Women T20 Asia Cup में Thailand से भिड़ेगी भारतीय टीम, लय हासिल करने का लक्ष्य
ऐसे समय में जबकि टीम की फॉर्म और निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं तब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम रविवार को यहां महिला टी20 एशिया कप ग्रुप ए के अपने पहले मैच में थाईलैंड के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करके अपने अभियान की शानदार शुरुआत करना चाहेगी। पिछले एक दशक में महिला टी20 एशिया कप में भारत सबसे दबदबा बनाने वाली टीम रही है। उसने 2016-17 से इस टूर्नामेंट के टी20 प्रारूप के पांच संस्करणों में तीन बार खिताब जीता है लेकिन हाल में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। भारत ने इस साल खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से नौ मैच हारे हैं। उसको आखिरी हार हाल में महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया से मिली थी। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के ग्रुप चरण से बाहर हो गई थी। ऐसे समय में जबकि कप्तान हरमनप्रीत के खुद की फॉर्म और सबसे छोटे प्रारूप में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं तब भारत एशिया के दो प्रमुख टूर्नामेंट में खेलने की तैयारी कर रहा है। एशिया कप के तुरंत बाद जापान में एशियाई खेल होंगे। इन दोनों प्रतियोगिताओं में भारत खिताब के मजबूत दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा। भारत को आठ टीमों वाली महिला टी20 एशिया कप में थाईलैंड, हांगकांग और पाकिस्तान के साथ ग्रुप ए में रखा गया है। हरमनप्रीत ने महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन में हालांकि निरंतरता का अभाव है जो टीम के लिए चिंता का विषय है। एशिया कप और एशियाई खेलों के लिए भरोसेमंद बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स के बाहर होने के बाद भारत ने अपनी टीम में प्रतिका रावल को शामिल किया है, लेकिन टीम को मध्य क्रम में जेमिमा की कमी खलेगी। भारत के पास स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के रूप में मजबूत सलामी जोड़ी है लेकिन तीसरे नंबर और उसके बाद के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लय को बनाए रखना और स्कोरबोर्ड को गति प्रदान करना होगा। पिछली बार जब भारत इस प्रारूप में खेला था तब खराब फील्डिंग बड़ी चिंता का विषय था। भारतीय खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े जो उसकी हार का प्रमुख कारण भी रहा। भारत को अगर एशिया कप और एशियाई खेलों में अपना दबदबा बरकरार रखना है तो उसे अपनी फील्डिंग में जल्द से जल्द सुधार करना होगा। गेंदबाजी में भारत की तरफ से स्पिन आक्रमण की अगुवाई अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा करेगी। इस विभाग में भारत के पास टी20 विश्व कप में सबसे अधिक विकेट लेने वाली श्री चरणी, राधा यादव और प्रेमा रावत शामिल हैं। भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण भी मजबूत नजर आ रहा है, जिसमें अनुभवी रेणुका सिंह ठाकुर के साथ क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी और नंदनी शर्मा जैसी गेंदबाज शामिल हैं। जहां तक थाईलैंड का सवाल है तो वह हांगकांग के खिलाफ पहले मैच में मिली जीत से उत्साहित होगा। थाईलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 120 रन बनाए और फिर हांगकांग को सात विकेट पर 114 रन पर रोक दिया। थाईलैंड की कप्तान नारुएमोल चाईवाई (43) ने बल्लेबाजी में अहम योगदान दिया जबकि ओन्निचा कामचोम्फू ने तीन और फनिता माया ने दो विकेट लेकर गेंदबाजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव। थाईलैंड: नारुएमोल चाइवाई (कप्तान), नन्नाफट चाइहान, नत्थाकन चंथम, नाओमी हिल्टन, नन्नापत कोंचरोएनकाई (विकेटकीपर), ओन्निचा कामचोमफू, फन्निता माया, चानिदा सुथिरुआंग, एफिसारा सुवानचोराथी, सुनीदा चतुरोंग्रट्टाना, चायनिसा फेंगपैन, सुलेपोर्न लाओमी, थिपचा पुथावोंग, थानराडा सीसावन, कोरानिट सुवानचोनराथी। मैच भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे शुरू होगा।
अब ओलंपिक में परचम लहराएगा धार का क्रिश, देश के टॉप एथलीट में नाम शामिल, भोपाल में कर रहे तैयारी
क्रिश ने अपने खेल करियर की शुरुआत आठवीं कक्षा में 400 मीटर दौड़ से की थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व भी किया। हालांकि, गंभीर चोट आने के बाद उन्होंने साइकिलिंग की ओर रुख करने का निर्णय लिया। ऑफ-रोडिंग और एडवेंचर के शौकीन क्रिश ने माउंटेन बाइकिंग को ही करियर बना लिया।
Women's T20 Asia Cup 2026: जाने किस दिन आमने सामने होगी भारत पाकिस्तान टीम
इंटरनेट डेस्क। महिला टी20 एशिया कप 2026 का आगाज हो चुका है। इस बार टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा इंडोनेशिया, हांगकांग चीन, थाईलैंड और मेजबान यूएई भी खिताब के लिए मैदान में है। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। भारत को प्रतियोगिता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि मौजूदा चैंपियन श्रीलंका की टीम भी शानदार फॉर्म के साथ टूर्नामेंट में पहुंची है। महिला टी20 एशिया कप में कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें 12 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल शामिल है। ग्रुप चरण के मुकाबले कले से शुरू हो चुके हैं जोे आठ सितंबर तक होंगे और इस दौरान हर दिन एक मैच खेला जाएगा। पांच सितंबर को भारत-पाकिस्तान महामुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत शामिल है। दोनों टीमें पांच सितंबर को आमने-सामने होंगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का पाकिस्तान पर दबदबा रहा है। दोनों के बीच खेले गए 17 मुकाबलों में भारत ने 14 में जीत दर्ज की है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में एक खराब दिन भी समीकरण बदल सकता है। pc- firstpost.com
दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट अपने नाम किए। इस मैच में वैभव बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं कर पाए थे।
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की पहली पारी 110 रन पर सिमट गई। इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने पाकिस्तान के बैटिंग लाइन-अप की तुलना इंग्लिश काउंटी की सेकेंड डिवीजन टीम से कर दी। उन्होंने कहा- ‘इंग्लिश बॉलर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। लेकिन क्या पाकिस्तान की बल्लेबाजी सेकेंड डिविजन की काउंटी क्रिकेट जैसी है? किसी भी लेवल पर यह इंटरनेशनल टेस्ट मैच की बल्लेबाजी लाइनअप नहीं दिखती।’ लॉर्ड्स में इंग्लैंड के 290 रन के जवाब में पाकिस्तान पहली पारी सिर्फ 37.2 ओवर तक चली। वापसी कर रहे कप्तान बाबर आजम भी सिर्फ 8 रन ही बना सके। सिर्फ 2 बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू सके। पाकिस्तान पहली पारी में 180 रन से पिछड़ गया है। वॉन बोले- गेंदबाजों को पता है कि उन्हें विकेट मिलेगा वॉन ने कहा- 'पूरी ईमानदारी से कहूंगा कि इंग्लैंड के गेंदबाजों को बिल्कुल भी चुनौती नहीं मिल रही। लंबे समय में यह पाकिस्तान की शायद सबसे आसान बैटिंग लाइन-अप है, जिसके खिलाफ गेंदबाजी करना आसान हो।' उन्होंने कहा- सभी बॉलर चाहते होंगे कि उन्हें बॉल मिले, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां विकेट मिलेंगे। ये बल्लेबाज उनके आंकड़े खराब नहीं करेंगे। यह ऐसा है कि सभी गेंदबाज आगे आकर कह रहे हैं- चलो, चलो, किसे विकेट चाहिए?' ओली रॉबिन्सन को 4 और जोफ्रा आर्चर को 3 विकेट पाकिस्तन ने 5 रन पर पहला विकेट गंवाया। इसके बाद लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम एक भी फिफ्टी रन की पार्टनरशिप नहीं कर पाई। ओपनर अजान अवैस ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। इमाम-उल-हक चोट की वजह से बैटिंग के लिए नहीं उतरे। उन्हें रिटायर्ड आउट दिया गया। इंग्लैंड के लिए तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने 4 और जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। जोश टंग को 2 विकेट मिला। इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू से विवादों में लॉर्ड्स टेस्ट लॉर्ड्स का यह टेस्ट पहले दिन से विवादों में है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू ना दिखाए। बोर्ड ने धमकी दी ऐसा किया गया तो वह इंग्लैंड का दौरा रद्द कर सकता है। हालांकि इसके बावजूद चैनल ने 18 मिनट का इंटरव्यू ऑन-एयर किया था। विवाद से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें… पहले टेस्ट में पाकिस्तान को हार मिली थी पाकिस्तान को पिछले सप्ताह लीड्स में सीरीज के पहले टेस्ट में पारी और 103 रन से हार मिली थी। यह मैच तीन दिन के अंदर खत्म हो गया था। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के पॉाइंट्स टेबल में भी पाकिस्तान सबसे नीचे है। टीम ने 7 मैचों में सिर्फ 16 अंक हासिल किए हैं। ------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर पाकिस्तान के हेड-कोच बोले: टीम को इसकी जानकारी नहीं थी, हम उस समय लंच कर रहे थे इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। पूरी खबर पढ़ें…
Hockey India ने महिला टीम को 50 लाख का पुरस्कार दिया, World Cup में 5वां स्थान किया हासिल
हॉकी इंडिया ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एफआईएच हॉकी विश्व कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान हासिल करने पर शुक्रवार को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। सलीमा टेटे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने बृहस्पतिवार को एम्स्टेलवीन में पांचवें और छठे स्थान के मुकाबले में दुनिया की पांचवें नंबर की टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। इसके साथ भारत ने विश्व कप में अपना अब तक का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने इससे पहले 1974 में हुए पहले विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक मैच गंवाया। टीम ने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ मैच ड्रॉ किए। इसके अलावा भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। जर्मनी के खिलाफ जीत के साथ भारत ने मुख्य कोच शोर्ड मारिन के कार्यकाल का भी जीत के साथ समापन किया। टीम को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘यह भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक परिणाम है। 52 साल बाद विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना इस टीम की कड़ी मेहनत, संघर्ष करने की क्षमता और पूरे टूर्नामेंट में दिखाए गए जज्बे का प्रमाण है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हॉकी इंडिया की ओर से मैं टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा करते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं। यह हमारी ओर से खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और सराहना का प्रतीक है। मुझे उम्मीद है कि इससे खिलाड़ियों को आगे भी अपना प्रदर्शन बेहतर करने और नयी ऊंचाइयां हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।
Bayern Munich ने 5-1 से जीता मैच, मैनचेस्टर सिटी को भी मिली बड़ी जीत
बायर्न म्यूनिख और मैनचेस्टर सिटी ने अपनी राष्ट्रीय फुटबाल लीग में बड़ी जीत हासिल करके अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की। जर्मनी की बुंडेसलीगा में मौजूदा चैंपियन बायर्न म्यूनिख ने लीग में हमेशा की तरह दबदबा बनाए रखते हुए घरेलू मैदान पर स्टटगार्ट के खिलाफ 5-1 से जीत हासिल की। बायर्न म्यूनिख बुंडेसलीगा में पिछले 15 वर्षों से सत्र का अपना पहला मैच नहीं हारा है। इंग्लैंड में प्रीमियर लीग में मैनचेस्टर सिटी ने क्रिस्टल पैलेस को 4-1 से हराया। इस मैच में एर्लिंग हालैंड और रायन चेर्की ने दो-दो गोल किए। फ्रांस की लीग1 के मौजूदा चैंपियन पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) को लिली के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के लिए स्टॉपेज टाइम में दो गोल की जरूरत पड़ी। इसे भी पढ़ें: Chelsea Transfer Hunt: Enzo Fernandez के विकल्प की तलाश, Monaco के Lamine Camara पर टिकी नजरें फ्रांसीसी और यूरोपीय चैंपियन पीएसजी ने इससे पहले पिछले सप्ताह रेनेस के खिलाफ भी पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-2 से ड्रॉ खेला था। इटली की लीग सीरी ए में एसी मिलान ने वेनेज़िया को 2-0 से पराजित किया। उधर स्पेन में ला लीगा में अलावेस और रेसिंग सैंटेंडर ने क्रमशः विलारियल और एल्ची पर एक-एक गोल से जीत हासिल की।
US Open में Aryna Sabalenka लगातार तीसरा खिताब जीतकर हैट्रिक लगाने उतरेंगी
विश्व की नंबर एक खिलाड़ी एरीना सबालेंका हाल की खराब फॉर्म के बावजूद रविवार से यहां शुरू होने वाले यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में खिताबी हैट्रिक पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सबालेंका पिछले कुछ टूर्नामेंटों में चौथे दौर से आगे भी नहीं बढ़ पाई हैं जिसे देखते हुए वह सेरेना विलियम्स (2012-14) के बाद लगातार तीन यूएस ओपन खिताब जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने के लिए शायद ही तैयार दिखती हैं। लेकिन सबालेंका चिंतित नहीं लग रही हैं। वह तो विद्रोही लग रही हैं। जो लोग यह जानना चाहते थे कि उनके खेल में क्या खराबी है, उनके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘शायद लोगों में ही कुछ खराबी है।’’ सबालेंका ने साल की अच्छी शुरुआत की। ऑस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में एलेना रायबाकिना से हारने के बाद उन्होंने इंडियन वेल्स और मियामी में लगातार दो हार्ड कोर्ट खिताब जीते। इसे भी पढ़ें: KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी विंबलडन में चौथे दौर में नाओमी ओसाका से हारने के बावजूद माना जा रहा था कि वह जल्द ही अपनी पुरानी फॉर्म में लौट आएंगी, क्योंकि हार्ड कोर्ट उनकी पसंदीदा सतह रही है। लेकिन सबालेंका टोरंटो में चौथे दौर में एकातेरिना एलेक्जेंड्रोवा से हार गई और सिनसिनाटी में सारा बेजलेक ने उन्हें दोनों सेटों में बढ़त का फायदा नहीं उठाने दिया। सबालेंका ने कहा, ‘‘वह दौर मेरे लिए अच्छा नहीं था। इसे भी पढ़ें: Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे मैं अपना बचाव नहीं करना चाहती, लेकिन जाहिर है कि मैं उस दौर के बारे में बात नहीं करना चाहती। मैं कई चीजों से जूझ रही थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। ये कड़े सबक मुझे और भी ज़्यादा मज़बूत बनाएंगे और मैं और कड़ी मेहनत करूंगी। वापसी करना बस समय की बात है।’’ सबालेंका लगातार तीसरा खिताब जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यहां 2024 में फाइनल में जेसिका पेगुला को हराकर पहली बार खिताब जीता था। पिछले साल उन्होंने अमांडा अनिसिमोवा को हराकर अपने खिताब का बचाव किया था।
इंटरनेट डेस्क। नामीबिया ने एक बड़ा उल्टफेर किया है। टीम ने इतिहास रचते हुए ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 18 रन से हरा दिया। यह नामीबिया की टी20 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी जीत रही, टीम ने पिछले साल भी इसी तरह का कमाल किया था। मुकाबले में पहले बैटिंग करने के बाद नामीबिया ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 163 रन बनाए। जवाब में अफ्रीका 20 ओवर में 9 विकेट पर 145 रन तक ही पहुंच सकी। विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो बिल्कुल गलत साबित हुआ, पहले बैटिंग करने वाली नामीबिया के लिए ओपनर जान फ्राइलिंक ने 38 गेंदों में 60 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। साथी ओपनर लॉरेन स्टीनकैंप ने 3 चौके और 2 छक्के लगाकर 41 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 84 (58 गेंद) रनों की साझेदारी की। चेज के लिए उतरी अफ्रीका पूरी तरह से फुस्स नजर आई, टीम की शुरुआत बहुत खराब रही। 19 रन पर दो विकेट गिर गए। जॉर्डन हरमन 07 रन पर और लुहान-ड्रे प्रेटोरियस 09 रन पर पवेलियन लौटे। इसके बाद टीम से उबर ही नहीं पाई। PC-cricinfo.com
ताकत पहचानकर खेलों का चयन करने से बढ़ेंगे पदक, प्रतिभा खोज से शुरू करनी होगी पोडियम की दौड़
राष्ट्रीय खेल दिवस को सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान तक सीमित रखने के बजाय देश के खेल मॉडल की समीक्षा का अवसर बनाया जाना चाहिए।
FIH World Cup: शूटआउट में Belgium से 3-4 से हारा भारत, 8वें स्थान पर रहा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया। शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। इससे पहले निर्धारित समय में भारत के लिए अभिषेक ने शुरुआती गोल किया, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। बेल्जियम की ओर से रोमन डुवेकोट, ह्यूगो लाबूशे और निकोलस डी केरपेल ने गोल किए। शूटआउट में बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर ली।
टेबल टेनिस टीम के शीर्ष खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों से पहले इटली के कोच मासिमो कांस्टेंटिनी को फिर से भारतीय टीम से जोड़ने की मांग की है। उनका दो साल का अनुबंध मई में खत्म हो चुका है।
एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम में चुने गए लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को कथित डोपिंग उल्लंघन के मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस जारी किया है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का विश्व कप अभियान निराशाजनक अंदाज में खत्म हुआ। आठवें स्थान के मुकाबले में भारत ने सह-मेजबान बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने आखिरी 26 सेकंड में गोल कर मुकाबला 3-3 से बराबर किया।
भारत में हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती को समर्पित है। भारतीय हॉकी को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले ध्यानचंद की उपलब्धियां आज भी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
हॉकी विश्व कप: भारतीय पुरुष टीम का सफर हार के साथ समाप्त, टूर्नामेंट में 8वें स्थान पर रही
वावरे, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सफर एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हुआ। खिताब की दौर से पहले ही बाहर हो चुकी भारतीय टीम शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में बेल्जियम से हारकर टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। भारतीय टीम को शूटआउट में बेल्जियम से 4-3 से हारकर आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
वुमेंस एशिया कप में थाईलैंड ने जीत के साथ किया आगाज, रोमांचक मुकाबले में हांगकांग को दी मात
महिला एशिया कप 2026 का आगाज शुक्रवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ। थाइलैंड ने हांगकांग को 6 रन से हराकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। हॉकी के जादूगर 'पद्म भूषण' मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लंच के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं लौटने वाली थी। इसपर उन्होंने कहा कि- 'मुझे कुछ नहीं पता। मैं सिर्फ मैच पर ध्यान दे रहा हूं। मुझे इंटरव्यू के बारे में नहीं पता। हम उस समय लंच कर रहे थे।' पाकिस्तान ने स्काई स्पोर्ट्स को धमकी दी थी विवाद गुरुवार का है। जब लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन PCB ने मैच के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू न चलाने को कहा था। बोर्ड की इस धमकी के बावजूद ने चैनल ने 18 मिनट तक इंटरव्यू ऑन-एयर किया था। PCB ने धमकी दी थी कि बात न मानने पर लंच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान पर शायद न उतरे। साथ ही पाकिस्तान, इंग्लैंड दौरे पर बचे मुकाबले रद्द कर सकता है। हालांकि लंच के बाद भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे और खेल जारी रहा। माइकल एथरटन ने इंटरव्यू लिया था यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्काई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर माइकल एथरटन ने लिया था। इसमें सुलेमान और कासिम खान ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों ने इमरान की स्थिति को लेकर ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे (सरकार) क्या कर रहे हैं। वे खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। पाकिस्तानी चैनल PTV ने इंटरव्यू के बीच विज्ञापन चलाया यह इंटरव्यू पाकिस्तान में मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर PTV पर भी प्रसारित किया गया। हालांकि, चैनल ने इसे कुछ ही देर दिखाने के बाद बीच में रोक दिया और स्पोर्ट्स कमर्शियल (विज्ञापन) चला दिया। प्रसारण अचानक कट होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व क्रिकटरों ने इमरान के हेल्थ को लेकर दो लेटर भेजे दुनियाभर के पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के सही इलाज को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को 2 लेटर भेजे हैं। पहला लेटर फरवरी में भेजा गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। दूसरा पत्र 23 अगस्त को भेजा गया। इसमें भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार वर्ल्डकप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी। ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस ने भी इस मांग का समर्थन किया है। इससे पहले 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान को अस्पताल में एडमिट किया गया था, बाद में फिर अदियाला जेल भेज दिया गया। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। समय के साथ सिफर और इद्दत निकाह मामलों में अदालत ने उन्हें राहत दे दी, जबकि तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद अन्य लंबित कानूनी मामलों और नए केसों के चलते उनकी रिहाई नहीं हो सकी है और वे लगातार जेल में ही हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का दावा है कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से बेदखल करने के लिए ये तमाम फर्जी केस दर्ज कराए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया बताती है।
वर्ल्ड कप मेडल की रेस से बाहर होने के बाद, इंडियन मेंस हॉकी टीम अपने अंतिम मैच में बेल्जियम से भिड़ी। बेलफियस हॉकी एरिना में खेला गया यह रोमांचक मुकाबला निर्धारित समय तक 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ।
धावक Abhishek Pal को NADA का नोटिस, Asian Games से पहले डोपिंग का मामला
एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम में चुने गए लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को डोपिंग उल्लंघन के कथित मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस जारी किया है। नाडा ने हालांकि अभी तक उनके खिलाफ अस्थायी निलंबन नहीं लगाया है। सूत्रों के अनुसार, पाल के डोप नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ की बेहद कम मात्रा पाई गई है। घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि नाडा ने इसी आधार पर पाल को नोटिस भेजा है। यह भी माना जा रहा है कि पाया गया पदार्थ महिलाओं में प्रजनन क्षमता से जुड़ी किसी दवा का हो सकता है। सूत्र ने कहा कि प्रतिबंधित पदार्थ का पाया जाना अपने आप में चौंकाने वाला है और उम्मीद है कि पाल इस मामले की जांच की मांग के लिए नाडा का रुख करेंगे। जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 72 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में पाल को 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ के लिए जगह मिली है। उनके लिए डोपिंग मामले के चलते एशियाई खेलों में हिस्सा लेना मुश्किल हो सकता है। पाल मामले का जल्द समाधान कराने के लिए नाडा से संपर्क कर सकते हैं। अमेरिका में भी प्रशिक्षण ले चुके पाल ने जून में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 10,000 मीटर में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। इससे पहले वह 2023 एशियाई चैंपियनशिप में 10,000 मीटर दौड़ का कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं।
लॉर्ड्स में पाकिस्तान ने किया सरेंडर, 110 रन पर ऑलआउट, 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी न छू सके
लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के सामने सिर्फ 110 रनों पर ऑलआउट हो गई। पूरी टीम से महज दो ही बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू सके।
प्रयागराज की शिप्रा का इंडिया-A महिला टीम में चयन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिखाएंगी दम
यूपी के प्रयागराज की शिप्रा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 मुकाबलों में इंडिया-ए की ओर से अपने खेल का जलवा दिखाएंगी. शिप्रा पिछले वर्ष अंडर-23 महिला क्रिकेट में यूपी टीम की कप्तान रही हैं, जबकि हाल ही में संपन्न सीनियर महिला क्रिकेट में उन्होंने उपकप्तान की भूमिका निभाई.
