शुभमन के शतक से गुजरात पहुंचा IPL फाइनल, राजस्थान को 7 विकेटों से रौंदा
GTvsRR गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारी और उनके साथी सांई सुदर्शन की अर्धशतकीय पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर 2 में 7 विकेटों से हार का मुंह देखना पड़ा। राजस्थान का सफर यहीं खत्म हुआ और गुजरात टाइंटस ने फाइनल का स्थान पाया जहां उसका अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ सामना होगा। 214 रनो के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज ने मैच को लगभग एकतरफा बना दिया था। दोनों ही बल्लेबाजों के बीच 180 रनों की साझेदारी हो गई थी और तब तक मैच सिर्फ औपचारिकता ही बच गया था। A to the #Final @gujarat_titans make their way into the #TATAIPL 2026 finale Updates https://t.co/eupS8cBPc2 #Qualifier2 | #TheFinalLeap | #GTvRR pic.twitter.com/EeKpvawv9O — IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026 गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा
महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, जांच के आदेश
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे और पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड़ में कथित तौर पर मेथनॉल मिली ज़हरीली शराब पीने से दो दिनों में करीब 14 लोगों की मौत हो गई। इस सिलसिले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को, शराब के अड्डे के मालिक कर्नल सिंह विर्क तथा आठ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है। इस […] The post महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, जांच के आदेश appeared first on Sabguru News .
खुले रहेंगे पेट्रोल पंप, RPDA की प्रस्तावित हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित
राज्य सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद लिया निर्णय अजमेर/जयपुर। प्रदेशभर के डीलर्स द्वारा 1 जून 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीए) ने फिलहाल 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा डीलर्स की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और वार्ता के आश्वासन […] The post खुले रहेंगे पेट्रोल पंप, RPDA की प्रस्तावित हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित appeared first on Sabguru News .
क्वालिफायर 2 में टॉस का विवाद, दूसरी बार में राजस्थान ने चुनी बल्लेबाजी (Video)
GTvsRR गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स क्वालिफायर 2 मैच में एक बड़ा विवाद तब हो गया जब रियान पराग ने टॉस के वक्त हेड बोला और सिक्के ने टेल दिखाया लेकिन मैच रेफरी प्रकाश भट्ट को सुनाई नहीं दिया। इस कारण टॉस दुबारा शुरु हुआ और दूसरी बार में राजस्थान यह टॉस जीत गया। राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। Toss update from New Chandigarh @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @gujarat_titans Updates https://t.co/eupS8cBPc2 #TATAIPL | #Qualifier2 | #TheFinalLeap | #GTvRR pic.twitter.com/VuLXsWl9Ih — IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026 गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा
पेपर लीक के चलते रद्द हुआ NEET-UG का एग्जाम 21 जून को दोबारा होगा। इस बार पेपर पहुंचाने से लेकर बाकी प्रोसेस में एयरफोर्स और आर्मी की मदद ली जाएगी। इधर CBSE ने 12th एग्जाम की कॉपी पहली बार डिजिटल तरीके से चेक करवाईं। बच्चों ने इसमें कई तरीके की खामियां बता दीं। मार्किंग का काम प्राइवेट कंपनी के जिम्मे था। आखिर देश के बड़े एग्जाम बिना गड़बड़ के क्यों नहीं हो पा रहे, सरकार, सिस्टम कहां फेल और इसका इलाज क्या, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: NEET का रीएग्जाम करवाने में सेना क्यों लगानी पड़ रही? जवाब: 3 मई 2026 को देशभर के 22.79 लाख छात्रों ने NEET-UG 2026 का एग्जाम दिया। 7 मई को खबर आई कि क्वेश्चन-पेपर सोशल मीडिया पर एग्जाम से पहले ही लीक हो चुका था। 12 मई को NTA ने मामले की जांच CBI को सौंपी। अब तक इसमें 13 गिरफ्तारियां हुई हैं। अब एग्जाम 21 जून को दोबारा होगा। 28 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, NTA के निदेशक अभिषेक सिंह के अलावा एयरफोर्स के कई सीनियर अफसर भी मौजूद थे। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में फैसला हुआ कि क्वेश्चन पेपर की सेटिंग से लेकर छपाई, ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी की प्रक्रिया में सेना को शामिल किया जाएगा।धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले ये जिम्मेदारी अकेले डाक विभाग की थी, लेकिन इस बार सभी सेंटर पर पेपर पहुंचाने में एयरफोर्स की मदद ली जाएगी। हालांकि, NTA के अधिकारियों का कहना है कि सेना की भूमिका केवल लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन या मौसम से जुड़ी किसी इमरजेंसी के दौरान ही होगी। परीक्षा की निगरानी में कोई भूमिका नहीं होगी। सवाल-2: CBSE 12th के रिजल्ट में गड़बड़ी कैसे हुई? जवाब: देशभर के कुल 17.68 लाख छात्रों ने 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच 2026 की CBSE 12th बोर्ड के एग्जाम दिए। रिजल्ट आया तो, पिछली बार के 88.39% मुकाबले इस बार 85.2% स्टूडेंट्स ही पास हुए। बोर्ड एग्जाम देने वाले 22% यानी 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है। कई स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर फिजिक्स और मैथ्स में कम नंबर आने की शिकायत की। इनमें JEE क्वालिफाई कर चुके स्टूडेंट्स भी हैं। स्टूडेंट्स की आंसर शीट्स में स्कैन कॉपी ब्लर होने पर भी नंबर काटे गए। दिल्ली के एक स्टूडेंट वेदांत श्रीवास्तव ने बताया कि जो फिजिक्स की आंसर शीट भेजी गई, उसमें किसी और की हैंडराइटिंग है। 28 मई को धर्मेंद्र प्रधान ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की बात मानी और कहा कि हर शिकायत का समाधान किया जाएगा। सवाल-3: आखिर देश के बड़े एग्जाम ठीक से क्यों नहीं हो पा रहे? जवाब: अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर सबसे बड़े 3 एग्जाम हैं- मेडिकल कॉलेजेज में एंट्रेंस के लिए NEET-UG, इंजीनियरिंग कॉलेजेज में एडमिशन के लिए IIT-JEE मेन्स और यूनिवर्सिटीज में एंट्रेंस के लिए CUET-UG। इस साल NEET एग्जाम में 22.8 लाख, JEE में 16 लाख और CUET में 18.68 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे। संसद की स्थायी समिति की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में NTA के जरिए हुए 14 एग्जाम में से कम से कम 5 में पेपर लीक, पेपर में गलतियां, रिजल्ट में देरी जैसी दिक्कतें हुईं। UGC-NET, CSIR-NET और NEET-PG के एग्जाम रोकने पड़े और CUET-UG और PG का रिजल्ट आने में देरी हुई। इन बड़े एग्जाम में गड़बड़ के पीछे 3 बड़ी वजहें है… 1. एग्जाम एजेंसी से सेंटर तक पेपर लीक माफिया का मजबूत नेक्सस 2. पेपर की प्रिंटिंग से डिलीवरी तक का काम प्राइवेट फर्म्स पर निर्भर 3. NTA की जवाबदेही नहीं, पेपर लीक का कानून कमजोर सवाल-4: IIT-JEE, UPSC के एग्जाम में NEET जैसी गड़बड़ क्यों नहीं होती? जवाब: NEET-UG एग्जाम एक ही शिफ्ट में पूरे देश में एक साथ होता है। ये अकेला एग्जाम है, जिसे NTA ने ऑफलाइन मोड में करवाता है। इसके पीछे ये तर्क है कि आधे सवाल बायोलॉजी के होते हैं, जो न्यूमेरिक वैल्यू के बजाय सब्जेक्टिव नॉलेज के ज्यादा होते हैं। इसलिए अलग-अलग शिफ्ट में सवालों की कठिनता का स्तर बदलने से कुछ स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव हो सकता है। ऋषिकेश शर्मा कहते हैं, ‘720 मार्क्स के NEET में एक-एक नंबर पर हजारों रैंक आती हैं। पेपर आसान होने के चलते स्कोरिंग हाई हो जाती है। सिलेक्शन 85% मार्क्स के ऊपर होता है, इसलिए विंडो बहुत छोटी है। अगर कुछ सवाल भी लीक हो जाएं, तो पूरा पेपर कॉम्प्रोमाइज हो जाता है। इसीलिए इसमें पैसे और कमाई का खेल बहुत ज्यादा होता है।’ वहीं IIT-JEE कई शिफ्ट में होता है। इसके दो एग्जाम होते हैं- मेन्स और एडवांस्ड। इसके अलावा हर शिफ्ट में एग्जाम पेपर अलग होता है। ऋषिकेश शर्मा कहते हैं कि ये पेपर मुश्किल बनाया जाता है। 25% मार्क्स लाने पर भी सिलेक्शन हो जाता है। बच्चों को सिलेक्शन के लिए बड़ी विंडो मिलती है। इसलिए नकल और पेपर लीक के गिरोहों के लिए ये एग्जाम मुफीद नहीं है। अगर किसी शिफ्ट में कोई गड़बड़ हुई भी है, तो पूरे देश में JEE के रिजल्ट पर असर नहीं पड़ता। इसी तरह UPSC के CSE के एग्जाम में बीते 5 सालों में पेपर लीक की कोई रिपोर्ट नहीं है। इसमें 3 फेज यानी प्री, मेन्स और इंटरव्यू के जरिए सिलेक्शन होता है। मेन्स एग्जाम सब्जेक्टिव होता है, यानी जवाब लिखकर देना होता है। ऐसे में नकल के जरिए किसी को पास करवाना मुश्किल होता है। शशि प्रकाश कहते हैं कि UPSC एक सेंट्रल स्ट्रक्चर के तहत एग्जाम करवाता है। साथ ही पूरे प्रोसेस में प्राइवेट वेंडर्स को काम की आउटसोर्सिंग बहुत कम होती है। इसलिए पेपर लीक की गुंजाइश कम हो जाती है। सवाल-5: बड़े एग्जाम में पेपर लीक का इलाज क्या है? जवाब: UPSC ट्यूटर प्रभात रंजन और एलन सेंटर हेड ऋषिकेश शर्मा 5 बातें कहते हैं… ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- नीट पेपर लीक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक का ब्यूटीशियन कनेक्शन:जहां पेन ले जाना भी मना, वहां से बाहर आया पेपर, क्या कोई अफसर मास्टरमाइंड NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…
आईपीएल 2026 : ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ी
लखनऊ। ऋषभ पंत ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खराब प्रदर्शन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ दी है। एलएसजी औपचारिक रूप से यह घोषणा करती है कि ऋषभ पंत ने फ्रेंचाइजी से कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया है और फ्रेंचाइजी ने उनके इस अनुरोध को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया […] The post आईपीएल 2026 : ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ी appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में ढाई साल में एक आईएएस सहित 103 अधिकारी निलंबित, 6 बर्खास्त
जयपुर। राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त तथा पारदर्शी सुशासन देने के लिए कड़े तेवर दिखाते हुए ढाई वर्ष में एक आईएएस अधिकारी सहित 103 अधिकारियों को निलंबित एवं छह अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया हैं और 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने […] The post राजस्थान में ढाई साल में एक आईएएस सहित 103 अधिकारी निलंबित, 6 बर्खास्त appeared first on Sabguru News .
पूजा सिंह ने तोड़ा 14 साल का राष्ट्रीय हाई जंप रिकॉर्ड, एशियाई U20 एथलेटिक्स में जीता गोल्ड
X भारतीय एथलेटिक्स में एक नई उम्मीद की किरण उभरी है। 20 वर्षीय युवा हाई जंपर पूजा सिंह ने 2026 एशियाई U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर नया सीनियर महिला राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया और भारतीय खेलों के इतिहास में एक यादगार पल गढ़ दिया। पूजा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 1.91 मीटर की छलांग के साथ की, जिससे उन्होंने अपना खुद का U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय महिला हाई जंप के सभी समय के रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच गईं। लेकिन उनका प्रदर्शन यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने अगली कोशिश में 1.93 मीटर की छलांग लगाई और 2012 में ओलंपियन सहाना कुमारी द्वारा बनाए गए 1.92 मीटर के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ दिया। ALSO READ: Chris Gayle का रिकॉर्ड चुकने पर क्या बोले वैभव? ‘Universe Boss’ ने कर दिया बड़ा ऐलान! देखें VIDEO AND POOJA CREATES HISTORY BY BREAKING 14 YEAR OLD NATIONAL RECORD! India's Pooja Singh cleared 1.93m & won the Gold Medal for India at Asian U20 Athletics C'ship She also breached the CWG Qualification Mark THIS IS SO HUGE FOLKS! https://t.co/87Od5vm1PI pic.twitter.com/8VCRZtfRvt — The Khel India (@TheKhelIndia) May 29, 2026 यह उपलब्धि भारतीय खेलों, विशेषकर महिला हाई जंप में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 14 वर्षों में यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं टूट पाया था। प्रतियोगिता में उनकी साहसिक शैली, दबाव में धैर्य और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने साबित किया कि भारत ने एक नई पीढ़ी की एथलीट पाई है। पूजा का 1.93 मीटर का प्रदर्शन 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की क्वालीफिकेशन मापदंड से भी ऊपर है। उनकी यह छलांग भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संभावित पदकों की उम्मीद जगाती है। प्रशंसक और विश्लेषक इसे भारतीय हाई जंप के लिए मील का पत्थर मान रहे हैं। हालांकि, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) को यह तय करना होगा कि क्या पूजा को फेडरेशन कप के बाद होने वाले अंतिम क्वालीफिकेशन के बावजूद कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए विशेष अनुमति दी जाएगी। लेकिन प्रदर्शन की बात करें तो पूजा ने ऐसा रिकॉर्ड कायम किया है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह योग्य बनाता है। पूजा सिंह ने न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की है, बल्कि भारतीय महिला एथलेटिक्स में भी नई उम्मीद जगाई है। उनके साहस और युवा जोश को देखते हुए, आने वाले एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका नाम भारत के संभावित मेडलिस्टों की सूची में प्रमुख रहेगा।
भारत विकास परिषद् की पहल : सीड बॉल कार्यशाला से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अजमेर। भारत विकास परिषद् अजमेर मुख्य शाखा की ओर से महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सीड बॉल निर्माण कार्यशाला एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में […] The post भारत विकास परिषद् की पहल : सीड बॉल कार्यशाला से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश appeared first on Sabguru News .
'गुल्लक 5' से क्यों आउट हुए 'अन्नू भैया' वैभव राज गुप्ता, जानिए कारण!
SonyLIV के सबसे पसंदीदा हिंदी शोज़ में से एक 'गुल्लक' अपने पांचवें सीजन के साथ लौट रहा है। हालांकि, इस बार वैभव राज गुप्ता आनंद मिश्रा के किरदार में नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह अब अनंत वी जोशी ने ले ली है। इस अचानक हुए कास्ट बदलाव से शो के फैंस काफी निराश हैं। ‘गुल्लक 5’ के प्रीमियर से पहले रेडिट पर एक अनवेरिफाइड पोस्ट में वैभव के शो छोड़ने की वजह बताई गई। हालांकि, अभिनेता और ‘गुल्लक’ के मेकर्स की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शो के शुरू होने की उल्टी गिनती के बीच फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी लोकप्रियता और प्यार मिलने के बाद वैभव ने शो क्यों छोड़ा। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत अनवेरिफाइड रेडिट पोस्ट के मुताबिक, ‘गुल्लक’ में अन्नू का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुए वैभव राज गुप्ता ने अपनी फीस बढ़ाने की मांग की थी। पोस्ट में दावा किया गया कि पिछले सीजन में उन्हें शो के बजट के बराबर फीस दी गई थी। इस बार जब उन्होंने और ज्यादा फीस मांगी तो मेकर्स बजट की वजह से उन्हें अफॉर्ड नहीं कर पाए। इसके बाद शो को स्ट्रीम करने वाला OTT प्लेटफॉर्म SonyLIV इस मामले में शामिल हुआ और उसने स्थिति संभाली। क्योंकि ‘गुल्लक’ सीमित बजट में बनाया जाता है, इसलिए TVF और SonyLIV के लिए वैभव की फीस में और बढ़ोतरी करना संभव नहीं था। ऐसा करने पर बेसिक खर्चों में कटौती करनी पड़ती और बाकी कलाकारों की फीस भी कम करनी पड़ती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बात को लेकर वैभव और टीम के बीच बड़ा विवाद हुआ। इसके बाद '12th Fail' से लोकप्रियता हासिल करने वाले अनंत वी जोशी को अन्नू के रोल के लिए साइन किया गया। ‘गुल्लक’ सीजन 5 में जमील खान और गीतांजलि कुलकर्णी के अलावा हर्ष मायर, सुनीता राजवार, गोपाल दत्त, हेली शाह और मनुज शर्मा भी नजर आएंगे। जमील खान शो में परिवार के मुखिया संतोष मिश्रा का किरदार निभाते हैं, जबकि गीतांजलि कुलकर्णी मां शांति मिश्रा के रोल में हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हर्ष मायर मिश्रा परिवार के सबसे छोटे बेटे अमन का किरदार निभा रहे हैं। सुनीता राजवार पड़ोसन बिट्टू की मम्मी के रोल में नजर आती हैं। शो में मिश्रा परिवार रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी परिस्थितियों जैसे करियर का दबाव, घर के खर्चे, पड़ोस की बातें, त्योहार और पारिवारिक रिश्तों को दिखाता है। ‘गुल्लक’ सीजन 5, सोनी लीव पर 5 जून को रिलीज होगा। इस शो को TVF ने बनाया है। इसका निर्देशन पलाश वासवानी, अमृत राज गुप्ता और श्रेयांश पांडे ने किया है। इस सीरीज का पहला सीजन 2019 में आया था। इसके बाद दूसरा सीजन 2021 में, तीसरा 2022 में और चौथा सीजन 2024 में रिलीज हुआ।
यौन उत्पीड़न मामले में घिरे 'धुरंधर' के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे, POSH कमेटी ने पाया दोषी
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मशहूर फिल्म 'धुरंधर' के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे पर एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कानून और फिल्म जगत, दोनों ने उन पर कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खबरों के मुताबिक, एक नामी प्रोडक्शन हाउस की आंतरिक जांच समिति (POSH) ने जोहरे को इन आरोपों में पूरी तरह दोषी पाया है, जिसके बाद इंडस्ट्री में उन्हें लेकर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। जोहरे का नाम फिल्म के नए ओटीटी वर्जन से हटा दिया गया है। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत POSH कमेटी ने की कड़ी कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता ने सबसे पहले इस मामले की शिकायत अक्टूबर 2025 में फिल्म मेकर आदित्य धर और प्रोड्यूसर लोकेश धर के प्रोडक्शन हाउस 'B62 स्टूडियोज' में दर्ज कराई थी। मामला संवेदनशील होने के कारण स्टूडियो ने तुरंत 'प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट' (POSH) कमेटी को एक्टिव कर दिया। कमेटी ने बेहद बारीकी और गंभीरता से लगभग छह महीने तक इस मामले की जांच की। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सैनी एस. जोहरे को दो बड़े मामलों यौन उत्पीड़न और सबूतों के साथ छेड़छाड़ में दोषी पाया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आंतरिक जांच के अलावा, यह मामला अब कानूनी रूप से अदालत और पुलिस के पास पहुंच चुका है। दिल्ली की रहने वाली पीड़िता ने इस संबंध में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन में 20 अप्रैल को एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जोहरे को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में उन्हें जिला अदालत से जमानत मिल गई। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, जोहरे ने उन्हें चंडीगढ़ के ताज होटल के एक कमरे में बुलाया था, जहां उनके साथ यौन उत्पीड़न, मारपीट और अवैध रूप से बंधक बनाने जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाया गया था जिससे उनकी स्थिति बिगड़ गई थी। फिल्मों और वेब सीरीज से हटाए गए क्रेडिट्स दोषी पाए जाने और विवाद बढ़ने के बाद बॉलीवुड के बड़े बैनर्स ने जोहरे से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। 'धुरंधर' के ओरिजिनल ओटीटी वर्जन में भले ही उनका नाम हो, लेकिन 22 मई को स्ट्रीम हुए इसके स्पेशल 'रॉ एंड अनदेखा' वर्जन से सैनी एस. जोहरे का नाम पूरी तरह से हटा दिया गया है। सिर्फ B62 स्टूडियोज ही नहीं, बल्कि यशराज फिल्म्स ने भी अपनी आगामी बड़ी वेब सीरीज 'अक्का' से जोहरे के क्रेडिट्स को हटाने का फैसला किया है। इस सीरीज में कीर्ति सुरेश, राधिका आप्टे और तन्वी आज़मी मुख्य भूमिकाओं में हैं। YRF के प्रवक्ता के अनुसार, वे कार्यस्थल पर सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर बेहद गंभीर हैं, यही वजह है कि विवाद सामने आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।
पचपदरा एचपीसीएल रिफाइनरी में 1 जून से प्रारंभ होंगी कमीशनिंग गतिविधियां
जयपुर। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), राजस्थान रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से प्रगति पर हैं और रिफाइनरी में एक जून से कमीशनिंग गतिविधियां शुरू हो जाएगी। राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास द्वारा शुक्रवार को राज्य सरकार, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) तथा एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ […] The post पचपदरा एचपीसीएल रिफाइनरी में 1 जून से प्रारंभ होंगी कमीशनिंग गतिविधियां appeared first on Sabguru News .
सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का 15 दिनों में अभियान चलाकर कराया जाएगा सत्यापन : अविनाश गहलोत
जयपुर। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पेंशन सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का जिला स्तर पर अभियान चलाकर आगामी 15 दिनों में सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। गहलोत शुक्रवार को यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, विशेष योग्यजन निदेशालय एवं अनुजा निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा […] The post सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का 15 दिनों में अभियान चलाकर कराया जाएगा सत्यापन : अविनाश गहलोत appeared first on Sabguru News .
इस साल औसत से कम रहेगा मानसून : मौसम विभाग
नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। देश में बारिश के मुख्य स्रोत दक्षिण-पश्चिम मानसून के […] The post इस साल औसत से कम रहेगा मानसून : मौसम विभाग appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त दे दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की उस याचिका पर […] The post सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .
धौलपुर : युवती के पार्वती नदी में कूदने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में बजहेरा गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक युवती के अचानक पार्वती नदी में कूदने की आशंका से हड़कंप मच गया है। गुरुवार शाम हुए इस हादसे के बाद राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) द्वारा शुरू किया गया बचाव कार्य सुबह से जारी है। […] The post धौलपुर : युवती के पार्वती नदी में कूदने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी appeared first on Sabguru News .
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने से 5 मजदूरों की मौत
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा भीषण आंधी-तूफान के बीच ढह गया। मलबे में दबकर पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के दबे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के […] The post हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने से 5 मजदूरों की मौत appeared first on Sabguru News .
