एशियन गेम्स में भारत की शानदार शुरुआत, वुशू और रोइंग में जीते पदक
एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. आज भारत ने प्रतियोगिता में अपनी धमाकेदार शुरुआत करते हुए दो और महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं. भारत को आज वुशू और रोइंग स्पर्धाओं में ये सफलताएं मिली हैं.
1000 गोल का सपना पूरा कर पाएंगे रोनाल्डो? बोले- लोग बना रहे हैं संन्यास का दबाव
रोनाल्डो वेल्स के खिलाफ होने वाले नेशंस लीग मुकाबले में पुर्तगाल की ओर से अपना 234वां मैच खेलेंगे। कोच जॉर्ज जीसस ने इस मुकाबले के लिए उन्हें शुरुआती XI में शामिल किए जाने की पुष्टि की है।
Asian Games Canoe Sprint: भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन, चार स्पर्धाओं में नहीं मिला पदक
भारत के लिए एशियाई खेलों की कैनो स्प्रिंट स्पर्धा में बृहस्पतिवार का दिन निराशाजनक रहा जहां चार स्पर्धाओं में चुनौती पेश करने वाले भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे। ‘मियोशी लेक कैनो कोर्स’ में पुरुषों की कैनो युगल 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में राजू रावत और फिलेम ज्ञानेश्वर सिंह एक मिनट 56.121 सेकंड के समय के साथ नौवें और अंतिम स्थान पर रहे। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की वू शेंगयुए और जी बोवेन की जोड़ी से 15.380 सेकंड पीछे रही। उज्बेकिस्तान के आर्तुर गुलिएव और व्लादलेन डेनिसोव ने 1:42.878 के समय के साथ रजत, जबकि कजाकिस्तान के सर्गेई येमेल्यानोव और तिमोफेई येमेल्यानोव ने 1:44.972 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की कयाक ‘फोर’ 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में भारत की नाओचा सिंह लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन सिंह शक्तावत की चौकड़ी एक मिनट 28.982 सेकंड के समय के साथ सातवें स्थान पर रही। भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण कोरिया की टीम से 6.395 सेकंड पीछे रही। चीन ने 1:22.842 के समय के साथ रजत और जापान ने 1:25.909 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। महिलाओं की कयाक युगल 500 मीटर स्पर्धा में सोनिया देवी फाइरेम्बम और पार्वती गीता फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। दोनों अपनी सेमीफाइनल हीट में दो मिनट 01.020 सेकंड के समय के साथ आखिरी स्थान पर रहीं। मेघा प्रदीप भी महिलाओं की कैनो एकल 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। पांच खिलाड़ियों की सेमीफाइनल हीट में वह 51.093 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ईरान की हिवा अफजली ने सेमीफाइनल जीता। केवल शीर्ष तीन खिलाड़ियों को फाइनल में जगह मिलनी थी। मेघा विजेता से 1.666 सेकंड पीछे रहीं।
सतनाम सिंह और सलमान खान ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की डबल स्कल्स में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। सलमान कभी दिल्ली में उबर टैक्सी चलाकर परिवार संभालते थे, जबकि सतनाम ने हैंडबॉल से रोइंग का रुख किया था।
Asian Games: 50 मीटर बटरफ्लाई में 12वें स्थान पर रहे Benedictine Rohit, फाइनल की दौड़ से चूके
तोक्यो 24 सितंबर भारत के बेनेडिक्टन रोहित ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की पुरुष 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा की हीट में संयुक्त रूप से 12वां स्थान हासिल किया। वह फाइनल के लिए दूसरे रिजर्व खिलाड़ी है। रोहित ने 23.87 सेकंड का समय निकाला और आठवें तथा अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहे सिंगापुर के त्जेन वेई तियोंग से सिर्फ 0.09 सेकंड पीछे रहे। तियोंग ने 23.78 सेकंड का समय निकाला। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले आठ में से दो तैराक अगर अपना नाम वापस लेते हैं, तो रोहित को फाइनल में उतरने का मौका मिल सकता है। फाइनल मुकाबला आज ही होगा। भारत पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। अनीश गौड़ा, आकाश मणि, हीर शाह और बेनेडिक्टन रोहित की भारतीय चौकड़ी तीन मिनट 23.51 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रही। भारत 13 टीमों में कुल मिलाकर 12वें स्थान पर रहा। आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहने वाली इंडोनेशियाई टीम ने भारत से दो सेकंड से अधिक तेज समय निकाला। आर्यन नेहरा ने पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल की बी फाइनल में आठ मिनट 02.52 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
Asian Games Wushu: रोशिबिना देवी ने जीता 60 किग्रा सांडा में रजत पदक
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर भारतीय टीम में शुरुआती तौर पर जगह नहीं मिलने के बावजूद किस्मत ने रोशिबिना देवी का साथ दिया और मणिपुर की 25 वर्षीय वुशु खिलाड़ी ने बृहस्पतिवार को महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लगातार तीसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल किया। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से हार का सामना करना पड़ा। ‘आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में हुए फाइनल में रोशिबिना को 0-2 से हार मिली। दोनों दो मिनट के राउंड में पांचों जज ने एकमत से चीनी खिलाड़ी के पक्ष में 5-0 का फैसला दिया। झांग ने पहले राउंड में दबदबा बनाया जिस पर पांचों जजों ने उन्हें क्रमश: 6-2, 6-3, 6-2, 6-2 और 8-2 से बढ़त दी। दूसरे और अंतिम राउंड में भी चीन की खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहतर रहा। पांचों जजों ने उन्हें 10-2, 8-3, 7-3, 7-3 और 6-1 से विजेता माना। पिछले एशियाई खेलों में रजत और 2018 के खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली रोशिबिना इस मुकाबले में चीन की खिलाड़ी की आक्रामकता और तकनीकी दबदबे का जवाब नहीं दे सकीं। झांग के खासकर साइड किक से उन्हें परेशानी हुई। मुकाबले के अधिकांश समय भारतीय खिलाड़ी दबाव में नजर आईं। मुकाबले के बाद रोशिबिना ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी रजत पदक जीता था और इस बार भी मुझे रजत ही मिला। मैं देशवासियों को स्वर्ण पदक नहीं दिला सकी। मैं वह नहीं दे सकी, जिसकी सभी को उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में आने से पहले काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। लेकिन मेरे कोच अमित पाल ने यहां तक पहुंचने में मेरी बहुत मदद की। मैं आगामी खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी, अपनी गलतियों से सीखूंगी और वापसी करूंगी।’’रोशिबिना ने बताया कि उन्हें करीब 10 सितंबर को टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम में शामिल किए जाने के बारे में करीब 10 सितंबर को पता चला और मैं मणिपुर स्थित अपने घर से बिना ज्यादा प्रशिक्षण के सीधे यहां आ गई।’’रोशिबिना को भारतीय टीम में देर से शामिल किया गया था। मूल रूप से चुनी गई दिव्यांशी चौधरी को ‘एसीएल’ चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा था। जून में श्रीनगर में हुए चयन ट्रायल में रोशिबिना को दिव्यांशी ने हराया था। बाद में दिव्यांशी ने रोशिबिना पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मायाई लीकाई की रहने वाली रोशिबिना के पिता नोरेम दामू सिंह किसान हैं। शुरुआत में वह बेटी को वुशु खेलने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन खेल के प्रति उसकी लगन देखकर बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। रोशिबिना के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता ने करियर के शुरुआती वर्षों में बेटी के प्रशिक्षण और यात्रा का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया था। अपनी प्रतिद्वंद्वी के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘वह नयी खिलाड़ी है और मैंने पहले उसके खिलाफ मुकाबला नहीं किया था। उसके साइड किक काफी अच्छे थे। मैंने भी बचाव करने की कोशिश की। मैंने उसे गिराने की कोशिश की, लेकिन वह बेहतर साबित हुई। आगामी खेलों में मैं भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी’’वुशु पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट से विकसित हुआ खेल है। रोशिबिना के कोच अमित पाल ने भी उनकी कम तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की खिलाड़ी बहुत अच्छी थी और रोशिबिना में कुछ कमी रह गई। लेकिन रोशिबिना को तैयारी के लिए ज्यादा समय भी नहीं मिला। वह करीब डेढ़ महीने तक राष्ट्रीय शिविर से बाहर थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जून में श्रीनगर में हुए ट्रायल में हार के बाद वह अपने घर चली गई थीं। दिव्यांशी के एसीएल चोटिल होने के बाद 10 सितंबर को रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। इसके बीच उन्हें बहुत कम प्रशिक्षण मिला और वह सीधे यहां आ गईं।’’अन्य भारतीय खिलाड़ियों के पदक नहीं जीत पाने के बीच रोशिबिना के रजत पदक ने भारतीय वुशु शिविर को जश्न मनाने का मौका दिया। ‘सांडा’ के अन्य खिलाड़ियों में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक के साथ नौवां स्थान हासिल किया। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वां स्थान हासिल किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 11वें स्थान पर रहे।
भारत पहली बार साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन (UCI) ने 2032 की चैंपियनशिप के लिए पुणे को मेजबान चुना है। इसका फैसला मॉन्ट्रियल में हुई UCI कांग्रेस में किया गया। नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन-ड्रेंथे को 2034 की चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। UCI प्रेसिडेंट डेविड लापार्तिएंत ने कहा कि पुणे और ग्रोनिंगन-ड्रेंथे की ओर से मजबूत दावेदारी पेश की गई थी। UCI ने दोनों आयोजकों के लिए मेजबानी का रास्ता निकाला है। 2032 में पहली बार भारत आएगी चैंपियनशिप पुणे की मेजबानी के साथ पहली बार UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में होगी। यह भारत में इंटरनेशनल रोड साइक्लिंग के विस्तार के लिहाज से भी अहम है। UCI ने कहा कि भारत में यह आयोजन प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और आम लोगों के बीच साइकिलिंग को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की भी उसकी योजना है। 1974 में पहली बार यूरोप से बाहर हुई थी चैंपियनशिप रोड साइक्लिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप लंबे समय तक यूरोप तक सीमित रही। 1974 में मॉन्ट्रियल में पहली बार यूरोप के बाहर इसका आयोजन हुआ था। इसके बाद 1990 में जापान रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला पहला एशियाई देश बना। एशिया में इसके बाद 2016 में दोहा और 2028 में अबू धाबी को मेजबानी मिली। 2025 में रवांडा पहला अफ्रीकी मेजबान बना। 2032 के बाद 2034 में नीदरलैंड्स ग्रोनिंगन और ड्रेंथे को 2034 UCI रोड और पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की संयुक्त मेजबानी मिली है। यानी 2032 की मेजबानी पुणे को और उसके दो साल बाद 2034 का आयोजन नीदरलैंड्स में होगा। --------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की मेंस टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली नाओरेम रोशिबिना देवी देश की सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाली वुशु एथलीटों में शुमार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने और उनके उत्कृष्ट खेल योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया था। नागोया में उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पूरे खेल जगत और देशवासियों ने उन्हें बधाई दी है।
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
रोशिबिना देवी नाओरेम ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत जीता। टीम में उनका चयन दिव्यांशी चौधरी की चोट के बाद आखिरी समय में हुआ था और इसे लेकर विवाद भी हुआ
Asian Games में Mixed 4x400m Relay के फाइनल में पहुंचा भारत
भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा की अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बना ली। एस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण की भारतीय चौकड़ी ने तीन मिनट 16.23 सेकंड का समय निकालकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम का यह समय दोनों हीट में चौथा सबसे तेज रहा। बहरीन ने तीन मिनट 15.73 सेकंड, चीन ने तीन मिनट 15.97 सेकंड और वियतनाम ने तीन मिनट 16.08 सेकंड का समय निकाला। आठ टीमों के बीच फाइनल मुकाबला आज शाम होगा। भारतीय टीम रेस के दूसरे और तीसरे चरण में आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरण में दौड़ने वाली किरण को चीन की धावक ने आखिरी क्षणों में पीछे छोड़ दिया। चीन ने हीट में पहला स्थान हासिल किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने तीन मिनट 17.00 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया ने तीन मिनट 18.66 सेकंड के समय के साथ हीट-2 से फाइनल में जगह बनाई। हीट एक से बहरीन, वियतनाम, मेजबान जापान और फिलीपींस ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
एशियाई खेलों में भारतीय Table Tennis जोड़ियों का दबदबा, श्रीजा और यशस्विनी प्री-क्वार्टर फाइनल में
श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दीया चिताले की भारतीय महिला युगल जोड़ियों ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। श्रीजा और सिंड्रेला ने दूसरे दौर के मुकाबले में मंगोलिया की बुरेनजारगल संजा और बोलोर-एरदेने बातमुंख को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-5, 11-4, 12-10 से अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दोनों गेम आसानी से जीत लिए, लेकिन तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। उन्होंने हालांकि संयम बनाए रखा और 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। श्रीजा और सिंड्रेला का सामना अंतिम-16 के मुकाबले में चीन की कुआई मान और वांग मन्यु की मजबूत जोड़ी से होगा। यशस्विनी और दीया की दूसरी भारतीय जोड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईरान की सेतायेश इलूखानी और महशिद अश्तारी को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-2, 11-2, 11-4 से जीता। यशस्विनी और दीया ने शुरुआत से ही मुकाबले पर दबदबा बनाए रखा और एक भी गेम गंवाए बिना जीत दर्ज की। प्री-क्वार्टर फाइनल में यशस्विनी और दीया का सामना चीन की फैन शुहान और चेन यी की जोड़ी से होगा।
Indian tennis player Parikshit Somani पर डोपिंग के चलते लगा चार साल का बैन
