भारत के लिए निर्णायक गोल अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने दागा। इससे पहले भारत ने 1982 में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता था।
भारत-A ने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट ड्रॉ करा लिया। 365 रन का पीछा करते हुए भारत-A ने 9 विकेट पर 310 रन बनाए। टीम जीत से 55 रन दूर रह गई, जबकि एक समय उसके सामने मैच बचाने की चुनौती थी। इस नतीजे के साथ भारत-A ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। पहले अनऑफिशियल टेस्ट में भारत-A ने ऑस्ट्रेलिया-A को 162 रन से हराया था। भारत-A पहली पारी में 167 रन पर ऑलआउट हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया-A ने पहली पारी में 358 रन बनाने के बाद दूसरी पारी 4 विकेट पर 173 रन बनाकर घोषित की थी। नाइटवॉचमैन बने तुषार ने 52 रन बनाए दिन की शुरुआत आयुष पांडे और तुषार देशपांडे ने की। लियम स्कॉट ने पांडे को LBW कर भारत-A को झटका दिया। इसके बाद नंबर-3 पर नाइटवॉचमैन के तौर पर उतरे तुषार ने कप्तान देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी संभाली। तुषार ने 119 गेंदों का सामना करते हुए 52 रन बनाए और करीब 180 मिनट क्रीज पर बिताए। उन्होंने अपना दूसरा फर्स्ट-क्लास अर्धशतक लगाया। पडिक्कल 26 रन बनाकर स्कॉट की गेंद पर विकेटकीपर जॉश फिलिप के हाथों कैच हुए। इसके कुछ देर बाद लियम हैचर की धीमी पड़ती गेंद पर तुषार भी लॉन्ग-ऑफ पर कैच दे बैठे। रशीद ने तेज बल्लेबाजी कर जीत की उम्मीद जगाई शेख रशीद ने 45 गेंदों पर 38 रन की तेज पारी खेली। उन्होंने 8 चौके लगाए और कुछ समय के लिए भारत-A की जीत की उम्मीद जगा दी। हालांकि नाथन मैकस्वीनी की गेंद पर वह पीछे हटकर शॉट खेलने गए और LBW हो गए। इसके बाद कुमार कुशाग्र भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। स्कॉट की गेंद इतनी नीची रही कि वह लगभग जमीन से गुजरते हुए स्टंप्स से जा टकराई। तनुश कोटियान भी कोरी रोचिचियोली की गेंद पर आउट हो गए। भारत-A का स्कोर 7 विकेट पर 199 रन हो चुका था। राठौड़ और मुलानी ने 216 गेंदों तक संभाला यहीं से यश राठौड़ और प्लेयर ऑफ द सीरीज शम्स मुलानी ने पारी को संभाला। मुलानी ने एक छोर पर डिफेंस मजबूत रखा, जबकि राठौड़ ने रन बनाने के मौके तलाशते रहे। दोनों ने 216 गेंदों पर 85 रन की साझेदारी की। राठौड़ ने दबाव के बावजूद आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कभी क्रीज से बाहर निकलकर गेंद को खेला तो कभी क्रीज की गहराई का इस्तेमाल किया। मुलानी ने 131 गेंदों का सामना कर ऑस्ट्रेलिया-A के गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया। स्कॉट ने फिर पलटा मैच जब लगने लगा कि राठौड़ और मुलानी भारत-A को आसानी से ड्रॉ तक पहुंचा देंगे, तभी लियम स्कॉट ने फिर मैच में रोमांच पैदा कर दिया। उन्होंने राठौड़ को 80 रन पर LBW किया। राठौड़ ने रिव्यू लिया और गेंद की ऊंचाई को लेकर सवाल उठाया, लेकिन बॉल ट्रैकिंग में अंपायर्स कॉल आया। इसके दो ओवर बाद स्कॉट ने मुलानी को भी आउट कर दिया। भारत-A 9 विकेट गंवा चुका था और जीत के लिए 55 रन अभी बाकी थे। आखिरी विकेट ने बचाया मैच अंशुल कंबोज को सीनियर टीम में बुलाए जाने के कारण भारत-A को अपने नंबर-11 प्रफुल हिंगे को बल्लेबाजी के लिए भेजना पड़ा। हिंगे ने 6 गेंदें खेलीं। उनके साथ नचिकेत भुटे ने 21 गेंदों का सामना किया। दोनों ने ऑस्ट्रेलिया-A को आखिरी विकेट लेने का मौका नहीं दिया और खराब होती रोशनी के बीच दोनों टीमों ने मैच ड्रॉ पर खत्म करने पर सहमति जताई।
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी इस उपलब्धि और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन ने इस जीत को और भी खास बना दिया है।
USA की टीम में 35 साल के गेंदबाज की हुई वापसी, तीन साल पहले खेला था आखिरी वनडे
अमेरिका की क्रिकेट टीम में स्टार तेज गेंदबाज अली खान की 3 साल से भी ज्यादा समय बाद वनडे टीम में वापसी हुई है। 35 साल के अली खान ने अपना पिछला वनडे मैच जिम्बाब्वे में हुए वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स में खेला था।
Sjoerd Marijne का मूलमंत्र: बेहतरीन डिफेंस और अनुशासन से Indian Women Hockey Team ने जीता गोल्ड
काकामिगाहारा, दो अक्टूबर एशियाई खेलों के फाइनल में चीन की टीम के लगातार हमले करने के बीच भारत की महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन का अपनी खिलाड़ियों के लिए एक सरल संदेश था, अच्छी तरह रक्षण करो, अनुशासन बनाए रखो और लगातार दौड़ते रहो। खिलाड़ी कितनी भी थकी हुई हों या विपक्षी टीम कितनी भी आक्रामकता से दबाव बनाए, उन्हें आगे बढ़ते रहना था। भारतीयों ने उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन किया और एक अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता, साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए स्वतः क्वालीफिकेशन भी हासिल किया। मारिन ने भारत के 1982 के बाद एशियाई खेलों में अपना पहला महिला हॉकी स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद कहा, ‘‘मैं हमेशा लड़कियों से कहता हूं कि बुनियादी बातें अच्छा डिफेंस, अनुशासन और लगातार दौड़ते रहना हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बारिश हो रही है या परिस्थितियां अच्छी नहीं हैं। आप हमेशा दौड़ सकते हैं और आज हमने एक टीम के रूप में यही किया। ’’उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा कि कुछ खिलाड़ी थककर मैदान से बाहर आईं, फिर अगली आई, और फिर अगली। मुझे लगता है कि चौथे क्वार्टर में हमने मुश्किल से कोई मौका गंवाया। इसी तरह आप ये मैच जीतते हैं। ’’चीन ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा लेकिन भारतीय खिलाड़ी डटी रहीं। गोलकीपर सविता पूनिया और बिछू देवी ने चीन को दूर रखने में अहम भूमिका निभाई जिसमें सविता ने एक महत्वपूर्ण पेनल्टी-स्ट्रोक बचाकर मौजूदा चैंपियन को बराबरी करने का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अद्भुत (पेनल्टी बचाव)। बिछू ने भी और जिस तरह से वे दोनों मिलकर यह कर रही हैं, वह भी शानदार। मैंने कभी दो खिलाड़ियों को एक-दूसरे की इतनी मदद करते नहीं देखा। ’’मारिन ने कहा, ‘‘ये दोनों एक ही पोजीशन पर खेलती हैं, लेकिन हर बार एक-दूसरे से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाती हैं। यह उन दोनों के लिए तारीफ की बात है। और अब यह सविता हैं जिन्होंने यह शानदार बचाव किया। ’’उन्होंने कहा, ‘‘गेंद पर कब्जे के लिहाज से यह हमारा सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं था। लेकिन बात यह है कि कौन अधिक प्रभावी है। आज हम बहुत प्रभावी थे। हम पेनल्टी कॉर्नर से भी गोल कर सकते थे। अंत की ओर हम बहुत करीब थे, जब गोलकीपर मैदान से बाहर था। लेकिन यह वास्तव में एक टीम का प्रदर्शन था, सिर्फ खिलाड़ियों का नहीं बल्कि सहयोगी स्टाफ का भी। इसमें हर किसी की बड़ी भूमिका थी। ’’मारिन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सबसे बड़े बदलावों में से एक अनुशासन रहा है, और दूसरा, एक-दूसरे के लिए काम करना। मैं हमेशा कहता हूं कि अगर आप टीम के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो आप अपना व्यक्तिगत लक्ष्य हासिल कर लेंगे। अगर आप अपने व्यक्तिगत लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे तो आप टीम का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यही बदलाव टीम ने किया है। आप देख सकते हैं कि चुनी गई सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रही हैं और अनुशासन दिखा रही हैं। ’’मारिन ने सहयोगी स्टाफ की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे स्टाफ के बीच और स्टाफ तथा खिलाड़ियों के बीच बहुत अच्छा तालमेल है।’’भारत की जीत ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए टिकट भी पक्का कर दिया जो महिला टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि वह पेरिस खेलों के लिए क्वालीफाई करने से चूक गई थी। मारिन ने शुरुआती ओलंपिक क्वालीफिकेशन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारतीय महिला टीम के साथ ऐसा पहले कभी हुआ है। असली काम पहले ही शुरू हो चुका है। हमें इसे आगे बढ़ाते रहना होगा। हम सुधार करना चाहते हैं, और हमारा मुख्य ध्यान खुद पर और इस बात पर है कि हमें क्या बेहतर करने की जरूरत है।
एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय हॉकी अंपायर गुरिंदर सिंह सांघा पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। मलेशिया की एक महिला हॉकी अधिकारी ने शिकायत की थी कि बातचीत के दौरान सांघा ने उन्हें कई बार गले लगाने की कोशिश की और किस भी किया। सांघा पर यह भी आरोप है कि उन्होंने होटल स्टाफ को आपत्तिजनक वीडियो दिखाए। पुलिस में शिकायत करने की धमकी भी दी। शिकायत के बाद गुरिंदर जापान से भारत वापस भेज दिया गया है। गुरिंदर को हॉकी फेडरेशन ने गेम्स के लिए अंपायर मैनेजर नियुक्त किया था। गुरिंदर पर पिछले साल भी आरोप लगे थे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरिंदर दो दिन पहले ही भारत लौट चुके हैं। मलेशियाई महिला अधिकारी के अलावा होटल स्टाफ की ओर से उनकी शिकायत की गई है। गुरिंदर के खिलाफ पहली बार इस तरह के आरोप नहीं लगे हैं। पिछले साल हॉकी इंडिया लीग के दौरान भी एक महिला अंपायर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 2025 में हॉकी इंडिया लीग के रांची स्टेज के दौरान भी एक महिला अंपायर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद हॉकी इंडिया ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। समिति को आरोपों को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। एशियन हॉकी फेडरेशन की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी एशियन गेम्स की हॉकी प्रतियोगिता में अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) करता है। इसलिए हॉकी इंडिया आगे की कार्रवाई AHF की रिपोर्ट मिलने के बाद करेगा। हॉकी इंडिया के अधिकारी ने कहा कि अगर AHF की रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाते हैं तो अंपायर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। IOA ने कहा- नियुक्ति AHF की जिम्मेदारी भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के एक अधिकारी ने कहा कि एशियन गेम्स में अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया या IOA नहीं करता। यह जिम्मेदारी AHF की है। इसलिए इस मामले में IOA और हॉकी इंडिया की सीधी भूमिका नहीं है। इसी साल भारतीय महिला हॉकी टीम के सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य को भी उत्पीड़न के आरोपों की शिकायत के बाद हॉकी इंडिया ने हटा दिया था। ------------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…भारत को 44 साल बाद एशियाड विमेंस हॉकी का गोल्ड:चीन को हराकर ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया; 13वें दिन इंडिया को 6 गोल्ड भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद गोल्ड जीत लिया। भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। टीम के लिए एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। पूरी खबर पढ़ें…
‘गोल्डन सिक्स’ के साथ भारत एशियन गेम्स पदक तालिका में 5वें स्थान पर, हॉकी-बॉक्सिंग में चमके
भारत एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को 6 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। तीरंदाजी, हॉकी, बॉक्सिंग और रेसलिंग में भारत ने गोल्ड मेडल जीता।
पाकिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए श्रीलंकाई टीम का ऐलान, कुशल मेंडिस के हाथों में कमान
कोलंबो, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। श्रीलंका ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। टीम की कमान कुशल मेंडिस के हाथों में सौंपी गई है। श्रीलंका पाकिस्तान के दौरे पर मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेलेगा, जिसकी शुरुआत अक्टूबर में टी20 इंटरनेशनल मैचों से होगी।
IND vs PAK गोल्ड मेडल मैच में शामिल होंगे पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी? फाइनल से पहले आया बड़ा अपडेट
भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को एशियन गेम्स के क्रिकेट फाइनल का मुकाबला खेला जाएगा। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने साफ कर दिया है कि इस खास मैच में ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी मौजूद नहीं रहेंगे।
Asian Games में भारत ने जीते छह स्वर्ण, पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम ने लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया जबकि मुक्केबाजों, तीरंदाजों और पहलवान सुजीत कलकल ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन करते हुउ एशियाई खेलों में शुक्रवार को छह स्वर्ण पदकों के साथ भारत को पदक तालिका में शीर्ष पांच में पहुंचा दिया। भारत अब 16 स्वर्ण , 25 रजत और 35 कांस्य समेत 76 पदक जीतकर शीर्ष पर है। भारत के पदक चौथे स्थान पर काबिज उजबेकिस्तान (65) से अधिक हैं लेकिन स्वर्ण की गिनती में पीछे है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैम्पियन चीन को 1.0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी कटाया। जीत का श्रेय भारतीय डिफेंस को जाता है जिसने चीन के लगातार हमलों के बावजूद संयम नहीं खोया और एक गोल की बढत अंत तक बनाये रखी। लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में ही भारत को बढत दिला दी और 24वें मिनट में भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक पर चीन को गोल करने से रोका। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था। वहीं तीरंदाजी में अंकिता भकत , कीर्ति शर्मा और 17 वर्ष की कुमकुम मोहोद ने फाइनल में दस बार की ओलंपिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 5 . 3 से हराकर स्वर्ण जीता। रिकर्व टीमों के इस शानदार प्रदर्शन से पहले भारतीय कंपाउंड तीरंदाज सभी टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदकों पर कब्जा कर चुके हैं। भारत ने तीरंदाजी में अब तक कुल सात पदक जीत लिए हैं, जिनमें चार स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल हैं। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की महिला रिकर्व टीम दिन का पहला पदक दिलाया। भारतीय तिकड़ी ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए गत चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 (54-54, 56-56, 55-51, 54-54) से हराकर यादगार जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। दिन का समापन पुरुष रिकर्व टीम के रजत पदक के साथ हुआ। धीरज, संजय भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी को फाइनल में दक्षिण कोरिया से 1-5 (56-56, 50-57, 54-56) से शिकस्त मिली। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई। मुक्केबाजी में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए देश का 12 साल का इंतजार खत्म किया। अंकुश ने 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर देश के लिए स्वर्ण पदक से अभियान समाप्त किया। भारत ने इस तरह मुक्केबाजी में एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते जिसमें तीन स्वर्ण शामिल रहे। देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा था जिसमें दल ने दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य से कुल नौ पदक जीते थे। भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर इन खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। कुश्ती में सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। सेलिंग में नेत्रा कुमानन महिलाओं की डिंगी में और सेपकटेकरा में पुरूषों की चौकड़ी कांस्य जीतने में कामयाब रही।
एशियन गेम्स 2026 - खत्म हुआ 44 साल का इंतजार, भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 साल का सूखा खत्म कर दिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
Asian Games 2026: 10वें मिनट का वो गोल, जिसने 44 साल बाद भारत को दिलाया Hockey में गोल्ड
भारत ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराया। भारत की ओर से एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। उन्होंने 10वें मिनट में शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है। भारत और चीन के बीच विमेंस हॉकी का फाइनल मुकाबला तय समय से 45 मिनट देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई थीं। 44 साल बाद मिला हॉकी में गोल्ड भारत ने एशियन गेम्स में आखिरी बार विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल 1982 में जीता था। इसके बाद टीम दो बार फाइनल में पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत ने 1998 और 2018 में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब 44 साल बाद टीम ने एक बार फिर गोल्ड अपने नाम कर लिया है। इसे भी पढ़ें: 2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड पहले क्वार्टर में लालरेमसियामी का गोल पहला क्वार्टर पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय टीम ने 55 प्रतिशत पजेशन के साथ खेलते हुए 1-0 की बढ़त बनाई। अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने भारत के लिए यह गोल किया। साक्षी के शानदार पास पर लालरेमसियामी ने जोरदार रिवर्स शॉट लगाया और गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। 10वें मिनट में आए इस गोल ने भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 13वें मिनट में भारत के पास बढ़त को दोगुना करने का मौका आया, लेकिन टीम पेनेल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया दूसरे क्वार्टर में सविता पूनिया बनीं दीवार दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में चीन ने पेनेल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सका। इसके बाद खेल के 23वें मिनट में चीन को पेनेल्टी स्ट्रोक मिला। हालांकि, भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपनी बाईं ओर शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। सविता के इस बचाव के साथ भारत की 1-0 की बढ़त बरकरार रही। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने तक स्कोर भारत के पक्ष में 1-0 रहा।
हॉकी: 44 साल का इंतजार खत्म! भारत की बेटियों ने चीन को हरा जीता गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.
