होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर
नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए 10 नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का विस्तारित पोर्टफोलियो पेश किया जिनमें सात बिल्कुल नए मॉडल है जबकि तीन मॉडल नए रंग विकल्पों के साथ अपडेट किए गए हैं। कंपनी ने बताया कि यह लाइनअप क्रूज़िंग, एडवेंचर टूरिंग, रोडस्टर, लाइफस्टाइल राइडिंग, इलेक्ट्रिक […] The post होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर appeared first on Sabguru News .
अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ
वाशिंगटन। अमरीका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों की ओर से बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बने सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध न लगाने के कारण इन देशों पर विशेष सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों […] The post अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। यह आश्वासन न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष इस वर्ष कथित नीट प्रश्न पत्र लीक […] The post नीट पेपर लीक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है सरकार appeared first on Sabguru News .
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को लंबी बातचीत हुई जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी और सीजेपी ने साफ कहा कि उनका इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। […] The post धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक appeared first on Sabguru News .
देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु और माता तुलसी की उपासना करते हैं। इस दिन पूजा के बाद दोनों की आरती और चालीसा का पाठ करना चाहिए। चलिए जानते हैं- देव प्रबोधन मंत्र, श्री विष्णु आरती, श्री विष्णु चालीसा, माता तुलसी की आरती और चालीसा पाठ। देव प्रबोधन मंत्र:- ब्रह्मेन्द्ररुदाग्नि कुबेर सूर्यसोमादिभिर्वन्दित वंदनीय, बुध्यस्य देवेश जगन्निवास मंत्र प्रभावेण सुखेन देव। विष्णु स्तुति-Shree Vishnu Stuti शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्। लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।। यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:। सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:। ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।। विष्णु जी की आरती-Vishnu ji ki aarti ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥ तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥ पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥ तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥ दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥ विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥ तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा। तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥ जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥ (समाप्त) विष्णु चालीसा-Vishnu Chalisa दोहा विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय। चौपाई नमो विष्णु भगवान खरारी। कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी। त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत। सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥ तन पर पीतांबर अति सोहत। बैजन्ती माला मन मोहत॥ शंख चक्र कर गदा बिराजे। देखत दैत्य असुर दल भाजे॥ सत्य धर्म मद लोभ न गाजे। काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥ संतभक्त सज्जन मनरंजन। दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥ सुख उपजाय कष्ट सब भंजन। दोष मिटाय करत जन सज्जन॥ पाप काट भव सिंधु उतारण। कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥ करत अनेक रूप प्रभु धारण। केवल आप भक्ति के कारण॥ धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा। तब तुम रूप राम का धारा॥ भार उतार असुर दल मारा। रावण आदिक को संहारा॥ आप वराह रूप बनाया। हरण्याक्ष को मार गिराया॥ धर मत्स्य तन सिंधु बनाया। चौदह रतनन को निकलाया॥ अमिलख असुरन द्वंद मचाया। रूप मोहनी आप दिखाया॥ देवन को अमृत पान कराया। असुरन को छवि से बहलाया॥ कूर्म रूप धर सिंधु मझाया। मंद्राचल गिरि तुरत उठाया॥ शंकर का तुम फन्द छुड़ाया। भस्मासुर को रूप दिखाया॥ वेदन को जब असुर डुबाया। कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया॥ मोहित बनकर खलहि नचाया। उसही कर से भस्म कराया॥ असुर जलंधर अति बलदाई। शंकर से उन कीन्ह लडाई॥ हार पार शिव सकल बनाई। कीन सती से छल खल जाई॥ सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी। बतलाई सब विपत कहानी॥ तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी। वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥ देखत तीन दनुज शैतानी। वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥ हो स्पर्श धर्म क्षति मानी। हना असुर उर शिव शैतानी॥ तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे। हिरणाकुश आदिक खल मारे॥ गणिका और अजामिल तारे। बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥ हरहु सकल संताप हमारे। कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥ देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे। दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥ चहत आपका सेवक दर्शन। करहु दया अपनी मधुसूदन॥ जानूं नहीं योग्य जप पूजन। होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥ शीलदया सन्तोष सुलक्षण। विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥ करहुं आपका किस विधि पूजन। कुमति विलोक होत दुख भीषण॥ करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण। कौन भांति मैं करहु समर्पण॥ सुर मुनि करत सदा सेवकाई। हर्षित रहत परम गति पाई॥ दीन दुखिन पर सदा सहाई। निज जन जान लेव अपनाई॥ पाप दोष संताप नशाओ। भव-बंधन से मुक्त कराओ॥ सुख संपत्ति दे सुख उपजाओ। निज चरनन का दास बनाओ॥ निगम सदा ये विनय सुनावै। पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥ (समाप्त) तुलसी माता की आरती-Tulsi Mata Aarti जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। (समाप्त) श्री तुलसी चालीसा-Shri Tulsi Chalisa ।। दोहा ।। जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरी प्रेयसी श्री वृंदा गुन खानी।। श्री हरी शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ।। ।। चौपाई ।। धन्य धन्य श्री तलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता ।। हरी के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीं हेतु कीन्हो ताप भारी।। जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो। तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो ।। हे भगवंत कंत मम होहू। दीन जानी जनि छाडाहू छोहु ।। सुनी लख्मी तुलसी की बानी। दीन्हो श्राप कध पर आनी ।। उस अयोग्य वर मांगन हारी। होहू विटप तुम जड़ तनु धारी ।। सुनी तुलसी हीं श्रप्यो तेहिं ठामा। करहु वास तुहू नीचन धामा ।। दियो वचन हरी तब तत्काला। सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला।। समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा। पुजिहौ आस वचन सत मोरा ।। तब गोकुल मह गोप सुदामा। तासु भई तुलसी तू बामा ।। कृष्ण रास लीला के माही। राधे शक्यो प्रेम लखी नाही ।। दियो श्राप तुलसिह तत्काला। नर लोकही तुम जन्महु बाला ।। यो गोप वह दानव राजा। शंख चुड नामक शिर ताजा ।। तुलसी भई तासु की नारी। परम सती गुण रूप अगारी ।। अस द्वै कल्प बीत जब गयऊ। कल्प तृतीय जन्म तब भयऊ।। वृंदा नाम भयो तुलसी को। असुर जलंधर नाम पति को ।। करि अति द्वन्द अतुल बलधामा। लीन्हा शंकर से संग्राम ।। जब निज सैन्य सहित शिव हारे। मरही न तब हर हरिही पुकारे ।। पतिव्रता वृंदा थी नारी। कोऊ न सके पतिहि संहारी ।। तब जलंधर ही भेष बनाई। वृंदा ढिग हरी पहुच्यो जाई ।। शिव हित लही करि कपट प्रसंगा। कियो सतीत्व धर्म तोही भंगा ।। भयो जलंधर कर संहारा। सुनी उर शोक उपारा ।। तिही क्षण दियो कपट हरी टारी। लखी वृंदा दुःख गिरा उचारी ।। जलंधर जस हत्यो अभीता। सोई रावन तस हरिही सीता ।। अस प्रस्तर सम ह्रदय तुम्हारा। धर्म खंडी मम पतिहि संहारा ।। यही कारण लही श्राप हमारा। होवे तनु पाषाण तुम्हारा।। सुनी हरी तुरतहि वचन उचारे। दियो श्राप बिना विचारे ।। लख्यो न निज करतूती पति को। छलन चह्यो जब पारवती को ।। जड़मति तुहु अस हो जड़रूपा। जग मह तुलसी विटप अनूपा ।। धग्व रूप हम शालिगरामा। नदी गण्डकी बीच ललामा ।। जो तुलसी दल हमही चढ़ इहैं। सब सुख भोगी परम पद पईहै ।। बिनु तुलसी हरी जलत शरीरा। अतिशय उठत शीश उर पीरा ।। जो तुलसी दल हरी शिर धारत। सो सहस्त्र घट अमृत डारत ।। तुलसी हरी मन रंजनी हारी। रोग दोष दुःख भंजनी हारी ।। प्रेम सहित हरी भजन निरंतर। तुलसी राधा में नाही अंतर ।। व्यंजन हो छप्पनहु प्रकारा। बिनु तुलसी दल न हरीहि प्यारा ।। सकल तीर्थ तुलसी तरु छाही। लहत मुक्ति जन संशय नाही ।। कवि सुन्दर इक हरी गुण गावत। तुलसिहि निकट सहसगुण पावत ।। बसत निकट दुर्बासा धामा। जो प्रयास ते पूर्व ललामा ।। पाठ करहि जो नित नर नारी। होही सुख भाषहि त्रिपुरारी ।। ।। दोहा ।। तुलसी चालीसा पढ़ही तुलसी तरु ग्रह धारी । दीपदान करि पुत्र फल पावही बंध्यहु नारी ।। सकल दुःख दरिद्र हरी हार ह्वै परम प्रसन्न । आशिय धन जन लड़हि ग्रह बसही पूर्णा अत्र ।। लाही अभिमत फल जगत मह लाही पूर्ण सब काम। जेई दल अर्पही तुलसी तंह सहस बसही हरीराम ।। तुलसी महिमा नाम लख तुलसी सूत सुखराम। मानस चालीस रच्यो जग महं तुलसीदास ।। (समाप्त)
दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साउथ सुपरस्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आने वाले हैं। हालांकि, फिल्म के भव्य सेट और स्टार कास्ट के बीच अब स्टार्स के 'लुक' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 1987 में रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता का अमर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नितेश तिवारी की इस नई 'रामायणम्' में साई पल्लवी की कास्टिंग और उनके संभावित 'सीता' लुक पर अपनी बेबाक राय रखी है। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद वैरायटी इंडिया संग इंटरव्यू में जब दीपिका चिखलिया से साई पल्लवी के सीता के रोल में चुने जाने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साई पल्लवी की अभिनय क्षमता की जमकर तारीफ की। दीपिका ने कहा, साई पल्लवी एक बेहद प्रतिभाशाली और बेहतरीन अभिनेत्री हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन वह परदे पर सीता के रूप में कैसी दिखेंगी, यह देखना अभी बाकी है। दीपिका ने शास्त्रों का हवाला देते हुए बताया कि धार्मिक ग्रंथों में देवी सीता के सौंदर्य और शारीरिक बनावट का एक खास वर्णन मिलता है। दीपिका चिखलिया ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 'रामचरितमानस' का संदर्भ देते हुए कहा कि मूल ग्रंथों में माता सीता के शारीरिक लक्षणों के बारे में स्पष्ट रूप से लिखा गया है। दीपिका चिखलिया के अनुसार, रामचरितमानस में सीता जी की बादामी आंखें, एक निश्चित कद-काठी और विशिष्ट चेहरे के लक्षणों का वर्णन है। रामानंद सागर जी ने 1987 में जब मेरी कास्टिंग की थी, तो उन्होंने इन शास्त्रीय विवरणों का बहुत बारीकी से ध्यान रखा था। इसके अलावा, धार्मिक ग्रंथों में कहीं भी सीता जी के घुंघराले बालों का जिक्र नहीं मिलता है। दीपिका के इस बयान को साई पल्लवी के स्वाभाविक रूप से घुंघराले बालों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि पौराणिक किरदारों को परदे पर उतारते समय दर्शकों की आस्था और शास्त्रों के विवरण का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। दीपिका चिखलिया ने यह भी जोर देकर कहा कि 1980 के दशक का 'रामायण' शो आज भी लोगों की यादों में पूरी तरह ताजा है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब इसे दोबारा प्रसारित किया गया, तो नई पीढ़ी ने भी इसे उतना ही प्यार दिया। ऐसे में किसी भी नए रूपांतरण के लिए रामानंद सागर वाली छवि को मिटा पाना या उसकी जगह ले पाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। टाइपकास्ट होने का दर्द भी किया साझा अपनी निजी जिंदगी और करियर पर बात करते हुए दीपिका ने यह भी साझा किया कि 'सीता' का किरदार निभाने का उनके करियर पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि उस आइकॉनिक छवि के कारण उन्हें बाद में बॉलीवुड में विविध रोल मिलने बंद हो गए, क्योंकि इंडस्ट्री और जनता उन्हें सीता के रूप के अलावा किसी और अवतार में स्वीकार ही नहीं कर पाई। बता दें कि रामायण की यह भव्य सिनेमैटिक रीटेलिंग दो भागों में रिलीज होने के लिए तैयार है, जिसका निर्माण वैश्विक स्तर की तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स के साथ किया जा रहा है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा।
मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज
बारिश का मौसम यूं भी सुहावना होता है। ऐसे में कुछ गरमा गरम और स्वादिष्ट खाने को मिल जाए तो सोने मे सुहागा हो जाता है। तो फिर देर किस बात की आईए बारिश की रिमझिमम के बीच शानदार मौसम में कुछ स्पेशल हो जाए। 1. मसाला प्याज पकोड़ा विधि सबसे पहले 3 बड़े प्याज […] The post मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज appeared first on Sabguru News .
अगर आप इस वीकेंड घर बैठे कुछ नया और मजेदार देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए शानदार खबर है। आज यानी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज का बड़ा धमाका हुआ है। नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, सोनी लिव और जियो-हॉटस्टार पर रोमांस, कॉमेडी, सस्पेंस और एक्शन से भरपूर कई बड़ी टाइटल स्ट्रीम हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज की सबसे चर्चित OTT रिलीज की पूरी लिस्ट: वीकेंड की टॉप OTT रिलीज (24 जुलाई 2026) 1. मुसाफिर कैफे (Musafir Cafe) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना जॉनर: रोमांटिक ड्रामा खासियत: मशहूर लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास 'मुसाफिर कैफे' पर आधारित यह सीरीज प्यार, ब्रेकअप और जिंदगी में मिलने वाले दूसरे मौकों की भावुक कहानी पेश करती है। अगर आपको हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली लव स्टोरी पसंद हैं, तो यह आपकी वॉचलिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद 2. आदर्श बाल विद्यालय (Adarsh Baal Vidyalaya) प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video स्टारकास्ट: केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया जॉनर: कॉमेडी ड्रामा खासियत: बिस्वापति सरकार और समीर सक्सेना द्वारा बनाई गई यह 7-एपिसोड की वेब सीरीज एक खस्ताहाल सरकारी स्कूल की कहानी है। केके मेनन इसमें एक अनोखे हेडमास्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं जो स्कूल की किस्मत बदलने की जुगत में लगे हैं। 3. पल्लीचट्टंबी (Pallichattambi) प्लेटफॉर्म: SonyLIV स्टारकास्ट: टोविनो थॉमस, कायादू लोहार (पृथ्वीराज सुकुमारन का स्पेशल कैमियो) भाषा: हिंदी, मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ जॉनर: पीरियड एक्शन ड्रामा खासियत: दक्षिण भारतीय सिनेमा की यह बहुचर्चित एक्शन-ड्रामा फिल्म 1990 के दशक के इडुक्की की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हाई-वोल्टेज एक्शन और दमदार बैकग्राउंड स्कोर के शौकीनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. कॉन सिटी (Con City) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: अर्जुन दास, अन्ना बेन, योगी बाबू जॉनर: क्राइम कॉमेडी खासियत: एक साधारण परिवार की कहानी जो अचानक आई मुसीबतों से निपटने के लिए एक बड़ा ठगी का जाल बुनती है। क्राइम और कॉमेडी का यह अनूठा संगम आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेगा। 5. स्टुअर्ट फेल्स टू सेव द यूनिवर्स (Stuart Fails to Save the Universe) प्लेटफॉर्म: JioHotstar स्टारकास्ट: केविन सुसमैन, लॉरेन लापकस जॉनर: साई-फाई कॉमेडी खासियत: 'द बिग बैंग थ्योरी' के फैंस के लिए यह स्पिन-ऑफ सीरीज किसी तोहफे से कम नहीं है। इसमें कॉमिक बुक स्टोर के मालिक स्टुअर्ट की मजेदार दुनिया को दिखाया गया है। इस वीकेंड पॉपकॉर्न तैयार रखें और अपनी पसंद के जॉनर के हिसाब से बिंज-वॉचिंग की शुरुआत करें!
अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा
भुवनेश्वर। ओडिशा में अंगुल की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 21 वर्षीय महिला और एक नाबालिग लड़की के साथ 2024 के अंगुल गैंगरेप मामले में सभी चार आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई है। अंगुल के अतिरिक्त ज़िला और सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को […] The post अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के रायपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बिजली गिरने से नाना और उनकी सात वर्षीय दोहिती की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शव रायपुर अस्पताल के शवगृह में रखवाए। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव सौंप दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .
बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड
बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने सात वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी अभियुक्त को घटना के लगभग दो माह के भीतर मृत्यु दण्ड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। […] The post बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिए जाने के कुछ ही घंटों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऐसे कोर्ट का गठन कर अनु ग्रोवर बालिगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित […] The post पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट appeared first on Sabguru News .
गुजरात के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को इंस्टा पर मिलने लगी गालियां, बोले मैं कॉकरोच नहीं
इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता में से एक विजेता दहिया के हमनाम होने की सजा कुछ ऐसे मिली की लोगों ने उनको उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर गालियां बरसाना शुरु कर दिया। इंस्टा पर गालियां इतनी बढ़ गई कि ऐसे में उन्हें स्टेटस अपलोड कर यह साबित करना पड़ा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी वाले विजेता दहिया नहीं है। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के साथ जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन कॉकरोच जनता पार्टी शुरुआत से कर रही है। 1973 में जन्मे विजेता दहिया शुरुआत से ही गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ से जुड़े है। हालांकि इस बार समान नाम होने के कारण उन पर फोटो शेयरिंग एप्प इंस्टाग्राम पर गालियां बरसाई गई। Insta story of GT's assistant coach Lol, people think he is CJP's 'Vijeta Dahiya'. pic.twitter.com/C5DGINBkPC — Mohit (@Warlock_mohit) July 23, 2026 साल 2022 में बनी गुजरात टाइटंस के सफर की बात करें तो टीम ने अपने पहले ही संस्करण में राजस्थान रॉयल्स को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग जीता। इसके बाद वह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टे़डियम में उपविजेता रही। साल 2024 में भी टीम प्लेऑफ में पहुंची वहीं साल 2025 में टीम को निराशा हाथ लगी। इसके अलावा साल 2026 में टीम वापस उपविजेता बनी।
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी […] The post सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .
भद्र योग का महासंयोग: बुध के मार्गी होते ही अब 7 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
बुद्धि, संवाद और व्यापार के स्वामी बुध देव 24 जुलाई 2026 को अपनी सबसे प्रिय राशि मिथुन में सीधी चाल (मार्गी) गोचर कर गए हैं। अपनी ही राशि में बुध की यह सीधी चाल एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली 'भद्र राजयोग' का निर्माण कर रही है। जब बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह खुद अपनी शक्ति में आते हैं, तो सोच में स्पष्टता, बिजनेस में ग्रोथ और नए अवसरों की बाढ़ आ जाती है। आइए जानते हैं कि इस महा-गोचर का 7 राशियों के जीवन पर कैसा धमाकेदार असर पड़ने वाला है। मेष राशि: आत्मविश्वास में उछाल और संवाद की छाप बुध का आपके तीसरे भाव में मार्गी होना आपकी बातों में जादू भर देगा। काम-काज: मीडिया, सेल्स, मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए यह समय किसी लॉटरी से कम नहीं है। रिश्ते: छोटे भाई-बहनों और दोस्तों के साथ रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत और खुशनुमा होंगे। ध्यान रखें: छठे भाव के स्वामी होने के कारण कभी-कभी हल्की बहस हो सकती है, इसलिए अपने गुस्से और शब्दों पर थोड़ा कंट्रोल रखें। मिथुन राशि: निखरेगी पर्सनालिटी, बढ़ेगा रसूख बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके लग्न भाव में ही मार्गी हो रहे हैं। पर्सनल लाइफ: आपके भीतर एक अलग ही एनर्जी और चार्म दिखेगा। खुद को ग्रूम करने और स्टाइल पर आपका पूरा फोकस रहेगा। फैमिली व प्रॉपर्टी: मां का पूरा प्यार मिलेगा और घर में पॉजिटिविटी रहेगी। नया वाहन या घर खरीदने के मजबूत योग बन रहे हैं। सोशल स्टेटस: लीडरशिप रोल में आपकी साख और मान-सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। सिंह राशि: छप्परफाड़ 'धन योग' सिंह राशि वालों के लिए यह समय सीधे-सीधे बैंक बैलेंस बढ़ाने वाला है! आपके 11वें (लाभ) भाव में बुध का मार्गी होना धन की बरसात का संकेत है। आर्थिक स्थिति: पुराने इनवेस्टमेंट से उम्मीद से बढ़कर मुनाफा होगा। पैसे कमाने के नए-नए रास्ते खुलेंगे। नेटवर्किंग: दोस्तों और प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट्स की मदद से बड़े वित्तीय फायदे होंगे। सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। कन्या राशि: करियर में नया मुकाम और बड़ी पहचान बुध आपके 10वें (कर्म) भाव में मार्गी हो रहे हैं, जो आपके प्रोफेशनल करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जॉब व बिजनेस: नई नौकरी की तलाश खत्म होगी। कार्यस्थल पर आपकी अलग चमक होगी और कारोबारियों को बड़े क्लाइंट्स मिलने से मुनाफा कई गुना बढ़ेगा। प्रतिष्ठा: समाज और वर्कप्लेस पर आपका प्रभाव और दबदबा बढ़ेगा। वृश्चिक राशि: अचानक धन लाभ और बड़ा सरप्राइज आठवें भाव में अपनी स्वराशि के बुध का मार्गी होना किसी जैकपॉट जैसा है। खास लाभ: रुका हुआ पैसा, अचानक कोई आर्थिक लाभ या पैतृक संपत्ति मिल सकती है। जॉब में कोई बड़ा और ड्रीम ऑफर मिल सकता है। ध्यान रखें: बातें करते समय अपनी वाणी पर थोड़ा संयम बनाए रखें, हालांकि गुरु की कृपा आपको हर स्थिति से उबार लेगी। मकर राशि: विरोधियों का सफाया और सफलता छठे भाव में बुध का मार्गी होना आपके लिए जीत के दरवाजे खोल रहा है। सफलता: कोर्ट-कचहरी या किसी भी कानूनी मामले में फैसला आपके हक में आएगा। कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को मनचाही कामयाबी मिलेगी। स्वास्थ्य व खर्च: आपकी सेहत बेहतरीन रहेगी। भले ही कुछ खर्चे बढ़ें, लेकिन वे सभी शुभ और जरूरी कामों पर ही होंगे। मीन राशि: घर में खुशियां और सुख-समृद्धि चौथे भाव में बुध का मार्गी होना आपके जीवन में शांति और सुकून लेकर आ रहा है। पारिवारिक सुख: गुरु और बुध की युति से घर में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। माता जी के साथ संबंध सुधरेंगे। प्रॉपर्टी विवाद: ज़मीन-जायदाद से जुड़ा कोई पुराना मामला शांति से सुलझ जाएगा। कुल मिलाकर यह समय आपके लिए बेहद भाग्यशाली साबित होगा। सार: बुध का यह 'भद्र राजयोग' सोच को नई दिशा देने और रुके हुए कामों में जान फूंकने आ रहा है—सही रणनीति अपनाएं और इस समय का पूरा लाभ उठाएं!
