नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 से पहले, फ्रांस के नाम टूर्नामेंट के इतिहास में सिर्फ दो ब्रॉन्ज मेडल थे, लेकिन रविवार का दिन उसके लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस दिन फ्रांस ने अपने खाते में 2 गोल्ड मेडल जोड़ लिए हैं।
Duleep Trophy: ईस्ट जोन ने बनाए 355 रन, घरामी और शाहबाज ने जड़े शानदार शतक
बंगाल के मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज सुदीप घरामी ने पिछले घरेलू सत्र की शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए रविवार को दलीप ट्रॉफी के पहले दिन 146 रन की शानदार पारी खेली जिससे पूर्वी क्षेत्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 355 रन बना लिए। घरामी को शाहबाज अहमद का अच्छा साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी कर ईस्ट जोन को पांच विकेट पर 138 रन की मुश्किल स्थिति से उबारा। शाहबाज 100 रन बनाकर नाबाद रहे। दिन की शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी केवल आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से शानदार शॉट और फिर कवर ड्राइव लगाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन मणिपुर के गेंदबाज बिश्वरजीत कोंथौजाम की गेंद पर कट लगाने के प्रयास में गली में कैच दे बैठे। अभिमन्यु ईश्वरन 15 रन ही बना सके। मध्यम गति के गेंदबाज जोतिन सिंह की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। इसके बाद कुमार कुशाग्र और घरामी ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े। कुशाग्र ने 65 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 55 रन बनाए और अच्छी लय में नजर आए। घरामी ने भी पारी को संभालते हुए धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई। कुशाग्र के आउट होते ही ईस्ट जोन के विकेट जल्दी-जल्दी गिरने लगे। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज ईशान किशन और विराट सिंह भी जल्द ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद घरामी और शाहबाज ने मोर्चा संभाला। पिछले साल घरेलू क्रिकेट में 795 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर रहे घरामी ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पैरों की ओर आने वाली गेंदों को आसानी से सीमा रेखा के पार भेजा और ऑफ साइड में भी शानदार ढंग से खाली जगह तलाशते रहे। इसी दौरान उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का नौवां शतक पूरा किया। घरामी ने 185 गेंदों की अपनी पारी में 25 चौके और एक छक्का लगाया। वहीं शाहबाज ने 137 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और दो छक्के जड़े। पूर्वोत्तर क्षेत्र के गेंदबाजों के अनुभव की कमी का फायदा पूर्व क्षेत्र के बल्लेबाजों को मिला। घरामी के आउट होने तक टीम काफी हद तक संभल चुकी थी। इसके बाद शाहबाज और अनुकूल रॉय ने 67 रन और जोड़कर पहली पारी में 450 से अधिक रन बनाने की उम्मीद जगा दी।
दूसरा टेस्ट: पड्डिकल की बैक-टू-बैक सेंचुरी, पहले दिन भारत ने जड़ा 'तिहरा शतक'
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में जारी दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी की। मेहमान टीम ने देवदत्त पड्डिकल की शतकीय पारी के दम पर दिन की...
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 5 विकेट पर 300 रन बनाए। कोलंबो में खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच बहस हुई। जायसवाल के आउट होने के बाद दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपना सिर फर्नांडो के सिर से टकरा दिया। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कलाई पर चोट लगने के बाद 3 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुए। उनकी जगह रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए। इससे पहले शुभमन गिल ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 3 हजार रन पूरे किए। पहले दिन बने मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. जायसवाल और असिथा फर्नांडो में बहस पहले दिन असिथा फर्नांडो और यशस्वी जायसवाल के बीच हुई बहस चर्चा में रही। 17वें ओवर में जायसवाल ने तीन चौके लगाए, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद फर्नांडो ने उनसे कुछ कहा। पवेलियन लौट रहे जायसवाल पलटकर फर्नांडो के पास आए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान जायसवाल ने अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर से टकरा दिया। मामला बढ़ता देख श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डि-सिल्वा ने बीच-बचाव किया और दोनों को अलग किया। जायसवाल पर क्या कार्रवाई हो सकती है? 2. पंत हाथ पर गेंद लगने के बाद रिटायर्ड हर्ट 58वें ओवर में श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की बाउंसर ऋषभ पंत की कलाई पर लगी। इसके बाद पंत दर्द में दिखाई दिए। फिजियो मैदान पर आए और उनकी कलाई पर बर्फ लगाई, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। इसके बाद पंत को 3 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। 3. दिन के आखिरी ओवर में बोल्ड हुए जडेजा रवींद्र जडेजा दिन के खेल के आखिरी ओवर में क्लीन बोल्ड हो गए। 85वें ओवर में असिथा फर्नांडो की पहली गेंद को जडेजा ने छोड़ दिया। उन्हें लगा कि गेंद सीधी निकल जाएगी, लेकिन गेंद अंदर की ओर आई और उनके ऑफ-स्टंप से जा टकराई। जडेजा ने 43 रन बनाए। इसके बाद डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने पांच गेंदें खेलीं। यहां से टॉप-3 रिकॉर्ड्स… 1. IPL खेले बिना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले तीसरे भारतीय बने सारांश सारांश जैन IPL खेले बिना भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले मुरली विजय ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट और मोहम्मद शमी ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। 2. गिल ने कपिल देव को पीछे छोड़ा शुभमन गिल ने 26 साल 349 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में अपने 3 हजार रन पूरे किए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने कपिल देव को पीछे छोड़ दिया। कपिल देव ने 26 साल 356 दिन की उम्र में 3 हजार टेस्ट रन पूरे किए थे। सबसे कम उम्र में 3 हजार टेस्ट रन पूरे करने वाले भारतीयों में सचिन तेंदुलकर पहले नंबर पर हैं। उन्होंने 23 साल 228 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। 3. पडिक्कल और गिल के बीच 120 रन की शतकीय साझेदारी देवदत्त पडिक्कल और शुभमन गिल ने तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शतकीय साझेदारी की। 2019 के बाद से भारत के लिए नंबर-3 और नंबर-4 के बल्लेबाजों के बीच यह सिर्फ तीसरी शतकीय साझेदारी है। इससे पहले 2024 में विराट कोहली और सरफराज खान ने तथा 2022 में चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने तीसरे और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतकीय साझेदारी की थी।
इंदौर के सारांश जैन ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में डेब्यू कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। इसके साथ ही सारांश के अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर की शुरुआत हो गई। सारांश को टीम में शामिल किए जाने से इंदौर के क्रिकेट जगत में उत्साह का माहौल है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले सारांश को अब टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। टेस्ट मैच के लिए घोषित भारतीय प्लेइंग-11 में सारांश जैन को जगह दी गई है। वह कुलदीप यादव की जगह टीम का हिस्सा बने हैं। टीम में शामिल होने के साथ ही सारांश ने अपने करियर का नया अध्याय शुरू किया है। घरेलू क्रिकेट में बनाया मजबूत आधार सारांश ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। गेंदबाजी के साथ उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता के कारण उन्हें टीम के लिए उपयोगी ऑलराउंड विकल्प माना जाता है। अब टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के साथ इंदौर के इस क्रिकेटर के सामने खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का मौका है। शहर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी। ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया दौरे पर था बेटा, इधर पिता को हुआ कैंसर क्रिकेटर बनने का सपना हर खिलाड़ी देखता है, लेकिन इंदौर के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन का टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर केवल मेहनत का नहीं, बल्कि भावनाओं, संघर्ष और पिता के हौसले का भी है। जब सारांश का चयन मध्यप्रदेश टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ, उसी दौरान उनके पिता को मुंह के कैंसर का पता चला। परिवार ने पिता की इच्छा पर यह बात सारांश से छिपाए रखी, ताकि उनका ध्यान क्रिकेट से न भटके।पूरी खबर पढ़ें
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने सफर को शानदार बताया। उन्होंने त्रिशा जॉली संग मिलकर घरेलू सरजमीं पर हुए इस टूर्नामेंट में देश को एकमात्र मेडल दिलाया। इस उपलब्धि से जुड़ी भावनाओं से अभिभूत गायत्री ने कहा कि यह उनके लिए बहुत खास पल था।
