PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ
आबूरोड। रुपया डॉलर के मुकाबले धड़ल्ले से गिर रहा है ऐसे में आयात बिल बढ़ने लगा है। विदेशी निवेशक देश के शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। पेट्रोल और डीजल पर आयात निर्भरता के कारण ज्यादा डॉलर देने पड़ रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार पड़ रहे दोहरे दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री […] The post PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ appeared first on Sabguru News .
कर्णप्रयाग घटना पर दमदमी टकसाल और संत समाज का कड़ा रुख, निष्पक्ष जांच की मांग
अमृतसर। दमदमी टकसाल के प्रमुख एवं संत समाज के अध्यक्ष संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालु युवकों से जुड़े विवाद के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामलों और कथित पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। ज्ञानी खालसा ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि अब […] The post कर्णप्रयाग घटना पर दमदमी टकसाल और संत समाज का कड़ा रुख, निष्पक्ष जांच की मांग appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने योगाभ्यास करके स्वस्थ जीवन का दिया संदेश
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को यहां योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस योगाभ्यास में महिला पुलिस एवं कालिक पेट्रोलिंग यूनिट की कार्मिकों ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर […] The post भजनलाल शर्मा ने योगाभ्यास करके स्वस्थ जीवन का दिया संदेश appeared first on Sabguru News .
धूमावती जयंती 2026: मां धूमावती की पूजा से मिलेगा विशेष आशीर्वाद और सिद्धियों का वरदान
दस महाविद्याओं में सातवें स्थान पर विराजमान मां धूमावती का स्वरूप जितना रहस्यमयी है, उनका दिल उतना ही करुणामयी है। ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी के पावन मौके पर हर साल देवी धूमावती की जयंती मनाई जाती है, जो इस बार 22 जून 2026, सोमवार को आ रही है। उत्पत्ति की अलौकिक गाथा धुएं से प्राकट्य: यह उस समय की बात है जब माता सती ने अपने पिता के यज्ञ में पति भगवान शिव का अपमान होते देखा। क्रोध की अग्नि में जलकर उन्होंने खुद को भस्म कर लिया। उनके जलते हुए शरीर से जो तीव्र धुआं निकला, उसी से मां धूमावती का जन्म हुआ। महालक्ष्मी की ज्येष्ठा: इन्हें देवी लक्ष्मी की बड़ी बहन (अलक्ष्मी या ज्येष्ठा) भी माना जाता है। उग्रचण्डिका का प्राकट्य: नारद पाञ्चरात्र के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि मां धूमावती ने अपनी देह से 'देवी उग्रचण्डिका' को जन्म दिया था, जिनकी आवाज सैकड़ों गीदड़ियों की भयानक गूंज जैसी है। अजन्मा और कुमारी: दुर्गा सप्तशती के अनुसार, मां ने प्रतिज्ञा ली थी कि जो उन्हें युद्ध में हराएगा, वो उसी से विवाह करेंगी। ब्रह्मांड में कोई ऐसा वीर नहीं हुआ जो उन्हें परास्त कर सके, इसीलिए मां धूमावती हमेशा कुमारी रहीं। साधना की सरल विधि: कैसे करें प्रसन्न? अगर आप मां की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस विधि से उनकी आराधना करें: शुद्धिकरण: सुबह सवेरे उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। स्थापना: एक साफ चौकी पर मां धूमावती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। पूजन: माता को पूरी श्रद्धा के साथ धूप, दीप और नैवेद्य (भोग) अर्पित करें। मंत्र शक्ति: शांत मन से 'धूं धूं धूमावती स्वाहा' या 'ॐ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:' मंत्र का जाप करें। कथा और आरती: मां की महिमा की कथा पढ़ें या सुनें, फिर भाव से आरती उतारकर अपनी मनोकामना उनके चरणों में रख दें। विशेष हवन: इस महाविद्या की अचूक सिद्धि के लिए तिल और घी मिलाकर होम (हवन) किया जाता है। चमत्कारी सिद्धियां और लाभ: रहस्यमयी विद्या: मां धूमावती की साधना जीवन की दिशा और दशा बदल सकती है। इससे मिलने वाले आशीर्वाद कुछ इस प्रकार हैं: तांत्रिक विद्याओं में महारत: मां की कृपा से साधक उच्चाटन और मारण जैसी गुप्त व रहस्यमयी विद्याओं में पारंगत हो जाता है। आकर्षण और वशीकरण: इनकी पूजा से गजब की वशीकरण शक्ति हासिल होती है। दुखों और शत्रुओं का नाश: विरोधियों पर जीत मिलती है, घर की दरिद्रता कोसों दूर भागती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। सेहत और सुकून: गंभीर बीमारियों से परमानेंट मुक्ति मिलती है और अशांत मन को असीम मानसिक शांति का अनुभव होता है। सौभाग्य और संतान सुख: जीवन का दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है और सूनी गोद भरने की चाह रखने वाले दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। धूमावती जयंती के उपाय: धूमावती जयंती के दिन राई में सेंधा नमक मिला कर होम करने से शत्रूओं का समूल नाश हो जाता है। इस दिन नीम की पत्तियों का घी में मिलकर हवन करने से पुराने से पुराना कर्ज शीघ्र नष्ट होता है। इस दिन पर रक्तचंदन घिस कर शहद में मिलाकर, जौ से मिश्रित कर होम करने तो दुर्भाग्यशाली व्यक्ति का भाग्य भी चमक उठता है। धूमावती जयंती के दिन मीठी रोटी व शुद्ध घी से होम करने पर जीवन का बड़े से बड़ा संकट अतिशीघ्र नष्ट होता है। तथा रोगी व्यक्ति निरोग हो जाता हैं।
उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में दो धमाकों से दहला इलाका, 7 लोगों की मौत
कराची। उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो विस्फोटों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में यह धमाका हुआ, जिसकी सीमा अफगानिस्तान के पास अशांत उत्तरी वजीरिस्तान आदिवासी क्षेत्र […] The post उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में दो धमाकों से दहला इलाका, 7 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
मेट गाला में शिरकत करने गईं रिया कपूर को लगा झटका, करोड़ों के ईयररिंग्स हुए चोरी
मनोरंजन जगत और फैशन इंडस्ट्री को हैरान कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता और जानी-मानी फैशन स्टाइलिस्ट रिया कपूर के कीमती डायमंड और पन्ना जड़े झुमके चोरी हो गए हैं। चोरी गए इन आभूषणों की कुल कीमत लगभग 1.35 करोड़ रुपये आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये ईयररिंग्स रिया कपूर की सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट के हैंडबैग से गायब हुए हैं, जिसकी भनक टीम को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद लगी। मुंबई की सहार पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ियां जोड़ते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। ALSO READ: बॉक्स ऑफिस पर चला 'कॉकटेल 2' का जादू, फिल्म ने पहले दिन किया इतना कलेक्शन मेट गाला के लिए किराए पर लिए गए थे आभूषण जानकारी के अनुसार, अनिल कपूर की छोटी बेटी रिया कपूर को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित फैशन इवेंट 'मेट गाला' में आमंत्रित किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में स्टाइलिंग के लिए रिया कपूर की टीम ने मुंबई के दो बेहद नामचीन और बड़े ज्वैलर्स से भारी-भरकम कीमत के आभूषण रेंट पर लिए थे। इन आभूषणों को सुरक्षित रखने और ले जाने की जिम्मेदारी रिया के साथ पिछले सात सालों से काम कर रही उनकी भरोसेमंद सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट सवलीन सिंह को सौंपी गई थी। सवलीन ने इन दोनों आभूषणों के बॉक्स को अपने पर्सनल हैंडबैग में रखा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यूयॉर्क के होटल में खुला राज इस सफर और घटनाक्रम का जो टाइमलाइन सामने आया है, उसने पुलिस के सामने एक बड़ी पहेली खड़ी कर दी है। 27 अप्रैल को रिया कपूर, मेकअप आर्टिस्ट सवलीन सिंह और टीम के अन्य सदस्य रात करीब 10:25 बजे एमिरेट्स की फ्लाइट से मुंबई से दुबई के लिए रवाना हुए। 28 अप्रैल की सुबह टीम दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची और वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर अमेरिका के लिए उड़ान भरी। उसी शाम फ्लाइट न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई। टीम एयरपोर्ट से सीधे 'द पियरे होटल' पहुंची और चेक-इन किया। होटल के कमरे में पहुंचने के बाद जब मेकअप आर्टिस्ट सवलीन सिंह ने टीम की एक अन्य सदस्य शिरीन को ज्वेलरी सौंपने के लिए अपना हैंडबैग खोला, तो उनके होश उड़ गए। ज्वेलरी के दोनों डिब्बे पूरी तरह खाली थे और अंदर रखे बेशकीमती झुमके गायब हो चुके थे। ALSO READ: पुष्पा 2 प्रीमियर हादसा: अल्लू अर्जुन को मिला कोर्ट में हाजिर होने का आदेश, चार्जशीट में बनाए गए आरोपी नंबर 11 शिकायत के अनुसार, चोरी हुई ज्वेलरी में दो बेहद खास और एंटीक पीस शामिल थे। इमराल्ड स्टोन (पन्ना) और हीरे से जड़े सोने के झुमके, जिनकी कीमत 66 लाख रुपए है। जाम्बियन इमराल्ड स्टोन और सोने की बॉर्डर वाले बेहद कीमती झुमके, जिनकी कीमत 69 लाख रुपए है। दोनों की कुल कीमत 1.35 करोड़ रुपए है। इतनी बड़ी रकम के आभूषणों के अचानक गायब होने से पूरी टीम सन्न रह गई। इवेंट खत्म होने और मुंबई वापस लौटने के बाद, सवलीन सिंह ने तुरंत सहार पुलिस स्टेशन का रुख किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह चोरी चेक-इन लगेज से नहीं, बल्कि एक पर्सनल हैंडबैग से हुई है, इसलिए मुंबई पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चोरी किस जगह पर अंजाम दी गई?
इंदौर में महिला ने किया सुसाइड, उसके पहले छोटे भाई के साथ किया ये काम, सुसाइड नोट में लिखी सचाई
इंदौर में लोगों की आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तकरीबन रोजाना ही कोई न कोई शहर में आत्महत्या कर रहा है। गांधी नगर इलाके में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार शाम की है। मृतका की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट में लिखा है, पति को छोड़ने से पहले दुनिया छोड़नी होगी। इसके साथ भी लिखा है कि मैं आपके सबके लायक नहीं हूं, इसलिए जा रही हूं। परिजनों के मुताबिक आत्महत्या से पहले महिला ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर निकाल दिया था। वहीं, पति और जेठ ने दावा किया है कि महिला किसी युवक के संपर्क में थी और इसी बात को लेकर वह तनाव में रहती थी। गांधी नगर पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान अनिता (17) पति सूरज ठाकुर निवासी पालाखेड़ी कांकड़ के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शनिवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। भाई को चाकू दिखाकर भगाया : घटना के समय घर में अनिता और उसका 9 साल का छोटा भाई रोहन मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले अनिता ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर जाने के लिए कहा। जब वह बाहर नहीं गया तो उसने उसे डांटा और चाकू दिखाकर डरा दिया। इसके बाद रोहन घर के बाहर चला गया। रोहन काफी देर तक बाहर बैठा रहा, लेकिन जब अनिता ने दरवाजा नहीं खोला तो वह रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने परिवार को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग पहुंचे, तब तक मोहल्ले के लोगों ने अनिता को फंदे से नीचे उतार लिया था। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। Edited By: Naveen R Rangiyal
रेलवे में बिना टिकट या अनियमित यात्रा करना पड़ेगा दोगुना भारी, नए जुर्माना प्रावधान लागू
कोटा। रेलवे में नए नियमों के तहत अब बिना टिकट यात्रा करने या यात्रा का प्रयास करने पर देय न्यूनतम अतिरिक्त जुर्माना राशि को सीधे दोगुना करते हुए 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसी प्रकार, अनियमित यात्रा से संबंधित मामलों में भी अब 250 रुपए के स्थान पर 500 रुपए […] The post रेलवे में बिना टिकट या अनियमित यात्रा करना पड़ेगा दोगुना भारी, नए जुर्माना प्रावधान लागू appeared first on Sabguru News .
रायपुर के तिल्दा में 10वीं के छात्र की चाकू लगने से मौत, सहपाठी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से लगे तिल्दा क्षेत्र में आपसी विवाद के दौरान एक 10वीं कक्षा के छात्र की चाकू लगने से मौत हो गई, जबकि घटना में घायल दूसरा छात्र अस्पताल में भर्ती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार तिल्दा थाना क्षेत्र के सासाहोली […] The post रायपुर के तिल्दा में 10वीं के छात्र की चाकू लगने से मौत, सहपाठी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती appeared first on Sabguru News .
वाराणसी में सीएनजी पंप में लगी भीषण आग, जनहानि नहीं
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र में गेल सीएनजी पंप के पाइप स्टोरेज यार्ड में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें लगभग 40 से 45 फीट की ऊंचाई तक उठने लगीं। करखियाव स्थित सीएनजी पंप में देर शाम आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की […] The post वाराणसी में सीएनजी पंप में लगी भीषण आग, जनहानि नहीं appeared first on Sabguru News .
राहुल गांधी के लिए हर मुद्दा एक इवेंट, जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती : गजेन्द्र सिंह शेखावत
जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के हर महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक इवेंट में बदलकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता उनकी राजनीति को भलीभांति समझ चुकी है और उसे गंभीरता से नहीं लेती। शेखावत ने […] The post राहुल गांधी के लिए हर मुद्दा एक इवेंट, जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती : गजेन्द्र सिंह शेखावत appeared first on Sabguru News .
सीएम मोहन यादव का तंज, बोले- मधु भैया को देखते ही पटवारी को भेरूजी आने लगते हैं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बिना नाम लिए बगैर उन पर तंज कसा है। भाजपा के विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं। एक तो जिसे उन्होंने हराया था सामने ही नहीं आता है। मधु भैया को देखकर उसे भैरू जी आने लगते हैं। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। हालांकि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम नहीं लिया, लेकिन भाजपा विधायक मधू वर्मा ने जीतू पटवारी को ही विधानसभा चुनाव में हराया था। सीएम ने उनका नाम लिए बगैर चुटीले अंदाज में निशाना साधा। भाजपा विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा की मधु भैया ने तो चारों खाने चित कर दिया। अभी तक होश में नहीं आए हैं। पता नहीं कहां चले गए। जनता के बीच क्या-क्या बोलते रहते हैं, लेकिन इधर नहीं आते। अगर इधर आ गए तो फिर याद दिला देंगे। उनके इस बयान पर मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी और तालियां गूंजने लगीं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मधु भैया को देखते ही भेरूजी आने लगते हैं। उनके इस बयान पर भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए। माना जा रहा है कि उनका इशारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर था हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। नगर निगम इंदौर की तारीफ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वार्ड क्रमांक-37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी व आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के कार्यों की भी तारीफभी की। Edited By: Naveen R Rangiyal
बुध का कर्क राशि में गोचर: 5 राशियों की बंद किस्मत खुलेगी, सफलता और धन लाभ के बनेंगे प्रबल योग
22 जून 2026 की दोपहर 03:09 मिनट पर बुध ग्रह अपनी खुद की राशि मिथुन से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के चलते 5 राशियों को मिलने वाला है अपार लाभ। ये पांच राशियां हैं- मेष, वृषभ, कर्क, कन्या और कुंभ। चलिए जानते हैं कि किस तरह का प्रभाव और लाभ होगा। मेष राशि (Aries) बुध आपकी राशि से चौथे भाव में कदम रख रहे हैं। यह समय पारिवारिक मोर्चे पर सुकून और खुशियां लेकर आएगा। घर में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी, लेकिन माता-पिता की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। करियर और पैसा: ऑफिस में आपकी लगन रंग लाएगी। बॉस और सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें, कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें। नया आशियाना बनाने या खरीदने के लिए समय उत्तम है। रिश्ते: जीवनसाथी के करियर में उछाल आ सकता है, जिससे घर का माहौल और भी शानदार हो जाएगा। ALSO READ: बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान? वृषभ राशि (Taurus) आपकी राशि से तीसरे भाव में होने वाला यह गोचर आपके भीतर गजब का आत्मविश्वास और नया जोश भर देगा। अब आप काम को टालने के बजाय उसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। करियर और पैसा: दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय खुद के फैसलों पर यकीन रखें। छोटी-छोटी व्यावसायिक यात्राएं आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकती हैं। छात्रों के लिए, खासकर कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह बेहतरीन समय है। रिश्ते: आपकी बोली में गजब का आकर्षण रहेगा, जिससे बिगड़े रिश्ते भी सुधर जाएंगे। भाई-बहनों की आर्थिक मदद कर सकते हैं। लव लाइफ में किसी नए शख्स की एंट्री हो सकती है। ALSO READ: राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान कर्क राशि (Cancer) बुध देव आपकी ही राशि यानी आपके पहले भाव में आ रहे हैं। यह गोचर आपके व्यक्तित्व को निखारेगा, लेकिन आपको अपनी सेहत को लेकर जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी है। खान-पान का पूरा ध्यान रखें। करियर और पैसा: नौकरीपेशा लोगों के जीवन में स्थिरता आएगी। अगर आपका बिजनेस विदेश या किसी विदेशी कंपनी से जुड़ा है, तो तगड़ा मुनाफा होने के योग हैं। रिश्ते: मुश्किल वक्त में भाई-बहनों का पूरा सपोर्ट मिलेगा। शादीशुदा जातकों को अपने पार्टनर की तरफ से कोई बड़ा आर्थिक या भावनात्मक लाभ मिल सकता है। कन्या राशि (Virgo) बुध का यह गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है, जो आपकी बंद किस्मत के ताले खोल सकता है। लंबे समय से अटकी हुई आपकी कोई बड़ी मुराद इस दौरान पूरी हो सकती है। करियर और पैसा: आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन शॉर्टकट या जोखिम भरे निवेश से बचें। सेहत शानदार रहेगी और आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। रिश्ते: सोशल लाइफ बहुत एक्टिव रहेगी। दोस्तों और करीबियों के साथ महफिलें जमेंगी। लव लाइफ के लिए समय रोमांटिक है, पार्टनर के साथ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका कुंभ राशि (Aquarius) आपकी राशि से छठे भाव में बुध का आना आपके लिए राहत की सांस लेकर आ सकता है। अगर आप लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे थे, तो उससे मुक्ति मिलने के रास्ते खुलेंगे। करियर और पैसा: कोर्ट-कचहरी या किसी कानूनी विवाद का फैसला आपके हक में आ सकता है। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिल सकती है। हालांकि, अचानक बढ़ने वाले खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी होगा। रिश्ते: इस समय अपने गुस्से पर काबू रखें, क्योंकि जल्दबाजी में दिया गया कोई भी रिएक्शन आपके बनते काम बिगाड़ सकता है। सेहत का खास ख्याल रखें।
'कॉकटेल 2' को 'A' सर्टिफिकेट मिलने पर भड़के शाहिद कपूर, बोले- फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं...
होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी फिल्म 'कॉकटेल 2' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। साल 2012 की सुपरहिट फिल्म 'कॉकटेल' की इस स्पिरिचुअल सीक्वल को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह था। हालांकि फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। 'कॉकटेल 2' को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने 'A' सर्टिफिकेट दिया है। सेंसर बोर्ड के इस फैसले से न केवल फैंस बल्कि फिल्म के लीड एक्टर शाहिद कपूर भी काफी हैरान और असहज हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान सोशल मीडिया पर अपने फैंस से बात करते हुए शाहिद कपूर ने सेंसर बोर्ड के 'A' सर्टिफिकेट देने के फैसले पर खुलकर आपत्ति जताई। #ShahidKapoor on #Cocktail2 getting an ‘A’ certificate from the CBFC and About the movie. pic.twitter.com/IDbjvaDLlm — (@shanaticharsh) June 18, 2026 शाहिद ने फैंस को भरोसा दिलाया कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे परिवार के साथ न देखा जा सके। शाहिद कपूर ने कहा, इस फिल्म के अंदर कोई भी ऐसी चीज नहीं है जिससे आपको आपत्ति हो सकती है। मुझे खुद समझ में नहीं आ रहा है कि हमें एडल्ट सर्टिफिकेट क्यों दिया गया है, मैं इसका कारण जानने की कोशिश कर रहा हूं। यह सिर्फ तीन लोगों की कहानी है, जिसे हर कोई साथ बैठकर देख सकता है। ALSO READ: कॉकटेल 2 मूवी रिव्यू: खूबसूरत पैकेजिंग में परोसा गया कमजोर रोमांस लेस्बियन लव स्टोरी और थ्रीसम की अफवाहों पर लगा विराम फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इंटरनेट पर अफवाह उड़ी थी कि फिल्म में कृति सेनन और रश्मिका मंदाना के किरदारों के बीच एक लेस्बियन लव स्टोरी दिखाई गई है। कुछ यूजर्स ने ट्रेलर में 'थ्रीसम' शब्द सुनकर इसे बहुविवाह या पॉलीगैमी से जोड़ दिया था। फिल्म की स्टारकास्ट ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक इंटरव्यू में कृति सेनन ने साफ किया, फिल्म में कोई लेस्बियन स्टोरी नहीं है। इस पर रश्मिका ने हंसते हुए कहा, मुझे पता है कि स्क्रीन पर हमारी केमिस्ट्री बेहतरीन दिख रही है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या बोले डायरेक्टर होमी अदजानिया? इन अफवाहों पर निर्देशक होमी अदजानिया ने ट्रेलर लॉन्च के मौके पर ही अपनी राय रख दी थी। उन्होंने कहा था, कृति और रश्मिका के किरदार फिल्म में बहुत अच्छे दोस्त हैं, इसलिए वे आपस में काफी क्लोज और फ्रेंडली दिखती हैं। हमने बस हाइपोथेटिकली (काल्पनिक रूप से) सोचा था कि क्या हो अगर कहानी इन दोनों के इर्द-गिर्द हो और शाहिद इसमें कबाब में हड्डी बन जाएं? मुझे ऐसी फिल्म बनाने में कोई आपत्ति नहीं होगी। दिनेश विजान, लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा निर्मित यह फिल्म मैडॉक फिल्म्स और लव फिल्म्स के बैनर तले बनी है। फिल्म की पटकथा लव रंजन और तरुण जैन ने मिलकर लिखी है। शाहिद कपूर फिल्म में 'कुणाल' का किरदार निभा रहे हैं। रश्मिका मंदाना 'दिया' और कृति सेनन 'एली' के रूप में नजर आ रही हैं।
आज के डिजिटल युग में हम किसी भी सर्विस की क्वालिटी को स्टार रेटिंग और रिव्यू के तराजू में तौलने लगते हैं। ऑनलाइन खाना मंगाना हो, होटल बुक करना हो या कैब सर्विस लेनी हो—कम रेटिंग देखते ही हम अक्सर उसे रिजेक्ट कर देते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक उबर (Uber) ड्राइवर की कहानी ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हर कम रेटिंग के पीछे हमेशा खराब सर्विस नहीं, बल्कि किसी इंसान की कोई बड़ी मजबूरी भी हो सकती है। एक महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी राइड का जो वाकया शेयर किया है, उसने लाखों इंटरनेट यूजर्स को भावुक कर दिया है।कम रेटिंग देखकर भी महिला ने नहीं की कैब कैंसिलवायरल पोस्ट के मुताबिक, महिला को सुबह ऑफिस जाने के लिए काफी देर हो रही थी। हड़बड़ी में उसने तुरंत एक उबर कैब बुक की। जब कैब बुक हुई, तो महिला की नजर ड्राइवर की प्रोफाइल पर पड़ी, जहां उसकी रेटिंग 4.59 स्टार दिख रही थी। आमतौर पर पैसेंजर्स इतनी कम रेटिंग देखकर राइड कैंसिल कर देते हैं, लेकिन दफ्तर पहुंचने की जल्दी में महिला ने ऐसा नहीं किया और गाड़ी में बैठ गई। सफर शुरू होते ही महिला का डर पूरी तरह से गायब हो गया। ड्राइवर का व्यवहार बेहद शालीन था, उसने बहुत सुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाई और महिला को तय समय से पहले उसकी मंजिल पर पहुंचा दिया।जब ड्राइवर ने जोड़े हाथ और कहा— 'मैडम, 5 स्टार मत दीजिए'बेहतरीन राइड और शानदार व्यवहार से खुश होकर महिला ने उतरते वक्त मुस्कुराते हुए ड्राइवर से कहा कि वह ऐप पर उसे पूरे '5 स्टार' रेटिंग देगी। महिला को लगा कि ड्राइवर यह सुनकर खुश होगा, लेकिन इसके उलट ड्राइवर ने अचानक हाथ जोड़ लिए। उसने बेहद भावुक होकर कहा, कृपया मुझे 5 स्टार मत दीजिए। ड्राइवर की यह अजीब मांग सुनकर महिला हैरान रह गई। जब उसने इसकी वजह पूछी, तो ड्राइवर ने जो खुलासा किया, उसने पैसेंजर के होश उड़ा दिए।कैब एल्गोरिदम और पत्नी की बीमारी का दर्दनाक कनेक्शनड्राइवर ने भरContent आँखें से इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उबर का एल्गोरिदम (System) इस तरह काम करता है कि जैसे ही किसी ड्राइवर की रेटिंग बहुत अच्छी (5 स्टार के करीब) हो जाती है, सिस्टम उसे लंबी दूरी की राइड्स और एयरपोर्ट ड्रॉपिंग जैसी हाई-प्रायोरिटी बुकिंग्स देने लगता है।ड्राइवर ने भारी मन से बताया कि उसकी पत्नी इस समय कैंसर से जूझ रही है और उसकी कीमोथेरेपी चल रही है। ऐसे में उसे हर वक्त अपनी पत्नी के आसपास या घर के नजदीकी इलाकों में ही रहना पड़ता है, ताकि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में वह तुरंत घर पहुंच सके। अगर वह 5 स्टार रेटिंग पाकर लंबी दूरी या शहर से बाहर की राइड्स लेने लगेगा, तो जरूरत के समय अपनी बीमार पत्नी के पास नहीं पहुंच पाएगा। यही वजह थी कि वह जानबूझकर अपनी रेटिंग को थोड़ा कम रखना चाहता था। ड्राइवर की यह दर्दभरी दास्तान सुनकर महिला की आंखें नम हो गईं और उसने उसकी इच्छा का सम्मान करते हुए उसे 4 स्टार रेटिंग दी।इंटरनेट पर उमड़ा लोगों का दर्द: 'रेटिंग के पीछे भी एक जिंदगी है'इस बेहद भावुक कर देने वाली कहानी को @boltedsage77 नाम के एक्स (X) अकाउंट पर शेयर किया गया है, जिसे अब तक 10 लाख (1 मिलियन) से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यह कहानी हमें सिखाती है कि मशीनी रेटिंग के पीछे भी एक जीती-जागती जिंदगी और उसका संघर्ष छिपा होता है। वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, कई बार लोग छोटी-छोटी बातों या जाम की वजह से भी ड्राइवर को कम स्टार दे देते हैं, हमें जज करने से पहले इंसानियत का ध्यान रखना चाहिए।
क्या सीजेपी की देखादेखी युवाओं के मुद्दे उठा रही है कांग्रेस
