आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 को साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जाएगा, जिसकी पहले मुकाबले को लेकर आईसीसी बड़ी प्लानिंग कर रहा है।
टीम की जीत में योगदान देकर खुश हैं हरमनप्रीत, जानिए क्या है हॉकी विश्व कप में आगे का प्लान?
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह वेल्स के खिलाफ मिली जीत से काफी खुश हैं। भारत ने तीनो गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की अच्छी शुरूआत की।
हॉकी वर्ल्ड कप: भारत ने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से रौंदा
एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के अपने 'पूल-डी' के पहले मैच में शनिवार को भारत ने वेल्स पर 3-1 से शानदार जीत हासिल की।
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में भारतीय टीम की टेंशन उस समय बढ़ गई जब 77 के निजी स्कोर पर खिंचाव की समस्या के चलते केएल राहुल रिटायर्ड हर्ट हो गए। वहीं अब उनकी फिटनेस को लेकर दिन का खेल खत्म होने के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान सामने आया है।
Harmanpreet Singh के 2 गोल से जीता भारत, World Cup में वेल्स को 3-1 से हराया
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप के पहले मैच में वेल्स को 3 -1 से हराने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि पहले मैच में अच्छे अंतर से जीत दर्ज करके पूरे तीन अंक हासिल करना महत्वपूर्ण था। पूल डी के पहले मैच में भारत के लिये दो गोल करने वाले ‘मैन आफ द मैच’ हरमनप्रीत ने कहा ,‘‘ हमने बहुत अच्छा खेला। हमारा लक्ष्य यही था कि मैच दर मैच मौके बनाने हैं और गोल करने हैं। मैन आफ द मैच या कौन गोल कर रहा है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। बस गोल होने चाहिये। उसी मानसिकता से खेले थे।’’उन्होंने जीत के साथ शुरूआत को अहम बताते हुए कहा ,‘‘ पहले मैच में जीत का अंतर अच्छा रखना था। हम 3 -1 से जीते और तीन अंक लिये जो अच्छा परिणाम है।’’आखिरी मिनटों में वेल्स ने गोल करके भारत को क्लीन शीट नहीं लेने दी लेकिन हरमनप्रीत ने कहा कि आने वाले मैचों में उनकी टीम गलतियों से सबक लेकर खेलेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमने अपनी पूरी कोशिश की लेकिन उन्होंने भी अच्छा खेला।यह पहला ही मैच था और कोशिश करेंगे कि आगे के मैचों में गलती नहीं हो। ’’भारत ने तीनो गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किये जबकि कोच क्रेग फुल्टोन फील्ड गोल पर भी लगातार जोर देते आये हैं। इस बारे में पूछने पर भारतीय कप्तान ने कहा ,‘‘ हमारी फॉरवर्ड पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया और कई पेनल्टी कॉर्नर बनाये। वे फील्ड गोल करें या पीसी बनाये, टीम के लिये गोल होना अहम है। ’’विश्व कप से पहले भारतीय टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उतार चढाव खेल का हिस्सा है। अभी टीम का फोकस विश्व कप पर है और टीम अच्छे फॉर्म में है, अच्छी तैयारी से आई है और जीत का पूरा यकीन है।
Satwik-Chirag World Championship में कंधे की चोट के बावजूद आक्रामक खेल पर कायम रहेंगे
कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति “परेशान करने वाली” रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी। सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा। सात्विक ने पीटीआई से कहा, ‘‘कंधे की चोट के साथ खेलना हमेशा मुश्किल होता है। मैं पिछले कुछ वर्षों से इसे संभाल रहा हूं। यह समस्या बार-बार उभरती रहती है। कभी मैं अच्छा महसूस करता हूं तो कभी स्थिति ठीक नहीं होती। यह निराशाजनक है। जाहिर तौर पर जब आप लय में होते हैं तो उसे जारी रखना चाहते हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘आप अच्छा टूर्नामेंट खेलें और फिर दोबारा बाहर हो जाएं तो यह आपके जोड़ीदार के लिए भी परेशान करने वाला होता है। यह आसान नहीं है, लेकिन अब हम इसके अभ्यस्त हो चुके हैं। हमें पता है कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है। साथ ही हमें अपने शरीर की स्थिति का भी सम्मान करना होगा।’’सात्विक और चिराग पुरुष युगल वर्ग की उन शीर्ष पांच जोड़ियों में शामिल हैं, जिन पर विश्व चैंपियनशिप में खास नजर रहेगी। पुरुष युगल का मुकाबला परंपरागत रूप से बेहद खुला रहा है और पिछले छह संस्करणों में पांच देशों की छह अलग-अलग जोड़ियां खिताब जीत चुकी हैं। चिराग ने कहा, “समय के साथ युगल बैडमिंटन काफी बदल गया है। खेल अब ज्यादा तेज हो गया है, फ्लैट रैलियां और लंबी रैलियां अधिक देखने को मिलती हैं तथा इस टूर्नामेंट में हर जोड़ी काफी मजबूत है। पुरुष युगल में यह कहना मुश्किल है कि कौन सी जोड़ी खिताब जीतेगी। इसलिए मैं किसी एक जोड़ी को प्रबल दावेदार नहीं मानूंगा। मुकाबला खुला है और हर जोड़ी पदक जीतने में सक्षम है।’’मुकाबले की शुरुआत के आदान-प्रदान निर्णायक साबित हो सकते हैं। सात्विक और चिराग दोनों ही रैली के शुरुआती चार शॉट्स को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं और इसी पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। चिराग के लिए रैली के शुरुआती आदान-प्रदान पर ध्यान देने की रणनीति पहले ही कारगर साबित हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘रैली शुरू होते ही हमें शुरुआती कुछ शॉट्स पर पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा। मुझे लगता है कि लंबी रैलियों को हम संभाल सकते हैं, लेकिन शुरुआती चार शॉट निश्चित रूप से बेहद महत्वपूर्ण होंगे। आप सर्व कर रहे हों या रिसीव, दोनों ही स्थिति में ये शॉट काफी अहम हो जाते हैं।”उन्होंने कहा, “सिंगापुर ओपन में भी यह रणनीति हमारे लिए काफी अच्छी रही थी। कोचिंग टीम से हमें कुछ बेहतरीन सुझाव मिले थे। इस विश्व चैंपियनशिप के लिए भी हमें यही कहा गया है कि खेल को सरल रखें और एक समय में सिर्फ एक मुकाबले पर ध्यान दें।’’सात्विक ने भी चिराग की बात से सहमति जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से कोच टैन के मार्गदर्शन में इसी रणनीति के साथ तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें बस उस छोटे से ब्रेक की जरूरत थी। हम कुछ समय से इसी तरह प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें कुछ नया नहीं है और हमारी रणनीति भी वही रहेगी।”सात्विक ने कहा कि कोच का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान दें, ज्यादा न सोचें और खुद पर बहुत अधिक अपेक्षाओं का दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि चोट से वापसी के बाद लय हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा, इसलिए उन्हें अपनी लय तलाशकर मुकाबले में ज्यादा से ज्यादा देर तक टिके रहने की कोशिश करनी होगी। विश्व नंबर एक किम वोन हो और सियो सेउंग जे ने 2025 की अपनी शानदार फॉर्म को इस सत्र की शुरुआत में भी जारी रखा था, लेकिन मई में थॉमस कप फाइनल के बाद उनकी कमजोरियां नजर आई हैं। इससे फजार अल्फियां-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी, गोह से फी-नूर इज्जुद्दीन और भारतीय जोड़ी जैसी चुनौती पेश करने वाली जोड़ियों के लिए उम्मीदें बढ़ी हैं। सात्विक ने कहा कि फजार-फिकरी और गोह-नूर की जोड़ियां रैली के शुरुआती चार शॉट्स में काफी मजबूत हैं। उनकी रैकेट स्पीड तेज है और वे शटल को पढ़ने तथा शुरुआती आदान-प्रदान को भांपने में माहिर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके रैकेट काफी तेज हैं और रैकेट से गेंद पर नियंत्रण भी शानदार है। वे शटल को अच्छी तरह पढ़ते हैं और शुरुआती चार शॉट्स को भांपने में माहिर हैं। इसके बाद वे विपक्षी खिलाड़ियों पर काफी दबाव बना देते हैं।”उन्होंने कहा, “इनके खिलाफ खेलना आसान नहीं है। उनका सामना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। एक बार जब आप उनकी खेल शैली के अभ्यस्त हो जाते हैं तो कुछ सहज महसूस करने लगते हैं। इसके अलावा, वे आपको कोर्ट पर सहज होने का मौका नहीं देते। आपको कुछ हद तक असहज परिस्थितियों में खेलना पड़ता है, इसलिए दोनों जोड़ियों के खिलाफ मुकाबला हमेशा कड़ा होता है।”घरेलू परिस्थितियों को सात्विक अतिरिक्त दबाव के बजाय चुनौती के रूप में लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मजेदार, चुनौतीपूर्ण और रोमांचक है। कोई दबाव नहीं है। सभी कहते हैं कि दबाव एक विशेषाधिकार है और हमें चुनौती स्वीकार करना पसंद है। उम्मीद है कि हम इसे सकारात्मक तरीके से संभालेंगे। उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम आएंगे और देखेंगे कि भारत में बैडमिंटन किस तरह आगे बढ़ रहा है।
15 अगस्त पर टीम इंडिया की शानदार जीत! हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स को 3-1 से हराया, हरमनप्रीत का चला जादू
भारत ने 15 अगस्त को वैगनर स्टेडियम में FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में अपने पूल D के पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की। संजय और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पहले क्वार्टर में दो पेनल्टी-कॉर्नर गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। संजय ने आठवें मिनट में पहला गोल किया, और उसके तीन मिनट बाद हरमनप्रीत ने गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। ब्रेक के बाद भी भारत का दबदबा बना रहा; हरमनप्रीत ने 43वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया और बढ़त को 3-0 कर दिया। इसे भी पढ़ें: Tata Steel बेचेगी JFSPL, Churchill Brothers को 100 रुपये में मिलेगी 100% हिस्सेदारी वेल्स ने 55वें मिनट में सैम वेल्श के ज़रिए गोल किया, जो सर्कल के अंदर हुई गहमागहमी के बाद हुआ। मैच के आखिरी पलों में भारत का डिफेंस मज़बूत बना रहा और टीम ने तीनों पॉइंट पक्के कर लिए। इस जीत के साथ भारत पूल D में सबसे ऊपर पहुँच गया है और अब 17 अगस्त को उसका अगला मुक़ाबला इंग्लैंड से होगा। पूल D में भारत के प्रतिद्वंद्वियों में इंग्लैंड और कट्टर दुश्मन पाकिस्तान भी शामिल हैं। भारत ने आखिरी बार 1975 में फ़ाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर वर्ल्ड कप जीता था। तब से टीम यह ख़िताब दोबारा नहीं जीत पाई है। भुवनेश्वर में हुए 2023 के टूर्नामेंट में नौवें स्थान पर रहने के बाद, भारत इस साल गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए टीम अपनी हालिया कामयाबियों – जैसे लगातार दो ओलंपिक ब्रॉन्ज़ मेडल, एक एशिया कप ख़िताब, दो एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत और एक एशिया कप गोल्ड – से मिली प्रेरणा का इस्तेमाल करेगी। इसे भी पढ़ें: Kerala Govt ने M Sreeshankar समेत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की टूर्नामेंट शुरू होने से पहले, हरमनप्रीत सिंह ने टीम के लिए वर्ल्ड कप के महत्व पर ज़ोर दिया। JioStar से बात करते हुए उन्होंने कहा, वर्ल्ड कप हम सभी के लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इस वर्ल्ड कप के बाद क्या होगा, कोई नहीं जानता। टीम में कई सीनियर खिलाड़ी भी हैं, इसलिए हमारे लिए यह एक शानदार मौका है।
हॉकी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने किया शानदार आगाज, वेल्स को 3-1 के अंतर से दी मात
भारतीय हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार आगाज करते हुए वेल्स के खिलाफ पूल-डी में अपने पहले मुकाबले को 3-1 से अंतर से जीतने में कामयाबी हासिल की है। इस मैच में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 2 गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किए।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। 15 अगस्त को पहले दिन का खेल शुरू होने से पहले टीम इंडिया ने झंडा फहराया। स्टंप्स तक इंडिया ने 2 विकेट पर 288 रन बना लिए हैं। देवदत्त पडिक्कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर नाबाद हैं। नंबर-3 पर 19 मैच के बाद किसी भारतीय ने शतक लगाया है। इससे पहले केएल राहुल (77 रन) क्रैम्प के कारण दर्द से कराहते हुए मैदान से बाहर चले गए। पहले दिन के टॉप मोमेंट्स 1. टीम इंडिया ने मनाया इंडिपेंडेंस डे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल तिरंगा फहराया। टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने राष्ट्रगान गाया। BCCI ने इस खास पल का वीडियो भी शेयर किया। 2. राहुल का शॉट निशान के हेलमेट पर लगा 9.5 ओवर में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर केएल राहुल ने स्वीप शॉट खेला। गेंद शॉर्ट लेग पर खड़े निशान फर्नांडो के हेलमेट के बीचों-बीच जा लगी और डिफ्लेक्ट होकर फाइन लेग की ओर चली गई। रन पूरा होते ही राहुल तुरंत निशान का हाल जानने पहुंचे। फिजियो ने मैदान पर उनकी जांच की, जिसके बाद निशान को मैदान से बाहर ले जाया गया। 3. बारिश के कारण दो बार खेल रोका गया लंच के समय बारिश शुरू होने के कारण खेल रोक दिया गया। खिलाड़ी मैदान से बाहर लौट गए और बारिश रुकने का इंतजार किया गया। इसी वजह से लंच के बाद खेल शुरू होने में देरी हुई। 64वें ओवर की शुरुआत के पहले एक बार फिर बारिश हुई। इस बार 21 मिनट तक खेल रुका रहा। बारिश रुकने के बाद दोबारा मैच शुरु हुआ। 4. जायसवाल टेस्ट में तीसरी बार रनआउट भारत को पहला झटका 47 रन पर लगा, जब यशस्वी जायसवाल अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए। 11वें ओवर की आखिरी गेंद पर केएल राहुल ने शॉट लगाया। गेंद रोकने की कोशिश में बॉलर केशरा नुवान्था ने डाइव लगाया। इसी दौरान उनसे टकराकर जायसवाल गिर पड़े। जायसवाल उठने के बाद अपनी क्रीज में वापस लौटे। हालांकि दोनों ही बल्लेबाज नॉन-स्ट्राइक एंड पर पहुंच गए। राहुल पहले क्रीज में आए, इसलिए विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के स्टंप्स बिखेरने पर जायसवाल को आउट दिया गया। जायसवाल टेस्ट में तीसरी बार रनआउट हुए। इससे पहले वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 2025 में भी रनआउट हुए थे। 5. राहुल क्रैम्प के कारण रिटायर्ड हुए तीसरे सेशन की शुरुआत से पहले केएल राहुल की परेशानी बढ़ गई। ड्रेसिंग रूम में इलाज के बाद वे मैदान पर आए, लेकिन दाएं हाथ में दर्द और क्रैम्प के कारण काफी परेशान नजर आए। उन्हें बाएं हाथ में भी मिडिल और रिंग फिंगर के बीच क्रैम्प हो गया। राहुल लंगड़ाते हुए भी दिखे और शरीर के कई हिस्सों में क्रैम्प की शिकायत के बाद उन्हें वापस ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा। शुभमन गिल उनकी जगह बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए हैं। अब रिकॉर्ड्स देखिए 1. भारत से नंबर-3 पर 34 पारियों बाद सेंचुरी भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी ने 19 टेस्ट और 35 पारियों के बाद शतक लगाया है। देवदत्त पडिक्कल ने करियर की पहली सेंचुरी लगाई। इससे पहले शुभमन गिल ने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 119 रन बनाए थे। 2. पंत टेस्ट में 100 छक्कों के करीब ऋषभ पंत 23 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने इस पारी में एक छ्क्का लगाया है। इसके साथ टेस्ट में उनके 98 छक्के हो गए हैं। दो और सिक्स लगाते ही वे टेस्ट में छक्कों का शतक पूरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सेहवाग 91 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। ---------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पहले दिन भारत का स्कोर 288/2; खराब रोशनी के कारण जल्दी स्टंप्स हुआ भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल समय से पहले खत्म करना पड़ा। गॅाल स्टेडियम में देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं। ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हॉकी विश्व कप में जीत के साथ की शुरुआत, वेल्स को 3-1 से हराया
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को पुरुष हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया।
भारत और श्रीलंका के बीच में गॉल के स्टेडियम में खेले जा रहे दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच का पहला दिन टीम इंडिया के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल के नाम रहा जिन्होंने अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी लगाने में कामयाबी हासिल की।
गांधीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 13वीं बार संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेलों की तैयारियों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि देशभर में 'प्रतिभा खोज अभियान' की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के टैलेंट को पहचानकर उन्हें ट्रेनिंग और हर तरह की मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।
