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आज का एक्सप्लेनर:सतलुज फिल्म में ऐसा क्या, जो रिलीज होते ही भारत से गायब; जसवंत सिंह खालड़ा कौन हैं, पंजाब में उनके साथ हुआ क्या था

साल 1995, पंजाब का अमृतसर। ह्यूमन-राइट एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा ने दावा किया कि पुलिस ने 25 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या करके लावारिस की तरह उनकी लाशें जला दीं। इस दावे के 7 महीने बाद जसवंत को भी घर से अगवा करके बेरहमी से मार दिया गया था। आज तक उनकी लाश बरामद नहीं हुई है। पंजाब की इसी कहानी पर बनी फिल्म 4 साल से थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई है। 3 जुलाई को इसे चुपचाप OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया, लेकिन 48 घंटे के अंदर वहां से भी हटाना पड़ा। फिल्म के लीड एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर ‘सतलुज’ नाम की इस फिल्म का एक वीडियो शेयर करके लिखा, ‘सतलुज के साथ जो हुआ, वही जसवंत सिंह खालड़ा के साथ हुआ था।’ आखिर कौन थे जसवंत सिंह, उनके खुलासे और उनकी हत्या की पूरी कहानी क्या है, फिल्म में ऐसा क्या है, जिसका देश-विरोधी एक्टिविटीज में इस्तेमाल होने का डर है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: कौन हैं जसवंत सिंह खालड़ा और उनके साथ पंजाब में क्या हुआ था? जवाब: 1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार' में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में जलाई जा रही लावारिस लाशों के बीच कनेक्शन खोजना शुरू किया। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों में जली लाशों के डिटेल्स इकट्ठा किए। 16 जनवरी 1995 को जसवंत ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी और 4 बड़े दावे किए.. प्रोफेसर मल्लिका कौर की किताब, 'फेथ, जेंडर, एंड एक्टिविज्म इन द पंजाब कॉन्फ्लिक्ट के मुताबिक, इस अपराध में साथ न देने वाले 2000 पुलिस वालों को भी मार दिया गया। जसवंत का कहना था कि पुलिस अधिनियम 1861 के तहत पंजाब पुलिस रूल्स, 1934 के चैप्टर 25 में नियम है कि किसी लाश का अंतिम संस्कार तभी हो सकता है, जब उसकी पहचान तय हो, लेकिन यहां तो सिस्टम खुद ही पहचान मिटा रहा था। दो दिन बाद DGP केपीएस गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया, 'हजारों सिख युवा फर्जी दस्तावेजों से विदेश चले गए हैं। उन्हीं की गुमशुदगी को खालड़ा पुलिस पर थोप रहे हैं।' इसके बाद खालड़ा ने गिल को ओपन डिबेट की चुनौती दी। उनके दावों के आधार पर पंजाब के लोकल अखबार खबरें छाप रहे थे। प्रशासन पर दबाव बढ़ा, तो उसने उल्टा खालड़ा से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच 31 अगस्त को सीएम बेअंत सिंह की खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’, BKI ने बम धमाके में हत्या कर दी। इसके बाद 6 सितंबर 1995 का दिन आया। जसवंत सिंह अमृतसर के कबीर पार्क स्थित अपने घर के बाहर कार धो रहे थे। तभी एक सफेद गाड़ी आई। इसमें मौजूद हथियारबंद लोग उन्हें अगवा कर ले गए। पुलिस का कहना था कि जसवंत कैसे गायब हुए, इसकी जानकारी नहीं है। शायद वो गैंगवॉर का शिकार हुए। खालड़ा के मामले में जांच के बाद CBI ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, 'जसवंत सिंह ने लावारिस लाशों के मामले में आवाज उठाई। स्थानीय पुलिस को ये पसंद नहीं आया और उन्हें घर से अगवा कर लिया। उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने के बाद उनकी हत्या करके लाश हरीके इलाके में नहर में फेंक दी गई।' सवाल-2: जसवंत सिंह की हत्या का खुलासा कैसे हुआ, पत्नी ने कैसे दिलाई सजा? जवाब: 6 सितंबर को ही जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके पति को पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों ने अगवा किया है। किडनैपिंग का मामला दर्ज किया गया। जसवंत का सुराग देने पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया। हालांकि पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई, तो परमजीत ने कोर्ट का रुख किया और नवंबर 1995 में कोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया। CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत के पड़ोसी किरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि जिस गाड़ी से जसवंत का अपहरण हुआ, उसमें 5 पुलिस अधिकारी- DSP जसपाल सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, SHO जसबीर सिंह, प्रिथीपाल सिंह और अमृतसर के झबाल थाने के SHO सतनाम सिंह थे। इन्हीं ने जसवंत को अगवा किया। दो दिन पहले, यानी 4 सितंबर को अवैध ड्रग्स के मामले में एक आरोपी कुलवंत सिंह झबाल थाने लाया गया था। उसने भी CBI को बताया कि DSP जसपाल सिंह और SHO सतनाम सिंह ही खालड़ा को थाने लाए थे। इस मामले में सबसे अहम गवाह बने स्पेशल पुलिस अफसर कुलदीप सिंह। उनकी तैनाती झबाल थाने में सतनाम सिंह के साथ ही थी। कुलदीप ने खालड़ा की हत्या तक के पूरे ब्योरे दिए… कुलदीप सिंह की गवाही इस केस के लिए बहुत अहम साबित हुई। नवंबर 2005 में पटियाला की एक कोर्ट ने 4 आरोपी- सतनाम सिंह , सुरिंदर पाल, जसबीर और प्रिथीपाल को किडनैपिंग के आरोप में 7 साल जेल की सजा सुनाई। जबकी DSP जसपाल सिंह और अमरजीत सिंह को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा मिली। जबकि संधू ने मामले में फैसला होने से पहले ही 23 मई 1997 को खुदकुशी कर ली थी। जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की। 2007 में पंजाब हाईकोर्ट ने अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि 7 साल की सजा पाने वाले चारों आरोपियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। आरोपी पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल 2011 को उनकी अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा। CBI ने अंतरिम रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘2097 लाशों का लावारिस की तरह अंतिम संस्कार किया गया था। अकेले तरनतारन में 984 लाशों को 'लावारिस' के बतौर जलाया गया। पुलिस ने बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों की हत्या की थी।’ जसवंत की कहानी को फिल्म सतलुज के लिए लिखने वाले नीरेन भट्ट का कहना है, ‘इसमें एंटी-नेशनल जैसा कुछ नहीं है, ये एक बैंकर की कहानी है, जो गैर-कानूनी तरीके से मारे गए लोगों के परिवारों के लिए लड़े। फिर भी इसे रिलीज के बाद महज 48 घंटे में हटा दिया गया। सवाल-3: सतलुज को रिलीज के 48 घंटे के भीतर हटाना क्यों पड़ा? जवाब: 'सतलुज' फिल्म का मूल नाम 'घल्लूघारा' था, इसका मतलब होता है- नरसंहार। पंजाब में सिखों के कथित नरसंहार को लेकर ये शब्द प्रचलित है। फिल्म के घल्लूघारा से पंजाब 95 और सतलुज तक 3 बार नाम बदलने और रिलीज को लेकर 4 साल से विवाद चल रहा है… रिलीज के एक ही दिन बाद फिल्म में लीड एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘अबतक सतलुज नहीं देखी, तो जल्द देख लें। सोमवार, 6 जुलाई तक इसे हटाया जा सकता है।’ इससे पहले ही रविवार शाम को सतलुज ZEE5 पर भारत में स्ट्रीम होना बंद हो गई। ZEE5 ने बयान में कहा, 'मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए, सतलुज भारत में अगली इन्फॉर्मेशन तक अवेलेबल नहीं होगी। हम इसको जल्दी वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत हरसंभव कोशिश करेंगे।' नीरेन भट्ट कहते हैं, 'ZEE5 से किसी ने फिल्म रोकने के लिए कहा। साफ है कि CBFC या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में किसी अधिकारी ने इसमें दखल दिया। CBFC वाले नहीं बताते कि उन्हें फिल्म में क्या आपत्तिजनक लगा या ये फैसले कौन ले रहा है। RSVP मूवीज के एक प्रवक्ता के मुताबिक, ‘फिल्म को सरकार ने हटाया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ’ये फैसला इसलिए हुआ, क्योंकि फिल्म के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो सकता है।' एक सरकारी ऑफिसर ने कहा, 'CBFC के सर्टिफिकेट के बिना फिल्म चुपचाप OTT पर रिलीज हुई। OTT CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसलिए सरकार के संज्ञान में आने के बाद ZEE5 से फिल्म हटाने को कहा गया।' सवाल-4: आखिर कैसे तय होता है कि कोई फिल्म देश-विरोधी है? जवाब: सिनेमाघरों में किसी फिल्म को रिलीज करने के लिए सर्टिफिकेट मिलेगा या नहीं, यह सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 के प्रावधानों से तय होता है। इस कानून में ‘एंटी-इंडिया फिल्म’ जैसा कोई शब्द नहीं है। हालांकि इसकी धारा 5B के मुताबिक, CBFC किसी फिल्म की रिलीज पर तभी रोक लगा सकता है, जब वह- वहीं OTT पर रिलीज होने वाले कॉन्टेंट की निगरानी IT एक्ट के जरिए होती है। धारा 69A से केंद्र सरकार को देश की संप्रभुता, सुरक्षा वगैरह के आधार पर कॉन्टेंट का ब्रॉडकास्ट रोकने की ताकत मिलती है। OTT प्लेटफॉर्म खुद भी कंटेंट हटा सकते हैं। कोर्ट में जसवंत सिंह खालड़ा का केस लड़ चुके सीनियर एडवोकेट राजविंदर सिंह बेंस कहते हैं, ‘अगर फिल्म की कोई बात पसंद न आए, तो उसे दबा देना समाधान नहीं है। यह फिल्म कहानी का दूसरा पहलू दिखाती है। केपीएस गिल कई लोगों के लिए हीरो हैं, जबकि पंजाब में सबसे बड़े विलेन हैं। फिल्म को दबाने से साफ है कि सच बाहर आने का डर है।’ वहीं सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट विनीत जिंदल के मुताबिक, 'फिल्म में अलगाववादी या आतंकवादी विचारधारा के लिए सहानुभूति वाले सीन हो, तो सवाल उठना भी जरूरी है। अभिव्यक्ति की आजादी के साथ नेशनल सिक्योरिटी और संवेदनशील ऐतिहासिक घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार होना चाहिए।' सवाल-5: क्या ये फिल्म दोबारा रिलीज हो सकती है? जवाब: हां, इसके दो तरीके हैं- या तो CBFC के मुताबिक, फिल्म में कट्स लगा दिए जाएं या हाईकोर्ट में अपील की जाए। नीरेन भट्ट का कहना है कि वे लोग हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। जी-5 का भी कहना है कि वे फिल्म को वापिस अपने प्लेटफॉर्म पर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। पहले भी ऐसे मामले हुए हैं, जब CBFC के सर्टिफिकेट न देने पर फिल्म मेकर्स कोर्ट गए और केस जीते। 2016 में आई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में CBFC ने 94 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि कोर्ट ने सिर्फ 1 कट और 3 डिस्क्लेमर के साथ रिलीज की इजाजत दे दी थी। ---------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर:गुलाबी पेट्रोल, टैंक में चींटी के वीडियो वायरल; सरकार पेट्रोल में जबरन एथेनॉल मिलाने पर क्यों तुली है, पीछे की पूरी कहानी कहीं गुलाबी रंग का पेट्रोल, कहीं टैंक से चिपकी चीटियां, कहीं पेट्रोल के साथ दिखता पानी। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज वायरल हैं और सभी के साथ एक ही नाम जुड़ा है- एथेनॉल। इन वीडियोज की असलियत संदिग्ध हो सकती है, लेकिन देश में एथेनॉल पर बहस बिल्कुल असली है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 6:40 pm

उज्जैन-इंदौर मार्ग पर बस की टक्कर से दो गायों की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने बस को फूंका

उज्जैन-इंदौर मुख्य मार्ग पर पंथपिपलाई और रामवासा गांव के बीच एक हादसा हो गया। इंदौर से आ रही यात्री बस ने सड़क पार कर रही दो गायों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने बस में आग लगा दी। नाराज ग्रामीणों को देख बस का चालक बस को छोड़ कर भाग गया। अच्‍छा तो यह रहा कि हादसे के वक्त बस में कोई यात्री सवार नहीं था। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मवेशियों की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। आपको बता दे कि पांच महीने पहले शुक्ला ब्रदर्स की बस ने टक्कर मारकर एक बाइक पर सवार पति-पत्नी और दो बच्चों की भी जान ले ली थी। इसके अलावा अरविंद हॉस्पिटल के पास भी तेज गति से बस चलाई जाने पर नाराज लोगों ने बस के चालक के साथ मारपीट की थी और बस में तोड़फोड़ कर दी थी। इंदौर में तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोलू शुक्ला के परिवार से जुड़ी बसें इंदौर उज्जैन रूट पर संचालित होती है। ज्यादातर बसों पर गोलू भी लिखा होता है। इस बस सर्विस के बारे में कई बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन इसके चालक अंधाधुंध गति से बसों को चलाते हैं।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 5:24 pm

ब्लड टेस्ट से शुरुआती कैंसर की होगी पहचान, रिलायंस की स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को मिला पेटेंट

Strand Life Sciences : रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को ऐसी तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट मिला है, जो सिर्फ ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान और उसके संभावित स्रोत का पता लगाने में मदद कर सकती है। यह प्लेटफॉर्म सेल-फ्री डीएनए का विश्लेषण करता है और इसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होता है। कंपनी के मुताबिक इस तकनीक की खासियत कैंसर से जुड़े डीएनए पैटर्न में बदलाव को पहचानना है, ताकि बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सके और मरीजों को बेहतर इलाज का मौका मिल सके। फिलहाल बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान बीमारी के गंभीर चरणों में ही हो पाती है। ALSO READ: Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ रमेश हरिहरन ने कहा कि यह पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लिक्विड बायोप्सी टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना है, जो कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सटीक, बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य और सुलभ बना सकें। Edited By : Chetan Gour

वेब दुनिया 7 Jul 2026 5:11 pm

अफगानिस्तान के बाएं हाथ के पेसर का लंबी बीमारी के बाद निधन

अफगानिस्तान के प्रमुख बाएं हाथ के पेसर शापूर जदरान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले।सलामी गेंदबाज होने के बाद भी साल 2015 के एकदिवसीय विश्वकप में स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके बल्ले से ही टीम को विजयी रन मिले। यह अफगानिस्तान की एकदिवसीय विश्वकप में पहली जीत थी। वह टीम के लिए टी-20 विश्वकप का भी हिस्सा थे। वह एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (HLH) से पीड़ित थे।एचएलएल एक ‘हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम’ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। The historic Winning Runs by Shapoor. - We will miss you Shapoor zadran. pic.twitter.com/oklESMyd6U — ACB Xtra (@acb_190) July 7, 2026 मंगलवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने उनके निधन की घोषणा की।एसीबी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बहुत दुख और अफसोस के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’’ एसीबी ने कहा कि लंबे-कद के गेंदबाज जादरान अफगानिस्तान की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे और ‘अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।’एसीबी ने कहा, ‘‘शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में खेल के उत्थान और विकास में अहम भूमिका निभाई।’’ With profound grief and deep sorrow, the Afghanistan Cricket Board mourns the passing of former Afghanistan fast bowler Shapoor Zadran. Shapoor Zadran was one of the foundation-laying figures of Afghanistan cricket, whose dedication,… pic.twitter.com/iPIAJ6HLkq — Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) July 7, 2026 उन्होंने कहा, ‘‘वह उन क्रिकेटरों में से एक थे जो अफगानिस्तान के शुरुआती क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहे और उन्होंने उस रास्ते को बनाने में मदद की जिसने अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।’’ एसीबी ने कहा कि जादरान ना केवल अफगानिस्तान में बल्कि दुनिया भर के कई युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे।ACB ने लिखा, ‘‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियां हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगी और राष्ट्रीय टीम की सेवा में उनके प्रयासों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर अपनी उपलब्धियों के अलावा शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा के सच्चे स्रोत थे।’’ एसीबी ने कहा, ‘‘उनके लड़ने के जज्बे, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्यार ने कई लोगों को उम्मीद दी और एक पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी कमी बहुत खलेगी और उनकी यादें हमेशा अफगानिस्तान के लोगों और क्रिकेट की दुनिया के दिलों में जिंदा रहेंगी।’’

वेब दुनिया 7 Jul 2026 5:10 pm

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

Marriage During Chaturmas: देवशयनी एकादशी के साथ सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले चातुर्मास का शुभारंभ हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक विश्राम करते हैं। इसी कारण इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत, नए व्यवसाय का शुभारंभ जैसे कई मांगलिक कार्यों को स्थगित कर दिया जाता है। चातुर्मास का समापन देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी पर होता है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और पुनः शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व चातुर्मास केवल मांगलिक कार्यों पर विराम का समय नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, साधना, जप, तप, दान, व्रत और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष काल भी माना जाता है। इस दौरान भक्त भगवान विष्णु की आराधना, धार्मिक अनुष्ठान, सत्संग और सेवा कार्यों में अधिक समय देते हैं। मान्यता है कि चातुर्मास में किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार देवशयनी एकादशी, जो कि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है का धार्मिक दृष्टि से बहुत बड़ा महत्व है। इसी दिन से चातुर्मास/ 4 महीने की अवधि की शुरुआत होती है, जिसके साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है। इस बार देवशयनी एकादशी तथा चातुर्मास का आरंभ 25 जुलाई 2026, दिन शनिवार से होने जा रहा है। आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक वजह, वर्जित कार्य और इस दौरान क्या करना शुभ होता है: भगवान विष्णु के शयन का समय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु क्षीर सागर में राजा बलि के यहां चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद वे सीधे कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी को जागते हैं। चूंकि इन चार महीनों में भगवान विष्णु शयन काल में होते हैं, इसलिए इस अवधि में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता, क्योंकि माना जाता है कि बिना भगवान के आशीर्वाद के किए गए शुभ कार्य सफल या फलदायी नहीं होते। 4 महीने के लिए इन कार्यों पर रहती है रोक चातुर्मास के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगलिक कार्यों को वर्जित माना गया है: 1. विवाह संस्कार: इन चार महीनों में शादियां पूरी तरह बंद रहती हैं। 2. मुंडन और उपनयन संस्कार: बच्चों के जनेऊ या मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। 3. गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या नए घर की नींव रखना/ भूमि पूजन करना वर्जित होता है। 4. नया व्यापार या बड़े निवेश: किसी नए बड़े काम या व्यापार की शुरुआत करने से भी इस दौरान बचा जाता है। चातुर्मास का वास्तविक महत्व: भक्ति और साधना का समय भले ही इस दौरान भौतिक जगत के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है, क्योंकि चातुर्मास का समय बाहरी उत्सवों को रोककर, अंतर्मन की यात्रा और आत्मशुद्धि करने का होता है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: आखिर क्यों इस एकादशी व्रत को माना जाता है बेहद चमत्कारी? जानें कुबेर और हेम माली की यह पौराणिक कथा संतों का प्रवास: इन चार महीनों में जैन और सनातन धर्म के साधु-संत एक ही स्थान पर रुककर तप, ध्यान और कथा करते हैं, क्योंकि चातुर्मास में वर्षा ऋतु के कारण जीवों की उत्पत्ति बढ़ जाती है, जिससे विहार करने पर जीव हिंसा का डर रहता है। व्रत और नियम: इस दौरान लोग खान-पान में सात्विकता अपनाते हैं। कई लोग इन चार महीनों में हरी सब्जियां, मूली, बैंगन या प्याज-लहसुन का त्याग कर देते हैं। पूजा-पाठ का फल: भगवान विष्णु के सोने के बाद सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में आ जाता है। इसी चातुर्मास के दौरान सावन का पवित्र महीना भी आता है, जिसमें महादेव की पूजा का विशेष महत्व है। संक्षेप में कहें, तो देवशयनी एकादशी से शुरू होने वाला यह समय भले ही शहनाइयों और शादियों को रोक देता है, लेकिन यह ईश्वर की भक्ति, दान-पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त करने का सबसे उत्तम काल होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

वेब दुनिया 7 Jul 2026 5:07 pm

अगले 5 महीनों में 4 ग्रहों के गोचर से इन 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

Half-yearly Horoscope: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर (राशि परिवर्तन) और उनकी चाल (मार्गी व वक्री) का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आने वाले 5 महीने ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। प्रसिद्ध पंडित और ज्योतिष उमाशंकर शर्मा के अनुसार, आगामी 5 महीनों में राहु-केतु, शनि, सूर्य और गुरु जैसे बड़े ग्रहों के गोचर और चाल में बदलाव के कारण एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस ज्योतिषीय फेरबदल से 5 विशेष राशियों के जीवन में अचानक बड़ा लाभ, धन आगमन और तरक्की के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं इस महापरिवर्तन का पूरा गणित और भाग्यशाली राशियों का हाल। ग्रहों की चाल और गोचर का पूरा समीकरण आने वाले महीनों में आकाशमंडल में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जो इस प्रकार हैं: बृहस्पति (गुरु) का गोचर: गुरु देव वर्तमान में कर्क राशि के बाद 31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। फिलहाल गुरु मार्गी (सीधी चाल) हैं, जो आगे चलकर 13 दिसंबर को वक्री होंगे। शनि देव की स्थिति: शनि देव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं। वे 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक वक्री अवस्था (उल्टी चाल) में रहेंगे, जिससे कई राशियों के समीकरण बदलेंगे। राहु-केतु का राशि परिवर्तन: राहु अभी कुंभ राशि में हैं, जो 25 नवंबर को मकर राशि में गोचर करेंगे। वहीं, केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल और सूर्य का प्रभाव: मंगल देव मिथुन राशि के बाद कर्क और सिंह राशि में भ्रमण करेंगे। वहीं, सूर्य देव भी कर्क के बाद सिंह और कन्या राशि में गोचर करते हुए अपना प्रभाव दिखाएंगे। ALSO READ: आज से भद्र राजयोग शुरू, 5 राशियों के लिए कर्म और भाग्य के फल मिलने का खुलेगा ताला इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा अचानक लाभ ग्रहों के इस बड़े हेरफेर से निम्नलिखित 5 राशियों को अगले 5 महीनों के भीतर कोई बड़ी खुशखबरी या अचानक धन लाभ मिल सकता है: 1. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय वरदान की तरह सिद्ध हो सकता है। राहु-केतु और शनि की बदलती चाल आपके रुके हुए कार्यों को गति देगी। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और अचानक वित्तीय लाभ (Financial Gain) के योग बनेंगे। निवेश से भी अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। 2. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर बेहद खास है। 31 अक्टूबर को गुरु का आपकी ही राशि में आना आपके आत्मविश्वास और मान-सम्मान में चार चांद लगाएगा। हालांकि केतु का प्रभाव कम होगा, लेकिन सूर्य और मंगल का सहयोग आपको करियर में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। ALSO READ: राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को अचानक से मिलेगा धन, जल्दी से करें 2 उपाय 3. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि के जातकों के लिए नवंबर में राहु का उनकी राशि में आना जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। जो लोग लंबे समय से कर्ज या आर्थिक तंगी से परेशान थे, उन्हें राहत मिलेगी। अचानक से धन कमाने के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। ALSO READ: राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को अचानक से मिलेगा धन, जल्दी से करें 2 उपाय 4. कुंभ राशि (Aquarius) राहु का आपकी राशि से निकलना आपके मानसिक तनाव को कम करेगा। शनि की वक्री स्थिति आपको मेहनत का पूरा फल देगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी में बढ़ोतरी की खुशखबरी मिल सकती है। अचानक यात्राओं से भी धन लाभ के योग बनेंगे। 5. मीन राशि (Pisces) शनि देव आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जो आपको अपनी योजनाओं को दोबारा परखने और मजबूत करने का मौका देंगे। गुरु और सूर्य के शुभ प्रभाव से आपको पैतृक व्यवसाय या किसी पुराने निवेश से अचानक बड़ा मुनाफा हो सकता है। सेहत में सुधार होगा और भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 4:46 pm

किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त

अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में पुलिस और जिला विशेष दल (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए कांकरा गांव में संचालित कथित नकली पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एक गोदाम से 6510 लीटर ज्वलनशील तरल पदार्थ, एक स्कॉर्पियो वाहन, फर्जी नंबर प्लेट, […] The post किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:30 pm

उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या

तिरुवनंतपुरम। उज़्बेकिस्तान में केरल के एक मेडिकल छात्र की कथित रूप से हत्या कर दी गयी है। आरोप है कि उसके एक साथी छात्र ने उसके सिर पर लैपटॉप से वार किया था। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पीड़ित की पहचान केरल के हरिपाद निवासी सावरिया (22) के रूप में हुई है। यह घटना […] The post उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:18 pm

नदबई में ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर महिला की मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई में मंगलवार को पैर फिसलने से उदयपुर–खजुराहो ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर गम्भीर रूप से घायल महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी प्रीति सक्सेना (42) के रूप में हुई है। प्रीति पति धीरेंद्र सक्सेना के साथ पुत्री से मिलने नदबई आई थी। […] The post नदबई में ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसकर महिला की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 4:12 pm

लकड़ियों के गट्ठर की कहानी क्या सिखाती है? : न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू का विश्लेषण

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने ईसप की 'लकड़ियों के गट्ठर' की कहानी, महाभारत और बुद्ध के उपदेशों के माध्यम से भारत में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता पर बल दिया है