विवादों के बीच भी रणवीर सिंह का जलवा कायम! सुपरस्टार के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाया एक्साइटमेंट
रणवीर सिंह को लेकर भले ही इस वक्त इंडस्ट्री में कई तरह की बहसें और चर्चाएं चल रही हों, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है — सुपरस्टार के पास इस समय भारतीय सिनेमा की सबसे रोमांचक फिल्मों की लाइन-अप मौजूद है। धुरंधर: द रिवेंज के साथ इतिहास रचते हुए हिंदी सिनेमा में 1000 करोड़ रुपए नेट क्लब हासिल करने वाले इकलौते भारतीय अभिनेता बनने के बाद रणवीर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बॉलीवुड के सबसे बड़े crowd-puller क्यों हैं। मिथकीय फिल्मों से लेकर बड़े स्केल की एक्शन ड्रामा फिल्मों तक, उनके कन्फर्म और चर्चित प्रोजेक्ट्स ने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। 1. प्रलय – जल्द शुरू होगी शूटिंग कन्फर्म प्रोजेक्ट्स में प्रलय सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक बड़े स्केल की पोस्ट-अपोकैलिप्टिक एक्शन थ्रिलर होगी, जिसे जय मेहता डायरेक्ट कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म हिंदी सिनेमा में ज़ॉम्बी जॉनर को बिल्कुल नए अंदाज़ में पेश करेगी। भारी VFX सेटअप और बड़े बजट वाली इस फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं और इसके शेड्यूल भी लगभग लॉक बताए जा रहे हैं। ALSO READ: डॉन 3 विवाद को खत्म करने आगे आए सलमान खान, फरहान अख्तर-रणवीर सिंह को दी यह सलाह 2. आदित्य धर की चंद्रगुप्त – ऐतिहासिक महागाथा की चर्चा धुरंधर फ्रेंचाइज़ की जबरदस्त सफलता के बाद रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर के एक और बड़े सहयोग की चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह फिल्म चंद्रगुप्त मौर्य पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक महागाथा हो सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री में रणवीर को इस किरदार के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। फैंस पहले से ही रणवीर को महान सम्राट की तीव्रता और योद्धा रूप में देखने के लिए उत्साहित हैं। 3. भगवान शिव के किरदार की चर्चा ने बढ़ाया उत्साह सोशल मीडिया पर एक और चर्चा जोरों पर है कि रणवीर सिंह द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा से प्रेरित एक मिथकीय ट्रिलॉजी में भगवान शिव का किरदार निभा सकते हैं। हालांकि लेखक अमीश त्रिपाठी ने हाल ही में इन खबरों को खारिज किया कि फिल्म के अधिकार फाइनल हो चुके हैं, लेकिन सिर्फ इस चर्चा ने ही फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। रणवीर की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और ट्रांसफॉर्मेटिव परफॉर्मेंस को देखते हुए कई लोग मानते हैं कि अगर यह प्रोजेक्ट बनता है तो वह इस बड़े किरदार में अलग ही आभा लेकर आएंगे। 4. धुरंधर फ्रेंचाइज अभी खत्म नहीं हुई है धुरंधर: द रिवेंज की ऐतिहासिक सफलता के बाद ऐसा लग रहा है कि मेकर्स इस फ्रेंचाइज़ को यहीं खत्म करने के मूड में नहीं हैं। प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने हाल ही में संकेत दिया कि धुरंधर यूनिवर्स में अभी बहुत कुछ बाकी है। इसके बाद धुरंधर 3 और संभावित स्पिन-ऑफ्स को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फैंस एक बार फिर रणवीर को जसकीरत के किरदार में देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। 5. अश्वत्थामा – मिथकीय एक्शन ड्रीम प्रोजेक्ट लंबे समय से चर्चा में रही द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा बॉलीवुड की सबसे चर्चित मिथकीय फिल्मों में से एक बनी हुई है। हालांकि शुरुआती प्लान्स में कई बदलाव हुए बताए जाते हैं, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स में एक बार फिर रणवीर सिंह का नाम आदित्य धर के बड़े मिथकीय प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। अश्वत्थामा की विशाल दुनिया को दोबारा शुरू करने की चर्चाओं ने फैंस की उम्मीदें फिर जगा दी हैं, खासकर भारतीय सिनेमाई यूनिवर्स की हालिया सफलताओं के बाद। भले ही इन फिल्मों में से कुछ अभी सिर्फ चर्चाओं और इंडस्ट्री की अटकलों का हिस्सा हों, लेकिन एक बात तय है — रणवीर सिंह की यह लाइन-अप दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुकी है। और अगर इनमें से आधे प्रोजेक्ट्स भी सच साबित होते हैं, तो फैंस को पूरा भरोसा है कि रणवीर एक बार फिर एक्शन, मिथक और ऐतिहासिक महागाथाओं जैसे हर जॉनर में अपनी शानदार एक्टिंग से छा जाएंगे।
18 साल की उम्र में शादी, फिर बने सिनेमा के सम्राट, जानिए पृथ्वीराज कपूर की कहानी
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर को भारतीय सिनेमा की ऐसी महान शख्सियत के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपनी कड़क आवाज, रौबदार भाव-भंगिमाओं और दमदार अभिनय के बल पर लगभग चार दशकों तक सिने प्रेमियों के दिलों पर राज किया। 3 नवंबर 1906 को पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान) के लायलपुर शहर में जन्मे पृथ्वीराज कपूर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लायलपुर और लाहौर में पूरी की। उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर पुलिस उपनिरीक्षक थे। बाद में उनका तबादला पेशावर हो गया। पृथ्वीराज कपूर ने आगे की पढ़ाई पेशावर के एडवर्ड कॉलेज से की। उन्होंने कानून की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी क्योंकि उस समय तक उनका रुझान थिएटर की ओर हो गया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें महज 18 वर्ष की उम्र में पृथ्वीराज कपूर का विवाह हो गया। वर्ष 1928 में अपनी चाची से आर्थिक सहायता लेकर पृथ्वीराज कपूर अपने सपनों के शहर मुंबई पहुंचे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1928 में इंपीरियल फिल्म कंपनी से जुड़कर की। वर्ष 1930 में बी. पी. मिश्रा की फिल्म सिनेमा गर्ल में उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद एंडरसन की थिएटर कंपनी के शेक्सपियर नाटकों में भी उन्होंने अभिनय किया। लगभग दो वर्षों के संघर्ष के बाद वर्ष 1931 में प्रदर्शित पहली सवाक फिल्म आलमआरा में उन्हें सहायक अभिनेता के रूप में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1933 में वे कोलकाता के प्रसिद्ध न्यू थिएटर से जुड़े। वर्ष 1933 में प्रदर्शित फिल्म राजरानी और वर्ष 1934 में देवकी बोस की फिल्म सीता की सफलता के बाद उन्होंने बतौर अभिनेता अपनी पहचान बना ली।इसके बाद उन्होंने न्यू थिएटर की कई फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें मंजिल और प्रेसिडेंट शामिल हैं। वर्ष 1937 में फिल्म विद्यापति में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी सराहा। वर्ष 1938 में वे चंदूलाल शाह के रंजीत मूवीटोन से जुड़े। वर्ष 1940 की फिल्म पागल में उन्होंने पहली बार एंटी-हीरो की भूमिका निभाई। वर्ष 1941 में फिल्म सिकंदर की सफलता के बाद वे कामयाबी के शिखर पर पहुंच गए। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत वर्ष 1944 में उन्होंने अपनी खुद की थिएटर कंपनी “पृथ्वी थिएटर” की स्थापना की। इस थिएटर में उन्होंने आधुनिक और शहरी विचारधारा को अपनाया, जो उस समय के पारसी और पारंपरिक थिएटरों से बिल्कुल अलग थी। धीरे-धीरे दर्शकों का ध्यान थिएटर से हटने लगा, क्योंकि उस समय फिल्मों का क्रेज अधिक था। इसके बावजूद पृथ्वी थिएटर ने 16 वर्षों में 2662 शो किए, जिनमें से लगभग सभी में पृथ्वीराज कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई। वे बीमारी की हालत में भी मंच पर प्रदर्शन करते थे। पृथ्वी थिएटर के प्रसिद्ध नाटकों में दीवार, पठान, गद्दार और पैसा शामिल हैं। उन्होंने अपने थिएटर के माध्यम से कई प्रतिभाओं को अवसर दिया, जिनमें रामानंद सागर और शंकर-जयकिशन जैसे नाम शामिल हैं। 1960 के दशक में उन्होंने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। वर्ष 1960 की फिल्म मुगल-ए-आजम में उनके सामने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे, इसके बावजूद उन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा। वर्ष 1965 की फिल्म आसमान महल में उन्होंने एक और यादगार भूमिका निभाई। वर्ष 1968 की फिल्म तीन बहुरानियां में उन्होंने परिवार के मुखिया की भूमिका निभाई, जो अपनी बहुओं को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने पौत्र रणधीर कपूर की फिल्म कल आज और कल में भी अभिनय किया। वर्ष 1969 में उन्होंने एक पंजाबी फिल्म नानक नाम जहां है में भी काम किया, जिसकी सफलता ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान दी। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।भारतीय सिनेमा के इस महान अभिनेता ने 29 मई 1972 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
मध्य प्रदेश के इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर साइबर ठगी का खतरनाक खेल उजागर हुआ है, जिसमें ठग इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इसके बाद मिनटों में उनके बैंक खाते खाली कर दिए गए। इस नए तरीके की ठगी में साइबर ठग कॉकरोच पार्टी ज्वाइन करें, फ्री रिवॉर्ड पाएं और एक्सक्लूसिव ऑफर जैसे आकर्षक मैसेज के साथ लिंक भेजा जा रहा है, जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में बिना अनुमति के रिमोट एक्सेस एप या मालवेयर डाउनलोड हो जाता है, जिससे ठगों को पूरे फोन का कंट्रोल मिलता और वे आसानी से बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई, ओटीपी और निजी डाटा तक अपनी पकड़ मजबूत कर लेते है। हाल ही में इंदौर में ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ जहां एक युवक ने परिचित द्वारा भेजे गए लिंक पर भरोसा करके क्लिक कर दिया और कुछ ही मिनटों में उसके खाते से करीब एक लाख रुपए की राशि निकाल ली गई। घटना के बाद युवक ने सायबर सेल में ठगी की शिकायत की है। फिशिंग लिंक भेजकर ठगी : बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही कॉकरोच पार्टी अब साइबर ठगों का नया हथियार बन गई है। इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर तेजी से वायरल हो रहे इस ट्रेंड का फायदा उठाकर ठग फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में पहुंच रहा है और फिर बैंक खाते मिनटों में खाली हो रहे हैं। ऐसे हुई पलक झपकते ठगी : इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक करीब एक लाख रुपए गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि उसके परिचित ने कॉकरोच पार्टी ज्वाइन करें नाम से एक लिंक भेजी थी। युवक ने बिना जांचे लिंक पर क्लिक कर दिया। क्लिक करते ही मोबाइल में रिमोट शेयरिंग एप डाउनलोड हो गई। इसके बाद कुछ ही देर में खाते से रुपए कटने के मैसेज आने लगे। जब तक उसे समझ आता, तब तक बड़ी रकम साफ हो चुकी थी। तेजी से वायरल हो रहे ये फर्जी लिंक : इस तरक के कई अन्य मैसेज युवाओं को मिले हैं। हालांकि, अभी तक सिर्फ एक ही मामला रिपोर्ट हुआ है। साइबर विशेषज्ञ प्रोफेसर गौरव रावल के मुताबिक, इन दिनों कॉकरोच पार्टी, कॉकरोच गेम और फ्री रिवॉर्ड जैसे नामों से फर्जी लिंक तेजी से फैलाए जा रहे हैं। ऐसे लालच देकर लेते हैं झांसे में : ठगी करने वालों का टारगेट लोगों की बैंकिंग डिटेल, यूपीआई जानकारी, ओटीपी और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाना है। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जबकि कुछ मामलों में मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है। ठग लोगों को क्लिक हियर, एक्सक्लूसिव एक्सेस और फ्री गिफ्ट जैसे लालच देकर फंसाते हैं। क्या करें गलती से क्लिक हो जाए तो : साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, बैंकिंग पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें। मोबाइल स्कैन करें और बैंक हेल्पलाइन से संपर्क करें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डॉटएक्सवायजेड, डॉट टीओपी और डॉट बज और डॉट क्लिक जैसे संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइटों से सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और ओटीपी या यूपीआइ पिन कभी साझा न करें। Edited By: Naveen R Rangiyal
इंदौर के MY अस्पताल में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, बाथरूम में पड़ा था, पुलिस ने जांच शुरू की
इंदौर के एमवाय अस्पताल में शुक्रवार की सुबह एक नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चे का यह शव इमरजेंसी वार्ड के सामने बने बाथरूम में मिला है। जैसे ही लोगों की नजर इस पर पड़ी, अस्पताल प्रशासन को खबर दी गई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। सूचना के बाद एमवाय अस्पताल की पुलिस चौकी के पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की है। पुलिस ने बताया कि सुबह कुछ लोग बाथरूम पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां एक नवजात का शव पड़ा देखा। लोगों ने तुरंत मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सफाई कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। 3 महीने का हो सकता है बच्चा : शुरुआती जानकारी में नवजात की उम्र करीब तीन महीने बताई जा रही है। शव को अस्पताल के CHMO कक्ष में रखवाया गया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया। घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल : घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और कई स्थानों पर CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। पुलिस अब कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात का शव अस्पताल के बाथरूम तक कैसे पहुंचा। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह बच्चा किस का है और कैसे इसकी मौत हुई। Edited By: Naveen R Rangiyal
सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'
Eggs lowers Alzheimers risk: आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण भूलने की बीमारी यानी 'अल्ज़ाइमर' (Alzheimers) और डिमेंशिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक इसे 'भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती' मान रहे हैं। लेकिन हाल ही में हुए वैज्ञानिक शोधों में एक बेहद चौंकाने वाला और राहत देने वाला सच सामने आया है। दिमागी कमजोरी के हजारों मरीजों का इलाज कर चुके मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. डेल ब्रेडिसन के अनुसार, हमारे किचन में मौजूद एक बेहद साधारण-सी चीज 'अंडा' अल्जाइमर से बचाने और दिमाग को बूस्ट करने में सबसे बड़ा मददगार साबित हो सकता है। हफ्ते में सिर्फ 1 अंडा खाइए प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल 'द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' में हाल ही में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो लोग हफ्ते में एक या उससे अधिक अंडे का सेवन करते हैं, उनमें अंडा न खाने वालों (या महीने में एक बार खाने वालों) की तुलना में अल्जाइमर रोग होने का खतरा 47 प्रतिशत तक कम पाया गया। यही नहीं, नियमित अंडा खाने वाले लोगों ने प्लानिंग, फोकस (एकाग्रता) और सही समय पर सही निर्णय लेने (Decision-making) से जुड़े दिमागी टेस्ट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। आखिर अंडे में ऐसा क्या है? अल्जाइमर और दिमागी कमजोरी से जूझ रहे मरीजों के मस्तिष्क में आमतौर पर दो जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी देखी जाती है—पहला 'कोलीन' (Choline) और दूसरा ओमेगा-3 फैट का एक प्रकार 'डीएचए' (DHA)। अंडा दुनिया के उन गिने-चुने सुपरफूड्स में से है जिसमें ये दोनों तत्व एक साथ भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। 'कोलीन' का पावरहाउस : अल्जाइमर के खतरे को कम करने में अकेले 'कोलीन' की 39% भूमिका होती है। पुरुषों को रोजाना 550 मिलीग्राम और महिलाओं को 425 मिलीग्राम कोलीन की जरूरत होती है। महज एक उबले अंडे से शरीर को लगभग 150 मिलीग्राम कोलीन मिल जाता है। यह दिमाग की कोशिकाओं (Brain Cells) की बाहरी परत को मजबूत करता है और याददाश्त को बढ़ाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर का निर्माण करता है। एंटीऑक्सीडेंट्स की ढाल : अंडे में ल्यूटिन (Lutein) जैसे एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को डैमेज होने और सूजन (Inflammation) से बचाते हैं। 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' से भी बचाता है अंडा डॉ. डेल ब्रेडिसन का कहना है कि अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के कारण होने वाला 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' ही आगे चलकर अल्जाइमर का कारण बनता है। बुजुर्गों के लिए अंडा एक बेहतरीन डाइट है क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर है, पचाने में आसान है और शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। हेल्थ एक्सपर्ट्स दिमाग में कोलीन की मात्रा बढ़ाने के लिए अंडों के साथ सब्जियों और पनीर को मिलाकर खाने की सलाह देते हैं। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
कोटा : दो रेल पथ निरीक्षकों की निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से मौत
कोटा। राजस्थान में कोटा जिले के दरा रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से उसमें दबकर दो रेल पथ निरीक्षकों की मौत हो गई। रेलवे सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल शाम अंडरपास के निर्माण के लिये काम चल रहा था। रेल पथ निरीक्षक संजय […] The post कोटा : दो रेल पथ निरीक्षकों की निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से मौत appeared first on Sabguru News .
बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया
बारां। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर उमा विद्यालय एवं मदनलाल भवानी शंकर गुप्त बालिका आदर्श विद्या मंदिर माधव नगर छबड़ा में आयोजित अभिरूचि शिविर संपन्न हुआ। अध्यक्षता विद्यालय समिति अध्यक्ष अशोक भार्गव ने की। प्रधानाचार्य अमृत लाल मीणा ने बताया कि समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा व भैया-बहिनों ने विविध […] The post बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया appeared first on Sabguru News .
मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइएं
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को हेल्पलाइन पर आमजन से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण किया और इस दौरान यह निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री […] The post मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइएं appeared first on Sabguru News .
करण जौहर ने शाहरुख खान से लेकर आलिया भट्ट तक को इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो, बताई वजह
बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक-निर्माता करण जौहर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। हाल ही में उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को हैरान कर दिया। दरअसल, करण जौहर ने अपने कई बेहद करीबी दोस्तों, स्टार्स और इंडस्ट्री के सहयोगियों को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। करण जौहर ने जिन सेलेब्स को अनफॉलो किया उनमें शाहरुख खान, करीना कपूर खान, आलिया भट्ट, कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे और उनके पुराने दोस्त व डिजाइनर मनीष मल्होत्रा जैसे बड़े नाम शामिल है। इस सामूहिक अनफॉलो सिचुएशन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अब फिल्ममेकर ने खुद सामने आकर अनफॉलो करने की वजह बताई है। करण जौहर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर कर फैंस को सच्चाई बताई। उन्होंने इसे महज एक व्यक्तिगत लाइफस्टाइल चॉइस बताया। करण जौहर ने अपनी इंस्टा स्टोरी में लिखा, यह एक डिजिटल डिटॉक्स है!!!! मैं इंस्टाग्राम पर अपना समय और ऊर्जा बचाने के लिए सभी को अनफॉलो कर रहा हूं!!! भगवान के लिए इसे नेशनल न्यूज मत बनाइए... कृपया किसी और चीज को क्लिकबैट करें! यह पूरी तरह से अप्रासंगिक है। करण के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि उनका किसी भी बॉलीवुड सेलिब्रिटी के साथ कोई मनमुटाव या विवाद नहीं हुआ है। वह केवल सोशल मीडिया की दुनिया से थोड़ा ब्रेक लेकर मानसिक शांति और समय का सही सदुपयोग करना चाहते हैं। फॉलोइंग लिस्ट में बचे केवल 78 लोग करण जौहर के इंस्टाग्राम पर 17 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, लेकिन इस 'क्लीन-अप' ड्राइव के बाद उनकी फॉलोइंग लिस्ट घटकर महज 78 रह गई है। नेटिजंस ने यह भी नोटिस किया कि जहां उन्होंने अपने चहेते स्टार्स और करीबियों को हटा दिया, वहीं ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा जोनास अभी भी उनकी फॉलोइंग लिस्ट में बरकरार हैं। इसके अलावा वह धर्मा प्रोडक्शंस के सीईओ अपूर्व मेहता और अदार पूनावाला जैसे कुछ बिजनेस सहयोगियों को फॉलो कर रहे हैं।
कर्नाटक के राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्दारमैया का इस्तीफा, मंत्रिपरिषद भंग
बेंगलूरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिद्दारमैया के अपना इस्तीफा सौंपे जाने के एक दिन बाद राज्यपाल ने यह कदम उठाया है। यहां लोक भवन से जारी एक आधिकारिक पुष्टि के अनुसार राज्यपाल ने सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग […] The post कर्नाटक के राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्दारमैया का इस्तीफा, मंत्रिपरिषद भंग appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान की दुविधा: अब्राहम अकॉर्ड्स से जुड़े या दूर रहे?
