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जानिए कौन थे दादा साहब फाल्के, जिनके नाम पर दिया जाता है भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार

भारतीय सिनेमा के पितामह माने जाने वाले दादा साहब फाल्के का जन्म 30 अप्रैल 1870 को नासिक जिले के त्र्यम्बकेश्वर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। दादा साहब फाल्के का पूरा नाम धुण्डीराज गोविंद फाल्के था। परिवार की परंपरा के अनुसार उन्हें घर पर ही संस्कृत और पुरोहिताई की शिक्षा दी गई। उनकी रुचि चित्रकला, नाट्य, अभिनय और जादूगरी मे वि‍कसित होती चली गई। इनका परिष्कार बंबई आकर हुआ, जब उनके पिता दाजी शास्त्री एलफिंस्टन कॉलेज में संस्कृत के प्राध्यापक बने। 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद धुण्डीराज गोविंद फाल्के ने बंबई के प्रसिद्ध कला विद्यालय जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स में प्रवेश लिया। ललित कलाओं के साथ छायांकन कला ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। इसके बाद वे बड़ौदा के कला भवन गए और छायांकन में असाधारण रुचि को देखते वहां के प्रधानाचार्य प्रो. गज्जर ने छायांकन विभाग उन्हें सौंप दिया। छात्रवृत्ति से खरीदा कैमरा दादा साहब फाल्के ने वहां छायांकन प्रयोगशाला और पुस्तकालय में उपलब्ध सूचना सामग्री का भरपूर उपयोग किया। 1890 में उन्हें जो छात्रवृत्ति मिली, उससे एक कैमरा भी खरीद लिया। उन्होंने मॉडलिंग और आर्किटेक्चर का प्रशिक्षण भी लिया। अध्ययन समाप्ति के बाद के 16 वर्षों में दादा साहब फाल्के ने विभिन्न व्यवसायों में अपना भाग्य आजमाया। बंबई रहकर उन्होंने छायांकन किया। रंगमंच के परदों पर लैंडस्केप बनाए। कहा जाता है कि उन्होंने एक सेट की डिजाइन के लिए अहमदाबाद में हुई प्रतियोगिता में पुरस्कार भी पाया था। दादा साहब फाल्के ने जादूगरी भी सीखी दादा साहब फाल्के ने गोधरा में कुछ दिन रहकर फोटोग्राफी पर हाथ आजमाए। पुणे में सन 1903 में शासन के पुरातत्व विभाग में ड्रॉफ्ट्स मैन और फोटोग्राफर पद पर काम किया। इसी दौरान 1901 में एक जर्मन जादूगर से मुलाकात ऐसी हुई कि उसके शिष्य बन गए। उसे अनेक एन्द्रेजालिक युक्तियां सीखीं और जादू में माहिर हुए। दादा साहब फाल्के पर लोकमान्य तिलक का गहरा प्रभाव था। अपनी सरकारी नौकरी से वे खुश नहीं थे। उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसी बीच राजा रवि वर्मा के देवी-देवताओं के रंगीन चित्रों की धूम मची हुई थी। लोग भारी संख्या में चित्र खरीद रहे थे। रवि वर्मा ने अपना लिथोग्राफी प्रेस शुरू किया था। इसमें बड़ौदा के रीजेंट और दीवान सर माधवराव उनसे सहयोग कर रहे थे। दादा साहब फाल्के ने राजा रवि वर्मा का प्रेस ज्वाइन कर लिया। उन्हें फोटोलिथो ट्रांसफर तैयार करना होते थे। प्रेस की सफलता और चित्रों की मांग से प्रभावित होकर दादा के कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें स्वयं की प्रेस भागीदारी में शुरू करने का अनुरोध किया। फाल्के ने स्वयं का एनग्रेविंग और प्रिंटिंग वर्क्स कायम कर लिया। 1909 में छापखाने के प्रमुख और प्रमुख तकनीशियन के रूप में वे जर्मनी गए। नई मशीनों के संचालन की जानकारी हासिल की। तीन रंगों की छपाई की नई मशीन लेकर लौटे। प्रेस चल निकला। इसी समय भागीदारी से मतभेद हो गया। वे दु:खी हो गए। नहीं मन लगा छापखाने में इस बारे में उनकी पत्नी सरस्वती देवी ने लिखा है- 'उनका मन छापखाने के काम में बाद में नहीं लगा। कई गुजराती ‍परिवारों के प्रस्ताव आए कि लक्ष्मी आर्ट प्रेस छूट जाने से निराश न हो। नई पूंजी से सरस्वती प्रेस लगाएं। वह मेरा निर्माण था। मैं उस प्रेस को कोई क्षति नहीं पहुंचाना चाहता।' सन 1911 में 'लाइफ ऑफ क्राइस्ट' फिल्म देखकर दादा फाल्के रातभर बेचैन रहे। फिल्म को दूसरी, तीसरी और चौथी बार देखने पर उनके मनोसंसार में हलचल मची और भविष्य में बनाई जाने वाली ‍अपनी फिल्म की तस्वीरें दिमाग में दौड़ने लगीं। यदि भगवान कृष्ण के जीवन पर फिल्म बनाई जाएगी, तो कृष्ण का बचपन, राधा और गोपियों के प्रसंग, कालिया मर्दन, कंस वध के दृश्य परदे पर किस प्रकार प्रकट होंगे। उनकी कल्पना हवा पर सवार हो गई। भारत में भी फिल्में बनाने आया विचार दादा साहब फाल्के ने नवयुग पत्रिका (1917-18) में अपने संस्मरण लिखे हैं जिनमें 'राजा हरिश्चंद्र' के निर्माण के पूर्व (1911-12) अपनी मानसिक दशा का चित्रण किया है- अगले दो माह तक मेरी यह हालत रही कि मैं तब तक चैन से नहीं बैठ सकता था, जब तक बंबई के सिनेमाघरों में लगी सभी फिल्में नहीं देख लेता था। मैं उन सभी फिल्मों का विश्लेषण करता और सोचता कि क्या हमारे यहां भी ऐसी फिल्में बनाई जा सकती हैं।' अपनी आंखों की बीमारी के दौरान उन्होंने कला के प्रदर्शन का सही तरीका खोज निकाला। उन्होंने एक मटर का दाना एक गमले में बो दिया। उसके अंकुरण और विकसित होने के रोजाना चित्र लेने लगे। जब पूरा पौधा उग आया, तो उनकी पहली फिल्म 'मटर के पौधे का विकास' बनकर आई। इस फिल्म को देखकर उनके व्यापारी‍ मित्र नाडकर्णी ने उन्हें बाजार दर पर पैसा उधार दिया और लंदन से उपकरण खरीद लाने की सलाह दी। किचन बना डार्क रूम इस उद्योग में सबसे पहले उनके सहायक बने परिवार के सदस्य। फिल्म परफोरेटर का काम सरस्वती काकी ने संभाला। इस फिल्म की पट्टी में छेद स्वयं को करना होते थे। आधे इंच की पट्टी को घुप्प अंधेरे में रखकर छेद करने का काम सरल नहीं था। रोशनी की एक किरण से पूरी फिल्म खराब हो सकती थी। एक छेद गलत होने पर फिल्म या प्रोजेक्टर में फंस सकती थी। दिन में रसोई का काम निपटाने के बाद रात को वही रसोईघर डार्क रूम में बदल जाता था। भारत की पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र अपने अनुभवों से दादा फाल्के समझ गए थे‍ कि पहली फिल्म के लिए भगवान कृष्ण का चुनाव करना नादानी होगी। कृष्ण के जीवन का इतना विस्तार है कि उसे दो-ढाई घंटे में समेटा नहीं जा सकता। पहले छोटे बजट, कम कलाकार, ऐसा कथानक जो सरल और सर्वज्ञात हो पर फिल्म बनाने का तय करते ही उन्हें बंबई में हिट जा रहे नाटक 'राजा हरिश्चंद्र' से प्रेरणा मिली और इस तरह भारत की पहली फिल्म बनी 'राजा हरिश्चंद्र'। 'राजा हरिश्चंद्र' में राजा की भूमिका के लिए अभिनेता दाबके का चयन हुआ। तारामती के रोल में पुरुष अण्णा सालुंके राजी हुए। बेटे रोहिताश्व की सांप के काटने से मृत्यु होती है, इस अंधविश्वास के चलते किसी माता-पिता ने धन के लालच के बावजूद अपना बेटा नहीं दिया। मजबूर होकर दादा को अपने बेटे भालचंद्र को उतारना पड़ा। सरस्वती काकी जरा भी अंधविश्वासी नहीं थीं। हवा में उड़ते हनुमान दादा साहब फाल्के की अधिकांश फिल्मों की कथावस्तु पौराणिक गाथाएं और पात्र हैं। परिवार की विरासत के रूप में उन्हें बचपन में पुराण, उपनिषद, रामायण और महाभारत का अध्ययन कराया गया था, जो उनके फिल्मकार बनने पर बेहद प्रभा‍वी साबित हुआ। उनकी आरंभिक फिल्मों के चरित्रों का चित्रांकन इतना सशक्त और गहराई से देखने को मिलता है कि विदेशी दर्शकों ने फाल्के की अभिव्यक्ति का लोहा माना। फिल्म 'लंकादहन' में उड़ते हुए हनुमान को देखने दर्शकों की इतनी भीड़ जमा हो जाती थी कि कई बार उन्हें दो-दो दिन ठहरकर फिल्म देखना होती थी। पहले तो सिनेमा चमत्कार और अजूबा बनकर आया और जब हनुमान हवा में उड़ने लगे तो महा-चमत्कार हो गया। दादा साहब फाल्के ने इंडस्ट्री को कई बेहतरीन फिल्में दी। इनमें मोहिनी भस्मासुर, सत्यवान सावित्री, लंका दहन, श्री कृष्ण जन्म शामिल हैं। उनकी आखिरी बोलती फिल्म गंगावतरण थी। उनके सम्मान में भारतीय फिल्मों का सबसे बड़ा पुरस्कार 'दादा साहब फाल्के' दिया जाता है।

वेब दुनिया 30 Apr 2026 11:30 am

बॉलीवुड में आने से पहले सनी लियोनी ने कभी नहीं किया था डांस

बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी ने बीते‍ दिनों अपने जीवन औरकरियर पर नृत्य के प्रभाव को दर्शाया था। सनी लियोनी जो देसी लुक, बेबी डॉल और सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना जैसे हिट गानों में अपने सनसनीखेज डांस प्रदर्शन के लिए व्यापक रूप से जानी जाती हैं, उन्होंने अपने डांस करने के साथ अपने संघर्षों के बारे में बात की थी। एक समय था जब सनी लियोनी को कैमरे के सामने डांस करने में काफी झिझक होती थी और उन्हें केवल बेसिक 'टू-स्टेप' ही आता था। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने खुद को 'डांस नंबरों की रानी' के रूप में स्थापित कर लिया है। आज उनके डांस मूव्स के लाखों-करोड़ों दीवाने हैं और उनके गाने चार्टबस्टर पर छाए रहते हैं। 'बेबी डॉल', 'देसी लुक' और 'सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना' जैसे सुपरहिट गानों में अपने बेहतरीन डांस का जलवा बिखेरने वाली सनी लियोनी का यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। एक बयान में सनी ने इस बात को खुलकर स्वीकार किया था कि ऑन-द-स्पॉट डांस करना उनके लिए बहुत स्वाभाविक नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया था, ऑन द स्पॉट डांस करना कुछ ऐसा है जो वास्तव में मेरे दिमाग में नहीं आता। मैं एक अच्छी स्टूडेंट बनने की कोशिश करती हूं और अपने स्टेप्स ठीक से सीखती हूं। मैं तब तक रिहर्सल और अभ्यास करती हूं जब तक मुझे लगता है कि यह सही और आकर्षक नहीं लगता है। सनी लियोनी की यह बात साबित करती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। भले ही उन्हें डांस सीखने और भारतीय गानों के अंदाज को अपनाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ी हो, लेकिन उनके समर्पण ने उन्हें बॉलीवुड की एक प्यारी हस्ती बना दिया है। जब सनी लियोनी ने भारतीय फिल्म उद्योग में कदम रखा, तो वह यहां के लिए बिल्कुल एक बाहरी थीं। इंडस्ट्री का हिस्सा बनने और यहां के डांस कल्चर को समझने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया। शुरुआत में उन्हें डांस स्टेप्स याद रखने और उन्हें सही तरीके से परफॉर्म करने में थोड़ी मुश्किल होती थी। सनी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था, डांस ने मेरी जिंदगी बदल दी है। बॉलीवुड में आने से पहले, मैंने वास्तव में कभी भी डांस नहीं किया था। मुझे केवल टू-स्टेप के बारे में पता था। मैंने नृत्य करना शुरू किया, और मुझे एहसास हुआ कि मैं वास्तव में संगीत का अधिक आनंद लेती हूं। डांस ने मुझे अपनी झिझक को दूर करने और खुले रूप से बाहर आने की अनुमति दी। 'बेबी डॉल' से लेकर 'सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना' तक का जादू सनी लियोनी के गानों की सफलता का ग्राफ हमेशा काफी ऊंचा रहा है। रागिनी एमएमएस 2 का गाना 'बेबी डॉल' हो या 'एक पहेली लीला' का 'देसी लुक', सनी ने अपने हर गाने से दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके ये डांस नंबर आज भी पार्टियों और शादियों की जान बने हुए हैं।

वेब दुनिया 30 Apr 2026 11:15 am

Kachhap Avatar: कूर्म जयंती 2026: जब श्रीहरि की पीठ पर टिका मंदराचल पर्वत, जानें समुद्र मंथन की ये अनोखी कथा

Kurma Avatar story: भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार, कूर्म अवतार और समुद्र मंथन की पौराणिक कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन के गहरे प्रबंधन सूत्रों को भी सिखाती है। जब देवता और असुर अमृत की खोज में एकजुट हुए, तब मंदराचल पर्वत को डूबने से बचाने के लिए श्रीहरि ने कछुए का रूप धरा। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करते हैं? आज के डिजिटल युग में, लोग न केवल इस कथा के आध्यात्मिक पक्ष को खोज रहे हैं, बल्कि इससे जुड़ी ज्योतिषीय और सांस्कृतिक मान्यताओं को भी जानना चाहते हैं। यहां पढ़ें कूर्म जयंती की कथा... 01 मई को पड़ने वाला वैशाख पूर्णिमा का दिन भारतीय संस्कृति में बेहद खास है। यह वही पावन तिथि है जब हम बुद्ध जयंती और महर्षि भृगु जयंती के साथ-साथ 'कूर्म जयंती' भी मनाते हैं। 'कूर्म' यानी कछुआ- भगवान विष्णु का वह अवतार, जिसने डूबते हुए पर्वत को संभालकर सृष्टि को अमृत का वरदान दिलाया। क्रोध, शाप और खोई हुई लक्ष्मी कहानी शुरू होती है दुर्वासा ऋषि के भयंकर क्रोध से। जब देवराज इंद्र ने अनजाने में ऋषि का अपमान किया, तो उन्होंने इंद्र को 'श्री' (लक्ष्मी और ऐश्वर्य) से हीन होने का शाप दे दिया। स्वर्ग की रौनक चली गई और देवता शक्तिहीन हो गए। तब संकटमोचन विष्णु जी ने एक युक्ति निकाली- समुद्र मंथन! उन्होंने असुरों को अमृत का लालच देकर देवताओं के साथ मिलकर समुद्र को मथने के लिए राजी किया। जब डूबने लगा मंदराचल पर्वत... मंथन की तैयारी पूरी थी। मंदराचल पर्वत को 'मथानी' बनाया गया और नागराज वासुकि को 'नेती' (रस्सी)। लेकिन जैसे ही मंथन शुरू हुआ, एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। समुद्र के बीचों-बीच पर्वत को सहारा देने वाला कोई ठोस आधार नहीं था और वह धीरे-धीरे पानी में डूबने लगा। कच्छप अवतार और 14 रत्नों का जन्म देवताओं को संकट में देख भगवान विष्णु ने एक विशालकाय कछुए (कच्छप) का रूप धारण किया। वे समुद्र के तल में जाकर बैठ गए और मंदराचल पर्वत को अपनी कठोर पीठ पर थाम लिया। भगवान की पीठ के मजबूत आधार पर पर्वत तेजी से घूमने लगा और फिर शुरू हुआ चमत्कारों का सिलसिला। समुद्र से एक-एक करके 14 रत्न निकले, जिनमें माता लक्ष्मी, ऐरावत हाथी और अंत में अमृत कलश शामिल था। खास बात: इसी कथा के अंत में विष्णु जी ने मोहिनी रूप भी धरा था, ताकि असुरों से अमृत बचाकर देवताओं को अमर बनाया जा सके। कूर्म अवतार हमें सिखाता है कि बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक मजबूत 'आधार' और धैर्य की आवश्यकता होती है। इस बार कूर्म जयंती पर जब आप कछुए का प्रतीक देखें, तो याद रखिएगा कि यह केवल एक जीव नहीं, बल्कि उस शक्ति का प्रतीक है जिसने पूरी सृष्टि के कल्याण के लिए भार उठाया था। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Buddha Purnima wishes: बुद्ध पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे अलग खुशियों भरे शुभकामना संदेश

वेब दुनिया 30 Apr 2026 11:03 am

'बॉबी' से मिला स्टारडम, लेकिन एक अवॉर्ड का रहा ताउम्र मलाल, ऋषि कपूर की अनकही बातें

बॉलीवुड में अपने सदाबहार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले ऋषि कपूर को उनकी पहली फिल्म 'मेरा नाम जोकर' के लिए बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड मिला था। चार सितंबर 1952 को मुंबई में जन्में ऋषि कपूर को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनके पिता राज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता और निर्माता-निर्देशक थे। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण ऋषि कपूर का रूझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने के ख्वाब देखने लगे। ऋषि कपूर ने अपने सिने करियर की शुरूआत अपने पिता की निर्मित फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से की। वर्ष 1970 में प्रदर्शित इस फिल्म में ऋषि कपूर ने 14 वर्षीय लड़के की भूमिका निभाई जो अपनी शिक्षिका से प्रेम करने लगता है। अपनी इस भूमिका को ऋषि कपूर ने इस तरह निभाया कि दर्शक भावविभोर हो गए। फिल्म 'मेरा नाम जोकर' के लिए ऋषि को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड मिला था। इससे जुड़ा एक किस्सा उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'खुल्लम खुल्ला' में बताते हुए कहा था, 'जब मैं मुंबई लौटा तो मेरे पिता ने उस अवॉर्ड के साथ मुझे अपने दादा जी पृथ्वीराज कपूर के पास भेजा। मेरे दादा जी ने वो मेडल अपने हाथ में लिया और उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने मेरे माथे को चूमा और कहा, 'राज ने मेरा कर्जा उतार दिया।' फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। जब राज कपूर ने ऋषि कपूर को फिल्म 'मेरा नाम जोकर' में अपने बचपन का रोल दिया तो वे स्कूल में पढ़ा करते थे। फिल्म में काम करने के दौरान ऋषि स्कूल नहीं जा पाते थे और ये बात उनके टीचर्स को बिल्कुल पसंद नहीं थी। आखिर एक दिन ऐसा आया जब स्कूलवालों ने ऋषि कपूर को स्कूल से निकाल दिया। जब ये बात राज कपूर को पता चली तो उन्होंने काफी मशक्कत के बाद स्कूल में फिर से ऋषि कपूर का एडमिशन करवाया। फिल्म मेरा नाम जाकर भारतीय सिनेमा इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है लेकिन उन दिनों फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नकार दी गई थी। इस फिल्म को पूरा करने में काफी समय लगा था। बताया जाता है कि राज कपूर को अपनी पत्नी के गहने भी बेचने पड़े थे। राज कपूर पर काफी कर्ज हो गया था। राज कपूर ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए कम बजट की फिल्म बॉबी बनाने का निर्णय लिया। टीनएज प्रेम कथा पर आधारित वर्ष 1973 में प्रदर्शित फिल्म 'बॉबी' के लिए राज कपूर ने अपने बेटे ऋषि कपूर और 16 साल की डिंपल कपाड़िया को चुना था। बतौर अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया की भी यह पहली ही फिल्म थी। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ डिंपल कपाड़िया बल्कि ऋषि कपूर को भी शोहरत की बुंलदियों पर पहुंचा दिया। राज कपूर पर चढ़ा कर्ज भी उतर गया। फिल्म बॉबी के लिए ऋषि कपूर को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मिला था, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई ऋषि कपूर ने खुद ऑटोबायोग्राफी खुल्लम खुल्ला में बताते हुए कहा था कि उन्होंने ये अवॉर्ड पैसे देकर खरीदा था। इस बात का उन्हें ताउम्र मलाल रहा था। फिल्म बॉबी की सफलता के बाद ऋषि कपूर की जहरीला इंसान, जिंदादिल और राजा जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण ये फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म खेल खेल में की कामयाबी के बाद ऋषि कपूर बतौर अभिनेता अपनी खोई हुई पहचान बनाने में कामयाब हो गए। कॉलेज की जिंदगी पर बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर की नायिका की भूमिका अभिनेत्री नीतू सिंह ने निभाई। फिल्म खेल खेल में की कामयाबी के बाद ऋषि कपूर और नीतू सिंह की जोड़ी दर्शकों के बीच काफी मशहूर हो गयी। बाद इस जोड़ी ने रफूचक्कर, जहरीला इंसान, जिंदादिल, कभी-कभी, अमर अकबर एंथनी, अनजाने, दुनिया मेरी जेब में, झूठा कहीं का, धन दौलत, दूसरा आदमी आदि फिल्मों में युवा प्रेम की भावनाओं को निराले अंदाज में पेश किया। वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म अमर अकबर एंथोनी ऋषि कपूर के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी में भी ऋषि कपूर ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बना दिया। मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर अकबर इलाहाबादी की भूमिका में दिखाई दिए। इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'पर्दा है पर्दा' आज भी सर्वश्रेष्ठ कव्वाली के तौर पर शुमार किया जाता है। वर्ष 1977 में ही ऋषि कपूर के सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म हम किसी से कम नहीं रिलीज हुई। नासिर हुसैन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर डांसर सिंगर की भूमिका में दिखाई दिए। इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'बचना ए हसीनों लो मै आ गया' आज भी श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर देता है। वर्ष 1979 में के. विश्वनाथ की श्री श्री मुवा की हिंदी में रिमेक फिल्म सरगम ऋषि कपूर के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये अपने करियर में पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से उन्हें नामांकित किया गया। वर्ष 1980 में रिलीज फिल्म कर्ज ऋषि कपूर की सुपरहिट फिल्म में शुमार की जाती है। सुभाष घई के निर्देशन में पुनर्जन्म पर आधारित इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'ओम शांति ओम' दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। इस गीत से जुड़ा दिलचस्प तथ्य यह है कि इसे कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र स्टेडियम में फिल्माया गया था और गाने के दौरान ऋषि कपूर एक घूमते हुए डिस्क पर नृत्य करते हैं। वर्ष 1982 में प्रदर्शित फिल्म प्रेम रोग में ऋषि कपूर के अभिनय के नए रूप देखने को मिले। यूं तो यह फिल्म नारी प्रधान थी इसके बावजूद उन्होंने अपने भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों का दिल जीतकर फिल्म को सुपरहिट बना दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित भी किए गए। वर्ष 1985 में प्रदर्शित फिल्म तवायफ ऋषि कपूर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। फिल्म में जबरदस्त अभिनय के लिए ऋषि कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। वर्ष 1989 में प्रदर्शित फिल्म चांदनी ऋषि कपूर अभिनीत महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर ने फिल्म के शुरूआत में जहां चुलबुला और रूमानी अभिनय किया वहीं फिल्म के मध्यांतर में एक अपाहिज की भूमिका में संजीदा अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सवश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से नामांकित भी किए गए। वर्ष 1996 में ऋषि कपूर ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखकर प्रेम ग्रंथ का निर्माण किया। यह फिल्म हालांकि टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन इसमें ऋषि कपूर के अभिनय को जबरदस्त सराहना मिली। वर्ष 1999 में ऋषि कपूर ने फिल्म आ अब लौट चले का निर्माण और निर्देशन किया। दुर्भाग्य से यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 2000 में प्रदर्शित फिल्म कारोबार की असफलता के बाद और अभिनय में एकरूपता से बचने तथा स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए ऋषि कपूर ने स्वयं को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। वर्ष 2009 में प्रदर्शित फिल्म लव आज कल में अपने दमदार अभिनय के लिए ऋषि कपूर को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। ऋषि कपूर ने अपने चार दशक के लंबे सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया। वर्ष 2018 में उन्हें कैंसर हुआ था। ऋषि का अमेरिका में 11 महीनों तक इलाज चला जिसके बाद वे भारत लौट आए थे और यहीं उन्होंने 30 अप्रैल 2020 को अपनी अंतिम सांस ली थी। अपने काम को लेकर उन्हें इतना जुनून था कि अमेरिका में इलाज के दौरान भी वे फिल्ममेकर्स से स्क्रिप्ट मंगाते और पढ़ते थे। ऋषि कपूर की अंतिम फिल्म 'शर्माजी नमकीन' वर्ष 2022 में ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही ऋषि बीमार पड़े थे। फिर कोविड का दौर आ गया था। ऋषि फिल्म पूरी करते, उससे पहले ही उनका निधन हो गया था। ऋषि कपूर ने शर्माजी का किरदार 65 प्रतिशत तक शूट कर लिया था। बाकी बचा हुआ किरदार परेश रावल ने शूट किया था।

वेब दुनिया 30 Apr 2026 10:56 am

बंगाल में नरेंद्र मोदी या ममता बनर्जी, क्या कहते हैं जानेमाने ज्योतिष?

