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'द ट्रेटर्स' सीजन 2 के साथ लौट रहे हैं करण जौहर, इस दिन प्राइम वीडियो पर देगा दस्तक

पहले सीजन की शानदार सफलता और दर्शकों के भारी उत्साह के बाद, प्राइम वीडियो इंडिया ने अपने बहुचर्चित ओरिजिनल रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स सीजन 2' की आधिकारिक रिलीज डेट घोषित कर दी है। इस बार भी इस शो को करण जौहर ही होस्ट करने वाले हैं। यह इंटरनेशनल अवॉर्ड विनिंग रियलिटी फॉर्मेट एक बार फिर भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'द ट्रेटर्स' का नया सीजन 13 अगस्त से विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम किया जाएगा, जिसके नए एपिसोड्स हर गुरुवार को दर्शकों के सामने पेश किए जाएंगे। ALSO READ: 'द पैराडाइज' का गाना 'आया शेर' बना ग्लोबल सेंसेशन, 20 करोड़ व्यूज का आंकड़ा किया पार फिर से मास्टरमाइंड की भूमिका में नजर आएंगे करण जौहर शो की सबसे बड़ी खासियत इसके होस्ट और बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर करण जौहर हैं। पहले सीजन में अपने अनोखे अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने के बाद, करण जौहर एक बार फिर विश्वास, रणनीति और धोखे के इस खतरनाक खेल को नियंत्रित करते दिखेंगे। इस बार खेल में 21 मशहूर सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी खिलाड़ी ग्रैंड प्राइज मनी, ट्रॉफी और विजेता के खिताब के लिए एक-दूसरे के मनोवैज्ञानिक दिमाग, रणनीति और चालों का सामना करेंगे। A post shared by prime video IN (@primevideoin) 'द ट्रेटर्स' मूल रूप से IDTV का BAFTA और एमी अवॉर्ड विजेता ग्लोबल फॉर्मेट है, जिसे भारत में ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के सहयोग से लाया गया है। दूसरे सीजन का निर्माण धर्माटिक एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है।दुनियाभर में 40 से अधिक देशों में एडॉप्ट किया जा चुका यह शो आज ग्लोबल पॉप-कल्चर का बड़ा हिस्सा बन चुका है। शो की घोषणा करते हुए प्राइम वीडियो इंडिया के हेड ऑफ ओरिजिनल्स, निखिल मधोक ने कहा, पहला सीजन सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि एक कल्चरल मोमेंट बन गया था। इसने भारत में रियलिटी कंटेंट की परिभाषा बदल दी। सीजन 2 में दांव और ऊंचे हैं, गेमप्ले और तीखा है और ड्रामा पहले से कहीं ज्यादा गहरा है। करण जौहर के साथ इस शो को दोबारा लाना हमारे लिए बेहद रोमांचक है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वहीं, ऑल3मीडिया इंटरनेशनल की ईवीपी सबरीना डुगुएट ने कहा कि भारतीय दर्शकों ने शो के फॉर्मेट को जिस तरह अपनाया है, वह अद्भुत है। धर्माटिक एंटरटेनमेंट की टीम ने भी भरोसा जताया कि यह सीजन भारतीय रियलिटी शो के मानकों को एक नए स्तर पर ले जाएगा। क्यों खास है 'द ट्रेटर्स'? सामान्य रियलिटी शोज़ के विपरीत, 'द ट्रेटर्स' पूरी तरह से साइकोलॉजिकल स्ट्रेटजी और ह्यूमन बिहेवियर पर आधारित है। शो में कुछ खिलाड़ियों को गुप्त रूप से 'ट्रेटर' चुना जाता है, जबकि बाकी 'फेथफुल' होते हैं। फेथफुल्स का मकसद ट्रेटर्स को ढूंढकर बाहर निकालना होता है, जबकि ट्रेटर्स को अपनी पहचान छिपाकर दूसरों को एलिमिनेट करना होता है। यही चूहे-बिल्ली का खेल इसे सबसे अनोखा और रोमांचक बनाता है।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 1:29 pm

विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनी अनहत सिंह

भारत की अनाहत सिंह वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली 21 साल में पहली भारतीय खिलाड़ी बनने के बाद अब इसे जीते वाली भी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। विश्व में 20वीं रैंकिंग की खिलाड़ी अनाहत ने ओंटारियो में खेली गई विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप के महिला एकल के फाइनल में शनिवार को मिस्र की रुकय्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। इससे पहले अपना पहला विश्व जूनियर खिताब जीतने की कोशिश कर रहीं अनाहत, 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं थी। उन्होंने 3/4 सीड खिलाड़ी को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की की थी। What a moment! India’s National Anthem is played as Anahat Singh wins World Junior Squash Championship! pic.twitter.com/eyROi3DiEz — Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) July 26, 2026 अनाहत ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं।’’दिल्ली की इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों से मैं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार रही थी। अगर कोई मुझसे पूछे तो मैं हमेशा यही कहती हूं, ‘यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है’ और मैं इस प्रतियोगिता में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हूं।’’ अनाहत की यह जीत और भी खास है क्योंकि जूनियर सर्किट में यह उनका आखिरी साल था।उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर स्तर पर यह मेरा आखिरी साल है और इसे जीतने का यह मेरे पास आखिरी मौका था। इसलिए यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।’’ अनाहत ने कहा कि वह टूर्नामेंट के फाइनल में खेलने के अनुभव का आनंद लेना चाहती थीं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में होती हूं तो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती हूं, इसलिए मैं कोर्ट पर उतरी और अच्छी तरह से शॉट लगाए। मैं विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने के हर पल का आनंद लेना चाहती थी।’’ Anahat Singh, the Ist Indian to win the World Junior Squash Individual Championships, said it was her final attempt at the junior level. She gave her 100 percent & won the title. Video credit: @WorldSquash #IndianSquash @Media_SAI @indiasquash @Anahat_Singh13 @IndiaSports pic.twitter.com/ln0qASYl1V — Doordarshan Sports (@ddsportschannel) July 26, 2026 सिंह ने कहा, “मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में (सेमीफाइनल प्रतिद्वंदी) बारब के खिलाफ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि सेमीफाइनल में भी मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश थे।”

वेब दुनिया 27 Jul 2026 1:11 pm

'द पैराडाइज' का गाना 'आया शेर' बना ग्लोबल सेंसेशन, 20 करोड़ व्यूज का आंकड़ा किया पार

'द पैराडाइज' इस साल की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक बन गई है। फिल्म के ऐलान के बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। नेचुरल स्टार नानी लीड रोल में नजर आएंगे और फिल्म के दमदार फर्स्ट लुक पोस्टर्स, शानदार प्रमोशनल मटेरियल और पावरफुल म्यूजिक ने लगातार लोगों का ध्यान खींचा है। वहीं, दसरा की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद नानी और डायरेक्टर श्रीकांत ओडेला की जोड़ी एक बार फिर साथ आ रही है, जिससे द पैराडाइज 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल हो गई है। फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज के बीच इसका चार्टबस्टर गाना 'आया शेर' इंटरनेट पर छा गया है और अब यह एक कल्चरल फिनॉमेनन बन चुका है। इस हाई-एनर्जी एंथम ने हर प्लेटफॉर्म पर धूम मचा दी है। फैंस इसके दमदार बीट्स पर झूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर नानी के सिग्नेचर मूव्स को रीक्रिएट करते हुए हजारों रील्स और वीडियो बना रहे हैं। अब मेकर्स ने एक और बड़ी उपलब्धि का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आया शेर ने यूट्यूब पर 20 करोड़ (200 मिलियन) व्यूज का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है और इसका यह शेर वाला अंदाज हर दिन पहले से ज्यादा गूंज रहा है। Thank you for 200M+ for #AayaSher #TheParadiseTeaser Soon #TheParadise pic.twitter.com/Y5zIsamTD8 — Srikanth Odela (@odela_srikanth) July 26, 2026 मेकर्स ने यह खुशखबरी शेयर करते हुए लिखा, हर गुजरते दिन के साथ इसकी दहाड़ और भी बुलंद होती जा रही है। #AayaSher ने 20 करोड़ (200 मिलियन) व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। नेचुरल स्टार नानी एक बार फिर श्रीकांत ओडेला की फिल्म में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ आया शेर को यूट्यूब पर 18 लाख (1.8 मिलियन) लाइक्स भी मिल चुके हैं, जो दर्शकों के बीच इसकी जबरदस्त लोकप्रियता दिखाते हैं। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर छाने से लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का पसंदीदा बनने तक, आया शेर ने द पैराडाइज को लेकर लोगों का उत्साह और भी बढ़ा दिया है। यह साफ है कि रिलीज से पहले ही फिल्म का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। एसएलवी सिनेमाज के बैनर तले बनी द पैराडाइज 21 अगस्त 2026 को हिंदी, तेलुगु, तमिल, अंग्रेजी, स्पेनिश, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम समेत कुल आठ भाषाओं में बड़े स्तर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए मेकर्स ने हॉलीवुड स्टार रायन रेनॉल्ड्स से इंटरनेशनल मार्केट में द पैराडाइज को प्रेजेंट करने के लिए भी संपर्क किया है।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 12:58 pm

15 दिन के अंदर भारत ने वापस पा ली T-20I अंतरराष्ट्रीय की पहली रैंक

भारत ने जिम्बाब्वे को लगातार 3 मैच हराकर ना केवल सीरीज जीत ली बल्कि इस महीने के शुरुआत में भारत को अपदस्थ कर पहली रैंक पाने वाली इंग्लैंड को फिर दूसरे रैंक पर भेज दिया। भारत ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 टी 20 मैच जीतकर टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 की जगह फिर से हासिल कर ली है। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में 0-4 की हार के साथ टी 20 में अपनी नंबर वन रैंकिंग गंवा दी थी, लेकिन ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 मैचों में शानदार जीत ने उन्हें शीर्ष स्थान फिर से हासिल करने में मदद की है।इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पांचवा मैच भारत ने 11 जुलाई को खेला था और 26 जुलाई को अपनी पहली टी-20 रैंक वापस पा ली। हालांकि भारत को यह रैंक बरकरार रखने के लिए लय बरकरार रखनी पड़ेगी क्योंकि भारत को अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है और पिछले 10 टी-20 मैचों में वह सिर्फ 3 ही जीती है।साथ ही इंग्लैंड और भारत के बराबर अंक 268 हैं। ऐसे में कुछ हार और कुछ जीत एक बार फिर टी-20 अंकतालिका में हेर फेर ला सकती है। Team India are back at the summit! The Men in Blue have reclaimed the No. 1 spot in the ICC Men's T20I Team Rankings after a dominant run against Zimbabwe. #TeamIndia #T20IRankings #Sportskeeda pic.twitter.com/i7bdVZceDb — Sportskeeda (@Sportskeeda) July 25, 2026 भारत ने इस सीरीज़ में अब तक दोनों मैच आसानी से जीते हैं। पहले टी20 मैच में, वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर भारत को सात विकेट से जीत दिलाई। दूसरे मैच में, ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन बनाए और तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए, जिससे भारत ने 90 रनों से जीत हासिल कर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इसके अलावा अंतिम मैच भी भारत ने लगभग एकतरफा अंदाज में 35 रनों से जीत लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। इस स्कोर को 200 के करीब पहुंचाने का काम वैभव सूर्यवंशी ने किया जिन्होंने 48 गेंदो में 81 रनों की पारी खेली। हालांकि वह शतक चूक गए जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 157 रन ही बना सकी।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 12:41 pm

छाया ग्रह राहु का कुंभ और धनिष्ठा में गोचर: शिक्षा, तकनीक और मीडिया में आ रहा है क्रांतिकारी बदलाव

ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक रहस्यमयी और अत्यंत प्रभावशाली 'छाया ग्रह' माना गया है। प्राचीन वैदिक परंपरा में राहु को 'कलयुग का राजा' कहा जाता है, क्योंकि कलयुग का पूरा ढांचा आभासी दुनिया, अचानक होने वाले परिवर्तनों और तीव्र गति से बदलती तकनीक पर टिका है। राहु अचानक होने वाली घटनाओं, अप्रत्याशित सफलता-विफलता, युद्ध, दूरदर्शिता और लीक से हटकर सोचने (Out of the Box Thinking) का मुख्य कारक है। वर्तमान समय में राहु का गोचर एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय स्थिति का निर्माण कर रहा है, जो आने वाले समय में संपूर्ण विश्व को शिक्षा (Education), प्रौद्योगिकी (Technology), स्पेस टेक्नोलॉजी और मीडिया (Media) के क्षेत्र में एक नए युग में ले जाने वाला है। ALSO READ: देश-दुनिया में जनविद्रोह और युद्ध के संकेत! जानिए किन राशियों के लिए शुभ तो किनके लिए भारी रहेगा यह दौर राहु का वर्तमान गोचर और खगोलीय स्थिति कुंभ राशि में राहु का प्रवास: राहु वर्ष 2025 में शनि देव की स्वामी राशि कुंभ (Aquarius) में प्रवेश कर चुका है और वह 05 दिसंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेगा। कुंभ राशि विज्ञान, अनुसंधान, नए विचारों और वैश्विक नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करती है। धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: 30 जून को राहु का स्पष्ट गोचर धनिष्ठा नक्षत्र में हो गया है, जहाँ वे 15 नवंबर 2027 तक रहेंगे। मंगल से संबंध और 'अंगारक योग' का प्रभाव: धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जिन्हें ऊर्जा, साहस, भूमि, सेना और पराक्रम का कारक माना गया है। जब भी राहु का संबंध किसी भी रूप में मंगल या उसके नक्षत्र से बनता है, तो यह अत्यंत विस्फोटक, ऊर्जावान और परिवर्तनकारी 'अंगारक प्रभाव' पैदा करता है। राहु के कुंभ राशि में गोचर से देश और दुनिया में होंगे ये 5 बड़े बदलाव शनि, मंगल और राहु के संयोग का वैश्विक प्रभाव कुंभ राशि शनि की राशि है और धनिष्ठा नक्षत्र मंगल का है। जब राहु कुंभ राशि में रहकर मंगल के नक्षत्र पर गोचर करता है, तो शनि, मंगल और राहु तीनों की ऊर्जाएं एक साथ क्रियाशील हो जाती हैं। शनि व्यवस्था और दीर्घकालिक ढांचे का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल तीव्र ऊर्जा, साहस और निष्पादन क्षमता देता है। राहु असीमित कल्पना शक्ति, नए विचार और तकनीकी भ्रम उत्पन्न करता है। ALSO READ: नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी इन तीनों शक्तियों के मिलाप से आने वाले समय में विश्व स्तर पर निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे: किन-किन क्षेत्रों में दिखेगा यह क्रांतिकारी परिवर्तन? 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी का नया दौर राहु आभासी दुनिया (Virtual World) का स्वामी है। कुंभ और धनिष्ठा में राहु का यह गोचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसी प्रगति लाएगा जो मानव इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। ऐसे नए AI टूल्स और सॉफ्टवेयर विकसित होंगे जो इंसानी सोच की गति से भी तेज काम करेंगे। ALSO READ: अगले 7 साल की डराने वाली भविष्यवाणी! क्या आने वाला है बड़ा संकट? 2. शिक्षा प्रणाली (Education System) में अभूतपूर्व बदलाव पारंपरिक शिक्षा का तरीका पूरी तरह से बदलने वाला है। डिजिटल एजुकेशन, वर्चुअल क्लासरूम और AI आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म्स हर जगह प्रभावी होंगे। शिक्षा अब किताबों से निकलकर 3D टेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) के जरिए सीधे छात्र-छात्राओं के अनुभव का हिस्सा बनेगी। शोध (Research) और इनोवेशन पर जोर बढ़ेगा। 3. मीडिया, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट में महाक्रांति मीडिया का दायरा अब पूरी तरह से बदल जाएगा। पारंपरिक मीडिया के स्थान पर डिजिटल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म्स का वर्चस्व रहेगा। राहु चूंकि भ्रम और कल्पना शक्ति का कारक है, इसलिए वीएफएक्स (VFX), सिनेमा और गेमिंग इंडस्ट्री में नए आयाम स्थापित होंगे। हालांकि, इसके साथ ही फेक न्यूज, डीपफेक और साइबर धोखाधड़ी की चुनौतियां भी बढ़ेंगी। 4. स्पेस टेक्नोलॉजी (Space Exploration) और रक्षा क्षेत्र मंगल साहस और तकनीक का स्वामी है और धनिष्ठा नक्षत्र में राहु का होना अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) के लिए स्वर्ण काल साबित होगा। दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां नए ग्रहों की खोज, सैटेलाइट नेटवर्क और अंतरिक्ष मिशनों में बड़ी सफलताएं प्राप्त करेंगी। रक्षा तकनीक में भी ड्रोन और ऑटोमेटेड हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। मानव शरीर और दैनिक जीवन में राहु का स्थान ज्योतिषीय दृष्टिकोण से राहु मानव शरीर और हमारे घर के विशिष्ट हिस्सों का प्रतिनिधित्व करता है: शरीर में स्थान: शरीर में राहु सिर की चोटी और ठोड़ी (Chin) पर प्रभाव डालता है। यह हमारी सोच, मानसिक कल्पनाओं और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को नियंत्रित करता है। घर में स्थान: वास्तु के अनुसार, घर के भीतर सीढ़ियां, टॉयलेट, ड्रेनेज सिस्टम और सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान या गैजेट्स राहु के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। राहु का कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में यह गोचर दुनिया के लिए किसी बड़े तकनीकी क्रांति से कम नहीं है। यह समय उन लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा जो नवाचार (Innovation), टेक्नोलॉजी, मीडिया और रिसर्च के क्षेत्र से जुड़े हैं। जहाँ एक ओर यह गोचर तरक्की और नए विचारों के द्वार खोलेगा, वहीं दूसरी ओर राहु के भ्रम, जल्दबाजी और उग्रता से बचकर संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक होगा।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 12:39 pm

KGMU की डॉक्टर ने क्यों छोड़ी 1.25 लाख की सैलरी? 45 दिन में 2 लाख कमाकर ऐसे रचा इतिहास

अक्सर कहा जाता है कि डॉक्टरी का पेशा सबसे सुरक्षित और सम्मानित होता है। लेकिन क्या कोई अपनी 1.25 लाख रुपये महीने की शानदार मेडिकल जॉब छोड़कर एक बिल्कुल अनजान रास्ते पर चलने की हिम्मत कर सकता है? आज हम आपको एक ऐसी ही निडर और जुनूनी महिला, डॉ. चारुल सिंह की कहानी बताने जा रहे हैं। उनका यह सफर सिर्फ एक करियर बदलने की कहानी नहीं है, बल्कि एक आर्मी वाइफ, एक माँ और चुनौतियों से लड़कर अपनी राह खुद बनाने वाली एक फाइटर की प्रेरणादायक दास्तान है।BDS के बाद उम्मीदें और असलियत का सामनाचारुल की शुरुआत भी एक आम मेडिकल छात्र की तरह ही हुई थी। एक प्राइवेट कॉलेज से बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें लगा था कि अब जीवन में आर्थिक स्थिरता आ जाएगी। लेकिन करियर के शुरुआती दिनों में जब उन्हें सालों की कड़ी मेहनत और परिवार के खर्च के मुकाबले बहुत कम सैलरी मिली, तो उन्हें जमीनी हकीकत का अंदाजा हुआ। यही वह समय था जब उन्होंने अपने भविष्य और करियर के बारे में नए सिरे से सोचना शुरू किया।दिल्ली के बड़े अस्पतालों से KGMU लखनऊ तक का सफरसमाज और एक पारंपरिक परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते उन पर जल्द शादी करने का भारी दबाव था। उम्र के साथ परिवार वाले करियर से ज्यादा शादी पर जोर देने लगे थे। लेकिन चारुल ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया। उन्होंने दिल्ली के सफदरजंग, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और डॉ. राम मनोहर लोहिया जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में नॉन-पीजी जूनियर रेजिडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी, जिसका नतीजा यह रहा कि उन्होंने NEET-PG पास कर लिया और लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की।मेहनत रंग लाई, सैलरी पहुंची लाखों मेंमेडिकल के क्षेत्र में चारुल ने एक लंबा और शानदार सफर तय किया। एक जूनियर रेजिडेंट के तौर पर करीब 92 हजार रुपये प्रति माह से शुरू हुआ उनका यह सफर मास्टर्स के दौरान 1 लाख और फिर सीनियर रेजिडेंट बनने तक 1.25 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच गया। उनका करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसी बीच उनकी जिंदगी में नई जिम्मेदारियों ने दस्तक दी और उनकी शादी एक भारतीय सेना के अधिकारी से हो गई।मातृत्व, तबादले और हाई कोर्ट की कानूनी लड़ाईआर्मी की नौकरी के चलते पति की अलग-अलग जगहों पर पोस्टिंग होती थी, जिसकी वजह से उन्हें कई शहर बदलने पड़े। इसी दौरान वे माँ भी बनीं। प्रेगनेंसी और नवजात बच्चे की देखभाल के बीच भी उन्होंने अस्पताल की लंबी शिफ्ट पूरी कीं। लेकिन उनके जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सीनियर रेजिडेंसी के दौरान उन्हें बॉन्डेड डॉक्टरों की मैटरनिटी लीव को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉ. चारुल हार मानने वालों में से नहीं थीं। अपने अधिकारों के लिए उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया, एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और अंततः जीत हासिल की। इस अनुभव ने उनकी पूरी सोच बदल कर रख दी और उन्हें एहसास दिलाया कि खुद की एक स्वतंत्र पहचान बनाना कितना जरूरी है।डिजिटल दुनिया में रखा कदम और 45 दिन में कमाए 2 लाखपति की दूर-दराज इलाकों में पोस्टिंग के कारण नियमित क्लिनिकल प्रैक्टिस को जारी रखना लगभग नामुमकिन हो गया था। ऐसे में उन्होंने परिस्थितियों से हारने के बजाय एक नया रास्ता चुना। करीब छह महीने तक उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिजनेस की बारीकियों को गहराई से समझा। इसके बाद जून 2025 में उन्होंने अपना खुद का डिजिटल वेंचर शुरू किया, जिसकी नींव पर्सनल ब्रांडिंग और स्टोरीटेलिंग पर रखी गई थी। उनकी यह शुरुआत इतनी शानदार थी कि महज 45 दिनों के भीतर ही उन्होंने 2 लाख रुपये की कमाई कर ली।अब 'डिजिटल मेंटर' बनकर बदल रही हैं महिलाओं की जिंदगीडिजिटल दुनिया में उनकी मेहनत तेजी से रंग लाई। धीरे-धीरे उनके क्लाइंट्स बढ़ते गए और आज डिजिटल बिजनेस से होने वाली उनकी कमाई, उनकी पुरानी डॉक्टर वाली शानदार सैलरी को भी काफी पीछे छोड़ चुकी है। वर्तमान में डॉ. चारुल 'Charul’s Inner Circle' के माध्यम से महिलाओं और करियर शुरू करने वाले युवाओं को डिजिटल स्किल्स और पर्सनल ब्रांडिंग की ट्रेनिंग दे रही हैं।महिलाओं के लिए खास संदेशडॉ. चारुल का मानना है कि माँ बनने के बाद किसी भी महिला के सपने खत्म नहीं होते, बल्कि उन्हें हासिल करने के तरीके बदल जाते हैं। अवसरों का हाथ पर हाथ धरे इंतजार करने के बजाय हमें खुद अपने लिए नए रास्ते तलाशने चाहिए। उनकी कहानी इस बात का जीता-जागता सबूत है कि सही समय पर लिया गया एक साहसिक फैसला आपकी जिंदगी की एक बेहद खूबसूरत नई शुरुआत बन सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 12:00 pm

देश-दुनिया में जनविद्रोह और युद्ध के संकेत! जानिए किन राशियों के लिए शुभ तो किनके लिए भारी रहेगा यह दौर

वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व एक अत्यंत संवेदनशील और उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां विभिन्न देशों के बीच युद्ध और सैन्य तनाव चरम पर हैं, वहीं दूसरी तरफ कई राष्ट्रों में जनता का आक्रोश, जनविद्रोह और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिल रही है। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) की विशेष शाखा, जिसे मेदिनी ज्योतिष (Mundane Astrology) कहा जाता है, के अनुसार वैश्विक घटनाओं का सीधा संबंध ब्रह्मांड में घूम रहे ग्रहों की चाल से होता है। मेदिनी ज्योतिष यह स्पष्ट करता है कि जब भी आकाश मंडल में क्रूर और उग्र ग्रहों का योग बनता है, तब-तब पृथ्वी पर बड़े सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक बदलाव आते हैं। मेदिनी ज्योतिष और वैश्विक उथल-पुथल का ज्योतिषीय आधार वैश्विक स्तर पर जनविद्रोह, युद्ध, सत्ता परिवर्तन और आर्थिक मंदी जैसी परिस्थितियां तब निर्मित होती हैं जब मुख्य ग्रहों का गोचर प्रतिकूल दिशा में होता है: मंगल (Mars): मंगल को ग्रहों का सेनापति माना गया है। यह उग्रता, हिंसा, सैन्य बल, अग्नि और युद्ध का कारक है। जब भी मंगल किसी क्रूर ग्रह के साथ युति बनाता है या वक्री होता है, तो वैश्विक सीमाओं पर तनाव और युद्ध के बादल गहराने लगते हैं। शनि (Saturn): शनि न्याय, संघर्ष, आम जनता और श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करता है। जब शनि पीड़ित या कड़े नक्षत्रों में गोचर करता है, तो जनता में असंतोष बढ़ता है, जिससे हड़ताल, प्रदर्शन और जनविद्रोह का जन्म होता है। राहु और केतु (Shadow Planets): राहु भ्रम, कूटनीति, अचानक होने वाले विद्रोह और राजनीतिक षड्यंत्रों का कारक है। केतु अलगाव और अनिश्चितता लाता है। इनकी उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दरार डालती है। गुरु (Jupiter): गुरु ज्ञान, अर्थव्यवस्था, कानून और संतुलन का कारक ग्रह है। गुरु का शुभ गोचर दुनिया को गंभीर संकटों से उबारने और शांति स्थापित करने में ढाल की तरह काम करता है। इन ग्रहों की सामूहिक उथल-पुथल का प्रभाव हर व्यक्ति की राशि पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस दौर में कौन सी राशियां लाभ में रहेंगी और किन्हें सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनुकूल व शुभ प्रभाव वाली राशियां वैश्विक स्तर पर बनी इस अशांति और तनाव के बावजूद, कुछ राशियों के लिए ग्रहों का गोचर अत्यंत अनुकूल बना हुआ है। ये राशियां संकट के इस समय में भी प्रगति और लाभ अर्जित करेंगी: 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि का स्वामी स्वयं मंगल है। यद्यपि आसपास का माहौल उग्र और चुनौतीपूर्ण रहेगा, लेकिन मेष राशि के जातकों में इस दौरान गजब का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिलेगी। यदि आप करियर में बड़े बदलाव, पदोन्नति या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह समय आपको अपनी नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) दिखाने का भरपूर अवसर देगा। विपत्तियों का सामना कर आप अपने मार्ग में विजय प्राप्त करेंगे। 2. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु ग्रह की कृपा एक मूक सुरक्षा कवच (Protective Shield) की तरह काम करेगी। वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का प्रभाव आपके व्यक्तिगत जीवन पर नगण्य रहेगा। इस दौरान आपको पारिवारिक जीवन में सुख-शांति मिलेगी, अचल संपत्ति या भूमि-भवन के क्रय-विक्रय से लाभ होगा और समाज में आपका मान-सम्मान व प्रतिष्ठा बढ़ेगी। 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक भी मंगल के स्वामित्व वाली राशि है। जब-जब दुनिया में बड़े परिवर्तन या संकट आते हैं, वृश्चिक राशि वालों की रणनीतिक सोच और अंतर्ज्ञान (Intuition) अत्यंत तीव्र हो जाते हैं। संकट प्रबंधन (Crisis Management) में आपका कोई मुकाबला नहीं होगा। करियर में अचानक से पदोन्नति, गुप्त स्रोतों से धन लाभ और पुरानी समस्याओं से मुक्ति मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं। 4. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। गुरु के सकारात्मक गोचर के प्रभाव से बाहरी उथल-पुथल के बीच भी आपका ध्यान अपने मूल लक्ष्यों, ज्ञान-अर्जन और व्यावसायिक विस्तार पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा, नए प्रभावशाली लोगों से संपर्क स्थापित होंगे और आपकी आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। प्रतिकूल व सतर्क रहने वाली राशियां ग्रहों का कड़ा और उग्र प्रभाव (जैसे शनि का मीन राशि में गोचर तथा राहु-केतु और मंगल का प्रभाव) कुछ राशियों के लिए मानसिक दबाव, आर्थिक जोखिम और व्यावहारिक चुनौतियां लेकर आ सकता है: 1. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों को इस दौरान अपनी वाणी और वित्तीय लेन-देन में अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। उग्र ग्रहों के प्रभाव के कारण कार्यस्थल या व्यापार में अचानक तनाव उत्पन्न हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर हो रही घटनाओं से आपकी मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने या बड़ा निवेश करने से पहले सोच-विचार अवश्य करें; जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला नुकसानदायक हो सकता है। 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि का स्वामी बुध है और जब मंगल-बुध की स्थिति बिगड़ती है, तो संचार, शेयर बाज़ार और आर्थिक मोर्चे पर अस्थिरता आती है। इस समय मिथुन राशि के जातकों को शेयर मार्केट, सट्टेबाज़ी या किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह बचना चाहिए। गलतफहमियों के कारण व्यापारिक साझेदारियों में खटास आ सकती है, इसलिए बातचीत में स्पष्टता बनाए रखें। 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि या उसके केंद्र भावों में केतु का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को डगमगा सकता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपकी मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा है। नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस की राजनीति (Office Politics) से दूर रहने की सख्त सलाह दी जाती है। किसी के उकसावे में आकर कोई कड़ा फैसला न लें और शांत मन से काम करें। 4. मीन राशि (Pisces) मीन राशि में शनि का गोचर होने के कारण इस राशि के जातकों पर मानसिक दबाव और जिम्मेदारियों का बोझ अधिक रहेगा। काम में अकारण देरी, मानसिक भ्रम या किसी अज्ञात भय की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस समय आपको धैर्य बनाए रखना होगा और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से खुद को बचाकर रखना होगा। मध्यम प्रभाव वाली राशियां तुला, कन्या, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए वैश्विक परिस्थितियों का प्रभाव मिला-जुला (मिश्रित) रहेगा। तुला व कन्या राशि: इन्हें अपने स्वास्थ्य और बजट का संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। मकर व कुंभ राशि: चूंकि शनि इनकी अपनी राशि का स्वामी है, इसलिए मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन धैर्य, दूरदर्शिता और सोच-समझकर किए गए निवेश से ये नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित कर सकेंगे। संकट काल में शांति और सुरक्षा हेतु ज्योतिषीय उपाय वैश्विक अशांति और उथल-पुथल के इस दौर में ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए निम्नलिखित उपाय अत्यंत कारगर सिद्ध होते हैं: हनुमान चालीसा का नित्य पाठ: मंगल ग्रह की उग्रता, युद्ध भय और मानसिक अशांति से मुक्ति पाने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। शनिवार को दान कार्य: जन-असंतोष, राहु और शनि के दुष्प्रभावों से बचने के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों व श्रमिकों को भोजन कराएं या काले तिल, तेल व वस्त्रों का दान करें। गायत्री मंत्र व ध्यान: मानसिक भ्रम और तनाव से बचने के लिए रोज़ सुबह गायत्री मंत्र का जाप करें, जिससे निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। डिस्क्लेमर: यद्यपि यह विश्लेषण मेदिनी गोचर पर आधारित है, परंतु किसी भी व्यक्ति के जीवन पर अंतिम और सटीक प्रभाव उसकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में चल रही महादशा और अंतर्दशा पर ही निर्भर करता है।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 11:13 am

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने मुंबई में खरीदा नया 'आशियाना', कीमत जान उड़ जाएंगे होश!

बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर अपने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट को लेकर सुर्खियों में हैं। पावर कपल ने मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में शुमार वर्सोवा में एक बेहद शानदार लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म Zapkey.com द्वारा सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, इस नए अपार्टमेंट की कुल कीमत 18.29 करोड़ रुपए है। विराट और अनुष्का का यह नया ठिकाना वर्सोवा स्थित 'गोदरेज स्काईशोर' इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। ALSO READ: गब्बर से अमर हुए अमजद खान, जानिए बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन की अनसुनी कहानी खबरों के अनुसार इस अपार्टमेंट के साथ कपल को 316 वर्ग फुट का एक्सक्लूसिव एरिया और तीन कार पार्किंग स्पेस मिले हैं। इस प्रॉपर्टी का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। इसके लिए कपल ने 1.09 करोड़ रुपए की स्टाम्प ड्यूटी और 30,000 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस चुकाई है। लगभग 70,000 रुपये प्रति वर्ग फुट की यह डील मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग को साफ दर्शाती है। अलीबाग के बाद मुंबई में एक और बड़ा निवेश यह पहला मौका नहीं है जब विराट और अनुष्का ने रियल एस्टेट में इतना बड़ा निवेश किया हो। इससे पहले, दंपति ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध सेकंड-होम डेस्टिनेशन अलीबाग के जीराद गांव में 37.86 करोड़ रुपए में 5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी थी। 13 जनवरी 2026 को पंजीकृत हुई इस अलीबाग डील के तहत दो प्लॉट खरीदे गए थे, जिसके लिए उन्होंने 2.27 करोड़ की भारी-भरकम स्टाम्प ड्यूटी दी थी। साल 2022 में भी इस कपल ने अलीबाग में एक शानदार फार्महाउस बनाने के लिए लगभग 8 एकड़ जमीन खरीदी थी।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 11:01 am

गब्बर से अमर हुए अमजद खान, जानिए बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन की अनसुनी कहानी

बॉलीवुड में अमजद खान का नाम ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने खलनायकी के क्षेत्र में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 12 नवंबर 1940 को जन्में अमजद खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनके पिता जयंत फिल्म इंडस्ट्री में खलनायक की भूमिका निभा चुके थे। अमजद खान ने बतौर कलाकार अपने अभिनय जीवन की शुरुआत वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म 'अब दिल्ली दूर नही' से की। इस फिल्म में अमजद खान ने बाल कलाकार की भूमिका निभाई। वर्ष 1965 में अपनी होम प्रोडक्शन मे बनने वाली फिल्म 'पत्थर के सनम' के जरिए अमजद खान बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत करने वाले थे लेकिन किसी कारण से फिल्म का निर्माण नही हो सका। ALSO READ: Lock Upp 2: पामेला सेरेना ने खोला मैच फिक्सिंग का राज, स्टूडेंट लाइफ में क्रिकेट बेटिंग से कमाए थे पैसे सत्तर के दशक में अमजद खान ने मुंबई से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद बतौर अभिनेता काम करने के लिए फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया। वर्ष 1973 में बतौर अभिनेता उन्होंने फिल्म 'हिंदुस्तान की कसम' से अपने करियर की शुरुआत की लेकिन इस फिल्म से दर्शको के बीच वह अपनी पहचान नहीं बना सके। इसी दौरान अमजद खान को थिएटर में अभिनय करते देखकर पटकथा लेखक सलीम खान ने अमजद खान से शोले में गब्बर सिंह के किरदार को निभाने की पेशकश की जिसे अमजद खान ने स्वीकार कर लिया। बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' के किरदार गब्बर सिंह ने अमजद खान को फिल्म इंडस्ट्री में सशक्त पहचान दिलाई लेकिन फिल्म के निर्माण के समय गब्बर सिंह की भूमिका के लिए पहले डैनी का नाम प्रस्तावित था। फिल्म 'शोले' के निर्माण के समय गब्बर सिंह वाली भूमिका डैनी को दी गई थी लेकिन उन्होंने उस समय धर्मात्मा में काम करने की वजह से उन्होंने शोले में काम करने के लिए इंकार कर दिया। शोले के कहानीकार सलीम खान की सिफारिश पर रमेश सिप्पी ने अमजद खान को गब्बर सिंह का किरदार निभाने का अवसर दिया। जब सलीम खान ने अमजद खान से फिल्म शोले में गब्बर सिंह का किरदार निभाने को कहा तो पहले तो अमजद खान घबरा से गए लेकिन बाद में उन्होंने इसे एक चैलेंज के रूप में लिया और चंबल के डाकुओं पर बनी किताब 'अभिशप्त चंबल' का बारीकी से अध्यन करना शुरू किया। बाद में जब फिल्म शोले प्रदर्शित हुई तो अमजद खान का निभाया किरदार 'गब्बर सिंह' दर्शको में इस कदर लोकप्रिय हुआ कि लोग गाहे बगाहे उनकी आवाज और चाल ढ़ाल की नकल करने लगे। फिल्म शोले की सफलता से अमजद खान के सिने करियर में जबरदस्त बदलाव हुआ और वह खलनायकी की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा और अपने दमदार अभिनय से दर्शको की वाहवाही लूटने लगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1977 मे प्रदर्शित फिल्म 'शतरंज के खिलाडी' मे उन्हें महान निर्देशक सत्यजीत रे के साथ काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के जरिए भी उन्होंने दर्शको का मन मोहे रखा। अपने अभिनय मे आई एकरूपता को बदलने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए अमजद खान ने अपनी भूमिकाओं में परिवर्तन भी किया। इसी क्रम में वर्ष 1980 मे प्रदर्शित फिरोज खान की सुपरहिट फिल्म कुर्बानी में अमजद खान ने हास्य अभिनय कर दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। वर्ष 1981 मे अमजद खान के अभिनय का नया रूप दर्शको के सामने आया। प्रकाश मेहरा की सुपरहिट फिल्म लावारिस में वह अमिताभ बच्चन के पिता की भूमिका निभाने से भी नही हिचके। वर्ष 1981 में प्रदर्शित फिल्म 'याराना' में उन्होंने सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के दोस्त की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गाना बिशन चाचा कुछ गाओ बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसी फिल्म मे अपने दमदार अभिनय के लिए अमजद खान अपने सिने करियर में दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ सह कलाकार के फिल्म पेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए। इसके पहले भी वर्ष 1979 में भी उन्हें फिल्म दादा के लिए सर्वश्रेष्ठ सह कलाकार के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1983 में अमजद खान ने फिल्म 'चोर पुलिस' के जरिए निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से नकार दी गई। इसके बाद वर्ष 1985 में भी अमजद खान ने फिल्म 'अमीर आदमी गरीब आदमी' का निर्देशन किया लेकिन यहां पर भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा। वर्ष 1986 में एक दुर्घटना के दौरान अमजद खान लगभग मौत के मुंह से बाहर निकले थे और इलाज के दौरान दवाइयों के लगातार सेवन करने से उनके स्वास्थ में लगातार गिरावट आती रही। उनका शरीर लगातार भारी होता गया। नब्बे के दशक में स्वास्थ्य खराब रहने के कारण अमजद खान ने फिल्मों मे काम करना कुछ कम कर दिया। अपनी अदाकारी से लगभग तीन दशक से दर्शको का भरपूर मनोरंजन करने वाले अजीम अभिनेता अमजद खान 27 जुलाई 1992 को इस दुनिया से रूखसत हो गए।

वेब दुनिया 27 Jul 2026 10:43 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 जुलाई, 2026)

मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 27 July 2026 : करियर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि के योग हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। स्वास्थ्य: थकान और तनाव महसूस हो सकता है, पर्याप्त आराम करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें। ALSO READ: Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लव: साथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। निवेश लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य: खान-पान संतुलित रखें और पर्याप्त पानी पिएं। उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें। मिथुन (Gemini) करियर: नई जिम्मेदारियां मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा के लिए दिन शुभ है। लव: प्रेम रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। अविवाहित लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। धन: कारोबार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: मौसम के बदलाव से सावधान रहें। उपाय: हनुमान मंदिर में सिंदूर अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर: धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ देंगे। लव: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। परिवार में खुशहाली रहेगी। धन: अचानक बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या से बचने के लिए बाहर का भोजन कम करें। उपाय: चंद्रदेव को दूध मिश्रित जल अर्पित करें। सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या नई उपलब्धि मिलने के योग हैं। नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा। उपाय: सूर्यदेव को काली तिलयुक्त जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। छात्रों की मेहनत रंग लाएगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: आय बढ़ेगी, लेकिन बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें। उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें। तुला (Libra) करियर: छात्रों को भाग्य का साथ मिलेगा। नए कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। लव: वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। धन: धन निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय: मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं। ALSO READ: क्यों 4 महीने की योगनिद्रा में जाते हैं भगवान विष्णु? देवशयनी एकादशी पर जानें योगनिद्रा का रहस्य और विधि वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में आत्मविश्वास से कार्य करें। पैतृक बिजनेस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: आपकी पहले से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: नियमित व्यायाम लाभदायक रहेगा। उपाय: भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें। धनु (Sagittarius) करियर: करियर में उन्नति के नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में लाभ होगा। लव: प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। उपाय: केले के वृक्ष पर जल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं। मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। लव: परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: कारोबार से धन बचत करने के लिए अच्छा समय है। स्वास्थ्य: हड्डियों और जोड़ों का ध्यान रखें। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाएं लाभ देंगी। व्यापार में विस्तार की संभावना है। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: पर्याप्त पानी पिएं और नियमित दिनचर्या अपनाएं। उपाय: जरूरतमंद को नीले वस्त्र या उड़द की दाल दान करें। मीन (Pisces) करियर: नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध और बेहतर होंगे। धन: धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: योग और ध्यान मानसिक शांति प्रदान करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल

वेब दुनिया 27 Jul 2026 7:03 am

‘पुलिस अंकल वास्तेगुना हुइंया’:सरकार के लिए आउट ऑफ सिलेबस कैसे थे जेन-जी प्रदर्शनकारी; इन पर क्यों नहीं चला कोई तिकड़म

दिल्ली का जंतर-मंतर। सुरक्षाकर्मियों से एक लड़की कहती है- पुलिस अंकल, पुलिस अंकल वास्तेगुना हुइंया! इसके बाद वहां मौजूद पूरा ग्रुप जोर-जोर से हंसने लगता है। पुलिस भी ठिठक जाती है कि ये कोई गाली थी या देशविरोधी नारा? आखिर इस पर एक्शन क्या ले? ये वायरल रील जंतर-मंतर समेत देशभर में फैले जेन-जी आंदोलन का लिटमस टेस्ट है। ‘वास्तेगुना हुइंया’ की तरह ये आंदोलन भी मोदी सरकार की समझ से परे था। न ‘हिंदू-मुस्लिम’ चला, न एंटी-नेशनल एंगल। न विदेशी फंडिंग के आरोप कारगर हुए, न ही कोई ऐसा चेहरा, जिसे दबाने से आंदोलन खत्म हो जाए। आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा। अनोखा क्यों था ये जेन-जी आंदोलन और इन पर क्यों नहीं चला कोई तिकड़म; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… आखिर जेन-जी आंदोलन के सामने सरकार को क्यों झुकना पड़ा… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी ---------------------------- ये खबर भी पढ़िए… बिना संबंध बनाए भी बच्चे पैदा कर लेती है कॉकरोच:सिर कटने पर भी कैसे जिंदा रहते हैं, डायनासोर से भी सीनियर; कॉकरोच के किस्से कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट, X अकाउंट और इंस्टाग्राम अकाउंट सभी हैक और डाउन हो गए, तो फाउंडर अभिजीत दीपके ने लिखा- ‘कॉकरोच कभी मरते नहीं।’बात सच भी है। कॉकरोच इस दुनिया में डायनासोर से भी पहले आए। सिर कट जाए, हफ्तों खाना न मिले फिर भी जिंदा रहते हैं। बिना नर के भी बच्चा पैदा कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 4:50 am

‘बाबरी’ के लिए चाहिए 300 करोड़, मिले 1.5 करोड़:जहां मस्जिद बननी थी, वहां क्रिकेट खेल रहे बच्चे; 7 साल में नक्शा तक पास नहीं