भारतीय टेनिस खिलाड़ी परीक्षित सोमानी पर पिछले साल अस्ताना में एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की पुष्टि होने के बाद चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (आईटीआईए) की स्वतंत्र पंचाट ने सोमानी पर यह प्रतिबंध लगाया है। छब्बीस वर्षीय सोमानी जुलाई 2023 में करियर की सर्वश्रेष्ठ 256वीं युगल रैंकिंग पर पहुंचे थे। कजाकिस्तान में 31 जुलाई 2025 को लिए गए उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ ट्राइमेटाजिडीन पाया गया था। सोमानी को 23 सितंबर 2025 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। आईटीआईए ने बताया, ‘‘ सेमानी ने फरवरी 2026 में दावा किया था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा तैयार भोजन खाया था। भोजन तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान परिवार के सदस्य की दवा से वह भोजन दूषित हो गया था।’’उन्होंने कहा, ‘‘19 अगस्त 2026 को स्वतंत्र न्यायाधिकरण के समक्ष हुई सुनवाई में सोमानी ने इसी दावे को अपने बचाव का आधार बनाया। सोमानी और आईटीआईए की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद पंचाट ने भोजन के दूषित होने की उनकी दलील को ‘वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय, अत्यधिक अटकलों’ पर आधारित और असंतोषजनक माना।’’पंचाट ने कहा कि सोमानी अपने नमूने में पाए गए प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत को साबित नहीं कर सके। इसलिए उन्हें कोई राहत नहीं दी गई। पहले से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध की अवधि को चार साल की सजा में शामिल किया जाएगा। इसके अनुसार, सोमानी का प्रतिबंध 22 सितंबर 2029 को समाप्त होगा। प्रतिबंध की अवधि के दौरान सोमानी विश्व टेनिस, डब्ल्यूटीए, एटीपी, ग्रैंड स्लैम या किसी राष्ट्रीय टेनिस संघ द्वारा आयोजित या मान्यता प्राप्त किसी भी प्रतियोगिता में खिलाड़ी, कोच या दर्शक के तौर पर हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
एशियन गेम्स: रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को दिलाया सिल्वर मेडल
नोगोया, 24 सितंबर (आईएएनएस)। जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारतीय दल की शुरुआत शानदार रही है। रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को सिल्वर मेडल दिलाया है।
भारतीय टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के कारण 4 साल का बैन लगाया गया है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल ने उन्हें प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाए जाने के मामले में दोषी माना है। ट्रिब्यूनल ने खाने के दूषित होने की उनकी दलील को खारिज कर दिया। 26 साल के परिक्षित का 31 जुलाई 2025 को कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए ATP चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट हुआ था। उनके सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाया गया था। इसके बाद उन्हें 23 सितंबर 2025 को प्रोविजनल सस्पेंड किया गया। 22 सितंबर 2029 तक नहीं खेल पाएंगे परिक्षित को प्रोविजनल सस्पेंशन के दौरान बिताया गया समय 4 साल के बैन में शामिल किया गया है। इसलिए उनका सस्पेंशन 22 सितंबर 2029 को खत्म होगा। परिक्षित ने कहा- परिवार के सदस्य की दवा से खाना दूषित हुआ परिक्षित ने फरवरी 2026 में अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा बनाया खाना खाया था। उनका दावा था कि खाना बनाते समय उस सदस्य की दवा गलती से भोजन में मिल गई थी। इसी वजह से ट्रिमेटाजिडाइन उनके शरीर में पहुंचा। 19 अगस्त 2026 को इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल के सामने हुई सुनवाई में परिक्षित ने इसी दलील को अपना आधार बनाया। ट्रिब्यूनल ने दलील को खारिज किया ITIA और परिक्षित की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ट्रिब्यूनल ने फूड-कंटैमिनेशन की थ्योरी को वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय, बेहद अटकलों पर आधारित और भरोसे के लायक नहीं माना। ट्रिब्यूनल ने कहा कि परिक्षित अपने सैंपल में मिले प्रतिबंधित पदार्थ का सोर्स स्थापित नहीं कर सके। इसलिए उन्हें सजा में किसी तरह की राहत देने वाली परिस्थिति लागू नहीं होती। बैन के दौरान खेलने और कोचिंग पर रोक सस्पेंशन के दौरान परिक्षित किसी भी आधिकारिक टेनिस इवेंट में नहीं खेल सकेंगे। किसी खिलाड़ी को कोचिंग नहीं दे सकेंगे। World Tennis, WTA, ATP, ग्रैंड स्लैम या किसी नेशनल एसोसिएशन के आयोजित या मान्यता प्राप्त इवेंट में शामिल नहीं हो सकेंगे। जुलाई 2023 में डबल्स रैंकिंग 256 तक पहुंचे परिक्षित सोमानी ने जुलाई 2023 में करियर की सर्वश्रेष्ठ डबल्स रैंकिंग 256 हासिल की थी। उन्होंने ATP चैलेंजर सर्किट पर भी खेला है। 4 साल के बैन के कारण अब उनका प्रतिस्पर्धी टेनिस करियर 2029 तक प्रभावित रहेगा। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत पदक जीता। फाइनल में चीन की झांग शियाओयू ने उन्हें 10-0 से हराया।
सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं बलराज पंवार पुरुषों की सिंगल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहे। आखिरी 500 मीटर में पिछड़ने से उनका पदक जीतने का सपना टूट गया।
46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। प्रज्ञानानंद ने इंग्लैंड के अनुभवी खिलाड़ी निकिता वित्युगोव को हराया। उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए दबाव बनाया और क्वीन साइड पर हमला कर मुकाबला अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट में उनकी दूसरी जीत है। गुकेश लगातार अजेयवर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने चौथे बोर्ड पर डैनियल हॉवर्ड फर्नांडीज को हराया। उन्होंने टाइम प्रेशर के दौरान 40वें मूव की गलती का फायदा उठाया। इसके बाद बढ़त को जीत में बदल दिया। गुकेश अब तक टूर्नामेंट में अजेय हैं। गुकेश ने इससे पहले भारत को पिछले दो चेस ओलंपियाड में गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार भी वह तीसरे लगातार गोल्ड की दौड़ में हैं। अर्जुन का ड्रॉ, निहाल हारेदूसरे बोर्ड पर अर्जुन एरीगैसी ने इंग्लैंड के माइकल एडम्स से ड्रॉ खेला। तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन को ल्यूक मैकशेन ने हराया। यह निहाल की लगातार दूसरी हार थी। हालांकि, प्रज्ञानानंद और गुकेश की जीत से भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत 12 मैच पॉइंट्स पर इंग्लैंड पर जीत के बाद भारत के 12 मैच पॉइंट्स हो गए हैं। टीम ने 7 में से 6 मुकाबले जीते हैं और एक में हार मिली है। उज्बेकिस्तान ने चीन को 3-1 से हराकर 14 पॉइंट्स के साथ बढ़त बनाए रखी है। भारत अगले राउंड में अजरबैजान से खेलेगा। महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से हराया भारतीय महिला टीम ने भी 7वें राउंड में जर्मनी को 3.5-0.5 से हराया। कोनेरू हम्पी, दिव्या देशमुख और साविता श्री ने जीत दर्ज की। वैशाली का मुकाबला ड्रॉ रहा। हम्पी ने टॉप बोर्ड पर डिनारा वैगनर को हराया। दिव्या ने तीसरे बोर्ड पर जीत दर्ज की। चौथे बोर्ड पर साविता श्री ने लारा शुल्जे को हराकर टूर्नामेंट में लगातार छठी जीत दर्ज की। चीन और कजाकिस्तान का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहने का फायदा भारत को मिला। भारत अब 12 मैच पॉइंट्स के साथ टॉप पर चल रहे चीन और कजाकिस्तान से एक पॉइंट पीछे है। अगले राउंड में भारत-कजाकिस्तान मुकाबला 8वें राउंड में भारतीय पुरुष टीम का सामना अजरबैजान से होगा। वहीं भारतीय महिला टीम कजाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। ----------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रेयस अय्यर को टी-20 रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा:सिकंदर रजा वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर-1 के करीब, 5 पायदान चढ़े टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर को ICC की नई टी-20 बैटिंग रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा हुआ है। वे अब 22वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज और जापान के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन का उन्हें फायदा मिला है। पूरी खबर
Roshibina Devi ने Asian Games में जीता रजत पदक, वुशु में भारत का नाम किया रोशन
(तस्वीरों के साथ)नागोया (जापान) 24 सितंबर एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में अपने चयन को लेकर उठे विवादों को पीछे छोड़ते हुए स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में बृहस्पतिवार को रजत पदक जीता। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना को फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। उनके पदक के साथ भारत का वुशु अभियान खाली हाथ रहने से बच गया। रोशिबिना का एशियाई खेलों में यह तीसरा पदक है। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत और 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। चयन ट्रायल में रोशिबिना को युवा दिव्यांशी चौधरी ने हराया था, लेकिन दिव्यांशी के चोटिल होने के बाद रोशिबिना को भारतीय टीम में शामिल किया गया। भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद दिव्यांशी ने रोशिबिना पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। रोशिबिना ने फाइनल तक के सफर में वियतनाम की 2023 विश्व चैंपियन गुयेन थी थू थुई को भी शिकस्त दी। उनके अलावा भारत का कोई अन्य वुशु खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं रहा। सांडा स्पर्धा में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए। महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक हासिल किए और नौवें स्थान पर रहीं। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन वह 11वें स्थान पर रहे।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स में भारत का पदक अभियान गुरुवार, 24 सितंबर को भी जारी रहेगा। रोइंग, वुशु, निशानेबाजी, कैनो स्प्रिंट, तैराकी और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे
एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू अब 53 किग्रा भार वर्ग में नई चुनौती के लिए तैयार हैं।
Cristiano Ronaldo ने संन्यास की अटकलों को नकारा, कहा राष्ट्रीय टीम को अब भी मदद कर सकता हूं
पुर्तगाल के महान फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने स्वीकार किया है कि उन्होंने विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बारे में सोचा थ। इस 41 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी ने यह भी माना कि उनके देश में कुछ आलोचक उन्हें अब राष्ट्रीय टीम से बाहर देखना चाहते हैं। रोनाल्डो बृहस्पतिवार को वेल्स के खिलाफ होने वाले नेशंस लीग मुकाबले में पुर्तगाल की ओर से अपना 234वां मैच खेलेंगे। कोच जॉर्ज जीसस ने इस मुकाबले के लिए उन्हें शुरुआती एकादश में शामिल किए जाने की पुष्टि की है। रोनाल्डो से मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि क्या उन्होंने जुलाई में स्पेन के खिलाफ विश्व कप के अंतिम-16 में मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म करने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैंने ऐसा सोचा था। मैं हमेशा अपने फैसलों अपने भविष्य और वर्तमान के बारे में सोचता रहता हूं।’’रोनाल्डो ने कहा कि उन्होंने इस बारे में देश के फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और कोच जॉर्ज जीसस से बातचीत की है। जीसस इससे पहले रोनाल्डो के क्लब अल-नासर के कोच थे और उन्होंने मई में टीम को सऊदी लीग का खिताब दिलाया था। रोनाल्डो ने कहा, ‘‘मुझे अब भी विश्वास है कि मैं राष्ट्रीय टीम की मदद कर सकता हूं और उसे उसके लक्ष्य तक पहुंचा सकता हूं। मैं तब संन्यास लूंगा, जब मुझे लगेगा कि मैं टीम के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं।’’पुर्तगाल को 2025 में नेशंस लीग का खिताब दिलाने वाले रोनाल्डो अपने करियर में 1,000 गोल पूरे करने के करीब हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक नई और युवा पीढ़ी है। लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात मैदान पर उतरकर गोल करना और टीम को मैच जिताने में मदद करना है।’’रोनाल्डो ने यह भी कहा कि अपने देश में उन्हें हर कोई पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पुर्तगाल के प्रशंसक मुझे पसंद करते हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि कुछ टीवी चैनल मेरी आलोचना करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि मैं अब राष्ट्रीय टीम के लिए न खेलूं।’’रोनाल्डो ने कहा, ‘‘मैं 20 साल से अधिक समय से यह सब देख रहा हूं। लेकिन मेरी यादें उन लोगों के साथ हैं, जो मुझसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूं कि बच्चे क्रिस्टियानो को क्यों पसंद करते हैं। वे मुझे अपना आदर्श मानते हैं और मैं ऐसा करता रहूंगा।’’रोनाल्डो ने मुस्कुराते हुए कहा कि संन्यास लेने के बाद भी वह लोगों के लिए उदाहरण बने रहेंगे, ‘‘10 साल बाद भी।
एशियाई खेलों में भारतीय रोवर्स Satnam Singh और Salman Khan ने जीता कांस्य पदक
भारतीय रोवर सतनाम सिंह और सलमान खान ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर रही लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह तीसरे स्थान पर खिसक गई। दोनों ने ‘नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स’ पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। इससे पहले भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने छह मिनट 54.80 सेकंड का समय लिया। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। पंवार स्वर्ण पदक विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 2026: भारत का आज का शेड्यूल 24 सितंबर; मेडल्स की हो सकती है बौछार
Asian Games 2026 India Full schedule: भारत रोइंग और कैनो स्प्रिंट में भी कई मेडल रेस में हिस्सा लेगा। शूटिंग में दो तरह से मेडल मिलते हैं, जिसमें पुरुषों की 10m एयर पिस्टल और स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट शामिल हैं।
29 गोल से मचाया कोहराम, अब कोरिया की बारी… भारत का असली इम्तिहान
एशियन गेम्स में खिताब बचाने उतरी भारतीय हॉकी टीम ने इंडोनेशिया और श्रीलंका को बड़े अंतर से हराकर धमाकेदार शुरुआत की है. अब गुरुवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत का पहला बड़ा टेस्ट होगा. भारत की नजर इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की राह मजबूत करने के साथ 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने की ओर एक और कदम बढ़ाने पर होगी.
