली और हवा में लहराते हुए चिल्लाया- ‘कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा। जहाज हाईजैक हो चुका है।’ उधर, अशरफ ने लकड़ी का ग्रेनेड निकाला और उसकी पिन खींचने का नाटक करते कहा- ‘किसी ने चालाकी दिखाई, तो मैं जहाज को उड़ा दूंगा।’ विमान के भीतर चीख-पुकार मच गई। हाशिम कॉकपिट का दरवाजा धक्का देकर अंदर घुसा। कैप्टन ने मुड़कर देखा तो पिस्तौल उनकी कनपटी पर तनी थी। ‘जहाज का रुख बदलो। इसे सीधे रावलपिंडी ले चलो।' हाशिम ने चिल्लाते हुए कहा। कैप्टन ने बिना घबराए जवाब दिया- ‘इसमें फ्यूल बहुत कम है। हम रावलपिंडी नहीं जा पाएंगे। तुम कहो तो इसे लाहौर ले जा सकते हैं।’ कुछ देर आनाकानी करने के बाद हाशिम विमान को लाहौर ले जाने पर राजी हो गया। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर 'गंगा' लाहौर के रनवे पर उतरा। पाकिस्तानी फौज और पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हाशिम और अशरफ का जोरदार स्वागत किया गया। पाकिस्तान के कद्दावर नेता जुल्फिकार अली भुट्टो ने रनवे पर आकर उन्हें गले लगाया। पाकिस्तान दोनों को हीरो मान चुका था। 2 फरवरी की शाम हाशिम ने पाकिस्तानी अफसरों से पेट्रोल और माचिस की मांग की। अफसरों ने बिना सोचे-समझे यह सामान उन्हें मुहैया करा दिया। हाशिम ने विमान के भीतर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। ‘गंगा’ धू-धू कर जलने लगा। पाकिस्तानी टीवी चैनल इसे लाइव दिखा रहे थे। भीड़ तालियां बजा रही थी। अगली सुबह, 3 फरवरी 1971 को भारत ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों का हवाला देते हुए पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस पाबंदी के बाद पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने का सीधा रास्ता कट गया। पाकिस्तान को कोई फ्लाइट, फौज या रसद ढाका भेजनी होती, तो उन्हें अरब सागर से होते हुए, श्रीलंका का चक्कर लगाकर जाना पड़ता था। यह बेहद लंबा सफर था। उधर, पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली विद्रोहियों ने बगावत कर दी थी। वे पाकिस्तानी फौज से खुली जंग लड़ रहे थे। RAW ने इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी थी। हथियार मुहैया कराए थे। आखिरकार बौखलाए पाकिस्तान ने 3 दिसंबर 1971 की शाम अमृतसर, पठानकोट, श्रीनगर सहित भारत के कई हवाई ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी। इन हमलों के तुरंत बाद भारत ने भी जंग का ऐलान कर दिया। पाकिस्तान फंस चुका था। भारत का एयरस्पेस तो उसके लिए बंद था ही, रही-सही कसर भारत ने श्रीलंका पर कूटनीतिक दबाव बनाकर पूरी कर दी। श्रीलंका ने भी पाकिस्तान को रीफ्यूलिंग की सहूलियत नहीं दी। नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तानी फौज कमजोर पड़ गई। महज 13 दिनों के भीतर घुटने टेक दिए। 16 दिसंबर 1971 को ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए। एक नए मुल्क का जन्म हुआ- बांग्लादेश। जब जंग खत्म हुई, तब पाकिस्तान को समझ आया कि उसके साथ खेल हो चुका है। हाशिम और अशरफ, जिन्हें वो हीरो मानकर पलकों पर बिठा रखा था, उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया गया। हाशिम को कई साल पाकिस्तान की जेल में काटने पड़े। जेल से छूटने के बाद वह नीदरलैंड्स चला गया। साल 2000 में भारत लौटा, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर ही वो गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर देशद्रोह और विमान अपहरण के मामले दर्ज किए गए। 2001 में उसे जमानत मिल गई। तब से वह जेल से बाहर है और श्रीनगर में रहता है। यह सबकुछ RAW के इसी सीक्रेट मिशन की बदौलत हुआ। हालांकि, भारत सरकार और RAW ने कभी आधिकारिक रूप से इसे स्वीकार नहीं किया। RAW के काम करने का तरीका भी यही है। अब ऑपरेशन गंगा की पहली कड़ी भी पढ़िए : कश्मीरी आतंकी भारत का विमान हाईजैक करके पाकिस्तान ले गए:पेट्रोल डालकर जला दिया, देश गुस्से में था, लेकिन प्रधानमंत्री मुस्कुराने लगीं; ऑपरेशन गंगा पार्ट-1 रेफरेंस : 1. Mission RAW : By R.K. Yadav 2. The Kaoboys of RAW : By B. Raman 3. The War that Made RAW : By Anusha Nandakumar and Sandeep Saket 4. India, Pakistan and the Secret Jihad : By Praveen Swami
Why do people drop alcohol on ground: हम सभी ने कभी न कभी अपने आस-पास किसी को शराब का ग्लास हाथ में लेते ही उसकी कुछ बूंदें जमीन पर या हवा में छिड़कते हुए जरूर देखा होगा. भारत के लगभग हर हिस्से में यह नजारा बेहद आम है. अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आदत या मजाक मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह कोई मामूली टोटका नहीं बल्कि एक वैश्विक परंपरा है, जिसे सदियों से दुनिया के कई देशों में निभाया जा रहा है. इतिहास और इतिहासवेत्ताओं की भाषा में इस रस्म को “लाइबेशन” (Libation) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर इस अनोखे रिवाज की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे क्या धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मान्यताएं छिपी हैं.क्या है 'लाइबेशन' और इसका आध्यात्मिक महत्व?अंग्रेजी शब्द 'Libation' का सीधा और सरल अर्थ होता है किसी देवी-देवता, प्रकृति या अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा के सम्मान में किसी तरल पदार्थ (विशेषकर मदिरा या जल) की कुछ बूंदों को श्रद्धापूर्वक अर्पित करना. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शराब पीने से पहले उसकी एक छोटी सी मात्रा अदृश्य शक्तियों या आत्माओं के नाम कर दी जाती है. इसे मनुष्य और दैवीय शक्तियों के बीच संवाद स्थापित करने और उनके प्रति आभार प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक माध्यम माना जाता है.भारत में भगवान भैरव नाथ से जुड़ी हैं इस परंपरा की जड़ेंभारतीय समाज और संस्कृति में शराब से जुड़े इस रिवाज का इतिहास बेहद पुराना और गहरा है. सनातन परंपरा और तांत्रिक साधनाओं में इसका सीधा संबंध भगवान शिव के उग्र रूप माने जाने वाले देव 'भैरव नाथ' से जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा भैरव नाथ को मदिरा का भोग बेहद प्रिय है और उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सम्मान में शराब अर्पित की जाती है. आज भी उत्तर भारत समेत देश के कई प्रसिद्ध भैरव मंदिरों में भगवान को मदिरा चढ़ाने का अटूट प्रचलन है. समय के साथ आम लोगों ने इस धार्मिक कर्मकांड को अपने सामाजिक जीवन का हिस्सा बना लिया. लोग इस अटूट विश्वास के साथ शराब की कुछ बूंदें धरती पर छिड़कने लगे कि ऐसा करने से उनके ऊपर से हर प्रकार की अला-बला, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का साया हमेशा के लिए दूर रहेगा.दुनिया भर के देशों में अलग-अलग नामों से निभाई जाती है यह रस्मयह सोचना बिल्कुल गलत होगा कि शराब की बूंदें जमीन पर गिराने का रिवाज सिर्फ भारत तक ही सीमित है. दुनिया के प्राचीन इतिहास को खंगालने पर पता चलता है कि मिस्र (Egypt), ग्रीस (Greece) और प्राचीन रोम की महान सभ्यताओं में भी लोग अपनी मदिरा का पहला हिस्सा देवताओं और अपने मृत प्रियजनों की आत्माओं को शांति देने के लिए भूमि पर अर्पित करते थे. आज के आधुनिक दौर में भी यह रस्म कई महाद्वीपों में जिंदा है:क्यूबा और ब्राजील: इन देशों में आज भी शराब पीने से पहले कुछ बूंदें गिराई जाती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में 'Para los Santos' यानी “संतों के लिए अर्पण” कहा जाता है.फिलीपींस: यहां इस रस्म को 'Para sa Yawa' के नाम से जाना जाता है, जिसका सीधा अर्थ होता है “शैतान के लिए”. वहां के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां शांत रहती हैं और शराब पीने वाले व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं.पीढ़ी दर पीढ़ी आदत में बदला यह खास रिवाजशुरुआत में जो काम शुद्ध रूप से धार्मिक आस्था और भय के चलते शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होकर एक सामाजिक आदत में तब्दील हो गया. आज के समय में बहुत से लोग बिना किसी धार्मिक सोच के भी, केवल अपने बड़ों को देखकर या दोस्तों के साथ महफिल में बैठने पर तीन बार हल्के हाथों से मदिरा की बूंदें नीचे गिरा देते हैं. यह एक ऐसी पारिवारिक और सामाजिक परंपरा बन चुकी है जिसे लोग बिना सोचे-समझे भी एक शुभ शगुन मानकर निभाते आ रहे हैं.चाहे आप इसे किसी देवता के प्रति अगाध श्रद्धा समझें, पूर्वजों के प्रति सम्मान या फिर किसी अज्ञात अनहोनी से बचने का एक मानवीय प्रयास, यह छोटा सा रिवाज हमें इस बात का अहसास जरूर कराता है कि इंसानी व्यवहार और उसकी हर छोटी से छोटी क्रिया के पीछे सदियों पुरानी कोई न कोई बेहद खूबसूरत सांस्कृतिक कहानी और गहरा भाव जरूर छिपा होता है.
सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन
साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .
Men Personality Mistakes That Turn Off Women : अक्सर यह माना जाता है कि पुरुषों की अच्छी शक्ल और मोटा बैंक बैलेंस किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें (Men Personality Mistakes) होती हैं, जिनके सामने आपकी अच्छी शक्ल और पैसा भी धरा का धरा रह जाता है. हाल ही में एक बड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिलेशनशिप सर्वे में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 80% से ज्यादा महिलाएं पुरुषों के लुक्स को नजरअंदाज कर सकती हैं, लेकिन उनकी कुछ आदतों और व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करतीं. यदि आप भी जानना चाहते हैं कि पुरुषों का वो कौन सा बर्ताव है जो महिलाओं को पहली ही नजर में सबसे ज्यादा नापसंद आता है, तो इन आदतों के बारे में जरूर जान लें, विशेषकर नंबर 3, जो अक्सर अनजाने में हर दूसरा पुरुष कर बैठता है.खराब पर्सनल हाइजीन और साफ-सफाई की कमीआप चाहे जितने भी महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहन लें, लेकिन अगर आपके शरीर से पसीने की दुर्गंध आ रही है, तो आपका सारा इंप्रेशन तुरंत खराब हो जाता है. महिलाएं पुरुषों की साफ-सफाई को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं. जब आप किसी महिला से मिलते हैं, तो वह आपके दांतों की सफाई, सांसों की बदबू, गंदे या बढ़े हुए नाखून और आपके जूतों की कंडीशन पर सबसे पहले ध्यान देती हैं. गंदा और बेतरतीब दिखना एक ऐसा सबसे बड़ा टर्न-ऑफ (Turn-off) है, जिसे पहली मुलाकात में कभी सुधारा नहीं जा सकता.बातचीत में सिर्फ ‘मैं, मेरा और मुझे’ करनाकुछ पुरुषों की आदत होती है कि वे पहली मुलाकात में खुद को बहुत बड़ा या कामयाब दिखाने के चक्कर में लगातार सिर्फ अपने बारे में ही बातें करते रहते हैं. “मैं कहाँ घूमता हूँ”, “मेरी गाड़ी कौन सी है”, “मैंने क्या हासिल किया है” – यह आत्ममुग्ध रवैया महिलाओं को अंदर से बुरी तरह बोर कर देता है. महिलाएं उन पुरुषों के साथ कभी सहज महसूस नहीं करतीं जो दूसरों को बोलने का मौका नहीं देते. जब आप बातचीत को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेते हैं, तो सामने वाले को लगता है कि आप केवल खुद से प्यार करते हैं और अहंकारी हैं.दूसरों के प्रति बदतमीजी या नीचा दिखाने वाला रवैयायह वह सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदत है जिसे महिलाएं बहुत गहराई से और चुपचाप नोटिस करती हैं. पहली मुलाकात के दौरान आप उस महिला के साथ कितने भी प्यार और तमीज से बात कर रहे हों, लेकिन यदि आपका व्यवहार समाज के अन्य लोगों के प्रति खराब है, तो आपका असली चरित्र वहीं उजागर हो जाता है.जब आप किसी रेस्टोरेंट में वेटर से रूखेपन से बात करते हैं, गाड़ी पार्क करते समय वॉचमैन पर चिल्लाते हैं, या रास्ते में किसी जरूरतमंद को देखकर मुंह बनाते हैं, तो महिला के लिए यह सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) होता है. मनोविज्ञान कहता है कि कोई पुरुष दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, वही उसके असली संस्कारों को दर्शाता है. इस आदत को देखकर कोई भी समझदार महिला तुरंत दूरी बना लेती है.
Men Habits That Attract Women: अक्सर यह माना जाता है कि महिलाएं पुरुषों के लुक्स, उनकी कद-काठी या उनके भारी-भरकम बैंक बैलेंस को देखकर आकर्षित होती हैं. लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) और कई हालिया रिलेशनशिप रिसर्च कुछ अलग ही दिलचस्प कहानी बयां करते हैं. सच तो यह है कि पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनके आगे बाहरी खूबसूरती और पैसा भी फीका पड़ जाता है. एक पुरुष का व्यवहार और उसकी कुछ खास आदतें महिलाओं के दिल में पक्की जगह बना लेती हैं. अगर आप भी सोचते हैं कि महिलाओं को रिझाने के लिए सिर्फ अच्छा दिखना ही काफी है, तो आपको अपनी यह सोच बदलने की जरूरत है. आइए जानते हैं पुरुषों की उन 4 खास आदतों के बारे में, जिनकी महिलाएं दिल से दीवानी होती हैं.बिना टोके ध्यान से बातें सुननाज्यादातर पुरुषों की आदत होती है कि वे बातचीत के दौरान तुरंत अपना सुझाव देने लगते हैं या खुद की तारीफों के पुल बांधना शुरू कर देते हैं. लेकिन महिलाएं उन पुरुषों को बेहद पसंद करती हैं जो उनकी बातों को बिना टोके, बिना किसी जजमेंट के और पूरे ध्यान से सुनते हैं. जब एक पुरुष महिला की छोटी से छोटी बात को याद रखता है, तो महिला को सुरक्षित और खास होने का अहसास होता है. मनोविज्ञान कहता है कि ध्यान से सुनना किसी को सम्मान देने का सबसे बेहतरीन तरीका है.जिंदादिली और गजब का सेंस ऑफ ह्यूमरमुस्कुराहट हर मुश्किल को आसान बना देती है. महिलाएं उन पुरुषों की तरफ बहुत जल्दी आकर्षित होती हैं जो खुद भी खुश रहते हैं और माहौल को भी हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं. जो पुरुष अपने मजाकिया स्वभाव से महिलाओं को हंसा सकते हैं, उनका चार्म एकदम अलग ही होता है. रिलेशनशिप रिसर्च के अनुसार, मजाकिया स्वभाव के मर्दों के साथ महिलाएं खुद को अधिक सहज और तनावमुक्त महसूस करती हैं.हर किसी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखनाएक महिला सिर्फ यह नहीं देखती कि आप उसके साथ कैसा बर्ताव कर रहे हैं, बल्कि वह यह बहुत बारीकी से नोटिस करती है कि आपका व्यवहार दूसरों के प्रति कैसा है. जब आप किसी होटल में वेटर से तमीज से बात करते हैं, किसी बुजुर्ग की मदद करते हैं या अपने से छोटे लोगों को सम्मान देते हैं, तो आपकी यह आदत महिला का दिल जीत लेती है. दूसरों को सम्मान देने वाले पुरुष यह दर्शाते हैं कि उनका स्वभाव संवेदनशील और जमीन से जुड़ा हुआ है.अहंकार के बिना गजब का आत्मविश्वासआत्मविश्वास एक ऐसा गहना है जो बिना किसी महंगे कपड़े के भी पुरुष की पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देता है. महिलाओं को ऐसे पुरुष बहुत आकर्षित करते हैं जिन्हें पता होता है कि वे जीवन में क्या कर रहे हैं और जो मुश्किल वक्त में घबराने के बजाय शांत रहकर सही फैसले लेना जानते हैं. हालांकि, आत्मविश्वास और अहंकार में बहुत बारीक अंतर होता है. महिलाएं अहंकारी पुरुषों से दूर भागती हैं, लेकिन जो पुरुष आत्म-निर्भर हैं और अपनी गलतियों को स्वीकार करने का माद्दा रखते हैं, उनका व्यक्तित्व सबसे चुंबकीय होता है.
वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया
हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .
अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट
मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .
बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन
अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .
‘सिया गोयल ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर मार डाला। क्योंकि वो केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।’ पुणे पुलिस की ये थ्योरी पूरे देश को याद हो चुकी है। लेकिन ये बात कहने में जितनी आसान है, कोर्ट में साबित करना उतना ही मुश्किल। तो क्या केतन अग्रवाल की हत्या मामले में सिया बच जाएगी, पुलिस कैसे साबित करेगी सिया ने ही धक्का दिया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पुलिस ने सिया को किस आधार पर केतन की हत्या का आरोपी बनाया है? जवाब: पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे लोहगढ़ किले की चोटी पर मौजूद सिया चीखी। गार्ड्स पहुंचे, तो सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है।' सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ केतन अग्रवाल के माता-पिता ने लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के ऑफिसर्स से कहा कि उन्हें केतन की मौत में किसी गलत इरादे का शक नहीं है। पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। लेकिन इसके बाद जांच में 5 ऐसी बातें सामने आईं, जिसके आधार पर सिया और चेतन को हत्या का आरोपी बनाया गया… 1. केतन के घर वालों को सिया पर शक हुआ 2. सिया ने पुलिस के सामने अपने बयान बदले 3. किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने दिखा शख्स 4. हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद 4. सिया की चेतन के नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स सवाल-2: क्या सिया को दोषी साबित करने के लिए ये 5 आधार काफी नहीं, और क्या जरूरी? जवाब: हत्या के मामले में आरोपी को 2 तरीके से दोषी साबित किया जा सकता है… 1. हत्या का कोई पुख्ता सबूत मौजूद हो भारतीय कानून में हत्या का आरोप साबित करने के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी होती हैं- हत्या का मोटिव, यानी इरादा, हत्या में इस्तेमाल हथियार, आरोपी का मौके पर मौजूद होना और हत्या का चश्मदीद गवाह। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘मान लीजिए किसी की हत्या हो और मौके पर ही आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद हो जाएं, जिसकी पोर्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो जाए, तो हत्या का मामला चलेगा। अभियोजन पक्ष या पुलिस घटना के CCTV फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वारदात के गवाह या किसी दूसरे सबूत के जरिए यह साबित करेंगे कि आरोपी ने ही हत्या की है। इसके बाद कोर्ट आरोपी को दोषी करार दे देगा।’ केतन के मामले में पुलिस का मानना है कि उसे चेतन या सिया ने खाई में धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। विराग गुप्ता के मुताबिक, कोर्ट सिया और केतन को तभी दोषी मानेगा, जब सबूतों से ये साबित हो जाए कि केतन न ही खुद फिसला, न उसका संतुलन बिगड़ा, बल्कि उसे जानबूझकर चेतन या सिया ने या दोनों ने मिलकर धक्का दिया था। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इसका कोई सबूत नहीं है। एक पुलिस ऑफिसर ने कहा है, ‘केतन की हत्या के समय किले पर 208 लोग मौजूद थे। हमें उम्मीद है कि किसी न किसी ने कोई आपत्तिजनक फोटोग्राफिक सबूत कैद किया होगा।' पुलिस ने कोर्ट से चेतन और सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की परमिशन मांगते हुए कहा था कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और न ही कोई ऐसा सबूत है, जिससे साबित हो सके कि केतन को धक्का देकर किसने मारा। पुलिस ने ये अर्जी वापस भी ले ली है। 2. हत्या की परिस्थिति से जुड़े सबूत मौजूद हों हत्या का वीडियो न हो, तो भी हत्या साबित की जा सकती है और आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। अदालतें परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भी हत्या के मामलों में सजा सुनाती हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों का मतलब है कि किसी व्यक्ति की हत्या के पीछे की वजह या मोटिव, हत्या के समय आरोपियों की लोकेशन, हत्या के तरीके से जुड़े सबूत सभी आपस में अच्छे से जुड़े हों। किसी भी तरह कोई एक भी कड़ी ऐसी न हो, जिससे ये गुंजाइश बने कि आरोपी बेकसूर भी हो सकता है। विराग गुप्ता कहते हैं कि केतन की हत्या के समय का कोई मटेरियल एविडेंस नहीं मिल पाता, तो पुलिस ने केतन की हत्या के पीछे जो कहानी, सुराग और हत्या का जो मोटिव बताया है, अभियोजन पक्ष को उसे कोर्ट में सबूतों के साथ साबित करना होगा। पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, केतन की मौत की लोकेशन से जुड़े सबूत जुटाने होंगे। इन सबके आधार पर यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन के पास केतन को मारने की पर्याप्त वजह थी और उन दोनों ने ही केतन की हत्या की है। पुलिस का एक दावा ये भी है कि उसके पास चेतन और सिया के कबूलनामे हैं, जिनमें उन्होंने केतन की हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को दिए बयान में कोई आरोपी अपना जुर्म कबूल ले, तो भी CRPC या BNS कानून के तहत इसकी कोर्ट में कोई अहमियत नहीं होती। सवाल-3: तो क्या हत्या के आरोप से बच भी सकते हैं सिया-चेतन? जवाब: अक्सर परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बरी भी हो जाते हैं। आपने कई फैसलों में कोर्ट की ये टिप्पणी सुनी होगी- सबूतों की कमी के चलते आरोप साबित नहीं किया जा सका। दरअसल, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए नियम हैं। 1952 में एक फैसले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को आगाह किया था कि किसी शक को सबूत न समझा जाए। फिर 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मामले में 5 सिद्धांत बताए… सिया के वकील तनवीर अहमद मीर कहते हैं कि अभियोजन पक्ष केवल ये दिखाकर केस नहीं जीत सकता कि कई चीजें संदिग्ध लग रही हैं। घटना की हर परिस्थिति खुद में साबित हो, और फिर वो अगली कड़ी से भी जुड़ती हो, ये भी साबित हो कि केतन की मौत की दूसरी कोई संभव वजह नहीं है। अगर एक भी कड़ी टूटती है, तो आरोपियों को संदेह का फायदा मिलेगा। केतन के मामले में पुलिस को हर दावा, सबूत में बदलना होगा। साबित करना होगा कि सिया शादी से नाखुश थी और यही हत्या का मोटिव था। चेतन के साथ उसका रिश्ता, कैफे में हुई दोनों की मुलाकात और दोनों के प्लान को रिहर्सल से साबित करना होगा। सिर्फ ये साबित करना काफी नहीं होगा कि दोनों का व्यवहार संदिग्ध है, बल्कि ये फोन, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज से ये साबित करना होगा कि वो हत्या की साजिश कर रहे थे। मीर कहते हैं कि इसके अलावा सबसे जरूरी ये साबित करना होगा कि केतन गिरा कैसे? उस पॉइंट की ढलान, कहां पर गिरा, केतन के जूते, गिरने की दिशा, उनकी चोटें, फिसलने की संभावना, ये सभी चीजें मायने रखेंगी। कई संभावनाएं हो सकती हैं- केतन खद फिसले, या कोई बहस हुई, उस दौरान गिर गए, किसी एक ने धक्का दिया, या दोनों ने उकसाया, या हाथापाई में ऐसा हुआ। पुलिस को बाकी सभी संभावनाओं को खारिज करके ये साबित करना होगा कि केतन को धक्का दिया गया। सवाल-4: क्या पहले भी कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं? जवाब: हां, आरुषि-हेमराज हत्याकांड इसकी लैंडमार्क मिसाल है। 