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शतक लगाकर भारत के नंबर-3 बल्लेबाज की तलाश को फिलहाल खत्म कर दिया है। उन्होंने गॉल में 167 और कोलंबो में 117 रन की पारियां खेलीं। पडिक्कल ने सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 328 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इनमें 123 रन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आए। 26 साल के पडिक्कल को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में मौका मिला था। लेकिन जिस नंबर-3 पोजिशन पर 2023 में चेतेश्वर पुजारा के बाद लगातार बदलाव होते रहे, वहां पडिक्कल ने सिर्फ तीन पारियों में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। स्टोरी में नंबर-3 पर भारत की परेशानी, पडिक्कल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड और स्पिन खेलने की खास तकनीक के बारे में… भारत में नंबर-3 की जगह इतनी अहम क्यों? टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 बल्लेबाज को कई बार ओपनर और मिडिल ऑर्डर दोनों की भूमिका निभानी पड़ती है। इसलिए यह टीम की बल्लेबाजी की सबसे अहम पोजिशन में से एक होती है। राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए इस जगह पर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। उनके बाद चेतेश्वर पुजारा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 13 साल में नंबर-3 पर 155 पारियां खेलते हुए 6529 रन बनाए। 11 जून 2023 में पुजारा के आखिरी टेस्ट के बाद भारत ने नंबर-3 पर कुल 7 बल्लेबाजों को आजमाया। शुभमन गिल को सबसे पहले यह पोजिशन मिली। उन्होंने इस नंबर पर 972 रन बनाए। उनके टेस्ट मिस करने पर विराट कोहली और केएल राहुल ने भी इस पोजिशन पर बल्लेबाजी की। लेकिन कोहली के रिटायरमेंट के बाद गिल नंबर-4 पर बैटिंग करने लगे। इसके बाद साई सुदर्शन को इंग्लैंड दौरे पर टीम में शामिल किया। हालांकि वे कुछ खास नहीं कर सके। नंबर-3 पर सुदर्शन ने लगभग 32 की औसत से 383 रन बनाए हैं। इंग्लैंड सीरीज में करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी इस नंबर पर मौका मिला। वे भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके। ऐसे में देवदत्त पडिक्कल ने सिर्फ 5 पारियों में 353 रन बनाकर अपने आपको रेस में सबसे आगे कर दिया है। श्रीलंका में मौका कैसे मिला? साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए। इससे नंबर-3 की जगह पडिक्कल के लिए खुली। इससे पहले वे भारत A के लिए दो अर्धशतक लगा चुके थे और श्रीलंका में ही टूर गेम में 142 रन की नाबाद पारी खेल चुके थे। पडिक्कल ने 2025-26 के घरेलू फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन 47.76 के औसत से बनाए। इसमें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 150 और रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में 232 रन की पारियां शामिल थीं। उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक भी पहुंचाया। पडिक्कल ने 109.33 की औसत से रन बनाए पडिक्कल ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 167 रन बनाए और दूसरी पारी में 44 रन जोड़े। दूसरे टेस्ट में उन्होंने 117 रन की पारी खेली। इस तरह सीरीज में उनके नाम 328 रन रहे। उन्होंने 109.33 की औसत से बल्लेबाजी की। उनके दोनों शतक लगातार टेस्ट मैचों में आए। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी पहली सीरीज रही, जहां उन्होंने सभी मैच खेले। इससे पहले उन्हें 2024 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ एक-एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था। पडिक्कल का स्पिन के खिलाफ बैकफुट गेम मजबूत भारत के बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ खेलने की मजबूत पहचान रही है, लेकिन हाल के दौर में टीम इसी कमजोरी से परेशान रही। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने तीन टेस्ट में 37 विकेट लिए और उनका औसत 23.48 रहा। इसके बाद साउथ अफ्रीकी स्पिनर्स ने भारत में दो टेस्ट में 25 विकेट लिए और 15.48 के औसत से गेंदबाजी की। यह भारत में किसी विदेशी टीम के स्पिनर्स का टेस्ट इतिहास में सबसे बेहतर औसत था। इसी दौर में देवदत्त पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ अलग तरीका अपनाया। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में स्पिनर्स की लेंथ गेंदों पर उन्होंने 37.4% गेंदें बैकफुट से खेलीं। कोलंबो टेस्ट में 117 रन की पारी के दौरान भी पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ बैकफुट से 52 रन बनाए, जिनमें 47 रन लेंथ गेंदों पर आए। श्रीलंका सीरीज में स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 रहा। पडिक्कल की 6 फीट 3 इंच की लंबाई भी उनके इस अंदाज में मदद करती है। वे अच्छी लेंथ की गेंदों पर भी पीछे जाकर कट, पंच और पुल जैसे शॉट खेलते हैं। आमतौर पर भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ फ्रंटफुट पर जाकर खेलते हैं, जबकि पडिक्कल का तरीका अलग है। पडिक्कल और साई सुदर्शन में क्या अंतर? दोनों बल्लेबाज स्पिनर्स की लेंथ गेंदों के खिलाफ बैकफुट पर खेलने का तरीका अपनाते हैं। साई सुदर्शन ने ऐसी गेंदों पर करीब 36.5% बार बैकफुट का इस्तेमाल किया, जो पडिक्कल के 37.4% के लगभग बराबर है। फर्क इन शॉट्स से रन बनाने में नजर आता है। पडिक्कल बैकफुट शॉट्स पर करीब 50 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट इन शॉट्स पर सिंगल डिजिट में रहा है। घरेलू क्रिकेट में पडिक्कल का रिकॉर्ड कितना मजबूत है? पडिक्कल ने जूनियर स्टेज से ही घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। 2018 की कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने 829 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बाद उन्हें कर्नाटक की सीनियर टीम में जगह मिली। 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में पडिक्कल ने 609 रन बनाए और टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर रहे। इसी दौरान उन्होंने अपना पहला लिस्ट-A शतक भी लगाया। 2025-26 फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन बनाने के प्रदर्शन ने भी उनके टेस्ट दावे को मजबूत किया। IPL और इंटरनेशनल करियर कैसा रहा? पडिक्कल ने 2020 में RCB के लिए IPL डेब्यू किया। उन्होंने शुरुआती चार मैचों में तीन अर्धशतक लगाए और पूरे सीजन में 473 रन बनाए। उन्हें इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया। 2021 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नाबाद 101 रन बनाकर उन्होंने अपना पहला IPL शतक लगाया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए दो सीजन में पडिक्कल ने 28 मैचों में 637 रन बनाए, जबकि 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उनका औसत सिर्फ 5.43 रहा। हालांकि, 2025 और 2026 में RCB की खिताबी टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने टीम को लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने में योगदान दिया। 2025 में उन्होंने 10 मैचों में 247 रन बनाए, जबकि 2026 में 16 मैचों में 464 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में पडिक्कल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया। पहली ही पारी में उन्होंने 65 रन बनाए। 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हालांकि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे दोनों पारियों में 0 और 25 रन ही बना सके। द्रविड़ और पुजारा पडिक्कल के बारे में क्या कहते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में पडिक्कल की 167 रन की पारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में आए पडिक्कल ने मिले मौके का शानदार फायदा उठाया और नंबर-3 पर अपनी पहली बड़ी पारी खेली। पडिक्कल ने द्रविड़ की तरह ही नंबर-3 पर प्रभावी शुरुआत की है। कर्नाटक क्रिकेट में भी द्रविड़ उनके लिए मददगार रहे हैं। पडिक्कल के मुताबिक, द्रविड़ कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) में उनसे मिलने और जरूरी सलाह देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वहीं, पूर्व नंबर-3 बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि पडिक्कल को इस पोजिशन पर लगातार कुछ समय तक मौका मिलना चाहिए। उनके मुताबिक घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रदर्शन के दम पर पडिक्कल इस अवसर के लिए तैयार थे और उन्होंने अपनी तकनीक पर भी काम किया है।
Hockey World Cup में Belgium से पेनल्टी शूटआउट में हारा भारत, 8वें स्थान पर रहा सफर
(मोना पार्थसारथी)वॉवरे (बेल्जियम), 28 अगस्त आखिरी सीटी बजने से 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के गोल के दम पर भारत ने स्कोर 3 -3 से बराबर करके शुक्रवार को सह मेजबान बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के मुकाबले को शूटआउट में खींच दिया जिसमें बेल्जियम के 4 -3 से जीतने के बाद भारत आठवें स्थान पर रहा। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम ने आखिरी मिनट तक 3 -2 से बढत बना ली थी लेकिन 26 सेकंड बाकी रहते भारत को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर गोल करने में हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल था। पेनल्टी शूटआउट में भारत के लिये शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किये जबकि हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह के निशाने चूके। वहीं बेल्जियम के लिये टॉम बून, आर्थर डि स्लूवेर, अलेक्जेंडर हेंडरिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल दागे जबकि विक्टर फूबर्ट का निशाना नहीं लगा। अपने सारे मैच नीदरलैंड में खेलने वाली भारतीय टीम ने ठंडी हवाओं के बीच अच्छी खासी तादाद में यहां बेल्फियस हॉकी एरेना में जमा घरेलू समर्थकों के सामने पहले बढत बनाई लेकिन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम के सामने उस लय को कायम नहीं रख सकी। एम्सटेलवीन में बृहस्पतिवार को भारतीय महिला टीम के जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल करने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम से भी जीत के साथ विदाई की उम्मीद थी लेकिन एक बार फिर लचर डिफेंस का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इससे पहले शुरूआती क्वार्टर के आखिर में मैदान पर गोलकीपर के अलावा 11 खिलाड़ियों के होने से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिला जिससे उन्हें पांच मिनट बाहर बैठना पड़ा। भारत के लिये छठे मिनट में अभिषेक ने फील्ड गोल किया जबकि हरमनप्रीत ने 31वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील किया। बेल्जियम के लिये रोमन डुवेकोट (22वां), हुगो लाबूशेरे (23वां) , निकोलस डि करपल (47वां) ने गोल किये। आखिरी क्ववार्टर में भारत को एक और झटका लगा जब मनप्रीत सिंह को लाबूशेरे के शॉट पर गेंद चेहरे पर लगी और वह कराहते हुए गिर गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ा चूंकि गेंद इतनी तेजी से उनके चेहरे पर आई कि लग रहा था कि आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है लेकिन शूटआउट के दौरान पर मैदान पर लौटे। 51 साल बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना लेकर आई भारतीय टीम ने पहले दौर में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5 -3 से हराया लेकिन इंग्लैंड से 2 -4 से हार गई। दूसरे दौर में हरमनप्रीत सिंह की टीम एक भी अंक नहीं बना सकी और नीदरलैंड के खिलाफ आखिरी 19 मिनट में तीन गोल गंवाकर 1 -3 से हार गई जबकि अर्जेंटीना ने उसे 5 -3 से हराकर सेमीफाइनल की रही सही उम्मीदें भी खत्म कर दी थी। बेल्जियम ने भारत को इस साल प्रो लीग में दोनों मैचों में हराया था। पेरिस ओलंपिक के पहले ही मैच में भारत को बेल्जियम के हाथों 1 -2 से पराजय मिली थी जबकि तोक्यो ओलंपिक सेमीफाइनल में बेल्जियम टीम ने ही भारत का खिताब जीतने का सपना तोड़कर सेमीफाइनल में 5 -2 से मात दी थी। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम का विश्व कप अभियान भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था और आस्ट्रेलिया तथा स्पेन से दूसरे दौर में 1 -1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी। भारत ने तीसरे मिनट में पहला हमला बोला जब बायें फ्लैंक से मनप्रीत से गेंद पर कब्जा किया लेकिन डी के भीतर उसे फिनिश तक नहीं ले जा सके। भारत को छठे मिनट में आसान गोल मिला जब सर्कल के भीतर अभिषेक के शॉट पर गेंद गोलकीपर के पैड से टकराई और हेंडरिक्स की स्टिक से टकराकर डिफ्लैक्शन से गोल के भीतर चली गई। बेल्जियम को जवाबी हमले में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स की ड्रैग फ्लिक सीधे भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा के पास गई जिन्होंने आसान बचाव किया। आठवें मिनट में थिबू स्टॉकब्रोक्स को सर्कल के भीतर गेंद मिली और उन्होंने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की लेकिन जुगराज सिंह ने स्टिक आगे की ओर लगाकर बेहतरीन बचाव किया। इसके अगले मिनट बेल्जियम के स्ट्राइकरों की एक और कोशिश को करकेरा ने नाकाम किया। भारत को 11वें मिनट में करारा झटका लगा जब कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिलने के कारण पांच मिनट के लिये बाहर बैठना पड़ा। मैदान पर भारत के बारह खिलाड़ियों के होने का खामियाजा कप्तान को भुगतना पड़ा। बेल्जियम को 12वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से पहले दो पर करकेरा ने अच्छा बचाव किया और तीसरे में ट्रैपिंग कमजोर रही जिस पर कमजोर शॉट को गोलकीपर ने बचाया। पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले टॉम बून ने सर्कल के भीतर गेंद लपकी लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। भारत को 20वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक पर गेंद बेल्जियम के डिफेंडर के पैर से टकराने के कारण फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया लेकिन भारतीय कप्तान की कमजोर फ्लिक को बेल्जियम के पहले रशर ने रोक दिया। बेल्जियम ने 22वें मिनट में बराबरी का गोल दागा जब डी के भीतर रोमन को गेंद गोल के सामने मिली और उन्होंने हल्का सा डिफ्लैक्ट करके गोल के भीतर डाल दिया। भारतीय गोलकीपर मोहित पहले ही आगे निकल आये थे जिससे रोक पाने की कोई गुंजाइश नहीं रही। इसके अगले ही मिनट बेल्जियम ने पेनल्टी कॉर्नर पर हुगो की तूफानी ड्रैग फ्लिक के जरिये गोल करके बढत दुगुनी कर ली। मोहित को संभलने का भी मौका नहीं मिला और गोल हो गया। बेल्जियम को 27वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को भारतीय गोलकीपर ने बचाया जबकि तीन मिनट बाद मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर मेजबान टीम ने वैरिएशन आजमाया और बून का शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। पहले हाफ में बेल्जियम ने भारतीय गोल पर 15 बार हमले बोले जबकि भारतीय टीम तीन बार ही हमले कर सकी। बेल्जियम को सात और भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। ब्रेक के बाद पहले ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने मजबूत ड्रैग फ्लिक को गोल में बदला। बेल्जियम ने रेफरल लिया लेकिन गोल बरकरार रहा और भारत ने बराबरी की। बेल्जियम को दो मिनट बाद मिले मैच के आठवें पेनल्टी कॉर्नर पर अमित रोहिदास ने आगे बढकर बचाव किया। रोहिदास का यह 250वां मैच भी है। अगले ही मिनट बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स ने गोल कर दिया लेकिन भारत ने ड्रैग फ्लिक के हवा में होने से रेफरल लिया और इस गोल को अमान्य करार दिया गया। भारतीय टीम 40वें मिनट में बढत बनाने के करीब पहुंची जब जरमनप्रीत सिंह बायें फ्लैंक से गेंद लेकर आगे बढे और डी के भीतर अभिषेक को सौंपा लेकिन उनके शॉट पर गेंद डिफेंडर की स्टिक से टकराकर गोलपोस्ट के बाहर से निकल गई। तीसरे क्वार्टर के आखिरी दो मिनट में हरमनप्रीत ग्रीन कार्ड मिलने से दो मिनट फिर बाहर रहे। आखिरी क्वार्टर में मनप्रीत के चोट के कारण बाहर होने के अगले मिनट बेल्जियम के लिये निकोलस ने तीसरा गोल कर दिया। अंपायर ने यह जानने के लिये वीडियो अंपायर की मदद ली कि कहीं गेंद के रास्ते में निकोलस का शरीर तो नहीं आया था लेकिन वीडियो अंपायर ने गोल को सही ठहराया। भारतीय कप्तान इससे अधिक खुश नहीं दिखे। भारत ने आखिरी तीन मिनट में गोलकीपर को हटाकर पूरे आक्रमण पर फोकस किया। भारत को हूटर से 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे हरमनप्रीत ने गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया।
हॉकी इंडिया ने विमेंस हॉकी टीम को ₹50 लाख का इनाम देने का ऐलान किया है। गुरुवार को भारत ने वर्ल्ड कप में 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई थी। टीम ने नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में जर्मनी को 3-1 से हराया था। इनाम की राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच बांटी जाएगी। टीम के हर खिलाड़ी को ₹2 लाख, जबकि सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹1 लाख मिलेंगे। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान पर रहना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। भारत ने दूसरे हाफ में 3 गोल किए कप्तान सलीमा टेटे की अगुआई में भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में वर्ल्ड नंबर-5 जर्मनी को 3-1 से हराया। पहले दो क्वार्टर गोलरहित रहे, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने तीन गोल दागकर मुकाबले पर पकड़ बना ली। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार दो गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी की लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन भारत ने 3-1 से मुकाबला जीत लिया। 1972 में चौथे स्थान पर रही थी वर्ल्ड कप में भारत का इससे पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में आया था। तब टीम चौथे स्थान पर रही थी। इसके बाद 2026 में पांचवें स्थान पर रहकर भारत ने 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक हार भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की। इसके बाद साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टीम टॉप-8 में पहुंची। टॉप-8 स्टेज में भारत को नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-0 से हार मिली। इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत जरूरी थी, लेकिन यह मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। 11 गोल किए, 6 गोल खाए भारत ने पूरे टूर्नामेंट में 11 गोल किए और 6 गोल खाए। टीम की ओर से 7 खिलाड़ियों ने गोल दागे। नवनीत कौर 4 गोल के साथ भारत की टॉप स्कोरर रहीं, जबकि दीपिका ने 2 गोल किए। हॉकी इंडिया बोला- प्रदर्शन टीम की मेहनत का नतीजा हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सलीमा टेटे और उनकी टीम ने दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खुद को साबित किया है।
हॉकी विश्व कप में भारत के लिए शर्मनाक क्षण, कप्तान हरमनप्रीत सिंह को इस वजह से दिखाया गया यलो कार्ड
हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष टीम के लिए इस साल कुछ भी अच्छा नहीं जा रहा है। पहले ही टीम इंडिया सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी थी और अब एक और शर्मनाक घटना सामने आई है।
जो रूट ने वर्ल्ड रिकॉर्ड को किया अपने नाम, टेस्ट में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बने खिलाड़ी
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट अपने नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज कराने में कामयाब रहे, जिसमें अब वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
नामीबिया ने टी-20 इंटरनेशनल में साउथ अफ्रीका को दूसरी बार हरा दिया है। विंडहोक ग्राउंड में शुक्रवार को खेले गए ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में मेजबान टीम ने साउथ अफ्रीका को 18 रन से हराया। नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 163 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 9 विकेट पर 145 रन ही बना सकी। डेवाल्ड ब्रेविस ने 50 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। नामीबिया के रूबेन ट्रम्पेलमैन और जेजे स्मिट ने 3-3 विकेट लिए। यह दक्षिण अफ्रीका पर नामीबिया की सिर्फ दूसरी टी-20 इंटरनेशनल जीत है और दोनों जीत पिछले 10 महीनों में आई हैं। इस ट्राई सीरीज में जिम्बाब्वे तीसरी टीम है। फ्राइलिंक और स्टीनकैंप ने दिलाई तेज शुरुआत साउथ अफ्रीका के कप्तान ब्योर्न फोर्टुइन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। नामीबिया के ओपनर यान फ्राइलिंक और लॉरेन स्टीनकैंप ने इस फैसले को गलत साबित करते हुए 84 रन की साझेदारी की। दोनों ने 9.4 ओवर में यह रन जोड़े। फ्राइलिंक ने 38 गेंदों पर 60 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। स्टीनकैंप ने 29 गेंदों पर 41 रन की पारी खेली। नामीबिया 15वें ओवर में 133 रन तक पहुंच चुका था, लेकिन इसके बाद अफ्रीका के गेंदबाजों ने वापसी की। टीम ने आखिरी 5 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर 6 विकेट लिए। प्रेनेलन सुब्रायेन ने 3 विकेट लिए, जबकि फोर्टुइन ने 2 विकेट हासिल किए। इस दौरान नामीबिया ने 116/1 से 133/5 तक पहुंचते हुए 22 गेंदों में 4 विकेट गंवा दिए। आखिर में कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने 19, एलेक्जेंडर बुसिंग-वोल्शेंक ने 13 और ट्रम्पेलमैन ने 12 रन बनाकर टीम को 163/9 तक पहुंचाया। ट्रम्पेलमैन और स्मिट ने प्रोटियाज को संभलने नहीं दिया 164 रन का पीछा करते हुए अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। जॉर्डन हरमन 7 और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद भी विकेट गिरते रहे और 86 रन के स्कोर पर टीम 5 विकेट गंवा चुकी थी। डेवाल्ड ब्रेविस ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 50 गेंदों पर 75 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 4 चौके शामिल थे। ब्रेविस और डुयान यानसन ने छठे विकेट के लिए 47 रन जोड़े। ब्रेविस के आउट होने के समय साउथ अफ्रीका को आखिरी 13 गेंदों पर 31 रन चाहिए थे। ट्रम्पेलमैन ने 18वें ओवर में ब्रेविस को आउट कर नामीबिया की जीत लगभग तय कर दी। यानसन ने 17 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। आखिरी ओवर में स्मिट ने बचाए 28 रन साउथ अफ्रीका को आखिरी ओवर में 28 रन चाहिए थे। जेजे स्मिट के हाथ में गेंद थी और डुयान यानसन स्ट्राइक पर थे। उन्होंने पहली दो गेंदों पर 2 और 6 रन बटोरे, जिससे 3 गेंदों पर 20 रन की जरूरत रह गई। इसके बाद स्मिट ने यॉर्कर डालकर वापसी की। उन्होंने न्कोबानी मोकोएना को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराया और फिर प्रेनेलन सुब्रायेन को डीप मिडविकेट पर कैच कराकर नामीबिया की जीत पक्की कर दी। स्मिट बने प्लेयर ऑफ द मैच जेजे स्मिट ने 3 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। उन्होंने पहले पावरप्ले के आखिरी ओवर में सिर्फ 4 रन दिए। इसके बाद 14वें ओवर में वापसी करते हुए कॉनर एस्टरहाइजेन को आउट करने में अहम भूमिका निभाई। स्मिट के लिए यह लगातार दूसरी बार खास मौका था। अक्टूबर 2025 में अफ्रीका के खिलाफ पिछली जीत में भी उन्होंने 3 विकेट लिए थे। उस मैच में उन्होंने साउथ अफ्रीका का आठवां विकेट हासिल किया था और नामीबिया ने 134/8 का स्कोर डिफेंड किया था। ट्रम्पेलमैन ने फिर हरमन और ब्रेविस को आउट किया रूबेन ट्रम्पेलमैन ने 3/24 का स्पेल डाला। अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल की जीत में भी उन्होंने 3/28 लिए थे और इस बार फिर 3 विकेट हासिल किए। दोनों मुकाबलों में उन्होंने रुबिन हरमन को आउट किया। पिछली जीत में ट्रम्पेलमैन ने रीजा हेंड्रिक्स और जेसन स्मिथ को भी आउट किया था, जबकि इस बार प्रिटोरियस और ब्रेविस उनका शिकार बने। नामीबिया की गेंदबाजी में युवा जैक ब्रासेल और मैक्स हिंगो को भी विकेट मिले। इरास्मस बोले- साबित हुआ कि हम यहां के हैं नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने जीत को टीम के लिए सिर्फ एक और उलटफेर नहीं माना। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका पर दो जीत यह दिखाती हैं कि नामीबिया बड़ी टीमों के खिलाफ मुकाबला कर सकता है और पिछली जीत कोई संयोग नहीं थी। इरास्मस ने कहा कि टीम ने नीदरलैंड्स, आयरलैंड और स्कॉटलैंड जैसी टीमों को भी हराया है। 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में उसने श्रीलंका को भी मात दी थी। डुयान यानसेन का डेब्यू भी चर्चा में रहा अफ्रीका की ओर से डुयान यानसेन ने टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही। पहले दो ओवर में उन्होंने 18 रन दिए। बाद में गेंदबाजी करते हुए कुल 2/32 का आंकड़ा हासिल किया। यानसन ने बल्लेबाजी में 17 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए। अब जिम्बाब्वे से भिड़ेगा अफ्रीका ट्राई सीरीज में साउथ अफ्रीका का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से शनिवार को होगा। वहीं, नामीबिया का अगला मैच 31 अगस्त को जिम्बाब्वे के खिलाफ है।
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के पहले दिन के खेल के खेल में लंच ब्रेक में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व पीएम इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू के इंटरव्यू को प्रसारित होने से रोकने के लिए पीसीबी ने काफी प्रयास किया था, लेकिन आखिर में उनको मुंह की खानी पड़ी।
WFI ने जारी किए सख्त Anti Doping दिशानिर्देश, पहलवानों को दी कड़ी चेतावनी
(अमनप्रीत सिंह)नयी दिल्ली, 28 अगस्त भारतीय पहलवानों से जुड़े डोपिंग और ठिकाने की जानकारी देने (वेयरअबाउट्स) से जुड़े कई मामलों के सामने आने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन मामलों में एशियाई खेलों के लिए चुने गए दो पहलवान और हाल में अंडर-23 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी शामिल हैं। डब्ल्यूएफआई ने कहा है कि डोपिंग नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी खुद खिलाड़ियों की है। यह दिशानिर्देश तब जारी किए गए जब एशियाई खेलों के लिए चुने गए पहलवान मुकुल दहिया (86 किग्रा फ्रीस्टाइल) और दीपांशु (130 किग्रा ग्रीको-रोमन) डोपिंग मामलों के कारण भारतीय टीम से बाहर कर दिए गए। इसके कारण आगामी एशियाई खेलों में भारत इन दोनों भार वर्गों में हिस्सा नहीं ले पाएगा। डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘डब्ल्यूएफआई ने दीपांशु की जगह रोनक दहिया को टीम में शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन महासंघ को बताया गया कि किसी खिलाड़ी की जगह सिर्फ चोट की स्थिति में ही बदली जा सकती है, डोपिंग मामले में नहीं। ’’अधिकारी ने कहा, ‘‘पहलवानों में डोपिंग नियमों को लेकर जानकारी की कमी एक बड़ी समस्या है। इसी वजह से वे ‘व्हेयरअबाउट्स’ नियमों के तहत होने वाली जरूरी डोपिंग जांच में शामिल नहीं हो पाते। इसलिए हमने यह सलाह जारी की है। ’’मुकुल दहिया ने 2026 एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उन्हें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने ‘मेफेन्टरमाइन’ नामक प्रतिबंधित उत्तेजक पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। उनका नमूना 31 मई को लखनऊ के साइ सेंटर में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के दौरान लिया गया था। उन्होंने 86 किग्रा वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था। डब्ल्यूएफआई के नाराज अधिकारी ने कहा, ‘‘मुकुल ने अपनी सफाई में कहा है कि उसने अपने एक पहलवान दोस्त की सलाह पर इंजेक्शन लिया था। लेकिन क्या यह स्वीकार किया जा सकता है? पहलवानों को इस बात की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी कि वे क्या खा रहे हैं और अपने शरीर में क्या ले रहे हैं। ’’दूसरी ओर, डब्ल्यूएफआई के एक सूत्र के अनुसार दीपांशु पर आठ साल का प्रतिबंध लगाया गया है। उनका ‘स्टैनोजोलोल’ जांच के लिए नमूना दोबारा पॉजिटिव आया और इसे डोपिंग नियमों का दूसरा उल्लंघन माना गया। इससे पहले भी दीपांशु को इसी पदार्थ के कारण तीन साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। पिछले साल उन्होंने दोबारा खेलना शुरू किया और मई में एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में जीत हासिल की थी। इन दोनों मामलों के कारण भारत को एशियाई खेलों में कुश्ती के दो स्थान गंवाने पड़े हैं। इससे भारतीय कुश्ती टीम की संख्या 18 से घटकर 16 रह गई है। अब डोपिंग के मामले अंडर-23 स्तर तक भी पहुंच गए हैं। निखिल (55 किग्रा ग्रीको-रोमन) और रोहित कुमार (65 किग्रा फ्रीस्टाइल) ने जुलाई में रोहतक में हुए अंडर-23 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीते थे। प्रतियोगिता के दौरान लिए गए उनके नमूने प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद दोनों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के कारण दोनों खिलाड़ी अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा नहीं ले सकते। इसके अलावा 2024 के अंडर-23 विश्व चैंपियन चिराग छिक्कारा (57 किग्रा) से भी ‘व्हेयरअबाउट्स’ से जुड़ा मामला सामने आया है। उन्हें तीन बार अपना ठिकाना या उपलब्धता सही तरीके से नहीं बताने के कारण नोटिस दिया गया और दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इन घटनाओं के बाद डब्ल्यूएफआई ने अपनी नयी सलाह में साफ कहा है कि खिलाड़ी यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कि उन्हें डोपिंग नियमों की जानकारी नहीं थी। खिलाड़ी यह भी नहीं कह सकते कि उन्होंने किसी कोच या सहयोगी स्टाफ पर भरोसा करके प्रतिबंधित पदार्थ लिया या गलती से कोई प्रतिबंधित पदार्थ उनके शरीर में चला गया। डब्ल्यूएफआई ने नाडा के ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (आरटीपी) या किसी अन्य ‘टेस्टिंग पूल’ में शामिल पहलवानों को अपना ‘व्हेयरअबाउट्स’ रिकॉर्ड सही और अपडेट रखने के साथ डोपिंग जांच के लिए उपलब्ध रहने की सलाह दी है। खिलाड़ियों को अपने नाडा/एडीएएमएस अकाउंट नियमित रूप से चेक करने को कहा गया है। उन्हें अपने रहने की जगह, ट्रेनिंग सेंटर, यात्रा की योजना और प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम में बदलाव होने पर तुरंत जानकारी अपडेट करनी होगी। डब्ल्यूएफआई ने आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को लागू 60 मिनट की ‘टेस्टिंग’ जरूरत की भी याद दिलाई है। महासंघ ने पहलवानों को दवाइयों, सप्लीमेंट्स और पोषण से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल करते समय बहुत सावधानी बरतने को कहा है। किसी भी पदार्थ को लेने से पहले यह जांचना जरूरी है कि वह प्रतिबंधित तो नहीं है। खिलाड़ियों को अपने इलाज करने वाले डॉक्टरों को यह भी बताना चाहिए कि वे डोपिंग रोधी नियमों के तहत आते हैं। डब्ल्यूएफआई ने यह भी कहा है कि पहलवान केवल किसी साथी पहलवान, कोच, ट्रेनर या जिम के कर्मचारी की सलाह पर दवा या सप्लीमेंट नहीं लें। महासंघ ने कहा कि वह पहलवानों के लिए डोपिंग रोधी शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। डब्ल्यूएफआई ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य केवल डोपिंग नियमों के उल्लंघन को रोकना नहीं है, बल्कि भारतीय कुश्ती में साफ-सुथरे खेल, सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने और हर खिलाड़ी में व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है।
दुबई में 28 अगस्त से शुरू हो रहे महिला टी20 एशिया कप में भारतीय टीम कप जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है, जिसमें सभी की नजरें 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान की महिला टीम के बीच में होने वाले मुकाबले को लेकर टिकी हुई हैं, तो वहीं इस मैच से पहले टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी बड़ा बयान सामने आया है।
BCCI जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को इंग्लैंड भेजने की तैयारी में है। नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज को ध्यान में रखते हुए बोर्ड उन्हें इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में 2-3 रेड-बॉल मैच खिलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए BCCI काउंटी क्लब सरे से बातचीत कर रहा है। नबी को काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी दौर में शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है। आकिब नबी पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। इसके बावजूद उन्हें और गुरनूर बरार को श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में हुई दो टेस्ट मैचों की सीरीज की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को वर्कलोड के चलते ब्रेक दिया गया है। वहीं, गुरनूर बरार दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलेंगे। नबी के लिए इंग्लैंड में 2-3 मैचों की तैयारी BCCI के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर PTI से कहा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयन समिति ने गुरनूर को दलीप ट्रॉफी में खिलाने का फैसला किया है। सूत्र ने कहा, प्लेइंग इलेवन में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज पहले से हैं। गुरनूर, सुनील कुमार की जगह लेंगे। BCCI इंग्लैंड में आकिब के लिए कम से कम 2-3 रेड-बॉल मैचों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है। सरे से खेलने पर बातचीत जारी लंदन स्थित काउंटी क्लब सरे एक स्विंग गेंदबाज की तलाश में है। इसी वजह से आकिब नबी के सरे के लिए कुछ मैच खेलने की संभावना पर बातचीत हो रही है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और सरे के प्रमुख एलेक स्टीवर्ट की BCCI से जुड़े लोगों के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है। BCCI आकिब का UK वीजा हासिल करने की कोशिश कर रहा है। वीजा मिलने के बाद उनके इंग्लैंड रवाना होने की संभावना है। गुरनूर नॉर्थ जोन के लिए खेलेंगे गुरनूर बरार नॉर्थ जोन की टीम के साथ साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में खेलेंगे। यह मुकाबला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होना है। इंग्लैंड में खेल रहे अन्य भारतीय मानव सुथार वारविकशायर के लिए दो मैच खेल चुके हैं। कुलदीप यादव यॉर्कशायर के रेड-बॉल मैचों के लिए इंग्लैंड लौट चुके हैं। आशुतोष शर्मा ने मिडलसेक्स के लिए रॉयल लंदन वनडे कप में खेला है। साई किशोर ग्लोसेस्टरशायर के लिए खेल रहे हैं। ------------------क्रिकेट की यह खबर भी पढ़ें…विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को विमेंस क्रिकेट एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। पूरी खबर पढ़ें…
Chelsea Transfer Hunt: Enzo Fernandez के विकल्प की तलाश, Monaco के Lamine Camara पर टिकी नजरें
चेल्सी के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता एंजो फर्नांडेज को लेकर बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, क्लब ने मोनाको के 22 वर्षीय मिडफील्डर लामिन कैमारा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखना शुरू कर दिया है। फर्नांडेज इस पूरी गर्मियों में स्टैमफोर्ड ब्रिज छोड़ने की इच्छा जताते रहे हैं और मैनचेस्टर सिटी को उनके अगले ठिकाने के तौर पर सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मैनचेस्टर सिटी फर्नांडेज को अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी रखता है, लेकिन अभी तक चेल्सी की 12 करोड़ पाउंड की मांग पूरी नहीं की गई है। ऐसे में चेल्सी ने संभावित विदाई को ध्यान में रखते हुए पहले से ही उनके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। पत्रकार साशा तवोलिएरी के अनुसार, चेल्सी और मोनाको के बीच लामिन कैमारा को लेकर बातचीत चल रही है। मोनाको के प्रबंध निदेशक थियागो स्कुरो खुद इस बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोनाको कैमारा को आसानी से छोड़ना नहीं चाहता, लेकिन करीब 6 करोड़ यूरो की पेशकश क्लब को इस सौदे पर विचार करने के लिए मजबूर कर सकती है। गौरतलब है कि चेल्सी कैमारा को फर्नांडेज के संभावित स्थानापन्न के रूप में सबसे उपयुक्त विकल्पों में से एक मान रहा है। सेनेगल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कैमारा ने कम उम्र में ही यूरोपीय फुटबॉल में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। मोनाको के मध्य क्षेत्र में उनकी भूमिका और गेंद पर नियंत्रण ने उन्हें बड़े क्लबों की नजर में ला दिया है। दूसरी ओर, फर्नांडेज का चेल्सी से भविष्य लगातार चर्चा में है। 25 वर्षीय अर्जेंटीना के खिलाड़ी को चेल्सी ने बड़ी रकम खर्च करके टीम में शामिल किया था और वह क्लब के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में रहे हैं। हालांकि, अब उनके संभावित ट्रांसफर की खबरों ने टीम के अगले सत्र की योजनाओं को प्रभावित किया है। मैनचेस्टर सिटी की ओर से पूर्व चेल्सी प्रबंधक एंजो मारेस्का भी फर्नांडेज को टीम में लाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों क्लबों के बीच खिलाड़ी की कीमत को लेकर अंतर अभी भी बना हुआ है। चेल्सी 12 करोड़ पाउंड से कम में सौदा करने के लिए तैयार है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बता दें कि कैमारा के लिए मोनाको करीब 6 करोड़ यूरो की रकम चाहता है और अगले 48 घंटे बातचीत के लिहाज से अहम बताए जा रहे हैं। अगर दोनों क्लबों के बीच सहमति बनती है तो कैमारा चेल्सी के मध्य क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल चेल्सी एक तरफ फर्नांडेज के भविष्य को लेकर बातचीत का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कैमारा के लिए सौदा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इन दोनों ट्रांसफरोंकी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है और चेल्सी के अगले सत्र की टीम संरचना पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
लॉर्ड्स टेस्ट में बाबर आजम 8 रन बनाकर आउट:इंग्लैंड 290 पर ऑलआउट, पाकिस्तान के अब्बास ने 4 विकेट लिए
