बांका परमाणु परियोजना विवाद: आदिवासी अस्मिता, पर्यावरण और विकास मॉडल पर बहस
बिहार के बांका जिले की रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में आदिवासी और ग्रामीण आंदोलनरत हैं। जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों पर उठे सवाल
उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट
रामनगर। उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रामनगर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का रविवार को भंडाफोड़ करते हुए 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग सहित 10 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया। रिसॉर्ट को सील कर दिया […] The post उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार
जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार […] The post पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार appeared first on Sabguru News .
आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी
अजमेर। सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मण्डल (संयोजक एवं प्रचारक) मारवाड कान्ता सोलंकी ने मधुरम गार्डन में शनिवार को आयोजित संयोजक स्तरीय निरंकारी संत समागम के दौरान सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने भाव उदगार करते हुए बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय […] The post आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी appeared first on Sabguru News .
गाज़ा युद्ध के 1000 दिन: दिल्ली में फ़िलिस्तीन के समर्थन में कविताएँ, प्रतिरोध और न्याय की आवाज़
गाज़ा में इज़राइली हमलों के 1000वें दिन दिल्ली में IPSN की सभा हुई। वक्ताओं ने फ़िलिस्तीन, न्याय, शांति और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी।
दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। आखिर यूक्रेन ने रूस में पेट्रोल की किल्लत कैसे पैदा कर दी, क्या वाकई भारत, रूस को पेट्रोल बेच रहा; और रूस, यूक्रेन के हमले क्यों नहीं रोक पा रहा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: दुनिया को तेल बेचने वाले रूस में तेल की कमी कैसे हो गई है? जवाब: रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन लगातार रूसी ऑइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। मार्च 2026 से अब तक रूस की ऑयल रिफाइनरी पर 50 से ज्यादा हमले किए हैं। 4 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की सीमा से करीब 850 किमी अंदर रूस के सेंट पीटर्सबर्ग की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक किया है। इस रिफाइनरी से हर साल 1.25 करोड़ टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बनते हैं। 3 जून को भी इस रिफाइनरी पर हमला हुआ था। इसके अलावा 18 जून को मॉस्को के बाहरी इलाकों में स्थित रिफाइनरी पर हमला हुआ। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, रूस की टॉप-10 रिफाइनरियों में से 8 पर यूक्रेन हमले कर चुका है। रिफाइनरियों पर हुए हमले से रूस में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है… सवाल-2: क्या इस स्थिति से निपटने में भारत रूस की मदद कर रहा है? जवाब: रॉयटर्स के मुताबिक, भारतीय तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को पेट्रोल के 2 टैंकर रूस भेजे हैं। इन टैंकरों में करीब 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल है। नायरा एनर्जी में रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की 49% हिस्सेदारी है। हालांकि नायरा ने टैंकर भेजने की पुष्टि नहीं की है। रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस कई दशकों बाद ईंधन आयात करने की तैयारी में है। दूसरे देशों के संपर्क से ईंधन खरीदने की बातचीत चल रही है। हालांकि भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है, 'भारतीय सरकारी या प्राइवेट कंपनियां सीधे रूस को ईंधन नहीं बेच रही हैं। हो सकता है कि रूस अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भारतीय मूल का ईंधन खरीद रहा हो।' दरअसल, सीधे व्यापार के बजाय अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भी तेल खरीदने का एक विकल्प होता है। ये व्यापारी कई देशों की तेल कंपनियों से तेल खरीदकर उसका पेमेंट करते हैं। फिर ये सारा तेल सिंगापुर, UAE के फुजैरा या यूरोप के रोटरडैम जैसे बड़े बंदरगाहों पर ले जाते हैं। यहां कई बार अलग-अलग देशों का तेल मिक्स भी किया जाता है। फिर जब रूस या किसी अन्य देश को तेल की जरूरत पड़ती है, तो ये व्यापारी उसे तेल के टैंकर बेच देते हैं। सवाल-3: तेल की जरूरत पूरी करने के लिए रूस और क्या कर रहा है? जवाब: रूस 2 मुख्य तरीके अपना रहा है- 1. दूसरे देशों से खरीद 2. पेट्रोल एक्सपोर्ट और बिक्री पर पाबंदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है, ‘रिफाइनरी पर हमलों से ईंधन की कमी तो हुई है, लेकिन यह गंभीर नहीं है। पेट्रोल भंडार में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 4% की कमी आई है।’ सवाल-4: रूस तेल की कमी से कब तक निपट पाएगा? जवाब: ग्लोबल बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म मैक्रो-एडवाइजरी लिमिटेड के CEO और एनालिस्ट क्रिस वेफर कहते हैं, ‘रूस में फ्यूल का स्टोरेज पर्याप्त है, लेकिन दिक्कत ये है कि ये गलत जगह पर है। जिन इलाकों में फ्यूल की कमी है, वहां सप्लाई रातोंरात नहीं हो सकती। इस बड़े लॉजिस्टिक्स कई हफ्ते लग सकते हैं। ये एक बड़ा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है।’ जिन रूसी रिफाइनरीज को यूक्रेनी हमलों में नुकसान पहुंचा है, उनको रिपेयर करना भी मुश्किल है। इनमें कुछ मशीनरी और इक्विपमेंट ऐसी हैं, जिसे विदेशों से इम्पोर्ट किया जाता है, लेकिन रूस पर विदेशी व्यापार को लेकर कई तरह के बैन लगे हैं। वेफर के मुताबिक, मॉस्को रिफाइनरी की मरम्मत में कम से कम 3 महीने लग जाएंगे। इसी से मॉस्को और आसपास के इलाके में जरूरत के 40% फ्यूल की सप्लाई होती है। वहीं ऑयल मार्केट एनालिस्ट गैरी पीच कहते हैं कि मरम्मत के बावजूद रिफाइनरीज पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। इनमें इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि गर्मियों के दौरान, यानी अगस्त तक रिफाइनिंग दोबारा पूरी तरह शुरू नहीं हो पाएगी। पीच के मुताबिक, जब तक यूक्रेन-रूस सीजफायर या कोई समझौता नहीं हो पाए, तब तक कई रिफाइनरीज की मरम्मत करने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि इन पर दोबारा हमला कर दिया जाएगा। वेफर कहते हैं कि अगर ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान न पहुंचे, तो भी सितंबर तक फ्यूल की कमी बनी रहेगी, क्योंकि इसी दौरान खेती के लिए सबसे ज्यादा तेल की जरूरत होती है। सवाल-5: आखिर रूस यूक्रेन के हमलों का सामना क्यों नहीं कर पा रहा? जवाब: यूक्रेन और रूस के बीच जंग का पांचवां साल चल रहा है। यूक्रेन, रूसी रिफाइनरीज पर ज्यादातर ड्रोन अटैक ही करता है। 3 बड़ी वजहों से रूस इन्हें रोक नहीं पा रहा... 1. यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज ड्रोन ट्रैक करना मुश्किल 2. सैकड़ों सस्ते ड्रोन रोकना महंगा 3. रूस का बड़ा इलाका ही उसका दुश्मन --------- यह खबर भी पढ़िए… दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…
ओरी ने जाह्नवी, अर्जुन और खुशी कपूर संग शेयर की अंशुला कपूर की मेहंदी फंक्शन की खास तस्वीरें
बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर की शादी की रस्में पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। इस बीच सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी ने मेहंदी समारोह की कुछ अनदेखी और खूबसूरत तस्वीरें साझा कर फैंस को जश्न की एक खास झलक दिखाई है। जाह्नवी कपूर द्वारा आयोजित इस मेहंदी समारोह की तस्वीरों में कपूर परिवार का प्यार, हंसी-मजाक और खुशियों भरा माहौल साफ नजर आ रहा है। ALSO READ: आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, मुंबई की भारी बारिश के बीच घर पर की रजिस्टर्ड मैरिज, देखिए तस्वीर ओरी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में जाह्नवी कपूर, अर्जुन कपूर और खुशी कपूर उनके साथ अलग-अलग अंदाज में पोज देते दिखाई दे रहे हैं। सभी सितारे खूबसूरत पारंपरिक परिधानों में बेहद आकर्षक लग रहे हैं और पूरे परिवार ने मिलकर अंशुला के इस खास मौके को यादगार बना दिया है। फिलहाल ओरी की यह लेटेस्ट तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। खुशियों से भरी सेल्फी, परिवार के साथ बिताए गए अनमोल पल और जश्न के रंगों से सजी इन तस्वीरों ने अंशुला कपूर की शादी को लेकर उत्साह और भी बढ़ा दिया है। अब फैंस शादी समारोह की आने वाली और भी खास झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता आमिर खान ने एक बार फिर अपने जीवन की नई शुरुआत की है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं को सच साबित करते हुए आमिर खान और गौरी स्प्रैट आखिरकार 5 जुलाई को शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। 61 वर्षीय अभिनेता ने अपनी इस शादी को बेहद निजी और घरेलू रखा। शादी के लिए किसी भव्य वेन्यू को चुनने के बजाय आमिर ने अपने बांद्रा, पाली हिल स्थित अपार्टमेंट 'बेला विस्टा' को ही चुना। यह शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत एक रजिस्टर्ड मैरिज के रूप में संपन्न हुई। आमिर ने पहले ही मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि वे किसी भी तरह का ग्रैंड बॉलीवुड रिसेप्शन या बड़ी पार्टी होस्ट नहीं करेंगे। BREAKING: #AamirKhan Marries #GauriSpratt ????In an intimate ceremony at his Pali Hill home. Bollywood’s Mr. Perfectionist has a new Mrs. Perfectionist. No grand Sangeet. No 7-day destination wedding. Just family, love, and 100-150 of their closest people. Read Here … pic.twitter.com/ilEirL9Igf — Ashwani kumar (@BorntobeAshwani) July 5, 2026 शादी के तुरंत बाद घर पर ही करीबी मेहमानों के लिए एक प्राइवेट लंच और पार्टी का आयोजन किया गया, जिसका फूड मेन्यू और गेस्ट लिस्ट खुद आमिर और गौरी ने मिलकर तैयार किया था। भारी बारिश के बीच पहुंचे मेहमान शादी के दिन मुंबई में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिला। मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद आमिर के घर पर उत्सव का माहौल थमा नहीं। इस शादी में करीब 100 से 150 बेहद करीबी लोग शामिल हुए। मेहमानों की इस खास लिस्ट में देश का सबसे प्रतिष्ठित अंबानी परिवार भी शामिल था। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) हालांकि, मूसलाधार बारिश के चलते आमिर के घर के ठीक बाहर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसके कारण अंबानी परिवार के काफिले को कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों और प्रशासन की मदद से रास्ता साफ होने के बाद मेहमान अंदर पहुंच सके। इसके अलावा फिल्ममेकर आशुतोष गोवारिकर, राजकुमार संतोषी और राज ठाकरे जैसी बड़ी हस्तियां भी इस जश्न का हिस्सा बनीं। A post shared by Manav Manglani (@manav.manglani) चारों बच्चों की मौजूदगी ने शादी को बनाया भावुक और खास इस शादी की सबसे खूबसूरत और अनोखी बात यह रही कि इसमें दोनों परिवारों के बच्चे पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। आमिर खान की पहली पत्नी रीना दत्ता से उनके दो बच्चे—अभिनेता जुनैद खान और आइरा खान इस शादी में पहुंचे। वहीं, दूसरी पत्नी किरण राव से उनके बेटे आजाद राव खान भी अपने पिता के इस खास दिन के गवाह बने। इसके साथ ही, गौरी स्प्रैट की पिछली शादी से उनका एक बेटा है, वह भी इस शादी का हिस्सा बना। चारों बच्चों की मौजूदगी और आपसी तालमेल ने इस घरेलू शादी को बेहद भावुक और यादगार बना दिया। आमिर खान की बहन भी भाई को आशीर्वाद देने सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल थीं। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) आमिर खान और गौरी स्प्रैट की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों पहली बार करीब 25 साल पहले बेंगलुरु में मिले थे, लेकिन उसके बाद दोनों का संपर्क टूट गया था। साल 2023 के मध्य में आमिर की कजिन नुजहत खान के जरिए बेंगलुरु में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और साल 2024 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। लगभग एक साल तक दोनों लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहे, क्योंकि गौरी बेंगलुरु में थीं। इसके बाद मार्च 2025 में आमिर खान ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट को इंट्रोड्यूस कर अपने रिश्ते का आधिकारिक एलान किया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 47 वर्षीय गौरी स्प्रैट फैशन, ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उनके पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो वे एक बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से आती हैं: गौरी के पिता रॉबर्ट स्प्रैट तमिल-ब्रिटिश मूल के हैं, जबकि उनकी मां रीता स्प्रैट पंजाबी-आइरिश मूल की हैं। गौरी के दादा फिलिप स्प्रैट एक ब्रिटिश लेखक और कम्युनिस्ट थे, जो 1920 के दशक में भारत आए थे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई थी। ऊटी के 'ब्लू माउंटेन स्कूल' से पढ़ाई और लंदन से फैशन डिजाइनिंग व फोटोग्राफी का कोर्स करने वाली गौरी बेंगलुरु और मुंबई के प्रसिद्ध हेयर सैलून चेन BBlunt की को-ओनर और मैनेजर हैं। साल 2025 में अपने बेटे के साथ मुंबई शिफ्ट होने के बाद से गौरी अब 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के क्रिएटिव और अन्य कामों में भी आमिर खान की मदद कर रही हैं।
'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे, सोनाक्षी सिन्हा ने फिल्म के एक गाने में पहनी थीं 9 साड़ियां
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'लुटेरा' की रिलीज को 13 साल पूरे हो गए हैं। विक्रमादित्य मोटवानी के निर्देशन में बनी 'लुटेरा' एक कल्ट क्लासिक फिल्म है। इस फिल्म के गाने काफी पसंद किए गए। फिल्म 'लुटेरा' के एक गाने में सोनाक्षी ने 9 अलग-अलग साड़ियां पहनी थी। फिल्म की कहानी 50 के दशक में आधारित थी जिसकी वजह से सोनाक्षी ढेर सारी साड़ियां पहने हुए ही नज़र आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास फिल्म के गाने 'संवार लूं' में सोनाक्षी के लिए खास तरीके से साड़ियां चुनी गई, जिसमें उनकी खूबसूरती और निखर कर आए और उनके रूप में उस दशक की झलक दिखे। सिर्फ इस गाने के लिए सोनाक्षी को 9 प्रकार की साड़ियां पहननी थी, जिनकी कीमत लगभग 3 लाख रुपए थी। प्रत्येक साड़ी की कीमत 30 से 35 हजार रुपए के बीच थी। इस गाने के शूट होने के बाद जो इसका परिणाम आया उससे सभी बेहद खुश थे, खासतौर से सोनाक्षी। सोनाक्षी ने कहा था, विक्रम और उनकी टीम ने लुटेरा में मुझे खूबसूरत दिखाने के लिए बहुत बढ़िया काम किया। अब तो मैं साड़ी पहनने में एक्सपर्ट हो चुकी हूं। संवार लूं गाने में मैंने 9 अलग साड़ियां पहनी हैं। जब मैंने परिणाम देखा तो लगा सभी की मेहनत सफल रही है। बता दें कि फिल्म 'लुटेरा' का ऑफर रणवीर सिंह ने पहले ठुकरा दिया था। बाद में विक्रमादित्य ने उन्हें फिर से स्क्रिप्ट रीडिंग के लिए बुलाया और स्क्रिप्ट खुद पढ़कर सुनाई। इसके बाद रणवीर सिंह ने इस फिल्म के लिए हामी भरी। फिल्म में रणवीर ने अपने बीते कल से परेशान एक व्यक्ति का किरदार बखूबी निभाया।
रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' इन दिनों छाया हुआ है। शो में आए दिन कंटेस्टेंट्स की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे गहरे राज सामने आ रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इस सीजन में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं टीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी और एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला। शो के प्रीमियर एपिसोड में अपने तलाक का खुलासा कर सभी को चौंकाने वाली आकांक्षा चमोला ने अब अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी है। आकांक्षा चमोला ने 'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में यह कबूल किया है कि वह शादी से पहले 'बाइसेक्सुअल' थीं और महिलाओं के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। A post shared by Content creator (@jessyz.life) दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब शो के 'जजमेंट डे' एपिसोड में एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिला। आकांक्षा को होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान के सामने एक वीडियो फुटेज दिखाई गई। इस वीडियो में को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा, आकांक्षा के इस बेहद निजी राज को दूसरे कंटेस्टेंट सूफी मोतीवाला के सामने रिवील करती नजर आईं। ALSO READ: 'लुटेरा' के 13 साल: रणवीर सिंह का सबसे शांत लेकिन सबसे गहरा रोल आज भी खास श्रेया ने आकांक्षा से पुराना बदला लेने के लिए उनका यह सीक्रेट लीक किया था, जिससे आकांक्षा की गेम की 'लाइफलाइन' भी खत्म हो गई। जब आकांक्षा को पता चला कि उनका भरोसा बुरी तरह तोड़ा गया है, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और कैमरे के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़ीं। आकांक्षा ने दुख जताते हुए कहा कि शो के पहले दिन से ही वह खुद को सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड महसूस कर रही हैं और शायद इस शो में आना उनकी एक गलती थी। रितेश देशमुख के पूछने पर आकांक्षा ने अपनी हिम्मत बटोरी और पूरी सच्चाई बयां की। आकांक्षा ने कहा, हाँ, यह सच है कि मैं शादी से पहले बाइसेक्सुअल थी। मेरे कुछ लड़कियों के साथ रिलेशनशिप रहे हैं। हालांकि, वे बहुत ज्यादा शारीरिक रूप से इंटीमेट रिश्ते नहीं थे, लेकिन मैं कुछ लड़कियों के साथ रिश्ते में जरूर रही हूं। मुझे लड़कियां पसंद हैं और मैं उनकी तरफ आकर्षित होती हूं। मुझे लगता है कि उनके साथ मुझे एक सेफ स्पेस मिलता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आकांक्षा ने एक बेहद भावुक नजरिया साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही जब वह बड़ी हो रही थीं, तो उन्हें अपनी मां और बहन के साथ सबसे ज्यादा कंफर्ट महसूस होता था। उन्होंने धीरे-धीरे समझा कि यह समाज पुरुषों के वर्चस्व वाला है। आकांक्षा के मुताबिक, उनके लिए हर महिला खूबसूरत है और भले ही समाज उनकी इस भावना को 'बाइसेक्सुअल' का टैग दे, लेकिन उनके लिए महिलाओं के प्रति यह भावना एक बेहद पवित्र प्यार की तरह है A post shared by Akanksha Chamola (@akankshagkhanna) रितेश देशमुख और फराह खान ने बढ़ाया हौसला आकांक्षा के इस बेबाक और साहसी खुलासे को सुनने के बाद होस्ट रितेश देशमुख ने उनकी हिम्मत की जमकर तारीफ की। रितेश ने कहा, हम जिस समाज में रहते हैं, वहां लोग बहुत जल्दी जजमेंट पास करने लगते हैं। ऐसे माहौल में और इस मंच पर आकर अपनी सच्चाई को इस तरह स्वीकार करना बहुत बड़ी बात है। आपको और हिम्मत मिले, मैं बस यही कहूंगा। वहीं, शो की सह-होस्ट फराह खान ने भी रोती हुई आकांक्षा को गले लगाया, उन्हें चुप कराया और ढांढस बंधाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस एपिसोड के ऑन-एयर होते ही सोशल मीडिया पर आकांक्षा चमोला के सपोर्ट में बाढ़ आ गई है। फैंस उनकी ईमानदारी और बेबाकी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि आकांक्षा एक 'पवित्र आत्मा' हैं, जिन्होंने बिना किसी डर के समाज के सामने अपनी सच्चाई रखी। हालांकि, इस खुलासे के बाद इंटरनेट यूजर्स ने उनके और गौरव खन्ना के तलाक को लेकर एक नया एंगल ढूंढ निकाला है। हाल ही में आकांक्षा ने शो में खुलासा किया था कि उनके अलग होने की मुख्य वजह यह थी कि गौरव पिता बनना चाहते थे, जबकि आकांक्षा के अंदर कभी 'मैटरनल इंस्टिंक्ट' नहीं रही और वह 'चाइल्ड-फ्री' लाइफ चाहती थीं। अब उनके बाइसेक्सुअल होने की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि शायद यही वजह थी कि दोनों का वैचारिक तालमेल नहीं बैठ पाया और दोनों ने आपसी सहमति से एक साल पहले अलग होने का सही फैसला किया।
नरमदापुरम मॉब लिंचिंग मामले में फैसला देने वाली जज तबस्सुम खान को मिली धमकियों पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का विश्लेषण। न्यायपालिका की स्वतंत्रता, संविधान और कानून के राज पर गंभीर सवाल।
पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र
रायपुर। देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्होंने रविवार सुबह लगभग 3:15 बजे अंतिम सांस ली। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उनके पार्थिव […] The post पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र appeared first on Sabguru News .
चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम करीब 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। राहत एवं बचाव कार्य करीब साढ़े पांच घंटे […] The post चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली/लखनऊ: इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस की बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद हर छात्र का यही सपना होता है कि उसे किसी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में अच्छी नौकरी मिले और वह अपने शानदार करियर की शुरुआत करे. लेकिन वर्तमान समय में देश के युवाओं के लिए यह सपना हकीकत में बदलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. आईटी सेक्टर और टेक इंडस्ट्री में चल रही मंदी के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी भावुक कर देने वाली कहानी वायरल हो रही है, जिसने मौजूदा जॉब मार्केट की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है.यह कहानी कंप्यूटर साइंस (CS) से फर्स्ट डिवीजन में ग्रेजुएशन करने वाले एक ऐसे होनहार लड़के की है, जो सैकड़ों कंपनियों के चक्कर काटने के बाद जब थक गया, तो पेट पालने और अपना खर्च चलाने के लिए रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाने पर मजबूर हो गया.ट्रैफिक जाम में 'रैपिडो राइड' के दौरान खुला ये चौंकाने वाला राजइस दिल छू लेने वाली कहानी को एक्स (पूर्व में ट्विटर) के एक यूजर 'नीरज' (@nirajxdev) ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. नीरज ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में एक Rapido बाइक बुक की थी. सफर के दौरान अचानक उनकी नजर राइडर के हेलमेट पर लगे एक नामी कॉलेज के स्टिकर पर पड़ी. बस फिर क्या था, भारी ट्रैफिक जाम में फंसे होने के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई जो करीब 10 मिनट तक चली. इसी बातचीत में राइडर ने बताया कि वह इसी साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिविजन से पास आउट हुआ है, लेकिन डिग्री मिलने के दो महीने बाद भी उसके हाथ खाली हैं.500 से ज्यादा कंपनियों में भेजा रिज्यूमे, पर कहीं से नहीं आया एक भी कॉलयुवक ने बेहद भारी मन से बताया कि उसने अब तक 500 से अधिक कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन (Job Applications) किया है. शुरुआत में वह हर एक एप्लिकेशन की गिनती रखता था, लेकिन बाद में रिजेक्शन और सन्नाटे का दौर ऐसा बढ़ा कि उसने गिनती करना ही छोड़ दिया. सबसे ज्यादा तकलीफदेह बात यह रही कि अधिकांश टेक कंपनियों ने उसका रिज्यूमे देखने के बाद रिप्लाई तक नहीं किया और न ही उसे किसी इंटरव्यू का मौका मिला. दो महीने तक लगातार भटकने के बाद जब उसकी पूरी जमा-पूंजी और सेविंग्स खत्म हो गईं, तो उसने सुबह 6 बजे से ही बाइक लेकर सड़कों पर निकलना शुरू कर दिया ताकि वह रोजाना का खर्च निकाल सके.माता-पिता से छिपाया सच, बोले- 'जॉब मार्केट का हाल ही अभी ऐसा है'इस कहानी का सबसे इमोशनल पहलू तब सामने आया जब लड़के ने बताया कि उसके माता-पिता को आज भी इस बात की भनक नहीं है कि उनका बेटा बाइक टैक्सी चला रहा है. वे यही समझते हैं कि वह घर पर रहकर ऑनलाइन इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है. लड़का अपने माता-पिता को इस उम्र में कोई मानसिक तनाव नहीं देना चाहता. नीरज ने लिखा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतनी मुश्किलों के बावजूद उस लड़के के चेहरे पर सिस्टम को लेकर कोई शिकायत नहीं थी; वह बस यही कह रहा था कि फिलहाल मार्केट की कंडीशन ही ऐसी है. उसका यह सकारात्मक और जुझारू रवैया नेटिजन्स को काफी प्रेरित कर रहा है.युवाओं का आखिरी सहारा बन रही हैं 'गिग जॉब्स' (Gig Economy)इस वायरल पोस्ट के बाद कमेंट सेक्शन में देश भर के फ्रेश ग्रेजुएट्स ने अपने-अपने कड़वे अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं. कई युवाओं का कहना है कि अच्छी डिग्री और बेहतरीन स्किल्स होने के बावजूद आज के समय में एंट्री-लेवल जॉब मिलना नामुमकिन सा हो गया है. करियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक सेक्टर में हायरिंग (Hiring Freezes) की रफ्तार धीमी होने के कारण अब देश के युवा मजबूरी में फूड डिलीवरी, कूरियर सर्विस और बाइक टैक्सी जैसी गिग जॉब्स (Gig Jobs) को अपना रहे हैं, क्योंकि यहां तुरंत अर्निंग शुरू हो जाती है. हालांकि, यह अस्थाई विकल्प युवाओं के आत्मविश्वास के लिए एक बड़ा संकट भी है.
15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी
नई दिल्ली। उम्र सिर्फ़ 15 साल, तीन महीने और सात दिन। उस उम्र में जब ज़्यादातर टीनएजर्स स्कूल के शेड्यूल और वीकेंड के प्लान बनाने में लगे होते हैं, वैभव सूर्यवंशी ने भारत की जर्सी पहनी और देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। शनिवार को ओल्ड ट्रैफर्ड में, बिहार […] The post 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी appeared first on Sabguru News .
लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट
मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में लोन दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के कथित यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता की शिकायत पर ढाका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माइक्रोफाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।मामले की जांच […] The post लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के उच्चैन थाना क्षेत्र में चक खरका गांव में शनिवार शाम को जमीन के विवाद में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी गई जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि झगड़े में दोनो पक्षों के […] The post भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत appeared first on Sabguru News .