-शामिल शम्स Abraham Accords : अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई मांग के बाद पाकिस्तान मुश्किल स्थिति में फंस गया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए होने वाले किसी भी समझौते में पाकिस्तान को इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने वाले तथाकथित 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर हस्ताक्षर करने चाहिए। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और कतर जैसे देशों को भी अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बनना चाहिए। इस समझौते की शुरुआत साल 2020 में डॉनल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई थी। सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, अमेरिका ने इस जटिल मुद्दे को सुलझाने के लिए जो मेहनत की है, उसके बाद कम से कम इन सभी देशों को एक साथ अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा होना चाहिए।' उन्होंने जिन देशों का नाम लिया उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (जो पहले से सदस्य है), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन (जो पहले से सदस्य है) शामिल हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब और कतर को तुरंत इस समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए। बाकी देशों को भी उनका अनुसरण करना है। अब्राहम अकॉर्ड्स अमेरिका की मध्यस्थता में हुए कई समझौतों की श्रृंखला है। इसका उद्देश्य इजराइल और अरब देशों के बीच आर्थिक और राजनयिक रिश्तों को सामान्य बनाना है। इसके तहत पहला समझौता 15 सितंबर 2020 को इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बीच हुआ था। फायदे और नुकसान पर विचार कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मांग को खारिज कर दिया है। लेकिन अब तक सरकार या सेना की ओर से इस पर कोई साफ और एकजुट प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बीच, पाकिस्तान ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अप्रैल में उसने अमेरिका को 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान पर हमलों को रोकने के लिए राजी कर लिया था। पाकिस्तान अब भी युद्ध खत्म कराने की कोशिश कर रहा है। मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार पाकिस्तान की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने देश के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अपने 'पसंदीदा' लोगों में भी बताया। ट्रंप से बढ़ती नजदीकी की वजह से इस समय पाकिस्तान की वैश्विक अहमियत बढ़ी है। लेकिन ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने की तुलना में अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होना पाकिस्तान के लिए कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। राजनीतिक विश्लेषक रजा रूमी ने डीडब्ल्यू से कहा, अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के फायदे जरूर हैं। लेकिन राजनीतिक तौर पर इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। पाकिस्तान को वॉशिंगटन और कुछ खाड़ी देशों से कूटनीतिक समर्थन मिल जाएगा। साथ ही आर्थिक और तकनीकी अवसर भी खुल सकते हैं। हालांकि, रूमी ने चेतावनी दी कि इस कदम से पाकिस्तान को बड़े खतरे भी हो सकते हैं। वह कहते हैं, इससे फिलिस्तीन मुद्दे पर पाकिस्तान की स्थिति कमजोर पड़ सकती है, ईरान के साथ तनाव बढ़ सकता है और देश के अंदर अस्थिरता भी बढ़ने की संभावना है। पाकिस्तान इजराइल को आधिकारिक तौर पर नहीं मानता और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। हालांकि, पहले दोनों पक्षों के बीच कुछ अनौपचारिक संपर्कों की खबरें सामने आ चुकी हैं। रूमी बताते हैं, जब तक फिलिस्तीन को अलग देश का दर्जा देने की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करना रणनीतिक फैसला कम और दबाव में झुकने जैसा ज्यादा लगेगा। फिलहाल इसके नुकसान, फायदों से ज्यादा दिखाई देते हैं।” सऊदी अरब का फैसला होगा अहम पाकिस्तान का अब्राहम समझौते में शामिल होना या न होना इस बात पर निर्भर करेगा कि सऊदी अरब इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। इस्लामाबाद और रियाद के बीच मजबूत कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध हैं। साथ ही इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों के संरक्षक के रूप में सऊदी अरब को अधिकांश पाकिस्तानी बहुत सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। रूमी के अनुसार, अगर सऊदी अरब पहले कदम उठाता है, तो पाकिस्तान के लिए इस मुद्दे पर बात करना आसान हो जाएगा। लेकिन यह उतना सरल भी नहीं होगा। इस्लामाबाद रियाद के फैसले का इस्तेमाल खुद को ढकने के लिए कर सकता है। पाकिस्तान अक्सर मध्य पूर्व से जुड़े फैसले सऊदी अरब और खाड़ी देशों के रुख को देखकर लेता है। विश्लेषक का मानना है कि पाकिस्तान के लिए यह कदम अभी भी जटिल होगा। रूमी बताते हैं, पाकिस्तान कोई अरब राजशाही नहीं है। यहां की घरेलू राजनीति, धार्मिक दल, मीडिया और फिलिस्तीन के प्रति लोगों का भावनात्मक जुड़ाव इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने को कहीं ज्यादा मुश्किल बना देता है। सऊदी अरब का पहला कदम रास्ता खोल सकता है। लेकिन इससे पाकिस्तान के लिए फैसला लेना आसान नहीं हो जाता। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे ट्रंप के सहयोगी देश इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की दिशा में बढ़ते भी हैं, तो यह तुरंत नहीं होगा। इसके साथ कई शर्तें जुड़ी होंगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों की विशेषज्ञ और अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान इस पर तभी विचार कर सकता है, जब एक स्वतंत्र व संयुक्त फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो और यरुशलम उसकी राजधानी बने। वह आगे कहती हैं, यह पाकिस्तान का स्पष्ट रुख है और उसका फैसला किसी दूसरे देश के कदम पर आधारित नहीं होगा। 6 दिसंबर 2017 को डॉनल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर यरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में माना था और अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम ले जाने की घोषणा की थी। आसान नहीं होगा समाधान ट्रंप का विरोध करना पाकिस्तान के लिए महंगा पड़ सकता है। पाकिस्तान के अमेरिका के साथ गहरे आर्थिक और सैन्य संबंध हैं जो उसे अपने पडोसी और प्रतिद्वंद्वी देश भारत के साथ भू-रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अमेरिका पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार भी है। इससे उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को विदेशी मुद्रा मिलती है। पाकिस्तान यह भी जानता है कि आईएमएफ जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं पर वॉशिंगटन का काफी प्रभाव है। ईरान युद्ध की वजह से पाकिस्तान की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके शुरू होने के बाद से ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। पाकिस्तान के लिए जरूरी है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो जाए। लेकिन ईरान युद्ध के साथ ट्रंप की अब्राहम अकॉर्ड्स वाली मांग ने पाकिस्तान को ऐसी मुश्किल स्थिति में डाल दिया है, जहां से निकलना मुश्किल होगा। रूमी के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार जानती है कि अगर इजराइल के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की गई, तो देश में इसका भारी विरोध हो सकता है। वह कहते हैं, धार्मिक पार्टियां, इस्लामी संगठन, दक्षिणपंथी मीडिया और मुख्यधारा के कई राजनीतिक नेता इजराइल को मान्यता देने के फैसले को फिलिस्तीन और पाकिस्तान की विचारधारा के साथ विश्वासघात बताएंगे। वह आगे जोड़ते हैं, यदि कोई भी सरकार ऐसा कदम उठाती है, तो देश में प्रदर्शन, संसद में आलोचना, धार्मिक नेताओं की तरफ से विरोध और सरकार पर अमेरिका या खाड़ी देशों के दबाव में काम करने के आरोप लग सकते हैं। गाजा युद्ध के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हो या नहीं, इस मुद्दे पर लिया गया उसका फैसला देश की भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित होगा। इस रिपोर्ट में डीडब्ल्यू के इस्लामाबाद संवाददाता हारुन जंजुआ ने भी योगदान दिया है।
टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले व्यक्ति को 15 साल की सजा
मॉस्को। ऑस्ट्रिया की एक अदालत ने अमरीकी गायिका टेलर स्विफ्ट के वियना स्थित कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोपी इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह (आईएस, आईएसआईएस, रूस में प्रतिबंधित) के 21 वर्षीय सदस्य को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल के अंत में ओआरएफ समाचार पोर्टल […] The post टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले व्यक्ति को 15 साल की सजा appeared first on Sabguru News .
सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट का केस दर्ज
चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरुद्ध चितौड़गढ जिले के डूंगला थाने में पुलिस से गाली गलौज, मारपीट का प्रयास एवं राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला थानाधिकारी ने दर्ज करवाया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार देर रात थानाधिकारी डूंगला शैतान सिंह नाथावत ने यह मामला दर्ज करवाते […] The post सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today 29 May horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज ऑफिस में आपके काम को एक 'मेंटॉर' या गुरु का मार्गदर्शन मिलेगा। लव: बात करेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। धन: निवेश के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से ताजगी रहेगी उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह 2. वृषभ (Taurus) करियर: काम का बोझ ज्यादा रह सकता है। लव: घर की शांति के लिए थोड़ा झुकना पड़े तो संकोच न करें। धन: उधारी देने से आज बचना चाहिए। स्वास्थ्य: गले और फेफड़ों का ख्याल रखें। उपाय: चीनी, चावल जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: अपनी 'कम्युनिकेशन स्किल' का फायदा उठाएं। लव: लव पार्टनर के साथ किसी बात पर हंसी-मजाक का माहौल रहेगा। धन: आय के नए स्रोत सामने आएंगे। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: जो लोग घर से काम कर रहे हैं, उनके लिए दिन अच्छा रहेगा। लव: परिवार में किसी बुजुर्ग की बात को लेकर तनाव हो सकता है, शांति बनाए रखें। धन: संपत्ति या जमीन से जुड़े मामलों में अच्छी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य: नींद पूरी न होने से थोड़ा चिड़चिड़ापन रह सकता है। उपाय: शिवलिंग पर थोड़ा सा कच्चा दूध अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: अपनी टीम पर भरोसा रखें, सफलता सामूहिक होगी। लव: पार्टनर से अपनी भावनाएं साझा करें। धन: खर्चों की लिस्ट लंबी हो सकती है। स्वास्थ्य: हड्डियों और जोड़ों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं। ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव 6. कन्या (Virgo) करियर: छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देने से आपके काम की गुणवत्ता बढ़ेगी। लव: प्रेम संबंधों में आज 'इगो' को बीच में न आने दें। धन: बचत की योजना सफल होगी। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: गणेश जी को गुड़ का भोग लगाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी पुरानी याद को ताजा करेंगे। धन: धन की स्थिति संतोषजनक रहेगी। स्वास्थ्य: शुगर और बीपी के मरीज सावधानी बरतें। उपाय: किसी गरीब को दही या दूध का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज आपको अपनी मेहनत का श्रेय नहीं मिलेगा। लव: पुरानी बातों को कुरेदने से बचें। धन: आकस्मिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज के दिन का सबसे ज्यादा लाभ आपको मिलेगा। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। धन: आभूषण की खरीदारी के लिए आज से बेहतर दिन नहीं हो सकता। स्वास्थ्य: आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: प्राथमिकताओं की एक लिस्ट बनाएं और एक-एक करके काम निपटाएं। लव: जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा, जिससे आपका बोझ कम होगा। धन: धन का लेन-देन आज लिखित में ही करें। स्वास्थ्य: घुटनों में तकलीफ हो सकती है। उपाय: पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नए विचार और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आपको दूसरों से आगे ले जाएगा। लव: नए संबंध बन सकते हैं। धन: रुका हुआ पैसा मिलने से आर्थिक तंगी दूर होगी। स्वास्थ्य: वायु विकार की समस्या हो सकती है। उपाय: काले तिल का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: दूसरों की बातों में आकर अपना फैसला न बदलें। लव: पार्टनर के प्रति समर्पण बढ़ेगा। धन: भविष्य के लिए बड़ा निवेश करने की योजना बनेगी। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन या थकान रह सकती है। उपाय: पीले फूलों से भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?
16 मई की रात ओडिशा में रहने वाले गणेश के पास छोटे भाई रमैया का फोन आया। बताया कि घर खर्च के लिए 22 हजार रुपए भेज रहा है। डेढ़ महीने पहले ही रमैया कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने के लिए रूस गया था। मां से भी बात हुई। कहा नाइट ड्यूटी पर है और खाना खाकर साइट जाने की तैयारी कर रहा है। सब रोज की तरह सामान्य था। अगले दिन सुबह दोबारा कॉल आया। अबकी फोन रमैया के रूम पार्टनर देवेंद्र का था। उसने बताया कि सुबह करीब 5 बजे कंपनी साइट पर यूक्रेन ने कई ड्रोन हमले किए। रमैया भी साइट पर था और हमले का शिकार हो गया। दोपहर होते-होते उसकी मौत की खबर आ गई। घटना को 10 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, रमैया का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, लेकिन गंजाम में रह रहा उनका परिवार अभी सदमे से उबर नहीं सका है। परिवार परेशान है कि रमैया के जाने के बाद बहनों की शादी के लिए लिया 30 लाख का कर्ज कौन उतारेगा। रमैया के साथ हमले में ओडिशा के दो और युवक घायल हुए हैं। दोनों का मॉस्को में इलाज चल रहा है। हर महीने 35 हजार रुपए घर भेजता, अब परिवार बेसहारा रमैया मास्को में तुर्की की ऑयल और गैस कंपनी में स्टील इरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उनके परिवार से मिलने के लिए हम गंजाम के माधबांधा गांव पहुंचे। घर पर मिले रमैया के बड़े भाई गणेश बताते हैं, ‘परिवार में माता-पिता और भाई-बहन सभी दिहाड़ी मजदूर हैं। इसी से घर का खर्च चलता है। बहनों की शादी में लिया कर्ज चुकाने के लिए रमैया रूस गया था।‘ ‘वो करीब एक साल से मास्को में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इलेक्ट्रिकल लाइन और स्ट्रक्चरल काम कर रहा था। इसी साल फरवरी में छुट्टी लेकर गांव लौटा था और फिर 22 मार्च को मॉस्को लौट गया था। रमैया हर महीने करीब 42 हजार रुपए की कमाई से 35 हजार घर भेज देता था। मौत से एक दिन पहले जब उससे बात हुई थी, तब भी वो परिवार की ही फिक्र में था।‘ मां बोली- हम भूखों रहने को मजबूर, अब कौन संभालेगा रमैया की मां रोते हुए कहती हैं ‘वो हमारे परिवार का सबसे बड़ा सहारा था। हम सब मजदूरी करके रोज मुश्किल से 200 से 500 रुपए कमा पाते हैं। कई दिन ऐसे भी होते हैं, जब काम नहीं मिलता और परिवार को भूखे सोना पड़ता है। अब कौन हमें सहारा देगा।‘ परिवार वालों ने बताया कि इस बार रमैया गांव लौटकर अपना छोटा-मोटा काम शुरू करना चाहता था। उसने शादी करने की भी तैयारी की थी। रमैया के चाचा नारायण दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वे कहते हैं, ‘गरीबी और काम न मिलने की वजह से गांव के लड़के काम के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं। हमारा रमैया भी इसीलिए बाहर गया, वरना कोई जान जोखिम में डालकर रूस क्यों जाता। अब उसके बूढ़े मां-बाप की देखभाल कौन करेगा।‘ मॉस्को में मौत से लड़ रहे ओडिशा के दो और मजदूर मॉस्को में रमैया के साथ ही ओडिशा के खेतराबासी रेड्डी और तेजेश्वर रेड्डी भी हमले का शिकार हुए हैं। दोनों अभी मॉस्को के अस्पताल में भर्ती हैं। उनके परिवारों से मिलने हम गंजाम के कोथारसिंग गांव पहुंचे। खेतराबासी के घर पर उनकी पत्नी मिलीं। उन्होंने बताया, ’गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के पास उन्हें भारत लाकर इलाज कराने के पैसे नहीं हैं, इसलिए वो मॉस्को में ही हैं। कंपनी उनका इलाज करा रही है।’ उन्होंने खेतराबासी से हमारी फोन पर बात भी कराई। वे बताते हैं कि 17 मई को कुल 7 ड्रोन हमले हुए थे और करीब 15 लोग इसकी जद में आए। हमले में अकेले रमैया की ही मौत नहीं हुई, अजरबैजान का एक मजदूर भी मारा गया था। इसके अलावा गोपालपुर के रहने वाले सुनील, पारलाकहेमुंडी के चिनारा और दासरथी के साथ बेनीपुर के दुर्योधन भी घायल हुए हैं। इसके बाद तेजेश्वर रेड्डी के घर हमें उनकी मां मिलीं। उन्होंने बताया, ‘घटना के दिन दोपहर 3 बजे हमें खबर मिली। बेटे का चेहरा और हाथ-पैर सब जख्मी है।’ हमने जब पूछा कि आपके बेटे से कोई बात हुई। वे जवाब में कहती हैं, 'वो अभी बात नहीं कर पा रहा है। सिर्फ वीडियो कॉल पर हमें देखता है।' उन्होंने वीडियो कॉल कर हमें तेजेश्वर की हालत भी दिखाई। 66 लाख रुपए कंपनसेशन तय, परिवार बोला- अभी नहीं मिला रूस में इस वक्त करीब 70 हजार भारतीय काम कर रहे हैं। वहीं ओडिशा के गंजाम और केंद्रापाड़ा जिलों से सबसे ज्यादा युवा रूस में काम कर रहे हैं। गंजाम से हर साल करीब 200 और केंद्रपाड़ा से 150 युवक लोकल एजेंसियों के जरिए रूस जा रहे हैं। रमैया को रूस भेजने वाली मायकोन इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर के मालिक बासुदेव रेड्डी बताते हैं कि हमारी एजेंसी स्किल डेवलपमेंट और रिक्रूटमेंट का काम करती है। वे कहते हैं, ‘हादसे की जानकारी मिलते ही हमने मॉस्को में मौजूद कंपनी के अधिकारियों से बात की। फिर ओडिशा सरकार की मदद से डेडबॉडी भारत लाकर परिवार को सौंपी।‘ ‘इसी दौरान हमने रमैया के परिवार की कंपनी डायरेक्टर से बात कराके मुआवजे की रकम भी तय कराई। कंपनी ने 66 लाख रुपए कंपनसेशन देने की बात कही है।‘ हालांकि रमैया के परिवार का कहना है कि अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। डेथ सर्टिफिकेट और बाकी जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। 5 सालों में विदेश में 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत भारत से हर साल करीब 6 से 8 लाख लोग इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) कैटेगरी के तहत विदेश काम करने जाते हैं। इसमें बड़ी संख्या दिहाड़ी मजदूरों, कंस्ट्रक्शन वर्कर, ड्राइवर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन और घरेलू कामगारों की होती है। 2021 से 2025 के बीच विदेश काम करने गए 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत दर्ज की गई। अगर इसका औसत आंकड़ा देखें तो हर दिन 20 से ज्यादा भारतीय कामगार विदेश में जान गंवा रहे हैं। सिर्फ 2025 के आंकड़े देखें तो विदेश में काम करने गए 7,854 भारतीय मजदूरों की मौत हुई। इनमें 86% से ज्यादा मौतें खाड़ी देश यूएई और सऊदी अरब में दर्ज की गईं। वहीं केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में रूस में 26 भारतीयों की मौत की पुष्टि की है। ……………………… ओडिशा की ये खबर भी पढ़ें… 19 हजार के लिए कंकाल निकाला, अब मिले 15 लाख जीतू मुंडा, उम्र 52 साल। बदन पर सिर्फ एक कपड़ा। कंधे पर बड़ी बहन कलरा का कंकाल। कलरा के बैंक अकाउंट में 19,400 रुपए जमा थे। उनकी मौत के बाद जीतू 27 अप्रैल को पैसे निकालने बैंक पहुंचे। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने कहा कि बहन को लाओ, तभी पैसे मिलेंगे। जीतू ने कब्र से बहन का कंकाल निकाला और तीन किमी दूर बैंक लेकर आ गए। मामला ओडिशा के क्योंझर जिले के दियानाली गांव का है। पढ़िए पूरी खबर…
दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। उसकी चमड़ी बंजर जमीन सी फटी-फटी या यूं कह लें पेड़ की छाल जैसी है। उसके शरीर से दुर्गंध आ रही है, मानो मांस का कोई टुकड़ा सड़ रहा हो। एक पल को लगा कि उल्टी हो जाएगी, तो तुरंत बैग से मास्क निकाला और लगा लिया। मुझे देखते ही लड़की सहम गई और मां को आवाज देते हुए दीवार के सहारे अकड़ी-अकड़ी सी भागने लगी। दैनिक भास्कर हर शुक्रवार ला रहा है ऐसी ही दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ऐ जिंदगी। मैं नीरज झा पहले एपिसोड के लिए पहुंचा हूं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के कौड़ गांव। गांव अब छाल बन रही इसी लड़की से पहचाना जाता है। मुझे देखकर बच्ची भागी तो उसकी आवाज सुनकर मां बाहर आ गईं। मैंने अपने बारे में बताया और आने की वजह भी। बच्ची की मां का नाम सुबी है। उन्होंने बताया कि बेटी का नाम जागेश्वरी है। वो बताती हैं- ‘साल 2012 था और महीना अप्रैल का, जब जागेश्वरी का जन्म हुआ। तीन महीने की ही हुई थी कि इसके पैर की खाल पर हल्के-हल्के कांटे उभरने लगे। हम पढ़े-लिखे नहीं हैं। लगा किसी ने कुछ तंत्र-मंत्र कर दिया है। ओझा-तांत्रिकों को दिखाया। झाड़-फूंक करवाई। देवी को बलि भी चढ़ाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं।’ ‘कुछ महीने बाद जागेश्वरी के शरीर की पूरी चमड़ी कांटे जैसी हो गई। जब भी खेलने घर से बाहर जाती, आस-पास के बच्चे भूत-भूत कहकर चिढ़ाते। आखिर परेशान होकर इसने बाहर निकलना ही छोड़ दिया। अब इस बीमारी के साथ जागेश्वरी भी 14 साल की हो गई है।’ वह बताती हैं, ‘जागेश्वरी अंजान लोगों को देखकर डर जाती, जैसे आपको देखकर डर गई। पहले तो हम दिनभर इसकी देखभाल करते थे, लेकिन इसे ही देखते रहेंगे तो पेट कैसे भरेंगे। अब इसे छोड़कर खेत में काम करने चले जाते हैं। इसे कभी स्कूल नहीं भेजा। बच्चे चिढ़ाते हैं, मास्टर भी कहां ऐसे बच्चे को पढ़ाएंगे। एक दिन, कुछ रिश्तेदार घर आए, तो उन्होंने हमें गीदम कस्बे में इलाज कराने को कहा। जब मैं जागेश्वरी को लेकर गीदम के अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टर समेत सभी लोग मुंह बिगाड़ने लगे। बोले- छी! ये लड़की कैसी दिखती है। इसे क्या हो गया?’ जब डॉक्टर को भी कुछ समझ नहीं आया तो हम घर लौट आए। घर से अस्पताल 20 किलोमीटर दूर है। कौन बार-बार जाता। घर में खाने को दाना नहीं, इलाज कहां से कराएं। बुखार-खांसी होती, तो जड़ी-बूटी से ठीक हो जाती। रास्ता तो आपने देखा ही है। यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। बारिश में सोचिए क्या हाल होता होगा। अभी आप आए हैं, पता तो चल ही गया होगा। यहां कुछ नहीं है, हमने तो बिजली भी दो साल पहले ही देखी।' मैंने सुबी से कहा कि एक बार जागेश्वरी से बात करनी है। सुबी उसे समझाने लगीं, करीब आधे घंटे बाद वो घर से बाहर आई। बड़ी मुश्किल से उसे एक स्टूल पर बैठाया। जागेश्वरी की आंखों में आंसू थे। सिर से पांव तक, पेट से जांघ और पीठ तक, पूरे शरीर की चमड़ी पेड़ की छाल जैसी हो गई है। कई जगह घाव भी हैं। सिर्फ चेहरा, हथेली और पैर के तलवे अछूते हैं। कान के ऊपरी हिस्से में अभी कांटेदार उभार आ रहे हैं। मैंने जागेश्वरी से पूछा- बहुत दर्द होता है? गर्दन हिलाते हुए जागेश्वरी गोंडी भाषा में बोली- 'हां बहुत ज्यादा। अकड़न की वजह से हाथ-पैर सीधे नहीं कर पाती। लंगड़ाकर, दीवार के सहारे बमुश्किल इस कोने से उस कोने तक चल पाती हूं। शरीर की चमड़ी खिंचती है, मन करता है अपनी खाल को खुरपी से छीलकर फेंक दूं।’ करीब ही खाट पर बैठी सुबी, बेटी जागेश्वरी के कपड़े ऊपर करके पूरा शरीर दिखाती है। कहती हैं- ‘इसकी पूरे शरीर की चमड़ी ऐसी ही है। रोज घुट-घुटकर जीते हुए देख रहे हैं। कहीं जाती नहीं। एक साल पहले इसकी बड़ी बहन की शादी थी, तो एक कोने में दुबकी बैठी रही। बाहर नहीं निकली, नहीं तो रिश्तेदार डर जाते। आज भी पास ही एक गांव में रिश्तेदार के बेटे की शादी है। हमें जाना है।' मैंने पूछा- जागेश्वरी भी जाएगी? चेहरे पर बिना किसी भाव के सुबी बोली- ‘कैसे जाएगी सर? शरीर ही ऐसा है। ठीक से चल-फिर नहीं पाती। बाहर के लोग भी देखते हैं, तो डर जाते हैं। दस तरह के सवाल पूछते हैं।’ सुबी की आवाज में गुस्सा और तंज दोनों है। गुस्सा इसलिए कि जागेश्वरी बस जी रही है और तंज इसलिए कि उसके हालात कभी ठीक नहीं होंगे। थोड़ी देर बाद मैंने फिर सुबी से पूछा- जागेश्वरी को क्या बीमारी है, ये कब पता चला? सुबी बोली- ‘2019 में। यहां डॉक्टर आए थे। लोगों ने कहा- बच्ची को वहां दिखा लो। बड़े डॉक्टर देखेंगे, तो ठीक हो जाएगी। इसके पापा और चाचा इसे डॉक्टरों के पास ले गए। डॉक्टर दंग रह गए। तुरंत एंबुलेंस बुलाई और जागेश्वरी को रायपुर के बड़े अस्पताल भेज दिया। पापा-चाचा भी साथ गए। वहां हफ्तेभर तो डॉक्टरों को पता ही नहीं चला कि जागेश्वरी को कौन-सी बीमारी है। करीब एक महीने तक बेटी भर्ती रही। मुंबई से रिपोर्ट आई। तब हमें बताया कि दुनिया में इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। मुझे तो बीमारी का नाम भी पता नहीं। इसके बाद, सुबी मुझे एक पर्चा दिखाती हैं। जिसमें बीमारी का नाम- इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स लिखा है। सुबी बताती हैं- जब तक यह अस्पताल में भर्ती थी, तो पूरी चमड़ी ठीक हो गई। घर आते वक्त डॉक्टर ने कुछ दवाइयां दी थीं। कुछ दिन दवाई लगाई, लेकिन जब खत्म हो गई, तो बंद कर दी। अब अस्पताल इतना दूर है कि दवा लेने कौन जाए। आने-जाने का भाड़ा भी लगता है, वो कहां से लाएं। डॉक्टर भी सिर्फ नाम के हैं। बच्ची को देखने कोई नहीं आता। मैं अकेली क्या-क्या करूं। सरकार से अब तक केवल 13 हजार रुपए की मदद मिली है। न ही विकलांग सर्टिफिकेट बना है, न ही इस बीमारी का। सुनने में आया है कि ऐसे लोगों को सरकार 600 रुपए महीना देती है। लेकिन वो मदद भी नहीं मिली। इसी बीच, जागेश्वरी जमीन पर बैठने की कोशिश करती है, लेकिन उसके घुटने मुड़ नहीं रहे। हाथों का भी ऐसा ही हाल है। घर में शौचालय नहीं है। मां कहती हैं- जैसे-तैसे खेत में जाती है। 2021 में इसके पिता की गले के कैंसर से मौत हो गई। मेरी उम्र भी ढल चुकी है। मैं कमाऊं या इसकी देखभाल करूं। तीन और बच्चे हैं। सिर्फ इसे ही देखूंगी, तो बाकी का क्या होगा? मेरे बाकी तीनों बच्चे ठीक हैं। पति थे, तो सहारा था। अब जब तक मैं जिंदा हूं, इसकी देखभाल कर रही हूं। मरने के बाद इसका क्या होगा, पता नहीं। मेरी भी उम्र अब कितनी ही बची है।’ सुबी थोड़ा रुककर पूछती हैं- हमें शादी में जाना है। कुछ और तो नहीं पूछना? अब मैं वहां से चल पड़ता हूं। जागेश्वरी की हालत देखने के बाद मन में कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे- यह बीमारी क्यों होती है? इसकी दवाएं कौन-कौन सी हैं? क्या बच्ची कभी ठीक हो पाएगी? इन सभी सवालों का जवाब खोजने के लिए मैं दंतेवाड़ा से रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए निकलता हूं। वहां मेरी मुलाकात डर्मेटोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के हेड डॉक्टर मृत्युंजय सिंह से हुई। इन्होंने ही 2019 में जागेश्वरी का इलाज किया था। मैंने उनसे जागेश्वरी की बीमारी का जिक्र किया। थोड़ी देर बाद वो बोले- ‘हां-हां, याद आ गया। अरे वो बहुत खतरनाक केस था। ऐसा केस मेरे सामने क्या, देश में भी शायद पहली बार ही आया होगा। हम लोगों ने इसके बारे में पढ़ा था, लेकिन प्रैक्टिकली देखने को भी मिलेगा, सोचा नहीं था। 2019 में जब जागेश्वरी को यहां लाया गया, तो उसकी हालत बहुत खराब थी। एक महीने तक इलाज चला। तब तो वह ठीक हो गई थी। मैंने बताया कि अब उसकी हालत और बिगड़ गई है। डॉ. मृत्युंजय बोले- ‘हां, बीमारी ही ऐसी है। इस बीमारी से इंसान मरता तो नहीं है, लेकिन आम लोगों की तरह जी भी नहीं पाता। चमड़ी इस कदर सूखकर फटने लगती है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका पूरी तरह इलाज संभव नहीं है। इसे सिर्फ मैनेज और कंट्रोल किया जा सकता है। जब वह बच्ची हमारे पास आई, तो सबसे पहले उसे भर्ती किया गया। उसकी बायोप्सी और जेनेटिक एनालिसिस के लिए सैंपल मुंबई भेजे। निजी अस्पतालों में इन जांचों का खर्च करीब 50 हजार रुपए तक पहुंच जाता है, क्योंकि जेनेटिक टेस्ट काफी महंगा होता है।’ जागेश्वरी की हालत देखकर भीतर तक डर और बेचैनी उतर जाती है। शरीर पर पेड़ की छाल जैसी जमी सख्त परतें, हर हरकत में खिंचाव और दर्द… यह सब देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि वह हर दिन किस तकलीफ से गुजरती होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है- जिस दर्द को देखकर बाहर वाले सिहर उठते हैं, उसे 14 साल की यह बच्ची आखिर कब तक सहती रहेगी? 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मातृभाषा के साथ स्वास्थ्य व संस्कारों का ज्ञान मिलता है : महेन्द्र तीर्थाणी
पांचवा सिन्धी बाल संस्कार शिविर का पूजन के साथ शुभारंभ अजमेर। मातृभाषा के साथ स्वास्थ्य व संस्कारों का ज्ञान सिन्धी बाल संस्कार शिविरों में मिलता है। बच्चों को भारत सरकार की श्क्षिा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षण मातृभाषा में करवाना चाहिए। यह शिविर उसी कडी में प्रयास है। ये विचार भारतीय सिन्धू सभा वैशाली नगर […] The post मातृभाषा के साथ स्वास्थ्य व संस्कारों का ज्ञान मिलता है : महेन्द्र तीर्थाणी appeared first on Sabguru News .
भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु संस्कृत का अध्ययन अपरिहार्य : मदन दिलावर
जोधपुर। संस्कृत भारती राजस्थान क्षेत्र की ओर से 18 मई से भवानी आदर्श विद्या मन्दिर पाल मार्ग जोधपुर में संचालित प्रशिक्षण वर्ग में आज राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग मन्त्री मदन दिलावर ने शिरकत की।। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा को जानने के लिए संस्कृत भाषा का अध्ययन […] The post भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु संस्कृत का अध्ययन अपरिहार्य : मदन दिलावर appeared first on Sabguru News .
अजमेर : पुरुषोतम मास में गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक
अजमेर। पुरुषोतम मास के पावन अवसर पर आज कृष्णगंज पुरानी चौपाटी स्थित श्री नांदेश्वर महादेव मंदिर पर हरिद्वार से लाए मा गंगा के पवित्र जल से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी नारायण पाराशर ने बताया कि पंडित संतोष शर्मा के सान्निध्य में विधि विधान से मंत्रोचार के साथ हरिद्वार से लाए […] The post अजमेर : पुरुषोतम मास में गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक appeared first on Sabguru News .
भीषण गर्मी में ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को लू से बचाव के लिए दवा का वितरण
जयपुर। राजस्थान क्षेत्र में भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान को देखते हुए आरोग्य भारती जयपुर महानगर द्वारा लू, ताप-घात से बचाव के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को निःशुल्क दवा का वितरण किया गया। दवा वितरण अभियान का अभियान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन) योगेश दाधीच की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ। आरोग्य भारती द्वारा समय-समय […] The post भीषण गर्मी में ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को लू से बचाव के लिए दवा का वितरण appeared first on Sabguru News .
टीएमसी सांसद काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ की ओम बिरला से शिकायत
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। काकोली ने आरोप लगाया है कि बनर्जी सदन के अंदर महिला सांसदों के साथ बार-बार ज़ुबानी बदतमीज़ी और अपमानजनक व्यवहार करते हैं। यह शिकायत बुधवार को सार्वजनिक हुई, जिसके […] The post टीएमसी सांसद काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ की ओम बिरला से शिकायत appeared first on Sabguru News .
तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय के काफिले पर फेंके गए अंडे, लगे चोर-चोर के नारे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय को गुरुवार को उस समय अपने ही संसदीय क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा जब लोगों के एक समूह ने निमटा में कथित तौर पर उन्हें घेर लिया तथा चोर-चोर के नारे लगाए और उनके काफिले पर अंडे फेंके। प्राप्त जानकारी के अनुसार रॉय विधानसभा […] The post तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय के काफिले पर फेंके गए अंडे, लगे चोर-चोर के नारे appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : किशोरी और युवक को ब्लैकमेल करके छेड़छाड़ करने का आरोपी हिरासत में
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर थाना क्षेत्र में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक युवक और किशोरी से रुपए मांगने और अश्लील हरकत करने के मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने हाकम अली (35) नामक व्यक्ति को फिलहाल पूछताछ के लिए पकड़ा है। उस पर आरोप है […] The post हनुमानगढ़ : किशोरी और युवक को ब्लैकमेल करके छेड़छाड़ करने का आरोपी हिरासत में appeared first on Sabguru News .
छावनी की बर्बादी का तमाशा देखने वालों, आपका स्वागत है, आज हमारी, कल तुम्हारी बारी है
Chhawani indore दुकानें टूटी बिखरी हैं , मकां जमींदोज़ हैं सारे सियासत की हुकूमत में उजड़े हैं ये घर सारे इंदौर के छावनी इलाके में उजडे हुए घरों का मलबा और टूटी हुई दीवारें कुछ यही कहते हुए सुनाई दे रहे हैं दरअसल, इंदौर के छावनी (Chhawani) इलाके में उजड़े हुए घर और दुकानें नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का परिणाम है। मधुमिलन से छावनी तक के 60-70 फीट मार्ग के निर्माण के लिए लगभग 120-150 पुराने मकानों और दुकानों को तोड़ा गया है, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। मधुमिलन चौराहे से छावनी होकर जाने वाले मार्ग को चौड़ा करने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर और पोकलेन मशीनों की मदद से यह कार्रवाई की। बता दें कि छावनी इंदौर का एक बेहद पुराना और ऐतिहासिक क्षेत्र है। यहां के कुछ मकान 100 से 150 साल पुराने थे, जिन्हें तोड़े जाने से स्थानीय लोगों की पीढ़ियों पुरानी यादें मलबे में बदल गई हैं। प्रभावित लोगों के सामने रहने और आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बता दें कि कई घरों को बिना अनुमति के ही तोड़ दिया गया है। कई लोग अपने घरों को मलबे में तब्दील होते देखकर दुखी हैं। छावनी में कई जगह इंदौर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ तख्तियां लगाई गई हैं, जिन पर लिखा गया है। छावनी की बर्बादी का तमाशा देखने वालों , आपका स्वागत है, आज हमारी, कल तुम्हारी बारी है। हमें जीवित छो ड़ देने के लिए नगर निगम प्रशासन का धन्यवाद। 1. कार्रवाई का कारण यह तोड़फोड़ इंदौर के मास्टर प्लान के तहत मधुमिलन चौराहा से लेकर छावनी और जगन्नाथ धर्मशाला तक की सड़क को चौड़ा करने के लिए की गई है। इस मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने के लिए बाधा बन रहे निर्माणों को हटाया गया है। 2. कितनी तोड़फोड़ हुई ? नगर निगम ने लगभग 17 पोकलेन और जेसीबी मशीनों और 150 से अधिक कर्मचारियों की मदद से करीब 120 से 124 मकानों और दुकानों के बाधक हिस्सों को ढहा दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सड़क की चौड़ाई: पहले इस सड़क को 80 फीट चौड़ा किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने इसे 60 फीट चौड़ा करने का फैसला किया (यानी दोनों तरफ से 20 फीट की राहत दी गई)। जिन भवनों पर कोर्ट का स्टे था, उन्हें फिलहाल छोड़ दिया गया है। 3. जनता में भारी आक्रोश और आरोप इस कार्रवाई के बाद छावनी इलाके में रहने वाले परिवारों और व्यापारियों में जबरदस्त नाराजगी है। उनके प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं: 100 साल पुरानी बसाहट उजड़ी: लोगों का कहना है कि यह कोई अवैध अतिक्रमण नहीं था, बल्कि उनकी पीढ़ियों पुराने (लगभग 136 साल पुराने) वैध मकान और दुकानें थीं, जिनके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। सामान निकालने का समय नहीं मिला: प्रभावित लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने बहुत जल्दबाजी में कार्रवाई की। उन्हें अपने घरों से कीमती और जरूरी सामान निकालने तक का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। निशान से ज़्यादा तोड़फोड़: रहवासियों का कहना है कि जितने हिस्से पर लाल निशान लगाए गए थे, मशीनों ने तानाशाहीपूर्ण तरीके से उससे कहीं अंदर तक घुसकर घरों को जमींदोज कर दिया, जिससे पूरी इमारतें कमजोर हो गईं। मुआवजे का मुद्दा: लोगों की करोड़ों रुपये की बहुमूल्य निजी जमीन इस चौड़ीकरण में चली गई, लेकिन मुआवजे के बदले उन्हें केवल TDR (Transferable Development Rights) पॉलिसी थमाई जा रही है, जिसे लेकर वे असंतुष्ट हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal
विनेश फोगाट विवाद : डब्ल्यूएफआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने महिला पहलवान विनेश फोगाट मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। डब्ल्यूएफआई ने दिल्ली हाई कोर्ट के 22 मई के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी। इस मामले […] The post विनेश फोगाट विवाद : डब्ल्यूएफआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया appeared first on Sabguru News .
डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को उड़ाने की दी धमकी, ईरान उतरा ओमान के समर्थन में
तेहरान। ओमान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ओमान के समर्थन में उतर आया है। अमरीकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में यदि ओमान ईरान के साथ मिलकर व्यापारिक जहाजों से टोल वसूलने या जलमार्ग को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका ओमान को उड़ा देगा। […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को उड़ाने की दी धमकी, ईरान उतरा ओमान के समर्थन में appeared first on Sabguru News .
राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की अश्लील फोटो-वीडियो खुले रिकॉर्ड में पेश करने पर रोक लगाई
जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी पीड़िता की अश्लील फोटो या वीडियो को खुली अदालत रिकॉर्ड में पेश नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने इसे पीड़िता की गरिमा, निजता और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। न्यायमूर्ति […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की अश्लील फोटो-वीडियो खुले रिकॉर्ड में पेश करने पर रोक लगाई appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : रेतीले टिब्बे में अज्ञात युवती का नरकंकाल बरामद, हत्या की आशंका
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के नई मंडी घड़साना थाना क्षेत्र में जमीन में दफनाया गया एक अज्ञात युवती का नरकंकाल बरामद हुआ है। पुलिस को आशंका है कि किसी ने इस युवती की हत्या कर उसके शव को टिब्बों में गाड़ दिया गया। यह घटना चक 2-एफएम फूलेवाला गांव की आबादी से कुछ दूर […] The post श्रीगंगानगर : रेतीले टिब्बे में अज्ञात युवती का नरकंकाल बरामद, हत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पद से इस्तीफा दिया
बेंगलूरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुरूवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सिद्दारमैया ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि लोकभवन जाकर राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा क्योंकि राज्यपाल अभी राज्य में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे पद छोड़ने को कहा था जिसके […] The post कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पद से इस्तीफा दिया appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक में कांग्रेस ने कार्यकाल के बीच सीएम बदल दिया। 77 साल के सिद्धारमैया की जगह 64 साल के डीके शिवकुमार लेंगे। कहा जा रहा है कि ये फैसला एक सीक्रेट डील के तहत हुआ। लेकिन बीजेपी को दो तैयार मुद्दे मिल गए- ओबीसी नेता की अनदेखी और दागदार छवि वाले नेता को कुर्सी। आखिर कांग्रेस ने अचानक क्यों बदला सीएम और चुनाव से 23 महीने पहले हुआ यह फेरबदल कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा या नुकसानदेह? जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… बैक-स्टोरीः कर्नाटक में सीएम कुर्सी की खींचतान और एक सीक्रेट डील मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव हुए। सिद्धारमैया की सोशल इंजीनियरिंग और डीके शिवकुमार की मेहनत और इलेक्शन मैनेजमेंट की बदौलत कांग्रेस को बहुमत मिला। 224 में से 135 सीटें। सीएम की कुर्सी पर सिद्धारमैया और डीके दोनों ने दावा किया। बंद कमरे में 5 दिन मैराथन बैठकें हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए। आखिरकार 19 मई 2023 को कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को सीएम और डीके को डिप्टी सीएम बनाने की घोषणा हुई। घोषणा के बाद डीके से एक पत्रकार ने पूछा- क्या कर्नाटक में ये सरकार 5 साल चलेगी, सिद्धारमैया के साथ सीएम पद को लेकर विवाद तो नहीं होगा? डीके ने हल्की मुस्कान के साथ कहा- कर्नाटक में 5 साल तक कांग्रेस सरकार चलेगी। सिद्धारमैया के 5 साल सीएम रहने पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। डीके के जेस्चर से कयास लगने लगे कि कर्नाटक में ढाई-ढाई साल के सीएम पर बात बनी है। कांग्रेस कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल बताते हैं, ‘कांग्रेस आलाकमान की उस मीटिंग में तय किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। तब डीके चाहते थे कि इस फैसले का ऐलान किया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' 20 नवंबर 2025 को जब सिद्धारमैया के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हुए, तब भी लामबंदियां और बयानबाजियां शुरू हुईं। डीके और उनके समर्थक ‘सीक्रेट डील’ को पूरा करने का दबाव बना रहे थे, जबकि सिद्धारमैया इससे इनकार कर रहे थे। ऐसे में आलाकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर समझाइश दी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे सिद्धारमैया 20 मई 2026 को सिद्धारमैया के 3 साल पूरे हो गए। सीएम बदलने की चर्चा फिर शुरू हुई। कांग्रेस आलाकमान ने सीएम सिद्धारमैया को अचानक दिल्ली तलब किया। कहा गया- आप सुबह 11 बजे तक दिल्ली के इंदिरा भवन (कांग्रेस मुख्यालय) पहुंचे। 5 दशकों से राजनीति करने वाले सिद्धारमैया समझ गए माजरा क्या है। सो उन्होंने इंदिरा भवन जाने से पहले पावर शो किया। दिल्ली के कर्नाटक भवन में अपने वफादारों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की। मेज पर सिद्धारमैया के चारों ओर जी परमेश्वर, सतीश जारकीहोली और एचसी महादेवप्पा जैसे उनके खास मंत्री बैठे थे। कुछ विधायक भी मौजूद थे। 11 बजते ही इंदिरा भवन में हलचल शुरू हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक-एक करके कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। बैठक शुरू हुई। पहली बैठक में खड़गे, राहुल, वेणुगोपाल और सुरजेवाला शामिल हुए। 2 घंटे तक ये बातचीत हुई। इसके बाद सिद्धारमैया और डीके को अंदर बुलाया गया। बातचीत हुई और लंच हुआ। हालांकि राहुल लंच के लिए अपने घर चले गए, जहां उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका चाहती थीं कि कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन हो। इसके बाद राहुल फिर इंदिरा भवन पहुंचे। सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल के मुताबिक, मीटिंग में सिद्धारमैया को दो ऑफर दिए गए। पहला कि आप राज्यसभा आइए और सेंट्रल लीडरशिप में काम करिए। दूसरा कि आपके बेटे को यतींद्र सिद्धारमैया को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें परिवार और करीबियों से सलाह-मशवरा करना है। इसके लिए उन्होंने वक्त मांगा। शाम पौने 6 बजे वेणुगोपाल, सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार इंदिरा भवन से बाहर निकले। तब मीडिया से बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने कहा- जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई। 28 मई को मंत्रियों के साथ नाश्ता, दोपहर में इस्तीफा 28 मई को सिद्धारमैया ने बेंगलुरू में अपने आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की, जिसमें डीके शिवकुमार समेत पूरा मंत्रिमंडल शामिल हुआ। यहां सिद्धारमैया ने ऐलान किया कि मैं कुर्सी छोड़ रहा हूं। संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि मीटिंग में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी। वह अगले सीएम होंगे। मीटिंग में डीके ने सिद्धारमैया के पैर छुए। फिर सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। लेकिन राज्यपाल पारिवारिक स्वास्थ्य कारणों के चलते बेंगलुरू से बाहर हैं। अभी वे इंदौर में हैं। ऐसे में सिद्धारमैया ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल जब राज्य में न हों, तब सीएम लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल, फैक्स के जरिए या खुद जाकर दे सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे। वहीं, डीके शिवकुमार भी कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह सतीश जोरकीहोली ले सकते हैं, जो सिद्धारमैया के खास सिपहसलार हैं और अभी कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। डीके के सीएम बनने में अभी एक और पेंच है। खबरें हैं कि डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह सिद्धारमैया के राज्यसभा नामांकन के बाद होगा। राज्यसभा नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है। चुनाव से 23 महीने पहले सिद्धारमैया से कुर्सी क्यों खाली करवाई गई? अप्रैल-मई 2028 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 23 महीने पहले सीएम बदलने के पीछे एक्सपर्ट्स 5 बड़ी वजहें बताते हैं… 1. आने वाले चुनावों पर फोकस: राहुल गांधी चाहते हैं कि कर्नाटक में ऐसा नेता हो जो अगले 10-15 साल तक राजनीति कर सके। 2028 में फिर से सरकार बनाए और 2029 में लोकसभा की ज्यादा सीटें जिता सके। 2028 तक सिद्धारमैया करीब 80 साल के हो जाएंगे। ये बात डीके के फेवर में जाती है। 2. वक्त रहते पार्टी की बगावत मैनेज करनाः कांग्रेस आलाकमान जानता है कि ज्यादातर विधायक सिद्धारमैया के साथ हैं। वे कांग्रेस के एकमात्र ओबीसी सीएम भी हैं। ऐसे में पार्टी ये बदलाव बेहद सावधानी से करना चाहती है, ताकि सिद्धारमैया का सम्मान बना रहे और बगावत की स्थिति न बने। अगर कोई बगावत जैसी स्थिति बने, तो उसे समय रहते मैनेज किया जा सके। 3. सिद्धारमैया का एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टरः सिद्धारमैया के दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगे हैं। मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी स्कैम में तो सीधे सिद्धारमैया के परिवार को घेरा जा रहा है। इसके चलते उनके परिवार को 14 प्लॉट छोड़ने पड़े। सिद्धारमैया के खिलाफ एंटी-इन्कमबेंसी फैक्टर एक्टिव हो सकता है। जिसे बीजेपी-JDS भुना सकती है। 4. वोक्कालिगा समुदाय का दबावः डीके कर्नाटक के रसूखदार वोक्कालिगा (15%) समुदाय के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। उनके समर्थकों ने साफ कर दिया था कि अगर डीके को नजरअंदाज किया, तो यह पूरे समुदाय का अपमान माना जाएगा। इससे ओल्ड मैसूर में कांग्रेस का आधार पूरी तरह खिसक सकता था। ओल्ड मैसूर बेल्ट में 61 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 39 कांग्रेस के पास हैं, यानी 64% सीटें। हालांकि यहां की 12 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 2 कांग्रेस के पास है। 5. डीके कांग्रेस के संकटमोचकः डीके की छवि कांग्रेस में ‘संकटमोचक’ और ‘फंड मैनेजर’ की है। 2023 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, डीके के पास 1413.7 करोड़ रुपए की संपत्ति है। उनका माइनिंग, रियल एस्टेट, एजुकेशन और ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। वो दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस के इलेक्शन मैनेजमेंट में माहिर हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने कहा था- मेरी कोशिश है कि मैं राज्य में 100 कांग्रेस ऑफिस बनवाऊं। Vote Vibe के फाउंडर और इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी मानते हैं कि लीडरशिप चेंज को लेकर कांग्रेस का इंटेंशन अच्छा है, लेकिन ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है। तो क्या इस उठापटक का फायदा बीजेपी उठा सकती है? बीजेपी 66 सीटों के साथ अभी कर्नाटक में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में 36%, जबकि 2024 के लोकसभा में 46% वोट मिले। वहीं उसकी साथी JDS के पास 19 सीटें हैं। उसके पास भी करीब 15% वोट शेयर है। राज्य के लिंगायत (17%) समुदाय में बीजेपी मजबूत है। कद्दावर नेता बीएस येदुरप्पा भी लिंगायत हैं और उनकी इस पर मजबूत पैठ है। एचडी देवगौड़ा की JDS के साथ अलायंस कर बीजेपी ने वोक्कालिगा में भी सेंध लगाई है। दरअसल, देवगौड़ा वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। उन्हें समुदाय में ‘मण्णिना मगा’ यानी धरतीपुत्र कहा जाता है। सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार के सीएम बनाने से बीजेपी दो नैरेटिव बना सकती है… 1. कांग्रेस में अहिंदा वोटर्स की अनदेखी हो रही 2. डीके पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर घेराबंदी क्या इस फेरबदल से कांग्रेस को नुकसान होगा? पॉलिटिकल एनालिस्ट बीएस मूर्ति मानते हैं कि पार्टी को इतिहास से सबक लेना चाहिए। जब कांग्रेस ने लिंगायत नेता वीरेंद्र पाटिल को सीएम पद से हटाया था, तब लिंगायत वोटर्स कांग्रेस से अलग हो गए। उत्तर कर्नाटक में कई चुनावों में कांग्रेस को संघर्ष करना पड़ा। सिद्धारमैया के मामले में भी ऐसा हो सकता है। आदेश रावल के मुताबिक अभी जातीय समीकरणों का हिसाब लगाना जल्दबाजी होगा। डीके के सामने चुनौती होगी कि वे वोक्कालिगा वोटर्स को एकजुट कर कांग्रेस से जुड़े और अहिंदा वोटर्स को बरकरार रखें। अमिताभ तिवारी बताते हैं कि कर्नाटक में अभी तक माना जाता था कि बीजेपी लिंगायत, JDS वोक्कालिगा और कांग्रेस अहिंदा सीएम बना सकती है। लेकिन डीके के सीएम बनने से ये नैरेटिव बदल जाएगा। वोक्कालिगा वोटर्स को लगेगा कि कांग्रेस और JDS दोनों ही उनकी कम्युनिटी से सीएम बना सकते हैं। वहीं लिंगायत अभी भी बीजेपी की ओर देख रही है। ऐसे में अकेले पड़ चुके अहिंदा को बीजेपी साध सकती है। इसके लिए बीजेपी डॉमिनेंट क्लास पॉलिटिक्स करने का टैग हटाएगी, जैसा कि उसने बाकी राज्यों में किया। इसी जातीय समीकरण को साधने के लिए डीके शिवकुमार के साथ 2-3 डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसको लेकर दलित समुदाय के जी परमेश्वर और लिंगायत कम्युनिटी के एमबी पाटिल का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने राज्यसभा जाने और नेशनल पॉलिटिक्स में एक्टिव होने का ऑफर ठुकरा दिया। कहा कि 50 साल का मेरा पॉलिटिकल करियर है, जो एक खुली किताब है। सिद्धारमैया ने कहा है कि वे कर्नाटक राजनीति में सक्रिय रहेंगे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सिद्धारमैया भीतरखाने कोई दांव न चल दे, जिससे कांग्रेस के लिए मुश्किल हो। फिलहाल सिद्धारमैया ने भी कोई ऐसा बयान या संकेत नहीं दिया है, जो कांग्रेस के लिए दिक्कतें पैदा करे। हालांकि उनका बगावत का इतिहास रहा है। उन्होंने JDS का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। अब भी उनके पास बड़ा वोटबैंक है और दर्जनों विधायक उनके लॉयलिस्ट हैं। -------- कर्नाटक की राजनीति से जुड़ी खबर भी पढ़िए… कर्नाटक के CM सिद्दारमैया का इस्तीफा: बोले- आलाकमान ने जो कहा, मैंने किया; मंत्री बोले- डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। कल हाईकमान ने कहा और आज मैंने इस्तीफा दे दिया।’ पूरी खबर पढ़िए…