रामजन्मभूमि पर नवंबर 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दो रास्ते निकले थे। विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला को मिली और बाबरी की जगह नई मस्जिद के लिए अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर धन्नीपुर में 5 एकड़ जमीन दी गई। राम मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। धन्नीपुर में मस्जिद की ईंट तक नहीं रखी गई। मस्जिद के लिए मिली जमीन पर घास उग आई है, चारों ओर तारबंदी है और बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं। यहां मस्जिद के साथ अस्पताल और म्यूजियम बनना था। 300 करोड़ रुपए की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपए चंदा मिल पाया। जरूरी सरकारी मंजूरियां न मिलने से काम शुरू ही नहीं हो पाया। अब ट्रस्ट छोटी मस्जिद बनाने की तैयारी में है। धन्नीपुर के लोग मस्जिद बनने की उम्मीद छोड़ चुके हैं। वे कहते हैं- अल्लाह की मर्जी होगी, तो बन जाएगी। जमीन पर सिर्फ बोर्ड, कब्जा न हो जाए इसलिए तारबंदी अयोध्या-लखनऊ हाईवे छोड़ते ही धन्नीपुर गांव की सड़क शुरू होती है। कुछ मिनट बाद बाईं तरफ लोहे की फेंसिंग से घिरी मस्जिद की जमीन दिखती है। अंदर कोई मशीन नहीं, कोई मजदूर नहीं। सिर्फ खाली मैदान। करीब तीन हजार की आबादी वाले धन्नीपुर में 60% मुस्लिम आबादी है। ज्यादातर लोग मस्जिद पर बात करने से बचते हैं। महिलाएं तो बिल्कुल नहीं बोलतीं। मस्जिद की जमीन से सटी चाय की दुकान पर कुछ लोग अखबार पढ़ रहे थे। मस्जिद के बारे में पूछने पर एक-दूसरे को देखने लगे। एक बुजुर्ग मुस्कुराते हुए बोले, ‘हम खेती-किसानी वाले लोग हैं। यहां जानवर चराने आते हैं। मस्जिद कब बनेगी, कौन बनाएगा, ये तो लखनऊ और दिल्ली वाले जानें।’ नाम पूछने पर बुजुर्ग ने जवाब दिया- रहने दीजिए, हम इस मसले से दूर ही रहना चाहते हैं। खाली पड़ी जमीन के ठीक सामने माजिद खान का घर है। वे बात करने के लिए तैयार हो गए। बोले, ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले से धन्नीपुर के लोग खुश थे। न्यूज से पता चला कि मस्जिद के साथ मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी बनेगा।' 'गांव के आसपास 30 किमी तक अच्छा अस्पताल नहीं है। सीरियस केस में इलाज के लिए 150 किमी दूर लखनऊ जाना पड़ता है। मस्जिद बन जाती तो गांव में इलाज मिलता। बच्चे पढ़ पाते और काम मिलता, लेकिन कुछ नहीं हुआ।’ आखिर सात साल में मस्जिद क्यों नहीं बन पाई पहली वजह: फंड नहीं है नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला सुनाते हुए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में नई मस्जिद बनाने का आदेश दिया था। अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन हिंदू पक्ष को मिली। मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या से 25 किमी दूर जमीन धन्नीपुर गांव में दी गई। 3 अगस्त, 2020 को फैजाबाद DM अनुज कुमार झा ने जमीन वक्फ बोर्ड को सौंप दी। मस्जिद बनाने के लिए इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन बनाया गया। अगस्त 2021 में फाउंडेशन ने लोगों से मदद की अपील की। बैंक अकाउंट की डिटेल पब्लिक की। नवंबर, 2022 तक ट्रस्ट को देशभर से करीब 40 लाख रुपए डोनेशन मिला। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के चेयरमैन जुफर अहमद फारूकी कहते हैं, ‘5 साल में हम बमुश्किल 1.5 करोड़ रुपए ही जुटा पाए हैं। इतने में बड़ी मस्जिद बना पाना मुमकिन नहीं है। हमने सोचा है कि पब्लिक के पास न जाकर अपने लोगों से 5 करोड़ रुपए जुटाएं और कम से कम छोटी मस्जिद का काम शुरू कर दें।’ पेशे से जर्नलिस्ट अरशद खान मस्जिद के काम से शुरुआत से जुड़े हैं। वे कहते हैं, ‘पहले लोगों में मस्जिद को लेकर जोश था। 21 हजार रुपए का पहला चंदा लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रोहित श्रीवास्तव ने दिया। फैजाबाद के DM रहे अनुज कुमार झा ने जमीन दिलवाने में मदद की। इसके बाद जैसे-जैसे वक्त बीता, काम रुक गया।’ हमने पहला दान देने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रोहित श्रीवास्तव से बात की। वे मस्जिद न बनने से नाराज हैं। कहते हैं, ‘अफसोस होता है कि मैंने जिस चीज के लिए चंदा दिया, उस पर आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। मैं अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए जाता हूं, तो धन्नीपुर गांव जरूर जाता हूं। हर बार मुझे वहां खाली जमीन ही नजर आती है।’ दूसरी वजह: लोगों का जुड़ाव नहींधन्नीपुर की शाहगदा शाह मजार पर 'मोहम्मद-बिन-अब्दुल्लाह' मस्जिद की फोटो वाले पोस्टर चिपकाए गए थे। इनमें अंग्रेजी में लिखा गया- A MASTERPIECE IN MAKING यानी एक नायाब मस्जिद तैयार हो रही है। धन्नीपुर के लोग खुश थे कि गांव में देश की सबसे चर्चित मस्जिद बनेगी। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। मजार पर चिपके पोस्टर हटा दिए गए। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के चेयरमैन जुफर अहमद फारूकी कहते हैं, 'अफसोस है कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद अब वैसी नहीं बन पाएगी, जैसा हमने सोचा था। फैजाबाद और अयोध्या के लोगों, खासकर मुस्लिम समुदाय ने भी इसमें इंट्रेस्ट नहीं दिखाया।’ जर्नलिस्ट अरशद खान बताते हैं, ‘नई इबादतगाह अयोध्या से दूर है। इसलिए मुसलमान खुद को इससे कनेक्ट नहीं कर पाए। अगर इसके लिए अयोध्या में जमीन मिलती तो सूरत कुछ और होती।' 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले में भी साफ कहा गया था कि मस्जिद की जमीन अयोध्या के मुख्य स्थान पर होगी। (MOSQUE WILL BE CONSTRUCTED AT PROMINENT PLACE OF AYODHYA) हमें शहर से 25 किलोमीटर दूर जमीन मिली। वहां जाने का रास्ता बहुत संकरा है। इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। लोग इतनी दूर क्यों नमाज पढ़ने जाएंगे।’ तीसरी वजह: अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी की मंजूरी नहींअरशद खान आगे कहते हैं, ‘ट्रस्ट बना, तब टीम अच्छी थी। अतहर हुसैन सेक्रेटरी थे। लखनऊ के सीनियर एडवोकेट इमरान अहमद शिबली मेंबर थे। मैं था, राशिद मोहम्मद साहब थे। हम लोगों ने मस्जिद बनवाने के लिए बहुत मेहनत की। नया नक्शा बनाया। उस वक्त अयोध्या जिला प्रशासन ने काफी सपोर्ट किया। हमें मस्जिद के लिए जरूरी NOC नहीं मिली।’ ‘ट्रस्ट के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ने बताया था कि मुंबई के बड़े बिजनेसमैन हाजी अराफात शेख धन्नीपुर आएंगे और मस्जिद-अस्पताल का काम शुरू होगा। हाजी साहब ने बताया कि मस्जिद बनने से पहले मक्का-मदीना से ईंटें आएंगी, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। हमने चेयरमैन से भी कॉन्टैक्ट किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठता। वे कई साल से आउट ऑफ कॉन्टैक्ट हैं। हमने अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी में नक्शा जमा किया था, वो भी निरस्त हो गया।’ नक्शा क्यों रिजेक्ट हो गया, इस पर हमने ट्रस्ट और अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी में बात की। पता चला कि इसके पीछे सियासी रुकावट नहीं, बल्कि कागजी पेचीदगियां हैं। कोई संस्था नॉर्मल बिल्डिंग के बजाय बड़ा पब्लिक कॉम्प्लेक्स बनाती है, तो इसके लिए नियम बहुत सख्त हो जाते हैं। इसकी प्रोसेस को तीन पॉइंट्स में समझिए… 1. लैंड यूज के कागजों में बार-बार बदलाव किसी भी बड़े निर्माण के लिए लोकल डेवलपमेंट अथॉरिटी (इस मामले में ADA) से ऑनलाइन और ऑफलाइन मंजूरी लेनी होती है। सबसे पहले जमीन का लैंड यूज देखा जाता है। इससे पता चलता है कि जमीन किस काम के लिए है। खेती की जमीन पर कॉमर्शियल या संस्थागत निर्माण नहीं हो सकता। सरकार ने कृषि भूमि दी, तो पहले उसका लैंड यूज बदलकर उसे संस्थागत करना पड़ा। इससे प्रोजेक्ट बनने में देरी हुई। 2. अथॉरिटी की तरफ से NOC न मिलना नक्शा पास होने से पहले PWD, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अग्निशमन विभाग, सिंचाई, नगर निगम जैसे विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होता है। अब तक मस्जिद कमेटी को इन विभागों से NOC नहीं मिली है। अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी के सेक्रेटरी आरके मिश्रा बताते हैं कि किसी भी बड़े निर्माण से पहले जमीन के मालिक को अलग-अलग विभाग की NOC लेनी पड़ती है। इसमें ये होता है कि बिल्डिंग कितनी ऊंची होगी। फायर सिस्टम कैसा होगा। इंफ्रास्ट्रक्टर कैसा है। ये सब मानक के हिसाब से होता है, तो अथॉरिटी NOC देती है। मस्जिद कमेटी ने NOC क्लीयर करने के लिए भी एप्लीकेशन नहीं दी है।' 3. ले-आउट और डेवलपमेंट चार्ज का पेमेंट न होना NOC मिलने के बाद अथॉरिटी के इंजीनियर नक्शे की जांच करते हैं कि सड़क कितनी चौड़ी है, भूकंप झेलने की क्षमता क्या है। इसके बाद डेवलपमेंट चार्ज जमा करना पड़ता है और नक्शा पास हो जाता है। ADA के मुताबिक, मस्जिद कमेटी को अभी 1.22 करोड़ रुपए डेवलपमेंट चार्ज जमा करना है। सभी जरूरी डॉक्यूमेंट पूरे होने पर ही कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकेगा। 23 जून, 2021 को मस्जिद ट्रस्ट ने नक्शे की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। बाद में नक्शा वापस ले लिया। 2023 में नक्शे में छोटी मस्जिद के साथ कुछ बदलाव कर फिर से अप्लाई किया। सितंबर 2025 तक ट्रस्ट ने NOC नहीं ली और जरूरी डॉक्यूमेंट पोर्टल पर अपलोड नहीं करवाए। इससे उनकी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो गई है। हमने मस्जिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी अतहर हुसैन से पूछा कि 2024 के बाद नक्शे के लिए क्यों अप्लाई नहीं किया गया? उन्होंने जवाब दिया- प्रोजेक्ट के हिसाब से जितने फंड की उम्मीद की थी, उसे जुटा नहीं पाए। यही वजह है कि हम नए नक्शे पर आगे बढ़ने से पहले फंड इकट्ठा कर लेना चाहते हैं। छोटी मस्जिद बनाने लायक रकम जुट जाएगी तो हमारे चैयरमैन नक्शे के लिए एप्लीकेशन फाइल करेंगे। बाबरी केस के पक्षकार बोले- ट्रस्ट ही नहीं चाहता कि मस्जिद बने राम जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर 11 के सामने बाबरी मस्जिद का केस लड़ने वाले इकबाल अंसारी का घर है। मस्जिद का काम बार-बार अटकने पर इकबाल कहते हैं, ‘देखिए, मस्जिद की जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मिली है। उसके चेयरमैन ने अपना प्राइवेट ट्रस्ट बनाया है।’ इकबाल अंसारी के अलावा जर्नलिस्ट अरशद खान ने भी ट्रस्ट पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में मस्जिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी अतहर हुसैन कहते हैं, ‘इकबाल अंसारी इस प्रोजेक्ट पर क्या सोचते हैं और क्या कह रहे हैं, इस पर कोई कमेंट नहीं करना है। अरशद खान हमारी टीम के सबसे पुराने सदस्यों में से एक रहे हैं। उन्होंने शुरुआती दौर में फंड कलेक्शन से लेकर मस्जिद में म्यूजियम बनाने का प्लान तैयार किया।’ ‘ये सच है कि वक्त बीतने के साथ हमारी टीम के सामने कई रुकावटें आईं, इससे सदस्यों के बीच बातचीत भी कम हो गई। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि हम जल्द ही नए प्लान के साथ जमीन पर उतरने वाले हैं।’ ……………. ये खबर भी पढ़ें… 10 मंदिर उड़ाने की धमकी, कौन है खालिस्तान नेशनल आर्मी ‘तुम्हारे हिंदू मंदिर निशाने पर हैं। दिल्ली और हरियाणा के लोगों, तुमने 6 जून, 1984 को भिंडरांवाले की मौत पर मिठाइयां बांटी थीं। अब हम इसका बदला तुम्हारे मंदिरों में ब्लास्ट करके लेंगे। इसलिए अपने बच्चों को बचाओ और 5-6 जून को कोई सफर न करो।’ 4 जून की सुबह 9:54 बजे पंचकूला के मेयर श्यामलाल बंसल को धमकी भरा ये ई-मेल मिला। इसमें दिल्ली-हरियाणा के 6 बड़े मंदिरों में ब्लास्ट करने की धमकी थी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 4:48 am

खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत

खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में टीहली गांव में रविवार को थार गाड़ी की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मोहरली देवी के रूप में हुई है। दोपहर में तेज रफ्तार से आ […] The post खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 9:25 pm

बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दुष्कर्म पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने रविवार को सरकारी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। मामले का आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। किशोरी के साथ हुई घटना के बाद अब नवजात बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिजनों के सामने संकट खड़ा हो गया है। […] The post बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 9:20 pm

भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में सात दिन से लापता साहूकार शोभाराम जैन का हाथ-पैर बंधा शव मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक कुएं से रविवार को बरामद किया गया। शव की हालत और परिस्थितियों को देखते हुए हत्या कर शव कुएं में फेंके जाने की आशंका जताई जा […] The post भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:50 pm

कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। इन मेलों का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी गरीब या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने […] The post कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:45 pm

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश से मची तबाही, 24 घंटे में 7 लोगों की मौत

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। भारी बारिश के कारण छत गिरने, डूबने और बिजली का करंट लगने जैसी घटनाएं हुईं। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रांतीय आपदा […] The post पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश से मची तबाही, 24 घंटे में 7 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:39 pm

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित हीरापुरा बस टर्मिनल से रोडवेज की 144 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शर्मा ने इस अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार सभी संकल्पों एवं वादों को पूरा करते हुए […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:31 pm

औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा

औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में डेढ़ वर्ष से लापता एक शख्स को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस तीन दिन बाद वह जिंदा घर लौट आया। शख्स को सामने खड़ा देख परिजनों और ग्रामीण हैरान रह गये। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में […] The post औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:24 pm

रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज इलाके में पुलिस ने महिला से दुष्कर्म के मामले में वांछित महाराष्ट्र निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस सूत्रों से रविवार को बताया कि गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र […] The post रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:10 pm

पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा

पटना। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार देर शाम राज्य की राजधानी स्थित एक शॉपिंग मॉल से यादव को […] The post पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 7:03 pm

पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 27 जुलाई से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण की तैयारियां जारी हैं। इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी प्रक्रिया से महीनों से जारी अशांति के थमने या उन जन-समस्याओं के समाधान की उम्मीद बेहद कम है, जिनकी वजह […] The post पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 6:56 pm

Lock Upp 2: पामेला सेरेना ने खोला मैच फिक्सिंग का राज, स्टूडेंट लाइफ में क्रिकेट बेटिंग से कमाए थे पैसे

रियलिटी शो 'लॉक अप 2' का रोमांच अपने चरम पर है। शो में हर हफ्ते एलिमिनेशन से बचने के लिए कोई न कोई सेलिब्रिटी अपना पर्सनल सीक्रेट रिवील कर रहा है। हालिया एपिसोड में शो की सबसे बोल्ड कंटेस्टेंट्स में से एक पामेला सेरेना ने 'मैच फिक्सिंग' का कड़वा सच कबूल किया है। एलिमिनेशन से खुद को बचाने के लिए पामेला ने जैसे ही सीक्रेट बजर दबाया, स्क्रीन पर बड़े-बड़े अक्षरों में 'मैच फिक्सिंग' चमका। इसके बाद उन्होंने अपने स्टूडेंट लाइफ की एक ऐसी कहानी सुनाई, जिससे हर कोई सन्न रह गया। पामेला ने बताया कि जब वो स्टूडेंट थींतो क्रिकेट पर सट्टा लगाती थीं। ALSO READ: प्रभास की फिल्म 'स्पिरिट' से बड़े पर्दे पर वापसी पर रहीं कटरीना कैफ? सामने आई बड़ी सच्चाई पामेला ने अपने सीक्रेट का खुलासा करने से पहले ही यह साफ कर दिया कि वह अपने अतीत के इस कदम पर बिल्कुल भी गर्व महसूस नहीं करती हैं। उन्होंने कहा, यह मेरा एक ऐसा राज है जिस पर मुझे गर्व नहीं है। जब मैं एक स्टूडेंट थी, तब मैं क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी करती थी। पामेला ने कहा, स्टूडेंट लाइफ में मेरा एक दोस्त था, जो कई बड़े क्रिकेटरों का बहुत करीबी था। उस दोस्त को सीधे टीमों के अंदर से टिप्स मिलती थीं—जैसे कौन-सी टीम जीतेगी, कौन सा खिलाड़ी कितना स्कोर बनाएगा। जानकारी बिल्कुल पक्की और फर्स्ट-हैंड होती थी। पामेला ने बताया कि उस समय वह यूके (लंदन) में पढ़ाई कर रही थीं, जहाँ सट्टेबाजी कानूनी रूप से मान्य है। अंदर की पक्की जानकारी होने के कारण उन्होंने इसे भुनाने का फैसला किया। उन्होंने स्वीकार किया, लंदन में बुकीज के जरिए सट्टा लगाना आसान था। मैंने अपने दोस्त की टिप्स पर सट्टा लगाना शुरू किया और बहुत पैसे कमाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पामेला ने कहा, जब पहली बार ऐसा किया तो काफी फायदा हुआ, जिससे मेरा लालच बढ़ गया और मैं बार-बार टिप्स का इंतज़ार करने लगी। पामेला के मुताबिक, आसानी से मिलने वाले पैसे के रोमांच ने उन्हें इस दलदल में धकेला। हालांकि, यह सिलसिला कुछ ही महीनों तक चला और फिर यह पूरा नेटवर्क बंद हो गया या वे लोग पकड़े गए। पामेला को अब है पछतावा पामेला ने अपनी गलती मानते हुए स्वीकार किया कि भले ही उस समय यूके के कानून के हिसाब से उन्होंने कुछ गैर-कानूनी नहीं किया था, लेकिन नैतिकता के आधार पर वह गलत थीं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट उम्र में मिले उस आसान पैसे ने उन्हें भटका दिया था, लेकिन अब उन्हें एहसास है कि पैसे कमाने का वह जरिया पूरी तरह से गलत था। आखिर कौन हैं पामेला सेरेना? अगर आप पामेला सेरेना से वाकिफ नहीं हैं, तो बता दें कि वह एक ब्रिटिश-भारतीय एंटरप्रेन्योर, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। यूके में जन्मी पामेला साल 2012 में दुबई शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने बिजनेस और रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी खास पहचान बनाई। पामेला 'मिस यूनिवर्स दुबई 2021' और 'मिस यूएई वर्ल्ड 2022' का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। नेटफ्लिक्स के मशहूर रियलिटी शो 'देसी ब्लिंग' से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोहरत मिली। फिलहाल वह 'लॉक अप सीजन 2' में अपने बेबाक अंदाज और रणनीतिक गेमप्ले की वजह से लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 5:21 pm

DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ

तिरुवनंतपुरम। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के संवेदनशील डिजाइन दस्तावेजों के लीक होने और प्रतिबंधित तकनीकी जानकारी के डार्क वेब पर उपलब्ध होने के दावों ने भारत के रणनीतिक क्षेत्रों में साइबर गवर्नेंस की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है। इंजीनियरिंग फिजिसिस्ट और औद्योगिक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ केएस मनोज ने अपने लेख साइबर […] The post DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 3:12 pm

मोदी ने की जल संरक्षण की अपील, सीतामढ़ी के प्लास्टिक से बनी बेंच की तारीफ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से जल संरक्षण और एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की तथा बिहार से सीतामढ़ी में प्लास्टिक से बेंच तैयार करने के प्रयासों की सराहना की। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडिया कार्यक्रम मन की बात में 4 जुलाई से शुरू […] The post मोदी ने की जल संरक्षण की अपील, सीतामढ़ी के प्लास्टिक से बनी बेंच की तारीफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:48 pm

राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी अपनी नाबालिग पुत्री को पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर गया था। वहां मेडिकल जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि […] The post राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:28 pm

हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से हस्तकलाओं को प्रोत्साहित करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना यानी स्वदेशी उत्पादों को बढावा देने की अपील की है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम मन की बात में कहा […] The post हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:22 pm

प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 2:17 pm

Marvel Studios का बड़ा धमाका, रयान गोस्लिंग निभाएंगे Ghost Rider का किरदार, 2028 में रिलीज होगी फिल्म

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के फैंस के लिए सैन डिएगो कॉमिक-कॉन से एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। सालों की अफवाहों, अटकलों और फैंस की लगातार मांग के बाद आखिरकार मार्वल स्टूडियोज ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि ऑस्कर नॉमिनेटेड एक्टर रयान गोस्लिंग मार्वल फैमिली में शामिल हो गए हैं। रयान गोस्लिंग सुपरहीरो 'जॉनी ब्लेज' यानी 'घोस्ट राइडर' का आइकॉनिक किरदार निभाते नज़र आएंगे। मार्वल स्टूडियोज के प्रमुख केविन फाइगी ने इस बात का ऐलान किया। इस नई सोलो 'घोस्ट राइडर' फिल्म का निर्देशन शॉन लेवी करेंगे। शॉन लेवी वही निर्देशक हैं जिन्होंने 2024 में ब्लॉकबस्टर साबित हुई फिल्म 'डेडपूल एंड वुलवरिन' का निर्देशन किया था। A post shared by Marvel Studios (@marvelstudios) स्टेज पर रयान गोस्लिंग के साथ मौजूद शॉन लेवी ने खुलासा किया कि इस रोल के लिए बातचीत उनकी आगामी फिल्म 'स्टार वॉर्स: स्टारफाइटर' की शूटिंग के दौरान शुरू हुई थी। शॉन लेवी ने कहा, जब हम स्टारफाइटर पर काम कर रहे थे, तब रयान ने इस किरदार के बारे में बात करना शुरू किया। मुझे लगा कि यह कॉम्बिनेशन धमाकेदार होगा। हम 2028 में दर्शकों के सामने यह फिल्म लाने की तैयारी कर रहे हैं। ALSO READ: Black Panther 3 का ऐलान, डेविड जॉनसन संभालेंगे वाकांडा की कमान, रिलीज डेट भी हुई फाइनल रयान गोस्लिंग ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि घोस्ट राइडर एक ऐसा किरदार है, जिसे वे बहुत लंबे समय से बड़े पर्दे पर निभाना चाहते थे। यह रयान गोस्लिंग के करियर की पहली सुपरहीरो या कॉमिक बुक आधारित फिल्म होगी। निकोलस केज की विरासत और इवा मेंडेस का कनेक्शन इससे पहले बड़े पर्दे पर घोस्ट राइडर/जॉनी ब्लेज़ का किरदार हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता निकोलस केज ने निभाया था। निकोलस केज 2007 में आई फिल्म 'घोस्ट राइडर' और 2011 में आई इसके सीक्वल 'घोस्ट राइडर: स्पिरिट ऑफ वेजेंस' में इस अवतार में दिखे थे। A post shared by Marvel Studios (@marvelstudios) दिलचस्प बात यह है कि 2007 की पहली 'घोस्ट राइडर' फिल्म में निकोलस केज के अपोजिट रयान गोस्लिंग की रियल-लाइफ पार्टनर इवा मेंडेस ने 'रॉक्सैन सिम्पसन' का रोल निभाया था। ऐसे में फैंस के बीच यह भी चर्चा है कि रयान का इस रोल को चुनना एक तरह से खास फैमिली कनेक्शन भी रखता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन है जॉनी ब्लेज़ और क्या हैं 'घोस्ट राइडर' की ताकतें? कॉमिक बुक्स की दुनिया में जॉनी ब्लेज़ की कहानी बेहद भावुक और रहस्यमयी है। जॉनी ब्लेज़ एक स्टंट बाइकर होता है, जो अपने बीमार पिता की जान बचाने के लिए शैतान से अपनी आत्मा का सौदा कर लेता है। सौदा होने के बाद भी उसके पिता एक बाइक एक्सीडेंट में मारे जाते हैं, और जॉनी पर एक श्राप चढ़ जाता है। इसके बाद वह रात में या बुराई के सामने जलती हुई खोपड़ी वाले 'घोस्ट राइडर' में बदल जाता है। घोस्ट राइडर के पास सुपर-स्ट्रेंथ, जलती हुई चेन और उसकी सबसे घातक शक्ति 'पेनेंस स्टेयर' होती है। इस शक्ति से वह अपराधियों को उनकी आंखों में देखकर उनके द्वारा दूसरों को दिए गए सारे दर्द और तकलीफ का अहसास करा सकता है। कब रिलीज़ होगी फिल्म? मार्वल स्टूडियोज ने अभी तक फिल्म की सटीक रिलीज़ डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन निर्देशक शॉन लेवी के बयानों से साफ है कि यह प्रोजेक्ट 2028 तक सिनेमाघरों में आ सकता है। मार्वल फैंस के लिए रयान गोस्लिंग को लेदर जैकेट, बाइक और जलती खोपड़ी वाले इस डार्क सुपरहीरो के रूप में देखना एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस होने वाला है।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 1:12 pm

Pakistan को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी, आतंक और धमकियों पर नहीं झुकेगा भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अलावा पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। द्रास में करगिल युद्ध स्मारक पर करगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ भविष्य में कोई भी बातचीत केवल पाक कब्‍जे वाले कश्‍मीर के मुद्दे पर होगी, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे के तहत भारत का एक अभिन्न अंग है। ALSO READ: CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी राज्य नीति के हिस्से के रूप में आतंकवाद को संस्थागत रूप दिया है और उसके सैन्य प्रतिष्ठान और आतंकवादी संगठनों के बीच कोई अंतर नहीं है। सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से आतंकवादियों और उनके समर्थकों को कड़ा जवाब दिया है कि भारत में किसी भी शत्रुतापूर्ण कृत्य का और भी अधिक बल के साथ जवाब देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने की हर कोशिश का हमारे सशस्त्र बल मुंहतोड़ जवाब देंगे। 1999 के करगिल युद्ध के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए, रक्षा मंत्री ने इस संघर्ष को न केवल एक सैन्य और कूटनीतिक जीत बताया, बल्कि एक ऐसा निर्णायक क्षण भी बताया जिसने दुनिया के सामने भारतीय सैनिकों के साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध स्मारक पर अंकित शहीदों के नाम देश के हर क्षेत्र, धर्म और समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भारत की एकता को दर्शाते हैं और देश को बांटने की कोशिश करने वालों को एक कड़ा संदेश देते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच तुलना करते हुए सिंह ने कहा कि भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और अंतरिक्ष अन्वेषण के माध्यम से प्रगति कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार घुसपैठ को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, उपग्रह और डिजिटल बुनियादी ढांचा बना रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद और छद्म युद्ध को बढ़ावा दे रहा है, और कहा कि सशस्त्र बल किसी भी शत्रुतापूर्ण मंसूबे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। करगिल युद्ध के दौरान दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए सिंह ने कहा कि कई सैनिक अपनी जवानी के शुरुआती दौर में थे, जिनके कई सपने और अरमान थे, फिर भी उन्होंने खुशी-खुशी देश की सेवा में अपनी जान दे दी। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों—जिनमें उनकी माताएं, पत्नियां और बच्चे शामिल थे—द्वारा सहे गए गहरे दुख को भी याद किया। करगिल विजय दिवस के मौके पर, रक्षा मंत्री ने भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें भारत माता के समर्पित सपूत बताया, जिनके साहस और बलिदान से आने वाली पीढ़ियां हमेशा प्रेरित होती रहेंगी।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 11:32 am

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दो धड़ों में बंटा बॉलीवुड, रणवीर शौरी ने उठाए सवाल

देशभर में गहराते NEET पेपर लीक विवाद और लगातार तेज होते छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 25 जुलाई को पद से इस्तीफे की घोषणा के बाद देशभर के छात्रों के बीच जश्न का माहौल है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस फैसले के बाद बॉलीवुड और देश की नामचीन हस्तियां दो धड़ों में बंटती नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां कई बड़े सेलेब्स छात्रों और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रमुख हस्तियों ने इस फैसले की टाइमिंग और सरकार के रुख पर निराशा व्यक्त की है। ALSO READ: 'आदिपुरुष' पर मनोज मुंतशिर का छलका दर्द, बोले— फिल्म का बचाव करना जीवन की सबसे बड़ी भूल छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे बड़े फिल्मी चेहरे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देश के कोने-कोने से भारी जनसमर्थन मिला। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कई फिल्मी और संगीत जगत की हस्तियां खुद सड़कों पर उतरीं। शबाना आजमी, प्रकाश राज और रैपर हनुमानकाइंड दिल्ली के विरोध प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचे और छात्रों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाई। सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा, दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कमल हासन और गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन का खुलकर समर्थन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। रणवीर शौरी और तारा देशपांडे का अलग नजरिया दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर अभिनेता रणवीर शौरी और अभिनेत्री व पूर्व MTV VJ तारा देशपांडे का रुख बिल्कुल अलग रहा। दोनों ही हस्तियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के समय और तरीके पर सवाल उठाए। Yes, but should have done it before the streets were held hostage. Now it seems supporters will not be heard, but “cockroaches” on streets will! https://t.co/OGwcUXxkO8 — Ranvir Shorey (@RanvirShorey) July 25, 2026 रणवीर शौरी का तीखा हमला रणवीर शौरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक GIF शेयर करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा कि सरकार ने इस एक कदम से अपने विरोधियों को भले न जीता हो, लेकिन अपने कई वफादार समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया है। जब यूजर्स ने उनसे पूछा कि क्या पेपर लीक मामले में मंत्री को पद पर बने रहना चाहिए था, तो शौरी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा, अगर इस्तीफा देना ही था, तो सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले दिया जाना चाहिए था। अब ऐसा संदेश जा रहा है कि सरकार समर्थकों के सुझावों के बजाय सड़कों पर हंगामे की भाषा बोलने वालों के दबाव में फैसले ले रही है। Sad. A minister who served many portfolios over a long career. He played a leading role in implementing the Pradhan Mantri Ujjwala Yojana, which expanded LPG connections to millions of low-income households. He oversaw reforms such as the PAHAL direct benefit transfer for LPG… https://t.co/F10CECVzj8 — Tara Deshpande (@Tara_Deshpande) July 25, 2026 तारा देशपांडे ने याद दिलाए पुराने योगदान जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू के विचार को साझा करते हुए तारा देशपांडे ने धर्मेंद्र प्रधान के लंबे प्रशासनिक करियर की सराहना की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के काम का मूल्यांकन केवल एक विवाद के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। तारा ने उनके द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों का जिक्र किया। जिसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, PAHAL योजना, HELP नीति, कोविड के समय इस्पात और शिक्षा मंत्रालय का कुशल प्रबंधन शामिल है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने कठिन परिस्थितियों में भी मंत्रालयों को बेहतर ढंग से चलाया, इसलिए उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 11:14 am

धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के कौलारी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक कार के पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि कल शाम को हेत सिंह अपने साथियों के साथ कार से जा रहा था कि कोलुआ गांव […] The post धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:36 am

ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसाइटी में शनिवार देर रात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना की सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क […] The post ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:32 am

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला

न्यूयॉर्क। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में वायु रक्षा मिसाइलों और इंटरसेप्टर की कमी के कारण ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को फिलहाल टाल दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी गई है। इससे पहले, एक्सिओस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:28 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 जुलाई, 2026)

मेष (Aries) करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। लव: अविवाहित लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। शादीशुदा के जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर रहेंगे। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: भगवान हनुमान को सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। लव: परिवार और साथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज खान-पान संतुलित रखें। उपाय: शिवलिंग पर दूध अर्पित करें। मिथुन (Gemini) करियर: छात्रों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। कारोबार से नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के योग हैं। लव: प्रेम रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। धन: आज धन निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मौसम बदलने से परेशानी हो सकती है। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर: दफ्तर में धैर्य के साथ काम करें, सफलता अवश्य मिलेगी। लव: प्रेमी या जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धन: आज अचानक आने वाले अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: चंद्रमा को जल अर्पित करें। सिंह (Leo) करियर: नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: बाहरी कार्यों में सफलता मिलेगी। नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेमीसंग छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। धन: अपार धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: आज आप पर्याप्त आराम करें। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। तुला (Libra) करियर: करियर में भाग्य का साथ मिलेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। लव: प्रेम या दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम रहेगा। उपाय: सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। लव: प्रेमी साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: कारोबार की आय में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य: आप नियमित व्यायाम करें। उपाय: बरगद के वृक्ष की पूजा करें। धनु (Sagittarius) करियर: आज करियर में उन्नति के नए अवसर मिलेंगे। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: व्यापार में धनलाभ होगा। स्वास्थ्य: यात्रा के दौरान सावधानी रखें। उपाय: भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। मकर (Capricorn) करियर: नौकरी में मेहनत का उचित फल मिलेगा। कारोबार में वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: परिवार के साथ समय बिताने से संबंध मजबूत होंगे। धन: धन की बचत पर विशेष ध्यान दें। स्वास्थ्य: कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: नई नौकरी पाने के नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में विस्तार संभव है। लव: प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। धन: आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। स्वास्थ्य: पाचन की समस्या हो तो पर्याप्त पानी पीएं। उपाय: जरूरतमंद को नीले वस्त्र दान करें। मीन (Pisces) करियर: आपकी नई योजनाएं सफल होंगी। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आज योग और ध्यान करना लाभकारी रहेगा। उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें। ALSO READ: देवशयनी एकादशी के दूसरे दिन ही क्यों आती है वामन द्वादशी? जानिए भगवान विष्णु के वामन अवतार का महत्व

वेब दुनिया 26 Jul 2026 7:03 am

‘कसाई’ के देश में घुसकर रातोंरात 102 लोगों को छुड़ाया:11 लड़ाकू विमान तबाह, नेतन्याहू को PM बनाने वाले ऑपरेशन थंडरबोल्ट की कहानी; पार्ट-2

दैनिक भास्कर की ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 27 जून 1976 को डेनिम स्कर्ट पहनी लड़की ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर एक विमान को हाईजैक कर लिया। विमान इजराइल के तेल अवीव एयरपोर्ट से पेरिस जा रहा था। हाईजैकर 245 यात्रियों को बंधक बनाकर युगांडा ले गए। इनमें ज्यादातर इजराइली थे। हाईजैकरों ने अल्टीमेटम दे रखा था- 1 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो सभी यात्री मार दिए जाएंगे। सिर्फ 8 घंटे बाद 100 से ज्यादा इजराइली मारे जाने वाले थे। प्रधानमंत्री हाईजैकरों के आगे झुकने को तैयार थे, लेकिन रक्षा मंत्री के दिमाग में कुछ ऐसा चल रहा था, जो नामुमकिन सा था। पूरी कहानी पार्ट-2 में पढ़िए… तारीख 1 जुलाई 1976, सुबह के 6 बज रहे थे। यरुशलम के कमांड रूम में इजराइली पीएम यित्जाक राबिन, रक्षा मंत्री शिमोन पेरेस और सेना प्रमुख जनरल मोटा गुर परेशान बैठे थे। पीएम ने सिगरेट का कश भरते हुए रक्षा मंत्री से कहा- ‘कल रात हाईजैकरों ने फ्रांस और दूसरे देशों के 148 यात्रियों को छोड़ दिया है। हमारे लोग अभी भी बंधक हैं। मैं उन्हें मरने के लिए नहीं छोड़ सकता।’ रक्षा मंत्री पेरेस कुछ देर चुप रहे। फिर गहरी सांस लेते हुए कहा- ‘हम मिलिट्री एक्शन लेंगे।’ ‘मिलिट्री एक्शन? फिर वही बात। आज तक ऐसा हुआ है।’ पीएम ने लगभग चीखते हुए कहा। पेरेस ने भी तल्खी से जवाब दिया- ‘इजराइल भी तो आज तक झुका नहीं है। जो कभी नहीं हुआ, वो अब होगा।’ पेरेस ने सेना प्रमुख से पूछा- ‘जनरल साहब, आपकी क्या राय है?’ जनरल मोटा गुर ने कहा- ‘मिलिट्री एक्शन ले सकते हैं, लेकिन तैयारी के लिए कम से कम दो दिन चाहिए।’ तभी पीएम ने टोका- ‘क्या ये मुमकिन है?’ जनरल गुर ने कहा- ‘मेरी टीम एंटेबे जाकर आतंकियों को ढेर कर सकती है, लेकिन बंधक जिंदा बचेंगे या नहीं, इसकी गारंटी नहीं दे सकता।’ रक्षा मंत्री ने पूछा- ‘किस बात का डर है?’ सेना प्रमुख ने कहा- ‘हमें नहीं मालूम बंधक कहां हैं? आतंकी किस जगह तैनात हैं? हमारे पास कोई तस्वीर या नक्शा भी नहीं है।’ रक्षा मंत्री- ‘ये सारी जानकारी मिल जाए तो?’ ‘तो भी गारंटी नहीं दे सकता।’ सेना प्रमुख ने जवाब दिया। रक्षा मंत्री ने गुस्से में कहा- ‘गारंटी क्यों नहीं दे सकते?’ सेना प्रमुख- ‘डेडलाइन में कुछ ही घंटे बचे हैं। मुझे कम से कम 2 दिन चाहिए।’ पेरेस ने झुंझलाकर कहा- ‘वक्त ही तो नहीं है।’ प्रधानमंत्री ने हाथ उठाकर दोनों को शांत कराया। फिर सिगरेट का कश भरते हुए कहा- ‘हम फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हैं। यह मैसेज तुरंत युगांडा भिजवाइए।’ पेरेस हक्के-बक्के रह गए, ‘लेकिन सर...!’ ‘कोई लेकिन-वेकिन नहीं, पेरेस। आप आंतकियों से कहिए कि वो हमें थोड़ा वक्त दें।’ इतना कहकर राबिन अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए। पेरेस चुपचाप कमरे से बाहर निकल गए। राबिन मुड़े और सेना प्रमुख की आंखों में देखते हुए कहा- ‘मिलिट्री एक्शन की तैयारी कीजिए।’ ‘लेकिन, सर अभी तो आप…’ सेना प्रमुख इतना ही बोल पाए थे कि राबिन ने उन्हें टोक दिया- ‘तैयारी कीजिए…वक्त आपको मिल जाएगा।’ एक तरफ हाईजैकरों से डील और दूसरी तरफ सेना प्रमुख को कार्रवाई का आदेश… आखिर पीएम के दिमाग में चल क्या रहा था…? करीब 2 घंटे बाद, प्रधानमंत्री का फोन बजा। उधर से आवाज आई- ‘हाईजैकरों ने वक्त दे दिया है। अब डेडलाइन है 4 जुलाई दोपहर 12 बजे तक।' राबिन ने जोर से मेज पर घूंसा मारा- ‘इतना वक्त बहुत है।’ उन्होंने फौरन अपनी खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ के चीफ यित्जाक होफी को फोन लगाया- ‘बंधक कहां बंद हैं? अंदर आने-जाने के कितने दरवाजे हैं? मुझे एक-एक डिटेल चाहिए, होफी।’ दूसरी तरफ से आवाज आई- ‘मुझे 24 घंटे दीजिए।’ फोन कट गया। अब शाम ढल चुकी थी। पेरिस का ओरली एयरपोर्ट पुलिस की गाड़ियों के सायरन से गूंज रहा था। एंटेबे से रिहा हुए गैर-इजराइली अभी-अभी यहां पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर एक कैफे में बैठकर 50 साल का बुजुर्ग कॉफी पी रहा था। तभी 30-35 साल का एक शख्स उसके पास पहुंचा। उसने अपना आईकार्ड दिखाते हुए कहा- ‘सर, घबराइए नहीं। मुझे कुछ जानकारी चाहिए।’ बुजुर्ग ने अपनी आंखें रगड़ते हुए कहा- ‘कैसी जानकारी?’ शख्स ने कहा- ‘एंटेबे में बंधकों को कहां रखा गया है?’ बुजुर्ग ने कुछ सोचते हुए कहा- ‘ओल्ड टर्मिनल के मुख्य हॉल में।’ ‘माहौल कैसा है? कुल कितने लोग हैं अंदर?’ शख्स ने फिर पूछा। ‘100 से ज्यादा बंधक हैं। हॉल में कांच के दो बड़े दरवाजे हैं, जो बाहर रनवे की तरफ खुलते हैं।’ अब शख्स, बुजुर्ग के करीब सरकते हुए पूछा- ‘सिक्योरिटी कैसी है? ‘मेन गेट पर चार आतंकवादी तैनात हैं। इसमें एक महिला भी है।’ बुजुर्ग ने बताया। ‘और बाकी आतंकी?’ बुजुर्ग ने थोड़ा सोचते हुए कहा- ‘बाकी आतंकी हॉल के ठीक बगल वाले VVIP रूम में आराम करते हैं। इसके अलावा दर्जनभर युगांडा के सैनिक भी राइफल लिए तैनात हैं।’ बुजुर्ग को लगा शायद पत्रकार है। उसने सारी बातें बता दीं, लेकिन असल में वो शख्स मोसाद का एजेंट था। रात करीब 2 बजे मोसाद चीफ का फिर से फोन बजा। उधर से आवाज आई- ‘सर, एक इजराइली कंपनी ने एंटेबे के ओल्ड टर्मिनल का नक्शा बनाया था। हमें नक्शा मिल गया है।’ मोसाद चीफ ने कहा- ‘हम्म…सिर्फ नक्शे के भरोसे 100 से ज्यादा जिंदगियों को दांव पर नहीं लगाया जा सकता। ओरिजिनल तस्वीर चाहिए।' फोन कट गया। अब तक 2 जुलाई हो चुकी थी। सुबह के 10 बज रहे थे। केन्या की राजधानी नैरोबी से एक विमान ने उड़ान भरी। विमान में सिर्फ पायलट और को-पायलट थे। कुछ ही देर बाद विमान युगांडा की तरफ मुड़ गया। घंटेभर का सफर था। जैसे ही विमान युगांडा के एंटेबे हवाई अड्डे के ऊपर पहुंचा, पायलट ने उसकी ऊंचाई बढ़ा दी। को-पायलट ने हाई-टेक कैमरा निकाला और एयरपोर्ट की दर्जनों तस्वीरें खींच लीं। ये दोनों मोसाद के एजेंट थे। इजराइल ने इसके लिए केन्या सरकार से चुपचाप डील कर ली थी। 3 जुलाई 1976, सुबह के 4 बजे थे। इजराइल डिफेंस फोर्स की स्पेशल यूनिट के कमांडर योनी नेतन्याहू मिलिट्री एक्सरसाइज से घर लौटे। उनका शरीर धूल, मिट्टी और पसीने से सना था। योनी, इजराइल के मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई थे। बेंजामिन के पीएम बनने में इस मिशन का बहुत बड़ा रोल था। अब कहानी में लौटते हैं… उस वक्त योनी की प्रेमिका ब्रूरिया कपड़े धो रही थी। योनी को देखते ही वह बोल पड़ी- ‘तुमने कल से कुछ खाया नहीं है। मैंने तुम्हारी पसंदीदा लेमन मेरिंग पाई बनाई है। खा लो।’ योनी ने फ्रिज से निकालकर पाई का आधा कौर मुंह में रख लिया। फिर धीरे से कहा- ‘बहुत टेस्टी है। नहाकर आता हूं, फिर खाकर सो जाऊंगा।’ योनी बाथरूम में चले गए। 20 मिनट बाद जब कपड़े धोकर ब्रूरिया लौटी, तो देखा कि बाथरूम का दरवाजा अब भी बंद है। उसने आवाज लगाई- ‘योनी…इतनी देर से क्या कर रहे हो?’ अंदर से कोई आवाज नहीं आई। ब्रूरिया ने धीरे से धक्का दिया। दरवाजा खुल गया। योनी का सिर दीवार से टिका हुआ था। आंखें बंद थीं। ऊपर से शॉवर का पानी गिर रहा था। ब्रूरिया बुदबुदाई- ‘ओह योनी… तुम तो सो गए।’ उसने शॉवर बंद किया। योनी को बेडरूम तक ले गई और चादर ओढ़ाकर सुला दिया। इधर, प्रधानमंत्री दफ्तर में बैठे राबिन सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहे थे। टेबल पर रखी ऐशट्रे जली हुई सिगरेट के टुकड़ों से भरी थी। तभी विदेश मंत्री आलोन पहुंच गए। विदेश मंत्री को देखते ही राबिन ने कहा- ‘मैं मिलिट्री एक्शन लेने जा रहा हूं। एक ड्राफ्ट तैयार करो। कैबिनेट के सामने ब्रीफिंग देनी है।’ आलोन ने सहमति में सिर हिलाया और वहां से निकल गए। राबिन उन्हें छोड़ने के लिए लिफ्ट तक साथ आए। चलते-चलते राबिन ने कहा- ‘एक बात और... अगर यह मिशन नाकाम हुआ, तो मेरे इस्तीफे का ड्राफ्ट भी तैयार कर देना।’ आलोन ने हैरान होकर पूछा- ‘सर... आपकी नजर में नाकामी की परिभाषा क्या होगी?’ राबिन ने कहा- ‘अगर 25 लोग मारे जाते हैं, तो मैं इसे नाकाम मानूंगा। आंकड़ा इससे कम रहा, तो मैं इसे सफल मानूंगा।’ ‘कामयाबी के कितने चांस हैं?’ आलोन ने झिझकते हुए पूछा। राबिन ने गहरी सांस भरते हुए कहा- ‘मेरे हिसाब से 50-50.’ अब तक सुबह के 7 बज चुके थे। यानी हाईजैकर्स की डेडलाइन खत्म होने में अभी भी 24 घंटे से ज्यादा का वक्त बचा था। इधर, योनी की प्रेमिका ब्रूरिया हड़बड़ाकर नींद से जागी। शायद उसने कोई बुरा सपना देख लिया था। योनी उठ चुके थे और जैतूनी-हरे रंग की वर्दी पहन रहे थे। योनी ने शर्ट का बटन बंद करते हुए कहा- ‘अगर मैं रात तक वापस न लौटूं, तो समझ लेना कोई बड़ा मिशन शुरू हो चुका है।’ ब्रूरिया ने रुंधे गले से कहा- ‘यह एंटेबे वाले मामले से जुड़ा है न?’ योनी ने गहरी सांस ली और कहा- ‘हां।’ ब्रूरिया कुछ कहती, इससे पहले ही योनी ने उसे गले लगा लिया। धीमें से उसके कानों में कहा- ‘मैं लौटकर आऊंगा, इंतजार करना।’ योनी ने बैग उठाया और तेजी से बाहर निकल गए। पीछे-पीछे दौड़ती हुई ब्रूरिया चिल्लाई- ‘योनी रुको, तुम मोर को बाय कहना भूल गए।’ लेकिन योनी कार में बैठकर निकल चुके थे। दरअसल, मोर योनी का जर्मन शेफर्ड डॉग था। ब्रूरिया ने मोर को पुचकारते हुए कहा- ‘कोई नहीं बेटा… योनी लौटकर आएंगे तो तुम नाराजगी जता देना।’ ब्रूरिया को पता नहीं था कि योनी लौटेंगे तो जरूर, लेकिन मोर को मना नहीं पाएंगे… 3 जुलाई दोपहर 1 बजकर 40 मिनट का वक्त। इजराइल का बेन गुरियन एयरपोर्ट भट्टी की तरह धधक रहा था। पारा 40C के पार पहुंच चुका था। चार हरक्यूलिस C-130 विमान और करीब 190 इजराइली कमांडो रनवे पर खड़े थे। तभी एक चमचमाती हुई काली मर्सिडीज और पीछे-पीछे 2 लैंड रोवर गाड़ियां रनवे पर पहुंचीं। उसमें से 5-7 सैनिक उतरे और फौरन तीनों गाड़ियां एक विमान में लोड कर दी गईं। रनवे पर खड़े एक कमांडो ने दूसरे से पूछा- ‘ये गाड़ियां क्यों लोड की जा रही हैं? इनका क्या काम है?’ दूसरे ने कहा- ‘सब मोसाद का खेल है। देखो तो आगे होता क्या है।’ अब दुनिया का सबसे खतरनाक कमांडो मिशन शुरू हो चुका था। नाम- ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट।’ ये नाम इसलिए क्योंकि सबकुछ बिजली की रफ्तार से होना था। पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे थे जनरल डैन शैमरोन और ग्राउंड कमांडर थे योनी नेतन्याहू। योनी की टीम को ही सबसे पहले बंधकों तक पहुंचना था। दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर पहले विमान ने उड़ान भरी। पांच-पांच मिनट के फासले पर बाकी तीन विमान भी आसमान में थे। चारों विमानों ने शुरुआत में अलग-अलग दिशाएं पकड़ीं, फिर सब दक्षिण की ओर निकल गए। एक घंटे के बाद विमान दक्षिणी सिनाई के ओफिरा एयरबेस पर लैंड हुए। वहां फ्यूल भरा और ठीक साढ़े तीन बजे फिर से विमान आसामान में थे। अब मंजिल थी- एंटेबे एयरपोर्ट। इन चार विमानों के साथ दो बोइंग 707 विमान भी आसमान में गश्त लगा रहे थे। उनमें से एक उड़ता हुआ हाईटेक कमांड सेंटर था और दूसरा आधुनिक सुविधाओं से लैस मेडिकल हॉस्पिटल। करीब एक घंटे बाद योनी नेतन्याहू को थकान महसूस होने लगी। उन्होंने शैमरोन से कहा- ‘मुझे नींद आ रही है। सो जाऊं?’ शैमरोन ने मुस्कुराते हुए कॉकपिट के पिछले हिस्से की तरफ इशारा कर दिया- ‘तुम जाते वक्त सुस्ता लो, वापसी में मैं सो जाऊंगा।’ योनी बंक पर चढ़े, सिर के नीचे तकिया टिकाया और लेट गए। आंखें मूंदने से पहले उन्होंने नेविगेटर से कहा- ‘एंटेबे पहुंचने से आधे घंटे पहले मुझे जगा देना।’ रात के ठीक 10:30 बजे। नेविगेटर ने योनी का कंधा पकड़कर जोर से हिलाया- ‘योनी, उठ जाओ, हम विक्टोरिया झील के करीब पहुंच रहे हैं।’ योनी ने आंखें खोलीं और पूछा- ‘कितना वक्त बचा है?’ नेविगेटर ने कहा- ‘30 मिनट।’ योनी तुरंत बंक से नीचे उतरे। झटपट वर्दी ठीक की। साइलेंसर गन लोड किया और विमान में खड़ी मर्सिडीज की फ्रंट सीट पर जाकर बैठ गए। उन्होंने ड्राइवर से कहा- ‘फौरन इंजन स्टार्ट करो।’ मर्सिडीज की हेडलाइट्स जल उठीं। ठीक उसी पल पीछे खड़ी दो लैंड रोवर्स की बत्तियां भी जगमगा उठीं। रात ठीक 11 बजकर 1 मिनट पर पहले विमान के पहिए ने रनवे को छुआ। कोई आवाज नहीं हुई। होती भी कैसे, पहियों में हवा ही बहुत कम भरी गई थी। विमान के रुकने से पहले ही इजराइली कमांडो कूद पड़े। उन्होंने फौरन रनवे के दोनों किनारों पर जलती हुई लैंप रख दीं, ताकि युगांडा वाले एयरपोर्ट की लाइटें बंद कर दें, तो भी बाकी विमानों को उतरने में दिक्कत न हो। अगले ही पल, विमान से चमचमाती हुई काली मर्सिडीज निकली। ठीक इसी तरह की मर्सिडीज से तानाशाह ईदी अमीन चलता था। उसके पीछे दो लैंड रोवर गाड़ियां भी फर्राटा भरते हुए निकल पड़ीं। गाड़ियों की स्पीड बिल्कुल नाप-तोलकर उतनी ही रखी गई थी, जितनी ईदी अमीन के काफिले की हुआ करती थी- न ज्यादा तेज, न बहुत धीमी। काफिला चल पड़ा। ये मोसाद की चाल थी, ताकि युगांडा के सैनिकों को लगे कि उनके राष्ट्रपति का काफिला है, पर क्या युगांडा के सैनिक क्या इतने भोले थे? कहानी में आगे बढ़ते हैं… अभी काफिला कुछ ही कदम आगे बढ़ा था कि कंट्रोल टावर पर तैनात दो संतरियों की नजर मर्सिडीज पर पड़ी। एक ने कहा- ‘दादा ने तो सफेद मर्सिडीज ले ली है। इतनी रात को काली गाड़ी में कौन आ रहा है?’ दूसरे ने कहा- ‘टेंशन ना लो भाई… ये दादा की ही पुरानी गाड़ी है।’ तभी गाड़ियों की हेडलाइट उन पर चमकी। एक संतरी भागकर अंधेरे में छिप गया, लेकिन दूसरे ने राइफल तान दी और चिल्लाया- ‘आगे आओ’ फ्रंट सीट पर बैठे योनी ने ड्राइवर से कहा- ‘इसे शूट करो फौरन।’ बगल में बैठे डिप्टी कमांडर मुकी झट से बोल पड़े- ‘नहीं योनी फायर नहीं करना। यह उनकी रूटीन चेकिंग है।’ योनी ने डांटते हुए कहा- ‘इसे शक हो गया है।’ उन्होंने अपनी साइलेंसर गन निकाली और फायर कर दिया। गोली लगते ही संतरी जमीन पर गिर पड़ा। मर्सिडीज जैसे ही आगे बढ़ी पीछे से गोलियों की आवाज आने लगी। जख्मी संतरी फर्श पर पड़े-पड़े फायरिंग कर रहा था, तभी पीछे आ रही लैंड रोवर के कमांडो ने उसे वहीं ढेर कर दिया। अब ओल्ड टर्मिनल महज 50 गज की दूरी पर था। इसी टर्मिनल में बंधक थे। तीनों गाड़ियां आकर रुक गईं। सबकुछ सामान्य था। अब तक हाईजैकरों को भनक नहीं लगी थी। योनी ने कहा- ‘हेडलाइट बंद करो और सीधे टर्मिनल में घुस जाओ।’ हेडलाइट बंद कर दी गई। इजराइली सैनिक फायरिंग करते हुए टर्मिनल की तरफ दौड़ पड़े। तभी हाईजैकरों ने भी फायरिंग खोल दी। दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं। इजराइली डिप्टी कमांडर मुकी ने भागते-भागते एके-47 का ट्रिगर दबा दिया। 2 हाईजैकर वहीं ढेर हो गए। अब इजराइली कमांडो ओल्ड टर्मिनल के बिल्कुल करीब पहुंच चुके थे। योनी लगातार चिल्ला रहे थे- ‘आगे बढ़ो। आगे बढ़ो।’ डिप्टी कमांडर आगे बढ़े। टर्मिनल का पहला दरवाजा लॉक था। वो दौड़कर दूसरे गेट की तरफ भागे। इधर, योनी एंट्री गेट पर पहुंचकर फायरिंग के लिए मुड़े ही थे कि कंट्रोल टावर पर तैनात युगांडा के सैनिकों ने फायरिंग शुरू कर दी एक गोली सीधे योनी के सीने को चीरती हुई निकल गई। वे जमीन पर गिर पड़े। तभी बैकअप कर रहे इजराइली कमांडो ने कंट्रोल टावर पर खड़े गनमैन को मार गिराया। इसी बीच दो कमांडो योनी को उठाकर ले गए। डॉक्टर ने खून से लथपथ योनी की शर्ट काटकर पट्टियां बांधी, पर गोली अंदरूनी अंगों को छलनी कर चुकी थी। इधर, डिप्टी कमांडर और उनकी टीम टर्मिनल का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर दाखिल हो चुकी थी। हॉल में चारों तरफ दहशत पसरी हुई थी। बंधक गद्दों से मुंह ढंककर दुबके पड़े थे। तभी एक हाईजैकर ने खंभे के पीछे से ग्रेनेड फेंक दिया। उसके ब्लास्ट होते ही हॉल में आग लग गई। आग की लपटों के बीच हाईजैकर ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन इजराइली कमांडो ने उसे मार गिराया। इजराइली कमांडो को लगा कि अब सारे हाईजैकर मारे जा चुके हैं, लेकिन गद्दों के बीच दुबकी डेनिम स्कर्ट वाली लड़की अभी भी मौत का सामान थामे बैठी थी। कमांडो ने मेगाफोन पर आवाज लगाई- ‘नीचे लेटे रहो! हम इजराइली सैनिक हैं।’ तभी एक शख्स खड़ा होकर चिल्लाने लगा। कमांडो को लगा कि ये हाईजैकर है और ट्रिगर दबा दिया। वहा वहीं गिर पड़ा। तभी उसकी मां चिल्ला उठी- तुम लोगों ने ये क्या किया। ये इजराइली है। बेटा है मेरा। कमांडो ने कहा- ‘सॉरी, लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता। फटाफट सब बाहर निकलो, विमान तुम लोगों के इंतजार में खड़े हैं। जल्दी करो।’ लोग उठकर बाहर की तरफ भागने लगे। तभी डेनिम स्कर्ट वाली लड़की भीड़ से निकली और एक कमांडो पर झपट पड़ी। उसकी गन छीन ली और फायरिंग करने लगी। तभी पीछे से डिप्टी कमांडर ने उसे जोर से धक्का दिया और अपनी एके-47 की पूरी गोलियां उसके सीने में उतार दी। अब यात्री जैसे ही टर्मिनल से बाहर निकले, युगांडा के दर्जनभर सैनिकों ने फायरिंग शुरू कर दी। बंधकों और डिप्टी कमांडर की सांसें अटक गईं। एक पल के लिए लगा कि सबकुछ खत्म हो गया। तभी पीछे से इजराइली कमांडोज की एक दूसरी टुकड़ी आ गई। दोनों तरफ से करीब 10 मिनट तक फायरिंग होती रही। इसमें युगांडा के सभी सैनिक मारे गए। अब बंधकों को एक-एक करके विमान में बैठाया जाने लगा। कुछ ही देर में सभी बंधक विमान में सवार हो चुके थे। रनवे पर खड़े पहले विमान के पायलट ने चिल्लाते हुए पूछा- ‘क्या सभी बंधक आ गए हैं?’ लोडमास्टर ने जवाब दिया- ‘हां सब आ गए हैं।’ पायलट ने पूछा- ‘मुझे सटीक नंबर चाहिए। कितने लोग हैं। लिखकर दो।’ लोडमास्टर ने पर्ची थमाई- ‘102 जीवित और 3 मृत।’ इधर, योनी को बचाने की कोशिश जारी थी। सीपीआर दिया गया, खून चढ़ाया गया... लेकिन अब ये कमांडर गहरी नींद में सो चुका था। कभी ना जगने वाली नींद में। रात के ठीक 11 बजकर 40 मिनट पर, बंधकों और घायलों को लेकर पहला विमान उड़ चला, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई थी। आसामान में गश्त लगा रहे बोइंग 707 में बैठे जनरल कुटी एडम तक जैसे ही यह मैसेज पहुंचा, उन्होंने फौरन ऑर्डर दिया- ‘रनवे पर खड़े युगांडा के विमानों को तबाह कर दो।’ एयरपोर्ट पर 11 मिग लड़ाकू विमान खड़े थे। इजराइली कमांडो ने बम से सभी विमानों को उड़ा दिया। ताकि युगांडा की सेना उनका पीछा नहीं कर सके। इसके बाद बाकी के विमानों ने भी उड़ान भरनी शुरू की। रात 12:40 बजे अंतिम इजराइली विमान ने एंटेबे को अलविदा कह दिया। 1 घंटा 39 मिनट में ऑपरेशन थंडरबोल्ट पूरा हो चुका था। 4 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे सभी विमान तेल अवीव एयरपोर्ट पहुंचे। रनवे पर पीएम राबिन और उनके मंत्रियों के साथ हजारों इजराइली मौजूद थे। एयरपोर्ट तालियों और नारों से गूंज रहा था। जैसे ही विमानों के दरवाजे खुले और अपनों ने अपनों को देखा, लोग एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। एयरपोर्ट पर बंधकों के स्वागत के बाद प्रधानमंत्री ने जश्न मनाने के लिए विपक्ष के नेता मेनाखेम बेगिन को अपने दफ्तर बुलाया। बेगिन जैसे ही अंदर दाखिल हुए, राबिन ने मुस्कुराते हुए विस्की की बोतल उठा ली। बेगिन ने हाथ जोड़ते हुए कहा, ‘राबिन, मैं शराब नहीं पीता।’ राबिन ने ठहाका लगाया। उन्होंने एक ग्लास में विस्की उड़ेली और बेगिन की तरफ बढ़ा दी। बोले, ‘बेगिन साहब, समझ लो कि आप रंगीन चाय पी रहे हैं।’ इस तरह इजराइल और मोसाद का ऑपरेशन थंडरबोल्ट कामयाब हुआ। इसमें जान गंवाने वाले योनी नेतन्याहू के नाम पर उनके छोटे भाई बेंजामिन नेतन्याहू राजनीति में उतरे। 1996 में पहली बार इजराइल के पीएम बने। अभी भी वे उस पद पर कायम हैं। ऑपरेशन थंडरबोल्ट का पार्ट-1 भी पढ़िए : डेनिम स्कर्ट, हाथ में पिस्तौल, बॉयफ्रेंड के साथ प्लेन हाईजैक : पीरियड का खून दिखाकर एक महिला भाग निकली, फिर क्या हुआ; ऑपरेशन थंडरबोल्ट पार्ट-1 रेफरेंस : 1. Operation Thunderbolt: Flight 139 and the Raid on Entebbe Airport : By Saul David. 2. A State of Blood: The Inside Story of Idi Amin : By Henry Kyemba