एशियन गेम्स में आज 18 साल की भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह का मुकाबला होगा। वे राउंड ऑफ 16 में भिड़ेंगी। उन्होंने इसी साल जुलाई में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती थी। वे यह खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दिनभर में भारत 13 मेडल इवेंट में उतरेगा। सबसे ज्यादा रोइंग में 5 मेडल इवेंट होंगे। इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम ग्रुप स्टेज में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों टीमें खेलती दिखेंगी। आज 55 गोल्ड दांव पर पूरे दिन एशियन गेम्स में 55 गोल्ड मेडल मुकाबले होंगे। इनमें रोइंग में सबसे ज्यादा 14 गोल्ड दांव पर हैं। स्वीमिंग और वुशु में 7-7, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में 5 गोल्ड मेडल पर फैसला होगा। सुबह रोइंग से भारत की शुरुआत सुबह 5:10 बजे बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। 5:30 बजे सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। सुबह 6:10 बजे वुशु में रोशिबिना देवी महिला 60 किग्रा फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के सामने होंगी। इसी समय टेबल टेनिस में दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। कैनो स्प्रिंट में मेघा प्रदीप महिला कैनो सिंगल 200 मीटर सेमीफाइनल में उतरेंगी। एथलेटिक्स, रोइंग और स्वीमिंग में भारत का इवेंट सुबह 7:01 बजे जय कुमार, अंसा बाबू, मनु टीएस और रशदीप कौर मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले हीट-2 में उतरेंगे। 7:10 बजे स्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। 7:10 बजे ही रोइंग में गुरबानी कौर, अलीना एंटो, तेंदेनथोई हाओबिजाम और पूनम महिला फोर फाइनल में उतरेंगी। सुबह 7:21 बजे आर्यन नेहरा पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में उतरेंगे। 7:32 बजे बेनेडिक्टन बेनिस्टन, अनीश सुनील, आकाश मणि और गितेश शाह पुरुष 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में हिस्सा लेंगे। अनाहत सुबह 10:30 बजे खेलेंगी स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सुबह 10:30 बजे राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उतरेंगी। इसी समय तन्वी खन्ना भी अपना राउंड ऑफ 16 मैच खेलेंगी। इससे पहले सुबह 8 बजे सूरज चंद और शमीना रियाज का मुकाबला जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार से होगा। 8:05 बजे मनुश शाह पुरुष सिंगल्स R1 में वोंग क्यू शेन से खेलेंगे। 11:15 बजे अभय सिंह और वीर चोत्रानी अपने-अपने स्क्वैश मुकाबले खेलेंगे। कैनो स्प्रिंट में 2 फाइनल सुबह 8:10 बजे नाओचा लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन शक्तावत पुरुष कयाक फोर 500 मीटर फाइनल में उतरेंगे। 8:30 बजे राजू रावत और ज्ञानेश्वर सिंह पुरुष कैनो डबल 500 मीटर फाइनल खेलेंगे। इसी समय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का इंडिविजुअल फाइनल भी होगा। भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर इसमें उतरेंगे। मेंस हॉकी में साउथ कोरिया से भिड़ंत सुबह 9:40 बजे भारत की पुरुष कबड्डी टीम ग्रुप-ए में चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 11:30 बजे भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूल-ए में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। करीब शाम 4:15 बजे भारतीय महिला कबड्डी टीम ग्रुप-ए में जापान के खिलाफ खेलेगी। इस बीच ई-स्पोर्ट्स में पारितोष सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:10 बजे तक प्यो प्यो चैंपियंस के ग्रुप गेम्स में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग में परवीन का मुकाबला दोपहर 12 बजे उज्ज्वल कुमार सिंह और रोहित लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। दोपहर 1 बजे अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह और जकार खान पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। दोपहर 3:15 बजे बॉक्सिंग में परवीन महिला राउंड ऑफ 32 में मलिका नोझिमोवा के खिलाफ उतरेंगी। आशा और निहारिका महिला ट्रिपल जंप फाइनल खेलेंगी शाम 4:14 बजे आशा इलांगो और निहारिका वशिष्ठ महिला ट्रिपल जंप फाइनल में उतरेंगी। शाम 4:38 बजे अनिमेष कुजुर पुरुष 100 मीटर हीट-1 और 5:02 बजे गुरिंदरवीर सिंह पुरुष 100 मीटर हीट-4 में उतरेंगे। दिन का आखिरी मेडल इवेंट शाम 5:55 बजे महिला 10,000 मीटर फाइनल होगा, जिसमें सीमा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
एशियन गेम्स में आज 18 साल की भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह का मुकाबला होगा। वे राउंड ऑफ 16 में भिड़ेंगी। उन्होंने इसी साल जुलाई में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती थी। वे यह खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दिनभर में भारत 13 मेडल इवेंट में उतरेगा। सबसे ज्यादा रोइंग में 5 मेडल इवेंट होंगे। इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम ग्रुप स्टेज में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों टीमें खेलती दिखेंगी। आज 55 गोल्ड दांव पर पूरे दिन एशियन गेम्स में 55 गोल्ड मेडल मुकाबले होंगे। इनमें रोइंग में सबसे ज्यादा 14 गोल्ड दांव पर हैं। स्वीमिंग और वुशु में 7-7, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में 5 गोल्ड मेडल पर फैसला होगा। सुबह रोइंग से भारत की शुरुआत सुबह 5:10 बजे बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। 5:30 बजे सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। सुबह 6:10 बजे वुशु में रोशिबिना देवी महिला 60 किग्रा फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के सामने होंगी। इसी समय टेबल टेनिस में दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। कैनो स्प्रिंट में मेघा प्रदीप महिला कैनो सिंगल 200 मीटर सेमीफाइनल में उतरेंगी। एथलेटिक्स, रोइंग और स्वीमिंग में भारत का इवेंट सुबह 7:01 बजे जय कुमार, अंसा बाबू, मनु टीएस और रशदीप कौर मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले हीट-2 में उतरेंगे। 7:10 बजे स्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। 7:10 बजे ही रोइंग में गुरबानी कौर, अलीना एंटो, तेंदेनथोई हाओबिजाम और पूनम महिला फोर फाइनल में उतरेंगी। सुबह 7:21 बजे आर्यन नेहरा पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में उतरेंगे। 7:32 बजे बेनेडिक्टन बेनिस्टन, अनीश सुनील, आकाश मणि और गितेश शाह पुरुष 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में हिस्सा लेंगे। अनाहत सुबह 10:30 बजे खेलेंगी स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सुबह 10:30 बजे राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उतरेंगी। इसी समय तन्वी खन्ना भी अपना राउंड ऑफ 16 मैच खेलेंगी। इससे पहले सुबह 8 बजे सूरज चंद और शमीना रियाज का मुकाबला जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार से होगा। 8:05 बजे मनुश शाह पुरुष सिंगल्स R1 में वोंग क्यू शेन से खेलेंगे। 11:15 बजे अभय सिंह और वीर चोत्रानी अपने-अपने स्क्वैश मुकाबले खेलेंगे। कैनो स्प्रिंट में 2 फाइनल सुबह 8:10 बजे नाओचा लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन शक्तावत पुरुष कयाक फोर 500 मीटर फाइनल में उतरेंगे। 8:30 बजे राजू रावत और ज्ञानेश्वर सिंह पुरुष कैनो डबल 500 मीटर फाइनल खेलेंगे। इसी समय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का इंडिविजुअल फाइनल भी होगा। भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर इसमें उतरेंगे। मेंस हॉकी में साउथ कोरिया से भिड़ंत सुबह 9:40 बजे भारत की पुरुष कबड्डी टीम ग्रुप-ए में चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 11:30 बजे भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूल-ए में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। करीब शाम 4:15 बजे भारतीय महिला कबड्डी टीम ग्रुप-ए में जापान के खिलाफ खेलेगी। इस बीच ई-स्पोर्ट्स में पारितोष सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:10 बजे तक प्यो प्यो चैंपियंस के ग्रुप गेम्स में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग में परवीन का मुकाबला दोपहर 12 बजे उज्ज्वल कुमार सिंह और रोहित लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। दोपहर 1 बजे अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह और जकार खान पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। दोपहर 3:15 बजे बॉक्सिंग में परवीन महिला राउंड ऑफ 32 में मलिका नोझिमोवा के खिलाफ उतरेंगी। आशा और निहारिका महिला ट्रिपल जंप फाइनल खेलेंगी शाम 4:14 बजे आशा इलांगो और निहारिका वशिष्ठ महिला ट्रिपल जंप फाइनल में उतरेंगी। शाम 4:38 बजे अनिमेष कुजुर पुरुष 100 मीटर हीट-1 और 5:02 बजे गुरिंदरवीर सिंह पुरुष 100 मीटर हीट-4 में उतरेंगे। दिन का आखिरी मेडल इवेंट शाम 5:55 बजे महिला 10,000 मीटर फाइनल होगा, जिसमें सीमा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत ने पांच पदक जीते। कुल पदकों की संख्या 12 हो गई। मीराबाई चानू ने देश को रजत पदक दिलाया। चार कांस्य पदक आए। गोल्ड मेडल एक भी नहीं मिला। देखिए आज का पूरा रिपोर्ट कार्ड।
स्पेन ने कजाकिस्तान को 2-1 से हराकर 2008 के बाद पहली बार बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। क्रिस्टीना बुका और सारा सोरिबेस टॉर्मो ने निर्णायक डबल्स मुकाबले में 6-2, 7-5 से जीत दर्ज की।
जो रूट ने 23 हजार रनों का पहाड़ पार कर रचा इतिहास, सचिन छूटे पीछे
जो रूट इस समय श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में बल्ले से धमाल मचा रहे हैं. इंग्लैंड की तरफ से खेलते हुए पहले वनडे मैच में उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया हैं. सबसे तेज 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने के मामले में अब जो रूट दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं.
Satnam Singh और Salman Khan ने Asian Games की Men Doubles Rowing Final में बनाई जगह
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों में चौथा दिन कई अच्छी खबरें लेकर आया है। नौकायन में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबलों के फाइनल में जगह बना ली है। सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार ने मजबूत प्रदर्शन के साथ पदक की रेस में अपनी जगह पक्की कर ली है। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल नौकायन में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल करते हुए अंतिम मुकाबले में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने 6 मिनट 15.63 सेकंड का समय निकाला। दोनों हीट के नतीजों को मिलाकर उनका प्रदर्शन चौथे स्थान पर रहा है। अब सतनाम और सलमान गुरुवार को होने वाले अंतिम मुकाबले में उतरेंगे, जहां उनके सामने पदक जीतने की चुनौती होगी। वहीं पुरुष एकल नौकायन में बलराज पंवार ने भी फाइनल में जगह बनाकर भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। उन्होंने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया और 6 मिनट 52.84 सेकंड का समय दर्ज किया। दोनों हीट के कुल प्रदर्शन में बलराज चौथे स्थान पर रहे हैं। अब वह अंतिम मुकाबले में पदक के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। बता दें कि नौकायन में फाइनल तक पहुंचना अपने आप में अहम उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को अपनी गति के साथ-साथ लंबे समय तक लय और संतुलन बनाए रखना होता है। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे अंतिम मुकाबलों में भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। नौकायन के अलावा भारत की पुरुष कयाक चार सदस्यीय टीम ने भी 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। हर्षवर्धन शक्तावत, वरिंदर सिंह, एल नाओचा सिंह ओइनाम और अरुण सिंह की भारतीय टीम ने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया। टीम ने 1 मिनट 29.447 सेकंड का समय लिया। चीन की टीम इस रेस में सबसे आगे रही और भारतीय टीम उससे 5.594 सेकंड पीछे रही है। गौरतलब है कि एची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय दल का प्रदर्शन कई खेलों में लगातार चर्चा में है। चौथे दिन भारत के पास कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके हैं। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मनु भाकर पर भी भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों से उनके अनुभव और पिछले बड़े मुकाबलों के प्रदर्शन को देखते हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई खेलों में अब तक भारत ने कुल सात पदक जीते हैं। इनमें एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी अब इस संख्या को और बढ़ाने के इरादे से अलग-अलग स्पर्धाओं में उतर रहे हैं। नौकायन में सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार के फाइनल में पहुंचने से भारत के पदक अभियान को एक और मजबूती मिली है और अब सभी की नजरें गुरुवार के अंतिम मुकाबलों पर टिकी है।
Jai Meena ने Philippines के खिलाड़ी को हराकर Asian Games Soft Tennis में रचा इतिहास
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में भारत का पहला पदक भी पक्का हो गया है। जय मीणा ने बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब हर खेल में बराबरी का रहा। जय मीणा ने शुरुआत में काफी संघर्ष किया और पहला खेल 0-4 से गंवा दिया। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा खेल 4-2 से अपने नाम किया। तीसरे खेल में नुगुइट ने फिर 4-2 से बढ़त बना ली। हालांकि जय ने हार नहीं मानी और चौथे खेल में 5-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को फिर बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पांचवें खेल में फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई, लेकिन जय मीणा ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। छठे खेल में उन्होंने 7-5 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सातवें खेल तक पहुंचा दिया। आखिरी खेल में भी भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। बता दें कि जय मीणा का यह तीसरा एशियाई खेल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनका प्रदर्शन अब तक खासा प्रभावी रहा है। पुरुष सिंगल्स के ग्रुप डी में उन्होंने पाकिस्तान के अरैन हुसैन को सीधे चार खेलों में 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। जय मीणा की सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला एशियाई खेल पदक पक्का कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगे, जबकि हार की स्थिति में भी भारत के खाते में पदक रहेगा। एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में भी पदक आया है। राइजा और परीनााज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक जुटाकर भारतीय टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। भारत ने कुल 331 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया है। गौरतलब है कि भारत की निशानेबाजी टीम में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। वहीं सुरूचि इंदर सिंह और ईशा सिंह फाइनल में पहुंचने से चूक गईं। इस तरह एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान लगातार कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।
