Ranchi T20: Shai Hope के नाबाद शतक से जीता West Indies, सीरीज 1-1 से बराबर
रांची, नौ अक्टूबर कप्तान शाइ होप के नाबाद 102 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने दूसरे टी20 मैच में शुक्रवार को जीत के लिये रिकॉर्ड 250 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 1 . 1 से बराबर कर ली। भारत के पांच विकेट पर 249 रन के जवाब में वेस्टइंडीज के लिये होप ने 45 गेंद में छह चौकों और नौ छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन बनाये। वहीं शेरफान रदरफोर्ड ने 37 गेंद में 84 रन बनाये जिसमें सात चौके और सात छक्के शामिल थे।इन दोनों पारियों की मदद से वेस्टइंडीज ने 18 . 3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत ने पहला मैच लखनऊ में आठ विकेट से जीता था। भारत के लिये संजू सैमसन 82 रन की आक्रामक पारी के साथ फॉर्म में लौटे जबकि श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने भी उपयोगी पारियां खेली।लेकिन होप और रदरफोर्ड ने भारत के स्पिन आक्रमण की धज्जियां उड़ा दी। पहले टी20 में अर्धशतक जमाने वाले होप ने उसी लय को कायम रखते हुए शतक जड़ा। उन्होंने अक्षर पटेल को छक्का लगाकर दूसरा टी20 शतक पूरा किया और टीम को जीत तक पहुंचाया। रदरफोर्ड ने उनका पूरा साथ दिया और सिर्फ 54 गेंद में 120 रन की साझेदारी की। रदरफोर्ड को 38 के स्कोर पर जीवनदान मिला था जब कुलदीप यादव की गेंद पर मयंक यादव ने उनका आसान कैच छोड़ा। इस जीवनदान का भारत को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। रोमारियो शेफर्ड ने आखिर में 13 गेंद में 34 रन बनाये। इससे पहले पिछले चार मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद सैमसन ने 21 गेंदों में अपना नौवां टी20 अर्धशतक जमाया। उन्होंने ईशान किशन (22 गेंदों में 43 रन) के साथ 97 रन की साझेदारी की। दोनों ने 11 ओवर के बाद 12 की रनरेट से भारत को एक विकेट पर 139 रन तक पहुंचाया। अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे ईशान ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के लगाये। आफ स्पिनर रोस्टन चेस ने इस साझेदारी को तोड़ा और लगातार दो विकेट लिये। ईशान और शिवम दुबे (सात) दोनों बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बोल्ड हुए। दुबे को चौथे नंबर पर भेजने का फैसला गलत साबित हुआ और वह दस गेंद खेलकर विकेट गंवा बैठे। सैमसन 15वें ओवर में आउट हुए और शतक से 18 रन से चूक गए। स्प्रिंगर की गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट पर कामिल पूरन को कैच दिया। भारत ने बीच के ओवरों में 23 रन के भीतर तीन विकेट गंवाये। लखनऊ में पिछले मैच में अपना पहला टी20 शतक लगाने वाले कप्तान श्रेयस ने उस लय को कायम रखते हुए 18 गेंद में 40 रन बनाये जबकि तिलक ने 18 गेंद में 44 रन की पारी खेली। तिलक के टी20 क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे हो गए। श्रेयस और तिलक ने 83 रन की साझेदारी 32 गेंद में पूरी की। भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर तेज शुरूआत की। अभिषेक शर्मा ने स्पिनर अकील हुसैन को एक छक्का लगाया जबकि सैमसन को क्रीज पर जमने में समय लगा। उन्हें छह रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब हुसैन की गेंद पर कवर में पूरन ने उनका कैच छोड़ा। सैमसन ने इसका पूरा फायदा उठाकर हुसैन को तीन छक्के और दो चौके जड़े। अभिषेक 12 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हुए।
होप-रदरफोर्ड का तूफान, वेस्टइंडीज ने दूसरे टी20 में भारत को 6 विकेट से हराया
वेस्टइंडीज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 6 विकेट से हराया...
पाकिस्तान ने रावलपिंडी में खेले गए पहले टी-20 में श्रीलंका को 4 विकेट से हरा दिया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 182 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने 18.5 ओवर में 6 विकेट पर 187 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने 53 गेंदों पर 89 रन की पारी खेली। उन्होंने 10 चौके और 4 छक्के लगाए। माज सदाकत ने 29 गेंदों पर 50 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी की। गेंदबाजी में नसीम शाह ने 3 विकेट लिए। श्रीलंका की खराब शुरुआत श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। कप्तान कुसल मेंडिस 1 रन बनाकर नसीम शाह की गेंद पर आउट हो गए। कामिल मिशारा भी 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम ने चौथे ओवर में 18 रन पर 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद लाहिरू उदारा ने पारी संभाली और 55 गेंदों पर 91 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उदारा ने 91 रन की पारी खेली श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज लाहिरु उदारा ने कमिंदु मेंडिस के साथ तीसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी की। कामिंदु ने 18 गेंदों पर 23 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से नसीम शाह ने 3 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद इमरान रंधावा ने 2 विकेट हासिल किए। श्रीलंका ने 20 ओवर में 182/8 का स्कोर बनाया। फरहान-जमान ने पाकिस्तान को तेज शुरुआत दिलाई 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की। ओपनर फखर जमान और साहिबजादा फरहान ने पाचंवे ओवर में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया। फखर जमान 13 गेंदों पर 21 रन बनाकर पावरप्ले के आखिरी ओवर में आउट हुए। इसके बाद सादाकत ने फरहान का साथ दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 52 गेंद पर 92 रन की साझेदारी की। सादाकत 50 रन बनाकर 14वें ओवर में आउट हुए। इसके बाद श्रीलंका ने कुछ और विकेट लेकर वापसी की कोशिश की, लेकिन फरहान क्रीज पर टिके रहे। वह 89 रन बनाकर 18वें ओवर में आउट हुए। अंत में ख्वाजा नफे ने छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिला दी। ---------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे बड़ा रनचेज:वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 250 रन बनाकर जीता, कैप्टन शे होप का शतक भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे बड़ा रनचेज हो गया है। वेस्टइंडीज ने दूसरे टी-20 में 6 विकेट खोकर 250 रन का टारगेट हासिल कर लिया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में 223 रन चेज किए थे। पूरी खबर पढ़ें…
भारत और वेस्टइंडीज के बीच में रांची के मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टी20 मैच में भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मयंक यादव की गति का कमाल देखने को मिला, जिसमें उन्होंने शिमरन हेटमायर की गिल्लियां बिखेर दी।
Sanju Samson के 82 रन से भारत ने West Indies के खिलाफ बनाया 249 रन का रिकॉर्ड स्कोर
रांची, नौ अक्टूबर संजू सैमसन 82 रन की आक्रामक पारी के साथ फॉर्म में लौटे और उनके साथ श्रेयस अय्यर तथा तिलक वर्मा की उपयोगी पारियों के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में पांच विकेट पर 249 रन बनाये। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत का यह सर्वोच्च टी20 स्कोर है। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर चार विकेट पर 244 रन था जो 2016 में बना था। पिछले चार मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद सैमसन ने 21 गेंदों में अपना नौवां टी20 अर्धशतक जमाया। उन्होंने ईशान किशन (22 गेंदों में 43 रन) के साथ 97 रन की साझेदारी की। दोनों ने 11 ओवर के बाद 12 की रनरेट से भारत को एक विकेट पर 139 रन तक पहुंचाया। अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे ईशान ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के लगाये। आफ स्पिनर रोस्टन चेस ने इस साझेदारी को तोड़ा और लगातार दो विकेट लिये। ईशान और शिवम दुबे (सात) दोनों बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बोल्ड हुए। दुबे को चौथे नंबर पर भेजने का फैसला गलत साबित हुआ और वह दस गेंद खेलकर विकेट गंवा बैठे। सैमसन 15वें ओवर में आउट हुए और शतक से 18 रन से चूक गए। स्प्रिंगर की गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट पर कामिल पूरन को कैच दिया। भारत ने बीच के ओवरों में 23 रन के भीतर तीन विकेट गंवाये। लखनऊ में पिछले मैच में अपना पहला टी20 शतक लगाने वाले कप्तान श्रेयस ने उस लय को कायम रखते हुए 18 गेंद में 40 रन बनाये जबकि तिलक ने 18 गेंद में 44 रन की पारी खेली। तिलक के टी20 क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे हो गए। श्रेयस और तिलक ने 83 रन की साझेदारी 32 गेंद में पूरी की। भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर तेज शुरूआत की। अभिषेक शर्मा ने स्पिनर अकील हुसैन को एक छक्का लगाया जबकि सैमसन को क्रीज पर जमने में समय लगा। उन्हें छह रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब हुसैन की गेंद पर कवर में पूरन ने उनका कैच छोड़ा। सैमसन ने इसका पूरा फायदा उठाकर हुसैन को तीन छक्के और दो चौके जड़े। अभिषेक 12 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हुए।
साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाजों का रहा बोलबाला, ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन 6 विकेट खोकर बनाए 187 रन
डरबन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच डबरन के किंग्समीड स्टेडियम में खेला जा रहा है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 6 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 187 रन लगा लिए हैं।
ओलंपिक से पहले भारतीय हॉकी टीम में होंगे बड़े बदलाव, चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने दिया हिंट
भारतीय हॉकी टीम की चयन समिति के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने कहा है कि ओलंपिक से पहले भारतीय हॉकी टीम में बड़े बदलाव होंगे। उन्होंने ये भी बताया कि ओलंपिक में खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।
IPL के 20वें सीजन की तैयारी: BCCI ने 15 अक्टूबर को बुलाई सभी फ्रेंचाइजी और स्टेकहोल्डर्स की बैठक
मुंबई, नौ अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने अगले साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 20वें सत्र की तैयारियों के मद्देनजर 15 अक्टूबर को यहां सभी प्रमुख हितधारकों की संयुक्त बैठक बुलाई है। बीसीसीआई ने 2027 सत्र से पहले होने वाली इस बैठक के लिए आईपीएल के सभी प्रमुख हितधारकों को आमंत्रित किया है। इनमें फ्रेंचाइजी के मालिक और उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी कर चुके राज्य क्रिकेट संघ और प्रसारणकर्ता शामिल हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, बोर्ड मुंबई में होने वाली इस बैठक के दौरान आईपीएल के पिछले सत्र से जुड़े मुद्दों और उनसे मिली सीख की समीक्षा करेगा जबकि विभिन्न पक्षों की चिंताओं पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक के एजेंडे में 2027 आईपीएल के आयोजन की योजना और प्रमुख हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करना भी शामिल है। बीसीसीआई का मानना है कि आईपीएल की मेजबानी में राज्य क्रिकेट संघों की अहम भूमिका होती है और मैच के दिन समन्वय और स्टेडियम में संचालन से जुड़े मामलों पर उनके सुझाव उन मुद्दों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं जिन पर बोर्ड इस बैठक में चर्चा करना चाहता है। पिछले महीने यहां आयोजित अपनी वार्षिक आम बैठक के समापन पर बीसीसीआई ने घोषणा की थी कि उसकी आम सभा ने सर्वसम्मति से आईपीएल के दो दशक पूरे होने का जश्न भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है।
Asian Champions Trophy 2026 से हटा Pakistan, 1 नवंबर को Malaysia से भिड़ेगा India
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर अब हॉकी के मैदान पर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान ने भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से हटने का फैसला किया है। इस टूर्नामेंट में अब उसकी जगह बांग्लादेश की टीम हिस्सा लेगी। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में आयोजित होनी है। पाकिस्तान के हटने के बाद भारतीय टीम के मुकाबलों के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत को पहले 1 नवंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना था। अब इसी तारीख पर भारतीय टीम मलेशिया से भिड़ेगी। इस टूर्नामेंट में कुल 6 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं। पाकिस्तान के बाहर होने के बाद बांग्लादेश को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। हालांकि, इस बदलाव से टूर्नामेंट का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ने की उम्मीद है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने पहले ही संकेत दिया था कि भारत में खेलने का फैसला सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा था कि महासंघ सरकार के निर्देशों का पालन करेगा। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी घोषणा की थी कि पाकिस्तान सहित 6 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग लेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की उस नीति का हवाला दिया था, जिसके तहत पाकिस्तान को भारत की धरती पर बहु-देशीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने 16 सितंबर को एशियाई हॉकी महासंघ को पत्र लिखकर प्रतियोगिता के लिए किसी तटस्थ स्थान की मांग की थी। महासंघ का कहना था कि इससे टीम की बिना रुकावट और पूरी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वानी ने उस समय कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा संवेदनशील हालात और सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए यह मांग की गई है, ताकि खिलाड़ियों और अधिकारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। टूर्नामेंट की शुरुआत 27 अक्टूबर को जालंधर के सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में होगी। वहीं, फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी महाद्वीप की प्रमुख हॉकी प्रतियोगिताओं में शामिल है, जिसमें एशिया की मजबूत टीमें खिताब के लिए मुकाबला करती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की गैरमौजूदगी से भारत-पाकिस्तान मुकाबले का इंतजार कर रहे हॉकी प्रशंसकों को निराशा हो सकती है। गौरतलब है कि इसी सप्ताह पाकिस्तान ने भारत से जुड़े एक अन्य खेल आयोजन से भी दूरी बनाई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स प्रतियोगिता के लिए अपनी टीम को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान की टीम ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। पाकिस्तान ने प्रतियोगिता के आयोजकों पर दोहरे मापदंड और पक्षपात के आरोप भी लगाए थे और भविष्य में भी इसमें भाग नहीं लेने की बात कही थी। पिछले संस्करण में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 2 मुकाबलों में खेलने से इनकार किया था, जिनमें एक सेमीफाइनल भी शामिल था। उस सेमीफाइनल में पाकिस्तान को बिना खेले जीत मिली थी। वहीं, ग्रुप चरण के मुकाबले में भारत के हटने के बावजूद उसे अंक दिए जाने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नाराजगी जताई थी। बता दें कि खेलों में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा दर्शकों के बीच खास उत्साह पैदा करती है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव का असर कई बार खेल आयोजनों पर भी पड़ता रहा है। अब एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की भागीदारी और भारत के बदले हुए कार्यक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रांची, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची के जेएससीएक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 249 रन बनाए हैं। यह वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ा स्कोर है।
एबी डिविलियर्स की तूफानी पारी ने लूटी महफिल, 37 गेंदों में जड़ा शतक; लगाए 11 छक्के
वर्ल्ड क्रिकेट में मिस्टर 360 डिग्री के नाम से पहचाने जाने वाले साउथ अफ्रीकी टीम के पूर्व खिलाड़ी एबी डिविलियर्स का वर्ल्ड चैंपियंस ऑफ लीजेंड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में धुआंधार अंदाज देखने को मिला जिसमें उन्होंने सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया।
ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर मैरी कॉम के खिलाफ उनके पूर्व पति करोंग ओंखोलेर (ऑनलर) ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मैरी कॉम ने एक टीवी इंटरव्यू में उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं। इसकी शिकायत 6 अक्टूबर को दिल्ली की साकेत कोर्ट में दर्ज की गई। मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शिवम गुप्ता की अदालत में प्री-समनिंग एविडेंस के चरण में है। कोर्ट 19 नवंबर को इस पर सुनवाई करेगी। टीवी इंटरव्यू में क्या कहा गया? शिकायत के मुताबिक, 11 जनवरी 2026 को प्रसारित इंटरव्यू देशभर में लाखों दर्शकों तक पहुंचा था। ऑनलर का दावा है कि मैरीकॉम की टिप्पणियों से उनकी छवि बेईमान, बेवफा और शराबी व्यक्ति के रूप में पेश हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंटरव्यू में उनके बारे में यह धारणा बनाई गई कि उन्होंने मैरीकॉम के बैंक खातों से पैसे का गलत इस्तेमाल किया। साथ ही बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां छोड़ दीं। कहा- मैरी कॉम के लिए अपना करियर छोड़ा 2005 में हुई थी शादी, 2023 में अलग हुए शिकायत के मुताबिक, मैरी कॉम और करोंग ओंखोलेर की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी। दोनों फरीदाबाद में साथ रहते थे। ओंखोलेर ने बताया कि 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत उनकी शादी खत्म हो गई थी। मामले में फिलहाल अदालत का फैसला नहीं आया है। 19 नवंबर को होने वाली सुनवाई में शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले शुरुआती सबूतों पर आगे की कार्यवाही होगी। मैरी कॉम ने ऑनलर पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे मैरी कॉम ने एक TV शो में खुलासा किया कि उन्होंने 2023 में अलग होने का फैसला इसलिए लिया था। क्योंकि, ऑनलर ने उनके बॉक्सिंग करियर से कमाई गई रकम में धोखाधड़ी की। मैरी का आरोप है कि ऑनलर ने उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर लोन लिया, संपत्ति गिरवी रखी और कुछ एसेट्स अपने नाम ट्रांसफर कर लिए थे। उन्हें लंबे समय तक अपनी आर्थिक स्थिति की जानकारी नहीं थी। उन्हें चोट लगने के बाद सच्चाई पता चली। इन आरोपों पर ऑनलर ने कहा- ‘उसका (मैरी कॉम) कहना है कि मैंने 5 करोड़ रुपए चुराए हैं। मेरा अकाउंट चेक कर लीजिए। 18 साल हम साथ रहे। आज मैं दिल्ली में किराए के मकान में रह रहा हूं। वह एक सेलेब्रिटी हैं, जो कहेंगी, कुछ लोग मानेंगे, कुछ नहीं।’ 2012 लंदन ओलिंपिक में जीता था ब्रॉन्ज मेडल मैरी कॉम ने 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके अलावा 42 साल की बॉक्सर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6 गोल्ड समेत 8 मेडल जीत चुकी हैं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6 गोल्ड जीतने वाले दुनिया की एकमात्र महिला बॉक्सर हैं। 2006 में उन्हें पद्मश्री, 2013 में पद्म भूषण और 2020 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ऐसा रहा मैरी कॉम का करियर
अभिषेक शर्मा ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, घर पर हजार T20I रन पूरे करने वाले बने सिर्फ 7वें भारतीय
वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारतीय टीम के ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा सिर्फ 20 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए लेकिन इस दौरान उन्होंने एक खास उपलब्धि भी हासिल कर ली।
भारत के कंपाउंड तीरंदाजी टीम के मुख्या कोच डेव कजिन्स पिछले 3 महीने से सैलरी नहीं मिलने से नाराज है। मई में कंपाउंड आर्चरी प्रोग्राम की जिम्मेदारी संभालने वाले अमेरिकी कोच ने बकाया भुगतान नहीं होने पर देश छोड़कर जाने की चेतावनी दी है। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने भुगतान में देरी स्वीकार की है। दोनों संस्थाओं ने इसे तकनीकी समस्या बताया। साथ ही भरोसा दिलाया कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने जापान में खेले गए एशियन गेम्स के तीनों टीम इवेंट मेंस, विमेंस और मिक्स्ड में गोल्ड जीते। वहीं इंडिविजुअल इवेंट में एक ब्रॉन्ज भी मिला। इसके साथ ही उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक-2028 के लिए इवेंट का पहला कोटा हासिल किया। साउथ कोरिया को हराकर भारत ने हासिल किया ओलिंपिक कोटा भारत के कंपाउंड तीरंदाजों की एशियन गेम्स में सबसे बड़ी सफलता मिक्स्ड टीम इवेंट रहा। इस मुकाबले में साहिल जाधव और चिकिता तनीपार्थी की भारतीय जोड़ी ने साउथ कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता। निर्धारित चार एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर था। इसके बाद शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने बाजी मार ली। कजिन्स की कोचिंग में भारत ने एशियन गेम्स के कंपाउंड इवेंट में तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता। रिकर्व और कंपाउंड को मिलाकर भारत का कुल प्रदर्शन पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल का रहा। कजिन्स ने कहा था- ओलिंपिक का पहला कोटा हासिल करना उपलब्धि डेव कजिन्स ने भारतीय कंपाउंड टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद खिलाड़ियों की तैयारी और प्रक्रिया पर जोर दिया। एशियन गेम्स में सफलता के बाद उन्होंने कहा था- ‘टीम का लक्ष्य खिलाड़ियों को पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतारना था।’ कौन हैं डेव कजिन्स? 49 साल के अमेरिकी कोच डेव कजिन्स खुद भी कंपाउंड आर्चरी के बड़े नाम रहे हैं। वह पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 तीरंदाज हैं और 1999 तथा 2003 में वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप के खिताब जीत चुके हैं। उन्हें मई में भारत का मुख्य कंपाउंड आर्चरी कोच नियुक्त किया गया था। कजिन्स की नियुक्ति सर्जियो पग्नी के जाने के बाद हुई थी। पग्नी की कोचिंग में भारत ने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में तीरंदाजी के सभी पांच गोल्ड मेडल जीते थे। रिकर्व टीम के लिए साउथ कोरियाई कोच से बातचीत इसी बीच, आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया लॉस एंजिलिस ओलिंपिक की तैयारी के लिए रिकर्व टीम के साथ साउथ कोरियाई कोच पार्क चे-सून को जोड़ने की बातचीत भी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्क दिसंबर तक भारत से जुड़ सकते हैं। पार्क का अंतरराष्ट्रीय कोचिंग में अच्छा अनुभव रहा है। उन्होंने 2012 के लंदन ओलिंपिक में साउथ कोरिया की महिला टीम और 2016 के रियो ओलिंपिक में पुरुष टीम को कोचिंग दी थी। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दावा- BCCI ने रोहित शर्मा के रिहैब की जानकारी छिपाई:पिछले एक साल में 32 क्रिकेटर चोटिल, मैनचेस्टर टेस्ट में पंत की हड्डी टूटी थी पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब किया था, लेकिन BCCI ने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। पूरी खबर पढ़ें…
T20 इंटरनेशनल में लगातार पांच पारियों में जड़े अर्धशतक, दुनिया का एक ही खिलाड़ी कर पाया है कारनामा
सिकंदर रजा दुनिया के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में अपनी लगातार पांच पारियां में अर्धशतक लगाए हैं। उनके अलावा और कोई बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाया है।
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हॉकी इंडिया चयन समिति के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि ओलंपिक में यूरोपियन स्टाइल की हॉकी देखने को मिलेगी, जहां एक गलती भी भारी पड़ सकती है। यही वजह है कि टीम अब केवल नाम के आधार पर नहीं, बल्कि सख्त फिटनेस और प्रदर्शन के मानकों पर ही खिलाड़ियों को जगह मिलेगी। मानकों पर खरे न उतरने वाले खिलाड़ियों की जगह नए और युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा। हम एशिया में चैंपियन हैं। अब यूरोप की बारी है। ओलंपिक की तैयारी में हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चयन प्रक्रिया में नया नियम और निगरानी डॉ. आरपी सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद दैनिक भास्कर से बताया कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक आकलन करने के लिए चयन समिति का एक सदस्य अब भारतीय टीम के हर विदेशी या घरेलू दौरे पर साथ रहेगा। यह सदस्य मैदान पर खिलाड़ियों के खेल और फिटनेस पर नजर रखेगा और अपनी रिपोर्ट सीधे चयन समिति को सौंपेगा। इस नए प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे चयन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बनी टीम पंजाब में 27 अक्तूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस ट्रॉफी के लिए मुख्य टीम का कैंप 18 अक्तूबर से जालंधर में शुरू होगा। न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक अलग 'इंडिया-ए' टीम बनाई जा रही है। इसके लिए 11 अक्तूबर से बेंगलुरु में 33 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप कैंप आयोजित किया जाएगा। 11 अक्तूबर से झांसी में शुरू हो रही सीनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय कैंप में जगह बनाने का अवसर दिया जाएगा। हॉकी इंडिया के चुनाव और नई कार्यकारिणी हॉकी इंडिया की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्पोर्ट्स बिल के कारण चुनाव प्रक्रिया में कुछ समय लगा, लेकिन अब सभी राज्यों से 15 अक्तूबर तक पुरुष और महिला प्रतिनिधियों के नाम मांगे गए हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 दिसंबर तक हॉकी इंडिया की नई कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया-ए ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में इंडिया-ए को 69 रन से हरा दिया। इसके साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 275 रन बनाए। इसके जवाब में इंडिया ए की टीम 45.2 ओवर में 206 रन पर सिमट गई। पाटीदार ने 67 रन की पारी खेली भारत के लिए रजत पाटीदार ने 67 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने नाबाद 34 रन की पारी खेली, लेकिन दोनों पारियां टीम को जीत नहीं दिला सकीं। इंडिया ए के टॉप ऑर्डर में साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और कप्तान ऋतुराज गायकवाड नहीं चल सके। ऑस्ट्रेलिया के लिए स्पेंसर जॉनसन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। कप्तान ऋतुराज ने 12 रन बनाए सुदर्शन 13 रन बनाकर आउट हुए। पडिक्कल ने एक रन बनाया। कप्तान ऋतुराज 12 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कुमार कुशाग्र ने 17 रन बनाए। निशांत सिंधू ने 13 रन और विप्रज निगम ने 23 रन की पारी खेली। कॉन्स्टास और फिलिप के अर्धशतक ऑस्ट्रेलिया के लिए सैम कॉन्स्टास ने 67 रन की पारी खेली। जोश फिलिप ने 58 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 101 रन की शतकीय साझेदारी हुई। इसी साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया के बड़े स्कोर की नींव रखी। ----------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दावा- BCCI ने रोहित शर्मा के रिहैब की जानकारी छिपाई पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब किया था, लेकिन BCCI ने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। पूरी खबर…
IND vs WI 2nd T20I Live Updates: वेस्टइंडीज ने जीता टॉस, टीम इंडिया करेगी पहले बल्लेबाजी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच में खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची के स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें वेस्टइंडीज के कप्तान ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।
LIVE: रांची में दूसरा T20, किसने जीता टॉस, क्या वैभव को मिलेगा मौका?
India vs West Indies, 2nd T20I Live Score and Commentary: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2026 के भारत दौरे का दूसरा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला झारखंड के रांची स्थित JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में है. इस लाइव कवरेज में मैच का स्कोर, गेंद-दर-गेंद कमेंट्री और मुकाबले से जुड़े ताजा अपडेट यहां देखते रहें.
Kumkum Mohod ने तोड़ा कोरियाई दबदबा, Asian Games में रिकर्व स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास
(अजय मसंद)नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया का दबदबा लंबे समय से कायम रहा है और उसे चुनौती देना लगभग नामुमकिन माना जाता था लेकिन आइची-नागोया एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली कुमकुम मोहोद का मानना है कि अब यह तस्वीर बदल चुकी है। उनका कहना है कि एशियाड में उनके ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने भारतीय तीरंदाजों में नया विश्वास जगाया है और उन्हें उम्मीद है कि भारत आने वाले टूर्नामेंट में कोरियाई तीरंदाजों को और कड़ी टक्कर दे सकेगा। महाराष्ट्र के अमरावती की 17 वर्षीय कुमकुम ने एशियाड में व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता जबकि धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत स्पर्धा में उनकी जीत से भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए एक महत्वपूर्ण कोटा स्थान भी हासिल किया। कुमकुम के करियर का सबसे यादगार पल दक्षिण कोरिया की ओ येजिन के खिलाफ व्यक्तिगत फाइनल में आया। ओ येजिन 2023 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप के अंडर-21 वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। कड़े मुकाबले में भारतीय तीरंदाज ने दबाव के बावजूद धैर्य बनाए रखा और निर्णायक निशाना लगाकर जीत हासिल की। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की ओर से आयोजित बातचीत में कुमकुम ने कहा, ‘‘एक दिन कोरिया का दबदबा टूटना ही था। सभी को लगता था कि उन्हें हराना नामुमकिन है, लेकिन यह पदक बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे पहले रिकर्व में कोई व्यक्तिगत पदक नहीं मिला था। मुझे लगता है कि भविष्य की प्रतियोगिताओं में हमारा प्रदर्शन और बेहतर होगा क्योंकि अब सभी खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। ’’फाइनल मुकाबला 5-5 की बराबरी के बाद शूट-ऑफ में पहुंच गया। कुमकुम ने दबाव के बावजूद परफेक्ट 10 का निशाना लगाकर स्वर्ण पदक पक्का कर लिया जबकि ओ येजिन केवल आठ अंक ही हासिल कर सकीं। कुमकुम ने कहा, ‘‘उस समय मेरी धड़कनें बहुत तेज हो रही थीं, लेकिन मैंने खुद को शांत किया, सहज हुई और खुद से कहा कि मुझे सिर्फ सही तरीके से तीर छोड़ना है और किसी चीज के बारे में नहीं सोचना है। मुझे पता था कि यही वह एक तीर था, जो मुझे स्वर्ण पदक दिला सकता था। मेरे सयंम का मुझे पूरा फायदा मिला। ’’दबाव के बीच उनका संयम वर्षों की मानसिक तैयारी का नतीजा था। कुमकुम ने अपने प्रदर्शन के हर पहलू की कल्पना करने का अभ्यास किया है जिसमें निशाना साधने की मुद्रा से लेकर तीर छोड़ने, उसके लक्ष्य पर लगने और अंत में पदक जीतने तक का अभ्यास शामिल रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी मुद्रा से लेकर तीर छोड़ने और उसके लक्ष्य पर लगने तक हर चीज की कल्पना करती हूं। मैं खुद को स्वर्ण पदक जीतते हुए भी देखती हूं। ’’कुमकुम ने कहा, ‘‘मैं कई वर्षों से अलग-अलग परिस्थितियों की मानसिक कल्पना करके खुद को तैयार कर रही हूं और मुझे खुद पर भरोसा था। शुरुआत में मेरी धड़कनें बहुत तेज हो रही थीं, लेकिन मैंने सांस लेने का अभ्यास किया, खुद को शांत किया और अपना हौसला बढ़ाया। मैंने खुद से कहा कि मैं यह कर सकती हूं, मुझे सिर्फ तीर चलाना है, किसी और चीज पर ध्यान नहीं देना है और अपनी प्रक्रिया का पालन करना है। ’’यह स्वर्ण पदक उनके परिवार के त्याग और संघर्ष से भरे सफर की भी कहानी है। उनका पहला धनुष (जिसकी कीमत महज 3,000 रुपये थी) उनकी दादी ने उन्हें उपहार में दिया था। उस समय उनके पिता ऐसे खेल में निवेश करने को लेकर हिचकिचा रहे थे, जिसमें काफी पैसा खर्च होता है। कुमकुम ने बताया, ‘‘मेरे पिता कहते थे कि मुझे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। वह खेल को लेकर ज्यादा समर्थन नहीं कर रहे थे क्योंकि यह महंगा खेल है। इसलिए मेरी दादी ने मुझे वह धनुष उपहार में दिया। शुरुआत में बहुत मुश्किलें आईं, लेकिन बाद में मेरे पिता ने भी मेरी मदद की। यह सफर बहुत कठिन रहा है।
Mansukh Mandaviya से मिले पैरा निशानेबाज, Asian Para Games चयन में PCI पर लगाया पक्षपात का आरोप