हस्तक्षेप 7 Jul 2026 3:35 pm

आज से भद्र राजयोग शुरू, 5 राशियों के लिए कर्म और भाग्य के फल मिलने का खुलेगा ताला

Budh ki vakri chaal 2026: 7 जुलाई को बुध ग्रह ने खुद की राशि मिथुन में प्रवेश किया है जहां पर वे 5 अगस्त 2026 रहने वाले हैं। जब बुध खुद की राशि में गोचर करते हैं तो भद्र नामक राजयोग बननता है। इससे बुद्धि, चतुराई, तर्क और वाणी का प्रभाव बढ़ जाता है। कौशल, लेखन, गणित, कारोबार और सलाहकर के क्षेत्र में सफल रहता है। आइए जानते हैं कि बुध का यह पावरफुल गोचर किन 5 राशियों के लिए 'लॉटरी' साबित होने वाला है। ALSO READ: Budh Vakri 2026: उल्टी चाल चलेंगे बुध, इन 5 राशियों की बढ़ सकती है मुश्किलें; रहें बेहद सतर्क 1. वृषभ राशि (Taurus) यह गोचर आपकी राशि के द्वितीय यानी धन और वाणी के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आपको उत्तम भोजन, आभूषण व भौतिक सुख-साधनों का पूरा आनंद मिलेगा। आपकी संचार शैली इतनी प्रभावशाली रहेगी कि आप अपनी बातों से लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे। इस अवधि में बुध देव वक्री स्थिति में रहेंगे, जिसके कारण कार्यों में थोड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। हालांकि, धैर्य बनाए रखें, भाग्य आपके साथ है। 2. सिंह राशि (Leo) आपकी राशि के एकादश यानी लाभ भाव में यह गोचर होने जा रहा है। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए अत्यंत श्रेष्ठ रहने वाला है। व्यापार में बड़े मुनाफे के योग बन रहे हैं और नौकरीपेशा जातकों को मनचाही सफलता हासिल होगी। इस दौरान आपको मित्रों और भाइयों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपके कई रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। ALSO READ: जब बुध चलेंगे उल्टी चाल: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा धन 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) यह गोचर आपकी राशि के अष्टम भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अष्टम भाव का यह गोचर आपके लिए कई सुखद आश्चर्य लेकर आ सकता है। आपको पैतृक संपत्ति या किसी गुप्त मार्ग से अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है, जिससे समाज में आपका रूतबा बढ़ेगा। इस समय कुंडली में शनि और मंगल का भी प्रभाव रहेगा। इसलिए अपने क्रोध और वाणी पर पूरा नियंत्रण रखें। किसी से भी कटु वचन बोलने से बचें। 4. मकर राशि (Capricorn) आपकी राशि के छठे यानी शत्रु व रोग भाव में यह गोचर होने जा रहा है। यदि आप लेखन, कला, साहित्य या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो यह समय आपको बड़ी ख्याति दिलाएगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। इसके अलावा, यदि आप लंबे समय से किसी कर्ज या लोन की वजह से परेशान थे, तो इस अवधि में आपको उससे मुक्ति मिल सकती है। ALSO READ: July Planet Transit 2026: सूर्य, बुध और शुक्र का गोचर बदलेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें आपकी राशि पर असर 5. मीन राशि (Pisces) यह गोचर आपकी राशि के चतुर्थ यानी सुख और माता के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में खुशहाली और शांति का वातावरण रहेगा। आपको माता जी का पूरा स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे और समाज के प्रभावशाली व रसूखदार लोगों के साथ आपके संपर्क मजबूत होंगे।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 3:17 pm

सोने की रामचरित मानस भी सुरक्षित है और रामजी के आभूषण भी, गोविंद देव गिरि ने दिखाईं वस्तुएं

Gold Ramcharitmanas safe: राम मंदिर को दान में मिलीं वस्तुओं के गायब होने के विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने एक वीडियो में वस्तुओं को दिखाया। वीडियो में सोने की रामचरितमानस , काकभुशुंडि की प्रतिमा के साथ ही अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि इस पूरे मामले में गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के इस्तीफे पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें (चंपत राय को) 32 वर्षों से जानता हूं, इसलिए ऐसी कोई लिप्तता उनकी होगी, इसके बारे में मैं सोच भी नहीं सकता। लेकिन कार्यपद्धति के बारे में वे स्वयं असावधान रहें, ये बात माननी पड़ेगी। आखिरकार, उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उस आदमी के पास चाबियां थीं और वह सब कुछ नियंत्रित करता था। #WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, displays ornaments of Shri Ram Janmbhoomi Temple. pic.twitter.com/j3o0HQodk3 — ANI (@ANI) July 6, 2026 यह किसी की साजिश हो सकती है गोविंद देव गिरि ने कहा कि राय के ड्राइवर ने ही यह सब किया है। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। हो सकता है कि उन्होंने ही उसे ऐसा करने और उन्हें रिपोर्ट करने के लिए उकसाया हो। मुझे अक्सर लगता है कि यह सब दूसरों की साजिश थी। यह सब CEO के अभाव से हुआ, क्योंकि देखरेख के काम के लिए उस अनुशासन की जरूरत होती है, जो पेशेवर नौकरशाह लाते हैं। इसलिए, हम एक CEO लाएंगे, हमने तीन नामों को चुनने और उनकी सिफारिश करने के लिए एक समिति बनाई है और हम उनमें से किसी एक को चुनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सोने की रामचरितमानस, काकभुशुंडि की प्रतिमा, रामजी की चरणपादुकाएं और दान में मिले अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े ट्रस्ट ने उन तत्वों पर भी निशाना साधा जो इस प्रकरण का उपयोग हिंदू आस्था और राम जन्मभूमि को कमजोर करने व भ्रम फैलाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रस्ट ने अपनी वित्तीय स्थिति के प्रमुख आंकड़े (शुरुआत से 31 मार्च 2026 तक) साझा किए। ट्रस्ट ने बताया कि दान में प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपए है। राम मंदिर के निर्माण एवं अन्य व्यय 2,370 करोड़ रुपए है। मंदिर को कुल चढ़ावा (प्रारंभ से लेकर 31 मार्च 2026 तक) 582 रुपए है, संचालन व्यय के लिए उपयोग की गई राशि 391 करोड़ रुपए है। श्रद्धालुओं की भेंट का पूरा हिसाब इससे पहले ट्रस्ट ने बताया था कि नकद राशि के अलावा भक्तों द्वारा प्रभु रामलला को कुल 2 हजार 926 वस्तुएं अर्पित की गई हैं, जो पूरे विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म द्वारा इनका आंतरिक अंकेक्षण किया जाता है। भक्तों को इसकी रसीदें भी दी गई हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपनी भेंट का सत्यापन करना चाहता है, तो वह तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या आकर मिलान कर सकता है। दान में आई चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गलाकर छड़ें बनाई गई हैं, जिनकी शुद्धता और वजन का प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध है। ट्रस्ट ने भविष्य में प्रबंधन और संचालन प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया है। SIT की सिफारिशों के अलावा, विशेषज्ञों से भी स्वतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया गया है ताकि भविष्य में मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पूर्णतः पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जा सके जो अनुकरणीय उदाहरण बने। Edited by: vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 7 Jul 2026 3:12 pm

सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू

नई दिल्ली। सिंगापुर एयरलाइंस की कम लागत वाली इकाई स्कूट ने मंगलवार को जुलाई थीमैटिक सेल की घोषणा की जिसके तहत किराया 10,500 रुपए से शुरू है। कंपनी बताया कि टिकटों की बुकिंग 07 जुलाई से 12 जुलाई के बीच करायी जा सकती है। इस दौरान ग्राहक भारत से सिंगापुर होते हुए फुकेट के लिए […] The post सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 3:03 pm

महेंद्र सिंह धोनी ने जन्मदिन पर देखी रोनाल्डो की विदाई, साथ थे कोहली

महेंद्र सिंह धोनी ने अपने जन्मदिन के 45वे सालगिरह पर रोनाल्डो की विदाई देखी। उनके साथ स्टैंड्स में भारतीय एकदिवसीय टीम के स्टार विराट कोहली भी मौजूद थे। इससे पहले यह दो दिग्गज भारतीय खिलाड़ी कोविड काल से पहले विंबलडन में भी साथ बैठकर लॉन टेनिस का लुत्फ उठाते हुए देखे गए थे। गौरतलब है कि क्रिचियानो रोनाल्डो ने पहले ही बता दिया था कि यह उनका अंतिम मुकाबला है। स्पेन के एक गोल के कारण क्रिचियानो रोनाल्डो को बिना विश्वकप के खिताब के ही फीफा विश्वकप से रुखसत होना पड़ा था। Virat Kohli & MS Dhoni watching the Spain vs. Portugal match and cheering for Cristiano Ronaldo pic.twitter.com/5oCyhuoUFd — Central Cricket (@arshdeep3444) July 6, 2026 महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली खुद पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिचियानो रोनाल्डो के बहुत बड़े फैन है। लेकिन उनका यह मैच उनके लिए खुशियां नहीं बल्कि आंसु लेकर आया वह यह मैच जीत जाते तो उन्हें अगला मैच खेलने को मिलता।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 2:52 pm

पत्नी को मारने 620 किमी दूर से इंदौर लाया कोबरा, ऐसे हत्‍या को बताया हादसा, शिवानी हत्याकांड में पति को उम्रकैद

पत्‍नी को मारने के लिए पति करीब साढे 600 किमी दूर से जहरीला कोबरा सांप लेकर आया, हत्‍या को सांप से डसना बताया और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जांच में सामने आया कि पति ने पूरे सुनियोजित तरीके से पत्‍नी की हत्‍या को अंजाम दिया था। इस मामले में कोर्ट ने अब शिवानी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इंदौर के चर्चित 2019 शिवानी हत्याकांड में जिला कोर्ट ने आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई। राजस्‍थान से कोबरा लेकर आया इंदौर : आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया इंदौर से 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर से ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा 30 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। उसे 11 दिन घर में छिपाकर रखा। फिर मौका पाकर तकिए से पत्नी का गला घोंट दिया। इसके बाद कोबरा को मारकर उसके दांत पत्नी के हाथ में गड़ा दिए, ताकि पुलिस को लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। फोरेंसिक साक्ष्यों और डॉक्टर के बयान ने पूरी कहानी उजागर कर दी। करीब साढ़े छह साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमितेष को हत्या में उम्रकैद सुनाई। कोबरा की हत्या में तीन साल के कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दो साल की सजा मिली। क्‍या है पूरे हत्‍याकांड की कहानी : इंदौर के संचार नगर में 1 दिसंबर 2019 को घटना हुई थी। शिवानी पटेरिया (35) को उसका पति अमितेष और किरायेदार निखिल एमवायएच लेकर पहुंचे थे। परिजन ने डॉक्टरों को सांप के काटने से मौत होने की जानकारी दी थी। लेकिन शिवानी के मायके पक्ष ने घटना को संदेहास्पद बताया। कनाडिया टीआई मौके पर पहुंचे तो घर में मरा हुआ कोबरा पड़ा था। शिवानी के चाचा प्रभात दीक्षित ने आरोप लगाया था कि उनकी भतीजी की हत्या की गई है। वह घर में पलंग पर मृत मिली थी। पलंग पर सांप भी मृत मिला था। उनका आरोप था कि कुछ दिन पहले अमितेष ने तलाक की कोशिश की थी। वह दिल्ली की एक युवती के संपर्क में था और शिवानी को तलाक देना चाहता था। आरोप था कि पति ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी। एक बार गला दबाया था। फिर दो दिन पहले जहर देने की कोशिश की थी। घटना वाली सुबह पार्लर में सांप के डसने से अस्पताल ले जाने की बात कही। बात कराने को कहा तो जवाब मिला कि वह बात नहीं कर सकती। शाम पांच बजे मौत की सूचना दी गई। घर में ससुर ओमप्रकाश और ननद ऋचा भी थे। इस मामले में कोर्ट ने अब शिवानी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 2:49 pm

स्टॉपेज टाइम में स्पेन ने तोड़ा पुर्तगाल का दिल, रोनाल्डो का वर्ल्ड कप का सपना टूटा

आर्लिंगटन। स्पेन ने राउंड ऑफ़ 16 के रोमांचक मुकाबले में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सब्स्टिट्यूट मिकेल मेरिनो ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल किया, जिससे पुर्तगाल का सफ़र खत्म हो गया और शायद क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार वर्ल्ड कप करियर भी। एटीएंडटी […] The post स्टॉपेज टाइम में स्पेन ने तोड़ा पुर्तगाल का दिल, रोनाल्डो का वर्ल्ड कप का सपना टूटा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:46 pm

करौली : पांचना बांध के एक गेट में आई तकनीकी खराबी को दूर कर खोला गया

करौली। राजस्थान में करौली जिले के पांचना बांध से सोमवार को बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू करने के बाद एक गेट में आई तकनीकी खराबी को भी दूर कर मंगलवार तड़के उसे भी खोल दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार निगरानी से पांचना बांध समझौते […] The post करौली : पांचना बांध के एक गेट में आई तकनीकी खराबी को दूर कर खोला गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:37 pm

ईरान की समुद्री मार्ग चेतावनी की अनदेखी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला

तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागी। इससे पहले ईरान ने जहाजों को ओमान के पास अमरीका द्वारा स्वीकृत लेकिन ईरान द्वारा अधिकृत नहीं किए गए समुद्री मार्ग का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी थी। यह दावा द वाल स्ट्री जर्नल की […] The post ईरान की समुद्री मार्ग चेतावनी की अनदेखी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:30 pm

मैहर में ट्रक से टकराई एसयूवी, एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु

मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में सोमवार देर रात एक एसयूवी के ट्रक से टकरा जाने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार नादन देहात थाना क्षेत्र के रिगरा गांव के निकट मैहर की ओर जा रही तेज […] The post मैहर में ट्रक से टकराई एसयूवी, एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:24 pm

निम्बाहेड़ा में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 सदस्याें की मौत

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में सोमवार को वज्रपात से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कनेरा थाना क्षेत्र में लुणखंदा गांव में बद्रीलाल मीणा पत्नी चंद्रीबाई और पोते विशाल के साथ सोमवार रात गांव से दो किलोमीटर दूर अपने खेत पर बनी झोपड़ी में […] The post निम्बाहेड़ा में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 सदस्याें की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:20 pm

कर्नाटक के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल बंद

शिवमोगा। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में मंगलवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चिक्कमगलूरु और शिवमोगा जिलों के कई तालुकों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया। चिक्कमगलूरु जिले में प्रशासन ने कोप्पा, श्रृंगेरी और मुदिगेरे तालुकों के प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में […] The post कर्नाटक के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल बंद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:13 pm

अलवर : ट्रैक्टर और टेंपो की भिड़ंत में 2 युवकों की मौत, 3 घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में सोमवार को ट्रैक्टर और टेम्पो की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार जयसिंहपुरा निवासी सुनील जाटव (32) और नरेश जाटव (28) अपने गांव के ही मुकेश, प्रेम और मिथलेश के साथ अशोक […] The post अलवर : ट्रैक्टर और टेंपो की भिड़ंत में 2 युवकों की मौत, 3 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Jul 2026 2:08 pm

विश्वकप जिताने वाले संजू सैमसन के साथ हुआ अन्याय, जिम्बाब्वे सीरीज से हुए ड्रॉप

भारत के शानदार वर्ल्ड कप अभियान में अहम भूमिका निभाने और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खूब तारीफें बटोरने के बावजूद, संजू सैमसन को सोमवार को राष्ट्रीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। ऐसा उनकी फ़ॉर्म में अचानक आई गिरावट के कारण हुआ। साथ ही, बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के लिए युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बनाए रखा। सैमसन को टीम से बाहर करने का फ़ैसला उनके प्रदर्शन में आए अचानक बदलाव के बाद लिया गया। केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ वर्ल्ड कप के दौरान 3 मैच में 89, नाबाद 97 और 89 रन की पारी खेल कर भारत को फाइनल में जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन लगातार मैच जिताऊ पारियों के साथ भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, विश्वकप के बाद के बाद अपनी तीन टी20 पारियों में केवल 5, 0 और 1 रन ही बना पाए। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे सीरीज़ के लिए उनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों पर विचार किया। News #TeamIndia squad announced for the 3️-match T20I series against Zimbabwe. More Details https://t.co/sC19D5eW8y #ZIMvIND pic.twitter.com/ctbM5gFMtY — BCCI (@BCCI) July 6, 2026 पुरुष चयन समिति ने तिलक वर्मा को उप-कप्तान नियुक्त किया, जबकि दौरे के लिए ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह को दो विकेटकीपर के तौर पर चुना। अय्यर के अलावा, टीम में अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। भारत हरारे में 23, 25 और 26 जुलाई को तीनों T20I इंटरनेशनल मैच खेलेगा। एक अलग घोषणा में, BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया। अपडेट की गई वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं। भारतीय टीम : श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम : शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, शिवम दुबे।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 1:10 pm

सिंह राशि में केतु-शुक्र का दुर्लभ योग, 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

छाया ग्रह केतु ने 18 मई 2025 को सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश किया था, जहाँ वे 31 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे। अब 4 जुलाई 2026 को भौतिक सुख और ऐश्वर्य के प्रदाता शुक्र ग्रह ने भी इसी राशि में प्रवेश कर लिया है। सिंह राशि में इन दोनों ग्रहों के मिलन से एक दुर्लभ 'शुक्र-केतु युति' का निर्माण हुआ है। यह अद्भुत संयोग अगले 27 दिनों तक यानी 1 अगस्त 2026 तक बना रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र और केतु की यह जुगलबंदी निम्नलिखित 4 राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने जा रही है। ALSO READ: सूर्य का बड़ा खेल: गुरु के नक्षत्र में एंट्री से इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन 1. मिथुन राशि (Gemini) यह युति आपके तीसरे (पराक्रम) भाव में हो रही है। इस अवधि में आपके साहस और आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी आकर्षक संवाद शैली (Communication) से लोग प्रभावित होंगे और आपकी बात मानेंगे। भाई-बहनों और मित्रों के सहयोग से आपके बिगड़े काम बनेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी और किसी लाभकारी धार्मिक यात्रा के भी योग हैं। 2. सिंह राशि (Leo) यह युति सिंह राशि के ही लग्न (प्रथम) भाव में बन रही है, इसलिए आपको सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पिछले काफी समय से चला आ रहा मानसिक तनाव और भ्रम समाप्त होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय लेने की क्षमता सुधरेगी और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। कला, मीडिया, लेखन या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी प्रसिद्धि, मान-सम्मान और धन लाभ होगा। ALSO READ: केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय 3. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर ग्यारहवें (आय और लाभ) भाव में हो रहा है। चूंकि शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगले 27 दिनों में आपकी आमदनी में भारी बढ़ोतरी होगी और अटका हुआ धन वापस मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी और मुनाफे वाली डील फाइनल हो सकती है। बस अपने रिश्तों और बातचीत में थोड़ी सतर्कता बरतें। 4. धनु राशि (Sagittarius) यह युति आपके नवम (भाग्य) भाव में होने जा रही है। अगले 27 दिनों तक भाग्य आपका पूरा साथ देगा, जिससे रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। जो छात्र उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, उनकी बाधाएं दूर होंगी। नौकरीपेशा लोगों को बेहतर पैकेज के साथ नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है। पिता या पैतृक संपत्ति से बड़े लाभ के योग हैं। ALSO READ: शुक्र का सिंह राशि में गोचर, 4 जुलाई से इन 6 राशियों पर होगी धन और सुख की बरसात शुक्र-केतु युति का महत्व: ज्योतिष में शुक्र को सांसारिक सुख और केतु को आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि का कारक माना जाता है। सिंह राशि में इनका यह योग जातकों को भौतिक समृद्धि देने के साथ-साथ सही निवेश और सही निर्णय लेने की गहरी समझ भी प्रदान करेगा। ALSO READ: गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

वेब दुनिया 7 Jul 2026 12:44 pm

1 गोल से स्पेन ने किया पुर्तगाल को बाहर, अंतिम मैच में रो पड़े रोनाल्डो

FIFA World Cup के Round of 16 में स्पेन ने सोमवार रात क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को 1-0 से हरा दिया। वैकल्पिक खिलाड़ी के रूप में उतरे मिकेल मेरिनो ने 91वें मिनट में नाटकीय गोल दागकर अपनी टीम को क्वार्टरफाइनल में पहुंचाया। इसके साथ ही पुर्तगाल से स्टार स्ट्राइकर क्रिश्चियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर थम गया। वह मैदान पर ही फूट फूट कर रोने लग गए। रोनाल्डो ने सोमवार को ही घोषणा कर दी थी कि यह उनका अंतिम विश्वकप होगा। मैच की शुरुआत आक्रामक रही और दोनों टीनों ने गोल करने के प्रयास किये, लेकिन वे विफल रहे। दूसरे हॉफ मे कड़ा और तनावपूर्ण मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्पेन के दो स्थानापन्न खिलाड़ियों ने मिलकर मैच का एकमात्र गोल दाग दिया। फेरान टोरेस ने मेरिनो को पास दिया और उन्होंने पुर्तगाल के गोलकीपर डियोगो कोस्टा को छकाते हुए निचले शॉट से गोल दाग दिया। Cristiano Ronaldo leaves the pitch in tears after being knocked out of the World Cup by Spain. Let down by their manager, Roberto Martinez, who is an absolute con-artist and don’t know how he keeps getting jobs. Goncalo Ramos should’ve either started or come on as an early… pic.twitter.com/S3LWI5nAjX — Imtiaz Mahmood (@ImtiazMadmood) July 7, 2026 इससे पहले, मिकेल ओयार्जाबल ने स्पेन को बढ़त दिलाने का एक शानदार मौका गंवा दिया था, जिसके बाद रोनाल्डो – जिन्होंने मैच से पहले कहा था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा – के एक प्रयास को उनाई सिमोन ने शानदार तरीके से रोक दिया, और कोस्टा ने एलेक्स बाएना के शॉट को अपनी उंगलियों के सिरे से बचाकर गोल होने से रोक दिया। हाफ टाइम से पहले साइमन ने रोनाल्डो को एक बार फिर गोल करने से रोका और नूनो मेंडेस के शॉट के डिफ्लेक्ट होने से क्रॉसबार पर गेंद लगी, जिसके बाद दूसरे हाफ में कुछ ही स्पष्ट मौके मिले और मैच का फैसला मेरिनो के शानदार फिनिश से हुआ।स्पेन अब शुक्रवार को लॉस एंजिल्स में क्वार्टरफाइनल में बेल्जियम से भिडेगा।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 12:39 pm

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 5 खास बातें और महत्व

Spiritual Significance of Gupt Navratri: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। आमतौर पर लोग साल में केवल दो नवरात्रियों यानी चैत्र और शारदीय के बारे में ही जानते हैं, लेकिन इनके अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं। इनमें से एक आषाढ़ मास में आती है। आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तंत्र साधना, कठिन व्रत और दस महाविद्याओं की पूजा के लिए जानी जाती है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? आइए जानते हैं इससे जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें और इसका महत्व: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की 5 खास बातें 1. दस महाविद्याओं की साधना सामान्य नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ रूपों/ नवदुर्गा की पूजा होती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। इनमें मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं। 2. 'गुप्त' रखने का नियम गुप्त नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सकारात्मक सोच, आत्मबल और आंतरिक शक्ति के जागरण का भी संदेश देती है। इस नवरात्रि की पूजा और कामना को पूरी तरह गुप्त रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आपकी साधना जितनी गुप्त होगी, उसका फल उतना ही अधिक और जल्दी मिलेगा। यहां तक कि पूजा का प्रसाद और कलावा भी किसी को नहीं दिखाया जाता। 3. तांत्रिक और अघोरियों के लिए विशेष यह समय सामान्य गृहस्थों से ज्यादा तांत्रिकों, अघोरियों और सिद्धियां प्राप्त करने वाले साधकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान आधी रात यानी निशिथ काल में की जाने वाली पूजा को सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है। 4. मंत्र सिद्धि और मानसिक बल धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक की गई पूजा, जप, हवन और दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दौरान कड़े नियमों का पालन करते हुए मंत्रों का जाप किया जाता है। साधक अपनी इंद्रियों को वश में करने और मानसिक व आध्यात्मिक बल प्राप्त करने के लिए कठिन उपवास रखते हैं। 5. मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय माना जाता है कि अगर कोई गृहस्थ भी इस दौरान पूरी श्रद्धा और सात्विक नियम से मां दुर्गा की पूजा करता है, तो उसकी बड़ी से बड़ी परेशानी दूर हो जाती है। विशेषकर शत्रुओं पर विजय और तंत्र-मंत्र की बाधाओं से मुक्ति के लिए यह समय अचूक है। अत: साधक अपनी आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना भी करते हैं। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का महत्व आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि देवी शक्ति की आराधना का अत्यंत पवित्र अवसर मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान श्रद्धापूर्वक की गई उपासना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। आषाढ़ मास में मौसम बदल रहा होता है, जिससे बीमारियां और सुस्ती बढ़ती है। इस समय साधना करने से शरीर और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पर्व बाहरी आडंबर से अधिक आंतरिक साधना, भक्ति और आत्मिक विकास पर बल देता है। इसलिए जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक मां भगवती की आराधना करते हैं, उन्हें देवी की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। गुप्त नवरात्रि में साधना करने से साधक को मोक्ष और अलौकिक शक्तियों की प्राप्ति होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण

वेब दुनिया 7 Jul 2026 11:05 am

Telangana Crime News: तेलंगाना में नर्स पत्नी की रूह कंपाने वाली करतूत, आशिक के साथ मिलकर पहले पति को छत से फेंका; अस्पताल में ड्रिप के जरिए दिया टॉयलेट क्लीनर

तेलंगाना के निजामाबाद जिले से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पवित्र वैवाहिक रिश्ते को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने ही पति की बेरहमी से जान ले ली। इस वारदात की सबसे हैरान और डराने वाली बात यह है कि आरोपी महिला पेशे से एक नर्स है, जिसने अपने जीवनसाथी की हत्या के लिए अपनी मेडिकल ट्रेनिंग और ज्ञान का बेहद खौफनाक इस्तेमाल किया। जब पति को छत से फेंक कर मारने की उसकी पहली कोशिश नाकाम हो गई, तो उसने अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे पति की नस में ग्लूकोज के साथ टॉयलेट क्लीनर का जानलेवा केमिकल दौड़ा दिया।अवैध संबंध और खाड़ी देश से लौटे पति की मर्डर मिस्ट्रीनिजामाबाद पुलिस के मुताबिक, इस रूह कंपाने वाली साजिश की मुख्य सूत्रधार संध्या नाम की महिला, उसका पति प्रशांत और संध्या का प्रेमी अनिल हैं। प्रशांत पिछले काफी समय से काम के सिलसिले में एक खाड़ी देश (Gulf Country) में रह रहा था और कुछ दिन पहले ही अपने वतन वापस लौटा था। प्रशांत के घर आने के बाद से ही दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर हिंसक झगड़े होने लगे थे, क्योंकि प्रशांत को संध्या और अनिल के अवैध संबंधों की भनक लग चुकी थी। संध्या, उसके प्रेमी अनिल और अनिल के दोस्त वेंकट साई को लगने लगा था कि प्रशांत अब उनके रास्ते का सबसे बड़ा कांटा बन चुका है, जिसके बाद तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की फुलप्रूफ प्लानिंग की।पहली कोशिश: जमकर पिलाई शराब, फिर घर की छत से नीचे फेंकातय साजिश के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने सबसे पहले प्रशांत को अपने जाल में फंसाकर अत्यधिक शराब पिलाई। जब प्रशांत पूरी तरह से बेसुध होकर अपना होश खो बैठा, तो अनिल और वेंकट साई ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे घर की ऊंची छत से नीचे फेंक दिया। हालांकि, गंभीर चोटें आने के बावजूद प्रशांत की सांसें चलती रहीं। आरोपियों ने बेहद चालाकी दिखाई और प्रशांत को अस्पताल ले गए। वहां उन्होंने प्रशांत को यह विश्वास दिला दिया कि वह अत्यधिक नशे में होने के कारण खुद पैर फिसलने से छत से गिर गया था।दूसरी कोशिश: अस्पताल के आईसीयू बेड पर नर्स पत्नी ने खेला खूनी खेलप्रशांत को गंभीर हालत में एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी रिकवरी के लिए ग्लूकोज की ड्रिप (IV Fluids) चढ़ाई जा रही थी। चूंकि संध्या खुद एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स थी, इसलिए उसे अस्पताल की कार्यप्रणाली और दवाओं की सटीक समझ थी। पहली कोशिश नाकाम होने से बौखलाई संध्या ने अस्पताल के वार्ड में मौका पाकर एक सीरिंज में टॉयलेट साफ करने वाला एसिडिक लिक्विड (Toilet Cleaner) भरा और उसे चुपके से प्रशांत की ग्लूकोज वाली ड्रिप में इंजेक्ट कर दिया। यह तीखा और जहरीला केमिकल प्रशांत के रक्तप्रवाह में मिलते ही उसके आंतरिक अंग फेल होने लगे और इलाज के दौरान ही उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई।बुजुर्ग मां के शक ने पुलिस के सामने खोला खौफनाक राजइस पूरे मर्डर मिस्ट्री का खुलासा तब हुआ जब प्रशांत की बुजुर्ग मां को अपने स्वस्थ हो रहे बेटे की अचानक हुई मौत पर गहरा संदेह हुआ। उन्होंने 1 जुलाई को स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब संदेह के घेरे में आई पत्नी संध्या, उसके प्रेमी अनिल और दोस्त वेंकट साई को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उनकी जुबान टूट गई। पूछताछ के दौरान वेंकट साई ने कबूल किया कि उन्होंने ही प्रशांत को छत से फेंका था और बाद में संध्या ने ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर मिलाया था। पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस को मामले में अंतिम फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 9:17 am

UBTech UWORLD U1: चीन ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे एडवांस इंसानी रोबोट 'U1', समझेगा आपकी 20 से ज्यादा भावनाएं, कीमत ₹14 लाख से शुरू

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चीनी टेक कंपनी यूबीटेक (UBTech) ने अपना नया ह्यूमनॉइड रोबोट 'UWORLD U1' वैश्विक बाजार के सामने पेश कर दिया है। इसे अब तक का सबसे एडवांस फुल-साइज बायोनिक रोबोट (Full-Size Bionic Robot) माना जा रहा है। U1 सिर्फ एक ठंडी मशीन नहीं है, बल्कि इंसानों जैसा व्यवहार, स्पर्श और अनुभव देने वाला एक अनूठा “कंपैनियन रोबोट” है। इसे विशेष रूप से इंसानों को इमोशनल सपोर्ट देने, उनके अकेलेपन को दूर करने और घर के कामों में हाथ बंटाने के लिए बेहद आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है।फैक्ट्री नहीं, आपके घर और दिलों पर राज करने आया है U1 रोबोटपारंपरिक रोबोट्स के विपरीत, UWORLD U1 को भारी औद्योगिक या फैक्ट्री के कामों के लिए नहीं बनाया गया है। इसे इंसानी समाज के बीच रहने और घुलने-मिलने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल, बच्चों की शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी (होटल व सत्कार), कॉर्पोरेट रिसेप्शन और होम सर्विस जैसी जगहों पर किया जाएगा, जहाँ एक संवेदनशील इंसानी बातचीत की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।तीन शानदार वेरिएंट्स और करोड़ों में है इसकी कीमतयूबीटेक ने इस रोबोट को ग्राहकों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से तीन अलग-अलग वर्जन— लाइट (Lite), प्रो (Pro) और अल्ट्रा (Ultra) में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 14 लाख रुपये तय की गई है, जबकि इसके टॉप-एंड अल्ट्रा मॉडल की कीमत ₹1.15 करोड़ रुपये तक जाती है। फिलहाल इसे शुरुआती चरण में चीन के घरेलू बाजार में ही उपलब्ध कराया गया है, जहाँ बहुत जल्द ग्राहकों को इसकी डिलीवरी मिलनी शुरू हो जाएगी।असली इंसानों जैसा रूप-रंग और नेचुरल मूवमेंटUWORLD U1 को पूरी तरह से इंसानी ढांचा देने के लिए पुरुष (Male) और महिला (Female) दोनों अवतारों में डिजाइन किया गया है। इसकी लंबाई भी बिल्कुल आम इंसानों जैसी है; पुरुष मॉडल की हाइट लगभग 183 सेमी और महिला मॉडल की हाइट 168 सेमी है। रोबोट के पूरे शरीर में 88 एडवांस सर्वो जॉइंट्स (Servo Joints) लगाए गए हैं, जिसकी बदौलत यह इंसानों की तरह बेहद लचीला और स्वाभाविक शारीरिक मूवमेंट या बॉडी लैंग्वेज प्रदर्शित कर सकता है।20 से ज्यादा भावनाएं समझने वाला इसका जादुई 'AI ब्रेन'इस रोबोट की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका पावरफुल इमोशनल एआई सिस्टम है। U1 बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति की खुशी, दुख, गुस्सा और उदासी जैसी 20 से ज्यादा अलग-अलग भावनाओं और चेहरों के हाव-भाव को तुरंत पहचान सकता है। संवाद करते समय यह लगातार आई कॉन्टैक्ट (Eye Contact) बनाए रखता है। इसकी मेमोरी इतनी शार्प है कि यह यूजर के साथ की गई पिछली बातों को याद रखता है और समय के साथ ज्यादा व्यक्तिगत व भावनात्मक जवाब देता है।सुख-दुख का साथी: बातें भी करेगा और दवा भी याद दिलाएगाकंपनी का दावा है कि U1 अपने मुख्य यूजर को चेहरे और आवाज से पहचान सकता है। यह आपकी दैनिक आदतें याद रख सकता है, बुजुर्गों को समय पर दवाइयां लेने की याद दिला सकता है और अकेलेपन के दौरान एक अच्छे दोस्त की तरह बातचीत कर सकता है। इतना ही नहीं, यह आपके मूड को भांपकर आपको पसंदीदा फिल्में, खेल या अन्य मनोरंजक एक्टिविटीज भी सजेस्ट कर सकता है। इसके बाहरी हिस्से पर प्रीमियम सिलिकॉन स्किन की कोटिंग की गई है, जिससे इसे छूने पर रोबोटिक नहीं, बल्कि इंसानी अहसास होता है।डेटा सिक्योरिटी की गारंटी: क्लाउड नहीं, लोकल डिवाइस में स्टोर होगा डेटायूजर्स के निजी जीवन और उनकी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यूबीटेक ने इसमें डेटा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कंपनी के अनुसार, रोबोट द्वारा कैप्चर किया गया कोई भी यूजर डेटा क्लाउड सर्वर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि रोबोट के भीतर ही डिवाइस में सुरक्षित स्टोर होता है। इसमें एक मजबूत थ्री-लेयर प्राइवेसी सिस्टम दिया गया है, और इसका एआई मॉडल इंटरनेट पर निर्भर रहने के बजाय लोकल प्रोसेसिंग पर ही काम करता है।लॉन्च से पहले 13,000 से ज्यादा प्री-ऑर्डर, चीन बना रोबोटिक्स हबइस रोबोट को लेकर बाजार में किस कदर दीवानगी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्चिंग के तुरंत बाद ही इसे 13,300 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो चीन वर्तमान में दुनिया के लगभग 85% ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इंस्टॉलेशन अकेले करता है। वहां की सरकार का मजबूत सपोर्ट और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब चीन को इस तकनीक में सबसे आगे बनाए हुए है।तकनीक के साथ जुड़ीं कुछ बड़ी चिंताएं भीजहाँ एक तरफ वैज्ञानिक इसे अकेलेपन का बेहतरीन इलाज मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर और साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स ने कुछ चेतावनियां भी दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानों का मशीन के प्रति अत्यधिक भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Attachment), प्राइवेसी लीक होने का खतरा और 'अनकैनी वैली' (Uncanny Valley) इफेक्ट जैसी मानसिक चुनौतियां समाज के सामने एक नया संकट खड़ी कर सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:42 am

भारत जैसी हीटवेव अब यूरोप में भी: वैज्ञानिकों ने बताया क्यों बढ़ रही है रिकॉर्डतोड़ गर्मी

जलवायु परिवर्तन ने यूरोप की जून 2026 हीटवेव को 3.5C तक अधिक गर्म बनाया। जानिए हीट डोम, वैज्ञानिकों की चेतावनी और भारत के लिए इसका संदेश।

हस्तक्षेप 7 Jul 2026 8:31 am

धमाल 4: हंसी के रोलरकोस्टर की वापसी!

बॉलीवुड की पसंदीदा कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक 'धमाल' एक बार फिर बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए तैयार है। जब भी पर्दे पर आदि, मानव, रॉय और बोमन जैसे किरदार आते हैं, दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाते। अब 10 जुलाई 2026 को 'धमाल 4' सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। आइए इस फ्रेंचाइजी के सफर और नई फिल्म से जुड़ी खास बातों पर नजर डालते हैं। धमाल सीरिज: पुरानी फिल्में और उनके कॉमन फैक्टर धमाल फ्रेंचाइजी ने हमेशा से दर्शकों को गुदगुदाया है। इसकी शुरुआत 2007 में हुई थी। पहली फिल्म का नाम धमाल था। इसमें संजय दत्त, रितेश देशमुख अरशद वारसी, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी ने लीड रोल निभाए थे। वर्ष 2011 में डबल धमाल आई और इसमें संजय दत्त, मल्लिका शेरावत, कंगना रनौट, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी नजर आएं। टोटल धमाल फिल्म 2019 में रिलीज हुई और इसमें नामी सितारे जोड़े गए। अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित की एंट्री हुई। साथ में रितेश, अरशद, जावेद जाफरी और अन्य कलाकार नजर आएं। सीरिज के कॉमन फैक्टर्स: खजाने की खोज (Treasure Hunt) : हर फिल्म में किरदारों का मुख्य उद्देश्य किसी न किसी छिपे हुए खजाने या बड़ी रकम को हासिल करना होता है। स्लैपस्टिक कॉमेडी: फिल्मों में ओवर-द-टॉप और शारीरिक हास्य (Slapstick Comedy) का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। मल्टी-स्टारर (Ensemble Cast) : हर फिल्म में कई बड़े सितारे एक साथ स्क्रीन शेयर करते हैं, जो आपसी खींचतान से कॉमेडी पैदा करते हैं। क्लीन फैमिली एंटरटेनमेंट: फूहड़पन से दूर, ये फिल्में पूरे परिवार के साथ बैठकर देखने के लिए बनाई जाती हैं। 'धमाल 4' की कहानी, स्टारकास्ट और रिलीज डेट रिलीज डेट: यह फिल्म 10 जुलाई 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। पहले इसे मार्च में रिलीज होना था, लेकिन बॉक्स ऑफिस क्लैश से बचने के लिए इसे जुलाई में शिफ्ट किया गया। स्टारकास्ट: इस बार फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा, रवि किशन, उपेंद्र लिमये, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, और अंजलि आनंद मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। कहानी (Story): 'धमाल 4' की कहानी ट्रेजर ऑफ लाइफ की खोज के इर्द-गिर्द घूमती है। चाल लालची और किस्मत के बारे इस बार 50 करोड़ रुपये के छिपे खजाने को खोजेंगे जिसका रहस्य लेटर 'M' में छिपा है। गलत क्लू, भागमभाग, फाइट्स, जंगल के खतरों के बीच उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जब-जब उन्हें लगेगा कि वे खजाने को पाने के करीब हैं, तब-तब उनकी मूर्खताएं आड़े आ जाएगी। यह एक एडवेंचर-कॉमेडी है, जो शुरू से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखने का दावा करती है। निर्देशक के बारे में: इंद्र कुमार (Indra Kumar) बॉलीवुड के उन गिने-चुने निर्देशकों में से एक हैं, जिन्होंने रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी, हर जॉनर में सफल फिल्में दी हैं। 90 के दशक में 'दिल', 'बेटा', 'राजा' और 'इश्क' जैसी हिट फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले इंद्र कुमार ने समय के साथ खुद को ढाला और प्योर कॉमेडी में महारत हासिल की। 'मस्ती' और 'धमाल' फ्रेंचाइजी उनकी सफलता का प्रमाण हैं। वे मल्टी-स्टारर फिल्मों का कुशल निर्देशन करने और एक्टर्स से परफेक्ट कॉमिक टाइमिंग निकलवाने के उस्ताद हैं। उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी उनका 'फैमिली एंटरटेनर' होना है। इंद्र कुमार दर्शकों की नब्ज अच्छी तरह पहचानते हैं; उन्हें पता है कि पर्दे पर स्लैपस्टिक कॉमेडी का जादू कैसे चलाना है। तीन दशकों से अधिक के करियर में, उन्होंने यह साबित किया है कि वे ट्रेंड के साथ चलना जानते हैं। 'धमाल 4' के साथ वे एक बार फिर दुनिया भर के दर्शकों को लोटपोट करने आ रहे हैं।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 7:05 am

'लव लॉटरी' में कौन है कातिल? अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला की मर्डर मिस्ट्री-कोर्टरूम ड्रामा

'लव लॉटरी' एक आधुनिक शहरी दंपति की कहानी है, जिसकी शादीशुदा जिंदगी में आई दरार धीरे-धीरे अदालत तक पहुंच जाती है। लेकिन मामला सिर्फ कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं रहता। कहानी में एक मर्डर, कई चौंकाने वाले खुलासे और नैतिक दुविधाएं ऐसे मोड़ लाती हैं, जो हर किरदार पर शक पैदा करती हैं। फिल्म विश्वास, सामाजिक सोच, भावनात्मक शोषण और गंभीर आरोपों के मानसिक प्रभाव जैसे विषयों को भी गहराई से छूती है। 'लव लॉटरी' सिर्फ एक सस्पेंस थ्रिलर नहीं है, बल्कि कोर्टरूम ड्रामा और मर्डर मिस्ट्री का ऐसा मेल है जिसमें रिश्तों, कानून और समाज के कई संवेदनशील पहलुओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। फिल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव (तुषार) का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म बनाना नहीं था, बल्कि ऐसी कहानी पेश करना था जो दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करे। उनके मुताबिक फिल्म में सस्पेंस, इमोशन और सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों का ऐसा संतुलन देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को अंत तक सीट से बांधे रखेगा। वहीं निर्देशक अरविंद पांडे का कहना है कि 'लव लॉटरी' सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों, भावनाओं और सच्चाई की तलाश की कहानी है। उन्होंने मर्डर मिस्ट्री और इंसानी रिश्तों की जटिलताओं को इस तरह पेश करने की कोशिश की है कि दर्शक आखिरी दृश्य तक यह अनुमान लगाते रहेंगे कि असली सच क्या है। फिल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला, कबीर दुहान सिंह, हेमंत पांडे, विजयंत कोहली और अग्नि अग्यारी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'लव लॉटरी' का निर्माण कुलदीप भार्गव (तुषार) ने किया है। फिल्म का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है, जबकि इसकी कहानी अंकुर खत्री ने लिखी है। सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा, एडिटिंग प्रकाश झा और संगीत वरुण मिश्रा व अरविंद पांडे ने तैयार किया है। यह सस्पेंस से भरपूर फिल्म 18 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

वेब दुनिया 7 Jul 2026 6:51 am

यूपी बनेगा देश का स्टार्टअप हब, नई नीति में एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस

Uttar Pradesh Startup Policy 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ उत्तर प्रदेश प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर का मजबूत, समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह नीति प्रदेश को नवाचार और उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाने के साथ-साथ वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार (स्केल-अप) तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया है। इसके तहत सस्टेनेंस अलाउंस (भरण-पोषण भत्ता) 17,500 रुपए प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। वहीं प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए और सीड फंडिंग 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपए तक बढ़ाई जा सकेगी। स्टार्टअप्स को मिलेंगे कई नए वित्तीय प्रोत्साहन नई नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 2 करोड़ रुपए तक की प्रतिपूर्ति, 5 करोड़ रुपए तक की मैचिंग ग्रांट, 2 करोड़ रुपए तक के टर्म लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्टअप्स की शुरुआती वित्तीय चुनौतियां कम होंगी और उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा विशेष पैकेज सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपए तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपए तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपए तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इन्क्यूबेटर्स को मिलेगा अधिक सहयोग नई नीति में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इन्क्यूबेटर्स को भी अधिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जबकि पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए यह राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसके अलावा परिचालन व्यय अनुदान 30 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीप-टेक यू-हब की स्थापना प्रदेश में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक, रोबोटिक्स सहित अन्य उभरती तकनीकों पर रहेगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपए कर दी गई है। सरकार राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब की स्थापना करेगी, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, निवेश, उद्योग सहयोग, मेंटरशिप तथा अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा। स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा व्यापक विस्तार नई नीति के तहत प्रदेश में बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, ग्रैंड चैलेंज, स्टार्टअप वीक, नवाचार संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिल सके। सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप संस्कृति को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है। मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्टार्टअप में बहुत आगे है। 17 हजार स्टार्टअप यूपी में रजिस्टर्ड हैं। इनको आगे बढ़ाने और इन्क्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना की जाएगी। इससे स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:05 pm

आज का एक्सप्लेनर:‘हमारे पास भारत है’, नेतन्याहू ने जेडी वेंस को क्यों दिया ऐसा जवाब; भारत-इजराइल की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी

5 जुलाई को इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- अमेरिका ही नहीं, बल्कि हमारे कुछ और दोस्त भी हैं। जैसे- 1.4 अरब आबादी वाला भारत। नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जवाब था। वेंस ने पिछले महीने कहा था कि ट्रम्प दुनिया के इकलौते ताकतवर देश के नेता हैं, जो इजराइल से सहानुभूति रखते हैं। आखिर नेतन्याहू ने इकलौते भारत का ही जिक्र क्यों किया, दोनों देशों की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी, 4 चैप्टर्स में… भारत-इजराइल में औपचारिक राजनयिक संबंध 1992 में बने, लेकिन उससे काफी पहले से इजराइल मुसीबत में भारत की गुपचुप तरीके से मदद करने लगा था… 1962: जब इजराइली झंडे लगे जहाज हथियार लेकर भारत पहुंचे 1965 और 1971: पाकिस्तान के खिलाफ मोर्टारों की खेप भेजी 1999: कारगिल में इजराइली तकनीक से उड़ाए पाकिस्तानी बंकर इजराइल को 14 मई 1948 को आजादी मिली। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल और फिलिस्तीन को बांटकर दो देश बनाने का प्रस्ताव पेश हुआ, तो भारत ने इसके खिलाफ वोट किया था। हालांकि, अगले ही साल 17 सितंबर, 1950 को भारत ने आधिकारिक रूप से इजराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के बतौर मान्यता दी। 'इंडिया इजराइल पॉलिसी' नाम की किताब लिखने वाले भारत के फॉरेन एक्सपर्ट पी.आर. कुमारस्वामी कहते हैं कि भारत और इजराइल के बीच 1950 से 1992 तक बिना रिश्तों के मान्यता वाला संबंध रहा।' 1971 की जंग में इजराइल ने विदेशी मंचों पर भी भारत का समर्थन किया और पाकिस्तानी सेना के पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) में नरसंहार की आलोचना की थी। इजराइली पीएम गोल्डा मीर चाहती थीं कि इसके बदले इंदिरा गांधी इजराइल को पूर्ण राजनयिक मान्यता दें और औपचारिक राजनयिक संबंध कायम हों। हालांकि तब भारत ने मान्यता नहीं दी। उलटा 1988 में जब फिलिस्तीन देश की घोषणा हुई, तो भारत इसे मान्यता देने वाला पहला गैर-अरब देश था। हालांकि 4 साल बाद स्थिति तब बदलनी शुरू हुई, जब पीएम नरसिम्हा राव ने इजराइल से राजनयिक संबंध बनाए और दोनों देशों में पहली बार दूतावास खोले गए। पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत-इजराइल रिश्तों का एक नया दौर शुरू हुआ। 2015 में इतिहास में पहली बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारत ने फिलिस्तीन में इजराइली हमलों की निंदा करने वाले एक प्रस्ताव पर वोटिंग से परहेज किया। जबकि इसे 45 देशों ने पारित किया था। पीएम मोदी के दौर में इजराइल को खुला समर्थन दिया इजराइली हथियारों की खरीद में भारत की एक-तिहाई हिस्सेदारी भारत-इजराइल के बीच 1 लाख करोड़ का कारोबार 1992 में भारत और इजराइल के बीच द्विपक्षीय रिश्तों की शुरुआत हुई, तब दोनों देशों का व्यापार 202 मिलियन डॉलर का था। 2022-23 तक बढ़कर यह 10.77 बिलियन डॉलर, यानी १ लाख करोड़ पहुंच गया। हालांकि बीते 2 सालों में द्विपक्षीय व्यापार में कमी आई है। इसकी वजह इजराइल-हमास जंग और इसकी वजह से समुद्री रास्ते में आई अड़चने हैं। टाटा, अडाणी जैसी कंपनियों के इजराइल में निवेश नेतन्याहू के बयान के 3 मायने हैं… 1. अकेला पड़ गया है इजराइल: स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट ब्रह्म चेलानी के मुताबिक युद्ध के समय नेतन्याहू सरकार के तौर-तरीकों के चलते इजराइल दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। यह लंबे समय में इजराइल के लिए खतरनाक है। वो दूसरे देशों का समर्थन जुटाना चाहता है, इसीलिए भारत का जिक्र किया। भारत और इजराइल के संबंध अहम हैं, लेकिन भारत में इजराइल के लोगों के प्रति सद्भावना है, न कि नेतन्याहू की सरकार के लिए। 2. नेतन्याहू घरेलू राजनीति साध रहे: भारतीय थिंकटैंक ORF में नॉन-रेसिडेंट फेलो और मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार कबीर तनेजा कहते हैं, ‘नेतन्याहू के भारत को दोस्त बताने वाले बयान को उनकी घरेलू राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन पर मुकदमे चल रहे हैं और चुनाव आने हैं। घरेलू समर्थन कम न हो, इसलिए वे दिखा रहे हैं कि इजराइल अलग-थलग नहीं पड़ा है।' कबीर तनेजा कहते हैं कि इजराइल-भारत की स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप खास तौर पर डिफेंस सेक्टर में है। इजराइल भारत को एडवांस हथियार देता है। ये साझेदारी नेतन्याहू के पहले भी थी और उनके बाद भी रहेगी। 3. भारत की संतुलन की पॉलिसी के लिए मुश्किल: जॉर्डन, लीबिया और रूस में भारत के राजदूत रहे अनिल त्रिगुणायत बताते हैं, ‘नेतन्याहू का का यह बयान भारत को गलत ब्रैकेट में डाल रहा है। भारत ने कभी भी इजराइल को बिना शर्त समर्थन नहीं दिया है। इस बयान के बाद भारत, इजराइल के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन कर सकता है।’ दरअसल, भारत बाकी देशों से भी अपने रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश करता है। मिसाल के लिए जून 2025 में SCO समिट के दौरान भारत ने ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों की निंदा वाले प्रस्ताव से दूरी बनाई। हालांकि सितंबर में दोबारा इसी प्रस्ताव की घोषणा पर भारत ने साइन कर दिए थे। -------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर:दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा रान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। क्या वो जिंदा भी हैं, अगर हां तो किस हाल में, पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 6:23 pm