YRF की मेगा रोमांटिक-एक्शन फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान, अहान पांडे और शरवरी मचाएंगे धमाल
यश राज फिल्म्स (YRF) एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक भव्य और धमाकेदार सिनेमाई अनुभव लाने की तैयारी में है। आदित्य चोपड़ा और ब्लॉकबस्टर निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र की जोड़ी ने अपनी अगली अनटाइटल्ड रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा कर दी है। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 26 मार्च, 2027 (गुड फ्राइडे) के लंबे और खास वीकेंड पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी। निर्माताओं ने इस बड़े त्यौहार का चुनाव बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रचने के इरादे से किया है। ALSO READ: खेसारी लाल यादव के इवेंट में स्ट्रीट डॉग से बदसलूकी, वीडियो देख भड़कीं मलाइका अरोड़ा फिल्म की स्टार कास्ट इस समय ट्रेड और सिने-प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म में अहान पांडे, शरवरी, बॉबी देओल और ऐश्वर्य ठाकरे अहम किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का कैनवास काफी विशाल रखा गया है। मेकर्स के अनुसार, इस रोमांटिक एक्शन ड्रामा की शूटिंग बड़े पैमाने पर यूनाइटेड किंगडम (UK) की खूबसूरत और अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस पर की गई है। यूके के विशाल लोकेशंस के साथ-साथ वाईआरएफ स्टूडियोज में भी इसके प्रमुख और थ्रिलिंग एक्शन सीन्स को शूट किया गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र और निर्माता आदित्य चोपड़ा की जोड़ी जब भी साथ आती है, बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका होता है। यह दोनों की बतौर निर्माता-निर्देशक 5वीं साझेदारी है। इससे पहले यह जोड़ी कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुकी है। जिसमें मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे, सुल्तान और टाइगर ज़िंदा है शामिल है। अब करीब एक दशक बाद दोनों एक बार फिर एक बड़े बजट की एक्शन-रोमांस कहानी के लिए साथ आए हैं, जिससे इंडस्ट्री की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फिल्म में अली अब्बास ज़फ़र का सिग्नेचर स्टाइल देखने को मिलेगा, जहां इमोशनल लव स्टोरी के साथ-साथ इंटरनेशनल लेवल का हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और चेज़ सीन्स का तड़का लगाया गया है। हालांकि अभी तक फिल्म के आधिकारिक शीर्षक और इसके टीज़र/ट्रेलर से जुड़ी जानकारी गुप्त रखी गई है, लेकिन स्टार कास्ट और मेकर्स के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह तय है कि यह फिल्म 2027 की सबसे बड़ी रिलीज़ में से एक साबित होने वाली है।
बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की बहुचर्चित कोर्टरूम ड्रामा 'प्रहार' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब फैंस के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में राजकुमार राव को वकील के दमदार किरदार में देखने का इंतजार कर रहे फैंस को अब थोड़ा और सब्र करना होगा। दिनेश विजन की बैनर कंपनी 'मैडॉक फिल्म्स' ने फिल्म की तय रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि मैडॉक फिल्म्स के लिए यह लगातार दूसरा झटका माना जा रहा है। हाल ही में श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म 'ईथा' की रिलीज डेट में बदलाव की खबरें आई थीं और अब 'प्रहार' की टलने से फिल्म गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। ALSO READ: रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह बॉक्स ऑफिस पर था 'महा-मुकाबला' बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, मैडॉक फिल्म्स ने अपने स्टेकहोल्डर्स और ट्रेड एक्सपर्ट्स के साथ लंबी चर्चा के बाद ही यह कड़ा फैसला लिया है। फिल्म को डिले करने की मुख्य वजह सिनेमाघरों में आने वाले हफ्तों का 'ओवरक्रॉउडेड रिलीज शेड्यूल' बताया जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों की मानें तो 7 अगस्त की तारीख 'प्रहार' के लिए कमर्शियल लिहाज से काफी जोखिम भरी साबित हो सकती थी। 7 अगस्त से ठीक एक हफ्ता पहले 30 जुलाई को मार्वल/सोनी की बड़ी फिल्म 'Spider-Man: Brand New Day' सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है, जिसका क्रेज युवाओं में पहले से ही सिर चढ़कर बोल रहा है। ठीक एक हफ्ते बाद यानी 14 अगस्त को दो बड़ी हिंदी फिल्में— 'बंटवारा 1947' और 'आवारापन 2' रिलीज होने के लिए तैयार हैं। ऐसे में 7 अगस्त को रिलीज होने पर 'प्रहार' को अपनी कमाई के लिए सिर्फ 6-7 दिनों का ही 'क्लियर विंडो' मिल पाता। 'प्रहार' एक ऐसी कंटेंट-ड्रिवन कंटेंट फिल्म है, जिसे वर्ड ऑफ माउथ का फायदा उठाने के लिए बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक टिके रहने के लिए सांस लेने की जगह चाहिए। प्रमोशन का न होना दे रहा था बड़ा संकेत फिल्म की रिलीज डेट में महज दो हफ्ते बचे थे, लेकिन मेकर्स की तरफ से कोई टीजर, ट्रेलर या कोई बड़ा प्रमोशनल इवेंट देखने को नहीं मिल रहा था। बॉलीवुड के गलियारों में इस बात की चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी थी। निर्माता दिनेश विजन अपनी फिल्मों के आक्रामक और अनोखे प्रमोशनल कैंपेन के लिए जाने जाते हैं। जब इतनी कम अवधि के बावजूद फिल्म का बज तैयार नहीं किया जा रहा था, तब ट्रेड एनालिस्टों को यह समझने में ज्यादा वक्त नहीं लगा कि 'प्रहार' की रिलीज टलना लगभग तय है। 'उज्ज्वल निकम' की कहानी पर आधारित है फिल्म फिल्म 'प्रहार' भारत के जाने-माने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके ऐतिहासिक अदालती मुकदमों पर आधारित है। उज्ज्वल निकम वही वकील हैं जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम कानूनी भूमिका निभाई थी। फिल्म में राजकुमार राव, उज्ज्वल निकम के मुख्य किरदार को निभाते नजर आएंगे। उनके अलावा फिल्म में वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी अहम किरदार में हैं। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। फिलहाल मेकर्स ने फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है।
रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही महत्वाकांक्षी महागाथा 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक भव्य इवेंट में चुनिंदा मीडिया और फैंस को इस फिल्म का 4 मिनट का खास ट्रेलर दिखाया गया था। इसके बाद से ही आम जनता के बीच इस ट्रेलर को देखने की उत्सुकता सातवें आसमान पर थी। 'रामायणम्' के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर को 24 जुलाई की सुबह जारी किया जाना था। लेकिन ट्रेलर रिलीज से ठीक कुछ घंटे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक बहुत बड़ा और सकारात्मक अपडेट शेयर करते हुए ट्रेलर की रिलीज को आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। ALSO READ: देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'? दरअसल, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन के मंच पर फिल्म की स्टार कास्ट और मेकर्स की मौजूदगी के बीच एक ऐतिहासिक डील पक्की हुई। नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर कर फैंस को यह खुशखबरी दी कि 'रामायण' को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा। A post shared by Namit Malhotra (@iamnamitmalhotra) नमित मल्होत्रा ने कहा, आज हमारी 'रामायण' के लिए एक बेहद खास लम्हा है। 'रामायण' को पूरी दुनिया तक ले जाने का मेरा सपना अब सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप के जरिए सच हो रहा है। इसी बड़े बदलाव के कारण, अब हम अपनी फिल्म का ट्रेलर वैश्विक स्तर पर एक नई तारीख पर लॉन्च करेंगे। 100 साल के भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण निर्माताओं का मानना है कि सोनी पिक्चर्स जैसे हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो के साथ हाथ मिलाने से भारतीय सिनेमा का कद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा होगा। इस डील के बाद 'रामायणम्' को दुनिया भर में किसी भी बड़ी वैश्विक हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म की तरह ही भव्य रूप से सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। San Diego Comic Con में स्टार्स ने बिखेरा जलवा ट्रेलर टलने से पहले, गुरुवार को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में 'रामायण' की टीम ने एक खास पैनल में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक इवेंट में फिल्म के मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, कन्नड़ सुपरस्टार यश, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा एक साथ मंच पर नजर आए। मेकर्स का विजन और फिल्म का स्केल देखकर विदेशी मीडिया भी काफी प्रभावित नजर आया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह पौराणिक फिल्म दो भागों में दर्शकों के सामने आएगी। फिल्म की स्टार कास्ट बेहद विशाल और प्रभावशाली है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकापति रावण, सनी देओल हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे फिल्म का पहला भाग इसी साल नवंबर (दिवाली) के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन का रास्ता साफ होने के बाद अब बहुत जल्द फिल्म की नई ट्रेलर रिलीज डेट की घोषणा की जाएगी।
स्विस बैंक की पोल पट्टी खोलने वाले जर्मन वकील पर मुकदमा
ओंकार सिंह जनौटी टैक्स चुकाए बिना ही उसका रिटर्न डकार लिया गया। यूरोप में इसी तरह से करीब 140 अरब यूरो की धांधली हुई। इस पर्दाफाश करने वाले जर्मन वकील पर अब स्विट्जरलैंड मुकदमा बहाल कर रहा है। जर्मन वकील टेंशन फ्री हैं। ALSO READ: जहां जन्मा था हिटलर, वहां बना पुलिस स्टेशन एकार्ट जाइथ, जर्मनी में एक जाने माने और लोकप्रिय कॉरपोरेट वकील हैं। कंपनियों को टैक्स, पॉलिसी और श्रम कानूनों के मामले में सलाह मशविरा देने वाले जाइथ को टैक्स चोरों का भांडा फोड़ने वाले साहसी वकील के तौर पर भी देखा जाता है। अब स्विट्जरलैंड में 69 साल के इसी वकील के खिलाफ मुकदमा शुरू होने जा रहा है। स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद जाइथ ने कहा कि वह इस फैसले से बिल्कुल भी हैरान नहीं हैं। स्विस प्रशासन का आरोप है कि जाइथ ने आर्थिक जासूसी करते हुए स्विस बैंक के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स जर्मन अधिकारियों को दिए। इन दस्तावेजों के आधार पर 2012 में जर्मनी और यूरोप में टैक्स रिटर्न धांधली के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ। लाभांश कर (डिविडेंड टैक्स) से जुड़ी इस धांधली ने यूरोप की अलग अलग ट्रेजरियों को करीब 140 अरब यूरो की चपत लगाई। जर्मनी को 30 अरब यूरो से ज्यादा का नुकसान हुआ। ALSO READ: 5,000 किलोमीटर की फ्लाइटों पर ईयू का उत्सर्जन शुल्क कैसे हो रही थी टैक्स धांधली असल में 2012 से पहले टैक्स सिस्टम में एक बड़ी कमजोरी मौजूद थी। तब टैक्स सर्टिफिकेट जारी होते थे और इनसे दावा किया जा सकता था कि कंपनी या शेयरों के लाभांश पर टैक्स चुकाया गया है। बैंक, शेयर कारोबारी और निवेशक, लाभांश भुगतान की तारीख के आस पास बहुत ही जटिल तरीके से स्टॉक ट्रेडिंग करते थे। इस दौरान हुए सौदों के दस्तावेज से पता ही नहीं चलता था कि शेयर का असली मालिक कौन है। डिविडेंड के साथ और डिविडेंड के बिना वाले, शेयरों की खरीद फरोख्त इतनी तेजी से होती थी कि टैक्स विभाग, रास्ता भटक जाता था। इसके बाद कई मामलों में एक ही स्टॉक से हुए फायदे पर चुकाए टैक्स को लेकर दो पार्टियों ने कैपिटल गेन टैक्स का रिटर्न फाइल किया। दोनों को टैक्स रिटर्न का पैसा मिला, जबकि हकीकत में कैपिटल गेन टैक्स सिर्फ एक ही पार्टी ने या कुछ मामलों में किसी ने भी नहीं चुकाया था। इस धांधली को 'कम-एक्स फ्रॉड स्कैंडल' नाम दिया गया। 2012 में जर्मन प्रशासन ने टैक्स सिस्टम में मौजूद इस छेद को बंद कर दिया। लेकिन तब तक हुई जांच में पता चला कि जर्मनी को करीब 36 अरब यूरो का नुकसान हो चुका है। यह जर्मन इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स धांधली है। फ्रांस, इटली, डेनमार्क और बेल्जियम को भी इस तरीके से बड़ी चपत लगाई गई। ALSO READ: दोहरे मापदंडों के चलते घिरे दिग्गज जर्मन नेता का इस्तीफा जाइथ ने कैसे खोली स्विस स्टाइल टैक्स चोरी की पोल स्विट्जरलैंड के कानून के तहत बैंक, अपने ग्राहकों की वित्तीय सूचना और पहचान को गोपनीय रखने के लिए बाध्य हैं। 2013 में जर्मन फॉर्मेंसी स्टोर कारोबारी एरविन म्युलर के केस की पैरवी करते समय एक स्विस बैंक के ऐसे ही दस्तावेज जाइथ के हाथ लग गए। स्विस बैंक की कम-एक्स डीलों की वजह से म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान हुआ था और जाइथ इसी केस को देख रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि म्युलर ने स्विट्जरलैंड के बैंक जाराजिन के एक फंड में निवेश किया था। इस पैसे को बैंक ने म्युलर को बिना बताए कम-एक्स लेन देनों में गैरकानूनी ढंग से इनवेस्ट किया। जब इन लेन देनों को पता चला को म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान झेलना पड़ा। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान, कई देशों तक फैले अरबों यूरो की धांधली का पता चला। स्विस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जर्मन शहर श्टुटगार्ट में रहने वाले जाइथ ने कहा, बहुत ही गंभीर अपराधों की जांच, जिसमे गोपनीय जानकारी रखने वाले भी शामिल हों, इसकी कामना भी की जाती है और यूरोपीय कानूनी तंत्र के तहत इसकी अनुमति भी है। मुझे नहीं लगता कि स्विट्जरलैंड खुद, यूरोपीय लीगल सिस्टम से बाहर रहना पसंद करेगा। ओबामा और यूरोपीय संघ ने कैसे टैक्स चोरी की पनाहगाह रहे देशों को कसा 1713 में जिनेवा के प्रशासन ने एक नियम बनाया कि वे अपने ग्राहकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखेंगे। इसके बाद यूरोप के राजा और कुलीन वर्ग के बीच स्विट्जरलैंड पैसा जमा करने की सबसे सुरक्षित तिजोरी बन गया। 1934 में स्विट्जरलैंड ने आधिकारिक रूप से इस नियम को बैंक सीक्रेसी कानून में बदल दिया। इसके बाद अगले 70 बरसों में स्विट्जरलैंड की कुल बैंक संपत्ति का आधा हिस्सा विदेशी खाताधारकों का बैंक बैलेंस था। स्विट्जरलैंड की देखा देखी लक्जमबर्ग और लिष्टेनश्टाइन जैसे यूरोपीय देशों ने भी की और इन देशों को टैक्स हेवेन कहा जाने लगा। सन 2000 के बाद स्विस बैंकों ने दुनिया भर के अमीरों के बीच यह प्रचार शुरू किया कि उनके बैंक में रखे धन की जानकारी ग्राहक के अलावा और किसी को नहीं होती है। सीक्रेसी कानून और अमीरों के बीच ऐसे प्रचार ने स्विट्जरलैंड को टैक्स चोरी और काले धन का मुख्य अड्डा बना दिया। 2007 के आस पास अमेरिकी अधिकारियों ने स्विटजरलैंड में पैसा छुपाने वाले अमेरिकियों की जांच शुरू की। इसमें सामने आए मामलों की गंभीरता को देखते हुए 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने FATCA नाम का कानून बनाया। इसके तहत सभी विदेशी संस्थानों को अमेरिकी करदाताओं से जुड़ी जानकारी अमेरिका की इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) को देनी ही होगी। काले धन और टैक्स चोरी के मामले में ओबामा का साथ तत्कालीन जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल व अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी दिया। इन पक्षों ने आनाकानी कर रही स्विस सरकार पर इतना दबाव डाला कि स्विट्जरलैंड को कई विदेशी नागरिकों से जुड़ी जानकारी देने पर सहमत होना पड़ा।
कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार
कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार 84वें भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर दिल्ली में युवा सोशलिस्ट पहल का शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो प्रदर्शन “शिक्षा का स्तर गिर रहा है इसलिए छंटी भर्ती हो [केवल चुनिंदा विद्यार्थियों को कॉलेज/यूनिवर्सिटी में दाखिल दिया जाए], ऐसी आवाज हिंद सरकार और शिक्षाशास्त्रियों ने उठाई है। ... इसलिए जबरदस्त मांग होनी चाहिए कि नए-नए विश्वविद्यालय और कॉलेज खुलें, उपयुक्त परीक्षा पास कर लेने के बाद हर विद्यार्थी को मनचाही शिक्षा लेने का अधिकार हो, तीसरी अथवा दूसरी श्रेणी में उत्तीर्णता का फर्क बिल्कुल न किया जाए, और शिक्षा सस्ती हो। स्कूल और कॉलेजों में फीसें कम हो जाएं। हो सके, बिल्कुल न हो।” डॉ राममनोहर लोहिया कौन हैं शिक्षा के सौदागार: कांग्रेस पार्टी, जिसने 1991 में बाजार-अर्थव्यवस्था लागू करके संविधान के बरखिलाफ शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण का रास्ता खोला; भाजपा/आरएसएस, जिसने शिक्षा पर दो बड़े उद्योगपतियों – कुमार मंगलम बिड़ला और मुकेश अंबानी – की कमिटी बना कर शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण की प्रक्रिया को मजबूती और तेजी प्रदान की। नई शिक्षा नीति 2020 उस दिशा में एक लंबी छलांग है; एनडीए और यूपीए में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियां जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रही हैं; राजनीतिक सुभीता और संरक्षण पाकर शिक्षा के बाजार में मुनाफाखोरी के लिए प्रतिस्पर्धा में जुटे छोटे-बड़े व्यवसायी; वे ‘धर्मात्मा’ (फिलेंथ्रोपिस्ट) जो निजी स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के नाम पर शिक्षा का व्यवसाय करते हैं; संवैधानिक पदों पर आसीन विशिष्ट/अतिविशिष्ट महानुभाव जो निजी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रमों में भागीदारी करते हैं; देश के शिक्षाविद, शिक्षक और बुद्धिजीवी जो यूजीसी/सरकारी कमिटियों में रहते हुए इस संविधान-विरोधी काम को अंजाम देने में सरकारों के साथ रहे हैं; देश के विद्वान शिक्षक जिन्होंने अपना कैरियर सार्वजनिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बनाया, लेकिन निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों की नौकरी बजाते और उनका विरुद गाते हैं; एनजीओ जगत के वे लोग जो शिक्षा/ज्ञान के बाजार-चरित्र और बाजार-अर्थव्यवस्था को बनाए रख कर शिक्षा-सुधारों के टोटकों के नाम पर देशी-विदेशी अनुदान और पद-पुरस्कार लेते हैं और शिक्षा के संघर्ष को दबाने और भटकाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हमारी मान्यता: संविधान-निर्माता, खास कर डॉक्टर अंबेडकर शिक्षा के अधिकार को संविधान के खंड 3 में मौलिक अधिकारों के साथ रखना चाहते थे। उसे संविधान के खंड 4 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के साथ इस संकल्प के साथ रखा गया कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा के अधिकार का लक्ष्य जल्दी ही हासिल कर लिया जाना चाहिए – यानि दस वर्षों में। लेकिन यह संवैधानिक संकल्प कभी पूरा नहीं हुआ। उल्टे, भारत के नेताओं और बुद्धिजीवियों ने इस संकल्प के विरुद्ध कानून बना कर शिक्षा को बाजारवाद का ग्रास बना दिया। इस सारी प्रक्रिया को उलटना होगा। इसके लिए: नवउदारवादकालीन सभी संविधान-विरोधी कानूनों को निरस्त किया जाए ताकि संविधान-सम्मत शिक्षा-व्यवस्था की अविलंब बहाली और मजबूती हो सके; पहली से स्नातकोत्तर कक्षा तक सभी को समान और उम्दा गुणवत्ता वाली शिक्षा देने की जिम्मेदारी राज्य की हो; देश के प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी पसंद के विषय/कोर्स में दाखिला सुलभ कराने की जिम्मेदारी राज्य की हो; जो विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय सरकारी अनुदान (सस्ती जमीन और कर्ज आदि के रूप में) से कायम किए गए हैं उन सभी का सार्वजनीकरण किया जाए; वर्तमान शिक्षा मौजूदा पूंजीवादी बाज़ार व्यवस्था के लिए कुशल मजदूर पैदा करने तक सीमित कर दी गई है। शिक्षा का साम्प्रदायीकरण समाज में संकीर्णता, अंधविश्वास और तर्कहीनता को बढ़ावा दे रहा है। इस शिक्षा-विरोधी स्थिति को समाप्त कर विज्ञान, वाणिज्य, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मानविकी, कला, टेक्नॉलाजी, मेडिकल, प्रबंधन आदि विषयों की शिक्षा का कंटेंट और भाषा ऐसी हो कि प्रत्येक विषय में मौलिक अवदान करने वाले तर्कशील नागरिकों का निर्माण हो सके; कुल मिला कर, शिक्षा/ज्ञान के बाजारोन्मुख चरित्र और अर्थव्यवस्था को जनोन्मुख बनाया जाए; शिक्षा के सवाल पर समग्रता में चर्चा के लिए संसद और विधानसभाओं का विशेष सत्र बुलाया जाए। देश में जड़ जमा चुकी कारपोरेट राजनीति के तहत कारपोरेट हितों और सांप्रदायिकता की पोषक सरकार को उपर्युक्त मांगों का ज्ञापन देना एक निरर्थक कवायद ही होगी। जन-जागृति एकमात्र रास्ता है। जैसा कि प्रोफेसर अनिल सदगोपाल ने कहा है, देश की संघर्षशील जनता को जल, जंगल, जमीन और जीविका की लड़ाई में शिक्षा के हक की लड़ाई को भी शामिल करना होगा। यह पर्चा देश की जन पंचायत में पेश किया गया ज्ञापन है। भारत छोड़ो आंदोलन दिवस (9 अगस्त) के ऐतिहासिक मौके पर हमारी अपील है कि भारतीय जनता के संवैधानिक अधिकारों का विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष करने वाले प्रगतीशील संगठन, समूह एवं व्यक्ति शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण को समाप्त करने का बीड़ा उठाएं। युवा सोशलिस्ट पहल का मानना है कि भारत के राष्ट्रीय जीवन पर कसे नवसाम्राज्यवादी शिकंजे को नष्ट करने के लिए सबसे पहले शिक्षा को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने की जरूरत है। आप साथियों सहित सादर आमंत्रित हैं स्थान: जंतर मंतर तारीख: 9 अगस्त 2026 समय: पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक अगस्त के शहीदों को भूलो मत भूलो मत युवा सोशलिस्ट पहल 11 - राजपुर रोड नई दिल्ली -110054 संपर्क: डॉ हिरण्य हिमकर, बंदना पांडे, नीरज
26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का प्रदर्शन जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा और शिक्षा सचिव विनित जोशी को हटाए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वे नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से अनशन पर थे। सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद भी जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होगी। ALSO READ: PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल वांगचुक ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा- कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के साथ-साथ देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है। नड्डा ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। वांगचुक के अनशन खत्म होने से अभिजीत दीपके खुश वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। सरकार के लिखित आश्वासन पर तोड़ा अनशन बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने सरकार के 2 लिखित आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त किया है। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे। सरकार ने आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया है। गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्तापल में भर्ती कराया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 जुलाई को उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'?