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर आगामी आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पैरा निशानेबाजों ने शुक्रवार को यहां खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की और खेल प्रशासन में कथित खामियों को लेकर अपनी चिंताएं उनके सामने रखीं। तीन निशानेबाजों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री से मुलाकात की और अपना आरोप दोहराया कि भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले खेलों के लिए चार ऐसे निशानेबाजों को शामिल करने के उद्देश्य से चयन के नियमों में ढील दी जो निर्धारित मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे। एशिया में तीसरी रैंकिंग पर काबिज पैरा पिस्टल निशानेबाज संदीप कुमार ने पहले चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि महाद्वीपीय रैंकिंग में 14वें स्थान पर मौजूद रुद्रांश खंडेलवाल को उनसे और मौजूदा एशियाई नंबर एक आकाश पर तरजीह देते हुए चुन लिया गया। खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘मंत्री ने उनकी बातें सुनीं और उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। इस स्थिति को बेहतर तरीके से कैसे सुलझाया जाए, इस पर चर्चा अभी जारी है। ’’पैरा निशानेबाजों ने पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और हेरफेर की तत्काल स्वतंत्र जांच की मांग की थी। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के महानिदेशक को बुधवार को सौंपे गए एक ज्ञापन में पैरा निशानेबाजों ने पीसीआई के अधिकारियों और उसकी निशानेबाजी तकनीकी समिति (एसटीसी) पर गैर-कानूनी तरीके से पैसे वसूलने, खुलेआम भ्रष्टाचार और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के उल्लघंन करने का आरोप लगाया। बैठक में मौजूद एक निशानेबाज ने कहा, ‘‘पीसीआई को लगता है कि चूंकि यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है इसलिए अब खिलाड़ियों के नाम भेजना उनके लिए अपमानजनक होगा। उनका कहना है कि ‘हमने कोटे छोड़ दिए हैं और अब कुछ नहीं हो सकता’। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने खेल मंत्री को बताया कि पीसीआई खिलाड़ियों को नहीं भेजकर देश की पदक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रही है। इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? ’’खेल मंत्री के साथ यह बैठक उस घटना के एक दिन बाद हुई जिसमें पैरा निशानेबाजों ने पैरा एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के विदाई समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था।
एशियाई खेलों में चूके Dhiraj Bommadevara, अब 2028 Olympics के लिए सुधार पर नजर
(तपन मोहंता)रांची, नौ अक्टूबर विश्व में चौथे नंबर के खिलाड़ी धीरज बोम्मादेवरा लगातार दूसरे एशियाई खेलों से बिना किसी व्यक्तिगत पदक के लौटे हैं, लेकिन इस शीर्ष भारतीय रिकर्व तीरंदाज को इसका कोई अफसोस नहीं है और इसके बजाय वह अपने रिकॉर्ड क्वालीफाइंग स्कोर से प्रेरणा लेकर 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सुधार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। धीरज एशियाई खेलों से ठीक एक सप्ताह पहले मैक्सिको में तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे। लेकिन एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक एक बार फिर उनके हाथ नहीं लगा, हालांकि उन्होंने मिश्रित और पुरुष टीम स्पर्धाओं दोनों में रजत पदक हासिल किए। धीरज ने हैदराबाद से पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर कभी पछतावा नहीं हुआ। क्वालीफाइंग राउंड में मैंने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड बनाया। हमने टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में रजत पदक भी जीते।’’धीरज आर्चरी प्रीमियर लीग में माइटी मराठाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनसे पहले, डोला बनर्जी एकमात्र भारतीय तीरंदाज थीं जिन्होंने 2007 में महिलाओं की रिकर्व श्रेणी में विश्व कप फाइनल में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता था। एशियाई खेलों में क्वालीफाइंग राउंड में रिकॉर्ड 698 अंक बनाने वाले धीरज ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत मुकाबले में जीत और हार का अंतर मामूली होता है। यह खेल का हिस्सा है। इसने मुझे यह अहसास दिलाया है कि मुझे और अधिक मेहनत करने की जरूरत है। इस लिहाज से यह मेरे लिए और भारत के लिए अच्छा है, क्योंकि (व्यक्तिगत) कांस्य पदक भारत को मिला।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे किसी तरह का मलाल नहीं है। हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा और इससे हमें ओलंपिक चक्र को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी आत्मविश्वास भी मिला। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि हमारे पास पदक भी हैं और आत्मविश्वास भी। हमने उन कमियों की पहचान कर ली है जिन्हें हमें दूर करना है।’’धीरज ने कहा, ‘‘परिस्थितियां कैसी भी हों हमें उन कमियों पर काम करते रहना होगा। हमने उन चीजों की पहचान कर ली है जिन पर हमें काम करना है और ओलंपिक से पहले यह काफी महत्व रखता है।
केवल एक वनडे मैच खिलाकर कर दिया टीम से बाहर, अब लगातार दो अर्धशतक लगाकर दिया करारा जवाब
भारत और ऑस्ट्रेलिया ए की टीमों के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के पहले दो मैचों में रजत पाटीदार ने लगातार दो अर्धशतक लगा दिए हैं। बाकी बल्लेबाज जब फ्लॉप रहे, तब उन्होंने अच्छी पारियां खेलीं।
जयपुर के पद्मनाभ चौधरी का ऑल इंडिया सीबीएसई नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए चयन
चयनित वेस्ट जोन की टीम आगामी 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक मदुरई (तमिलनाडु) में आयोजित होने वाली ऑल इंडिया सीबीएसई नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप में भाग लेगी।
स्मिथ ने स्टीव वॉ को छोड़ा पीछे, अब निशाने पर रिकी पोंटिंग और एलन बॉर्डर का रिकॉर्ड
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला डरबन के स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें स्टीव स्मिथ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने के साथ अब टेस्ट क्रिकेट में कंगारू टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया पहले ही टेस्ट में ये क्या हुआ, टूटते टूटते बचा 26 साल पुराना कीर्तिमान
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज हो गया है। पहले मैच के पहले ही दिन ऑस्ट्रेलिया के निक मैडिसन शून्य पर आउट हो गए। इससे पहले उन्होंने 33 बॉल का सामना किया, लेकिन एक भी रन नहीं बना पाए।
अमाद डियालो ने कहा- मैनचेस्टर यूनाइटेड को हमेशा ट्रॉफियों के लिए लड़ना चाहिए
नई दिल्ली, मैनचेस्टर यूनाइटेड के विंगर अमाद डियालो क्लब के लिए अच्छे दिनों की उम्मीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि रेड डेविल्स को हमेशा ट्रॉफियों के लिए लड़ना चाहिए।
IND vs wi: अभिषेक शर्मा आज के मैच में बना सकते हैं ये वर्ल्ड रिकॉर्ड, टी20 में रच देंगे इतिहास
इंटरनेट डेस्क। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज मेें अभिषेक शर्मा एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर खड़े हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज 2000 रन बनाने का कीर्तिमान उनके निशाने पर है, जिससे वो सिर्फ 53 रन दूर हैं। अब तक के इतिहास में सिर्फ पांच भारतीय खिलाड़ी टी20आई में 2 हजार या उससे अधिक रन बना चुके हैं। अभिषेक अब तक 63 टी20 मुकाबलों में 997 गेंद खेलकर 1947 रन बना चुके हैं, वह अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 53 रन और बना लेते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 2 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। अभी सबसे तेज इस मुकाम तक पहुंचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के ही सूर्यकुमार यादव के नाम है। सूर्यकुमार ने 1164 गेंद खेलकर 2 हजार रन पूरे किए थे, जबकि अभिषेक बहुत आसानी से इस रिकॉर्ड को ध्वस्त कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें अगली 167 गेंदों में सिर्फ 53 रन बनाने हैं। इस फेहरिस्त में तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच हैं, जिन्होंने 1283 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया था। इस लिस्ट में केएल राहुल अभी पांचवें नंबर पर हैं। 1164 गेंद - सूर्यकुमार यादव 1283 गेंद - आरोन फिंच 1304 गेंद - ग्लेन मैक्सवेल अभिषेक शर्मा इस फॉर्मेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक हैं, उन्होंने अपने 63 मैचों के करियर में 195.28 के ताबड़तोड़ स्ट्राइक रेट से 1947 रन बनाए हैं। अब तक 3 शतक और 13 फिफ्टी भी जड़ चुके हैं, बताते चलें कि इससे पहले टी20 में सबसे तेज 100 छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। pc- hindustan
भारतीय बल्लेबाजों की खुल गई पोल, बैक टू बैक दो मैचों में रहे फ्लॉप
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच इस वक्त तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जा रही है, जिसका पहला मैच हारने के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजों की दूसरी पारी में भी पोल खुल गई है।
IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी 20 मुकाबला आज, जाने कितने बजे शुरू होगा मैच
इंटरनेट डेस्क। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही हैं, सीरीज का पहला मुकाबला हो चुका है, जिसे टीम इंडिया ने जीतने में कामयाबी हासिल की है और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दूसरे मैच की बारी है। अब सीरीज का दूसरा और बाकी बचे हुए मैच कब खेले जाएंगे, ये आपके लिए जानना जरूरी है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का दूसरा मैच 9 अक्टूबर को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में होगा। 14 अक्टूबर को चौथा मुकाबला राजीव गांधी स्टेडियम हैदराबाद में होना है। सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। 9 अक्टूबर और बाद के सभी मैच भारतीय समय अनुसार शाम को सात बजे से शुरू होंगे। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि दूसरा मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बनाई जाए, वहीं वेस्टइंडीज की कोशिश होगी कि दूसरा मैच जीतकर सीरीज को बराबरी पर लेकर आया जाए। वेस्टइंडीज की टीम भले ही पहला मैच हार गई हो, लेकिन ये टीम पलटवार के लिए जानी जाती है। देखना होगा कि दोनों टीमें आने वाले मैचों में कैसा प्रदर्शन करती है। PC- cricinfo.com
अंजुम चोपड़ा : स्मृति मंधाना बतौर अपना रास्ता खुद बना सकती हैं
नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि स्मृति मंधाना को हरमनप्रीत कौर की जगह टीम की नई कप्तान बनने के लिए खुद को आंकने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सभी फॉर्मेट की जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने नेतृत्व का रास्ता खुद बनाना चाहिए।
खेल डेस्क। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। ये मैच भी शाम 7 बजे से शुरु होगा। टीम इंडिया ये मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने के लक्ष्य से मैदान में उतरेगी, जिसने पहले मुकाबले में 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। मैच में भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन के पास एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवाने का मौका होगा। वह इस साल टी-20 इंटरनेशनल में 49 छक्के लगा चुके हैं। वे एक छक्का लगाते ही इस साल छक्कों की हाफ सेंचुरी पूरी करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस साल टी-20 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 30 मैचों में 168.06 की स्ट्राइक रेट से अब तक सबसे ज्यादा 1042 रन बनाए हैं। वह 103 रन की शतकीय पारी भी खेल चुके हैं। रांची में गेंदबाजों को मदद मिलती है। यहां खेले गए 10 डे-नाइट टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में केवल एक बार 200 रन का आंकड़ा पार हुआ है। आज मैच की भारतीय प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना कम ही है। यानी आज भी युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठना पड़ेगा। संजू सैमसन एक बार फिर से ओपनिंग करते हुए नजर आ सकते हैं। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन इस प्रकार है: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव/मयंक यादव और अर्शदीप सिंह। वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग इलेवन इस प्रकार है: :शाई होप (कप्तान, विकेटकीपर), कामिल पूरन, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, रोस्टन चेज, शमार स्प्रिंगर, अकील हुसैन, शमार जोसेफ और मैथ्यू फोर्ड। PC:cricinfo
APL 2026 Analysis: 'Hit-or-Miss' Shoot-Off और Mixed Teams कैसे बदल रहे हैं तीरंदाजी का खेल?
पहले सीज़न के फ़ाइनल जैसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब गुरुवार को हैदराबाद के पीपल्स प्लाज़ा में आर्चरी प्रीमियर लीग (APL) के दूसरे सीज़न के पहले मैच में राजपूताना रॉयल्स ने पृथ्वीराज योद्धाज़ को 5-3 से हराकर अपने टाइटल को बचाने की शानदार शुरुआत की। शुरुआत में कंपाउंड आर्चर ओजस देवतले और एला गिब्सन रॉयल्स के लिए आगे रहे, और मेटे गाज़ोज़ ने भी अच्छा साथ दिया। धीमी शुरुआत के बाद, अभिषेक वर्मा की कप्तानी वाली योद्धास ने वापसी की और मैच को 'हिट-ऑर-मिस' शूट-ऑफ तक ले जाने के करीब पहुँच गए थे, लेकिन तभी मैथियास ग्रांडे ने आखिरी तीर से सिर्फ़ आठ का स्कोर किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: Indian Army के एथलीटों ने जीते रिकॉर्ड 20 मेडल, 6 Gold किए नाम आपको बता दें कि आर्चरी प्रीमियर लीग (APL) का दूसरा सीज़न 8 से 18 अक्टूबर, 2026 तक हैदराबाद में नेकलेस रोड पर पीपल्स प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ओलंपिक पदक विजेता और एशियाई खेलों के स्टार खिलाड़ी शामिल होंगे। इस कॉम्पिटिशन में रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाज़ों की मिक्स्ड-जेंडर टीमें एक साथ आती हैं, और हर सेट के लिए 120 सेकंड का समय तय होता है। 4-4 से टाई हुए मैचों का फ़ैसला 'हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ़' से होता है, जिससे इस तेज़-तर्रार फ़ॉर्मेट में दबाव और बढ़ जाता है। एशियन गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद, APL देश के तीरंदाज़ों को मुक़ाबला करते देखने का एक और मौका देता है। इस बार यह एक फ़्रैंचाइज़ी-बेस्ड कॉम्पिटिशन है, जहाँ टीमवर्क और तेज़ी से फ़ैसला लेना उतना ही ज़रूरी है जितना कि सटीक निशाना लगाना। 2025 के पहले सीज़न से पता चला कि मुक़ाबले कितने कड़े हो सकते हैं। फ़ाइनल में राजपूताना रॉयल्स ने पृथ्वीराज योद्धाज़ को 5-4 से हराया और लीग के 'हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ़' से विजेता का फ़ैसला हुआ। आर्चरी प्रीमियर लीग में कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? आर्चरी प्रीमियर लीग में छह टीमें (फ्रैंचाइज़ी) शामिल हैं -- चेरो आर्चर्स, चोला चीफ्स, काकतीय नाइट्स, माइटी मराठा, पृथ्वीराज योद्धा और मौजूदा चैंपियन राजपूताना रॉयल्स। ये टीमें डबल राउंड-रॉबिन फ़ॉर्मेट में खेलती हैं, जिसमें हर टीम लीग स्टेज के दौरान बाकी पांच टीमों का सामना दो-दो बार करती है। हर टीम 10 मैच खेलती है और हर जीत पर दो पॉइंट हासिल करती है। लीग स्टेज के आखिर में, टॉप चार टीमें सेमी-फ़ाइनल में पहुँचती हैं। लीग स्टैंडिंग से यह तय होता है कि कौन सी टीमें आगे बढ़ेंगी, जबकि अलग-अलग मैचों का फ़ैसला एक अलग सेट-पॉइंट स्कोरिंग सिस्टम से किया जाता है। APL की क्या खासियत है? पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आमतौर पर रिकर्व और कंपाउंड इवेंट अलग-अलग आयोजित किए जाते हैं। APL इन दोनों तरह की तीरंदाजी को एक साथ लाता है, जिसमें टीमों को हर मैच में चार तीरंदाजों को उतारना होता है। टीम में रिकर्व इवेंट के लिए एक पुरुष और एक महिला, और कंपाउंड इवेंट के लिए भी एक पुरुष और एक महिला शामिल होते हैं। इन चार तीरंदाजों में से कम से कम एक विदेशी खिलाड़ी होना ज़रूरी है। इस व्यवस्था के कारण यह प्रतियोगिता सामूहिक प्रदर्शन की परीक्षा बन जाती है। टीमों को चारों तीरंदाजों के योगदान की ज़रूरत होती है, क्योंकि कोई भी इवेंट दूसरे से अलग होकर नहीं खेला जाता। - रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाज़ एक मिक्स्ड टीम फ़ॉर्मेट में एक साथ मुक़ाबला करते हैं। - हर तीरंदाज़ को अपने तीर चलाने के लिए औसतन सिर्फ़ 15 सेकंड मिलते हैं। - मैच टाई होने पर 'हिट-या-मिस' शूटआउट होता है। लीग फ़ॉर्मेट - छह टीमें डबल राउंड-रॉबिन फ़ॉर्मेट में खेलेंगी, जिसमें हर टीम बाकी पांच फ़्रैंचाइज़ी का दो-दो बार सामना करेगी। टॉप चार टीमें सेमी-फ़ाइनल में पहुंचेंगी। - राउंड-रॉबिन स्टेज में हर मैच जीतने पर, जीतने वाली टीम को 2 पॉइंट मिलेंगे। मैच का फ़ॉर्मेट - हर टीम में चार तीरंदाज़ होते हैं: रिकर्व और कंपाउंड कैटेगरी से एक-एक पुरुष और महिला। टीम में कम से कम एक विदेशी तीरंदाज़ का होना ज़रूरी है। - मैच 'सेट फ़ॉर्मेट' में खेला जाता है, जिसमें हर तीरंदाज़ 2 तीर चलाता है और कुल 80 पॉइंट होते हैं। - 8 तीर, 120 सेकंड। APL अलग फ़ॉर्मैट का इस्तेमाल क्यों करती है? इस लीग में कई ऐसी चीज़ें शामिल हैं जिनसे तीरंदाज़ी एक तेज़ रफ़्तार वाला टीम मुक़ाबला बन जाती है। इसमें रिकर्व और कंपाउंड के माहिर खिलाड़ी एक साथ मुक़ाबला करते हैं, हर टीम में पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल होते हैं, और विदेशी तीरंदाज़ भी टीम का हिस्सा होते हैं। समय की पाबंदी हर सेट में तेज़ी लाती है, जबकि सेट-पॉइंट सिस्टम टीमों को एक साफ़ लक्ष्य देता है। अगर मुक़ाबला 4-4 पर बराबरी पर रहता है, तो पारंपरिक स्कोरिंग की जगह 'हिट-या-मिस' शूट-ऑफ़ होता है, जो सटीकता की ज़्यादा सीधी परीक्षा है। 