चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी
इसी महीने चीनी नौसेना ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक परमाणु पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मिसाइल दागी, जिसमें नकली हथियार (डमी वॉरहेड) लगा हुआ था। प्रशांत क्षेत्र ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Rashifal 12 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य या शादी-ब्याह की चर्चा हो सकती है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन जल्दबाजी में निवेश से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति रहेगी, लेकिन आंखों में थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है, बातचीत से गलतफहमियां दूर करें। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खान-पान का ध्यान रखें। उपाय: माता लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। रिश्ते में नयापन आएगा। धन: अप्रत्याशित लाभ होने के योग हैं। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: पक्षियों को हरी मूंग की दाल खिलाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा। संयम से काम लें, वाद-विवाद से बचें। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। धन: घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त नींद लें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अहंकार का टकराव हो सकता है। शांत रहें। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। धूप में निकलने से बचें। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: अधूरे काम पूरे होंगे। आपके काम की सटीकता की तारीफ होगी। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। धन: धन संचय करने में सफल रहेंगे। अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुबह की सैर आपको तरोताजा रखेगी। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा मुकाम मिल सकता है। लव: लव लाइफ में संतुलन रहेगा। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल देखने को मिलेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। अटके हुए वित्तीय मामले सुलझेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। पानी खूब पिएं। उपाय: किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की मिठाई या कपड़े का दान करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में प्रमोशन या ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। चुनौतियां आएंगी, पर आप पार पा लेंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। छोटी बातों को तूल न दें। धन: पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। आज किसी को उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। भारी वजन न उठाएं। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा या विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: लव लाइफ सामान्य है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: भाग्य का साथ मिलेगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। आप खुद को मानसिक रूप से मजबूत पाएंगे। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत करनी होगी। सीनियर्स आपके काम पर नजर रख रहे हैं। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, मन में कोई बात न छुपाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी की समस्या हो सकती है। उपाय: शनिवार या आज के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: टीम वर्क से काम आसानी से पूरे होंगे। बिजनेस में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण बढ़ेगा। आपसी विश्वास गहरा होगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन पैरों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या गरीबों को भोजन कराएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: आज का दिन आपके पक्ष में है। नौकरीपेशा लोगों को इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। पार्टनर आपकी हर बात को समझेगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आप खुद को बहुत हल्का महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले रंग के फल या फूल अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन गंगा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 30 जनवरी 1971 को दो कश्मीरी लड़कों ने पिस्तौल और हैंडग्रेनेड दिखाकर भारत के यात्री विमान ‘गंगा’ को हाईजैक कर लिया। वे विमान को लाहौर ले गए और भीड़ के सामने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हाईजैकर्स की मांग थी कि हिंदुस्तान अपने जेलों में बंद उनके 36 साथियों को रिहा करे, लेकिन भारत तैयार नहीं हुआ। दुनियाभर में हड़कंप मच गया। भारत के लोग गुस्से में थे, लेकिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और RAW प्रमुख मुस्कुरा रहे थे… क्या थी पूरी कहानी जानते हैं ‘ऑपरेशन गंगा’ पार्ट-2 में… इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1956 से। पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश के चटगांव की पहाड़ियों में बना एक सीक्रेट मिलिट्री कैंप। कंट्रोल रूम में कुछ फौजी नक्शों पर उंगलियां फेर रहे थे। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के अफसर थे। इन्हीं में से एक ने सिगार का धुआं उड़ाते हुए कहा- ‘फिजो साहब, असम और नगालैंड में ऐसी आग लगाओ कि दिल्ली की हुकूमत बुझा न पाए।’ फिजो ने मुस्कुराते हुए राइफल उठाई और कहा- ‘दिल्ली बहुत दूर है और हमारे जंगल बहुत घने। हमें तबाही मचाने से कोई रोक नहीं पाएगा।’ फिजो का पूरा नाम अंगामी जापु फिजो था। वह नगा उग्रवादी था और अलग नगालैंड बनाना चाहता था। ISI ने उसे ना सिर्फ पनाह दी थी, बल्कि हथियारों, गुरिल्ला वॉर की ट्रेनिंग और पैसों से पाट दिया था। 1960 तक पाकिस्तान यही खेल मिजोरम में भी शुरू कर चुका था। वह मिजो नेशनल फ्रंट को मोहरा बनाकर मिजोरम को भी भारत से तोड़ना चाहता था। इस खेल में चीन भी कूद चुका था, जो चटगांव के रास्ते चरमपंथियों को हथियार सप्लाई कर रहा था। भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा था- 'सिलिगुड़ी कॉरिडोर' यानी 'चिकन नेक'।’ पश्चिम बंगाल में 22 किमी. चौड़ा ये हिस्सा पूरे पूर्वोतर को भारत से जोड़ने का अकेला जमीनी रास्ता है। अगर पाकिस्तान इस पर कब्जा कर लेता, तो पूर्वोत्तर के सातों राज्य भारत से कट जाते। RAW के पूर्व अफसर आरके यादव अपनी किताब ‘मिशन आर एंड ए डब्ल्यू’ में लिखते हैं- ‘प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने RAW प्रमुख आरएन काव से कहा- ‘अगर पाकिस्तान हमारे नॉर्थ-ईस्ट को तोड़ने के लिए पूर्वी पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है, तो क्यों न हम उस जमीन को ही अलग कर दें?’ काव साहब कुछ देर सोचते रहे, फिर बोले- ‘ठीक है मैडम। कुछ करते हैं।’ दिसंबर 1970 में पाकिस्तान में पहला आम चुनाव हुआ। कुल 300 सीटों में से बहुमत के लिए 151 सीट चाहिए थीं। पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान की 'आवामी लीग' ने 160 सीटें जीत लीं, जबकि पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो को सिर्फ 81 सीट मिलीं। मुजीब का प्रधानमंत्री बनना तय था, लेकिन रावलपिंडी में बैठे तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान को एक बंगाली का हुकूमत चलाना बर्दाश्त नहीं था। दिन बीतते गए, पर उन्होंने मुजीब को सत्ता नहीं सौंपी। नतीजा यह हुआ कि पूर्वी पाकिस्तान की सड़कों पर 'जॉय बांग्ला' के नारे गूंजने लगे। इसी बीच लंदन में बैठे एक सोर्स ने RAW को खबर भेजी कि पाकिस्तान अपने पूर्वी हिस्से में बड़े मिलिट्री एक्शन की तैयारी में है। वह वहां गुपचुप तरीके से हथियार, रसद और सैनिक भेज रहा है। ऐसे में RAW चीफ काव ने PM इंदिरा को सुझाव दिया- ‘हम पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर देते हैं। फिर उसे श्रीलंका होकर पूर्वी पाकिस्तान जाना पड़ेगा, जो काफी लंबा रास्ता है। पूर्वी हिस्से में उसकी पकड़ ढीली पड़ जाएगी।’ PM ने जवाब दिया- ‘सुझाव तो ठीक है, लेकिन इसके लिए कोई ठोस वजह चाहिए होगी। अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते हम अचानक ऐसा कदम नहीं उठा सकते। काव मुस्कुराए और बोले- ‘हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।’ यहीं से RAW ने अपने सीक्रेट मिशन की बिसात बिछानी शुरू कर दी… अब एक साल पीछे चलते हैं… साल 1969, पाकिस्तान के पेशावर में एक आलीशान बंगला। यह घर था कश्मीरी अलगाववादी नेता डॉ. फारूख हैदर का। उस शाम डायनिंग टेबल पर लजीज कश्मीरी पुलाव और कबाब परोसे गए थे। दस्तरखान के एक तरफ अलगाववादी नेता मकबूल भट्ट बैठा था और दूसरी तरफ 19 साल का हाशिम कुरैशी। मकबूल, कश्मीर की कथित आजादी के लिए नेशनल लिब्रेशन फ्रंट चला रहा था। उस पर हत्या के कई मुकदमे थे। भारत में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी थी। वहीं, कश्मीर का रहने वाला हाशिम एक रिश्तेदार की शादी में पाकिस्तान गया था। उसके भीतर कश्मीर को लेकर कुछ करने की छटपटाहट थी। मकबूल इस बात को ताड़ चुका था और कई दिनों से उसका ब्रेनवॉश करने में जुटा था। अचानक, रेडियो पर आवाज गूंजी- ‘आज कराची हवाई अड्डे पर इरिट्रिया के दो चरमपंथियों ने इथियोपिया के एक जहाज पर फायरिंग की है। जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है।’ मकबूल कुर्सी से छलांग मारकर उठ खड़ा हुआ। उसने टेबल पर मुक्का मारते हुए कहा- ‘देखा तुम लोगों ने? दुनिया हमारी चीखें नहीं सुनती, लेकिन जब जहाज हवा में हिचकोले खाता है, तो पूरी दुनिया के कान खड़े हो जाते हैं। हमें ऐसा ही कुछ करना होगा।’ मकबूल ने हाशिम के कंधे पर हाथ रखा। ‘हाशिम... अगर हम तुम्हें एक हिंदुस्तानी जहाज को अगवा करने की ट्रेनिंग दें, तो क्या तुम कौम के लिए इसे अंजाम दे पाओगे?’ हाशिम जोश में था। उसने तुरंत जवाब दिया- ‘आप हुक्म कीजिए। मैं तैयार हूं।’ मकबूल ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा- ‘तो फिर जुबान समझें?’ हाशिम ने बिना सोचे कहा- ‘जी बिल्कुल।’ हाशिम की ट्रेनिंग शुरू हो गई। भाग-दौड़ से लेकर हथियार चलाने तक। कुछ महीने बाद मकबूल ने उसे फिर से मिलने बुलाया। मकबुल ने कहा- ‘सुनो हाशिम, अब तुम्हें कश्मीर वापस जाना है। श्रीनगर से उड़ने वाले एक जहाज को अगवा करके रावलपिंडी लाना है। बदले में हम हिंदुस्तान की जेलों में बंद अपने 36 साथियों को छुड़ाएंगे। दुनिया को भी पता चलना चाहिए कि कश्मीरी अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।’ हाशिम ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘ठीक है जनाब। तैयारी करता हूं।’ मकबूल ने उसे एक पर्ची थमाते हुए कहा- ‘वहां पहुंचकर इस पते पर चले जाना। हथियार और बाकी का जरूरी सामान वहीं मिल जाएगा।’ ‘जी…खुदा हाफिज’ कहकर हाशिम वहां से निकल पड़ा। साल 1970 की एक सर्द शाम। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास श्रीनगर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF की एक टुकड़ी गश्त पर थी। तभी अंधेरे में एक साया रेंगता हुआ दिखा। 'कौन है वहां? हाथ ऊपर करो।' जवान ने राइफल तानते हुए आवाज लगाई। 19-20 साल के एक लड़के ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए- 'गोली मत चलाना भाई, मैं सरेंडर कर रहा हूं।' BSF के जवानों ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी ली गई, तो उसके पास से पाकिस्तानी दस्तावेज, नक्शे और विदेशी करेंसी बरामद हुई। BSF के अफसर ने उसकी छाती पर राइफल तानते हुए पूछा- ‘कौन हो तुम? किसने भेजा है?’ लड़के ने चुप्पी साध ली, तो अफसर ने एक थप्पड़ जड़ दिया, 'बोलता क्यों नहीं?' लड़के ने गिड़गिड़ाते हुए कहा, 'साहब, मैं तो कश्मीरी हूं। पास के गांव का रहने वाला। रास्ता भटक गया था।' अफसर ने जवानों से कहा- ‘ये ऐसे नहीं खुलेगा। हेडक्वार्टर ले चलो।’ BSF के जवान उसे लेकर हेडक्वार्टर की तरफ चल पड़े। अगली सुबह…. एक बंद कमरे में वो लड़का पसीने से तरबतर बैठा था। सामने BSF के दो अफसर बैठे थे। एक घंटे की सख्त पूछताछ और 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर के बाद लड़का टूट गया। उसने हांफते हुए कहा, ‘साहब, मत मारो। सब सच-सच बताता हूं।’ लड़के ने राज खोल दिया- ‘मेरा नाम हाशिम है। मकबूल भट्ट ने भेजा है। मैं हिंदुस्तान का एक हवाई जहाज हाईजैक करने आया हूं।’ किताब ‘द वॉर दैट मेड आर एंड ए डब्ल्यू’ के मुताबिक- ‘अफसर ने मुस्कुराते हुए तंज कसा- ‘अच्छा… एक जहाज अगवा कर लेने से कश्मीर आजाद हो जाएगा?’ हाशिम ने झट से जवाब दिया- 'मेरा निशाना वो जहाज था, जिसे इंदिरा गांधी का बेटा राजीव उड़ाता है।' कमरे में सन्नाटा छा गया। दोनों अफसर एक-दूसरे को देखते रह गए। मामला देश की प्रधानमंत्री के बेटे और सुरक्षा से जुड़ा था। अफसरों ने फौरन यह खबर BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी तक पहुंचाई। रुस्तमजी ने फौरन फोन घुमाया और पूरी कहानी RAW चीफ को बता दी। जल्द ही दिल्ली में एक गोपनीय बैठक बुलाई गई। बंद कमरे में सिर्फ तीन लोग थे- PM इंदिरा गांधी, RAW चीफ आरएन काव और BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी। RAW प्रमुख ने सुझाव दिया- ‘हम हाशिम से सौदा करेंगे।’ ‘कैसा सौदा?’ इंदिरा ने पूछा। ‘डबल एजेंट बनने का सौदा। हम हाशिम के सामने दो विकल्प रखेंगे- या तो वो हमारे लिए काम करे या फिर पूरी जिंदगी जेल में सड़े।' काव ने जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने उनकी तरफ देखा- ‘आपको लगता है वह इस बात के लिए तैयार होगा?’ RAW प्रमुख बोले- ‘कोशिश करके देखते हैं।’ अगली सुबह, श्रीनगर के इंटरोगेशन रूम का दरवाजा खुला। इस बार अफसरों के हाथों में डंडा नहीं, चाय की प्याली थी। एक अफसर ने आगे बढ़कर हाशिम के कंधे पर हाथ रखा और कहा- 'देखो, तुम्हारी उम्र अभी बहुत कम है। जेल गए तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। हम तुम्हें एक मौका दे सकते हैं। तुम जहाज हाईजैक करो, हम नहीं रोकेंगे। बदले में तुम्हें वो करना होगा, जो हम कहेंगे।’ हाशिम असमंजस में पड़ गया- ‘लेकिन... इसमें मेरा क्या फायदा?’ ‘तुम पाकिस्तान की नजर में हीरो बन जाओगे। तुम्हारी जान भी बचेगी और दुनिया को लगेगा कि तुमने हिंदुस्तानी एजेंसियों को चकमा दे दिया।' अफसर ने उसे समझाया। हाशिम ने कहा- ‘मैं कुछ समझा नहीं।’ अफसर ने चाय की प्याली उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा- 'पहले चाय पियो।’ हाशिम ने चुपचाप कप ले लिया। अफसर ने बताया- ‘घबराओ मत, हम तुम्हें फंसा नहीं रहे हैं। तुम अपने प्लान के मुताबिक जहाज हाईजैक करके पाकिस्तान ले जाओ। इस काम में हम तुम्हारी मदद करेंगे। बस हमारी एक ही शर्त है।' ‘क्या शर्त है?’ हाशिम ने पूछा। अफसर बोला, ‘तुम यह बात किसी को नहीं बताओगे।’ हाशिम ने कुछ देर सोचा, फिर सिर हिलाकर कहा- ‘मैं तैयार हूं। क्या करना होगा मुझे?’ अफसर ने दोबारा उसके कंधे को थपथपाया- 'अभी आराम से यहीं रहो, खाओ-पियो। वक्त आने पर हम तुम्हें सब समझा देंगे।’ हाशिम को बेंगलुरु के एक सेफ हाउस में भेज दिया गया। पूरे मामले को इतना सीक्रेट रखा गया कि किसी दूसरी एजेंसी को तो दूर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री तक को भनक नहीं लगी। पाकिस्तान में बैठे हाशिम के आका भी इससे बेखबर थे। कुछ दिनों बाद हाशिम को BSF में भर्ती कर लिया गया। उसे जॉइनिंग लेटर भी दे दिया गया। उसकी ड्यूटी श्रीनगर हवाई अड्डे पर लगाई गई। हाशिम ने हफ्तों तक रेकी की। लोग किस गेट से आते हैं, कहां से जाते हैं और दस्तावेजों की जांच कहां-कहां होती है, उसकी नजर हर कोने पर थी। रेकी करते हुए हाशिम को अहसास हुआ कि अकेले दम पर किसी जहाज को अगवा करना मुमकिन नहीं होगा। उसने यह बात RAW अफसर को बताई। अफसर ने कहा- ‘तुम अपने हिसाब से कोई साथी ढूंढ लो, बस ध्यान रखना कि उसे प्लान की भनक नहीं लगनी चाहिए।’ हाशिम ने चचेरे भाई अशरफ कुरैशी को चुना। अशरफ सीधा-साधा और जज्बाती लड़का था। हाशिम ने धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश कर दिया। वह मिशन के लिए तैयार भी हो गया। अब बारी थी हथियारों के इंतजाम की। एक रोज हाशिम की नजर उर्दू अखबार के कोने में छपे विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें लिखा था- 'असली जैसी दिखने वाली खिलौना बंदूकें घर बैठे मंगाएं।' हाशिम ने बंदूक का ऑर्डर दे दिया। उधर, अशरफ ने घर के पिछले हिस्से में बैठकर लकड़ी से एक हथगोला बनाया और बाजार से पेंट लाकर उसे पोत दिया। देखने में वह असली ग्रेनेड जैसा लगने लगा। अब हाईजैक के लिए जहाज की व्यवस्था करनी थी। RAW ने इंडियन एयरलाइंस के कबाड़ हो चुके विमान गंगा को चुना। इस फोकर फ्रेंडशिप विमान को भारतीय सेना पहले ही डिकमीशन कर चुकी थी। अब स्क्रिप्ट तैयार थी। तारीख तय की गई- 30 जनवरी 1971… श्रीनगर एयरपोर्ट पर धुंध छाई हुई थी। रनवे पर 'गंगा' उड़ान भरने के लिए तैयार था। कैप्टन एम.के. कचरू कॉकपिट में बैठकर कंट्रोल पैनल की जांच कर रहे थे। यात्रियों की कतार में हाशिम और अशरफ भी शामिल हो गए। हाशिम की जेब में वह खिलौना बंदूक थी और अशरफ के पास लकड़ी का ग्रेनेड। RAW के गुप्त निर्देशों के चलते एयरपोर्ट पर उनकी गंभीर चेकिंग नहीं हुई। विमान में 28 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार हुए। ठीक 11:30 बजे 'गंगा' ने जम्मू के लिए उड़ान भरी। करीब 20 मिनट बाद, जब विमान पूरी ऊंचाई पर था, अचानक हाशिम अपनी सीट से उठा। उसने जेब से नकली पिस्तौल निकाली और हवा में लहराते हुए चिल्लाया- ‘कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा। जहाज हाईजैक हो चुका है।’ उधर, अशरफ ने लकड़ी का ग्रेनेड निकाला और उसकी पिन खींचने का नाटक करते कहा- ‘किसी ने चालाकी दिखाई, तो मैं जहाज को उड़ा दूंगा।’ विमान के भीतर चीख-पुकार मच गई। हाशिम कॉकपिट का दरवाजा धक्का देकर अंदर घुसा। कैप्टन ने मुड़कर देखा तो पिस्तौल उनकी कनपटी पर तनी थी। ‘जहाज का रुख बदलो। इसे सीधे रावलपिंडी ले चलो।' हाशिम ने चिल्लाते हुए कहा। कैप्टन ने बिना घबराए जवाब दिया- ‘इसमें फ्यूल बहुत कम है। हम रावलपिंडी नहीं जा पाएंगे। तुम कहो तो इसे लाहौर ले जा सकते हैं।’ कुछ देर आनाकानी करने के बाद हाशिम विमान को लाहौर ले जाने पर राजी हो गया। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर 'गंगा' लाहौर के रनवे पर उतरा। पाकिस्तानी फौज और पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हाशिम और अशरफ का जोरदार स्वागत किया गया। पाकिस्तान के कद्दावर नेता जुल्फिकार अली भुट्टो ने रनवे पर आकर उन्हें गले लगाया। पाकिस्तान दोनों को हीरो मान चुका था। 2 फरवरी की शाम हाशिम ने पाकिस्तानी अफसरों से पेट्रोल और माचिस की मांग की। अफसरों ने बिना सोचे-समझे यह सामान उन्हें मुहैया करा दिया। हाशिम ने विमान के भीतर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। ‘गंगा’ धू-धू कर जलने लगा। पाकिस्तानी टीवी चैनल इसे लाइव दिखा रहे थे। भीड़ तालियां बजा रही थी। अगली सुबह, 3 फरवरी 1971 को भारत ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों का हवाला देते हुए पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस पाबंदी के बाद पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने का सीधा रास्ता कट गया। पाकिस्तान को कोई फ्लाइट, फौज या रसद ढाका भेजनी होती, तो उन्हें अरब सागर से होते हुए, श्रीलंका का चक्कर लगाकर जाना पड़ता था। यह बेहद लंबा सफर था। उधर, पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली विद्रोहियों ने बगावत कर दी थी। वे पाकिस्तानी फौज से खुली जंग लड़ रहे थे। RAW ने इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी थी। हथियार मुहैया कराए थे। आखिरकार बौखलाए पाकिस्तान ने 3 दिसंबर 1971 की शाम अमृतसर, पठानकोट, श्रीनगर सहित भारत के कई हवाई ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी। इन हमलों के तुरंत बाद भारत ने भी जंग का ऐलान कर दिया। पाकिस्तान फंस चुका था। भारत का एयरस्पेस तो उसके लिए बंद था ही, रही-सही कसर भारत ने श्रीलंका पर कूटनीतिक दबाव बनाकर पूरी कर दी। श्रीलंका ने भी पाकिस्तान को रीफ्यूलिंग की सहूलियत नहीं दी। नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तानी फौज कमजोर पड़ गई। महज 13 दिनों के भीतर घुटने टेक दिए। 16 दिसंबर 1971 को ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए। एक नए मुल्क का जन्म हुआ- बांग्लादेश। जब जंग खत्म हुई, तब पाकिस्तान को समझ आया कि उसके साथ खेल हो चुका है। हाशिम और अशरफ, जिन्हें वो हीरो मानकर पलकों पर बिठा रखा था, उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया गया। हाशिम को कई साल पाकिस्तान की जेल में काटने पड़े। जेल से छूटने के बाद वह नीदरलैंड्स चला गया। साल 2000 में भारत लौटा, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर ही वो गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर देशद्रोह और विमान अपहरण के मामले दर्ज किए गए। 2001 में उसे जमानत मिल गई। तब से वह जेल से बाहर है और श्रीनगर में रहता है। यह सबकुछ RAW के इसी सीक्रेट मिशन की बदौलत हुआ। हालांकि, भारत सरकार और RAW ने कभी आधिकारिक रूप से इसे स्वीकार नहीं किया। RAW के काम करने का तरीका भी यही है। अब ऑपरेशन गंगा की पहली कड़ी भी पढ़िए : कश्मीरी आतंकी भारत का विमान हाईजैक करके पाकिस्तान ले गए:पेट्रोल डालकर जला दिया, देश गुस्से में था, लेकिन प्रधानमंत्री मुस्कुराने लगीं; ऑपरेशन गंगा पार्ट-1 रेफरेंस : 1. Mission RAW : By R.K. Yadav 2. The Kaoboys of RAW : By B. Raman 3. The War that Made RAW : By Anusha Nandakumar and Sandeep Saket 4. India, Pakistan and the Secret Jihad : By Praveen Swami
Why do people drop alcohol on ground: हम सभी ने कभी न कभी अपने आस-पास किसी को शराब का ग्लास हाथ में लेते ही उसकी कुछ बूंदें जमीन पर या हवा में छिड़कते हुए जरूर देखा होगा. भारत के लगभग हर हिस्से में यह नजारा बेहद आम है. अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आदत या मजाक मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह कोई मामूली टोटका नहीं बल्कि एक वैश्विक परंपरा है, जिसे सदियों से दुनिया के कई देशों में निभाया जा रहा है. इतिहास और इतिहासवेत्ताओं की भाषा में इस रस्म को “लाइबेशन” (Libation) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर इस अनोखे रिवाज की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे क्या धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मान्यताएं छिपी हैं.क्या है 'लाइबेशन' और इसका आध्यात्मिक महत्व?अंग्रेजी शब्द 'Libation' का सीधा और सरल अर्थ होता है किसी देवी-देवता, प्रकृति या अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा के सम्मान में किसी तरल पदार्थ (विशेषकर मदिरा या जल) की कुछ बूंदों को श्रद्धापूर्वक अर्पित करना. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शराब पीने से पहले उसकी एक छोटी सी मात्रा अदृश्य शक्तियों या आत्माओं के नाम कर दी जाती है. इसे मनुष्य और दैवीय शक्तियों के बीच संवाद स्थापित करने और उनके प्रति आभार प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक माध्यम माना जाता है.भारत में भगवान भैरव नाथ से जुड़ी हैं इस परंपरा की जड़ेंभारतीय समाज और संस्कृति में शराब से जुड़े इस रिवाज का इतिहास बेहद पुराना और गहरा है. सनातन परंपरा और तांत्रिक साधनाओं में इसका सीधा संबंध भगवान शिव के उग्र रूप माने जाने वाले देव 'भैरव नाथ' से जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा भैरव नाथ को मदिरा का भोग बेहद प्रिय है और उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सम्मान में शराब अर्पित की जाती है. आज भी उत्तर भारत समेत देश के कई प्रसिद्ध भैरव मंदिरों में भगवान को मदिरा चढ़ाने का अटूट प्रचलन है. समय के साथ आम लोगों ने इस धार्मिक कर्मकांड को अपने सामाजिक जीवन का हिस्सा बना लिया. लोग इस अटूट विश्वास के साथ शराब की कुछ बूंदें धरती पर छिड़कने लगे कि ऐसा करने से उनके ऊपर से हर प्रकार की अला-बला, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का साया हमेशा के लिए दूर रहेगा.दुनिया भर के देशों में अलग-अलग नामों से निभाई जाती है यह रस्मयह सोचना बिल्कुल गलत होगा कि शराब की बूंदें जमीन पर गिराने का रिवाज सिर्फ भारत तक ही सीमित है. दुनिया के प्राचीन इतिहास को खंगालने पर पता चलता है कि मिस्र (Egypt), ग्रीस (Greece) और प्राचीन रोम की महान सभ्यताओं में भी लोग अपनी मदिरा का पहला हिस्सा देवताओं और अपने मृत प्रियजनों की आत्माओं को शांति देने के लिए भूमि पर अर्पित करते थे. आज के आधुनिक दौर में भी यह रस्म कई महाद्वीपों में जिंदा है:क्यूबा और ब्राजील: इन देशों में आज भी शराब पीने से पहले कुछ बूंदें गिराई जाती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में 'Para los Santos' यानी “संतों के लिए अर्पण” कहा जाता है.फिलीपींस: यहां इस रस्म को 'Para sa Yawa' के नाम से जाना जाता है, जिसका सीधा अर्थ होता है “शैतान के लिए”. वहां के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां शांत रहती हैं और शराब पीने वाले व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं.पीढ़ी दर पीढ़ी आदत में बदला यह खास रिवाजशुरुआत में जो काम शुद्ध रूप से धार्मिक आस्था और भय के चलते शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होकर एक सामाजिक आदत में तब्दील हो गया. आज के समय में बहुत से लोग बिना किसी धार्मिक सोच के भी, केवल अपने बड़ों को देखकर या दोस्तों के साथ महफिल में बैठने पर तीन बार हल्के हाथों से मदिरा की बूंदें नीचे गिरा देते हैं. यह एक ऐसी पारिवारिक और सामाजिक परंपरा बन चुकी है जिसे लोग बिना सोचे-समझे भी एक शुभ शगुन मानकर निभाते आ रहे हैं.चाहे आप इसे किसी देवता के प्रति अगाध श्रद्धा समझें, पूर्वजों के प्रति सम्मान या फिर किसी अज्ञात अनहोनी से बचने का एक मानवीय प्रयास, यह छोटा सा रिवाज हमें इस बात का अहसास जरूर कराता है कि इंसानी व्यवहार और उसकी हर छोटी से छोटी क्रिया के पीछे सदियों पुरानी कोई न कोई बेहद खूबसूरत सांस्कृतिक कहानी और गहरा भाव जरूर छिपा होता है.
सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन
साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .
Men Personality Mistakes That Turn Off Women : अक्सर यह माना जाता है कि पुरुषों की अच्छी शक्ल और मोटा बैंक बैलेंस किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें (Men Personality Mistakes) होती हैं, जिनके सामने आपकी अच्छी शक्ल और पैसा भी धरा का धरा रह जाता है. हाल ही में एक बड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिलेशनशिप सर्वे में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 80% से ज्यादा महिलाएं पुरुषों के लुक्स को नजरअंदाज कर सकती हैं, लेकिन उनकी कुछ आदतों और व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करतीं. यदि आप भी जानना चाहते हैं कि पुरुषों का वो कौन सा बर्ताव है जो महिलाओं को पहली ही नजर में सबसे ज्यादा नापसंद आता है, तो इन आदतों के बारे में जरूर जान लें, विशेषकर नंबर 3, जो अक्सर अनजाने में हर दूसरा पुरुष कर बैठता है.खराब पर्सनल हाइजीन और साफ-सफाई की कमीआप चाहे जितने भी महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहन लें, लेकिन अगर आपके शरीर से पसीने की दुर्गंध आ रही है, तो आपका सारा इंप्रेशन तुरंत खराब हो जाता है. महिलाएं पुरुषों की साफ-सफाई को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं. जब आप किसी महिला से मिलते हैं, तो वह आपके दांतों की सफाई, सांसों की बदबू, गंदे या बढ़े हुए नाखून और आपके जूतों की कंडीशन पर सबसे पहले ध्यान देती हैं. गंदा और बेतरतीब दिखना एक ऐसा सबसे बड़ा टर्न-ऑफ (Turn-off) है, जिसे पहली मुलाकात में कभी सुधारा नहीं जा सकता.बातचीत में सिर्फ ‘मैं, मेरा और मुझे’ करनाकुछ पुरुषों की आदत होती है कि वे पहली मुलाकात में खुद को बहुत बड़ा या कामयाब दिखाने के चक्कर में लगातार सिर्फ अपने बारे में ही बातें करते रहते हैं. “मैं कहाँ घूमता हूँ”, “मेरी गाड़ी कौन सी है”, “मैंने क्या हासिल किया है” – यह आत्ममुग्ध रवैया महिलाओं को अंदर से बुरी तरह बोर कर देता है. महिलाएं उन पुरुषों के साथ कभी सहज महसूस नहीं करतीं जो दूसरों को बोलने का मौका नहीं देते. जब आप बातचीत को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेते हैं, तो सामने वाले को लगता है कि आप केवल खुद से प्यार करते हैं और अहंकारी हैं.दूसरों के प्रति बदतमीजी या नीचा दिखाने वाला रवैयायह वह सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदत है जिसे महिलाएं बहुत गहराई से और चुपचाप नोटिस करती हैं. पहली मुलाकात के दौरान आप उस महिला के साथ कितने भी प्यार और तमीज से बात कर रहे हों, लेकिन यदि आपका व्यवहार समाज के अन्य लोगों के प्रति खराब है, तो आपका असली चरित्र वहीं उजागर हो जाता है.जब आप किसी रेस्टोरेंट में वेटर से रूखेपन से बात करते हैं, गाड़ी पार्क करते समय वॉचमैन पर चिल्लाते हैं, या रास्ते में किसी जरूरतमंद को देखकर मुंह बनाते हैं, तो महिला के लिए यह सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) होता है. मनोविज्ञान कहता है कि कोई पुरुष दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, वही उसके असली संस्कारों को दर्शाता है. इस आदत को देखकर कोई भी समझदार महिला तुरंत दूरी बना लेती है.
वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया
हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .
अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण
अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। शर्मा शनिवार को […] The post भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण appeared first on Sabguru News .
नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट
मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .
बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन
अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .
‘सिया गोयल ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर मार डाला। क्योंकि वो केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।’ पुणे पुलिस की ये थ्योरी पूरे देश को याद हो चुकी है। लेकिन ये बात कहने में जितनी आसान है, कोर्ट में साबित करना उतना ही मुश्किल। तो क्या केतन अग्रवाल की हत्या मामले में सिया बच जाएगी, पुलिस कैसे साबित करेगी सिया ने ही धक्का दिया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पुलिस ने सिया को किस आधार पर केतन की हत्या का आरोपी बनाया है? जवाब: पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे लोहगढ़ किले की चोटी पर मौजूद सिया चीखी। गार्ड्स पहुंचे, तो सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है।' सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ केतन अग्रवाल के माता-पिता ने लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के ऑफिसर्स से कहा कि उन्हें केतन की मौत में किसी गलत इरादे का शक नहीं है। पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। लेकिन इसके बाद जांच में 5 ऐसी बातें सामने आईं, जिसके आधार पर सिया और चेतन को हत्या का आरोपी बनाया गया… 1. केतन के घर वालों को सिया पर शक हुआ 2. सिया ने पुलिस के सामने अपने बयान बदले 3. किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने दिखा शख्स 4. हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद 4. सिया की चेतन के नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स सवाल-2: क्या सिया को दोषी साबित करने के लिए ये 5 आधार काफी नहीं, और क्या जरूरी? जवाब: हत्या के मामले में आरोपी को 2 तरीके से दोषी साबित किया जा सकता है… 1. हत्या का कोई पुख्ता सबूत मौजूद हो भारतीय कानून में हत्या का आरोप साबित करने के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी होती हैं- हत्या का मोटिव, यानी इरादा, हत्या में इस्तेमाल हथियार, आरोपी का मौके पर मौजूद होना और हत्या का चश्मदीद गवाह। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘मान लीजिए किसी की हत्या हो और मौके पर ही आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद हो जाएं, जिसकी पोर्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो जाए, तो हत्या का मामला चलेगा। अभियोजन पक्ष या पुलिस घटना के CCTV फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वारदात के गवाह या किसी दूसरे सबूत के जरिए यह साबित करेंगे कि आरोपी ने ही हत्या की है। इसके बाद कोर्ट आरोपी को दोषी करार दे देगा।’ केतन के मामले में पुलिस का मानना है कि उसे चेतन या सिया ने खाई में धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। विराग गुप्ता के मुताबिक, कोर्ट सिया और केतन को तभी दोषी मानेगा, जब सबूतों से ये साबित हो जाए कि केतन न ही खुद फिसला, न उसका संतुलन बिगड़ा, बल्कि उसे जानबूझकर चेतन या सिया ने या दोनों ने मिलकर धक्का दिया था। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इसका कोई सबूत नहीं है। एक पुलिस ऑफिसर ने कहा है, ‘केतन की हत्या के समय किले पर 208 लोग मौजूद थे। हमें उम्मीद है कि किसी न किसी ने कोई आपत्तिजनक फोटोग्राफिक सबूत कैद किया होगा।' पुलिस ने कोर्ट से चेतन और सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की परमिशन मांगते हुए कहा था कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और न ही कोई ऐसा सबूत है, जिससे साबित हो सके कि केतन को धक्का देकर किसने मारा। पुलिस ने ये अर्जी वापस भी ले ली है। 2. हत्या की परिस्थिति से जुड़े सबूत मौजूद हों हत्या का वीडियो न हो, तो भी हत्या साबित की जा सकती है और आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। अदालतें परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भी हत्या के मामलों में सजा सुनाती हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों का मतलब है कि किसी व्यक्ति की हत्या के पीछे की वजह या मोटिव, हत्या के समय आरोपियों की लोकेशन, हत्या के तरीके से जुड़े सबूत सभी आपस में अच्छे से जुड़े हों। किसी भी तरह कोई एक भी कड़ी ऐसी न हो, जिससे ये गुंजाइश बने कि आरोपी बेकसूर भी हो सकता है। विराग गुप्ता कहते हैं कि केतन की हत्या के समय का कोई मटेरियल एविडेंस नहीं मिल पाता, तो पुलिस ने केतन की हत्या के पीछे जो कहानी, सुराग और हत्या का जो मोटिव बताया है, अभियोजन पक्ष को उसे कोर्ट में सबूतों के साथ साबित करना होगा। पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, केतन की मौत की लोकेशन से जुड़े सबूत जुटाने होंगे। इन सबके आधार पर यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन के पास केतन को मारने की पर्याप्त वजह थी और उन दोनों ने ही केतन की हत्या की है। पुलिस का एक दावा ये भी है कि उसके पास चेतन और सिया के कबूलनामे हैं, जिनमें उन्होंने केतन की हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को दिए बयान में कोई आरोपी अपना जुर्म कबूल ले, तो भी CRPC या BNS कानून के तहत इसकी कोर्ट में कोई अहमियत नहीं होती। सवाल-3: तो क्या हत्या के आरोप से बच भी सकते हैं सिया-चेतन? जवाब: अक्सर परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बरी भी हो जाते हैं। आपने कई फैसलों में कोर्ट की ये टिप्पणी सुनी होगी- सबूतों की कमी के चलते आरोप साबित नहीं किया जा सका। दरअसल, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए नियम हैं। 1952 में एक फैसले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को आगाह किया था कि किसी शक को सबूत न समझा जाए। फिर 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मामले में 5 सिद्धांत बताए… सिया के वकील तनवीर अहमद मीर कहते हैं कि अभियोजन पक्ष केवल ये दिखाकर केस नहीं जीत सकता कि कई चीजें संदिग्ध लग रही हैं। घटना की हर परिस्थिति खुद में साबित हो, और फिर वो अगली कड़ी से भी जुड़ती हो, ये भी साबित हो कि केतन की मौत की दूसरी कोई संभव वजह नहीं है। अगर एक भी कड़ी टूटती है, तो आरोपियों को संदेह का फायदा मिलेगा। केतन के मामले में पुलिस को हर दावा, सबूत में बदलना होगा। साबित करना होगा कि सिया शादी से नाखुश थी और यही हत्या का मोटिव था। चेतन के साथ उसका रिश्ता, कैफे में हुई दोनों की मुलाकात और दोनों के प्लान को रिहर्सल से साबित करना होगा। सिर्फ ये साबित करना काफी नहीं होगा कि दोनों का व्यवहार संदिग्ध है, बल्कि ये फोन, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज से ये साबित करना होगा कि वो हत्या की साजिश कर रहे थे। मीर कहते हैं कि इसके अलावा सबसे जरूरी ये साबित करना होगा कि केतन गिरा कैसे? उस पॉइंट की ढलान, कहां पर गिरा, केतन के जूते, गिरने की दिशा, उनकी चोटें, फिसलने की संभावना, ये सभी चीजें मायने रखेंगी। कई संभावनाएं हो सकती हैं- केतन खद फिसले, या कोई बहस हुई, उस दौरान गिर गए, किसी एक ने धक्का दिया, या दोनों ने उकसाया, या हाथापाई में ऐसा हुआ। पुलिस को बाकी सभी संभावनाओं को खारिज करके ये साबित करना होगा कि केतन को धक्का दिया गया। सवाल-4: क्या पहले भी कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं? जवाब: हां, आरुषि-हेमराज हत्याकांड इसकी लैंडमार्क मिसाल है। 13 साल की आरुषि तलवार और तलवार दंपति के नौकर हेमराज की 2008 में नोएडा में हत्या कर दी गई थी। आरुषि की लाश उसके बेडरूम में, जबकि हेमराज की लाश छत पर मिली थी। केतन के मामले की तरह ही ये दोहरा हत्याकांड नेशनल लेवल पर सनसनी बन चुका था। आरुषि के माता-पिता- राजेश और नूपुर तलवार के बारे में कहा जा रहा था कि दोनों ने ऑनर-किलिंग की है। 2013 में CBI कोर्ट ने दोनों को दोषी भी करार दे दिया, लेकिन 4 साल बाद इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। सिया के वकील मीर ने ही उनका भी केस लड़ा था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर 5 सिद्धांतों के आधार पर निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। अभियोजन पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा था कि घटना की रात तलवार के घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता था। मीर ने कोर्ट में ये कल्पना दी कि राजेश तलवार का कंपाउंडर, कृष्णा थडाराई को भी पहले संदिग्ध माना गया था। हो सकता है कि उसने हत्याएं की हों। तलवार दंपति को बचाने के लिए मीर को ये साबित करने की जरूरत नहीं थी कि कृष्णा ने असल में हत्याएं की थीं। बस उन्हें अपनी कल्पना को इतना भरोसेमंद बनाना था कि तलवार के दोषी होने पर संदेह पैदा हो जाए। ------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से बचने के लिए सीधे मंगेतर की हत्या, मना क्यों नहीं कर सकी; रोमांटिक पोस्ट डाले, चार सुराग से सुलझी गुत्थी पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहगढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पूरी खबर पढ़िए…
अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?
आषाढ़ माह में अमरनाथ गुफा में हर साल बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन हेतु यात्रा का आयोजन होता है। यह शिवलिंग गुफा में किसी चमत्कार से प्राकृतिक रूप में निर्मित होकर चंद्रकलाओं के साथ ही घटकर गायब हो जाता है। ऐसी किवदंती भी प्रचलित है कि इस गुफा में माता पार्वती और गणेशजी की की मूर्ति भी बनती है। चलिए जानते हैं सचाई। ALSO READ: क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद 1: अमरनाथ गुफा की भौगोलिक व आध्यात्मिक स्थिति हिमालय की गोद में बसे शिव स्थानों में अमरनाथ का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। शिव के पवित्र धाम: सनातन परंपरा में माना जाता है कि संपूर्ण हिमालय भगवान शिव का निवास स्थान है। भौगोलिक और आध्यात्मिक यात्रा के क्रम में केदारनाथ को शिवजी का विश्राम भवन माना गया है, अमरनाथ उससे आगे का पड़ाव है, और इन सबसे आगे तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत है, जो महादेव का मुख्य समाधि स्थल है। कहां है गुफा: अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से लगभग 141 किलोमीटर दूर, समुद्र तल से करीब 12,756 फीट (लगभग 3,888 मीटर) की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है। यह गुफा चारों ओर से बर्फीली चोटियों से घिरी हुई है। 2: 'बर्फानी बाबा' नामकरण का यथार्थ और विवाद इस पवित्र स्थल को दिए गए आधुनिक नामों के पीछे एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू जुड़ा हुआ है। नामकरण की पृष्ठभूमि: हालिया सदियों में स्थानीय मुस्लिम गाइडों और चरवाहों (जैसे बूटा मलिक का परिवार, जिन्होंने आधुनिक काल में इस गुफा को दोबारा खोजा था) के प्रभाव के कारण बाबा अमरनाथ को 'बर्फानी बाबा' कहा जाने लगा। हालांकि, सनातन ग्रंथों के अनुसार इन्हें 'अमरेश्वर महादेव' कहना ही शास्त्रसम्मत और अनुचित विसंगतियों से दूर है। प्राकृतिक संरचना: इन्हें यह नाम इसलिए मिला क्योंकि गुफा के भीतर छत से पानी की बूंदें टपकने और अत्यधिक ठंड के कारण वह पानी प्राकृतिक रूप से बर्फ के ठोस शिवलिंग का आकार ले लेता है। यह शिवलिंग चंद्रमा की कलाओं (घटने-बढ़ने) के साथ अपना आकार बदलता है। ALSO READ: Amarnath Yatra 2026 : 5 दिन में बाबा बर्फानी 'अंतर्ध्यान', बड़ी चेतावनी तो नहीं, अमरनाथ गुफा में कैसे बनता है बर्फ का शिवलिंग? क्या है विज्ञान और आस्था का सबसे बड़ा रहस्य 3: शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश पीठ का रहस्य गुफा के भीतर केवल एक ही आकृति नहीं बनती, बल्कि वहां पूरा शिव परिवार साकार होता है। तीन हिम आकृतियां: विज्ञान के लिए जहां पानी की बूंदों से शिवलिंग का बनना एक भूगर्भीय घटना हो सकता है, वहीं जनश्रुति और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मुख्य शिवलिंग के साथ ही दो अन्य छोटी हिम आकृतियां भी प्राकृतिक रूप से निर्मित होती हैं। इनमें से एक को 'गणेश पीठ' और दूसरी को 'पार्वती पीठ' के रूप में पूजा जाता है। शिवलिंग कब बनकर कब गायब हो जाता है: यह हिम शिवलिंग अचूक रूप से हर साल आषाढ़ पूर्णिमा से बनना शुरू होता है और सावन की पूर्णिमा (रक्षाबंधन) तक अपने पूरे आकार में रहता है। इसके बाद जैसे-जैसे चंद्रमा घटता है, इसका आकार भी छोटा होने लगता है। ALSO READ: अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा? 4: 51 शक्तिपीठों में से एक- महामाया शक्तिपीठ अमरनाथ गुफा केवल शैव भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि शाक्त (देवी) उपासकों के लिए भी परम पूजनीय है। सती के कंठ का निपात: अमरनाथ गुफा के भीतर निर्मित होने वाली पार्वती पीठ दरअसल माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर के टुकड़े किए थे, तब इस स्थान पर माता का 'कंठ' (गला) गिरा था। शिवशक्ति का मिलन स्थल: तंत्र चूड़ामणि के अनुसार, यहाँ की शक्ति को 'महामाया' और भैरव को 'अमरनाथ' कहा जाता है। यहाँ माता के अंग और उनके दिव्य आभूषणों की पूजा का विशेष विधान है। इसलिए यह स्थान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। 5: प्राचीन साधना स्थली से आधुनिक सुगम तीर्थ तक का सफर समय के साथ इस दुर्गम यात्रा के स्वरूप में बहुत बड़ा बदलाव आया है। साधुओं की तपोभूमि: प्राचीन काल में यह क्षेत्र अत्यधिक दुर्गम, हिंसक मौसम और बर्फीले रास्तों से घिरा होने के कारण केवल सिद्ध साधु-संतों, अघोरियों और नागा बाबाओं की ही तपोभूमि था। आम सांसारिक लोग यहाँ जाने का साहस नहीं कर पाते थे। आधुनिक सुगमता: वर्तमान समय में आधुनिक तकनीकों, सड़कों, सेना की सुरक्षा, हेलीकॉप्टर सेवाओं और बेहतर यात्रा प्रबंधन के कारण अब आम श्रद्धालु भी न केवल अमरनाथ, बल्कि तिब्बत में स्थित बेहद कठिन कैलाश पर्वत और मानसरोवर की यात्रा आसानी से कर पा रहे हैं। यह विकास हिंदुओं के इन परम पूजनीय और सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों को नई पीढ़ी से जोड़ने में सफल रहा है।
आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। आमिर खान ने 5 जुलाई को 61 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है। हालांकि तीसरी शादी रचाने के बाद आमिर खान विवादों में भी आ गए हैं। आमिर खान की शादी के विरोध में बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आमिर खान का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आमिर खान पर लव जिहाद करने का आरोप लगाया गया है। ALSO READ: 61 साल की उम्र में हनीमून मनाने तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट संग मेलबर्न रवाना हुए आमिर खान फारबिसगंज में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के स्थानीय नेता मनोज सोनी ने आमिर खान पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान आमिर खान मुर्दाबाद और आमिर खान जिहादी भारत छोड़ो जैसे नारे लगाए गए। Bajrang Dal workers on Tuesday, July 7, burned an effigy of the Bollywood actor Aamir Khan following his marriage to Gauri Spratt on Sunday, July 5. The Hindutva workers wearing saffron shawls could be seen burning the effigy while raising slogans, including Aamir Khan… pic.twitter.com/9szCYnHO4J — The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) July 10, 2026 मनोज सोनी ने कहा, आमिर खान लगातार हिंदू बहन-बेटियों से शादी रचाकर लाइन लगा रहे हैं। यह हिंदू समाज को नीचा दिखाने और हिंदुओं को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। अगर उन्होंने अपनी इन हरकतों को जल्द ही नहीं रोका, तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा। सोनी ने आगे बच्चों के नामकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि, शादी हिंदू बेटियों से करते हैं और बच्चों का नाम तैमूर, अफ़रोज़ या सलमान रखते हैं, यह कहां का नियम है? उन्हें मुस्लिम समाज की बेटियों से प्यार क्यों नहीं होता? बजरंग दल ने कोर्ट और सरकार से मांग की है कि देश का माहौल बिगाड़ने के आरोप में अभिनेता पर सख्त कार्रवाई की जाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आमिर खान हमेशा से अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन उनकी इस तीसरी शादी ने अब एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें नए जीवन की बधाई दे रहे हैं, वहीं कई संगठनों का यह विरोध आने वाले दिनों में आमिर खान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। बता दें कि आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है।
आगामी एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' के लिए एक बेहद आध्यात्मिक और यादगार पल तब आया जब फिल्म के निर्माताओं ने इसकी बहुप्रतीक्षित थिएट्रिकल रिलीज से पहले योग गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। फिल्म को अपना समर्थन देते हुए बाबा रामदेव ने कहा, महाप्रभु जगन्नाथ हमारे जीवन के स्वामी हैं। वे हमारे सनातन जीवन की प्राणशक्ति हैं। उनका जीवन, उनकी दिव्य लीलाएं, उनका चरित्र, उनके संदेश, उनकी शिक्षाएं, उनके प्रति भक्ति और श्रद्धा—यही हमारी संस्कृति का वास्तविक संस्कार हैं। उनसे जुड़ना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। A post shared by Ele Animations (@eleanimations) उन्होंने फिल्म के निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा, जिस तरह यह फिल्म बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है ताकि उनमें हमारी संस्कृति और संस्कारों का संचार हो सके, उसके लिए पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। अपने बच्चों को यह फिल्म ज़रूर दिखाइए ताकि वे अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ सकें। हमें अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति की ओर लौटना चाहिए। जय जगन्नाथ। ALSO READ: अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन 'महाप्रभु जगन्नाथ' एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म है, जो बेहतरीन एनिमेशन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन मूल्यों को प्रस्तुत करती है। यह लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज़ 'जय जगन्नाथ' की शानदार सफलता के बाद बड़े पर्दे पर लाई जा रही है। A post shared by Jay Jagannath (@thejayjagannathofficial) एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म के व्यापक प्रदर्शन के लिए सिनेपोलिस के साथ साझेदारी की है। यह फिल्म 300 से अधिक सिनेमाघरों में हिंदी, ओड़िया और तेलुगु भाषाओं में रिलीज़ होगी। साथ ही अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भी इसका अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्म के निर्माता दुर्गा प्रसाद दलई, निर्देशक श्रीपाद वारखेडकर, पटकथा एवं संवाद लेखिका पल्लवी शर्मा और संगीतकार अविरल कुमार हैं। 17 जुलाई 2026 को रिलीज़ होने वाली यह फिल्म 16 जुलाई को आयोजित होने वाली पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के ठीक अगले दिन सिनेमाघरों में पहुंचेगी।
रोहित चंदेल पर POCSO एक्ट के तहत केस, मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार
टीवी जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फेमस टीवी सीरियल 'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' जैसे शोज से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रोहित पर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को परेशान करने, बार-बार फोन करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने रोहित चंदेल के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद रोहित चंदेल पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंत नगर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 115(2) भी लगाई हैं। ALSO READ: अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन क्या है पूरा मामला? मुंबई के एक पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग लड़की के परिजनों ने इस मामले में पंत नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अभिनेता रोहित चंदेल पिछले कुछ समय से नाबालिग को लगातार परेशान कर रहे थे। वह अपने खुद के नंबर के साथ-साथ कई अन्य अलग-अलग फोन नंबरों से लड़की को बार-बार कॉल कर रहे थे, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुकी थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि बीती 5 जुलाई को रोहित ने पीड़िता के आवासीय भवन के पास उसका रास्ता रोका। जब लड़की ने बचने की कोशिश की, तो अभिनेता ने उसका पीछा किया। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई, जिसमें रोहित ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि नाबालिग के साथ मारपीट भी की और उसे थप्पड़ जड़ दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की पंत नगर पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को रोहित चंदेल को उनके दहिसर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अभिनेता को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, पीड़िता की शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और नाबालिग लड़की पहले से एक-दूसरे को जानते थे। रोहित चंदेल टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' में बाजीराव और 'पंड्या स्टोर' में धवल मकवाना की भूमिका निभाकर काफी लोकप्रियता हासिल की थी। इन दिनों वह टीवी शो 'सैरब' में नजर आ रहे थे। गिरफ्तारी के बाद रोहित के अभिनय करियर पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
अमेरिकी नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं। आखिर इस फैसले से प्रवासी भारतीयों को क्या फायदा होगा?