Guru Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में सबसे शुभ और भाग्य के प्रदाता माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति बहुत जल्द एक ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जो साल 2026 की सबसे बड़ी ज्योतिषीय हलचल साबित होने वाला है। 2 जून 2026 को गुरु ग्रह वृषभ राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश करेंगे। गुरु का अपनी उच्च राशि में आना कोई साधारण घटना नहीं है। वे एक राशि में लगभग 12 महीने रहते हैं, यानी पूरे 12 साल बाद गुरु का यह 'महागोचर' होने जा रहा है। गुरु के कर्क राशि में आते ही देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों के जीवन में बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस महागोचर का समग्र ज्योतिषीय विश्लेषण, शुभ-अशुभ प्रभाव और किस्मत चमकाने वाले अचूक उपाय। ALSO READ: बृहस्पति अपनी उच्च की राशि कर्क में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए विपरीत राजयोग ज्योतिष में क्यों खास है गुरु का 'कर्क' राशि में जाना? वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, संतान, धन, विवाह, आयु, धर्म और भाग्य का कारक माना जाता है। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो गुरु के परम मित्र हैं। जब गुरु कर्क राशि में होते हैं, तो वे अपने सबसे शक्तिशाली और सकारात्मक रूप में होते हैं, जिसे 'उच्च का गुरु' कहा जाता है। इस गोचर से धरती पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही थी, करियर थमा हुआ था या पैसों की तंगी थी, उनके लिए अब अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं। देश-दुनिया और बाजार पर क्या होगा असर? अर्थव्यवस्था में उछाल: वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी के बादल छंटेंगे। बैंकिंग, फाइनेंस और शेयर मार्केट में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। सोने-चांदी के दाम: गुरु के उच्च होने से पीले रंग की धातुओं, विशेषकर सोने (Gold) के दामों में स्थिरता या तेजी आ सकती है। शिक्षा और अध्यात्म: शिक्षा व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक सुधार होंगे। लोगों का झुकाव धर्म, ज्योतिष और योग की तरफ तेजी से बढ़ेगा। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग इन 4 राशियों की खुलेगी लॉटरी (भाग्यशाली राशियां) गुरु का यह गोचर वैसे तो सभी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें अगले 1 साल तक छप्परफाड़ सफलता मिल सकती है: 1. मेष राशि (Aries) बृहस्पति आपके चौथे (सुख, माता, वाहन) भाव में गोचर करेंगे। चतुर्थ भाव में गुरु उच्च का फल देते हैं। प्रभाव: आपके पारिवारिक सुख में भारी वृद्धि होगी। नया घर या गाड़ी खरीदने के योग बनेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। करियर में मान-सम्मान बढ़ेगा और मानसिक शांति मिलेगी। 2. कर्क राशि (Cancer) बृहस्पति आपकी ही राशि यानी आपके पहले (लग्न) भाव में आ रहे हैं। आपके लिए 'हंस पंचमहापुरुष राजयोग' का निर्माण होगा। प्रभाव: यह समय आपके स्वर्णिम काल की शुरुआत है। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, पुरानी बीमारियां दूर होंगी और अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। अविवाहितों के लिए विवाह के पक्के योग बनेंगे। 3. कन्या राशि (Virgo) बृहस्पति आपके ग्यारहवें (लाभ और आय) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आपकी आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। निवेश से अच्छा मुनाफा होने के संकेत हैं। यदि आप बिजनेस करते हैं, तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों का प्रमोशन और सैलरी हाइक तय है। बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) बृहस्पति आपके नौवें (भाग्य और धर्म) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा। हर काम में किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों को सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्राएं और तीर्थ यात्राएं होने के प्रबल योग हैं। अब तक जो काम भाग्य के भरोसे रुके थे, वे पूरे होंगे। लंबी दूरी की यात्राएं या विदेश यात्रा के योग बनेंगे। छात्रों को उच्च शिक्षा में बड़ी सफलता मिलेगी। 5. मीन राशि (Pisces) बृहस्पति आपके पांचवें (संतान, शिक्षा, प्रेम) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: छात्रों के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा, पढ़ाई में मन लगेगा। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को खुशखबरी मिल सकती है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और आपकी रचनात्मकता चरम पर होगी। यदि आप संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे थे, तो यह समय खुशखबरी ला सकता है। आकस्मिक धन लाभ (शेयर मार्केट, लॉटरी या पैतृक संपत्ति) के प्रबल योग हैं। इन राशियों को रहना होगा थोड़ा सावधान धनु, मकर और मिथुन राशि वाले जातकों को इस दौरान अपने स्वास्थ्य और खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। गुरु के इस गोचर के दौरान धन का निवेश सोच-समझकर करें और किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें। गुरु को प्रसन्न करने और भाग्य चमकाने के 5 अचूक उपाय अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर हैं या अशुभ फल दे रहे हैं, तो 2 जून से अगले 1 साल तक ये उपाय जरूर करें। गुरुवार का व्रत: प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु और केले के पेड़ की पूजा करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। पीली चीजों का दान: गुरुवार के दिन चने की दाल, केला, हल्दी या पीले वस्त्रों का किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें। माथे पर तिलक: रोज सुबह स्नान के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। बड़ों का सम्मान: घर के बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें। गुरु को प्रसन्न करने का यह सबसे बड़ा उपाय है। मंत्र जाप: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का तुलसी या चंदन की माला से 108 बार जाप करें।
जिम्मी और जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा 'पर्यावरण संवाद सप्ताह' का आयोजन
इंदौर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जिम्मी और जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा 34वां वार्षिक 'पर्यावरण संवाद सप्ताह' 30 मई से 5 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ 30 मई को होगा। डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन के अनुसार यूएनईपी ने इस वर्ष की थीम 'जलवायु कार्रवाई' करने के लिए सामूहिक कार्य घोषित किया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को सतत विकास के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के प्रति संवेदनशील बनाना तथा स्वयं और अपने आसपास के वातावरण से शुरुआत करते हुए 'जलवायु कार्रवाई' के लिए प्रेरित करना है। इसके अंतर्गत पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने, वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण एवं पालन-पोषण तथा जैव विविधता को बचाने के लिए सक्रिय भागीदारी हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। इस संवाद सप्ताह में सेंट पॉल इंस्टीट्यूट, इंटेलेक्ट एकेडमी, डीएवीवी, श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, Edu SerumX सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं तथा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न आयु वर्ग के पर्यावरणविद् भाग लेंगे। सरकार, निजी एवं गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के पर्यावरणीय समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिभागी व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर 'जलवायु कार्रवाई' से जुड़े अपने सुझाव, विचार, योजनाएं, अनुभव और संकल्प साझा करेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार रहेगी- जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में 30, 31 मई, 4 और 5 जून 2026। 30 मई– 'ग्रह और लोगों को बचाने के लिए जलवायु कार्रवाई' विषय पर उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। मुख्य अतिथि एवं उद्घाटन वक्ता श्री पी.एन. मिश्रा, IFS, मुख्य संरक्षक, इंदौर वन प्रभाग, इंदौर रहेंगे। 31 मई– 'लोगों और ग्रह के स्वास्थ्य के लिए जलवायु कार्रवाई' विषय पर संवाद होगा। मुख्य अतिथि हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत रावत तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती संगीता ठाकुर, वन रेंजर, इंदौर प्रभाग रहेंगी। 1 जून– 'सतत आजीविका के लिए जलवायु कार्रवाई' विषय पर कार्यक्रम रहेजा सोलर फ़ूड प्रोसेसिंग कैंपस में आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन। 2 जून– 'जलवायु कार्रवाई में नर्सों की भूमिका' विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। स्वागत भाषण डॉ. उषा उकांडे, निदेशक द्वारा दिया जाएगा तथा मुख्य अतिथि डॉ. जनक पलटा मगिलिगन। 3 जून– 'सतत सामुदायिक विकास के लिए सामूहिक जलवायु कार्रवाई' विषय पर कार्यक्रम होगा। स्वागत भाषण मोना धरमसी द्वारा दिया जाएगा। मुख्य अतिथि डॉ. जनक पलटा मगिलिगन रहेंगी। 4 जून– 'स्वच्छ जल और वायु के लिए जलवायु कार्रवाई' विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि विषय विशेषज्ञ रहेंगे। इस अवसर पर भूविज्ञानी सुधींद्र मोहन शर्मा एवं पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. दिलीप वागेला अपने विचार व्यक्त करेंगे। 5 जून– विश्व पर्यावरण दिवस समारोह 'क्लाइमेट एक्शन' थीम के साथ आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि डॉ. योगेश गोस्वामी, कुलपति, श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर रहेंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ. रंजना गोस्वामी, प्रोफेसर (रसायन विज्ञान एवं पर्यावरण विज्ञान), श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर होंगी। कार्यक्रम का आयोजन जिम्मी और जनक पलटा मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा किया जा रहा है तथा कार्यक्रम की संयोजक डॉ. जनक पलटा मगिलिगन रहेंगी।
मुकेश अंबानी ने रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद लगातार छठे साल नहीं ली सैलरी
- FY 2020-21 से FY 2025-26 तक रिलायंस से कोई वेतन, भत्ता, कमीशन या स्टॉक ऑप्शन नहीं लिया - FY26 में रिलायंस ने 95,754 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा दर्ज किया - कोविड काल में शुरू हुआ वेतन छोड़ने का फैसला अब भी जारी Mukesh Ambani : रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल कंपनी से कोई वेतन नहीं लिया है। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक FY 2020-21 से FY 2025-26 तक उन्होंने रिलायंस से न सैलरी ली, न भत्ता, न कोई सुविधा, न रिटायरमेंट लाभ, न कमीशन और न ही कोई स्टॉक ऑप्शन। ALSO READ: मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, डेटा की तरह सस्ती होगी AI, Jio जोड़ेगा भारत को 'इंटेलिजेंस एरा' से रिलायंस के मुताबिक मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोविड महामारी के दौरान देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपना पूरा वेतन छोड़ने का फैसला किया था। कंपनी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह स्वेच्छा से लिया था और उसके बाद भी इसे लगातार जारी रखा। ALSO READ: Reliance Industries का रिकॉर्ड प्रदर्शन, FY26 में मुनाफा ₹95,754 करोड़, जियो और रिटेल ने दिखाई दमदार ग्रोथ खास बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना अब तक का सबसे बड़ा सालाना मुनाफा दर्ज किया। FY 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 95,754 करोड़ रुपए रहा। वर्ष के अंत में रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 18,19,103 करोड़ रुपए यानी 191.8 अरब डॉलर, रहा। इसके बावजूद मुकेश अंबानी वेतन न लेने के फैसले पर अडिग रहे। कोविड से पहले भी मुकेश अंबानी अपने वेतन को लेकर एक संयमित रुख रखते थे। FY 2008-09 से उन्होंने अपना कुल वार्षिक वेतन 15 करोड़ रुपए पर सीमित रखा था। रिलायंस के कारोबार और मुनाफे में बड़ी वृद्धि के बावजूद यह सीमा 12 वर्षों तक जारी रही। कॉरपोरेट जगत में शीर्ष अधिकारियों के वेतन को लेकर अक्सर शेयरधारकों और गवर्नेंस से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। ऐसे दौर में मुकेश अंबानी का लगातार छह वर्षों तक शून्य वेतन लेना एक अलग उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। ALSO READ: Reliance : टॉप 10 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़ा, रिलायंस को हुआ सबसे ज्यादा फायदा कंपनी के अनुसार रिलायंस की रेम्यूनरेशन पॉलिसी प्रदर्शन आधारित है और उद्योग की प्रचलित व्यवस्था के अनुरूप है। इस नीति की समीक्षा मानव संसाधन, नामांकन और पारिश्रमिक समिति द्वारा की जाती है। Edited By : Chetan Gour
बॉलीवुड की 'क्वीन' कंगना रनौट सांसद बनने के बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी आने वाली मच-अवेटेड फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का पहला मोशन पोस्टर रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म में कंगना एक बेहद गंभीर और निडर किरदार में नजर आ रही हैं। पोस्टर में कंगना के चेहरे पर चोट के निशान और खून की बूंदें साफ देखी जा सकती हैं, जो किसी बड़े संकट की ओर इशारा कर रही हैं। फिल्म में वह एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं, जो खुद को जोखिम में डालकर अपने मरीजों की रक्षा करती हैं। A post shared by Manikarnika Films Production (@manikarnikafilms) कंगना ने सोशल मीडिया पर इस मोशन पोस्टर को एक बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले कैप्शन के साथ साझा किया है। उन्होंने लिखा, 'कुछ खास करके, आम ही कहलाते। वह दिखते तो हैं, पर नजर नहीं आते.. BharatBhhagyaViddhaata #TheUnseenHeroes.' ALSO READ: मास्टर शेफ इंडिया विनर पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर, अस्पताल के बेड से तस्वीर शेयर कर मांगी दुआएं क्या है 'भारत भाग्य विधाता' की कहानी? यह फिल्म पूरी तरह से सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की कहानी साल 2008 में हुए 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के उस खौफनाक मंजर को बयां करती है, जिसके बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं। जब आतंकियों ने मुंबई के कामा एंड एलब्लेस अस्पताल पर हमला किया था, तब वहां के मेडिकल स्टाफ ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों, वार्ड बॉय, सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर आतंकवादियों के हथियारों के सामने ढाल बनकर खड़े होने का फैसला किया था। उन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए पूरे अस्पताल की लाइटें बंद कर दी थीं और लगभग 400 मरीजों को सुरक्षित वार्डों में छिपाकर उनकी जान बचाई थी। फिल्म इन्हीं 'अनसंग हीरोज' के त्याग और बलिदान को सलाम करती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस फिल्म का लेखन और निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। पेन स्टूडियोज के सहयोग से बनी इस फिल्म में कंगना के अलावा हिंदी और मराठी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकार नजर आने वाले हैं। फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता थट्टे, रसिका अगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे नाम शामिल हैं। 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली 'भारत भाग्य विधाता' को बॉक्स ऑफिस पर कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। इसी दिन इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', मनोज बाजपेयी की 'गवर्नर: द साइलेंट सेविअर' और विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' भी रिलीज हो रही हैं।
ईद पर सलमान खान ने दिया फैंस को तोहफा, 'मातृभूमि' का दर्द भरा गाना 'मैं हूं' रिलीज
बकरीद का उत्सव दुनियाभर में मनाया जा रहा है। ईद के मौके पर बॉलीवुड के 'भाईजान' सलमान खान ने अपने फैंस को एक खास तोहफा दिया है। सलमान खान ने अपनी बहुप्रतीक्षित अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का एक नया और बेहद भावुक म्यूजिक वीडियो 'मैं हूं' जारी किया है। इस गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फैंस की दीवानगी देखने लायक है। कमेंट सेक्शन पूरी तरह से ईद मुबारक भाईजान और लव यू सलमान सर जैसे कमेंट से पट गया है। फैंस लंबे समय से सलमान के किसी बड़े अपडेट या ट्वीट का इंतजार कर रहे थे, और ईद के इस मौके पर आया यह गाना उनके लिए किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं है। ALSO READ: 'बंदर' से आया साल का सबसे जबरदस्त ट्रैक, 'पिंजरा' में दिखा बॉबी देओल का उलझा हुआ और खतरनाक अंदाज 'मैं हूं' गाने का एक ओरिजिनल वर्जन इस साल 'वैलेंटाइन डे' के मौके पर रिलीज किया गया था। लेकिन ईद पर रिलीज किया गया यह नया वीडियो पूरी तरह से अलग है। जहां पहला वर्जन बेहद रंगीन और उल्लास से भरा था, वहीं नया वीडियो पूरी तरह से 'ब्लैक एंड व्हाइट' रखा गया है। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) यह गाना पूरी तरह से सलमान खान और उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी का किरदार निभा रहीं चित्रांगदा सिंह पर केंद्रित है। वीडियो में प्यार, अपनों से दूर होने की तड़प, अकेलापन और विरह के गहरे दर्द को दर्शाया गया है। श्रेया घोषाल और अयान लाल की जादुई आवाज में गाया गया यह गीत एक सैनिक के परिवार की उस मूक यात्रा को दिखाता है, जो देश की रक्षा के लिए अपने सबसे प्यारे इंसान को बॉर्डर पर भेज देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अपूर्व लखिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। बता दें कि इस फिल्म का नाम पहले 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म की कहानी में पिछले कुछ समय से कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। भारत-चीन विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए फिल्म के मेकर्स किसी भी तरह के राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय विवाद से बचना चाहते हैं। यही वजह है कि फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' किया गया। रिलीज डेट पर सस्पेंस बरकरार इस देशभक्ति ड्रामा को 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था। हालांकि, स्क्रिप्ट में हुए व्यापक बदलावों, री-शूट्स और तकनीकी पैचवर्क के कारण फिल्म को आगे बढ़ा दिया गया है। मेकर्स ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नई रिलीज तारीख की घोषणा नहीं की है। फिलहाल, ईद के मौके पर आया 'मैं हूं' का यह ब्लैक एंड व्हाइट इमोशनल कट फैंस के उत्साह को बरकरार रखने के लिए काफी है।
केंद्रपाड़ा में मां-बेटे का हिरासत में उत्पीड़न करने के आरोप में महिला पुलिस निरीक्षक निलंबित
भुवनेश्वर। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन थाना की प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) संध्यारानी जेना को मां-बेटे को हिरासत में उत्पीड़न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है। डीजीपी ने एक आदेश में कहा कि केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन थाना की निरीक्षक संध्यारानी जेना के खिलाफ उनके गलत काम […] The post केंद्रपाड़ा में मां-बेटे का हिरासत में उत्पीड़न करने के आरोप में महिला पुलिस निरीक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
हिजाब पहनकर पति विक्की जैन संग मस्जिद पहुंचीं अंकिता लोखंडे, ट्रोलर्स ने लगाई क्लास
टीवी और फिल्मों की फेमस एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे इन दिनों अपने पति विक्की जैन के साथ यूएई के खूबसूरत शहर अबू धाबी में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। उन्होंने अपने इस ट्रिप की कई खूबसूरत तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की हैं, जिसमें वे वंडर वुमन से लेकर वार्नर ब्रदर्स के फन जोन जैसी जगहों पर मस्ती करती नजर आ रही हैं। लेकिन, अंकिता की कुछ तस्वीरों ने इंटरनेट पर एक नई बहस और विवाद को जन्म दे दिया है। अबू धाबी दौरे के दौरान अंकिता लोखंडे और विक्की जैन वहां की प्रसिद्ध मस्जिद देखने पहुंचे। इस दौरान अंकिता ने स्थानीय संस्कृति और मस्जिद के नियमों का सम्मान करते हुए जींस और टी-शर्ट के ऊपर हिजाब कैरी किया था। A post shared by Ankita Lokhande (@lokhandeankita) अंकिता का यह अंदाज कई सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आया और उन्होंने एक्ट्रेस को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ यूजर्स ने उनके हिंदू और मराठी होने पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, 'हिंदू तो हमेशा सेक्युलर होने की बात करते हैं, लेकिन दूसरे धर्म के लोग ऐसा नहीं करते। आप एक मराठी मुलगी हैं, फिर आपने हिजाब क्यों पहना?' बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया, 'क्या आपने अपना धर्म बदल लिया है?' हालांकि, कुछ फैंस अंकिता के समर्थन में भी उतरे और उन्होंने कहा कि वे हिजाब में बेहद खूबसूरत लग रही हैं। यह विवाद इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ रहा है क्योंकि कुछ ही दिनों पहले अंकिता लोखंडे का एक और रूप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। A post shared by Sri Sri Gaushala (@srisrigaushala) वीडियो में अंकिता पूरी श्रद्धा के साथ गौ सेवा करती, गायों को दुलारती और उन्हें चारा खिलाती नजर आई थीं। तब फैंस ने उनकी सादगी और सनातन धर्म के प्रति उनके जुड़ाव की जमकर तारीफ की थी। लेकिन अब, मस्जिद में हिजाब पहनने के कारण ट्रोलर्स उन्हें ताना मार रहे हैं और कह रहे हैं कि अभी कुछ दिन पहले तक वे गौशाला में थीं और अब मस्जिद में हिजाब पहनकर फोटो खिंचवा रही हैं। वर्क फ्राट की बात करें तो अंकिता लोखंडे और विक्की जैन की जोड़ी इन दिनों टीवी के पॉपुलर रियलिटी कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स सीजन 3' में धमाल मचा रही है। शो में दोनों की नोकझोंक, कॉमेडी और केमिस्ट्री को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं। काम के व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर ही यह कपल अबू धाबी में क्वालिटी टाइम स्पेंड करने पहुंचा है।
सिद्दारमैया की नाश्ते पर हुई मुलाकात के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें हुईं तेज
बेंगलूरु। कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें उस समय और बढ़ गईं जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के आधिकारिक आवास कावेरी बेंगलुूरु में उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस हलकों में राज्य के नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चा फिर से शुरू हो गई है। इस बैठक में […] The post सिद्दारमैया की नाश्ते पर हुई मुलाकात के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें हुईं तेज appeared first on Sabguru News .