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक पिटीशन लॉन्च की है, जिसमें वे छात्र-छात्राओं से पूछ रहे हैं कि वे भारत की शिक्षा प्रणाली को 10 में से कितने नंबर देंगे। इसमें यह भी पूछा गया कि शिक्षा प्रणाली किस मामले में उनके लिए बेकार ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 जून, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 20 June horoscope in Hindi 2026: करियर: कार्यस्थल पर आज आपके काम की सराहना होगी। लव: पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: निवेश से पहले बड़ों से सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: योग को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: 3 दिन बाद बुध का कर्क राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे सफलता के नए द्वार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: व्यापार में सावधानी बरतें। लव: जीवनसाथी का सहयोग आपको साहस देगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: गले में इन्फेक्शन की संभावना है। उपाय: आज सफेद चंदन का तिलक लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन प्रमोशन वाला हो सकता है। लव: प्रेम जीवन में रोमांच बना रहेगा। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: रात को अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। लव: लव पार्टनर के साथ यात्रा के योग हैं। धन: पैसों के मामले में आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य: आज हल्का और सुपाच्य भोजन लें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: आपकी लीडरशिप क्वालिटी आपको आगे बढ़ाएगी। लव: पार्टनर के साथ किसी बात पर विवाद संभव है। धन: सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: आज मेहनत का फल प्रमोशन के रूप में मिल सकता है। लव: लव लाइफ में खुशियां आएंगी। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। स्वास्थ्य: आज आप शारीरिक रूप से फिट महसूस करेंगे। उपाय: गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: मूलांक 1 से 9 के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह, जानें 15 से 21 जून 2026 का सटीक भविष्यफल 7. तुला राशि (Libra) करियर: आज कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मकता बढ़ेगी। लव: प्रेमीसंग विवाह के योग बन रहे हैं। धन: व्यापार में अच्छी आय होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: शुक्रवार के दिन मंदिर में कपूर जलाएं। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। लव: अपने पार्टनर पर भरोसा बनाए रखें। धन: आर्थिक लेन-देन में सावधानी रखें। स्वास्थ्य: आज चोट लगने की आशंका है। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: ऑफिस में माहौल आपके पक्ष में होगा। लव: पार्टनर के साथ समय बितायेंगे। धन: पुराना कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द में राहत मिलेगी। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: नौकरी में आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव: दांपत्य जीवन में पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: निवेश करने से पहले घर के बड़ों की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: आज कैल्शियम युक्त आहार लें। उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: आज दिन रोमांटिक बना रहेगा। धन: अचानक धन प्राप्ति के योग हैं। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचें। उपाय: जरूरतमंदों को उड़द की दाल दान करें। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: विदेश से जुड़े काम में लाभ मिलेगा। लव: पार्टनर की बातों को ध्यान से सुनें। धन: धन की अधिक फिजूलखर्ची से बचें। स्वास्थ्य: तनाव के कारण सिरदर्द हो सकता है। उपाय: पीले रंग के वस्त्र धारण करें। ALSO READ: Weekly Horoscope June 2026: साप्ताहिक राशिफल 15 से 21 जून, क्या इस हफ्ते पलटेगी आपकी किस्मत? पढ़ें अपनी राशि का हाल
दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ के पहले एपिसोड में कहानी ऐसे भारतीय जासूस की जिसने खुफिया जानकारी भेजकर भारत के 20 हजार से ज्यादा सैनिकों की जान बचाई… साल 1981 और जगह पाकिस्तानी सेना का रावलपिंडी हेडक्वार्टर। सुबह की धुंध अभी छंटी नहीं थी। वर्दी पहने 29 साल का एक नौजवान तेज कदमों से अपने दफ्तर की ओर बढ़ रहा था। कसरती बदन, तीखे नैन-नक्श और रौबीली शख्सियत- जैसे किसी फिल्म का हीरो हो। उसकी चमकती नेमप्लेट पर नाम लिखा था- 'मेजर नबी अहमद शाकिर'। मेजर नबी अपने केबिन में दाखिल हुआ। कोट उतारकर कुर्सी पर रखते ही उसकी निगाहें बगल की मेज पर पड़ीं। वहां 'मोस्ट सीक्रेट' की लाल मुहर लगी कुछ नई फाइलें रखी थीं। नबी ने इधर-उधर देखा, कोई हलचल नहीं थी। उसने गहरी सांस ली और फाइल उठाकर पन्ने पलटने लगा। अब मेजर के चेहरे की रंगत उड़ने लगी। माथे पर पसीने की बूंदें उभरने लगीं। फाइल में लिखा था- ‘पाकिस्तानी फौज अब राजस्थान बॉर्डर की तरफ कूच करेगी। टैंक, तोपें और भारी असलाह रवाना करने की तैयारी मुकम्मल की जाए।।’ उसने बुदबुदाते हुए फाइल वापस रख दी। शाम को जब नबी घर पहुंचा, तो बीवी अमानत दरवाजे पर खड़ी थी। ‘अस्सलामु अलैकुम नबी साहब! बड़े थके-थके लग रहे हैं, चाय लाऊं क्या?’ नबी ने बिना नजरें मिलाए धीमे से कहा, ‘नहीं अमानत, मन नहीं है। जरा आराम करना चाहता हूं।’ अमानत का चेहरा उतर गया। ‘आज डिनर भी नहीं करेंगे? आपकी पसंद का शोरबा बना है।’‘जी नहीं अमानत, भूख नहीं है,’ कहकर नबी सीधे अपने कमरे में गया और बिस्तर पर लेट गया। रात के दो बजे। रावलपिंडी शहर गहरी नींद सो रहा था। नबी ने धीरे से करवट बदली और अमानत की तरफ देखा। उसकी गहरी सांसें बता रही थीं कि वह सो चुकी है। नबी दबे पांव उठा और स्टडी रूम में दाखिल हुआ। उसने मेज पर रखे एक कागज पर कोड वर्ड में लिखना शुरू किया- ‘राजस्थान बॉर्डर पर हजारों की संख्या में पाकिस्तानी फोर्स भेजी जा रही है। जंगी हथियार और टैंकों की मूवमेंट शुरू हो चुकी है। बड़े-बड़े अफसर सरहद पर डिप्लॉय किए जा रहे हैं। तुरंत अलर्ट होना होगा।’ नबी ने खत मोड़कर फाइलों के बीच छुपाया और चुपचाप बिस्तर पर जाकर लेट गया। अगली सुबह मेजर नबी जल्दी घर से निकला। दफ्तर जाने के बजाय वे पोस्ट ऑफिस पहुंचा। एक लिफाफा निकाला, जिस पर दुबई का एक पता लिखा था। अपना लिखा कागज का टुकड़ा लिफाफे में डाला और उसे अच्छी तरह सील करके पोस्ट कर दिया। फिर नबी दफ्तर चला गया। कुछ दिनों बाद मेजर नबी का यही खत दुबई के बजाय दिल्ली के लोधी रोड में भारत की खुफिया एजेंसी, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW के दफ्तर में एक अधिकारी को मिला। भारत की सुरक्षा एजेसियां तत्काल अलर्ट मोड में आ गईं। राजस्थान बॉर्डर पर भारी तादाद में सैनिक और हथियार भेजे जाने लगे। भारत की युद्ध स्तर की तैयारी और सीमा पर बढ़ते दबाव को देख पाकिस्तान के जनरल ठिठक गए। उन्हें अपने कदम पीछे खींचने पड़े। अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक मेजर नबी ने खुफिया जानकारी भेजकर करीब 20 हजार भारतीय जवानों की जान बचाई थी। तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मेजर नबी अहमद की तारीफ करते हुए उन्हें ‘ब्लैक टाइगर’ नाम दिया था। आखिर कौन थे मेजर नबी अहमद, जो पाकिस्तान की फौज में होकर भी भारत के लिए काम कर रहे थे… कहानी की शुरुआती होती है 1973 से। यूपी की राजधानी लखनऊ में नेशनल थियेटर फेस्टिवल हो रहा था। 21 साल का एक लड़का फौज की वर्दी में स्टेज पर गिरा हुआ था। एकदम लहूलुहान। 4-5 चीनी सैनिकों ने उसे घेर रखा था। ‘उगल दे! तेरी फौज की अगली हरकत क्या है? बता, वर्ना तेरी खाल उतारकर हम अपनी वर्दी सिलवा लेंगे!’ लड़का दर्द से कराहता है, लेकिन फिर ठहाका मारकर हंसता है। उसकी आंखों में जरा भी खौफ नहीं है। वह पूरा जोर लगाकर कहता है- ‘हिंदुस्तानी सिपाही की जुबान सिर्फ तिरंगे के सामने खुलती है, तुम जैसे भेड़ियों के सामने नहीं! मारो! जितना दम है, मार लो!’ तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठा। शो के बाद… वो लड़का अपना मेकअप साफ कर रहा था, तभी भारी जूतों की आहट सुनाई पड़ी। आंखों पर बड़े फ्रेम का चश्मा लगाए एक रोबिला शख्स उसके सामने खड़ा था। साथ में उसी कद-काठी के दो और बंदे दीवार से सटकर खड़े हो गए। वो लड़का चौंका… तभी रोबिला शख्स बोल पड़ा- ‘अदाकारी अच्छी थी मियां, एकदम जान डाल दी।’ लड़का- ‘शुक्रिया जनाब। आप?’ रोबिला शख्स (पास आकर, नीची आवाज में) हम वो पारखी हैं जो असली हीरे की पहचान रखते हैं। क्या रियल लाइफ में भी मुल्क के लिए यही जज्बा दिखा सकते हो? ‘उसके लिए क्या करना होगा?’ लड़के ने पूछा। ‘RAW के लिए काम करोगे?’ 'ये RAW क्या है?' रोबिला शख्स- ‘ये भारत की खुफिया एजेंसी है। इसके लिए काम करना मतलब हथेली पर जान रखकर चलना। दूसरे मुल्क की मांद में जाकर जासूसी करना।’ लड़का थोड़ा रुककर बोलता है- ‘माफ कीजिएगा साहब, मैं अपनी मां को छोड़कर इतनी दूर नहीं जा सकता।’ ‘तुम्हारे पापा एयरफोर्स थे। ये देश भी तो तुम्हारी मां है। तुम इसके लिए आगे नहीं आओगे, तो कौन आएगा… सोचकर बताना हम फिर मिलेंगे।’ उसने लड़के को एक कागज दिया, ‘ये लो। इस पर अगली मुलाकात का पता और वक्त लिखा है। सोच लेना... या तो तालियां बटोरने वाले एक्टर बने रहो, या इतिहास बदलने वाला सिपाही बनो। हम फिर मिलेंगे।’ लड़के ने कागज का टुकड़ा अपनी जेब में रखा और रेलवे स्टेशन की तरफ निकल पड़ा। अगले दिन वो राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर बसे श्रीगंगानगर पहुंच गया। वो लड़का इसी जिले का रहने वाला था और एक कॉलेज से बीकॉम कर रहा था। कॉलेज में उसकी टक्कर का कोई नहीं था। दोस्त उसे विनोद खन्ना कहकर बुलाते थे। एक्टिंग का सपना पूरा करने के लिए ही वो लखनऊ में थिएटर करने गया था। उस लड़के का नाम था- रविंद्र कौशिक। वह चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। पिता एयरफोर्स से रिटायर्ड होने के बाद श्रीगंगानगर में एक कंपनी में सेल्स ऑफिसर थे। मां घर संभालती थीं। लखनऊ में थिएटर के दौरान जो लोग रविंद्र से मिले थे, वे वाकई RAW के लोग थे और पिछले कई दिनों से उस पर निगाह रखे थे। रविंद्र कौशिक पर लिखी किताब ‘ब्लैक टाइगर एक भारतीय जासूस’ के मुताबिक- ‘लखनऊ से श्रीगंगानगर लौटते ही रविंद्र सीधे अपने कमरे में गया। दीवार पर भगत सिंह की फोटो लगी हुई थी। रातभर वह भगत सिंह के बारे में सोचता रहा। 23 साल की उम्र में कोई फांसी के फंदे को कैसे चूम सकता है? रविंद्र ने खुद से सवाल किया। फिर भगत सिंह की उन आंखों में देखते हुए उसे अपना जवाब मिल गया- ‘जुनून। देश के लिए मर-मिटने का जुनून।’ फिर उसकी आंख लग गई। सुबह मां ने आवाज दी- ‘रवि बेटा उठ जाओ... कॉलेज नहीं जाना क्या?’ रविंद्र तैयार होकर घर से कॉलेज के लिए निकला, लेकिन उसके मन में RAW अधिकारी की बात गूंज रही थी। वो कॉलेज के बजाय RAW अफसरों से मिलने निकल पड़ा। श्रीगंगानगर में रेल की पटरियों के पास एक पुराना कमरा था। उसके करीब से ही एक नाला बहता था। रविंद्र उसी जगह बैठकर इंतजार करने लगा। तभी आवाज आई- ‘रोड पर जो गाड़ी खड़ी है, उसमें बैठ जाओ।’ रविंद्र गाड़ी में बैठ गया। कुछ देर बाद वह एक खंडहरनुमा घर में पहुंचा। RAW का एक अफसर दीवार पर रखे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके के नक्शे पर कलम से कुछ निशान लगा रहा था। रविंद्र को देखते ही अफसर ने कहा- ‘तुम मिशन के लिए तैयार हो या नहीं, ये पूछकर मैं वक्त बर्बाद नहीं करूंगा। तैयार हो इसलिए ही यहां हो। आज से तुम्हारा सारा रिकॉर्ड जला दिया जाएगा। तुम कौन हो, कहां से आए हो, सब खत्म। आज रात तुम्हें दिल्ली निकलना है। और याद रखना, ये राज किसी को पता न चले... अपनी मां को भी नहीं।’ रविंद्र के जेहन में एक धमाका सा हुआ। 'आज ही? इतनी जल्दी? क्या मैं वाकई ये कर पाऊंगा?' पर, वो अफसरों से कुछ कह नहीं पाया। घर पहुंचते ही रविंद्र अपने कमरे में गया। काफी देर तक सोचता रहा। फिर मां को बताया- ’मुझे आज ही दिल्ली जाना है। मेरी नौकरी लग गई है।’ मां अमला देवी- ‘एक दो दिन बाद जाते तो कुछ तैयार कर देती तुम्हारे लिए।’ ‘नहीं मां... अगर आज नहीं गया तो ये नौकरी हाथ से निकल जाएगी। बहुत बड़ी कंपनी है, ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।’ रविंद्र ने सामान पैक किया और दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। दिल्ली पहुंचे ही वह RAW अधिकारियों से मिला। जल्द ही उसकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई।’ रविंद्र कौशिक की बायोग्राफी लिखने वालीं मीनाक्षी अपनी किताब ‘द ब्लैक टाइगर’ में लिखती हैं- ‘सबसे पहले रविंद्र को इस्लाम धर्म की शिक्षा दी गई। उर्दू बोलना सिखाया गया। पाकिस्तान का भूगोल, नक्शा, रहन-सहन और अलग-अलग शहरों के बारे में बताया गया। मौलवी का काम सिर्फ भाषा सिखाना नहीं था, बल्कि रविंद्र के जेहन में पाकिस्तान की रूह को उतारना था।' एक रोज मौलवी ने रविंद्र से कहा - ‘बेटा, उर्दू सिर्फ लफ्जों का मेल नहीं है, ये तहज़ीब है। तुम्हारे लफ़्जों में वो झलकनी चाहिए। तुम्हारी बातचीत में वो खनक होनी चाहिए जो लाहौर की गलियों में सुनाई देती है।’ रविंद्र ने दिन-रात एक कर दिए। कुरान की आयतें जबान पर चढ़ गईं, नमाज का तरीका रगों में बस गया। उसे सिखाया गया कि एक आम पाकिस्तानी कैसे चाय पीता है, कैसे बड़ों को सलाम करता है। बीच-बीच में रविंद्र, दिल्ली से श्रीगंगानगर आता था। भाई-बहनों के लिए कपड़े लाता था। दोस्तों से मिलता, लेकिन किसी को अपनी ट्रेनिंग के बारे में नहीं बताता।’ 1974 में वो फिर से श्रीगंगानगर आया। उसके जिगरी दोस्त राजकुमार गौड़ की शादी थी, जो बाद में कांग्रेस के विधायक बन गए। शादी में रविंद्र ने खूब मस्ती की। अपने अंदाज में डांस किया। ढेर सारी तस्वीरें खिंचाईं, पर राज को राज ही रहने दिया। राजकुमार गौड़ ने कई बार टोका भी तुम थोड़े बदले-बदले लग रहे हो, पर रविंद्र ने हंसकर उनकी बात टाल दी। गौड़ साहब के पास आज भी रविंद्र की वो तस्वीरें हैं। जिसे दिखाते वक्त उनका मलाल भी जुबान पर आ ही जाता है- ‘वो मुझसे कुछ छुपाता नहीं था। पर उसने कुछ भी जाहिर नहीं होने दिया। अफसोस तो है, लेकिन उस पर नाज भी है कि उसने देश को सबसे आगे रखा।’ पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से में पंजाबी बोली जाती है। श्रीगंगानगर, पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है। इस वजह से रविंद्र के पंजाबी बोलने का लहजा भी आम पाकिस्तानियों जैसा था। रविंद्र को दिल्ली के अलावा पाकिस्तान से लगे अमृतसर और पठानकोट में भी ट्रेनिंग दी गई। ताकि, वो पाकिस्तान का कल्चर समझ सके। एक रोज RAW के अधिकारी ने उसे सुबह-सुबह दफ्तर बुलाया। कहा- ‘तुमने बहुत कम वक्त में सब सीख भी लिया, लेकिन एक कमी रह गई है। हम शक की जरा भी गुंजाइश नहीं छोड़ सकते।’ ‘क्या कमी साहब…?’ रविंद्र ने पूछा। RAW अधिकारी- ‘तुम्हारी पहचान…। ये कागज लो और लिखे पते पर चले जाओ।’ अगले दिन रविंद्र उस पते पर पहुंचा। एक बंद कमरा। हवा में डिटॉल और सर्जिकल स्पिरिट की तीखी गंध। एक स्ट्रेचर और ऊपर एक तेज सर्जिकल लाइट। पास ही एक ट्रे में सर्जिकल चाकू और कैंची रखी थी। आला लटकाए वहां खड़े डॉक्टर ने कहा- ‘इसपर लेट जाओ।’ रविंद्र समझ गया कि उसका खतना होने वाला है। थोड़ा रुककर उसने कहा- ‘लेट जाऊं पर क्यों?’ डॉक्टर- ‘ये तुम्हारे पुराने वजूद की आखिरी निशानी है। इसे मिटाने का मतलब समझते हो? इसके बाद तुम फिर कभी 'रविंद्र' नहीं बन पाओगे। अब भी वक्त है, पीछे हट सकते हो।’ रविंद्र के दिमाग में पुरानी बातें घूमने लगीं। ‘मां का मुस्कुराता चेहरा, दोस्तों के साथ थियेटर की मस्ती, और फिर दीवार पर टंगी भगत सिंह की तस्वीर।’ रविंद्र ने गहरी सांस लेते हुए कहा- ‘आप अपना काम कीजिए डॉक्टर साहब। मैं पीछे नहीं हटूंगा।’ डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन तैयार किया। रविंद्र ने अपनी मुट्ठियां भींच लीं। चेहरे की नसें तन गईं, पर उसके मुंह से कोई चीख नहीं निकली। RAW अफसर- (अंधेरे से बाहर आते हुए) शाबाश… आज से तुम्हारी रगों में दौड़ता हुआ खून भी कहेगा कि तुम एक सच्चे मुसलमान हो। वेलकम टू द वर्ल्ड ऑफ शैडोज।’ अब तक 1975 की शुरुआत हो गई थी। रविंद्र ने RAW अफसर से कहा- ‘सर, मैं मिशन पर जाने से पहले एक बार घर जाना चाहता हूं।’ RAW अफसर- पर क्यों?’ रविंद्र ‘नौकरी के बहाने दिल्ली तो आ गया, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि पाकिस्तान जाने की बात घर वालों को कैसे बताऊं, क्या बहाना करूं?’ RAW अधिकारी ने कहा- ‘घर पर बता दो कि तुम्हारी दुबई में नौकरी लग गई है। हम दुबई के पते से तुम्हारे खत परिवार तक भिजवा देंगे। किसी को शक भी नहीं होगा।’ अगली सुबह रविंद्र श्रीगंगानगर पहुंचा। घर में अंदर जाते ही उछलकर बोला- ‘मां, दुबई वाली कंपनी का कन्फर्मेशन आ गया है। शानदार सैलरी है, अब तुम्हारे सारे दुख दूर हो जाएंगे।’ मां खुशी से रविंद्र का सिर चूमती है। ‘कब जाना है बेटा?’ रविंद्र मां के कंधे पर हाथ रखते हुए कहता है - ‘बस, कागजी कार्रवाई के लिए अभी दिल्ली निकलना होगा। वहां से फिर दुबई जाना है।’ इसके बाद रविंद्र ने दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ ली। अगली सुबह वो RAW के दफ्तर में था। रविंद्र के पुराने डॉक्यूमेंट नष्ट कर दिए और नया नाम दिया ‘नबी शाकिर अहमद’। ये नाम उसके भीतर इस तरह भर दिया गया कि वह गलती से भी अपनी पुरानी पहचान जाहिर ना कर सके। उसे बताया गया कि वो इस्लामाबाद का रहने वाला है और उसके अम्मी-अब्बू दंगों में मारे जा चुके हैं। इसके बाद एक रोज रविंद्र को पाकिस्तान जाने वाली बस में बैठा दिया गया। ये बस अमृतसर से लाहौर जाती थी। कुछ देर बाद अचानक बस रुकी। पाकिस्तानी चेक पोस्ट पर दस्तावेज जांचे जा रहे थे। आगे की सीट पर बैठा एक आदमी डरा हुआ था। पाकिस्तान आर्मी वालों ने जैसे ही उसका डॉक्यूमेंट देखा, वे आग बबूला हो गए। गाली देते हुए उसके सिर पर बंदूक की बट मारी, खून के छींटे रविंद्र के कपड़ों पर पड़े। रविंद्र थोड़ा पीछे हटा तभी पाकिस्तानी फौजी बोल पड़ा- ‘मियां तुम भी हिंदुस्तानी तो नहीं हो, कागज निकालो।’ पाकिस्तान जाने के बाद रविंद्र को एक लड़की से प्यार हो गया। वह मन ही मन सोचने लगा कि ये प्यार कहीं उसके मिशन में रोड़ा तो नहीं बनेगा। इसी कश्मकश में उसने RAW को चिट्ठी भेजी- ‘मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है। मैं उससे शादी करना चाहता हूं।’ रविंद्र की चिट्ठी के जवाब में RAW ने क्या कहा…पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए ‘ब्लैक टाइगर रविंद्र कौशिक’ पार्ट-2 में…
14 जून को उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में सांसदों की बैठक बुलाई। 9 में से सिर्फ 4 सांसद पहुंचे। तभी तय हो गया कि पार्टी में बड़ी फूट होने वाली है। 16 जून को 6 सांसद दिल्ली पहुंचे और 17 जून को लोकसभा स्पीकर से मिले। इसी दिन खबरें आईं कि दो सांसद संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश निंबालकर 18 जून को वापस शिवसेना (उद्धव गुट) की संसदीय बैठक में जा सकते हैं, लेकिन शाम को डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने जूम कॉन्फ्रेंस कॉल पर सभी सांसदों से बात की और वे शिवसेना (शिंदे गुट) में विलय के लिए तैयार हो गए। सोर्स बताते हैं कि शिंदे की यही कॉल टर्निंग पॉइंट रही। शिंदे ने 6 सांसदों को अगले लोकसभा चुनाव में टिकट और फ्यूचर सिक्योर करने का भरोसा दिया। सभी सांसद आज, यानी 20 जून को शिंदे से मिलेंगे और लेटर जारी कर बताएंगे कि उन्होंने उद्धव की शिवसेना क्यों छोड़ी। सोर्स बताते हैं कि शिंदे का अगला टारगेट उद्धव गुट के तीन MLC और BMC के 65 पार्षद हैं। 2 बातें, जो उद्धव का साथ छोड़ने की वजह मानी जा रहीं 1. पार्टी में संजय राउत और उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे की दखलंदाजी। बागी सांसदों के मुताबिक, संजय का नेताओं के साथ बर्ताव सही नहीं है, लेकिन उद्धव उनके खिलाफ कुछ नहीं सुनते। 2. सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में काम के लिए फंड नहीं मिलता। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को समाधान बैठक करने और क्षेत्रों का दौरा करने के लिए कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 40 मिनट की बातचीत, शिंदे का सांसदों को मैसेज- आपके लिए हमेशा खड़ा हूं शिवसेना से जुड़े सोर्स बताते हैं, ‘दिल्ली पहुंचे उद्धव गुट के 6 बागी सांसद लगातार एकनाथ शिंदे के संपर्क में थे। शिंदे ने करीब 40 मिनट उनसे बात की और कहा कि मैं हर फैसले में आपके साथ खड़ा हूं।’ ’सांसदों को संसदीय क्षेत्र में विकास के लिए पर्याप्त बजट के साथ अगले लोकसभा चुनाव में टिकट की गारंटी और Y-श्रेणी सुरक्षा देने का भरोसा दिया गया। शिंदे से वन-टू-वन बात करने के बाद सभी सांसदों का उद्धव गुट छोड़ने का फैसला और मजबूत हो गया।’ क्या संजय राउत और रश्मि ठाकरे की दखलंदाजी से फिर टूटी पार्टी इसके बाद हमने बागी सांसदों से संपर्क करने की कोशिश की। दो से बात हुई। अभी सांसद औपचारिक तौर पर शिंदे गुट में शामिल नहीं हुए, इसलिए नाम सामने नहीं लाना चाहते। हमने दोनों सांसदों से पूछा कि उद्धव की पार्टी से अलग होने की सबसे बड़ी वजह क्या फंड न मिलना है। पहले सांसद ने जवाब दिया, 'फंड हमारा अधिकार है, लेकिन वो भी भीख की तरह मिलता है। जब फंड ही नहीं होगा, तो हम क्या काम करवाएंगे। फंड का हिसाब ऐसे लेते हैं कि जैसे चोर हों।' दूसरे सांसद ने कहा, फंड का ऑडिट करना ठीक है, लेकिन पहले फंड तो जारी करें। दूसरी बात पार्टी हमारी भी है, इसलिए फैसला लेने में हमारी भी भागीदारी होनी चाहिए। कई बार लगता है कि हम बाहरी हैं। पार्टी बस 3 लोगों की है। कौन तीन लोग, क्या उद्धव, रश्मि और संजय राउत? जवाब मिला- ‘सबको पता है, अब नाम लेकर क्या फायदा।‘ हमने पूछा- पार्टी में फैसले कौन लेता है? पहले सांसद जवाब में कहते हैं, ‘सबको पता है, संजय राउत पार्टी में सबसे ताकतवर नेता हैं। उद्धव उनके खिलाफ कुछ नहीं सुनते। संजय कई बार बिना सोचे समझे किसी को कुछ भी बोल देते हैं। अपमानजनक भाषा तो उनकी जुबान पर रहती है।’ ’हमारे पार्टी छोड़ने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कैसी भाषा इस्तेमाल की, वो सबने देखा। फिर मीडिया से ये भी कहा कि इन शब्दों को काटे बिना चलाएं। जो मीडिया के सामने ऐसा बोल सकता है, वो पार्टी की बैठकों में कैसा बोलता होगा।’ क्या उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे भी पार्टी के फैसलों में दखल देती हैं? जवाब मिला, ‘हां बिल्कुल, वो हर फैसले में शामिल होती हैं। उद्धव तक पहुंचने के लिए पहले उन्हीं से परमिशन लेनी पड़ती है। रश्मि ठाकरे भले सामना की एडिटर हों, पार्टी में कोई पद न हो, लेकिन पार्टी में उनका दबदबा बराबर है।’ वे आगे कहते हैं, ’ऐसी पार्टी में कोई क्यों रहेगा, जहां अपमान हो, काम करने की आजादी न हो। पार्टी में चेहरा कोई और पार्टी कोई और चला रहा हो?’ MP फंड जारी न होना सांसदों की नाराजगी की वजह शिवसेना (UBT) के सीनियर लीडर भी कंफर्म करते हैं कि महाराष्ट्र में गैर-महायुति सांसदों को खुलकर काम करने नहीं दिया जाता। सांसदों को मिलने वाला 2 करोड़ का फंड सीधा उनके अकाउंट में नहीं जाता। सांसद को क्षेत्र के विकास के लिए कलेक्टर के पास प्रोजेक्ट जमा करना होता है, तब पैसा रिलीज होता है। कलेक्टर के फंड पास किए बिना सांसद क्षेत्र में काम ही नहीं करा पाएगा। जब काम नहीं होगा, तो वोट कैसे मिलेगा। अपना सियासी भविष्य देखते हुए 6 सांसद बागी बन गए। 7वें सांसद के बागी होने का दावा कितना सच उद्धव खेमे (UBT) के सीनियर लीडर अरविंद सावंत बताते हैं कि शिंदे गुट की 6 नहीं 7 सांसदों पर नजर थी। राजाभाऊ प्रकाश वाजे को भी अप्रोच किया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसे लेकर हमने राजाभाऊ से भी बात की, तो उन्होंने कहा- ‘मुझे किसी ने अप्रोच नहीं किया। अरविंद साहब के पास ये जानकारी कहां से आई, मुझे नहीं पता नहीं।’ क्या आपको पार्टी में टूट होने का अंदाजा था? राजाभाऊ कहते हैं, ‘14 जून की बैठक में मुझे लेकर सिर्फ तीन सांसद शामिल हुए थे। एक सांसद संजय दीना पाटिल वर्चुअली जुड़े थे। तभी लगा था कि कुछ तो गड़बड़ है क्योंकि इन सांसदों ने न जुड़ने की कोई सूचना नहीं दी थी।' क्या किसी सांसद से बातचीत के दौरान नाराजगी दिखी। इस पर वे कहते हैं, ‘नहीं, मैं पहली बार MP बना हूं, तो किसी सांसद से ऐसे घरेलू संबंध नहीं।’ फिर मान लें कि आप उद्धव गुट में हैं? जवाब मिला- 'हां, अभी तो हूं। वैसे भी अब टूट हो गई है, दोबारा टूटने के लिए दो तिहाई सांसद चाहिए। अब जाना होगा, तो अरविंद जी को भी लेकर ही जा पाऊंगा। पर अभी मैं उद्धव जी के साथ हूं।' संजय राउत और रश्मि ठाकरे का पार्टी में कितना दखल है? जवाब मिला- ‘संजय राउत तो दखल देंगे ही, रश्मि ठाकरे भी देती हैं। कोई बागी होता है, तो उसे जाने के कारण तलाशने पड़ते हैं। मीडिया को जवाब जो देना होता है।‘ उद्धव की शिवसेना में बालासाहेब की विचारधारा नहीं एकनाथ शिंदे के साथ 2023 में पार्टी छोड़ने वाली MLC नीलम गोहरे कहती हैं, ‘पार्टी कौन चला रहा है, ये सवाल नहीं है। सवाल ये है कि पार्टी चल कैसे रही है? मैंने बालासाहेब ठाकरे के साथ काम किया है। भले कुछ मुद्दों पर मतभेद रहा हो, लेकिन वे हिंदुत्व के मुद्दे पर NDA के साथ थे। अब ये हाल है कि हिंदुत्व शिवसेना (UBT) का मुद्दा ही नहीं।’ विधायक, सांसद अब क्या MLC और पार्षद टूटने की बारी 2023 में पहले ही उद्धव की पार्टी से 3 MLC शिंदे के साथ जा चुके हैं। अब उद्धव ठाकरे समेत 4 बचे हैं। सूत्रों की मानें तो 3 और MLC तोड़ने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। इसकी अगुवाई पूर्व शिवसेना नेता और शिंदे की पार्टी में शिवसेना (UBT) से गए MLC करेंगे। सूत्र ने बताया कि शिवसेना (UBT) के 2 MLC शिंदे गुट के संपर्क में हैं। अगले एक-दो महीने में नए समीकरण सामने आ सकते हैं। महाराष्ट्र के सीनियर जर्नलिस्ट बृजमोहन पांडेय कहते हैं, ‘आने वाले समय में ऑपरेशन टाइगर 3.0 के आसार दिख रहे हैं। इसमें शिवसेना (UBT) के 65 पार्षदों में फूट पड़ सकती है। वजह सिर्फ एक है फंड की कमी। महाराष्ट्र में गैर-महायुति पार्षदों को 25 लाख रुपए पार्टी फंड की तरफ से मिलते हैं। वहीं, महायुति से जुड़े पार्षदों को 2 से 3 करोड़ रुपए तक मिलते हैं।‘ उद्धव सेना में बगावत फडणवीस पर पड़ सकती है भारी महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटे हैं। 2024 में सबसे ज्यादा 13 सीटें कांग्रेस को मिली। BJP और शिवसेना (UBT) को 9-9, NCP (शरद पवार) को 8 और शिवसेना (शिंदे गुट) को सिर्फ 7 सीटों पर जीत मिली। NCP (अजीत पवार) एक सीट जीत पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। इस तरह शिंदे की शिवसेना पांचवें नंबर पर है। उद्धव गुट के 6 सांसदों के आने से शिंदे और कांग्रेस के सांसदों की संख्या बराबर हो जाएगी। पॉलिटिकल एनालिस्ट पांडुरंग म्हस्के कहते हैं, ‘NDA में BJP के 240 सांसद हैं। उसके बाद 16 सांसद TDP और 12 सांसद JDU के हैं। बंगाल चुनाव के बाद TMC के 20 सांसदों के आने से शिंदे का दावा थोड़ा कमजोर पड़ा था, लेकिन UBT के 7 सांसदों के आने से शिंदे के सांसदों की संख्या 13 हो जाएगी। इस तरह शिंदे की पार्टी NDA में चौथे नंबर की पार्टी हो जाएगी।’ ………………ये खबर भी पढ़ें… सैनी-शुभेंदु-योगी, BJP का ट्रिपल इंजन पंजाब मिशन पंजाब में सैनी के कार्यक्रम विधानसभा चुनाव के लिए BJP के ‘पंजाब प्लान’ की झलक है। सोर्स बताते हैं कि पिछले 6-7 महीनों में सैनी पंजाब में 45 से ज्यादा दौरे और 65 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। इनके जरिए राज्य की 33% OBC आबादी पर नजर है। पंजाब में BJP 117 विधानसभा सीटों में से 40 सीटें टागरेट कर रही है। पढ़िए पूरी खबर…
साइबर धोखाधड़ी में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में दिल्ली में बैंक के 4 कर्मचारी अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन साईहॉक 5.0’ के तहत बैंक के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आए साइबर धोखाधड़ी के मामलों से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और उसे आगे भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी खातों को खुलवाने और उनके संचालन में […] The post साइबर धोखाधड़ी में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में दिल्ली में बैंक के 4 कर्मचारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
'बात का बातनगढ़': मुहर्रम अभिवादन विवाद और शिया-सुन्नी संवेदनशीलता पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू
Justice Markandey Katju reflects on the controversy over Salman Khurshid's Muharram New Year greeting, arguing that the dispute became an unnecessary controversy.
