The Postponed Republic: How India’s Education System Betrays Its Promise
For millions in the Indian diaspora building new lives abroad, the persistent crises in India’s education system are more than distant headlines—they are unfinished chapters in our own story of aspiration and belonging. We left behind classrooms that were meant to unlock potential, only to watch from afar as those same institutions continue to falter […]
हाल ही में काला सागर के रूसी जल क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों 'एमवी ओमोरफी' (MV Omorfi) और 'एमवी गोल्डन लियो' (MV Golden Lion) पर हुए घातक हमलों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इन हादसों में भारतीय क्रू मेंबर्स की दुखद मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि दुनिया के समुद्री जहाजों को चलाने में भारत का योगदान कितना विशाल है। बाल्टिक एंड इंटरनेशनल मैरीटाइम काउंसिल (BIMCO) और इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (ICS) की ताजी रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 25.65 लाख नाविकों में से 56% से अधिक हिस्सेदारी अकेले फिलीपींस, भारत, चीन, रूस और इंडोनेशिया की है। फिलीपींस के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक (Seafarers) सप्लायर देश है। आखिर वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री में भारतीय टैलेंट का ऐसा डंका क्यों बजता है? आइए इसके मुख्य कारणों को गहराई से समझते हैं।1. विशाल तटरेखा और प्राचीन समुद्री परंपराभारत के पास लगभग 7,500 किलोमीटर से अधिक लंबी समृद्ध तटरेखा है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे तटीय राज्यों का सदियों से समुद्र से गहरा व्यावसायिक व सामाजिक नाता रहा है। इन क्षेत्रों की पीढ़ियां मछली पालन, बंदरगाहों के काम और समुद्री व्यापार से जुड़ी रही हैं, जिससे यहां के युवाओं के भीतर समुद्र में काम करने का स्वाभाविक झुकाव और साहस देखने को मिलता है।2. युवाओं का जोश और अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़विशाल युवा आबादी: भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। कठिन परिस्थितियों, महीनों परिवार से दूर रहने और समुद्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अच्छी आय व अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर के कारण भारतीय युवा इस क्षेत्र को पहली पसंद मानते हैं।कम्युनिकेशन में बढ़त: अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कैप्टन, मरीन इंजीनियर और क्रू मेंबर्स अलग-अलग देशों से होते हैं, जहां 'अंग्रेजी' ही संचार का एकमात्र माध्यम बनती है। भारतीय युवाओं की बेहतर अंग्रेजी समझ और संवाद क्षमता उन्हें अन्य गैर-अंग्रेजी भाषी देशों के नाविकों पर स्वाभाविक बढ़त दिलाती है।3. मजबूत समुद्री शिक्षा और एडवांस्ड टेक्निकल स्किल्सआधुनिक समुद्री जहाज अब केवल साधारण जहाजों तक सीमित नहीं हैं; वे एआई (AI), सैटेलाइट नेविगेशन, रडार सिस्टम, डिजिटल ऑटोमेशन और जटिल मरीन इंजीनियरिंग पर काम करते हैं।भारत में मौजूद विश्वस्तरीय मैरीटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट युवाओं को केवल नेविगेशन और इंजन रखरखाव ही नहीं सिखाते, बल्कि आपातकालीन प्रबंधन, आग पर काबू पाने और जीवन रक्षा उपकरणों का कड़ा अंतरराष्ट्रीय मानक प्रशिक्षण देते हैं। यही वजह है कि मरीन इंजीनियर और इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर के रूप में भारतीय युवाओं की सबसे ज्यादा मांग रहती है।4. अनुशासन और कैप्टन-लेवल लीडरशिप में बढ़ता दबदबासमुद्र में हुई एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। भारतीय नाविक अपने कड़े अनुशासन, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।एक समय था जब भारतीयों की पहचान केवल निचले स्तर के क्रू मेंबर्स तक सीमित थी, लेकिन आज भारतीय कैप्टन, चीफ इंजीनियर और डेक ऑफिसर वैश्विक जहाजों की कमान संभाल रहे हैं।चुनौतियां और भविष्य की राहभले ही भारत वैश्विक शिपिंग का सबसे बड़ा पावरहाउस बन रहा है, लेकिन अभी भी प्रशिक्षण की बढ़ती लागत, कुछ संस्थानों में गुणवत्ता का अभाव और लंबे समय तक घर से दूर रहने के कारण नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य जैसी बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। इसके अलावा, जहाजों पर महिला नाविकों की भागीदारी बढ़ाना भी एक बड़ा लक्ष्य है।यदि केंद्र सरकार और मरीन कंपनियां नाविकों की सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और आधुनिक वेलफेयर पर ध्यान देती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत फिलीपींस को पछाड़कर दुनिया का नंबर-1 'मैरीटाइम टैलेंट हब' बनने की पूरी क्षमता रखता है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड की चपेट में, फिर भी जारी रखेंगे अपना आंदोलन
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बीमार हो गए। जांच में पता चला कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी। ALSO READ: 'मेट्रो, इंटरनेट और खाना बंद करा दिया, पेपर लीक नहीं रोक पाए', जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, टाइफाइड हो गया है, लेकिन जब तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई नहीं देते, यह लड़ाई जारी रहेगी! उन्होंने कहा कि जैसा की आप सभी को पता था कि पिछले कुछ दिनों से मेरी तबियत खराब चल रही थी। जांच रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफाइड है। मेरा इलाज जारी है। रोज सुबह शाम में आईवी (Intravenous) लग रही है। दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर देते हुए आगे कहा कि मैं सभी कॉकरोच से जुड़ने वाले लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगा, जो देशभर में शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस आंदोलन को आप सभी ने सफल बना दिया है और मैं आश्वस्त हूं कि अगर इसी तरह शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट जारी रहा तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा। Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7 — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026 दीपके के स्वास्थ्य संबंधी मुख्य अपडेट्स: बीमारी के लक्षण: दीपके को बीते कुछ दिनों से तेज बुखार, बॉडी पेन (शरीर में दर्द) और पाचन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जांच में पुष्टि: डॉक्टरों द्वारा दिए गए परामर्श के बाद कराए गए ब्लड टेस्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। आंदोलन पर प्रभाव: शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद दीपके ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की सलाह पर दवाइयां लेने के साथ-साथ वे अपने जारी अभियानों और विरोध-प्रदर्शनों को रोकेंगे नहीं। टाइफाइड क्या है? टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो टाइफाइड बुखार/ 'साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के सेवन से फैलता है, और यह शरीर के अंदर प्रमुख रूप से आंतों, खून और अन्य अंगों को प्रभावित करता है। टाइफाइड एक संक्रामक बीमारी है, जो अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ALSO READ: दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला टाइफाइड के कारण: 1. दूषित पानी और भोजन: टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित पानी और खाने से फैलता है। जब व्यक्ति दूषित पानी या अस्वच्छ भोजन खाता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। 2. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना: टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति के मल और मूत्र में बैक्टीरिया होते हैं। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति ने संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र से संपर्क किया हो, तो यह संक्रमण फैल सकता है। 3. स्वच्छता की कमी: अगर हाथ धोने की आदत न हो, खासकर खाना खाने से पहले, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। 4. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: खराब जल आपूर्ति और अस्वच्छ शौचालय की स्थिति टाइफाइड के फैलने का प्रमुख कारण हो सकती है। ALSO READ: '11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ', अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? टाइफाइड के लक्षण टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर 1 से 3 सप्ताह के बीच दिखने लगते हैं, और इनकी गंभीरता बढ़ सकती है यदि समय पर इलाज न किया जाए। कुछ सामान्य लक्षण हैं: 1. बुखार: टाइफाइड का सबसे सामान्य लक्षण लगातार बुखार है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। बुखार 39-40C तक जा सकता है। 2. पेट दर्द: पेट में तेज दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है, खासकर पेट के निचले हिस्से में। 3. कमजोरी और थकान : टाइफाइड के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे सामान्य कार्यों को करना मुश्किल हो सकता है। 4. दस्त और कब्ज: कुछ मरीजों को दस्त और कुछ को कब्ज की समस्या हो सकती है। 5. सिर दर्द और मिचली : सिर दर्द, उल्टी, और मिचली की समस्या भी आमतौर पर टाइफाइड के लक्षण होते हैं। 6. लाल या पीले रंग का पेट: कुछ मामलों में पेट पर लाल या पीले चकत्ते हो सकते हैं। 7. बेहोशी या भ्रम: गंभीर मामलों में, रोगी को भ्रम, चक्कर, या बेहोशी का सामना करना पड़ सकता है। टाइफाइड का उपचार टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह इलाज डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए। उपचार में शामिल कुछ सामान्य कदम हैं: 1. एंटीबायोटिक्स : टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स जैसे *सीफोटेक्साइम, सीफ्रेड, एज़िथ्रोमाइसिन* या *क्लोरम्फेनीकोल* के जरिए किया जाता है। डॉक्टर लक्षणों और बैक्टीरिया के प्रकार के अनुसार उचित एंटीबायोटिक निर्धारित करेंगे। 2. हाइड्रेशन : टाइफाइड में बुखार, दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए हाइड्रेशन बेहद जरूरी है। तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और ऑरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS घोल) लेना मददगार हो सकता है। 3. आहार : हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दही, ताजे फल और सब्जियां खाएं। तैलीय और भारी भोजन से बचें। 4. बुखार को नियंत्रित करना : इसे नियंत्रित करने के लिए बुखार को कम करने वाली दवाइयां दी जाती हैं। 5. कृत्रिम चिकित्सा : गंभीर मामलों में, अस्पताल में इलाज की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें फ्लूइड्स, पोषण, और मॉनिटरिंग शामिल है। 6. टीका : टाइफाइड से बचाव के लिए टीका उपलब्ध है। यदि आप उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा करने जा रहे हैं, तो टीकाकरण करवाना अच्छा हो सकता है।
Devshayani Ekadashi Katha: देवशयनी/ हरिशयनी एकादशी की व्रत कथा
Hari Shayani ekadashi katha: हरिशयनी एकादशी, जिसे देवशयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए चले जाते हैं, जिसे 'चातुर्मास' कहा जाता है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक मान्यता है कि जो व्यक्ति हरिशयनी एकादशी का व्रत श्रद्धापूर्वक करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूरा करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है। यहां हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी पर राजा मांधाता की प्रमुख कथा, पारंपरिक तथा पौराणिक व्रत कथा दी गई है: देवशयनी एकादशी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, मांधाता नाम के एक अत्यंत चक्रवर्ती, धर्मनिष्ठ और प्रजापालक राजा थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी, समृद्ध और धर्म-कर्म में लीन रहती थी। एक समय उनके राज्य में लगातार तीन वर्षों तक भयंकर अकाल पड़ा। वर्षा न होने के कारण नदियां-तालाब सूख गए, फसलें नष्ट हो गईं और प्रजा अन्न-जल के बिना व्याकुल होने लगी। राज्य में यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ आदि अनुष्ठान भी बंद होने लगे। अपनी प्रजा का दुख देखकर राजा मांधाता अत्यंत दुखी हुए। वे सोचने लगे कि उनसे ऐसा कौन-सा पाप हुआ है, जिसकी सजा पूरी प्रजा भुगत रही है। ऋषी अंगिरा से भेंट प्रजा के कष्ट दूर करने का उपाय खोजने के लिए राजा मांधाता सेना के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए। वन में भटकते हुए वे महर्षि अंगिरा के आश्रम पहुंचे। राजा ने ऋषिवर को प्रणाम किया और अपने आने का कारण बताया। महर्षि अंगिरा ने राजा से कहा: 'हे राजन्! यह सतयुग है। इस युग में छोटा-सा पाप भी बड़ा फल देता है। आपके राज्य में एक ऐसा व्यक्ति निवास कर रहा है जो धर्म के नियमों के विरुद्ध तपस्या कर रहा है, जिसके कारण यह अकाल पड़ा है।' राजा मांधाता ने कहा, 'हे ऋषिवर! मैं किसी निरपराध को दंड नहीं दे सकता। कृपया मुझे ऐसा कोई सुलभ उपाय बताएं जिससे मेरी प्रजा का कल्याण हो और वर्षा हो सके।' देवशयनी एकादशी का व्रत तब महर्षि अंगिरा ने राजा को उपाय बताते हुए कहा: 'हे राजन! तुम आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी का विधि-विधान से व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हारे राज्य में शीघ्र ही उत्तम वर्षा होगी और प्रजा के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।' महर्षि अंगिरा के वचनों को सुनकर राजा मांधाता अपने नगर लौट आए। आषाढ़ शुक्ल एकादशी आने पर राजा ने अपनी पूरी प्रजा और मंत्रियों के साथ मिलकर अत्यंत श्रद्धा एवं विधि-विधान से हरिशयनी एकादशी का व्रत और पूजन किया। व्रत का फल व्रत के प्रभाव से भगवान श्री हरि विष्णु अत्यंत प्रसन्न हुए। देखते ही देखते राज्य में घनघोर बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। सूखी धरती फिर से हरी-भरी हो गई, फसलें लहलहाने लगीं और पूरी प्रजा अन्न-धन से परिपूर्ण हो गई। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
आधी रात सलमान खान का धमाकेदार पोस्ट, रिप्ड बॉडी दिखाकर ट्रोल्स को दिया करारा जवाब
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। वह हर मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी पोस्ट शेयर की थी। वहीं अब सलमान खान ने आधी रात को ऐसी पोस्ट शेयर की, जिसने फैंस के बीच हलचल मचा दी है। सलमान खान ने जिम में पसीना बहाते हुए तस्वीरें शेयर की है। तस्वीरों में सलमान अपनी शर्ट उतारकर शीशे के सामने रिप्ड एब्स और मजबूत बाइसेप्स फ्लॉन्ट करते नज़र आ रहे हैं। ALSO READ: दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं उनकी इस लीन और स्लिम बॉडी को देखकर फैंस दंग रह गए हैं। बढ़ती उम्र के बावजूद सलमान खान की यह मस्कुलर फिजीक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फैंस उनके इस नए लुक पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) सोशल मीडिया पर अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर ट्रोलिंग का शिकार होने वाले सलमान खान ने इस बार अपने आलोचकों को चुप कराने के लिए एक अलग ही रास्ता चुना। तस्वीरों को शेयर करने के साथ ही उन्होंने एक ऐसा 'क्रिप्टिक कैप्शन' लिखा, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। सलमान ने कैप्शन की शुरुआत में लिखा, सलमान खान डर गया... और इसके ठीक आगे जोड़ा— हम्मम, जो डर गया समझो मर गया! बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सलमान खान का यह अंदाज़ उनके उन ट्रोल्स के लिए करारा जवाब माना जा रहा है जो हाल के दिनों में उन्हें लेकर तरह-तरह की बातें बना रहे थे। हालांकि, सलमान ने इस पोस्ट में स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके एटीट्यूड और कैप्शन से साफ है कि वे अपने आलोचकों से बिल्कुल बेपरवाह हैं। सलमान की इस पोस्ट पर अब तक लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। यूजर्स कमेंट सेक्शन में उन्हें असली लायन, दबंग खान और जिम मोटिवेशन जैसे टाइटल्स दे रहे हैं। फिटनेस फ्रीक युवाओं के लिए 50 के पार की उम्र में सलमान का यह ट्रांसफॉर्मेशन किसी प्रेरणा से कम नहीं है।
LIVE: CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी, क्या आज निकलेगा हल?
Latest News Today Live Updates in Hindi : सीजेपी प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात करेगा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार का इस मामले में क्या रूख है?
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 जुलाई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 25 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: थकान और तनाव से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में लाभ के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। अविवाहित लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: खानपान में संतुलन रखें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। लव: प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। साथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम रहेगा। योग और ध्यान लाभकारी रहेंगे। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी से काम लें। जल्दबाजी से बचें। लव: परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धन: खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: मौसम संबंधी परेशानी या एलर्जी हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने के योग हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंध मजबूत होंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: आय में वृद्धि होगी और आर्थिक लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, नियमित व्यायाम करें। उपाय: सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: आपकी मेहनत की सराहना होगी। नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। धन: बचत बढ़ाने के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: कमर दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी पर करें ये 5 उपाय, सुख और समृद्धि में होगी बढ़ोतरी 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में टीमवर्क से बेहतर परिणाम मिलेंगे। नए संपर्क लाभदायक साबित होंगे। लव: प्रेम जीवन में रोमांस बना रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। धन: धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: पेट दर्द का विशेष ध्यान रखें। उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य से सफलता मिलेगी। लव: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। धन: कारोबार से अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें और पर्याप्त नींद लें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। साथी के साथ यात्रा का योग बन सकता है। धन: नई नौकरी से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। नियमित दिनचर्या अपनाएं। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: धन संचय में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। आज आपका सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। धन: धन निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी और व्यापार दोनों में आज प्रगति होगी। नए अवसर मिल सकते हैं। लव: परिवार और जीवनसाथी के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। धन: रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। माता का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। ALSO READ: भद्र योग का महासंयोग: बुध के मार्गी होते ही अब 7 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
तारीख: 20 जुलाई जगह: दिल्ली का जंतर-मंतर कॉकरोच जनता पार्टी ने चलो संसद मार्च निकाला। वे NEET पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने अभी बैरिकेड्स पार भी नहीं किए थे और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए। कुछ अब भी अस्पताल में हैं, बाकी डिस्चार्ज होकर फिर से जंतर-मंतर पर डट गए हैं। अब ये घायल प्रदर्शनकारी क्या चाहते हैं, पढ़िए ये रिपोर्ट… अहेली, दिल्ली 20 साल की अहेली दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश ऑनर्स कर रही हैं। 20 जुलाई को यहां आईं। अहेली बताती हैं, ‘मार्च शुरू होने से पहले हमसे कहा गया था कि अगर पुलिस मारने भी आए, तो शांत रहते हुए उन्हें फूल देना है। हम लोग फूल लेकर खड़े थे। तभी भीड़ के बीच एक एम्बुलेंस घुस आई। शायद पुलिस-प्रशासन भगदड़ के हालात बनाना चाहता था, क्योंकि एम्बुलेंस के अंदर कोई नहीं था।‘ ‘जब एम्बुलेंस के साथ ही हमारे कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने न लड़की देखी, न लड़का। सबको बुरी तरह पीटा। लड़कियों के कपड़े फाड़े, हमारी आंख के सामने 10-12 साल के बच्चों के सिर फोड़ दिए।‘ वे कहती हैं, ‘मेरे कई दोस्तों ने 2024 में भी NEET का पेपर दिया था, लेकिन लीक हो गया। मेरे साथियों का सपना टूट गया और उन्हें दूसरी जगहों पर एडमिशन लेना पड़ा। मैं भी दिल्ली UPSC पास करने का सपना लेकर आई हूं, लेकिन लगता नहीं कि इस सरकार के राज में वो पूरा हो पाएगा।‘ विशाल, यूपी के झांसी से 18 साल के विशाल ने अभी 12वीं पास की है। प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए झांसी से उनके साथ और भी 50 लोग आए थे। विशाल बताते हैं, ‘हम एक साथ सोनम वांगचुक का पोस्टर लेकर जनपथ मेट्रो स्टेशन पहुंचे थे। वहां पुलिस ने हमें ये कहकर रोका कि एक जगह इकट्ठा होकर बैठ जाओ, तब बैरिकेड हटाकर अंदर दाखिल कराएंगे। हम जैसे ही बैठे, तो पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया।‘ ‘पुलिस के साथ सिविल ड्रेस में कुछ गुंडे भी थे, जिन्होंने हमें जानवरों की तरह पीटा। उन्होंने लड़कियों के साथ जानबूझकर बदसलूकी की और उनके कपड़े फाड़े। हमारे साथ इतनी ज्यादती की गई कि जैसे हम किसी दूसरे देश से आए हों। हम यहां इंसाफ की लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन पुलिस एकदम जानवर और हैवान बन गई।‘ पिटाई के दौरान विशाल का पैर टूट गया है। सामान गायब हो गया। वे अपना टूटा पैर दिखाकर कहते हैं, ‘अब बताइए इसके भरोसे क्या कोई फिजिकल टेस्ट पास कर पाएंगे। ये देश अब रहने लायक नहीं बचा।‘ इस हाल में भी विशाल जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। चाहे जान क्यों न चली जाए।‘ अनिल सिंह, मध्यप्रदेश के किसान अनिल सिंह ने चलो संसद मार्च के दौरान लाठियां खाईं, घायल हुए लेकिन पीछे नहीं हटे। माथे और हाथ पर पट्टी बांधे वो धरनास्थल पर जमे हुए हैं। अनिल कहते हैं, ‘हमारी आखिरी मंजिल जीत होगी और व्यवस्थाओं में बदलाव होगा। देश हमारा है, सिर्फ उनका नहीं है। हम जैसे चाहेंगे, इसे चलाएंगे। इस देश के लिए हमने कुर्बानी दी है, उन्होंने क्या किया।’ हमने पूछा यहां आने के लिए किसने प्रेरित किया। वे जवाब में कहते हैं, 'जब भी इतिहास पढ़ते हैं, इसकी जरूरत महसूस होती है। फिर बिहार में भरत तिवारी का मामला हो या RTI एक्टविस्टों के मारे जाने का मामला। ये सरकार खुद क्रांतिकारी खड़े कर रही है।' स्वरा खान, दिल्ली जामिया की रहने वाली 23 साल की स्वरा खान भी मार्च के दौरान घायल हुईं। उनके हाथों पर पट्टी बंधी है। चोट की वजह से आंखें सूजी हैं। वे बताती हैं कि पुलिस ने उन्हें डिटेन करने के बाद जेल में मारा। तबीयत सही नहीं, इसलिए आवाज बैठ गई है। लिहाजा ज्यादा बात नहीं कर सकीं। हर्ष, यूपी के कानपुर से कानपुर से आए हर्ष NEET की तैयारी कर रहे हैं। वे कहते हैं, ‘जवानों ने मुझे रोककर लात-घूसे और लाठियां मारी। हम पर आंसू गैस के गोले बरसाए। पुलिस वालों ने लड़कियों के प्राइवेट पार्ट में डंडे डालने की कोशिश की। छोटे बच्चों को मारा। हमें प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सरकार हमें ही गुंडा बता रही है।‘ हर्ष अभी धरना स्थल पर जमे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘धर्मेंद्र प्रधान को हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि आज से एक साल पहले उन्हें कोई जानता भी नहीं था। हमने जब प्रोटेस्ट किया, तो देश को पता चला कि शिक्षा मंत्री कौन है। धर्मेंद्र प्रधान में अगर शर्म बची हो, तो इस्तीफा दें।‘ वैभव, यूपी के आगरा से 10 साल के वैभव आगरा से अपनी मां के साथ जंतर-मंतर आए हैं। मां फलों का ठेला लगाती हैं। वैभव कहते हैं कि धमेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे यहीं रहेंगे। अभिषेक सिंह, यूपी के प्रयागराज से दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे अभिषेक सिंह बताते हैं, 'उस दिन बाकी साथियों के साथ हम शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। केरलम हाउस तक ही पहुंचे थे कि तभी पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। भीड़ ज्यादा थी, इसलिए संभालना मुश्किल हो गया। दिल्ली पुलिस ने अचानक टियर गैस और लाठीचार्ज शुरू कर दिया।' 'पुलिस की कार्रवाई बहुत बर्बर थी। सैकड़ों युवाओं को चोटें आईं। सबसे बुरा सलूक प्रदर्शनकारी लड़कियों के साथ किया गया। पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। मुझे पुलिस ने स्टेज से नीचे फेंक दिया। मेरे पैर काम नहीं कर रहे थे। लाठीचार्ज के बीच मैं एक साथी की मदद से वहां से भाग सका। …………………. ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच आंदोलन से BJP में चिंता, लेकिन प्रधान नहीं हटेंगे 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। पूरी खबर पढ़िए…
दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल की पांचवी मंजिल। यहीं 21 साल की साक्षी भर्ती है। साक्षी 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर गई थी। तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भगदड़ मची और साक्षी भीड़ के नीचे दब गई। इसके बाद से साक्षी अस्पताल में है। कहानी बस इतनी नहीं है। मैं साक्षी से मिलने अस्पताल गई तो एक अजीब बात महसूस हुई। गेट पर, लिफ्ट के बाहर और साक्षी के वार्ड के बाहर हर जगह पुलिस है। क्यों समझ नहीं आया। साक्षी तक पहुंचने की कोशिश की तो पुलिसवालों ने रोक दिया। क्यों का जवाब मिल गया। ये सब सिर्फ इसलिए कि कोई साक्षी तक न पहुंच पाए। अंदर साक्षी के भाई, मां और बुआ-फूफा हैं। मैंने तीन दिन तक साक्षी से मिलने की कोशिश की। पहला दिन तीन लेयर में पुलिस सिक्योरिटी, ICU के बाहर पहरा अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के कॉरिडोर में 5 पुलिसवाले बैठे थे। यहां एक गार्ड ने पूछा-कहां जाना है। मैंने कहा- तीसरे प्लोर पर है। उसने कहा- यहां से एंट्री बंद है, दूसरी तरफ से जाइए। वहां लिफ्ट भी है। मैं लिफ्ट के पास पहुंची। यहां पुलिसवालों की दूसरी लेयर थी। लिफ्ट में मिले दो पुलिसवालों से पूछा- साक्षी से मिलवा सकते हैं। जवाब मिला- नहीं मिलवा सकते। कल या परसों आइए, मिलवा देंगे। इसके बाद मैं पांचवीं मंजिल पर पहुंची। यहां भी 5 से 6 पुलिसवाले बैठे थे। जिस ICU में साक्षी का इलाज चल रहा है, उसके बाहर भी पहरा है। यानी आप अस्पताल में बेरोकटोक आ-जा सकते हैं, लेकिन साक्षी के बारे में पूछते ही सबके कान खड़े हो जाते हैं। परिवार के अलावा किसी को साक्षी के पास तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा। पता चला कि पॉलिटिकल लीडर भी साक्षी से मिलना चाहते थे, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। डॉक्टरों ने बताया- हालत स्थिर, खतरे से बाहर सुबह से शाम हो गई, लेकिन मैं साक्षी तक नहीं पहुंच पाई। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से उसकी तबीयत के बारे में पूछती रही। दो डॉक्टरों ने बताया कि साक्षी की हालत फिलहाल स्थिर है। वह खतरे से बाहर है। इसके बावजूद उसे इमरजेंसी ICU में ही रखा गया है। हालत स्थिर है तो ICU में क्यों रखा है? डॉक्टरों ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। परिवार भी मिलने को तैयार नहीं मैंने खुद को साक्षी का दोस्त बताकर उसके परिवार से बात करने की कोशिश की। वे भी असहज लगे। थोड़े घबराए से। उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। बुआ-फूफा बोले- क्या जानना है, हमारे पीछे मत आओ। इसके बाद वे चले गए। दूसरा दिन फिर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अंदर जाने से रोक दिया अगले दिन मैं एक बार फिर RML अस्पताल पहुंची। सिक्योरिटी उतनी ही सख्त। इस बार ICU तक भी नहीं जाने दिया। परिवार से मिलने की कोशिश भी पूरी नहीं हो पाई। तीसरा दिन अस्पताल से घर तक पहुंची पड़ताल 24 जुलाई को मुझे साक्षी के घर का पता चला। उनका घर RML अस्पताल से लगभग 20 किमी दूर छतरपुर में है। घर पहुंचकर आसपास के लोगों से बात की। ज्यादातर पड़ोसियों को साक्षी के साथ हुई घटना के बारे में पता नहीं है। उन्होंने बताया कि साक्षी के पिता सुभाष मिश्रा रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनका परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता। इलाके में शांत और सभ्य परिवार के तौर पर जाना जाता है। दादी और बहन ने सुनाई पूरी कहानी मैं साक्षी के घर पहुंची। घर में उसकी दादी और बहन वर्तिका थीं। मैंने उन्हें बताया कि मैं साक्षी की दोस्त हूं। वर्तिका घटना वाले दिन उसके साथ थी। उसने बताया कि भगदड़ के दौरान मैं भी गिर गई थी। मेरे दोनों घुटनों में चोट लगी थी। हालांकि, साक्षी को ज्यादा चोट लगी। वो वहीं बेहोश हो गई। तभी साक्षी की दादी बोल पड़ी। बोलीं- वह गलती से वहां चली गई थी। मैंने पूछा- उसकी हालत कैसी है? दादी बोलीं- अब ठीक है फिर ICU में क्यों रखा हुआ है? वो बेहोश हो गई थी। ICU में तो बहुत सीरियस होने पर रखते हैं? अब ICU में नहीं है। वार्ड में है। बात कर रही है? हां। बात कर रही है। हाथ-पैर हिला रही है। वहां उसकी मम्मी, भाई और बुआ हैं। कॉकरोच जनता पार्टी वाले नहीं आए? नहीं आए। वे कहां आएंगे, उन्हें कोई मतलब नहीं है। इसी दौरान साक्षी की मां से हमारी फोन पर बात हुई। वे बोलीं- आप हमारे घर कभी मत जाना। अगर हमारे बारे में कहीं भी आपके जरिए कुछ भी छपा, तो बहुत गलत होगा। बस, इतना ही मुझे बताना है। अभी साक्षी की हालत कैसी है 24 जुलाई को अस्पताल से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया है कि साक्षी को गंभीर हालत में लाया गया था। उसका इलाज चल रहा है। उन्हें करीब 48 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। वह पूरी तरह होश में हैं। हालत स्थिर है। हालांकि, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। साक्षी के बारे में हमने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष से बात की। उन्होंने बताया कि हमारी टीम लगातार उनके संपर्क में है। सौरभ उनके भाई से बात कर रहे हैं। अच्छी बात है कि उनकी हालत स्थिर है। उन्हें जो भी मेडिकल या लीगल हेल्प चाहिए होगी, हम देंगे। ……………………………….. प्रदर्शन में घायल इरशाद की कहानी भी पढ़िए जवान ने बंदूक तानी, लोग कहते रहे हम आतंकवादी नहीं हैं, फिर फायर 25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आज कहानी दुनिया के सबसे खतरनाक कमांडो मिशन ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ की… तारीख थी 27 जून 1976, इजराइल के तेल अवीव का बेन गुरियन एयरपोर्ट सुबह की गुनगुनी धूप से चमक रहा था। रनवे पर एयर फ्रांस की फ्लाइट-139 खड़ी थी। यह एयरबस कंपनी का विमान था, किसी उड़ते हुए आलीशान महल जैसा। प्लेन में 228 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स थे। पायलट थे सेकेंड वर्ल्ड वॉर में लड़ चुके कैप्टन माइकल बैकोस। सुबह के ठीक 8 बजकर 59 मिनट पर विमान ने उड़ान भरी। इसे ग्रीस के एथेंस में रुकते हुए पेरिस जाना था। दोपहर 12 बजे विमान एथेंस में लैंड हुआ। यहां 45 मिनट का ठहराव था। इस दौरान 38 यात्री प्लेन से उतरे। अब नए यात्रियों को सवार होना था। तब एथेंस एयरपोर्ट पर कड़ी चेकिंग नहीं होती थी। ऊपर से उस रोज एयरपोर्ट अथॉरिटी के कई लोग हड़ताल पर थे। इसी बीच चार लोग बड़े-बड़े बैग टांगे विमान की तरफ बढ़े। इनमें 30-32 साल की एक लड़की थी, जिसने ब्लू डेनिम स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। जैसे ही सिक्योरिटी अफसर तलाशी के लिए आगे बढ़ा, लड़की ने झुंझलाकर कहा- ‘अरे फिर से जांच? हद है! जहां से आए हैं, वहां पहले ही चेकिंग हो चुकी है।’ लड़की की बात सुनकर अफसर झेंप गया। उसने बिना जांच किए सिर्फ टिकट देखकर जाने का इशारा कर दिया। 4 में से 2 के पास फर्स्ट क्लास का टिकट था और 2 के पास इकोनॉमी क्लास का। चारों अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। एथेंस से 56 नए यात्री विमान में चढ़े, यानी अब कुल यात्रियों की संख्या 246 हो चुकी थी। दोपहर ठीक साढ़े 12 बजे, विमान ने पेरिस के लिए उड़ान भरी। अंदर हंसी-ठिठोली और बच्चों की किलकारियां गूंज रही थी। विमान बादलों को चीरता हुआ आगे बढ़ रहा था। तभी फर्स्ट क्लास की सीट पर बैठे एक शख्स ने डेनिम स्कर्ट पहनी लड़की का हाथ थाम लिया। उसने धीमी आवाज में मुस्कुराते हुए पूछा- ‘डर तो नहीं लग रहा?’ लड़की ने कहा- ‘मुझे डर है कि इस मिशन में तुम्हें ना खो दूं।’ उस शख्स ने उसका माथा चूमा और फुसफुसाया- ‘हम इतिहास लिखने जा रहे हैं डार्लिंग। तैयार हो?' लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘मैं कुछ भी कर गुजरने को तैयार हूं।’ ठीक 8 मिनट बाद, दोनों अपनी सीट से उठ खड़े हुए। गले लगे। एक दूसरे को चूमा और फिर फुर्ती से अपने बैग की चेन खोल ली। अगले ही पल दोनों के एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में हैंड ग्रेनेड था। पिस्टल ताने वह शख्स सीधे कॉकपिट की तरफ भागा और लड़की गलियारे में पोजीशन लेकर बैठ गई। ये सब देखकर कुछ यात्री चीखने लगे। पायलट ने हड़बड़ाकर फ्लाइट इंजीनियर से कहा- ‘जल्दी बाहर जाओ। शायद आग लग गई है। तुरंत काबू करो।’ फ्लाइट इंजीनियर ने जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खोला, उस शख्स ने इंजीनियर की कनपट्टी पर पिस्टल सटा दी। अंदर बैठा पायलट चिल्ला उठा- ‘प्लीज, उसे मत मारो।’ उसने झपटकर पायलट का ऑक्सीजन मास्क और माइक्रोफोन छीन लिया। फिर ऐलान किया- ‘सब लोग ध्यान से सुनो… यह प्लेन हाईजैक हो चुका है। अब प्लेन का नया नाम 'हाइफा' है।’ उसने पायलट की कनपट्टी पर पिस्टल सटाते हुए कहा- ‘फौरन प्लेन का रुख मोड़ो... इसे लीबिया ले चलो।’ पायलट ने कुछ कहना चाहा, लेकिन उसने पिस्टल की नोक उसकी कनपट्टी पर और जोर से गड़ा दी। पायलट ने प्लेन का रूख मोड़ दिया। यात्री सन्न थे। आगे क्या होने वाला था किसी को पता नहीं… इसी बीच इकोनॉमी क्लास में बैठे उनके दो और साथी खड़े हो गए। उनमें से एक लंबे बालों वाला लड़का था, जिसने लाल शर्ट और भूरे रंग का पैंट पहना था। दूसरे की घनी मूछें थीं, उसने लंबा पैंट और पीली शर्ट पहन रखी थी। दोनों ने पिस्टल तान ली और दौड़ते हुए फर्स्ट-क्लास कंपार्टमेंट की तरफ बढ़े। गलियारे में डरी-सहमी एयरहोस्टेस खड़ी थी। उसके हाथ-पैर कांप रहे थे, लेकिन वो यात्रियों से कह रही थी- ‘प्लीज... प्लीज सब शांत हो जाओ।’ लेकिन लोगों का रोना-चीखना बंद नहीं हो रहा था। 5-7 मिनट बाद, महिला हाईजैकर और उसके दो साथी कुछ यात्रियों घसीटते हुए फर्स्ट क्लास से इकोनॉमी क्लास की तरफ लाने लगे। हाईजैकर अंग्रेजी में चिल्ला रही थी- ‘सिट ऑन फ्लोर!’ तभी एक इजराइली खड़ा होकर विरोध करने लगा। हाईजैकर तमतमा गई। उसने अपने साथी से कहा- ‘इसका इलाज करना जरूरी है।’ उसके साथी ने इजराइली को धक्का देकर फर्श पर गिरा दिया। महिला हाईजैकर उछलकर उसकी छाती पर बैठ गई और मुक्के मारने लगी। कुछ देर बाद जब महिला के हाथ दुखने लगे, तो उसने पिस्टल के बट से मारना शुरू कर दिया। इजराइली लगातार चीखता रहा, फिर शांत पड़ गया। इसी बीच कुछ यात्री चुपके से गले की चेन तोड़कर फेंकने लगे। असल में इन लोगों ने 'डेविड का सितारा' पहन रखा था, जो यहूदियों की पहचान का प्रतीक है। ठीक वैसे ही जैसे ईसाइयों के लिए 'क्रॉस' या इस्लाम में 'चांद-तारा' होता है। इधर, तेल अवीव के एयर ट्रैफिक कंट्रोल, यानी एटीसी में खलबली मची थी। रडार स्क्रीन पर दिख रहा एयर फ्रांस 139 अचानक गायब हो गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि विमान के साथ क्या हुआ है। उस वक्त इजराइली प्रधानमंत्री यित्झाक राबिन मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे थे। तभी उनके सैन्य सहायक ब्रिगेडियर पोरान दौड़ते हुए कमरे में दाखिल हुए। उन्होंने पीएम को एक पर्ची दी। उस पर लिखा था- 'तेल अवीव से पेरिस जा रहा एयर फ्रांस 139 अगवा कर लिया गया है।’ छोटे कद के राबिन, इजराइली सेना के प्रमुख रह चुके थे। वे पर्ची को एकटक देखते रहे। फिर उन्होंने पर्ची के पीछे कुछ लिखा और पोरन को दे दिया। पीएम ने सिगरेट जलाई और लंबा कश भरते हुए विदेश मंत्री आलोन से कहा- ‘हमारा एक विमान हाईजैक हो चुका है। फौरन स्पेशल टास्क फोर्स बनाओ। उसमें मुझे भी रखना।’ एक घंटे बाद… यरुशलम का कमांड सेंटर। दीवारों पर लगे नक्शे और स्क्रीन पर जलती-बुझती लाइटें। पीएम बेहद परेशान थे। वे सिगरटे पीते हुए कमरे में इधर-उधर टहल रहे थे। पीछे कैबिनेट मंत्री चुपचाप बैठे थे। पीएम ने कानून मंत्री की तरफ देखते हुए पूछा- ‘कानूनी तौर पर इन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?' कानून मंत्री ने फौरन जवाब दिया- ‘सर, फ्रांस सरकार की।’ ‘तो फौरन फ्रांस सरकार से संपर्क कीजिए। उनसे कहिए कि वे अपना आधिकारिक बयान जारी करें।’ पीएम ने कहा। तभी सैन्य सहायक पोरान कमरे में दाखिल हुए। उनके हाथ में फिर से एक छोटी सी पर्ची थी। उन्होंने पर्ची पीएम की तरफ बढ़ा दी। अब सबकी निगाहें राबिन पर टिक गई। राबिन ने पर्ची खोली। तेज आवाज में पढ़ना शुरू किया- ‘विमान में 230 यात्री सवार हैं, जिनमें से 83 इजराइली हैं। लीबियाई सरकार ने विमान को बेनगाजी में उतरने की इजाजत दे दी है।’ राबिन ने सिगरेट का लंबा कश खींचते कहा- ‘कम से कम हमें यह तो पता है कि यात्री कहां हैं, लेकिन आगे उनके साथ क्या होगा, नहीं पता। ये भी नहीं मालूम कि हाईजैकर कौन हैं, उनका मकसद क्या है?’ अगले आधे घंटे तक कमांड सेंटर में मीटिंग चलती रही, लेकिन कोई रास्ता नहीं सूझा। दोपहर 2 बजे विमान लीबिया के बेनगाजी एयरपोर्ट के रनवे पर जाकर खड़ा हो गया। हाईजैकरों ने विमान की खिड़कियां बंद कर दीं। एसी भी बंद कर दिए। गर्मी, उमस और भूख से यात्री बेहाल थे, लेकिन कोई किसी से कुछ कह नहीं रहा था। कई यात्री मान चुके थे कि किसी भी वक्त विमान को धमाके से उड़ाया जा सकता है। तभी एक ब्रिटिश महिला चीखने लगी। उसका चेहरा पीला पड़ चुका था, बदन पसीने से लथपथ था। उसने रोते हुए कहा- ‘मैं प्रेग्नेंट हूं। बहुत तेज दर्द हो रहा है। मुझे कुछ हो जाएगा।’ हाईजैकर ने डांटते हुए कहा- ‘चीखो मत, मैं डॉक्टर को बुलाती हूं।’ यात्रियों के बीच से एक डॉक्टर को लाया गया। डॉक्टर ने उसे देखने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तभी महिला ने धीमे से कहा, ‘मुझे हर हाल में यहां से निकलना है... तुम संभाल लेना।’ डॉक्टर ने भी धीरे से कहा- ‘लीबिया में उतरने से बेहतर है तुम हमारे साथ रहो।’ महिला बुदबुदाई- ‘मुझे उतरना ही है।’ अब डॉक्टर खड़ा हुआ और हाईजैकर से कहा- ‘इसे मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत है।’ महिला हाईजैकर को लगा कि डॉक्टर झूठ बोल रहा है। उसने रनवे पर तैनात एक लीबियाई डॉक्टर को अंदर बुला लिया। नया डॉक्टर क्या करने वाला था…सबकी निगाहें उस पर टिक गईं। डॉक्टर ने महिला की जांच की। फिर कहा- ‘इसे कोई बीमारी नहीं है, नाटक कर रही है।’ अब ब्रिटिश महिला ने अपने कपड़ों का एक हिस्सा हटाया और प्राइवेट पार्ट से निकलता हुआ खून दिखा दिया। वह रोते हुए चिल्लाई, ‘अगर मैं जल्दी अस्पताल नहीं पहुंची, तो गर्भपात हो जाएगा। मेरा बच्चा भी मर जाएगा।’ खून देखकर हाईजैकर घबरा गई। उसने अपने साथियों से कहा, ‘इसे नीचे उतार दो। वैसे भी यह हमारे काम की नहीं है।’ महिला गिरते-संभलते सीढ़ियों से उतरने लगी। उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे। हाईजैकर को यकीन हो चुका था कि यह सच बोल रही है। महिला विमान से उतरकर एग्जिट गेट की तरफ बढ़ गई। आगे चलकर ये महिला कुछ बड़ा करने वाली थी, बहुत बड़ा… इधर, विमान रनवे पर घंटों खड़ा रहा। हाईजैकर अंदर-बाहर आते-जाते रहे। खुद भर-भर पेट खाना खाया, लेकिन यात्रियों को कुछ नहीं दिया। आखिरकार, रात 9 बजकर 50 मिनट पर विमान के इंजनों में फिर से गड़गड़ाहट हुई। लोग सोचने लगे- ‘दमिश्क, बगदाद, बेरुत या वापस तेल अवीव? आखिर ये विमान को कहां ले जा रहे हैं?’ दहशत चरम पर थी। डेनिम स्कर्ट वाली लड़की खिड़की से बाहर अंधेरे को निहार रही थी। तभी उसका साथी पीछे आकर खड़ा हो गया। उसने लड़की के बिखरे बालों सहलाते हुए कहा, ‘अगर इस जंग से हम जिंदा निकले, तो एक सुंदर सा घर बनाएंगे। जहां सिर्फ मैं, तुम और समुद्र की लहरें होंगी, लेकिन तब तक... हमें बेदर्द बनना होगा।’ लड़की पिस्टल का बट कसकर पकड़ते हुए बोली- ‘उस सपने को थोड़ा इंतजार करने दो।’ रात करीब 10 बजे। जगह- लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट। लीबिया में गर्भपात की बात कहकर उतरी ब्रिटिश महिला एग्जिट गेट से निकलने ही वाली थी कि दो लड़कों ने उसका रास्ता रोक लिया। महिला चौंककर पीछे हटी। ‘आप लोग कौन हैं? मुझे जाने दीजिए।’ एक लड़के ने कहा- ‘मैडम, हम आपकी सुरक्षा के लिए हैं। आप एयर फ्रांस की फ्लाइट से आई हैं। कृपया हमारे साथ चलिए।’ वे महिला को लेकर वीआईपी कॉरिडोर की तरफ चल पड़े। कुछ ही मिनटों में तीनों एक बंद कमरे में थे। कुर्सी पर बैठी महिला घबराई हुई थी। उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। लड़के ने कहा- ‘डरिए नहीं। हम कोई आतंकी नहीं हैं। उस प्लेन में हमारे कई लोग बंद हैं। आपकी मदद चाहिए।’ महिला रोने लगी- ‘वह नरक जैसा था। मैं अंदर होती तो अब तक मर गई होती। मैंने बस बाहर निकलने के लिए वो सब किया।’ लड़का- ‘क्या किया आपने?’ ‘मुझे पीरियड्स आए थे। मैंने उस खून को हाईजैकर को दिखाकर कहा मिसकैरेज होने वाला है। इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट चाहिए। उन लोगों ने मुझे नीचे उतार दिया।’ कांपते हुए महिला ने बताया। तभी दूसरे लड़के ने कहा- 'बहादुर हो आप। वेल डन। ये बताइए कि कुल कितने हाईजैकर थे? उनके पास हथियार कौन से थे? महिला बोली- ‘चार... कुल चार लोग हैं। उनके पास ऑटोमैटिक पिस्टल और हैंडग्रेनेड है।’ ‘क्या वे अरबी बोल रहे थे? उनका हुलिया कैसा था?’ लड़के ने पूछा। महिला ने कुछ सोचते हुए कहा- ‘दो तो पक्के तौर पर फिलिस्तीनी लग रहे थे... लेकिन बाकी के दो बहुत साफ अंग्रेजी बोल रहे थे, उनका लहजा जर्मन था। उनमें एक औरत भी थी।’ अब लड़के ने एक भारी-भरकम एलबम महिला की तरफ सरकाते हुए कहा- ‘मैं पन्ने पलट रहा हूं, आप ध्यान से देखिए। क्या इनमें से कोई चेहरा उस विमान में था?’ उसने पहला पन्ना पलटा। कई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें दिखीं। महिला ने सिर हिलाया- ‘नहीं।’ उसने दूसरा पन्ना पलटा। महिला ठिठक गई। उसने उंगली दो तस्वीरों पर रख दी। चीखते हुए कहा- ‘यह वही औरत है। इसके साथ यह आदमी है। यही दोनों पूरे प्लेन को कंट्रोल कर रहे थे। प्रेमी-प्रेमिका मालूम पड़ रहे थे।’ दोनों लड़कों ने डायरी पर सबकुछ नोट किया। फिर कार में बिठाकर महिला को सुरक्षित घर छोड़ दिया। असल में ये दोनों लड़के इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट थे। उधर, विमान को लीबिया से उड़ान भरे पांच घंटे बीत चुके थे। पायलट थकान से चूर था, लेकिन हाईजैकर की पिस्टल अभी भी उसकी गर्दन पर टिकी हुई थी। तभी केबिन में महिला हाईजैकर ने अनाउंस किया- ‘हम कंपाला में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। खिड़कियां बंद कर लें और सीट बेल्ट बांध लें।’ ‘कंपाला?’ यात्री हैरान थे। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं था कि यह युगांडा की राजधानी है। तड़के ठीक 3:20 पर, घुप अंधेरे में विमान युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट पर उतरा। पलक झपकते युगांडा के 100 से ज्यादा सैनिकों ने विमान को घेर लिया। यात्रियों को लगा शायद सेना उन्हें बचाने आ गई है, लेकिन असल में वे कसाई नाम से मशहूर तानाशाह ईदी अमीन के जाल में फंस चुके थे। थोड़ी देर बाद एग्जिट गेट खुला। तीन और हथियारबंद अंदर घुसे। दरवाजा बंद हो गया। आगे क्या होगा किसी को कुछ नहीं पता था… खौफ के साये में और 5 घंटे गुजर गए। सुबह 8 बजे विमान का अगला दरवाजा खुला। एक काली मर्सिडीज गेट के ठीक सामने आकर रुकी। उसमें से दो शख्स उतरे। एक लंबा और नीली वर्दी वाला और दूसरा- भारी-भरकम शरीर वाला, जिसकी वर्दी मेडलों से सजी थी। विमान के भीतर बैठे एक यात्री ने फुसफुसाते हुए बगल में बैठे मुसाफिर से पूछा- ‘तुम जानते हो यह कौन है?’ ‘नहीं, कौन है?’ ‘यह युगांडा का राष्ट्रपति ईदी अमीन है। यह कसाई है। इसने अपने ही हजारों लोगों को मरवा दिया है। मैंने तो सुना है इंसानों का भी मांस खा जाता है।’ तभी पीछे से एक बुजुर्ग यहूदी बोल पड़ा- ‘तुम ठीक कह रहे हो। इसके फ्रीज से कई इंसानी खोपड़ियां मिली थीं। हर सुबह उन खोपड़ियों से बातें करता है कि देखो, कहा था ना मुझसे पंगा मत लेना।’ फर्स्ट क्लास की खिड़की से अमीन को देखकर एक महिला हंस पड़ी। दूसरी ने पूछा- ‘इस हालत में तुम्हें हंसी आ रही है?’ उसने धीरे से कहा- ‘तुम्हें पता है, बाहर जो सनकी खड़ा है, ब्रिटेन की महारानी से शादी करना चाहता है।’ ‘प्लीज मजाक मत करो, मेरी जान निकली जा रही है।’ महिला ने उसका हाथ कसकर दबाते हुए कहा। उस महिला ने कहा- ‘सच कह रही हूं। इसने महारानी को चिट्ठी भी लिखी थी।’ ‘क्या लिखा था?’ महिला बोली- ‘इसने लिखा था- प्यारी एलिजा, अगर एक असली मर्द को देखना चाहती हो, तो कंपाला आ जाओ।’ दूसरी महिला ने उसे घूरते हुए कहा- ‘यह हैवान तो हम यहूदियों को जिंदा चबा जाएगा।’ पहली महिला- 'हां ये लोग उसी की तैयारी कर रहे हैं।' दोपहर 12 बजे यात्रियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट के बगल में बने 'ओल्ड टर्मिनल' हॉल में ले जाकर बंद कर दिया गया। हाईजैकरों के साथ-साथ युगांडा के सैनिकों ने पूरे टर्मिनल को घेर रखा था। पूरी रात यात्री कमरे में बंद रहे। अगले दिन यानी 29 जून को हाईजैकरों ने दुनिया के सामने अपनी 2 मांगे रखीं। पहली- इजराइल, केन्या, पश्चिम जर्मनी और स्विट्जरलैंड की जेलों में बंद 53 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई। दूसरी- 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर नकद। डेडलाइन थी- ‘1 जुलाई 1976, दोपहर 2:00 बजे तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी बंधक मार दिए जाएंगे।’ उसी शाम 5 बजे की बात है। इजराइली पीएम राबिन अपने दफ्तर में अकेले बैठे थे। एक हाथ में व्हिस्की का ग्लास और दूसरे हाथ में सिगरेट। तभी रक्षा मंत्री पेरेस पहुंचे। राबिन ने उन्हें देखते ही कहा- ‘मैं इन हत्यारों के आगे झुक जाऊंगा। कैदियों को रिहा कर दूंगा।’ रक्षा मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- ‘हम हार नहीं मानेंगे। मिलिट्री एक्शन लेंगे।’ पीएम राबिन ने चिल्लाते हुए कहा- 'एंटेबे यहां से 4 हजार किलोमीटर दूर है। बीच में दुश्मन देशों का एयरस्पेस। हमारे विमान वहां कैसे पहुंचेंगे?’ रक्षा मंत्री ने कुछ कहा नहीं। थोड़ी देर बाद चुपचाप वहां से निकल गए, लेकिन उनकी खामोशी के पीछे एक ऐसा प्लान चल रहा था, जिसके बारे में हाईजैकरों ने सपने में भी नहीं सोचा था। अब रात के करीब 2 बज चुके थे। ओल्ड टर्मिनल हॉल के मेन गेट पर पहरा दे रही डेनिम स्कर्ट वाली हाईजैकर चश्मा उतारकर आंखें मल रही थी। तभी उसका साथी वहां पहुंच गया। उसने कॉफी का कप उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा- ‘हमारी खूंखार शेरनी थक गई है क्या?’ लड़की ने उसके कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए कहा- 'हां, शेरनी भी थकती है। हम हैवान नहीं हैं। बस अपने मकसद के लिए लड़ रहे हैं।’ उस शख्स ने उसके हाथों को चूमते हुए कहा- ‘ थोड़ा आराम कर लो। 1 जुलाई को दुनिया हमारी मुट्ठी में होगी।’ 30 जून की सुबह करीब 10 बजे का वक्त। महिला हाईजैकर बंधकों के पास पहुंची। उसके हाथ में एक लिस्ट थी। उसने कहा- ‘सभी अपने-अपने पासपोर्ट हाथों में ले लें। जैसे ही आपका नाम पुकारा जाए, बाईं तरफ के कमरे में चले जाएं।’ उसने नाम पुकारने शुरू किए। सारे के सारे इजराइली नाम। इस तरह इजराइली अलग कमरे में और गैर-इजराइली अलग कमरे में शिफ्ट कर दिए गए। यह हूबहू वैसा ही नजारा था, जैसा दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के कैंपों में था। अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी। दीवारों पर टंगी घड़ियों की हर टिक-टिक के साथ 100 से ज्यादा जिंदगियों पर मौत का खौफ गहराता जा रहा था... इजराइल के पास बचे थे सिर्फ 24 घंटे। तभी मोसाद के दफ्तर में फोन बजा। एक अफसर ने दौड़कर फोन उठाया। दूसरी तरफ से आई आवाज को सुनते ही वह खुशी से उछल पड़ा। आगे क्या होगा…पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए आपरेशन थंडरबोल्ट पार्ट-2 रेफरेंस :
कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर न्यायालय की कार्यवाही के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना संबंधित न्यायालय की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डालने, एडिट करने, शेयर करने या उससे कमाई करने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची […] The post कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक appeared first on Sabguru News .
रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत के […] The post रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया appeared first on Sabguru News .
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए शुक्रवार को 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक सुधार प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई केवल सेवा […] The post राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त appeared first on Sabguru News .
उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के हिरन मगरी थाना क्षेत्र में लकड़वास गांव में शुक्रवार को 11 केवी बिजली लाइन के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लहरी लाल बागरिया (48) शुक्रवार सुबह दूध लेने के लिए घर से निकला, जहां पास ही बिजली की […] The post उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक गांव में 14 साल की सगी बेटी से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपी 37 वर्षीय पिता को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा। स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की पुष्टि पुलिस ने किया है। रिश्ता शर्मसार करने वाली इस घटना के संबंध में टीआई ने बताया […] The post बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के मीडिया में आ रही इन रिपोर्टों को पूरी तरह से निराधार बताया है जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर पाकिस्तान में बाढ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। भारत का कहना है कि चेनाब नदी में पानी की वृद्धि जम्मू और आसपास के क्षेत्रों […] The post पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह
बारबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के कोतवाली फतेहपुर में तैनात रहे सिपाही की मदद से युवक ने पहले तो किशोरी का ब्रेनवाश कर धर्मांतरण कराया फिर मजार पर मौलाना के पास जा कर निकाह करा दिया। आरोप है कि आरोपी लगातार किशोरी का यौन उत्पीड़न करता रहा। गर्भवती होने पर दो बार गर्भपात तक […] The post बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह appeared first on Sabguru News .
कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश
अलवर। राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बासदयाल थाना क्षेत्र में कराणा कस्बे में कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार और एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। पुलिस सू्त्रों ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों ने व्यापारी को धमकी दी थी […] The post कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .
जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को नई दिशा मिली हैं और उनके नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल प्रबंधन एवं जल संचयन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। शर्मा शुक्रवार को यहां जयपुर […] The post जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट
कोलोराडो। अपने एनबीए करियर के दौरान 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई करने वाले अमरीका की प्रसिद्ध बास्केटबॉल टीम डेनवर नगेट्स के पूर्व पॉइंट गार्ड टाइ लॉसन को 34 डॉलर (लगभग 2800 रुपए) की वोदका की बोतल चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 38 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी को […] The post अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा
ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से करीब दो साल पहले ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। इसके बाद […] The post बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .
जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन में अपने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को शामिल होने से बचने की नसीहत देते हुए सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को एडवाइजरी जारी किया है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे […] The post जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी
नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने के प्रावधान वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय […] The post पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र में आंट गांव स्थित एक सौर संयंत्र परिसर से अज्ञात बदमाश करीब पांच हजार मीटर लंबा ताम्बे का तार काटकर ले गए। चोरी गए तार की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपए बताई जा रही है। चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके पर लगे […] The post भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी appeared first on Sabguru News .
पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बंशी पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की रात एक सुरक्षा गार्ड की एक अन्य यात्री ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सूत्रों ने बताया कि गुजरात में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले संतोष को लखनऊ में उतरकर हरदोई जाना था। सफर के दौरान ट्रेन […] The post पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .
प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा
मुंबई। अभिनेत्री और पर्यावरण संरक्षण की मुखर समर्थक दिया मिर्ज़ा ने कहा है कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे से अलग नहीं हैं तथा धरती ही हमारी असली पहचान है। दिया मिर्ज़ा के सहयोग से बनी लघु फिल्म ‘पन्हा’ को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल रही है। फिल्म को ऑल लिविंग थिंग्स […] The post प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में सूरतगढ़ में विगत मंगलवार को एक बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण सोनी (71) की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि लक्ष्मीनारायण सोनी की पुत्री रेखा का विवाह सूरतगढ़ निवासी राधाकृष्ण सोनी (37) से हुआ था। पति-पत्नी का आपस में विवाद चल रहा […] The post सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस कंपनियां प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। एशियाई बाजारों की कमजोरी से भी घरेलू स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई, जिससे यह 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर की मजबूत मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि इसके 2 महीने के निचले स्तर (96.67) के बेहद करीब है। ALSO READ: Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 715 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में कुल 2091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी 5.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में रहे। ALSO READ: Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट इससे पहले यानी गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।
22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च
होंडा कार्स इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई फ्लैगशिप SUV Honda ZR-V पेश कर दी है। हालांकि, पहली नजर में यह SUV हर खरीदार के लिए नहीं लगती। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसे CBU (Completely Built Unit) के रूप में भारत लाया जाएगा, जिससे इसकी कीमत काफी प्रीमियम रहने की उम्मीद है। ऐसे में इसका मुकाबला कई दमदार सात-सीटर प्रीमियम SUVs से होगा। ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च Honda ZR-V न तो बहुत बड़ी SUV है और न ही इसमें हाई-परफॉर्मेंस पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसके बजाय कंपनी ने इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है, जो स्पोर्टी ड्राइविंग की बजाय बेहतर माइलेज और स्मूद परफॉर्मेंस पर फोकस करता है। हर किसी के लिए नहीं है Honda ZR-V ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च होंडा का मानना है कि ZR-V उन ग्राहकों के लिए है जो दिखावटी फीचर्स की बजाय भरोसेमंद इंजीनियरिंग, क्वालिटी और लंबे समय तक टिकाऊ कार को प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की पुरानी Honda CR-V भी इसी सोच के साथ आई थी। भले ही उसकी कीमत ज्यादा थी और उसकी बिक्री सीमित रही, लेकिन जिन ग्राहकों ने उसे खरीदा, उन्होंने उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की हमेशा सराहना की। Honda ZR-V भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखाई देती है। यूरोपीय डिजाइन वाली प्रीमियम क्रॉसओवर डिजाइन की बात करें तो Honda ZR-V का लुक काफी हद तक यूरोपीय क्रॉसओवर जैसा है। इसका डिजाइन सादगी के साथ प्रीमियम अहसास देता है और समय के साथ भी आकर्षक बना रहेगा। SUV में: इंटरनेशनल Honda Civic से प्रेरित स्लिम LED हेडलैंप पहली जनरेशन Audi Q7 जैसी रियर स्टाइलिंग Maserati से प्रेरित फ्रंट ग्रिल बॉडी-कलर्ड क्लैडिंग ड्यूल-फंक्शन एग्जॉस्ट टिप्स 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे डिजाइन एलिमेंट्स दिए गए हैं। दिखावे से ज्यादा भरोसे पर जोर Honda ZR-V में कई ऐसे आकर्षक और दिखावटी फीचर्स नहीं दिए गए हैं, जो आजकल प्रीमियम SUVs में आम हो चुके हैं। इसके बजाय कंपनी ने उन फीचर्स और इंजीनियरिंग पर फोकस किया है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद साबित हों। यही वजह है कि यह SUV हर ग्राहक के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो प्रीमियम गुणवत्ता, मजबूत हाइब्रिड तकनीक और लंबे समय तक बेहतर ओनरशिप अनुभव चाहते हैं। ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप सीमित संख्या में होगी उपलब्ध Honda ZR-V को भारत में सीमित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बिक्री नहीं, बल्कि चुनिंदा ग्राहकों को प्रीमियम हाइब्रिड SUV का विकल्प देना है। क्या हैं फीचर्स Honda ZR-V: इंजन, माइलेज और फीचर्स नई Honda ZR-V में 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन के साथ डुअल-मोटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है। यह पावरट्रेन संयुक्त रूप से 184 हॉर्सपावर (hp) की पावर और 315Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन की पावर e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए फ्रंट व्हील्स तक पहुंचती है। कंपनी के अनुसार यह हाइब्रिड SUV सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम स्पीड 172 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित) है। माइलेज की बात करें तो Honda ZR-V हाइब्रिड 22.80 किमी प्रति लीटर का प्रमाणित (Certified) फ्यूल इकोनॉमी देने का दावा करती है। कंपनी के मुताबिक, यह SUV एक फुल टैंक में लगभग 1,300 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्रदान कर सकती है। Honda ZR-V के प्रमुख फीचर्स 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay 4-वे पावर एडजस्टेबल को-ड्राइवर सीट मेमोरी फंक्शन के साथ 8-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल ड्राइवर सीट पैनोरमिक सनरूफ डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल वायरलेस फोन चार्जिंग 12-स्पीकर Bose प्रीमियम साउंड सिस्टम पावर्ड टेलगेट एम्बिएंट लाइटिंग सेफ्टी फीचर्स 8 एयरबैग लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों पर हावी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने उन्हें तुरंत बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि पहले सदन के पटल पर जरूरी पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें अवसर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार हंगामे के कारण वह मौका नहीं आ सका और लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और इस संबंध में दोपहर 1 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में कड़े कानून पर भी विचार होगा। इस पर विपक्ष का हंगामा फिर तेज हो गया। राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सदन की कार्यसूची के अनुसार पहले पटल पर पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा। पत्र रखे जाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नारेबाजी और बढ़ गई। कार्यवाही सुचारु नहीं हो सकी और राहुल गांधी अपनी बात नहीं रख पाए। अंततः लोकसभा की बैठक 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। करीब पांच मिनट बाद सभापति ने सदन के पटल पर दस्तावेज रखने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक का मुद्दा उठाने के लिए खड़े हुए। हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं सदन में आकर इस पूरे मामले पर बयान देना चाहिए। सत्ता पक्ष की ओर से इसका विरोध हुआ और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। उपसभापति हरिवंश ने बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। करीब सात मिनट बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह संसद का एक और दिन पेपर लीक के मुद्दे पर गतिरोध की भेंट चढ़ गया। सरकार चर्चा और कड़े कानून की बात करती रही, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान की मांग पर कायम रहा। सदन के भीतर बहस शुरू होने से पहले ही हंगामा इतना बढ़ गया कि दोनों सदनों में कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायणम्' का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस पौराणिक गाथा में अभिनेता रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। रणबीर ने पर्दे पर कई तरह के किरदार निभाए हैं लेकिन किसी हिस्टोरिकल माइथोलॉजिकल किरदार में वह पहली बार नजर आएंगे। करियर में एक से बढ़कर एक चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने वाले रणबीर कपूर का मानना है कि पर्दे पर भगवान राम को जीना उनके अब तक के अभिनय सफर की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चुनौती है। हाल ही में आयोजित सैन डिएगो कॉमिक-कॉन इवेंट में रणबीर कपूर ने अपनी तैयारियों को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए। ALSO READ: OTT Release Today (24 July 2026): विक्रांत मैसी की 'मुसाफिर कैफे' से लेकर केके मेनन की 'आदर्श बाल विद्यालय' तक, आज रिलीज हुईं ये फिल्में और सीरिज! रणबीर ने बताया कि इस किरदार को निभाने के लिए शारीरिक बदलाव से कहीं अधिक मानसिक और आध्यात्मिक सफर महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, बॉडी बनाना, एक्शन या डांस सीखना बहुत आसान और सतही काम है। लेकिन जीवन के इस पड़ाव पर भगवान राम के विचारों और उनके दर्शन को गहराई से समझना मेरे लिए बेहद जरूरी था। मैं इस किरदार को जटिल बनाने के बजाय सरल रखना चाहता था—एक ऐसा रूप, जिससे 8 साल का बच्चा हो या 80 साल के बुजुर्ग, हर कोई खुद को जोड़ सके। 2 साल का योग, गुरु का मार्गदर्शन और अध्ययन भगवान राम के आभामंडल और उनकी मानसिक स्थिति को अपनाने के लिए रणबीर कपूर ने कई वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा तय की है। रणबीर ने खुलासा किया कि उन्होंने रामायण के विभिन्न रूपों और ग्रंथों को पढ़ा। फिल्म की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए कई धर्मशास्त्रियों और विद्वानों से मार्गदर्शन लिया। ALSO READ: दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं रणबीर ने बताया कि लगभग दो वर्षों तक लगातार योग का अभ्यास किया। उनके गुरु 'सुवीर' उनके साथ घंटों ध्यान में बैठते थे, ताकि वे भगवान राम की शिक्षाओं के करीब पहुंच सकें। दो भागों में आएगी महागाथा नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह भव्य फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म का पहला भाग इसी साल नवंबर में सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकापति रावण की भूमिका नजर आएंगे।
कब होगा गौरी व्रत 2026 प्रारंभ, जानें सही डेट, पूजा विधि और महत्व
Gauri Festival 2026: हिंदू धर्म में गौरी व्रत, माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवशयनी एकादशी से शुरू होकर पूर्णिमा/ गुरु पूर्णिमा तक 5 दिनों तक चलता है। यह व्रत मुख्य रूप से अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। ALSO READ: Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व यह पवित्र अनुष्ठान मुख्य रूप से मां गौरी/ माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है। विशेषकर अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की कामना और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु तथा वैवाहिक सुख के लिए यह व्रत श्रद्धापूर्वक करती हैं। वर्ष 2026 में गौरी व्रत 25 जुलाई 2026 (शनिवार) से प्रारंभ होकर 29 जुलाई 2026 (बुधवार) तक चलेगा। गुजरात और पश्चिमी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा में गौरी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप और व्रत किए थे। उसी स्मृति में गौरी व्रत का पालन किया जाता है। इस दौरान माता गौरी और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है तथा सात्विक जीवन अपनाने का विशेष महत्व बताया गया है। कब होगा गौरी व्रत 2026 प्रारंभ, जानें सही डेट, पूजा विधि और महत्व गौरी व्रत 2026: सही तिथि और शुभ मुहूर्त एकादशी तिथि प्रारंभ- 24 जुलाई 2026 को 09:12 ए एम बजे एकादशी तिथि समाप्त- 25 जुलाई, 2026 को 11:34 ए एम बजे गौरी व्रत शनिवार, 25 जुलाई 2026 को 25 जुलाई पूजा के शुभ मुहूर्त: व्रत प्रारंभ/ प्रथम दिन: 25 जुलाई 2026, शनिवार देवशयनी एकादशी को प्रातःकालीन पूजा: सुबह 07:21 बजे से 09:03 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक प्रदोष काल (संध्या पूजा): शाम 07:17 बजे से रात 08:34 बजे तक गौरी व्रत बुधवार, 29 जुलाई 2026 को समाप्त व्रत समापन व पारण/ अंतिम दिन: 29 जुलाई 2026, बुधवार गुरु पूर्णिमा को। गौरी व्रत का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसलिए अविवाहित कन्याएं योग्य, संस्कारी और गुणी पति की प्राप्ति या मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में प्रेम-सौहार्द बनाए रखने के लिए इस व्रत का पालन करती हैं। इस व्रत में 5 दिनों तक बिना नमक का सात्विक भोजन करने से शरीर का शोधन होकर मन में संयम व सकारात्मकता आती है। गौरी व्रत की सरल एवं सटीक पूजा विधि गौरी व्रत में 'ज्वारे' बोने और उनके पूजन की मुख्य परंपरा है: प्रथम दिन ज्वारा बोना: व्रत के पहले दिन एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी भरकर उसमें सात प्रकार के अनाज- जैसे गेहूं, जौ आदि बोए जाते हैं। प्रतिमा स्थापना: पूजा स्थल पर माता गौरी पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा: प्रतिदिन स्नान-ध्यान के बाद मां गौरी को कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, लाल पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें। भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करें। जवारा पर जल का छिड़काव करें और उस पर कॉटन का धागा/ नाड़ा लपेटकर पूजा करें। कथा और प्रार्थना: गौरी व्रत की कथा का श्रवण करें। माता गौरी की आरती करें और सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करें। अलूणा व्रत/ बिना नमक का नियम: इस व्रत के दौरान 5 दिनों तक भोजन में नमक का उपयोग पूरी तरह वर्जित होता है। व्रती केवल दूध, फल या बिना नमक का सात्विक आहार ही ग्रहण करते हैं। अंतिम दिन विसर्जन एवं पारण: 29 जुलाई को अंतिम दिन की पूजा के बाद ज्वारा को किसी पवित्र नदी या जलाशय में विसर्जित किया जाता है। इसके बाद ही नमक युक्त भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती, जानिए क्या है इस दिन का महत्व और कथा
होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर
नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए 10 नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का विस्तारित पोर्टफोलियो पेश किया जिनमें सात बिल्कुल नए मॉडल है जबकि तीन मॉडल नए रंग विकल्पों के साथ अपडेट किए गए हैं। कंपनी ने बताया कि यह लाइनअप क्रूज़िंग, एडवेंचर टूरिंग, रोडस्टर, लाइफस्टाइल राइडिंग, इलेक्ट्रिक […] The post होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर appeared first on Sabguru News .
अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ
वाशिंगटन। अमरीका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों की ओर से बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बने सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध न लगाने के कारण इन देशों पर विशेष सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों […] The post अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। यह आश्वासन न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष इस वर्ष कथित नीट प्रश्न पत्र लीक […] The post नीट पेपर लीक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है सरकार appeared first on Sabguru News .
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को लंबी बातचीत हुई जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी और सीजेपी ने साफ कहा कि उनका इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। […] The post धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक appeared first on Sabguru News .
देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु और माता तुलसी की उपासना करते हैं। इस दिन पूजा के बाद दोनों की आरती और चालीसा का पाठ करना चाहिए। चलिए जानते हैं- देव प्रबोधन मंत्र, श्री विष्णु आरती, श्री विष्णु चालीसा, माता तुलसी की आरती और चालीसा पाठ। देव प्रबोधन मंत्र:- ब्रह्मेन्द्ररुदाग्नि कुबेर सूर्यसोमादिभिर्वन्दित वंदनीय, बुध्यस्य देवेश जगन्निवास मंत्र प्रभावेण सुखेन देव। विष्णु स्तुति-Shree Vishnu Stuti शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्। लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।। यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:। सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:। ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।। विष्णु जी की आरती-Vishnu ji ki aarti ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥ तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥ पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥ तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥ दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥ विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥ तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा। तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥ जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥ (समाप्त) विष्णु चालीसा-Vishnu Chalisa दोहा विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय। चौपाई नमो विष्णु भगवान खरारी। कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी। त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत। सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥ तन पर पीतांबर अति सोहत। बैजन्ती माला मन मोहत॥ शंख चक्र कर गदा बिराजे। देखत दैत्य असुर दल भाजे॥ सत्य धर्म मद लोभ न गाजे। काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥ संतभक्त सज्जन मनरंजन। दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥ सुख उपजाय कष्ट सब भंजन। दोष मिटाय करत जन सज्जन॥ पाप काट भव सिंधु उतारण। कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥ करत अनेक रूप प्रभु धारण। केवल आप भक्ति के कारण॥ धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा। तब तुम रूप राम का धारा॥ भार उतार असुर दल मारा। रावण आदिक को संहारा॥ आप वराह रूप बनाया। हरण्याक्ष को मार गिराया॥ धर मत्स्य तन सिंधु बनाया। चौदह रतनन को निकलाया॥ अमिलख असुरन द्वंद मचाया। रूप मोहनी आप दिखाया॥ देवन को अमृत पान कराया। असुरन को छवि से बहलाया॥ कूर्म रूप धर सिंधु मझाया। मंद्राचल गिरि तुरत उठाया॥ शंकर का तुम फन्द छुड़ाया। भस्मासुर को रूप दिखाया॥ वेदन को जब असुर डुबाया। कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया॥ मोहित बनकर खलहि नचाया। उसही कर से भस्म कराया॥ असुर जलंधर अति बलदाई। शंकर से उन कीन्ह लडाई॥ हार पार शिव सकल बनाई। कीन सती से छल खल जाई॥ सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी। बतलाई सब विपत कहानी॥ तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी। वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥ देखत तीन दनुज शैतानी। वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥ हो स्पर्श धर्म क्षति मानी। हना असुर उर शिव शैतानी॥ तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे। हिरणाकुश आदिक खल मारे॥ गणिका और अजामिल तारे। बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥ हरहु सकल संताप हमारे। कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥ देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे। दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥ चहत आपका सेवक दर्शन। करहु दया अपनी मधुसूदन॥ जानूं नहीं योग्य जप पूजन। होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥ शीलदया सन्तोष सुलक्षण। विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥ करहुं आपका किस विधि पूजन। कुमति विलोक होत दुख भीषण॥ करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण। कौन भांति मैं करहु समर्पण॥ सुर मुनि करत सदा सेवकाई। हर्षित रहत परम गति पाई॥ दीन दुखिन पर सदा सहाई। निज जन जान लेव अपनाई॥ पाप दोष संताप नशाओ। भव-बंधन से मुक्त कराओ॥ सुख संपत्ति दे सुख उपजाओ। निज चरनन का दास बनाओ॥ निगम सदा ये विनय सुनावै। पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥ (समाप्त) तुलसी माता की आरती-Tulsi Mata Aarti जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। (समाप्त) श्री तुलसी चालीसा-Shri Tulsi Chalisa ।। दोहा ।। जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरी प्रेयसी श्री वृंदा गुन खानी।। श्री हरी शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ।। ।। चौपाई ।। धन्य धन्य श्री तलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता ।। हरी के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीं हेतु कीन्हो ताप भारी।। जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो। तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो ।। हे भगवंत कंत मम होहू। दीन जानी जनि छाडाहू छोहु ।। सुनी लख्मी तुलसी की बानी। दीन्हो श्राप कध पर आनी ।। उस अयोग्य वर मांगन हारी। होहू विटप तुम जड़ तनु धारी ।। सुनी तुलसी हीं श्रप्यो तेहिं ठामा। करहु वास तुहू नीचन धामा ।। दियो वचन हरी तब तत्काला। सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला।। समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा। पुजिहौ आस वचन सत मोरा ।। तब गोकुल मह गोप सुदामा। तासु भई तुलसी तू बामा ।। कृष्ण रास लीला के माही। राधे शक्यो प्रेम लखी नाही ।। दियो श्राप तुलसिह तत्काला। नर लोकही तुम जन्महु बाला ।। यो गोप वह दानव राजा। शंख चुड नामक शिर ताजा ।। तुलसी भई तासु की नारी। परम सती गुण रूप अगारी ।। अस द्वै कल्प बीत जब गयऊ। कल्प तृतीय जन्म तब भयऊ।। वृंदा नाम भयो तुलसी को। असुर जलंधर नाम पति को ।। करि अति द्वन्द अतुल बलधामा। लीन्हा शंकर से संग्राम ।। जब निज सैन्य सहित शिव हारे। मरही न तब हर हरिही पुकारे ।। पतिव्रता वृंदा थी नारी। कोऊ न सके पतिहि संहारी ।। तब जलंधर ही भेष बनाई। वृंदा ढिग हरी पहुच्यो जाई ।। शिव हित लही करि कपट प्रसंगा। कियो सतीत्व धर्म तोही भंगा ।। भयो जलंधर कर संहारा। सुनी उर शोक उपारा ।। तिही क्षण दियो कपट हरी टारी। लखी वृंदा दुःख गिरा उचारी ।। जलंधर जस हत्यो अभीता। सोई रावन तस हरिही सीता ।। अस प्रस्तर सम ह्रदय तुम्हारा। धर्म खंडी मम पतिहि संहारा ।। यही कारण लही श्राप हमारा। होवे तनु पाषाण तुम्हारा।। सुनी हरी तुरतहि वचन उचारे। दियो श्राप बिना विचारे ।। लख्यो न निज करतूती पति को। छलन चह्यो जब पारवती को ।। जड़मति तुहु अस हो जड़रूपा। जग मह तुलसी विटप अनूपा ।। धग्व रूप हम शालिगरामा। नदी गण्डकी बीच ललामा ।। जो तुलसी दल हमही चढ़ इहैं। सब सुख भोगी परम पद पईहै ।। बिनु तुलसी हरी जलत शरीरा। अतिशय उठत शीश उर पीरा ।। जो तुलसी दल हरी शिर धारत। सो सहस्त्र घट अमृत डारत ।। तुलसी हरी मन रंजनी हारी। रोग दोष दुःख भंजनी हारी ।। प्रेम सहित हरी भजन निरंतर। तुलसी राधा में नाही अंतर ।। व्यंजन हो छप्पनहु प्रकारा। बिनु तुलसी दल न हरीहि प्यारा ।। सकल तीर्थ तुलसी तरु छाही। लहत मुक्ति जन संशय नाही ।। कवि सुन्दर इक हरी गुण गावत। तुलसिहि निकट सहसगुण पावत ।। बसत निकट दुर्बासा धामा। जो प्रयास ते पूर्व ललामा ।। पाठ करहि जो नित नर नारी। होही सुख भाषहि त्रिपुरारी ।। ।। दोहा ।। तुलसी चालीसा पढ़ही तुलसी तरु ग्रह धारी । दीपदान करि पुत्र फल पावही बंध्यहु नारी ।। सकल दुःख दरिद्र हरी हार ह्वै परम प्रसन्न । आशिय धन जन लड़हि ग्रह बसही पूर्णा अत्र ।। लाही अभिमत फल जगत मह लाही पूर्ण सब काम। जेई दल अर्पही तुलसी तंह सहस बसही हरीराम ।। तुलसी महिमा नाम लख तुलसी सूत सुखराम। मानस चालीस रच्यो जग महं तुलसीदास ।। (समाप्त)
दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साउथ सुपरस्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आने वाले हैं। हालांकि, फिल्म के भव्य सेट और स्टार कास्ट के बीच अब स्टार्स के 'लुक' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 1987 में रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता का अमर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नितेश तिवारी की इस नई 'रामायणम्' में साई पल्लवी की कास्टिंग और उनके संभावित 'सीता' लुक पर अपनी बेबाक राय रखी है। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद वैरायटी इंडिया संग इंटरव्यू में जब दीपिका चिखलिया से साई पल्लवी के सीता के रोल में चुने जाने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साई पल्लवी की अभिनय क्षमता की जमकर तारीफ की। दीपिका ने कहा, साई पल्लवी एक बेहद प्रतिभाशाली और बेहतरीन अभिनेत्री हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन वह परदे पर सीता के रूप में कैसी दिखेंगी, यह देखना अभी बाकी है। दीपिका ने शास्त्रों का हवाला देते हुए बताया कि धार्मिक ग्रंथों में देवी सीता के सौंदर्य और शारीरिक बनावट का एक खास वर्णन मिलता है। दीपिका चिखलिया ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 'रामचरितमानस' का संदर्भ देते हुए कहा कि मूल ग्रंथों में माता सीता के शारीरिक लक्षणों के बारे में स्पष्ट रूप से लिखा गया है। दीपिका चिखलिया के अनुसार, रामचरितमानस में सीता जी की बादामी आंखें, एक निश्चित कद-काठी और विशिष्ट चेहरे के लक्षणों का वर्णन है। रामानंद सागर जी ने 1987 में जब मेरी कास्टिंग की थी, तो उन्होंने इन शास्त्रीय विवरणों का बहुत बारीकी से ध्यान रखा था। इसके अलावा, धार्मिक ग्रंथों में कहीं भी सीता जी के घुंघराले बालों का जिक्र नहीं मिलता है। दीपिका के इस बयान को साई पल्लवी के स्वाभाविक रूप से घुंघराले बालों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि पौराणिक किरदारों को परदे पर उतारते समय दर्शकों की आस्था और शास्त्रों के विवरण का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। दीपिका चिखलिया ने यह भी जोर देकर कहा कि 1980 के दशक का 'रामायण' शो आज भी लोगों की यादों में पूरी तरह ताजा है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब इसे दोबारा प्रसारित किया गया, तो नई पीढ़ी ने भी इसे उतना ही प्यार दिया। ऐसे में किसी भी नए रूपांतरण के लिए रामानंद सागर वाली छवि को मिटा पाना या उसकी जगह ले पाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। टाइपकास्ट होने का दर्द भी किया साझा अपनी निजी जिंदगी और करियर पर बात करते हुए दीपिका ने यह भी साझा किया कि 'सीता' का किरदार निभाने का उनके करियर पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि उस आइकॉनिक छवि के कारण उन्हें बाद में बॉलीवुड में विविध रोल मिलने बंद हो गए, क्योंकि इंडस्ट्री और जनता उन्हें सीता के रूप के अलावा किसी और अवतार में स्वीकार ही नहीं कर पाई। बता दें कि रामायण की यह भव्य सिनेमैटिक रीटेलिंग दो भागों में रिलीज होने के लिए तैयार है, जिसका निर्माण वैश्विक स्तर की तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स के साथ किया जा रहा है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा।
मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज
बारिश का मौसम यूं भी सुहावना होता है। ऐसे में कुछ गरमा गरम और स्वादिष्ट खाने को मिल जाए तो सोने मे सुहागा हो जाता है। तो फिर देर किस बात की आईए बारिश की रिमझिमम के बीच शानदार मौसम में कुछ स्पेशल हो जाए। 1. मसाला प्याज पकोड़ा विधि सबसे पहले 3 बड़े प्याज […] The post मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज appeared first on Sabguru News .
अगर आप इस वीकेंड घर बैठे कुछ नया और मजेदार देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए शानदार खबर है। आज यानी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज का बड़ा धमाका हुआ है। नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, सोनी लिव और जियो-हॉटस्टार पर रोमांस, कॉमेडी, सस्पेंस और एक्शन से भरपूर कई बड़ी टाइटल स्ट्रीम हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज की सबसे चर्चित OTT रिलीज की पूरी लिस्ट: वीकेंड की टॉप OTT रिलीज (24 जुलाई 2026) 1. मुसाफिर कैफे (Musafir Cafe) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना जॉनर: रोमांटिक ड्रामा खासियत: मशहूर लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास 'मुसाफिर कैफे' पर आधारित यह सीरीज प्यार, ब्रेकअप और जिंदगी में मिलने वाले दूसरे मौकों की भावुक कहानी पेश करती है। अगर आपको हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली लव स्टोरी पसंद हैं, तो यह आपकी वॉचलिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद 2. आदर्श बाल विद्यालय (Adarsh Baal Vidyalaya) प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video स्टारकास्ट: केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया जॉनर: कॉमेडी ड्रामा खासियत: बिस्वापति सरकार और समीर सक्सेना द्वारा बनाई गई यह 7-एपिसोड की वेब सीरीज एक खस्ताहाल सरकारी स्कूल की कहानी है। केके मेनन इसमें एक अनोखे हेडमास्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं जो स्कूल की किस्मत बदलने की जुगत में लगे हैं। 3. पल्लीचट्टंबी (Pallichattambi) प्लेटफॉर्म: SonyLIV स्टारकास्ट: टोविनो थॉमस, कायादू लोहार (पृथ्वीराज सुकुमारन का स्पेशल कैमियो) भाषा: हिंदी, मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ जॉनर: पीरियड एक्शन ड्रामा खासियत: दक्षिण भारतीय सिनेमा की यह बहुचर्चित एक्शन-ड्रामा फिल्म 1990 के दशक के इडुक्की की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हाई-वोल्टेज एक्शन और दमदार बैकग्राउंड स्कोर के शौकीनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. कॉन सिटी (Con City) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: अर्जुन दास, अन्ना बेन, योगी बाबू जॉनर: क्राइम कॉमेडी खासियत: एक साधारण परिवार की कहानी जो अचानक आई मुसीबतों से निपटने के लिए एक बड़ा ठगी का जाल बुनती है। क्राइम और कॉमेडी का यह अनूठा संगम आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेगा। 5. स्टुअर्ट फेल्स टू सेव द यूनिवर्स (Stuart Fails to Save the Universe) प्लेटफॉर्म: JioHotstar स्टारकास्ट: केविन सुसमैन, लॉरेन लापकस जॉनर: साई-फाई कॉमेडी खासियत: 'द बिग बैंग थ्योरी' के फैंस के लिए यह स्पिन-ऑफ सीरीज किसी तोहफे से कम नहीं है। इसमें कॉमिक बुक स्टोर के मालिक स्टुअर्ट की मजेदार दुनिया को दिखाया गया है। इस वीकेंड पॉपकॉर्न तैयार रखें और अपनी पसंद के जॉनर के हिसाब से बिंज-वॉचिंग की शुरुआत करें!
अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा
भुवनेश्वर। ओडिशा में अंगुल की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 21 वर्षीय महिला और एक नाबालिग लड़की के साथ 2024 के अंगुल गैंगरेप मामले में सभी चार आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई है। अंगुल के अतिरिक्त ज़िला और सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को […] The post अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के रायपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बिजली गिरने से नाना और उनकी सात वर्षीय दोहिती की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शव रायपुर अस्पताल के शवगृह में रखवाए। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव सौंप दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .
बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड
बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने सात वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी अभियुक्त को घटना के लगभग दो माह के भीतर मृत्यु दण्ड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। […] The post बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिए जाने के कुछ ही घंटों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऐसे कोर्ट का गठन कर अनु ग्रोवर बालिगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित […] The post पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट appeared first on Sabguru News .
गुजरात के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को इंस्टा पर मिलने लगी गालियां, बोले मैं कॉकरोच नहीं
इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता में से एक विजेता दहिया के हमनाम होने की सजा कुछ ऐसे मिली की लोगों ने उनको उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर गालियां बरसाना शुरु कर दिया। इंस्टा पर गालियां इतनी बढ़ गई कि ऐसे में उन्हें स्टेटस अपलोड कर यह साबित करना पड़ा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी वाले विजेता दहिया नहीं है। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के साथ जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन कॉकरोच जनता पार्टी शुरुआत से कर रही है। 1973 में जन्मे विजेता दहिया शुरुआत से ही गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ से जुड़े है। हालांकि इस बार समान नाम होने के कारण उन पर फोटो शेयरिंग एप्प इंस्टाग्राम पर गालियां बरसाई गई। Insta story of GT's assistant coach Lol, people think he is CJP's 'Vijeta Dahiya'. pic.twitter.com/C5DGINBkPC — Mohit (@Warlock_mohit) July 23, 2026 साल 2022 में बनी गुजरात टाइटंस के सफर की बात करें तो टीम ने अपने पहले ही संस्करण में राजस्थान रॉयल्स को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग जीता। इसके बाद वह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टे़डियम में उपविजेता रही। साल 2024 में भी टीम प्लेऑफ में पहुंची वहीं साल 2025 में टीम को निराशा हाथ लगी। इसके अलावा साल 2026 में टीम वापस उपविजेता बनी।
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी […] The post सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .
भद्र योग का महासंयोग: बुध के मार्गी होते ही अब 7 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
बुद्धि, संवाद और व्यापार के स्वामी बुध देव 24 जुलाई 2026 को अपनी सबसे प्रिय राशि मिथुन में सीधी चाल (मार्गी) गोचर कर गए हैं। अपनी ही राशि में बुध की यह सीधी चाल एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली 'भद्र राजयोग' का निर्माण कर रही है। जब बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह खुद अपनी शक्ति में आते हैं, तो सोच में स्पष्टता, बिजनेस में ग्रोथ और नए अवसरों की बाढ़ आ जाती है। आइए जानते हैं कि इस महा-गोचर का 7 राशियों के जीवन पर कैसा धमाकेदार असर पड़ने वाला है। मेष राशि: आत्मविश्वास में उछाल और संवाद की छाप बुध का आपके तीसरे भाव में मार्गी होना आपकी बातों में जादू भर देगा। काम-काज: मीडिया, सेल्स, मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए यह समय किसी लॉटरी से कम नहीं है। रिश्ते: छोटे भाई-बहनों और दोस्तों के साथ रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत और खुशनुमा होंगे। ध्यान रखें: छठे भाव के स्वामी होने के कारण कभी-कभी हल्की बहस हो सकती है, इसलिए अपने गुस्से और शब्दों पर थोड़ा कंट्रोल रखें। मिथुन राशि: निखरेगी पर्सनालिटी, बढ़ेगा रसूख बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके लग्न भाव में ही मार्गी हो रहे हैं। पर्सनल लाइफ: आपके भीतर एक अलग ही एनर्जी और चार्म दिखेगा। खुद को ग्रूम करने और स्टाइल पर आपका पूरा फोकस रहेगा। फैमिली व प्रॉपर्टी: मां का पूरा प्यार मिलेगा और घर में पॉजिटिविटी रहेगी। नया वाहन या घर खरीदने के मजबूत योग बन रहे हैं। सोशल स्टेटस: लीडरशिप रोल में आपकी साख और मान-सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। सिंह राशि: छप्परफाड़ 'धन योग' सिंह राशि वालों के लिए यह समय सीधे-सीधे बैंक बैलेंस बढ़ाने वाला है! आपके 11वें (लाभ) भाव में बुध का मार्गी होना धन की बरसात का संकेत है। आर्थिक स्थिति: पुराने इनवेस्टमेंट से उम्मीद से बढ़कर मुनाफा होगा। पैसे कमाने के नए-नए रास्ते खुलेंगे। नेटवर्किंग: दोस्तों और प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट्स की मदद से बड़े वित्तीय फायदे होंगे। सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। कन्या राशि: करियर में नया मुकाम और बड़ी पहचान बुध आपके 10वें (कर्म) भाव में मार्गी हो रहे हैं, जो आपके प्रोफेशनल करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जॉब व बिजनेस: नई नौकरी की तलाश खत्म होगी। कार्यस्थल पर आपकी अलग चमक होगी और कारोबारियों को बड़े क्लाइंट्स मिलने से मुनाफा कई गुना बढ़ेगा। प्रतिष्ठा: समाज और वर्कप्लेस पर आपका प्रभाव और दबदबा बढ़ेगा। वृश्चिक राशि: अचानक धन लाभ और बड़ा सरप्राइज आठवें भाव में अपनी स्वराशि के बुध का मार्गी होना किसी जैकपॉट जैसा है। खास लाभ: रुका हुआ पैसा, अचानक कोई आर्थिक लाभ या पैतृक संपत्ति मिल सकती है। जॉब में कोई बड़ा और ड्रीम ऑफर मिल सकता है। ध्यान रखें: बातें करते समय अपनी वाणी पर थोड़ा संयम बनाए रखें, हालांकि गुरु की कृपा आपको हर स्थिति से उबार लेगी। मकर राशि: विरोधियों का सफाया और सफलता छठे भाव में बुध का मार्गी होना आपके लिए जीत के दरवाजे खोल रहा है। सफलता: कोर्ट-कचहरी या किसी भी कानूनी मामले में फैसला आपके हक में आएगा। कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को मनचाही कामयाबी मिलेगी। स्वास्थ्य व खर्च: आपकी सेहत बेहतरीन रहेगी। भले ही कुछ खर्चे बढ़ें, लेकिन वे सभी शुभ और जरूरी कामों पर ही होंगे। मीन राशि: घर में खुशियां और सुख-समृद्धि चौथे भाव में बुध का मार्गी होना आपके जीवन में शांति और सुकून लेकर आ रहा है। पारिवारिक सुख: गुरु और बुध की युति से घर में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। माता जी के साथ संबंध सुधरेंगे। प्रॉपर्टी विवाद: ज़मीन-जायदाद से जुड़ा कोई पुराना मामला शांति से सुलझ जाएगा। कुल मिलाकर यह समय आपके लिए बेहद भाग्यशाली साबित होगा। सार: बुध का यह 'भद्र राजयोग' सोच को नई दिशा देने और रुके हुए कामों में जान फूंकने आ रहा है—सही रणनीति अपनाएं और इस समय का पूरा लाभ उठाएं!