इस भारतीय टीम में वर्ल्ड कप जीतने की क्षमता है: युवराज सिंह
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह का मानना है कि भारतीय टीम में आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 जीतने की पूरी क्षमता है।
लालरेम्सियामी के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि: एशियन गेम्स 2026
काकामिगाहारा, भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी लालरेम्सियामी ने देश के लिए 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलने का मुकाम हासिल किया है।
निशियो, भारतीय रेसलर सुजीत कलकल ने शुक्रवार को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में हुए रोमांचक फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदियेव को 10-9 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में रेसलिंग में भारत के गोल्ड मेडल के इंतजार को खत्म किया। उन्होंने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम कैटेगरी में शानदार वापसी करते हुए यह जीत हासिल की।
एशियन गेम्स : 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
निशियो, एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
खेल डेस्क। एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए स्वर्णिम सफलता वाला साबित हुआ है। आज भारत को पांच गोल्ड मेडल मिले हैं। भारत को आज एक मिनट के अंदर 2 गोल्ड मेडल मिले हैं। बॉक्सर अंकुश पंघाल के पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने के ठीक एक मिनट पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया था। इससे पहले बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा, लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में स्वर्ण पदक अपने नाम कर देश का नाम रोशन किया था। पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीते हैं। सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम की रिकर्व इवेंट में गोल्ड जीत से भारत के लिए दिन की शानदार शुरुआत हुई थी। भारत के अब एशियन गेम्स 2026 में 15 गोल्ड मेडल हो गए हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर पहुंच गया है। भारत अभी तक 15 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज समेत 75 मेडल जीत चुका है। भारतीय मुक्केबाजों ने किया गोल्ड के लिहाज से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का गोल्ड के लिहाज से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिला है। भारत ने मुक्केबाजी में इस बार 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते हैं। इससे पहले 2010 एशियाड में मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड सहित कुल 9 मेडल अपने नाम किए थे। भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के गोल्ड मेडल मुकाबले में साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के गोल्ड मेडल मैच में कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय वह सुजीत 2-9 से पीछे थे। PC:livehindustan,jagran, livehindustan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
युजवेंद्र चहल का बड़ा ऐलान: फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास, अब सिर्फ व्हाइट बॉल क्रिकेट पर रहेगा फोकस
एशियन गेम्स 2026: अंकुश पंघाल का 'गोल्डन पंच', 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
एशियन गेम्स 2026: अंकुश पंघाल का 'गोल्डन पंच', 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
निशियो, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
एशियन गेम्स में सुजीत कलकल ने किया बड़ा उलटफेर, आखिरी के 90 सेकंड में बाजी पलटकर जीता गोल्ड
सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव को 10-9 से हराकर शानदार गोल्ड मेडल जीत लिया। एक वक्त ऐसा था जब सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे और उनकी हार लगभग तय लग रही थी, लेकिन मैच के आखिरी 90 सेकंड में उन्होंने जबरदस्त खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
एशियन गेम्स में लवलीना बोरगोहेन ने जीता गोल्ड, चीन की बॉक्सर को दी मात
एशियन गेम्स से भारत के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारतीय स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला बॉक्सिंग की 75 किलोग्राम भार वर्ग कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है. फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की मुक्केबाज को कड़े और रोमांचक मुकाबले में मात दी. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की कुल संख्या अब 12 हो चुकी है.
Asian Games फाइनल में Malaysia से भिड़ेगी भारतीय Hockey टीम
काकामिगाहारा, दो अक्टूबर भारतीय पुरूष हॉकी टीम को मलेशिया के खिलाफ एशियाई खेलों के फाइनल में शनिवार को अपना खिताब बरकरार रखने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट कटाने के लिये गलतियों से सबक लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम ने कभी लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उसके पास शनिवार को यह कामयाबी हासिल करके भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय लिखने का मौका है। सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद अब मलेशिया के खिलाफ उन गलतियों को दोहराने से बचना होगा। पाकिस्तान के खिलाफ 23वें मिनट तक तीन गोल की बढत बनाने के बाद भारत ने दूसरे हाफ में तीन गोल गंवा दिये और आखिरी सीटी बजने से 45 सेकंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर 4 . 3 से मिली जीत से फाइनल में जगह बनाई। पिछली बार की चैम्पियन भारतीय टीम को डिफेंस मजबूत रखना होगा। डिफेंस के चरमराने से ही पाकिस्तानी टीम का वापसी का मौका मिला था। सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक ही दिन का अंतर होने से रिकवरी भी अहम होगी। दूसरी ओर मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 2 . 1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले तीन बार में मलेशिया दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ‘‘ मलेशिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है और यह मुकाबला अच्छा रहेगा। हमने काफी समय से मलेशिया से खेला नहीं है। दोनों टीमें आक्रामक खेलती हैं और खिलाड़ियों के पास हुनर के साथ रफ्तार भी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हम सिर्फ अपनी रणनीति पर फोकस करना चाहते हैं।’’भारत की उम्मीदें कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर लगी होंगी जिन्होंने अब तक पेनल्टी कॉर्नर पर दस गोल किये हैं। पाकिस्तान के सूफियान खान के बाद इन खेलों में उनके नाम सर्वाधिक गोल हैं। स्ट्राइकर अभिषेक और दिलप्रीत सिंह भी नौ नौ गोल कर चुके हैं। मलेशिया के पास अनुभवी फैजल सारी और अबु कमाल अजराइ हैं जो नौ नौ गोल कर चुके हैं। भारत अगर स्वर्ण जीत जाता है तो हरमनप्रीत लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान होंगे। वहीं मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकौते भारतीय खिलाड़ी बन जायेंगे। वह 2014 और 2023 में स्वर्ण जीत चुके हैं।