कृष्ण जन्मोत्सव की भक्ति में झूम उठा कथा पंडाल, बधाइयों और भजनों से गूंजा वातावरण
अजमेर। ज्ञान विहार स्थित श्री कल्याण जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल बधाइयों, भजनों और जयघोष से गूंज उठा। […] The post कृष्ण जन्मोत्सव की भक्ति में झूम उठा कथा पंडाल, बधाइयों और भजनों से गूंजा वातावरण appeared first on Sabguru News .
बेंगलूरु/नई दिल्ली। कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायकों के बड़े पैमाने पर क्रॉस-वोटिंग की खबरों के बाद भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं को तलब किया है और इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। पार्टी इसे अनुशासन का गंभीर उल्लंघन मान रही है। […] The post कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग विवाद पर भाजपा की कड़ी कार्रवाई, विजयेंद्र को बुलाया दिल्ली appeared first on Sabguru News .
अमरीका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता टली, समझौते पर छाए आशंका के बादल
तेहरान। ईरान ने इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी लड़ाई और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की टिप्पणियों का हवाला देते हुए स्विट्जरलैंड में अमरीकी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत शुरू करने की अपनी योजना को फिलहाल टाल दिया है। ईरान का तर्क है कि ये हमले अमरीका के साथ हुए उसके अंतरिम समझौते का उल्लंघन […] The post अमरीका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता टली, समझौते पर छाए आशंका के बादल appeared first on Sabguru News .
अजमेर : योग दिवस के उपलक्ष्य में योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित
अजमेर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय प्रभु पसंद भवन शास्त्री नगर सेवा केन्द्र तथा सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, पूर्व सैनिकों तथा गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजयोगिनी एवं सेवा […] The post अजमेर : योग दिवस के उपलक्ष्य में योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित appeared first on Sabguru News .
स्वदेशी जागरण मंच जयपुर प्रांत का कार्यकर्ता विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग संपन्न
जयपुर। स्वदेशी जागरण मंच जयपुर प्रांत का दो दिवसीय कार्यकर्ता विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग 17 एवं 18 जून को श्यामपुर स्थित बुहारिया वाटिका के प्रताप कॉलेज परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण वर्ग में जयपुर प्रांत के 136 दायित्ववान कार्यकर्ताओं का पंजीयन हुआ, जिनमें से 97 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान आयोजित […] The post स्वदेशी जागरण मंच जयपुर प्रांत का कार्यकर्ता विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग संपन्न appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आबूराज प्रवास को लेकर सिरोही भाजपा तैयारियों में जुटी
कार्यकर्ताओं के आवागमन, स्वागत एवं विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय स्वरूपगंज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सिरोही जिले के दो दिवसीय प्रवास एवं आबूराज में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय बैठक शुक्रवार को स्वरूपगंज स्थित बालाजी भवन में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी की […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आबूराज प्रवास को लेकर सिरोही भाजपा तैयारियों में जुटी appeared first on Sabguru News .
राजगढ़ भैरव धाम के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया
अजमेर। राजगढ़ भैरव धाम के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वां जन्मोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाया चम्पालाल महाराज ने जन्मदिवस की शुरूआत बाबा भैरव, मां कालिका एवं समस्त देवताओं की विधिवत पूजा अर्चना की। इसके बाद अपने स्वर्गीय पिता मदनलाल सेन एवं धर्मपिता स्वर्गीय इन्द्रलाल जोशी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर माता उगमीदेवी से […] The post राजगढ़ भैरव धाम के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया appeared first on Sabguru News .
7 रनों की हार में भी बांग्लादेश ने छुड़ा दिए ऑस्ट्रेलिया के पसीने
AUSvsBAN मैट रेनशॉ (नाबाद 89) और टिम डेविड (45) की शानदार पारियों के मदद से ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को सात रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 196 रनों का मजबूत स्कोर बनाने के बाद बांग्लादेश की कड़ी चुनौती को छह विकेट पर 189 रन पर थाम लिया। मैट रेनशॉ को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने 44 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। जॉश इंग्लिस (11), कूपर कॉनली (एक) और कप्तान मिचेल मार्श (20) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय मैट रेनशॉ और टिम डेविड की जोड़ी ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच 97 रनों की साझेदारी हुई। 15वें ओवर में अब्दुल गफर सकलैन ने टिम डेविड को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। टिम डेविड ने 25 गेंदों में दो चौके और चार छक्के लगाते हुए (45) रन बनाये। निखिल चौधरी (आठ) रन पगबाधा आउट हुये। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 196 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। मैट रेनशॉ ने 52 गेंदों में चार चौके और पांच छक्के लगाते हुए (नाबाद 89) रनों की पारी खेली। जोएल डेविस ने आठ गेंदों में नाबाद 13 रन बनाये। बांग्लादेश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की, ओपनर्स ने सिर्फ़ 19 गेंदों में तेज़ी से 48 रन बनाए, जिससे मैच रोमांचक हो गया। तन्ज़िद (30) के मैट रेनशॉ के रिटर्न कैच पर आउट होने के बाद भी, सौम्या बाउंड्री लगाते रहे, और परवेज़ हुसैन इमॉन (36)और सैफ़ (42) के बीच 53 रन की मज़बूत पार्टनरशिप ने बांग्लादेश को 10 ओवर तक मज़बूती से कंट्रोल में रखा। हालाँकि, जब ऐसा लग रहा था कि मैच ऑस्ट्रेलिया के हाथ से निकल रहा है, तो उन्होंने लगातार दो ओवरों में ज़रूरी विकेट लेकर सेट बैट्समैन को आउट करके वापसी की। Australia prevail in a close encounter against Bangladesh to take an unassailable 2-0 lead in the T20I series : https://t.co/7ajKgcxByW pic.twitter.com/ZZgcnj573C — ICC (@ICC) June 19, 2026 इन जल्दी-जल्दी सफलताओं के बाद, ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने बीच के ओवरों में पूरी तरह से पासा पलट दिया। मैट रेनशॉ, जोएल और नाथन एलिस ने बहुत ही टाइट स्पेल फेंके, जिससे रन कम हुए और बैटिंग साइड पर बहुत ज़्यादा दबाव बना। बांग्लादेश आखिरकार बिखर गया, ज़रूरी रन-रेट बनाए रखने के लिए बहुत संघर्ष कर रहा था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने आधिकारिक तौर पर रन रोक दिए और 7 रन से रोमांचक जीत पक्की कर ली।
ईरान जंग शुरू होने से एक दिन पहले, यानी 27 फरवरी को भारत में 10 ग्राम सोना 1.60 लाख रुपए का था। जंग खत्म होने के एक दिन बाद, यानी 19 जून को कीमत 1.45 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई। यानी करीब 10% की गिरावट। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तो इस दौरान 20% गिरावट हुई। अब अमेरिकी बैंकिंग संस्थान जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने के दाम 40% तक बढ़ जाएंगे। आखिर ईरान जंग के दौरान सोने के दाम क्यों घटे? अब कीमत बढ़ने का अनुमान क्यों लगाया जा रहा? और अभी सोना खरीदना ठीक रहेगा या नहीं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: ईरान जंग के दौरान सोने की कीमत क्यों घटी? जवाब: सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है। जंग की सुगबुगाहट भी हो, तो निवेशक सोने का रुख करने लगते हैं। डिमांड बढ़ने से सोने की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं। इस ट्रेंड से उलट ईरान जंग के दौरान सोने की कीमतें घटीं। इसकी 3 प्रमुख वजहें हैं… 1. डॉलर की मजबूती के चलते सोने की खरीद घटी 2. पहले से महंगा चल रहा सोना बेचकर प्रॉफिट बुकिंग 3. सोना महंगा होने से घरेलू डिमांड घटी सवाल-2: अगले 6 महीने में सोना कितना महंगा हो सकता है? जवाब: 19 जून को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 4,170 डॉलर प्रति औंस हैं। वित्तीय संस्थानों और बैंकों के मुताबिक, अगले 6 महीने में इसकी कीमतें 20% से 40% तक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है… जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च: 6,000 डॉलर प्रति औंस। यानी 40% से ज्यादा महंगा होने का अनुमान। जर्मनी का डॉयचे बैंक: 6,000 डॉलर प्रति औंस। अमेरिका बेस्ड इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स: 5,400 डॉलर प्रति औंस। स्विस इन्वेस्टमेंट बैंक UBS: 5,500 डॉलर प्रति औंस। अमेरिका का सिटीबैंक: 5,000 डॉलर प्रति औंस। जेपी मॉर्गन ने ये भी कहा है कि 2027 के आखिर तक कीमत 6,300 डॉलर तक पहुंच सकती हैं। अगर सोना 20% बढ़ा, तो भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.74 लाख रुपए, 30% बढ़ा तो कीमत 1.88 लाख और अगर 40% बढ़ा तो कीमत 2.03 लाख पहुंच जाएगी। सवाल-3: सोने की कीमतें बढ़ने का अनुमान क्यों लगाया जा रहा? जवाब: सोने के दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है सेंट्रल बैंक की खरीदारी। दरअसल, 2022 में जब रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ, तो अमेरिका ने यूरोपीय दोस्तों के साथ मिलकर रूस के 300 बिलियन डॉलर के फॉरेन रिजर्व पर रोक लगा दी थी। माना जाने लगा कि अमेरिका अपनी करेंसी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है। इसके बाद से दुनियाभर के देशों में डॉलर के प्रति भरोसा कम होने लगा और वो अपना फॉरेन रिजर्व दूसरी करेंसी और खासकर सोने में जमा करने लगे। इस वजह से सोने की डिमांड बढ़ने लगी और कीमतें भी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025-26 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने कुल 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा, जो ज्यादा खरीद का लगातार चौथा साल है। 2026 की पहली तिमाही में बैंकों ने कागज पर 16 टन खरीद दिखाई। जेपी मॉर्गन का मानना है कि असली खरीदारी कहीं ज्यादा हुई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल 244 टन खरीद का डेटा दे रहा है। सोने की इस खरीद में सबसे आगे है चीन। ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ फरवरी 2026 तक हर महीने 1 टन सोना खरीद रहा था। मार्च में उसने 5 टन और अप्रैल में 8 टन सोना खरीदा।’ अब ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों के सेंट्रल बैंकों ने भी सोना खरीदना शुरू किया है। इसी वजह से जेपी मॉर्गन ने अनुमान लगाया कि अब सोने की कीमतें बढ़ेगी। इसके अलावा वो 4 फैक्टर अब भी मौजूद हैं, जो पिछले कुछ सालों से सोने की डिमांड बढ़ा रहे थे- सवाल-4: तो अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए या नहीं? जवाब: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगले 1 से 3 महीने सोना खरीदने के लिए सही समय है। शेयर बाजार, गोल्ड और कमोडिटीज वगैरह से जुड़ी एनालिसिस देने वाली फर्म ‘केड़िया एडवाइजरी’ के डायरेक्टर अजय केड़िया कहते हैं, ‘अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने 17 जून संकेत दिए गए कि आगे ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। ऐसे में सोने के बजाय डॉलर और बॉन्ड्स में ज्यादा इन्वेस्टमेंट होता है। इसके चलते सोने के दाम अभी कुछ गिर सकते हैं। हालांकि लॉन्गटर्म में सोने के दाम बढ़ेंगे। अगर सोना खरीदना है, तो अब से एक से तीन महीने के बीच खरीदना ठीक रहेगा।’ HDFC सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता कहते हैं कि अभी सोने और चांदी दोनों के दाम घटेंगे। इसलिए फिलहाल कुछ महीने सोना इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत अच्छा एसेट नहीं है। साल के आखिर तक सोने की इंटरनेशनल मार्केट में कीमत 5 हजार डॉलर प्रति औंस तक आ सकती है। इसलिए लॉन्ग टर्म के लिहाज से सोना खरीदा जा सकता है। सवाल-5: चांदी की कीमत पर क्या असर पड़ने वाला है? जवाब: 1 जनवरी 2025 को चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी। जो भारत में तब का ऑल-टाइम हाई था। 2025 में चांदी सबसे ज्यादा 170% बढ़ी और 30 जनवरी 2026 को 3.39 लाख पर बंद हुई। हालांकि ईरान जंग के दौरान दाम गिरे और 18 जून को ये 2.40 लाख रुपए पर है। गहनों के अलावा चांदी का इंडस्ट्रियल यूज भी होता है। अमेरिकी NGO ‘सिल्वर इंस्टीट्यूट’ के मुताबिक, अगले एक साल में सोलर पैनल, EV, डेटा सेंटर और AI सेक्टर में चांदी की बढ़ती खपत से इसकी मांग और दाम बढ़ सकते हैं। डिस्क्लेमर: यह स्टोरी केवल एजुकेशनल उद्देश्यों से लिखी गई है। इन्वेस्टर्स को हमारी सलाह है कि निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने स्तर पर विशेषज्ञों से परामर्श जरूर लें। *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें… भारत का रुपया एशिया में सबसे तेज गिर रहा:पाकिस्तानी रुपया मजबूत हुआ; आखिर सरकार से कहां चूक हो रही, टॉप एक्सपर्ट्स से समझिए डॉलर के मुकाबले भारत का रुपया एशिया में सबसे तेजी से गिर रहा है। पिछले 5 महीने में 6% से ज्यादा टूटा। जबकि इसी दौरान पाकिस्तानी रुपया 0.5% और चीनी युआन तो 3% मजबूत हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
फैक्ट चेक: अमेरिकी हमले में मारे गए नाविक का नहीं, मॉक ड्रिल का है यह वीडियो
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो एक मॉक ड्रिल का है. वीडियो के क्रिएटर ने अपने इंस्टाग्राम पर वायरल दावे का खंडन किया है.
आसमान में बादलों की लुकाछिपी और मानसून की लेटलतीफी ने इस बार इंदौर के घरों में भोजन का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है। बारिश में देरी का सीधा असर अब लोगों के किचन पर दिखने लगा है, जहां हरी सब्जियों के आसमान छूते दामों ने गृहिणियों का बजट पूरी तरह झुलसा दिया है। चोइथराम और निरंजनपुर मंडी में बाहरी आवक कम होने के कारण जो टमाटर कुछ दिन पहले आम आदमी की थाली का हिस्सा था, वह अब 'लाल' होकर तेवर दिखा रहा है। वहीं गिलकी, लौकी और तुरई जैसी आम सब्जियां भी अब आम नहीं रहीं, बल्कि मंडियों से लेकर कॉलोनियों के ठेलों तक खूब भाव खा रही हैं। क्या कहती हैं इंदौर की गृहिणियां ? सब्जियों के इस तीखे तेवर पर शहर की महिलाओं का दर्द साफ छलक रहा है: साकेत नगर में रहने वाली अल्पना जोशी ने बताया कि मानसून की देरी ने तो रसोई का पूरा बजट ही बिगाड़ दिया है। पहले लगता था कि हरी सब्जियां सेहत और जेब दोनों के लिए अच्छी हैं, लेकिन अब तो लौकी और गिलकी जैसी साधारण सब्जियां भी वीआईपी हो गई हैं। 20-30 किलो मिलने वाला टमाटर अब सीधा 60 के पार जा रहा है। समझ नहीं आता कि थाली में रंग कहां से लाएं। महालक्ष्मी नगर की निवासी रीना शर्मा ने बताया कि मंडी में आवक इतनी कम है कि ताजी सब्जी ढूंढना मुश्किल हो रहा है, और जो मिल रही है, उसके दाम सुनकर ही पसीना आ जाता है। दालें पहले ही महंगी थीं, अब सब्जी भी हाथ से निकल रही है। अगर एक-दो हफ्ते और पानी नहीं गिरा, तो किचन संभालना भारी पड़ जाएगा। अब तो तड़के में टमाटर डालना भी एक लग्जरी जैसा लगने लगा है। आसमान छू रहे सब्जियों के दाम : बता दें कि भीषण गर्मी और मानसून में हो रही देरी ने मध्यप्रदेश में आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस मौसमी संकट की सबसे सीधी गाज रसोई के बजट पर गिरी है, जिससे हरी सब्जियों की आवक में भारी कमी आई है और उनके दाम आसमान छूने लगे हैं। मंडियों में गिलकी, लौकी, टमाटर, पालक और बैंगन जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की आवक बहुत कम हो गई है, जिसके चलते बाजार में कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर चढ रहा है। टमाटर महंगा , गिलकी-लोकी-पालक दिखा रहे आंख : चोइथराम मंडी के सब्जी व्यापारी अंकित शर्मा ने बताया कि सब्जियों की महंगाई का सबसे गहरा असर टमाटर पर देखने को मिल रहा है, जिसकी कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। रिटेल बाजारों में टमाटर की कीमतें 60 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर को छू चुकी हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की थाली से टमाटर पूरी तरह गायब होने की कगार पर पहुंच गया है। टमाटर के साथ-साथ बाजार में गिलकी 60 रुपए, लौकी 40 से 50 रुपए, पालक 40 से 50 रुपए और बैंगन भी 60 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहे हैं। सब्जियां सूखने से आवक भी प्रभावित हुई : दरअसल, इस महंगाई के पीछे मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों से होने वाली सप्लाई का ठप हो जाना भी है। ग्रीष्मकाल के इस विशेष सीजन में मध्यप्रदेश के मालवा निमाड़ सहित अन्य प्रमुख हिस्सों में राजस्थान से भारी मात्रा में सब्जियां आती हैं, लेकिन इस साल भीषण तपिश के कारण कई इलाकों में सब्जियों की फसलें अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले ही पूरी तरह सूखकर समाप्त हो गई हैं। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि राजस्थान से प्रदेश की बड़ी मंडियों में आने वाले मालवाहक वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं। महाराष्ट्र के भरोसे इंदौर की मंडियां : बता दें कि राजस्थान की तरफ से आवक नहीं होने से मध्यप्रदेश की थोक मंडियां अब पूरी तरह से महाराष्ट्र की फसलों के भरोसे टिक गई हैं। मौजूदा समय में इंदौर सहित कई अन्य बड़े शहरों में महाराष्ट्र के कन्नड़, चालीसगांव, संभाजी नगर और कलवन जैसे क्षेत्रों से सब्जियां मंगवाई जा रही हैं। साथ ही महाराष्ट्र में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने सब्जियों के पौधों को झुलसा कर रख दिया है, जिसके कारण वहां भी कुल उत्पादन अपने न्यूनतम स्तर पर आ चुका है। इंदौर के सब्जी व्यापारियों की जुबानी मंडी का हाल पानी की कमी से फसलें खेतों में ही झुलस गई : आढ़तिया व थोक व्यापारी, चोइथराम मंडी रमेश यादव कहते हैं कि इस बार मानसून की लेटलतीफी ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है। लोकल बेल्ट (इंदौर के आसपास के ग्रामीण इलाकों) से जो गिलकी, लौकी और तुरई की आवक जून के इस हफ्ते तक भरपूर हो जाती थी, वो इस बार आधी भी नहीं है। गर्मी और पानी की कमी से फसलें खेतों में ही झुलस गई हैं। आवक कम होने से थोक में ही दाम दोगुने हो चुके हैं, जिससे चिल्ला (रिटेल) बाजार तक पहुंचते-पहुंचते ये सब्जियां आम जनता की पहुंच से बाहर हो रही हैं। भाड़ा बढ़ने और माल की किल्लत : सब्जी सप्लायर व व्यापारी, निरंजनपुर मंडी सतीश पाटीदार ने बताया कि इंदौर में टमाटर का सबसे बड़ा सहारा दूसरे राज्यों (जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक) की सप्लाई होती है। लेकिन वहां भी मौसम की मार के कारण इस बार गाड़ियां बहुत कम आ रही हैं। जो टमाटर की गाड़ियां पहले रोज इंदौर पहुंचती थीं, उनकी संख्या अब आधी रह गई है। भाड़ा बढ़ने और माल की किल्लत के कारण टमाटर मंडियों में ही 'लाल' हो रहा है। जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और नई खेप नहीं आती, तब तक दामों में नरमी की उम्मीद कम ही है। Edited By: Naveen R Rangiyal
राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान
Surya Ardra Nakshatra Transit 2026: तारामंडल के राजा सूर्य देव अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करने के बाद, अब 22 जून 2026 (सोमवार) को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर आर्द्रा नक्षत्र में कदम रखेंगे। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी 'राहु' हैं और सूर्य आत्मा, मान-सम्मान व लीडरशिप के कारक हैं। जब सूर्य का प्रताप राहु के नक्षत्र से मिलता है, तो राजनीति, प्रशासन, मौसम और हमारे जीवन में अचानक बड़े उलटफेर देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं कि इस नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों की किस्मत चमकेगी और किन्हें संभलकर रहना होगा। इन 4 राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वार (भाग्यशाली राशियां) मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए यह गोचर किसी सुनहरे मौके जैसा है। नौकरी में नया पद या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके काम की तारीफ होगी और बॉस का पूरा सपोर्ट मिलेगा। अगर आप बिजनेस करते हैं, तो नए ग्राहक जुड़ेंगे और काम का विस्तार होगा। अटका हुआ पैसा वापस आने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ALSO READ: सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश, 6 राशियों को रहना होगा संभलकर, धन और सेहत पर होगा असर मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों का आत्मविश्वास इस दौरान सातवें आसमान पर होगा। समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी हाइक की खुशखबरी मिल सकती है। कमाई के नए जरिए सामने आएंगे और सेहत में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सिंह राशि (Leo) चूंकि सूर्य आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए राहु के नक्षत्र में उनका जाना आपके लिए बंपर सफलता लेकर आएगा। आपकी लीडरशिप क्वालिटी लोगों को प्रभावित करेगी। सरकारी या प्रशासनिक अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आप हर क्षेत्र में तरक्की करेंगे। धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि वालों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा रहेगा। प्रॉपर्टी, नई गाड़ी या करियर से जुड़ा कोई बड़ा सपना इस दौरान पूरा हो सकता है। फंसा हुआ धन मिलने के मजबूत योग हैं। जो लोग विदेश जाने या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है। ये राशियां रहें जरा सतर्क (सावधान रहने वाली राशियां) वृषभ राशि (Taurus) आर्थिक मामलों में हाथ थोड़ा खींचकर चलना होगा। अचानक बड़े खर्च सामने आने से आपका बजट डगमगा सकता है। ऑफिस में काम का दबाव या थोड़ा बिखराव महसूस होगा। इस समय किसी भी बड़ी जगह पैसा लगाने या जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। ALSO READ: बुध का कर्क राशि में गोचर: 12 राशियों पर क्या होगा असर? जानिए पूरा राशिफल कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों को अपने दिल और दिमाग पर कंट्रोल रखना होगा। भावनाओं में बहकर लिया गया कोई भी फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है। ऑफिस में मानसिक तनाव और फालतू के विवादों से दूर रहें। खर्चों पर लगाम लगाएं और इस समय को आत्ममंथन में बिताएं। कन्या राशि (Virgo) वर्कप्लेस पर सहकर्मियों (Colleagues) के साथ अनबन या गलतफहमी होने की आशंका है। किसी भी बहस का हिस्सा बनने के बजाय अपनी बात को शांति से कहें। काम का प्रेशर आपकी सेहत और मानसिक सुकून को प्रभावित कर सकता है, इसलिए योग और ध्यान का सहारा लें। वृश्चिक राशि (Scorpio) यह समय आपके धैर्य और संयम की कड़ी परीक्षा ले सकता है। दफ्तर में अचानक काम का बोझ बढ़ने से आप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। वाद-विवाद से दूरी बनाना ही आपके लिए समझदारी होगी। अपनी डेली रूटीन को बेहतर करें और सेहत के साथ समझौता न करें। अन्य राशियों के लिए कैसा रहेगा हाल? तुला राशि (Libra): आपके लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम लेकर आएगा। करियर में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए कोई भी फैसला सोच-समझकर लें। बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें और पैसों का लेन-देन बजट बनाकर करें। मकर राशि (Capricorn): जेब पर थोड़ा भारी समय है, खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सीनियर का दबाव महसूस होगा, लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो स्थिति संभल जाएगी। निवेश करने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। कुंभ राशि (Aquarius): आपके लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यापार दोनों में मुनाफे के योग हैं। सामाजिक दायरा बढ़ेगा, नए संपर्क बनेंगे और लंबे समय से रुके हुए काम अब रफ्तार पकड़ेंगे। ALSO READ: गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका मीन राशि (Pisces): आपको जल्दबाजी में कोई भी बड़ा कदम उठाने से बचना चाहिए। अपने खर्चों पर कड़ा नियंत्रण रखें। कार्यस्थल पर नतीजे थोड़े धीमे मिलेंगे, इसलिए सब्र रखें। इस दौरान आपका झुकाव अध्यात्म की तरफ बढ़ सकता है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। अस्वीकरण (Disclaimer): यहाँ दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांग और सामान्य धारणाओं पर आधारित है। यह केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें। ALSO READ: मंगल का शुक्र की राशि में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं ये परेशानियां
Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई। बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए। ALSO READ: लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Edited By : Chetan Gour
अलवर : सात महीने से जिंदगी की जंग लड़ रही 4 साल की खुशबू की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में करीब साढ़े सात महीने पहले हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई चार वर्षीय खुशबू ने लंबा संघर्ष करने के बाद गुरुवार रात दम तोड़ दिया। इसके साथ ही उस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में खुशबू के […] The post अलवर : सात महीने से जिंदगी की जंग लड़ रही 4 साल की खुशबू की मौत appeared first on Sabguru News .