'फितूर' में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर, सौम्या के रोल में छाएंगी देबचंद्रिमा

स्टार प्लस हमेशा से ही अपने शोज के जरिए समाज के संवेदनशील और अनछुए पहलुओं को पर्दे पर उतारने के लिए जाना जाता है। इस बार चैनल अपने आगामी इंटेंस लव सागा 'ये फितूर तेरा' के साथ दर्शकों के दिलों में जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्टार प्लस का नया शो 'फितूर' अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियां खुद को जुड़ा हुआ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को उजागर करता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं। A post shared by StarPlus (@starplus) कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है। प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, इस प्रोमो ने मुझे काफी हद तक छू लिया, क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:20 pm

कागजों पर ‘घोस्ट हॉस्पिटल’, डॉक्‍टरों को मिलीं नौकरियां, ट्रांसफर भी हो रहे, ये कांड हुआ सबसे स्‍वच्‍छ इंदौर में

इंदौर अपनी स्‍वच्‍छता के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां करप्‍शन के दाग भी बहुत गहरे हैं। दरअसल, इंदौर के खजराना इलाके में प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की इमारत सरकारी मंजूरी के 6 साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी है, लेकिन इस अस्पताल के लिए स्वीकृत 87 पदों पर नियुक्तियां और कर्मचारियों के तबादले होते रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग महज कागजों पर जारी इस परियोजना को ‘घोस्ट हॉस्पिटल’ जैसे नामों से संबोधित करते हुए प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब अस्पताल का भवन ही अस्तित्व में नहीं है, तो उसके नाम पर तबादले आखिर किस आधार पर किए जा रहे हैं? इंदौर के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने सोमवार को बताया कि खजराना और आस-पास के क्षेत्रों में करीब पांच लाख की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 100 बिस्तरों वाले नये सिविल अस्पताल की कवायद 2019 में शुरू की गई थी और 2020 में इसके निर्माण को मंजूरी दी गई थी। यह मंजूरी मिलते ही चिकित्सकों, नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट आदि के कुल 87 पद तय सरकारी प्रक्रिया के तहत अस्पताल के लिए स्वीकृत किए गए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसानी ने कहा, 'खजराना सिविल अस्पताल के लिए हमें जमीन का आवंटन कर दिया गया है, लेकिन अब तक हमें जमीन का कब्जा नहीं मिला है जिससे यह जमीन निर्माण एजेंसी के सुपुर्द नहीं की जा सकी है' डॉ हसानी ने कहा कि अस्पताल का निर्माण समय पर नहीं हो सका, इसलिए अस्पताल के लिए स्वीकृत स्टाफ का उपयोग शहर के 85 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिकों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। खजराना, इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाकों में शामिल है। खजराना और इसके आस-पास के क्षेत्रों की आबादी लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि खजराना में बड़े सरकारी अस्पताल का अभाव है और मरीजों को उपचार के लिए महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) और अन्य शासकीय अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खजराना में सिविल अस्पताल के लिए आवंटित करीब पांच एकड़ जमीन पर फिलहाल सिर्फ मलबा और कचरा दिखाई देता है। यह ऐसा अस्पताल है जिसके बारे में कागजों में तो सब कुछ दिखाई देता है, लेकिन जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आता। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खजराना सिविल अस्पताल की परियोजना रद्द नहीं हुई है और जमीन का कब्जा मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:11 pm

'Viking Row' क्या है यह जश्न का तरीका जिसे नॉर्वे की टीम लाई सुर्खियों में?

ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘Viking Row’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए।पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है। नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’। सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है। Norway की फुटबॉल टीम को सप्पोर्ट करने के लिए नॉर्वे के राजकुमार और राजकुमारी आए थे. Haaland के गोल दागते ही राजकुमारी खुशी के मारे उछाल पड़ीं. Human Development Index के मामले में Norway दूसरे स्थान पर है. यहां प्रधानमंत्री और चपरासी एक साथ चाय नास्ता करते हैं. अमीर और… pic.twitter.com/XNPq7TL9a8 — Kranti Kumar (@KraantiKumar) July 6, 2026 Why We Are So Apologetic? Every country in the world proudly celebrates its culture (Except Indian liberals) Viking Row Celebration by the Norwegian Soccer team after defeating Brazil in Round of 16. For Norway, Viking Row isn’t just a goal celebration it’s a tribute to their… pic.twitter.com/vhNeLK2VpN — STAR Boy TARUN (@Starboy2079) July 6, 2026 If you don't celebrate your own traditions, then you will have to celebrate someone else's traditions. The Norwegian team celebrates the right way and we all love it. The Viking way. But also wearing the Cross of Christ with pride. pic.twitter.com/8wHJG1GXhd — Seth (@seth_fin) July 6, 2026 क्या है वाइकिंग रो इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘Viking Longboat’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है।ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है । अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये। इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में। इंडिया गेट पर वाइकिंग रो।’’ फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड ( अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया।उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है। मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा।’’नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया। ‘वाइकिंग रो’ भले ही त्वरित प्रतिक्रिया लगे लेकिन यह काफी तैयारी के साथ किया जाता है। ‘वाइकिंग हॉर्न’ बजते ही प्रशंसक समझ जाते हैं कि अब कतार में बैठने का समय है।फीफा विश्व कप में तो टीम की हर जीत के बाद खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच यह सेतु की तरह हो गया। एक की बजाय दो ड्रम बजाये जाने लगे ताकि मैदान के कोने कोने में बैठे दर्शक जुड़ सकें।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:10 pm

योगिनी एकादशी का व्रत करने से कौन-कौन से फल प्राप्त होते हैं?

Ashadha Krishna Ekadashi Benefits: पुराणों में वर्णित योगिनी एकादशी व्रत का केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सात्विक जीवन और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूत करती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान विष्णु का पूजन करते हैं, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करते हैं और जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी करते हैं। योगिनी एकादशी की कथा केवल एक राजा, माली और ऋषि की पौराणिक कहानी नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, अध्यात्म और मनोविज्ञान से जुड़ा एक गहरा संदेश है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? योगिनी एकादशी का व्रत करने से मुख्य रूप से निम्नलिखित फलों की प्राप्ति होती है: 1. समस्त पापों का नाश (प्रायश्चित का फल) जाने-अनजाने में इंसान से कई गलतियां या पाप हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के सभी संचित (पुराने) पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। 2. गंभीर बीमारियों और कोढ़ से मुक्ति जैसा कि पौराणिक कथा में बताया गया है कि राजा कुबेर के शाप से कोढ़ी हुए हेम माली को इस व्रत से नया जीवन मिला था। इसलिए माना जाता है कि इस व्रत को करने से त्वचा संबंधी रोग (Skin Diseases), कोढ़ और अन्य असाध्य या गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत अच्छी सेहत और आरोग्य प्रदान करता है। 3. अठासी हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य शास्त्रों में लिखा है कि जो फल 88,000 ब्राह्मणों को भरपेट भोजन कराने से मिलता है, वही विशाल पुण्य फल केवल एक योगिनी एकादशी का व्रत पूरी निष्ठा से रखने से प्राप्त हो जाता है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व 4. जीवन में सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। भगवान विष्णु/ नारायण की कृपा से घर में धन-धान्य के भंडार भरते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति का वास होता है। 5. अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति यह व्रत न केवल इस लोक में सुख देता है, बल्कि परलोक भी सुधारता है। जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद विष्णु लोक (स्वर्गलोक/ बैकुंठ धाम) या स्वर्गलोक में स्थान मिलता है। वे जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाते हैं। संक्षेप में कहें तो: यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के कष्टों, बीमारियों और पापों से छुटकारा पाकर मानसिक शांति और सुख-समृद्धि चाहता है, तो उसके लिए योगिनी एकादशी का व्रत किसी वरदान से कम नहीं है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: आखिर क्यों इस एकादशी व्रत को माना जाता है बेहद चमत्कारी? जानें कुबेर और हेम माली की यह पौराणिक कथा ```````````````

वेब दुनिया 6 Jul 2026 5:06 pm

राजकुमार राव की 'दादा' को लेकर आई बड़ी अपडेट, क्या सौरव गांगुली के बर्थडे पर सामने आएगी फिल्म की पहली झलक?

जब से इस फिल्म का अनाउंसमेंट हुआ है, तभी से 'दादा - द सौरव गांगुली स्टोरी' दर्शकों के बीच सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्मों में से एक बन चुकी है। अब बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच, फिल्म इंडस्ट्री के गलियारों से एक बड़ी खबर आ रही है। चर्चा है कि राजकुमार राव स्टारर इस फिल्म के मेकर्स 8 जुलाई को सौरव गांगुली के जन्मदिन के मौके पर फिल्म की पहली झलक शेयर करने की तैयारी में हैं। ALSO READ: क्या आमिर खान से शादी के लिए गौरी स्प्रैट ने अपनाया इस्लाम धर्म? सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा ​प्रोडक्शन हाउस से जुड़े एक करीबी सोर्स के मुताबिक, 'दादा - द सौरव गांगुली स्टोरी' का फर्स्ट लुक जल्द ही सामने आने वाला है। फिल्म की शूटिंग इसी साल अप्रैल में शुरू हुई थी और इस समय काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या मेकर्स फर्स्ट लुक के साथ फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस करते हैं और आने वाले किसी बड़े रिलीज विंडो को लॉक करते हैं या नहीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ​सौरव गांगुली के जन्मदिन के खास मौके पर होने वाला यह बड़ा खुलासा, इस महान क्रिकेटर के लिए एक बेहतरीन ट्रिब्यूट की तरह होगा। साथ ही, फैंस को भी इंडियन सिनेमा की इस सबसे मोस्ट अवेटेड स्पोर्ट्स बायोपिक की पहली ऑफिशियल झलक देखने को मिल जाएगी। हालांकि, मेकर्स ने अभी इस पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, लेकिन सबकी निगाहें अब 8 जुलाई पर टिकी हैं। क्रिकेट और सिनेमा के दीवाने बड़ी ही बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं कि उस दिन क्या नया सामने आने वाला है। ​इस खबर ने फैंस के बीच एक्साइटमेंट को एक अलग ही लेवल पर पहुँचा दिया है, और हर कोई यह देखने के लिए बेताब है कि 8 जुलाई को क्या धमाका होने जा रहा है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 4:57 pm

ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया

भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2013 बैच के अधिकारी जगमोहन मीणा ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मीणा ने हाल ही में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के तौर पर काम किया था।श्री मीणा ने अपने फ़ैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके इस्तीफ़े […] The post ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने इस्तीफ़ा दिया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:29 pm

होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत

होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के ओहरपुर-बस्सी जलाल लिंक रोड पर रविवार शाम को आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में चार वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। मृत बालिका की पहचान गुंगुन (4) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ध्यानपुर गांव निवासी राम जीवन और प्रीति […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:25 pm

भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में शनिवार को बदमाशों की गोली से घायल हुए बर्तन व्यापारी की रविवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। व्यापारी की मौत की खबर के बाद शहर में लोगों में रोष व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात मोटर साइकिल पर आये बदमाशों ने पहले […] The post भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:16 pm

शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना सिधौली क्षेत्र में तीन साल से अपनी सौतेली बेटी से कथित रूप से दुष्कर्म करने के आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार रात तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने सोमवार को बताया कि थाना सिधौली अंतर्गत रहने वाली […] The post शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 4:12 pm

वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

अजमेर। अनुबंध फाऊंडेशन एवं लक्ष्मीनारायण फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मन्ना हवेली में वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए 280 वरिष्ठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 250 पुरुष एवं 30 महिलाएं शामिल रहीं। आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के इस पड़ाव […] The post वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 9 जोड़े बने, 280 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 6 Jul 2026 3:58 pm

'लव लॉटरी' का फर्स्ट लुक हुआ रिलीज, कोर्टरूम ड्रामा और मर्डर मिस्ट्री के साथ दिखेगा सस्पेंस का तड़का

बॉलीवुड एक्टर अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर और सत्य घटनाओं से प्रेरित फिल्म 'लव लॉटरी' का बहुप्रतीक्षित फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया गया है। महज 49 सेकंड का यह वीडियो अपने रहस्यमयी अंदाज, दमदार विजुअल्स और सस्पेंस से भरपूर बैकग्राउंड स्कोर के साथ दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रहा है। फिल्म कोर्टरूम ड्रामा, मर्डर मिस्ट्री और सस्पेंस थ्रिलर का दिलचस्प मिश्रण है, जिसमें रिश्तों, कानून और समाज के कई संवेदनशील पहलुओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। फर्स्ट लुक में कहानी का ज़्यादा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन फिल्म के प्रमुख किरदारों की झलक दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए काफी है। वीडियो में अक्षय ओबेरॉय, हेली दरूवाला, कबीर दुहान सिंह, हेमंत पांडे, विजयंत कोहली और अग्नि अग्यारी अपने अलग-अलग अंदाज़ में नज़र आते हैं। वहीं वीडियो के आखिर में संतोष शुक्ला की एंट्री कहानी के रहस्य को और गहरा कर देती है। ALSO READ: Lock Upp 2: सुनीता आहूजा का इमोशनल ब्रेकडाउन, खाने की क्वालिटी पर मेकर्स पर फूटा गुस्सा, सूप को बताया 'गाय का पेशाब' फिल्म में अक्षय ओबेरॉय और हेली दरूवाला के अलावा कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्यारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोढ़ी और अर्शदीप संधू अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। 18 सितंबर 2026 को रिलीज़ होने वाली 'लव लॉटरी' एक ऐसे आधुनिक शहरी दंपति की कहानी है, जिनकी शादीशुदा ज़िंदगी में आई दरार धीरे-धीरे एक जटिल कानूनी लड़ाई में बदल जाती है। इसी बीच एक मर्डर मिस्ट्री, कई चौंकाने वाले खुलासे और नैतिक दुविधाएं कहानी को नए मोड़ देती हैं। फिल्म रिश्तों में विश्वास, सामाजिक धारणा, भावनात्मक शोषण और गंभीर आरोपों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव जैसे विषयों को भी छूती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म के निर्माता कुलदीप ने कहा, हम चाहते थे कि 'लव लॉटरी' सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म न बने, बल्कि दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करे। इसमें सस्पेंस, इमोशंस और सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषयों का ऐसा मेल देखने को मिलेगा जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा। निर्देशक अरविंद पांडे का कहना है, यह सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों, भावनाओं और सच्चाई की तलाश की कहानी है। हमने मर्डर मिस्ट्री, सस्पेंस और इंसानी रिश्तों की जटिलताओं को इस तरह पिरोया है कि दर्शक आखिरी दृश्य तक अनुमान लगाते रहेंगे कि सच क्या है। 'लव लॉटरी' का निर्माण सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव (तुषार), निर्देशक अरविंद पांडे और लेखक अंकुर खत्री हैं। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने और एडिटिंग प्रकाश झा ने की है, जबकि संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है। फिल्म 'लव लॉटरी' 18 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 3:26 pm

'हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे' का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश की व्याख्या

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के प्रसिद्ध फ़ारसी कथन का अर्थ समझाते हुए उसे सम्राट अशोक और अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की परंपरा से जोड़ा है

हस्तक्षेप 6 Jul 2026 3:23 pm

रोनाल्डो ने भी किया साफ, यह होगा पुर्तगाल के लिए खेला गया अंतिम FIFA विश्वकप

ब्राजील के स्टार स्ट्राइकर नेमार के बाद अब पुर्तगाल के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने रविवार को कहा कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा।सोमवार को टेक्सास के अर्लिंग्टन में होने वाले राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में पुर्तगाल के स्पेन के साथ होने वाले मुकाबले से पहले रोनाल्डो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उनका आखिरी विश्वकप होगा। रोनाल्डो ने कहा, “बात यह है कि इसका जितना हो सके उतना आनंद लेना है। यह मेरा आखिरी विश्व कप होगा, लेकिन उम्मीद है कि कल का मैच मेरा आखिरी मैच नहीं होगा। वो दिन जरूर आएगा जब मैं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लूंगा। लेकिन मैं सच कहूंगा। कल जो भी हो, क्रिस्टियानो पूरी तरह से साफ मन से फुटबॉल छोड़ेगा, शतप्रतिशत नहीं, बल्कि 1000 प्रतिशत। क्योंकि मैंने फुटबॉल को अपना सब कुछ दे दिया है। मुझे इसकी जरूरत नहीं है, मेरी जिंदगी अच्छी है, लेकिन बात जुनून की है। मैं फुटबॉल इसलिए खेलता हूं क्योंकि मुझे इससे प्यार है… आपको हर दिन का आनंद लेना चाहिए। और मैंने इस विश्व कप में तीन गोल किए हैं, मैं कुछ बुरा नहीं कर रहा हूं, है ना।” Vai ser o meu ltimo mundial Cristiano Ronaldo #DAZNFIFAWC pic.twitter.com/aESFoNG9Tr — DAZN Portugal (@DAZNPortugal) July 5, 2026 इस टूर्नामेंट में अपने अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह शानदार रहा है। यह मैदान से परे है… लोगों के जुनून की वजह से वह इस विश्व कप है जिसे मैं सबसे ज्यादा याद रखूंगा। इस बार तो यह और भी ज्यादा है, पता नहीं क्यों। भावनात्मक रूप से यह सबसे अच्छा रहा है। मैंने इसका भरपूर आनंद लिया है।” 41 वर्षीय रोनाल्डो इस टूर्नामेंट के छह संस्करणों में खेल चुके हैं – 2006, 2020, 2014, 2018, 2022 और अब 2026। वह ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल करने के साथ ही छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। रोनाल्डो ने ग्रुप स्टेज में उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए, और फिर राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी से गोल दागा, जो विश्व कप के नॉकआउट मैच में उनका पहला गोल था।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 2:45 pm

प्राइवेट जेट में उर्वशी रौतेला का ग्लैमरस अंदाज, सिजलिंग अदाओं से बढ़ाया सोशल मीडिया का तापमान

बॉलीवुड की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेसेस में से एक उर्वशी रौतेला हमेशा अपने कमाल के फैशन सेंस और लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में उर्वशी ने अपनी कुछ बेहद हॉट और ग्लैमरस तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्होंने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। एक आलीशान प्राइवेट जेट के केबिन में क्लिक कराई गईं ये तस्वीरें उर्वशी के 'जेट-सेटर' स्टाइल को एक नए मुकाम पर ले जा रही हैं। तस्वीरों में उर्वशी रौतेला का स्टाइल गेम ऑन-पॉइंट है। ALSO READ: फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता उर्वशी ने पेस्टल शेड का बेहद स्टाइलिश और स्पोर्टी को-ऑर्ड सेट पहना हुआ है। उनके आउटफिट में फ्रंट-कट डिज़ाइन वाली एक अट्रैक्टिव स्पोर्ट्स ब्रा शामिल है, जिसके ऊपर उन्होंने मैचिंग फुल-स्लीव्स क्रॉप जिपर जैकेट को फ्रंट से ओपन रखकर कैरी किया है। उर्वशी ने इसके साथ मैचिंग हाई-वेस्ट फ्लेयर्ड पैंट्स पेयर की है, जो उनके लेग्स को एक परफेक्ट और अट्रैक्टिव शेप दे रही है। इस आउटफिट में उर्वशी की टोंड बॉडी और कर्व्स साफ नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक्ट्रेस ने कैमरे के सामने एक से बढ़कर एक सेक्सी और सिजलिंग पोज दिए हैं। किसी तस्वीर में वह साइड प्रोफाइल दिखाते हुए अपने परफेक्ट कर्व्स फ्लॉन्ट कर रही हैं, तो किसी में केबिन की लग्जरी सीट्स के पास खड़े होकर कैमरे को कातिलाना एक्सप्रेशन के साथ देख रही हैं। अपने लुक को कम्प्लीट करने के लिए उर्वशी ने अपने लंबे बालों को खुला रखा है, जो साइड-पार्टेड होकर उनके कंधों पर लहरा रहे हैं। आँखों पर चढ़ाए डार्क ओवल सनग्लासेज उनके लुक में एक हाई-एंड कस्टमाइज्ड लग्जरी वाइब जोड़ रहा है। उर्वशी रौतेला का यह लेटेस्ट अवतार साबित करता है कि जब बात ट्रैवल फैशन और ग्लैमर को मिक्स करने की आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है। फैंस उनकी इन तस्वीरों पर दिल खोलकर लाइक्स और कमेंट्स की बरसात कर रहे हैं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 1:06 pm

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा 'धोखेबाज'

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है। Meet Prithvi Shaw, once hailed as a generational talent • Started dating Akriti Agrawal in mid-2025. • Announced their engagement in 2026 and called her his lucky charm. • Then cheated on her multiple times. • She forgave him once, but he just wouldn't stop. This guy… pic.twitter.com/ddkuAqa2Ha — Wickets Hitting (@offpacedelivery) July 5, 2026 Prithvi Shaw engaged & bought a house for a new life, but fiancee’s story now accuses him of cheating & says every rumor is true. Another chapter in his troubled personal saga. pic.twitter.com/wbG3PFTtKt — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) July 5, 2026 विवादों से भरा रहा है करियर 2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे। शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी। भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं। भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024 में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था। 264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 1:00 pm

सोशल मीडिया से अचानक गायब क्यों हुई थीं सुमोना चक्रवर्ती? खुद बताई हैरान करने वाली वजह

'द कपिल शर्मा शो' में कपिल शर्मा की पत्नी मंजू का रोल निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती करीब दो महीनों से लाइमलाइट और सोशल मीडिया की चकाचौंध से पूरी तरह दूर हैं। फैंस परेशान थे कि आखिर सुमोना अचानक कहां गायब हो गईं। अब सुमोना चक्रवर्ती ने खुद इंटरनेट पर वापसी करते हुए अपनी इस लंबी चुप्पी का एक ऐसा कारण बताया है, जिसने हर किसी को हैरान और भावुक कर दिया है। सुमोना ने खुलासा किया है कि वह 'एंडोमेट्रियोसिस' नाम की एक बेहद दर्दनाक और गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके चलते इसी साल मई में उन्हें एक बड़ी सर्जरी करानी पड़ी। A post shared by Sumona Chakravarti (@sumonachakravarti) इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा और दिल छू लेने वाला नोट शेयर करते हुए सुमोना ने लिखा, हैलो! लंबे समय बाद वापस लौट रही हूं। पिछले दो महीनों से मैं मानों पाताल में रह रही थी। मैंने होशोहवास में सोशल मीडिया से दूरी बनाई थी। दरअसल, बीते 4 मई को मेरी एंडोमेट्रियोसिस की सर्जरी हुई थी। कई सालों तक इसे मैनेज करने की कोशिशों के बावजूद यह बीमारी दुर्भाग्य से बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। आखिरकार इसे अलविदा कहने का समय आ ही गया था। ALSO READ: फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता सुमोना ने बताया कि सर्जरी के बाद के दो महीने उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक करने में बिताए हैं। उन्होंने बेहद खुशी के साथ फैंस को आश्वासन दिया कि अब वह पूरी तरह से ठीक हैं, बल्कि बहुत अच्छी हैं। सुमोना ने भी स्वीकार किया कि रिकवरी के दौरान उनके मन में सोशल मीडिया को हमेशा के लिए छोड़ने का ख्याल आया था। उन्होंने लिखा, एक वक्त ऐसा था जब मैं व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को पूरी तरह से डिलीट कर देना चाहती थी। लेकिन बाद में अहसास हुआ कि यह व्यावहारिक फैसला नहीं है। मैं अभी पहाड़ों पर संन्यास लेने नहीं जा रही हूं। मेरे पास काम है, परिवार है, दोस्त हैं और एक खूबसूरत जिंदगी है। सुमोना ने कहा कि वह अब सोशल मीडिया को लेकर अपना नजरिया बदलना चाहती हैं। वह अब लाइक्स, कमेंट्स या फॉलोअर्स की अंधी दौड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात करना चाहती हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सुमोना चक्रवर्ती ने साल 2021 में पहली बार खुलासा किया था कि वह एंडोमेट्रियोसिस की 'स्टेज 4' से पीड़ित हैं। हाल ही में स्टंट बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 14' में दमदार खेल दिखाकर सातवें स्थान पर रहने वाली सुमोना ने बताया कि इस सर्जरी के बाद उनके पेट पर तीन गहरे निशान आ गए हैं। सुमोना ने लिखा, ये निशान और यादें इस बात का सबूत हैं कि मैंने जिंदगी को डटकर जिया है। 38 साल की उम्र में मुझे समझ आ रहा है कि बूढ़ा होना या उम्र का बढ़ना कोई डरने वाली बात नहीं है, बल्कि यह एक प्रिविलेज है। अगर उम्र के साथ थोड़ी समझदारी, थोड़ा नया नजरिया, थोड़ा आभार और कुछ निशान मिलते हैं, तो मैं इन सभी को खुशी-खुशी स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 12:39 pm