Fariba Hashimi बनीं 2002 के बाद Asian Games में पदक जीतने वाली पहली अफगान महिला
कभी अफगानिस्तान की सड़कों पर साइकिल चलाने के लिए फरीबा हाशिमी को अपनी पहचान तक छिपानी पड़ती थी। आज वही फरीबा एशियाई खेलों के पदक मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 23 वर्षीय फरीबा ने जापान में आयोजित एशियाई खेलों की महिलाओं की सड़क दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। वह 2002 के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली अफगानिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। फरीबा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनका खेल सफर काफी मुश्किल हालात से होकर गुजरा है। उन्होंने 15 साल की उम्र में साइकिल चलाना शुरू किया था। उनकी बहन युलदोज हाशिमी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइकिल खिलाड़ी हैं। दोनों बहनों ने पड़ोसी से साइकिल लेकर इसे चलाना सीखा था। वर्ष 2017 में पहली ही दौड़ में फरीबा पहले और युलदोज दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत फरीयाब में महिलाओं का इस तरह साइकिल चलाना सामान्य बात नहीं थी। दोनों बहनों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए कई बार अपनी पहचान छिपानी पड़ी। फरीबा सिर पर कपड़ा, चेहरा ढकने वाली चीज और चश्मा लगाकर पुरुषों की तरह कपड़े पहनकर प्रशिक्षण के लिए जाती थीं। कई मौकों पर उन्होंने अलग पहचान का भी इस्तेमाल किया था। समय के साथ उनकी पहचान लोगों के बीच होने लगी और मुश्किलें भी बढ़ती गईं। फरीबा ने बताया है कि साइकिल चलाते समय उन पर पत्थर और बोतलें फेंकी जाती थीं। उनकी बहन युलदोज को एक बार एक रिक्शा चालक ने साइकिल चलाते समय टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी कलाई टूट गई थी। परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता में आने के बाद फरीबा को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह इटली में रहने लगीं और वहीं प्रशिक्षण जारी रखा। इटली की पूर्व विश्व चैंपियन साइकिल खिलाड़ी अलेसांद्रा कैपेलोत्तो ने उनके सफर में मदद की है। फरीबा और उनकी बहन युलदोज ने बाद में पेरिस ओलंपिक में भी अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर लगी पाबंदियों के बीच फरीबा की कहानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यूनेस्को के अनुसार, 2026 में भी अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां लड़कियों और महिलाओं को प्राथमिक स्तर के बाद की शिक्षा से औपचारिक रूप से बाहर रखा गया है। एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले फरीबा ने महिलाओं की व्यक्तिगत समय दौड़ में सातवां स्थान हासिल किया था। इसके बाद सड़क दौड़ में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की ली गुओ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि हांगकांग की लेउंग विंग यी को कांस्य पदक मिला है। फरीबा ने पदक जीतने के बाद कहा है कि वह एशियाई खेलों में पदक मंच पर खड़े होकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना लेकर आई थीं। उन्होंने इस पदक को अफगान महिलाओं के हौसले से जोड़ा है। उनका कहना है कि वह अकेली नहीं हैं और दुनिया के कई देशों की लाखों महिलाएं उनके साथ खड़ी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फरीबा की नजर अब आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है। वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी की अफगान लड़कियों को अपने सपनों के लिए देश छोड़ने या अपनी पहचान छिपाने की जरूरत न पड़े। बता दें कि फरीबा की यह जीत सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। जिस लड़की को कभी अपने पसंदीदा खेल को जारी रखने के लिए रास्ते में पत्थरों से बचना पड़ता था, उसने अब एशिया के बड़े खेल मंच पर अपने देश के लिए पदक जीता है। फरीबा का यह सफर अफगानिस्तान की उन महिलाओं की कहानी भी सामने लाता है, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहती हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI और T20I सीरीज के लिए जिम्बाब्वे की टीम का ऐलान, जोसेफिन संभालेंगी कमान
जिम्बाब्वे ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन ODI और तीन T20I मैचों की घरेलू सीरीज के लिए 16 सदस्यीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। जोसेफिन नकोमो टीम की कप्तानी करेंगी।
नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय विमेंस स्कीट टीम ने बुधवार को देश के लिए ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय टीम में रायजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान के साथ इस मेडल को जीतने वालीं परिनाज धालीवाल ने बेहतर ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) को श्रेय दिया। इसी सपोर्ट की वजह से महिला टीम एशियन गेम्स में मेडल का 23 साल का इंतजार खत्म कर सकी।
पुडुचेरी, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारत-ए ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ क्रिकेट एसोसिएशन पुडुचेरी सीचेम ग्राउंड में जारी अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। पहली पारी में 334 रन बनाने के बाद मेजबान टीम ने दूसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया-ए को उसकी पहली पारी में सिर्फ 171 रन पर समेट दिया। फिलहाल भारतीय टीम के पास 163 रन की बढ़त है।
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के निदेशक विकास कात्याल को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का मैनेजर नियुक्त किया गया है। राज्य एसोसिएशन ने बुधवार को यह घोषणा की।
ओलंपियन माहेश्वरी चौहान का मानना है कि यहां एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में भारत का ऐतिहासिक कांस्य पदक इस खेल में बड़े उछाल की शुरुआत हो सकता है जिसमें अब प्रतिभा की गहराई, गुणवत्ता और सबसे महत्वपूर्ण रूप से युवा निशानेबाजों की नयी पीढ़ी उभर रही है। बुधवार से पहले भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में कभी कोई पदक नहीं जीता था। बुधवार को माहेश्वरी चौहान, रेजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने मिलकर 331 का स्कोर बनाया और कांस्य पदक हासिल किया। हालांकि माहेश्वरी के लिए इस पदक का महत्व पोडियम तक सीमित नहीं है। 30 वर्षीय निशानेबाज का मानना है कि युवा शॉटगन निशानेबाजों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ बेहतर तकनीकी, पोषण संबंधी और मानसिक तैयारी ने भारत में इस खेल की बुनियाद को बदल दिया है और इसके परिणाम अब सामने आने शुरू ही हुए हैं। माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मैं इस बात से थोड़ी निराश हूं कि (टीम पदक) का रंग और बेहतर नहीं रहा, लेकिन पोडियम पर जगह बनाना ही बेहतर है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में स्कीट महिला में यह अब तक का पहला पदक है। ’’उन्हें इस कामयाबी के ऐतिहासिक महत्व का अहसास था, लेकिन साथ ही उन्हें यह भी लग रहा था कि भारत और बेहतर कर सकता था। ये तीनों खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में थीं। माहेश्वरी और रेजा ओलंपियन हैं जबकि परिनाज देश के शॉटगन सेटअप में उभरते हुए युवा नामों में से एक हैं। माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम शानदार फॉर्म में हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम (एशियाई खेलों में पुरुषों और महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी से) कुछ और पदक जीतेंगे। मुझे लगता है कि यह पोडियम पर बेहतर जगह बनाने और बेहतर मुकाबलों के लिए और अच्छे मौके पाने की दिशा में बस एक शुरुआती कदम है।
IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। पिछले तीनों ऑक्शन भारत से बाहर हुए थे। 2024 में दुबई, 2025 में सऊदी अरब के जेद्दा और 2026 में अबूधाबी में नीलामी कराई गई थी। ऑक्शन की तारीख और शहर तय नहीं ऑक्शन की तारीख और शहर अभी तय नहीं हुआ है। वेन्यू चुनते समय BCCI फ्रेंचाइजियों और उनके डेलिगेशन के ठहरने की व्यवस्था को सबसे ज्यादा महत्व देगा। अक्टूबर से दिसंबर तक भारत में वेडिंग सीजन होने के कारण 5-स्टार होटल में पर्याप्त कमरे मिलना भी एक बड़ा फैक्टर रहेगा। BCCI को ऑक्शन के लिए दो रातों के लिए 100 से ज्यादा कमरों की जरूरत होती है। विदेश में ऑक्शन की लॉजिस्टिक से परेशान थीं फ्रेंचाइजियां ऑक्शन को भारत वापस लाने के फैसले में IPL फ्रेंचाइजियों का फीडबैक भी अहम रहा। टीमों ने मिनी ऑक्शन के लिए अपने डेलिगेशन को विदेश ले जाने में होने वाली लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल परेशानियों पर आपत्ति जताई थी। पिछले साल अबू धाबी में ऑक्शन के दौरान भी फ्रेंचाइजियों की यह चिंता सामने आई थी। इसके बाद IPL गवर्निंग काउंसिल ने इस साल के मिनी ऑक्शन के लिए भारत में वेन्यू तलाशने का फैसला किया।-------------------------------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…पाकिस्तान के बॉलिंग कोच नॉफ्के छोड़ेंगे टीम:एशियन गेम्स आखिरी असाइनमेंट होगा; नीदरलैंड के हेड कोच बने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच एशले नॉफ्के ने पद छोड़ने का फैसला किया है। एशियन गेम्स 2026 उनका आखिरी असाइनमेंट होगा। इसके बाद वे नीदरलैंड की पुरुष टीम के हेड कोच का पद संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Yastika Bhatia के शतक के बाद भी India A महिला टीम दूसरा वनडे ऑस्ट्रेलिया से 2 विकेट से हारी
यास्तिका भाटिया के शानदार शतक के बावजूद भारत ए महिला टीम को बुधवार को यहां खेले गए दूसरे अनौपचारिक वनडे में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो विकेट से करीबी हार का सामना करना पड़ा। भारत ए महिला टीम ने पहला मैच चार विकेट से जीता था और दूसरे मैच में मेहमान टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली जीत से सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। अब सीरीज का फैसला शुक्रवार को तीसरे अनौपचारिक वनडे से होगा। भारत की विकेटकीपर-बल्लेबाीज यास्तिका शानदार फॉर्म में थीं। उन्होंने सिर्फ 84 गेंद में 16 चौकों और दो छक्कों की मदद से 112 रन बनाए जबकि तेजल हसबनीस और अनुष्का शर्मा ने 60-60 रन का योगदान दिया। लेकिन पारी के आखिर में भारत की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। निक्की प्रसाद (0) और मीनू मणि (03) सस्ते में आउट हो गईं और भारत का स्कोर छह विकेट पर 338 रन रहा। ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन ने 39 रन देकर तीन विकेट झटके और आक्रामक भारतीय बल्लेबाजों पर लगाम लगाई। मेहमान टीम ने घरेलू टीम को रोकने के लिए सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम की शीर्ष चार बल्लेबाजों में से तीन ने अर्धशतक जड़े। कप्तान तहलिया विल्सन ने 77 गेंदों पर 79 रन बनाए और तीसरे नंबर पर उतरी अनिका लेरॉयड ने 29 गेंद पर नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से तेज-तर्रार 54 रन बनाए। विल्सन और लेरॉयड के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई साझेदारी ने उन्हें सलामी बल्लेबाज निकोल फाल्टम के जल्दी आउट होने से मिले झटके से उबरने में मदद की। चार्ली नॉट ने सिर्फ 37 गेंद पर सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। मीनू मणि एकमात्र ऐसी भारतीय गेंदबाज रहीं जिन्होंने 10 ओवर में 48 रन देकर तीन विकेट लिए। सयाली सतघरे ने और प्रसाद ने दो दो विकेट लिए लेकिन भारत ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकने में काफी हद तक नाकाम रहा। ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम की मजबूत शुरुआत के साथ-साथ टेस फ्लिंटॉफ (38), हेले सिल्वर-होम्स (47) और मिली इलिंगवर्थ (नाबाद 22 रन) ने भी अहम योगदान दिया, जिससे मेहमान टीम ने मैच के आखिरी ओवर में तीन गेंदें बाकी रहते हुए जीत हासिल कर ली।
India U19 ने Australia को 6 विकेट से रौंदा, लक्ष्य रायचंदानी के शतक से 3-0 से सीरीज जीती
कप्तान लक्ष्य रायचंदानी के नाबाद 110 रन की शानदार पारी की बदौलत भारत अंडर-19 ने बुधवार को तीसरे और अंतिम युवा एकदिवसीय मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने इससे पहले पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को सात रन और दूसरे मुकाबले में छह विकेट से हराया था। अब भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम यहां 27 से 30 सितंबर और पांच से आठ अक्टूबर तक होने वाले दो चार दिवसीय युवा टेस्ट में आमने-सामने होंगी। मोहित उलवा (43 रन पर तीन विकेट) और मनाल चौहान (42 रन पर तीन विकेट) ने तीन-तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी को झकझोर दिया। काव्य पटेल (54 रन पर एक विकेअ) और आर्यन सावसानी (39 रन पर एक विकेट) ने भी एक-एक विकेट लिया जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम 49.3 ओवर में 254 रन पर सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 42वें ओवर में ही जीत हासिल कर ली। मेजबान टीम ने आठ से अधिक ओवर शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज की। रायचंदानी ने इस लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई। सत्रह वर्षीय रायचंदानी ने 106 गेंद पर नाबाद 110 रन बनाए जिसमें नौ चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि आर्यवीर सहवाग एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। सहवाग ने 31 गेंद पर पांच चौकों की मदद से 34 रन बनाए और रायचंदानी के साथ पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर भारत को लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ाया। वह आठवें ओवर में आउट हुए। पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले वीके विनीत भी केवल 10 रन बना सके। इसके बाद कुशाग्र ओझा ने एक और उपयोगी पारी खेलते हुए 53 गेंद पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रन बनाए। अन्वय द्रविड़ को तीसरे मैच में एकादश में जगह नहीं मिली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सलामी बल्लेबाज जेड हॉलिक ने 87 रन की पारी खेली। उन्होंने 87 गेंद का सामना करते हुए 12 चौके लगाए। नील पटेल ने 71 गेंद पर 51 रन बनाए। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के कई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर सके।
India A बनाम Australia A: कुमार कुशाग्र के शतक और शम्स मुलानी की फिरकी से मेजबान टीम मजबूत