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 5:32 am

72 घंटे में लिखी गई प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट:सीक्रेट मीटिंग, RSS की सलाह, 3 दिन में कैसे बदला खेल

22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। फिर RSS और BJP की एक मीटिंग हुई और कुर्सी डगमगाने लगी। शाह अब भी साथ थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट हट चुका था। RSS के 5 पदाधिकारियों की मोदी-शाह से मीटिंग RSS की तरफ से सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और कृष्ण गोपाल के साथ दो और पदाधिकारी मौजूद थे। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा मौजूद थे। ये मीटिंग न BJP दफ्तर में हुई और न ही संघ कार्यालय में। वजह थी, इस मीटिंग और उसमें हुई बातों को सीक्रेट रखना। इस मीटिंग के बारे में किसी को खबर नहीं थी। तय हुआ PM मोदी तुरंत रात में ही जेन जी के अंदाज में बात करें सोर्स ने बताया इसी मीटिंग में तय हुआ कि PM मोदी तुरंत यानी रात में ही जेन जी के सबसे फेवरेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बात करेंगे। भाषा भी ऐसी हो जो जेन जी तक पहुंचे। ये तक तय हुआ कि PM निश्चिंत न दिखें। चेहरे पर चिंता और आंखों में नींद दिखे, ताकि मैसेज जाए कि वे स्टूडेंट्स की फिक्र में सोए नहीं। ऐसा इंस्टाग्राम की पोस्ट में झलका भी। इस्तीफे की स्क्रिप्ट भी तभी लिखी गई... संघ के प्रतिनिधियों ने सधी शैली में कहा कि धर्मेंद्र के इस्तीफे पर विचार करना चाहिए। आंदोलन भड़क रहा है। यूपी-पंजाब में चुनाव है। बिहार में सरकार अभी स्थिर नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर ये आंदोलन वाकई नेपाल के जेन जी जैसा हुआ, तो सरकार कठिनाई से घिर जाएगी। आखिर में कहा गया कि ये संघ का स्पष्ट विचार है। इसके लिए 5 दिन यानी 27 जुलाई तक हमें देखना चाहिए कि पूरे देश से रिपोर्ट क्या आती है। अगर आंदोलन दब गया तो ठीक नहीं तो सोमवार को इस्तीफा दिलाना चाहिए। इन 5 दिनों में हमें पहले हर संभव कोशिश करनी चाहिए। जैसे- 1. सरकार और PM के पक्ष में नरेटिव तैयार करें। 2. ABVP के छात्रों को प्रोटेस्ट में शामिल करना ताकि वे आंदोलन में शामिल स्टूडेंट्स को समझाएं या अंदर ही अंदर आंदोलन के भीतर मतभेद पैदा करें। 3. आंदोलन में टूट डालें, जैसे विपक्ष अलग हो जाए, वांगचुक अलग और दीपके अलग। प्लान पर शुरू हुआ काम 1. दूसरे दिन रात में वांगचुक का अनशन तुड़वा दिया गया। ये मुश्किल नहीं था क्योंकि वांगचुक तैयार थे। 2. नरेटिव बनने लगा। ABVP के छात्रों तक मैसेज भेजना शुरू हुआ। 3. 25 जुलाई को ABVP से जुड़े करीब 150 स्टूडेंट्स प्रयागराज से दिल्ली पहुंचे। सुबह से जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो गए। जिला स्तर पर तो 23 जुलाई से ही छात्र एक्टिव हो गए थे। BJP प्लान में फेल भी पास भी सोर्स बताते हैं, ‘वांगचुक और दीपके के बीच दरार पड़ गई। वांगचुक पर डील करने के आरोप लगे। BJP इसमें कामयाब रही, लेकिन आंदोलन को बढ़ने से नहीं रोक पाई। दूसरी तरफ, ABVP की तरह समाजवादी पार्टी की यूथ विंग एक्टिव हो गई। मैसेजिंग हुई कि हर जिले में 500 युवा इकट्ठे हों। दिल्ली में जंतर-मंतर के साथ बिहार, यूपी में भी प्रदर्शन की आग बढ़ने लगी। डेडलाइन से 2 दिन पहले हो गया इस्तीफा... आंदोलन भड़का तो RSS ने और स्पष्ट मैसेज भेजा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी संदेश दिया कि जेन जी से संवाद करना चाहिए। हमारी पीढ़ी अलग थी। हम आदेश मानते थे। ये पीढ़ी संवाद चाहती है। जेन जी को उनके तरीके से समझाकर हम रास्ते में ला सकते हैं। भागवत ने मीडिया में ये बोलने से पहले ही संदेश PM और गृहमंत्री को भेज दिया था। RSS ने साफ कहा कि अब अगर ये आंदोलन बढ़ा तो सरकार संकट में आ जाएगी। सिर्फ मोदी, शाह और RSS को पता था कब इस्तीफा होगा 22 जुलाई की मीटिंग में BJP की तरफ से जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा भी थे। हालांकि, प्रधान का इस्तीफा हुआ तो इसकी जानकारी सिर्फ अमित शाह, नरेंद्र मोदी और RSS को थी। BJP दफ्तर के अंदर तो किसी को खबर तक नहीं थी। नड्डा और जितेंद्र सिंह को भी तुरंत हुए इस इस्तीफे की खबर बाद में पता चली। इससे पहले किसान आंदोलन से बैकफुट में आई थी सरकार इससे पहले किसान आंदोलन के हिंसक होने के बाद सरकार ने बिल वापस लिए थे। आंदोलनकारियों के सामने झुकने का ये दूसरा मौका है। सूत्र ने कहा, आप इसे झुकना कह रही हैं, मैं रणनीति कह रहा हूं। किसान आंदोलन की वजह से बिल वापस लिए गए। उसके बाद फिर कोई किसान आंदोलन दिखा क्या। अभी शांति जरूरी थी, सो इस्तीफा ले लिया। हालांकि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 5:31 am

‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहली सीढ़ी’:CJP के प्रवक्ता बोले- इस्तीफे के बाद रुकेंगे नहीं, पुलिसवालों का भी हिसाब होगा

35 दिन का धरना, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, संसद मार्च, लाठीचार्ज, वांगचुक का अनशन खत्म होना और आखिर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें मनवा लीं। प्रदर्शन खत्म हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा, हम कॉकरोच हैं, एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है।’ आगे क्या होगा, इस पर दैनिक भास्कर ने पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष राकां और सौरव दास से बात की। पहले आशुतोष की बात सवाल: आप लोगों ने आंदोलन को यहां तक पहुंचाया है। कैसा महसूस होता है? जवाब: लोग अपने हक के लिए लड़ना सीख रहे हैं। मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं। दो महीने पहले इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। डेढ़ महीने पुराना ऑर्गेनाइजेशन इतना बड़ा आंदोलन करता है, तो शुरुआत में नयापन होता है। लोगों को इंटरेस्ट रहता है। इसके बाद भरोसा बहुत जरूरी है। इसी पर लोग आना शुरू होते हैं। पिछले एक-डेढ़ महीने में आंदोलन की क्रेडिबिलिटी बढ़ी है। लोगों को लगता है कि ये प्लेटफार्म कुछ बड़ा करने की कोशिश कर रहा है। व्यवस्था बदलने की कोशिश कर रहा है। सवाल: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने के बाद क्या आपकी पार्टी खत्म हो जाएगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। ये तो शुरुआत है। देश के लिए बहुत सपने हैं। ये बस पहली सीढ़ी है। उसके बाद कई काम है। शिक्षा व्यवस्था पर काम करेंगे। सवाल: भविष्य में कॉकरोच जनता पार्टी को किस तरीके से देख रहे हैं और क्या प्लान है? जवाब: यह ऐसा मंच बने, जहां युवा बिना किसी डर या झिझक के अपने मुद्दे उठा सकें, जहां हम सरकार को उसके फैसलों और कामकाज के लिए जवाबदेह ठहरा सकें। सवाल: प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुईं साक्षी अब भी ICU में हैं। उनके लिए आप लोग क्या कर रहे हैं? जवाब: हमारी टीम लगातार उनके संपर्क में है। सौरभ उनके भाई से बात कर रहे हैं। अच्छी बात है कि उनकी हालत स्थिर है। वह बोल पा रही है। अभी वेंटिलेटर पर है। उन्हें जो भी मेडिकल या लीगल हेल्प चाहिए होगी, हम देंगे। सवाल: लोग कह रहे हैं कि अभिजीत में नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है? जवाब: लोग नहीं कह रहे हैं राइटविंग मीडिया और आईटी सेल का एक हिस्सा ये बात कह रहा है। उस शख्स ने अपनी जिंदगी को खतरे में डाला है। प्रोफेशनल करियर दांव पर लगाया है। एक-डेढ़ महीने में देश की पूरी जनता को जगाया है। उससे ज्यादा आप एक लीडर से क्या उम्मीद करते हो, मुझे नहीं पता। दीपके से मेरी दोस्ती सात साल पुरानी है, लेकिन पिछले डेढ़ महीने में मैंने उस व्यक्ति को जो करते देखा है, जिस हालत में देखा है, लड़ते हुए, रोते हुए, समझाते हुए देखा है। मेरा मानना है कि इस दौर में इससे बेहतर नेतृत्व नहीं मिल सकता था। वह हर दिन बेहतर नेता बन रहा है। अब सौरव दास की बात सवाल: आप पहली बार जेपी नड्डा से मिलने गए थे, तब आपके फोन रखवाए गए थे? जवाब: हां। जाते ही हमारा फोन जब्त कर लिया गया। कहा कि अलाउड नहीं है। ठीक है कोई बात नहीं। सिक्योरिटी सिचुएशन को समझते हैं। फिर बहुत देर इंतजार ही करा रहे थे। हमने कहा कि हम फोन इस्तेमाल कर लेते हैं, टीम के लोगों से बात कर लेते हैं। देख लेते हैं सिचुएशन क्या है। वे अलाऊ नहीं कर रहे थे। फिर हमने कहा कि हम यहीं धरना दे देंगे, फिर उन्होंने अलाऊ किया। फिर नड्डा जी से बात हुई और हम वापस आ गए। सवाल: लोग कह रहे हैं कि अभिजीत दीपके लीडर जैसे नहीं लगते, इसलिए उन पर भरोसा नहीं हो रहा? जवाब: हमने यहां 32-33 दिन से ज्यादा प्रोटेस्ट कर लिया। ये नहीं हो पाता अगर लीडरशिप नहीं होती। यहां जितने भी लोग हैं, सभी में लीडरशिप क्वालिटीज है। हां, हम लोग पहली बार प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता इतिहास में ऐसा हुआ होगा कि तीन लोग जो इतने यंग है, उन्हें इतनी भीड़ हैंडल करने को मौका मिला। हम इस जिम्मेदारी को समझते हैं। हम लोग एक-दूसरे की सलाह से ही फैसले लेते हैं। सवाल: आप तीनों कैसे काम करते हैं, किसके पास क्या जिम्मेदारी है? जवाब: तीनों काम बांट लेते हैं। सरकार से बातचीत करने के लिए मैं और आशु चले जाते हैं। अभिजीत और मैं लीगल चीजों पर काम करते हैं। सवाल: जेपी नड्‌डा से मिलने अभिजीत क्यों नहीं गए? जवाब: लोग ऐसे ही बोल रहे हैं कि 20 जुलाई को लीडरशिप नहीं थी। अभिजीत यहां से चले जाते, तो फिर लगता वे भागकर चले गए। सवाल: CJP और इस आंदोलन का भविष्य क्या देख रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा से सब खत्म हो जाएगा? जवाब: प्रदर्शन खत्म हो जाएगा, लेकिन आंदोलन चलता रहेगा। प्रोटेस्ट के दौरान सोनम वांगचुक के साथ JNU स्टूडेंट नेहा 23 दिन भूख हड़ताल पर रहीं। हमने उनसे भी बात की। सवाल: अब तक का सफर कैसा रहा, अभिजीत दीपके और पूरी टीम कैसे साथ आई? जवाब: मैं अंडरग्रेड के तीसरे साल से स्टूडेंट एक्टिविज्म में हूं। 2019-19 का इक्वल सिटीजनशिप आंदोलन, किसान आंदोलन और रेसलर्स प्रोटेस्ट देखा। इनसे सीख मिली कि अगर हम चाहें तो व्यवस्था पर न सिर्फ सवाल उठा सकते हैं, बल्कि उसमें दखल भी दे सकते हैं। ये तमाम लड़ाइयां हम लोग लंबे समय से लड़ रहे हैं। हम हमेशा से चाहते थे कि एजुकेशन के मुद्दे पर सीरियस बातचीत हो। अभिजीत ने हमसे बात की और कहा कि वे दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले हैं और चाहते हैं स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन उसका हिस्सा बने। हमारी मीटिंग हुई। इसमें बात हुई कि सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठेंगे, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए। हमने बतौर स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन अनशन में शामिल होने का फैसला लिया। सवाल: अभिजीत से पहली मुलाकात कैसे हुई थी? जवाब: वे जब अमेरिका से प्लेन पकड़कर जंतर-मंतर पर आए थे। उन्होंने कहा कि मैं जेट लैग में हूं। सिर दर्द हो रहा है। कुछ खाया नहीं है। उसी बदहाल हालत में हम उनसे पहली बार मिले थे। फोन पर बात हुई थी। मिले हम उसी प्रोटेस्ट में थे। सवाल: कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर क्या प्लानिंग है? जवाब: मैं कॉकरोच जनता पार्टी का हिस्सा नहीं हूं। मैं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन से हूं। हम लोगों का वर्किंग रिलेशनशिप है क्योंकि ये मूवमेंट बहुत ज्यादा जरूरी है। कॉकरोच जनता पार्टी बेहतर काम करें, लड़े। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। सवाल: AISA और कॉकरोच जनता पार्टी का साथ बस यहीं तक था? जवाब: जब भी ऐसे मुद्दे उठेंगे, जिसमें हम दोनों को साथ आकर लड़ाई मजबूत करना है तो हम जरूर साथ आएंगे। ………………….. नोट: आशुतोष और सौरव से बातचीत धरना खत्म होने से पहले हुई थी। नेहा से धरना खत्म होने के बाद बात हुई।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 5:28 am

RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’युवा मैराथन

राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भारत का युवा : निम्बाराम झुंझुनूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर एक दौड़ राष्ट्र के नाम युवा मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने और भारत माता के चित्र के समक्ष […] The post RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’ युवा मैराथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:30 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:20 pm

झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज

झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के बुहाना थाना क्षेत्र में पथाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक 59 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षक पर 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यालय […] The post झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 8:57 pm

ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान

वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन से लौटते समय कथित ईरानी हमले की आशंका के कारण पुराने एयर फोर्स वन विमान का इस्तेमाल किया था। सीबीएस न्यूज ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी खुफिया एजेंसियों को […] The post ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:59 pm

आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी

नई दिल्ली। कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को कहा कि उनके आंदोलन के पीछे न तो कोई विदेशी हाथ था और न ही विदेशी धन, यह केवल देश के विद्यार्थियों का आंदोलन था। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास तथा आशुतोष रांका ने कहा कि राजधानी में जन्तर मंतर पर उनके धरने दौरान कुछ उपद्रवी […] The post आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:43 pm

नरसिंहपुर : 5 युवकों की मौत दुर्घटना से नहीं हुई, डम्पर से कुचल कर की हत्या

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सुआतला पुलिस थाना के हाथीनाला वॉटरफॉल में पिकनिक मना कर वापस आते समय 19 जुलाई को पांच युवकों की मौत डम्पर के टकराने पर हो गई थी और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऋषिकेश मीना ने शनिवार को […] The post नरसिंहपुर : 5 युवकों की मौत दुर्घटना से नहीं हुई, डम्पर से कुचल कर की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:36 pm

सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देश भर में जारी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने के बाद दिल्ली मेट्रो ने बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार शनिवार शाम खोल दिए। सीजेपी से संसद मार्च के दिन से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए […] The post सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:28 pm

‘कॉकरोचों’ ने बीजेपी सरकार पर 5 बड़े डेंट मारे:‘ये सरकार झुकती नहीं’ का नैरेटिव टूटा; क्या प्रधान के इस्तीफे के बाद डैमेज कंट्रोल होगा