सलमान खान की 'सुल्तान' ने पूरे किए 10 साल, जानिए क्यों आज भी दिलों पर करती है राज

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'सुल्तान' को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो गए है। इस फिल्म की सफलता सुपरस्टार के सिनेमैटिक स्किल और पॉपुलैरिटी का सबूत है। साल 2016 में रिलीज हुई यह ब्लॉकबस्टर फिल्म जिसमें सलमान खान की वर्सेटलिटी को ही नहीं सिर्फ दिखाया गया है बल्कि फिल्म ने शानदार स्टोरी लाइन और यादगार किरदारों के जरिए भी दर्शकों के दिलों को जीता है। सुल्तान में सलमान खान का किरदार फिल्म की जान है। फिल्म में सलमान ने सुल्तान अली खान का किरदार निभाया है, एक ऐसा किरदार जो एक साधारण बैकग्राउंड से रेसलिंग चैंपियन बनने तक का सफर तय करता है। सलमान खान ने सुल्तान के संकल्प, व्यक्तिगत संघर्ष और आखिर में आजादी के एहसास के साथ किरदार को दिल छू लेने वाला और असरदार बनाया है। अनुष्का शर्मा द्वारा आरफा का किरदार निभाना सुल्तान की कहानी में और गहराई जोड़ता है। फिल्म में उनकी केमिस्ट्री और कहानी के इमोशनल कोर को खूबसूरती से हाईलाइट किया गया है। ऑडियंस सलमान और अनुष्का की ऑन स्क्रीन जोड़ी को देखने के लिए आकर्षित हुई थी, इतना ही नहीं सभी को उन्हें फिर से साथ देखने का भी बेसब्री से इंतजार है। ALSO READ: रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटाई गई 'सतलुत', दिलजीत दोसांझ का रिएक्शन आया सामने 'सुल्तान' फिल्म को अलग बनाता है उसका रेसलिंग का असल लगने वाला चित्रण, जिसमें इंटेंस MMA मैच थे। सलमान खान के रोल में उनकी डेडिकेशन, उनके फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और टफ ट्रेनिंग को साफ तौर से देखा गया था, जिससे किरदार और स्क्रीन पर दिखाए गए स्पोर्ट को मजबूती मिली थी। 'सुल्तान' के एक्शन से भरपूर सीन्स के अलावा, इसमें प्यार, एंबीशन और अहंकार जैसे थीम को दर्शाया गया है, जो दर्शकों से व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ते हैं। फिल्म की सफलता के लिए उसके फुट-टैपिंग साउंडट्रैक और कमाल की सपोर्टिंग कास्ट ने भी अहम भूमिका निभाई है। अपनी रिलीज के दस साल बाद भी 'सुल्तान' एक पसंदीदा फिल्म बनी हुई है, जिसे इसकी दिलचस्प कहानी, सलमान खान की शानदार परफॉर्मेंस और बॉलीवुड सिनेमा पर इसके स्थायी प्रभाव के लिए सराहा जाता है। फिल्म की कहानी बच्चे को खोने के दर्द और व्यक्तिगत संघर्षों से निपटने पर केंद्रित है। फिल्म में सुल्तान के उठने और गिरने के सफर को भी दर्शाया गया है, जिसने अपनी स्वदेशी कहानी से हमारे दिलों को छू लिया। सलमान खान फिल्म के टाइटल रोल में बिलकुल फिट बैठते हैं। सुल्तान और उनके MMA कोच फतेह सिंह, जिसका किरदार रणदीप हुड्डा ने निभाया है, के बीच की केमिस्ट्री गहरी और जोश से भरी थी। रेसलिंग के सीन्स देखने में बेहद रीयल थे, जिन्हें देख आज भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सलमान खान लगातार ट्रेंड सेट कर रहे हैं और फिल्म के गानों का हर डांस स्टेप सनसनी बन रहा है। 'बेबी को बेस पसंद है' और '440 वोल्ट' जैसे गाने बेहद पॉपुलर हैं, साथ ही टाइटल ट्रैक भी। इन हिट गानों का हर डांस स्टेप आज भी ट्रेंडिंग हुक स्टेप बना हुआ है, जिसका सारा श्रेय सलमान खान को जाता है। आज 'सुल्तान' अपनी 10वीं एनिवर्सरी मना रही है, यह हमारे दिल के करीब रहने वाली फिल्मों में से एक है, जिसे हम कभी भी घर के छोटे से लेकर बड़े उम्र के सदस्यों के साथ एंजॉय कर सकते हैं। यह फिल्म परिवार और जिनसे हम प्यार करते हैं, उनके महत्व पर खूबसूरती से जोर देती है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:31 am

जेडी वेंस को नेतन्याहू का करारा जवाब- मेरे पास भारत जैसा मजबूत दोस्त

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस को जवाब देते हुए कहा कि इजराइल के भारत सहित कई देशों के साथ इजराइल के मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं। उन्हें भारत से व्यापक जनसमर्थन भी मिलता है। वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही दुनिया में इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार फॉक्स न्यूज के एक शो में नेतन्याहू से जेडी वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने वॉशिंगटन को यरुशलम का सबसे करीबी सहयोगी बताया था। वेंस ने इसके साथ ही इजरायली कैबिनेट को ईरान के साथ शांति समझौते की आलोचना करने के बजाय इसका समर्थन करने की सलाह दी थी। भारत से मिलता है जबरदस्त समर्थन इस पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के अलावा भी इजरायल के दोस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे पास कुछ दूसरे दोस्त भी हैं, जैसे कि छोटा सा देश भारत है। इसकी 1.4 अरब की आबादी है और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है। उन्हें सोशल मीडिया पर भारत के लोगों से बहुत सारे सपोर्ट वाले मैसेज मिलते हैं। इजरायली नेता ने यह माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका मतलब हर बात पर सहमति नहीं होता है। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ किसी तरह के मतभेद से भी इनकार किया। ALSO READ: उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते से इजराइल खुश नहीं है। इस समझौते की शर्तों में लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान को रोकना भी शामिल है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:24 am

फिल्मों में आने से पहले यह काम करते थे रणवीर सिंह, अनिल कपूर से है खास रिश्ता

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 6 जुलाई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। रणवीर अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री के नए सुपरस्टार बनकर उभरे हैं। रणवीर सिंह ने साल 2010 में फिल्म 'बैंड बाजा बारात' से बॉलीवुड डेब्यू किया था और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन क्या आपको पता है फिल्मों में आने से पहले रणवीर सिंह क्या काम करते थे। फिल्मों में आने से पहले रणवीर एक एडवरटाइजिंग कंपनी में कॉपीराइटर का काम करते थे। उन्होंने ओगिल्वी और माथर और जे. वाल्टर थॉम्पसन जैसी विज्ञापन एजेंसियों में एक कॉपीराइटर के रूप में काम किया था। ALSO READ: रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने बताया था कि वह वह प्रोडक्शन हाउस में जाकर अपना पोर्टफोलियो दिया करते थे, लेकिन डायरेक्टर उसे कचरे के डब्बे में फेंक देते थे। इन पोर्टफोलियो को बनाने में काफी मेहनत लगती थी, लेकिन इसके बावजूद भी कहीं काम नहीं मिल रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इतना ही नहीं काम की तलाश में रणवीर सिंह रेस्टोरेंट और नाइट क्लब्स में फिल्ममेकर्स का पीछा किया करते थे, ताकि उन्हें फिल्मों में एक बार मौका मिल जाए। इसके अलावा वह लोगों के फोन से नंबर चुराया करते थे, जिससे फिल्ममेकर्स को कॉल करके यह कह सकें कि उन्हें फिल्मों में एक मौका चाहिए। रणवीर सिंह का अनिल कपूर से भी खास रिश्ता है। अनिल कपूर की पत्नी और रणवीर की मां दोनों सगी बहनें हैं। हालांकि रणवीर सिंह को इसका कोई फायदा नहीं मिला, उन्हें इंडस्ट्री में आने के लिए तगड़ी मेहनत करनी पड़ी थी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 11:11 am

रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटाई गई 'सतलुत', दिलजीत दोसांझ का रिएक्शन आया सामने

फेमस पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी फिल्म सतलुज को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी हुई थी। पहले फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई सारे कट्स लगाने की मांग की थी। इसके बाद दिलजीत की यह फिल्म सालों से अपनी रिलीज का इंतजार कर रही हैं। हाल ही में यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज की गई। लेकिन दो दिन बाद ही यह फिल्म ओटीटी से हटा ली गई है। जी5 द्वारा फिल्म को अचानक हटाए जाने के फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ALSO READ: ये हीरोइन कैसे बन जाती हैं, दुबली-पतली सांवले रंग की प्रियंका चोपड़ा को देख हैरान हो गई थीं ये एक्ट्रेस 'पंजाब 95' से 'सतलुज' बनने का सफर हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म पिछले 4 सालों से सेंसर बोर्ड के चक्रव्यूह में फंसी हुई थी। रिपोर्ट्स की मानें तो सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 120 से ज्यादा कट्स लगाने की मांग की थी। विवाद को टालने और दर्शकों तक सच पहुंचाने के लिए मेकर्स ने इसका टाइटल 'पंजाब 95' से बदलकर 'सतलुज' कर दिया। आखिरकार, 3 जुलाई को इसे बिना किसी तामझाम के 'अनकट वर्जन' में सीधे जी5 पर स्ट्रीम कर दिया गया। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और 5 जुलाई की शाम को इसे अचानक प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। A post shared by Zee 5 (@zee5) फिल्म को इंडिया में 'अनअवेलेबल' करने के बाद ज़ी5 ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्लेटफॉर्म ने कहा, रिलीज के बाद से ही 'सतलुज' को दर्शकों का जो रिस्पॉन्स मिला है, वह वाकई कमाल का है। हम इस फिल्म की क्रिएटिव विज़न के साथ मजबूती से खड़े हैं। मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए, 'सतलुज' अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। हम उचित कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए इस फिल्म को अपने दर्शकों के बीच जल्द से जल्द वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। A post shared by Diljit Dosanjh (@diljit.dosanjh.fan.page) हटा दी तो हटा दें, लोगों ने डाउनलोड कर ली है... इस पूरे विवाद पर दिलजीत दोसांझ का जो रिएक्शन आया है, उसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। दिलजीत ने अपने सोशल मीडिया पर फिल्म का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, इसे बैन होने से पहले जल्दी से देख डालिए। मॉर्डन टाइम्स की एक बेहतरीन फिल्म है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म की स्टारकास्ट, विशेषकर सुविंदर विक्की की एक्टिंग की जमकर सराहना की। दिलजीत का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे हंसते हुए कह रहे हैं, अब कोई टेंशन नहीं है। हटा दी तो हटा दें क्योंकि लोगों ने इसे ऑनलाइन पहले ही डाउनलोड कर लिया है। मुझे पहले फिक्र थी, लेकिन अब मैं बिल्कुल टेंशन फ्री हूं। A post shared by DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh) आखिर क्या है 'सतलुज' की कहानी? यह फिल्म महज़ एक सिनेमाई कहानी नहीं है, बल्कि पंजाब के इतिहास का वो पन्ना है जिसे अक्सर दबाने की कोशिश की गई। यह एक बायोग्राफिकल क्राइम ड्रामा है जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 1980 और 1990 के दशक के उस दौर को दिखाती है जब पंजाब उग्रवाद और हिंसा की चपेट में था। जसवंत सिंह खालड़ा ने उस दौर में हजारों लावारिस शवों और पुलिस द्वारा किए गए कथित फर्जी एनकाउंटर्स के सच को दुनिया के सामने उजागर किया था, जिसके बाद 1995 में वे खुद रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए थे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह और सुविंदर विक्की मुख्य भूमिकाओं में हैं।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 10:58 am

कमजोर दिल वालों के लिए नहीं था Mexico-England मैच: मैक्सिको का दबदबा, इंग्लैंड का जज्बा: 10 खिलाड़ियों से खेलकर भी जीता ब्लॉकबस्टर मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अगर अब तक किसी मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं, तो वह इंग्लैंड और मेजबान मैक्सिको के बीच खेला गया राउंड ऑफ 16 का मुकाबला रहा। यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं बल्कि रोमांच, संघर्ष, विवाद और साहस की ऐसी कहानी थी, जिसमें हर कुछ मिनट बाद मैच का रंग बदलता नजर आया। दो पेनल्टी, एक रेड कार्ड, पांच गोल और अंतिम सीटी तक बना सस्पेंस, इस मुकाबले में वह सब कुछ देखने को मिला जिसकी उम्मीद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से की जाती है। आखिरकार इंग्लैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ लंबा समय खेलने के बावजूद 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया। मुकाबले की शुरुआत खराब मौसम के कारण करीब एक घंटे की देरी से हुई, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज दिखाया। शुरुआती आधे घंटे तक मैक्सिको ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि असली धमाका 36वें मिनट में हुआ, जब बुकायो साका के शानदार मूव के बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। मैक्सिको इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि सिर्फ 98 सेकंड बाद 38वें मिनट में हैरी केन के शानदार पास पर बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। दो मिनट के भीतर दो गोल ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया और इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल गया। हालांकि मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। 42वें मिनट में फ्री-किक के बाद जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में फिर जान डाल दी और हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ दिखाई दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किलों से भरी रही। डिफेंडर जारेल क्वांसाह ने जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल किया। VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। रेड कार्ड के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। संख्यात्मक कमी के बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 60वें मिनट में उसे पेनल्टी मिली और कप्तान हैरी केन ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोल में भेज दिया। इंग्लैंड ने फिर दो गोल की बढ़त हासिल कर ली और स्कोर 3-1 हो गया। लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। 69वें मिनट में इंग्लैंड के बॉक्स में फाउल के बाद मैक्सिको को भी पेनल्टी मिली। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद पूरे स्टेडियम में रोमांच चरम पर पहुंच गया। आखिरी 20 मिनट और फिर 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मैक्सिको ने लगातार हमले किए। गेंद पर उसका नियंत्रण भी ज्यादा रहा और उसने इंग्लैंड के गोल पर कई खतरनाक मौके बनाए। लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किए, जबकि डेक्लान राइस और जूड बेलिंघम ने डिफेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हर हमले के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए आखिर तक बढ़त बचाए रखी। यह मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन के लिए नहीं, बल्कि इंग्लैंड के जज्बे के लिए भी याद रखा जाएगा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया और विश्व कप के सबसे कठिन नॉकआउट मुकाबलों में से एक जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं मैक्सिको ने पूरे मैच में दबाव तो बनाया, लेकिन मिले अवसरों को गोल में बदलने में वह इंग्लैंड जितना प्रभावी साबित नहीं हो सका। यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर बन गया।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 10:54 am

नया रक्षा बैंक क्यों बनाना चाहता है नाटो का सदस्य कनाडा

रूस का खतरा, ट्रंप का खराब मूड और बढ़ती रक्षा जरूरतें। इन चुनौतियों के बीच कनाडा 133 अरब डॉलर का एक वैश्विक रक्षा बैंक शुरू करना चाहता है। नाटो शिखर सम्मेलन में इसकी पहली परीक्षा होगी।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 8:49 am

अंतिम संस्कार में काला छाता क्यों लेकर जाते हैं लोग? चीन और ब्रिटेन की इस रहस्यमयी परंपरा के पीछे की असली वजह जानकर चौंक जाएंगे आप!

अंतिम संस्कार जैसी गंभीर रस्मों में काले छाते का दिखना केवल एक संयोग नहीं है. हॉलीवुड और विदेशी फिल्मों में कब्रिस्तान के दृश्यों में लोगों के हाथों में काला छाता आपने भी जरूर देखा होगा. पहली नजर में यह सिर्फ खराब मौसम या बारिश से बचने का एक साधन लग सकता है, लेकिन दुनिया के अलग-अलग कोनों में इस साधारण से छाते को लेकर बेहद हैरान करने वाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, खासकर चीन और ब्रिटेन में.चीन में छाते का आत्मा और यिन ऊर्जा से गहरा कनेक्शनचीनी परंपराओं में छाते को केवल धूप या पानी से बचने की चीज नहीं माना जाता, बल्कि इसे परालौकिक और आध्यात्मिक दुनिया से जोड़कर देखा जाता है. पुरानी लोक मान्यताओं के अनुसार, छाता बारिश का पानी सोखता है और नमी को अपने भीतर समेट लेता है. इस नमी को चीनी संस्कृति में 'यिन ऊर्जा' यानी रहस्यमयी या नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि आज भी कई चीनी परिवारों में घर के अंदर खुला छाता रखना पूरी तरह वर्जित है.मृतक की विदाई और सूरज की रोशनी से आत्मा की रक्षाचीन के कुछ हिस्सों में अंतिम विदाई के समय मृतक के शव या उसकी तस्वीर के ऊपर काला छाता तानने का रिवाज है. इसके पीछे यह लोक मान्यता है कि सूर्य की तेज और सीधी रोशनी मृतक की आत्मा के लिए कष्टकारी हो सकती है. ऐसे में यह काला छाता एक ढाल की तरह काम करता है और आत्मा को सुरक्षित रखता है. इसके अलावा, चीन में किसी को छाता गिफ्ट करना भी बेहद अशुभ माना जाता है, क्योंकि वहां छाते को रिश्तों में अलगाव और दूरी आने का सूचक माना जाता है.ब्रिटेन का अनिश्चित मौसम और 'ब्रोली' की अनोखी परंपराचीन से बिल्कुल उलट, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में अंतिम संस्कार में काला छाता ले जाने की वजह पूरी तरह व्यावहारिक है. ब्रिटेन का मौसम अपनी अनिश्चितता के लिए बदनाम है, जहां धूप खिले होने पर भी अचानक तेज बारिश शुरू हो जाती है. ऐसे में कब्रिस्तान में अंतिम विदाई की रस्म बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके, इसलिए लोग अपने साथ छाता रखते हैं, जिसे वहां स्थानीय भाषा में 'ब्रोली' भी कहा जाता है. समय के साथ यह व्यावहारिक जरूरत अब वहां सम्मान प्रकट करने की एक गंभीर परंपरा बन चुकी है, इसलिए मौसम साफ होने पर भी लोग काले कपड़े पहनकर हाथ में काला छाता लिए नजर आते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Jul 2026 7:49 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 जुलाई, 2026)

मेष राशि (Aries) Today 06 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: दिन की शुरुआत धमाकेदार रहेगी। कारोबारी नए सौदे कर सकते हैं। ऑफिस में नए प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। पार्टनर आपके हर फैसले में आपका साथ देगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश के नए अवसर मिलेंगे, जो भविष्य में फायदा देंगे। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन कामकाज के चक्कर में समय पर खाना खाना न भूलें। उपाय: सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरीपेशा लोगों को आज अपनी काबिलियत दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। सीनियर्स आपके काम से प्रभावित होंगे। लव: प्रेम जीवन में चल रहा तनाव आज समाप्त होगा। पार्टनर के साथ बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। धन: रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। हालांकि, सुख-सुविधाओं की चीजों पर थोड़ा खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी या जुकाम की शिकायत हो सकती है। गुनगुने पानी का सेवन करें। उपाय: भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक लगाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार में नई पार्टनरशिप के लिए दिन अच्छा है। नौकरी में काम की अधिकता के कारण थोड़ा तनाव महसूस हो सकता है। लव: शादीशुदा जिंदगी में खुशहाली रहेगी। शाम का समय परिवार के साथ बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। धन: आर्थिक मामलों में सूझबूझ से काम लें। लॉटरी या सट्टेबाजी में पैसा लगाने से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण सिरदर्द की समस्या हो सकती है। योग और ध्यान का सहारा लें। उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा। नई नौकरी के इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है। लव: लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर बात हो सकती है। धन: इनकम के एक्स्ट्रा सोर्स मिलने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। प्रॉपर्टी में निवेश के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आज आप खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत महसूस करेंगे। उपाय: शिवजी को अक्षत (साबुत चावल) अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। सिंह राशि (Leo) करियर: व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं आज लाभदायक सिद्ध होंगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े काम आसानी से पूरे हो जाएंगे। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होने से मन प्रसन्न रहेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद आज आपके पक्ष में सुलझ सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। उपाय: शिवलिंग पर शहद और गंगाजल चढ़ाएं। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज ऑफिस में अपने काम को कल पर न टालें। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने से काम समय पर पूरा होगा। लव: पार्टनर की किसी बात से मन थोड़ा उदास हो सकता है। गुस्से में आकर कोई प्रतिक्रिया न दें। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। उधार लेन-देन से बचें, नहीं तो पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज या अपच परेशान कर सकती हैं। खान-पान में ढिलाई न बरतें। उपाय: सोमवार को किसी गरीब को सफेद वस्तु-जैसे दूध या चावल का दान करें। तुला राशि (Libra) करियर: आज का दिन कला, मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए तरक्की लेकर आएगा। नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो दिन शुभ है। लव: सिंगल जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। लव लाइफ में आपसी समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक रूप से दिन अच्छा है। पुराना किया गया निवेश आज आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ दे सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर चल रही चिंताएं आज दूर होंगी। उपाय: शिव मंदिर में जाकर 'महामृत्युंजय मंत्र' का 11 बार जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति और कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। विरोधियों पर आपका दबदबा बना रहेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। शांति और धैर्य से काम लें, बात बढ़ सकती है। धन: फंसा हुआ पैसा मिलने से आपकी आर्थिक परेशानियां कम होंगी। खर्चों में थोड़ी कटौती करना सही रहेगा। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या नींद पूरी न होने के कारण थकान महसूस हो सकती है। पर्याप्त आराम लें। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय मंत्र' की एक माला का जाप करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण धनु राशि (Sagittarius) करियर: ऑफिस में आपके कार्य की सराहना होगी। उच्च शिक्षा या विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले छात्रों को आज कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से आपका कोई बड़ा काम आज पूरा हो जाएगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। भविष्य के लिए बचत करने की योजना सफल रहेगी। स्वास्थ्य: मौसमी एलर्जी या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। खूब पानी पीएं। उपाय: शिवजी को पंचामृत से स्नान कराएं। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यदि आप नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे हैं तो आज अच्छे ऑफर मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है। पार्टनर को थोड़ा स्पेस दें और उनकी बात को समझें। धन: धन का आगमन ठीक रहेगा, लेकिन आज आपको अचानक किसी बड़े और अनपेक्षित खर्च का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: रीढ़ की हड्डी या पीठ में दर्द की शिकायत हो सकती है। बैठने के पोस्चर पर ध्यान दें। उपाय: शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद जगह पर ट्रांसफर या प्रमोशन की खबर मिल सकती है। व्यापारियों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहेगा। लव: लव पार्टनर के साथ रिश्ता और मजबूत होगा। परिवार के लोग आपके रिश्ते को मंजूरी दे सकते हैं। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए आज का दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज से दिन बेहतरीन है। आप पुरानी किसी शारीरिक परेशानी से निजात पाएंगे। उपाय: शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें और शिव जी को सफेद फूल चढ़ाएं। मीन राशि (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर किसी भी तरह के विवाद या गॉसिप से दूर रहें। अपने काम पर फोकस बनाए रखें, सीनियर्स की नजर आप पर है। लव: घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ का आयोजन हो सकता है। जीवनसाथी के साथ प्रेम बढ़ेगा। धन: रुका हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार से मन का बोझ हल्का होगा। स्वास्थ्य: योग और वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। आज आप खुद को काफी फ्रेश महसूस करेंगे। उपाय: सोमवार की शाम को शिव मंदिर में जाकर कपूर का दीपक जलाएं। ALSO READ: गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:03 am

बर्थडे स्पेशल: 3000 करोड़ की फ्रेंचाइजी से लेकर नंबर 1 बनने तक, ये माइलस्टोन्स साबित करते हैं रणवीर सिंह का स्टारडम