अंकुश पंघाल ने रचा इतिहास, मेंस बॉक्सिंग में 8 साल बाद भारत को दिलाया गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने मुक्केबाजी में अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। लवलीना और परवीन के बाद अब भारत के अंकुश पंघाल ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत के पहलवान सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से हुआ। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी 11 सेकेंड में शानदार दांव लगाकर स्कोर पलट दिया और 10-9 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। पहले पीरियड में कुदिएव का दबदबा फाइनल की शुरुआत सुजीत के लिए मुश्किल रही। कुदिएव ने शुरुआत में ही उन्हें मैट से बाहर कर दो अंक हासिल किए। इसके तुरंत बाद उन्होंने दो और अंक लेकर अपनी बढ़त 4-0 कर ली। सुजीत ने इसके बाद कुदिएव के आक्रामक खेल का सामना करने की कोशिश की, लेकिन ताजिकिस्तान के पहलवान लगातार दांव लगाते रहे। पहले पीरियड में एक मिनट बाकी रहने तक कुदिएव ने 5-2 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद कुदिएव ने सुजीत को मैट पर गिराकर उन पर फ्लिप किया और चार अंक हासिल कर लिए। इससे उनकी बढ़त 9-2 हो गई। इसे भी पढ़ें: पंच बरसे और गोल्ड आया! Ankush Panghal ने 4-0 से जीता एशियन गेम्स फाइनल दूसरे पीरियड में सुजीत ने शुरू की वापसी दूसरे पीरियड में सुजीत ने धीरे-धीरे वापसी शुरू की। करीब 1 मिनट 20 सेकेंड के बाद उन्होंने कुदिएव की बढ़त को कम करते हुए स्कोर 4-9 कर दिया। इसके बाद सुजीत ने एक और टेकडाउन किया और स्कोर 6-9 पर पहुंच गया। भारतीय पहलवान ने एक और दांव लगाकर कुदिएव की बढ़त को सिर्फ एक अंक तक सीमित कर दिया। अब स्कोर 8-9 था। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया आखिरी 11 सेकेंड में पलट गया पूरा मुकाबला मुकाबले के आखिरी क्षणों में सुजीत ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जब सिर्फ 11 सेकेंड बाकी थे, तब उन्होंने शानदार दांव लगाकर दो अंक हासिल किए। इस दांव के साथ सुजीत के अंक 10 हो गए, जबकि कुदिएव 9 अंक पर ही रह गए। इस तरह सुजीत कलकल ने 10-9 से फाइनल जीतकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। एक समय 2-9 से पीछे चल रहे सुजीत ने आखिरी 11 सेकेंड में मुकाबला पलटकर खुद को एशियन गेम्स का नया चैंपियन बना दिया।
Asian Games में Sujeet Kalakal ने 65 किग्रा कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर जीत हासिल की। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया।
पंच बरसे और गोल्ड आया! Ankush Panghal ने 4-0 से जीता एशियन गेम्स फाइनल
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में अपना छठा मेडल जीत लिया है। 80 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कोरिया के किन मिएनसांग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स में यह अंकुश का पहला गोल्ड मेडल है। 2018 के बाद मेंस बॉक्सिंग में भारत का पहला गोल्ड अंकुश पंघाल के गोल्ड के साथ ही 2018 के बाद मेंस बॉक्सिंग में भारत को एशियन गेम्स का पहला गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले 2018 में अमित पंघाल ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। अंकुश ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने उस टूर्नामेंट के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। 80 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल उज्बेकिस्तान के अरकीनेवबोएब फजलीदीन और जॉर्डन के आयशिश हुसैन ने जीता। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया बॉक्सिंग में भारत के छह मेडल अंकुश पंघाल का गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में भारत का छठा मेडल है। इनमें तीन गोल्ड मेडल शामिल हैं। अंकुश से पहले लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। लवलीना ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में, जबकि परवीन ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकुश के गोल्ड मेडल के साथ भारत मेडल टैली में पांचवें पायदान पर पहुंच गया है।
Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया
भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग के 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे की ओलंपिक पदक विजेता चेन निएन-चिन से हुआ। परवीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत को महिला बॉक्सिंग में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने भारत के लिए गोल्ड जीता था। पहले राउंड में परवीन ने बनाई बढ़त फाइनल मुकाबले के पहले राउंड में चेन निएन-चिन के कुछ पंच परवीन को सही जगह लगे। मुकाबले के दौरान दोनों मुक्केबाजों के बीच करीबी टक्कर भी देखने को मिली, जिसके बाद रेफरी ने दोनों को अलग किया। इसके बाद परवीन ने तेजी दिखाते हुए कुछ अच्छे पंच लगाए। राउंड खत्म होने पर जजों ने 10-9 का फैसला परवीन के पक्ष में दिया। इस तरह भारतीय मुक्केबाज ने पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal दूसरे राउंड में चेन निएन-चिन की वापसी दूसरे राउंड में मुकाबले का रुख बदल गया। चेन निएन-चिन ने जोरदार बॉक्सिंग करते हुए परवीन पर दबाव बनाया। इस राउंड में जजों ने 10-9 का फैसला चीनी ताइपे की मुक्केबाज के पक्ष में दिया। इस शानदार वापसी के बाद मुकाबला बराबरी पर आ गया और आखिरी राउंड बेहद अहम हो गया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल आखिरी राउंड में परवीन ने जीता गोल्ड अंतिम राउंड में परवीन हुड्डा ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत की। उन्होंने राउंड में बेहतर प्रदर्शन किया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। जजों ने आखिर में स्प्लिट फैसले के जरिए परवीन के पक्ष में 3-2 से फैसला सुनाया। इस जीत के साथ परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग के 65 किलोग्राम वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था।
एशियन गेम्स में परवीन हुड्डा का धमाकेदार कमबैक, चीनी ताइपे की खिलाड़ी को हराकर जीता गोल्ड
चार साल पहले एशियन गेम्स में परवीन हुड्डा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन बाद में वह उनसे वापस ले लिया गया। लेकिन अब उन्होंने जबरदस्त वापसी की है। नागोया में हुए एशियन गेम्स के 65 किग्रा वर्ग में परवीन ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेन निएन-चिन को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
एशियन गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, लवलीना के बाद परवीन हुड्डा ने जीता बॉक्सिंग गोल्ड
महिला 65 किलोग्राम बॉक्सिंग के फाइनल में भारत की परवीन हुड्डा का सामना चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से हुआ। दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा और आखिर में परवीन ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में परवीन हुड्डा ने गाड़ा झंडा! भारत को मिला एक और गोल्ड, सुजीत-अंकुश से भी बड़ी उम्मीद
बॉक्सिंग में परवीन हुड्डा ने गाड़ा झंडा! भारत को मिला एक और गोल्ड, सुजीत-अंकुश से भी बड़ी उम्मीद
युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहा, देश के लिए टेस्ट खेलने का सपना रहा अधूरा
भारतीय क्रिकेट टीम के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। चहल अब कभी भी व्हाइट जर्सी में रेड बॉल क्रिकेट खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।
नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन गेम्स
गामागोरी, भारत की सेलर नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
युजवेंद्र चहल ने लिया बड़ा फैसला, फर्स्ट क्लास क्रिकेट से रिटायरमेंट का किया ऐलान
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल जो पिछले काफी समय से टीम इंडिया के स्क्वाड से बाहर चल रहे हैं उन्होंने अब बड़ा फैसला लेते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है।
अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किए जाने के समय वह भारत ए की ओर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबला खेल रहे थे। यह मैच पुडुचेरी में खेला जा रहा है। भारतीय टीम में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ रवाना होने से पहले कंबोज ने पहली पारी में 17.3 ओवर गेंदबाजी की और तीन विकेट अपने नाम किए।
वर्ल्ड कप 2027 से पहले पाकिस्तान को बड़ा झटका! 'ग्रुप ऑफ डेथ' से दूसरे राउंड में बाहर होने का डर
वर्ल्ड कप 2027 से पहले पाकिस्तान को बड़ा झटका! 'ग्रुप ऑफ डेथ' से दूसरे राउंड में बाहर होने का डर
44 साल का इंतजार खत्म करने उतरेगी भारतीय महिला हॉकी टीम, चीन से गोल्ड मेडल मैच
भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन के बीच शुक्रवार को फाइनल मुकाबला होगा। भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था।
IND vs CHN Gold Medal Match: भारतीय महिला हॉकी टीम के पास 44 साल बाद गोल्ड मेडल जीतने का मौका
IND vs CHN Gold Medal Match: आज एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम का मुकाबला मौजूदा चैंपियन चीन से होगा। इस मुकाबले में गोल्ड मेडल और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका दांव पर है।
भारत के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने कहा कि टेस्ट कैप हासिल करना अब संभव नहीं है। चहल ने कभी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला। उन्होंने 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं। उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच अगस्त 2023 में टी-20 था। टेस्ट कैप हमेशा मेरा सपना रही चहल ने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अभी भी बरकरार है। वह वनडे और टी-20 में वापसी के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया लिखा, मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। यहीं मैंने धैर्य, चरित्र, जुझारूपन और लंबे समय तक मैदान पर रहने की खुशी सीखी। उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला। यह लिखना भावुक कर देने वाला है, क्योंकि टेस्ट कैप हमेशा मेरा सपना रही। यह सपना कई सालों तक मेरे साथ रहा। चहल ने कहा, यह सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन मैं अपने सफर से सचमुच संतुष्ट हूं। इस फॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए मैं बेहद आभारी हूं। चहल ने कहा- अभी सब खत्म नहीं हुआ चहल ने अपने पोस्ट में लिखा, अभी सब खत्म नहीं हुआ है। देश के लिए खेलने की भूख अभी भी पूरी तरह बरकरार है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी क्रिकेट बाकी है। उन्होंने आगे लिखा, मैं वनडे और टी-20 फॉर्मेट में एक और मौका हासिल करने के लिए अपना सबकुछ लगा दूंगा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 148 विकेट लिए चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट क्लास करियर शुरू किया था। उन्होंने 49 मैचों में 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका आखिरी फर्स्ट क्लास क्रिकेट नॉर्थम्पटनशायर के लिए रहा। उन्होंने 2026 काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन-2 में 21 विकेट लिए। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान ने नबी-रसूली को बाहर किया अफगानिस्तान ने बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया है। ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज दारविश रसूली को टीम में जगह नहीं मिली है। अफगानिस्तान 9 अक्टूबर से बांग्लादेश के खिलाफ UAE में एक टेस्ट खेलेगा। इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के साथ ट्राई-सीरीज होगी। पूरी खबर…
पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल: एशियन गेम्स
ओकाजाकी, भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम को शुक्रवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में फाइनल में नौ बार की चैंपियन दक्षिण कोरियाई टीम ने हरा दिया।
एशियन गेम्स: पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल, फाइनल में दक्षिण कोरिया से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम को शुक्रवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में फाइनल में नौ बार की चैंपियन दक्षिण कोरियाई टीम ने हरा दिया। हार के कारण भारतीय टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
चहल ने लिया बड़ा फैसला, अचानक क्रिकेट से संन्यास का ऐलान
युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनका यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. हालांकि, चहल व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मुकाबला लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था. यानी अब चहल के क्रिकेट करियर का फर्स्ट क्लास अध्याय खत्म हो गया है, लेकिन सफेद गेंद का सफर जारी रहेगा.
Asian Games में भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता Silver, फाइनल में कोरिया से 1-5 से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में गत चैंपियन दक्षिण कोरिया से 1-5 से हार गयी , जिससे उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की शुरुआती चूक का फायदा उठाते हुए अच्छी शुरुआत की, लेकिन बढ़त कायम नहीं रख सकी। भारत को 56-56, 50-57, 54-56 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया दक्षिण कोरिया ने पहले सेट की शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसके बाद भारत के पास बढ़त लेने का मौका था। लेकिन दोनों टीमें 56-56 के स्कोर पर रहीं। इसके बाद ली वू-सियोक, किम जे-देओक और किम वू-जिन की कोरियाई टीम ने दूसरे सेट में अपने पहले तीन तीरों पर 10-10 अंक हासिल करते हुए दबाव बना दिया। भारतीय तीरंदाज इस सेट में लय से भटक गए और एक भी 10 अंक हासिल नहीं कर सके। नतीजतन कोरिया ने यह सेट 57-50 से अपने नाम कर लिया। अंतिम सेट में नीरज के चौथे तीर पर सात अंक भारत के लिए निराशाजनक साबित हुए और कोरिया ने 56-54 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले सुबह के सत्र में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मिश्रित रिकर्व टीम ने भी रजत पदक हासिल किया, जिससे एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा।
Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल
भारत की नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की महिला डिंगी सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपने चौथे एशियाई खेल अभियान में पहला पदक हासिल किया। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। दो बार की इस ओलंपियन ने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। नेत्रा ने अपने प्रदर्शन के बारे में कहा, ‘‘मेरी भावनाएं मिली-जुली हैं। यह मेरे चौथे एशियाई खेल हैं और आखिरकार यहां से कोई पदक लेकर लौटना अच्छा लग रहा है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता मैंने हालांकि कई गलतियां कीं और काफी अंक गंवाए।’’ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। वह 2014, 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन इनमें से दो आयोजनों में वह बेहद करीबी अंतर से चौथे स्थान पर रही थीं। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस के बारे में कहा, ‘‘हवा तेज और लगातार बदल रही थी। पहली रेस की शुरुआत में मैंने बहुत बड़ी गलती की। इसे भी पढ़ें: एशियन गेम्स में भारतीय सेलिंग टीम को कामयाबी, मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल ने जीता रजत पदक बिना दबाव और बिना हवा के मैंने ‘टैक’ किया और तुरंत मुकाबले से बाहर हो गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि आखिरी रेस मुझे हर हाल में जीतनी होगी, वरना मेरे लिए सब खत्म हो जाता। मैंने वही किया। मुझे वापसी करनी थी।’’ सेलिंग को मानसिक मजबूती का खेल बताते हुए नेत्रा ने कहा कि इसमें कम से कम गलतियां करना सबसे अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन कम गलतियां करता है और दबाव को सबसे अच्छी तरह कौन संभालता है। मैंने काफी गलतियां कीं, लेकिन आखिरी रेस में मैं कुछ हद तक इसकी भरपाई करने में सफल रही।’’ पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Sri Lanka को 124 रन से रौंदकर Final में पहुंचा India, Pakistan से होगा मुकाबला ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके इस 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया
भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’ लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’ लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
