सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष
जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई को तेरापंथ भवन छतरपुर नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू […] The post सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं […] The post अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र में बालोती गांव में सोमवार को एक परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पति-पत्नी और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामदयाल बैरवा (45), […] The post करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में सोमवार को सलावटिया गांव में वैन की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक और एक बच्ची की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष मीणा (22) निवासी तीखी (बिजौलिया) मध्यप्रदेश के धार जिले में जेसीबी […] The post भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल appeared first on Sabguru News .
लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने
लंदन। लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे […] The post लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने appeared first on Sabguru News .
आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी
अजमेर/जयपुर। मिसेज इंडिया-2026 का ताज अपने नाम करने वाली राजस्थान के अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कुछ छोड़ने की आवश्यकता नहीं हैं और वे अपनी हर जिम्मेदारी को निभाते हुए भी सब कुछ कर सकती है। आकांक्षा चौधरी ने मिसेज […] The post आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ निकली संसद चलो मार्च के बीच सुरक्षा बलों ने सोमवार को जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों को हटाकर प्रदर्शन स्थल खाली करवा दिया। दिल्ली पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया। […] The post जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है। सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .
पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर ही रोक दिया, जिससे छात्रों और पुलिस के […] The post पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों को उठाया, जिसके […] The post पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन appeared first on Sabguru News .
बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर के सांसदों से संसद में मिल जुल कर देश के हित में काम करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि मुद्दों में दम हो और बात में तर्क हो तो शांत तरीके से भी उठाई गई मांग भी बुलंद आवाज बन […] The post बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका
अगरतला। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ साेमवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के शौचालय में मृत मिले। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाले अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रदीप भौमिक ने बताया कि […] The post त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .
पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ इस आधार पर तलाक नहीं मांग सकता कि उसकी पत्नी में दिलचस्पी खत्म हो गई है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि हिंदू विवाह एक संस्कार है, अनुबंध नहीं, जिसे किसी भी जीवनसाथी की मर्जी से खत्म किया जा सके। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 […] The post पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’ होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा
नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने के सोमवार को ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के बीच पार्टी के अपना अनशन तोड़ा। दीपके के साथ अनशन कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी 23 दिन के अपने अनशन को तोड़ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा appeared first on Sabguru News .
धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में बवासीर का तांत्रिक क्रिया से इलाज करने का झांसा देकर एक महिला से कथित दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुख्य आरोपी तांत्रिक सहित चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच […] The post धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप appeared first on Sabguru News .
मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को संसद में हंगामा देखने को मिला। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन की गूंज सीधे संसद तक पहुंची। नीट परीक्षा में गड़बड़ी, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए और 'चंदा चोरी' के पोस्टर्स लेकर वेल में आ गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रही। हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सदन करीब 7-8 मिनट ही चला। विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद पांच बार और स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। यहां कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट एग्जाम और जंतर-मंतर प्रदर्शन के मुद्दे को उठाया। खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए थे। सरकार उनकी आवाज दबा रही है और उन पर लाठियां चला रही है। खड़गे के तीखे तेवरों से सदन में हंगामा हुआ, जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इधर, सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज वक्त की मांग है कि संसद में मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो। सभी दलों को तथ्यों और तर्कों के साथ सदन की चर्चा को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बेहद प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। पीएम मोदी ने कहा- भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। ये जो स्काईरूट स्टार्टअप है, उसमें जो युवा काम कर रहे हैं, उनकी औसत उम्र 28 साल है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा- मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा। इसके बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध और पेट्रोल, डीजल व फर्टिलाइजर्स के वैश्विक संकट के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रही है। भारत 7.7% की विकास दर हासिल करने वाला देश बना है। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करिए…
नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे। लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं। Harare bound #TeamIndia en route for the Zimbabwe challenge #ZIMvIND pic.twitter.com/MmaLwldWDf — BCCI (@BCCI) July 20, 2026 गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है। भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है। सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था। इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया। निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं। भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, कॉकरोच पार्टी का संसद मार्च, रोकने के लिए आंसू गैस के गोले, लाठियां, अफरा-तफरी…। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान अब भी शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर जमे हैं। सवाल उठ रहे कि आखिर पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान से हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करा देते? धर्मेंद्र प्रधान को अब तक न हटाए जाने के पीछे 4 बड़े फैक्टर्स हैं… *** सवाल-1: तो क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो ही नहीं सकता?जवाबः 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच पार्टी के दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को मिलने बुलाया। कॉकरोच पार्टी ने तीन मांगे रखीं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी है। जेपी नड्डा ने इन मांगों पर लीडरशिप से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सरकार राजनीतिक नुकसान का कैलकुलेशन करके ही कोई अगला कदम उठाएगी। 2020-21 में किसान आंदोलन एक बड़ा उदाहरण है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान धरने पर बैठ गए। सरकार ने महीनों तक ‘कृषि कानून’ वापस नहीं लिए। आखिरकार नवंबर 2021 में उसे झुकना पड़ा और पीएम मोदी ने खुद कानून वापसी का ऐलान करते हुए कहा- हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी। चर्चा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी के संगठन में बदलाव होने वाला है। सरकार के सामने 2 विकल्प हैं… ऐसा पहले भी हो चुका है… नवंबर 2014 में सुरेश प्रभु को केंद्रीय रेल मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल में कई रेल हादसे हुए, जिनको लेकर विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग की। अगस्त 2017 में प्रभु ने इस्तीफे पेशकश भी की। हालांकि सरकार ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया। एक महीने बाद उन्हें कॉमर्स मिनिस्ट्री में शिफ्ट कर दिया गया। वे 2 साल तक मंत्री रहे। 2019 के बाद वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए। सवाल-2: प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो क्या CJP का प्रोटेस्ट फेल माना जाएगा? जवाब: CJP ने अपना पूरा आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के इर्ग-गिर्द भुनाया था। आज जेपी नड्डा से बातचीत के बाद भी प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो दिल्ली पहुंचे हजारों प्रदर्शनकारियों में निराशा आएगी। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष CJP के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं है। उनके मुताबिक, 'इस आंदोलन में प्लानिंग और लीडरशिप की कमी दिखी है। जब कोई इतना बड़ा आंदोलन शुरू करता है, भूख हड़ताल करता है तो पहले इसे खत्म करने का एग्जिट रूट भी होना चाहिए। लेकिन CJP के पास ऐसा नहीं था। जो मोदी सरकार को समझता है, उसे पता होना चाहिए कि वे दबाव में फैसले नहीं लेते।' हालांकि विजय त्रिवेदी कहते हैं, 'आंदोलनों की कामयाबी दो तरीकों से देख जा सकती है। एक तो अपनी बात जनता तक पहुंचा पाए या नहीं पहुंचा पाए और सरकार को बात सुननी पड़ी या नहीं। इस हिसाब से यह आंदोलन आधा सफल रहा है।' ----------- ये खबर भी पढ़िए… क्या कॉकरोच पार्टी का सरकार से 'समझौता':सोनम वांगचुक की 3 शर्तों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गायब, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक ने जो 3 ताजा शर्तें रखी हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सीधा जिक्र नहीं है। इसे एक बड़ा U-टर्न माना जा रहा है। वांगचुक ने 28 जून को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर ही भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रोटेस्ट के बैनर्स से लेकर ज्यादातर बयानों में इसी मांग का जिक्र होता था। पूरी खबर पढ़िए…
Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Hindu Festival Ashadhi Ekadashi: आषाढ़ी एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक दिव्य अवसर है। सनातन धर्म में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी, देवशयनी एकादशी या हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है, अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और यहीं से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने तथा एकादशी व्रत रखने से पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि, आरोग्य तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन के आध्यात्मिक साधना, जप, तप और दान का विशेष फल मिलता है। बता दें कि आषाढ़ी/ देवशयनी एकादशी से अगले 4 महीनों यानी देवउठनी एकादशी तक शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक व शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि * आषाढ़ी एकादशी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। * घर के मंदिर की सफाई कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। * भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल, चंदन, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। * पंचामृत या गंगाजल से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। * 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें या भगवान विष्णु के नाम का अधिक से अधिक स्मरण करें। * विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तोत्र या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। * दिनभर यथाशक्ति उपवास रखें, ब्रह्मचर्य और सात्विकता का पालन करें। इस दिन क्रोध, झूठ, निंदा और तामसिक भोजन से दूर रहें। * संध्या समय भगवान विष्णु की आरती करें। इस दिन उन्हें तुलसी दल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। * जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान दें। ALSO READ: देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व आषाढ़ी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त आषाढ़ी/ देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026, शनिवार आषाढ़, शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ- 24 जुलाई को 09:12 ए एम से, आषाढ़ी एकादशी की समाप्ति- 25 जुलाई को 11:34 ए एम पर होगी। पारण (व्रत तोड़ने का) समय- 26 जुलाई को 05:39 ए एम से 08:22 ए एम तक। पारण तिथि के दिन द्वादशी के समापन का समय- 01:57 पी एम। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। चातुर्मास का प्रारंभ होता है, जिसमें विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। एकादशी व्रत से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कब है शुभ मुहूर्त? जानें चातुर्मास की शुरुआत और भगवान विष्णु को शयन कराने की सही विधि
नसीरुद्दीन शाह ने समानांतर सिनेमा से कमर्शियल फिल्मों तक हर किरदार में छोड़ी अमिट छाप
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह 76 वर्ष के हो गए हैं। समानांतर सिनेमा से लेकर व्यावसायिक फिल्मों तक अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले नसीरुद्दीन शाह भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्मे नसीरुद्दीन शाह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर और नैनीताल में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अभिनय के प्रति गहरी रुचि के चलते उन्होंने वर्ष 1971 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली में प्रवेश लिया और अभिनय की बारीकियां सीखीं। वर्ष 1975 में नसीरुद्दीन शाह की मुलाकात प्रख्यात फिल्मकार श्याम बेनेगल से हुई। उस समय श्याम बेनेगल अपनी फिल्म ‘निशांत’ के निर्माण की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें फिल्म में अभिनय का अवसर दिया। इसके साथ ही उनके फिल्मी करियर की मजबूत शुरुआत हुई। ALSO READ: रणवीर सिंह से ऋषभ साहनी तक, बॉलीवुड के 7 दमदार विलेन जिन्होंने हर सीन पर छोड़ी अपनी छाप वर्ष 1976 नसीरुद्दीन शाह के करियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। इस दौरान उनकी ‘भूमिका’ और ‘मंथन’ जैसी चर्चित फिल्में रिलीज हुईं। दुग्ध क्रांति की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘मंथन’ में उनके अभिनय को विशेष रूप से सराहा गया। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जाती है क्योंकि इसके निर्माण के लिए गुजरात के लाखों किसानों ने आर्थिक सहयोग दिया था। वर्ष 1977 में उन्होंने अपने मित्रों बेंजामिन गिलानी और टॉम ऑल्टर के साथ मिलकर एक थिएटर समूह की स्थापना की। रंगमंच के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें अभिनय की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसी क्रम में सैमुअल बेकेट के प्रसिद्ध नाटक ‘वेटिंग फॉर गोडोट’ का मंचन भी किया गया। वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म ‘स्पर्श’ में उन्होंने एक दृष्टिबाधित व्यक्ति की भूमिका निभाई। इस चुनौतीपूर्ण किरदार में उनके सशक्त अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों को समान रूप से प्रभावित किया। फिल्म में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1980 में प्रदर्शित गोविंद निहलानी निर्देशित फिल्म ‘आक्रोश’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे वकील की भूमिका निभाई जो अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता है। इसके बाद वर्ष 1983 में सई परांजपे निर्देशित ‘कथा’ और कुंदन शाह निर्देशित ‘जाने भी दो यारों’ में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली। विशेष रूप से ‘जाने भी दो यारों’ ने नसीरुद्दीन शाह की छवि को नया आयाम दिया। इससे पहले उन्हें मुख्य रूप से गंभीर भूमिकाओं के अभिनेता के रूप में देखा जाता था, लेकिन इस फिल्म में उनके हास्य अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को स्थापित किया। वर्ष 1985 में प्रदर्शित ‘मिर्च मसाला’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। केतन मेहता निर्देशित इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा प्राप्त की। फिल्म में सामंती व्यवस्था के बीच संघर्ष करती महिलाओं की कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया था। अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में नसीरुद्दीन शाह ने व्यावसायिक सिनेमा की ओर भी रुख किया। इस दौरान उन्होंने जलवा, मालामाल, हीरो हीरालाल और त्रिदेव जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों की सफलता ने उन्हें मुख्यधारा के सिनेमा में भी स्थापित कर दिया। नब्बे के दशक में उन्होंने छोटे पर्दे पर भी अपनी छाप छोड़ी। गुलजार निर्देशित धारावाहिक ‘मिर्जा गालिब’ में उनकी भूमिका को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इसके अलावा ‘भारत एक खोज’ में उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाकर भी दर्शकों की सराहना हासिल की। अभिनय में विविधता बनाए रखने के लिए नसीरुद्दीन शाह ने विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 1994 में प्रदर्शित फिल्म ‘मोहरा’ में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। इसके बाद चाहत, राजकुमार, सरफरोश, टक्कर, हिम्मत और कृष जैसी फिल्मों में भी उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। अपने लंबे और सफल करियर में नसीरुद्दीन शाह को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और तीन फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया है। नसीरुद्दीन शाह आज भी फिल्मों, रंगमंच और अन्य कलात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
3 मैचों की ODI सीरीज में नाबाद रहे जो रूट, 260 गेंदो में बनाए 249 रन
भारत के खिलाफ जो रूट इतनी बेहतरीन तरीके से खेले कि वह 3 मैचों में एक भी बार आउट नहीं हुए और कुल 260 गेंदों में 249 रन बनाए। दूसरे मैच में जो रुट ने एकदिवसीय प्रारुप में टेस्ट क्रिकेट का मुजायरा पेश किया था वहीं तीसरे मैच में उन्होंने 170 की स्ट्राइक रेट से 48 गेंदो में 74 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 9 चौके लगाए थे। यही कारण रहा कि उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार मिला। दूसरे मैच में 99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी। pic.twitter.com/UAnbXcrcVG — Out Of Context Cricket (@GemsOfCricket) July 20, 2026 यही नहीं वह लगातार 6 पारियों में हर पारी में 50 प्लस का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। उन्होंने कल 13वीं बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाया है। भारतीय गेंदबाजों ने इन तीन मैचों में उनके खिलाफ करीब 43.2 ओवर गेंदबाजी की। लेकिन इन 260 गेंदों में एक बार भी जो रूट को परेशानी में नहीं डाल पाए। पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट के पतन के बीच बल्लेबाजी की जबकि तीसरे एकदिवसीय मैच में उन पर दबाव कम था और कुछ टी-20 के दर्शनीय शॉट्स लगाए।
ब्लैक बॉडीकॉन ड्रेस में मोनालिसा का बोल्ड अंदाज, फ्लोरल टियारा ने लूटी महफिल
भोजपुरी सिनेमा से लेकर टीवी जगत तक अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन अदाकारी से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में मोनालिसा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटोशूट शेयर किया है, जिसमें उनका बेहद ग्लैमरस और बोल्ड अवतार देखने को मिल रहा है। मोनालिसा ने इस फोटोशूट के लिए एक बेहद हॉट 'लिटिल ब्लैक ड्रेस' को चुना है। उनकी यह ड्रेस मिनी बॉडीकॉन स्टाइल में है, जिसमें नेकलाइन और वेस्ट एरिया पर ट्रांसपेरेंट मेश फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअप के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? यह डीप-नेक मेश आउटफिट मोनालिसा के कर्वी और परफेक्ट फिगर को बेहद खूबसूरती से उभार रहा है, जो उनके लुक में बोल्डनेस का तड़का लगा रहा है। तस्वीरों में मोनालिसा एक से बढ़कर एक अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वे अपने दोनों हाथों को बालों पर रखकर सिजलिंग पोज दे रही हैं, तो कभी दीवार और चेयर के सहारे टिककर उनके कातिलाना एक्सप्रेशंस फैंस को दीवाना बना रहे हैं। मोनालिसा ने अपने इस ग्लैम लुक को कम्प्लीट करने के लिए बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट कर्ल्स देकर खुला छोड़ा है। कुछ तस्वीरों में वे अपने सिर पर लाल गुलाब के फूलों से बना एक खूबसूरत फ्लोरल टियारा पहने नजर आ रही हैं। डार्क मैरून लिपस्टिक, वेल-शेप्ड आईब्रो और मिनिमल मेकअप मोनालिसा के फेशियल फीचर्स को परफेक्टली हाइलाइट कर रहा है। मोनालिसा का यह लेटेस्ट ब्लैक मेश ड्रेस लुक इंटरनेट पर जमकर ट्रेंड कर रहा है।
ना खिताब मिला ना गोल्डन बूट, मेस्सी नहीं कर पाए परिकथा अंत (Video)
FIFA World Cup का टूर्नामेंट जिस हिसाब से जा रहा था ऐसा लग रहा था कि लियोनेल मेस्सी के करियर का परिकथा अंत होगा। लेकिन उनके हाथ ना ही खिताब लगा और ना ही पैर पर गोल्डन बूट लगा। मेस्सी के लिए बस एक बात अच्छी रही कि वह पिछले साल विजेता टीम का हिस्सा थे अन्यथा इस महान फुटबॉलर को बिना किसी वैश्विक खिताब के रवाना होना पड़ता। आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा। एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेस्सी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी। बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेस्सी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे । Heartbreaking...Lionel Messi after the loss to Spain. This is his final game at the World Cup. pic.twitter.com/LxztMs8Kl7 — Raylan Givens (@JewishWarrior13) July 19, 2026 Thank you, Lionel Messi.. pic.twitter.com/kc8Bhd6Jqy — Godschild (@Godschildwinnin) July 20, 2026 Esse foi o momento que Lionel Messi chorou, aps ser ovacionado pela torcida. ???? pic.twitter.com/cFIiIsU8KJ — LM10 Brasil (@MessiLeoBrasil_) July 20, 2026 लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे। विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेस्सी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं। स्पेन के खिलाड़ी आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी को ढांढस बंधाने आये। मेस्सी मैदान पर बैठ गए और हाथ पीछे रखकर एकटक देखते रहे। उपविजेता का पदक लेने आये तो मुस्कुराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।फिर अपने विचारों में खोये हुए, दुख को छिपाने की कोशिश करते मैदान के एक कोने से चुपचाप बाहर चले गए। विश्व कप से शायद आखिरी बार।
सनातन परंपरा में एकादशी तिथि का स्थान सबसे पावन माना गया है। हर महीने के दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण) में आने वाली यह ग्यारहवीं तिथि साक्षात जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। लेकिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का महत्व कुछ खास है। इसे हम आषाढ़ी एकादशी, देवशयनी एकादशी, हरिशयनी या पद्मनाभा एकादशी के नाम से जानते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, आस्था का यह पावन पर्व हर साल जून या जुलाई के महीने में आता है। चार महीनों के लिए योगनिद्रा में जाएंगे सृष्टि के पालनहार धार्मिक पुराणों के अनुसार, देवशयनी एकादशी से ही भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर योगनिद्रा (शयन) में चले जाते हैं। यही वजह है कि इसे 'हरिशयनी एकादशी' कहा जाता है। प्रभु के शयन करते ही सृष्टि पर चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है, जिसमें सभी तरह के मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश) पर विराम लग जाता है और यह समय पूरी तरह से जप, तप और साधना के लिए समर्पित हो जाता है। आषाढ़ी एकादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और पारण का समय इस वर्ष 2026 में आषाढ़ी एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु तिथियों और शुभ समय का विशेष ध्यान रखें: एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे से एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त (पूजा का श्रेष्ठ समय): दोपहर 12:19 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:17 बजे से शाम 07:39 बजे तक। व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 06:13 बजे से सुबह 08:50 बजे के बीच। देवशयनी एकादशी पूजा विधि: इस तरह करें प्रभु को प्रसन्न चूंकि इस दिन के बाद भगवान चार महीनों के लिए विश्राम करने जाते हैं, इसलिए उनका शयन प्रारंभ होने से ठीक पहले पूरे विधि-विधान से विदाई-पूजन करने का बड़ा महत्व है। यदि आप भी इस दिन व्रत रख रहे हैं, तो पूजा की यह पावन विधि अपनाएं। सुबह का संकल्प और श्रृंगार व्रत का संकल्प लेने वाले श्रद्धालु देवशयनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद अपने घर के मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करें। अब एक पवित्र चौकी पर भगवान विष्णु की सुंदर प्रतिमा या तस्वीर को आसन देकर विराजमान करें। प्रभु का षोडशोपचार पूजन चूंकि भगवान नारायण को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद उन्हें पीला चंदन लगाएं, पीले फूल चढ़ाएं और तुलसी दल (जो एक दिन पहले तोड़ा गया हो) अर्पित करें। भगवान के हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित करें। आरती और विशेष शयन मंत्र इसके बाद प्रभु को आदरपूर्वक पान और सुपारी भेंट करें। धूप-दीप जलाकर श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की आरती उतारें। पूजा के अंत में हाथ जोड़कर भगवान को शयन कराने के लिए इस विशेष मंत्र का जाप करें। 'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जमत्सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत्सर्व चराचरम्।।' मंत्र का सरल अर्थ: हे संपूर्ण जगत के स्वामी! आपके सो जाने पर यह पूरा संसार सो जाता है और आपके जाग जाने पर ही यह संपूर्ण सृष्टि तथा समस्त चराचर जीव जाग उठते हैं। दान-पुण्य और रात्रि जागरण इस पावन पूजन के बाद समर्थ अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं या दान-दक्षिणा दें। इसके बाद ही स्वयं फलाहार या व्रत का सात्विक भोजन ग्रहण करें। देवशयनी एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए, बल्कि भगवान के भजनों और स्तुति का कीर्तन करना चाहिए। अंत में, स्वयं के सोने से पहले प्रभु को प्रतीकात्मक रूप से विश्राम (शयन) कराएं।
हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जोरदार एंट्री की है। फिल्म ने रिलीज के पहले ही वीकेंड में 56.66 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर यह साबित कर दिया कि भारत में नोलन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि यह भारत में रिलीज हुई नोलन की फिल्मों का अब तक का सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड बन गया है। शानदार वर्ड ऑफ माउथ और नोलन की मजबूत फैन फॉलोइंग ने सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी-खासी भीड़ जुटाई। शनिवार और रविवार को दिखी जबरदस्त तेजी फिल्म ने पहले दिन यानी शुक्रवार को 16.07 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद शनिवार को दर्शकों की संख्या बढ़ी और कलेक्शन 20.82 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रविवार को भी फिल्म ने शानदार पकड़ बनाए रखते हुए 19.77 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस तरह तीन दिनों में कुल नेट कलेक्शन 56.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ALSO READ: 'द ओडिसी' की चुनौती भी बेअसर, 'धमाल 4' ने दूसरे वीकेंड में दिखाई जबरदस्त ताकत बड़े शहरों में हाउसफुल शो, वर्ड ऑफ माउथ का मिला फायदा 'द ओडिसी' को खासतौर पर मेट्रो शहरों और बड़े मल्टीप्लेक्स सर्किट में शानदार रिस्पॉन्स मिला। फिल्म को लेकर दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर मिल रही तारीफ ने टिकट बिक्री को और मजबूती दी। यही वजह रही कि पहले वीकेंड में कई सिनेमाघरों में शो हाउसफुल रहे। अब असली परीक्षा वीकडे में ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले वीकेंड की मजबूत शुरुआत ने फिल्म के लिए बेहतरीन आधार तैयार कर दिया है। अब सभी की नजर सोमवार से शुरू होने वाले वीकडे कलेक्शन पर रहेगी। यदि फिल्म सप्ताह के दिनों में भी अच्छी पकड़ बनाए रखती है, तो यह भारतीय बॉक्स ऑफिस पर क्रिस्टोफर नोलन की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो सकती है।
देहरादून कॉन्सर्ट में जैस्मिन सैंडलस के साथ कथित बदसलूकी, वायरल वीडियो ने मचाया बवाल
मशहूर पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस इन दिनों अपने म्यूजिकल टूर को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते दिनों दिल्ली में कॉन्सर्ट के दौरान जैस्मिन ने फैंस को अपने मंगेतर से मिलवाया था। अब जैस्मिन अपने देहरादून कॉन्सर्ट को लेकर सुर्खियों में आ गई है। लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया गाना या शानदार परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि एक बेहद झकझोर देने वाली घटना है। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट के दौरान जैस्मिन के साथ हुई कथित बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद फैंस और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग सेलिब्रिटी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। Jasmine Sandlas was subjected to non-consensual touching by fans in Dehradun during post-performance greetings. She must descend safely, but crowds need to respect personal boundaries. Time for better event etiquette. pic.twitter.com/3xbyz3SzjQ — priest king (@AnkitYadavd0g1) July 18, 2026 लाइव शो के बाद हुई शर्मनाक हरकत हाल ही में जैस्मिन सैंडलस उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक लाइव शो के लिए पहुंची थीं। इस कॉन्सर्ट में उनकी एक झलक पाने और लाइव सुनने के लिए हजारों की संख्या में फैंस की भारी भीड़ उमड़ी थी। स्टेज पर आते ही जैस्मिन ने अपने सुपरहिट गानों जैसे कि 'सिप सिप', 'शरारत' और 'लावान' से समां बांध दिया। पूरा ग्राउंड उनके गानों पर झूम रहा था। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअब के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? परेशानी तब शुरू हुई जब शो खत्म होने के बाद जैस्मिन ने अपने फैंस के प्रति आभार जताने का फैसला किया। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्रंट रो में खड़े फैंस जैस्मिन का हौसला बढ़ा रहे थे, उनके लिए हाथ आगे बढ़ा रहे थे और उन्हें गुलाब के फूल दे रहे थे। अपने चाहने वालों के इस प्यार को देखकर जैस्मिन स्टेज से थोड़ा नीचे उतरीं ताकि वे गुलाब स्वीकार कर सकें और फैंस से हाथ मिला सकें। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने सीमाएं लांघ दीं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हाथ मिलाने के बहाने भीड़ में से किसी ने सिंगर को गलत तरीके से छूने की कोशिश की। इसके बाद वहां स्थिति काफी असहज हो गई और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत दखल देना पड़ा। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोग लगातार कमेंट्स कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि कलाकारों के प्रति जनता का यह व्यवहार बेहद निंदनीय है। फैंस का मानना है कि किसी भी फीमेल आर्टिस्ट के साथ इस तरह का व्यवहार उनकी सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। इस मामले में अभी तक जैस्मिन सैंडलस या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इंटरनेट पर लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे इवेंट्स में सुरक्षा बैरिकेडिंग और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कलाकार को ऐसी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।
Lock Upp 2: 'इतना तो मेरा बाप भी चुम्मी नहीं करता!', राम कपूर की 'किसिंग आदत' पर भड़कीं श्रेया कालरा
नेटफ्लिक्स का रियलिटी शो 'लॉकअप 2' हर गुजरते दिन के साथ कंट्रोवर्सी का नया केंद्र बनता जा रहा है। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच का समीकरण पल-पल बदल रहा है। लेकिन हाल ही में जो वाकया सामने आया है, उसने न सिर्फ जेल के अंदर बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक बड़ा बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं—52 साल के दिग्गज टीवी एक्टर राम कपूर और डिजिटल क्रिएटर व कंटेस्टेंट श्रेया कालरा। राम कपूर की बिना सहमति के 'जबरदस्ती किस करने की आदत' पर अब श्रेया कालरा का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है। उन्होंने राम कपूर को कड़े शब्दों में अपनी 'पर्सनल बाउंड्री' में रहने की सख्त हिदायत दी है। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअब के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? टास्क में जीत के बाद शुरू हुआ 'किसिंग विवाद' दरअसल, पिछले हफ्ते शो के भीतर एक बेहद महत्वपूर्ण टास्क खेला गया था। इस टास्क में श्रेया कालरा कंट्रोलर की भूमिका में थीं और राम कपूर पूरी तरह से उन पर डिपेंडेंट थे। राम को एलिमिनेशन से बचाने के लिए श्रेया ने अपनी पूरी जान लगा दी। उन्होंने न सिर्फ शानदार गेम खेला, बल्कि टास्क जीतकर राम कपूर को शो में पूरी तरह से सेफ कर दिया। इस धमाकेदार और बड़ी जीत के बाद राम कपूर खुशी से इतने ज्यादा एक्साइटेड हो गए कि उन्होंने बिना सोचे-समझे श्रेया कालरा के गालों और माथे पर किस कर लिया। उस समय तो खेल के माहौल को देखते हुए श्रेया शांत रहीं, लेकिन राम कपूर का यह रवैया उन्हें अंदर ही अंदर खटक रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शिल्पा शिंदे के सामने फूटा श्रेया का गुस्सा हाल ही के एक एपिसोड में श्रेया का यह सब्र टूट गया। उन्होंने को-कंटेस्टेंट शिल्पा शिंदे के सामने बातचीत के दौरान राम कपूर के इस व्यवहार पर तीखे सवाल उठाए। श्रेया ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जब शिवांगी जोशी अपना टास्क कर रही थीं, तब भी राम कपूर उनके काफी करीब चले गए थे। उस दौरान स्थिति को भांपते हुए हर्षद चोपड़ा को बीच-बचाव करना पड़ा था और राम को दूर रहने के लिए कहना पड़ा था। श्रेया ने नाराजगी जताते हुए कहा, जब हर्षद ने उन्हें रोका, तो राम कपूर ने सॉरी-सॉरी कहा। लेकिन भाई, किस बात का सॉरी? वो बात करते समय थूकते भी हैं! जो कहना है सीधे मुंह पर कहो। राम कपूर के रवैये पर भड़कते हुए श्रेया ने कहा कि उन्होंने राम के लिए तीन-तीन टास्क जीते, लेकिन बदले में राम ने उनका ज़रा सा भी साथ नहीं दिया। ऐसे में सीनियर होने के नाते उनकी रिस्पेक्ट करने का कोई मतलब नहीं बनता। श्रेया ने साफ लफ्जों में कहा कि सीनियर होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कोई कुछ भी करे और उसे चुपचाप बर्दाश्त किया जाए। श्रेया ने कैमरे के सामने बेहद सख्त और तीखे लहजे में राम कपूर को चेतावनी दी। उन्होंने कहा:, उन्हें अपनी हदें समझनी चाहिए। अगर इस बार उन्होंने मुझे दोबारा किस करने की कोशिश की, तो मैं सीधे उनका मुंह पकड़कर बोलूंगी—'बहन के भाई, इतना तो मेरा बाप चुम्मी नहीं करता मुझे, अब मत करियो!'