यौन शोषण का आरोपी उस्मान खान जमानत के लिए पुनः पहुंचा हाईकोर्ट
नैनीताल। उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में नाबालिग के दुष्कर्म के आरोपी 72 वर्षीय ठेकेदार उस्मान खान की ओर से जमानत के लिए पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। अदालत ने विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) से निचली अदालत में ट्रायल को लेकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र […] The post यौन शोषण का आरोपी उस्मान खान जमानत के लिए पुनः पहुंचा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दी सेबी, बीएसई और एनएसई के पास दाखिल होगा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। एजीएम में मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और उसके लाखों शेयरधारकों के लिए भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों का संबंध गर्व, विश्वास, सम्मान और साझा विकास पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का निकट भविष्य में आने वाला आईपीओ है। उनके अनुसार, यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पेश करेगा। जियो ने पिछले दस वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने जब अपनी यात्रा शुरू की उस समय वॉइस महंगी थी, डेटा महंगा था और स्पीड कमजोर थी। जियो ने वॉइस को मुफ्त और हाई-स्पीड डेटा को किफायती बनाया, आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है। जियो की अगली ग्रोथ यात्रा पांच प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगी। इनमें जियो ट्रू 5जी को भारत की अगली डिजिटल छलांग की नींव बनाना, जियोएयरफाइबर के जरिए हाई-स्पीड होम ब्रॉडबैंड को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना, भारतीय उद्यमों और छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाना, हर जगह और हर व्यक्ति तक एआई पहुंचाना और भारत की टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाना शामिल है। जियो आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होना केवल एक लिस्टिंग इवेंट नहीं है। यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता, रिलायंस शेयरधारकों के वैल्यू अनलॉक और जियो की अगली ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
बुध का कर्क राशि में गोचर: 12 राशियों पर क्या होगा असर? जानिए पूरा राशिफल
ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणित के अनुसार, 22 जून 2026 की दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर बुध देव अपनी खुद की राशि मिथुन को अलविदा कहकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। बुद्धि, संवाद और व्यापार के कारक बुध का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े उलटफेर करने वाला है। आइए जानते हैं कि आपके सितारों पर इस गोचर का क्या असर पड़ने वाला है। ALSO READ: बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान? मेष राशि (Aries) बुध आपकी राशि से चौथे भाव में कदम रख रहे हैं। यह समय पारिवारिक मोर्चे पर सुकून और खुशियां लेकर आएगा। घर में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी, लेकिन माता-पिता की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। करियर और पैसा: ऑफिस में आपकी लगन रंग लाएगी। बॉस और सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें, कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें। नया आशियाना बनाने या खरीदने के लिए समय उत्तम है। रिश्ते: जीवनसाथी के करियर में उछाल आ सकता है, जिससे घर का माहौल और भी शानदार हो जाएगा। वृषभ राशि (Taurus) आपकी राशि से तीसरे भाव में होने वाला यह गोचर आपके भीतर गजब का आत्मविश्वास और नया जोश भर देगा। अब आप काम को टालने के बजाय उसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। करियर और पैसा: दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय खुद के फैसलों पर यकीन रखें। छोटी-छोटी व्यावसायिक यात्राएं आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकती हैं। छात्रों के लिए, खासकर कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह बेहतरीन समय है। रिश्ते : आपकी बोली में गजब का आकर्षण रहेगा, जिससे बिगड़े रिश्ते भी सुधर जाएंगे। भाई-बहनों की आर्थिक मदद कर सकते हैं। लव लाइफ में किसी नए शख्स की एंट्री हो सकती है। ALSO READ: 3 दिन बाद बुध का कर्क राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे सफलता के नए द्वार मिथुन राशि (Gemini) बुध का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में होने जा रहा है। आपकी बातचीत का तरीका इतना शानदार होगा कि लोग आपकी तरफ खिंचे चले आएंगे। करियर और पैसा: आर्थिक रूप से यह समय चांदी काटने वाला है। सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च करेंगे और नई प्रॉपर्टी या गाड़ी खरीदने का मन बना सकते हैं। कमाई के नए जरिए खुलेंगे। रिश्ते: परिवार में सुख-शांति रहेगी। अगर माता जी काफी समय से बीमार चल रही थीं, तो अब उनकी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ALSO READ: बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग कर्क राशि (Cancer) बुध देव आपकी ही राशि यानी आपके पहले भाव में आ रहे हैं। यह गोचर आपके व्यक्तित्व को निखारेगा, लेकिन आपको अपनी सेहत को लेकर जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी है। खान-पान का पूरा ध्यान रखें। करियर और पैसा: नौकरीपेशा लोगों के जीवन में स्थिरता आएगी। अगर आपका बिजनेस विदेश या किसी विदेशी कंपनी से जुड़ा है, तो तगड़ा मुनाफा होने के योग हैं। रिश्ते: मुश्किल वक्त में भाई-बहनों का पूरा सपोर्ट मिलेगा। शादीशुदा जातकों को अपने पार्टनर की तरफ से कोई बड़ा आर्थिक या भावनात्मक लाभ मिल सकता है। सिंह राशि (Leo) आपकी राशि से बारहवें भाव में बुध का आना खर्चों की बाढ़ ला सकता है। इसलिए बजट बनाकर चलना ही इस समय सबसे बड़ी समझदारी होगी। करियर और पैसा: बिजनेस के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, जो आगे चलकर फायदेमंद साबित होंगी। कार्यक्षेत्र में आप अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाएंगे, जिसका इनाम आने वाले वक्त में मिलेगा। रिश्ते: परिवार के किसी सदस्य के विदेश जाने के योग बन सकते हैं। इस दौरान फालतू के वाद-विवाद से खुद को दूर रखें, वरना आपकी ऊर्जा बेकार की उलझनों में नष्ट हो जाएगी। ALSO READ: सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश, 6 राशियों को रहना होगा संभलकर, धन और सेहत पर होगा असर कन्या राशि (Virgo) बुध का यह गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है, जो आपकी बंद किस्मत के ताले खोल सकता है। लंबे समय से अटकी हुई आपकी कोई बड़ी मुराद इस दौरान पूरी हो सकती है। करियर और पैसा: आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन शॉर्टकट या जोखिम भरे निवेश से बचें। सेहत शानदार रहेगी और आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। रिश्ते: सोशल लाइफ बहुत एक्टिव रहेगी। दोस्तों और करीबियों के साथ महफिलें जमेंगी। लव लाइफ के लिए समय रोमांटिक है, पार्टनर के साथ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा। तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए बुध का दसवें भाव में जाना करियर के लिहाज से बेहद शानदार रहने वाला है। कार्यक्षेत्र से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है, जिसका आपको बेसब्री से इंतजार था। करियर और पैसा: प्रमोशन या किसी बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलने के पूरे आसार हैं। समाज में आपका रुतबा और मान-सम्मान बढ़ेगा। विदेशी स्रोतों से धन लाभ होने की उम्मीद है। नया काम शुरू करने के लिए समय पूरी तरह आपके पक्ष में है। रिश्ते: परिवार में खुशहाली रहेगी। अपनों के साथ बॉन्डिंग मजबूत होगी और भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। ALSO READ: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण: जानिए किन राशियों पर रहेगा इसका सीधा और बड़ा असर वृश्चिक राशि (Scorpio) बुध आपकी राशि से नौवें भाव यानी भाग्य स्थान में गोचर करेंगे। यह समय आपके जीवन में मिले-जुले नतीजे लेकर आ रहा है, जहाँ कुछ चुनौतियों के साथ अचानक बड़े लाभ भी मिलेंगे। करियर और पैसा: आर्थिक उन्नति के लिए आपको लगातार प्रयास करने होंगे। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, उनकी यह इच्छा इस दौरान पूरी हो सकती है। रिश्ते: माता जी की सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए उनकी देखभाल में कमी न छोड़ें। इस अवधि में आपका रुझान धर्म-कर्म और अध्यात्म की तरफ ज्यादा रहेगा। धनु राशि (Sagittarius) आपकी राशि से आठवें भाव में बुध का गोचर सेहत के मामले में थोड़ा संभलकर रहने की चेतावनी दे रहा है। अपनी लाइफस्टाइल को अनुशासित रखें। करियर और पैसा: पिता के कामकाज या धन से जुड़े मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है, लेकिन इस वक्त उनका साथ देने से आपका सम्मान बढ़ेगा। इस दौरान आपका झुकाव रहस्यमयी विद्याओं या ज्योतिष की तरफ बढ़ सकता है। रिश्ते: शादीशुदा जिंदगी में छोटी-मोटी बातों पर तकरार हो सकती है। रिश्तों को बचाने के लिए धैर्य और समझदारी से काम लें, गुस्से को खुद पर हावी न होने दें। मकर राशि (Capricorn) बुध का गोचर आपकी राशि से सातवें भाव में होने जा रहा है, जो आपके पेशेवर जीवन को एक नई उड़ान देगा। करियर और पैसा: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का लोहा माना जाएगा। सैलरी बढ़ने या प्रमोशन होने की प्रबल संभावना है। पिता को मिलने वाला कोई बड़ा आर्थिक लाभ पूरे परिवार की किस्मत बदल सकता है। रिश्ते: पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी और माता की सेहत में सुधार होगा। हालांकि, अपनी बातचीत में थोड़ा संतुलन रखें। पार्टनर के साथ बेवजह की बहस से बचें, ताकि वैवाहिक जीवन का आनंद बना रहे। कुंभ राशि (Aquarius) आपकी राशि से छठे भाव में बुध का आना आपके लिए राहत की सांस लेकर आ सकता है। अगर आप लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे थे, तो उससे मुक्ति मिलने के रास्ते खुलेंगे। करियर और पैसा: कोर्ट-कचहरी या किसी कानूनी विवाद का फैसला आपके हक में आ सकता है। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिल सकती है। हालांकि, अचानक बढ़ने वाले खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी होगा। रिश्ते: इस समय अपने गुस्से पर काबू रखें, क्योंकि जल्दबाजी में दिया गया कोई भी रिएक्शन आपके बनते काम बिगाड़ सकता है। सेहत का खास ख्याल रखें। मीन राशि (Pisces) बुध देव आपकी राशि से पांचवें भाव में प्रवेश कर रहे हैं। यह समय आपकी बुद्धि, रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने वाला साबित होगा। करियर और पैसा: आपकी आमदनी में इजाफा होने के संकेत हैं। शिक्षा, व्यापार या रिसर्च से जुड़े छात्रों का प्रदर्शन इस दौरान कमाल का रहेगा। जीवनसाथी को करियर में मिलने वाली कोई बड़ी अचीवमेंट घर में उत्सव का माहौल बना देगी। रिश्ते: लव लाइफ के लिए यह समय किसी टर्निंग पॉइंट जैसा है। आप अपने पार्टनर को परिवार से मिलवा सकते हैं और बात शादी तक पहुंच सकती है। मानसिक रूप से आप खुद को बेहद संतुष्ट महसूस करेंगे।
ब्राजील को बड़ा झटका, कप्तान नेमार के बिना उतरना पड़ेगा अगले मैच में
ब्राजील फुटबॉल महासंघ (CBF) ने गुरुवार को कहा कि नेमार विश्व कप के ग्रुप सी में हैती के खिलाफ होने वाले मैच के लिए टीम के साथ फिलाडेल्फिया नहीं जा रहे और न ही वह उस मैच में खेलेंगे। सीबीएफ ने एक विज्ञप्ति में कहा, “वह अपनी रिकवरी प्रक्रिया के अंतिम चरण को बेहतर बनाने के लिए न्यू जर्सी में ही रहेंगे, और द रिज होटल और कोलंबिया पार्क प्रशिक्षण केंद्र की उत्कृष्ट सुविधाओं का लाभ उठाएंगे।” 34 वर्षीय नेमार, जो दाहिनी पिंडली की चोट के कारण एक महीने से बाहर थे, ने बुधवार को मॉरिसटाउन, न्यू जर्सी में क्लब के अभ्यास सत्र में इस विश्व कप के दौरान पहली बार अपनी ब्राजील टीम के साथियों के साथ संक्षिप्त रूप से प्रशिक्षण लिया। OFFICIAL: Neymar Jr to miss Brazil game against Haiti, out of Ancelotti’s squad. No risks taken as Ney Jr returned fo full team training only 24 hours ago, building his best condition. pic.twitter.com/FGX5shCSBb — Fabrizio Romano (@FabrizioRomano) June 18, 2026 वह बुधवार को राफिन्हा , ब्रूनो गुइमारेस , गैब्रियल मैगलहेस और फैबिन्हो के साथ मैदान पर उतरे और मीडिया के सदस्यों से मजाक करते हुए कहा, “क्या आपको मेरी याद आई।” अमेरिका पहुंचने के बाद मंगलवार को उन्होंने पहली बार अकेले ही मैदान के किनारे प्रशिक्षण भी लिया था। सीबीएफ द्वारा जारी फुटेज के अनुसार, बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व फॉरवर्ड ने मंगलवार को कार्लो एंसेलोटी के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य के साथ अपने पहले रनिंग ड्रिल का प्रदर्शन किया और व्यायाम किया।
आंध्र प्रदेश में एक व्यक्ति ने तीन बेटियों को जहर देकर की खुदकुशी
ओंगोल। आंध्र प्रदेश में प्रकाशम ज़िले के चीमाकुर्थी मंडल के केवी अग्रहारम गांव में एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपनी तीन पुत्रियाें को ज़हर दे दिया और बाद में पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि येकुला सुधाकर अपनी तीन पुत्रियों के साथ रह रहा था, क्योंकि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली […] The post आंध्र प्रदेश में एक व्यक्ति ने तीन बेटियों को जहर देकर की खुदकुशी appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : घर से खेलने निकले बालक का कुएं में शव मिला
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में मलाह गांव में गुरुवार को घर से निकले एक बालक का शव कुंए में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नौ वर्षीय गुड्डा पुत्र रविकांत शाम को घर से खेलने के लिये निकला था। वह देर रात तक जब लौटकर नहीं […] The post भरतपुर : घर से खेलने निकले बालक का कुएं में शव मिला appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में पालिका बाजार के रेस्टोरेंट में आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर में शुक्रवार को सुबह पालिका बाजार स्थित द बॉनफाय रेस्टोरेंट में आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आग से द बॉन फायर रेस्टोरेंट के प्रथम तल पर रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लाखों रुपए का […] The post श्रीगंगानगर में पालिका बाजार के रेस्टोरेंट में आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान appeared first on Sabguru News .
अमेरिका-ईरान संघर्ष भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? जस्टिस काटजू का लेख
अमेरिका-ईरान विवाद पर जस्टिस मार्कंडेय काट्जू का लेख पढ़ें और जानें कि उनके अनुसार भारत एकता, त्याग और रणनीतिक योजना के बारे में क्या अहम सबक सीख सकता है।
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से दूधिया का अस्थायी पुल बहा, उत्तर बंगाल के पांच ज़िलों में अलर्ट जारी
सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग की पहाड़ियों पर गुरुवार रात हुई भारी बारिश के कारण बालासन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे दुधिया में बना एक अस्थायी पुल शुक्रवार तड़के बह गया। इस घटना से सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। उत्तर बंगाल के पांच जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार […] The post पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से दूधिया का अस्थायी पुल बहा, उत्तर बंगाल के पांच ज़िलों में अलर्ट जारी appeared first on Sabguru News .
4 सैनिकों की मौत के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने पूरे लेबनान को जलाने की बात कही
तेल अवीव। दक्षिणी लेबनान में लड़ाई में इजराइली सेना के चार सैनिकों के मारे जाने के बाद इजराइल रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने लेबनान को ‘जलाने’ का आह्वान किया है। बेन-ग्विर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि अमरीकियों के प्रति पूरे सम्मान के साथ, इजराइल को पूरी दुनिया के सामने यह साफ कर देना […] The post 4 सैनिकों की मौत के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने पूरे लेबनान को जलाने की बात कही appeared first on Sabguru News .
सीनियर सिटीजन सोसायटी अधिशाषी परिषद केंद्र समिति की मासिक बैठक सम्पन्न
अजमेर। अजमेर शहर सीनियर सिटीजन सोसायटी अधिशाषी परिषद की मासिक बैठक शुक्रवार को दीवा केंद्र रामगंज स्थित कार्यालय में अध्यक्ष किशन गोपाल वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सोसायटी के मीडिया प्रभारी डॉ. एस.डी. मिश्रा […] The post सीनियर सिटीजन सोसायटी अधिशाषी परिषद केंद्र समिति की मासिक बैठक सम्पन्न appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में री-नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित री-नीट परीक्षा के फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करके ऑनलाइन बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विशेष शाखा (डीएसबी) को मिली सूचना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस फर्जीवाड़े का […] The post भीलवाड़ा में री-नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .
रायबरेली में सर्राफा व्यापारी को गोली मार कर लाखों के जेवर लूटे
रायबरेली। उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर गुरुवार देर रात एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर लूट लेने का मामला सामने आया है। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस घटना के खुलासे के लिए आसपास […] The post रायबरेली में सर्राफा व्यापारी को गोली मार कर लाखों के जेवर लूटे appeared first on Sabguru News .
क्या एंटी-नेशनल है इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा'? एआर रहमान ने दिया रिएक्शन
सिनेमा में जब भी इंसानी जज्बातों, रूहानी इश्क और मुसाफिरों की रूह को टटोलने की बात आती है, तो जेहन में पहला नाम निर्देशक इम्तियाज अली का आता है। उनकी पीरियड रोमांस ड्रामा फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' इन दिनों दर्शकों के दिलों को झकझोर रही है। 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी और अधूरी ख्वाहिशों पर बुनी गई यह कहानी जहां सिनेमाघरों में लोगों को रोने पर मजबूर कर रही है, वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक अनोखा विवाद भी खड़ा हो गया है। इस फिल्म को सोशल मीडिया के एक धड़े द्वारा 'एंटी-नेशनल' (देश-विरोधी) कहा जा रहा है। ALSO READ: मां को याद कर 'तारक मेहता' के सेट पर फूट-फूटकर रोए बाघा, असित मोदी ने बीच में रोकी शूटिंग इस गंभीर आरोप पर ऑस्कर विजेता दिग्गज संगीतकार एआर रहमान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऐसा मजेदार रिएक्शन दिया है, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, 'मैं वापस आऊंगा' की रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर लगातार चर्चाएं गर्म हैं। इसी बीच, एआर रहमान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल की स्टोरी पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस वायरल पोस्ट में फिल्म के पोस्टर के साथ तंज कसते हुए लिखा था, एंटी-नेशनल? पाकिस्तान को बिना आतंकवादियों और सीक्रेट एजेंटों के दिखाया गया है। एआर रहमान ने इस गंभीर आरोप का जवाब किसी लंबे-चौड़े बयान से नहीं, बल्कि बेहद कूल अंदाज में सिर्फ एक 'हंसने वाला इमोजी' शेयर करके दिया। रहमान का यह बेबाक और मजाकिया अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सोशल मीडिया पर फैंस इस स्क्रीनशॉट को जमकर शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'सही बात है, आज के दौर में जब तक फिल्मों में पाकिस्तान को सिर्फ दुश्मन की तरह न दिखाया जाए, तब तक कुछ लोगों को उसमें देशभक्ति नजर नहीं आती!' सरहद पार पाकिस्तान से भी मिल रही है सराहना विभाजन के मानवीय और भावनात्मक पहलू को उजागर करने वाली यह फिल्म सिर्फ भारतीय दर्शकों को ही नहीं, बल्कि सीमा पार के लोगों को भी बेहद पसंद आ रही है। हाल ही में पाकिस्तान के जाने-माने फीचर और विज्ञापन फिल्म निर्देशक उमर नासिर अली ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की तारीफ में एक लंबा नोट लिखा। उमर नासिर अली ने लिखा, 'मैं वापस आऊंगा' एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक फिल्म है, जो खत्म होने के बाद भी आपके जेहन से नहीं निकलती। यह साफ तौर पर इम्तियाज अली का सिनेमा है। नसीरुद्दीन शाह की लाजवाब एक्टिंग और आरती बजाज की सटीक एडिटिंग इसे सिनेमैटिक स्टोरीटेलिंग की एक 'मास्टरक्लास' बनाती है, जिससे हर फिल्म मेकर और स्टूडेंट को सीखना चाहिए। 70 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत भले ही बेहद ठंडी रही हो, लेकिन सिनेमाघरों से निकल रहे दर्शकों की तारीफ ने इसके बिजनेस में जान फूंक दी है। ट्रेड एनालिस्ट 'सैक्निल्क' की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने छठे दिन 1.75 करोड़ रुपए की कमाई की, जो इसके ओपनिंग डे से भी अधिक है।
इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्शन?
इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वो नीट की परीक्षा को लेकर तनाव में थी। बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद देशभर में इसे लेकर बहस चल रही है।घटना देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार छात्रा अपने घर की बालकनी में मोबाइल पर बातचीत कर रही थी और इसके बाद वह इमारत के ऊपरी हिस्से की ओर चली गई। घटना गुरुवार देर रात की है। पुलिस ने बताया कि छात्रा का नाम अवंतिका मौर्य है। वो धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। मृतक अवंतिका की बहन सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप सी रह रही थी। सवालों के जवाब भी बहुत कम शब्दों में दे रही थी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात करीब 11:30 बजे वह मोबाइल पर बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल अफसर हैं। एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। अवंतिका किन परिस्थितियों में गिरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया। भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा कि अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। Edited By: Naveen R Rangiyal
रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘मैसा’के गाने की शूटिंग पूरी
मुंबई। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म ‘मैसा’ के एक गाने की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।फिल्म के निर्माताओं ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ‘मैसा’ के गीत की शूटिंग पूरी हो चुकी है। पोस्ट में लिखा गया, “#मैसा सांग पैकअप। ‘मैसा’ को वर्ष 2026 की […] The post रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘मैसा’ के गाने की शूटिंग पूरी appeared first on Sabguru News .
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन
जयपुर। राजस्थान विधानसभा परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में शुक्रवार को सुबह सामूहिक योग कार्यक्रम योगोत्सव का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में विधानसभा के कर्तव्य द्वार पर सुबह छह बजे आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक, विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन appeared first on Sabguru News .
एफआईएच प्रो लीग : आखिरी मिनटों में दो गोलकर जर्मनी ने भारत को 2-1 से हराया
रॉटरडैम। विश्व चैंपियन जर्मनी ने शुक्रवार को आखिरी मिनटों में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दाग कर भारत को एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के मुकाले में 2-1 से हरा दिया। जर्मनी के लिए जस्टस वेइगैंड (56वें मिनट) और जैकब ब्रिला (60वें मिनट) में गोल कर अपनी टीम जीत दिलाई। इससे पहले, जुगराज […] The post एफआईएच प्रो लीग : आखिरी मिनटों में दो गोलकर जर्मनी ने भारत को 2-1 से हराया appeared first on Sabguru News .