ब्राजील फुटबॉल टीम अपने शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट के साथ भारत आई है। टीम को 3 अक्टूबर को कोलकाता में साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेलना है। खिलाड़ियों को दिन में करीब 5 बार खाना दिया जा रहा है। डाइट में तेल की मात्रा बेहद कम रखी गई है और खाना पकाने में मुख्य रूप से ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल हो रहा है। टीम के शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट हर मील की निगरानी कर रहे हैं। मछली और सी-फूड पर खास जोर, लंच-डिनर में राइस से चिकन तक ब्राजील के खिलाड़ी मछली और सी-फूड पसंद करते हैं। कोलकाता में उन्हें ताजी मछली की अलग-अलग वैरायटी परोसी जा रही हैं। इन्हें टीम के अपने शेफ ही तैयार कर रहे हैं। लंच और डिनर में मछली के अलावा राइस, स्पैगेटी, बेक्ड बीन्स, चिकन, मीट और ग्रीन सलाद शामिल हैं। डेजर्ट भी सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। खाने के साथ खिलाड़ियों के लिए पीने का पानी भी बाहर से मंगाया जा रहा है। ब्रेकफास्ट में उबले अंडे, ब्रेड और फ्रूट्स शुक्रवार सुबह खिलाड़ियों के लिए ब्रेकफास्ट में ब्रेड, उबले अंडे, ताजे फल और हरी सब्जियों का सलाद परोसा गया। फ्रेश फ्रूट्स और ड्राय फ्रूट्स भी डाइट का हिस्सा हैं। खिलाड़ियों के बेवरेज के लिए भी खास रूटीन तय किया गया है। पीने का पानी भी बाहर से मंगाया जा रहा टीम के खिलाड़ियों के लिए पीने का पानी भी बाहर से सोर्स कर मंगाया जा रहा है। खाने और पेय पदार्थों के साथ हाइड्रेशन को भी तय रूटीन के मुताबिक रखा गया है। सुबह हल्का जिम सेशन डाइट के साथ खिलाड़ी सुबह हल्का जिम सेशन भी कर रहे हैं। FIFA फ्रेंडली से पहले कोलकाता में टीम का रूटीन उसके अपने शेफ, न्यूट्रिशनिस्ट और तय फिटनेस प्लान के मुताबिक चल रहा है। ----------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान 2027 के वनडे वर्ल्डकप में 10 अक्टूबर को भिड़ेंगे:3 बार आमने-सामने आ सकते हैं, विश्वकप में भारत ने हर बार पाकिस्तान को हराया भारत और पाकिस्तान 2027 वनडे वर्ल्ड कप में 10 अक्टूबर को आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें एक ही ग्रुप में हैं। टूर्नामेंट के दौरान दोनों के बीच 3 बार मुकाबला हो सकता है। पूरी खबर
उत्तराखंड प्रीमियर लीग के तीसरे सीजन के रोमांचक फाइनल मुकाबले में देहरादून वॉरियर्स ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है जिसमें उन्होंने खिताबी मैच में हरिद्वार इल्मास को 36 रनों से मात देने के साथ ट्रॉफी पर अपना कब्जा किया।
Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
(तस्वीरों के साथ)....फिलेम दीपक सिंह...निशियो, दो अक्टूबर लवलीना बोरगोहेन ने 2024 ओलंपिक के बाद मुक्केबाजी से संन्यास लेने की योजना बनाई थी, लेकिन पेरिस खेलों में पदक से चूकने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया जो उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि भारतीय स्टार ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने अपने जन्मदिन पर 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराकर एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में भारत के 12 साल से चले आ रहा स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। लवलीना ने अपने मुकाबले के बाद कहा, ‘‘मेरे लिए यह वर्ष काफी मुश्किल रहा। पहले मैं मुक्केबाजी छोड़ना चाहती थी। लेकिन मैंने जारी रखा। मैं एशियाई खेलों में अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। यह बहुत महत्वपूर्ण था। उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैंने खेलना जारी रखा।’’असम की रहने वाली इस मुक्केबाज ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था लेकिन पेरिस ओलंपिक से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एक साल के लिए ब्रेक लिया और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने से मैं खुश नहीं थी। लेकिन एक खिलाड़ी के जीवन में बहुत सी चीजें होती हैं, जैसे हार, चोट। आपको बहुत सी चीजों का सामना करना पड़ता है। यह स्वर्ण पदक मेरे लिए बहुत महत्व रखता है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि स्वर्ण पदक का जश्न कैसे मनाऊं। मुझे अपनी इस जीत को स्वीकार करने के लिए कुछ समय चाहिए। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।’’इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे मजबूत रहना होगा और जीतना होगा। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत भाग्यशाली है। मैं हमेशा जीतने के बारे में सोचती हूं।’’लवलीना से जब पूछा गया कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह सबसे पहले किसे फोन करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबसे पहले अपनी मां को फोन करूंगी। वह मेरे मैच नहीं देखतीं क्योंकि वह बहुत चिंतित रहती हैं।
pc: navrashtra ICC ODI वर्ल्ड कप 2027 का ऐलान हो गया है और मैचों का पूरा शेड्यूल भी सामने आ गया है। इस बार मेन टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें शामिल हैं और हमेशा की तरह इसे दो ग्रुप A और B में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप A में है और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को ग्रुप B में बांटा गया है। डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और एक क्वालीफायर टीम भी ग्रुप B में शामिल है। शुभमन गिल की लीडरशिप में भारतीय टीम 7 अक्टूबर से इस टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज करेगी। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जाएगा। हालांकि, फैंस के लिए सबसे बड़ा मुकाबला 10 अक्टूबर को खेला जाने वाला भारत-पाकिस्तान का मैच होगा! इस बार फैंस को इन टीमों की 3 बार टक्कर देखने को मिलेगी। आइए समझते हैं कि यह मैथ कैसे काम करता है। भारत-पाकिस्तान की 3 बार टक्कर हो सकती है 2027 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट इस तरह से डिजाइन किया गया है कि क्रिकेट फैंस दो चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच 3 बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देख सकते हैं। दोनों टीमों के बीच पहला मैच 10 अक्टूबर को खेला जाएगा। उसके बाद अगर दोनों टीमें अच्छा खेलती रहीं और जीतती रहीं, तो इस बार नॉकआउट मैच में दो बार एक-दूसरे का सामना करने का मौका मिलेगा। सुपर 7 और दूसरे मैच का नया इक्वेशन ग्रुप स्टेज के बाद, दोनों ग्रुप की टॉप 3 टीमों को सीधे सुपर 7 में एडमिशन मिलेगा। दोनों ग्रुप में चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों में से जो टीम सबसे अच्छा परफॉर्म करेगी, उसे 7वां स्थान मिल सकता है। सुपर 7 स्टेज में, पिछले मैचों के पॉइंट्स आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे और सभी सात टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। 25 अक्टूबर से 14 नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में हर टीम छह मैच खेलेगी, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा मैच लगभग पक्का है। सेमीफाइनल में फिर से भिड़ने का मौका सुपर 7 स्टेज खत्म होने के बाद, पॉइंट्स टेबल में टॉप चार टीमें नॉकआउट राउंड, यानी सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। अगर इंडिया और पाकिस्तान दोनों टॉप चार में रहते हैं, तो फैंस इन दो मजबूत टीमों को 21 नवंबर को सेमीफाइनल या फाइनल में तीसरी बार आमने-सामने देख पाएंगे। 2023 के घायल टाइगर तैयार हैं 2023 में वर्ल्ड कप जीतने के सपने टूट गए। इसलिए, इंडिया टीम के खिलाडी बड़े जोश के साथ मैदान में उतरेंगे। पिछली बार 10 टीमें थीं, लेकिन अहमदाबाद में हुए फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया को 6 विकेट से हराकर सबके सपने तोड़ दिए थे। दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम 9 में से 4 मैच जीतकर और 5 मैच हारकर पांचवें स्थान पर पहुंच गई। फैंस अब अगले साल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं!
जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर खुद को शानदार तोहफा दिया। उन्होंने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी। 29 साल की लवलीना ने आइची-नागोया में खेले गए महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराया। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता पिछले एशियाई खेलों के रजत के बाद जीता स्वर्ण लवलीना ने इससे पहले एशियाई खेलों के पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था। अब उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदक में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। इसे भी पढ़ें: Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह साथी खिलाड़ियों के साथ मनाया जन्मदिन एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लवलीना ने साथी खिलाड़ियों के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया। इस दौरान उन्होंने केक काटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह भी मौजूद रहे। #WATCH | Nagoya, Japan | Indian boxer Lovlina Borgohain, who won a gold medal in the women's 75kg category at the Asian Games 2026 today, celebrates her birthday with fellow athletes in the presence of Ajay Singh, President of the Boxing Federation of India pic.twitter.com/aCqIiYimET — ANI (@ANI) October 2, 2026
अफगानिस्तान ने बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया है। ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज दारविश रसूली को टीम में जगह नहीं मिली है। अफगानिस्तान 9 अक्टूबर से बांग्लादेश के खिलाफ UAE में एक टेस्ट खेलेगा। इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के साथ ट्राई-सीरीज होगी। जिम्बाब्वे से टी-20 और टेस्ट ट्राई-सीरीज में तीन वनडे खेले जाएंगे। इसके बाद अफगानिस्तान जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी-20 और दो टेस्ट खेलेगा। सभी मैच UAE में होंगे। नबी और रसूली सितंबर में नई दिल्ली में भारत के खिलाफ हुई तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए अफगानिस्तान की टीम में थे। अफगानिस्तान वह सीरीज 0-3 से हार गया था। नबी-रसूली खराब फॉर्म से जूझ रहे नबी ने तीनों मैच खेले थे। वह दो मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके। रसूली भी हाल के समय में खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। एशियन गेम्स 2026 में रसूली दो बार शून्य पर आउट हुए थे। इससे पहले भारत के खिलाफ उन्होंने 26 और 2 रन बनाए थे। बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ अफगानिस्तान की टेस्ट टीम रहमत शाह (कप्तान), इकराम अलीखिल (उपकप्तान और विकेटकीपर), अफसर जजई (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, अब्दुल मलिक, हशमतुल्लाह शाहिदी, रहमानुल्लाह जादरान, शाहिदुल्लाह, इस्मत आलम, कैस अहमद, जिया-उर-रहमान, खलील गुरबाज, मोहम्मद सलीम, जिया उर रहमान शरीफी और यामिन अहमदजई। रिजर्व खिलाड़ी: बहिर शाह, नसीर खान मारूफखिल, बिलाल सामी और बशीर अहमद। बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ ट्राई-सीरीज की अफगानिस्तान वनडे टीम रहमत शाह (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (उपकप्तान और विकेटकीपर), इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, इब्राहिम जादरान, हशमतुल्लाह शाहिदी, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांगेयालिया खान, AM गजनफर, बिलाल सामी, जिया उर रहमान शरीफी, फजलहक फारूकी और यामिन अहमदजई। ट्रैवलिंग रिजर्व: कैस अहमद। जिम्बाब्वे के खिलाफ अफगानिस्तान की टी-20 टीम इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), नूर रहमान (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, मोहम्मद अकरम, शाहिदुल्लाह, इजाज अहमद अहमदजई, अजमतुल्लाह उमरजई, अब्दुल्लाह ताराखैल, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी, अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीद अहमद। रिजर्व खिलाड़ी: फरीदून दावूदजई, कैस अहमद और नांग्यालई खान।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को 170 रनों का लक्ष्य दिया। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर टूट पड़े।
लवलीना बोरगोहेन : जन्मदिन पर खुद को गिफ्ट देना था, जापान मेरे लिए लकी है
निशियो, लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह गोल्ड मेडल बोरगोहेन के लिए यादगार है, क्योंकि यह उनके 29वें जन्मदिन पर आया है। लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं।
दक्षिण कोरिया ने पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में भारत को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहला सेट 56-56 से ड्रॉ रहा, लेकिन कोरिया ने अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
भारत ने शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज को अपने नाम कर लिया है। अब शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी।
गीत सेठी ने 1992 में जीता था विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब
नई दिल्ली, गीत सेठी का नाम भारत के प्रसिद्ध बिलियर्ड्स और स्नूकर खिलाड़ियों में शुमार है।
भारत की अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। लवलीना के लिए यह स्वर्ण विशेष है क्योंकि आज उनका जन्मदिन भी है। लवलीना का कहना है कि वह खुद को जन्मदिन पर गोल्ड मेडल गिफ्ट करना चाहती थीं।
एशियन गेम्स: सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई
नागोया, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने शुक्रवार को जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर पुरुषों के 65 किग्रा फाइनल में जगह बनाई। सुजीत का फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से मुकाबला होगा।
रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को सिल्वर: एशियन गेम्स
ओकाजाकी, धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड रिकर्व आर्चरी टीम को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में चीन के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में हार के कारण सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...निशियो, दो अक्टूबर भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया और पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम की भारतीय जोड़ी ने एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड रिकर्व इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के साथ भारत को पहली बार इस इवेंट में पदक दिलाया है। फाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 3-5 से हार मिली।
एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता
गामागोरी सिटी (जापान) दो अक्टूबर ओलंपियन नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता की महिला डिंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। उन्होंने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत, जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
अगले साल 2027 में वनडे विश्व कप खेला जाएगा। आईसीसी ने गुरुवार को विश्व कप 2027 की तारीखों की घोषणा कर दी है।
लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन पर एशियन गेम्स में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया।
PC: Jagran भारत और वेस्टइंडीज के बीच ODI सीरीज चल रही है और रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में कमाल कर दिया है। रोहित ने दूसरे मैच में दमदार सेंचुरी लगाई। इसके बाद रोहित के फॉर्म की हर जगह तारीफ हुई। रोहित को उनके फॉर्म के लिए कई बार चिढ़ाया गया था। इस वजह से, सेंचुरी लगाने के बाद उनके 2027 ODI वर्ल्ड कप में खेलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब रोहित ने भी इस पर कमेंट किया है। रोहित के बारे में पिछले कुछ समय से कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के दौरान उनके रिटायरमेंट की अफवाहें थीं। हालांकि, रोहित ने लॉर्ड्स में सेंचुरी लगाकर इन अफवाहों पर विराम लगा दिया। उसके बाद, उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे ODI में सेंचुरी लगाई और अब उन्होंने वर्ल्ड कप के बारे में बात की है। रोहित ने कहा, “मैं बस इतना कहूंगा कि 2027 में आने वाला ODI वर्ल्ड कप जीतना कमाल का होगा। मैं अभी इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोच रहा हूं। इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक खास एहसास है। मैंने इसे T20 फॉर्मेट में दो बार महसूस किया है। 2007 में, मैं सिर्फ़ 20 साल का था। यह एक बड़ा टूर्नामेंट है और अपने करियर के एक साल के अंदर इसे जीतना बड़ी बात थी। उसके बाद, हमने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और फिर 11 साल ऐसे रहे जब हम कोई ICC टाइटल नहीं जीत सके।” रोहित ने कहा, “जब हमने 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीता, तो मुझे एहसास हुआ कि यह कितना ज़रूरी है। वह एहसास अभी भी मेरे साथ है। मुझे पता है कि वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा लगता है और मैं उस एहसास को फिर से महसूस करना चाहता हूँ। हमने जो मज़ा किया, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैं बस 2027 वर्ल्ड कप तक खुद को फिट रखना चाहता हूँ। मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूँ और हर टूर्नामेंट में अच्छा करना चाहता हूँ। मेरा लक्ष्य अब मेरे सामने है और मैं इसे अच्छे से हासिल करना चाहता हूँ। अभी, मैंने अगले साल अक्टूबर के बारे में सोचना बंद कर दिया है। मैं अपने वर्तमान पर ध्यान देना चाहता हूँ, हर चुनौती को पार करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करना चाहता हूँ।”
भारत को एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल मिल गया है। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
BREAKING : Asian Games 2026 Live Update: लवलीना ने जीता करियर का पहला गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास
Jurgen Klopp की देखरेख में Germany ने दर्ज की पहली जीत, Serbia को 2-0 से हराया