Kanpur में TTFI निलंबन के बाद भी शुरू होगी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) पर प्रतिबंध के बावजूद यूटीटी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप रविवार से यहां शुरू होगी जिसमें 12 श्रेणियों में 1900 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल मंत्रालय ने बुधवार को टीटीएफआई को निलंबित कर दिया था। इस कारण उठे विवाद के बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस निलंबन के कारणों में समय पर चुनाव न करा पाना भी शामिल है। टीटीएफआई ने ओलंपिक चार्टर के तहत अपनी स्वायत्तता पर जोर दिया है। इसके साथ ही उसने मंत्रालय से अपने आदेश को स्थगित रखने और मामले पर नए सिरे से विचार करने का आग्रह किया है। इसे भी पढ़ें: Lucknow-Kanpur Expressway पर High Court ने केंद्र और राज्य से भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब मांगा टीटीएफआई ने बताया कि अगले आठ दिनों में ग्रुप चरण से लेकर नॉकआउट तक लगभग 4200 मैच खेले जाएंगे। अंडर-11 और अंडर-13 लड़कों और लड़कियों के ग्रुप मैचों का पहला सेट शनिवार से शुरू होगा। सीनियर वर्ग में, हरमीत देसाई को छोड़कर, सभी शीर्ष पुरुष और महिला खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को कथित रेप केस में जमानत नहीं मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पोरेल को 11 अगस्त को हुगली में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने एक मेडिकल स्टूडेंट की शिकायत के बाद उनसे पूछताछ की थी। शिकायत में युवती ने रेप, ब्लैकमेल और अन्य आरोप लगाए हैं। 23 साल के अभिषेक विकेटकीपर बैटर हैं। वे बंगाल के लिए 116 और IPL टीम दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैच खेल चुके हैं। दिल्ली ने उन्हें 4 करोड़ रुपए में रीटेन किया था। शादी का वादा कर रिश्ते का आरोप शिकायत के मुताबिक, युवती ने आरोप लगाया कि पोरेल ने शादी का वादा कर उसके साथ रिश्ता बनाया। रिश्ता खत्म होने के बाद उसने निजी तस्वीरें शेयर करने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में 19 धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर धाराएं गैर-जमानती हैं। दिल्ली में घटना का भी आरोप शिकायत में 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई कथित घटना का भी जिक्र है। युवती ने आरोप लगाया कि उसे एक जगह बंद रखा गया। उसे खाना नहीं दिया गया। इससे उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। महिला ने यह भी दावा किया कि दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई थी। बाद में पोरेल के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद रिश्ता बिगड़ गया। हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला यह मामला पहले कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मगरा पुलिस स्टेशन को पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था। 11 अगस्त की सुनवाई में पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि पोरेल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें चूंचुड़ा कोर्ट में पेश किया जाएगा। क्रिकेटर ने आरोपों को झूठा बताया था क्रिकेटर अभिषेक पोरेल इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की गई है, तो आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। यह मामला मोगरा पुलिस स्टेशन में 23 जून 2026 को दर्ज किया गया था। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने पर कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के मामलों से जुड़ी है। यह तब लागू होती है, जब आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का इरादा न रखते हुए महिला को शादी का भरोसा दिया और इसी आधार पर संबंध बनाए। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, हर टूटा हुआ शादी का वादा रेप नहीं माना जाता। अदालत यह देखती है कि आरोपी की शुरुआत से मंशा क्या थी। अगर दोनों के बीच सहमति से संबंध बने और बाद में किसी वजह से शादी नहीं हो सकी, तो इसे रेप नहीं माना जाता। खिलाड़ियों के लिए BCCI की गाइडलाइन BCCI खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी अनुशासन और सावधानी बरतने की सलाह देता है। IPL और अन्य टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया से जुड़ी गाइडलाइंस होती हैं, जिनके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम होटल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाने पर रोक रहती है। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) खिलाड़ियों को हनी ट्रैप और अनधिकृत लोगों से संपर्क के खतरों को लेकर भी जागरूक करती है। इसके अलावा, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आचार संहिता का पालन जरूरी है और नियमों के उल्लंघन पर फटकार, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।-------------------------स्पोर्ट्स की यह खबरजब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है, जिसमें पुरुष और महिला दोनों इवेंट में 16-16 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। इस बार वर्ल्ड कप बदले हुए फॉर्मेट के साथ खेला जा रहा है, जिसमें हर मुकाबला टीमों के लिए काफी अहम रहेगा।
वडोदरा, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि देशभर में 'प्रतिभा खोज अभियान' चलाया जाएगा और 5 से 15 वर्ष के बच्चों की काबिलियत को पहचानकर उन्हें सरकार द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया की निकल गई सारी हेकड़ी, बांग्लादेशी टीम इतिहास रचने के बेहद करीब
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश टेस्ट अब रोचक दौर में पहुंच चुका है। तीन दिन का खेल हो गया और और ऑस्ट्रेलियाई टीम संकट में फंसी नजर आ रही है। उम्मीद की जा रही है कि ये मैच इतिहास में दर्ज हो जाएगा।
Venus Williams को मिली लगातार 13वीं हार, Cincinnati Open के पहले दौर में अरंगो से हारीं
वीनस विलियम्स का वापसी के बाद एकल मुकाबलों में हार का सिलसिला 13 मैचों तक पहुंच गया है। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन को शुक्रवार को सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट में भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पहले दौर में एमिलियाना अरंगो ने 6-2, 6-2 से हरा दिया। 46 वर्षीय वीनस को इस डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड से प्रवेश मिला था। उन्होंने जुलाई 2025 के बाद से कोई भी एकल मैच नहीं जीता है। कोलंबिया की 25 वर्षीय क्वालीफायर अरंगो ने लिंडनर टेनिस सेंटर के ग्रैंडस्टैंड कोर्ट पर वीनस को हराने में 65 मिनट का समय लिया।
PM Narendra Modi on Olympics 2036: भारत की दावेदारी मजबूत, देश में चलेगा विशेष प्रतिभा खोज अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा। मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्रमुख योजना ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) ने खिलाड़ियों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना 2014 में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘खेल जगत में भारत अपनी जगह बना रहा है। हम अक्सर अपना राष्ट्रगान सुनते हैं और तिरंगा फहराते हुए देखते हैं। खेलो इंडिया गेम्स ने बड़ी सफलता हासिल की है। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने MSME उद्योग से 40 देशों के FTA का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया चाहे वो खेलो इंडिया गेम्स हो, यूनिवर्सिटी गेम्स हो, बीच गेम्स हो, शीतकालीन खेल हो या फिर खेल प्रशिक्षण, खेल चिकित्सा, खेल पोषण, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘भारत का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है और हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के प्रबल दावेदार हैं। हम 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहे हैं। ओलंपिक में लगभग 40 खेल होते हैं, जिनमें लगभग 350 स्पर्धाएं शामिल हैं। यह दुख की बात है कि हम इनमें से कम से कम दो तिहाई स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते क्योंकि हम क्वालीफाई ही नहीं कर पाते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि 2036 तक हम कम से कम तीन चौथाई प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। हम देश के हर कोने में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए पांंच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’ भारत ने 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावा पेश किया है। इसे भी पढ़ें: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से बोले PM Modi, वैश्विक संकट के बावजूद किसानों को दिया सस्ता Urea इसकी घोषणा 2029 में होने की संभावना है। पीटीआई ने इस साल जनवरी में खबर दी थी कि 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं की खोज शुरू करने की योजना पर विचार-विमर्श चल रहा है, ताकि देश जलीय खेलों जैसे तैराकी तथा साइकिलिंग जैसे खेलों में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। इन दोनों प्रतियोगिताओं में कुल मिलाकर 100 से अधिक ओलंपिक पदक दांव पर लगे होते हैं, लेकिन भारत ने इन खेलों में अभी तक एक भी पदक नहीं जीता है। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का किया आह्वान, समुद्री मार्गों पर चेताया भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। यह शहर 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। प्रतिभा खोज कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर काफी हद तक निर्भर करेगा, जिसका उपयोग फिटनेस परीक्षणों के लिए किया जाएगा, जो हृदय संबंधी सहनशक्ति, मांसपेशियों की ताकत, गति और चपलता, लचीलापन और संतुलन के साथ-साथ गति को मापने के लिए व्यायाम की एक श्रृंखला है। एक सरकारी सूत्र ने जनवरी में पीटीआई को बताया था, ‘‘स्कूल जाने वाले हर बच्चे को अपनी खेल क्षमताओं का पता नहीं होता या वे स्वाभाविक रूप से खेल में रुचि नहीं लेते। लेकिन अगर हम बुनियादी परीक्षणों के माध्यम से व्यक्तिगत क्षमताओं को समझने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान चला सकें, तो हमें ऐसे बच्चे मिल सकते हैं जो खेल में अच्छे हैं लेकिन उन्हें अभी तक इसका अहसास नहीं है।’’ मोदी ने इसके साथ ही यह भी कहा कि भारत को अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की खेल प्रतियोगिताएं आखिर भारत में क्यों न होंं।
भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में दो घंटे का वक्त बर्बाद, अब कैसे किया जाएगा इसे मैनेज
भारत बनाम श्रीलंका गॉल टेस्ट में करीब दो घंटे मैच नहीं हो पाया। लंच के दौरान आई बारिश ने इसमें खलल डाला। अब तय किया गया है कि शाम को छह बजे तक आज का मैच खेला जाएगा।
IND vs SL: भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए आज का दिन बेहद खास है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 600वां टेस्ट मैच खेलकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
Pakistan Hockey ने घरेलू ढांचे पर नहीं दिया ध्यान: पूर्व कप्तान सलमान अकबर
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप की सबसे कामयाब टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान में हॉकी के गिरते स्तर के लिये घरेलू ढांचे के अभाव को कसूरवार ठहराते हुए पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने कहा कि भारतीय हॉकी बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते चेत गई और नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदक के रूप में मिला। पाकिस्तान के लिये 230 मैच , 2004 और 2008 ओलंपिक खेल चुके दिग्गज गोलकीपर सलमान ने यहां को दिये खास इंटरव्यू में पाकिस्तान हॉकी के पतन के कारणों के बारे में पूछने पर कहा ,‘‘ यूं तो कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। आपके घर में खिलाड़ियों के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है। खिलाड़ी बस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौका मिलता है तो वहां या घरेलू शिविरों तक व्यस्त रहते हैं। घरेलू ढांचा नहीं के बराबर है जहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने चाहिये।’’पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है और प्रो लीग के पिछले सत्र में टीम आखिरी स्थान पर रही थी। अपने खेलने के दौर से आज की भारतीय टीम में आये बदलाव के बारे में पूछने पर नीदरलैंड में बसे 44 साल के इस पूर्व खिलाड़ी और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच ने कहा ,‘‘टीम को छोड़ें , हॉकी ही इतनी बदल गई है। मैने पैतीस मिनट के दो हाफ वाली हॉकी भी खेली है लेकिन अब चार क्वार्टर का खेल हो गया है। उस दौर की भारतीय टीम ने भी अलग हॉकी खेली और आज की टीम अलग खेल रही है तो कोई तुलना हो ही नहीं सकती।’’उन्होंने यह भी कहा कि तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने और पेरिस में उसे बरकरार रखने वाली भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत है कि वह ऐसे समय में खेल रही है जब भारतीय हॉकी प्रगति की राह पर है। सलमान ने कहा ,‘‘ यह पीढी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आये जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं करने के झटके बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है। उसका नतीजा भी मिला और वह भी एक दो साल में नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक तक इंतजार करना पड़ा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ उतार चढाव भी आये लेकिन भारत ने अपने कोचों तक को ट्रेनिंग दी और उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बना। अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरते हैं।’’सलमान ने यह भी कहा कि दोनों टीमों की परिस्थितियां चाहे जो हो लेकिन मैदानी प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आयेगी और पाकिस्तान पिछले दस साल में भारत से जीत नहीं पाने की कसक मिटाने की पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ हाल ही में प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा। लोगों को भारत पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिये यह मैच काफी अहम है।2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है।मैं दोनों टीमों को शुभकामना देता हूं और उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से ‘हैंडशेक’ भी करेंगे।’’उन्होंने भारत के युवा गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा के बारे में पूछने पर कहा कि पी आर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ उन्हें काफी सीखने का मौका मिला होगा जो अब काम आयेगा। यह पूछने पर कि क्या भारत को श्रीजेश की कमी खलेगी, उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके बारे में तो नहीं कह सकता लेकिन एक बेहतरीन कैरियर के बाद पूरी गरिमा के साथ वह रिटायर हुए हैं। अपने कैरियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।’’नीदरलैंड में अपना गोलकीपिंग स्कूल शुरू करने के बाद जापान की टीम से जुड़े सलमान ने कहा कि तेजी से बदलती हॉकी में कोचिंग आसान काम नहीं है और खुद को अपडेट रखना पड़ता है। उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग में मजा आ रहा है लेकिन यह काफी कठिन काम है। जब मैने शुरू किया तो पहला ख्याल आया कि खेलना ज्यादा आसान है। यह जरूरी नहीं है कि आप बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं तो बेहतरीन कोच भी होंगे। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नये नियम आ आते हैं जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।
Sinquefield Cup: R Praggnanandhaa ने वेस्ली सो से बाजी ड्रॉ खेली, संयुक्त दूसरे स्थान पर पहुंचे
भारतीय ग्रैंड मास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर की प्रतियोगिता सिंकफील्ड कप के पांचवें दौर में अमेरिका के वेस्ली सो के साथ बाजी ड्रॉ खेली। प्रज्ञाननंदा ने काले मोहरों से खेलते हुए यह बाजी ड्रॉ कराई। 10 खिलाड़ियों के बीच खेली जा रही इस प्रतियोगिता में उनके पांच मैच में अब तीन अंक हो गए हैं और वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। वेस्ली ने 3.5 अंकों के साथ बढ़त बना रखी है। इस बीच अमेरिका के फैबियानो कारुआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर ने अपने सफेद मोहरों के साथ सबसे महत्वपूर्ण समय पर जीत हासिल की। कारुआना ने पांचवें दौर में अर्मेनियाई मूल के अमेरिकी खिलाड़ी लेवोन अरोनियन को, जबकि विंसेंट ने खराब फॉर्म में चल रहे अनीश गिरी को हराया। इस तरह से अब प्रज्ञाननंदा, कीमर, कारुआना और मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव तीन-तीन अंक लेकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
यशस्वी जायसवाल ने किया, वो तो अनोखा है, 30 मैच 30 मैदान और 32 पर आउट