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का
मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
स्टारडम के पीक पर सादगी की मिसाल: ऋषिकेश में फुटपाथ पर चादर बिछाकर सो गए सुनील ग्रोवर, देखिए वीडियो
चकाचौंध से भरी ग्लैमर इंडस्ट्री में जहां सेलेब्स अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और वीआईपी ट्रीटमेंट के लिए जाने जाते हैं, वहीं एक ऐसा कलाकार भी है जो हर बार अपनी सादगी से लोगों को हैरान कर देता है। हम बात कर रहे हैं बेहतरीन एक्टर और कॉमेडियन सुनील ग्रोवर की। अपनी बेमिसाल कॉमेडी और कमाल की मिमिक्री से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुनील ग्रोवर असल जिंदगी में बेहद ज़मीन से जुड़े इंसान हैं। हाल ही में उन्होंने कुछ ऐसा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस से लेकर बड़ी-बड़ी हस्तियों को उनका मुरीद बना दिया है। A post shared by Sunil Grover (@whosunilgrover) ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट से वायरल हुआ वीडियो सुनील ग्रोवर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जो इस समय टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। यह वीडियो देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सुनील ग्रोवर किसी आलीशान होटल के कमरे को छोड़, खुले आसमान के नीचे एक फुटपाथ पर आम लोगों और गरीबों के बीच सो रहे हैं। ALSO READ: एक रील के 76 लाख रुपए लेते हैं ओरी, शादी-बर्थडे पार्टी में बुलाने के इतने रुपए करते हैं चार्ज सुनील ग्रोवर ने फुटपाथ पर ही एक साधारण सी चादर बिछाई है, सिर के नीचे तकिया लगाया है और बराबर में ही उनकी चप्पलें उतरी हुई हैं। इस बेहद भावुक और हैरान कर देने वाले वीडियो को पोस्ट करते हुए सुनील ने कैप्शन में लिखा— 'तारे जमीन पर।' जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, यह आग की तरह फैल गया। सुनील ग्रोवर का यह 'डाउन टू अर्थ' रवैया देखकर लोग उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं। फैंस इस बात पर अचरज जता रहे हैं कि सफलता के इस मुकाम पर होने के बाद भी कोई इंसान इतना सहज कैसे हो सकता है। A post shared by Sunil Grover (@whosunilgrover) वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'कमाल का इंसान और मेरा सबसे पसंदीदा कलाकार।' वहीं एक अन्य ने लिखा, 'इसीलिए पूरी दुनिया आपसे इतना प्यार करती है।' एक यूजर ने लिखा, 'धन और वैभव के चरम पर होने के बाद भी अहंकार की शून्यता का यह एक अद्भुत और दुर्लभ दृश्य है।' यह कोई पहली बार नहीं है जब सुनील ग्रोवर ने अपने देसी अंदाज़ से लोगों को चौंकाया है। वे अक्सर ऐसे वीडियो साझा करते रहते हैं जो आम भारतीय जीवन से जुड़े होते हैं। कुछ महीनों पहले उनका एक और वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसमें वे सड़क किनारे एक छोटे से तंबू में बैठकर भारी-भरकम कोयले वाली प्रेस से कपड़ों पर इस्त्री करते दिखाई दिए थे। इसके अलावा उन्हें कभी गन्ने का रस निकालते, तो कभी चाय की टपरी पर खुद चाय बनाकर कुल्हड़ में सर्व करते हुए भी देखा जा चुका है।
शुक्रवार को करें मां संतोषी माता की पूजा, जानिए विधि और महत्व
Friday Santoshi Mata Vrat Puja Vidhi: हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन धन, सुख-समृद्धि और संतोष की देवी मानी जाने वाली मां संतोषी को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संतोषी माता को सुख, शांति, संतोष और वैभव की देवी माना जाता है। ALSO READ: शुक्रवार किस देवी या देवता का दिन होता है, क्या करना चाहिए इस दिन? वैसे तो माता की पूजा किसी भी दिन की जा सकती है, लेकिन शुक्रवार का दिन संतोषी माता की आराधना के लिए विशेष रूप से समर्पित है। मान्यता है कि जो व्यक्ति लगातार 16 शुक्रवार संतोषी माता का व्रत और पूजा पूरी श्रद्धा से करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं शुक्रवार को मां संतोषी की पूजा विधि, नियम और इसके महत्व के बारे में। 1. संतोषी माता पूजा की सरल विधि शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद नीचे दी गई विधि से पूजा करें: चौकी की स्थापना: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा घर में एक साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर संतोषी माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। कलश स्थापना: माता के चित्र के सामने एक जल भरा पात्र या तांबे अथवा मिट्टी के कलश में जल भरकर रखें। कलश के ऊपर एक कटोरी में गुड़ और भुने हुए चने रखें। दीप-धूप: माता के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं। अक्षत और रोली: देवी मां को रोली, अक्षत, लाल फूल, और चुनरी अर्पित करें। कथा और आरती: हाथ में थोड़ा सा गुड़ और चना लेकर संतोषी माता की व्रत कथा पढ़ें या सुनें। कथा समाप्त होने के बाद माता की आरती करें। प्रसाद वितरण: पूजा समाप्त होने के बाद कलश के ऊपर रखे गुड़-चने का प्रसाद सभी में बांट दें और कलश के जल को पूरे घर में छिड़क दें। बचा हुआ जल तुलसी के पौधे में डाल दें। ALSO READ: शुक्रवार के खास 5 उपाय, धन संबंधी परेशानी करेंगे दूर संतोषी माता व्रत का महत्व मां संतोषी का नाम ही संतोष का प्रतीक है। जैसा कि माता का नाम है 'संतोषी', इस व्रत को करने से इंसान के भीतर लालच और असंतोष खत्म होता है और मानसिक शांति मिलती है। इस व्रत से घर में चल रहे गृह क्लेश, आर्थिक तंगी और विवाह में आ रही बाधाएं माता की कृपा से दूर हो जाती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, संतान की सुख-समृद्धि और सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत विशेष रूप से रखती हैं। ऐसा माना जाता है कि माता अपने भक्तों को धैर्य, संतुष्टि और सकारात्मक सोच का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। शुक्रवार के दिन विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। विशेष टिप: इस दिन व्रत करने वालों के परिवारजन भोजन में कोई खट्टी चीज, अचार और खट्टा फल न ही खाएं और ना ही खट्टी चीजों को स्पर्श करें। सिर्फ गुड़ और चने का प्रसाद खाना चाहिए। जय मां संतोषी! मां संतोषी का शुक्रवार व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह जीवन में संतोष, धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक आध्यात्मिक मार्ग है। श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया यह व्रत भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: मां विंध्यवासिनी: संकट हरने वाली 'कृष्ण की बहन' और उनके चमत्कारिक रहस्य
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (19 जून, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 19 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: करियार में आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव: प्रेमी के साथ आपसी गलतफहमियां दूर होंगी। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: 3 दिन बाद बुध का कर्क राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे सफलता के नए द्वार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन की खबर मिल सकती है। लव: प्रेम रिश्तों में नयापन महसूस होगा। धन: खरीदारी करते समय बजट का ध्यान रखें। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: गाय को सफेद चावल या रोटी खिलाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज क्रिएटिव कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। लव: प्रेम संबंधों के लिए दिन अनुकूल है। धन: अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: योग और ध्यान से लाभ मिलेगा। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग या दाना डालें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें। लव: परिवार में सुख-शांति रहेगी। धन: आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: आज थकान महसूस हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: लव पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: सुख-सुविधा की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत रह सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: नौकरीपेशा कार्यस्थल पर समय पर अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे। लव: रिश्तों में पारदर्शिता रखें। धन: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आज आप व्यायाम जारी रखें। उपाय: शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। 7. तुला राशि (Libra) करियर: आज खासकर कला और संगीत से जुड़े लोगों को सम्मान मिलेगा। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। धन: प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: शुगर या बीपी के मरीज अपनी दवाएं समय पर लें। उपाय: किसी मंदिर में घी का दीपक जलाएं। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: बॉस आपके काम से प्रभावित होंगे। लव: प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। धन: लॉटरी या शेयर मार्केट में जोखिम न लें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सतर्क रहें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: नौकरीपेशा को विदेश से लाभ मिल सकता है। लव: पार्टनर के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान रह सकती है। उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: व्यापार में प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। लव: घर-परिवार के मामलों में पार्टनर की सलाह जरूर लें। धन: उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: हनुमान मंदिर में सरसों का तेल दान करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: सिंगल लोगों की मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। धन: नई संपत्ति खरीदने का विचार बना सकते हैं। स्वास्थ्य: आज आप काफी सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को काले तिल या कंबल दान करें। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में कुछ बदलाव हो सकते हैं जो आपके पक्ष में रहेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: बचत पर ध्यान देना भविष्य के लिए अच्छा होगा। स्वास्थ्य: गर्दन दर्द हो तो सही पोस्चर अपनाएं। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ALSO READ: Weekly Horoscope June 2026: साप्ताहिक राशिफल 15 से 21 जून, क्या इस हफ्ते पलटेगी आपकी किस्मत? पढ़ें अपनी राशि का हाल
तखत पर एक लड़की करवट लिए लेटी है। बाल छोटे-छोटे। लंबाई बमुश्किल 3 फीट, लेकिन उम्र 29 बरस। इस लड़की ने आज तक आइसक्रीम नहीं खाई। जानते हैं क्यों? वो इसलिए कि अगर आइसक्रीम खाई तो सर्दी हो सकती है। सर्दी हुई तो खांसी आ सकती है और जरा भी जोर से खांसी तो इसकी पसलियां टूट जाएंगी। इस लड़की का हाथ भी कोई कसकर पकड़ ले तो हड्डी चटक जाती है। इसका नाम है गिरिजा। 29 साल की उम्र में इसी तरह 40 से ज्यादा बार हडि्डयां टूट चुकी हैं। हालत यह है गिरिजा के मम्मी-पापा पटि्टयां और प्लास्टर भी घर पर राशन की तरह रखते हैं। उसकी मां नंदा बाई जब भी प्रार्थना करती है, तो भगवान से अपनी बेटी गिरिजा की मौत मांगती हैं। कहती हैं, भगवान मेरी बेटी को मुझसे पहले ही उठा ले। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ऐ जिंदगी में मैं नीरज झा पहुंचा हूं, गिरिजा से मिलने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू। आज कहानी वहीं से… दोपहर के 12 बजे हैं। बेंगलुरू के तुंगा नगर इलाके का एक घर। एक महिला ने दरवाजा खोला। बड़ी-सी मैरून बिंदी लगाए, साड़ी पहने हुए है। नाम है- नंदा बाई। उम्र 60 साल। तखत पर लेटी गिरिजा की ओर इशारा करते हुए कहती हैं- ‘यह मेरी बेटी है। देखने में अजीब लग रही होगी, जैसे बिना हड्डी वाली रुई की गुड़िया। दरअसल, गिरिजा का सिर सामान्य से काफी बड़ा है। जबड़ा बाहर की तरफ निकला हुआ। रीढ़ की हड्डी अंग्रेजी के s अक्षर की तरह मुड़ी हुई है। छोटी-छोटी हथेलियां। मुड़े हुए पैर और पंजे भी छोटे–छोटे। छाती से पेट एकदम सटा है। तखत के किनारे रंगों की डिब्बियां रखी हैं। गिरिजा लेटे-लेटे ब्रश पकड़कर कैनवास पर उकेरे गए मोर के पंखों में रंग भर रही हैं। दिन के चौबीसों घंटे, साल के 365 दिन, गिरिजा इसी तरह तखत पर लेटी रहती है। न उठ सकती है, न बैठ सकती है। पीठ के बल लेट भी नहीं सकती। हल्का झटका लगने पर भी हड्डी कांच की तरह टूट जाती है। नंदा बताती हैं- ‘गिरिजा 6 महीने की थी। मैं इसे पलंग पर सुलाकर, किचन में खाना बनाने लगी। ये पलंग से नीचे गिर गई और जोर-जोर से रोने लगी। उसकी हालत देखकर मैं घबरा गई। बिना देर किए इसे उठाया और डॉक्टर के पास भागी। वहां पता चला कि शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हैं। शुक्र है सिर बच गया, नहीं तो जान चली जाती। दो महीने तक इलाज चला। बेटी रात-रात भर सो नहीं पाती थी, सिर्फ कराहती रहती थी। उसके दर्द को देखकर कई बार आंसू निकल आते थे। जैसे-तैसे इसकी हडि्डयां जुड़ पाईं।’ ‘वक्त गुजरा, गिरिजा पांच साल की हुई। एक दिन ऑटो से उसे मंदिर ले जा रही थी। वो मेरी गोद में थी, तभी ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया। ब्रेक लगाते ही गिरिजा जोर-जोर से रोने लगी। मैं समझ चुकी थी कि इसकी हडि्डयां तड़क गईं। तुरंत अस्पताल भागी। एक्सरे कराया। पता चला हाथ-पैर, कमर और कूल्हे की हड्डियां टूट गई हैं। एक झटके में 4 जगह फ्रैक्चर हुआ। दो महीने तक इलाज चला।’ ‘एक साल पहले की बात है, गिरिजा सोई हुई थी। नींद में वो पीठ के बल लेट गई। अचानक हड्डी टूटी और वो जोर-जोर से चीखने लगी। तुरंत उसे पेनकिलर दी। डॉक्टर को घर बुलाया तो पता चला पसलियां टूट गईं। अब तो हडि्डयां टूटना, न उसके लिए नई बात है, न हमारे लिए।’ तभी गिरिजा तेज आवाज में बोल पड़ती हैं- ‘जैसे टूथपिक होती है न! जरा सा जोर देने पर टूट जाती है, बस वैसी ही मेरे शरीर की हड्डियां हैं।’ वह बताती है- 'इस बीमारी को 'ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा' यानी 'ब्रिटिल बोन डिजीज' कहते हैं। मैं इसके तीसरे स्टेज की पेशेंट हूं।’ यह कहते हुए आवाज में टीस तो है, लेकिन चेहरे पर कोई भाव नहीं। अमूमन यह खाना खाने का वक्त है, लेकिन गिरिजा कॉफी मांगती है। नंदा मुस्कुराते हुए कहती हैं-‘यह दिनभर बस कॉफी ही पीती है। इसका खाना-पीना सब, लेटे-लेटे ही होता है।’ यह कहते हुए नंदा रसोई में चली जाती हैं। कुछ पूछने से पहले ही गिरिजा मुस्कुराते हुए कहती हैं- ‘जब आपका फोन आया, तो मुझे मां को आवाज देनी पड़ी। मां किचन छोड़कर आपको लेने गईं, सोचिए मैं कितनी बेबस हूं। हर चीज के लिए दूसरों पर निर्भर हूं। मेरा भी तो मन करता है कि कोई मेहमान आए तो खुद उठकर उसका स्वागत करूं। इस उम्र में भी मां-बाप पर बोझ हूं। खाना-पीना, नहाना-धोना… सब कुछ उन्हें ही करना पड़ता है। लोग मुझे बच्ची समझते हैं। भले ही मेरा शरीर नहीं बढ़ा, लेकिन भावनाएं तो बड़ों जैसी ही हैं।’ गिरिजा भावुक होते हुए बताती है- ‘अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, मां की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। शुगर पेशेंट हैं। मैं यहीं पड़े-पड़े उन्हें तड़पते हुए देख रही थी। अफसोस होता है कि उठकर एक ग्लास पानी भी नहीं दे सकती।’ ‘मेरा वजन 30 किलो है। रोज मुझे उठाकर नहलाने-धुलाने, ब्रश कराने में वो थक जाती हैं। उनकी पीठ अकड़ जाती है। मां की उम्र भी हो चली है।’ इतने में रसोई से नंदा की आवाज आती है। वह कहती हैं- ‘मैं मानती ही नहीं कि मेरी बेटी 29 साल की है। मुझे तो आज भी 5-10 बरस की लगती है। इसलिए सब कर लेती हूं। जिस दिन ये सब सोचूंगी, तो शायद जीना ही छोड़ दूंगी।’ नंदा कहती हैं-‘जब इसके पीरियड्स आते हैं, तो मुझे ही पैड बदलने पड़ते हैं। बाहर भी जाती हूं, तो डायपर पहनाकर जाती हूं। मेरे न रहने पर, अगर इसे बाथरूम जाना हुआ, तो किससे कहेगी। ‘दूसरी लड़कियों की तरह होती, तो ब्याह कर अपने घर चली गई होती। पर इस हाल में इसे कौन ले जाएगा। मैंने तो इसके पैदा होने के बाद से ही दुनियादारी से नाता तोड़ लिया। न किसी रिश्तेदार के घर जाती हूं, न किसी शादी-ब्याह में शामिल होती हूं। जहां मेरी बच्ची नहीं जा सकती, वहां मैं जाकर क्या करूंगी। मन घबराता है, तो इसे मंदिर ले जाती हूं। पहले तो गोद में ही लेकर जाती थी, लेकिन अब ऑटो में सुलाकर ले जाती हूं। वजन बढ़ गया है ना। मंदिर में लोग इसे ऐसे घूरते हैं, जैसे किसी दूसरी दुनिया से आई हो। पूछने लगते हैं- यह चल नहीं सकती है क्या? ऐसी बेटी कैसे पैदा हो गई।’ ‘हर रोज भगवान से यही कहती हूं, मेरे मरने से पहले इसे उठा लेना। अगर मैं पहले मर गई, तो इसका क्या होगा।’ तभी गिरिजा बोल पड़ती है- ‘मां, हम दोनों साथ में मरेंगे। पहले मैं नहीं मरूंगी। मैं मर गई, फिर तुम कैसे रहोगी।’ यह सुनते ही नंदा बाई की आंखें डबडबा जाती हैं। तभी गिरिजा सख्त लहजे में बोल पड़ती है- ‘मैंने आपसे पहले ही कहा था न कि आप मेरी मां को रुलाएंगे नहीं। अगर वह रोएगी, तो आगे बात नहीं करेगी। रही बात लोगों की... तो वो मुझे इंसान नहीं, पिंजरे में बंद चिड़ियाघर का जानवर समझते हैं।’ अरे! अगर मेरा शरीर साथ देता, तो क्या मैं इस तखत पर पड़ी रहती… मुझे जानलेवा बीमारी है। मैं दूसरों से थोड़ी अलग हूं।’ गिरिजा अचानक उदास हो जाती है। अपने सिर को छूते हुए कहती है- ‘मां तो डर के मारे मुझे कभी किसी शादी या फंक्शन में भी नहीं ले जातीं। तैयार होने का भी मौका नहीं मिलता। मां की देखा-देखी माथे पर बिंदी लगा लेती हूं। कभी-कभार मेरा भी मन करता है, तो थोड़ा-बहुत सज-संवर लेती हूं। पर किसके लिए। इस बंद कमरे की दीवारों के लिए। बाहर की दुनिया कैसी दिखती है, वहां लोग कैसे रहते हैं, कैसी है वहां की रौनक... मुझे कुछ नहीं पता। मेरी दुनिया तो बस इस तखत पर ही खत्म हो जाती है।’ बोलते-बोलते गिरिजा की सांस फूलने लगती है। नंदा कहती हैं- ‘इसकी रीढ़ की हड्डी ‘S’ आकार में मुड़ चुकी है। इस वजह से इसका एक तरफ का फेफड़ा दबा ही रह गया, दूसरी तरफ का ज्यादा बढ़ गया। जिससे बार-बार सांस फूलने लगती है। इसी वजह से ये एक ही करवट लेटी रहती है। पीठ सीधी होने पर हड्डियां चटकने का खतरा बढ़ जाता है।’ ‘जब हड्डी टूटती है, ये दर्द से चीख पड़ती है। तुरंत पेनकिलर देती हूं, ताकि नींद आ सके। हमारे यहां हर वक्त प्लास्टर और पट्टियां स्टॉक में रखी रहती हैं। जाने कब कौन सी हड्डी टूट जाए।’ ‘कई बार स्कूल में इसका एडमिशन कराने की कोशिश की, लेकिन टीचर ने कह दिया, पूरे दिन कौन इसका ध्यान रखेगा। इसे घर पर ही पढ़ाइए। यहां बाकी बच्चे परेशान होंगे।’ नंदा बताती हैं- ‘मेरा एक बेटा भी है। वह 34 साल का है। एकदम ठीक है। जब बेटा शादी लायक हुआ तो रिश्तेदार ताने देने लगे कि जिसके घर में ऐसी अपाहिज लड़की हो, वहां कौन अपनी बेटी देगा। काफी मशक्कत के बाद उसकी शादी हो पाई। शादी के बाद मैंने खुद ही बेटे-बहू से कह दिया कि अलग रहो, अपनी दुनिया बसाओ। मेरी और गिरिजा की वजह से अपनी जिंदगी खराब मत करो।’ नंदा बाई कहती हैं- ‘मैंने इसके पापा से लव मैरिज की थी। 7 जुलाई 1996 को गिरिजा का जन्म हुआ। नॉर्मल डिलीवरी हुई। नर्स ने इसे जैसे ही मेरी गोद में रखा, मेरी नजर उसके पैरों पर पड़ी। छोटे-छोटे पैर पेट से चिपके हुए थे। बिल्कुल मेंढक की तरह।’ ‘बेंगलुरू में डॉक्टर को दिखाया, तो वो बोले- कुछ ही दिनों की मेहमान है, जल्दी मर जाएगी। इसे ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा नाम की हडि्डयों की बीमारी है। इसका कोई इलाज नहीं है। जब तक सांसें चल रही हैं, बस इसे पालो-पोसो।’ दिल्ली, मुंबई के डॉक्टरों को भी दिखाया, सबने एक ही बात कही कि कुछ नहीं हो सकता।’ ‘हम बार-बार डॉक्टरों से कहते कि कुछ तो इलाज होगा, लेकिन हर बार वो कुछ दवाइयां देकर घर भेज देते। मैं और मेरे पति, पिछले 20 साल से अलग-अलग सोते हैं। डॉक्टर ने कहा था- तीसरा बच्चा हुआ, तो वह भी ऐसा ही होगा।’ ‘पहले मैं और इसके पापा, दोनों कपड़े सिलते थे। इसके जन्म के बाद मैंने काम छोड़ दिया। मैं पेंटिंग और हर तरह का आर्ट बनाती थी। अब धीरे-धीरे यह भी सीख गई है। दिनभर बिस्तर पर लेटे-लेटे, सुई-धागा और कैंची से डेकोरेशन का सामान बनाती रहती है।’ नंदा बाई कहती हैं–‘इसके सिर में भी बहुत दर्द होता है। देखिए, सिर कितना बड़ा है। बैठ नहीं सकती है, क्योंकि रीढ़ की हड्डी सिर का वजन नहीं सह पाएगी। व्हीलचेयर पर भी ऐसे ही लिटाकर रखना पड़ता है।’ इसकी तकलीफ को देखते हुए डॉक्टरों ने भी कह दिया है कि बार-बार अस्पताल मत लाया करो। कोई भी दिक्कत हो, फोन करके बताओ, हम यहां से दवा बता देंगे। हर महीने इसके इलाज में 5 हजार रुपए लगते हैं। 8 हजार घर का किराया है। पति की कमाई बमुश्किल 20 हजार रुपए। कई बार सरकारी दफ्तरों में बेटी को लेकर गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। व्हीलचेयर भी चेन्नई के एक दिव्यांग ने दी है। पेंशन के नाम पर 1400 रुपए मिलते हैं, लेकिन पिछले 3 महीने से वो भी नहीं मिले।’ गिरिजा की बेबसी को करीब से महसूस करने के बाद, मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या किसी के करवट बदलते ही बदन की हड्डियां खिलौने की तरह टूट जाती हैं। इसी बीमारी को और गहराई से जानने के लिए हैदराबाद निकल पड़ता हूं। यहां निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के जेनेटिक्स डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. प्रजन्या रंगनाथ से मिला। वो कहती हैं- ‘गिरिजा दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रही है। मेडिकल की भाषा में इसे ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा या आम बोलचाल में कांच जैसी हड्डियों की बीमारी कहते हैं। इसे ऐसे समझिए- शरीर में COL1A1 (कोलेजन टाइप 1 अल्फा 1 चेन ) या COL1A2 (कोलेजन टाइप 1 अल्फा 2 चेन) जीन होता है। यह जीन हमारे शरीर में 'कोलेजन' नामक एक मुख्य प्रोटीन बनाता है। इससे हड्डियों में मजबूती और लचीलापन आता है। जब यह जीन गड़बड़ हो जाता है, तो हड्डियों में जरूरी मिनरल्स और प्रोटीन सही तरीके से नहीं बन पाते। नतीजा- हड्डियां भीतर से पूरी तरह खोखली और नाजुक हो जाती हैं। गिरिजा टाइप-3 पेशेंट है। इसमें हड्डियां बहुत ज्यादा टूटती हैं। शारीरिक बनावट बदल जाती है। बचपन में सही देखभाल मिले, संक्रमण से बचाया जाए और सांस की तकलीफ न हो, तो मरीज वयस्क होने तक जी सकते हैं। इसका कोई इलाज है? ‘इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन हड्डियों को मजबूत करने के लिए बिस्फॉस्फोनेट थेरेपी दी जाती है। यह थेरेपी हड्डियों को अंदर से खोखला होने और गलने से रोकती है। इसमें जोलेड्रोनिक एसिड जैसी दवाइयां ड्रिप के जरिए दी जाती हैं। हड्डियों को मुड़ने और टूटने से बचाने के लिए सर्जरी के जरिए उनमें धातु की रॉड डाली जाती है। साथ ही, सुरक्षित फिजियोथेरेपी से मांसपेशियों को सहारा दिया जाता है। लेकिन इसके बाद भी मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो पाता।’ ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- 13 महीने की बेटी को 2 बार हार्ट अटैक, मौत:दूसरी बेटी को भी यही बीमारी, जिंदा रहने के लिए हर साल चाहिए 72 लाख रुपए 9 जनवरी 2022 की शाम। 13 महीने की आयरा अपने पिता राज की गोद में थी। वो उसे सुलाने की कोशिश कर रहे थे। अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। राज उसकी पीठ थपथपाने लगे। आयरा का चेहरा एकदम लाल, आंखों में खून उतर आया। धीरे-धीरे शरीर छटपटाने लगा। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
कॉकरोच जनता पार्टी कल, यानी 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर से प्रोटेस्ट करेगी। 6 जून को पहला प्रोटेस्ट भी यहीं किया था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ पार्टी दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी, राजस्थान और पंजाब में प्रदर्शन कर चुकी है। पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया के मुताबिक, स्टूडेंट अब भी सुसाइड कर रहे हैं, इसीलिए हम धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ 20 जून के बाद भी प्रदर्शन करते रहेंगे। हालांकि BJP के सोर्स बताते हैं कि केंद्र सरकार इसे बड़ा खतरा नहीं मान रही है क्योंकि अब तक प्रोटेस्ट में खास भीड़ नहीं जुटी है। विजेता दहिया से पूरी बातचीत… सवाल: अब तक मिले रिस्पॉन्स को पार्टी कैसे देख रही है?जवाब: दिल्ली, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर में प्रोटेस्ट हो चुके हैं। हमें जनचेतना जगानी है कि यह देश आपका है। आपने राजा नहीं, बल्कि देश चलाने के लिए मैनेजर चुने हैं। अगर वे सही काम नहीं करेंगे, तो उनसे सवाल पूछे जाएंगे, इस्तीफा मांगा जाएगा, उन्हें आपके लिए काम करने पर मजबूर किया जाएगा। सवाल: क्या प्रोटेस्ट में उम्मीद के मुताबिक भीड़ आ रही है, इसे लेकर पार्टी के अंदर क्या बातें हो रही हैं?जवाब: संख्या लगातार बढ़ रही है। शुरुआत में लोगों को लग रहा था कि जंतर-मंतर पर कुछ हजार लोग ही आए, लेकिन हमारे फॉलोअर पूरे भारत में हैं। हम जिस शहर में जा रहे हैं, वहां हजारों लोग आ रहे हैं। दिल्ली वाले प्रोटेस्ट में भी लखनऊ, यमुनानगर और यहां तक कि कश्मीर से भी लोग आए थे। हम इसे लेकर बहुत फिक्रमंद नहीं हैं। सवाल: अभी आपका फोकस नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर है। अगर इस्तीफा नहीं होता है, तो आगे क्या करेंगे?जवाब: फिलहाल हमारा पूरा ध्यान इसी मुद्दे पर है। दो-तीन दिन पहले ही कुछ छात्रों ने आत्महत्या की है। 21 जून को फिर से एग्जाम है। मामला अभी सुलझा नहीं है। सरकार का रवैया देखिए कि वो पेपर लीक रोकने की बजाय टेलीग्राम बैन कर रही है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि टेलीग्राम नहीं होगा, तो लोग किसी और ऐप का इस्तेमाल कर लेंगे। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देते हैं, तो लोगों को लगेगा कि सरकार में शर्म बाकी है। अगर वे इस्तीफा नहीं देंगे तो अपना ही राजनीतिक नुकसान करेंगे। सवाल: पार्टी के फैसलों में कितने लोग शामिल होते हैं, प्रोटेस्ट कहां और कब होगा, कैसे तय होता है?जवाब: हमारी कोई रजिस्टर्ड पार्टी या कॉरपोरेट स्ट्रक्चर नहीं है। यह एक इनफॉर्मल ग्रुप है। हम फॉर्मल मीटिंग नहीं करते। बस आपस में कॉल्स और चैट्स के जरिए बातचीत होती है। सब लोग सुझाव देते हैं और उसी आधार पर फैसले लिए जाते हैं। सवाल: सब कुछ अभिजीत दीपके तय करते हैं या सबकी सलाह ली जाती है?जवाब: विजन तो अभिजीत का ही है। लोकतंत्र देश चलाने की व्यवस्था है, लेकिन किसी मूवमेंट या संगठन में हर चीज के लिए आप वोटिंग नहीं करा सकते, जैसे कोई फिल्म मेकर हर सीन के लिए सबसे राय नहीं लेता। सवाल: अभी पार्टी के चुनाव लड़ने की बात तो नहीं है, लेकिन क्या संगठन का विस्तार हो रहा है?जवाब: यह सब इंटरनली चल ही रहा है। हम अलग-अलग शहरों में जा रहे हैं। लोग जुड़ रहे हैं। सवाल: आपके आंदोलन में महिलाएं या अल्पसंख्यक नहीं दिख रहे?जवाब: हम कोई दिखावा या टोकनिज्म नहीं करना चाहते। हमारा मूवमेंट ऑर्गेनिक तरीके से आगे बढ़ रहा है। बहुत सी महिलाएं स्टेट लेवल पर जुड़ रही हैं। कोऑर्डिनेटर या डिजाइनर के तौर पर काम कर रही हैं। हमारा मूवमेंट हर धर्म, जाति और जेंडर के लिए खुला है। धीरे-धीरे लोग जुड़ेंगे। हम जबरदस्ती किसी को सिर्फ दिखाने के लिए आगे नहीं लाना चाहते। सवाल: बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में युवाओं के प्रोटेस्ट हुए। अपने आंदोलन को उससे कैसे जोड़कर देखते हैं?जवाब: मैं बिल्कुल नहीं चाहता कि नेपाल, श्रीलंका या बांग्लादेश में जो हुआ, वो भारत में हो। हमारा देश बुद्ध और गांधी का है। हम शांति, अहिंसा और संवैधानिक दायरे में रहकर सत्याग्रह करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि लोग अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएं, चाहे किसानों के लिए MSP हो, आदिवासियों के मुद्दे हों, शिक्षा हो या स्वास्थ्य। यह लोकतांत्रिक भावना लोगों के दिमाग में जानी चाहिए। सवाल: पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे NSUI और दूसरे संगठन आपके साथ आना चाहें, तो कोई प्लान है?जवाब: हमने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही साफ कर दिया था कि कोई भी आम नागरिक हमारे साथ आ सकता है, चाहे वो विपक्षी पार्टी का हो या BJP का कार्यकर्ता हो। परीक्षाएं तो सबके बच्चे दे रहे हैं। शर्त यह है कि लोग अपनी पार्टी का झंडा छोड़कर सिर्फ तिरंगे के साथ आएं। सवाल: राजस्थान में अभिजीत को थप्पड़ मारा गया। ऐसी घटनाओं से कैसे निपट रहे हैं?जवाब: मैं युवाओं से यही कहूंगा कि इस तरह आतंकी बनना ठीक नहीं है। किसी को उसके विचारों की वजह से डराने की कोशिश करना आतंकवाद ही है। नाथूराम गोडसे का भी इसी तरह ब्रेनवाश हुआ था। आज भी वही साजिशें चल रही हैं। युवाओं के पास जेमिनाई, चैट जीपीटी और यूट्यूब जैसे साधन हैं। उन्हें वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी से बाहर निकलकर खुद रिसर्च करनी चाहिए। हम करोड़ों युवाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन जब इंसान का पूरी तरह ब्रेनवाश हो जाता है, तो उसमें कॉमन सेंस नहीं बचती। उधर, BJP बोली- आंदोलन का असर सिर्फ इंटरनेट पर, इसलिए चिंता नहींकॉकरोच जनता पार्टी को BJP कैसे देख रही है, इस पर हमने पार्टी के एक सीनियर लीडर से बात की। वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते। वे बताते हैं, ‘अब तक प्रोटेस्ट में कोई खास भीड़ नहीं जुट पाई है। 6 जून को जंतर-मंतर पर भी मुश्किल से 2 हजार लोग जुटे थे। प्रोटेस्ट को सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर बाकी संगठनों का भी बहुत साथ नहीं मिला है।’ ‘सरकार को ये पता है कि इस प्रदर्शन से कोई खास नुकसान नहीं हो रहा। CJP का असर इंटरनेट तक रह गया। इसीलिए पार्टी कोई प्लान नहीं कर रही है। पार्टी को लगता है कि समय के साथ खुद ही प्रदर्शन हल्के हो जाएंगे।’ एक्सपर्ट ओपिनियन: ये प्रोटेस्ट बांग्लादेश या नेपाल जैसा नहींदिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विजेंद्र सिंह चौहान मानते हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट की नेपाल और बांग्लादेश के आंदोलनों से तुलना नहीं की जा सकती। उनमें जरूरतों के हिसाब से वहां की विविधता को साथ लेकर चलने की क्षमता थी। CJP के आंदोलन में भारत की विविधता को साधने की क्षमता या महत्वाकांक्षा नजर नहीं आई है। कम भीड़ जुटने पर विजेंद्र कहते हैं, ‘इस आंदोलन को पुराने पैमानों से नापने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। आज के समय में जमीन पर कितने लोग आए हैं, यह किसी मूवमेंट को आंकने का उतना बड़ा पैमाना नहीं रह गया है।’ वे आगे कहते हैं, ‘यह आंदोलन मिडिल क्लास, अपर-मिडिल क्लास और जेन जी युवाओं की चिंताओं को सामने ला रहा है। युवाओं में जो हताशा और गुस्सा है, यह आंदोलन उसे जाहिर करने का काम जरूर कर रहा है, लेकिन पूरे भारत के युवाओं को साथ लेकर चलने की क्षमता इसमें अभी नहीं दिख रही है।’ …………………. ये खबर भी पढ़ेंजयपुर में अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारे, बोले- RSS के लोगों ने हमला किया 15 जून को जयपुर में प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को कुछ युवकों ने थप्पड़ मारे थे। अभिजीत ने आरोप लगाया कि हमले में RSS के लोगों का हाथ था। जब भी कोई सरकार या उसकी विचारधारा के खिलाफ बोलता है, तो ऐसा ही होता है। इसमें कुछ नया नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
रसद विभाग की कार्रवाई : दो स्थानों से 26 लीटर अवैध पेट्रोल जब्त, दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज
नसीराबाद/अजमेर। जिला रसद विभाग द्वारा अवैध रूप से पेट्रोल भंडारण एवं विक्रय की शिकायतों पर गुरुवार को नसीराबाद क्षेत्र में सघन कार्रवाई की गई। जिला रसद अधिकारी द्वितीय नीरज जैन ने प्रवर्तन अधिकारी नसीराबाद रेणुका चतुर्वेदी के साथ संयुक्त रूप से जांच कर दो स्थानों से अवैध रूप से संग्रहित पेट्रोल जब्त किया। जिला रसद […] The post रसद विभाग की कार्रवाई : दो स्थानों से 26 लीटर अवैध पेट्रोल जब्त, दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज appeared first on Sabguru News .