बर्लिन, दो अक्टूबर (एपी) जर्मनी के मुख्य कोच के रूप में जुर्गेन क्लोप ने आखिरकार पहली जीत का स्वाद चखा जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में भी पुर्तगाल ने नेशंस लीग फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए डेनमार्क को 4-2 से हराया। फ्लोरियन विर्ट्ज के शानदार प्रदर्शन की बदौलत में जर्मनी ने म्यूनिख में ग्रुप ए2 में सर्बिया को 2-0 से हराया। पू्र्व खिलाड़ी 59 वर्षीय क्लोप नीदरलैंड के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ और रविवार को यूनान के हाथों मिली 0-1 की चौंकाने वाली हार के बाद अपने शुरुआती तीनों मैचों में जीत से महरूम रहने वाले जर्मनी के पहले कोच बनने की कगार पर थे। टॉम बिशॉफ 39वें मिनट में ने गोल कर जर्मनी को बढ़त दिलाई। फ्लोरियन विर्ट्ज के शॉट के पोस्ट से टकराने के बाद मिले रिबाउंड पर बिशॉफ ने गेंद को गोल में पहुंचाया। विर्ट्ज ने इसके बाद मैक्सिमिलियन मिटेलश्टेट के क्रॉस पर शानदार गोल करके जर्मनी की बढ़त 2-0 कर दी। इसी ग्रुप के एक अन्य मुकाबले में तिजानी रेइंडर्स के 89वें मिनट में किए गए गोल की मदद से नीदरलैंड ने थेसालोनिकी में यूनान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। पुर्तगाल ने दिग्गज क्रिस्टियनो रोनाल्डो की गौरमौजूदगी में कोपेनहेगन मे डेनमार्क को 4-2 से हराया। कोच जॉर्ज जीसस के साथ कथित मतभेद के बाद रोनाल्डो ने एक दिन पहले ही टीम का साथ छोड़ दिया था। इसके बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। रोनाल्डो की जगह खेल रहे गोंकालो रामोस ने जोआओ कैंसेलो के शुरुआती गोल में मदद की। वेल्स ने कार्डिफ में 10 खिलाड़ियों वाली नॉर्वे की टीम को 2-1 से हराकर ग्रुप ए4 में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस मुकाबले में नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड गोल नहीं कर सके। हालैंड के लिए यह अपने देश की ओर से पिछले 18 प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में केवल दूसरा मैच था, जिसमें वह गोल नहीं कर सके। आयरलैंड और इजराइल के बीच रविवार को होने वाले मुकाबले के बहिष्कार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ डबलिन में खेले गये आयरलैंड के मैच के दौरान मैदान में फलस्तीन के झंडे लगी टेनिस गेंदें फेंककर विरोध जताया। एक व्यक्ति फलस्तनी का झंडा लेकर मैदान में घुसने की कोशिश करता भी दिखाई दिया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। ग्रुप बी3 का यह मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा। इसी ग्रुप के एक अन्य मुकाबले में इजराइल और कोसोवो के बीच मैच गोलरहित ड्रॉ रहा। ग्रुप डी2 में पहले खेले गए मुकाबले में लिकटेंस्टाइन ने अजरबैजान को 0-0 से बराबरी पर रोक दिया।
Asian Games Archery: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर जीता पहला स्वर्ण पदक
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के हाथों 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन कर रही कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। उन्होंने केवल एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक भी हासिल किए। वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल कर अपनी टीम की जीत पक्की की। महिला रिकर्व टीम की यह जीत उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का परिणाम है। भारतीय टीम ने मई में शंघाई में पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था। उस खिताबी सफर में भी भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में इस बार भी लगभग वही खिलाड़ी थीं। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति को टीम में शामिल किया गया। दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमश: 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए। इसके बाद तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य कांग चेयंग के साथ ओ येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही बना सके। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक जुटाए और सेट जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली। चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, लेकिन समीक्षा के बाद उनके तीर को नौ अंक दिया गया, जिससे भारत का स्कोर भी 54 हो गया। इस सेट में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के बावजूद भारत ने मैच अपने नाम किया और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम और धीरज ने इससे पहले मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत करते हुए पहला सेट 37-38 से गंवाया, लेकिन दूसरे सेट में बराबरी हासिल की। इसके बाद तीसरा सेट जीतकर भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। चौथे सेट में जापान की ओर से सात अंक का एक खराब निशाना भारतीय जोड़ी के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने 37-35 से सेट जीतकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की जगह पक्की की। महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।
India vs Sri Lanka: 124 रन से जीत के साथ फाइनल में पहुंचा भारत, सेमीफाइनल में बने कई बड़े रिकॉर्ड
India vs Sri Lanka: 124 रन से जीत के साथ फाइनल में पहुंचा भारत, सेमीफाइनल में बने कई बड़े रिकॉर्ड
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम की भारतीय जोड़ी ने एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिकर्व स्पर्धा में भारत को पहली बार पदक दिलाया। फाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 3-5 से हार मिली और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिला हॉकी टीम का शुक्रवार को एशियन गेम्स के फाइनल में चीन से सामना होगा। भारतीय टीम की नजरें इस दौरान स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने पर लगी होंगी।
ODI World Cup 2027: एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, 10 अक्टूबर को होगा महामुकाबला; जानें नया फॉर्मेट
ODI World Cup 2027: एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, 10 अक्टूबर को होगा महामुकाबला; जानें नया फॉर्मेट
Asian Games 2026 Day 14 Live Update: एशियन गेम्स के 14वें दिन भारत के कई खिलाड़ी पदक के लिए उतरेंगे मैदान में
शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या, फुटेज में देंखे शवों को चिता बनाकर जलाया; जमीन कब्जे का आरोप
भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, फुटेज में देंखे आखिरी मिनट में अभिषेक ने दिलाई रोमांचक जीत
भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, फुटेज में देंखे आखिरी मिनट में अभिषेक ने दिलाई रोमांचक जीत
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत को एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल मिल गया है। अंकिता भक्त, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 10 बार की चैंपियन कोरिया को हराकर इस इवेंट में एशियन गेम्स का पहला मेडल जीतने वाली भारतीय टीम को खेल मंत्री मनसुख मांडविया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है।
भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदा, एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचा; वीडियो में देंखे गोल्ड के लिए पाकिस्तान से होगा मुकाबला
ओकाजाकी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत को एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल मिल गया है। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय टीम की 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया पर यह जीत ऐतिहासिक है। महिला रिकर्व टीम का एशियन गेम्स इतिहास में यह पहला गोल्ड है।
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 10 बार के चैंपियंस को हराकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तीरंदाजी में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने पहली बार इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। खास बात यह है कि 10 बार की ओलंपिक चैंपियन को भारत की महिलाओं ने हराया है।
एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने इतिहास रच दिया है। भारत ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियाई खेलों में महिला रिकर्व टीम का पहला गोल्ड मेडल है
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने इतिहास रचते हुए दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति शर्मा की तिकड़ी का यह एशियाड में तीरंदाजी का चौथा स्वर्ण है। भारत का यह 11वां स्वर्ण और कुल 67वां पदक है।
Asian Games में भारतीय महिला Recurve टीम ने रचा इतिहास, South Korea को हराकर जीता Gold
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। तेज हवा के बीच खेले गए मुकाबले के पहले दो सेट बराबरी पर रहे। दोनों टीमों ने एक समान क्रमश: 54 और 56 अंक जुटाकर एक-एक अंक हासिल किया। विश्व चैंपियन कांग चेयंग, ओ येजिन और ली युनजी की कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही जुटा सके। भारतीय तीरंदाजों ने 55 अंक बनाकर यह सेट अपने नाम कर लिया। दक्षिण कोरिया ने चौथे सेट में 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसे बाद में निर्णायक रूप से नौ अंक में बदला गया। इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और सेट बराबरी पर छूटा। इस नतीजे के साथ भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी।
Asian Games 2026 India Medals Tally Today: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। भारत का यह 11वां गोल्ड है।
एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी में रिकर्व महिला टीम इवेंट में भारत की कुमकुम, अंकिता और कीर्ति ने गोल्ड मेडल मैच में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की टीम को मात देने के साथ पहली बार इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी हासिल की है।
Asian Games 2026 भारत का आज का शेड्यूल, 2 अक्टूबर; हॉकी समेत कई गोल्ड मेडल दांव पर
Asian Games 2026 India schedule today: भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही और आइची-नागोया 2026 में इसकी भरपाई करने के लिए बेताब होगी।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स में दो अक्तूबर का दिन भारत के लिए बेहद अहम है।
Asian Games 2026 Live Updates: आर्चरी में महिला टीम ने रचा इतिहास, रिकर्व इवेंट में जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला आर्चरी टीम ने रिकर्व इवेंट के गोल्ड मेडल मैच में साउथ कोरिया की टीम को मात देने के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारत के अब कुल 11 गोल्ड मेडल हो गए हैं।
हर जगह मिल रहे थे हाथ, अब क्रिकेट में PAK से होगा हैंडशेक?
एशियन गेम्स क्रिकेट के फाइनल में शनिवार को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे. श्रीलंका को 124 रन से हराकर भारत ने फाइनल में जगह बनाई है. अब मुकाबले से पहले एक बार फिर सबसे बड़ा सवाल हैंडशेक को लेकर है. एशिया कप और ICC टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया था. क्या एशियन गेम्स में भी यही रुख रहेगा?