यशस्वी जायसवाल श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन इस बीच एक गड़गड़ हुई और वे रन आउट हो गए। जायसवाल अब तक तीसरी बार इस तरह से रन आउट हुए हैं।
मोदी ने देश को बताया 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार, किया ये बड़ा ऐलान
मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज शुरू होने से चार दिन पहले पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के हाथ में चोट लगी। प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के खिलाफ वार्म-अप मैच में बल्लेबाजी के दौरान इंग्लैंड अंडर-19 के तेज गेंदबाज मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। बाबर 5 रन पर थे। चोट के बाद वे दर्द में दिखे और आगे बल्लेबाजी नहीं की। टीम डॉक्टर के आकलन के बाद PCB ने उन्हें एहतियातन मैच से आराम दिया है। बोर्ड के मुताबिक बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर टीम के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लेंगे। उछलती गेंद सीधे हाथ पर लगी बाबर को यह चोट केंट में पाकिस्तान और प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के बीच चल रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच के दौरान लगी। मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। गेंद लगने के बाद बाबर दर्द में दिखे और इसके बाद बल्लेबाजी जारी नहीं रखी। PCB ने एहतियातन आराम दिया टीम डॉक्टर के शुरुआती आकलन के बाद PCB ने बाबर को प्रैक्टिस मैच के बाकी हिस्से में नहीं खेलने की सलाह दी। बोर्ड ने कहा है कि बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले में पाकिस्तान टीम के अगले ट्रेनिंग सेशन में शामिल होंगे। यानी फिलहाल उन्हें सीरीज से बाहर किए जाने की कोई बात नहीं कही गई है। 19 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से हेडिंग्ले में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स और तीसरा 9 सितंबर से एजबेस्टन में होगा। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। WTC पॉइंट्स प्रतिशत में इंग्लैंड 24.36% के साथ 7वें और पाकिस्तान 22.22% के साथ 8वें स्थान पर है। दोनों टीमों के लिए सीरीज अंक तालिका में स्थिति सुधारने का मौका है। वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर की थी सीरीज पाकिस्तान ने अपना पिछला टेस्ट दौरा वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर किया था। दूसरे टेस्ट में 8 विकेट की जीत के साथ टीम ने विदेश में लगातार 8 टेस्ट हारने का सिलसिला भी तोड़ा था। इंग्लैंड सीरीज से पहले शान मसूद की चोट से वापसी पाकिस्तान के लिए राहत की बात है। ----------------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
BCCI, जय शाह, तेंदुलकर, लक्ष्मण, गंभीर, कुंबले ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
देश अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस का जश्न देश के हर वर्ग में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था बीसीसीआई और पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।
IND vs SL: ‘…टेस्ट मैच में कोई रिस्क नहीं’, सुदर्शन-बुमराह को लेकर कप्तान शुभमन गिल ने कही ये बात
PC; navarashtra भारतीय टीम चल रही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर है। भारतीय टीम टेस्ट सीरीज़ का पहला मैच 15 अगस्त को गॉल स्टेडियम में खेलेगी। मैच से एक दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल ने जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की फिटनेस के बारे में सवालों के जवाब दिए। दोनों खिलाड़ी टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम में थे, लेकिन समय पर फिट नहीं होने के कारण उन्हें हटना पड़ा। कप्तान गिल ने कहा कि टीम मैनेजमेंट BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चोटों से उबर रहे दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नज़र रख रहा है। हमें उनकी हालत के बारे में पता है… साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस के बारे में सवालों का जवाब देते हुए शुभमन गिल ने कहा, 'हां, हम दोनों खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। उनकी फिटनेस पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हमें उनकी मौजूदा हालत के बारे में पता है। साई को टीम से बाहर करना निराशाजनक था क्योंकि शुरू में हमें लगा था कि वह सीरीज़ में होंगे, लेकिन रेगुलर चेक-अप के बावजूद उनकी हालत उतनी जल्दी नहीं सुधरी जितनी हमने उम्मीद की थी। पांच दिन के टेस्ट मैच को देखते हुए, हमने दोनों खिलाड़ियों को बाहर करने का फैसला किया। अगर यह ODI या T20 मैच होता, तो बात अलग होती। लेकिन टेस्ट मैच में आप कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। मेरा मानना है कि टेस्ट मैच में आपको दूसरे खिलाड़ियों के साथ वापसी करने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। अगर कोई खिलाड़ी पहले दिन अच्छा परफॉर्म नहीं करता है, तो उसे टीम में वापस आने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। इसलिए, इसे देखते हुए, साई और बुमराह को टीम से बाहर करना निराशाजनक था। तैयारी के लिए समय मिलना एक बड़ा फ़ायदा है भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले श्रीलंका क्रिकेट XI के ख़िलाफ़ तीन दिन का मैच खेला, जिससे उन्हें तैयारी करने और वहाँ के हालात में ढलने का अच्छा मौका मिला। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टेस्ट मैच से पहले अगर आपके शेड्यूल में कम से कम एक हफ़्ता या 10 दिन का समय हो तो तैयारी करना बेहतर होता है। पिछले साल भी हमारा शेड्यूल बहुत बिज़ी था, इसलिए उस टाइट शेड्यूल में ढलना आसान नहीं था। हमारे कई खिलाड़ियों को अभी इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का ज़्यादा अनुभव नहीं है, इसलिए तैयारी के लिए एक्स्ट्रा समय मिलना बहुत फ़ायदेमंद है।
Craig Fulton ने कहा- Wales के खिलाफ जीत से आगाज करने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि उनकी टीम शनिवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को हल्के में नहीं लेगी जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे मैच के चारों क्वार्टर में लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। इस मुकाबले में हालांकि भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन फुल्टोन ने खिलाड़ियों से प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करने और अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने की बात कही। फुल्टोन ने मैच से पहले से कहा, ‘‘वेल्स की टीम छुपीरूस्तम है, विश्व कप में कभी कभार ऐसे ही नतीजे देखने को मिलते हैं। आपको अपनी वरीयता के अनुरूप खेलना होता है और आपसे नीचे की हर टीम के खिलाफ पूरी एकाग्रता और पूरा प्रयास करना जरूरी है। हम किसी को भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनसे कड़ी टक्कर की उम्मीद है। साथ ही हमें अपनी रणनीति पर शत प्रतिशत फोकस रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि चारों क्वार्टर में हमारा एक समान फोकस रहे। ’’ विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पहले मैच की अहमियत को रेखांकित करते हुए फुल्टोन ने कहा कि भारत का लक्ष्य शानदार शुरुआत करना और पूरे तीन अंक हासिल करना है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पहला मैच बेहद अहम होता है। इसे भी पढ़ें: White House के $400 Million Ballroom प्रोजेक्ट पर रोक के खिलाफ US Supreme Court पहुंचे Donald Trump, सुरक्षा का दिया हवाला हमारा प्रयास रहेगा कि हम शुरुआत से ही आक्रामक खेलें और पूरे तीन अंक हासिल करें। ’’ भारत का पहला मुकाबला स्वतंत्रता दिवस के दिन हो रहा है जिससे यह टीम के लिए और भी खास मौका बन गया है। फुल्टोन ने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय गौरव का पल है। हम स्वतंत्रता दिवस पर देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं और टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं। इसे हम एक शुभ संकेत मानते हैं। ’’ कप्तान हरमनप्रीत ने कहा कि टीम ने विरोधी टीम का गहराई से विश्लेषण किया है और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत की है और सभी टीम का गहराई से आकलन किया है। वेल्स के खिलाफ हम काफी समय बाद खेल रहे हैं, लेकिन उनकी खेलने की शैली अब भी वैसी ही है। मैच से पहले हमारा अभ्यास सत्र शानदार रहा और टीम का माहौल काफी सकारात्मक है। इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार! ’’ हरमनप्रीत ने भी अपने कोच की तरह खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूल चरण का हर मुकाबला भारत के आगे बढ़ने के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। अच्छी शुरुआत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करती है। हमारे लिए पूल के तीनों मुकाबले महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यही आगे की राह आसान बनाएंगे। ’’ पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम की रणनीति एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान देने की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार में एक मैच पर ध्यान देंगे और हर मुकाबले में अपना शत प्रतिशत देंगे। ’’ भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद टीम ने अपने खेल में काफी सुधार किया है, विशेषकर रक्षा पंक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में। उन्होंने कहा, ‘‘पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हमने काफी प्रगति की है। हमारी रक्षा पंक्ति मजबूत हुई है और अब हम अधिक समझदारी से हॉकी खेल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं ’’ उन्होंने स्वीकार किया कि गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन टीम लगातार इस बात पर जोर देती है कि पूरे मैच में एक जैसी आक्रामकता और एकाग्रता बनाए रखी जाए। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘गलतियां होंगी, लेकिन हम लगातार यही बात करते हैं कि चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखनी है। ’’ उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध हॉकी विरासत टीम के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही है और खिलाड़ी विश्व कप में एक और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी हॉकी की विरासत हमेशा हमें प्रेरित करती है। जिस तरह हमने ओलंपिक पदक का लंबा इंतजार खत्म किया था, उसी तरह इस बार विश्व कप जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ’’ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। पदक जीतने के बाद हम सब मिलकर जश्न मनाएंगे।
Hockey World Cup 2026: भारत करेगा अभियान का आगाज, पाकिस्तान से भी भिड़ेगा; जानें मैच की तारीख, समय और Live Streaming
नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन को 87 मीटर की लाइन से आगे फेंका, तो उन्होंने न सिर्फ़ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स में एक क्रांति भी ला दी, जिससे जैवलिन के कई टैलेंटेड खिलाड़ी ग्लोबल स्टेज पर सामने आए। पुरुषों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट यशवीर सिंह और रोहित यादव जैसे खिलाड़ी सामने आए हैं, लेकिन महिलाओं के वर्ग में अब तक किसी बड़े स्टार की कमी थी - यानी अब तक। SAI मीडिया की एक रिलीज़ के मुताबिक, झारखंड के गुमला ज़िले के एक दूर-दराज़ आदिवासी गाँव की रहने वाली शिल्पा कुमारी - जो महिलाओं की U-17 कैटेगरी में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं - भारत में महिला जैवलिन की अगली बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं। इसे भी पढ़ें: Global Market में जबरदस्त उछाल, Gold Price 1.59 लाख के पार, Investors की बढ़ी दिलचस्पी शिल्पा के लिए, अपने गाँव की 'चौपाल' पर पड़ोसियों के साथ टेलीविज़न पर नीरज चोपड़ा का ओलंपिक कारनामा लाइव देखना एक ऐसा अनुभव था जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी। शिल्पा ने SAI मीडिया से बातचीत में कहा, मैंने नीरज चोपड़ा को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतते हुए देखा। इससे मुझे जैवलिन (भाला फेंक) शुरू करने की प्रेरणा मिली। मैं नीरज सर जैसा बनना चाहती हूँ और ओलंपिक मेडल जीतना चाहती हूँ। जब मैंने अपने गाँव के लोगों को नीरज चोपड़ा की जीत का जश्न मनाते देखा, तो मैंने तय किया कि तब से जैवलिन में ओलंपिक मेडल जीतना ही मेरे जीवन का लक्ष्य होगा। रांची में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) सेंटर में हुए एक एथलेटिक्स ट्रायल ने ही उनके ओलंपिक सपने को आगे बढ़ाया। शिल्पा के कोच बिनोद सिंह को वह दिन अच्छी तरह याद है जब उन्होंने उस खिलाड़ी को खोजा जिसे उन्होंने भारत में उभरती हुई सबसे होनहार महिला जैवलिन स्टार कहा था। इसे भी पढ़ें: Festive Fashion Trends: हरियाली तीज पर बहू के लिए चुनें Best Gold Bangles, देखें ट्रेंडिंग कलेक्शंस अनुभवी कोच ने याद करते हुए कहा, जब मैंने तीन साल पहले हमारे SAI सेंटर में एक ट्रायल के दौरान उसे पहली बार देखा, तो मैं उसके ज़बरदस्त नैचुरल टैलेंट से प्रभावित हुआ। उस समय, वह इस खेल में बिल्कुल नई थी। लेकिन मैंने उसे इसलिए चुना क्योंकि उसमें चीज़ों को फेंकने की बहुत अच्छी क्षमता थी। मैं उसकी काबिलियत देख सकता था और समझ गया था कि वह भविष्य के लिए एक बहुत अच्छी खिलाड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने आगे कहा जब मैंने उसे रांची के SAI सेंटर में ट्रेनिंग के लिए शामिल किया, तो शिल्पा ने बहुत अच्छा प्रोग्रेस किया। उसने तेज़ी से सुधार किया और अब वह महिला जैवलिन में भारत के लिए सबसे होनहार उभरती हुई खिलाड़ी है।
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में 426 रन बनाए और 228 रन की बढ़त हासिल की। डार्विन टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश की पारी खत्म की। बांग्लादेश ने 2006 में फतुल्लाह में बनाए 427 रन के अपने सर्वोच्च स्कोर की बराबरी करने से सिर्फ एक रन से चूक गया। मेहदी हसन मिराज ने 65 रन की अहम पारी खेली, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टीम की बढ़त को 200 के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 198 रन बनाए थे। इसके जवाब में बांग्लादेश ने दूसरे दिन तंजिद हसन के 101 रन और नजमुल हुसैन शांतो के 84 रन की मदद से बढ़त हासिल की थी। मिराज ने निचले क्रम को संभाला तीसरे दिन बांग्लादेश ने 351/6 से आगे खेलना शुरू किया। मेहदी हसन मिराज ने एक छोर संभाले रखा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम की बढ़त को 200 रन के पार पहुंचाया। उन्होंने 154 गेंदों पर 65 रन की पारी खेली, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। मिराज ने तस्कीन अहमद के साथ भी अहम साझेदारी की। हालांकि, इसके बाद जोश हेजलवुड की ऑफ स्टंप से बाहर जाती फुल गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर एलेक्स कैरी के हाथों में चली गई। ऑस्ट्रेलिया ने फिर मौके गंवाए, स्मिथ इतिहास बनाने से चूके ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग तीसरे दिन भी जारी रही। बांग्लादेश के 400 रन पूरे करने के बाद स्टीव स्मिथ ने तस्कीन अहमद का आसान कैच छोड़ दिया। तस्कीन ने पैट कमिंस की गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की ओर शॉट खेला, जहां स्मिथ कैच नहीं पकड़ सके। अगर वह कैच ले लेते तो टेस्ट में उनके 219 कैच हो जाते और वे सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाते। फिलहाल स्मिथ और जो रूट 218-218 कैच के साथ बराबरी पर हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मैच में अब तक छह कैच छोड़े हैं। हेजलवुड के 300 टेस्ट विकेट पूरे, ऐसा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज शनिवार सुबह बांग्लादेश के गिरे तीनों विकेट जोश हेजलवुड ने लिए। उन्होंने हसन महमूद को 14 और तैजुल इस्लाम को 17 रन पर आउट करने के बाद मेहदी हसन मिराज को 65 रन पर पवेलियन भेजा। मिराज का कैच विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने लिया। इसके साथ ही हेजलवुड ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज बन गए। हेजलवुड ने मिराज को ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के लिए मजबूर किया। गेंद बल्ले का किनारा लेकर कैरी के हाथों में चली गई। इस विकेट के साथ हेजलवुड के पारी में 5 विकेट भी पूरे हो गए। इससे पहले उन्होंने हसन महमूद को फुल और सीधी गेंद पर LBW किया था, जबकि तैजुल इस्लाम का कैच गली में कैमरन ग्रीन ने लिया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग में गलतियां भी जारी रहीं। स्टीव स्मिथ, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड ने कैच छोड़े। तंजिद के शतक ने रखी नींव बांग्लादेश की बड़ी बढ़त की नींव तंजिद हसन ने रखी। उन्होंने 101 रन की पारी खेली। यह ऑस्ट्रेलिया में किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी 84 रन बनाए। इन पारियों की मदद से बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के 198 रन के जवाब में मजबूत स्थिति बनाई। 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा बांग्लादेश बांग्लादेश 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा है और टीम अब ऐतिहासिक जीत की स्थिति में पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में सिर्फ 198 रन पर आउट हुआ था। हसन महमूद ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाया जाएगा।