रणवीर सिंह जैसे कि आज अपना एक और जन्मदिन मना रहे हैं, एक बात तो बिल्कुल तय है कि वह सिर्फ एक कामयाब दौर का मजा नहीं ले रहे हैं, बल्कि वह हिंदी सिनेमा का एक नया युग (एरा) लिख रहे हैं। बॉक्स ऑफिस का इतिहास बदलने से लेकर बॉलीवुड की ग्लोबल पहचान को बढ़ाने तक, रणवीर ने हर एक मील के पत्थर के साथ बेंचमार्क को और ऊपर उठाया है। रणवीर की यह जर्नी खुद को बार-बार बदलने, कंसिस्टेंसी (लगातार अच्छा करने) और रिकॉर्ड तोड़ कामयाबी की कहानी रही है, जो उन्हें इस जनरेशन का बेस्ट एक्टर बनाती है। आइए डालते हैं एक नजर उन अचीवमेंट्स पर जो रणवीर सिंह को इंडियन सिनेमा का असली 'धुरंधर' और हमारा सबसे महान एक्टर बनाते हैं: ALSO READ: रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक 1000 करोड़ रुपए का हिंदी नेट क्लब किया शुरू रणवीर सिंह ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के साथ सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म ही नहीं दी—बल्कि उन्होंने कामयाबी का एक बिल्कुल नया पैमाना खड़ा कर दिया। भारत में 1000 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन पार करने वाली पहली हिंदी फिल्म बनकर, उन्होंने एक ऐसा मील का पत्थर स्थापित किया जो पहले कभी हासिल नहीं हुआ था। उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कमाई की परिभाषा ही बदल दी। खड़ी की इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी फ्रेंचाइजी बनने में सालों लग जाते हैं, लेकिन इस लेवल पर लगातार कामयाबी बहुत कम ही देखने को मिलती है। रणवीर सिंह के लीड रोल वाली 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है, जो यह साबित करता है कि रणवीर में ऐसे किरदार और कहानियां रचने की काबिलियत है, जिन्हें देखने के लिए दर्शक बार-बार खींचे चले आते हैं। ओवरसीज में पहुंच को दिया नया रूप रणवीर सिंह इंडियन सिनेमा के सबसे मजबूत ग्लोबल स्टार्स में से एक बनकर उभरे हैं। 'पद्मावत', 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी', 'धुरंधर', और 'धुरंधर: द रिवेंज' जैसी फिल्मों के साथ, जिन्होंने नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस किया है, उन्होंने एक ऐसी कंसिस्टेंसी दिखाई है जो किसी भी इंडियन एक्टर के पास नहीं है। यह जर्नी अब और भी बड़ी हो रही है, क्योंकि 'धुरंधर' अब जापान में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हिंदी सिनेमा को दी अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग रणवीर सिंह स्टारर 'धुरंधर: द रिवेंज' के नाम बॉलीवुड इतिहास के सबसे बड़े ओपनिंग डे का रिकॉर्ड दर्ज है। इस जबरदस्त एक्शन ब्लॉकबस्टर फिल्म ने अपने पहले ही दिन भारत में सभी भाषाओं को मिलाकर 102 करोड़ रुपए से ज्यादा का नेट कलेक्शन किया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें किसी भी इंडियन फिल्म के लिए सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग डेब्यू दिया थिएटर्स का इतिहास बदलने के बाद, रणवीर सिंह का यह रिकॉर्ड तोड़ सफर ओटीटी (OTT) पर भी जारी रहा। 'धुरंधर: द रिवेंज' स्ट्रीमिंग के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली इंडियन फिल्म बन गई, जिसने अपने ओपनिंग वीकेंड के दौरान ओटीटी पर रिकॉर्ड तोड़ 50 मिलियन (5 करोड़) व्यूअर्स को अट्रैक्ट किया। अपने पिछले जन्मदिन से लेकर इस जन्मदिन तक, रणवीर सिंह ने अपने करियर का सबसे ऐतिहासिक साल जिया है। बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड्स को फिर से लिखने और हिंदी सिनेमा के लिए नए माइलस्टोन्स सेट करने से लेकर, बेटी दुआ का पहला जन्मदिन मनाने और यह अनाउंस करने तक कि 'बेबी नंबर 2' आने वाला है, यह साल उनके लिए प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों ही मोर्चों पर जीतों का साल रहा है। अब जब वह अपना एक और जन्मदिन मना रहे हैं, तो इसमें कोई शक नहीं है कि यह रणवीर सिंह का अब तक का सबसे बड़ा जन्मदिन है।

वेब दुनिया 6 Jul 2026 7:02 am

जब ताबूत से गिरे खुमैनी, कफन के चीथड़े उड़े:खामेनेई के जनाजे में 3 करोड़ लोग जुटेंगे; शिया मुसलमानों में मातम इतना अहम क्यों

4 जुलाई से ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में शुरू हुईं। उनका जनाजा तेहरान, कोम, नजफ और इराक के कर्बला शहर होते हुए, 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगा, जहां उन्हें दफन किया जाएगा। इस दौरान 100 से ज्यादा देशों के नेता और 3 करोड़ से ज्यादा लोग ‘शियाओं के रहबर’ का आखिरी दीदार करेंगे। शिया मुसलमानों में मातम इतना अहम क्यों है, खामेनेई की हत्या को कर्बला की शहादत से क्यों जोड़ा जा रहा और इस बड़े जलसे के पीछे असली वजह क्या है; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और महेंद्र वर्मा --------- यह खबर भी पढ़िए… दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:25 am

जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज

जयपुर। राजस्थान में संचालित शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने रविवार को जयपुर के निर्माण नगर क्षेत्र में स्टिंग एनर्जी नामक एनर्जी ड्रिंक के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 हजार 292 बोतलें सीज की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के बताया कि […] The post जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:45 pm

दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारूईपुर में रविवार को एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कई घंटों […] The post दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:42 pm

बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका

बारां। राजस्थान के बारां जिले में रविवार को हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई जबकि एक ट्रांसफार्मर जल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान केलवाड़ा थाना क्षेत्र के हथवारी गांव के समीप शनिवार देर शाम खेत पर कार्य कर रहे सौरभ सहरिया (26) बारिश तेज होने […] The post बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 10:36 pm

बांका परमाणु परियोजना विवाद: आदिवासी अस्मिता, पर्यावरण और विकास मॉडल पर बहस

बिहार के बांका जिले की रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में आदिवासी और ग्रामीण आंदोलनरत हैं। जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों पर उठे सवाल

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 10:24 pm

उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट

रामनगर। उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रामनगर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का रविवार को भंडाफोड़ करते हुए 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग सहित 10 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया। रिसॉर्ट को सील कर दिया […] The post उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:46 pm

पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार

जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार […] The post पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:41 pm

आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी

अजमेर। सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मण्डल (संयोजक एवं प्रचारक) मारवाड कान्ता सोलंकी ने मधुरम गार्डन में शनिवार को आयोजित संयोजक स्तरीय निरंकारी संत समागम के दौरान सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने भाव उदगार करते हुए बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय […] The post आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 9:32 pm

गाज़ा युद्ध के 1000 दिन: दिल्ली में फ़िलिस्तीन के समर्थन में कविताएँ, प्रतिरोध और न्याय की आवाज़

गाज़ा में इज़राइली हमलों के 1000वें दिन दिल्ली में IPSN की सभा हुई। वक्ताओं ने फ़िलिस्तीन, न्याय, शांति और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी।

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 9:20 pm

आज का एक्सप्लेनर:भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं

दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। आखिर यूक्रेन ने रूस में पेट्रोल की किल्लत कैसे पैदा कर दी, क्या वाकई भारत, रूस को पेट्रोल बेच रहा; और रूस, यूक्रेन के हमले क्यों नहीं रोक पा रहा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: दुनिया को तेल बेचने वाले रूस में तेल की कमी कैसे हो गई है? जवाब: रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन लगातार रूसी ऑइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। मार्च 2026 से अब तक रूस की ऑयल रिफाइनरी पर 50 से ज्यादा हमले किए हैं। 4 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की सीमा से करीब 850 किमी अंदर रूस के सेंट पीटर्सबर्ग की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक किया है। इस रिफाइनरी से हर साल 1.25 करोड़ टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बनते हैं। 3 जून को भी इस रिफाइनरी पर हमला हुआ था। इसके अलावा 18 जून को मॉस्को के बाहरी इलाकों में स्थित रिफाइनरी पर हमला हुआ। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, रूस की टॉप-10 रिफाइनरियों में से 8 पर यूक्रेन हमले कर चुका है। रिफाइनरियों पर हुए हमले से रूस में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है… सवाल-2: क्या इस स्थिति से निपटने में भारत रूस की मदद कर रहा है? जवाब: रॉयटर्स के मुताबिक, भारतीय तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को पेट्रोल के 2 टैंकर रूस भेजे हैं। इन टैंकरों में करीब 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल है। नायरा एनर्जी में रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की 49% हिस्सेदारी है। हालांकि नायरा ने टैंकर भेजने की पुष्टि नहीं की है। रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस कई दशकों बाद ईंधन आयात करने की तैयारी में है। दूसरे देशों के संपर्क से ईंधन खरीदने की बातचीत चल रही है। हालांकि भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है, 'भारतीय सरकारी या प्राइवेट कंपनियां सीधे रूस को ईंधन नहीं बेच रही हैं। हो सकता है कि रूस अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भारतीय मूल का ईंधन खरीद रहा हो।' दरअसल, सीधे व्यापार के बजाय अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भी तेल खरीदने का एक विकल्प होता है। ये व्यापारी कई देशों की तेल कंपनियों से तेल खरीदकर उसका पेमेंट करते हैं। फिर ये सारा तेल सिंगापुर, UAE के फुजैरा या यूरोप के रोटरडैम जैसे बड़े बंदरगाहों पर ले जाते हैं। यहां कई बार अलग-अलग देशों का तेल मिक्स भी किया जाता है। फिर जब रूस या किसी अन्य देश को तेल की जरूरत पड़ती है, तो ये व्यापारी उसे तेल के टैंकर बेच देते हैं। सवाल-3: तेल की जरूरत पूरी करने के लिए रूस और क्या कर रहा है? जवाब: रूस 2 मुख्य तरीके अपना रहा है- 1. दूसरे देशों से खरीद 2. पेट्रोल एक्सपोर्ट और बिक्री पर पाबंदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है, ‘रिफाइनरी पर हमलों से ईंधन की कमी तो हुई है, लेकिन यह गंभीर नहीं है। पेट्रोल भंडार में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 4% की कमी आई है।’ सवाल-4: रूस तेल की कमी से कब तक निपट पाएगा? जवाब: ग्लोबल बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म मैक्रो-एडवाइजरी लिमिटेड के CEO और एनालिस्ट क्रिस वेफर कहते हैं, ‘रूस में फ्यूल का स्टोरेज पर्याप्त है, लेकिन दिक्कत ये है कि ये गलत जगह पर है। जिन इलाकों में फ्यूल की कमी है, वहां सप्लाई रातोंरात नहीं हो सकती। इस बड़े लॉजिस्टिक्स कई हफ्ते लग सकते हैं। ये एक बड़ा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है।’ जिन रूसी रिफाइनरीज को यूक्रेनी हमलों में नुकसान पहुंचा है, उनको रिपेयर करना भी मुश्किल है। इनमें कुछ मशीनरी और इक्विपमेंट ऐसी हैं, जिसे विदेशों से इम्पोर्ट किया जाता है, लेकिन रूस पर विदेशी व्यापार को लेकर कई तरह के बैन लगे हैं। वेफर के मुताबिक, मॉस्को रिफाइनरी की मरम्मत में कम से कम 3 महीने लग जाएंगे। इसी से मॉस्को और आसपास के इलाके में जरूरत के 40% फ्यूल की सप्लाई होती है। वहीं ऑयल मार्केट एनालिस्ट गैरी पीच कहते हैं कि मरम्मत के बावजूद रिफाइनरीज पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। इनमें इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि गर्मियों के दौरान, यानी अगस्त तक रिफाइनिंग दोबारा पूरी तरह शुरू नहीं हो पाएगी। पीच के मुताबिक, जब तक यूक्रेन-रूस सीजफायर या कोई समझौता नहीं हो पाए, तब तक कई रिफाइनरीज की मरम्मत करने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि इन पर दोबारा हमला कर दिया जाएगा। वेफर कहते हैं कि अगर ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान न पहुंचे, तो भी सितंबर तक फ्यूल की कमी बनी रहेगी, क्योंकि इसी दौरान खेती के लिए सबसे ज्यादा तेल की जरूरत होती है। सवाल-5: आखिर रूस यूक्रेन के हमलों का सामना क्यों नहीं कर पा रहा? जवाब: यूक्रेन और रूस के बीच जंग का पांचवां साल चल रहा है। यूक्रेन, रूसी रिफाइनरीज पर ज्यादातर ड्रोन अटैक ही करता है। 3 बड़ी वजहों से रूस इन्हें रोक नहीं पा रहा... 1. यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज ड्रोन ट्रैक करना मुश्किल 2. सैकड़ों सस्ते ड्रोन रोकना महंगा 3. रूस का बड़ा इलाका ही उसका दुश्मन --------- यह खबर भी पढ़िए… दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:09 pm

रणवीर सिंह के यादगार डायलॉग्स, जो हर किरदार के साथ बन गए आइकॉनिक

चाहे अपनी कॉमिक टाइमिंग से हंसाना हो, दमदार किरदारों से प्रेरित करना हो, विलेन बनकर खौफ पैदा करना हो या सिनेमाघरों में दर्शकों से सीटियां बजवानी हों, रणवीर सिंह ने हिंदी सिनेमा को कई ऐसे यादगार डायलॉग दिए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, शानदार डायलॉग डिलीवरी और हर किरदार में पूरी तरह ढल जाने की कला ने उनके कई संवादों को फैंस का पसंदीदा बना दिया है। भारतीय सिनेमा के 'बब्बर शेर' रणवीर सिंह के जन्मदिन के खास मौके पर आइए एक बार फिर उनके उन आइकॉनिक डायलॉग्स को याद करते हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों और यादों में पूरी शिद्दत के साथ बसे हुए हैं। बैंड बाजा बारात (2010) – जब पहली ही फिल्म से बन गए स्टार बिट्टू शर्मा के किरदार में रणवीर सिंह ने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी एनर्जी, कॉमिक टाइमिंग और दिल्ली वाले बिंदास अंदाज़ ने उनके कई डायलॉग्स को यादगार बना दिया। ले, ब्रेड पकोड़े की कसम! मैं तुझे बहुत-बहुत-बहुत लव करूंगा और तुझसे ढेर सारा लव लूंगा… बोल देगी लव? गोलियों की रासलीला राम-लीला (2013) – रोमांस, रौब और बेखौफ अंदाज़ 'राम' के किरदार में रणवीर ने प्यार और बेखौफ स्वैग का ऐसा मेल दिखाया कि उनके कई डायलॉग्स आज भी फैंस के पसंदीदा हैं। हीरो बनने के लिए जिगर की ज़रूरत पड़ती है… और जब जिगर हो तो भारी बंदूक का क्या काम? ALSO READ: आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, मुंबई की भारी बारिश के बीच घर पर की रजिस्टर्ड मैरिज, देखिए तस्वीर लूटेरा (2013) – कम शब्द, गहरी भावनाएं 'लूटेरा' में रणवीर सिंह ने अपने सबसे भावुक किरदारों में से एक निभाया। इस फिल्म में उन्होंने बेहद सादगी के साथ गहरे जज़्बात पर्दे पर उतारे। मेरी ज़िंदगी में सबने मेरा इस्तेमाल किया… प्यार सिर्फ तुमने किया। बाजीराव मस्तानी (2015) – एक योद्धा की शान पेशवा बाजीराव के किरदार में रणवीर ने हर डायलॉग पूरी ताकत, आत्मविश्वास और शाही अंदाज़ के साथ बोला, जिसने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया। बाजीराव की रफ्तार ही बाजीराव की पहचान है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें पद्मावत (2018) – एक ऐसा विलेन जिसे भुला पाना मुश्किल है अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में रणवीर सिंह ने ऐसा खौफ और जुनून दिखाया कि उनका हर डायलॉग आज भी याद किया जाता है। खिलजियों ने आज तक कभी हार कबूल नहीं की… सूरज डूबने से पहले भेज दो सिपाही… नाप लेते हैं इन राजपूतों की औकात। सिम्बा (2018) – पूरा पैसा वसूल एंटरटेनर संग्राम 'सिम्बा' भालेराव के किरदार में रणवीर ने ऐसे दमदार डायलॉग्स बोले, जिन पर सिनेमाघरों में खूब सीटियां और तालियां बजीं। जो देतो त्रास, त्यांचा मी घेतो क्लास। 83 (2021) – जब हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया कपिल देव के किरदार में रणवीर सिंह ने देशभक्ति और जज़्बे को पूरी ईमानदारी के साथ पर्दे पर उतारा। उनके कई संवाद दर्शकों के दिलों को छू गए। जब हम ये यूनिफॉर्म पहनकर ग्राउंड में उतरते हैं, तो हमारा एक ही मकसद होता है — जान लगाकर देश के लिए खेलना। रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (2023) – स्टाइल, स्वैग और भरपूर कॉमेडी रॉकी रंधावा का बेफिक्र और रंगीन अंदाज़ दर्शकों को खूब पसंद आया। उनके डायलॉग्स ने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया। ताड़ लो जितना ताड़ना है… देखने की चीज़ हूं, बड़ी मेहनत से बनाई है… ऑल नेचुरल, नो स्टेरॉयड्स। धुरंधर – हमज़ा का दमदार आगाज़ 'धुरंधर' में रणवीर सिंह ने अपने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन और दमदार डायलॉग डिलीवरी से हमज़ा के किरदार को नई पहचान दी। यह किरदार देखते ही देखते दर्शकों का पसंदीदा बन गया और इसके डायलॉग्स सिनेमाघरों में खूब गूंजे। घायल हूं, इसलिए घातक हूं। ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी। धुरंधर: द रिवेंज – पहले से भी ज्यादा दमदार वापसी 'धुरंधर: द रिवेंज' में रणवीर सिंह ने हमज़ा के किरदार को और बड़े स्तर पर पेश किया। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और जोशीले डायलॉग्स ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। अब पाकिस्तान का मुस्तकबिल हिंदुस्तान तय करेगा। अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हो, तो मैं धमाका शुरू करूं। बिट्टू शर्मा की मासूमियत से लेकर राम के बेखौफ अंदाज़, बाजीराव की शान, खिलजी की खौफनाक मौजूदगी, रॉकी रंधावा के स्वैग और हमज़ा के दमदार तेवर तक, रणवीर सिंह ने ऐसे किरदार निभाए हैं जिनके डायलॉग्स भी उतने ही आइकॉनिक बन चुके हैं जितने खुद उनके किरदार। भारतीय सिनेमा के 'बब्बर शेर' रणवीर सिंह के जन्मदिन पर उनके ये यादगार संवाद एक बार फिर याद दिलाते हैं कि वह हर किरदार के साथ दर्शकों पर अपनी अलग और गहरी छाप छोड़ते हैं।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 5:20 pm

ओरी ने जाह्नवी, अर्जुन और खुशी कपूर संग शेयर की अंशुला कपूर की मेहंदी फंक्शन की खास तस्वीरें

बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर की शादी की रस्में पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। इस बीच सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी ने मेहंदी समारोह की कुछ अनदेखी और खूबसूरत तस्वीरें साझा कर फैंस को जश्न की एक खास झलक दिखाई है। जाह्नवी कपूर द्वारा आयोजित इस मेहंदी समारोह की तस्वीरों में कपूर परिवार का प्यार, हंसी-मजाक और खुशियों भरा माहौल साफ नजर आ रहा है। ALSO READ: आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, मुंबई की भारी बारिश के बीच घर पर की रजिस्टर्ड मैरिज, देखिए तस्वीर ओरी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में जाह्नवी कपूर, अर्जुन कपूर और खुशी कपूर उनके साथ अलग-अलग अंदाज में पोज देते दिखाई दे रहे हैं। सभी सितारे खूबसूरत पारंपरिक परिधानों में बेहद आकर्षक लग रहे हैं और पूरे परिवार ने मिलकर अंशुला के इस खास मौके को यादगार बना दिया है। फिलहाल ओरी की यह लेटेस्ट तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। खुशियों से भरी सेल्फी, परिवार के साथ बिताए गए अनमोल पल और जश्न के रंगों से सजी इन तस्वीरों ने अंशुला कपूर की शादी को लेकर उत्साह और भी बढ़ा दिया है। अब फैंस शादी समारोह की आने वाली और भी खास झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 5:09 pm

'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे, सोनाक्षी सिन्हा ने फिल्म के एक गाने में पहनी थीं 9 साड़ियां

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे हो गए हैं। विक्रमादित्य मोटवानी के निर्देशन में बनी 'लुटेरा' एक कल्ट क्लासिक फिल्म है। इस फिल्म के गाने काफी पसंद किए गए। फिल्म 'लुटेरा' के एक गाने में सोनाक्षी ने 9 अलग-अलग साड़ियां पहनी थी। फिल्म की कहानी 50 के दशक में आधारित थी जिसकी वजह से सोनाक्षी ढेर सारी साड़ियां पहने हुए ही नज़र आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास फिल्म के गाने 'संवार लूं' में सोनाक्षी के लिए खास तरीके से साड़ियां चुनी गई, जिसमें उनकी खूबसूरती और निखर कर आए और उनके रूप में उस दशक की झलक दिखे। सिर्फ इस गाने के लिए सोनाक्षी को 9 प्रकार की साड़ियां पहननी थी, जिनकी कीमत लगभग 3 लाख रुपए थी। प्रत्येक साड़ी की कीमत 30 से 35 हजार रुपए के बीच थी। इस गाने के शूट होने के बाद जो इसका परिणाम आया उससे सभी बेहद खुश थे, खासतौर से सोनाक्षी। सोनाक्षी ने कहा था, विक्रम और उनकी टीम ने लुटेरा में मुझे खूबसूरत दिखाने के लिए बहुत बढ़िया काम किया। अब तो मैं साड़ी पहनने में एक्सपर्ट हो चुकी हूं। संवार लूं गाने में मैंने 9 अलग साड़ियां पहनी हैं। जब मैंने परिणाम देखा तो लगा सभी की मेहनत सफल रही है। बता दें कि फिल्म 'लुटेरा' का ऑफर रणवीर सिंह ने पहले ठुकरा दिया था। बाद में विक्रमादित्य ने उन्हें फिर से स्क्रिप्ट रीडिंग के लिए बुलाया और स्क्रिप्ट खुद पढ़कर सुनाई। इसके बाद रणवीर सिंह ने इस फिल्म के लिए हामी भरी। फिल्म में रणवीर ने अपने बीते कल से परेशान एक व्यक्ति का किरदार बखूबी निभाया।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 1:24 pm

Lock Upp 2: शादी से पहले लड़कियों के साथ रिलेशन में थी... आकांक्षा चमोला ने अपनी सेक्सुअलिटी पर किया बड़ा खुलासा

रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' इन दिनों छाया हुआ है। शो में आए दिन कंटेस्टेंट्स की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे गहरे राज सामने आ रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इस सीजन में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं टीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी और एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला। शो के प्रीमियर एपिसोड में अपने तलाक का खुलासा कर सभी को चौंकाने वाली आकांक्षा चमोला ने अब अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी है। आकांक्षा चमोला ने 'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में यह कबूल किया है कि वह शादी से पहले 'बाइसेक्सुअल' थीं और महिलाओं के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। A post shared by Content creator (@jessyz.life) दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब शो के 'जजमेंट डे' एपिसोड में एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिला। आकांक्षा को होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान के सामने एक वीडियो फुटेज दिखाई गई। इस वीडियो में को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा, आकांक्षा के इस बेहद निजी राज को दूसरे कंटेस्टेंट सूफी मोतीवाला के सामने रिवील करती नजर आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास श्रेया ने आकांक्षा से पुराना बदला लेने के लिए उनका यह सीक्रेट लीक किया था, जिससे आकांक्षा की गेम की 'लाइफलाइन' भी खत्म हो गई। जब आकांक्षा को पता चला कि उनका भरोसा बुरी तरह तोड़ा गया है, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और कैमरे के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़ीं। आकांक्षा ने दुख जताते हुए कहा कि शो के पहले दिन से ही वह खुद को सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड महसूस कर रही हैं और शायद इस शो में आना उनकी एक गलती थी। रितेश देशमुख के पूछने पर आकांक्षा ने अपनी हिम्मत बटोरी और पूरी सच्चाई बयां की। आकांक्षा ने कहा, हाँ, यह सच है कि मैं शादी से पहले बाइसेक्सुअल थी। मेरे कुछ लड़कियों के साथ रिलेशनशिप रहे हैं। हालांकि, वे बहुत ज्यादा शारीरिक रूप से इंटीमेट रिश्ते नहीं थे, लेकिन मैं कुछ लड़कियों के साथ रिश्ते में जरूर रही हूं। मुझे लड़कियां पसंद हैं और मैं उनकी तरफ आकर्षित होती हूं। मुझे लगता है कि उनके साथ मुझे एक सेफ स्पेस मिलता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आकांक्षा ने एक बेहद भावुक नजरिया साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही जब वह बड़ी हो रही थीं, तो उन्हें अपनी मां और बहन के साथ सबसे ज्यादा कंफर्ट महसूस होता था। उन्होंने धीरे-धीरे समझा कि यह समाज पुरुषों के वर्चस्व वाला है। आकांक्षा के मुताबिक, उनके लिए हर महिला खूबसूरत है और भले ही समाज उनकी इस भावना को 'बाइसेक्सुअल' का टैग दे, लेकिन उनके लिए महिलाओं के प्रति यह भावना एक बेहद पवित्र प्यार की तरह है A post shared by Akanksha Chamola (@akankshagkhanna) रितेश देशमुख और फराह खान ने बढ़ाया हौसला आकांक्षा के इस बेबाक और साहसी खुलासे को सुनने के बाद होस्ट रितेश देशमुख ने उनकी हिम्मत की जमकर तारीफ की। रितेश ने कहा, हम जिस समाज में रहते हैं, वहां लोग बहुत जल्दी जजमेंट पास करने लगते हैं। ऐसे माहौल में और इस मंच पर आकर अपनी सच्चाई को इस तरह स्वीकार करना बहुत बड़ी बात है। आपको और हिम्मत मिले, मैं बस यही कहूंगा। वहीं, शो की सह-होस्ट फराह खान ने भी रोती हुई आकांक्षा को गले लगाया, उन्हें चुप कराया और ढांढस बंधाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस एपिसोड के ऑन-एयर होते ही सोशल मीडिया पर आकांक्षा चमोला के सपोर्ट में बाढ़ आ गई है। फैंस उनकी ईमानदारी और बेबाकी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि आकांक्षा एक 'पवित्र आत्मा' हैं, जिन्होंने बिना किसी डर के समाज के सामने अपनी सच्चाई रखी। हालांकि, इस खुलासे के बाद इंटरनेट यूजर्स ने उनके और गौरव खन्ना के तलाक को लेकर एक नया एंगल ढूंढ निकाला है। हाल ही में आकांक्षा ने शो में खुलासा किया था कि उनके अलग होने की मुख्य वजह यह थी कि गौरव पिता बनना चाहते थे, जबकि आकांक्षा के अंदर कभी 'मैटरनल इंस्टिंक्ट' नहीं रही और वह 'चाइल्ड-फ्री' लाइफ चाहती थीं। अब उनके बाइसेक्सुअल होने की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि शायद यही वजह थी कि दोनों का वैचारिक तालमेल नहीं बैठ पाया और दोनों ने आपसी सहमति से एक साल पहले अलग होने का सही फैसला किया।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 1:05 pm