भाजपा यूपी प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में दिखेंगे 80 फीसदी नए चेहरे
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों टीम के ऐलान में देरी की असली वजह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चल रही रेस है। हालांकि इस मामले […] The post भाजपा यूपी प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में दिखेंगे 80 फीसदी नए चेहरे appeared first on Sabguru News .
रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के नीचे धुआं निकलने से यात्रियों में भगदड़ मची
भरतपुर। राजस्थान में इंदौर से जोधपुर आ रही रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के जनरल कोच के नीचे लूणी-रीछा स्टेशन पर धुआं निकलने से यात्रियों में भगदड़ मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाद अफरातफरी एवं भगदड़ के बीच ख़ौफ़ज़दा यात्रियों ने दोपहर बाद ढाई बजे ट्रेन के सवाईमाधोपुर पहुंचने पर चैन की सांस ली। रेलवे सूत्रों […] The post रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के नीचे धुआं निकलने से यात्रियों में भगदड़ मची appeared first on Sabguru News .
रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और निर्दलीय प्रत्याशी तथा एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। राम को 31, नाथवानी को […] The post झारखंड राज्यसभा चुनाव : झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैजनाथ राम और निर्दलीय व एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी विजयी appeared first on Sabguru News .
भाजपा के विरोध के बाद पलटे कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, मांगी माफी
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप कांग्रेस के अपने पंज प्यारे बयान से पलट गए। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी नेता आरपी सिंह के विरोध करने के बाद देहरादून में धीरेंद्र प्रताप ने पार्टी दफ्तर में आए एक सिक्ख कार्यकर्ता से मुलाकात की और अपने बयान का खंडन किया। उन्होंने संवाददाताओं […] The post भाजपा के विरोध के बाद पलटे कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, मांगी माफी appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल विधायक दल में बंटवारा, दोनों गुट अलग-अलग बेंचों पर बैठे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस गुरुवार को विधानसभा में स्पष्ट रूप से बंटी हुई दिखी। नयी विधानसभा के पहले सत्र के दौरान, तृणमूल के अलग-अलग गुटों ने विपक्ष की बेंचों पर अलग-अलग स्थानों पर जगह ली। भाजपा के राज्य में सरकार बनाने के बाद हुए इस पहले सत्र में तृणमूल में […] The post पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल विधायक दल में बंटवारा, दोनों गुट अलग-अलग बेंचों पर बैठे appeared first on Sabguru News .
तेहरान। अमरीका और ईरान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ घंटों बाद ही होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात में सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं तथा कम से कम 12 वाणिज्यिक जहाज गुरुवार सुबह इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरे, जबकि छह अन्य जहाज फारस की खाड़ी से बाहर निकलने के लिए इसी […] The post होर्मुज़ में समुद्री यातायात में सुधार के संकेत, अमरीका-ईरान समझौते के बाद 12 जहाज़ जलमार्ग से गुज़रे appeared first on Sabguru News .
राजस्थान बैडमिंटन संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए गजेन्द्र सिंह शेखावत
भीलवाड़ा। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एक बार फिर सर्वसम्मति से राजस्थान बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष चुने गए। भीलवाड़ा में गुरुवार को बहुप्रतीक्षित राजस्थान बैडमिंटन संघ के चुनाव एक निजी होटल में संपन्न हुए। निर्वाचन अधिकारी लाजपत आचार्य ने बताया कि सभी पदों के लिए एक-एक आवेदन प्राप्त होने के कारण पूरी […] The post राजस्थान बैडमिंटन संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए गजेन्द्र सिंह शेखावत appeared first on Sabguru News .
अलवर : बदमाश पूरी एटीएम मशीन उखाड़ ले गए, लाखों की नकदी गायब
अलवर। राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाश बुधवार को देर रात एक निजी कम्पनी का एटीएम उखाड़कर ले गए। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि देर रात बदमाश बाजार में लगे हिताची कंपनी के एटीएम के पास पहुंचे और कुछ ही देर में मशीन को उखाड़कर फरार हो गए। […] The post अलवर : बदमाश पूरी एटीएम मशीन उखाड़ ले गए, लाखों की नकदी गायब appeared first on Sabguru News .
ईरान-अमेरिका का झगड़ा थमा। ट्रंप ने चिल्लाकर दुनिया को बता दिया- ‘इट्स साइन्ड’, यानी ईरान से समझौता हो गया। तो क्या अब दुनिया भर में तेल की सप्लाई चोक किए बैठा ईरान, होर्मुज पूरी तरह खोल देगा? जहाजों की आवाजाही शुरू हो जाएगी? क्या भारत में पेट्रोल-डीजल कब तक सस्ता होगा? जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर अमेरिका-ईरान समझौते में क्या लिखा है?जवाब: अमेरिका और ईरान की 14 पॉइंट वाली डील में कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। इसमें 3 जरूरी बातें कही गई हैं… दरअसल, 28 फरवरी को हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक कर दिया था। जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई। ईरान की रजामंदी से कुछ शिप्स निकल रहे थे, लेकिन 13 अप्रैल से अमेरिकी नेवी ने दोहरी नाकेबंदी कर दी थी। सवाल-2: होर्मुज पूरी तरह खुलने में अड़चनें क्या हैं?जवाब: अमेरिका-ईरान की डील में भले होर्मुज तुरंत खोलने की बात है, लेकिन इसमें 4 बड़ी अड़चनें हैं… 1. बारूदी सुरंगें और तकनीकी रुकावटें डेनमार्क के जेस्के बैंक के सीनियर एनालिस्ट हैदर अंजुम कहते हैं, 'होर्मुज खुलने के बावजूद सबसे बड़ा खतरा माइंस का है। माइंस को साफ करके जहाजों के लिए एक सेफ गलियारा बनाने में करीब 2 महीने लग जाएंगे।' 2. सिर्फ 60 दिनों तक मुफ्त आवाजाही, फिर टोल ईरानी-अमेरिकी अर्थशास्त्री नादेर हबीबी कहते हैं, 'अमेरिका, ईरान को कोई फीस वसूलने की अनुमति नहीं देगा। जो जहाज ईरान को टोल देंगे, वो उन पर बैन लगा सकता है।' 3. जहाजों के बीमे के रेट्स अभी भी ज्यादा नादेर हबीबी कहते हैं कि इलाके में हमले बंद होने के बाद भी शिपिंग कंपनियों के लिए चुनौती है। समझौते के बाद भी प्रीमियम के रेट्स बहुत ज्यादा हैं, जो कई हफ्तों तक बने रह सकते हैं। इंश्योरेंस भी मुश्किल से हो रहा है। इससे जहाजों का कार्गो ले जाने का काम रुका रह सकता है। 4. ईरान-अमेरिका के हमले का डर हैदर अंजुम का कहना है कि सिर्फ राजनीतिक समझौता होने से स्थिति सामान्य नहीं हो जाएगी। जहाज मालिकों को जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता दिखाई देनी चाहिए। जब तक कई महीनों तक कोई नई घटना या हमला नहीं होता, तब तक जहाज मालिक और बीमा कंपनियां यह नहीं मानेंगी कि खतरा वास्तव में कम हो गया है। आवाजाही सामान्य होने में 4 महीने से ज्यादा लग सकते हैं। सवाल-3: भारत में पेट्रोल-डीजल कब तक सस्ता हो जाएगा?जवाब: पेट्रोल-डीजल की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत से सीधे जुड़ी होती हैं। जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल थी। ट्रम्प के समझौते के बाद वापस उतनी ही होती दिख रही हैं। हालांकि समझौता होने का मतलब ये नहीं है कि तेल की कीमतें तुरंत घट जाएंगी। ऐसे इसलिए कि जंग के शुरुआती दो महीने में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। इससे तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ का नुकसान हुआ। फिर 15 से 25 मई के बीच देश में पेट्रोल-डीजल के दाम 7.5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़े, फिर भी कंपनियों को रोजाना करीब 600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी डिजर्व के को-फाउंडर वैभव पोरवाल के मुताबिक, ‘सरकार ने महंगे तेल का भार आम लोगों पर नहीं डाला था। अब तेल सस्ता होने पर भी सरकार तुरंत दाम कम न करके तेल कंपनियों को नुकसान की भरपाई करने देगी।’ आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर थॉमस स्टीफन के मुताबिक, पेट्रोल डीजल की कीमत में गिरावट तब हो सकती है, जब कच्चा तेल करीब 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाए और फिर इतना ही बना रहे। इसमें कुछ हफ्तों का समय लग सकता है। JNU में फॉरेन अफेयर्स के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं। बड़ी तेल कंपनियां पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 6 महीने पहले ही तय हो जाता है कि कितना तेल किस कीमत पर खरीदना है।’ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी कहा है कि कच्चा तेल सस्ता होने के तुरंत बाद पेट्रोल के दाम कम नहीं किए जा सकते। होर्मुज से सस्ता तेल भारत आने में समय लगेगा। सवाल-4: क्या होर्मुज दोबारा भी बंद हो सकता है? जवाब: एक सीनियर अमेरिकी ऑफिसर ने बताया कि अमेरिकी टीम ईरान के साथ समझौते को लेकर सचेत है। अगर ईरान जो वादे कर रहा है, वो सब करता है, तो ये एक जबरदस्त समझौता होगा। इसे आप आखिरी MoU भी कह सकते हैं, लेकिन जब तक कोई पूरा और बाध्यकारी एग्रीमेंट न हो जाए, तो कोई भी पक्ष किसी भी समय इससे पीछे हट सकता है। इससे होर्मुज को लेकर फिर तनाव पैदा हो सकता है। दरअसल, समझौता होने के बाद भी अभी 3 बड़े मुद्दे हैं, जिन पर 60 दिन के अंदर फैसला लिया जाना है…. ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े सवाल डील से दूर इजराइल अड़ंगा डाल सकता है ईरान को कब और कितना पैसा मिलेगा मीर खान कहते हैं कि समझौते में होर्मुज को फौरन खोलने की बात है, लेकिन ईरान इसको ओमान के साथ मिलकर अस्थायी तौर पर खोलने की बात कर रहा हैं। कागज पर तो ये शर्त मानी जा रही लगती है, लेकिन हकीकत में ये समझौता होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल एक हद तक बरकरार रखता है। --- रिसर्च सहयोग- श्रेया नाकाड़े ---- अमेरिका-ईरान जंग की पूरी एनालिसिस पढ़ें.. ईरान के सामने ट्रम्प का ‘सरेंडर’:न सत्ता बदली, न परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म; 122 लाख करोड़ रुपए बर्बाद, आखिर जंग से मिला क्या 27 फरवरी 2026; ओमान के विदेश मंत्री अल-बुसैदी ने टीवी पर आकर कहा- ईरान अपना पूरा एनरिच्ड यूरेनियम खत्म करने को राजी है। अल-बुसैदी ही अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील की मध्यस्थता कर रहे थे। वो बोले- अगर कूटनीति को थोड़ी और जगह दें, तो समझौता हमारी पहुंच में है। आगे पढ़ें..
जस्टिस मार्कंडेय काटजू भारत में धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा का विश्लेषण करते हुए तर्क देते हैं कि निजी धार्मिक सभाओं पर वे बाध्यताएँ लागू नहीं होतीं जो एक धर्मनिरपेक्ष राज्य पर होती हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ इस्लामाबाद एमओयू पर किए दस्तखत
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता के अंतिम समर्थन दस्तावेज पर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के […] The post पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ इस्लामाबाद एमओयू पर किए दस्तखत appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में पदक प्राप्त 50 खिलाड़ियों को मिलेगी कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति
जयपुर। राजस्थान में पदक प्राप्त 50 खिलाड़ियों को कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नेशनल चैम्पियनशिप और पैरा नेशनल चैम्पियनशिप में पदक प्राप्त 50 खिलाड़ियों को कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति दिए जाने एवं इन्हें माध्यमिक शिक्षा विभाग आवंटित किए जाने की मंजूरी प्रदान […] The post राजस्थान में पदक प्राप्त 50 खिलाड़ियों को मिलेगी कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में शराब ठेके के सेल्समैन पर जानलेवा हमला
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ थाना क्षेत्र में एक शराब ठेका के सेल्समेन पर कुछ हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा जानलेवा हमले किए जाने की घटना सामने आई है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल हुए सेल्समेन भूपेंद्र सिंह (45) का बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज किया जा […] The post श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में शराब ठेके के सेल्समैन पर जानलेवा हमला appeared first on Sabguru News .
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार की मच-अवेटेड फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' अपनी रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस और सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोर रही है। 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस फिल्म का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच मेकर्स ने फिल्म के पहले हिट ट्रैक 'ऊंचा लंबा कद फॉरएवर' की कामयाबी के बाद, अब एक और नया और धमाकेदार गाना रिलीज कर दिया है, जिसका नाम है 'दीवाने हैं'। यह गाना रिलीज होते ही इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और दर्शकों को बीते दौर की याद दिला रहा है। 'दीवाने हैं' सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि इसे एक बड़े विजुअल सेलिब्रेशन की तरह फिल्माया गया है। इस गाने की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी विशाल और भारी-भरकम स्टारकास्ट है। गाने में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, दिशा पटानी, जैकलिन फर्नांडिस, राजपाल यादव, जॉनी लीवर, परेश रावल और दलेर मेहंदी जैसे दिग्गज कलाकार एक साथ थिरकते हुए नजर आ रहे हैं। ALSO READ: जैकलीन फर्नांडिस करेंगी हॉरर जॉनर में डेब्यू, इस महीने शुरू होगी शूटिंग गाने का कॉन्सेप्ट काफी मजेदार और फनी है। वीडियो में दिखाया गया है कि अक्षय कुमार के किरदार की एक नकली फिल्म यूनिट शूटिंग के लिए गांव पहुंचती है, लेकिन वहां के सीधे-साधे ग्रामीण उन्हें सचमुच के 'आर्मी के जवान' समझ बैठते हैं। इसी गलतफहमी के इर्द-गिर्द बुना गया यह डांस नंबर फिल्म के कॉमिक मिजाज को बखूबी बयां करता है। अमृता फडणवीस और आनंद राज आनंद की जुगलबंदी इस गाने में केवल स्टारकास्ट ही नहीं, बल्कि इसके सिंगर्स ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। 'दीवाने हैं' को मशहूर म्यूजिक कंपोजर आनंद राज आनंद और अमृता फडणवीस ने अपनी आवाज दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस इससे पहले भी कई बेहतरीन हिंदी और मराठी गानों को अपनी आवाज दे चुकी हैं। 'वेलकम टू द जंगल' साल 2007 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' की तीसरी किस्त है। फिल्म के ट्रेलर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद से ही यह फिल्म IMDb की 'मोस्ट एंटीसिपेटेड न्यू इंडियन मूवीज' की लिस्ट में लगातार टॉप पर बनी हुई है। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म से दर्शकों को वही पुराना 'पागलपन और ठहाके' मिलने की उम्मीद है जो पहली दो फिल्मों में देखने को मिले थे।
मां विंध्यवासिनी: संकट हरने वाली 'कृष्ण की बहन' और उनके चमत्कारिक रहस्य
मां विंध्यवासिनी की पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भक्तों की सोई हुई किस्मत जगाने वाली और तुरंत फल देने वाली महासाधना है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में गंगा किनारे बसी मां विंध्यवासिनी का दरबार देश के सबसे जाग्रत शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। आइए जानते हैं माता से जुड़े अनसुने रहस्य, पौराणिक कथाएं और उनके प्रमुख धाम। पौराणिक इतिहास और जन्म रहस्य श्रीकृष्ण की रक्षक बहन: द्वापर युग में जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब विष्णु जी की आज्ञा से 'योगमाया' ने माता यशोदा के गर्भ से पुत्री रूप में जन्म लिया। कंस से बालकृष्ण की रक्षा के लिए वासुदेव जी ने दोनों बच्चों को आपस में बदल दिया था। कंस को दी चुनौती: जब कंस ने कारागार में इस नवजात कन्या को पत्थर पर पटकना चाहा, तो वह उसके हाथ से छूटकर आकाश में विलीन हो गई। उन्होंने अपना असली रूप प्रकट कर कंस को चेतावनी दी कि उसका काल (श्रीकृष्ण) जन्म ले चुका है। विभिन्न नाम: इन्हें श्रीकृष्ण की बहन होने के कारण 'कृष्णानुजा' और श्रीमद्भागवत में 'नंदजा' व 'एकानंशा' कहा गया है। इन्होंने ही श्रीकृष्ण की अदृश्य शक्ति बनकर कंस और उसके असुरों का संहार कराया था। सती का अंश: शिवपुराण के अनुसार इन्हें माता सती का अंश मानकर 'वनदुर्गा' भी कहा जाता है। देवताओं के अनुरोध पर माता ने पृथ्वी कल्याण के लिए विंध्याचल पर्वत को अपना स्थाई निवास चुना। पूजा का महत्व और प्रमुख अनुष्ठान तुरंत फलदायी साधना: मां विंध्यवासिनी नागवंशीय राजाओं की कुलदेवी हैं। इनकी साधना बहुत जल्दी सिद्ध होती है। मुख्य रस्में: पूजा में दूध, जल और शहद से अभिषेक, कुमकुम अर्चन और अखंड ज्योति जलाने का विशेष महत्व है। महामंत्र: सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए इन मंत्रों का जाप किया जाता है: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चै या ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः कहाँ-कहाँ हैं मां विंध्यवासिनी के जाग्रत धाम? 1. मुख्य धाम: विंध्याचल (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) यह काशी और प्रयाग के बीच, गंगा नदी के तट पर विंध्य पहाड़ियों में स्थित है। अनोखा रहस्य: शास्त्रों के अनुसार, अन्य शक्तिपीठों में देवी के केवल अंगों की प्रतीक रूप में पूजा होती है, लेकिन विंध्याचल इकलौता ऐसा स्थान है जहाँ देवी के पूरे विग्रह (संपूर्ण रूप) के दर्शन होते हैं। यहाँ 3 किलोमीटर के दायरे में 'त्रिकोण यात्रा' होती है, जिसमें मुख्य मंदिर के साथ पहाड़ी पर महाकाली (कालीखोह) और अष्टभुजी देवी विराजमान हैं। 2. सफेद पहाड़ों का धाम: बांदा (राजस्थान) बांदा जनपद के गिरवां क्षेत्र में सफेद पहाड़ों के बीच माता का एक दिव्य मंदिर है, जिसकी अलौकिक छटा भक्तों को अपनी ओर खींचती है। 3. ऊँची पहाड़ी का दरबार: सलकनपुर (सीहोर, मध्य प्रदेश) भोपाल से 70 किलोमीटर दूर रेहटी तहसील के सलकनपुर गांव में माता का मंदिर 800 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। यहाँ भक्त 1000 सीढ़ियाँ चढ़कर या रोपवे के ज़रिए माता के दर्शन करने पहुँचते हैं।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रही अनिका का अब होगा इलाज, 9 करोड़ का इंजेक्शन लगेगा, जमा हुए 8 करोड़ 23 लाख
इंदौर की अनिका शर्मा के लिए अब तक 8 करोड़ 23 लाख रुपए इकट्ठा हो गए हैं। अब माता-पिता को इंजतार है कि जिन्होंने राशि देने का वादा किया था वह भी जल्द राशि उपलब्ध करा दें तो उनकी बेटी का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। दरअसल, इलाज के लिए 9 करोड़ रुपये की जरूरत है और 8.23 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। 70 लाख रुपये की और मदद मिलते ही इलाज के लिए उसे इंजेक्शन लगाया जाएगा। बता दें कि अनिकाके लिए लंबे समय से राशि एकत्र करने का अभियान चल रहा है। अब तक जमा हुई यह राशि इंदौर निवासी उसके माता-पिता ने क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्र की। कुछ एनजीओ ने भी इस काम में उनकी मदद की। अनिका को सबसे बड़ी मदद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रतीक कवात्रा ने की है। उन्होंने 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी है। इलाज के लिए माता-पिता ने इंदौर से भी 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जुटाई थी। इसके बाद उन्होंने दूसरे शहरों का रुख किया और वहां से भी राशि एकत्र की। वजन नहीं बढ़ने देने की थी चुनौती : अनिकाको जो इंजेक्शन लगना है, उसके लिए मेडिकल शर्त यह थी कि बच्ची का वजन 13 किलो से ज्यादा न हो। इस कारण माता-पिता बच्ची को लिक्विड डाइट पर रख रहे थे, लेकिन परिवार के पास समय कम था, क्योंकि वजन नियंत्रित रखने के प्रयास में कनिका को कमजोरी भी आ रही थी। हालांकि, इससे पहले ही आवश्यक राशि लगभग जुट चुकी है। इससे अनिका की मदद के लिए जुटे लोगों ने राहत की सांस ली है। कोर्ट ने कहा था लाड़ली बहना नहीं है : अनिकाको तय समय-सीमा में मदद नहीं मिलने पर परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में दूसरी बार सुनवाई हुई। इस दौरान कनिका के वकीलों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकारी वकील से कड़े शब्दों में पूछा कि क्या यह बच्ची प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है? अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। Edited By: Naveen R Rangiyal
शिवसेना (यूबीटी) में टूट की पुष्टि, 6 सांसदों ने किया शिंदे खेमे का समर्थन
मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख सियासी दल और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और विभाजन की गुरुवार को उस समय प्रभावी रूप से पुष्टि हो गई, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अपने समूह का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री […] The post शिवसेना (यूबीटी) में टूट की पुष्टि, 6 सांसदों ने किया शिंदे खेमे का समर्थन appeared first on Sabguru News .
रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ जवान का सिर कटा शव बरामद
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार सुबह एक आरपीएफ जवान का सिर कटा हुआ शव बरामद हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। जवान वर्दी में था और उसका सिर धड़ से अलग मिला। शव के पास उसका […] The post रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ जवान का सिर कटा शव बरामद appeared first on Sabguru News .