फुटबॉल फाइनल में हुई झड़प, अर्जेंटीना के खिलाड़ी नहीं पचा पाए हार (Video)
FIFA World Cup में स्पेन ने मजबूत रक्षापंक्ति का ऐसा मकड़जाल रचा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार आक्रमण करने के बाद भी गोलमुख को भेद नहीं पाए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी हार पचा नहीं पाए और स्पेन के खिलाड़ियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। साथ ही झड़प के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। Absolutely deplorable behavior by the Argentina players, whatever the provocation may be.. It has left a very bad taste eventually.. pic.twitter.com/xgx0lBkeid — Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) July 20, 2026 मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके। निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये। मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। अर्जेंटीना के प्रशंसको को उम्मीद थी कि अंत के लम्हों में टीम वैसा ही प्रदर्शन करेगी जैसा टूर्नामेंट के अन्य मैचों में करती आई है। लेकिन आज नियति में वैसा नहीं लिखा था।
अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक ने जो 3 ताजा शर्तें रखी हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सीधा जिक्र नहीं है। इसे एक बड़ा U-टर्न माना जा रहा है। वांगचुक ने 28 जून को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर ही भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रोटेस्ट के बैनर्स से लेकर ज्यादातर बयानों में इसी मांग का जिक्र होता था। क्या सोनम वांगचुक और CJP का रुख वाकई नरम पड़ा, अगर हां तो क्यों; समझेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की ताजा शर्तें क्या हैं?जवाबः 20 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक के X हैंडल पर हाथ से लिखा नोट शेयर हुआ। इसमें सोनम वांगचुक ने 3 शर्तें लिखीं और कहा है कि जब तक इन तीनों में से कोई एक पूरी नहीं हो जाती, वो अनशन नहीं तोड़ेंगे… पहली शर्तः अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में बीते दिनों हुई चूक, जैसे- पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले। दूसरी शर्तः अगर CJP के लीडर्स और मैं संसद भवन तक पहुंच जाएं और सांसद हमें आश्वासन दें कि शिक्षा का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।तीसरी शर्तः अगर मेरी तबीयत और खराब हुई और पार्टियों के सांसद, नेता मुझसे मिलने आए। मुझे ऊपर कही बातों का आश्वासन दें, तो मैं अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दूंगा। अनशन के 22वें दिन, यानी 19 जुलाई की रात में सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो ने भी कहा था कि अगर राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे बात करने आएं और शिक्षा और जवाबदेही के मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाने का आश्वासन दें, तो सोनम भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। सवाल-2: क्या सोनम वांगचुक ने वाकई U-टर्न मार लिया है?जवाबः कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत से एक ही मांग थी- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। 6 जून के पहले प्रोटेस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाला बैनर सबसे आगे था। इसमें सोनम वांगचुक भी कंधे पर झोला टांगे और हाथों में गुलाब लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे। फिर 20 जून को CJP ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रोटेस्ट शुरू किया। सोनम ने केंद्र सरकार से 2 मांगें रखीं- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करके पूर्ण राज्य का दर्जा देना। सोनम ने कहा कि इन दोनों मांगों पर 27 जून तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे, फिर अनशन शुरू करेंगे। सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो 28 जून को सोनम ने अनशन शुरू कर दिया। हालांकि 13 जून को सोनम ने पत्रकारों से कहा कि अभी वह शिक्षा के मुद्दे को लेकर अनशन पर हैं। लद्दाख के मुद्दे पर सरकार से बातचीत जारी है। कुछ सहमति भी बनी है। सोनम की बिगड़ती तबीयत का हवाला देकर दिल्ली पुलिस 18 जुलाई को सफदरगंज अस्पताल ले गई। अब 20 जुलाई को सामने आईं अनशन तोड़ने की 3 शर्तें कई सवाल खड़े करती हैं। सोनम वांगचुक की शर्तों में न कही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है न उनके जिम्मेदारी लेने का कोई जिक्र। उन्होंने कहा है कि सांसद और राजनीतिक दल अगर उन्हें आश्वासन देते हैं, तो वे अनशन खत्म कर देंगे। इसमें भी सरकार या BJP सांसदों या नेताओं का कोई जिक्र नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने X पर लिखा- ‘अस्पताल में पॉलिटिकल लीडर के मिलने और संसद सत्र में चर्चा की बात जंतर-मंतर के आंदोलन के स्टैंड में बड़ा बदलाव है। सोनम वांगचुक ने मंत्री के इस्तीफे की मांग छोड़ दी है। क्या उनका अकेले का फैसला है या आंदोलन का? यह सरकार की बड़ी जीत है।’ वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम लिखते हैं, 'विपक्ष के सांसद तो बिना अनशन के भी संसद में सवाल उठा सकते थे, फिर 21 दिन के अनशन के बाद ये कहने का क्या मतलब है? कांग्रेस तो पहले से इस मुद्दे को लेकर आक्रामक है और दर्जनों प्रदर्शन कर चुकी है। क्या सोनम के साथ ही उनकी जगह मंच पर भूख हड़ताल शुरू कर चुके अभिजीत दीपके भी अनशन खत्म करेंगे?’ सवाल-3: क्या कॉकरोच पार्टी ने भी प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ दी?जवाबः कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को बताया, ‘हम हजारों की संख्या में 9 बजे संसद के लिए निकलेंगे। हम कोशिश करेंगे कि डेलिगेशन को अंदर जाने दिया जाए ताकि हम अपनी मांग वहां रख सकें।’ इस बीच, सोमवार सुबह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी AISA के तीनों स्टूडेंड लीडर्स नेहा, आमीन और मनीष ने 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सोमवार की सुबह 11 बजे कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया गया। उन्होने बताया कि सरकार हमसे बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है। इन सभी डेवलपमेंट में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात सामने नहीं आई। यानी अब ये प्रोटेस्ट संसद मार्च की सफलता तक सीमित हुआ दिखता है। सवाल-4: सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के नरम रुख की वजह क्या हो सकती है? जवाबः अभी कोई साफ वजह सामने नहीं आई है। अलग-अलग तरह की थ्योरीज चल रही हैं… 23 दिन बाद भी समाधान नहीं दिख रहा थाः सोनम पिछले 22 दिनों से अनशन पर है। उनका 10 किलो के करीब वजन घट गया है। इतने समय भूखे रहने पर शरीर की मासपेशियां प्रोटीन खोने लगती है। उस पर पुलिस ने जंतर-मंतर से उठाकर सफदरगंज अस्पताल ले गई। उनकी पत्नी ने सोनम को प्राइवेट हॉस्पिटल शिफ्ट करने की हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद ही उनकी पत्नी ने पहली बार अनशन खत्म करने का जिक्र किया। ये मौजूदा हालात देखते हुए लिया फैसला लगता है। सरकार ने अंदरखाने कोई आश्वासन दे दियाः वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह लिखते हैं, 'सरकार ने अंदरखाने ये तय कर लिया होगा कि किसी नेता या मंत्री को भेजकर जूस पिला आएंगे। इससे सरकार के रवैये पर उठते सवाल को झुठलाने में भी मदद मिलेगी।' लद्दाख वाले मुद्दे पर सरकार के किसी आश्वासन की वजह से भी हो सकता है सोनम ने धर्मेंद्र प्रधान के मुद्दे पर रुख नरम किया हो। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी X पर पोस्ट किया है, 'मैं और आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से जे पी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। आज सुबह ही सरकार ने हमसे बात करने की पहल की है।' इससे भी संकेत मिल रहा है कि सरकार और प्रदर्शनकारी समझौते की तरफ बढ़ रहे हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, कई के सिर फूटे:बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट थाने तक पहुंचे; दीपके बोले- हमें संसद जाने से कोई नहीं रोक सकता पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं और कई लोगों के सिर भी फूट गए हैं। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है। पूरी खबर पढ़िए…
'रामायणम्' में हनुमान बनेंगे सनी देओल, बोले- भगवान का आशीर्वाद है यह किरदार
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्म कही जा रही 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर है। हाल ही में निर्देशक नितेश तिवारी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की पहली झलक नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य 'प्रथम संकल्प' इवेंट में पेश की गई। इस खास मौके पर फिल्म में भगवान हनुमान का बेहद अहम किरदार निभा रहे दिग्गज अभिनेता सनी देओल भी ब्लैक आउटफ़िट और क्लीन-शेव लुक में पहुंचे और उन्होंने इस रोल को लेकर अपने अनुभव साझा किए। हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म 'इक्का' में नजर आए सनी देओल ने माना कि पर्दे पर बजरंगबली के चरित्र को जीवंत करना कोई साधारण काम नहीं है। ALSO READ: सलमान खान ने अपनी सेहत की अफवाहों पर लगाया विराम, पोस्ट शेयर कर पूछा- 'आप लोगों की तबीयत कैसी है?' हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं इवेंट के दौरान मीडिया और प्रशंसकों से बात करते हुए सनी देओल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, सच बताऊं तो मैंने अभी इस फिल्म पर बहुत थोड़ा सा ही काम शुरू किया है। मुझे अभी एक लंबा सफर तय करना है। सनी ने इसे भगवान का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि वह इस बात के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें हनुमान जी का किरदार निभाने का अवसर मिला। बजरंगबली के किरदार की बारीकियों पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा, हनुमान जी सिर्फ असीम शक्ति के प्रतीक नहीं हैं। उनके चरित्र में एक अद्भुत मासूमियत, नटखटपन, गहरी भक्ति और अपार बल का संतुलन है। यही बात उन्हें बेहद खास और इस किरदार को स्क्रीन पर निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती है। ग्लोबल मंच पर गूंजेगा 'रामायण' का डंका दिल्ली में 'प्रथम संकल्प' के जरिए अपनी पहली छाप छोड़ने के बाद अब यह फिल्म ग्लोबल स्तर पर इतिहास रचने के लिए तैयार है। 23 जुलाई को कैलिफोर्निया के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (SDCC) में 'रामायणम्' को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। 'कल्कि 2898 एडी' के बाद यह भारत की दूसरी ऐसी फिल्म होगी जिसे इस विश्व प्रसिद्ध पॉप-कल्चर इवेंट में जगह मिली है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस फिल्म का कैनवास कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसकी स्टार कास्ट से लगाया जा सकता है। फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े दिग्गज एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकेश रावण, सनी देओल भगवान हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे। 'रामायणम्' को लगभग 4,000 करोड़ रुपए के महा-बजट के साथ तैयार किया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी बनाता है। नितेश तिवारी इस महागाथा को दो भागों में रिलीज करेंगे। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के पावन अवसर पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा, जबकि इसका दूसरा और अंतिम भाग साल 2027 में रिलीज किया जाएगा।
सलमान खान ने अपनी सेहत की अफवाहों पर लगाया विराम, पोस्ट शेयर कर पूछा- 'आप लोगों की तबीयत कैसी है?'
बॉलीवुड के 'दबंग' यानी सलमान खान हमेशा अपनी बेबाकी और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक इवेंट में सलमान के दुबले शरीर को देखकर फैंस काफी चिंता जता रहे हैं। अब सलमान खान ने अपनी सेहत को लेकर चल रही सभी सभी अफवाहों पर अपने ही अंदाज में फुलस्टॉप लगा दिया है। सलमान खान के एक लेटेस्ट सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है और उनके फैंस इस पर जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। ALSO READ: 'रामायणम्' में सूर्पणखा बन रकुल प्रीत सिंह ने बढ़ाया क्रेज, यश ने की दमदार परफॉर्मेंस की तारीफ सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर कुछ ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक बेहद मजेदार कैप्शन लिखा, आप लोगों की तबीयत कैसी है? A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) यह कैप्शन उन लोगों के लिए एक सीधा और करारा जवाब था, जो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर मनगढ़ंत कहानियां बना रहे थे। तस्वीरों में सलमान खान उसी आउटफिट में नजर आ रहे हैं, जो उन्होंने बीते दिनों एक इवेंट के दौरान पहना था। कुछ तस्वीरों में वे डेनिम जैकेट और काउबॉय हैट पहने कैमरे के सामने बेहद रिलैक्स और कूल अंदाज में पोज देते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जैसे ही सलमान ने यह पोस्ट शेयर किया, फैंस ने कमेंट सेक्शन में मीम्स और तारीफों की बाढ़ ला दी। हर कोई अभिनेता के इस मजाकिया अंदाज की तारीफ कर रहा है। टीवी और फिल्म एक्ट्रेस माही विज ने भी इस पोस्ट पर हंसने वाली इमोजी के साथ कमेंट करते हुए लिखा, टू गुड (Toooo Gooodddddd)। दरअसल, यह पूरा मामला हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब सलमान खान एक पब्लिक इवेंट में शामिल हुए थे। वे स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के ऑफिस में एक नए डेटा कलेक्शन और वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को उनके नए घर की चाबियां भी सौंपीं। इस इवेंट के दौरान सलमान कैजुअल शर्ट, डेनिम और कैप पहने नजर आए। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में कुछ फैंस को लगा कि वे काफी थके हुए, कमजोर और अस्वस्थ दिख रहे हैं। देखते ही देखते इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ यूजर्स ने कमेंट किया, क्या सलमान खान बीमार हैं? तो किसी ने उनकी तुलना धर्मेंद्र जी के ढलते दिनों से कर दी। इसी चिंता और अफवाहों को शांत करने के लिए सलमान ने यह नया पोस्ट शेयर किया। वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान के फैंस उनकी आगामी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह एक बड़े बजट की वॉर ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म पहले इसी साल अप्रैल के महीने में रिलीज होने वाली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया। मेकर्स जल्द ही फिल्म की नई और संशोधित रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान करेंगे।
देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व
Devshayani Ekadashi Date 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसी दिन से चातुर्मास यानी चार महीने का पवित्र समय भी शुरू हो जाता है। इस बार वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई, शनिवार को मनाई जाएगी। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है? देवशयनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु राजा बलि के पास पाताल लोक में चार महीने के लिए विश्राम करने चले जाते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह समय बाहरी भागदौड़ को छोड़कर आंतरिक शांति, ध्यान, भक्ति और साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास का शुभारंभ होता है, जो चार महीनों तक चलता है। साथ ही इन चार महीनों या चातुर्मास में भगवान विष्णु के सोने के कारण विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे सभी बड़े शुभ और मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं और साधु-संत तथा श्रद्धालु अधिक से अधिक पूजा-पाठ, जप, तप, व्रत और दान-पुण्य में समय व्यतीत करते हैं। इस दिन क्या करते हैं? जानें पूजा विधि और नियम देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के लिए श्रद्धालु कई नियम और अनुष्ठान करते हैं: व्रत और संकल्प: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। कई लोग इस दिन निराहार या फलाहार व्रत रखते हैं। इस दिन भगवान विष्णु का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भगवान विष्णु की मूर्ति को पीले वस्त्र, पीले फूल, तुलसी के पत्ते, धूप, दीप और चंदन अर्पित किया जाता है। शयन कराने की विधि: चूंकि इस दिन के बाद भगवान शयन पर जाते हैं, इसलिए पूजा के बाद प्रतीकात्मक रूप से भगवान विष्णु की मूर्ति को एक सुंदर छोटे गद्दे और तकिये वाले बिस्तर पर सुलाया जाता है और उन्हें पीला पर्दा या चादर ओढ़ाई जाती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें मंत्र जाप : इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है। दीपदान और दान कार्य: शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाया जाता है। इस दिन भूखे लोगों को भोजन कराना, पीले अनाज या वस्त्रों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। चातुर्मास के नियमों की शुरुआत: इस दिन से लोग अगले चार महीनों के लिए किसी एक विशेष चीज या बुरी आदत, जैसे- झूठ बोलना, तामसिक भोजन, या किसी खास सब्जी/फल को त्यागने का नियम लेते हैं। जरूरी टिप: देवशयनी एकादशी के व्रत में चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। इस दिन घर में पूरी तरह सात्विक माहौल रखें और शाम को भगवान के शयन के बाद उनसे जीवन के सभी संकटों को दूर करने की प्रार्थना करें। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
भारत में जब भी हम किसी सब्जी मंडी या ठेले वाले से आलू, प्याज या अन्य सब्जियां खरीदते हैं, तो आखिर में झोले में थोड़ी सी हरी मिर्च और धनिया मुफ्त में डलवाना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार जैसा होता है। सब्जीवाले भी हंसकर चार-पांच मिर्च मुफ्त में डाल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी हरी मिर्च के लिए विदेशों में आपको कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है, जो अमेरिका के एक सुपरमार्केट में सिर्फ चंद हरी मिर्च की कीमत देखकर पूरी तरह हैरान रह गई। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वायरल वीडियो भारत और अमेरिका के बीच न सिर्फ रहन-सहन बल्कि रोजमर्रा के खर्चों के बड़े अंतर को बयां करता है।114 ग्राम मिर्च का पैकेट देखकर थमी महिला की नजरेंवायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक भारतीय महिला अमेरिका के एक बड़े सुपरमार्केट में सब्जियां खरीदने पहुंचती है। वहां जब वह घूमते हुए हरी मिर्च के सेक्शन में जाती है, तो उसकी नजर एक छोटे से प्लास्टिक डिब्बे (पैकेट) पर पड़ती है। पैकेट पर लिखी कीमत को देखते ही महिला हैरान रह जाती है और तुरंत अपना कैमरा निकालकर इस वाकये को रिकॉर्ड करने लगती है। महिला वीडियो में बताती है कि अमेरिका में हरी मिर्च खरीदना किसी सोना या चांदी खरीदने जैसा महंगा काम है। उसने पैकेट का वजन दिखाते हुए बताया कि महज 114 ग्राम के इस छोटे से डिब्बे में मुश्किल से 12 से 13 मिर्च ही मौजूद हैं, लेकिन इसका दाम सुनकर किसी भी भारतीय के होश उड़ जाएंगे।भारतीय रुपए में करीब 3500 रुपए किलो बिक रही है मिर्चमहिला ने वीडियो में आगे कैलकुलेशन करके दिखाया कि इस 114 ग्राम के छोटे से पैकेट की कीमत करीब 400 रुपए (भारतीय मुद्रा के अनुसार) बैठती है। अगर इस हिसाब से 1 किलो हरी मिर्च की कीमत का अंदाजा लगाया जाए, तो अमेरिका में यह लगभग 3500 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच जाती है। महिला कहती है कि भारत में इतनी मिर्च तो सब्जी वाले थैले में ऐसे ही बिना पैसे लिए डाल देते हैं, जबकि यहां इसके लिए ₹400 का नोट ढीला करना पड़ रहा है। यही वजह है कि यह वीडियो अपलोड होते ही कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया और इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।सोशल मीडिया पर छिड़ी महंगाई बनाम कमाई की बहसइस वीडियो के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में भारतीय यूजर्स की तरफ से बेहद मजेदार और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर ने गर्व से कमेंट करते हुए लिखा, इसीलिए तो कहते हैं- मेरा भारत महान! हमारे यहां ₹20 में पाव भर (250 ग्राम) मिर्च मिल जाती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, इस भाव को देखकर तो लगता है कि अब अमेरिका जाकर मिर्च की खेती ही शुरू कर देनी चाहिए।हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस तुलना को पूरी तरह सही नहीं माना और व्यावहारिक पक्ष रखते हुए लिखा कि अमेरिका में लोगों की इनकम और सैलरी भी उसी हिसाब से डॉलर में काफी ज्यादा होती है, इसलिए भारतीय रुपए में सीधे करेंसी कन्वर्ट करके कीमतों की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। इसके अलावा विदेशों में पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लेबर कॉस्ट और कोल्ड स्टोरेज का खर्च ज्यादा होने के कारण भी भारत की तुलना में सब्जियां काफी महंगी बिकती हैं।
श्रीडूंगरगढ़ में बोलेरो-बस की भिड़ंत में 3 लोगों की मौत, 8 घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर बस और बोलेरो की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हाे गए। पुलिस सूत्रों ने बताया हादसा अपराह्न करीब तीन बजे बस बीकानेर से जयपुर जा रही थी,जबकि बोलेरो श्रीडूंगरगढ़ की तरफ से आ […] The post श्रीडूंगरगढ़ में बोलेरो-बस की भिड़ंत में 3 लोगों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
रोहित शर्मा का शतक, लेकिन भारत निर्णायक मैच और सीरीज 1-2 से हारा
लंदन। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपना आखिरी मैच खेलने की चर्चाओं के बीच शानदार शतक (138) जड़ा, लेकिन भारत को इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में रविवार को 27 रन से और तीन मैचों की सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन डकेट […] The post रोहित शर्मा का शतक, लेकिन भारत निर्णायक मैच और सीरीज 1-2 से हारा appeared first on Sabguru News .