मनोज कुमार का नाम ऐसे फिल्मकार-अभिनेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण फिल्मों के जरिये दर्शकों के दिलों पर राज किया। मनोज कुमार मूल नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी का जन्म 24 जुलाई 1937 को हुआ था। जब मनोज कुमार महज दस वर्ष के थे तब उनका पूरा परिवार राजस्थान के हनमुनगढ़ जिले में आकर बस गया। बचपन के दिनों में मनोज कुमार ने दिलीप कुमार अभिनीत फिल्म 'शबनम' देखी थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार के निभाए किरदार से मनोज कुमार इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने भी फिल्म अभिनेता बनने का फैसला कर लिया। ALSO READ: रणवीर सिंह की 'प्रलय' में हुई इस साउथ हसीना की एंट्री, हॉलीवुड स्टाइल एक्शन से होगा हिंदी डेब्यू मनोज कुमार ने अपनी स्नातक की शिक्षा दिल्ली के मशहूर हिंदू कॉलेज से पूरी की। इसके बाद बतौर अभिनेता बनने का सपना लेकर वह मुंबई आ गए। बतौर अभिनेता मनोज कुमार ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म 'फैशन' से की। फिल्म में मनोज कुमार ने छोटी सी भूमिका निभायी थी। वर्ष 1957 से 1962 तक मनोज कुमार फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। फिल्म फैशन के बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली वह उसे स्वीकार करते चले गए। इस बीच उन्होंने कांच की गुडि़या, रेशमी रूमाल, सहारा, पंयायत, सुहाग सिंदूर, हनीमून, पिया मिलन की आस जैसी कई बी ग्रेड फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। मनोज कुमार के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक विजय भट्ट की वर्ष 1962 में प्रदर्शित क्लासिक फिल्म 'हरियाली और रास्ता' से चमका। फिल्म में मनोज कुमार के अपोजिट माला सिन्हा थी। मनोज कुमार और माला सिन्हा की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। वर्ष 1964 में मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म 'वह कौन थी' प्रदर्शित हुई। फिल्म में उनकी नायिका की भूमिका साधना ने निभाई। रहस्य और रोमांच से भरपूर इस फिल्म में साधना की रहस्यमय मुस्कान के दर्शक दीवाने हो गए। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म गुमनाम भी प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में रहस्य और रोमांस के ताने-बाने से बुनी, मधुर गीत-संगीत और ध्वनि के कल्पनामय इस्तेमाल किया गया था। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार को विजय भट्ट की फिल्म 'हिमालय की गोद' में काम करने का मौका मिला जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में भी मनोज कुमार की नायिका माला सिन्हा थी। वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'शहीद' मनोज कुमार के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण इस फिल्म में मनोज कुमार ने भगत सिंह की भूमिका को रूपहले पर्दे पर जीवंत कर दिया। फिल्म से जुड़ा दिलचस्प तथ्य है कि मनोज कुमार के ही कहने पर गीतकार प्रेम धवन ने इस फिल्म के गीत लिखे साथ ही फिल्म का संगीत भी दिया। उनके रचित गीत 'ऐ मेरे प्यारे वतन' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आज भी उसी तल्लीनता से सुने जाते हैं, जिस तरह उस दौर में सुने जाते थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की समाप्ति के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने देश में किसान और जवान की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया और मनोज कुमार से इसपर फिल्म बनाने की पेशकश की। बाद में मनोज कुमार ने फिल्म उपकार का निर्माण किया। वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म 'उपकार' में मनोज कुमार ने किसान की भूमिका के साथ ही जवान की भूमिका में भी दिखाई दिए। फिल्म में उनके चरित्र का नाम भारत था बाद में इसी नाम से वह फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर हो गए। वर्ष 1970 में मनोज कुमार के निर्माण और निर्देशन में बनी एक और सुपरहिट फिल्म 'पूरब और पश्चिम' प्रदर्शित हुई। फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने एक ऐसे मुद्दे को उठाया जो दौलत के लालच में अपने देश की मिट्टी को छोड़कर पश्चिम में पलायन करने को मजबूर है। वर्ष 1972 में मनोज कुमार के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म 'शोर' प्रदर्शित हुई। वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' मनोज कुमार के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने समाज की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट की साथ ही आम आदमी की जिंदगी में जरूरी रोटी, कपड़ा और मकान के मुद्दे को उठाया। वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म 'दस नंबरी' की सफलता के बाद मनोज कुमार ने लगभग पांच वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। वर्ष 1981 में मनोज कुमार ने फिल्म 'क्रांति' के जरिए अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की। दिलचस्प बात है इसी फिल्म के जरिए मनोज कुमार के आदर्श दिलीप कुमार ने भी अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की थी। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण फिल्म में मनोज कुमार और दिलीप कुमार की जोड़ी को जबरदस्त सराहना मिली। वर्ष 1983 में अपने पुत्र कुणाल गोस्वामी को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए मनोज कुमार ने फिल्म 'पेन्टर बाबू' का निर्माण किया लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर औंधे मुंह गिरी। फिल्म की असफलता से मनोज कुमार ने लगभग छह वर्ष तक फिल्म निर्माण से किनारा कर लिया। वर्ष 1989 में मनोज कुमार एक बार फिर से फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में वापस आए और फिल्म 'क्लर्क' का निर्माण किया, लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म 'जय हिंद' बतौर निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार के सिने करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई जो टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई। मनोज कुमार अपने सिने करियर में सात फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए। इन सबके साथ ही फिल्म के क्षेत्र में मनोज कुमार के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2002 में पद्मश्री पुरस्कार, वर्ष 2008 में स्टार स्क्रीन लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार और वर्ष 2016 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
23 जुलाई…सुबह 10 बजे, हम दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। यहां 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन कर रही है। एंट्री गेट पर ही एक डिलीवरी एजेंट मिले। हमने उन्हें रोककर पूछा कि क्या लेकर आए हैं और किसके लिए। जवाब मिला- खाना, दवाएं, मास्क और गार्बेज बैग जैसे कुछ सामान हैं। बुकिंग करने वाले ने जंतर-मंतर का पता दिया और बोला प्रदर्शन कर रहे लोगों तक पहुंचा देना। ये अकेल नहीं, इनके जैसे सैकड़ों एजेंट्स दिनभर पार्सल लेकर जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। जहां तकरीबन हर वक्त 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा रहती है। कोई खाना और पानी पहुंचाने आ रहा, तो कोई दवाइयां-सैनिटरी पैड्स या जरूरत के बाकी सामान। देश के अलग-अलग हिस्सों से ये मदद भेजी जा रही है, लेकिन ना भेजने वालों का नाम है, ना पता। केरल से इंजीनियर ने पहले खाना भेजा, फिर दवाएं हमने डिलीवरी एजेंट के जरिए बात करके पार्सल भेजने वाले का नाम-पता जानना चाहा और एजेंट के फोन से ही ऑर्डर भेजने वाले से बात की। तब पता चला कि इसे केरल के सीजो ने भेजा है। वे मलयाली क्रिश्चिनय हैं और पेशे से इंजीनियर। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लगातार फॉलो कर रहे हैं। कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करते हैं, इसलिए दिल्ली आकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। लिहाजा मदद का ये तरीका चुना।सीजो कहते हैं, ‘मैं वहां नहीं आ सकता, इसलिए क्विक डिलीवरी एप से प्रदर्शनकारियों के लिए जूस, चिप्स, नमकीन जैसे सामान भेजे। कुछ मेडिकल का सामान भी भेजा है, जैसे- ORS, रीलिफ स्प्रे, ताकि जो बीमार हैं या जिन्हें चोट लगी है, उन्हें थोड़ी मदद मिल सके।‘ सीजो ने अभी जंतर-मंतर पर दो हजार का सामान भेजा है। एक दिन पहले वे करीब 5 हजार रुपए खर्च कर खाना भी भिजवा चुके हैं। राजू बोले- हर घंटे ऑर्डर लेकर जंतर-मंतर आ रहा इसके बाद हमें अमेजॉन फ्रेश के लिए काम करने वाले राजू मिले। उन्होंने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों के लिए करीब 7 हजार रुपए का सामान लेकर पहुंचे हैं। वैसे तो उनका काम सिर्फ सामान धरनास्थल तक पहुंचाना था, लेकिन ये सही लोगों तक पहुंच सके, इसलिए खुद रुककर इसे जरूरतमंद प्रदर्शनकारियों तक पहुंचवाया। राजू बताते हैं, ‘हम हर घंटे यहां ऑर्डर लेकर आ रहे हैं। हमारे डार्क स्टोर (स्थानीय गोदाम) पर जो भी डिलीवरी पार्टनर हैं, उनमें से ज्यादातर सामान पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर के ही चक्कर लगा रहे हैं।‘ यूपी से भेजा ऑर्डर, बोले- स्टूडेंट हैं इसलिए दर्द समझते हैं हमारे सामने ही जंतर-मंतर के गेट के बाहर करीब 24-25 से ज्यादा स्विगी और जोमैटो वाले खड़े मिले। हम इन्हीं में से एक के पास पहुंचे। डिलीवरी पार्टनर से कहा कि ऑर्डर भेजने वाले को फोन लगा दीजिए। बात की तो पता चला कि ये ऑर्डर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले सत्यानंद ने भेजा है। बीएड कर रहे सत्यानंद भी दिल्ली आना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई के चलते नहीं आ सके। वे कहते हैं, ‘हम भी स्टूडेंट है, इसलिए उनके मुद्दे और दर्द समझ रहे हैं। मेरा इन्हें पूरा सपोर्ट है। दिल्ली नहीं आ सकता, लेकिन अपनी सामर्थ्य के मुताबिक जो कर सकता हूं, कर रहा हूं।’ उनका ऑर्डर लेकर आए डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि सुबह से जंतर-मंतर पर ये उनका 8वां ऑर्डर है। एक दिन पहले भी वो दिनभर जंतर-मंतर पर सामान पहुंचाते रहे। प्रदर्शनकारियों तक ऑर्डर पहुंचाने के लिए वॉलंटियर्स एक्टिव देश भर से आ रही इस मदद को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स भी सक्रिय हैं। इनमें से अभिषेक और प्रीति जंतर-मंतर के बाहर लगी बैरिकेडिंग से सामान उठाकर करीब 400 मीटर दूर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचा रहे हैं। अभिषेक बताते हैं कि अभी तक प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा गया सामान बीच में ही लोग अपने घर ले जाने लगे थे, इसलिए हमने ये सब शुरू किया। प्रीती कहती हैं कि अगर ये मदद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगी, तो भेजने वाले खुद को ठगा महसूस करेंगे। यही वजह है कि हम इसे सही जगह पहुंचा रहे हैं। दोनों वॉलंटियर्स के मुताबिक, छोले भटूरे, समोसे, कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी तक यहां सब कुछ आ रहा है। लड़कियों के लिए सैनिटरी पेड और घायलों के लिए मेडिकल सामान भी है। कोई नंगे पैर न रहे इसलिए अलग-अलग साइज की चप्पलों के ऑर्डर भी आए हैं। आखिर में CJP के आंदोलन का अपडेट… सरकार बोली- 4 बार बातचीत के लिए बुलाया दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई को कहा कि वो CJP के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में CJP को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस पर बातचीत के लिए 4 बार ऑफर भेजा जा चुका है। हालांकि, CJP ने कहा है कि सरकार को बात करनी है तो जंतर-मंतर आए या फिर किसी न्यूट्रल जगह पर चर्चा करे। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे। इधर, CJP ने अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। ……………….. ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच आंदोलन से BJP में चिंता, लेकिन प्रधान नहीं हटेंगे 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। पूरी खबर पढ़िए…
25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। आरोप है कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने पैलेट गन चलाई, जिससे इरशाद जख्मी हो गए। मैं 23 जुलाई को इरशाद से मिलने हॉस्पिटल पहुंची। ENT डिपार्टमेंट में उनका इलाज चल रहा है। डिपार्टमेंट के गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने मुझे रोक दिया। कई बार कोशिश करने के बाद मैं इरशाद तक पहुंच गई। उस वक्त डॉक्टर कमरे में मौजूद थे। बातचीत के दौरान इरशाद ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि आप मुझे सीधे मैसेज कर दीजिए। फिर फोन पर हमारी बात हुई। इरशाद ने कहा कि मैं उनसे मिलूं। हॉस्पिटल स्टाफ ने इरशाद से मिलने से रोका मैं दोबारा हॉस्पिटल पहुंची, तो गार्ड और स्टाफ ने मुझे फिर रोक दिया। इरशाद ने दो बार अस्पताल स्टाफ से कहा कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं। इसके बावजूद मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया। कहा कि आप बाहर बैठिए। मैंने कहा- इरशाद ने बुलाया है। गार्ड ने जवाब दिया- नहीं बुलाया है। कुछ देर बार बोला- रुकिए मैं पूछता हूं। इसी दौरान एक शख्स स्टाफ के साथ आए। वे खुद को गवर्नमेंट एम्पलाई बता रहे थे। उन्होंने स्टाफ से कहा कि इरशाद से किसी को न मिलने दिया जाए। कुछ देर बाद इरशाद ने फोन पर कहा कि मैं अपने सवाल वॉट्सऐप पर भेज दूं। समझ नहीं आया कि इरशाद खुद मिलना चाहते थे, तब उनसे क्यों नहीं मिलवाया गया। ये अस्पताल प्रशासन का फैसला था या सुरक्षा एजेंसियों का या किसी और का, इसका जवाब नहीं मिला। मैं अस्पताल के बाहर इंतजार करती रही। कुछ देर बाद इरशाद का एक दोस्त बाहर आया। उसने दावा किया कि केंद्र सरकार में मंत्री जेपी नड्डा इरशाद से मिलने आए थे। उसी के बाद इरशाद के आसपास सख्ती बढ़ी है। कुछ देर बाद इरशाद का फोन आया। उन्होंने बताया कि अब मेरी हालत ठीक है। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: क्या आपको पैलेट गन से चोट लगी है? जवाब: हां। मेरे चेहरे और दाहिनी कंधे पर 40 से ज्यादा पैलेट्स लगे हैं। सवाल: उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं करीब 3:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंचा। वहां से जंतर-मंतर की तरफ चला गया। उधर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान थे। अचानक उन्होंने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हम लोग पीछे की तरफ भागे। प्रदर्शन कर रहे सभी लोग नई उम्र के थे। तभी जवानों ने टियर गैस दागना शुरू कर दिया। सभी कनॉट प्लेस की तरफ आ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं। हम यहां अपनी मांगें लेकर आए हैं। वे सभी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का नारा लगा रहे थे। मैंने देखा कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने अपनी गन हमारी तरफ तान दी। हमें लगा कि डराने के लिए ऐसा कर रहा है। तभी फायर की आवाज सुनाई दी। मेरी बायीं आंख, चेहरे और कंधे पर गोली के छर्रे धंस गए। शरीर से खून बहने लगा। उस वक्त मैं होश में था। आसपास मौजूद लोगों ने खून रोकने की कोशिश की। एक स्कूटी रोककर मुझे लेडी हॉर्डिंग हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट किया। सवाल: क्या आपको मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है? जवाब: मैंने रिपोर्ट मांगी थी। बताया गया कि अभी इलाज और सर्जरी की प्रोसेस चल रही है। इसलिए फिलहाल पूरी रिपोर्ट नहीं दी जा सकती। डिस्चार्ज के वक्त रिपोर्ट दे देंगे। सवाल: जेपी नड्डा आपसे मिलने आए थे, उनसे क्या बात हुई? जवाब: उन्होंने मेरा नाम-पता पूछा। फिर कहा कि मैं प्रदर्शन में क्यों शामिल था। मैंने उन्हें बताया कि मैं छोटे भाई-बहनों के भविष्य के लिए वहां गया था। फिर उन्होंने कहा, तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। तुम जल्द ही ठीक हो जाओगे। सवाल: क्या अभिजीत दीपके या उनके किसी साथी ने आपसे बात की है? जवाब: नहीं, मेरा उनसे कोई संपर्क नहीं है। मैं किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता। मेरा मकसद था कि हम अपनी आवाज उठा सकें और सरकार के सामने मांगें रख सकें। सवाल: अपने साथ हुए हादसे पर क्या कहेंगे? जवाब: मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ऐसा होगा। इसके बाद भी मुझे कोई पछतावा नहीं है कि मैं वहां गया। मैं यह सोचकर नहीं गया था कि मेरे साथ ऐसा कुछ होगा। अगर फिर मौका मिला, तो मैं दोबारा वहां जाऊंगा। सवाल: यानी आप खुद को इस आंदोलन का हिस्सा मानते हैं? जवाब: जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का हिस्सा बना रहूंगा। सवाल: आपने कहा था कि मैं आपकी दोस्त बनकर मिलने आ सकती हूं। डायरेक्टर के सामने आपने कहा कि मुझे जानते ही नहीं हैं। ऐसा क्यों? जवाब: नहीं, ऐसी बात नहीं थी। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि किसी को भी मुझसे मिलने न दिया जाए। मैंने कहा था कि कोई दोस्त आए तो मिल सकता है, लेकिन मुझे बताया गया था कि उसे फोन जमा कराना होगा। मेरा इलाज चल रहा है, इसलिए मुझे भी हॉस्पिटल के नियम मानने पड़ेंगे। सवाल: आप नर्वस दिख रहे थे। क्या आपके ऊपर कोई सरकारी दबाव है? जवाब: कोई दबाव नहीं है। यहां मैं अकेला पेशेंट नहीं हूं। और भी मरीज हैं। उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखना है। मुझे किसी ने डराया-धमकाया नहीं है। सवाल: दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल नहीं हुई हैं। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: मैं भी दावे के साथ नहीं कह सकता, लेकिन ये उसी तरह की चीज है। अगर पैलेट गन इस्तेमाल होती है, तो उसके पार्टिकल्स बॉडी में घुस जाते हैं। यही मेरे साथ हुआ है। दिल्ली पुलिस या फिर सरकार ने भले इसे नहीं माना, लेकिन मुझे लगता है कि ये पैलेट गन हो सकती है। सवाल: सरकार से क्या कहना चाहेंगे?जवाब: अगर पैलेट गन पर बैन है, तो कैसे इस्तेमाल हो सकती है। इसकी जांच होनी चाहिए कि कौन इसे इस्तेमाल कर रहा है। पैलेट गन का दावा सच निकला तो दिल्ली का पहला केस होगा लेफ्ट के स्टूडेंट विंग AISA के कार्यकर्ता दानिश के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स के वर्दीधारी जवान ने पैलेट गन से फायर किया गया था। अगर ये दावे सही हुए तो पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन इस्तेमाल नहीं की गई है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। पैलेट गन इस्तेमाल के नियम क्या हैं
शादी के दिन आंतें फटीं, 5 महीने खुला रहा पेट:सूप पिया तो छाती से बह निकला, हनीमून पर भी नहीं जा पाया
दुर्लभ बीमारियों की सीरीज 'ऐ जिंदगी' में आज कोलकाता के जगदीशपुर में रहने वाले 31 साल के सुभजीत कर्माकर का दर्द। भास्कर रिपोर्टर नीरज झा ने ये पूरी कहानी सुनी और उन्हीं की जुबानी हू-ब-हू आपके सामने रख दी… '6 मार्च 2022 की शाम। कोलकाता के एक बैंक्वेट हॉल में हमारी शादी की पार्टी चल रही थी। मेहमानों की भीड़ थी। सभी बधाइयां दे रहे थे, फोटो खिंचवा रहे थे। कोई लिफाफा दे रहा था, तो कोई गिफ्ट। सामने पूरा परिवार, रिश्तेदार और दोस्त गानों की धुन पर झूम रहे थे। इसी बीच, मेरे पेट में तेज दर्द उठा। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, दर्द बढ़ता जा रहा था। मुझे सिर्फ बर्दाश्त करना था, न करता तो सभी का मजा खराब हो जाता। रात करीब 1 बजे पार्टी खत्म हुई। 2 बजे हम घर पहुंचे। अपने कमरे में जाते ही मैं दर्द के मारे पलंग पर गिर पड़ा। मैं पसीना-पसीना था। पत्नी घबरा गई। बार-बार पूछने लगी- क्या हुआ? मैंने कराहते हुए कहा- दर्द बहुत तेज है। अलमारी में दवा रखी है, दे दो। पत्नी ने फौरन टेबलेट निकाली और दे दी। मैंने दवा तो खा ली, लेकिन असर नहीं हुआ। पूरी रात छटपटाते हुए कभी बिस्तर पर लेटता, तो कभी कमरे में टहलता। मेरी शादी की पहली रात ऐसे ही बीत गई। सुबह 7 बजते ही हम दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे। उन्होंने सीटी स्कैन कराने को कहा। रिपोर्ट देखी तो डॉक्टर बोले- ‘फैटी लिवर है। इसी वजह से दर्द हो रहा है। उबला और हल्का खाना खाइए। उन्होंने कुछ दवाइयां दीं, कहा- आराम हो जाएगा। दो-तीन दिन तो राहत मिली, लेकिन कुछ खाते ही गले में अजीब सा दर्द होता। ऐसा लगता, जैसे- गले में कोई खुरदरी चीज रगड़कर नीचे जा रही हो। हर निवाले के साथ दर्द और जलन बढ़ती जा रही थी। हफ्तेभर बाद फिर तेज दर्द उठा। खड़ा होना, बैठना, यहां तक कि सांस लेना मुश्किल हो गया। हम दोनों बिना देर किए दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने कई जांचें कराईं और बताया कि मेरी बड़ी आंत 6-7 जगह से फट गई है। तुरंत ऑपरेशन कराना होगा। सर्जरी में देरी हुई तो इंफेक्शन फैल जाएगा। जान को भी खतरा हो सकता है। दो दिन बाद हम हनीमून के लिए मनाली जाने वाले थे। लेकिन सारा प्लान धरा का धरा रह गया। डॉक्टर के केबिन से बाहर निकलते हुए मेरी नजर पत्नी मोमिता पर पड़ी। वह चुप थी, लेकिन उसकी आंखों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। बीमारी से कहीं ज्यादा डर उसके टूटते सपनों का था। तभी पत्नी ने मेरा हाथ कसकर पकड़ा और बोली- जब सर्जरी ही एकमात्र रास्ता है, तो फौरन करवा लो। घूमने कभी और चलेंगे। सर्जरी का खर्च 5 लाख रुपए था। शादी में ही 15-20 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। सेविंग्स भी काफी कम बची थी, इसलिए दोस्तों से पैसे उधार लेकर अस्पताल में जमा कराए। मुझे तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले गए। एनेस्थीसिया दिया। रात में जब होश आया, तो सबसे पहले नजर छाती और पेट पर पड़ी। पेट खुला हुआ था, उसे कवर करने के लिए एक बैग जैसा कुछ लगा था। मैंने देखते ही डॉक्टर से पूछा- क्या सर्जरी पूरी नहीं हुई? पेट में ये क्या लगा दिया। उन्होंने बताया कि आंतों के साथ-साथ भोजन नली भी फट गई थी, इसलिए उसकी भी सर्जरी करनी पड़ी। आंत को जोड़ने के लिए पहले सर्जिकल स्टेपल लगाए। फिर मेडिकल स्यूचर (टांके) लगाए, लेकिन अंदर की परत इतनी पतली हो गई थी कि टांके टिक ही नहीं पाए। आंतें बार-बार फट रही थीं। आंतों पर दबाव न पड़े, इसलिए पेट पर स्टूल बैग लगाया है। इससे ही स्टूल यानी पॉटी पास होगी। जब तक अंदरूनी घाव भर नहीं जाता, तब तक खाना भी फीडिंग ट्यूब से दिया जाएगा। चार-पांच महीने में घाव सूख जाएंगे। तब पेट और भोजन नली की सर्जरी होगी। हॉस्पिटल का खर्च बहुत ज्यादा था, इसलिए घर आ गया। हर रोज एक नर्स घर आकर ड्रेसिंग करती थी। उसमें हर दिन 3-5 हजार रुपए खर्च होते थे। 