अजय देवगन की 'धमाल 4' नहीं तोड़ पाई 'टोटल धमाल' का ओपनिंग रिकॉर्ड, पहले दिन किया इतना कलेक्शन
अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म 'धमाल 4' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं अब फिल्म का ओपनिंग डे का कलेक्शन भी सामने आ गया है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक सधी हुई लेकिन औसत शुरुआत की है। 'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन अच्छा परफॉर्म किया, लेकिन ये 'धमाल फ्रैंचाइजी की पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' को पछाड़ न सकी। ALSO READ: Dhamaal 4 Review: वही खजाना, वही भागमभाग... इस बार हंसी रास्ते में कहीं खो गई 'धमाल 4' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 15.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा अजय देवगन की कुछ हालिया रिलीज फिल्मों के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है, लेकिन फ्रेंचाइजी के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह कमाई उम्मीद से थोड़ी कम है। 'धमाल 4' अपनी ही पिछली फिल्म 'टोटल धमाल' (2019) के पहले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ने में नाकाम रही, जिसने 16.5 करोड़ रुपए की ओपनिंग ली थी। इसके अलावा, हाल ही में रिलीज हुई एक और बड़ी कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' से भी यह पीछे छूट गई है, जिसने पेड प्रिव्यूज को मिलाकर 19 करोड़ रुपए की शानदार शुरुआत की थी। 'धमाल 4' की कहानी में मेकर्स ने एक बार फिर से पुराने फॉर्मूले को ही दोहराया है। साल 2007 में आई पहली 'धमाल' में जहां सभी किरदार गोवा के एक गार्डन में 'W' के नीचे दबे 10 करोड़ रुपए के खजाने को खोजने के लिए भागते नजर आए थे, वहीं इस बार पूरी स्टारकास्ट 'M' के नीचे छिपे खजाने की तलाश में जुटी है।
स्पेन ने पहली बार गोल खाया लेकिन अंतिम लम्हों में बेलजियम पर पाई शानदार जीत
सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किये गये गोल की बदौलत स्पेन ने शुक्रवार रात फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ने का रास्ता पक्का कर लिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ गोल दागे। शुरुआती लाइनअप में अप्रत्याशित रूप से शामिल हुए फैबियान रुइज ने 30वें मिनट में रिबाउंड पर गोल दाग दिया, लेकिन चार्ल्स डी केटेलेरे ने टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। यह टूर्नामेंट में पहला अवसर है जबकि स्पेन ने गोल खाया। Spain grab a late goal to secure their place in the Semi-final! #FIFAWorldCup — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 10, 2026 हालांकि, अंत में स्पेन ने बाजी मार ली, जब स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पाउ कुबार्सी के दूर से किए गए शॉट को रोक नहीं पाए और मेरिनो ने सामान्य समय समाप्त होने से दो मिनट पहले विजयी गोल दाग दिया।स्पेन अब मंगलवार को एक सपने जैसे सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा।स्पेन मार्च 2023 से लगातार 37 मैचों में अजेय रहा है। गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर बाहर शॉट से मार दिया।
दूसरी बार मां बनने जा रहीं दीपिका पादुकोण, तीसरे ट्राइमेस्टर की मुश्किलें कीं शेयर
बॉलीवुड की 'मस्तानी' दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और खास दौर को एन्जॉय कर रही हैं। बेटी दुआ के जन्म के बाद, दीपिका और रणवीर सिंह जल्द ही अपने घर में एक और नन्हे मेहमान का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दीपिका अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने तीसरे ट्राइमेस्टर के मुश्किलों और प्यारे पलों को फैंस के साथ शेयर किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीपिका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक मजेदार रील शेयर की है। ALSO READ: 'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा इस वीडियो में दीपिका खुद नजर नहीं आईं, लेकिन यह रील उनकी मौजूदा स्थिति और प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर की चुनौतियों को बेहद मजेदार अंदाज में दिखाया है। वीडियो में एक प्रेग्नेंट महिला आधी नींद में बार-बार उठकर वॉशरूम जाती हुई दिखाई दे रही हैं। दीपिका ने इस रील के साथ एक अपसाइड-डाउन स्माइली फेस इमोजी लगाया, जो यह साफ बयां करता है कि वह भी आजकल रातों की नींद खराब होने और इस शारीरिक थकावट से गुजर रही हैं। दीपिका ने यह स्टोरी शेयर की, सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने उन पर प्यार की बौछार कर दी। एक फैन ने लिखा, 'दुआ का भाई या बहन जल्द ही आने वाला है। यू गॉट दिस, दीपिका!' वहीं एक अन्य यूजर ने भावुक होकर कमेंट किया, 'मेरी क्वीन की मदद के लिए काश मैं वहां होता।' फैंस इस बात से बेहद खुश हैं कि दीपिका अपनी इस खूबसूरत जर्नी की छोटी-छोटी झलकियां उनके साथ साझा कर रही हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2024 में दीपिका और रणवीर ने अपनी नन्ही परी 'दुआ' का दुनिया में स्वागत किया था। जब दुआ एक साल की हुईं, तब इस कपल ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर की थीं, जिन पर फैंस ने खूब प्यार लुटाया था। वहीं, इस साल की शुरुआत में इस कपल ने बेहद अनोखे अंदाज में अपनी दूसरी प्रेगनेंसी की घोषणा की। प्रेग्नेंसी के साथ-साथ दीपिका अपने वर्क फ्रंट को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। आने वाले समय में वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। दीपिका जल्द ही शाहरुख खान के साथ 'किंग' में नजर आएंगी। इसके अलावा वह साउथ स्टार अल्लू अर्जुन के साथ 'राका' में भी दिखेंगी।
अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) में अब तक जिन खगोलीय पिंडों को सबसे ठंडे तारे माना जा रहा था, वे असल में प्राकृतिक तारे नहीं बल्कि अत्यंत विकसित एलियंस के विशालकाय ऊर्जा संयंत्र (पावर प्लांट) हो सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस के प्रख्यात खगोलभौतिकीविद् अमीरनेज़ाम अमिरी के एक नए क्रांतिकारी शोध ने इस थ्योरी को जन्म दिया है. इस रिसर्च के मुताबिक, सुदूर अंतरिक्ष में मौजूद एडवांस्ड एलियन सभ्यताएं इन तारों की पूरी ऊर्जा को सोखने के लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. यह स्टडी जल्द ही प्रतिष्ठित विज्ञान जर्नल 'यूनिवर्स' में प्रकाशित होने वाली है.क्या होते हैं फ्रीमैन डायसन के 'डायसन स्वार्म'?इस पूरी थ्योरी का आधार साल 1960 में महान भौतिक विज्ञानी फ्रीमैन डायसन द्वारा की गई एक अनोखी कल्पना है. उन्होंने बताया था कि जब कोई एलियन सभ्यता तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा एडवांस हो जाएगी, तो वह अपनी असीमित ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने नजदीकी तारे के चारों ओर एक विशालकाय गोलाकार ढांचा बना लेगी.आधुनिक वैज्ञानिक इसे एक ठोस गोले के बजाय 'डायसन स्वार्म' (Dyson Swarm) कहते हैं. इसका मतलब है कि किसी तारे के चारों ओर करोड़ों की संख्या में छोटे-छोटे सोलर कलेक्टर्स या सैटेलाइट्स का एक ग्रिड चक्कर लगाता है. यह पूरा सिस्टम मिलकर तारे की धूप और भारी गर्मी को इकट्ठा करता है. इस विशालकाय ढांचे द्वारा ऊर्जा सोखने के बाद बची हुई ऊर्जा इंफ्रारेड रेडिएशन (अवरक्त विकिरण) के रूप में बाहर निकलती है, जिसे पृथ्वी के वैज्ञानिक डिटेक्ट कर रहे हैं.रेड और व्हाइट ड्वार्फ तारे हैं एलियंस की पहली पसंदवैज्ञानिक अमिरी के गणितीय मॉडल (Mathematical Model) के अनुसार, विकसित एलियंस इस मेगा-स्ट्रक्चर को बनाने के लिए ब्रह्मांड के 'रेड ड्वार्फ' और 'व्हाइट ड्वार्फ' तारों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:रेड ड्वार्फ (Red Dwarf): ये हमारी आकाशगंगा में सबसे आम तारे हैं और खरबों सालों तक स्थिर रहते हैं. आकार में छोटे होने के कारण इनके चारों ओर सोलर कलेक्टर का नेटवर्क बनाना बहुत आसान होता है और कंस्ट्रक्शन मटेरियल भी बहुत कम लगता है.व्हाइट ड्वार्फ (White Dwarf): ये आकार में पृथ्वी जितने छोटे होते हैं, लेकिन इनसे अरबों सालों तक भारी मात्रा में थर्मल ऊर्जा निकलती रहती है. इन तारों के बेहद पास (कुछ मिलियन किलोमीटर की दूरी पर) ही एलियंस अपने सोलर पैनल तैनात कर सकते हैं.अजीब तापमान और इंफ्रारेड लाइट का रहस्यमयी खेलजब ये डायसन स्वार्म किसी तारे को पूरी तरह घेर लेते हैं, तो विज्ञान के एच-आर डायग्राम (H-R Diagram) पर उस तारे का व्यवहार प्राकृतिक न रहकर कृत्रिम दिखने लगता है. सामान्य तौर पर एक रेड ड्वार्फ का तापमान 3000 केल्विन होता है. लेकिन एलियन टेक्नोलॉजी के कारण जब उसकी रोशनी छिप जाती है, तो उसका बाहरी तापमान गिरकर सिर्फ 50 केल्विन के आसपास दिखाई देता है, जो सामान्य से बहुत ज्यादा ठंडा है. यह तारा सामान्य रोशनी में बहुत धुंधला हो जाता है, लेकिन इंफ्रारेड लाइट में बहुत तेजी से चमकता है.जेम्स वेब टेलीस्कोप और हेफेस्टस प्रोजेक्ट से चल रही है असली खोजअंतरिक्ष में तैरती आम धूल भी इंफ्रारेड चमक पैदा करती है, लेकिन वैज्ञानिकों के पास अब अंतरिक्ष की धूल और एलियन तकनीक के बीच अंतर पहचानने का सटीक तरीका है. अंतरिक्ष की धूल के बादलों में सिलिकेट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जबकि एलियन स्ट्रक्चर का इंफ्रारेड स्पेक्ट्रम (Spectrum) बिल्कुल साफ और अलग होता है. इसके अलावा, करोड़ों सोलर पैनलों के घूमने से तारे की रोशनी में एक खास पैटर्न में उतार-चढ़ाव होता है.वर्तमान में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और प्रोजेक्ट हेफेस्टस जैसी वैश्विक टीमें लगातार इन अजीब संकेतों की जांच कर रही हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में 50 लाख तारों की मैपिंग में से 7 ऐसे संभावित तारों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनमें से 5 पर अभी भी बेहद गहन रिसर्च चल रही है. खगोलविदों का मानना है कि यह नया मॉडल ब्रह्मांड में एलियन लाइफ की खोज को बहुत आसान बना देगा.
खमेनेई के बाद ईरान: कितनी बदल जाएगी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खमेनेई को एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था विरासत में मिली है जिसे उनके पिता ने दशकों की कड़ी मेहनत से बिल्कुल अपने सांचे में ढाला और तैयार किया था।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (11 जुलाई, 2026)
मेष राशि (Aries) Today 11 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज ऑफिस में कामकाज की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, शॉर्टकट अपनाने से बचें। पेंडिंग कामों को पूरा करने पर जोर दें। लव: जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर तालमेल में कमी आ सकती है। शांति से एक-दूसरे की बात सुनें। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें, नुकसान होने की आशंका है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं। शाम को परिवार के साथ समय बिताने से राहत मिलेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा वृषभ राशि (Taurus) करियर: शनि देव की कृपा से आज नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिलेगा। व्यापार में नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं। लव: प्रेम जीवन में रोमांस और आपसी विश्वास बढ़ेगा। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। पुराना फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। आज आप खुद को शारीरिक रूप से काफी एक्टिव महसूस करेंगे। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा। सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह के विवाद या गॉसिप से दूर रहें। लव: लव लाइफ में किसी बाहरी व्यक्ति के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। आपस में बैठकर बात सुलझाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट प्रभावित होगा। सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। भारी शारीरिक काम करने से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने या उड़द की दाल का दान करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: टीम वर्क से आज आपको बड़ी सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। धन: इनकम के नए सोर्स मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: एसिडिटी/गैस या पेट से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने से पूरी तरह परहेज करें। उपाय: शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सिंह राशि (Leo) करियर: बिजनेस में कोई बड़ा बदलाव करने की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में चल रही गलतफहमियां दूर होंगी। आपसी समझ और बॉन्डिंग में मजबूती आएगी। धन: आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। भूमि, भवन या वाहन खरीदने की योजना पर काम शुरू हो सकता है। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। पुरानी किसी शारीरिक समस्या से आज काफी हद तक राहत मिलेगी। उपाय: शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। कन्या राशि (Virgo) करियर: आज ऑफिस में काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े दस्तखत न करें। लव: जीवनसाथी का स्वास्थ्य आपकी चिंता बढ़ा सकता है, उन्हें समय दें और डॉक्टर से सलाह लें। धन: लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतें। आज किसी को बड़ा उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है। पर्याप्त नींद लें और तनाव से दूर रहें। उपाय: शनिवार के दिन चींटियों को आटा और पिसी हुई चीनी डालें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र तुला राशि (Libra) करियर: आज कार्यस्थल पर आपका सम्मान बढ़ेगा। आज कोई बड़ा प्रोजेक्ट या बड़ी डील मिल सकती है। लव: नए रिश्ते की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर की तरफ से कोई खूबसूरत सरप्राइज मिल सकता है। धन: पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। सुख-सुविधाओं और मनोरंजन पर धन खर्च होने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शाम के समय खुद को काफी रिलैक्स और पॉजिटिव महसूस करेंगे। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें और गरीबों में काले रंग के कंबल या वस्त्र दान करें। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी के योग हैं। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को आज बड़ा मुनाफा हो सकता है। लव: लव पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात को लेकर चल रहा विवाद सुलझ जाएगा। रिश्ते में मधुरता आएगी। धन: अचानक धन लाभ होने के योग हैं। पुराना कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे, जिससे मानसिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय बेहद सावधान रहें, जल्दबाजी या लापरवाही से चोट लगने की आशंका है। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं। धनु राशि (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और ईमानदारी रंग लाएगी। बॉस आपके काम से बेहद प्रभावित होकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ किसी धार्मिक स्थल या लॉन्ग ड्राइव पर जाने का प्लान बन सकता है। धन: नया बिजनेस शुरू करने के लिए धन की व्यवस्था आसानी से हो जाएगी। पुराना निवेश लाभ देगा। स्वास्थ्य: हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। ज्यादा देर एक ही पोजीशन में बैठने से बचें। उपाय: शनिवार की शाम को कुत्तों को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं। मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यस्थल के अटके हुए काम आज पूरे होंगे। नौकरी में प्रमोशन की बात आगे बढ़ सकती है। लव: वैवाहिक जीवन में खुशहाली रहेगी। पार्टनर का पूरा सहयोग हर काम में मिलेगा, जिससे रिश्ता गहरा होगा। धन: फंसा हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक तंगी दूर होगी। बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। आप खुद को मानसिक रूप से बहुत शांत पाएंगे। उपाय: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: आज बिजनेस के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो भविष्य में आपके लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होगी। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन थोड़ा कमजोर है। पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें और उनकी बात को समझने का प्रयास करें। धन: सुख-साधनों और घर की मरम्मत पर खर्च बढ़ सकता है। बजट का पूरा ध्यान रखकर ही आगे बढ़ें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण अनिद्रा या थकान की समस्या हो सकती है। उपाय: शमी के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मीन राशि (Pisces) करियर: व्यापारियों को आज नए ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स और मुनाफा मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। लव: पार्टनर के साथ रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। शाम को रोमांटिक समय बिताएंगे। धन: धन का आगमन अच्छा रहेगा, लेकिन निवेश करते समय किसी अनुभवी व्यक्ति की राय जरूर लें। स्वास्थ्य: सेहत के लिहाज से दिन अच्छा है। माता-पिता के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उपाय: शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद को काले तिल या सरसों का तेल दान करें। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल
ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी
येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं। इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है। मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई […] The post ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी appeared first on Sabguru News .
संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
उदयपुर। राजस्थान में भ्रषचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को उदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल के लिए उसके दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी बांसवाडा को शिकायत मिली कि […] The post संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन उदयपुर के लिए दलाल 30000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दुनिया भर के अलग-अलग शहरों में फ्लैट या मकान शेयर करके रहने वाले रूममेट्स (Roommates) के बीच छोटी-मोटी कहासुनी, नोकझोंक या विवाद होना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन तकनीक और शांति के लिए मशहूर देश जापान (Japan) से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला पर अपनी ही रूममेट के साथ एक ऐसी क्रूरता और बर्बरता करने का आरोप लगा है, जिसकी सामान्य तौर पर कल्पना करना भी नामुमकिन है।मशहूर मीडिया वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है। यहां स्थानीय पुलिस ने 49 वर्षीय एक महिला मसाए सकुराई (Masae Sakurai) को अपनी ही रूममेट को गंभीर रूप से घायल करने और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मसाए पर आरोप है कि एक मामूली घरेलू विवाद के बाद उन्होंने अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठों को सुई और धागे की मदद से बेरहमी से सिल दिया।सुई-धागे से सिल दिए होंठ, जुबान बंद करने की खौफनाक साजिशजापान की जांच एजेंसियों और पुलिस द्वारा शुरुआती तफ्तीश में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह वारदात बीते 29 जून को अंजाम दी गई थी। आरोपी मसाए सकुराई और पीड़ित महिला पिछले कुछ महीनों से इबाराकी के एक घर में साथ रह रही थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के मकान में शिफ्ट हुई थी।शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा। 29 जून को दोनों के बीच हुई तीखी बहस इस कदर हिंसक रूप ले बैठी कि आरोपी ने पीड़िता को काबू में किया और सुई-धागे से उसका मुंह सिल दिया ताकि वह चिल्ला न सके। हालांकि, दोनों के बीच उस दिन किस विशिष्ट बात को लेकर इतनी बड़ी लड़ाई हुई, इसकी प्रामाणिक जानकारी पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।बिना बोले, कागज पर लिखकर मांगी मदद और बच गई जानइस दर्दनाक हमले के बाद पीड़िता ने गजब का हौसला दिखाया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर से बाहर भागने में सफल रही। बदहवास हालत में वह पास के एक स्थानीय जनरल स्टोर (दुकान) में जा पहुंची। चूंकि उसके होंठ पूरी तरह सिले हुए थे, इसलिए वह बोलने या चिल्लाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी।पीड़िता ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और दुकान के काउंटर पर रखे एक कागज के टुकड़े पर पेन से अपनी आपबीती और मदद की गुहार लिखकर वहां मौजूद कर्मचारी को थमा दी। पर्ची पढ़ते ही दुकान का कर्मचारी सन्न रह गया और उसने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही अगले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस की भारी टीम ने मौके पर दबिश देकर पीड़िता को रेस्क्यू किया और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया।डर के साये में जी रही थी पीड़िता, घर में और लोगों के होने का दावापुलिस अभिरक्षा में आने के बाद पीड़िता ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह इस खौफनाक घर से बहुत पहले ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी महिला के खौफ और लगातार मिलने वाली धमकियों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। वह पिछले कई हफ्तों से भारी मानसिक और शारीरिक दबाव (Trauma) में जी रही थी।इस बीच, जांच में एक और दिलचस्प और पेचीदा एंगल सामने आया है। आरोपी मसाए सकुराई के एक परिचित ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था, तब वहां सिर्फ ये दो महिलाएं ही नहीं रहती थीं। उसने दावा किया कि उस बड़े मकान में दो-तीन अन्य महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी साथ रहते थे। इस गवाही के बाद जापानी पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह कोई अवैध शेल्टर होम था और क्या वारदात के वक्त घर में अन्य लोग भी मूकदर्शक बनकर मौजूद थे?जरूरतमंद लड़कियों की मदद का ढोंग और सोशल मीडिया पर बहसमामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आरोपी महिला मसाए सकुराई की प्रोफाइल समाज में बिल्कुल अलग थी। उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सकुराई सोशल मीडिया और जमीन पर उन लड़कियों और महिलाओं की मदद करने का दावा करती थी, जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता था या जिनका अपने परिवार से नाता टूट चुका होता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या मसाए परोपकार की आड़ में बेसहारा महिलाओं का शोषण कर रही थी?जापान की यह अजीबोगरीब और हिंसक घटना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा बताया है, तो वहीं कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर घर में अन्य सदस्य मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की चीखें सुनकर उसकी मदद क्यों नहीं की। फिलहाल, जापानी पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
विदेश यात्रा (Foreign Travel) को लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और रोमांचक अनुभव मानते हैं। नई जगहें, नई संस्कृति और नए लोगों से मिलने की खुशी हर घुमक्कड़ के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। लेकिन कई बार अनजान जगह पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरी यात्रा को किसी खौफनाक हादसे में बदल देती है। ऐसा ही एक बेहद डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकिया ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली 36 वर्षीय महिला स्टेफनी के साथ इटली (Italy) में घटा, जहां वे अकेले यात्रा कर रही थीं।स्टेफनी अपने दोस्तों के साथ यूरोप टूर पर निकली थीं। दोस्तों के वापस लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन और रुककर अकेले ही इटली घूमने का फैसला किया। उनका सबसे बड़ा सपना था कि वह इटली की मशहूर '1 यूरो हाउस स्कीम' (लगभग ₹90 में घर) के तहत वहां एक पुराना घर खरीदें और सिसिली के खूबसूरत 'लो स्टैग्नोने' इलाके में काइटबोर्डिंग (Kiteboarding) का लुत्फ उठाएं। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सपना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रहा है। स्टेफनी ने अपनी यह आपबीती ऑस्ट्रेलियाई मीडिया वेबसाइट News.com.au से साझा की है, जहां उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर वे दो बार किडनैपिंग और हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचीं।एक अनजान लिफ्ट और पल भर में बदल गया पूरा सफरसिसिली में काइटबोर्डिंग का इवेंट खत्म होने के बाद वहां मौजूद कुछ अन्य टूरिस्ट और स्थानीय लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान यूरोपीय मूल के एक अज्ञात कार सवार व्यक्ति ने स्टेफनी को उनके गंतव्य तक छोड़ने (लिफ्ट देने) की पेशकश की। स्टेफनी को लगा कि वह व्यक्ति भी बाकी ग्रुप के लोगों के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को भांपे बिना उसकी कार में बैठना ठीक समझ लिया। लेकिन कार में बैठते ही कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें अहसास हो गया कि गाड़ी बाकी लोगों के रास्ते से पूरी तरह अलग और सुनसान रास्ते पर जा रही है।160 KM की रफ्तार, अजीब हरकतें और लाइव लोकेशन का सहारास्टेफनी के मुताबिक, कार स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने अपनी सनक दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि उसकी कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती है या नहीं। इसके बाद उसने अचानक बेहद खतरनाक रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। स्टेफनी घबरा गईं और लगातार कार रोकने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी।खतरे को भांपते हुए स्टेफनी ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और चुपके से अपने मोबाइल के जरिए काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी 'लाइव लोकेशन' (Live Location) शेयर कर दी। इसी बीच कार की अगली सीट पर बैठे एक दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने ड्राइवर से पूछा कि क्या बाकी लोग भी उसके घर आ रहे हैं, तो ड्राइवर का जवाब था, 'नहीं, वहां कोई नहीं आ रहा।' यह सुनते ही स्टेफनी के पैर तले जमीन खिसक गई कि उनके साथ कुछ बहुत गलत होने वाला है।मकान का गेट खुलते ही जान बचाकर भागीं स्टेफनीकरीब 12 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी को एक बड़े लोहे के गेट वाले सुनसान मकान के अंदर खड़ा किया। जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने ध्यान दिया कि कार का चाइल्ड लॉक ऑन नहीं था। उन्होंने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत दरवाजा खोला और अपनी पूरी ताकत से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी।दहशत का आलम यह था कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की भी हिम्मत नहीं की। वह तब तक भागती रहीं, जब तक उन्हें यह पक्का भरोसा नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा है। कई किलोमीटर तक नंगे पैर और बदहवास दौड़ने के बाद वह एक छोटे अंजान कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें लगा कि अब शायद कोई मदद मिल जाएगी।मददगार के रूप में आया दूसरा शिकारी, कार में लिखा गंदा मैसेजकस्बे में पहुंचने के बाद स्टेफनी को एक यूनिफॉर्म में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) दिखाई दिया। भाषा की बड़ी समस्या होने के कारण स्टेफनी ने अपने मोबाइल के 'ट्रांसलेशन ऐप' (Translation App) की मदद से पूरी आपबीती उस गार्ड को समझाई। गार्ड ने बेहद सहानुभूति दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपनी कार से उन्हें सुरक्षित उनके होटल तक छोड़ देगा।स्टेफनी ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उस गार्ड ने भी अपना असली रंग दिखा दिया। उसने कार को एक अंधेरी और बेहद सुनसान गली में रोक दिया। इसके बाद उसने स्टेफनी का मोबाइल छीन लिया और उसमें एक ट्रांसलेटेड मैसेज टाइप किया। मैसेज पढ़ते ही स्टेफनी के होश उड़ गए, उसमें लिखा था— 'मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ रहा हूं... लेकिन इसके बदले में तुम मेरे लिए क्या करोगी?'वाइनयार्ड की झाड़ियों में छिपकर बचाई जान, सदमे में बीती रातइस घिनौने मैसेज को देखते ही स्टेफनी समझ गईं कि वह एक ही दिन में दूसरी बार एक बड़े शिकारी के जाल में फंस चुकी हैं। उन्होंने बिना डरे तुरंत कार का दरवाजा खोला और दोबारा अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। इस बार वे अपनी जान छुपाने के लिए रास्ते में आने वाले एक घने वाइनयार्ड (अंगूर के बाग) की झाड़ियों में जाकर छिप गईं।वे काफी देर तक अंधेरे में वहीं दुबकी रहीं और जब उन्हें रास्ता पूरी तरह सुरक्षित लगा, तो वे कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं। रास्ते में सबूत के तौर पर उन्होंने एक वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी ताकि डिजिटल रिकॉर्ड रहे कि वे उस वक्त वहां मौजूद थीं। होटल पहुंचने के बाद वे पूरी रात सदमे में रोती रहीं।इस भयावह घटना के बाद स्टेफनी ने फिलहाल इटली में घर खरीदने और वहां रहने का अपना सालों पुराना सपना हमेशा के लिए टाल दिया है। उनका कहना है कि यह कहानी दुनिया भर के सोलो ट्रैवलर्स (Solo Travelers) के लिए एक सबक है कि विदेश यात्रा के दौरान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपको मौत के मुंह में धकेल सकती है।
महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।
आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के विस्तार अभियान के तहत संगठन की रणनीति बनाने और संघ के 100वें वर्ष के समारोहों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का शुभारंभ किया। आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संगठनात्मक गतिविधियों में से एक मानी जाने वाली इस उच्च-स्तरीय […] The post आरएसएस ने बेलगावी में शताब्दी विस्तार का रोडमैप लॉच किया appeared first on Sabguru News .
पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव […] The post बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव : भाजपा उम्मीदवार अभिषेक ने की नाम वापस लेने की घोषणा, नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के नए उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी में अवसर तलाश रहे हैं। चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान […] The post कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के 6 सांसद भाजपा के संपर्क में appeared first on Sabguru News .
वाशिंगटन। अमरीकी नौसेना ने वाणिज्यिक जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी शिपिंग गलियारे का उपयोग करने का अपना आग्रह जारी रखा है। अमरीकी नौसेना ने यह बात इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों और तेहरान की ओर से बार-बार मिलने वाली उन चेतावनियों के बावजूद […] The post अमरीकी नौसेना ने जहाजों से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .
अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अजमेर/ब्यावर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को कार्यालय राजस्थान स्टेट इण्डट्रियल डेवलपमेन्ट एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कॉपरेशन लिमिटेड (रीको) अजमेर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अजय विशश्वकर्मा को 50 हजार रुपए एवं कार्यालय रीको उप इकाई ब्यावर में कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक […] The post अजमेर में रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा 50000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के कक्ष में शुक्रवार को उस समय बेहद अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए एक याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर मामले के कागजात न्यायाधीशों की तरफ फेंके और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करके भारी हंगामा किया। यह घटना न्यायाधीश केवी […] The post सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में याचिकाकर्ता ने डाला खलल, कागज फेंके और अदालत को अपशब्द कहे appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को भरतपुर में भू प्रबंध विभाग में पटवारी प्रदीप सिंह एवं दिगम्बर सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके एवं उसके परिवारजनों […] The post भरतपुर में दो पटवारी 30 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
‘ईरान ने ट्रम्प की हत्या के लिए एक नया प्लान तैयार किया है।’ ये खुफिया इनपुट इजराइल ने अमेरिका को दिया है। इसके बाद ईरान को लेकर ट्रम्प के तेवर वापस सख्त हो गए। वो ईरानी नेताओं को ‘गंदा’ और ‘शैतान’ बताने लगे। अमेरिका ने 7-8 जुलाई की रात ईरान के 80 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर दी। क्या ईरान वाकई ट्रम्प की हत्या का प्लान बना रहा या सिर्फ इजराइल की चाल है, क्या इसी उकसावे में अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला किया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: इजराइल ने ट्रम्प की हत्या की साजिश से जुड़े क्या खुफिया इनपुट दिए? जवाबः 9 जुलाई को सबसे पहले अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में एक रिपोर्ट छपी। इसमें कहा गया कि इजराइल ने अमेरिका को इनपुट दिया है कि ईरान ने ट्रम्प की हत्या की साजिश रची है। इसके बाद अमेरिकी मीडिया चैनल CNN ने बताया कि ये इनपुट इसी हफ्ते दिया गया। रिपोर्ट में दो सोर्सेज के हवाले से कहा गया… सवाल-2: क्या इसी खुफिया इनपुट से भड़के ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा धावा बोला? जवाबः सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता। लेकिन इसके 3 संकेत मिलते हैं… 1. ईरानी नेताओं को लेकर ट्रम्प के तेवर बदले 2. ट्रम्प ने खुद कहा- ‘उनकी ‘किल लिस्ट में सबसे ऊपर’, जहाज बदला 3. नेतन्याहू से नाराजगी के बीच फोन पर बात सवाल-3: क्या इजराइल जानबूझकर ट्रम्प को भड़काने की कोशिश कर रहा? जवाबः पिछले 2 साल में अमेरिका ने ईरान पर तीन हमले किए। हर हमले से पहले इजराइल ने अमेरिका को कोई-न-कोई खुफिया इनपुट दिया, जिसने ट्रम्प भड़क गए… जून 2025, ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की स्ट्राइक इजराइली खुफिया विभाग ने ट्रम्प को इनपुट दिया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की तैयारी में है। अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक ‘इजराइलियों ने ट्रम्प को यकीन दिलाया कि सैन्य विकल्प खोलने से ईरान के साथ न्यूक्लियर डील आसान हो जाएगी। ट्रम्प प्रशासन भी नेतन्याहू को रोकने में सक्षम नहीं था। ऐसे में ट्रम्प को उनका समर्थन करना पड़ा।' फरवरी 2026, ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना 28 फरवरी 2026 के हमले से पहले 11 फरवरी को नेतन्याहू, ट्रम्प से मिलने व्हाइट हाउस गए थे। उन्होंने ट्रम्प को 1 घंटे का प्रेंजेंटेशन देकर बताया कि कैसे ईरान पर उनका हमला सफल होगा। लेकिन ट्रम्प हमले के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद नेतन्याहू ने ट्रम्प से कहा था कि खामेनेई को मारकर 2024 में उन पर हुए हमले का बदला लेने का सबसे अच्छा मौका है। दरअसल राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान एक हमलावर ने ट्रम्प पर गोली चलाई थी। अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इसमें ईरान का हाथ था। जुलाई 2026, समझौते के बावजूद ईरान पर हमला इसबार भी इजराइल ने ट्रम्प की हत्या की साजिश का खुफिया इनपुट दिया। दरअसल, अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते की घोषणा की, तो इजराइल इससे खुश नहीं था। नेतन्याहू ने तो ये तक कहा था कि वे इस डील को मानने के लिए बाध्य नहीं है। CNN के मुताबिक, जिन सोर्सेज ने ये बताया कि इजराइल ने अमेरिका को ट्रम्प पर हमले का अलर्ट दिया है, उन्हीं में से एक सोर्स ने ये भी कहा कि ये रिपोर्ट ट्रम्प के फैसले को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। क्योंकि ट्रम्प इस समय सोच रहे हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज की जाए या नहीं। इस इजराइली रिपोर्ट के डिटेल्स भी स्पष्ट नहीं हैं। साथ ही अमेरिका ने न ही ऐसी किसी साजिश की खुद कोई जांच की है और न ही वह इस पर नजर रख रहा है। इसलिए ये इजराइल का उकसावा ज्यादा लग रहा है। इजराइली अखबार ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ में ये भी दावा किया गया है कि इजराइल दोबारा ईरान पर हमले में अमेरिका के साथ शामिल होना चाहता है। नेतन्याहू सिर्फ अमेरिका और ट्रम्प से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सवाल-4: इजराइल की बातों में आकर अमेरिका को क्या कीमत चुकानी पड़ी? जवाबः इजराइल पर भरोसा कर ईरान पर हमले करने से अमेरिका को आर्थिक और सैन्य नुकसान हुआ है, ट्रम्प को घरेलू आलोचना झेलनी पड़ रही है… 10 लाख करोड़ रुपए तबाह हो गए: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक, जंग के पहले 6 दिनों में ही अमेरिका ने 11.3 बिलियन डॉलर, यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। जंग के दौरान अमेरिका में पेट्रोल के दाम 40% तक बढ़ गए थे।ईरान के साथ जंग में अमेरिका अबतक 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुका है। 42 जेट गंवाए, करोड़ों के रडार सिस्टम को नुकसान: पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के दौरान अमेरिका ने 42 जेट गंवाए हैं। इनमें करीब 282 करोड़ रुपए के चार F-15E फाइटर जेट और करीब 534 करोड़ रुपए के तीस MQ-9 रीपर ड्रोन भी शामिल हैं। कतर के अमेरिकी बेस पर तैनात FP132 रडार सिस्टम नुकसान पहुंचा है। ईरानी सेना ने अमेरिका के एडवांस डिफेंस सिस्टम THAAD और पैट्रियट को भी डैमेज किया है। ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग 25% घटी: ईरान के साथ जंग छेड़ने से अमेरिकी जनता खुश नहीं है। जनवरी में जब ट्रम्प को दूसरी बार राष्ट्रपति बने 1 साल पूरे हुए थे, उनकी अप्रूवल रेटिंग 52% थी। अप्रूवल रेटिंग, यानी एक सर्वे के जरिए पता करना कि कितने प्रतिशत लोग किसी नेता, सरकार या नीति से खुश हैं। 10 जुलाई को ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 39% रह गई है। अमेरिका के कई शहरों में उनके खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रोटेस्ट हो रहे हैं। इसके अलावा ईरान जंग को लेकर अमेरिका के टारगेट भी पूरे नहीं हुए। ट्रम्प ने जंग के 3 मुख्य टारगेट बताए थे- ईरान में सत्ता परिवर्तन, उसके न्यूक्लियर और बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर रोक, ईरानी नेवी का खात्मा। 4 महीने बाद भी इनमें से कोई टारगेट पूरा नहीं हो पाया है। सवाल-5: क्या वाकई अभी ईरान ट्रम्प को मारने की कोई साजिश कर रहा है? जवाबः कुछ अमेरिकी रिपोर्ट्स के अलावा अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि ईरान ने ट्रम्प को मारने के लिए कोई नया प्लान बनाया है। हालांकि 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी टॉप जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद कई बार ट्रम्प को मारने की धमकी दी गई, कुछ साजिशें हुईं और एक बार ट्रम्प पर हमला भी हुआ… --------- ये खबर भी पढ़िए… ‘हमारे पास भारत है’, नेतन्याहू ने जेडी वेंस को क्यों दिया ऐसा जवाब; भारत-इजराइल की ‘पक्की दोस्ती’ के पीछे की कहानी 5 जुलाई को इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- अमेरिका ही नहीं, बल्कि हमारे कुछ और दोस्त भी हैं। जैसे- 1.4 अरब आबादी वाला भारत। नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जवाब था। वेंस ने पिछले महीने कहा था कि ट्रम्प दुनिया के इकलौते ताकतवर देश के नेता हैं, जो इजराइल से सहानुभूति रखते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
नशा मुक्त एमपी पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस, कहा- इससे वर्तमान और भावी पीढ़ियां हो जाती हैं बर्बाद
प्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक चलेगा नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाना प्रदेशवासियों से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान को सफल बनाने की अपील भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने की अपील की है। प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान में हर संभव सहयोग प्रदान करने और अभियान को समर्थन देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में हमारी युवा शक्ति रचनात्मक भूमिका निभा रही है। सभी नागरिक भी विकासात्मक गतिविधियों से स्वयं को जोड़कर महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध कर रहे हैं। ऐसे में नशे की प्रवृत्ति समाज की विकास यात्रा पर कुठाराघात करती है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए कार्य कर रही है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नशे से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। राज्य सरकार ने हर तरह के नशे पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत की है। नशा नाश की जड़ है, जो वर्तमान और भावी पीढ़ियों को भी बर्बाद कर देता है। नशे से सभी प्रकार की रचनात्मकता और आगे बढ़ने की संभावनाओं पर कुठाराघात होता है, वर्तमान और भविष्य दोनों खराब होते हैं। नशा घरों-परिवारों तक को बर्बाद कर देता है। राज्य सरकार ने अपनी समस्त क्षमताओं के साथ प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान आरंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प तथा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णत: नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है। इस दिशा में जनभागीदारी के साथ निरंतर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद जैसी बड़ी लड़ाई में भी विजय प्राप्त की है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के विरूद्ध अभियान में भी सफल होगी। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल हमारे साथ हैं, हम नशा मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों और युवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
Weekly Horoscope July 2026: साप्ताहिक राशिफल आपको पहले से यह समझने में मदद करता है कि आने वाला सप्ताह करियर, नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन, प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहने वाला है। 13 जुलाई से 19 जुलाई 2026 के बीच के सप्ताह में कई महत्वपूर्ण ग्रह गोचर और ज्योतिषीय परिवर्तन होने की संभावना है, जिनका प्रभाव कुछ राशियों के लिए उन्नति और नई उपलब्धियों का कारण बन सकता है, आइए यहां जानें आपके लिए कैसा रहेगा पूरा सप्ताह... ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा साप्ताहिक राशिफल (13 जुलाई से 19 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आप किसी महत्वपूर्ण कार्य को बेहतरीन ढंग से पूरा कर पाएंगे। किसी पारिवारिक आयोजन की जिम्मेदारी संभालने में आपकी संगठन क्षमता सबको प्रभावित करेगी। किसी अनुभवी गुरु का साथ आपके शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है। परिवार के किसी छोटे सदस्य की उपलब्धि पूरे घर को गर्व और खुशियों से भर देगी। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति में सकारात्मक बदलाव लाएगी। प्रेम जीवन में रिश्ते आगे बढ़ सकते हैं और कुछ लोग अपने संबंध को नई दिशा देने का निर्णय ले सकते हैं। यह समय पुराने अधूरे काम निपटाने और आने वाले अवसरों की तैयारी करने के लिए भी अनुकूल है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: टरक्वॉइज़ वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) अचानक धन लाभ, बोनस या किसी अप्रत्याशित आय से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बेहतर स्वास्थ्य आपको फिटनेस के नए लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके विचारों का समर्थन करेंगे और आपको अपनी क्षमता साबित करने के अवसर देंगे। सामाजिक जीवन में प्रभावशाली लोगों से दोबारा जुड़ना भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। प्रेम जीवन में व्यस्तता को रिश्तों पर हावी न होने दें। खुशियां अचानक और अप्रत्याशित रूप से आपके जीवन में दस्तक दे सकती हैं। इस सप्ताह सकारात्मक बदलावों को खुले मन से स्वीकार करें और हर अच्छे पल का आनंद लें। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: लैवेंडर मिथुन (21 मई – 21 जून) आय में वृद्धि के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार के सदस्य आपके किसी नए कदम या उपलब्धि में पूरा सहयोग देंगे। मजबूत आर्थिक स्थिति आपको लंबे समय से टली हुई किसी बड़ी खरीदारी का अवसर दे सकती है। प्रेम जीवन में आपका आकर्षक व्यक्तित्व किसी खास व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। हालांकि, कार्यक्षेत्र में लापरवाही या काम टालने की आदत आपको मुश्किल में डाल सकती है, इसलिए समय पर निर्णय लेना जरूरी होगा। कोई नया खेल, जिम या फिटनेस गतिविधि आपके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आएगी। दोस्तों के साथ खरीदारी करते समय अनावश्यक खर्च से बचें। कुल मिलाकर, यह सप्ताह प्रगति और नए अवसरों से भरा रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: क्रिमसन कर्क (22 जून – 22 जुलाई) आर्थिक मामलों में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने में मददगार रहेगा। निजी जीवन में थोड़ी नीरसता महसूस हो सकती है, इसलिए रिश्तों में गर्मजोशी बनाए रखने का प्रयास करें। घरेलू मामलों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी होगा, अन्यथा वे आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में लंबित कार्यों को पूरा करने पर ध्यान दें, क्योंकि अभी की मेहनत भविष्य की परेशानियों से बचाएगी। सामाजिक जीवन में जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियां लेने से बचें। संतुलित और सोच-समझकर उठाए गए कदम पूरे सप्ताह आपको स्थिरता और शांति प्रदान करेंगे। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: नेवी ब्लू सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की आपकी पेशेवर पहल इस सप्ताह उत्साहजनक परिणाम दे सकती है। फिटनेस को लेकर बनाई गई नई योजना आपको पहले से अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस कराएगी। पढ़ाई के क्षेत्र में अपनी योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने से प्रदर्शन में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी भी दीर्घकालिक निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करना आवश्यक है। सामाजिक कार्यक्रमों में आपका आकर्षण लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा। जो लोग प्रेम की तलाश में हैं, उनके जीवन में कोई नया रिश्ता दस्तक दे सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात सुखद यादों को ताजा करेगी। कुल मिलाकर, यह सप्ताह ऊर्जा, उत्साह और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: रोज़ी ब्राउन कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता और समय प्रबंधन की क्षमता आपको निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने में मदद करेगी। आर्थिक रूप से रुका हुआ धन या बकाया राशि मिलने से स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में साथी का बढ़ता सहयोग और अपनापन रिश्ते को और मधुर बनाएगा। परिवार के बड़े सदस्य किसी नए विचार का शुरू में विरोध कर सकते हैं, लेकिन समझदारी से बात करने पर उनका समर्थन मिल जाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। जीवनशैली में किया गया सकारात्मक बदलाव आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: सी ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) कार्यस्थल पर आपका विनम्र और समझदारी भरा व्यवहार सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करेगा। घर की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी से परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत यात्रा या छुट्टी की योजना बन सकती है, जिससे रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। नए कौशल सीखना आपको प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने में मदद करेगा। सामाजिक जीवन में किसी ऐसे व्यक्ति के साथ तालमेल बिठाना, जिससे आपकी ज्यादा नहीं बनती, आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। स्वादिष्ट भोजन और नई चीजों का आनंद लेने के अवसर मिलेंगे। इस सप्ताह अनावश्यक विवादों से बचने के लिए सादगी और संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: ऑरेंज वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आपका आत्मविश्वास और कार्यकुशलता महत्वपूर्ण लोगों की प्रशंसा दिला सकती है। जीवनसाथी का कठिन समय में साथ देने से रिश्तों में भावनात्मक मजबूती आएगी। किसी कानूनी मामले पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या में पारंपरिक उपचार या वैकल्पिक चिकित्सा से लाभ मिलने की संभावना है। किसी कार्यक्रम के आयोजन में आपकी रचनात्मकता सबको प्रभावित करेगी। पारिवारिक जीवन सुखद और संतोष देने वाला रहेगा। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: पीच धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) अचानक धन लाभ या कोई लाभदायक अवसर आपके सप्ताह को खास बना सकता है। करियर में अच्छे अवसर और बेहतर स्वास्थ्य आपको पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के आपके प्रयास रिश्तों को और मजबूत करेंगे। पढ़ाई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी भावना आपकी प्रतिभा को निखारेगी। अपने करियर से जुड़ी योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचें, क्योंकि कुछ लोग बाधाएं पैदा कर सकते हैं। आप किसी करीबी व्यक्ति को अपनी सोच के साथ जोड़ने में सफल हो सकते हैं। किसी सुंदर और आकर्षक स्थान की यात्रा की योजना भी बन सकती है, जो आपको खुशी और नई ऊर्जा देगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लेमन मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) किसी नए समझौते या सौदे से आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। हाल ही में मिली शैक्षणिक सफलता आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। प्रेम जीवन में साथी का बिना शर्त समर्थन आपके रिश्ते में गर्मजोशी और खुशियां लेकर आएगा। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता आपको अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आपको लोगों के साथ अधिक जुड़ने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की आवश्यकता होगी। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: व्हाइट कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) परिवार के किसी प्रिय सदस्य की शैक्षणिक सफलता इस सप्ताह आपके लिए गर्व और खुशियों का कारण बनेगी। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण कार्य को सटीकता से पूरा करने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और उधार दिया गया धन अपेक्षा से पहले वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार रवैया आपको अच्छे परिणाम देगा। प्रेम संबंधों में किए गए प्रयास सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे। जो लोग परिवार से दूर रह रहे हैं, उन्हें अपनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। दोस्तों के साथ लंबी ड्राइव या घूमने-फिरने की योजना मन को तरोताजा कर देगी। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गोल्डन ब्राउन मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) यह सप्ताह नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है, क्योंकि पेशेवर सफलता के प्रबल संकेत हैं। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अधूरा पड़ा कोई काम आसानी से पूरा हो सकता है, जिससे संतोष मिलेगा। कार्यस्थल पर प्रेम संबंधों की शुरुआत कुछ लोगों के लिए रोमांचक अनुभव बन सकती है। परिवार के बड़े सदस्यों से मुलाकात आपको भावनात्मक सुख और संतोष देगी। लंबी यात्रा सुखद और यादगार साबित हो सकती है। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से नए लोगों से जुड़ने और पहचान बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नियमित दिनचर्या और अनुशासन आपको पूरे सप्ताह ऊर्जावान बनाए रखेंगे। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: डार्क स्लेट ग्रे ALSO READ: शनि की उल्टी चाल: 138 दिनों तक मीन राशि में वक्री रहेंगे शनिदेव, जानें अपनी राशि का हाल
Ashadhi Ekadashi Pandharpur Yatra: महाराष्ट्र की धरती जब 'जय जय राम कृष्ण हरि' और 'माउली-तुकाराम' के जयघोष से गुंजायमान होने लगती है, तो समझ लीजिए कि 'वारकरी संप्रदाय का कुंभ' यानी पंढरपुर वारी शुरू हो चुकी है। यह महज एक पैदल यात्रा नहीं, बल्कि भगवान विठोबा (श्री कृष्ण के स्वरूप) के प्रति अटूट प्रेम, समानता और असीम श्रद्धा का ऐसा समंदर है, जिसमें हर साल लाखों भक्त गोता लगाते हैं। आइए, इस अनूठी आध्यात्मिक यात्रा के इतिहास, महत्व और इस साल के सफर को एक नए अंदाज में समझते हैं। कब से कब तक: वर्ष 2026 का भक्ति मार्ग यह एक बेहद अनुशासित 21 दिवसीय पैदल यात्रा होती है, जो महाराष्ट्र के अलग-अलग कोनों से शुरू होकर आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के दिन पंढरपुर पहुंचकर संपन्न होती है। साल 2026 में इस महायात्रा का पूरा शेड्यूल कुछ इस तरह है: 7 जुलाई (देहू से प्रस्थान): भक्ति के सफर की शुरुआत हुई, जब संत तुकाराम महाराज की पावन पालकी ने देहू से पंढरपुर के लिए कदम बढ़ाए। 8 जुलाई (आलंदी से प्रस्थान): ज्ञान और भक्ति के संगम के साथ संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी ने आलंदी से अपनी यात्रा शुरू की। 23 जुलाई (वाखरी मिलन): अलग-अलग रास्तों से आ रही दोनों मुख्य पालकियां वाखरी नामक स्थान पर पहुंचकर एक-दूसरे से मिलेंगी। 24 जुलाई (पंढरपुर आगमन): लाखों वारकरियों का यह हुजूम भगवान विठोबा की नगरी पंढरपुर की सीमा में प्रवेश करेगा। 25 जुलाई (आषाढ़ी एकादशी महा-संगम): आषाढ़ी एकादशी के पावन मौके पर चंद्रभागा नदी के तट पर विट्ठल दर्शन के साथ इस 21 दिनों की कठिन और आनंदमयी पैदल यात्रा का समापन होगा। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा: क्या गुफा में आज भी दिखाई देते हैं 2 अमर कबूतर? जानें पूरा रहस्य क्यों निकाली जाती है यह वारी? पंढरपुर वारी का मूल मंत्र है- 'भक्ति, समानता और सामाजिक समरसता'। वारकरी संप्रदाय में मान्यता है कि इस पैदल यात्रा को करने से मनुष्य को मोक्ष और भगवान विठोबा का साक्षात आशीर्वाद मिलता है। इस यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ कोई अमीर नहीं, कोई गरीब नहीं, न कोई जाति भेद है और न ही कोई सामाजिक ऊंच-नीच। कंधे पर भगवा ध्वज, गले में तुलसी की माला और हाथों में मंजीरे लिए लाखों लोग जब एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो यह नजारा जीवंत 'भक्ति आंदोलन' का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाता है। भक्त अपने प्रिय संतों के पदचिह्नों पर चलते हुए उनके 'अभंग' (भक्ति गीत) गाते हैं, जो हर थकान को पल भर में दूर कर देता है। वारी का गौरवशाली इतिहास: 800 बरसों की अटूट परंपरा पंढरपुर वारी का इतिहास 800 साल से भी अधिक पुराना और समृद्ध है। इस महान परंपरा की नींव 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर महाराज ने रखी थी, जिन्होंने सबसे पहले आलंदी से पंढरपुर तक की पैदल यात्रा शुरू की थी। आगे चलकर इस भक्ति मार्ग को और सुदृढ़ किया संत तुकाराम महाराज ने, जिन्होंने देहू से अपनी पालकी यात्रा की शुरुआत की। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम इन संत-कवियों ने अपनी सरल और हृदयस्पर्शी कविताओं (अभंगों) के जरिए भगवान के प्रति प्रेम को महलों से निकालकर आम जनता के दिलों तक पहुंचाया। समय बदलता गया, लेकिन यह परंपरा रुकी नहीं। आज यह यात्रा महाराष्ट्र की संस्कृति, लोक-कला और सामाजिक ताने-बाने की धड़कन बन चुकी है, जो हर साल लाखों इंसानों को जात-पात से ऊपर उठाकर केवल एक 'भक्त' के धागे में पिरो देती है।
मध्य प्रदेश में लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन? जानें वायरल दावे की सच्चाई
रतलाम डीआरएम ने वायरल दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि मालगाड़ी (लोको नंबर 27237/27600) को तय इंजीनियरिंग कार्य के चलते राऊ होम सिग्नल पर रोका गया था.
FIFA WC: गोल्डन बूट की रेस में अब एमबाप्पे आए मेस्सी के बराबर
काइलियन एमबाप्पे फ्रांस की विश्वकप क्वार्टर फाइनल में मोरक्को पर 2-0 की जीत से ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर पहुंच गए हैं।इन दोनों खिलाड़ियों ने मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक आठ आठ गोल किए हैं। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को मिलने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में सबसे आगे हैं। एमबाप्पे ने हालांकि तीन गोल करने में मदद की है, जबकि मेस्सी ने एक बार ही ऐसा किया है। इस कारण से एमबाप्पे को अंकतालिका में मेस्सी से आगे रखा गया है।एमबाप्पे विश्व कप के अपने करियर में अब तक 20 गोल कर चुके हैं और वह मेस्सी के रिकॉर्ड 21 गोल से केवल एक गोल पीछे हैं। ‘गोल्डन बूट’ हासिल करने की दौड़ में इन दोनों को नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड (सात गोल), इंग्लैंड के हेरी केन (छह) और फ्रांस के ओस्मान डेम्बले (पांच) से कड़ी चुनौती मिल रही है।गौरतलब है कि फ्रांस और अर्जेंटीना टूर्नामेंट की गत उपविजेता और विजेता टीम है। ऐसे में अगर एक बार और फाइनल इन दो टीमों के बीच हो जाता है तो दोनों को अंतिम मैच में अपने गोल में सुधार करने का मौका मिलेगा। The race for the Golden Boot is heating up! pic.twitter.com/FEoZokrHeR — BBC Sport (@BBCSport) July 9, 2026 फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।
'रामायणम्' का मेगा स्कूल कैंपेन शुरू, 400 से ज्यादा स्कूलों में नई पीढ़ी से जुड़ रही है महागाथा
एक खास सांस्कृतिक पहल के तहत 'रामायणम्' की टीम 9 जुलाई से देशभर में बड़े स्तर पर एक स्कूल कैंपेन शुरू करने जा रही है। इसका मकसद भारत के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' की भावना, उसके मूल्यों और विरासत को सीधे देश के बच्चों तक पहुंचाना है। बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस कैंपेन को 18 शहरों के 400 से ज्यादा स्कूलों में चलाया जाएगा और इसके जरिए 5 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पहल के तहत बच्चे 'रामायण' से जुड़ी कई खास गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इनमें ड्रॉइंग, क्रिएटिव एक्टिविटीज, क्विज प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव डिस्कशन शामिल हैं। ALSO READ: राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अपने परिवार के साथ मिलकर 'रामायणम्' को समझने और उससे जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह पहल बच्चों और उनके माता-पिता के बीच 'रामायणम्' की कहानियों, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बातचीत को भी बढ़ावा देगी। हमारा सत्य। हमारा इतिहास। की सोच पर आधारित इस कैंपेन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भागीदारी, रचनात्मकता और कहानी कहने के जरिए 'रामायण' से जोड़ना है। यह पहल 'रामायणम्' की रिलीज से पहले की बड़ी तैयारियों का अहम हिस्सा है। फिल्ममेकर नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा इस भारतीय महाकाव्य को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। दो भागों में बनने वाली 'रामायण' का पहला भाग एक भव्य सिनेमाई अनुभव होगा, जो भारत की सबसे पूजनीय कहानियों में से एक को बड़े पैमाने, भावनाओं और शानदार विजुअल्स के साथ दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाएगा। स्कूल कैंपेन पर बात करते हुए 'रामायणम्' के मेकर्स ने कहा, रामायण पीढ़ियों से अपनी कहानियों, मूल्यों और यादों के जरिए लोगों के बीच जिंदा रही है। इस स्कूल आउटरीच पहल के जरिए हमारी कोशिश इस विरासत को बच्चों तक एक दिलचस्प और आसान तरीके से पहुंचाने की है। जैसे-जैसे हम 'रामायणम्' को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि बच्चे इसे सिर्फ एक पौराणिक कहानी के तौर पर न देखें, बल्कि साहस, कर्तव्य, प्रेम और धर्म की ऐसी कहानी के रूप में महसूस करें, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह स्कूल कैंपेन बच्चों को 'रामायण' की दुनिया से जुड़ने का एक खास और सार्थक मौका देने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही, इसका मकसद भारत की संस्कृति में 'रामायण' की अहम जगह का जश्न मनाना भी है। कई शहरों में चलाए जाने वाले इस अभियान से बड़े स्तर पर बच्चों की भागीदारी की उम्मीद है और फिल्म की रिलीज से पहले युवाओं के बीच इसके लिए मजबूत जुड़ाव बनाने की कोशिश की जाएगी। दुनिया के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक 'रामायण' से प्रेरित नितेश तिवारी की 'रामायणम्' इसके कालजयी जज्बात और भव्यता को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने के लिए तैयार है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी सीता की भूमिका निभाएंगी। वहीं, रॉकिंग स्टार यश रावण के किरदार में दिखेंगे। सनी देओल हनुमान की भूमिका निभाएंगे और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' को नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, 8 बार ऑस्कर जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस कर रही है। यह दो भागों में बनने वाली फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज होगी। इसका पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा।
12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी
नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .
चेक बाउंस केस: राजपाल यादव फिर जाएंगे सलाखों के पीछे! कोर्ट ने सुनाई 3 महीने जेल की सजा
अपनी बेहतरीन कॉमेडी से दर्शकों को गुदगुदाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव कानूनी पचड़े में बुरी तरह फंस गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजपाल यादव और अन्य द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सभी पुनरीक्षण याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। यह फैसला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया। ALSO READ: राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार यह मामला कुल 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों से जुड़ा हुआ है, जो 'मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा दर्ज कराए गए थे। हाईकोर्ट ने इससे पहले 2 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के कई असफल प्रयासों के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि राजपाल यादव को अदालत द्वारा समझौता करने और शिकायतकर्ता को भुगतान करने के कई सुनहरे मौके दिए गए थे। उन्होंने और उनके वकील ने अदालत में कई बार आश्वासन और अंडरटेकिंग दिए, लेकिन वे हर बार अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने कहा कि किसी खास बैकग्राउंड या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण किसी व्यक्ति को विशेष रियायत नहीं दी जा सकती। इसी वजह से कोर्ट ने उन्हें 'प्रोबेशन' का लाभ देने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने भले ही राजपाल यादव की पुरानी 6 महीने की जेल की सजा को घटाकर 3 महीने कर दिया हो, लेकिन उन पर और उनके परिवार पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाया है। राजपाल यादव को सभी 7 मामलों में 3-3 महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है, जो एक साथ चलेगी। अभिनेता को प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए हर मामले में शिकायतकर्ता को 5 लाख से अधिक की राशि देने का आदेश दिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि, राहत के तौर पर हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 2 महीने का समय दिया है। तब तक के लिए सजा के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजपाल यादव द्वारा अंतरिम राहत के दौरान पहले से जमा की जा चुकी करीब 2.25 करोड़ रुपए की राशि को अंतिम देय राशि में एडजस्ट किया जाएगा। फिल्म फ्लॉप होने से शुरू हुआ था विवाद इस पूरे विवाद की जड़ें एक कमर्शियल लोन से जुड़ी हैं। राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के प्रोडक्शन और निर्देशन के लिए यह मोटी रकम कर्ज के तौर पर ली थी। लेकिन वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिससे अभिनेता को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा। इस नुकसान के बाद जब उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए चेक जारी किए, तो वे बैंक में बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया।
इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स
ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो। HISTORY WIRTTEN IN BRISTOL. - India lose a T20i series against England for the first time ever of 2+ matches. - India lose their first bilateral series against England since 2019. - India lose back to back T20i series for the first time since 2019. pic.twitter.com/uFhy6IQQJP — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 9, 2026 ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।
राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अक्षय कुमार हुए चिंतित, बोले- जल्दी ठीक हो जा यार
बॉलीवुड के फेमस एक्टर राजेश शर्मा इस समय कोलकाता के एक निजी अस्पताल में गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं। हैदराबाद की रामोजी फिल्मसिटी में सुपरस्टार प्रभास की आगामी फिल्म के सेट पर राजेश शर्मा को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। राजेश शर्मा की इस गंभीर हालत को देखकर उनके बेहद करीबी दोस्त और को-स्टार अक्षय कुमार काफी भावुक हो गए हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। अक्षय कुमार ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर राजेश शर्मा के साथ एक खुशनुमा पुरानी तस्वीर साझा की। Very concerned to hear about my dear friend Rajesh’s health condition after an insect bite while shooting. Hope Mahadev blesses him with fast and complete recovery. Jaldi theek ho ja yaar, abhi saath baith ke bhot hansna hai. pic.twitter.com/n8yH6IYxKH — Akshay Kumar (@akshaykumar) July 9, 2026 इस तस्वीर के साथ अक्षय ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा, शूटिंग के दौरान एक कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सुनकर बेहद चिंतित हूं। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने का आशीर्वाद देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठ के बहुत हंसना है। बता दें कि अक्षय और राजेश शर्मा की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। दोनों ने स्पेशल 26, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, लक्ष्मी और भूत बंगला जैसी कई बड़ी फिल्मों में एक साथ काम किया है। ALSO READ: बाथटब में सनी लियोनी का सिज़लिंग अवतार, तस्वीरों ने इंटरनेट पर लगाई आग एक मामूली डंक बना जानलेवा पारिवारिक सूत्रों और अभिनेत्री सुदीपा चटर्जी द्वारा जारी किए गए शुरुआती बयान के अनुसार, यह घटना हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में पैक-अप के बाद हुई। शूटिंग खत्म होने के बाद राजेश शर्मा घने पेड़ों और झाड़ियों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें पैर में किसी कीड़े के काटने का अहसास हुआ। शुरुआत में इसे एक सामान्य बात समझकर उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और तुरंत कोई डॉक्टरी इलाज नहीं लिया। करीब छह घंटे बीतने के बाद उनके दाहिने पैर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। हवाई सफर के दौरान राजेश शर्मा को तेज बुखार आ गया और वे बेहद बेचैन हो गए। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें तुरंत ढाकुरिया स्थित मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमण उनके पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक बहुत तेजी से फैल गया है और प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले हो गए हैं। उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है और डॉक्टरों की टीम उन पर 24 घंटे नजर रख रही है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें AICWA की तेलंगाना के CM से जांच की मांग इस घटना ने फिल्म सेट्स पर काम करने वाले कलाकारों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है।
प्राचीन भारतीय लोकतंत्र बनाम आधुनिक लोकतंत्र: जस्टिस मार्कंडेय काटजू का लेख
जस्टिस मार्कंडेय काटजू के इस विश्लेषण को जानें कि कैसे प्राचीन भारतीय गणराज्यों ने एकता को बढ़ावा दिया, और उनकी तुलना जाति और धार्मिक ध्रुवीकरण पर आधारित आधुनिक लोकतंत्र से करें।
गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल
गुरुग्राम। हरियाणा में गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में पुलिस और गैंगस्टर दीपक नांदल गिरोह के बदमाशों के बीच हुई गुरुवार रात भीषण मुठभेड़ में चार शार्प शूटर मारे गए, जबकि एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली लगने से एक सहायक उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी भी […] The post गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत
बीजिंग। चीन के जिंजियांग शहर में एक जूता कारखाने में भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। यह विनाशकारी आग गुरुवार को हुइतेंग फुटवियर कारखाने में लगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार जब आग भड़की तब कारखाने के भीतर लगभग 240 लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही 500 से अधिक […] The post चीन के एक जूता कारखाने में आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस
आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’ अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ The conversation between coach Gautam Gambhir and Captain Iyer after every Match pic.twitter.com/iryRGpB41J — RISHABH17FAN (@ARJUNkaPANT) July 9, 2026 अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’
पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार रात पूर्व तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सदस्यों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में […] The post पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित appeared first on Sabguru News .
अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म करके उसे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत तीन जुलाई की रात करीब 11 बजे की है जब महिला अपने पीहर में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात […] The post अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका appeared first on Sabguru News .
अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक
मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने […] The post अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .
'बाहुबली: द बिगिनिंग' के 11 साल: प्रभास की आवाज़ में गूंजते ये डायलॉग आज भी हैं सुपरहिट
प्रभास स्टारर 'बाहुबली- द बिगिनिंग' भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की एक बेहद सफल और यादगार फिल्मों में से एक है। इस सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म को रिलीज हुए अब 11 साल हो गए है। ये फिल्म आज ही के दिन यानी 10 जुलाई 2015 को रिलीज़ हुई थी और भारतीय सिनेमा में एक इतिहास रच दिया था। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली ने किया हैं। इस मैग्नम ओपस ने प्रभास को एक पैन इंडिया स्टार बना दिया और बाद में उनके प्रशंसकों ने उन्हें एक ग्लोबल सेंसेशन बना दिया। फिल्म में सुपरस्टार प्रभास ने सहजता के साथ अमरेंद्र और महेंद्र बाहुबली का डबल रोल प्ले किया और अपने जीवन के 5 से 6 साल बाहुबली यूनिवर्स के नाम कर दिया और जिसका नतीजा जबरदस्त था। ALSO READ: उत्तराखंड के ऐतिहासिक टनल रेक्स्यू पर फिल्म 'सिल्कयारा 41' लेकर आ रहे आमिर खान, कबीर खान करेंगे निर्देशन इस दौरान अपने काम के लिए सुपरस्टार का अनुशासन, समर्पण और जुनून वास्तव में तब रंग लाया, जब ये फिल्म रिलीज हुई और ग्लोबल एंटरटेनमेंट स्पेस में नए स्टैंडर्ड्स सेट करते हुए एक बड़ी ग्लोबल ब्लॉकबस्टर बन गई। इसके अलावा, प्रभास ने इस फिल्म से जो स्टारडम हासिल किया वह भी कमाल का है। इस सिनेमाई मास्टर पीस के ग्लोरियस 11 साल पूरे होने के मौके पर, आइए प्रभास के उन एपिक डायलॉग्स पर एक नज़र डालते हैं जो दर्शकों को आज भी अपना दीवाना बना लेते है। औरत पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते… काट ते हैं तो गाला ये डायलॉग उस आइकोनिक सीन के दौरान बोला गया था, जहां प्रभास एक विशाल हॉल में अपनी ऑन-स्क्रीन पत्नी (अनुष्का शेट्टी) का बचाव करते हुए अपराधी का सिर काटते हैं। समय हर कायर को अपनी बहादुरी दिखाने का एक मौका जरूर देता है… यही वो क्षण है वह इंस्पायरिंग पल जब प्रभास अकेले ही एक बड़े दुश्मन से लोहा लेते हैं और इस लाइन को पढ़कर कुमार वर्मा को प्रेरित करते हैं। देवी मां की प्यास बुझाने के लिए एक निर्बल की बाली क्यों, मेरा उमड़ता हुआ रक्त समर्पित हैं युद्ध के मैदान में विशाल दुश्मन से मुकाबला करने से पहले, प्रभास उर्फ बाहुबली राज्य की परंपरा को चुनौती देते हैं, जिससे सभी इस सीन और दमदार डायलॉग के दीवाने हो जाते हैं। क्या है मृत्यु… हमारे हाथों से शत्रु का मर जाना ये सोचना है मृत्यु… रणभूमि में शत्रु से भयभीत होकर जीवित रहना है मृत्यु? युद्ध के मैदान में अपनी बटालियन के गिरते मनोबल को देखते हुए, प्रभास ने यह प्रभावशाली डायलॉग कहा था, जिसने उनमें हिम्मत, वीरता और दुश्मन से मुकाबला करने की ताकत पैदा की। अपने हाथों को हथियार बना लो... अपनी सांसों को आंधियों में बदल दो... हमारा खून ही महान सेना है प्रभास उर्फ बाहुबली अपने मामा कटप्पा के साथ दुश्मन से मुकाबला करने से पहले अपनी सेना को प्रेरित करते हैं!
Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र
Ten Mahavidyas Mantra: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान आदिशक्ति के दस महाविद्या स्वरूपों की उपासना करने से साधक को आध्यात्मिक उन्नति, आत्मबल, भय से मुक्ति और विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। प्रत्येक महाविद्या का अपना विशिष्ट स्वरूप, महत्व और बीज मंत्र है। श्रद्धा, शुद्धता और गुरु के मार्गदर्शन में इनकी साधना करना सर्वोत्तम माना गया है। यदि आप भी इस गुप्त नवरात्रि अपनी किसी खास मनोकामना को पूरा करना चाहते हैं, तो तिथियों के अनुसार इन 10 देवियों की पूजा और उनके विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण आइए यहां जानते हैं आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्या और उनके मंत्र किस दिन होगी किस देवी की साधना? गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों में देवियों की आराधना का एक खास क्रम होता है। आइए जानते हैं किस दिन आपको किस महाशक्ति की पूजा करनी है: पहला दिन: मां काली की साधना दूसरा दिन: मां तारा और मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा तीसरा दिन: मां भुवनेश्वरी की आराधना चौथा दिन: मां छिन्नमस्ता की साधना पांचवां दिन: मां त्रिपुरभैरवी की पूजा छठा दिन: मां धूमावती की आराधना सातवां दिन: मां बगलामुखी की साधना आठवां दिन: मां मातंगी की पूजा नौवां दिन: मां कमला की पूजा जानें 10 महाविद्याएं और उनके अचूक सिद्ध मंत्र ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? इन दिव्य मंत्रों का जाप शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करने से आप चमत्कारिक फल पा सकते हैं। काली : ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।अथवा ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा। तारा : ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्। त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:। भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं। छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:। त्रिपुरभैरवी : ह स: हसकरी हसे।' धूमावती : धूं धूं धूमावती ठ: ठ:। बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:। मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:। कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:। जानें गुप्त नवरात्रि की 10 देवियों के नाम- 1. काली, 2. तारा, 3. त्रिपुरसुंदरी, 4. भुवनेश्वरी, 5. छिन्नमस्ता, 6. त्रिपुरभैरवी, 7. धूमावती, 8. बगलामुखी, 9. मातंगी, 10. कमला। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 5 खास बातें और महत्व
लखनऊ की दो बहनों ने कैसे रची संस्कृति से गेम की दुनिया
लखनऊ की दो बहनों ने भारतीय कला और संस्कृति से प्रेरित एक कार्ड गेम बनाया जिसे 40 से ज्यादा देशों के लोगों ने पसंद किया। उनकी कहानी बताती है कि संस्कृति केवल विरासत नहीं बल्कि रचनात्मक उद्यम का जरिया भी बन सकती है।
आमिर खान प्रोडक्शंस (भारत), माइंड ब्लोइंग फिल्म्स (ऑस्ट्रेलिया) और कबीर खान फिल्म्स ने 'सिल्कयारा 41' की घोषणा की है। यह फिल्म उत्तराखंड के सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन और इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर टनलिंग एक्सपर्ट और ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय हीरो अर्नोल्ड डिक्स की अहम भूमिका से प्रेरित है। फिल्म की कहानी ऑस्ट्रेलिया के चर्चित स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्टासियोस ('द वॉटर डिवाइनर') ने लिखी है और इसका निर्देशन पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्ममेकर कबीर खान करेंगे। यह फिल्म भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक खास सहयोग का उदाहरण है, जो दोनों देशों की रचनात्मक ताकत, कहानी कहने की परंपरा और प्रोडक्शन एक्सपर्टीज को एक साथ लेकर आएगी। ALSO READ: 'बंटवारा 1947' में गूंजेगी सोनू निगम की आवाज, ए.आर. रहमान ने शेयर किया बड़ा अपडेट यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रिश्तों को और मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में 'सिल्कयारा 41' सहयोग, साझा मूल्यों और इंसानी जज्बे की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। आमिर खान प्रोडक्शंस के संस्थापक और निर्माता आमिर खान ने कहा, माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस खास सहयोग की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। सिल्कयारा टनल रेस्क्यू की कहानी ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। यह मुश्किल हालात में साहस, जज्बे, सूझबूझ और इंसानियत की कहानी है। आमिर ने कहा, हमें खास तौर पर खुशी है कि हम इसकी घोषणा ऐसे ऐतिहासिक दिन पर कर रहे हैं, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह भी खास बात है कि हमारे दोनों देश मिलकर ऐसी फिल्म बना रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज्बे की जीत की कहानी को सामने लाती है।
सनातन धर्म की सर्वप्रमुख और पवित्र नगरी हरिद्वार (Haridwar) से एक ऐसा शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। मां गंगा के सबसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों में से एक, वीआईपी घाट (VIP Ghat) इन दिनों एक बेहद फूहड़ विवाद की वजह से देश भर में चर्चा का विषय बन गया है।जहां देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु मोक्ष, आत्मिक शांति और आस्था की डुबकी लगाने आते हैं, वहां तेज आवाज में बज रहे अश्लील गानों पर बार बालाओं के डांस का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थनगरी के साधु-संतों, पुरोहितों और विभिन्न धार्मिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।किसानों के महाकुंभ में मर्यादा तार-तार: क्या है पूरा मामला?यह पूरा बखेड़ा ‘किसानों का महाकुंभ’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान खड़ा हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य: इस मंच को किसानों की गंभीर समस्याओं, उनकी फसलों के उचित दाम और उनके अधिकारों पर चर्चा करने के लिए सजाया गया था।मनोरंजन का फूहड़ तड़का: स्थानीय लोगों और इनपुट्स के अनुसार, कार्यक्रम में भीड़ जुटाने या मनोरंजन के नाम पर आयोजकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। गंभीर और वैचारिक मुद्दों पर बात होने के बजाय अचानक मंच पर डांसरों के अश्लील ठुमके लगने लगे।बना विवाद का कारण: जिस पावन गंगा तट पर सुबह-शाम मंत्रोच्चार, शंखनाद और पावन गंगा आरती की गूंज होनी चाहिए, वहां लाउडस्पीकर पर फूहड़ बॉलीवुड गाने बज रहे थे। किसी जागरूक नागरिक ने इस पूरे कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह विवाद पूरे देश में फैल गया।संतों का भारी आक्रोश: हरिद्वार कोई पिकनिक स्पॉट नहीं हैवीडियो के वायरल होते ही हरिद्वार की सर्वोच्च संस्था गंगा सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय अखाड़ों के साधु-संतों में भारी उबाल देखने को मिल रहा है। संतों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार बताया है।संतों का कड़ा संदेश: वीआईपी घाट जैसे अति-संवेदनशील और पूजनीय स्थान पर इस तरह की फूहड़ता फैलाना अक्षम्य अपराध है। हरिद्वार एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र है, कोई पिकनिक स्पॉट नहीं। घाटों पर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर धर्मनगरी की वैश्विक छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश की जा रही है, जिसे हिंदू समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।पुलिस और जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई की तैयारीसाधु-संतों और धार्मिक संगठनों के बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच उत्तराखंड का जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है।1.लिखित शिकायत और मांग:कदम 1.धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।2.अनुमति की जांच:कदम 2.प्रशासन इस बात की गंभीरता से जांच कर रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील और पवित्र घाट पर इस प्रकार के फूहड़ सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने और किन शर्तों पर दी थी।3.वायरल वीडियो से पहचान:कदम 3.हरिद्वार पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आयोजकों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में कोई भी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त निर्देशों के तहत तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा घाटों पर गश्त और सख्त गाइडलाइंस लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
बुढ़ापा जीवन का वह पड़ाव होता है जहां इंसान को आराम और अपनों के साथ की जरूरत होती है। लेकिन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) से एक ऐसा दिल झकझोर देने वाला और प्रेरणादायक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह कहानी है लगभग 80 वर्ष के रवींद्रनाथ सरकार की, जो इस उम्र में भी जब उनका शरीर उनके इरादों का साथ नहीं देता, हर सुबह अपनी पीली टैक्सी का स्टीयरिंग व्हील थाम लेते हैं।वे ऐसा किसी बड़े बिजनेस या शौक के लिए नहीं, बल्कि घर का गुजारा करने और अपनी 67 साल की बीमार पत्नी की दवाइयों का खर्च उठाने के लिए करते हैं।रोजाना 16 घंटे का कड़ा संघर्ष: बिना छुट्टी किराए की टैक्सीसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर चैताली बोस नाम की एक यूजर द्वारा शेयर किए गए इस भावुक वीडियो ने देखते ही देखते हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।52 सालों का सफर: रवींद्रनाथ सरकार पिछले लगभग 52 वर्षों से कोलकाता की सड़कों पर टैक्सी चला रहे हैं।कठिन दिनचर्या: वे रोजाना सुबह 6 बजे घर से निकलते हैं और रात 11 बजे तक (करीब 16 घंटे) लगातार गाड़ी चलाते हैं।किराए का बोझ: सबसे दर्दनाक बात यह है कि वे जो टैक्सी चलाते हैं, वह उनकी अपनी नहीं बल्कि किराए की है। अगर किसी दिन उन्हें एक भी सवारी न मिले या वे एक रुपया भी न कमा पाएं, तब भी उन्हें जेब से टैक्सी का दैनिक किराया मालिक को चुकाना ही पड़ता है।बीमारियों की मार और टपकती छत का आशियानाइस बुजुर्ग जोड़े की कोई संतान नहीं है जो इस उम्र में उनका सहारा बन सके। दोनों अकेले ही जिंदगी की इस जंग को लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सेहत की दिक्कतें इस संघर्ष को और भी ज्यादा दर्दनाक बना देती हैं:ईमानदारी की मिसाल: चैताली बोस ने वीडियो में बताया कि इतनी आर्थिक तंगहाली और बीमारियों के बावजूद, रवींद्रनाथ सरकार अपनी सवारी से कभी भी ज्यादा पैसे नहीं मांगते। वे मीटर या ईमानदारी के हिसाब से उतना ही किराया लेते हैं, जितना वे सही समझते हैं।रहने के हालात बेहद मुश्किल: यह बुजुर्ग जोड़ा कोलकाता के दम दम (Dum Dum) इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक बेहद छोटे से टीन के घर में रहता है। मानसून के इस मौसम में जब कोलकाता में भारी बारिश हो रही है, उनके घर की छत लगातार टपकती है। पूरा पानी घर के अंदर आ जाता है, लेकिन तंगहाली के कारण इस छत की मरम्मत करवाना भी उनके बजट से बाहर है।सोशल मीडिया पर उमड़ा मदद का सैलाब: यूजर्स ने उठाई पेंशन की मांगवीडियो के अंत में चैताली बोस ने देशवासियों और कोलकाता के स्थानीय लोगों से इस स्वाभिमानी बुजुर्ग जोड़े की मदद के लिए आगे आने की भावुक अपील की है। इस क्लिप के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों की अलग-अलग और दिल छू लेने वाली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:स्वाभिमान को सलाम: एक यूजर ने लिखा, ऐसे मुश्किल हालात में कई लोग भीख मांगने पर मजबूर हो जाते हैं, लेकिन यह बुजुर्ग इस उम्र में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिन लोगों ने पूरी जिंदगी सम्मान के साथ काम किया है, उन्हें बुढ़ापे में ऐसे संघर्ष नहीं करना चाहिए। दया कोई दान नहीं, हमारा फर्ज है।पेंशन नियमों में बदलाव की मांग: एक अन्य नागरिक ने नीतिगत बदलावों का सुझाव देते हुए लिखा कि सरकार को सक्षम महिलाओं की योजनाओं की राशि को संतुलित कर ऐसे लाचार और अक्षम बुजुर्गों के लिए बुढ़ापा पेंशन (Old Age Pension) की रकम को बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में काम करने की क्षमता खत्म हो जाती है और दवाइयों का खर्च बहुत ज्यादा होता है।यदि आप भी कोलकाता या इसके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं, तो दम दम रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले रवींद्रनाथ सरकार की टैक्सी में सफर करके या सीधे तौर पर उनकी टपकती छत को ठीक करवाकर इस सावन में पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (10 जुलाई, 2026)
मेष राशि (Aries) Today 10 July 2026 horoscope in Hindi : करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपको भाग्य का साथ मिलेगा। अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। टीम के सदस्यों के साथ आपका तालमेल बेहतरीन रहेगा। लव: प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। शादीशुदा जातक जीवनसाथी के साथ डिनर या मूवी का प्लान बना सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सुख-सुविधा और सौंदर्य से जुड़ी चीजों पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। आज आप मानसिक रूप से काफी शांति और खुशी महसूस करेंगे। उपाय: माता लक्ष्मी को मिश्री और मखाने का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope 06 to 12 July 2026: 06 से 12 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल वृषभ राशि (Taurus) करियर: व्यापार में नई डील हो सकती है। आज का दिन कला, फैशन, मीडिया और ग्लैमर से जुड़े लोगों के लिए बंपर सफलता लेकर आएगा। लव: पार्टनर के साथ आपके रिश्ते और मजबूत होंगे। सिंगल लोगों की लाइफ में किसी खास व्यक्ति का आगमन हो सकता है। धन: धन लाभ के नए स्रोत खुलेंगे। पुराना किया गया कोई निवेश आज बड़ा मुनाफा दे सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। चेहरे पर एक अलग चमक और चमक महसूस होगी। उपाय: शुक्रवार के दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनें और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। मिथुन राशि (Gemini) करियर: ऑफिस में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। अपनी योजनाओं को किसी के साथ समय से पहले साझा न करें। लव: जीवनसाथी के साथ किसी पुरानी बात को लेकर अनबन हो सकती है। अपनी वाणी पर संयम रखें। धन: पैसों के मामले में हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं और बजट का पालन करें। स्वास्थ्य: काम के दबाव के कारण मानसिक तनाव या अनिद्रा की समस्या हो सकती है। ध्यान करें। उपाय: किसी मंदिर में जाकर माता लक्ष्मी के चरणों में गुलाब का इत्र अर्पित करें। कर्क राशि (Cancer) करियर: नौकरीपेशा लोगों को आज अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। सहकर्मियों और सीनियर्स का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। लव: पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से कोई बड़ा घरेलू काम आज आसानी से पूरा हो जाएगा। धन: व्यापार में अच्छा मुनाफा होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। सिंह राशि (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपकी लीडरशिप और मैनेजमेंट की तारीफ होगी। नए प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है। सरकारी काम आज पूरे होंगे। लव: लव लाइफ में खुशहाली रहेगी। पार्टनर से कोई खूबसूरत सरप्राइज या गिफ्ट मिल सकता है। धन: आय के नए साधन बनेंगे। जमीन या वाहन खरीदने की दिशा में की जा रही बातचीत सफल हो सकती है। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। पुराने किसी शारीरिक दर्द से आज बड़ी राहत मिल सकती है। उपाय: माता लक्ष्मी की आरती करें और उन्हें गुलाबी रंग के फूल चढ़ाएं। कन्या राशि (Virgo) करियर: व्यापारियों के लिए आज का दिन लंबी दूरी की व्यावसायिक यात्रा लेकर आ सकता है, जो भविष्य में फायदेमंद होगी। नौकरीपेशा लोगों को आज थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। लव: पार्टनर के साथ रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। आपसी विश्वास और आपसी समझ में बढ़ोतरी होगी। धन: आर्थिक मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करते समय कागजात अच्छी तरह जांच लें। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें। उपाय: शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं को सफेद रंग की मिठाई (जैसे रसगुल्ला या खीर) बांटें। तुला राशि (Libra) करियर: आज का दिन तरक्की के नए रास्ते खोलेगा। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का मूड बन सकता है। धन: धन लाभ के मजबूत योग हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं की चीजों पर आज अच्छा खासा धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा। आज आप खुद को काफी एक्टिव और पॉजिटिव महसूस करेंगे। उपाय: माता लक्ष्मी के मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद' का जाप करें। वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में आज आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है, शांत रहें। लव: लव पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। आपकी कोई बात उन्हें ठेस पहुंचा सकती है। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। उधार लेन-देन से आज पूरी तरह दूर रहें, पैसा फंसने की आशंका है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसिडिटी या अपच परेशान कर सकती हैं। बाहर के तैलीय खाने से परहेज करें। उपाय: शुक्रवार की शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करें और कपूर जलाएं। ALSO READ: Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कैसे रखें और जानिए मुहूर्त, पूजा विधि एवं पारण का समय धनु राशि (Sagittarius) करियर: विद्यार्थियों और युवाओं को आज इंटरव्यू या प्रतियोगी परीक्षा में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। दिन बड़ी सफलता लेकर आ सकता है। लव: पारिवारिक माहौल बहुत खुशनुमा रहेगा। घर के बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा और पार्टनर के साथ बॉन्डिंग मजबूत होगी। धन: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत के लिहाज से दिन उत्तम है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। उपाय: श्री सूक्त का पाठ करें और गाय को आटे की लोई में गुड़ रखकर खिलाएं। मकर राशि (Capricorn) करियर: आज ऑफिस में पेंडिंग कामों को आज ही निपटाने का प्रयास करें। काम का बोझ थोड़ा ज्यादा रह सकता है, जिससे शाम तक शारीरिक थकान महसूस होगी। लव: जीवनसाथी का मूड आज थोड़ा उखड़ा हुआ रह सकता है, उन्हें समय दें और समझने की कोशिश करें। धन: धन का आगमन ठीक रहेगा, लेकिन पुराना कोई कर्ज चुकाने में बड़ी रकम खर्च हो सकती है। स्वास्थ्य: हड्डियों या जोड़ों में हल्का दर्द उभर सकता है। भारी वजन उठाने से बचें। उपाय: शिवलिंग पर दूध और मिश्री अर्पित करें। कुंभ राशि (Aquarius) करियर: पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों के लिए आज का दिन बंपर मुनाफा लेकर आएगा। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो आज अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लव: नए रिश्ते की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। पार्टनर के साथ आपसी समझ और रोमांस दोनों में बढ़ोतरी होगी। धन: आर्थिक पक्ष बेहद मजबूत रहेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आज आपके पक्ष में सुलझ सकता है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य आम तौर पर अच्छा रहेगा। शाम को खुद को काफी रिलैक्स महसूस करेंगे। उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद चंदन और लाल चुनरी अर्पित करें। मीन राशि (Pisces) करियर: आज अध्यात्म और धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। ऑफिस में आपके काम और आपकी ईमानदारी की सराहना होगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। बच्चों की तरफ से कोई अच्छी खबर मिल सकती है जिससे पूरे घर में उत्साह का माहौल होगा। धन: पैसों की स्थिति अच्छी रहेगी। आज आप भविष्य के लिए कोई बड़ी बचत योजना या निवेश शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। योग या प्राणायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उपाय: शुक्रवार के दिन किसी जरूरतमंद को चावल, चीनी या दूध का दान करें। ALSO READ: Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय
‘अमेरिका में जो इंडियन हैं, उनके पास बहुत पैसा है। पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख रुपए से ज्यादा कमीशन उठाया। उसने इंडियन कस्टमर को डिजिटल अरेस्ट कर 9.5 करोड़ की पेमेंट करवाई थी।’ सायबर स्कैम करने वाली इंडस्ट्री में लड़कों की भर्ती करने वाले एजेंट विक्की से हमारी मुलाकात कंबोडिया में हुई। सायबर स्कैम के जरिए भारत में हर दिन करीब 61 करोड़ रुपए और हर महीने 2 हजार करोड़ रुपए ठगे जा रहे हैं। कंबोडिया–मलेशिया जैसे देश इसका हब बन चुके हैं। कंबोडिया में किसी इंडस्ट्री की तरह सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं, इसलिए हम पड़ताल करने वहां पहुंचे। ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड के पहले पार्ट में हमने बताया था कि कैसे भारत में लड़कों को सायबर स्कैम के लिए भर्ती किया जा रहा है। अब दूसरे और आखिरी पार्ट में पढ़िए और देखिए कंबोडिया पहुंचने के बाद लड़कों के साथ क्या होता है। स्टेप 1: पाकिस्तानी एजेंट से मुलाकात हम 15 जून को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह पहुंचे। विक्की से कॉन्टैक्ट कराने वाले पाकिस्तानी एजेंट लफी ने बताया था कि एयरपोर्ट पर पूछताछ होती है, लेकिन हमारी सेटिंग है। 200 से 250 डॉलर में हमारा बंदा इमिग्रेशन क्लियर करवा देता है। हालांकि, हम टूरिस्ट वीजा पर नोम पेन्ह पहुंचे थे। इमिग्रेशन में हमसे सिर्फ कंबोडिया आने की वजह पूछी गई। हमने बताया कि घूमने आए हैं। एयरपोर्ट से निकलते ही एजेंट विक्की को कॉल किया। उसने शाम 5 बजे मिलने को कहा। जिस जगह की लोकेशन भेजी, वो नोम पेन्ह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ट्रापेआंग रूमचेक एरिया की थी। यहां कई वेयरहाउस, लॉजिस्टिक कंपनियां, रेस्टोरेंट्स और अपार्टमेंट्स हैं। लोकेशन पर पहुंचने के बाद हमने विक्की को कॉल किया। कहा कि भाई कहां हो, नजर नहीं आ रहे। उसने कहा- ‘तुम जहां हों, वहां से आगे बढ़ो। मैं मेन रोड की तरफ आ रहा हूं।’ थोड़ा आगे बढ़ने पर ब्लैक शर्ट और कैप में एक लड़का दिखा। यही विक्की था। वो हमें अपने घर ले गया। अंदर जाते ही विक्की के साथ मौजूद लड़के ने गेट बंद कर दिया। फिर बातचीत शुरू हुई। पता चला कि विक्की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का रहने वाला है। उसने बताया ‘ये मेरा घर और ऑफिस दोनों है। स्कैम के लिए आने वाले लड़कों को पहले यहीं रुकवाते हैं। कुछ दिन लड़कों को यहां रखने के बाद स्कैम कंपाउंड भेजते हैं। अब भर्ती का तरीका बदल गया है। आजकल एजेंट सीधे अपनी लोकेशन पर नहीं बुलाते। आपको लफी भाई ने भेजा है, इसलिए बुला लिया।’ भारतीयों को फंसाने में ज्यादा पैसा, पाकिस्तानी लड़के ने एक महीने में 95 लाख कमाएविक्की को शक न हो, इसलिए हमने सीधे सवाल-जवाब नहीं किए। हमने कहा कि यहां रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं। आप बताओ कहां खोल सकते हैं। रेस्टोरेंट के ऊपर ही कमरे बना देंगे, भारत से आने वाले लड़कों को उसी में रुकवाएंगे। इससे किसी को शक भी नहीं होगा। विक्की बोला, ‘जमीन मिल जाएगी, कोई दिक्कत नहीं। मैं वीजा के साथ कानूनी मदद भी करता हूं। अगर किसी लड़के को जेल हो जाए, तो मेरे पास वकीलों का ग्रुप है। मुझे पुलिस रेड की खबर पहले मिल जाती है। कई बार लड़कों को ऐसे निकाला कि एक दरवाजे से पुलिस आ रही है और दूसरे से उन्हें बाहर कर दिया। विक्की ने आगे बताया, ‘अगर कोई खुद स्कैम ऑपरेशन चलाना चाहे, तो उसके लिए भी जगह दिलवा सकते हैं। सिक्योरिटी भी प्रोवाइड कराता हूं। पुलिस नंबर वाली गाड़ियां भी दी हैं।’ सैलरी के बारे में पूछने पर बोला, ‘लड़कों की शुरुआती सैलरी 75 हजार से 1 लाख रुपए तक जाती है। काम के हिसाब से कमीशन मिलता है। रहने के लिए एसी रूम और तीन वक्त का खाना मिलता है। लड़के को आने के बाद पूरा काम समझाते हैं’ बातचीत के आखिर में उसने कहा, ‘‘कंबोडिया में भारत के सिम कार्ड की बहुत डिमांड है। अगर कोई कंबोडिया पहुंचा दे, तो बहुत मुनाफा है। भारत से आने वाले लोग हजारों सिम लेकर आते हैं। इंडियन कॉलिंग में भी कमाई है। अगर अरेंज हो सकें, तो भेजना। खूब कमाओगे।’ स्टेप 2: स्कैम कंपाउंड में ट्रांसफरविक्की से मुलाकात के बाद हम सायबर स्कैम कंपाउंड तक पहुंचना चाहते थे। इन स्कैम कंपाउंड में फंस चुके रोहित ने बताया था कि नोम पेन्ह से 60 किमी दूरी पर चेरिथॉम नाम की जगह है, जहां कई कंपाउंड बने हुए हैं। कंबोडिया के कंदाल प्रांत में बसी इस जगह पर पहुंचे तो सैकड़ों सफेद रंग की बहुमंजिला इमारतें नजर आईं। ये जगह वियतनाम बॉर्डर से महज 3 किमी दूर है। सभी बिल्डिंगों के बाहर ऊंची-ऊंची दीवारें थीं। दीवारों के ऊपर कंटीले तार थे। सीसीटीवी लगे थे। बड़े-बड़े लोहे के गेट थे। कुछ कंपाउंड में ताला लगा था, कुछ के बाहर सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे। मैं नोम पेन्ह के अपने साथी पोंग वांथा के साथ यहां पहुंचा था। उसने कहा कि, गाड़ी से बाहर मत निकलना, यहां सब स्कैमर घूमते रहते हैं। पोंग ने बताया कि, यहां कुल कितने कंपाउंड है, इसका आंकड़ा तो किसी को नहीं पता, लेकिन ज्यादातर बिल्डिंगों में सायबर स्कैम कंपनियां ही चल रहीं थीं। कुछ अब भी चोरी-छिपे चल रही हैं, कुछ ने लोकेशन बदली है। पूरा एरिया सूना था। छिपते-छिपाते हमने बिल्डिंगों के शॉट लिए। फिर एक बिल्डिंग के पीछे बनी झुग्गी के पास पहुंचे। वहां मिले लोगों ने बताया कि थोड़े दिन पहले तक स्कैम कंपाउंड में रहने वाले लड़के यहां चाय-पानी के लिए आते थे, लेकिन पुलिस की रेड हुई तो अब बहुत सारे भाग गए। भीड़ आना कम हो गई। मैंने पूछा, ये इमारतें कब बनीं हैं? जवाब मिला-सब पिछले चार-पांच साल में खड़ी हुई हैं। चाइनीज लोगों ने बनाई हैं। पहले कुछ भी नहीं था। अब खेतों के बीच में कंपाउंड, सड़कें, बिजली सब हो गया। कंपाउंड में आने के बाद बाहर जाना मुश्किल, यहीं ऑफिस, मेस और हॉस्टल स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाने का जरिया बने रोहित को इन्हीं में से एक कंपाउंड में रखा गया था। जिन लड़कों को सायबर स्कैम के लिए कंबोडिया लाया जाता है, उन्हें एयरपोर्ट से सीधे गाड़ियों में कंपाउंड के अंदर लाते हैं। फिर जांच–पड़ताल होती है। पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं। घरवालों से बात करने के लिए सिर्फ एक बार मोबाइल मिलता है, लेकिन वीडियो कॉल नहीं कर सकते। एक कमरे में 6 से 10 लड़कों को रखते हैं। किसी हॉस्टल की तरह यहां बंक बैड बने होते हैं। सभी लड़कों को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। जिन लड़कों पर भरोसा हो जाता है, उन्हें कंपनी कुछ देर के लिए कंपाउंड के बाहर जाने की परमिशन भी देती है। रोहित से हमें इसी एरिया में रेस्टोरेंट चलाने वाले जाहिद का नंबर मिला। कॉल किया तो उसने बताया- ‘भाईजान अब सख्ती के चलते वहां सब बंद हो गया है। मैं भी नोम पेन्ह में हूं। लड़कों को दूसरे देश भेज रहे। जैसे सख्ती कम होगी, फिर सब शुरू हो जाएगा।’ स्टेप 3: स्कैम कंपाउंड का वर्क कल्चर, सैलरी और कमीशन इन स्कैम कंपाउंड में पहुंचने के बाद एक हफ्ते तक काम सिखाया जाता है। रोहित और उसके साथियों को कंप्यूटर पर काम, मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल, अंग्रेजी में बातचीत और पहले से तैयार स्क्रिप्ट के मुताबिक लोगों से बात करने की ट्रेनिंग दी गई। चेरिथॉम में स्कैम कंपाउंड को देखने के बाद मैं नोम पेन्ह में रिवर साइड एरिया पहुंचा। इस इलाके को स्कैमर्स का अड्डा कहा जाता है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम सहित तमाम देशों के लड़के यहां मिले। इन्हीं में से एक बांग्लादेशी लड़के ने बंद कैमरे पर बात की। बोला– ‘कंपनी ने कंबोडिया के शहर सीएम रीप बुलाया था क्योंकि यहां के एयरपोर्ट पर उनकी सेटिंग थी। वहां से नोम पेन्ह आ गए। 20 दिन होटल में फंसे रहे क्योंकि कंपनी ने नौकरी के बदले 6 लाख मांगे थे। मैंने सिर्फ डेढ़ लाख दिए थे। एजेंट ने कहा- बाकी साढ़े चार लाख रुपए मिलने पर ही कंपनी आ सकोगे। फिर रकम बढ़ाकर 8 लाख कर दी। परिवार ने कर्ज लेकर पैसे भेजे।‘ ‘तब एजेंट ने गोल्डन कैसीनो कंपनी में भेजा। पहले 7 दिन ट्रेनिंग हुई। रोज 12 घंटे बैठाए रखते और कस्टमर से बात करना सिखाते। दोपहर में ज्यादातर चाइनीज खाना मिलता, जो खाया नहीं जाता। अच्छे से काम ना करने वाले से 20 घंटे तक काम करवाया जाता। कई बार 12 घंटे खड़े रहकर काम करना पड़ता।‘ टारगेट पूरा न होने पर कैद किया, करंट दिया और मारपीट कीलड़का आगे बोला, ‘मुझे बहुत टॉर्चर किया। टारगेट पूरा न होने पर पहले खाना बंद किया। फिर छोटे से कमरे में बंद कर दिया। न वॉशरूम जा सकता था, न कुछ खाने को मिलता। एक दिन मैनेजर के सामने बहुत रोया, तो टीम लीडर ने मुझे करंट लगाया और बहुत मारा। एक हफ्ते बाद मैनेजर ने मेरे एजेंट को बुलाकर मुझे बाहर निकलवा दिया।‘ ‘कर्ज ज्यादा था और वापस आने का पैसा नहीं था, इसलिए दूसरी कंपनी में चला गया। वहां महीने का दो से तीन हजार डॉलर तक कमा रहा था, लेकिन 24 अप्रैल को कंपनी बंद हो गई। हमारे चाइनीज बॉस को अरेस्ट कर लिया। सब लड़के भाग गए। हमें म्यांमार-मलेशिया जाने का कहा गया। कुछ अफ्रीकन देशों में भी गए हैं। कुछ पर कंपनी ने इतना प्रेशर डाला कि उन्होंने सुसाइड कर लिया। उनमें से दो की लाशें समुद्र में फेंक दीं। एजेंट भी भाग गए।‘ सख्ती के बाद कंबोडिया से म्यांमार-मलेशिया जा रहीं स्कैम कंपनियां पाकिस्तानी एजेंट लफी, स्कैम कंपनी के HR डिपार्टमेंट में काम करने वाले मैनुअल, कंबोडिया में मिले एजेंट विक्की और स्कैम कंपनी में काम कर चुके लड़कों से बातचीत से पता चला कि, कंपनियां कंबोडिया से मलेशिया, म्यांमार, तुर्कमेनिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में जा रही हैं। इन्हीं लड़कों के जरिए हमें कुआलालंपुर में भर्ती करने वाले एजेंट की लिंक मिली। जिस लड़के से नंबर मिला था, उसी के रेफरेंस से एजेंट से बात की। उसे बताया कि मैं एजेंट हूं, इंडिया से लड़कों को स्कैम कंपाउंड भेजना चाहता हूं। उसने पहले कुआलालंपुर में मिलने की बात कही लेकिन वहां पहुंचने पर मिलने से इनकार कर दिया। बोला- ‘बिना मिले ही सारा काम हो जाएगा। कुआलालंपुर के लिए ओपनिंग है। आप लड़कों के वीडियो भेजो, मैं इंटरव्यू करवाता हूं। जिन लड़कों की इंग्लिश अच्छी है, उन्हें प्रिफरेंस मिलेगा।‘ फिर एजेंट ने वॉट्सएप पर एक स्क्रिप्ट भेजी। इसमें लिखा था- ‘कॉल करके कैसे किसी व्यक्ति को झांसे में लेना है। पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी बनकर बात करनी है।’ एजेंट ने कहा कि जिन लड़कों को भेजना है, उनके वीडियो इस स्क्रिप्ट के हिसाब से रिकॉर्ड करके भेज दो। हमने एक लड़के का वीडियो भेजा, तो जवाब मिला- वीडियो ठीक है। लड़के का पासपोर्ट भेजो, इंटरव्यू करवाता हूं। एक हफ्ते में कुआलालंपुर बुला लेंगे। हमने कंपनी का एड्रेस मांगा और कहा एक बार देखना चाहते हैं। जवाब मिला- ‘चाइनीज कंपनी है, ऑफिस मेन सिटी में है, लेकिन एड्रेस नहीं दे सकता। मैं भी नहीं गया। लड़के के सिलेक्ट होने के बाद कंपनी के लोग सीधे एयरपोर्ट से ले जाएंगे।‘ अगले दिन उसने यूरोपियन और अमेरिकन मार्केट की ओपनिंग का मैसेज भेजा। बताया कि 800 डॉलर सैलरी मिलेगी। कुआलालंपुर से काम करना है, लेकिन जो स्कैम करना चाहते हैं, उन्हें ही लेकर आना। ये स्टोरी लिखे जाने तक लफी और मैनुअल हमारे कॉन्टैक्ट में हैं। मैनुअल लड़कों के पासपोर्ट मांग रहा है, लफी ने इंटरव्यू के लिए थोड़ा रुकने को कहा है। किराए के बंगले और अपार्टमेंट्स में चल रहीं स्कैम कंपनियां मलेशिया में जिन लोकेशन पर पुलिस की रेड में स्कैम कंपनियां पकड़ी गई हैं, हम वहां भी पहुंचे लेकिन ये नहीं पता चल सका कि कौन सी इमारतों में स्कैम कंपाउंड चलाए जा रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि कुआलालंपुर के ओल्ड क्लांग रोड, कुचाई लामा और बंगसर इलाकों में कमर्शियल बिल्डिंग्स, किराए के बंगलों या अपार्टमेंट्स में सायबर स्कैम कंपनियां चल रही हैं। बाहर से देखने पर सब सामान्य लगता है, लेकिन हकीकत अलग है। श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा जैसे देश नए ठिकाने बन रहेकंबोडिया के कई स्कैम कंपाउंड की जमीनी पड़ताल कर चुके ‘द आई विटनेस’ प्रोजेक्ट के ऑपरेशंस डायरेक्टर नाथन पॉल सदर्न कहते हैं, ‘इन कंपाउंड्स को इंटरनेशनल चाइनीज सिंडिकेट चला रहे हैं। उनके लोकल गवर्नमेंट से अच्छे रिलेशन होते हैं। पहले टेलीकॉलिंग या कस्टमर सर्विस की जॉब बताते हैं और 1200 डॉलर महीना मिलने की बात करते हैं। लोग लालच में फंस जाते हैं।‘ ‘स्कैम कंपाउंड में आने के बाद काम करना ही पड़ता है। न करने पर डार्क रूम में बंद कर मारपीट करते हैं। कंपाउंड के बाहर हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड होते हैं, इसलिए भाग पाना आसान नहीं होता। कंपनियां पासपोर्ट भी ले लेती हैं। लोगों के पास पैसे नहीं होते, ऐसे में कंपाउंड में ही काम करने लगते हैं।‘ वे कहते हैं, ‘इन स्कैम कंपाउंड्स की ऑपरेशनल कैपेसिटी और जिस स्केल पर ये काम कर रहे हैं, वो सब हैरान करने वाला है। एक देश में क्रैकडाउन होने पर दूसरे देश भाग जाते हैं। यही इनके काम का तरीका है।‘ कंबोडिया में ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सालों से काम कर रहे मार्क टेलर कहते हैं, ‘कंबोडिया सायबर क्राइम का डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां गेम्बलिंग इंडस्ट्री से जुड़कर सायबर स्कैम करने वाली कंपनियां आई हैं। कई देशों के लोग यहां फंसे हैं।‘ ‘सख्ती के बाद ये श्रीलंका, फिलीपींस, म्यांमार, युगांडा और केन्या जैसे देशों में मूव कर रही हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि कंबोडिया में पूरी तरह से काम बंद हो चुका है। ये ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क है। इस इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है।‘ साउथ-ईस्ट एशिया ही क्यों बना साइबर स्कैम का अड्डा? ……………………ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड का पहला पार्ट भी पढ़ें… एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना ‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हो, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। पढ़िए पूरी खबर…
ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। गांव का रास्ता पता नहीं है, सो मैं मोबाइल में मिथुन की तस्वीर दिखाकर लोगों से पूछता हूं- इस लड़के का गांव तिलकचक कहां है? जो मिथुन को नहीं जानता वो तस्वीर देखते ही डर जाता। कहता- ‘अरे भाई ये क्या है। इंसान तो नहीं लगता।’ जैसे-जैसे मैं गांव के करीब पहुंचता गया, लोग गांव से ज्यादा उसे पहचानने लगे। फोटो देखकर एक शख्स बोला- ‘अरे ये तो मिथुन है। दूर-दूर से लोग इसका वीडियो बनाने आते हैं।’ फिर हाथ से इशारा करते हुए कहते हैं-‘इसी रोड पर 5 किलोमीटर आगे चले जाइए, फिर किसी से भी पूछ लीजिएगा सब मिथुन का घर बता देंगे।’ इस तरह पूछते-पूछते मैं करीब आधे घंटे बाद मिथुन के गांव पहुंचा और फिर उसके घर। बाहर ही कुछ लोग बैठे हैं। इनमें से एक बजुर्ग महिला को तस्वीर दिखाकर पूछा- क्या यही है मिथुन का घर? वो देखते ही बोलीं- ‘अरे, ये मेरा बेटा मिथुन है।’ पूछने पर वो अपना नाम बचिया देवी बताती हैं। मैंने जैसे ही उन्हें अपने बारे में बताया, वो बोलीं- ‘पहले भी आप जैसे कई लोग आ चुके हैं। आप भी क्या ही करिएगा। बैठ जाइए यहीं, मिथुन थोड़ी देर में आता होगा।’ थोड़ी देर बाद, एक शख्स आता दिखा। वो मिथुन थे। करीब पहुंचते ही हंसते हुए बोला- ‘मुझे देखकर डर तो नहीं गए।’ मैंने पूछा- ‘फोटो में तो आपकी शक्ल काफी अलग है।’ वो बोले- ‘एकबार सर्जरी हुई थी, उसके बाद से चेहरा थोड़ा बदल गया है।’ मैंने जैसे ही कैमरा निकाला, मिथुन की मां बोलीं- 'अब ई सबसे कुछ होने वाला नहीं है। केतना लोग वीडियो बनाकर ले गए। हमें फूटी कौड़ी नहीं दी। अब आप भी वीडियो बनाइएगा। ये तो अपनी बीमारी को कफन की तरह ओढ़कर जैसे-तैसे जी रहा है। मरेगा तभी ये बला टलेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह भी भला कोई जिंदगी है इसकी। 5 लाख रुपये दिलवा दो, तो यह कुछ कर लेगा। कम से कम अपनी एक छोटी-मोटी दुकान ही खोल लेगा। चेहरा देख रहे हैं इसका, शादी-ब्याह की बात सोचना भी गुनाह है। पता नहीं कौन-सा पाप किया था, जो ऐसा अजूबा मेरे घर में पैदा हुआ है। सब किस्मत का दोष है।' इतना सुनते ही वहां बैठा एक शख्स बोला- ‘मिथुनमा, अब मिथुन चक्रवर्ती बन जाएगा। अबकी वीडियो बनेगा तो दिल्ली से पैसा आएगा।’ ये सुनते ही मिथुन झल्लाते हुए घर के अंदर चले गए और सिर पकड़कर सीढ़ी पर बैठ गए। मिथुन का चेहरा जगह-जगह कटा हुआ है। सर्जरी के बाद भी चेहरा आम लोगों जैसा नहीं है। शरीर पर गड्ढे भी हैं। कुछ देर बाद मिथुन कहते हैं- 'मैं इसीलिए आपको बुलाना नहीं चाहता था। जब भी कोई आता है तो ये लोग ऐसे ही मेरा मजाक उड़ाते हैं। कहने लगते हैं- ‘इतने सारे लोग वीडियो बनाने के लिए आते हैं। पैसा तो मिलता ही होगा। तुमको पैसे की क्या कमी है। फालतू में मजदूरी करने जाते हो। देखिए पैर में सीमेंट लगी है। लेबर का काम कर रहा था। आपका फोन आया, तो खाने का बहाना बनाकर घर आया हूं। मोबाइल है, लेकिन लोकेशन भेजना नहीं आता है। किसी को बोलता तो ये लोग फिर मजाक उड़ाते। इसीलिए आपसे कहा था- इस इलाके में किसी को भी मेरी फोटो दिखाइएगा, वो पता बता देगा। सर, मेरा चेहरा देखकर तो लोगों को घिन आती है। मेरे मुंह से लगातार लार टपकती रहती है, क्योंकि मुंह पूरी तरह बंद नहीं होता। शायद, डॉक्टर ने चेहरे का मांस ज्यादा काट दिया, इसलिए मुंह खिंचा-खिंचा रहता है। लोग कहते हैं कि तुम मनहूस हो, तभी तो ऐसी शक्ल भगवान ने दी है। आप ही बताइए, मेरा क्या दोष है। बचपन में मेरे साथ क्या हुआ, किसे पता। 10-12 साल का था, आईने में खुद का चेहरा देखकर डर जाता था। भाइयों को देखता, वो हट्टे-कट्टे, सुंदर दिखते थे। मैं न तो अपने चेहरे को ठीक से धो सकता था और न ही हाथ फेर सकता था। पूरे शरीर पर मांस के बड़े-बड़े लोथड़े थे। चेहरे पर न आंख का पता चलता था, न मुंह का। सांस भी नहीं ले पाता था। नजर भी कमजोर हो गई थी। रात में सोता था, तो 10 घर तक मेरे खर्राटे की आवाज जाती थी। जो भी रात में इस रास्ते से गुजरता, वह डर जाता था।' 'एक बार की बात है। सुबह के 5 बज रहे होंगे। मैं भाइयों के साथ आम तोड़ने के लिए खेत गया था। वहां जैसे ही कुछ लोगों की नजर मुझ पर पड़ी तो वे भूत, भूत कहकर चिल्लाने लगे। डर के मारे तेजी से भागे और एक बड़े गड्ढे में जा गिरे। उस दिन से आजतक मैं सुबह-सुबह घर से नहीं निकलता। बच्चे तो मेरे पास आते ही नहीं हैं। कोई भूत-प्रेत तो कोई शैतान का बच्चा कहता है। पड़ोसी कहते हैं- घर में ही रहा करो। बच्चे तुम्हें देखकर डर जाते हैं। दिनभर खाना नहीं खाते। मैं भी स्कूल जाता था। लेकिन जब बीमारी की वजह से मेरा चेहरा बिगड़ने लगा, तो एक दिन मैडम ने मुझे बहुत मारा। दरअसल, क्लास के बच्चों ने शिकायत की थी कि वे मुझे देखकर डरते हैं। यहां तक कि उनके घरवालों ने भी हेडमास्टर से कह दिया था- इसे स्कूल से निकाल दो, हमारे बच्चे इसे देखकर रात-रातभर सो नहीं पाते। मैडम ने कहा- तुम्हारी वजह से बाकी बच्चे स्कूल आना छोड़ देंगे। तुम अपना चेहरा आईने में देखते हो, जाकर देखो। कैसा डरावना है। अब स्कूल मत आना। तब से ही स्कूल जाना छोड़ दिया। सिर्फ 5वीं तक ही पढ़ पाया। घर में ही बंद रहता था। पापा के साथ कहीं जाता तो लोग मुझे देखकर रास्ता बदल लेते थे। अब घर वाले भी मुझे कहीं नहीं ले जाते। शाम को बाहर कहीं खेलने के लिए जाता, तो बच्चे भाग जाते। मेरे घर आकर कहते- इसे बाहर मत भेजा करो। धीरे-धीरे जब चेहरे पर मांस के लोथड़े बड़े होने लगे, तो दर्द बढ़ने लगा। ठीक से खाना भी नहीं खा पाता था। दिनभर कराहता रहता। 15-16 साल का हुआ, तो घरवालों ने पैसा देना बंद कर दिया। बीमारी में भला कौन किसका होता है। सोचा काम-धंधा करूंगा, तभी दो रोटी मिलेगी। हमारे आसपास के लोग घर बनाने का काम करते हैं। उनसे काम मांगने गया, तो वे बोले- तुम्हारी शक्ल देखने लायक नहीं है। घर पर ही बैठो। 2016-17 की बात है। तब यहां झोपड़ी थी। भाइयों ने कहा- घर बनवा लेते हैं। इसके हिस्से का खाली खेत छोड़ देते हैं। घर बनना शुरू हुआ तो कुछ मिस्त्री बाहर से काम के लिए आए। जब उन्होंने मुझे देखा तो दूसरे शहरों में मेरे बारे में बताया। कहा- वहां भूत जैसा लड़का रहता है। धीरे-धीरे ये बात सब जगह फैल गई। एक दिन शहर से एक शख्स आया। उसने मेरा फोटो खींचा और चला गया। कुछ दिन बाद वह फिर आया और पापा से कहा- इसे बड़ी बीमारी है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सर्जरी से थोड़ी राहत मिल सकती है। वह शख्स किसी संस्था के जरिए मेरी मदद के लिए आया था।' मिथुन अस्पताल का एक पर्चा दिखाते हुए कहते हैं, इसमें पढ़ लीजिए। मेरी बीमारी का नाम लिखा है। मुझसे तो पढ़ते भी नहीं बनता। पर्चे में बीमारी का नाम लिखा है न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस। मिथुन आगे बताते हैं कि पहले तो पापा इलाज के लिए नहीं माने। कहने लगे- ‘जब इलाज नहीं है, तो सर्जरी कराकर क्या करेंगे। कहीं इसे कुछ हो गया तो।’ उस शख्स के लाख कहने के बाद पापा माने। तब वो शख्स मुझे और पापा को हवाई जहाज से बेंगलुरु ले गया। वहां मुझे एक अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद क्या हुआ, कुछ पता नहीं। बाद में पापा ने बताया कि डॉक्टरों ने खून की जांच कराई और फिर ऑपरेशन के लिए ले गए। करीब 10 घंटे बाद मैं बाहर आया तो पूरे शरीर पर पटि्टयां लिपटी हुई थीं। कई दिनों तक बेहोश रहा। डॉक्टर आकर रोज पटि्टयां बदलते थे। ये सिलसिला एक-दो महीने तक चला। इसके बाद हम ट्रेन से गांव लौट आए। वो शख्स कौन था, इलाज में कितने पैसे लगे, हमें कुछ भी नहीं पता। अगले छह-आठ महीनों में सारे घाव सूख गए। डॉक्टरों ने चेहरे से मांस के लोथड़े काटकर हटा दिए थे। लेकिन मेरा चेहरा पूरी तरह बदरंग हो चुका था। शरीर पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इसी वजह से मेरी शादी नहीं हो पाई। घरवाले भी नहीं चाहते कि मेरा घर बसे। वे बस मेरे मरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि मेरे हिस्से की जमीन बाकी के भाइयों में बंट जाए। कपड़ों के नाम पर मेरे पास एक जींस, एक हाफ-पैंट, टी-शर्ट और एक शर्ट है। इस घर में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। घर भी पापा और भाइयों ने मिलकर बनाया है। भाइयों की शादी हुई तो मुझे कोई नहीं ले गया। बस कोई खाना दे देता तो मैं खा लेता था। सर! क्या कोई मेरी प्लास्टिक सर्जरी नहीं करवा सकता। कहते हैं, उससे चेहरा ठीक हो जाता है। अब मुझे घुटनों में भी गांठें हो रही हैं। इतने में मिथुन का फोन बजा। बात करके फोन रखते ही वो बोले- राजमिस्त्री का फोन था। उसके साथ ही काम कर रहा हूं। मुझे जाना पड़ेगा। हो सके तो मेरे लिए कुछ पैसे देते जाइएगा। मिथुन के जाने के बाद मैंने बचिया देवी से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहने लगीं- सब वीडियो, फोटो खींचकर चले जाते हैं, कोई एक रुपए की मदद नहीं करता। काफी कोशिशों और पैसे की मदद का भरोसा देने के बाद बचिया देवी बात करने को राजी हुईं। कहती हैं- साल 1996 में इसका जन्म हुआ। महीना, तारीख याद नहीं। जब 4-5 साल का हुआ तो आंगन में पूरे दिन खेलता रहता था। दिखने में भी सुंदर था। उस दौरान, मिथुन के पिता रामजी चौहान कलकत्ता में रहते थे। अब भी वहीं हैं। वहां खाली तेल के कनस्तर बेचते हैं। मेरे 5 बच्चों में मिथुन चौथे नंबर का है। गर्मी का महीना था। अचानक इसे बुखार आया। उस समय तो फोन नहीं था। घर में कोई पढ़ा-लिखा भी नहीं था। एक पड़ोसी से चिट्ठी लिखवाकर पति को भेजी कि मिथुन को तेज बुखार है। ब्लॉक के डॉक्टर ने दवा दी है, लेकिन ठीक नहीं हो रहा। 15 दिन बाद इसके पिता का जवाब आया। नारदीगंज में एक डॉक्टर बैठता है। उसे जाकर दिखा दो, ठीक हो जाएगा। मिथुन को उस डॉक्टर के पास ले गई। उसने कुछ दवाई दी। दो-तीन दिन पानी में गोली को घोलकर पिलाया, तो इसके गाल पर एक छोटा सा घाव हो गया। कुछ दिन में यह घाव गांठ जैसा हो गया। डॉक्टर ने देखा तो एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के एक-दो दिन बाद ही मिथुन के पूरे शरीर में जगह-जगह लाल चकत्ते नजर आने लगे। उस समय तो इसके चेहरे पर कुछ नहीं था। सिर्फ गाल पर एक घाव था। घरवालों ने कहा- सिंदूर को केरोसिन में मिलाकर शरीर पर लगा दो। शाम तक ठीक हो जाएगा। एक हफ्ते बीतने के बाद भी चकत्ते ठीक नहीं हुए, बढ़ते ही गए। फिर डॉक्टर के पास लेकर गई तो उसने कुछ दवाई दे दी। बोला- ‘दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगा।’ पास में एक ओझा रहता था। उसके पास भी लेकर गई। उसने कहा- ‘तुम्हारे बेटे पर बुरी आत्मा का साया था, उसे हटा दिया है। जल्द ठीक हो जाएगा।’ हालांकि उससे भी कुछ नहीं हुआ। हाथ-पैर, कोहनी, घुटना… शरीर में सब जगह, गाठें बढ़ने लगीं। कुछ ही महीने में इसके पूरे चेहरे पर बड़े-बड़े घाव होने लगे। मांस के लोथड़े लटकने लगे। हम तो डर गए कि ये क्या हो गया। फिर डॉक्टर के पास गए तो उसने दवा देने से मना कर दिया। कहा- ‘पता नहीं, कौन-सी बीमारी है। किसी बड़े शहर लेकर जाओ।’ पूरे गांव में हल्ला हो गया था कि डॉक्टर की दवाई के रिएक्शन से मिथुन को ऐसा हुआ। दूसरे डॉक्टरों के पास गए तो डर के मारे उन्होंने भी दवाई नहीं दी। मैंने दोबारा पति को खबर भिजवाई। 3 दिन बाद वो कलकत्ता से घर आए। मिथुन को लेकर नवादा जिले के सरकारी अस्पताल गए। डॉक्टर देखते ही बोला- ‘ये कौन सी बीमारी है। हमने ऐसी बीमारी कभी नहीं देखी, इसे कहीं और ले जाओ।’ हम गरीब आदमी, दिन में खाएं तो रात के लिए सोचें। रात में खाएं तो दिन के लिए। खेती-बाड़ी कुछ नहीं, मेहनत मजदूरी करते हैं। पांच बच्चे थे। इसी को लेकर इधर-उधर भागते रहते तो बाकी का क्या होता, इसलिए ठीक से ध्यान नहीं दे पाए। एक बार एक भले मानुष ने इलाज करवा दिया। अब न तो हमारे पास पैसे हैं और न ही हिम्मत। डॉक्टर भी कह चुके हैं कि कोई इलाज ही नहीं तो क्या करें। सरकारी मदद के नाम पर एक पैसा नहीं मिला। मिथुन का दर्द करीब से देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मैंने डॉक्टर से मिलकर बीमारी के बारे में जानने का सोचा। मैं पहुंचा दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के जेनेटिक डिपार्टमेंट। जहां मेरी मुलाकात डिपार्टमेंट की हेड रतना पुरी शाह से हुई। मैंने उन्हें मिथुन की रिपोर्ट्स और फोटो दिखाई। वे बताती हैं- मिथुन को जो बीमारी है, उसका नाम- न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस(NF) है। इसका दुनिया में कोई स्थाई इलाज नहीं है। NF जीन में खराबी से यह बीमारी होती है। माता-पिता दोनों से बच्चे में जीन की 20-20 हजार कॉपियां आती हैं। इसमें से किसी एक के भी NF जीन में खराबी आती है, तो बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। कुछ केस में जन्म के बाद ही बच्चे के शरीर पर दाने जैसी छोटी गांठ नजर आती है। उम्र के साथ यह बढ़ती जाती है। दरअसल, इस जीन का काम सेल्स को बेतहाशा बढ़ने से रोकना है। जब इसमें खराबी आती है, तो नसों के आसपास की कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। बढ़ते-बढ़ते ये ट्यूमर जैसी हो जाती है। हालांकि इन ट्यूमर से कैंसर का खतरा बहुत कम होता है। कुछ मामलों में चार-पांच साल की उम्र के बाद बच्चों में इस बीमारी के लक्षण नजर आते हैं। जैसा मिथुन का केस है। सबसे पहले पूरे शरीर पर लाल, भूरे रंग के चकत्ते और फिर छोटी-छोटी गांठ नजर आती है। गांठ के बढ़ने से मरीज की आंख, मुंह, नाक सब ढंक जाता है। इससे मरीज को देखने, बोलने, खाने-पीने में दिक्कत होती है। सांस की तकलीफ भी होती है। दिमाग कमजोर होने लगता है। वह जल्दी किसी चीज को सीख नहीं पाता। नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। कई केस में जैसे-जैसे मरीज की उम्र बढ़ती है, गांठों में तेज दर्द होने लगता है। शरीर जल्दी थक जाता है। इन गांठों को सर्जरी करके हटाया जाता है। रतना पुरी कहती हैं- इस बीमारी का इलाज किसी एक डॉक्टर के बस की बात नहीं है। इसमें जेनेटिक, न्यूरो जैसे कई विभागों के डॉक्टरों को मिलकर काम करना पड़ता है। जब शरीर की गांठें बड़ी होकर अंदरूनी नसों तक पहुंच जाती हैं, तो ऑपरेशन बहुत सावधानी से करना पड़ता है। हर जगह इसका इलाज या ऑपरेशन मुमकिन नहीं होता। असल में, कुछ ट्यूमर नसों के इतने करीब या उनके अंदर तक धंसे होते हैं कि अगर डॉक्टर उन्हें पूरा बाहर निकालने की कोशिश करें, तो नसें डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि सर्जरी से पहले MRI, CT स्कैन और एंजियोग्राफी जैसी जांचें जरूरी हैं। ताकि यह सटीक रूप से देखा जा सके कि ट्यूमर का जाल कहां तक फैला हुआ है। इसके बाद, ट्यूमर को परत-दर-परत हटाया जाता है। जब प्लास्टिक सर्जन इस सर्जरी को करते हैं, तब न्यूरोसर्जन लगातार मॉनिटरिंग करते रहते हैं कि कोई नस न कट जाए। यदि ट्यूमर नसों की जड़ तक फैला हो, तो डॉक्टर केवल उसके उतने ही हिस्से को काटते हैं जिससे मरीज को दर्द से राहत मिल सके। ताकि नसें पूरी तरह सुरक्षित रहें। इस जटिल सर्जरी के बाद कई मामलों में नसों की कमजोरी के कारण मरीज को हंसने, बोलने या चेहरे के हाव-भाव बदलने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा, जब ये गांठें निकलती हैं तो, अंगों को दोबारा सामान्य रूप से काम करने के लायक बनाने के लिए फिजियोथेरेपी की भी जरूरत होती है। यह पूरी तरह से एक जेनेटिक बीमारी है, इसलिए सर्जरी के बाद भी शरीर के उसी हिस्से या किसी अन्य जगह से गांठें दोबारा उभर सकती हैं। दरअसल, जीन में मौजूद इस गड़बड़ी को ठीक करना फिलहाल मेडिकल साइंस के लिए संभव नहीं है। यही वजह है कि इस बीमारी का कोई स्थाई इलाज नहीं है। इस बारे में IGIMS पटना के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह इस बीमारी के बारे में बताते हैं कि न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस नसों से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है, जो 1 लाख में से किसी 1 व्यक्ति को होती है। यह ज्यादातर शरीर के संवेदनशील हिस्सों में होती है जैसे- पीठ, हाथ और चेहरा। जहां नसें ज्यादा होती हैं। यदि गांठ त्वचा के ऊपर हो तो दर्द नहीं होता, लेकिन नसों के अंदर विकसित हो जाए तो दर्द बहुत ज्यादा होता है। रीढ़ की हड्डी या दिमाग के पिछले हिस्से (CP एंगल) में गांठ होने पर पूरा शरीर और दिमाग पैरालाइज्ड हो सकता है। कान की नस में ट्यूमर से सुनने की क्षमता जा सकती है। सीपी एंगल में गांठ होने से खाना सांस की नली में फंस सकता है, जो जानलेवा है। इसकी सर्जरी का खर्च 3 से 5 लाख रुपये तक आता है। ऑपरेशन के दौरान नसों को बचाने के लिए माइक्रोस्कोप और 'इंट्राऑपरेटिव नर्व मॉनिटरी मशीन' का उपयोग किया जाता है। सर्जरी के बाद प्रभावित जगह की नसें थोड़ी कमजोर हो जाती हैं। -------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- बेटे की सभी हड्डियां टेढ़ी, 4 करोड़ में होगा इलाज:बिस्तर से उठ नहीं पाता, 3 डॉक्टर बोले- आपसी रिश्तों में शादी का असर 8 साल का जावेद स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते-खेलते अचानक गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। जमीन पर पड़ा कराहने लगा। टीचर भागते हुए आए, उन्होंने भी उठाने की कोशिश की। वो बार-बार कहता रहा- मेरे घुटने और कोहनियों में बहुत दर्द है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
राजस्थान में 10 से 23 जुलाई तक प्रदेशव्यापी ओबीसी परिवारों का होगा सर्वेक्षण
जयपुर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 10 से 23 जुलाई तक राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण का आयोजन करेगा। ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित निर्णयों एवं […] The post राजस्थान में 10 से 23 जुलाई तक प्रदेशव्यापी ओबीसी परिवारों का होगा सर्वेक्षण appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय भंडार निगम ने मदन दिलावर को सौंपा 44 लाख रुपए का चेक
कोटा। केन्द्रीय भंडार निगम ने राजस्थान में कोटा जिले में रामगंजमंडी क्षेत्र के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग 44 लाख रुपए मूल्य के आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रिंस कुमार ने गुरुवार को शिक्षा एवं पंचायती राज […] The post केंद्रीय भंडार निगम ने मदन दिलावर को सौंपा 44 लाख रुपए का चेक appeared first on Sabguru News .
कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राज किसान साथी पोर्टल पर होंगे ऑनलाइन आवेदन अजमेर। कृषि विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत कृषि शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। पात्र छात्राएं राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से आगामी 31 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकती हैं। कृषि विभाग […] The post कृषि शिक्षा में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि appeared first on Sabguru News .
शहरी सेवा शिविरों में विशेष योग्यजनों के सर्वे हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से नहीं रहेंगे वंचित अजमेर। जिले में संचालित शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से विशेष योग्यजनों को राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों में नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों की […] The post शहरी सेवा शिविरों में विशेष योग्यजनों के सर्वे हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त appeared first on Sabguru News .
भोपाल में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से गैंगरेप, भाई को भेजा वीडियो
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वारदात का वीडियो बनाकर पीड़िता के भाई के मोबाइल पर भेजा, जिसके बाद परिजन ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने स्कूल जाना […] The post भोपाल में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से गैंगरेप, भाई को भेजा वीडियो appeared first on Sabguru News .
35 करोड़ रुपए की कर चोरी की आशंका पर फर्म के ठिकानों पर सर्च
जयपुर/पाली। राजस्थान में राज्य जीएसटी वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुख्यालय की प्रवर्तन शाखा-तृतीय जयपुर द्वारा मेसर्स प्रेम ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड एवं उससे संबंधित चार अन्य फर्मों के कई ठिकानों पर सर्च कार्यवाही की गई। समूह की फर्मों द्वारा मेहन्दी पाउडर, मेहन्दी कोन, हेयर कलर […] The post 35 करोड़ रुपए की कर चोरी की आशंका पर फर्म के ठिकानों पर सर्च appeared first on Sabguru News .
निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में उमड़ी मरीजों की भीड़, विशेषज्ञों ने दिए आंखों की देखभाल के टिप्स
अजमेर। भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप शाखा एवं शंकर आयुर्वेद सिविल लाइंस अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिल्ली के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं रेटिना व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने मरीजों की आंखों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। परिषद सचिव दीपक चोपड़ा […] The post निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में उमड़ी मरीजों की भीड़, विशेषज्ञों ने दिए आंखों की देखभाल के टिप्स appeared first on Sabguru News .
चोटिल प्रतिका रावल की जगह लॉर्ड्स टेस्ट के लिए शामिल हुई यह खिलाड़ी
ENGvsIND लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ ऐतिहासिक वन-ऑफ़ टेस्ट से पहले भारत को एक झटका लगा है क्योंकि प्रतिका रावल इस मैच से बाहर हो गई हैं। दूसरे वनडे मैच के दौरान रावल के घुटने पर कट लग गया था और इस वजह से वह सीरीज़ के आखिरी मैच में भी नहीं खेल पाई थीं।इंग्लैंड में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहीं प्रिया पुनिया को रावल की जगह टीम में शामिल किया गया है। हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की, “प्रतिका रावल ‘A’ सीरीज़ के दौरान लगी चोट के कारण टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। उनके घुटने पर कट लग गया था जिसके लिए कुछ टांके लगाने पड़े। वह टेस्ट मैच से बाहर हैं और प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है।” जहां रावल ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ वाका में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, वहीं पुनिया ने अभी तक टेस्ट लेवल पर डेब्यू नहीं किया है। हालांकि, ‘A’ सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार दो हाफ़-सेंचुरी लगाने के बाद वह इस मैच के लिए अच्छी फ़ॉर्म में हैं।25 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह चोट एक और झटका है; इससे पहले पिछले साल चोट के कारण वह वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में नहीं खेल पाई थीं। वह डब्ल्यूपीएल में भी नहीं खेली थीं और ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैचों के ज़रिए वापसी की थी। पुनिया को हाल ही में इंडिया ए सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापस बुलाया गया है, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। अगर उन्हें चुना जाता है, तो यह अनुभवी बल्लेबाज़ लॉर्ड्स में अपना टेस्ट डेब्यू कर सकती हैं। भारत की जिन खिलाड़ियों का टेस्ट डेब्यू हो सकता है, उनमें हरलीन देओल, अच्छी फ़ॉर्म में चल रही स्पिनर श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा शामिल हैं। दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम में पांच ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है; इनमें एलिस कैपसी, टिली कॉर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली थ्रेलकेल शामिल हैं।टैमी ब्यूमोंट का विदाई मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ़ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
6 जुलाई को ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला कर दिया। अगले ही दिन अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी कर दी। ट्रम्प बोले- मेरे हिसाब से अब शांति समझौता खत्म हो गया है। ईरान ने भी पलटवार किया है। समझौते के बावजूद ईरान ने जहाजों पर हमला क्यों किया और क्या ये दांव महंगा पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ईरान और अमेरिका के शांति समझौते में क्या तय हुआ था?जवाबः करीब 4 महीने की जंग के बाद 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान ने 14 पॉइंट्स का MoU साइन किया। इस पर अगले 60 दिनों में फाइनल डील होनी थी। समझौते में 3 पॉइंट्स सबसे अहम थे- 1. होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध आवाजाहीः ईरान बिना कोई शुल्क लिए 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का इंतजाम करेगा। ईरान और ओमान साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करेंगे। साथ ही 30 दिनों के अंदर स्ट्रेट के मुख्य रास्ते में बिछी माइन्स और दूसरी तकनीकी रुकावटों को हटाया जाएगा। 2. ईरान को 300 बिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज: अमेरिका खाड़ी देशों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निमाण के लिए 300 बिलियन डॉलर, यानी करीब 28 लाख करोड़ का फंड देगा। अगले 60 दिनों की बातचीत में इसका फ्रेमवर्क तय किया जाएगा। 3. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत: ईरान नए परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। संवर्धित यूरेनियम का क्या करना है, इस पर दोनों देश अगले 60 दिनों में बातचीत करके सहमति पर पहुंचेंगे। सवाल-2: समझौते के बावजूद ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तेल टैंकरों पर हमला क्यों किया?जवाबः ईरान की बेसब्री के पीछे एक्सपर्ट्स 3 प्रमुख वजह मानते हैं… 1. ईरान को लगा होर्मुज उसके हाथ से निकल रहा है 2. लेबनान में ईरान का प्रभाव कम होने की आशंका 3. ईरान को फंड न मिलने की बेचैनी, रकम भी घट रही सवाल-3: क्या ईरान ने इस बार जरूरत से ज्यादा जोखिम वाला दांव खेल दिया है?जवाबः 6 जुलाई को होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर ईरान का हमला आक्रामक दांव माना जा रहा है… ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी है कि उनके एक हमले के बदले अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। उन्होंने ईरान की लीडरशिप को नीच और पागल बताया। यह भी कहा कि उनकी नजर में सीजफायर खत्म हो चुका है। अमेरिका ने लगातार 2 दिन तक ईरान पर करीब 170 हमले किए। 3 लोगों की मौत हुई। सवाल-4: जहाजों पर ईरान के हमले से अमेरिका इतना आक्रामक क्यों हो गया?जवाबः होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, यानी किसी एक देश का इस पर कंट्रोल नहीं है। लेकिन ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाना चाहता है। अमेरिका इसके खिलाफ है। अमेरिका ने समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी ली है। इसके लिए 1979 में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन प्रोग्राम की भी शुरुआत की, जिसके तहत क्रिटिकल चोकपॉइंट्स पर अमेरिका अपने नौसैनिक जहाज भेजकर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है। होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दुनिया में तेल व्यापार के रास्तों पर 7 और चोकपॉइंट्स हैं। यहां से दुनिया के करीब 52% कच्चे तेल का व्यापार होता है। इनमें पनामा कैनाल, स्वेज कैनाल, मलक्का स्ट्रेट जैसे पॉइंट शामिल हैं। अगर ईरान होर्मुज में फीस वसूलने लगे, तो बाकी चोकपॉइंट्स पर भी क्षेत्रीय ताकतें ऐसा ही करने लगेंगी। इससे पूरी दुनिया के कारोबार पर असर पड़ेगा। अप्रैल 2026 में इंडोनेशिया के वित्त मंत्री पुरबाया युधि सदेवा मलक्का स्ट्रेट से गुजरने वाले जहजों से टोल लेने का सुझाव भी दे चुके हैं। सवाल-5: अब शांति समझौते का क्या होगा, क्या ये सिर्फ दिखावा था?जवाबः अमेरिका-ईरान के बीच हुआ शांति समझौता कभी पूरी तरह से शांति के लिए था ही नहीं। सीनियर जर्नलिस्ट और विदेश मामलों के जानकार मार्क चैंपियन के मुताबिक, इस समझौते की भाषा जानबूझकर अस्पष्ट रखी गई, ताकि दोनों ही पक्षों को अपने मकसद पूरे करने के लिए दूसरे तरीकों की गुंजाइश बनी रहे। शांति समझौते में साफ-साफ शर्तें होती हैं। जैसे- कौन कब क्या करेगा, कोई उल्लंघन कैसे तय होगा, निगरानी कौन करेगा। अमेरिका-ईरान समझौते में में साफ नहीं था कि हॉर्मुज में 'मुक्त आवाजाही' का मतलब क्या है? क्या ईरान वहां टोल वसूल सकता है? गश्त कर सकता है? किन शर्तों पर जंग पूरी तरह खत्म होगी? तेल प्रतिबंधों में छूट कितनी पक्की है? अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिन के लिए प्रतिबंध हटाए थे, लेकिन महज 20 दिन बाद ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ये अस्थायी छूट वापस ले ली और अगस्त तक तेल बिक्री की इजाजत देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया। CSIS के जियोस्ट्रैटजी एक्सपर्ट जॉन बी. अल्टरमैन मानते हैं कि दोनों पक्षों ने जंग की मूल जड़- परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता, प्रतिबंध, होर्मुज पर नियंत्रण वगैहर को सुलझाए बिना सिर्फ हथियार डालने का समय तय किया, इसीलिए यह इतनी जल्दी टूट गया। सवाल-6: क्या वाकई जंग दोबारा शुरू हो चुकी है, आगे क्या होगा?जवाबः ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे 3 जहाजों पर हमला किया। अगली रात अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। IRGC ने भी पलटवार करते हुए बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दागीं। कुल मिलाकर आंख के बदले आंख का खेल चल रहा है। हालांकि अभी ये लिमिटेड स्ट्राइक हैं, पूरी तरह जंग में नहीं बदलीं। अब आगे 2 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. लिमिटेड स्ट्राइक बढ़ते-बढ़ते पूर्ण यूद्ध में बदल जाएं 2. हमले रुकें और समझौते पर दोबारा बात शुरू हो हालांकि ईरानी जर्नलिस्ट सैयद मुस्तफा खोशचेश्म मानते हैं कि बातचीत चलने के बावजूद ईरान की तरफ से दुश्मनी और अविश्वास कभी खत्म नहीं हुआ है, यानी बातचीत की मेज पर बैठना अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं। ----------- ये खबर भी पढ़िए… भारत को तेल बेचने वाला रूस, अब तेल खरीदने पर क्यों मजबूर; क्या यूक्रेन ने सभी रिफाइनरी तबाह कीं दुनिया भर के देशों को कच्चा तेल बेचने वाला रूस अब दूसरे देशों से पेट्रोल मंगवाने को मजबूर है। भारत से भी पेट्रोल के कई टैंकर भेजे जाने की खबरें हैं। रूसी पेट्रोल पंपों पर पहली बार लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। पेट्रोल खरीदने पर पाबंदियां लागू हैं। इसकी वजह है- यूक्रेन के हमले। पूरी खबर पढ़िए…
62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल
तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है। Legendary Bowler Curtly Ambrose at the age of 62: pic.twitter.com/AU0ThJkZrt — CricInformer (@CricInformer) July 9, 2026 एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी। एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है। एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है। वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।
रिश्तों की गर्माहट और एक बिल्ली की प्यारी कहानी लेकर आ रही है 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी'
आज के दौर में जब बड़े बजट की एक्शन और थ्रिलर फिल्मों का दबदबा है, वहीं एक ऐसी फिल्म दर्शकों के बीच आने वाली है जो रिश्तों की गर्माहट, परिवार के जुड़ाव और जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को पर्दे पर उतारने का वादा करती है। फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' अपनी सादगी और भावनात्मक कहानी से दर्शकों का ध्यान खींच सकती है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि इंसानों और उनके रिश्तों के बीच खोते जा रहे अपनापन को फिर से महसूस कराने की कोशिश करती नजर आ रही है। निर्माताओं का मानना है कि सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली के बीच जहां पारिवारिक रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, यह फिल्म उसी पुराने अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव को वापस लाने की कोशिश करेगी। इस फिल्म में दर्शकों को एक ऐसी दुनिया की झलक मिलेगी, जहां आधुनिक रिश्तों की जटिलताएं, परिवार के बदलते समीकरण और एक खास बिल्ली म्याऊज़ाकी कहानी का अहम हिस्सा बनकर सामने आती है। कहानी ऐसे रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है जहां समय के साथ प्यार के मायने बदलते हैं, परिवार में दूरियां आती हैं और फिर कुछ खास रिश्ते लोगों को दोबारा जोड़ देते हैं। साथ बैठकर खाना खाना, सड़क यात्राएं, पारिवारिक समारोह, अलग-अलग सोच रखने वाले लोग और रिश्तों के बीच की खामोशियां फिल्म की भावनात्मक दुनिया को सामने लाती हैं। इसकी सहजता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत नजर आती है। मुंबई की पृष्ठभूमि और मानसून के खूबसूरत माहौल में बनी यह फिल्म जिंदगी की उन छोटी बातों को महत्व देती है, जो बड़े रिश्तों की नींव बनती हैं। फिल्म बदलाव, अपनापन और उन अनजान मुलाकातों की कहानी कहती है जो कभी-कभी इंसान की पूरी जिंदगी बदल देती हैं। इस पूरी यात्रा में म्याऊज़ाकी सिर्फ एक बिल्ली नहीं बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आती है। माना जा रहा है कि फिल्म में म्याऊज़ाकी नाम की बिल्ली का नाम मशहूर जापानी फिल्मकार हायाओ मियाज़ाकी से प्रेरित है। हालांकि, कहानी में इस किरदार की भूमिका सिर्फ एक पालतू जानवर तक सीमित नहीं दिखाई देती, बल्कि यह इंसानों के बीच प्यार, संवेदना और जुड़ाव का प्रतीक बनकर उभरती है। फिल्म में नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ अनुभवी सितारे भी नजर आएंगे। इसमें मेधा शंकर, सिद्धार्थ मेनन और विधात्री बांदी जैसे युवा कलाकार शामिल हैं। वहीं आदिल हुसैन, मंदिरा बेदी, नासर और नफीसा अली जैसे दिग्गज कलाकार फिल्म को मजबूती देते हैं। 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' का लेखन और निर्देशन पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति ने किया है। एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता समीक्षा ओसवाल और शेल ओसवाल हैं। 'मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी' 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ऑरिजिनल सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' के वर्ल्डवाइड प्रीमियर की घोषणा कर दी है। इस सीरीज़ के निर्देशक हिमांक गौर हैं, जिसे इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर्स बिस्वपति सरकार और समीर सक्सेना ने पोशम पा पिक्चर्स के बैनर तले मिलकर बनाया है। सात एपिसोड वाली इस कॉमेडी सीरीज़ की कहानी बिस्वपति सरकार, अक्षय अस्थाना, नूपुर पाई, तत्सत पांडे और मेघना श्रीवास्तव ने मिलकर लिखी है। बेहतरीन कलाकार के के मेनन की मुख्य भूमिका वाली इस सीरीज़ में अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, अभिमन्यु सिंह, देवेन भोजानी, अजितेश गुप्ता, अन्नपूर्णा सोनी, और प्राची शाह जैसे कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए हैं। ALSO READ: ऋत्विक पारीक की फिल्म 'डुग डुग' प्राइम वीडियो पर हुई रिलीज, ग्लोबल ऑडियंस के बीच मिलेगी नई पहचान इस सीरीज़ का वर्ल्डवाइड प्रीमियर भारत के साथ-साथ दुनिया भर के 240 देशों एवं क्षेत्रों में 24 जुलाई को सिर्फ़ प्राइम वीडियो पर हिंदी में अंग्रेज़ी सबटाइटल के साथ होगा। A post shared by prime video IN (@primevideoin) आदर्श बाल विद्यालय की कहानी, एक बदहाल स्कूल में ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) नाम के एक बेफिक्र स्वभाव वाले हेडमास्टर के इर्द-गिर्द घूमती है। कैंब्रिज में होने वाले एक बड़े सरकारी ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बनने की उनकी चाहत ऐसा कमाल करती है, कि वो स्कूल की हालत सुधारने के अनदेखे सफर पर निकल पड़ते हैं। शहर के सबसे पिछड़े स्कूलों में से एक की किस्मत बदलने के लिए जब वो शिक्षकों की एक अनोखी टीम को साथ लाते हैं, तो उनका सामना रोज़मर्रा की चुनौतियों से होता है - जैसे क्लासरूम में शोर मचाते बच्चे, संसाधनों की कमी, माता-पिता की बेरुखी और कामकाज में आने वाली मुश्किलें। यह सीरीज़ हंसी-मज़ाक के साथ जज़्बातों को खूबसूरती से जोड़ती है और दिखाती है कि कैसे एक कमज़ोर समझे जाने वाले संस्थान को भी नया जीवन मिल सकता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और ऑरिजिनल्स के हेड, निखिल मधोक ने कहा, आदर्श बाल विद्यालय बेहद मज़ेदार और जोश से भरी कॉमेडी सीरीज़ है, जो हमारे सिस्टम की गड़बड़ियों और कमियों को सामने लाती है जिसे वहाँ के लोगों की अपनी कोशिशों से अब तक संभाल रखा है। इस कहानी का अंदाज़ मज़ेदार, दिल को छूने वाला और हर किसी को अपना सा लगने वाला है। आदर्श बाल विद्यालय के को-क्रिएटर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर, बिस्वपति सरकार एवं समीर सक्सेना ने बताया, इसकी शुरुआत बस एक छोटे-से आइडिया से हुई थी — एक ऐसे स्कूल की कहानी बयां करना जो हर पैमाने पर नाकाम दिखाई दे रहा है, लेकिन फिर भी ये कुछ ऐसे लोगों के दम पर टिका हुआ है जो रोज़ वहां आते हैं और अपनी तरफ से कोशिश करते रहते हैं। यह सीरीज़ एक बदहाल स्कूल के अंदर कुछ हंसाने वाले लम्हों और उलझी हुई दुनिया के साथ रोज़मर्रा की चुनौतियों को सामने लाती है, साथ ही उन शिक्षकों और छात्रों के जज़्बे को भी दिखाती है जो एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते।
Chaturmas 2026: चातुर्मास में क्या करना चाहिए? जानें पुण्य कमाने के तरीके
Chaturmas Benefits: 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है और इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है। इन चार महीनों यानी श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक में भले ही शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन आध्यात्मिक प्रगति, साधना और पुण्य कमाने के लिए यह पूरे साल का सबसे शक्तिशाली समय माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर ईश्वर के प्रति समर्पण बढ़ा सकता है। ALSO READ: चातुर्मास 2026: सिद्धि की कामना है तो इन 4 कार्यों को न भूलें पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास में किए गए व्रत, दान और भक्ति का फल आम दिनों की तुलना में हजार गुना अधिक मिलता है। यदि आप भी इस अवधि का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इन 6 तरीकों से अथाह पुण्य कमा सकते हैं: 1. मंत्र जाप, स्वाध्याय और मानसिक साधना चूंकि इन दिनों भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं और सृष्टि का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं, इसलिए दोनों देवों की आराधना का यह महापर्व है। इन दिनों प्रतिदिन सुबह या शाम को भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या महाकाल के मंत्र ॐ नमः शिवाय का कम से कम एक माला (108 बार) जाप जरूर करें। पुण्य का तरीका: इस दौरान रोज 'विष्णु सहस्रनाम', 'शिवपुराण' या 'रामचरितमानस' के कुछ पन्नों का पाठ या स्वाध्याय करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। 2. 'दीपदान' का महापुण्य चातुर्मास में प्रकाश/ रोशनी का दान करना शास्त्रों में सबसे बड़ा पुण्य कर्म बताया गया है। इससे जीवन का अंधकार और पितृ दोष दूर होते हैं। अत: इन चार महीनों में रोज शाम के समय तुलसी के पौधे के पास, घर के मुख्य द्वार पर, पास के किसी मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे घी या सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। कार्तिक मास में नदी या तालाब में दीप प्रवाहित करने या नदी दीपदान का भी विशेष महत्व है। 3. सात्विक भोजन का संकल्प चातुर्मास का सीधा संबंध हमारी शारीरिक और मानसिक शुद्धि से है। इन दिनों इंद्रियों पर नियंत्रण रखना सबसे बड़ा तप है। पूरे चार महीने दिन यदि संभव हो, तो केवल एक बार भोजन करने का संकल्प लें, जिसे शास्त्रों में 'एकभुक्त व्रत' कहा जाता है। पुण्य का तरीका: अगर ऐसा करना कठिन हो, तो कम से कम पूरी तरह से सात्विक भोजन अपनाएं। लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा का पूरी तरह त्याग कर दें। ऐसा करने से न केवल पुण्य मिलता है बल्कि वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक 4. मौसम के अनुकूल वस्तुओं का दान शास्त्रों के अनुसार, दान हमेशा सामने वाले की जरूरत और मौसम के हिसाब से होना चाहिए। चातुर्मास चूंकि मानसून और सर्दियों के शुरुआती दौर में आता है, इसलिए इस समय दान का विशेष महत्व है। इस अवसर पर जरूरतमंदों और गरीबों को छाता, सूती अथवा गर्म कपड़े, चप्पल, पानी का घड़ा और अनाज का दान करें। चातुर्मास के दौरान भूखों को भोजन कराना साक्षात नारायण की सेवा के बराबर माना गया है। 5. गौ सेवा/ गायों की सेवा और जीव दया हिंदू धर्म में गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। चातुर्मास के दौरान मूक पशुओं की सेवा से भाग्य के बंद दरवाजे खुलते हैं। नियमित रूप से गौशाला जाकर गायों को हरा चारा, गुड़ या रोटी खिलाएं। इसके अलावा, बारिश के मौसम में पक्षियों के लिए दाना और पानी का इंतजाम अपनी छत या बालकनी में जरूर करें। 6. 'भूमि शयन' और सादगी भरा जीवन चातुर्मास हमें अपनी सुख-सुविधाओं और अहंकार को छोड़कर सादगी से जीना सिखाता है। इन चार महीनों में बिस्तर या आलीशान गद्दों का त्याग करके जमीन पर चटाई या पतले गद्दे पर सोने यानी भूमि शयन का नियम बनाएं। इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपनी वाणी पर संयम रखें, किसी की चुगली, निंदा या किसी को अपशब्द न बोलें। चातुर्मास का असली उद्देश्य खुद को भीतर से शुद्ध करना है। इस दौरान आप जितना शांत रहेंगे, जितना दान करेंगे और जितनी सादगी से जिएंगे, उतना ही आपका मानसिक तनाव कम होगा और भगवान श्री हरि विष्णु व देवों के देव महादेव की असीम कृपा आपको प्राप्त होगी। चातुर्मास-FAQs 1. चातुर्मास क्या होता है? चातुर्मास चार महीनों की वह अवधि है जो देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलती है। 2. चातुर्मास में किस देवता की पूजा की जाती है? इस अवधि में मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा और आराधना की जाती है। 3. चातुर्मास में जप-तप का क्या महत्व है? मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?