अलवर में साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले में पुलिस ने साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में चार मामले दर्ज करके नौ एंड्रॉयड मोबाइल, 17 सिम कार्ड और छह एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। मामले की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी […] The post अलवर में साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बच्चों के यौन शोषण-दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली पुलिस ने बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से एक बड़ा अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में उन लोगों […] The post बच्चों के यौन शोषण-दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दीपक भार्गव बने श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति के सचिव, भव्य स्वागत
अजमेर। श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रबंधक समिति, शास्त्री नगर की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को अध्यक्ष डॉ. एस.डी. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से शास्त्री नगर निवासी समाजसेवी दीपक भार्गव को मंदिर समिति का सचिव नियुक्त किया गया। यह पद लंबे समय से रिक्त था, जिस पर नियुक्ति होने से समिति […] The post दीपक भार्गव बने श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति के सचिव, भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Horoscope Rashifal 20 July 2026: करियर: दिन की शुरुआत बेहतरीन रहेगी। दफ्तर में आपके सुझावों का स्वागत होगा और बॉस आपकी कार्यशैली से प्रभावित होंगे। लव: जीवनसाथी के साथ शाम को क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे वित्तीय बोझ कम होगा। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: कार्यस्थल पर काम की अधिकता हो तो सहकर्मियों से विवाद करने से बचें और अपने काम पर ध्यान दें। लव: प्रेम जीवन में किसी बात को लेकर गलतफहमी हो सकती है। शांत मन से बात करके मामले को सुलझाएं। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अनुकूल नहीं है। आज पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। हल्का और सुपाच्य भोजन लें। उपाय: मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आपकी बातचीत की कला आज आपको कोई बड़ी डील दिला सकती है। लव: सिंगल लोगों के जीवन में किसी नए व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ के योग बने हुए हैं। आमदनी के नए स्रोत मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: सुबह की सैर या योग आपको पूरे दिन तरोताजा रखेगा। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा (घास) चढ़ाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर:अपने काम को समय पर पूरा करने की कोशिश करें, सीनियर्स आपके काम पर नजर रख रहे हैं। लव: मुश्किल समय में जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका हौसला बढ़ेगा। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आपका बजट प्रभावित हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। उपाय: ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: नौकरीपेशा लोगों को कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ चल रहे पुराने मतभेद आज समाप्त होंगे। धन: पुराने किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: पुरानी किसी शारीरिक समस्या से राहत मिलेगी। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं तो आज सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लव: परिवार के साथ बैठकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हो सकती है। धन: आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। धन संचय करने के प्रयास सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी। आंखों में थोड़ी थकान महसूस हो सकती है। उपाय: किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न का दान करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 20 to 26 July: साप्ताहिक अंक राशिफल: जानें किन मूलांक वालों पर रहेगी किस्मत मेहरबान 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला, रचनात्मकता या मीडिया से जुड़े लोगों के मेहनत की सराहना होगी। लव: पार्टनर के साथ आपसी तालमेल और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। धन: नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना आज आगे बढ़ सकती है। स्वास्थ्य: बदन दर्द की समस्या हो सकती है। भारी सामान उठाने से बचें। उपाय: शिवलिंग पर चावल चढ़ाएं। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आपकी सूझबूझ से सब ठीक हो जाएगा। लव: गुस्से में आकर ऐसी कोई बात न कहें जिससे रिश्ते में खटास आए। धन: आर्थिक मामलों में आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य: आप मौसमी बीमारियों से बचकर रहें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा या विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वालों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लव: प्रेमी के साथ शाम का समय यादगार और आनंदपूर्वक बीतेगा। धन: आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। लंबे समय से अटका पैसा मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से काफी शांत रहेंगे, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: मस्तक पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर काम का बोझ अधिक रहेगा, धैर्य से काम लें, सफलता जरूर मिलेगी। लव: पार्टनर की व्यस्तता के कारण में आपसी समझ से काम लें। धन: वित्तीय मामलों में आज का दिन थोड़ा धीमा रह सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी या गले में खराश की समस्या हो सकती है। उपाय: पक्षियों के लिए पानी और दाने का इंतजाम करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: साझेदारी के कोई व्यापार या नौकरी में अनुकूलता बनी रहेगी। लव: लव पार्टनर में एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा। स्वास्थ्य: खेलकूद में रुचि बढ़ेगी। शारीरिक रूप से खुद को तंदुरुस्त पाएंगे। उपाय: सोमवार के दिन सफेद वस्तुओं- जैसे दूध, चावल या चीनी का दान करें। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: नौकरीपेशा लोगों के काम की बॉस खुलकर तारीफ कर सकते हैं। लव: दांपत्य जीवन में खुशहाली रहेगी। धन: अचानक धन लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में दिन बढ़िया है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। ALSO READ: August 2026 Festivals: अगस्त 2026 माह के व्रत एवं त्योहारों और जयंतियों की लिस्ट
23 अगस्त 2025, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम ने मोदी गर्व से कहा था- भारत जल्द ही गगनयान की उड़ान भरेगा, अपना स्पेस स्टेशन बनाएगा और चांद-मंगल के भी पार जाएगा। 11 महीने भी नहीं बीते कि बड़े पैमाने पर वैज्ञानिकों के ISRO छोड़ने की खबरें आ रही हैं। इससे गगनयान जैसे कई बड़े स्पेस मिशन भी अटक सकते हैं। घबराए अंतरिक्ष विभाग ने इस्तीफों की मंजूरी का नियम और सख्त कर दिया है। दुनिया की सबसे सफल स्पेस एजेंसियों में शुमार भारत की ISRO में अंदरखाने क्या चल रहा; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा ------- ये खबर भी पढ़िए… क्या यूक्रेन से हारने वाला है रूस: क्रीमिया फिसल रहा, तेल के लिए लंबी कतारें, पुतिन बोले- मुश्किल दौर; यूक्रेन ने कैसे बाजी पलटी 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। दुनियाभर के मिलिट्री एक्सपर्ट्स बोले- रूस 24 घंटे के भीतर यूक्रेन को घुटनों पर ला देगा। लेकिन 4 साल, 4 महीने और 18 दिन की जंग के बाद रूस खुद बेहाल दिख रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जंग के दौरान पहली बार माना कि देश मुश्किल में है। पूरी खबर पढ़िए…
लखनऊ। हम अक्सर सुनते हैं कि अत्यधिक दुख, सदमा या तनाव इंसान के दिल को कमजोर कर देता है और हार्ट अटैक की वजह बनता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा खुशी (Extreme Happiness) भी आपके दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है? ज़ी न्यूज़ (Zee News) की एक विशेष हेल्थ और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां अपनी बेटी की शादी और विदाई के भावनात्मक पलों में अत्यधिक खुश और भावुक होने के कारण अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला किसी सामान्य हार्ट अटैक की नहीं, बल्कि एक बेहद दुर्लभ मेडिकल कंडीशन 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' (Happy Heart Syndrome) की शिकार हुई है, जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' (Takotsubo Cardiomyopathy) कहा जाता है।बेटी की शादी के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत, सामने आया दुर्लभ मामलारिपोर्ट के अनुसार, शादी के सारे कार्यक्रम अच्छे से संपन्न होने और बेटी की विदाई के बाद महिला ने अचानक छाती में तेज दर्द (Chest Pain), भारीपन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया।हार्ट अटैक जैसे लक्षण: शुरुआती ईसीजी (ECG) और ब्लड टेस्ट में सारे लक्षण बिल्कुल किसी गंभीर हार्ट अटैक (Heart Attack) जैसे दिखाई दे रहे थे।एंजियोग्राफी रिपोर्ट ने चौंकाया: जब डॉक्टरों ने महिला के दिल की नसों की ब्लॉकर्स जांचने के लिए कोरोनरी एंजियोग्राफी की, तो वे हैरान रह गए। दिल की सभी नसें पूरी तरह साफ और सामान्य थीं, यानी कहीं कोई ब्लॉकेज नहीं था। इसके बाद गहन जांच में पाया गया कि महिला का दिल अत्यधिक इमोशनल सर्ज (भावनात्मक उबाड़) के कारण अस्थाई रूप से कमजोर हो गया था।क्या है 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' या 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम'?चिकित्सकों ने इस बीमारी के पीछे के न्यूरो-कार्डियक कनेक्शन को समझाते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:दिल का आकार बदलना (Left Ventricle Ballooning): इस बीमारी में अत्यधिक खुशी या अत्यधिक दुख के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे—एड्रेनालाईन) का स्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है। यह हार्मोन दिल के निचले हिस्से (Left Ventricle) को अस्थाई रूप से पंगु या सुन्न कर देता है, जिससे दिल का निचला हिस्सा गुब्बारे की तरह फूल जाता है (जैसा कि ऊपर चित्र में दाएं हिस्से में दिखाया गया है)।जापानी नाम का रहस्य: इस फूले हुए दिल का आकार जापान में ऑक्टोपस (एक समुद्री जीव) को पकड़ने वाले एक खास घड़े जैसा दिखता है, जिसे वहां 'ताकोत्सुबो' कहा जाता है। इसीलिए इसका नाम 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' पड़ा। इसे सामान्यतः 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' (Broken Heart Syndrome) भी कहते हैं, लेकिन जब यह अत्यधिक खुशी से हो, तो इसे 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' कहा जाता है।महिलाओं में सबसे ज्यादा खतरा, डॉक्टरों ने दी अहम सलाहहार्ट रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) का कहना है कि यह बीमारी पुरुषों की तुलना में 50 वर्ष से अधिक उम्र की पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं (Postmenopausal Women) में सबसे ज्यादा देखी जाती है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं का दिल अचानक होने वाले भावनात्मक बदलावों को झेलने में ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।राहत की बात यह है कि सामान्य हार्ट अटैक के विपरीत, हैप्पी हार्ट सिंड्रोम में दिल की मांसपेशियां स्थाई रूप से डैमेज नहीं होती हैं। उचित मेडिकल केयर, सपोर्टिव थेरेपी और दवाओं की मदद से मरीज का दिल कुछ हफ्तों या महीनों में पूरी तरह से अपने पुराने और सामान्य आकार में वापस आ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़े पारिवारिक या सामाजिक उत्सव के दौरान, जहां बहुत ज्यादा भावुक कर देने वाले पल हों, वहां दिल और सांसों की गति को सामान्य बनाए रखने के लिए गहरी सांसें लें और अत्यधिक उत्तेजना से बचने का प्रयास करें।
गंगापुर सिटी/सवाई माधोपुर। राजस्थान के शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। मनीकंट्रोल हिंदी (Moneycontrol Hindi) और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगापुर सिटी (Gangapur City) जिले के बामनवास उपखंड के अंतर्गत आने वाले लिवाली गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षिका की घिनौनी और अमानवीय करतूत सामने आई है। स्कूल में महज ₹500 का एक नोट गुम होने पर संदेह के आधार पर कक्षा 9 और 11 की मासूम छात्राओं को एक कमरे में बंद कर दिया गया और तलाशी के नाम पर उनके कपड़े उतरवाए गए। इस शर्मनाक और अमानवीय व्यवहार के बाद पीड़ित छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।₹500 खोने पर आपा खो बैठीं मैडम, बंद कमरे में ली लज्जाजनक तलाशीघटनाक्रम के अनुसार, विद्यालय में कार्यरत एक सीनियर शिक्षिका के ₹500 कहीं गुम हो गए थे। क्लास में काफी खोजबीन करने के बाद भी जब पैसे का पता नहीं चला, तो मैडम ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक आत्मघाती कदम उठाया:कमरे में किया बंद: शिक्षिका ने चोरी के शक में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा की कई बालिकाओं को एक सुनसान कमरे में बंद कर दिया।जबरन उतरवाए कपड़े: बालिकाओं के भारी विरोध और रोने-बिलखने के बावजूद, तलाशी के नाम पर उनके कपड़े खुलवाए गए (Forced to Strip)।गहरे सदमे में छात्राएं: इस लज्जाजनक और अपमानजनक घटना से छात्राएं मानसिक रूप से गहरे सदमे में आ गईं और घर पहुंचकर रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई।आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, पुलिस और शिक्षा विभाग में हड़कंपजैसे ही यह बात गांव में फैली, ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। भारी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर स्कूल परिसर पहुंच गए और जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया।स्कूल पर तालेबंदी: उग्र ग्रामीणों ने तुरंत स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और दोषी शिक्षिकाओं की तत्काल गिरफ्तारी व निलंबन की मांग पर अड़ गए।प्रशासनिक दखल: मामले की गंभीरता को देखते हुए बामनवास की कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) प्रतिभा मीणा और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। सीबीईओ ने पीड़ित बालिकाओं के व्यक्तिगत बयान दर्ज किए, जिसमें छात्राओं ने शिक्षिका की इस घिनौनी करतूत की पूरी पुष्टि की।कड़ा एक्शन: सीनियर टीचर सरस्वती मीणा सस्पेंड, विभागीय जांच शुरूमामला जिला मुख्यालय और उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई की है:शिक्षिका का निलंबन: स्कूल शिक्षा भरतपुर संभाग के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सीनियर टीचर सरस्वती मीणा को राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 13 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspended) कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय धौलपुर के राजाखेड़ा में रहेगा।प्रशिक्षक कार्यमुक्त: इसके साथ ही घटना में सह-आरोपी रहीं व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बेहद संवेदनशील और छात्राओं की सुरक्षा व गरिमा (Student Safety and Dignity) से जुड़े मामले में एक विस्तृत विभागीय जांच बैठाई जा रही है और पुलिस भी अपनी कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों के संरक्षण और शिक्षकों के मानसिक व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
संसद मार्च हिंसा में बदल सकता है? जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने दी चेतावनी
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने जंतर-मंतर से संसद मार्च की योजना पर युवाओं को चेतावनी दी और इतिहास के उदाहरणों के साथ अपनी आशंकाएं व्यक्त कीं।
डेकेट ने शतक लगाकर और बेथल ने 91 रन बनाकर बनाया भारतीय गेंदबाजी का कीमा
ENGvsIND बेन डकेट की 141 रन की शानदार पारी और जैकब बेथेल के साथ पहले विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी के बूते इंग्लैंड ने रविवार को निर्णायक तीसरे एकदिवसीय मैच में तीन विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।तीन मैचों की यह श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर है। शतकवीर डकेट ने अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जमकर धुनाई की और मैच पर पूरी तरह इंग्लैंड की पकड़ मजबूत कर दी।भारत को मैच से पहले ही बड़ा झटका लगा, जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने में लगी चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति भारतीय टीम को भारी पड़ी और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया। इस मैच में खेल रहे भारत के चार तेज गेंदबाजों प्रसिद्ध कृष्णा (10 ओवर में 69 रन देकर दो विकेट), अर्शदीप सिंह (10 ओवर में 72 रन), प्रिंस यादव (10 ओवर में 79 रन देकर एक विकेट) और गुरनूर बराड़ (10 ओवर में 97 रन) के संयुक्त खाते में महज 51 एकदिवसीय मैचों का अनुभव था। अनुभव और धार की कमी के कारण वे शानदार लय में बल्लेबाजी कर रही इंग्लैंड की टीम पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। डकेट और बेथेल (93 गेंदों में 91 रन) ने अपनी योजना और शानदार बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। शुरुआती 10 ओवर के पावरप्ले में इंग्लैंड ने 58 रन बनाए, लेकिन 11वें से 30वें ओवर के बीच दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और तेजी से रन बटोरे। दोनों की 192 रन की साझेदारी भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी बन गयी। डकेट ने इसके साथ ही ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर वनडे की सबसे बड़ी पारी के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (इंग्लैंड के खिलाफ 1979 में नाबाद 138 रन) के 47 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। भारत को अक्षर पटेल (10 ओवर में 61 रन) के अलावा दूसरे विशेषज्ञ स्पिनर की कमी खली, ऐसे में कुलदीप यादव को मौका नहीं देने पर सवाल उठ रहे हैं।डकेट ने अपनी शानदार पारी में 18 चौके और एक छक्का लगाया, जबकि शुरुआत में अधिक सहज दिख रहे बेथेल ने 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वह हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर बाउंड्री के पास रोहित शर्मा को कैच देकर शतक से चूक गए। इसके बाद शानदार लय में चल रहे जो रूट ने 48 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए। यह इस श्रृंखला में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक था, जिसकी मदद से इंग्लैंड का स्कोर 350 के पार पहुंचा। अंत में जोस बटलर ने भी सिर्फ 13 गेंदों में नाबाद 41 रन की विस्फोटक पारी खेली। गुरनूर बराड़ के लिए यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कठिन अनुभव साबित हुआ और उन्होंने अपने 10 ओवर में लगभग 100 रन लुटा दिए।पारी की शुरुआत में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को लॉर्ड्स के प्रसिद्ध ढलान (स्लोप) पर अपनी लेंथ नियंत्रित करने में दिक्कत हुई। बेथेल ने उनकी गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया और फिर मिडविकेट और मिड-ऑन के बीच शानदार चौका भी जड़ा। Ben Duckett made it count with a classy century : https://t.co/eY31ILqyLW pic.twitter.com/HAVrmZgUDB — ICC (@ICC) July 19, 2026 लंबे समय बाद इस प्रारूप में वापसी कर रहे अर्शदीप सिंह भी अपनी लाइन पर नियंत्रण नहीं रख सके, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने कई बार बेथेल को परेशान किया, लेकिन बीच-बीच में ढीली गेंदें भी फेंकीं, जिनका बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। बेथेल ने केवल 51 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड ने 16वें ओवर में ही 100 रन पूरे कर लिए। तब तक भारतीय गेंदबाज 15 चौके खा चुके थे और उनकी लाइन-लेंथ इतनी खराब रही कि दोनों सलामी बल्लेबाज आसानी से लय में आ गए। पूरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने 42 चौके और छह छक्के खाए।
क्या भारत को सुधार नहीं, क्रांति चाहिए? कपिल सिब्बल पर जस्टिस काटजू का दृष्टिकोण
पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने कपिल सिब्बल, भारतीय संविधान, लोकतंत्र, राजनीतिक व्यवस्था और क्रांति की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। पढ़ें उनका विस्तृत विश्लेषण
18 जुलाई को सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का 21 वां दिन था। सुबह करीब 7 बजे दिल्ली पुलिस के कई जवान सादे कपड़ों में आए, सोनम के मंच पर चढ़े, चारों तरफ सफेद चादरें लगाईं और महज 1 मिनट के अंदर सोनम को उठाकर ले गए। जबकि 20 दिन से सरकार ने कोई बयान तक नहीं दिया था। आखिर सरकार को इतनी जल्दबाजी क्यों थी? अचानक अकेले वांगचुक को इस तरह उठाने के पीछे 3 फैक्टर्स जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… 20 जून को कॉकरोच जनता पार्टी, CJP ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट शुरू किया। सोनम ने भी 28 जून को समर्थन में भूख-हड़ताल शुरू कर दी। 21वें दिन वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले जाने के पीछे 2 बड़ी राजनीतिक वजहें हैं… 1. संसद सत्र के पहले दिन तीन-तरफा दबाव की आशंका सीनियर पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं कि 20 जुलाई को संसद सत्र के दिन केंद्र सरकार और प्रशासन के लिए उमर अब्दुल्ला, CJP और सोनम, तीन तरफ से दबाव की स्थिति बन सकती थी। सरकार किसी तरह इस दबाव को कम करना चाहती थी। 2. विपक्षी नेता सोनम के साथ एकजुट होने लगे सोनम के पक्ष में विपक्षी नेताओं के एकजुट होने और उमर अब्दुल्ला की 17 जुलाई की घोषणा के मद्देनजर आनन-फानन में सोनम को उठाने का फैसला लिया गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसीलिए 17 जुलाई को दिल्ली कमिश्नर सतीश गोलचा को अचानक हटाकर उनकी जगह खुफिया एजेंसी ‘IB’ के स्पेशल डायरेक्टर रहे अनुराग कुमार लाए गए। 17-18 जुलाई की रात डेढ़ बजे सोनम को हटाने के निर्देश मिले। फिर मंदिर मार्ग थाने में रणनीति बनी। सुबह 5 बजे अधिकारी जंतर-मंतर पहुंचे, आखिरी ब्रीफिंग दी। फिर उसी हिसाब से एक्शन हुआ। सोनम से CJP को मिला ‘डिजिटल मोमेंटम’ सोनम की तबीयत बिगड़ने की चर्चा से बढ़ा मीडिया कवरेज सेलेब्रिटीज सोनम के सपोर्ट में आए 14 जुलाई से सोशल मीडिया पर हैशटैग के साथ सोनम के सपोर्ट वाली पोस्ट्स की बाढ़ आ गई… दरअसल, भुखमरी से जुड़ी कई रिसर्च के मुताबिक, कोई दुबला-पतला व्यक्ति खाना न खाए, तो उसके शरीर के वजन का करीब 18% तक कम होने पर भूख से मरने की नौबत आ जाती है। ऐसा औसतन 30 से 50 दिनों के बाद होता है। कोई स्वस्थ व्यक्ति है या पानी और नमक वगैरह ले रहा है, तो कुछ ज्यादा दिन चला जा सकता है। उत्तर प्रदेश बेस्ड डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) अजय सिंह कहते हैं कि सोनम के हेल्थ पैरामीटर्स देखते हुए ये नहीं कहा जा सकता कि तत्काल उनकी जान को कोई खतरा था। वे हाइड्रेटेड थे। हालांकि 20 दिन के अनशन के बाद लगातार निगरानी की जरूरत तो थी, क्योंकि उनकी उम्र 59 साल है।19 जुलाई की सुबह गीतांजलि ने X पर पोस्ट सफदरजंग हॉस्पिटल पर आरोप लगाया कि वह सोनम के हेल्थ पैरामीटर्स की सही जानकारी नहीं दे रहा है। उन्होंने सोनम को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को 3 दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार का उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाने का फैसला मनमाना नहीं कहा जा सकता। सवाल-1: सोनम वांगचुक को उठाकर क्या सरकार से मिस-कैलकुलेशन हो गई?जवाबः राजनीतिक मोर्चे पर इसे 'मिस-कैलकुलेशन' माना जा रहा है, क्योंकि वांगचुक को हटाने के बाद से आंदोलन खत्म होने के बजाय प्रोटेस्ट मजबूत होता दिखा है। अब धर्मेंद्र प्रधान के साथ पीएम नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगा जा रहा है। सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी का मानना है, ‘सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल ले जाना मोदी सरकार की चूक हो सकती है। वांगचुक की छवि एक बेदाग, देशप्रेमी और पर्यावरण कार्यकर्ता की है। जब सरकार ऐसे किसी चेहरे पर हाथ डालती है, तो जनता में मैसेज गलत जाता है।’ 18 जुलाई को अभिजीत खुद भूख हड़ताल पर बैठ गए और उन्होंने रात का पहरा शुरू किया, ताकि पुलिस वहां से उन्हें पूरी तरह न खदेड़ दे। इसके चलते पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा लोग जुटे। पॉलिटिकल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव, RJD सांसद मनोज झा, AAP नेता गोपाल राय, आजाद समाज पार्टी के नेता चन्द्रशेखर आजाद जैसे तमाम नेता भी जंतर-मंतर पहुंचे। सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने भी सरकार से बातचीत की अपील की। लोकसभा में विपक्षी के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, अखिलेश यादव, केजरीवाल, डिंपल यादव, संजय सिंह, किसान नेता राकेश टिकैत जैसे लोगों ने भी पुलिस एक्शन का विरोध किया है। वहीं वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो खुलकर सामने आ गई हैं। उन्हें भी सपोर्ट मिल रहा है। सवाल-2: कॉकरोच पार्टी का प्रोटेस्ट किधर जाता दिख रहा है?जवाबः CJP 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ की तैयारी कर रही है। सोनम वांगचुक की तरफ से भी उनके सोशल मीडिया पर अपील की गई- ‘20 जुलाई को आजादी का दूसरा आंदोलन। भयमुक्त भारत, अन्यायमुक्त भारत। संसद मार्च को सफल बनाएं।’ CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि अस्पताल में जबरन डिटेंशन में रखे गए सोनम सर जंतर-मंतर पर वापस आकर इस संघर्ष को जारी रखना चाहते हैं। वहीं गीतांजलि ने कहा है कि अगर सोनम 20 जुलाई के मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो मैं उनकी तरफ से मार्च को लीड करूंगी। हालांकि 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया, तो पुलिस से टकराव होना तय है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि CJP को संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे दिल्ली के संवेदनशील इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अगर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। सवाल-3: क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कोई संभावना है?जवाबः पहले सुगबुगाहट थी कि मानसून सत्र से पहले कैबिनेट में बदलाव होगा। धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदल सकता है या फिर बीजेपी संगठन में भेजा जा सकता है। हालांकि बीते कुछ दिनों से ऐसी कोई चर्चा नहीं है। 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर पुलिस एक्शन हुआ, तो प्रधान के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मोदी सरकार का एक अनकहा नियम है कि इसमें मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते। पिछले 12 साल में अकेले एमजे अकबर को #MeToo आरोप के चलते विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मोदी सरकार जानती है कि अगर किसी दबाव में कोई इस्तीफा हुआ, तो ये नजीर बन जाएगी और फिर बार-बार ऐसी मांगे होंगी। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… क्या सोनम वांगचुक को जबरन खाना खिलाना गैरकानूनी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और एक्सपर्ट्स से समझिए; अब आंदोलन का क्या होगा जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठा ले गई। अभिजीत दीपके ने कहा- ‘पुलिस ने सोनम सर को गालियां दीं और घसीटकर जबरन ले गए।’ पूरी खबर पढ़िए…
जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी PV सिंधु
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को यहां शानदार आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय प्रबल दावेदार अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहली बार जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता। जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी 31 साल की सिंधू ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया और दो साल से अधिक समय बाद अपना पहला खिताब जीता। सिंधू ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में जीता था।जापान ओपन की यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत है। Where she belongs Standing tall on the top spot of the podium with Japan Open Gold around her neck. History looks incredibly good on you, PV Sindhu! #JapanOpen2026 : @badmintonphoto pic.twitter.com/Rkbz3yZess — BAI Media (@BAI_Media) July 19, 2026 आत्मविश्वास का मिला फल, लेकिन विश्व चैंपियनशिप में पदक के लिए लय बनाए रखना होगा अहम: सिंधू जापान ओपन में छह वर्षों में अपना सबसे बड़ा खिताब जीतने के बाद भावुक हुई पीवी सिंधू ने कहा कि आखिरकार अटूट आत्मविश्वास का फल मिला और अब उनका लक्ष्य अगले महीने होने वाली विश्व चैंपियनशिप में इसी लय और संयम को बनाए रखना है जिसमें वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कोशिश करेंगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने रविवार को आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जापान की स्टार और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया। करीब दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करने के बाद भावुक सिंधू ने कहा, ‘‘मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि मेरे लिए यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। मैं लंबे समय से खुद पर बहुत मेहनत कर रही थी और पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थी। ’’सिंधू का पिछला खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था। तोक्यो में मिली यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 का खिताब भी जीता था।
रानी पिंक सूट में शहनाज गिल ने ढाया कहर, वायरल एथनिक फोटोशूट ने जीता फैंस का दिल