क्या अब भी हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच सकता है भारत? जानिए पूरा गुणा-गणित
हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की भारत की राहें काफी मुश्किल हैं। इंग्लैंड और नीदरलैंड से मिली हारों ने टीम को गर्त में ढकेल दिया है। इसके बावजूद संभावनाएं बनी हुई हैं। भारत सेमीफाइनल में कैसे पहुंच सकता है, जानिए पूरा गुणा- गणित।
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीतकर खुश: त्रिशा जॉली
नई दिल्ली, भारतीय शटलर त्रिशा जॉली पिछले तीन महीनों से खुद को वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम पर खड़े होने की कल्पना कर रही थीं।
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में भी भारतीय खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल के बल्ले का कमाल देखने को मिला है, जिसमें उनके बल्ले से सीरीज में दूसरा शतक देखने को मिला है। पडिक्कल शतक पूरा करने के बाद 117 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल ने 20 अन्य पूर्व इंटरनेशनल कप्तानों के साथ पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी है। शाहबाज शरीफ सरकार को 23 अगस्त को लिखे गए पत्र में इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार करने को कहा गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान की स्वतंत्र मेडिकल जांच पूरी कराने की मांग रखी है। पूर्व कप्तानों ने दूसरी बार पत्र लिखा इस पत्र में कहा गया है- ‘छह महीने पहले 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और सही मेडिकल इलाज की अपील की थी। हमने तब राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों के तौर पर लिखा था।' उन्होंने कहा- ‘क्रिकेट मैदान पर बना यह रिश्ता उन सीमाओं और मतभेदों से ऊपर है, जो अक्सर देशों को बांटते हैं। अब हम फिर लिख रहे हैं और इस बार 7 अन्य पूर्व कप्तान भी हमारे साथ हैं।’ निजी डॉक्टरों को जांंच में शामिल करने को कहा पत्र के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को मेडिकल बोर्ड से जांच के लिए अस्पताल भेजने का आदेश दिया था। इस बोर्ड में उनके निजी डॉक्टरों और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाना था। कोर्ट ने परिवार से हर हफ्ते मुलाकात का अधिकार भी बहाल किया था। पत्र में कहा गया कि ये कदम स्वागत योग्य थे, लेकिन इमरान अस्पताल में कुछ ही घंटे रहे। कोर्ट के आदेश वाले बोर्ड के बजाय राज्य की ओर से नियुक्त टीम ने उनकी जांच की, उन्हें ‘मेडिकली फिट’ बताया और बोर्ड का काम पूरा होने से पहले उन्हें अदियाला जेल वापस भेज दिया। इमरान के परिवार और कानूनी टीम का कहना है कि यह कोर्ट के आदेश के मुताबिक नहीं हुआ। पूर्व कप्तानों ने कहा कि वे पाकिस्तान की घरेलू कानूनी प्रक्रिया पर फैसला नहीं दे रहे हैं, लेकिन मेडिकल बोर्ड को अपनी पूरी और स्वतंत्र जांच करने की अनुमति देने की अपील कर रहे हैं। जैक गोल्डस्मिथ ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखा यह विवाद ब्रिटेन तक भी पहुंच गया है। कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य और इमरान के पूर्व बहनोई जैक गोल्डस्मिथ ने 21 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखा। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री से इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया- 'अगर सार्थक हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो पाकिस्तानी सरकार इमरान खान को सिर्फ इसलिए खत्म कर देगी, क्योंकि जब तक वह जिंदा हैं, वे उनकी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए खतरा हैं।’ गोल्डस्मिथ पहले भी ब्रिटेन की संसद में इमरान की जेल का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस्लामाबाद पर ज्यादा कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों ने कहा है कि पाकिस्तान को बुनियादी आजादी, जेल में मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल इलाज तक पहुंच का सम्मान करना चाहिए। इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला अब मानवीय चिंता का विषय बन गया है। हालिया तनाव तब बढ़ा, जब इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के बजाय इस्लामाबाद के सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। PTI और पाकिस्तान सरकार ने एक-दूसरे पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने का दावा इमरान के स्वास्थ्य में गिरावट के दावों के बीच उनके वकीलों ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है। इमरान ने अक्टूबर 2025 से आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन वकीलों के मुताबिक जेल अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान सरकार ने उनकी हालत की गंभीरता पर सवाल उठाया है। इमरान के परिवार और वकीलों ने उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान से मिलने और इलाज में उन्हें शामिल करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने 48 घंटे में अस्पताल भेजने को कहा था सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को इमरान खान को 48 घंटे में अदियाला जेल से निजी शिफा अस्पताल भेजने, विशेषज्ञ व निजी डॉक्टरों से इलाज कराने और परिवार से संपर्क की अनुमति दी थी। हालांकि, सरकार ने निजी अस्पताल में इलाज का विरोध करते हुए आदेश को चुनौती दी। 22 अगस्त को आदेश के खिलाफ जाकर सरकार इमरान को निजी के बजाय सरकारी 'पिम्स' (PIMS) अस्पताल ले गई। वहां भर्ती किए बिना महज कुछ घंटे की जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया, जिस पर PTI ने सख्त ऐतराज जताया है। PTI और बहन ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया PTI ने इमरान खान को निजी अस्पताल न भेजने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर प्रधानमंत्री व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई और तय अस्पताल में इलाज की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। उधर, अस्पताल में मिलीं बहन उजमा खान के अनुसार इमरान शारीरिक रूप से ठीक हैं और आंखों की नजर में सुधार हुआ है। हालांकि, इमरान ने 10 महीने से टीवी, किताबें न मिलने और जेल में यातना दिए जाने का दावा किया है। सरकार ने PTI पर आरोप लगाया पाकिस्तान सरकार ने शनिवार, 22 अगस्त को कहा कि PTI के सदस्यों की भारी मौजूदगी के कारण इमरान को कोर्ट के आदेश वाले निजी अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल ले जाना पड़ा। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा, “कोर्ट की अवमानना निश्चित तौर पर हुई है। क्या यह PTI नहीं था जिसने ऐसा किया? क्या उन्होंने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं किया?” प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “अगर किसी ने कोर्ट की अवमानना की है, तो वह इमरान खान की बहन और उनकी पार्टी है। कैदी का परिवार कोर्ट की अवमानना कर रहा था। उनकी पार्टी लोगों को इकट्ठा करके और अधिकारियों के लिए समस्याएं खड़ी करके कोर्ट की अवमानना कर रही थी।” तरार ने कहा कि सरकार ने इमरान को उनकी बहन और शिफा अस्पताल के डॉक्टरों की मौजूदगी में मेडिकल जांच के लिए ले जाकर कोर्ट के आदेश का पालन किया।
जस्टिन लैंगर टेस्ट मैचों के दो दिन में खत्म होने से नाखुश
मैके, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज जस्टिन लैंगर ने कम समय में खत्म होने वाले टेस्ट मैचों की बढ़ती संख्या की आलोचना की है।
भारतीय टीम को 'विश्व चैंपियन' बनाने में निभाई भूमिका: दीप्ति शर्मा
नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 का वनडे विश्व कप जीता था। महिला टीम का यह पहला आईसीसी खिताब था।
साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआरसी) भोपाल की एथलीट पूजा ओला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर इंडिया इवेंट में स्वर्ण पदक जीता है। 22 अगस्त को हुई 1500 मीटर दौड़ में पूजा ने 4 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। पूजा ने शुरुआत से ही रेस में अपनी लय बनाए रखी। अंतिम चरण में उन्होंने रफ्तार बरकरार रखते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस सफलता में साई सीआरसी भोपाल में चल रहे नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रतियोगिताओं के अनुभव की अहम भूमिका रही। आरडी ने कहा- मेहनत और अनुशासन का नतीजा साई सीआरसी भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक सिंह चौहान ने पूजा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पूजा ने मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक उनके आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने पूजा के साथ उनके कोच और सपोर्ट टीम को भी बधाई दी। ‘रणनीति पर अमल और धैर्य ने दिलाया गोल्ड’ पूजा के कोच सौरभ कुमार यादव ने कहा कि रेस के दौरान पूजा ने शानदार धैर्य और आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने तय रणनीति के मुताबिक दौड़ लगाई और अंतिम चरण में अपनी गति को प्रभावी तरीके से बनाए रखा। कठिन परिस्थितियों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता और कड़ी मेहनत का परिणाम यह स्वर्ण पदक है। इस जीत से पूजा का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगामी प्रतियोगिताओं में इसका फायदा मिलेगा। मिडिल डिस्टेंस में उभरती प्रतिभा भुवनेश्वर में स्वर्ण पदक जीतकर पूजा ओला ने भारतीय मिडिल डिस्टेंस एथलेटिक्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। यह उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है। साई सीआरसी भोपाल में खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ कोचिंग और सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। पूजा की सफलता केंद्र में तैयार हो रहे खिलाड़ियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी रेखांकित करती है।
कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, ऋषभ पंत आखिरी सेशन में हुए रिटायर्ड हर्ट
भारत और श्रीलंका के बीच में कोलंबो के मैदान पर टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले का आगाज हो चुका है जिसमें पहले दिन के खेल के आखिरी सेशन में ऋषभ पंत बल्लेबाजी करते समय चोटिल हो गए जिसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन वापस लौट गए।
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय शटलर त्रिशा जॉली पिछले तीन महीनों से खुद को वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम पर खड़े होने की कल्पना कर रही थीं, आखिरकार उनका सपना सच हुआ। शनिवार को त्रिशा ने जोड़ीदार गायत्री गोपीचंद के साथ विमेंस डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश को मिली हार से भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की प्वाइंट्स टेबल में फायदा पहुंचा है। वहीं, कंगारू टीम की बादशाहत कायम है।
India vs Sri Lanka 2nd Test: Padikkal और Gill के अर्धशतक, भारत 187/3 पर मजबूत
देवदत्त पडिक्कल और कप्तान शुभमन गिल के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन रविवार को यहां चाय तक तीन विकेट पर 187 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। पडिक्कल 63 रन बनाकर खेल रहे हैं जबकि गिल चाय से पहले के अंतिम ओवर में 50 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी करके भारत को पहले सत्र में लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गंवाने के झटकों से उबारा। चाय के समय ऋषभ पंत पडिक्कल का साथ निभा रहे थे जिन्होंने अभी खाता नहीं खोला है। पडिक्कल की शुरुआत सहज नहीं रही। वह एक रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने स्पिनर केशारा नुवानथा की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका आसान कैच छोड़ दिया। पहले टेस्ट में 167 रन की पारी खेलने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और लय में आने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ कुछ आकर्षक शॉट खेले। लाहिरू कुमारा की गेंद पर लगाया गया उनका जोरदार पुल शॉट पारी के आकर्षण में से एक रहा। इसी शॉट के साथ उन्होंने 90 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। गिल ने भी बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर उनका शॉर्ट आर्म पुल दर्शनीय रहा। वह हालांकि चाय से ठीक पहले एकाग्रता गंवा बैठे और असिथा फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को राहुल (18) और जायसवाल (45) ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़कर सतर्क शुरुआत दिलाई। जायसवाल ने शानदार बल्लेबाजी की और इस दौरान कट शॉट खेलने से परहेज किया जो अतीत में कई बार उनके लिए परेशानी का सबब बना है। उन्होंने तेज गेंदबाज कुमारा की गेंदों पर लगातार दो चौके लगाए और बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव खेला। राहुल ने भी संयमित बल्लेबाजी की और जयसूर्या की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से छक्का लगाया। हालांकि कुमारा की गेंद पर स्क्वायर कट खेलने की कोशिश में राहुल ने डिकवेला को कैच थमा दिया। जायसवाल बड़ी पारी की ओर बढ़ते दिख रहे थे लेकिन फर्नांडो की अंदर आती शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। जायसवाल के आउट होने के बाद कुछ देर मैदान पर तनातनी भी दिखी। गॉल में पहले टेस्ट की दूसरी पारी में डिकवेला से हुई कहासुनी को लेकर फर्नांडो ने जायसवाल को विदाई देने का इशारा किया। जायसवाल पीछे मुड़े और दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई। इस दौरान उनका हेलमेट फर्नांडो के माथे से भी छू गया। हालांकि श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने जल्द ही स्थिति को संभाल लिया। पडिक्कल और गिल ने भारत को लंच तक दो विकेट पर 88 रन तक पहुंचाया।
मैके, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने माना कि उनकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज उन्हें कीमती अनुभव देगी, क्योंकि वे विदेशों में मुश्किल हालात में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।
38 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेटर ने किया रिटायरमेंट का ऐलान, सिर्फ 1 टेस्ट मैच में मिला मौका
कर्ण शर्मा ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उन्हें 2014 में टी20 मैच खेलने का मौका मिला। इसके बाद इसी साल विराट कोहली की कप्तानी में उन्होंने वनडे और टेस्ट डेब्यू भी किया।
बीजिंग के World Humanoid Robot Games में टूटा Usain Bolt का रिकॉर्ड, रोबोट ने रचा नया इतिहास
चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे।इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया।एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है।स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की। यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे।आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।
38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। कर्ण ने यूपी टी-20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स की ओर से खेलने के बाद यह फैसला लिया। वह 25 अगस्त को लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मेरठ मेवरिक्स के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलेंगे। 2014 में तीनों फॉर्मेट में इंटरनेशनल डेब्यू मेरठ के कर्ण ने 2014 में तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना इकलौता टेस्ट खेला। इस मैच की दोनों पारियों में उन्होंने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में उन्होंने एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल खेला और जो रूट को आउट किया। 2104 में ही श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने दोनों वनडे खेले। इसके बाद कर्ण को 2015 में जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चुना गया था, लेकिन चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए। इसके बाद उन्हें दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। घरेलू क्रिकेट में करीब 20 साल का करियर कर्ण ने 2007-08 सीजन में फर्स्ट क्लास, लिस्ट-A और टी-20 क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने पहले रणजी ट्रॉफी मैच में ही उन्होंने शतक लगाया। 2012-13 सीजन में तीन रणजी मैचों में 21 विकेट लेने के बाद उन्हें BCCI का बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर अवॉर्ड मिला। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रेलवे, आंध्र और विदर्भ को रिप्रेजेंट किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर्ण ने 97 मैचों में 270 विकेट लिए। लिस्ट-A के 123 मैचों में 153 विकेट और 191 टी-20 मैचों में 168 विकेट उनके नाम हैं। तीन अलग टीमों के साथ लगातार 3 IPL खिताब कर्ण शर्मा IPL में भी खास रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह लगातार तीन सीजन में तीन अलग-अलग टीमों के साथ IPL खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रॉफी जीती। 2021 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपना चौथा IPL खिताब भी जीता। उनका आखिरी IPL मैच 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए था। 2014 में अनकैप्ड भारतीय के लिए सबसे महंगी बोली लगी थी 2014 IPL ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कर्ण को 3.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय वह IPL ऑक्शन में सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने थे।
'हमें वापसी की जरूरत थी', दूसरे टेस्ट में मिली धमाकेदार जीत के बाद बोले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान कमिंस
मैके, 23 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में जबरदस्त वापसी करते हुए बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हराया। कंगारू कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश पर मिली जीत डार्विन की हार का सही जवाब थी।
आउट होकर आपा खो बैठे यशस्वी जायसवाल, श्रीलंकाई गेंदबाज से सेंड ऑफ मिलते ही मैदान पर हुआ जमकर बवाल
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंकाई गेंदबाज ने आउट करने के बाद उन्हें सेंड ऑफ दिया, जिसको लेकर मैदान पर काफी बवाल मचा।