12 साल पुरानी केंद्र की मोदी सरकार- सख्त, अडिग और किसी भी दबाव में न झुकने वाली। मामला चाहे CAA-NRC प्रोटेस्ट का हो या संसद में बीच सत्र से 146 विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन या फिर राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर दी गई हो। सरकार किसी विरोध के आगे कमजोर पड़ते नहीं दिखी। किसी मंत्री पर इस्तीफे का दबाव बना, तो कहा गया- ‘भैया यहां इस्तीफे नहीं होते।’ लेकिन 12 साल में पहली बार कॉकरोच पार्टी ने मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम से कौन-से 5 बड़े डेंट लगे और क्या सरकार इससे उबर पाएगी; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या इस डेंट का असर आने वाले चुनावों पर पड़ेगा? जवाब: उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 में खत्म हो रहा है। यहां फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव हो सकते हैं। VoteVibe के फाउंडर और इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट के दौरान सरकार ने राहुल गांधी या विपक्षी से कोई बातचीत नहीं की। उसने CJP के युवा नेताओं के साथ डील करके उनकी मांगें मान लीं, ताकि विपक्ष इसे अपनी जीत न दिखा सके। जबकि कॉकरोच पार्टी कोई चुनावी मंच नहीं, बल्कि यूथ प्लेटफॉर्म है। इसलिए सीधे तौर पर बीजेपी को कोई चुनावी नुकसान होता नहीं दिखता। विपक्ष को तब फायदा हो सकता था, जब उसने मांगें न मानी होतीं।' अमिताभ के मुताबिक, ‘राम मंदिर चंदाचोरी और फिर इस मामले में युवाओं के एकजुट प्रोटेस्ट से बीजेपी के सामने हिंदुत्व, हिंदू-मुस्लिम बाइनरी और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को लेकर एक नई चुनौती है, लेकिन बीजेपी को कोई चुनावी घाटा नहीं होगा। हर राज्य के चुनावी फैक्टर अलग हैं। पंजाब में सिख बनाम अन्य की राजनीति है। उत्तराखंड में मुस्लिम सिर्फ 15% है। वहां हिंदुत्व का मुद्दा नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में भी जातीय फैक्टर ज्यादा रोल निभाता है।’ कांग्रेस को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल कहते हैं, ‘आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका कोई असर नहीं दिखता है। पीएम मोदी के चेहरे या केंद्र सरकार के कामकाज के बजाय राज्यों में लोकल मुद्दे ज्यादा प्रभावी होते हैं।’ हालांकि आदेश ये भी कहते हैं कि युवाओं में जिस तरह का रोष है और वो जारी रहता है, तो उसका इलेक्टोरल टेस्ट 2029 के लोकसभा चुनाव में होगा। सवाल-2: क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार डैमेज कंट्रोल कर लेगी? जवाब: धर्मेंद्र के इस्तीफे के अलावा सरकार ने कॉकरोच पार्टी की बाकी दोनों मांगें भी मान ली हैं- प्रोटेस्टर्स पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और NEET पेपर लीक के चलते जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा मिलेगा। आदेश रावल कहते हैं, ‘बीजेपी हिंदुत्व, राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों से जुड़ा विरोध होता, तो बिना किसी डैमेज के मैनेज कर लेती, लेकिन इस बार मुद्दा उनके सिलेबस से बाहर का था। इस्तीफा दिया नहीं गया, बल्कि छात्रों ने इस्तीफा लिया है। पीएम मोदी को 2 दिन में बार-बार झुकना पड़ा। सारी मांगें माननी पड़ीं। वैचारिक तौर पर कुछ डैमेज ऐसा जरूर हुआ है, सरकार का मनोबल भी टूटा है, लेकिन ये डैमेज कंट्रोल हो जाएगा। आदेश जोड़ते हैं कि बीजेपी अपनी भूल में तुरंत सुधार करना भी जानती है। देश के लोगों की याद्दाश्त बहुत लंबी नहीं है। सरकार संसद सत्र में परिसीमन बिल आदि ला सकती है, इससे पूरा ध्यान उस पर चला जाएगा। ------------------ ये खबर भी पढ़िए… इन 5 वजहों से घबराई सरकार, तब हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; नहीं झुकते तो क्या हो जाता, आखिरकार आंदोलन खत्म शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे ही दिया। जंतर-मंतर पर 35 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और देश-दुनिया के कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन से सरकार दबाव में थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 7:17 pm

सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा और सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद शनिवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया। राजधानी में […] The post सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:36 pm

जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव उसके घर के बाहर बने मड़हे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक की पहचान भलुवाही गांव निवासी चंद्रदीप गौतम (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके चचेरे मामा को गिरफ्तार कर लिया […] The post जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:27 pm

RSS की सख्ती ने लिखी प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल

22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह की जिद और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। 22 जुलाई की रात 10.30 बजे एक मीटिंग हुई और ये कुर्सी डगमगाने लगी। मीटिंग RSS और BJP के बीच थी। शाह अब भी जिद पर अड़े थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट अब हट चुका था। RSS के 5 पदाधिकारियों की मोदी-शाह से मीटिंग RSS की तरफ से सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और कृष्ण गोपाल के साथ दो और पदाधिकारी मौजूद थे। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा मौजूद थे। ये मीटिंग न BJP दफ्तर में हुई और न ही संघ कार्यालय में। वजह थी, इस मीटिंग और उसमें हुई बातों को सीक्रेट रखना। इस मीटिंग के बारे में किसी को खबर नहीं थी। सोर्स ने बस इतना कहा कि मीटिंग शामिल लोगों में से किसी एक के घर पर हुई थी। तय हुआ PM मोदी तुरंत रात में ही जेन जी के अंदाज में बात करें सोर्स ने बताया इसी मीटिंग में तय हुआ कि PM मोदी तुरंत यानी रात में ही जेन जी के सबसे फेवरेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बात करेंगे। भाषा भी ऐसी हो जो जेन जी तक पहुंचे। ये तक तय हुआ कि PM डेकोरेट या निश्चिंत न दिखें। चेहरे पर चिंता और आंखों में नींद दिखे, ताकि मैसेज जाए कि वे स्टूडेंट्स की फिक्र में सोए नहीं। ऐसा इंस्टाग्राम की पोस्ट में झलका भी। इस्तीफे की स्क्रिप्ट भी तभी लिखी गई... संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी सधी शैली में कहा कि धर्मेंद्र के इस्तीफे पर विचार करना चाहिए। आंदोलन भड़क रहा है। यूपी-पंजाब में चुनाव है। बिहार में सरकार अभी स्थिर नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर ये आंदोलन वाकई नेपाल के जेन जी जैसा हुआ, तो सरकार कठिनाई से घिर जाएगी। आखिर में कहा गया कि ये संघ का स्पष्ट विचार है। इसके लिए 5 दिन यानी 27 जुलाई तक हमें देखना चाहिए कि पूरे देश से रिपोर्ट क्या आती है। अगर आंदोलन दब गया तो ठीक नहीं तो सोमवार को इस्तीफा दिलाना चाहिए। इन 5 दिनों में हमें पहले हर संभव कोशिश करनी चाहिए। जैसे- 1. सरकार और PM के पक्ष में नरेटिव तैयार करें। 2. ABVP के छात्रों को प्रोटेस्ट में शामिल करना ताकि वे आंदोलन में शामिल स्टूडेंट्स को समझाएं या अंदर ही अंदर आंदोलन के भीतर मतभेद पैदा करें। 3. आंदोलन में टूट डालें, जैसे विपक्ष अलग हो जाए, वांगचुक अलग और दीपके अलग। प्लान पर शुरू हुआ काम 1. दूसरे दिन रात में वांगचुक का अनशन तुड़वा दिया गया। ये मुश्किल नहीं था क्योंकि वांगचुक तैयार थे। 2. नरेटिव बनने लगा। ABVP के छात्रों तक मैसेज भेजना शुरू हुआ। 3. 25 जुलाई को ABVP से जुड़े करीब 150 स्टूडेंट्स प्रयागराज से दिल्ली पहुंचे। सुबह से जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो गए। जिला स्तर पर तो 23 जुलाई से ही छात्र एक्टिव हो गए थे। BJP प्लान में फेल भी पास भी सोर्स बताते हैं, ‘वांगचुक और दीपके के बीच दरार पड़ गई। वांगचुक पर डील करने के आरोप लगे। BJP इसमें कामयाब रही, लेकिन आंदोलन को बढ़ने से नहीं रोक पाई। दूसरी तरफ, ABVP की तरह समाजवादी पार्टी की यूथ विंग एक्टिव हो गई। मैसेजिंग हुई कि हर जिले में 500 युवा इकट्ठे हों। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आग बुझ रही थी, लेकिन बिहार, यूपी में आग बढ़ने लगी। डेडलाइन से 2 दिन पहले हो गया इस्तीफा... आंदोलन भड़का तो RSS ने और स्पष्ट मैसेज भेजा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने संदेश दिया कि जेन जी से संवाद करना चाहिए। हमारी पीढ़ी अलग थी। हम आदेश मानते थे। ये पीढ़ी संवाद चाहती है। जेन जी को उनके तरीके से समझाकर हम रास्ते में ला सकते हैं। ये संदेश सरकार और प्रधानमंत्री के नाम था। भागवत ने मीडिया में ये बोलने से पहले ही ये संदेश PM और गृहमंत्री को भेज दिया था। RSS ने साफ कहा कि अब अगर ये आंदोलन बढ़ा तो सरकार संकट में आ जाएगी। सिर्फ मोदी, शाह और RSS को पता था कि आज इस्तीफा होगा 22 जुलाई की मीटिंग में BJP की तरफ से जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा भी थे। हालांकि, प्रधान का इस्तीफा हुआ तो इसकी जानकारी सिर्फ अमित शाह, नरेंद्र मोदी और RSS को थी। BJP दफ्तर के अंदर तो किसी को खबर तक नहीं थी। नड्डा और जितेंद्र सिंह को भी तुरंत हुए इस इस्तीफे की खबर बाद में पता चली। अब कौन/ होगा शिक्षा मंत्री सूत्र के हिसाब से फिलहाल आंदोलन में विपक्ष, स्टूडेंट्स और सरकार के बीच की कड़ी बने जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा का नाम लिस्ट में सबसे आगे है। दोनों मंत्री विनम्र और बेदाग माने जाते हैं। पूरे आंदोलन में भी इन्होंने जिस तरह से मध्यस्थता का काम किया, उसकी सरहाना RSS और BJP के शीर्ष नेतृत्व ने की। इनके अलावा भी दावेदार हैं… इससे पहले किसान आंदोलन से बैकफुट में आई थी सरकार इससे पहले किसान आंदोलन के हिंसक होने के बाद सरकार ने बिल वापस लिए थे। आंदोलनकारियों के सामने झुकने का ये दूसरा मौका है। सूत्र ने कहा, आप इसे झुकना कह रही हैं, मैं रणनीति कह रहा हूं। किसान आंदोलन की वजह से बिल वापस लिए गए। उसके बाद फिर कोई किसान आंदोलन दिखा क्या। अभी शांति जरूरी थी, सो इस्तीफा ले लिया। हालांकि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 6:18 pm

सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट

सीकर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सीकर जिले के नीमकाथाना में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) संख्या-एक न्यायालय के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि राठौड़ को शुक्रवार रात रेलवे स्टेशन […] The post सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:06 pm

उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर शहर के पिछोला झील में शनिवार को एक बालिका की डूबकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली निवासी सोनू सिंह तंवर अपनी पत्नी और दो वर्षीय बच्ची के साथ उदयपुर घूमने आए थे। यह परिवार यहां पिछोला झील के किनारे होटल जगत निवास में ठहरा था। सुबह वह […] The post उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:57 pm

सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि छात्रों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। सीजेपी के नेताओं ने शनिवार को यहां जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों की तीन […] The post सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:50 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आखिरकार हारकर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंप दिया लेकिन यह बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। डोटासरा ने प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:41 pm

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा है कि यह केवल शुरुआत है और असली लड़ाई तो अभी बाकी है। पार्टी ने कहा कि पहली मांग मान ली गई है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं […] The post धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:35 pm

Weekly Horoscope: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि के खुलेंगे भाग्य

12 Zodiac Weekly Horoscope: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का सप्ताह जुलाई और अगस्त के संधिकाल का महत्वपूर्ण समय है। इस सप्ताह ग्रहों के गोचर और चंद्रमा की बदलती स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। किसी के लिए यह सप्ताह करियर में नई उपलब्धियां लेकर आएगा, तो किसी के लिए आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत देगा। प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश से जुड़े मामलों में भी ग्रहों की चाल अहम भूमिका निभा सकती है। यदि आप आने वाले सप्ताह की संभावनाओं, चुनौतियों और शुभ अवसरों के बारे में पहले से जानना चाहते हैं, तो 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का यह साप्ताहिक राशिफल आपकी योजना बनाने में मददगार साबित होगा। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए यह सप्ताह कैसा रहने वाला है... ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान साप्ताहिक राशिफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आपके लिए करियर और व्यवसाय में उल्लेखनीय प्रगति लेकर आ सकता है। प्रभावशाली लोग आपकी क्षमता से प्रभावित होंगे और आपको सम्मान की दृष्टि से देख सकते हैं। घर-परिवार का माहौल शांत और सुखद रहेगा, जिससे मन को सुकून मिलेगा। आर्थिक रूप से फिजूलखर्ची चिंता का कारण बन सकती है, इसलिए निवेश योजनाओं की दोबारा समीक्षा करना बेहतर रहेगा। रिश्तों में संवाद की कमी दूरियां बढ़ा सकती है, इसलिए दिल की बात खुलकर कहने का प्रयास करें। काम का बढ़ता दबाव थकान दे सकता है, इसलिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को हर पहलू की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। संपत्ति से जुड़े मामलों में किसी बुजुर्ग की राय या हस्तक्षेप धैर्य की परीक्षा ले सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा और आपका आकर्षक व्यक्तित्व नए मित्र भी दिला सकता है। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: येलो वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों से मिलने वाला सहयोग और भरोसा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। बच्चों के साथ आनंदपूर्ण समय बिताने से घर का वातावरण खुशहाल बना रहेगा। यह सप्ताह व्यस्तता से भरा रह सकता है, इसलिए बेहतर योजना और धैर्य की आवश्यकता होगी। प्रेम संबंधों में यदि नीरसता आ गई है तो रिश्ते में नई ऊर्जा भरने की जरूरत होगी। अत्यधिक मेहनत या लापरवाही स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, क्योंकि छोटी गलती भी परेशानी बढ़ा सकती है। प्रियजनों के साथ छोटी यात्रा आपको तनाव से दूर कर ताजगी दे सकती है। संपत्ति से जुड़े विवादों को समय पर सुलझाने में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह मददगार साबित होगी। विद्यार्थी एकाग्रता बनाए रखकर शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ग्रीन मिथुन (21 मई – 21 जून) नौकरी में बदलाव आपके लिए बेहतर वेतन और नए अवसर लेकर आ सकता है। आय के एक से अधिक स्रोत आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएंगे और बचत बढ़ाने में मदद करेंगे। प्रेम संबंधों में गलतफहमियों को समय रहते दूर करना जरूरी होगा, अन्यथा दूरियां बढ़ सकती हैं। परिवार और रिश्तेदारों के साथ बिताया गया समय भावनात्मक संतोष देगा। करीबी दोस्तों से मुलाकात आपको मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करेगी। यात्रा की योजनाएं अच्छी तरह पूरी होती दिखाई दे रही हैं। संपत्ति से जुड़े लेन-देन से धीरे-धीरे लाभ मिलने के संकेत हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए समय सकारात्मक रहेगा। खुद को आराम देने और तनाव कम करने के लिए मसाज या विश्राम चिकित्सा लाभदायक साबित हो सकती है। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: ऑरेंज कर्क (22 जून – 22 जुलाई) नियमित खान-पान और फिटनेस पर ध्यान देने का सकारात्मक असर इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण वरिष्ठों की प्रशंसा दिला सकते हैं। प्रेम जीवन से जुड़ी कोई अच्छी खबर आप अपनों के साथ साझा करने को उत्साहित रहेंगे, हालांकि सबकी प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, अन्यथा आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। यात्रा योजनाओं में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए लचीला रवैया अपनाएं। संपत्ति से जुड़े मामलों में आपके पक्ष में परिणाम आने की संभावना है। विद्यार्थियों को कठिन विषयों को समझने में आसानी होगी। सामाजिक रिश्तों में बेहतर समझ और सहयोग आपको भावनात्मक मजबूती प्रदान करेगा। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सैफ्रन सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) अनुशासित दिनचर्या इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। सहकर्मियों के साथ सार्थक बातचीत आपको कार्यक्षेत्र में नए दृष्टिकोण और उपयोगी जानकारी प्रदान करेगी। विवाहित जीवन में प्रेम और अपनापन बढ़ेगा तथा साथी के साथ खूबसूरत पल बिताने का अवसर मिलेगा। घर का वातावरण खुशहाल रहेगा और सभी सदस्य उत्साहित नजर आएंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक होगा और छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने से बचें। अच्छी योजना के साथ बनाई गई छुट्टियां अधिक आनंददायक साबित होंगी। संपत्ति खरीदने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थी अपने प्रदर्शन से संतुष्ट रहेंगे। प्रियजनों के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा और भावनात्मक संतुलन बना रहेगा। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: पर्पल कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) इस सप्ताह साथी के प्रति बढ़ती रुचि और समझ आपके रिश्ते को और गहरा बना सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और छोटी-मोटी खुशियों पर खर्च करने से बचत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। आपके प्रयासों को मिलने वाली सराहना आत्मविश्वास बढ़ाएगी। तनाव कुछ हद तक बना रह सकता है, इसलिए पर्याप्त नींद और खुद की देखभाल पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर अधिक निगरानी या दबाव आपकी उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए व्यवस्थित रहना जरूरी होगा। यात्रा करते समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े मामलों में दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है। कुछ विद्यार्थियों को अपेक्षित परिणाम पाने के लिए बेहतर योजना और अधिक मेहनत की आवश्यकता होगी। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: सैफ्रन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन आपको अपने लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मदद करेगा। जीवनशैली में किए गए छोटे-छोटे बदलाव स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डालेंगे। प्रेम जीवन में किसी भी बात को लेकर जल्द निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि गलतफहमियां आसानी से पैदा हो सकती हैं। आर्थिक मामलों में जल्दी अमीर बनने वाली योजनाओं और जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी समझ और निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी, जिससे आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। छोटी यात्रा आपके मन को ताजगी दे सकती है और नया दृष्टिकोण प्रदान करेगी। संपत्ति से जुड़े मामले आपके पक्ष में सुलझते दिखाई दे रहे हैं। विद्यार्थी अपनी रचनात्मक सोच और नए विचारों से प्रभावित करेंगे। धैर्य ही इस सप्ताह आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: वायलेट वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) इस सप्ताह आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और एक से अधिक स्रोतों से धन प्राप्त होने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में पहल करने से आपको बेहतर पद या वेतन वृद्धि का अवसर मिल सकता है। प्रेम संबंधों में स्पष्टता की कमी तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते ध्यान दें। परिवार के सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियों में व्यस्त रह सकते हैं, जिससे साथ बिताने का समय कम मिलेगा। दोस्तों के कार्यक्रम बदलने से यात्रा योजनाओं में अचानक परिवर्तन संभव है। संपत्ति के दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें ताकि भविष्य की परेशानियों से बचा जा सके। विद्यार्थी लगातार प्रयासों से उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: बेबी पिंक धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) कोई नया खेल या फिटनेस गतिविधि इस सप्ताह आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति को बढ़ा सकती है। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अपने मन की बात कहने से प्रेम संबंधों में समझ और निकटता बढ़ेगी। घर में अपनापन और स्नेह का वातावरण पुरानी परेशानियों को कम कर सकता है। इस समय शुरू किए गए कार्य या परियोजनाएं निकट भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकती हैं। विदेश यात्रा नए अनुभव और रोमांच लेकर आ सकती है। हाल ही में खरीदी गई संपत्ति से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की रणनीति बदलकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। सकारात्मक सोच आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीच मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपकी सकारात्मक सोच इस सप्ताह सफलता की संभावनाओं को बढ़ाएगी। घर का वातावरण सुकून, अपनापन और खुशियों से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ बिताया गया समय रिश्ते में प्रेम और समझ को मजबूत करेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने से आप अपनी पसंद की चीजों पर खर्च कर सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में अचानक आने वाली चुनौतियां धैर्य और समझदारी की मांग करेंगी। फिलहाल अनावश्यक यात्राओं को टालना बेहतर रहेगा। परिवार के किसी बड़े सदस्य की मदद से लाभदायक संपत्ति सौदा संभव हो सकता है। विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहेगा। भावनाओं में बहकर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: ब्लू कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) प्रियजनों के साथ समय बिताना आपके व्यक्तित्व के स्नेहमय पक्ष को उजागर करेगा। घर-परिवार का वातावरण सुखद और सकारात्मक बना रहेगा। प्रेम जीवन में साथी की ओर से कोई महत्वपूर्ण वादा या प्रतिबद्धता मिल सकती है। आर्थिक रूप से आप बचत करने और निवेश के नए विकल्प तलाशने में सफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र में अपनी कमजोरियों पर काम करना आपको प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखेगा। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या पर ध्यान देना जरूरी होगा। यात्रा की योजनाओं को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक संपत्ति बेचने की इच्छा रखने वालों को अच्छा लाभ मिल सकता है। विद्यार्थी अपनी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर शानदार प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: मैरून मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) अपने लक्ष्यों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता आपको सफलता की ओर आगे बढ़ाएगी। खान-पान में अनुशासन रखने से स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को आर्थिक रूप से सराहा जा सकता है। प्रेम संबंधों में भावनात्मक गर्मजोशी और अपनापन आपको सुकून देगा। हालांकि, अनावश्यक खर्च आर्थिक संतुलन बिगाड़ सकता है, इसलिए सावधानी रखें। परिवार के बुजुर्गों के साथ बातचीत आपको अपनापन और भावनात्मक मजबूती देगी। व्यावसायिक यात्राओं में कुछ अप्रत्याशित देरी संभव है। संपत्ति से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा। पढ़ाई के लिए नए संसाधन विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाएंगे और जल्द ही आपके मान-सम्मान में वृद्धि के नए अवसर सामने आ सकते हैं। ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: लाइट ब्लू

वेब दुनिया 25 Jul 2026 5:10 pm

'आदिपुरुष' पर मनोज मुंतशिर का छलका दर्द, बोले— फिल्म का बचाव करना जीवन की सबसे बड़ी भूल

साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म 'आदिपुरुष' बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई थी। ओम राउत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्रभास, सैफ अली खान और कृति सेनन लीड रोल में नजर आए थे। भव्य बजट और महाकाव्य रामायण पर आधारित होने के कारण इस फिल्म से देश और दुनिया के दर्शकों को अपार उम्मीदें थीं। हालांकि, रिलीज के तुरंत बाद फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और अमर्यादित संवादों के कारण इसे देशभर में भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा। उस समय टीवी चैनलों पर जाकर फिल्म और उसके संवादों का पुरजोर बचाव करने वाले मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने अब अपनी गलती स्वीकार कर ली है। ALSO READ: शबाना आजमी की बिगड़ी तबीयत, स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं, 5 दिन रहेंगी होम आइसोलेशन में मनोज का कहना है कि न केवल 'आदिपुरुष' के संवाद लिखना, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर इसका बचाव करना भी उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती है। 'टाइम्स नाउ' के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। मनोज ने खुलासा किया कि फिल्म रिलीज होने से लगभग छह महीने पहले ही जब पहला टीज़र आया था, तभी से लोगों ने इसका विरोध और ट्रोलिंग शुरू कर दी थी। उस दौरान उनकी पत्नी ने उन्हें सलाह दी थी कि वे इस प्रोजेक्ट का चेहरा न बनें और न ही इसका सार्वजनिक रूप से बचाव करें। मनोज ने कहा, आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि काश मैंने अपनी पत्नी की बात मान ली होती। उस समय मैं थोड़ा बेपरवाह था। मुझे दर्शकों के गुस्से और आघात की गहराई को समझने में कम से कम दो दिन का समय लगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आदिपुरुष मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती मनोज मुंतशिर ने बिना किसी झिझक के अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि 'आदिपुरुष' से जुड़ना और बाद में मीडिया में जाकर उसका बचाव करना उनके करियर का सबसे शर्मनाक मोड़ था। उन्होंने कहा, आदिपुरुष मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी, और उस फिल्म का बचाव करना उससे भी बड़ी गलती। जो कुछ भी फिल्म के आसपास हुआ, उससे मैं बेहद शर्मिंदा हूं। मैं अपने देशवासियों से उन सभी बातों के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगता हूं। मनोज ने यह भी माना कि वे एक लेखक के तौर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और संकटमोचन भगवान हनुमान के चरित्र के साथ न्याय करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। मनोज ने कहा कि रिलीज के समय हनुमान जी से जुड़े उनके कुछ बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था, लेकिन वे अब उन विवादित पंक्तियों के लेखन का कोई औचित्य नहीं सिद्ध करना चाहते। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, अब जब मैं उन पंक्तियों को दोबारा देखता हूं, तो मुझे खुद पर शर्म आती है। मुझे नहीं पता कि उन्हें लिखते समय मेरे दिमाग में क्या चल रहा था। निदेशक ओम राउत के निर्देशन में बनी और टी-सीरीज तथा रेट्रोफाइल्स द्वारा निर्मित 'आदिपुरुष' में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास (राघव/भगवान राम), कृति सेनन (जानकी/सीता), सैफ अली खान (लकेश/रावण), सनी सिंह (शेष/लक्ष्मण) और देवदत्त नागे (बजरंग/हनुमान) ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। लगभग 600 करोड़ के विशाल बजट में बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक थी। 16 जून 2023 को सिनेमाघरों में उतरी इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में बंपर ओपनिंग की, लेकिन आधुनिक टोन, विवादित संवादों और हॉलीवुड शैली के विजुअल्स के कारण दर्शकों ने इसे पूरी तरह नकार दिया। भारी विरोध के चलते निर्माताओं को बाद में फिल्म के कुछ संवाद बदलने भी पड़े थे।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 3:21 pm

आज का एक्सप्लेनर:इन 5 वजहों से घबराई सरकार, तब हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; नहीं झुकते तो क्या हो जाता, क्या अब आंदोलन खत्म

शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे ही दिया। जंतर-मंतर पर ३५ दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और देश-दुनिया के कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन। सभी की एक यही मांग थी। आखिर इतने दिनों से अड़े धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया और अब आगे क्या होगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… i. जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का प्रोटेस्ट: कॉकरोच जनता पार्टी 34 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रही थी। 20-30 हजार युवा हर वक्त वहां मौजूद थे। 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान ‘पुलिस एक्शन’ के बाद भीड़ और बढ़ने लगी। ii. राहुल गांधी की अगुवाई में आक्रामक विपक्ष: 21 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता पीएम आवास के पास धरने पर बैठे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मनाने पहुंचे ,तो राहुल ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक कोई चर्चा नहीं होगी। राहुल पीएम मोदी के माफीनामे पर भी अड़ गए। इसके बाद रोजाना राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पूरा विपक्ष इस मामले में एकट्ठा रहा। एक हफ्ते से संसद नहीं चलने दी। iii. पार्टी के भीतर नेताओं और सेलिब्रिटीज की उठती आवाजेंः बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों की मांगों और चिंता का समर्थन किया। क्रिकेटर्स, बॉलीवुड सेलिब्रिटी, साउथ फिल्मों के स्टार्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी युवाओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़ने लगे थे। पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बता रहे थे। क्या अब आंदोलन खत्म हो जाएगा? CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जब तक बाकी मांगो पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाती, हम हटने वाले नहीं हैं। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी की जो 3 प्रमुख मांगे थी- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक के कारण सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारवालों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा होने के बाद जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी 2 और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं है। जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिस वालों पर एक्शन होना चाहिए। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा: दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 3:10 pm

देवशयनी एकादशी के दूसरे दिन ही क्यों आती है वामन द्वादशी? जानिए भगवान विष्णु के वामन अवतार का महत्व

देवशयनी एकादशी के ठीक अगले दिन यानी आषाढ़ शुक्ल द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती (आषाढ़ मास वाली) के रूप में मनाया जाता है। इस बार 26 जुलाई 2026 को यह पर्व मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र तिथि पर भगवान विष्णु ने अपने 5वें अवतार 'वामन' के रूप में प्रकट होकर दैत्यराज बलि का उद्धार किया था और तीनों लोकों को उसके अधिकार से मुक्त कराया था। ALSO READ: Vasudev Diwadashi | वासुदेव द्वादशी आज, पढ़ें वामनावतार की रोचक कथा 1. देवशयनी एकादशी के तुरंत बाद इसे क्यों मनाते हैं? इसके पीछे एक बहुत ही सुंदर पौराणिक कथा और वचन जुड़ा हुआ है: राजा बलि का दान: भगवान वामन ने तीन पग (कदम) में नापने का वचन मांगकर दो ही पगों में स्वर्ग और पृथ्वी नाप लिए थे। तीसरा पग रखने के लिए जब कुछ नहीं बचा, तो दानवीर राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। पाताल लोक का राज्य: बलि की इस महान भक्ति और दानशीलता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक का स्वामी बना दिया। बलि का वरदान: राजा बलि ने भगवान से वरदान मांगा कि वे हमेशा उनके साथ पाताल लोक में निवास करें। भगवान विष्णु ने अपने भक्त की इच्छा पूरी करने का वचन दे दिया। देवशयनी एकादशी से जुड़ाव: यही कारण है कि देवशयनी एकादशी पर जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं, तो माना जाता है कि वे चार महीनों (चातुर्मास) के लिए पाताल लोक में राजा बलि के द्वार पर विश्राम करते हैं। द्वितीय दिवस का महत्व: जिस वामन रूप के कारण भगवान और बलि का यह संबंध बना, उसी वामन अवतार की पूजा एकादशी के अगले दिन (वामन द्वादशी) की जाती है ताकि भगवान के पाताल गमन का प्रसङ्ग संपूर्ण हो सके। 2. वामन द्वादशी का क्या महत्व है? अहंकार का नाश: यह तिथि सिखाती है कि चाहे व्यक्ति के पास कितना भी धन, बल या साम्राज्य क्यों न हो, अहंकार विनाश का कारण बनता है। भगवान वामन ने बलि का राज्य नहीं छीनना था, बल्कि उसके अहंकार को समाप्त करना था। पारण और व्रत का फल: देवशयनी एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन की पूजा-अर्चना करने और ब्राह्मणों को दान देने के बाद ही अपने व्रत का पारण (व्रत खोलना) करते हैं। ऐसा करने से एकादशी व्रत का पूर्ण फल मिलता है। दान-पुण्य का महात्म्य: इस दिन चावल, दही, तांबे के बर्तन, और पीले वस्त्रों का दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। लक्ष्मी जी की कृपा: माना जाता है कि इस दिन भगवान वामन का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। संक्षेप में: आषाढ़ शुक्ल द्वादशी का दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की कृपा पाने और यह याद करने का दिन है कि ईश्वर के सामने समर्पण और विनम्रता ही सबसे बड़ा धर्म है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 2:42 pm

The Postponed Republic: How India’s Education System Betrays Its Promise

For millions in the Indian diaspora building new lives abroad, the persistent crises in India’s education system are more than distant headlines—they are unfinished chapters in our own story of aspiration and belonging. We left behind classrooms that were meant to unlock potential, only to watch from afar as those same institutions continue to falter […]

चौथी दुनिया 25 Jul 2026 1:16 pm

NEET पेपर लीक विवाद पर आमिर खान की बेटी इरा खान ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों रहीं इतने दिनों तक खामोश

देश भर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के कोने-कोने तक छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई सेलेब्स ने इस मुद्दे पर छात्रों का समर्थन किया है। इसी बीच, बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की बेटी और मेंटल हेल्थ एक्टिविस्ट इरा खान ने इस पूरे विवाद पर काफी समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। इरा खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा वीडियो संदेश साझा किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि देश में चल रहे इतने बड़े मुद्दे पर वह अब तक शांत क्यों थीं और उन्होंने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। ALSO READ: शबाना आजमी की बिगड़ी तबीयत, स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं, 5 दिन रहेंगी होम आइसोलेशन में वीडियो की शुरुआत करते हुए इरा ने कहा, यह सच है कि मैं मानसिक स्वास्थ्य के लिए काम करती हूं और जब भी इस विषय पर बात करती हूं तो आप सभी का ध्यान चाहती हूं। मेरे लिए मेंटल हेल्थ ही पूरी जिंदगी है। लेकिन कुछ वजहें हैं कि मैं हर बड़े मुद्दे पर तुरंत टिप्पणी नहीं करती। A post shared by Ira Khan (@khan.ira) इरा ने स्पष्ट किया कि वह जानबूझकर हिंसक प्रदर्शनों या परेशान करने वाली खबरों से दूरी बनाकर रखती हैं। उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया के 'एक्सप्लोर पेज' या समाचारों को लगातार नहीं देखतीं। इरा के मुताबिक, जब वह इस तरह की संवेदनशील खबरें या वीडियो देखती हैं, तो वह भावनात्मक रूप से बहुत अधिक परेशान, अभिभूत और असहाय महसूस करने लगती हैं। इसलिए अपनी ऊर्जा को बचाए रखने के लिए वह खबरों से दूरी बना लेती हैं। वीडियो में इरा ने एक निजी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे एक रील ने उन्हें कुछ देर के लिए विचलित कर दिया था। इरा को किसी ने एक वीडियो भेजा था, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी कजिन ज़ैन मैरी खान प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली जा सकती हैं या ली जा चुकी हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इरा ने कहा, जैसे ही मैंने वह रील देखी, मैं बुरी तरह घबरा गई थी। हालांकि, जब मुझे पता चला कि मेरी बहन पूरी तरह सुरक्षित है, तब जाकर मैंने राहत की सांस ली और अपने काम पर वापस लौट सकी। इरा ने छात्रों और अपने प्रशंसकों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर उनके शांत रहने से किसी को यह लगा हो कि उन्हें छात्रों के भविष्य या देश के मुद्दों की परवाह नहीं है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। नजरअंदाज कर पाना भी एक विशेषाधिकार अपने वीडियो के साथ-साथ इरा ने कैप्शन में एक बेहद महत्वपूर्ण बात लिखी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में चल रही समस्याओं से मुंह मोड़ लेना या उनसे दूरी बना पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इरा ने लिखा, मैं इस बात को समझती हूं कि किसी भी कठिन परिस्थिति से नजरें फेर लेना या उससे दूर रह पाना एक तरह का विशेषाधिकार है। हर किसी के पास यह विकल्प नहीं होता। मैं फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रही हूं कि अपने मूल्यों पर रहते हुए मैं समाज के लिए सबसे बेहतर और मददगार भूमिका कैसे निभा सकती हूं।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 1:04 pm

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा। भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा। महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे। Mens Asian Games - September 24 to October 1st. ODIs vs West Indies - September 27 to October 3rd. Shreyas Iyer, Ishan Kishan, Axar Patel, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Harshit Rana, Jasprit Bumrah, Arshdeep Singh will miss the West Indies ODIs. pic.twitter.com/vNkzJCR0Cp — Johns. (@CricCrazyJohns) July 24, 2026 दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 1:00 pm

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को सुलाने का यह है मंत्र‍

25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी का महाव्रत रखा जा रहा है। आज से 4 माह के लिए भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन के लिए चले जाएंगे। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु को क्षीरसागर में शयन कराने (सुलाने) के लिए नीचे दिए गए प्रसिद्ध और पौराणिक मंत्र का जाप किया जाता है। मुख्य शयन मंत्र सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत् सर्वं चराचरम्॥ मंत्र का अर्थ: हे जगन्नाथ! आपके सो जाने पर यह संपूर्ण जगत सो जाता है और आपके जागने पर ही संपूर्ण चराचर (सजीव व निर्जीव) संसार जाग उठता है। शयन कराते समय इस मंत्र का भी जप किया जाता है: सोमनाथं नमस्कृत्य क्षीरोदं क्षीरशायिनम्। नारायणं च सर्वात्मानं योगनिद्रां नमाम्यहम्॥ मंत्र का अर्थ: क्षीरसागर में शयन करने वाले, सभी आत्माओं के आधार श्री नारायण को प्रणाम करके मैं भगवान की योगनिद्रा को नमस्कार करता हूँ। पूजा की संक्षिप्त विधि शयन कराने का समय: देवशयनी एकादशी की पूजा और आरती करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या शालिग्राम जी को पंचामृत से स्नान कराएं। वस्त्र व श्रृंगार: उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं और तुलसी दल, पीले फूल तथा नैवेद्य अर्पित करें। शयन प्रक्रिया: इसके बाद भगवान को एक छोटे से सुंदर बिस्तर/झूले पर विराजमान करें और ऊपर दिए गए मंत्रों का उच्चारण करते हुए भावपूर्वक उन्हें विश्राम (योगनिद्रा) कराएं। विशेष मान्‍यता: देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास कहा जाता है। इसके बाद कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर भगवान को पुनः जगाया जाता है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 12:50 pm

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड की चपेट में, फिर भी जारी रखेंगे अपना आंदोलन

जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बीमार हो गए। जांच में पता चला कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी। ALSO READ: 'मेट्रो, इंटरनेट और खाना बंद करा दिया, पेपर लीक नहीं रोक पाए', जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, टाइफाइड हो गया है, लेकिन जब तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई नहीं देते, यह लड़ाई जारी रहेगी! उन्होंने कहा कि जैसा की आप सभी को पता था कि पिछले कुछ दिनों से मेरी तबियत खराब चल रही थी। जांच रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफाइड है। मेरा इलाज जारी है। रोज सुबह शाम में आईवी (Intravenous) लग रही है। दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर देते हुए आगे कहा कि मैं सभी कॉकरोच से जुड़ने वाले लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगा, जो देशभर में शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस आंदोलन को आप सभी ने सफल बना दिया है और मैं आश्वस्त हूं कि अगर इसी तरह शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट जारी रहा तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा। Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7 — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026 दीपके के स्वास्थ्य संबंधी मुख्य अपडेट्स: बीमारी के लक्षण: दीपके को बीते कुछ दिनों से तेज बुखार, बॉडी पेन (शरीर में दर्द) और पाचन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जांच में पुष्टि: डॉक्टरों द्वारा दिए गए परामर्श के बाद कराए गए ब्लड टेस्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। आंदोलन पर प्रभाव: शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद दीपके ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की सलाह पर दवाइयां लेने के साथ-साथ वे अपने जारी अभियानों और विरोध-प्रदर्शनों को रोकेंगे नहीं। टाइफाइड क्या है? टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो टाइफाइड बुखार/ 'साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के सेवन से फैलता है, और यह शरीर के अंदर प्रमुख रूप से आंतों, खून और अन्य अंगों को प्रभावित करता है। टाइफाइड एक संक्रामक बीमारी है, जो अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ALSO READ: दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला टाइफाइड के कारण: 1. दूषित पानी और भोजन: टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित पानी और खाने से फैलता है। जब व्यक्ति दूषित पानी या अस्वच्छ भोजन खाता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। 2. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना: टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति के मल और मूत्र में बैक्टीरिया होते हैं। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति ने संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र से संपर्क किया हो, तो यह संक्रमण फैल सकता है। 3. स्वच्छता की कमी: अगर हाथ धोने की आदत न हो, खासकर खाना खाने से पहले, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। 4. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: खराब जल आपूर्ति और अस्वच्छ शौचालय की स्थिति टाइफाइड के फैलने का प्रमुख कारण हो सकती है। ALSO READ: '11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ', अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? टाइफाइड के लक्षण टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर 1 से 3 सप्ताह के बीच दिखने लगते हैं, और इनकी गंभीरता बढ़ सकती है यदि समय पर इलाज न किया जाए। कुछ सामान्य लक्षण हैं: 1. बुखार: टाइफाइड का सबसे सामान्य लक्षण लगातार बुखार है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। बुखार 39-40C तक जा सकता है। 2. पेट दर्द: पेट में तेज दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है, खासकर पेट के निचले हिस्से में। 3. कमजोरी और थकान : टाइफाइड के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे सामान्य कार्यों को करना मुश्किल हो सकता है। 4. दस्त और कब्ज: कुछ मरीजों को दस्त और कुछ को कब्ज की समस्या हो सकती है। 5. सिर दर्द और मिचली : सिर दर्द, उल्टी, और मिचली की समस्या भी आमतौर पर टाइफाइड के लक्षण होते हैं। 6. लाल या पीले रंग का पेट: कुछ मामलों में पेट पर लाल या पीले चकत्ते हो सकते हैं। 7. बेहोशी या भ्रम: गंभीर मामलों में, रोगी को भ्रम, चक्कर, या बेहोशी का सामना करना पड़ सकता है। टाइफाइड का उपचार टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह इलाज डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए। उपचार में शामिल कुछ सामान्य कदम हैं: 1. एंटीबायोटिक्स : टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स जैसे *सीफोटेक्साइम, सीफ्रेड, एज़िथ्रोमाइसिन* या *क्लोरम्फेनीकोल* के जरिए किया जाता है। डॉक्टर लक्षणों और बैक्टीरिया के प्रकार के अनुसार उचित एंटीबायोटिक निर्धारित करेंगे। 2. हाइड्रेशन : टाइफाइड में बुखार, दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए हाइड्रेशन बेहद जरूरी है। तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और ऑरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS घोल) लेना मददगार हो सकता है। 3. आहार : हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दही, ताजे फल और सब्जियां खाएं। तैलीय और भारी भोजन से बचें। 4. बुखार को नियंत्रित करना : इसे नियंत्रित करने के लिए बुखार को कम करने वाली दवाइयां दी जाती हैं। 5. कृत्रिम चिकित्सा : गंभीर मामलों में, अस्पताल में इलाज की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें फ्लूइड्स, पोषण, और मॉनिटरिंग शामिल है। 6. टीका : टाइफाइड से बचाव के लिए टीका उपलब्ध है। यदि आप उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा करने जा रहे हैं, तो टीकाकरण करवाना अच्छा हो सकता है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:19 am

Devshayani Ekadashi Katha: देवशयनी/ हरिशयनी एकादशी की व्रत कथा

Hari Shayani ekadashi katha: हरिशयनी एकादशी, जिसे देवशयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए चले जाते हैं, जिसे 'चातुर्मास' कहा जाता है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक मान्यता है कि जो व्यक्ति हरिशयनी एकादशी का व्रत श्रद्धापूर्वक करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूरा करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है। यहां हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी पर राजा मांधाता की प्रमुख कथा, पारंपरिक तथा पौराणिक व्रत कथा दी गई है: देवशयनी एकादशी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, मांधाता नाम के एक अत्यंत चक्रवर्ती, धर्मनिष्ठ और प्रजापालक राजा थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी, समृद्ध और धर्म-कर्म में लीन रहती थी। एक समय उनके राज्य में लगातार तीन वर्षों तक भयंकर अकाल पड़ा। वर्षा न होने के कारण नदियां-तालाब सूख गए, फसलें नष्ट हो गईं और प्रजा अन्न-जल के बिना व्याकुल होने लगी। राज्य में यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ आदि अनुष्ठान भी बंद होने लगे। अपनी प्रजा का दुख देखकर राजा मांधाता अत्यंत दुखी हुए। वे सोचने लगे कि उनसे ऐसा कौन-सा पाप हुआ है, जिसकी सजा पूरी प्रजा भुगत रही है। ऋषी अंगिरा से भेंट प्रजा के कष्ट दूर करने का उपाय खोजने के लिए राजा मांधाता सेना के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए। वन में भटकते हुए वे महर्षि अंगिरा के आश्रम पहुंचे। राजा ने ऋषिवर को प्रणाम किया और अपने आने का कारण बताया। महर्षि अंगिरा ने राजा से कहा: 'हे राजन्! यह सतयुग है। इस युग में छोटा-सा पाप भी बड़ा फल देता है। आपके राज्य में एक ऐसा व्यक्ति निवास कर रहा है जो धर्म के नियमों के विरुद्ध तपस्या कर रहा है, जिसके कारण यह अकाल पड़ा है।' राजा मांधाता ने कहा, 'हे ऋषिवर! मैं किसी निरपराध को दंड नहीं दे सकता। कृपया मुझे ऐसा कोई सुलभ उपाय बताएं जिससे मेरी प्रजा का कल्याण हो और वर्षा हो सके।' देवशयनी एकादशी का व्रत तब महर्षि अंगिरा ने राजा को उपाय बताते हुए कहा: 'हे राजन! तुम आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी का विधि-विधान से व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हारे राज्य में शीघ्र ही उत्तम वर्षा होगी और प्रजा के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।' महर्षि अंगिरा के वचनों को सुनकर राजा मांधाता अपने नगर लौट आए। आषाढ़ शुक्ल एकादशी आने पर राजा ने अपनी पूरी प्रजा और मंत्रियों के साथ मिलकर अत्यंत श्रद्धा एवं विधि-विधान से हरिशयनी एकादशी का व्रत और पूजन किया। व्रत का फल व्रत के प्रभाव से भगवान श्री हरि विष्णु अत्यंत प्रसन्न हुए। देखते ही देखते राज्य में घनघोर बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। सूखी धरती फिर से हरी-भरी हो गई, फसलें लहलहाने लगीं और पूरी प्रजा अन्न-धन से परिपूर्ण हो गई। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:12 am

आधी रात सलमान खान का धमाकेदार पोस्ट, रिप्ड बॉडी दिखाकर ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। वह हर मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी पोस्ट शेयर की थी। वहीं अब सलमान खान ने आधी रात को ऐसी पोस्ट शेयर की, जिसने फैंस के बीच हलचल मचा दी है। सलमान खान ने जिम में पसीना बहाते हुए तस्वीरें शेयर की है। तस्वीरों में सलमान अपनी शर्ट उतारकर शीशे के सामने रिप्ड एब्स और मजबूत बाइसेप्स फ्लॉन्ट करते नज़र आ रहे हैं। ALSO READ: दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं उनकी इस लीन और स्लिम बॉडी को देखकर फैंस दंग रह गए हैं। बढ़ती उम्र के बावजूद सलमान खान की यह मस्कुलर फिजीक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फैंस उनके इस नए लुक पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) सोशल मीडिया पर अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर ट्रोलिंग का शिकार होने वाले सलमान खान ने इस बार अपने आलोचकों को चुप कराने के लिए एक अलग ही रास्ता चुना। तस्वीरों को शेयर करने के साथ ही उन्होंने एक ऐसा 'क्रिप्टिक कैप्शन' लिखा, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। सलमान ने कैप्शन की शुरुआत में लिखा, सलमान खान डर गया... और इसके ठीक आगे जोड़ा— हम्मम, जो डर गया समझो मर गया! बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सलमान खान का यह अंदाज़ उनके उन ट्रोल्स के लिए करारा जवाब माना जा रहा है जो हाल के दिनों में उन्हें लेकर तरह-तरह की बातें बना रहे थे। हालांकि, सलमान ने इस पोस्ट में स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके एटीट्यूड और कैप्शन से साफ है कि वे अपने आलोचकों से बिल्कुल बेपरवाह हैं। सलमान की इस पोस्ट पर अब तक लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। यूजर्स कमेंट सेक्शन में उन्हें असली लायन, दबंग खान और जिम मोटिवेशन जैसे टाइटल्स दे रहे हैं। फिटनेस फ्रीक युवाओं के लिए 50 के पार की उम्र में सलमान का यह ट्रांसफॉर्मेशन किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:05 am

LIVE: CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी, क्या आज निकलेगा हल?

Latest News Today Live Updates in Hindi : सीजेपी प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात करेगा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार का इस मामले में क्या रूख है?