बॉलीवुड और पंजाबी इंडस्ट्री की चहेती अदाकारा शहनाज गिल अपने स्टाइल स्टेटमेंट और गजब के ट्रांसफॉर्मेशन से हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में शहनाज ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नया एथनिक फोटोशूट पोस्ट किया है, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो गया है। इस लेटेस्ट फोटोशूट में शहनाज ने गहरे रानी पिंक कलर का बेहद खूबसूरत एथनिक सूट कैरी किया है। उनके इस आउटफिट को बहुत ही बारीकी से डिजाइन किया गया है। कुर्ती के योक पर गोल्डन थ्रेडवर्क, बारीक गोटा-पत्ती और जटिल जरदोजी वर्क के साथ-साथ शानदार मिरर और सेक्विन वर्क किया गया है। कुर्ती के डीप-नेकलाइन और स्लीव्स के किनारों पर लगे लटकन-मोती इस ड्रेस को एक रॉयल और हेरिटेज लुक दे रहे हैं। इसके साथ उन्होंने मैचिंग एम्ब्रॉयडरी वाली स्ट्रेट-फिट एंकल लेंथ पैंट और नेट का एक खूबसूरत शीर दुपट्टा पेयर किया है, जो उनके पूरे लुक में एलिगेंस का तड़का लगा रहा है। शहनाज गिल अपने ने मेकअप को बेहद सिंपल और सटल रखा है। उन्होंने लाउड कलर्स को छोड़कर न्यूड-ग्लॉसी लिप्स, न्यूड आईशैडो, मस्कारा से सजी पलकें और हल्का सा ब्लश ऑन चुना है, जो उनके नेचुरल फीचर्स को बखूबी उभार रहा है। हेयरस्टाइल की बात करें तो शहनाज ने अपने सिग्नेचर स्टाइल को अपनाते हुए बालों को मिडल-पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेवी लुक दिया है। उनके खुले काले बाल कंधों पर लहराते हुए उनके चेहरे के कट को बेहद खूबसूरती से फ्रेम कर रहे हैं। शहनाज गिल का यह फोटोशूट किसी लग्जरियस इनडोर स्टूडियो का लग रहा है, जहां वह एक आलीशान विंटेज आर्मचेयर पर बैठकर बेहद दिलकश अंदाज में पोज दे रही हैं। तस्वीरों में शहनाज का आत्मविश्वास और उनका सेक्सी पोस्चर साफ झलक रहा है। कभी वह चेयर पर रॉयल अंदाज में पीछे की ओर झुककर कैमरे में इंटेंस लुक दे रही हैं, तो कभी अपनी थिक-बॉर्डर वाली पैंट और गोल्डन हील्स को फ्लॉन्ट करते हुए फ्रंट पोज दे रही हैं। एक तस्वीर में वह अपने सिर को हाथों से थामे हुए गहराई से सोचती नजर आ रही हैं, जो उनके फैंस को काफी आकर्षित कर रहा है। शहनाज के चेहरे का ग्लो और उनके सिजलिंग फेशियल एक्सप्रेशंस इस पारंपरिक आउटफिट में भी बोल्डनेस और ग्लैमर का परफेक्ट फ्यूजन पेश कर रहे हैं। शहनाज की इन तस्वीरों पर कमेंट बॉक्स में फैंस 'बॉम्बशेल', 'रॉयल क्वीन' और 'ब्यूटी इन पिंक' जैसे कमेंट्स की बौछार कर रहे हैं। कुछ ही घंटों में इस पोस्ट पर लाखों लाइक्स आ चुके हैं।
इंगलैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता FIFA World Cup का ब्रोंज मेडल
बुकायो साका की हैट्रिक की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्वकप 2026 के कांस्य पदक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।मियामी स्टेडियम में शनिवार रात खेले गये मुकाबले के शुरुआती 20 मिनट में डेकलन राइस और एजरी कॉन्सा ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई। इसके बाद साका ने दो गोल कर टीम का स्कोर 4-0 से कर दिया। डेकलन राइस ने तीसरे मिनट, एजरी कॉन्सा ने 18वें तथा साका ने 37वें और स्टॉपेज समय में गोल दागे। दूसरे हाफ में फ्रांस ने तीन गोल कर वापसी की और बराबरी करने के कई आसान अवसर भी बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं सका। किलियन एमबापे ने पहला गोल (44) मिनट और 66वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इन दो गोलों के बीच ब्रैडली बारकोला (54वें मिनट) गोल किया। इन दो गोलों की बदौलत एमबापे 2026 विश्वकप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए। वह विश्व कप इतिहास में 22 गोल के साथ लियोनेल मेसी को पछाड़ते हुए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गये है। फ्रांस के लिए बराबरी करने का एक शानदार मौका माइकल ओलिस के पास था, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से चूक गया। और यह चूक इंग्लैंड के लिए महंगी साबित हुई क्योंकि इंग्लैंड ने दूसरी तरफ से हमला किया और पेनल्टी हासिल की, जिस पर साका ने पेनल्टी से अपनी हैट्रिक पूरी। डायोट उपामेकानो के शानदार पास के बाद फ्रांस के चौथे गोल के साथ उस्मान डेम्बेले ने मैच के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड को चिंता में डाल दिया । मैच के अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहैम ने 98वें मिनट में निर्णायक गोल करके इंग्लैंड को 1966 के बाद से विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की। विश्व कप में इंग्लैंड का पिछले 60 साल में यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। 1966 में इंग्लैंड ने विश्व कप का खिताब जीता था।
'रामायणम्' में सूर्पणखा बन रकुल प्रीत सिंह ने बढ़ाया क्रेज, यश ने की दमदार परफॉर्मेंस की तारीफ
नितेश तिवारी की 'रामायणम्' में रकुल प्रीत सिंह का सूर्पणखा का रोल फिल्म की रिलीज से पहले ही सबसे चर्चित परफॉर्मेंस में से एक बन गया है। उनकी परफॉर्मेंस के आस-पास के रोमांच के साथ-साथ, रकुल की शानदार खूबसूरती और स्क्रीन पर उनकी मैग्नेटिक प्रेजेंस ने उन्हें सूर्पणखा का रोल निभाने के लिए सबसे सही चॉइस में से एक बना दिया है। एक ऐसा कैरेक्टर जिसे अक्सर पौराणिक कथाओं में असाधारण सुंदरता वाला बताया जाता है, लेकिन बाद में वह एपिक के सबसे गलत समझे जाने वाले किरदारों में से एक बन गया। 'रामायणम्: प्रथम संकल्प' इवेंट में, रावण का रोल निभाने वाले एक्टर यश ने रकुल के रोल के बारे में बात की और कहा, सूर्पणखा के तौर पर, जिस तरह से उन्होंने उस रोल को निभाया है। उनकी परफॉर्मेंस के असर को मानते हुए और उनके कैरेक्टर को लेकर बढ़ते इंतज़ार को और बढ़ाते हुए। A post shared by Rakul Singh (@rakulpreet) यश से मिली तारीफ़ ने रकुल के सूर्पणखा के रोल को लेकर एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है। सूर्पणखा को इस एपिक में सबसे लेयर्ड और अहम किरदारों में से एक माना जाता है। जहाँ सूर्पणखा को अक्सर एक ही नज़रिए से देखा गया है, वहीं रामायण में रकुल के रोल में गहराई, यकीन, तेज़ी और खूबसूरती लाने के साथ, इसे ज़्यादा बारीकी से और इमोशनल रूप से रिच तरीके से पेश किया गया है। ALSO READ: रकुल प्रीत सिंह का रॉयल एथनिक लुक वायरल, येलो सिल्क साड़ी में बिखेरा हुस्न का जलवा रकुल की खूबसूरती, एक्सप्रेसिव प्रेज़ेंस और ज़बरदस्त स्क्रीन अपील इस बात को और पक्का करती है कि ऑडियंस क्यों मानती है कि वह इस आइकॉनिक कैरेक्टर को ज़िंदा करने के लिए एकदम सही चॉइस हैं। जब से रकुल की कास्टिंग के अंदाज़े शुरू हुए हैं, ऑडियंस उन्हें इंडियन माइथोलॉजी के सबसे दिलचस्प कैरेक्टर्स में से एक में बदलते हुए देखने के लिए बेताब है। रामायण: प्रथम संकल्प इवेंट में उनके आने से यह बात और मज़बूत हुई, फैंस और सोशल मीडिया पर उनकी अलौकिक सुंदरता, मैग्नेटिक ऑरा और शाही प्रेज़ेंस की खूब तारीफ़ की गई, और उन्हें सूर्पणखा के लिए एकदम सही बताया गया। यश के शब्दों से रकुल की परफॉर्मेंस के असर की शुरुआती झलक मिलने के साथ, उम्मीदें और भी मज़बूत हो गई हैं। जैसे रामायण भारत के सबसे बड़े एपिक में से एक को बड़े पर्दे पर इतने बड़े पैमाने पर लाने के लिए तैयार है, वैसे ही रकुल प्रीत सिंह की सूर्पणखा फिल्म की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली परफॉर्मेंस में से एक बन रही है, और दर्शक उनके दमदार रोल और इस लेजेंडरी कैरेक्टर में उनके शानदार बदलाव को देखने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 'कल्कि 2898 AD' का जलवा, प्रभास ने खास पोस्ट से मनाया जश्न
पूरे भारत के सुपरस्टार प्रभास एक बड़ी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं क्योंकि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में सम्मानित किया गया है। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला, जिससे इसकी शानदार यात्रा में एक और मील का पत्थर जुड़ गया और हाल के भारतीय सिनेमा में सबसे बड़े सिनेमाई तमाशों में से एक के रूप में इसकी जगह पक्की हो गई। इस प्रतिष्ठित सम्मान पर रिएक्ट करते हुए, प्रभास ने अपने लाखों फैंस के साथ ऑफिशियल अवॉर्ड अनाउंसमेंट पोस्टर शेयर करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज का सहारा लिया। एक्टर ने इस पहचान पर अपनी खुशी और गर्व जताया, और फिल्म के पीछे की पूरी टीम के साथ इस कामयाबी का जश्न मनाया। पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, पूरे #Kalki2898AD परिवार के लिए गर्व की बात.... उनके दिल से निकले मैसेज में इस बड़े प्रोजेक्ट को असलियत में बदलने के लिए की गई सबकी कोशिश और इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड में से एक मिलने की खुशी झलक रही थी। रिलीज होने के बाद से, प्रभास की कल्कि 2898 AD ने अपने बड़े स्केल, शानदार विज़ुअल्स और ज़बरदस्त कहानी से दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त सफल रही और इंडियन फ़िल्ममेकिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने और एक ज़बरदस्त सिनेमाई अनुभव देने के लिए इसे बहुत सराहा गया। A post shared by Vyjayanthi Movies (@vyjayanthimovies) नेशनल अवॉर्ड जीतना फ़िल्म की बहुत ज़्यादा तारीफ़ और लंबे समय तक चलने वाले असर का एक और सबूत है, जिसने अपनी पीढ़ी की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में से एक के तौर पर इसकी पहचान को और मज़बूत किया है। यह पहचान प्रभास के शानदार करियर में एक और गर्व की बात है। बिना किसी शक के पूरे भारत के सुपरस्टार माने जाने वाले प्रभास ने लगातार इंडियन सिनेमा की कुछ सबसे बड़ी फ़िल्मों में काम किया है, और अलग-अलग भाषाओं और इलाकों के दर्शकों से बहुत प्यार कमाया है। बॉक्स ऑफिस पर नए बेंचमार्क सेट करने से लेकर बड़े नामों वाली, हाई-कॉन्सेप्ट एंटरटेनर फिल्मों का हिस्सा बनने तक, वह अपने हर प्रोजेक्ट के साथ इंडियन सिनेमा के लेवल को नया आयाम देते रहते हैं। कल्कि 2898 AD ने अब अपनी कामयाबियों की लंबी लिस्ट में एक बड़ा नेशनल अवॉर्ड जोड़ लिया है, और फिल्म की सक्सेस स्टोरी एक और ऊंचे मुकाम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे यह बिना किसी शक के पैन-इंडिया सुपरस्टार नई ऊंचाइयां छू रहा है, दर्शकों के पास उनकी आने वाली रोमांचक फिल्मों की लिस्ट में देखने के लिए बहुत कुछ है, जिसमें फौजी, स्पिरिट, सालार पार्ट 2: शौर्यंगा पर्वम, और कल्कि 2898 AD पार्ट 2 शामिल हैं।
'रामायणम्' की भव्य शुरुआत, दिल्ली में हुआ 'प्रथम संकल्प' आयोजन, इस दिन रिलीज होगा फिल्म का ट्रेलर
नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' ने भारत से विश्व तक की अपनी यात्रा का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। 24 जुलाई को होने वाले इसके वैश्विक ट्रेलर प्रीमियर से पहले निर्माताओं ने नई दिल्ली में फिल्म की पहली विशेष झलक प्रस्तुत की। 'प्रथम संकल्प' नामक इस विशेष आयोजन के माध्यम से फिल्म की वैश्विक यात्रा की शुरुआत की गई। भारतीय परंपरा में संकल्प किसी महान कार्य की शुरुआत से पहले ली जाने वाली प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। निर्माताओं ने इसे भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर रामायण को प्रामाणिकता, श्रद्धा और विश्वस्तरीय सिनेमाई प्रस्तुति के साथ दुनिया तक पहुंचाने की सामूहिक प्रतिबद्धता बताया। ALSO READ: 72nd National Film Awards: 'आर्टिकल 370' बनी बेस्ट फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी, निर्माता एवं क्रिएटिव आर्किटेक्ट नमित मल्होत्रा तथा फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट मौजूद रही। समारोह में अरुण गोविल (राजा दशरथ), शोभना (कैकेयी), अजिंक्य देव (महर्षि विश्वामित्र), कुणाल कपूर (देवराज इंद्र), रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) और रवि दुबे (लक्ष्मण) ने भाग लिया। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं अभिनेता सनी देओल की सरप्राइज उपस्थिति ने समारोह को और खास बना दिया। सनी देओल फिल्म में भगवान हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन के दौरान फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर की विशेष झलक भी दिखाई गई, जिसका विश्वव्यापी प्रीमियर 24 जुलाई को होगा। इसके साथ ही देशभर में आयोजित रामायण स्कूल्स प्रोग्राम के तहत 500 से अधिक स्कूलों और लाखों बच्चों की भागीदारी को भी रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के चुनिंदा विजेताओं को 'प्रथम संकल्प' समारोह में शामिल होने का अवसर मिला। निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय जीवन, परंपराओं और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की महान कहानियों को विश्व के सबसे बड़े मंच पर प्रस्तुत करना उनका लंबे समय से सपना रहा है और 'रामायणम्' उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण दुनिया की महानतम कहानियों में से एक है, जिसकी शक्ति उसके शाश्वत मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने इस विरासत को सम्मान और प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। फिल्म 'रामायणम् : पार्ट वन' दिवाली 2026 के अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि इसका आधिकारिक ट्रेलर 24 जुलाई को वैश्विक स्तर पर जारी किया जाएगा।
72nd National Film Awards: 'आर्टिकल 370' बनी बेस्ट फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर
भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित '72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों' की घोषणा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में कर दी गई है। राष्ट्रीय जूरी के पैनल द्वारा साल 2024 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा प्रमाणित की गई फिल्मों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन किया गया है। इस साल के पुरस्कारों में बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है। इस बार के पुरस्कारों में अभिनेता कार्तिक आर्यन, दिग्गज अभिनेता ममूटी और अभिनेत्री यामी गौतम ने बाजी मारी है। वहीं, बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली फिल्म 'आर्टिकल 370' को इस साल की 'बेस्ट फीचर फिल्म' का गौरव हासिल हुआ है। आइए देखते हैं फीचर और नॉन-फीचर फिल्मों के विजेताओं की पूरी सूची। 'आर्टिकल 370' का दबदबा, कार्तिक और ममूटी बने बेस्ट एक्टर इस साल 400 से अधिक फीचर फिल्मों की प्रविष्टियों में से कड़े मुकाबले के बाद विजेताओं को चुना गया। यामी गौतम स्टारर 'आर्टिकल 370' ने न सिर्फ बेस्ट फिल्म का खिताब जीता, बल्कि यामी गौतम को इस फिल्म के लिए 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' के पुरस्कार से भी नवाजा गया। ALSO READ: 'L7' बैंड की दिग्गज बासिस्ट जेनिफर फिंच का निधन, ब्रेन कैंसर से 59 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा पुरुष वर्ग में इस बार 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का पुरस्कार संयुक्त रूप से दो बेहतरीन कलाकारों के नाम रहा। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म 'चंदू चैंपियन' में उनके शानदार अभिनय के लिए और साउथ के मेगास्टार ममूटी को फिल्म 'भ्रमयुगम' के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया है। वहीं, फिल्म 'अमरण' के लिए राजकुमार पेरियासामी ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार अपने नाम किया। सिनेमा के अलग-अलग विभागों में तकनीकी और रचनात्मक उत्कृष्टता के लिए दिए गए मुख्य पुरस्कार इस प्रकार हैं: सर्वश्रेष्ठ फिल्म: आर्टिकल 370 (हिंदी) सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: राजकुमार पेरियासामी (अमरण) सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका): कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और ममूटी (भ्रमयुगम) सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका): यामी गौतम (आर्टिकल 370) सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: संजय मिश्रा (भक्षक) सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: रोपश्री वरकडी (मिथ्या) और सचिंद्र नामीदास (महाराजा) सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार: रिद्धिमान बनर्जी, तोपोमय देब, गीताश्री चक्रवर्ती (ओन्को की कठिन), अरुंधव पोथुला (35 – चिन्ना कथा काडू) और अतीश एस शेट्टी (मिथ्या) सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: कल्कि 2898 एडी राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म: कैप्टन मिलर (तमिल) सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म (निर्देशक): स्वातन्त्र्य वीर सावरकर सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (गीत): शाश्वत सचदेव (आर्टिकल 370) सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (बैकग्राउंड स्कोर): जीवी प्रकाश कुमार (अमरण) सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक (Male): अभय जोधपुरकर (घरत गणपति - नवसाची गौरी माझी) सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका (Female): वैकोम विजयलक्ष्मी (ARM - अंगू वाना कोनिलु) सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी: विजय गांगुली (स्त्री 2) सर्वश्रेष्ठ पटकथा: योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के) और बंदीरेड्डी सुकुमार (पुष्पा 2) प्रादेशिक भाषाओं में इन फिल्मों ने मारी बाजी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में क्षेत्रीय सिनेमा को हमेशा विशेष सम्मान मिलता है। इस साल विभिन्न भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूची नीचे दी गई है: सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म: श्रीकांत सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म: रायन (Raayan) सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म: कमिटी कुर्रोलु (Committee Kurrollu) सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म: फेमिनिची फातिमा सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म: मिथ्या सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म: चलचित्र एकोन सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म: मुक्काम पोस्ट बोंबिलवाड़ी सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म: मारन सर्वश्रेष्ठ असमिया फिल्म: जुईफूल सर्वश्रेष्ठ ओड़िया फिल्म: लहरिया नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी के विजेता गैर-फीचर फिल्मों की 161 प्रविष्टियों में से भी बेहतरीन सिनेमाई काम को सराहा गया है। मशहूर फिल्म निर्माता आनंद एल. राय को उनकी डॉक्यूमेंट्री के लिए बड़ा सम्मान मिला है। सर्वश्रेष्ठ नॉन-फिक्शन फिल्म: भांगड़ सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: आनंद एल. राय (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म (Best Short Film): हमसफर सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म: राम-नामी सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म: टच्ड एज वॉटर सर्वश्रेष्ठ सामाजिक/पर्यावरणीय फिल्म: पिपलांत्री सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट: फराज अली
सोनम वांगचुक आज देश के सबसे चर्चित सामाजिक कार्यकर्ताओं में शामिल हैं। 59 वर्षीय वांगचुक की पहचान सिर्फ एक इंजीनियर के रूप में नहीं, बल्कि नवोन्मेषक, शिक्षा सुधारक, पर्यावरण कार्यकर्ता और रेमन मैगसायसाय पुरस्कार विजेता के तौर पर भी है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी छवि को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक नजरिए सामने आए। शिक्षा सुधारक से पर्यावरण नवप्रवर्तक और अब सामाजिक आंदोलन के चेहरे तक, सोनम वांगचुक की सार्वजनिक यात्रा लगातार बदलती रही है। कभी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया गया, बाद में उनके आंदोलनों को लेकर आलोचनाएं हुईं और अब कई लोग उन्हें लद्दाख और देश की 'सामूहिक चेतना' की आवाज के रूप में देख रहे हैं। ALSO READ: Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्ट्रों ने दी चेतावनी हालांकि वांगचुक खुद कई बार इन पहचान और आरोपों को अलग-अलग संदर्भों में स्पष्ट कर चुके हैं। उनकी पूरी यात्रा एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जिसने लद्दाख जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में शिक्षा, पर्यावरण और स्थानीय विकास के लिए दशकों तक काम किया। लद्दाख की कठिनाइयों से शुरू हुई कहानी सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में लद्दाख के अलची के पास उलेतोकपो गांव में हुआ था। वह जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री सोनम वांग्याल के पुत्र हैं। दूरदराज के हिमालयी क्षेत्र में बचपन बिताने वाले वांगचुक ने शुरुआती शिक्षा के दौरान भाषा और व्यवस्था से जुड़ी कठिनाइयों का सामना किया। इन्हीं अनुभवों ने उनके भीतर यह विचार पैदा किया कि शिक्षा स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार होनी चाहिए। इंजीनियरिंग छोड़ चुना शिक्षा सुधार का रास्ता वर्ष 1987 में उन्होंने श्रीनगर के रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज (अब NIT श्रीनगर) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। लेकिन उन्होंने पारंपरिक इंजीनियरिंग नौकरी करने के बजाय लद्दाख के छात्रों की शिक्षा सुधारने का रास्ता चुना। 1988 में उन्होंने अपने भाई और दोस्तों के साथ स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की। SECMOL ने 1994 में ‘ऑपरेशन न्यू होप’ शुरू किया, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना था। 1998 में उन्होंने लेह के पास SECMOL वैकल्पिक स्कूल की स्थापना की। यह स्कूल: व्यावहारिक शिक्षा, सौर ऊर्जा आधारित परिसर, आत्मनिर्भर जीवन शैली के लिए दुनियाभर में चर्चा में आया। ‘आइस स्तूप’ से बदली जल संरक्षण की सोच सोनम वांगचुक का सबसे प्रसिद्ध नवाचार ‘आइस स्तूप’ तकनीक है। vइस तकनीक में सर्दियों के दौरान पानी को शंकु के आकार की बर्फीली संरचनाओं के रूप में जमा किया जाता है और गर्मियों में खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक लद्दाख जैसे ठंडे और सूखे इलाकों में जल संकट से निपटने का एक नया मॉडल बनी। इसके अलावा उन्होंने: सौर ऊर्जा आधारित इमारतों, जलवायु अनुकूल तकनीकों, ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए टिकाऊ विकास मॉडल पर भी काम किया। अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित वांगचुक के काम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उन्हें मिले प्रमुख सम्मान: 2008: CNN-IBN Real Heroes Award 2016: Rolex Award for Enterprise 2016: International Terra Award 2017: Global Award for Sustainable Architecture 2018: Ramon Magsaysay Award HIAL से आगे बढ़ाया वैकल्पिक शिक्षा मॉडल 2016 में उन्होंने Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh (HIAL) की सह-स्थापना की। इसका उद्देश्य अनुभव आधारित शिक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं को तैयार करना था। लद्दाख को लेकर बदली सरकार से दूरी 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के फैसले का वांगचुक ने शुरुआती दौर में स्वागत किया था। लेकिन बाद में वह लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। उनका कहना है कि इससे: जमीन की सुरक्षा, रोजगार के अवसर, जनजातीय पहचान, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। आंदोलन और भूख हड़ताल से फिर चर्चा में 2023 से वांगचुक लद्दाख के अधिकारों को लेकर कई आंदोलनों, पदयात्राओं और भूख हड़तालों में शामिल रहे। सितंबर 2025 में लद्दाख आंदोलन के दौरान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया और जोधपुर केंद्रीय कारागार भेजा गया। बाद में केंद्र सरकार ने आदेश वापस लिया और मार्च 2026 में उन्हें रिहा कर दिया गया। NEET विवाद को लेकर नई भूमिका हालिया समय में सोनम वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन से जुड़े। उन्होंने 28 जून को प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। 20 दिन से ज्यादा लंबे उपवास के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम तक कम हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने की चिंता के बीच दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। ‘3 Idiots’ के फुनसुख वांगडू से जुड़ी कहानी सोनम वांगचुक का नाम अक्सर फिल्म ‘3 Idiots’ के किरदार फुनसुख वांगडू से जोड़ा जाता है। हालांकि अभिनेता आमिर खान और निर्देशक राजकुमार हिरानी ने हाल ही में कहा कि फिल्म बनाते समय वे वांगचुक से परिचित नहीं थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर 2008 का एक वीडियो फिर वायरल हुआ, जिसमें वांगचुक CNN-IBN Real Heroes Award लेते नजर आए।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (19 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Horoscope Rashifal 19 July 2026: करियर: रविवार का दिन होने के कारण आज काम से थोड़ी राहत मिलेगी। लव: परिवार के साथ मिलकर घर पर ही कोई छोटा सा गेट-टुगेदर या मनोरंजन का प्लान बन सकता है। धन: घरेलू साज-सज्जा या सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च होने के योग हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज आप खुद को मानसिक रूप से काफी हल्का और शांत महसूस करेंगे। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 20 to 26 July: साप्ताहिक अंक राशिफल: जानें किन मूलांक वालों पर रहेगी किस्मत मेहरबान 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: व्यापारियों को कोई नया आइडिया मिल सकता है। लव: लव लाइफ में किसी पुरानी बात को लेकर मतभेद उभर सकते हैं। धन: पैसों के लेन-देन में आज सावधानी बरतें। बिना सोचे-समझे किसी को उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: जल में लाल फूल या चंदन मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आपके विचारों को समाज या कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ आपसी समझ और गहरा होगी। सिंगल लोगों को आज साथी मिलेगा। धन: पुराना अटका हुआ पैसा या पैतृक संपत्ति से जुड़ा मामला हल हो सकता है। स्वास्थ्य:सुबह की सैर या प्राणायाम आपको पूरे दिन तरोताजा बनाए रखेगा। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा (घास) चढ़ाएं और गुड़ का भोग लगाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: काम का दबाव आज थोड़ा कम रहेगा, जिससे आप राहत की सांस लेंगे। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। यदि कोई पारिवारिक तनाव चल रहा था, तो आज वह दूर हो जाएगा। धन: ऑनलाइन शॉपिंग या फिजूलखर्ची से आज आपका बजट डगमगा सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं या अपच परेशान कर सकती है। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: आज आपकी लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। लव: रविवार के दिन पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने या लॉन्ग ड्राइव पर जा सकते हैं। धन: आर्थिक दृष्टिकोण से दिन भाग्यशाली है। लंबे समय के निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी और आप पूरे दिन ऊर्जा से सराबोर रहेंगे। उपाय: उगते सूर्य के सामने बैठकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: व्यापार में नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में बड़ा लाभ दिला सकते हैं। लव: परिवार तथा वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। धन: धन बचत करने में आज आप कामयाब रहेंगे। आपकी वित्तीय योजनाएं सफल होंगी। स्वास्थ्य: आंखों में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए स्क्रीन टाइम कम रखें। उपाय: गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें और किसी गरीब को फल दान करें। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें क्या करें, क्या न करें? 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला, संगीत तथा लेखन से जुड़े और व्यापारियों को भी दिन मिलाजुला रहेगा। लव: प्रेमी छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज करके रिश्ते को मजबूत बनाएगा। धन: आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं, लेकिन अत्यधिक खर्च करने से बचें। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में खिंचाव हो तो योग और स्ट्रेचिंग से राहत मिलेगी। उपाय: किसी मंदिर में जाकर कपूर जलाएं या देवी दुर्गा की आराधना करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: आज किसी नए प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने के लिए दिन अच्छा है। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप के कारण तनाव हो सकता है। धन: पैसों के मामले में आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अपनी रणनीतियों को मजबूत करने का है। लव: जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ किसी यात्रा का प्लान बन सकता है। धन: आकस्मिक धन लाभ के योग हैं, भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य: सेहत उत्तम रहेगी। उपाय: मस्तक पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: आज काम का पेंडिंग लोड खत्म करने में समय बीत सकता है। लव: पार्टनर के साथ बातचीत में छोटी बात भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है। धन: वित्तीय मामले आज थोड़े धीमे रह सकते हैं। स्वास्थ्य: रात को योग या मेडिटेशन करें। उपाय: चींटियों को आटा डालें और पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: साझेदारी के व्यापार में भविष्य की योजनाओं पर बड़ी सहमति बन सकती है। लव: वीकेंड पर साथ समय बिताकर पुरानी दूरियां समाप्त होंगी। धन: पुराना निवेश अब लाभ देाग। आर्थिक उन्नति के मजबूत योग हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से खुद को फिट और चुस्त-दुरुस्त महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु के मंदिर में पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: नौकरीपेशा की विरोधियों पर आपकी जीत होगी। लव: जीवनसाथी आपकी हर छोटी-बड़ी भावना का ख्याल रखेगा, आपसी प्यार बढ़ेगा। धन: संपत्ति या भूमि से जुड़े मामलों में बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: पुरानी किसी शारीरिक परेशानी से आज बड़ी राहत मिल सकती है। उपाय: सूर्य नारायण को जल अर्पित करें और गायत्री चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: August 2026 Festivals: अगस्त 2026 माह के व्रत एवं त्योहारों और जयंतियों की लिस्ट