भारतीय क्रिकेट में तब ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जब दो अलग-अलग भारतीय टीमें एक ही समय पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स (24 सितंबर - 3 अक्टूबर, क्रिकेट इवेंट) और 27 सितंबर से शुरू हो रही भारत-वेस्टइंडीज घरेलू सीरीज (वनडे+टी20) की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। इससे पहले 17 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ भी टी20 सीरीज है। वर्कलोड और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई 37 खिलाड़ियों का एक टैलेंट पूल तैयार कर रहा है। इसका मकसद लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 की तैयारी भी है। खास बात यह है कि दोनों आयोजनों में खेलने वाली टीमों के मैचों को इंटरनेशनल टी-20 का दर्जा मिलेगा, यानी मैदान पर दोनों ‘ए’ टीमें होंगी, ‘बी’ नहीं। भास्कर एक्सप्लेनर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई कैटेगरी आ सकती है- ‘टी20 स्पेशलिस्ट’ खिलाड़ियों का बड़ा पूल क्यों बन रहा? चार वजहें हैं। पहली- 300 दिन के बिजी शेड्यूल में चोट या खराब फॉर्म से निपटने के लिए तुरंत बैकअप तैयार रखना। दूसरी- एशियन गेम्स में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ दमदार टीम उतारना। तीसरी- शीर्ष खिलाड़ियों को आराम देकर चोटों का जोखिम कम करना। चौथी- आईपीएल के जरिए भारत के पास 25-30 ऐसे खिलाड़ी पहले से तैयार हैं जो तुरंत इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं। दो टीमों के मॉडल से क्या-क्या चुनौतियां हैं? दो चुनौतियां हैं। पहली- यह तय करना कि किस खिलाड़ी को वेस्ट इंडीज सीरीज में भेजा जाए और किसे एशियन गेम्स में। दूसरी- दोहरा लीडशिप ग्रुप यानी दो अलग टीमों के लिए दो अलग कप्तान और मुख्य कोच नियुक्त करने होंगे। इनके लिए ड्रेसिंग रूम का माहौल बनाए रखना होगा। ब्रॉडकास्टिंग, कैलेंडर पर क्या असर होगा? लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने के बाद फुटबॉल की तर्ज पर सालाना शेड्यूल बनाना होगा। ब्रॉडकास्टर्स एक ही समय पर अलग-अलग चैनलों पर दोनों टीमों के मैच दिखाकर विज्ञापनों और व्यूअरशिप से ज्यादा कमाई कर सकेंगे। क्या इससे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव आएगा? हां, टैलेंट पूल बड़ा होने से अनुबंधित खिलाड़ियों की संख्या 40 से 45 के पार जा सकती है। अभी यह संख्या 30 है। इसके साथ ही, तेज गेंदबाजों के विशेष कॉन्ट्रैक्ट की तर्ज पर ‘टी20 स्पेशलिस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ की नई कैटेगरी शुरू की जा सकती है। फ्लैशबैक 1998: जब पहली बार दो हिस्सों में बंटी टीम सितंबर 1998 में भारत ने कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स और टोरंटो सहारा कप के लिए दो अलग टीमें उतारी थीं। एक टीम कॉमनवेल्थ गेम्स (मलेशिया) में अजय जडेजा की कप्तानी में उतरी थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण जैसे सितारे थे। ये टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। दूसरी टीम सहारा कप (कनाडा) में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में खेली थी, जिसमें सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज थे। टीम को पाकिस्तान ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में 4-1 से हराया। संभावित 37 यशस्वी, वैभव समेत ये खिलाड़ी होंगे पूल में बीते 26 साल में भारतीय क्रिकेट के पास संसाधन और मैच-रेडी टैलेंट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। फिलहाल बीसीसीआई के 37 खिलाड़ियों के नए टैलेंट पूल में ये खिलाड़ी हो सकते हैं... यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बदौनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, ऋतुराज गायकवाड़, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, प्रिंस यादव, शाहबाज अहमद, सूर्यांश शेड़गे, मोहम्मद सिराज, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर।
ICC FTP में बदलाव की मांग, Sri Lanka चाहता है भारत और इंग्लैंड से अधिक टेस्ट
(जी उन्निकृष्णन)कोलंबो, 23 अगस्त श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की अंतरिम समिति के अध्यक्ष एरान विक्रमरत्ने ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में बदलाव पर जोर दिया जिससे कि श्रीलंका को भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ अधिक टेस्ट मैच खेलने को मिल सकें। श्रीलंका ने जून-जुलाई में एक साल के अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे और फिलहाल भारत के खिलाफ दो मैच की टेस्ट श्रृंखला में हिस्सा ले रहा है। श्रीलंका को इस साल छह और टेस्ट मैच खेलने हैं जिसमें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो-दो टेस्ट (विदेश में) तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो टेस्ट शामिल हैं। विक्रमरत्ने ने यहां चुनिंदा मीडिया से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण हम पर्याप्त टेस्ट नहीं खेल पा रहे हैं और यही वह प्रारूप है जिसमें हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन दौरे एफटीपी के आधार पर तय होते हैं और हमें उम्मीद है कि अगले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप) चक्र में भारत के और दौरे मिलेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि अगले चक्र में कुछ और (दौरे) होंगे इसलिए हम उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन जाहिर तौर पर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीमें हैं जिनके खिलाफ पूरी दुनिया खेलना चाहती है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें इन देशों के दौरे मिलें।’’विक्रमरत्ने ने आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अधिक संतुलित की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमें संतुलन की जरूरत है। अभी हमें 10 टेस्ट मैच खेलने हैं जबकि इस साल हमने बामुश्किल कुछ खेला है इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपने एफटीपी पर फिर से काम करने और देखने की जरूरत है कि इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है।’’विक्रमरत्ने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 और 50 ओवर के क्रिकेट ने एक तरह से कैलेंडर को काफी व्यस्त कर दिया है लेकिन हम भारत के खिलाफ खेलना चाहते हैं क्योंकि सच्चाई यह है कि हम भारत पर काफी निर्भर हैं और क्रिकेट में वह वित्तीय रूप से भी सबसे मजबूत शक्ति है।’’इसी संदर्भ में विक्रमरत्ने ने उम्मीद जताई कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हाल में हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जय शाह से बातचीत हुई है और हाल में बीसीसीआई के देवजीत सैकिया भी यहां आए थे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि श्रीलंका और दुनियाभर में क्रिकेट को विकसित करने के लिए हम मिलकर काम करें। हमें भारत के समर्थन की जरूरत है और हमें मिल रहे समर्थन की हम सराहना करते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत का अपना कैलेंडर भी काफी व्यस्त है और उसके लिए यहां आना मुश्किल होता है लेकिन हमारे लिए यह शानदार होगा अगर अधिक टीमें यहां आकर खेलें। हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर निर्भर करेगा। हां, हमारी बैठक बहुत अच्छी रही।’’श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अब अंतरिम समिति के सदस्य सिदथ वेट्टीमूनी ने एसएलसी के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए नए प्रशासकों के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह भारत में लोढ़ा आयोग के बाद बदलाव हुए और दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड ने भी कुछ बदलाव किए उसी तरह हमें भी समय के साथ बदलना होगा। मौजूदा संविधान में हमने जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं उनमें स्वतंत्र निदेशकों को शामिल करना भी है, यानी सभी निदेशक निर्वाचित नहीं होंगे।’’वेट्टीमूनी ने कहा, ‘‘यह पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा क्योंकि हमारा मानना है कि हर चीज में अधिक जवाबदेही, पारदर्शिता और स्पष्टता की जरूरत है। मेरा मानना है कि इससे श्रीलंका क्रिकेट के लिए बेहतर परिणाम आएंगे।
IND vs SL 2nd Test: कप्तान Shubman Gill ने जीता टॉस, चुनी पहले बल्लेबाजी
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।
Humanoid Robot ने Beijing में 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, 9.39 सेकंड में पूरी की रेस
। चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे। इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया। एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है। स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की। यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे। आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।
वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी में नहीं चला बल्ला, सिर्फ 6 गेंदों में पारी हुई खत्म
दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले क्वार्टर फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला पहली पारी में खामोश रहा। नॉर्थ ईस्ट टीम के खिलाफ वह 8 बॉल पर सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए।
IND vs SL 2nd Test: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, सारांश जैन का डेब्यू
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।
भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 का आगाज आज से हो रहा है। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इसमें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी खेलते नजर आए। वैभव को दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट ज़ोन का उप-कप्तान बनाया गया है। वहीं, ईशान किशन इस सीरीज की कप्तानी कर रहे हैं। टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल में आज ईस्ट जोन का सामना नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा। यह मुकाबला 9:30 बजे से बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 2 में खेला जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी 8 रन बनाकर आउट उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी 8 रन बनाकर आउट हो गए हैं। उन्होंने 6 बॉल में दो चौके लगाए हैं। उन्हें नॉर्थ ईस्ट जोन के उपकप्तान बिश्वोरजीत कोंथौजाम ने कैच आउट करवाया। जोसेफ लालथानखुमा ने उनका कैच पकड़ा था। वैभव के लिए रेड बॉल में साबित करने का मौका IPL और T20I क्रिकेट में पहचान बना चुके वैभव को रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का यह एक मौका है। उन्होंने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारत की टी-20 टीम में जगह मिली। इस टीम में बिहार से मुकेश कुमार और अनुकूल रॉय भी हैं। वहीं, आयुष लोहारूका को स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन और शाहबाज अहमद जैसे खिलाड़ी भी हैं। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में तैयारी की जिम्बाब्वे से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी की। यह कैंप विक्रम राठौर की निगरानी में हुआ। इसमें तकनीक, फिटनेस, वर्कलोड, रिकवरी और परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया गया। उनके पुराने कोच मनीष ओझा ने भी तैयारी में मदद की। वैभव के लिए स्पिन खेलने और उछाल के खिलाफ बैकफुट पर खेलने की खास तैयारी कराई गई। अलग-अलग तरह की पिचों पर अभ्यास कराया गया। ईस्ट जोन की पूरी टीम ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, शुभ्रांशु सेनापति, विराट सिंह, शाहबाज अहमद, अनुकूल रॉय, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार, मोहम्मद शमी, डेनिश दास, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, सूरज सिंधु जायसवाल और शिखर मोहन वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के हसन रजा हैं, जिन्होंने 1996 में 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में 175 रन की पारी खेली थी इससे पहले वैभव एशिया कप राइजिंग स्टार्स और अंडर-वर्ल्डकप में इंडिया की ओर से खेल चुके हैं। इसी साल जनवरी में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में उन्होंने 175 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 55 बॉल में शतक लगते हुए 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 411 रन का स्कोर बनाया और 100 रन से वर्ल्ड कप जीत लिया। वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। वैभव ने इस IPL में सबसे ज्यादा रन बनाए वैभव ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीता। वैभव ने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवॉर्ड भी जीता। इस सीजन उन्होंने 36 गेंद पर शतक लगाया था, जबकि तीन बार 90 से 100 के बीच में आउट हुए थे। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र 12 साल थी। 2024 में मुंबई और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने दो फर्स्ट क्लास मैचों में 31 रन बनाए थे। वैभव ने सचिन तेंदुलकर (15 साल) और युवराज सिंह (18 साल) को पीछे छोड़ा और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक था। उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वैभव ने लिस्ट-A (50 ओवर) में अब तक 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 44.12 की औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 190 रन रहा है। सूर्यवंशी ने इस फॉर्मेट में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 37 चौके और 23 छक्के भी जड़े हैं। BCCI ने वैभव को इंडिया-A में दी जगह IPL 2025 में वैभव ने सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन सभी परफॉरमेंस के आधार पर BCCI ने उन्हें इंडिया-A में जगह दी। वैभव का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं।
सारांश जैन ने 33 साल की उम्र में किया डेब्यू, श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिला मौका
33 साल के खिलाड़ी सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू करने का मौका मिला है। टॉस से पहले रवींद्र जडेजा ने सारांश जैन को डेब्यू कैप दिया।
हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने की भारत की उम्मीदों को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 की हार से बड़ा झटका लगा है। भारत अब पूल ई में बिना अंक के चौथे स्थान पर है और उसकी किस्मत अपने हाथ में नहीं रही।
इंडिया वर्सेस श्रीलंका दूसरा टेस्ट आज से, थोड़ी देर में होगा टॉस, भारत की नजरें क्लीन स्वीप पर
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट आज से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर टीम इंडिया इस सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी है।
वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा रहा है प्रदर्शन? 8 मैचों में एक भी सेंचुरी नहीं
दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव ईस्ट जोन की तरफ नॉर्थ ईस्ट के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे। टी20 क्रिकेट में दमदार खेल का प्रदर्शन करने वाले वैभव के सामने खुद को रेड बॉल क्रिकेट में साबित करने की चुनौती होगी। क्योंकि इस फॉर्मेट में वैभव का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है।
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले रिजर्व तेज गेंदबाज गुरनूर बरार और आकिब नबी को दलीप ट्रॉफी के लिए रिलीज नहीं करने का फैसला किया है। दोनों खिलाड़ी दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की टीम का हिस्सा हैं, लेकिन अब वे श्रीलंका में ही भारतीय टीम के साथ रहेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट रविवार से कोलंबो में शुरू होगा। कन्कशन या चोट की स्थिति में बैकअप के लिए रोका रेवस्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला कन्कशन या किसी खिलाड़ी के चोटिल होने की स्थिति में बैकअप तैयार रखने के लिए लिया है। पहले टेस्ट में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को तेज गेंदबाजों के तौर पर प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी। गुरनूर और आकिब को मौका नहीं मिला था। दूसरे टेस्ट में भी सिराज और प्रसिद्ध के खेलने की संभावना है, लेकिन किसी आपात स्थिति में टीम के पास तुरंत उपलब्ध गेंदबाज रहें, इसलिए दोनों रिजर्व खिलाड़ियों को श्रीलंका में ही रखा गया है। दलीप ट्रॉफी भी रविवार से शुरू दलीप ट्रॉफी का नया सीजन भी रविवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में गुरनूर और आकिब के लिए घरेलू टूर्नामेंट में खेलने का मौका था, लेकिन भारतीय टीम के साथ रुकने के कारण वे नॉर्थ जोन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी नजर दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन का मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा। इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर नजर रहेगी। वैभव ने बिहार के लिए 8 फर्स्ट क्लास मैचों की 12 पारियों में 17 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 93 रन है। दलीप ट्रॉफी में उनके पास फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका होगा। पुराने जोनल फॉर्मेट में लौटी दलीप ट्रॉफी BCCI ने कुछ साल पहले दलीप ट्रॉफी का जोनल फॉर्मेट हटाकर इंडिया रेड, इंडिया ब्लू और इंडिया ग्रीन जैसी टीमों का फॉर्मेट शुरू किया था। इसका मकसद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को संभावित इंटरनेशनल खिलाड़ियों को एक साथ देखने का मौका देना था। हालांकि, 2025-26 सीजन से टूर्नामेंट को फिर पुराने जोनल फॉर्मेट में वापस लाया गया है। इस फॉर्मेट की प्रासंगिकता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि इसमें शामिल कई खिलाड़ी फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम की दौड़ में नहीं हैं। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दलीप ट्रॉफी आज से, वैभव सूर्यवंशी खेलते दिखेंगे:ईस्ट जोन ने उपकप्तान बनाया; 63वें सीजन में 6 टीमों के बीच मैच भारत का 2026-27 डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है। पूरी खबर