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जुलाई, 2026)
मेष राशि (Aries) Today 05 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज का दिन आराम और प्लानिंग में बीतेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई नया आइडिया मिल सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ पुराना मनमुटाव दूर होगा। घर में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार के साथ शॉपिंग या मनोरंजन पर खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। शारीरिक ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा। उपाय: गाय को गुड़ या भीगी हुई चने की दाल खिलाएं। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय वृषभ राशि (Taurus) करियर: रविवार होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को आज ऑफिस के काम से थोड़ी राहत मिलेगी। आगामी सप्ताह की रणनीतियों पर विचार करेंगे। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। अपनी जिद पर अड़े रहने से बचें। धन: धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय सतर्क रहें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है। स्क्रीन टाइम कम करें। उपाय: जल में रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: रचनात्मक कार्यों और हॉबीज को समय देने के लिए आज का दिन बेहतरीन है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में फोकस करने की जरूरत है। लव: सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प व्यक्ति से बात शुरू हो सकती है। पार्टनर से कोई प्यारा सा गिफ्ट मिल सकता है। धन: अचानक किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। सुबह की सैर या प्राणायाम से दिन की शुरुआत करें। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र की चिंता को आज खुद पर हावी न होने दें। आज का दिन परिवार और खुद के लिए निकालने का है। लव: घर-परिवार के लोगों के साथ किसी गेट-टुगेदर या पारिवारिक लंच का प्लान बन सकता है। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। फिजूल की चीजों पर पैसा बर्बाद न करें। स्वास्थ्य: पेट में गैस या अपच की समस्या हो सकती है। सात्विक भोजन लें। उपाय: सूर्य नमस्कार करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। सिंह राशि (Leo) करियर: बिजनेस से जुड़े लोगों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी तालमेल बहुत शानदार रहेगा। प्रेम जीवन में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। अटके हुए सरकारी काम पूरे होने से धन लाभ का मार्ग खुलेगा। स्वास्थ्य: आज आप खुद को बेहद ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: अपने पिता या पितातुल्य किसी व्यक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लें। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज पेंडिंग घरेलू कामों को निपटाने में दिन बीतेगा। करियर को लेकर कोई बड़ा फैसला आज टाल देना ही बेहतर होगा। लव: जीवनसाथी का मूड आज थोड़ा उखड़ा हुआ रह सकता है, उन्हें समझने की कोशिश करें। धन: बजट बनाकर चलें, नहीं तो महीने के शुरुआती हफ्ते में ही तंगी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा (नींद न आना) की शिकायत हो सकती है। ध्यान लगाएं। उपाय: किसी मंदिर में तांबे के बर्तन का दान करें या लाल चंदन का तिलक लगाएं। तुला राशि (Libra) करियर: यदि आप कोई नया कोर्स या स्किल सीखने की सोच रहे थे, तो आज का दिन उसकी शुरुआत के लिए अच्छा है। लव: दोस्तों और लव पार्टनर के साथ शाम का समय बेहतरीन बीतेगा। पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सकारात्मक बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में हल्का दर्द उभर सकता है। भारी वजन उठाने से बचें। उपाय: उगते हुए सूर्य के दर्शन करें और गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: राजनीति से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ेगा। आज काम का कोई नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जो भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर आपकी भावनाओं की कद्र करेगा। धन: फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। पुराना कर्ज चुकाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य: थकान और बदन दर्द की शिकायत रह सकती है। शरीर को पूरा आराम दें। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर लाल फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण धनु राशि (Sagittarius) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो नए विकल्प तलाश सकते हैं। आध्यात्मिक या धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: चींटियों को आटा डालें और सूर्य देव को प्रणाम करें। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज कोई भी काम अधूरा न छोड़ें, वरना सोमवार को ऑफिस में काम का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लव: लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। आपस में बात करके मामला सुलझाएं। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावट आ सकती है। आज बड़े निवेश से बचें। स्वास्थ्य: माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससे आपकी बड़ी चिंता दूर होगी। उपाय: बहते जल में थोड़ा सा गुड़ प्रवाहित करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहेगा। नई योजनाओं पर सहमति बनेगी। लव: जीवनसाथी के साथ रिश्ते में नजदीकियां और रोमांस बढ़ेगा। आपसी बॉन्डिंग मजबूत होगी। धन: आमदनी के नए स्रोत मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं पर खर्च होने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य आम तौर पर अच्छा रहेगा। आप काफी एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करें। मीन राशि (Pisces) करियर: सरकारी नौकरी करने वाले लोगों को आज अचानक कोई जरूरी काम संभालना पड़ सकता है। बाकी लोगों के लिए दिन रिलैक्सिंग रहेगा। लव: परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। लव पार्टनर के साथ रिश्ते गहरे होंगे। धन: आर्थिक मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। लोन या उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: एलर्जी या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। साफ-सफाई का ध्यान रखें। उपाय: जरूरतमंदों में गेंहू या तांबे की वस्तुओं का दान करें। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?
राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह पर एक टाइम कैप्सूल दफनाया है। भारत की आजादी के 25 साल बाद भी ऐसा ही टाइम कैप्सूल दफनाया गया था। आज उसी की कहानी… *** 15 अगस्त 1973, आजादी की 26वीं सालगिरह। तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह-सुबह लाल किला पहुंचीं। रस्मन तिरंगा फहराया, भाषण दिया और नेता-अधिकारियों के साथ लाहोरी दरवाजे की तरफ चल दीं। वहां पहले से 32 फीट गहरा एक कुआं खोदा गया था। इंदिरा ने उस कुएं में तांबे और स्टील से बना एक वैक्यूम-सील्ड, भारी-भरकम टाइम कैप्सूल दफना दिया। कहा गया- ‘काल पत्र’ नाम के इस कैप्सूल को 1 हजार साल बाद निकाला जाएगा। हालांकि, सत्ता बदली और 4 साल बाद ही इसे खुदवा लिया गया। 1970 का दशक। देश में कांग्रेस सरकार की कमान संभाल रही थीं इंदिरा गांधी। 1971 की जंग में पाकिस्तान को शिकस्त देकर वो अपने राजनीतिक करियर के चरम पर थीं। उन्हें ख्याल आया कि भविष्य की पीढ़ी को मौजूदा भारत के बारे में बताना चाहिए। यहीं से तय हुआ कि भारत की आजादी के 25 साल पूरे होने पर एक ‘टाइम कैप्सूल’ दफनाया जाएगा। इसमें देश की आजादी और उसके 25 साल बाद के भारत के बारे में बताने वाले दस्तावेज रखे जाएंगे। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी मिली इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च, यानी ICHR को। ICHR ने ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार करने का काम मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर एस. कृष्णस्वामी को सौंपा। प्रो. कृष्णस्वामी ने दस्तावेज तो बना दिए, लेकिन उन पर कुछ सलाह चाहते थे। उन्होंने दस्तावेजों की एक कॉपी उस दौर के जाने-माने इतिहासकार और तमिलनाडु के आर्काइव्स कमिश्नर टी. बद्रीनाथ को भेजी। बद्रीनाथ ने मसौदा पढ़ा, तो भड़क गए। उनका मानना था कि ऐतिहासिक तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'आजादी के 25 साल बाद अकाल का खतरा खत्म हो गया है? दावा किया गया है कि भूमि सुधारों को लागू करने से कृषि क्रांति पूरी हो गई है, क्या ये सच है?' यहीं से इंदिरा गांधी की इस पहल का विरोध शुरू हुआ। आरोप लगा कि वो टाइम कैप्सूल के जरिए खुद की और अपने परिवार की वाहवाही कराने की कोशिश कर रही हैं। इंदिरा गांधी को कहना पड़ा- मुझे टाइम कैप्सूल से जुड़ी चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, ICHR ने प्रो. कृष्णस्वामी को नोटिस जारी कर दिया। इसके बावजूद प्रोजेक्ट नहीं रुका। इस पूरे वाकये का खुलासा इकोनॉमिस्ट वीके रामचंद्रन के आर्टिकल से होता है। 1974 में 'सोशल साइंटिस्ट' जर्नल में छपे इस लेख का शीर्षक था- 'प्रोजेक्ट टाइम कैप्सूल एंड द इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च'। 15 अगस्त 1973 को इंदिरा ने लाल किले के लाहौरी गेट के पास ये टाइम कैप्सूल दफनाया। १ हजार साल तक सुरक्षित रखने के लिए कई इंतजाम किए गए। मसलन- इसे तांबे और स्टील से बनाया गया, जिससे जंग और नमी का असर न पड़े। वैक्यूम-पैक्ड बनाया गया, ताकि हवा, गैस या धूल का असर न हो। उस वक्त इस पूरे प्रोजेक्ट पर 8 हजार रुपए खर्च हुए थे। हालांकि, टाइम कैप्सूल को लेकर इंदिरा का विरोध जारी रहा। 2 महीने बाद, यानी 15 अक्टूबर को CPI (M) के पोलित ब्यूरो मेंबर पी. राममूर्ति ने इस दस्तावेज का ड्राफ्ट जारी कर दिया। उन्होंने इसे भारतीयों की बेइज्जती बताते हुए कहा- ‘यह भारत का इतिहास नहीं है, बल्कि सत्ता में मौजूद कांग्रेस पार्टी की तथाकथित उपलब्धियों की जानकारी देने वाली कांग्रेस के महासचिव की रिपोर्ट जैसा दिखता है।’ 1975-77 की इमरजेंसी के बाद देश का सियासी माहौल पूरी तरह बदल गया। 1977 में चुनाव हुए और इंदिरा गांधी की सरकार चली गई। उनके धुर विरोधी मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी। उन्होंने चुनावी कैम्पेन में कहा था कि सरकार बनी तो टाइम कैप्सूल निकलवाएंगे और सच सबके सामने लाएंगे। नवंबर 1977 के आखिर में टाइम कैप्सूल की जांच के लिए एक संसदीय समिति बनाई गई। इसकी कमान जनता पार्टी के पंजाब से सांसद यज्ञदत्त शर्मा को मिली। शर्मा ने कहा- सच्चाई उजागर करना और इतिहास से लीपापोती को रोकना जरूरी है। दिसंबर 1977 में कड़ी सुरक्षा के बीच टाइम कैप्सूल की खुदाई शुरू हुई। 8 दिसंबर 1977 को कैप्सूल निकाला गया। इसे निकालने में 58 हजार रुपए खर्च हुए, यानी दफनाने से 7 गुना ज्यादा। रिपोर्ट्स हैं कि मोरारजी देसाई और उनके कुछ मंत्रियों ने कैप्सूल के दस्तावेज देखे थे। टाइम कैप्सूल समिति के अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने घोषणा की थी कि 20 दिसंबर 1977 को इन्हें संसद में पेश किया जाएगा। कैप्सूल से निकाले गए दस्तावेजों को संसद की लाइब्रेरी में रखा गया। इस पर कई बार चर्चा भी हुई, लेकिन उसमें क्या लिखा था, ये बात कभी जनता के सामने नहीं आई। दिसंबर 1973 में इंदिरा गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टाइम कैप्सूल में संविधान की कई माइक्रोफिल्म्स, इवेंट कैलेंडर और लिखित दस्तावेज हैं। असली विवाद दस्तावेज को लेकर है। 2012 में सीनियर जर्नलिस्ट मधु किश्वर ने टाइम कैप्सूल को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक RTI लगाई। PMO ने कहा कि उसके पास इंदिरा गांधी सरकार द्वारा 1973 में दफनाए गए कैप्सूल की चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाद में मधु किश्वर ने केंद्रीय सूचना आयोग के सामने ये मुद्दा उठाया। फरवरी 2013 में आयोग ने PMO को निर्देश दिया कि वे इस बारे में जानकारी जुटाएं, लेकिन PMO की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया। 12 साल बाद ये मुद्दा राज्यसभा में भी उठा। 16 दिसंबर 2024 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि इसे 5 हजार साल के लिए दफनाया गया और संसद को नहीं बताया गया। सीतारमण ने कहा कि कैप्सूल के दस्तावेजों में अटल बिहारी वाजपेयी के जनसंघ को सेक्युलर देश का विरोध करने वाली एक उग्रवादी रूढ़िवादी हिंदू पार्टी बताया था। इसमें सी. राजगोपालाचारी, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन, जाकिर हुसैन और लाल बहादुर शास्त्री का कोई जिक्र नहीं था। लेखक कनैलाल बसु अपनी किताब 'नेताजी: रीडिस्कवर्ड' में लिखते हैं, 'इंदिरा गांधी और उनके कुछ करीबी लोगों के अलावा किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस टाइम कैप्सूल में क्या-क्या है। यहां तक कि सांसदों को भी कुछ पता नहीं था। जब भी सवाल उठाए गए, सरकार ने मामूली या टालने वाले जवाब देकर चुप करा दिया।' मार्च 2010 में तब की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने IIT कानपुर के कैंपस में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। कैप्सूल में IIT कानपुर के रिसर्च पेपर और वहां के शिक्षकों से जुड़ी जानकारियां रखी गई थीं, ताकि दुनिया में कोई बड़ी उथल-पुथल हो जाए तब भी संस्थान का इतिहास सुरक्षित रहे। मई 2010 में तब के गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में बन रहे महात्मा मंदिर की नींव में एक टाइम कैप्सूल दफनाया। सरकार का दावा था कि 3 फीट लंबे और ढाई फीट चौड़े स्टील के सिलेंडर में गुजरात के 50 साल के इतिहास को संजोया गया है। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक, 90 किलो वजनी कैप्सूल में 14 लिखे दस्तावेज और 29 ऑडिया-वीडियो कॉम्पैक्ट डिस्क रखे हुए हैं, जिसमें 90% चीजें मोदी से जुड़ी हुई हैं। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि मोदी खुद का महिमामंडन करा रहे हैं। कहा कि सत्ता में आते ही कैप्सूल निकलवाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। फिर जनवरी 2019 में 106वीं भारतीय विज्ञान सम्मेलन के दौरान पंजाब के जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी एक टाइम कैप्सूल गाड़ा गया था। इसमें लैपटॉप, स्मार्टफोन, ड्रोन और वीआर चश्मे समेत 100 चीजें दफनाई गईं, जो 100 साल तक सहेजी जा सकती हैं। इसे 3 जनवरी 2119 को निकाला जाएगा। पिछले साल सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे होने पर 21 अगस्त 2025 को राजधानी गंगटोक के ताशीलिंग सचिवालय परिसर में मौजूद रुस्तमजी डियर पार्क में सीएम प्रेम सिंह तमांग ने एक टाइम कैप्सूल दफनाया। 32 किलो वजनी गुलाबी-सुनहरे रंग के इस स्टील सिलेंडर में राज्य की 13 आधिकारिक भाषाओं में दस्तावेज, धान और औषधीय पौधों के बीज, पारंपरिक वाद्य यंत्र, नक्शे, मिट्टी, स्मार्टफोन-गैजेट वगैरह रखे गए। इसे 2075 तक के लिए दफनाया गया है। अब आखिर में- अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह पर दफनाए गए टाइम कैप्सूल की कहानी… ------------- टाइम कैप्सूल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका 250 साल के लिए टाइम कैप्सूल दफन करेगा: 408 किलो वजन, इसमें व्हेल की हड्डी से AI की भविष्यवाणी तक; आखिर इसकी जरूरत क्यों 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन कहूटा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1974 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद पाकिस्तान भी एटम बनाने की तैयारी में जुट गया था। इंजीनियर डॉ. अब्दुल कदीर खान ने नीदरलैंड्स के एक न्यूक्लियर लैब से परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी चुराई थी। अब्दुल, आजादी से पहले भोपाल में जन्मे थे। भारत की खुफिया एजेंसी RAW और इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद, पाकिस्तान के इस मिशन को भेदने में जुटी थीं। कई तरह की चर्चाएं थीं। कुछ अमेरिका से आईं, तो कुछ फ्रांस से, लेकिन भारत को जरूरत थी पुख्ता सबूत की। पार्ट-2 में उससे आगे की कहानी… साल था 1977 और अक्टूबर महीना। रावलपिंडी में सर्दियों की शुरुआत हो चुकी थी। बाजार में एक कतार में दर्जियों की दुकानें थीं। हर दुकान के बाहर रंग-बिरंगे कपड़ों के थान लटके हुए। इसी गली में तारीक दर्जी की दुकान थी। छोटी-सी, पर काम उसका बेहतरीन था। रावलपिंडी में सब जानते थे, लेकिन तारीक का एक और परिचय था, जो सिर्फ दिल्ली जानती थी। उस रोज तारीक सिलाई मशीन के सामने बैठा था। तभी पड़ोस की दुकान से रफीक ने आवाज लगाई- ‘यार तारीक! जरा इधर आ।’ रफीक उसका पुराना साथी था, उसी गली का दर्जी। उस रोज रफीक के चेहरे पर अजीब-सी चमक थी। ‘क्या हुआ?’ तारीक ने पूछा। ‘फौज का ऑर्डर आया है। बड़ा ऑर्डर। ढेर सारी वर्दियां सिलनी है, वो भी दो रोज के भीतर।’ रफीक ने बताया। तारीक ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘वाह मियां तुम्हारी तो लॉटरी लग गई… पर इतनी वर्दियों की डिमांड क्यों है?’ ‘अब ये तो नहीं पता भाई… बस फौज का एक ड्राइवर बता रहा था कि कहूटा में उनका कोई कैंप लगने वाला है।’ रफीक ने बताया। ‘कहूटा? कहूटा में क्या हो रहा?’ तारीक के दिमाग में ये बात बिजली सी कौंधी, पर उसने खुद को संभालते हुए कहा- ‘हां कोई भर्ती-वर्ती का कैंप होगा। फौज का तो काम ही ऐसा है।’ रफीक ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘कुछ वर्दियां तुम भी सिल देना तारीक। मैं अकेले इतना बड़ा ऑर्डर कैसे पूरा कर पाऊंगा।’ तारीक- ‘हां क्यों नहीं…’ इसके बाद तारीक और रफीक, दोनों अपने काम में जुट गए… देर शाम तारीक पुराने बस स्टैंड के पास एक कोने में बने टेलिफोन बूथ में पहुंचा। एक नंबर डायल किया और कोड वर्ड में बता दिया- ‘भारी तादाद में फौजी कहूटा भेजे जा रहे हैं।’ अगली सुबह दिल्ली के लोधी रोड में RAW का दफ्तर। एक अधेड़ उम्र का आदमी चाय की चुस्की लेते हुए वो संदेश पढ़ रहा था। वो थे- रामेश्वर नाथ काव। RAW के प्रमुख और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद ब्यूरोक्रेट। काव ने संदेश दो बार पढ़ा। फिर अपने साथी अफसर की तरफ देखा। ‘हम्म… कहूटा,’ उन्होंने कहा। साथी अफसर समझ गए। ‘सर, वहां की सुरक्षा…’ अफसर ने हिचकिचाते हुए पूछा। काव ने चाय का कप रखते हुए कहा- ‘मुझे पता है। फ्रांस कोशिश कर चुका है। अमेरिका कोशिश कर चुका है। कोई अंदर नहीं घुस पाया है।’ फिर थोड़ा रुककर काव ने कहा- ‘अगर हम अंदर नहीं जा सकते, तो क्या हुआ? जो अंदर से बाहर आ रहा है, हम उसे तो पकड़ सकते हैं।’ ‘मतलब सर?’ अफसर ने पूछा। RAW चीफ- ‘इंसान अपनी पहचान बदल सकता है, लेकिन अपने शरीर का सच नहीं बदल सकता। परमाणु रिएक्टर में काम करने वाले वैज्ञानिकों और फौजियों का शरीर रेडिएशन सोख लेता है। पता है, रेडिएशन के कण सबसे लंबे वक्त तक कहां जमा रहते हैं?’ अफसर चुप रहे। काव ने कहा- ‘बालों और नाखूनों में।’ कहूटा में कहीं ना कहीं नाई की दुकान होगी। वहां फौजी और वैज्ञानिक बाल कटवाने आते होंगे। हमें कहूटा के सैलूनों से वो बाल चाहिए। अगर उन बालों में प्लूटोनियम या यूरेनियम के अंश मिले... तो समझो पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया।’ इसके बाद RAW ने अपने एजेंटों को कोड वर्ड में मैसेज भेजकर नई रणनीति बताई। रणनीति थी- ‘कहूटा में मौजूद फौजियों या वैज्ञानिकों के बाल जमा करके भारत भेजना।’ RAW के नौ एजेंट। सब के सब अलग-अलग शहरों में पाकिस्तानी बनकर रह रहे थे। कोई दर्जी, कोई व्यापारी, कोई सब्जीवाला। उन्हें तीन-तीन के गुट में बांटा गया। कहूटा में एक नाई की दुकान थी। प्लान के मुताबिक तारीक, करीम और अरशद, RAW के ये तीन एजेंट सुबह-सुबह सफाईकर्मी और कचरा उठाने वाला बनकर उस बाजार में पहुंचे। फिर मौका पाकर तीनों ने अपनी ड्रेस बदली और सैलून में घुस गए। दुकान छोटी थी। तीन कुर्सियां, एक आईना, दीवार पर पुराने फिल्मी कैलेंडर। नाई उस्ताद रफीक, 50 साल की उम्र, हल्की मूंछें और जिंदगी भर के किस्से। तारीक ने दुकान में घुसते ही क्रिकेट की बहस छेड़ दी। इमरान खान बेहतर है या जहीर अब्बास। उस्ताद रफीक भी क्रिकेट का दीवाना था। पांच मिनट में दुकान में माहौल ऐसा था जैसे किसी चाय के ढाबे पर बहस छिड़ी हो। इसी दौरान दो फौजी सैलून में दनदनाते हुए घुसे। कंधे पर पट्टियां, तीखी नजर। वे बिना बारी का इंतजार किए सीधे जाकर कुर्सियों पर बैठ गए। नाई को डांटते हुए बोले- ‘पहले हमारे बाल काटो। वक्त नहीं है अपने पास।’ नाई बाल काटने लगा। अब तीनों लड़कों की नजरें फौजियों के गिरते हुए बालों पर थीं। वे बारीकी से देख रहे थे कि फौजियों के बाल फर्श पर कहां गिर रहे हैं। कुछ देर बाद बाल कटवाकर फौजी चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी अरशद और करीम आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में शोर मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने के लिए बीच में आ गया। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इसी अफरा-तफरी के बीच, तारीक ने फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। वो सीधे रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। तारीक ने चुपके से बालों वाला लिफाफा दिल्ली जाने वाले एक मुसाफिर के बैग में रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन दिल्ली पहुंची। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर RAW के एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। जब फॉरेंसिक लैब में उन बालों की जांच की गई, तो पता चला कि उसमें 'हाईली एनरिच्ड यूरेनियम' के कण हैं। वही यूरेनियम, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में होता है।’ RAW जान चुका था कि पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। अब ये बात भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंचानी थी और यहीं से कहानी में ऐसा मोड़ आया, जिससे RAW के मिशन पर पानी फिर गया। दरअसल, इमरजेंसी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हार चुकी थी। जनता पार्टी के मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने थे। RAW से उनका पुराना बैर था। उनका मानना था कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा के कहने पर RAW ने विपक्षी नेताओं की जासूसी की थी। मोरारजी ने RAW का बजट भी 30% कम कर दिया था। उस रोज RAW चीफ आरएन काव कुछ अफसरों के साथ प्रधानमंत्री दफ्तर पहुंचे। फाइलें सामने रखीं। सबूत रखे। फिर कहा- सर, ‘पाकिस्तान कहूटा में परमाणु बम बना रहा है। हमारे पास सबूत हैं। एक एजेंट भी मिला है, जो उनका पूरा ब्लूप्रिंट दे सकता है- दस हजार डॉलर में। अगर आप कहें तो…’ तब 10 हजार डॉलर की कीमत 80-85 हजार रुपए के बराबर थी। मोरारजी ने हाथ उठाया। ‘नहीं। पाकिस्तान के मामले में हम दखल नहीं देंगे।’ कमरे में सन्नाटा छा गया। काव ने एक पल रुककर कहा, ‘सर, अगर पाकिस्तान परमाणु बम बना लेता है तो…’ ‘मैंने अपना फैसला बता दिया।’ मोरारजी ने कहा। काव बाहर निकले और RAW चीफ पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त जनरल जिया-उल-हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे। RAW के पूर्व अधिकारी बी. रमन अपनी किताब 'द काउब्वॉयज ऑफ रॉ' में लिखते हैं- ‘जनरल जिया अक्सर मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गदगद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ दरअसल, मोरारजी देसाई स्वमूत्र पीते थे। वे इसे नेचर थेरेपी मानते थे। एक बार तो अमेरिका में उन्होंने टीवी पर कह दिया था कि वो रोजाना अपना मूत्र पीते हैं। उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पाकिस्तान के ग्रुप कैप्टन रहे एसएम हाली एक आर्टिकल में इस घटना का जिक्र करते हैं- ‘मोरारजी ने फोन पर कहा, ‘जनरल जिया, 'मुझे पता चल गया है। पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है।’ जिया घबरा गए, पर आवाज में मिठास बनाए रखी। ‘नहीं जनाब... यह सब झूठ है। पाकिस्तान ऐसा कुछ नहीं कर रहा।’ ‘तो फिर कहूटा में क्या हो रहा है?’ मोरारजी ने पूछा। इसके बाद फोन कट गया। जिया समझ गए कि उनका एटमी ताकत बनने का राज हिंदुस्तान जान चुका है। उन्होंने फौरन फौज और खुफिया एजेंसियों की बैठक बुलाई। आदेश सीधा था- ‘RAW के जासूसों को ढूंढो और खत्म करो।’ पाकिस्तानी फौज और एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों के सारे फोन कॉल्स खंगाले। खास तौर पर वो कॉल, जो हिंदुस्तान में किए गए थे। उसके बाद चुन-चुनकर RAW एजेंट्स मार दिए गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि कम से कम 30-35 जासूस मारे गए थे। अंडर कवर एजेंट तारीक, करीम और अरशद भी नहीं बचे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का ब्लूप्रिंट इस्लामाबाद में एक ड्राय क्लीनर के बैग में मिला था। जब वो ब्लू प्रिंट किसी तरह दिल्ली पहुंचा, तो उसे देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। पाकिस्तान सिर्फ एटम बम नहीं बना रहा था, उसने तो पूरा ढांचा तैयार कर लिया था। जनवरी 1980, इंदिरा गांधी 353 सीटें जीतकर फिर से प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने दोबारा ऑपरेशन कहूटा शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन इस बार मकसद सिर्फ जानकारी जुटाना नहीं था। दरअसल, जून 1981 में इजराइली एयर फोर्स ने इराक के ओसिरक परमाणु संयंत्र पर बमबारी करके उसे तबाह कर दिया था। भारत भी कहूटा में कुछ ऐसा ही करना चाहता था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जगुआर विमानों की मदद से कहूटा पर हवाई हमले की योजना बनाई। फरवरी 1983 में सेना के अफसर गोपनीय तरीके से इजराइल भी गए। इजराइल ने भारत को पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के बारे में टेक्निकल जानकारी दी। बदले में भारत ने मिग-23 की जानकारी इजराइल से साझा की। सीनियर सिक्योरिटी एनालिस्ट भरत कर्नाड एक आर्टिकल में लिखते हैं- ‘प्लान के मुताबिक 6 एफ-16 और 6 एफ-15 लड़ाकू विमानों को इजराइल के हाइफा से उड़कर गुजरात के जामनगर पहुंचना था। वहां से हवा में ईंधन भरते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जाना था। फिर पाकिस्तानी बॉर्डर में घुसकर हमला करना था। दो एफ-16 कहूटा पर बम गिराने वाले थे। जबकि, एक एफ-16 पाकिस्तानी वायु सेना की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए हवा में मुस्तैद रहने वाला था।' ये सीक्रेट प्लान था, लेकिन सितंबर 1984 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान को बता दिया- ‘भारत हवाई हमला कर सकता है।’ उसी दिन अमेरिकी टेलीविजन चैनल ABC ने भी ये खबर प्रसारित कर दी। मजबूरन RAW को कहूटा पर अटैक करने के प्लान को होल्ड करना पड़ा। एक महीने बाद… 31 अक्टूबर 1984, दिल्ली में हल्की-हल्की सर्दियां पड़नी शुरू हो गई थीं। हमेशा की तरह पीएम इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते में उन्होंने दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे लिए। इसके बाद वो अखबार पढ़ने लगीं। सुबह 8.30 बजे BBC की एक डॉक्यूमेंट्री के लिए इंदिरा का इंटरव्यू होना था। पीएम को तैयार करने के लिए सुबह-सुबह ही मेकअप आर्टिस्ट उनके घर पहुंच गए थे। सुबह 9.10 बजे, इंदिरा हाथ से बुनी हुईं हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने 1, सफदरजंग रोड से अपने दफ्तर 1, अकबर रोड के लिए निकलीं। वे पैदल ही चल रही थीं। उन्हें धूप से बचाने के लिए कॉन्स्टेबल नारायण सिंह छाता लेकर उनके बगल में चल रहे थे। अकबर रोड गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और संतरी बूथ पर तैनात सतवंत सिंह ने इंदिरा को नमस्ते किया। इसी दौरान बेअंत ने पॉइंट 38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा बोलीं, ‘ये तुम क्या कर रहे हो बेअंत?’ बेअंत ने फायर कर दिया। गोली इंदिरा के पेट में लगी। उसने 4 और गोलियां दागीं। सतवंत घबरा गया। तभी बेअंत चिल्लाया- ‘गोली मारो।’ सतवंत ने स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के सीने में उतार दीं। इंदिरा की मौत के बाद RAW का ऑपरेशन कहूटा ठंडे बस्ते में चला गया। इधर, पाकिस्तान ने चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने का काम जारी रखा। सत्ता बदलती रही। सरकारें आती-जाती रहीं, पर कहूटा का काम नहीं रुका। अब तारीख आई 11 मई 1998, अटल बिहारी वाजपेयी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने 53 दिन बीत चुके थे। उस रोज प्रधानमंत्री आवास में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA ब्रजेश मिश्रा कुछ नर्वस मालूम पड़ रहे थे। प्रधानमंत्री के सचिव शक्ति सिन्हा वाजपेयी के पास कुछ जरूरी फाइलें लेकर आ रहे थे। उस दिन सिन्हा का जन्मदिन भी था, लेकिन वो जान-बूझ कर बधाई देने वालों के कॉल रिसीव नहीं कर रहे थे। उधर, राजस्थान के पोकरण में बने कंट्रोल रूम में बैठे वैज्ञानिक मौसम विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। शाम के करीब 3 बजे रिपोर्ट आ गई कि सब कुछ ठीक है। सीनियर जर्नलिस्ट राज चेंगप्पा अपनी किताब 'वेपेंस ऑफ पीस' में लिखते हैं- ‘शाम के 3.45 बजे मॉनीटर पर लाल रोशनी आई। फिर एक सेकेंड बाद तीनों मॉनीटरों पर चौंधियाने वाली रोशनी दिखाई दी। अचानक सभी तस्वीरें फ्रीज हो गईं, धरती के अंदर का तापमान हजारों डिग्री सेंटिग्रेड पहुंच गया। वहां मौजूद मशहूर साइंटिस्ट और बाद में राष्ट्रपति बने एपीजे अब्दुल कलाम ने लगभग चिल्लाते हुए कहा- ‘अब एक अरब लोगों के हमारे देश को कोई नहीं कह सकता कि उसे क्या करना है। अब हम तय करेंगे कि हमें क्या करना है।’ थोड़ी देर बाद… प्रधानमंत्री आवास में फोन बजा। पहली ही घंटी पर NSA ब्रजेश मिश्रा ने फोन उठाया। रिसीवर पर कलाम की कांपती हुई आवाज गूंजी, 'सर, वी हैव डन इट।’ ब्रजेश मिश्रा फोन पर ही चिल्लाए, 'गॉड ब्लेस यू।’ अटल बिहारी वाजपेयी के सचिव रहे शक्ति सिन्हा अपनी किताब 'वाजपेयी द इयर्स दैट चेंज्ड इंडिया' में लिखते हैं- ‘लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, यशवंत सिन्हा और जसवंत सिंह प्रधानमंत्री आवास में डायनिंग टेबिल के चारों ओर बैठे हुए थे। सोफे पर बैठे वाजपेयी गहरी सोच में डूबे थे। कोई किसी से कुछ नहीं बोल रहा था। उस कमरे में मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। बहुत देर बाद वाजपेयी के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। उन्होंने जोर का ठहाका लगाया।’ उसी शाम वाजपेयी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- ‘आज 3.45 बजे भारत ने तीन भूमिगत परमाणु परीक्षण किए हैं। मैं इन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई देता हूं। दो दिन बाद यानी 13 मई को भारत ने फिर से दो परमाणु परीक्षण किए। दुनिया हैरान रह गई। CIA चौंक गई। उन्हें भनक तक नहीं थी। पाकिस्तान में फिर से हलचल मच गई- ‘हिंदुस्तान ने दो बार परमाणु बम का परीक्षण कर लिया और हम एक के लिए तरस रहे।’ ठीक 17 दिन बाद। 28 मई, 1998 की शाम। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अचानक टेलीविजन पर आए। उन्होंने कहा- ‘बीते दिनों भारत ने जो एटमी परीक्षण किए, आज हमने उसका भी हिसाब चुका दिया है और पांच एटमी परीक्षण किए हैं।’ उसी भाषण में शरीफ ने दावा किया- 'आज अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा कि हम आपको पांच अरब डॉलर दे रहे हैं। आप मेहरबानी करके एटम धमाका ना करें। मैंने उनसे कहा कि हमारे जमीर का सौदा ना करें, हम बिकने वाली कौम नहीं हैं। क्लिंटन बोले- आप पर प्रतिबंध लग जाएंगे। मैंने कहा- लगा दें पाबंदियां, क्या होगा।' इस तरह ‘ऑपरेशन कहूटा’ के बाद भी पाकिस्तान परमाणु ताकत हासिल करने वाला दुनिया का सातवां देश बन गया। आज भी इस मिशन को लेकर सियासी गलियारों में मोरारजी देसाई के उस कदम को लेकर सवाल उठते हैं। मई 1990 में, पाकिस्तान ने मोरारजी को निशान-ए-पाकिस्तान सम्मान भी दिया। ये पाकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान है। नोट : कहानी में शामिल कुछ असली किरदारों के नाम बदले हुए हैं। ऑपरेशन कहूटा की पहली कड़ी भी पढ़िए… भोपाल में जन्मे अब्दुल ने परमाणु बम की टेक्नोलॉजी चुराई: भागकर रातों-रात पाकिस्तान पहुंचा, बाल चुराकर भारतीय जासूसों ने बिगाड़ा खेल; ऑपरेशन कहूटा पार्ट-1 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…पूरी कहानी पढ़िए… ***** रेफरेंस :1. Vajpayee: The Years That Changed India : By Shakti Sinha2. The Kaoboys of RAW : By B Raman3. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant : Saghir Iqbal4. The man from Pakistan : Douglas Frantz and Catherine Collins5. Weapons of Peace : Raj Chengappa
Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। ALSO READ: नरेंद्र मोदी ने तोड़ा नेहरू का 77 साल पुराना रिकॉर्ड, बने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री खबरों के अनुसार, इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। यह धमकी 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कम्युनिटी इवेंट की घोषणा करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के नीचे दी गई थी। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मार्वल स्टेडियम में होना है। इस यात्रा के दौरान उनके कई द्विपक्षीय कार्यक्रमों और कम्युनिटी इवेंट्स में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें मेलबर्न में होने वाला कार्यक्रम भी शामिल है। क्या लिखा है फेसबुक पोस्ट में? यह धमकी अबू मुस्तफा नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई है। टिप्पणी में कहा गया था, इवेंट के दौरान स्टेडियम की छत बंद कर दी जाए वरना वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आ रहे होंगे। इस मामले की सूचना उसी दिन ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने उस पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान कर ली है। अधिकारी इस मैसेज से जुड़ी परिस्थितियों और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई अपराध हुआ है या इसकी योजना है? ALSO READ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को संबोधन से जुड़ीं 20 खास बातें... अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां, वहां आने वाले दूसरे देशों के प्रमुखों को मिलने वाली धमकियों को बहुत गंभीरता से लेती हैं और इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई भी का जाती है। हाईप्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की सुरक्षा योजना में आमतौर पर कई एजेंसियां शामिल होती हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और खास सुरक्षा यूनिट्स शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने अभी तक इस जांच पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। ALSO READ: कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें पहले भी मिल चुकी है प्रधानमंत्री मोदी को धमकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकीभरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ की सबसे बड़ी रन चेज, 4 विकेट से जीता T20I मैच
ENGvsIND रवि बिश्नोई का एक महंगा ओवर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भारी पड़ा जहां इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक ओवर शेष रहते छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।यह इंग्लैंड की टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी रन चेज है। मैच का निर्णायक मोड़ 17वां ओवर साबित हुआ, जिसमें रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। ओवर की शुरुआत उन्होंने लगातार दो नो-बॉल से की और इसके बाद जैकब बेथल ने तीन शानदार छक्के जड़कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। बेथल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।दिन की शुरुआत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन अंत 22 वर्षीय जैकब बेथल की विस्फोटक बल्लेबाजी के नाम रहा। इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह (40 रन पर तीन विकेट) ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को खाता खोले बिना आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 39 रन बनाए। उन्होंने अर्शदीप के एक ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और दबाव को काफी हद तक कम कर दिया। अक्षर पटेल (20 रन पर एक विकेट) ने हैरी ब्रूक को विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को राहत दिलाई, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।इसके बाद बेथल और टॉम बैंटन ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर भारतीय स्पिन आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। बैंटन ने 32 गेंदों में 39 रन बनाए। भारतीय स्पिनरों में केवल अक्षर ही प्रभाव छोड़ सके। इसके विपरीत बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों स्पिनरों की अपेक्षाकृत तेज गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाया। कप्तान श्रेयस अय्यर का 13वें ओवर में अर्शदीप सिंह को दोबारा गेंदबाजी पर लाने का फैसला सफल रहा। अर्शदीप ने बैंटन को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बिश्नोई का महंगा ओवर टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर गया। England take a 1-0 series lead thanks to Jacob Bethell's stunning knock : https://t.co/QHJo0eDrRz pic.twitter.com/esBm5eDnMp — ICC (@ICC) July 4, 2026 इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन की तेज पारी खेलते हुए जोफ्रा आर्चर के ओवर से 17 रन बटोरे और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा। उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन विल जैक्स की ऑफ स्पिन पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन और किशन ने 43 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन विशेष रूप से स्पिनरों की धीमी गेंदों और गति में बदलाव को पढ़ने में संघर्ष करते नजर आए। इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में बदलाव और धीमी गेंदों के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा। कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता प्राप्त की। आदिल राशिद भी किफायती रहे और दो ओवर में सिर्फ 21 रन दिए। अभिषेक शर्मा शुरुआत में आर्चर की रफ्तार के सामने संघर्ष करते रहे और अपनी पहली 12 गेंदों में लगभग 10 बार गेंद को खेलने से चूक गए। बाद में उन्होंने लय हासिल की, लेकिन कुरन की फुलटॉस पर खेला गया उनका जोरदार फ्लिक सीधे मिडविकेट पर खड़े बैंटन के हाथों में चला गया।अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री और इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।
आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’से नहीं चलाता : मोहन भागवत
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ पर लगे आरोप का जवाब देते हुए कहा कि संघ स्वयं से प्रेरित किसी भी संगठन को रिमोट कंट्रोल से नहीं चलाता बल्कि ऐसे सभी संगठन अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं। गौरतलब है कि भागवत का यह बयान आरएसएस और उससे जुड़े […] The post आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’ से नहीं चलाता : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .
झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट
झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को झालावाड़ जिले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (गश्ती दल) को घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ब्यूरो ने उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि उनको शिकायत मिली थी कि लकड़ी से लदे वाहनों को पास करने […] The post झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं
नई दिल्ली। वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ई20 से पुराने वाहनों को नुकसान की बात को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे जो भी छिटपुट मामले सामने आए हैं उनमें ईंधन में मिलावट के कारण नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में हुंडई मोटर इंडिया के […] The post उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं appeared first on Sabguru News .
जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी
बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से 2018 से 2023 तक पचपदरा रिफाइनरी का काम ठप हो गया था और जैसे ही राज्य में डबल इंजन सरकार आई इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज इसका लोकार्पण किया जा रहा […] The post जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी appeared first on Sabguru News .
रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल
बालोतरा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया इतिहास रचने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है और उनके मार्गदर्शन में […] The post रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल appeared first on Sabguru News .
तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को संबोधित एक पत्र में अपना पद छोड़ने की जानकारी दी। उनका यह इस्तीफा पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों की रिपोर्टों के बीच आया है। उनके पार्षद बेटे ने पार्टी […] The post तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। मोदी ने इस अवसर पर संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने नये टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायड़ू, केन्द्रीय संस्कृति […] The post मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन appeared first on Sabguru News .
एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी
नई दिल्ली। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के सरकार के कार्यक्रम की कतिपय हलकों में हो रही आलोचना के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहनों के लिए ऐसे ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि इससे तेल आयात में भारी बचत हो सकती है और वैकल्पिक ईंधनों पर चलने […] The post एथनॉल जैसी वैकल्पिक व्यवस्था से ईंधन आयात पर कम होगी निर्भरता : गडकरी appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा
थाजल/उरी। सरहद पार के प्यार के सैकड़ों किस्से सामने आते एवं मीडिया पर सुर्खियां बटोरते रहे हैं और इसी कड़ी में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से ऐसे ही एक प्रेमी युवक के नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू कश्मीर में उरी सेक्टर के थाजल गांव अपनी प्रेयसी के पास पहुंचने का मामला सामने आया […] The post पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा appeared first on Sabguru News .
मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली
मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किशोरी की उसके ही भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन की हत्या करके आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा […] The post मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली appeared first on Sabguru News .
अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में शालीमार नगर में शनिवार सुबह हथियारबंद तीन नकाबपोश बदमाशों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के सहायक आयुक्त के घर में घुसकर लाखों रुपये के जेवर नकदी लूटकर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बदमाश रात में ही ओमप्रकाश के मकान की छत पर […] The post अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के गोगामेडी कस्बे में एक वर्कशॉप के मिस्त्री की ट्रक के टायर में हवा भरते समय टायर फट जाने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार दोपहर में गोगामेडी में सोनी वर्कशॉप पर काम करने वाला रोहताश (34) एक ट्रक के टायर में पंचर लगाने […] The post हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में जयपुर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक फार्च्यूनर के पलटने से दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि देर रात जयपुर मार्ग पर तेजी से आ रही फार्च्यूनर एक स्कूटी से […] The post बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। क्या वो जिंदा भी हैं, अगर हां तो किस हाल में, क्या उनकी जान को अब भी खतरा; आज का एक्सप्लेनर इसी बात पर… सवाल-1: मुजतबा खामेनेई जिंदा भी हैं या नहीं? जवाब: मुजतबा खामेनेई घायल हुए थे, लेकिन जिंदा हैं… सवाल-2: जिंदा हैं, तो किस हाल में हैं मुजतबा? जवाब: कोई पुख्ता जानकारी नहीं, 3 तरह के दावे हैं… 1. ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ ने अप्रैल में रिपोर्ट की थी कि मुजतबा होश में नहीं हैं और वे कोमा में भी हो सकते हैं। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ईरान में क्या हो रहा है। अन्य ब्रिटिश अखबार 'द सन' के मुताबिक वेंटिलेटर पर हैं। वो बिना सपोर्ट के सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। 2. अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक बुरी तरह से घायल हैं, लेकिन दिमाग सक्रिय है और वे फैसले ले रहे हैं। उनके पैर की 3 बार सर्जरी हो चुकी है। उन्हें प्रोस्थेटिक, यानी कृत्रिम पैर लगाया जाना है। उनका चेहरा और होंठ बुरी तरह जल गए हैं। उनके हाथ में भी चोट लगी है। 3. सुप्रीम लीडर के दफ्तर में प्रोटोकॉल महानिदेशक मजाहेर होसैनी के मुताबिक, सुप्रीम लीडर के कान के पीछे छोटी खरोंच है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सुप्रीम लीडर के घाव में कुछ टांके लगे, लेकिन उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। सवाल-3: क्या मुजतबा फिलहाल ईरान में नहीं हैं? जवाब: कुवैत के अखबार अल-जरीदा ने रिपोर्ट किया था कि मुजतबा रूस की राजधानी मॉस्को में इलाज करवा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के सुझाव पर रूसी प्लेन से मॉस्को ले जाया गया है। यहीं उनकी सर्जरी हुई है और वे रिकवर हो रहे हैं। पुतिन के ही किसी घर में उन्हें ठहराया गया है। अल-जरीदा के मुताबिक, मुजतबा की गंभीर चोटों को विशेष इलाज और देखरेख की जरूरत थी, जो ईरान में जंग के बीच मुमकिन नहीं था। इजराइल की धमकी के बाद ईरान में उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता था। हालांकि, मॉस्को में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने इन दावों को खारिज कर दिया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक भी मुजतबा ईरान में ही किसी सीक्रेट लोकेशन पर हैं। अमेरिकी न्यूज चैनल CBS ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ईरान के बड़े अधिकारियों को भी नहीं पता है कि मुजतबा कहां हैं। लोकेशन लीक न हो, इसलिए ईरान के सीनियर नेता और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारी मिलने या हाल-चाल पूछने भी नहीं जाते हैं। सवाल-4: तो फिर सुप्रीम लीडर तक सूचनाएं कैसे पहुंचती हैं? जवाब: किसी भी डिजिटल ट्रैकिंग से बचकर मुजतबा तक मैसेज पहुंचाने के लिए पुराने जमाने का तरीका अपनाया जाता है। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स और इजराइली अखबार इजराइल हायोम की रिपोर्ट्स के मुताबिक… अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने इसे 'कोरियरों का भूलभुलैया' बताया है। इसी वजह से अमेरिका-ईरान की बातचीत या फैसलों में देरी हुई है। एक ईरानी अधिकारी ने इजराइली अखबार 'द जेरूसलम पोस्ट' को बताया कि जब तक सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिलती है, तब तक वो शर्त या सूचना पुरानी हो चुकी होती है। क्योंकि जवाब आने में काफी वक्त लगता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कुछ मामलों में सीक्रेट ऑडियो लिंक के जरिए भी मुजतबा बैठकों में शामिल होते हैं। सवाल-5: ऐसे में ईरान चला कौन रहा है? जवाब: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, 1979 की क्रांति के बाद, पहली बार ईरान के पास कोई एक ऐसा धार्मिक नेता नहीं है जो हर फैसले पर आखिरी मुहर लगाए। कागजी तौर पर भले मुजतबा सुप्रीम लीडर हैं, लेकिन हकीकत ये है कि ईरान को IRGC के टॉप कमांडर्स और मुजतबा के वफादार सलाहकारों का ग्रुप चला रहा है। दरअसल, आयतुल्लाह खामेनेई ने मरने से पहले ही अपनी गैरमौजूदगी को भरने के लिए अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां बांट दी थी। न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक बड़े सैन्य और सरकारी पदों पर 4 स्तर के विकल्प तैयार किए गए थे, जिससे किसी की मृत्यु होने पर अगला व्यक्ति तुरंत जिम्मेदारी संभाल ले। इसके अलावा उन्होंने पहले ही IRGC को कई अधिकार दे दिए थे। ब्रिटिश थिंकटैंक चाथम हाउस में मिडिल ईस्ट प्रोग्राम के डायरेक्टर सनम वकील के मुताबिक, 'ईरान में अभी कोई एक कमांडर नहीं है। यहां एक सिस्टम चल रहा है, जहां बहुत सारे लोग कमांड कर रहे हैं। हर कोई अपने लिए लड़ रहा है।' अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ऑफ ब्लूमिंगटन में ईरानी राजनीति के प्रोफेसर हुसैन बनाई के मुताबिक, 'ईरान में सुप्रीम लीडर की शक्तियां कम होने के कई सबूत हैं। राष्ट्रपति जो चाहते हैं, कहते हैं। स्पीकर को जो ठीक लगता है, वो कह देते हैं। किसी में कोई सामंजस्य नहीं है।' रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि अब मुजतबा की भूमिका सहमति की मुहर लगाने भर की रह गई है। बड़े फैसले जनरल लेते हैं और मुजतबा उन्हें अपनी धार्मिक-संवैधानिक वैधता देते हैं। ईरान मामलों के जानकार आरश अजीजी के मुताबिक, जरूरी मसौदे शायद मुजतबा से होकर गुजरते होंगे, लेकिन यह मुश्किल है कि वे नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसले पलट सकें। यहां तक कि राष्ट्रपति पजशकियान भी कई बड़े फैसलों से बाहर रखे गए हैं। सवाल-6: जंग खत्म हो गई, क्या अब भी मुजतबा की जान को खतरा है? जवाब: 4 मार्च, 2026 को इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने धमकी दी- ‘जो भी ईरान का लीडर बनेगा, वो इजराइल का टारगेट होगा।’ उन्होंने 1 जुलाई को फिर दोहराया कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा को मारना हमारा टारगेट है। इजराइल टारगेट किलिंग में एक्सपर्ट है। उसने दशकों की मेहनत के बाद ईरान में अपना खुफिया नेटवर्क बहुत मजबूत कर लिया है। करीब ३ महीने की जंग में इजराइल ने ईरान में 250 से ज्यादा टारगेट किलिंग की हैं। स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी में इस्लामी धर्मशास्त्र के प्रोफेसर मोहम्मद फजलहाशमी के मुताबिक, 'इजराइल और अमेरिका का खुफिया तंत्र ईरान से मजबूत है। ईरान में इजराइल के एजेंट तैनात हैं। मुजतबा जैसे ही सामने आएंगे, अमेरिका और इजराइल उन्हें अपना निशाना बना लेंगे।' इजराइल पहले भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े हमले कर चुका है। 2024 में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के शपथ ग्रहण में पहुंचे हमास प्रमुख इस्माइल हानिया को इजराइल ने मिसाइल हमले में मार दिया था। 1992 में हिज्बुल्लाह के महासचिव अब्बास अल-मुसावी पर लेबनान में एक रैली से लौटते हुए हमला किया था। सवाल-7: क्या वाकई पिता के जनाजे में नहीं पहुंचेंगे मुजतबा?जवाब: भारत में मुजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि आयतुल्लाह हाकिम इलाही ने 3 जुलाई को बताया कि सुप्रीम लीडर जनाजे में शामिल होना चाहते थे। वो अपने लोगों से मिलना चाहते थे। लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। ईरान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के डिप्टी मिनिस्टर और समारोहों की देखरेख करने वाली समिति के सचिव अली अकबर पोरजमशीदियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर के जनाजे में शामिल होने का फैसला उनके कार्यालय के हाथों में है। आयोजकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि वे शामिल होंगे या नहीं। अगर मुजतबा शामिल नहीं होंगे, तो उनकी जगह जनाजे की नमाज कौन अदा करेगा, इसकी घोषणा भी अभी नहीं हुई है। ------------ ये खबर भी पढ़िए…खामेनेई के जनाजे में न पीएम मोदी जाएंगे, न विदेश मंत्री; राज्यपाल और राज्यमंत्री क्यों भेज रहे, भारत की स्ट्रैटेजी क्या अयातुल्लाह अली खामेनेई को हत्या के 131 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। 6 दिन के राजकीय जनाजे में ईरान दुनियाभर से नेताओं को बुला रहा है। 23 जून को राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को भी न्योता दिया। लेकिन पीएम मोदी नहीं पहुंचे। पूरी खबर पढ़िए…
Weekly Horoscope: 6 से 12 जुलाई 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत
Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की चाल और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर आने वाले सात दिनों की संभावित घटनाओं का संकेत देता है। हर सप्ताह ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों- मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन- पर अलग-अलग रूप में पड़ता है। इस साप्ताहिक राशिफल में मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, बिजनेस, धन, लव लाइफ, वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और शुभ उपाय का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है, ताकि आप आने वाले सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक सोच और बेहतर तैयारी के साथ कर सकें। ALSO READ: July 2026 Weekly Horoscope: अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल (6 से 12 जुलाई): इस सप्ताह किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार? साप्ताहिक राशिफल (6 जुलाई से 12 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) कार्यक्षेत्र में प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होने के योग हैं, जो भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने कर्ज या देनदारियों से राहत मिलने की संभावना है। इस सप्ताह आपके घर-परिवार का माहौल प्रेम और अपनापन से भरा रहेगा। किसी प्रियजन के प्रति आपकी सच्ची चिंता परिवार के सदस्यों को और करीब लाएगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और साथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। दयालु और सकारात्मक सोच आपको मानसिक शांति देगी। लंबित कार्यों को टालें नहीं, क्योंकि वे यात्रा योजनाओं में बाधा डाल सकते हैं। संपत्ति में किया गया दीर्घकालिक निवेश लाभदायक रहेगा। विद्यार्थियों को सम्मान या छात्रवृत्ति मिलने की संभावना है। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: येलो वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) बचत और खर्चों पर नियंत्रण रखने के प्रयास आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे। अविवाहित लोगों के जीवन में किसी समझदार और आकर्षक व्यक्ति का प्रवेश हो सकता है, जिससे नए प्रेम की शुरुआत संभव है। यह सप्ताह आपके लिए कम मेहनत में अच्छे परिणाम लेकर आ सकता है। घर में आपकी किसी इच्छा का विरोध हो सकता है, जिससे मन थोड़ा विचलित रहेगा, इसलिए धैर्य बनाए रखें। स्वास्थ्य में सुधार होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। रोमांच से भरी छुट्टी की योजना बन सकती है। अपना घर खरीदने का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सामाजिक जीवन में आपकी चमक फिर लौट सकती है। विद्यार्थी निरंतर मेहनत से पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: पर्पल मिथुन (21 मई – 21 जून) कार्यक्षेत्र में आपकी उपलब्धियों में एक नया अध्याय जुड़ सकता है। घर में किसी बदलाव से पहले सभी की राय लेना बेहतर रहेगा, जिससे शांति बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में थोड़ा संयम जरूरी है, क्योंकि अस्थायी धन की कमी महसूस हो सकती है। प्रेम जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा जिससे आप अपने मन की बातें खुलकर साझा कर पाएंगे और विश्वास बढ़ेगा। रचनात्मक गतिविधियां और शौक आपको मानसिक सुकून देंगे। यात्रा के योग हैं, लेकिन सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। संपत्ति की खरीद-बिक्री में जल्दबाजी से बचें, क्योंकि इससे आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। किसी पुराने परिचित से अचानक मुलाकात पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत कर सकती है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: ऑरेंज कर्क (22 जून – 22 जुलाई) कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं बनाने और अधूरे काम पूरे करने के लिए समय अनुकूल है। व्यस्तता के बावजूद अपने वादों को निभाना प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक होगा। इस सप्ताह परिवार में आपकी भूमिका और महत्व बढ़ेगा तथा आप जिम्मेदारियों को आसानी से निभाएंगे। व्यापार करने वालों को उम्मीद से पहले आर्थिक लक्ष्य प्राप्त हो सकते हैं। खान-पान में सुधार से आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा का अवसर मिल सकता है। व्यावसायिक संपत्ति में सोच-समझकर किया गया निवेश अच्छा लाभ देगा। किसी भी नए वादे या जिम्मेदारी को स्वीकार करने से पहले अपने समय और संसाधनों का सही आकलन कर लें। शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: स्काई ब्लू सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) आपके पुराने प्रयासों और समर्पण का फल मिलने लगेगा, विशेषकर नेतृत्व की भूमिका निभाने वालों को। परिवार पुराने मतभेद भूलकर आगे बढ़ने की कोशिश करेगा। किसी अच्छे उद्देश्य पर खर्च किया गया धन संतोष देगा, लेकिन फिजूलखर्ची से बचें। प्रेम जीवन में ताजगी और उत्साह बनाए रखने से रिश्ते और मजबूत होंगे। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव आपको भावनात्मक तनाव से राहत देगा। छुट्टी की योजना बनाने से पहले अधूरे कामों पर भी ध्यान दें। माता-पिता के लिए कोई बड़ा उपहार या घर खरीदने का विचार मन में आ सकता है। चुनौतियों का सामना मुस्कान और सकारात्मक सोच से करेंगे तो कठिनाइयां आसान लगेंगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) ग्राहकों और लोगों से सीधे संपर्क के माध्यम से आपको आगे बढ़ने के नए विचार मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आप स्वयं पर थोड़ा खर्च करने का आनंद ले सकते हैं। व्यायाम से थोड़ा विराम लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, बशर्ते यह आलस्य में न बदल जाए। बच्चों से जुड़ी समस्याएं धैर्य और समझदारी की मांग करेंगी। प्रेम संबंधों में कुछ परीक्षाएं आ सकती हैं, इसलिए रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करें। नई जगहों की यात्रा आपके अनुभवों को समृद्ध बनाएगी। संपत्ति से जुड़े निर्णय लेने से पहले बजट का ध्यान रखें। बुरी आदतों को छोड़ने के प्रयास धीरे-धीरे अच्छे परिणाम देंगे। विद्यार्थी मेहनत के बल पर शानदार सफलता प्राप्त करेंगे। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: मैरून तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बांटना थोड़ा कठिन लग सकता है। दोस्तों के साथ अचानक घूमने या पिकनिक का अवसर मन को प्रसन्न करेगा। प्रेम आपके जीवन में अप्रत्याशित बदलाव ला सकता है और भावनाएं गहरी हो सकती हैं। म्यूचुअल फंड और नियमित निवेश आपको दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों के करीब ले जाएंगे। किसी पुराने मित्र या परिचित से सुखद मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर उपचार लें। घर या संपत्ति के विस्तार और नवीनीकरण की योजनाएं सफल रहेंगी। कई अच्छी बातों के बावजूद आपको लगेगा कि आप अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। विद्यार्थी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देकर बेहतर परिणाम पा सकते हैं। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: सैफ्रन वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आप कार्य का दबाव आसानी से संभाल पाएंगे। सामाजिक जीवन में अपनी पहचान बनाने के प्रयास आंशिक रूप से सफल रहेंगे। आर्थिक मामलों में अनुशासन बेहद आवश्यक होगा, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है। प्रेम जीवन में नई खुशियां आएंगी और छोटे-छोटे पल भी आनंद देंगे। योग, ध्यान और स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगी। किसी शांत और सुकून भरी जगह की यात्रा आपको मानसिक शांति दे सकती है। संपत्ति से जुड़े विवाद अचानक सामने आ सकते हैं, इसलिए दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें। मित्रों के साथ समय बिताना खुशी और ताजगी देगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में एकाग्रता बनाए रखने से सफलता मिलने की संभावना प्रबल है। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सिल्वर धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह सप्ताह सहज और उत्पादक रहेगा। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। प्रेम जीवन में किसी नई मुलाकात या पुराने संपर्क के माध्यम से मधुर शुरुआत हो सकती है। किसी बुद्धिमान या आध्यात्मिक व्यक्ति का मार्गदर्शन मानसिक शांति देगा। यात्रा की योजना बनाते समय खर्च और लाभ दोनों पर विचार करें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रिश्तेदारों के बीच मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें समझदारी से सुलझाना होगा। किसी सामाजिक समारोह में भाग लेने से नए लोगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अपने ज्ञान और सीखने की लगन से उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: गोल्डन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपका आत्मविश्वास और ज्ञान कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता दिला सकता है। बच्चों को दिया गया आपका प्रोत्साहन उनके मनोबल को बढ़ाएगा। अनावश्यक खर्चों में कटौती करने से आर्थिक संतुलन बना रहेगा। प्रेम जीवन में आप गहराई और सच्चे भावनात्मक संबंधों की तलाश करेंगे। संतुलित जीवनशैली अपनाने से स्वास्थ्य में सुधार होगा। परिवार या मित्रों के साथ यात्रा की योजना यादगार साबित होगी। व्यावसायिक संपत्ति में निवेश दीर्घकालिक लाभ दे सकता है। अनावश्यक जोखिम उठाने से बचें, क्योंकि इससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों को लापरवाही से बचकर निरंतर मेहनत करनी चाहिए। शुभ अंक: 15 | शुभ रंग: ग्रीन कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) अचानक होने वाला आर्थिक लाभ आपकी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकता है। कोई छोटी-सी रोमांटिक मुलाकात आपके मन में मीठी याद छोड़ जाएगी। ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और खेलकूद या बाहरी गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे। बिक्री और मार्केटिंग से जुड़े लोग प्रतिस्पर्धा के बावजूद ग्राहकों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। यदि आप यात्रा की सोच रहे हैं, तो अब उसकी ठोस योजना बनाने का सही समय है। घर का कोई हिस्सा किराए पर देकर अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। दोस्तों के साथ घूमने का निमंत्रण भी मिल सकता है। विद्यार्थी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन से उम्मीदों से बढ़कर सफलता हासिल करेंगे। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: व्हाइट मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) सामाजिक जीवन में आपकी संवाद क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक रूप से बचत और सोच-समझकर खर्च करने की आदत आपकी स्थिति को मजबूत बनाएगी। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी या कटु शब्दों से बचें, क्योंकि इससे साथी की भावनाएं आहत हो सकती हैं। मानसिक थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम और आत्म-देखभाल के लिए समय निकालें। यात्रा का मन होगा, लेकिन खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। घर या संपत्ति में सुधार और नवीनीकरण से उसका मूल्य बढ़ सकता है। महत्वाकांक्षी लोगों के साथ मिलकर काम करना आपके भविष्य के लिए लाभकारी रहेगा। विद्यार्थी अनुशासन और प्रेरणा के साथ अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: ब्राउन ALSO READ: गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय
61 साल की उम्र में तीसरी शादी करने जा रहे आमिर खान, भारी बारिश के बीच घर रोशनी और फूलों से सजा
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आमिर खान 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाने जा रहे हैं। उनकी शादी को लेकर उनके फैंस और सोशल मीडिया पर जबरदस्त बज बना हुआ है। भारी बारिश के बीच सज रहा है 'पाली हिल' का आशियाना मुंबई में इस समय मानसून की भारी बारिश हो रही है, लेकिन मौसम की यह बेरुखी भी शादी की तैयारियों को नहीं रोक सकी। आमिर खान के बांद्रा स्थित 'पाली हिल' आवास से कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जहां घर को खूबसूरत लाइट्स और फूलों से सजाया जा रहा है। A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) भारी बारिश और वॉटरलॉगिंग के बीच वाटरप्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं और वर्कर्स रेनकोट पहनकर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। घर पर मेहमानों के आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जहां हाल ही में आमिर की बहन को भी स्पॉट किया गया। ALSO READ: सोनाक्षी सिन्हा ने दिखाई घर की खास पेंटिंग, गायत्री मंत्र और कलमा का अनूठा संगम A post shared by Varinder Chawla (@varindertchawla) सेलेब्रिटीज की भव्य और डेस्टिनेशन शादियों के चलन से इतर, आमिर खान ने इस शादी को पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। खबरों के मुताबिक, आमिर स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज करेंगे। शादी में केवल 100 से 150 करीबी लोग ही शामिल होंगे। इसमें दोनों परिवारों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री से आमिर के बेहद पुराने दोस्त जैसे आशुतोष गोवारिकर और राजकुमार संतोषी के शामिल होने की उम्मीद है। खबरों की मानें तो इस शादी के बाद किसी भी तरह के बड़े बॉलीवुड रिसेप्शन का आयोजन नहीं किया जाएगा। दोपहर में सिर्फ एक खास लंच रखा गया है, जिसके मेन्यू में आमिर और गौरी की पसंद के खास व्यंजन शामिल किए गए हैं। इस शादी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें आमिर और गौरी के बच्चे पूरी तरह शामिल और खुश हैं। आमिर खान की पहली पत्नी रीना दत्ता से उनके बच्चे जुनैद खान और इरा खान, साथ ही किरण राव से उनका बेटा आजाद राव खान इस शादी का हिस्सा बनेंगे। वहीं, गौरी स्प्रैट का भी पहली शादी से एक बेटा है, जो इस जश्न में मौजूद रहेगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट का जन्म बेंगलुरु में एक बहुसांस्कृतिक परिवार में हुआ था। वह फैशन, ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। वह मशहूर ग्रूमिंग ब्रांड BBlunt की को-ओनर और मैनेजर रह चुकी हैं। इसके अलावा वह आमिर खान प्रोडक्शंस के साथ भी कुछ क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स में जुड़ी रही हैं। आमिर और गौरी एक-दूसरे को लगभग 25 सालों से जानते हैं। सालों पहले बेंगलुरु में एक कॉमन कनेक्शन के जरिए उनकी मुलाकात हुई थी, लेकिन बाद में दोनों का संपर्क टूट गया। समय के साथ जब वे दोबारा मिले, तो उनकी पुरानी दोस्ती प्यार में बदल गई। आमिर ने पिछले साल अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर पहली बार गौरी को मीडिया से मिलवाया था। आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। आमिर के दोनों पूर्व पत्नियों के साथ आज भी बेहतरीन और सम्मानजनक संबंध हैं। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर अपनी जिंदगी का यह नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।
गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय
18 जून से 18 अगस्त 2026 तक बृहस्पति ग्रह शनि के पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान 3 राशियों के लिए बेहद ही शुभ समय रहेगा। अन्य राशियों को 5 उपाय करके इस समय को शुभ बनाया जा सकता है। इस दौरान आप इस समय का भरपूर लाभ लेने के लिए गुरु के उपाय के साथ ही अपने अटके कार्यों पर काम करना शुरू करें और जो भी योजनाएं बना रखी है उस पर भी काम शुरू कर दें। 5 भाग्यशाली राशियां और उनका शुभ फल 1. कर्क राशि (Cancer): यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मान-सम्मान बढ़ेगा, मानसिक तनाव खत्म होगा और अविवाहितों के विवाह के मजबूत योग बनेंगे। 2. धनु राशि (Sagittarius): आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होगा। रुका हुआ धन वापस मिलेगा, करियर-व्यापार में नए अवसर आएंगे और संपत्ति में निवेश के लिए उत्तम समय है। 3. कन्या राशि (Virgo): आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटकी इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन (पदोन्नति) और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio): भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। पिछले कई महीनों से रुके हुए काम अचानक गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे और छात्रों को सफलता मिलेगी। 5. मकर राशि (Capricorn): व्यापारिक साझेदारी (Partnerships) से बड़ा लाभ होगा। बिजनेस की मंदी दूर होगी, जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शनि और गुरु की कृपा के लिए 5 अचूक उपाय 1. केसर या हल्दी का तिलक: रोज सुबह स्नान के बाद माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे कुंडली में गुरु मजबूत होंगे और मान-सम्मान बढ़ेगा। 2. विष्णु सहस्रनाम का पाठ: रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाता है और धन आगमन के नए रास्ते खोलता है। 3. पीली चीजों का दान: मंदिर में या किसी ब्राह्मण को चने की दाल, केला, पीले वस्त्र या हल्दी का दान करें। इससे घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। 4. केले के वृक्ष का पूजन: गुरुवार को केले के पेड़ की जड़ में हल्दी, चना दाल और गुड़ मिला जल चढ़ाएं। घी का दीपक जलाकर ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें; करियर और विवाह की बाधाएं दूर होंगी। 5. गाय को गुड़-चना: गुरुवार को अपने हाथों से गाय को गीली चने की दाल और गुड़ खिलाएं। इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है।
क्या सेंसर बोर्ड ने होल्ड किया 'मातृभूमि' का सर्टिफिकेशन? सलमान खान फिल्म्स ने बताया सच
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्मों का फैंस को हमेशा बेसब्री से इंतजार रहता है। इन दिनों सलमान खान अपनी आगामी वॉर-ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फिल्म के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेशन को लेकर कई तरह के विवादों की खबरें तैर रही थीं। अब इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए खुद सलमान खान फिल्म्स ने एक आधिकारिक और बड़ा बयान जारी किया है। सलमान खान फिल्म्स ने 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर हाल ही में सामने आई अटकलों को खारिज कर दिया है। A post shared by Salman Khan Films (@skfilmsofficial) प्रोडक्शन हाउस ने साफ किया है कि फिल्म को लेकर CBFC सर्टिफिकेशन में किसी तरह की दिक्कत आने की खबरें गलत हैं। बैनर ने बताया कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा ही नहीं गया है, इसलिए इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है। ALSO READ: ब्लैक शिमरी टॉप और डेनिम में पलक तिवारी ने ढाया कहर, सिजलिंग अदाओं से उड़ाए फैंस के होश साथ ही, उन्होंने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाली जानकारी शेयर न करें। फिल्म से जुड़ी सभी आधिकारिक घोषणाएं सिर्फ सलमान खान फिल्म्स के ऑफिशियल कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए ही की जाएंगी। क्या है पूरा विवाद और सलमान खान फिल्म्स का जवाब? हाल ही में मीडिया गलियारों और इंटरनेट पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं कि फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' के कुछ दृश्यों या विषय वस्तु को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने आपत्ति जताई है और फिल्म का सर्टिफिकेशन होल्ड पर रख दिया है। इन खबरों के सामने आने के बाद फैंस के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर चिंता बढ़ गई थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें बता दें कि इस फिल्म की घोषणा पहले 'बैटल ऑफ गलवान' के नाम से की गई थी। यह फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई ऐतिहासिक और साहसी झड़प से प्रेरित है, जिसमें भारतीय सेना के जांबाज कर्नल बी. संतोष बाबू और उनके जवानों ने अदम्य वीरता का परिचय दिया था। चित्रांगदा सिंह भी फिल्म में अहम भूमिका में दिखेंगी। हाल ही में निर्देशक अपूर्वा लखिया ने फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' करने के पीछे की वजह साझा की थी। उन्होंने बताया था कि यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध या सैन्य टकराव के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के भीतर चलने वाले मौन संघर्ष, उनके बलिदान, मानवता और वैश्विक शांति के संदेश को दर्शाती है।
‘जाने तू या जाने ना’ को 18 साल पूरे: आज भी क्यों दिल जीत लेती है ये फिल्म?
इमरान खान और जेनेलिया डिसूजा देशमुख की फिल्म 'जाने तू या जाने ना' की रिलीज को 18 साल पूरे हो गए हैं। फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री ने फैंस का दिल जीत लिया था। इस फिल्म से आमिर खान के भांजे इमरान खान ने इंडस्ट्री में कदम रखा था। आमिर खान प्रोडक्शंस की 'जाने तू या जाने ना' की 18वीं एनिवर्सरी पर उसे दोबारा देखना एक मजेदार चॉइस है। चलिए डालते हैं, फिल्म को मस्ट वॉच बनाने वाली फिल्म से जुड़ी 6 बातों पर एक नजर... ALSO READ: फराह खान अली ने बताया क्यों टूटा था बॉबी देओल संग रिश्ता, क्या नीलम कोठारी थीं वजह? आइकॉनिक स्टोरी टेलिंग यह फिल्म मॉडर्न रिलेशनशिप की उलझनों को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाती है, साथ ही दोस्ती से रोमांस तक के सफर को ह्यूमर के साथ-साथ खास पलों के साथ पेश करती है। यादगार म्यूजिक ए.आर. रहमान के शानदार कंपोजिशन के साथ, जाने तू या जाने ना का साउंडट्रैक गहरा प्रभाव छोड़ता है, जिसमें कभी कभी अदिति और पप्पू कान्ट डांस जैसे गानों से पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं। इमरान-जेनेलिया की केमिस्ट्री इमरान खान का डेब्यू एक चार्मिंग यंग लड़के के रूप में, स्क्रीन पर जेनेलिया डिसूजा की एनर्जेटिक एक्टिंग के साथ, एक खूबसूरत केमिस्ट्री बनाती है। बढ़ती दोस्ती और अनजाने प्यार का उनका एहसास असल और आकर्षक लगता है। दिल छू लेने वाली दोस्ती फिल्म खूबसूरती से दिखाती है कि करीबी दोस्तों के ग्रुप में विश्वास कैसे काम करता है। हर एक किरदार का एक अनोखा व्यक्तित्व है, जो असल जीवन की दोस्ती और जीवन के उतार-चढ़ाव के दौरान एक-दूसरे को दिए जाने वाले सपोर्ट को दर्शाता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें रूढ़िवादिता को तोड़ना जाने तू या जाने ना इंडियन सिनेमा में आम रूढ़ियों को चुनौती देती है। यह इमरान खान के शांत किरदार और जेनेलिया के आजाद व्यक्तित्व को दिखाते हुए आदमी-औरत की दोस्ती को देखने के हमारे नजरिए को बदल देती है, जो दोस्ती के आम विचारों को चुनौती देती है। टाइमलेस अपील कई साल के बाद भी, फिल्म में मौजूद ह्यूमर, रोमांस और रीयल इमोशंस का मेल दर्शकों को जोड़ता है, जिससे यह एक टाइमलेस क्लासिक फिल्म बन जाती है, जो दोबारा देखने लायक है। जाने तू या जाने ना, एक फ्रेश कहानी और यादगार एक्टिंग का सही उदाहरण है, जो इंडियन सिनेमा में एक यादगार बन चुका है।
अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?
कश्मीर की कुछ ऐसी रहस्यमयी गुफाएं हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इनका दूसरा सिरा 4,000 किलोमीटर दूर सीधा रूस तक जाता है। पीर पंजाल केव: यहाँ एक प्राचीन और पवित्र शिवलिंग स्थापित है। शिव खाड़ी: यह भी जम्मू में स्थित शिव आराधना का एक प्रमुख केंद्र है और अमरनाथ गुफा जो श्रीनगर से 3 घंटे की दूरी पर स्थित है। चलिए जानते हैं अमरनाथ गुफा के बारे में रोचक बातें। बाबा अमरनाथ: यात्रा और भौगोलिक स्थिति लोकेशन व आकार: श्रीनगर से 145 किमी दूर, समुद्र तल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा 150 फीट ऊंची और 90 फीट लंबी है। यात्रा मार्ग: इसके दो रास्ते हैं- पहला पहलगाम और दूसरा सोनमर्ग बालटाल। इन बेस कैंप्स तक पहुंचने के बाद आगे की चढ़ाई पैदल तय की जाती है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य 1. पुण्य का महासागर: पुराणों के अनुसार, अमरनाथ के दर्शन से काशी से 10 गुना, प्रयाग से 100 गुना और नैमिषारण्य से 1,000 गुना अधिक पुण्य मिलता है। 2. 'अमरेश्वर' बनाम बाबा बर्फानी: इस शिवलिंग का वास्तविक नाम 'अमरेश्वर' है। यह यात्रा हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा से शुरू होकर पूरे सावन महीने (रक्षाबंधन तक) चलती है। 3. शिव का प्रथम आगमन: मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं श्रावण मास की पूर्णिमा को पहली बार इस गुफा में आए थे, इसीलिए इस दिन 'छड़ी मुबारक' को हिमशिवलिंग के पास स्थापित किया जाता है। 4. चंद्रकला से निर्मित ठोस बर्फ: गुफा के केंद्र में टपकने वाली बूंदों से पहले बर्फ का बुलबुला बनता है, जो 15 दिनों तक चंद्रमा के बढ़ने के साथ बढ़ता है और घटने के साथ विलीन हो जाता है। यह अद्भुत शिवलिंग ठोस बर्फ का होता है, जबकि अन्य जगहों की बर्फ हाथ लगाते ही भुरभुरा जाती है। पास में ही गणेश, भैरव और पार्वती के हिमखंड भी बनते हैं। 5. अमरकथा और अमर पक्षी: इसी गुफा में शिवजी ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इस कथा को एक तोते (शुकदेव ऋषि) और दो कबूतरों ने भी सुन लिया था। वो कबूतर आज भी अमर होकर इस गुफा में श्रद्धालुओं को दिखाई देते हैं। 6. शिवजी का 'त्याग' मार्ग: अमरकथा सुनाने जाते समय शिवजी ने रास्ते में अपनी प्रिय चीजों का त्याग किया- अनंतनाग में नागों को, चंदनवाड़ी में माथे के चंदन को, पिस्सू टॉप पर पिस्सुओं को और शेषनाग पर अपने गले के नाग को छोड़ा। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प गुफा का पौराणिक व ऐतिहासिक सफ़र भृगु ऋषि की खोज: पौराणिक कथा के अनुसार, जब ऋषि कश्यप ने जलमग्न कश्मीर घाटी का पानी नदियों के जरिए बाहर निकाला, तब सबसे पहले भृगु ऋषि ने हिमालय की कंदराओं में इस पवित्र गुफा और शिवलिंग के दर्शन किए थे। उम्र का रहस्य: पुरातत्व विभाग इसे 5,000 वर्ष पुराना (महाभारत कालीन) मानता है, लेकिन हिमालय के इतिहास को देखते हुए यह गुफा हिमयुग (12 से 13 हजार वर्ष पूर्व) की हो सकती है। ऐतिहासिक प्रमाण: महाभारत और बौद्ध काल के अलावा, ईसा पूर्व लिखी गई कल्हण की 'राजतरंगिनी' में जिक्र है कि 34 ईस्वी पूर्व कश्मीर के राजा सामदीमत पहलगाम के वनों में स्थित इस बर्फ के शिवलिंग की पूजा करने आते थे। बृंगेश संहिता और नीलमत पुराण में भी इसका गौरवशाली इतिहास दर्ज है। ALSO READ: गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता
समय रैना का मशहूर और विवादित टैलेंट हंट शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2' अपने दूसरे एपिसोड के साथ तहलका मचा रहा है। इस एपिसोड में कई अनोखे और टैलेंटेड कंटेस्टेंट्स ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, लेकिन जिस एक चेहरे ने पूरी महफिल लूट ली, वह हैं जेनी कामकी (Geni Kamki)। सोशल मीडिया की दुनिया में जेनी को उनके इंस्टाग्राम हैंडल Luciidforyou के नाम से जाना जाता है। शो के मंच पर भले ही जेनी 1 लाख रुपए की प्राइज मनी नहीं जीत पाईं, लेकिन उन्होंने अपनी अविश्वसनीय सोशल मीडिया रीच और लोकप्रियता से शो के होस्ट समय रैना सहित सभी जजों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। A post shared by India’s Got Latent (@indiasgotlatent) गुवाहाटी और समय रैना की FIR का कनेक्शन मंच पर अपनी एंट्री के दौरान जेनी कामकी ने बताया कि वह मूल रूप से अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के कामकी गांव की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल वह गुवाहाटी से होम्योपैथी की पढ़ाई कर रही हैं। जैसे ही समय रैना ने सुना कि जेनी गुवाहाटी में रहती हैं, तो वह अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में बोल पड़े, यार गुवाहाटी में मेरी एक FIR कम करा दो। ALSO READ: जब नीना गुप्ता ने शाहरुख खान और करण जौहर को कह दिया था 'मतलबी', बेटी मसाबा से जुड़ा है ये दिलचस्प किस्सा दरअसल, समय रैना पिछले सीजन के एक विवाद के बाद गुवाहाटी में दर्ज हुई कानूनी शिकायत (FIR) का जिक्र कर रहे थे, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। A post shared by Geni Kamki (@luciidforyou) 134 मिलियन व्यूज वाली वायरल रील जेनी कामकी इंटरनेट की दुनिया के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। वह इंस्टाग्राम पर 1.2 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स के साथ एक स्थापित कंटेंट क्रिएटर, डांसर और सिंगर हैं। शो के दौरान जब उनकी लोकप्रियता की बात चली, तो उनके एक बेहद खास वीडियो का जिक्र हुआ। वर्ष 2018 की सुपरहिट तेलुगु फिल्म 'गीता गोविंदम' के ब्लॉकबस्टर गाने वाचिंदम्मा पर जेनी ने एक रील बनाई थी। इस वीडियो में वह पहले बहुत ध्यान से पढ़ाई करती नजर आती हैं और अचानक उठकर पूरे जोश के साथ डांस करने लगती हैं। पढ़ाई के बीच की यह 'रिलेटेबल मस्ती' लोगों को इतनी पसंद आई कि देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। शो की शूटिंग के समय इस वीडियो पर 118 मिलियन व्यूज थे, जो अब बढ़कर 134 मिलियन को पार कर चुके हैं। जब पैनलिस्ट बलराज सिंह घई ने चुटकी लेते हुए कहा कि समय के खुद के वीडियोज पर इतने व्यूज नहीं आते हैं, तो समय रैना ने भी बेहद सादगी से इसे स्वीकार किया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें समय रैना ने मजाकिया लहजे में कहा, नहीं हैं भाई इतने व्यूज! जेनी के इस स्टारडम को देखकर समय इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने खड़े होकर जेनी कामकी को अपनी जज वाली कुर्सी ऑफर कर दी और कहा कि उन्हें कंटेस्टेंट नहीं बल्कि पैनल में जजों के साथ बैठना चाहिए। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा भी हैं दीवाने जेनी कामकी के इस वीडियो का जादू सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि फिल्म 'गीता गोविंदम' के लीड एक्टर्स रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा पर भी चला। रश्मिका मंदाना ने इस रील पर कमेंट करते हुए लिखा था, आय्य्य्य! मुझे यह वीडियो बहुत पसंद आया। मेरे भगवान! क्या डांस है यार!! अमेजिंग! वहीं विजय देवरकोंडा ने तारीफ में लिखा, यह हाल के दिनों में मुझे भेजा गया सबसे बेस्ट वीडियो है, गेनी तुम्हारी टाइमिंग कमाल की है। जेनी सिर्फ एक कैजुअल रील क्रिएटर नहीं हैं, बल्कि वह कला के क्षेत्र में गहरी रुचि रखती हैं। वह एक प्रशिक्षित कथक डांसर हैं और उन्होंने असमिया शास्त्रीय नृत्य 'सत्रिया' तथा कई आदिवासी लोक नृत्यों का भी प्रशिक्षण लिया है। शो में उन्होंने अपने भाई का एक अनरिलीज्ड गाना गाकर अपनी गायकी का हुनर भी दिखाया। 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में आने के बाद अब जेनी कामकी की फैन फॉलोइंग और तेजी से आसमान छू रही है।
रोमांच के शिखर पर अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराया (Video Highlights)
लियोनेल मेसी, लिसैंड्रो मार्टिनेज और डिने बोर्गस के आत्मघाती गोल की मदद से अर्जेंटीना ने शुक्रवार को अतिरिक्त समय के बाद केप वर्डे पर 3-2 की नाटकीय जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की की। मैच की शुरुआत के पहले हॉफ में मेसी ने 29वें मिनट में गोल दागा अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत में केप वर्डे के लिए डेरोय डुआर्टे ने 59वें मिनट में बराबरी का गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। दोनों टीमों के बीच 90 मिनट का खेल पूरा होने तक स्कोर बराबरी ही रहा। इसके बाद अतिरिक्त समय में लिसांद्रो मार्टिनेज ने 92वें मिनट में दूसरा गोल कर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। Argentina vs Cape Verde is the best game of this World Cup so far. What a game! Every time you thought Argentina had won it, Cape Verde found a way back. If only the rest of the African teams had shown that same mentality pic.twitter.com/DGrVgEZRt8 — ????????????????????????????????????! (@UtdChulo) July 4, 2026 मार्टिनेज के गोल के बाद लगा अर्जेंटीना अब यह मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन 103वें मिनट में सिडनी लोप्स काब्रेल ने गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद फिर 15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया। अतिरिक्त समय में मेसी ने 111वें मिनट में कॉर्नर से गोल करने का प्रयास किया, लेकिन केप वर्डे के डिने बोर्गस ने आत्मघाती गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 से बढ़त दिला दी। केप वर्डे ने इसके बाद 116 और 120वें मिनट में गोल करने के प्रयास किए, लेकिन विफल रहे। अभी एक और नाटकीय मोड़ आना बाकी था जब एमिलियानो मार्टिनेज ने कैब्राल की फ्री किक को शानदार तरीके से रोककर अर्जेंटीना को जीत दिला दी।
सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में अभिभावकों को दहलाने वाला आरोप सामने आया है। सिरोही के एक निजी छात्रावास में छह बच्चों से यौन शोषण का आरोप सामने आया है। न्यायिक हस्तक्षेप और प्रारंभिक जांच के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पुलिस को तहरीर भिजवाई। सिरोही […] The post सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज appeared first on Sabguru News .
