'मेरे भाषण को कट-एंड-पेस्ट किया गया', अब उदयनिधि ने विजय की सरकार पर साधा निशाना
पूछताछ के बाद रिहा हुए नेता उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि उनके भाषण का 'कट-एंड-पेस्ट' वीडियो फैलाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे दबाना चाहती है। पूरा विवाद कथित द्विअर्थी टिप्पणी से जुड़ा है, जबकि उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया।
लाल सागर में भारतीय झंडे वाली कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ है। इस हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा है कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है।
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर आंदोलन और बांकीपुर-दतिया में बीजेपी की हार ने पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बीजेपी की यूपी को लेकर क्या रणनीति होगी। इस मुद्दे पर 'कॉफी पर कुरुक्षेत्र' कार्यक्रम में चर्चा की गई।
3.5 लाख साधु-संतों को पूरे भारत में भेजेगी VHP, पप्पू यादव और विपक्ष के खिलाफ अभियान की तैयारी
विश्व हिंदू परिषद ने पूरे देश में करीब साढे तीन लाख गांव में साधु-संतों को भेजने की फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, ये संत सांसद पप्पू यादव और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के खिलाफ लोगों को जानकारी देंगे।
सांसद पप्पू यादव पर हमले की कोशिश के आरोपी से जुड़ी बड़ी खबर, पुलिस ने निजी मुचलके पर छोड़ा
सांसद पप्पू यादव पर हमले की कोशिश के आरोपी सुमित को पुलिस ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। गौरतलब है कि सुमित पर आरोप है कि पीसी के वक्त उसने पप्पू यादव पर हमले की कोशिश की।
बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी कौन? बच्चे, समाज,समय या शिक्षा?
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विदेशी विश्वविद्यालय : अवसरों का नया दौर या चुनौतियों की शुरुआत होगी
भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों का आगमन The post विदेशीविश्वविद्यालय:अवसरोंकानयादौरयाचुनौतियोंकीशुरुआतहोगी appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
लोक चिकित्सा की ओर लौटता राजस्थान
लोकचिकित्साकीओरलौटताराजस्थान The post लोकचिकित्साकीओरलौटताराजस्थान appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
'भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं', शेख हसीना के प्रस्तावित कार्यक्रम पर बोला विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है। सरकार ने मंच पर व्यक्त विचारों से भी दूरी बनाई है। इस बीच भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS समिट और द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण दिया है।
तमिलनाडु में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह पुलिस घर से उठा ले गई। उन पर महिला के अपमान से लेकर दंगा भड़काने तक ९ धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला एक दिन पहले एक रैली का है, जिसमें उदय के भाषण के बीच कुछ लोग सीएम विजय थलापति की करीबी एक्ट्रेस ‘तृषा’ का नाम चिल्लाने लगे। उदयनिधि ने भी मुस्कराते हुए ‘डबल-मीनिंग’ बात कह दी। सीएम विजय और एक्ट्रेस तृषा की कहानी क्या है, कभी दोस्त रहे विजय और उदयनिधि राइवल कैसे बने और मौजूदा विवाद में आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: उदयनिधि ने रैली में ऐसा क्या किया, जो पुलिस घर से उठा ले गई? जवाब: 3 अगस्त को तमिलनाडु के तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर प्रोटेस्ट चल रहा था। पूर्व सीएम MK स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने मंच से कहा, ‘45 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी आना चाहिए था, लेकिन एक बूंद भी नहीं आई। हमारे सीएम तो इसपर कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। उनकी चिंता DMK (उदयनिधि की पार्टी) नेताओं पर झूठे मामले दर्ज करने की है।' इसी बीच रैली में मौजूद कुछ लोग 'तृषा-तृषा' का नारा लगाने लगे। उदयनिधि ने भाषण रोका और भीड़ की तरफ मुस्कराते हुए एक डबल-मीनिंग सेंटेंस बोला। उनके पीछे मंच पर बैठे लोग भी इस पर मुस्कराए। फिर उदयनिधि ने कहा, 'मैं कावेरी की बात कर रहा था।' विजय की पार्टी TVK सहित बीजेपी नेताओं ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया। उदयनिधि के बयान को तृषा पर सेक्शुअल कमेंट की तरह देखा जा रहा है। TVK प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा, 'क्या विपक्ष के नेता उदयनिधि अपनी बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसा कहेंगे?' तमिलनाडु बीजेपी प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने कहा, 'उदयनिधि का बयान अश्लील, अमर्यादित और आम जनभावना को ठेस पहुंचाने वाला है। इसके लिए उनको जेल भेजना चाहिए।' सवाल-2: आखिर कौन हैं तृषा, जिनका सीएम विजय के साथ अक्सर जिक्र आता है? जवाब: पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… 4 मई, 2026, जगह थलापति विजय का नीलांकरई वाला घर 10 मई, 2026, विजय का शपथ ग्रहण समारोह, चेन्नई 22 जून, 2026, विजय का जन्मदिन इसके पहले 15 मई को तृषा की नई फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग थी। विजय ने ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की परमिशन दी। जबकि मॉर्निंग शो तमिलनाडु में 3 सालों से बैन था। स्क्रीनिंग के बाद थिएटर से निकली तृषा से फैन ने कहा, 'थलापति से कहना- मैंने उनका हालचाल पूछा है।' इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कंदीपा (जरूर)’। तृषा और विजय के इस साथ की कहानी पुरानी है.. हालांकि, विजय और तृषा ने अबतक अपने रिश्ते को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। सवाल-3: उदयनिधि और सीएम विजय की पुरानी राइवलरी, क्या पर्सनल खुन्नस निकाल रहे? जवाब: एक समय उदयनिधि और विजय दोस्त हुआ करते थे। दोनों चेन्नई के लोयोला कॉलेज से पढ़े हैं। विजय, उदयनिधि से 3 साल सीनियर थे। विजय के ही कहने पर उदयनिधि ने अपना प्रोडक्शन हाउस- ‘रेड जायंट मूवीज’ शुरू किया और 2008 में विजय और तृषा को लेकर मूवी ‘कुरुवी’ बनाई। ये फिल्म सफल नहीं रही। फिर विजय और उदयनिधि ने कभी साथ काम नहीं किया। ‘कुरुवी’ के बाद दोनों में नाराजगी हो गई थी। 2023 में उदयनिधि ने कहा, ‘विजय आसानी से दोस्त नहीं बनते। जब बनते हैं, तो बहुत करीब हो जाते हैं। कुरुवी के बाद कुछ लोगों ने हमें अलग करने की कोशिश की, हमने दो साल बात नहीं की, लेकिन हम दोबारा दोस्त बने। हालांकि फिर हमने उचित दूरी बनाए रखी।’ 2012 में उदयनिधि ने भी फिल्म 'ओरु कल ओरु कन्नाडी' से एक्टिंग की शुरुआत की थी। तब तक कई ब्लॉकबस्टर हिट्स दे चुके विजय का कद बड़ा हो चुका था। उदय से पूछा गया कि क्या विजय को टक्कर देने फिल्म इंडस्ट्री में आए हैं। उदय ने कहा, 'मैं पागल नहीं हूं, जो उनसे कॉम्पिटीशन रखूंगा।' उदय ने करीब 20 फिल्में की हैं। जबकि विजय आखिरी मूवी ‘जननायगन’ तक करीब 70 फिल्में कर चुके हैं। 2021 में जब उदयनिधि ने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, तो विजय से आशीर्वाद लिया। यहां तक सब ठीक था, लेकिन असली प्रतिद्वंद्विता तब शुरू हुई, जब विजय ने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की और उदयनिधि के पिता सीएम MK स्टालिन के खिलाफ बयान देने शुरू किए। दरअसल, तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन से निकली दो पार्टियां- DMK और AIADMK हैं। दोनों तमिल प्राइड, सेकुलरिज्म और एंटी-हिंदी स्टैंड के लिए जानी जाती हैं, लेकिन DMK इन मुद्दों पर ज्यादा कट्टर है। जबकि विजय ने एक नए तरीके की द्रविड़ पॉलिटिक्स की चर्चा की। उन्होंने DMK सरकार में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। स्टालिन परिवार के खिलाफ तीखे बयान दिए। विधानसभा में अपनी पहली स्पीच में उन्होंने एक कहानी सुनाई- ‘एक बुजुर्ग व्यक्ति धूप में कुछ खोज रहा था। एक लड़के ने उससे पूछा कि क्या ढूंढ रहे हैं। उसने जवाब दिया- 'मैं तुम्हारे पिता को ढूंढ रहा हूं।' दरअसल, स्टालिन चुनाव में अपनी कोलाथुर सीट हार गए थे। जवाब में उदयनिधि ने विजय के तलाक के मामले की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को ढूंढ रही पत्नी की कहानी तमिलनाडु के लोग पहले से ही जानते हैं।' मई में विजय के सीएम बनने के बाद ये भी खबर आई कि ‘रेड जायंट मूवीज’ ने तृषा को रजनीकांत और कमल हासन स्टारर एक बड़ी फिल्म के लिए 12 करोड़ रुपए ऑफर किए हैं। हालांकि तृषा या उदयनिधि की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया। सवाल-4: उदयनिधि पर 9 धाराओं में केस, इनमें होगा क्या?जवाबः 3 अगस्त की घटना के लिए उदयनिधि पर इन 9 धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है… महिला का अपमान करना और सार्वजनिक स्थान पर कटाक्ष करने जैसी धाराओं को उदयनिधि के बयान के वीडियो से साबित किया जा सकता है। हालांकि उदयनिधि ने कहा कि वे कावेरी नदी के बारे में बात कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘उदयनिधि ने खुद किसी का नाम भी नहीं लिया। ऐसे में ‘बेनेफिट ऑफ डाउट’ मिल सकता है। हालांकि अभियोजन पक्ष ‘तृषा-तृषा’ के नारों के बाद उदयनिधि की मुस्कराहट को उनकी गलत मंशा का आधार बना सकता है।’ वहीं दंगे फैलाना, आपराधिक साजिश, समूहों को भड़काने जैसी धाराएं कोर्ट में कमजोर पड़ सकती हैं, क्योंकि इसके सबूत नहीं है। अक्सर, राजनीतिक टकराव वाले मामलों में केस दर्ज करते समय हर संभव धारा लगा दी जाती है। लेकिन कोर्ट गैर-जरूरी धारा हटा देता है। अग्रिम जमानत की याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट ने उदय को रिहा करने का आदेश दे दिया है। ------------- ये खबर भी पढ़िए… क्या थलापति विजय से जलते हैं रजनीकांत; कहां से उठी सीएम बनने में अड़ंगा लगाने की बात, पूरी कहानी जानिए थलाइवा रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डेन स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। सफाई देते हुए कहा- मैं विजय को तब से देख रहा हूं, जब वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी। पूरी खबर पढ़िए…