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन का खेल ग्रेट बैरियर रीफ एरिना, मैके में जारी है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 210 रन बनाए और 146 रन की बढत ली। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत 101 रन की बढत के साथ की थी। स्टीव स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 3 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बांग्लादेश की पहली पारी 64 रन पर सिमट गई थी। पहले दिन मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली गेंद पर बांग्लादेश के ओपनर शादमान इस्लाम को आउट किया और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने पहली पारी में 6 विकेट लिए। शोरिफुल ने ग्रीन को आउट कर पूरा किया 7 विकेट का आंकड़ा ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन 165/8 के स्कोर से खेलना शुरू किया था। कैमरन ग्रीन 51 रन बनाकर नाबाद थे और उनके साथ नाथन लायन 10 रन पर खेल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के आखिरी दो बल्लेबाजों ने शुरुआत में बांग्लादेश के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। शोरिफुल ने दिन की शुरुआत में ग्रीन को शानदार इनस्विंगिंग यॉर्कर पर आउट किया। गेंद सीधे उनके पैर के अंगूठे पर लगी और वह मैदान पर गिर पड़े। अंपायर ने शुरुआत में अपील नहीं मानी, लेकिन बांग्लादेश ने DRS लिया। रिप्ले में पता चला कि बल्ले का कोई किनारा नहीं लगा था और गेंद मिडिल स्टंप पर लगती। ग्रीन 67 रन बनाकर आउट हुए। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज का सबसे अच्छा प्रदर्शन शोरिफुल ने पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट लिए। यह टेस्ट में किसी बांग्लादेशी तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने शाहदत हुसैन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में 27 रन देकर 6 विकेट लिए थे। यह किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का विदेशी मैदान पर भी सबसे अच्छा प्रदर्शन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तैजुल इस्लाम के नाम था, जिन्होंने इसी साल हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 रन देकर 7 विकेट लिए थे। आखिरी विकेट के लिए लायन-हैजलवुड ने 24 रन जोड़े ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी विकेट के लिए भी अहम रन जोड़े। नाथन लायन और जोश हेजलवुड ने 24 रन की साझेदारी की। तैजुल इस्लाम की गेंद पर हेजलवुड ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में चली गई। शादमान इस्लाम ने सर्किल के अंदर कैच पकड़ लिया। हेजलवुड ने 18 गेंदों पर 6 रन बनाए, जबकि लायन 62 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 210 रन पर आउट हुई और उसे पहली पारी में 146 रन की बढ़त मिली। पहले दिन गिरे थे 18 विकेट मैच के पहले दिन दोनों टीमों के बीच 18 विकेट गिरे थे। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली ही गेंद पर बांग्लादेश के ओपनर शादमान इस्लाम को आउट किया और पहली पारी में 6 विकेट लिए। इसके बाद शोरिफुल ने भी 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया था। बांग्लादेश की टीम पहली पारी में सिर्फ 64 रन पर ऑल आउट हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने इसका फायदा उठाते हुए बढ़त बनाई, लेकिन शोरिफुल की शानदार गेंदबाजी ने उसकी बढ़त को सीमित रखने में मदद की। अब बांग्लादेश के सामने बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के 146 रन की बढ़त लेने के बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी शुरू होनी है। बांग्लादेश को अब दूसरी पारी में मजबूत बल्लेबाजी करनी होगी, ताकि वह ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को खत्म कर मैच में वापसी कर सके। दूसरे दिन के खेल के विश्लेषण के मुताबिक, सुबह के सत्र में गेंद पहले दिन की तुलना में कम स्विंग हुई, लेकिन नई गेंद बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती है।
मार्नस लाबुशेन के खराब फॉर्म से तंग आए रिकी पोंटिंग, कहा- अब किसी और को मौका देने का समय है
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन की खराब फॉर्म के कारण टेस्ट टीम में उनकी जगह पर खतरा मंडरा रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं।
बांग्लादेश ने दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को समेटा, मेजबान टीम को मिली 146 रनों की बढ़त, देखें लाइव स्कोर
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच मैके में खेला जा रहा है। इस मैच में बांग्लादेश की टीम पहली पारी में सिर्फ 64 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 210 रन बनाने में कामयाब रही।
Gayatri Gopichand ने जीता पदक और Arjuna Award, मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने जताया गर्व
... अमित कुमार दास ...नयी दिल्ली, 22 अगस्त गायत्री गोपीचंद के लिए विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक और अर्जुन पुरस्कार से सम्मान एक ही सप्ताह में आया जिससे उनके पिता और मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की खुशी दोगुनी हो गई। गायत्री ने त्रीसा जॉली के साथ विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक जीता और इसी सप्ताह उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी हुई। बेटी की इन उपलब्धियों ने गोपीचंद को गौरवान्वित किया। ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन के इस पूर्व चैंपियन ने कहा कि गायत्री को खेलते हुए देखकर उनकी भावनाएं अन्य खिलाड़ियों से अलग नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अपने सभी खिलाड़ियों की सफलता को देखते समय उनके भीतर एक जैसा ही भाव रहता है। विश्व चैंपियनशिप में शनिवार को यहां भारत का अभियान समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोपीचंद ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि मैं इसे उस तरह शब्दों में बयां कर पाऊंगा या नहीं। लेकिन जब भी मेरे खिलाड़ियों ने खेला है, मुझे हमेशा ऐसा ही महसूस हुआ है। गायत्री के लिए मेरे मन में किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा अलग भावना नहीं रही है।”उनके शब्दों में एक कोच की निष्पक्षता साफ झलकी, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया, उसमें पिता का भाव छिपा नहीं रहा। गोपीचंद ने कहा, “जिस तरह उसने खेला है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। भगवान की कृपा से हमारे परिवार में दो अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं। दो खिलाड़ी, दो अर्जुन पुरस्कार विजेता, यह दुर्लभ है।”गोपीचंद को 1999 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं इसके लिए भगवान का आभारी हूं। हां, मुझे उसके प्रदर्शन और नतीजों पर बहुत गर्व है। जिस तरह उसने खुद को पेश किया, वह भी गर्व करने वाली बात है।”त्रीसा और गायत्री के युगल में कांस्य पदक जीतने के साथ भारत ने 2011 के बाद से हर विश्व चैंपियनशिप में कम से कम एक पदक जीतने का अपना रिकॉर्ड कायम रखा। भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कुछ करीबी मुकाबलों में मिली हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विश्व चैंपियनशिप में भारत के प्रदर्शन को कुल मिलाकर संतोषजनक करार दिया। उन्होंने आगामी एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। गोपीचंद ने कहा, “कुल मिलाकर कुछ करीबी मुकाबलों में हमारी हार दुर्भाग्यपूर्ण रही। महिला एकल में हमने दोनों मुकाबले बेहद करीबी अंतर से गंवाए। पुरुष एकल में आयुष का पहला दिन बहुत अच्छा रहा, लेकिन दूसरे दिन का प्रदर्शन थोड़ा निराशाजनक रहा।”उन्होंने कहा, “लेकिन कुल मिलाकर मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन ठीक रहा। मैं इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। कभी-कभी ऐसा होता है। हालांकि, अगली बार एशियाई खेलों में मुझे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।”उन्होंने करीबी हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हुई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की तारीफ की जबकि लक्ष्य सेन के प्रदर्शन को निराशाजनक करार देते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘ सिंधू का मुकाबला बहुत करीबी था। जिस तरह वह हारीं, वह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा। लेकिन अगर जापान ओपन में उनकी जीत और यहां के प्रदर्शन को देखें तो वह निश्चित रूप से अच्छा कर रही हैं।”गोपीचंद ने कहा, “लक्ष्य के लिए दुर्भाग्य से यह टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा। इसके पीछे के खास कारण मुझे नहीं पता। लेकिन लक्ष्य लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में रहे हैं। इसलिए वह वापसी करेंगे।
क्लीन स्वीप पर भारत की नजरें, हेड टू हेड में कौन आगे?
भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए फैन्स तैयार हैं. पहला मैच जीतने के बाद भारतीय टीम का कॉन्फिडेंस काफी बढ़ा हुआ है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम श्रीलंका को क्लीन स्वीप कर सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी.