'सडन डेथ' में नतीजे का फ़ैसला सिर्फ़ एक जोड़ी तीरों से होता है, जिससे मुक़ाबला और भी रोमांचक हो जाता है। 'सडन डेथ' में क्या होता है? 'सडन डेथ' में मैच दोनों टीमों के एक-एक चुने हुए तीरंदाज़ के बीच सीधे मुकाबले में बदल जाता है। दोनों तीरंदाज़ टारगेट पर एक-एक तीर चलाते हैं। अगर एक तीरंदाज़ पीले घेरे (येलो स्पॉट) पर निशाना लगाता है और दूसरा चूक जाता है, तो मैच खत्म हो जाता है और सफल निशाना लगाने वाली टीम जीत जाती है। अगर दोनों तीरंदाज़ पीले घेरे पर निशाना लगाते हैं या दोनों चूक जाते हैं, तो किसी भी टीम को बढ़त नहीं मिलती। इसके बाद टीमें अपने बाकी तीरंदाज़ों में से एक और जोड़ी चुनती हैं और यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। शूट-ऑफ तब तक चलता रहता है जब तक कि एक तीरंदाज़ निशाना न लगा ले और दूसरा चूक न जाए। जब मुकाबला इस चरण पर पहुँच जाता है, तो पारंपरिक स्कोर की तुलना करने की ज़रूरत नहीं रहती। इस सिस्टम का इस्तेमाल 2025 के फ़ाइनल में किया गया था, जब राजपूताना रॉयल्स ने पृथ्वीराज योद्धाओं को हराकर पहला चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। मैच 'हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ' तक कब पहुँचता है? APL में एक खास टाई-ब्रेकर का इस्तेमाल तब किया जाता है जब चार सेट के बाद मैच 4-4 की बराबरी पर होता है। रेगुलर स्कोरिंग सिस्टम को जारी रखने के बजाय, टीमें 'हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ' में जाती हैं। यहाँ, मकसद आम स्कोरिंग रिंग्स में पॉइंट्स जमा करना नहीं होता। मकसद तय पीले स्पॉट पर निशाना लगाना होता है, जो X-रिंग को दिखाता है। पीले हिस्से में लगने वाले तीर को 'हिट' माना जाता है। अगर यह टारगेट फेस पर कहीं और (जो लाल रंग का होता है) लगता है, तो इसे 'मिस' माना जाता है। यह नियम सफलता और असफलता के बीच साफ अंतर बनाता है। चाहे तीर पीले हिस्से के बीच में लगे या उसके अंदर कहीं और, नतीजा 'हिट' ही होता है। बस यह देखना होता है कि आर्चर तय ज़ोन तक पहुँचता है या नहीं। इसे भी पढ़ें: Prasar Bharati और In-Dot Sports कराएंगे Kisan Cricket League, 140 ग्रामीण खिलाड़ियों को मौका 'हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ' से विजेता का फैसला कैसे होता है? हर टीम के चारों आर्चर हिस्सा लेते हैं और टीमें बारी-बारी से एक-एक तीर चलाती हैं। हर 'हिट' पर एक पॉइंट मिलता है। दोनों तरफ़ चार-चार आर्चर होने के कारण, शुरुआती शूट-ऑफ में हर टीम का ज़्यादा से ज़्यादा स्कोर चार हिट हो सकता है। जब सभी आठ तीर चला दिए जाते हैं, तो ज़्यादा हिट वाली टीम मैच जीत जाती है। अगर दोनों तरफ़ हिट की संख्या बराबर रहती है, तो मुकाबला 'सडन डेथ' में चला जाता है।
एथलीट Shaili Singh अब Long Jump के साथ Triple Jump में भी आजमाएंगी हाथ
(हिमांक नेगी)नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह एशियाई खेलों में विवादास्पद चौथे स्थान पर रहने की निराशा से उबरकर आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वह भविष्य में भी त्रिकूद (ट्रिपल जंप) में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं। जापान में एशियाई खेलों में इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की लंबी कूद में 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने हालांकि उनके चौथे प्रयास के नाप के तरीके पर आपत्ति जताई थी। इसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था लेकिन भारत ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने कूद की लंबाई कम नापी थी। भारत ने प्रतियोगिता के दौरान विरोध दर्ज किया था जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने खेल पंचाट के सामने यह मामला उठाया। शैली में पीटीआई से कहा, ‘‘जो कुछ हुआ वो मेरे लिए बिल्कुल नया था। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया। मुझे इससे उबरने में कई दिन लग गए। मैं इतने साल से मेहनत कर रही हूं लेकिन अगर मैं इसके बारे में ही सोचती रहूंगी तो उससे किसी तरह का फायदा नहीं होगा। मुझे इस घटना को भूलना होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने वहां भी आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला अभी चल रहा है। फैसला जो भी हो मैं उसे स्वीकार करूंगी।’’शैली ने कहा कि वह उस घटना में उलझे रहने के बजाय आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आगामी प्रतियोगिता के लिए भी तैयार होना है। इसलिए मुझे पुरानी बातों को पीछे छोड़ना होगा और नई चीजों को स्वीकार करना होगा।’’शैली ने 65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में त्रिकूद में भी खुद को परखा और 13.31 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया की लंबी कूद ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं त्रिकूद में खुद को आजमाना चाहती थी। मैंने इसका अभ्यास किया था। लेकिन लंबी कूद मेरी मुख्य स्पर्धा होगी। त्रिकूद मेरी सहायक स्पर्धा रहेगी। मुझे इसके लिए अधिक अभ्यास करना होगा।’’शैली पिछले दो-तीन वर्षों से टखने की चोट से जूझ रही थीं, जिससे लंबी कूद में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह तो नहीं कह सकती कि मैं पूरी तरह से फिट हूं, लेकिन मैं चोट से उबर चुकी हूं। इस तरह से देखा जाए तो मैं काफी फिट हूं।
15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की बात की जाए तो वह टीम के अभ्यास सत्र में बेहद अक्रामक दिखे और टीम के साथियों और मैदान कर्मियों को काफी प्रभावित किया।
दुप्लेसिस और पोलार्ड से भी महंगे बिके 18 साल के जेसन राउल्स! SA20 नीलामी में बना नया इतिहास
दुप्लेसिस और पोलार्ड से भी महंगे बिके 18 साल के जेसन राउल्स! SA20 नीलामी में बना नया इतिहास
शंघाई मास्टर्स : क्वालीफायर सकामोटो ने फाइनलिस्ट रुबलेव को हराया
शंघाई, शंघाई मास्टर्स में एक बड़ा उलटफेर करते हुए जापानी क्वालीफायर रेई सकामोटो ने शुक्रवार को यहां कोर्ट 3 पर दूसरे राउंड में पूर्व फाइनलिस्ट एंड्री रुबलेव को 6-4, 6-4 से हरा दिया।
Asian Games 2026: Indian Army के एथलीटों ने जीते रिकॉर्ड 20 मेडल, 6 Gold किए नाम
भारतीय सेना की स्पोर्ट्स टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड 20 मेडल (6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज़) जीते। एक रिलीज़ के अनुसार, 15 अलग-अलग खेलों में सेना के 62 एथलीटों के प्रदर्शन ने भारत के कुल मिलाकर चौथे स्थान पर रहने में अहम भूमिका निभाई और देश के खेल इतिहास में कई नए अध्याय जोड़े। ये छह गोल्ड मेडल, 2022 एशियन गेम्स में आर्मी के गोल्ड मेडल की संख्या से 100 प्रतिशत ज़्यादा हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Indian Army के एथलीटों का जलवा, जीते 6 स्वर्ण सहित कुल 20 पदक भारत के कुल पदकों में आर्मी के खिलाड़ियों का योगदान 23.52 प्रतिशत रहा; उन्होंने देश के कुल 85 पदकों में से 20 पदक जीते, जबकि उनके छह गोल्ड मेडल भारत के कुल 21 गोल्ड मेडल का 29 प्रतिशत थे। यह उपलब्धि उस स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को भी दिखाती है जिसे भारतीय सेना ने पिछले कुछ सालों में तैयार किया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत स्पोर्ट्स टैलेंट की पहचान करने और होनहार एथलीटों को एक व्यवस्थित माहौल में आगे बढ़ने का मौका देने से होती है। इसके बाद, अलग-अलग खेलों के लिए खास ट्रेनिंग सेंटर्स में एथलीटों को तैयार किया जाता है। उन्हें अत्याधुनिक सुविधाएं, खास कोचिंग, टेक्निकल और साइंटिफिक सपोर्ट, ज़रूरी उपकरण, कॉम्पिटिशन का अनुभव और लगातार मोटिवेशन मिलता है। इसका मकसद सिर्फ़ टैलेंट खोजना नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को ऐसा माहौल और सपोर्ट देना है जिससे वे अपनी काबिलियत को बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस में बदल सकें। यह इकोसिस्टम खिलाड़ियों को मकसद के साथ ट्रेनिंग करने, सबसे ऊंचे लेवल पर मुक़ाबला करने और संस्थान के सपोर्ट से कामयाबी की राह पर आगे बढ़ने का मौका देता है। खेलों में शानदार प्रदर्शन की आर्मी की एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। भारतीय हॉकी के इतिहास के सबसे बड़े नामों में से एक, मेजर ध्यानचंद, इस विरासत की एक अहम पहचान बने हुए हैं। हाल के समय में, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है, वे इंटरनेशनल एथलेटिक्स में सबसे ऊंचे मुकाम तक पहुंचे हैं और भारतीय खेलों को दुनिया भर में पहचान दिलाई है। इसे भी पढ़ें: Devendra Jhajharia ने Asian Para Games चयन को बताया पारदर्शी, कहा- सुलझाएंगे समस्याएं एशियन गेम्स 2026 में भारतीय सेना की सफलता, सेना प्रमुख के 'विजय' (VIJAY) विज़न को साकार करती है, जिसमें 'योद्धा' को बदलाव के केंद्र में रखा गया है। खेल के मैदान में उतरने वाला योद्धा उसी अनुशासन, सहनशक्ति, दृढ़ संकल्प और जीतने के जज़्बे का प्रतीक है जो एक सैनिक की पहचान होते हैं। ये उपलब्धियाँ प्रतिभा को निखारने और व्यक्तिगत क्षमता को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्टता में बदलने के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। पदकों से कहीं बढ़कर, खेल में हिस्सा लेने वाला हर योद्धा देश की उम्मीदों को साथ लेकर चलता है; यह साबित करते हुए कि भले ही मैदान बदल जाए, लेकिन योद्धा का जज़्बा हमेशा एक जैसा ही रहता है।
हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट 2026 के लिए पाकिस्तान ने अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान की टीम पिछली बार चैंपियन रही थी। इस टूर्नामेंट का आगाज 30 अक्टूबर से होगा।
अंजुम चोपड़ा : वनडे विश्व कप 2025 का खिताब है
नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि हाल ही में कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत कौर की सबसे बड़ी विरासत घरेलू धरती पर वनडे विश्व कप 2025 जीतना होगा। चोपड़ा ने कहा कि कौर टीम को जिस टीम से मिली थीं, उससे कहीं ज्यादा मजबूत, अनुभवी और आत्मविश्वासी टीम के तौर पर छोड़कर गई हैं।
SA20 सीजन-5 की नीलामी में 18 साल के जेसन राउल्स सबसे महंगे खिलाड़ी बने। MI केप टाउन और जोबर्ग सुपर किंग्स के बीच उन्हें खरीदने के लिए होड़ लगी। जोबर्ग सुपर किंग्स के हेड कोच अल्बी मोर्कल ने दैनिक भास्कर से कहा कि इतनी बड़ी बोली की उम्मीद नहीं थी, हालांकि फ्रेंचाइजी एक साल से राउल्स पर नजर रख रही थी। राउल्स करीब 16.89 करोड़ बिके राउल्स को जोबर्ग सुपर किंग्स ने 2.9 मिलियन रैंड (करीब 16.89 करोड़ रुपए) की बोली लगाकर खरीदा है। उनके पास अभी सिर्फ एक टी-20 मैच का अनुभव है, जिसमें उन्होंने बल्ले से 45 रन और गेंदबाजी में एक विकेट लिया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि राउल्स अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। राउल्स बाएं हाथ से गेंदबाजी करते हैं और बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। वो अभी साउथ अफ्रीका की अंडर-19 क्रिकेट टीम के उपकप्तान हैं। हाल में खेली गई CSA टी-20 चैलेंज लीग में उन्होंने 31 गेंद में 45 रन बनाए थे। फ्रेंचाइजी पिछले एक साल से नजर रख रही थी मोर्कल ने कहा कि राउल्स प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और फ्रेंचाइजी पिछले एक साल से उनकी प्रतिभा पर नजर रख रही थी। उन्होंने एक साल पहले टैलेंट स्काउट कैंप में भी हिस्सा लिया था। मोर्कल के मुताबिक, हर फ्रेंचाइजी ऐसे युवा खिलाड़ी की तलाश में रहती है, जो भविष्य में बड़ा नाम बन सके। हालांकि, राउल्स इस उम्मीद पर कितना खरा उतरते हैं, यह आने वाला समय बताएगा। बड़ी रकम के दबाव को संभालना होगा मोर्कल ने कहा कि नीलामी में इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद खिलाड़ी पर उम्मीदों का दबाव भी बढ़ता है। हालांकि, राउल्स के साथ अच्छी मैनेजमेंट टीम है, जो उन्हें इस स्थिति को संभालने में मदद कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि जोबर्ग सुपर किंग्स का कोचिंग स्टाफ भी राउल्स को अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए हर संभव मौका देगा।
पार्थिव पटेल : न्यूजीलैंड के क्रिकेटर ने लिया संन्यास
नई दिल्ली, भारतीय मूल के न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 38 साल के रावल ने आखिरी बार जनवरी 2020 में न्यूजीलैंड के लिए खेला था।
कोच क्रिस्पिन छेत्री : युवा टीम होने के बावजूद हमने कैरेक्टर दिखाया
कोलकाता, भारत महिला फुटबॉल टीम के हेड कोच क्रिस्पिन छेत्री ने किशोर भारती क्रीड़ांगन में दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों में से पहले मैच में रूस से 0-4 से हारने के बाद भी अपनी युवा टीम का समर्थन किया है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच आज रांची में टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाना है। मैच शाम को सात बजे से शुरू होगा, इस बीच आप ये जान लीजिए कि इस मैच को टीवी पर फ्री में कैसे देखा जा सकता है।
Asian Games में Indian Army के एथलीटों का जलवा, जीते 6 स्वर्ण सहित कुल 20 पदक
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने हाल ही में संपन्न हुए आइची-नागोया एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 20 पदक जीते। भारत के 501 सदस्यीय दल में सेना के 62 खिलाड़ी शामिल थे जिन्होंने 15 स्पर्धाओं में भाग लिया तथा छह स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक जीते। भारत ने कुल 85 पदक जीते जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘भारत के कुल पदकों में से 23.52 प्रतिशत पदक सेना के खिलाड़ियों ने जीते। उन्होंने देश के 85 पदकों में से 20 पदक जीते। उनके छह स्वर्ण पदक भारत के 21 स्वर्ण पदकों का 29 प्रतिशत है।’’सेना के जिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया उनमें नायब सूबेदार नीरू ढांडा प्रमुख हैं, जिन्होंने ट्रैप निशानेबाजी में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। लंबी दूरी के धावक नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। गुलवीर ने किसी एक एशियाई खेल में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बनकर नया इतिहास रचा। निशानेबाजी में सेना के चार निशानेबाजों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक सहित तीन पदक जीते। सेना के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और एशियाई खेलों के रिकॉर्ड भी बनाए। हवलदार सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में दो घंटे, 11 मिनट, 37 सेकेंड के समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। सूबेदार धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुषों की रिकर्व तीरंदाजी में 698 के स्कोर के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। हवलदार कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में 484.6 के स्कोर के साथ जबकि नीरू ने महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी में 118 अंक के साथ एशियाई खेलों के नए रिकॉर्ड बनाए। रोइंग में नायब सूबेदार सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पदक जीता। महिला खिलाड़ियों ने सेना के कुल पदकों में 15 प्रतिशत और स्वर्ण पदकों में 33 प्रतिशत का योगदान दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘एशियाई खेल 2026 में सेना का प्रतिनिधित्व भी काफी बढ़ गया है। भारतीय दल में सेना के खिलाड़ियों की संख्या 12.6 प्रतिशत थी, जबकि 2023 के एशियाई खेलों में यह नौ प्रतिशत थी।’’इसके अनुसार, ‘‘सेना के 62 खिलाड़ियों में नौ महिला खिलाड़ी थी जिन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता।
वैभव सूर्यवंशी का सपना आज होगा साकार! क्या कप्तान श्रेयस अय्यर का दिल पसीजेगा
आज भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। रांची में होने वाले इस मैच की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी के खेलने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि इसका फैसला कप्तान श्रेयस अय्यर को करना है।
IND vs WI 2nd T20: रांची में भारत का जीत प्रतिशत 75%, वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में बढ़त मजबूत करने उतरेगी टीम इंडिया
Temba Bavuma Record: टेम्बा बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका का शानदार रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर नजरें
क्या रांची टी20 में वैभव को मिलेगा मौका, पिछले 4 मैचों में संजू का बल्ला रहा है खामोश