5 महीने बाद यानी 15 अगस्त को मैं डॉक्टर को दिखाने गया। उन्होंने घाव देखकर कहा- अब टांके लग सकते हैं। दोबारा भर्ती हो जाओ। इसबार सर्जरी का खर्च 30 लाख रुपए था। ये सुनते ही मैं घबरा गया। 5 महीने से बेड पर था। कोई कमाई नहीं थी। आखिर कहां से लाता इतने पैसे। तब पत्नी ने कहा कि वो अपने सारे जेवर बेच देगी। दोस्तों ने भी क्राउडफंडिंग के जरिए 10 लाख रुपए जुटाए। बाकी रकम का इंतजाम उधार लेकर किया। डॉक्टर ने सर्जरी की। भोजन नली और पेट की सर्जरी करके टांके लगाए। एक-दो दिन बाद वॉशरूम गया, तो नेचुरल रास्ते से स्टूल पास हुआ। तब मोमिता अस्पताल में नहीं थी। मैंने मैसेज कर उसे बताया कि अब मैं ठीक हो गया हूं। करीब दो घंटे बाद हॉस्पिटल के स्टाफ ने पूछा- खाने में कुछ लोगे। मैंने सूप ऑर्डर किया। जैसे ही सूप पिया, छाती के ऊपर कुछ गिला-गिला सा महसूस हुआ। मैं हैरान रह गया। सूप पिया मुंह से, ये पेट और छाती पर कहां से आ गया। नर्स ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने स्टाफ से कहा- ऑपरेशन थिएटर में ले चलो। टांके खुल गए हैं। आंत फट गई है, इसलिए तुरंत सर्जरी करनी होगी। डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन शरीर के टिशू इतने कमजोर हो चुके थे कि टांके टिक ही नहीं पाए। तमाम कोशिशों के बावजूद, उन्हें सर्जरी बीच में ही छोड़नी पड़ी। जब होश आया, तो देखा पेट पहले की तरह खुला था। आंतें दिख रही थीं। बाद में एक खास बैग (वूंड मैनेजमेंट बैग) मेरे पेट पर लपेट दिया, ताकि इंफेक्शन न हो। मेरी हालत बिगड़ती जा रही थी। ब्लड प्रेशर गिरकर 45/80 तक पहुंच गया। डॉक्टर ने पत्नी से कह दिया कि बचने की उम्मीद कम है। कुछ भी हो सकता है। हालांकि पत्नी और पापा दोनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। कोलकाता के कई बड़े अस्पतालों में रिपोर्ट दिखाई। सबका यही कहना था कि ऐसे मामलों में सिर्फ 20-30 परसेंट लोग ठीक हो पाते हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई न जाने कितने शहरों के डॉक्टरों को कॉल किया। केस समझाया, लेकिन सबने मना कर दिया। आखिर में हैदराबाद के AIG अस्पताल के डॉक्टरों को रिपोर्ट भेजी। उन्होंने कहा- वादा नहीं कर सकते, लेकिन पूरी कोशिश करेंगे। इसके बाद हम हैदराबाद पहुंच गए। करीब 30 दिनों तक जांच हुई। एक डॉक्टर ने मेरी स्किन देखकर कहा- जेनेटिक टेस्ट कराना होगा। 5 दिन बाद पता चला कि मुझे वैस्कुलर एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (vEDS) है। डॉक्टर बोले- इसी बीमारी की वजह से आंतें बार-बार फट रही है। टांके भी खुल रहे हैं। इसके बाद 14 डॉक्टरों की टीम ने 8 घंटे सर्जरी की। ऑपरेशन कामयाब रहा, लेकिन साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में रहना पड़ा। पैसे खत्म हो गए। पापा ने मजबूरी में 3.5 बीघा जमीन सिर्फ 50 लाख रुपए में बेच दी, जिसकी कीमत आज 4 करोड़ से ज्यादा है। तीन बार सर्जरी और अस्पताल के तमाम खर्चे मिलाकर अब तक करीब सवा करोड़ रुपए लग चुके हैं। मुझपर अब भी 8 लाख रुपए का कर्ज है। एक सर्जरी बाकी है, जिसमें 50 लाख रुपए और लगेंगे। तब तक स्टूल बैग लगाकर रहना पड़ेगा। इस बीमारी ने मुझसे सुहागरात, रोमांस, हनीमून… सब छीन लिया। हर हफ्ते हॉस्पिटल जाना, चेकअप करवाना, ड्रेसिंग कराना, यही मेरी जिंदगी है। सब खो चुका हूं, लेकिन जीने की हिम्मत है। खुद को संभालने के लिए किताबें पढ़ता हूं। लेकिन बीमारी से पहले मेरी जिंदगी ऐसी नहीं थी। 2016 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद मैं नौकरी के लिए बेंगलुरु चला गया था। सब ठीक चल रहा था, तभी कोरोना के कारण कोलकाता लौटना पड़ा। यहीं से वर्क फ्रॉम होम करता रहा। फिर 2022 में मोमिता से लव मैरिज कर ली। हम दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। साथ पढ़े थे। शायद, इसलिए मुश्किल वक्त में भी वो मेरा हाथ थामे हुए है। बीमारी की वजह से नौकरी छूटी, लेकिन मोमिता ने मुझे हौसला दिया। आखिर मुझे एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई है, जिससे अब घर खर्च चल रहा है। हालांकि, मुझे उसकी बहुत चिंता होती है। सोचता हूं, उस पर क्या बीतती होगी। रिश्तेदार भी उसे ताने देते हैं। कहते हैं- कैसी किस्मत लेकर आई है। शादी होते ही पति को अस्पताल पहुंचा दिया। अगर मुझे अपनी बीमारी के बारे में कुछ भी पता होता तो शादी न करता। कम से कम मेरे साथ उसकी जिंदगी तो न बर्बाद होती। मैंने उससे कई बार कहा, तुम चाहो तो दूसरी शादी कर लो। वो हमेशा मना कर देती है। इस बीमारी से पहले मैं हर दिन जिम जाता था, दौड़ता था। वजन भी 72 किलो था, लेकिन बीमारी के कारण घटकर 37 किलो रह गया है। मेरी पुरानी फोटो देखकर कोई पहचान भी नहीं पाएगा।' सुभजीत अपना दर्द बयां कर रहे थे, तभी कमरे में एक बुजुर्ग आते हैं। सुभजीत बताते हैं- ये मेरे पापा हैं। इनका नाम रवींद्र नाथ कर्मकार हैं। रवींद्र बेटे की ओर देखते हुए कहते हैं- जब यह पांच साल का था, तभी इसकी मां गुजर गई। दो साल बाद बड़े बेटे को तेज बुखार आया था और अचानक उसकी मौत हो गई। आज तक पता नहीं चला कि उसकी मौत किस बीमारी से हुई। तब मैं कोलकाता में बाटा इंडिया में क्लर्क था। पत्नी के जाने के बाद घर में सुभजीत की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा, इसलिए नौकरी छोड़नी पड़ी। शादी के बाद जब इसकी बीमारी सामने आई और एक के बाद एक सर्जरी होने लगी, तो मन घबराने लगा। भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि किसी तरह मेरा बेटा ठीक हो जाए। सुभजीत की कहानी सुनने के बाद भास्कर रिपोर्टर नीरज झा कोलकाता स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ के जेनेटिक डिपार्टमेंट पहुंचे। वहां डिपार्टमेंट हेड डॉ. दिपांजना दत्ता से मुलाकात की। डॉ. दत्ता को सुभजीत की बीमारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (EDS) का ही एक प्रकार 'वैस्कुलर EDS' है। यह एक जेनेटिक बीमारी है। शरीर के COL3A1 जीन में खराबी के कारण सही मात्रा या गुणवत्ता में 'कोलेजन' नहीं बन पाता। जैसे घर को जोड़ने और मजबूत बनाने के लिए सीमेंट की जरूरत होती है, वैसे ही शरीर की कोशिकाओं और अंगों को मजबूती देने के लिए कोलेजन नाम का प्रोटीन जरूरी है। इस बीमारी में त्वचा बहुत पतली, लचीली और नाजुक हो जाती है। ब्लड प्रेशर थोड़ा सा भी बढ़ने पर नसों के फटने का खतरा रहता है। वैस्कुलर EDS में आंतें फट जाती हैं। इस बीमारी में मांसपेशियां और टिशू इतने पतले हो जाते हैं कि कागज की तरह फटने लगते हैं। सर्जरी के दौरान या बाद में टांके टिक नहीं पाते। घाव देरी से भरते हैं। बचपन में इस बीमारी के लक्षण साफ नजर नहीं आते। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, शरीर लचीला होने लगता है। पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उम्र के साथ-साथ यह बीमारी पूरे शरीर में फैलकर जानलेवा रूप ले लेती है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चे में ऑटोसोमल डॉमिनेंट पैटर्न के जरिए आती है। हमारे शरीर में हर जीन की दो कॉपी होती हैं। एक कॉपी मां और दूसरी पिता से मिलती है। 'डॉमिनेंट' बीमारी का मतलब है कि अगर बच्चा माता या पिता में से किसी एक से प्रभावित COL3A1 जीन लेता है, तो उसे यह बीमारी हो सकती है। यदि माता या पिता में से किसी एक को ‘वैस्कुलर EDS’ है, तो उनके हर बच्चे में यह बीमारी ट्रांसफर होने का खतरा 50 प्रतिशत रहता है। दुनिया भर में लगभग 2 लाख लोगों में से केवल 1 व्यक्ति को यह बीमारी होती है। वर्तमान में इसकी कोई जीन थेरेपी या स्थायी इलाज नहीं है। -------------------------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- सिर से जुड़ीं दो बहनें अब अलग नहीं होना चाहतीं: सलमान खान ने बहन बनाया, इलाज का वादा किया, अब फोन तक नहीं उठाते ये हैं सबा और फरहा। उम्र 24 साल। दोनों का जन्म एक दिन, एक समय और एक ही मां की कोख से हुआ, सो ये जुड़वां कहलाती हैं। लेकिन… इनके जिस्म अलग-अलग नहीं, सिर से आपस में जुड़े हैं। वो भी इस तरह कि दोनों एक दूसरे को देख नहीं सकतीं। आईने में भी नहीं, अगर एक का रुख आईने की तरफ होता है तो दूसरी का उसके उलट। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- चेहरे पर मांस के लोथड़े देख लोग कहते हैं भूत: शक्ल देखकर 5 लोग गड्ढे में जा गिरे, मां बोली-मरेगा तभी बला टलेगी ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट, संसद मार्च और फिर पुलिस का लाठीचार्ज। विपक्ष ने पीएम आवास तक घेरा, लेकिन पीएम मोदी एक शब्द नहीं बोले। फिर 23 जुलाई की सुबह उन्होंने X पर लिखा- 'युवाओं के हित से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनेंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।' देर रात एक वीडियो मैसेज में भी कहा- 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रपोजल 24 जुलाई, शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में रखेंगे। अगले सप्ताह संसद में इससे जुड़ा बिल पास कराने की कोशिश की जाएगी।' इधर दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक के मामले देखने के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट भी बना दी। तो क्या अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी या इसमें भी कोई बड़ा लूपहोल; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: एग्जाम में गड़बड़ी के मामलों में अब तक कितने लोगों को सजा हुई है?जवाब: 2002 से 2025 तक 45 बड़े एग्जाम में पेपर लीक हुआ। इन सब में 1-1 लाख या उससे ज्यादा बच्चे बैठे थे। अब तक सिर्फ 2 मामलों में सजा सुनाई गई। ये सारी जानकारियां इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेशन में सामने आई हैं। जिन दो मामलों में दोषी ठहराए गए, वो रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़े हैं… पहला मामला, 2002: 23 साल बाद सजा, लेकिन सारे दोषियों को जमानत दूसरा मामला, 14 साल बाद सजा, मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर सवाल-2: NEET 2026 के मामले में अब तक क्या हुआ है?जवाब: 3 मई 2026 को हुआ NEET-UG एग्जाम पेपर लीक के खुलासे के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया। अभी CBI, राजस्थान SOG और राज्यों की पुलिस जांच कर रही हैं। 13 आरोपी गिरफ्तार हुए। इसमें NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी से जुड़े दो एक्सपर्ट भी हैं- पुणे की बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और केमिस्ट्री के प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी। एग्जाम करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, NTA ने 21 जून को कड़ी सुरक्षा में दोबारा एग्जाम करवाया। इसका नतीजा भी आ गया है। पेपर लीक में दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सभी 13 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। CBI ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है और कहा है कि अभी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 24 जुलाई को कोर्ट में आरोपियों की हिरासत बढ़ाए जाने पर सुनवाई होनी है। सवाल-3: आखिर पेपर लीक रोकने का कानून और इसकी खामियां क्या हैं? जवाब: जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी के लिए IPC की 420, 120B और 467-471 जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं। हालांकि कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। ये कानून काफी नहीं थे, 2024 में NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद, 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ नया कानून लागू किया। इसका नाम है- सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम। इस कानून के मुताबिक, पेपर लीक करना, इसमें मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम के लिए कंप्यूटर नेटवर्क वगैरह से छेड़छाड़, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी जैसे कामों को सजा के दायरे लाया गया है। ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, जिनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है- सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है। कानूनी प्रक्रिया, कोर्ट में सुनवाई के दौरान लूपहोल्स का फायदा उठाकर अपराधी बच निकलते हैं। इसके कुछ उदाहरण देखिए… 2006: रेलवे पेपर लीक, यूपी के 2 विधायक आरोपी 2015: UPPSC प्री एग्जाम, अब तक जांच अधूरी 2016: यूपी PSC, RO/ARO भर्ती, क्लोजर रिपोर्ट पर कोई सुनवाई नहीं लखनऊ के सेंटर पर पेपर लीक हुआ। जांच के बाद CB-CID ने 2018 में क्लोजर रिपोर्ट दी। हालांकि जब कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, तो एजेंसी ने दूसरी क्लोजर रिपोर्ट दी।इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। 2016: कर्नाटक PUC, सभी आरोपी बरी कर्नाटक ‘प्री यूनिवर्सिटी कोर्स’ पेपर लीक में सीनियर ऑफिसर्स सहित 19 लोग गिरफ्तार हुए।हालांकि 2024 में बेंगलुरु सेशन कोर्ट ने जांच में गंभीर खामियों का हवाला देकर सबको बरी कर दिया। 2021: राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती, अधिकारी को जमानत 2025 में राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन, RPSC के अंदरूनी लोगों ने ही पेपर लीक करवाया।आरोपी RPSC मेंबर रामू राम नायका जमानत पर हैं। बाकी दो मेंबर- मंजू शर्मा और संगीता आर्या ने इस्तीफा दे दिया। उन्हें कोई सजा नहीं हुई। 2024: NEET-UG, CBI कोर्ट में सुनवाई जारी सवाल-4: क्या फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक की दिक्कतें दूर हो जाएंगी?जवाब: बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसमें 3 बड़ी अड़चनें हैं… 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट पर केंद्र सरकार का सीधा कंट्रोल नहीं फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, यानी FTCs को कंट्रोल करने वाला कोई केंद्रीय कानून नहीं है। इन पर राज्य सरकारों का नियंत्रण है। 21 मार्च 2025 को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा- ‘FTCs और उनका कामकाज राज्य और UTs और राज्यों के हाई कोर्ट्स के अधीन है।’ आगे कहा गया, ‘संविधान के आर्टिकल 233 के तहत, डिस्ट्रिक्ट, निचली कोर्ट्स और FTCs में जजों की नियुक्ति राज्य के हाई कोर्ट की सिफारिश और राज्य के गवर्नर के अधीन है। इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं है।’ 2. हर मामला तेजी से निपटाना मुश्किल 3. जल्दबाजी से गलत फैसले का खतरा सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता कहते हैं, POCSO, ड्रग्स एक्ट और दूसरे गंभीर मामलों में भी जिन फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द न्याय देने की बात की गई, वो भी व्यावहारिक तौर पर सफल नहीं है। नए क्रिमिनल कानूनों में भी 3 साल के भीतर न्याय की बात है, लेकिन जिला अदालतों में ही सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले हैं।’ सवाल-5: इससे पहले जो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए, वो कैसा काम कर रहे?जवाब: देश में अभी 2 तरह के फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं- 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट, FTC 2. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, FTSC भारतीय न्याय संहिता, यानी BNS में सिफारिश है कि मुकदमों का निपटारा 2 साल और यौन अपराधों का निपटारा 2 महीने के अंदर होना चाहिए। वहीं FTSC योजना के तहत टारगेट है कि ये हर 3 महीने में 42 मुकदमों के हिसाब से सालाना 165 मामलों का निपटारा करें। हालांकि तेजी से काम करने के बावजूद फास्ट ट्रैक कोर्ट जरूरत भर मुकदमों की सुनवाई नहीं कर पा रहे… ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अब तक क्यों नहीं हुआ, 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझिए; क्या आगे भी नहीं हटाए जाएंगे जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। पूरी खबर पढ़ें…
सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर में परिवार के लोगों की लापरवाही से एक मासूम बच्चे के प्राण संकट में पड़ गए, लेकिन समय रहते चिकित्सकों ने अनहोनी को टाल दिया। चिकित्सा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सवाई माधोपुर शहर निवासी जनिद के बेटे अहद (छह) ने खेलते समय गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल […] The post सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया appeared first on Sabguru News .
सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए केंद्र सरकार का निमंत्रण दोहराया लेकिन जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि कोई भी बैठक तटस्थ स्थान पर होनी […] The post सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया appeared first on Sabguru News .
दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .
पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष
सिरोही। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार के तहत सिरोही निवासी पुनीत कुमार जैन को नगर कांग्रेस कमेटी, सिरोही का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पुनीत कुमार जैन कांग्रेस की मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। वे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय […] The post पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति
नई दिल्ली। पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व […] The post पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति appeared first on Sabguru News .
मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) के तहत वयस्क यात्री सुरक्षा और बाल यात्री सुरक्षा दोनों में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त हुई है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 24 जुलाई को पेश होने वाली नई ब्रेजा […] The post मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .
इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री […] The post इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली
कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .
अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र स्थित हरदेव दास उच्च माध्यमिक विद्यालय से कक्षा सातवीं के तीन छात्रों के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तीन विशेष दल गठित करके बच्चों की […] The post अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी appeared first on Sabguru News .
डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को डूंगरपुर जिले की सागवाडा तहसील की फलातेड ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार डामोर को तीन हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी डूंगरपुर को परिवादी ने शिकायत की […] The post डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया। शर्मा ने गुरुवार को यहां भारतीय जनता पार्टी की ओर से संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के […] The post कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक के मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा, जबकि संसद के बाहर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमे चलाने का दांव चला। सत्र शुरू होने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी। उधर, संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और साथी नेताओं के धरने को मुद्दा बनाया। इसी दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी वहां पहुंचीं और एनडीए सांसदों के सामने खड़ी होकर नारेबाजी किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का सरकार और पूरे सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। अगर सरकार को छात्रों पर भरोसा है तो उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। इससे पहले आज लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन महज 2 मिनट बाद ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दिए। हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन स्थगित होने के बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के कई सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलने पहुंचे। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद लगातार ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगाते रहे। इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक और फिर तीसरी बार शुरू होने के कुछ ही मिनट में ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी दिनभर लगभग यही स्थिति रही। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। हंगामे के कारण सदन को पहले 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता सदन जेपी नड्डा के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कुछ ही मिनटों में सदन फिर स्थगित हो गया। दोपहर 2 बजे सदन करीब एक मिनट चला और फिर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 3 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन लगातार हंगामे के बाद अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी रहा। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश
नई दिल्ली। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यहां के सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तराओं सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गुरुवार शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों […] The post दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश appeared first on Sabguru News .
चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की एक अदालत ने गुरूवार को प्रसिद्ध तमिल फिल्म अभिनेता विमल को 4.5 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में एक साल की जेल की सजा सुनाई। अभिनेता विमल ने अपनी फिल्म मन्नार वगैयारा के निर्माण के वास्ते फिल्म फाइनेंसर गोपी से 4.5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। फिल्म रिलीज […] The post चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल appeared first on Sabguru News .