असम की बाढ़: बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति पर उठे सवाल
बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति The post असम की बाढ़: बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति पर उठे सवाल appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
भागलपुर : जहाँ गांधी ने भारत का नैतिक मानचित्र बनाया
भारत का नैतिक मानचित्र The post भागलपुर : जहाँ गांधी ने भारत का नैतिक मानचित्र बनाया appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
क्या बिहार से बदलती राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है?
बांकीपुर उपचुनाव The post क्या बिहार से बदलती राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
CM थलापति विजय पर बुरी तरह भड़के MK स्टालिन, बोले- 'तमिलनाडु में एक जोकर कैबिनेट का कब्जा हो गया है'
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम और DMK चीफ स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर राज्य में भारी बवाल हुआ है। अब MK स्टालिन ने सीएम विजय पर निशाना साधते हुए कहा है कि तमिलनाडु में एक जोकर कैबिनेट का कब्जा हो गया है।
डिजिटल अरेस्ट के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP तैयार करने के दिए निर्देश
देशभर में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर क्राइम से जुड़े ऐसे मामलों से निपटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई से चार हफ्ते में म्यूल अकाउंट्स पर SOP तैयार कर सभी हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को भेजने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा उपचुनाव की तीन सीटों ने दिया राजनीतिक संदेश
बिहार की बांकीपुर मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट The post विधानसभा उपचुनाव की तीन सीटों ने दिया राजनीतिक संदेश appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
Rajat Sharma's Blog: पीके ने मारी एंट्री, बिहार में बजी घंटी
बड़ी बात ये नहीं है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से चुनाव जीत लिया। बड़ी बात ये है कि प्रशांत किशोर ने बीजेपी को उसकी सबसे पक्की सीट पर हरा दिया। ये बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट थी।
कॉमवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने संसद परिसर में 'मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात मे क्यों?' की नारेबाजी की। वहीं उनके इस प्रदर्शन पर बबीता फोगाट ने निशाना साधा। बबीता फोगाट ने इसे नौटंकी बताया।
आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं, कई बीमारियों की लिस्ट आई सामने, AIIMS ने सुप्रीम कोर्ट को दी रिपोर्ट
नौकरी चाहने वालों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार
दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स के नाम से चल रहे एक फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। इन लोगों पर आरोप है कि वे नौकरी चाहने वाले बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के बदले नौकरी दिलाने का वादा करके धोखाधड़ी करते थे।
पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा करें, मद्रास हाईकोर्ट का निर्देश
मद्रास हाईकोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के बाद रिहा करने का निर्देश दिया है। उन्हें एक रैली में एक्ट्रेस तृषा के खिलाफ दी गई विवादित टिप्पणी के मामले में हिरासत में लिया गया है।
कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। राज्य में 19 नए मंत्री बनाए गए हैं। इसके बाद से मंत्री पद न मिलने से कांग्रेस के कई विधायक नाराज हो गए और इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में नीरज बवाना गिरोह के बदमाश को दबोचा
दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने मंगलवार को बताया कि जीटीके रोड से हिरनकी पुश्ता रोड के बीच हुई एक मुठभेड़ के बाद नीरज बवाना/नवीन बाली गैंग के एक कथित सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार : मोतिहारी में मंदिर से चोरी गई अष्टधातु की मूर्ति बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा थाना क्षेत्र स्थित राम जानकी मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरामद कर लिया है।
एयर इंडिया की फ्लाइट में जबरदस्त एयर टर्बुलेंस, हवा में लगे तेज झटके; चोट लगने से कई यात्री घायल
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट को ज़बरदस्त एयर टर्बुलेंस (हवा के तेज़ झटकों) का सामना करना पड़ा, जिससे कई यात्री घायल हो गए।
पद्म श्री से सम्मानित शिक्षाविद, राजनेता और समाजसेवी DY Patil का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार
प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवी और पूर्व राज्यपाल डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव (डी. वाई.) पाटिल का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
CRPF अफसर ने 2 साथियों की गोली मारकर की हत्या, एक को किया घायल और फिर खुद को किया शूट
सीआरपीएफ कैंप में 3 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। एक सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल है। उसको अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
'त्रिशा' पर भद्दी टिप्पणी मामला, पूर्व सीएम उदयनिधि स्टालिन को घर से उठा ले गई तमिलनाडु पुलिस
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन एक आपत्तिजनक टिप्पणी करके विवादों में घिर गए हैं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। अभिनेत्री तृषा पर की गई टिप्पणी का मामला है।
LIVE: लोकसभा में विपक्ष के सांसदों का हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
लोकसभा में आज भी जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सोमवार को भी दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ था जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।
बांकीपुर सीट से जनसुराज के फाउंडर प्रशांत किशोर ने भाजपा और राजद के उम्मीदवारों को हराकर बड़ी जीत हासिल की है। इसके बाद उन्होंने चेतावनी भी दी है। वहीं, जदयू ने भाजपा को बड़ी नसीहत दी।
Census 2027 का दूसरा चरण 17 अगस्त से, जाति के साथ माता-पिता की जन्मतिथि और जन्मस्थान भी पूछे जाएंगे
Census 2027 के दूसरे चरण में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। पहली बार जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा माता-पिता की जन्मतिथि और जन्मस्थान का विवरण भी जुटाया जा सकता है।
यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, दिल्ली-NCR का मौसम भी हुआ सुहावना
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।
बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में BJP की हार पर नितिन नवीन ने क्या कहा? मांजलपुर जीत पर भी सामने आया बयान
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजों पर अपना बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी की हार पर कहा है कि परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे।
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में RTO कार्यालय के ट्रैफिक इंस्पेक्टर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। इसके बाद की गई छापेमारी में इंस्पेक्टर के घर से 14.33 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
कर्नाटक में वेटेनरी ऑफिसर की भर्ती में कथित गड़बड़ी पर हंगामा हो रहा है। छात्रों का आरोप है कि 80 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये में पोस्ट बेची गई है। वहीं, राज्य में सिविल पुलिस भर्ती की परीक्षा को लेकर भी हंगामा हुआ है।
बांकीपुर चुनाव ने BJP को क्या मैसेज दिया? Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक विश्लेषकों ने बिहार की राजनीति का बड़ा संकेत बताया है। उनका मानना है कि यह नतीजा सिर्फ एक सीट का परिणाम नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी है।
उपचुनाव के नतीजे को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। वहीं, जीतू पटवार ने दतिया की जीत को बदलाव की राजनीति का शंखनाद बताया।
कांवड़ यात्रा पर गए थे पिता पुत्र,अचानक तेज नदी के बहाव में डूबने लगा पुत्र,बचाने के लिए कूदे पिता पर हो गई मौत, तीन घंटे बाद मिला शव
धर्म,आस्था,अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है कांवड़ यात्रा।
कांवड़ यात्रा The post धर्म,आस्था,अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है कांवड़ यात्रा। appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी?