करनाल में कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अनीश भनवाला के मकान के पते पर चार मुस्लिम लोगों के वोट बने मिले। इसका खुलासा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट की जांच में हुआ। परिवार ने जब इसकी जांच कराई तो सामने आया कि चार में से दो लोगों के आधार कार्ड भी इसी पते पर बने हुए हैं। परिवार की ओर से सेक्टर-32 थाने में शिकायत दी गई है। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों का किसी भी गतिविधि में इस्तेमाल किया जा सकता है। उनका बेटा इंटरनेशनल खिलाड़ी है। ऐसे में परिवार के मकान के पते पर इस तरह वोट और दूसरे डॉक्यूमेंट मिलना चिंताजनक है। इस मामले में जब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास वोटर लिस्ट आई थी। इसी लिस्ट की जांच के दौरान यह मामला सामने आया है। ये वोट कब बने हैं, इसकी जानकारी चुनाव आयोग ही दे पाएगा। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. 2010 में बिजली निगम के अधिकारी से खरीदा मकान अनीश के पिता एडवोकेट जगपाल ने बताया कि वह मूल रूप से सोनीपत के कसहांडी गांव के रहने वाले हैं। फिलहाल वह करनाल के सेक्टर-6 में मकान नंबर 659 में रहते हैं। घर में उनके अलावा, पत्नी पूनम, बेटा अनीश और बेटी मुस्कान है। उन्होंने यह मकान साल 2010 में सुरेंद्र मोहन से खरीदा था। सुरेंद्र मोहन बिजली निगम में अधिकारी थे। मकान में कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहा जगपाल ने बताया कि इस मकान में पहले कभी कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहा। सुरेंद्र मोहन का परिवार फिलहाल अपने पैतृक घर कर्ण विहार में रहता है। इन दिनों SIR का काम चल रहा है। इसी दौरान नई वोटर लिस्ट जारी हुई, जिसमें लोग अपने वोट की जांच कर सकते हैं और गलत नाम होने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। चार मुस्लिम लोगों के वोटर कार्ड बने मिले जगपाल ने बताया कि उनके एक दोस्त के पास भी वोटर लिस्ट थी और वह उसकी जांच कर रहे थे। इसी दौरान मकान नंबर 659 के पते पर दर्ज मतदाताओं के नाम सामने आए। सेफ अली बेग पुत्र शाहनूर बेग, शाहनूर बेग पुत्र आमीर उदीन बेग, अयान अली बेग पुत्र शाहनूर बेग और हश्मिन बेग पुत्र शाहनूर बेग के वोट उनके मकान के पते पर बने हुए हैं। दो आधार कार्ड भी इसी पते पर मिले जगपाल ने बताया कि इसके बाद वह BLO के पास पहुंचे। वहां इन लोगों के आधार कार्ड मंगवाए गए। इनमें से शाहनूर बेग और अयान अली बेग के आधार कार्ड भी मकान नंबर 659 के पते पर बने मिले। उनका कहना है कि अब यह जांच का विषय है कि इन लोगों ने मकान का पता किस आधार पर दिया और संबंधित दस्तावेज किस प्रक्रिया के तहत तैयार किए गए। जगपाल बोले- जिसने वोटर कार्ड बनाए, उसकी भी जांच हो जगपाल ने यह पता लगाया जाना चाहिए कि ये लोग कौन हैं, कहां रहते हैं और उन्होंने मकान नंबर 659 का पता क्यों और किस आधार पर दिया। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि संबंधित आधार कार्ड किसने बनाए और उनका वेरिफिकेशन किसने किया। वोटर लिस्ट में इन लोगों के नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़े गए और उनका वेरिफिकेशन किस अधिकारी या कर्मचारी ने किया, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। SHO बोले- जांच कर रहे सेक्टर-32 थाना SHO सुनील कुमार ने बताया कि शनिवार शाम को शिकायत मिली है। परिवार ने जिन चार लोगों के नाम दिए हैं, उन्हें लेकर चुनाव आयोग और BLO से बात की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FIH World Cup में Netherlands से 3-1 से हारा भारत, सेमीफाइनल की राह हुई बेहद मुश्किल
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 22 अगस्त आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नीदरलैंड के हाथों 3 -1 से हारने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को एफआईएच विश्व कप में सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो गई। नीदरलैंड ने इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, पूल के दूसरे मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हराकर भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों को कुछ हद तक जिंदा रखा। भारत को अब पूल चरण के अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना को कम से कम पांच गोल के अंतर से हराना होगा। साथ ही उसे उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड की टीम इंग्लैंड को शिकस्त दे। अच्छी शुरूआत के बावजूद आखिरी दस मिनट में की गई गलतियों ने भारत को मैच से बाहर कर दिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है। इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी। भारत के लिये मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया। नीदरलैंड के लिये डुको टेलगेनकेम्प (41वां), येप होडेमेकर्स (51वां) और वान डैम यिप (55वां) ने गोल दागे। पहले दौर में इंग्लैंड से हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं आई थी। अब अर्जेंटीना को हराने के बाद भी उसके तीन ही अंक होंगे जिससे उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई। विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम नीदरलैंड को कभी हरा नहीं सकी है। यहां 1973 विश्व कप के फाइनल में उसे डच टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराया था। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बेहद सधा हुआ खेल दिखाकर डच टीम को बांधे रखा। भारतीय बैकलाइन ने जहां कोई गलती नहीं की , वही मिडफील्ड में गेंद पर लंबे समय कब्जा नहीं रहने दिया। तीसरे मिनट में भारत ने दबाव बनातं हुए दाहिने ओर से सर्कल में प्रवेश किया लेकिन डच डिफेंडरों ने प्रयास को सफल नहीं होने दिया। आठवें मिनट में हार्दिक के पास पर राजिंदर गेंद लेकर डी के भीतर गए लेकिन एक बार फिर भारत डच डिफेंस को भेद नहीं सका। इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड के वान डाम दीस ने बायें ओर से मिले पास पर रिवर्स हिट लगाया लेकिन गेंद उनकी स्टिक के पीछे से लगकर गई थी। भारत को फ्री हिट मिली लेकिन गेंद पर से नियंत्रण चला गया। मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर डच टीमको 13वें मिनट में मिला लेकिन यिप यानसेन की ड्रैग फ्लिक को मनप्रीत ने अपनी रशिंग से बखूबी ब्लॉक किया। पहले पंद्रह मिनट में मैच पर भारतीय डिफेंस का दबदबा रहा। दूसरे क्वार्टर के शुरूआती मिनट में ही नीदरलैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से एक पर भी गोल नहीं हो सका। भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद समझदारी का प्रदर्शन करते हुए साफ सुथरी टैकलिंग की और कोई फाउल नहीं होने दिया। भारत को 24 वें मिनट में गोल करने का मौका मिला जब मनप्रीत से गेंद लेकर दिलप्रीत सर्कल में गए लेकिन डच गोलकीपर मेयेर डर्क ने गेंद भीतर नहीं जाने दी हालांकि सर्कल के भीतर राजिंदर रिबाउंड पर बेहतर निशाना साध सकते थे। ब्रेक से चार मिनट पहले हार्दिक से गेंद लेकर सुखजीत सर्कल के भीतर गए जहां दो डच डिफेंडरों ने उन्हें घेरा। गिरने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को अंपायर ने ठुकरा दिया। मनप्रीत के शॉट पर गेंद यानसेन की स्टिक से टकराई जिन्होंने उसे बाहर निकाल दिया। आखिरी मिनट में भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने एक बेहतरीन बचाव किया। हाफटाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। इस क्वार्टर में भारतीयों ने भी आगे बढकर हमले बोले लेकिन डच बैकलाइन ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 35वें मिनट में रेफरल पर मिला। अभिषेक के पास पर गेंद डच डिफेंडर के पैर से टकराई थी जिस पर अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया था। हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक नीदरलैंड के फर्स्ट रशर के पैर से लगी जिस पर भारत को रेफरल लेने पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत का शॉट बाहर से निकल गया। अब तक मुस्तैद रहे भारतीय डिफेंस को एक पल की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और नीदरलैंड ने आसान गोल कर दिया। तिमैन रेयांगा को सर्कल के भीतर गेंद मिली जिन्होंने निशाना साधा और गेंद डुको टेलगेनकेंप की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर भीतर चली गई। भारतीय गोलकीपर मोहित के पास कोई मौका नहीं था। भारत को पलटवार में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक गोलकीपर ने रोक दी। गेंद सर्कल के भीतर रहते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने रिबाउंड के प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली। भारत के लिये 47वें मिनट में अभिषेक ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे। अमित रोहिदास की स्लैप हिट डिफ्लेक्शन से बाहर निकल गई। भारत ने डिफेंडर के पैर पर गेंद लगने के कारण रिव्यू लिया और भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन संजय का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया। नीदरलैंड ने 51 वें मिनट में बढत दुगुनी कर ली जब डिफेंस से सर्कल के भीतर तक सिर्फ तीन लंबे पास पर होडेनमेकर्स ने फिनिशर का काम करते हुए गेंद को गोल के भीतर डाला। अगले मिनट जवाबी हमले पर राजिंदर ने भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया और हरमनप्रीत की तेज रफ्तार ड्रैग फ्लिक को डच डिफेंस रोक नहीं सका। भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें बंधने ही लगी थी कि नीदरलैंड ने एक और आसान गोल करके मैच पर शिकंजा कस लिया। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने गेंद गंवाई जो वान डैम के पास गई जिसे रोकने के लिये भारतीय गोलकीपर आगे निकल आये और वान डैम ने आसानी से गेंद भीतर डाल दी।