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बारिश के कारण पहले सेशन का ज्यादातर खेल नहीं हो सका, लेकिन इसके बाद पाकिस्तान के गेंदबाजों ने इंग्लैंड को 290 रन पर ऑलआउट कर दिया। मोहम्मद अब्बास ने 4 और मोहम्मद अली ने 3 विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से जेमी स्मिथ ने सबसे ज्यादा 61 रन बनाए। जॉर्डन कॉक्स ने 55 और गस एटकिंसन ने 45 रन की पारी खेली। पाकिस्तान के लिए खुर्रम शहजाद और अली उस्मान को एक-एक विकेट मिला। जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने 63 रन पर तीन विकेट गंवा दिए हैं। कप्तान बाबर आजम सिर्फ 8 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर जॉर्डन कॉक्स के हाथों कैच आउट हुए। खबर लिखे जाने तक अजान अवैस 26 और सऊद शकील 16 रन बनाकर क्रीज पर हैं। अब्बास ने पहले सेशन में इंग्लैंड के विकेट लिए पाकिस्तान के बॅालर्स को बादल छाए होने के कारण शुरुआत में मदद मिली। मोहम्मद अब्बास ने नई गेंद से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। अब्बास ने पहले एमिलियो गे को विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों कैच कराया। इसके बाद बेन डकेट को LBW किया। जो रूट भी अब्बास की अंदर आती गेंद पर LBW होकर 4 रन पर आउट हुए। इस विकेट के साथ अब्बास ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे किए। कॉक्स और स्मिथ ने पारी संभाली इंग्लैंड ने 77 रन तक चार विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद जॉर्डन कॉक्स और डैन लॉरेंस ने पारी को संभाला। दोनों ने मुश्किल परिस्थितियों में रन जोड़े। पाकिस्तान को एक मौका भी मिला, लेकिन कैच छूट गया। आखिरकार लॉरेंस रनआउट होकर 17 रन पर आउट हुए। इसके बाद कॉक्स ने जेमी स्मिथ के साथ मिलकर स्कोर आगे बढ़ाया। स्मिथ को 19 रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला। दोनों ने इंग्लैंड को 200 के पार पहुंचाया। कॉक्स 55 रन बनाकर सब्स्टीट्यूट फील्डर सलमान आगा के शानदार कैच का शिकार हुए। मोहम्मद अली ने लगातार दो गेंदों में दो विकेट लिए जॉर्डन कॉक्स के आउट होने के बाद गस एटकिंसन और जेमी स्मिथ ने कुछ तेजी से रन बनाए। स्मिथ ने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद मोहम्मद अली ने पाकिस्तान को मैच में वापस ला दिया। अली ने पहले जेमी स्मिथ को 61 रन पर बोल्ड किया और दो गेंद बाद ओली रॉबिन्सन को भी बोल्ड कर दिया। इसके बाद अब्बास ने जोफ्रा आर्चर को आउट कर अपना चौथा विकेट हासिल किया। इंग्लैंड की आखिरी जोड़ी ने कुछ रन जोड़े, लेकिन पाकिस्तान ने पूरी टीम को 66.4 ओवर में 290 रन पर समेट दिया। अब्बास ने 20 ओवर में 73 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अली ने 22 ओवर में 86 रन देकर 3 विकेट चटकाए। पाकिस्तान की शुरुआत भी लड़खड़ाई इंग्लैंड की पहली पारी के जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत में ही दो विकेट गंवा दिए। शान मसूद 1 और अब्दुल्लाह शफीक 5 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान बाबर आजम भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। वह 10 गेंदों पर 8 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर जॉर्डन कॉक्स को कैच दे बैठे। इसके बाद अजान अवैस और सऊद शकील ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 33 रन की साझेदारी हो गई है। दोनों टीमों की प्लेइंग XI इंग्लैंड: बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), ओली रॉबिन्सन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। पाकिस्तान: इमाम-उल-हक, अजान अवैस, अब्दुल्लाह शफीक, शान मसूद, बाबर आजम (कप्तान), सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली।
लॉर्ड्स टेस्ट के बीच पाकिस्तान की बढ़ी मुसीबत, स्टार बल्लेबाज पहले दिन हुआ चोटिल; हो सकता है बाहर
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच के बीच में पाकिस्तानी टीम के लिए उनके ओपनिंग बल्लेबाज इमाम उल हक की चोट ने मुश्किल बढ़ा दी है, जो पहले दिन के खेल में चोटिल हो गए थे और अब उनके इस मुकाबले में खेलने पर संशय की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वभारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि ऋषभ पंत अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा- पंत अपने खराब फैसलों की वजह से भारत की वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में नहीं खेल रहे हैं। अश्विन ने कहा कि अगर पंत को सच्चाई बताई जाएगी, तो वे भारत के लिए हर फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंत को ‘एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला खिलाड़ी’ कहकर टीम मैनेजमेंट को उन्हें खास ट्रीटमेंट नहीं देनी चाहिए। अश्विन बोले- खास ट्रीटमेंट देना है, तो सबको दीजिए अश्विन ने ‘अश्विन की बात’ प्रोग्राम में कहा कि किसी एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट मत दीजिए।' उन्होंने कहा- अगर खिलाड़ियों को वन जेनरेशन प्लेयर कहकर समर्थन देना ही है, तो यह समर्थन सभी को दीजिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं।' अश्विन बोले कि मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि पंत 50 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अश्विन ने कहा- ‘ऋषभ पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है। बिना जोखिम के भी सोनल दिनूषा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था।’ उन्होंने कहा- जब खेल आपके हाथ में हो, तब लोग कहते हैं- ‘ऋषभ इसी तरह खेलते हैं।’ कहा- एक पल की मूर्खता टेस्ट हारने के लिए काफी अश्विन ने पंत की सिडनी और ब्रिस्बेन में खेली पारियों की तारीफ की। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे। उन्होंने कहा- 'टेस्ट मैच बनाने और उसके आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटर्स की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खता काफी होती है। हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए थे। इसमें दो टेस्ट मैचों में उनके दो अर्धशतक शामिल थे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती। सेहवाग और गिलक्रिस्ट से तुलना पर जवाब अश्विन ने पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना वीरेंद्र सेहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे पुराने महान खिलाड़ियों से करने की बात भी खारिज की। उन्होंने कहा- मेरे सामने इन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी मार्केटिंग वाली बातें दोबारा मत रखिए। अश्विन ने कहा- ‘सेहवाग और गिलक्रिस्ट ने आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब उनकी टीम 500 रन पीछे होती थी, तब वे मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने के दौरान आउट नहीं होते थे।’ -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियाड में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है भारत:जापान में सुविधाओं से BCCI नाराज; होटल के कमरे छोटे, स्टेडियम से 20km दूर भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की ‘B टीम’ भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। मेजर ध्यानचंद, भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले चैंपियन खिलाड़ी थे। ध्यानचंद जब मैदान पर खेलते थे, तो ऐसा लगता था कि गेंद उनकी स्टिक से किसी चुंबक की तरह चिपक सी गई है। ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने उन्हें जर्मनी से खेलने तक का ऑफर दे दिया था।
चेन्नई: ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को झटका, ₹205 करोड़ का ठेका रद्द
चेन्नई की ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी योजना को बड़ा झटका लगा है. तमिलनाडु सरकार ने ₹205.89 करोड़ का निर्माण ठेका रद्द कर प्रोजेक्ट को नए आकार और डिजाइन के साथ तैयार करने का फैसला किया है. अब इसमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ एशियन गेम्स जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की क्षमता विकसित करने पर जोर होगा.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा है कि अगर विराट कोहली कोलंबो टेस्ट में खेलते तो भारत मुकाबला जीत सकता था। कैफ के मुताबिक, टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय टीम में जोश और तेजी की कमी दिखाई दी। विराट टीम में होते तो वे खिलाड़ियों को लगातार उत्साहित करते और श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते। मैच के पांचवें दिन श्रीलंका के 4 विकेट बाकी थे और टीम भारत से सिर्फ 16 रन आगे थी। यहां से सोनल दिनूषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेली और श्रीलंका ने 9 विकेट पर 429 रन बनाकर पारी घोषित नहीं की। उसकी बढ़त 216 रन हो गई और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे हैं। उन्होंने 68 टेस्ट में कप्तानी की, जिनमें भारत ने 40 मैच जीते, 17 हारे और 11 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस मामले में उनके बाद एमएस धोनी का नंबर आता है। कैफ बोले- कोहली खिलाड़ियों में जोश भरते कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि विराट कोहली टीम में होते तो वह लगातार खिलाड़ियों से बात करके उन्हें मैच में बनाए रखते। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट लंबा खेल है और इसमें गेंदबाजों को लगातार मेहनत करनी पड़ती है। कैफ के मुताबिक, भारतीय टीम ने कई मौकों पर चीजों को अपने आप होने के लिए छोड़ दिया। उनका मानना था कि सिर्फ गेंदबाजी करते रहने से विकेट मिलने की उम्मीद करना पर्याप्त नहीं था। दिनूषा पर दबाव बनाते कोहली कैफ ने कहा कि भारतीय टीम में ऊर्जा की कमी दिखी, जिसे विराट कोहली बढ़ा सकते थे। उनके मुताबिक, कोहली मैदान पर लगातार खिलाड़ियों को उकसाते और श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनूषा को भी दबाव में लाने की कोशिश करते। उन्होंने कहा कि कोहली सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को भी लगातार एक्टिव रखते और मैदान पर आक्रामक माहौल बनाते। कोहली ने मई 2025 में टेस्ट से संन्यास लिया विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी। इससे पहले वह टी-20 इंटरनेशनल से भी संन्यास ले चुके थे। अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। कोहली ने भारत के लिए 123 टेस्ट में 9,230 रन बनाए। उनके नाम 30 टेस्ट शतक और 31 अर्धशतक हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 254 रन है। --------------------- मैच की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट:फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया, सोनल दिनूषा का दोनों पारियों में शतक श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से टीम इंडिया के नाम रही लेकिन इस सीरीज में जिस एक खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुशा हैं जिन्होंने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ कराने में अहम भूमिका अदा की।
कप्तान गिल ने कहा पडिक्कल-मानव तारीफ के लायक है
कोलंबो, भारत के कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज में मिली 1-0 की जीत के बाद कहा कि इस सीरीज के दौरान कई सकारात्मक नतीजे निकले। उन्होंने खासतौर पर देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार के प्रदर्शन की सराहना की।
साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारिजन कैप ट्रांस क्रिकेटर अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने से नाराज हैं। 36 साल की कैप ने इंस्टाग्राम पर एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, यह बिल्कुल हास्यास्पद है, इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) को भी टैग किया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की कम्युनिटी क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दी है। वह आगे WBBL में भी खेल सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें तय हार्मोन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। WBBL खेलेने के लिए ब्लड टेस्ट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के मुताबिक, अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र की प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेल सकती हैं। हालांकि, मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। CA के हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को बताया कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर उन्हें ब्लड टेस्ट देना होगा। टेस्ट में उनके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम होना चाहिए। अनाया ने कहा- लगा था दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी अनाया ने कुछ दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले पर खुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत खास दिन है, क्योंकि उन्हें फिर से क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। अनाया ने बताया कि एक समय उन्हें लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी। उनके मुताबिक, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एक और मौका दिया है। 25 साल की अनाया ने इसी साल जेंडर ट्रांजिशन के तहत जेनिटल सर्जरी कराई थी। BCCI से जवाब नहीं मिला तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया अनाया ने क्रिकेट खेलने की अनुमति के लिए BCCI से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अनुरोध किया। BCCI के एक अधिकारी ने बताया कि ICC ने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के मामले में एलीट महिला क्रिकेट के लिए अनुमति नहीं दी है। अधिकारी के मुताबिक, BCCI ने अभी ऐसे मामलों में घरेलू क्रिकेट को लेकर अपना रुख तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड के सामने इस तरह का पहला मामला है, इसलिए इस पर फैसला किया जाना बाकी है। अनाया का क्रिकेट कनेक्शन क्या है? अनाया बांगर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की संतान हैं। उन्होंने भारत में एज-ग्रुप क्रिकेट भी खेला है। अनाया ने सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी एज ग्रुप क्रिकेट खेला है। --------------अनाया से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… संजय बांगड़ की बेटी अनाया फिर खेल सकेंगी क्रिकेट पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ अब क्रिकेट में वापसी कर सकती हैं। अनाया का जन्म एक लड़के के तौर पर हुआ था। उनका नाम आर्यन था। उन्होंने बाद में सर्जरी और हार्मोन रिप्लेसमेंट के जरिए खुद को लड़की बना लिया और अपना नाम अनाया रख लिया। जेंडर बदलवाने के कारण उन्हें खेल से बाहर होना पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…
भारत ने नंबर-3 टेस्ट बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की पीठ पर उनका नाम और जर्सी नंबर छप गया है। कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका ने लगातार 2 पारियों में बैटिंग की। इसकी वजह से भारतीय खिलाड़ी 243.4 ओवर तक फील्डिंग करते रहे। इससे पहले पडिक्कल ने पहली पारी में 127 ओवर तक बल्लेबाजी की। वे 11वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरे और 138वें ओवर में भारतीय पारी घोषित होने तक नाबाद रहे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था। भारत ने श्रीलंका से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती। पडिक्कल ने लिखा- सूरज ने टैटू दे दिया पडिक्कल ने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर शेयर की। उन्होंने पोस्ट में सीरीज की कुछ और तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा- सीरीज में मिले वसर के लिए बेहद आभारी हूं। आगे और बेहतर करने की भूख है। सीरीज से काफी कुछ सीखा। इसके बाद उन्होंने लिखा कि सूरज की धूप ने मुझे एक टैटू दे दिया है। पडिक्कल ने सीरीज में 2 शतक लगाए पडिक्कल ने सीरीज की तीन पारियों में 2 शतक के साथ 328 रन बनाए। उन्होंने 167, 44 और 117 रन की पारियां खेली। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का चुना गया। पडिक्कल ने अपने करियर में चार टेस्ट मैच खेले है। इसकी छह पारियों में 418 रन उनके नाम हैं। उनका औसत 69.66 रहा है। उन्होंने 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाए हैं। पंत ने कंधे की चोट की तस्वीर शेयर की कोलंबो टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत के दाएं कंधे पर चोट लगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर शेयर करते हुए इसे यादगार निशानी बताया। चोट के कारण पंत कई घंटों तक बेंच पर बैठे रहे। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की। पंत ने तीन पारियों में 56 की औसत से 168 रन बनाए। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए। कोलंबो टेस्ट मैच की खबर पढ़ें… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट:फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया, सोनल दिनूषा का दोनों पारियों में शतक श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियाड में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है भारत:जापान में सुविधाओं से BCCI नाराज; होटल के कमरे छोटे, स्टेडियम से 20km दूर भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की ‘B टीम’ भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
भारत ने नंबर-3 टेस्ट बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की पीठ पर उनका नाम और जर्सी नंबर छप गया है। कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका ने लगातार 2 पारियों में बैटिंग की। इसकी वजह से भारतीय खिलाड़ी 243.4 ओवर तक फील्डिंग करते रहे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप नहीं कर सका। इससे ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में भारत की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद भी टूट गई। सोनल दिनुशा के दो शतकों ने भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों को काफी देर तक मैदान पर बनाए रखा। फॉलोऑन खेलने के बाद श्रीलंका ने चार दिन तक भारत को लगातार फील्डिंग करने पर मजबूर किया और टेस्ट ड्रॉ करा लिया। बारिश रुकने और दिन का खेल खत्म होने के अलावा भारतीय खिलाड़ियों को दूसरी पारी में पैर आराम देने या दोबारा बल्ला उठाने का ज्यादा मौका नहीं मिला। पैडिकल की पीठ पर नाम और जर्सी नंबर देवदत्त पैडिकल ने हर दिन मुश्किल मौसम में कई घंटे फील्डिंग की। इसके बाद उनकी पीठ पर उनके नाम और जर्सी नंबर का निशान बन गया, जिसे उन्होंने टैटू बताया। पैडिकल ने इंस्टाग्राम पर इस टैटू की तस्वीर साझा की। उन्होंने सीरीज से जुड़े कुछ दूसरे यादगार पल भी पोस्ट किए। पैडिकल ने सीरीज में दो शतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता। चोटिल साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में उन्होंने नंबर-3 पर अपनी जगह पक्की कर ली। वे सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। पैडिकल ने तीन पारियों में 328 रन बनाए, उनका औसत 109.33 रहा और बेस्ट स्कोर 117 रन रहा। अब तक चार टेस्ट की छह पारियों में पैडिकल के नाम 418 रन हैं। उनका औसत 69.66 है, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल है। पंत ने कंधे की चोट की तस्वीर साझा की रिषभ पंत के कंधे पर चोट लगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने दाएं कंधे की चोट की तस्वीर साझा की और इसे छोटा सा सुवेनियर बताया। चोट के कारण पंत बेंच पर बैठे रहे और ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की। पंत सीरीज में पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन पारियों में 168 रन बनाए। उनका औसत 56.00 और स्ट्राइक रेट 76 से ज्यादा रहा, जिसमें दो अर्धशतक और 66 रन का बेस्ट स्कोर शामिल है। भारत ने 503/9 पर पारी घोषित की भारत ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी की। देवदत्त पैडिकल ने 193 गेंदों पर 117 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल थे। ध्रुव जुरेल 177 गेंदों पर 115 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल थे। रिषभ पंत ने 89 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के थे। कप्तान गिल ने 108 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके शामिल थे। इन पारियों की मदद से भारत ने 503/9 का स्कोर बनाया। श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने चार विकेट लिए।