जज तबस्सुम खान को धमकियां: क्या भारत में न्यायाधीश सुरक्षित हैं? पढ़ें जस्टिस मार्कंडेय काटजू का विश्लेषण

नरमदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में फैसला देने वाली जज तबस्सुम खान को मिली धमकियों पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का विश्लेषण। न्यायपालिका की स्वतंत्रता, संविधान और कानून के राज पर गंभीर सवाल।

हस्तक्षेप 5 Jul 2026 12:52 pm

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र

रायपुर। देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्होंने रविवार सुबह लगभग 3:15 बजे अंतिम सांस ली। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उनके पार्थिव […] The post पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 11:13 am

चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम करीब 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। राहत एवं बचाव कार्य करीब साढ़े पांच घंटे […] The post चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 11:06 am

Computer Science Graduate: 500 से ज्यादा कंपनियों में किया अप्लाई, पर कहीं नहीं मिली नौकरी; अब सुबह 6 बजे से Rapido चलाने को मजबूर है यह फर्स्ट क्लास ग्रेजुएट

नई दिल्ली/लखनऊ: इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस की बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद हर छात्र का यही सपना होता है कि उसे किसी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में अच्छी नौकरी मिले और वह अपने शानदार करियर की शुरुआत करे. लेकिन वर्तमान समय में देश के युवाओं के लिए यह सपना हकीकत में बदलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. आईटी सेक्टर और टेक इंडस्ट्री में चल रही मंदी के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी भावुक कर देने वाली कहानी वायरल हो रही है, जिसने मौजूदा जॉब मार्केट की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है.यह कहानी कंप्यूटर साइंस (CS) से फर्स्ट डिवीजन में ग्रेजुएशन करने वाले एक ऐसे होनहार लड़के की है, जो सैकड़ों कंपनियों के चक्कर काटने के बाद जब थक गया, तो पेट पालने और अपना खर्च चलाने के लिए रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाने पर मजबूर हो गया.ट्रैफिक जाम में 'रैपिडो राइड' के दौरान खुला ये चौंकाने वाला राजइस दिल छू लेने वाली कहानी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) के एक यूजर 'नीरज' (@nirajxdev) ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. नीरज ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में एक Rapido बाइक बुक की थी. सफर के दौरान अचानक उनकी नजर राइडर के हेलमेट पर लगे एक नामी कॉलेज के स्टिकर पर पड़ी. बस फिर क्या था, भारी ट्रैफिक जाम में फंसे होने के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई जो करीब 10 मिनट तक चली. इसी बातचीत में राइडर ने बताया कि वह इसी साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिविजन से पास आउट हुआ है, लेकिन डिग्री मिलने के दो महीने बाद भी उसके हाथ खाली हैं.500 से ज्यादा कंपनियों में भेजा रिज्यूमे, पर कहीं से नहीं आया एक भी कॉलयुवक ने बेहद भारी मन से बताया कि उसने अब तक 500 से अधिक कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन (Job Applications) किया है. शुरुआत में वह हर एक एप्लिकेशन की गिनती रखता था, लेकिन बाद में रिजेक्शन और सन्नाटे का दौर ऐसा बढ़ा कि उसने गिनती करना ही छोड़ दिया. सबसे ज्यादा तकलीफदेह बात यह रही कि अधिकांश टेक कंपनियों ने उसका रिज्यूमे देखने के बाद रिप्लाई तक नहीं किया और न ही उसे किसी इंटरव्यू का मौका मिला. दो महीने तक लगातार भटकने के बाद जब उसकी पूरी जमा-पूंजी और सेविंग्स खत्म हो गईं, तो उसने सुबह 6 बजे से ही बाइक लेकर सड़कों पर निकलना शुरू कर दिया ताकि वह रोजाना का खर्च निकाल सके.माता-पिता से छिपाया सच, बोले- 'जॉब मार्केट का हाल ही अभी ऐसा है'इस कहानी का सबसे इमोशनल पहलू तब सामने आया जब लड़के ने बताया कि उसके माता-पिता को आज भी इस बात की भनक नहीं है कि उनका बेटा बाइक टैक्सी चला रहा है. वे यही समझते हैं कि वह घर पर रहकर ऑनलाइन इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है. लड़का अपने माता-पिता को इस उम्र में कोई मानसिक तनाव नहीं देना चाहता. नीरज ने लिखा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतनी मुश्किलों के बावजूद उस लड़के के चेहरे पर सिस्टम को लेकर कोई शिकायत नहीं थी; वह बस यही कह रहा था कि फिलहाल मार्केट की कंडीशन ही ऐसी है. उसका यह सकारात्मक और जुझारू रवैया नेटिजन्स को काफी प्रेरित कर रहा है.युवाओं का आखिरी सहारा बन रही हैं 'गिग जॉब्स' (Gig Economy)इस वायरल पोस्ट के बाद कमेंट सेक्शन में देश भर के फ्रेश ग्रेजुएट्स ने अपने-अपने कड़वे अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं. कई युवाओं का कहना है कि अच्छी डिग्री और बेहतरीन स्किल्स होने के बावजूद आज के समय में एंट्री-लेवल जॉब मिलना नामुमकिन सा हो गया है. करियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक सेक्टर में हायरिंग (Hiring Freezes) की रफ्तार धीमी होने के कारण अब देश के युवा मजबूरी में फूड डिलीवरी, कूरियर सर्विस और बाइक टैक्सी जैसी गिग जॉब्स (Gig Jobs) को अपना रहे हैं, क्योंकि यहां तुरंत अर्निंग शुरू हो जाती है. हालांकि, यह अस्थाई विकल्प युवाओं के आत्मविश्वास के लिए एक बड़ा संकट भी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Jul 2026 9:54 am

Pakistan के 23 आतंकियों पर मोदी सरकार का बड़ा 'प्रहार', UAPA के तहत जारी हुई नई List

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। यह कदम सरकार की प्रहार रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के खिलाफ उभरते और बदलते आतंकवादी खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना है। जारी सूची में शामिल 23 आतंकियों में 13 लाहौर स्थित लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि 10 बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। इनमें 16 पाकिस्तान के नागरिक हैं, जबकि सात भारतीय मूल के ऐसे आतंकी हैं जो पाकिस्तान से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि हाल ही में भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमेरिका ने 18 जुलाई 2025 को लश्कर के मुखौटा संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)' को विदेशी आतंकवादी संगठन और वैश्विक आतंकवादी समूह घोषित किया था। केंद्र सरकार के अनुसार, नई सूची का उद्देश्य आतंकवाद के लिए कट्टरपंथ, भर्ती और सीमा पार घुसपैठ को रोकना है। साथ ही यह संदेश देना भी है कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कायम है और आतंकवादी नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इन सभी के खिलाफ विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी वारंट और आतंकवाद से जुड़े कई मामलों की जांच लंबित है। ALSO READ: Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का कहर, 3 दिन में जुलाई की आधी से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में भारी जलभराव सूची में शामिल आतंकी केवल हमलों की साजिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आतंकवादी संगठनों के लिए प्रचार, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की तस्करी, घुसपैठ और सीमा पार आतंकियों को भारत भेजने जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नामित आतंकियों में सैफुल्लाह खालिद प्रमुख है, जिसे अमेरिका पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। वह लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ माना जाता है। वहीं हाफिज अब्दुर रऊफ भी इस सूची में शामिल है। वह 7 मई 2025 को भारत द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे का नेतृत्व करता दिखाई दिया था। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा रऊफ लश्कर के मुरीदके कैंप में पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी देखा गया था। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नामित आतंकियों में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, जिसे कश्मीर ऑपरेशन का प्रमुख कमांडर बताया जाता है, और मसूद इलियास कश्मीरी शामिल हैं। मसूद इलियास कश्मीरी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश का प्रमुख माना जाता है और संगठन की भर्ती तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह अप्रैल 2022 के सुनजवां आतंकी हमले के प्रमुख आरोपियों में भी शामिल है। सरकार के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर सुरंगों और ड्रोन के माध्यम से आतंकियों, हथियारों और गोला-बारूद की भारत में घुसपैठ कराने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इनमें अब्दुल्ला जेहादी, मोहम्मद मुसद्दिक और वसीम नूर जैसे नाम शामिल हैं।आतंकी संगठनों के लिए युवाओं की भर्ती भी एक प्रमुख रणनीति बनी हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है।

वेब दुनिया 5 Jul 2026 9:06 am

15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी

नई दिल्ली। उम्र सिर्फ़ 15 साल, तीन महीने और सात दिन। उस उम्र में जब ज़्यादातर टीनएजर्स स्कूल के शेड्यूल और वीकेंड के प्लान बनाने में लगे होते हैं, वैभव सूर्यवंशी ने भारत की जर्सी पहनी और देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। शनिवार को ओल्ड ट्रैफर्ड में, बिहार […] The post 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 8:59 am

भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के उच्चैन थाना क्षेत्र में चक खरका गांव में शनिवार शाम को जमीन के विवाद में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी गई जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि झगड़े में दोनो पक्षों के […] The post भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 5 Jul 2026 8:46 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जुलाई, 2026)

मेष राशि (Aries) Today 05 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज का दिन आराम और प्लानिंग में बीतेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई नया आइडिया मिल सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ पुराना मनमुटाव दूर होगा। घर में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार के साथ शॉपिंग या मनोरंजन पर खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। शारीरिक ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा। उपाय: गाय को गुड़ या भीगी हुई चने की दाल खिलाएं। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय वृषभ राशि (Taurus) करियर: रविवार होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को आज ऑफिस के काम से थोड़ी राहत मिलेगी। आगामी सप्ताह की रणनीतियों पर विचार करेंगे। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। अपनी जिद पर अड़े रहने से बचें। धन: धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय सतर्क रहें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है। स्क्रीन टाइम कम करें। उपाय: जल में रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: रचनात्मक कार्यों और हॉबीज को समय देने के लिए आज का दिन बेहतरीन है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में फोकस करने की जरूरत है। लव: सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प व्यक्ति से बात शुरू हो सकती है। पार्टनर से कोई प्यारा सा गिफ्ट मिल सकता है। धन: अचानक किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। सुबह की सैर या प्राणायाम से दिन की शुरुआत करें। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र की चिंता को आज खुद पर हावी न होने दें। आज का दिन परिवार और खुद के लिए निकालने का है। लव: घर-परिवार के लोगों के साथ किसी गेट-टुगेदर या पारिवारिक लंच का प्लान बन सकता है। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। फिजूल की चीजों पर पैसा बर्बाद न करें। स्वास्थ्य: पेट में गैस या अपच की समस्या हो सकती है। सात्विक भोजन लें। उपाय: सूर्य नमस्कार करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। सिंह राशि (Leo) करियर: बिजनेस से जुड़े लोगों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी तालमेल बहुत शानदार रहेगा। प्रेम जीवन में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। अटके हुए सरकारी काम पूरे होने से धन लाभ का मार्ग खुलेगा। स्वास्थ्य: आज आप खुद को बेहद ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: अपने पिता या पितातुल्य किसी व्यक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लें। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज पेंडिंग घरेलू कामों को निपटाने में दिन बीतेगा। करियर को लेकर कोई बड़ा फैसला आज टाल देना ही बेहतर होगा। लव: जीवनसाथी का मूड आज थोड़ा उखड़ा हुआ रह सकता है, उन्हें समझने की कोशिश करें। धन: बजट बनाकर चलें, नहीं तो महीने के शुरुआती हफ्ते में ही तंगी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा (नींद न आना) की शिकायत हो सकती है। ध्यान लगाएं। उपाय: किसी मंदिर में तांबे के बर्तन का दान करें या लाल चंदन का तिलक लगाएं। तुला राशि (Libra) करियर: यदि आप कोई नया कोर्स या स्किल सीखने की सोच रहे थे, तो आज का दिन उसकी शुरुआत के लिए अच्छा है। लव: दोस्तों और लव पार्टनर के साथ शाम का समय बेहतरीन बीतेगा। पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सकारात्मक बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में हल्का दर्द उभर सकता है। भारी वजन उठाने से बचें। उपाय: उगते हुए सूर्य के दर्शन करें और गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ेगा। आज काम का कोई नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जो भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर आपकी भावनाओं की कद्र करेगा। धन: फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। पुराना कर्ज चुकाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य: थकान और बदन दर्द की शिकायत रह सकती है। शरीर को पूरा आराम दें। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर लाल फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण धनु राशि (Sagittarius) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो नए विकल्प तलाश सकते हैं। आध्यात्मिक या धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: चींटियों को आटा डालें और सूर्य देव को प्रणाम करें। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज कोई भी काम अधूरा न छोड़ें, वरना सोमवार को ऑफिस में काम का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। आपस में बात करके मामला सुलझाएं। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावट आ सकती है। आज बड़े निवेश से बचें। स्वास्थ्य: माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससे आपकी बड़ी चिंता दूर होगी। उपाय: बहते जल में थोड़ा सा गुड़ प्रवाहित करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहेगा। नई योजनाओं पर सहमति बनेगी। लव: जीवनसाथी के साथ रिश्ते में नजदीकियां और रोमांस बढ़ेगा। आपसी बॉन्डिंग मजबूत होगी। धन: आमदनी के नए स्रोत मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं पर खर्च होने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य आम तौर पर अच्छा रहेगा। आप काफी एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करें। मीन राशि (Pisces) करियर: सरकारी नौकरी करने वाले लोगों को आज अचानक कोई जरूरी काम संभालना पड़ सकता है। बाकी लोगों के लिए दिन रिलैक्सिंग रहेगा। लव: परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। लव पार्टनर के साथ रिश्ते गहरे होंगे। धन: आर्थिक मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। लोन या उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: एलर्जी या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। साफ-सफाई का ध्यान रखें। उपाय: जरूरतमंदों में गेंहू या तांबे की वस्तुओं का दान करें। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

वेब दुनिया 5 Jul 2026 7:04 am

जब इंदिरा ने लालकिले में 32 फीट नीचे दफनाया टाइम-कैप्सूल:4 साल बाद ही खुदवाया गया; भीतर क्या था, जिसपर आज भी हंगामा मचता है

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह पर एक टाइम कैप्सूल दफनाया है। भारत की आजादी के 25 साल बाद भी ऐसा ही टाइम कैप्सूल दफनाया गया था। आज उसी की कहानी… *** 15 अगस्त 1973, आजादी की 26वीं सालगिरह। तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह-सुबह लाल किला पहुंचीं। रस्मन तिरंगा फहराया, भाषण दिया और नेता-अधिकारियों के साथ लाहोरी दरवाजे की तरफ चल दीं। वहां पहले से 32 फीट गहरा एक कुआं खोदा गया था। इंदिरा ने उस कुएं में तांबे और स्टील से बना एक वैक्यूम-सील्ड, भारी-भरकम टाइम कैप्सूल दफना दिया। कहा गया- ‘काल पत्र’ नाम के इस कैप्सूल को 1 हजार साल बाद निकाला जाएगा। हालांकि, सत्ता बदली और 4 साल बाद ही इसे खुदवा लिया गया। 1970 का दशक। देश में कांग्रेस सरकार की कमान संभाल रही थीं इंदिरा गांधी। 1971 की जंग में पाकिस्तान को शिकस्त देकर वो अपने राजनीतिक करियर के चरम पर थीं। उन्हें ख्याल आया कि भविष्य की पीढ़ी को मौजूदा भारत के बारे में बताना चाहिए। यहीं से तय हुआ कि भारत की आजादी के 25 साल पूरे होने पर एक ‘टाइम कैप्सूल’ दफनाया जाएगा। इसमें देश की आजादी और उसके 25 साल बाद के भारत के बारे में बताने वाले दस्तावेज रखे जाएंगे। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी मिली इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च, यानी ICHR को। ICHR ने ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार करने का काम मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर एस. कृष्णस्वामी को सौंपा। प्रो. कृष्णस्वामी ने दस्तावेज तो बना दिए, लेकिन उन पर कुछ सलाह चाहते थे। उन्होंने दस्तावेजों की एक कॉपी उस दौर के जाने-माने इतिहासकार और तमिलनाडु के आर्काइव्स कमिश्नर टी. बद्रीनाथ को भेजी। बद्रीनाथ ने मसौदा पढ़ा, तो भड़क गए। उनका मानना था कि ऐतिहासिक तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'आजादी के 25 साल बाद अकाल का खतरा खत्म हो गया है? दावा किया गया है कि भूमि सुधारों को लागू करने से कृषि क्रांति पूरी हो गई है, क्या ये सच है?' यहीं से इंदिरा गांधी की इस पहल का विरोध शुरू हुआ। आरोप लगा कि वो टाइम कैप्सूल के जरिए खुद की और अपने परिवार की वाहवाही कराने की कोशिश कर रही हैं। इंदिरा गांधी को कहना पड़ा- मुझे टाइम कैप्सूल से जुड़ी चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, ICHR ने प्रो. कृष्णस्वामी को नोटिस जारी कर दिया। इसके बावजूद प्रोजेक्ट नहीं रुका। इस पूरे वाकये का खुलासा इकोनॉमिस्ट वीके रामचंद्रन के आर्टिकल से होता है। 1974 में 'सोशल साइंटिस्ट' जर्नल में छपे इस लेख का शीर्षक था- 'प्रोजेक्ट टाइम कैप्सूल एंड द इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च'। 15 अगस्त 1973 को इंदिरा ने लाल किले के लाहौरी गेट के पास ये टाइम कैप्सूल दफनाया। १ हजार साल तक सुरक्षित रखने के लिए कई इंतजाम किए गए। मसलन- इसे तांबे और स्टील से बनाया गया, जिससे जंग और नमी का असर न पड़े। वैक्यूम-पैक्ड बनाया गया, ताकि हवा, गैस या धूल का असर न हो। उस वक्त इस पूरे प्रोजेक्ट पर 8 हजार रुपए खर्च हुए थे। हालांकि, टाइम कैप्सूल को लेकर इंदिरा का विरोध जारी रहा। 2 महीने बाद, यानी 15 अक्टूबर को CPI (M) के पोलित ब्यूरो मेंबर पी. राममूर्ति ने इस दस्तावेज का ड्राफ्ट जारी कर दिया। उन्होंने इसे भारतीयों की बेइज्जती बताते हुए कहा- ‘यह भारत का इतिहास नहीं है, बल्कि सत्ता में मौजूद कांग्रेस पार्टी की तथाकथित उपलब्धियों की जानकारी देने वाली कांग्रेस के महासचिव की रिपोर्ट जैसा दिखता है।’ 1975-77 की इमरजेंसी के बाद देश का सियासी माहौल पूरी तरह बदल गया। 1977 में चुनाव हुए और इंदिरा गांधी की सरकार चली गई। उनके धुर विरोधी मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी। उन्होंने चुनावी कैम्पेन में कहा था कि सरकार बनी तो टाइम कैप्सूल निकलवाएंगे और सच सबके सामने लाएंगे। नवंबर 1977 के आखिर में टाइम कैप्सूल की जांच के लिए एक संसदीय समिति बनाई गई। इसकी कमान जनता पार्टी के पंजाब से सांसद यज्ञदत्त शर्मा को मिली। शर्मा ने कहा- सच्चाई उजागर करना और इतिहास से लीपापोती को रोकना जरूरी है। दिसंबर 1977 में कड़ी सुरक्षा के बीच टाइम कैप्सूल की खुदाई शुरू हुई। 8 दिसंबर 1977 को कैप्सूल निकाला गया। इसे निकालने में 58 हजार रुपए खर्च हुए, यानी दफनाने से 7 गुना ज्यादा। रिपोर्ट्स हैं कि मोरारजी देसाई और उनके कुछ मंत्रियों ने कैप्सूल के दस्तावेज देखे थे। टाइम कैप्सूल समिति के अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने घोषणा की थी कि 20 दिसंबर 1977 को इन्हें संसद में पेश किया जाएगा। कैप्सूल से निकाले गए दस्तावेजों को संसद की लाइब्रेरी में रखा गया। इस पर कई बार चर्चा भी हुई, लेकिन उसमें क्या लिखा था, ये बात कभी जनता के सामने नहीं आई। दिसंबर 1973 में इंदिरा गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टाइम कैप्सूल में संविधान की कई माइक्रोफिल्म्स, इवेंट कैलेंडर और लिखित दस्तावेज हैं। असली विवाद दस्तावेज को लेकर है। 2012 में सीनियर जर्नलिस्ट मधु किश्वर ने टाइम कैप्सूल को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक RTI लगाई। PMO ने कहा कि उसके पास इंदिरा गांधी सरकार द्वारा 1973 में दफनाए गए कैप्सूल की चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाद में मधु किश्वर ने केंद्रीय सूचना आयोग के सामने ये मुद्दा उठाया। फरवरी 2013 में आयोग ने PMO को निर्देश दिया कि वे इस बारे में जानकारी जुटाएं, लेकिन PMO की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया। 12 साल बाद ये मुद्दा राज्यसभा में भी उठा। 16 दिसंबर 2024 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि इसे 5 हजार साल के लिए दफनाया गया और संसद को नहीं बताया गया। सीतारमण ने कहा कि कैप्सूल के दस्तावेजों में अटल बिहारी वाजपेयी के जनसंघ को सेक्युलर देश का विरोध करने वाली एक उग्रवादी रूढ़िवादी हिंदू पार्टी बताया था। इसमें सी. राजगोपालाचारी, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन, जाकिर हुसैन और लाल बहादुर शास्त्री का कोई जिक्र नहीं था। लेखक कनैलाल बसु अपनी किताब 'नेताजी: रीडिस्कवर्ड' में लिखते हैं, 'इंदिरा गांधी और उनके कुछ करीबी लोगों के अलावा किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस टाइम कैप्सूल में क्या-क्या है। यहां तक कि सांसदों को भी कुछ पता नहीं था। जब भी सवाल उठाए गए, सरकार ने मामूली या टालने वाले जवाब देकर चुप करा दिया।' मार्च 2010 में तब की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने IIT कानपुर के कैंपस में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। कैप्सूल में IIT कानपुर के रिसर्च पेपर और वहां के शिक्षकों से जुड़ी जानकारियां रखी गई थीं, ताकि दुनिया में कोई बड़ी उथल-पुथल हो जाए तब भी संस्थान का इतिहास सुरक्षित रहे। मई 2010 में तब के गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में बन रहे महात्मा मंदिर की नींव में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। सरकार का दावा था कि 3 फीट लंबे और ढाई फीट चौड़े स्टील के सिलेंडर में गुजरात के 50 साल के इतिहास को संजोया गया है। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक, 90 किलो वजनी कैप्सूल में 14 लिखे दस्तावेज और 29 ऑडिया-वीडियो कॉम्पैक्ट डिस्क रखे हुए हैं, जिसमें 90% चीजें मोदी से जुड़ी हुई हैं। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि मोदी खुद का महिमामंडन करा रहे हैं। कहा कि सत्ता में आते ही कैप्सूल निकलवाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। फिर जनवरी 2019 में 106वीं भारतीय विज्ञान सम्मेलन के दौरान पंजाब के जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी एक टाइम कैप्सूल गाड़ा गया था। इसमें लैपटॉप, स्मार्टफोन, ड्रोन और वीआर चश्मे समेत 100 चीजें दफनाई गईं, जो 100 साल तक सहेजी जा सकती हैं। इसे 3 जनवरी 2119 को निकाला जाएगा। पिछले साल सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे होने पर 21 अगस्त 2025 को राजधानी गंगटोक के ताशीलिंग सचिवालय परिसर में मौजूद रुस्तमजी डियर पार्क में सीएम प्रेम सिंह तमांग ने एक टाइम कैप्सूल दफनाया। 32 किलो वजनी गुलाबी-सुनहरे रंग के इस स्टील सिलेंडर में राज्य की 13 आधिकारिक भाषाओं में दस्तावेज, धान और औषधीय पौधों के बीज, पारंपरिक वाद्य यंत्र, नक्शे, मिट्टी, स्मार्टफोन-गैजेट वगैरह रखे गए। इसे 2075 तक के लिए दफनाया गया है। अब आखिर में- अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह पर दफनाए गए टाइम कैप्सूल की कहानी… ------------- टाइम कैप्सूल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका 250 साल के लिए टाइम कैप्सूल दफन करेगा: 408 किलो वजन, इसमें व्हेल की हड्डी से AI की भविष्यवाणी तक; आखिर इसकी जरूरत क्यों 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:27 am

मूत्र सेवन का राज जानने पाकिस्तानी राष्ट्रपति फोन करते थे:PM मोरारजी ने खुफिया जानकारी साझा कर दी, भारत के कई जासूस मारे गए; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-2

भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन कहूटा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1974 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद पाकिस्तान भी एटम बनाने की तैयारी में जुट गया था। इंजीनियर डॉ. अब्दुल कदीर खान ने नीदरलैंड्स के एक न्यूक्लियर लैब से परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी चुराई थी। अब्दुल, आजादी से पहले भोपाल में जन्मे थे। भारत की खुफिया एजेंसी RAW और इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद, पाकिस्तान के इस मिशन को भेदने में जुटी थीं। कई तरह की चर्चाएं थीं। कुछ अमेरिका से आईं, तो कुछ फ्रांस से, लेकिन भारत को जरूरत थी पुख्ता सबूत की। पार्ट-2 में उससे आगे की कहानी… साल था 1977 और अक्टूबर महीना। रावलपिंडी में सर्दियों की शुरुआत हो चुकी थी। बाजार में एक कतार में दर्जियों की दुकानें थीं। हर दुकान के बाहर रंग-बिरंगे कपड़ों के थान लटके हुए। इसी गली में तारीक दर्जी की दुकान थी। छोटी-सी, पर काम उसका बेहतरीन था। रावलपिंडी में सब जानते थे, लेकिन तारीक का एक और परिचय था, जो सिर्फ दिल्ली जानती थी। उस रोज तारीक सिलाई मशीन के सामने बैठा था। तभी पड़ोस की दुकान से रफीक ने आवाज लगाई- ‘यार तारीक! जरा इधर आ।’ रफीक उसका पुराना साथी था, उसी गली का दर्जी। उस रोज रफीक के चेहरे पर अजीब-सी चमक थी। ‘क्या हुआ?’ तारीक ने पूछा। ‘फौज का ऑर्डर आया है। बड़ा ऑर्डर। ढेर सारी वर्दियां सिलनी है, वो भी दो रोज के भीतर।’ रफीक ने बताया। तारीक ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘वाह मियां तुम्हारी तो लॉटरी लग गई… पर इतनी वर्दियों की डिमांड क्यों है?’ ‘अब ये तो नहीं पता भाई… बस फौज का एक ड्राइवर बता रहा था कि कहूटा में उनका कोई कैंप लगने वाला है।’ रफीक ने बताया। ‘कहूटा? कहूटा में क्या हो रहा?’ तारीक के दिमाग में ये बात बिजली सी कौंधी, पर उसने खुद को संभालते हुए कहा- ‘हां कोई भर्ती-वर्ती का कैंप होगा। फौज का तो काम ही ऐसा है।’ रफीक ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘कुछ वर्दियां तुम भी सिल देना तारीक। मैं अकेले इतना बड़ा ऑर्डर कैसे पूरा कर पाऊंगा।’ तारीक- ‘हां क्यों नहीं…’ इसके बाद तारीक और रफीक, दोनों अपने काम में जुट गए… देर शाम तारीक पुराने बस स्टैंड के पास एक कोने में बने टेलिफोन बूथ में पहुंचा। एक नंबर डायल किया और कोड वर्ड में बता दिया- ‘भारी तादाद में फौजी कहूटा भेजे जा रहे हैं।’ अगली सुबह दिल्ली के लोधी रोड में RAW का दफ्तर। एक अधेड़ उम्र का आदमी चाय की चुस्की लेते हुए वो संदेश पढ़ रहा था। वो थे- रामेश्वर नाथ काव। RAW के प्रमुख और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद ब्यूरोक्रेट। काव ने संदेश दो बार पढ़ा। फिर अपने साथी अफसर की तरफ देखा। ‘हम्म… कहूटा,’ उन्होंने कहा। साथी अफसर समझ गए। ‘सर, वहां की सुरक्षा…’ अफसर ने हिचकिचाते हुए पूछा। काव ने चाय का कप रखते हुए कहा- ‘मुझे पता है। फ्रांस कोशिश कर चुका है। अमेरिका कोशिश कर चुका है। कोई अंदर नहीं घुस पाया है।’ फिर थोड़ा रुककर काव ने कहा- ‘अगर हम अंदर नहीं जा सकते, तो क्या हुआ? जो अंदर से बाहर आ रहा है, हम उसे तो पकड़ सकते हैं।’ ‘मतलब सर?’ अफसर ने पूछा। RAW चीफ- ‘इंसान अपनी पहचान बदल सकता है, लेकिन अपने शरीर का सच नहीं बदल सकता। परमाणु रिएक्टर में काम करने वाले वैज्ञानिकों और फौजियों का शरीर रेडिएशन सोख लेता है। पता है, रेडिएशन के कण सबसे लंबे वक्त तक कहां जमा रहते हैं?’ अफसर चुप रहे। काव ने कहा- ‘बालों और नाखूनों में।’ कहूटा में कहीं ना कहीं नाई की दुकान होगी। वहां फौजी और वैज्ञानिक बाल कटवाने आते होंगे। हमें कहूटा के सैलूनों से वो बाल चाहिए। अगर उन बालों में प्लूटोनियम या यूरेनियम के अंश मिले... तो समझो पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया।’ इसके बाद RAW ने अपने एजेंटों को कोड वर्ड में मैसेज भेजकर नई रणनीति बताई। रणनीति थी- ‘कहूटा में मौजूद फौजियों या वैज्ञानिकों के बाल जमा करके भारत भेजना।’ RAW के नौ एजेंट। सब के सब अलग-अलग शहरों में पाकिस्तानी बनकर रह रहे थे। कोई दर्जी, कोई व्यापारी, कोई सब्जीवाला। उन्हें तीन-तीन के गुट में बांटा गया। कहूटा में एक नाई की दुकान थी। प्लान के मुताबिक तारीक, करीम और अरशद, RAW के ये तीन एजेंट सुबह-सुबह सफाईकर्मी और कचरा उठाने वाला बनकर उस बाजार में पहुंचे। फिर मौका पाकर तीनों ने अपनी ड्रेस बदली और सैलून में घुस गए। दुकान छोटी थी। तीन कुर्सियां, एक आईना, दीवार पर पुराने फिल्मी कैलेंडर। नाई उस्ताद रफीक, 50 साल की उम्र, हल्की मूंछें और जिंदगी भर के किस्से। तारीक ने दुकान में घुसते ही क्रिकेट की बहस छेड़ दी। इमरान खान बेहतर है या जहीर अब्बास। उस्ताद रफीक भी क्रिकेट का दीवाना था। पांच मिनट में दुकान में माहौल ऐसा था जैसे किसी चाय के ढाबे पर बहस छिड़ी हो। इसी दौरान दो फौजी सैलून में दनदनाते हुए घुसे। कंधे पर पट्टियां, तीखी नजर। वे बिना बारी का इंतजार किए सीधे जाकर कुर्सियों पर बैठ गए। नाई को डांटते हुए बोले- ‘पहले हमारे बाल काटो। वक्त नहीं है अपने पास।’ नाई बाल काटने लगा। अब तीनों लड़कों की नजरें फौजियों के गिरते हुए बालों पर थीं। वे बारीकी से देख रहे थे कि फौजियों के बाल फर्श पर कहां गिर रहे हैं। कुछ देर बाद बाल कटवाकर फौजी चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी अरशद और करीम आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में शोर मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने के लिए बीच में आ गया। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इसी अफरा-तफरी के बीच, तारीक ने फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। वो सीधे रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। तारीक ने चुपके से बालों वाला लिफाफा दिल्ली जाने वाले एक मुसाफिर के बैग में रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन दिल्ली पहुंची। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर RAW के एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। जब फॉरेंसिक लैब में उन बालों की जांच की गई, तो पता चला कि उसमें 'हाईली एनरिच्ड यूरेनियम' के कण हैं। वही यूरेनियम, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में होता है।’ RAW जान चुका था कि पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। अब ये बात भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंचानी थी और यहीं से कहानी में ऐसा मोड़ आया, जिससे RAW के मिशन पर पानी फिर गया। दरअसल, इमरजेंसी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हार चुकी थी। जनता पार्टी के मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने थे। RAW से उनका पुराना बैर था। उनका मानना था कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा के कहने पर RAW ने विपक्षी नेताओं की जासूसी की थी। मोरारजी ने RAW का बजट भी 30% कम कर दिया था। उस रोज RAW चीफ आरएन काव कुछ अफसरों के साथ प्रधानमंत्री दफ्तर पहुंचे। फाइलें सामने रखीं। सबूत रखे। फिर कहा- सर, ‘पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। हमारे पास सबूत हैं। एक एजेंट भी मिला है, जो उनका पूरा ब्लूप्रिंट दे सकता है- दस हजार डॉलर में। अगर आप कहें तो…’ तब 10 हजार डॉलर की कीमत 80-85 हजार रुपए के बराबर थी। मोरारजी ने हाथ उठाया। ‘नहीं। पाकिस्तान के मामले में हम दखल नहीं देंगे।’ कमरे में सन्नाटा छा गया। काव ने एक पल रुककर कहा, ‘सर, अगर पाकिस्तान परमाणु बम बना लेता है तो…’ ‘मैंने अपना फैसला बता दिया।’ मोरारजी ने कहा। काव बाहर निकले और RAW चीफ पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त जनरल जिया-उल-हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे। RAW के पूर्व अधिकारी बी. रमन अपनी किताब 'द काउब्वॉयज ऑफ रॉ' में लिखते हैं- ‘जनरल जिया अक्सर मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गदगद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ दरअसल, मोरारजी देसाई स्वमूत्र पीते थे। वे इसे नेचर थेरेपी मानते थे। एक बार तो अमेरिका में उन्होंने टीवी पर कह दिया था कि वो रोजाना अपना मूत्र पीते हैं। उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पाकिस्तान के ग्रुप कैप्टन रहे एसएम हाली एक आर्टिकल में इस घटना का जिक्र करते हैं- ‘मोरारजी ने फोन पर कहा, ‘जनरल जिया, 'मुझे पता चल गया है। पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है।’ जिया घबरा गए, पर आवाज में मिठास बनाए रखी। ‘नहीं जनाब... यह सब झूठ है। पाकिस्तान ऐसा कुछ नहीं कर रहा।’ ‘तो फिर कहूटा में क्या हो रहा है?’ मोरारजी ने पूछा। इसके बाद फोन कट गया। जिया समझ गए कि उनका एटमी ताकत बनने का राज हिंदुस्तान जान चुका है। उन्होंने फौरन फौज और खुफिया एजेंसियों की बैठक बुलाई। आदेश सीधा था- ‘RAW के जासूसों को ढूंढो और खत्म करो।’ पाकिस्तानी फौज और एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों के सारे फोन कॉल्स खंगाले। खास तौर पर वो कॉल, जो हिंदुस्तान में किए गए थे। उसके बाद चुन-चुनकर RAW एजेंट्स मार दिए गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि कम से कम 30-35 जासूस मारे गए थे। अंडर कवर एजेंट तारीक, करीम और अरशद भी नहीं बचे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का ब्लूप्रिंट इस्लामाबाद में एक ड्राय क्लीनर के बैग में मिला था। जब वो ब्लू प्रिंट किसी तरह दिल्ली पहुंचा, तो उसे देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। पाकिस्तान सिर्फ एटम बम नहीं बना रहा था, उसने तो पूरा ढांचा तैयार कर लिया था। जनवरी 1980, इंदिरा गांधी 353 सीटें जीतकर फिर से प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने दोबारा ऑपरेशन कहूटा शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन इस बार मकसद सिर्फ जानकारी जुटाना नहीं था। दरअसल, जून 1981 में इजराइली एयर फोर्स ने इराक के ओसिरक परमाणु संयंत्र पर बमबारी करके उसे तबाह कर दिया था। भारत भी कहूटा में कुछ ऐसा ही करना चाहता था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जगुआर विमानों की मदद से कहूटा पर हवाई हमले की योजना बनाई। फरवरी 1983 में सेना के अफसर गोपनीय तरीके से इजराइल भी गए। इजराइल ने भारत को पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के बारे में टेक्निकल जानकारी दी। बदले में भारत ने मिग-23 की जानकारी इजराइल से साझा की। सीनियर सिक्योरिटी एनालिस्ट भरत कर्नाड एक आर्टिकल में लिखते हैं- ‘प्लान के मुताबिक 6 एफ-16 और 6 एफ-15 लड़ाकू विमानों को इजराइल के हाइफा से उड़कर गुजरात के जामनगर पहुंचना था। वहां से हवा में ईंधन भरते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जाना था। फिर पाकिस्तानी बॉर्डर में घुसकर हमला करना था। दो एफ-16 कहूटा पर बम गिराने वाले थे। जबकि, एक एफ-16 पाकिस्तानी वायु सेना की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए हवा में मुस्तैद रहने वाला था।' ये सीक्रेट प्लान था, लेकिन सितंबर 1984 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान को बता दिया- ‘भारत हवाई हमला कर सकता है।’ उसी दिन अमेरिकी टेलीविजन चैनल ABC ने भी ये खबर प्रसारित कर दी। मजबूरन RAW को कहूटा पर अटैक करने के प्लान को होल्ड करना पड़ा। एक महीने बाद… 31 अक्टूबर 1984, दिल्ली में हल्की-हल्की सर्दियां पड़नी शुरू हो गई थीं। हमेशा की तरह पीएम इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते में उन्होंने दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे लिए। इसके बाद वो अखबार पढ़ने लगीं। सुबह 8.30 बजे ‌BBC की एक डॉक्यूमेंट्री के लिए इंदिरा का इंटरव्यू होना था। पीएम को तैयार करने के लिए सुबह-सुबह ही मेकअप आर्टिस्ट उनके घर पहुंच गए थे। सुबह 9.10 बजे, इंदिरा हाथ से बुनी हुईं हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने 1, सफदरजंग रोड से अपने दफ्तर 1, अकबर रोड के लिए निकलीं। वे पैदल ही चल रही थीं। उन्हें धूप से बचाने के लिए कॉन्स्टेबल नारायण सिंह छाता लेकर उनके बगल में चल रहे थे। अकबर रोड गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और संतरी बूथ पर तैनात सतवंत सिंह ने इंदिरा को नमस्ते किया। इसी दौरान बेअंत ने पॉइंट 38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा बोलीं, ‘ये तुम क्या कर रहे हो‌ बेअंत?’ बेअंत ने फायर कर दिया। गोली इंदिरा के पेट में लगी। उसने 4 और गोलियां दागीं। सतवंत घबरा गया। तभी बेअंत चिल्लाया- ‘गोली मारो।’ सतवंत ने स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के सीने में उतार दीं। इंदिरा की मौत के बाद RAW का ऑपरेशन कहूटा ठंडे बस्ते में चला गया। इधर, पाकिस्तान ने चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने का काम जारी रखा। सत्ता बदलती रही। सरकारें आती-जाती रहीं, पर कहूटा का काम नहीं रुका। अब तारीख आई 11 मई 1998, अटल बिहारी वाजपेयी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने 53 दिन बीत चुके थे। उस रोज प्रधानमंत्री आवास में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA ब्रजेश मिश्रा कुछ नर्वस मालूम पड़ रहे थे। प्रधानमंत्री के सचिव शक्ति सिन्हा वाजपेयी के पास कुछ जरूरी फाइलें लेकर आ रहे थे। उस दिन सिन्हा का जन्मदिन भी था, लेकिन वो जान-बूझ कर बधाई देने वालों के कॉल रिसीव नहीं कर रहे थे। उधर, राजस्थान के पोकरण में बने कंट्रोल रूम में बैठे वैज्ञानिक मौसम विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। शाम के करीब 3 बजे रिपोर्ट आ गई कि सब कुछ ठीक है। सीनियर जर्नलिस्ट राज चेंगप्पा अपनी किताब 'वेपेंस ऑफ पीस' में लिखते हैं- ‘शाम के 3.45 बजे मॉनीटर पर लाल रोशनी आई। फिर एक सेकेंड बाद तीनों मॉनीटरों पर चौंधियाने वाली रोशनी दिखाई दी। अचानक सभी तस्वीरें फ्रीज हो गईं, धरती के अंदर का तापमान हजारों डिग्री सेंटिग्रेड पहुंच गया। वहां मौजूद मशहूर साइंटिस्ट और बाद में राष्ट्रपति बने एपीजे अब्दुल कलाम ने लगभग चिल्लाते हुए कहा- ‘अब एक अरब लोगों के हमारे देश को कोई नहीं कह सकता कि उसे क्या करना है। अब हम तय करेंगे कि हमें क्या करना है।’ थोड़ी देर बाद… प्रधानमंत्री आवास में फोन बजा। पहली ही घंटी पर NSA ब्रजेश मिश्रा ने फोन उठाया। रिसीवर पर कलाम की कांपती हुई आवाज गूंजी, 'सर, वी हैव डन इट।’ ब्रजेश मिश्रा फोन पर ही चिल्लाए, 'गॉड ब्लेस यू।’ अटल बिहारी वाजपेयी के सचिव रहे शक्ति सिन्हा अपनी किताब 'वाजपेयी द इयर्स दैट चेंज्ड इंडिया' में लिखते हैं- ‘लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, यशवंत सिन्हा और जसवंत सिंह प्रधानमंत्री आवास में डायनिंग टेबिल के चारों ओर बैठे हुए थे। सोफे पर बैठे वाजपेयी गहरी सोच में डूबे थे। कोई किसी से कुछ नहीं बोल रहा था। उस कमरे में मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। बहुत देर बाद वाजपेयी के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। उन्होंने जोर का ठहाका लगाया।’ उसी शाम वाजपेयी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- ‘आज 3.45 बजे भारत ने तीन भूमिगत परमाणु परीक्षण किए हैं। मैं इन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई देता हूं। दो दिन बाद यानी 13 मई को भारत ने फिर से दो परमाणु परीक्षण किए। दुनिया हैरान रह गई। CIA चौंक गई। उन्हें भनक तक नहीं थी। पाकिस्तान में फिर से हलचल मच गई- ‘हिंदुस्तान ने दो बार परमाणु बम का परीक्षण कर लिया और हम एक के लिए तरस रहे।’ ठीक 17 दिन बाद। 28 मई, 1998 की शाम। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अचानक टेलीविजन पर आए। उन्होंने कहा- ‘बीते दिनों भारत ने जो एटमी परीक्षण किए, आज हमने उसका भी हिसाब चुका दिया है और पांच एटमी परीक्षण किए हैं।’ उसी भाषण में शरीफ ने दावा किया- 'आज अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा कि हम आपको पांच अरब डॉलर दे रहे हैं। आप मेहरबानी करके एटम धमाका ना करें। मैंने उनसे कहा कि हमारे जमीर का सौदा ना करें, हम बिकने वाली कौम नहीं हैं। क्लिंटन बोले- आप पर प्रतिबंध लग जाएंगे। मैंने कहा- लगा दें पाबंदियां, क्या होगा।' इस तरह ‘ऑपरेशन कहूटा’ के बाद भी पाकिस्तान परमाणु ताकत हासिल करने वाला दुनिया का सातवां देश बन गया। आज भी इस मिशन को लेकर सियासी गलियारों में मोरारजी देसाई के उस कदम को लेकर सवाल उठते हैं। मई 1990 में, पाकिस्तान ने मोरारजी को निशान-ए-पाकिस्तान सम्मान भी दिया। ये पाकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान है। नोट : कहानी में शामिल कुछ असली किरदारों के नाम बदले हुए हैं। ऑपरेशन कहूटा की पहली कड़ी भी पढ़िए… भोपाल में जन्मे अब्दुल ने परमाणु बम की टेक्नोलॉजी चुराई: भागकर रातों-रात पाकिस्तान पहुंचा, बाल चुराकर भारतीय जासूसों ने बिगाड़ा खेल; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-1 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…पूरी कहानी पढ़िए… ***** रेफरेंस :1. Vajpayee: The Years That Changed India : By Shakti Sinha2. The Kaoboys of RAW : By B Raman3. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant : Saghir Iqbal4. The man from Pakistan : Douglas Frantz and Catherine Collins5. Weapons of Peace : Raj Chengappa

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:26 am

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, आरोपी के IP एड्रेस की हुई पहचान, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। ALSO READ: नरेंद्र मोदी ने तोड़ा नेहरू का 77 साल पुराना रिकॉर्ड, बने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री खबरों के अनुसार, इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। यह धमकी 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कम्युनिटी इवेंट की घोषणा करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के नीचे दी गई थी। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मार्वल स्टेडियम में होना है। इस यात्रा के दौरान उनके कई द्विपक्षीय कार्यक्रमों और कम्युनिटी इवेंट्स में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें मेलबर्न में होने वाला कार्यक्रम भी शामिल है। क्‍या लिखा है फेसबुक पोस्‍ट में? यह धमकी अबू मुस्तफा नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई है। टिप्पणी में कहा गया था, इवेंट के दौरान स्टेडियम की छत बंद कर दी जाए वरना वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आ रहे होंगे। इस मामले की सूचना उसी दिन ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने उस पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान कर ली है। अधिकारी इस मैसेज से जुड़ी परिस्थितियों और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई अपराध हुआ है या इसकी योजना है? ALSO READ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को संबोधन से जुड़ीं 20 खास बातें... अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां, वहां आने वाले दूसरे देशों के प्रमुखों को मिलने वाली धमकियों को बहुत गंभीरता से लेती हैं और इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई भी का जाती है। हाईप्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की सुरक्षा योजना में आमतौर पर कई एजेंसियां ​​शामिल होती हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और खास सुरक्षा यूनिट्स शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने अभी तक इस जांच पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। ALSO READ: कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें पहले भी मिल चुकी है प्रधानमंत्री मोदी को धमकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकीभरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:22 pm

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ की सबसे बड़ी रन चेज, 4 विकेट से जीता T20I मैच

ENGvsIND रवि बिश्नोई का एक महंगा ओवर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भारी पड़ा जहां इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक ओवर शेष रहते छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।यह इंग्लैंड की टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी रन चेज है। मैच का निर्णायक मोड़ 17वां ओवर साबित हुआ, जिसमें रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। ओवर की शुरुआत उन्होंने लगातार दो नो-बॉल से की और इसके बाद जैकब बेथल ने तीन शानदार छक्के जड़कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। बेथल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।दिन की शुरुआत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन अंत 22 वर्षीय जैकब बेथल की विस्फोटक बल्लेबाजी के नाम रहा। इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह (40 रन पर तीन विकेट) ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को खाता खोले बिना आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 39 रन बनाए। उन्होंने अर्शदीप के एक ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और दबाव को काफी हद तक कम कर दिया। अक्षर पटेल (20 रन पर एक विकेट) ने हैरी ब्रूक को विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को राहत दिलाई, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।इसके बाद बेथल और टॉम बैंटन ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर भारतीय स्पिन आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। बैंटन ने 32 गेंदों में 39 रन बनाए। भारतीय स्पिनरों में केवल अक्षर ही प्रभाव छोड़ सके। इसके विपरीत बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों स्पिनरों की अपेक्षाकृत तेज गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाया। कप्तान श्रेयस अय्यर का 13वें ओवर में अर्शदीप सिंह को दोबारा गेंदबाजी पर लाने का फैसला सफल रहा। अर्शदीप ने बैंटन को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बिश्नोई का महंगा ओवर टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर गया। England take a 1-0 series lead thanks to Jacob Bethell's stunning knock : https://t.co/QHJo0eDrRz pic.twitter.com/esBm5eDnMp — ICC (@ICC) July 4, 2026 इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन की तेज पारी खेलते हुए जोफ्रा आर्चर के ओवर से 17 रन बटोरे और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा। उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन विल जैक्स की ऑफ स्पिन पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन और किशन ने 43 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन विशेष रूप से स्पिनरों की धीमी गेंदों और गति में बदलाव को पढ़ने में संघर्ष करते नजर आए। इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में बदलाव और धीमी गेंदों के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा। कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता प्राप्त की। आदिल राशिद भी किफायती रहे और दो ओवर में सिर्फ 21 रन दिए। अभिषेक शर्मा शुरुआत में आर्चर की रफ्तार के सामने संघर्ष करते रहे और अपनी पहली 12 गेंदों में लगभग 10 बार गेंद को खेलने से चूक गए। बाद में उन्होंने लय हासिल की, लेकिन कुरन की फुलटॉस पर खेला गया उनका जोरदार फ्लिक सीधे मिडविकेट पर खड़े बैंटन के हाथों में चला गया।अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री और इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।

वेब दुनिया 4 Jul 2026 11:19 pm

निकाह हलाला क्या है और इस पर न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू की क्या राय है?

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने निकाह हलाला को असंवैधानिक बताते हुए इसे समाप्त करने, बहुविवाह पर रोक और समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की

हस्तक्षेप 4 Jul 2026 11:08 pm

आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’से नहीं चलाता : मोहन भागवत

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ पर लगे आरोप का जवाब देते हुए कहा कि संघ स्वयं से प्रेरित किसी भी संगठन को रिमोट कंट्रोल से नहीं चलाता बल्कि ऐसे सभी संगठन अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं। गौरतलब है कि भागवत का यह बयान आरएसएस और उससे जुड़े […] The post आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’ से नहीं चलाता : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 10:06 pm

झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट

झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को झालावाड़ जिले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (गश्ती दल) को घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ब्यूरो ने उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि उनको शिकायत मिली थी कि लकड़ी से लदे वाहनों को पास करने […] The post झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:58 pm

उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं

नई दिल्ली। वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ई20 से पुराने वाहनों को नुकसान की बात को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे जो भी छिटपुट मामले सामने आए हैं उनमें ईंधन में मिलावट के कारण नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में हुंडई मोटर इंडिया के […] The post उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:51 pm

जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी

बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से 2018 से 2023 तक पचपदरा रिफाइनरी का काम ठप हो गया था और जैसे ही राज्य में डबल इंजन सरकार आई इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज इसका लोकार्पण किया जा रहा […] The post जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:46 pm

रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल

बालोतरा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया इतिहास रचने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है और उनके मार्गदर्शन में […] The post रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 4 Jul 2026 9:39 pm