प्रकृति आज भी दवाओं की सबसे बड़ी प्रयोगशाला The post दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के दौरान 19 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनकी लिस्ट भी सामने आ गई है। कई नए चेहरों को शामिल किया गया है और कई पुराने नेताओं को भी जगह दी गई है।
महावीर दर्शन में संवाद की संस्कृति, समाधान की दिशाएं
भगवान महावीर का समूचा दर्शन संवाद की भावना पर आधारित है। उन्होंने किसी पर अपने विचार आरोपित नहीं किए। उन्होंने सत्य को अनेक दृष्टियों से देखने की प्रेरणा दी। उनका अनेकांतवाद हमें सिखाता है कि सत्य किसी एक व्यक्ति, एक विचारधारा या एक पक्ष का बंधक नहीं होता। The post महावीर दर्शन में संवाद की संस्कृति, समाधान की दिशाएं appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
उन्नत बचपन की पहली शर्त-स्वस्थ भोजन, स्वस्थ भविष्य
आज सबसे बड़ी चिंता यह नहीं है कि बच्चे भोजन कम खा रहे हैं, बल्कि यह है कि वे पोषण कम और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ अधिक खा रहे हैं। रंग-बिरंगे पैकेट, आकर्षक विज्ञापन, कार्टून पात्रों की ब्रांडिंग, The post उन्नत बचपन की पहली शर्त-स्वस्थ भोजन, स्वस्थ भविष्य appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
14 नवंबर 2025 को बिहार चुनाव के नतीजे आए। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। जीत मिलना तो दूर, 236 सीटों पर जमानत जब्त हो गई। कई विश्लेषकों ने लिखा कि पीके की राजनीति खत्म, अब बिहार छोड़ देंगे। 9 महीने बाद प्रशांत किशोर ने धमाकेदार वापसी की है। बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव 19 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत लिया। बांकीपुर बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट रही है। यहां बीजेपी को हमेशा 50% से ज्यादा वोट मिले और कभी नहीं हारी थी। प्रशांत किशोर के इस कमबैक के चर्चे हैं। आखिर पीके ने महज 9 महीने में ये बड़ी वापसी कैसे की और क्या अब उन्हें बिहार जीत का फॉर्मूला मिल गया है; आज के एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… सवाल-1: बिहार चुनाव हारने के बाद पीके ने क्या-क्या किया? जवाब: बिहार नतीजों के बाद सबसे बड़ा सवाल था- अब पीके क्या करेंगे? पीके ने सबसे पहले अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग ये सोच रहे हैं कि मैं बिहार छोड़ दूंगा। ये आपका भ्रम है। जब तक बिहार को बदलेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।' इसके बाद पीके ने 3 बड़े काम किए… 1. आत्ममंथन और आगे की स्ट्रैटेजी बनाईः 20 नवंबर 2025 को पश्चिम चंपारन के भितिहरवा आश्रम गए। यहां एक दिन का मौन व्रत रखा। इसे आत्ममंथन का संकेत माना गया। यहां से निकलकर बताया- 15 जनवरी के बाद अगले 15 से 18 महीने हम हर गांव, हर वार्ड और हर घर तक जाएंगे। पीके ने 8 फरवरी 2026 से ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ शुरू की। 2. 90% संपत्ति जन सुराज के नाम की: पीके ने ऐलान किया कि अगले 5 साल तक अपनी कमाई का 90% हिस्सा जन सुराज को दान करेंगे। दिल्ली का घर छोड़कर पिछली 20 साल में कमाई गई हर संपत्ति भी पार्टी को देंगे। उन्होंने जन सुराज पार्टी से जुड़े हर व्यक्ति से कम-से-कम 1,000 रुपए का सहयोग मांगा और कहा, 'आज के बाद मैं ऐसे किसी व्यक्ति से नहीं मिलूंगा, जिसने यह योगदान न दिया हो।' 3. बंगला छोड़, आश्रम में रहने लगे: पीके ने मई 2026 में पटना का शेखपुरा हाउस छोड़ दिया। वो बिहार नवनिर्माण आश्रम में आकर रहने लगे। इसे जन सुराज पार्टी के कामकाजों के लिए ही बनाया गया है। अगले विधानसभा चुनाव तक पीके यहीं रहेंगे। करीब 5 एकड़ में बने इस आश्रम में जन सुराज पार्टी के 300 से ज्यादा लोग रहते हैं। सवाल-2: पीके ने 2025 चुनाव की हार से क्या सबक लिए, स्ट्रैटेजी कैसे बदली?जवाबः पीके ने 3 बड़े बदलाव किए… 1. प्रोफेशनल्स से ज्यादा समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा 2. हर बूथ पर तैनाती, जमीनी पहुंच बढ़ाई 3. ‘सही लोग, सही सोच’ का नारा सवाल-3: पीके ने बांकीपुर से ही चुनाव लड़ना क्यों चुना? जवाब: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी निराशा थी। लोग साथ छोड़ रहे थे। इस बीच नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए गए और उनकी विधानसभा सीट बांकीपुर पर उपचुनाव की घोषणा हो गई। पीके ने दो बड़ी वजहों से यहां चुनाव लड़ना चुना… 1. मुफ्त की पब्लिसिटी, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा: पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, ‘मुख्यधारा की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने और जन सुराज को बचाए रखने के लिए एक बड़ा धमाका जरूरी था। भाजपा के गढ़ में सीधे खुद उतरने से मीडिया और जनता की नजरें उन पर टिक गईं। कार्यकर्ताओं में जोश आ गया।’ 2. बीजेपी को सीधे चुनौती से मजबूत नैरेटिव सेट किया: पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘प्रशांत किशोर पर अब तक भाजपा का मददगार होने का ठप्पा विपक्षी पार्टियां लगाती रही हैं। उन्होंने सीधे गढ़ में चुनौती देकर यह जताने का प्रयास किया है कि हम मिले हुए नहीं हैं। हमारी तरह भाजपा को घर में घुसकर सीधी चुनौती देने की ताकत तेजस्वी यादव के पास भी नहीं।’ सवाल-4: बांकीपुर से हार तय मानी जा रही थी, फिर पीके ने बाजी कैसे पलटी?जवाबः बांकीपुर से पीके की जीत के 3 बड़े फैक्टर रहे… 1. खुद को तीसरे विकल्प की तरह पेश किया 2. जेन-जी प्रोटेस्ट, एथेनॉल के चलते नैरेटिव में पिछड़ी बीजेपी 3. लोकल मुद्दे उठाए, सवर्ण और पिछड़ों को साधा सवाल-4: तो क्या पीके को बांकीपुर से बिहार जीतने का फॉर्मूला मिल गया है? जवाब: जन सुराज को उम्मीद की किरण जरूर दिखी, लेकिन बिहार जीत के फॉर्मूले का दावा करना जल्दबाजी होगी। इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… 1. शहरी बनाम ग्रामीण वोटर में फर्क: बांकीपुर पूरी तरह से शहरी और साक्षर इलाका है, जबकि बिहार की करीब 89% आबादी गांवों में रहती है। शहरी और ग्रामीण वोटर्स की सोच और वोटिंग पैटर्न में काफी फर्क होता है। ऐसे में बांकीपुर जीतने से सिर्फ ये माना जा सकता है कि पीके ने शहरी वोटर्स को समझ लिया है। 