मुंबई की बारिश बनी आफत: उर्वशी ढोलकिया की कार पर गिरा विशालकाय पेड़, देखिए वीडियो
मुंबई में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। जहां एक तरफ इस बारिश ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ लोगों के लिए यह आफत का सबब भी बनती जा रही है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया के बेटे और अभिनेता क्षितिज ढोलकिया के साथ एक हादसा हो गया। दरअसल, मुंबई में लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण क्षितिज ढोलकिया की खड़ी कार पर एक बहुत बड़ा और भारी-भरकम पेड़ अचानक गिर गया। इस हादसे में उनकी गाड़ी बुरी तरह से पिचक गई और उसे भारी नुकसान पहुंचा है। ALSO READ: ब्लैक शिमरी टॉप और डेनिम में पलक तिवारी ने ढाया कहर, सिजलिंग अदाओं से उड़ाए फैंस के होश हालांकि, सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार के अंदर कोई भी इंसान मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया। हादसे के ठीक बाद क्षितिज ढोलकिया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इस भयावह घटना से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं। A post shared by Bollywood News (@bolly_newssss) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक विशालकाय पेड़ ने उनकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया है और गाड़ी का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से दब चुका है। एक अन्य वीडियो क्लिप में BMC कर्मचारी और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचकर कटर की मदद से पेड़ की टहनियों को काटकर कार से हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस डरावने अनुभव को साझा करते हुए क्षितिज ने वीडियो में कहा, फिलहाल मेरी कार की हालत ऐसी हो चुकी है। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि किसी को भी इस हादसे में चोट नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने एक भावुक और आभार व्यक्त करने वाला नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को तुरंत एक्शन लेने के लिए धन्यवाद दिया। क्षितिज ने लिखा, यह एक डरावनी याद दिलाने वाली घटना है कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित हो सकती है। शुक्र है कि मैं उस वक्त कार में नहीं था और सब सुरक्षित हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की तुरंत मदद के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमेशा आभारी रहूंगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस मानसूनी आफत का असर केवल आम जनता पर ही नहीं बल्कि बॉलीवुड और टीवी सितारों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में एक्ट्रेस अश्नूर कौर के घर में भी बारिश का पानी घुस गया था, वहीं अभिनेता रणदीप हुड्डा को मुंबई के भारी ट्रैफिक से बचने के लिए मास्क लगाकर मेट्रो से सफर करना पड़ा था। कौन हैं क्षितिज ढोलकिया? उर्वशी ढोलकिया के बेटे क्षितिज ढोलकिया ने हाल ही में एकता कपूर के सुपरहिट सुपरनैचुरल शो 'नागिन 7' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की है। इस शो में उन्होंने एक 'नाग' की भूमिका निभाई थी, जिसमें उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर साजिद खान की फिल्म 'हमशक्लस' (2014) और आयुष्मान खुराना स्टारर 'ड्रीम गर्ल' (2019) में काम करके फिल्म मेकिंग की बारीकियों को सीखा है।
बात 1977 की है। पाकिस्तानी फौज के हेडक्वार्टर रावलपिंडी से करीब 50 किलोमीटर दूर कहूटा। छोटा सा शहर। भारत के जम्मू-कश्मीर का पुंछ यहां से महज 70 किलोमीटर है। सुबह का वक्त था। एक सैलून में बाल कटाने वालों की भीड़ थी। कैंचियों की 'खिच-खिच' और रेडियो पर बजते फिल्मी गानों बीच कई लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी सैलून का दरवाजा खुला। दो फौजी अफसर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने कड़क आवाज में कहा, ‘पहले हमारे बाल काटो…वक्त नहीं है अपने पास।’ वे सीधे जाकर कुर्सी पर बैठ गए। सैलून के कोने में बैठे तीन लड़के अखबार पढ़ रहे थे। कड़क आवाज सुनते ही उनकी नजरें फौजियों पर टिक गईं। अब नाई ने बाल काटना शुरू किया। लड़कों की नजर फर्श पर गिर रहे फौजियों के बालों पर थी। थोड़ी देर बाद फौजी बाल कटवाकर चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी तीन में से दो लड़के आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में हड़कंप मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने लगा। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इधर, चुपचाप बैठा तीसरा लड़का धीरे से उठा। फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। लड़का भागता हुआ रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। लड़का खिड़कियों से अंदर झांकते हुए आगे बढ़ा। अचानक उसने एक शख्स से पूछा- ‘जनाब दिल्ली जा रहे हैं क्या? शख्स ने सिर हिलाया- जी हां।’ थोड़ी देर बाद, भीड़ का फायदा उठाकर लड़का बोगी के अंदर गया और लोगों की नजरों से बचकर उस अनजान मुसाफिर के बैग में वो लिफाफा रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। भारत की खुफिया एजेंसी RAW के अफसर वहां मौजूद थे। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। अफसर उस लिफाफे को लेकर फौरन एक फॉरेन्सिक लैब पहुंचा। उसने एक अधिकारी से कहा- ‘अर्जेंट है। प्लीज इस सैंपल की जांच कीजिए।’ वैज्ञानिक ने लिफाफे से बाल निकाले और एक मशीन के भीतर रखकर स्विच ऑन कर दिया। मशीन की लाल लाइटें चमकने लगीं और मॉनिटर का ग्राफ तेजी से ऊपर होने लगा। वैज्ञानिक ने घबराहट में री-चेकिंग की, पर नतीजा नहीं बदला। आखिर उन बालों में क्या था? पाकिस्तान के किस राज से पर्दा उठने वाला था? आज ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में कहानी भारत के खुफिया ‘ऑपरेशन कहूटा’ की… कहानी की शुरुआत होती है 1962 के भारत-चीन जंग से। चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से पर अचानक हमला कर दिया। एक महीने तक जंग चली। भारत बुरी तरह हार गया। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया। नेहरू की सरकार कठघरे में थी। देश की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों की जरूरतों को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। इसी बीच 1964 में चीन ने परमाणु परीक्षण कर दिया। पूरी दुनिया चौंक गई। देश में यह मांग जोर पकड़ने लगी कि भारत को बचे रहना है, तो हर हाल में परमाणु बम बनाना होगा। 1965 की एक तपती दोपहर। कराची में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो पत्रकारों से बात कर रहे थे। एक पत्रकार ने सवाल दागा- ‘भुट्टो साहब, अगर हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया, तो पाकिस्तान क्या करेगा?’ भुट्टो के चेहरे के भाव बदल गए। उन्होंने गुस्से में कहा- ‘अगर हिंदुस्तान परमाणु बम बनाता है, तो हम भी बनाएंगे। इसके सिवा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है। भले ही हमें घास खानी पड़े या पत्ते चबाने पड़ें। जरूरत पड़ी, तो हम भूखे पेट भी सो जाएंगे।’ इधर, पाकिस्तान, भारत पर हमले की तैयारी कर रहा था। वह यह सोच बैठा था कि चीन से मात खाने के बाद हिंदुस्तान कमजोर पड़ चुका है। अप्रैल 1965 में उसने गुजरात के कच्छ में कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। कुछ दिनों बाद दोनों देशों के बीच सुलह हुई, लेकिन जुलाई में पाकिस्तान ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए ऑपरेशन जिब्राल्टर शुरू कर दिया। भारत ने फौरन जवाबी कार्रवाई शुरू की और अगस्त महीने में पीओके के दाना और दर्रा हाजीपीर इलाके पर कब्जा कर लिया, लेकिन इतना काफी नहीं था। फिर आई 6 सितंबर की सुबह। भारत की फौज लाहौर के बाहरी इलाके तक पहुंच गई। जोरदार हमला कर दिया। तब पाकिस्तान को लगा कि कश्मीर हथियाने के चक्कर में कहीं उसका लाहौर न छीन जाए। आखिरकार यूनाइटेड नेशन्स की पहल पर 23 सितंबर को दोनों देश सीज फायर पर राजी हो गए। ठीक 15 दिन बाद… 8 अक्टूबर को भारत के मशहूर परमाणु वैज्ञानिक डॉ. होमी भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो पर ऐलान किया- ‘अगर मुझे छूट दी जाए तो भारत 18 महीने के भीतर परमाणु बम बना सकता है।’ तीन महीने बाद यानी 10 जनवरी 1966 को भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद में समझौता हुआ, लेकिन 12 घंटे बाद ही आधी रात में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत हो गई। अचानक हुई शास्त्री की मौत पर साजिश की बात चल ही रही थी कि 24 जनवरी को लंदन जा रहे एक विमान हादसे में परमाणु वैज्ञानिक होमी भाभा का निधन हो गया। चर्चा होने लगी कि दोनों मौतों में कोई ना कोई कड़ी तो है। 7 साल बाद… 3 अगस्त 1972, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान सरकार को बताया कि भारत बहुत जल्द परमाणु परीक्षण करने वाला है। 1971 की जंग हार चुका पाकिस्तान बेचैन हो उठा, लेकिन परीक्षण कब होगा, कहां होगा और किस रूप में होगा, इसकी जानकारी CIA को भी नहीं थी। पाकिस्तान इधर-उधर हाथ-पैर मारता रहा। 2 साल बाद, तारीख-13 मई 1974 और जगह- राजस्थान का पोकरण। भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष होमी सेठना की देखरेख में वैज्ञानिकों ने परमाणु डिवाइस असेंबल करना शुरू किया। 14 मई की रात ढलने से पहले, उस डिवाइस को L शेप के एक गहरे गड्ढे में पहुंचा दिया गया। काम का पहला चरण पूरा हो चुका था, अब बारी थी फैसले की। अगली सुबह, सेठना साहब ने दिल्ली का रुख किया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात का वक्त पहले से मुकर्रर था। सेठना ने इंदिरा से कहा- ‘मैडम… हमने उस डिवाइस को असेंबल कर दिया है। अब आप यह मत कहिएगा कि उसे बाहर निकालो। ऐसा करना मुमकिन नहीं है। अब आप भी हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।’ इंदिरा के चेहरे पर न कोई शिकन थी, न कोई हिचकिचाहट। उन्होंने बड़ी सहजता से कहा- ‘क्या तुम्हें डर लग रहा है, सेठना?’ सेठना के होठों पर मुस्कान उभर आई, बोले- ‘बिल्कुल नहीं, प्रधानमंत्री जी। मैं तो बस आपको बता रहा था कि अब इस रास्ते पर वापसी का कोई मोड़ नहीं है।’ इंदिरा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘गो अहेड।’ अगले दिन सेठना वापस पोकरण पहुंचे। टीम को एक जगह जमा किया। माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा था। सेठना ने सबकी तरफ देखा और पूछा- ‘साथियों, अगर यह मिशन नाकाम रहा, तो किसका सिर काटा जाना चाहिए?’ बम का डिजाइन तैयार करने वाले राजगोपाल चिदंबरम ने झट से जवाब दिया- ‘मेरा, मेरा सिर काट लीजिएगा।’ 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…’ रेडियो सुन रहे लोगों की सांसें थम गईं। कुछ ही सेकेंड्स के बाद अनाउंसर ने बताया- ‘आज सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर भारत ने एक अज्ञात जगह पर भूमिगत परमाणु परीक्षण किया है।’ यह भारत का 'स्माइलिंग बुद्धा' मिशन था। यानी भारत ने परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी हासिल कर ली थी। जब ये खबर रेडियो पर चल रही थी, तब नीदरलैंड्स में बैठा एक शख्स भी कान लगाए हुए था। उसका नाम था- ‘अब्दुल कदीर खान।’ आजादी से पहले भोपाल में जन्मे कदीर खान उन दिनों नीदरलैंड्स में एक जर्मन यूरेनियम लैबोरेटरी में काम कर रहे थे। अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन अफेयर्स’ के मुताबिक- 'जैसे ही कदीर खान को पता चला कि हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया है, उन्होंने सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को चिट्ठी लिखी। कदीर खान ने लिखा- ‘हिंदुस्तान के परमाणु परीक्षण ने हमारे अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। पाकिस्तान को बिना देर किए परमाणु बम बनाना चाहिए। मेरे पास वह समझ और पहुंच है, जो पाकिस्तान को परमाणु ताकत वाला मुल्क बना सकता है। मैं काम करने को तैयार हूं।’ चिट्ठी मिलते ही भुट्टो ने कदीर खान के इस ऑफर को मान लिया और हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिया। कदीर खान अपने मिशन में जुट गए। इधर, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और नीदरलैंड्स की खुफिया एजेंसियां उनके पीछे पड़ गईं। एजेंसियों को पता चल चुका था कि खान चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी और डिजाइनों का अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि, एजेंसियों ने तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय, उनकी जासूसी करने का फैसला किया। क्योंकि, उनकी नजर सिर्फ एक व्यक्ति तक नहीं थी। वे पाकिस्तान के पूरे नेटवर्क का पता लगाना चाहते थे। कदीर खान भी कम शातिर वैज्ञानिक नहीं थे। जल्द ही उन्हें आभास हो गया कि चौबीसों घंटे उनकी निगरानी की जा रही है। उनके फोन टैप हो रहे हैं। अगर वे जरा भी चूके, तो यूरोप की जेलों में उन्हें सड़ना होगा। दिसंबर 1975 की एक सर्द रात। नीदरलैंड्स के यूरेनियम प्लांट के बरामदे में सन्नाटा पसरा था। भारी ओवरकोट पहने कदीर खान तेजी से आगे बढ़ रहे थे। अचानक उनके कदम एक दरवाजे के सामने रुक गए, जिस पर लाल अक्षरों में लिखा था- ‘प्रतिबंधित एरिया’। खान ने गर्दन घुमाकर चारों तरफ देखा। कोई नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने कोट की अंदरूनी जेब से एक मास्टर चाबी निकाली। चाबी घूमते ही महीन सी 'क्लिक' की आवाज हुई और दरवाजा खुल गया। अंदर टेबल पर एक ब्रीफकेस रखा था। खान ने फुर्ती से उसका लॉक खोला। भीतर रखे डिजाइन्स और ब्लूप्रिंट्स को निकालकर ओवरकोट में छुपा लिया। दबे पांव बाहर निकले। दरवाजा बंद किया और अंधेरे में गुम हो गए। कुछ देर बाद… खान अपने घर के एक बंद कमरे में थे। टेबल लैंप की मद्धम रोशनी में उनके साथ 35-40 साल का भरोसेमंद असिस्टेंट बैठा था। खान एक-एक कर सीक्रेट फाइलें बढ़ाते जा रहे थे और असिस्टेंट उनका अंग्रेजी में अनुवाद करता जा रहा था। दो घंटे की मशक्कत के बाद अनुवाद पूरा हो गया। तड़के 4 बजे। एम्सटर्डम एयरपोर्ट कोहरे की चादर से लिपटा हुआ था। कदीर खान बीवी और बच्चों के साथ पाकिस्तान जाने वाले जहाज में बैठ चुके थे। जैसे ही जहाज आसमान की ऊंचाइयों में ओझल हुआ, खान ने खिड़की से बाहर देखते हुए गहरी सांस ली।…'Now we are safe.' उधर, एम्सटर्डम एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम में डच खुफिया एजेंसी के अफसरों के होश उड़े थे। वे बदहवासी में सुरक्षा कैमरों की फुटेज खंगाल रहे थे। कुछ अफसर गाड़ियां दौड़ाते हुए खान के घर की तरफ भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अगले दिन, इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास। बंद कमरे में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो, सेना के टॉप अफसर और ISI प्रमुख के सामने वो फाइल और ब्लूप्रिंट्स रखे थे। भुट्टो ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए खान से कहा- ‘डॉक्टर साहब, क्या इन कागजातों के दम पर हम एटम बम बना लेंगे।?’ खान की आंखों में एक चमक उभरी, ‘बिल्कुल जनाब। अगर हमें इसका सामान मिल जाए, तो एटम बम सिर्फ एक ख्वाब नहीं, हकीकत होगा।’ भुट्टो के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने मेज पर मुट्ठी मारी और मंजूरी दे दी- ‘चलिए, अपने काम में जुट जाइए। हुकूमत आपके साथ है।' कुछ दिन बाद…रावलपिंडी के पास कहूटा की बंजर, पथरीली और वीरान पहाड़ियां फौज के बूटों की थाप से गूंज उठीं। भारी मशीनें दिन-रात कंक्रीट उगल रही थीं। देखते ही देखते, एक बड़ी सी बिल्डिंग के मेन गेट पर बोर्ड टांग दिया गया, जिस पर लिखा था- ‘खान रिसर्च लैबोरेट्रिज'। धूल और कंक्रीट के उस बवंडर के बीच, सिर पर सेफ्टी हेलमेट पहने कदीर खान एक ऊंची पहाड़ी पर खड़े थे। तभी एक सीनियर अफसर उनके पास आया। बोला- ‘मुबारक हो डॉक्टर खान… आज से आप इस लैब के डायरेक्टर और चीफ साइंटिस्ट हैं। हिंदुस्तान को बता दीजिए कि अब हमारे पास भी एटमी ताकत है।’ खान ने कहूटा की पहाड़ियों को देखा। कुछ कहा नहीं, बस मुस्कुराते रहे। कदीर खान के पास बम बनाने की चोरी की गई टेक्नोलॉजी तो थी, लेकिन उसके लिए जरूरी कच्चा माल और क्रिटिकल पार्ट्स पाकिस्तान में उपलब्ध नहीं थे। उस दौर में यूरोप की कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही ऐसे संवेदनशील टेक्निकल पार्ट्स बनाती थीं। पाकिस्तान सीधे उन कंपनियों से डील करता, तो उसका मिशन लीक हो जाता। RAW या अमेरिका की CIA को तुरंत भनक लग जाती कि पाकिस्तान एटम बम बना रहा है। इस सीक्रेसी को बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों जैसे- स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी और दुबई में फर्जी कंपनियां बना लीं। इन फर्जी कंपनियों के जरिए इंडस्ट्रियल सामान खरीदने के बहाने बम बनाने के पार्ट्स खरीदे जाने लगे। इन पार्ट्स को अलग-अलग रास्तों से घुमाकर पाकिस्तान लाया जाने लगा। इस मिशन को नाम दिया गया- ‘प्रोजेक्ट 706.’ इसी दौरान, भारत में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ। देश में लगे आपातकाल के बाद मार्च 1977 में लोकसभा चुनाव हुए। कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंदिरा गांधी खुद चुनाव हार गईं। जनता पार्टी ने 542 में से 296 सीटें जीत लीं। पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। कभी इंदिरा गांधी सरकार में वित्त मंत्री रहे मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बन गए। इसके कुछ ही महीनों बाद, सरहद पार पाकिस्तान में भी एक खूनी उलटफेर हो गया। 5 जुलाई 1977 को जनरल जिया-उल-हक ने सैन्य तख्तापलट करते हुए प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को सत्ता से बेदखल कर दिया। देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया, केंद्र और सभी प्रांतीय सरकारों को भंग करके खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया। दो साल बाद यानी 1979 में भुट्टो को भ्रष्टाचार के एक मामले में फांसी दे दी गई। अब पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की कमान सीधे जनरल जिया-उल-हक के हाथों में आ चुकी थी। कहूटा में फौज का दखल और सख्त हो गया। खान रिसर्च लैबोरेट्रिज की सुरक्षा ऐसी सख्त कर दी गई कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। चारों तरफ तोपें और मॉडर्न रडार तैनात कर दिए गए। पाकिस्तान सोच रहा था कि उसका यह राज कोई जान नहीं पाएगा, लेकिन मार्च 1979 में जर्मन ब्रॉडकास्टर ZDF ने एक डाक्यूमेंट्री जारी कर दी। इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया कि कदीर खान ने नीदरलैंड्स से परमाणु बम बनाने की डिजाइन चुराई है। वे पाकिस्तान में परमाणु बम बना रहे हैं।' पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है, लेकिन कहां?… इसकी पुख्ता जानकारी किसी एजेंसी के पास नहीं थी। पाकिस्तान में मौजूद RAW के अंडरकवर एजेंट्स दिन-रात कड़ियों से कड़ियां जोड़ने में लगे थे, लेकिन उनके हाथ कोई खास सुराग नहीं लग रहा था। तभी इस मिशन में एंट्री हुई- इजराइल के मोसाद की। मोसाद दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मानी जाती है। इजराइल हरगिज नहीं चाहता था कि किसी इस्लामिक मुल्क के पास परमाणु बम हो। उसे डर था कि इस 'इस्लामिक बम' का इस्तेमाल आगे चलकर उसके विनाश का कारण बन सकता है। यहां से ‘RAW’ और 'मोसाद' के बीच एक सीक्रेट और अघोषित साझेदारी की शुरुआत हुई। दोनों एजेंसियां पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को भेदने में जुट गईं। उसी दौरान, अमेरिकी खुफिया विभाग में काम करने वाले एक सीनियर अफसर रॉबर्ट गैलुची किसी तरह कहूटा जा पहुंचे, लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी गाड़ी रोक ली। गैलुची ने बताया कि वे कहूटा की पहाड़ियों में पिकनिक मनाने आए हैं। कहूटा पिकनिक स्पॉट था तो जरूर, लेकिन पाकिस्तानी फौज इतनी मूर्ख नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारी को फौरन इस्लामाबाद भेज दिया। कुछ महीने बाद पाकिस्तान में तैनात फ्रांस के राजदूत ने भी कहूटा जाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पाकिस्तानी फौज की नजर से वे बच नहीं सके। फौज ने न सिर्फ उनकी गाड़ी रोकी, बल्कि बेरहमी से पिटाई भी कर दी। इसके चलते फ्रांस और पाकिस्तान के बीच मनमुटाव भी हो गया। कहूटा के चारों तरफ बिखरी इन घटनाओं ने भारत की खुफिया एजेंसी RAW के कान खड़े कर दिए थे, लेकिन अभी तक जो भी जानकारियां थीं, वे महज कयास, सुनी-सुनाई बातें या विदेशी रिपोर्टों पर आधारित थीं। कहूटा के भीतर झांकने और उस परमाणु प्रोजेक्ट को बेनकाब करने के लिए भारत को एक ऐसे सबूत की जरूरत थी, जिसे झुठलाया न जा सके। तभी भारत के जासूसों के हाथ कुछ ऐसा लगा जिसे जानकर दुनिया चौंक गई। ***** पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया अक्सर भारत के पीएम मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गद्गद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर उस दिन मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए 'ऑपरेशन कहूटा' पार्ट-2… रेफरेंस : 1. Raja ramanna years of pilgrimage.2. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant.3. The man from Pakistan.
मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को देश की प्रथम ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी इससे पहले जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे इस टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और […] The post मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित appeared first on Sabguru News .
अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
किशनगढ़/अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) किशनगढ़ के टेक्नीशियन-प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को पॉली हाउस के लिए विद्युत कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी इंटेलिजेंस अजमेर को […] The post अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र में एक मंदिर में चोरी की घटना का पुलिस ने तत्परता खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चक 4 केएसपी स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से चांदी के कई छोटे-बड़े छत्र और दानपात्र की नकदी चुरा ले गए थे। रमण पूनिया ने […] The post हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे
अजमेर। रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) से अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए फैसिलिटेटरों की नियुक्ति हेतु सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और सामान्य जनता से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मंडल मिहिर देव के अनुसार इस योजना के तहत अजमेर मंडल […] The post अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे appeared first on Sabguru News .
जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग ने देर रात झारखंड हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश के आलोक में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम प्रकाशित किया। पीटी परीक्षा में कुल 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जो अब […] The post जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा appeared first on Sabguru News .
विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता और विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को थूथुकुडी जिले के आतुर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी मद्रास हाईकोटग् द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में श्री राधाकृष्णन […] The post विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया
हैदराबाद। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस), हैदराबाद में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और गलत तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति अर्जित की। […] The post एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया appeared first on Sabguru News .
दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क का एक पोस्ट वायरल है। वो लिखते हैं- मेरा बेटा मैंडरिन (चाइनीज भाषा) सीख रहा है। मई 2026 में मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ चीन दौरे पर गए, तब भी 6 साल का बेटा चीन की पारंपरिक कढ़ाई वाली जैकेट पहने साथ दिखा था। ट्रम्प की पोती से जुकरबर्ग की बेटी तक, चाइनीज सीखने वाले अरबपतियों के बच्चों की लंबी लिस्ट है। आखिर बच्चों को मैंडरिन क्यों सिखा रहे दुनिया के सबसे ताकतवर लोग; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: किन ताकतवर हस्तियों के बच्चे चाइनीज सीख रहे हैं? जवाब: अलग-मौकों पर इन शख्सियतों के बच्चों के चाइनीज सीखने का खुलासा हुआ… डोनाल्ड ट्रम्प की पोती: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 2026 में अमेरिका गए थे। तब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की 6 साल की पोती अरैबेला और 4 साल के पोते जोसेफ ने चाइनीज में गाना सुनाया था। इसके बाद रिपोर्ट्स आईं कि अमेरिका में चीनी नैनी की डिमांड बढ़ गई थी। ट्रम्प की बेटी इवांका भी मैंडरिन बोल-समझ सकती हैं। व्लादिमीर पुतिन की पोती: रूसी राष्ट्रपति ने 2024 में बताया था कि उनके घर के बच्चे चीनी बोलते हैं। पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी दिमित्री पेस्कोव की बेटी भी रूसी भाषा से पहले चाइनीज बोलने लगी थी, क्योंकि उसकी नैनी चीनी मूल की थी। मई 2026 में चीन दौरे पर पहुंचे पुतिन ने बताया था कि एक लाख से ज्यादा रूसी चाइनीज सीख रहे हैं। जेफ बेजोस के चारों बच्चेः अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की पूर्व पत्नी मैकेंजी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके चारों बच्चे मैंडरिन सीखते हैं। किंग चार्ल्स का पोता: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के पोते और राजगद्दी के दूसरे वारिस प्रिंस जॉर्ज को स्कूल में चाइनीज सिखाई गई है। प्रिंस जॉर्ज अभी 12 साल के हैं। मार्क जुकरबर्ग की बेटी: फेसबुक फाउंडर ने 2014 में बीजिंग की सिंगहुआ यूनिवर्सिटी में छात्रों से चाइनीज में बात की था। पत्नी प्रिसिला चैन चीनी मूल की हैं। उनकी तीनों बेटियों को शुरुआत से ही अंग्रेजी और चाइनीज सिखाई गई है। बड़ी बेटी मैक्स का तो चीनी नाम भी है। इसी तरह अमेरिकी इन्वेस्टर और लेखक जिम रॉजर्स की 2 बेटियों- हैप्पी और बी रॉजर्स ने मैंडरिन सीखी है। 2017 में दोनों का चीनी गाना गाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। रॉजर्स का मानना है कि 21वीं सदी में चीन बहुत जरूरी देश होगा। बच्चों को चीनी वातावरण देने के लिए परिवार सिंगापुर शिफ्ट हो गया था। सवाल-2: आखिर अरबपतियों के बच्चे चाइनीज क्यों सीख रहे हैं? जवाब: लंदन के किंग्स कॉलेज में चाइनीज स्टडीज के प्रोफेसर केरी ब्राउन के मुताबिक, इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ स्वार्थ है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और मैनुफैक्चरिंग हब है। तेज इनोवेशन के साथ ग्लोबल डॉमिनेंस बढ़ा रहा है। अरबपतियों का मानना है कि आने वाला दौर चीन का है, इसलिए वो अपने बच्चों को चीनी भाषा सिखा रहे हैं। इतिहास में भी देश के ताकतवर होते ही उसकी भाषा फैलती रही है… मैनहैटन के कैरोसेल ऑफ लैंग्वेजेज की फाउंडर पैट्रिजिया कॉर्मन मानती हैं कि यह बच्चों के भविष्य में एक बड़ा निवेश है। सिर्फ चीन के उभरते बाजार की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए भी कि चाइनीज दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली मातृभाषा है। बच्चे भी इसे सीखना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें ध्वनियां हैं। सवाल-4: अंग्रेजी की तरह क्या अब चाइनीज ग्लोबल लैंग्वेज बनने वाली है? जवाब: इस पर एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय हैं… दरअसल, अंग्रेजी में सिर्फ 26 अक्षर हैं, जिन्हें आसानी से सीखा जा सकता है। जबकि चाइनीज में एक लाख से ज्यादा सिंबल्स हैं। पढ़ने-लिखने के लिए कम से कम 3500 सिंबल्स रटने पड़ते हैं और उन्हें अलग-अलग टोन में सीखना पड़ता है। ये प्रोसेस गैर-चीनी लोगों के लिए काफी कठिन है। कोडिंग, इंटरनेट, एल्गोरिदम, रिसर्च पेपर, ग्लोबल ट्रेड, साइंस जैसे तमाम अहम क्षेत्रों में अंग्रेजी ही ज्यादातर इस्तेमाल होती है। यहां तक कि चीन के कॉलेज-यूनिवर्सिटी और कंपनियों में इंटरनेशनल डायलॉग्स के लिए अक्सर अंग्रेजी का इस्तेमाल होता है। ऐसे में चाइनीज भाषा अचानक से अंग्रेजी को ग्लोबल लैंग्वेज के तौर पर रिप्लेस नहीं कर सकती है। हालांकि भविष्य में इसकी संभावना को नकारा नहीं जा सकता। सवाल-5: हिंदी की स्थिति क्या है, क्या इसे बोलने वाले भी बढ़ रहे हैं?जवाबः अंग्रेजी और मैंडरिन के बाद हिंदी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है… लेकिन दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा अंग्रेजी है। 1999 से 2025 के बीच हिंदी के प्राइमरी स्पीकर्स, यानी जिनकी पहली भाषा हिंदी हो, लगभग दोगुने हुए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह आबादी का बढ़ना है। 2001 की जनगणना के मुताबिक भारत के 42.2 करोड़ लोग हिंदी बोलते थे, जो 2011 तक बढ़कर 52.83 करोड़ हो गए। यानी 25% से ज्यादा की बढ़त। देश के 85% से ज्यादा हिंदी बोलने वाले उत्तर भारत के हिंदी बेल्ट जैसे- उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान वगैरह से आते हैं। हिंदी बेल्ट में जनसंख्या दक्षिण भारत के मुकाबले कहीं तेजी से बढ़ रही है। नतीजतन 1991 से 2011 के बीच जनगणना में तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, मराठी और उर्दू जैसी भाषाओं का हिस्सा घटा, जबकि हिंदी अकेली ऐसी बड़ी भाषा रही जिसका राष्ट्रीय हिस्सा लगातार बढ़ा है। --------- ये खबर भी पढ़िए… पासपोर्ट-आधार भी नागरिकता का सबूत नहीं, फिर कैसे तय होगा कि आप भारत के नागरिक; क्या NRC की तैयारी है ‘पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाणपत्र।’ विदेश मंत्रालय के अधिकारी का ये बयान सुर्खियों में है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर पासपोर्ट नहीं, तो भारत के नागरिक होने का सबूत क्या है? क्या सरकार नागरिकता के लिए कुछ नया करने जा रही है, पूरी खबर पढ़िए…
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राम मंदिर चढ़ावा-चोरी प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने इस प्रकरण पर पहली बार एक वक्तव्य में कहा कि अयोध्या […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS appeared first on Sabguru News .
जैसलमेर में पटवारी एवं उसका दलाल 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
जैसलमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को जैसलमेर जिले में पटवार हल्का अजासर के पटवारी लखवीर यादव एवं उनका दलाल जेटू सिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी जैसलमेर को शिकायत मिली थी कि परिवादी के […] The post जैसलमेर में पटवारी एवं उसका दलाल 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया
नई दिल्ली। फ्रांसीसी वाहन निर्माता रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने शुक्रवार को नयी रेनो क्विड बाजार में उतारने की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि इस नए संस्करण में डिजाइन, वेरिएंट लाइन-अप और कीमतों में बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए […] The post रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया appeared first on Sabguru News .
मोदी सरकार लोगों पर जबरदस्ती थोप रही 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल : केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर जबरदस्ती 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल थोपने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश प्रयोगशाला है। केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार लोगों पर जबरदस्ती 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल थोप रही है। जबकि […] The post मोदी सरकार लोगों पर जबरदस्ती थोप रही 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलूचिस्तान के शेरानी ज़िले में शुक्रवार को एक यात्री बस के गहरी खाई में गिरने से कम से कम 40 यात्रियों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक एवं मीडिया मामलों के सहायक शाहिद रिंद ने बताया कि अस्पताल ले जाते समय […] The post पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
दीपिका कक्कड़ की बीमारी का बेटे रुहान पर भावुक असर, शोएब इब्राहिम ने व्लॉग में बयां किया दर्द
मशहूर टेलीविजन एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ और उनका परिवार पिछले कुछ समय से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। 'ससुराल सिमर का' फेम एक्ट्रेस दीपिका पिछले एक साल से अधिक समय से लिवर कैंसर से जंग लड़ रही हैं। हाल ही में दीपिका अपने दूसरे इम्यूनोथेरेपी इन्फ्यूजन के लिए अस्पताल पहुंचीं, जिसकी भावुक अपडेट उनके पति और अभिनेता शोएब इब्राहिम ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में फैंस के साथ साझा की है। इस बीमारी और लगातार अस्पताल के चक्करों ने न केवल दीपिका कक्कड़ को शारीरिक रूप से प्रभावित किया है, बल्कि उनके छोटे बेटे रुहान पर भी इसका गहरा भावनात्मक असर पड़ा है। ALSO READ: Alpha Review: फर्स्ट हाफ में ताबड़तोड़ ट्विस्ट, सेकंड हाफ में बिखरती कहानी... आलिया भट्ट की फिल्म कितनी दमदार है? दूसरे इम्यूनोथेरेपी इन्फ्यूजन के लिए अस्पताल पहुंचीं दीपिका शोएब इब्राहिम ने अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए फैंस को बताया कि दीपिका का दूसरा इम्यूनोथेरेपी सेशन शुरू हो चुका है। शोएब ने साझा किया कि इस ट्रीटमेंट प्रक्रिया के दौरान उन्हें दीपिका को अस्पताल में छोड़कर वापस घर जाना पड़ा, ताकि वे अपने बेटे रुहान की देखभाल कर सकें। छोटे बेटे रुहान पर पड़ा भावनात्मक असर व्लॉग में दीपिका और शोएब ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि इस पूरी स्थिति का उनके मासूम बेटे रुहान पर नकारात्मक असर हो रहा है। दीपिका ने भावुक होते हुए कहा, पिछले एक महीने में रुहान भावनात्मक रूप से काफी नाजुक और संवेदनशील हो गया है। उसने कई दिनों तक घर को खाली देखा है, जिससे वह बहुत अकेलापन महसूस करने लगा है। शोएब ने बताया कि जब वे दीपिका के दूसरे इन्फ्यूजन के लिए निकलने वाले थे, तो रुहान सुबह से ही बहुत चिड़चिड़ा था और उन्हें बाहर जाने से मना कर रहा था। दीपिका ने पहले भी साझा किया था कि थकान और अस्पताल में रहने के कारण वह अपने बेटे को पूरा समय नहीं दे पाती हैं, जिससे एक मां के तौर पर उनके मन में काफी कशमकश चलती रहती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 37 दिनों बाद अस्पताल से घर लौटे शोएब के पिता इब्राहिम परिवार के लिए इस मुश्किल समय के बीच एक बड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। शोएब इब्राहिम के पिता, जो पिछले 37 दिनों से ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती थे, आखिरकार ठीक होकर घर लौट आए हैं। 23 मई को गंभीर स्थिति में भर्ती होने और मस्तिष्क की सर्जरी से गुजरने के बाद अब उनकी हालत में सुधार है। शोएब ने खुशी साझा करते हुए कहा, हम पापा को एक महीने और सात दिनों के बाद घर ले आए हैं। भगवान का शुक्र है कि वे हमारे बीच वापस आ गए हैं। हालांकि, हमें अब भी उनकी सेहत को लेकर बहुत सावधान रहना होगा और जल्द ही उनकी स्पीच थेरेपी भी शुरू की जाएगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब!
सबगुरु न्यूज – सिरोही। सिरोही में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के बीच एक लाइन खींच दी। देखने में ये सामान्य लगेगा लेकिन, गहराई से समझने पर भावनाओं से जुड़ाव समझ में आएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गुरुवार को जन्मदिन था। पद पर हैं तो स्थानीय स्तर पर पद […] The post भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब! appeared first on Sabguru News .
डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या
डीग। राजस्थान में डीग जिले के खोह थाना क्षेत्र में निगोही गांव में पड़ोसी युवक की ब्लैकमेलिंग से परेशान एक विवाहिता ने गुरुवार देर रात दुपट्टे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सूचना मिलने पर आज तड़के पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका रेनू का शव […] The post डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
5 सिद्ध मंत्र जो पूरी कर सकते हैं आपकी मनोकामना, जानें सही जप विधि
शास्त्रों और सनातन परंपरा में मंत्रों को 'ध्वनि विज्ञान' माना गया है, जिनकी सकारात्मक तरंगें हमारे जीवन की दिशा बदल सकती हैं। यहाँ सनातन धर्म के 5 सबसे चमत्कारी और प्रभावशाली मंत्र दिए गए हैं। इनमें से किसी भी एक मंत्र को अपनी श्रद्धा के अनुसार चुनकर रोज 108 बार जप करने से आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है: 1. महामृत्युंजय मंत्र (असाध्य कष्टों और संकट मुक्ति के लिए) मन्त्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ किसके लिए: यदि जीवन में कोई बड़ा संकट हो, स्वास्थ्य खराब रहता हो, या अकारण भय सताता हो। लाभ: यह मंत्र भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली मंत्र है। यह अकाल मृत्यु के भय को टालता है और जीवन में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। 2. गायत्री मंत्र (बुद्धि, एकाग्रता और सफलता के लिए) मन्त्र: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात॥ किसके लिए: विद्यार्थियों के लिए, मानसिक शांति के लिए या करियर में सही दिशा न मिलने पर। लाभ: यह वेदों का महामंत्र है। इसके नियमित जप से बौद्धिक क्षमता (IQ) बढ़ती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और समाज में यश मिलता है। 3. महालक्ष्मी मंत्र (आर्थिक तंगी और समृद्धि के लिए) मन्त्र: श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकम् दारिद्र्य नाशय नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ॥ किसके लिए: यदि कर्ज बढ़ गया हो, व्यापार में लगातार घाटा हो रहा हो या नौकरी में धन टिकता न हो। लाभ: मां लक्ष्मी के इस बीज मंत्र युक्त प्रभाव से दरिद्रता का नाश होता है और धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं। 4. हनुमान जंजीरा या कष्ट निवारण मंत्र (तुरंत संकट और शत्रुओं से मुक्ति) मन्त्र: ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥ किसके लिए: शत्रुओं का भय हो, कोर्ट-कचहरी का मामला अटका हो, या कोई अज्ञात डर (जैसे ऊपरी बाधा) महसूस हो। लाभ: संकटमोचन का यह मंत्र आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है और हर काम में आ रही रुकावट को तुरंत दूर करता है। 5. कृष्ण महामंत्र (मानसिक शांति, प्रेम और मनोकामना पूर्ति के लिए) मन्त्र: हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ किसके लिए: मानसिक तनाव (Depression), रिश्तों में खटास, या जीवन में परम आनंद और शांति की चाह के लिए। लाभ: कलयुग में इस महामंत्र को सबसे सरल और अचूक माना गया है। यह सीधे आपके अंतर्मन को शुद्ध करता है और मनचाहा फल प्रदान करता है। जप करने का सही नियम एक ही चुनें: इन 5 मंत्रों में से अपनी जरूरत के अनुसार सिर्फ एक मंत्र चुनें और उस पर पूरा भरोसा रखें। समय: सुबह स्नान के बाद या शाम को संध्यावंदन के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठें। साधन: जप के लिए तुलसी या रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें। यदि माला न हो, तो उंगलियों पर भी गिन सकते हैं।
भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर सारस चौराहे पर स्थित एक होटल में दबिश देकर देह व्यापर में लिप्त 9 लड़कियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार देह व्यापार के इस सेक्स रैकेट को चलाने के आरोपी जघीना गांव निवासी होटल मालिक राकेश खंडेलवाल के खिलाफ […] The post भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अर्जेंटीना होगी उलटफेर की शिकार, केप वर्डे के कोच का धमाकेदार बयान
केप वर्डे के कोच पेड्रो लीटाओ ब्रितो भरोसा है कि उनकी टीम FIFA World Cup 2026 में अर्जेंटीना हरा सकती है। ब्रितो को “विश्वास” है कि वे विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम दे सकते हैं और अर्जेंटीना को चौंका सकते हैं। विश्व कप में ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने वाला अब तक का सबसे छोटा देश केप वर्डे, शुक्रवार को मियामी में राउंड ऑफ 32 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से भिड़ेगा। लियोनेल मेसी के नेतृत्व वाली अर्जेंटीना की टीम जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। लेकिन केप वर्डे के कोच, जिन्हें बुबिस्ता के नाम से जाना जाता है, ने कहा कि उनकी टीम “साहसी और निडर” है।उन्होंने कहा, “बेशक, हमें विश्वास है। हमें खुद पर, अपनी ताकत पर, अपने खिलाड़ियों पर और अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। हम जानते हैं कि यह बहुत मुश्किल मुकाबला होगा, लेकिन हम अपने प्रतिद्वंदी को हरा सकते हैं। हम साहसी और महत्वाकांक्षी हैं और हम जीतने के लिए खेलेंगे।” We are all Cabo Verde pic.twitter.com/0eQHFDiEDT — Troll Football (@TrollFootball) July 3, 2026 उन्होंने कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है, और यह बहुत मददगार है। हम साहस के साथ खेलेंगे। हम निडर होकर क्वालिफिकेशन के लिए लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी मैच का आनंद लें, लेकिन साथ ही साथ ध्यान केंद्रित रखें और अगले चरण में पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास करें।” उन्होंने कहा, “वे मौजूदा विश्व चैंपियन हैं और टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक हैं। हम उनकी पूरी टीम के खिलाफ खेलेंगे। हम जानते हैं कि मेसी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन हम उनकी पूरी टीम के खिलाफ खेलेंगे।”
बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप,आरोपी में पूर्व आरक्षक अरेस्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना में पूर्व में पदस्थ आरक्षक सनत मीरी को एक युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी आरक्षक ने […] The post बिलासपुर में युवती को शादी का झांसा देकर रेप,आरोपी में पूर्व आरक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
धौलपुर में बच्चों के झगड़े में युवक की मौत
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में विपरपुर गांव में बच्चों के बीच हुई कहासुनी के दौरान गुरुवार देर रात हुई हिंसक झड़प में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए […] The post धौलपुर में बच्चों के झगड़े में युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल
एटा। उत्तर प्रदेश में एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसे में खराब खड़ी रोडवेज बस के बाहर सड़क पर खड़े पांच यात्रियों की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते […] The post एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल appeared first on Sabguru News .
आकाश में बना 'गजकेसरी राजयोग': जानिए किन राशियों पर बरसेगी गुरु-चंद्र की कृपा
ज्योतिष शास्त्र में 'गजकेसरी योग' को सबसे शक्तिशाली और शुभ राजयोगों में से एक माना जाता है। जब कुंडली या गोचर में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा एक-दूसरे से केंद्र स्थान में (यानी 1, 4, 7, या 10वें भाव में) होते हैं या युति बनाते हैं, तो इस अद्भुत योग का निर्माण होता है। हालांकि वर्तमान में यह दोनो ग्रह एक दूसरे के आमने सामने होकर दृष्टि संबंध बना रहे हैं। आइए जानते हैं इस समय आकाश में बने इस राजयोग से किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है। इन राशियों पर होगी पैसों और खुशियों की बारिश मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए यह योग करियर में लंबी छलांग लगाने का मौका देगा। आपके काम की तारीफ होगी और सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा। समाज में आपका कद बढ़ेगा और अगर कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो किस्मत आपका पूरा साथ देगी। ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क? कर्क राशि (Cancer) चंद्रमा आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपके लिए यह राजयोग मानसिक शांति और बड़ी वित्तीय सफलता लेकर आया है। अटका हुआ धन वापस मिलेगा और बिज़नेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। समाज में आपका मान-सम्मान और बैंक बैलेंस दोनों बढ़ेंगे। लीडरशिप क्वालिटी के दम पर आप कार्यक्षेत्र में अपना लोहा मनवाएंगे। संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। धनु राशि (Sagittarius) चूंकि गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह योग आपके भाग्य के द्वार खोल देगा। धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। लंबी दूरी की यात्राएं लाभदायक साबित होंगी और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से आपके संपर्क मजबूत होंगे। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों को इस समय भाग्य का शत-प्रतिशत साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की गुड न्यूज़ मिल सकती है। शत्रुओं पर आपकी विजय होगी और सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। बाकी राशियों के लिए सलाह जिन राशियों का नाम ऊपर नहीं है, उन्हें निराश होने की ज़रूरत नहीं है। गजकेसरी योग के प्रभाव से आप सभी के कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होंगी। इस शुभ समय का लाभ उठाने के लिए भगवान शिव की आराधना करें और गुरुजनों का सम्मान करें। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
सलमान खान की 'मातृभूमि' पर फिर संकट, CBFC ने रोका सर्टिफिकेट, अगस्त रिलीज भी टली!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' लंबे समय से रिलीज का इंतजार कर रही है। फिल्म की रिलीज डेट कई बार पोस्टपोन हो चुकी हैं। अब एक बार फिर 'मातृभूमि' की रिलीज पर काले बादल मंडरा गए हैं। खबरों के अनुसार सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म के क्लीयरेंस सर्टिफिकेट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके चलते अब यह फिल्म अपने तय समय यानी अगस्त के महीने में भी सिनेमाघरों में दस्तक नहीं दे पाएगी। ALSO READ: Alpha Review: फर्स्ट हाफ में ताबड़तोड़ ट्विस्ट, सेकंड हाफ में बिखरती कहानी... आलिया भट्ट की फिल्म कितनी दमदार है? ईद के बाद अब स्वतंत्रता दिवस का मौका भी छूटा यह पहला मौका नहीं है जब फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ी हो। शुरुआत में मेकर्स ने इस फिल्म को सलमान खान की परंपरा के अनुसार 17 अप्रैल को ईद के खास मौके पर रिलीज करने का फैसला किया था। लेकिन सेंसर बोर्ड और रक्षा मंत्रालय के कुछ कथित आक्षेपों व कुछ दृश्यों की री-शूटिंग के कारण इसे आगे बढ़ाकर अगस्त में रिलीज करने की तैयारी की गई थी। अब जबकि सेंसर बोर्ड ने इस पर होल्ड लगा दिया है, तो यह साफ हो गया है कि फिल्म अगस्त की डेडलाइन को भी मिस करने जा रही है। क्यों विवादों में घिरी है फिल्म? फिल्म ‘मातृभूमि’ की कहानी साल 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। फिल्म की घोषणा के वक्त इसका नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। फिल्म का टीज़र पिछले साल 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन पर जारी किया गया था। टीज़र रिलीज होते ही इस पर अंतरराष्ट्रीय विवाद शुरू हो गया। चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वहां के सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया कि फिल्म में गलवान घाटी की घटना को तोड़-मरोड़ कर और एकतरफा तरीके से पेश किया गया है। कूटनीतिक संवेदनशीलता और विवाद को बढ़ता देख मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया, ताकि यह किसी सीधे टकराव के बजाय देशभक्ति और शांति के संदेश पर केंद्रित लगे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें भारत-चीन संबंधों से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर जब इस साल की शुरुआत में विदेश मंत्रालय (MEA) से सवाल किया गया, तो मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से इस मामले से दूरी बना ली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि भारत में फिल्मों से जुड़े मामलों को संबंधित अथॉरिटी ही देखती है और इसमें विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। सलमा खान द्वारा 'सलमान खान फिल्म्स' (SKF) के बैनर तले बनाई जा रही इस फिल्म में सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। खबरों की मानें तो फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट किया जा रहा है।
भारत की सबसे तेज मिसाइल कौन-सी है? जानिए इसकी ताकत, जिससे चीन और पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
भारत की सबसे तेज़ मिसाइलों को उनकी श्रेणी (Category) के आधार पर दो भागों में देखा जाता है, क्योंकि क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल दोनों की गति और तकनीक अलग होती है। इन मिसाइलों को अमेरिका और रशिया के एयर डिफेंस सिस्टम ही पकड़ सकते हैं बाकि किसी भी देश में इन्हें पकड़ने की क्षमता नहीं है। ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर में अपना दम बता ही दिया है जिसके चलते पूर्वी देशों के अलावा अरब देशों में भी इसकी मांग बढ़ गई है। पाकिस्तान और चीन के लिए यह बेहद ही चिंता का विषय है। भारत बना रहा है अग्नि-6, जिसके किसी के पास नहीं होगा तोड़: अमेरिका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ था। अमेरिका के रक्षा विभाग (Pentagon) की ब्रीफिंग में एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार (तंज़िला खलील) ने अमेरिकी रक्षा सचिव (Defense Secretary) पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) से भारत की आगामी मिसाइल 'अग्नि-6' (Agni-VI) को लेकर सवाल पूछा था। पत्रकार ने भारत के लॉन्ग-रेंज मिसाइल प्रोग्राम, विशेषकर अग्नि-6 (Agni-VI) का ज़िक्र करते हुए अमेरिकी रक्षा सचिव को घेरने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत की अग्नि-6 मिसाइल की रेंज इतनी ज़्यादा (10,000+ किमी) है कि यह अमेरिका तक भी पहुँच सकती है, तो क्या अमेरिका इसे अपने लिए एक खतरे के रूप में देखता है? अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस सवाल पर पाकिस्तान को बिल्कुल भाव नहीं दिया। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों (India-US Relations) का हवाला देते हुए इस चिंता को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत और अमेरिका वैश्विक सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और भारत का रक्षा कार्यक्रम उनके लिए कोई खतरा नहीं है। 1. सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइल: ब्रह्मोस (BrahMos) अगर बात क्रूज़ मिसाइल (जो ज़मीन के समानांतर कम ऊंचाई पर उड़ती है) की हो, तो ब्रह्मोस भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है। रफ़्तार: मैक 2.8 से 3.0 (यानी ध्वनि की गति से लगभग 3 गुना तेज़—करीब 3,400 से 3,700 किमी प्रति घंटा)। खासियत: इसे थल, नभ और जल (पनडुब्बी और जहाज) कहीं से भी दागा जा सकता है। इसकी सटीक मारक क्षमता और रफ़्तार के कारण दुनिया का कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम इसे आसानी से इंटरसेप्ट (रोक) नहीं पाता। नोट: भारत और रूस मिलकर इसके अगले वर्ज़न ब्रह्मोस-II (BrahMos-II) पर काम कर रहे हैं, जो एक हाइपरसोनिक मिसाइल होगी और इसकी रफ़्तार मैक 7 से 8 (लगभग 9,800 किमी/घंटा) तक होने की उम्मीद है। लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल (LR-AShM) परिचय: यह भारत की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो देश की रक्षा तकनीक में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर है। रफ़्तार और रेंज: यह मैक 10 की शुरुआती और मैक 5 (6,125 किमी/घंटा) की औसत रफ़्तार से 1,500 किमी दूर मौजूद दुश्मन के युद्धपोतों को तबाह कर सकती है। तकनीक: यह पारंपरिक मिसाइलों की तरह नहीं चलती, बल्कि पानी पर तैरते पत्थर की तरह हवा में स्किप (Atmospheric Skips) करती है। इस अनप्रेडिक्टेबल रास्ते के कारण इसे रडार से ट्रैक करना या मार गिराना नामुमकिन है। रणनीतिक महत्व: इसके आने से हिंद महासागर में भारत को सी-डिनायल (दुश्मन को रोकने) की ताकत मिलेगी। साथ ही, भारत हाइपरसोनिक क्षमता वाले रूस, चीन और अमेरिका जैसे चुनिंदा देशों के एलीट क्लब में शामिल हो गया है। 2. सबसे तेज़ बैलिस्टिक मिसाइल: अग्नि-5 (Agni-V) अगर बात इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की हो (जो अंतरिक्ष में जाकर वापस नीचे टारगेट पर हमला करती है), तो अग्नी-5 भारत की सबसे तेज़ मिसाइल है। रफ़्तार: इसकी टॉप स्पीड मैक 24 तक पहुंच जाती है (यानी लगभग 29,400 किमी प्रति घंटा)। खासियत: यह भारत की सबसे लंबी दूरी (5,000+ किलोमीटर) तक मार करने वाली परमाणु-सक्षम मिसाइल है, जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दूरी महज 10 से 12 मिनट में तय कर सकती है। संक्षेप में कहें तो: पैंतरेबाज़ी और अचूक निशाने (Tactical) के मामले में ब्रह्मोस सबसे तेज़ है, जबकि अंतरिक्षीय रफ़्तार और लंबी दूरी (Strategic) के मामले में अग्नि-5 सबसे आगे है।
पश्चिम बंगाल OBC आरक्षण विवाद: 17% से 7% तक की पूरी कहानी
पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण 17% से 7% होने के फैसले का कानूनी, संवैधानिक और राजनीतिक विश्लेषण। जानिए हाईकोर्ट के फैसले, मंडल आयोग और इसके सामाजिक प्रभाव
मुंबई की बारिश में विक्की कौशल-कैटरीना कैफ का रोमांस, वायरल तस्वीर ने जीता फैंस का दिल
बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल और कैटरीना कैफ पावर कपल में से एक हैं। दोनों की रोमांटिक केमिस्ट्री को फैंस बहुत पसंद करते हैं। मुंबई में जारी बारिश के बीच विक्की ने अपनी पत्नी कैटरीना संग एक रोमांटिक तस्वीर शेयर की है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। विक्की कौशल द्वारा साझा की गई यह तस्वीर एक परफेक्ट ब्लैक-एंड-व्हाइट फ्रेम है। तस्वीर में विक्की आगे बैठे हुए खिड़की या से बाहर बारिश का आनंद लेते दिख रहे हैं, वहीं कैटरीना कैफ ने बेहद प्यार से उनके कंधे पर अपना सिर रखा हुआ है और उन्हें पीछे से गले लगाया है। दोनों एक साथ सामने की ओर देख रहे हैं। A post shared by Vicky Kaushal (@vickykaushal09) इस ड्रीम क्लोज-अप फोटो के साथ विक्की कौशल ने एक बेहद छोटा लेकिन दिल छू लेने वाला कैप्शन लिखा— “Rains and you” (बारिश और तुम)। ALSO READ: रितिक रोशन से तलाक के बाद सुजैन खान को मिले थे 400 करोड़ रुपए? फराह खान अली ने सालों बाद खोला राज जैसे ही यह तस्वीर सामने आई, फैंस ने कमेंट सेक्शन को दिल वाले इमोजी से भर दिया। एक यूजर ने लिखा, 'विहान कौशल बड़ा होकर एक दिन इस तस्वीर को अपने वॉलेट में रखेगा!' वहीं एक अन्य फैन ने लिखा, 'यह तस्वीर इतनी खूबसूरत है कि इसे देखकर मेरी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।' अवॉर्ड शो के मजाक से शुरू हुई थी रियल लाइफ लव स्टोरी विक्की और कैटरीना की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में विक्की ने अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि वे पहली बार एक अवॉर्ड शो के दौरान मिले थे, जहां विक्की होस्ट थे और कैटरीना परफॉर्म कर रही थीं। दोनों के कॉमन फ्रेंड सुनील ग्रोवर ने उन्हें बैकस्टेज मिलवाया था। इसके बाद एक अन्य अवॉर्ड फंक्शन में विक्की कौशल ने स्टेज पर एक मजाक के हिस्से के रूप में कैटरीना को सीधे प्रपोज कर दिया था। विक्की ने मजाक में कहा था, आप विक्की कौशल जैसे किसी अच्छे लड़के से शादी क्यों नहीं कर लेतीं? हालांकि वह महज एक स्क्रिप्ट थी और विक्की ने वह सवाल कई अभिनेत्रियों से पूछा था, लेकिन कैटरीना के साथ उनका वह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो गया और दोनों के बीच की केमिस्ट्री ने सुर्खियां बटोरीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कुछ समय तक एक-दूसरे को चुपचाप डेट करने के बाद, इस कपल ने 9 दिसंबर 2021 को राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित आलीशान 'सिक्स सेंसेस फोर्ट बरवारा' में बेहद निजी लेकिन शाही अंदाज में शादी रचाई थी। नवंबर 2025 में बेटे विहान के आने के बाद विक्की ने कैटरीना को एक 'सुपरहीरो' और 'वॉरियर' बताया था, जो मां के रूप में अपने इस नए सफर को बेहद खूबसूरती से संभाल रही हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो कैटरीना कैफ को आखिरी बार विजय सेतुपति के साथ फिल्म 'मेरी क्रिसमस' (2024) में देखा गया था। फिलहाल वह फिल्मों से दूर अपने बेटे विहान की परवरिश और अपने ब्यूटी ब्रांड 'के ब्यूटी' पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वहीं विक्की कौशल जल्द ही दिग्गज निर्देशक संजय लीला भंसाली की महात्वाकांक्षी फिल्म 'लव एंड वॉर' में नजर आएंगे।
CJP के आंदोलन से दूरी बनाने पर दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मैं कलाकार हूं, नेता नहीं...