Praggnanandhaa ने रचा इतिहास: Fabiano Caruana को हराकर Grand Chess Tour जीतने वाले पहले भारतीय बने
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया।प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’ पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली।इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई।ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई। एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
Savita Punia का खुलासा: कैसे Team Spirit ने Women’s World Cup में रचा 1974 के बाद सबसे बड़ा इतिहास
पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है।भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिये सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘कोच शोर्ड मारिन और सारे नये स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है।यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में , वर्कआउट में , अभ्यास में दिखता है।’’ पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया और एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड से हारी लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा ,‘‘ पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के खिलाफ जो हॉकी खेली , उसका पचास प्रतिशत भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आये कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी , यह किसी ने सोचा नहीं था।‘‘ तोक्यो ओलंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिये मुझे भी समय चाहिये था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हर फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिये कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है। ’’सविता ने कहा ,‘‘तोक्यो ओलंपिक में भी पदक हाथ से निकल गया और अब विश्व कप से भी। लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सही राह पर है और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।‘‘ उन्होंने कहा ,‘‘हमारी आक्रामक हॉकी बहुत अच्छी है और यही हमारी ताकत है। हम गर्व से सिर ऊंचा करके जाना चाहते हैं क्योंकि आगे एशियाई खेल में भाग लेना है और यहां से अच्छी फील लेकर जायेंगे।जो अच्छा है, उसे जारी रखेंगे और जो कमियां है उन पर काम करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी पर फोकस करने की बजाय अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रही है और आगे भी वही करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते मैने काफी उतार चढाव देखे हैं। अनुभव से पता चलता है कि मनोबल कैसे ऊपर लेकर जाना है और विषम परिस्थितियों से कैसे निकलना है। हमने फोकस नहीं गंवाया था और अनुशासित थे। हमने मैच दर मैच रणनीति बनाई और नतीजों के बारे में नहीं सोचा। हमने अपनी हॉकी पर फोकस रखा और आगे भी यही करेंगे।’ टीम की उपलब्धि का जहां पूरा देश जश्न मना रहा था, वहीं सविता सोशल मीडिया पर महिला हॉकी लीग को बचाने की अपील में जुटी थी क्योंकि उन्हें इन खिलाड़ियों में भविष्य की उम्मीद नजर आती है और वह चाहती है कि जीत का सिलसिला आगे भी बना रहे। उन्होंने कहा ,‘11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे लगता है कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है। दो दिन पहले जो हम बात कर रहे थे कि महिला हॉकी लीग क्यो जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं।अगर लीग मिलेगी तो इस तरह का प्रदर्शन लगातार करने में मदद मिलेगी।’’ वहीं जर्मनी के खिलाफ दो गोल करने वाली अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी उन्हें अच्छा खेलना ही था।उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपने लिये, परिवार के लिये और देश के लिये खेल रहे थे लेकिन हमें भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी अच्छा खेलना ही था ताकि भारत में और लड़कियां हॉकी खेले। ’’ दो दिन पहले से बातचीत में लीग को बचाने की अपील करने वाली नवनीत ने कहा ,‘‘ महिला हॉकी इंडिया लीग के लिये अब हमारी अपील को लोग समझेंगे कि हम सच में और अच्छा करना चाहते हैं और कर सकते हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं। इस विश्व कप में हमने जो किया है, अब हम में वह आत्मविश्वास आया है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बावजूद पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चोपड़ा ने 19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लुसाने में हुई डायमंड लीग में क्रमशः दूसरा स्थान हासिल करके 12 अंक जुटाए। इसके साथ वह अंक तालिका में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे जिसमें विजेता सीधा चैंपियन बनता है। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में सीरीज के 14वें और आखिरी चरण के समाप्त होने के बाद अंक तालिका अपडेट की गई। इस साल हुई 14 डायमंड लीग प्रतियोगिता में से पांच में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा शामिल थी, लेकिन नीरज चोपड़ा ने इनमें से केवल दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।अठाईस वर्षीय चोपड़ा चोट से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं, उन्हें पिछले साल सितंबर से कमर के निचले हिस्से में लगी चोट परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी की। हाल में हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। ‘कूद और थ्रो’ स्पर्धाओं में अंक तालिका के शीर्ष छह खिलाड़ी चार-पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक स्पर्धा में एक अतिरिक्त एथलीट को राष्ट्रीय या वैश्विक वाइल्डकार्ड चयन के माध्यम से भाग लेने का मौका मिल सकता है। डायमंड लीग फाइनल ब्रसेल्स में दो दिन तक आयोजित होगा जिसमें चार सितंबर को 16 स्पर्धाएं होंगी जबकि बाकी 16 स्पर्धाएं अगले दिन आयोजित की जाएंगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा पांच सितंबर को होगी। विजेता को ट्रॉफी के साथ कम से कम 30,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। वहीं आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 1,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। अगर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को डायमंड ‘प्लस’ स्पर्धाओं में चुना जाता है तो विजेता को 60,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रुमेश पथिरागे 39 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर हैं। ऐसे में उन्हें ब्रसेल्स में डायमंड लीग की ट्रॉफी जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने डायमंड लीग की पांचों भाला फेंक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया जिनमें से चार में वह विजेता रहे जबकि एक में दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन सत्र में उनके शानदार दबदबे को दर्शाता है। पथिरागे ने बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में 92.07 मीटर का शानदार थ्रो करके 10 खिलाड़ियों के मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया। यह इस सत्र में उनका दूसरा 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो था। इससे पहले उन्होंने रोम में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। इस सत्र में अब तक 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने वाले दूसरे खिलाड़ी जर्मनी के जूलियन वेबर हैं। उन्होंने इसी महीने की शुरुआत में बर्मिंघम में यूरोपीय चैंपियनशिप में 90.40 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन चोट के कारण वह किसी भी डायमंड लीग मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके और अब फाइनल में भी नहीं खेलेंगे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 35 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में उन्होंने 86.93 मीटर का थ्रो किया और पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। पथिरागे और पीटर्स दोनों ही ज्यूरिख प्रतियोगिता से पहले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्ण वॉलकॉट भी डायमंड लीग फाइनल में खेलेंगे। वह 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उनके बाद अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 20 अंक के साथ चौथे और कीनिया के जूलियस येगो 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा पहली बार होने वाली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई करने की राह पर हैं। यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नीरज चोपड़ा इस समय सातवें स्थान पर हैं। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी सचिन यादव आठवें स्थान पर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की जाएगी। अल्टीमेट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पथिरागे, पीटर्स, थॉम्पसन और वेबर भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से आगे हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के वॉलकॉट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। नदीम मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जबकि वॉलकॉट मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के विजेता को भी अल्टीमेट चैंपियनशिप में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। बाकी पांच खिलाड़ियों का चयन विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए क्वालीफिकेशन की अवधि दो सितंबर 2025 से एक सितंबर 2026 तक रखी गई है।पहली बार होने वाली अल्टीमेट चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग विजेता एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगे। यह विश्व एथलेटिक्स की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल है। यह प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होगी। इसे उन वर्षों में सत्र के अंत की बड़ी चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जाएगा, जब आउटडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होगी। इस साल प्रतियोगिता में कुल एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि होगी। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
BCCI जापान की सुविधाओं से है नाराज, एशियन गेम्स में B टीम को भेजने की तैयारी
जापान की मेजबानी में खेले जाने वाले एशियन गेम्स के दौरान मिलने वाली सुविधाओं से BCCI खुश नहीं है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक खराब व्यवस्थाओं को देखते हुए भारत इन खेलों में अपनी मुख्य टीमों के बजाय क्रिकेट की B टीमें भेजने पर विचार कर रहा है।
Neeraj Chopra ने Diamond League Final के लिए किया क्वालीफाई, ब्रसेल्स में खेलेंगे
भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बावजूद पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चोपड़ा ने 19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लुसाने में हुई डायमंड लीग में क्रमशः दूसरा स्थान हासिल करके 12 अंक जुटाए। इसके साथ वह अंक तालिका में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे जिसमें विजेता सीधा चैंपियन बनता है। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में सीरीज के 14वें और आखिरी चरण के समाप्त होने के बाद अंक तालिका अपडेट की गई। इस साल हुई 14 डायमंड लीग प्रतियोगिता में से पांच में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा शामिल थी, लेकिन नीरज चोपड़ा ने इनमें से केवल दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अठाईस वर्षीय चोपड़ा चोट से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं, उन्हें पिछले साल सितंबर से कमर के निचले हिस्से में लगी चोट परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी की। हाल में हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। ‘कूद और थ्रो’ स्पर्धाओं में अंक तालिका के शीर्ष छह खिलाड़ी चार-पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक स्पर्धा में एक अतिरिक्त एथलीट को राष्ट्रीय या वैश्विक वाइल्डकार्ड चयन के माध्यम से भाग लेने का मौका मिल सकता है। डायमंड लीग फाइनल ब्रसेल्स में दो दिन तक आयोजित होगा जिसमें चार सितंबर को 16 स्पर्धाएं होंगी जबकि बाकी 16 स्पर्धाएं अगले दिन आयोजित की जाएंगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा पांच सितंबर को होगी। विजेता को ट्रॉफी के साथ कम से कम 30,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। वहीं आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 1,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। अगर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को डायमंड ‘प्लस’ स्पर्धाओं में चुना जाता है तो विजेता को 60,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रुमेश पथिरागे 39 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर हैं। ऐसे में उन्हें ब्रसेल्स में डायमंड लीग की ट्रॉफी जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने डायमंड लीग की पांचों भाला फेंक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया जिनमें से चार में वह विजेता रहे जबकि एक में दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन सत्र में उनके शानदार दबदबे को दर्शाता है। पथिरागे ने बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में 92.07 मीटर का शानदार थ्रो करके 10 खिलाड़ियों के मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया। यह इस सत्र में उनका दूसरा 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो था। इससे पहले उन्होंने रोम में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। इस सत्र में अब तक 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने वाले दूसरे खिलाड़ी जर्मनी के जूलियन वेबर हैं। उन्होंने इसी महीने की शुरुआत में बर्मिंघम में यूरोपीय चैंपियनशिप में 90.40 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन चोट के कारण वह किसी भी डायमंड लीग मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके और अब फाइनल में भी नहीं खेलेंगे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 35 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में उन्होंने 86.93 मीटर का थ्रो किया और पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। पथिरागे और पीटर्स दोनों ही ज्यूरिख प्रतियोगिता से पहले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्ण वॉलकॉट भी डायमंड लीग फाइनल में खेलेंगे। वह 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उनके बाद अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 20 अंक के साथ चौथे और कीनिया के जूलियस येगो 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा पहली बार होने वाली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई करने की राह पर हैं। यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नीरज चोपड़ा इस समय सातवें स्थान पर हैं। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी सचिन यादव आठवें स्थान पर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की जाएगी। अल्टीमेट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पथिरागे, पीटर्स, थॉम्पसन और वेबर भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से आगे हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के वॉलकॉट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। नदीम मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जबकि वॉलकॉट मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के विजेता को भी अल्टीमेट चैंपियनशिप में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। बाकी पांच खिलाड़ियों का चयन विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए क्वालीफिकेशन की अवधि दो सितंबर 2025 से एक सितंबर 2026 तक रखी गई है। पहली बार होने वाली अल्टीमेट चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग विजेता एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगे। यह विश्व एथलेटिक्स की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल है। यह प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होगी। इसे उन वर्षों में सत्र के अंत की बड़ी चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जाएगा, जब आउटडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होगी। इस साल प्रतियोगिता में कुल एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि होगी। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
पाक बल्लेबाज का CPL में धमाका, जड़ा अपने करियर का पहला T20 शतक, टीम को मिली जीत
कैरिबियन प्रीमियर लीग 2026 के 16वें मैच में पाक बल्लेबाज सैम अयूब ने शानदार शतक लगाया है। उन्होंने जमैका किंग्समेन के लिए बल्लेबाजी करते हुए 58 बॉल पर 102 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के महेंद्र कौरव ने लाखों का कॉर्पोरेट पैकेज छोड़कर गांव की बेटियों को सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। 'शक्ति क्लब' बनाकर उन्होंने 70 से ज्यादा बेटियों को खेलों और शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भर बनाया है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। टोटेनहम हॉटस्पर के नए खिलाड़ी सैंड्रो टोनाली ने क्लब के प्रशंसकों की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टोटेनहम के फैंस क्लब की सबसे बेहतरीन चीजों में से एक हैं। टोटेनहम हॉटस्पर (स्पर्स) स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलने से पहले टोनाली ने फैंस के समर्थन को लेकर उत्साह जताया और कहा कि वह उनके सामने खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Amit Shah ने Ahmedabad में Olympic 2036 बोली और खेल तैयारियों की समीक्षा की