2. बिहार में जातिगत लामबंदी: बांकीपुर में कायस्थ, वैश्य और सवर्ण जातियों का दबदबा है, जबकि समूचे बिहार में करीब 85% आबादी पिछड़ा, दलित या महादलित है। इनमें से 14.3% यादव हैं, जो RJD का कोर वोटबैंक हैं। जबकि 10% कुर्मी, कोयरी और कुशवाहा JDU के साथ और 15% सवर्ण बीजेपी के साथ माने जाते हैं। पीके खुद सवर्ण हैं और ऐसे में उन्हें बिहार के पिछड़ा वोटर्स को साधना चुनौती भरा हो सकता है। 3. स्केलिंग और जमीनी जुड़ाव: पीके के पास अब भी बीजेपी, JDU, RJD जैसा मजबूत कैडर नहीं है, जो पूरे बिहार में जमीनी पकड़ बना सके। उनकी जन सुराज के ज्यादातर वॉलंटियर्स कार्यकर्ता की तरह नहीं, बल्कि कर्मचारी की तरह हैं। अभिरंजन कुमार कहते हैं, 'अगर पीके आने वाले 3-4 सालों में अच्छा काम कर लेते हैं और बिहार की जनता में तीसरे विकल्प को चुनने का कॉन्फिडेंस ला पाते हैं, तो गठबंधनों की शक्ल बदल जाएगी। महागठबंधन का दौर खत्म हो गया। पीके RJD का विकल्प बन पाएंगे। ऐसा हुआ तो कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी के सहयोगी दल भी उनके साथ गठबंधन करना चाहेंगे।' ------------- ये खबर भी पढ़िए… प्रशांत किशोर पर छापे क्यों नहीं पड़ते: मोदी के एक फोन पर UN की नौकरी छोड़ी, 6 साल में 6 सीएम बनवाए; PK की पॉलिटिक्स क्या है 12वीं करने के बाद 3 साल पढ़ाई छोड़ दी। नरेंद्र मोदी की कॉल पर यूनाइटेड नेशंस की नौकरी छोड़ दी। मोदी के पीएम बनने के बाद नीतीश के साथ गए। 2015 में नीतीश की वापसी कराई, फिर ममता, जगन, स्टालिन को जिताया। 6 साल में 6 सीएम बनवाने वाला ये शख्स अब खुद बिहार जीतने निकला है। पूरी खबर पढ़िए
असम में 15 साल की लड़की की बेरहमी से हत्या, पांच लोग गिरफ्तार
असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में कटलीचेरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अलोइचोरा क्षेत्र में एक लड़की की उसके घर में हुई निर्मम हत्या के सिलसिले में सोमवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
पप्पू का नाटक गलत, राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं: रागोपाल यादव
संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर किए गए नाटक पर सियासत तेज हो गई है। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने पप्पू यादव के प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी के मुद्दे का संतों से कोई लेना-देना नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
'गालीबाज छात्रों को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दें', एयरफोर्स के रिटायर्ड अफसर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
रिटायर्ड अफसर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट को ऐसा आदेश देना चाहिए, जिसमें गाली देने वाले युवाओं को सामुदायिक सेवा करने के लिए कहा जाए।
होइहि सोइ जो राम रचि राखा, कोर्ट से बरी होने के बाद बोले बृजभूषण सिंह, बताया खुशी का दिन
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि आज खुशी का दिन है।
कांग्रेस आलाकमान की ओर से कर्नाटक में बनाए जाने वाले नए मंत्रियों की लिस्ट जारी की गई है। इसमें संतोष लाड, मधु बंगारप्पा और पी. एम. नरेंद्रस्वामी का नाम शामिल है।
दिल्ली: जीटीबी एन्क्लेव पुलिस ने सुलझाया चोरी का मामला, तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला पुलिस ने एक घर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।
यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने किया बरी
महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोप के मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है।
LIVE: संसद में आज भी हंगामे के आसार, FCRA संशोधन बिल पेश कर सकती है सरकार
संसद में आज फिर हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। पप्पू यादव पर हुए हमले को विपक्षी दल मुद्दा बना सकते हैं। इस बीच सरकार आज FCRA संशोधन बिल पेश कर सकती है।
फ्रिज से निकला जहरीला कोबरा सांप, परिवार के उड़े होश; बाढ़ का पानी उतरने के बाद बढ़ा खतरा
ओडिशा के जाजपुर में बीते दिनों बाढ़ की वजह से लोगों के घरों में पानी घुस गया था। वहीं पानी हटने के बाद लोग अपने घरों में लौट रहे हैं। इस बीच एक घर में रखे फ्रिज में कोबरा सांप मिला है। इसके साथ स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उज्जैन से काशी तक मंदिरों में भक्तों का तांता
सावन के पहले सोमवार पर देश भर के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उज्जैन, काशी, देवघर समेत देश भर के शिवालयों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं।
ओडिशा के गंजाम जिले में एक युवक ने काली मंदिर में अपनी जीभ काट दी। इस घटना के बाद युवक की हालत खराब हो गई और वह खून से लथपथ मंदिर की सीढ़ियों के पास मिला। इसके बाद उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
विजयपुरा में शारदाम्बा पीयू कॉलेज में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान OMR शीट के सीरियल नंबर के प्रश्न पत्र से मैच ना होने को लेकर कई अभ्यर्थियों को गलतफहमी हो गई और उन्होंने परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा किया।
15 अगस्त 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था- 'देश को विकसित बनाने के लिए अब हम समुद्र मंथन की तरफ बढ़ रहे हैं। गहरे पानी के अंदर तेल और गैस के भंडार ढूंढने के लिए हम मिशन मोड में काम करना चाहते हैं।' अब सरकार ने 84 हजार करोड़ रुपए की लागत से 'समुद्र मंथन' स्कीम को मंजूरी दे दी है। आखिर गहरे पानी में तेल और गैस ढूंढा कैसे जाएगा और क्या इससे देश की पेट्रोल-गैस की किल्लत दूर हो जाएगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: सरकार की ‘समुद्र मंथन’ स्कीम क्या है? जवाब: 31 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की 'समुद्र-मंथन' स्कीम को मंजूरी दी है। इसकी कुछ जरूरी बातें जान लीजिए… सरकार का कहना है कि देश पहले से मौजूद तेल और गैस के कुओं से उत्पादन में हर साल 6% से 7% की गिरावट आ रही है। इसलिए घरेलू प्रोडक्शन बनाए रखने के लिए लगातार नए कुएं तलाशना जरूरी है। सवाल-2: समुद्र में तेल ढूंढकर निकालने की पूरी प्रोसेस क्या है? जवाब: कच्चा तेल और गैस समुद्र और नदियों के गहरे पानी के नीचे की चट्टानों में मिलता है। जब करोड़ों सालों तक मृत समुद्री जीवों, पेड़-पौधों वगैरह समुद्र की तलहटी में चट्टानों के नीचे दबे रहते हैं, तो इनसे हाइड्रोकार्बन बनते हैं। इन्हीं से कच्चा तेल और गैस बनती