अमरीका और ईरान के बीच इन 14 मुद्दों पर हुआ समझौता
वाशिंगटन। व्हाइट हाउस ने युद्ध समाप्त करने को लेकर अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को प्रकाशित किया है। व्हाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर प्रकाशित एमओयू के मूल पाठ के अनुसार दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बनी हैं, वो निम्नलिखित प्रकार हैं… 1. अमरीका और ईरान […] The post अमरीका और ईरान के बीच इन 14 मुद्दों पर हुआ समझौता appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड मैच जीत गया, लेकिन 33 साल की इस ग्लैमरस लड़की ने लूट ली सारी लाइमलाइट
क्रोएशिया की सोशल मीडिया सेंसेशन और मॉडल Ivana Knoll एक बार फिर फुटबॉल वर्ल्ड कप में छा गई हैं। “वर्ल्ड कप की सबसे हॉट फैन” के नाम से मशहूर इवाना ने 2026 टूर्नामेंट में अपनी पहली मौजूदगी से ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। बुधवार को AT&T Stadium में इंग्लैंड और क्रोएशिया के मुकाबले के दौरान इवाना स्टैंड्स में नजर आईं। हमेशा की तरह उन्होंने क्रोएशिया की पहचान वाला रेड-एंड-व्हाइट चेकर्ड आउटफिट पहना था, जिसने फैंस का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया। मैच के दौरान इवाना ने अपनी कई तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए, जिन्हें उनके लाखों फॉलोअर्स ने जमकर पसंद किया। उनका बोल्ड और स्टाइलिश अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 2022 वर्ल्ड कप से मिली थी ग्लोबल पहचान इवाना पहली बार 2022 के कतर वर्ल्ड कप में दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी थीं। उस समय उन्होंने अपने ग्लैमरस आउटफिट्स से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। कतर के सख्त ड्रेस कोड के बावजूद उन्होंने अपने स्टाइल से इंटरनेट पर अलग पहचान बना ली थी। पूर्व मिस क्रोएशिया रह चुकी इवाना का जन्म जर्मनी में हुआ था, लेकिन बाद में उनका परिवार ज़ाग्रेब शिफ्ट हो गया। 2016 में मिस क्रोएशिया पेजेंट से उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, लेकिन असली लोकप्रियता उन्हें फुटबॉल स्टेडियम्स से मिली। अब सिर्फ फुटबॉल नहीं, F1 में भी छाईं फुटबॉल के अलावा इवाना अब Formula 1 इवेंट्स में भी लगातार दिखाई देती हैं। हाल ही में मियामी ग्रां प्री के दौरान वह फिर वायरल हो गई थीं, जब लाइव टीवी कवरेज के बीच उनका अचानक कैमरे में आ जाना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। Sky Sports के शो के दौरान Simon Lazenby, Naomi Schiff और Jenson Button कैमरे पर मौजूद थे, तभी इवाना वहां से गुजरती दिखाई दीं। कुछ सेकंड का यह मोमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। DJ बनकर भी जीत रहीं दिल इवाना अब सिर्फ मॉडल या फुटबॉल फैन नहीं रहीं। उन्होंने DJ के तौर पर भी अपनी नई पहचान बनाई है। हाल ही में उन्होंने लॉस एंजेलिस में FIFA Fan Festival में लाइव DJ परफॉर्मेंस दी, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और आज उन्हें दुनिया की सबसे चर्चित स्पोर्ट्स फैंस में गिना जाता है।
काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े अभिनीत आगामी फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस' रिलीज से पहले कानूनी विवाद में घिर गई है। फिल्म में भारत के कृषि और खाद्य उत्पादन क्षेत्रों के चित्रण को लेकर मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया है। 'द इंडिया स्टोरी' को ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत किया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ALSO READ: सनी देओल की 'बंटवारा 1947' का दमदार टीजर रिलीज, बंटवारे के दर्दनाक सच से रूबरू कराएगी फिल्म 15 जून को अधिवक्ता हिरण्या पांडे द्वारा, एग्री बिजनेस सेंटर के मालिक भावेश सोधा की ओर से यह कानूनी नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस ज़ी स्टूडियोज़, एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ एलएलपी और फिल्म के निर्माताओं को संबोधित किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फिल्म के टीज़र और प्रचार सामग्री में भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग से जुड़े भ्रामक, मानहानिकारक और वैज्ञानिक रूप से अप्रमाणित दावे किए गए हैं। नोटिस के अनुसार, फिल्म भारत की कृषि व्यवस्था को स्लो पॉइज़न यानी धीमा ज़हर के स्रोत के रूप में प्रस्तुत करती है और इसमें कीटनाशकों के उपयोग, खाद्य पदार्थों में मिलावट तथा कैंसर के बढ़ते मामलों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से दिखाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के चित्रण से देशभर के किसानों, डेयरी उत्पादकों, पोल्ट्री व्यवसायों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की छवि को नुकसान पहुंच सकता है, साथ ही आम जनता में अनावश्यक भय भी पैदा हो सकता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नोटिस में फिल्म की प्रचार सामग्री में दिखाए गए कई दृश्यों और दावों पर आपत्ति जताई गई है। इनमें भारत में अत्यधिक मात्रा में कीटनाशकों के उपयोग का संकेत देने वाले दावे शामिल हैं। शिकायतकर्ता का तर्क है कि भारत में प्रति हेक्टेयर कीटनाशक खपत कई अन्य देशों की तुलना में कम है। इसके अलावा दूध में व्यापक स्तर पर मिलावट संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। एक दृश्य, जिसमें मृत चिकन के शव में सिरिंज इंजेक्ट करते हुए दिखाया गया है, को भी वैज्ञानिक रूप से गलत और भ्रामक बताया गया है। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने फिल्म में कृषि पद्धतियों को सीधे तौर पर बढ़ते कैंसर मामलों से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐसे निष्कर्षों के लिए ठोस वैज्ञानिक प्रमाण और सत्यापित शोध की आवश्यकता होती है। कानूनी नोटिस में फिल्म निर्माताओं से मांग की गई है कि वे फिल्म में दिखाए गए आंकड़ों, दृश्यों और दावों के समर्थन में उपयोग किए गए शोध, स्रोत सामग्री, कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक आधार का खुलासा करें। साथ ही टीज़र और अन्य प्रचार सामग्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तत्काल हटाने तथा फिल्म की रिलीज से पहले आवश्यक संशोधन करने की भी मांग की गई है।
सनी देओल की 'बंटवारा 1947' का दमदार टीजर रिलीज, बंटवारे के दर्दनाक सच से रूबरू कराएगी फिल्म
'बंटवारा 1947' इस साल की सबसे बेसब्री से इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। अपने शानदार मोशन पोस्टर और किरदारों के दमदार पोस्टर्स के रिलीज होने के बाद से ही, इस फिल्म ने हर तरफ लोगों का ध्यान खींचा है। यह एक ऐसी कहानी के लिए उत्सुकता बढ़ा रही है जो हिम्मत, बलिदान और कभी न टूटने वाले इंसानी जज्बे से जुड़ी है। अब, इसके दमदार टीज़र के रिलीज होने के साथ ही, फिल्म को लेकर बना हुआ एक्साइटमेंट एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। 'बंटवारा 1947' का यह दिलचस्प और इंटेंस टीज़र दर्शकों को इतिहास के सबसे बड़े मोमेंट्स में से एक में ले जाता है, भारत की आजादी और वो दर्दनाक बंटवारा जिसने एक देश को बांट दिया और हमेशा के लिए करोड़ों जिंदगियों को बदल कर रख दिया। दमदार डायलॉग्स और दिल को छू लेने वाले इमोशनल बैकग्राउंड स्कोर से भरा यह टीज़र इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे चैप्टर के दौरान उम्मीद और लचीलेपन के जज्बे को दिखाता है। हमारी इस कहानी के केंद्र में एक ऐसा हीरो है जो डर और नफरत से ऊपर उठकर असाधारण बहादुरी की मिसाल बनता है। ALSO READ: 'Spider-Man: Brand New Day' की एडवांस बुकिंग भारत में शुरू, 6 भाषाओं में होगी रिलीज 'बंटवारा 1947' में शबाना आजमी, सनी देओल, प्रीति जी जिंटा, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे शानदार कलाकारों की फौज है। यह फिल्म करीब तीन दशकों के बाद राजकुमार संतोषी और सनी देओल की बहुप्रतीक्षित (मोस्ट-अवेडेट) वापसी को भी दिखाती है। 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के बैनर तले बनी 'बंटवारा 1947' को नेशनल अवार्ड विनर फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी ने डायरेक्ट किया है। इसका म्यूजिक ए. आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि गाने जावेद अख्तर ने लिखे हैं। आमिर खान और अपर्णा पुरोहित द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म 'पार्टीशन डे' के मौके पर 14 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
27 फरवरी 2026; ओमान के विदेश मंत्री अल-बुसैदी ने टीवी पर आकर कहा- ईरान अपना पूरा एनरिच्ड यूरेनियम खत्म करने को राजी है। अल-बुसैदी ही अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील की मध्यस्थता कर रहे थे। वो बोले- अगर कूटनीति को थोड़ी और जगह दें, तो समझौता हमारी पहुंच में है। लेकिन उसी रात Mar-a-Lago में ट्रम्प का फोन बजा। दूसरी तरफ इजराइली पीएम नेतन्याहू थे। रॉयटर्स ने 3 सूत्रों के हवाले से लिखा- नेतन्याहू के पास ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर पर मीटिंग का एक मजबूत खुफिया इनपुट था। नेतन्याहू ने कहा- खामेनेई समेत ईरानी लीडरशिप को एक झटके में खत्म करते ही ईरानी जनता खुद 1979 की इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फेंकेगी। हमारे लिए ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल प्रोग्राम और उसके प्रॉक्सीज को खत्म करने का यही मौका है। ट्रम्प राजी हो गए। 28 फरवरी की सुबह ईरान पर बम गिरने लगे। अब 110 दिनों बाद 18 जून को ट्रम्प ने जंग खत्म करने के दस्तावेजों पर दस्तखत कर दिए हैं। अमेरिका के लिए ये डील उससे भी बुरी है, जो जंग शुरू होने के एक दिन पहले उसकी मेज पर थी। इस बीच दुनिया को लाखों करोड़ रुपए की चपत लग गई और 7 हजार से ज्यादा जानें गईं। ट्रम्प ने ईरान जंग के 4 घोषित लक्ष्य बताए थे… 1. ईरान में इस्लामिक सत्ता उखाड़ फेंकना अमेरिका-इजराइल ने अपने पहले ही हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया। उसी दिन ट्रम्प ने कहा- ‘ईरान के महान लोगों, आपकी आजादी का समय आ गया है... जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लीजिए।’ लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान के लोग एकजुट हो गए। खामेनेई के बेटे मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर बना दिया। इसलिए ईरान अब भी धार्मिक शासन वाला अमेरिका-विरोधी देश बना हुआ है। यानी ट्रम्प का पहला ऑब्जेक्टिव फेल। 2. ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करना ट्रम्प ने कहा था, 'अमेरिका की नीति रही है कि इस आतंकवादी रिजीम के पास कोई परमाणु हथियार न हो।' अमेरिका चाहता था कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह बंद कर दे और उसके पास जितना संवर्धित यूरेनियम है, अमेरिका को सौंप दे। ट्रम्प से डील में ईरान ने कहा है कि वह कभी परमाणु हथियार न तो बनाएगा और न ही खरीदेगा। हालांकि यह कोई नई बात नहीं है। ईरान ने पहली बार 1970 में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर करते समय यही वादा किया था। 2015 में अमेरिका के ओबामा शासन से हुए परमाणु समझौते में भी उसने यही वादा दोहराया था। ट्रम्प के समझौते में ईरान से कहा गया है कि वह अपने पास मौजूद लगभग 11 टन संवर्धित परमाणु सामग्री को ‘डाउन-ब्लेंड’ करे। यानी उसे कम शक्तिशाली बनाए। इसमें करीब 970 पाउंड ऐसा यूरेनियम भी शामिल है, जिसे 60% तक संवर्धित किया जा चुका है। यह परमाणु बम बनाने के स्तर के काफी करीब है। ट्रम्प की डील ईरान को यह संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर भेजने या पूरी तरह छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करती। हालांकि 2015 के समझौते में उसने अपने लगभग 97% परमाणु भंडार को रूस भेज दिया था। इस वजह से कई सवाल अभी भी अगले दौर की बातचीत के लिए बचे हैं। जैसे-• क्या ईरान यह परमाणु सामग्री अपने पास रख सकेगा?• क्या उसे अपने प्रमुख परमाणु संयंत्र बंद करने होंगे?• क्या उसे नए परमाणु ईंधन को संवर्धित करने की अनुमति होगी? समझौते में ‘ईरान की परमाणु जरूरतों’ का जिक्र है। मसलन- बिजली उत्पादन और ऊर्जा जरूरतों के लिए। यही वह रास्ता है जिससे ईरान भविष्य में अपनी परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म होने से बचाए रखना चाहता है। यानी ट्रम्प का ये ऑब्जेक्टिव भी पूरी तरह सफल नहीं हुआ। 3. ईरान के प्रॉक्सी संगठनों को खत्म करना इजराइल और अमेरिका लेबनान में हिजबुल्ला, यमन में हूती और फिलिस्तीन में हमास जैसे ईरान के प्रॉक्सी संगठनों को खत्म करना चाहते थे। ईरान-अमेरिका जंग में सबसे ज्यादा मौतें लेबनान में हुई है। इजराइल ने दक्षिण लेबनान में करीब 2,000 वर्ग किमी की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इससे हिजबुल्ला काफी कमजोर हो गया, लेकिन खत्म नहीं हुआ। उसके पास अभी भी हथियार, जमीनी नेटवर्क है और शिया मुसलमानों का समर्थन है। ट्रम्प से समझौते में भी लेबनान का तीन बार जिक्र है और कहा गया है कि वहां भी कोई मिलिट्री ऑपरेशन नहीं होगा। ऐसे ही यमन में हूती अब भी सक्रिय हैं। हमास कमजोर हुआ है, पर खत्म नहीं। यानी ट्रम्प और नेतन्याहू का ये ऑब्जेक्टिव भी पूरा नहीं हुआ। 4. ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम खत्म करना ट्रम्प ने हमले की वजह बताते हुए कहा था, ‘ईरान के पास हमारे मिलिट्री बेसेस और यूरोप तक पहुंचने वाली मिसाइलें हैं। जल्द ही वो अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें भी बना लेंगे।’ अमेरिका-इजराइल ने ईरान के प्रमुख मिसाइल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया। जैसे- तेहरान के पास खोजिर मिसाइल कॉम्प्लेक्स, शाहरूद मिसाइल फैसिलिटी, पर्चिन सैन्य परिसर, हकीमीयेह मिसाइल सेंटर जैसे कई ठिकानों पर हमले कर भारी नुकसान किया। 50 से ज्यादा मिलिट्री बेस को निशाना बनाया, ताकी मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता खत्म की जा सके। लेकिन 7 जून को इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइल हमले से साफ हो गया कि ईरान की क्षमता खत्म नहीं हुई है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान ने कई ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटी को हुआ नुकसान सुधारना भी शुरू कर दिया है। समझौते में मिसाइल प्रोग्राम का जिक्र तक नहीं है, यानी ये ऑब्जेक्टिव भी पूरा नहीं हुआ। होर्मुज स्ट्रेट खुलने को ट्रम्प बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं, जो जंग के पहले खुला ही हुआ था। डील में एक प्रावधान है कि अब ईरान-ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ‘फीस’ वसूल सकता है। इसके अलावा डील में ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए दिए जाने का भी प्रावधान है। ईरान: 307 अस्पतालों समेत 1.22 लाख इमारतें ढही इजराइल और खाड़ी देशों ने भी जंग की भारी कीमत चुकाई है… ग्लोबल इकोनॉमी को 122 लाख रुपए का नुकसान इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक एंड पीस यानी IEP के मुताबिक अमेरिका-ईरान जंग से ग्लोबल GDP को 1.3 ट्रिलियन डॉलर, यानी करीब 122 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। ये ग्लोबल GDP का 0.6% है। पहली नजर में यह नुकसान उतना बड़ा नहीं लगता। क्योंकि 2020में कोरोना के दौरान भी ग्लोबल GDP 3.1% सिकुड़ गई थी। हालांकि कोरोना का असर पुरानी दुनिया पर पड़ा था। ईरान जंग की सबसे बड़ी मार कुछ चुनिंदा देशों और उन लोगों पर पड़ेगी, जिनकी आय पहले से कम है और जो ऐसे झटकों को झेलने की स्थिति में नहीं हैं। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक कॉपरेशन एंड डेवलपमेंट के मुताबिक, 2025 में ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ 3.4% थी, जो 2026 में घटकर 2.8% ही रह जाएगी। ईरान जंग से भारत पर 6 बड़े असर पड़े… 1. क्रूड ऑयल महंगा होने से इम्पोर्ट बिल बढ़ा: जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरेल थी। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची। इससे मार्च में भारत का इम्पोर्ट बिल 15.22% बढ़ गया। भारत में पेट्रोल-डीजल 7.5 रुपए, घरेलू गैस की कीमत 89 रुपए और कमर्शियल गैस 1,350 रुपए महंगा हुआ। 2. विदेशी मुद्रा भंडार घटा, रुपया कमजोरः जंग शुरू होने से पहले भारत का फॉरेन रिजर्व 7.28 लाख डॉलर था, जो जून की शुरुआत में घटकर 6.82 लाख डॉलर रह गया है। फरवरी में 1 डॉलर की कीमत करीब 90 रुपए थी। मई में यह 96.8 के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। अभी यह 94.5 है। 3. GDP की रफ्तार धीमी हुईः 2025 में जहां GDP 7% बढ़ी थी, 2026 में इसके 6.6% रहने का अनुमान है। 4. थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादाः फरवरी 2026 में भारत में खुदरा महंगाई दर 3.21% थी, जो मई में बढ़कर 3.93% तक पहुंच गई है। थोक महंगाई दर फरवरी में 2.28% से मई में 9.68% पर पहुंच गई है, जो साढ़े तीन साल में सबसे ज्यादा 5. उर्वरकों के उत्पादन में गिरावट: भारत खाड़ी देशों से करीब 40% यूरिया और 60% LNG इम्पोर्ट करता है। फर्टिलाइजर बनाने के लिए यह दोनों जरूरी हैं। इनकी सप्लाई प्रभावित होने से मार्च 2025 की तुलना में मार्च 2026 में फर्टिलाइजर प्रोडक्शन 24.6% गिर गया। 2.5 मिलियन टन प्रति माह रहने वाला घरेलू यूरिया का प्रोडक्शन मार्च 2026 में करीब 1.5 मिलियन टन रह गया, यानी की 40% गिरावट। 6. भारतीय मारे गए, डिप्लोमेटिक नुकसानः ईरान और अमेरिका में सीजफायर कराने में पाकिस्तान, कतर, ओमान जैसे देशों मध्यस्थ की भूमिका निभाई। ईरान रूस और चीन से लगातार संपर्क में रहा। इस पूरे शांति समझौते में भारत की भूमिका कहीं नहीं दिखी। अमेरिका ने भारत के बैकयार्ड में ईरानी जहाज IRIS देना को डुबा दिया। 8 से 11 जून के बीच अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमला किया। इसमें 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। **** ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका ने ईरान जंग में हर मिनट ₹6 करोड़ लुटाए:क्या 28 लाख करोड़ हर्जाना और देना पड़ेगा; आखिर ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ये जंग अमेरिका को ईरान जंग का हर सेकेंड 10 लाख रुपए का पड़ा। रोजाना करीब 9,400 करोड़ रुपए। 107 दिन बाद जंग खत्म करके भी मुसीबत नहीं टली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए और देने पड़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
'Spider-Man: Brand New Day' की एडवांस बुकिंग भारत में शुरू, 6 भाषाओं में होगी रिलीज
मार्वल फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है क्योंकि 'Spider-Man: Brand New Day' की भारत में एडवांस बुकिंग आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। टॉम हॉलैंड की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को लेकर पहले से ही जबरदस्त क्रेज था, लेकिन अब जैसे ही टिकट बुकिंग खुली है, सोशल मीडिया से लेकर थिएटर तक हलचल बढ़ गई है। खास बात यह है कि इस बार फिल्म सिर्फ एक रिलीज नहीं बल्कि एक 'ग्रैंड सिनेमैटिक इवेंट' की तरह पेश की जा रही है, जहां दर्शकों को हर स्पाइडर-स्विंग, हर एक्शन और हर इमोशन को बड़े और इमर्सिव स्क्रीन पर महसूस करने का मौका मिलेगा। भारत में 6 भाषाओं में रिलीज, हर दर्शक के लिए बड़ा तोहफा सोनी पिक्चर एंटरटेनमेंट इंडिया इस फिल्म को 30 जुलाई को भारत में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज करने जा रही है। यानी देश के हर हिस्से के दर्शक इस सुपरहीरो एक्शन का हिस्सा बन सकेंगे। यह रिलीज सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक पैन-इंडिया एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस बनने जा रही है, जिसे खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए डिजाइन किया गया है। ALSO READ: क्या PMO में लिखी गई थी 'धुरंधर' की स्क्रिप्ट? राकेश बेदी ने दिया जवाब प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट पर मिलेगा असली विजुअल धमाका Sony Pictures ने इस बार दर्शकों के अनुभव को अगले स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। फिल्म को P[XL], Big Pix, Screen X, ICE, 4DX और MX4D जैसे प्रीमियम बड़े फॉर्मेट्स में रिलीज किया जा रहा है। इसका मकसद है कि दर्शक सिर्फ फिल्म देखें नहीं, बल्कि हर सीन को महसूस करें, सीट हिलाने वाले एक्शन से लेकर स्पाइडर-मैन के हवा में झूलने तक हर पल को रियल जैसा अनुभव मिले। Sony Pictures Entertainment India के जनरल मैनेजर और हेड शॉनी पांजिकरण ने कहा कि Spider-Man भारतीय दर्शकों के दिल में खास जगह रखता है और हर नया चैप्टर एक बड़े जश्न की तरह होता है। उन्होंने बताया कि इस बार कोशिश यही है कि दर्शकों को सबसे इमर्सिव थिएटर एक्सपीरियंस दिया जाए और उन्हें पहले से टिकट बुक करने का मौका मिले ताकि वे इस मेगा इवेंट का हिस्सा बन सकें। थिएटर एक्सपीरियंस को लेकर PVR INOX का बड़ा बयान PVR INOX Limited के गौतम दत्ता ने कहा कि आज के दर्शक फिल्मों को सिर्फ देखने नहीं बल्कि एक 'शेयर्ड कल्चरल मोमेंट' के रूप में अनुभव करना चाहते हैं। Spider-Man जैसी फ्रेंचाइजी इसी भावना को और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाई गई है, जहां हर सीन को फैंस के साथ मिलकर महसूस करना ही असली अनुभव है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें टॉम हॉलैंड फिर बने Peter Parker, नई कहानी में बड़ा ट्विस्ट इस फिल्म का निर्देशन डेस्टिन डैनियल क्रेटन ने किया है और इसमें टॉम हॉलैंड एक बार फिर Peter Parker/Spider-Man के रूप में नजर आएंगे। उनके साथ ज़ेंडाया, जैकब बैटलॉन, जॉन बर्नथल और सैडी सिंक भी अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी इस बार और भी इमोशनल और डार्क मोड़ लेती है, जहां पीटर एक ऐसी दुनिया में संघर्ष करता है जो उसे भूल चुकी है, और इसी दर्द से एक नया खतरा जन्म लेता है। कहानी में इमोशन और एक्शन का जबरदस्त मेल फिल्म की कहानी एक ऐसे Peter Parker को दिखाती है जो अब अकेला है, जिसे कोई याद नहीं करता। अपने पुराने रिश्तों को टूटते देखना और अकेले ही स्पाइडर-मैन की जिम्मेदारी निभाना उसे अंदर से बदल देता है। लेकिन यही बदलाव उसे एक ऐसे शक्तिशाली दुश्मन के सामने खड़ा करता है जिसे कोई देख भी नहीं सकता। यानी इस बार लड़ाई सिर्फ शहर की नहीं, बल्कि पहचान और अस्तित्व की भी है।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के 1998 के बहुचर्चित काले हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' इस वक्त विवादों के फंसी हुई है। फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से ही कोर्ट से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मचा हुआ है। अब इस विवाद में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। फिल्म के मुख्य अभिनेताओं में से एक गोविंद नामदेव और प्रोड्यूसर अमित जानी सीधे तौर पर कानूनी लड़ाई में आमने-सामने आ गए हैं। फिल्म में बिश्नोई समाज के वकील की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गोविंद नामदेव ने इंटरव्यू में मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नामदेव का कहना है कि उन्हें शुरुआत में इस फिल्म का नाम 'संभल' बताया गया था। गोविंद नामदेव ने दावा किया कि फिल्म काटीजर देखकर वो हैरान रह गए, क्योंकि जो टीजर रिलीज किया गया, वो उस कहानी से काफी अलग था जिसकी उन्होंने शूटिंग की थी। उन्होंने कहा, जैसे ही मैंने फिल्म का टीज़र देखा, मैं अंदर तक हिल गया। जो फिल्म दिखाई जा रही है, वह उस कहानी से बिल्कुल अलग है जिसकी मैंने शूटिंग की थी। हमें कभी नहीं बताया गया था कि सलमान खान से मिलता-जुलता कोई किरदार इस तरह से पेश किया जाएगा। मुझे लगता है कि मुझे अंधेरे में रखा गया और मेरा इस्तेमाल किया गया। ALSO READ: संचिता उगले के निधन पर रवि किशन का रिएक्शन, बोले- सुसाइड सबसे बड़ा पाप गोविंद नामदेव के इन बयानों पर 'जानी फायरफॉक्स फिल्म्स' के मालिक और फिल्म के निर्माता अमित जानी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अमित जानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गोविंद नामदेव को एक सख्त लीगल नोटिस भेजने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि नामदेव 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और प्रोडक्शन हाउस को 50 लाख रुपये का हर्जाना दें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 17 जून को मुकाम और जोधपुर जाकर बिश्नोई समाज से समर्थन मांगेगे अमित जानी, 19 जून की सुनवाई मे गुरु जम्भेश्वर भगवान सहायता करेंगे pic.twitter.com/mwkaZxnvUN — Amit Jani (@AmitJaniIND) June 16, 2026 अमित जानी का दावा है कि गोविंद नामदेव ने पूरी स्क्रिप्ट, सिनॉप्सिस और कैरेक्टर स्केच पढ़ने के बाद ही फिल्म साइन की थी। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने लगातार पांच दिन होटल के कमरे और वैनिटी वैन में बैठकर स्क्रिप्ट पढ़ी थी। जानी ने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई पहुंचने के बाद शायद सलमान खान के करीबियों या उनके बॉडीगार्ड शेरा की तरफ से नामदेव को कोई धमकी मिली है, जिसके डर से वह अब अपनी बात से मुकर रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अमित जानी ने कहा, या तो इन्हें धमकी मिल गई है, सलमान खान के शेरा-वेरा ने फोन करके कह दिया होगा कि बेटा, बहुत उछल रहे हो। या फिर इन्हें लगा होगा कि वहां से तो पैसे मिल गए, पेमेंट हो गई, चेक भी मिल गया। अब क्यों न सलमान खान की भी गुड बुक्स में आ जाऊं। 'काला हिरण 2' को लेकर भी बड़ा दावा एनडीटीवी संग बात करते हुए अमित जानी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि गोविंद नामदेव ने न केवल पहली फिल्म बल्कि इसके सीक्वल 'काला हिरण 2' के लिए भी एग्रीमेंट साइन किया है और इसके बदले में चेक के जरिए पेमेंट भी ली है। जानी के अनुसार, नामदेव इस बात को लेकर काफी उत्साहित थे कि अगर कोर्ट से सलमान खान को सजा होती है, तो वह स्क्रीन पर उस वकील का किरदार निभाएंगे जिसने सजा दिलाई।
Guru Pushya Yog 2026: 'गुरु-पुष्य अमृत योग' आज, जानें महत्व, पूजा विधि और 4 अचूक उपाय