दिल्ली की उमस भरी रात, वक्त करीब 3 बजे। जंतर-मंतर के आसपास पुलिस के 30 से 35 जवान जुट गए। साढ़े तीन घंटे इंतजार किया। फिर तेजी से उस जगह पहुंचे, जहां बीते 21 दिन से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे। टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहने पुलिसवालों ने सोनम को उठाया और कुछ ही मिनटों में सफदरजंग हॉस्पिटल के लिए निकल गए। 18 जुलाई की सुबह हुए इस एक्शन की तैयारी रातभर चली। जंतर-मंतर पर कार्रवाई से करीब 16 घंटे पहले ही गृह मंत्रालय ने 1994 बैच के IPS अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर बनाया था। सोर्स बताते हैं कि पद संभालते ही उन्होंने रात में मीटिंग की और सुबह सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटा दिया गया। ये सब कैसे हुआ सोशल मीडिया से पॉपुलर हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने पहली बार 6 जून से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था। अमेरिका से आए पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके सीधे धरना देने पहुंचे। धरना चलता रहा, लेकिन लोगों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। सोनम वांगचुक ने धरने में जान भरनी शुरू की। सोनम 28 जून को भूख हड़ताल पर बैठ गए। कुछ भीड़ बढ़ी। सेलिब्रिटी साथ आने लगे। सोशल मीडिया पर हाई प्रोफाइल पोस्ट और ट्वीट हुए। आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी से डिंपल यादव और कांग्रेस से पवन खेड़ा के अलावा एक्टर नसीरुद्दीन शाह और कुणाल कामरा जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी पहुंचे। केंद्र सरकार के एक मंत्री बताते हैं, ‘इसके बाद ही पहली बार सरकार में प्रोटेस्ट की चर्चा हुई। कहा गया कि नजर रखें। 16 जुलाई को हाईकोर्ट ने आदेश दे दिया कि वांगचुक की सेहत का ध्यान रखा जाए। मैं साफ कहता हूं आदेश कोर्ट का था।’ इसी दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर रहे अनुराग कुमार दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बनाए गए। पुलिस के सोर्स बताते हैं कि गृह मंत्रालय ने उन्हें आंदोलन पर नजर रखने के लिए कहा था। उन्होंने आते ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट से आंदोलन की डिटेल ली। शाम को अफसरों के साथ मीटिंग की। इसमें सोनम वांगचुक को हटाने के बारे में कोई बात नहीं हुई। रात में तय हुआ कि उन्हें हटाना है। कुछ देर बाद ही हटाने का आदेश भी दे दिया गया। वांगचुक को हटाने की बड़ी वजह कॉकरोच जनता पार्टी का 20 जुलाई को होने वाला संसद मार्च भी है। 20 जुलाई से ही मानसून सत्र शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस की दलील है कि इस दिन जंतर-मंतर के आसपास हाई प्रोफाइल मूवमेंट होगा, इसलिए मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी। कॉकरोच जनता पार्टी की संसद चलो मार्च की तैयारी दिल्ली पुलिस बोली- अब तक परमिशन नहीं मांगी, देंगे भी नहीं नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया- अब तक मार्च की परमिशन नहीं मांगी गई है। अगर CJP प्रदर्शन करती है तो हम लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए तैयार हैं। वहीं, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर CJP मार्च के लिए परमिशन मांगती भी है, तो मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस इजाजत नहीं देगी। संसद मार्च में शामिल होने पर प्रदर्शन में पहुंचे लोग क्या बोले 59 साल के रविंद्र चतुर्वेदी प्रोटेस्ट में शामिल होने ग्वालियर से दिल्ली आए हैं। वे संसद मार्च के लिए अपने जानने वालों को तैयार कर रहे हैं। रविंद्र कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट जब तक चल रहा है, मैं भी तब तक डटा रहूंगा। संसद मार्च में भी शामिल होऊंगा। सरकार रोजगार और शिक्षा के मोर्चे पर फेल रही है और लोगों के बीच नफरत बढ़ा रही है।’ नोएडा की रहने वाली तान्या शर्मा पहली बार जंतर-मंतर आई हैं। वे सोनम वांगचुक के बारे में सुनकर पहुंची थीं। उनका मानना है कि सरकार को उत्तरदायी बनाने की जरूरत है और सोनम इसी की लड़ाई लड़ रहे थे। अब हमारी बारी है कि हम सड़कों पर उतरें। ये लेफ्ट बनाम राइट की बात नहीं है। CJP का दावा: वांगचुक को उठाए जाने से प्रदर्शन 10 गुना बड़ा होगा’CJP प्रवक्ता आशुतोष कहते हैं, ‘सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाए जाने की वजह से प्रदर्शन 10 गुना बड़ा हो गया है। देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। संसद मार्च के लिए पूरे देश से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। सोनम को उठाना तानाशाही सरकार की अब तक की सबसे बड़ी गलती है। दिल्ली पुलिस खुद गुंडों की तरह सोनम को उठाकर ले गई।’ ‘अभिजीत दीपके का सुबह फ्रेश होने का रुटीन फिक्स था। वे रोज आधे घंटे के लिए जाते हैं। पुलिस ने इसी वक्त का फायदा उठाया। अभिजीत के साथ भी मारपीट और धक्का मुक्की की गई। अब हमें सोनम वांगुचक से मिलने नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ उनकी पत्नी अंदर उनके साथ है।' 'सोनम ने बताया है कि उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी, उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश न की जाए। उन्होेंने हमें भरोसा दिलाया है कि जैसे ही पुलिस छोड़ेगी, वे तुरंत जंतर-मंतर पर वापस आएंगे।’ वहीं विजेता दहिया कहते हैं, ‘पुलिस की छवि काफी खराब है। उन्होंने गुंडों की तरह व्यवहार किया है। सरकार प्रदर्शन को तितर-बितर करने की कोशिश कर रही है, इसलिए अलग-अलग हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। अभिजीत दीपके पर सोनम को हॉस्पिटल ले जाने के बाद स्याही फेंकी गई। सरकार चाहे कुछ कर ले, प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।’ ‘संसद मार्च के बाद भी प्रदर्शन जारी रहेगा। इसकी दशा और दिशा हम बैठक करके तय करेंगे। CJP में सभी वॉलंटियर देख रहे हैं और हम व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं। एक कोऑर्डिनेटर वॉलंटियर का मैनेजमेंट देख रहा है। प्रोटेस्ट में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग सभी वॉलंटियर के तौर पर जुड़ना चाह रहे हैं। सोनम वांगचुक पर पुलिस एक्शन के बाद जुड़ने की चाहत रखने वाले लोगों की तादाद बढ़ी है।’ CJP से जुड़ीं रत्ना सिंह कहती हैं, ‘हमारी सोनम वांगचुक से बात हुई है। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और वापस प्रोटेस्ट में शामिल होना चाहते हैं। 20 तारीख के लिए हम आपस में बैठक करने वाले हैं। उसमें सबकी सलाह लेकर फैसला लिया जाएगा और विस्तार से योजना बनाएंगे। हम दिल्ली पुलिस से निवेदन करते हैं कि वो 20 जुलाई के मार्च में हमें सुरक्षा दें, न कि आज की तरह गुंडागर्दी करें।’ …………………………… CJP के प्रोटेस्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सोनम वांगचुक का अस्पताल में दवा लेने से इनकार, ड्रिप चढ़ाने से मना किया दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन ने बुलेटिन जारी करके बताया कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन हुआ है, लेकिन उन्होंने दवा या ड्रिप लगवाने से इनकार कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘जासूस माता हारी’ की कहानी। पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 15 अक्टूबर 1917 को फ्रांसिसी सैनिकों ने एक साथ 12 गोलियां मारकर एक महिला को मौत की सजा दी। मौत से पहले महिला ने खास श्रृंगार किया। चिट्ठियां लिखीं- बेटी और प्रेमी को। फिर गोली मारने जा रहे सैनिकों को फ्लाइंग किस का इशारा किया। ये महिला थी- माता हारी। दुनिया की वो खूबसूरत जासूस, जो डांस करते-करते निर्वस्त्र हो जाती थी। यूरोप के तमाम फौजी अफसर, सेना के जनरल और नेता इस महिला के दीवाने थे। इसके एक-एक शो का खर्च करोड़ों में था। माता हारी की जासूसी से कैसे फ्रांस के 80 हजार सैनिक मारे गए…जानते हैं पार्ट-2 में… 1905 की एक शाम। फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक आलीशान बंगला। हॉल में हल्की रोशनी, हवा में घुली इत्र और शराब की खुशबू। संगीत बज रहा था। माता हारी नृत्य कर रही थी। जैसे-जैसे धुन चढ़ती जा रही थी, वो नाचते हुए एक-एक करके अपने कपड़े उतारती जा रही थी। वहां मौजूद लोग अपनी सांसें रोके ये सब देख रहे थे। डांस के आखिरी क्लाइमेक्स पर पहुंचकर माता हारी ने सारे कपड़े उतार दिए। शरीर पर बस कुछ गहने बचे थे। अब वो थिरकते-थिरकते मंच पर रखी शिव की एक मूर्ति के पास पहुंची। हाथ जोड़े और अपनी एड़ियों के बल बैठ गई। तभी हॉल का दरवाजा खुला। शहर के चार-पांच रसूखदार लोग अंदर दाखिल हुए। उनके चेहरे पर गुस्सा था। एक ने चीखते हुए कहा- ‘बंद करो ये अपना फूहड़ डांस। तुम अश्लीलता फैला रही हो।’ तभी दूसरे शख्स ने कहा- ‘इसे पुलिस के हवाले कर दो।’ माता हारी धबरा गई। उसने फर्श पर गिरा रेशमी कपड़ा उठाया और खुद को ढंकते हुए धीरे से बोली- ‘रुक जाइए, प्लीज। मैं कोई अश्लीलता नहीं फैला रही हूं।’ उस शख्स ने गुस्से में कहा- ‘इस तरह सरेआम कपड़े उतारना अश्लीलता नहीं है, तो क्या है?’ माता हारी धीरे से बोली- ‘यह पवित्र आर्ट है। ईश्वर को खुश करने की कला। मैं खुद को उन्हें समर्पित कर रही हूं।’ वो आदमी जोर से चिल्लाया- ‘नाटक बंद करो। हमने पूरे पेरिस में ऐसा नृत्य नहीं देखा।’ माता हारी फर्श पर घुटनों के बल बैठ गई। हाथ जोड़ लिए। फिर बोली- ‘मेरी छोटी सी कहानी सुन लीजिए, फिर जो चाहे सजा दे दीजिएगा।’ लोग कानाफूसी करने लगे। तभी एक अधेड़ बोल पड़ा- ‘इसकी कहानी सुनने में क्या हर्ज है? सुनाओ।’ माता हारी ने आंसू पोंछे। गहरी सांस लेकर बताना शुरू किया- ‘मेरा जन्म भारत के एक दक्षिणी राज्य में हुआ था। मां एक मंदिर में देवदासी थी। बचपन में उनकी शादी मंदिर के देवता कंडास्वामी से करा दी गई। वो भगवान की सेवा करती और उनके सामने यही नृत्य करती थी। जब वो 14 साल की थी, तब मेरा जन्म हुआ, लेकिन मैं मां का मुंह भी नहीं देख पाई। उसी रोज उनकी मौत हो गई। पुजारियों ने मुझे गोद ले लिया। उन्होंने ही मुझे पाला और मां वाला पवित्र नृत्य सिखाया। 13 साल की उम्र में मैंने पहली बार कंडास्वामी के सामने अपने वस्त्र उतारकर नृत्य किया। उसके बाद से यह मेरी दिनचर्या बन गया।’ अब माता हारी चुपचाप खड़ी हो गई। हॉल में सन्नाटा था। तभी एक शख्स ने पूछा- ‘लेकिन तुम भारत से पेरिस कैसे आ गई?’ माता हारी ने उदासीभर मन से कहा- 'वो मंदिर दुनिया में मशहूर है। उस रोज एक ब्रिटिश अफसर आया था। मंदिर में भीड़ नहीं थी। वह मंदिर के बारे में जानना चाहता था। पुजारी ने भी सहजता से उसे गर्भगृह के पास जाने की इजाजत दे दी। उस वक्त मैं श्रृंगार करके भगवान के सामने नृत्य में कर रही थी। वह चुपचाप आया और एक कोने में बैठकर मुझे देखने लगा। नृत्य खत्म होने के बाद अपने कपड़े समेटकर जैसे ही मैं आगे बढ़ी, वह सामने खड़ा था। उसने कहा- ‘तुम अद्भुत हो। आजतक मैंने ऐसा नृत्य नहीं देखा।’ मैंने उससे कुछ कहा नहीं और अपने कमरे की तरफ चली गई। उस दिन के बाद वह लगातार एक हफ्ते तक आता रहा। धीरे-धीरे हमारे बीच बातें होने लगीं... फिर हमें प्यार हो गया। एक रात... वह मौका पाकर मुझे उस मंदिर से भगा ले गया। हमने शादी कर ली।’ अब माता हारी की आंखों में आंसू थे। वो थोड़ा रुकी और फिर बोलना शुरू किया- ‘मेरी किस्मत खराब थी। शादी के कुछ साल बाद ही वो आदमी मुझे छोड़कर कहीं और चला गया। मैंने कुछ महीने उसका इंतजार किया, लेकिन वो नहीं लौटा। मेरे पास जिंदा रहने का कोई और जरिया नहीं था। तब सोचा... क्यों न मैं अपनी उसी पवित्र कला को दोबारा शुरू करूं।’ माता हारी की कहानी सुनने के बाद वो रसूखदार शख्स आगे बढ़ा। माता हारी को सहारा देकर उठाया और कहा- ‘हम सब आपके साथ हैं। आप इस कला को जारी रखिए।’ यहां से माता हारी का सफर चल पड़ा। वो इतनी मशहूर हो गई कि महंगी सिगरेट के पैकेट और शराब की बोतलों पर उसकी फोटो और नाम छपने लगा। नीदरलैंड्स के फ्राइज म्यूजियम की रिपोर्ट के मुताबिक, उस दौर में माता हारी एक शो के लिए आज के हिसाब से करीब चालीस लाख रुपए लेती थी। एक फ्रांसीसी बैंकर ने तो उसके लिए आलीशान महल और बड़ा विला किराए पर ले रखा था। उसके एक प्रेमी ने विदाई के तोहफे के तौर पर इतनी बड़ी रकम दी, जो आज के 9 करोड़ रुपए के बराबर है। हालांकि, माता हारी पैसे बचा नहीं पाती थी। वह जितना कमाती, उतना ही अपनी विलासिता पर उड़ा भी देती थी। 1907 की बात है। माता हारी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में शो कर रही थी। हॉल खचाखच भरा था। तभी बर्लिन पुलिस चीफ हेर वॉन जागो रिवॉल्वर लिए अंदर दाखिल हुए। उनके साथ चार और पुलिस वाले थे। पुलिस चीफ सीधे मंच पर चढ़े। संगीत रुक गया। माता हारी के कदम पीछे की ओर हटने लगे। पुलिस चीफ ने चिल्लाते हुए कहा- ‘जर्मनी में इस तरह के लिबास में डांस करना अपराध है। मुझे तुम्हारे कपड़ों की जांच करनी है।’ पुलिस चीफ के इशारे पर सिपाहियों ने माता हारी को घेर लिया। वे उसे मंच के कोने में बने एक बंद कमरे में ले गए। दरवाजा बंद होते ही माता हारी ने वही पुरानी देवदासी वाली कहानी दोहरानी शुरू कर दी। पुलिस चीफ ने उसे डांटते हुए कहा- ‘बनावटी कहानी मत सुनाओ। तुम्हारा असली ठिकाना जेल है। वहीं पर अपनी परफॉर्मेंस दिखाना।’ माता हारी ने पुलिस चीफ की तरफ देखा। धीरे से उनका हाथ पकड़ा और कान में कुछ फुसफुसाई। पुलिस चीफ मुस्कुराने लगे। उन्होंने पुलिस से कहा- ‘छोड़ दो इसे। सबसे सामने गिरफ्तार करना ठीक नहीं है। हम फिर आएंगे।’ कुछ दिन बाद माता हारी को बर्लिन के सबसे महंगे इलाके में एक अपार्टमेंट मिल गया। इसकी देखरेख, नौकरों की तनख्वाह और रखरखाव का पूरा खर्च जर्मन सरकार का खुफिया विभाग उठाता था। वहां काम करने वाले नौकर जर्मन पुलिस के जासूस थे। एक रोज एक विदेशी जनरल बर्लिन पहुंचा। किसी ने उसे माता हारी के बारे में बताया, तो वो सीधे मिलने पहुंच गया। रात के करीब 10 बज रहे थे। जनरल नशे में धुत था। माता हारी उसका हाथ पकड़कर बेडरूम में ले गई। अपने हाथों से जाम पिलाने लगी। इधर, दो नौकर पर्दे के पीछे छिपकर सबकुछ देख रहे थे। विदेशी जनरल ने लड़खड़ाती जुबान में कहा- ‘तुम सच में एक अप्सरा हो। तुम्हारे लिए मैं सबकुछ दांव पर लगा सकता हूं।’ माता हारी ने धीमे से कहा- ‘जनरल साहब। आप जैसे मर्द जब मोर्चे पर होते हैं, तो हम औरतें सलामती की दुआ करती हैं। वैसे, सुना है आपकी फौज अगले महीने उत्तर की तरफ कूच कर रही है? आप मुझे छोड़ कर चले जाएंगे?’ नशे में डूबे जनरल ने कहा- ‘अरे नहीं… उत्तर तो बस दिखावा है। हमारी असली फौज तो पूरब की तरफ कूच करने वाली है।’ कमरे में लगा सीक्रेट कैमरा, जनरल की हरकतों को कैद कर रहा था। पर्दे के पीछे खड़े नौकर डायरी में उसकी बातें नोट कर रहे थे। माता हारी, जनरल के और करीब आ गई। ग्लास में शराब भरते हुए बोली- ‘तो फिर एक जाम और हो जाए…’ जनरल पहले ही बहुत पी चुका था। एक-दो घूंट बाद वह बेसुध पड़ गया। माता हारी ने उसकी जेब से दस्तावेज निकाले, डायरी पर कुछ नोट किया और फिर सबकुछ जस का तस रखकर वहां से चली गई। धीरे-धीरे माता हारी के लिए यह सब रोज की बात हो गई। जर्मन पुलिस उसके जरिए बड़े-बड़े रसूखदारों और विदेशी मेहमानों की जासूसी करवाने लगी। माता हारी को भी इस काम में मजा आने लगा था। 1910 में जर्मन अफसरों को लगा कि माता हारी को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देना चाहिए। पैसों के लिए माता हारी राजी भी हो गई। उसे जर्मनी के लोराख इलाके में भेजा गया, जहां सरकार जासूसों के लिए ट्रेनिंग स्कूल चलाती थी। माता हारी को कोड वर्ड समझना, सीक्रेट मैसेज लिखना, नक्शे पढ़ना और पुरुषों को मनोवैज्ञानिक तरीके से वश में करने का कोर्स करवाया गया। ट्रेनिंग के बाद माता हारी ने कई फौजी अफसरों और नेताओं की जासूसी की। इससे जर्मनी पुलिस को कई अहम डिटेल्स मिलीं। अब तो माता हारी अपने मेहमानों की निजी तस्वीरें और दस्तावेजों की फोटो खींचकर रखने लगी थी। कुछ साल यह सब चलता रहा। माता हारी को पैसे और महंगे-महंगे तोहफे भी मिलते रहे। इसी बीच 28 जून 1914 को कुछ चरमपंथियों ने सर्बिया में ऑस्ट्रिया के राजकुमार और उनकी पत्नी की हत्या कर दी। ऑस्ट्रिया ने इसके लिए सीधे तौर पर सर्बिया को जिम्मेदार माना। जल्द ही दो देशों की ये लड़ाई प्रथम विश्वयुद्ध में बदल गई। एक तरफ फ्रांस, रूस और ब्रिटेन जैसे मित्र राष्ट्र थे, तो दूसरी तरफ जर्मनी, ऑस्ट्रिया और हंगरी जैसी केंद्रीय शक्तियां। इसी दौरान फ्रांस और रूस के बीच एक गोपनीय समझौता हुआ। इस समझौते के मसौदे को बर्लिन से होते हुए पेरिस ले जाना था। एक रूसी एजेंट मसौदा लेकर बर्लिन पहुंचा। वह एक आलीशान होटल में ठहरा हुआ था। वहां मौजूद रूसी एंबेसी के अफसर उसकी सीक्रेसी का खासा ध्यान रखे हुए थे, लेकिन जर्मनी के एजेंटों को इसकी भनक लग गई। जर्मनी के एजेंटों ने उस होटल में माता हारी को डांसर बनाकर भेज दिया। रूसी एजेंट ने माता हारी का नाम और तारीफें सुन रखी थी। उसे जैसे यह बात पता चली, फौरन रिसेप्शन में फोन लगा दिया। उसने कहा- ‘मुझे पूरी रात के लिए माता हारी चाहिए। जितने पैसे चाहिए मिल जाएंगे।’ थोड़ी देर बाद माता हारी उसके साथ कमरे थी। दोनों बैठकर शराब पी रहे थे। तभी वेटर ने दरवाजा खटखटाया। उसने रूसी एजेंट से कहा- ‘मैंने आपका सामान रख दिया है। मुझे कुछ सामानों की लिस्ट बनानी है। क्या आपका पेन मिल सकता है?’ रूसी एजेंट हिचकिचाया, फिर माता हारी की तरफ देखते हुए अपनी जैकेट से पेन निलाकर वेटर को दे दिया। वेटर ने एक पेपर पर कुछ लिखा और पेन रूसी एजेंट को वापस कर दिया। वेटर के जाने के बाद माता हारी ने रूसी एजेंट को इतनी शराब पिलाई गई कि वह अपना होश खो बैठा। जर्मनी के जासूस इसी मौके की तलाश में थे। उन लोगों ने रूसी एजेंट के कपड़ों और सूटकेस में मिले दस्तावेजों की फोट खींची और चुपचाप बाहर निकल गए। सुबह जब रूसी एजेंट की आंख खुली, तो उसका सिर दर्द से फटा जा रहा था। कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। घबराकर उसने जेब में हाथ डाला। उसका पेन सुरक्षित था। उसने राहत की सांस ली, पर अंदर से उसे किसी अनहोनी का डर सता रहा था। उसने बैग पैक किया और वहां से निकल गया। इधर, जर्मनी के खुफिया विभाग में हंगामा मचा था। पुलिस चीफ, अफसरों को डांट रहे थे- 'तुम लोगों ने 100 तस्वीरें खींची है, लेकिन कोई भी तस्वीर उस मसौदे से जुड़ी नहीं है। वो मसौदा गया कहां?’ जर्मनी के एजेंटों के पास इसका जवाब नहीं था। अगले दिन रूसी जासूस बेल्जियम पहुंच चुका था। एक रात वो फिल्म देखकर होटल लौट रहा था, तभी गली में एक शख्स ने उसका रास्ता रोक लिया। जासूस ने फौरन पिस्तौल निकाल ली, तभी वो शख्स बोल पड़ा- ‘सर, मैं वो वेटर हूं, जिसने बर्लिन में आपका पेन लिया था। मेरा पेन भी हुबहू वैसा ही है। गलती से मैंने अपना पेन आपको दे दिया।’ रूसी जासूस ने गाली देते हुए कहा- ‘यह क्या बकवास है?’ वेटर ने आराम से कहा- ‘सर, ये पेन लीजिए। इसके निचले हिस्से में सीक्रेट मसौदा अभी भी सुरक्षित है। जर्मनी के जासूसों से मैंने इसे बचा लिया।' रूसी जासूस ने हकलाते हुए कहा- ‘लेकिन... तुम तो जर्मनी के हो?’ वेटर हंसने लगा। असल में वो वेटर फ्रांस का जासूस था। उसने जर्मनी पुलिस के सामने दस्तावेज ढूंढने का नाटक किया, लेकिन चुपके से पूरे दस्तावेज की तस्वीरें खींचकर फ्रांस भेज दिया था। अब तारीख आई 3 अगस्त 1914, जर्मनी ने फ्रांस के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। तब माता हारी बर्लिन के एक होटल में पुलिस चीफ हेर वॉन जागो के साथ थी। होटल में बड़े-बड़े फौजी अफसर ठहरे हुए थे। जंग के माहौल में अपने फौजियों की एक झलक पाने के लिए भीड़ ने होटल को बाहर से घेर लिया था। देशभक्ति नारे लग रहे थे। तभी पुलिस चीफ, माता हारी का हाथ पकड़कर होटल से बाहर निकले। भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया। पुलिस चीफ ने माता हारी को कार में बैठाकर पूरा बर्लिन घूमाया। इसी दौरान फ्रांस के जासूसों की नजर माता हारी पर पड़ी। उन्हें पता चल गया कि यह महिला जर्मनी पुलिस की करीबी है। इधर, युद्ध के कुछ ही महीने के भीतर यूरोप के हालात बदल गए। थिएटरों पर ताले लटक गए। जर्मन सरकार ने माता हारी को शत्रु देश फ्रांस का नागरिक घोषित कर दिया। उसकी सारी संपत्ति और महंगे गहने जब्त कर लिए। माता हारी को धक्का लगा। वह जिस देश के लिए जासूसी कर रही थी, उसी ने उसे रातों-रात कंगाल बना दिया। कुछ दिनों बाद जैसे-तैसे करके वो हॉलैंड पहुंची। वहां फिर से अपना मशहूर नृत्य करना शुरू किया, लेकिन पहले की तरह जादू नहीं रहा। माता हारी की ढलती उम्र इसकी बड़ी वजह थी। उन दिनों हॉलैंड, जर्मनी के खुफिया नेटवर्क का प्रमुख केंद्र था। जर्मनी की खुफिया विभाग को ऐसे मोहरों की जरूरत थी, जो बिना रोक-टोक के मित्र राष्ट्र देशों में आ-जा सकें। माता हारी इसके लिए मुफीद थी, क्योंकि उसके पास हॉलैंड का पासपोर्ट था और पेरिस के ऊंचे हलकों में संबंध। हॉलैंड में तैनात जर्मन खुफिया अफसर कार्ल क्रामर ने एक रोज माता हारी को अपने दफ्तर बुलाया। जब माता हारी, क्रामर के पास पहुंची, तो वह एक नक्शे पर गोल घेरा बना रहा था। उसने माता हारी को कुर्सी पर बैठने का इशारा किया। क्रामर ने कहा- ‘तुम्हें फौरन पेरिस जाना होगा।’ माता हारी- ‘पेरिस? वहां क्यों जाना है?’ क्रामर ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘वही काम , जो तुम सबसे बेहतर जानती हो। पेरिस जाओ, वहां के मंत्रियों और फौजी अफसरों से नजदीकियां बढ़ाओ।’ माता हारी झट से बोल पडी- ‘अब मैं जासूसी के बदले सौदा करूंगी। मुझे 10 हजार फ्रैंक चाहिए। बोलो मंजूर है?’ क्रामर ने अपनी दराज खोला और नोटों की एक गड्डी माता हारी की तरफ सरकाते हुए कहा- ‘तुम्हें 20 हजार फ्रैंक मिलेंगे।’ 20 हजार फ्रैंक, यानी आज के हिसाब से करीब 23 लाख रुपए। माता हारी ने क्रामर की तरफ फ्लाइंग किस उछालते हुए कहा- ‘समझो तुम्हारा काम हो गया।’ क्रामर ने माता हारी को अदृश्य स्याही की तीन शीशियां दीं। साथ में एक पर्ची। जिस पर लिखा था- H21. ये कोड वर्ड में माता हारी का नाम था। पहले विश्व युद्ध में कैप्टन व्लादिमीर मौरोव नाम का एक रूसी पायलट फ्रांस की तरफ से लड़ रहा था। एक रोज उसकी मुलाकात माता हारी से हुई। धीरे-धीरे उनका मिलना-जुलना बढ़ने लगा और फिर माता हारी को उससे प्यार हो गया। इसी बीच एक रोज कैप्टन मैरोव का विमान क्रैश हो गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फेफड़ों में जहरीली गैस भर गई। उसे विटेल के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। विटेल प्रतिबंधित इलाका था, लेकिन माता हारी उससे मिलने के लिए बेचैन थी। एक रोज वह परमिशन लेने फ्रांस के खुफिया विभाग पहुंच गई। फ्रांस को पहले से माता हारी पर शक था। वहां मौजूद अफसर ने कहा- ‘हम तुम्हें हॉस्पिटल जाने देंगे, लेकिन बदले में तुम्हें हमारे लिए जासूसी करनी होगी।’ माता हारी ने बिना सोचे समझे कहा- ‘ठीक है, मैं तैयार हूं, लेकिन बदले मुझे दस लाख फ्रैंक चाहिए।' अभी के हिसाब से करीब 11.82 करोड़ रुपए। फ्रांसीसी अफसर इस भारी भरकर रकम पर भी राजी हो गया। इस तरह अब माता हारी डबल एजेंट बन चुकी थी। फ्रांस और जर्मनी दोनों देशों की जासूस। विटेल के उस इलाके में रूसी और फ्रांसीसी पायलटों का आना-जाना आम था। लड़ाई से थक-हारकर आने वाले पायलट माता हारी के साथ वक्त बिताना पसंद करते थे। 1915 के अगस्त महीने की बात है। फ्रांस, जर्मनी पर एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। माता हारी को इसकी भनक रूसी पायलटों से मिल गई थी, लेकिन तारीख पता नहीं थी। एक रात वेटल के एक होटल में 30-35 साल का रूसी पायलट नशे में धुत्त होकर बेड पर पड़ा था। बगल में लेटी माता हारी चुपचाप बिस्तर से उठी, पायलट की जेब में हाथ डाला। एक छोटा सा कागज मिला, जिस पर कोड वर्ड में कुछ लिखा था। माता हारी ने पायलट की तरफ देखा… वो अब भी गहरी नींद में था। उसने एक पेपर पर वो खुफिया मैसेज नोट किया और लिपस्टिक के डिब्बे के पीछे रखकर ढक्कन बंद कर दिया। 2 दिन बाद… हॉलैंड के एक होटल में जर्मन खुफिया अफसर क्रामर परेशान बैठा था। तभी एक एजेंट हांफते हुए आया। उसने एक सीलबंद लिफाफा देते हुए कहा- ‘इसे H21 ने भेजा है।’ क्रामर ने फौरन लिफाफा खोला। जिस पर लिखा हुआ था- ‘25 सितंबर 1915 को फ्रांस बड़ा हमला करने वाला है।’ क्रामर खुशी से चिल्लाया- ‘फौरन बर्लिन कनेक्ट करो, माता हारी ने अपना काम कर दिया है।’ खुफिया मैसेज के बाद जर्मनी ने चुपचाप उस मोर्चे पर बटालियनों की संख्या 90 से बढ़ाकर 192 कर दी। वहां भारी तोपें और मशीनगनें तैनात कर दी। अब तारीख आई 25 सितंबर 1915, फ्रांसीसी पैदल सेना के हजारों जवान नारा लगाते हुए आगे बढ़े। शुरुआती कुछ चौकियों पर उन्हें कामयाबी मिली, लेकिन जैसे ही वे मुख्य मैदान में पहुंचे, घात लगाकर बैठी जर्मन सेना ने हमला कर दिया। अचानक चारों तरफ से तोपों और मशीनगनों से ऐसा हमला हुआ कि फ्रांसीसी सैनिक संभल नहीं पाए। देखते-देखते लाशों के ढेर लग गए। जंग खत्म हुई तो पता चला कि फ्रांस के 80 हजार सैनिक मारे गए। ये युद्ध बैटल ऑफ लूस नाम से जाना जाता है। हार के बाद फ्रांस का मानना था कि उसके साथ किसी ने गद्दारी की है। 2 साल बाद यानी जनवरी 1917, फ्रांस के जासूसों को एक कोड वर्ड मिला- H21. फ्रांसीसी खुफिया विभाग ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो वे दंग रह गए। वह कोड नेम माता हारी का था। 13 फरवरी 1917 को फ्रांस पुलिस ने पेरिस से माता हारी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश किया गया। दोनों तरफ की तमाम दलीलों और जिरहों के बाद कोर्ट ने माता हारी को सरेआम गोली मारकर मृत्युदंड की सजा सुनाई। 15 अक्टूबर 1917 को एक साथ 12 सैनिकों ने गोली मारकर माता हारी को मौत की सजा दे दी। जासूस माता हारी की पहली कड़ी भी पढ़िए : नाचते-नाचते निर्वस्त्र हो जाती थी महिला जासूस:एक साथ 12 गोलियां मारकर मौत की सजा, आखिरी इच्छा में प्रेमी को लिखी चिट्ठी; माता हारी पार्ट-1 रेफरेंस : 1. Mata Hari: Courtesan and Spy : By Major Thomas Coulson 2. Mata Hari's Last Dance: By Michelle Moran 3. Mata Hari, the True Story : By Russell Warren Howe 4. The fatal lover : By Julie Wheelwright 5. The Spy: A Novel of Mata Hari : By Paulo Coelho 6. A Tangled Web: Mata Hari: By Mary W. Craig
वाशिंगटन/येरूशलेम। अमरीका ने ईरान के खिलाफ अभियान के संभावित विस्तार से पहले इजराइल को देश में कई और अमरीकी ईंधन भरने वाले विमान तैनात करने की अपनी योजना की सूचना दी है और इजराइली अधिकारियों के अनुसार यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंगलवार को सिचुएशन रूम की बैठक के बाद व्यापक सैन्य अभियान […] The post ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमरीका, ट्रंप प्रशासन इजराइल में तैनात करेगा अतिरिक्त फ्यूल टैंकर विमान appeared first on Sabguru News .
सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल
नई दिल्ली। बीस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उनके शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और पोटेशियम की कमी के लक्षण पाए। उन्होंने नस के जरिए (आईवी) तरल, ओआरएस जैसे पेय तथा अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। […] The post सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर
हिन्दू जनजागृति समिति एवं सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की मांग नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में नीट (NEET) मुद्दे को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के मंच से खुलेआम सनातन धर्म का अपमान और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरुद्ध […] The post जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर appeared first on Sabguru News .
भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज
भिण्ड। मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति पर सोशल मीडिया पर उसके अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर बदनाम करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी पति लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। विरोध करने पर उसने जान […] The post भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज appeared first on Sabguru News .
बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के बागी नेताओं को बड़ा प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जिम्मेदार ठहराकर तृणमूल छोड़ने वाले सांसद और विधायक पार्टी में वापस लौट आते हैं तो वे एक घंटे के भीतर पार्टी के सभी पदों से […] The post बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव appeared first on Sabguru News .
गुंटूर में महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने के मामले में तेदेपा नेता निलंबित
गुंटूर/विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के तटीय शहर गुंटूर स्थित कृष्णाबाबू कॉलोनी में सार्वजनिक नल से पानी भरने के मामूली विवाद में एक महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने का बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के स्थानीय नेता की संलिप्तता के बाद राज्य में भारी राजनीतिक […] The post गुंटूर में महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने के मामले में तेदेपा नेता निलंबित appeared first on Sabguru News .
भिवाड़ी में एटीएम कार्ड बदलकर 73 हजार की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट
खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रुपए उड़ाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय ने शनिवार को बताया कि आरोपी करीब दो वर्ष से फरार था। पुलिस ने उसे हरियाणा के पलवल जिले से […] The post भिवाड़ी में एटीएम कार्ड बदलकर 73 हजार की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही भाजपा में पिछले चैबीस घंटों से ये चर्चा गर्म है कि यहां के दो नेता एक दूसरे का नीचा दिखाने और पटखनी देने के लिए हर स्तर पर आ चुके हैं। वर्चस्व की ये लडाई अब पिण्डवाडा विधानसभा क्षेत्र में चरम पर पहुंच चुकी है। सिरोही विधानसभा में भी ये खींचतान है। […] The post सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी appeared first on Sabguru News .
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद
अलवर। राजस्थान में अलवर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने चुनावी रंजिश को लेकर की गई हत्या के नौ आरोपियों को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत भंडारी ने अभियुक्त भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन […] The post भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)। देश के पहले निजी तौर पर विकसित आर्बिटल क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने शनिवार को यहां से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और अपनी लक्षित कक्षा तक पहुंचने में सफल रहा। इस उड़ान को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हैदराबाद स्थित ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा विकसित […] The post देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’ अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल appeared first on Sabguru News .
वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान
नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह हिरासत में लेना तानाशाही है जिसका विरोध ज़रूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म […] The post वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान appeared first on Sabguru News .
सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे
नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनशन पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया। दीपके ने सोशल मीडिया मंच […] The post सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे appeared first on Sabguru News .
सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से शनिवार सुबह हटा कर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। वांगचुक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक होने से रोकने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के […] The post सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती appeared first on Sabguru News .