है, जिसे रिफाइनिंग कंपनियां बाद में पेट्रोल, डीजल और गैस वगैरह बनाती हैं। गहरे पानी के नीचे तेल और गैस ढूंढकर प्रोडक्शन करने की प्रोसेस के 4 स्टेप हैं... स्टेप 1: सर्वे जहाजों से तेल की खोजबीन स्टेप 2: खोजबीन वाले कुएं की ड्रिलिंग स्टेप 3: तेल की क्वालिटी-क्वांटिटी की एनालिसिस स्टेप:4: प्लेटफॉर्म बनाकर तेल-गैस का प्रोडक्शन सवाल-3: अभी भारत अपने कुओं से कितना तेल-गैस पैदा करता है? जवाब: भारत पूरी दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है… भारत में जमीन और समुद्री इलाकों में 26 ऐसे इलाके हैं, जहां तेल और गैस के भंडार हैं। इनमें सैकड़ों तेल के कुएं बने हैं। पश्चिमी तटों पर मुंबई हाई, सबसे बड़ा तेल के कुएं का इलाका है। आंध्र प्रदेश तट पर कृष्णा-गोदावरी नदी का बेसिन, ओडिशा-पश्चिम बंगाल का महानदी बेसिन और अंडमान सागर में अंडमान बेसिन ऑफशोर इलाके हैं, जहां समुद्र में तेल या गैस की मौजूदगी है। इसके अलावा असम, गुजरात, राजस्थान और तमिलनाडु तट पर कावेरी बेसिन में ऑनशोर यानी जमीनी कुएं हैं। सवाल-4: क्या 'समुद्र मंथन' से तेल-गैस की दिक्कत हल हो जाएगी? जवाब: ‘समुद्र मंथन’ से भारत की तेल-गैस की जरूरत रातो-रात या पूरी तरह पूरी नहीं हो जाएगी। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत वशिष्ठ का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से विदेशों से तेल और गैस की खरीद सिर्फ से 5% तक ही कम होगी। यानी, उत्पादन बढ़ने के बावजूद विदेशों से ही मांग पूरी हो सकेगी, क्योंकि भारत में ऊर्जा खपत बढ़ रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि ‘समुद्र मंथन’ स्कीम कामयाब हुई, तो भारत का सालाना घरेलू तेल-गैस प्रोडक्शन 62 MMTOE से बढ़कर 80 MMTOE हो जाएगा। देश में तेल और गैस के टोटल रिजर्व 6 करोड़ MMTOE टन बढ़ जाएगा। दरअसल, MMTOE एनर्जी प्रोडक्शन मापने की एक यूनिट है। एक MMTOE का मतलब होता है- 10 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल जलाने से निकालने वाली टोटल एनर्जी। सरकार का मानना है कि प्रोजेक्ट के सफल होने से भारत का कच्चे तेल का इम्पोर्ट बिल करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक घटाया जा सकता है। हालांकि इसमें 5 से 10 साल तक का वक्त लग सकता है। अभी इसकी भी गारंटी नहीं है कि गहरे समुद्र में खोज से तेल या गैस मिल ही जाए। ----------------- ये खबर भी पढ़िए… गुलाबी पेट्रोल, टैंक में चींटी के वीडियो वायरल; सरकार पेट्रोल में जबरन एथेनॉल मिलाने पर क्यों तुली है, पीछे की पूरी कहानी कहीं गुलाबी रंग का पेट्रोल, कहीं टैंक से चिपकी चीटियां, कहीं पेट्रोल के साथ दिखता पानी। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज वायरल हैं और सभी के साथ एक ही नाम जुड़ा है- एथेनॉल। इन वीडियोज की असलियत संदिग्ध हो सकती है, लेकिन देश में एथेनॉल पर बहस बिल्कुल असली है। पूरी खबर पढ़िए…
ओडिशा में बाढ़ का खतरा, हीराकुंड से छोड़ा गया पानी कटक पहुंचा; 10 जिले हाई अलर्ट पर
ओडिशा में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हीराकुड बांध से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी रविवार को कटक के पास मुंडाली पहुंच गया, जिससे महानदी का जलस्तर बढ़ गया है।
'विकसित भारत के लिए युवाओं का नशा मुक्त होना जरूरी', पीएम मोदी का Gen-Z के साथ सीधा संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत युवाओं को नशे से बचाने और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की मुहिम देशभर में चलाई जा रही है।
दैनिक भास्कर की ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आप पढ़ रहे हैं- ऑपरेशन बांग्लादेश। पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1970 में पाकिस्तान में पहली बार आम चुनाव हुए। कुल 300 सीटों में से 167 सीटें पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान को मिलीं और पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो की पार्टी को सिर्फ 86 सीट। मुजीब का पीएम बनना तया था, लेकिन तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान नहीं चाहते थे कि कोई बंगाली सत्ता संभाले। याह्या ने मुजीब के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। पूर्वी पाकिस्तान में बगावत छिड़ गई। याह्या ने बंगालियों का दमन करने का फैसला किया। 25 मार्च को ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू हो गया। एक ही रात में 10 हजार लोग मारे गए। पाकिस्तानी फौज महिलाओं को उठाकर अपने कैंपों में ले गई और महीनों गैंगरेप किया। लाखों बंगाली भागकर भारत आने लगे। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी फौरन जंग चाहती थीं, लेकिन सेना प्रमुख सैम मानेकशॉ ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। पार्ट-2 में उससे आगे की कहानी… अप्रैल 1971 की एक सुबह। घड़ी में 11 बज रहे थे। प्रधानमंत्री दफ्तर में पीएम इंदिरा गांधी और सेना प्रमुख सैम मानेकशॉ बैठे थे। इंदिरा बेहद परेशान थीं। उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। उन्होंने सेना प्रमुख से कहा- ‘आपको वक्त चाहिए न… मिल जाएगा वक्त। जंग की तैयारी कीजिए।’ सैम ने कहा- ‘लेकिन मैं गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की दखल नहीं मानूंगा। आप फैसला कर लीजिए।’ इंदिरा- ‘क्या मतलब?’ सैम- ‘मैं सिर्फ एक लीडर की बात मानूंगा। हर कोई दखल नहीं देगा।’ इंदिरा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘सैम… आप मुख्य कमांडर होंगे। कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा।’ सैम ने भी मुस्कुराते हुए कहा- ‘आई प्रॉमिस मैडम। जीत हमारी ही होगी।’ सेना प्रमुख को 6 महीने का वक्त मिल गया। इधर, पूर्वी पाकिस्तान में याह्या की सेना ने कत्लेआम मचा रखा था। हर दिन हजारों लोग मारे जा रहे थे। 6 महीने इंतजार का मतलब था पूर्वी पाकिस्तान का सफाया। RAW चीफ आरएन काव परेशान थे- ‘करें तो करें क्या…?’ फिर उन्होंने अपने साथी अफसर शंकरन नायर को बुलाया। ‘हम सीधे-सीधे मिलिट्री एक्शन नहीं ले सकते, लेकिन उस जगह तो चोट कर सकते हैं, जहां दर्द सबसे ज्यादा हो।’ RAW चीफ ने कहा। नायर ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘आपका इशारा गुरिल्ला वॉर है?’ काव ने कहा- ‘बिल्कुल।’ ‘पर ये काम करेगा कौन?’ नायर ने पूछा। ‘वही बंगाली, जो भागकर भारत आए हैं।’ काव ने जवाब दिया। अगले दिन नायर कोलकाता पहुंच गए। वे गुप्त रूप से 25 रिफ्यूजी कैंपों में गए। BSF की मदद से 18 से 35 साल के बंगालियों को संघर्ष के लिए तैयार किया। उन्हें हथियार चलाने, घात लगाकर हमला करने, कमांडो ऑपरेशन्स और छोटे रेडियो सेट के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई। एक महीने के भीतर 2.5 लाख बागी बंगाली गुरिल्ला वॉर के लिए तैयार हो चुके थे। लेकिन इतनी तैयारी काफी नहीं थी… एक रोज RAW चीफ ने इंदिरा से कहा- ‘हमें फौरन एक और वॉर की तैयारी करनी चाहिए।’ इंदिरा ने पूछा- ‘अब किस वॉर की तैयारी?’ RAW चीफ- ‘साइकोलॉजिकल वॉर। आप विदेशों में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ पत्र लिखिए।’ इंदिरा ने विदेशी नेताओं को पाकिस्तान की बर्बरता के बारे में लिखना शुरू कर दिया। RAW ने विदेशी पत्रकारों को रिपोर्टिंग के लिए भारत बुला लिया। 13 जून 1971 को यूके के संडे टाइम्स में इन नरसंहारो के बारे में खबर छपी। संडे टाइम्स ने लिखा- ‘पूर्वी पाकिस्तान में 1 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया है। चाकू और छुरियों से उनके अंग काट दिए गए हैं। हजारों बच्चों की आंखें फोड़ दी गई हैं।’ पाकिस्तान दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। भारत यही तो चाहता था। ताकि उसे मिलिट्री एक्शन की कोई ठोस वजह मिल जाए। अब तक जुलाई आ चुका था। RAW ने तय किया कि ग्राउंड पर जाकर बागी बंगालियों की तैयारियों का जायजा लिया जाए। एक अफसर आधी रात को बंगालियों के कैंप में पहुंच गया। हर तरफ धुएं की गंध और जलते हुए मांस की बदबू फैली हुई थी। कुछ ही घंटे पहले, पाकिस्तानी फौज ने एक गांव में ढूंढ़-ढूंढ़कर बंगालियों का कत्ल किया था। गुरिल्ला टीम के कमांडर ने दीवार पर चढ़कर झांका- सात पाकिस्तानी फौजी खाना खा रहे थे। तीन पहरा दे रहे थे। उसने नीचे उतरकर कहा- 'मैंने दस गिने हैं। ज्यादा भी हो सकते हैं। एक फौजी ट्रक भी खड़ा है।’ उसने अपनी असॉल्ट राइफल लोड की और हाथ हिलाकर साथियों को आगे बढ़ने का इशारा किया। 15 बंगाली दबे पांव निकल पड़े। आधे घंटे चलने के बाद वे जलती हुई इमारतों की रोशनी तक पहुंच गए। तभी एक पाकिस्तानी फौजी ने देख लिया। बंगाली कमांडर जोर से चिल्लाया- 'जॉय बांग्ला!' एक साथ 15 राइफलें गूंज उठीं- ठायं, ठायं। दसों पाकिस्तानी फौजी ढेर हो गए। गुरिल्ला टीम के कुछ लड़ाके उनकी लाशों पर चढ़ गए और थूकने लगे। वहां खड़े ट्रक से हथियार और गोला-बारूद निकाले और उसे आग के हवाले कर दिया। यह सब देखकर RAW अफसर ने मन ही मन मुस्कुराते हुए कहा- ‘अब तो पाकिस्तान का टूटना तय है।’ वक्त का पहिया घूमता रहा और आ गया अक्टूबर 1971, भारत जंग के लिए तैयार था, लेकिन एक खुफिया खबर ने नेवी अफसरों की नींद उड़ा दी थी। दिल्ली के वॉर रूम में रक्षा मंत्री जगजीवन राम, नौसेना चीफ एसएम. नंदा और RAW चीफ आरएन काव परेशान बैठे थे। नौसेना चीफ ने कहा- ‘काव साहब, कराची पोर्ट पर एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम लगे हैं। हमें उसकी सटीक जानकारी चाहिए।’ काव ने कहा- ‘नंदा साहब… अभी के माहौल में वहां की तस्वीरें जुटाना छोटे-मोटे एजेंटों के बस की बात नहीं है। बड़े बाजों को मैदान में उतारना होगा।’ उसी रोज RAW चीफ ने शंकरन नायर के साथ मीटिंग की। नायर ने मुंबई में मौजूद अपने टॉप एजेंट को फोन मिलाया और अपनी जरूरतें बता दी। पांच दिन बाद एजेंट का फोन आया- ‘सर, एक बंदा है जो हमारी मदद कर सकता है।’ नायर उससे मिलने के लिए फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंच गए। एजेंट ने बताया- ‘जिस आदमी की हमें जरूरत है, उसका नाम कावसजी है। पारसी डॉक्टर हैं। उनका एक छोटा समुद्री जहाज है। वे भारत और पाकिस्तान के बीच कुवैत के रास्ते सामान और मरीज लाते-ले जाते हैं।’ नायर ने झट से कहा- ‘क्या हम उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं?’ एजेंट मुस्कुराया- ‘सच कहूं तो भरोसा तो नहीं कर सकता, लेकिन हमारे पास एक ऐसा पत्ता है, जिससे हम उसे मना सकते हैं।’ एजेंट ने मेज पर एक फाइल खिसका दी। दरअसल, दो महीने पहले कावसजी अपने जहाज पर बिना टैक्स चुकाए महंगे सामान लाते हुए पकड़े गए थे। कस्टम्स विभाग उनके खिलाफ जांच कर रहा था। भारी जुर्माना लगना तय था। नायर का दिमाग घूमा। कस्टम्स के चीफ उनके पुराने दोस्त थे। उन्होंने तुरंत फोन घुमाया। दस मिनट की बातचीत में डील पक्की हो गई। तय हुआ कि RAW अपने सीक्रेट फंड से डॉक्टर का सारा जुर्माना भरेगी और कस्टम विभाग केस बंद करने का लेटर जारी करेगा, लेकिन यह लेटर सीधे डॉक्टर को नहीं दिया जाएगा। अगली सुबह वो लेटर नायर के हाथों में था। वे अपने दो एजेंटों को लेकर दक्षिण मुंबई में डॉक्टर के क्लिनिक पहुंच गए। नायर ने डॉक्टर से मिलते ही कहा- ‘हैलो मिस्टर कावसजी, आई एम कैप्टन मेनन फ्रॉम इंडियन नेवी।’ डॉक्टर कुछ कहते उससे पहले ही नायर ने वो लेटर टेबल पर रखा दिया। नायर ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘हमारा एक छोटा-सा काम कर दें, तो यह लेटर आपका हो जाएगा। मन ना हो तो आप मना भी कर सकते हैं। फिर मैं ये लेटर इसी वक्त जला दूंगा। जांच फिर शुरू हो जाएगी।’ डॉक्टर ने भारी मन से लेटर देखा। फिर कहा- ‘बोलिए, कौन सा काम है?’ ‘अगली पाकिस्तान ट्रिप पर हमारे दो आदमियों को साथ ले जाना है। जहाज दो दिनों के भीतर निकलना चाहिए।’ नायर ने कहा। डॉक्टर ने बेबसी में सिर हिलाते हुए कहा- ’ठीक है।’ नायर वहां से निकलने लगे तो डॉक्टर ने पूछा- ‘कम से कम इतना बता दीजिए कि मैं किन लोगों को अपने साथ ले जा रहा हूं।’ नायर ने चलते-चलते कहा- ‘बस इतना जान लीजिए कि उनके नाम 'रॉड' और 'मोरियार्टी' हैं।’ 'रॉड' नायर के नौसैनिक सहायक राव थे और 'मोरियार्टी' RAW के फोटोग्राफी डिपार्टमेंट के उस्ताद एजेंट मूर्ति थे। दो दिन बाद, डॉक्टर कावसजी, दोनों एजेंटों को लेकर रवाना हो गए। जब तक जहाज हिंदुस्तानी सीमा में रहा, सब शांत था, लेकिन अब असली खेल शुरू होने वाला था। जहाज जैसे ही कराची बंदरगाह पर रुका, पाकिस्तान CID की टीम वहां आ धमकी। एक इंस्पेक्टर दो सिपाहियों के साथ जहाज पर चढ़ गया। डॉक्टर की धड़कनें तेज हो गईं। अफसरों ने कागजात खंगालने शुरू किए। इंस्पेक्टर की नजर पैसेंजर लिस्ट पर अटक गई। उसने डॉक्टर से पूछा- ‘रॉड और मोरियार्टी… कहां हैं ये दोनों?’ डॉक्टर का दिल हलक में आ गया। उन्होंने अपनी घबराहट छुपाते हुए कहा- ‘ओह! समझ गया आप क्या सोच रहे हैं। अजीब नाम हैं ना? दरअसल ये भारतीय ईसाई हैं... उनके नाम ऐसे ही होते हैं। दोनों अंदर केबिन में पड़े हैं।’ ‘जाओ, चेक करो!’ इंस्पेक्टर ने कड़क आवाज में अपने सिपाही को हुक्म दिया। डॉक्टर ने हाथ जोड़ लिए- ‘साहब! भूलकर भी मत जाइएगा। दोनों को चेचक हो गया है। एक को हुआ और दूसरे को लग गया। जब तक वे ठीक नहीं होते, वहां कोई नहीं जा सकता। आपको भी इंफेक्शन हो जाएगा। डॉक्टर सालों से कराची आ-जा रहे थे, इसलिए इंस्पेक्टर को शक नहीं हुआ। उन्होंने जहाज को बंदरगाह में रुकने की इजाजत दे दी। जब CID की टीम जहाज से उतरी, तो डॉक्टर ने गहरी सांस ली। उनके हाथ कांप रहे थे। उन्होंने सोडे के साथ एक कड़क स्कॉच बनाया और एक ही घूंट में गटक गए। अब तक रात हो चली थी। सन्नाटा पसरा था। जहाज धीमे-धीमे बंदरगाह के मुहाने पर दो बड़ी चट्टानों के बीच आकर रुक गया। RAW के एजेंटों ने खिड़की से बाहर झांका। ‘क्या तुम भी वही देख रहे हो जो मैं देख रहा हूं?’ राव ने हैरान होकर पूछा। मूर्ति ने कहा- ‘यह तो कमाल है।’ सामने एक ताजा कंक्रीट का ढांचा खड़ा था, जिस पर भारी-भरकम एंटी-एयरक्राफ्ट गन तैनात थी। दोनों एजेंट दनादन तस्वीरें खींचने लगे। उन्होंने किलेबंदी, तोपों की स्थिति और बंदरगाह पर खड़े जंगी जहाजों की तस्वीरें कैद कर लीं। आधे घंटे तक कैमरे की क्लिक-क्लिक चलती रही। अब कैप्टन ने जहाज मोड़ा और ले जाकर किनारे पर लगा दिया। दोनों एजेंट फिर से उस खास केबिन में छिप गए। सुबह डॉक्टर जहाज से उतरे। मार्केट जाकर अपना काम निपटाया और फिर जहाज में लौट आए। जहाज को अब कुवैत जाना था। दोपहर में वह कराची से निकल पड़ा। बंदरगाह से बाहर निकलते वक्त एजेंटों ने चट्टान के दूसरे हिस्से की भी तस्वीरें खींच लीं। जहाज अरब सागर के रास्ते कुवैत पहुंचा। वहां राव और मूर्ति उतरे और सीधे भारतीय दूतावास पहुंच गए। उसी रोज कैमरों से निकालकर रीलें स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली भेज दी गईं। दिल्ली के एक सीक्रेट लैब में दो फोटोग्राफर तैयार बैठे थे। रीलें आते ही तुरंत वॉर रूम पहुंचाई गईं। रक्षा मंत्री जगजीवन राम, नौसेना चीफ एसएम. नंदा और RAW चीफ काव बैठे हुए थे। सामने बड़ी प्रोजेक्टर स्क्रीन लगी हुई थी। RAW अफसर एक-एक करके तस्वीरें दिखाते जा रहा था। आखिर उन तस्वीरों में था क्या… कराची बंदरगाह के अंदर और बाहर का एक-एक नक्शा और तस्वीरें। पाकिस्तानी तोपें कहां हैं, उनके तेल के डिपो कहां हैं और जंगी जहाज किस जगह खड़े हैं… हर तस्वीर RAW के पास थी। एक रोज इंदिरा ने सेना प्रमुख से पूछा- ‘क्या आप जंग के लिए तैयार हैं?’ सेना प्रमुख सैम ने जवाब दिया- 'आई एम ऑलवेज रेडी स्वीटी।' दरअसल, सैम अक्सर इंदिरा के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करते थे। फिर आई 3 दिसंबर 1971 की रात। अचानक पाकिस्तानी एयरपोर्स ने भारत के कई ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी। रात 12 बजे पीएम इंदिरा गांधी ऑल इंडिया रेडियो पर आईं और जंग का ऐलान कर दिया। उसी रात पाकिस्तान की सबसे बड़ी पनडुब्बी पीएनएस गाजी डूब गई। दरअसल, गाजी गुपचुप तरीके से भारत के सबसे बड़े विमानपोत INS विक्रांत को डुबोने आई थी। वह कई घंटों से INS विक्रात के इंतजार में विशाखापट्टनम में खड़ी थी, लेकिन विक्रांत उसे दिखा नहीं। आखिर दिखता भी कैसे, RAW के एजेंटों ने उसे चुपचाप अंडमान भेज दिया था। गाजी में डीजल से बैटरियां चार्ज की जा रही थीं, जिसकी वजह से खतरनाक हाइड्रोजन गैस अंदर भरती जा रही थी। इसी के चलते वह खुद ही बिस्फोट होकर तबाह हो गई। 4 दिसंबर को भारतीय वायु सेना ने भी पाकिस्तान पर बमबारी शुरू कर दी। कराची और आसपास के हवाई अड्डों पर आसमान से रॉकेट बरस रहे थे। इधर, इंडियन नेवी की 3 ओसा-I मिसाइल बोट चुपचाप मुंबई से कराची की तरफ बढ़ रही थीं। भारत ने ये मिसाइल बोट रूस से खरीदी थी। जब बोट कराची से 250 समुद्री मील दूर थीं, तभी रडार पर 'बीप-बीप' की आवाज आने लगी। कैप्टन चिल्लाया- ‘पाकिस्तानी जहाज करीब आ रहा है। मिसाइल दागो।’ पहली मिसाइल छूटी, फिर दूसरी, फिर तीसरी। पाकिस्तानी का जंगी जहाज PNS खैबर तबाह हो गया। पाकिस्तान को लगा कि यह वायुसेना का हमला है। तभी मिसाइल बोट ने एक और पाकिस्तानी युद्धपोत और गोला-बारूद से भरे एक मालवाहक जहाज को तबाह कर दिया। अब मिसाइल बोट ने कराची बंदरगाह का रुख किया। भारत को कराची के फ्यूल टैंकों की सटीक लोकेशन पता थी। मिसाइलें सीधे निशाने पर लगीं और कराची बंदरगाह का तेल भंडार धू-धू कर जल उठा। 5 दिसंबर की सुबह तक पहला हमला पूरा हो चुका था। पाकिस्तानी नौसेना की रीढ़ टूट चुकी थी। उन्होंने अपने बचे-खुचे जहाजों को बंदरगाह के अंदर छिपा लिया। तीन दिन बाद यानी 8 दिसंबर की रात भारतीय नेवी ने पाकिस्तान के एक तेल टैंकर और युद्धपोत PNS दक्का को भी डुबो दिया। भारत अपना हवाई रास्ता तो पहले ही बंद कर चुका था, नेवी के इन हमलों से पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने का समुद्री रास्ता भी कट गया। अब पाकिस्तान बड़ा पलटवार करने वाला था, बहुत बड़ा पलटवार… 8 दिसंबर की रात भारत का युद्धपोत INS खुखरी मुंबई से कराची के लिए निकला। टारगेट था- पाकिस्तानी पनडुब्बी PNS हैंगोर को डुबाना। 9 दिसंबर की सुबह खुखरी गुजरात तट पर पहुंच गया। कप्तान को लगा कि पाकिस्तानी पनडुब्बी आस-पास ही है। खुखरी में एक परंपरा थी। रात 8 बजकर 45 मिनट पर सभी इकट्ठा होकर एक साथ समाचार सुना करते थे। उस रोज भी समाचार शुरू हुए- ‘यह आकाशवाणी है। अब आप अशोक वाजपेयी से समाचार….’ तभी हैंगोर से निकले पहले टारपीडो ने खुखरी को हिट किया। कैप्टन मुल्ला कुर्सी से गिर गए। उनका सिर लोहे से टकराया और खून बहने लगा। दूसरा धमाका होते ही खुखरी की बिजली चली गई। खुखरी में 2 छेद हो चुके थे। जहाज के भीतर तेजी से पानी भर रहा था। अंदर आग लग चुकी थी। कुछ ही देर बाद खुखरी डूब गया। कैप्टन समेत 17 अफसर और 176 नौसैनिक भी डूब गए। ये उस जंग में डूबने वाला इकलौता भारतीय जहाज था। उसके बाद भारत ने पाकिस्तान को समुद्र में टिकने नहीं दिया। उधर जमीन पर, पूर्वी पाकिस्तान के दलदली इलाकों और टूटी सड़कों के चलते इंडियन आर्मी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई थी। पाकिस्तानी फौज ढाका जाने वाले रास्तों पर घेराबंदी करके बैठी थी। मकसद था- भारतीय सेना को तब तक रोके रखो, जब तक कि संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन दखल ना दे दे। इंडियन आर्मी की कुछ टुकड़ियां फंसी हुई थीं। ढाका पहुंचने के लिए उन्हें मेघना नदी पार करनी थी। इस पर बना पुल पाकिस्तानी पहले ही गिरा चुके थे। बंगाली लड़ाकों और इंडियन आर्मी को हेलिकॉप्टरों के जरिए नदी पार कराने का फैसला किया गया। 