LIVE: भारत और श्रीलंका के बीच होगा मुकाबला, कुछ ही देर बाद टॉस
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज खेला जाएगा। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया और धनंजय डि सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम अब से कुछ ही देर बाद मैदान पर नजर आएगी। इस मैच का लाइव स्कोर आप यहां देख सकते हैं।
आजादी से पहले ही दुनिया में बजा भारत का डंका! इन महान खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में बनाई देश की पहचान
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमें अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी और 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लक्ष्य से उतरेगी।
2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 537/8 पर पारी घोषित कर दी। लगा, अब भारतीय गेंदबाज दबाव बनाएंगे। लेकिन आगे जो हुआ, उसने मैच की पूरी कहानी बदल दी। श्रीलंका ने 271 ओवर बल्लेबाजी कर 952/6 का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा कर दिया। सनथ जयसूर्या ने 340 रन और रोशन महानामा ने 225 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़ दिए। भारत के लिए सबसे अजीब कहानी डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी की रही। उन्होंने टेस्ट की पहली ही गेंद पर विकेट लिया। इसके बाद भारत को दूसरे विकेट के लिए दो दिन तक इंतजार करना पड़ा। पांच दिन के इस टेस्ट में 1,489 रन बने और सिर्फ 14 विकेट गिरे। मैच ड्रॉ रहा। लेकिन श्रीलंका का 952/6 टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। यह रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट सका है। भारत से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए सचिन तेंदुलकर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारत ने 167.3 ओवर में 537/8 का स्कोर बनाया और पारी घोषित कर दी। भारत की ओर से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए। नवजोत सिंह सिद्धू ने 111 रन, सचिन तेंदुलकर ने 143 रन और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 रन बनाए। तेंदुलकर और अजहरुद्दीन ने चौथे विकेट के लिए 221 रन की साझेदारी की। पहली गेंद पर विकेट, फिर 576 रन की साझेदारी श्रीलंका के लिए सनथ जयसूर्या और मरवन अटापट्टू ओपनिंग करने उतरे। दूसरे दिन के आखिरी सेशन में सचिन ने डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी को गेंद थमाई। कुलकर्णी ने पहली ही गेंद पर अटापट्टू को आउट कर दिया। इसके बाद रोशन महानामा क्रीज पर आए। फिर जयसूर्या और महानामा ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। अटापट्टू 39 रन के टीम स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़े। तीसरे दिन दोनों ने 283 रन और चौथे दिन 265 रन जोड़े। चौथे दिन स्टंप्स तक जयसूर्या 326 और महानामा 211 रन पर नाबाद थे। पांचवें दिन महानामा 561 गेंदों पर 225 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में 27 चौके थे। अनिल कुंबले ने उन्हें आउट किया। इसके सिर्फ दो गेंद बाद जयसूर्या भी पवेलियन लौट गए। जयसूर्या टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज बने। उन्होंने 578 गेंदों पर 340 रन बनाए। उनकी पारी में 36 चौके और 2 छक्के शामिल थे। वह 799 मिनट क्रीज पर रहे। उनका 340 रन उस समय टेस्ट इतिहास की चौथी सबसे बड़ी इंडिविजुअल पारी थी। उनसे आगे ब्रायन लारा 375, गैरी सोबर्स 365* और लेन हटन 364 रन पर थे। 576 रन की साझेदारी ने रिकॉर्ड तोड़े जयसूर्या और महानामा ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़कर उस समय की टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड 467 रन का था, जो न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो और एंड्रयू जोन्स ने बनाया था। दोनों की साझेदारी 500 रन का आंकड़ा पार करने वाली टेस्ट क्रिकेट की पहली साझेदारी बनी। हालांकि, 2006 में श्रीलंका के ही कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 624 रन जोड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जयसूर्या-महानामा के बाद भी नहीं रुका श्रीलंका जयसूर्या और महानामा के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन नहीं रुके। अरविंद डी सिल्वा ने 126 रन बनाए और अर्जुन रणतुंगा के साथ 175 रन की साझेदारी की। रणतुंगा ने 86 रन बनाए। इसके बाद डेब्यू कर रहे महेला जयवर्धने ने 66 रन जोड़े। श्रीलंका ने इस दौरान 903/7 के उस समय के टेस्ट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। जयसूर्या को देखने 30 हजार फैंस पहुंचे पांचवें दिन जयसूर्या 326 रन पर नाबाद थे। वह ब्रायन लारा के 375 रन के रिकॉर्ड से सिर्फ 50 रन दूर थे। रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद में आर. प्रेमदासा स्टेडियम में 30 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंच गए। दर्शकों के लिए करीब 30 हजार मुफ्त टिकट रखे गए थे। हर नजर जयसूर्या पर थी। लेकिन लारा का रिकॉर्ड टूटने से पहले ही उनकी पारी खत्म हो गई। राजेश चौहान की गेंद पर जयसूर्या ने शॉट खेला और प्वाइंट पर सौरव गांगुली ने कैच पकड़ लिया। जयसूर्या 578 गेंदों पर 340 रन बनाकर आउट हुए। 3 भारतीय स्पिनर्स ने 220 ओवर फेंके भारतीय गेंदबाजों ने कुल 271 ओवर किए। राजेश चौहान ने 78 ओवर, अनिल कुंबले ने 72 ओवर और डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी ने 70 ओवर फेंके। तीनों ने मिलकर 220 ओवर किए और 594 रन खर्च किए। इसके बावजूद तीनों को सिर्फ एक-एक विकेट मिला। सचिन ने पिच को बताया था 'डेड ट्रैक' मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने जयसूर्या और महानामा की बल्लेबाजी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक पिच पर गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद थी। भारतीय स्पिनर्स ने लंबे स्पेल किए, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल रहा। श्रीलंका रिकॉर्ड के पीछे क्यों गया? शुरुआत में जयसूर्या और महानामा का लक्ष्य सिर्फ फॉलोऑन बचाना था। लेकिन चौथे दिन टी-ब्रेक तक जयसूर्या को अंदाजा हो गया कि वह बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं। इसके बाद श्रीलंका ने पारी घोषित नहीं की। महानामा को बाद में इस बात का अफसोस रहा कि वह जयसूर्या के साथ ज्यादा देर नहीं टिक सके। उनका मानना था कि अगर वह कुछ और समय क्रीज पर रहते, तो जयसूर्या को लारा के 375 रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने में मदद कर सकते थे।
आज से हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो रही है। पुरुषों क पहला ही मैच भारत और वेल्स के बीच खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीम वेल्स के खिलाफ अब तक कोई मुकाबला नहीं हारी है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह 220 इंटरनेशनल गोल कर चुके हैं। इस मैच से पहले वर्ल्ड कप में महिला टीम के 2 मुकाबले होंगे। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान, दूसरा मुकाबला जर्मनी और स्कॉटलैंड के बीच खेला जाएगा। वेल्स कभी भारत को हरा नहीं पाया भारत और वेल्स के बीच अब तक 4 मुकाबले खेले गए हैं। भारत को हर बार जीत मिली। टीम ने 2014 में 3-1 और 2018 में 4-3 से जीत दर्ज की थी। फिर 2022 में 4-1 और 2023 में 4-2 से वेल्स को हराया। हरमनप्रीत भारत के लिए 220 गोल कर चुके भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर के रोल में खेलते हैं। वे टीम के टॉप गोल स्कोरर हैं। उन्होंने 264 मैचों सबसे ज्यादा 220 गोल किए हैं। उनके अलावा मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और फॉर्वर्ड अभिषेक पर भी निगाहें होंगी। वेल्स की टीम काफी हद तक अपने को-कप्तान गैरेथ फर्लोंग पर निर्भर है। वे पेनल्टी कॉर्नर स्पेस्लिस्ट और बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हैं। उनके नाम 166 मैचों में 113 गोल हैं। 8 भारतीय पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगेभारत 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड के साथ टूर्नामेंट में उतरा है। टीम में 8 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे। इसके अलावा डिफेंडर यशदीप सिवाच के लिए यह वर्ल्ड कप और खास है। वे अपना पहला वर्ल्ड कप उस देश में खेलने जा रहे हैं, जहां उनकी मां प्रीतम सिवाच ने भारत के लिए वर्ल्ड कप खेला था। वहीं भारत पहली बार टूर्नामेंट में दिग्गज गोलकीपर पी श्रीजेस के बिना उतरेगा। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के बाद संन्यास ले लिया था। टीम के दोनों गोलकीपर सूरज करकेरा और मोहित एचएस पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। दोनों टीमों का स्क्वाॅड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), मोहित एच.एस, सूरज करकेरा, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा।वेल्स: गैरेथ फर्लोंग (कप्तान), टोबी रेनॉल्ड्स-कॉटेरिल (गोलकीपर), राइस पेन (गोलकीपर), डेनियल किरियाकिडिस, ह्वेल जोन्स, अल्फ डिनी, जैकब ड्रेपर, रोडरी फर्लोंग, डेल हचिंसन, राइस ब्रैडशॉ, फ्रेड न्यूबोल्ड, गैरेथ ग्रिफिथ्स, बेन फ्रांसिस, निक मॉर्गन, जैक प्रिचर्ड, जोलियॉन मॉर्गन, सैम वेल्श, जॉनी फ्लेक, जेम्स टायसन, लियाम बार्कर। आज खेले जाने वाले सभी मुकाबलें… ----------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्डकप पहली बार एक साथ होंगे; 32 टीमों में 50 मुकाबले 15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच आज से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि मैच के पहले दिन यहां 90% बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार मुकाबले के पांचों दिन बारिश हो सकती है। शनिवार को गॉल में सुबह से ही बारिश होने लगेगी। मैच सुबह 10 बजे से शुरु होना है। गॉल में स्पिनर्स ने 1032 विकेट झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 50वां टेस्ट मैच खेला जा रहा है। अब तक खेले गए 49 मैचों में इस मैदान की पिच स्पिनर्स को सपोर्ट करती रही है। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने बताया कि इस मैच की पिच में नमी रह गई है और स्पिन कम होगी। 2 भारतीय के पास गॉल में खेलने का अनुभव इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 46 मैच खेले हैं। इनमें से 22 में जीत मिली है, जोकि 48% है। 7 में हार झेलनी पड़ी है। 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंकाई पिचों में भारत की जीत का रिकॉर्ड 38% है। टीम ने श्रीलंकाई में 24 मैच खेले हैं। उसे 9 में जीत और 7 में हार मिली है। 8 मैच ड्रॉ रहे हैं। दोनों कप्तानों की बात गिल बोले- 600वें टेस्ट में कप्तानी करना सम्मान की बात कप्तान शुभमन गिल ने कहा- '600वें टेस्ट में टीम की कप्तानी करना सम्मान की बात है। WTC में वापसी के लिए भारत को करीब 6-7 टेस्ट जीतने की जरूरत है।' गिल ने कहा- प्लेयर्स के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता। टेस्ट सीरीज से पहले एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी मिलना काफी मददगार होता है।' डिसिल्वा ने कहा- गॉल में अनुभव काम आएगा श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने कहा, ‘जब आप श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले गॉल मैदान का नाम आता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने यहां बड़े होते हुए काफी क्रिकेट खेला है। यहां 50वें टेस्ट में श्रीलंका की कप्तानी करना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मैंने यहां काफी स्कूल क्रिकेट भी खेला है। इस अनुभव से इस सीरीज में मुझे फायदा मिलेगा।’ पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका: लाहिरू इगलागामगे, निशान फर्नांडो, दिनेश चांदीमल, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सोनल दिनूषा, प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर एप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्र निर्माण में खिलाड़ियों के योगदान को सराहा
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को भारत के राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित किया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाने वाला हर नागरिक देश की प्रगति में योगदान देता है।
पाकिस्तान की टीम अभी बाबर आजम की कप्तानी में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड दौरे पर पहुंची हुई है। इस सीरीज के शुरू होने से पहले तीन दिन प्रैक्टिस मैच में पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम बल्लेबाजी के दौरान अपने दाहिने हाथ को चोटिल कर बैठे।
Ferran Torres छोड़ेंगे Barcelona: PSG के साथ 50 Million Euro के बड़े Transfer सौदे पर लगी मुहर
बार्सिलोना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। स्पेन के विश्व कप फाइनल के नायक फेरान टोरेस अब पेरिस सेंट-जर्मेन की जर्सी में नजर आ सकते हैं। स्पेनिश मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्सिलोना ने 26 वर्षीय फारवर्ड को करीब 50 मिलियन यूरो में फ्रांसीसी क्लब को बेचने पर सैद्धांतिक सहमति बना ली है। दोनों क्लबों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और अब जरूरी औपचारिकताएं बाकी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फेरान टोरेस पेरिस सेंट-जर्मेन के साथ पांच साल का करार करने वाले हैं। स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभी चिकित्सकीय जांच और कुछ कागजी कार्रवाई होनी है। रिपोर्ट में बार्सिलोना के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन औपचारिकताओं के बाद सौदा पूरा हो जाएगा। टोरेस जनवरी 2021 में मैनचेस्टर सिटी से बार्सिलोना पहुंचे थे। उस समय बार्सिलोना ने उनके लिए 55 मिलियन यूरो से ज्यादा की रकम खर्च की थी। हालांकि, क्लब में उनका सफर हमेशा एक प्रमुख शुरुआती खिलाड़ी के तौर पर नहीं रहा। हांसी फ्लिक के 2024 में टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद टोरेस को मुख्य रूप से रॉबर्ट लेवांडोव्स्की के विकल्प के तौर पर सेंटर फारवर्ड की भूमिका में इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद टोरेस ने सीमित मौकों को अच्छी तरह भुनाया है। वह कई मुकाबलों में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरकर टीम के लिए निर्णायक साबित हुए हैं। पिछले दो सत्रों में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर 94 मैचों में 40 गोल किए हैं। उनकी तेजी, गेंद पर नियंत्रण और आक्रमण में कई स्थानों पर खेलने की क्षमता ने उन्हें बार्सिलोना के लिए उपयोगी खिलाड़ी बनाए रखा है। गौरतलब है कि टोरेस ने हाल ही में स्पेन की विश्व कप जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी। पिछले महीने स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए विश्व कप फाइनल में उन्होंने अतिरिक्त समय में स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया था। उनकी इस गोल की मदद से स्पेन ने दूसरी बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के लिए इतनी बड़ी भूमिका निभाने के कुछ ही समय बाद उनका क्लब बदलना खासा चर्चा में है। टोरेस ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत वालेंसिया की युवा व्यवस्था से की थी। बाद में वह मैनचेस्टर सिटी पहुंचे और फिर बार्सिलोना का हिस्सा बने। अब पेरिस सेंट-जर्मेन में उनके जाने से उनके करियर को एक नई दिशा मिल सकती है। बार्सिलोना के लिए यह फैसला आक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और मार्कस रैशफोर्ड के क्लब से अलग होने के बाद टीम को आगे के मोर्चे पर नए विकल्पों की जरूरत है। टोरेस के जाने से यह जरूरत और बढ़ सकती है। मुख्य कोच हांसी फ्लिक को अब आक्रमण में अधिक विकल्प जुटाने पर ध्यान देना होगा। बता दें कि बार्सिलोना पहले ही इंग्लैंड के एंथनी गॉर्डन और बोरूसिया डॉर्टमुंड के करीम अदेयेमी को टीम में शामिल कर चुका है। इन खिलाड़ियों से टीम के आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद टोरेस जैसे खिलाड़ी का जाना फ्लिक के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। अगर करीब 50 मिलियन यूरो का यह सौदा पूरा हो जाता है तो पेरिस सेंट-जर्मेन को एक ऐसा खिलाड़ी मिलेगा जो बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने और अलग-अलग आक्रमणकारी भूमिकाएं निभाने का अनुभव रखता है। वहीं बार्सिलोना को अपनी नई आक्रमण योजना के लिए उपलब्ध विकल्पों पर एक बार फिर विचार करना होगा। इस सौदे के बाद दोनों क्लबों की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