फेमस पंजाबी एक्टर-सिंगर इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की सफलता का जश्न मना रहे हैं। दिलजीत अक्सर अपनी बेबाक राय के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा किए जा रहे बड़े विरोध प्रदर्शन से दिलजीत ने खुद को पूरी तरह किनारे कर लिया है। हाल ही में फैंस से रूबरू होने के लिए दिलजीत दोसांझ ने एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन रखा था। इस दौरान देश-विदेश से जुड़े उनके लाखों फैंस ने उनसे कई सवाल पूछे। इसी बीच एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या वे NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे या इसका समर्थन करेंगे? ALSO READ: रितिक रोशन से तलाक के बाद सुजैन खान को मिले थे 400 करोड़ रुपए? फराह खान अली ने सालों बाद खोला राज इस सवाल पर बिना किसी हिचकिचाहट के दिलजीत ने बेहद संजीदा लहजे में कहा, मुझे इन सब चीज़ों से दूर रखो... भाई, मैं एक कलाकार हूं। मैं कोई राजनेता नहीं हूं। मुझे नहीं पता कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं। अपनी बात को गहराई देने के लिए दिलजीत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की एक बेहद लोकप्रिय पंक्ति का पाठ किया— नानक दुखिया सभु संसारु, सो सुखिया जिसु नामु अघारु। इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर कोई किसी न किसी दुख या संघर्ष से गुजर रहा है, और सच्चा सुख केवल ईश्वर के नाम के सहारे ही मिल सकता है। उन्होंने आगे जोड़ा, देखो, इस दुनिया में सब कुछ कभी भी पूरी तरह सही नहीं हो सकता। इसलिए, जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ या जिनके लिए हो रहा है, उन्हें भी बधाई... क्योंकि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। दिलजीत दोसांझ का यह बयान इसलिए भी चर्चा बटोर रहा है क्योंकि साल 2020 में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन में वे एक मुखर चेहरा बनकर उभरे थे। उस समय उन्होंने न केवल सोशल मीडिया पर किसानों का खुलकर समर्थन किया था, बल्कि खुद सिंघु बॉर्डर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात भी की थी। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन? जंतर-मंतर पर जारी इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत मूल रूप से एक डिजिटल सैटायर आउटफिट के रूप में हुई थी। लेकिन 20 जून से इस संगठन ने जमीनी स्तर पर मोर्चा खोल रखा है। CJP की मुख्य मांग NEET परीक्षा पेपर-लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
2-1 से पुर्तगाल की क्रोएशिया पर जीत के अंतिम लम्हों में हुआ विवाद (Video)
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंकालो रामोस के एक-एक गोलों की बदौलत पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्वकप 2026 के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टोरंटो स्टेडियम में खेले गये इस मुकाबले में क्रोएशिया के लिए इवान पेरिसिक ने 53वें मिनट में गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। कुछ देर बाद पुर्तगाल ने पलटवार किया और रोनाल्डो ने 68वें मिनट में पेनल्टी पर गोलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद गोंकालो रामोस ने एक्ट्रा टाइम में निर्णायक गोल किया। फाइनल सीटी बजने से पहले क्रोएशिया के जोस्को ग्वार्डिओल ने गोल कर दिया था. लगा था कि यह मैच पेनल्टी शूटआउट में जाएगा, लेकिन वीडियो रीव्यू के बाद इसे ऑफ साइड करार दिया गया। रोनाल्डो ने 68वें मिनट में किया गया गोल विश्व कप में नॉकआउट चरण का पहला गोल है लेकिन यह रामोस ही थे जिन्होंने पुर्तगाल को जीत दिलाई क्योंकि उन्होंने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए टूर्नामेंट में देश के इतिहास में केवल दूसरी बार जीत हासिल की। 2026 विश्व कप में अब तक वीएआर द्वारा रद्द किया गया यह 10वां गोल था। Very controversial decision again by VAR and @Crotia football team has been robbed of the goal that could have pushed to extra time against @Portugal @FIFAWorldCup 2026. pic.twitter.com/2fJ0caeKZk — Analyst siyatii Hassan (@siyatii05) July 3, 2026 पुर्तगाल सोमवार को राउंड ऑफ 16 में स्पेन का सामना करेगा।गुरुवार का मैच विश्व कप के इतिहास में पहला ऐसा मैच था जिसमें मोड्रिक और रोनाल्डो सहित दो ऐसे खिलाड़ी मैदान पर उतरे जिनकी उम्र कम से कम 40 वर्ष थी। मैच के बाद रियल मैड्रिड के इन दोनों पूर्व साथी खिलाड़ियों ने मिडफील्ड में एक-दूसरे को गले लगाया।
Ashadh Sankashti Chaturthi Katha: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन के संकट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। भगवान गणेश की कृपा से बुद्धि, विवेक, सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से शिक्षा, करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करते हैं। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण नियम चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करना माना जाता है। पूजा में भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू, लाल पुष्प, सिंदूर और अक्षत अर्पित किए जाते हैं तथा 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जप विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धालु इस दिन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का श्रवण भी करते हैं, जिससे व्रत का पुण्य और बढ़ जाता है। यहां आपकी सुविधा के लिएप्रस्तुत हैं आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी की सरल कथा... आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी की संक्षिप्त कहानी: जब राजा महीजित को मिला पुत्र रत्न पौराणिक व्रत कथा: यह कथा द्वापर युग की है। महिष्मति नगरी में महीजित नाम का एक बेहद प्रतापी, दयालु और धर्मात्मा राजा राज करता था। वह अपनी प्रजा को अपनी संतान की तरह मानता था। राजा के पास वैभव की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। वेदों के अनुसार संतानहीन जीवन को अधूरा माना गया है, इसी चिंता में राजा धीरे-धीरे बूढ़े होने लगे। जब प्रजा पहुंची लोमश ऋषि के पास... राजा की इस चिंता को देखकर उनकी वफादार प्रजा और विद्वान ब्राह्मण उनके लिए उपाय खोजने जंगल की ओर निकल पड़े। जंगल में उन्हें त्रिकालदर्शी लोमश ऋषि के दर्शन हुए। प्रजा ने ऋषि से गुहार लगाई- 'हे मुनिवर! हमारे राजा बहुत धर्मात्मा हैं, उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं किया, फिर भी वे संतानहीन हैं। कृपया कोई ऐसा उपाय बताएं जिससे उनके वंश की वृद्धि हो।' ऋषि ने बताया 'संकटनाशन व्रत' प्रजा की व्याकुलता देखकर लोमश ऋषि ने कहा- 'आप लोग आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी के दिन 'एकदंत गजानन' का व्रत करें। राजा पूरी श्रद्धा से यह व्रत रखें और ब्राह्मणों को भोजन व वस्त्र दान करें। गणेश जी की कृपा से उन्हें निश्चित ही संतान सुख मिलेगा।' व्रत का चमत्कारी परिणाम प्रजा ने नगर लौटकर राजा को पूरी बात बताई। राजा महीजित और उनकी पत्नी रानी सुदक्षिणा ने पूरे विधि-विधान से आषाढ़ चतुर्थी का यह चमत्कारी व्रत किया। भगवान गणेश इस भक्ति से अत्यंत प्रसन्न हुए और कुछ समय बाद रानी ने एक बेहद सुंदर और भाग्यशाली पुत्र को जन्म दिया। भगवान श्रीकृष्ण के कहे अनुसार जो भी व्यक्ति इस संकष्टी चतुर्थी व्रत को पूरी श्रद्धा से करता है, उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और उसका घर हमेशा खुशियों से भरा रहता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: विघ्नहर्ता दूर करेंगे हर संकट: जानें आषाढ़ कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का महत्व, पूजा मुहूर्त, विधि और मंत्र
Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
Ashadha Krishna Yogini Ekadashi: हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी को सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाली और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाली माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था कि इस व्रत को करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य फल मिलता है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व वर्ष 2026 में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत गृहस्थों और वैष्णव संप्रदाय के लिए दो अलग-अलग दिन रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार तिथियों और व्रत का विवरण पाठकों की सुविधा हेतु नीचे दिया गया है... बता दें कि गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए: 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को व्रत रखना शास्त्र-सम्मत रहेगा। तथा वैष्णव संप्रदाय/ साधु-संतों के लिए: 11 जुलाई 2026, शनिवार को व्रत रखा जाएगा। इस बार योगिनी एकादशी व्रत समय योगिनी एकादशी शुक्रवार, जुलाई 10, 2026 को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारम्भ- 10 जुलाई 2026 को 08:16 ए एम से, एकादशी तिथि समाप्त- 11 जुलाई, 2026 को 05:22 ए एम पर। पारण/ व्रत तोड़ने का समय- 11 जुलाई को 01:50 पी एम से 04:36 पी एम जो श्रद्धालु 10 जुलाई को व्रत रखेंगे, उनके लिए पारण (व्रत खोलने) का शुभ समय उपरोक्तानुसार रहेगा। पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय- 10:32 ए एम पर। ************ गौण योगिनी एकादशी शनिवार, 11 जुलाई 2026 को गौण योगिनी एकादशी तिथि का प्रारम्भ- 10 जुलाई 2026 को 08:16 ए एम बजे एकादशी तिथि समाप्त- 11 जुलाई 2026 को 05:22 ए एम बजे। गौण एकादशी के लिए पारण या व्रत तोड़ने का समय- 12 जुलाई को 05:32 ए एम से 08:18 ए एम पर। पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। बता दें कि योगिनी एकादशी निर्जला एकादशी के बाद और देवशयनी एकादशी से पहले आती है तथा इस एकादशी का व्रत करने से समस्त पाप मिट जाते हैं और जीवन में समृद्धि और अनंत आनंद की प्राप्ति होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
8 साल का जावेद स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते-खेलते अचानक गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जमीन पर पड़ा कराहने लगा। टीचर भागते हुए आए, उन्होंने भी उठाने की कोशिश की। वो बार-बार कहता रहा- मेरे घुटने और कोहनियों में बहुत दर्द है। पैर मुड़ ही नहीं रहे। मैं उठ नहीं पाऊंगा। अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाऊंगा। प्लीज, अम्मी-अब्बू को फोन करके बुला दीजिए। घर पर फोन पहुंचते ही उसके अम्मी-अब्बू फौरन स्कूल पहुंचे। जावेद को गोद में उठाया और लेकर अस्पताल भागे। डॉक्टरों ने कुछ दवाइयां देकर घर भेज दिया। बोले- मांसपेशियां खिंच गई होंगी, कुछ दिन में ठीक हो जाएगा। जावेद की हालत हर दिन और खराब होती चली गई। फिर किसी ने मौलवी के पास जाने की सलाह दी। वहां भी लेकर गए। मौलवी ने 10 हजार की तेल की बॉटल थमा दी। कई हफ्तों तक उस तेल से मालिश की, लेकिन जावेद बिस्तर से नहीं उठा। आज इस बात को 18 साल बीत गए हैं, लेकिन जावेद आज तक बेड से उठ नहीं पाया। कूल्हे, कोहनी, घुटने, कलाई जहां-जहां भी जोड़ (ज्चाइंट) थे, वहां-वहां सूजन बढ़ती चली गई। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ‘ऐ जिंदगी’ में आज कहानी जावेद की। जिसके लिए मैं नीरज झा पहुंचा हूं गुजरात के अहमदाबाद शहर… जिस जावेद का ऊपर जिक्र किया है, अब उसकी उम्र 26 साल हो चुकी है। जावेद के अब्बू को एक डॉक्टर ने उसका जेनेटिक टेस्ट करवाने की सलाह दी थी। रिपोर्ट में पता चला कि उसे दुर्लभ बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है। दरअसल, जावेद के अब्बू की शादी खाला की बेटी से हुई है। करीबी रिश्तों में जब शादियां होती हैं, तो उनके बच्चों में ऐसी बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। इस बीमारी को एंजाइम थेरेपी से थोड़ा ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसका खर्च हर साल 4 करोड़ रुपए है। जब मैं जावेद के घर पहुंचा तो सुबह के 11 बज रहे थे। लाल-दरवाजे के पास एक घर है। यहां दस्तक देते ही एक बुजुर्ग दरवाजा खोलते हैं। वे अपना नाम- मोहम्मद आजी बताते हैं। घर के अंदर जाते ही किसी के कराहने और चीखने की आवाजें आती हैं। मोहम्मद आजी बताते हैं- ये मेरे बेटे जावेद के कराहने की आवाज है। वे मुझे उसके कमरे में ले गए। जावेद बेड पर लेटा है। दर्द से तड़प रहा है, हांफ रहा है। उसे देखकर लग रहा है मानो, शरीर से हडि्डयां बाहर झांक रही हों। उसके हाथ-पैर टेढ़े हो चुके हैं। वो कुछ देर बाद, उठने की कोशिश करता है, लेकिन दर्द के कारण लुढ़क जाता है। 15 मिनट तक वह कोशिश करता है, लेकिन उठ नहीं पाता। मो. आजी बताते हैं- शादी के दो साल बाद 3 मार्च 2000 को मेरा बेटा जावेद पैदा हुआ। शुरुआत में तो वैसा ही था, जैसे सबके बच्चे होते हैं। जब दो महीने का हुआ, तो धीरे-धीरे शरीर सूखने लगा। सिर भी शरीर के मुकाबले काफी बड़ा लग रहा था। इसकी दादी मजाक में कहती भी थी कि सरदार का बच्चा कहां से पैदा हो गया। डॉक्टर को दिखाया, तो उन्होंने कुछ दवाइयां दे दीं। तीन महीने बाद भी जब कुछ असर नहीं दिखा तो फिर डॉक्टर के पास पहुंचे। उन्होंने बोला कि जब बड़ा होगा तो ठीक हो जाएगा। तबसे हमने ध्यान देना बंद कर दिया। कई बार जावेद चलते-चलते गिर जाता था। हमें लगता था कि पैर कमजोर हैं। मालिश करेंगे तो ठीक हो जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे इसका शरीर और सूखने लगा। एकबार कुछ रिश्तेदार घर आए और इसे देखते ही बोले- जावेद बड़ा कमजोर है। बीमार है क्या? इसको डॉक्टर को दिखाइए। तबसे हमारी चिंता और बढ़ गई। 2010 की बात है। सूरत में पत्नी की नौकरी लगे दो साल ही हुए थे। जावेद तब तीसरी कक्षा में था। मैं ही इसकी देखभाल कहता था। इसका ट्यूशन घर से 2 किलोमीटर दूर था। एक दिन यह ट्यूशन गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। मैं घर पर उसका इंतजार कर रहा था। शाम हुई, तो मेरे जानने वाले शख्स दौड़ते हुए घर आए। बताया- तुम्हारा बेटा रास्ते में गिर गया है, उठ ही नहीं पा रहा है। जोर-जोर से चीख रहा है। मैं पहुंचा तो देखा जावेद बेहोश पड़ा था। उसके घुटने और कोहनियों में बहुत ज्यादा सूजन आ गई थी। उसे घर लाया। पत्नी को फोन करके सूरत से अहमदाबाद बुलाया। पूरी रात हम तेल से मालिश करते रहे, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। दोबारा डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने कहा- इसे कोई भी भारी सामान नहीं उठाने देना, यहां तक की स्कूल बैग भी नहीं। आधा किलो से ज्यादा वजन इसका शरीर बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। मोहम्मद आजी बात ही कर रहे थे, तभी जावेद बिस्तर से उठने की कोशिश करने लगा, लेकिन दर्द के कारण वह बार-बार बिस्तर पर ही लुढ़क जा रहा था। 15 मिनट तक उसने कोशिश की, लेकिन उठ नहीं पाया। आखिरकार पिता के सहारे उसने आहिस्ता-आहिस्ता अपने पैर बेड से नीचे लटकाए और चप्पल पहनने लगा। इसके बाद, मोहम्मद उसे वॉशरूम की ओर ले गए। वह किसी बच्चे की तरह पैर घसीटते हुए धीरे-धीरे कदम आगे बढ़ा रहा है। उसका घुटना जरा सा भी नहीं मुड़ रहा है। झुंझलाते हुए जावेद कहता है- ‘मुझे तो हर दिन आधे घंटे बिस्तर से उठने और आधे घंटे लेटने में लग जाते हैं। इतने दर्द में कहने को तो जिंदा हूं, लेकिन हालत किसी 90 साल के बूढ़े जैसी है। मेरे मां-बाप हैं जो मुझे ढो रहे हैं। उन्ही की वजह से जिंदा हूं। मेरे सारे काम यही लोग करते हैं। ऐसी बेकार जिंदगी है मेरी, 26 साल का हूं फिर भी पापा नहलाते हैं। मुझे शर्म आती है।’ ‘करीब एक साल पहले की बात है। मैं वॉशरूम गया था। अचानक घुटनों और कोहनियों में तेज दर्द उठा। पूरा शरीर सुन्न पड़ गया। मैं कमोड से उठ नहीं पा रहा था। करीब 15 मिनट तक जूझता रहा, लेकिन उठ नहीं पाया और न ही पैंट पहन पाया। आखिर मैंने चीखते हुए अब्बू को आवाज दी। पहले तो उन्हें मेरी आवाज भी सुनाई नहीं दी। काफी देर बाद जब मैं बाहर नहीं निकला तो वो खुद आए। आवाज देकर पूछा- जावेद तुम ठीक हो? मैंने रोते हुए जवाब दिया- अब्बू मेरा शरीर सुन्न पड़ गया है। घुटने जाम हो गए हैं। मैं उठ नहीं पा रहा हूं। मुझे यहां से बाहर निकालो। अब्बू भागते हुए गए और पड़ोसी को बुलाकर लाए। दोनों ने मिलकर वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर आए, मुझे पैंट पहनाई और बाहर निकाला। उस दिन के बाद से आज तक, मैंने कभी वॉशरूम का दरवाजा बंद नहीं किया। डर लगता है कि अगर दोबारा वैसा ही दर्द उठा, तो क्या करूंगा।’ मोहम्मद आजी कहते हैं कि- ये एक कदम भी बिना सहारे के नहीं चल पाता। तीन साल पहले की बात है। मैंने घर के पास ही एक दुकान से बिस्किट लाने भेजा। बमुश्किल 500 मीटर दूर। काफी देर तक लौटा नहीं। तब मैंने इसके नंबर पर फोन लगाया। किसी और ने जावेद का फोन उठाकर बोला- आपका बेटा बीच रोड में पड़ा है। इसे यहां से ले जाइए। मैं फौरन जावेद को लेने पहुंचा। उसने बस एक ही रट लगा रखी था- पापा, मर जाऊंगा। जल्दी ले चलो। मैं ऑटो वाले को बुलाकर लाया। जल्दी-जल्दी इसके जोड़ों में तेल और बाम लगाया। दवाई दी, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। जाने कितने दिनों तक ये तड़पता रहा। तीन महीने तक बिस्तर से नहीं उठा। कूल्हे, कोहनी, घुटने, कलाई जहां-जहां भी जोड़ जॉइंट्स थे, वहां-वहां सूजन बढ़ रही थी। जब आराम नहीं मिला तो हड्डी के डॉक्टरों को दिखाया। उन्होंने जेनेटिक टेस्ट कराने के लिए कहा। दो महीने बाद रिपोर्ट आई, तब डॉक्टरों ने बताया कि जावेद को मार्कियो डिजीज (म्यूकोपॉलीसेकेराइडोसिस टाइप IV ) है। ये एक जेनेटिक बीमारी है। दुनिया में इसका कोई इलाज नहीं है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी, हडि्डयां जाम होती जाएंगी। हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता जाएगा। आंखों की रोशनी कम होती जाएगी। इसके बाद दूसरे अस्पतालों में दिखाया। वहां डॉक्टर ने एंजाइम थेरेपी के बारे में बताया, लेकिन उसका खर्च 3 से 4 करोड़ रुपए सालाना है, जो हमारी हैसियत से कहीं ज्यादा था। अब तक जावेद की बीमारी में 6 से 8 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इसमें से 50 हजार रुपए तो जेनेटिक टेस्ट में लगे हैं। इसके बाद बेटी हिब्बा और दूसरे बेटे का भी टेस्ट कराया। ये दोनों जुड़वा हैं और जावेद से 4 साल छोटे हैं। जब दोनों की रिपोर्ट आई तो बेटी को भी यही बीमारी निकली, लेकिन छोटा बेटा बच गया। तभी किचन से एक महिला चाय लेकर आती हैं। मोहम्मद कहते हैं- यह मेरी पत्नी अजीजा बानो हैं। अजीजा कहती हैं- ‘मैं सरकारी टीचर हूं। अभी सूरत में पोस्टिंग है। हर हफ्ते बेटे को देखने के लिए आती हूं। कई बार ट्रांसफर की अर्जी लगाई, लेकिन सरकार में कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसी हालत में कौन मां अपने बेटे से दूर रहेगी, लेकिन मुझे रहना पड़ता है। क्या करूं, इसी नौकरी के भरोसे तो पूरा घर चल रहा है। सोचती हूं, जब हम दोनों नहीं रहेंगे, उस दिन इसका क्या होगा।’ बोलते-बोलते अजीजा के आंसू निकल आते हैं। कुछ देर बाद फिर कहती हैं- बेटा कभी-कभी कहता है मेरी शादी करा दो, लेकिन किससे कराएं। कौन लड़की इससे ब्याह करेगी। मेरी बेटी हिब्बा बानो को भी यही बीमारी है। उसके घुटनों में भी हल्का-हल्का दर्द रहता है। हाथ-पैर की उंगलियां हल्की टेढ़ी हैं, लेकिन उसकी हालत इससे थोड़ी बेहतर है। वह 22 साल की हो चुकी है। अपना काम खुद कर लेती है। उसके लिए दो-तीन रिश्ते आ चुके हैं, लेकिन उसकी बीमारी के बारे में सुनते ही सब लौट जाते हैं। दोबारा मुड़कर नहीं देखते। अब डर लगता है कि बेटी की भी शादी होगी या नहीं। मो. आजी कहते हैं- ‘बचपन में जब जावेद को देखता था, तो सोचता था बड़ा बेटा है। बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन ढलती उम्र में मुझे ही इसे सहारा देना पड़ रहा है। इसके सामने मैं खुद अपने घुटनों का दर्द भूल गया हूं। 9वीं तक इसे पढ़ाया। दोस्त हमेशा जावेद से पूछते थे- तुम ऐसे मरे हुए क्यों दिखते हो, कितनी छोटी हाइट है तुम्हारी। तुम इतने कमजोर क्यों हो। जावेद को बहुत बुरा लगता था। इसलिए एक दिन कह दिया कि आगे की पढ़ाई नहीं करूंगा। 2014 में इसने स्कूल छोड़ दिया। उसके बाद धीरे-धीरे इसका शरीर और सूखने लना। कुछ साल पहले तक ये जमीन पर बैठता भी था, अब तो वो भी नहीं। मेरे दोस्त भी कहते हैं- बेटे का इलाज तो करवाओ। अब उन्हें क्या बताऊं कि मेरा बेटा ऐसी बीमारी से जूझ रहा है, जिससे वो कभी जीत नहीं पाएगा। मैंने तो पूरी-पूरी रात जागकर बेटे को दर्द में तड़पते देखा है। जब भी कराहता है तो एक ही दुआ करता हूं, अल्लाह, इसे उठा ले। सच कहूं, तो यह कुछ नहीं कर सकता है। इसके कमर का हिस्सा इतना छोटा है कि बैठ भी नहीं सकता। जावेद को 18 साल से यह दर्द है। इतने सालों में कभी भी रात में मेरी नींद पूरी नहीं हुई। जावेद और हिब्बा की हालत देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मैं इस बीमारी से जुड़े सवालों का जवाब पाने के लिए अहमदाबाद के ‘न्यूबर्ग सेंटर फॉर जिनोमिक मेडिसिन’ के जिनोमिक्स डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेनटेशन डिपार्टमेंट पहुंचा। मेरी मुलाकात यहां की डायरेक्टर डॉ. शीतल शारदा से हुई। डॉ. शारदा बताती हैं- मार्कियो सिंड्रोम की शुरुआत बहुत चुपके से होती है। जब करीबी रिश्तों में शादियां होती हैं, तो होने वाले बच्चों में जेनेटिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वजह-ऐसे दंपतियों के जींस काफी हद तक एक जैसे होते हैं। दक्षिण भारत में इस तरह के मामले ज्यादा सामने आते हैं। डॉ. शारदा बताती हैं- शुरुआत के एक-दो साल तक माता-पिता को अंदाजा नहीं होता कि उनके बच्चे के शरीर के भीतर कोई बीमारी पनप रही है, लेकिन जैसे ही बच्चा तीसरे साल में कदम रखता है, उसका शारीरिक विकास रुकने लगता है। हाइट रुक जाती है, हाथ-पैर हल्के-हल्के टेढ़े होने लगते हैं। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की उम्र बमुश्किल 30 से 40 साल होती है। यह बीमारी क्यों होती है? डॉ. शारदा बताती हैं- जब हम कुछ खाते हैं, तो हमारे शरीर को शुगर मिलती है। एक स्वस्थ शरीर में 'GALNS' और 'GLB1' नाम के दो जीन इस शुगर को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने में मदद करते हैं। मगर मार्कियो के मरीजों में यही दोनों जीन खराब हो जाते हैं। नतीजा- शुगर के ये बारीक कण यानी GAGs जोड़ों, कॉर्निया, फेफड़ों और हार्ट के वॉल्व के आसपास जमने लगते हैं। इससे आंखें कमजोर होने लगती हैं। हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। वह बताती हैं- हमारी हड्डियों के जोड़ों के बीच एक गद्देदार परत होती है, जिसे कार्टिलेज कहते हैं। यह हड्डियों को आपस में टकराने से रोकती है, लेकिन जब शुगर जोड़ों में जमा होती है, तो कार्टिलेज में सूजन आ जाती है। धीरे-धीरे शरीर के सारे जॉइंट्स (कूल्हा, कोहनी, घुटने) पत्थर की तरह सख्त होने लगते हैं। रीढ़ की हड्डी टेढ़ी हो जाती है और हाथ-पैर सीधे नहीं हो पाते। जब भी दो हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं या उन पर दबाव पड़ता है, तो मरीज को तेज दर्द होता है। कई मामलों में तो इंसान पूरी तरह से बिस्तर पर आ जाता है और उसका चलना-फिरना बंद हो जाता है। इसका दुनिया में कोई स्थाई इलाज नहीं है। डॉ. शारदा बताती हैं- ऐसे मरीजों के लिए एंजाइम थेरेपी एक विकल्प है, लेकिन इससे भी बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती। इस थेरेपी के जरिए हर हफ्ते इंजेक्शन से एंजाइम शरीर में डाला जाता है। इससे जोड़ों में शुगर कम जमती है। मरीज का दर्द थोड़ा कम होता है और फेफड़े बेहतर काम करते हैं। लेकिन, जो हड्डियां एक बार टेढ़ी या जाम हो चुकी हैं, उन्हें यह दोबारा सीधा नहीं कर पाता। यह एंजाइम थेरेपी जिंदगी भर लेनी पड़ती है और इसका सालाना खर्च 3-4 करोड़ रुपए है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- उम्र-29, हाइट 3 फीट, खांसने से टूटती हैं हड्डियां: भगवान से हर रोज कहती हूं- मुझसे पहले मेरी बेटी को उठा लेना तखत पर एक लड़की करवट लिए लेटी है। बाल छोटे-छोटे। लंबाई बमुश्किल 3 फीट, लेकिन उम्र 29 बरस। इस लड़की ने आज तक आइसक्रीम नहीं खाई। जानते हैं क्यों? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