YRF की मेगा रोमांटिक-एक्शन फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान, अहान पांडे और शरवरी मचाएंगे धमाल
यश राज फिल्म्स (YRF) एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक भव्य और धमाकेदार सिनेमाई अनुभव लाने की तैयारी में है। आदित्य चोपड़ा और ब्लॉकबस्टर निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र की जोड़ी ने अपनी अगली अनटाइटल्ड रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा कर दी है। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 26 मार्च, 2027 (गुड फ्राइडे) के लंबे और खास वीकेंड पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी। निर्माताओं ने इस बड़े त्यौहार का चुनाव बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रचने के इरादे से किया है। ALSO READ: खेसारी लाल यादव के इवेंट में स्ट्रीट डॉग से बदसलूकी, वीडियो देख भड़कीं मलाइका अरोड़ा फिल्म की स्टार कास्ट इस समय ट्रेड और सिने-प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म में अहान पांडे, शरवरी, बॉबी देओल और ऐश्वर्य ठाकरे अहम किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का कैनवास काफी विशाल रखा गया है। मेकर्स के अनुसार, इस रोमांटिक एक्शन ड्रामा की शूटिंग बड़े पैमाने पर यूनाइटेड किंगडम (UK) की खूबसूरत और अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस पर की गई है। यूके के विशाल लोकेशंस के साथ-साथ वाईआरएफ स्टूडियोज में भी इसके प्रमुख और थ्रिलिंग एक्शन सीन्स को शूट किया गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र और निर्माता आदित्य चोपड़ा की जोड़ी जब भी साथ आती है, बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका होता है। यह दोनों की बतौर निर्माता-निर्देशक 5वीं साझेदारी है। इससे पहले यह जोड़ी कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुकी है। जिसमें मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे, सुल्तान और टाइगर ज़िंदा है शामिल है। अब करीब एक दशक बाद दोनों एक बार फिर एक बड़े बजट की एक्शन-रोमांस कहानी के लिए साथ आए हैं, जिससे इंडस्ट्री की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फिल्म में अली अब्बास ज़फ़र का सिग्नेचर स्टाइल देखने को मिलेगा, जहां इमोशनल लव स्टोरी के साथ-साथ इंटरनेशनल लेवल का हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और चेज़ सीन्स का तड़का लगाया गया है। हालांकि अभी तक फिल्म के आधिकारिक शीर्षक और इसके टीज़र/ट्रेलर से जुड़ी जानकारी गुप्त रखी गई है, लेकिन स्टार कास्ट और मेकर्स के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह तय है कि यह फिल्म 2027 की सबसे बड़ी रिलीज़ में से एक साबित होने वाली है।
बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की बहुचर्चित कोर्टरूम ड्रामा 'प्रहार' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब फैंस के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में राजकुमार राव को वकील के दमदार किरदार में देखने का इंतजार कर रहे फैंस को अब थोड़ा और सब्र करना होगा। दिनेश विजन की बैनर कंपनी 'मैडॉक फिल्म्स' ने फिल्म की तय रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि मैडॉक फिल्म्स के लिए यह लगातार दूसरा झटका माना जा रहा है। हाल ही में श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म 'ईथा' की रिलीज डेट में बदलाव की खबरें आई थीं और अब 'प्रहार' की टलने से फिल्म गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। ALSO READ: रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह बॉक्स ऑफिस पर था 'महा-मुकाबला' बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, मैडॉक फिल्म्स ने अपने स्टेकहोल्डर्स और ट्रेड एक्सपर्ट्स के साथ लंबी चर्चा के बाद ही यह कड़ा फैसला लिया है। फिल्म को डिले करने की मुख्य वजह सिनेमाघरों में आने वाले हफ्तों का 'ओवरक्रॉउडेड रिलीज शेड्यूल' बताया जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों की मानें तो 7 अगस्त की तारीख 'प्रहार' के लिए कमर्शियल लिहाज से काफी जोखिम भरी साबित हो सकती थी। 7 अगस्त से ठीक एक हफ्ता पहले 30 जुलाई को मार्वल/सोनी की बड़ी फिल्म 'Spider-Man: Brand New Day' सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है, जिसका क्रेज युवाओं में पहले से ही सिर चढ़कर बोल रहा है। ठीक एक हफ्ते बाद यानी 14 अगस्त को दो बड़ी हिंदी फिल्में— 'बंटवारा 1947' और 'आवारापन 2' रिलीज होने के लिए तैयार हैं। ऐसे में 7 अगस्त को रिलीज होने पर 'प्रहार' को अपनी कमाई के लिए सिर्फ 6-7 दिनों का ही 'क्लियर विंडो' मिल पाता। 'प्रहार' एक ऐसी कंटेंट-ड्रिवन कंटेंट फिल्म है, जिसे वर्ड ऑफ माउथ का फायदा उठाने के लिए बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक टिके रहने के लिए सांस लेने की जगह चाहिए। प्रमोशन का न होना दे रहा था बड़ा संकेत फिल्म की रिलीज डेट में महज दो हफ्ते बचे थे, लेकिन मेकर्स की तरफ से कोई टीजर, ट्रेलर या कोई बड़ा प्रमोशनल इवेंट देखने को नहीं मिल रहा था। बॉलीवुड के गलियारों में इस बात की चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी थी। निर्माता दिनेश विजन अपनी फिल्मों के आक्रामक और अनोखे प्रमोशनल कैंपेन के लिए जाने जाते हैं। जब इतनी कम अवधि के बावजूद फिल्म का बज तैयार नहीं किया जा रहा था, तब ट्रेड एनालिस्टों को यह समझने में ज्यादा वक्त नहीं लगा कि 'प्रहार' की रिलीज टलना लगभग तय है। 'उज्ज्वल निकम' की कहानी पर आधारित है फिल्म फिल्म 'प्रहार' भारत के जाने-माने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके ऐतिहासिक अदालती मुकदमों पर आधारित है। उज्ज्वल निकम वही वकील हैं जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम कानूनी भूमिका निभाई थी। फिल्म में राजकुमार राव, उज्ज्वल निकम के मुख्य किरदार को निभाते नजर आएंगे। उनके अलावा फिल्म में वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी अहम किरदार में हैं। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। फिलहाल मेकर्स ने फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है।
रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही महत्वाकांक्षी महागाथा 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक भव्य इवेंट में चुनिंदा मीडिया और फैंस को इस फिल्म का 4 मिनट का खास ट्रेलर दिखाया गया था। इसके बाद से ही आम जनता के बीच इस ट्रेलर को देखने की उत्सुकता सातवें आसमान पर थी। 'रामायणम्' के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर को 24 जुलाई की सुबह जारी किया जाना था। लेकिन ट्रेलर रिलीज से ठीक कुछ घंटे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक बहुत बड़ा और सकारात्मक अपडेट शेयर करते हुए ट्रेलर की रिलीज को आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। ALSO READ: देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'? दरअसल, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन के मंच पर फिल्म की स्टार कास्ट और मेकर्स की मौजूदगी के बीच एक ऐतिहासिक डील पक्की हुई। नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर कर फैंस को यह खुशखबरी दी कि 'रामायण' को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा। A post shared by Namit Malhotra (@iamnamitmalhotra) नमित मल्होत्रा ने कहा, आज हमारी 'रामायण' के लिए एक बेहद खास लम्हा है। 'रामायण' को पूरी दुनिया तक ले जाने का मेरा सपना अब सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप के जरिए सच हो रहा है। इसी बड़े बदलाव के कारण, अब हम अपनी फिल्म का ट्रेलर वैश्विक स्तर पर एक नई तारीख पर लॉन्च करेंगे। 100 साल के भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण निर्माताओं का मानना है कि सोनी पिक्चर्स जैसे हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो के साथ हाथ मिलाने से भारतीय सिनेमा का कद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा होगा। इस डील के बाद 'रामायणम्' को दुनिया भर में किसी भी बड़ी वैश्विक हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म की तरह ही भव्य रूप से सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। San Diego Comic Con में स्टार्स ने बिखेरा जलवा ट्रेलर टलने से पहले, गुरुवार को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में 'रामायण' की टीम ने एक खास पैनल में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक इवेंट में फिल्म के मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, कन्नड़ सुपरस्टार यश, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा एक साथ मंच पर नजर आए। मेकर्स का विजन और फिल्म का स्केल देखकर विदेशी मीडिया भी काफी प्रभावित नजर आया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह पौराणिक फिल्म दो भागों में दर्शकों के सामने आएगी। फिल्म की स्टार कास्ट बेहद विशाल और प्रभावशाली है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकापति रावण, सनी देओल हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे फिल्म का पहला भाग इसी साल नवंबर (दिवाली) के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन का रास्ता साफ होने के बाद अब बहुत जल्द फिल्म की नई ट्रेलर रिलीज डेट की घोषणा की जाएगी।
स्विस बैंक की पोल पट्टी खोलने वाले जर्मन वकील पर मुकदमा
ओंकार सिंह जनौटी टैक्स चुकाए बिना ही उसका रिटर्न डकार लिया गया। यूरोप में इसी तरह से करीब 140 अरब यूरो की धांधली हुई। इस पर्दाफाश करने वाले जर्मन वकील पर अब स्विट्जरलैंड मुकदमा बहाल कर रहा है। जर्मन वकील टेंशन फ्री हैं। ALSO READ: जहां जन्मा था हिटलर, वहां बना पुलिस स्टेशन एकार्ट जाइथ, जर्मनी में एक जाने माने और लोकप्रिय कॉरपोरेट वकील हैं। कंपनियों को टैक्स, पॉलिसी और श्रम कानूनों के मामले में सलाह मशविरा देने वाले जाइथ को टैक्स चोरों का भांडा फोड़ने वाले साहसी वकील के तौर पर भी देखा जाता है। अब स्विट्जरलैंड में 69 साल के इसी वकील के खिलाफ मुकदमा शुरू होने जा रहा है। स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद जाइथ ने कहा कि वह इस फैसले से बिल्कुल भी हैरान नहीं हैं। स्विस प्रशासन का आरोप है कि जाइथ ने आर्थिक जासूसी करते हुए स्विस बैंक के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स जर्मन अधिकारियों को दिए। इन दस्तावेजों के आधार पर 2012 में जर्मनी और यूरोप में टैक्स रिटर्न धांधली के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ। लाभांश कर (डिविडेंड टैक्स) से जुड़ी इस धांधली ने यूरोप की अलग अलग ट्रेजरियों को करीब 140 अरब यूरो की चपत लगाई। जर्मनी को 30 अरब यूरो से ज्यादा का नुकसान हुआ। ALSO READ: 5,000 किलोमीटर की फ्लाइटों पर ईयू का उत्सर्जन शुल्क कैसे हो रही थी टैक्स धांधली असल में 2012 से पहले टैक्स सिस्टम में एक बड़ी कमजोरी मौजूद थी। तब टैक्स सर्टिफिकेट जारी होते थे और इनसे दावा किया जा सकता था कि कंपनी या शेयरों के लाभांश पर टैक्स चुकाया गया है। बैंक, शेयर कारोबारी और निवेशक, लाभांश भुगतान की तारीख के आस पास बहुत ही जटिल तरीके से स्टॉक ट्रेडिंग करते थे। इस दौरान हुए सौदों के दस्तावेज से पता ही नहीं चलता था कि शेयर का असली मालिक कौन है। डिविडेंड के साथ और डिविडेंड के बिना वाले, शेयरों की खरीद फरोख्त इतनी तेजी से होती थी कि टैक्स विभाग, रास्ता भटक जाता था। इसके बाद कई मामलों में एक ही स्टॉक से हुए फायदे पर चुकाए टैक्स को लेकर दो पार्टियों ने कैपिटल गेन टैक्स का रिटर्न फाइल किया। दोनों को टैक्स रिटर्न का पैसा मिला, जबकि हकीकत में कैपिटल गेन टैक्स सिर्फ एक ही पार्टी ने या कुछ मामलों में किसी ने भी नहीं चुकाया था। इस धांधली को 'कम-एक्स फ्रॉड स्कैंडल' नाम दिया गया। 2012 में जर्मन प्रशासन ने टैक्स सिस्टम में मौजूद इस छेद को बंद कर दिया। लेकिन तब तक हुई जांच में पता चला कि जर्मनी को करीब 36 अरब यूरो का नुकसान हो चुका है। यह जर्मन इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स धांधली है। फ्रांस, इटली, डेनमार्क और बेल्जियम को भी इस तरीके से बड़ी चपत लगाई गई। ALSO READ: दोहरे मापदंडों के चलते घिरे दिग्गज जर्मन नेता का इस्तीफा जाइथ ने कैसे खोली स्विस स्टाइल टैक्स चोरी की पोल स्विट्जरलैंड के कानून के तहत बैंक, अपने ग्राहकों की वित्तीय सूचना और पहचान को गोपनीय रखने के लिए बाध्य हैं। 2013 में जर्मन फॉर्मेंसी स्टोर कारोबारी एरविन म्युलर के केस की पैरवी करते समय एक स्विस बैंक के ऐसे ही दस्तावेज जाइथ के हाथ लग गए। स्विस बैंक की कम-एक्स डीलों की वजह से म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान हुआ था और जाइथ इसी केस को देख रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि म्युलर ने स्विट्जरलैंड के बैंक जाराजिन के एक फंड में निवेश किया था। इस पैसे को बैंक ने म्युलर को बिना बताए कम-एक्स लेन देनों में गैरकानूनी ढंग से इनवेस्ट किया। जब इन लेन देनों को पता चला को म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान झेलना पड़ा। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान, कई देशों तक फैले अरबों यूरो की धांधली का पता चला। स्विस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जर्मन शहर श्टुटगार्ट में रहने वाले जाइथ ने कहा, बहुत ही गंभीर अपराधों की जांच, जिसमे गोपनीय जानकारी रखने वाले भी शामिल हों, इसकी कामना भी की जाती है और यूरोपीय कानूनी तंत्र के तहत इसकी अनुमति भी है। मुझे नहीं लगता कि स्विट्जरलैंड खुद, यूरोपीय लीगल सिस्टम से बाहर रहना पसंद करेगा। ओबामा और यूरोपीय संघ ने कैसे टैक्स चोरी की पनाहगाह रहे देशों को कसा 1713 में जिनेवा के प्रशासन ने एक नियम बनाया कि वे अपने ग्राहकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखेंगे। इसके बाद यूरोप के राजा और कुलीन वर्ग के बीच स्विट्जरलैंड पैसा जमा करने की सबसे सुरक्षित तिजोरी बन गया। 1934 में स्विट्जरलैंड ने आधिकारिक रूप से इस नियम को बैंक सीक्रेसी कानून में बदल दिया। इसके बाद अगले 70 बरसों में स्विट्जरलैंड की कुल बैंक संपत्ति का आधा हिस्सा विदेशी खाताधारकों का बैंक बैलेंस था। स्विट्जरलैंड की देखा देखी लक्जमबर्ग और लिष्टेनश्टाइन जैसे यूरोपीय देशों ने भी की और इन देशों को टैक्स हेवेन कहा जाने लगा। सन 2000 के बाद स्विस बैंकों ने दुनिया भर के अमीरों के बीच यह प्रचार शुरू किया कि उनके बैंक में रखे धन की जानकारी ग्राहक के अलावा और किसी को नहीं होती है। सीक्रेसी कानून और अमीरों के बीच ऐसे प्रचार ने स्विट्जरलैंड को टैक्स चोरी और काले धन का मुख्य अड्डा बना दिया। 2007 के आस पास अमेरिकी अधिकारियों ने स्विटजरलैंड में पैसा छुपाने वाले अमेरिकियों की जांच शुरू की। इसमें सामने आए मामलों की गंभीरता को देखते हुए 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने FATCA नाम का कानून बनाया। इसके तहत सभी विदेशी संस्थानों को अमेरिकी करदाताओं से जुड़ी जानकारी अमेरिका की इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) को देनी ही होगी। काले धन और टैक्स चोरी के मामले में ओबामा का साथ तत्कालीन जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल व अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी दिया। इन पक्षों ने आनाकानी कर रही स्विस सरकार पर इतना दबाव डाला कि स्विट्जरलैंड को कई विदेशी नागरिकों से जुड़ी जानकारी देने पर सहमत होना पड़ा।
कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार
कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार 84वें भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर दिल्ली में युवा सोशलिस्ट पहल का शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो प्रदर्शन “शिक्षा का स्तर गिर रहा है इसलिए छंटी भर्ती हो [केवल चुनिंदा विद्यार्थियों को कॉलेज/यूनिवर्सिटी में दाखिल दिया जाए], ऐसी आवाज हिंद सरकार और शिक्षाशास्त्रियों ने उठाई है। ... इसलिए जबरदस्त मांग होनी चाहिए कि नए-नए विश्वविद्यालय और कॉलेज खुलें, उपयुक्त परीक्षा पास कर लेने के बाद हर विद्यार्थी को मनचाही शिक्षा लेने का अधिकार हो, तीसरी अथवा दूसरी श्रेणी में उत्तीर्णता का फर्क बिल्कुल न किया जाए, और शिक्षा सस्ती हो। स्कूल और कॉलेजों में फीसें कम हो जाएं। हो सके, बिल्कुल न हो।” डॉ राममनोहर लोहिया कौन हैं शिक्षा के सौदागार: कांग्रेस पार्टी, जिसने 1991 में बाजार-अर्थव्यवस्था लागू करके संविधान के बरखिलाफ शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण का रास्ता खोला; भाजपा/आरएसएस, जिसने शिक्षा पर दो बड़े उद्योगपतियों – कुमार मंगलम बिड़ला और मुकेश अंबानी – की कमिटी बना कर शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण की प्रक्रिया को मजबूती और तेजी प्रदान की। नई शिक्षा नीति 2020 उस दिशा में एक लंबी छलांग है; एनडीए और यूपीए में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियां जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रही हैं; राजनीतिक सुभीता और संरक्षण पाकर शिक्षा के बाजार में मुनाफाखोरी के लिए प्रतिस्पर्धा में जुटे छोटे-बड़े व्यवसायी; वे ‘धर्मात्मा’ (फिलेंथ्रोपिस्ट) जो निजी स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के नाम पर शिक्षा का व्यवसाय करते हैं; संवैधानिक पदों पर आसीन विशिष्ट/अतिविशिष्ट महानुभाव जो निजी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रमों में भागीदारी करते हैं; देश के शिक्षाविद, शिक्षक और बुद्धिजीवी जो यूजीसी/सरकारी कमिटियों में रहते हुए इस संविधान-विरोधी काम को अंजाम देने में सरकारों के साथ रहे हैं; देश के विद्वान शिक्षक जिन्होंने अपना कैरियर सार्वजनिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बनाया, लेकिन निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों की नौकरी बजाते और उनका विरुद गाते हैं; एनजीओ जगत के वे लोग जो शिक्षा/ज्ञान के बाजार-चरित्र और बाजार-अर्थव्यवस्था को बनाए रख कर शिक्षा-सुधारों के टोटकों के नाम पर देशी-विदेशी अनुदान और पद-पुरस्कार लेते हैं और शिक्षा के संघर्ष को दबाने और भटकाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हमारी मान्यता: संविधान-निर्माता, खास कर डॉक्टर अंबेडकर शिक्षा के अधिकार को संविधान के खंड 3 में मौलिक अधिकारों के साथ रखना चाहते थे। उसे संविधान के खंड 4 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के साथ इस संकल्प के साथ रखा गया कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा के अधिकार का लक्ष्य जल्दी ही हासिल कर लिया जाना चाहिए – यानि दस वर्षों में। लेकिन यह संवैधानिक संकल्प कभी पूरा नहीं हुआ। उल्टे, भारत के नेताओं और बुद्धिजीवियों ने इस संकल्प के विरुद्ध कानून बना कर शिक्षा को बाजारवाद का ग्रास बना दिया। इस सारी प्रक्रिया को उलटना होगा। इसके लिए: नवउदारवादकालीन सभी संविधान-विरोधी कानूनों को निरस्त किया जाए ताकि संविधान-सम्मत शिक्षा-व्यवस्था की अविलंब बहाली और मजबूती हो सके; पहली से स्नातकोत्तर कक्षा तक सभी को समान और उम्दा गुणवत्ता वाली शिक्षा देने की जिम्मेदारी राज्य की हो; देश के प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी पसंद के विषय/कोर्स में दाखिला सुलभ कराने की जिम्मेदारी राज्य की हो; जो विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय सरकारी अनुदान (सस्ती जमीन और कर्ज आदि के रूप में) से कायम किए गए हैं उन सभी का सार्वजनीकरण किया जाए; वर्तमान शिक्षा मौजूदा पूंजीवादी बाज़ार व्यवस्था के लिए कुशल मजदूर पैदा करने तक सीमित कर दी गई है। शिक्षा का साम्प्रदायीकरण समाज में संकीर्णता, अंधविश्वास और तर्कहीनता को बढ़ावा दे रहा है। इस शिक्षा-विरोधी स्थिति को समाप्त कर विज्ञान, वाणिज्य, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मानविकी, कला, टेक्नॉलाजी, मेडिकल, प्रबंधन आदि विषयों की शिक्षा का कंटेंट और भाषा ऐसी हो कि प्रत्येक विषय में मौलिक अवदान करने वाले तर्कशील नागरिकों का निर्माण हो सके; कुल मिला कर, शिक्षा/ज्ञान के बाजारोन्मुख चरित्र और अर्थव्यवस्था को जनोन्मुख बनाया जाए; शिक्षा के सवाल पर समग्रता में चर्चा के लिए संसद और विधानसभाओं का विशेष सत्र बुलाया जाए। देश में जड़ जमा चुकी कारपोरेट राजनीति के तहत कारपोरेट हितों और सांप्रदायिकता की पोषक सरकार को उपर्युक्त मांगों का ज्ञापन देना एक निरर्थक कवायद ही होगी। जन-जागृति एकमात्र रास्ता है। जैसा कि प्रोफेसर अनिल सदगोपाल ने कहा है, देश की संघर्षशील जनता को जल, जंगल, जमीन और जीविका की लड़ाई में शिक्षा के हक की लड़ाई को भी शामिल करना होगा। यह पर्चा देश की जन पंचायत में पेश किया गया ज्ञापन है। भारत छोड़ो आंदोलन दिवस (9 अगस्त) के ऐतिहासिक मौके पर हमारी अपील है कि भारतीय जनता के संवैधानिक अधिकारों का विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष करने वाले प्रगतीशील संगठन, समूह एवं व्यक्ति शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण को समाप्त करने का बीड़ा उठाएं। युवा सोशलिस्ट पहल का मानना है कि भारत के राष्ट्रीय जीवन पर कसे नवसाम्राज्यवादी शिकंजे को नष्ट करने के लिए सबसे पहले शिक्षा को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने की जरूरत है। आप साथियों सहित सादर आमंत्रित हैं स्थान: जंतर मंतर तारीख: 9 अगस्त 2026 समय: पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक अगस्त के शहीदों को भूलो मत भूलो मत युवा सोशलिस्ट पहल 11 - राजपुर रोड नई दिल्ली -110054 संपर्क: डॉ हिरण्य हिमकर, बंदना पांडे, नीरज
26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का प्रदर्शन जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा और शिक्षा सचिव विनित जोशी को हटाए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वे नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से अनशन पर थे। सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद भी जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होगी। ALSO READ: PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल वांगचुक ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा- कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के साथ-साथ देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है। नड्डा ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। वांगचुक के अनशन खत्म होने से अभिजीत दीपके खुश वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। सरकार के लिखित आश्वासन पर तोड़ा अनशन बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने सरकार के 2 लिखित आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त किया है। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे। सरकार ने आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया है। गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्तापल में भर्ती कराया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 जुलाई को उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'?