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यहां समीक्षा बैठक में भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों का जायजा लिया और देश की 2036 ओलंपिक बोली पर भी चर्चा की। इस बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित थे। शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करके भारत को वैश्विक खेल स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अहमदाबाद में 2036 में होने वाले ओलंपिक के लिए भारत की बोली के साथ-साथ 2029 में होने वाले पुलिस और अग्निशमन खेलों और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।’’खेलों में सुरक्षा व्यवस्था और ‘लॉजिस्टिक’ से जुड़े मामलों में गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत 2010 के बाद अहमदाबाद में 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। इसके अलावा वह 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है।
PCB ने Imran Khan के बेटों के इंटरव्यू पर Lord's Test में दर्ज कराई शिकायत
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों के मेजबान प्रसारक स्काई स्पोर्ट्स पर साक्षात्कार से नाराज पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन लंच के बाद अपने खिलाड़ियों को मैदान पर न भेजने पर विचार किया था, लेकिन आखिर में उसने शिकायत दर्ज कराने पर सहमति जताई। पीसीबी से संपर्क करने पर उसने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि इस मामले को लेकर स्काई स्पोर्ट्स को औपचारिक शिकायत भेजी गई है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक एथर्टन ने इमरान के बेटों कासिम और सुलेमान का 18 मिनट का इंटरव्यू किया था। दोनों ने अपने 73 वर्षीय पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की। इमरान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान भी हैं और उनकी अगुवाई में ही उसने 1992 में अपना पहला और एकमात्र वनडे विश्व कप जीता था। सूत्रों के अनुसार पीसीबी ने बुधवार को रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू के प्रसारण पर आपत्ति जताई थी। इसे भी पढ़ें: Lords Test: पाकिस्तान के लिए संजीवनी बने Babar Azam, बोले '90 Percent Fit हूं', बढ़ा Confidence यहां तक कि उसने स्काई द्वारा प्रसारण जारी रखने की स्थिति में विरोध स्वरूप लंच के बाद अपने खिलाड़ियों को मैदान में नहीं भेजने पर भी विचार किया था। पाकिस्तान की टीम हालांकि निर्धारित समय पर मैदान पर उतरी। इंग्लैंड ने इस मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 248 रन बनाए।
भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। खबर है कि टीम जिस होटल में ठहरने वाली है, उसके कमरे बेहद छोटे हैं। यहां तक कि उसमें किट बैग रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। भारत टूर्नामेंट के लिए मेंस और विमेंस दोनों टीमें घोषित कर चुका है। तीन वजहें जिससे BCCI नाराज है… 1. छोटे होटल रूम रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों के ठहरने के लिए जो होटल के कमरे दिए जा रहे हैं, वे बेहद छोटे हैं। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कमरे इतने तंग हैं कि अगर दो खिलाड़ी अपना भारी-भरकम किट बैग खोल लें, तो चलने या खड़े होने तक की जगह नहीं बचती। 2. स्टेडियम 20 किमी दूर इस बार एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के लिए कोई अलग एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। स्टेडियम के पास के फाइव स्टार होटल पहले से बुक होने के कारण क्रिकेटर्स को 20 किलोमीटर दूर ठहराया जा रहा है। इससे लंबा ट्रैवल टाइम की समस्या खड़ी हो रही है। 3. क्रिकेट पिच अनटेस्टेड: मैचों के लिए 'कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क' को सिलेक्ट किया गया है, जो पहले बेसबॉल स्टेडियम था। इसे हाल ही में क्रिकेट स्टेडियम में बदला गया है। पिच और आउटफील्ड अब तक इंटरनेशनल लेवर पर सही तरीके से टेस्ट नहीं हुई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पर चिंता जताई है। ACC ने जांच के लिए टेक्निकल टीम बनाई सुविधाओं और पिच की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने एक टेक्निकल टीम जापान भेजने का फैसला किया है। यह टीम मैदान, प्रैक्टिस नेट्स और होटल की व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। क्रिकेट चौथी बार एशियन गेम्स का हिस्सा होगा क्रिकेट एशियाई खेलों में चौथी बार शामिल होगा। ग्वांगझू 2010 एशियाई खेलों में क्रिकेट सबसे पहली बार शामिल हुआ था। बाद में इंचियोन 2014 में इसकी वापसी हुई, हालांकि इन मैचों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा नहीं दिया गया था। 2022 में हांगझोऊ चीन में हुए एशियन गेम्स का विजेता भारत था। 2026 में क्रिकेट चौथी बार इस गेम्स का हिस्सा होगा। एशियन गेम्स क्रिकेट की पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------ विमेंस क्रिकेट की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को विमेंस क्रिकेट एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। पूरी खबर पढ़ें…
BCCI ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय अंडर-19 टीम घोषित की है। इसमें पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को जगह मिली है। हालांकि, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम में शामिल नहीं हैं। वैभव अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में सीनियर टीम के लिए डेब्यू भी कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं मिली, जिसकी वजह BCCI का एक नियम है। BCCI का अंडर-19 वर्ल्ड कप नियम BCCI ने 2016 में खिलाड़ियों के लिए एक नियम बनाया था। इसके मुताबिक, पात्र होने के बावजूद कोई खिलाड़ी एक से ज्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकता। इसी नियम के कारण वॉशिंगटन सुंदर 2018 का अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सके थे। उनसे पहले सरफराज खान, संदीप शर्मा, विजय जोल और अन्य खिलाड़ी प्रतियोगिता के कई संस्करणों में हिस्सा ले चुके थे। वैभव 2026 का अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। इसलिए वे किसी और संस्करण में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से उन्हें अंडर-19 टीम की योजनाओं में शामिल नहीं किया गया। राजकोट में 18 सितंबर से शुरू होगी सीरीज जूनियर मेंस सिलेक्शन कमेटी ने घरेलू सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राजकोट में 50 ओवर के तीन मैच खेले जाएंगे। ये मुकाबले 18, 21 और 23 सितंबर को होंगे। इसके बाद दो रेड-बॉल मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। पहला मैच 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में होगा। दूसरा मुकाबला 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बी ग्राउंड पर खेला जाएगा। 50 ओवर की टीम की कप्तानी उत्तराखंड के बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी करेंगे। मध्य प्रदेश के बल्लेबाज यशवर्धन चौहान उपकप्तान होंगे। रेड-बॉल चरण में चौहान कप्तानी संभालेंगे, जबकि रायचंदानी उपकप्तान की भूमिका में रहेंगे। आर्यवीर और अन्वय को सिर्फ 50 ओवर की टीम में जगह लेग-स्पिन ऑलराउंडर आर्यवीर और विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। दोनों को दो लंबे फॉर्मेट के मैचों के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। आर्यवीर इस समय 2026 दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच खेले हैं। अन्वय ने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत अंडर-19 के लिए दो 50 ओवर के मैचों में 101 रन बनाए थे। उस दौरे पर भारत अंडर-19 टीम 50 ओवर की सीरीज 2-1 से हार गई थी, जबकि रेड-बॉल सीरीज 1-0 से जीती थी। आर्यवीर के अलावा मनाल चौहान और चिगुरुपति वेंकटा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 ओवर के मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है। सागर विर्क, अनमोलजीत सिंह और ईशान सूद को टीम में जगह नहीं मिली।
Praggnanandhaa ने जीता Grand Chess Tour खिताब, Caruana को 15-13 से दी मात
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया। प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली। इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई। ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई। एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 20230 की तैयारियों को लेकर अहमदाबाद में गृहमंत्री अमित शाह, खेलमंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी की बैठक हुई। इस बैठक में 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भारत की बोली पर भी चर्चा हुई। गृह मंत्रालय खेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, आवाजाही और दूसरे इंतजामों की निगरानी में अहम भूमिका निभाएगा। शाह ने X पर बैठक की जानकारी दी शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा- हम इंटरनेशनल खेल आयोजनों की मेजबानी करके भारत को वैश्विक खेल स्थल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' उन्होंंने बताया की बैठक में 2029 पुलिस और फायर गेम्स की मेजबानी पर भी चर्चा हुई। अहमदाबाद में पहले पुलिस और फायर गेम्स होंगे वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स इन सभी आयोजनों से पहले अहमदाबाद में होगी। यह एक बड़ी मल्टी-गेम्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता होगी। इसमें 70 देशों के करीब 10 हजार खिलाड़ी शामिल होंगे। ओलिंपिक बोली पर फैसला 2029 तक संभव कॉमनवेल्थ गेम्स दो दशक बाद भारत लौटेंगे। साल 2010 में दिल्ली ने पहली बार इसका आयोजन किया था। अहमदाबाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। सांघवी खेल विभाग भी संभालते हैं, इसलिए वे इंटरनेशनल ओलिंपिक समिति के साथ होने वाली बातचीत में शहर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत अभी मेजबान चुनने की प्रक्रिया के ‘कंटीन्यूअस डायलॉग’ चरण में है। देश की बोली पर फैसला 2029 से पहले होने की उम्मीद नहीं है। 2030 में गेम्स के 100 साल पूरे होंगे 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर स्काई न्यूज को धमकी:पाकिस्तान बोला-ब्रॉडकास्ट न करें, वरना इंग्लैंड से टेस्ट नहीं खेलेंगे; चैनल ने 18 मिनट दिखाया पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन (गुरुवार को) विवाद हो गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित न करने को कहा। पूरी खबर पढ़ें…
IND VS Sl: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट ड्रा, 2015 से लगातार सीरीज जीत का रिकॉर्ड कायम
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज को भारत ने जीत लिया है। दूसरा टेस्ट मैच ड्रा रहा है। सोनल दिनुषा के तीसरे शतक की बदौलत श्रीलंका ने भारत के खिलाफ दूसरा और अंतिम टेस्ट ड्रॉ करा लिया। लेकिन मेहमान टीम ने सीरीज 1-0 से जीत ली। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रनों से जीता था। श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा बरकरार है। 2010 से यहां टेस्ट सीरीज में अजेय चल रही भारतीय टीम ने 2026 की दो मैचों की सीरीज भी 1-0 से अपने नाम कर ली। 2010 में जब भारतीय टीम श्रीलंका गई थी तो उसने सीरीज 1-1 से बराबर की थी। इसके बाद 2015 में भारतीय टीम ने सीरीज 2-1 से नाम की। भारतीय टीम के 2026 में हुए इस श्रीलंका दौरे में गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में मेजबानों को 165 रनों से हराया था। कोलंबो का दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। जिसका नतीजा गुरुवार (28 अगस्त) को आया। भारत 1-0 से सीरीज जीत गया और 2015 से लगातार हर श्रीलंका दौरे पर सीरीज जीतने का कीर्तिमान भी कायम रहा। pc- cricinfo.com
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिली U19 टीम में जगह? जानिए BCCI का वो नियम जिसने किया बाहर
वैभव सूर्यवंशी का चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी अंडर-19 मल्टी फॉर्मेट सीरीज के लिए नहीं हुआ है। इस सीरीज के लिए वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय को जगह मिली है।
Savita Punia बोलीं, सकारात्मक माहौल से Indian Hockey टीम में आया बड़ा बदलाव
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 28 अगस्त पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है। भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिये सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘कोच शोर्ड मारिन और सारे नये स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है।यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में , वर्कआउट में , अभ्यास में दिखता है।’’पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया और एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड से हारी लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा ,‘‘ पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के खिलाफ जो हॉकी खेली , उसका पचास प्रतिशत भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आये कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी , यह किसी ने सोचा नहीं था।‘‘तोक्यो ओलंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिये मुझे भी समय चाहिये था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हर फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिये कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है। ’’सविता ने कहा ,‘‘तोक्यो ओलंपिक में भी पदक हाथ से निकल गया और अब विश्व कप से भी। लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सही राह पर है और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।‘‘उन्होंने कहा ,‘‘हमारी आक्रामक हॉकी बहुत अच्छी है और यही हमारी ताकत है। हम गर्व से सिर ऊंचा करके जाना चाहते हैं क्योंकि आगे एशियाई खेल में भाग लेना है और यहां से अच्छी फील लेकर जायेंगे।जो अच्छा है, उसे जारी रखेंगे और जो कमियां है उन पर काम करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी पर फोकस करने की बजाय अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रही है और आगे भी वही करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते मैने काफी उतार चढाव देखे हैं। अनुभव से पता चलता है कि मनोबल कैसे ऊपर लेकर जाना है और विषम परिस्थितियों से कैसे निकलना है। हमने फोकस नहीं गंवाया था और अनुशासित थे। हमने मैच दर मैच रणनीति बनाई और नतीजों के बारे में नहीं सोचा। हमने अपनी हॉकी पर फोकस रखा और आगे भी यही करेंगे।’टीम की उपलब्धि का जहां पूरा देश जश्न मना रहा था, वहीं सविता सोशल मीडिया पर महिला हॉकी लीग को बचाने की अपील में जुटी थी क्योंकि उन्हें इन खिलाड़ियों में भविष्य की उम्मीद नजर आती है और वह चाहती है कि जीत का सिलसिला आगे भी बना रहे। उन्होंने कहा ,‘11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे लगता है कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है। दो दिन पहले जो हम बात कर रहे थे कि महिला हॉकी लीग क्यो जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं।अगर लीग मिलेगी तो इस तरह का प्रदर्शन लगातार करने में मदद मिलेगी।’’वहीं जर्मनी के खिलाफ दो गोल करने वाली अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी उन्हें अच्छा खेलना ही था। उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपने लिये, परिवार के लिये और देश के लिये खेल रहे थे लेकिन हमें भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी अच्छा खेलना ही था ताकि भारत में और लड़कियां हॉकी खेले। ’’दो दिन पहले से बातचीत में लीग को बचाने की अपील करने वाली नवनीत ने कहा ,‘‘ महिला हॉकी इंडिया लीग के लिये अब हमारी अपील को लोग समझेंगे कि हम सच में और अच्छा करना चाहते हैं और कर सकते हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं। इस विश्व कप में हमने जो किया है, अब हम में वह आत्मविश्वास आया है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
एशियाई खेलों की तैयारी में जुटीं भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन नाइजीरियाई दिग्गज बॉक्सर पैट्रीशिया म्बाता के साथ तैयारी नहीं कर पाएंगी। इसके लिए साई से मंजूरी मिलने में देरी कारण है।
जो रूट ने लॉर्ड्स टेस्ट में उतरते ही स्टुअर्ट ब्रॉड को छोड़ा पीछे, कर ली रिकी पोंटिंग की बराबरी
जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उतरते ही सचिन तेंदुलकर के खास क्लब में अपनी जगह बना ली है। रूट के करियर का यह 168वां टेस्ट मुकाबला है। उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड को पीछे छोड़ दिया है।
Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे
भारत के सुमित नागल को अमेरिकी ओपन क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त आर्थर गिया के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया। नागल को फ्रांस के गीया ने 3-6, 6-7(4) से शिकस्त दी। इससे वह पहले दौर में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। क्वालीफाइंग ड्रॉ में शीर्ष वरीयता प्राप्त गिया ने महत्वपूर्ण मौकों का फायदा उठाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और दूसरे दौर में जगह बनाई। इस हार का मतलब है कि नागल लगातार सात ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं बना पाए हैं। नागल ने आखिरी बार किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में 2025 ऑस्ट्रेलियाई ओपन में हिस्सा लिया था जहां उन्हें पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी अब नागल का ध्यान भारत और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले महत्वपूर्ण डेविस कप मुकाबले पर होगा। इस मैच में जीत से भारत के पास डेविस कप फाइनल की शीर्ष आठ टीम में जगह बनाने का मौका होगा। इस सत्र में नागल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रोमानिया के तार्गु मुरेश में क्ले-कोर्ट चैलेंजर टूर्नामेंट जीतना रहा है।
KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी
कर्नाटक राज्य लॉन टेनिस संघ (केएसएलटीए) 29 अगस्त से पांच सितंबर तक केएसएलटीए वर्ल्ड टेनिस जूनियर जे30 बेंगलुरु की मेजबानी करेगा जिसमें भारत के अग्रणी जूनियर खिलाड़ियों और कई देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा खिलाड़ी भाग लेंगे। टूर्नामेंट की शुरुआत 29 और 30 अगस्त को क्वालीफाइंग राउंड से होगी, जबकि मुख्य ड्रॉ 31 अगस्त से पांच सितंबर तक खेला जाएगा। प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन 31 अगस्त को होगा। इसे भी पढ़ें: Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे लड़कों के मुख्य ड्रॉ में भारत के प्रकाश सरन सबसे आगे हैं, जो आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में 477वें स्थान पर हैं। उनके बाद तेजस रवि (1049), अहान शेट्टी (1282), प्रज्ञाश शेल्के (1384) और अमेरिका के नियांथ बद्रीनारायणन (1510) का नंबर आता है। लड़कों के वर्ग में चीन, अमेरिका, नेपाल, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, मालदीव, जर्मनी और पुर्तगाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