मौजूदा ट्रांसफर सीजन में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने यूरी टिएलेमांस और आंद्रेई सैंटोस पर कुल करीब 85 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। हालांकि, क्लब ने अभी तक किसी एक खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड खर्च नहीं किए हैं। यह स्थिति इंग्लैंड के दूसरे बड़े क्लबों से अलग है। मैनचेस्टर सिटी, टॉटेनहम हॉटस्पर, लिवरपूल, आर्सेनल और चेल्सी सभी हाल के वर्षों में किसी न किसी खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड से अधिक खर्च कर चुके हैं। कैरिक से जब पूछा गया कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने वाले क्लबों के बीच यूनाइटेड कैसे मुकाबला करेगा, तो उन्होंने माना कि पैसा निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है, लेकिन मैदान पर मुकाबला सिर्फ पैसे से तय नहीं होता। उन्होंने कहा कि क्लब का ध्यान मैच जीतने और उपलब्ध खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने पर है। साथ ही उन्होंने माना कि आर्थिक स्थिति जैसी है, उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि कैरिक की देखरेख में यूनाइटेड ने पिछले सत्र में तीसरे स्थान पर रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनसे पूछा गया कि चैंपियंस लीग में जगह मिलने से आने वाली अतिरिक्त कमाई को महंगे खिलाड़ियों पर खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पर कैरिक ने कहा कि उनके पास इसका पूरा जवाब नहीं है, लेकिन क्लब उपलब्ध साधनों के साथ टीम को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कैरिक का मानना है कि भविष्य में टीम को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्लब ने इस गर्मी अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन जरूरत अभी खत्म नहीं हुई है। टीम को और खिलाड़ियों की जरूरत है और क्लब नए विकल्प तलाशता रहेगा। इसी बीच मार्कस रैशफोर्ड का भविष्य भी चर्चा में है। 28 वर्षीय रैशफोर्ड रविवार को काउंटी किल्डेयर स्थित टीम के प्रशिक्षण शिविर में लौट आए हैं। विश्व कप के बाद उन्हें आराम दिया गया था। पिछले डेढ़ साल में वह मैनचेस्टर यूनाइटेड से ऋण पर बार्सिलोना और एस्टन विला के लिए खेल चुके हैं। क्लब के अधिकारियों और पूर्व कोच रूबेन अमोरिम के साथ रिश्तों में तनाव के बाद उन्हें टीम से बाहर जाना पड़ा था। मौजूद जानकारी के अनुसार, अब रैशफोर्ड और क्लब के बीच संबंध पहले से बेहतर हुए हैं। खिलाड़ी कैरिक के साथ काम करने पर ध्यान दे रहा है, लेकिन उसकी प्राथमिकता अभी भी क्लब छोड़ने की बताई जा रही है। यूनाइटेड भी वेतन खर्च कम करने के लिए उन्हें बेचने के पक्ष में है। उनके अनुबंध के आखिरी दो वर्षों की कीमत करीब 35 मिलियन पाउंड बताई जा रही है। कैरिक ने हालांकि रैशफोर्ड के भविष्य को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि रैशफोर्ड क्लब के खिलाड़ी हैं और उन्होंने प्रशिक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया है। कैरिक ने यह भी माना कि रैशफोर्ड टीम को अलग तरह की क्षमता देते हैं और उनके पास टीम के लिए काफी कुछ करने की क्षमता है। जब कैरिक से पूछा गया कि क्या रैशफोर्ड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्होंने कहा कि वह क्लब के खिलाड़ी हैं और टीम में उनकी मौजूदगी कुछ अलग देती है। यानी एक सितंबर की समय सीमा तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। हैरी मैग्वायर, नूसैर मजरावी और यूरी टिएलेमांस जैसे खिलाड़ियों ने भी यूनाइटेड के खिताब जीतने की क्षमता पर भरोसा जताया है। कैरिक ने कहा कि टीम में कुछ खास हासिल करने की क्षमता है और क्लब को उसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि उन्होंने खिताब जीतने की कोई पक्की गारंटी देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसे क्लब के लिए बड़े लक्ष्य रखना जरूरी हैं और टीम उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
कई साल की चर्चा और लगातार लगती अटकलों के बाद आखिरकार क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज शादी के बंधन में बंध गए हैं। खास बात यह है कि दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल रोनाल्डो ने अपनी शादी को किसी बड़े समारोह या सितारों से भरे आयोजन में बदलने के बजाय बेहद निजी रखा। पुर्तगाल के कास्काइस में 11 अगस्त को दोनों ने नागरिक विवाह किया और इस मौके पर उनके पांच बच्चे मौजूद रहे। रोनाल्डो और जॉर्जिना ने खुद सोशल मीडिया पर शादी की जानकारी साझा की। दोनों ने अपनी शादी की अंगूठियों की तस्वीर पोस्ट करते हुए सिर्फ ‘सीजी’ लिखा। इसके बाद रोनाल्डो के प्रतिनिधि ने विवाह की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बेहद निजी और सीमित समारोह था। मौजूद जानकारी के अनुसार, समारोह में रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चे शामिल हुए थे। अगर यही पूरी अतिथि सूची थी तो इस शादी में परिवार के अलावा कोई बाहरी मेहमान मौजूद नहीं था। यानी जिस शादी को लेकर लंबे समय से बड़ी पार्टी और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी की अटकलें लगाई जा रही थीं, वह बेहद छोटे दायरे में पूरी हुई है। बता दें कि रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चों में से दो जॉर्जिना के जैविक बच्चे हैं, जबकि तीन बच्चे रोनाल्डो के पहले के रिश्ते से हैं। दोनों ने पिछले कई वर्षों में मिलकर एक परिवार बनाया है और शादी में भी परिवार को ही सबसे ज्यादा महत्व दिया। शादी से कुछ दिन पहले पुर्तगाल के मदीरा द्वीप स्थित फुंचाल कैथेड्रल को लेकर खूब चर्चा हुई थी। खबरें थीं कि दोनों 8 अगस्त को वहां शादी कर सकते हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रशंसक, पत्रकार और शुभचिंतक कैथेड्रल के बाहर पहुंच गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि वहां किसी और पुर्तगाली जोड़े की शादी थी। फैबियो रामोस और फातिमा निकोल कुन्हा टेक्सेरा का विवाह उसी स्थान पर हुआ था। इस गलत खबर के कारण रोनाल्डो और जॉर्जिना की असली शादी मीडिया और प्रशंसकों की नजर से दूर रही। रोनाल्डो ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में हंसने वाली प्रतिक्रिया दी थी। आखिरकार 11 अगस्त को कास्काइस में हुए समारोह के बाद उन्होंने खुद शादी की तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगा दिया। गौरतलब है कि रोनाल्डो और जॉर्जिना की मुलाकात 2016 में हुई थी। उस समय जॉर्जिना मैड्रिड में गुच्ची की एक दुकान में काम करती थीं। जॉर्जिना ने बाद में अपनी धारावाहिक श्रृंखला में बताया था कि रोनाल्डो कई बार उन्हें काम से लेने आते थे। एक बार वह महंगी कार बुगाटी से उन्हें लेने पहुंचे थे, जबकि जॉर्जिना बस से काम पर जाती थीं। इसके बाद दोनों का रिश्ता लगातार आगे बढ़ा। जनवरी 2017 में दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए। रोनाल्डो पहले ही संकेत दे चुके थे कि वह 2026 विश्व कप के बाद जॉर्जिना से शादी करना चाहते हैं। हालांकि, दोनों ने शादी की तारीख और जगह को लेकर आखिरी समय तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आने दी। शादी के बाद रोनाल्डो और जॉर्जिना अपने बच्चों के साथ लिस्बन के हुम्बर्तो डेलगाडो हवाई अड्डे पर दिखाई दिए। पुर्तगाली मीडिया के मुताबिक, परिवार ने वहां विशेष प्रवेश मार्ग का इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि इसके बाद वे सऊदी अरब के लिए रवाना हुए हैं। इस तरह करीब एक दशक पुराने रिश्ते को दोनों ने बेहद सादगी और निजी अंदाज में शादी के साथ नया नाम दिया।
टेस्ट क्रिकेट में भारत के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल की बैटिंग कप्तानी मिलने के बाद काफी बेहतर हो गई है। कप्तानी मिलने से पहले गिल ने 59 पारियों में करीब 35 की औसत से रन बनाए थे। वहीं, कप्तान बनने के बाद से उन्होंने 15 पारियों में 82 से ऊपर की औसत से बैटिंग की है। शतक बनाने की फ्रिक्वेंसी भी बेहतर हुई गिल ने कप्तान बनने से पहले 59 पारियों में सिर्फ 5 शतक जमाए थे। यानी करीब 12 पारियों में एक शतक। वहीं, कप्तान बनने के बाद उन्होंने 15 पारियों में ही 6 शतक जमा दिए हैं। यानी अब वे हर शतक के लिए तीन से भी कम पारियां ले रहे हैं। ब्रैडमैन भी पहुंच से दूर नहीं क्रिकेट आंकड़ों पर काम करने वाली संस्था CricViz के अनुसार, बतौर कप्तान कम से कम 10 पारियों के बाद ऑल टाइम औसत के मामले में गिल दूसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन हैं। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ने कप्तान रहते हुए 101.51 की औसत से रन बनाए थे। टीम का प्रदर्शन सुधारना चुनौती गिल ने कप्तान बनने के बाद से अपनी बल्लेबाजी भले ही काफी बेहतर कर ली है, लेकिन टीम के प्रदर्शन पर इसका खास असर नहीं दिखा। गिल की कप्तानी में भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें भारत को 5 में जीत और 3 में हार झेलनी पड़ी है। एक टेस्ट डॉ रहा है। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। वहीं, साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में सीरीज हार गई। हालांकि, गिल चोटिल होने के कारण साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का एक मैच नहीं खेल पाए थे। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद:VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, गंभीर-अगरकर 2027 वर्ल्डकप तक बने रहेंगे BCCI भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम को एक साथ जोड़ने की तैयारी में है। बोर्ड पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाने जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ाने की तैयारी है। पूरी खबर पढ़ें…
IND vs SL के बीच गॉल टेस्ट में बारिश कर सकती मैच का मजा किरकिरा, पांचों दिन ऐसा रहेगा मौसम का हाल
भारत और श्रीलंका के बीच में खेली जाने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल के स्टेडियम में 15 अगस्त से खेला जाएगा, जिसमें इस मुकाबले के पांचों दिन काफी अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
Shoaib Akhtar: Imran Khan की कप्तानी में 400 टेस्ट विकेट ले सकता था
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि अगर उन्हें इमरान खान की कप्तानी में खेलने का मौका मिलता तो वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट हासिल कर सकते थे। अपनी पीढ़ी के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शुमार शोएब ने 46 टेस्ट में 178 विकेट लिए थे। उन्होंने 2011 में भारत में हुए विश्व कप के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उस समय तत्कालीन कप्तान शाहिद अफरीदी के साथ उनके मतभेद की खबरें सामने आई थीं। ‘जियो टीवी’ के एक कार्यक्रम में शोएब ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 400 से अधिक विकेट हैं और उनका मानना है कि उनके पसंदीदा कप्तान इमरान खान के नेतृत्व में खेलने से उनके करियर पर बड़ा असर पड़ सकता था। शोएब (51 वर्ष) ने कहा, ‘‘अगर मैं पहले इमरान खान के आक्रामक नेतृत्व में खेला होता तो मैंने बहुत कुछ सीखा होता और टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लिए होते।’’शोएब ने रावलपिंडी में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। यह उनका घरेलू मैदान भी था। उस समय पाकिस्तान के कप्तान वसीम अकरम ने इस युवा तेज गेंदबाज को पदार्पण कराने को लेकर आशंका जताई थी और माना था कि यह सही समय नहीं है। समय के साथ दोनों तेज गेंदबाजों के रिश्ते जटिल रहे और उनमें प्रशंसा के साथ-साथ मतभेद के दौर भी आए।
Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में संपन्न ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों की शुक्रवार को सराहना की और कहा कि ये खिलाड़ी ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने ग्लास्गो खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय सेना के दल के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। राजनाथ ने कहा, ‘‘आप सिर्फ सेना का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।’’राजनाथ ने शारीरिक और मानसिक दबाव पर काबू पाने तथा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश को गौरवान्वित करने के लिए खिलाड़ियों की मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ विश्वास की भी सराहना की। उन्होंने उनकी उपलब्धि को ‘असाधारण’ बताते हुए कहा कि ये खिलाड़ी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं क्योंकि वे ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं। राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन तीन अगस्त को हुआ। भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा। सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने 16 पदक जीते जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने दो पदक जीते। मुक्केबाजी में छह में से चार स्वर्ण पदक महिला मुक्केबाजों द्वारा जीतने का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि ‘भारत की बढ़ती नारी शक्ति का प्रमाण’ है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं खेल को आगे बढ़ाने और रक्षा बलों में शामिल होने के लिए और अधिक प्रेरित होंगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेलों के लिए भी शुभकामनाएं दीं। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी यहां कर्तव्य भवन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का पहला रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता।
भारतीय महिला टीम को एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 से पहले बड़ा झटका लगा है, जिसमें हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते जेमिमा रोड्रिग्स बाहर हो गई हैं जिनकी जगह पर बीसीसीआई ने एशिया कप के लिए रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है।
महिला क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर हो गई हैं। उन्हें यह चोट इसी महीने इंग्लैंड में द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान लगी थी। उनकी जगह प्रतिका रावल को टीम में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि 25 साल जेमिमा की मेडिकल टीम ने जांच की है। जांच में उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर स्तर का टियर मिला है। BCCI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। एशिया कप 28 अगस्त से 5 सिंतबर तक दुबई में खेला जाएगा। द हंड्रेड लीग खेलते समय जेमिमा चोटिल हुईं BCCI ने बताया कि इंग्लैंड में द हंड्रेड लीग के एक मैच में 3 अगस्त को जेमिमा के दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। मेडिकल टीम ने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनकी जांच की। इसमें हाई-ग्रेड टियर इंजरी कन्फर्म हुई है। एशियन गेम्स जापान के नागोया में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेला जाएगा। टूर्नामेंट टी-20 फॉर्मेट में होगा। एशिया कप के लिए भारत की टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। ----------------------------------- महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ऑस्टेलिया की उपकप्तान गार्डनर पर चीटिंग के आरोप; पूर्व पत्नी ने कहा- इसी वजह से हुआ तलाक ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान एश्ले गार्डनर पर चीटिंग के आरोप लगे हैं। उनकी पूर्व पत्नी मोनिका राइट ने उन पर साथी खिलाड़ी जॉर्जिया वोल के साथ संबंध में होने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
कोलकाता, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को हाल ही में चिट्ठी के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। गांगुली का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस को जानकारी दे दी है और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस इसको जल्द ही सुलझा लेगी।
टाटा स्टील ने Jamshedpur FC की पूरी हिस्सेदारी चर्चिल को सौंपी
टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को 100 रुपये की टोकन राशि में हस्तांतरित कर दिया है. इसके साथ 12 खिलाड़ी और दो कोच भी गोवा के क्लब के साथ जुड़ेंगे. चर्चिल ब्रदर्स 4 सितंबर से शुरू होने वाले ISL 2026-27 सीजन में जमशेदपुर की जगह खेलेगा. टाटा स्टील ने ISL से बाहर निकलने के बावजूद ग्रासरूट और युवा फुटबॉल पर अपना फोकस जारी रखने की बात कही है.