13 साल की आरुषि तलवार और तलवार दंपति के नौकर हेमराज की 2008 में नोएडा में हत्या कर दी गई थी। आरुषि की लाश उसके बेडरूम में, जबकि हेमराज की लाश छत पर मिली थी। केतन के मामले की तरह ही ये दोहरा हत्याकांड नेशनल लेवल पर सनसनी बन चुका था। आरुषि के माता-पिता- राजेश और नूपुर तलवार के बारे में कहा जा रहा था कि दोनों ने ऑनर-किलिंग की है। 2013 में CBI कोर्ट ने दोनों को दोषी भी करार दे दिया, लेकिन 4 साल बाद इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। सिया के वकील मीर ने ही उनका भी केस लड़ा था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर 5 सिद्धांतों के आधार पर निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। अभियोजन पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा था कि घटना की रात तलवार के घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता था। मीर ने कोर्ट में ये कल्पना दी कि राजेश तलवार का कंपाउंडर, कृष्णा थडाराई को भी पहले संदिग्ध माना गया था। हो सकता है कि उसने हत्याएं की हों। तलवार दंपति को बचाने के लिए मीर को ये साबित करने की जरूरत नहीं थी कि कृष्णा ने असल में हत्याएं की थीं। बस उन्हें अपनी कल्पना को इतना भरोसेमंद बनाना था कि तलवार के दोषी होने पर संदेह पैदा हो जाए। ------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से बचने के लिए सीधे मंगेतर की हत्या, मना क्यों नहीं कर सकी; रोमांटिक पोस्ट डाले, चार सुराग से सुलझी गुत्थी पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहगढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पूरी खबर पढ़िए…
वियतनाम में दर्दनाक हादसा, भारतीयों से भरी नाव पलटी, 15 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Vietnam Boat Incident case : वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई। नाव में सवार थे 32 भारतीय और 4 क्रू मेंबर इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने घटना के बारे में जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी की है। कैसेे हुआ हादसा? खबरों के अनुसार, नाव होन मे रुट आइलैंड से एन थोई पोर्ट जा रही थी, तभी समुद्र में लगभग 400 मीटर (440 गज) की दूरी पर वह पलट गई। उस समय समुद्र में हालात खराब थे और इलाके में ऊंची लहरें उठ रही थीं। भारतीय दूतावास ने कहा, जानकारी और मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल और हनोई में दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन हादसे में मरने वालों की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम से इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414। हनोई वाले दूसरे कंट्रोल रूम से इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है: +84 91 308 9165। भारतीय मिशन ने कहा कि वे किसी भी तरह की मदद और सवालों के लिए उपलब्ध हैं।रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?
आषाढ़ माह में अमरनाथ गुफा में हर साल बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन हेतु यात्रा का आयोजन होता है। यह शिवलिंग गुफा में किसी चमत्कार से प्राकृतिक रूप में निर्मित होकर चंद्रकलाओं के साथ ही घटकर गायब हो जाता है। ऐसी किवदंती भी प्रचलित है कि इस गुफा में माता पार्वती और गणेशजी की की मूर्ति भी बनती है। चलिए जानते हैं सचाई। ALSO READ: क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद 1: अमरनाथ गुफा की भौगोलिक व आध्यात्मिक स्थिति हिमालय की गोद में बसे शिव स्थानों में अमरनाथ का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। शिव के पवित्र धाम: सनातन परंपरा में माना जाता है कि संपूर्ण हिमालय भगवान शिव का निवास स्थान है। भौगोलिक और आध्यात्मिक यात्रा के क्रम में केदारनाथ को शिवजी का विश्राम भवन माना गया है, अमरनाथ उससे आगे का पड़ाव है, और इन सबसे आगे तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत है, जो महादेव का मुख्य समाधि स्थल है। कहां है गुफा: अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से लगभग 141 किलोमीटर दूर, समुद्र तल से करीब 12,756 फीट (लगभग 3,888 मीटर) की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है। यह गुफा चारों ओर से बर्फीली चोटियों से घिरी हुई है। 2: 'बर्फानी बाबा' नामकरण का यथार्थ और विवाद इस पवित्र स्थल को दिए गए आधुनिक नामों के पीछे एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू जुड़ा हुआ है। नामकरण की पृष्ठभूमि: हालिया सदियों में स्थानीय मुस्लिम गाइडों और चरवाहों (जैसे बूटा मलिक का परिवार, जिन्होंने आधुनिक काल में इस गुफा को दोबारा खोजा था) के प्रभाव के कारण बाबा अमरनाथ को 'बर्फानी बाबा' कहा जाने लगा। हालांकि, सनातन ग्रंथों के अनुसार इन्हें 'अमरेश्वर महादेव' कहना ही शास्त्रसम्मत और अनुचित विसंगतियों से दूर है। प्राकृतिक संरचना: इन्हें यह नाम इसलिए मिला क्योंकि गुफा के भीतर छत से पानी की बूंदें टपकने और अत्यधिक ठंड के कारण वह पानी प्राकृतिक रूप से बर्फ के ठोस शिवलिंग का आकार ले लेता है। यह शिवलिंग चंद्रमा की कलाओं (घटने-बढ़ने) के साथ अपना आकार बदलता है। ALSO READ: Amarnath Yatra 2026 : 5 दिन में बाबा बर्फानी 'अंतर्ध्यान', बड़ी चेतावनी तो नहीं, अमरनाथ गुफा में कैसे बनता है बर्फ का शिवलिंग? क्या है विज्ञान और आस्था का सबसे बड़ा रहस्य 3: शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश पीठ का रहस्य गुफा के भीतर केवल एक ही आकृति नहीं बनती, बल्कि वहां पूरा शिव परिवार साकार होता है। तीन हिम आकृतियां: विज्ञान के लिए जहां पानी की बूंदों से शिवलिंग का बनना एक भूगर्भीय घटना हो सकता है, वहीं जनश्रुति और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मुख्य शिवलिंग के साथ ही दो अन्य छोटी हिम आकृतियां भी प्राकृतिक रूप से निर्मित होती हैं। इनमें से एक को 'गणेश पीठ' और दूसरी को 'पार्वती पीठ' के रूप में पूजा जाता है। शिवलिंग कब बनकर कब गायब हो जाता है: यह हिम शिवलिंग अचूक रूप से हर साल आषाढ़ पूर्णिमा से बनना शुरू होता है और सावन की पूर्णिमा (रक्षाबंधन) तक अपने पूरे आकार में रहता है। इसके बाद जैसे-जैसे चंद्रमा घटता है, इसका आकार भी छोटा होने लगता है। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा? 4: 51 शक्तिपीठों में से एक- महामाया शक्तिपीठ अमरनाथ गुफा केवल शैव भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि शाक्त (देवी) उपासकों के लिए भी परम पूजनीय है। सती के कंठ का निपात: अमरनाथ गुफा के भीतर निर्मित होने वाली पार्वती पीठ दरअसल माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर के टुकड़े किए थे, तब इस स्थान पर माता का 'कंठ' (गला) गिरा था। शिवशक्ति का मिलन स्थल: तंत्र चूड़ामणि के अनुसार, यहाँ की शक्ति को 'महामाया' और भैरव को 'अमरनाथ' कहा जाता है। यहाँ माता के अंग और उनके दिव्य आभूषणों की पूजा का विशेष विधान है। इसलिए यह स्थान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। 5: प्राचीन साधना स्थली से आधुनिक सुगम तीर्थ तक का सफर समय के साथ इस दुर्गम यात्रा के स्वरूप में बहुत बड़ा बदलाव आया है। साधुओं की तपोभूमि: प्राचीन काल में यह क्षेत्र अत्यधिक दुर्गम, हिंसक मौसम और बर्फीले रास्तों से घिरा होने के कारण केवल सिद्ध साधु-संतों, अघोरियों और नागा बाबाओं की ही तपोभूमि था। आम सांसारिक लोग यहाँ जाने का साहस नहीं कर पाते थे। आधुनिक सुगमता: वर्तमान समय में आधुनिक तकनीकों, सड़कों, सेना की सुरक्षा, हेलीकॉप्टर सेवाओं और बेहतर यात्रा प्रबंधन के कारण अब आम श्रद्धालु भी न केवल अमरनाथ, बल्कि तिब्बत में स्थित बेहद कठिन कैलाश पर्वत और मानसरोवर की यात्रा आसानी से कर पा रहे हैं। यह विकास हिंदुओं के इन परम पूजनीय और सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों को नई पीढ़ी से जोड़ने में सफल रहा है।
आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। आमिर खान ने 5 जुलाई को 61 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है। हालांकि तीसरी शादी रचाने के बाद आमिर खान विवादों में भी आ गए हैं। आमिर खान की शादी के विरोध में बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आमिर खान का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आमिर खान पर लव जिहाद करने का आरोप लगाया गया है। ALSO READ: 61 साल की उम्र में हनीमून मनाने तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट संग मेलबर्न रवाना हुए आमिर खान फारबिसगंज में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के स्थानीय नेता मनोज सोनी ने आमिर खान पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान आमिर खान मुर्दाबाद और आमिर खान जिहादी भारत छोड़ो जैसे नारे लगाए गए। Bajrang Dal workers on Tuesday, July 7, burned an effigy of the Bollywood actor Aamir Khan following his marriage to Gauri Spratt on Sunday, July 5. The Hindutva workers wearing saffron shawls could be seen burning the effigy while raising slogans, including Aamir Khan… pic.twitter.com/9szCYnHO4J — The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) July 10, 2026 मनोज सोनी ने कहा, आमिर खान लगातार हिंदू बहन-बेटियों से शादी रचाकर लाइन लगा रहे हैं। यह हिंदू समाज को नीचा दिखाने और हिंदुओं को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। अगर उन्होंने अपनी इन हरकतों को जल्द ही नहीं रोका, तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा। सोनी ने आगे बच्चों के नामकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि, शादी हिंदू बेटियों से करते हैं और बच्चों का नाम तैमूर, अफ़रोज़ या सलमान रखते हैं, यह कहां का नियम है? उन्हें मुस्लिम समाज की बेटियों से प्यार क्यों नहीं होता? बजरंग दल ने कोर्ट और सरकार से मांग की है कि देश का माहौल बिगाड़ने के आरोप में अभिनेता पर सख्त कार्रवाई की जाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आमिर खान हमेशा से अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन उनकी इस तीसरी शादी ने अब एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें नए जीवन की बधाई दे रहे हैं, वहीं कई संगठनों का यह विरोध आने वाले दिनों में आमिर खान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। बता दें कि आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है।
रोहित चंदेल पर POCSO एक्ट के तहत केस, मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार
टीवी जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फेमस टीवी सीरियल 'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' जैसे शोज से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रोहित पर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को परेशान करने, बार-बार फोन करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने रोहित चंदेल के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद रोहित चंदेल पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंत नगर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 115(2) भी लगाई हैं। ALSO READ: अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन क्या है पूरा मामला? मुंबई के एक पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग लड़की के परिजनों ने इस मामले में पंत नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अभिनेता रोहित चंदेल पिछले कुछ समय से नाबालिग को लगातार परेशान कर रहे थे। वह अपने खुद के नंबर के साथ-साथ कई अन्य अलग-अलग फोन नंबरों से लड़की को बार-बार कॉल कर रहे थे, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुकी थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि बीती 5 जुलाई को रोहित ने पीड़िता के आवासीय भवन के पास उसका रास्ता रोका। जब लड़की ने बचने की कोशिश की, तो अभिनेता ने उसका पीछा किया। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई, जिसमें रोहित ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि नाबालिग के साथ मारपीट भी की और उसे थप्पड़ जड़ दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की पंत नगर पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को रोहित चंदेल को उनके दहिसर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अभिनेता को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, पीड़िता की शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और नाबालिग लड़की पहले से एक-दूसरे को जानते थे। रोहित चंदेल टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' में बाजीराव और 'पंड्या स्टोर' में धवल मकवाना की भूमिका निभाकर काफी लोकप्रियता हासिल की थी। इन दिनों वह टीवी शो 'सैरब' में नजर आ रहे थे। गिरफ्तारी के बाद रोहित के अभिनय करियर पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
अमेरिकी नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं। आखिर इस फैसले से प्रवासी भारतीयों को क्या फायदा होगा?
अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन
अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म 'धमाल 4' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं अब फिल्म का ओपनिंग डे का कलेक्शन भी सामने आ गया है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक सधी हुई लेकिन औसत शुरुआत की है। 'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन अच्छा परफॉर्म किया, लेकिन ये 'धमाल फ्रैंचाइजी की पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' को पछाड़ न सकी। ALSO READ: Dhamaal 4 Review: वही खजाना, वही भागमभाग... इस बार हंसी रास्ते में कहीं खो गई 'धमाल 4' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 15.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा अजय देवगन की कुछ हालिया रिलीज फिल्मों के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है, लेकिन फ्रेंचाइजी के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह कमाई उम्मीद से थोड़ी कम है। 'धमाल 4' अपनी ही पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' (2019) के पहले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ने में नाकाम रही, जिसने 16.5 करोड़ रुपए की ओपनिंग ली थी। इसके अलावा, हाल ही में रिलीज हुई एक और बड़ी कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' से भी यह पीछे छूट गई है, जिसने पेड प्रिव्यूज को मिलाकर 19 करोड़ रुपए की शानदार शुरुआत की थी। 'धमाल 4' की कहानी में मेकर्स ने एक बार फिर से पुराने फॉर्मूले को ही दोहराया है। साल 2007 में आई पहली 'धमाल' में जहां सभी किरदार गोवा के एक गार्डन में 'W' के नीचे दबे 10 करोड़ रुपए के खजाने को खोजने के लिए भागते नजर आए थे, वहीं इस बार पूरी स्टारकास्ट 'M' के नीचे छिपे खजाने की तलाश में जुटी है।
स्पेन ने पहली बार गोल खाया लेकिन अंतिम लम्हों में बेलजियम पर पाई शानदार जीत
सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किये गये गोल की बदौलत स्पेन ने शुक्रवार रात फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ने का रास्ता पक्का कर लिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ गोल दागे। शुरुआती लाइनअप में अप्रत्याशित रूप से शामिल हुए फैबियान रुइज ने 30वें मिनट में रिबाउंड पर गोल दाग दिया, लेकिन चार्ल्स डी केटेलेरे ने टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। यह टूर्नामेंट में पहला अवसर है जबकि स्पेन ने गोल खाया। Spain grab a late goal to secure their place in the Semi-final! #FIFAWorldCup — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 10, 2026 हालांकि, अंत में स्पेन ने बाजी मार ली, जब स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पाउ कुबार्सी के दूर से किए गए शॉट को रोक नहीं पाए और मेरिनो ने सामान्य समय समाप्त होने से दो मिनट पहले विजयी गोल दाग दिया।स्पेन अब मंगलवार को एक सपने जैसे सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा।स्पेन मार्च 2023 से लगातार 37 मैचों में अजेय रहा है। गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर बाहर शॉट से मार दिया।
दूसरी बार मां बनने जा रहीं दीपिका पादुकोण, तीसरे ट्राइमेस्टर की मुश्किलें कीं शेयर
बॉलीवुड की 'मस्तानी' दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और खास दौर को एन्जॉय कर रही हैं। बेटी दुआ के जन्म के बाद, दीपिका और रणवीर सिंह जल्द ही अपने घर में एक और नन्हे मेहमान का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दीपिका अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने तीसरे ट्राइमेस्टर के मुश्किलों और प्यारे पलों को फैंस के साथ शेयर किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीपिका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक मजेदार रील शेयर की है। ALSO READ: 'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा इस वीडियो में दीपिका खुद नजर नहीं आईं, लेकिन यह रील उनकी मौजूदा स्थिति और प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर की चुनौतियों को बेहद मजेदार अंदाज में दिखाया है। वीडियो में एक प्रेग्नेंट महिला आधी नींद में बार-बार उठकर वॉशरूम जाती हुई दिखाई दे रही हैं। दीपिका ने इस रील के साथ एक अपसाइड-डाउन स्माइली फेस इमोजी लगाया, जो यह साफ बयां करता है कि वह भी आजकल रातों की नींद खराब होने और इस शारीरिक थकावट से गुजर रही हैं। दीपिका ने यह स्टोरी शेयर की, सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने उन पर प्यार की बौछार कर दी। एक फैन ने लिखा, 'दुआ का भाई या बहन जल्द ही आने वाला है। यू गॉट दिस, दीपिका!' वहीं एक अन्य यूजर ने भावुक होकर कमेंट किया, 'मेरी क्वीन की मदद के लिए काश मैं वहां होता।' फैंस इस बात से बेहद खुश हैं कि दीपिका अपनी इस खूबसूरत जर्नी की छोटी-छोटी झलकियां उनके साथ साझा कर रही हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2024 में दीपिका और रणवीर ने अपनी नन्ही परी 'दुआ' का दुनिया में स्वागत किया था। जब दुआ एक साल की हुईं, तब इस कपल ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर की थीं, जिन पर फैंस ने खूब प्यार लुटाया था। वहीं, इस साल की शुरुआत में इस कपल ने बेहद अनोखे अंदाज में अपनी दूसरी प्रेगनेंसी की घोषणा की। प्रेग्नेंसी के साथ-साथ दीपिका अपने वर्क फ्रंट को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। आने वाले समय में वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। दीपिका जल्द ही शाहरुख खान के साथ 'किंग' में नजर आएंगी। इसके अलावा वह साउथ स्टार अल्लू अर्जुन के साथ 'राका' में भी दिखेंगी।
विदेश, खासकर अमेरिका (America) को लेकर अक्सर आम लोगों के मन में यह धारणा होती है कि वहां रहने वाला हर व्यक्ति बेहद आलीशान और आरामदायक जिंदगी जीता है. सोशल मीडिया पर महंगे घर, लग्जरी कारें और शानदार लाइफस्टाइल देखकर ऐसा लगता है कि वहां पैसों की कोई समस्या नहीं है. लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रहा एक भावुक वीडियो इस सोच से बिल्कुल उलट अमेरिका की एक कड़वी और असली तस्वीर बयां कर रहा है. यह वीडियो एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का है, जो इस उम्र में भी एक सुपरमार्केट में नौकरी करने को मजबूर हैं.एक सवाल और दिल छू लेने वाला जवाब: 'मुझे भी बिल भरने हैं'यह वायरल वीडियो अमेरिका के एक प्रसिद्ध वॉलमार्ट (Walmart) स्टोर का है, जहां यह 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला पूरे मन से अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी वहां खरीदारी करने पहुंचे एक कंटेंट क्रिएटर ने उनके जज्बे को देखकर उनसे बातचीत शुरू की. जब शख्स ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि क्या वह सच में इस उम्र में भी काम कर रही हैं और क्या उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं है? तो महिला ने बिना किसी शिकायत या भावुकता के बेहद सामान्य लहजे में एक ऐसी बात कही जो दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू गई. उन्होंने कहा, मुझे भी हर महीने अपने बिल भरने पड़ते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपको भरने होते हैं.नई कार का इंश्योरेंस बिल पड़ गया भारी, 500 की जगह आया $2,000 का फटकाबातचीत के दौरान बुजुर्ग महिला ने अपनी मौजूदा आर्थिक तंगी की असली वजह भी साझा की. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने आने-जाने के लिए एक नई कार खरीदी थी. उन्हें उम्मीद थी कि कार का इंश्योरेंस बिल लगभग 500 डॉलर के आसपास आएगा. लेकिन जब कंपनी की तरफ से वास्तविक बिल आया, तो वह पूरे 2,000 डॉलर (लगभग ₹1.65 लाख) का था. इतनी बड़ी रकम देखकर उनके होश उड़ गए. वह लगातार यही सोच रही थीं कि आखिर इस उम्र में वह इतना पैसा कहां से लाएं. इसी भारी-भरकम खर्च और रोजमर्रा के बिलों को चुकाने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी जारी रखने का फैसला किया.विकसित देशों का संघर्ष: रिटायरमेंट के बाद भी काम करने की मजबूरीयह वीडियो भारत और अन्य देशों में रहने वाले उन लोगों की आंखें खोलने वाला है जो सोचते हैं कि विदेशों में सब कुछ मुफ़्त या आसान है. हकीकत यह है कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में जीवन स्तर (Living Standard) जितना ऊंचा है, वहां का लाइफस्टाइल और रोजमर्रा का खर्च भी उतना ही महंगा है.बचत की कमी: अमेरिका में लाखों बुजुर्ग ऐसे हैं जिनकी जीवन भर की बचत इतनी नहीं होती कि वे बिना काम किए पूरी जिंदगी गुजार सकें.आर्थिक दबाव: वहां घर का किराया, बिजली-पानी, कार की किश्त, मेडिकल इंश्योरेंस और टैक्स इतने ज्यादा हैं कि अगर नियमित आमदनी रुक जाए, तो इंसान कर्ज के जाल में फंस सकता है. यही वजह है कि वहां बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट की उम्र पार करने के बाद भी काम करते दिखते हैं.मेहनत की कोई उम्र नहीं होती, वीडियो ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बड़ी बहसवीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर ने अंत में समाज को एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति को उसके काम के आधार पर छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए. चाहे कोई सुपरमार्केट में कैशियर हो, सफाई कर्मचारी हो या किसी बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस का अधिकारी—हर इंसान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पसीना बहा रहा है.सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद हजारों यूजर्स ने महिला के आत्मविश्वास और मुस्कुराते हुए काम करने के जज्बे की जमकर तारीफ की है. साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है. यह कहानी याद दिलाती है कि जिम्मेदारियां कभी-कभी उम्र से भी बड़ी हो जाती हैं और संघर्ष हर देश के आम नागरिक की जिंदगी का हिस्सा है.
अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) में अब तक जिन खगोलीय पिंडों को सबसे ठंडे तारे माना जा रहा था, वे असल में प्राकृतिक तारे नहीं बल्कि अत्यंत विकसित एलियंस के विशालकाय ऊर्जा संयंत्र (पावर प्लांट) हो सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस के प्रख्यात खगोलभौतिकीविद् अमीरनेज़ाम अमिरी के एक नए क्रांतिकारी शोध ने इस थ्योरी को जन्म दिया है. इस रिसर्च के मुताबिक, सुदूर अंतरिक्ष में मौजूद एडवांस्ड एलियन सभ्यताएं इन तारों की पूरी ऊर्जा को सोखने के लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. यह स्टडी जल्द ही प्रतिष्ठित विज्ञान जर्नल 'यूनिवर्स' में प्रकाशित होने वाली है.क्या होते हैं फ्रीमैन डायसन के 'डायसन स्वार्म'?इस पूरी थ्योरी का आधार साल 1960 में महान भौतिक विज्ञानी फ्रीमैन डायसन द्वारा की गई एक अनोखी कल्पना है. उन्होंने बताया था कि जब कोई एलियन सभ्यता तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा एडवांस हो जाएगी, तो वह अपनी असीमित ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने नजदीकी तारे के चारों ओर एक विशालकाय गोलाकार ढांचा बना लेगी.आधुनिक वैज्ञानिक इसे एक ठोस गोले के बजाय 'डायसन स्वार्म' (Dyson Swarm) कहते हैं. इसका मतलब है कि किसी तारे के चारों ओर करोड़ों की संख्या में छोटे-छोटे सोलर कलेक्टर्स या सैटेलाइट्स का एक ग्रिड चक्कर लगाता है. यह पूरा सिस्टम मिलकर तारे की धूप और भारी गर्मी को इकट्ठा करता है. इस विशालकाय ढांचे द्वारा ऊर्जा सोखने के बाद बची हुई ऊर्जा इंफ्रारेड रेडिएशन (अवरक्त विकिरण) के रूप में बाहर निकलती है, जिसे पृथ्वी के वैज्ञानिक डिटेक्ट कर रहे हैं.रेड और व्हाइट ड्वार्फ तारे हैं एलियंस की पहली पसंदवैज्ञानिक अमिरी के गणितीय मॉडल (Mathematical Model) के अनुसार, विकसित एलियंस इस मेगा-स्ट्रक्चर को बनाने के लिए ब्रह्मांड के 'रेड ड्वार्फ' और 'व्हाइट ड्वार्फ' तारों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:रेड ड्वार्फ (Red Dwarf): ये हमारी आकाशगंगा में सबसे आम तारे हैं और खरबों सालों तक स्थिर रहते हैं. आकार में छोटे होने के कारण इनके चारों ओर सोलर कलेक्टर का नेटवर्क बनाना बहुत आसान होता है और कंस्ट्रक्शन मटेरियल भी बहुत कम लगता है.व्हाइट ड्वार्फ (White Dwarf): ये आकार में पृथ्वी जितने छोटे होते हैं, लेकिन इनसे अरबों सालों तक भारी मात्रा में थर्मल ऊर्जा निकलती रहती है. इन तारों के बेहद पास (कुछ मिलियन किलोमीटर की दूरी पर) ही एलियंस अपने सोलर पैनल तैनात कर सकते हैं.अजीब तापमान और इंफ्रारेड लाइट का रहस्यमयी खेलजब ये डायसन स्वार्म किसी तारे को पूरी तरह घेर लेते हैं, तो विज्ञान के एच-आर डायग्राम (H-R Diagram) पर उस तारे का व्यवहार प्राकृतिक न रहकर कृत्रिम दिखने लगता है. सामान्य तौर पर एक रेड ड्वार्फ का तापमान 3000 केल्विन होता है. लेकिन एलियन टेक्नोलॉजी के कारण जब उसकी रोशनी छिप जाती है, तो उसका बाहरी तापमान गिरकर सिर्फ 50 केल्विन के आसपास दिखाई देता है, जो सामान्य से बहुत ज्यादा ठंडा है. यह तारा सामान्य रोशनी में बहुत धुंधला हो जाता है, लेकिन इंफ्रारेड लाइट में बहुत तेजी से चमकता है.जेम्स वेब टेलीस्कोप और हेफेस्टस प्रोजेक्ट से चल रही है असली खोजअंतरिक्ष में तैरती आम धूल भी इंफ्रारेड चमक पैदा करती है, लेकिन वैज्ञानिकों के पास अब अंतरिक्ष की धूल और एलियन तकनीक के बीच अंतर पहचानने का सटीक तरीका है. अंतरिक्ष की धूल के बादलों में सिलिकेट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जबकि एलियन स्ट्रक्चर का इंफ्रारेड स्पेक्ट्रम (Spectrum) बिल्कुल साफ और अलग होता है. इसके अलावा, करोड़ों सोलर पैनलों के घूमने से तारे की रोशनी में एक खास पैटर्न में उतार-चढ़ाव होता है.वर्तमान में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और प्रोजेक्ट हेफेस्टस जैसी वैश्विक टीमें लगातार इन अजीब संकेतों की जांच कर रही हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में 50 लाख तारों की मैपिंग में से 7 ऐसे संभावित तारों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनमें से 5 पर अभी भी बेहद गहन रिसर्च चल रही है. खगोलविदों का मानना है कि यह नया मॉडल ब्रह्मांड में एलियन लाइफ की खोज को बहुत आसान बना देगा.
खमेनेई के बाद ईरान: कितनी बदल जाएगी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खमेनेई को एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था विरासत में मिली है जिसे उनके पिता ने दशकों की कड़ी मेहनत से बिल्कुल अपने सांचे में ढाला और तैयार किया था।
ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी
येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं। इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है। मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई […] The post ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी appeared first on Sabguru News .
संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
उदयपुर। राजस्थान में भ्रषचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को उदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल के लिए उसके दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी बांसवाडा को शिकायत मिली कि […] The post संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दुनिया भर के अलग-अलग शहरों में फ्लैट या मकान शेयर करके रहने वाले रूममेट्स (Roommates) के बीच छोटी-मोटी कहासुनी, नोकझोंक या विवाद होना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन तकनीक और शांति के लिए मशहूर देश जापान (Japan) से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला पर अपनी ही रूममेट के साथ एक ऐसी क्रूरता और बर्बरता करने का आरोप लगा है, जिसकी सामान्य तौर पर कल्पना करना भी नामुमकिन है।मशहूर मीडिया वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है। यहां स्थानीय पुलिस ने 49 वर्षीय एक महिला मसाए सकुराई (Masae Sakurai) को अपनी ही रूममेट को गंभीर रूप से घायल करने और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मसाए पर आरोप है कि एक मामूली घरेलू विवाद के बाद उन्होंने अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठों को सुई और धागे की मदद से बेरहमी से सिल दिया।सुई-धागे से सिल दिए होंठ, जुबान बंद करने की खौफनाक साजिशजापान की जांच एजेंसियों और पुलिस द्वारा शुरुआती तफ्तीश में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह वारदात बीते 29 जून को अंजाम दी गई थी। आरोपी मसाए सकुराई और पीड़ित महिला पिछले कुछ महीनों से इबाराकी के एक घर में साथ रह रही थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के मकान में शिफ्ट हुई थी।शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा। 29 जून को दोनों के बीच हुई तीखी बहस इस कदर हिंसक रूप ले बैठी कि आरोपी ने पीड़िता को काबू में किया और सुई-धागे से उसका मुंह सिल दिया ताकि वह चिल्ला न सके। हालांकि, दोनों के बीच उस दिन किस विशिष्ट बात को लेकर इतनी बड़ी लड़ाई हुई, इसकी प्रामाणिक जानकारी पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।बिना बोले, कागज पर लिखकर मांगी मदद और बच गई जानइस दर्दनाक हमले के बाद पीड़िता ने गजब का हौसला दिखाया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर से बाहर भागने में सफल रही। बदहवास हालत में वह पास के एक स्थानीय जनरल स्टोर (दुकान) में जा पहुंची। चूंकि उसके होंठ पूरी तरह सिले हुए थे, इसलिए वह बोलने या चिल्लाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी।पीड़िता ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और दुकान के काउंटर पर रखे एक कागज के टुकड़े पर पेन से अपनी आपबीती और मदद की गुहार लिखकर वहां मौजूद कर्मचारी को थमा दी। पर्ची पढ़ते ही दुकान का कर्मचारी सन्न रह गया और उसने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही अगले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस की भारी टीम ने मौके पर दबिश देकर पीड़िता को रेस्क्यू किया और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया।डर के साये में जी रही थी पीड़िता, घर में और लोगों के होने का दावापुलिस अभिरक्षा में आने के बाद पीड़िता ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह इस खौफनाक घर से बहुत पहले ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी महिला के खौफ और लगातार मिलने वाली धमकियों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। वह पिछले कई हफ्तों से भारी मानसिक और शारीरिक दबाव (Trauma) में जी रही थी।इस बीच, जांच में एक और दिलचस्प और पेचीदा एंगल सामने आया है। आरोपी मसाए सकुराई के एक परिचित ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था, तब वहां सिर्फ ये दो महिलाएं ही नहीं रहती थीं। उसने दावा किया कि उस बड़े मकान में दो-तीन अन्य महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी साथ रहते थे। इस गवाही के बाद जापानी पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह कोई अवैध शेल्टर होम था और क्या वारदात के वक्त घर में अन्य लोग भी मूकदर्शक बनकर मौजूद थे?जरूरतमंद लड़कियों की मदद का ढोंग और सोशल मीडिया पर बहसमामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आरोपी महिला मसाए सकुराई की प्रोफाइल समाज में बिल्कुल अलग थी। उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सकुराई सोशल मीडिया और जमीन पर उन लड़कियों और महिलाओं की मदद करने का दावा करती थी, जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता था या जिनका अपने परिवार से नाता टूट चुका होता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या मसाए परोपकार की आड़ में बेसहारा महिलाओं का शोषण कर रही थी?जापान की यह अजीबोगरीब और हिंसक घटना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा बताया है, तो वहीं कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर घर में अन्य सदस्य मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की चीखें सुनकर उसकी मदद क्यों नहीं की। फिलहाल, जापानी पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