सहवाग के बेटे आर्यवीर की टीम इंडिया में एंट्री, वीडियो में जाने अंडर-19 वनडे टीम में मिली जगह; द्रविड़ के बेटे अन्वय भी साथ
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित न करने का अनुरोध किया था। बोर्ड ने इंटरव्यू दिखाए जाने पर मैच से वॉकआउट करने तक की चेतावनी दे दी थी। हालांकि, स्काई स्पोर्ट्स ने PCB की आपत्तियों के बावजूद हुए तय समय पर 18 मिनट का इंटरव्यू ऑन-एयर किया। लंच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मैदान पर लौटने को लेकर भी कुछ समय के लिए रोकने की धमकी दी गई, लेकिन पाकिस्तान ने बाद में खेल जारी रखा। इंटरव्यू दिखाने पर PCB ने दी थी धमकी इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम खान का इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल एथरटन ने लिया था। एथरटन उन 21 कप्तानों में शामिल हैं, जिन्होंने इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। क्रिकइंफो और द गार्जियन समेत कई मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि टेस्ट मैच के दौरान इमरान खान के बेटों के चर्चा में आने से PCB खुश नहीं था। बोर्ड ने यहां तक कहा था कि बाबर आजम की अगुआई वाली टीम टीवी पर इंटरव्यू दिखाए जाने पर मैदान में नहीं उतरेगी। इमरान की जेल स्थिति पर दो पत्र भेजे गए दुनियाभर के क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के जेल में होने की स्थिति को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को दो पत्र भेजे हैं। पहला पत्र फरवरी में तैयार किया गया था, लेकिन उससे मनचाहा बदलाव नहीं आया। दूसरा पत्र इसी हफ्ते की शुरुआत में भेजा गया था। यह पत्र उस समय भेजा गया, जब इमरान को थोड़े समय की मेडिकल जांच के बाद फिर अदियाला जेल ले जाया गया। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं। वे वहां खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने ऐतिसाहिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम किया। प्रज्ञानंद इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
क्या सच में चोटिल हैं सिराज? तेज गेंदबाज के फॉर्म और चोट को लेकर कप्तान गिल ने किया बड़ा खुलासा
कोलंबो टेस्ट मैच ड्रॉ होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने साफ किया कि मोहम्मद सिराज पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद मैदान पर लौटने के कारण सिराज को अपनी पुरानी लय और फॉर्म पकड़ने में थोड़ा वक्त लगा।
आर प्रज्ञाननंदा ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले बने पहले भारतीय
आर प्रज्ञानानंद ने सेंट लुइस में फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराकर ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
Hockey World Cup: भारत ने 52 साल बाद रचा इतिहास, कोच Sjoerd Marijne बोले चक दे इंडिया
(मोना पार्थसारथी)एम्सेटलवीन, 27 अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने गुरुवार को टीम के यादगार विश्व कप अभियान में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद खुशी जताते हुए कहा, ‘चक दे इंडिया!’उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा और सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों से पहले उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में उससे ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारत का 52 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने 1974 में अजिंदर कौर की कप्तानी में चौथा स्थान हासिल किया था। मारिन ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन मैं ऐसा कोच हूं जो हमेशा इससे ज्यादा की मांग करता है। हालांकि, यह पल जश्न मनाने का है। लड़कियों ने जो हासिल किया है, उन्होंने इतिहास फिर से लिख दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक युवा टीम है और ये खिलाड़ी शानदार हैं, लेकिन अगली चुनौती पहले से ही सामने है। अब हमें आराम करना है और इस अच्छे अनुभव को अगले टूर्नामेंट, एशियाई खेलों में लेकर जाना है। ’’मारिन के मुताबिक इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर और अधिक भरोसा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। मैं खिलाड़ियों से लगातार कहता रहता हूं कि हम यह कर सकते हैं। लेकिन अंत में आपको इसका अनुभव खुद करना होता है और आज हमने वही किया। ’’डच कोच ने कहा कि एशियाई खेलों में भी भारत का मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा, न कि विपक्षी टीमों पर। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भी हमारा 90 प्रतिशत ध्यान खुद पर होगा। हम विरोधी टीमों पर ध्यान नहीं देंगे। हमने हर मैच में इसी तरह रणनीति अपनाई है। ’’मारिन ने भारत के प्रदर्शन का श्रेय पूरी टीम को दिया और किसी एक खिलाड़ी को अलग से श्रेय देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘कोई एक खिलाड़ी नहीं, यह एक टीम है। मैं किसी का नाम नहीं लेने वाला। ’’अंत में मारिन ने उत्साह के साथ कहा, ‘चक दे इंडिया!’इस तरह उन्होंने भारतीय महिला हॉकी के उस शानदार अभियान का जश्न मनाया जिसने टीम में नया विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है।
विमेंस एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। टूर्नामेंट का पहला एडिशन 2004 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। शुरुआती चार एडिशन 50 ओवर के फॉर्मेट में हुए। 2012 से इसे टी-20 फॉर्मेट में बदल दिया गया। इस बार का सबसे बड़ा मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को होगा। स्टोरी में टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… शुरुआत कब और कैसे हुई? पहली बार 2004 में भारत और श्रीलंका ने ही एशिया कप खेला था। दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज हुई और भारत ने सभी पांच मैच जीतकर टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2005-06, 2006 और 2008 में भी टूर्नामेंट ODI फॉर्मेट में खेला गया। 2012 में पहली बार विमेंस एशिया कप 20-20 ओवर का खेला गया। इसके बाद से सभी एडीशन इसी फॉर्मट में खेले जा रहे हैं। इस बार का फॉर्मेट क्या है? 2026 में 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली टीम 13 सितंबर को फाइनल खेलेगी। भारत के मैच कब-कब होंगे? भारत ग्रुप-A में है। टीम इस स्टेज में तीन मुकाबले खेलेगी। पहला मैच थाईलैंड, दूसरा मैच हॉन्गकॉन्ग, चीन और तीसरा पाकिस्तान से होगा। भारत की टीम कैसी है? 2026 एशिया कप में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं। स्मृति मंधाना उपकप्तान हैं। भारत का स्क्वॉड- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी. कमालिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। पहली बार क्या हो रहा? इंडोनेशिया पहली बार हिस्सा ले रहा है। इसके अलावा टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। किस टीम ने कितने खिताब जीते? भारत ने 7 खिताब जीते हैं। वनडे में 4 और टी-20 में 3 बार। बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है। 2024 में टीम ने दांबुला में खेले गए फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया था। विमेंस एशिया कप के टॉप प्लेयर्स
विमेंस डीपीएल: रोमांचक मुकाबले में स्ट्राइकर्स को 3 विकेट से हराकर क्वींस ने खोला जीत का खाता
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। सेंट्रल दिल्ली क्वींस ने गुरुवार को 'विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग 2026' के मुकाबले में जीत का खाता खोल लिया है। इस टीम ने अरुण जेटली स्टेडियम में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के खिलाफ 3 रन से जीत हासिल की।
भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब नहीं हो सकी, लेकिन जर्मनी की टीम को 3-1 से मात देने के साथ वह 5वीं पोजीशन पर रहते हुए टूर्नामेंट से विदाई लेने में कामयाब रहीं।
मुंबई में मंगलवार का दिन भारतीय शतरंज के लिए बेहद खास रहा। एक ही आयोजन में देश के दो युवा खिलाड़ियों ने एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के शास्त्रीय वर्ग का खिताब अपने नाम किया। असम के 17 वर्षीय मयंक चक्रवर्ती ने लड़कों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 13 साल की प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों के वर्ग में बाजी मार ली। खास बात यह रही कि मयंक पिछले कुछ महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण भी दे रहे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, मयंक चक्रवर्ती पिछले मार्च में भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने थे। वह पूर्वोत्तर भारत से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। इतनी कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने के बावजूद मयंक से बातचीत करने पर उनके जवाबों में उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता नजर आती है। एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में मयंक पहले से ही शीर्ष वरीय खिलाड़ी के तौर पर उतरे थे। इससे पहले वह इस प्रतियोगिता के तीव्र शतरंज वर्ग का खिताब भी जीत चुके हैं। हालांकि, उनके लिए शास्त्रीय वर्ग का खिताब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मयंक के मुताबिक, शास्त्रीय शतरंज वही प्रारूप है जिसमें विश्व चैंपियन बनने की राह तय होती है और इसमें जीत हासिल करना दूसरे खिलाड़ियों पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने जैसा है। उन्होंने बताया कि तीव्र शतरंज प्रतियोगिता एक दिन में समाप्त हो जाती है, जबकि शास्त्रीय मुकाबले छह से सात दिन तक चल सकते हैं। इस वजह से इसमें ज्यादा मेहनत, मानसिक तैयारी और शुरुआती चालों की गहरी तैयारी की जरूरत होती है। उनके अनुसार, तीव्र शतरंज में मुख्य रूप से तेजी से खेलना होता है, जबकि शास्त्रीय शतरंज में तैयारी और धैर्य दोनों की बड़ी भूमिका होती है। इसी प्रतियोगिता में 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। बेंगलुरु में रहने वाली प्रतीति के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसी साल इटली के मोंटे सिल्वानो में आयोजित विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में वह भारत की एकमात्र पदक विजेता रही थीं। गौरतलब है कि मयंक पिछले तीन से चार महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों की तैयारी इटली में आयोजित विश्व युवा चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई थी। हालांकि, मुंबई में चल रही प्रतियोगिता के दौरान मयंक खुद भी मुकाबले खेल रहे थे, इसलिए वह प्रतीति की ज्यादा मदद नहीं कर सके। प्रतीति ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले मयंक ने खास तौर पर शुरुआती चालों की तैयारी में उनकी मदद की थी। प्रतीति इस प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग की शीर्ष वरीय खिलाड़ी थीं। ऐसे में उन पर उम्मीदों का दबाव भी था। उनकी मां प्रांती दत्ता बोरदोलोई ने कहा कि शीर्ष वरीय होने पर दबाव से बचना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, जब किसी खिलाड़ी को सबसे आगे रखा जाता है तो उससे हर हाल में जीत की उम्मीद जुड़ जाती है। प्रतीति की जीत के साथ उन्हें महिला ग्रैंडमास्टर की उपाधि के लिए जरूरी मानकों में से एक मानदंड भी हासिल हुआ है। मयंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए और खास रही क्योंकि उनके अपने खिताब के साथ उनकी शिष्या भी उसी दिन चैंपियन बनीं। उन्होंने कहा कि खुद चैंपियन बनने की खुशी तो है ही, लेकिन अपने विद्यार्थी को चैंपियन बनते देख खुशी और बढ़ गई है। बता दें कि ग्रैंडमास्टर बनने के बाद भी मयंक की दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उनका कहना है कि संघर्ष अब भी जारी है और जिंदगी पहले जैसी ही है। वह समय का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए तय दिनचर्या का पालन करते हैं। सोशल मीडिया और दूसरी गैरजरूरी चीजों से दूरी बनाकर वह पढ़ाई, शतरंज और प्रशिक्षण पर ध्यान देते हैं। मयंक की अगली चुनौती भी ज्यादा दूर नहीं है। अगले पांच दिनों में उन्हें तुर्किये और उसके बाद मलेशिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं के लिए रवाना होना है। वहीं प्रतीति और उनका परिवार इस जीत और महिला ग्रैंडमास्टर मानदंड से संतुष्ट है। उनकी मां का कहना है कि भारत में रहकर तैयारी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना विदेशों की तुलना में काफी कम खर्चीला है। विदेश में इसी तरह की गतिविधियों पर करीब दस गुना अधिक खर्च हो सकता है। इस तरह मयंक और प्रतीति की यह साझी सफलता भारतीय शतरंज के लिए नई पीढ़ी की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है।
Real Madrid की Real Sociedad पर धमाकेदार जीत, Set Pieces की सटीक रणनीति से पलटा मैच का पासा
रियल मैड्रिड ने रियल सोसिदाद के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की एक खास तस्वीर स्कोरलाइन से अलग भी सामने आई। मैड्रिड ने सेट पीस यानी रुके हुए खेल से मिलने वाले मौकों का लगातार इस्तेमाल किया और दूसरे हाफ में इन मौकों से अपने हमले को ज्यादा धार दी। मुकाबले में टीम के कुल चार शॉट ऐसे रहे, जो सेट पीस के बाद बने थे। सैंटियागो बर्नाबेउ में खेले गए इस मुकाबले में रियल मैड्रिड को कुल 14 बार रुके हुए खेल से शुरुआत करने का मौका मिला। इनमें आठ गोल किक, चार कॉर्नर और दो फ्री किक शामिल थीं। टीम ने अपने छह में से पांच मौकों पर पहला हवाई संपर्क अपने नाम किया। साथ ही, मैड्रिड ने मुकाबले में अपना एकमात्र हवाई द्वंद्व भी जीता। मौजूद जानकारी के अनुसार, रियल मैड्रिड के चारों सेट पीस शॉट में से तीन शुरुआती गेंद के बाद बने दूसरे चरण के हमले का हिस्सा थे। यानी पहली गेंद को हासिल करने के बाद टीम ने तुरंत हमला खत्म करने के बजाय अगली गेंद पर भी दबाव बनाए रखा। केवल एक प्रयास सीधे शुरुआती चरण में आया था। मैड्रिड के चार सेट पीस प्रयासों में एक गेंद सीधे केंद्रीय हिस्से की ओर गई, एक क्षेत्र के किनारे पहुंची, एक गोल क्षेत्र से बाहर की तरफ गई और एक प्रयास छह गज के क्षेत्र में भेजा गया। इससे पता चलता है कि टीम ने केवल एक ही दिशा में निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया। दूसरी ओर, रियल सोसिदाद को मुकाबले में 18 बार ऐसे अवसर मिले। इनमें आठ गोल किक, सात कॉर्नर और तीन फ्री किक शामिल थीं। सोसिदाद ने अपने 10 में से सात मौकों पर पहली गेंद पर नियंत्रण हासिल किया, लेकिन इसके बावजूद उसके सेट पीस से केवल दो शॉट निकल सके। सोसिदाद के दोनों सेट पीस शॉट में से एक दूसरे चरण के हमले के बाद आया। उसकी छह गेंदों में से तीन केंद्रीय क्षेत्र की ओर भेजी गईं, जबकि तीन को गोल क्षेत्र के बाहर की दिशा में डाला गया। इसके अलावा एक गेंद बाएं मध्य क्षेत्र और एक क्षेत्र के किनारे पहुंची। गौरतलब है कि पहले हाफ में दोनों टीमों में से कोई भी सेट पीस के जरिए शॉट नहीं निकाल सकी। ब्रेक तक कुल 14 ऐसे मौके बने थे, जिनमें पांच रियल मैड्रिड और नौ रियल सोसिदाद के हिस्से आए। इसके उलट दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इस दौरान दोनों टीमों को नौ-नौ मौके मिले और मुकाबले के सभी छह सेट पीस शॉट इसी हाफ में आए। मैच की स्थिति के हिसाब से भी मैड्रिड की रणनीति दिलचस्प रही। जब मुकाबला बराबरी पर था, तब टीम को नौ सेट पीस मिले और उसने उनसे तीन शॉट बनाए। बढ़त मिलने के बाद उसे पांच और मौके मिले, जिनमें से एक को शॉट में बदला गया। यानी मैड्रिड ने बराबरी के दौर में भी रुके हुए खेल से मौके बनाने पर जोर बनाए रखा। रियल सोसिदाद को मुकाबला बराबर रहने के दौरान 11 सेट पीस मिले, लेकिन इनमें से कोई भी शॉट में नहीं बदल सका। जब टीम पीछे चल रही थी, तब उसे सात ऐसे मौके मिले और उनमें से दो पर उसने शॉट लगाए। बता दें कि फुटबॉल में सेट पीस अक्सर करीबी मुकाबलों में अंतर पैदा करने का जरिया बनते हैं। कॉर्नर, फ्री किक और उनके बाद मिलने वाली दूसरी गेंद पर नियंत्रण किसी टीम को लगातार दबाव बनाने का अवसर देता है। रियल मैड्रिड और रियल सोसिदाद के इस मुकाबले में भी आंकड़े यही बताते हैं कि दूसरे हाफ में मैड्रिड ने इन मौकों को ज्यादा प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।
बीसीसीआई ने सितंबर महीने में होने वाली ऑस्ट्रेलिया-ए महिला टीम के खिलाफ टी20, वन-डे और अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय महिला-ए के स्क्वाड का ऐलान कर दिया है, जिसमें टी20 के लिए अनुष्का शर्मा को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
टी20 क्रिकेट में वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी कायरन पोलार्ड ने एकबार फिर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में नंबर-1 की कुर्सी को हासिल कर लिया है, जिसमें उन्होंने जोस बटलर को फिर से दूसरे नंबर पर धकेल दिया।
भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में खेले मुकाबले में भारत ने तीनों गोल दूसरे हाफ में किए। नवनीत कौर ने 43वें और 46वें मिनट में गोल किए। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल दागा। जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में गोल किया। दूसरे हाफ में भारत ने बदला मैच पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। भारत ने तीसरे क्वार्टर में लगातार आक्रमण किया। भारत को पहली सफलता 42वें मिनट में मिली, जब इशिका ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार 2 गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल किया। भारत ने मैच जीते, 3 ड्रॉ रहे, सिर्फ 1 में हार मिली भारत ने ग्रुप स्टेज में चीन से 2-2 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। फिर दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से हराया। आखिरी मुकाबला इंग्लैंड से 0-0 से ड्रॉ रहा। टीम पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टॉप-8 में पहुंची। भारत को टॉप-8 में टूर्नामेंट की पहली हार मिली। टीम को पूल-E के मुकाबले में नीदरलैंड ने 2-0 से हराया। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराना था। हालांकि यह मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। अब भारत ने जर्मनी को पांचवा स्थान हासिल किया है। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलाना तय नहीं:हरमनप्रीत कौर ने नहीं दिया कोई जवाब, विमेंस एशिया कप कल से विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलना तय नहीं है। गुरुवार को कैप्टंस मीट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल गईं। पूरी खबर पढ़ें…
Indian Women Hockey Team ने Germany को 3-1 से हराया, 52 साल बाद विश्व कप में 5वां स्थान