Bengal Election Astrological Predictions: बंगाल की राजनीतिक बिसात पर इस समय सबकी नजरें टिकी हैं। चुनावी शोर थमने के बाद अब सारा दारोमदार ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के समीकरणों पर आ गया है। 04 मई को आने वाले परिणामों से पहले ज्योतिष जगत में सुगबुगाहट तेज है। आइए, एक नए नजरिए से समझते हैं कि आखिर ब्रह्मांड के सितारे बंगाल की सत्ता की चाबी किसे सौंपने का संकेत दे रहे हैं। ग्रहों की चाल: मोदी का 'मंगल' बनाम ममता का 'शनि' ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह मुकाबला केवल दो नेताओं के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग ग्रह दशाओं के बीच है। ममता बनर्जी: चुनौतियों का चक्रव्यूह ममता बनर्जी की कुंडली का सूक्ष्म विश्लेषण बताता है कि वर्तमान में वे शनि और राहु के दोहरे प्रभाव से गुजर रही हैं। शनि का गोचर उन्हें मानसिक रूप से अशांत रख सकता है और अपनों से मिलने वाला 'भरोसे का संकट' उनकी राह मुश्किल बना रहा है। ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि उनकी वाणी (बुध के मीन राशि में होने के कारण) विवादों का कारण बन सकती है। सितारों की मानें तो इस समय उन्हें राजनीति के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि ममता बनर्जी की जन्मकुंडली बहुत स्ट्रांग है जो बाजी पलट सकती है। नरेंद्र मोदी: पराक्रम का उदय दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में मंगल अत्यंत प्रभावी और बलवान स्थिति में गोचर कर रहा है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा और विजय का कारक माना जाता है। उनकी कुंडली की यह मजबूती उन्हें एक अपराजेय योद्धा के रूप में पेश कर रही है, जो बंगाल के दुर्ग को फतह करने के लिए प्रबल दावेदार नजर आ रहे हैं। दिग्गज ज्योतिषियों का विश्लेषण: क्या होगा सत्ता परिवर्तन? देश के जाने-माने भविष्यवक्ताओं ने ग्रहों के गोचर और राजनीतिक इतिहास को जोड़कर जो निष्कर्ष निकाले हैं, उनमें से अधिकांश एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं: एस्ट्रो शर्मिष्ठा और ज्योतिष वरुण प्रकाश: इन दोनों विशेषज्ञों का मानना है कि ममता बनर्जी के लिए यह समय पराजय के योग बना रहा है। उनके अनुसार, भाजपा सत्ता की दहलीज पार कर सकती है, हालांकि नई सरकार के शुरुआती ढाई साल काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने की संभावना है। संजीव आनंद (Astro SantJi) और निशांत राजवंशी: इन्होंने बाकायदा सीटों का गणित भी सामने रखा है। इनके विश्लेषण के अनुसार, भाजपा 150 से 162 सीटों के बीच हासिल कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बना सकती है। संत बेत्रा: इनका तर्क है कि बंगाल की अपनी कुंडली और वर्तमान मुख्यमंत्री की राशि पर शनि-राहु का नकारात्मक प्रभाव 'सत्ता परिवर्तन' की पटकथा लिख रहा है, लेकिन यह बहुत कम अंतर से होगा। अन्य ज्योतिष: इसके अलावा सुरेश कौशल, अरविंद त्रिपाठी, आचार्य रीना शर्मा और आचार्य शैलेश तिवारी जैसे विद्वानों ने भी मोदी की 'मंगल दशा' को जीत का मुख्य आधार बताया है। उनके अनुसार, ग्रहों का यह तालमेल भाजपा के पक्ष में एक मजबूत लहर पैदा कर रहा है। विपरीत मत: क्या 'दीदी' का किला अभेद्य रहेगा? हालांकि ज्योतिष के आकाश में एक पक्ष भाजपा की जीत देख रहा है, वहीं कुछ अन्य भविष्यवक्ताओं का तर्क इससे बिल्कुल अलग है। इन विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी की कुंडली में मौजूद राजयोग अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनकी गणना के अनुसार, 'दीदी' की कुंडली अभी भी अत्यंत शक्तिशाली है और वे 160 से 175 सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में शानदार वापसी कर सकती हैं। निष्कर्ष ज्योतिष केवल संभावनाओं का शास्त्र है। जहाँ बहुसंख्यक ज्योतिषी सत्ता परिवर्तन और भाजपा की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं, वहीं कुछ धड़े ममता बनर्जी की मजबूत वापसी पर अडिग हैं। हार-जीत का असली फैसला तो ईवीएम में बंद हो चुका है, जिसका खुलासा 4 मई को होगा। फिलहाल, ग्रहों की इस जंग ने जनता की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है।

वेब दुनिया 30 Apr 2026 10:52 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 अप्रैल, 2026)

1. मेष (Aries) Today 30 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: इस दिन आपको कार्यस्थल पर सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में समझदारी बनाए रखें। धन: धन में बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: आज हल्की-फुल्की समस्याएं हो सकती हैं, ध्यान रखें। उपाय: दिन की शुरुआत में सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। ALSO READ: Amarnath yatra 2026: कैसे और कब प्रारंभ हुई अमरनाथ यात्रा? 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्य में सफलता का समय है, कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में तनाव हो सकता है, समझदारी से काम लें। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी, सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें, नियमित व्यायाम करें। उपाय: गणेश जी की पूजा करें और लड्डू का भोग अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर कुछ अड़चनें आ सकती हैं, धैर्य रखें। लव: रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार होगा। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय भी अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य: खुद को तरोताजा रखने के लिए आराम करें। उपाय: हनुमान जी के मंत्र का जाप करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: काम में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो लाभकारी होगी। लव: आज आप अपने प्रिय के साथ समय बिता सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: सफेद वस्त्र पहनें और आज भगवान शिव का ध्यान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्य में कुछ प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन आप विजयी होंगे। लव: अपने प्रेमी/प्रेमिका से मेलजोल बढ़ाएं, कोई गलतफहमी हो सकती है। धन: धन का अच्छा संचार होगा, पुराने निवेश का लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य रहेगा, ध्यान रखें। उपाय: श्री लक्ष्मी मंत्र का जप करें। ALSO READ: Narasimha jayanti 2026: नृसिंह भगवान के बारे में 5 अनसुने रहस्य 6. कन्या (Virgo) करियर: नई योजनाओं पर काम करने का समय है, सफलता मिलने की संभावना। लव: आज अपने रिश्ते को लेकर कुछ निर्णय ले सकते हैं। धन: धन से संबंधित मामले सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कार्यस्थल पर कुछ अड़चनें आ सकती हैं, संयम बनाए रखें। लव: प्रियजन से बातचीत में हल्की सी दूरियां आ सकती हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, कोई नया निवेश न करें। स्वास्थ्य: ध्यान और योग करें। उपाय: घर के मुख्य द्वार पर दीपक रखें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: इस दिन कार्य में स्थिरता मिलेगी, कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन: व्यावसायिक मामले अच्छे रहेंगे, धन का लाभ होगा। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। उपाय: काले तिल का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज कार्य में बदलाव की संभावना हो सकती है। लव: रिश्तों में समझदारी से काम लें, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत का ध्यान रखें, थोड़ी थकान हो सकती है। उपाय: श्री कृष्ण की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: इस दिन आपको कार्य में अच्छा परिणाम मिलेगा। लव: प्यार और समझदारी के साथ रिश्तों में आगे बढ़ें। धन: धन लाभ के संकेत हैं, लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: काम में नई दिशा मिलेगी, उत्साहित रहें। लव: प्रेम संबंधों में कुछ परेशानियां हो सकती हैं। धन: धन लाभ के अच्छे संकेत हैं। स्वास्थ्य: मानसिक स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: बड़ों का आशीर्वाद लें। 12. मीन (Pisces) करियर: इस दिन कुछ नई पेशेवर गतिविधियां हो सकती हैं। लव: प्रेम संबंधों में समर्पण और समझ बढ़ेगी। धन: धन की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से स्फूर्ति बनी रहेगी। उपाय: घर में तुलसी के पौधे की पूजा करें। ALSO READ: बुद्ध जयंती 2026: आखिर कहां और कैसे हुआ था गौतम बुद्ध का जन्म? जानें पूरी सच्चाई

वेब दुनिया 30 Apr 2026 7:03 am

अवसरवादी पंडित विवाद के 46 दिन, जांच टीम ‘गायब’:BJP विधायकों को चुप रहने का मैसेज, योगी को लेटर लिखने वाले नेता शांत

14 मार्च 2026, यूपी पुलिस SI भर्ती परीक्षा में सवाल पूछा गया- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। पहला विकल्प था- पंडित। दूसरा- अवसरवादी, तीसरा- निष्कपट और चौथा- सदाचारी। सही जवाब- अवसरवादी। विकल्प में ब्राह्मण लिखने से ये समुदाय भड़क गया। ब्राह्मण विधायकों और नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नाराजगी भरी चिट्ठियां लिखीं। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने फौरन जांच का आदेश दिया। CM ने भी कहा कि ऐसे सवाल बनाने वालों को खोजकर ब्लैकलिस्ट करो। 46 दिन हो गए। विधायकों को चिट्ठियों के जवाब नहीं मिले। ये तक नहीं पता कि जांच टीम बनी भी है या नहीं। दैनिक भास्कर ने विरोध दर्ज कराने वाले BJP के तीन विधायक, एक बड़े नेता, एक सपा विधायक और यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अफसरों से बात की। BJP नेता और विधायकों ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बात की क्योंकि हाईकमान से चुप रहने का मैसेज मिला है। पढ़िए इनके जवाब… 1.यूपी में BJP के प्रदेश स्तर के नेता सवाल: आपने CM को लेटर लिखा था, उसका फॉलोअप लिया?जवाब: हां, पूछा था। गोलमोल जवाब मिला। हमें बताया गया है कि बोर्ड की टीम इस मामले की जांच कर रही है। टीम में कौन-कौन हैं, हमें नहीं बताया गया। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। उनसे पूछ सकते हैं। सवाल: क्या जांच की स्थिति जानने के लिए दोबारा लेटर लिख सकते हैं? जवाब: हां, ये कर सकते हैं। करेंगे भी। सवाल: बोर्ड लखनऊ में ही है, क्या आपकी अधिकारियों तक पहुंच नहीं है? जवाब: पहुंच तो सब तक है, लेकिन अधिकारियों की मजबूरी है कि उन्हें ऊपर के लोगों के आदेश पर चलना पड़ता है। वे हमें औपचारिक तौर पर कुछ क्यों बताएंगे। अनौपचारिक तौर पर पता लगा है कि जांच टीम बनी ही नहीं। मौखिक जवाब दे दिया गया। लिखित में कुछ नहीं हुआ। 2. BJP विधायक 1 सवाल: जांच रिपोर्ट कब तक आएगी, आपने कुछ फॉलाेअप लिया?जवाब: हां, लेटर लिखा था। मुख्यमंत्री जी ने भरोसा दिया था कि जांच होगी। टीम में कौन-कौन है, ये गोपनीय विषय है। जांच गुप्त रूप से चल रही है। हमें नहीं बता सकते। मामला गंभीर है। रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा। हम फिर से फॉलोअप ले लेंगे। आपको स्टेटस पूछकर बता देंगे। हमने नाराजगी जताने के लिए लेटर लिखा था। नाराजगी दर्ज हो गई। अब जांच सरकार का विषय है। 3. BJP विधायक 2 सवाल: अवसरवादी पंडित वाला मामला कहां तक पहुंचा?जवाब: अब निपट गया है। बोर्ड ने मौखिक जवाब दिया है कि मामले को गलत ढंग से प्रचारित किया गया। पेपर में विकल्प के तौर पर पंडित दिया गया था। ये नहीं कहा गया कि पंडित ही सही विकल्प है। अगर कोई पंडित टिक करता, तो वो गलत जवाब होता। विकल्प हमेशा स्टूडेंट्स को भ्रमित करते हुए होते हैं। ये विकल्प भी स्टूडेंट को भ्रमित करने वाला था। बोर्ड या पेपर सेटर की मंशा न तो शरारत की थी और न साजिश की। फिर भी जरूरी है कि एक जाति के नेताओं को टारगेट करने की आदत वाले शरारती तत्वों की पहचान हो। इस विषय को किसी एक मुद्दे की बजाय कई घटनाओं को जोड़कर देखना चाहिए। सवाल: आप लोग जांच का दबाव क्यों नहीं बना रहे? जवाब: लेटर लिखने वाले विधायकों को पार्टी ने मैसेज दे दिया है कि शांति बनाए रखें। कुछ और लिखने या पूछने की जरूरत नहीं। राजनीति में मैसेजिंग होती है, लिखत-पढ़त में या किसी कानूनी तरह से नहीं। बस मैसेज मिल जाता है। और लोग समझ जाते हैं। 4. BJP विधायक 3 सवाल: अवसरवादी पंडित वाले मामले की जांच कहां तक पहुंची?जवाब: CM ऑफिस से हमें बताया गया कि जांच चल रही है। हम भी इंतजार कर रहे हैं। अब रिमाइंडर डालेंगे। लखनऊ जाएंगे तो स्टेटस पता करेंगे। जांच टीम में बोर्ड के अंदर के लोग हैं या सरकार के भी लोग हैं, हमें नहीं बताया गया। 5. अमिताभ बाजपेयी, सपा विधायक सवाल: आपने CM को शिकायती लेटर भेजा था, क्या जवाब आया?जवाब: आपको लगता है वहां से कोई जवाब मिलता है! अपने विधायकों की तो सुनते नहीं, हमारी क्या सुनेंगे। उन्हें लेटर तो कई मुद्दों पर लिखे हैं। आज तक किसी का जवाब नहीं मिला। RTI लगाने का भी फायदा नहीं। वे भी अटक जाती हैं। हमने पता लगाया, तो कहा गया टीम जांच कर रही है। टीम में कौन-कौन है, बोर्ड के कौन से अधिकारी जांच के दायरे में हैं, इसकी खबर किसी को नहीं। आप BJP विधायकों से भी पता लगाइए। वे अंदर के लोग हैं, शायद उन्हें कुछ पता चला हो। 6. यूपी पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड के सोर्स सवाल: क्या जांच टीम बनी है, पेपर सेट करने वाली टीम में कौन-कौन था?जवाब: हमारी नॉलेज में ऐसी कोई टीम नहीं बनी है। बोर्ड में बैठक जरूर हुई है। डायरेक्टर साहब ने बोर्ड के सभी अधिकारियों को हिदायत दी थी कि इस बारे में किसी से बात न करें। तब भी इसे किसी की साजिश या शरारत नहीं बताया गया, बल्कि गलतफहमी से उपजा विवाद बताया गया था। पेपर सेट करने वाली टीम बाहर की थी। पता लगा था कि कर्नाटक की कोई फर्म थी। कंपनी के मालिक हाई प्रोफाइल हैं। नाम के बारे में 100% श्योर नहीं हूं। कंपनी का कनेक्शन कर्नाटक और महाराष्ट्र से भी था। मालिक यूपी से है। बहुत सेंसेटिव जोन से है, इसीलिए अभी नाम नहीं ले रहा हूं। बोर्ड के चेयरमैन को कई बार फोन किया, हर बार मीटिंग का हवाला यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एस. बी. शिरोडकर को हमने कई बार फोन किया। ऑफिस के नंबर पर हर बार फोन उठा। साहब की व्यस्तता और बैठकों का हवाला देकर कुछ देर बाद फोन करने को कहा गया। कुछ देर बाद फोन करने पर फिर वही जवाब मिला। उनके मोबाइल नंबर पर भी कई बार फोन किया, लेकिन बात नहीं हुई। चेयरमैन के पीए अशोक वर्मा से दो बार बात हुई। पहली बार उन्होंने सीयूजी नंबर और ऑफिस के नंबर पर बात करने की सलाह दी। बात नहीं हुई तो कहा, मैं ऑफिस जाऊंगा, तो बात करवा दूंगा। अगली बार बात की, तो जवाब झल्लाहट के साथ मिला। मैं छुट्टी पर हूं। मुझे बार-बार फोन न करें। यूपी में 52 ब्राह्मण विधायक, सबसे ज्यादा 41 BJP के यूपी विधानसभा में कुल 52 ब्राह्मण विधायक हैं। इनमें BJP के 41, BJP के साथ गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी के 4, अपना दल (S) के 1, विपक्षी समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 1 विधायक ब्राह्मण कम्युनिटी से आते हैं। CSDS-लोकनीति के अनुमानित आंकड़े के मुताबिक, यूपी में ब्राह्मणों की आबादी 9% से 11% के बीच मानी जाती है। OBC 45% से 50%, अनुसूचित जाति 21% से 22%, अनुसूचित जाति 19% से 20%, राजपूत 7% से 8%, वैश्य 3% से 4% और अन्य 2% से 3% हैं। ……………………………… ये रिपोर्ट भी पढ़ेंपंजाब में क्या 38% दलित दिलाएंगे BJP को जीत, RSS के प्लान में दलित संत-राम कनेक्शन पंजाब में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल बाकी है, लेकिन RSS ने पंजाब जीतने का प्लान लॉक कर लिया है। गृह मंत्री अमित शाह भी साफ कर चुके हैं कि BJP पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। RSS के प्लान के केंद्र में पंजाब की 38% दलित आबादी है। इसे साधने के लिए 5 पॉइंटर रणनीति बनी है। टारगेट पर AAP की 92 सीटें हैं। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 30 Apr 2026 4:53 am

बैंगलूरू को भेदना आसान नहीं, क्या मोटेरा पर कमाल कर पाएगी गुजरात?

RCBvsGT मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल 2026 प्लेऑफ़ की दौड़ में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी, जब गुरुवार को यहाँ नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सीजन के 42वें मैच में उसका सामना गुजरात टाइटन्स से होगा। आरसीबी इस मुकाबले में जबरदस्त फ़ॉर्म में उतर रही है; उसने अपने आठ में से छह मैच जीते हैं और 1.919 के शानदार नेट रन रेट के साथ पॉइंट्स टेबल पर दूसरे स्थान पर है। वहीं, गुजरात टाइटन्स का प्रदर्शन इस सीज़न में उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें उसे चार जीत और चार हार मिली हैं, जिससे वह पॉइंट्स टेबल में बीच में फँसी हुई है और उसका नेट रन रेट भी नेगेटिव है। बेंगलुरु की टीम ने इसी सीजन में पहले गुजरात टाइटन्स को पाँच विकेट से हराया था और इस बार भी वह अपनी बल्लेबाज़ी की ताक़त और अनुशासित गेंदबाज़ी के संतुलित तालमेल पर ही भरोसा करेगी। विराट कोहली 58.50 की औसत से 351 रन बनाकर आरसीबी की बल्लेबाज़ी की रीढ़ बने हुए हैं, जबकि देवदत्त पडिक्कल और रजत पाटीदार ने मध्यक्रम में आक्रामक अंदाज़ में उनका साथ दिया है। उनकी गेंदबाज़ी भी इस टूर्नामेंट में सबसे असरदार रही है; भुवनेश्वर कुमार अब तक 14 विकेट ले चुके हैं और जोश हेजलवुड लगातार मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी कर रहे हैं। आरसीबी दिल्ली कैपिटल्स पर एकतरफ़ा जीत हासिल करके इस मैच में उतर रही है, जिसमें उसने अपने विरोधी को सिर्फ़ 75 रन पर ऑल आउट कर दिया था और फिर 6.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया था। हेज़लवुड ने 4/12 का प्रदर्शन किया, जबकि भुवनेश्वर ने 3/5 विकेट लेकर अपना दबदबा दिखाया। हालाँकि, गुजरात टाइटन्स चेन्नई सुपर किंग्स पर अपनी हालिया जीत से आत्मविश्वास हासिल करेगी। साई सुदर्शन ने 46 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि जोस बटलर और कप्तान शुभमन गिल ने भी लगातार रन बनाने का अपना सिलसिला जारी रखा। कगिसो रबाडा ने इस सीज़न में 13 विकेट लेकर गेंदबाज़ी की कमान बखूबी संभाली है। घरेलू मैदान का फ़ायदा होने के बावजूद, गुजरात टाइटन्स इस सीज़न में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों में से सिर्फ़ एक ही जीत पाई है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने अहम पड़ाव पर पहुँच रहा है, उनकी यह बेजोड़ फ़ॉर्म उनके लिए चिंता का सबब बनी हुई है। अहमदाबाद की पिच से बल्लेबाज़ी के लिए मददगार होने की उम्मीद है, जहाँ आईपीएल की पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 180 रहता है। मौसम साफ़ और सूखा रहने की संभावना है, हालाँकि दूसरी पारी में ओस का असर पड़ सकता है। मेहमान टीम के पक्ष में चल रही लय और हालिया फॉर्म को देखते हुए, इस बड़े मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु थोड़ी ज़्यादा मजबूत दावेदार नजर आ रही है। टीम इस प्रकार हैं: गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, राहुल तेवतिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप साल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल। समय : शाम 7.30 बजे

वेब दुनिया 29 Apr 2026 10:54 pm

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में मतदान के तुरंत बाद बुजुर्ग की मौत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान बुधवार को हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई। यहाँ 82 वर्षीय एक बुजुर्ग मतदाता ने अपना वोट डालने के तुरंत बाद दम तोड़ दिया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मृतक […] The post पश्चिम बंगाल के हावड़ा में मतदान के तुरंत बाद बुजुर्ग की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 8:27 pm

खैरथल तिजारा में विवाह से एक दिन पहले दुल्हन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के खैरथल थाना क्षेत्र में एक परिवार की खुशियां पलक झपकते ही मातम में बदल गईं, जब बुधवार को बारात आनी थी और एक दिन पहले दुल्हन लक्ष्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को घर में हल्दी की रस्म चल […] The post खैरथल तिजारा में विवाह से एक दिन पहले दुल्हन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 8:19 pm

बंगाल में BJP की सरकार बनती क्यों दिख रही:मछली का भोज, शाह की नई स्ट्रैटेजी और SIR; BJP के 5 बड़े दांव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। भास्कर एक्सप्लेनर में जानिए वो 5 बड़े फैक्टर, जिनकी वजह से बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती दिख रही है… बंगाल चुनाव में बीजेपी को हिंदू वोटर्स से सबसे बड़ी उम्मीद है। इसी वोट बैंक के दम पर बीजेपी 2016 में 3 सीटों से 2021 में 77 सीटों तक पहुंची थी। 2026 चुनाव में भी हिंदुओं को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी ने कई बड़े कदम उठाए, जिनमें से ज्यादातर कामयाब होते दिख रहे हैं… ‘फिश पॉलिटिक्स’ को ही चुनावी हथियार बना लिया ‘काबा’ बनाम ‘मां काली’ का नैरेटिव बनाया ममता बनर्जी लगातार 15 सालों से बंगाल की सीएम हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि उन्हें सत्ता में बनाए रखने में महिला वोट-बैंक की बड़ी भूमिका रही, जिससे ममता ने लगातार मजबूत किया था। बीजेपी ने ममता के इस बडे़ वोट-बैंक में सेंध लगाने के लिए पूरा जोर लगा दिया… महिला वोटर्स के लिए दोगुना कैश चुनाव से पहले महिला आरक्षण का दांव आजादी बनाम पाबंदी का नैरेटिव 2021 की हार से सबक लेते हुए बीजेपी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 'बूथ जीतने' पर फोकस बढ़ाया। बंगाल में बीजेपी की नई रणनीति के 5 हाइलाइट्स हैं… ----------------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बंगाल- 6 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार: असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी; केरल में 10 साल बाद UDF सरकार बनने का अनुमान पश्चिम बंगाल में 6 एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं। 5 में भाजपा और एक में TMC सरकार बनने का अनुमान जताया गया है। मैट्रिज के एग्जिट पोल में TMC को 125 से 140 और भाजपा को 146 से 161 सीटें मिलने का अनुमान है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 29 Apr 2026 8:13 pm

भोपाल में युवक का अपहरण कर अमानवीय यातना, निर्वस्त्र कर मारपीट, चेहरे पर पेशाब; वीडियो वायरल

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में वर्चस्व की लड़ाई के बीच एक युवक के साथ अमानवीय अत्याचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कमला नगर और हनुमानगंज थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में बदमाशों ने युवक का अपहरण कर उसे निर्वस्त्र कर बेल्ट, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा और उसके चेहरे पर पेशाब कर […] The post भोपाल में युवक का अपहरण कर अमानवीय यातना, निर्वस्त्र कर मारपीट, चेहरे पर पेशाब; वीडियो वायरल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 7:22 pm

दो बीघा जमीन बना खून-खराबे की वजह, संघर्ष में तीन लोग घायल

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में भूर पहाड़ी गांव में महज दो बीघा जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद को लेकर बुधवार को दो पक्षों में अचानक खूनी संघर्ष छिड़ गया जिससे तीन लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाद की जड़ दो बीघा जमीन है। […] The post दो बीघा जमीन बना खून-खराबे की वजह, संघर्ष में तीन लोग घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 7:01 pm

चित्तौड़गढ़ में 10 किलो अफीम परिवहन करते दो तस्कर अरेस्ट

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने कार में ले जाई जा रही करीब दस किलो अवैध अफीम बरामद करके दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने बुधवार को बताया कि सदर थाना क्षेत्र में पुलिस दल की नाकाबन्दी के दौरान दो व्यक्ति उदयपुर-नीमच की तरफ से एक कार लेकर […] The post चित्तौड़गढ़ में 10 किलो अफीम परिवहन करते दो तस्कर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 6:55 pm

अजमेर में भाजपा प्रदेश प्रभारी का फूंका पुतला, कांग्रेस में आक्रोश

अजमेर। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन अग्रवाल के बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। दो दिन पूर्व टोंक में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर अनर्गल टिप्पणी की थी। टिप्पणी में […] The post अजमेर में भाजपा प्रदेश प्रभारी का फूंका पुतला, कांग्रेस में आक्रोश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 6:27 pm

बंगाल चुनाव 2026: ममता या मोदी, क्‍या BJP होगी पास, TMC फेल, क्या कहते हैं ज्योतिष?