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची में शुक्रवार को खेला जाना है। इस मैच में संजू सैमसन प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब रहेंगे या उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा। इस पर संशय बरकरार है।
'मेरी पहली चॉइस शमी-बुमराह-सिराज...', 2027 वर्ल्ड कप के लिए इस दिग्गज का BCCI को संदेश
PC: DNA INDIA भुवनेश्वर कुमार 22 अक्टूबर से न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ होने वाली सीरीज़ के लिए भारत की T20I टीम में वापस आ गए हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि BCCI सिलेक्टर्स ने उन्हें इसलिए वापस बुलाया क्योंकि वे मौजूदा बॉलिंग लाइनअप से खुश नहीं थे, खासकर अफ्रीका में होने वाले ODI वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए। अगर भुवनेश्वर फिट रहते हैं तो वह उस बड़े टूर्नामेंट के लिए आसानी से जसप्रीत बुमराह के साथ टीम बना सकते हैं। भारत के पूर्व खिलाड़ी वसीम जाफ़र ने भुवनेश्वर को वापस बुलाने के सिलेक्टर्स के फ़ैसले का सपोर्ट किया है। जाफ़र ने अपने YouTube चैनल पर कहा, देर आए दुरुस्त आए। वह इसके हक़दार हैं। उनको सिलेक्ट करके कोई मेहरबानी नहीं की है किसी ने। उनका परफॉर्मेंस अच्छा रहा है, और उनकी फिटनेस अच्छी रही है। मुझे नहीं पता कि उन्हें पहले क्यों ड्रॉप किया गया। “उसने IPL और उत्तर प्रदेश के लिए हमेशा अच्छा परफॉर्म किया है। तो, उसे पहले क्यों नहीं चुना गया? हमें उम्र से आगे देखने की ज़रूरत है। हाँ, हमारे पास युवा टैलेंट हैं, लेकिन आप उन लोगों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते जो अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। जब प्रेशर होता है, तो एक्सपीरियंस मायने रखता है। पूरी तरह से यंग टीम से काम नहीं चलता। आपको एक्सपीरियंस को यूथ के साथ मिलाना होगा।” जाफर ने मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को रेगुलर मौके न मिलने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “शमी को चुना जाना चाहिए, खासकर टेस्ट टीम में। मुझे ODI टीम के बारे में नहीं पता, क्योंकि हमने गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा और नीतीश रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को आज़माया है, लेकिन मुझे अब भी नहीं लगता कि मैनेजमेंट लाइनअप को लेकर पक्का है। सिराज को भी लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है। सच कहूँ तो मुझे नहीं पता कि अभी भारत के दूसरे और तीसरे सीमर कौन हैं। मेरे लिए, शमी ODI टीम में होने चाहिए, क्योंकि वर्ल्ड कप इतना पास है। जब आपके पास उनकी क्वालिटी का कोई हो, तो आपको उन्हें खिलाना चाहिए। बुमराह, शमी और सिराज मेरे टॉप तीन होंगे। मैं वर्ल्ड कप के बाद टीम को फिर से बनाने के बारे में सोचूंगा।” “मैं सच में शमी को टेस्ट में वापसी करते देखना चाहता हूँ। मैं कुछ समय से इसका इंतज़ार कर रहा हूँ। जब वे टीम अनाउंस करेंगे, तो मैं शमी और औकिब नबी पर नज़र रखूंगा। अगर शमी को अभी बाहर रखा जाता है, तो मुझे लगता है कि उनके लिए यह सफर खत्म हो जाएगा।”
PC: navarashtra एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने आने वाले मेन्स अंडर-19 एशिया कप 2026 के शेड्यूल की घोषणा कर दी है। यह नौ दिन का टूर्नामेंट 5 से 14 नवंबर तक ओमान में दो अलग-अलग जगहों पर होगा। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान समेत 8 देश हिस्सा लेंगे। साथ ही, ग्रुप स्टेज में दोनों को एक ही ग्रुप में बांटा गया है। इसलिए, इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच एक से ज़्यादा मैच होने की संभावना है। पाकिस्तान ने दिसंबर 2025 में हुए फाइनल मैच में भारत को हराकर दूसरी बार अंडर-19 एशिया कप जीता था। अब, डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर पाकिस्तान अंडर-19 टीम अपना टाइटल डिफेंड करेगी। आइए जानते हैं कि इंडिया बनाम पाकिस्तान कब और कहाँ खेला जाएगा। अंडर-19 एशिया कप 2026 का फॉर्मेट अंडर-19 एशिया कप 2026 में हिस्सा लेने वाली 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। हर टीम को चार टीमों के ग्रुप और ग्रुप B में बांटा गया है। ग्रुप 'A' में इंडिया और पाकिस्तान, UAE और नेपाल शामिल हैं। ग्रुप B में श्रीलंका, बांग्लादेश, अफ़गानिस्तान और मलेशिया शामिल हैं। ग्रुप स्टेज में कुल 12 मैच खेले जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमी-फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। दोनों सेमी-फ़ाइनल 12 नवंबर को खेले जाएंगे, जबकि टूर्नामेंट का फ़ाइनल मैच 14 नवंबर को खेला जाएगा। टूर्नामेंट के सभी 15 मैच IST के हिसाब से सुबह 10:30 AM बजे शुरू होंगे। फ़ाइनल मैच को छोड़कर, सभी मैच दो दिनों में खेले जाएंगे। 2025 में UAE में खेले गए मैच की तरह, यह टूर्नामेंट 50-ओवर के फ़ॉर्मेट में खेला जाएगा। ग्रुप A: इंडिया, पाकिस्तान, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स और नेपाल। ग्रुप B: श्रीलंका, बांग्लादेश, अफ़गानिस्तान और मलेशिया। इंडिया-पाकिस्तान मैच कब खेला जाएगा? U-19 एशिया कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच जिस मैच का सबको इंतज़ार था, वह 8 नवंबर को खेला जाएगा। दोनों टीमें ओमान के OCA ग्राउंड 1 पर आमने-सामने होंगी। यह मैच ग्रुप A की दोनों टीमों के लिए बहुत ज़रूरी होगा। पिछले साल भी, इस टूर्नामेंट के फ़ाइनल में भारत और पाकिस्तान की U-19 टीमें आमने-सामने हुई थीं। उस बार पाकिस्तान ने भारत को हराया था। दिसंबर 2025 में, फरहान यूसुफ़ की लीडरशिप में पाकिस्तान की U-19 टीम ने दुबई के ICC एकेडमी ग्राउंड पर खेले गए फ़ाइनल में भारत को 191 रन से हराकर अपना दूसरा एशिया कप टाइटल जीता था। अब इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मैच की उम्मीद है।
भारत में 27 अक्टूबर से होने वाली एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से पाकिस्तान ने नाम वापस ले लिया है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव का हवाला देते हुए अपने मैच न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की मांग की थी। भारत ने टूर्नामेंट को दूसरे देश में कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को 6 टीमों के इस टूर्नामेंट में शामिल किया गया है। प्रतियोगिता 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में खेली जाएगी। सुरक्षा और खिलाड़ियों के सम्मान को प्राथमिकता: PHF पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) से अपने मैच भारत से बाहर कराने का अनुरोध किया था। PHF का कहना था कि मौजूदा राजनीतिक तनाव के बीच उसके खिलाड़ियों की सुरक्षा और सम्मान प्राथमिकता है। पाकिस्तान ने यह भी कहा था कि उसकी टीम इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) से जुड़ी किसी भी टीम, यहां तक कि भारत के खिलाफ भी खेलने को तैयार है, लेकिन मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर होने चाहिए। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि पाकिस्तान की टीम का भारत दौरा उसकी सरकार से मंजूरी मिलने पर निर्भर था। भारत ने टूर्नामेंट का वेन्यू बदलने से इनकार किया भारत ने पाकिस्तान की मांग स्वीकार नहीं की और टूर्नामेंट को तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित करने का रुख अपनाया। इसके बाद पाकिस्तान ने प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। एशियन हॉकी फेडरेशन ने उसकी जगह बांग्लादेश को शामिल किया। भारत में टूर्नामेंट छोड़ने का पाकिस्तान का यह पहला मामला नहीं पाकिस्तान इससे पहले भी भारत में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट से हट चुका है। उसने भारत में हुए एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया था। इसके अलावा, पाकिस्तान की जूनियर हॉकी टीम ने 2025 में भारत में आयोजित जूनियर वर्ल्ड कप से भी नाम वापस ले लिया था। जालंधर में लीग मैच, मोहाली में नॉकआउट एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के लीग फेज के सभी मुकाबले जालंधर के ओलिंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बाद नॉकआउट मुकाबले मोहाली के ओलिंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे। टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाना है। सेमीफाइनल और फाइनल की सटीक तारीखों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें कॉपी में शामिल करना चाहिए। टूर्नामेंट में भारत समेत 6 टीमें पाकिस्तान के हटने और बांग्लादेश के शामिल होने के बाद टूर्नामेंट में भारत, बांग्लादेश, मलेशिया, चीन, जापान और साउथ कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। भारत 4 बार जीत चुका है खिताब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 2011 में हुई थी। भारतीय टीम अब तक 4 बार यह खिताब जीत चुकी है। 2018 में मस्कट (ओमान) में खेले गए टूर्नामेंट में बारिश के कार
नाना पाटेकर की वो नसीहत भूला नहीं है PAK क्रिकेटर, टूट गया दिल
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है. फिल्मी पर्दे पर अपनी दमदार भूमिकाओं से पहचान बनाने वाले नाना ने निजी जिंदगी में भी लोगों के साथ गहरे रिश्ते बनाए थे. उनके चाहने वाले भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी उन्हें सम्मान और प्यार से याद कर रहे हैं.
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब किया था, लेकिन BCCI ने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। यह दावा TOI ने CoE की सालाना रिपोर्ट के हवाले से किया है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच टीम इंडिया के 32 क्रिकेटर्स ने CoE में रिहैब किया है। इनमें BCCI के 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले और 12 टार्गेटेड/इंडिया-A कैटेगरी खिलाड़ी हैं। पंत की चोट सबसे गंभीर थी, मांसपेशियों खिंचाव के मामले ज्यादा खिलाड़ियों को हुई चोटों में इकलौता गंभीर मामला (इम्पैक्ट इंजरी) ऋषभ पंत का था। जुलाई 2025 में इंग्लैंड के मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान उनके पैर की हड्डी टूट (फ्रैक्चर) गई थी। वे रिकवरी के लिए CoE (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) पहुंचे थे। बाकी खिलाड़ियों को ज्यादातर मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव (सॉफ्ट-टिश्यू इंजरी) जैसी समस्याएं ही हुई थीं। हार्दिक, राणा और रेड्डी ने 18 महीने में 4-4 महीने CoE में बिताए हार्दिक पांड्या, हर्षित राणा और नीतिश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों में कम से कम 4-4 महीने CoE में बिताए। रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों खिलाड़ी बार-बार चोटिल होने के कारण रिहैब के लिए पहुंचे। इनके अलावा जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा भी बार-बार चोट से जूझने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 30 सितंबर तक भारतीय खिलाड़ियों की सूची में विराट कोहली, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे के नाम भी शामिल थे। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि हर खिलाड़ी कितनी बार CoE पहुंचा। IPL 2026 के बाद हर सीरीज में कम से कम दो खिलाड़ी चोटिल IPL 2026 के बाद CoE में रिहैब कराने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी है। इसके बाद से हर सीरीज में कम से कम दो खिलाड़ियों के चोटिल होने की बात कही गई है। CoE की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन (SSM) टीम ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच महिला और पुरुष मिलाकर कुल 68 खिलाड़ियों की चोटों का इलाज और मैनेजमेंट किया। 2017 और 2021-22 में भी बढ़ी थीं चोटें, CoE का बजट ₹35 करोड़ बढ़ा BCCI ने CoE के लिए 2026-27 का अनुमानित खर्च बढ़ाकर ₹127 करोड़ कर दिया है। जोकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹92 करोड़ था। बजट में करीब ₹35 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। CoE के खर्च में प्रशासनिक लागत, कोर्स और मैचों से जुड़े खर्च भी शामिल हैं। 2021-22 में कोविड-19 महामारी के दौरान बायो-बबल से बाहर आने के बाद सॉफ्ट-टिश्यू इंजरी के मामले बढ़े थे। उस समय दो से तीन महीने में स्थिति पर काबू पा लिया गया था। 2017 में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच शंकर बासु के फिटनेस प्रोग्राम में बड़े बदलावों के बाद भी करीब तीन महीने तक कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे। मेडिकल प्रमुख का पद खाली, टीम इंडिया और CoE के बीच तालमेल की कमी CoE में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन (SSM) प्रमुख का पद मार्च 2025 में नितिन पटेल के इस्तीफे के बाद से खाली है। BCCI ने पिछले महीने इस पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। टीम इंडिया की SSM टीम और CoE की SSM टीम के बीच संवाद की कमी रही है। क्रिकेट हेड वीवीएस लक्ष्मण दोनों टीमों के बीच संवाद का माध्यम बने हुए हैं। टीम इंडिया के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग (SC) कोच एड्रियन ले रू ने जून 2025 में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट में कुछ बदलावों का सुझाव दिया था। CoE अपनी मौजूदा व्यवस्था से हटने को तैयार नहीं दिखा। CoE की SSM टीम के सदस्य चोटों की रोकथाम और मैनेजमेंट के तहत घरेलू टूर्नामेंटों में भी खिलाड़ियों की निगरानी करने पहुंचे थे। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक बोले- कोहली का सबकुछ चुराना चाहते हैं:रोहित की टाइमिंग और धोनी की फिनिशिंग भी लेना चाहेंगे; आज वेस्टइंडीज से दूसरा मैच भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अपने सीनियर विराट कोहली से उनका सबकुछ चुराना चाहते हैं। इतना ही नहीं, वे रोहित शर्मा से टाइमिंग और पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी से फिनिशिंग की स्किल लेना चाहते हैं। पूरी खबर
भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अपने सीनियर विराट कोहली से उनका सबकुछ चुराना चाहते हैं। इतना ही नहीं, वे रोहित शर्मा से टाइमिंग और पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी से फिनिशिंग की स्किल लेना चाहते हैं। दरअसल, अभिषेक से दूसरे टी-20 से पहले भारत और वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ियों की स्किल चुराने पर सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि वे किस खिलाड़ी की कौन सी स्किल लेना चाहेंगे। विराट कोहली का नाम आने पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा, ‘सबकुछ’। उन्होंने युवराज सिंह की मैच जिताने की क्षमता, MS धोनी की मैच फिनिशिंग और रोहित शर्मा की टाइमिंग लेने की इच्छा जताई। विराट कोहली पर क्या बोले अभिषेक विराट कोहली तीनों फॉर्मेट के बेहतरीन बल्लेबाज हैं। वे किसी भी परिस्थिति में ढलकर मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके पास टाइमिंग, एक्यूरेसी, धैर्य और आक्रामकता जैसी कई खूबियां हैं। इन्हीं के दम पर उन्होंने 28 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। वहीं, अभिषेक के मेंटर युवराज सिंह रहे हैं। उन्होंने भारत को कई मैच जिताए हैं। 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में धोनी ने 91 रन की पारी खेली थी। युवराज सिंह उस वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। अभिषेक ने रोहित शर्मा की गेंद को टाइम करने की स्किल लेने की इच्छा भी जताई। क्रिस गेल, पोलार्ड और ब्रावो का भी जिक्र किया अभिषेक ने कहा कि वे क्रिस गेल की तीनों फॉर्मेट में खेलने की मानसिकता अपनाना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि वे ड्वेन ब्रावो के सेलिब्रेशन से काफी प्रभावित होते हैं। कीरोन पोलार्ड का नाम आते ही अभिषेक ने ‘पावर’ कहा। T20 क्रिकेट में पोलार्ड के नाम 1 हजार से ज्यादा छक्के हैं।अभिषेक ने सुनील नरेन की शानदार इकोनॉमी रेट के साथ गेंदबाजी करने की स्किल लेने की बात कही। उन्होंने आंद्रे रसेल को कम्पलीट ऑलराउंडर बताया। अभिषेक ने रसेल की इसी स्किल को अपनाने की इच्छा जताई। वैभव सूर्यवंशी के ‘सुपरस्टार’ बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना ------------------------------------------------------ भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दूसरा मैच आज; ईशान इस साल छक्कों की फिफ्टी से 1 सिक्स दूर, मयंक की जगह प्रिंस खेल सकते हैं भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज खेला जाएगा। मैच रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरु होगा। टीम इंडिया ने पहले मुकाबले में 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) में विवाद पैदा हो गया है। महासचिव प्रमोद कुमार ने अपने ही अध्यक्ष अजय सिंह पर अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है। आइए जानते हैं क्या है विवाद का कारण...