मनोज कुमार का नाम ऐसे फिल्मकार-अभिनेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण फिल्मों के जरिये दर्शकों के दिलों पर राज किया। मनोज कुमार मूल नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी का जन्म 24 जुलाई 1937 को हुआ था। जब मनोज कुमार महज दस वर्ष के थे तब उनका पूरा परिवार राजस्थान के हनमुनगढ़ जिले में आकर बस गया। बचपन के दिनों में मनोज कुमार ने दिलीप कुमार अभिनीत फिल्म 'शबनम' देखी थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार के निभाए किरदार से मनोज कुमार इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने भी फिल्म अभिनेता बनने का फैसला कर लिया। ALSO READ: रणवीर सिंह की 'प्रलय' में हुई इस साउथ हसीना की एंट्री, हॉलीवुड स्टाइल एक्शन से होगा हिंदी डेब्यू मनोज कुमार ने अपनी स्नातक की शिक्षा दिल्ली के मशहूर हिंदू कॉलेज से पूरी की। इसके बाद बतौर अभिनेता बनने का सपना लेकर वह मुंबई आ गए। बतौर अभिनेता मनोज कुमार ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म 'फैशन' से की। फिल्म में मनोज कुमार ने छोटी सी भूमिका निभायी थी। वर्ष 1957 से 1962 तक मनोज कुमार फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। फिल्म फैशन के बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली वह उसे स्वीकार करते चले गए। इस बीच उन्होंने कांच की गुडि़या, रेशमी रूमाल, सहारा, पंयायत, सुहाग सिंदूर, हनीमून, पिया मिलन की आस जैसी कई बी ग्रेड फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। मनोज कुमार के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक विजय भट्ट की वर्ष 1962 में प्रदर्शित क्लासिक फिल्म 'हरियाली और रास्ता' से चमका। फिल्म में मनोज कुमार के अपोजिट माला सिन्हा थी। मनोज कुमार और माला सिन्हा की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। वर्ष 1964 में मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म 'वह कौन थी' प्रदर्शित हुई। फिल्म में उनकी नायिका की भूमिका साधना ने निभाई। रहस्य और रोमांच से भरपूर इस फिल्म में साधना की रहस्यमय मुस्कान के दर्शक दीवाने हो गए। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म गुमनाम भी प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में रहस्य और रोमांस के ताने-बाने से बुनी, मधुर गीत-संगीत और ध्वनि के कल्पनामय इस्तेमाल किया गया था। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार को विजय भट्ट की फिल्म 'हिमालय की गोद' में काम करने का मौका मिला जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में भी मनोज कुमार की नायिका माला सिन्हा थी। वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'शहीद' मनोज कुमार के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण इस फिल्म में मनोज कुमार ने भगत सिंह की भूमिका को रूपहले पर्दे पर जीवंत कर दिया। फिल्म से जुड़ा दिलचस्प तथ्य है कि मनोज कुमार के ही कहने पर गीतकार प्रेम धवन ने इस फिल्म के गीत लिखे साथ ही फिल्म का संगीत भी दिया। उनके रचित गीत 'ऐ मेरे प्यारे वतन' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आज भी उसी तल्लीनता से सुने जाते हैं, जिस तरह उस दौर में सुने जाते थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की समाप्ति के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने देश में किसान और जवान की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया और मनोज कुमार से इसपर फिल्म बनाने की पेशकश की। बाद में मनोज कुमार ने फिल्म उपकार का निर्माण किया। वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म 'उपकार' में मनोज कुमार ने किसान की भूमिका के साथ ही जवान की भूमिका में भी दिखाई दिए। फिल्म में उनके चरित्र का नाम भारत था बाद में इसी नाम से वह फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर हो गए। वर्ष 1970 में मनोज कुमार के निर्माण और निर्देशन में बनी एक और सुपरहिट फिल्म 'पूरब और पश्चिम' प्रदर्शित हुई। फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने एक ऐसे मुद्दे को उठाया जो दौलत के लालच में अपने देश की मिट्टी को छोड़कर पश्चिम में पलायन करने को मजबूर है। वर्ष 1972 में मनोज कुमार के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म 'शोर' प्रदर्शित हुई। वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' मनोज कुमार के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने समाज की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट की साथ ही आम आदमी की जिंदगी में जरूरी रोटी, कपड़ा और मकान के मुद्दे को उठाया। वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म 'दस नंबरी' की सफलता के बाद मनोज कुमार ने लगभग पांच वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। वर्ष 1981 में मनोज कुमार ने फिल्म 'क्रांति' के जरिए अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की। दिलचस्प बात है इसी फिल्म के जरिए मनोज कुमार के आदर्श दिलीप कुमार ने भी अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की थी। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण फिल्म में मनोज कुमार और दिलीप कुमार की जोड़ी को जबरदस्त सराहना मिली। वर्ष 1983 में अपने पुत्र कुणाल गोस्वामी को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए मनोज कुमार ने फिल्म 'पेन्टर बाबू' का निर्माण किया लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर औंधे मुंह गिरी। फिल्म की असफलता से मनोज कुमार ने लगभग छह वर्ष तक फिल्म निर्माण से किनारा कर लिया। वर्ष 1989 में मनोज कुमार एक बार फिर से फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में वापस आए और फिल्म 'क्लर्क' का निर्माण किया, लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म 'जय हिंद' बतौर निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार के सिने करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई जो टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई। मनोज कुमार अपने सिने करियर में सात फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए। इन सबके साथ ही फिल्म के क्षेत्र में मनोज कुमार के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2002 में पद्मश्री पुरस्कार, वर्ष 2008 में स्टार स्क्रीन लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार और वर्ष 2016 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
23 जुलाई…सुबह 10 बजे, हम दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। यहां 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन कर रही है। एंट्री गेट पर ही एक डिलीवरी एजेंट मिले। हमने उन्हें रोककर पूछा कि क्या लेकर आए हैं और किसके लिए। जवाब मिला- खाना, दवाएं, मास्क और गार्बेज बैग जैसे कुछ सामान हैं। बुकिंग करने वाले ने जंतर-मंतर का पता दिया और बोला प्रदर्शन कर रहे लोगों तक पहुंचा देना। ये अकेल नहीं, इनके जैसे सैकड़ों एजेंट्स दिनभर पार्सल लेकर जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। जहां तकरीबन हर वक्त 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा रहती है। कोई खाना और पानी पहुंचाने आ रहा, तो कोई दवाइयां-सैनिटरी पैड्स या जरूरत के बाकी सामान। देश के अलग-अलग हिस्सों से ये मदद भेजी जा रही है, लेकिन ना भेजने वालों का नाम है, ना पता। केरल से इंजीनियर ने पहले खाना भेजा, फिर दवाएं हमने डिलीवरी एजेंट के जरिए बात करके पार्सल भेजने वाले का नाम-पता जानना चाहा और एजेंट के फोन से ही ऑर्डर भेजने वाले से बात की। तब पता चला कि इसे केरल के सीजो ने भेजा है। वे मलयाली क्रिश्चिनय हैं और पेशे से इंजीनियर। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लगातार फॉलो कर रहे हैं। कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करते हैं, इसलिए दिल्ली आकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। लिहाजा मदद का ये तरीका चुना।सीजो कहते हैं, ‘मैं वहां नहीं आ सकता, इसलिए क्विक डिलीवरी एप से प्रदर्शनकारियों के लिए जूस, चिप्स, नमकीन जैसे सामान भेजे। कुछ मेडिकल का सामान भी भेजा है, जैसे- ORS, रीलिफ स्प्रे, ताकि जो बीमार हैं या जिन्हें चोट लगी है, उन्हें थोड़ी मदद मिल सके।‘ सीजो ने अभी जंतर-मंतर पर दो हजार का सामान भेजा है। एक दिन पहले वे करीब 5 हजार रुपए खर्च कर खाना भी भिजवा चुके हैं। राजू बोले- हर घंटे ऑर्डर लेकर जंतर-मंतर आ रहा इसके बाद हमें अमेजॉन फ्रेश के लिए काम करने वाले राजू मिले। उन्होंने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों के लिए करीब 7 हजार रुपए का सामान लेकर पहुंचे हैं। वैसे तो उनका काम सिर्फ सामान धरनास्थल तक पहुंचाना था, लेकिन ये सही लोगों तक पहुंच सके, इसलिए खुद रुककर इसे जरूरतमंद प्रदर्शनकारियों तक पहुंचवाया। राजू बताते हैं, ‘हम हर घंटे यहां ऑर्डर लेकर आ रहे हैं। हमारे डार्क स्टोर (स्थानीय गोदाम) पर जो भी डिलीवरी पार्टनर हैं, उनमें से ज्यादातर सामान पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर के ही चक्कर लगा रहे हैं।‘ यूपी से भेजा ऑर्डर, बोले- स्टूडेंट हैं इसलिए दर्द समझते हैं हमारे सामने ही जंतर-मंतर के गेट के बाहर करीब 24-25 से ज्यादा स्विगी और जोमैटो वाले खड़े मिले। हम इन्हीं में से एक के पास पहुंचे। डिलीवरी पार्टनर से कहा कि ऑर्डर भेजने वाले को फोन लगा दीजिए। बात की तो पता चला कि ये ऑर्डर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले सत्यानंद ने भेजा है। बीएड कर रहे सत्यानंद भी दिल्ली आना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई के चलते नहीं आ सके। वे कहते हैं, ‘हम भी स्टूडेंट है, इसलिए उनके मुद्दे और दर्द समझ रहे हैं। मेरा इन्हें पूरा सपोर्ट है। दिल्ली नहीं आ सकता, लेकिन अपनी सामर्थ्य के मुताबिक जो कर सकता हूं, कर रहा हूं।’ उनका ऑर्डर लेकर आए डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि सुबह से जंतर-मंतर पर ये उनका 8वां ऑर्डर है। एक दिन पहले भी वो दिनभर जंतर-मंतर पर सामान पहुंचाते रहे। प्रदर्शनकारियों तक ऑर्डर पहुंचाने के लिए वॉलंटियर्स एक्टिव देश भर से आ रही इस मदद को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स भी सक्रिय हैं। इनमें से अभिषेक और प्रीति जंतर-मंतर के बाहर लगी बैरिकेडिंग से सामान उठाकर करीब 400 मीटर दूर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचा रहे हैं। अभिषेक बताते हैं कि अभी तक प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा गया सामान बीच में ही लोग अपने घर ले जाने लगे थे, इसलिए हमने ये सब शुरू किया। प्रीती कहती हैं कि अगर ये मदद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगी, तो भेजने वाले खुद को ठगा महसूस करेंगे। यही वजह है कि हम इसे सही जगह पहुंचा रहे हैं। दोनों वॉलंटियर्स के मुताबिक, छोले भटूरे, समोसे, कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी तक यहां सब कुछ आ रहा है। लड़कियों के लिए सैनिटरी पेड और घायलों के लिए मेडिकल सामान भी है। कोई नंगे पैर न रहे इसलिए अलग-अलग साइज की चप्पलों के ऑर्डर भी आए हैं। आखिर में CJP के आंदोलन का अपडेट… सरकार बोली- 4 बार बातचीत के लिए बुलाया दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई को कहा कि वो CJP के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में CJP को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस पर बातचीत के लिए 4 बार ऑफर भेजा जा चुका है। हालांकि, CJP ने कहा है कि सरकार को बात करनी है तो जंतर-मंतर आए या फिर किसी न्यूट्रल जगह पर चर्चा करे। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे। इधर, CJP ने अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। ……………….. ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच आंदोलन से BJP में चिंता, लेकिन प्रधान नहीं हटेंगे 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। पूरी खबर पढ़िए…
25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। आरोप है कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने पैलेट गन चलाई, जिससे इरशाद जख्मी हो गए। मैं 23 जुलाई को इरशाद से मिलने हॉस्पिटल पहुंची। ENT डिपार्टमेंट में उनका इलाज चल रहा है। डिपार्टमेंट के गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने मुझे रोक दिया। कई बार कोशिश करने के बाद मैं इरशाद तक पहुंच गई। उस वक्त डॉक्टर कमरे में मौजूद थे। बातचीत के दौरान इरशाद ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि आप मुझे सीधे मैसेज कर दीजिए। फिर फोन पर हमारी बात हुई। इरशाद ने कहा कि मैं उनसे मिलूं। हॉस्पिटल स्टाफ ने इरशाद से मिलने से रोका मैं दोबारा हॉस्पिटल पहुंची, तो गार्ड और स्टाफ ने मुझे फिर रोक दिया। इरशाद ने दो बार अस्पताल स्टाफ से कहा कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं। इसके बावजूद मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया। कहा कि आप बाहर बैठिए। मैंने कहा- इरशाद ने बुलाया है। गार्ड ने जवाब दिया- नहीं बुलाया है। कुछ देर बार बोला- रुकिए मैं पूछता हूं। इसी दौरान एक शख्स स्टाफ के साथ आए। वे खुद को गवर्नमेंट एम्पलाई बता रहे थे। उन्होंने स्टाफ से कहा कि इरशाद से किसी को न मिलने दिया जाए। कुछ देर बाद इरशाद ने फोन पर कहा कि मैं अपने सवाल वॉट्सऐप पर भेज दूं। समझ नहीं आया कि इरशाद खुद मिलना चाहते थे, तब उनसे क्यों नहीं मिलवाया गया। ये अस्पताल प्रशासन का फैसला था या सुरक्षा एजेंसियों का या किसी और का, इसका जवाब नहीं मिला। मैं अस्पताल के बाहर इंतजार करती रही। कुछ देर बाद इरशाद का एक दोस्त बाहर आया। उसने दावा किया कि केंद्र सरकार में मंत्री जेपी नड्डा इरशाद से मिलने आए थे। उसी के बाद इरशाद के आसपास सख्ती बढ़ी है। कुछ देर बाद इरशाद का फोन आया। उन्होंने बताया कि अब मेरी हालत ठीक है। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: क्या आपको पैलेट गन से चोट लगी है? जवाब: हां। मेरे चेहरे और दाहिनी कंधे पर 40 से ज्यादा पैलेट्स लगे हैं। सवाल: उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं करीब 3:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंचा। वहां से जंतर-मंतर की तरफ चला गया। उधर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान थे। अचानक उन्होंने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हम लोग पीछे की तरफ भागे। प्रदर्शन कर रहे सभी लोग नई उम्र के थे। तभी जवानों ने टियर गैस दागना शुरू कर दिया। सभी कनॉट प्लेस की तरफ आ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं। हम यहां अपनी मांगें लेकर आए हैं। वे सभी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का नारा लगा रहे थे। मैंने देखा कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने अपनी गन हमारी तरफ तान दी। हमें लगा कि डराने के लिए ऐसा कर रहा है। तभी फायर की आवाज सुनाई दी। मेरी बायीं आंख, चेहरे और कंधे पर गोली के छर्रे धंस गए। शरीर से खून बहने लगा। उस वक्त मैं होश में था। आसपास मौजूद लोगों ने खून रोकने की कोशिश की। एक स्कूटी रोककर मुझे लेडी हॉर्डिंग हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट किया। सवाल: क्या आपको मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है? जवाब: मैंने रिपोर्ट मांगी थी। बताया गया कि अभी इलाज और सर्जरी की प्रोसेस चल रही है। इसलिए फिलहाल पूरी रिपोर्ट नहीं दी जा सकती। डिस्चार्ज के वक्त रिपोर्ट दे देंगे। सवाल: जेपी नड्डा आपसे मिलने आए थे, उनसे क्या बात हुई? जवाब: उन्होंने मेरा नाम-पता पूछा। फिर कहा कि मैं प्रदर्शन में क्यों शामिल था। मैंने उन्हें बताया कि मैं छोटे भाई-बहनों के भविष्य के लिए वहां गया था। फिर उन्होंने कहा, तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। तुम जल्द ही ठीक हो जाओगे। सवाल: क्या अभिजीत दीपके या उनके किसी साथी ने आपसे बात की है? जवाब: नहीं, मेरा उनसे कोई संपर्क नहीं है। मैं किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता। मेरा मकसद था कि हम अपनी आवाज उठा सकें और सरकार के सामने मांगें रख सकें। सवाल: अपने साथ हुए हादसे पर क्या कहेंगे? जवाब: मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ऐसा होगा। इसके बाद भी मुझे कोई पछतावा नहीं है कि मैं वहां गया। मैं यह सोचकर नहीं गया था कि मेरे साथ ऐसा कुछ होगा। अगर फिर मौका मिला, तो मैं दोबारा वहां जाऊंगा। सवाल: यानी आप खुद को इस आंदोलन का हिस्सा मानते हैं? जवाब: जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का हिस्सा बना रहूंगा। सवाल: आपने कहा था कि मैं आपकी दोस्त बनकर मिलने आ सकती हूं। डायरेक्टर के सामने आपने कहा कि मुझे जानते ही नहीं हैं। ऐसा क्यों? जवाब: नहीं, ऐसी बात नहीं थी। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि किसी को भी मुझसे मिलने न दिया जाए। मैंने कहा था कि कोई दोस्त आए तो मिल सकता है, लेकिन मुझे बताया गया था कि उसे फोन जमा कराना होगा। मेरा इलाज चल रहा है, इसलिए मुझे भी हॉस्पिटल के नियम मानने पड़ेंगे। सवाल: आप नर्वस दिख रहे थे। क्या आपके ऊपर कोई सरकारी दबाव है? जवाब: कोई दबाव नहीं है। यहां मैं अकेला पेशेंट नहीं हूं। और भी मरीज हैं। उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखना है। मुझे किसी ने डराया-धमकाया नहीं है। सवाल: दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल नहीं हुई हैं। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: मैं भी दावे के साथ नहीं कह सकता, लेकिन ये उसी तरह की चीज है। अगर पैलेट गन इस्तेमाल होती है, तो उसके पार्टिकल्स बॉडी में घुस जाते हैं। यही मेरे साथ हुआ है। दिल्ली पुलिस या फिर सरकार ने भले इसे नहीं माना, लेकिन मुझे लगता है कि ये पैलेट गन हो सकती है। सवाल: सरकार से क्या कहना चाहेंगे?जवाब: अगर पैलेट गन पर बैन है, तो कैसे इस्तेमाल हो सकती है। इसकी जांच होनी चाहिए कि कौन इसे इस्तेमाल कर रहा है। पैलेट गन का दावा सच निकला तो दिल्ली का पहला केस होगा लेफ्ट के स्टूडेंट विंग AISA के कार्यकर्ता दानिश के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स के वर्दीधारी जवान ने पैलेट गन से फायर किया गया था। अगर ये दावे सही हुए तो पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन इस्तेमाल नहीं की गई है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। पैलेट गन इस्तेमाल के नियम क्या हैं
शादी के दिन आंतें फटीं, 5 महीने खुला रहा पेट:सूप पिया तो छाती से बह निकला, हनीमून पर भी नहीं जा पाया
दुर्लभ बीमारियों की सीरीज 'ऐ जिंदगी' में आज कोलकाता के जगदीशपुर में रहने वाले 31 साल के सुभजीत कर्माकर का दर्द। भास्कर रिपोर्टर नीरज झा ने ये पूरी कहानी सुनी और उन्हीं की जुबानी हू-ब-हू आपके सामने रख दी… '6 मार्च 2022 की शाम। कोलकाता के एक बैंक्वेट हॉल में हमारी शादी की पार्टी चल रही थी। मेहमानों की भीड़ थी। सभी बधाइयां दे रहे थे, फोटो खिंचवा रहे थे। कोई लिफाफा दे रहा था, तो कोई गिफ्ट। सामने पूरा परिवार, रिश्तेदार और दोस्त गानों की धुन पर झूम रहे थे। इसी बीच, मेरे पेट में तेज दर्द उठा। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, दर्द बढ़ता जा रहा था। मुझे सिर्फ बर्दाश्त करना था, न करता तो सभी का मजा खराब हो जाता। रात करीब 1 बजे पार्टी खत्म हुई। 2 बजे हम घर पहुंचे। अपने कमरे में जाते ही मैं दर्द के मारे पलंग पर गिर पड़ा। मैं पसीना-पसीना था। पत्नी घबरा गई। बार-बार पूछने लगी- क्या हुआ? मैंने कराहते हुए कहा- दर्द बहुत तेज है। अलमारी में दवा रखी है, दे दो। पत्नी ने फौरन टेबलेट निकाली और दे दी। मैंने दवा तो खा ली, लेकिन असर नहीं हुआ। पूरी रात छटपटाते हुए कभी बिस्तर पर लेटता, तो कभी कमरे में टहलता। मेरी शादी की पहली रात ऐसे ही बीत गई। सुबह 7 बजते ही हम दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे। उन्होंने सीटी स्कैन कराने को कहा। रिपोर्ट देखी तो डॉक्टर बोले- ‘फैटी लिवर है। इसी वजह से दर्द हो रहा है। उबला और हल्का खाना खाइए। उन्होंने कुछ दवाइयां दीं, कहा- आराम हो जाएगा। दो-तीन दिन तो राहत मिली, लेकिन कुछ खाते ही गले में अजीब सा दर्द होता। ऐसा लगता, जैसे- गले में कोई खुरदरी चीज रगड़कर नीचे जा रही हो। हर निवाले के साथ दर्द और जलन बढ़ती जा रही थी। हफ्तेभर बाद फिर तेज दर्द उठा। खड़ा होना, बैठना, यहां तक कि सांस लेना मुश्किल हो गया। हम दोनों बिना देर किए दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने कई जांचें कराईं और बताया कि मेरी बड़ी आंत 6-7 जगह से फट गई है। तुरंत ऑपरेशन कराना होगा। सर्जरी में देरी हुई तो इंफेक्शन फैल जाएगा। जान को भी खतरा हो सकता है। दो दिन बाद हम हनीमून के लिए मनाली जाने वाले थे। लेकिन सारा प्लान धरा का धरा रह गया। डॉक्टर के केबिन से बाहर निकलते हुए मेरी नजर पत्नी मोमिता पर पड़ी। वह चुप थी, लेकिन उसकी आंखों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। बीमारी से कहीं ज्यादा डर उसके टूटते सपनों का था। तभी पत्नी ने मेरा हाथ कसकर पकड़ा और बोली- जब सर्जरी ही एकमात्र रास्ता है, तो फौरन करवा लो। घूमने कभी और चलेंगे। सर्जरी का खर्च 5 लाख रुपए था। शादी में ही 15-20 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। सेविंग्स भी काफी कम बची थी, इसलिए दोस्तों से पैसे उधार लेकर अस्पताल में जमा कराए। मुझे तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले गए। एनेस्थीसिया दिया। रात में जब होश आया, तो सबसे पहले नजर छाती और पेट पर पड़ी। पेट खुला हुआ था, उसे कवर करने के लिए एक बैग जैसा कुछ लगा था। मैंने देखते ही डॉक्टर से पूछा- क्या सर्जरी पूरी नहीं हुई? पेट में ये क्या लगा दिया। उन्होंने बताया कि आंतों के साथ-साथ भोजन नली भी फट गई थी, इसलिए उसकी भी सर्जरी करनी पड़ी। आंत को जोड़ने के लिए पहले सर्जिकल स्टेपल लगाए। फिर मेडिकल स्यूचर (टांके) लगाए, लेकिन अंदर की परत इतनी पतली हो गई थी कि टांके टिक ही नहीं पाए। आंतें बार-बार फट रही थीं। आंतों पर दबाव न पड़े, इसलिए पेट पर स्टूल बैग लगाया है। इससे ही स्टूल यानी पॉटी पास होगी। जब तक अंदरूनी घाव भर नहीं जाता, तब तक खाना भी फीडिंग ट्यूब से दिया जाएगा। चार-पांच महीने में घाव सूख जाएंगे। तब पेट और भोजन नली की सर्जरी होगी। हॉस्पिटल का खर्च बहुत ज्यादा था, इसलिए घर आ गया। हर रोज एक नर्स घर आकर ड्रेसिंग करती थी। उसमें हर दिन 3-5 हजार रुपए खर्च होते थे। 