Horoscope June 20 To 26 July 2026: 20 से 26 जुलाई तक का मेष से लेकर मीन राशि तक का साप्ताहिक राशिफल। यह सप्ताह निवेश, व्यवसाय और करियर के लिए थोड़ा उतार चढ़ाव लावा रह सकता है। करियर, सेहत और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए समय निकालना होगा। साप्ताहिक राशिफल के माध्यम से जानें आप घर, परिवार और कार्यक्षेत्र में किस तरह के बेहतर निर्णय ले सकते हैं। साप्ताहिक राशिफल (20 जुलाई से 26 जुलाई 2026)
July 2026 Horoscope for All Zodiac Signs: जुलाई 2026 का यह सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से कई राशियों के लिए नए अवसर और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु और शनि की ग्रह स्थिति का प्रभाव करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर देखने को मिलेगा। यदि आप जानना चाहते हैं कि 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच आपकी राशि के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं और किन उपायों से आप अपने सप्ताह को बेहतर बना सकते हैं, तो पढ़ें सभी सभर 12 राशियों का विस्तृत साप्ताहिक राशिफल। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक साप्ताहिक राशिफल (20 जुलाई से 26 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं और सप्ताह की शुरुआत में धन लाभ की खुशी मिल सकती है। परिवार में संपत्ति से जुड़ा कोई मामला विवाद का रूप ले सकता है, इसलिए जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें। यह सप्ताह आपको धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने की सलाह देता है। शांत रहकर लिए गए निर्णय मुश्किल परिस्थितियों को भी आपके पक्ष में कर सकते हैं। किसी सहकर्मी के साथ हुई बातचीत भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी संकेत दे सकती है। भावनाओं को मन में दबाने के बजाय अपनों से खुलकर बात करना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में जल्दबाजी से बचें और नए रिश्ते में कदम रखने से पहले खुद को समय दें। विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों को आर्थिक पक्ष पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ब्लू वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) आप लंबे समय से रुके हुए कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। समय और प्राथमिकताओं का सही प्रबंधन आपको कम समय में बेहतर परिणाम देगा। नए लोगों से संपर्क बढ़ाना लाभदायक रहेगा, क्योंकि कुछ नई पहचानें भविष्य के अवसरों का द्वार खोल सकती हैं। आर्थिक रूप से यह समय स्थिरता और प्रगति का संकेत दे रहा है। किसी विशेषज्ञ या प्रशिक्षक का मार्गदर्शन आपकी फिटनेस यात्रा को नई दिशा देगा। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत और रोमांटिक यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार में कोई उत्सव या मिलन समारोह घर के माहौल को खुशियों से भर देगा। नए लोगों से बातचीत के लिए खुले रहें, क्योंकि साधारण-सी शुरुआत भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: व्हाइट मिथुन (21 मई – 21 जून) कार्यक्षेत्र में फिलहाल वेतन वृद्धि या पदोन्नति के लिए दबाव बनाने का समय नहीं है; धैर्य रखें और खुद को बेहतर ढंग से तैयार करें। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। बिना सोचे-समझे किया गया निवेश नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरों की सलाह उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल के बाद ही लें। परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने के प्रयास रिश्तों को और मजबूत बनाएंगे। जीवनसाथी या प्रियजन के साथ दिल की बात करने से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। प्रियजनों के साथ किसी धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। अपने शौक और रुचियों को समय देना मानसिक ताजगी बनाए रखेगा। संपत्ति और दस्तावेजों से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड संभालकर रखें। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: स्काई ब्लू कर्क (22 जून – 22 जुलाई) परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आती दिखाई देंगी और जीवन में नई गति का अनुभव होगा। ऊर्जा और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता आपको आगे रखेगी। आर्थिक रूप से यह समय किसी सोच-समझकर किए गए निवेश के लिए अच्छा माना जा सकता है। व्यापार से जुड़े लोग यदि अपने काम का विस्तार करने में सफल होते हैं तो उनकी पहचान और मजबूत हो सकती है। पारिवारिक जीवन में रिश्तों में स्थिरता आएगी और आप परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे। प्रेम संबंधों में साथी का सहयोग और भरोसा आपको सुकून देगा। किराए या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समझौते के योग हैं। हालांकि, यात्रा योजनाओं में देरी या थकान महसूस हो सकती है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: इलेक्ट्रिक ग्रे सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) यह सप्ताह आपके लिए नई उपलब्धियों और रुके हुए कार्यों में सफलता का संकेत दे रहा है। व्यापार का विस्तार करने की सोच रहे लोगों को नई और प्रभावी रणनीतियां मिल सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना एक कदम आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन आपकी समझदारी आपको दूसरों से आगे रखेगी। आपकी रचनात्मक सोच उन समस्याओं का समाधान निकाल सकती है जिन्हें दूसरे असंभव मानते हैं। यात्रा रोमांचक साबित हो सकती है और कुछ लोगों के जीवन में कोई खास व्यक्ति भी प्रवेश कर सकता है। खान-पान और जीवनशैली में सुधार से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। सामाजिक या धार्मिक कार्यों में योगदान देने की इच्छा भी बढ़ सकती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यक्षेत्र में देर तक काम करना पड़ सकता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करने से बचें। अल्पकालिक निवेश योजनाएं सही चुनाव करने पर लाभ दे सकती हैं। प्रेम जीवन में गर्मजोशी और अपनापन बढ़ेगा तथा साथी का व्यवहार अधिक सकारात्मक रहेगा। नियमित व्यायाम आपको ऊर्जावान और एकाग्र बनाए रखेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और नए स्नातकों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पेशेवर जीवन में अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका मिल सकता है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी विश्वसनीयता और सादगी लोगों का दिल जीत लेगी। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) इस सप्ताह बदलाव आपके जीवन में दस्तक दे सकते हैं और उन्हें खुले मन से स्वीकार करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा और आप अपने बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। घर से काम करने वालों के कार्यस्थल या दिनचर्या में बदलाव आ सकता है। पुराने निवेश अच्छे परिणाम देने लगेंगे, जिससे आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में बड़ों के प्रति सम्मान और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। किसी पारिवारिक समारोह या सामाजिक कार्यक्रम में किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, लेकिन रिश्ते को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा। लंबी कार्य यात्राएं थकाने वाली हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े निर्णय जल्दबाजी में न लें। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: रेड वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) कार्यस्थल का माहौल बेहतर बनाने के आपके प्रयास उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे। कोई नया कौशल सीखना या अनुभवी लोगों के साथ समय बिताना करियर के लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक रूप से आप लंबे समय से चाही गई किसी चीज पर खर्च करने का मन बना सकते हैं। नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान का सकारात्मक असर स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा या घूमने का कार्यक्रम रिश्तों को और मजबूत बनाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति की संभावना है। कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरा सप्ताह संतोषजनक रहेगा। कोई प्रेरणादायक व्यक्ति आपके जीवन में आकर आपको बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित कर सकता है। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ऑरेंज धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) आपके संपर्क और पहचान आपको सही लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। प्रेम की तलाश कर रहे लोगों की मुलाकात किसी दिलचस्प व्यक्ति से हो सकती है, जबकि प्रेम संबंधों में जुड़े लोग भावनात्मक रूप से खूबसूरत पल बिताएंगे। परिवार में आपका सरल और स्नेहपूर्ण व्यवहार पुराने मतभेदों को दूर करने में मदद करेगा। कार्यक्षेत्र में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत भविष्य की सुरक्षा और सफलता को मजबूत कर सकती है। जीवनसाथी के साथ आर्थिक मामलों पर चर्चा करने से बचत और खर्चों में संतुलन आएगा। स्वास्थ्य के लिए अपनाई गई नई दिनचर्या अच्छे परिणाम देगी। यह ऐसा समय है जब सकारात्मक सोच और सक्रिय प्रयास सफलता को आपके करीब ला सकते हैं। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: डार्क ब्लू मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपको अपने शरीर की जरूरतों को समझने और खुद को थोड़ा आराम देने की सलाह देता है। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने के बजाय संतुलन बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक प्रगति धीरे-धीरे होगी, लेकिन भविष्य की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर या लंबित योजनाओं को मंजूरी मिल सकती है। लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते किसी गंभीर और स्थायी प्रतिबद्धता की ओर बढ़ सकते हैं। कुछ लोगों के लिए विवाह से जुड़ी चर्चाएं तेज हो सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना भी साकार होने के संकेत दे रही है। वर्तमान परेशानियों के बजाय नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना इस सप्ताह आपको बेहतर परिणाम देगा। शुभ अंक: 15 | शुभ रंग: रेड कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) आपकी रचनात्मकता पूरे शिखर पर रहेगी और नए विचारों के साथ प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में निरंतरता और खुले विचार आपको सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसे किसी समझौते से बचना चाहिए जो भविष्य में बोझ बन जाए। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। संतान की योजना बना रहे दंपतियों को शुभ संकेत मिल सकते हैं। अकेले की गई यात्रा आपके लिए सुकूनभरी साबित होगी और किसी यादगार मुलाकात का कारण भी बन सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। परिवार में समझदारी और लचीला व्यवहार रिश्तों को मधुर बनाए रखेगा। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) आप स्वयं को ऊर्जावान, मानसिक रूप से सजग और नए कार्यों के लिए उत्साहित महसूस करेंगे। आपका उत्साह आसपास के लोगों को भी प्रेरित करेगा। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय परिवार की सलाह को महत्व देना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण परियोजना अतिरिक्त समय और मेहनत मांग सकती है, लेकिन इससे आपकी प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आपकी अंतःप्रेरणा सही दिशा दिखाएगी और आपको समझदारी भरे निर्णय लेने में मदद करेगी। लंबे समय से रिश्ते में जुड़े लोगों को विवाह की मंजूरी या आशीर्वाद मिल सकता है। व्यापारिक यात्राएं नए संपर्क और अवसर प्रदान करेंगी। नई संपत्ति खरीदने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। ALSO READ: Weekly Horoscope 20 to 26 July: साप्ताहिक अंक राशिफल: जानें किन मूलांक वालों पर रहेगी किस्मत मेहरबान शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: मैजेंटा
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की छठवीं देवी मां छिन्नमस्ता, जानिए पूजा विधि
Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के छठे दिन/ षष्ठी तिथि की अधिष्ठात्री देवी मां छिन्नमस्ता हैं, जो दस महाविद्याओं में पांचवें स्थान पर आती हैं। मां छिन्नमस्ता का स्वरूप अत्यंत अलौकिक, विस्मयकारी और तीव्र माना गया है। 'छिन्नमस्ता' का शाब्दिक अर्थ है 'कटे हुए सिर वाली'। भले ही इनका स्वरूप पहली नजर में भयभीत करने वाला लगता हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से वे पूर्णतः ममतामयी हैं और अपने भक्तों के अहंकार, मोह-माया और अज्ञान का नाश कर उन्हें परम ज्ञान की ओर ले जाती हैं। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? आइए जानते हैं मां छिन्नमस्ता का स्वरूप, उनकी गुप्त पूजा विधि और महत्व: मां छिन्नमस्ता का दिव्य स्वरूप मां छिन्नमस्ता की छवि अत्यंत रहस्यमयी है। वे अपने बाएं हाथ में अपना ही कटा हुआ सिर धारण किए हुए हैं और दाएं हाथ में खड्ग (तलवार) लिए हुए हैं। उनके कटे हुए गले से रक्त की तीन धाराएं निकलती हैं। पहली और दूसरी धारा: उनके साथ खड़ी उनकी दो सहचरियां—'डाकिनी' और 'शाकिनी' पीती हैं। तीसरी धारा: स्वयं देवी का कटा हुआ सिर (मुख) ग्रहण करता है। उनका यह रूप यह संदेश देता है कि जीवन में अहंकार का त्याग कर आत्मज्ञान की ओर बढ़ना ही वास्तविक साधना है। मां छिन्नमस्ता दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या हैं और त्याग, आत्मबल, वैराग्य, आत्मसंयम तथा आध्यात्मिक जागरण की प्रतीक मानी जाती हैं। माता कामदेव और रति के ऊपर खड़ी हैं, जो ब्रह्मांड की सृजनात्मक ऊर्जा और इच्छाओं पर नियंत्रण का प्रतीक है। इनका यह स्वरूप दर्शाता है कि संसार में सृजन और विनाश दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद साधना का महत्व: मां छिन्नमस्ता की साधना से व्यक्ति के जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी रुकावटें, कर्ज की समस्या और अदालती विवाद तुरंत समाप्त हो जाते हैं। आध्यात्मिक साधकों के लिए यह साधना रीढ़ की हड्डी में स्थित 'कुंडलिनी शक्ति' को जाग्रत करने और विशेष रूप से 'आज्ञा चक्र' को सक्रिय करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। षष्ठी तिथि की विशेष पूजा विधि मां छिन्नमस्ता की पूजा भी गुप्त नवरात्रि की अन्य देवियों की तरह आधी रात्रि में करना सर्वोत्तम माना जाता है। गृहस्थ साधक इसे सुबह के समय सात्विक भाव से कर सकते हैं : 1. स्नान करके नीले या गहरे रंग के वस्त्र धारण करें। यदि उपलब्ध न हो, तो लाल वस्त्र भी पहन सकते हैं। पूजा स्थान पर बैठकर आचमन करें और हाथ में जल लेकर मां छिन्नमस्ता की पूजा का संकल्प लें। 2. लकड़ी की चौकी पर काले या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। उस पर मां छिन्नमस्ता का चित्र या 'छिन्नमस्ता यंत्र' स्थापित करें। माता के सम्मुख सरसों के तेल या घी का दीपक और धूप जलाएं। 3. माता को कुमकुम, अक्षत और नीले या लाल रंग के फूल, जैसे- विशेष रूप से गुड़हल या अपराजिता के फूल अर्पित करें। इत्र और लौंग का जोड़ा अर्पित करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। 4. रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार या एक माला माता के इस विशेष भयनाशक और शक्ति प्रदायक मंत्र- 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा॥' का जाप करें। 5. मंत्र जाप के बाद माता की आरती करें। पूजा के अंत में हाथ जोड़कर अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और जीवन के सारे कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें। 6. मां छिन्नमस्ता को भोग में उड़द की दाल की पिठ्ठी से बने पकवान, इमरती, या कोई भी लाल रंग की मिठाई अर्पित की जाती है तथा अनार या मौसमी फल भी चढ़ाएं जाते हैं। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर मां छिन्नमस्ता की विधिपूर्वक पूजा करने से भय, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति दूर होती है। साथ ही साधक को आत्मविश्वास, साहस और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की पंचमी की देवी मां त्रिपुर भैरवी, जानिए पूजा विधि
संभावना सेठ ने दिखाईं जुड़वां बच्चों की पहली झलक, अनोखे नामों का किया खुलासा
मशहूर अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी के घर आखिरकार वो खुशियां आ ही गईं, जिसका उन्हें पिछले एक दशक से इंतजार था। इस स्टार कपल ने आधिकारिक तौर पर अपने जुड़वां बच्चों को दुनिया से रूबरू करा दिया है। संभावना और अविनाश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बच्चों के बेहद अनोखे और खूबसूरत नामों का खुलासा किया है, जिसके बाद से ही फैंस और सेलिब्रिटीज उन्हें लगातार बधाइयाँ दे रहे हैं। संभावना सेठ ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक कई प्यारी पारिवारिक तस्वीरें साझा की हैं। A post shared by Sambhavna Seth (@sambhavnasethofficial) ये तस्वीरें उनके घर पर आयोजित हुए एक छोटे और निजी नामकरण समारोह की लग रही हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए संभावना ने कैप्शन में लिखा, 'मिलिए हमारे बेटे 'युगार्थ' (YUGAARTH) और बेटी 'ध्वजाह' (DHWAJAH) से।' ALSO READ: 'सैयारा' की पहली सालगिरह पर वेम्बली स्टेडियम में लॉन्च हुआ कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी सामने आई तस्वीरों में संभावना और अविनाश का पारंपरिक लुक फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। संभावना जहां लाल रंग की कुर्ती में बेहद खूबसूरत लग रही हैं, वहीं अविनाश नीले रंग के कुर्ते में नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में दोनों अपने नवजात बच्चों को गोद में लिए हुए प्यार से निहारते और कैमरे के सामने मुस्कुराते दिख रहे हैं। हालांकि, कपल ने प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए अभी बच्चों के चेहरे इमोजी से छिपाकर रखे हैं। सरोगेसी के जरिए हुआ बच्चों का जन्म बता दें कि संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने 4 जून 2026 को सरोगेसी के माध्यम से अपने इन जुड़वां बच्चों का दुनिया में स्वागत किया था। इन नन्हे मेहमानों के आने से कपल के जीवन का सबसे लंबा और भावुक सफर एक खूबसूरत मोड़ पर पहुंच गया है। बच्चों के जन्म के बाद से ही संभावना के घर में जश्न का माहौल है और अब नामकरण की रस्म भी पूरी हो चुकी है। संभावना और अविनाश के लिए माता-पिता बनने का यह सफर आसान नहीं था। यह खुशियां उनके जीवन में सालों के दर्द, असफलताओं और आंसुओं के बाद आई हैं। संभावना ने अपने यूट्यूब व्लॉग्स के जरिए अपनी इस पूरी जर्नी को फैंस के साथ खुलकर शेयर किया था। शादी के 10 सालों के दौरान कपल ने माता-पिता बनने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने कई बार आईवीएफ ट्रीटमेंट का सहारा लिया, जो हर बार असफल रहा। इस दौरान संभावना को कई बार दर्दनाक मिसकैरेज का सामना भी करना पड़ा। शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद भी इस कपल ने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार सरोगेसी के जरिए उनका माता-पिता बनने का सपना सच हो गया।
श्री ताप्ती जयंती 2026: कब है, जानें पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां ताप्ती जयंती (ताप्ती जन्मोत्सव) अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। सूर्यपुत्री मां ताप्ती देश की प्रमुख और पवित्र नदियों में से एक हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में बहुत अधिक है। वर्ष 2026 में मां ताप्ती जयंती की तिथि, पूजा मुहूर्त और इसके महत्व की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है। श्री ताप्ती जयंती 2026 तिथि व मुहूर्त साल 2026 में आषाढ़ शुक्ल सप्तमी तिथि 20 जुलाई 2026, सोमवार को पड़ रही है। उदय तिथि के अनुसार इस दिन ताप्ती जयंती का उत्सव मनाया जाएगा। सप्तमी तिथि का आरंभ: 20 जुलाई 2026 को तड़के सुबह 03:30 बजे से सप्तमी तिथि का समापन: 21 जुलाई 2026 को सुबह 04:03 बजे तक पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त: सूर्योदय से लेकर दोपहर तक (इस दिन सोमवार होने के कारण शिव परिवार के साथ मां ताप्ती की पूजा का विशेष फल मिलेगा)। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 से 01:11 तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:17 से 07:39 तक। मां ताप्ती का पौराणिक महत्व (जन्म कथा) धार्मिक पुराणों (विशेषकर स्कंद पुराण और महाभारत) के अनुसार, मां ताप्ती को भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की सगी बहन माना गया है। जन्म की कथा: सूर्य देव का तेज (गर्मी) इतना प्रचंड था कि पृथ्वी और देवलोक उसे सहन नहीं कर पा रहे थे। स्वयं सूर्य देव को भी अपने ताप को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही थी। तब उन्होंने अपने शरीर के तीव्र ताप (गर्मी) को शांत करने के लिए उसे एक जलधारा के रूप में धरती पर प्रवाहित कर दिया। सूर्य के इसी 'ताप' से उत्पन्न होने के कारण इनका नाम 'ताप्ती' या 'तापी' पड़ा। सूर्य की पुत्री और शनि की बहन होने के कारण इन्हें अत्यंत कल्याणकारी और पापों का नाश करने वाली नदी माना जाता है। ताप्ती जयंती पर पूजा का महत्व शनि दोष और सूर्य दोष से मुक्ति: चूंकि ताप्ती जी शनि देव की बहन और सूर्य देव की पुत्री हैं, इसलिए ताप्ती जयंती के दिन इनके जल में स्नान करने या इनकी पूजा करने से कुंडली के शनि दोष (साढ़ेसाती, ढैय्या) और सूर्य जनित दोषों का प्रभाव शांत होता है। पापों से मुक्ति: मान्यताओं के अनुसार, गंगा नदी में स्नान करने से, नर्मदा जी के दर्शन मात्र से और ताप्ती नदी का स्मरण या नाम लेने मात्र से मनुष्य के कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। गौ हत्या जैसे महापाप से मुक्ति: पौराणिक कथाओं में उल्लेख है कि मां ताप्ती के पावन जल में स्नान करने से अनजाने में हुए बड़े से बड़े पापों का भी प्रायश्चित हो जाता है। पितृ तर्पण के लिए फलदायी: इस दिन ताप्ती नदी के तट पर पिंडदान और पितृ तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूजा विधि (घर पर या नदी तट पर कैसे करें पूजा?) यदि आप ताप्ती नदी (बैतूल के मुलताई, बुरहानपुर या सूरत) के तट पर जा सकते हैं, तो वहाँ स्नान-दान करें। यदि ऐसा संभव न हो, तो घर पर ही इस विधि से पूजा करें: स्नान: सुबह उठकर अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या ताप्ती जल (यदि उपलब्ध हो) मिलाकर स्नान करें। संकल्प व अर्घ्य: ताप्ती माता का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। पूजन: मां ताप्ती की कपूर, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल) और पीले फूलों से पूजा करें। उन्हें चुनरी अर्पित करें। भोग: मां को मौसमी फल और खीर या हलवे का भोग लगाएं। आरती व दीपदान: शाम के समय मां ताप्ती की आरती करें और घर के मुख्य द्वार या किसी पवित्र स्थान (जैसे तुलसी जी के पास) दीपदान करें। नदी तट पर रहने वाले लोग इस दिन नदी में तैरते हुए दीए प्रवाहित करते हैं।
तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर
वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है। सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे। मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।” BIG BLOW FOR INDIA - Washington Sundar ruled out of the 3rd ODI Match Vs England. (ESPNcricinfo). pic.twitter.com/hhWn4rLD42 — Tanuj (@ImTanujSingh) July 17, 2026 एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं। अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।” कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।
जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठा ले गई। अभिजीत दीपके ने कहा- ‘पुलिस ने सोनम सर को गालियां दीं और घसीटकर जबरन ले गए।’ नई दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल पहुंची वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि हमारी सहमति के बिना उन्हें न तो जबरन मुंह से कुछ खिलाया जाए और न ही नस के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए। क्या बिना मर्जी सोनम वांगचुक को कुछ भी खिलाना गैरकानूनी है और इतने दिन बिना खाए उनके शरीर के भीतर क्या-क्या हुआ होगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या सरकार जबरन सोनम का अनशन तुड़वा सकती है?जवाब: भूख-हड़ताल भी अभिव्यक्ति यानी अपनी बात कहने का तरीका है। आर्टिकल 19 के तहत ये एक मूल अधिकार है। यानी सरकार किसी को भूख-हड़ताल करने से रोक नहीं सकती। वहीं, आर्टिकल 21 से जीवन का अधिकार मिलता है और सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह किसी व्यक्ति की जान को बचाए रखे। इसीलिए भारत में आत्महत्या करना या इसके लिए किसी को उकसाना अपराध है। इन दो कानूनों से जुड़ा एक रोचक मामला मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला का है, जो 2000 से 2016 तक 16 साल भूख हड़ताल पर रही थीं। उन्हें अनशन के तीसरे दिन ही आत्महत्या के प्रयास के आरोप में IPC की धारा 309 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और 16 साल तक सरकारी अस्पताल में रखकर जबरन फीडिंग ट्यूब से खाना दिया गया। हालांकि 2021 में मद्रास हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में कहा कि भूख-हड़ताल के चलते किसी को आत्महत्या के प्रयास में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। सोनम वांगचुक का केस भी इन्हीं दो मूल अधिकारों के बीच झूल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सोनम पर इरोम चानू की तरह आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार आर्टिकल 21 का हवाला देकर उनका अनशन तुड़वा सकती है। उनकी जान बचाने के लिए फीडिंग ट्यूब से तरल खाना या फिर नसों से जरूरी फ्लूइड दिया जा सकता है। ये गैरकानूनी नहीं होगा। सोनम का अनशन तुड़वाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था, 'डॉक्टरों से उनकी नियमित जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। क्योंकि हर नागरिक की जान कीमती है।’ हालांकि भूख हड़ताल को लेकर 1991 में वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन की ‘माल्टा घोषणा’ के मुताबिक, कोई मानसिक रूप से सक्षम व्यक्ति, यानी जो होश में हो, उसकी दिमागी स्थिति ठीक हो, उसे उसकी मर्जी के बिना खाना खिलाना नैतिक रूप से गलत है। इसे अमानवीय तथा अपमानजनक व्यवहार माना गया है। सवाल-2: जबरन अनशन तुड़वाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख रहा है?जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में साफ तौर पर कहा है कि अनशन तोड़ने के लिए तब तक मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक ये उनकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी न हो। दरअसल, 26 नवंबर 2024 से 70 साल के किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ 20 दिन भूख हड़ताल की। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसी मामले में कहा था, ‘भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, ये तय करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य और जिम्मेदारी है।’ कोर्ट ने कहा कि केंद्र और पंजाब की राज्य सरकार को उनकी उम्र, बीमारी पर ध्यान देना चाहिए। उनका कर्तव्य है कि वे जगजीत को तत्काल मेडिकल एड देने के लिए सभी जरूरी कोशिश करें। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा, ‘उन्हें अनशन तोड़ने के लिए तब तक मजबूर न किया जाए, जब तक ये उनकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी न हो।’ 6 अप्रैल 2025 को 133 दिन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की अपील के बाद जगजीत ने अपना अनशन तोड़ दिया था। 2011 में बाबा रामदेव की अनशन की कोशिश पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार को अनशन करने वालों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण नजरिया नहीं रखना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सरकार अभिव्यक्ति के अधिकार को तब तक रोक नहीं सकता, जब तक कि सांप्रदायिक समस्या न हो, सामाजिक व्यवस्था न बिगड़े और कोई शांति भंग का कोई खतरा न हो। भूख हड़ताल, विरोध का ऐसा रूप है, जिसे हमारे संविधान में ऐतिहासिक और कानूनी दोनों तरह से स्वीकार किया गया है। इसकी शुरुआत महात्मा गांधी के सत्याग्रह से हुई है। सवाल-3: तो क्या वाकई सोनम वांगचुक की जान को खतरा था?जवाब: भुखमरी से जुड़ी कई रिसर्च 3 जरूरी बातें बताती हैं.. सोनम का वजन अनशन की शुरुआत में 65.9 किलो था, जो 18 जुलाई तक 9.5 किलो घटकर 56.4 हो गया। यानी करीब 15% की गिरावट। उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी नॉर्मल से कम चल रहे थे। उत्तर प्रदेश बेस्ड डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) अजय सिंह कहते हैं कि ये कहना ठीक नहीं होगा कि तत्काल उनकी जान को कोई खतरा था। वे पानी ले रहे थे। हालांकि 20 दिन के अनशन के बाद मेडिकल जांचों और लगातार निगरानी की जरूरत है, क्योंकि उनकी उम्र 59 साल है। वहीं सफदरजंग अस्पताल ने कहा है कि उपवास और डिहाइड्रेशन के चलते सोनम कमजोर हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन सारे पैरामीटर्स को सामान्य करने के लिए उन्हें लगातार निगरानी, चिकित्सकीय देखभाल और इलाज की जरूरत है। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर में न्यूरोलॉजिस्ट और मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. टी.एन दुबे कहते हैं, ‘मेडिकल साइंस में इस बात कि साफ पुष्टि नहीं है कि इंसान कितने दिन तक भूख बर्दाश्त कर सकता है। भूख तब तक जानलेवा नहीं होगी, जब तक कीटोसिस न शुरू हो जाए। एक बार ये प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो माना जाता है कि व्यक्ति कोमा में जा सकता है। दरअसल, बिना खाने के कुछ दिन बाद कीटोसिस की फेज शुरू हो जाती है। इसके बाद चौथी फेज और फिर व्यक्ति की मृत्यु। आखिर भूखे रहने के दौरान हमारे शरीर में होता क्या है, इसके चारों फेज समझते हैं… सवाल-4: अब आगे कॉकरोच पार्टी के आंदोलन और सोनम के अनशन का क्या होगा?जवाबः आगे 3 सिनैरियो बन सकते हैं...1. सोनम अस्पताल से ही अनशन करें 2. कॉकरोच पार्टी का आंदोलन तेज हो सकता है 3. पुलिस प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करवा ले ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: प्रोटेस्ट कॉकरोच पार्टी का, फिर सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर क्यों; क्या सरकार मांगें मानेगी, तबीयत बिगड़ी तो क्या होगा 59 साल के सोनम वांगचुक 17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सिर्फ नमक का पानी ले रहे हैं। 8.5 किलो वजन गिर चुका है। उनके पीछे बैनर कॉकरोच जनता पार्टी का है, जिसकी मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। पूरी खबर पढ़ें…