Cricket News: अभिषेक शर्मा ने 2026 में छक्कों की लगाई झड़ी, ईशान किशन और हेटमायर भी पीछे
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पाकिस्तान के नए टी-20 कप्तान साहिबजादा फरहान ने कहा है कि उनकी टीम श्रीलंका के खिलाफ अटैकिंग क्रिकेट खेलेगी। यह मुकाबला रावलपिंडी में शुक्रवार शाम को खेला जाएगा। मैच से पहले फरहान ने कहा- ‘कप्तानी में दबाव रहता है। घरेलू सीरीज में पहली बार पाकिस्तान की कप्तानी करना सम्मान की बात है। नई चुनौती को लेकर उत्साहित हूं।’ फरहान ने 2026 T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की कप्तानी करने वाले सलमान अली आगा की जगह ली है। सलमान को 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली। फरहान ने पिता की दुआ का जिक्र किया फरहान ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे पाकिस्तान के कप्तान बनेंगे। उन्होंने नेशनल टीम की कप्तानी देखने की अपने पिता की इच्छा का भी जिक्र किया। फरहान ने कहा- ‘मैंने खुद को कभी पाकिस्तान के कप्तान के रूप में नहीं देखा था।’ पिता की दुआ को याद करते हुए फरहान ने कहा, ‘माता-पिता की दुआएं सच में पूरी होती हैं।’ फरहान ने कहा- सीनियर खिलाड़ी मेरी मदद करेंगे नए कप्तान का मानना है कि उन्हें आगे बढ़कर लीड करना होगा। वह बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर साथियों के लिए उदाहरण बनाना चाहते हैं। फरहान ने अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा जताया। उन्होंने उम्मीद की कि प्रशंसकों को उनकी कप्तानी की शैली पसंद आएगी।फरहान ने कहा कि टीम के सीनियर खिलाड़ी मैदान पर उनकी काफी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे मौजूदा टीम में चुने गए खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी मैदान पर मेरी काफी मदद करेगी।’ फरहान बोले- बाबर-रिजवान टी-20 में वापसी कर सकते हैं पाकिस्तान के कप्तान ने नेतृत्व पर सरफराज अहमद के प्रभाव की भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मैंने सरफराज अहमद की कप्तानी में काफी खेला है। मुझे उनकी कप्तानी बहुत पसंद थी।’ फरहान ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दोनों T20 क्रिकेट में कभी भी वापसी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। दोनों किसी भी समय T20 क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं।’ पाकिस्तान और श्रीलंका की T20I टीमें पाकिस्तान: साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अराफात मिन्हास, फखर जमां, हसन नवाज, एम इमरान रंधावा, ख्वाजा नफे (विकेटकीपर), माज सदाकत, नसीम शाह, रजाउल्लाह, साइम अयूब, एम सलमान मिर्जा, शादाब खान, सुफियान मुकीम। श्रीलंका: कुसल मेंडिस (कप्तान), कामिल मिशारा, सिनेथ जयवर्धने, लाहिरु उदारा, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका, चमिंदु विक्रमसिंघे, दुनिथ वेलालागे, महीश तीक्षणा, विजयकांत वियासकांत, दुश्मंथा चमीरा, बिनुरा फर्नांडो, नुवान तुषारा, ईशान मलिंगा। ------------------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अंडर-19 एशिया कप में भारत Vs पाकिस्तान 8 नवंबर को; 8 टीमों के बीच 5 नवंबर से टूर्नामेंट एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने अंडर-19 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट 5 नवंबर से ओमान में शुरू होगा। भारत अपने अभियान की शुरुआत 6 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगी। इसके दो दिन बाद 8 नवंबर को पाकिस्तान से मुकाबला होगा। पढ़ें पूरी खबर
न्यूजीलैंड को इंडिया सीरीज से पहले लगा डबल झटका, दो बड़े खिलाड़ी हुए टी20 सीरीज से बाहर
भारत के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका लगा है। मार्क चैपमैन और जैक फॉल्क्स चोट की वजह से इस सीरीज से बाहर हो गए हैं।
भारत के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को 2 खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं। इनमें मार्क चैपमैन और जैक फाउल्क्स शामिल हैं। दोनों को सीरीज से बाहर कर दिया गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने शुक्रवार को बताया कि चैपमैन की बाईं हैमस्ट्रिंग और फाउल्क्स के दाएं हिप फ्लेक्सर में चोट लगी है। ऑलराउंडर जोश क्लार्कसन और तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को टीम में शामिल किया है। टी-20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होगी। चैपमैन यूरोपियन लीग, फाउल्क्स ट्रेनिंग में चोटिल मार्क चैपमैन को यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (ETPL) के पहले सीजन में खेलते समय बाईं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी। हालांकि, पांच मैचों की ODI सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद है। जैक फाउल्क्स को कैंटरबरी के साथ ट्रेनिंग सेशन के दौरान दाएं हिप फ्लेक्सर में चोट लगी। उनकी वापसी का समय अभी तय नहीं है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अभी यह नहीं बताया है कि फाउल्क्स कब तक वापसी करेंगे। कोच ने कहा- दोनों के बाहर होने का दुख न्यूजीलैंड के हेड कोच रॉब वाल्टर ने भारत के खिलाफ चुनौतीपूर्ण सीरीज से पहले जोश क्लार्कसन और ब्लेयर टिकनर की वापसी पर खुशी जताई। वाल्टर ने कहा, ‘मार्क और जैक के लिए मुझे बहुत दुख है। मैं दोनों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘हम खुशकिस्मत हैं कि जोश और ब्लेयर के अनुभव का फायदा उठा सकते हैं। मुझे पता है कि दोनों उस सीरीज का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं, जो शानदार T20 सीरीज बनने वाली है।’ वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आमने-सामने होंगी दोनों टीमें भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होगी। दोनों टीमें इस साल की शुरुआत में हुए T20 वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद फिर आमने-सामने होंगी। उस फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। भारतीय टीम आगामी दौरे में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेगी। न्यूजीलैंड की कप्तानी मिशेल सैंटनर करेंगे। भारत के खिलाफ T20I सीरीज के लिए न्यूजीलैंड की अपडेटेड टीम मिशेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्न, डैरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सेफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर। ------------------------------------------------ क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… रबाडा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर; नॉर्त्या की 2023 के बाद वापसी साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग-11 घोषित कर दी है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला शुक्रवार से डरबन में खेला जाएगा। तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण प्लेइंग-11 में जगह नहीं बना सके। पढ़ें पूरी खबर
न्यूजीलैंड के पूर्व टेस्ट ओपनर जीत रावल ने प्रोफेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। 38 साल के रावल ने 2026-27 के घरेलू सीजन से पहले यह फैसला किया। गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे रावल ने न्यूजीलैंड के लिए 2016 से 2020 के बीच 24 टेस्ट खेले। वे 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) जीतने वाली न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा भी रहे। क्रिकेट से संन्यास के बाद वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में काम जारी रखेंगे। वे पहले से एक ऑडिटिंग फर्म में CA हैं। पिता का सपना पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड शिफ्ट हुआ परिवार नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए इंटरव्यू में रावल ने कहा कि न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना उनका और उनके पिता का बचपन का सपना था। इसे पूरा करने का मौका देने के लिए उनके पिता पूरे परिवार को न्यूजीलैंड ले गए थे। रावल ने कहा, यह फैसला लेते हुए मुझे गर्व और संतुष्टि महसूस हो रही है। ब्लैककैप्स के लिए खेलना मेरा और मेरे पिता का सपना था। मुझे यह मौका देने के लिए उन्होंने पूरे परिवार को न्यूजीलैंड शिफ्ट करने का बड़ा कदम उठाया। रावल का जन्म अहमदाबाद में हुआ था। स्कूली दिनों में वे भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल के साथ विद्यानगर स्कूल में क्रिकेट खेलते थे। दोनों ओपनिंग करते थे। किशोरावस्था में रावल का परिवार गुजरात से ऑकलैंड शिफ्ट हो गया था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10,432 रन और 24 शतक रावल ने दिसंबर 2008 में ऑकलैंड की ओर से वेस्टइंडीज की टीम के खिलाफ मैच से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने 164 मैचों में 10,432 रन बनाए। उनका औसत 37.66 रहा। इस दौरान उन्होंने 24 शतक और 50 अर्धशतक लगाए। ओपनिंग में रिकॉर्ड: फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 292 पारियों में से 285 में ओपनिंग की। ओपनर के तौर पर 10,127 रन और 23 शतक लगाए। प्लंकेट शील्ड: न्यूजीलैंड के प्रमुख घरेलू फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट में 8,662 रन बनाए। वे इसके इतिहास में चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनसे आगे माइकल पैप्स (11,463), मैथ्यू सिंक्लेयर (8,842) और पीटर फुल्टन (8,719) हैं। 10 हजार रन का रिकॉर्ड: दिसंबर 2025 में नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की कप्तानी करते हुए रावल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने वाले न्यूजीलैंड के 30वें खिलाड़ी बने। रावल का आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच मार्च 2026 में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के खिलाफ नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से था। 2016 में टेस्ट डेब्यू, 28 पारियों बाद लगाया पहला शतक रावल ने नवंबर 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ क्राइस्टचर्च टेस्ट से न्यूजीलैंड के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने 24 टेस्ट में 1,143 रन बनाए। उनका औसत 30.07 रहा। टेस्ट करियर में उन्होंने एक शतक और सात अर्धशतक लगाए। पहला शतक लगाने के लिए उन्हें 28 पारियों का इंतजार करना पड़ा। टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 132 रन रहा। 2019 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब फॉर्म के कारण उन्हें न्यूजीलैंड की टीम से बाहर कर दिया गया था। रावल ने बाद में कहा कि वे कुछ मैचों में टीम की जरूरत के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि केन विलियमसन, रॉस टेलर और अन्य सीनियर खिलाड़ियों ने शतक नहीं लगा पाने के बावजूद उनका समर्थन किया था। रावल 2019-21 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में न्यूजीलैंड की टीम का हिस्सा रहे। जून 2021 में खिताब जीतने के बाद वे WTC ट्रॉफी के साथ देशभर में हुए विक्ट्री टूर में भी शामिल हुए। कप्तानी में 13 साल बाद प्लंकेट शील्ड का खिताब जिताया नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के कप्तान के रूप में रावल ने 2024-25 सीजन में टीम को 13 साल बाद प्लंकेट शील्ड का खिताब दिलाया। इस जीत में उन्होंने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दिया। रावल ने पार्ट-टाइम लेग स्पिन से 14 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 11.14 रहा। इस दौरान उन्होंने पहली बार पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा भी किया। नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के क्रिकेट जनरल मैनेजर इयान सैंडब्रुक ने कहा कि रावल टीम के लिए अनुभवी खिलाड़ी और शानदार लीडर रहे हैं। उनके रन, विकेट और शांत नेतृत्व की कमी खलेगी। उन्होंने रावल को बेहतरीन टीममेट और भरोसेमंद खिलाड़ी भी बताया। ----------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अंडर-19 एशिया कप में भारत Vs पाकिस्तान 8 नवंबर को:8 टीमों के बीच 5 नवंबर से टूर्नामेंट, ओमान में सभी 15 मैच खेले जाएंगे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने अंडर-19 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट 5 नवंबर से ओमान में शुरू होगा और 14 नवंबर को फाइनल खेला जाएगा। इस बार 8 टीमें खिताब के लिए उतरेंगी और सभी मुकाबले मस्कट स्थित ओमान क्रिकेट अकादमी (OCA) के ग्राउंड-1 और ग्राउंड-2 पर खेले जाएंगे। पूरी खबर
कोहली-रोहित के नक्शेकदम पर चलेंगे श्रेयस! रांची में भारत-WI की जंग
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम एक बार फिर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगी. वहीं वेस्टइंडीज के लिए रांची में पहली टी20 इंटरनेशनल चुनौती होगी. ऐसे में दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला मैदान के लिहाज से भी खास रहने वाला है.
दिवाली के दिन होगा IND vs PAK के बीच महामुकाबला, U19 एशिया कप में भिड़ेंगी दोनों टीमें
एशियन क्रिकेट काउंसिल की तरफ से अंडर-19 एशिया कप के शेड्यूल का ऐलान कर दिया गया है, जिसमें भारत और पाकिस्तान की टीम ग्रुप-ए का हिस्सा हैं और दोनों टीमों के बीच में 8 नवंबर को मुकाबला खेला जाएगा।
विवाद में उलझा Arunachal Pradesh, Ranji Trophy के पहले मैच से बाहर होने का खतरा
इटानगर, आठ अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश पर 11 अक्टूबर से अहमदाबाद में नगालैंड के खिलाफ होने वाले प्लेट ग्रुप रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में नहीं उतर पाने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य क्रिकेट संघ में चल रही गुटबाजी और इटानगर पीठ में लंबित मामले के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अरुणाचल प्रदेश की टीम बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी के एकदिवसीय मुकाबले के लिए अपनी अंडर-19 टीम भी मैदान में नहीं उतार सकी। फिलहाल संघ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो चयन से जुड़े मामलों पर फैसला ले सके। पता चला है कि इस सत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनुबंधित पेशेवर खिलाड़ी भी असमंजस में हैं और उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले के लिए उन्हें अहमदाबाद पहुंचना है या नहीं। अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने सितंबर में चुनाव कराया था जिसमें नबाम विवेक को अध्यक्ष चुना गया। हालांकि कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय की इटानगर पीठ का रुख किया। उच्च न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस बीच बीसीसीआई भी फिलहाल स्वतंत्र चयन समिति का गठन नहीं कर सकता जैसा उसने बिहार के मामले में किया था। मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण चुनाव जीतने वाले नबाम विवेक से संपर्क नहीं हो सका।
Kolkata में Football Friendly मैच में भारतीय महिला टीम रूस से 0-4 से पराजित
कोलकाता, आठ अक्टूबर भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने किशोर भारती क्रीड़ांगन में बृहस्पतिवार को खेले गए वर्षा से प्रभावित पहले अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में रूस को पहले हाफ में कड़ी टक्कर दी लेकिन अंततः उसे 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। इयाना शेइना ने 40वें मिनट में शानदार व्यक्तिगत प्रयास से रूस को बढ़त दिलाई। स्थानापन्न खिलाड़ी किरा पेतुखोवा ने 60वें और 65वें मिनट में दो गोल किये जबकि इयाना स्विस्तुनोवा ने 81वें मिनट में गोल कर रूस की आसान जीत सुनिश्चित की। दूसरे हाफ में लगातार दबाव के सामने भारतीय टीम की रक्षापंक्ति कमजोर पड़ गई। मुख्य कोच क्रिस्पिन छेत्री ने उभरती खिलाड़ियों को परखने के लिये इस मुकाबले का इस्तेमाल किया। बेबिसाना देवी थिंगजाम, मालती मुंडा, सिंडी कोल्नी, शुभांगी सिंह, धुर्गा पेरुमल और शिबानी देवी नोंगमेकापम ने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। गोलकीपर मोनालिशा देवी मोइरांगथेम ने पहली बार शुरुआती एकादश में जगह बनाई और अपना तीसरा अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। विश्व रैंकिंग में 69वें स्थान पर काबिज भारतीय टीम के सामने 27वीं रैंकिंग वाली रूस की मजबूत चुनौती थी। यह कोलकाता में भारतीय महिला टीम का पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी था। इसके बावजूद पहले हाफ में मेजबान टीम ने काफी अनुशासन के साथ बचाव किया और कुछ ऐसे मौके बनाये जो मैच का रुख बदल सकते थे लेकिन रूस ने अधिक समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी और मैच में अधिकांश समय नियंत्रण बनाये रखा। भारत के लिये यह परिणाम मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पूरे 90 मिनट तक रक्षात्मक मजबूती बरकरार रखने की चुनौती को दर्शाता है। हालांकि पहले हाफ का ठोस खेल, बनाये गये आक्रमण के मौके और मोनालिशा के बचाव सकारात्मक पक्ष रहे। छह खिलाड़ियों को पदार्पण का मौका मिलना भी छेत्री की व्यापक टीम तैयार करने की योजना को दर्शाता है। दोनों टीम अब 11 अक्टूबर को फिर आमने-सामने होंगी।