Bengal Election 2026 Prediction: वर्तमान में पश्चिम बंगाल की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर ज्योतिषियों के बीच गहन चर्चा हो रही है। चूंकि बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण का मतदान हो चुका है, इसलिए भविष्यवाणियां मुख्य रूप से सत्ता के समीकरणों और राजनीतिक संघर्ष पर केंद्रित हैं। ज्योतिषियों का मत है कि ममता बनर्जी इस समय अपने राजनीतिक जीवन की सबसे कठिन 'अग्निपरीक्षा' से गुजर रही हैं। ग्रहों की चाल संकेत दे रही है कि सत्ता बचाने के लिए उन्हें अभूतपूर्व संघर्ष करना होगा और इसके परिणाम अत्यंत चौंकाने वाले हो सकते हैं। 1. सत्ता के लिए कड़ा संघर्ष (चुनावी परिदृश्य) पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ममता बनर्जी की कुंडली में शनि और राहु का प्रभाव उन्हें कड़ी चुनौती दे रहा है। कई विशेषज्ञ इसे 'कांटे की टक्कर' मान रहे हैं। राजनीतिक धरातल पर भी 'बाहरी बनाम बंगाली' का मुद्दा प्रभावी है, किंतु कुछ वर्गों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर, हिंसा और घुसपैठ जैसे मुद्दे इस बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राह कठिन बना रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस बार परिवर्तन होकर रहेगा। हालांकि जहां कुछ आकलन TMC की वापसी की संभावना जताते हैं, वहीं अधिकांश ज्योतिष विश्लेषण और भविष्यवाणियां सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत कर रही हैं। 2. शनि का प्रभाव और 'खप्पर योग' वर्ष 2026 में बन रहे विशिष्ट खगोलीय योगों का प्रभाव बड़े राजनेताओं पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ममता बनर्जी की राशि और कुंडली के अनुसार, शनि का गोचर मानसिक तनाव और अपनों से विश्वासघात के प्रबल योग बना रहा है। ग्रहों की क्रूर दृष्टि के कारण ज्योतिषियों ने उन्हें न केवल राजनीतिक मोर्चे पर, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 3. आक्रामक तेवर, विवाद और कानूनी बाधाएं बुध के मीन राशि में होने (नीच का बुध) और मंगल के प्रभाव के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी वाणी और बयानबाजी विवादों को जन्म दे सकती है। उनका अत्यधिक आक्रामक रुख समर्थकों को उत्साहित तो करेगा, किंतु विपक्ष को तीखे प्रहार करने का अवसर भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, ग्रहों की स्थिति उनके कानूनी पचड़ों में फंसने की ओर भी संकेत कर रही है। 4. प्रमुख ज्योतिषियों के मत और अनुमान सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्मों पर कई प्रसिद्ध ज्योतिषियों ने अपने विश्लेषण साझा किए हैं: एस्ट्रो शर्मिष्ठा: उनके अनुसार ममता बनर्जी यह चुनाव हार रही हैं और भाजपा सत्ता में आएगी, हालांकि शुरुआती ढाई वर्ष नई सरकार के लिए चुनौतियों भरे रहेंगे। ज्योतिष वरुण प्रकाश: इनका भी मानना है कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए इस बार पराजय के योग बन रहे हैं। संजीव आनंद (Astro SantJi): उन्होंने 40-60 के अनुपात में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की है। उनके अनुसार भाजपा को 150 से 160 सीटें प्राप्त हो सकती हैं। संत बेत्रा: इनका विश्लेषण कहता है कि बंगाल की कुंडली और मुख्यमंत्री की राशि पर शनि-राहु का नकारात्मक प्रभाव 'सत्ता परिवर्तन' का प्रबल कारक बनेगा। सुरेश कौशल, अरविंद त्रिपाठी, आचार्य रीना शर्मा और आचार्य शैलेश तिवारी: इन सभी विशेषज्ञों ने भाजपा की जीत की संभावना को अधिक प्रबल बताया है। इसका आधार है मोदी की मंगल की दशा। निशांत राजवंशी और एस्ट्रो राज: ग्रहों के गोचर के आधार पर इनका अनुमान है कि भाजपा 160-162 सीटों के साथ सरकार बनाने में सफल होगी। अधिकतर ज्योतिषियों का यदि विश्लेषण है कि भाजपा प्रचंड बहुमत से बंगाल में जीत रही है। 5. वैकल्पिक ज्योतिषीय दृष्टिकोण उपरोक्त भविष्यवाणियों के विपरीत, कुछ ज्योतिषियों का यह भी मानना है कि ममता बनर्जी की कुंडली अत्यंत शक्तिशाली है और वे निश्चित रूप से सत्ता में वापसी करेंगी। इन विश्लेषकों के अनुसार, उन्हें 160 से 175 सीटें मिल सकती हैं। इसके पीछे 'बाहरी बनाम बंगाली' की भावना, रणनीतिक गठबंधन और जमीनी स्तर पर तृणमूल कांग्रेस के प्रति मतदाताओं का एक विशिष्ट प्रभाव या भय प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:30 pm

बंगाल चुनाव 2026: BJP की जीत पर क्यों मच सकता है बवाल? ज्योतिषीय संकेत

बंगाल की राजनीति इस समय एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। ज्योतिषियों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा 2026 में सत्ता में आती है, तो यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य के सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे में एक 'बड़ा बदलाव' होगा। राजनीतिक पंडितों और कुछ प्रमुख ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर, सत्ता परिवर्तन के शुरुआती ढाई साल (30 महीने) में निम्नलिखित कार्यों और स्थितियों की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। ज्योतिष विश्लेषण: 1. कुछ प्रसिद्ध ज्योतिषियों (जैसे विवेक त्रिपाठी, शर्मीष्ठा धास और विभुदानंद सत्पथी आदि) की मेदिनी ज्योतिष की गणना के अनुसार बंगाल की कुंडली में राहु का प्रभाव उथल-पुथल का संकेत देता है। यदि सत्ता परिवर्तन होता है, तो शुरुआती ढाई साल शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के समान भारी हो सकते हैं, जिसमें नई सरकार को भीतर और बाहर दोनों तरफ से भारी विरोध झेलना पड़ सकता है। ग्रहों की चाल बता रही है कि 2026 में 'राजयोग' का स्थानांतरण होने की प्रबल संभावना है, जो लंबे समय तक चलने वाले 'सत्ता के एकाधिकार' को तोड़ सकता है। 2. मेदिनी ज्योतिष के अनुसार संपूर्ण बंगाल (बांग्लादेश सहित) में बवाल ही चल रहा है। यदि हम इंटरनेट से प्राप्त बंगाल की अपुष्ट कुंडली पर नजर डालें तो तुला लग्न की कुंडली में लग्न में सूर्य बुध की युति, धन भाव में शनि और राहु की युति, पंचम में मंगल, अष्टम में केतु और 12वें भाव में चंद्र, गुरु और शुक्र की युति है। बुध की महादशा 2016 से चल रही है। इस दशा के कारण वहां लगातार स्थिति बिगड़ती गई। बंगाल अभी तक कभी सही नहीं रह पाया है। आजादी के बाद जिस पार्टी ने सत्ता संभाली वह चीन के इशारे पर काम करती रही है। आजादी के पहले भी यहां पर कभी भी शांति नहीं रही और उद्योग धंधे की कभी यहां पनप नहीं पाए। सांप्रदायिकता और धर्मांतरण यहां हमेशा हावी रहा। लोग गरीबी से कभी उभर नहीं पाए। यहां पर शनि और राहु का दूसरे भाव में रहना कुटूंब में कलह को जन्म देता है और धन का नाश भी करता है। लोग एक दूसरे पर कभी विश्वास नहीं करते हैं और समाज में अराजकता बनी रहती है। 1. प्रशासनिक और संवैधानिक बदलाव भ्रष्टाचार पर प्रहार: विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा शासन के शुरुआती समय में 'स्कूल भर्ती घोटाला' और अन्य कथित घोटालों की जांच तेज होगी। कई बड़े नामों पर कानूनी शिकंजा कसना पहले ढाई साल की प्राथमिकता हो सकती है। NRC और CAA का कार्यान्वयन : भाजपा के घोषणापत्र और केंद्रीय नेताओं के बयानों के अनुसार, बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर सख्ती और शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया (CAA) को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू किया जाएगा। 2. कानून-व्यवस्था और 'बवाल' की आशंका चुनावी हिंसा का अंत: भाजपा का दावा है कि उनके आते ही 'सिंडिकेट राज' और राजनीतिक हिंसा खत्म होगी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि सत्ता परिवर्तन के शुरुआती दौर में पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी वर्चस्व को लेकर 'बवाल' या टकराव की स्थितियां बन सकती हैं, जिसे संभालना नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। 3. केंद्रीय योजनाओं का विस्तार आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि: अब तक बंगाल में रुकी हुई या सीमित रूप से लागू केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। सीधे लाभ का हस्तांतरण (DBT): टीएमसी की 'लक्ष्मी भंडार' जैसी लोकप्रिय योजनाओं के मुकाबले भाजपा अपनी नई और शायद अधिक राशि वाली महिला केंद्रित योजनाएं लाने की कोशिश करेगी। 4. औद्योगिक पुनरुद्धार बंद कारखानों को खोलना: विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआती ढाई साल में सरकार का ध्यान निवेश आकर्षित करने और टाटा नैनो जैसे विवादों के कारण खराब हुई बंगाल की 'इमेज' को सुधारने पर होगा। आईटी सेक्टर और विनिर्माण (Manufacturing) पर जोर दिया जा सकता है। 5. सांस्कृतिक और पहचान की राजनीति सोनार बांग्ला का मॉडल: 'बंगाली अस्मिता' और 'हिंदुत्व' के मेल से एक नया सांस्कृतिक मॉडल पेश किया जाएगा। दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के सरकारी आयोजनों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 6. अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई भाजपा के सत्ता में आने पर, राज्य में अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर बाहर निकालने (Rooted Out) की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। शनि का मेष राशि में गोचर (2027-2028) पूर्वी भारत में बड़े सांप्रदायिक मुद्दों, प्रवासन और सत्ता में बड़े बदलाव ला सकता है। निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा आती है, तो शुरुआती ढाई साल 'सफाई अभियान' और 'नींव रखने' (Foundation building) के होंगे। इस दौरान राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसे लोग 'बवाल' कह रहे हैं।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:30 pm

मसाला फसलों में हमसे आगे कोई नहीं, फूलों पर देंगे ध्यान, किसानों की आय बढ़ाने सीएम डॉ. मोहन बना रहे ये प्लान

मध्यप्रदेश में मसाला फसलों, गार्डनिंग और फूड प्रोसेसिंग में कई संभावनाएं हैं। इनमें रोजगार के नए-नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अप्रैल को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं-फील्ड गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलें छोटी जगह से बड़ी कमाई करने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रदेश के ज्यादातर किसानों को इससे जोड़ा जाए। किसानों को सीज़नल और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की वास्तविक आय बढ़ाई जाए। किसानों की आय वृद्धि और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से उद्यानिकी फसलों और इनके जोत रकबे का साल-दर-साल विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी उद्यानिकी एवं मसाला फसलों की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। इसकी पूर्ति के लिए बाजार तलाशें, उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिग करें। हमारे यहां औषधीय गुणों से भरपूर फसलों की खेती भी बहुतायत में की जाती है। इनका बड़ा स्कोप है। औषधि निर्माण के लिए जरूरी इन फसलों की इन्टरनेशनल मार्केट में मांग अनुसार आपूर्ति के लिए पूरी सप्लाई चेन तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल नए-नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल खोले जा रहे हैं। इनमें देशी-आयुर्वेदिक दवाईयों की आपूर्ति में प्रदेश की औषधीय फसलों एवं उप-उत्पादों का भरपूर उपयोग किया जाए। मसाला फसलों के उत्पादन में हम पूरे देश में पहले स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमें इस क्षेत्र में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। विभाग की इस बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन में फूलों की खेती को प्रोत्साहन और विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर की स्थापना की जा रही है। सेंटर की स्थापना के लिए उज्जैन शहर के पास एक गांव में 19 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर समुचित समन्वय भी किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि मसाला फसलों का देश में उत्पादन 129.52 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में इसका उत्पादन 57.72 लाख मीट्रिक टन है। इस तरह प्रदेश का देश में पहला स्थान है। पुष्प का देश में 32.26 लाख मी. टन और प्रदेश में 4.88 लाख मी. टन उत्पादन है। पुष्प उत्पादन में प्रदेश का देश में तीसरा स्थान है। सब्जी का देश में 2177.96 लाख मी. टन और प्रदेश में 259.52 लाख मी. टन उत्पादन है। इसमें प्रदेश का तीसरा स्थान है। फल का उत्पादन देश में 1176.48 लाख मी. टन और प्रदेश में 102.44 लाख मी. टन है। प्रदेश का इसमें चौथा स्थान है। मखाना की खेती का बढ़ाएंगे रकबा- बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 14 जिलों, नर्मदापुरम, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, रीवा, शहडोल, रायसेन, अनूपपुर, पन्ना और सतना में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मखाना उत्पादन का रकबा इस वर्ष बढ़ाकर 85.00 हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा मखाना उत्पादन की कुल परियोजना लागत (एक इकाई) पर 40 प्रतिशत तक की अनुदान सहायता दी जाती है। जून में भोपाल में होगा आम महोत्सव- बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इसी वर्ष जून माह में भोपाल में आम महोत्सव, जुलाई में खरगौन में मिर्च महोत्सव, सितम्बर में बुरहानपुर में केला महोत्सव, अक्टूबर में इंदौर में सब्जी महोत्सव, नवम्बर में ग्वालियर में अमरूद महोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही दिसंबर में ग्वालियर में मधुमक्खी पालन व्यवसाय के प्रोत्साहन एवं जागरूकता के लिए एक कार्यशाला-सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को संतरा महोत्सव भी आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव के दौरान प्रदेश के सभी दस संभागों में आम के दस बाग लगाने के प्रयास किए जाएं। केला महोत्सव में केले के तने से रेशे बनाने वाले उद्यमियों-उद्योगपतियों को जोड़ा जाए। सब्जी महोत्सव के दौरान नागरिकों को अपने घरों में किचन गार्डन लगाने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए। 40 नर्सरियां हो रहीं हाईटेक- इस बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रेसराईज इरीगेशन वाले जिलों में 15 हज़ार हेक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार भी किया जा रहा है। दो स्मार्ट बीज फार्म का विकास, सागर में झिला फार्म, देवास में कन्नौद फार्म विकसित किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग के अधीन 40 नर्सरियों का उन्नयन कर इन्हें हाईटेक बनाया जा रहा है। धार जिले के बदनावर के समीप रूपाखेड़ा गांव में युवाओं द्वारा फूलों की खेती की जा रही है। यह गांव मध्यप्रदेश में स्विट्जरलैंड के किसी गांव की तरह फूलों की खेती में विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां उद्यानिकी फसलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। इसका पूरा लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्रवार विशेष फसलों की पहचान कर किसानों को उनकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी फसलों के रकबे में तेजी से वृद्धि के लिए किसानों को जोड़कर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और बाजार उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी से सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित किया जाए। किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ना जरूरी- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उद्यानिकी क्षेत्र में ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठाए जाएं। पारम्परिक खेती के साथ-साथ किसानों को फल, फूल, सब्जी, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना जरूरी है, जो उन्हें त्वरित और अधिक नकद आय प्रदान कर सकें। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए किसानों को जोड़कर सभी उपाय किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाकर इन्हें और प्रभावी बनाएं। योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न होने पाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य योजनाओं का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों एवं इनके उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास से किसानों की आय तो बढ़ेगी ही, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने इस दिशा में छोटे-छोटे स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिकता- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। राज्य सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से हम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की ओर बढ़ेंगे। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को विभागीय अनुदान योजनाओं की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती-बाड़ी के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। बैठक में सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा समेत उद्यानिकी विभाग तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:20 pm

फैंस का इंतजार हुआ खत्म, इस दिन बड़े पर्दे पर दस्तक देगी सोहम शाह की 'तुम्बाड 2'

सोहम शाह की फिल्म 'तुम्बाड 2' का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब मेकर्स ने आखिरकार इसकी रिलीज डेट का एलान कर दिया है। यह मच-अवेटेड सीक्वल 3 दिसंबर 2027 को रिलीज होगा, जिससे फैंस को अब फिल्म की एक तय तारीख मिल गई है। यह खुलासा हफ्तों के सस्पेंस के बाद हुआ है, जिसमें टीम मोशन पोस्टर और फिल्म की वापसी से जुड़े छोटे अपडेट्स के जरिए दर्शकों को एक्साइटेड कर रही थी। यह घोषणा साल 2024 में 'तुम्बाड' के दोबारा रिलीज होने और बॉक्स ऑफिस पर मिली शानदार सफलता के बाद की गई है, जिसने एक बार फिर इस फिल्म को चर्चा में ला दिया था। A post shared by Sohum Shah (@shah_sohum) ​'तुम्बाड' के साथ सोहम शाह ने भारतीय सिनेमा में लोक कथाओं पर आधारित हॉरर फिल्मों के लिए एक अलग जगह बनाई थी और पिछले कुछ सालों में इस फिल्म की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। अब 'तुम्बाड 2' के साथ मेकर्स उस दुनिया को और आगे ले जाने की तैयारी में हैं, जहाँ फिल्म की कहानी और स्केल को बड़ा बनाया जाएगा, लेकिन साथ ही वही माहौल बरकरार रखा जाएगा जिसने पहली फिल्म को इतना खास बनाया था। ​सीक्वल के बारे में बात करते हुए सोहम शाह ने कहा, 'तुम्बाड' हमेशा से मेरे लिए बहुत खास रही है और 'तुम्बाड 2' के साथ हमारा मकसद उस दुनिया को और भी गहराई और विस्तार के साथ आगे ले जाना है। हम उसी पौराणिक कथा और माहौल को और बड़ा बना रहे हैं जिससे दर्शक जुड़े थे, साथ ही कहानी की नई परतों को भी टटोला जा रहा है। यह कुछ ऐसा होगा जो अपनी आत्मा में तो जाना-पहचाना लगेगा, लेकिन इसके सामने आने का तरीका बिल्कुल नया होगा। पेन स्टूडियोज के डॉ. जयंतीलाल गड़ा ने अपनी बात जोड़ते हुए कहा, 'तुम्बाड 2' को एक और भी बड़े सिनेमाई अनुभव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी कहानी इस यूनिवर्स को और गहरा बनाएगी और दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखेगी। यह फिल्म उस तरह की शानदार और हाई-क्वालिटी कहानी का उदाहरण है जिसे पेन स्टूडियोज दर्शकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डायरेक्टर आदेश प्रसाद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, इस कहानी को आगे ले जाना रोमांचक भी रहा और चुनौतीपूर्ण भी, खासकर इसलिए क्योंकि पहली फिल्म की अपनी एक बहुत मजबूत पहचान है। हमारा पूरा ध्यान उसकी आत्मा को बचाए रखने पर रहा है, साथ ही हम कहानी और विजुअल की दुनिया को और भी आगे ले जा रहे हैं। हम कुछ ऐसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो अपनी जड़ों से तो जुड़ा हो, लेकिन साथ ही दर्शकों को एक नया और जादुई अनुभव भी दे। 'तुम्बाड 2' का निर्देशन आदेश प्रसाद कर रहे हैं और इसका नेतृत्व एक्टर-प्रोड्यूसर सोहम शाह अपने बैनर 'सोहम शाह फिल्म्स' के तहत कर रहे हैं। उनके साथ दिग्गज प्रोड्यूसर डॉ. जयंतीलाल गड़ा की कंपनी 'पेन स्टूडियोज' भी जुड़ी है, जिन्होंने 'RRR' और 'गंगूबाई काठियावाड़ी' जैसी ब्लॉकबस्टर समेत 3000 से ज्यादा फिल्मों पर काम किया है। फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन 'पेन मरुधर' द्वारा किया जाएगा।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:13 pm

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढने संबंधी आदेश फर्जी : सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोतरी से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा आदेश फर्जी है और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है। सोशल मीडिया पर वायरल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस कथित आदेश में […] The post पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढने संबंधी आदेश फर्जी : सरकार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 5:09 pm

अगर 2026 में ममता बनर्जी हारती हैं तो क्या बदलेगा? भाजपा के लिए ‘बदला’ या बंगाल में नई राजनीति की शुरुआत…

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक पहचान—क्षेत्रीय बनाम राष्ट्रीय—के टकराव का भी इम्तिहान होगा। अगर 2026 में ममता बनर्जी हारती हैं, तो यह सिर्फ एक मुख्यमंत्री की हार नहीं होगी— यह बंगाल की राजनीतिक दिशा बदलने ...

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:01 pm

Exit Poll Results 2026: बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में किसकी सरकार?

Exit Poll 2026: पश्‍चिम बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान के बाद बुधवार शाम 7 बजे से पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी) में हुए विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल बुधवार शुरू होंगे। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ममता बनर्जी की प्रतिष्‍ठा दांव पर लगी हुई है। असम की 126 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला है तो तमिलनाडु की 234 सीटों पर द्रमुक, अन्नाद्रमुक और टीवीके में त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। केरल की 140 सीटों पर एलडीएफ और यूडीएफ में कांटे की टक्कर हो सकती है। तमिलनाडु और केरल में भाजपा ने भी पूरा जोर लगाया है। असम, केरल, तमिलनाडु और पु्‍ड्डुचेरी में मतदान हो चुका है। ऐसे में सभी की नजरें एक्जिट पोल पर लगी हुई है। हालांकि कई बार चुनाव परिणाम एग्जिट पोल के परिणाम से अलग भी आए हैं। बहरहाल सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल के नतीजों के लिए बने रहिए वेबदुनिया पर। edited by : Nrapendra Gupta

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:00 pm

माता छिन्नमस्तका की साधना कैसे करें? जानें 5 चौंकाने वाले लाभ

दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या माता छिन्नमस्तका की साधना अत्यंत शक्तिशाली और शीघ्र फलदायी मानी जाती है। इन्हें 'प्रचंड चण्डिका' भी कहा जाता है। इनकी साधना आत्म-नियंत्रण, अहंकार के नाश और कुंडलिनी जागरण के लिए की जाती है। चूंकि यह एक उग्र साधना है, इसलिए इसे बिना किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन के शुरू नहीं करना चाहिए। माता छिन्नमस्तका की साधना कैसे करें? (विधि) समय और स्थान: इनकी साधना मुख्य रूप से अर्धरात्रि (निशीथ काल) में की जाती है। एकांत स्थान या किसी सिद्ध शक्तिपीठ पर साधना करना उत्तम होता है। वस्त्र और आसन: साधक को नीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए और कुशा या ऊनी आसन का प्रयोग करना चाहिए। यंत्र और चित्र: सामने माता छिन्नमस्तका का यंत्र या चित्र स्थापित करें। माता के इस स्वरूप में वे अपना ही कटा हुआ सिर हाथ में लिए हैं और उनकी गर्दन से निकली रक्त की तीन धाराएं उनकी सखियां (जया और विजया) और वे स्वयं पान कर रही हैं। मंत्र जप: माता के विशेष बीज मंत्रों का जप किया जाता है। मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा॥ (गुरु से परामर्श अनिवार्य है) सावधानी: इस साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन, सात्विक भोजन और मन की पवित्रता अत्यंत आवश्यक है। भयभीत होने वाले व्यक्तियों को यह साधना नहीं करनी चाहिए। साधना के 5 मुख्य लाभ माता छिन्नमस्तका की कृपा जिस साधक पर होती है, उसे ये लाभ प्राप्त होते हैं: 1. मानसिक शक्तियों का विकास: माता छिन्नमस्तका 'मस्तिष्क' और 'विचारों' की अधिष्ठात्री हैं। इनकी साधना से साधक की बुद्धि अत्यंत तीव्र हो जाती है और उसमें भविष्य को भांपने की शक्ति (Intuition) आ जाती है। 2. कुंडलिनी जागरण: योग मार्ग में यह साधना बहुत महत्वपूर्ण है। यह 'मूलाधार' से 'सहस्रार' चक्र तक ऊर्जा के प्रवाह को सुगम बनाती है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति तेजी से होती है। 3. शत्रुओं पर विजय: 'प्रचंड चण्डिका' के रूप में वे साधक के बाहरी और आंतरिक (काम, क्रोध, लोभ) दोनों प्रकार के शत्रुओं का नाश करती हैं। कोर्ट-कचहरी या विवादों में सफलता मिलती है। 4. कर्ज से मुक्ति और आर्थिक लाभ: माता की कृपा से दरिद्रता का नाश होता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से कर्ज में डूबा है, तो विधि विधान से की गई साधना धन आगमन के द्वार खोलती है। 5. अहंकार का नाश और मोक्ष: माता का कटा हुआ सिर इस बात का प्रतीक है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए अहंकार का त्याग आवश्यक है। यह साधना साधक को माया के बंधनों से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाती है। चेतावनी: माता छिन्नमस्तका की साधना 'वाम मार्ग' और 'दक्षिण मार्ग' दोनों से होती है। गृहस्थों को हमेशा सौम्य या दक्षिण मार्ग से ही पूजा करनी चाहिए और तामसिक क्रियाओं से दूर रहना चाहिए।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 4:51 pm

IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया ऑरेंज कैप पर कब्ज़ा

नई दिल्ली। जब भी पंजाब किंग्स या राजस्थान रॉयल्स का मैच IPL 2026 में होता है, ऑरेंज कैप तालिका में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। मंगलवार रात न्यू चंडीगढ़ में जब दोनों टीमें आमने-सामने हुईं, तब भी यही देखने को मिला। ऑरेंज कैप वैभव सूर्यवंशी इस सीजन सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों की सूची […] The post IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया ऑरेंज कैप पर कब्ज़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 4:49 pm

श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बोर्ड में बदलाव के बाद पद छोड़ा

कोलंबो। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के लंबे समय से मुश्किलों में घिरे अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला इस लिये लिया गया क्योंकि देश के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने नेशनल क्रिकेट बॉडी में बदलाव पर जोर दिया था। सिल्वा के साथ के साथ बोर्ड के अन्य अधिकारियों ने […] The post श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बोर्ड में बदलाव के बाद पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 4:43 pm

प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे किया राष्ट्र को समर्पित

हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यहां 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश के अवसंरचना विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। यह राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने स्थल पर एक पौधा लगाया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे किया राष्ट्र को समर्पित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 4:39 pm

भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार एवं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के दौरे के समय बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। कालीघाट […] The post भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 4:31 pm

Buddha Purnima Essay: बुद्ध पूर्णिमा: शांति और आत्मज्ञान के महापर्व पर रोचक निबंध