कुमार कुशाग्र की 113 रन की संयमित पारी और स्पिनर शम्स मुलानी ने चार विकेट से भारत ए ने बुधवार को यहां चार दिवसीय मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ए पर 163 रन की बढ़त हासिल कर ली। भारत ए ने दिन की शुरुआत पांच विकेट पर 257 रन से करते हुए कुशाग्र के सातवें प्रथम श्रेणी शतक (240 गेंद, 13 चौके) की मदद से पहली पारी में 334 रन बनाए। इसके बाद बाएं हाथ के स्पिनर मुलानी (67 रन देकर चार विकेट) ने मोर्चा संभाला और ऑस्ट्रेलियाई टीम के मध्य और निचले क्रम को ध्वस्त करते हुए उन्हें 171 रन पर ऑलआउट कर दिया। हालांकि दिन का शुरुआती हिस्सा कुशाग्र के नाम रहा जिन्हें पहले दिन 82 रन पर चोट के कारण रिटायर होना पड़ा था। तेज़ गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट के हाथों तनुष कोटियान (69) के जल्दी आउट होने के बाद झारखंड का यह बल्लेबाज दिन की शुरुआत में ही मैदान पर लौट आया। 21 साल के इस खिलाड़ी ने जल्द ही स्पिनर कोरी रोचिचिओली (95 रन देकर चार विकेट) की गेंद पर एक रन लेकर 202 गेंद में शतक पूरा किया। हालांकि रोचिचिओली ने कुशाग्र का विकेट लेकर उनकी संयमित पारी समाप्त कर दी। लेकिन तब तक भारत ने अच्छा स्कोर बना लिए था। फिर तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे, अंशुल कंबोज और प्रफुल्ल हिंगे ने ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम को हिलाकर रख दिया। उन्होंने सैम कॉन्स्टास, कैंपबेल केलावे और नाथन मैकस्वीनी के विकेट जल्दी झटक लिए। इस समय मेहमान टीम का स्कोर तीन विकेट पर 37 रन था। और जल्द ही स्थिति और खराब होकर पांच विकेट पर 85 रन हो गई। वे लगातार विकेट गंवाते रहे। जेसन सांघा (46) ने ऑस्ट्रेलियाई पारी को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन मुलानी की गेंद पर कोटियान ने शानदार कैच लपककर उनकी अच्छी पारी का अंत कर दिया। लियाम स्कॉट ने कोटियन की लगातार गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया, लेकिन वे मुलानी की चतुराई का सामना नहीं कर सके। कोटियान ने डॉगेट को बोल्ड करके ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया और अंपायरों ने उसी के साथ खेल खत्म करने का इशारा किया।
नहीं खत्म हो रही साउथ अफ्रीका की मुश्किलें, एक और तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया सीरीज से बाहर
साउथ अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI सीरीज से पहले लगातार चोटों से जूझ रही है। एक के बाद एक तेज गेंदबाज चोटिल हो रहे हैं और अब क्वेना मफाका भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
Asian Games में Mirabai Chanu ने जीता रजत पदक, 1998 के बाद भारोत्तोलन में मिला मेडल
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)नागोया, 23 सितंबर दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर महाद्वीपीय लंबे समय से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म किया जबकि निशानेबाजी में स्कीट टीमों के दो कांस्य पदकों के बावजूद भारत का अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा। वर्ष 2014 से एशियाई खेलों में पदक का इंतजार कर रहीं मीराबाई ने महिला 49 किग्रा वर्ग में कुल 198 किग्रा (88 किग्रा स्नैच और 111 किग्रा क्लीन एवं जर्क) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह रजत एशियाई खेलों में 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक भी है। कुल मिलाकर भारत के लिए बुधवार को कांस्य पदकों की बारिश हुई। पुरुष बैडमिंटन टीम, सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा तथा पुरुष और महिला स्कीट टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाले मीणा ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की और इस खेल में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। सॉफ्ट टेनिस में पारंपरिक लॉन टेनिस की तुलना में नरम रबर की गेंद और काफी हल्के रैकेट इस्तेमाल होते हैं। मीणा ने तुकोया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। मीणा को 45 मिनट तक चले मुकाबले में कुरोसाका के खिलाफ 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4 से हार गए। बत्तीस वर्षीय मीराबाई जब भी प्रतिस्पर्धा करती हैं तो सुर्खियों में रहती हैं। तोक्यो ओलंपिक 2021 की रजत पदक विजेता मीराबाई ने सहज मुस्कान के साथ भारी वजन उठाया और बाद में कहा कि उनका ‘जीवन अब पूरा हो गया है।’हालांकि निशानेबाजी रेंज में ऐसा संतोष नजर नहीं आया जहां दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, सुरुचि सिंह और ईशा सिंह जैसी अधिक चर्चित भारतीय महिला पिस्टल निशानेबाजों के 10 मीटर एयर पिस्टल की टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतने में नाकाम रहने के बाद स्कीट निशानेबाजों ने भारत की लाज बचाई। मनु ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकीं लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहीं। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता 24 वर्षीय मनु बाद में भावुक हो गईं और जून में अपने बचपन के कोच जसपाल राणा की अचानक हुई मौत से उन पर पड़े भावनात्मक असर के बारे में बताया। स्कीट में पुरुष और महिला टीम के कांस्य पदकों ने निशानेबाजी में भारत को पूरी तरह खाली हाथ रहने से बचाया। महिला टीम में रेजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल शामिल थीं। तीनों ने 331 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 357 अंक के साथ स्वर्ण और कजाखस्तान ने 336 अंक के साथ रजत पदक जीता। रेजा और परिनाज ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई लेकिन पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं। पुरुष स्पर्धा में अनंतजीत सिंह नरूका (119), अनुभवी मैराज अहमद खान (116) और भवतेग सिंह गिल (111) ने कुल 346 अंक के साथ टीम कांस्य पदक जीता। इनमें अनंतजीत व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचे जहां वह चौथे स्थान पर रहे। इस बीच वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीद कायम रखी। उन्होंने यहां आइची प्रांत मार्शल आर्ट्स हॉल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगतास को 2-0 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन की शियाओयू झांग से होगा। 25 वर्षीय रोशिबिना ने पिछली दो प्रतियोगिताओं में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने से बेहतर रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके जिससे भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 से हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। तब भी भारतीय टीम को फाइनल में चीन के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ही भारत की ओर से एकमात्र जीत दर्ज कर सकी। भारत के सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके और पहले एकल मुकाबले में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के इस खिलाड़ी को दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ दूसरे एकल मैच में 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया। इसके बाद भारत को मुकाबले में बनाए रखने की जिम्मेदारी हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी पर थी लेकिन उन्हें हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी ने 21-16, 17-21, 21-9 से हराकर चीन को मुकाबले में जीत दिलाई और फाइनल में जगह पक्की की। हालांकि भारतीय पुरुष टीम के लिए यह एक सराहनीय परिणाम रहा क्योंकि उसने 40 साल में पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा का पदक जीता है। इससे पहले भारत ने 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े तथा मानुष शाह और दीया चितले की भारतीय जोड़ियों ने टेबल टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज चितले और शाह की जोड़ी ने श्रीलंका और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ 3-0 की जीत दर्ज करते हुए अंतिम आठ में जगह बनाई। प्री क्वार्टर फाइनल में शाह और चितले ने मूसा अहमद और आइशत नजीम की मालदीव की जोड़ी को 11-0, 11-7, 11-6 से हराया। अब बृहस्पतिवार को क्वार्टर फाइनल में उनका सामना हांगकांग की डू होई किम और वोंग चुन टिंग की जोड़ी से होगा। यह मुकाबला जीतने पर भारतीय जोड़ी का पदक पक्का हो जाएगा। देसाई और घोरपड़े का सामना लिन शिदोंग और कुआई मैन की चीन की विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज जोड़ी से होगा। भारतीय जोड़ी को बुधवार को हांगकांग और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ कड़े मुकाबलों में जीत मिली। शुरुआती मुकाबले में देसाई और घोरपड़े को मालदीव के मोहम्मद इस्माइल और फातिमत अली ने निर्णायक गेम तक खींचा लेकिन भारतीय जोड़ी ने 9-11, 11-6, 11-7, 9-11, 11-6 से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें हांगकांग की विंग लाम एनजी और क्वान तो यियू के खिलाफ चार गेम में 11-6, 11-5, 10-12, 11-7 से मुकाबला अपने नाम किया। अभय सिंह, वीर चोटरानी और तन्वी खन्ना ने स्क्वाश प्रतियोगिता में अपने-अपने एकल मुकाबलों में आसान जीत दर्ज करके अंतिम 16 में जगह बना ली। दूसरी वरीयता प्राप्त अभय ने पुरुष एकल के शुरुआती दौर के मुकाबले में थाईलैंड के अरकरादेत अरकराहिरुन्या के खिलाफ सिर्फ तीन अंक गंवाए। उन्होंने 11-1, 11-0, 11-2 से जीत दर्ज की। चोटरानी ने अंतिम 32 के मुकाबले में श्रीलंका के शामिल वकील को 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। महिला एकल में तन्वी ने शुरुआती दौर में दक्षिण कोरिया की दामी किम को 11-5, 11-7, 11-5 से शिकस्त दी। ड्रैग फ्लिकर दीपिका के रिकॉर्ड नौ गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20 . 1 से हराया। भारत के लिये दीपिका ने (दूसरा, आठवां, नौवां, 24वां, 33वां, 36वां, 39वां, 51वां और 57वां मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर नौ गोल दागे। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने चार (चौथा मिनट, 29वां, 35वां और 51वां) और रूतुजा पिसाल ने तीन (10वां, 11वां और 47वां ) गोल किये। वहीं अनुभवी मिडफील्डर नेहा (19वां), लालरेम्सियामी (26वां), साक्षी राणा (29वां) और कप्तान सलीमा टेटे (45वां) ने एक एक गोल किये। भारत ने कबड्डी में भी अपना दबदबा जारी रखा। पुरुष और महिला दोनों टीम ने ग्रुप चरण के मुकाबलों में क्रमश: बांग्लादेश और ईरान के खिलाफ जीत दर्ज की।
एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता 49 किग्रा भारोत्तोलन में रजत पदक
जापान ने मीराबाई चानू को पहले ही ओलंपिक रजत पदक दिया था और बुधवार को यहां ‘उगते सूरज की धरती’ ने उन्हें एक और बेशकीमती एशियाई खेलों का वह पदक दिया जिसे पाने के लिए वह 12 साल से कोशिश कर रही थीं जिसने इस स्टार भारतीय भारोत्तोलक पर से दबाव हटा दिया और उन्हें बहुत हल्का महसूस कराया। मीराबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक है। मणिपुर की इस खिलाड़ी ने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीता था (जो 2000 सिडनी ओलंपिक में मल्लेश्वरी के कांस्य पदक से बेहतर था) और पांच साल बाद जापान लौटकर उस बड़े पदक को भी अपने पदकों की कैबिनेट में शामिल कर लिया जो अब तक उनके पास नहीं था। मीराबाई ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘आखिरकार वो पदक मिल गया जो मैं चाहती थी। मैं पिछले 12 वर्षों से, 2014 के एशियाई खेलों से ही इस पदक के लिए कोशिश कर रही थी। इस पदक के साथ मेरा जीवन पूर्ण हो गया है। अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूं क्योंकि अब मुझ पर से दबाव पूरी तरह हट गया है। ये मेरे सपनों के एशियाई खेल हैं। ’’मीराबाई ने कहा, ‘‘मैंने तोक्यो (ओलंपिक) में रजत पदक जीता था और अब जापान में एशियाड में भी मेरे पास रजत पदक है। जब से मैंने ओलंपिक में कदम रखा, तभी से मेरा सपना एशियाड में पदक जीतने का था। ’’इस 32 साल की भारोत्तोलक ने कहा, ‘‘मैं हमेशा खुद से पूछती कि हर एशियाड के दौरान या इससे पहले मेरे साथ क्या होता है? लेकिन इस बार मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। मैं पक्के इरादे के साथ आई थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं पदक जीतकर ही रहूंगी। ’’उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों का पदक ओलंपिक पदक के बराबर है क्योंकि दुनिया के शीर्ष भारोत्तोलक एशिया से ही आते हैं। जब उनसे पूछा गया कि बुधवार को क्या खास है तो उन्होंने कहा, ‘‘सब कुछ खास है। ओलंपिक रिंग्स, हेयरबैंड, नाखून। ’’उन्होंने कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ दिए बिना पदक नहीं जीतना चाहती थीं इसलिए उन्होंने क्लीन एंव जर्क में 111 किग्रा का वजन उठाने की कोशिश की जबकि कम वजन उठाने पर भी उन्हें रजत पदक मिल सकता था। मीराबाई ने कहा, ‘‘मैं (क्लीन एंड जर्क में) 110 किग्रा से ज्यादा वजन उठाना चाहती थी। मुझे नहीं पता था कि इंडोनेशियाई खिलाड़ी (कांस्य पदक जीतने वाली) कितना वजन उठाएगी। मुझे पता था कि स्वर्ण पदक मुझे नहीं मिलेगा। लेकिन मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती थी। मैं कम वजन उठाकर पदक नहीं जीतना चाहती थी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका के 4 तेज गेंदबाज इंजर्ड होकर बाहर हो गए हैं। 20 साल के क्वेना मफाका को हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई है। उनकी जगह लिजार्ड विलियम्स को शामिल किया गया है। मफाका से पहले कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी और ओटनील बार्टमैन भी हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण बाहर हो गए थे। डरबन में 24 सितंबर से 3 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। बर्गर भी पीठ की समस्या से जूझ रहे नांद्रे बर्गर भी पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं और लुथो सिपामाला भी चोटिल हैं। ऐसे में साउथ अफ्रीका के पास अनुभवी तेज गेंदबाजों में मार्को यानसन प्रमुख विकल्प बचे हैं। विलियम्स बुधवार को डरबन में टीम से जुड़ेंगे। पहला वनडे इसके अगले दिन खेला जाना है। टीम के पास जेराल्ड कोएट्जी को लंबे समय बाद वनडे में उतारने का विकल्प भी है। कोएट्जी ने आखिरी वनडे 2023 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी का मौका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह सीरीज साउथ अफ्रीका के लिए इसलिए अहम है क्योंकि अगले साल 50 ओवर का वर्ल्ड कप अफ्रीकी महाद्वीप में होना है। साउथ अफ्रीका टूर्नामेंट की मेजबानी जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ करेगा। अगले 4 महीने में 20 इंटरनेशनल मैच चोटों की चिंता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि साउथ अफ्रीका का घरेलू सीजन काफी व्यस्त है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 वनडे के बाद दोनों टीमें 3 टेस्ट भी खेलेंगी। अगले चार महीनों में साउथ अफ्रीका को 8 टेस्ट, 9 वनडे और 3 टी20 इंटरनेशनल, यानी कुल 20 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। ऐसे में उपलब्ध तेज गेंदबाजों के वर्कलोड को मैनेज करना टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती होगी। ऑस्ट्रेलिया के पास मजबूत पेस अटैक साउथ अफ्रीका के उलट ऑस्ट्रेलिया अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की तैयारी में है। कप्तान पैट कमिंस पहले वनडे में नहीं खेलेंगे और उनकी जगह मिचेल मार्श कप्तानी कर सकते हैं। वहीं मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के खेलने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया ने हाल में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से जीत दर्ज की थी। तीनों मैचों में टीम की बल्लेबाजी में अलग-अलग खिलाड़ियों ने शतक लगाए थे। हालांकि विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी की फॉर्म चिंता का विषय है। वे पिछली 11 पारियों में फिफ्टी नहीं लगा सके हैं। पिछली 5 वनडे सीरीज साउथ अफ्रीका ने जीतीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया द्विपक्षीय रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के पक्ष में है। उसने दोनों टीमों के बीच पिछली 5 द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती हैं। ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2014 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती थी।