19 वर्षीय Mirra Andreeva ने पहली बार Alexandrova को हराकर China Open सेमीफाइनल में जगह बनाई
चीन ओपन में 19 साल की मिर्रा आंद्रीवा ने आखिरकार एक ऐसी खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल कर ली, जिसके सामने वह पहले दो बार हार चुकी थीं। बीजिंग में हुए कड़े क्वार्टर फाइनल में आंद्रीवा ने एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा को दोनों सेट के टाईब्रेक में हराकर अंतिम 4 में जगह बना ली है। चीन ओपन में 19 साल की मिर्रा आंद्रीवा ने आखिरकार एक ऐसी खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल कर ली, जिसके सामने वह पहले दो बार हार चुकी थीं। बीजिंग में खेले गए कड़े क्वार्टर फाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त आंद्रीवा ने एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा को लगातार 2 टाईब्रेक में हराकर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। मुकाबला 1 घंटे 55 मिनट तक चला। नेशनल टेनिस सेंटर के बाहरी हार्ड कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच पूरे समय कड़ा संघर्ष देखने को मिला। कोई भी खिलाड़ी आसानी से बढ़त बनाने में सफल नहीं हुई। दोनों सेट का फैसला टाईब्रेक से हुआ और दोनों में आंद्रीवा ने दबाव के अहम पलों में बेहतर खेल दिखाया। पहले सेट में करीब 1 घंटे तक दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का मुकाबला चला। आखिरकार सेट टाईब्रेक तक पहुंचा, जहां आंद्रीवा ने 7-4 से जीत दर्ज कर 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरे सेट में आंद्रीवा ने शुरुआत में स्थिति अपने पक्ष में कर ली थी। वह एक समय 4-1 से आगे थीं और फिर 5-3 पर मैच जीतने के लिए सर्विस भी कर रही थीं। लेकिन अलेक्जेंड्रोवा ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार वापसी करते हुए स्कोर 6-6 कर दिया और दूसरा टाईब्रेक भी खेलना पड़ा। इस बार भी आंद्रीवा ने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने 3-2 की बढ़त बनाने के लिए शानदार फोरहैंड विजेता शॉट लगाया और फिर आखिरी 6 में से 5 अंक जीतकर टाईब्रेक 7-3 से अपने नाम कर लिया। आंद्रीवा ने मुकाबले के बाद माना कि यह जीत बिल्कुल आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि दूसरे सेट में 5-2 की बढ़त के बावजूद उन्हें लगातार दबाव महसूस हो रहा था। उनके मुताबिक, अलेक्जेंड्रोवा बहुत अच्छा खेल रही थीं और कुछ मौकों पर उन्हें और आक्रामक होना चाहिए था। आंद्रीवा ने कहा कि वह इस जीत से बेहद खुश हैं और अलेक्जेंड्रोवा के खिलाफ यह उनकी पहली जीत है। गौरतलब है कि इससे पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच 2 मुकाबले हुए थे और दोनों में आंद्रीवा को हार मिली थी। उन्होंने उन दोनों मैचों में एक भी सेट नहीं जीता था। पहली हार 2025 में स्टुटगार्ट में मिट्टी के कोर्ट पर और दूसरी जून 2026 में बैड होम्बर्ग में घास के कोर्ट पर मिली थी। बीजिंग में पहली बार दोनों का सामना हार्ड कोर्ट पर हुआ और आंद्रीवा ने इस बार पुराना हिसाब बराबर कर दिया। इस जीत के साथ आंद्रीवा के नाम डब्ल्यूटीए 1000 प्रतियोगिताओं के 4 सेमीफाइनल हो गए हैं। 2009 में इस प्रारूप की शुरुआत के बाद किशोर उम्र में उनसे ज्यादा सेमीफाइनल सिर्फ कोको गॉफ ने खेले हैं, जिनके नाम 5 ऐसे सेमीफाइनल हैं। चीन ओपन में आंद्रीवा ने क्वार्टर फाइनल से पहले दारिया स्निगुर को 6-2, 6-2 से हराया था। वहीं अलेक्जेंड्रोवा ने 5वीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा को 6-2, 6-2 से मात देकर अंतिम 8 में जगह बनाई थी। अब आंद्रीवा का सामना सेमीफाइनल में 26वीं वरीयता प्राप्त निकोला बार्तुनकोवा से होगा। बार्तुनकोवा ने क्वार्टर फाइनल में 7वीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा को 6-3, 6-0 से हराया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बार्तुनकोवा को हराने पर आंद्रीवा रविवार को होने वाले चीन ओपन के फाइनल में पहुंच जाएंगी। यह जीत उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि अलेक्जेंड्रोवा के खिलाफ 0-2 के रिकॉर्ड के बाद अब उन्होंने पहली बार अपनी रूसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीत दर्ज की है।
Max Verstappen की जीत से Red Bull की वापसी, Formula 1 में मुकाबला हुआ कड़ा
फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है। फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है। मलेशिया में वर्स्टापेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सीजन में रेड बुल को पहली जीत दिलाई। यह उनके फॉर्मूला 1 करियर की 72वीं जीत भी थी। रेस के दौरान रेड बुल की गति इतनी मजबूत रही कि पियास्त्री को लगा कि टीम ने सिर्फ एक रेस में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि पिछले कुछ मुकाबलों में लगातार सुधार किया है। बता दें कि सीजन की शुरुआत में मर्सिडीज सबसे मजबूत टीम के रूप में नजर आ रही थी। फेरारी उसके सबसे करीब थी, जबकि बाद में मैकलारेन ने भी शीर्ष की लड़ाई में अपनी जगह बनाई। अब सीजन के अंतिम हिस्से में रेड बुल की वापसी ने इस मुकाबले को और कड़ा कर दिया है। पियास्त्री के मुताबिक, रेड बुल का असली सुधार अजरबैजान ग्रां प्री से ही दिखाई देने लगा था। उनका मानना है कि बाकू में रेड बुल के बेहतर प्रदर्शन पर उतना ध्यान नहीं गया, क्योंकि वर्स्टापेन आगे की कतार से शुरुआत नहीं कर सके थे और बाद में उनकी कार में इंजन से जुड़ी समस्या भी आई थी। पियास्त्री ने कहा कि अगर वर्स्टापेन ने बाकू में आगे से शुरुआत की होती तो वह मर्सिडीज के जॉर्ज रसेल को पूरे मुकाबले के दौरान कड़ी चुनौती दे सकते थे। रेस के अंतिम हिस्से में भी वर्स्टापेन ने रसेल पर काफी दबाव बनाया था। उनके मुताबिक, अजरबैजान में रेड बुल की कार में किए गए बदलाव बड़े थे, लेकिन उनका असर उस समय पूरी तरह सामने नहीं आ सका। मलेशिया में हालांकि स्थिति अलग रही। वहां वर्स्टापेन और रेड बुल का प्रदर्शन इतना मजबूत था कि पियास्त्री ने उन्हें रेस की सबसे तेज कार और चालक का संयोजन बताया। यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और शीर्ष टीमों के बीच अंतर कम होता जा रहा है। पियास्त्री ने यह भी माना कि मैकलारेन और फेरारी के प्रदर्शन में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी एक टीम मजबूत दिखती है तो कभी दूसरी आगे निकल जाती है। वहीं, लंबे समय से मर्सिडीज को सबसे मजबूत टीम माना जाता रहा है। लेकिन पियास्त्री का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में रेड बुल भी अब मर्सिडीज के स्तर के करीब पहुंच गई है। गौरतलब है कि रेड बुल की यह वापसी मैक्स वर्स्टापेन के लिए भी अहम है। लंबे समय तक जीत से दूर रहने के बाद मलेशिया में मिली सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर रेड बुल इसी रफ्तार से सुधार जारी रखती है तो सीजन के बचे मुकाबलों में मर्सिडीज, मैकलारेन, फेरारी और रेड बुल के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है और फॉर्मूला 1 के प्रशंसकों को आगे कई रोमांचक रेस देखने को मिल सकती हैं।
वो 5 टीमें, जिनके नाम सबसे ज्यादा बार 'रणजी ट्रॉफी खिताब' जीतने का रिकॉर्ड
रणजी ट्रॉफी में अब तक कुल 91 सीजन खेले गए हैं, जिसमें मुंबई के नाम सबसे ज्यादा बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड है। आइए, उन 5 टीमों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने सबसे...
Indian Supercross League में भारतीय राइडर्स के लिए नई 250cc Category, 30 ने कराया रजिस्ट्रेशन
भारतीय सुपरक्रॉस रेसिंग लीग के तीसरे सीजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार प्रतियोगिता में 21 देशों के कुल 146 राइडरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और अब राइडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से बंद हो चुकी है। लीग के नए सीजन में भारतीय राइडरों के लिए 250 सीसी की एक नई श्रेणी भी शुरू की जा रही है, जिसका मकसद देश के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना है। मौजूद जानकारी के अनुसार, नए सीजन की शुरुआत 19 और 20 दिसंबर को पहले चरण के साथ होगी। इसके बाद दूसरा चरण 23 और 24 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। तीसरा और अंतिम चरण 6 और 7 फरवरी 2027 को होगा। हालांकि, इन मुकाबलों के आयोजन स्थलों की घोषणा अभी नहीं की गई है। भारतीय सुपरक्रॉस रेसिंग लीग में शहरों के बीच बने खास मैदानों पर मुकाबले कराए जाते हैं। इन मैदानों में मिट्टी से तैयार ट्रैक, ऊंची छलांग वाले हिस्से और कई तरह की बाधाएं होती हैं। इसी वजह से सुपरक्रॉस रेसिंग में राइडर की गति के साथ उसका संतुलन, नियंत्रण और तुरंत फैसला लेने की क्षमता भी काफी अहम होती है। गौरतलब है कि लीग के पहले 2 सीजनों में 450 सीसी और 250 सीसी की अंतरराष्ट्रीय श्रेणियां थीं। इसके अलावा भारतीय और एशियाई राइडरों के लिए अलग 250 सीसी श्रेणी रखी गई थी। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया के अनुभवी सुपरक्रॉस राइडरों के साथ मुकाबला करने और उनसे सीखने का अवसर देना था। तीसरे सीजन में अब एक नई श्रेणी जोड़ी गई है। इसे ‘250 सीसी ग्रुप ए विदेशी बाइक केवल भारतीय भविष्य’ नाम दिया गया है। इसमें सिर्फ भारतीय राइडर हिस्सा लेंगे और इसके लिए 30 भारतीय राइडरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस श्रेणी में वही 250 सीसी बाइक इस्तेमाल होंगी, जो भारत-एशिया मिश्रित श्रेणी में इस्तेमाल की जाती हैं। हर टीम को प्रत्येक श्रेणी में 2 राइडर उतारने होंगे। इससे पूरी लीग में भारतीय राइडरों की मौजूदगी भी बढ़ेगी। लीग के सह-संस्थापक और निदेशक ईशान लोखंडे ने कहा कि भारतीय भविष्य कैटेगरी देश के राइडरों के लिए एक व्यवस्थित रास्ता तैयार करने की योजना का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, लीग का लक्ष्य ऐसा पेशेवर माहौल तैयार करना है, जहां दुनिया के बेहतरीन राइडर आएं और भारतीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिले। तीसरे सीजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई जाने-पहचाने राइडर भी नजर आएंगे। इनमें 9 बार के ऑस्ट्रेलियाई सुपरक्रॉस और मोटोक्रॉस चैंपियन मैट मॉस शामिल हैं। वह पिछले सीजन के विजेता भी रहे हैं। पूर्व एमएक्स2 विश्व चैंपियन जोर्डी टिक्सियर भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से रुग्वेद बरगुजे, प्रज्वल विश्वनाथ, श्लोक घोरपड़े और इक्षण शनभाग जैसे अनुभवी सुपरक्रॉस राइडर चुनौती पेश करेंगे। बता दें कि इस सीजन में कुल 7 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें पुणे के पुनीत बालन समूह के समर्थन वाली पीबीजी रेसिंग नई टीम के रूप में शामिल हुई है। होंडा, केटीएम, यामाहा और कावासाकी की बाइक प्रतियोगिता में इस्तेमाल होंगी। वहीं, होंडा इस सीजन में बीबी रेसिंग के साथ बतौर मुख्य प्रायोजक भी जुड़ रही है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, 146 राइडरों की भागीदारी और भारतीयों के लिए नई श्रेणी लीग को और बड़ा मंच दे सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा देश के युवा राइडरों को मिल सकता है, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ एक ही प्रतियोगिता में सीखने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा और भारतीय सुपरक्रॉस को आगे बढ़ने का नया रास्ता मिल सकता हैं।
Prasar Bharati और In-Dot Sports कराएंगे Kisan Cricket League, 140 ग्रामीण खिलाड़ियों को मौका
ग्रामीण भारत की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। प्रसार भारती और इन-डॉट स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने किसान क्रिकेट लीग शुरू करने की घोषणा की है। इसे देश के ग्रामीण इलाकों से क्रिकेट खिलाड़ियों और गायकों की प्रतिभा खोजने वाली राष्ट्रीय स्तर की पहली बड़ी पहल के रूप में पेश किया जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, किसान क्रिकेट लीग का पहला सीजन अगले साल फरवरी में आयोजित किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण अगले 2 से 3 सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। लीग का मकसद गांवों और छोटे शहरों में मौजूद उन प्रतिभाओं को सामने लाना है, जिन्हें बड़े स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका आसानी से नहीं मिल पाता। इस लीग में 15 ओवर के सफेद गेंद वाले पेशेवर क्रिकेट प्रारूप में मुकाबले खेले जाएंगे। पहले सीजन में कुल 45 मैच आयोजित किए जाएंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों से चुनी गई प्रतिभाओं को मिलाकर 7 टीमें बनाई जाएंगी। इनमें कुल 140 क्रिकेट खिलाड़ी और 30 गायक शामिल होंगे। यानी यह आयोजन केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगीत की प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय मंच देने का काम करेगा। गौरतलब है कि भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता गांवों और छोटे कस्बों तक काफी गहरी है। बड़ी संख्या में युवा स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलते हैं और कई खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं तथा सही मंच के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में किसान क्रिकेट लीग जैसी पहल उनके लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती है। किसान क्रिकेट लीग के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल पांडे ने इस पहल के लिए प्रसार भारती का आभार जताया। उन्होंने इसे दर्शकों को बिना किसी शुल्क के मनोरंजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। आकाशवाणी समाचार से बातचीत में अतुल पांडे ने कहा कि सार्वजनिक सेवा प्रसारक के तौर पर प्रसार भारती बड़ी संख्या में लोगों तक बिना किसी सदस्यता शुल्क के लाइव मुकाबले पहुंचाता है। उनके मुताबिक, इस पहल के जरिए खेल और संगीत को एक साथ जोड़कर पूरे परिवार के लिए अच्छा और सहज मनोरंजन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रसार भारती के तरंग मंच के जरिए दर्शकों को क्रिकेट मुकाबलों के साथ गायन प्रतियोगिताएं भी देखने को मिलेंगी। इसके अलावा लीग में शामिल क्रिकेट खिलाड़ियों और गायकों की विशेष जीवनियां भी दर्शकों के सामने रखी जाएंगी। इससे लोगों को सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि उनकी पृष्ठभूमि और संघर्ष की कहानी जानने का अवसर भी मिलेगा। बता दें कि किसान क्रिकेट लीग का फोकस ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर है। 7 टीमों, 140 क्रिकेट खिलाड़ियों और 30 गायकों के साथ शुरू होने वाला यह आयोजन भविष्य में प्रतिभा खोजने के लिए एक बड़ा मंच बन सकता है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, पंजीकरण शुरू होने के बाद देशभर से इच्छुक क्रिकेट खिलाड़ियों और गायकों को इसमें हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। अगर यह पहल अपने उद्देश्य के मुताबिक सफल रहती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की कई अनदेखी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान मिलने का रास्ता खुल सकता हैं।
रांची में कैसा रहेगा पिच का मिजाज, तीन साल पहले खेला गया था यहां पिछला T20I मुकाबला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच में खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची के स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां पर पिछली बार साल 2023 में टीम इंडिया ने टी20 मुकाबला खेला था।
SA vs AUS के बीच डरबन के मैदान पर खेला जाएगा पहला टेस्ट मैच, भारत में कब-कहां और कैसे देखें लाइव?
ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए साउथ अफ्रीका के दौरे पर पहुंची है, जिसमें दोनों टीमों के बीच में सीरीज का पहला मुकाबला 9 अक्टूबर से डरबन के स्टेडियम में खेला जाएगा।
Asian Games में बैडमिंटन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, बोले पूर्व कोच Prakash Padukone
मुंबई, आठ अक्टूबर पूर्व राष्ट्रीय कोच प्रकाश पादुकोण ने एशियाई खेलों में भारत के बैडमिंटन में प्रदर्शन को बृहस्पतिवार को ‘थोड़ा निराशाजनक’ बताया और कहा कि देश के खिलाड़ियों को अपने पिछले पदकों की बराबरी करनी चाहिए थी या उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था। भारत ने एशियाई खेलों में केवल टीम कांस्य पदक जीता जिसे पादुकोण ने देश में उपलब्ध प्रतिभा को देखते हुए उम्मीदों से कम माना। एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान 1980 ऑल इंग्लैंड चैंपियन पादुकोण ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह थोड़ा निराशाजनक था। हमें बहुत बेहतर करना चाहिए था। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने पिछली बार अच्छा प्रदर्शन किया था। और हमारे पास जिस तरह की प्रतिभा है, उसे देखते हुए हमें काफी बेहतर करना चाहिए था। मैं भी कम से कम पिछली बार की पदक तालिका के बराबर की उम्मीद कर रहा था। ’’हालांकि पादुकोण ने कहा कि इस नतीजे से व्यापक निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने खिलाड़ियों के साल भर चलने वाले व्यस्त कार्यक्रम की ओर इशारा किया और अधिक निरंतरता की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘ ये पूरे साल खेलते हैं इसलिए हर किसी के लिए हर समय शीर्ष पर बने रहना बेहद मुश्किल है। लेकिन मैं निश्चित रूप से चाहता हूं कि खिलाड़ी अधिक निरंतर रहें, और यह संभव है। यह निश्चित रूप से समर्थन की कमी नहीं है। ’’पादुकोण ने कहा, ‘‘उन्हें काफी समर्थन मिलता है। मुझे लगता है कि उन्हें थोड़ा और प्रयास करने की जरूरत है। वे अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने एक बड़ा टूर्नामेंट जीता भी है। लेकिन उन्हें अधिक निरंतर रहने की जरूरत है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप जिन भी टूर्नामेंटों में खेलते हैं, उन सभी को जीतें। लेकिन कम से कम क्वार्टर, सेमीफाइनल तक पहुंचें। आप एक टूर्नामेंट जीतते हैं और फिर अगले में हार जाते हैं। पहले दौर में, आप किसी से हार जाते हैं। तो मुझे लगता है कि इससे बचना चाहिए। ’’उन्होंने सुझाव दिया कि शीर्ष खिलाड़ियों को हर सत्र में चार या पांच प्रमुख टूर्नामेंट की पहचान करनी चाहिए और पूरे साल अपना सर्वश्रेष्ठ फॉर्म बनाए रखने की कोशिश करने के बजाय उनमें शीर्ष प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा कहा है कि पूरे साल में चार या पांच महत्वपूर्ण टूर्नामेंट चुनें और उन टूर्नामेंटों के दौरान शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश करें। इसका मतलब यह नहीं है कि आप अन्य टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करें। लेकिन उन्हें जिस तरह का सहयोग मिलता है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि उनके लिए अधिक निरंतर रहने की गुंजाइश है। ’’पादुकोण ने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का भी विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि उनकी हाल में जापान ओपन में जीत ने उस भूख को दिखाया है जिसे अन्य भारतीय खिलाड़ियों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि इतने सारे पदक जीतने के बावजूद उनमें अब भी भूख है। इसलिए मुझे लगता है कि इसी तरह की भूख बाकी सभी को भी दिखानी चाहिए। खासकर लक्ष्य और यहां तक कि युगल जोड़ियों को भी। उन्होंने जो हासिल किया है उससे संतुष्ट नहीं हों। बड़े टूर्नामेंट जीतने का लक्ष्य रखें। अच्छा खेलें और अगले पांच-छह वर्षों में पूरी ताकत लगा दें। क्योंकि वे सभी अभी भी बहुत युवा हैं।
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के हेड कोच टोमाज चोर्ज ने कहा कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026-27 के पहले मैच में बेंगलुरु एफसी का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वे अपनी पसंद का नतीजा हासिल करने के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे।
फेनेस्टा ओपन: पार्थ को मात देकर सेमीफाइनल में सुरेशकुमार, नितिन ने रोहन को हराया
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। 31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में टॉप सीडेड खिलाड़ी मनीष सुरेशकुमार और वैदेही चौधरी को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पुरुषों के टॉप सीडेड और मौजूदा चैंपियन सुरेशकुमार ने फाइनल सेट में 3-0 से पिछड़ने के बाद वापसी की और पार्थ अग्रवाल को 6-1, 5-7, 7-5 से हराने में लगभग तीन घंटे का समय लिया।
Bhuvneshwar Kumar की टीम इंडिया में वापसी, सितांशु कोटक ने अनुभव और IPL फॉर्म को बताया वजह
रांची, आठ अक्टूबर सहायक कोच सितांशु कोटक ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि भुवनेश्वर कुमार के अपार अनुभव और पिछले दो आईपीएल सत्र में उनकी शानदार फॉर्म ने उन्हें न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापस जगह दिलाई है। छत्तीस वर्षीय अनुभवी तेज गेंदबाज आखिरी बार नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड सीरीज में भारत के लिए खेले थे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद भुवनेश्वर ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की। उन्होंने 2025 और 2026 में आरसीबी की लगातार खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने इन दो सत्र में 45 विकेट लिए थे (2025 में 17 और 2026 में 28)। भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी पांच मैच की सीरीज के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलेगी। कोटक ने संकेत दिया कि चयनकर्ताओं को शायद युवा गेंदबाजी ग्रुप में अनुभव जोड़ने की जरूरत महसूस हुई होगी। कोटक ने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है। लेकिन मैं आपको अपनी सोच के आधार पर जवाब दे सकता हूं। इंग्लैंड में, जब बुमराह आसपास नहीं थे और बहुत सारे युवा गेंदबाज खेल रहे थे तो मुझे व्यक्तिगत रूप से लगा कि आप अनुभव को मात नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, ‘‘युवा गेंदबाज अच्छे हैं, वे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका चयन हो रहा है, लेकिन किसी स्तर पर आपको कुछ अनुभव की भी जरूरत होती है। ’’कोटक ने कहा, ‘‘यह एक कारण हो सकता है। दूसरी बात यह है कि भुवनेश्वर पिछले दो सत्र से आईपीएल में बहुत अच्छा कर रहे हैं। इसलिए चयनकर्ताओं ने सोचा होगा कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और बाकी चीजों के लिए, निश्चित तौर पर वह अच्छा कर रहे हैं और हमें कुछ अनुभव की जरूरत है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसलिए उन्होंने उन्हें चुना होगा। ’’भुवनेश्वर की वापसी ने मोहम्मद शमी को लेकर भी सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं जो घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखने के बावजूद मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। शमी आखिरी बार मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के लिए खेले थे। वह तब से घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी की कोशिश कर रहे हैं जिसमें उन्होंने उत्साहजनक प्रदर्शन किए हैं। हालांकि, कोटक ने बंगाल के अनुभवी तेज गेंदबाज की संभावित वापसी को लेकर किसी भी अटकल से खुद को अलग रखा। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले मैं चयनकर्ता नहीं हूं इसलिए मेरे लिए आपको यह बताना मुश्किल है। लेकिन शमी भी खेल रहे हैं और वह भी अच्छा कर रहे हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि वह अच्छा कर रहे हैं और टीम को उनकी जरूरत है, तो किसी भी खिलाड़ी का चयन किया जा सकता है।
एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने अंडर-19 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट 5 नवंबर से ओमान में शुरू होगा और 14 नवंबर को फाइनल खेला जाएगा। इस बार 8 टीमें खिताब के लिए उतरेंगी और सभी मुकाबले मस्कट स्थित ओमान क्रिकेट अकादमी (OCA) के ग्राउंड-1 और ग्राउंड-2 पर खेले जाएंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 6 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगी। इसके दो दिन बाद 8 नवंबर को पाकिस्तान से मुकाबला होगा। ग्रुप स्टेज में भारत का आखिरी मैच 10 नवंबर को UAE के खिलाफ होगा। टूर्नामेंट 50-ओवर फॉर्मेट में होगा और कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे। भारत को ग्रुप-A में पाकिस्तान, UAE और नेपाल के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-B में बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका और मलेशिया शामिल हैं। 5 नवंबर को श्रीलंका-मलेशिया से शुरुआत टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 5 नवंबर को श्रीलंका U-19 और मलेशिया U-19 के बीच होगा। इसी दिन ग्रुप-B में बांग्लादेश और अफगानिस्तान की टीमें भी आमने-सामने होंगी। दोनों मुकाबले सुबह 10:30 बजे शुरू होंगे। श्रीलंका-मलेशिया मैच OCA ग्राउंड-2 और बांग्लादेश-अफगानिस्तान मैच OCA ग्राउंड-1 पर खेला जाएगा। पाकिस्तान ने पिछली बार भारत को हराया था पाकिस्तान मौजूदा चैंपियन है। पिछले सीजन के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रन से हराकर खिताब जीता था। यह पाकिस्तान का अंडर-19 एशिया कप में दूसरा खिताब था। भारत ने 8 बार अंडर-19 कप जीता भारत ने अंडर-19 एशिया कप के 8 खिताब 1989, 2003, 2012, 2013-14, 2016, 2018, 2019 और 2021 में जीते हैं। 2012 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त विजेता रहे थे। बांग्लादेश ने 2023 और 2024 में लगातार दो खिताब जीते, जबकि अफगानिस्तान 2017 में पहली बार चैंपियन बना। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हनुमा विहारी ने सैमसन की फॉर्म पर सवाल उठाए:कहा- कॉम्प्टीशन के दबाव में असुरक्षित महसूस कर रहे; लखनऊ में 11 रन बनाए भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हनुमा विहारी ने ओपनर संजू सैमसन के फॉर्म की आलोचना की है। उन्होंने सैमसन को मिल रहे लंबे मौके पर भी सवाल उठाया। विहारी ने कहा- ‘सैमसन टीम में कॉम्प्टीशन के दबाव के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।’ पूरी खबर पढ़ें…
Asian Games में निराशाजनक प्रदर्शन पर Sports Ministry सख्त, 13 अक्टूबर को होगी समीक्षा बैठक
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर खेल मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासंघों के साथ एक दिवसीय बैठक में हाल में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा जिसमें फोकस बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स में कुछ ‘अनुभवी’ खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन पर रहेगा। इसके साथ ही ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) के जरिए धनराशि जारी करने की भी फिर से समीक्षा की जाएगी। भारत ने आइची-नागोया खेलों में 21 स्वर्ण सहित 85 पदक जीते जो हांग्झोउ में पिछले चरण में हासिल किए गए 106 पदकों से काफी कम था। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘हमें कम से कम 150 पदक जीतने चाहिये थे और हम जीत भी सकते थे। कुछ अनुभवी खिलाड़ी स्पष्ट रूप से ‘कम्फर्ट जोन’ में थे और इसका असर उनके प्रदर्शन में दिखा। मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ बैठक में इसकी समीक्षा करेगा।’’भारत को 2026 एशियाई खेलों में बैडमिंटन में सिर्फ एक टीम कांस्य पदक मिला जबकि पिछले खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और कांस्य पदक जीता था। निशानेबाजों (विशेषकर पिस्टल में) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत खराब रहा जबकि दोनों खेलों के भारतीय दल में ओलंपिक पदक विजेता शामिल थे। सूत्र ने कहा ,‘‘ यह ताज्जुब की बात है कि ओलंपिक पदक विजेता एशियाड में पदक नहीं जीत पाये जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण करने वाले भारत के 310 खिलाड़ियों में से 106 ने पदक जीते। 23 स्पर्धाओं में करीब 89 अनुभवी खिलाड़ी नाकाम रहे। बैठक में समीक्षा की जायेगी कि नीति में क्या बदलाव करने की जरूरत है। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी कुछ खेलों में अपेक्षित परिणाम क्यो नहीं मिले।’’एथलेटिक्स में भारत को पिछले एशियाई खेलों में छह स्वर्ण पदक मिले थे जबकि इस बार सिर्फ एक पदक महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम हासिल कर सकी। खेलों के दौरान खिलाड़ियों के चोटिल होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। एथलेटिक्स में ज्योति याराजी ने चोट के कारण महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में हिस्सा ही नहीं लिया और त्रिकूद में प्रवीण चित्रावेल पहले प्रयास में ही चोटिल हो गए। वहीं 400 मीटर बाधादौड़ में यशस पलाक्षा अपनी हीट के बीच से हट गए थे। इसके अलावा एमएमए में वरूण सान्याल स्पर्धा से पहले अनफिट हो गए। सूत्र ने कहा, ‘‘ कुछ खिलाड़ी खेलों में पहुंचने के बाद चोटों की घोषणा कर रहे थे। अगर एथलीट चोटिल थे तो वे गए कैसे। उन्हें तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। ’’टॉप्स के जरिये खिलाड़ियों को मनचाही धनराशि आवंटित करने की भी समीक्षा का जिक्र करते हुए सूत्र ने कहा ,‘‘ टॉप्स फंडिंग की समीक्षा निश्चित तौर पर होगी। टॉप्स के खिलाड़ियों को मनचाहे कोचों, विदेश में अभ्यास और हर सुविधा के लिये सरकार ने भारी खर्च किया लेकिन नतीजे अपेक्षित नहीं मिले।’’उन्होंने आगे कहा ,‘‘ टॉप्स के तहत नौ स्पर्धाओं के 34 खिलाड़ियों पर 27 करोड़ रूपये से अधिक खर्च हुए लेकिन प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिनमें बैडमिंटन और निशानेबाजी के प्रमुख खिलाड़ी हैं।’’खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों से पहले कहा था कि तीन साल के चक्र में खिलाड़ियों को तैयार करने में 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। भारत ने 14 खेलों में पहली बार पदक जीते जिनमें साफ्ट टेनिस, एमएमए, रिकर्व तीरंदाजी शामिल है जबकि क्रिकेट , कबड्डी और हॉकी जैसे टीम खेलों में महिला और पुरूष दोनों वर्गों में भारत को स्वर्ण पदक मिले। महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता। पहली बार भारत की महिला और पुरूष दोनों हॉकी टीमों ने एक साथ स्वर्ण जीता और ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया।
भारत पहला मुकाबला जीतकर 1-0 की बढ़त के साथ आगे है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने मेजबान टीम वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था।
भारतीय टीम के स्टार ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल आगामी न्यूजीलैंड के दौरे से पहले रणजी ट्रॉफी में मुंबई की टीम से खेलते हुए दिखने वाले हैं, जिसमें सत्र की शुरुआत होने से पहले जायसवाल नेट्स में विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया : टेस्ट के लिए साउथ अफ्रीका ने प्लेइंग इलेवन का किया ऐलान
डरबन, साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। यह मैच शुक्रवार को डरबन में शुरू होगा। तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा टीम में जगह नहीं बना पाए, जबकि एनरिक नॉर्टजे की तीन साल से ज्यादा समय बाद वापसी हुई है।
IND vs WI 2nd T20: रांची में टीम इंडिया करेगी बड़ा बदलाव? वैभव सूर्यवंशी की एंट्री तय, इस खिलाड़ी पर गिरेगी गाज!
इंटरनेशनल : ब्रेक के बाद ला लीगा की 9 अक्टूबर से होगी शुरुआत
मैड्रिड, लंबे इंटरनेशनल ब्रेक के बाद स्पेन की मशहूर फुटबॉल लीग ला लीगा लीग शुक्रवार से फिर शुरू हो रही है। हालांकि, कई क्लब अपने खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि वे पिछले लगभग तीन हफ्तों से अपनी राष्ट्रीय टीमों के लिए खेल रहे थे।
Yashasvi Jaiswal मुंबई टीम के साथ सीख रहे हैं विकेटकीपिंग, कप्तान सिद्धेश लाड ने दी जानकारी
मुंबई, आठ अक्टूबर मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बल्लेबाजी और लेग-स्पिन के अलावा ‘बैक-अप’ कौशल के रूप में विकेटकीपिंग पर काम कर रहे हैं। रणजी ट्रॉफी 2026-27 सत्र से पहले जायसवाल की विकेटकीपिंग पर कड़ी मेहनत करते हुए तस्वीरें सामने आई हैं। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी भारतीय टीम के नेट में लेग-स्पिन का भी अभ्यास करता है और कुछ मुकाबलों में गेंदबाजी भी कर चुका है। जायसवाल रविवार से चंडीगढ़ के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में शुरू होने वाले मुंबई के रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। लेकिन राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण वह दूसरे मैच से आगे उपलब्ध नहीं रहेंगे। लाड ने मुंबई की सत्र पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में पीटीआई के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने विकेटकीपिंग का अभ्यास शुरू किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि वह अपने खेल में कुछ और जोड़ना चाहते हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उनका इरादा क्या है लेकिन अभी वह विकेटकीपिंग का अभ्यास कर रहे हैं और अगर वह अभ्यास करते रहेंगे तो वह इसके आदी हो जाएंगे। ’’पता चला है कि रणजी ट्रॉफी से पहले मुंबई के एक अभ्यास मैच के दौरान जायसवाल ने करीब 10 ओवर तक विकेटकीपिंग की थी।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 : टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स के सामने खड़े कई बड़े सवाल
नई दिल्ली, वनडे वर्ल्ड कप 2027 के शेड्यूल का ऐलान हो चुका है। साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में अगले साल यह विश्व कप खेला जाना है। भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 7 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी। हालांकि, टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स के सामने भारत के स्क्वॉड को लेकर कई बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब और समाधान वक्त रहते खोजना है।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 के शेड्यूल का ऐलान हो चुका है। साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में अगले साल यह विश्व कप खेला जाना है।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट की प्लेइंग-11 घोषित कर दी है। यह मुकाबला गुरुवार से डरबन में खेला जाएगा। तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा चोट से उबरने और फिटनेस हासिल करने के कारण टीम में जगह नहीं बना सके। अनरिख नॉर्त्जे 2023 के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट में वापसी करेंगे। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का पहला टेस्ट डरबन में होगा। दूसरा टेस्ट गक्बेरहा और आखिरी मुकाबला केप टाउन में खेला जाएगा। सीरीज के तीनों मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र के लिए अहम हैं। दोनों टीमें मजबूत शुरुआत कर सीरीज में लय बनाना चाहेंगी। दक्षिण अफ्रीका की टीम दक्षिण अफ्रीका ने पहले टेस्ट के लिए अनुभव और युवा प्रतिभा से संतुलित टीम चुनी है। तेम्बा बावुमा टीम की कप्तानी करेंगे। एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, डेविड बेडिंघम और ट्रिस्टन स्टब्स बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। वियान मुल्डर और मार्को यानसन ऑलराउंड विकल्प के तौर पर टीम को संतुलन देंगे। काइल वेरेन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। गेंदबाजी में केशव महाराज और साइमन हार्मर की स्पिन जोड़ी होगी। इनके साथ अनरिख नॉर्त्जे और मार्को यानसन तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। रबाडा इस साल मई के अंत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में गुजरात टाइटन्स के लिए खेलने के बाद से किसी भी स्तर पर नहीं खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग XI एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, डेविड बेडिंघम, तेम्बा बावुमा, ट्रिस्टन स्टब्स, वियान मुल्डर, काइल वेरेन, मार्को यानसन, साइमन हार्मर, केशव महाराज और अनरिख नॉर्त्जे।
मुकाबले से एक दिन पहले ही प्लेइंग इलेवन का ऐलान, 340 विकेट लेने वाला गेंदबाज बाहर
कगिसो रबाडा साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए हैं। वे हाल ही में हैमस्ट्रिंग इंजरी से वापस लौटे हैं। इस बीच एनरिख नोर्खिया को टीम में जगह मिली है, करीब साढ़े तीन साल बाद कोई टेस्ट मैच खेलेंगे।
कपिल पोखरिया : वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में मेडल जीतना अगला लक्ष्य
खटीमा (उत्तराखंड), एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय बॉक्सर कपिल पोखरिया का अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स में देश के लिए मेडल लाना है। कपिल ने 90 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।
खेल जगत में बड़ा विवाद! 20% रिश्वत न देने पर पैरा एथलीट्स का सिलेक्शन रोका, खिलाड़ियों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