9 से 11 दिसंबर के बीच, 36 घंटों के अंदर 110 उड़ानों के जरिए 700 से ज्यादा जवानों को मेघना नदी के पार उतार दिया गया। 11 दिसंबर तक भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान में गहराई तक घुस चुकी थी। अब सिर्फ एक ही मंजिल बची थी- ढाका। पांच दिन बाद यानी 16 दिसंबर को भारत ने ढाका पर भी कब्जा जमा लिया। उसी रोज पाकिस्तान ने घुटने भी टेक दिए। ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। नए मुल्क का जन्म हुआ- ‘बांग्लादेश।’ ***** ऑपरेशन बांग्लादेश सीरीज का पार्ट-1 भी पढ़िए : पाकिस्तानी फौज ने गैंगरेप किया, हजारों बंगाली महिलाएं प्रेग्नेंट हुईं:इंदिरा गांधी बोलीं- हम युद्ध करेंगे, सेना प्रमुख बोल पड़े-आपने बाइबल पढ़ी है; पार्ट-1 रेफरेंस : 1. The Kaoboys of RAW: Down Memory Lane : By B. Raman 2. The War That Made RAW : By Anushka Nandakumar Sandeep Saket 3. Field Marshal Sam Manekshaw : By Maj Gen Shubhi Sood 4. A Stranger in My Own Country : By Maj. Gen. Khadim Hussain Raja 5. The Soldier and the Changing State : By Zoltan Barany
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान गाली देती लड़की पर FIR, बचाव में अभिजीत दीपके का बयान और पीएम मोदी का माफ करने वाला वीडियो। पिछले 48 घंटे के इन तीन घटनाक्रम से सवाल उठा- क्या गाली देना क्राइम है? कुछ लोग ये भी कहे रहे कि जेन-जी के लिए गाली ‘न्यू नॉर्मल’ है। आखिर प्रोटेस्ट में खुलेआम गाली देने के पीछे जेन-जी की साइकोलॉजी क्या है और गाली देना कानूनी अपराध है या नहीं; आज के एक्सप्लेनर में समझेंगे… सवाल-1: गाली देने की वजह से लड़की पर FIR का पूरा मामला क्या है? जवाबः जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान एक लड़की का वीडियो वायरल है। वो पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है और गालियां देती है। 30 जुलाई को नोएडा पुलिस ने शांतिभंग, अपमानित करने और मानहानि के लिए BNS की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत FIR दर्ज कर ली। लड़की की मां ने कहा, 'हमने पुलिस को माफीनामा दिया है। जो हुआ उसका बहुत अफसोस है।’ 31 जुलाई की रात पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज में कहा, ‘जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं। मुझे और मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दीं। गुमराह बच्चों को गले लगाकर राह दिखाना हमारा काम है। सजा देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं।' इधर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने लड़की के समर्थन में कहा, 'एक लड़की पर गाली देने के लिए केस हुआ। बीजेपी IT सेल के लोगों पर केस कब होंगे, जो सालों से ऑनलाइन लड़कियों को गालियां दे रहे थे। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक सांसद के लिए कैसे शब्द इस्तेमाल किए थे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी जर्नलिस्ट गालियां दी थीं।’ अभिजीत ने आगे कहा, 'गाली देना कोई क्राइम नहीं है। गाली देना बुरा हो सकता है, लेकिन उसको समझाइए कि गाली मत दो।’ सवाल-2: क्या वाकई गाली देना अपराध नहीं है? जवाबः 2 सिनैरियो हैं… 1. अगर ‘इरादा’ गलत न हो, तो गाली अपराध नहीं 2. अगर ‘इरादा’ गलत हो, तो गाली अपराध है गाली देने पर, मुख्य रूप से BNS की दो धाराओं में मुकदमा दर्ज होता है- धारा 352: शांति भंग के इरादे से किसी का अपमान करना। धारा 351: आपराधिक धमकी देना। दोनों धाराओं में अधिकतम 2 साल की जेल या जुर्माना हो सकता है। हालांकि केस-टू-केस कुछ और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। जैसे- किसी महिला को गाली दी जाए, जो उसकी मर्यादा के खिलाफ हो, तो BNS की धारा 74 के तहत यौन अपराध का मुकदमा भी चल सकता है। इसी संदर्भ में विराग गुप्ता दो और सवाल उठाते हैं… सवाल-3: क्या गाली देना जेन-जी के लिए न्यू-नॉर्मल बन गया है? जवाबः हां, एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस पीढ़ी में गालियां देना सामान्य चलन बन रहा है, जिसके पीछे 3 बड़ी वजहें हैं… 1. OTT, स्टैंडअप से एब्यूसिव भाषा का चलन 2. जेन-Z के एथिकल-मोरल फ्रेमवर्क में हिचक नहीं 3. हर जगह एक जैसे ‘इन्फॉर्मल’ हो रहे जेन-Z सवाल-4: क्या पहले भी इस तरह विरोध प्रदर्शनों में गालियां दी जाती थीं? जवाब: 1975 की इमरजेंसी के बाद इंदिरा गांधी के खिलाफ नारे लगे थे, 'इंदिरा हटाओ, देश बचाओ।' 1980 के बोफोर्स घोटाले के बाद पीएम राजीव गांधी के खिलाफ नारे लगे थे, 'गली-गली में शोर है, राजीव गांधी चोर है।' हालांकि जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले भारत के किसी आंदोलन में सार्वजनिक गाली-गलौच का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। इस प्रदर्शन में कॉकरोच पार्टी के नेताओं ने भी गालियों, अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उनके समर्थन में आए कुछ लोगों ने आपत्तिजनक बातें कहीं। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं, 'अपने समय में हमने भी आंदोलन किए, लाठियां खाईं और पत्थर भी फेंके, लेकिन तब ऐसी भाषा नहीं इस्तेमाल होती थी। अश्लील रील बनाने के लिए एक सीरियस मुद्दे का इस्तेमाल करना गलत था।' ----------- ये खबर भी पढ़िए… संसद पहुंचा वास्तेगुना-हुइंया और कुचु-पुचु; 56 साल औसत उम्र वाली लोकसभा अचानक जेन-जी की भाषा क्यों बोलने लगी 56 साल औसत उम्र वाली लोकसभा में इन दिनों 14 से 29 साल वाली जेन-जी के स्लैंग गूंज रहे हैं। कोई सांसद ‘वास्तेगुना-हुइंया’ और ‘कुच्चु-पुच्चु’ बोल रहा, तो किसी के भाषण में ‘डेलुलू’ और ‘क्लॉक्ड इट’ का इस्तेमाल हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
मुंबई: घर के अंदर नाबालिग दिव्यांग से दुष्कर्म, आरोपी रिश्तेदार गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पुणे जिले से रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक दिव्यांग नाबालिग लड़की के साथ उसके ही रिश्तेदार द्वारा घर के अंदर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है।

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