अल्लू अर्जुन और लोकेश कनगराज की 'AA23' का लुक टेस्ट जल्द होगा रिवील, जानिए पूरी डिटेल!
अल्लू अर्जुन वाकई में सबसे बड़े पैन-इंडिया सुपरस्टार्स में से एक हैं। 'पुष्पा' फ्रैंचाइज़ी की शानदार सफलता के साथ एक नया बेंचमार्क सेट करने के बाद, उन्होंने अपनी अपकमिंग फिल्म 'राका' को लेकर लोगों के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है, जिसके फर्स्ट लुक ने पहले ही सोशल मीडिया पर भारी तहलका मचा दिया है। हालांकि, जहां हर कोई इस फिल्म से और अपडेट्स देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, वहीं सुपरस्टार लोकेश कनगराज के साथ अपने अगले एक्साइटिंग कोलाबोरेशन के लिए भी तैयारी कर रहे हैं, जिसका टेंटेटिव टाइटल 'AA23' है। अल्लू अर्जुन जब भी कोई अपडेट शेयर करते हैं, तो तूफान आना तय होता है, और ऐसा लग रहा है कि वह एक बार फिर से ऐसा ही कुछ करने की तैयारी में हैं। ALSO READ: जब एसएस राजामौली ने प्रभास को दी थी घर पर घोड़ा पालने की सलाह, 'बाहुबली' से पढ़ें यह मजेदार किस्सा! एक इंडिपेंडेंट इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, AA23 के मेकर्स एक बीटीएस (बिहाइंड द सीन्स) वीडियो रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें अल्लू अर्जुन का लुक टेस्ट दिखाया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर लोकेश कनगराज ने हाल ही में यह लुक टेस्ट किया है और आने वाले दिनों में इस फुटेज को सामने लाया जा सकता है। सोर्स ने आगे बताया, यह वीडियो फिल्म का ऑफिशियल टाइटल अनाउंसमेंट टीज़र नहीं होगा, बल्कि एक प्रमोशनल झलक होगी जो फैंस को इस अपकमिंग एक्शन एंटरटेनर का एक शुरुआती लुक देगी। हालांकि, मेकर्स की तरफ से अभी तक इसकी ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी है। 'AA23' के अनाउंसमेंट टीज़र में अल्लू अर्जुन को वह सिग्नेचर सिल्वर कड़ा पहने हुए देखा गया है जो अक्सर लोकेश कनगराज की फिल्मों से जुड़ा होता है, जो एक स्टाइलिश और वेस्टर्न-इंस्पायर्ड लुक की तरफ इशारा करता है। इस फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर अनिरुद्ध रविचंदर कंपोज करेंगे, जो अल्लू अर्जुन के साथ उनका पहला कोलाबोरेशन होगा। इसके अलावा, हीसेनबर्ग द्वारा लिखे गए '23 थीम' ने रिलीज के बाद ऑनलाइन काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अल्लू अर्जुन ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'राका' के अनाउंसमेंट के साथ एक बार फिर देश भर में तहलका मचा दिया है। भले ही यह उनके नए अवतार का सिर्फ एक पोस्टर रिवील था, लेकिन यह देश भर में एक सनसनी बन गया और अब तक के सबसे बड़े कैरेक्टर रिवील्स में से एक साबित हुआ। अब, देश भर के दर्शक उन्हें बड़े पर्दे पर और ज्यादा देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सफेद बाल, चेहरे पर गजब की शालीनता और बेहद फर्राटेदार अंग्रेजी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक आलीशान 7 मंजिला लग्जरी होटल में जब यह 69 साल का बुजुर्ग पहुंचा, तो उसकी रईसी देखकर होटल के बड़े-बड़े अधिकारियों को भी उस पर रत्ती भर शक नहीं हुआ। वह दो दिनों तक होटल में पूरे ठाठ-बाठ से रहा और फिर दो बैग लेकर चुपचाप नौ दो ग्यारह हो गया। जब होटल स्टाफ को असलियत का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बुजुर्ग न सिर्फ ₹63,755 का बिल चुकाए बिना भागा था, बल्कि स्टाफ का एक कीमती लैपटॉप भी पार कर गया था। यह शातिर कहानी है विंसेंट जॉन (Vincent John) की, जिसने पिछले तीन दशकों से देश के सैकड़ों फाइव-स्टार होटलों को चूना लगाकर पुलिस की नाक में दम कर रखा था।टूरिस्ट गाइड से कैसे बना लग्जरी होटलों का सबसे बड़ा ठग?विंसेंट जॉन मूल रूप से तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले का रहने वाला है। एक अच्छे इंग्लिश मीडियम स्कूल से पढ़ा-लिखा विंसेंट अविवाहित है। 1980 के दशक में उसने दिल्ली में एक टूरिस्ट गाइड के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। गाइड होने की वजह से उसे अक्सर बड़े और महंगे होटलों में मुफ्त में रुकने का मौका मिलता था। बस यहीं से उसे फाइव-स्टार लाइफस्टाइल और आलीशान होटलों में रहने का चस्का लग गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह अब तक दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोवा और केरल समेत देश के कई राज्यों के बड़े होटलों में लाखों की चपत लगा चुका है।जिलत का बदला लेने के लिए चुना जुर्म का रास्ता, चार्ल्स शोभराज को माना गुरुआखिर इस पढ़े-लिखे बुजुर्ग ने ठगी का यह रास्ता क्यों चुना? जांच अधिकारी पीयूष बघेल ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में एक आलीशान होटल के मैनेजमेंट ने विंसेंट को किसी बात पर बुरी तरह जलील (Insult) किया था। विंसेंट ने इस बेइज्जती को अपने दिल पर ले लिया और ठान लिया कि वह इन बड़े-बड़े होटलों से इसका बदला लेगा और कभी इन्हें एक रुपया भी नहीं देगा। वह पहली बार साल 1996 में दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा था। तिहाड़ जेल में रहने के दौरान उसने दुनिया के मशहूर ठग और बिकनी किलर चार्ल्स शोभराज (Charles Sobhraj) की कहानियां सुनीं और उसके शातिर दिमाग का ऐसा फैन हुआ कि उसने ठगी को ही अपना फुल-टाइम प्रोफेशन बना लिया।'अखबारों से भरा बैग और झूठा रोब' — ठगी का बेहद शातिर स्टाइलविंसेंट जॉन के ठगी करने का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है। वह होटलों में कभी योगा टीचर, कभी इंग्लिश प्रोफेसर तो कभी कॉर्पोरेट इवेंट ऑर्गेनाइजर बनकर बड़ी ही धमक के साथ एंट्री लेता था। होटल आते वक्त उसके पास हमेशा दो वीआईपी बैग होते थे। एक बैग में उसका असली सामान होता था और दूसरे बैग में वह केवल रद्दी अखबार या भारी तकिए भरकर रखता था। वह सुरक्षा जांच के समय स्टाफ को अपना बैग कभी छूने नहीं देता था। जब उसे होटल से रफूचक्कर होना होता था, तब वह अखबारों वाला बैग कमरे में ही छोड़ जाता था ताकि हाउसकीपिंग स्टाफ को लगे कि मेहमान अभी होटल में ही रुका हुआ है और कोई शक न करे।रायपुर के 5-स्टार होटल में ऐसे किया कांड, ₹1.48 लाख का लैपटॉप उड़ायारायपुर के फाइव-स्टार होटल में विंसेंट एक बड़ा इवेंट ऑर्गेनाइजर बनकर रुका था। अपनी मीठी बातों और अंग्रेजी के रौब से उसने होटल के एक भोले-भाले कर्मचारी को जाल में फंसाया और उसे एक बड़ी कंपनी में ऊंची सैलरी वाली नौकरी का लालच दिया। इसी बहाने उसने उस कर्मचारी का ₹1.48 लाख का कीमती लैपटॉप उड़ा लिया। होटल में रुकने के दौरान उसने महंगी विदेशी शराब और सिगरेट्स के ऑर्डर दिए, जबकि वह असल जिंदगी में न तो शराब पीता है और न ही स्मोक करता है। भागने से पहले उसने रिसेप्शन पर झूठ कहा कि उसका बेटा भी आने वाला है, इसलिए एक और कमरा बुक कर दें और मौका मिलते ही वह बिल दिए बिना गायब हो गया।पुलिस के सामने रोने का नाटक; बदनामी के डर से केस नहीं करते थे होटलचोरी किए गए लैपटॉप को तुरंत बेचकर विंसेंट ट्रेन से ओडिशा के भुवनेश्वर भाग गया था, लेकिन रायपुर पुलिस की मुस्तैद टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने वह बेहद सीधा, शरीफ और पछतावे से भरा चेहरा बना लेता है। उसने पुलिस से रोते हुए कहा, साहब, यह मेरा आखिरी गुनाह था, अब मैं सुधरकर गोवा के किसी ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) में अपनी बाकी जिंदगी बिताना चाहता हूँ। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह विंसेंट का पुराना पैंतरा है और वह हर बार पकड़े जाने पर यही इमोशनल ड्रामा करता है। देश के कई बड़े फाइव-स्टार होटल अपनी साख और बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते थे, जिसका फायदा विंसेंट पिछले 30 सालों से उठा रहा था।
अमरीकी हमलों की दूसरी रात के बाद ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप को चेताया, हमला करोगे तो जवाब मिलेगा
तेहरान। अमरीका और ईरान के बीच लगातार दूसरी रात हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का दायरा होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़ाते हुए ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर चाबहार तक कर दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड […] The post अमरीकी हमलों की दूसरी रात के बाद ईरानी नेतृत्व ने ट्रंप को चेताया, हमला करोगे तो जवाब मिलेगा appeared first on Sabguru News .
महाप्रभु जगन्नाथ: रथ यात्रा के पावन अवसर पर सिनेमाघरों में होगी रिलीज
आस्था, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को भव्य एनिमेशन के जरिए बड़े पर्दे पर उतारने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' अब 17 जुलाई 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। खास बात यह है कि फिल्म 16 जुलाई को होने वाली पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के ठीक अगले दिन दर्शकों के बीच पहुंचेगी। 'महाप्रभु जगन्नाथ' एक पारिवारिक एनिमेटेड फिल्म है, जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को आधुनिक एनिमेशन तकनीक के साथ पेश किया गया है। फिल्म का उद्देश्य बच्चों से लेकर बड़ों तक हर आयु वर्ग के दर्शकों को एक साथ जोड़ना है। इस फिल्म का निर्माण दुर्गा प्रसाद दलई ने एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले किया है। यह उनकी लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज 'जय जगन्नाथ' की विरासत को आगे बढ़ाती है, जिसे टेलीविजन पर प्रसारण के दौरान लाखों दर्शकों का प्यार मिला था। 300 से ज्यादा स्क्रीन पर होगी रिलीज फिल्म को देशभर में बड़े स्तर पर रिलीज करने के लिए सिनेपोलिस के साथ साझेदारी की गई है। 'महाप्रभु जगन्नाथ' को 300 से अधिक स्क्रीन पर हिंदी, ओड़िया और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। इसके अलावा फिल्म चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। मजबूत टीम ने संभाली जिम्मेदारी फिल्म का निर्देशन श्रीपाद वारखेडकर ने किया है, जबकि इसकी कहानी और संवाद पल्लवी शर्मा ने लिखे हैं। निर्माताओं का दावा है कि कहानी भावनात्मक रूप से बच्चों और बड़ों, दोनों को जोड़ने में सफल होगी। वहीं, अविरल कुमार का संगीत फिल्म के आध्यात्मिक और भव्य माहौल को और प्रभावशाली बनाता है। 2008 से उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट बना रही है कंपनी भुवनेश्वर स्थित एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2008 से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला एनिमेटेड कंटेंट तैयार कर रही है। अब कंपनी 'महाप्रभु जगन्नाथ' के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान जगन्नाथ की परंपरा को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में प्रस्तुत करने जा रही है। रथ यात्रा के पावन अवसर पर रिलीज होने वाली यह फिल्म आस्था, संस्कृति और आधुनिक एनिमेशन का ऐसा संगम पेश करने का दावा करती है, जो पूरे परिवार के लिए यादगार सिनेमाई अनुभव बन सकता है।
निसान ने दुनिया के लिए पेश की भारत में बनी नई टेकटॉन, कीमत 10.49 लाख रुपए से शुरू
नई दिल्ली। जापानी कार निर्माता कंपनी निसान मोटर की भारतीय इकाई निसान मोटर इंडिया ने गुरुवार को भारत में आयोजित विश्व प्रीमियर के दौरान नयी निसान टेकटॉन बाजार में पेश की। इस साल भारत में पेश किया गया यह निसान का दूसरा नया मॉडल है। यह दो इंजन विकल्पों टर्बो टी160 औ टर्बो टी280 में […] The post निसान ने दुनिया के लिए पेश की भारत में बनी नई टेकटॉन, कीमत 10.49 लाख रुपए से शुरू appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : नाबालिग पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने ही नाबालिग पुत्र की हत्या करने के आरोपी को गुरुवार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विपिन बिश्नोई ने अभियुक्त राजकुमार उर्फ निक्कू को शराब के नशे में उसके 13 वर्षीय पुत्र […] The post श्रीगंगानगर : नाबालिग पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में पुत्र ने चाकू से वार करके मां को मार डाला
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक व्यक्ति ने मां की चाकुओं के वार से हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ राजवीर (28) ने अपनी मां प्रभाती देवी (59) पर चाकुओं के कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर […] The post झुंझुनूं में पुत्र ने चाकू से वार करके मां को मार डाला appeared first on Sabguru News .
आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर नोएडा के रहने वाले 56 वर्षीय मनोज की एक बेहद भावुक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। अपनी जिंदगी के 14 कीमती साल एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी को देने के बाद मनोज को अचानक ले-ऑफ (नौकरी से निकालना) का शिकार होना पड़ा। आज वह अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए सड़कों पर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करने को मजबूर हैं। उनकी इस आपबीती ने भारतीय जॉब मार्केट में उम्रदराज लोगों के रोजगार और कॉर्पोरेट कंपनियों के रवैये पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।एक नॉर्मल डिलीवरी और खुल गया 14 साल की नौकरी का दर्दयह पूरी कहानी तब दुनिया के सामने आई जब सोशल आंत्रप्रेन्योर किरण वर्मा ने नोएडा में एक जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए 'पॉर्टर' (Porter) ऐप से एक डिलीवरी पार्टनर बुक किया। किरण को लगा कि यह एक आम डिलीवरी होगी, लेकिन जब उनके सामने सफेद बालों वाले 56 साल के बुजुर्ग मनोज आए, तो वह हैरान रह गए। सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ मनोज के चेहरे पर एक अजीब सी बेबसी थी। बातचीत के दौरान मनोज ने मुस्कुराते हुए किरण से कहा, बेटा, आज दिनभर कोई काम ही नहीं था, बस इसी ऑर्डर के इंतजार में बैठा था।टाटा एआईए में थे एडमिन, 2023 की मंदी में छिनी नौकरीकिरण वर्मा की लिंक्डइन पोस्ट के मुताबिक, मनोज ने बताया कि वह साल 2023 तक मशहूर कंपनी 'टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस' (Tata AIA Life Insurance) के एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां लगातार 14 साल तक अपनी वफादार सेवाएं दी थीं। लेकिन 2023 में जब कॉर्पोरेट जगत में ले-ऑफ की आंधी आई, तो उन्हें अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। नौकरी जाने के बाद मनोज ने दर्जनों कंपनियों में इंटरव्यू दिए, लेकिन 56 साल की उम्र और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण किसी भी कंपनी ने उन्हें काम पर रखने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।हम तो सब्जी के करी पत्ते जैसे हैं... कॉर्पोरेट की कड़वी सच्चाईजब किरण ने उनसे अचानक नौकरी जाने के अनुभव के बारे में पूछा, तो मनोज ने एक ऐसा उदाहरण दिया जो हर नौकरीपेशा इंसान के दिल को छू गया। मनोज ने पुराने और वफादार कर्मचारियों की तुलना करी पत्ते से करते हुए कहा, बेटा, जब सब्जी बनाते हैं तो करी पत्ता स्वाद के लिए सबसे पहले डालते हैं, पर जब सब्जी पक कर तैयार हो जाती है और लोग उसे खाते हैं, तो सबसे पहले उस करी पत्ते को ही बाहर निकालकर फेंक देते हैं। उनका इशारा साफ था कि कंपनियां अनुभवी लोगों का इस्तेमाल तो भरपूर करती हैं, लेकिन संकट आने पर सबसे पहले उन्हें ही दूध की मक्खी की तरह निकाल देती हैं।सोशल मीडिया पर गिग इकॉनमी और एजिसम (Ageism) पर छिड़ी बहसकिरण वर्मा की यह पोस्ट देखते ही देखते लिंक्डइन पर वायरल हो गई, जिस पर हजारों प्रोफेशनल्स, एचआर और रिक्रूटर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस मामले पर खुद 'पॉर्टर' कंपनी ने भी कमेंट कर अपने डिलीवरी पार्टनर मनोज के जज्बे और मेहनत की तारीफ की है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह कहानी भारत के जॉब मार्केट का सबसे क्रूर और असली चेहरा दिखाती है, जहाँ एक उम्र के बाद अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए कोई जगह नहीं बचती और मजबूरन उन्हें गिग इकॉनमी (Gig Economy) यानी डिलीवरी और ड्राइविंग जैसे कामों में पसीना बहाना पड़ता है।
'द इंडिया स्टोरी' का नया पोस्टर हुआ रिलीज, गुस्साई भीड़ के बीच फंसे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े
सामाजिक मुद्दे पर आधारित आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' के निर्माताओं ने फिल्म का एक और प्रभावशाली पोस्टर जारी किया है, जिसने दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। ज़ी स्टूडियोज़ के सहयोग से एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी और निर्माण की जिम्मेदारी सागर बी. शिंदे ने संभाली है। कीटनाशक खेती और इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों जैसे संवेदनशील विषय को उठाने वाली यह फिल्म एक दिलचस्प कोर्टरूम ड्रामा के जरिए एक बड़े सामाजिक मुद्दे को सामने लाती है। रिलीज हुए नए पोस्टर में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े एक तनावपूर्ण और भावनात्मक स्थिति में नजर आ रहे हैं, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि फिल्म में उनके किरदार एक बड़ी सच्चाई को उजागर करने के लिए कठिन संघर्ष से गुजरते हैं। A post shared by Zee Studios (@zeestudiosofficial) सब्जी मंडी के माहौल में सेट यह पोस्टर डर, गुस्से और विरोध की तीव्र भावना को दर्शाता है। पोस्टर में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े को एक आक्रोशित भीड़ से घिरा हुआ दिखाया गया है, जहां गुस्साए विक्रेता उन पर उंगलियां उठा रहे हैं और सब्जियां फेंक रहे हैं। कलाकारों के चेहरे पर दिखता डर, हवा में उड़ती सब्जियां और उग्र भीड़ फिल्म में सच सामने लाने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों को बखूबी दर्शाते हैं। ऐसे में पोस्टर पर लिखा टैगलाइन स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस फिल्म के मुख्य विषय को और मजबूत करता है। यह एक ऐसे छिपे खतरे की ओर भी इशारा करता है, जो धीरे-धीरे लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विषय में निर्देशक चेतन डीके कहते हैं, यह पोस्टर सच बोलने की कीमत को दर्शाता है। जब किसी झूठ पर आधारित व्यवस्था को चुनौती दी जाती है, तो सबसे पहली प्रतिक्रिया अक्सर डर और गुस्से के रूप में सामने आती है। 'द इंडिया स्टोरी' का हर फ्रेम इसी संघर्ष को दिखाने और दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करने के लिए बनाया गया है कि वे क्या खा रहे हैं और किस पर विश्वास कर रहे हैं। इस फिल्म के सह-निर्माता स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धकड़े, एडिटर आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिजाइनर अनमोल भावे शामिल हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी।
गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?
गौतम गंभीर जबसे टीम इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर - सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था। हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी। 3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने। भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी। इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।
कब है गुरु पूर्णिमा 2026 में? जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व एक विशेष स्थान रखता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पावन उत्सव गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा, कृतज्ञता और आदर प्रकट करने का दिन है। गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो साधक को अज्ञान के तिमिर से निकालकर ज्ञान के आलोक की ओर ले जाते हैं। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी तिथियां, शुभ मुहूर्त, आध्यात्मिक महत्व और प्रामाणिक पूजन विधि। तिथि एवं शुभ मुहूर्त: पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 28 जुलाई 2026 को सायंकाल 06:18 बजे से पूर्णिमा तिथि का समापन: 29 जुलाई 2026 को रात्रि 08:05 बजे तक गुरु पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय: 29 जुलाई को प्रातः 05:41 से 09:05 तक का समय आराधना के लिए सर्वोत्तम है। चूँकि सनातन धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व है, इसलिए 29 जुलाई को पूरे दिन श्रद्धाभाव से गुरु वंदन किया जा सकता है। राहुकाल (वर्जित समय): दोपहर 12:27 से 02:08 तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार इस समयावधि में मुख्य पूजा करने से बचना चाहिए। गुरु पूर्णिमा का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व इस पावन पर्व की जड़े हमारे पौराणिक इतिहास और दर्शन से गहराई से जुड़ी हुई हैं: आदिगुरु महर्षि वेदव्यास की जयंती: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि पर चारों वेदों के वर्गीकरण कर्ता और महाभारत जैसे महान महाकाव्य के रचयिता महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास जी का अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है। वे मानव चेतना के आदिगुरु स्वीकार किए जाते हैं। महान आचार्यों का स्मरण: यह दिन सनातन परंपरा के उन महान स्तंभों को याद करने का भी है, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी; जैसे जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्य, श्री रामानुजाचार्य और श्री माधवाचार्य। अज्ञान के अंधकार का नाश: 'गुरु' शब्द स्वयं में एक महामंत्र है। यहाँ 'गु' का तात्पर्य अंधकार (अज्ञान) से है और 'रु' का अर्थ है उसका निरोध या विनाश करने वाला। जो शिष्य के जीवन से अज्ञानता को मिटा दे, वही गुरु है। ग्रह नक्षत्रों का शुभ प्रभाव: ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण वैभव में होता है। साथ ही, गुरु का सीधा संबंध देवगुरु बृहस्पति से है, जो बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति के कारक हैं। इस दिन गुरु कृपा से कुंडली के कई दोष स्वतः शांत हो जाते हैं। गुरु पूर्णिमा पूजन विधि: गुरु पूर्णिमा के दिन न केवल दीक्षा देने वाले गुरु, बल्कि माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों (जिन्हें हम अपना पहला गुरु मानते हैं) का पूजन किया जाता है। इसकी सरल एवं सात्विक विधि निम्नलिखित है: 1. पावन स्नान एवं संकल्प पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पूर्व (ब्रह्म मुहूर्त में) उठकर घर की साफ-सफाई करें। स्नान के पश्चात स्वच्छ, सात्विक वस्त्र (यदि संभव हो तो पीले या सफेद रंग के) धारण करें और व्रत या पूजा का मानसिक संकल्प लें। 2. देव-चौकी का निर्माण घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) या पूर्व दिशा में एक पवित्र चौकी स्थापित करें। उस पर पीला या श्वेत वस्त्र बिछाकर महर्षि वेदव्यास, भगवान विष्णु या अपने व्यक्तिगत दीक्षा-गुरु के चित्र को सुशोभित करें। 3. षोडशोपचार या पंचोपचार पूजन शुद्ध घी का दीपक और सुगंधित धूप प्रज्वलित करें। इसके बाद रोली, चंदन, अक्षत (बिना टूटे चावल), पुष्प और मौसमी फल अर्पित करें। गुरुदेव के प्रिय सात्विक नैवेद्य जैसे पीली मिठाई या मखाने की खीर का भोग लगाएं। 4. मंत्र साधना एवं दिव्य आरती एकाग्रचित्त होकर गुरु मंत्र (जैसे- गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरः...) का कम से कम 108 बार जाप करें। यदि आप किसी संप्रदाय से दीक्षित हैं, तो गुरु द्वारा दिए गए गुरुमंत्र का मानसिक स्मरण करें। अंत में कर्पूर जलाकर प्रेमपूर्वक आरती करें। 5. साक्षात वंदन एवं उपहार अर्पण यदि आपके गुरु साक्षात रूप में उपस्थित हैं, तो उनके चरण प्रक्षालन (धोकर) करें, तिलक लगाएं और यथाशक्ति वस्त्र, फल या दक्षिणा भेंट स्वरूप देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। यदि गुरु दूर हैं, तो मानस पूजा कर उन्हें मन ही मन प्रणाम करें। 6. परोपकार एवं दान की महिमा इस दिन की पूर्णता दान से होती है। पूजा के उपरांत असमर्थ व जरूरतमंद लोगों को धार्मिक पुस्तकें, अन्न, पीले वस्त्र या सामर्थ्य अनुसार धन का दान अवश्य करें। ऐसा करना आत्मिक शांति और समृद्धि प्रदायक माना जाता है।
गडग में मानसिक रूप से दिव्यांग महिला से बार-बार रेप, प्रेगनेंट होने पर खुला राज
गडग। कर्नाटक के गडग जिले में मानसिक रूप से एक दिव्यांग युवती के साथ कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता लगभग छह महीने की गर्भवती पाई गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार रोना तालुक के […] The post गडग में मानसिक रूप से दिव्यांग महिला से बार-बार रेप, प्रेगनेंट होने पर खुला राज appeared first on Sabguru News .

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