19 गेंदों में 4 चौके और छक्के, जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का पहला अर्धशतक
टी-20 अंतरराष्ट्रीय के सबसे युवा बल्लेबाजों में शुमार वैभव सूर्यवंशी ने पहला अर्धशतक जड़कर अपने आगमन की खबर सुनाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने पहले पॉवरप्ले में ही अपनी तूफानी बल्लेबाजी के बलबूते पर मैच को खत्म कर दिया। उन्होंने 18 गेंदो में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। हालांकि अगली ही गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और छक्के लगाए। उनको रिचर्ड नगवारा ने बेन करन के हाथों कैच आउट करवाया। Watch it LIVE on FanCode! https://t.co/q6VBxaRJz3 #ZIMvIND #IndiaCricket #RokoNahiThoko pic.twitter.com/ACaAC23Zoq — FanCode (@FanCode) July 23, 2026 इससे पहले वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के दौरे पर मौका मिला था लेकिन वह वहां पर 15 रनों के स्कोर को पार नहीं कर पाए।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदो में 2 चौके मारकर सिर्फ 14 रन बना पाए। तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 5 गेंदो में 2 छक्के की मदद से 13 रन बना पाए। चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदों में 1 चौका और छक्का लगाकर सिर्फ 15 रन बना पाए।हालांकि आज उन्होंने अपना विकेट नहीं फेंका और 50 पार जाकर ही रुके।
युवा अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजों ने 125 पर रोकी जिम्बाब्वे की पारी
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने निर्धारित 20 ओवरों में मेजबान टीम के 7 विकेट गिरा कर 125 रनों पर पारी रोक दी। गौरतलब है कि इस मैच से पहले भारतीय पेस बैट्री का कुल अनुभव सिर्फ 9 विकेट था। मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर टी-20 विश्वकप में भारत के खिलाफ शतक मार चुके बेनेट को चलता कर दिया। इसके बाद प्रिंस यादव और मयंक यादव ने मायर्स और बेन करन को पॉवरप्ले में ही चलता कर जिम्बाब्वे की रन गति पर रोक लगा दी। Innings Break! A clinical job with the ball from #TeamIndia The run chase is coming right up Follow the match https://t.co/NKa0znQQ3H #ZIMvIND pic.twitter.com/ywOMw3jndy — BCCI (@BCCI) July 23, 2026 जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन वेसले मेधवेरे ने बनाए। उन्होंने 34 गेंदो में 39 रनों की पारी खेली। प्रिंस यादव और मयंक यादव ने किफायती गेंदबाजी के साथ साथ 2-2 विकेट निकाले।
Guru Purnima 2026: इन 5 गुरुओं की पूजा से मिलेगा ज्ञान, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद
Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का दिन केवल आध्यात्मिक गुरुओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में राह दिखाने वाले सभी मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक पावन अवसर है। इस बार 29 जुलाई 2026 बुधवार के दिन है गुरु पूर्णिमा का त्योहार। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई को शाम की 06:18 पर प्रारंभ होगर अगले दिन 29 जुलाई को रात्रि 08:05 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं हमारे 5 गुरुओं के बारे में। तुलसीदास जी ने लिखा है: प्रथम गुरु माता-पिता, दूजे गुरु शिक्षक जान। तीजे गुरु ईश्वर कहें, इन तीनों को मान।। 1. प्रथम गुरु: माता (Mother) महत्व: बच्चे की पहली गुरु उसकी माँ होती है, जो उसे बोलना, चलना, सही-गलत का प्राथमिक बोध और संस्कार देती है। पूजन कैसे करें: गुरु पूर्णिमा के दिन सबसे पहले माता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। उन्हें कोई वस्त्र या उनकी पसंद की वस्तु भेंट करें। 2. द्वितीय गुरु: पिता (Father) महत्व: पिता जीवन का दूसरा सबसे बड़ा गुरु होता है। पिता हमें दुनिया का सामना करना, संघर्षों से लड़ना, अनुशासन, कर्तव्य और मेहनत का मूल्य सिखाते हैं। पूजन कैसे करें: पिता के चरणों में प्रणाम करें, उन्हें माला या तिलक लगाकर उनका सम्मान करें और उनके द्वारा दी गई सीख पर चलने का संकल्प लें। 3. तृतीय गुरु: शिक्षक व विद्या गुरु (Teachers & Mentors) महत्व: जो हमें किताबी ज्ञान, बौद्धिक क्षमता, कला, हुनर और आजीविका कमाने योग्य बनाते हैं। पूजन कैसे करें: अपने स्कूल, कॉलेज के शिक्षकों या किसी भी विद्या गुरु से मिलकर या फोन पर उनका आभार व्यक्त करें और उनका आशीर्वाद लें। 4. चतुर्थ गुरु: आध्यात्मिक गुरु (Spiritual Guru) महत्व: जो हमें ईश्वर से जोड़ते हैं, मन को शांति का मार्ग दिखाते हैं और अज्ञानता रूपी अंधकार से निकालकर मोक्ष/ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। पूजन कैसे करें: अपने दीक्षा गुरु के आश्रम या स्थान पर जाकर उनकी पादुका/चरणों की पूजा करें, उन्हें फल-फूल अर्पण करें और उनके दिए मंत्र व ज्ञान का स्मरण करें। 5. पंचम परम गुरु: जगतगुरु (महर्षि वेद व्यास, दत्तात्रेय महाराज और भगवान शिव) महत्व: गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है। इस दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था, जिन्होंने चारों वेदों और महाभारत की रचना की। साथ ही, भगवान दत्तात्रेय को गुरुओं का गुरु कहा जाता है और भगवान शिव को 'आदिगुरु' माना गया है। पूजन कैसे करें: इस दिन महर्षि वेद व्यास, दत्त महाराज, भगवान शिव या भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना करें और गीता/रामायण जैसे सदग्रंथों का पाठ करें। गुरु पूर्णिमा का संदेश यदि आपके जीवन में कोई औपचारिक गुरु नहीं भी हैं, तो भी आप अपने माता-पिता को ही अपना सर्वोच्च गुरु मानकर उनकी पूजा-सेवा कर गुरु पूर्णिमा का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं।
जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। आखिर अब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं हुआ? हमने यही सवाल 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से पूछा। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि 4 बड़ी वजहों का गुच्छा है। इन्हें ही समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… रशीद किदवाई और अमिताभ तिवारी का मानना है कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लिया, तो ‘एक्सेप्टेंस ऑफ गिल्ट’ का संदेश जाएगा। यानी सरकार से गलती हुई है और उसने स्वीकार कर ली है। पीएम मोदी ऐसी मैसेजिंग नहीं देना चाहते। इसीलिए सरकार पेपर-लीक के मुद्दे पर गंभीर और प्रो-एक्टिव दिखना चाहती है… रशीद किदवाई कहते हैं, ‘मोदी सरकार की ऐसी धारणा बनी है कि उसमें मंत्रालय नहीं, सबकुछ पीएमओ से तय होता है। ऐसे में मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो ये चर्चा हो सकती है कि पीएमओ की भी गलती है। पीएम मोदी कतई नहीं चाहेंगे कि ऐसा हो।’ निशांत कुमार बताते हैं कि नीति छोटी हो या बड़ी, मामला विदेश से जुड़ा या किसी संकट से निपटने का, कमान सीधे पीएमओ के हाथ में रहती है। ऐसे में मंत्रियों को पूरी तरह जिम्मेदार बनाकर इस्तीफा लेना आसान नहीं है। अमिताभ तिवारी, आशुतोष और निशांत कुमार मानते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न लेने के पीछे ‘द मोदी वे ऑफ पॉलिटिक्स’ है, माने यही पीएम मोदी की पॉलिटिक्स का तरीका है। आशुतोष इसे डिकोड करते हुए कहते हैं, ‘पीएम मोदी विदेश दौरे पर वर्ल्ड लीडर्स से गले मिलते हैं, हैंडशेक करते हैं, झप्पियां पाते हैं और ठहाके लगाते हैं। लेकिन ये चीजें भारत में बहुत कम दिखती है। पीएम मोदी न तो विपक्ष और न ही अपनी पार्टी के नेताओं से ऐसे मिलते हैं। वो यह किसी भी तरह से प्रकट नहीं करना चाहते हैं कि उन्हें कोई दबाव में ला सकता है। ये सब पीएम मोदी की पर्सनैलिटी का हिस्सा है। वो अपनी पार्टी और सरकार के सबसे बड़े नेता हैं। ऐसे में उनका रवैया पूरी सरकार और पार्टी का रवैया बन जाता है।’ निशांत कुमार कहते हैं कि पीएम मोदी कल्ट पॉलिटिक्स के लिए जाने जाते हैं। कल्ट यानी ऐसा व्यक्तित्व जो हारता नहीं। कमजोर नहीं दिखता। इसलिए चाहे परीक्षा पेपर लीक का मामला हो या कोई और आरोप मोदी सरकार न आरोप मानती है, न मंत्रियों के इस्तीफे होते हैं। अमिताभ तिवारी और हर्षवर्धन त्रिपाठी मानते हैं कि सरकार ने अगर मांग मान ली और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया, तो मांगों का पिटारा खुल जाएगा। इसके संकेत भी दिखने लगे हैं… रशीद किदवाई मानते हैं कि बीजेपी सरकार ने पिछली मनमोहन सिंह की सरकार से सीख ली हो, जहां आरोप लगते ही या मांग होते ही मंत्रियों के इस्तीफे हो जाते थे। बीजेपी ये ट्रेंड अपनी सरकार में नहीं लाना चाहती। 2015 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे पर आरोप लगे कि दोनों ने लंदन में रह रहे भगोड़े ललित मोदी की वहां से पुर्तगाल जाने में मदद की है। सुषमा और वसुंधरा के इस्तीफे की मांग होने लगी। तब 24 जून 2015 को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान दिया- 'नहीं… नहीं, इसमें (मोदी सरकार में) मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं, भैया। यूपीए सरकार नहीं है, ये एनडीए सरकार है।' राजनाथ का यही बयान बीजेपी सरकार का अघोषित नियम बना हुआ है। निशांत कुमार बताते हैं कि मोदी कुशल राजनेता हैं। वे इस्तीफे के डोमिनोज इफेक्ट से बचना चाहते हैं। उन्हें पता है एक मंत्री का इस्तीफा लेते ही दूसरे मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज हो जाएगी। इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी जैसे नाम शामिल हो सकते हैं। ऐसा नहीं है कि मोदी सरकार कभी झुकी नहीं। 2018 में विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का इस्तीफा और 2021 में कृषि कानून वापस लेना इसकी मिसाल हैं। लेकिन इस बार हालात कुछ थोड़े बदले हुए हैं। तो क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं ही होगा? --------------- ये खबर भी पढ़िए… लड़की को गलत जगह डंडा मारना, बिना वर्दी वाले लाठीबाज बुलाना; डियर दिल्ली पुलिस, ये 4 हरकतें सिर्फ गैरकानूनी नहीं शर्मनाक भी हैं डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी और आंसू गैस के साथ उन पर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर सुरक्षाबलों की कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। पूरी खबर पढ़िए…
छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास
पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं। इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है। Ohh..I thought you were on Pakistan’s side. During Operation Sindoor, you seemed to speak in Pakistan’s favor. Selective reporting isn’t a good look, Arfa. https://t.co/Kd6Gr8QQKb — Danish Kaneria (@DanishKaneria61) July 23, 2026 कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला। ऐसा रहा करियर राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं। दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।
शहनाज गिल ने ट्रेडिशनल लुक में लगाया ग्लैमर का तड़का, लेटेस्ट फोटोशूट ने इंटरनेट पर मचाई धूम
बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस शहनाज गिल अपने स्टाइल और चार्म से हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में शहनाज ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने लेटेस्ट फोटोशूट की कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में शहनाज का पारंपरिक और बोल्ड अवतार दोनों ही देखने को मिल रहा है। शहनाज ने बेहद खूबसूरत पेस्टल पीच और गोल्डन शेड का शरारा सूट पहना है। कुर्ती में बारीक शीशों और गोटा-पत्ती का काम किया गया है। इसका प्लंजिंग V-नेकलाइन आउटफिट में एक बोल्ड और सिज़लिंग टच जोड़ता है। इसके साथ शहनाज ने शरारा फ्लेयर्ड पहना है, जिस पर शिमरी सिक्विन वर्क का खूबसूरत काम है। साथ ही मैचिंग नेट/ऑर्गेंजा का दुपट्टा इस पूरे लुक में रॉयल वाइब जोड़ रहा है। शहनाज ने अपने बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेव्स में खुला छोड़ा है, जो उनके चेहरे के कट्स को बेहद ग्रेसफुली उभार रहा है। ग्लैम को नेचुरल रखते हुए उन्होंने न्यूड लिपस्टिक, लाइट ब्लश और मिनिमल आई मेकअप चुना है, जिससे उनकी स्किन टोन बेहद ग्लोइंग नजर आ रही है। कानों में बड़े ऑक्सीडाइज्ड-गोल्डन झुमके और कलाई में चंकी मैटेलिक ब्रेसलेट शहनाज गिल के इस एथनिक-फ्यूजन लुक को परफेक्ट फिनिश दे रहे हैं। तस्वीरों में शहनाज के पोज़ और एक्सप्रेशंस कमाल के हैं। कभी वह सोफे पर झुकी हुई नजर आ रही हैं, तो कभी फ्रंट कैमरे से लिया गया उनका क्लोज-अप सेल्फी पोज़ उनकी आंखों की गहराई को बयां कर रहा है। उनके चेहरे की मासूमियत और आंखों की बोल्डनेस का कॉम्बिनेशन इस पूरे फोटोशूट को बेहद आकर्षक और ग्लैमरस बनाता है।
अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह ने गुरुवार को शीर्ष अदालत का ध्यान जंतर मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने की ओर दिलाया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वकीलों, मुकदमों से जुड़े लोगों, रजिस्ट्री कर्मचारियों और उच्चतम न्यायालय में प्रवेश के लिए […] The post अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई appeared first on Sabguru News .
इंदौर में ब्लैकमेलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली 20 वर्षीय लॉ स्टूडेंट के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा ने मिलने से इनकार किया तो उसके सोशल मीडिया मित्र ने पहले धमकियां दीं और फिर उसके वीडियो परिचितों व सहेलियों को भेज दिए। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की पहचान करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी आदित्य पुत्र राहुल वर्मा से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। पिछले एक महीने से आरोपी छात्रा पर मिलने का दबाव बना रहा था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान छात्रा पर बिना कपड़ों के बात करने का दबाव बनाया। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल कर परेशान करने लगा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो उसकी सहेलियों और अन्य परिचितों को भेज दिए। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल कर दिए। आरोपी ने छात्रा के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उस पर भी वीडियो अपलोड कर दिए। घटना के बाद छात्रा ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी आदित्य राहुल वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...
मेशकोर: बिना इंटरनेट के चलने वाला नेटवर्क
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ती सेंसरशिप के बीच एक सवाल उठ रहा है कि जब संवाद के डिजिटल रास्ते बंद हो जाएं तो क्या किया जाए? इसका शायद जवाब एक छोटे रेडियो मॉड्यूल में छिपा है।
करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत
करौली। राजस्थान में करौली के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग -23 पर बुधवार को एक मोटर साइकिल के ट्रक से टकराने से दो किशोर और एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि मृतकों की पहचान करौली के गुलाब बाग निवासी आशीष (16), हर्ष (16) और धौलपुर के पुरानी छावनी […] The post करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
ट्रोलिंग के बाद आर माधवन ने तोड़ी चुप्पी, छात्रों के समर्थन में बोले- 'दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई'
देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। बीते दिनों दिल्ली में छात्रों संग हुई मारपीट के बाद कई सेलेब्स उनके सपोर्ट में आगे आए हैं। वहीं फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के अध्यक्ष और मशहूर अभिनेता आर. माधवन इस मामले पर अपनी चुप्पी के कारण ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। दरअसल, FTII के स्टूडेंट्स को उनकी चुप्पी खल रही थीं। अब आर माधवन ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ALSO READ: 'अभी हो गया, बस...', NEET आंदोलन पर सवालों से बचते दिखे सोनू निगम, यूजर्स ने लगाई क्लास FTII परिसर में लगे थे 'गायब' के पोस्टर NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलनों पर आर. माधवन के मौन रहने से FTII के छात्र बेहद नाराज थे। विरोध स्वरूप छात्रों ने पुणे स्थित FTII परिसर में माधवन के केबिन के दरवाजे पर एक मीम चिपका दिया था, जिस पर 'गायब' लिखा हुआ था। इसके साथ ही दरवाजे पर 'NEET For Sale' का पोस्टर भी लगाया गया था। आर माधवन ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है। उन्होंने एक भावुक स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, भारत के युवाओं की असीम क्षमता में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आज अनगिनत छात्रों और अभिभावकों की चिंता और निराशा को भली-भांति समझता हूं। हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो विश्वास, निष्पक्षता और नए अवसरों को बढ़ावा दे। A post shared by R. Madhavan (@actormaddy) उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों की कड़ी मेहनत, उम्मीदों और सपनों पर गहरा आघात करती हैं। खासकर भारत जैसे देश में, जहां शिक्षा जीवन की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाती है, वहां ऐसी कमियां बेहद दुखद हैं। माधवन ने सरकार से इस मामले में शामिल अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कदम उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को जल्द से जल्द और सख्त सजा दी जाए। यह कार्रवाई इतनी कड़ा संदेश देने वाली होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन अतीत की गलतियों से सबक लेते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आगाह करते हुए कहा कि वे अपने आंदोलन के प्रति सतर्क रहें। माधवन ने अंदेशा जताया कि कुछ असामाजिक या स्वार्थी तत्व छात्रों के इस पवित्र आंदोलन को अपने फायदे के लिए भटकाने या हाईजैक करने की कोशिश कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों पर हुआ था लाठीचार्ज गौरतलब है कि NEET धांधली के विरोध में दिल्ली में माहौल काफी गरमाया हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ भूख हड़ताल पर बैठे थे। हाल ही में जब छात्रों और विभिन्न संगठनों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर 'चलो संसद' मार्च निकालने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा था।
शिखर धवन ने कहा छात्रों को संस्थान और सरकार पर बनाए रहना चाहिए भरोसा
युवराज सिंह के बाद शिखर धवन ऐसे दूसरे क्रिकेटर हो गए हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी खबरों पर अपनी राय रखी है लेकिन उनका ट्वीट छात्रों को समझाइश देने की ओर इशारा ज्यादा करता है।हाल ही में दूसरी बार विवाह करने वाले शिखर धवन ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारे युवा हमारा भविष्य है। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्तम में धैर्य रखना और देश की सरकार और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा। Humare youth humare desh ka future hain. Unke sapnon ko samajhna zaroori hai par saath hi, mushkil waqt mein patience rakhna aur desh ki institutions aur sarkar par bharosa banaye rakhna bhi utna hi zaroori hai. Mera maanna hai ki har challenge ka solution patience se nikalta… — Shikhar Dhawan (@SDhawan25) July 23, 2026 भारत के लिए 2013 से 2022 के बीच 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बाद शिखर धवन ने 2 साल पहले अगस्त में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। टेस्ट डेब्यू के दौरान उनका प्रदर्शन यादगार रहा लेकिन धवन ने वनडे अंतरराष्ट्रीय में भी अपनी पहचान बनाई जिसमें उन्होंने 44.11 के औसत से 6793 रन बनाए। इसमें 17 शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल हैं।उन्होंने टेस्ट में 40.61 के औसत से 2315 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं। धवन 2021 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत के 25वें एकदिवसीय कप्तान बने जब उन्होंने रोहित की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 12 मैच में टीम की अगुआई की जिसमें भारत ने 7 मैच जीते जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आईपीएल में 222 मैचों में दो शतक और 51 अर्धशतक सहित 6769 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनके 768 चौके किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक चौके हैं और उन्होंने आईपीएल में लगातार शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाजी बनने की उपलब्धि भी हासिल की।
कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे
अहिल्यानगर/मुंबई। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है अगर जवाबदेही तय की जाती है और मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान […] The post कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे appeared first on Sabguru News .
रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा
भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी। Question - Gautam Gambhir has completed two years as head coach of Indian team. How would you rate him as a coach out of 10?. (Cricbuzz). Mohammad Kaif - I will give 4 out of 10. pic.twitter.com/oiAnsmXT6t — Tanuj (@ImTanujSingh) July 15, 2026 रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है। लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है। लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए। ALSO READ: लॉर्ड्स पर ODI शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने रोहित शर्मा (Video Highlights) इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।
रील बनाने की शौकीन 3 सगी बहनों ने कैमरामैन से की शादी, अमरोहा में हिंदू संगठन भड़के
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और रील्स बनाने की शौकीन तीन सगी बहनों ने एक ही युवक (कैमरामैन) से मंदिर में शादी कर ली। इस अनोखी शादी का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस शादी पर कड़ा विरोध जताया है और मामले की जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरोहा जिले की रहने वाली तीनों सगी बहने सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थीं और अक्सर रील्स और कंटेंट बनाया करती थीं। कैमरामैन से बढ़ी नजदीकियां: रील्स और वीडियो शूट करने के दौरान ही तीनों बहनों का संपर्क इलाके के एक कैमरामैन से हुआ। एक साथ शादी की जिद: शूटिंग के दौरान कैमरामैन और तीनों बहनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद तीनों बहनों ने किसी एक से अलग होने के बजाय उसी एक कैमरामैन से शादी करने का फैसला किया। मंदिर में रचाई शादी: चारों ने स्थानीय मंदिर में जाकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और विवाह कर लिया। शादी की तस्वीरें और रील्स जैसे ही सोशल मीडिया पर पोस्ट हुईं, यह मामला चर्चा का विषय बन गया। हिंदू संगठनों का विरोध और नाराजगी इस त्रिकोणीय और अजीबोगरीब शादी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, हिंदू संगठन उग्र हो गए: संस्कृति और परंपरा का हवाला: स्थानीय हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह शादी न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के खिलाफ है, बल्कि हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) का भी उल्लंघन करती है। जांच की मांग: हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस और स्थानीय प्रशासन से दखल देने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह कदम सोशल मीडिया पब्लिसिटी पाने या किसी अनुचित दबाव में उठाया गया हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। अगर शादी में किसी तरह का दबाव, धोखाधड़ी या कानूनी उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब पत्नी की सहेली पर आया हिमेश रेशमिया का दिल, 11 साल डेटिंग के बाद की शादी
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और कंपोजर हिमेश रेशमिया 23 जुलाई को अपना बथर्ड सेलिब्रेट कर रहे हैं। हिमेश रेशमिया का जन्म 1973 को गुजराती संगीत निर्देशक विपिन रेशमिया के घर में हुआ था। उन्होंने बॉलीवुड की दुनिया में अपनी गायकी और अपने अलग स्टाइल से अपनी एक अलग जगह बनाई है। हिमेश रेशमिया अपनी प्रोफेशनल लाइफ के अलावा पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहते हैं। सिंगर ने 1995 में कोमल से शादी रचाई थी। शादीशुदा होते हुए हिमेश रेशमिया सोनिया के प्यार में पड़ गए थे। कहा जाता है कि सोनिया, हिमेश की पहली पत्नी कोमल की काफी अच्छी दोस्त थीं। अधिकतर समय वह हिमेश और कोमल की बिल्डिंग में ही रहा करती थीं। ALSO READ: क्या बादशाह की दूसरी शादी में भी पड़ी दरार? ईशा रिखी की पोस्ट ने मचाया तहलका कोमल ने ही हिमेश और सोनिया की मुलाकात कराई थी। करीब 11 साल तक हिमेश और सोनिया एक-दूसरे को डेट करते रहे, जिसकी भनक कोमल को भी नहीं लगी। सोनिया के प्यार में हिमेश इस कदर पागल हो गए थे कि उन्होंने कोमल के साथ अपनी 22 साल पुरानी शादी को तोड़ने का फैसला तक कर लिया था। उसके बाद साल 2017 में हिमेश ने कोमल को तलाक दे दिया। इसके बाद हिमेश रेशमिया ने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड सोनिया कपूर के साथ 11 मई 2018 को लोखंडवाला स्थित अपार्टमेंट में शादी के बंधन में बंध गए। दोनों की शादी बहुत ही गुपचुप तरीके से हुई थी, जिसमें सिर्फ परिवार वाले और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे। एक इंटरव्यू के दौरान हिमेश रेशमिया ने बताया था कि कोमल और उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था। कोमल और हिमेश का एक बेटा भी है। तलाक के बाद दोनों अपने बेटे का ख्याल मिलकर रखते हैं।
क्या बादशाह की दूसरी शादी में भी पड़ी दरार? ईशा रिखी की पोस्ट ने मचाया तहलका
बॉलीवुड के फेमस सिंगर-रैपर बादशाह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। बादशाह ने चार महीने पहले पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी संग गुरुद्वारे में गुपचुप शादी की थी। शादी के बंधन में बंधने के बाद दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को सोशल मीडिया की चकाचौंध से काफी दूर रखा था। हालांकि, हाल ही में ईशा रिखी द्वारा शेयर की गई एक क्रिप्टिक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जिसके बाद फैंस यह कयास लगा रहे हैं कि क्या इस कपल के बीच सब कुछ ठीक है या नहीं। A post shared by Isha Rikhi (@isharikhi) ईशा की भावुक पोस्ट और टूटे दिल का इमोजी शादी के चार महीने बाद जहां फैंस दोनों की साथ में तस्वीरें देखने का इंतजार कर रहे थे, वहीं ईशा के लेटेस्ट इंस्टाग्राम पोस्ट ने सभी को हैरान कर दिया है। ईशा ने एक फोटो और वीडियो कोलाज शेयर किया, जिसकी शुरुआत तो बादशाह और उनके खुशनुमा पलों से होती है। इसमें उनकी शादी के पल और दोस्तों के साथ बिताए गए खास लम्हें शामिल हैं। ALSO READ: 'छात्रों की मांग जायज, लेकिन हिंसा से कमजोर होता है आंदोलन', 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली ने जताई चिंता लेकिन इस कोलाज का अंत एक ऐसी तस्वीर के साथ होता है जिसने हर किसी का ध्यान खींचा—तस्वीर में ईशा रोती हुई नजर आ रही हैं और बादशाह उन्हें गले लगाए हुए हैं। इस पोस्ट के साथ ईशा ने एक ऐसा कैप्शन लिखा जिसने अटकलों के बाजार को गर्म कर दिया। उन्होंने लिखा, हर तूफान एक सीख है। हर प्रार्थना एक उम्मीद है। कैप्शन के साथ उन्होंने हाथ जोड़ने वाले और टूटे हुए दिल का इमोजी भी इस्तेमाल किया है। फैंस हुए परेशान, उठने लगे अलगाव के सवाल जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, कमेंट सेक्शन में फैंस की चिंताओं की बाढ़ आ गई। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि आखिर दोनों के बीच क्या हुआ है। कई यूज़र्स ने लिखा, क्या सब कुछ ठीक है? वहीं कुछ फैंस ने चिंता जताते हुए पूछा, क्या यह पोस्ट किसी पुराने बुरे दौर की याद है या फिर आप दोनों के बीच सच में दूरी आ गई है? बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या है इस खबर का सच? सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तस्वीरें और वीडियो पुराने हैं और शायद यह जोड़ा अब साथ नहीं है। हालांकि, कि न तो बादशाह और न ही ईशा रिखी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान दिया है। गौरतलब है कि ईशा रिखी से पहले बादशाह की शादी जैस्मिन मसीह से हुई थी। साल 2020 में दोनों का तलाक हो गया था। पहली शादी से उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है।
टीम से बाहर बैठे कुलदीप अब इंग्लैंड काउंटी की इस टीम से जुड़े
भारतीय एकदिवसीय टीम की अंतिम ग्यारह से बाहर बैठे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी भी इंग्लैंड में है और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में वह भारत के इंग्लैंड दौरे पर एकदिवसीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उनको तीन एकदिवसीय मैचों में से 1 में भी अंतिम ग्यारह का हिस्सा नहीं बनाया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत को 3 मैचों की सीरीज1-2 से गंवानी पड़ी उनको मैदान पर ना उतारने पर कई फैंस खफा थे। KULDEEP YADAV TO YORKSHIRE - Kuldeep will play 5 One Day Cup matches & 3 County matches in this season. Great decision by Kuldeep, to find the place in the Indian team. pic.twitter.com/WlUAFkJNLF — Johns. (@CricCrazyJohns) July 22, 2026 This conversation between @ashwinravi99 and @Vimalwa highlights the pathetic way in which a champion performer like Kuldeep is handled by the management. Despite Bumrah being absent, Kuldeep the proven match winner was sidelined. Earlier the narrative was we needed someone who… pic.twitter.com/baaVqz5p0X — Amit T (@amittalwalkar) July 21, 2026 कुलदीप को काउंटी में दो बार खेलना होगा। वह पहले एकदिवसीय प्रारुप खेलेंगे। वह संभवत भारत के श्रीलंका दौरे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद सितंबर में उनको फिर इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना पड़ेगा।अब तक कुलदीप तीन बार इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं, लेकिन वहां उन्होंने केवल एक ही टेस्ट मैच खेला है। 2018 में उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला था, जहां उन्होंने सिर्फ़ नौ ओवर की गेंदबाजी की थी। कुलदीप ने एक बयान में कहा, “मुझे हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती पसंद रही है। टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद मैं यॉर्कशायर से जुड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं हेडिंग्ली में टीम के लिए सकारात्मक योगदान देने का इंतज़ार कर रहा हूं।” ALSO READ: IPL 2027 से पहले दिल्ली लौटे ऋषभ पंत, कुलदीप यादव पहुंचे लखनऊ काउंटी में खेलने वाले दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में खेलने वाले कुलदीप दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर होंगे। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार फिलहाल वॉरिकशायर की ओर से खेल रहे हैं। शुक्रवार को ग्लैमॉर्गन के खिलाफ पर्दापण करते ही कुलदीप यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने 2025 में यॉर्कशायर से अनुबंध किया था, लेकिन बाद में व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।
ओडिशा : तालाब में कार गिरने से पांच की मौत, दो घायल
भुवनेश्वर। ओडिशा के ढेंकनाल ज़िले में एक कार के सड़क से फिसलकर तालाब में गिर जाने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है। यह हादसा बुधवार देर रात हुआ। हादसे के समय पीड़ित एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। यह दुर्घटना […] The post ओडिशा : तालाब में कार गिरने से पांच की मौत, दो घायल appeared first on Sabguru News .
सिक्किम सुरंग हादसा : मृतकों की संख्या 22 हुई, रातभर चला बचाव अभियान
सिलीगुड़ी। सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच विशेषज्ञ बचाव दलों ने पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा। बुधवार रात करीब 10 बजे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), आसनसोल की […] The post सिक्किम सुरंग हादसा : मृतकों की संख्या 22 हुई, रातभर चला बचाव अभियान appeared first on Sabguru News .
सीजेपी के जारी प्रदर्शन के मद्देनजर डीएमआरसी ने फिर किए 16 मेट्रो स्टेशन बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जारी प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे से अगले आदेश तक 16 मेट्रो स्टेशनों का संचालन बंद कर दिया। डीएमआरसी ने सुबह छह बजकर 55 मिनट पर प्रभावित स्टेशनों की सूची जारी की। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, […] The post सीजेपी के जारी प्रदर्शन के मद्देनजर डीएमआरसी ने फिर किए 16 मेट्रो स्टेशन बंद appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक के दोषियों को जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेंगे : मोदी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे व्यापक प्रदर्शनों के बीच सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कहा है कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार […] The post पेपर लीक के दोषियों को जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेंगे : मोदी appeared first on Sabguru News .
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में धांधली और पेपर लीक के मामले को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे इन युवाओं के सपोर्ट में कई बॉलीवुड सेलेब्स भी आगे आ रहे हैं। सलमान खान, प्रीति जिंटा, सोनू सूद, शबाना आजमी, अनुपम खेर और दीया मिर्जा जैसी कई बड़ी हस्तियों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better… — Salman Khan (@BeingSalmanKhan) July 22, 2026 सलमान खान ने कहा– पेपर लीक बेहद गंभीर मुद्दा बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। सलमान ने लिखा, पेपर लीक एक बहुत ही गंभीर विषय है। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि हमारे देश के बच्चे एक बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एक साथ आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। यह विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन इसमें हुई हिंसा की खबर से मुझे दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं जो घायल हुए हैं। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी: कभी थे बॉलीवुड के 'हॉट कपल', फिर ऐसा क्या हुआ जो टूट गया सालों का सीक्रेट रिश्ता? सलमान ने आगे कहा, इस आंदोलन को किसी भी तरह से राजनीतिक मत बनाइए, ये बच्चों की लड़ाई है और उनका संघर्ष है, हमारे देश को एक बेहतर एजुकेशन सिस्टम की जरूरत है, जो मेरे आधार पर होना भी चाहिए। मुझे पूरा यकीन है कि सरकार इस मामले पर छात्रों का साथ देगी और कोई न कोई हल निकाले। A post shared by (@aliaabhatt) आलिया भट्ट ने लिखा, पिछले कुछ दिनों ने बार-बार मेरा दिल तोड़ा है और फिर उम्मीद के साथ इसे जोड़ा भी है। अपनी बात पर डटे हर छात्र के पीछे एक सपना, परिवार की उम्मीद और अनगिनत कुर्बानियों का सफर होता है। वे सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने उनका साथ दिया है, और साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर रास्ता भी बना रहे हैं। उन्होंने लिखा, उनका साहस मुझे नतमस्तक करता है। उनका संकल्प हम सभी के सामने एक ऐसा आईना है, जो सवाल पूछता है कि क्या हम वाकई उन लोगों की बात सुन रहे हैं जो इस देश के कल को संभालेंगे और संवारेंगे। छात्रों के लिए। छात्रों द्वारा। भविष्य उन्हीं का है। जय हिंद। While it’s important to support our students and ask for educational reforms that positively impact the future of our youth, it’s also very important that peaceful protests by students are Not hijacked by anti national elements to create chaos & change the nature of the protest.… — Preity G Zinta (@realpreityzinta) July 22, 2026 प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, छात्रों का समर्थन करना और ऐसी शैक्षिक सुधारों की मांग करना, जो हमारे युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाएं, बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन उतना ही जरूरी यह भी है कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को देश-विरोधी तत्व अपने स्वार्थ के लिए हाईजैक न करें और उन्हें अराजकता फैलाने या आंदोलन की मूल भावना बदलने का माध्यम न बना दें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन इतनी नफरत और विभाजन देखकर मुझे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या देश के भीतर और बाहर मौजूद कुछ असामाजिक या देश-विरोधी तत्व हमारे छात्रों के गुस्से और निराशा को अपने मकसद के लिए हथियार बनाना शुरू कर चुके हैं। I hope our govt starts a meaningful dialogue with Sonam Wangchuk and the student bodies so his health does not deteriorate any further ! Please end your fast Sonam. Your health is as important as this fight. You and the students are fighting for the future of India and for our… — Preity G Zinta (@realpreityzinta) July 21, 2026 प्रीति जिंटा ने एक अन्य पोस्ट में सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए कहा, सरकार को सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ एक सार्थक बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य में और गिरावट न आए। उन्होंने सोनम से भी अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि आपका स्वास्थ्य भी इस लड़ाई जितना ही महत्वपूर्ण है। आप और छात्र भारत और हमारे युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। हमारी शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और उसके उत्थान की इस लड़ाई में हर छात्र और सोनम को मेरा दिल से और अटूट समर्थन है। आप सभी को और अधिक शक्ति मिले। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शबाना आजमी और प्रकाश राज जमीनी स्तर पर पहुंचे जहां कई सितारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी, वहीं वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज खुद दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनका हौसला बढ़ाया। शबाना आजमी ने कहा कि संविधान हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है। महात्मा गांधी के सिद्धांतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपने भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए न्याय मांग रहे हैं। हमारे छात्रों को लाठियाँ नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए The future of our country deserves a hug, not a lathi. — sonu sood (@SonuSood) July 20, 2026 हमेशा युवाओं की मदद के लिए आगे रहने वाले सोनू सूद ने लिखा, हमारे देश के छात्रों को लाठियों की नहीं, बल्कि उन्हें गले लगाने वाले और समझने वाले हाथों की जरूरत है। A post shared by Dia Mirza Rekhi (@diamirzaofficial) अभिनेत्री दीया मिर्जा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि अपनी जवाबदेही मांगने आए युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुखद है। If you’re an adult. Maybe this protest reminds you of when you were a student. You were either bullied, watched someone you know get bullied, watched someone you didn’t know get bullied, or did the bullying. Respond accordingly. — Vir Das (@thevirdas) July 23, 2026 स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने अपने साथी कलाकारों से इस मुद्दे पर चुप न रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के भविष्य यानी युवाओं का है। छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए, समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए। मेरी केवल एक प्रार्थना है—अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औज़ार मत बनने दीजिए। यह संदेश किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हमारे… pic.twitter.com/uIdcnbOOoH — Anupam Kher (@AnupamPKher) July 22, 2026 अनुपम खेर की छात्रों को सलाह अभिनेता अनुपम खेर ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों के संघर्ष के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह खुद एक छात्र रहे हैं और इस डर और गुस्से को समझते हैं। हालांकि, उन्होंने छात्रों को आगाह करते हुए कहा, छात्र आंदोलन समाज की सबसे ईमानदार आवाज होती है। लेकिन मेरी एक सलाह है कि बाहर से आने वाले लोगों या नेताओं को अपने इस आंदोलन का इस्तेमाल न करने दें। ध्यान रखें कि कोई आपकी इस सच्ची लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए हथिया न ले। अपनी लड़ाई अपने शर्तों पर लड़ें। बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों के इस आंदोलन से जुड़ने के कारण अब यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है। देश की जनता और फिल्म जगत दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाती है।
Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व
Vijaya Parvati Vrat Date 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित अनेक व्रतों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक है विजया पार्वती व्रत, जिसे सुहाग, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित और अविवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप और व्रत किए थे। उसी स्मृति में विजया पार्वती व्रत का पालन किया जाता है। ALSO READ: Nag Panchami 2026: कब है नाग पंचमी? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र और महत्व यह व्रत लगातार पांच दिनों तक किया जाता है और इसका समापन उद्यापन के साथ होता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौभाग्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में विजया पार्वती व्रत कब से शुरू हो रहा है, इसकी सही तिथियां, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस व्रत का धार्मिक महत्व। विजया पार्वती व्रत 2026 कब से प्रारंभ हो रहा है? हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि से विजया पार्वती व्रत प्रारंभ होता है और लगातार 5 दिनों तक चलता है। वर्ष 2026 में यह व्रत तिथि और पंचांग के अनुसार रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है त्रयोदशी व्रत प्रारंभ होने की तिथि: 27 जुलाई 2026, सोमवार पारण तथा व्रत समाप्ति की तिथि: 1 अगस्त 2026, शनिवार त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई 2026 को 01:57 पी एम से, त्रयोदशी तिथि समाप्त: 27 जुलाई 2026 को 04:14 पी एम पर। जया-पार्वती प्रदोष पूजा मुहूर्त 07:15 पी एम से 09:20 पी एम तक कुल अवधि- 02 घण्टे 05 मिनट्स विजया पार्वती व्रत 2026 पूजा मुहूर्त 27 जुलाई को विजया पार्वती व्रत की पहली पूजा प्रदोष काल के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07:15 बजे से रात 09:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान शिव-पार्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। व्रत का पौराणिक महत्व विजया पार्वती व्रत को गणगौर, हरतालिका तीज और मंगला गौरी व्रत के समान ही अत्यंत फलदायी और पवित्र माना जाता है। 1. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए यह 5 दिवसीय कठिन व्रत रखती हैं। 2. कुंवारी कन्याएं यदि इस व्रत को पूरे नियम और निष्ठा के साथ करती हैं, तो उन्हें योग्य, संस्कारी और मनचाहे वर या मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। 3. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से निसंतान दंपत्तियों को गुणवान और तेजस्वी संतान का सुख प्राप्त होता है। 4. माना जाता है कि विजया पार्वती व्रत की कथा सुनने और शिव-पार्वती का ध्यान करने से घर-परिवार के सारे संकट दूर होते हैं और समृद्धि का आगमन होता है। विजया पार्वती व्रत के नियम ज्वारे बोना/ जया पार्वती जवा: व्रत के पहले दिन त्रयोदशी को किसी मिट्टी के पात्र में गेहूं या जौ बोए जाते हैं। 5 दिनों तक इनकी प्रतिदिन पूजा की जाती है और अंतिम दिन इन्हें पवित्र नदी या जल में प्रवाहित किया जाता है। नमक का त्याग: विजया पार्वती पर्व के इस 5 दिवसीय व्रत में नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। इसे 'अलोना व्रत' भी कहते हैं। व्रती केवल दूध, फल, दही और फलाहार ग्रहण करते हैं। रात्रि जागरण: व्रत के 5वें दिन रात भर जागरण करके मां पार्वती और भगवान भोलेनाथ के भजन-कीर्तन किए जाते हैं। विजया पार्वती व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, साधना और भक्ति का प्रतीक है। यदि आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की कामना करते हैं, तो विधि-विधान के साथ इस व्रत का पालन अवश्य करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Asha Dashami Vrat 2026: आशा दशमी का महत्व और कथा
भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में अनिवासी भारतीयों (NRIs) और ओवरसीज सिटिजन्स ऑफ इंडिया (OCIs) की दिलचस्पी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। डॉलर और गल्फ मुद्राओं के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति और देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अपनी मातृभूमि में संपत्ति खरीदना बेहद फायदेमंद सौदा बना दिया है। एनआरआई निवेशक न केवल अपनी जड़ों से जुड़े रहने या भविष्य में वापसी की योजना के लिए, बल्कि शानदार कैपिटल एप्रिसिएशन (संपत्ति मूल्य वृद्धि) और मजबूत रेंटल इनकम के उद्देश्य से भारत के मेट्रो व टियर-2 शहरों में प्रीमियम आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में भारी पूंजी लगा रहे हैं।ये शहर बने प्रवासियों की पहली पसंद (लोकल मार्केट रुझान)निवेश के लिहाज से देश के प्रमुख टेक और बिजनेस हब एनआरआई खरीदारों के सबसे पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और बेंगलुरु में प्रीमियम व लक्जरी हाउसिंग सेगमेंट की सबसे ज्यादा मांग है। वहीं, पुणे (हिंजवड़ी, खराड़ी, बानेर) और हैदराबाद (गच्चीबाउली, हाईटेक सिटी, कोकापेट) अपने मजबूत आईटी कॉरिडोर और बेहतर एंट्री प्राइस के कारण एनआरआई निवेशकों को 3 से 5 प्रतिशत तक का आकर्षक रेंटल यील्ड दे रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे और नोएडा का सेक्टर 150 जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के चलते शीर्ष हॉटस्पॉट बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त नवी मुंबई, अहमदाबाद की गिफ्ट सिटी, कोलकाता, चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहरों में भी दीर्घकालिक रिटर्न और स्थिर किराये की आय के लिए प्रवासियों का रुझान तेजी से बढ़ा है।निवेश का गणित: कहां और क्यों मिल रहा है रिकॉर्ड रिटर्न?रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय शहरों में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले लक्जरी और प्रीमियम घरों की बिक्री में अप्रवासी भारतीयों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। एनआरआई निवेशक मुख्य रूप से रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टीज और प्रतिष्ठित डेवलपर्स की गेटेड कम्युनिटीज को तरजीह दे रहे हैं, जहां वर्ल्ड-क्लास एमेनिटीज और बेहतर मेंटेनेंस उपलब्ध हो। जहां मुंबई और गुरुग्राम जैसे स्थापित बाजारों में प्रॉपर्टी के दामों में तेज एप्रिसिएशन देखा जा रहा है, वहीं कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में moderate प्राइसेज और हाई ऑक्यूपेंसी के चलते रेंटल यील्ड काफी मजबूत बनी हुई है।RBI और FEMA नियमों के तहत कानूनी व वित्तीय प्रक्रियाभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के दिशानिर्देशों के तहत कोई भी एनआरआई या ओसीआई भारत में आवासीय या वाणिज्यिक संपत्ति बिना किसी विशेष अनुमति के खरीद सकता है। हालांकि, उन्हें कृषि भूमि, फार्महाउस या बागान खरीदने की अनुमति नहीं होती है, जब तक कि वह विरासत में न मिली हो। विदेश में बैठे निवेशक पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) के जरिए भारत में किसी विश्वसनीय रिश्तेदार या प्रतिनिधि को अधिकृत कर सकते हैं। इसके साथ ही, लेनदेन के लिए NRE (Non-Resident External) या NRO (Non-Resident Ordinary) बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि संपत्ति खरीदने से पहले रेरा (RERA) पंजीकरण और लीगल टाइटल वेरिफिकेशन अवश्य पूरा कर लेना चाहिए।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (23 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 23 July 2026 horoscope in Hindi : करियर: कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा और सराहना होगी। लव: प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी, जिससे घर का माहौल खुशहाल बना रहेगा। धन: अटका हुआ धन वापस मिलने से कई काम आसान हो जाएंगे। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु या केले के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: भड़ली नवमी 2026: इस शुभ दिन क्या करें, क्या न करें? जानिए खास जानकारी 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरी में आज विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ बातचीत में संयम रखना रिश्ते को बिगड़ने से बचाएगा। धन: आज किसी को बड़ा उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: छोटी-मोटी समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: किसी मंदिर में चने की दाल का दान करें और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार और नौकरी दोनों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। लव: लव लाइफ के लिए दिन रोमांचक रहने वाला है। धन: आय के नए स्रोत प्राप्त होने के योग हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लें। जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। लव: परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च अधिक हो सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: मौसम के कारण सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दसवीं महाविद्या मां कमला, जानिए पूजा विधि 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या प्रशंसा मिलने के योग हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। अविवाहित लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी, लेकिन पर्याप्त नींद लें। उपाय: सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में सफलता मिलेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। लव: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। संवाद से गलतफहमियां दूर होंगी। धन: बचत बढ़ेगी। निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: कमर दर्द या मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। उपाय: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं। 7. तुला (Libra) करियर: टीमवर्क से अच्छे परिणाम मिलेंगे। नई परियोजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: आंखों की देखभाल करें और स्क्रीन टाइम कम रखें। उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य से सफलता मिलेगी। लव: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं। धन: आज अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: रक्तचाप या तनाव की समस्या हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई नौकरी या व्यापार विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। लव: साथी के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। धन: आय में वृद्धि होगी। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। नियमित व्यायाम करें। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। रिश्ते मजबूत होंगे। धन: धन संचय में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए नियमित व्यायाम करें। उपाय: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धन: निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी और व्यापार दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। नई योजनाएं सफल होंगी। लव: रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। खर्च और बचत में संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पर्याप्त पानी पीएं और नियमित दिनचर्या अपनाएं। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। ALSO READ: बुध ग्रह का मिथुन राशि में मार्गी गोचर, 4 राशियों के लिए रहेगा शुभ समय
Mehmood Death Anniversary: जब हर फिल्म में महमूद की मौजूदगी बन जाती थी सफलता की गारंटी
अपने विशिष्ट अंदाज, हाव-भाव और आवाज से लगभग पांच दशक तक दर्शको को हंसाने और गुदगुदाने वाले महमूद ने फिल्म इंडस्ट्री में किंग ऑफ कॉमेडी का दर्जा हासिल किया, लेकिन इसके लिए उन्हें काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा था और यहां तक सुनना पड़ा था कि वह न तो अभिनय कर सकते हैं ना ही कभी अभिनेता बन सकते हैं। बाल कलाकार से हास्य अभिनेता के रूप मे स्थापित हुए महमूद का जन्म 29 सितंबर 1932 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता मुमताज अली बाम्बे टाकीज स्टूडियो में काम किया करते थे। घर की आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए महमूद मलाड और विरार के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनो में टॉफियां बेचा करते थे। बचपन के दिनों से ही महमूद का रूझान अभिनय की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे। ALSO READ: प्रभास बने देश के सबसे पसंदीदा स्टार, ऑरमैक्स रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान अपने पिता की सिफारिश की वजह से महमूद को बाम्बे टाकीज की वर्ष 1943 मे प्रदर्शित फिल्म किस्मत में अभिनेता अशोक कुमार के बचपन की भूमिका निभाने का मौका मिला। इस बीच महमूद ने कार ड्राइव करना सीखा और निर्माता ज्ञान मुखर्जी के यहां बतौर ड्राइवर काम करने लगे क्योंकि इसी बहाने उन्हें मालिक के साथ हर दिन स्टूडियो जाने का मौका मिल जाया करता था जहां वह कलाकारों को करीब से देख सकते थे। महमूद के किस्मत का सितारा तब चमका जब फिल्म नादान की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री मधुबाला के सामने एक जूनियर कलाकार लगातार दस रीटेक के बाद भी अपना संवाद नहीं बोल पाया। फिल्म निर्देशक हीरा सिंह ने यह संवाद महमूद को बोलने के लिए दिया जिसे उन्होंने बिना रिटेक एक बार में ही ओके कर दिया। इस फिल्म में महमूद को बतौर 300 रुपए प्राप्त हुए जबकि बतौर ड्राइवर महमूद को महीने मे मात्र 75 रूपए ही मिला करते थे। इसके बाद महमूद ने ड्राइवरी करने का काम छोड़ दिया और अपना नाम जूनियर आर्टिस्ट एसोसिएशन मे दर्ज करा दिया। बतौर जूनियर आर्टिस्ट महमूद ने दो बीघा जमीन, जागृति, सी.आई.डी., प्यासा जैसी फिल्मों में छोटे मोटे रोल किए जिनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ। इसी दौरान महमूद ने ए.भी.एम के बैनर तले बनने वाली फिल्म मिस मैरी के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया। लेकिन ए.भी.एम बैनर ने महमूद को स्क्रीन टेस्ट में फेल कर दिया। महमूद के बारे में ए.भी.एम की राय कुछ इस तरह की थी कि वह ना कभी अभिनय कर सकते है ना ही अभिनेता बन सकते है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इसी दौरान महमूद अपने रिश्तेदार कमाल अमरोही के पास फिल्म में काम मांगने के लिए गए तो उन्होंने महमूद को यहां तक कह दिया कि आप अभिनेता मुमताज अली के पुत्र है और जरूरी नही है कि एक अभिनेता का पुत्र भी अभिनेता बन सके। आपके पास फिल्मों में अभिनय करने की योग्यता नही है, आप चाहे तो मुझसे कुछ पैसे लेकर कोई अलग व्यवसाय कर सकते है। इस तरह की बात सुनकर कोई भी मायूस हो सकता है और फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह सकता है लेकिन महमूद ने इस बात को चैलेंज की तरह लिया और नए जोशो खरोश के साथ काम करना जारी रखा। जल्द ही महमूद की मेहनत रंग लाई और वर्ष 1958 मे प्रदर्शित फिल्म परवरिश में उन्हें एक अच्छी भूमिका मिल गई। इस फिल्म में महमूद ने राज कपूर के भाई की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्हें एल वी प्रसाद की फिल्म छोटी बहन में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने करियर के लिए अहम फिल्म साबित हुई। फिल्म छोटी बहन में बतौर पारिश्रमिक महमूद को 6 हजार रुपए मिले। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेता महमूद फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में सफल हो गए। वर्ष 1961 में महमूद को एम.वी. प्रसाद की फिल्म ससुराल में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म की सफलता के बाद बतौर हास्य अभिनेता महमूद फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने मे सफल हो गए। फिल्म ससुराल में उनकी जोड़ी अभिनेत्री शुभा खोटे के साथ काफी पसंद की गई। 1961 में ही महमूद ने अपनी पहली फिल्म छोटे नवाब का निर्माण किया। इसके साथ ही इस फिल्म के जरिए महमूद ने आर.डी. बर्मन को बतौर संगीतकार फिल्म इंडस्ट्री में पहली बार पेश किया। अपने चरित्र में आई एकरूपता से बचने के लिए महमूद ने अपने आप को विभिन्न प्रकार की भूमिका मे पेश किया। इसी क्रम में वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म पड़ोसन का नाम सबसे पहले आता है। फिल्म पड़ोसन मे महमूद ने नकारात्मक भूमिका निभाई और दर्शकों की वाहवाही लूटने मे सफल रहे। फिल्म मे महमूद पर फिल्माया एक गाना एक चतुर नार करके श्रृंगार काफी लोकप्रिय हुआ। वर्ष 1970 में प्रदर्शित फिल्म हमजोली में महमूद के अभिनय के विविध रूप दर्शकों को देखने को मिले। इस फिल्म मे महमूद ने तिहरी भूमिका निभाई और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। महमूद को अपने सिने करियर मे तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने पांच दशक लंबे सिने करियर में करीब 300 फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाकर महमूद 23 जुलाई 2004 को इस दुनिया से हमेशा के लिए रूखसत हो गए।
ब्लैकबोर्ड में कहानी- 8 पुलिसवालों की हत्या के बाद एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे की। आज वो बच्चों के साथ दुनिया की नजरों से छिपते-छिपाते जिंदगी जी रही हैं… साल 2020, 2-3 जुलाई की दरमियानी रात। मैं अपने छोटे बेटे के साथ लखनऊ वाले घर पर सो रही थी। बड़ा बेटा उन दिनों छुट्टी पर मॉस्को से इंडिया आया हुआ था और अपनी चाची के घर पर था। रात 2 बजे अचानक फोन बजा। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से घबराई हुई आवाज आई- ‘रिचा, तुम बच्चों को लेकर कहीं चली जाओ। जितना जल्दी हो सके घर छोड़ दो।’ वो आवाज मेरे पति विकास दुबे की थी। मैंने पूछा- कहां चली जाऊं, वो भी इतनी रात में, आखिर बात क्या है। वो लगभग चिल्लाते हुए बोले- बिकरू में लड़ाई हो गई है। गोलियां चल गई हैं। तुम लोगों की जान को खतरा है। जो कह रहा हूं, वो करो। ये कहकर विकास ने फोन रख दिया। लड़ाई की बात पर मुझे विकास पर गुस्सा तो बहुत तेज आया। गांव में अक्सर उनकी लड़ाइयां होती रहती थी। मैंने बेटे से गुस्से में कहा- हमें घर छोड़कर जाना पड़ेगा। मैं तंग आ गई हूं तुम्हारे पापा के लड़ाई-झगड़ों से। अब मैं इस आदमी को तलाक दे दूंगी। गुस्से में बड़बड़ाते हुए मैंने अलमारी में रखे 4500 रुपए निकाले। छोटे बेटे को लेकर लखनऊ के आलमबाग बस स्टैंड पहुंच गई। हमारे साथ हमारा कुत्ता भी था। वहां वेटिंग रूम में सोच ही रही थी कि कौन सी बस का टिकट बुक करूं, तभी टीवी में देखा कि विकास ने आठ पुलिस वालों को गोली मार दी है। ये देखते ही मेरी धड़कनें बढ़ गईं। हाथ-पैर कांपने लगे। दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। मैंने अपने बेटे का हाथ कसकर पकड़ लिया और काफी देर वहीं बैठी रही। उस वक्त बड़ा बेटा 21 और छोटा बेटा 13 साल का था। उस दिन से हमारी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो गई। हम दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए। गैंगस्टर तो पति था, लेकिन उसके किए की सजा हम भुगत रहे हैं। रिचा दुबे ये बताते हुए रोने लगीं। कुछ देर चुप रहीं फिर बोलीं- विकास की मौत के बाद हमारी प्रॉपर्टी और बैंक खाते सीज कर दिए गए। अपना घर छोड़ना पड़ा। मेरे बच्चों की पढ़ाई छूट गई। उस दिन घर तो छोड़ दिया, लेकिन शहर नहीं छोड़ पाई। दिन में बेटे को लेकर किसी पार्क में बैठी रहती। एक दिन पार्क की तरफ दो पुलिस वालों को आते देखा। मैंने बेटे का हाथ पकड़ा और चुपचाप वहां से उठकर दूसरे पार्क चली गई। डर लगता था कि कहीं पुलिस हमें भी न पकड़ ले। ब्रेड खाकर दिन बिताएं हैं। रात में किसी अधूरी बनी बिल्डिंग में जमीन पर ही सो जाते थे। मुझे आज भी याद है एक रात अपने छोटे बेटे के साथ अधूरी बनी बिल्डिंग में सो रही थी। बेटे को नींद नहीं आ रही थी। कई बार पूछने पर उसने कहा- मुझे भूख लगी है, इसलिए सो नहीं पा रहा। इतने पैसे भी नहीं थे कि बेटे को खाना खिला सकूं। मैंने उसे 50 रुपए दिए और कहा जाकर चाय-बिस्किट ले आ। जितने पैसे थे उसमें तो बस यही आ सकता था। बेटा पैसे लेकर चला गया। उसके जाते ही मैं फूट-फूटकर रोई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि बच्चों को ये दिन देखना पड़ेगा। उन्हें खाने के लिए तरसना पड़ेगा। सोचने लगी कि अच्छा हुआ बड़ा बेटा पहले ही अपनी चाची के घर चला गया था। वरना उसे भी भूखे तड़पना पड़ता। खाने के लिए तरसना पड़ता। इधर-उधर भटकते हुए लगभग 8-9 दिन बीत चुके थे। 9 जुलाई की बात है। मैं बेटे के साथ रेलवे स्टेशन पर बैठी थी। वहां टीवी में देखा कि विकास ने उज्जैन के महाकाल मंदिर कैंपस में सरेंडर कर दिया है। विकास के सरेंडर करते ही मैं बेटे को लेकर घर के लिए निकल गई। वहां पहले से ही पुलिस सेंध लगाए बैठी थी। हमें देखते ही पुलिस वाले बोले- ‘बैग को एक तरफ फेंकों और घुटनों के बल हाथ ऊपर करके बैठ जाओ।’ सिर्फ मुझे ही नहीं मेरे बेटे को भी इसी तरह बैठा दिया। उसकी तस्वीरें पूरी दुनिया ने देखीं। उस वक्त एक मां होने के नाते मैं जो महसूस कर रही थी उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। बेटे को देखकर मन ही मन सोच रही थी कि विकास के किए सजा मेरे बच्चे को मिल रही है। रिचा आगे बताती हैं कि पुलिस वालों ने हमारी तलाशी ली उसके बाद पुलिस स्टेशन ले गए। मैं वहीं विकास का इंतजार करने लगी। कुछ घंटे बीते ही थे तभी एक लेडी पुलिस वाली ने आकर बताया कि विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। मेरे शरीर से तो जान ही निकल गई थी। उस दिन मुझे समझ आया कि जिंदा लाश होना किसे कहते हैं। तब भी छोटा बेटा मेरे साथ था। बेटे ने उस दिन जो कपड़े पहने थे, घर जाते ही उसे जला दिया। उसे उन कपड़ों से नफरत हो गई। उस दिन के बाद से उसने बोलना बंद कर दिया। आज तक उसे कई बार डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। उसे कई बार समझाया कि तुम्हारे पापा ने गलत किया था। आठ पुलिस वालों को मारा था। फिर भी वो चुप ही रहता है। रिचा बताती हैं कि जिस वक्त विकास का एनकाउंटर हुआ, तब बड़ा बेटा मॉस्को से एमबीबीएस कर रहा था। उसका आखिरी साल था, लेकिन विकास की मौत के बाद वह वापस नहीं जा सका। उसकी फीस भरने के पैसे नहीं थे। फिर वह दिल्ली में रहकर पढ़ने लगा। विकास की मौत के बाद मैं खुद भी बीमार हो गई। नींद नहीं आती थी। बीपी, शुगर सब बढ़ गया। हर दिन थाने जाना पड़ता। पुलिस वाले घंटों पूछताछ करते। वकीलों के चक्कर लगाती। जो वकील कभी विकास के आगे-पीछे घूमते थे, वो मेरी शक्ल देखकर दूर से ही भाग जाते। साल 2022 तक यही सिलसिला चलता रहा। फिर एक दिन डीएम ऑफिस से एक लेटर आया। उसमें लिखा था कि आपकी पूरी प्रॉपर्टी सीज की जाएगी। अगले दिन एक पुलिस वाला घर आ आया और उसने कहा कि कल ही अपना ठिकाना ढूंढ लो, ये घर खाली कर दो। अगले दिन तेज बारिश हो रही थी। छोटे बेटे के साथ किराए का मकान ढूंढने निकल पड़ी। लखनऊ का चप्पा-चप्पा घूम लिया, लेकिन घर तो दूर किसी ने किराए पर एक कमरा तक नहीं दिया। तब बड़े बेटे को बताया कि यहां रहने का कोई ठिकाना नहीं मिल रहा। उसने हमें दिल्ली बुला लिया। हम सब दिल्ली में एक ही कमरे में रहते थे। खाना पकाने के लिए सिर्फ एक इंडक्शन और एक कढ़ाई थी। उसी में खाना बनाते थे। कई महीने तो केवल दाल-चावल बनता था। वो भी भरपेट नहीं। एक दिन घर में केवल इतना चावल बचा था कि दो लोग खा सकें। मैंने सोचा कम से कम बच्चों का पेट तो भर ही जाएगा। दाल-चावल बनते ही मैंने बच्चों को परोस दिया। कुछ देर बाद बच्चे बोले- मम्मी खाना नहीं खाओगी क्या। तब मैंने कह दिया आज भूख नहीं है, तुम लोग खा लो। एकबार कोरियर वाल पार्सल लेकर आया था। घंटी बजी तो बेटा इतना घबरा गया कि खुद को कमरे में बंद कर लिया। पूरा दिन अंदर ही बंद रहा। शाम में बड़ी मुश्किल से समझाकर उसको बाहर निकाला। उसकी हालत भी ठीक नहीं है। ज ब घर की घंटी बजती है तो वह डर जाता है। अगर कोई एक से ज्यादा बार घंटी बजा दे तो उसकी हालत खराब हो जाती है। वो कमरे से बाहर ही नहीं निकलता। हमारे घर में विकास का कोई फोटो नहीं है। न ही कोई उनका नाम लेता है। बच्चों के पास विकास का लाया हुआ एक भी सामान नहीं। रिचा बताती हैं कि जब हमारे पास गुजारा करने के पैसे नहीं बचे तो दोनों बेटों ने छोटी-मोटी नौकरियां ढूंढ़ी। अब दोनों अलग-अलग शहरों में हैं। अपनी पहचान भी छिपाकर रखते हैं। जब भी हम तीनों घर पर होते हैं, हमारी आपस में कोई बात नहीं होती। विकास की मौत के बाद अखबारों में मेरे लिए जाने क्या-क्या छपा। किसी ने छापा- अब बिकरू की कमान रिचा के हाथ रहेगी, रिचा बंदूक उठाएंगी। जिसे देखो वो मेरे बारे में लिख रहा था। किताबें छप गई, फिल्में बन गईं। मेरी दिमागी हालत और बिगड़ने लगी। लगता था कि बीपी बढ़ा हुआ। हमेशा मन में घबराहट होती। ऐसे लगता कि मरने पर सब ठीक हो जाएगा। छोटे-मोटे इलाज से फर्क नहीं पड़ा तो मेदांता अस्पताल में दिखाना पड़ा। रिपोर्ट में कुछ नहीं आया। डॉक्टरों ने काउंसलिंग की सलाह दी। पहले तो मैंने डॉक्टर से भी अपनी पहचान छिपाई, लेकिन बाद में सच बताना पड़ा। विकास का नाम सुनते ही डॉक्टर चौंक गए। कहने लगे कि रोज-रोज यहां आना मंहगा पड़ेगा। ऑनलाइन काउंसलिंग लीजिए। मैंने काफी दिनों तक ऑनलाइन काउंसलिंग ली। आज भी जब आंखें बंद करती हूं तो सारा मंजर सामने आता है। विकास की मौत से पहले का और बाद का भी। पत्नी होने के नाते सभी मामलों में सारी जांचे मेरे ही ऊपर आईं। ईडी, इनकम टैक्स और तमाम झूठे मुकदमें। विकास मुझसे 8-10 साल बड़े थे। मेरे भाई के दोस्त थे। घर आना-जाना था। धीरे-धीरे हमें एक दूसरे से प्यार हो गया। वो ब्राह्मण थे और मैं कायस्थ। परिवार इस शादी के लिए राजी नहीं हुआ। छह-सात साल के रिलेशन के बाद साल 1996 में हमने कोर्ट मैरिज कर ली। साल 2022 में हमारी 25वीं सालगिरह थी। विकास ने वादा किया था कि हम दोबारा शादी करेंगे। उन्होंने कहा था कि तुम लहंगा पहनना, मेहंदी लगाना, मैं घोड़ी पर आऊंगा और हम अपने सारे शौक पूरे करेंगे। जिस दिन हमारी एनिवर्सरी थी उस दिन तो रो रोकर मेरा बुरा हाल हो गया था। कोर्ट कचहरी के खर्च उठाने के लिए जेवर बेचने पड़े। दो सोने के कड़े, दो मंगलसूत्र, अंगूठियां बेचकर वकील की फीस भरी। बहुत मायूस होकर रिचा कहती हैं कि बच्चों की पढ़ाई नहीं रोकनी चाहिए थी। बच्चे अगर गुंडई बदमाशी करते तो उनको वैसी सजा दी जाती। बच्चे पढ़ने वाले थे, मैं मानती हूं कि विकास ने गलती की, लेकिन उसकी सजा बच्चों को नहीं देनी चाहिए थी। रिचा कहती हैं कि विकास ने जो भी किया, मुझे उसका पछतावा है। उसने जिन आठ पुलिसवालों को गोली मारी, मैं उनके परिवार से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं। अगर विकास ने मुझे बताया होता कि उसने पुलिस वालों को गोली मार दी है, तो मैं उस दिन घर छोड़ती ही नहीं। मेरा तो विकास से झगड़ा ही केवल गांव की सियासत को लेकर होता था। कितनी बार उनको समझाया कि ये सब छोड़ दो। डर था कि कोई बच्चों को नुकसान न पहुंचा दे। मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि विकास ने अगर मेरी थोड़ी सी भी सुनी होती तो आज जिंदगी कुछ और होती। गांव छोड़कर कानपुर रहने लगी। फिर बाद में बच्चों के साथ लखनऊ रहने लगी। लेकिन विकास बिकरू में ही रहे। कई बार विकास ने कहा कि मैं बच्चों के साथ रहूंगा, उन्हें स्कूल छोड़ने जाऊंगा। फिर गांव से कोई फोन आता, ये फिर चले जाते। महीनों-महीनों वहीं रहते। पति जब थे तब भी जिंदगी मुश्किल थी, उनके जाने के बाद और ज्यादा मुश्किल हो गई। मुश्किल से आंसू रोकते हुए रिचा कहती हैं कि विकास की लड़ाइयां कभी मुझ तक नहीं पहुंचीं। उस दिन भी अगर में बिकरू में होती तो ये सब न होता। शायद ये सुनकर लोग मुझपर हसेंगे, लेकिन वे मुझसे डरते थे। कभी बहस हो जाती थी, तो मैं फोन बंद कर लेती थी। विकास घबरा जाते थे। विकास को मेरे लंबे बाल बहुत पसंद थे। उनसे कुछ भी करवाने के लिए मैं बाल कटवा लेने की धमकी देती थी। उनके जाने के बाद मैंने सबसे पहले बाल कटवा दिए। मैं तो सिर मुंडवा लेना चाहती थी, लेकिन बच्चों ने रोक लिया। विकास अगर जिंदा होते तो मैं उन्हें थप्पड़ मारती और तलाक दे देती। उन्हें पता चलता कि परिवार से दूर होने का दर्द क्या होता है। मैं चाहती हूं कि मेरा लखनऊ वाला घर खुल जाए, सिर्फ इसलिए कि मेरे भगवान वहीं है। बारिश में घर छोड़ते वक्त उन्हें वहीं छोड़ आई थी। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि 25 साल की पूजा का मुझे क्या फल मिला। विकास के एनकाउंटर के बाद कई किताबें लिखी गईं। संजीव मिश्रा ने तो किताब में बेडरूम तक की बातें लिख दीं। सब गलत है। कल को बच्चे सुनेंगे तो क्या सोचेंगे… विकास ने जो किया, उसके लिए मैं पत्नी होने के नाते सभी से माफी मांगती हूं। हर पुलिस वाले के परिवार से माफी मांगती हूं। वे मेरे पति थे, मैं इस सच को झुठला नहीं सकती। मैं शादी से खुश थी, पर उनके कर्मों से नाराज हूं। मैं किसे दोषी ठहराऊं। शायद ये मेरे ही कर्मों का फल है। ----------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1- ब्लैकबोर्ड-दूसरे के बच्चे धोखे से मेरी कोख में डाल दिए:शक्ल-सूरत नहीं मिली तो DNA करवाया, आखिर कहां गए मेरे बच्चे कहानी ऐसे पति-पत्नी की जिनकी दो बेटियां हैं। इन्होंने एकबार फिर मां-बाप बनने का फैसला किया, लेकिन उम्र आड़े आ गई। डॉक्टर ने सलाह दी- ‘IVF आजमाइए।’ पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- तानों से परेशान होकर ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया:ऑडिशन वाले कहते थे- तुम्हारा फिगर ठीक नहीं, अब आधी कमाई सर्जरी की EMI में जा रही एकबार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। वहां मुझे ट्रायल के लिए एक बिकिनी दी गई। 10-15 मर्दों के सामने जैसे ही बिकिनी पहनकर बाहर आई, तो सब हंसने लगे। कहने लगे- 'अरे मैडम, ये सब आपके लिए नहीं है। आप तो एकदम फ्लैट हैं।' पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
तारीख: 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि प्रोटेस्ट तो एक महीने से चल रहा है, लेकिन इस पर पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। वो भी शॉर्ट नोटिस पर। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। जमीन और वर्चुअल, दोनों जगह इसे काउंटर करने का प्लान तैयार किया गया। ये भी साफ कर दिया कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। दो चूक भी मानी कि कांग्रेस का प्रधानमंत्री आवास पर धरने की भनक नहीं लगी और जंतर-मंतर पर भीड़ का अंदाजा नहीं लग पाया। मीटिंग के बीच ही देशभर के कार्यकर्ताओं तक मैसेज पहुंचा दिया गया कि ब्रेन स्टॉर्मिंग करें। प्रोटेस्ट और राहुल गांधी के खिलाफ क्रिएटिव और मजबूत स्लोगन तैयार करें। इस प्रोटेस्ट से पार्टी में माहौल बहुत ज्यादा गरम है। 10 बजे मैसेज, दो घंटे में हेडक्वॉर्टर पहुंचे सभी महामंत्री सुबह 10 बजे के बाद BJP ऑफिस से पार्टी के सभी महामंत्रियों और कुछ पदाधिकारियों के पास मैसेज गया। सभी को दोपहर 12 बजे तक पहुंचने के लिए कहा गया। मीटिंग की अध्यक्षता नितिन नवीन ने की। शुरुआत में ही उन्होंने साफ कर दिया कि ये मामला पेचीदा है, लेकिन 3-4 दिन के अंदर सब साफ करना है, खत्म करना है। सरकार के खिलाफ बने माहौल और विपक्ष की घेराबंदी तोड़ना है। इसका काउंटर नरेटिव तैयार करना ही होगा। काउंटर नरेटिव की स्ट्रैटजी में क्या है… 1. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। ये संविधान का उल्लंघन है। अब कांग्रेस के ऑफिस के बाहर BJP कार्यकर्ता धरना देंगे। नारे लगाएंगे- PM के प्रोटोकॉल से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं। इसी तरह के कुछ और स्लोगन भी हो सकते हैं। 2. देशभर में संगठन के अलग-अलग विंग जैसे युवा, महिला, किसान मोर्चा रैली निकालेंगे, प्रोटेस्ट करेंगे। देश की सुरक्षा से खिलवाड़ और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध की कोशिश इसका मुद्दा होगा। जमीन पर ये मैसेज देने की कोशिश की जाएगी कि प्रोटेस्ट अराजक हाथों में था। 3. 20 जुलाई को PM मोदी को संसद से सुरक्षित निकालने की खबर आई थी। इस पर कांग्रेस ने उन्हें कायर कहा। इस पर सोर्स बोले, ‘आप ही बताएं, जिस तरह से भीड़ अराजक थी, क्या नेपाल-2 की आशंका नहीं थी।’ इससे साफ हो गया कि PM के खिलाफ लगे कायर होने के नारों को इस आशंका के जरिए खत्म किया जाएगा। 4. इंटेलिजेंस के इनपुट को सामने लाया जाएगा कि ये प्रोटेस्ट नहीं, साजिश थी। बिल्कुल नेपाल की तरह मौजूदा सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ। 5. सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के समर्थन, BJP के स्टैंड को सपोर्ट करते हुए कैंपेन चलाए जाएंगे। 6. प्रोटेस्ट में शामिल हुए अराजकतत्वों की कुंडली खंगालकर सबके सामने रखी जाएगी। मतलब ये प्रोटेस्ट स्टूडेंट्स से ज्यादा अराजक भीड़ के हाथ में था। आने वाले कुछ दिनों में ये प्रूफ किया जाएगा। 7. RSS सीधे तो नहीं, लेकिन उससे जुड़े बजरंग दल और विश्व हिंदू संगठन प्रोटेस्ट के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। RSS ने इस मामले में अब तक कोई दखल नहीं दिया है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उसका रुख साफ है कि इस्तीफा नहीं लिया जाना चाहिए। सोर्स कहते हैं कि इसकी वजह प्रधान की शिक्षा व्यवस्था में RSS की सलाह और कार्यकर्ता सर्वोपरि हैं। स्मृति ईरानी के समय में RSS इस व्यवस्था से दूर था। तय हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे सोर्स ने बताया, ‘बैठक में प्रोटेस्ट के सबसे अहम किरदार धर्मेंद्र प्रधान पर स्पष्ट बात हुई। अध्यक्ष ने साफ कहा कि इस्तीफा अभी तो नहीं होगा क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो प्रोटेस्ट की कामयाबी पर मुहर लग जाएगी। इस बारे में शीर्ष नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि प्रधान पद पर बने रहेंगे।’ दो चूक: कांग्रेस का प्लान नहीं समझ पाए, भीड़ का अंदाजा नहीं हुआ बैठक में पार्टी और इंटेलिजेंस के लेवल पर हुई चूक को भी स्वीकारा गया। प्रोटेस्ट इस रूप में आएगा, इसके आकलन में पार्टी से चूक हुई। विपक्षी पार्टियां खासतौर पर कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देगी, इसका अंदाजा नहीं लगा। दूसरे राज्यों से पार्टी के CM और नेता दिल्ली में जमा हुए इसकी सूचना मिली, लेकिन उनके आने का मकसद नहीं समझ पाए। कांग्रेस के इस प्लान की भनक पार्टी को नहीं लगी। दूसरी और सबसे बड़ी चूक इंटेलिजेंस के लेवल पर हुई। जंतर-मंतर पर इतनी भीड़ आएगी, विपक्षी पार्टियां क्या प्लान कर रही हैं, इसका इनपुट इंटेलिजेंस के पास नहीं था। बैठक में कहा गया इस बारे में हाईकमान इंटेलिजेंस से बात कर रहा है।
शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों के विलय मामले में लोकसभा अध्यक्ष समेत अन्य को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के विलय को मान्यता देने संबंधी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति पामिडिघंटम नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने गत 18 […] The post शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों के विलय मामले में लोकसभा अध्यक्ष समेत अन्य को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस appeared first on Sabguru News .