एशियाई खेल: Manu Bhaker 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं
(अजय मसंद)नागोया, 23 सितंबर भारत के लिए एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज में जिस दिन से काफी उम्मीदें लगी हुई थीं, वह दिन बहुत कम उपलब्धियों के साथ खत्म हुआ। महिला 10 मीटर एयर पिस्टल की स्टार निशानेबाजों की तिकड़ी उम्मीदों को पदक में बदलने में नाकाम रही, हालांकि पुरुष और महिला स्कीट टीम ने बुधवार को कांस्य पदक जीतकर कुछ हद तक भारत की प्रतिष्ठा बचाई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूचि इंदर सिंह तीनों दुनिया की शीर्ष निशानेबाजों में शुमार है। निशानेबाजी में इन तीनों से भारत को पदक की सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। लेकिन ईशा और सुरूचि फाइनल में जगह बनाने में असफल रहीं जबकि क्वालिफिकेशन दौर से आगे बढ़ने वाली एकमात्र भारतीय मनु भी उम्मीदों के भारी दबाव के बीच संघर्ष करती नजर आईं और पांचवें स्थान पर रहीं। पुरुष और महिला स्कीट स्पर्धाओं में मिले दो कांस्य पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या सात हो गई जिसमें चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि इस दिन को जीते गए पदकों से अधिक उन मौकों के लिए याद किया जाएगा जो भारत के हाथ से निकल गए। ईशा क्वालीफिकेशन में 572 अंक से 15वें स्थान पर रहीं जो उनके स्तर की निशानेबाज से अपेक्षित प्रदर्शन से काफी कम था। वहीं कई विश्व कप स्वर्ण पदक जीत चुकीं सुरूचि ने 568 अंक हासिल किए और आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इन दोनों के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद भारत की पदक की उम्मीदों का पूरा भार अकेले मनु के कंधों पर आ गया। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु ने क्वालीफाइंग में 579 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया लेकिन फाइनल में वह 181.1 अंक ही बना पाई। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी अब 25 मीटर एयर पिस्टल में भाग लेगी। टीम स्पर्धा ने एक बार फिर यह कड़वी याद दिलाई कि निशानेबाजी में जीत और हार के बीच का अंतर कितना मामूली हो सकता है। भारत इस स्पर्धा में वियतनाम से पदक से चूक गया। दोनों टीमों के समान 1719 अंक रहे लेकिन भारत ने 10 अंक पर कम शॉट लगाए थे जिससे उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इतनी मजबूत व्यक्तिगत निशानेबाजी क्षमता के साथ आई भारतीय टीम के लिए टीम स्पर्धा में चौथा स्थान निश्चित रूप से अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं था। यह 2023 में हांग्झोउ में हुए पिछले एशियाड के प्रदर्शन से भी बिल्कुल उलट था। वहां भारत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला और दूसरा स्थान हासिल किया था। पलक गुलिया ने स्वर्ण पदक जबकि ईशा ने रजत पदक अपने नाम किया था। भारत ने टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। इस अंतर को नजरअंदाज करना मुश्किल है और इससे भारत की निशानेबाजी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठना स्वाभाविक है जिसमें तैयारी और कोचिंग से लेकर खिलाड़ियों के चयन की नीतियां तक शामिल हैं। हाल के समय में भारत ने अपने एशियाई खेलों के दलों से ऐसे निशानेबाजों को बाहर रखा है जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। इन फैसलों के बाद बार-बार यह सवाल उठता रहा है कि क्या घरेलू चयन मानदंड अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और मौजूदा फॉर्म को पर्याप्त महत्व दे रहे हैं। ईशा और सुरूचि ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर ज्यादा चर्चा नहीं की कि आखिर क्या गलत हुआ। हालांकि, मनु स्पष्ट रूप से निराश नजर आईं और उन्होंने अपने प्रदर्शन के पीछे मौजूद व्यक्तिगत चुनौतियों की एक झलक साझा की। मनु ने कहा, ‘‘मैंने सच में अपनी पूरी कोशिश की और मुझे वाकई लगता है कि मेरा प्रदर्शन उन चुनौतियों के मुकाबले काफी बेहतर था, जिनका सामना मैं जापान में अपनी ट्रेनिंग के दौरान कर रही थी। ’’मनु ने खुद को संभाले रखा था लेकिन जैसे ही जसपाल राणा का नाम सामने आया, वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाई और उन्हें उस दिग्गज से मिली करियर और जिंदगी से जुड़ी सीखें याद आ गईं। राणा के कोच रहते मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते थे। महान निशानेबाज और कोच राणा का कुछ महीने पहले दिल की बीमारी से निधन हो गया था। हालांकि अभी वापसी का एक और मौका है। मनु, ईशा और 2018 एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए रेंज में वापसी करेंगी। लेकिन बुधवार को हाथ से निकले मौके के बाद अब काम काफी मुश्किल हो गया है। भारत इन खेलों में हांग्झोउ के निशानेबाजी प्रदर्शन(सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ आया था। अगर वे नागोया में इसकी बराबरी कर पाते हैं, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम पहुंची भारत, खेले जाएंगे आठ मुकाबले, ये है पूरा स्क्वाड
शे होप की कप्तानी में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारत पहुंच चुकी है। सीरीज का पहला मैच 27 सितंबर को खेला जाएगा। इसके बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है।
भारत की अंडर-19 टीम ने बुधवार को निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ 6 विकेट से जीत हासिल की। इसी के साथ मेजबान टीम ने अनाधिकारिक सीरीज में 3-0 से 'क्लीन स्वीप' कर लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा है। सेमीफाइनल मुकाबले में बुधवार को चीन के खिलाफ भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा।
इंडिया U-19 ने राजकोट में खेले गए तीसरे अनऑफिशियल वनडे में ऑस्ट्रेलिया U-19 को 6 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही टीम ने यह श्रृंखला 3-0 से जीत ली। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम 49.3 ओवर में 254 रन पर सिमट गई। जवाब में इंडिया U-19 ने 41.2 ओवर में 4 विकेट खोकर टारेगट हासिल कर लिया। भारत के लिए कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने 106 गेंद पर नाबाद 110 रन बनाए। वहीं पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने 34 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के लिए जेड हॉलिक और नील पटेल की फिफ्टी ऑस्ट्रेलिया की ओर से जेड हॉलिक ने 88 गेंद पर 87 रन बनाए। नील पटेल ने 71 गेंद पर 51 रन की पारी खेली। ब्लेक कैटल ने 31 गेंद पर 38 रन बनाए। भारत के लिए मोहित उलवा और मनाल चौहान ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट चटकाए। आर्यन सावसानी को एक विकेट मिला। इंडिया U-19 ने 175 रन पर 4 विकेट गंवाए जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी रही। ओपनर लक्ष्य और आर्यवीर ने पहले विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी की। आर्यवीर मैथ्यू पिट्ज की गेंद पर कैच आउट हुए। वीके विनीत भी 10 रन पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कुशाग्र ओझा ने लक्ष्य के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 85 रन जोड़े।कुशाग्र 45 रन बनाकर आउट हुए। इसके तुरंत बाद अर्जुन राजपूत बिना खाता खोले बोल्ड हो गए। भारत ने 175 रन पर चौथा विकेट गंवाया। लक्ष्य-रजत ने 80 रन की नाबाद साझेदारी कर जीत दिलाई इसके बाद लक्ष्य और रजत बघेल ने पारी संभाली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 80 रन की नाबाद साझेदारी की। लक्ष्य ने 110 रन की पारी में 9 चौके और 3 छक्के लगाए। रजत 34 गेंद पर 44 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने 41.2 ओवर में 255 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रेयस अय्यर को टी-20 रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा:सिकंदर रजा वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर-1 के करीब, 5 पायदान चढ़े टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर को ICC की नई टी-20 बैटिंग रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा हुआ है। वे अब 22वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज और जापान के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन का उन्हें फायदा मिला है। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स में भारतीय मेन्स बैडमिंटन टीम को मिला ब्रॉन्ज मेडल, चीन से पार नहीं पा सके भारतीय शटलर
भारत की मेन्स बैडमिंटन टीम के लिए एशियन गेम्स 2026 में सेमीफाइनल का सफर मेडल के साथ खत्म हुआ। चीन के खिलाफ भारतीय शटलरों ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन 1-3 की हार के कारण फाइनल का टिकट नहीं मिल सका। हालांकि, इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत ने एक खास उपलब्धि हासिल की।
एशियन गेम्स की पुरुष बैडमिंटन स्पर्धा में भारतीय टीम की स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। सेमीफाइनल मुकाबले में चीन के हाथों 1-3 से मिली हार के बाद भारत को कांस्य पदक (Bronze Medal) से ही संतोष करना पड़ा। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी जैसे शीर्ष सिंगल्स खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारत खिताबी रेस से बाहर हो गया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय पुरुष टीम ने लगातार दूसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल करने की उपलब्धि अपने नाम की। इससे पहले मंगलवार को भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर-फाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। खास बात यह है कि चीन ने शुरुआती सिंगल्स मैच में शी युकी के ज़रिए बढ़त बना ली, जिन्होंने लक्ष्य सेन को 21-16, 21-18 से हराया। भारतीय शटलर ने अच्छी शुरुआत की लेकिन लय बनाए नहीं रख सके और 2025 के वर्ल्ड चैंपियन ने पहला गेम जीत लिया। लक्ष्य ने बाद में दूसरे गेम में 16-16 के स्कोर से वापसी की कोशिश की, लेकिन शी ने मैच जीत लिया। सात्विक-चिराग ने वर्ल्ड चैंपियंस को हराया भारत ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के ज़रिए बराबरी की। एशियाई खेलों के मौजूदा पुरुष डबल्स चैंपियन ने वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेइकेन्ग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में ज़्यादातर समय दबदबा बनाए रखा और दूसरे गेम के रोमांचक अंत में अपना संयम बनाए रखा। लियांग और वांग ने दो मैच पॉइंट बचाकर स्कोर 20-20 किया, लेकिन सात्विक और चिराग ने अपने तीसरे मौके को भुनाते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। तीसरे रबर में चीन ने फिर से बढ़त बना ली जब ली शी फेंग ने आयुष शेट्टी को 21-19, 21-13 से हराया। आयुष, जो 2026 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडलिस्ट थे, ने पहले कॉन्टिनेंटल इवेंट में ली को हराया था। इस बार, शुरुआती गेम में इंटरवल के समय वे 11-10 से आगे थे लेकिन उस बढ़त को जीत में नहीं बदल सके। दूसरे गेम में, उन्होंने 16-13 के स्कोर पर अंतर को तीन पॉइंट तक कम किया, लेकिन ली ने मैच जीत लिया। हरिहरन और अर्जुन को हार का सामना करना पड़ा मुकाबले में बने रहने के लिए भारत को चौथे रबर में जीत की ज़रूरत थी, लेकिन हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन को हे जी टिंग और लियू यी ने 21-16, 17-21, 21-9 से हरा दिया। इस नतीजे से चीन को फ़ाइनल में जगह मिल गई और भारत की उस सिल्वर मेडल से बेहतर करने की उम्मीदें खत्म हो गईं जो उन्हें हांगझू में मिला था, जहाँ भारतीय टीम गोल्ड-मेडल मैच में चीन से 3-2 से हार गई थी। इससे पहले, महिला टीम क्वार्टर फ़ाइनल में जापान से 3-1 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो चुकी थी। गौरतलब है कि व्यक्तिगत बैडमिंटन इवेंट्स 25 सितंबर से शुरू होंगे, जिसमें सिंगल्स और डबल्स प्रतियोगिताएं 29 सितंबर तक चलेंगी। नतीजे भारत 1-3 चीन MS1: लक्ष्य सेन, शी यू की से 16-21, 18-21 से हारे MD1: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी ने लियांग वेई केंग/वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया MS2: आयुष शेट्टी, ली शी फेंग से 19-21, 13-21 से हारे MD2: हरिहरन अमसाकरुणन/एमआर अर्जुन बनाम हे जी टिंग/लिउ यी 16-21, 21-17, 9-2 lakshya sen aur aayush shetty ke acha pradarshan na kar paane ke baad bharat ko
भारतीय महिला हॉकी टीम ने दमदार प्रदर्शन किया
गिफू, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मैच में भारत ने थाईलैंड को 20-1 से रौंदते हुए एक और बड़ी जीत हासिल की।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया का किया सूपड़ा साफ, आर्यवीर सहवाग का बल्ला नहीं चला, कप्तान ने खेली तूफानी पारी
भारत की अंडर 19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम का तीन मैचों की सीरीज में पूरी तरह से सफाया कर दिया है। तीन मैचों की सीरीज भारत ने 3.0 से अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है।
रूट ने 34 साल की उम्र में किया संन्यास का ऐलान, इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट से है खास रिश्ता
जो रूट इस समय श्रीलंका के खिलाफ ODI सीरीज में व्यस्त हैं, लेकिन इसी बीच उनके छोटे भाई बिली रूट ने पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है। 34 साल के बिली का 14 साल लंबा करियर इस हफ्ते खत्म हो जाएगा।
'मेरा सपना सच हो गया', एशियन गेम्स में पहला मेडल जीतने के बाद बोलीं मीराबाई चानू
भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू का एशियन गेम्स का लंबे समय से देखा जा रहा सपना आखिरकार सच हो गया। उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा कैटेगरी में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता और इसके साथ ही ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने का अपना कलेक्शन पूरा कर लिया।