'टेस्ट में आप कोई जोखिम नहीं लेना चाहते'; सुदर्शन-बुमराह को लेकर पहली बार आया कप्तान गिल का बयान
भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आगाज होने से पहले 2 बड़े झटको का सामना करना पड़ा था, जिसमें बुमराह और सुदर्शन अनफिट होने की वजह से स्क्वाड से बाहर हो गए। अब दोनों की फिटनेस को लेकर पहली बार कप्तान शुभमन गिल का बयान सामने आया है।
IND vs SL 1st Test: कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें संभावित Playing XI, Head to Head रिकॉर्ड और पिच रिपोर्ट
पहली बार एक साथ हो रहा महिला और पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन, 15 अगस्त से होगी टूर्नामेंट की शुरुआत
बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन होगा, जिसमें पहली बार महिला और पुरुष दोनों ही टूर्नामेंट के मुकाबले एक साथ खेले जाएंगे। जिसमें सभी मुकाबले दो वेन्यू पर होंगे।
भारत-श्रीलंका टेस्ट से पहले गिल ने खोले पत्ते! प्लेइंग XI को लेकर दिया बड़ा अपडेट, जानें कौन अंदर-कौन बाहर
बड़े बदलाव के मूड में BCCI, न कोच और न मुख्य चयनकर्ता VVS Laxman को दिया जा सकता है यह बड़ा पद
पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेटर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इससे पहले यह पद पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के पास था और वह बाद में टीम इंडिया के मुख्य कोच बने थे।
मनप्रीत सिंह ने अपने चौथे विश्व कप से पहले दिया बयान, कहा- शायद ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
मनप्रीत सिंह ने कहा है कि शायद वह अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे। मनप्रीत चौथी बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनने वाले हैं और इस बार इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
Deepti Sharma 'The Hundred' में खेलकर करेंगी Women's Asia Cup की पूरी तैयारी
भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इस महीने के अंत में शुरू होने वाले महिला एशिया कप से पहले अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में खुद को और बेहतर बनाने के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेल रही हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा। मौजूदा समय में दीप्ति गत चैंपियन सनराइजर्स लीड्स वुमैन के लिए गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दीप्ति ने ‘जियोस्टार’ से बातचीत में कहा, ‘‘फिलहाल मेरा पूरा ध्यान ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट पर है। 28 अगस्त से महिला एशिया कप शुरू हो रहा है जो भारतीय टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलना बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपने कौशल पर काम करने का शानदार मौका है। इसे भी पढ़ें: IIT Kharagpur: नालंदा भवन से गिरकर छात्र अंकित शर्मा की मौत, पुलिस जांच शुरू मैं इस टूर्नामेंट का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रही हूं ताकि एशिया कप में पूरी तैयारी के साथ उतर सकूं। ’’ दीप्ति ने कहा कि वह सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश कर रही हैं और इससे न केवल उनके व्यक्तिगत खेल में सुधार होगा बल्कि लंबे समय में टीम को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं। इसे भी पढ़ें: First Indian in Space | अंतरिक्ष में दिखे थे 'भगवान' का जवाब देने वाले 'स्पेस हीरो' की अनसुनी कहानी | Matrubhoomi इससे एक खिलाड़ी के रूप में मेरा विकास होगा और आगे चलकर टीम को भी इसका लाभ मिलेगा। ’’ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के महत्व पर दीप्ति ने कहा कि नीली जर्सी पहनना गर्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है और प्रशंसकों का समर्थन उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनते हैं तो यह आपके लिए, आपके परिवार के लिए और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। यह सिर्फ एक जर्सी नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और त्याग का नतीजा है।
गुरनूर या प्रसिद्ध, गॉल टेस्ट के प्लेइंग 11 में इनमें से कौन खेलेगा?कप्तान शुभमन गिल ने दिया बयान
श्रीलंका के खिलाफ गॉल के मैदान पर खेले जाने दो टेस्ट मुकाबले के पहले मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर कप्तान शुभमन गिल ने बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ किया है कि गुरनूर या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
हॉकी विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने उतरेगा भारत
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करना होगा।
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश लाइव मैच में भिड़े दोनों टीमों के खिलाड़ी, अंपायर को करना पड़ा बीचबचाव
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश पहले टेस्ट के दूसरे दिन मिचेल स्टार्क और मेहदी हसन मिराज के बीच जबरदस्त कहासुनी हुई। अंपायर ने इसे तत्काल शांत कराया। इसका वीडियो अब सामने आया है।
FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार!
भारत FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में हिस्सा लेगा और 1975 में अपनी एकमात्र खिताबी जीत के 51 साल बाद एक नई विरासत बनाने की कोशिश करेगा। कुआलालंपुर में कप्तान अजीत पाल सिंह की अगुवाई में खेला गया वह टूर्नामेंट भारतीय खेल इतिहास का एक यादगार हिस्सा है और उस दौर को दर्शाता है जब हॉकी देश की खेल पहचान का मुख्य हिस्सा थी। बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाला 2026 विश्व कप 15 अगस्त से शुरू हो रहा है। भारत इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वापसी कर रहा है, लेकिन उसका ध्यान मौजूदा लक्ष्यों पर है। इसे भी पढ़ें: 1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम पुरानी यादों को प्रेरणा में और अपनी प्रतिष्ठा को ठोस नतीजों में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि सिर्फ़ इतिहास के दम पर जीत हासिल नहीं की जा सकती। मौजूदा टीम और 1975 की चैंपियन टीम के बीच एक दिलचस्प समानता देखने को मिलती है। 1975 में जब भारत चैंपियन बना था, तब अजीत पाल सिंह ने अपने दूसरे वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी की थी; इससे पहले उन्होंने 1971 में भी टीम की कमान संभाली थी। इसी तरह, हरमनप्रीत भी दूसरी बार वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करेंगे (उन्होंने पहली बार 2023 में ऐसा किया था)। इस तरह, अजीत पाल सिंह के बाद वे दो वर्ल्ड कप में कप्तानी करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत की हालिया तैयारियों से उम्मीदें जगी हैं। टीम ने FIH प्रो लीग के आखिरी चरण में बेहतर खेल दिखाया, जिसमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड पर जीत शामिल है। इसके अलावा, भारत ने अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को दो बार हराया और शूटआउट में इंग्लैंड को मात दी। पाकिस्तान और इंग्लैंड, दोनों ही भारत के वर्ल्ड कप पूल में शामिल हैं, जिससे इन नतीजों का महत्व और बढ़ जाता है। भारत को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना टूर्नामेंट की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ़ मैच से होगी, इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच खेले जाएंगे। पूल स्टेज का छोटा फ़ॉर्मेट होने के कारण गलती की गुंजाइश बहुत कम है, क्योंकि हर मैच टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की राह पर असर डाल सकता है। 2026 टूर्नामेंट के फ़ॉर्मेट में एक नई चुनौती भी है। इस इवेंट में पारंपरिक क्वार्टर-फ़ाइनल स्टेज नहीं होगा। इसके बजाय, शुरुआती पूल की टॉप दो टीमें दूसरे चरण में पूल E और F में जाएंगी, जबकि बाकी टीमें क्लासिफ़िकेशन पूल G और H में जाएंगी। पूल E और F की टॉप दो टीमें सीधे सेमी-फ़ाइनल में पहुंचेंगी। शुरुआती पूल में क्वालिफ़ाई करने वाली दूसरी टीमों के खिलाफ़ मिले नतीजे आगे भी गिने जाएंगे, जिससे पहले चरण का हर मैच बहुत अहम हो जाता है। For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
India vs Sri Lanka 1st Test: 15 अगस्त को भिड़ेंगे भारत-श्रीलंका, जानें मैच का समय, वेन्यू और LIVE Streaming डिटेल
Harbhajan Singh का बयान: T20 से बल्लेबाजों का धैर्य कम हुआ, Test Cricket में बड़े स्कोर घटे
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा है कि टी20 के दौर से विकसित आक्रामक बल्लेबाजी शैली की कीमत बल्लेबाजों को अपने धैर्य से चुकानी पड़ी है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों द्वारा खेली जा रही लंबी पारियों की घटती संख्या की ओर इशारा किया। उन्होंने पिछली पीढ़ी के टेस्ट बल्लेबाजों को याद किया जो आक्रामकता के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते थे। हरभजन ने पीटीआई के साथ पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा, ‘‘टी20 के इस दौर में मौजूदा पीढ़ी के बल्लेबाजों में पहले के बल्लेबाजों जैसा धैर्य नहीं है। बहुत कम बल्लेबाज ऐसे हैं जो टिककर खेल सकें और एक पारी में 250 या 300 रन बना सकें क्योंकि अगर आप इतने ज्यादा शॉट खेलेंगे तो आउट होने का खतरा हमेशा रहेगा। आजकल टेस्ट में किसी बल्लेबाज को तिहरा शतक बनाते हुए बहुत ही कम देखा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहले ब्रायन लारा थे, फिर क्रिस गेल, वीरेंद्र सहवाग और मैथ्यू हेडन, इन सभी ने तिहरे शतक लगाए। लारा ने 400 रन बनाए। एबी डिविलियर्स और जाक कैलिस भी थे जिन्होंने बड़े दोहरे शतक लगाए।’’ टेस्ट क्रिकेट में हाल में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में पाकिस्तान के अजहर अली (2016), ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर (2019), इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (2024) और दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर (2025) शामिल हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि अब ऐसी पारियां कितनी कम देखने को मिलती हैं। इसे भी पढ़ें: Harbhajan Singh का दावा, Vaibhav Suryavanshi पर आक्रामक गेंदबाजी ही एकमात्र तरीका हरभजन ने कहा, ‘‘जब हमने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब खेल की रफ्तार थोड़ी धीमी थी, हालांकि वह उस समय के अनुरूप थी। तब केवल कुछ ही बल्लेबाज छक्कों पर भरोसा करते थे।’’ भारत के लिए 1998 में पदार्पण करने वाले हरभजन ने कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में टेस्ट बल्लेबाजी के प्रति अपने रवैये के मामले में ऑस्ट्रेलिया बाकी टीमों से आगे था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं 2001 से देखूं तो ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी टीम थी जो टेस्ट में तेजी से रन बनाती थी और अपने समय से आगे थी। बाकी टीमें सामान्य क्रिकेट खेलती थीं और एक दिन में 250 रन बनाती थीं, जबकि ऑस्ट्रेलिया हर बार एक दिन में 350 रन बनाने के बारे में सोचता था। उनका दबदबा था।’’ उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आई तेजी ने गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों को भी लगातार आक्रामक होती बल्लेबाजी के अनुरूप खुद को ढालने के लिए मजबूर किया। हरभजन ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे मैंने अधिक क्रिकेट खेला, हर साल टेस्ट क्रिकेट भी आगे बढ़ता गया और खेल की रफ्तार तेज होती गई। इसे भी पढ़ें: Pressure में खेली गई वो पारी! David Miller के करियर का turning point, जानिए स्पिनरों को भी अधिक सजग रहने की जरूरत पड़ी। अगर आप आक्रामक खेल के खिलाफ खुद को समय के साथ नहीं ढालते तो पीछे रहना तय था।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि गेंदबाजों को अब अलग तरीके से सोचना होगा और आक्रामक बल्लेबाजों को उनके पसंदीदा शॉट खेलने से रोकने के तरीके तलाशने होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आपको अलग योजना और अलग मानसिकता के साथ आना होगा। आपको लगातार डॉट गेंदें डालकर दबाव बनाना होगा और बल्लेबाज को अलग तरह का शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश करनी होगी।’’ हरभजन ने कहा, ‘‘2001 से अब तक टेस्ट क्रिकेट में टीमों के खेलने के तरीके में पूरी तरह बदलाव आया है। अगर आप देखें कि इंग्लैंड टेस्ट (बैजबॉल) कैसे खेलता है, तो वह एक दिन में 500 रन बनाने की कोशिश करता है और इसी कोशिश में 70 या 80 रन पर भी ऑल आउट हो सकता है।’’ खेल के बदलते स्वरूप को स्वीकार करते हुए भी हरभजन ने कहा कि उन्हें टेस्ट मैच में पहले वाली अनिश्चितता की कमी खलती है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण उस दौर में था जब हम खेलते थे। मैच पांच दिन तक चलता था और पांचवें दिन तक यह पता नहीं होता था कि कौन सी टीम जीतेगी।’’ हरभजन का यह भी मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के बढ़ते प्रभाव ने युवा क्रिकेटरों के लिए प्रोत्साहन के स्वरूप को बदल दिया है। आकर्षक टी20 टूर्नामेंट खिलाड़ियों को पहचान और आर्थिक लाभ हासिल करने का तेज रास्ता उपलब्ध कराता है। उनका मानना है कि इससे लाल गेंद के क्रिकेट से ध्यान कुछ हद तक हटा है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि लाल गेंद से सफेद गेंद क्रिकेट की ओर ध्यान थोड़ा खिसका है। इसका कारण यह है कि आईपीएल एक बहुत बड़ा मंच है, जो खिलाड़ी को पहचान के साथ-साथ बड़ी रकम भी दिलाता है। आप रातोंरात स्टार बन जाते हैं और इससे पहले कि आपको पता चले, आप भारत के लिए खेल रहे होते हैं।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘‘पहले के समय में लोग भारत के लिए खेलने के लिए 10 साल तक भी मेहनत करते थे। अमोल मजूमदार और अमरजीत केपी जैसे कई खिलाड़ी थे जिन्होंने काफी रन बनाए लेकिन भारत के लिए नहीं खेल सके क्योंकि सीनियर टीम में जगह नहीं थी।’’ हरभजन ने कहा, “लेकिन अब तीन प्रारूप हैं इसलिए भारत के लिए खेलने के ज्यादा मौके हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल की पुरानी मंडी निवासी युवा खिलाड़ी इशिता यादव का चयन एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इशिता 17 से 20 अगस्त तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता में एशिया के 15 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इशिता यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। वह शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के साथ-साथ स्केटिंग की भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं, उनके चयन से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया है। माता-पिता को दिया श्रेय इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता इंद्रजीत यादव, माता माधुरी यादव, कोच फिलिप्स सर, दादा हुक्म सिंह, दादी वीरमती देवी तथा गुदड़ी वाले हनुमान के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और कोच के लगातार सहयोग व मार्गदर्शन से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं। अनेक लोगों ने दी बधाई परिवार के सदस्यों राव मूलचंद यादव, होशियार सिंह, अजीत यादव, सुरभि यादव और रामरती देवी सहित अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने इशिता को बधाई देते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत इशिता का भारतीय टीम में चयन न केवल उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। अब सभी को उम्मीद है कि वह एशियन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और हरियाणा का नाम रोशन करेंगी।
एशिया कप से पहले 'द हंड्रेड' में अपनी स्किल पर काम कर रही हूं: दीप्ति शर्मा
लीड्स, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी और दिग्गज ऑल-राउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा है कि वह 28 अगस्त से दुबई में शुरू होने वाली महिला एशिया कप से पहले अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने समय का इस्तेमाल कर रही हैं।