कहीं गुलाबी रंग का पेट्रोल, कहीं टैंक से चिपकी चीटियां, कहीं पेट्रोल के साथ दिखता पानी। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज वायरल हैं और सभी के साथ एक ही नाम जुड़ा है- एथेनॉल। इन वीडियोज की असलियत संदिग्ध हो सकती है, लेकिन देश में एथेनॉल पर बहस बिल्कुल असली है। आखिर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने पर क्यों तुली है सरकार, क्या हैं इसके फायदे-नुकसान और आगे का रास्ता; आज के एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… सवाल-1: सरकार एथेनॉल को लेकर क्या एक्सपेरिमेंट कर रही है?जवाबः एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो गन्ना, मक्का और चावल वगैरह से बनता है। ये ज्वलनशील होता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर ईंधन की तरह इस्तेमाल करने पर कई स्टडी हुईं और सरकार के मुताबिक इसके अच्छे नतीजे आए। भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल आयात करता है। जबकि एथेनॉल बनाने के लिए जरूरी गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलें देश में ही पैदा होती हैं। इसलिए 2001 में भारत सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ पेट्रोल पंपों पर 5% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सप्लाई की। ये सफल रहा। इसके बाद 2003 में शुरू हुआ एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम… इसके अलावा देश के 48 पेट्रोल पंपों पर E85 पेट्रोल भी रोलआउट हो चुका है। यानी 85% एथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल। दिसंबर 2026 तक इसे 500 पंपों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। 10 जून को नितिन गडकरी ने कहा कि उनकी सरकार ने 100% एथेनॉल पर चलने वाले वाहनों को भी मंजूरी दे दी है। सवाल-2: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के फायदे क्या हैं?जवाबः सरकार 3 बड़े फायदे गिना रही है…1. 1.84 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा की बचत: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की वजह से भारत को 302 लाख मीट्रिक टन कम तेल आयात करना पड़ा। इससे पिछले 12 सालों में 1.84 लाख करोड़ रुपए विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। 2. किसानों की आय में 1.58 लाख करोड़ की बढ़ोतरी: एथेनॉल बनाने में तीन फसलों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है- मक्का, गन्ना और चावल। 2025-26 में 91.89 लाख हेक्टेयर जमीन पर मक्के की खेती हुई है, जो पिछले साल से 10.5% ज्यादा है। इसी तरह गन्ना और चावल की बुआई भी बढ़ी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक पिछले १२ साल में एथेनॉल प्रोजेक्ट से किसानों को 1.58 लाख करोड़ रूपए की कमाई हुई है। 3. प्रदूषण में 65% तक की कमीः NITI आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल की तुलना में गन्ने और मक्के से बनने वाले एथेनॉल के इस्तेमाल करने से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन 60% से 65% तक कम होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक १२ साल में एथेनॉल प्रोजेक्ट से 909 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कटौती हुई है। सवाल-3: सरकार इतने फायदे गिना रही, तो फिर इसमें दिक्कत क्या है?जवाबः भारत के एथेनॉल प्रोजेक्ट में मोटेतौर पर 5 दिक्कतें हैं... 1. कम माइलेज और इंजन में खराबी की शिकायत 2. एथेनॉल सस्ता, लेकिन जनता को पेट्रोल के रेट पर मिल रहा 3. एक लीटर एथेनॉल बनाने में 10 हजार लीटर तक पानी खर्च 4. मक्का-गन्ने की खपत बढ़ी, तो दाल-तिलहन पर संकट 5. नितिन गडकरी पर सवाल सवाल-5: सरकार क्या कदम उठाए, तो चीजें ठीक हो सकती हैं? जवाबः एक्सपर्ट्स 5 रास्ते बताते हैं…1. फ्लेक्स इंजन गाड़ियों की बिक्री बढ़ाएं और ब्लेंडिंग की रफ्तार धीमी करें 2. एथेनॉल अनिवार्य न किया जाए, लोगों को विकल्प मिले 3. पारदर्शिता लाई जानी चाहिए 4. ईंधन की कीमत घटाई जाए 5. गन्ने-मक्के का विकल्प ढूंढना अब आखिर में एथेनॉल से जुड़ा एक नॉलेज कैप्सूल… ---------- ये खबर भी पढ़िए… पासपोर्ट-आधार भी नागरिकता का सबूत नहीं, फिर कैसे तय होगा कि आप भारत के नागरिक; क्या NRC की तैयारी है ‘पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाणपत्र।’ विदेश मंत्रालय के अधिकारी का ये बयान सुर्खियों में है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर पासपोर्ट नहीं, तो भारत के नागरिक होने का सबूत क्या है? क्या सरकार नागरिकता के लिए कुछ नया करने जा रही है, पूरी खबर पढ़िए…
एक बेटी मां से कहकर गई थी कि NEET परीक्षा से लौटते वक्त- 'मोमोज लेकर आऊंगी।' दूसरी बेटी परीक्षा केंद्र से एग्जाम देकर निकलते ही पिता से बोली थी- ‘अब तो आपकी बेटी डॉक्टर बन गई समझो।’ दोनों घरों में डॉक्टर बनने के सपने सज रहे थे। लेकिन नीट का पेपर लीक हो गया। उसके कुछ ही दिनों बाद एक घर में पंखे से लटका शव मिला और दूसरे घर में नीट की दोबारा परीक्षा के दिन नर्मदा किनारे बेटी की लाश। अब दोनों परिवारों के पास बची हैं सिर्फ बेटियों की तस्वीरें, अधूरे सपने और अनगिनत सवाल। इस बार ब्लैकबोर्ड में मैं नीरज झा कहानी लाया हूं मध्य प्रदेश के दो परिवारों की। दोनों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा, लेकिन NEET पेपर लीक के बाद दोनों बच्चों ने आत्महत्या कर ली। रीवा शहर से 60 किलोमीटर दूर महूगंज जिले का मांगलिया गांव। यहां एक भी पक्का मकान नहीं हैं। ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए थोड़ा आगे बढ़ने पर एक घर दिखाई दिया। यह कृष्ण कुमार चतुर्वेदी का पुश्तैनी मकान है। मिट्टी, छप्पर और खपरैल का बना। 49 साल के कृष्ण कुमार चतुर्वेदी बताते हैं- ‘अगर मुझे पता होता कि डॉक्टर बनाने का सपना बेटी की जान ले लेगा, तो मैं उसे कभी डॉक्टर बनाने की न सोचता। यह कहते हुए चुप हो जाते हैं। आंखें भर आती हैं। कुछ पल बाद मोबाइल निकालते हैं और बेटी आकांक्षा की तस्वीर दिखाने लगते हैं। रुंधे गले से कहते हैं- अब तो कुछ बचा ही नहीं है। सब बेटी आकांक्षा के साथ चला गया। हंसता, मुस्कुराता चेहरा… अभी चाय पी रहा था, तो आखों के सामने उसका चेहरा नाचने लगा। कहती थी- पापा अब तो डॉक्टर बन ही जाऊंगी। बस कुछ साल की तकलीफें हैं। पता होता कि उसकी जान एक परीक्षा की वजह से चली जाएगी, तो कभी डॉक्टर बनाने का सपना न देखता। उसे मना कर देता। कम-से-कम जिंदा तो रहती। पेपर लीक के बाद वह उदास रहने लगी थी। पर वो फांसी लगा लेगी…ऐसा भला मैं कैसे सोचता। फांसी लगाने से पहले एक बार तो कुछ बोलती। हमारा चेहरा ही देख लेती कि इस बाप का क्या होगा।' कृष्ण कुमार बताते हैं- 'हम परिवार के साथ नागपुर में रहते हैं। 20 मई की बात है। सुबह का वक्त था। मेरी बेटी ने तरबूज और कुछ फल काटकर मुझे खाने को दिए। मार्केट से कुछ काम निपटाकर वापस घर आया, तो वह सो रही थी। मैंने कहा- बेटा खाना खा लो, फिर सोना। बोली- नहीं पापा, नींद बहुत आ रही है। आप खा लो। खाना खाने के बाद मैं, पत्नी और बेटा बरामदे में सो गए। जबकि बेटी सोने के लिए अपने कमरे में चली गई। करीब 2 घंटे बाद, दोपहर के 3 बजे थे। उसकी मां ने पुकारा, लेकिन कमरे से कोई आवाज नहीं आई। कुछ देर बाद गेट ठकठकाया, तब भी कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से झांककर देखा, तो वह पंखे से दुपट्टा लगाकर लटकी हुई थी। हाय मेरी आकांक्षा…! यह कहते कृष्ण कुमार फफककर रोने लगते हैं। इस दौरान बारिश शुरू हो जाती है। वह कुछ देर चुप रहकर बताते हैं- ‘कोई अगर कहे कि आपकी बेटी आसमान में मिलेगी, तो मैं उसे आसमान से लाने चला जाऊंगा।' अगले दिन हम लाश को नागपुर से घर लाए। यहां अर्थी सजी। सभी लाश को प्रयागराज लेकर गए। मुझे साथ नहीं ले गए। अच्छा हुआ वर्ना बेटी की चिता में कूदकर उसी के साथ चला जाता। अब तो लगता है जिंदगी में कुछ बचा ही नहीं। किसके लिए जीना। एक बेटा है, 15 साल का। उसके लिए सोचता हूं कि अगर मुझे कुछ हो गया, तो वह और पत्नी किसके सहारे रहेंगे। आकांक्षा 19 साल की थी। 2025 में ही उसने 12वीं किया था। 3 मई 2026 को उसका NEET एग्जाम का पहला अटेम्प्ट था। उस दिन एग्जाम दिलाने मैं ही साथ गया था। जब सेंटर से बाहर आई, तो कहने लगी- 'पापा 720 नंबर में से 650 तो कोई रोकने वाला नहीं है। पेपर अच्छा गया है। समझो अब आपकी बेटी डॉक्टर बन गई। उसके बाद हम दोनों ने एक दुकान पर साथ में लस्सी पी थी। मैंने मन ही मन सोचा- तब तो मैं डॉक्टर का बाप कहलाऊंगा। मैं उसे प्यार से लल्ला कहता था। एक दिन मैंने यूं ही कहा- लल्ला ये बता, जब तुम डॉक्टर बनोगी, तो डिग्री लेते वक्त जब मैं मंच पर जाऊंगा तो क्या बोलूंगा? यह कि रोटी बनाने वाले की बेटी डॉक्टर बन गई है? दरअसल, मैं नागपुर शादी-ब्याह में कैटरिंग यानी खाना बनाने और परोसने का काम करता हूं। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं हूं। उस दिन वह हंसकर बोली- पापा मैं आपकी परी बेटी हूं। देखिए कैसे, मेरे गाल पर डिंपल आते हैं। कितनी सुंदर लगती हूं। आपको सब सिखा दूंगी। अंग्रेजी भी। भाई की तो आप चिंता ही मत कीजिए। उसे मैं पढ़ाऊंगी। बस डॉक्टर बन जाने दीजिए, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया।’ इस दौरान कृष्ण कुमार अपनी मोबाइल में आकांक्षा की तस्वीर बार-बार देख रहे हैं। पास में एक पेपर भी लिए हैं, जिस पर कुछ लिखा है। वह रुंधे गले से उस नोट को दिखाते हुए कहते हैं- ‘सुसाइड करने से पहले उसने यही लिखा था- ‘मम्मी-पापा, आपका मुझ पर बहुत भरोसा था कि बेटी डॉक्टर बनेगी, लेकिन दोबारा नीट पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में अच्छे मार्क्स आते, लेकिन दोबारा पेपर अच्छा जाएगा, इसकी क्या गारंटी? सॉरी मम्मी-पापा। मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का…। - स्नेहा’। स्नेहा उसका घर का नाम था। दिनभर में इस नोट को कई दफा पढ़ लेता हूं। उसे याद करके रात-रातभर जगा रह जाता हूं। मेरे हाथ में बहुत दर्द होता है। नींद नहीं आती। पागल सा हो गया हूं।’ यह कहते हुए वह बार-बार अपना दाहिना हाथ सहलाते हैं। पूछने पर कहते हैं- ‘इसमें लकवा मारा गया था, तब से काफी दर्द होता है। दो बार तो हार्ट की सर्जरी हो चुकी है। उसी में 6-7 लाख रुपए लग गए। ये 2020 की बात है। उसी के बाद बेटी ने डॉक्टर बनने की ठानी। कहती थी- पापा आपका इलाज मैं करूंगी। आपके हाथ ठीक कर दूंगी। डॉक्टर बनकर देश की सेवा करूंगी। जिनके पास पैसे नहीं होंगे, उनका फ्री इलाज करूंगी।' मोबाइल में उसकी तस्वीर दिखाते हुए वह कहते हैं- सोचिए, बाप को छोड़कर ऐसे ही हंसते हुए चली गई। 10-12 लाख रुपए कर्ज है। बेटी की कोचिंग और अपने इलाज के लिए लिया था। अब उसी के बारे में सोचकर मरे जा रहा हूं। अभी तो कोई नहीं मांग रहा, लेकिन कुछ महीने, साल में सब मांगेंगे? बहन से 6 लाख कर्ज लिया था। फिर बैंक से लोन लिया। जब बैंक वाले परेशान करने लगे, तब बड़े भाई से ढाई लाख रुपए लेकर बैंक को चुकाया। अब बाकी लोगों के पैसे कैसे दूंगा? नागपुर कब गए? ‘1993 में। पढ़ा-लिखा कम हूं। कमाने के लिए नागपुर गया। वहां कुछ महीने होटल में काम किया, फिर कैटरिंग का काम करने लगा। शादी-ब्याह में खाना बनाने का। जब बच्चे हुए, तो दिन-रात जाग-जागकर काम किया, ताकि उन्हें पढ़ा सकूं। 2020 के बाद जब हाथ में लकवा मार गया, तब तो सब खत्म हो गया। थोड़ा-बहुत हेल्पर के तौर पर काम कर पाता हूं। इसी से जो कमाई होती, घर चलता था। वहां किराए के मकान में रहता हूं। वहीं आकांक्षा भी नीट की तैयारी कर रही थी। जब हाथ का ऑपरेशन हुआ तो डॉक्टर ने पराठा, ज्यादा तला-भुना खाना खाने से रोक दिया, लेकिन बेटी से चुपके से पराठे मांग लेता था। उस पर वह कहती- गलत बात है पापा। जब आप ठीक हो जाएंगे, तब खूब अच्छा बनाकर खिलाऊंगी। अभी तो सादी रोटी से काम चलाओ। वह मुझे गोल-गोल रोटियां बनाकर खिलाती थी। निक्की यादव की लाश नर्मदा नदी के किनारे मिली इसके बाद अगले दिन मैं इंदौर के मांगलिया इलाके में रहने वाली 18 साल की निक्की यादव के परिवार से मिलने पहुंचा। निक्की ने 21 जून को दूसरी बार हुए नीट परीक्षा के दिन सुसाइड कर लिया। यहां एक दोमंजिला मकान में निक्की की मां इंदु यादव और पिता रामानंद यादव मिले। इंदु मुझे देखकर सिसक-सिसकर रोने लगीं। वह बताती हैं- '21 जून... यह तारीख अब भी मेरी आंखों के सामने घूमती है। उससे दो दिन पहले, शुक्रवार को मैं और पति शिरडी साईं बाबा के दर्शन के लिए निकले थे। पिछले साल जब उसका NEET क्लीयर नहीं हुआ, तो हमने मन्नत मांगी थी। हम साईं बाबा के दर्शन करके रविवार को करीब 12 बजे घर लौटे। पूरे रास्ते बस यही मना रही थी कि इस बार बेटी का पेपर अच्छा हो जाए। घर पहुंचते ही बड़ी बेटी ने बताया- मम्मी, निक्की परीक्षा देने निकल गई है। उसका सेंटर करीब 50 किलोमीटर दूर महूगंज में था। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी, लेकिन सेंटर पर 12 बजे तक पहुंचना था। इसलिए वह पहले चली गई। केवल एक कप चाय पी कर परीक्षा देने गई थी। सोचा था लौटकर आएगी तो उसकी पसंद का खाना बनाऊंगी।' यह कहते हुए इंदु रोने लगती हैं। थोड़ी चुप रहकर फिर बताती हैं- जब भी टीवी या अखबार में किसी छात्र के आत्महत्या की खबर आती तो निक्की कहती- मम्मी, ये लोग सुसाइड क्यों कर लेते हैं? जिंदगी में कोई-न-कोई रास्ता निकल ही आता है। मैं उसकी बातें सुनकर कहती थी- हां बेटा, कभी हार नहीं माननी चाहिए, लेकिन क्या पता था कि वैसा ही कदम मेरी बेटी भी उठा लेगी। 21 जून की सुबह जब निक्की घर से निकल रही थी, तब उसके चेहरे पर एग्जाम का तनाव नहीं, बल्कि हमेशा वाली मुस्कान थी। वह परीक्षा के जा रही थी तो बड़ी बहन से बोली- ‘दीदी या भाई शिवम मुझे एग्जाम सेंटर छोड़ देंगे। वापस बस से आ जाऊंगी। बोली थी- वापस आते वक्त मोमोज लेकर आएगी।’ इंदु की नजर सामने रखी निक्की की तस्वीर पर टिक जाती है। कहती हैं- वह मोमोज लेकर नहीं आई। अब न वह दरवाजा खोलते ही मुझे अब आवाज लगाएगी, न पीछे से आकर मेरे गले से झूलेगी। सोचकर बहुत तकलीफ होती है कि उसे घर से निकलते हुए आखिरी बार देख नहीं पाई। वह बताती हैं- भगवान जानें, उस दिन क्या हुआ। 21 की शाम आखिरी बार उससे बात हुई। 7-8 बजे उसने किसी दूसरे के मोबाइल से कॉल किया, बोली- मम्मी मैं इंदौर आ गई हूं। यहां से अपना घर 15 किलोमीटर दूर है। पापा को बोलना, एक घंटे बाद पंचवटी आ जाएं। मैं बस से आ रही हूं। मेरा फोन बंद हो गया है। इतना कहते हुए इंदु के फिर से आंसू बहने लगते हैं। बगल में बैठी उनकी दूसरी बेटी रूबी यादव कंधे पर हाथ रखकर सहारा देते हुए कहती हैं- 'निक्की के कमरे में उसकी एक बड़ी-सी तस्वीर फ्रेम कराके अखबार से लपेटी हुई रखी है, लेकिन हमारी हिम्मत नहीं कि उसे दीवार पर टांग दें। ऐसा लगता है, वह किसी कमरे से खिलखिला रही है। वह थोड़ी मोटी थी। हम प्यार से उसे छोटा हाथी कहकर बुलाते थे।’ एग्जाम से एक दिन पहले शाम को निक्की को लेकर हम एक कैफे में डिनर के लिए गए थे। उसे एग्जाम की कोई चिंता नहीं थी। हमने खूब मस्ती की। करीब 2-3 घंटे बाद वापस घर लौटे थे। 21 जून की सुबह उसने थोड़ा-बहुत घर का काम किया। झाड़ू लगाकर बोली- दीदी, अब तैयार होने जा रही हूं। वापस आने के लिए बस का किराया दे दो। मैंने उसे 500 रुपए दिए। बोली- अरे! ये तो ज्यादा हो गया। फिर बोली- चलो मोमोज लेकर आऊंगी। रूबी बताती हैं- हम चार बहनों में वह सबसे छोटी थी। भाई शिवम से बड़ी। उस दिन शिवम सेंटरछोड़ने गया। वापस आते वक्त उसे पानी की बोतल खरीदकर दी थी। शाम 5 बजे उसका एग्जाम खत्म हुआ। 5 घंटे बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तब हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है। रात 9 बजे से लगातार उसे 50 से ज्यादा कॉल किए, लेकिन किसी का जवाब नहीं आया। मैंने मैसेज भी किया- ‘निक्की, प्लीज अटैंड दि कॉल’, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया। इस दौरान मां इंदु सुबकते हुए बोलीं- ‘भइया अब कैमरा बंद कर दीजिए। हम लोगों को मत कुरेदिए। बेटी चली गई… अब क्या ही बात करूं।’ कुछ देर चुप रहकर फिर कहती हैं। उस रात हमने थाने में शिकायत की, तो पुलिस ने उसकी उम्र पूछी। हमने 20 साल बताया, तो कहने लगी- अरे! किसी के साथ भाग गई होगी। आ जाएगी कल तक। उस दिन समय रहते पुलिस छानबीन करती, तो शायद बेटी जिंदा मिल जाती। वो कहती थी- मेरी दो बहनें सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मैं तो डॉक्टर बनूंगी।’ यह कहते हुए इंदु फिर रोने लगती हैं। अब मैं कैमरा बंद कर देता हूं। घर के भीतर से निक्की के पिता रामानंद यादव आए। वह बताते हैं- ‘ब्रश कर रहा था। हफ्तेभर हो गए हैं ठीक से कुछ खाया-पीया नहीं है। सोचता हूं अगर मैं टूट गया, तो बच्चे, पत्नी… सब बिखर जाएंगे। रात 9 बजे तक वह जब घर नहीं आई, तो मैं अपने बेटे के साथ बस स्टैंड गया। हर बस को रोककर उसमें झांक-झांककर देखने लगा। उधर, बेटी उसे लगातार कॉल कर रही थी। जब आधे घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चला, तब आसपास के हॉस्पिटल पहुंचे- यह सोचकर कि कहीं एक्सीडेंट तो नहीं हो गया। आखिरकार, हारकर लसूड़िया पुलिस स्टेशन गया। पुलिस ने कहा- लोकेशन ट्रेस करने में 24 घंटे लगेंगे। हम वापस घर आ गए। रातभर जागे रहे कि कहीं से कोई अच्छी खबर मिल जाए। सुबह हुई तो फिर से साइबर पुलिस के पास गए। पता चला कि बेटी की अंतिम लोकेशन बड़वाह में मिली है, जो खरगोन जिले में आती है। सोचने लगा कि जब उसने आखिरी बार कॉल किया था, तो बताया था कि वह इंदौर के भंवरकुआं पहुंच गई है। वहां से 85 किलोमीटर दूर आखिर बड़वाह कैसे पहुंच गई? उसके बाद मेरी बेटियों ने बड़वाह के अलग-अलग हॉस्पिटल, थानों में फोन करना शुरू किया। शाम होते-होते पता चला कि खरगोन के महेश्वर में नर्मदा नदी के एक टापू पर 20 साल की लड़की की लाश मिली है। पुलिस ने लाश को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हम अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने बताया कि मौत 21 जून की रात में ही हो चुकी थी। उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ है। पिंक कलर की सूट-सलवार पहनी लाश…।’, रामानंद यह बताते हुए फफककर रोने लगते हैं। थोड़ी देर बाद कहते हैं- अब उसके कमरे में जाने का दिल नहीं करता। उसकी बनाई हुई पेंटिंग, स्टडी टेबल, कुर्सी, किताब से भरी अलमारी… सब यूं ही पड़ा है। 2024 में उसने NEET का पहला अटेंम्प्ट दिया था। उसका डेंटल के लिए सिलेक्शन भी हो गया था, लेकिन उसने कहा था- पापा MBBS करना है और तैयारी करूंगी। मैंने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा था- तुम्हें जितना पढ़ना है, पढ़ो। वह इतना पढ़ती थी कि कई-कई दिन घर से बाहर नहीं निकलती थी। पेपर लीक नहीं हुआ होता, तो मेरी बच्ची आज हमारे बीच होती। नीट का पहला एग्जाम देकर आई थी, तो बोली थी- पापा इस बार क्रैक हो जाएगा, लेकिन 21 जून का पेपर पता नहीं कैसा हुआ। उसकी आखिरी आवाज सुनने को दिल तरस गया। अब तो उसकी आत्मा को शांति तभी मिलेगी, जब हमें पता चल जाएगा कि उस रात मेरी बेटी खरगोन कैसे पहुंची? पुलिस बता रही है कि रैपिडो करके ओंकारेश्वर गई थी। भला इतना दूर कोई रैपिडो करेगा? निष्पक्ष जांच चाहता हूं। ------------------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1- ब्लैकबोर्ड- तानों से परेशान होकर ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया:ऑडिशन वाले कहते थे- तुम्हारा फिगर ठीक नहीं, अब आधी कमाई सर्जरी की EMI में जा रही एकबार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। वहां मुझे ट्रायल के लिए एक बिकिनी दी गई। 10-15 मर्दों के सामने जैसे ही बिकिनी पहनकर बाहर आई, तो सब हंसने लगे। कहने लगे- 'अरे मैडम, ये सब आपके लिए नहीं है। आप तो एकदम फ्लैट हैं।' पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- भाई का अपहरण किया, जिससे जिंदा साबित हो जाऊं: सिंदूर लगाने वाली पत्नी विधवा पेंशन मांगने पहुंची, लेकिन मुझे जिंदा नहीं माना साल 1975। लाल बिहारी 20 साल के थे। शादी के 10 साल बाद अभी-अभी गौना हुआ था और पत्नी घर आई थी। मां ने कहा- गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से कुछ लोन ले लो। अपना काम-धंधा शुरू करो, वर्ना आगे बाल-बच्चों को कैसे पालोगे? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

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