'मेरा सपना सच हो गया', एशियन गेम्स में पहला मेडल जीतने के बाद बोलीं मीराबाई चानू
नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू का एशियन गेम्स का लंबे समय से देखा जा रहा सपना आखिरकार सच हो गया। उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा कैटेगरी में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता और इसके साथ ही ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने का अपना कलेक्शन पूरा कर लिया।
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। मीराबाई चानू ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह इस टूर्नामेंट में उनका अब तक का पहला मेडल है। देश के लिए ऐतिहासिक मेडल जीतने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई दी है।
BCCI ने इंडिया A महिला और ऑस्ट्रेलिया A महिला के बीच रेड-बॉल मैच का वेन्यू बदल दिया है। यह मुकाबला अब धर्मशाला की जगह मोहाली में होगा। 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक होने वाला चार दिवसीय मैच PCA IS बिंद्रा स्टेडियम में खेला जाएगा। धर्मशाला में लंबे समय तक हुई बारिश से आउटफील्ड और मैदान की स्थिति प्रभावित हुई थी। BCCI ने बुधवार को वेन्यू बदलने का ऐलान किया। यह सीरीज 12 सितंबर से शुरू हुई थी और इसमें तीन T20, तीन वनडे और एक रेड-बॉल मैच शामिल है। मोहाली में होंगे सीरीज के सभी मैच अब तक सीरीज के सभी मुकाबले मोहाली में ही खेले गए हैं। इनमें नए और पुराने, दोनों स्टेडियम का इस्तेमाल हुआ है। यह मुकाबला सीरीज का एकमात्र मल्टी-डे मैच है। BCCI ने रिलीज जारी कर बताया कि चार दिवसीय मैच 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक PCA IS बिंद्रा स्टेडियम, मोहाली में होगा। धर्मशाला के आउटफील्ड पर पहले भी उठे सवाल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान कुछ खिलाड़ियों ने धर्मशाला के आउटफील्ड की आलोचना की थी। इसके बाद HPCA ने आउटफील्ड की समस्या दूर की थी। धर्मशाला स्टेडियम भारत के उन चुनिंदा मैदानों में है, जहां सब-एयर ड्रेनेज सिस्टम लगा है। इस सिस्टम का मकसद तेज बारिश के बाद आउटफील्ड को 15 से 20 मिनट में खेलने लायक बनाना है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर एशले नोफ्के अब नीदरलैंड्स की मेन्स क्रिकेट टीम को नई दिशा देंगे। नीदरलैंड्स क्रिकेट बोर्ड ने नोफ्के को नया हेड कोच नियुक्त किया है। उनका पहला बड़ा लक्ष्य टीम को 2027 ODI वर्ल्ड कप और 2028 T20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कराना होगा।
विराट-रोहित भारत के लिए वनडे विश्व कप 2027 जीतेंगे: रिंकू सिंह
नई दिल्ली, रिंकू सिंह ने उम्मीद जताई है कि अनुभवी दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा वनडे विश्व कप 2027 में खेलेंगे।
'बल्लेबाजी के 20 साल का अनुभव आएगा काम': सहवाग
मुंबई, क्रिकेट के मैदान पर अपने बेबाक अंदाज और तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग अब एक बिल्कुल अलग मैदान में नजर आने वाले हैं।
एशियन गेम्स: सॉफ्ट टेनिस में पहला पदक जीतने वाले जय मीणा को बधाई
नई दिल्ली, जापान के आइची-नागोया में हो रहे एशियन गेम्स 2026 में बुधवार का दिन भारत के लिए रोमांचक रहा है।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए 300 से अधिक रन, साई सुदर्शन का पचासा, देवदत्त पडिक्कल फ्लॉप
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच अनाधिकारिक टेस्ट मैच खेला जा रहा है। भारत ने अपनी पहली पारी में 334 रन बनाए हैं। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ए की टीम संकट में नजर आ रही है।
एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय महिला स्कीट टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में परिनाज, राइजा और माहेश्वरी की तिकड़ी ने मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 331 का स्कोर बनाते हुए देश की झोली में मेडल डाला।
Mirabai Chanu ने Asian Games में जीता सिल्वर मेडल, 198 किग्रा वजन उठाकर रचा इतिहास
(दूसरे पैरा में सुधार के साथ)(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 23 सितंबर भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक है। मीराबाई ने बाद में कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पदक जीतना सपना सच होने जैसा है। मैं पिछले 12 वर्षों से, 2014 के एशियाई खेलों से ही इस पदक के लिए कोशिश कर रही थी। इस पदक के साथ मेरा जीवन पूर्ण हो गया है। अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूं। ये मेरे सपनों के एशियाई खेल हैं।’’उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग गम ने उम्मीदों पर खरे उतरते हुए कुल 215 किलोग्राम (94 और 121 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने कुल वजन में विश्व रिकॉर्ड बनाया। इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रिविजयाना ने 191 किलोग्राम (88 और 103 किलोग्राम) भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई ने अभी तक ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते थे लेकिन वह एशियाई खेलों में यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई थी। मीराबाई ने ओलंपिक में रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण सहित तीन पदक तथा राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है। मीराबाई ने 2014 में अपने पहले एशियाई खेलों में नौवां स्थान हासिल किया था। वह पीठ की चोट के कारण 2018 के एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी जबकि पिछले एशियाई खेलों में वह चौथे स्थान पर रही थी। अपनी मां के उपहार में दिए गए ओलंपिक रिंग की तरह के सोने के झुमके पहने और बालों में तिरंगे का रिबन लगाए मीराबाई पदक जीतने के दृढ़ लक्ष्य के साथ मंच पर पहुंची। मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम के साथ शुरुआत की और फिर अपने अगले दो प्रयासों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के पहले चरण में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीता। रजत पदक पक्का होने के बाद उन्होंने अपना आखिरी प्रयास नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैंने भारोत्तोलन में कदम रखा तब से मेरा सपना एशियाई खेलों में पदक जीतना रहा है। एशियाई खेलों से पहले या उसके दौरान कुछ न कुछ होता रहा, लेकिन इस बार मैंने अपना सपना पूरा कर लिया।’’मीराबाई यह पदक जीतने के लिए इतनी प्रतिबद्ध थी कि पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के अगले दिन बाद ही वह अभ्यास में लग गई थी। अब उनका लक्ष्य 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में पदक जीतना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी तक लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए अपनी रणनीति तय नहीं की है। क्वालिफिकेशन प्रक्रिया दिसंबर में शुरू होगी। मैं कुछ समय तक इस पदक का जश्न मनाऊंगी और फिर फैसला करूंगी।’’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीराबाई को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनके ‘दृढ़ संकल्प और निरंतर अच्छा प्रदर्शन’ करने से देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। मोदी ने कहा, ‘‘मीराबाई चानू के लिए एक विशेष रजत पदक। भारोत्तोलन में महिला 49 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतने पर उन्हें हार्दिक बधाई। उनका दृढ़ संकल्प और निरंतरता पूरे देश को प्रेरित करती है। भारत को उन पर गर्व है। उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
ICC ने बुधवार को मेंस क्रिकेट की नई प्लेयर रैंकिंग जारी की। हालिया व्हाइट-बॉल सीरीज के बाद रैंकिंग में कई बड़े बदलाव हुए हैं। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा वनडे ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में नंबर-1 के करीब पहुंच गए हैं। रजा 276 रेटिंग पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए। रजा ने आखिरी दो मुकाबलों में 45 और नाबाद 81 रन की पारियां खेलीं। गेंदबाजी में भी उन्होंने 3 विकेट लिए।
ईशान किशन के और करीब पहुंचे अभिषेक शर्मा, आईसीसी रैंकिंग में हैरी ब्रूक और जॉस बटलर का आया तूफान
आईसीसी टी20 रैंकिंग में अब भारत के ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के बीच काफी कम अंतर रह गया है। इस बीच हैरी ब्रूक और जॉस बटलर ने जबरदस्त छलांग मारकर बाकी बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश कर दी है।
भारत ने एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी के पूल-B मुकाबले में थाईलैंड को 20-1 से हराया। यह मैच बुधवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेला गया। भारत की ओर से दीपिका ने 9 गोल किए। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। नवनीत कौर ने 4 और रुतुजा पिसल ने 3 गोल किए। लगातार तीसरी जीत के साथ भारत पूल के पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है। टीम अब शुक्रवार को जापान के खिलाफ खेलेगी। भारत की लगातार बड़ी जीत भारत ने एशियन गेम्स 2026 में लगातार तीसरी बार दोहरे अंकों में जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 और इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था। थाईलैंड के खिलाफ भारत की ओर से नेहा, लालरेमसियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल किए। थाईलैंड को मैच के चौथे क्वार्टर के आखिर में एकमात्र गोल मिला। सुपांसा सामांसो के पेनल्टी कॉर्नर पर लगाए ड्रैग-फ्लिक से गेंद हल्की डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई। भारत की खिताब पर नजर भारत ने हांगझोउ 2023 में कांस्य पदक जीता था। टीम 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। 1982 में भारत ने घरेलू मैदान पर हुए एशियन गेम्स में गोल्ड जीता थी। 1982 के बाद दो सिल्वर जीते भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स में पहली बार शामिल हुए विमेंस हॉकी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। 1982 के बाद भारतीय टीम को एशियन गेम्स के फाइनल में वापसी करने के लिए 12 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में टीम ने फाइनल में जगह बनाई, जहां उन्हें साउथ कोरिया से हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके बाद से टीम ने 2018 में सिल्वर और 2006, 2014 और 2023 में ब्रॉन्ज पदक जीते हैं।
अमेरिका की माइनर लीग क्रिकेट में मुंबई में जन्मे 20 वर्षीय मितांश नित्यानंदम ने इतिहास रच दिया है। मितांश इस टी20 लीग के इतिहास में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने शिकागो किंग्समेन के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ महज 68 गेंदों पर 114 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस ऐतिहासिक पारी में सात छक्के और आठ चौके शामिल रहे। यह शतक इसलिए भी खास है क्योंकि ठीक एक दिन पहले वह मैच की पहली ही गेंद पर एक आसान फुल टॉस पर शून्य पर आउट हो गए थे। लेकिन अगले ही दिन अपनी गलती से सीखते हुए उन्होंने यह कीर्तिमान स्थापित कर दिया। मितांश की इस सफलता के पीछे मुंबई में बिताए उनके कड़े संघर्ष का बड़ा हाथ है। उनका जन्म मुंबई में हुआ था, लेकिन महज छह महीने की उम्र में ही उनका परिवार अमेरिका शिफ्ट हो गया था। अमेरिका में साल भर क्रिकेट ट्रेनिंग का ढांचा न होने के कारण मितांश ने हाई स्कूल के बाद कॉलेज जाने के बजाय एक बड़ा जोखिम लिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई एक साल के लिए टाली और क्रिकेट की बारीकियां सीखने के लिए अकेले मुंबई के चेंबूर आकर आठ महीने बिताए। मुंबई में अचीवर्स क्रिकेट अकादमी और कोच सुबू की मदद से उन्होंने खुद को निखारा। 15 मैचों तक बेंच पर बैठने के बाद उन्हें डीवाई पाटिल क्लब की तरफ से खेलने का मौका मिला। क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से 41 रन बनाकर अपनी जगह पक्की की। इसके बाद उन्होंने टाइम्स शील्ड ए डिवीजन और प्रतिष्ठित डीवाई पाटिल टी-20 कप (जिसे आईपीएल का ऑडिशन माना जाता है) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भुवनेश्वर कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, यश ढुल और प्रियम गर्ग जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया और उनसे दबाव में खेलना सीखा। मुंबई की लाल मिट्टी वाली पिचों पर खेलते हुए मितांश ने स्पिन के खिलाफ अपनी तकनीक मजबूत की। उन्होंने यहीं स्वीप और रिवर्स-स्वीप जैसे शॉट खेलने सीखे, जो अमेरिका में उनके गेम का हिस्सा नहीं थे। शिकागो के खिलाफ अपने ऐतिहासिक शतक के दौरान उन्होंने करीब 40 रन इन्हीं स्वीप शॉट्स की मदद से बनाए। मितांश के पिता भारतीय टीम के कट्टर समर्थक हैं और बचपन में मितांश उनके साथ सुबह 4 बजे उठकर भारत के मैच देखते थे। मितांश का टैलेंट देखकर लीग ने नजरअंदाज कर दिए उम्र के नियम 2021 में शिकागो में एक अभ्यास मैच के दौरान शिकागो ब्लास्टर्स के तत्कालीन कप्तान अशर मेहदी ने 15 वर्षीय मितांश को पहली दो गेंदों पर छक्के जड़ते देखा था। तब उम्र कम होने के कारण उन्हें खेलने के लिए विशेष अनुमति दिलवाई गई क्योंकि लीग नियमों के अनुसार खिलाड़ी का 16 साल का होना जरूरी था। इससे मितांश लीग के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इसके बाद 17 साल की उम्र में वह लीग के सबसे युवा अर्धशतकवीर बने और अब 20 साल की उम्र में सबसे युवा शतकवीर बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी कई वर्षों से एक-दूसरे के खिलाफ खेल रहे: स्टार्क
डरबन, ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का कहना है कि अब ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच पहले जैसी कड़वाहट या तनाव नहीं रहा है।
जय मीणा ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स 2026
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में जय मीणा ने इतिहास रच दिया है।
मीराबाई चानू को सिल्वर जीतने पर बधाई: एशियन गेम्स
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अपना पहला सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने हासिल किया सेमीफाइनल का टिकट: एशियन गेम्स 2026
आइची, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का मेडल पक्का हो गया है।
एशियन गेम्स: पीएम मोदी, सीएम योगी और खेल मंत्री मांडविया ने मीराबाई चानू को सिल्वर जीतने पर दी बधाई
नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अपना पहला सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। मीराबाई ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए देश को वेटलिफ्टिंग में 1998 के बाद पहला एशियन गेम्स मेडल दिलाया है। 49 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई ने कुल 198 किलोग्राम का भार उठाते हुए एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल जीता।