Buddha Purnima: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण की याद में मनाया जाता है। इसे अप्रैल–मई में पड़ने वाली वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। प्रस्तावना: बुद्ध पूर्णिमा, जिसे 'वैशाख पूर्णिमा' भी कहा जाता है, विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों और शांति प्रिय लोगों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य की खोज का प्रतीक है। वैशाख माह की यह पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण कड़ियों को एक सूत्र में पिरोती है। भारत में विशेष रूप से यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, यह दिन पूरी दुनिया के बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य? एक अद्भुत संयोग: त्रिविध पावन तिथि बुद्ध पूर्णिमा की सबसे रोचक बात यह है कि भगवान बुद्ध के जीवन की तीन सबसे बड़ी घटनाएं इसी एक तिथि (वैशाख पूर्णिमा) को घटित हुई थीं: जन्म: लुम्बिनी (नेपाल) में राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में उनका जन्म। ज्ञान प्राप्ति: वर्षों की कठिन तपस्या के बाद बोधगया में 'बोधि वृक्ष' के नीचे उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हुआ। महापरिनिर्वाण: कुशीनगर में उन्होंने अपने शरीर का त्याग किया। इतिहास में ऐसी घटना विरल ही मिलती है जहां किसी महापुरुष का जन्म, ज्ञान और मृत्यु एक ही तिथि को हुई हो। राजकुमार से 'बुद्ध' बनने का सफर राजमहल के वैभव और ऐश्वर्य के बीच पले-बढ़े सिद्धार्थ का हृदय एक वृद्ध, एक रोगी और एक मृत व्यक्ति को देखकर द्रवित हो उठा। उन्होंने महसूस किया कि संसार दुखों का घर है। 29 वर्ष की आयु में पत्नी और पुत्र का त्याग कर वे सत्य की खोज में निकल पड़े। कठोर साधना के बाद जब उन्हें ज्ञान मिला, तो वे 'बुद्ध' (यानी जागृत व्यक्ति) कहलाए। बुद्ध के संदेश: आज के समय में प्रासंगिकता बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में शांति, करुणा और संतुलन की ओर प्रेरित करता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि ज्ञान और अहिंसा का मार्ग अपनाकर ही समाज और व्यक्तिगत जीवन में सच्ची खुशी प्राप्त की जा सकती है। बुद्ध ने दुनिया को 'पंचशील' के सिद्धांत और 'अष्टांगिक मार्ग' दिया। उन्होंने सिखाया कि: अहिंसा: किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। मध्यम मार्ग: न तो बहुत अधिक विलासिता और न ही बहुत अधिक कठोर तप—जीवन का संतुलन ही सुख का आधार है। करुणा: उन्होंने ऊंच-नीच और जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर प्रेम का संदेश दिया। कैसे मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा? इस दिन लोग घरों और मठों में दीप जलाते हैं। बोधगया में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं। भक्त सफेद वस्त्र पहनते हैं और दान-पुण्य के कार्य करते हैं। इस दिन 'खीर' का विशेष महत्व है, क्योंकि सुजाता नाम की एक कन्या ने बुद्ध को खीर खिलाकर उनकी साधना पूर्ण कराई थी। सुजाता ने सिद्धार्थ की कठोर तपस्या से प्रभावित होकर, उनको खीर (पायस) का भोग लगाया, जिससे सिद्धार्थ को पुनः ऊर्जा मिली थीं। निष्कर्ष आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण दुनिया में बुद्ध के विचार एक मरहम की तरह काम करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि शांति बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि हमारे अपने भीतर है। यदि हम नफरत को त्याग कर प्रेम और करुणा को अपना लें, तो हम आज भी बुद्ध बन सकते हैं। ALSO READ: बुद्ध जयंती 2026: आखिर कहां और कैसे हुआ था गौतम बुद्ध का जन्म? जानें पूरी सच्चाई 'अप्प दीपो भव' — अपना दीपक स्वयं बनें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 3:35 pm

स्कूटर पर दुल्हन के गेटअप में उल्का गुप्ता, 'रजनी की बारात' का पहला पोस्टर आउट, इस दिन रिलीज होगी फिल्म

झांसी की रानी फेम एक्ट्रेस उल्का गुप्ता जल्द ही फिल्म 'रजनी की बारात' में नजर आने वाली हैं। हाल ही में मेकर्स ने इस फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया है। पोस्टर में उल्का गुप्ता पूरी अटिट्यूड के साथ स्कूटर पर अपनी ही बारात लीड करती नजर आ रही हैं — एक ऐसा विजुअल जो पारंपरिक सोच को तोड़ते हुए तुरंत ध्यान खींचता है। उल्का के साथ सुनीता राजवर और ज़रीना वहाब की मुस्कुराती मौजूदगी पोस्टर दिलचस्प बनाती है। वहीं दूसरी तरफ अश्वथ भट्ट एक पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आकर कहानी में एक दिलचस्प ट्विस्ट का संकेत देते हैं। बैकग्राउंड में चल रही शादी की तैयारियां इस पूरे सीन को एक फुल-ऑन बॉलीवुड सेलिब्रेशन में बदल देती हैं। फिल्म के डायरेक्टर आदित्य अमन इसे एक ऐसी कहानी बताते हैं जो समाज के तय नियमों को चुनौती देती है और महिलाओं को अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की ताकत दिखाती है। A post shared by Ulka Ganessh (@ulkagupta) फ़िल्म के प्रोड्यूसर तनाया आडारकर प्रभु और तेज एच आडारकर ने कहा, ‘रजनी की बारात’ सिर्फ एक शादी की कहानी नहीं है, यह एक स्टेटमेंट है। हम एक ऐसी लड़की की कहानी दिखा रहे हैं जो अपने फैसलों को खुद सेलिब्रेट करती है फिल्म पूरी तरह से आज के जेन जी दर्शक को एंटरटेनिंग और इमोशनली कनेक्टिंग करेगी। उल्का गुप्ता ने अपने किरदार को लेकर कहा, रजनी एक ऐसी लड़की है जो किसी भी परंपरा को आंख बंद करके नहीं मानती। वह अपनी खुशी खुद बनाती है, और अपनी बारात खुद लेकर निकलती है — ये किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है। फिल्म में कनिष्क विजय भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। ‘रजनी की बारात’ एक एक सोच है—जहां एक लड़की अपने फैसलों की कमान खुद संभालती है और समाज की पुरानी परंपराओं को अपने अंदाज़ में चुनौती देती है। एपिफ़नी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी यह फिल्म में उल्का गुप्ता के साथ कनिष्क विजय, अस्वथ भट्ट, ज़रीना वहाब, सुनीता राजवर प्रमुख भूमिकाओ में नजर आयेंगे। तनाया आडारकर प्रभु और तेज एच आडारकर द्वारा निर्मित, रजनी की बारात का निर्देशक आदित्य अमन ने किया है। यह फिल्म 29 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 3:32 pm

इंटरनेशनल डांस डे : संजय लीला भंसाली के 7 आइकॉनिक डांस सीक्वेंस जो छू लेते हैं दिल को

संजय लीला भंसाली को ऐसे फिल्मकार के रूप में देखा जाता है, जिनका नाम राज कपूर, के. आसिफ और गुरु दत्त जैसे दिग्गजों के साथ लिया जाता है। अपनी फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय कहानियों को सबसे प्रामाणिक, जमीनी और दृश्यात्मक रूप से भव्य तरीके से पेश करने का एक मानक स्थापित किया है। भारतीय मनोरंजन जगत की एक मजबूत ताकत के रूप में, भंसाली ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया है। आज वह एक जीवित दिग्गज के रूप में खड़े हैं, जिनका सिनेमा बॉक्स ऑफिस से कहीं आगे जाता है। डांस को प्रस्तुत करने का भंसाली का अंदाज़ बेहद खास और प्रभावशाली है। यह सिर्फ कोरियोग्राफी नहीं होती, बल्कि भावनाओं का बहाव होता है—जहां किरदार बिना शब्दों के अपनी बात कहते हैं और हर दृश्य किसी पेंटिंग जैसा लगता है। उनके गाने कहानी में रुकावट नहीं, बल्कि उसके भावनात्मक शिखर होते हैं। 1. दीवानी मस्तानी– बाजीराव मस्तानी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह पर फिल्माया गया यह गीत प्रेम और समर्पण का अद्भुत संगम है। भव्य महल की पृष्ठभूमि में रचा गया यह दृश्य शास्त्रीय नज़ाकत से भरा है, जहां हर मूवमेंट और आंखों के भाव बिना शब्दों के प्रेम और तड़प को बयां करते हैं 2. नगाड़ा संग ढोल– गोलियों की रासलीला राम-लीला दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की जोड़ी से सजा यह गरबा गीत ऊर्जा, जुनून और तीव्रता से भरपूर है। मिट्टी से जुड़ी कोरियोग्राफी, तेज़ बीट्स और नाटकीय लाइटिंग किरदारों के विद्रोह और जुनून को शानदार तरीके से दर्शाती है 3. डोला रे डोला– देवदास माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय के बीच यह आइकॉनिक मुकाबला नज़ाकत और अभिव्यक्ति की मिसाल है। समन्वित कोरियोग्राफी, भव्य परिधान और भावनाओं की गहराई प्रतिस्पर्धा, सम्मान और साझा दर्द को खूबसूरती से दिखाती है। 4. घूमर– पद्मावत दीपिका पादुकोण द्वारा प्रस्तुत यह गीत परंपरा और शाही गरिमा का उत्सव है। घूमते घाघरे, जटिल हाथों की मुद्राएं और संतुलित मूवमेंट्स इसे एक भव्य और राजसी अनुभव बनाते हैं। 5. निम्बूड़ा निम्बूड़ा– हम दिल दे चुके सनम ऐश्वर्या राय और सलमान खान पर फिल्माया गया यह रंगीन लोकगीत ऊर्जा, ताल और खुशी से भरपूर है। ऐश्वर्या की अभिव्यक्ति और जीवंत कोरियोग्राफी इस गीत को उत्सव और युवा उमंग से भर देती है। 6. मोहे रंग दो लाल– बाजीराव मस्तानी दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा पर आधारित यह शास्त्रीय गीत भावनाओं और संयम से भरा हुआ है। इसकी कोरियोग्राफी सूक्ष्म होते हुए भी बेहद प्रभावशाली है, जहां हर ठहराव और भाव अनकही भावनाओं को दर्शाते हैं। 7. ढोलिडा– गंगूबाई काठियावाड़ी आलिया भट्ट के नेतृत्व में यह ऊर्जावान गरबा गीत परंपरागत धुनों और भंसाली की भव्यता का संगम है। इसकी कोरियोग्राफी शक्ति, उत्सव और बदलाव को दर्शाती है, जो किरदार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बनती है। इन सभी गीतों को यादगार बनाता है अभिनेता, कोरियोग्राफी, संगीत और निर्देशन के बीच का बेहतरीन तालमेल। भंसाली यह सुनिश्चित करते हैं कि डांस किरदार की आंतरिक दुनिया का विस्तार बन जाए—हर घूम, हर नजर और हर ठहराव में एक खास अर्थ और भावना छिपी होती है। संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म लव एंड वॉर पहले से ही उनके शानदार करियर का एक और महत्वाकांक्षी अध्याय बनने का वादा करती है। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर कहानी कहने और डांस को किस तरह नए अंदाज़ में पेश करेंगे।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 3:01 pm

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुरुआती छह घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती छह घंटों में सबसे अधिक 66.80 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान […] The post पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 2:06 pm

हनुमानगढ़ में पाकिस्तान से जुड़े फर्जी आधार कार्ड रैकेट का नया खुलासा

हनुमानगढ़। राजस्थान में पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (एटीएस/एजीटीएफ/एएनटीएफ) दिनेश एमएन मंगलवार को हनुमानगढ़ जिले के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भादरा में पकड़े गए फर्जी आधार कार्ड सेंटर मामले में एक नया खुलासा किया। दिनेश एमएन ने बताया कि पाकिस्तान से संबंधित व्यक्ति शहजाद जयपुर पहुंचकर फर्जी आधार कार्ड बनवा रहा था। […] The post हनुमानगढ़ में पाकिस्तान से जुड़े फर्जी आधार कार्ड रैकेट का नया खुलासा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 1:39 pm

धौलपुर में ट्रेन के जनरल कोच के ब्रेक पेडल में आग लगने से यात्रियों में हड़कम्प मचा

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर में बुधवार सुबह दुर्ग (छत्तीसगढ़) से लुधियाना (पंजाब) जा रही नॉन-स्टॉपेज ट्रेन नंबर 15549 के जनरल कोच के ब्रेक पेडल में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आग की जानकारी होने के बाद रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रेन के रुकते ही यात्रियों ने अपनी […] The post धौलपुर में ट्रेन के जनरल कोच के ब्रेक पेडल में आग लगने से यात्रियों में हड़कम्प मचा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 1:28 pm

इंटरनेशनल डांस डे: जाह्नवी कपूर ने जब अपने डांस मूव्स से इंटरनेट पर मचाया तहलका

बॉलीवुड की चमक-दमक से परे, जाह्नवी कपूर लगातार अपनी अलग पहचान बना रही हैं, जहां वे सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसी परफॉर्मर के रूप में उभर रही हैं, जिसमें डांस के प्रति उनका जूनून गहरा है। गौरतलब है कि जहां उनके फैशन मोमेंट्स और पब्लिक अपीयरेंस अक्सर सुर्खियां बटोरते हैं। वहीं जाह्नवी के रॉ, अनफिल्टर्ड डांस रील्स और दमदार परफॉर्मेंस फैंस के दिलों को सच में छू जाते हैं। प्रैक्टिस क्लिप्स से लेकर स्क्रीन पर पॉलिश्ड परफॉर्मेंस तक, हर बार वे यह साबित कर देती हैं कि उनके लिए डांस सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक कला है। A post shared by Janhvi Kapoor (@janhvikapoor) A post shared by Janhvi Kapoor (@janhvikapoor) सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं, फिल्मों में भी जाह्नवी ने कई शानदार डांस नंबर्स दिए हैं, जो उनकी ग्रोथ और डेडिकेशन को दिखाते हैं। नदियों पार, पनघट, झिंगाट और चुट्टमल्ले जैसे गानों में उनकी एक्सप्रेशंस, ग्रेसफुल मूव्स और स्ट्रॉन्ग स्क्रीन प्रेजेंस साफ नजर आती है। A post shared by Janhvi Kapoor (@janhvikapoor) A post shared by Janhvi Kapoor (@janhvikapoor) A post shared by Janhvi Kapoor (@janhvikapoor) हर गाने में उनका एक अलग अंदाज दिखता है, जो कभी हाई-एनर्जी बीट्स, कभी ट्रेडिशनल और कभी एक्सप्रेसिव स्टाइल में होता। उनकी यही वर्सेटिलिटी उन्हें आज की जनरेशन की सबसे दिलचस्प और समर्पित डांसर्स में से एक बनाती है।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 1:27 pm

राजस्थान का 5 साल से बिछड़ा युवक बद्रीनाथ में मिला, किया परिजनों के सुपुर्द

बद्रीनाथ/चमोली। उत्तराखंड के आस्था के पावन धाम बद्रीनाथ धाम से एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल सामने आई है। चमोली पुलिस ने पांच साल से लापता एक युवक को न केवल सुरक्षित बचाया, बल्कि बुधवार को उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर परिवार को फिर से एक कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post राजस्थान का 5 साल से बिछड़ा युवक बद्रीनाथ में मिला, किया परिजनों के सुपुर्द appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 1:23 pm

सोनम की जमानत से सदमे में राजा रघुवंशी का परिवार, कहा, पैसों की ताकत के आगे हार गया न्‍याय, अब परिवार में सोनम का खौफ

इंदौर के बेहद चर्चित राजा रघुवंशी हत्‍याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को आखिरकार जमानत मिल गई। सोनम पिछले करीब 11 महीनों से शिलांग जेल में बंद थी। जब सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्‍या का आरोप लगा था, तब सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने कहा था कि “हमारे लिए सोनम मर चुकी है।” लेकिन अब उसी पिता ने शिलांग जाकर 50 हजार रुपए के मुचलके पर उसकी जमानत कराई है। आखिर पिता का दिल कैसे बेटी पर पसीज गया। वहीं दूसरी तरफ जमानत की खबर सुनकर मृतक राजा रघुवंशी का परिवार सन्‍न रह गया है। उनका कहना है कि साफ है कि उसी ने पति राजा की हत्‍या की है तो फिर जमानत कैसे मिल गई। राजा की मां उमा रघुवंशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले पर यकीन ही नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड है। सोनम इंदौर आएगी तो पूछूंगी उसने मेरे बेटे को क्‍यों मारा। मां उमा ने कहा कि सोनम को जमानत मिलना पुलिस की लापरवाही का नतीजा है क्‍या कहा राजा की मां ने : सोनम की जमानत से राजा का परिवार अवाक रह गया है। राजा की मां उमा ने कहा, अभी तक तो सुना था कि कानून अंधा होता है आज देखने को भी मिल गया। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की अपील की है। राजा रघुवंशी का परिवार अब जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी कर रहा है। पैसों की ताकत के आगे हार गया न्‍याय : राजा के भाई विपिन ने आरोप लगाया कि सोनम के परिवार, खासकर उसके भाई गोविंद का उसे पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पैसों की ताकत के आगे हम अपने भाई को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। वे सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे और जरूरत पड़ी तो शिलांग भी जाएंगे। ऐसे में यदि सोनम वापस जेल जाती है तो भाई गोविंद इसका बदला ले सकता है। विपिन ने आशंका भी जताई कि अगर अपील करने के लिए अगर वह शिलांग जाते है तो सोनम उन पर हमला करा सकती है। यदि मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए गोविंद जिम्मेदार होगा क्‍या सोनम ही है मास्‍टरमाइंड : बता दें कि इस पूरे मामले में सोनम को हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उसने झरने के पास सीढ़ियों पर आरोपियों के साथ बैठक की और उन्हें 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद बंद पार्किंग यार्ड में उसके कहने पर तीनों युवकों ने राजा पर हमला किया। राजा को खाई में फेंकने में भी सोनम ने मदद की। हमले से पहले उसके शरीर से चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी निकलवाए गए थे। हत्या के बाद आरोपी करीब 11 किलोमीटर आगे जाकर सोनम से मिले थे। प्रेमी राज की भूमिका सवालों के घेरे में : मामले में सोनम के कतिथ प्रेमी राज की भूमिका भी संदिग्‍ध है। हालांकि वह शिलांग नहीं गया था, लेकिन साजिश में शामिल बताया जा रहा है। आरोप है कि सोनम और राजा की शादी से पहले ही उसने हत्या की योजना बना ली थी। उसने अपने दोस्त विशाल को तैयार किया और फिर अन्य आरोपियों को साथ जोड़ा। सोनम की लोकेशन भी राज ही आरोपियों तक पहुंचाता था। हत्या के बाद उसने आरोपियों से मुलाकात की। वहीं, जब सोनम इंदौर आई तो उसे रोकने के लिए फ्लैट किराए पर लेने की भी बात सामने आई है। हमला करवा सकती है सोनम : अब राजा का परिवार सोनम की जमानत खारिज करने के लिए याचिका लगाएगा। इसके साथ ही राजा के परिवार का यह भी कहना है कि अगर सोनम फिर से जेल जाती है तो वो उन पर हमला करवा सकती है। उन्‍होंने अपने साथ किसी तरह की अनहोनी की भी आशंका जाहिर की है। जबकि मां उमा ने कहा कि सोनम को जमानत मिलना पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 29 Apr 2026 1:20 pm

14 बार वोटिंग के दिन पीएम मोदी तीर्थ पहुंचे:80% मौकों पर BJP सत्ता में आई; आज बंगाल में वोटिंग, काशी में मोदी

बंगाल में आखिरी फेज की वोटिंग जारी है और पीएम मोदी काशी पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और त्रिशूल लहराया। 23 अप्रैल को पहले फेज के मतदान में मोदी बंगाल के ही बेलूर मठ पहुंचे थे। 2021 के बंगाल चुनाव में पीएम मोदी बांग्लादेश की यशोश्वरी शक्ति पीठ पहुंचे थे और मां काली की पूजा-अर्चना की थी। 12 साल पहले प्रधानमंत्री बने मोदी अब तक 9 चुनाव में 14 बार वोटिंग के दिन तीर्थ जा चुके हैं। इनमें 7 बार यानी 80% मौकों पर BJP सत्ता में आई है। मोदी कब-कब चुनाव के दिन तीर्थ पर गए और नतीजे क्या रहे, सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं... 1. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, 29 अप्रैल 2026: काशी में शिव आराधना पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज की 142 सीटों पर वोटिंग चल रही है। इस दौरान मोदी वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर गए। 20 मिनट तक मंदिर के गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग का पूजन-अभिषेक किया। मंदिर से बाहर निकले तो मोदी के गले में भगवा गमछा और हाथों में डमरू-त्रिशूल था। मोदी ने त्रिशूल उठाकर लहराया भी। नतीजे: 4 मई को चुनावी नतीजे आएंगे। 2. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, 23 अप्रैल 2026: बेलूर मठ में स्वामी विवेकानंद के कक्ष का दर्शन किया पश्चिम बंगाल में पहले फेज की 152 सीटों पर वोटिंग चल रही थी। तब मोदी बंगाल के हावड़ा जिले में मौजूद बेलूर मठ पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ध्यान कक्ष का दर्शन किया। साथ ही रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया। नतीजे: 4 मई को चुनावी नतीजे आएंगे। 3. दिल्ली विधानसभा चुनाव, 05 फरवरी 2025 : प्रयागराज महाकुंभ में स्नान दिल्ली में सभी 70 सीटों पर वोटिंग हो रही थी। तब मोदी ने प्रयागराज में संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने भगवा रंग के वस्त्र पहन रखे थे। हाथ और गले में रुद्राक्ष की मालाएं थीं। स्नान के बाद पीएम ने सूर्य को अर्घ्य दिया। नतीजे : बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतीं और 27 साल बाद सरकार बनाई। 4. हरियाणा विधानसभा चुनाव, 05 अक्टूबर 2024: महाराष्ट्र के जगदंबा माता मंदिर में पूजा हरियाणा में 90 सीटों पर सिंगल फेज में वोटिंग होनी थी। इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के वाशिम जिले में जगदंबा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। मोदी ने मंदिर में नगाड़ा भी बजाया। नतीजे : 90 में से 48 सीटें जीतकर BJP ने लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाई। 5. लोकसभा चुनाव, 1 जून 2024 : विवेकानंद रॉक मेमोरियल में साधना लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 8 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होनी थी। मोदी 30 मई की शाम कन्याकुमारी पहुंचे। करीब 45 घंटों तक उन्होंने विवेकानंद रॉक मेमोरियल में साधना की। इस दौरान उन्होंने तमिल कवि तिरुवल्लुवर की 133 फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन किए। PM अलग-अलग तस्वीरों में रुद्राक्ष की माला जपते, ध्यान मंडपम के कॉरिडोर में बैठे और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को नमन करते दिखाई दिए। नतीजे : इन 57 सीटों में से 18 BJP को मिलीं। कुल 240 सीटें जीतकर BJP ने NDA की साथी पार्टियों के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। 6. लोकसभा चुनाव, 20 मई 2024 : पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पूजा लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण की वोटिंग का दिन था। 8 राज्यों की 49 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाने थे। इसमें ओडिशा की 5 लोकसभा सीटें शामिल थीं। इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी पुरी पहुंचे और जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। नतीजे : इन 49 सीटों में से 16 सीटें ही BJP जीत सकीं। 7. लोकसभा चुनाव, 13 मई 2024 : पटना साहिब गुरुद्वारा में लंगर सेवा लोकसभा चुनाव के चौथे फेज में 10 राज्यों की 96 सीटों पर वोटिंग थी। इसी दिन PM मोदी बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारे में सेवा कार्य किया, रोटियां बेलीं, श्रद्धालुओं को खाना परोसा और वहां आने वाले लोगों से मुलाकात भी की। नतीजे : इन 96 सीटों में से 39 पर BJP को जीत मिली। 8. लोकसभा चुनाव, 05 मई 2024 : अयोध्या राम मंदिर में पूजा लोकसभा चुनाव के तीसरे फेज में 12 राज्यों की 94 सीटों पर वोट डाले गए। इसमें UP की 10 सीटें शामिल थीं। इससे ठीक दो दिन पहले PM मोदी अयोध्या पहुंचे और हाल ही में बने राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। PM ने अयोध्या में रोड शो भी किया। नतीजे : इन 94 सीटों में से 57 पर BJP ने जीत दर्ज की। 9. कर्नाटक विधानसभा चुनाव, 10 मई 2023 : राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर में पूजा कर्नाटक में सभी 224 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। इस दिन PM मोदी राजस्थान में थे। उन्होंने उदयपुर के श्रीनाथजी मंदिर पूजा-अर्चना की। इस मंदिर में कृष्ण बालरूप में पूजे जाते हैं। नतीजे : 135 सीटें जीतकर कांग्रेस ने सत्ता हासिल की। BJP को महज 66 सीटें मिलीं। पिछले चुनाव के मुकाबले 38 सीटें कम। 10. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, 27 मार्च 2021 : बांग्लादेश के मतुआ मंदिर में पूजा पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 30 और असम में 47 सीटों पर पहले चरण की वोटिंग होनी थी। इस दिन PM मोदी, बांग्लादेश के ढाका में यशोश्वरी मंदिर शक्ति पीठ पहुंचे और मां काली की पूजा-अर्चना की। वे ओराकांडी में मतुआ समुदाय के मंदिर भी गए। पश्चिम बंगाल की 70 सीटों पर मतुआ समुदाय का प्रभाव माना जाता है। नतीजे : पश्चिम बंगाल में BJP को 77 सीटें मिलीं। पहली बार BJP राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बनी। असम में BJP ने 60 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की। 11. लोकसभा चुनाव, 19 मई 2019 : केदारनाथ में ध्यान लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोट डाले जाने थे। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर सामने आई। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बने केदारनाथ मंदिर में भगवा कपड़े पहने मोदी ध्यान लगाए हुए थे। मोदी ने उस गुफा में करीब 17 घंटे बिताए। गुफा से बाहर निकलने के बाद मोदी बोले- मैं जब भी भगवान के चरणों में आता हूं, तो कुछ मांगता नहीं। क्योंकि, उसने आपको मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है। नतीजे : 59 में से 36 सीटें BJP ने जीतीं। कुल 303 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ BJP ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई और नरेंद्र मोदी PM बने। 12. गुजरात विधानसभा चुनाव, 12 दिसंबर 2017 : अंबाजी मंदिर में पूजा गुजरात विधानसभा चुनाव में 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को वोटिंग होनी थी। इसी बीच 12 दिसंबर को PM मोदी मेहसाणा के प्रसिद्ध अम्बाजी मंदिर पहुंचे। यहां करीब 12 मिनट तक उन्होंने मां अम्बा की पूजा और आरती की। नतीजे : 18 दिसंबर 2017 को जब रिजल्ट आया तो BJP ने 182 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की। BJP को 49.1% वोट मिले। लगातार 8वीं बार BJP की सरकार बनी और विजय रुपाणी दूसरी बार CM बने। 13.यूपी विधानसभा चुनाव, 08 मार्च 2017 : सोमनाथ मंदिर में पूजा उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण में 40 सीटों पर वोटिंग होनी थी। उसी दिन PM मोदी ने सोमनाथ मंदिर में खास पूजा की। उनके साथ तब के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी थे। रुद्राक्ष की माला और सुनहरा अंगवस्त्र पहने अभिषेक और आरती करते हुए हुए मोदी की तस्वीरें सियासी गलियारों में चर्चा में रहीं। नतीजे : 11 मार्च को UP चुनाव के नतीजे आए। 15 साल बाद BJP की वापसी हुई। 403 में से 312 सीटें BJP ने जीत लीं। योगी आदित्यनाथ CM बने। 14. असम विधानसभा चुनाव, 11 अप्रैल 2016 : केरल के पारावुर पुत्तिंगल मंदिर पहुंचे असम विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण में 61 सीटों पर वोटिंग होनी थी। इसके एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल 2016 की सुबह केरल के कोल्लम जिले के पारावुर पुत्तिंगल मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान आग लग गई। इसमें करीब 111 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हो गए। शाम होते तक PM मोदी भी पहुंच गए। उन्होंने इलाके और अस्पताल का दौरा किया। घायलों से मिले। नतीजे : असम में BJP ने 126 में से 86 सीटें जीतीं। BJP को 41.9% वोट मिले। पहली बार असम में BJP की सरकार बनी। चुनाव के दिन मोदी के तीर्थ यात्राओं पर जाने का असर दोनों लोकसभा चुनाव में वापसी, 6 में से 4 राज्यों में बीजेपी की सरकार एक्सपर्ट कॉमेंट : BJP वोटर्स होंगे मोटिवेट, बढ़ेगा वोटर-टर्नआउट ---------------- बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93% वोटिंग क्यों हुई: ममता या बीजेपी किसे मिलेगा फायदा; पिछले चुनावों के एनालिसिस और एक्सपर्ट्स से समझिए पश्चिम बंगाल में पहले फेज की 152 सीटों पर 93% वोटिंग हुई। अगर यही पैटर्न दूसरे और आखिरी फेज की 142 सीटों पर रहा, तो यह बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा वोटर टर्नआउट होगा। 2021 विधानसभा चुनाव में 82% वोट पड़े थे। आजादी के बाद बंगाल में 4 बार सत्ता परिवर्तन हुआ है। इनमें 3 चुनावों में जब वोटिंग 4.5% से ज्यादा घटी-बढ़ी, तो सत्ता बदल गई। चौथी बार 2011 में, जब ममता ने लेफ्ट के 34 साल के शासन को खत्म किया, तब वोटिंग 2.4% बढ़ी थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 29 Apr 2026 1:16 pm