वेब दुनिया 25 Jul 2026 9:31 am

Japan Heatwave & Dress Code: दफ्तरों में शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे पुरुष, तो शुरू हो गया 'लेग हेयर हैरेसमेंट' विवाद! जानें क्या है पूरा मामला

जापान इन दिनों भीषण और ऐतिहासिक गर्मी की मार झेल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़कती धूप और बेतहाशा उमस के बीच सरकार बिजली बचाने और कर्मचारियों को गर्मी से राहत देने के उपाय तलाश रही है।इसी सिलसिले में टोक्यो प्रशासन ने कंपनियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों को आरामदायक और हल्के कपड़े पहनने की छूट दें। सरकार की इस सलाह के बाद कई निजी और सरकारी दफ्तरों ने अपने पुरुष कर्मचारियों को पहली बार हाफ पैंट या शॉर्ट्स (Shorts) पहनकर ऑफिस आने की इजाजत दे दी। यह कदम जापान के बहुचर्चित 'कूल बिज' (Cool Biz) अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद एसी (AC) का इस्तेमाल कम करके बिजली की बचत करना है।दफ्तरों में शुरू हुई नई बहस: क्या है 'सुनेहारा'?जैसे ही पुरुष कर्मचारी हाफ पैंट पहनकर ऑफिस पहुंचे, सोशल मीडिया पर विवाद और बहस छिड़ गई।'लेग हेयर हैरेसमेंट' (Leg Hair Harassment): कुछ महिला कर्मचारियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि ऑफिस में पुरुषों के पैरों के घने बाल देखकर उन्हें अनकम्फर्टेबल और असहज महसूस होता है।इंटरनेट पर लोगों ने मजाक-मजाक में इस स्थिति को 'सुनेहारा' (Sunehara) या 'लेग हेयर हैरेसमेंट' कहना शुरू कर दिया। हालांकि, यह कोई आधिकारिक या कानूनी शब्द नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह तेजी से ट्रेंड करने लगा।महिलाओं ने उठाए ड्रेस कोड और समानता पर सवालइस पूरे मामले में बात केवल पुरुषों के पैरों के बालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने कार्यस्थल पर जेंडर इक्वालिटी (Gender Equality) और ड्रेस कोड के नियमों पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया:सख्त नियम: महिला कर्मचारियों का कहना है कि आज भी कई जापानी कंपनियों में महिलाओं के लिए ड्रेस कोड बेहद सख्त हैं। उन्हें भयंकर गर्मी में भी स्टॉकिंग्स (Stockings) या टाइट्स पहननी पड़ती हैं।समानता की मांग: महिलाओं का तर्क है कि अगर पुरुषों को गर्मी से राहत देने के लिए शॉर्ट्स पहनने जैसी छूट दी जा सकती है, तो महिलाओं के लिए भी मेकअप, हाई हील्स और भारी कपड़ों के सख्त नियमों को लचीला बनाया जाना चाहिए। नियम सभी के लिए एक समान होने चाहिए।जनता की राय बंटी, पुरुषों ने ढूंढा नया रास्ताएक हालिया सर्वे में करीब 800 लोगों से इस संबंध में राय मांगी गई:53.5% लोगों का मानना था कि ऑफिस के प्रोफेशनल माहौल को बनाए रखने के लिए पुरुषों को शॉर्ट्स पहनने से बचना चाहिए।46.5% लोगों का कहना था कि प्रदर्शन कपड़ों से नहीं, काम से तय होता है; इसलिए भीषण गर्मी में आराम को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।विवाद से बचने और दफ्तर के एटीकेट को ध्यान में रखते हुए कई पुरुष कर्मचारियों ने अब नया रास्ता तलाश लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई पुरुष अब लेजर हेयर रिमूवल (Laser Hair Removal) क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं ताकि शॉर्ट्स पहनते समय पैरों के बाल दिखाई न दें।बदलते मौसम के साथ बदलते वर्क कल्चर पर चर्चाजापान में शुरू हुई यह अनूठी बहस दर्शाती है कि ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम का असर अब पारंपरिक वर्क कल्चर (Work Culture) पर भी पड़ने लगा है। एक तरफ जहां कार्यस्थल पर सहजता, स्वास्थ्य और समानता को प्राथमिकता देने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ दफ्तरों के प्रोफेशनल आचार-व्यवहार को बनाए रखने की चुनौती भी सामने आ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 8:11 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 जुलाई, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 25 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: थकान और तनाव से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में लाभ के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। अविवाहित लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: खानपान में संतुलन रखें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। लव: प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। साथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम रहेगा। योग और ध्यान लाभकारी रहेंगे। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी से काम लें। जल्दबाजी से बचें। लव: परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धन: खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: मौसम संबंधी परेशानी या एलर्जी हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने के योग हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंध मजबूत होंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: आय में वृद्धि होगी और आर्थिक लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, नियमित व्यायाम करें। उपाय: सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: आपकी मेहनत की सराहना होगी। नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। धन: बचत बढ़ाने के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: कमर दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी पर करें ये 5 उपाय, सुख और समृद्धि में होगी बढ़ोतरी 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में टीमवर्क से बेहतर परिणाम मिलेंगे। नए संपर्क लाभदायक साबित होंगे। लव: प्रेम जीवन में रोमांस बना रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। धन: धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: पेट दर्द का विशेष ध्यान रखें। उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य से सफलता मिलेगी। लव: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। धन: कारोबार से अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें और पर्याप्त नींद लें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। साथी के साथ यात्रा का योग बन सकता है। धन: नई नौकरी से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। नियमित दिनचर्या अपनाएं। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: धन संचय में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। आज आपका सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। धन: धन निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी और व्यापार दोनों में आज प्रगति होगी। नए अवसर मिल सकते हैं। लव: परिवार और जीवनसाथी के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। धन: रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। माता का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। ALSO READ: भद्र योग का महासंयोग: बुध के मार्गी होते ही अब 7 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

वेब दुनिया 25 Jul 2026 7:03 am

सिर फूटा, पैर टूटा, पट्‌टी बांधकर जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी:फूल लेकर खड़े थे, लाठियां मिलीं; 10 साल का वैभव बोला- मंत्री के इस्तीफे तक यहीं रहूंगा

तारीख: 20 जुलाई जगह: दिल्ली का जंतर-मंतर कॉकरोच जनता पार्टी ने चलो संसद मार्च निकाला। वे NEET पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने अभी बैरिकेड्स पार भी नहीं किए थे और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए। कुछ अब भी अस्पताल में हैं, बाकी डिस्चार्ज होकर फिर से जंतर-मंतर पर डट गए हैं। अब ये घायल प्रदर्शनकारी क्या चाहते हैं, पढ़िए ये रिपोर्ट… अहेली, दिल्ली 20 साल की अहेली दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश ऑनर्स कर रही हैं। 20 जुलाई को यहां आईं। अहेली बताती हैं, ‘मार्च शुरू होने से पहले हमसे कहा गया था कि अगर पुलिस मारने भी आए, तो शांत रहते हुए उन्हें फूल देना है। हम लोग फूल लेकर खड़े थे। तभी भीड़ के बीच एक एम्बुलेंस घुस आई। शायद पुलिस-प्रशासन भगदड़ के हालात बनाना चाहता था, क्योंकि एम्बुलेंस के अंदर कोई नहीं था।‘ ‘जब एम्बुलेंस के साथ ही हमारे कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने न लड़की देखी, न लड़का। सबको बुरी तरह पीटा। लड़कियों के कपड़े फाड़े, हमारी आंख के सामने 10-12 साल के बच्चों के सिर फोड़ दिए।‘ वे कहती हैं, ‘मेरे कई दोस्तों ने 2024 में भी NEET का पेपर दिया था, लेकिन लीक हो गया। मेरे साथियों का सपना टूट गया और उन्हें दूसरी जगहों पर एडमिशन लेना पड़ा। मैं भी दिल्ली UPSC पास करने का सपना लेकर आई हूं, लेकिन लगता नहीं कि इस सरकार के राज में वो पूरा हो पाएगा।‘ विशाल, यूपी के झांसी से 18 साल के विशाल ने अभी 12वीं पास की है। प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए झांसी से उनके साथ और भी 50 लोग आए थे। विशाल बताते हैं, ‘हम एक साथ सोनम वांगचुक का पोस्टर लेकर जनपथ मेट्रो स्टेशन पहुंचे थे। वहां पुलिस ने हमें ये कहकर रोका कि एक जगह इकट्ठा होकर बैठ जाओ, तब बैरिकेड हटाकर अंदर दाखिल कराएंगे। हम जैसे ही बैठे, तो पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया।‘ ‘पुलिस के साथ सिविल ड्रेस में कुछ गुंडे भी थे, जिन्होंने हमें जानवरों की तरह पीटा। उन्होंने लड़कियों के साथ जानबूझकर बदसलूकी की और उनके कपड़े फाड़े। हमारे साथ इतनी ज्यादती की गई कि जैसे हम किसी दूसरे देश से आए हों। हम यहां इंसाफ की लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन पुलिस एकदम जानवर और हैवान बन गई।‘ पिटाई के दौरान विशाल का पैर टूट गया है। सामान गायब हो गया। वे अपना टूटा पैर दिखाकर कहते हैं, ‘अब बताइए इसके भरोसे क्या कोई फिजिकल टेस्ट पास कर पाएंगे। ये देश अब रहने लायक नहीं बचा।‘ इस हाल में भी विशाल जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। चाहे जान क्यों न चली जाए।‘ अनिल सिंह, मध्यप्रदेश के किसान अनिल सिंह ने चलो संसद मार्च के दौरान लाठियां खाईं, घायल हुए लेकिन पीछे नहीं हटे। माथे और हाथ पर पट्टी बांधे वो धरनास्थल पर जमे हुए हैं। अनिल कहते हैं, ‘हमारी आखिरी मंजिल जीत होगी और व्यवस्थाओं में बदलाव होगा। देश हमारा है, सिर्फ उनका नहीं है। हम जैसे चाहेंगे, इसे चलाएंगे। इस देश के लिए हमने कुर्बानी दी है, उन्होंने क्या किया।’ हमने पूछा यहां आने के लिए किसने प्रेरित किया। वे जवाब में कहते हैं, 'जब भी इतिहास पढ़ते हैं, इसकी जरूरत महसूस होती है। फिर बिहार में भरत तिवारी का मामला हो या RTI एक्टविस्टों के मारे जाने का मामला। ये सरकार खुद क्रांतिकारी खड़े कर रही है।' स्वरा खान, दिल्ली जामिया की रहने वाली 23 साल की स्वरा खान भी मार्च के दौरान घायल हुईं। उनके हाथों पर पट्टी बंधी है। चोट की वजह से आंखें सूजी हैं। वे बताती हैं कि पुलिस ने उन्हें डिटेन करने के बाद जेल में मारा। तबीयत सही नहीं, इसलिए आवाज बैठ गई है। लिहाजा ज्यादा बात नहीं कर सकीं। हर्ष, यूपी के कानपुर से कानपुर से आए हर्ष NEET की तैयारी कर रहे हैं। वे कहते हैं, ‘जवानों ने मुझे रोककर लात-घूसे और लाठियां मारी। हम पर आंसू गैस के गोले बरसाए। पुलिस वालों ने लड़कियों के प्राइवेट पार्ट में डंडे डालने की कोशिश की। छोटे बच्चों को मारा। हमें प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सरकार हमें ही गुंडा बता रही है।‘ हर्ष अभी धरना स्थल पर जमे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘धर्मेंद्र प्रधान को हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि आज से एक साल पहले उन्हें कोई जानता भी नहीं था। हमने जब प्रोटेस्ट किया, तो देश को पता चला कि शिक्षा मंत्री कौन है। धर्मेंद्र प्रधान में अगर शर्म बची हो, तो इस्तीफा दें।‘ वैभव, यूपी के आगरा से 10 साल के वैभव आगरा से अपनी मां के साथ जंतर-मंतर आए हैं। मां फलों का ठेला लगाती हैं। वैभव कहते हैं कि धमेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे यहीं रहेंगे। अभिषेक सिंह, यूपी के प्रयागराज से दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे अभिषेक सिंह बताते हैं, 'उस दिन बाकी साथियों के साथ हम शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। केरलम हाउस तक ही पहुंचे थे कि तभी पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। भीड़ ज्यादा थी, इसलिए संभालना मुश्किल हो गया। दिल्ली पुलिस ने अचानक टियर गैस और लाठीचार्ज शुरू कर दिया।' 'पुलिस की कार्रवाई बहुत बर्बर थी। सैकड़ों युवाओं को चोटें आईं। सबसे बुरा सलूक प्रदर्शनकारी लड़कियों के साथ किया गया। पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। मुझे पुलिस ने स्टेज से नीचे फेंक दिया। मेरे पैर काम नहीं कर रहे थे। लाठीचार्ज के बीच मैं एक साथी की मदद से वहां से भाग सका। …………………. ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच आंदोलन से BJP में चिंता, लेकिन प्रधान नहीं हटेंगे 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:34 am

जंतर-मंतर पर घायल हुई साक्षी पर पुलिस का पहरा क्यों:ICU, लिफ्ट, कॉरिडोर में जवान तैनात; रिपोर्टर को रोका, परिवार खामोश

दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल की पांचवी मंजिल। यहीं 21 साल की साक्षी भर्ती है। साक्षी 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर गई थी। तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भगदड़ मची और साक्षी भीड़ के नीचे दब गई। इसके बाद से साक्षी अस्पताल में है। कहानी बस इतनी नहीं है। मैं साक्षी से मिलने अस्पताल गई तो एक अजीब बात महसूस हुई। गेट पर, लिफ्ट के बाहर और साक्षी के वार्ड के बाहर हर जगह पुलिस है। क्यों समझ नहीं आया। साक्षी तक पहुंचने की कोशिश की तो पुलिसवालों ने रोक दिया। क्यों का जवाब मिल गया। ये सब सिर्फ इसलिए कि कोई साक्षी तक न पहुंच पाए। अंदर साक्षी के भाई, मां और बुआ-फूफा हैं। मैंने तीन दिन तक साक्षी से मिलने की कोशिश की। पहला दिन तीन लेयर में पुलिस सिक्योरिटी, ICU के बाहर पहरा अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के कॉरिडोर में 5 पुलिसवाले बैठे थे। यहां एक गार्ड ने पूछा-कहां जाना है। मैंने कहा- तीसरे प्लोर पर है। उसने कहा- यहां से एंट्री बंद है, दूसरी तरफ से जाइए। वहां लिफ्ट भी है। मैं लिफ्ट के पास पहुंची। यहां पुलिसवालों की दूसरी लेयर थी। लिफ्ट में मिले दो पुलिसवालों से पूछा- साक्षी से मिलवा सकते हैं। जवाब मिला- नहीं मिलवा सकते। कल या परसों आइए, मिलवा देंगे। इसके बाद मैं पांचवीं मंजिल पर पहुंची। यहां भी 5 से 6 पुलिसवाले बैठे थे। जिस ICU में साक्षी का इलाज चल रहा है, उसके बाहर भी पहरा है। यानी आप अस्पताल में बेरोकटोक आ-जा सकते हैं, लेकिन साक्षी के बारे में पूछते ही सबके कान खड़े हो जाते हैं। परिवार के अलावा किसी को साक्षी के पास तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा। पता चला कि पॉलिटिकल लीडर भी साक्षी से मिलना चाहते थे, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। डॉक्टरों ने बताया- हालत स्थिर, खतरे से बाहर सुबह से शाम हो गई, लेकिन मैं साक्षी तक नहीं पहुंच पाई। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से उसकी तबीयत के बारे में पूछती रही। दो डॉक्टरों ने बताया कि साक्षी की हालत फिलहाल स्थिर है। वह खतरे से बाहर है। इसके बावजूद उसे इमरजेंसी ICU में ही रखा गया है। हालत स्थिर है तो ICU में क्यों रखा है? डॉक्टरों ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। परिवार भी मिलने को तैयार नहीं मैंने खुद को साक्षी का दोस्त बताकर उसके परिवार से बात करने की कोशिश की। वे भी असहज लगे। थोड़े घबराए से। उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। बुआ-फूफा बोले- क्या जानना है, हमारे पीछे मत आओ। इसके बाद वे चले गए। दूसरा दिन फिर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अंदर जाने से रोक दिया अगले दिन मैं एक बार फिर RML अस्पताल पहुंची। सिक्योरिटी उतनी ही सख्त। इस बार ICU तक भी नहीं जाने दिया। परिवार से मिलने की कोशिश भी पूरी नहीं हो पाई। तीसरा दिन अस्पताल से घर तक पहुंची पड़ताल 24 जुलाई को मुझे साक्षी के घर का पता चला। उनका घर RML अस्पताल से लगभग 20 किमी दूर छतरपुर में है। घर पहुंचकर आसपास के लोगों से बात की। ज्यादातर पड़ोसियों को साक्षी के साथ हुई घटना के बारे में पता नहीं है। उन्होंने बताया कि साक्षी के पिता सुभाष मिश्रा रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनका परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता। इलाके में शांत और सभ्य परिवार के तौर पर जाना जाता है। दादी और बहन ने सुनाई पूरी कहानी मैं साक्षी के घर पहुंची। घर में उसकी दादी और बहन वर्तिका थीं। मैंने उन्हें बताया कि मैं साक्षी की दोस्त हूं। वर्तिका घटना वाले दिन उसके साथ थी। उसने बताया कि भगदड़ के दौरान मैं भी गिर गई थी। मेरे दोनों घुटनों में चोट लगी थी। हालांकि, साक्षी को ज्यादा चोट लगी। वो वहीं बेहोश हो गई। तभी साक्षी की दादी बोल पड़ी। बोलीं- वह गलती से वहां चली गई थी। मैंने पूछा- उसकी हालत कैसी है? दादी बोलीं- अब ठीक है फिर ICU में क्यों रखा हुआ है? वो बेहोश हो गई थी। ICU में तो बहुत सीरियस होने पर रखते हैं? अब ICU में नहीं है। वार्ड में है। बात कर रही है? हां। बात कर रही है। हाथ-पैर हिला रही है। वहां उसकी मम्मी, भाई और बुआ हैं। कॉकरोच जनता पार्टी वाले नहीं आए? नहीं आए। वे कहां आएंगे, उन्हें कोई मतलब नहीं है। इसी दौरान साक्षी की मां से हमारी फोन पर बात हुई। वे बोलीं- आप हमारे घर कभी मत जाना। अगर हमारे बारे में कहीं भी आपके जरिए कुछ भी छपा, तो बहुत गलत होगा। बस, इतना ही मुझे बताना है। अभी साक्षी की हालत कैसी है 24 जुलाई को अस्पताल से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया है कि साक्षी को गंभीर हालत में लाया गया था। उसका इलाज चल रहा है। उन्हें करीब 48 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। वह पूरी तरह होश में हैं। हालत स्थिर है। हालांकि, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। साक्षी के बारे में हमने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष से बात की। उन्होंने बताया कि हमारी टीम लगातार उनके संपर्क में है। सौरभ उनके भाई से बात कर रहे हैं। अच्छी बात है कि उनकी हालत स्थिर है। उन्हें जो भी मेडिकल या लीगल हेल्प चाहिए होगी, हम देंगे। ……………………………….. प्रदर्शन में घायल इरशाद की कहानी भी पढ़िए जवान ने बंदूक तानी, लोग कहते रहे हम आतंकवादी नहीं हैं, फिर फायर 25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:33 am

कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर न्यायालय की कार्यवाही के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना संबंधित न्यायालय की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डालने, एडिट करने, शेयर करने या उससे कमाई करने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची […] The post कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 11:00 pm

रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत के […] The post रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 10:50 pm

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए शुक्रवार को 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक सुधार प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई केवल सेवा […] The post राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 10:02 pm

उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के हिरन मगरी थाना क्षेत्र में लकड़वास गांव में शुक्रवार को 11 केवी बिजली लाइन के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लहरी लाल बागरिया (48) शुक्रवार सुबह दूध लेने के लिए घर से निकला, जहां पास ही बिजली की […] The post उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:41 pm

हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र में किसानों को नकली या अवैध री-पैक उर्वरक बेचने वाले एक संदिग्ध कारखाने पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर हुई इस छापेमारी में फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में खाद, उर्वरक और पैकिंग सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में लाइसेंस […] The post हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:37 pm

बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक गांव में 14 साल की सगी बेटी से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपी 37 वर्षीय पिता को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा। स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की पुष्टि पुलिस ने किया है। रिश्ता शर्मसार करने वाली इस घटना के संबंध में टीआई ने बताया […] The post बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:33 pm

पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के मीडिया में आ रही इन रिपोर्टों को पूरी तरह से निराधार बताया है जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर पाकिस्तान में बाढ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। भारत का कहना है कि चेनाब नदी में पानी की वृद्धि जम्मू और आसपास के क्षेत्रों […] The post पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:27 pm

बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह

बारबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के कोतवाली फतेहपुर में तैनात रहे सिपाही की मदद से युवक ने पहले तो किशोरी का ब्रेनवाश कर धर्मांतरण कराया फिर मजार पर मौलाना के पास जा कर निकाह करा दिया। आरोप है कि आरोपी लगातार किशोरी का यौन उत्पीड़न करता रहा। गर्भवती होने पर दो बार गर्भपात तक […] The post बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:22 pm

जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को नई दिशा मिली हैं और उनके नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल प्रबंधन एवं जल संचयन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। शर्मा शुक्रवार को यहां जयपुर […] The post जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:13 pm

अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट

कोलोराडो। अपने एनबीए करियर के दौरान 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई करने वाले अमरीका की प्रसिद्ध बास्केटबॉल टीम डेनवर नगेट्स के पूर्व पॉइंट गार्ड टाइ लॉसन को 34 डॉलर (लगभग 2800 रुपए) की वोदका की बोतल चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 38 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी को […] The post अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:45 pm

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा

ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से करीब दो साल पहले ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। इसके बाद […] The post बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:37 pm

जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन में अपने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को शामिल होने से बचने की नसीहत देते हुए सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को एडवाइजरी जारी किया है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे […] The post जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:32 pm

पैलेट गन से घायल छात्र को साथ लाकर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को 10 जनपथ स्थित आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान कथित रूप से पैलेट गन से घायल हुए हरियाणा के छात्र साहिल को मीडिया के सामने पेश किया। इस मौके पर गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे […] The post पैलेट गन से घायल छात्र को साथ लाकर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:25 pm

पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी

नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने के प्रावधान वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय […] The post पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:20 pm

भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र में आंट गांव स्थित एक सौर संयंत्र परिसर से अज्ञात बदमाश करीब पांच हजार मीटर लंबा ताम्बे का तार काटकर ले गए। चोरी गए तार की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपए बताई जा रही है। चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके पर लगे […] The post भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:14 pm

पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बंशी पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की रात एक सुरक्षा गार्ड की एक अन्य यात्री ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सूत्रों ने बताया कि गुजरात में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले संतोष को लखनऊ में उतरकर हरदोई जाना था। सफर के दौरान ट्रेन […] The post पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:09 pm

प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा

मुंबई। अभिनेत्री और पर्यावरण संरक्षण की मुखर समर्थक दिया मिर्ज़ा ने कहा है कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे से अलग नहीं हैं तथा धरती ही हमारी असली पहचान है। दिया मिर्ज़ा के सहयोग से बनी लघु फिल्म ‘पन्हा’ को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल रही है। फिल्म को ऑल लिविंग थिंग्स […] The post प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:05 pm

सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में सूरतगढ़ में विगत मंगलवार को एक बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण सोनी (71) की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि लक्ष्मीनारायण सोनी की पुत्री रेखा का विवाह सूरतगढ़ निवासी राधाकृष्ण सोनी (37) से हुआ था। पति-पत्नी का आपस में विवाद चल रहा […] The post सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 7:59 pm

Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस कंपनियां प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। एशियाई बाजारों की कमजोरी से भी घरेलू स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई, जिससे यह 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर की मजबूत मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि इसके 2 महीने के निचले स्तर (96.67) के बेहद करीब है। ALSO READ: Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 715 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में कुल 2091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी 5.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में रहे। ALSO READ: Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट इससे पहले यानी गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्‍स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्‍तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 7:21 pm

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

होंडा कार्स इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई फ्लैगशिप SUV Honda ZR-V पेश कर दी है। हालांकि, पहली नजर में यह SUV हर खरीदार के लिए नहीं लगती। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसे CBU (Completely Built Unit) के रूप में भारत लाया जाएगा, जिससे इसकी कीमत काफी प्रीमियम रहने की उम्मीद है। ऐसे में इसका मुकाबला कई दमदार सात-सीटर प्रीमियम SUVs से होगा। ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च Honda ZR-V न तो बहुत बड़ी SUV है और न ही इसमें हाई-परफॉर्मेंस पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसके बजाय कंपनी ने इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है, जो स्पोर्टी ड्राइविंग की बजाय बेहतर माइलेज और स्मूद परफॉर्मेंस पर फोकस करता है। हर किसी के लिए नहीं है Honda ZR-V ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च होंडा का मानना है कि ZR-V उन ग्राहकों के लिए है जो दिखावटी फीचर्स की बजाय भरोसेमंद इंजीनियरिंग, क्वालिटी और लंबे समय तक टिकाऊ कार को प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की पुरानी Honda CR-V भी इसी सोच के साथ आई थी। भले ही उसकी कीमत ज्यादा थी और उसकी बिक्री सीमित रही, लेकिन जिन ग्राहकों ने उसे खरीदा, उन्होंने उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की हमेशा सराहना की। Honda ZR-V भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखाई देती है। यूरोपीय डिजाइन वाली प्रीमियम क्रॉसओवर डिजाइन की बात करें तो Honda ZR-V का लुक काफी हद तक यूरोपीय क्रॉसओवर जैसा है। इसका डिजाइन सादगी के साथ प्रीमियम अहसास देता है और समय के साथ भी आकर्षक बना रहेगा। SUV में: इंटरनेशनल Honda Civic से प्रेरित स्लिम LED हेडलैंप पहली जनरेशन Audi Q7 जैसी रियर स्टाइलिंग Maserati से प्रेरित फ्रंट ग्रिल बॉडी-कलर्ड क्लैडिंग ड्यूल-फंक्शन एग्जॉस्ट टिप्स 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे डिजाइन एलिमेंट्स दिए गए हैं। दिखावे से ज्यादा भरोसे पर जोर Honda ZR-V में कई ऐसे आकर्षक और दिखावटी फीचर्स नहीं दिए गए हैं, जो आजकल प्रीमियम SUVs में आम हो चुके हैं। इसके बजाय कंपनी ने उन फीचर्स और इंजीनियरिंग पर फोकस किया है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद साबित हों। यही वजह है कि यह SUV हर ग्राहक के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो प्रीमियम गुणवत्ता, मजबूत हाइब्रिड तकनीक और लंबे समय तक बेहतर ओनरशिप अनुभव चाहते हैं। ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप सीमित संख्या में होगी उपलब्ध Honda ZR-V को भारत में सीमित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बिक्री नहीं, बल्कि चुनिंदा ग्राहकों को प्रीमियम हाइब्रिड SUV का विकल्प देना है। क्या हैं फीचर्स Honda ZR-V: इंजन, माइलेज और फीचर्स नई Honda ZR-V में 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन के साथ डुअल-मोटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है। यह पावरट्रेन संयुक्त रूप से 184 हॉर्सपावर (hp) की पावर और 315Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन की पावर e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए फ्रंट व्हील्स तक पहुंचती है। कंपनी के अनुसार यह हाइब्रिड SUV सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम स्पीड 172 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित) है। माइलेज की बात करें तो Honda ZR-V हाइब्रिड 22.80 किमी प्रति लीटर का प्रमाणित (Certified) फ्यूल इकोनॉमी देने का दावा करती है। कंपनी के मुताबिक, यह SUV एक फुल टैंक में लगभग 1,300 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्रदान कर सकती है। Honda ZR-V के प्रमुख फीचर्स 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay 4-वे पावर एडजस्टेबल को-ड्राइवर सीट मेमोरी फंक्शन के साथ 8-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल ड्राइवर सीट पैनोरमिक सनरूफ डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल वायरलेस फोन चार्जिंग 12-स्पीकर Bose प्रीमियम साउंड सिस्टम पावर्ड टेलगेट एम्बिएंट लाइटिंग सेफ्टी फीचर्स 8 एयरबैग लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा

वेब दुनिया 24 Jul 2026 6:44 pm