5 महीने बाद यानी 15 अगस्त को मैं डॉक्टर को दिखाने गया। उन्होंने घाव देखकर कहा- अब टांके लग सकते हैं। दोबारा भर्ती हो जाओ। इसबार सर्जरी का खर्च 30 लाख रुपए था। ये सुनते ही मैं घबरा गया। 5 महीने से बेड पर था। कोई कमाई नहीं थी। आखिर कहां से लाता इतने पैसे। तब पत्नी ने कहा कि वो अपने सारे जेवर बेच देगी। दोस्तों ने भी क्राउडफंडिंग के जरिए 10 लाख रुपए जुटाए। बाकी रकम का इंतजाम उधार लेकर किया। डॉक्टर ने सर्जरी की। भोजन नली और पेट की सर्जरी करके टांके लगाए। एक-दो दिन बाद वॉशरूम गया, तो नेचुरल रास्ते से स्टूल पास हुआ। तब मोमिता अस्पताल में नहीं थी। मैंने मैसेज कर उसे बताया कि अब मैं ठीक हो गया हूं। करीब दो घंटे बाद हॉस्पिटल के स्टाफ ने पूछा- खाने में कुछ लोगे। मैंने सूप ऑर्डर किया। जैसे ही सूप पिया, छाती के ऊपर कुछ गिला-गिला सा महसूस हुआ। मैं हैरान रह गया। सूप पिया मुंह से, ये पेट और छाती पर कहां से आ गया। नर्स ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने स्टाफ से कहा- ऑपरेशन थिएटर में ले चलो। टांके खुल गए हैं। आंत फट गई है, इसलिए तुरंत सर्जरी करनी होगी। डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन शरीर के टिशू इतने कमजोर हो चुके थे कि टांके टिक ही नहीं पाए। तमाम कोशिशों के बावजूद, उन्हें सर्जरी बीच में ही छोड़नी पड़ी। जब होश आया, तो देखा पेट पहले की तरह खुला था। आंतें दिख रही थीं। बाद में एक खास बैग (वूंड मैनेजमेंट बैग) मेरे पेट पर लपेट दिया, ताकि इंफेक्शन न हो। मेरी हालत बिगड़ती जा रही थी। ब्लड प्रेशर गिरकर 45/80 तक पहुंच गया। डॉक्टर ने पत्नी से कह दिया कि बचने की उम्मीद कम है। कुछ भी हो सकता है। हालांकि पत्नी और पापा दोनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। कोलकाता के कई बड़े अस्पतालों में रिपोर्ट दिखाई। सबका यही कहना था कि ऐसे मामलों में सिर्फ 20-30 परसेंट लोग ठीक हो पाते हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई न जाने कितने शहरों के डॉक्टरों को कॉल किया। केस समझाया, लेकिन सबने मना कर दिया। आखिर में हैदराबाद के AIG अस्पताल के डॉक्टरों को रिपोर्ट भेजी। उन्होंने कहा- वादा नहीं कर सकते, लेकिन पूरी कोशिश करेंगे। इसके बाद हम हैदराबाद पहुंच गए। करीब 30 दिनों तक जांच हुई। एक डॉक्टर ने मेरी स्किन देखकर कहा- जेनेटिक टेस्ट कराना होगा। 5 दिन बाद पता चला कि मुझे वैस्कुलर एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (vEDS) है। डॉक्टर बोले- इसी बीमारी की वजह से आंतें बार-बार फट रही है। टांके भी खुल रहे हैं। इसके बाद 14 डॉक्टरों की टीम ने 8 घंटे सर्जरी की। ऑपरेशन कामयाब रहा, लेकिन साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में रहना पड़ा। पैसे खत्म हो गए। पापा ने मजबूरी में 3.5 बीघा जमीन सिर्फ 50 लाख रुपए में बेच दी, जिसकी कीमत आज 4 करोड़ से ज्यादा है। तीन बार सर्जरी और अस्पताल के तमाम खर्चे मिलाकर अब तक करीब सवा करोड़ रुपए लग चुके हैं। मुझपर अब भी 8 लाख रुपए का कर्ज है। एक सर्जरी बाकी है, जिसमें 50 लाख रुपए और लगेंगे। तब तक स्टूल बैग लगाकर रहना पड़ेगा। इस बीमारी ने मुझसे सुहागरात, रोमांस, हनीमून… सब छीन लिया। हर हफ्ते हॉस्पिटल जाना, चेकअप करवाना, ड्रेसिंग कराना, यही मेरी जिंदगी है। सब खो चुका हूं, लेकिन जीने की हिम्मत है। खुद को संभालने के लिए किताबें पढ़ता हूं। लेकिन बीमारी से पहले मेरी जिंदगी ऐसी नहीं थी। 2016 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद मैं नौकरी के लिए बेंगलुरु चला गया था। सब ठीक चल रहा था, तभी कोरोना के कारण कोलकाता लौटना पड़ा। यहीं से वर्क फ्रॉम होम करता रहा। फिर 2022 में मोमिता से लव मैरिज कर ली। हम दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। साथ पढ़े थे। शायद, इसलिए मुश्किल वक्त में भी वो मेरा हाथ थामे हुए है। बीमारी की वजह से नौकरी छूटी, लेकिन मोमिता ने मुझे हौसला दिया। आखिर मुझे एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई है, जिससे अब घर खर्च चल रहा है। हालांकि, मुझे उसकी बहुत चिंता होती है। सोचता हूं, उस पर क्या बीतती होगी। रिश्तेदार भी उसे ताने देते हैं। कहते हैं- कैसी किस्मत लेकर आई है। शादी होते ही पति को अस्पताल पहुंचा दिया। अगर मुझे अपनी बीमारी के बारे में कुछ भी पता होता तो शादी न करता। कम से कम मेरे साथ उसकी जिंदगी तो न बर्बाद होती। मैंने उससे कई बार कहा, तुम चाहो तो दूसरी शादी कर लो। वो हमेशा मना कर देती है। इस बीमारी से पहले मैं हर दिन जिम जाता था, दौड़ता था। वजन भी 72 किलो था, लेकिन बीमारी के कारण घटकर 37 किलो रह गया है। मेरी पुरानी फोटो देखकर कोई पहचान भी नहीं पाएगा।' सुभजीत अपना दर्द बयां कर रहे थे, तभी कमरे में एक बुजुर्ग आते हैं। सुभजीत बताते हैं- ये मेरे पापा हैं। इनका नाम रवींद्र नाथ कर्मकार हैं। रवींद्र बेटे की ओर देखते हुए कहते हैं- जब यह पांच साल का था, तभी इसकी मां गुजर गई। दो साल बाद बड़े बेटे को तेज बुखार आया था और अचानक उसकी मौत हो गई। आज तक पता नहीं चला कि उसकी मौत किस बीमारी से हुई। तब मैं कोलकाता में बाटा इंडिया में क्लर्क था। पत्नी के जाने के बाद घर में सुभजीत की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा, इसलिए नौकरी छोड़नी पड़ी। शादी के बाद जब इसकी बीमारी सामने आई और एक के बाद एक सर्जरी होने लगी, तो मन घबराने लगा। भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि किसी तरह मेरा बेटा ठीक हो जाए। सुभजीत की कहानी सुनने के बाद भास्कर रिपोर्टर नीरज झा कोलकाता स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ के जेनेटिक डिपार्टमेंट पहुंचे। वहां डिपार्टमेंट हेड डॉ. दिपांजना दत्ता से मुलाकात की। डॉ. दत्ता को सुभजीत की बीमारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (EDS) का ही एक प्रकार 'वैस्कुलर EDS' है। यह एक जेनेटिक बीमारी है। शरीर के COL3A1 जीन में खराबी के कारण सही मात्रा या गुणवत्ता में 'कोलेजन' नहीं बन पाता। जैसे घर को जोड़ने और मजबूत बनाने के लिए सीमेंट की जरूरत होती है, वैसे ही शरीर की कोशिकाओं और अंगों को मजबूती देने के लिए कोलेजन नाम का प्रोटीन जरूरी है। इस बीमारी में त्वचा बहुत पतली, लचीली और नाजुक हो जाती है। ब्लड प्रेशर थोड़ा सा भी बढ़ने पर नसों के फटने का खतरा रहता है। वैस्कुलर EDS में आंतें फट जाती हैं। इस बीमारी में मांसपेशियां और टिशू इतने पतले हो जाते हैं कि कागज की तरह फटने लगते हैं। सर्जरी के दौरान या बाद में टांके टिक नहीं पाते। घाव देरी से भरते हैं। बचपन में इस बीमारी के लक्षण साफ नजर नहीं आते। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, शरीर लचीला होने लगता है। पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उम्र के साथ-साथ यह बीमारी पूरे शरीर में फैलकर जानलेवा रूप ले लेती है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चे में ऑटोसोमल डॉमिनेंट पैटर्न के जरिए आती है। हमारे शरीर में हर जीन की दो कॉपी होती हैं। एक कॉपी मां और दूसरी पिता से मिलती है। 'डॉमिनेंट' बीमारी का मतलब है कि अगर बच्चा माता या पिता में से किसी एक से प्रभावित COL3A1 जीन लेता है, तो उसे यह बीमारी हो सकती है। यदि माता या पिता में से किसी एक को ‘वैस्कुलर EDS’ है, तो उनके हर बच्चे में यह बीमारी ट्रांसफर होने का खतरा 50 प्रतिशत रहता है। दुनिया भर में लगभग 2 लाख लोगों में से केवल 1 व्यक्ति को यह बीमारी होती है। वर्तमान में इसकी कोई जीन थेरेपी या स्थायी इलाज नहीं है। -------------------------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- सिर से जुड़ीं दो बहनें अब अलग नहीं होना चाहतीं: सलमान खान ने बहन बनाया, इलाज का वादा किया, अब फोन तक नहीं उठाते ये हैं सबा और फरहा। उम्र 24 साल। दोनों का जन्म एक दिन, एक समय और एक ही मां की कोख से हुआ, सो ये जुड़वां कहलाती हैं। लेकिन… इनके जिस्म अलग-अलग नहीं, सिर से आपस में जुड़े हैं। वो भी इस तरह कि दोनों एक दूसरे को देख नहीं सकतीं। आईने में भी नहीं, अगर एक का रुख आईने की तरफ होता है तो दूसरी का उसके उलट। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- चेहरे पर मांस के लोथड़े देख लोग कहते हैं भूत: शक्ल देखकर 5 लोग गड्ढे में जा गिरे, मां बोली-मरेगा तभी बला टलेगी ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट, संसद मार्च और फिर पुलिस का लाठीचार्ज। विपक्ष ने पीएम आवास तक घेरा, लेकिन पीएम मोदी एक शब्द नहीं बोले। फिर 23 जुलाई की सुबह उन्होंने X पर लिखा- 'युवाओं के हित से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनेंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।' देर रात एक वीडियो मैसेज में भी कहा- 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रपोजल 24 जुलाई, शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में रखेंगे। अगले सप्ताह संसद में इससे जुड़ा बिल पास कराने की कोशिश की जाएगी।' इधर दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक के मामले देखने के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट भी बना दी। तो क्या अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी या इसमें भी कोई बड़ा लूपहोल; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: एग्जाम में गड़बड़ी के मामलों में अब तक कितने लोगों को सजा हुई है?जवाब: 2002 से 2025 तक 45 बड़े एग्जाम में पेपर लीक हुआ। इन सब में 1-1 लाख या उससे ज्यादा बच्चे बैठे थे। अब तक सिर्फ 2 मामलों में सजा सुनाई गई। ये सारी जानकारियां इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेशन में सामने आई हैं। जिन दो मामलों में दोषी ठहराए गए, वो रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़े हैं… पहला मामला, 2002: 23 साल बाद सजा, लेकिन सारे दोषियों को जमानत दूसरा मामला, 14 साल बाद सजा, मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर सवाल-2: NEET 2026 के मामले में अब तक क्या हुआ है?जवाब: 3 मई 2026 को हुआ NEET-UG एग्जाम पेपर लीक के खुलासे के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया। अभी CBI, राजस्थान SOG और राज्यों की पुलिस जांच कर रही हैं। 13 आरोपी गिरफ्तार हुए। इसमें NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी से जुड़े दो एक्सपर्ट भी हैं- पुणे की बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और केमिस्ट्री के प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी। एग्जाम करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, NTA ने 21 जून को कड़ी सुरक्षा में दोबारा एग्जाम करवाया। इसका नतीजा भी आ गया है। पेपर लीक में दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सभी 13 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। CBI ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है और कहा है कि अभी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 24 जुलाई को कोर्ट में आरोपियों की हिरासत बढ़ाए जाने पर सुनवाई होनी है। सवाल-3: आखिर पेपर लीक रोकने का कानून और इसकी खामियां क्या हैं? जवाब: जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी के लिए IPC की 420, 120B और 467-471 जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं। हालांकि कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। ये कानून काफी नहीं थे, 2024 में NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद, 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ नया कानून लागू किया। इसका नाम है- सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम। इस कानून के मुताबिक, पेपर लीक करना, इसमें मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम के लिए कंप्यूटर नेटवर्क वगैरह से छेड़छाड़, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी जैसे कामों को सजा के दायरे लाया गया है। ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, जिनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है- सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है। कानूनी प्रक्रिया, कोर्ट में सुनवाई के दौरान लूपहोल्स का फायदा उठाकर अपराधी बच निकलते हैं। इसके कुछ उदाहरण देखिए… 2006: रेलवे पेपर लीक, यूपी के 2 विधायक आरोपी 2015: UPPSC प्री एग्जाम, अब तक जांच अधूरी 2016: यूपी PSC, RO/ARO भर्ती, क्लोजर रिपोर्ट पर कोई सुनवाई नहीं लखनऊ के सेंटर पर पेपर लीक हुआ। जांच के बाद CB-CID ने 2018 में क्लोजर रिपोर्ट दी। हालांकि जब कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, तो एजेंसी ने दूसरी क्लोजर रिपोर्ट दी।इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। 2016: कर्नाटक PUC, सभी आरोपी बरी कर्नाटक ‘प्री यूनिवर्सिटी कोर्स’ पेपर लीक में सीनियर ऑफिसर्स सहित 19 लोग गिरफ्तार हुए।हालांकि 2024 में बेंगलुरु सेशन कोर्ट ने जांच में गंभीर खामियों का हवाला देकर सबको बरी कर दिया। 2021: राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती, अधिकारी को जमानत 2025 में राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन, RPSC के अंदरूनी लोगों ने ही पेपर लीक करवाया।आरोपी RPSC मेंबर रामू राम नायका जमानत पर हैं। बाकी दो मेंबर- मंजू शर्मा और संगीता आर्या ने इस्तीफा दे दिया। उन्हें कोई सजा नहीं हुई। 2024: NEET-UG, CBI कोर्ट में सुनवाई जारी सवाल-4: क्या फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक की दिक्कतें दूर हो जाएंगी?जवाब: बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसमें 3 बड़ी अड़चनें हैं… 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट पर केंद्र सरकार का सीधा कंट्रोल नहीं फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, यानी FTCs को कंट्रोल करने वाला कोई केंद्रीय कानून नहीं है। इन पर राज्य सरकारों का नियंत्रण है। 21 मार्च 2025 को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा- ‘FTCs और उनका कामकाज राज्य और UTs और राज्यों के हाई कोर्ट्स के अधीन है।’ आगे कहा गया, ‘संविधान के आर्टिकल 233 के तहत, डिस्ट्रिक्ट, निचली कोर्ट्स और FTCs में जजों की नियुक्ति राज्य के हाई कोर्ट की सिफारिश और राज्य के गवर्नर के अधीन है। इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं है।’ 2. हर मामला तेजी से निपटाना मुश्किल 3. जल्दबाजी से गलत फैसले का खतरा सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता कहते हैं, POCSO, ड्रग्स एक्ट और दूसरे गंभीर मामलों में भी जिन फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द न्याय देने की बात की गई, वो भी व्यावहारिक तौर पर सफल नहीं है। नए क्रिमिनल कानूनों में भी 3 साल के भीतर न्याय की बात है, लेकिन जिला अदालतों में ही सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले हैं।’ सवाल-5: इससे पहले जो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए, वो कैसा काम कर रहे?जवाब: देश में अभी 2 तरह के फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं- 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट, FTC 2. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, FTSC भारतीय न्याय संहिता, यानी BNS में सिफारिश है कि मुकदमों का निपटारा 2 साल और यौन अपराधों का निपटारा 2 महीने के अंदर होना चाहिए। वहीं FTSC योजना के तहत टारगेट है कि ये हर 3 महीने में 42 मुकदमों के हिसाब से सालाना 165 मामलों का निपटारा करें। हालांकि तेजी से काम करने के बावजूद फास्ट ट्रैक कोर्ट जरूरत भर मुकदमों की सुनवाई नहीं कर पा रहे… ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अब तक क्यों नहीं हुआ, 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझिए; क्या आगे भी नहीं हटाए जाएंगे जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। पूरी खबर पढ़ें…
सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर में परिवार के लोगों की लापरवाही से एक मासूम बच्चे के प्राण संकट में पड़ गए, लेकिन समय रहते चिकित्सकों ने अनहोनी को टाल दिया। चिकित्सा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सवाई माधोपुर शहर निवासी जनिद के बेटे अहद (छह) ने खेलते समय गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल […] The post सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया appeared first on Sabguru News .
सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए केंद्र सरकार का निमंत्रण दोहराया लेकिन जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि कोई भी बैठक तटस्थ स्थान पर होनी […] The post सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया appeared first on Sabguru News .
दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .
पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष
सिरोही। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार के तहत सिरोही निवासी पुनीत कुमार जैन को नगर कांग्रेस कमेटी, सिरोही का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पुनीत कुमार जैन कांग्रेस की मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। वे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय […] The post पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति
नई दिल्ली। पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व […] The post पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति appeared first on Sabguru News .
मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) के तहत वयस्क यात्री सुरक्षा और बाल यात्री सुरक्षा दोनों में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त हुई है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 24 जुलाई को पेश होने वाली नई ब्रेजा […] The post मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .
इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री […] The post इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली
कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .
अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र स्थित हरदेव दास उच्च माध्यमिक विद्यालय से कक्षा सातवीं के तीन छात्रों के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तीन विशेष दल गठित करके बच्चों की […] The post अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी appeared first on Sabguru News .
डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को डूंगरपुर जिले की सागवाडा तहसील की फलातेड ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार डामोर को तीन हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी डूंगरपुर को परिवादी ने शिकायत की […] The post डूंगरपुर जिले में ग्राम विकास अधिकारी 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया। शर्मा ने गुरुवार को यहां भारतीय जनता पार्टी की ओर से संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के […] The post कांग्रेस ने तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की राजनीति के अलावा देश को कुछ नहीं दिया : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक के मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा, जबकि संसद के बाहर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमे चलाने का दांव चला। सत्र शुरू होने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी। उधर, संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और साथी नेताओं के धरने को मुद्दा बनाया। इसी दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी वहां पहुंचीं और एनडीए सांसदों के सामने खड़ी होकर नारेबाजी किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का सरकार और पूरे सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। अगर सरकार को छात्रों पर भरोसा है तो उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। इससे पहले आज लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन महज 2 मिनट बाद ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दिए। हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन स्थगित होने के बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के कई सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलने पहुंचे। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद लगातार ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगाते रहे। इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक और फिर तीसरी बार शुरू होने के कुछ ही मिनट में ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी दिनभर लगभग यही स्थिति रही। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। हंगामे के कारण सदन को पहले 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता सदन जेपी नड्डा के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कुछ ही मिनटों में सदन फिर स्थगित हो गया। दोपहर 2 बजे सदन करीब एक मिनट चला और फिर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 3 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन लगातार हंगामे के बाद अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी रहा। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश
नई दिल्ली। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यहां के सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तराओं सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गुरुवार शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों […] The post दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश appeared first on Sabguru News .
चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की एक अदालत ने गुरूवार को प्रसिद्ध तमिल फिल्म अभिनेता विमल को 4.5 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में एक साल की जेल की सजा सुनाई। अभिनेता विमल ने अपनी फिल्म मन्नार वगैयारा के निर्माण के वास्ते फिल्म फाइनेंसर गोपी से 4.5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। फिल्म रिलीज […] The post चेक बाउंस मामले में तमिल अभिनेता विमल को एक साल की जेल appeared first on Sabguru News .