स्वस्थ पर्यावरण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी : पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन

'पर्यावरणीय जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला' का शुभारम्भ प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. श्रीमति जनक पलटा मगिलिगन के मुख्य आतिथ्य में हुआ। जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की निदेशिका, प्रकृति प्रेमी एवं पर्यावरण को समर्पित बहाई सेविका ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा: 'सन 1964 में भारत की पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी से होश आने पर ईश्वर कहा था, आपने मुझे ये नया जीवन दिया है, इसे मैं आपको धन्यवाद् देने में ही बिताऊंगी। पर समझ नहीं पा रही थी, कैसे उनका धन्यवाद करूं?' बहाई धर्म पढ़ा और समझ आया कि सस्टेनेबल जीवन का मतलब ईश्वर के प्रेम के लिए 'विश्व के कल्याण हेतु समस्त प्राणियो में सद्भावना से रहना व पांच तत्वों के सेवक और संरक्षक बन इनकी रक्षा करना, सीखना और कराना है। ईश्वर को फुल टाइम थैंक्स करने के लिए चंडीगढ़ छोड़ कर 1985 में अकेली इंदौर आई। आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बरली ग्रामीण महिला संस्थान शुरू करने के लिए 6 एकड़ बंजार जमीन दी गई, स्थापना करके 500 ग्रामीण, आदिवासी महिलाओं को साक्षरता, स्वास्थ्य, जैविक खेती और सतत सामुदायिक विकास के साथ सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण दिया। 26 वर्षों तक और उस परिसर को टिकाऊ, शून्य अपशिष्ट और जैविक खेती के रूप में विकसित किया। ये सम्भव हुआ मेरे पति, स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन जिन्होंने सोलर कुकिंग के लिए अथक और अद्भुत काम किया, सोलर कुकिंग को बढ़ावा देने के लिए उन घरों में सोलर कुकर और बिजली पहुंचाई जहां कोई उम्मीद नहीं थी। हमारी प्रशिक्षित महिलाओ ने बताया सोलर कुकरों से वे गर्भपात और यौन उत्पीड़न से बच गई हैं। उन्होंने जैविक खेती, जीरो वेस्ट जीवन, बहुत बड़ी संख्या में लोगों को सोलर ड्रायर बनाना सिखाया। बरली संस्थान से रिटायर होने के बाद रहने के लिए 2010 सनावादिया गांव में घर बना रहे थे, लेकिन सबसे पहले अंधेरे में रह रहे 50 आदिवासी भूमिहीन परिवारों के लिए 2 किलोवाट सोलर और विंड-मिल बनाया। दुर्भाग्यवश 2011 में जिम्मी ईश्वर को प्यारे हो गए और मैं, एक हार्ट सर्जरी, 5 कैंसर सर्जरी और पति के खोने के बाद अन्य मुश्किलों से निकली हूं, लेकिन यह समझ आया कि हमारे पास यह चॉइस नहीं है कि हम मरेंगे कैसे? लेकिन यह चॉइस है कि हम कैसे जिएंगे। मेरा विश्वास है कि जब तक हम अपने जीवन को प्रकृति और दूसरों के हित के लिए नहीं जीते, तब तक जीवन अधूरा है। इसी विश्वास ने मुझे सस्टेनेबल बनाया— वहीं खाना उगाया, सोलर कुकिंग और जैविक खेती कर खाना खाती हूं। मैंने सोचा था कि इससे गांव के लोगों की ज़िन्दगी में अंतर ज़रूर आएगा, पर इतना बड़ा अंतर आएगा इसका हमें अंदाज़ा नहीं था। मैं तब से यहां, सनावदिया में रहती हूँ, सस्टेनेबल ज़िन्दगी जी रही हूँ; मेरे घर में कुछ बाहर से नहीं आता। जीवन को पूरी ऊर्जा के साथ जी रही हूँ। मेरा विश्वास है कि जब तक हम अपने जीवन को प्रकृति और दूसरों के हित के लिए नहीं जीते, तब तक जीवन अधूरा है। पर्यावरण संरक्षण चर्चा/ शब्दों से नहीं होगा एक्शन से होगा, करना पड़ेगा।' कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर की प्रसिद्ध चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सलूजा ने कहा कि माइक्रोवेव में प्रयुक्त प्लास्टिक के सूक्ष्म कण हमारे शरीर में प्रवेश कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया। राज्य आनंद संस्थान के जिला संयोजक डॉ. प्रवीण जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे आचरण में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण संरक्षण ही आनंदमय जीवन का आधार है।' कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन से हुआ। अतिथियों का स्वागत लायंस क्लब की सीईओ, एवं श्री वल्लभ आनंद क्लब की संस्थापक श्रीमती मधु गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सेवानिवृत्त डीएसपी सुभाष दुबे ने पर्यावरण विषयक गीत प्रस्तुत किया, वहीं सिटी किंडरगार्टन स्कूल के स्टाफ द्वारा लघु…नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया गया। समारोह के अंत में डॉ. जनक पलटा का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहार से सम्मान किया गया। साथ ही वृक्ष मित्र अजय भातखंडे, अमिताभ सुधांशु एवं के.के. पवार का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर एक्रोपोलिस इंदौर में नियुक्त रिसर्च और डिवेलपमेंट के निदेशक डॉ. अनुराग तिवारी और जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी बायोटेक्नोलॉजिस्ट आभा तिवारी और उनके बेटे अद्वै भी उपस्थित थे। लायंस सेक्रेटरी सुशील पोरवाल व आनंदम सहयोगी मुक्तेश त्रिवेदी, डॉ. सुमन जैन, श्रीमती अमृता चतुर्वेदी, सुश्री रंजना मालवीय, श्रीमती संध्या सक्सेना, श्रीमती अरुंधति पेंढारकर, उमा शर्मा, संतोष गुप्ता, मुकेश वानी, श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, श्री पी.एल. डाबरे, श्रीमती प्रीति जोशी, जितेंद्र मालवीय सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण अध्ययनशाला के प्रोफेसर एवं विद्यार्थी एवं शहर के विभिन्न लायंस क्लब प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित नागर ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती अंधरुति पेंढारकर ने व्यक्त किया। रिपोर्ट- श्रीमती मधु गुप्ता (संस्थापक श्री वल्लभ आनंद क्लब)

वेब दुनिया 29 Apr 2026 1:15 pm

जेएलएन मेडिकल कॉलेज में RMCTA की नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की

अजमेर। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन, अजमेर शाखा के वार्षिक चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए शल्य चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, सचिव पद के लिए कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. महेंद्र खन्ना एवं कोषाध्यक्ष पद के लिए डॉ. गायत्री दरगड़ निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. […] The post जेएलएन मेडिकल कॉलेज में RMCTA की नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 1:08 pm

एमिटी यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर ‘लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ’ विषय पर मंथन

जयपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की ओर से राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर जनसंपर्क-लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसंपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की डायरेक्टर एवं डायरेक्टरेट […] The post एमिटी यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर ‘लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ’ विषय पर मंथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 1:02 pm

जब सिद्धांत चतुर्वेदी ने ठुकरा दिया ब्रह्मास्त्र का ऑफर, कास्टिंग सर्कल में हो गए थे ब्लैकलिस्ट

बॉलीवुड एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी 29 अप्रैल को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। सिद्धांत उन एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने अपने दम पर नाम कमाया है। वह उत्तर प्रदेश के बलिया की मिडिल क्लास फैमिली से हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। सिद्धांत जब पांच साल के थे तब उनका परिवार बलिया से मुंबई आ गया था। सीए की पढ़ाई के दौरान सिद्धांत ने मॉडलिंग करना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बतौर राइटर और एक्टर एक थिएटर ग्रुप जॉइन कर लिया। इसी दौरान निर्देशक लव रंजन की नजर उनपर पड़ी और उन्हें टीवी सीरियल लाइफ सही है में कास्ट कर लिया गया। इसके बाद साल 2017 में सिद्धांत वेब सीरीज इनसाइड एज में नजर आए। इस सीरीज की सक्सेस पार्टी में जोया अख्तर की नजर सिद्धांत पर पड़ी। इसके बाद उन्हें फिल्म 'गली बॉय' में कास्ट कर लिया गया। अपनी डेब्यू फिल्म में एमसी शेर का किरदार निभाकर सिद्धांत ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। भले ही 'गली बॉय' में लीड रोल में रणवीर सिंह थे, लेकिन सिद्धांत ने अपनी दमदार एक्टिंग से सभी का दिल जीत लिया था। इस फिल्म की सक्सेस के बाद सिद्धांत के पास कई प्रोजेक्ट की लाइन लग गई। लेकिन फिल्म 'गली बॉय' से पहले सिद्धांत को फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' भी ऑफर हुई थी। बीते दिनों सिद्धांत ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में काम करने से मना कर दिया था। इसके बाद उन्हें घमंडी समझा जाने लगा और कास्टिंग सर्कल में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। हालांकि यह तब की बात है जब सिद्धांत ने बॉलीवुड डेब्यू भी नहीं किया था। द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में सिद्धांत ने कहा था, गली बॉय के एक महीने पहले मुझे ब्रह्मास्त्र का ऑफर मिला था। एक बहुत बड़े बजट की फिल्म, जो अंत में वाकई बड़ी हिट हुई। इसके मेकर्स ने मुझे एक रोल का ऑफर दिया था। यह मुझे एक कास्टिंग डायरेक्टर के माध्यम से मिला था। इसके लिए कोई ऑडिशन या कोई स्क्रिप्ट नहीं थी। सिद्धांत ने कहा था, उन्होंने बस कहा कि आप मार्शल आर्ट्स करते हैं? क्योंकि ये एक एक्शन फैंटसी फिल्म है। एक आश्रम में एक सुपरहीरो का रोल करना था मुझे। उन लोगों ने कहा कि मुझे करना चाहिए। VFX से भरा हुआ ये प्रोजेक्ट है तो इसे बनने में 5 साल लगेंगे। मैंने अयान मुखर्जी से मुलाकात की। प्रोडक्शन हाउस भी बड़ा था। एक तरह से ये तीन फिल्मों की डील थी। उन्होंने कहा, मैंने अयान से कहा कि मुझे एक स्क्रिप्ट दे दीजिए जिससे मैं समझ सकूं कि आखिर है क्या। मैं ऑफर से वैसे ही बहुत एक्साइटेड था। लेकिन उसके लिए स्क्रिप्ट नहीं थी। क्योंकि मूवी की एकदम शुरुआत ही थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं और उस रोल के लिए ऑडिशन की लंबी लाइन भी लग गई थी। एक्टर ने कहा, इसके बाद मैंने कास्टिंग डायरेक्टर से कहा कि मैं ये फिल्म नहीं कर पाऊंगा। यह सुनकर कास्टिंग डायरेक्टर अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और कहा कि 'पागल है, धर्मा के साथ है, 3 फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट है।' मैंने कहा कि मुझे कौन देखेगा जब स्क्रीन पर अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर और आलिया भट्ट साथ होंगे। कम से कम, मुझे डायलॉग की दो लाइन तो दो, जिससे मैं ये समझ सकूं कि फिल्म में आखिर कहना क्या है। सिद्धांत ने बताया था कि इसके बाद उन्हें कास्टिंग से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा, मैं कास्टिंग सर्किल में बदनाम हो गया था कि ये सेलेक्ट हो कर ना बोल देता है। शुक्र है फिल्म को बनने में काफी समय लग गया और जब तक गली बॉय आ गई। मुझे लगता है कि उस किरदार (ब्रह्मास्त्र) को शायद एडिट भी कर दिया गया। फिल्म में वह नहीं था।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 12:49 pm

राजस्थान में कोटा के सिटी मॉल में भीषण आग

कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर के प्रमुख शॉपिंग सेंटर सिटी मॉल में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे मॉल परिसर में धुआं फैल गया और वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग मॉल के पिछले हिस्से में स्थित […] The post राजस्थान में कोटा के सिटी मॉल में भीषण आग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Apr 2026 12:13 pm

Amarnath yatra 2026: कैसे और कब प्रारंभ हुई अमरनाथ यात्रा?

प्रतिवर्ष आषाढ़ माह में अमरनाथ यात्रा का आयोजन होता है। दुर्गम क्षेत्र की यह यात्रा कश्मीर के पहलगाम और बालटाल से प्रारंभ होती है। प्राचीनाकल से ही इस यात्रा का आयोजन होता आया है। अमरनाथ यात्रा के प्रारंभ होने की कहानी पौराणिक कथाओं, ऐतिहासिक दस्तावेजों और लोक मान्यताओं का एक दिलचस्प संगम है। इसके प्रारंभ को हम 3 मुख्य दृष्टिकोणों से समझ सकते हैं। 1. पौराणिक कथा: अमरकथा का रहस्य अमरकथा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य (अमरकथा) सुनाया था। शुरुआत: जब पार्वती जी ने शिवजी से उनके अमर होने का रहस्य पूछा, तो शिवजी उन्हें एक एकांत स्थान पर ले जाना चाहते थे ताकि कोई और उस कथा को न सुन सके। त्याग की यात्रा: यात्रा के दौरान उन्होंने पहलगाम में अपने बैल (नंदी) को, चंदनवाड़ी में चंद्रमा को, शेषनाग झील पर सांपों को और महागुणास पर्वत पर अपने पुत्र गणेश को छोड़ दिया। अमर पक्षी: कथा सुनाते समय वहां मौजूद दो कबूतरों ने भी वह अमरकथा सुन ली और वे अमर हो गए। आज भी श्रद्धालुओं को वहां कबूतरों का जोड़ा दिखाई देता है। 2. भृगु ऋषि द्वारा खोज (प्राचीन मान्यता) कश्यप ऋषि का राज्य कश्मीर: शास्त्रों के अनुसार, प्राचीन काल में कश्मीर की घाटी जलमग्न थी। कश्यप ऋषि ने जब नदियों के माध्यम से पानी निकाला, तब भृगु ऋषि हिमालय की यात्रा पर निकले। प्रथम यात्री भृगु ऋषि: माना जाता है कि जलस्तर कम होने पर सबसे पहले भृगु ऋषि ने ही इस पवित्र गुफा और हिम शिवलिंग के दर्शन किए थे। तब से ही ऋषि-मुनियों और भक्तों के लिए यह एक प्रमुख तीर्थ बन गया। 3. ऐतिहासिक साक्ष्य और 'बूटा मलिक' की कहानी ऐतिहासिक उल्लेख: कल्हण की 'राजतरंगिणी' (12वीं शताब्दी) में 'अमरेश्वर' के नाम से इस तीर्थ का वर्णन मिलता है, जो सिद्ध करता है कि यह यात्रा हजारों साल पुरानी है। मुगल काल में 'आइन-ए-अकबरी' में भी इस गुफा का जिक्र मिलता है। बूटा मलिक (15वीं/19वीं शताब्दी): कहा जाता है कि मध्यकाल में यह रास्ता लुप्त हो गया था। तब 'बूटा मलिक' नाम के एक मुस्लिम चरवाहे को एक साधु ने कोयले से भरा बैग दिया। घर पहुँचने पर उसने देखा कि वह सोना बन गया है। जब वह साधु का धन्यवाद करने वापस पहुंचा, तो उसे वहां साधु नहीं बल्कि यह पवित्र गुफा मिली। कब शुरू होती है यह यात्रा? यात्रा तिथि : यह यात्रा प्रतिवर्ष हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा से शुरू होकर श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) तक चलती है। आमतौर पर यह समय जून के अंत या जुलाई की शुरुआत से लेकर अगस्त तक का होता है। क्या आप जानते हैं? अमरनाथ का शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बर्फ के टपकने (Stalagmite) से बनता है, और आश्चर्य की बात यह है कि चंद्रमा की कलाओं (घटने-बढ़ने) के साथ इस शिवलिंग का आकार भी घटता और बढ़ता है।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 11:15 am

इरफान खान: जिनकी आंखें भी करती थीं अभिनय, बचपन में बनना चाहते थे क्रिकेटर

बॉलीवुड में इरफान खान को ऐसे दमदार अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिनकी आंखें भी अभिनय करती थीं। गहरी नशीली आंखे, ठहरी आवाज, वह बॉलीवुड के हीरो की तरह नहीं था लेकिन उसके चुंबकीय व्यक्तित्व में कुछ ऐसा था जो लोगों को बरबस जोड़ लेता सम्मोहित कर लेता। इरफान खान का नाम जेहन में आते ही सबसे पहले उनकी आंखें याद आती हैं। वह एक ऐसे अभिनेता थे, जो बड़ी ही संजीदगी से अपनी आंखों से अभिनय करते थे। इरफान के पिता भी कहते थे कि 'ये आंखें हैं या प्याला हैं'। राजस्थान के जयपुर में इरफान खान का जन्म एक मुस्लिम पठान परिवार में 7 जनवरी 1967 को हुआ था। इरफान खान बचपन में क्रिकेटर बनना चाह रहे थे। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद ही एक इंटरव्यू के दौरान किया था। एक्टर ने कहा था, एक वक्त था जब मैं क्रिकेट खेलता था। मेरा सेलेक्शन सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए हुआ था। उसमें मेरे 26 साथी चुने गए थे जिन्हें एक कैंप में जाना था, लेकिन मैं नहीं जा पाया, क्योंकि कैंप में जाने के लिए मैं पैसे का इंतजाम नहीं कर पाया। मैंने डिसीजन लिया कि क्रिकेट छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इसमें किसी न किसी के सहयोग की जरूरत होगी। इसके बाद इरफान खान ने अभिनेता बनने की तरफ रुख किया। इरफान खान ने नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया था। उन्हीं दिनों पिता की मृत्यु हो गई। जिसके बाद घर से पैसे मिलने बंद हो गए। स्कूल में पढ़ाई के लिए उनकी स्कॉलरशिप का आवेदन को स्वीकार कर लिया था। इरफान खान अपनी एक्टिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई चले गए। मुंबई में आकर इरफान खान ने काफी स्ट्रगल किया। वह एक्टिंग से पहले इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। इरफान को एक बार राजेश खन्ना के घर पर एसी ठीक करने का काम मिला था। जब वह राजेश खन्ना के घर एसी ठीक करने गए, तो राजेश खन्ना की दाई ने दरवाजा खोला था। उस समय इरफान ने पहली बार राजेश खन्ना को देखा था और उन्हें देखकर बहुत खुश हुए थे। मुंबई में इरफान खान ने फिल्मों के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। हालांकि इरफान के शुरुआती दिन काफी संघर्ष भरे रहे। इरफान को फिल्मों के बजाय टीवी सीरियल में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे थे। इरफान खान ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत वर्ष 1987 में दूरदर्शन के सीरियल 'श्रीकांत' से की। इसके अलावा उन्होंने भारत एक खोज, चाणक्य, चंद्रकांता, सारा जहां हमारा, बनेगी अपनी बात और संजय खान के धारावाहिक जय हनुमान में काम किया। टेलीविजन में करियर बनाने के दौरान ही मीरा नायर ने इरफान खान को वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म 'सलाम बॉम्बे' में कैमियो रोल दिया था, लेकिन फिल्म में उनका सीन कट गया था। इसके बाद इरफान ने वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म ‘एक डॉक्टर की मौत' में काम किया। इस फिल्म में पंकज कपूर और शबाना आजमी की लीड भूमिका थी। इसमें इरफान ने एक बेबाक रिपोर्टर की भूमिका निभाई थी। सलाम बॉम्बे में रोल कटने के बाद मीरा नायर ने इरफान से वादा किया था कि किसी अन्य फिल्म में लीड रोल देंगी। उन्होंने वर्ष 2006 में रिलीज फिल्म ‘द नेमसेक' में उन्हें लीड रोल दिया। वर्ष 2001 में 'द वारियर' फिल्म से इरफान की जिंदगी बदल गई। इस फिल्म के बाद से इरफान को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। वर्ष 2004 में ‘हासिल’ फिल्म में इरफान को एक नेगेटिव किरदार में देखा गया था। इस किरदार के लिए इरफान को खूब तारीफ मिली थी। इरफान खान को बतौर लीड रोल अपनी पहली फिल्म वर्ष 2005 में मिली थी। इस फिल्म का नाम रोग था। जिसमें इरफान ने एक पुलिस ऑफिसर की भूमिका में थे। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। लेकिन इस फिल्म में इरफान की एक्टिंग ने सभी का दिल जीत लिया था। इसी फिल्म से इराफान की खूबसूरत आखों को नोटिस किया गया। कहा जाता था कि इरफान की आंखें दमदार अभिनय करती हैं। बॉलीवुड में हिट होने के साथ ही इरफान की एंट्री हुई हॉलीवुड में जहां उन्होंने स्पाइडर मैन, जुरासिक वर्ल्ड और इन्फर्नो जैसी फिल्मों में अभिनय किया। हॉलीवुड एक्टर टॉम हैंक्स ने इरफान खान की सराहना करते हुए कहा था कि- इरफान की आंखें भी अभिनय करती हैं।' बीहड़ में तो बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में' इरफान की फिल्म पान सिंह तोमर का ये डायलॉग आज भी लोगों की जुबां पर रहता है। इरफान खान जब भी अपनी फिल्मों में डायलॉग बोलते थे तो उनके अंदाज ए बयां के लोग कायल हो जाते थे। इरफान खान एक ऐसे अभिनेता थे, जो फिल्मों के बजट और एक्ट्रेस से कहीं ज्यादा फिल्म की कहानी और अपने किरदार को महत्व देते थे। इरफान खान ने अपने करियर के दौरान मकबूल, लंच बॉक्स, हासिल, लाइफ ऑफ पाइ, हिंदी मीडियम, हैदर,पीकू जैसी कई कामयाब फिल्मों में काम किया। 'अंग्रेजी मीडियम' इरफान खान की आखिरी फिल्म थी,जो 2017 में आई उनकी सुपरहिट फिल्म हिंदी मीडियम का सीक्वल थी। इरफान खान को हिंदी मीडियम और अंग्रेजी मीडियम के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला। इरफान खान ने अपने सिने करियर में ऐसी कई फिल्में की हैं, जो मील का पत्थर साबित हुई। तिग्मांशु धूलिया की फिल्म 'हासिल' के लिए उन्हें 'बेस्ट विलेन' का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। इरफान खान को फिल्म 'पान सिंह तोमर' के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान 29 अप्रैल को इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 11:04 am

कभी एसी रिपेयरिंग का काम करते थे इरफान खान, अपनी अदाकारी से हिला दिया था हॉलीवुड

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान भले ही अब इस दुनिया में न रहे हों, लेकिन फैंस के दिलो में वह अब भी जिंदा है। 29 अप्रैल 2020 को इरफान खान का निधन हो गया था। आज उनकी पुण्यतिथि हैं। इरफान ने अपनी दमदार एक्टिंग से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने अपने करियर में लगभग 70 फिल्में की, जिनमें कई हॉलीवुड फिल्में भी शामिल है। इरफान खान एक आम परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह परिवार की आर्थिक मदद के लिए एसी रिपेयरिंग का काम करते थे। इरफान को एक बार राजेश खन्ना के घर पर एसी ठीक करने का काम भी मिला था। उस समय इरफान ने पहली बार राजेश खन्ना को देखा था और उन्हें देखकर बहुत खुश हुए थे। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग दुनिया में कदम रखा और खूब नाम कमाया। इरफान खान ने दूरदर्शन के सीरियल 'श्रीकांत' से एक्टिंग करियर शुरू किया। इसके अलावा वे भारत एक खोज, चाणक्य, चंद्रकांता, सारा जहां हमारा, बनेगी अपनी बात और जय हनुमान जैसे सीरियल में भी नजर आए। इरफान खान पहली बार फिल्म 'सलाम बॉम्बे' में काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने कैमियो रोल किया था। हालांकि फिल्म से उनका सीन कट गया था। इरफान खान ने साल 1990 में फिल्म 'एक डॉक्टर की मौत' से बॉलीवुड डेब्यू किया। निधन के बाद इरफान खान अपने परिवार के लिए करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए। खबरों के अनुसार अभिनेता इरफान खान परिवार के लिए करीब 320 करोड़ रुपए की संपत्ति छोड़ गए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर के पास मुंबई में जुहू स्थित एक आलीशान फ्लैट है। इरफान खान एक दिग्गज अभिनेता थे। जिन्होंने कम समय में ही बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा था। इरफान खान को अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए लोग मुंहमांगी रकम देने के लिए तैयार रहते थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर एक फिल्म के लिए तकरीबन 15 करोड़ रुपयए चार्ज करते थे। इसके अलावा वो किसी इवेंट का हिस्सा बनने के लिए और विज्ञापनों के लिए अच्छी रकम मिलती थी। कहा यह भी जाता है कि वो फिल्मों में फीस के अलावा प्रॉफिट शेयर भी लेते थे। इरफान खान हॉलीवुड तक अपने नाम का डंका बजा चुके थे। फिल्म जुरासिक वर्ल्ड और द नेमसेक जैसी हॉलीवुड फिल्मों में इरफान खान की एक्टिंग का करिश्मा दिखा था। इसके अलावा भी एक्टर ने कई हॉलीवुड प्रोजेक्ट किए है।