टाटा स्टील ने इंडियन सुपर लीग की अपनी फुटबॉल टीम 'जमशेदपुर FC' को केवल 100 रुपए में गोवा के मशहूर स्पोर्ट्स क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचने का फैसला किया है। टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम, डील की शर्तों और भारतीय फुटबॉल पर इसके असर को QA रिपोर्ट में समझें… सवाल 1. इस ₹100 की डील में चर्चिल ब्रदर्स को क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस डील के तहत चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर FC का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मिलेंगे। इसमें 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों के एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स टेकओवर करेगा। सवाल 2. यह डील कब से लागू होगी और इसके लिए किन मंजूरी की जरूरत है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से क्लब की तमाम जिम्मेदारियों, खिलाड़ियों और कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को संभालेगा। हालांकि, इस ट्रांसफर को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है। सवाल 3. टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC बेचने का फैसला क्यों लिया? जवाब: यह फैसला टाटा स्टील के उस हालिया ऐलान के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जमशेदपुर FC आगामी ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। ISL के बढ़ते वित्तीय घाटे और लीग मॉडल की कॉमर्शियल विजिबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण कंपनी ने हटने का फैसला लिया। सवाल 4. खरीदार क्लब 'चर्चिल ब्रदर्स' का बैकग्राउंड क्या है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स गोवा का एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब है, जिसे करीब चार दशकों का अनुभव है। यह क्लब भारतीय फुटबॉल की आई-लीग का दो बार चैंपियन रह चुका है और देश के सबसे पुराने व लगातार खेलने वाले क्लबों में गिना जाता है। सवाल 5. क्या ISL में बाकी टीमों और मीडिया राइट्स की स्थिति भी खराब है? जवाब: हां, ISL का कॉमर्शियल मॉडल इस वक्त भारी दबाव में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ISL के मीडिया राइट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई है। जहां पहले जियो स्टार सालाना ₹275 करोड़ देता था, वहीं 2025-26 सीजन के लिए फैनकोड से सिर्फ ₹8.6 करोड़ का ऑफर मिला है। सवाल 6. क्या टाटा स्टील से पहले भी किसी बड़े इन्वेस्टर ने भारतीय फुटबॉल छोड़ा है? जवाब: हां, इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के मालिक 'सिटी फुटबॉल ग्रुप' (CFG) ने पिछले साल मुंबई सिटी FC से अपना इनवेस्टमेंट वापस ले लिया था। इसके अलावा, फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच 15 साल पुराना कमर्शियल एग्रीमेंट विवादों के चलते खत्म हो चुका है। सवाल 7. भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम को अब तक कितना नुकसान हो चुका है? जवाब: बाजार के अनुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 15 सालों में भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम में भारी निवेश किया गया, लेकिन इस दौरान क्लबों और निवेशकों को ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सवाल 8. क्लब बेचने के बाद क्या टाटा स्टील फुटबॉल से पूरी तरह बाहर हो जाएगी? जवाब: नहीं, टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल में निवेश जारी रखेगी। कंपनी विशेष रूप से स्थानीय और जनजातीय युवाओं के विकास पर फोकस करेगी। वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AIFF के सहयोग से यूथ एकेडमी और ग्रासरूट डेवलपमेंट के लिए करेगी। सवाल 9. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) का क्या इतिहास रहा है? जवाब: टाटा ग्रुप का भारतीय फुटबॉल में बहुत पुराना योगदान रहा है। टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) की स्थापना 1987 में हुई थी। अब तक TFA से 300 से अधिक कैडेट्स ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है JFSPL और I-League vs ISL यदि आप भारतीय फुटबॉल के प्रशंसक हैं, तो ISL के घटते वित्तीय राजस्व और बड़े कॉर्पोरेट्स के पीछे हटने से आने वाले सीजनों में लीग के फॉर्मेट, टेलीकास्ट क्वालिटी और विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाने की तैयारी है। बोर्ड उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ा सकता है। नई जिम्मेदारी में लक्ष्मण जूनियर क्रिकेट से लेकर सीनियर टीम तक के बीच तालमेल बनाएंगे। खिलाड़ियों के रिहैब, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति के साथ मेन्स और विमेंस क्रिकेट की निगरानी करेंगे। BCCI में पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाया जा रहा है। इसका मकसद सीनियर टीम, चयन समिति, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ना है। टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और सीनियर टीम तक उनके सफर की निगरानी लक्ष्मण की जिम्मेदारी में आ सकती है। BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद BCCI में डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद पहले नहीं था। इस नई जिम्मेदारी के जरिए सीनियर टीम के कोच, चयनकर्ता, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट तक एक जैसी रणनीति तैयार करना है। लक्ष्मण पहले से CoE में युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं। वे जूनियर टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और मेन्स-वूमेन्स क्रिकेट के पाथवे से जुड़े काम देखते हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी को उनके मौजूदा काम का अगला स्तर माना जा रहा है। गंभीर और अगरकर की भूमिका में अभी बदलाव नहीं रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था में लक्ष्मण की भूमिका हेड कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर से ऊपर होगी। हालांकि, इसका दोनों की मौजूदा जिम्मेदारियों पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच और अगरकर मुख्य चयनकर्ता की भूमिका में बने रहेंगे। दोनों का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक जारी रहने की बात सामने आई है। अगरकर के कार्यकाल को लेकर सितंबर में फैसला होना है मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल सितंबर में खत्म होना है। पिछले कुछ समय से टीम चयन और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर उनके फैसलों पर चर्चा रही है। ऐसे में लक्ष्मण को नई जिम्मेदारी देने को BCCI के क्रिकेटिंग सिस्टम में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मौजूदा जानकारी के मुताबिक अगरकर की जिम्मेदारी में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। गंभीर के टेस्ट भविष्य को लेकर भी चर्चा रही गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य को लेकर भी हाल के महीनों में चर्चा हुई है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रदर्शन और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज को गंभीर के रेड-बॉल क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के तौर पर लक्ष्मण की नियुक्ति का मतलब गंभीर को हटाना नहीं है। स्टाफ नियुक्त करने की जिम्मेदारी भी लक्ष्मण के पास होगी लक्ष्मण अब तक CoE में जूनियर भारतीय टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और टैलेंट डेवलपमेंट से जुड़े काम देखते रहे हैं। नई भूमिका में उनके पास कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी होगी। इससे भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहे कोच और स्टाफ एक ही दिशा में काम कर सकेंगे। लक्ष्मण की जिम्मेदारी टैलेंट की पहचान से लेकर उसे सीनियर क्रिकेट के लिए तैयार करने तक रहेगी। भारतीय क्रिकेट में एक सिस्टम बनाने की कोशिश नई भूमिका का सबसे बड़ा मकसद भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना है। अभी सीनियर टीम, सिलेक्शन कमेटी, CoE और एज-ग्रुप क्रिकेट अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। लक्ष्मण की नई भूमिका में इन सभी के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। इसका फायदा लंबे समय में खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और टैलेंट पूल को मजबूत करने में मिल सकता है। लक्ष्मण पहले से इस सिस्टम के साथ जुड़े हैं, इसलिए BCCI ने उनकी जिम्मेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। पूरी खबर
सऊदी प्रो लीग के नए सीजन का आगाज हो रहा है। कभी पूरी दुनिया के दिग्गज और उम्रदराज फुटबॉलरों पर पानी की तरह पैसा बहाने वाली लीग अब नए दौर में प्रवेश कर रही है। लीग अब ढलती उम्र के मेगास्टार्स पर पैसा खर्च करने की अपनी पुरानी रणनीति से आगे बढ़ रही है। 2023 में करीब 8000 करोड़ रुपए खर्च कर सुर्खियां बटोरने वाली लीग का फोकस अब सिर्फ नामचीन चेहरों पर नहीं, बल्कि ‘वैल्यू फॉर मनी’ और सऊदी अरब के स्थानीय फुटबॉल के स्तर को ऊपर उठाने पर है। चर्चा थी कि मिस्र के 34 वर्षीय स्टार सालाह सऊदी लीग का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, सालाह अब लीग के नए मॉडल में फिट नहीं बैठते। अब लीग ऐसे युवा खिलाड़ियों को साइन कर रही है, जिनकी भविष्य में रीसेल वैल्यू हो और जिन्हें कुछ साल बाद वापस यूरोप भेजा जा सके। लीग ने विदेशी सितारों को लाकर क्लबों का स्तर तो सुधारा है, लेकिन इसका फायदा नेशनल टीम को नहीं मिला। वर्ल्ड कप से जल्दी बाहर होने के बाद यह सवाल उठा कि क्या अरबों रुपए खर्च करने से स्थानीय खिलाड़ियों का स्तर सुधरा? वर्ल्ड कप में उरुग्वे और केप वर्डे से ड्रॉ और स्पेन से हार के बावजूद यह स्पष्ट हो गया कि स्थानीय खिलाड़ी विदेशी टैलेंट के कारण टीम से बाहर हो रहे हैं। प्लेमेकर, गोलस्कोरर और गोलकीपर जैसी अहम जगहों पर विदेशी काबिज हैं। 26 सदस्यीय वर्ल्ड कप टीम में से सिर्फ सऊद अब्दुलहामिद (लेंस क्लब) ही देश से बाहर खेलते हैं। कुल मिलाकर, सऊदी लीग के लिए 30 पार कर चुके विदेशी सितारों को भारी कीमत पर खरीदने से ज्यादा जरूरी यह है कि वह अपने स्थानीय खिलाड़ियों को मौके दे। तभी लंबी अवधि में सऊदी फुटबॉल का असली विकास संभव हो सकेगा। रोनाल्डो 1000 करियर गोल के ऐतिहासिक मुहाने पर 41 वर्षीय पुर्तगीज स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर के 1000 गोल से अब सिर्फ 24 गोल दूर हैं। अल-नासर के लिए 107 लीग मैचों में 102 गोल दाग चुके पांच बार के बैलेन डि’ओर विजेता इस सीजन में यह जादुई आंकड़ा छू सकते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि रोनाल्डो की यह व्यक्तिगत उपलब्धि लीग की लंबी अवधि की योजनाओं में कैसे फिट बैठती है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में लीग को कई अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टिंग डील मिलीं। रोनाल्डो की पीली CR7 जर्सी ने लीग को मशहूर तो किया, लेकिन अब लीग का लक्ष्य खेल की गुणवत्ता सुधारना है। इसलिए इस बार किसी यूरोपियन दिग्गज के साथ सऊदी प्रो लीग ने कोई बड़ी डील नहीं की है।
इंदौर में चल रही पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस स्पर्धा में कड़ी मेहनत के बाद अब खिताबी मुकाबला
इंदौर के अभय प्रशाल में प्रथम पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैम्पियनशिप खेली जा रही है।
मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, पदक का सूखा खत्म करने का इरादा: मनप्रीत सिंह
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह विश्व कप को जीतकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने के अभियान का शानदार आगाज करके देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा देने का होगा।आठ बार के ओलंपिक चैम्पियन भारत ने एकमात्र विश्व कप 1975 में कुआलालम्पुर में पाकिस्तान को हराकर जीता था। इससे पहले 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक अपने नाम किया था लेकिन पिछले 51 साल में पोडियम पर जगह बनाने में भारतीय टीम नाकाम रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार सबसे सुनहरा मौका है। पूल चरण में भारत (आठवीं रैंकिंग) के सामने जिन टीमों की चुनौती है, उनमें सिर्फ इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही उससे आगे है जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान परहै।टूर्नामेंट के नये प्रारूप में हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी जहां उन्हें चार चार टीमों के दो समूहों में बांटा जायेगा और दूसरे पूल की टीमों से इस दौर में सामना होगा। इसमें दूसरी क्वालीफाइड टीम के खिलाफ पिछले दौर के अपने पूल के अंक जोड़े जायेंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ उतरेगी जो पिछले दो ओलंपिक में थी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमें यकीन है कि जिस तरह से तोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था, इस बार विश्व कप में 51 साल की कमी पूरी कर देंगे। हम उसी जज्बे, उसी सोच और तैयारी के साथ यहां आये हैं। विश्व कप में पदक जीतने का दबाव नहीं है बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं। अच्छी बात यह भी है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने काफी फील्ड गोल किये है।’’भारत ने राजगीर में एशिया कप जीता लेकिन प्रो लीग के पिछले सत्र में नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान के ऊपर आठवें स्थान पर रही। विश्व कप से ठीक पहले हालांकि प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैम्पियन जर्मनी को हराया और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड को भी मात दी। कोच क्रेग फुल्टोन ने प्रो लीग 2025-26 में 33 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद विश्व कप टीम चुनी जिसमें भारत के लिये सर्वाधिक 417 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी हैं तो यशदीप सिवाच, मोहित एचएस, शिलानंद लाकड़ा समेत आठ खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा।विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में बूट कैंप में विषम परिस्थितियों का सामना करके मानसिक दृढता के साथ आई भारतीय टीम के मानसिक कोच पैडी अपटन का मानना है कि पदक के बारे में अभी से सोचने की बजाय मैच दर मैच रणनीति बनाई जायेगी। विश्व कप 2011 जीतने वाली क्रिकेट टीम और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के साथ काम कर चुके अपटन ने कहा ,‘‘ हमने इस टीम को हर हालात का सामना करने के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया है। पदक तक के सफर की चुनौतियों का सामना करने में यह टीम सक्षम है और मुझे यकीन है कि ओलंपिक के बाद विश्व कप का भी पदक जीत सकती है।’’पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है और युवा गोलकीपरों मोहित एचएस तथा सूरज करकेरा के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। वहीं डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव काम आयेगा जिनकी ड्रैग फ्लिक पर भी भारत के गोलों का दारोमदार रहेगा। मनप्रीत और हार्दिक सिंह जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी मिडफील्ड की कमान संभालने के लिये हैं तो फॉरवर्ड पंक्ति में अभिषेक और मनदीप पर नजरे रहेंगी जो 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों से सिर्फ 12 मैच दूर हैं।अपनी मेजबानी में हुए पिछले दो विश्व कप में छठे और आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन टॉनिक का काम करेगा जिसकी जरूरत उसे अगले महीने एशियाई खेलों में पड़ेगी जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना लक्ष्य है। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन टूर्नामेंट से ठीक पहले मैदान के बाहर हुए कई विवादों को हाशिये पर रखने के लिये भी जरूरी है।दूसरी ओर भारत में पिछले विश्व कप में पदार्पण के बाद लगातार दूसरा टूर्नामेंट खेल रही वेल्स टीम की नजरें उलटफेर करने पर लगी होंगी। विश्व हॉकी के मानचित्र पर खुद को स्थापित करने की कोशिश में जुटी वेल्स टीम ने इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ अभ्यास मैच खेलकर विश्व कप की तैयारी की है और उसे पिछले प्रदर्शन से बेहतर की उम्मीद है।पूल चरण में भारत को 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।
पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 11 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज से शादी की है। यह शादी तलाक की दशा में संपत्ति का बंटवारा ना होने की शर्त पर हुई है। हालांकि, तलाक होने पर रोनाल्डो अपनी पत्नी को हर महीने 1.10 करोड़ रुपये पेंशन देंगे। एक 53 करोड़ से अधिक की कीमत का बंगला भी देना होगा।
MS धोनी से प्रेरणा लेती हैं भारतीय गोलकीपर बिछू देवी, वर्ल्ड कप से पहले दिया ये बयान
विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये एमएस धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं ।
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कर्स्टन का प्लान साफ, बोले- रणनीति लागू करना सबसे बड़ी चुनौती
श्रीलंका के कोच ने बताया कि उनकी टीम ने भारत के प्रत्येक बल्लेबाज और गेंदबाज के खिलाफ अलग-अलग योजनाएं तैयार की हैं। टीम के पास खिलाड़ियों के लिए ए, बी और सी प्लान मौजूद हैं। हालांकि, कर्स्टन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और इसी वजह से किसी एक योजना पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।
मिचेल स्टार्क ने कपिल देव को छोड़ा पीछे, टॉप 10 में पहुंचने के बेहद करीब
मिचेल स्टार्क ने टेस्ट में अपने 435 विकेट पूरे कर लिए हैं। अब वे कपिल देव से आगे निकल गए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन उन्होंने एक और विकेट लेकर ये काम कर दिया।