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 27 अगस्त विश्व कप में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए नवनीत कौर के दो गोल की मदद से पांचवीं रैंकिंग वाली जर्मन टीम को 3 -1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया जो पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को इस टूर्नामेंट में एकमात्र पराजय का सामना ओलंपिक चैम्पियन सह मेजबान नीदरलैंड के हाथों (0-2) करना पड़ा था। दूसरे दौर के आखिरी मैच में आस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई कोच शोर्ड मारिन की टीम ने जर्मनी के खिलाफ सारी कसर निकालते हुए आखिरी 17 मिनट में तीन गोल दागे। भारत के लिये इशिका (43वां मिनट), नवनीत (44वां और 47वां) ने गोल दागे। जर्मनी के लिये लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल दागा। इसी जर्मन टीम ने टूर्नामेंट से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था। क्लासीफिकेशन मैच में पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों एक दूसरे को आजमाती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली और आखिरी सत्रह मिनट में भारत ने जबर्दस्त पासिंग, बेहतरीन फिनिशिंग और मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को संभलने का मौका ही नहीं दिया। जर्मनी को मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा। विश्व कप में पहली बार खेल रही 11 खिलाड़ियों के साथ उतरे कोच मारिन के साथ ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा और विश्लेषण कोच मथियास विला जीत के बाद उछलते नजर आये। यह 1974 में अजिंदर कौर की अगुवाई में पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले इस प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढा होगा। पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया था लेकिन फिर इंग्लैंड से ड्रॉ खेला था। एकमात्र पराजय दूसरे चरण में डच टीम के हाथों मिली लेकिन मेजबान ने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागे थे। पांचवें मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब नवनीत बायीं ओर से गेंद लेकर सर्कल के भीतर घुसी और दाहिनी ओर सलीमा को पास दिया लेकिन जर्मन गोलकीपर ने आगे की ओर बढकर रोक दिया। सलीमा ने पेनल्टी कॉर्नर की मांग की लेकिन अंपायर ने मना किया। नौवें मिनट में जर्मनी की एम्मा डेविडस्मेयेर गेंद लेकर दाहिने ओर से अकेले आगे बढी लेकिन गोल के सामने नियंत्रण नहीं रख सकी और शॉट लेने में नाकाम रही। पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले शिल्पी डबास ने मिडफील्ड में नेहा को गेंद सौंपी जो उस पर नियंत्रण नहीं रख सकी। जर्मनी को 15वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जब इशिका ने एम्मा को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचाई। भारत ने इस पर रेफरल लिया लेकिन वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रखा और भारत ने अपना रेफरल गंवा दिया। लिली स्टोफेलस्मा की ड्रैग फ्लिक को भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने बखूबी बचाया लेकिन रशर के पहले दौड़ने के कारण जर्मनी को लगातार दूसरा कॉर्नर मिला जिस पर वैरिएशन की कोशिश नाकाम रही। पहले पंद्रह मिनट में कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में चौथे मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब मैदान के बीच से दीपिका ने गेंद नवनीत को सौंपी जिसने सर्कल पर लालरेम्सियामी को पास दिया लेकिन उसका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। जर्मनी को इसी मिनट पलटवार में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पुश कमजोर होने से कामयाबी नहीं मिली। भारत के पास 22वें मिनट में फिर सुनहरा मौका था लेकिन दो कोशिशों के बावजूद उसे फिनिश तक नहीं ले जाया जा सका। पहले नवनीत ने बायीं ओर से सीधा शॉट लिया जिसे जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क ने बायां पैर आगे करके रोक लिया लेकिन गेंद अभी भी डी के भीतर थी और गोल के दाहिने ओर सलीमा के पास गई जिनका प्रयास भी जर्मन डिफेंस ने नाकाम कर दिया और गेंद बाहर निकाल दी। ब्रेक तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। ब्रेक के बाद भी दोनों टीमों में कोई तेजी नजर नहीं आई और मैच काफी धीमी रफ्तार से आगे बढा। इशिका 35वें मिनट में दाहिने फ्लैंक से अकेले गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल के पास पहुंचकर नियंत्रण खो दिया। इसके तीन मिनट बाद ज्योति को फिजियो की मदद से मैदान छोड़कर आना पड़ा जब उनका घुटना मुड़ गया। भारत को लगातार अच्छे प्रयासों का नतीजा 43वें मिनट में मिला जब नेहा से गेंद लेकर इशिका सर्कल के भीतर घुसी और रिवर्स हिट पर जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गेंद गोल के भीतर डाल दी। भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर अगले ही मिनट मिला जब नवनीत को सर्कल में बाधा पहुंची। नवनीत की स्लैप हिट रोके जाने से पहले गेंद डिफेंडर के पैर से टकराई जिससे भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर नवनीत ने गेंद को रोककर फिर उसी तकनीक से स्लैप लगाई और भारत के लिये दूसरा गोल दाग दिया। नवनीत की शानदार ड्रिबलिंग के दम पर भारत को तीसरा गोल मिला जब जर्मन डिफेंडरों से घिरने के बावजूद उन्होंने गेंद पर से कब्जा नहीं गंवाया और गोलकीपर के पास से गेंद ले जाते हुए सीधी हिट पर गोल किया। तीन गोल गंवाने के बाद जर्मन टीम ने पलटवार ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन गोल नहीं कर सकी।
Harmanpreet Kaur बोलीं, Asia Cup में भारत किसी एक टीम के बजाय अच्छे खेल पर केंद्रित
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम महिला टी20 एशिया कप में किसी विशेष प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर रखकर नहीं चल रही है और इसके बजाय वह अच्छा क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करेगी। एशिया कप में भारत, पाकिस्तान, मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, मेजबान यूएई, थाईलैंड, हांगकांग, चीन और इंडोनेशिया की टीम भाग ले रही हैं। वनडे विश्व चैंपियन भारत महिला टी20 एशिया कप में प्रबल दावेदारों में से एक है, लेकिन हरमनप्रीत ने पांच सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर बने माहौल को खास तवज्जो नहीं दी। हरमनप्रीत ने शुक्रवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम किसी एक विशेष टीम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सभी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने पर है। हम किसी भी टीम को हल्के से नहीं ले रहे हैं। हमारा ध्यान केवल अच्छी क्रिकेट खेलने पर है। हम खेल से इतर की बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’’हरमनप्रीत ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएगी या नहीं। भारतीय कप्तान ने कहा कि वे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट को दबाव में खुद को परखने और अपने हाल के अनुभवों से मिले सबक पर आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया कप एक ऐसा मंच है जहां आप वास्तव में खुद को परख सकते हैं और खुद पर काफी दबाव डाल सकते हैं ताकि आप उस स्तर पर प्रदर्शन कर सकें जिसकी आप अपनी टीम से बहुत उम्मीद करते हैं।’’हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट में एक टीम के रूप में हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमने पिछले दो-तीन वर्षों में सभी टीम में जबरदस्त सुधार देखा है। जब भी हम उनके खिलाफ खेलते हैं तो वह कड़ी चुनौती पेश करते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारा अनुभव काम आएगा।’’भारत का टी20 विश्व कप का अभियान निराशाजनक रहा, लेकिन हरमनप्रीत का मानना है कि पिछले मैचों से मिले अनुभव टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैचों से हमें जो भी अनुभव मिला है, वह हमारी मदद करेगा और उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और यहां खेल का पूरा आनंद लेंगे।’’दुबई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के लिए भारत की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम अपने शुरुआती मैच से पहले अभ्यास सत्रों में यहां की परिस्थितियों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम कल (बुधवार) ही पहुंचे हैं और हमने अभी तक मैदान नहीं देखा है। लेकिन कल (शुक्रवार) हम अभ्यास करेंगे। अच्छी बात यह है कि हमसे पहले दो टीमें खेल रही हैं। इसलिए हमें उनका खेल देखने को मिलेगा और फिर हम समझ पाएंगे कि परिस्थितियां कैसी होंगी। फिर उसी के अनुसार हम अपनी रणनीति बनाएंगे।’’पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने कहा कि उनका इरादा ‘बेखौफ क्रिकेट’ खेलने का है। बर्मिंघम फीनिक्स के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलने वाली पहली पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी सना ने कहा, ‘‘हम भारत के खिलाफ पांच सितंबर को होने वाले मैच का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। टी20 क्रिकेट ऐसा खेल है कि जो भी उस दिन बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है, वही जीतता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम दुबई की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज हैं। उम्मीद है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’यूएई की कप्तान ईशा ओजा ने कहा, ‘‘यह किसी को कुछ साबित करने से नहीं बल्कि अपने खेल का आनंद लेने से जुड़ा है। हमने कड़ी मेहनत की है और अब उसको अंजाम तक पहुंचाना है।
विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलना तय नहीं है। गुरुवार को कैप्टंस मीट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल गईं। उनसे पूछा गया था कि क्या वह पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएंगी। उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। यह मैच 5 सितंबर को दुबई में होगा। हरमन ने इस मैच पर कहा- ‘टीम बाहरी बातों को अपने खेल पर असर नहीं डालने देगी।’ एशिया कप कल (28 अगस्त) से शुरू हो रहा है। हरमनप्रीत ने जून-जुलाई में हुए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। पिछले एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत ने कहा- किसी एक टीम पर फोकस नहीं करेंगे भारतीय कप्तान कौर ने कहा कि टीम महिला T20 एशिया कप में किसी एक प्रतिद्वंद्वी को निशाना नहीं बनाएगी। भारत का फोकस अच्छा क्रिकेट खेलने पर रहेगा। सभी टीमें अच्छा कर रही हैं। हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने और किसी भी टीम को आसान नहीं मानने पर है।' उन्होंने कहा, ‘हमारा मुख्य फोकस सिर्फ क्रिकेट खेलना है, खेल के दूसरे प्रभावों पर ध्यान देना नहीं।’ ------------------------------------------
भारत-श्रीलंका सीरीज खत्म होने पर ICC टेस्ट टीम रैंकिंग हुई अपडेट, टीम इंडिया को हुआ यह फायदा
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का अंत कोलंबो के मैदान पर खेले गए दूसरे मुकाबले के ड्रॉ होने के साथ खत्म हो गई। इस सीरीज के खत्म होने के बाद आईसीसी की तरफ से टेस्ट टीम रैंकिंग को भी अपडेट कर दिया गया है, जिसमें पोजीशन में तो कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन रेटिंग प्वाइंट टीम इंडिया के जरूर बढ़े हैं।
ब्राजील के बाद दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे से भिड़ेगी टीम इंडिया, कोलकाता में खेला जाएगा मैच
भारतीय फुटबॉल टीम अक्टूबर में कोलकाता में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। इससे पहले टीम इंडिया पनामा और ब्राजील जैसी मजबूत टीमों से भी भिड़ेगी।
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की। फॉलोऑन खेलकर रही श्रीलंका ने दूसरी पारी में 9 विकेट पर 429 रन बनाए और मैच बचाया। टीम ने भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बाद पहली बार मैच ड्रॉ कराया है। श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूषा ने सीरीज में 3 शतक लगाए। उन्होंने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा और साउथ अफ्रीका के जैक्स कैलिस के रिकॉर्ड की बराबरी की। मैच के पांचवे दिन बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. श्रीलंका ने फॉलोऑन के बाद चौथी बार मैच बचाया श्रीलंका ने टेस्ट में चौथी बार फॉलोऑन मिलने के बाद मैच बचाया। टीम ने भारत के खिलाफ पहली बार ऐसा किया है। 2. दिनूषा ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप से 173 रन बनाए दिनूषा एक टेस्ट सीरीज में स्पिनरों के खिलाफ स्वीप से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीरीज में स्पिनरों के खिलाफ 173 रन स्वीप से बटोरें। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान जो रुट के 160 रन का रिकॉर्ड तोड़ा। 3. श्रीलंका ने दूसरी पारी में 216 रन की बढ़त बनाई श्रीलंका ने फॉलोऑन मिलने के बाद दूसरी पारी में 216 रन की बढ़त बनाई। जो भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बाद तीसरी सबसे बड़ी बढ़त है। 4. तीसरे श्रीलंकाई जिन्होंने भारत के खिलाफ दोनों पारियों में शतक लगाए दिनूषा भारत के खिलाफ टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले दलीप मेंडिस और अरविंदा डी सिल्वा यह कारनामा कर चुके हैं। 5. दिनूषा ने 5 टेस्ट में 606 रन बनाए दिनूषा करियर के शुरुआती 5 टेस्ट मैचों में 600 रन तक पहुंचने वाले श्रीलंका के दूसरे बल्लेबाज बने। उनके टेस्ट में 606 रन हो चुके हैं। 631 रन के साथ कामिंदु मेंडिस पहले स्थान पर हैं। 6. दिनूषा ने सीरीज में 3 शतक लगाए दिनूषा 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3 शतक जमाने वाले बल्लेबाजों के क्लब में शामिल हो गए। उनसे पहले 7 बल्लेबाज यह कारनामा कर चुके हैं। अरविंद डी-सिल्वा ने सबसे ज्यादा 2 बार यह मुकाम हासिल किया है। 7. दिनूषा ने सीरीज की सभी 4 पारियों में बनाए 50+ स्कोर दिनूषा एक टेस्ट सीरीज की चारों पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए। उन्होंने भारत के खिलाफ सीरीज की चारों पारियों में 50+ का स्कोर बनाया। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. नुवानथा के पैर के अंगूठे पर गेंद लगी 104वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद श्रीलंकाई बल्लेबाज केशरा नुवनथा के पैर के अंगुठे पर लगी। ओवर की दूसरी गेंद जडेजा ने ब्लॉकहोल में डाली। केशरा बैट नीचे लाने में लेट हो गए और गेंद जाकर उनके पैर पर लगी। इम्पैक्ट आउटसाइज स्टंप था, इसलिए वे LBW से बच गए। इसके बाद नुवानथा ने जूता उतारकर फिजियो को मैदान पर बुलाया। ट्रीटमेंट के बाद दोबारा खेल शुरु हुआ। 2. जडेजा चोट के बाद मैदान से बाहर चले गए 128वें ओवर में रवींद्र जडेजा तकलीफ में नजर आए। ओवर की तीसरी गेंद फेंकने के बाद जडेजा असहज दिखे। उनके दाहिने पैर की एड़ी में तकलीफ थी। इसके बाद वे अंपायर से अपनी कैप लेकर मैदान से बाहर चले गए हैं। उनका ओवर प्रसिद्ध कृष्णा ने पूरा किया। 3. टी-ब्रेक के बाद पहली गेंद पर सोनल ने शतक पूरा किया 134वें ओवर की पहली ही गेंद पर सोनल ने सीरीज का तीसरा शतक पूरा किया। 98 रन पर खेल रहे सोनल ने मोहम्मद सिराज की गेंद को उन्होंने मिड-विकेट की ओर फ्लिक किया। फिर 2 रन लेकर अपना शतक पूरा किया। स्टैंड्स में मौजूद उनकी मां और ड्रेसिंग रूम में खड़े खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनकी पारी की सराहना की। ----------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… गिल ने कहा- यह ड्रॉ टेस्ट क्रिकेट की जीत:श्रीलंका को फॉलोऑन कराने के फैसले को सही ठहराया; पडिक्कल बोले- हमें जीतना चाहिए था भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने पर कहा- ‘हमने वह सब कुछ किया, जो हम कर सकते थे। यह शानदार मुकाबला था और मुझे लगता है कि आज टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई।' पूरी खबर पढ़ें…
कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने पर क्या दिया बहाना? न्यूजीलैंड टूर पर भी बोले
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम से सभी को जीत हासिल करने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी सोनल दिनुशा की शतकीय पारी ने फेर दिया। इस टेस्ट के ड्रॉ होने पर टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल का भी बड़ा बयान सामने आया।
विल पुकोव्स्की को 27 साल की उम्र में छोड़ना पड़ा था क्रिकेट, अब पुराने स्कूल पर ठोका मुकदमा
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर विल पुकोव्स्की को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने पुराने स्कूल के खिलाफ कोर्ट में केस ठोक दिया है।
लंका फतह के बाद भी WTC में भारत की टेंशन बरकरार! गिल ब्रिगेड 5वें नंबर पर
वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 80 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. भारत 51.52 प्रतिशत के साथ पांचवें नंबर पर है.
उत्तर भारत और ट्राइसिटी के लोग 30 अगस्त से शुभमन गिल, प्रभसिमरन सिंह, अर्शदीप सिंह, रामनदीप सिंह, अनमोलप्रीत सिंह और हरप्रीत बराड़ जैसे खिलाडियों को अब पीसीए में खेलते देख पाएंगे। यह संभव होने जा रहा है। यह मैच लाइव भी चलेंगे। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) की ओर से आयोजित शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 का आगाज होने से। जिसका वीरवार को शेड्यूल जारी कर दिया गया है। लीग का आगाज 30 अगस्त को होगा और फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। करीब 2 सप्ताह चलने वाली इस लीग में पंजाब के स्थापित क्रिकेटरों के साथ उभरते हुए खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 30 अगस्त को अमृतसर सूर्मास और मोहाली किंग्स के बीच होगा। मुकाबले आईएस बिंद्रा स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे। लीग में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी और पूरे टूर्नामेंट में 27 मुकाबले खेले जाएंगे। 2 ग्रुप में बांटी गईं 6 टीमें छह फ्रेंचाइजी को 2 ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में मोहाली किंग्स, फाजिल्का फाल्कन्स और जालंधर वॉरियर्स हैं। वहीं ग्रुप-बी में बठिंडा रॉयल्स, अमृतसर सूर्मास और लुधियाना लायंस को रखा गया है। 30 अगस्त को अमृतसर सूर्मास और मोहाली किंग्स के मुकाबले के बाद 31 अगस्त को दो मैच होंगे। दोपहर में जालंधर वॉरियर्स का सामना फाजिल्का फाल्कन्स से होगा, जबकि शाम को मोहाली किंग्स और बठिंडा रॉयल्स आमने-सामने होंगे। 1 सितंबर को दोपहर के मुकाबले में लुधियाना लायंस अपने अभियान की शुरुआत बठिंडा रॉयल्स के खिलाफ करेगा। 12 सितंबर को दोनों सेमीफाइनल लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। 12 सितंबर को दोनों सेमीफाइनल खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल में ग्रुप-ए की शीर्ष टीम का मुकाबला ग्रुप-बी की दूसरे नंबर की टीम से होगा। दूसरे सेमीफाइनल में ग्रुप-बी की टॉप टीम ग्रुप-ए की दूसरे नंबर की टीम से भिड़ेगी। दोनों सेमीफाइनल की विजेता टीमें 13 सितंबर को फाइनल में खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। टीवी और ऑनलाइन प्रसारण शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के मुकाबलों का लाइव टेलीकास्ट Sony Sports Ten 5 HD और Sony Sports Ten 5 SD पर होगा। वहीं मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV पर की जाएगी।