Guru Pushya Amrit Yog: आज 18 जून 2026, दिन बृहस्पतिवार को गुरु-पुष्य के शुभ संयोग का निर्माण हुआ है। गुरु-पुष्य अमृत योग को ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ और दुर्लभ योगों में से एक माना जाता है। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो इसे 'गुरु-पुष्य अमृत योग' कहा जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल देते हैं और जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और सफलता लाते हैं। ALSO READ: 12 वर्षों के बाद बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्य नक्षत्र में गोचर, तुरंत करें 5 उपाय गुरु-पुष्य योग का महत्व घर पर कैसे करें पूजा, जानें विधि सुख-समृद्धि हेतु आज के अचूक उपाय आइए जानते हैं इस शुभ दिन का महत्व, पूजा विधि और कुछ खास उपाय: गुरु-पुष्य योग का महत्व पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस योग में शुरू किया गया कोई भी कार्य निर्विघ्न पूरा होता है और उसमें स्थायित्व आता है। इस दिन की गई पूजा, दान और निवेश का फल कभी नष्ट नहीं होता, यह अवसर अक्षय फल देता है। गुरु-पुष्य योग सोना, चांदी, भूमि, वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाता है। गुरु की कृपा: बृहस्पति देव (गुरु) भाग्य, बुद्धि और धन के कारक हैं। पुष्य नक्षत्र के साथ इनका मिलना सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है। घर पर कैसे करें पूजा, जानें विधि इस शुभ संयोग पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विधान है। ब्रह्म मुहूर्त में उठें: सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। संकल्प लें: मंदिर की सफाई करके हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें। चौकी स्थापना: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। अभिषेक और तिलक: भगवान विष्णु को केसर मिश्रित दूध से अभिषेक कराएं। उन्हें पीले चंदन, पीले फूल, और अक्षत (बिना टूटे चावल) अर्पित करें। भोग: भगवान को पीले रंग की मिठाई, बूंदी के लड्डू या चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। मंत्र जाप: तुलसी की माला से 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र' का जाप करें। आरती: अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें। ALSO READ: देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, करियर-धन पर पड़ सकता है असर सुख-समृद्धि हेतु आज के अचूक उपाय यदि आप जीवन में आर्थिक तंगी, करियर में रुकावट या विवाह में देरी का सामना कर रहे हैं, तो आज के दिन ये उपाय जरूर करें: 1. सोने या पीतल की खरीदारी: सामर्थ्य के अनुसार आज थोड़ा सा सोना या चांदी खरीदें। अगर बजट कम है, तो पीतल का कोई बर्तन या सिक्का भी खरीद सकते हैं। इसे तिजोरी में रखने से बरकत होती है। 2. हल्दी का दान: मंदिर में जाकर चने की दाल, पीले कपड़े, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी का दान करें। इससे कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है। 3. मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और गंगाजल मिलाकर 'स्वस्तिक' का चिह्न बनाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और लक्ष्मी जी का आगमन होता है। 4. पीपल के वृक्ष की पूजा: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें। पीपल में त्रिदेवों का वास माना जाता है। गुरु-पुष्य अमृत योग अत्यंत दुर्लभ और फलदायी योग माना जाता है। इस दिन किए गए छोटे से छोटे शुभ कार्य भी बड़े परिणाम देते हैं। यदि सही विधि और श्रद्धा से पूजा की जाए तो जीवन में धन, सफलता और सुख-शांति का मार्ग खुलता है। विशेष नोट: गुरु-पुष्य योग में किसी भी प्रकार का अधार्मिक कार्य, उधार लेन-देन या किसी का अपमान करने से बचना चाहिए, ताकि शुभ फलों में कमी न आए। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। उसने 30,000 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं। इश्यू पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE ने अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल कर दिया है। NSE पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 438.9 लाख करोड़ रुपये है, जो BSE के मुकाबले अधिक है। कौन कितने शेयर बेचेगा? एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। इस इश्यू के जरिए शेयरधारक मिलकर एनएसई में अपनी करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.19 करोड़ शेयर, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि. 1.12 करोड़ शेयर, बैंक ऑफ बड़ौदा 1.10 करोड़ शेयर और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड 1.09 करोड़ शेयर बेचेगा। एनएसई के बोर्ड ने फरवरी में दी थी मंजूरी? एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। यह मंजूरी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद दी गई थी। एनएसई ने इससे पहले 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी। भारत के सबसे बड़े आईपीओ इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर्स ने 27870 करोड़ और 2022 में एलआईसी ने 21008 करोड़ का आईपीओ लांच किया था। 2021 में पेटीएम ने आईपीओ से 18,300 करोड़ रुपए जुटाए थे जबकि 2025 में टाटा कैपटल्स और 2010 में कोल इंडिया 15,000 करोड़ से ज्यादा के आईपीओ लाए थे। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 जून, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Horoscope Rashifal 18 June 2026: करियर: ऑफिस में किसी पेंडिंग काम को पूरा करने में सफल होंगे। लव: पार्टनर के साथ छोटी सी सैर मन खुश कर देगी। धन: धन के मामले में दिन संतुलित है। स्वास्थ्य: शाम को आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज खुद को शांत रखें और एक-एक कर काम निपटाएं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: आज धन के मामले में हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। स्वास्थ्य: पेट की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज टीम के साथ अच्छा तालमेल बना रहेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए आज कोई नया रिश्ता दस्तक दे सकता है। धन: कहीं रुका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए थोड़ा समय अकेले बिताएं। उपाय: पक्षियों को पानी पिलाएं और दाना डालें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से बहस न करें। लव: भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। धन: घर की मरम्मत या सजावट पर पैसा खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: ठंडा पानी पीने से परहेज करें। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आपके काम करने के तरीके की प्रशंसा होगी। लव: लव लाइफ में रोमांच रहेगा। धन: आज लिया गया आर्थिक फैसला भविष्य में लाभ देगा। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: बारीकियों पर ध्यान देने की आपकी आदत आज आपको बड़े नुकसान से बचा लेगी। लव: दांपत्य जीवन में सुख बना रहेगा। धन: धन आज सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: ज्यादा तनाव न लें, नींद पूरी करें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित करें। 7. तुला (Libra) करियर: आज ऑफिस में माहौल हल्का-फुल्का रहेगा। लव: रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश करें। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की शिकायत रह सकती है। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मेहनत ज्यादा होगी, लेकिन निराश न हों। लव: आप अपने मन की बात पार्टनर से कह पाएंगे। धन: अचानक कोई बड़ा खर्च आ सकता है। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: बुधादित्य और गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, 5 राशियों पर होगी धन-वर्षा 9. धनु (Sagittarius) करियर: अटके हुए सरकारी काम आज पूरे हो सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ भविष्य बिताने पर चर्चा होगी। धन: शेयर बाजार या संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें। उपाय: शिव मंदिर में कपूर जलाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्य में अनुशासन से योजनाओं में लाभ होगा। लव: पार्टनर के प्रति स्वभाव में नरमी लाएं। धन: धन संचय करने के लिए आज का दिन अच्छा है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: किसी पुराने प्रोजेक्ट पर दोबारा काम करना पड़ सकता है। लव: रिश्तों में नयापन महसूस होगा। धन: आज आमदनी अच्छी रहेगी, लेकिन अधिक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को काले चने या तिल दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आपकी सलाह आज दूसरों के काम आएगी। लव:पार्टनर की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। धन: कोई पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। स्वास्थ्य: पैर में दर्द या सूजन हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
एकबार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। वहां मुझे ट्रायल के लिए एक बिकिनी दी गई। 10-15 मर्दों के सामने जैसे ही बिकिनी पहनकर बाहर आई, तो सब हंसने लगे। कहने लगे- 'अरे मैडम, ये सब आपके लिए नहीं है। आप तो एकदम फ्लैट हैं।' वहां बैठे दूसरे शख्स ने कहा कि- ‘ऑडिशन के लिए आने से पहले अपना फिगर देखा नहीं था। पहले अपना फिगर ठीक कराइए, फिर आइएगा।’ ये सब सुनते ही मुझे ऐसा लगा कि मानो ऑडिशन नहीं, तमाशा चल रहा हो। मुंबई आने के बाद मायरा खन्ना एक साल तक ये ताने सुनती रहीं। कास्टिंग एजेंट, फोटोग्राफर, कोऑर्डिनेटर और ऑडिशन लेने वाले लोग उन्हें ये कहकर रिजेक्ट कर देते कि- आप तो फ्लैट हैं। आखिरकार उन्हें कर्ज लेकर 'ब्रेस्ट इम्प्लांट' करवाना पड़ा। आज भी उसकी ईएमआई भर रही हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। अब वही लोग कहने लगे हैं कि- 'नकली शरीर बनवा लिया है।’ ब्लैकबोर्ड में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं मायरा खन्ना की कहानी, जिन्हें बॉडी शेप की वजह से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम मिलना मुश्किल हो गया। तानों से परेशान होकर उन्होंने ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया… चिलचिलाती धूप और उमस के बीच मैं मुंबई के वर्सोवा की गलियों में हूं। इन्हीं गलियों में किसी एक मकान में मायरा खन्ना रहती हैं। भटकते-भटकते एक छोटी-सी दुकान के सामने पहुंची। मायरा ने यहीं इंतजार करने को कहा है। पास में मछली बाजार है। मछलियों की तेज गंध और समुद्र से आती गर्म हवाओं के बीच खड़े रहना आसान नहीं है। कुछ देर बाद मायरा आईं और मुझे अपने घर लेकर चल पड़ीं। मायरा का घर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के स्ट्रगलिंग एक्टर की तरह है। कमरे में सिर्फ दो कुर्सियां और एक कोने में दीवान रखा है। दीवारों पर सादे सा रंग। न कोई फैंसी वॉलपेपर और न ही कोई सजावट का सामान। यहां तक की घड़ी भी नहीं है। कोने में छोटा-सा मंदिर है, जिसमें भगवान गणेश की मूर्ति रखी है। मैंने मायरा के सामने जैसे ही ब्रेस्ट इंप्लांट का नाम लिया वो फौरन बोल पड़ीं- नहीं करवाती तो क्या करती मैडम। साल भर से काम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटकर, ऑडिशन देकर थक चुकी थी। हर जगह बस एक जवाब मिलता- ‘सॉरी, यू आर फ्लैट! आप इस रोल के लिए फिट नहीं हैं।’ मायरा बताती हैं- मैं गुड़गांव में मिस नॉर्थ इंडिया चुनी गई थी। इसके बाद, दोस्तों ने मॉडलिंग में किस्मत आजमाने को कहा। काफी कोशिशों के बाद, गुड़गांव में मुझे मॉडलिंग के छोटे-मोटे मौके मिले। इस इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए मुंबई जाना जरूरी था, सो एक दिन टिकट कटाकर मैं आ गई। हालांकि, यहां रहना आसान नहीं है। शुरुआती दिनों में घर से पैसे मंगवाने पड़े। तब भी पैसे कम पड़ने लगे, तो टेलीकॉलर की नौकरी की। धीरे-धीरे जूनियर आर्टिस्ट के रूप में मौका मिलना शुरू हुआ और यही मेरी पहचान बनने लगा। हालांकि, ये वो काम नहीं था, जिसकी तलाश में मुंबई आई थी। इस काम के नाम पर मैं केवल भीड़ का हिस्सा बनकर रह जाती थी। कभी भीड़ के साथ नारे लगाने का रोल, कभी रेस्तरां में हीरो-हीरोइन के पीछे बैठी बैकग्राउंड ऑडियंस का रोल। कई बार तो किसी फिल्मी सीन में ऑफिस का स्टाफ भी बन जाती थी। इस काम के बदले 700 से 1000 रुपए ही मिलते थे। महीने के हिसाब से देखें तो 30 हजार रुपए। मुंबई जैसे महंगे शहर में इतने पैसों से जिंदगी काटना आसान नहीं था। उसपर भी ये काम रोज नहीं मिलता था। इस तरह के काम से मेरी अपनी कोई पहचान नहीं बन पा रही थी। मैं बड़े बैनर्स के साथ काम करना चाहती थी, वेबसीरीज करना चाहती थी। उसके लिए कई कास्टिंग एजेंट्स, प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के दफ्तरों के चक्कर काटे। आखिरकार मशहूर टीवी शो 'साथ निभाना साथिया' में एक छोटा रोल मिला। तब लगा कि शायद अब राह आसान हो जाएगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद भी जब किसी प्रोड्यूसर्स से मिलने जाती तो एक्टिंग से ज्यादा मेरे जिस्म पर बात करते। सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन इशारों-इशारों में अक्सर कहते- 'आगे बढ़ना है, तो शरीर ठीक कर लीजिए।’ यहां 'ठीक' करने का मतलब था कि शरीर का पूरा पैकेज इस इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड के मुताबिक बनाना। कमर, हिप्स और सबसे जरूरी ब्रेस्ट, एकदं परफेक्ट रखना। मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में इसे 'आवरग्लास बॉडी शेप' कहते हैं। यह बताते हुए मायरा अचानक चुप हो जाती हैं। फिर घबराकर पूछती हैं- 'मैडम, आप स्टोरी में मेरा चेहरा तो नहीं दिखाएंगी ना?’ मैंने फौरन जवाब दिया- ‘नहीं, बिल्कुल नहीं। आपकी पहचान किसी हालत में जाहिर नहीं होगी।’ उसके बाद मायरा आगे बताना शुरू करती हैं- इस तरह जहां भी काम मांगने जाती, वहां एक ही बात सुनने को मिलती- ‘मैडम, बड़े काम के लिए आवरग्लास बॉडी शेप बनाना होगा।’ ये सब कहने की बात नहीं है, सुंदरता के तय पैमानों के हिसाब से ही महिलाओं को तवज्जो दी जाती है। यही वजह है कि एक के बाद एक कई प्रोजेक्ट मेरे हाथ से निकलते गए। जब भी कोई ऑफर आता तो अपना एक प्रोफाइल कास्टिंग एजेंट्स को भेजना पड़ता है। इसमें नाम, उम्र और बॉडी मेजरमेंट्स सब लिखना जरूरी होता है। मुझे तो प्रोफाइल देखकर ही रिजेक्ट कर देते थे, क्योंकि मेरा बॉडी शेप उनके तय पैमानों में फिट नहीं बैठता था। खासकर ब्रेस्ट… परखा जाता है कि शरीर पर कोई दाग-धब्बा या स्ट्रेच मार्क तो नहीं है। शरीर पूरी तरह टोंड होना चाहिए। फ्रंट, बैक और साइड, हर एंगल से फिटनेस देखी जाती है। एक्स्ट्रा चर्बी, सैल्यूलाइट या डबल चिन जैसी मामूली चीजों के लिए भी कोई जगह नहीं होती। मायरा अफसोस जाहिर करते हुए कहती हैं- शरीर के दूसरे हिस्सों को वर्कआउट और डाइट की मदद से टोंड किया जा सकता है, लेकिन ब्रेस्ट के लिए कोई वर्कआउट नहीं है। इसके लिए ब्रेस्ट इम्प्लांट ही एकमात्र जरिया है। एकबार मैंने मैगजीन के लिए बिकिनी शूट में किस्मत आजमाने की सोची, लेकिन उसके लिए तो सबसे पहले बॉडी शेप देखा जाता है। लुक टेस्ट होता है। जिसमें कैमरा और मेकर्स की नजरें शरीर के एक-एक हिस्से को बेहद बारीकी से खंगालती हैं। कुछ ऑडिशन और फिटिंग सेशन में तो असहज करने वाले फिजिकल टेस्ट भी किए गए। लोग पूरी बॉडी को छूकर चेक करते हैं कि फिगर परफेक्ट है या नहीं। ऐसे ही एक दूसरे ऑडिशन की बात बताती हूं। वहां मुझे एक कमरे के बीचोबीच खड़ा कर दिया गया। सामने तीन लोग बैठे थे। उनमें से एक ने मेरी प्रोफाइल शीट देखी और फिर मेरी तरफ देखकर कहा- 'यहां तो साइज 28 लिखा है?' दूसरे ने हंसते हुए कहा- ‘जरा कन्फर्म कर लो, कहीं मेजरमेंट गलत न लिख दिया हो।’ इसके बाद, एक महिला स्टाफ मुझे साइड में ले गईं और मेरी फिटिंग चेक करने लगी। कुछ मिनट बाद उन्होंने कहा- 'यह रोल शायद आपके लिए नहीं है।' ब्रेस्ट छूकर कहा- ‘आप हमारे स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करतीं’ सबसे ज्यादा दुख तब हुआ, जब दुबई की एक मैगजीन के लिए मिलने वाला बिकिनी शूट मेरे हाथ से निकल गया। वहां ऐसे शूट के अच्छे पैसे मिलते हैं। वहां मेरा बेहद निजी और असहज करने वाला शारीरिक टेस्ट किया गया। एक शख्स ने मुझे गलत तरीके से छूते हुए कहा- ‘आप हमारे स्टैंडर्ड पर फिट नहीं। आपके बारे में क्या ही बात करूं?’ कुछ देर बाद उसने कहा- आप रिजेक्ट हो गई हैं। उस दिन बहुत बुरा लगा। जब मैं वहां से बाहर निकली, तो समझ आ गया था कि मुझे शरीर की वजह से ही बार-बार रिजेक्ट किया जा रहा है। काम न मिलने से गुजारा करना मुश्किल होने लगा था। तब मैंने कुछ लोगों से सलाह ली और ब्रेस्ट इम्प्लांट कराने का फैसला कर लिया। मायरा बताती हैं- ‘मैं ब्रेस्ट सर्जरी कराने एक क्लीनिक पहुंची। वहां पहले ब्लड से जुड़े कई टेस्ट किए गए, फिर हार्ट से जुड़े जरूरी टेस्ट हुए। उसके बाद सर्जरी की गई। सर्जरी वाले दिन ही शाम को मुझे डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टर ने तीन महीने आराम की सलाह दी। भारी सामान उठाने और वर्कआउट से मना कर दिया। इस सर्जरी पर करीब दो लाख रुपए का खर्च आया। इतने पैसे मेरे पास नहीं थे। कर्ज लेकर इसे कराया। अब जो भी कमाती हूं ईएमआई भर देती हूं।' मायरा कहती हैं- पहले ही पैसों की तंगी थी, ऊपर से दो नए खर्च और जुड़ गए। पहला- अब खास तरह की स्पोर्ट्स ब्रा पहननी होती थी। यह 5 से 10 हजार रुपए में आती है। दूसरा- हर 6 महीने में मेमोग्राफी यानी जांचा जाता है कि ब्रेस्ट के अंदर डाला गया सिलिकॉन लीक तो नहीं हो रहा या फट तो नहीं गया है। इस काम में 3 से 4 हजार रुपए लग जाते हैं। अब मुझे डाइट का भी खास ख्याल रखना होता है। बॉडी में जरा सा भी फैट बढ़ा तो सारा पैसा पानी में चला जाएगा। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट लेती हूं। जिसका खर्च महीने में लगभग 30 हजार के आसपास पड़ता है। हालांकि, ब्रेस्ट इम्प्लांट से मुझे फायदा हुआ। अब काम मिलने लगा। एक हॉरर फिल्म कुछ ही दिनों में रिलीज होने वाली है। उसमें मुझे रोल मिला है। हालांकि, अब कई बार ये भी सुनने को मिलता है कि नकली शरीर है। सिलिकॉन वाला शरीर है। डॉक्टर बोले- शारीरिक बनावट शादी में भी समस्या इससे जुड़ी बातचीत के लिए अब मैं ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी के एक्सपर्ट मुंबई के अंधेरी स्थित एसए एस्थेटिक्स क्लीनिक पहुंची। यहां मेरी मुलाकात प्लास्टिक सर्जन और कंसल्टेंट डॉ. समीर अहीरे से हुई। समीर बताते हैं- ‘बीते 10 साल में ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी 56 फीसदी बढ़ी है। पहले यह सर्जरी मॉडल और एक्ट्रेस ही करवाती थीं, लेकिन अब मिडिल क्लास परिवारों की महिलाएं भी कराने लगी हैं।' वो दावा करते हैं- कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के अकोला की एक 18 साल की लड़की का ब्रेस्ट इम्प्लांट किया था। परिवार का कहना था कि उसके शरीर की वजह से शादी नहीं हो रही थी। वह बताते हैं- हमारे पास तो एक ऐसी महिला आई, जो दूसरी शादी के लिए ब्रेस्ट इंप्लांट करवाना चाहती है। इसके अलावा, कुछ महिलाएं तानों से परेशान होकर ऐसा करती हैं। उन्होंने ये भी बताया कि कुछ महिलाएं हैवी ब्रेस्ट को कम कराने के लिए भी आती हैं। गुड़गांव में आर्टेमिस हॉस्पिटल में कॉस्मेटिक एंड प्लास्टिक सर्जरी के हेड डॉ. प्रदीप कुमार सिंह बताते हैं- ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी में इन्फेक्शन के खतरे भी बढ़ जाते हैं। कई बार सूजन की शिकायतें आती हैं। मेरे पास महिलाएं सुंदर दिखने के लिए ब्रेस्ट सर्जरी कराने आती हैं। मेरी एक क्लाइंट के रिश्तेदार उसे तरह-तरह के ताने देते थे। उसका जिंदा रहने का कॉन्फिडेंस ही चला गया था। जबकि वह एक अमीर घर से थी। उसके बाद वह मेरे पास ब्रेस्ट इम्प्लांट कराने आई थी। इस तरह कई महिलाओं को शरीर की बनावट और अपने ब्रेस्ट को लेकर सोशल टैबू झेलना पड़ता है। हालांकि, प्लास्टिक सर्जन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेस्ट साइज किसी महिला की सुंदरता, प्रतिभा या आत्मविश्वास का पैमाना नहीं होता। बॉडी इमेज को लेकर सामाजिक दबाव और ऑनलाइन/ऑफलाइन बॉडी शेमिंग कई महिलाओं को कॉस्मेटिक सर्जरी की ओर धकेलती है। नोट- मायरा खन्ना बदला हुआ नाम है।
ग्राम पंचायत: कोटियाराज्य: आंध्र प्रदेश या ओडिशा? जवाब आसान नहीं है। यहां लोगों के पास दोनों राज्यों के राशन कार्ड हैं। वोटर लिस्ट में नाम है। कई लोगों के पास दो-दो आधार कार्ड भी हैं। बिजली ओडिशा से आती है, जबकि मोबाइल नेटवर्क आंध्र प्रदेश का है। इसकी वजह कोटिया ग्राम पंचायत के 21 गांवों को लेकर 70 साल पुराना सीमा विवाद है। इन गांवों में रहने वाले 933 परिवारों और 4,430 लोगों पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों दावा करते हैं। 26 अप्रैल को ओडिशा के अधिकारी कोटिया के अपर सेंबी गांव में जनगणना के लिए पहुंचे। गांव वालों ने ये कहते हुए विरोध किया कि वे आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। इसके बाद ओडिशा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आंध्र प्रदेश से आए वकीलों ने उनकी जमानत कराई। ओडिशा ने स्कूल-आंगनवाड़ी बनवाई, पेंशन आंध्र प्रदेश की ज्यादा कोटिया ओडिशा के कोरापुट जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। सीमा विवाद के बारे में पूछने पर गांव के लोगों ने लगभग एक सा जवाब दिया, ‘हमारे कागज दोनों राज्यों के हैं।’ ये बात कैमरे पर दोहराने के लिए कहा, तो झिझकने लगे। कैमरा हटाते ही सुनील गमेल बोले, ‘हमें दोनों तरफ की योजनाओं का फायदा चाहिए। इसका नुकसान ये है कि हम खुलकर बोल नहीं सकते। ओडिशा के पक्ष में बोलेंगे, तो आंध्र वाले परेशान करेंगे। आंध्र का साथ दिया, तो ओडिशा प्रशासन परेशान करेगा।‘ कोटिया से करीब 10 किलोमीटर दूर फागुनसिनेरी गांव है। बोर्ड पर गांव का नाम तेलुगु में लिखा है। यहां मिले मालती कागज दिखाते हुए कहते हैं, 'मेरे पास दोनों राज्यों के आधार और राशन कार्ड हैं। पेंशन भी दोनों जगहों से मिलती है, लेकिन आंध्र प्रदेश सरकार हमारा ज्यादा ध्यान रखती है।' ‘आंध्र सरकार से बुजुर्गों को 4 हजार और दिव्यांगों को 6 हजार रुपए पेंशन मिलती है। ओडिशा में ये सिर्फ 1 हजार रुपए है। आंध्र प्रदेश में स्कूल जाने वाले बच्चों की मां को हर साल 13 हजार रुपए मिलते हैं, जबकि ओडिशा में ऐसी कोई योजना नहीं है।’ ‘ओडिशा सरकार पेंशन भले नहीं देती, लेकिन स्कूल-आंगनवाड़ी और अस्पताल उसी ने बनवाया है। आंध्रप्रदेश सरकार के बनवाए स्कूल कुछ ही गांवों में हैं। यहां से कोरापुट काफी दूर है, इसलिए जरूरी सामान खरीदने के लिए सरकी, तिलम या लांडा जाना पड़ता है। वो आंध्र प्रदेश में है और वहां तेलुगु ही बोलते हैं।’ इसी गांव में मिलीं तुलसी पांगी बिना कैमरे पर आए कहती हैं, ’मेरा 4 साल का बेटा ओडिशा की आंगनवाड़ी में जाता है, जबकि बड़ा बेटा तेलुगु मीडियम में पढ़ता है क्योंकि वहां सरकार पैसे देती है।’ ज्यादातर लोग तुलसी पांगी जैसे ही हैं, जो कैमरे पर बात नहीं करते, लेकिन कैमरा बंद करते ही सब बताने को तैयार थे। ‘ओडिशा से नाम कटवाया, आंध्र प्रदेश के साथ रहना चाहते हैं’ बातचीत में पता चला कि अपर सेंबी गांव 10 किलोमीटर दूर है, जहां जनगणना को लेकर विवाद हुआ था। यहीं ताड़िंगी पिलुकु मिले, जिन्हें जनगणना विवाद में गिरफ्तार किया गया था। पिलुकु खुद को आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मान्यम जिले का बताते हैं। एक साल पहले तक उनके पास ओडिशा के पोटांगी ब्लॉक और कोरापुट जिले के कागज भी थे। अब वहां से नाम कटवा लिया है। गिरफ्तारी पर पिलुकु कहते हैं, ‘26 अप्रैल को ओडिशा पुलिस के कुछ जवान और तीन अधिकारी यहां जनगणना के लिए आए। हमने कहा कि हमारे ज्यादातर कागज आंध्र प्रदेश के हैं, इसलिए पहले वहां के अधिकारी सर्वे कर लें, फिर ओडिशा की बात करेंगे।’ ‘इसी बात पर हमारे खिलाफ केस दर्ज कर दिया। कहा कि हमने अफसरों के साथ मारपीट और बदसलूकी की, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। गांववाले इसके गवाह हैं। अफसरों में सिर्फ पुरुष थे, लेकिन हम पर महिला अधिकारियों को भी परेशान करने का आरोप लगा दिया गया।’ ‘हम आंध्र के साथ जाना चाहते हैं, जबकि ओडिशा वाले उड़िया भाषा सीखने का दबाव बनाते हैं। उड़िया ना आने पर नौकरी नहीं मिलती। गांव के ज्यादातर लोगों ने ओडिशा से नाम कटवा लिया है। जिनका अब भी है, वो सिर्फ राशन के लिए कागज रखे हैं।’ ‘खुद को आंध्र का बताने वाले ओडिशा के अस्पताल में आ रहे’ गांव में हमें रंजीत पांगी मिले। वे कहते हैं, ‘आंध्र की तरफ लोग सिर्फ इसीलिए जाना चाहते हैं, क्योंकि वहां राशन और पेंशन ज्यादा मिलती है। ओडिशा 5 किलो चावल देता है, जबकि आंध्र प्रदेश 35 किलो। इसके अलावा सभी जरूरी काम ओडिशा सरकार ने किए हैं। आंध्र वाले भी उड़िया बोलने वालों को नौकरी नहीं देते और तेलुगु सीखने के लिए मजबूर करते हैं।’ पांगी बताते हैं, ‘कोटिया और आसपास के गांवों में ओडिशा सरकार के 25 स्कूल और 23 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जबकि आंध्र सरकार के इक्का-दुक्का स्कूल हैं। अस्पताल एक भी नहीं है, जबकि ओडिशा सरकार 24 घंटे एंबुलेंस सेवा दे रही है।’ पांगी के साथ बैठे लोगों में एक शख्स ओडिशा सरकार के कर्मचारी हैं। वो कोटिया के अस्पताल में काम करते हैं। नाम न बताने की शर्त पर कहते हैं, 'खुद को आंध्र प्रदेश का बताने वाले भी इसी अस्पताल में आते हैं।' हालांकि, यहां मिले सभी लोगों के पास दोनों राज्यों के दस्तावेज हैं। ‘चर्च में सो रहे आंध्र के पुलिसकर्मी, ओडिशा का अपना थाना’ इसके बाद हम कोटिया पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां ओडिशा का अपना थाना है। थाना प्रभारी राजकुमार कहते हैं, ‘21 गांव में से 14 का झुकाव आंध्र की तरफ है। वहां के लोग तेलुगु बोलते हैं। आंध्र वालों ने गूगल पर भी कोटिया को अपना हिस्सा बता दिया है, लेकिन ये हमारा हिस्सा है।' वो आगे कुछ बोलते, इससे पहले सिविल ड्रेस में आए एक पुलिसकर्मी ने उड़िया में उनसे कुछ कहा। इसके बाद थाना प्रभारी ने बात करने से मना कर दिया। थाने से बाहर निकलने पर एक पुलिसकर्मी ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया कि जनगणना विवाद के बाद आंध्र से कुछ पुलिसकर्मी यहां आए हैं। अभी वे अपर सेंबी के पास रह रहे हैं। हम आंध्र पुलिस को ढूंढते अपर सेंबी पहुंचे। गांव के सामने एक चर्च में दो लोग सोते मिले। पता चला कि ये आंध्र प्रदेश पुलिस से हैं। बिना कैमरे पर आए एक पुलिसकर्मी कैलाश ने बताया, ‘जब से आंध्र के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, तब से हम यहां आए हैं। यहां हमारा कोई थाना नहीं है। ओडिशा वाले बनाने नहीं देते। अपर सेंबी के नीचे जितने गांव हैं, वे सब आंध्र प्रदेश से जुड़ना चाहते हैं।’ हमने पूछा कि यहां आने पर ओडिशा पुलिस ने नहीं रोका? जवाब मिला, ‘दोनों राज्यों के बड़े अधिकारियों के बीच इसे लेकर बातचीत हुई। उसके बाद यहां आए हैं। ओडिशा वालों ने कहा कि हमें सिविल ड्रेस में रहना होगा, इसलिए वर्दी नहीं पहनते। इसी चर्च के आंगन में खाना बनाते हैं और यहीं सो जाते हैं।’ अब जानिए इस सीमा विवाद के पीछे अधिकारी क्या वजह बता रहे… 21 गांवों का औपचारिक सर्वे नहीं, यही विवाद की वजह ओडिशा के प्रशासनिक रिकॉर्ड में कोटिया पोटांगी तहसील का हिस्सा है। यहां के तहसीलदार देवेंद्र धरुआ का कहना है, ‘विवाद की सबसे बड़ी वजह सभी 21 गांवों का औपचारिक सर्वे न होना है। इसकी वजह से गांवों वालों के पास आज तक खाता नंबर या संख्या नहीं है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री और मालिकाना हक से जुड़े मामलों में दिक्कत आती है।’ ‘टकराव तब पैदा होता है, जब आंध्र प्रदेश के अधिकारी इन गांवों में आकर सेवाएं देने की कोशिश करते हैं। इस पर ओडिशा के अधिकारी दखल देते हैं। उनका कहना होता है कि ये उनका क्षेत्र है और जरूरी सेवाएं यहां पहले से उपलब्ध हैं।’ वहीं, आंध्र प्रदेश के सालुर के मंडल रेवेन्यू ऑफिसर सुरेश साइविका कहते हैं, ‘कोटिया का विवाद सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक दावे का भी है। भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के दौरान यहां की सीमा तय नहीं हो सकी। 1956 में आंध्र प्रदेश बनने के बाद से ही हम इन गांवों पर अपना दावा करते रहे हैं।’ ‘ओडिशा का तर्क है कि 1936 तक कोटिया पंचायत जयपुर रियासत का हिस्सा थी, इसलिए ये उसका क्षेत्र है, लेकिन राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर हुआ था। यहां के ज्यादातर लोग तेलुगु बोलते हैं और सांस्कृतिक रूप से भी आंध्र प्रदेश से जुड़े हैं। इसके बावजूद ओडिशा इन गांवों पर दावा करता है।’ दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री मिले, लेकिन नतीजा नहीं निकला सीमा विवाद पर ओडिशा के कोरापुट से सांसद और पोट्टांगी से चार बार विधायक रह चुके जयराम पांगी कहते हैं, ‘विवाद को सुलझाने के लिए कई बार बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 1968 में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मिले थे। 2025 में ओडिशा सरकार ने एक समिति बनाई, लेकिन उससे भी कोई खास नतीजा नहीं निकला।‘ आंध्र प्रदेश के अराकू लोकसभा क्षेत्र की सांसद गुम्मा थानूजा रानी के मुताबिक, 9 नवंबर 2021 को भुवनेश्वर में तब ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के बीच बैठक हुई थी। इसमें कोटिया पर भी चर्चा हुई। दोनों राज्यों ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर सहमति जताई थी। वे बताती हैं, ‘इसके लिए दोनों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और सीनियर अफसरों की टीम बनाने की भी बात हुई थी। जगन मोहन रेड्डी समाधान को लेकर गंभीर थे, लेकिन ओडिशा से कोई जवाब नहीं आया। वहां की सरकार विवाद सुलझाने को लेकर गंभीर नहीं है।‘ केंद्र-ओडिशा में BJP, आंध्र में NDA की सरकार, लेकिन समाधान नहीं कोटिया के लोग दोहरी पहचान के साथ जीना सीख चुके हैं। यहां परजा, गदबा, कोंध और भोट्टाडा समुदाय के लोग हैं, जो खेती करते हैं। सीनियर जर्नलिस्ट भूषित कहते हैं, 'ओडिशा सरकार ने कोटिया का विकास किया है, लेकिन वहां के लोगों का दिल नहीं जीत पाई है।' 'इस वक्त केंद्र और ओडिशा में BJP सरकार है। आंध्र प्रदेश में NDA की सहयोगी TDP की सरकार है। इसे ट्रिपल इंजन सरकार कहा जा सकता है। इसके बावजूद विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है।' ………………….. ये खबर भी पढ़ें… क्यों नसबंदी की रिवर्स सर्जरी करा रहे पूर्व नक्सली छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर दंतेवाड़ा का जबेली गांव। यहां कभी नक्सली रहे प्रदीप कुंजम का घर है। उन्होंने मुस्कुराते हुए दरवाजा खोला। गोद में 8 महीने की बेटी करिश्मा थी। प्रदीप 2008 में नक्सली बन गए थे। पढ़िए पूरी खबर…

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