भाजपा ने 4 राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की कमान
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को संगठनात्मक फेरबदल करते हुए चार राज्यों दिल्ली, पंजाब, त्रिपुरा और हरियाणा में अपने नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मंजूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक सूची जारी की गई। इस बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत […] The post भाजपा ने 4 राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की कमान appeared first on Sabguru News .
केवल सिंह ढिल्लों पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष नियुक्त
चंडीगढ़/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्व विधायक सरदार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन वर्षीय कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो […] The post केवल सिंह ढिल्लों पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष नियुक्त appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक की राजनीतिक हलचल के बीच राज्यपाल की अनुपस्थिति से बढ़ी अटकलें
बेंगलूरु। कर्नाटक में चल रही तीव्र राजनीतिक गतिविधियों के बीच राज्यपाल थावरचंद गहलोत की बेंगलूरु में अनुपस्थिति के कारण गुरुवार को प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अटकलों से भरा रहा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्यपाल बुधवार देर रात पारिवारिक आपात स्थिति के कारण इंदौर के लिए रवाना हो गए थे और उनके लौटने का कोई निश्चित […] The post कर्नाटक की राजनीतिक हलचल के बीच राज्यपाल की अनुपस्थिति से बढ़ी अटकलें appeared first on Sabguru News .
बॉलीवुड इंडस्ट्री में इन दिनों 'डॉन 3' को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभिनेता रणवीर सिंह के फिल्म से अचानक वॉकआउट करने के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किए गए नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव के बाद कई सेलेब्स इसके विरोध में आगे आए हैं। अब इस मामले में ड्रामा क्वीन राखी सावंत की भी एंट्री हो गई है। हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाली राखी सावंत ने न सिर्फ रणवीर सिंह का पक्ष लिया है, बल्कि फिल्ममेकर फरहान अख्तर और FWICE पर भी तीखे कटाक्ष किए हैं। ALSO READ: विक्की कौशल-कैटरीना कैफ ने पैपराजी को दिखाया बेटे विहान का चेहरा, साथ में रखी यह शर्त राखी सावंत का FWICE पर तीखा हमला हाल ही में मुंबई में पैपराजी से बातचीत के दौरान राखी सावंत ने रणवीर सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि अभिनेता को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। राखी ने कहा, मैं इस बैन की कड़ी निंदा करती हूं। जिन लोगों ने रणवीर को बैन किया है, मुझे उन पर बहुत गुस्सा आ रहा है। वह एक सुपरस्टार हैं और आज के समय में हर कोई उनसे जलता है। राखी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने FWICE को चुनौती देते हुए बॉलीवुड के 'भाईजान' सलमान खान का नाम भी घसीट लिया। राखी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, अगर इन लोगों में दम है, तो मेरे भाई सलमान खान को बैन करके दिखाएं। सलमान भाई अकेले ही इन सबकी बैंड बजा देंगे। रणवीर और दीपिका पादुकोण दोनों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। फरहान अख्तर पर लगाया 'पब्लिसिटी स्टंट' का आरोप राखी सावंत ने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि फरहान अपनी खुद की फिल्मों से उतनी सुर्खियां नहीं बटोर पाए, जितनी वह अब रणवीर सिंह के नाम का इस्तेमाल करके बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। राखी ने कहा, FWICE के लोग रणवीर से इसलिए जलते हैं क्योंकि उन्होंने लगातार सुपरहिट फिल्में दी हैं। फरहान अख्तर अपनी फिल्मों से कभी इतने हिट नहीं हुए, वह कहीं दिखते भी नहीं थे, अब रणवीर के नाम पर पब्लिसिटी पा रहे हैं। आखिर क्यों शुरू यह विवाद? इस पूरे विवाद की जड़ दिसंबर 2025 में तब शुरू हुई, जब खबरें आईं कि रणवीर सिंह ने अपनी फिल्म 'धुरंधर' की सफलता के बाद 'डॉन 3' को अचानक बीच में ही छोड़ दिया। एक्सेल एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने आरोप लगाया कि रणवीर ने शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ी, जिससे प्रोडक्शन हाउस को 45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ। फरहान अख्तर ने अप्रैल में FWICE के पास इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। फेडरेशन का कहना है कि उन्होंने रणवीर को अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार समन भेजा, लेकिन अभिनेता ने इसे FWICE के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए आने से इनकार कर दिया। नतीजतन, फेडरेशन ने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन का एलान कर दिया, जिसके तहत कोई भी तकनीशियन या कामगार रणवीर के साथ काम नहीं करेगा।
फर्जी फर्म बना कर करोड़ों के राजस्व का चूना लगाने वाले अजमेर के कारोबारी के खिलाफ मुकदमा
अजमेर/भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक कारोबारी के पते पर फर्जी फर्म बनाकर कागजों पर करोड़ों रुपए का कारोबार दिखाने और सरकारी खजाने को लगभग 13 करोड़ रुपए का चूना लगाने के मामले में राजस्थान के अजमेर निवासी कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शहर कोतवाल सच्चिदानंद पांडेय ने गुरुवार को […] The post फर्जी फर्म बना कर करोड़ों के राजस्व का चूना लगाने वाले अजमेर के कारोबारी के खिलाफ मुकदमा appeared first on Sabguru News .
इंडिगो-एयर इंडिया ने रद्द कीं सैकड़ों उड़ानें, मारुति और हुंडई की कारें भी जून से होंगी महंगी!
भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइनों—इंडिगो और एयर इंडिया ने जून और जुलाई के लिए अपनी नियोजित घरेलू उड़ानों में भारी कटौती की है। विमानन उद्योग इस समय ईरान युद्ध के बाद विमान ईंधन की कीमतों में आई भारी तेजी से जूझ रहा है। इधर कार कंपनियों ने अपने दाम बढ़ा दिए हैं। इस अवधि के लिए इंडिगो ने अपनी नियोजित घरेलू उड़ानों में करीब 7%-10% की कटौती की है, जबकि एयर इंडिया ने 22% की कटौती की है। यह इन दोनों विमानन कंपनियों द्वारा पीछे हटने का एक बड़ा कदम है, जो मिलकर भारत के घरेलू हवाई यात्री बाजार के लगभग 90% हिस्से को नियंत्रित करती हैं। दावा किया जा रहा है कि उड़ानों में की गई इस कटौती से कुछ घरेलू मार्गों पर सीटों की उपलब्धता कम हो सकती है। इससे गर्मियों में यात्रा के व्यस्त सीजन में हवाई किराए ऊंचे बने रह सकते हैं। एयरलाइंस घाटे वाली उड़ानों के संचालन से बचने की कोशिश कर रही हैं। एयरलाइनों के परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 40% तक हो सकती है। इससे वे किराए बढ़ाने और घाटे वाली उड़ानों को बंद करने के लिए मजबूर हो रही हैं। एयर इंडिया ने जून और अगस्त के बीच कुछ घरेलू मार्गों पर परिचालन को अस्थायी रूप से तर्कसंगत (सीमित) बनाया है। इन बदलावों से प्रभावित होने वाले यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में सीट, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या पूरे रिफंड का भी विकल्प दिया जाएगा। एयर इंडिया ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों पर लगे प्रतिबंध और रुपए की कमजोरी की वजह से हाल ही में $2 बिलियन (लगभग 16,600 करोड़ से अधिक) का रिकॉर्ड वार्षिक घाटा दर्ज किया है। इन कार कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम हुंडई मोटर इंडिया दाम बढ़ाएगी: इस बीच हुंडई मोटर इंडिया ने कारों की कीमतों में 1 जून से बढ़ोतरी करने का एलान किया है। कंपनी ने मौजूदा बाजार स्थितियों का हवाला देते हुए मई में होने वाली इस बढ़ोतरी को फिलहाल टालने के बाद यह फैसला लिया है। यह कार निर्माता कंपनी मॉडल और वेरिएंट के आधार पर कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करेगी। महंगी होगी मारुति की कार : देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने भी जून 2026 से उसके सभी वाहन मॉडल के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा है कि बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई के दबाव के चलते कारों की कीमतों में 30 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की जाएगी। edited by : Nrapendra Gupta
मधुबनी स्टेशन पर खड़ी अन्त्योदय ट्रेन की बोगी में आग, एक बोगी जलकर नष्ट
मधुबनी। बिहार में मधुबनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की सुबह प्लेटफार्म संख्या-03 पर खड़ी साप्ताहिक अन्त्योदय ट्रेन की एक बोगी में अचानक आग लग गई। रेल पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रेन आज उधना के लिए रवाना होने वाली थी। इसी दौरान सुबह एक बोगी से धुआं निकलता देखा गया, जो कुछ ही देर में […] The post मधुबनी स्टेशन पर खड़ी अन्त्योदय ट्रेन की बोगी में आग, एक बोगी जलकर नष्ट appeared first on Sabguru News .
ग्लैमरस अवतार पर रूपाली गांगुली का मजेदार बयान
मुंबई। स्टार प्लस के फैशन स्पेशल फैशन के रंग, रिश्तों के संग को लेकर पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। चैनल इस इवेंट को टेलीविजन का अपना मेट-गाला बनाने की तैयारी में है। एक जून को शाम 7 बजे टेलीकास्ट होने वाला यह स्पेशल इवेंट फैशन, एंटरटेनमेंट और मजेदार पलों से भरपूर होने […] The post ग्लैमरस अवतार पर रूपाली गांगुली का मजेदार बयान appeared first on Sabguru News .
कोच्चि। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक धन शोधन मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की बेटी वीना विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित 242 बैंक खातों में जमा लगभग 18.36 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए हैं और तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी के कोच्चि जोनल […] The post केरल के पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में ईडी ने 242 बैंक खातों में जमा 18.36 करोड़ रुपए किए फ्रीज appeared first on Sabguru News .
Karnataka Politics : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को कहा कि आलाकमान ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा है। वे आज दोपहर 3 बजे राज्यपाल से मिलकर पद से इस्तीफा दे देंगे। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। राज्यपाल थावरचंद गेहलोत इस समय मुंबई में है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्यपाल की अनुपस्थिति में गुरुवार दोपहर 3 बजे तय कार्यक्रम के अनुसार अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप सकते हैं। इससे पहले कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मिटिंग की। इसके उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल हुए। इस अवसर पर शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए और दोनों नेताओं ने एक दूसरे को लगे लगा। तस्वीरें सामने आने के बाद सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। DK Shivakumar has took the blessings of CM Siddaramaiah DKS was seen emotional during this, Good to see Siddaramaiah transferring the power gracefully pic.twitter.com/xn3NBEdCou — Veena Jain (@Vtxt21) May 28, 2026 ब्रेकफास्ट मिटिंग से पहले परमेश्वर ने दिया बड़ा बयान कर्नाटक के मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है और इस्तीफा देने से पहले वे सभी मंत्रियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्हें (सिद्धारमैया को) दिल्ली में किसी पद की पेशकश की गई है या नहीं, यह हाई कमान पर निर्भर करता है। क्या बोले विपक्ष के नेता अशोक इस बीच विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कर्नाटक में जारी घटनाक्रम पर चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य की जनता वहां हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रही है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर कथित 'सत्ता-साझाकरण व्यवस्था' को पूरी तरह से राजनीतिक तमाशा बताया और आरोप लगाया कि इस आंतरिक कलह ने प्रशासन को पंगु बना दिया है और देश के समक्ष कर्नाटक की छवि को धूमिल किया है। गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की। edited by : Nrapendra Gupta
विक्की कौशल-कैटरीना कैफ ने पैपराजी को दिखाया बेटे विहान का चेहरा, साथ में रखी यह शर्त
बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा कप्लस में से एक कैटरीना कैफ और विक्की कौशल इन दिनों अपनी पैरेंटहुड लाइफ का आनंद ले रहे हैं। अपनी पर्सनल लाइफ को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखने वाले इस कपल ने हाल ही में कुछ ऐसा किया, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का ध्यान खींच लिया है। दरअसल, विक्की और कैटरीना ने मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी (फोटोग्राफर्स) से अपने लाडले बेटे 'विहान' को पहली बार मिलवाया। लेकिन इस मुलाकात के साथ ही उन्होंने मीडिया के सामने एक खास शर्त भी रख दी। उन्होंने पैपराजी को कहा कि विहान की तस्वीरें सार्वजनिक न की जाएं। ALSO READ: अबराम को एक्टर नहीं टेनिस प्लेयर बनता देखना चाहते हैं शाहरुख खान! बताई थी यह वजह बीते सोमवार को विक्की कौशल और कैटरीना कैफ अपने न्यूबॉर्न बेबी विहान के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। वे शहर से बाहर जाने की तैयारी में थे। जैसे ही पैपराजी ने उन्हें कैमरे में कैद करना चाहा, विक्की कौशल तो पोज देने के लिए आगे आए, लेकिन कैटरीना कैफ ने अपनी बाहों में नन्हे विहान को थाम रखा था। कैटरीना ने बेहद शालीनता से फोटोग्राफर्स से अनुरोध किया कि वे उनकी और बच्चे की तस्वीरें न खींचें। वहां मौजूद एक फोटोग्राफर ने बताया, कैटरीना विक्की के साथ थीं, उन्होंने बच्चे के साथ फोटो खिंचवाने से मना किया, लेकिन खुद आगे बढ़कर पैपराजी को अपने बेटे विहान से जरूर मिलवाया। कपल के इस व्यवहार ने मीडियाकर्मियों का दिल जीत लिया। बिना किसी टकराव के अपनी बात को इतनी सहजता से रखना विक्की-कैटरीना के मैच्योरिटी लेवल को दिखाता है। A post shared by Katrina Kaif (@katrinakaif) विक्की और कैटरीना का यह कदम बॉलीवुड में बढ़ रहे एक नए और सकारात्मक ट्रेंड की याद दिलाता है। इससे पहले विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, रणबीर कपूर-आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा-कियारा आडवाणी जैसे बड़े स्टार्स ने भी अपने बच्चों को कैमरों की चकाचौंध से दूर रखने के लिए 'नो-फोटोग्राफी पॉलिसी' को अपनाया है। आपको बता दें कि विक्की और कैटरीना ने नवंबर 2025 में अपने पहले बच्चे का स्वागत किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक प्यारी सी पोस्ट साझा कर लिखा था, हमारा बंडल ऑफ जॉय आ गया है। असीम प्यार और कृतज्ञता के साथ, हम अपने बेबी बॉय का स्वागत करते हैं। इसके बाद 7 जनवरी को उन्होंने अपने बेटे के नाम 'विहान कौशल' का खुलासा किया था। अगर काम की बात करें तो विक्की कौशल इस समय करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रहे हैं। साल 2025 में आई उनकी फिल्म 'छावा' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। विक्की जल्द ही संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म 'लव एंड वॉर' में नजर आएंगे।
Bakrid 2026: मुस्लिम लोग बकरीद क्यों मनाते हैं?