वेब दुनिया 29 Apr 2026 10:56 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 अप्रैल, 2026)

मेष (Aries) Today Rashifal 29 April 2026: करियर : आज नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। लव : रोमांटिक जीवन में जोश और उत्साह बना रहेगा। धन : निवेश में जोखिम लेने से बचें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। स्वास्थ्य : काम के दबाव के कारण सिरदर्द हो सकता है। उपाय : हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: सुवर्णमत्स्या: रावण की पुत्री का हनुमानजी पर मोहित हो जाना वृषभ (Taurus) करियर : अपनी योजनाओं पर धीमी गति से लेकिन दृढ़ता से आगे बढ़ेंगे। लव : परिवार के साथ प्रेम जीवन की खुशियां साझा करेंगे। धन : स्थायी संपत्ति में निवेश के लिए विचार कर सकते हैं। स्वास्थ्य : गले या वाणी से संबंधित छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। उपाय : सफेद वस्तुओं का दान करें। मिथुन (Gemini) करियर : नेटवर्किंग और मीटिंग्स तथा सामाजिक मेल-जोल में वृद्धि होगी। लव : नए दोस्त बन सकते हैं, जो भविष्य में करीबी रिश्ते में बदल सकते हैं। धन : व्यापार और कमीशन से जुड़े कार्यों में लाभ होगा। स्वास्थ्य : मानसिक रूप से आप सक्रिय महसूस करेंगे। उपाय : गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर : कार्यस्थल पर भावनात्मक माहौल बना रहेगा। लव : आज अपनों के साथ समय बिताना प्राथमिकता होगी। धन : माता या घर-परिवार से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। स्वास्थ्य :पर्याप्त आराम करें और पानी ज्यादा पिएं। उपाय : 'ॐ सोम सोमाय नमः' का जाप करें। सिंह (Leo) करियर : आपके काम को पहचान और सराहना मिलेगी। लव : प्रेम संबंधों में रोमांस और उत्साह बढ़ेगा। धन : निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य : आज अहंकार पर नियंत्रण रखना जरूरी है। उपाय : सूर्य को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर : कार्यस्थल पर आपकी कुशलता की मांग होगी। लव : रिश्तों में आलोचनात्मक होने से बचें। धन : वित्तीय योजनाएं सफल होंगी। स्वास्थ्य : पाचन तंत्र संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय : गौशाला में दान करें। तुला (Libra) करियर : कानूनी मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है। लव : वैवाहिक और प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन : साझेदारों या जीवनसाथी के माध्यम से आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य : तनाव दूर करने के लिए कला और संगीत का सहारा लें। उपाय : देवी लक्ष्मी को गुलाब के फूल अर्पित करें। ALSO READ: May 2026 Vrat Tyohar: मई माह 2026 के व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट वृश्चिक (Scorpio) करियर : रिसर्च और गुप्त विद्या से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। लव : प्रेमीजन अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। धन : अप्रत्याशित स्रोतों से लाभ हो सकता है। जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य : योग और ध्यान फायदेमंद रहेगा। उपाय : शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। धनु (Sagittarius) करियर : आज उच्च ज्ञान और आशावाद से भरा दिन। लव : लव रिलेशनशिप में भाग्य आपका साथ देगा। धन : निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य : ऊर्जावान और उत्साही महसूस करेंगे। उपाय : 'ॐ गुरुवे नमः' का जाप करें। मकर (Capricorn) करियर : कार्यस्थल पर आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव : संबंधों में स्थिरता और गंभीरता आएगी। धन : बचत और निवेश की योजनाएं सफल होंगी। स्वास्थ्य : हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय : गरीब और जरूरतमंदों को दान करें। कुंभ (Aquarius) करियर : टीम वर्क और नेटवर्किंग से लाभ होगा। लव : सामाजिक मेल-जोल में आपकी मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। धन : बड़े भाई-बहनों या दोस्तों से आर्थिक मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य : मानसिक रूप से सक्रिय रहेंगे। उपाय : हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। मीन (Pisces) करियर : आज कार्यस्थल पर किसी भी तरह के भ्रम से बचें। लव : पार्टनर के साथ रोमांटिक और भावुक संबंध मजबूत होंगे। धन : खर्चों की अधिकता हो सकती है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान करें। उपाय : भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: त्रिपुष्कर योग 2026: इस दिन क्या करें, कैसे मिलेगा कई गुना लाभ?

वेब दुनिया 29 Apr 2026 7:02 am

वैभव के शुरुआती और फरेरा के अंतिम प्रहार से राजस्थान ने रोका पंजाब का विजय रथ

PBKSvsRR डोनोवन फरेरा के तूफानी अर्धशतक और शुभम दुबे के साथ उनकी अटूट अर्धशतकीय साझेदारी से राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में मंगलवार को यहां पंजाब किंग्स को छह विकेट से हरा दिया जो मौजूदा सत्र में पंजाब की टीम की पहली हार है। पंजाब के 223 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल्स ने सलामी बल्लेबाजों यशस्वी जायसवाल (51 रन, 27 गेंद, सात चौके, एक छक्का) और वैभव सूर्यवंशी (43 रन, 16 गेंद, पांच छक्के, तीन चौके) की तूफानी पारियों के बाद डोनोवन फरेरा (नाबाद 52 रन, 26 गेंद, छह चौके, तीन छक्के) और शुभम दुबे (नाबाद 31 रन, 12 गेंद, तीन चौके, दो छक्के) के बीच पांचवें विकेट की 32 गेंद में 77 रन की अटूट साझेदारी से 19.2 ओवर में चार विकेट पर 228 रन बनाकर जीत दर्ज की। पंजाब के तेज गेंदबाजों अर्शदीप सिंह (चार ओवर में 68 रन पर एक विकेट), लॉकी फर्ग्युसन (चार ओवर में बिना विकेट के 57 रन) और मार्को यानसेन (3.2 ओवर में बिना विकेट के 41 रन) ने 11.2 ओवर में एक विकेट पर 166 रन लुटाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा। पंजाब किंग्स ने मार्कस स्टोइनिस (नाबाद 62, 22 गेंद, छह छक्के, चार चौके) के ताबड़तोड़ अर्धशतक और सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन (59 रन, 44 गेंद, छह चौके, एक छक्का) के जुझारू अर्धशतक से चार विकेट पर 222 रन बनाए। प्रभसिमरन ने अर्धशतक जड़ने के अलावा कूपर कोनोली (30) के साथ दूसरे विकेट के लिए 59 और कप्तान श्रेयस अय्यर (30) के साथ तीसरे विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी भी की। लक्ष्य का पीछा करने उतरे रॉयल्स को वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने तूफानी शुरुआत दिलाई। सूर्यवंशी ने अर्शदीप सिंह की लगातार गेंदों पर छक्के और दो चौकों से खाता खोलने के बाद अगले ओवर में लॉकी फर्ग्युसन की लगातार गेंदों पर चौका और दो छक्के मारे। A SIX to seal the th win of the season! #RR claim two crucial points, ending #PBKS ’ unbeaten streak in New Chandigarh Scorecard https://t.co/fBbdVnExPZ #TATAIPL | #KhelBindaas | #PBKSvRR | @rajasthanroyals pic.twitter.com/YpTTgGwOfo — IndianPremierLeague (@IPL) April 28, 2026 सूर्यवंशी ने अर्शदीप के अगले ओवर में भी छक्का जड़ा लेकिन अगली गेंद पर मिड ऑफ से पीछे की ओर दौड़ते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने उनका कैच लपका। उन्होंने 16 गेंद का सामना करते हुए पांच छक्के और तीन चौके मारे।सूर्यवंशी के आउट होने के बाद जायसवाल ने तेवर दिखाए। उन्होंने अर्शदीप के इसी ओवर में लगातार गेंदों पर दो चौके और एक छक्का मारा और फिर फर्ग्युसन पर दो चौके जड़े। रॉयल्स ने पावर प्ले में एक विकेट पर 84 रन बनाए।जायसवाल ने बाएं हाथ के स्पिनर हरप्रीत बरार पर चौके के साथ नौवें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया।ध्रुव जुरेल हालांकि 20 गेंद में 16 रन बनाने के बाद लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (36 रन पर तीन विकेट) की गेंद पर यानसेन को कैच दे बैठे। कप्तान रियान पराग (29) ने चहल पर चौके से खाता खोला और फिर बरार पर रिवर्स स्वीप से छक्का जड़ा।जायसवाल ने चहल पर चौके के साथ 26 गेंद में अर्धशतक पूरा किया लेकिन अगली गेंद पर सूर्यांश शेडगे को कैच दे बैठे। पराग ने भी चहल की लगातार गेंदों पर छक्का और चौका मारा लेकिन इसी ओवर में डीप मिडविकेट पर शेडगे को कैच दे बैठे।रॉयल्स को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 58 रन की दरकार थी।शुभम दुबे ने यानसेन की लगातार गेंदों पर छक्के और चौके के साथ रन गति में इजाफा किया लेकिन फर्ग्युसन के अगले ओवर में सिर्फ आठ रन बने। फरेरा ने 18वें ओवर में अर्शदीप की लगातार गेंदों पर छक्का और चौका मारा जबकि अंतिम गेंद पर दुबे ने भी छक्का जड़ा जिससे अंतिम ओवर में रॉयल्स को 18 रन की जरूरत थी।फरेरा ने इसके बाद फर्ग्युसन पर दो चौकों और एक छक्के से रॉयल्स का पलड़ा भारी किया और फिर यानसेन पर छक्के के साथ 26 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। ALSO READ: प्रभसिमरन और स्टॉइनिस के धुआंधार अर्धशतक ने पंजाब को राजस्थान के खिलाफ पहुंचाया 222 रनों तक

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:12 pm

भगीरथेश्वर महादेव का चार दिवसीय महोत्सव शुरू 

सिरोही। स्थानीय सगरवंशी माली समाज के आराध्य देव भागिरथेश्वर महादेव के प्रतिष्ठा को 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती महोत्सव मंगलवार को शुरू हुआ। चार दिवसीय महोत्सव का समापन 1 मई को होगा। समाज पूर्व सचिव सुरेश सगरवंशी ने बताया कि स्थानीय मंदिर में 24 अप्रैल से ही महिलाएं लगातार महिलाएं मांगलिक गीतो ढोल […] The post भगीरथेश्वर महादेव का चार दिवसीय महोत्सव शुरू appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 11:03 pm

भीलवाड़ा : चार्जिंग पर लगी स्कूटी में हुए धमाके से घर में आग लगी

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के जिले के हलेड़ गांव में मंगलवार को तड़के रात चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में हुए धमाके से पूरे घर में आग लग जाने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। आग के कारण मकान की पट्टियां तक चटक गईं और करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान […] The post भीलवाड़ा : चार्जिंग पर लगी स्कूटी में हुए धमाके से घर में आग लगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 10:09 pm

सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित करने की अनुमति दी

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित दिल्ली के ए. एन. झा डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान के टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है और इसके साथ ही अदालत ने देश भर में वन्यजीवों के स्थानांतरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के […] The post सुप्रीमकोर्ट ने हौज खास स्थित डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित करने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 10:03 pm

श्रीगंगानगर में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में पति की मौत, पत्नी घायल

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक महिला और एक युवक घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि छिंद्रसिंह अपनी पत्नी कुलविंदर कौर के साथ मोटरसाइकिल पर गणेशगढ़ गांव से सोमवार की रात करीब साढ़े […] The post श्रीगंगानगर में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में पति की मौत, पत्नी घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:58 pm

निर्वासन का बीजगणित

I. विस्मृति का भूगोल अतीत अब याद नहीं— धीरे-धीरे संख्या हो गया है। लोग लालटेन की लौ के पास अपने नाम को गर्म रखते थे। अब वे ठंडे कमरों में हैं— बिना आवाज़। देह काँपती थी। अब आत्मा हल्की है। हमने आँखें एक उजले दरवाज़े की देहरी पर रख दीं— भीतर देखा तो अँधेरा नहीं […]

चौथी दुनिया 28 Apr 2026 9:57 pm

A Portrait in Excess: The Grammar of Power in Donald Trump

“The limits of my language mean the limits of my world.” — Ludwig Wittgenstein In the second presidential debate of October 2016, Hillary Clinton spent four minutes explaining her position on Syrian safe zones — the humanitarian calculus, the no-fly-zone logistics, the Russian entanglement. Trump waited. Then, when the microphone returned to him, he said: […]

चौथी दुनिया 28 Apr 2026 9:51 pm

भारत ने होर्मुज से सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने का किया आग्रह, जहाजों पर हमलों की निंदा की

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भारत ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री आवागमन को तत्काल बहाल करने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमले वैश्विक शांति, ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा हैं। […] The post भारत ने होर्मुज से सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने का किया आग्रह, जहाजों पर हमलों की निंदा की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:32 pm

भीलवाड़ा में किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाला आरोपी अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में पहचान छिपाकर एक किशोरी को प्रेम जाल में फंसाने, रेप करने और फिर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी सुल्तान मोहम्मद पठान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय […] The post भीलवाड़ा में किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाला आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:21 pm

भीलवाड़ा : खनन कार्य में लगे वाहन चालकों से मारपीट करने के 7 ओर आरोपी अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में बारनी गांव में ग्रेनाइट पत्थरों से भरे ट्रेलरों का रास्ता रोककर तोडफ़ोड़ करने और चालकों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 19 अप्रैल को सुबह बारनी गांव में ग्रेनाइट […] The post भीलवाड़ा : खनन कार्य में लगे वाहन चालकों से मारपीट करने के 7 ओर आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:14 pm

अलवर : राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील की दाल में निकला मरा चूहा

अलवर। राजस्थान में अलवर के रामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब बच्चों के लिए आए मिड-डे मील की दाल में मरा हुआ चूहा पाया गया। यह मामला सोमवार का बताया जा रहा है, जिसके बाद पूरे स्कूल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post अलवर : राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील की दाल में निकला मरा चूहा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:11 pm

अरविंद केजरीवाल के ‘सत्याग्रह’को कांग्रेस ने बताया ढोंग, कार्यालय से राष्ट्रपिता की तस्वीर हटाने का आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल महात्मा गांधी के नाम पर राजनीतिक ढोंग कर रहे हैं। यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकारी कार्यालयों से महात्मा […] The post अरविंद केजरीवाल के ‘सत्याग्रह’ को कांग्रेस ने बताया ढोंग, कार्यालय से राष्ट्रपिता की तस्वीर हटाने का आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:06 pm

बारात के इंतजार में मेहंदी लगाए बैठी रही दुल्हन, दूल्हा ममेरी बहन के साथ हुआ रफूचक्कर

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में सोमवार को एक परिवार मे शादी की खुशियां उस समय काफूर हो गई जब एक दुल्हन दूल्हे और बारात के इंतजार में सजी बैठी रही तो वही दूल्हा अपने घर से अपनी ममेरी बहन के साथ लापता हो गया। शिकोहाबाद के गांव नीम खेरिया निवासी […] The post बारात के इंतजार में मेहंदी लगाए बैठी रही दुल्हन, दूल्हा ममेरी बहन के साथ हुआ रफूचक्कर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 9:01 pm

फार्मा सेक्टर में जोरदार हलचल: जगसनपाल के शेयरों में उछाल और किनिसा की आय में रिकॉर्ड वृद्धि

साल 2026 की शुरुआत फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए बेहद सकारात्मक और मुनाफे से भरी रही...

टीबीई 9 28 Apr 2026 5:37 pm

महेंद्र सिंह धोनी का पूरे IPL से बाहर रहना लगभग तय, अभ्यास मैच में लगी चोट

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की वापसी में और देरी होगी क्योंकि इस दिग्गज खिलाड़ी को एक अभ्यास मैच के दौरान पिंडली में फिर से चोट लग गई है।सीएसके ने इस सत्र में अपने पूर्व कप्तान के बिना आठ मैच खेले हैं और फ्लेमिंग ने कहा कि शुरू में उम्मीद थी कि धोनी कुछ हफ्तों में ठीक हो जाएंगे लेकिन पिंडली की चोट के बढ़ने के कारण अब ज्यादा सावधानी से रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। फ्लेमिंग ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा,‘‘ वह वापसी के लिए काफी उत्सुक हैं। लेकिन पिंडली की चोट काफी मुश्किल होती है। अगर वह जोर लगाते हैं और पिंडली में फिर से खिंचाव आ जाता है तो वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने शुरू में थोड़ी जल्दबाजी की और फिर एक अभ्यास मैच में उनकी पिंडली में फिर से खिंचाव आ गया। और तब से वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन इसमें एक झटका लगा इसलिए इसमें हमारी सोच से ज्यादा समय लग रहा है। लेकिन देखिए, इस मामले में वही सबसे बेहतर फैसला ले सकते हैं। ’’ फ्लेमिंग ने कहा कि धोनी टीम के फिजियो के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह फिजियो के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं और सारा रिहैब कर रहे हैं। और हम बस उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मैं बस यही कह सकता हूं और मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। ’’ MS DHONI RULED OUT OF IPL CSK head coach Stephen Fleming said that MS Dhoni has suffered another injury in his calf during practice. After this setback, his return could be delayed. Fleming mentioned that rushing him back could worsen the injury, so he is being handled with… pic.twitter.com/4NWtzrddLe — SIR AYUSH (@ayush_m255) April 28, 2026 मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने अगले मैच से पहले लंबे ब्रेक के साथ CSK धोनी के उबरने की प्रक्रिया पर नजर रखना जारी रखेगी। हालांकि फ्लेमिंग के अपडेट से लगता है कि उनकी वापसी की संभावना कम ही है।धोनी नियमित रूप से ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद को ज्यादातर थ्रो-डाउन तक ही सीमित रखा है। हाल में उन्हें विकेटकीपिंग का अभ्यास करते देखा गया था, जिससे उनकी संभावित वापसी की चर्चा तेज हो गई थी। धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:15 pm

'द वॉयस' स्टार डायलन कार्टर का 24 साल की उम्र में निधन, कार हादसे में गई सिंगर की जान

मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'द वॉयस' के पूर्व प्रतियोगी और उभरते हुए कंट्री सिंगर डायलन कार्टर का निधन हो गया है। दक्षिण कैरोलिना के कोलेटन काउंटी में हुए एक दर्दनाक कार हादसे में डायलन की मौत हो गई। महज 24 साल की उम्र में उनके इस तरह चले जाने से उनके फैंस और म्यूजिक इंडस्ट्री गहरे सदमे में है। खबरों के अनुसार यह दुखद घटना 25 अप्रैल की रात की है। डायलन कार्टर अपनी 2026 मॉडल की टेस्ला कार से कोलेटन काउंटी में यू.एस. रूट 21 पर दक्षिण की ओर जा रहे थे। अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और एक बिजली के खंभे व बाड़ से टकराने के बाद पलट गई। कोलेटन काउंटी के कोरोनर ने पुष्टि की है कि डायलन की मृत्यु कार दुर्घटना के दौरान आई 'ब्लंट फोर्स इंजरी' के कारण हुई। हालांकि उन्होंने सीटबेल्ट पहनी हुई थी, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि अस्पताल ले जाने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। 'द वॉयस' में बनाया था यादगार रिकॉर्ड डायलन कार्टर साल 2023 में 'द वॉयस' के 24वें सीजन में नजर आए थे। उस समय उनकी उम्र केवल 20 वर्ष थी। उन्होंने अपने ब्लाइंड ऑडिशन में व्हिटनी ह्यूस्टन का क्लासिक गाना I Look to You गाकर शो के चारों जजों—रीबा मैकिन्टायर, नायल होरान, जॉन लीजेंड और ग्वेन स्टेफनी—को अपनी कुर्सियां मोड़ने पर मजबूर कर दिया था। यह परफॉर्मेंस न केवल तकनीकी रूप से शानदार था, बल्कि भावनात्मक भी था। डायलन ने बताया था कि यह गीत उनकी दिवंगत मां के लिए एक श्रद्धांजलि था। उन्होंने अपनी मां के अंतिम संस्कार में इस गाने को गाने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे भावुक होकर इसे पूरा नहीं कर पाए थे। 'द वॉयस' के मंच पर उन्होंने उस वादे को पूरा किया। डायलन कार्टर केवल एक अच्छे गायक ही नहीं, बल्कि एक नेक दिल इंसान भी थे। उन्होंने 'The Local Voice' नाम से एक एनजीओ की सह-स्थापना की थी, जो कैंसर से जूझ रही महिलाओं की मदद करती है। अपनी मां को कैंसर से खोने के बाद उन्होंने इस मिशन को अपनाया था। इसके अलावा, वह एक सफल रियल एस्टेट एजेंट भी थे।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:12 pm

दिल्ली के अशोका रोड पर देर रात सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अशोका रोड पर पर सोमवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान यज्ञ भाटिया (20) और अभव भाटिया (14) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार संसद मार्ग थाना क्षेत्र में अशोका रोड स्थित महादेव रोड टी-प्वाइंट, पीएनबी […] The post दिल्ली के अशोका रोड पर देर रात सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 5:03 pm

Nrisingh Jayanti 2026: नृसिंह जयंती पर करें 5 विशेष कार्य तो मिलेगी शत्रुओं से मुक्ति

Nrisingh Chaturdashi 2026 Ke Upay: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु ने दुष्ट दानव हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। इस घटना को याद करते हुए वैशाख मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को नृसिंह चतुर्दशी और इस दिन को नृसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत, पूजा, हवन और भजन-कीर्तन करके भगवान नरसिंह की भक्ति में लीन रहते हैं। नृसिंह जयंती और चतुर्दशी का उद्देश्य भक्तों की रक्षा, शत्रुओं से मुक्ति और जीवन में समृद्धि लाना है। ALSO READ: Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है? भगवान नृसिंह शक्ति, साहस और सुरक्षा के अधिष्ठाता देवता हैं। यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं, कानूनी विवादों में फंसे हैं या अज्ञात भय आपको सताता है, तो नृसिंह जयंती यानी वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ये 5 विशेष कार्य आपकी हर बाधा को दूर कर सकते हैं: 1. गोधूलि बेला में नृसिंह स्तोत्र का पाठ भगवान नृसिंह का प्राकट्य संध्या काल (गोधूलि बेला) में हुआ था, इसलिए इस समय उनकी पूजा का फल अनंत गुना मिलता है। इस दिन का विशेष फल प्राप्त करने हेुत शाम के समय घी का चौमुखी दीपक जलाएं और 'ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र' या 'नृसिंह कवच' का पाठ करें। लाभ: यह शत्रुओं के षड्यंत्रों को विफल करता है और आपको एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 2. दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक भगवान विष्णु के अवतार होने के कारण नृसिंह देव को शंख अत्यंत प्रिय है। इस दिन भगवान नृसिंह की प्रतिमा या तस्वीर का केसर मिश्रित दूध और जल से अभिषेक करें। यदि दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करें तो श्रेष्ठ है। लाभ: इससे जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और छिपे हुए शत्रुओं का प्रभाव कम होता है। 3. 'ठंडी' वस्तुओं का भोग लगाएं भगवान नृसिंह का स्वरूप अत्यंत उग्र और क्रोधी माना जाता है। उन्हें शांत करने और प्रसन्न करने के लिए शीतल चीजों का अर्पण किया जाता है। इसीलिये पूजा में भगवान को सत्तू, गुड़ का शरबत, ठंडा दही, तरबूज या पंजीरी का भोग लगाएं। लाभ: भगवान का क्रोध शांत होने से भक्तों पर उनकी सौम्य कृपा बरसती है और घर के क्लेश दूर होते हैं। 4. विशेष बीज मंत्र का जप शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए मंत्र जप एक अचूक अस्त्र है। कार्य: लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें: 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥' लाभ: यह मंत्र न केवल शत्रुओं का नाश करता है बल्कि अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति दिलाता है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य? 5. मोर पंख और लाल फूल अर्पित करना भगवान नृसिंह को साहस का प्रतीक माना जाता है, और उन्हें कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। नृसिंह जयंती के अवसर पर नृसिंह मंदिर जाकर भगवान को लाल रंग के फूल- जैसे गुड़हल और मोर पंख चढ़ाएं। लाभ: लाल फूल मंगल ग्रह को भी शांत करते हैं, जिससे शत्रु आप पर हावी नहीं हो पाते और कानूनी मामलों में सफलता मिलती है। महत्वपूर्ण सावधानी: भगवान नृसिंह की पूजा करते समय मन में किसी के प्रति ईर्ष्या या द्वेष न रखें। उनकी पूजा का उद्देश्य 'अधर्म पर धर्म की विजय' और 'स्वयं की रक्षा' होना चाहिए, न कि किसी का अहित करना। याद रखें: इस दिन व्रत रखने और अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों को जल या अन्न का दान करने से भगवान नृसिंह बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: मंगल मेष में प्रवेश: क्या बढ़ेगी भारत की सैन्य ताकत और बंगाल में पीएम मोदी का प्रभाव?