अहमदाबाद, 23 सितंबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद के नारनपुरा में करीब 825 करोड़ की लागत से तैयार वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खिलाड़ियों को न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है, बल्कि अहमदाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
IND vs WI ODI सीरीज का शेड्यूल कीजिए नोट, रोहित शर्मा और विराट कोहली भी आएंगे नजर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है। इसका शेड्यूल नोट कर लीजिए, साथ ही इसके लिए टीम इंडिया का स्क्वाड क्या है, ये भी जान लीजिए।
US Open Tennis Tournament Draws Huge Live In Play Betting
US Open live betting gains attention as match data, changing scores, and real-time statistics shape tennis betting markets during key rounds
भारत ने कबड्डी में अपना दबदबा बनाए रखा है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीते। महिला टीम ने ईरान और पुरुषों ने बांग्लादेश को हराया।
भारत की स्टार भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) मीराबाई चानू ने अपने शानदार और ऐतिहासिक करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के 28 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त कर दिया। 1998 बैंकॉक एशियाई खेलों में दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी द्वारा जीते गए रजत पदक के बाद मीराबाई चानू एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं। नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने एशियाई खेलों के खिताब की हैट्रिक लगाते हुए गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने कुल 191 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता - जिसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 103 किग्रा शामिल था। इस बीच, चानू के सिल्वर मेडल ने एशियाई खेलों के मेडल के लिए लंबे इंतज़ार को भी खत्म कर दिया। इससे पहले वह हांग्जो में चौथे स्थान पर रही थीं और पोडियम तक नहीं पहुँच पाई थीं, जबकि उस इवेंट में उनके पास अपनी उपलब्धियों में कॉन्टिनेंटल खिताब जोड़ने का एक और मौका था। उनके इस नए नतीजे ने उस कलेक्शन को पूरा कर दिया है जिसमें पहले से ही ओलंपिक सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब और कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडल शामिल हैं। चानू का अब तक का सफ़र एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल तक पहुँचने के चानू के सफ़र में कई बड़ी चुनौतियाँ भी आईं। उन्होंने रियो में ओलंपिक में डेब्यू किया था, लेकिन कोई भी वैलिड लिफ़्ट न कर पाने के कारण वह मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं। पाँच साल बाद, उन्होंने टोक्यो में वापसी की और ओलंपिक सिल्वर मेडल जीता, जिससे उनके करियर का एक मुश्किल दौर बदल गया। एशियाई खेलों में भी ऐसी ही चुनौती थी। हांग्जो में पोडियम तक पहुँचने से मामूली अंतर से चूकने के बाद, चानू ने जापान में कॉम्पिटिशन में वापसी की। उनके पास उस मेडल को जीतने का एक और मौका था जो उनके रिकॉर्ड में अब तक शामिल नहीं हो पाया था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Election Commission में अंदरूनी घमासान! SIR और वोटर डेटा पर दो चुनाव आयुक्तों ने ही उठाए गंभीर सवाल, Indian Express Report से मचा बवाल एशियाई खेलों के सिल्वर मेडल का महत्व चानू का प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। उनके सिल्वर मेडल ने उन्हें 1998 में बैंकॉक में कर्णम मल्लेश्वरी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद से इस खेल में देश की पहली एशियाई खेलों की मेडल विजेता बना दिया। 32 साल की उम्र में, चानू सात खिलाड़ियों के ग्रुप में सबसे उम्रदराज़ एथलीट थीं। नागोया में दूसरे स्थान पर रहने से अब उन्हें अपने करियर में पहले से हासिल ओलंपिक, वर्ल्ड और कॉमनवेल्थ सम्मानों के साथ-साथ एशियाई खेलों का मेडल भी मिल गया है। इस बीच, सिल्वर मेडल के साथ भारत मेडल टैली में 11वें स्थान पर पहुँच गया है। देश ने अब तक इस प्रतियोगिता में एक गोल्ड, पाँच सिल्वर और पाँच ब्रॉन्ज़ मेडल जीते हैं।
मीराबाई चानू ने खत्म कर दिया एशियन गेम्स में मेडल का सूखा, देश को दिलाया सिल्वर मेडल
मीराबाई चानू ने आखिरकार एशियन गेम्स में अपना पहला पदक जीत ही लिया। उन्होंने अपनी मेहनत से वह करके दिखाया है, जिसकी उम्मीद बहुत से लोग छोड़ चुके थे। एशियन गेम्स 2026 में उन्होंने देश को सिल्वर मेडल दिलाया है।
Asian Games 2026: मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, 28 साल बाद भारत को वेटलिफ्टिंग में मिला मेडल
Asian Games 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49kg वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता। उनके पदक से भारत का 28 साल का वेटलिफ्टिंग मेडल सूखा खत्म हुआ।
भारत की मशहूर वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही उनके शानदार करियर में एशियन गेम्स के उस मेडल की कमी भी पूरी हो गई।
'फुटपाथ पर फिसलकर गिर जाता', रचिन रवींद्र की इंजरी पर न्यूजीलैंड कोच वाल्टर का बयान
न्यूजीलैंड के युवा ऑलराउंडर रचिन रवींद्र कंधे की चोट की वजह से भारत के खिलाफ होने वाली 5 टी20 मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। रवींद्र एक प्रमोशनल शूट करते हुए पिछल सप्ताह इंजर्ड हो गए थे। इंजरी की वजह से उन्हें छह सप्ताह तक क्रिकेट से बाहर रहना होगा।
मीराबाई चानू ने 198 किग्रा के कुल वजन के साथ एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीत लिया। उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने 113 रन की पारी खेली। पहले दिन रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर जाने के बाद उन्होंने दूसरे दिन वापसी की और 202 गेंदों पर शतक पूरा किया। उनके अलावा तनुष कोटियान ने 69 और साई सुदर्शन ने 57 रन बनाए। कप्तान देवदत्त पडिक्कल 14 गेंदों पर 3 रन बनाकर आउट हुए। इंडिया-ए की टीम पहली पारी में 334 रन पर ऑलआउट हो गई। कुमार कुशाग्र और तनुष की साझेदारी कुमार कुशाग्र ने भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने छठे विकेट के लिए तनुष कोटियान के साथ 266 गेंदों पर 138 रन की साझेदारी की। तनुष कोटियान ने अर्धशतक लगाया, लेकिन उसे शतक में नहीं बदल सके। उन्होंने एक छक्का और 4 चौकों की मदद से 68 रन बनाए। साई सुदर्शन ने भी अर्धशतक लगाया भारत की पहली पारी में ओपनर साई सुदर्शन ने 3 चौकों की मदद से 57 रन बनाए। अमन मोखाड़े 6 रन बनाकर आउट हुए। शेख रसीद का बल्ला भी नहीं चला। वह 16 रन के स्कोर पर आउट हो गए। कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने निराश किया। वह काफी अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं, लेकिन पहली पारी में सिर्फ 3 रन बना सके। खबर लिखे जाने तक भारत ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पहली पारी में 7 विकेट पर 310 रन बना लिए थे। 2026 में वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज साल 2026 में वनडे प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शुभमन गिल पहले नंबर पर हैं। रोहित शर्मा टॉप-10 से बाहर हैं। विराट कोहली इस लिस्ट में 10वें स्थान पर हैं।
'जेलर 2' के गाने पर डेविड वॉर्नर का एआई डांस वीडियो वायरल, देखकर खुद हुए हैरान
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड वॉर्नर का भारतीय सिनेमा के प्रति प्यार किसी से छिपा नहीं है। अक्सर वो साउथ और बॉलीवुड के गानों पर रील बनाते नजर आते हैं लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर उनका एआई वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर खुद डेविड वॉर्नर भी हैरान रह गए।
एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में बुधवार, 23 सितंबर का दिन भारत के लिहाज से बेहद अहम और व्यस्त रहने वाला है। इस दिन निशानेबाजी, भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग), बैडमिंटन, कबड्डी और हॉकी समेत कई स्पर्धाओं में भारतीय एथलीट पदक जीतने और अगले दौर में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दिन की शुरुआत तड़के ई-स्पोर्ट्स, रोइंग और सेपकटकरा के मुकाबलों से होगी, जबकि पूरे दिन प्रशंसकों की निगाहें मनु भाकर, मीराबाई चानू और भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम पर टिकी रहेंगी। यहाँ प्रस्तुत है 23 सितंबर को होने वाले सभी भारतीय इवेंट्स और उनके समय (IST - भारतीय मानक समय) की पूरी सूची: शूटिंग (निशानेबाजी) सुबह 6:15 बजे: एयर पिस्टल महिला (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन – सुरुचि इंदर सिंह, ईशा सिंह, मनु भाकर सुबह 6:30 बजे: स्कीट पुरुष (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन दिन 3 – अनंतजीत सिंह नरूका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान सुबह 6:30 बजे: स्कीट महिला (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन दिन 3 – परिनाज़ धालीवाल, रायज़ा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान सुबह 9:00 बजे: एयर पिस्टल महिला (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सुबह 11:00 बजे: स्कीट महिला (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – परिनाज़ धालीवाल, राइज़ा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 12:30 बजे: स्कीट पुरुष (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) सुबह 10:00 बजे: महिला 49 किग्रा फाइनल ग्रुप ए – मीराबाई चानू दोपहर 1:30 बजे: महिला 53 किग्रा फाइनल ग्रुप ए – ज्ञानेश्वरी यादव बैडमिंटन सुबह 11:30 बजे: पुरुषों की टीम सेमी-फ़ाइनल – भारत बनाम चीन कबड्डी सुबह 8:30 बजे: महिला टीम प्रारंभिक राउंड (ग्रुप ए) – भारत बनाम ईरान सुबह 9:45 बजे: पुरुष टीम प्रारंभिक राउंड (ग्रुप ए) – भारत बनाम बांग्लादेश हॉकी सुबह 11:30 बजे: महिला टीम (पूल बी) – भारत बनाम थाईलैंड बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) सुबह 8:30 बजे से: पुरुषों का 80kg (राउंड ऑफ़ 16) – अंकुश बनाम हम्सा वोगेल (बहरीन) वुशु दोपहर 2:30 बजे से: महिला सांडा 60 किग्रा सेमीफाइनल – रोशिबिना देवी बनाम थानिया कुसुमानिंगत्यास (इंडोनेशिया) टेबल टेनिस सुबह 6:30 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 32) – हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े बनाम इस्माइल मोहम्मद और अली फातिमाथ (मालदीव) सुबह 7:10 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 32) – मानुष शाह और दीया चितले बनाम चानुल कुलप्पुवाडु और बिमांडी स्वर्ण (श्रीलंका) सुबह 10:15 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 16) – मानुष शाह और दीया चितले (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सुबह 10:15 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 16) – हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) रोइंग (नौकायन) सुबह 5:40 बजे: पुरुष सिंगल स्कल्स (हीट 2) – बलराज पंवार सुबह 6:00 बजे: पुरुष डबल स्कल्स (हीट 3) – सतनाम सिंह, सलमान खान सुबह 6:50 बजे: पुरुष जोड़ी (हीट 2) – जसविंदर सिंह, नितिन कुमार सुबह 7:10 बजे: महिला चार (हीट 1) – गुरबानी कौर, पूनम, तेंडेनथोई देवी हाओबिजम, अलीना एंटो सुबह 11:20 बजे: पुरुष लाइटवेट डबल स्कल्स (हीट 1) – रोहित, उज्ज्वल कुमार सिंह दोपहर 12:10 बजे: पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स (हीट 2) – अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह, जकार खान दोपहर 12:20 बजे: पुरुष चार (हीट 1) – घुर्डे विपुल सतीश, सौरव कुमार, बाबू लाल यादव, योगेश कुमार स्विमिंग (तैरना) सुबह 6:42 बजे: पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई (हीट 2) – रोहित बेनेडिक्टॉन, साजन प्रकाश सुबह 7:03 बजे: पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल (हीट 2) – अनीश सुनील कुमार गौड़ा, वेदांत माधवन दोपहर 1:38 बजे: पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई फ़ाइनल – रोहित बेनेडिक्टॉन, साजन प्रकाश (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:54 बजे: पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल फ़ाइनल – अनीश सुनील कुमार गौड़ा, वेदांत माधवन (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) फ़ेंसिंग (तलवारबाजी) सुबह 6:30 बजे से: महिलाओं की फ़ॉइल इंडिविजुअल (पूल स्टेज) – नाओरेम मीना देवी, जॉइस अशिता स्टालिनराज सुबह 8:15 बजे से: पुरुषों की सेबर इंडिविजुअल (पूल स्टेज) – गिशो निधि के.पी., करण सिंह सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक: राउंड ऑफ़ 32, राउंड ऑफ़ 16, क्वार्टरफ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और मेडल बाउट्स (क्वालिफिकेशन के आधार पर) कैनो स्प्रिंट सुबह 6:30 बजे: पुरुषों की कयाक फोर 500m (हीट 1) – हर्षवर्धन शक्तावत, वरिंदर सिंह, एल नाओचा सिंह ओइनम, अरुण सिंह सुबह 6:50 बजे: महिलाओं की कैनो सिंगल 200m (हीट 1) – मेघा प्रदीप सुबह 7:10 बजे: महिलाओं की कयाक डबल 500m (हीट 1) – पार्वती गीता, फेरेम्बम सोनिया देवी सुबह 10:40 बजे: पुरुषों की कयाक डबल 500m (हीट 2) – प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बारोई सुबह 11:00 बजे: महिलाओं की कैनो डबल 500m (हीट 2) – मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी स्क्वैश सुबह 10:30 बजे: पुरुष सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – अभय सिंह बनाम अरकराडेट अरकराहिरुन्या (थाईलैंड) सुबह 11:15 बजे: महिला सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – तन्वी खन्ना बनाम किम दामी (दक्षिण कोरिया) दोपहर 12:00 बजे: पुरुष सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – वीर चोटरानी बनाम मोहम्मद शामिल मुख्तार वकील (श्रीलंका) ई-स्पोर्ट्स सुबह 5:30 बजे: ई-फ़ुटबॉल क्वार्टरफ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू दोपहर 12:30 बजे: ई-फ़ुटबॉल सेमी-फ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 3:50 बजे: ई-फ़ुटबॉल फ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सॉफ्ट टेनिस सुबह 5:30 बजे: पुरुष सिंगल्स क्वार्टरफ़ाइनल – जय मीणा बनाम शेरविन नुगुइट (फ़िलीपींस) सुबह 8:30 बजे: पुरुष सिंगल्स सेमीफ़ाइनल – जय मीणा (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 12:15 बजे: पुरुष सिंगल्स गोल्ड मेडल मैच – जय मीणा (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) घुड़सवारी & सेपकटकरा सुबह 5:30 बजे (सेपकटकरा): पुरुष टीम रेगु (प्रारंभिक ग्रुप बी) – भारत बनाम फिलीपींस सुबह 6:30 बजे (घुड़सवारी): इवेंटिंग इंडिविजुअल (क्रॉस कंट्री) फ़ाइनल डे 2 – आशीष लिमये, फुआद मिर्ज़ा
जय मीणा ने एशियन गेम्स में बनाया नया रिकॉर्ड, सॉफ्ट टेनिस में भारत ने पहली बार जीता मेडल
भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने एशियन गेम्स के पुरुषों के सिंगल्स क्वार्टर-फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। लेकिन सेमीफाइनल मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