PC: navarashtra श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम तैयार है। शुभमन गिल की लीडरशिप में भारतीय टीम पहले ही कोलंबो पहुंच चुकी है। जहां टीम ने तीन दिन का प्रैक्टिस मैच खेला। इस मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया। अब असली टेस्ट का टाइम है। पहला मैच 15 अगस्त को भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। इसके लिए टीम गॉल में एंट्री कर चुकी है। भारतीय प्लेयर्स का फूलों की माला पहनाकर ग्रैंड वेलकम किया गया। BCCI ने खुद इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस बीच, श्रीलंका ने भी अपनी टीम का अनाउंसमेंट कर दिया है। भारत- श्रीलंका पहला टेस्ट मैच भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त को खेला जाएगा। भारतीय टीम गॉल में एंट्री कर चुकी है और तैयारी शुरू कर दी है। टीम 12 अगस्त की शाम को वहां पहुंची और कुछ प्लेयर्स ने उसके तुरंत बाद तैयारी शुरू कर दी। इस बीच, यहां की पिच पर सबका ध्यान है। श्रीलंका की पिचें स्पिन बॉलर्स के लिए फेवरेबल मानी जाती हैं। अगर इस बार भी यही हाल रहा, तो टीम अपने स्पिनर्स को तैयार रखने की कोशिश करेगी। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का संघर्ष शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम पिछले कुछ समय से संघर्ष कर रही है। इसलिए, यह सीरीज़ भारत के लिए बहुत ज़रूरी है। इस बार, श्रीलंका की टीम में प्रभात जयसूर्या जैसे गेंदबाज़ हैं, जो निश्चित रूप से भारतीय टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। हालाँकि, क्योंकि मैच दो दिन दूर है, इसलिए यह भारत के लिए पिच को देखकर अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का एक मौका होगा। ये मैच WTC के तहत हैं यह सीरीज़ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के हिस्से के तौर पर खेली जाएगी। भारतीय टीम अभी WTC पॉइंट्स टेबल में पाँचवें स्थान पर है। हालाँकि, अगर वे यह सीरीज़ जीतते हैं, तो उनके पास अगले राउंड में जाने का मौका है। इसलिए, यह मुकाबला बहुत कड़ा होने की उम्मीद है। यह देखना ज़रूरी होगा कि कौन सी टीम यह सीरीज़ जीतती है। श्रीलंका टीम: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंदू मेंडिस (उप-कप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सुरियाबंदरा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशर नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो, दिलशान मदुश्का इंडिया टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सामंथा जैन, आकिब नबी, सरफराज खान
श्रीलंका में क्रिकेट कोच की दर्दनाक मौत! मैच के दौरान खिलाड़ियों से हुआ विवाद, 17 वर्षीय खिलाड़ी गिरफ्तार
PC: navarashtra भारत और श्रीलंका के बीच बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज़ शनिवार, 15 अगस्त से शुरू हो रही है। भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचने के लिए इस सीरीज़ के दोनों टेस्ट मैच जीतने की कोशिश करेगी। भारतीय टीम मैनेजमेंट दुविधा में है क्योंकि गॉल में स्पिनरों को ज़्यादा मदद मिलने की संभावना है। गौतम गंभीर और शुभमन गिल को अभी तीन स्पिनर और दो तेज़ गेंदबाज़ों पर फ़ैसला करना है। यह ज़रूरी होगा कि टीम तीन तेज़ गेंदबाज़ों को मौका देगी या फ़ाइनल 11 खिलाड़ियों में चार स्पिनर शामिल करेगी। हालाँकि, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। भारत 3 स्पिनरों के साथ मैदान में उतरेगा भारतीय टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत गॉल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की बॉलिंग स्टाइल और विकेट लेने की क्षमता अलग-अलग है। कुलदीप में अपनी लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिन से बैट्समैन को बेवकूफ बनाने की काबिलियत है, जडेजा की सटीक बॉलिंग सबसे अच्छे बैट्समैन को भी परेशान कर सकती है, जबकि सुथार की बॉलिंग हमें लेफ्ट-आर्म स्पिन बॉलिंग के ट्रेडिशनल स्टाइल की याद दिलाती है। कुलदीप का एक्सपीरियंस बहुत ज़रूरी है मोर्कल ने मीडिया से कहा, हमारे पास कुलदीप है और वह एक अग्रेसिव बॉलर है। उसका एक्सपीरियंस हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। मुझे लगता है कि वे सभी अपने-अपने स्टाइल में अलग हैं। मानव बॉल को थोड़ा ज़्यादा टर्न कराता है, जडेजा थोड़ा ज़्यादा सटीक है, और मुझे नहीं लगता कि तीन लेफ्ट-आर्म स्पिनर होना हमारे लिए कोई बड़ी चिंता की बात है। तीन स्पिनर खिलाना सही फैसला है... मोर्कल ने आगे कहा, अगर आप इस ग्राउंड की हिस्ट्री देखें, यहां मैच कैसे खेले गए हैं, तो मुझे लगता है कि तीन स्पिनरों को मौका देना सही तरीका है। हमारी स्पिन बॉलिंग को देखते हुए, यह बहुत एग्रेसिव ऑप्शन है। लेकिन पिच को देखते हुए, यह एक अच्छी पिच लग रही है और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ेगा, कुछ बदलाव होंगे। लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान शुभमन गिल इन बॉलर्स का किसी खास समय पर कैसे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन स्किल के मामले में, इन सभी में हमारे लिए 20 विकेट लेने की क्षमता है।' टीम हर सिचुएशन के लिए तैयार.. मोर्कल ने कहा, 'टीम ने हर तरह के सिचुएशन के लिए तैयारी की है, जिसमें मेंटल स्ट्रेंथ, लंबे समय तक बैटिंग करना और सही जगह पर बॉलिंग करना ज़रूरी होगा। मोर्कल फास्ट बॉलिंग को लेकर परेशान नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि प्रदीश कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने डोमेस्टिक लेवल पर मुश्किल कंडीशन में काफी क्रिकेट खेला है। यहां, उनके लिए असली चैलेंज तेज गर्मी, ह्यूमिडिटी और कूकाबुरा बॉल का सॉफ्ट होना होगा।'
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जार्जिना रोड्रिगेज ने 11 अगस्त को निजी समारोह में शादी की। शादी के बाद सामने आई रिपोर्टों में उनके विवाह की वित्तीय शर्तों की चर्चा है।
AUS vs BAN: मिचेल स्टार्क के नाम दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि, इस मामले में की कपिल देव की बराबरी
इंटरनेट डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। 36 साल के मिचेल स्टार्क ने इस मामले में श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा। इतना ही नहीं, वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत के महान कप्तान कपिल देव की बराबरी पर भी पहुंच गए हैं। मुकाबला शुरू होने से पहले स्टार्क और रंगना हेराथ टेस्ट विकेटों के मामले में बराबरी पर थे। उसके बाद विकेट लेते ही वो आगे निकल गए। 434वां टेस्ट विकेट हासिल करने के साथ मिचेल स्टार्क ने भारत के महान कप्तान और ऑलराउंडर कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के दौरान 131 टेस्ट मैच खेलकर 434 विकेट हासिल किए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट में ही छू लिया। दोनों अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। PC- JAGRAN
Hockey World Cup 2026 में ऐसा है टीम इंडिया का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से होनी है भिड़ंत
Hockey World Cup 2026 India Schedule: नीदरलैंड में 15 अगस्त से खेले जाने वाले हॉकी मेंस वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का शेड्यूल कैसा है? ये जान लीजिए।
महिला टेनिस खिलाड़ियों के लिए SRY जीन टेस्ट अनिवार्य करने के WTA के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर को पद्मश्री मिलने का इंतजार 53 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। 88 साल के इंजीनियर के मुताबिक, 1973 में अखबारों के जरिए उन्हें पता चला था कि सरकार ने उन्हें पद्मश्री के लिए चुना है। उस समय वे इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ खेल रहे थे। टीम मैनेजर हेमू अधिकारी ने भी उन्हें इसकी जानकारी दी थी। लेकिन इसके बाद उन्हें सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। न मेडल मिला और न ही प्रमाणपत्र। पद्म पुरस्कार की वेबसाइट पर इंजीनियर का नाम 1973 के पद्मश्री सम्मान पाने वालों में दर्ज है। हालांकि, इसके बाद पुरस्कार उन तक क्यों नहीं पहुंचा। इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब इस मामले में BCCI सरकार को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है। इंजीनियर बोले- मेडल ट्रॉफी कैबिनेट में रखूंगा इंजीनियर इंग्लैंड में रहते हैं, लेकिन कहते हैं कि भारत उनके दिल में है। उनका कहना है कि वे पद्मश्री को अपने घर की ट्रॉफी कैबिनेट में रखना चाहते हैं और राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में उनके और क्लाइव लॉयड के नाम पर स्टैंड हैं, लेकिन राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री लेना उनके लिए उससे भी बड़ा सम्मान होगा। जय शाह से मदद मांगी इंजीनियर ने हाल में ICC चेयरमैन जय शाह से भी इस मामले में मदद मांगी थी। उन्होंने बताया कि पिछले महीने जय शाह ने उनकी मदद करने का भरोसा दिया। इससे पहले उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से भी इस मामले में मदद मांगी थी। 1971 की ऐतिहासिक सीरीज के बाद मिला था सम्मान फारुख इंजीनियर को 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में योगदान के बाद पद्मश्री के लिए चुना गया था। उस सीरीज के तीसरे टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 59 रन बनाए। भारत की टीम 125/5 के मुश्किल स्कोर पर थी, तब इंजीनियर ने एकनाथ सोलकर के साथ साझेदारी कर टीम को संभाला। दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को 174 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। 46 टेस्ट खेले, 2,611 रन बनाए इंजीनियर ने भारत के लिए 1961 से 1975 तक 46 टेस्ट खेले। उन्होंने 2,611 रन बनाए। उनका टेस्ट औसत 31.08 रहा। वे उस दौर के मशहूर स्पिन चौकड़ी बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और एस. वेंकटराघवन के विकेटकीपर भी रहे। उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में 1966-67 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मद्रास टेस्ट का शतक शामिल है। उन्होंने उस पारी में लंच से पहले ही 94 रन बना लिए थे। शानदार बल्लेबाज और फुर्तीले विकेटकीपर थे इंजीनियर फारुख इंजीनियर अपने दौर के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते थे। वे आक्रामक बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे अपनी तेज रिफ्लेक्स के लिए मशहूर थे। यही वजह थी कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में हुई रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड-XI सीरीज के लिए उन्हें पहली पसंद का विकेटकीपर चुना गया। इंजीनियर बाद में इंग्लैंड में बस गए और लंकाशायर के लिए भी क्रिकेट खेला। MCA भी मदद के लिए आगे आया फारुख इंजीनियर ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी इस मामले में मदद मांगी है। जून-जुलाई में MCA प्रेसिडेंट-XI के इंग्लैंड दौरे के दौरान इंजीनियर को सम्मानित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने MCA के कोषाध्यक्ष अरमान मलिक से पद्मश्री का मेडल हासिल करने में मदद करने को कहा। --------------गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर
AUS vs BAN: तमीम ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने वाले बने पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज
इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में शतक ठोक दिया है। तमीम ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी पारी खेलने का बांग्लादेशी रिकॉर्ड हसन सरकार के नाम था। उन्होंने 2003 में 76 रन बनाए थे। 25 साल के तमीम के करियर का यह दूसरा ही टेस्ट मैच है। 25 साल के तंजीद हसन तमीम का टेस्ट क्रिकेट में यह पहला शतक है। उन्होंने 188 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने 8 चौकों के अलावा एक छक्का भी मारा। यह ओवरऑल टेस्ट में किसी भी बांग्लादेशी बल्लेबाज का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा शतक है। 2006 में शहरियार नफीस ने फतुल्लाह में 138 रनों की पारी खेली थी। नाथन लायन ने पवेलियन भेजा तमीम हसन शतक लगाने के बाद ज्यादा समय क्रीज पर नहीं टिक पाए। वह 101 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने उनका विकेट लिया। 197 गेंदों पर तमीम के बल्ले से 101 रन निकले। यह 2022 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ महमुदुल हसन जॉय के 137 रन के बाद किसी बांग्लादेशी ओपनर का घर से बाहर लगाया गया पहला शतक भी है। PC- cricinfo.com
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 198 रन पर समेटने के बाद बांग्लादेश ने दूसरे दिन भी अपना दबदबा बनाए रखा है। डार्विन क्रिकेट ग्राउंड पर बांग्लादेश ने टी-ब्रेक तक 286/3 रन बना लिए हैं। टीम की बढ़त 88 रन हो चुकी है। ओपनर तंजिद हसन तमीम ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर टेस्ट सेंचुरी लगाने वाले पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बने। तंजिद ने 188 गेंद में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया और आउट होने से पहले 197 गेंद पर 101 रन बनाए। इसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था। तंजिद के आउट होने के बाद कप्तान नजमुल हुसैन शांतो 79 रन बनाकर क्रीज पर हैं, जबकि मुशफिकुर रहीम 26 रन पर उनका साथ दे रहे हैं। इससे पहले तंजिद और मोमिनुल हक ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन की साझेदारी की थी। मोमिनुल 49 रन बनाकर जोश हेजलवुड की बॉल पर आउट हुए। तंजिद का दूसरा शतक तंजिद ने 188 गेंदों में शतक पूरा किया। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज बने। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश के किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर हन्नान सरकार का 76 रन था। यह उन्होंने 2003 में केर्न्स में बनाया था। तंजिद ने सिर्फ अपने दूसरे टेस्ट में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। तंजिद का 101 रन का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेशी बल्लेबाज का सिर्फ दूसरा टेस्ट शतक भी है। इससे पहले शाहिरयार नफीस ने 2006 में फातुल्लाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 138 रन बनाए थे। तंजिद-मोमिनुल ने संभाली पारी ऑस्ट्रेलिया को 198 रन पर समेटने के बाद बांग्लादेश के सामने चुनौती थी कि वह अपनी पारी को मजबूत बनाए। शुरुआत में शादमान इस्लाम 20 रन बनाकर मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हुए और बांग्लादेश का स्कोर 36/1 हो गया। इसके बाद तंजिद ने मोमिनुल हक के साथ पारी संभाली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन जोड़े। मोमिनुल 49 रन पर हेजलवुड की गेंद पर एलेक्स कैरी को कैच दे बैठे, लेकिन तंजिद ने अपनी पारी जारी रखी और शांतो के साथ मिलकर बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया के स्कोर से आगे पहुंचा दिया। तंजिद 101 रन बनाकर नाथन लियोन की गेंद पर मिचेल स्टार्क को कैच दे बैठे। तंजिद हसन के बारे में जानिए तंजिद हसन तमीम बांग्लादेश के बाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज हैं। उनका जन्म 1 दिसंबर 2000 को बोगरा, बांग्लादेश में हुआ था। वे 2020 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली बांग्लादेशी टीम का हिस्सा रहे। 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 पर ऑलआउट पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों के सामने उसकी पूरी टीम 53 ओवर में 198 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 71 रन बनाए। उन्होंने 109 गेंदों पर 7 चौके और एक छक्का लगाया। उनके अलावा ट्रेविस हेड ने 22, जेक वेदराल्ड ने 23 और एलेक्स कैरी ने 19 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत में ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड के बीच पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद बांग्लादेश ने लगातार विकेट निकाले और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 74/4 हो गया। स्मिथ ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। हसन महमूद के 6 विकेट बांग्लादेश की इस शानदार गेंदबाजी की अगुआई हसन महमूद ने की। उन्होंने 17 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए और टेस्ट क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके अलावा एबादत हुसैन ने 2/39 और तस्किन अहमद ने 2/55 विकेट लिए। बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट हासिल किए। हसन ने जेक वेदराल्ड, ट्रेविस हेड, स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन को आउट किया। यानी ऑस्ट्रेलिया के टॉप और लोअर ऑर्डर दोनों पर उन्होंने असर डाला।
भारत की 72 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में पहली बार पुरुषों (34) से ज्यादा महिला एथलीट (38) शामिल हैं। नीरज चोपड़ा, पारुल चौधरी समेत पांचों पिछली बार के स्वर्ण विजेता टीम में हैं।