'सैयारा' की पहली सालगिरह पर वेम्बली स्टेडियम में लॉन्च हुआ कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी
भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित रोमांटिक फिल्मों में शामिल 'सैयारा' ने अपनी रिलीज के एक साल पूरे होने पर अपने प्रशंसकों को एक बेहद खास तोहफा दिया है। फिल्म की पहली वर्षगांठ के अवसर पर अभिनेता अहान पांडे और अनीत पड्डा ने लंदन के प्रतिष्ठित वेम्बली स्टेडियम में फिल्म के एक्सक्लूसिव कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी का भव्य अनावरण किया। मोहित सूरी के निर्देशन और वाईआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी के निर्माण में बनी 'सैयारा' हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफल प्रेम कहानियों में शामिल हो गई है। फिल्म ने दुनियाभर में 580 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रोमांटिक फिल्मों में अपनी जगह बनाई। फिल्म ने अहान पांडे और अनीत पड्डा को नई पीढ़ी के चर्चित सितारों के रूप में स्थापित किया। ALSO READ: काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की 'द इंडिया स्टोरी' का ट्रेलर रिलीज, सामाजिक मुद्दे पर छिड़ेगी बड़ी बहस फिल्म की पहली सालगिरह के मौके पर वाईआरएफ ने प्रशंसकों के लिए यह खास पहल की। अहान और अनीत, जिन्हें प्रशंसक प्यार से 'अहनीत' कहते हैं, वेम्बली स्टेडियम पहुंचे और फिल्म के कलेक्टर्स एडिशन विनाइल एलपी को लॉन्च किया। वेम्बली स्टेडियम का फिल्म से खास भावनात्मक जुड़ाव है। A post shared by Yash Raj Films (@yrf) ‘सैयारा’ के यादगार दृश्यों में से एक में कृष कपूर (अहान पांडे) विशाल स्क्रीन पर वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) की आंखों को पहचानकर उसे तलाशता है। फिल्म का भावनात्मक क्लाइमेक्स भी इसी स्टेडियम में आयोजित कॉन्सर्ट के दौरान दोनों किरदारों के पुनर्मिलन के साथ पूरा होता है। दो डिस्क वाले इस कलेक्टर्स एडिशन एलपी में फिल्म का पूरा संगीत सफर शामिल है। पहली डिस्क में फिल्म के नौ गाने हैं, जबकि दूसरी डिस्क में 16 ओरिजिनल बैकग्राउंड स्कोर कंपोजिशन और फिल्म के नौ चर्चित संवाद शामिल किए गए हैं। इसमें कुल 25 ट्रैक हैं, जो दर्शकों को फिल्म के भावनात्मक पलों को दोबारा महसूस करने का मौका देंगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस कलेक्टर्स पैक में एक विशेष ‘सैयारा डायरी’, वाणी की नोटबुक से प्रेरित इंक पेन और कृष-वाणी के डिजाइन किए गए बुकमार्क्स भी शामिल हैं। डायरी में अक्षय विधानी, मोहित सूरी, अहान पांडे, अनीत पड्डा समेत फिल्म से जुड़े कलाकारों और संगीतकारों के संदेश शामिल हैं। वाईआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी ने कहा कि ‘सैयारा’ उनके लिए बेहद खास फिल्म है, जिसने रोमांस की उस दुनिया को फिर से जीवंत किया, जिसके लिए वाईआरएफ जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस विनाइल एलपी के जरिए प्रशंसकों को फिल्म के संगीत, संवादों और भावनाओं को दोबारा अनुभव करने का अवसर मिलेगा। निर्देशक मोहित सूरी ने कहा कि संगीत किसी भी प्रेम कहानी की आत्मा होता है। उन्होंने कहा कि ‘सैयारा’ के गीतों ने कृष और वाणी के रिश्ते की गहराई और भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना, लड़कियां खून से लिखती थीं प्रेम पत्र
हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना, लेकिन सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के रूप में अवतरित हुए, जिन्हें दर्शकों ने ‘सुपरस्टार’ की उपाधि दी। पंजाब के अमृतसर में 29 दिसंबर 1942 को जन्मे जतिन खन्ना उर्फ राजेश खन्ना का बचपन से ही फिल्मों की ओर रुझान था और वह अभिनेता बनना चाहते थे, हालांकि उनके पिता इस बात के सख्त खिलाफ थे। राजेश खन्ना ने अपने करियर के शुरुआती दौर में रंगमंच से जुड़कर अभिनय की बारीकियां सीखीं। बाद में उन्होंने यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित ऑल इंडिया टैलेंट कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया, जिसमें वह प्रथम चुने गए। ALSO READ: प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर 'वाराणसी' से 'मंदाकिनी' का धांसू लुक रिलीज, इंटरनेट पर छाए पोस्टर्स राजेश खन्ना ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1966 में चेतन आनंद की फिल्म 'आखिरी खत' से की। वर्ष 1966 से 1969 तक वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। राजेश खन्ना के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत की क्लासिकल फिल्म ‘आराधना’ से चमका। बेहतरीन गीत-संगीत और शानदार अभिनय से सजी इस फिल्म की गोल्डन जुबली सफलता ने राजेश खन्ना को स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। ‘आराधना’ की सफलता के बाद राजेश खन्ना शक्ति सामंत के प्रिय अभिनेता बन गए। बाद में शक्ति सामंत ने उन्हें कई फिल्मों में काम करने का अवसर दिया, जिनमें कटी पतंग, अमर प्रेम, अनुराग, अजनबी, अनुरोध और आवाज प्रमुख हैं। फिल्म ‘आराधना’ की सफलता के बाद राजेश खन्ना की छवि रोमांटिक हीरो के रूप में बन गई। इसके बाद निर्माता-निर्देशकों ने उनकी इसी रूमानी छवि को अपनी फिल्मों में खूब भुनाया। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए और उन्हें हिंदी फिल्म जगत के पहले सुपरस्टार होने का गौरव प्राप्त हुआ। यूं तो उनके अभिनय के सभी कायल थे, लेकिन खास तौर पर टीनएज लड़कियों के बीच उनका क्रेज कुछ ज्यादा ही देखने को मिला। एक बार जब राजेश खन्ना बीमार पड़े तो दिल्ली के कुछ कॉलेज की छात्राओं ने उनके पोस्टर पर बर्फ की थैली रखी, जिससे उनका बुखार जल्द उतर जाए। इतना ही नहीं, उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि कई प्रशंसक उन्हें खून से प्रेम पत्र लिखा करती थीं। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पर यह आरोप लगने लगे कि वह केवल रोमांटिक भूमिकाएं ही निभा सकते हैं। निर्माता- निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें इस छवि से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1972 में प्रदर्शित फिल्म ‘बावर्ची’ में उन्होंने हास्य अभिनय कर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसी वर्ष प्रदर्शित ऋषिकेश मुखर्जी निर्देशित फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के अभिनय का नया रंग देखने को मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक गंभीर और भावनात्मक किरदार निभाया। फिल्म में उनका संवाद “बाबूमोशाय... हम सब रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिसकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों से बंधी हुई है...” दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और आज भी याद किया जाता है। वर्ष 1969 से 1976 के बीच अपने सुनहरे दौर में राजेश खन्ना ने जिन फिल्मों में काम किया, उनमें से अधिकतर बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। हालांकि अमिताभ बच्चन के आगमन के बाद हिंदी सिनेमा में बदलाव आया और रोमांटिक फिल्मों के इस सुपरस्टार की लोकप्रियता धीरे-धीरे कम होने लगी। उनकी कई फिल्में असफल रहीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अभिनय में आई एकरूपता से बचने और खुद को चरित्र अभिनेता के रूप में स्थापित करने के लिए राजेश खन्ना ने अस्सी के दशक में विभिन्न तरह की भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म ‘रेड रोज’ में उन्होंने नकारात्मक किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वर्ष 1985 में प्रदर्शित फिल्म ‘अलग-अलग’ के जरिए राजेश खन्ना ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखा। उनके सिने करियर में अभिनेत्री मुमताज और शर्मिला टैगोर के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। राजेश खन्ना को अपने फिल्मी करियर में तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाने के बाद राजेश खन्ना ने समाज सेवा के उद्देश्य से राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 1991 में वह कांग्रेस के टिकट पर नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। अपने चार दशक लंबे सिने करियर में राजेश खन्ना ने करीब 125 फिल्मों में अभिनय किया। रोमांस के जादू से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले और हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहलाने वाले राजेश खन्ना 18 जुलाई 2012 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।
ग्रीस वेकेशन में मलाइका अरोड़ा का ग्लैमरस अंदाज, समंदर के बीच मिस्ट्री मैन संग दिए पोज
बॉलीवुड की सबसे फिट और ग्लैमरस डीवा मलाइका अरोड़ा एक बार फिर अपनी पर्सनल और वेकेशन लाइफ को लेकर सोशल मीडिया पर छा गई हैं। हाल ही में मलाइका ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर ग्रीस वेकेशन की कुछ बेहद खूबसूरत और हॉट तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में जहां एक तरफ उनके किलर फैशन सेंस और टोंड फिगर की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक रहस्यमयी तस्वीर ने पूरे इंटरनेट का पारा बढ़ा दिया है। इस वायरल तस्वीर में मलाइका समंदर के बीचों-बीच एक 'मिस्ट्री मैन' के साथ बेहद क्लोज पोज देती नजर आ रही हैं, जिसके बाद से ही उनके रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial) ग्रीक समर में मलाइका का ग्लैमरस अवतार अपनी लेटेस्ट पोस्ट में मलाइका अरोड़ा ने ग्रीस के नीले समंदर, मनमोहक सनसेट और वहां के पारंपरिक सफेद घरों की खूबसूरत झलकियां दिखाई हैं। तस्वीरों में मलाइका का स्टाइलिश हॉलिडे लुक हर किसी का ध्यान खींच रहा है। ALSO READ: प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर 'वाराणसी' से 'मंदाकिनी' का धांसू लुक रिलीज, इंटरनेट पर छाए पोस्टर्स एक तस्वीर में वह पारंपरिक ग्रीक विला में आराम फरमाती दिख रही हैं, तो वहीं दूसरी झलकियों में उन्होंने वाइब्रेंट पिंक और रेड कलर की मोनोकिनी पहनी हुई है, जिसमें उनका कॉन्फिडेंस और सिजलिंग अवतार देखते ही बनता है। इसके अलावा, ढलते सूरज की रोशनी के बीच वाइन-रेड कलर की हॉल्टर-नेक मैक्सी ड्रेस में उनका लुक किसी अप्सरा से कम नहीं लग रहा है। मलाइका ने अपनी इन सिजलिंग तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'ग्रीक समर की कुछ खूबसूरत यादें, मेरे सिग्नेचर स्टाइल के साथ।' लेकिन फैंस की निगाहें तो उस आखिरी तस्वीर पर टिक गईं, जिसने सस्पेंस का तगड़ा तड़का लगा दिया है। समंदर के बीचों-बीच 'मिस्ट्री मैन' संग जाम छलकाती आईं नजर सोशल मीडिया पर इस वक्त जिस तस्वीर की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसमें मलाइका अरोड़ा गहरे समंदर के बीच एक अनजान शख्स के साथ खड़ी हैं। दोनों के हाथों में ड्रिंक के ग्लास हैं और दोनों का अंदाज काफी क्लोज नजर आ रहा है। हालांकि, मलाइका ने बेहद चालाकी से इस फोटो को क्लिक किया है, जिसमें उस शख्स का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है और न ही मलाइका ने उसे टैग किया है। A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial) इस सस्पेंस ने फैंस और नेटीजंस को कयास लगाने पर मजबूर कर दिया है। कमेंट सेक्शन में लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि 'आखिर यह मिस्ट्री मैन कौन है?' कई यूजर्स ने तो इस शख्स का संबंध मुंबई के मशहूर डायमंड मर्चेंट हर्ष मेहता से भी जोड़ना शुरू कर दिया है, जिनके साथ मलाइका को पहले भी कुछ मौकों पर देखा गया है। 52 की उम्र में फिटनेस और फैशन गोल्स सस्पेंस और अफवाहों से इतर, फैंस मलाइका अरोड़ा की फिटनेस के एक बार फिर कायल हो गए हैं। 52 वर्ष की उम्र में भी जिस तरह मलाइका ने खुद को मेंटेन रखा है, वह वाकई तारीफ के काबिल है। उनकी टोंड बॉडी, ग्लोइंग स्किन और मिनिमल मेकअप वाले हॉलिडे लुक्स युवाओं को फिटनेस गोल्स दे रहे हैं।
44 साल की हुईं प्रियंका चोपड़ा, जानिए कैसे जमशेदपुर की लड़की बनी बॉलीवुड और हॉलीवुड की सुपरस्टार
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा 44 वर्ष की हो गई हैं। 18 जुलाई 1982 को झारखंड के जमशेदपुर में जन्मी प्रियंका चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली से पूरी की। बाद में उन्होंने लखनऊ और मुंबई से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। इस बीच उनका रूझान मॉडलिंग इंडस्ट्री की ओर हो गया और वह मॉडल के रूप में काम करने लगीं। वर्ष 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर रहीं। बाद में उन्हें मिस वर्ल्ड के खिताब से नवाजा गया। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारतीय सुंदरता का परचम पूरी दुनिया में लहराते हुए रीता फारिया के बाद मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली वह पांचवीं भारतीय सुंदरी बनीं। ALSO READ: 'बजरंगी भाईजान' के 11 साल: सलमान नहीं थे पहली पसंद, इन सितारों ने फिल्म को कर दिया था रिजेक्ट प्रियंका चोपड़ा ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 2002 में तमिल फिल्म से की। इस फिल्म को व्यावसायिक सफलता तो नहीं मिली लेकिन अपने दमदार अभिनय से उन्होंने समीक्षकों का दिल जीत लिया। साल 2003 में उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा और सनी देओल और प्रीति जिंटा के साथ 'द हीरो लव स्टोरी ऑफ द स्पाई' में काम किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और उनके अभिनय को दर्शको के साथ ही समीक्षकों ने भी काफी पसंद किया। साल 2003 में ही राज कंवर फिल्म 'अंदाज' प्रियंका चोपड़ा के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म में उनके नायक की भूमिका में अक्षय कुमार थे। बेहतरीन गीत-संगीत, अभिनय और दमदार पटकथा से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए प्रियंका चोपड़ा सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित की गई। इसके साथ ही उन्हें नवोदित अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। साल 2004 में प्रियंका चोपड़ा की एक और सुपरहिट फिल्म 'मुझसे शादी करोगी' रिलीज हुई। डेविड धवन निर्देशित इस फिल्म में सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे मंझे हुए सितारे की मौजूदगी में भी उन्होंने फिल्म में युवा फैशन डिजायनर के रूप में अपने किरदार को रूपहले पर्दे पर जीवंत करके फिल्म को सुपरहिट बना दिया। साल 2004 में ही प्रियंका चोपड़ा को निर्देशक सुभाष घई की फिल्म 'ऐतराज' में काम करने का अवसर मिला। वह फिल्म भी सुपरहिट फिल्म साबित हुई। 'ऐतराज' में प्रियंका चोपड़ा का किरदार ग्रे शेडस लिए हुए थी। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ खलनायक के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं। यह फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का दूसरा मौका था जब किसी अभिनेत्री को सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया था। इससे पहले अभिनेत्री काजोल को फिल्म गुप्त के लिए यह अवार्ड दिया गया था। साल 2006 प्रियंका चोपड़ा के सिने करियर के लिए अहम वर्ष साबित हुआ। इस साल उनकी फिल्म 'डॉन' रिलीज हुई। सत्तर के दशक में बनी सुपरहिट फिल्म डॉन के इस रीमेक में प्रिंयका चोपड़ा ने जीनत अमान वाली भूमिका निभाई। इसी साल क्रश जैसी सुपरहिट फिल्म भी रिलीज हुई जिसमें उन्होंने रितिक रौशन की प्रेयसी की भूमिका निभाई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2008 में प्रियंका चोपड़ा की एक और अहम फिल्म 'फैशन' रिलीज हुई। फैशन की दुनिया को दर्शकों से रूबरू कराती मधुर भंडारकर निर्देशित इस फिल्म में प्रिंयका चोपड़ा एक उभरती मॉडल की भूमिका में दिखाई दी। फिल्म में अपने सशक्त अभिनय से उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ ही फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित की गईं। साल 2009 में रिलीज फिल्म 'व्हाटस योर राशि' प्रियंका चोपड़ा की महत्वपूर्ण फिल्म में शुमार की जाती है। देखा जाए तो फिल्मों में किसी अभिनेता या अभिनेत्री द्वारा का एक फिल्म में दोहरी या तिहरी भूमिका निभाना बड़ी बात समझी जाती है लेकिन प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म में एक या दो नहीं बल्कि 12 अलग अलग भूमिका निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। प्रियंका चोपड़ा अपने दो दशक लंबे सिने करियर में करीब 50 फिल्मों में अभिनय कर चुकी है। प्रियंका की साल 2016 में फिल्म जय गंगाजल रिलीज हुई। प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड फिल्म बेवाच समेत कई फिल्मों में काम किया है। साल 2018 में प्रियंका चोपड़ा ने अमेरीकी सिंगर निक जोनास के साथ शादी कर ली। प्रियंका चोपड़ा की एक बेटी भी है जिसका नाम मालती रखा है। प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड के साथ ही बॉलीवुड में भी सक्रिय है।
'बजरंगी भाईजान' के 11 साल: सलमान नहीं थे पहली पसंद, इन सितारों ने फिल्म को कर दिया था रिजेक्ट
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'बजरंगी भाईजान' को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो गए है। बजरंगी भाईजान सलमान के करियर की एक ऐसी फिल्म है जिसने अपनी कहानी से देशभर में लाखों लोगों का दिल जीत लिया था। फिल्म में सलमान ने अपनी भूमिका से दर्शकों की आंखे नम कर दी थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनसे पहले यह फिल्म कई सितारों को ऑफर की गई थी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी होते ही लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने सबसे पहले फिल्मकार राकेश रोशन और अभिनेता रितिक रोशन से संपर्क किया था। उन्हें फिल्म की कहानी बेहद पसंद आई और उन्होंने फिल्म की पूरी तैयारी कर ली। रितिक इसमें 'बजरंगी भाईजान' का किरदार निभाने वाले थे। हालांकि, बाद में राकेश रोशन और विजयेंद्र के बीत बात नहीं बन पाई। ALSO READ: तीसरी शादी के बाद आमिर खान को बिश्नोई गैंग की धमकी, कहा- 'लव जिहाद' बर्दाश्त नहीं करेंगे! इसके बाद लेखक विजयेंद्र फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर कबीर खान के पास पहुंच गए। खबरों के अनुसार इस फिल्म को रितिक रोशन, आमिर खान, रजनीकांत, अल्लू अर्जुन और पुनीत राजकुमार को ठुकरा चुके थे। रिपोर्ट्स के अनुसार आमिर फिल्म में कुछ बदलाव चाहते थे। इसीलिए उन्होंने फिल्म को मना करने के साथ ही सलमान का नाम भी मेकर्स को सुझाया। और बजरंगी बन गए सलमान खान। एक इंटरव्यू के दौरान सलमान ने बताया था कि आमिर ने इस फिल्म को न करने के साथ ही निर्देशक को उनका नाम भी सुझाया। आमिर खान ने बजरंगी भाईजान को रिजेक्ट कर दिया था। क्योंकि वे फिल्म की कहानी में कुछ बदलाव चाहते थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर चांद नवाब का किरदार निभाते हुए देखा गया था, लेकिन इस किरदार के लिए पहले इमरान हाशमी से संपर्क किया गया था। उन्होंने फिल्म में इस भूमिका को ठुकराते हुए कहा था कि उन्हें उनका किरदार बहुत छोटा लग रहा है। 'बजरंगी भाईजान' 90 करोड़ रुपए की लागत में बनी और इसे दुनियाभर के खूब पसंद किया गया। फिल्म ने भारत में 321 करोड़ रुपए का बिजनेस कर कई रिकॉर्ड्स कायम किए थे। जबकि दुनियाभर में इस फिल्म ने लगभग 969 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था।
तीसरी शादी के बाद आमिर खान को बिश्नोई गैंग की धमकी, कहा- 'लव जिहाद' बर्दाश्त नहीं करेंगे!
बॉलीवुड गलियारे से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सलमान खान के बाद अब मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी मिली है। आमिर खान को बिश्नोई गैंग की तरफ से सोशल मीडिया पर धमकी दी गई है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें आमिर खान को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही गई है। एक्टर को धमकी देने वाला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई आरजू बिश्नोई बताया जा रहा है। ALSO READ: दिशा पाटनी बनाम कृति सेनन; बोल्डनेस और स्टाइल के मामले में इंटरनेट पर कौन किस पर पड़ता है भारी? आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और ऑडियो शेयर करके आमिर को धमकी दी है। हालांकि वेबदुनिया सोशल मीडिया पर वायरल इन पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है। इस कथित ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति खुद का परिचय टायसन बिश्नोई के रूप में दे रहा है। क्लिप में वह खुलेआम आमिर खान को टारगेट करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। इसके साथ ही एक लंबा टेक्स्ट पोस्ट भी साझा किया गया है, जिसमें अभिनेता पर देश की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में लिखा गया है, जय श्री राम, जय सीता राम। मैं, आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई (लॉरेन्स बिश्नोई गैंग), यह साफ करना चाहते हैं कि हमारे देश में स्टारडम के नाम पर जो 'लव जिहाद' और हमारी संस्कृति के खिलाफ चीजें फैलाई जा रही हैं, उसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस कृत्य को बढ़ावा देने वालों को बहुत जल्द करारा जवाब दिया जाएगा। जो कोई भी हमारे सनातन धर्म और देश के खिलाफ जाएगा, हम उसकी सांसें थाम देंगे। इस धमकी भरे संदेश में सिर्फ आमिर खान ही नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक मासूम लड़की के साथ हुई क्रूरता का भी उल्लेख किया गया है। पोस्ट में राजनेताओं को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अपराधियों को बचाने की कोशिश करने वाले नेताओं का अंजाम भी बुरा होगा। इसके अलावा, हाल ही में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंग के दो सदस्यों—परवेश और हिमांशु—को 'शहीद' बताते हुए उनकी मौत का बदला लेने का भी दावा किया गया है। जांच में जुटी मुंबई पुलिस की साइबर सेल इन पोस्ट के वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हो गई हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी तक इस पोस्ट और ऑडियो क्लिप की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो पाई है। एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि यह वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की किसी विंग द्वारा किया गया कृत्य है या फिर इंटरनेट पर सनसनी फैलाने के लिए किसी शरारती तत्व द्वारा किया गया फेक प्रोपेगैंडा है। इस पूरे विवाद के बीच आमिर खान या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर खान इन दिनों अपनी पत्नी गौरी के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। वहां वे 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न' (IFFM) में शामिल होने पहुंचे हैं, जहां उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'लगान' के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाना है।
गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें क्या करें, क्या न करें?
What not to do in Pushya Nakshatra: वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, शिक्षा और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। साथ ही गुरु और पुष्य नक्षत्र का मिलन बेहद दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार 9 जुलाई को गुरु देव पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। ALSO READ: शुक्र का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर, किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क? पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, और जब देवताओं के गुरु बृहस्पति अपने ही प्रिय नक्षत्र पुष्य में गोचर (प्रवेश) करते हैं, तो यह समय आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए एक वरदान की तरह होता है। इस बेहद शुभ अवधि का पूरा लाभ उठाने के लिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए यहां जानते हैं गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर के दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए... क्या करें? (Do's) 1. मंत्र जाप और साधना: गुरु और पुष्य नक्षत्र के मिलन के दौरान ॐ बृं बृहस्पतये नमः या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे मानसिक शांति और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है। 2. दान-पुण्य: इस समय किए गए दान का फल अक्षय, कभी न समाप्त होने वाला होता है। धार्मिक पुस्तकों, पीले वस्त्र, चने की दाल, केसर या सोने का दान करना विशेष शुभ माना जाता है। 3. विद्या और ज्ञान की शुरुआत: यदि आप कोई नई पढ़ाई, रिसर्च, गुरु-दीक्षा या कोई आध्यात्मिक कोर्स शुरू करना चाहते हैं, तो यह गोचर इसके लिए सर्वश्रेष्ठ समय है। 4. निवेश और खरीदारी: इस अवधि में सोना, चांदी, भूमि, वाहन या नए व्यापारिक सौदों में निवेश करना दीर्घकालिक लाभ देता है। 5. बड़ों और गुरुओं का आशीर्वाद: अपने माता-पिता, गुरु और वृद्ध जनों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें। गुरु गोचर के दौरान उनका आशीर्वाद आपकी प्रगति के द्वार खोलता है। ALSO READ: सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव क्या न करें? (Don'ts) 1. मांगलिक कार्य न करें: ध्यान रखें कि पुष्य नक्षत्र को सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन शादी-विवाह के लिए इसे वर्जित माना गया है, क्योंकि ब्रह्मा जी के श्राप के कारण इस नक्षत्र में विवाह शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान शादी-ब्याह के लग्न तय करने से बचें। 2. अहंकार और अभिमान से बचें: गुरु ज्ञान और विनम्रता के कारक हैं। इस गोचर के दौरान किसी भी बात का घमंड न करें और न ही किसी का अपमान या उपहास उड़ाएं। 3. कर्ज लेने से बचें: पुष्य नक्षत्र में धन का आगमन शुभ होता है, लेकिन इस अवधि में नया कर्ज लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे चुकाने में लंबा समय लग सकता है। 4. झूठ और अधर्म का मार्ग न चुनें: गुरु धर्म के प्रतीक हैं। इस समय किसी के साथ धोखाधड़ी, झूठ बोलना या अनैतिक कार्य करने से कुंडली में गुरु का अशुभ प्रभाव शुरू हो सकता है। 5. तामसिक भोजन का त्याग: इस शुभ अवधि में मांस, मदिरा या अत्यधिक तीखे-मसालेदार भोजन से दूरी बनानी चाहिए। सात्विक जीवन शैली अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। एक छोटा सा उपाय : इस गोचर के दौरान रोजाना सुबह उठकर अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे गुरु ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा आपके भीतर प्रवेश करती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: जब सूर्य चलेंगे शनि के पुष्य नक्षत्र की राह: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
Top News 18 July: सोनम वांगचुक के अनशन पर एक्शन, अंतरिक्ष में PM मोदी का 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड
Top News 18 July : दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। ईरान पर अमेरिका के हमले जारी। वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं। लॉर्ड्स में रविवार को रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं। 18 जुलाई की खास खबरें : सोनम वांगचुक के अनशन पर बड़ा एक्शन जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। वे अब वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अनशन स्थल खाली करने को कहा है। ALSO READ: अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई ईरान में अमेरिकी हमले जारी ईरान में 7वें दिन भी अमेरिकी हमले जारी हैं। अमेरिकी सेना ने कार्रवाई और हवाई हमलों के दौरान ईरान में पुलों और पानी के प्लांट पर बम बरसाए हैं। अमेरिकी सेना की कार्रवाई होर्मुज में गतिरोध को लेकर ट्रंप की धमकी के बाद हो रही है। वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट उड़ान होगी, जिसमें कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष पेलोड भी शामिल हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा नहीं उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से कहा कि वे इस उपाय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लें। लॉर्ड्स में रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं बीसीसीआ के सचिव देवजीत सैकिया ने उन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। उन्होंने कहा- रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे, तब तक देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।
भोपाल। मध्यप्रदेश में सांदीपिनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के नए मंदिर के तौर पर स्थापित हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कटनी में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज विद्यार्थी विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री और कल्याण का भाव रखने का संदेश देती है। कृष्ण-सुदामा का प्रसंग भी हमें मैत्री के भाव को पूर्ण गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाने का संदेश देता है। यह प्रसंग हमें अमीर-गरीब का भेद मिटाकर समरसता का संदेश भी देता है। भगवान कृष्ण का शिक्षा के लिए सांदीपनि आश्रम उज्जैन आगमन और शिक्षा ग्रहण कर उनका 64 कलाओं 14 विद्याओं में पारंगत होना हमें शिक्षा का महत्व बताता है। राज्य सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दे रही हैं। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय सर्वसुविधा युक्त गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बन रहे है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। शासकीय शालाओं में बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें और साइकिलें प्रदान की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और अगर कोई विद्यार्थी स्कूल में टॉप करता है तो उसे स्कूटी दी जा रही है। राज्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसीलिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कुलगुरु संबोधन की परंपरा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रवासियों को झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दी। झिंझरी का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 61 लाख रुपए तथा बहोरीबंद का सांदीपनि विद्यालय 35 करोड़ 63 लाख रुपए से अधिक लागत से बनकर तैयार हुआ। यहां उपलब्ध सुविधाएं गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।
बांग्लादेशी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?