विदेश यात्रा (Foreign Travel) को लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और रोमांचक अनुभव मानते हैं। नई जगहें, नई संस्कृति और नए लोगों से मिलने की खुशी हर घुमक्कड़ के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। लेकिन कई बार अनजान जगह पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरी यात्रा को किसी खौफनाक हादसे में बदल देती है। ऐसा ही एक बेहद डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकिया ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली 36 वर्षीय महिला स्टेफनी के साथ इटली (Italy) में घटा, जहां वे अकेले यात्रा कर रही थीं।स्टेफनी अपने दोस्तों के साथ यूरोप टूर पर निकली थीं। दोस्तों के वापस लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन और रुककर अकेले ही इटली घूमने का फैसला किया। उनका सबसे बड़ा सपना था कि वह इटली की मशहूर '1 यूरो हाउस स्कीम' (लगभग ₹90 में घर) के तहत वहां एक पुराना घर खरीदें और सिसिली के खूबसूरत 'लो स्टैग्नोने' इलाके में काइटबोर्डिंग (Kiteboarding) का लुत्फ उठाएं। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सपना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रहा है। स्टेफनी ने अपनी यह आपबीती ऑस्ट्रेलियाई मीडिया वेबसाइट News.com.au से साझा की है, जहां उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर वे दो बार किडनैपिंग और हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचीं।एक अनजान लिफ्ट और पल भर में बदल गया पूरा सफरसिसिली में काइटबोर्डिंग का इवेंट खत्म होने के बाद वहां मौजूद कुछ अन्य टूरिस्ट और स्थानीय लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान यूरोपीय मूल के एक अज्ञात कार सवार व्यक्ति ने स्टेफनी को उनके गंतव्य तक छोड़ने (लिफ्ट देने) की पेशकश की। स्टेफनी को लगा कि वह व्यक्ति भी बाकी ग्रुप के लोगों के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को भांपे बिना उसकी कार में बैठना ठीक समझ लिया। लेकिन कार में बैठते ही कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें अहसास हो गया कि गाड़ी बाकी लोगों के रास्ते से पूरी तरह अलग और सुनसान रास्ते पर जा रही है।160 KM की रफ्तार, अजीब हरकतें और लाइव लोकेशन का सहारास्टेफनी के मुताबिक, कार स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने अपनी सनक दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि उसकी कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती है या नहीं। इसके बाद उसने अचानक बेहद खतरनाक रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। स्टेफनी घबरा गईं और लगातार कार रोकने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी।खतरे को भांपते हुए स्टेफनी ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और चुपके से अपने मोबाइल के जरिए काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी 'लाइव लोकेशन' (Live Location) शेयर कर दी। इसी बीच कार की अगली सीट पर बैठे एक दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने ड्राइवर से पूछा कि क्या बाकी लोग भी उसके घर आ रहे हैं, तो ड्राइवर का जवाब था, 'नहीं, वहां कोई नहीं आ रहा।' यह सुनते ही स्टेफनी के पैर तले जमीन खिसक गई कि उनके साथ कुछ बहुत गलत होने वाला है।मकान का गेट खुलते ही जान बचाकर भागीं स्टेफनीकरीब 12 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी को एक बड़े लोहे के गेट वाले सुनसान मकान के अंदर खड़ा किया। जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने ध्यान दिया कि कार का चाइल्ड लॉक ऑन नहीं था। उन्होंने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत दरवाजा खोला और अपनी पूरी ताकत से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी।दहशत का आलम यह था कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की भी हिम्मत नहीं की। वह तब तक भागती रहीं, जब तक उन्हें यह पक्का भरोसा नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा है। कई किलोमीटर तक नंगे पैर और बदहवास दौड़ने के बाद वह एक छोटे अंजान कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें लगा कि अब शायद कोई मदद मिल जाएगी।मददगार के रूप में आया दूसरा शिकारी, कार में लिखा गंदा मैसेजकस्बे में पहुंचने के बाद स्टेफनी को एक यूनिफॉर्म में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) दिखाई दिया। भाषा की बड़ी समस्या होने के कारण स्टेफनी ने अपने मोबाइल के 'ट्रांसलेशन ऐप' (Translation App) की मदद से पूरी आपबीती उस गार्ड को समझाई। गार्ड ने बेहद सहानुभूति दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपनी कार से उन्हें सुरक्षित उनके होटल तक छोड़ देगा।स्टेफनी ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उस गार्ड ने भी अपना असली रंग दिखा दिया। उसने कार को एक अंधेरी और बेहद सुनसान गली में रोक दिया। इसके बाद उसने स्टेफनी का मोबाइल छीन लिया और उसमें एक ट्रांसलेटेड मैसेज टाइप किया। मैसेज पढ़ते ही स्टेफनी के होश उड़ गए, उसमें लिखा था— 'मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ रहा हूं... लेकिन इसके बदले में तुम मेरे लिए क्या करोगी?'वाइनयार्ड की झाड़ियों में छिपकर बचाई जान, सदमे में बीती रातइस घिनौने मैसेज को देखते ही स्टेफनी समझ गईं कि वह एक ही दिन में दूसरी बार एक बड़े शिकारी के जाल में फंस चुकी हैं। उन्होंने बिना डरे तुरंत कार का दरवाजा खोला और दोबारा अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। इस बार वे अपनी जान छुपाने के लिए रास्ते में आने वाले एक घने वाइनयार्ड (अंगूर के बाग) की झाड़ियों में जाकर छिप गईं।वे काफी देर तक अंधेरे में वहीं दुबकी रहीं और जब उन्हें रास्ता पूरी तरह सुरक्षित लगा, तो वे कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं। रास्ते में सबूत के तौर पर उन्होंने एक वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी ताकि डिजिटल रिकॉर्ड रहे कि वे उस वक्त वहां मौजूद थीं। होटल पहुंचने के बाद वे पूरी रात सदमे में रोती रहीं।इस भयावह घटना के बाद स्टेफनी ने फिलहाल इटली में घर खरीदने और वहां रहने का अपना सालों पुराना सपना हमेशा के लिए टाल दिया है। उनका कहना है कि यह कहानी दुनिया भर के सोलो ट्रैवलर्स (Solo Travelers) के लिए एक सबक है कि विदेश यात्रा के दौरान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपको मौत के मुंह में धकेल सकती है।
महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।
साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया
अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम और फोटो का दुरुपयोग करके साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फर्जी अकाउंट के जरिए आम लोगों को संदेश भेजकर पैसे कमाने, निवेश योजनाओं से जुड़ने और विभिन्न समूहों में शामिल होने का […] The post साइबर ठगों ने मंत्री संजय शर्मा के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया appeared first on Sabguru News .
आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के विस्तार अभियान के तहत संगठन की रणनीति बनाने और संघ के 100वें वर्ष के समारोहों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का शुभारंभ किया। आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संगठनात्मक गतिविधियों में से एक मानी जाने वाली इस उच्च-स्तरीय […] The post आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया appeared first on Sabguru News .
पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .
वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .
अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अजमेर/ब्यावर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को कार्यालय राजस्थान स्टेट इण्डट्रियल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉपरेशन लिमिटेड (रीको) अजमेर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अजय विशश्वकर्मा को 50 हजार रुपए एवं कार्यालय रीको उप इकाई ब्यावर में कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक […] The post अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .

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