वेब दुनिया 28 Apr 2026 5:02 pm

ई़डी ने आरकॉम की लगभग तीन हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क की

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) बैंक धोखाधड़ी मामले में 3,034.90 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। ईडी ने मंगलवार को बताया कि संपत्तियों को क्षय से बचाने […] The post ई़डी ने आरकॉम की लगभग तीन हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:56 pm

क्यों खास है पश्चिम बंगाल? जानिए इसका इतिहास, पर्यटन स्थल और रोचक तथ्य

भारतीय धर्म, कला, संस्कृति, अध्यात्म, दर्शन, तंत्र मार्ग और काला जादू की भूमि बंगाल क्रांतिकारियों की भी जन्मभूमि रही है। बंगाल के बारे में जितना कहा और लिखा जाए उतना कम है, परंतु बंगाल का विभाजित हो जाना भारत का सबसे बड़ा नुकसान रहा। मुगल और अंग्रेज काल में सबसे ज्यादा आंदोलन और विद्रोह बंगाल में हुए। 1757 में प्लासी के विद्रोह से लेकर 1905 के बंग-भंग आंदोलन तक बंगाल ने बहुत कुछ सहा। बंगाल ने इस देश को बहुत कुछ दिया, लेकिन लेफ्ट ने उससे सबकुछ छिन लिया। आओ जानते हैं भारत के पश्चिम बंगाल (बंग्लादेश नहीं) के संबंध में संक्षिप्त जानकारी। 1. ऐतिहासिक परिचय एवं शासनकाल प्राचीन काल: बंगाल प्राचीन समय से ही शैव, शाक्त और बौद्ध संप्रदायों का केंद्र रहा है। यहाँ रामायण और महाभारत कालीन राजाओं का शासन रहा। मध्यकाल: पाल और सेन वंश के बाद यहाँ मुस्लिम शासन शुरू हुआ, जिसमें इलियास, बायाजिद, गणेश, हाबिस और हुसेन वंश प्रमुख थे। इसके बाद शूरवंश, काररानि वंश और फिर मुगलों का आधिपत्य रहा। ब्रिटिश काल एवं नवाब: बंगाल के नवाबों में सिराजुद्दौला अंतिम स्वतंत्र शासक था। अंग्रेजों के काल में ही बंगाल का विभाजन हुआ। ब्रिटिश काल का अंतिम नवाब सइफ उद दौला था। 2. बंगाल का विभाजन और सांख्यिकी विभाजन का इतिहास: 1905 में अंग्रेजों ने धर्म के आधार पर 'बंग-भंग' किया। 1947 में विभाजन स्थायी हुआ, जिससे पूर्वी बंगाल (पाकिस्तान का हिस्सा) और पश्चिम बंगाल (भारत का हिस्सा) बने। 1971 में पूर्वी बंगाल 'बांग्लादेश' के रूप में स्वतंत्र देश बना। जनसांख्यिकी (बांग्लादेश): विभाजन के समय वहाँ 13.50% हिंदू थे। 2011 में यह संख्या 8.54% रह गई और 2022 की गणना के अनुसार वहाँ हिंदुओं की आबादी लगभग 7.95% से 8% (करीब 1.31 करोड़) है। 3. धार्मिक एवं आध्यात्मिक विरासत शक्तिपीठ: कुल 52 शक्तिपीठों में से लगभग 12-13 पश्चिम बंगाल में और 4 बांग्लादेश में (श्रीशैल, करतोयातट, यशोर, चट्टल और जयंती) स्थित हैं। प्रमुख संत: चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, स्वामी प्रणवानंद, युक्तेश्वर गिरि, योगी श्यामाचरण लाहिड़ी और स्वामी योगानंद जैसे महान संतों ने यहाँ जन्म लिया या कार्य किया। त्योहार: बंगाल अपनी तंत्र विद्या और आध्यात्मिक दर्शन के लिए प्रसिद्ध है। 'दुर्गा पूजा' यहाँ का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है। 4. प्रमुख दर्शनीय और पूजा स्थल मंदिर (पश्चिम बंगाल): कालीघाट, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, तारापीठ, किरीतेश्वरी (मुर्शिदाबाद), कनक दुर्गा (मिदनापुर), और हंसेश्वरी मंदिर प्रमुख हैं। इसके अलावा बेलूर मठ (श्रीरामकृष्ण मठ) और बैंडेल चर्च प्रसिद्ध हैं। बांग्लादेश के मंदिर: ढाकेश्वरी मंदिर (ढाका), आदिनाथ मंदिर, कांताजी मंदिर और पुठिया मंदिर परिसर। 5. भूगोल और नदियां प्रमुख नदियां: बंगाल से लगभग 80 नदियां बहती हैं, जिनमें 19 प्रमुख हैं। गंगा यहाँ की मुख्य नदी है, जो पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर 'हुगली' के नाम से जानी जाती है। अन्य नदियां: भागीरथी, तीस्ता, महानंदा, दामोदर, अजय, मयुराक्षी और जलंगी प्रमुख हैं। कोलकाता हुगली नदी के किनारे स्थित है। 6. बंगाल की विभूतियाँ क्रांतिकारी और नेता: नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, अरविंद घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और खुदीराम बोस। साहित्य और कला: रवीन्द्र नाथ ठाकुर (टैगोर), बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय और सत्यजित राय। विज्ञान और समाज सुधार: जगदीश चन्द्र वसु, सत्येन्द्र नाथ बोस, राजा राममोहन राय और अमर्त्य सेन। खेल और राजनीति: सौरभ गांगुली (क्रिकेट), ज्योति बसु और ममता बनर्जी (राजनीति)। अध्यात्मिक नेता: चैतन्य महाप्रभु, प्रभु जगत्बंधु, स्वामी विवेकानंद, अरविंद घोष, रामकृष्ण परमहंस, श्यामाचरण लाहिड़ी (लाहिड़ी महाशय), स्वामी युक्तेश्वर गिरि, परमहंस योगानंद, स्वामी प्रणवानंद, योगी आनंदमूर्ति, निगमानंद परमहंस, बामखेपा (तारापीठ), कमलाकांत, 7. सांस्कृतिक पहचान बंगाल अपनी कला, संस्कृति, दर्शन और तंत्र मार्ग के लिए विश्वविख्यात है। यहाँ की फुटबॉल संस्कृति (मोहन बगान और ईस्ट बंगाल क्लब) अत्यंत लोकप्रिय है। यह भूमि स्वतंत्रता आंदोलनों और विद्रोहों (जैसे 1757 प्लासी और 1905 बंग-भंग) की साक्षी रही है। 8. बंगाल के प्रमुख पर्यटन स्थल: पहाड़ों की रानी और उत्तर बंगाल दार्जिलिंग (Darjeeling): यहाँ की 'टॉय ट्रेन' (यूनेस्को हेरिटेज), चाय के बागान और टाइगर हिल से कंचनजंगा की चोटियों पर सूर्योदय देखना जादुई अनुभव है। कालिम्पोंग (Kalimpong): बौद्ध मठों, फूलों की नर्सरी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध। मिरिक (Mirik): यहाँ की सुमेंदु झील और चारों ओर फैले देवदार के जंगल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सदाकफू (Sandakphu): यह पश्चिम बंगाल की सबसे ऊँची चोटी है, जो ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। कोलकाता: 'सिटी ऑफ जॉय' विक्टोरिया मेमोरियल: सफेद संगमरमर से बनी यह शानदार इमारत ब्रिटिश काल की याद दिलाती है। हावड़ा ब्रिज : हुगली नदी पर बना यह बिना खंभों वाला पुल कोलकाता की पहचान है। दक्षिणेश्वर और कालीघाट मंदिर: यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा और वास्तुकला अद्वितीय है। इंडियन म्यूजियम: भारत का सबसे पुराना और बड़ा संग्रहालय। इको पार्क और साइंस सिटी: परिवार और बच्चों के लिए बेहतरीन पिकनिक स्पॉट। समुद्र तट और द्वीप दीघा (Digha): बंगाल का सबसे लोकप्रिय समुद्री किनारा, जहाँ उथला समुद्र और शांत लहरें मिलती हैं। मंदारमणि (Mandarmani): यह अपनी लंबी मोटर-एबल बीच (जहाँ गाड़ी चलाई जा सके) के लिए मशहूर है। सागर द्वीप, गंगा सागर (Ganga Sagar): जहाँ गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है। यहाँ मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है। यह एक हिंदू तीर्थ स्थल भी है। वन्यजीव और प्रकृति सुंदरबन नेशनल पार्क (Sundarbans): यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और 'रॉयल बंगाल टाइगर' का घर। यहाँ के मैंग्रोव जंगल और नाव की सवारी रोमांचक होती है। जलदापारा नेशनल पार्क: यह एक सींग वाले भारतीय गैंडे (Rhino) के लिए प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत शांति निकेतन (बीरभूम): रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय। यहाँ का 'पौष मेला' और 'बसंत उत्सव' विश्व प्रसिद्ध है। मुर्शिदाबाद: नवाबों का शहर, जहाँ का हजारद्वारी पैलेस (1000 दरवाजों वाला महल) देखने लायक है। बिष्णुपुर (बांकुरा): यह अपने टेराकोटा (पकी मिट्टी) के मंदिरों और बालूचरी साड़ियों के लिए जाना जाता है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 4:53 pm

इंडियन ओवरसीज बैंक ने मांगा मौत का सबूत, बहन का कंकाल लेकर पहुंचा भाई

नई दिल्ली। इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक व्यक्ति के बहन की मौत के सबूत के तौर पर बैंक में कंकाल लेकर पहुंचने की घटना पर सफाई देते हुए कहा है कि शाखा प्रबंधक का इरादा उस व्यक्ति को परेशान करने का नहीं था, बल्कि वह सिर्फ नियमों का पालन कर रहे थे। घटना के एक […] The post इंडियन ओवरसीज बैंक ने मांगा मौत का सबूत, बहन का कंकाल लेकर पहुंचा भाई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:50 pm

मटका किंग रिव्यू: सत्ता, सिस्टम और सट्टा के टकराव की परतें

‘मटका किंग’ का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विषय है क्योंकि यह भारत में सट्टेबाजी के सबसे चर्चित नाम रतन खत्री से प्रेरित कहानी है। सीरिज में इस किरदार को ब्रिज भट्टी के नाम से पेश किया गया है, जो पाकिस्तान से भारत आकर छोटी नौकरी से शुरुआत करता है और फिर ताश के पत्तों के सहारे एक ऐसा नंबर गेम खड़ा करता है, जो मुंबई से निकलकर पूरे देश में फैल जाता है। मिल मजदूरों से लेकर पांच सितारा होटलों के अमीरों तक, हर कोई इस खेल में अपनी किस्मत आजमाता है। ब्रिज का किरदार इस अवैध धंधे को एक ‘ईमानदार’ जुए के रूप में पेश करता है, जहां जीतने वाले को पूरा पैसा मिलता है। यही भरोसा उसे भीड़ से अलग करता है और धीरे-धीरे वह एक ‘मसीहा’ जैसी छवि बना लेता है। जैसे-जैसे ब्रिज का साम्राज्य फैलता है, वैसे-वैसे सिस्टम उसके खिलाफ खड़ा होता नजर आता है। महाराष्ट्र सरकार खुद की लॉटरी शुरू कर देती है, पुलिस, नेता और बॉलीवुड के लोग उससे वसूली करने लगते हैं। नोटिस, पूछताछ और दबाव, ब्रिज की दुनिया पर शिकंजा कसने लगता है। लेकिन असली टकराव सिर्फ बाहर नहीं, भीतर भी है। पैसा आते ही रिश्ते टूटने लगते हैं। पत्नी, भाई और करीबी लोग उससे दूर होने लगते हैं। निर्देशक नागराज मंजुले इन सभी परतों को आठ एपिसोड में पिरोने की कोशिश करते हैं, लेकिन असर उतना गहरा नहीं हो पाता जितना होना चाहिए था। सीरिज की सबसे बड़ी कमजोरी इसका फ्लैट नैरेशन है। जहां कहानी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव की गुंजाइश थी, वहां ज्यादातर सीन सपाट नजर आते हैं। आगे क्या होने वाला है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे रोमांच कम हो जाता है। कुछ सी, जैसे फ्लाइट में या पुलिस स्टेशन में ब्रिज का नंबर खोलना, जरूर ध्यान खींचते हैं, लेकिन ऐसे पल गिने-चुने हैं। ब्रिज को सिंधी दिखाया गया है, लेकिन उसके परिवार और बैकग्राउंड को विश्वसनीय तरीके से नहीं रचा गया। एक समय के बाद कहानी ठहर जाती है और ऐसा लगता है कि सिर्फ एपिसोड बढ़ाने के लिए इसे खींचा जा रहा है। सबसे बड़ी कमी यह है कि मटका गेम कैसे काम करता है, इसे ठीक से समझाया ही नहीं गया। जो दर्शक इस खेल से अनजान हैं, उनके लिए यह कन्फ्यूजिंग बन जाता है। यहां एक-दो एपिसोड पूरी तरह इस सिस्टम को समझाने पर होने चाहिए थे। नागराज मंजुले ने कहानी को बेहद धीमी गति से आगे बढ़ाया है। ब्रिज को एक ‘ईमानदार अपराधी’ और कभी-कभी ‘मसीहा’ के रूप में पेश करना दिलचस्प जरूर है, लेकिन इसे और गहराई दी जा सकती थी। बजट की कमी भी कई जगह साफ नजर आती है। सेट्स नकली लगते हैं और कार वाले सीन पुराने जमाने की फिल्मों की याद दिलाते हैं। सीरिज की कास्टिंग भी थोड़ा खटकती है। विजय वर्मा और सई तम्हाणकर जैसे शानदार कलाकार यहां उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ पाते। विजय वर्मा का अभिनय बेहद सपाट लगता है, जबकि सई भी खास रंग नहीं भर पातीं। वहीं कृतिका कामरा अपनी परफॉर्मेंस से प्रभावित करती हैं। सिद्धार्थ जाधव और गिरीश कुलकर्णी भी अपने किरदारों में जमे हैं। गुलशन ग्रोवर एक बार फिर ‘बैडमैन’ की छवि से बाहर नहीं निकल पाते। ‘मटका किंग’ एक ऐसी सीरिज है, जिसका विषय बेहद दिलचस्प और संभावनाओं से भरा हुआ था। रतन खत्री से प्रेरित कहानी दर्शकों को बांध सकती थी, लेकिन कमजोर प्रेजेंटेशन, धीमी रफ्तार और अधूरी व्याख्या इसे औसत बना देती है। यह सीरिज देखी जा सकती है, लेकिन सिर्फ इसके दिलचस्प किरदार और बैकस्टोरी के लिए, न कि इसके ट्रीटमेंट के लिए।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 4:49 pm

बटाला में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर दो लोगों की हत्या की, एक घायल

बटाला। पंजाब के बटाला में श्री हरगोबिंदपुर उपमंडल के भोमा गांव में सोमवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने टहल रहे तीन लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें दो व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेहताब सिंह ने बताया कि अचानक हुए इस […] The post बटाला में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर दो लोगों की हत्या की, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:16 pm

सरकारी अभियंता के साथ मारपीट के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा

सिंधुदुर्ग। महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग की एक स्थानीय अदालत ने राज्य के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नितेश राणे को साल 2019 में एक सरकारी इंजीनियर के साथ मारपीट करने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीएस देशमुख ने सोमवार को दिए अपने आदेश में राणे […] The post सरकारी अभियंता के साथ मारपीट के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 4:11 pm

मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता की अदालत में पेश होने से किया इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाद अब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर सूचित किया है कि न तो वह और न ही उनके वकील उनकी अदालत में पेश होंगे। सिसोदिया ने अपने पत्र और सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट […] The post मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता की अदालत में पेश होने से किया इनकार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 3:53 pm

इंदौर में संपन्न हुई पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता; दीपेंद्र और तनिष्क रहे विजेता

चत्रभुज नरसी स्कूल (CNS), इंदौर में दो दिवसीय पिस्टल शूटिंग कॉम्पिटिशन सम्पन्न हुई। ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित की देखरेख में शुरू हुई स्कूल की नई स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट पिस्टल शूटिंग एकेडमी ने अपने पहले ही आयोजन में शहर की युवा प्रतिभाओं को नई दिशा दी है। दो दिनों तक चले कड़े मुकाबले के बाद, दीपेंद्र वर्मा (पिता) और तनिष्क वर्मा (पुत्र) ने अपने सटीक निशाने और धैर्य का परिचय देते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि आदित्यवर्धन सिंह और भूमिका सोलंकी प्रतियोगिता के रनर -अप रहे। पिस्टल शूटिंग वर्कशॉप में लगभग 89 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पेशेवर शूटिंग की बारीकियों को समझा। इस पहल पर बात करते हुए, चत्रभुज नरसी स्कूल के चेयरपर्सन श्री सुजय जयराज ने कहा , चत्रभुज नरसी स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा को पढ़ाई से आगे बढ़कर अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए। यह शूटिंग एकेडमी और फिएस्टा जैसे आयोजन हमारे उसी विजन को दर्शाते हैं, जहाँ हम छात्रों को न केवल ज्ञान बल्कि विश्वस्तरीय मौके और खेल के जरिए मजबूती प्रदान करते हैं। एकेडमी के मेंटर, ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित ने युवा निशानेबाजों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा , - इस शुरुआती स्तर पर युवा सीखने वालों को शूटिंग के खेल से रूबरू कराना सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं था—बल्कि यह उनके भीतर फोकस, सब्र और आत्मविश्वास पैदा करने की एक कोशिश थी। मुझे इन दो दिनों में बच्चों के भीतर सीखने की जो ललक और धैर्य दिखा, वह काबिले-तारीफ है। चत्रभुज नरसी स्कूल में मेरा उद्देश्य तकनीक सिखाने के साथ उन मूल्यों को जगाना है जो इन बच्चों को जीवन की हर चुनौती के लिए तैयार करें। यहाँ की वर्ल्ड-क्लास 10-मीटर शूटिंग रेंज इंदौर में भविष्य के ओलंपिक चैंपियंस तैयार करने की क्षमता रखती है। प्रिंसिपल डॉ जेरिन जैकब ने भी आयोजन की सफलता पर कहा कि वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के साथ सीधे जुड़कर बच्चों ने सीखा है कि कैसे अनुशासन और फोकस जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता ला सकता है। शूटिंग रेंज के बाहर, स्कूल परिसर में आयोजित 'फिएस्टा' ने परिवारों के लिए एक शानदार उत्सव का माहौल तैयार किया, जिसमें लगभग 266 लोगों ने शिरकत की। इस फिएस्टा में विविध एक्टिविटी स्टॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, क्रिएटिव आर्ट स्पेसेस, DIY स्टॉल्स और बच्चों के आकर्षण के लिए बाउंसी कैसल जैसे कई विकल्प मौजूद थे। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वह नया 'प्ले एरिया' रहा जिसका उद्घाटन फिएस्टा से ठीक पहले किया गया था। दिन भर बच्चे अपने माता-पिता के साथ इस आधुनिक प्ले एरिया में समय बिताते और खेल का आनंद लेते नजर आए। इसके साथ ही, बच्चों की माताओं के लिए विशेष रूप से जुम्बा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी माताओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया और खूब आनंद उठाया। चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर एक प्रोग्रेसिव संस्थान है जो शिक्षा, खेल और कला के समन्वय से छात्रों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। शूटिंग एकेडमी जैसी पहल स्कूल के एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट को और मजबूत करती है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:30 pm

आमिर खान ने लगाई '3 इडियट्स' के सीक्वल पर मुहर, 10 साल बाद की दिखेगी कहानी

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े नहीं बदलतीं, बल्कि लोगों की सोच बदल देती हैं। साल 2009 में आई राजकुमार हिरानी की फिल्म '3 इडियट्स' उन्हीं में से एक थी। पिछले कई वर्षों से इस फिल्म के सीक्वल को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब खुद 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए यह साफ कर दिया है कि '3 इडियट्स 2' पर काम शुरू हो चुका है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान आमिर खान ने खुलासा किया कि फिल्म का सीक्वल पाइपलाइन में है। आमिर ने बताया, राजू (राजकुमार हिरानी) फिलहाल '3 इडियट्स 2' की कहानी पर काम कर रहे हैं। मैंने इसकी मूल कहानी सुनी है और यह वाकई में अद्भुत है। हालांकि अभी स्क्रिप्ट पर कुछ और काम होना बाकी है, लेकिन कहानी का विचार बहुत ही अनूठा है। आमिर ने आगे कहा कि वह एक बार फिर से 'फुंसुख वांगडू' का किरदार निभाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। अपनी पिछली फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' की असफलता के बाद आमिर अब 'सितारे जमीन पर' और '3 इडियट्स' जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी पुरानी लय वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। 10 साल आगे बढ़ेगी कहानी खबरों की मानें तो '3 इडियट्स 2' की कहानी वहीं से शुरू नहीं होगी जहां पहली फिल्म खत्म हुई थी। फिल्म में एक दशक का 'लीप' दिखाया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि कॉलेज के वो तीन दोस्त—रेंचो, फरहान और राजू—अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल जिंदगी में 10 साल बाद कहां खड़े हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म में आमिर खान के साथ आर. माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की वापसी लगभग तय है। साथ ही करीना कपूर खान भी 'पिया' के रूप में अपनी भूमिका को आगे बढ़ा सकती हैं। बोमन ईरानी (वायरस) और ओमी वैद्य (चतुर) के बिना यह फिल्म अधूरी मानी जाती है, इसलिए मेकर्स उन्हें भी स्क्रिप्ट में अहम जगह देने की योजना बना रहे हैं।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:21 pm

Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है?

Vaishakh Month Nrisingh Jayanti: नृसिंह चतुर्दशी भगवान विष्णु के सबसे उग्र और शक्तिशाली अवतार, भगवान नृसिंह के प्राकट्य का उत्सव है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सूर्यास्त के समय उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और घोर संकटों से मुक्ति मिलती है। वर्ष 2026 में नृसिंह चतुर्दशी या भगवान नृसिंह जयंती 30 अप्रैल, दिन गुरुवार को मनाई जा रही है। ALSO READ: त्रिपुष्कर योग 2026: इस दिन क्या करें, कैसे मिलेगा कई गुना लाभ? नृसिंह चतुर्दशी क्या है? वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय) वैशाख की ऊर्जा और तप धर्म की स्थापना का संदेश यहां इसके महत्व और वैशाख मास से इसके संबंध की विस्तृत जानकारी दी गई है: नृसिंह चतुर्दशी क्या है? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और अधर्मी राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए नृसिंह अवतार (आधा सिंह और आधा मनुष्य) धारण किया था। यह भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव या नृसिंह जयंती का दिन है। स्वरूप: भगवान का मुख और पंजे सिंह के समान थे, जबकि धड़ मनुष्य का था। उद्देश्य: हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि उसे न कोई मनुष्य मार सके न पशु, न दिन में न रात में, और न घर के भीतर न बाहर। इसलिए भगवान ने खंभे को चीरकर गोधूलि बेला (शाम) में, चौखट पर बैठकर अपने नाखूनों से उसका वध किया। वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास को अत्यंत पवित्र और 'माधवन मास' या भगवान विष्णु का महीना माना गया है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं: 1. धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय): शास्त्रों के अनुसार, सत्ययुग में वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ही भगवान ने यह अवतार लिया था। हिंदू धर्म में जिस तिथि को भगवान का प्राकट्य होता है, वह तिथि और मास सदैव के लिए उनके उत्सव के लिए निर्धारित हो जाते हैं। 2. वैशाख की ऊर्जा और तप: वैशाख मास भीषण गर्मी और तप का प्रतीक है। भगवान नृसिंह का स्वभाव अत्यंत क्रोधी और 'अग्नि' के समान तेजस्वी माना गया है। वैशाख की ऊर्जा उनके इस प्रखर तेज को दर्शाती है। यही कारण है कि इस दिन भगवान को शीतल करने के लिए चंदन का लेप लगाया जाता है और ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। 3. धर्म की स्थापना का संदेश: वैशाख मास भक्ति और दान का महीना है। भक्त प्रह्लाद की 'अटूट भक्ति' और हिरण्यकश्यप के 'अहंकार' के अंत की यह कथा हमें सिखाती है कि जब पाप चरम पर होता है, तो ईश्वर स्वयं प्रकट होते हैं। इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं व्रत: श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं। इसे 'नृसिंह जयंती' भी कहा जाता है। पूजा का समय: चूंकि भगवान शाम के समय प्रकट हुए थे, इसलिए इनकी मुख्य पूजा गोधूलि बेला (सूर्यास्त के समय) में की जाती है। अभिषेक : दक्षिण भारतीय मंदिरों और वैष्णव संप्रदायों में इस दिन भगवान नृसिंह का पंचामृत अभिषेक विशेष रूप से किया जाता है। महत्व: मान्यता है कि नृसिंह चतुर्दशी का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के हर प्रकार के संकट व भय का नाश होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य?

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:15 pm

Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करते हैं?

buddha purnima बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। इस दिन अनेक प्रकार के समारोह आयोजित किए गए हैं। अलग-अलग देशों में वहां के रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुसार समारोह आयोजित होते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर किए जाने वाले कार्यों और परंपराओं को जानिए। 1. धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान प्रार्थना और तीर्थ: दुनियाभर के बौद्ध अनुयायी बोधगया में एकत्रित होते हैं और विशेष प्रार्थनाएँ आयोजित करते हैं। अस्थि दर्शन: दिल्ली संग्रहालय इस दिन भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को दर्शन हेतु बाहर निकालता है, ताकि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकें। धर्मग्रंथों का पाठ: इस दिन बौद्ध धर्मग्रंथों का निरंतर पाठ किया जाता है, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा बनी रहे। 2. बोधिवृक्ष एवं मंदिर पूजा विधान बोधिवृक्ष की पूजा: उस वृक्ष की पूजा की जाती है जिसके नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। इसकी शाखाओं को हार और रंगीन पताकाओं से सजाया जाता है। जलाभिषेक: बोधिवृक्ष की जड़ों में दूध और सुगंधित पानी डाला जाता है और उसके आसपास दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं। अर्चना: मंदिरों और घरों में भगवान बुद्ध की मूर्ति पर फल-फूल चढ़ाए जाते हैं और अगरबत्ती जलाकर धूप-दीप किया जाता है। 3. सजावट और उत्सव की शैली दीपोत्सव: बौद्ध घरों में दीपक जलाए जाते हैं और फूलों से विशेष सजावट की जाती है। वेसाक उत्सव: श्रीलंका में इस दिन को 'वेसाक' (वैशाख का अपभ्रंश) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। 4. दान, पुण्य एवं जीव दया मांसाहार का त्याग: बुद्ध पशु हिंसा के सख्त खिलाफ थे, इसलिए इस दिन मांसाहार का पूर्ण परहेज किया जाता है। जीवों की मुक्ति: इस दिन पक्षियों को पिंजरों से मुक्त कर खुले आसमान में छोड़ा जाता है, जो स्वतंत्रता और करुणा का प्रतीक है। परोपकार: गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र दान किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कार्यों से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:13 pm

23 रनों से मैच जीतकर द.अफ्रीका ने भारत के खिलाफ 4-1 से सीरीज की अपने नाम

INDvsSA कप्तान लॉरा वुलफार्ट (नाबाद 92) के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम ने सोमवार को पांचवें T-20I मुकाबले भारत को 23 रनों से हरा दिया। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। लॉरा वुलफार्ट को ‘प्लयेर ऑफ द मैच’ और प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार मिला। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय महिला टीम शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 38 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिये। शेफाली वर्मा (चार), जेमिमाह रॉड्रिग्स (एक) अनुष्का शर्मा (17) रन बनाकर आउट हुई। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारती फूलमाली ने पारी को संभालने का किया। इसी दौरान 13वें ओवर में एन म्लाबा ने हरमनप्रीत कौर (22) का शिकार कर लिया। 16वें ओवर में क्लोई ट्राइऑन ने भारती फूलमाली को आउटकर पवेलियन भेज दिया। भारती फूलमाली 30 गेंदों में चार चौके और दो छक्के उड़ाते हुए 40 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण के आगे भारतीय बल्लेबाज खुल कर नहीं खेल सके। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 132 रन बनाये और दक्षिण अफ्रीका ने 23 रनों से मुकाबला जीत लिया। ऋचा घोष 15 गेंदों में 25 रन बनाकर नाबाद रही। South Africa registered a 4-1 T20I series win against India, building crucial momentum heading into the #T20WorldCup in June : @ProteasWomenCSA Book your tournament tickets : https://t.co/8kyuNOXKdL pic.twitter.com/hmrIKv0t6O — ICC (@ICC) April 28, 2026 दक्षिण अफ्रीका की ओर से एन म्लाबा और एनडी क्लार्क ने दो-दो विकेट लिये। एलिज़ मारी मार्क्स, क्लोई ट्राइऑन और अयाबोंगा खाका ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 155 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्ताना लॉरा वुलफार्ट ने 56 गेंदों में 11 चौके और दो छक्के लगाते हुए नाबाद 92 रनों की पारी खेली। सुने लूस ने (23) और क्लोई ट्राइऑन ने (12) रनों का योगदान दिया। सिनालो जाफ्टा (16) रन बनाकर नाबाद रही। चार बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। भारत की ओर से रेणुका सिंह, श्री चारणी और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लिये।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 3:00 pm

Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य?