Muslim festival Bakrid: Eid al-Adha जिसे भारत में आमतौर पर 'बकरीद' कहा जाता है, यह मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। यह त्योहार त्याग, आज्ञापालन और इंसानियत की मदद की भावना को दर्शाता है। इसका संबंध Prophet Ibrahim की उस कहानी से है, जिसमें उन्होंने ईश्वर (अल्लाह) के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की तैयारी दिखाई। इस्लामी मान्यता के अनुसार, जब उन्होंने पूरी निष्ठा दिखाई, तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार कर ली। इसी घटना की याद में मुसलमान बकरीद मनाते हैं। ALSO READ: Eid ul Azha 2026: कब मनाई जाएगी ईद उल-अज़हा, जानें परंपरा और महत्व इस त्योहार को मनाए जाने के पीछे एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक घटना है, जो पैगंबर हजरत इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) से जुड़ी हुई है: बकरीद मनाने का मुख्य कारण: हजरत इब्राहिम की कुर्बानी इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की भक्ति और वफादारी की परीक्षा लेने का फैसला किया। अल्लाह ने उन्हें ख्वाब (सपने) में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। बेटे की कुर्बानी का फैसला: हजरत इब्राहिम के लिए दुनिया में सबसे अजीज उनके बेटे हजरत इस्माइल थे। अल्लाह का हुक्म मानकर वह अपने इकलौते और प्यारे बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए। अल्लाह की मर्जी और समर्पण: जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलाने वाले थे, तो उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी ताकि पिता का मोह अल्लाह के हुक्म के आड़े न आए। दुंबे (मेमने) की कुर्बानी: जैसे ही उन्होंने छुरी चलाई, अल्लाह ने उनकी सच्ची नियत और निष्ठा को कुबूल कर लिया और जिब्रईल (फरिश्ते) के जरिए हजरत इस्माइल की जगह एक दुंबा (भेड़/मेमना) रख दिया। हजरत इस्माइल पूरी तरह सुरक्षित रहे और दुंबे की कुर्बानी हो गई। इसी महान आत्मसमर्पण और अल्लाह के प्रति बिना किसी शर्त के प्रेम की याद में हर साल पूरी दुनिया के मुसलमान इस दिन को 'कुर्बानी के त्योहार' के रूप में मनाते हैं। इस त्योहार से जुड़े मुख्य संदेश और परंपराएं कुर्बानी का असली मतलब: बकरीद में बकरे, भेड़ या ऊंट की कुर्बानी सिर्फ एक प्रतीक है। इसका असली संदेश यह है कि इंसान को अल्लाह की रजा (मर्जी) के लिए अपनी हर प्यारी चीज, अहंकार और बुरी आदतों को कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। जैसा कि कुरान में भी कहा गया है कि अल्लाह तक न तो उस जानवर का मांस पहुंचता है और न ही खून, बल्कि केवल इंसान का तकवा यानी परहेजगारी और साफ नियत ही पहुंचती है। मांस के तीन बराबर हिस्से: कुर्बानी के बाद मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है: पहला हिस्सा: गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। दूसरा हिस्सा: दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के लिए। तीसरा हिस्सा: अपने खुद के परिवार के लिए। परिवार और समुदाय के साथ भोजन और मेल-मिलाप होता है। हज का समापन: यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने 'जुल-हिज्जा' में मनाया जाता है। इसी दौरान मक्का में पवित्र 'हज यात्रा' का समापन भी होता है। बकरीद का संदेश हमें त्याग, दया, ईमानदारी और मानवता की सेवा की सीख देता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Padmini Ekadashi 2026: अधिकमास की पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें, जानिए व्रत रखने के 5 नियम
अफगानिस्तान में संकटों के बीच महिलाओं पर बढ़ती हिंसा
बढ़ती गरीबी और तालिबान द्वारा महिलाओं के अधिकारों पर पाबंदियां लगाने की वजह से अफगानिस्तान में घरेलू हिंसा बढ़ती जा रही है। हिंसा अब ज्यादा खतरनाक और छिपी हो गई है लेकिन इससे बच पाना ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 28 May 2026: करियर: नौकरी में अपनी बात रखने का सही समय है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह की चर्चा चल सकती है। धन: धन निवेश में लाभ होगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। स्वास्थ्य: मोबाइल का कम प्रयोग करें। उपाय: ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें। ALSO READ: Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: दीर्घकालिक निवेश के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। स्वास्थ्य: गले में खराश या इंफेक्शन की संभावना है। उपाय: लक्ष्मी जी को गुलाब अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर आपकी बुद्धि की सराहना होगी। लव: पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। धन: शेयर बाजार और कमोडिटी से लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: फिट रहने के लिए योग शुरू करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। लव: भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। धन: भूमि-भवन के सौदों में लाभ होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी विकार हो सकते हैं। उपाय: चांदी के पात्र से गंगाजल मिश्रित जल पिएं। 5. सिंह (Leo) करियर: आत्मविश्वास के बल पर कठिन कार्यों को आसानी से पूरा करेंगे। लव: लव पार्टनर के साथ थोड़ा मनमुटाव हो सकता है। धन: आज किया गया निवेश भविष्य में बड़ा मुनाफा देगा। स्वास्थ्य: हृदय रोगी नियमित टहलें। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल से बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: धूप से बचें और स्वच्छता रखें। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: नए अवसर मिलेंगे लेकिन सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। लव: रिश्तों में नयापन लाने की कोशिश करेंगे। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: पीठ में दर्द हो सकता है। उपाय: मंदिर में सफेद मिठाई का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी कार्यक्षमता दूसरों को प्रभावित करेगी। लव: पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात पर बहस हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय: हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर में एक बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: आज का दिन आपके लिए विशेष फलदायी है। स्वास्थ्य: लिवर और पाचन का ख्याल रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर राजनीति का शिकार हो सकते हैं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। धन: इस समय बजट बनाकर चलना ही समझदारी होगी। स्वास्थ्य: घुटनों या पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: आज गुरु मंत्र का जाप करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्टार्टअप या बिजनेस में नए पार्टनर जुड़ सकते हैं। लव: सोशल मीडिया पर किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन: धन निवेश के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचें। उपाय: जरूरतमंदों को अनाज का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: प्रेमियों में शांति का माहौल रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति के मामले आपके पक्ष में सुलझेंगे। स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम की शिकायत रह सकती है। उपाय: मस्तक पर पीला तिलक लगाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में रहने वाले सुखदेव मंडल खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का खर्च चलता है। इस साल बेटी की शादी करनी है, इसलिए साल भर पहले बैंक से लोन लेकर मवेशी खरीदे। उम्मीद थी कि बकरीद पर बिक जाएंगे और शादी-ब्याह का खर्च निकल जाएगा, लेकिन बंगाल सरकार के एक फैसले ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। 13 मई यानी बकरीद से 15 दिन पहले बंगाल सरकार ने एक नोटिस जारी किया। इसमें गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' किसी भी गाय-भैंस की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद सुखदेव परेशान हैं कि वो मवेशी लेकर कहां जाएं। उनका खर्च कैसे उठाएं और बैंक का लोन कैसे अदा करें। वे कहते हैं, ‘किसी को फांसी देने से पहले भी वक्त मिलता है, हमें वो भी नहीं मिला।‘ 28 मई यानी आज बकरीद है। फैसले से मुस्लिम भी नाखुश हैं। उन्हें कुर्बानी के लिए जानवर नहीं मिल रहे हैं। हिंदू व्यापारी बोले…दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने धंधा चौपट किया बंगाल में पशु हाट बाजारों से करीब 3.7 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी सीधे जुड़ी है। बंगाल में बकरीद पर करीब तीन हफ्ते के लिए पशुओं का बाजार लगता है। इस दौरान करीब ₹2000 से 2,500 करोड़ का व्यापार होता है। सिर्फ कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रोज 1 से 2 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इस काम से जुड़े सुखदेव गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार के फैसले ने हमारा व्यापार ठप्प कर दिया है। इस उम्मीद में बैंकों से लोन लिया था कि कुर्बानी के बाद पैसा भर देंगे। साल भर गाय-भैंस को खिलाया। जब बेचने की बारी आई, तो नया नियम आ गया। अब सरकार ही बताए कि कर्ज कैसे चुकाएं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार खर्च कहां से निकालें।‘ ‘दीदी के 15 साल की खराब नीतियों के चलते सरकार बदली। जय श्री राम बोलकर राज्य में नई सरकार लाए, लेकिन अब BJP सरकार की नीतियों ने हमारी परेशानी बढ़ा रखी है। अब लगता है कि सुवेंदु बाबू की सरकार भी बदलनी पड़ेगी।’ पूर्व मेदिनीपुर के सिलीपल्ली मोहल्ले में रहने वाले सुखदेव अकेले नहीं हैं। श्यामल मंडल भी रुंधे गले से यही दिक्कतें गिनाते हैं, ‘बैंक वाले घर पर पैसा लेने आ रहे हैं। गहने गिरवी रखकर पशुओं को पाला। अब इस फैसले से सड़क पर आ गए हैं। अगर सरकार ने साथ नहीं दिया, तो जहर खाने के सिवा हमारे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं बचेगा।‘ पास में खड़े कृष्णबदर गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार मुसलमानों को सबक सिखाने के चक्कर में हिंदुओं का बुरा कर रही है। कुर्बानी मुसलमान देते हैं, लेकिन इसका व्यापार तो हिंदू ही कर रहे हैं। गांव में सभी दलित हिंदुओं ने कुर्बानी के वक्त बेचने के लिए 8 से 10 गाय और बकरियां पाली हैं। साल भर इन्हें दाना-पानी दिया, ताकि मुनाफा कमा सकें।‘ ‘पशु खरीदने और पालने के लिए बैंक से 10 लाख रुपए लोन लिया था। अब सरकार बताए कि ये कैसे भरें। पशुओं को दाना-पानी कैसे खिलाएं।‘ ‘नए नियम-कायदों ने फंसाया, BJP वाले अलग धमका रहे’ इसके बाद हम हावड़ा पहुंचे। यहां संकराली में ज्यादातर परिवार दूध का व्यापार करते हैं। जब गाय या भैंस दूध देना बंद कर देती है, तो उसे बेच देते हैं। यहां मिली सोमा सुधका कहती हैं, ‘पिछले 16 साल से ये काम कर रही हूं। हर साल कुर्बानी के समय पशु बेचते हैं और उसी समय अगले साल के लिए नए खरीद लेते हैं। फिर साल भर उन्हें पालते हैं। अब जब इस साल बिकेंगे ही नहीं, तो इतने पशुओं को हम कहां से खाना खिलाएंगे।’ ’कुर्बानी से पहले फिटनेस टेस्ट करवाने की बात कही गई है। हमें नहीं पता कि इसका टेस्ट कहां होगा। हम सब इन नियम-कायदों में फंस गए हैं। जिनसे एडवांस पैसे लिए हैं, वो वापस मांग रहे हैं।’ यहीं मिले बरुण घोष भी दूध व्यापारी हैं। वो इस बात से परेशान हैं कि अगर अब बुजुर्ग हो चुकी गायें नहीं बिकीं, तो उधार कहां से चुकाएंगे और धंधा कैसे चलाएंगे। वे कहते हैं, ‘हम शहर में रहते हैं, यहां कहीं गाय-भैंसों को चरने के लिए भी नहीं छोड़ सकते हैं। खटाल में इतनी गाय-भैंसों के रहने के लिए जगह नहीं है। सरकार को ये फैसला थोड़ा पहले लेना चाहिए था, ताकि हम जैसे छोटे व्यापारी अपने लिए दूसरा रास्ता तलाश सकें।‘ मुस्लिम पक्ष की बात…‘बकरों के दाम दोगुने हुए, कुर्बानी भी नहीं दे पाएंगे’ गाय की कुर्बानी पर लगी रोक से हिंदू ही नहीं मुस्लिम भी परेशान हैं। मुर्शिदाबाद के रहने वाले समीम रहमान का कहना है कि इस बार बंगाल के कई घरों में कुर्बानी नहीं हो रही है। पहले कुछ परिवार मिलकर गाय-भैंस की कुर्बानी करते थे, लेकिन नए नियम के चलते इन्हें नहीं ले पा रहे हैं। वहीं गाय की बिक्री बंद होने के बाद बकरे के दाम दोगुने हो गए हैं, जिसका खर्च उठा पाना मुमकिन नहीं है। बेलडांगा के रहने वाले रहमान शेख कहते हैं, ‘हमारी मांग है कि सरकार बाकी राज्यों में भी बूचड़खाने बंद करे, लेकिन इससे नुकसान हिंदू भाइयों का ही है।‘ यहीं मिले शाहरुबद्दीन शेख खुद कुर्बानी से पहले बेलडांगा के हाट में गाय बेचते रहे हैं। वे कहते हैं, ‘बकरीद से पहले हाट में लगातार दो-तीन हफ्ते व्यापार होता है। इस बार भी हाट में गाय बेचने लाई गई थीं, लेकिन नया नियम आने के बाद सब कुछ बदल गया। मुझे भी काफी नुकसान हुआ। हिंदू भाईयों को ज्यादा नुकसान हुआ है।‘ ‘मैं खुद गाय की कुर्बानी देता था, लेकिन अबकी बकरे की दूंगा। गाय की बिक्री न होने से इस बार बकरे के दाम भी बढ़ गए हैं।‘ बकरीद पर हर साल कितने पशुओं की कुर्बानी दी जाती है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। बंगाल के पशुपालन विभाग से जारी पिछले एक साल का आंकड़ा देखें तो 2025 में राज्य में मांस के लिए करीब 4.76 करोड़ बकरे और करीब 1.33 लाख गाय, बैल, सांड काट दिए गए। मौलाना बोले- अगर गाय की कुर्बानी हुई, तो आंदोलन करेंगे कुर्बानी के फैसले पर आसनसोल के एक मौलाना नाम न लिखने की शर्त कहते हैं, ‘जरूरी नहीं है कि सभी कुर्बानी दें। जो सक्षम हैं, वो बकरे या भेड़ की कुर्बानी दे सकते हैं। इस बार गाय की कुर्बानी नहीं होगी।‘ वहीं, ऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (AIIMSWO) के स्टेट जनरल सेक्रेटरी मौलान अब्दुर रज्जाक कहते हैं, ‘हमने राज्य के सभी 26 जिलों में मस्जिद से ऐलान करवाया है कि इस बार बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं होगी। कुरान में भी कहीं गाय की कुर्बानी का जिक्र नहीं है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘कई मुस्लिम संगठन अलग-अलग जगहों पर गाय की कुर्बानी का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके बाद भी अगर कहीं ऐसा हुआ, तो हम वहां आंदोलन करेंगे।’ क्या पहले कभी कुर्बानी को लेकर ऐसे नियम-कायदे बनाए गए। इसके जवाब में वे कहते हैं, ’ऐसा पहली बार हो रहा है, लेकिन इसका कोई सियासी मतलब नहीं है। राजनीतिक पार्टियां आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन हमारी एक ही मांग है कि सरकार जो भी कानून बनाए, उसे पूरी तरह लागू करे। ऐसा न हो कि हमें कुर्बानी के लिए मना कर दिया जाए और बाद में गायें कहीं और सप्लाई हो जाएं।’ ………………. ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार बंगाल में BJP की मौजूदा जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दाहिना हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। इसके अलावा दो किरदार और हैं। पढ़िए इस रिपोर्ट में पांचों किरदार की कहानी…
खेत के बीचोबीच एक पेड़ से जंजीरों में बंधा युवक जोर-जोर से चीख रहा है- भाग जाऊंगा… भाग जाऊंगा… नाम है- पीरे खान। वह बीच-बीच में पेशाब जाने के लिए कह रहा है। तभी घर से एक महिला बाहर निकलती हैं। नाम है चांदनी। यह पीरे की भाभी हैं। वह पीरे के पास पहुंचती हैं। पहले जंजीर में लगा ताला खोलती हैं, फिर पीरे को खोलती हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे किसी जानवर को खोला जा रहा हो। चांदनी, पीरे को पकड़कर खेत में ले जाती हैं। कुछ देर बाद वापस लौटती हैं। फिर उन्हें उसी पेड़ से जंजीर में बांध देती हैं… और ताला लगा देती हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में मैं नीरज झा इस बार कहानी लाया हूं राजस्थान के बाड़मेर से, जहां अस्पताल न होने से मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीरों में बांधकर रखा गया है। बाड़मेर की शिव तहसील से 40 किलोमीटर दूर कानासर गांव। तापमान करीब 48 डिग्री। यहां एक घर के चारों तरफ जहां तक नजर जा रही है, सिर्फ रेत नजर आ रही है। दुपट्टे से चेहरा छुपाए चांदनी बताती हैं, ‘एक महीने से सोई नहीं हूं। पीरे की मानसिक हालत बहुत खराब है। रोज शाम को जोर-जोर से चीखते हैं। कंकड़-पत्थर जो हाथ लगे, उसी से मारने दौड़ते हैं। जंजीर खोल दूं, तो रात में भाग जाते हैं। अब तो जिंदगी पहाड़ लगने लगी है,’ यह कहकर चांदनी घर में पानी लाने चली जाती हैं। 22 साल के पीरे खान चारपाई पर बेसुध लेटे हैं। करीब ही उनकी 65 साल की मां कम्मी खातून मटमैले कपड़े पहने बैठी हैं। मेरी नजर पेड़ में बंधी जंजीर और उसमें लगे ताले पर पड़ी। पूछने पर कम्मी खातून मारवाड़ी लहजे में कहती हैं- 'क्या करूं? बेटे को भेड़-बकरी की तरह इसी पेड़ में जंजीर से बांधकर रखती हूं। जब भी इसकी जंजीर खुली छोड़ी, कई-कई दिन गायब रहा। बड़ी मुश्किल से मिलता है। अब जंजीर में ताला लगा देती हूं, ताकि यह खोलकर भाग न सके। मैं क्या ही बताऊं। बाड़मेर और जोधपुर के अस्पतालों से लेकर दरगाहों तक के चक्कर लगा चुकी हूं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। पिछले दो सालों से इसे ऐसे ही पेड़ से बांधकर रखा है। खाना-पीना, सोना-जागना, लैट्रिन-पेशाब, सब इसी पेड़ के आस-पास करता है।’ मेरी मोटी जंजीर बंधे पीरे खान के पैर पर जाती है। जंजीर की रगड़ से उनके पैरों की चमड़ी काली पड़ चुकी है। कई जगह छिली हुई है। कम्मी बताती हैं, ‘यह बड़ा बेटा है। 10 साल पहले बीमारी से पति की मौत हो गई। उसके बाद यह भेड़ चराकर कुछ कमाई करता था। अप्रैल 2022 की बात है। अचानक यह बड़बड़ाने लगा। कुछ दिन बाद एक खेत से दूसरे खेत तक दौड़ने लगा। घर के पास ही एक श्मशान घाट है। वहां भी जाता था। गांववाले कहने लगे- यह जरूर श्मशान गया होगा, तभी इसके ऊपर कोई भूत-प्रेत आ गया है। इसे किसी तांत्रिक के पास ले जाओ। एक मौलवी के पास गई। उन्होंने कई ताबीज दिए। बोले- ‘इसके ऊपर भूत का साया है, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।’ हम भी उसी उम्मीद में इसे घर ले आए, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत पहले से भी ज्यादा बिगड़ गई। अब यह अचानक जोर-जोर से चीखने लगा। सामने जो भी आता- ईंट, पत्थर या कोई सामान, उठाकर फेंककर मारता। आखिर मजबूर होकर हमने इसे रस्सियों से खाट में बांधना शुरू कर दिया, लेकिन रस्सियां भी ज्यादा देर इसे रोक नहीं पाती थीं। कई बार तो पूरी खाट सिर पर उठाकर गांव की गलियों में निकल पड़ता। एक बार इसे एक दरगाह पर ले गई। मौलाना ने हल्की झाड़-फूंक के बाद कहा- सुबह ठीक से झाड़-फूंक करूंगा। रातभर वहीं रही। सुबह उठी, तो यह गायब था। कई दिनों की तलाश के बाद यह बाड़मेर में भटकता मिला। तब से मेरे रिश्तेदारों ने इसे लाकर पेड़ से बांध दिया। जंजीर खोलकर भागे न इसलिए उसमें ताला भी लगा दिया। इस बातचीत के दौरान पीरे हमें देख रहे हैं। उनके गले में दो-तीन ताबीज हैं। तभी उनके चचेरा भाई शफी घर आ जाता है। शफी मेरे पास बैठकर बताते हैं- दो बार किसी तरह पैसा जुटाकर बाड़मेर और जोधपुर के अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहां से भागकर चला आया। क्या करें? दिहाड़ी न करें, तो घर का चूल्हा नहीं जलेगा। दिनभर में ढाई-तीन सौ रुपए ही कमा पाते हैं। कहां से इलाज करवाएं? इससे भी बड़ी दिक्कत बाड़मेर यहां से 90 किलोमीटर और जोधपुर 200 किलोमीटर दूर है।’ शफी बताते हैं- ‘पहले यह बिल्कुल भला-चंगा था, हंसता-बोलता था। लेकिन अब हालत ऐसी हो गई है कि हर त्योहार इसी पेड़ के नीचे पड़ा रहता है। पिछले दो सालों से इसकी पूरी जिंदगी इन्हीं जंजीरों में कैद होकर रह गई है। इसका छोटा भाई नसीर मेरे साथ काम करता है। उसी की कमाई से घर चल रहा है।' वह बताते हैं- बाड़मेर में कई ऐसे गांव हैं, जहां मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीर से बांधकर रखा गया है। कानासर से करीब 150 किलोमीटर दूर खारी गांव है। वहां भी ऐसा ही मामला है। अब मैं खारी गांव के लिए निकल पड़ता हूं। खारी पहुंचने के बाद पैदल करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक झोपड़ी के पास पहुंचा, जहां 55 साल के दूद्धा राम मिले। उनकी 45 साल की पत्नी मोड़ी देवी झोपड़ी के बाहर जंजीरों में बंधी पड़ी हैं। दूद्धा राम ने मेरे पैर पकड़ लिए, उनकी आंखें भर आई। कांपती आवाज में बोले- ‘तीन साल से पत्नी को जंजीरों में बांधकर रखा है। इसे देखता हूं, तो कलेजा फट जाता है, लेकिन क्या करूं, कोई रास्ता नहीं बचा।’ 5 साल पहले की बात है। बेटी की शादी की थी। तब यह एकदम ठीक थी। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, अचानक लोगों को मारने-पीटने लगी। एक दिन मेरे हाथ पर जोर से डंडा मार दिया। हाथ में घड़ी थी, इसलिए बच गया, नहीं तो हाथ टूट जाता। इसी तरह घर के पास रास्ते से जो भी आता-जाता, उसे पत्थर फेंककर मारती। गांववालों ने डर के मारे इस रास्ते से आना-जाना छोड़ दिया। एक दिन मजबूरी में जंजीर खरीदकर लाया और इसे बांध दिया। तब से यह यहीं दिन-रात पड़ी रहती है।' वह बताते हैं- हमारा एक बेटा और एक बेटी है। मैं बचपन से विकलांग हूं, पैर में लकवा है,’ इतना कहते-कहते दूद्धा राम की आंखें फिर से डबडबा जाती हैं। वह अपने 18 साल के बेटे जोगा राम को घर से डॉक्टर की पर्ची लाने को कहते हैं। आगे बताते हैं- महाजन से 10 हजार रुपए कर्ज लेकर किसी तरह एक बार इसे जोधपुर ले गया था, लेकिन दवा खाते ही और बीमार पड़ गई। इस बीच घर में काफी खोजबीन के बाद जोगा राम सीटी स्कैन की रिपोर्ट लेकर आते हैं। कहते हैं, ‘हम लोग बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं। रिपोर्ट ज्यादा समझ नहीं पाते। आप ही जरा देखिए।' वह रिपोर्ट मुझे पकड़ा देते हैं। जोगा कहते हैं- पापा शुरू से विकलांग हैं। पहले वह दिहाड़ी पर काम करने जाते थे। जब मैं बड़ा हुआ, तो इन्हें काम करने से रोक दिया। अब मेरी ही कमाई से घर चलता है। मम्मी की हालत ऐसी है, क्या करूं? मजबूरी में इन्हें जंजीर से बांधकर रखना पड़ रहा है। किसे अच्छा लगता है कि अपनी मां को जंजीर से बांधकर रखे। कई ओझाओं और तांत्रिकों के पास गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहीं के रहने वाले हरीश अब मुझे बताते हैं- ‘यहां से करीब 10-15 किलोमीटर दूर केकड़ गांव है। वहां एक महिला को पिछले 15 सालों से ऐसे ही बांधकर रखा गया है।’ हरीश की बात सुनते ही उनके साथ उस गांव की ओर निकल पड़ा। गांव पहुंचते ही दूर एक झोपड़ी दिखी। अंदर 65 साल की तुग्गी देवी बैठी हैं। सामने रखी सब्जी-रोटी खा रही हैं। जैसे ही उनकी नजर मेरे कैमरे पर पड़ती है, वे अचानक उठ खड़ी हुईं और पास आकर मुझे जोर से धक्का दे दिया। करीब खड़े तुग्गी देवी के जेठ के बेटे दुर्गा राम दौड़कर आए और उन्हें संभाला। वह बताते हैं- 'कैमरा देखकर यह ऐसा ही करने लगती हैं। डर जाती हैं। इनका कोई बच्चा नहीं है। 15-20 साल से ऐसी ही हालत में हैं। इनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। गांव-गांव घूमने लगीं। लोगों को डंडे-पत्थर से मारती थीं। कई बार इनका एक्सीडेंट हो चुका। तब जाकर हम लोगों ने इन्हें जंजीर बांधा। अब यहीं पड़ी रहती हैं। इन्हें इस हालत में देखकर तकलीफ होती है। हमारे छोटे बच्चे इन्हें देखकर क्या सोचते होंगे, लेकिन क्या करूं?’ तभी तुग्गी देवी के देवर मंगदा राम आते हैं। पास बैठकर बताते हैं, ‘जब ये ठीक थीं, तो घर का सारा काम करती थीं। पहले अचानक चुप रहने लगीं, फिर लोगों को मारने-पीटने लगीं। हमें लगा कि किसी ने इन पर भूत-प्रेत कर दिया है। ओझाओं से झाड़-फूंक करवाई, ताबीज भी पहनाए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। अब कभी-कभी तो मन में यही आता है कि भगवान इन्हें जल्दी अपने पास बुला ले, ताकि इनकी और हमारी यह तकलीफ खत्म हो सके। इस तरह जंजीर से बांधकर रखना दर्द देता है, लेकिन कर ही क्या सकता हूं।’ इस तरह कई गांव घूमने के बाद अब शाम हो चुकी है। रास्ते में मिट्ठरा गांव आता है। मेरे साथी कहते हैं, ‘यहां भी इसी तरह का एक मरीज है। वह कई महीनों से घर में बंद है। चलेंगे क्या?’ अब यहां से निकल और करीब आधे घंटे में उस घर पर पहुंचा। यहां एक कमरे की खिड़की से एक महिला किसी को लोटे में पानी भरकर देती हैं, लेकिन अचानक भीतर से लोटा बाहर आकर गिरता है। महिला ने जिसे पानी दिया था, उसने लोटा बाहर फेंक दिया था। हम नजदीक पहुंचे। देखा कमरे में एक 20 साल की लड़की परमेश्वरी चटाई पर लेटी हुई है। 40 साल की पारू देवी पल्लू संभालते हुए बोलती हैं, ‘यह मेरी बेटी है। ढाई महीने से ऐसी ही पड़ी है। इसे इतना गुस्सा आता है कि किसी का भी गला पकड़ लेती है। इसीलिए कमरे में बंद करके रखती हूं। अभी पानी दिया, तो लोटा बाहर फेंक दिया। पता नहीं इसे क्या हो गया है। झाड़-फूंक का भी कोई असर नहीं है। एक दिन यह स्कूल से आई। अचानक गीत गाने लगी। हमें लगा इस पर भूत आ गया है। एक ओझा के पास लेकर गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अभी कमरा खोल दूं, तो बाहर निकलकर जो भी हाथ में आएगा, उसी से मारने दौड़ पड़ेगी। इसलिए खिड़की से ही खाना-पानी देती हूं। इस बीच मैंने कई बार परमेश्वरी को आवाज दी, लेकिन वह नहीं बोली। बेसुध लेटी रही। मेरे साथी बताते हैं, ‘यहां मानसिक रोगियों को सही समय पर इलाज नहीं मिलता, इसलिए इनके परिवार इन्हें जंजीर से बांधकर रखने को मजबूर हैं।’ अब मैं बाड़मेर पहुंचता हूं। जिले के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर विष्णु राम विश्नोई के पास। विष्णु राम बताते हैं, ‘बाड़मेर में ही नहीं, पूरे देश में मानसिक रोगी हैं। बाड़मेर में 3 साल पहले मानसिक इलाज की सुविधा नहीं थी, इसलिए लोगों को जोधपुर जाना पड़ता था। अब यहां इलाज है, लेकिन लोग जागरूक नहीं हैं। हम लोग गांव-गांव आशा वर्कर्स से ऐसे मरीजों के बारे में पता लगवाते हैं, लेकिन बड़ी दिक्कत यह है कि यहां घर दूर-दूर हैं। कुछ घरों के बीच एक-एक किलोमीटर की दूरी है। इसलिए हेल्थ वर्कर्स हर घर तक नहीं पहुंच पाते। हमें जहां भी ऐसे मानसिक रोगियों की जानकारी मिलती है, उनका रेस्क्यू कराते हैं। किसी इंसान को जंजीर से बांधकर रखना अमानवीय है। हालांकि, सरकार की अब तक ऐसी कोई विशेष नीति नहीं बना पाई है, जिसके जरिए इन लोगों की पहचान कर ठीक से इलाज किया जा सके। लोगों का झाड़-फूंक में ज्यादा यकीन है। इससे मरीज की हालत बिगड़ती जाती है। परिवार मरीजों का पूरा इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।’ बातचीत खत्म होने के बाद मैं वापस लौटता हूं। लेकिन रास्ते भर एक सवाल पीछा करता है- आखिर किसी इंसान को जानवर की तरह जंजीर से कैसे बांधा जा सकता है? मरीजों की इस हालत पर मेडिकल अफसर विष्णु राम विश्नोई के चेहरे पर मुझे जरा भी चिंता नहीं दिखी। उनका दावा है कि आशा वर्कर्स गांव-गांव जाकर मानसिक रोगियों की पहचान करती हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी लाती हैं। लेकिन जिन परिवारों से मेरी बात हुई, उनमें से किसी ने भी नहीं बताया कि उनके यहां कभी कोई आशा वर्कर्स आई थीं। --------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-'तुम ईसाई बन गए, बाप की लाश नाले में बहाओ':22 दिन तक सड़ती रही लाश, सरपंच बोला- अंतिम संस्कार किया तो बीवी-बच्चों के बारे में सोच लेना ‘7 जनवरी 2025। सुबह के 10 बजे थे। पापा की किडनी फेल होने की वजह से मौत हो गई थी। देखते ही मां रो-रोकर बेहाल हो गई। शव बरामदे में रखते ही चीख-पुकार मच गई। सभी रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। सभी कहने लगे- अंतिम संस्कार की तैयारी करो। जब तक लाश दरवाजे पर रहेगी, सब रोते रहेंगे। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
जल जीवन मिशन घोटाला : सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन में 979 करोड़ 27 लाख रुपए के फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर देने के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायाधीश राजेन्द्र […] The post जल जीवन मिशन घोटाला : सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित appeared first on Sabguru News .