19 गेंदों में 4 चौके और छक्के, जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का पहला अर्धशतक
टी-20 अंतरराष्ट्रीय के सबसे युवा बल्लेबाजों में शुमार वैभव सूर्यवंशी ने पहला अर्धशतक जड़कर अपने आगमन की खबर सुनाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने पहले पॉवरप्ले में ही अपनी तूफानी बल्लेबाजी के बलबूते पर मैच को खत्म कर दिया। उन्होंने 18 गेंदो में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। हालांकि अगली ही गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और छक्के लगाए। उनको रिचर्ड नगवारा ने बेन करन के हाथों कैच आउट करवाया। Watch it LIVE on FanCode! https://t.co/q6VBxaRJz3 #ZIMvIND #IndiaCricket #RokoNahiThoko pic.twitter.com/ACaAC23Zoq — FanCode (@FanCode) July 23, 2026 इससे पहले वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के दौरे पर मौका मिला था लेकिन वह वहां पर 15 रनों के स्कोर को पार नहीं कर पाए।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदो में 2 चौके मारकर सिर्फ 14 रन बना पाए। तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 5 गेंदो में 2 छक्के की मदद से 13 रन बना पाए। चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदों में 1 चौका और छक्का लगाकर सिर्फ 15 रन बना पाए।हालांकि आज उन्होंने अपना विकेट नहीं फेंका और 50 पार जाकर ही रुके।
युवा अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजों ने 125 पर रोकी जिम्बाब्वे की पारी
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने निर्धारित 20 ओवरों में मेजबान टीम के 7 विकेट गिरा कर 125 रनों पर पारी रोक दी। गौरतलब है कि इस मैच से पहले भारतीय पेस बैट्री का कुल अनुभव सिर्फ 9 विकेट था। मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर टी-20 विश्वकप में भारत के खिलाफ शतक मार चुके बेनेट को चलता कर दिया। इसके बाद प्रिंस यादव और मयंक यादव ने मायर्स और बेन करन को पॉवरप्ले में ही चलता कर जिम्बाब्वे की रन गति पर रोक लगा दी। Innings Break! A clinical job with the ball from #TeamIndia The run chase is coming right up Follow the match https://t.co/NKa0znQQ3H #ZIMvIND pic.twitter.com/ywOMw3jndy — BCCI (@BCCI) July 23, 2026 जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन वेसले मेधवेरे ने बनाए। उन्होंने 34 गेंदो में 39 रनों की पारी खेली। प्रिंस यादव और मयंक यादव ने किफायती गेंदबाजी के साथ साथ 2-2 विकेट निकाले।
Guru Purnima 2026: इन 5 गुरुओं की पूजा से मिलेगा ज्ञान, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद
Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का दिन केवल आध्यात्मिक गुरुओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में राह दिखाने वाले सभी मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक पावन अवसर है। इस बार 29 जुलाई 2026 बुधवार के दिन है गुरु पूर्णिमा का त्योहार। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई को शाम की 06:18 पर प्रारंभ होगर अगले दिन 29 जुलाई को रात्रि 08:05 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं हमारे 5 गुरुओं के बारे में। तुलसीदास जी ने लिखा है: प्रथम गुरु माता-पिता, दूजे गुरु शिक्षक जान। तीजे गुरु ईश्वर कहें, इन तीनों को मान।। 1. प्रथम गुरु: माता (Mother) महत्व: बच्चे की पहली गुरु उसकी माँ होती है, जो उसे बोलना, चलना, सही-गलत का प्राथमिक बोध और संस्कार देती है। पूजन कैसे करें: गुरु पूर्णिमा के दिन सबसे पहले माता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। उन्हें कोई वस्त्र या उनकी पसंद की वस्तु भेंट करें। 2. द्वितीय गुरु: पिता (Father) महत्व: पिता जीवन का दूसरा सबसे बड़ा गुरु होता है। पिता हमें दुनिया का सामना करना, संघर्षों से लड़ना, अनुशासन, कर्तव्य और मेहनत का मूल्य सिखाते हैं। पूजन कैसे करें: पिता के चरणों में प्रणाम करें, उन्हें माला या तिलक लगाकर उनका सम्मान करें और उनके द्वारा दी गई सीख पर चलने का संकल्प लें। 3. तृतीय गुरु: शिक्षक व विद्या गुरु (Teachers & Mentors) महत्व: जो हमें किताबी ज्ञान, बौद्धिक क्षमता, कला, हुनर और आजीविका कमाने योग्य बनाते हैं। पूजन कैसे करें: अपने स्कूल, कॉलेज के शिक्षकों या किसी भी विद्या गुरु से मिलकर या फोन पर उनका आभार व्यक्त करें और उनका आशीर्वाद लें। 4. चतुर्थ गुरु: आध्यात्मिक गुरु (Spiritual Guru) महत्व: जो हमें ईश्वर से जोड़ते हैं, मन को शांति का मार्ग दिखाते हैं और अज्ञानता रूपी अंधकार से निकालकर मोक्ष/ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। पूजन कैसे करें: अपने दीक्षा गुरु के आश्रम या स्थान पर जाकर उनकी पादुका/चरणों की पूजा करें, उन्हें फल-फूल अर्पण करें और उनके दिए मंत्र व ज्ञान का स्मरण करें। 5. पंचम परम गुरु: जगतगुरु (महर्षि वेद व्यास, दत्तात्रेय महाराज और भगवान शिव) महत्व: गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है। इस दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था, जिन्होंने चारों वेदों और महाभारत की रचना की। साथ ही, भगवान दत्तात्रेय को गुरुओं का गुरु कहा जाता है और भगवान शिव को 'आदिगुरु' माना गया है। पूजन कैसे करें: इस दिन महर्षि वेद व्यास, दत्त महाराज, भगवान शिव या भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना करें और गीता/रामायण जैसे सदग्रंथों का पाठ करें। गुरु पूर्णिमा का संदेश यदि आपके जीवन में कोई औपचारिक गुरु नहीं भी हैं, तो भी आप अपने माता-पिता को ही अपना सर्वोच्च गुरु मानकर उनकी पूजा-सेवा कर गुरु पूर्णिमा का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं।
जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। आखिर अब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं हुआ? हमने यही सवाल 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से पूछा। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि 4 बड़ी वजहों का गुच्छा है। इन्हें ही समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… रशीद किदवाई और अमिताभ तिवारी का मानना है कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लिया, तो ‘एक्सेप्टेंस ऑफ गिल्ट’ का संदेश जाएगा। यानी सरकार से गलती हुई है और उसने स्वीकार कर ली है। पीएम मोदी ऐसी मैसेजिंग नहीं देना चाहते। इसीलिए सरकार पेपर-लीक के मुद्दे पर गंभीर और प्रो-एक्टिव दिखना चाहती है… रशीद किदवाई कहते हैं, ‘मोदी सरकार की ऐसी धारणा बनी है कि उसमें मंत्रालय नहीं, सबकुछ पीएमओ से तय होता है। ऐसे में मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो ये चर्चा हो सकती है कि पीएमओ की भी गलती है। पीएम मोदी कतई नहीं चाहेंगे कि ऐसा हो।’ निशांत कुमार बताते हैं कि नीति छोटी हो या बड़ी, मामला विदेश से जुड़ा या किसी संकट से निपटने का, कमान सीधे पीएमओ के हाथ में रहती है। ऐसे में मंत्रियों को पूरी तरह जिम्मेदार बनाकर इस्तीफा लेना आसान नहीं है। अमिताभ तिवारी, आशुतोष और निशांत कुमार मानते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न लेने के पीछे ‘द मोदी वे ऑफ पॉलिटिक्स’ है, माने यही पीएम मोदी की पॉलिटिक्स का तरीका है। आशुतोष इसे डिकोड करते हुए कहते हैं, ‘पीएम मोदी विदेश दौरे पर वर्ल्ड लीडर्स से गले मिलते हैं, हैंडशेक करते हैं, झप्पियां पाते हैं और ठहाके लगाते हैं। लेकिन ये चीजें भारत में बहुत कम दिखती है। पीएम मोदी न तो विपक्ष और न ही अपनी पार्टी के नेताओं से ऐसे मिलते हैं। वो यह किसी भी तरह से प्रकट नहीं करना चाहते हैं कि उन्हें कोई दबाव में ला सकता है। ये सब पीएम मोदी की पर्सनैलिटी का हिस्सा है। वो अपनी पार्टी और सरकार के सबसे बड़े नेता हैं। ऐसे में उनका रवैया पूरी सरकार और पार्टी का रवैया बन जाता है।’ निशांत कुमार कहते हैं कि पीएम मोदी कल्ट पॉलिटिक्स के लिए जाने जाते हैं। कल्ट यानी ऐसा व्यक्तित्व जो हारता नहीं। कमजोर नहीं दिखता। इसलिए चाहे परीक्षा पेपर लीक का मामला हो या कोई और आरोप मोदी सरकार न आरोप मानती है, न मंत्रियों के इस्तीफे होते हैं। अमिताभ तिवारी और हर्षवर्धन त्रिपाठी मानते हैं कि सरकार ने अगर मांग मान ली और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया, तो मांगों का पिटारा खुल जाएगा। इसके संकेत भी दिखने लगे हैं… रशीद किदवाई मानते हैं कि बीजेपी सरकार ने पिछली मनमोहन सिंह की सरकार से सीख ली हो, जहां आरोप लगते ही या मांग होते ही मंत्रियों के इस्तीफे हो जाते थे। बीजेपी ये ट्रेंड अपनी सरकार में नहीं लाना चाहती। 2015 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे पर आरोप लगे कि दोनों ने लंदन में रह रहे भगोड़े ललित मोदी की वहां से पुर्तगाल जाने में मदद की है। सुषमा और वसुंधरा के इस्तीफे की मांग होने लगी। तब 24 जून 2015 को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान दिया- 'नहीं… नहीं, इसमें (मोदी सरकार में) मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं, भैया। यूपीए सरकार नहीं है, ये एनडीए सरकार है।' राजनाथ का यही बयान बीजेपी सरकार का अघोषित नियम बना हुआ है। निशांत कुमार बताते हैं कि मोदी कुशल राजनेता हैं। वे इस्तीफे के डोमिनोज इफेक्ट से बचना चाहते हैं। उन्हें पता है एक मंत्री का इस्तीफा लेते ही दूसरे मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज हो जाएगी। इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी जैसे नाम शामिल हो सकते हैं। ऐसा नहीं है कि मोदी सरकार कभी झुकी नहीं। 2018 में विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का इस्तीफा और 2021 में कृषि कानून वापस लेना इसकी मिसाल हैं। लेकिन इस बार हालात कुछ थोड़े बदले हुए हैं। तो क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं ही होगा? --------------- ये खबर भी पढ़िए… लड़की को गलत जगह डंडा मारना, बिना वर्दी वाले लाठीबाज बुलाना; डियर दिल्ली पुलिस, ये 4 हरकतें सिर्फ गैरकानूनी नहीं शर्मनाक भी हैं डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी और आंसू गैस के साथ उन पर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर सुरक्षाबलों की कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। पूरी खबर पढ़िए…
छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास
पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं। इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है। Ohh..I thought you were on Pakistan’s side. During Operation Sindoor, you seemed to speak in Pakistan’s favor. Selective reporting isn’t a good look, Arfa. https://t.co/Kd6Gr8QQKb — Danish Kaneria (@DanishKaneria61) July 23, 2026 कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला। ऐसा रहा करियर राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं। दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।
शहनाज गिल ने ट्रेडिशनल लुक में लगाया ग्लैमर का तड़का, लेटेस्ट फोटोशूट ने इंटरनेट पर मचाई धूम
बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस शहनाज गिल अपने स्टाइल और चार्म से हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में शहनाज ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने लेटेस्ट फोटोशूट की कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में शहनाज का पारंपरिक और बोल्ड अवतार दोनों ही देखने को मिल रहा है। शहनाज ने बेहद खूबसूरत पेस्टल पीच और गोल्डन शेड का शरारा सूट पहना है। कुर्ती में बारीक शीशों और गोटा-पत्ती का काम किया गया है। इसका प्लंजिंग V-नेकलाइन आउटफिट में एक बोल्ड और सिज़लिंग टच जोड़ता है। इसके साथ शहनाज ने शरारा फ्लेयर्ड पहना है, जिस पर शिमरी सिक्विन वर्क का खूबसूरत काम है। साथ ही मैचिंग नेट/ऑर्गेंजा का दुपट्टा इस पूरे लुक में रॉयल वाइब जोड़ रहा है। शहनाज ने अपने बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेव्स में खुला छोड़ा है, जो उनके चेहरे के कट्स को बेहद ग्रेसफुली उभार रहा है। ग्लैम को नेचुरल रखते हुए उन्होंने न्यूड लिपस्टिक, लाइट ब्लश और मिनिमल आई मेकअप चुना है, जिससे उनकी स्किन टोन बेहद ग्लोइंग नजर आ रही है। कानों में बड़े ऑक्सीडाइज्ड-गोल्डन झुमके और कलाई में चंकी मैटेलिक ब्रेसलेट शहनाज गिल के इस एथनिक-फ्यूजन लुक को परफेक्ट फिनिश दे रहे हैं। तस्वीरों में शहनाज के पोज़ और एक्सप्रेशंस कमाल के हैं। कभी वह सोफे पर झुकी हुई नजर आ रही हैं, तो कभी फ्रंट कैमरे से लिया गया उनका क्लोज-अप सेल्फी पोज़ उनकी आंखों की गहराई को बयां कर रहा है। उनके चेहरे की मासूमियत और आंखों की बोल्डनेस का कॉम्बिनेशन इस पूरे फोटोशूट को बेहद आकर्षक और ग्लैमरस बनाता है।
अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह ने गुरुवार को शीर्ष अदालत का ध्यान जंतर मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने की ओर दिलाया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वकीलों, मुकदमों से जुड़े लोगों, रजिस्ट्री कर्मचारियों और उच्चतम न्यायालय में प्रवेश के लिए […] The post अगर मेट्रो स्टेशन बंद रहने का मामला नहीं सुलझा, तो कोर्ट दखल देगा: सीजेआई appeared first on Sabguru News .
इंदौर में ब्लैकमेलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली 20 वर्षीय लॉ स्टूडेंट के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा ने मिलने से इनकार किया तो उसके सोशल मीडिया मित्र ने पहले धमकियां दीं और फिर उसके वीडियो परिचितों व सहेलियों को भेज दिए। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की पहचान करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी आदित्य पुत्र राहुल वर्मा से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। पिछले एक महीने से आरोपी छात्रा पर मिलने का दबाव बना रहा था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान छात्रा पर बिना कपड़ों के बात करने का दबाव बनाया। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल कर परेशान करने लगा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो उसकी सहेलियों और अन्य परिचितों को भेज दिए। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल कर दिए। आरोपी ने छात्रा के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उस पर भी वीडियो अपलोड कर दिए। घटना के बाद छात्रा ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी आदित्य राहुल वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...
मेशकोर: बिना इंटरनेट के चलने वाला नेटवर्क
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ती सेंसरशिप के बीच एक सवाल उठ रहा है कि जब संवाद के डिजिटल रास्ते बंद हो जाएं तो क्या किया जाए? इसका शायद जवाब एक छोटे रेडियो मॉड्यूल में छिपा है।
करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत
करौली। राजस्थान में करौली के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग -23 पर बुधवार को एक मोटर साइकिल के ट्रक से टकराने से दो किशोर और एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि मृतकों की पहचान करौली के गुलाब बाग निवासी आशीष (16), हर्ष (16) और धौलपुर के पुरानी छावनी […] The post करौली में ट्रक की चपेट में आने से दो किशोरों, एक युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
ट्रोलिंग के बाद आर माधवन ने तोड़ी चुप्पी, छात्रों के समर्थन में बोले- 'दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई'
देश भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। बीते दिनों दिल्ली में छात्रों संग हुई मारपीट के बाद कई सेलेब्स उनके सपोर्ट में आगे आए हैं। वहीं फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के अध्यक्ष और मशहूर अभिनेता आर. माधवन इस मामले पर अपनी चुप्पी के कारण ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। दरअसल, FTII के स्टूडेंट्स को उनकी चुप्पी खल रही थीं। अब आर माधवन ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ALSO READ: 'अभी हो गया, बस...', NEET आंदोलन पर सवालों से बचते दिखे सोनू निगम, यूजर्स ने लगाई क्लास FTII परिसर में लगे थे 'गायब' के पोस्टर NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलनों पर आर. माधवन के मौन रहने से FTII के छात्र बेहद नाराज थे। विरोध स्वरूप छात्रों ने पुणे स्थित FTII परिसर में माधवन के केबिन के दरवाजे पर एक मीम चिपका दिया था, जिस पर 'गायब' लिखा हुआ था। इसके साथ ही दरवाजे पर 'NEET For Sale' का पोस्टर भी लगाया गया था। आर माधवन ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है। उन्होंने एक भावुक स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, भारत के युवाओं की असीम क्षमता में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आज अनगिनत छात्रों और अभिभावकों की चिंता और निराशा को भली-भांति समझता हूं। हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो विश्वास, निष्पक्षता और नए अवसरों को बढ़ावा दे। A post shared by R. Madhavan (@actormaddy) उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों की कड़ी मेहनत, उम्मीदों और सपनों पर गहरा आघात करती हैं। खासकर भारत जैसे देश में, जहां शिक्षा जीवन की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाती है, वहां ऐसी कमियां बेहद दुखद हैं। माधवन ने सरकार से इस मामले में शामिल अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कदम उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को जल्द से जल्द और सख्त सजा दी जाए। यह कार्रवाई इतनी कड़ा संदेश देने वाली होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन अतीत की गलतियों से सबक लेते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आगाह करते हुए कहा कि वे अपने आंदोलन के प्रति सतर्क रहें। माधवन ने अंदेशा जताया कि कुछ असामाजिक या स्वार्थी तत्व छात्रों के इस पवित्र आंदोलन को अपने फायदे के लिए भटकाने या हाईजैक करने की कोशिश कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों पर हुआ था लाठीचार्ज गौरतलब है कि NEET धांधली के विरोध में दिल्ली में माहौल काफी गरमाया हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ भूख हड़ताल पर बैठे थे। हाल ही में जब छात्रों और विभिन्न संगठनों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर 'चलो संसद' मार्च निकालने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा था।
शिखर धवन ने कहा छात्रों को संस्थान और सरकार पर बनाए रहना चाहिए भरोसा
युवराज सिंह के बाद शिखर धवन ऐसे दूसरे क्रिकेटर हो गए हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी खबरों पर अपनी राय रखी है लेकिन उनका ट्वीट छात्रों को समझाइश देने की ओर इशारा ज्यादा करता है।हाल ही में दूसरी बार विवाह करने वाले शिखर धवन ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारे युवा हमारा भविष्य है। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्तम में धैर्य रखना और देश की सरकार और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा। Humare youth humare desh ka future hain. Unke sapnon ko samajhna zaroori hai par saath hi, mushkil waqt mein patience rakhna aur desh ki institutions aur sarkar par bharosa banaye rakhna bhi utna hi zaroori hai. Mera maanna hai ki har challenge ka solution patience se nikalta… — Shikhar Dhawan (@SDhawan25) July 23, 2026 भारत के लिए 2013 से 2022 के बीच 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बाद शिखर धवन ने 2 साल पहले अगस्त में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। टेस्ट डेब्यू के दौरान उनका प्रदर्शन यादगार रहा लेकिन धवन ने वनडे अंतरराष्ट्रीय में भी अपनी पहचान बनाई जिसमें उन्होंने 44.11 के औसत से 6793 रन बनाए। इसमें 17 शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल हैं।उन्होंने टेस्ट में 40.61 के औसत से 2315 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं। धवन 2021 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत के 25वें एकदिवसीय कप्तान बने जब उन्होंने रोहित की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 12 मैच में टीम की अगुआई की जिसमें भारत ने 7 मैच जीते जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आईपीएल में 222 मैचों में दो शतक और 51 अर्धशतक सहित 6769 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनके 768 चौके किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक चौके हैं और उन्होंने आईपीएल में लगातार शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाजी बनने की उपलब्धि भी हासिल की।
नदबई में बस के पहिये निकलने से 10 से अधिक लोग घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई के हलैना मार्ग पर गुरुवार को एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 10 से अधिक लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार नदबई में रिंकू सैनी निजी विवाह स्थल में बुधवार रात अपनी पुत्री की शादी करने के बाद उसे विदा करके परिजनों एवं रिश्तेदारों के साथ अपने […] The post नदबई में बस के पहिये निकलने से 10 से अधिक लोग घायल appeared first on Sabguru News .
कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे
अहिल्यानगर/मुंबई। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है अगर जवाबदेही तय की जाती है और मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान […] The post कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी : अन्ना हजारे appeared first on Sabguru News .
रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा
भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी। Question - Gautam Gambhir has completed two years as head coach of Indian team. How would you rate him as a coach out of 10?. (Cricbuzz). Mohammad Kaif - I will give 4 out of 10. pic.twitter.com/oiAnsmXT6t — Tanuj (@ImTanujSingh) July 15, 2026 रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है। लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है। लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए। ALSO READ: लॉर्ड्स पर ODI शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने रोहित शर्मा (Video Highlights) इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।
रील बनाने की शौकीन 3 सगी बहनों ने कैमरामैन से की शादी, अमरोहा में हिंदू संगठन भड़के
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और रील्स बनाने की शौकीन तीन सगी बहनों ने एक ही युवक (कैमरामैन) से मंदिर में शादी कर ली। इस अनोखी शादी का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस शादी पर कड़ा विरोध जताया है और मामले की जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरोहा जिले की रहने वाली तीनों सगी बहने सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थीं और अक्सर रील्स और कंटेंट बनाया करती थीं। कैमरामैन से बढ़ी नजदीकियां: रील्स और वीडियो शूट करने के दौरान ही तीनों बहनों का संपर्क इलाके के एक कैमरामैन से हुआ। एक साथ शादी की जिद: शूटिंग के दौरान कैमरामैन और तीनों बहनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद तीनों बहनों ने किसी एक से अलग होने के बजाय उसी एक कैमरामैन से शादी करने का फैसला किया। मंदिर में रचाई शादी: चारों ने स्थानीय मंदिर में जाकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और विवाह कर लिया। शादी की तस्वीरें और रील्स जैसे ही सोशल मीडिया पर पोस्ट हुईं, यह मामला चर्चा का विषय बन गया। हिंदू संगठनों का विरोध और नाराजगी इस त्रिकोणीय और अजीबोगरीब शादी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, हिंदू संगठन उग्र हो गए: संस्कृति और परंपरा का हवाला: स्थानीय हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह शादी न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के खिलाफ है, बल्कि हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) का भी उल्लंघन करती है। जांच की मांग: हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस और स्थानीय प्रशासन से दखल देने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह कदम सोशल मीडिया पब्लिसिटी पाने या किसी अनुचित दबाव में उठाया गया हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। अगर शादी में किसी तरह का दबाव, धोखाधड़ी या कानूनी उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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