भगवान बुद्ध का एक शाश्वत सत्य है- इंसान अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। हम अक्सर किस्मत को दोष देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हम अपने ही कर्मों की विरासत ढो रहे हैं। हमारे कर्म ही हमारे जन्म का कारण हैं, वही हमारा बंधन हैं और अंततः वही हमारी एकमात्र शरणस्थली भी हैं। इसी से भाग्य और दुर्भाग्य निर्मित होता है। सरल शब्दों में कहें तो, जीवन एक गूंज (Echo) की तरह है; आप जो ब्रह्मांड को देंगे, वही तीन गुना होकर आपके पास वापस आएगा। कर्म के तीन द्वार: मन, वचन और शरीर हम कर्म को केवल हाथ-पैर चलाने तक सीमित समझते हैं, लेकिन इसके उद्गम के तीन गहरे स्तर हैं: 1. कायिक (Physical): जो शरीर से किया जाए, जैसे किसी की मदद करना या किसी को चोट पहुँचाना। यह सबसे प्रत्यक्ष होता है। 2. वाचिक (Vocal): जो शब्दों के माध्यम से हो। गाली देना या मीठा बोलना। समाज इसे भी गंभीरता से लेता है। 3. मानसिक (Mental): किसी के बारे में बुरा सोचना। अक्सर हम इसे 'मामूली' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यहीं हम सबसे बड़ी चूक करते हैं। सत्य यह है कि 'मन' ही असली इंजन है। शरीर और शब्द तो बस उसके डिब्बे हैं। जो विचार मन में अंकुरित नहीं होता, वह क्रिया का रूप ले ही नहीं सकता। इसलिए कर्म की शुद्धता का पैमाना 'नीयत' है, 'क्रिया' नहीं। नीयत का फर्क: डॉक्टर बनाम हत्यारा इसे एक बेहतरीन उदाहरण से समझते हैं। एक सर्जन और एक अपराधी, दोनों ही इंसान के शरीर पर चाकू चलाते हैं। दोनों ही मामलों में व्यक्ति को दर्द होता है और रक्त बहता है। लेकिन डॉक्टर को सम्मान मिलता है और अपराधी को जेल। क्यों? क्योंकि डॉक्टर की नीयत 'रक्षा' की थी और अपराधी की 'हत्या' की। कर्म एक ही था, पर मानसिक प्रेरणा ने उसका परिणाम बदल दिया। ठीक वैसे ही, जैसे पिता का डांटना प्रेम है और शत्रु का अपशब्द बोलना विवाद। राग, द्वेष और संस्कारों की लकीरें हमारे कर्म मन में 'संस्कारों' की लकीरें खींचते हैं। ये लकीरें तीन तरह की हो सकती हैं: पानी पर लकीर: जो तुरंत मिट जाए (क्षणभंगुर विचार)। रेत पर लकीर: जो कुछ समय तक रहे। पत्थर पर लकीर: जो गहरा प्रभाव छोड़े और स्वभाव बन जाए। जब हमारी इच्छा पूरी होती है, तो 'राग' (attachment) पैदा होता है, और जब इच्छा टूटती है, तो 'द्वेष' (hatred)। यही राग-द्वेष बार-बार जमा होकर हमारी 'तृष्णा' यानी प्यास बन जाते हैं, जो हमें कर्मों के चक्रव्यूह में फँसाए रखते हैं। गीता का विज्ञान: कर्म, विकर्म और अकर्म श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, हमारे दैनिक कार्यों को गहराई के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: 1. कर्म: वे कार्य जो हम आदतन या यंत्रवत (Mechanically) करते हैं। जैसे—सांस लेना, खाना खाना या किसी को औपचारिक 'नमस्ते' कह देना। इसमें भावना का अभाव होता है। 2. विकर्म: जब कर्म के साथ 'भाव' जुड़ जाए। यदि आप किसी को नमस्ते करते समय हृदय में उसके प्रति प्रेम और मंगल-कामना रखते हैं, तो वह 'विकर्म' बन जाता है। उदाहरण: एक नर्स जो केवल ड्यूटी समझकर इंजेक्शन लगाती है, वह 'कर्म' कर रही है। लेकिन वही नर्स जब ममता और सेवा भाव से रोगी की देखभाल करती है, तो वह 'विकर्म' है। यह विलक्षण प्रभाव पैदा करता है और आत्मा को तृप्ति देता है। 3. अकर्म: वह अवस्था जहाँ कर्म करते हुए भी कर्तापन का अहंकार न हो (निष्काम कर्म)। अगर आप अपने जीवन में शांति चाहते हैं, तो अपने मन को निर्मल रखें। क्योंकि बुरे विचार के पीछे दुख वैसे ही चलता है जैसे बैल के पीछे गाड़ी का पहिया, और शुद्ध विचार के पीछे सुख वैसे ही चलता है जैसे आपकी अपनी परछाई।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 2:44 pm

अलवर में पुत्री की हत्या करने की आरोपी मां अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के पुराना राजगढ़ में गत 17 अप्रैल को एक चार वर्षीय बच्ची का गला दबाकर हत्या करने के आरोप में उसकी मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी राजेश मीना ने मंगलवार को बताया कि आरोपी महिला शीला सुबह घटनास्थल पर लाया गया और […] The post अलवर में पुत्री की हत्या करने की आरोपी मां अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 2:07 pm

सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी की अनुबंधित कार से डेढ़ लाख रुपए बरामद

सिरोही। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित कार से आकस्मिक निरीक्षण में डेढ़ लाख रुपए की संदिग्ध राशि बरामद की हैं। एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर के पर्यवेक्षण में एसीबी की सिरोही इकाई द्वारा […] The post सिरोही में श्रम कल्याण अधिकारी की अनुबंधित कार से डेढ़ लाख रुपए बरामद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 1:58 pm

Apple के 50वें साल में बड़े लॉन्च की तैयारी, लेकिन मौजूदा आईफोन यूजर्स बैटरी की समस्या से परेशान

Apple नए साल 2026 में टेक मार्केट में बड़ा तहलका मचाने की तैयारी में है।...

टीबीई 9 28 Apr 2026 1:56 pm

मुंबई नगर निगम के सहायक आयुक्त यौन उत्पीड़न के आरोप में अरेस्ट

मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई नगर निगम के एक सहायक आयुक्त को सोमवार को पुलिस ने एक महिला वास्तुकार की शिकायत पर यौन उत्पीड़न के मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पार्कसाइट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के अनुसार के-ईस्ट वार्ड में तैनात आरोपी नितिन शुक्ला को शिकायतकर्ता द्वारा शादी का […] The post मुंबई नगर निगम के सहायक आयुक्त यौन उत्पीड़न के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Apr 2026 1:54 pm

क्या बाइसेक्शुअल हैं करण औजला, सिंगर की टीम ने बताया वायरल पोस्ट का सच

फेमस पंजाबी सिंगर करण औजला इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुद को बाइसेक्शुअल होने का ऐलान किया है। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया। जहां कुछ लोग करण की हिम्मत की तारीफ कर रहे थे, वहीं कई फैंस इसे फर्जी बता रहे थे। अब इस वायरल खबर का सच करण की टीम ने बताई है। इंटरनेट पर घूम रहे इस स्क्रीनशॉट में करण औजला के आधिकारिक हैंडल जैसा दिखने वाला एक अकाउंट दिखाया गया, जिससे एक पोस्ट शेयर की गई थी। Every karan aujla fan right now #karanaujla pic.twitter.com/fQrjqizYFH — Aaftab (@Whotfaaftab) April 26, 2026 इस पोस्ट में गायक के हवाले से उनकी सेक्सुअलिटी को लेकर बड़े दावे किए गए थे। देखते ही देखते एक्स और इंस्टाग्राम पर #KaranAujla ट्रेंड करने लगा और यूजर्स इस पर तीखे रिएक्शन देने लगे। इस बढ़ते विवाद और फैंस के बीच मचे हड़कंप को देखते हुए करण औजला की टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। टीम ने इस पोस्ट को पूरी तरह से 'फेक और एडिटेड' करार दिया है। बयान में कहा गया, सोशल मीडिया पर जो स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, उसका करण औजला से कोई लेना-देना नहीं है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा गायक की छवि खराब करने की कोशिश है। विवादों के बीच 'पी पॉप कल्चर इंडिया टूर' का जलवा भले ही सोशल मीडिया पर करण की पर्सनल लाइफ को लेकर अफवाहें उड़ रही हों, लेकिन उनका प्रोफेशनल ग्राफ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। करण औजला इन दिनों अपने 'पी पॉप कल्चर इंडिया टूर' में व्यस्त हैं। इस टूर की शुरुआत दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से हुई थी। करण औजला ने 'सॉफ्टली', 'डॉन्ट लुक', 'प्लेयर्स', और 'चिट्टा कुर्ता' जैसे गानों के जरिए ग्लोबल लेवल पर पहचान बनाई है। हाल ही में विक्की कौशल की फिल्म 'बैड न्यूज' के गाने 'तौबा तौबा' ने उन्हें बॉलीवुड में भी एक बड़ा मुकाम दिला दिया है।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 1:09 pm

शकीरा के ब्राजील कॉन्सर्ट की तैयारी के दौरान दर्दनाक हादसा, क्रू मेंबर की मौत

फेमस पॉप सिंगर शकीरा के अपकमिंग ब्राजील कॉन्सर्ट की तैयारी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया है। शो के लिए स्टेज तैयार करते समय गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो नाम का एक क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। खबरों के अनुसार रियो डी जनेरियो के कोपाकबाना बीच पर 'टोडो मुंडो नो रियो' कॉन्सर्ट के लिए विशाल स्टेज तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान एक लिफ्टिंग सिस्टम के साथ काम करते समय एक पेशेवर कर्मचारी भारी उपकरणों के बीच दब गया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे बचाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कॉन्सर्ट आयोजकों ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शकीरा ने जताया दुख एंटरटेनमेंट वीकली के अनुसार, शकीरा ने एक बयान में कहा, मैं गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो के परिवार, दोस्तों और साथ कामकरने वालों के लिए बहुत दुखी हूं।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 12:41 pm

भरणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: इन 4 राशियों की किस्मत चमकेगी, शुरू होगा सुनहरा दौर

Sun Entry into Bharani Nakshatra: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं। सूर्य और शुक्र के बीच शत्रुता का भाव होने के बावजूद, यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ विशिष्ट राशियों के लिए गोल्डन पीरियड लेकर आया है। सूर्य इस नक्षत्र में 11 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है। इन 4 राशियों के लिए सुनहरा दौर मेष (Aries) आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। नए स्टार्टअप के लिए यह सर्वोत्तम समय है। ALSO READ: सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, 3 राशियों के लिए गोल्डन टाइम सिंह (Leo) सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं। समाज और ऑफिस में आपका दबदबो बढ़ेगा। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को पदोन्नति (Promotion) या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु (Sagittarius) व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता आपको दूसरों से आगे रखेगी। बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी। मिथुन (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए भी यह समय आय के नए स्रोत खुलने और सुख-सुविधाओं में विस्तार वाला रहेगा। इन 3 राशियों को जरूरत है सावधान रहने की जहाँ कुछ राशियों के लिए यह समय शुभ है, वहीं वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों को 11 मई तक थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी गई है। इन्हें मानसिक तनाव, अचानक खर्चों में बढ़ोतरी या कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद का सामना करना पड़ सकता है। शुभ फल के लिए उपाय यदि आप इस गोचर का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं या नकारात्मक प्रभाव को कम करना चाहते हैं, तो ये सरल उपाय कर सकते हैं: प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार के दिन गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:27 am

'बाहुबली 2' की रिलीज को 9 साल पूरे, जानिए कैसे प्रभास की फिल्म ने बदल दिया सिनेमा का इतिहास

साल 2017 में भारतीय सिनेमा ने एक ऐसी घटना को जन्म लेते देखा था, जिसका नाम था 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन'। इस फिल्म की रिलीज को 9 साल पूरे हो गए हैं। ये फिल्म सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ सफलता का प्रतीक नहीं बनी, बल्कि उस शख्स को एक चमकदार सलाम भी थी, जिसने इसकी आत्मा को जिया — हमारे पैन-इंडिया सुपरस्टार प्रभास। 'बाहुबली 2' अपने आप में एक कल्चरल माइलस्टोन बन गया, लेकिन इसकी असली जान प्रभास की जबरदस्त मेहनत, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और दिल जीत लेने वाले परफॉर्मेंस में छिपी थी। आज जब फिल्म अपनी सालगिरह मना रही है, तो आइए उन खास पलों को फिर से याद करें, जिन्होंने इसे एक ऐसा सिनेमा अनुभव बना दिया जिसे शायद दोहराया नहीं जा सकता। ऐतिहासिक प्री-रिलीज़ रिकॉर्ड 'बाहुबली 2' तो थिएटर्स में रिलीज़ होने से पहले ही इतिहास रच चुका था। फिल्म ने सैटेलाइट और थिएट्रिकल राइट्स के ज़रिए करीब 500 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर ली थी। ये कारनामा मुमकिन हुआ था प्रभास के लिए लोगों के जबरदस्त इंतज़ार और उनके बाहुबली वाले शानदार अंदाज की वजह से, जिसने पहले से ही फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज़ बना दिया था। प्रभास का डबल रोल अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली, दो-दो किरदारों को निभाते हुए प्रभास ने परदे पर जो गहराई, करिश्मा और भावनाएं उतारीं, वो वाकई कमाल की थीं। उनकी परफॉर्मेंस सिर्फ एंटरटेन ही नहीं करती थी, बल्कि दिलों में एक अलग ही जगह बना लेती थी। यही वजह है कि दोनों किरदार आज भी हर जनरेशन के लिए आइकॉनिक बन गए हैं। पांच साल की कमिटमेंट बहुत कम एक्टर्स होते हैं जो वो कमिटमेंट दिखाते हैं जो प्रभास ने दिखाया। पूरे पांच साल उन्होंने खुद को सिर्फ बाहुबली फ्रेंचाइज़ी के लिए समर्पित कर दिए थे। हर दूसरी ऑपर्च्युनिटी छोड़कर, उन्होंने बस एक ही मकसद रखा और वह था हर लेवल पर परफेक्शन लाना। फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ दमदार एक्टिंग ही नहीं, प्रभास ने बाहुबली की ताकत और शान को जीने के लिए जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन भी किया था। उनकी मेहनत, डिसिप्लिन और परदे के पीछे की उनकी सादगी ने दुनियाभर के फैंस का दिल जीत लिया। डायलॉग्स प्रभास की दमदार डायलॉग डिलीवरी ने हर एक संवाद को सिनेमा के इतिहास का यादगार लम्हा बना दिया। चाहे जंग के मैदान में गरजती बातें हों या राजदरबार में दी गई जोशीली घोषणाएं और उनके बोले हर शब्द आज भी पॉप कल्चर में गूंजते हैं। कभी न भूलने वाली केमिस्ट्री और कैमरेडरी प्रभास और अनुष्का शेट्टी की खूबसूरत केमिस्ट्री ने इस पूरी कहानी में जान डाल दी, वहीं राणा दग्गुबाती के साथ उनके ऑनस्क्रीन टकराव ने फिल्म में एक जबरदस्त इंटेंसिटी और इमोशनल गहराई ले आई, जिसने पूरी कहानी को और भी मजबूत बना दिया। पहले सच्चे पैन-इंडियन सुपरस्टार बाहुबली ने सिर्फ इतिहास नहीं रचा, बल्कि प्रभास को भारत और उससे बाहर एक घरेलू नाम बना दिया। भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़ते हुए, वह पहले सच्चे पैन-इंडियन सुपरस्टार बने, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के नियमों को हमेशा के लिए बदल दिया। बाहुबली 2 आज सिनेमा की एक बड़ी मिसाल बन गई है और इसके बीच में सबसे खास है प्रभास की वो धरोहर, जिसने खुद को एक ज़बरदस्त आइकन बना दिया।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:19 am

क्या आप जानते हैं सामंथा रुथ प्रभु का असली नाम, मजबूरी में किया था मॉडलिंग का रुख

भारतीय सिनेमा में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो केवल अपनी सुंदरता से नहीं, बल्कि अपने अडिग हौसले से पहचाने जाते हैं। इन्ही में से एक नाम है सामंथा रुथ प्रभु। आज यानी 28 अप्रैल को अपना जन्मदिन मना रहीं सामंथा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। क्या आप जानते हैं कि जिस एक्ट्रेस को आज पूरी दुनिया 'सामंथा' के नाम से जानती है, उनका असली नाम 'यशोदा' है? उनके घरवाले उन्हें प्यार से यशोदा बुलाते थे। लेकिन यशोदा से साउथ की 'क्वीन' और पैन-इंडिया स्टार सामंथा बनने का यह रास्ता कांटों भरा था। चेन्नई के पल्लावरम में जन्मी सामंथा शुरू से ही मेधावी छात्रा थीं। उनके स्कूल और कॉलेज के रिपोर्ट कार्ड गवाह हैं कि वह अपनी क्लास में हमेशा नंबर वन आती थीं। सामंथा का सपना बड़ी पढ़ाई करने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके पिता के पास उनकी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। एक इंटरव्यू में सामंथा ने भावुक होकर बताया था कि एक दौर ऐसा भी था जब उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह दिन में दो वक्त का भोजन कर सकें। कई हफ्तों तक उन्होंने केवल एक वक्त का खाना खाकर दिन बिताए। जब घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी, तो सामंथा ने अपनी पढ़ाई जारी रखने और घर चलाने के लिए मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। यह उनकी इच्छा नहीं, बल्कि एक मजबूरी थी। मॉडलिंग के दौरान ही प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर और निर्देशक रवि बर्मन की नजर उन पर पड़ी। सामंथा की सादगी और उनके चेहरे के तेज ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने तुरंत उन्हें अपनी फिल्म के लिए कास्ट करने का मन बना लिया। साल 2010 में आई फिल्म 'ये माया चेसावे' से उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और पहली ही फिल्म से वह रातों-रात स्टार बन गईं। सामंथा ने न केवल गरीबी को हराया, बल्कि अपनी सेहत से जुड़ी चुनौतियों का भी डटकर मुकाबला किया। साल 2022-23 के दौरान वह मायोसिटिस नाम की एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी की चपेट में आ गईं। शारीरिक और मानसिक पीड़ा के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिंदी बेल्ट में सामंथा को असली पहचान 'द फैमिली मैन 2' में 'राजी' के किरदार से मिली। उनके दमदार अभिनय और 'पुष्पा' फिल्म के गाने 'ऊ अंटवा' ने उन्हें ग्लोबल आइकन बना दिया। आज साल 2026 में भी, वह भारत की सबसे अधिक कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं। कभी आर्थिक तंगी का सामना करने वाली सामंथा की नेट वर्थ आज 100 से 110 करोड़ रुपए के आसपास है। उनके पास हैदराबाद में एक आलीशान घर और बीएमडब्ल्यू, जगुआर जैसी लग्जरी कारों का काफिला है। लेकिन वह अपनी पुरानी स्थिति को नहीं भूलीं। वह 'प्रत्युषा सपोर्ट' (Pratyusha Support) नाम का एक एनजीओ चलाती हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों और महिलाओं के इलाज और सर्जरी का खर्च उठाता है। सामंथा प्रोफेशनल के साथ ही पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। सामंथा ने पहली शादी अक्टूबर 2017 में साउथ एक्टर नागा चैतन्य संग की थी। 2021 में दोनों ने तलाक ले लिया। इसके बाद एक्ट्रेस ने फेमस फिल्ममेकर राज निदिमोरु संग दूसरी शादी रचाई।

वेब दुनिया 28 Apr 2026 11:08 am

May 2026 Vrat Tyohar: मई माह 2026 के व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट

May 2026 Hindu festivals: भारत एक ऐसा देश है जहां हर महीने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों से भरा होता है। मई माह भी इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस महीने में न केवल व्रत और उपवास आते हैं, बल्कि कई धार्मिक पर्व और त्योहार भी मनाए जाते हैं, जो समाज में सामूहिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। ALSO READ: सुवर्णमत्स्या: रावण की पुत्री का हनुमानजी पर मोहित हो जाना मई 2026 में हिंदू पंचांग के अनुसार कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। इनमें वट सावित्री, गंगा दशहरा, सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसर शामिल हैं। ये दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि, और सुख-शांति के लिए भी विशेष रूप से मान्य हैं। आइए यहां जानते हैं मई माह 2026 के व्रत-त्योहार की संपूर्ण जानकारी... मई 2026 में भारत में पड़ने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची इस प्रकार है। 1 मई 2026: गोरखनाथ प्रकटोत्सव, महर्षि भृगु जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा 3 मई 2026: नारद प्रकटोत्सव। 5 मई 2026: संकष्टी चतुर्थी 13 मई 2026: अचला/ अपरा एकादशी व्रत 14 मई 2026: वट सावित्री व्रतारंभ, प्रदोष व्रत 15 मई 2026: सूर्य वृष संक्रांति, केवट जयंती 16 मई 2026: शनि जयंती, वट पूजन, वट सावित्री अमावस्या 17 मई 2026: पुरुषोत्तम मास शुरू, अधिमास प्रारंभ, 20 मई 2026: विनायकी चतुर्थी 25 मई 2026: आल्हा जयंती, नवतपा प्रारंभ 26 मई 2026: श्री गंगा दशहरा पर्व 27 मई 2026: पुरुषोत्तमी एकादशी 28 मई 2026: ईद-उल-अजहा, बकरीद, प्रदोष व्रत 31 मई 2026: अधिमास, ज्येष्ठ पूर्णिमा आदि व्रत और त्योहार पड़ेंगे। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा

वेब दुनिया 28 Apr 2026 10:55 am

भारत: 50 की उम्र के बाद मां बनने का अधिकार मांगती महिलाएं

हाल ही में भारत में महिलाओं के मां बनने के अधिकार और कानून की तय उम्र की सीमाओं के बीच टकराव का एक अहम मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट में दो महिलाओं ने आईवीएफ से जुड़े कानून को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं ने एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 में तय ...

वेब दुनिया 28 Apr 2026 8:04 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 अप्रैल, 2026)

मेष (Aries) Rashifal 28 April 2026: करियर : आज कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए कार्य की सराहना होगी। लव : प्रेम संबंधों में कुछ तनाव हो सकता है। धन : आपकी वित्तीय स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य : मानसिक तनाव से बचने के लिए आराम करें। उपाय : हनुमान जी की पूजा करें। ALSO READ: Bhauṃ Pradosh 2026; भौम प्रदोष का व्रत रखने से 3 कार्यों में मिलती है सफलता वृषभ (Taurus) करियर : खासकर यदि आप व्यवसाय में हैं, तो आज कोई नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी से काम लें। धन : धन के मामले में आज कोई बड़ा लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा उपाय : शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की पूजा करें। मिथुन (Gemini) करियर : कार्यस्थल पर अपनी टीम के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। लव : प्रेम संबंधों में थोड़ी असहमति हो सकती है। धन : आज कोई अप्रत्याशित खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर : आपको कार्यस्थल पर मेहनत का फल जल्दी मिलेगा। लव : आज प्रेम संबंधों में थोड़ी हलचल हो सकती है। धन : अनावश्यक खर्चों से बचने की कोशिश करें। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : किसी गरीब को भोजन कराएं। सिंह (Leo) करियर : कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सराहा जाएगा। लव : अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन : आपको पुराने निवेशों से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए समय-समय पर ध्यान और योग करें। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर : आप अपनी मेहनत और धैर्य से कार्यस्थल की समस्या को हल कर पाएंगे। लव : प्रेम संबंधों में आपसी संवाद से समस्याएं हल हो सकती हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अप्रत्याशित खर्च से बचें। स्वास्थ्य : आज मानसिक तनाव हो सकता है। ALSO READ: मीन राशि में 5 ग्रहों की बड़ी हलचल: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल? उपाय : शनिवार को काले तिल का दान करें। तुला (Libra) करियर : आज आपकी लगन और कड़ी मेहनत को सराहा जाएगा। लव : प्रेम संबंधों में आज अच्छे बदलाव आएंगे। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय : गुलाब का फूल देवी मंदिर में चढ़ाएं। वृश्चिक (Scorpio) करियर : कार्यक्षेत्र में आपको आज कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव : प्रेम संबंधों में समझ और विश्वास बढ़ेगा। धन : किसी अप्रत्याशित लाभ के संकेत नहीं हैं, लेकिन सावधानी बरतें। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : आज हनुमान जी की पूजा करें। धनु (Sagittarius) करियर : आज किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन : धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से स्वस्थ होने हेतु थोड़ी राहत की आवश्यकता हो सकती है। उपाय : शिवलिंग पर जल अर्पित करें। मकर (Capricorn) करियर : आज कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां निभाने का समय है। लव : यह समय आपके रिश्ते को मजबूत बनाने का अवसर होगा। धन : अनावश्यक खर्चों से बचें और अपनी बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य : आज स्वयं शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : गुरुवार को लक्ष्मी मंदिर में दीप जलाएं। कुंभ (Aquarius) करियर : आज आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य और प्यार बढ़ेगा। धन : बड़े खर्चों से बचें और भविष्य के लिए निवेश की योजना बनाएं। स्वास्थ्य : शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय : मंगलवार को हनुमान जी से आशीर्वाद प्राप्त करें। मीन (Pisces) करियर : आज आपको कार्यस्थल पर कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी और समर्थन मिलेगा। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : खुद को शांत रखने के लिए ध्यान और योग करें। उपाय : मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ALSO READ: शनि, बृहस्पति, राहु और केतु के कारण 5 राशियों के लिए रहेगा राजयोग

वेब दुनिया 28 Apr 2026 7:03 am