जयपुर के चौमूं में सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मौत, 8 घायल
जयपुर। राजस्थान में जयपुर जिले के चौमूं थाना क्षेत्र में हाड़ोता के पास बुधवार को टैंपो क्रूजर के ट्रक से टकरा जाने पर तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर में दर्शन के लिए खाटूश्यामजी जा रहे इन लोगों का टैंपो […] The post जयपुर के चौमूं में सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
डीग जिले के कांस्टेबल की जयपुर में सड़क दुर्घटना में मौत
डीग/भरतपुर। राजस्थान में जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र में बुधवार को सड़क हादसे में डीग जिले के वीरथला गांव (बृज नगर) निवासी कांस्टेबल लोकेंद्र की मौत के बाद क्षेत्र शोक व्याप्त हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल लोकेंद्र सुभाष चौक थाना क्षेत्र में नाकाबंदी की ड्यूटी पूरी करने […] The post डीग जिले के कांस्टेबल की जयपुर में सड़क दुर्घटना में मौत appeared first on Sabguru News .
बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में बुधवार को मेस की सब्जी में छिपकली मिलने से छात्रों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को […] The post बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप appeared first on Sabguru News .
भरतपुर के बयाना में ट्रेन की चपेट में आने से वृद्धा की मौत
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के बयाना में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर बुधवार को रेलवे ट्रैक पार करते समय 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतका की पहचान बयाना कस्बे के लाल दरवाजा निवासी पूरनदेई जाटव के रूप में हुई है। वह शेरगढ़ […] The post भरतपुर के बयाना में ट्रेन की चपेट में आने से वृद्धा की मौत appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में छापा मारने गए आबकारी निरोधक दल पर हमला
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ थाना क्षेत्र में सीमावर्ती चक 30-एपीडी में मंगलवार को अवैध शराब बिकने की सूचना मिलने पर छापा मारने गये आबकारी निरोधक पुलिस दल पर लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में देर रात अनूपगढ़ थाने पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला […] The post श्रीगंगानगर में छापा मारने गए आबकारी निरोधक दल पर हमला appeared first on Sabguru News .
‘क्लिक कल्चर’ के दौर में नेहरू की प्रासंगिकता : वैज्ञानिक चेतना, लोकतंत्र और विवेक की विरासत पर हमला
पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर विशेष लेख। जानिए कैसे ‘क्लिक कल्चर’ और इमेज राजनीति के दौर में नेहरू की वैज्ञानिक चेतना, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और आधुनिक भारत की अवधारणा आज भी प्रासंगिक है
क्रिस गेल के सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने पर सबसे तेज शतक का नहीं तोड़ पाए
RRvsSRH युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने क्रिस गेल का एक आईपीएल सत्र में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सूर्यवंशी अब एक आईपीएल सीज़न में सबसे ज्यादा (60) छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।लेकिन आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से चूक गए। गेल ने 30 गेंदों में सबसे तेज शतक बनाया था। 15 साल के सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में छक्के के साथ अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और मात्र 16 गेंद पर जड़ दिया पचासा। इससे पिछली गेंद पर सूर्यवंशी एक और छक्का मारा और क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में आईपीएल सत्र में 59 छक्के मारे थे। आईपीएल 2012 में जब क्रिस गेल ने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था, तब उनके 59 में से 38 छक्के अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ आए थे। इसके लिए उन्होंने 347 गेंदें खेली थीं। इस आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी ने भी अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ 38 छक्के लगाए हैं, लेकिन ये छक्के सिर्फ़ 165 गेंदों में आए हैं। सूर्यवंशी ने आईपीएल प्लेऑफ में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक बनाने के सुरेश रैना के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। रैना ने 2014 में 16 गेंदों में पंजाब किंग्स के खिलाफ अर्धशतक पूरा किया था। सूर्यवंशी ने पॉवरप्ले में मात्र 20 गेंद पर ही आठ छक्कों की मदद से 60 रन जड़ दिए। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस को लगातार तीन छक्के एक ओवर में मारे। युवा बल्लेबाज मात्र 29 गेंदों में पांच चौकों और 12 छक्कों की मदद से 97 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने इसके साथ ही आईपीएल में एक पारी में दस प्लस छक्के चार बार मारने के गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। वह एक आईपीएल सत्र में तीन बार यह कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)
RRvsSRH सनराइजर्स हैदराबाद ने मुल्लनपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। दोनों ही टीम ने एक एक बदलवा किया है। Toss @SunRisers won the toss and elected to field against @rajasthanroyals Updates https://t.co/OBIYYIuhbt #TATAIPL | #Eliminator | #TheFinalLeap | #SRHvRR pic.twitter.com/qG9Ieb5FWG — IndianPremierLeague (@IPL) May 27, 2026 सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा
26 मई को गृहमंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट लिखी- 'अवैध घुसपैठ से हो रहा अन-नैचुरल डेमोग्राफिक चेंज, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।' बस इतने से शब्दों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी कि कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन ये पोस्ट अकेली नहीं थी। इसी महीने 3 फैसले आए, जिनका निशाना एक है- अवैध घुसपैठ। क्या हैं ये फैसले, क्या सरकार कुछ बड़ा करने वाली है और क्या इससे देश के मुसलमानों को चिंता करनी चाहिए; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: अवैध घुसपैठ से जुड़े कौन से 3 बड़े फैसले हुए हैं? जवाबः ये 3 फैसले हैं… 1. बंगाल में 600 एकड़ सीमाई जमीन BSF को देना 2. भारत-पाक और भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट 3. अन-नैचुरल डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी सवाल-2: डेमोग्राफिक चेंज के लिए बनी हाई लेवल कमेटी क्या करेगी? जवाबः गृह मंत्रालय के मुताबिक, कमेटी 6 काम करेगी... इनके अलावा कमेटी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अवैध घुसपैठ, डेमोग्राफिक चेंज के मामले में बेहतर को-ऑर्डिनेशन के लिए पॉलिसी बनाने का भी सुझाव देगी। सवाल-3: तो क्या वाकई भारत में डेमोग्राफी अप्राकृतिक रूप से बदल रही है? जवाबः कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि असामान्य वजहों से देश के कुछ इलाकों में डेमोग्राफिक बैलेंस बिगड़ रहा है… 1. बांग्लादेश से घुसपैठ के चलते मूल-निवासी घट रहे 2. बंगाल, बिहार के सीमाई इलाकों में मुस्लिम आबादी बढ़ी 3. सुप्रीम कोर्ट ने घुसपैठ को ‘अघोषित बाहरी आक्रमण’ कहा 4. हिंदू 7.8% तक घटे व मुस्लिम 4.25% तक बढ़ गए सवाल-4: कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार क्या कर सकती है? जवाबः अवैध घुसपैठ से डेमोग्राफिक चेंज पर लगाम लगाने की इस कोशिश को 'डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट' की पॉलिसी कहा जाता है। कमेटी के सुझाव के आधार पर सरकार 3 बड़े कदम उठा सकती है- 1. अवैध घुसपैठियों की सटीक संख्या तय करना 2. होल्डिंग सेंटर्स में रख सकती है 3. वापस बांग्लादेश डिपोर्ट कर सकती है हर्षवर्धन त्रिपाठी ये भी कहते हैं कि कमेटी की सिफारिशों के आधार पर बॉर्डर और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े कानून सख्त हो सकते हैं। नागरिकता से जुड़े कानून भी कड़े किए जा सकते हैं। हालांकि, सरकार के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं- सवाल-5: क्या भारतीय मुसलमानों को इससे चिंता करनी चाहिए? जवाबः सरकार के कदमों से भारतीय मुसलमानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के पूर्व उप-कुलपति और संविधान के एक्सपर्ट फैजान मुस्तफा कहते हैं, ‘डेमोग्राफिक चेंज को समझने के लिए बनाई जा रही ये कमेटी महज एक स्टडी करेगी, जिससे भारतीय मुसलमानों को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए।’ फैजान मुस्तफा जोर देते हैं कि घुसपैठ जैसी वजहों से डेमोग्राफी नहीं बदली है। वो इस मुद्दे को हेडलाइन मैनेजमेंट मानते हैं। फैजान के मुताबिक, ‘सरकार इकॉनमी के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये कदम उठा रही है। अगर NDA सरकार मानती है कि देश में अवैध घुसपैठियों की संख्या बढ़ी है, तो उसने अपने 12 साल के कार्यकाल में कितने बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया? चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल, असम, बिहार में SIR करवाया गया, फिर भी सरकार नहीं बता पाई कि इन राज्यों में घुसपैठियों की संख्या ज्यादा है।’ ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' पढ़ें पूरी खबर…
तेलंगाना में एक ही परिवार के 4 सदस्य मृत मिले, आर्थिक तंगी की आशंका
वानापर्थी। तेलंगाना के वानापर्थी जिले के एक गांव में मंगलवार रात एक ही परिवार के चार सदस्य मृत पाए गए। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार देवरा कद्र मंडल के डोकुर गांव के निवासी नरसिम्हा (40) ने सल्कलपुर में एक आम का बगीचा पट्टे पर लिया था और वह वहां अपने परिवार के साथ रह […] The post तेलंगाना में एक ही परिवार के 4 सदस्य मृत मिले, आर्थिक तंगी की आशंका appeared first on Sabguru News .
झारखंड के गिरिडीह में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला समेत 3 अरेस्ट
गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में पुलिस ने देह व्यापार चलाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दो जुड़वा बहनों से जबरन देह व्यापार करवाया जाता था। गिरफ्तार महिला काफी शातिर तरीके से इस अवैध कारोबार […] The post झारखंड के गिरिडीह में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला समेत 3 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी
जोधपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में स्वयंभू संत आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है और उसे तुरंत समर्पण करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की पीठ ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने गत 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी […] The post राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष को पद से हटाने का फैसला किया रद्द
अगरतला। त्रिपुरा हाईकोर्ट ने गौतम सरकार को पश्चिम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के फैसले को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि अधिकारियों ने प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन किया है और उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है। न्यायमूर्ति डॉ. टी अमरनाथ गौड़ और न्यायमूर्ति एस दत्ता […] The post त्रिपुरा हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष को पद से हटाने का फैसला किया रद्द appeared first on Sabguru News .
अबराम को एक्टर नहीं टेनिस प्लेयर बनता देखना चाहते हैं शाहरुख खान! बताई थी यह वजह
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और गौरी खान के सबसे छोटे और लाडले बेटे अबराम खान 27 मई 2026 को पूरे 13 साल के हो गए हैं। यानी अबराम ने आधिकारिक तौर पर 'टीनेज' की उम्र में कदम रख दिया है। सोशल मीडिया पर किंग खान के फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स अबराम को जन्मदिन की ढेरों बधाइयां दे रहे हैं। अबराम खान हमेशा से ही पैपराजी और सोशल मीडिया के सबसे पसंदीदा स्टारकिड्स में से एक रहे हैं। उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जहां पूरी दुनिया अबराम में भविष्य का 'अगला शाहरुख खान' देखती है, वहीं खुद शाहरुख खान अपने छोटे बेटे के लिए कुछ और ही सपना संजोए बैठे हैं? A post shared by Gauri Khan (@gaurikhan) शाहरुख खान अबराम को एक्टर नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर बनते देखना चाहते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान जब शाहरुख खान से उनके सबसे छोटे बेटे अबराम के करियर और भविष्य के प्लान्स के बारे में पूछा गया, तो किंग खान ने बेहद दिलचस्प और दिल छू लेने वाला जवाब दिया था। ALSO READ: शाहरुख खान के गैरेज में शामिल हुई दुनिया की सबसे लग्जरी SUV, जानिए कीमत और खासियत शाहरुख खान ने कहा था, मुझे लगता है कि अबराम का टैलेंट थोड़ा अलग किस्म का है। वह बहुत मासूम और संवेदनशील है। मेरी हमेशा यह उम्मीद रहेगी कि वह अपनी इसी संवेदनशीलता के जरिए जीवन में कुछ बहुत अच्छा और अलग काम करे। A post shared by Shah Rukh Khan (@iamsrk) अपने इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए शाहरुख ने कहा था कि अगर अबराम टेनिस प्लेयर बनेंगे, तो वह मैदान पर बहुत 'कूल' लगेंगे। शाहरुख के मुताबिक, जब अबराम के बाल हवा में उड़ते हैं और जो उनके चेहरे के हाव-भाव होते हैं, उसे देखकर एकदम परफेक्ट टेनिस प्लेयर वाली वाइब आती है। किंग खान को लगता है कि खेल की दुनिया अबराम के व्यक्तित्व पर ज्यादा जचेगी। महज 1 साल की उम्र में किया था बॉलीवुड डेब्यू भले ही शाहरुख खान उन्हें खेल की दुनिया में देखना चाहते हों, लेकिन अबराम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जो बड़े-बड़े एक्टर्स को नसीब नहीं होता। अबराम खान ने महज 1 साल की उम्र में ही बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म में अपना डेब्यू कर लिया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2014 में रिलीज हुई फराह खान के निर्देशन और गौरी खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' के एंड क्रेडिट्स में नन्हे अबराम को दिखाया गया था। फिल्म के आखिरी गाने में जब फराह अपनी पूरी क्रू टीम को इंट्रोड्यूस कराती हैं, तब शाहरुख खान अपने नन्हे लाडले अबराम को गोद में लिए स्क्रीन शेयर करते नजर आते हैं। इस वाकये को याद करते हुए शाहरुख ने एक बार मजाक में कहा था, हमारे घर का एक नियम है, जो उम्र में सबसे छोटा होता है, उसे सबसे पहले और सबसे जल्दी ब्रेक मिलता है। यही वजह है कि अबराम को घर में सबसे पहले स्क्रीन स्पेस मिला। आर्यन और सुहाना से बिल्कुल अलग है अबराम का अंदाज शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान जहां कैमरे के पीछे रहकर निर्देशन में अपना करियर बना रहे हैं और उनकी वेब सीरीज जल्द ही दस्तक देने वाली है, वहीं बेटी सुहाना खान फिल्म 'द आर्चीज' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रख चुकी हैं। ऐसे में फैंस की नजरें हमेशा इस बात पर टिकी रहती हैं कि अबराम खान आगे चलकर क्या करेंगे। अबराम खान का जन्म 27 मई 2013 को सरोगेसी के जरिए हुआ था। बचपन से ही वह आईपीएल मैचों के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स को चीयर करते हुए स्टेडियम में नजर आते रहे हैं। स्पोर्ट्स के प्रति उनका यह लगाव भी शाहरुख की 'टेनिस प्लेयर' वाली ख्वाहिश को बल देता है।
फिरोजाबाद में माता-पिता की हत्या के मामले में बेटा और बहू सहित 5 लोगों को उम्रकैद
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने वृद्ध दंपति की हत्या के मामले में मृतक दंपती के बड़े बेटे और बहू समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वृद्ध दंपती हत्याकांड के लंबित मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉक्टर बच्चू सारंग ने मंगलवार को अपना निर्णय सुनाते […] The post फिरोजाबाद में माता-पिता की हत्या के मामले में बेटा और बहू सहित 5 लोगों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
आकांक्षा योजना में भ्रष्टाचार एवं आदिवासी छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में धरना
इंदौर। आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ हो रहे अन्याय, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं लगातार की जा रही लापरवाही के विरोध में आज Collector Office Indore पर छात्र नेताओं निखिल वर्मा, पवन अहिरवार, संदीप पाठोदे और नैतिक शिंदे द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। धरने के माध्यम से छात्रों ने निम्न मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं — 1. आकांक्षा योजना में लाभान्वित छात्र-छात्राओं की 24 माह की NEET कोचिंग पूर्ण रूप से कराई जाए। 2. एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त किया जाए। 3. हमारे द्वारा की गई शिकायत में दर्ज बयान आज दिनांक में हमारे सामने प्रस्तुत किए जाएं। 4. Assistant commissioner नरेंद्र भिड़े सर द्वारा बिना मॉड्यूल, टैबलेट एवं कोचिंग लगाए बिल कैसे पास किया गया, इसकी संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाए। 5. एसेंट कोचिंग क्लास का पूरा पता, वहां कार्यरत शिक्षकों की जानकारी एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। 6. मुकुल बंसल पर तत्काल FIR दर्ज की जाए। आदिवासी छात्रों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : छात्र नेताओं का कहना है कि आदिवासी एवं गरीब छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी माँगें पूरी होने तक यहाँ धरना जारी रहेगा। यह जानकारी पवन अहिरवार ने दी। Edited By: Naveen R Rangiyal
जियो 200 रुपए में 30 जीबी डाटा के साथ देगी 15 ओटीटी, एक हजार से ज्यादा टीवी चैनल
मुंबई। रिलायंस समूह की दूरसंचार कंपनी जियो ने जियो ओटीटी पास नाम से 200 रुपये का नया पैक पेश करने की घोषणा की है, जिसमें ग्राहकों को 15 प्रीमियम ओटीटी ऐप, एक हजार से ज्यादा लाइव टीवी चैनल, 30 जीबी हाई-स्पीड डाटा और अनलिमिटेड 5जी की सुविधा मिलेगी। कंपनी ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति […] The post जियो 200 रुपए में 30 जीबी डाटा के साथ देगी 15 ओटीटी, एक हजार से ज्यादा टीवी चैनल appeared first on Sabguru News .
संभलकर! 7 जून से लगने जा रहा है विष्कुंभ योग, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन
पंचांग की मानें तो यह अशुभ योग 7 जून की सुबह 10:02 बजे से शुरू होगा और अगले दिन 8 जून की सुबह 09:28 बजे तक अपनी कड़क चाल से सबको प्रभावित करेगा। वैसे तो इसका असर हर किसी पर थोड़ा-बहुत पड़ेगा, लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां और उन्हें कहाँ संभलना है। ALSO READ: जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर? 1. वृषभ राशि: बिजनेस और ऑफिस में बरतें एहतियात वृषभ राशि वाले दोस्तों, यह समय आपके लिए 'धीमे चलो' का बोर्ड लेकर आया है। अगर आप इन दो दिनों में पार्टनरशिप में कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए; आर्थिक नुकसान के योग बन रहे हैं। करियर का हाल: ऑफिस में बॉस या सीनियर सहकर्मियों के साथ बहसबाजी से बचें, वरना माहौल आपके खिलाफ हो सकता है। किसी भी नए प्रोजेक्ट पर साइन करने से पहले कागजात ठीक से पढ़ लें। परिवार: घर के बुजुर्गों की सेहत अचानक नासाज हो सकती है, इसलिए उनकी देखभाल में कोई कोताही न बरतें। 2. कन्या राशि: सेहत और सफर दोनों में कशमकश कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। इस दौरान आपकी परीक्षा थोड़ी कठिन रहने वाली है। कामकाज और रिश्ते: ऑफिस में एक छोटी सी लापरवाही आपकी साख पर भारी पड़ सकती है, इसलिए अपने काम को री-चेक जरूर करें। दोस्तों या कलीग्स के साथ बातचीत करते समय लहजा नरम रखें, मनमुटाव की आशंका है। सेहत और यात्रा: जो लोग पहले से बीमार हैं, उन्हें राहत मिलने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इस दौरान अगर बहुत जरूरी न हो, तो लंबी दूरी की यात्राएं टाल दें, क्योंकि इससे सिर्फ थकान और असुविधा ही हाथ लगेगी। ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव 3. मकर राशि: जेब और जज्बात पर रखें काबू मकर राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मोर्चे पर थोड़ा हाथ तंग करने वाला हो सकता है। उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने से मन में थोड़ी निराशा घर कर सकती है। पैसों का मामला: खर्चों की लिस्ट अचानक लंबी हो सकती है। सबसे जरूरी बात—इस दौरान किसी से भी कर्ज या लोन लेने की गलती न करें, वरना उसे चुकाने में पसीने छूट जाएंगे। पारिवारिक माहौल: पड़ोसियों या रिश्तेदारों के साथ किसी छोटी सी बात पर राई का पहाड़ बन सकता है। घर की शांति बनाए रखने के लिए चुप रहना ही सबसे बड़ा हथियार होगा। सेहत के मामले में भी रिकवरी थोड़ी धीमी रहेगी। एक सलाह: ज्योतिष में योग बदलते रहते हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय को पार करने के लिए धैर्य रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें और भगवान शिव की आराधना करें। समय की यह धुंध भी जल्द छंट जाएगी! ALSO READ: जून में होने वाला है सबसे शुभ ग्रह का बड़ा परिवर्तन, 3 राशियों के पलट जाएंगे दिन

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