कोटा में 1000 रुपए की रिश्वत लेते JVVNL का कनिष्ठ अभियंता, संविदा कर्मचारी अरेस्ट
कोटा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक (एसीबी) ने जेवीवीएनएल के कोटा जिले के सुल्तानपुर में कनिष्ठ अभियंता और संविदा कर्मचारी को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी कोटा देहात को शिकायत मिली कि परिवादी के पिताजी के नाम पर घर पर […] The post कोटा में 1000 रुपए की रिश्वत लेते JVVNL का कनिष्ठ अभियंता, संविदा कर्मचारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पश्चिम एशिया संकट के कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम को 17,446 करोड़ रुपए का कर पूर्व नुकसान
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को पश्चिम एशिया संकट के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकल आधार पर 17,446 करोड़ रुपए का कर पूर्व नुकसान हुआ है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने बुधवार को निदेशकमंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की। इसमें […] The post पश्चिम एशिया संकट के कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम को 17,446 करोड़ रुपए का कर पूर्व नुकसान appeared first on Sabguru News .
अलवर में वृद्ध महिला से दुष्कर्म, दो आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के खेड़ली थाना क्षेत्र में एक वृद्ध महिला से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और महज 30 मिनट में मुख्य आरोपी एवं उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पीड़िता का मेडिकल, फोरेंसिक जांच और न्यायालय […] The post अलवर में वृद्ध महिला से दुष्कर्म, दो आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में किया विरोध प्रदर्शन
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में बुधवार को जयपुर में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे, केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितता, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर एवं आपराधिक मुकद्में वापस लेने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं […] The post कांग्रेस ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में किया विरोध प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
अमेठी में धर्मांतरण और रेप के आरोपी ने पीड़ित परिवार को दी धमकी
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपी ने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की दलित किशोरी के भाई ने बताया कि उसकी नाबालिग बहन को गांव का ही जाबिर नाम का मुस्लिम युवक अपने प्रेम जाल में […] The post अमेठी में धर्मांतरण और रेप के आरोपी ने पीड़ित परिवार को दी धमकी appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो द्वितीय चरण के निर्माण कार्य का किया शुभारंभ
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को यहां जयपुर मेट्रो द्वितीय चरण के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। शर्मा ने सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में भूमि एवं शिला पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने लगभग 41 किमी लम्बे मेट्रो द्वितीय चरण के मॉडल का भी अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक […] The post भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो द्वितीय चरण के निर्माण कार्य का किया शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस को करारा जवाब, जयपुर में भाजपा का विरोध प्रदर्शन
जयपुर। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी ने लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा जंतर-मंतर पर हुए कथित पथराव के विरोध में बुधवार को जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व […] The post कांग्रेस को करारा जवाब, जयपुर में भाजपा का विरोध प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
बारां : MBA करने के बाद भी नहीं मिली नौकरी, दोस्त के साथ करने लगा साइबर ठगी
बारां। राजस्थान में बारां की साइबर पुलिस ने 18 लाख रुपए से अधिक की ठगी के मामले में तीसरे आरोपी विनोद सिंह को मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विनोद सिंह ने मार्केटिंग में एमबीए किया हुआ है, […] The post बारां : MBA करने के बाद भी नहीं मिली नौकरी, दोस्त के साथ करने लगा साइबर ठगी appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद
श्रीगंगानगर। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन की सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन सिम कार्ड और डाटा केबल मिलने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम को जेल में स्टाफ द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जेल की बैरिक नंबर 11 में एक बंदी की तलाशी में एक मोबाइल फोन, सिम […] The post हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद appeared first on Sabguru News .
मानसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही काले कपड़े पहने विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने करीब डेढ़ मिनट में सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने NEET पेपर लीक पर चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक टाल दी गई। दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठा और सदन पहले 12 बजे, फिर 2 बजे तक स्थगित हुआ। दोपहर बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं है। जवाब में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदार बताया। बाद में उपसभापति हरिवंश ने गतिरोध खत्म कर चर्चा शुरू करने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने नियम 267 के तहत तत्काल चर्चा की मांग दोहराई। सहमति नहीं बनने पर राज्यसभा की कार्यवाही भी अगले दिन तक स्थगित कर दी गई। उधर, संसद परिसर के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसी बीच लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर संवाद की अपील की, जबकि छात्रों के संगठन ने भी सरकार से जंतर-मंतर आकर बातचीत करने का आग्रह किया। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
फिरोजाबाद : बेटी और बहू से रेप के आरोपी को अंतिम सांस तक जेल की सजा
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक व्यक्ति को नाबालिग बेटी और बहू के साथ दुष्कर्म का दोषी करार देते हुये अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। जिला न्यायालय मे फास्ट ट्रैक एडीजे प्रथम ने इस गंभीर मामले में सुनवाई के पश्चात मंगलवार देर शाम को अपना निर्णय […] The post फिरोजाबाद : बेटी और बहू से रेप के आरोपी को अंतिम सांस तक जेल की सजा appeared first on Sabguru News .
शरद पवार मिले मोदी से, अटकलों का बाजार फिर गर्म
नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद) के अध्यक्ष एवं राज्य सभा सदस्य शरद पवार ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान पवार के साथ उनकी पुत्री एवं सांसद सुप्रिया सुले भी थीं। संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में सुबह हुई इस मुलाकात में पवार ने प्रधानमंत्री काे एक पत्र सौंपा […] The post शरद पवार मिले मोदी से, अटकलों का बाजार फिर गर्म appeared first on Sabguru News .
CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से किया इनकार, घायल प्रदर्शनकारी ने क्या कहा
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए शेख इरशाद मंसूरी ने बूम को बताया कि उनके शरीर में पैलेट गन के पार्टिकल धंसने से कई गहरे घाव हो गए.
बॉलीवुड में कई रिश्ते ऐसे होते हैं जो कभी कैमरे के सामने कुबूले नहीं जाते, लेकिन उनकी चर्चा हर जुबान पर होती है। टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी की जोड़ी भी बिल्कुल ऐसी ही थी। एक समय था जब मायानगरी की हर पार्टी, हर इवेंट और संडे की शाम बांद्रा के मशहूर रेस्टोरेंट में ये दोनों साथ ही नजर आते थे। पैपराजी के ये फेवरेट थे, लेकिन जब भी प्यार का सवाल उठता, दोनों मुस्कुरा कर हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं वाला कार्ड खेल जाते थे। 'बेफिक्रा' से शुरू हुआ था प्यार का सफर इनकी कहानी की शुरुआत म्यूजिक वीडियो 'बेफिक्रा' से हुई थी। पर्दे पर इनकी केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त थी कि रियल लाइफ में भी इनके बीच चिंगारी भड़क उठी। इसके बाद फिल्म 'बागी 2' में दोनों ने साथ काम किया और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। फैंस को लगने लगा था कि बॉलीवुड को एक नया पावर कपल मिल गया है। छुट्टियां और सोशल मीडिया की वो लुका-छिपी भले ही इन्होंने अपने रिश्ते पर मुहर नहीं लगाई, लेकिन इनके सोशल मीडिया पोस्ट बहुत कुछ कहते थे। जब भी ये दोनों छुट्टियां मनाने मालदीव जाते, तो कभी साथ में तस्वीरें नहीं डालते थे। लेकिन, फैंस भी कम स्मार्ट नहीं हैं! एक ही रिसॉर्ट, एक ही बैकग्राउंड और एक ही समय पर पोस्ट की गई इनकी तस्वीरों ने सारी पोल खोल दी थी। दिशा पाटनी, टाइगर की बहन कृष्णा श्रॉफ और मां आयशा श्रॉफ के भी बेहद करीब थीं। दिशा अक्सर श्रॉफ परिवार के फैमिली फंक्शन्स में स्पॉट की जाती थीं। फिर अचानक क्यों आ गई दूरियां? सब कुछ एकदम परफेक्ट चल रहा था कि अचानक गॉसिप गलियारों में इनके ब्रेकअप की खबरें आग की तरह फैल गईं। रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री के सूत्रों की मानें तो, कई सालों तक डेट करने के बाद दिशा इस रिश्ते को एक कदम आगे ले जाना चाहती थीं। चर्चा थी कि दिशा शादी करके सैटल होना चाहती थीं, लेकिन टाइगर अभी सिर्फ और सिर्फ अपने करियर और फिटनेस पर फोकस करना चाहते थे। कमिटमेंट के इसी इश्यू ने कथित तौर पर इस खूबसूरत जोड़ी के बीच दरार डाल दी। अब क्या है रिश्ते का स्टेटस? आजकल टाइगर और दिशा दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं। जहां दिशा का नाम उनके ट्रेनर और दोस्त अलेक्जेंडर के साथ जुड़ रहा है, वहीं टाइगर सिंगल लाइफ एन्जॉय कर रहे हैं। हालांकि, ब्रेकअप के बाद भी दोनों के बीच कड़वाहट नहीं है। हाल ही में दोनों एक इवेंट में साथ नजर आए थे और एक-दूसरे से काफी गर्मजोशी से मिले थे। लेकिन फैंस आज भी इनकी 'बागी' केमिस्ट्री को पर्दे पर दोबारा देखने का इंतजार कर रहे हैं।
डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी, आंसू गैस और पत्थरों के साथ उनपर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर उनकी कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। लड़कियों पर गलत तरीके से गलत जगह डंडा मारना, बिना नेमप्लेट की वर्दी, कई के पास तो वर्दी भी नहीं। कार्रवाई के चार तरह के वीडियोज का हमने कानून की कसौटी पर एनालिसिस किया है… 1. प्रदर्शनकारी लड़कियों को गलत तरीके से पीटना ये कुछ रिकॉर्डेड मामले हैं। लड़कियों ने मीडिया कैमरों पर बताया कि पुरुष सुरक्षाकर्मी लाठियां चलाते हुए गालियां दे रहे थे। अभिजीत दीपके ने दावा किया की दिल्ली पुलिस के पुरुष अफसर ने एक लड़की के कपड़े फाड़े और उसकी छाती पर पैर देकर पीटा है। नियम-कानून क्या है? 2. ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों के नेमप्लेट गायब थे प्रदर्शनकारियों पर डंडे चलाने वाले दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों ने अपने नाम वाले बैज नहीं पहने थे। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए ऐसे कई वीडियोज बनाए हैं। RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत ने मीडिया से कहा, ‘हम कुछ प्रोटेक्टिव गियर पहनते हैं, जिसकी वजह से नेमटैग गिर सकते हैं। ये किसी के पैर के नीचे आ सकते हैं। हमें अपने नाम का सम्मान रखना होता है, इसलिए बैज निकाल देते हैं।’ दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दैनिक भास्कर से कहा कि ऐसी स्थिति में नेमप्लेट टूट जाती है। ये जानबूझकर नहीं किया गया है। नियम-कानून क्या है? 3. बिना वर्दी के प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले कौन थे नियम-कानून क्या है? 4. जरूरत से बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल अगर ये दावे सही हुए तो ऐसा पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक स्टन गन (शॉक बैटन) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। नियम-कानून क्या हैं? दैनिक भास्कर के सवालों पर दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि ये सब एकतरफा कहानियां हैं, जो पुलिस के खिलाफ नैरेटिव बना रही हैं। सब कुछ सीसीटीवी पर कैद है, वीडियोग्राफी कराई गई है, इसलिए कोई छिप नहीं सकता। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के साथ ही बर्बरता का मुद्दा उठाया। तर्क दिया कि पुलिस की सख्ती की वीडियो सबूत मौजूद है। हालांकि CJI सूर्यकांत ने सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास देखने का समय नहीं है।' प्रदर्शनकारियों से मारपीट के आरोपों वाली याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड, जैसे CCTV और अन्य फुटेज, सुरक्षित रखने को कहा है। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस. राजू ने कहा कि याचिकाओं का मकसद पब्लिसिटी पाना था।इस पर हाईकोर्ट ने पूछा, आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका है? ***** डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में इस्तेमाल सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। ये विजुअल्स कॉकरोच जनता पार्टी, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों द्वारा पोस्ट किए गए हैं। दैनिक भास्कर इनकी टाइमिंग, लोकेशन और सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। स्टोरी में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों (प्रदर्शनकारी, CJP प्रवक्ता वगैरह) के दावे हैं। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर न जाकर, पीएम आवास क्यों पहुंचे राहुल गांधी:क्या CJP का प्रोटेस्ट हाइजैक करने की कोशिश, आगे क्या होगा 21 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ पैदल ही पीएम मोदी के आवास की तरफ चल दिए। न पुलिस को खबर थी, न मीडिया को। हालांकि 3 घंटे 20 मिनट बाद ही पुलिस ने बलपूर्वक राहुल-प्रियंका को उठाकर धरना खत्म करा दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 715 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी करीब एक फीसदी तक लुढ़क गए। कच्चे तेल के दामों में तेज उछाल और बैंक शेयरों में भारी बिकवाली इसकी मुख्य वजह रही। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 76755.05 अंक पर बंद हुआ, कारोबार के दौरान एक समय यह 828.92 अंक लुढ़ककर 76641.19 अंक पर आ गया था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 23996.25 अंक पर आ गया। भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में आज बढ़त देखने को मिली है। आज 24 कैरेट सोना महंगा होकर 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है और चांदी की बात करें तो यह 2.26 लाख रुपए प्रति किलो बिक रही है। सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, इन्फोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में प्रमुख रूप से गिरावट आई। ALSO READ: Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट मानक सूचकांक पर पूरे सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव बना रहा। वैश्विक तेल मानक, ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.68 प्रतिशत चढ़कर 95.27 डॉलर प्रति बैरल हो गई। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। ALSO READ: Share Bazaar में बंपर उछाल, Sensex 965 अंक उछला, Nifty भी 24300 के पार इससे पहले यानी मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 फीसदी लुढ़ककर 77470.11 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 फीसदी टूटकर 24187.70 के स्तर पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 1121 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की आगामी फिल्म 'चौहान' के शीर्षक की घोषणा के साथ ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म के टीजर में इस्तेमाल किए गए संवाद 'पठानों से कहना, चौहान आ रहा है' को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही थीं। लेकिन इस विवाद के बीच एक और बात ने दर्शकों का ध्यान खींचा—टीज़र में सुनाई दे रही अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब की आवाज़ का अचानक बदल जाना। अब इस पूरे घटनाक्रम पर खुद ज़ीशान अय्यूब ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरी स्थिति साफ की है और स्पष्ट किया है कि इस प्रोजेक्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है। Few weeks back, a film teaser released with the opening line in my voice. I wish to put on record that I am not part of the film in any capacity. I was asked to dub a line without any reference a few months back. I did that in good faith without asking for more as I knew the… — Mohd. Zeeshan Ayyub (@Mdzeeshanayyub) July 21, 2026 बिना संदर्भ के डब कराई गई थी लाइन मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब ने अपनी पोस्ट में खुलासा किया कि यह पूरा काम उनकी अनभिज्ञता में हुआ था। उन्होंने लिखा कि कुछ महीने पहले निर्माताओं के साथ निजी और अच्छे संबंधों के चलते उन्होंने 'गुड फेथ' में एक लाइन डब की थी। उस समय उन्हें न तो फिल्म के विषय की कोई जानकारी दी गई थी और न ही उस संवाद का कोई संदर्भ बताया गया था। ज़ीशान ने लिखा, जैसे ही फिल्म का टीज़र रिलीज़ हुआ और मैंने देखा कि मेरी आवाज़ का किस संदर्भ में (गलत) इस्तेमाल किया गया है, मैंने तुरंत निर्माताओं से संपर्क किया। मैंने उनसे टीज़र से मेरी आवाज़ हटाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया। अभिनेता के कड़े ऐतराज के बाद निर्माताओं ने टीज़र से उनकी आवाज़ हटा दी। A post shared by Jio Studios (@officialjiostudios) विवादित डायलॉग पर बढ़ा था बवाल फिल्म के टीज़र में शामिल संवाद पठानों से कहना, चौहान आ रहा है रिलीज़ होते ही चर्चा और आलोचना का विषय बन गया था। कई लोगों ने इस डायलॉग को सांप्रदायिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील करार दिया। ज़ीशान अय्यूब बॉलीवुड में अपनी चुनिंदा फिल्मों और सामाजिक-राजनीतिक रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साफ किया कि एक कलाकार के तौर पर वे कभी भी किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगे जो समाज में नकारात्मकता फैलाए। टीज़र में अपनी आवाज़ का ऐसा इस्तेमाल देखकर उन्होंने तुरंत दूरी बनाना ही सही समझा। अजय देवगन की इस नई फिल्म का निर्माण आनंद एल राय के प्रोडक्शन हाउस द्वारा किया जा रहा है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही इस फिल्म के टीज़र के आने के बाद से ही इसके विषय को लेकर बहस छिड़ गई थी।
प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब एक दंपती उनके कथित बयान के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंच गया। पुलिस ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मानने पर हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। बता दें कि इंदौर के नंदा नगर स्थित प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी संगीता पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोनों दिल्ली में आंदोलनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और मंत्री के उस कथित बयान का विरोध करने पहुंचे थे, जिसमें आंदोलनकारियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रहलाद पांडे मंत्री के निवास के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें वहां रुकने से मना किया और स्थान खाली करने के लिए कहा। इस बात को लेकर पुलिस और दंपति के बीच कुछ देर तक बहस हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान करीब 15 मिनट तक मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही, जिसके बाद मामला शांत हो गया। ये आरोप लगाया मंत्री पर : हिरासत में लिए जाने से पहले प्रहलाद पांडे और संगीता पांडे ने आरोप लगाया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आंदोलनकारियों के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें कीड़े-मकोड़े कहा था। उनका कहना था कि वे इसी कथित बयान के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था।

35 C