भारत में नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच पड़ोसी बांग्लादेश में भी नाराज छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
तारीख थी 15 अक्टूबर 1917, फ्रांस की राजधानी पेरिस की सेंट लाजारे जेल। सर्दभरी सुबह के 4 बजे थे। अचानक भारी बूटों की थाप गूंजी- ठक, ठक, ठक। हाथों में चमचमाती टॉर्च थामे 18 फ्रांसीसी अफसर, सधे हुए कदमों से जेल के दूसरे फ्लोर की तरफ बढ़ रहे थे। वे सीधे कोठरी नंबर 12 के सामने पहुंचे। एक अफसर ने दरवाजा खोलने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाया, वहां खड़ी नन ने उसे रोक दिया। उसने कहा- ‘आप लोग यहीं रुकिए। मैं खुद उसे लेकर आती हूं।’ ये नन उस जेल की जेलर थी। वो कोठरी के भीतर दाखिल हुई। माचिस की तीली निकाली और मेज पर रखे लैंप को जलाया। लोहे की चारपाई पर 40-41 साल की महिला सो रही थी। उसके बिखरे हुए घुंघराले बालों पर हाथ फेरते हुए नन ने आहिस्ता से उसे हिलाया, कोई हरकत नहीं हुई। घबराकर नन ने बाहर खड़ी दूसरी नन को भी बुला लिया। दोनों ने मिलकर जब उसे झकझोरा, तब जाकर उस औरत ने अंगड़ाई ली। उसने अपनी बड़ी-बड़ी, काली आंखों को रगड़ते हुए अलसाए मन से नन की तरफ देखा। नन का गला रूंध गया था, आवाज फंस रही थी। उसने भारी मन से कहा- ‘तुम्हारी दया याचिका खारिज हो चुकी है... डेथ वॉरंट जारी हो गया है। आज... इसी वक्त मौत की सजा मुकर्रर की गई है।’ महिला के चेहरे पर कोई शिकन नहीं। वह आराम से उठी और बिस्तर पर बैठ गई। उसने पूछा, ‘क्या मुझे सीधे ले जाएंगे?’ नन कुछ जवाब देती, इससे पहले ही महिला फिर से बोल पड़ी- ‘कोई बात नहीं। ले चलिए मुझे। तैयार हूं मैं।’ नन ने घड़ी की तरफ देखा और कहा- ‘आपके पास आधा घंटा है। तैयार हो जाइए। अगर किसी के नाम कोई संदेश देना चाहती हैं, तो वो भी लिखकर दे सकती हैं।’ महिला तैयार होने लगी। वह ऐसे सजने लगी जैसे किसी शाही महफिल में जा रही हो। उसने बड़े सलीके से सिल्क की स्टॉकिंग्स पहनी, पैरों में ऊंची एड़ी के जूते पहने, एक लंबा फर वाला कीमती कोट पहना और सिर पर बड़ी हैट लगा ली। फिर बालों को संवारा। उसने पास खड़ी नन की तरफ मुड़कर मुस्कुराते हुए पूछा, ‘कैसी लग रही हूं मैं?’ नन उसे देखती रह गई। 5 फीट 9 इंच हाइट, सांवली त्वचा, बड़ी-बड़ी काली आंखें, घुंघराले बाल और छरहरा बदन… यही तो थी वो महिला जिसका कभी पूरा यूरोप दीवाना था। अब उसने नन से कहकर अपने वकील एडुआर्ड क्लुनेट को बुलावा भेजा। जब क्लुनेट पहुंचे, तो बुरी तरह घबराए हुए थे। आंखों में आंसू और चेहरे पर उसे न बचा पाने का मलाल। महिला समझ गई कि वकील के मन में क्या चल रहा है। उसने कहा- ‘खुद को मत कोसिए। मुझे न तो आपसे कोई गिला है और न ही इस जिंदगी से। बस, मेरे लिए एक सिगार का इंतजाम करवा दीजिए।’ फौरन सिगार मंगवाया गया। महिला ने बेहद तसल्ली से सिगार के कश लिए, जैसे वह किसी बड़े थिएटर के ग्रीन रूम में बैठकर परफॉर्मेंस की तैयारी कर रही हो। घड़ी की सुइयां सरकती रहीं और अब सुबह के 4:45 बज चुके थे। जेलर ने भारी मन से पूछा- ‘कोई आखिरी इच्छा?’ ‘हां, जरा कुछ पन्ने और कलम दे दीजिए। खत लिखना है।’ महिला ने हंसते हुए कहा। एक डायरी और कलम मंगाया गया। उसने दो खत लिखे। पहला खत बेटी लुईस के नाम और दूसरा खत प्रेमी और रूसी कैप्टन व्लादिमीर मैरोव के नाम। जेलर ने दोनों खत लेकर वकील के हाथों में दे दिए। ब्राजील के मशहूर उपन्यासकार पाउलो कोएल्हो अपनी किताब 'द स्पाई' में लिखते हैं- ‘सुबह के 5.15 बज चुके थे। महिला अपनी कोठरी से बाहर निकली। उसे नीचे ले जाकर एक आसमानी रंग की फौजी गाड़ी में बैठा दिया गया। गाड़ी में सिर्फ चार लोग थे। वो महिला, उसका वकील और दो नन। गाड़ी पेरिस की सुनसान और कोहरे से घिरी सड़कों पर रफ्तार पकड़ने लगी। कुछ देर बाद गाड़ी पेरिस के बाहरी इलाके में बने विन्सेन्स फोर्ट पहुंची। वहां फ्रांस की तीनों सेनाओं के 100 से ज्यादा हथियारबंद सैनिक घेरा बनाकर खड़े थे। मैदान के बीचों-बीच एक लकड़ी का खंभा गड़ा हुआ था। महिला को गाड़ी से उतारा गया। वह पैदल ही चलकर उस खंभे तक पहुंच गई। एक फौजी रस्सी लेकर उसे खंभे से बांधने के लिए आगे बढ़ा। महिला ने मना कर दिया। अफसर जब जिद पर अड़ गया, तब महिला ने कहा- ‘ठीक है, एक हाथ बांध दो।’ उसका बायां हाथ खंभे से बांध दिया गया। तभी एक दूसरा फौजी हाथ में काली पट्टी लेकर उसकी आंखों पर बांधने के लिए आगे बढ़ा। महिला ने उसे डांटते हुए कहा- ‘रुक जाओ, मुझे कोई पट्टी-वट्टी नहीं चाहिए। मैं मौत को अपनी खुली आंखों से देखना चाहती हूं।’ फौजी वहां से हट गया। महिला के ठीक सामने, महज 20 कदम की दूरी पर 12 फ्रांसीसी सैनिकों का फायरिंग स्क्वाड राइफल ताने खड़ा था। कमांडर ने अपनी चमचमाती तलवार हवा में लहराई, यह सैनिकों के मुस्तैद होने का इशारा था। ठीक 5 बजकर 30 मिनट पर एक भारी-भरकम घंटा बजा। उसकी गूंज पूरे मैदान में फैल गई। यह मौत का घंटा था, जिसे फ्रांस में डेथ बेल कहा जाता था। उसी आखिरी पल में, महिला ने सामने खड़े सैनिकों और रोते हुए वकील की तरफ देखा, मुस्कुराई और हवा में 'फ्लाइंग किस' उछाल दिया। तभी कमांडर की आवाज गूंजी- ‘फायर…’ महिला को निशाना बनाकर एक साथ 12 गोलियां दागी गईं। गोलियों की गूंज से मैदान दहल उठा। महिला के शरीर में तीन गोलियां लगीं। वह झटके से जमीन पर गिर गई। एक फौजी तेजी से आगे बढ़ा। उसने पिस्तौल निकाली और महिला के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी। महिला का सिर फट गया। खून से सने हुए मांस के लोथड़े जमीन पर बिखर गए। मौत के बाद महिला की बॉडी को कोई लेने नहीं आया। उसकी बॉडी पेरिस के मेडिकल कॉलेज को दे दी गई, ताकि डॉक्टरी की पढ़ाई में चीरफाड़ के लिए इस्तेमाल की जा सके उसके चेहरे को एनाटॉमी म्यूजियम में रख दिया गया, लेकिन 90 के दशक में एक रोज वो चेहरा भी किसी ने चुरा लिया। यह महिला एक इरोटिक डांसर थी, जो नाचते-नाचते निर्वस्त्र हो जाती थी। 20वीं सदी की शुरुआत में यूरोप के नेता, अभिनेता, सेना के जनरल और बड़े-बड़े बिजनेसमैन उस पर हजारों डॉलर लुटा देते थे। महिला का एक और परिचय था- वो दुनिया की सबसे ग्लैमरस जासूस थी। पहले विश्व यद्ध में हार के बाद फ्रांस उसके खून का प्यासा हो गया था। ये महिला कौन थी और कैसे जासूस बन गई, जानने के लिए फ्लैशबैक में चलते हैं… नीदरलैंड्स का लेउवार्डेन शहर। 7 अगस्त 1876 को यहां एक लड़की का जन्म हुआ। नाम रखा गया- मार्गेटा जेले। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी। पिता एडम कपड़े और सिलाई से जुड़े सामानों की दुकान चलाते थे। कुछ साल बाद एडम ने तेल के कारोबार में हाथ आजमाया। तकदीर ने साथ दिया। जल्द ही वे शहर के रईसों में गिने जाने लगे। बड़ी होने के नाते मार्गेटा को अपने भाई-बहनों में सबसे ज्यादा प्यार मिला। पिता ने शहर के सबसे महंगे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा। उसके कपड़े रेशम के होते थे, खिलौने बेहद कीमती। उसके शौक बाकी बच्चों के मुकाबले बेहद लग्जरी थे। कुछ साल सबकुछ अच्छा चला। फिर वक्त ने करवट ली और 1885 का साल आ गया। मार्गेटा के पिता को कारोबार में घाटा होने लगा। कमाई का ज्यादातर हिस्सा कर्ज उतारने में चला जाता। 1889 आते-आते हालात ऐसे हो गए कि बैंक ने उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया। धोखाधड़ी और कर्ज के कई मुकदमों से लद गए। अब परिवार के सामने खाने-पीने तक की किल्लत होने लगी। बच्चों की पढ़ाई छूट गई। परिवार को शहर छोड़कर एक छोटे और तंग अपार्टमेंट में जाकर रहना पड़ा। तंगहाली के बीच मार्गेटा के माता-पिता में अनबन भी होने लगी। मार-पीट और चीखें आम हो गईं। आखिरकार 1890 में दोनों का तलाक हो गया। मार्गेटा ने मां के साथ रहने का फैसला किया, लेकिन ये साथ लंबा नहीं चला। कुछ ही महीने बाद उसकी मां की मौत हो गई। 14 साल की मार्गेटा अब अकेली और बेसहारा थी। कुछ दिनों तक रिश्तेदारों ने साथ रखा, पर जल्द ही उन्होंने भी मुंह फेर लिया। मार्गेटा के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- ‘पेट के लिए कुछ पैसों का इंतजाम करना।’ मार्गेटा का रूप-रंग आम डच लड़कियों से जुदा था। वह सांवली थी, हाइट करीब 5 फीट 9 इंच हो चुकी थी। उस दौर में नीदरलैंड की आम लड़कियों की लंबाई मुश्किल से पांच फीट हुआ करती थी। वह स्वभाव से बेहद चुलबुली और खूब बोलने वाली लड़की थी। इस वजह से भी रिश्तेदार मार्गेटा से दूरी बनाकर रखते थे। वक्त का पहिया घूमता रहा और साल 1892 आ गया। मार्गेटा 16 साल की हो चुकी थी। वह लीडेन शहर में रहने लगी थी। उन्हीं दिनों एक ट्रेनिंग स्कूल वैकेंसी निकली। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कम उम्र के लड़के-लड़कियों की जरूरत थी। मार्गेटा ने फौरन अप्लाई कर दिया। उसका इंटरव्यू हुआ और वह चुन ली गई। बच्चों को पढ़ाने के बाद उसका ज्यादातर वक्त स्कूल की लाइब्रेरी में किताबें पढ़ने में गुजरता। इस दौरान, वह खुद से 35 साल बड़े स्कूल के हेडमास्टर के करीब आ गई। धीरे-धीरे स्कूल का ये रिश्ता बेहद निजी हो गया। ब्रिटिश जर्नलिस्ट मैरी क्रेग अपनी किताब ‘ए टैंगल्ड वेब: माता हारी’ में लिखती हैं- 'मार्गेटा और हेडमास्टर के बीच शारीरिक संबंध तो था, लेकिन यह पता नहीं चल सका कि वह हेडमास्टर को पसंद करती थी या वो उसकी मजबूरी का फायदा उठा रहा था। ये भी हो सकता है कि दोनों एक-दूसरे की जरूरतों के लिए आकर्षित थे।' जल्द ही स्कूल में दोनों के रिश्ते की चर्चाएं होने लगीं। बवाल बढ़ा तो 1893 में मैनेजमेंट ने मार्गेटा को नौकरी से निकाल दिया, लेकिन उस हेडमास्टर पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब 17 साल की मार्गेटा फंस चुकी थी। एक तरफ पैसों की तंगी और दूसरी तरफ पूरे शहर में बदनामी। इस डर से कोई भी उससे रिश्ता या सरोकार नहीं रखना चाहता था। 1894 की बात है। एक अखबार में विज्ञापन छपा। डच कोलोनियल आर्मी के कैप्टन रुडोल्फ जॉन मैकलियोड को एक पार्टनर की तलाश थी। उसकी पोस्टिंग इंडोनेशिया में थी और वह उन दिनों छुट्टी बिताने नीदरलैंड्स आया हुआ था। मार्गेटा, विज्ञापन देखकर खुद से 20 साल बड़े कैप्टन रुडोल्फ से मिलने पहुंच गई। पहली ही मुलाकात में उस फौजी ने मार्गेटा को पसंद कर लिया। मार्गेटा मन ही मन यह सोचकर खुश थी कि अब उसकी जिंदगी से पैसों की तंगी मिट जाएगी। वह एक फौजी अफसर की शानो-शौकत वाली पत्नी बनकर दुनिया घूम सकेगी। 11 जुलाई 1895 को दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद कैप्टन रुडोल्फ उसे लेकर इंडोनेशिया चले गए। दोनों को दो बच्चे हुए- एक बेटा और एक बेटी। शुरुआत में सबकुछ ठीक रहा, लेकिन फिर हालात बदल गए। मार्गेटा का पति शराबी, बदमिजाज और हिंसक प्रवृत्ति का आदमी था। वह बात-बात पर उसे मारता-पीटता था। उसके दूसरी महिलाओं के साथ भी संबंध थे। एक रोज मार्गेटा के बेटे की अचानक मौत हो गई। बाद में पता चला कि उसे किसी ने जहर दे दिया था। इसके बाद मार्गेटा और उसके पति के बीच रिश्ते और खराब हो गए। आखिरकार 1902 में दोनों अलग हो गए। पति ने पैसे के दम पर बेटी को भी मार्गेटा से छीनकर अपने पास रख लिया। मार्गेटा डिप्रेशन में चली गई। कई महीने इधर-उधर भटकती रही। इसी दौरान, वह इंडोनेशिया की स्थानीय आदिवासी महिलाओं के संपर्क में आई। वह उनसे मेल-जोल बढ़ाने लगी। इंडोनेशिया की मलय भाषा सीखी। पारंपरिक और धार्मिक नृत्यों का अध्ययन किया। उसने देखा कि कैसे वहां की महिलाएं अपनी देह की भंगिमाओं से देवताओं की कथित आराधना करती हैं। 1903 में मार्गेटा इंडोनेशिया से पेरिस आ गई। तब वहां बड़े-बड़े चित्रकार अपनी पेंटिंग्स के लिए मॉडल्स को नग्न या अर्धनग्न अवस्था में सामने बिठाकर उनका स्केच तैयार करते थे। मार्गेटा भी इसी काम में उतर गई। उसने अपना नाम बदलकर 'लेडी मैकलियोड' रख लिया। एक रोज, चित्रकार ने मार्गेटा के चेहरे पर छाई उदासी को भांप लिया। उसने पूछा, तुम इतनी परेशान और गुमसुम क्यों रहती हो? मार्गेटा की आंखें भर आईं। उसने कहा- ‘मुझे पैसों की जरूरत है। इस पेशे में यह सोचकर आई थी कि कुछ कमाई हो जाएगी, पर यहां भी कुछ हो नहीं पा रहा।' फिर थोड़ा रुककर कहा- ‘मैंने सब कुछ खो दिया है। घर, बच्चा, बेटी... और शायद खुद को भी।’ चित्रकार कुर्सी खींचकर उसके सामने बैठ गया। आहिस्ता से बोला, ‘मेरे पास तुम्हारे लिए एक शानदार ऑफर है। अगर तुम तैयार हो जाओ... तो पैसों की बरसात होने लगेगी।’ मार्गेटा ने भी धीरे से पूछा- ‘कैसा ऑफर?’ चित्रकार ने उसकी आंखों में झांकते हुए कहा, ‘तुम कमाल की दिखती हो। अपने शरीर को कपड़ों के बजाय रंग-बिरंगे पंखों और मोतियों से ढंककर मॉडल बन जाओ... पेरिस में रेगुलर काम भी मिलेगा और मुंहमांगे पैसे भी।’ मार्गेटा झटके से उठ खड़ी हुई। ‘अगर तुम्हारे इस प्रस्ताव का मतलब सरेआम कपड़े उतारना है, तो साफ सुन लो, मैं ऐसा घिनौना काम नहीं कर सकती।’ इतना कहकर मार्गेटा वहां से चली गई। चित्रकार ने चिल्लाते हुए कहा- ‘सोच लो मैकलियोड… तुम जितना चाहो उतना पैसे कमा सकती हो।’ मार्गेटा उस रात सो नहीं पाई। काफी देर रोती रही। वह बार-बार सोच रही थी- ‘अगर मैं इस ऑफर को मान लूं, तो मेरी सारी जरूरतें एक झटके में पूरी हो जाएंगी। मैं बेटी की देखरेख भी खुद के दम पर कर लूंगी, लेकिन इसके लिए क्या मैं अपनी इज्जत दांव पर लगा सकती… हरगिज नहीं।’ यूके की सीनियर जर्नलिस्ट जूली व्हीलराइट एक आर्टिकल में लिखती हैं- ‘कुछ दिनों की कश्मकश के बाद मार्गेटा ने हार मान ली। उसने एक परिचित को अपनी बेबसी जाहिर करते हुए लिखा- ‘मैं जानती हूं कि बदनाम जिंदगी का अंत दुखद और दर्दनाक होता है, लेकिन अब मैं मजबूरी के उस मोड़ से आगे निकल चुकी हूं। यह मत समझना कि मैं दिल से बुरी या चरित्रहीन हूं... मैंने यह अंधेरा रास्ता सिर्फ और सिर्फ गरीबी की वजह से चुना है।’ मार्गेटा ने उस चित्रकार का ऑफर मान लिया। कुछ सालों तक उसने पेरिस में बतौर मॉडल काम किया। फिर वो एक नए पेशे से जुड़ गई। काम था घुड़सवारी करते हुए बोल्ड पोज देना। जिसे 'मोलीयर सर्कस' कहा जाता था। घोड़ों पर सवार होकर मार्गेटा के उस बोल्ड, बेबाक और राजसी अंदाज ने पहली बार पेरिस के रईस तबके का ध्यान अपनी तरफ खींचा। 'माता हारी : ट्रू स्टोरी' किताब के मुताबिक- एक रोज शाम का वक्त था। करतब दिखाने के बाद मार्गेटा अपने धूल से सने कपड़ों में हांफती हुई, चेहरे से पसीना पोंछते हुए लौट रही थी। तभी सर्कस के मालिक मोलीयर की आवाज गूंजी- ‘मार्गेटा, जरा इधर आना।’ थकी-हारी मार्गेटा उसके सामने खड़ी हो गई। मोलीयर ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए गंभीर आवाज में कहा- ‘तुम ये जानलेवा करतब दिखाकर अपनी जान जोखिम में डाल रही हो। कब तक मौत से खेलती रहोगी?’ मार्गेटा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘और कोई रास्ता भी तो नहीं है, मोलीयर।’ मोलीयर ने पास रखी एक कुर्सी की तरफ इशारा किया- ‘बैठो यहां।’ मार्गेटा चुपचाप बैठ गई। मोलीयर ने धीमी आवाज में बोला- ‘तुमने इंडोनेशिया में जो डांस सीखा है, उसे इन रईसों के सामने नए अंदाज में पेश करो। इन भेड़ियों को हुस्न की भूख है, सर्कस की कलाबाजियों की नहीं।’ मार्गेटा ने चौंककर मोलीयर की तरफ देखा। मार्गेटा ने खुद को संभाला, कुर्सी से उठी और अपनी शॉल ओढ़ते हुए बोली- अभी तो मैं घर जा रही हूं। फिर कभी सोचती हूं इसपर।’ कुछ हफ्ते बाद… मार्गेटा ने एक नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। उसने नाम बदलकर ‘माता हारी’ रख लिया। इंडोनेशिया की मलय भाषा में इसका मतलब होता है- 'सुबह की पहली किरण'। तारीख 13 मार्च, 1905, पेरिस का मशहूर मुसी गुइमेट म्यूजियम। हॉल को पुराने भारतीय और जावानीस मंदिर की तरह सजाया गया था। दरअसल, इंडोनेशिया के जावा द्वीप में बने हिंदू और बौद्ध मंदिरों को जावानीस मंदिर कहा जाता है। हॉल के भीतर मोमबत्तियों की मद्धम रोशनी। हवा में लोबान और अगरबत्तियों की भीनी-भीनी खुशबू तैर रही थी। कुर्सियों पर पेरिस के बड़े रसूखदार फौजी अफसर, अमीर व्यापारी और बड़े नेता बैठे थे। रात 8 बजे माता हारी हॉल में पहुंची। शरीर पर कपड़े कम और गहने ज्यादा। संगीत की धुन गूंजी और माता हारी उस पर थिरकती हुई मंच के ठीक बीचों-बीच आ गई। जैसे-जैसे संगीत की थाप तेज होती गई, माता हारी डांस करते हुए अपने रंग-बिरंगे कपड़ों को उतारकर एक तरफ फेंकने लगी। हॉल में बैठे लोगों की सांसें थम गईं। लोग पलकें झपकाना भूल गए। डांस के आखिरी क्लाइमेक्स पर पहुंचकर माता हारी ने सारे कपड़े उतार दिए। शरीर पर बस कुछ गहने बचे थे। अब वो थिरकते-थिरकते मंच पर रखी शिव की एक मूर्ति के पास पहुंची। हाथ जोड़े और अपनी एड़ियों के बल बैठ गई। कुछ देर बाद संगीत की थाप मद्धम होते-होते बंद हो गई। माता हारी खड़ी हुई। आंखें बंद कीं और हाथ जोड़ लिए। तभी हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ‘माता हारी, माता हारी’ का शोर गूंजने लगा। अगली सुबह पेरिस के तमाम बड़े अखबारों में माता हारी का डांस और तस्वीरें छाई रहीं। जल्द ही वो यूरोप की सबसे महंगी, सबसे लोकप्रिय स्टार बन गई। सेना के जनरल, रसूखदार फौजी और नेता उसकी सोहबत में एक शाम बिताने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार थे…पूरी कहानी कल, यानी रविवार को पढ़िए दूसरे एपिसोड में.. रेफरेंस : 1. Mata Hari: Courtesan and Spy : By Major Thomas Coulson 2. Mata Hari's Last Dance: By Michelle Moran 3. Mata Hari, the True Story : By Russell Warren Howe 4. The fatal lover : By Julie Wheelwright 5. The Spy: A Novel of Mata Hari : By Paulo Coelho 6. A Tangled Web: Mata Hari: By Mary W. Craig
मोदी सरकार ने 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इसमें ‘परिसीमन विधेयक’ का जिक्र नहीं है, जिसके लिए जरूरी दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जुटाने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। क्या दर्जनों विपक्षी सांसद तोड़ने के बावजूद नंबर्स नहीं जुटा पाई सरकार या संसद सत्र के बीच अचानक चौंका देगी; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: परिसीमन विधेयक है क्या और अप्रैल में पारित क्यों नहीं हो सका था?जवाबः आम बोलचाल में जिसे हम परिसीमन विधेयक कह रहे, वो दो विधेयकों का पैकेज है। जिसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने और लोकसभा क्षेत्रों का आकार दोबारा तय करने (परिसीमन) के प्रावधान हैं।मोदी सरकार ने 16 से 18 अप्रैल 2026 को संसद का विशेष सत्र बुलाकर ये विधेयक पेश किए। तर्क दिया कि 2029 चुनाव तक महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए इन्हें पारित होना जरूरी है।विपक्षी पार्टियां इसके विरोध में एकजुट हो गईं। उनका तर्क था कि महिला आरक्षण की आड़ में बीजेपी अपना एजेंडा पूरा करना चाहती है। परिसीमन विधेयक से ज्यादा जनसंख्या वाले हिन्दी भाषी राज्यों को फायदा मिलेगा, जहां बीजेपी का गढ़ है। जबकि जनसंख्या वृद्धि रोकने वाले राज्यों को नुकसान होगा।संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। यानी वोटिंग में आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद हों और जितने सदस्य मौजूद हैं, उनमें से कम से कम दो-तिहाई सांसद इसके पक्ष में वोट दें… सवाल-2: क्या इसबार भी सरकार जरूरी नंबर्स नहीं जुटा पाई?जवाबः अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा में NDA के साथ 318 सांसद राज्यसभा में NDA के साथ 152 सांसद सवाल-3: तो क्या मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक नहीं आएगा?जवाबः संविधान के आर्टिकल 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक पेश करने के लिए राष्ट्रपति की अनुमति नहीं लेनी होती। इसे सरकार का कोई मंत्री या सांसद निजी तौर पर भी संसद सत्र के दौरान पेश कर सकता है। ऐसा भी कोई नियम नहीं है कि सत्र के एजेंडे में बिल के बारे में बताना जरूरी हो। इतिहास में भी कई संविधान संशोधन बिल अचानक लाए जा चुके हैं। कई संकेत हैं कि सरकार सत्र के बीच किसी दिन परिसीमन बिल ला सकती है… सवाल-4: तो फिर बिल पारित कराने के लिए सरकार के पास और क्या रास्ते हैं?जवाब: फिलहाल सरकार लोकसभा में दो-तिहाई के आंकड़े से 41 सीट और राज्यसभा में 11 सीट दूर है। ये कमी कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों से पूरी हो सकती है… 1. लोकसभा में शरद पवार की NCP, DMK और JMM के सांसदों पर दांव 2. राज्यसभा में YSR कांग्रेस और बीजू जनता दल की जरूरत सवाल-5: आखिर परिसीमन बिल पारित होने से क्या हो जाएगा, बीजेपी इतना जोर क्यों लगा रही?जवाबः नए परिसीमन के बाद लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 50% सीटें बढ़ेंगी। गृहमंत्री अमित शाह ने इसका फॉर्मूला बताते हुए कहा था, ‘मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33% आरक्षण देना है, तो इसमें 50 सीटें बढ़ाएंगे। इस हिसाब से 150 सीट होती हैं। लोकसभा में ये राउंड ऑफ फिगर 850 है।' सरकार का कहना था कि सारे राज्यों में सीटें 'आनुपातिक रूप से' बढ़ेंगी। यानी, अगर 543 सीटों की लोकसभा में तमिलनाडु के पास 7.18% हिस्सेदारी, यानी 39 सीटें हैं, तो 850 सीटों की लोकसभा में भी 7.18% हिस्सेदारी यानी 61 सीटें होंगी। हालांकि परिसीमन विधेयक में सीटें 'आनुपातिक रूप से बढ़ाने’ की गारंटी देने वाला कोई प्रावधान नहीं है। इसके उलट संविधान का अनुच्छेद 81(2)(a) कहता है कि सीटें जनसंख्या के अनुपात में मिलेंगी, न कि सभी राज्यों में बराबर प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। इसमें भी सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया। यानी 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या के अनुपात से ही परिसीमन हो सकता है। ऐसे में ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों को ज्यादा सीटें और कम जनसंख्या वाले राज्यों को कम सीटें मिलेंगी। इससे यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा फायदा में होंगे। ये सभी हिंदी बेल्ट के राज्य हैं, जहां बीजेपी का स्ट्रॉन्ग होल्ड है। इससे बीजेपी के पिछले तीन चुनावों के आंकड़ों के आधार पर उसके लिए अच्छे और बुरे दोनों सिनैरियो में फायदा है… 1. बीजेपी के लिए बेस्ट केस सिनैरियोः अगर 2019 का प्रदर्शन दोहराती है 2. बीजेपी के वर्स्ट केस सिनैरियो: अगर 2024 का प्रदर्शन दोहराती है ------ ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:मोदी सरकार को क्यों चाहिए 362 सांसद; TMC के 20, शिवसेना UBT के 6 सांसद टूटे; बाकी 44 कहां से जुटाएंगे 14 जून को TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने गुमनाम सी पार्टी NCPI में विलय कर लिया। आज शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 से 6 लोकसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी। इससे पहले 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी थी। ये सभी बागी BJP या NDA में शामिल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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