भारत का 2026-27 डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है। उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है। टी-20 में पहचान बना चुके वैभव को रेड बॉल क्रिकेट में अभी खुद को साबित करना है। दलीप ट्रॉफी में देश के अलग-अलग जोन की टीमें खेलती हैं। खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज के लिए दावेदारी पेश करेंगे। वैभव के लिए रेड बॉल का बड़ा टेस्ट वैभव ने पिछले एक साल में टी-20 क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस किया है। उन्होंने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारत की टी-20 टीम में जगह मिली। अब दलीप ट्रॉफी में उनकी नजर रेड बॉल क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन करेंगे ईस्ट जोन ने वैभव को ईशान किशन का डिप्टी बनाया है। सिलेक्टर्स का कहना है कि इससे यह देखने में मदद मिलेगी कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारी के प्रेश को कैसे संभालते हैं। ईस्ट जोन अपने अभियान की शुरुआत नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ करेगा। अगर टीम आगे बढ़ती है तो वैभव को अगले दो हफ्तों में कम से कम दो रेड बॉल मैच खेलने का मौका मिल सकता है। फाइनल तक पहुंचने पर यह संख्या तीन हो सकती है। प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने वाले यंगेस्ट प्लेयर बने थे वैभव हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। वे यह अवॉर्ड जीतने वाले दुनिया के यंगेस्ट प्लेयर बने थे। उन्होंने 3 मैचों में दो अर्धशतक की मदद से 151 रन बनाए थे। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में तैयारी की जिम्बाब्वे से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी की। यह कैंप विक्रम राठौर की निगरानी में हुआ। इसमें तकनीक, फिटनेस, वर्कलोड, रिकवरी और परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया गया। उनके पुराने कोच मनीष ओझा ने भी तैयारी में मदद की। वैभव के लिए स्पिन खेलने और उछाल के खिलाफ बैकफुट पर खेलने की खास तैयारी कराई गई। अलग-अलग तरह की पिचों पर अभ्यास कराया गया। इन खिलाड़ियों पर भी नजर टेस्ट टीम के लिए रिजर्व ओपनर की रेस में अभिमन्यु ईश्वरन, आयुष पांडे, अमन मोकाड़े और वैभव सूर्यवंशी पर नजर रहेगी। पिछले रणजी सीजन में 950 रन बनाने वाले आर स्मरण भी अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे। तेज गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। अनुभवी खिलाड़ियों में मोहम्मद शमी और करुण नायर भी शामिल हैं। शमी ने 2025-26 रणजी सीजन में 7 मैचों में 37 विकेट लिए थे। दलीप ट्रॉफी का इतिहास दलीप ट्रॉफी की शुरुआत 1961-62 में हुई थी। इसका नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुमार श्री दलीपसिंहजी के नाम पर रखा गया है। यह फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट है और लंबे समय तक जोनल फॉर्मेट में खेला जाता रहा है। बीच में इसका फॉर्मेट कई बार बदला। 2016 से 2019 तक BCCI ने इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड जैसी टीमों के साथ इसे कराया। 2022-23 में फिर जोनल फॉर्मेट लौट आया। 2024-25 में टूर्नामेंट चार टीमों के साथ खेला गया था। इंडिया-A, इंडिया-B, इंडिया-C और इंडिया-D ने हिस्सा लिया था। इसके बाद जोनल फॉर्मेट वापस आया। दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन वसीम जाफर ने बनाए दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वसीम जाफर के नाम है। उन्होंने 2545 रन बनाए हैं। नरेंद्र हिरवानी ने सबसे ज्यादा 126 विकेट लिए हैं। सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड रमन लांबा के नाम हैं, जिन्होंने 1987-88 में नॉर्थ जोन के लिए वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन बनाए थे। एक मैच में बेस्ट गेंदबाजी का रिकॉर्ड देबाशीष मोहंती के नाम है।
विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का सामना आज ऑस्ट्रेलिया से होगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा। पूल-E का यह मुकाबला रात 10:30 बजे शुरु होगा। टीम इंडिया को जीत के साथ यह भी उम्मीद करनी होगी कि इससे पहले होने वाले मुकाबला चीन, नीदरलैंड के खिलाफ हार जाए। अगर चीन जीता, तो भारत अपना मैच जीतकर भी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। नीदरलैंड 6 अंक के साथ सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। चीन के 2 अंक है, जबकि भारत और ऑस्ट्रलिया के 1-1 अंक है। तीनों टीमों के लिए यह मैच करो या मरो है। भारत-ऑस्ट्रेलिया ने इस साल 4 मैच खेले भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों ने इस साल चार मैचों की सीरीज खेली थी। इनमें भारत ने 2 मुकाबले जीते थे, जबकि 2 में उसे हार मिली। सीरीज दो-दो से ड्रॉ रहा था। भारत ने नीदरलैंड को फील्ड गोल नहीं करने दिया भारत को पिछले मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ 0-2 से हार मिली थी। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। नीदरलैंड ओपन प्ले से एक भी गोल नहीं कर सकी। गोलकीपर सविता और बिचू देवी ने कई अहम बचाव किए। भारत ने टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ भी शानदार डिफेंस करते हुए सभी 12 पेनल्टी कॉर्नर बचाए थे। नवनीत और दीपिका से गोल की उम्मीद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अटैक में बेहतर फिनिशिंग की होगी। टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। पेनल्टी कॉर्नर स्पेशलिस्ट दीपिका और फॉरवर्ड नवनीत कौर से टीम को गोल की उम्मीद होगी। दोनों टीमों का स्क्वॉड: भारत: सलीमा टेटे (कप्तान), इशिका चौधरी, निक्की प्रधान, बिचु देवी खरिबाम (गोलकीपर), सविता (गोलकीपर), शिल्पी दाबस, लालरेमसियामी, दीपिका सोरेंग, बलजीत कौर, इशिका, ज्योति, नवनीत कौर, सुशीला चानू पुखरामबम, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, रुताजा दादासो पिसाल, ललथंतलुआंगी, साक्षी राणा, ब्यूटी डुंग डुंग, दीपिका। ऑस्ट्रेलिया: ग्रेस स्टीवर्ट (कप्तान), क्लेयर कोलविल, मॉर्गन मैथिसन, एमी लॉटन, ग्रेस यंग, सारा बायर्न्स, अलीशा पावर (गोलकीपर), अबिगेल विल्सन, एलिस अर्नॉट, मकायला जोन्स, स्टेफनी केरशॉ, कैटलिन नोब्स, कोर्टनी शॉनेल, लूसी शर्मन, अलाना कवानाघ, जोसेलिन बार्ट्रम (गोलकीपर), कैरी सोमरविल, टैटम स्टीवर्ट, ओलिविया डाउन्स, मारियाह विलियम्स, नीसा फ्लिन। 23 अगस्त के सभी मैच…
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले आज खेले जाएंगे। नई दिल्ली में हो रहे इस इवेंट में चीन 3 गोल्ड मेडल जीत सकता है। फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में खेलेगी। लियू शेंग शु और टैन निंग विमेंस डबल्स के फाइनल में उतरेंगी। मेंस सिंगल्स में भी चीन फाइनल खेलेगा। फ्रांस और साउथ कोरिया के पास भी अलग-अलग इवेंट्स में 2 गोल्ड जीतने का मौका है। चीन की जोड़ी का मुकाबला साउथ कोरिया से विमेंस डबल्स में चीन की टॉप सीड लियू शेंग शु और टैन निंग का मुकाबला साउथ कोरिया की बेक हा ना और ली सो ही से होगा। मिक्स्ड डबल्स में टॉप सीड फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग फ्रांस के थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू से भिड़ेंगे। लानियर मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी फ्रांस के एलेक्स लानियर ने मेंस सिंगल्स ने इतिहास रचा है। वे वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के विक्टर लाई को 16-21, 21-13, 21-14 से हराया था। फाइनल में उनका सामना जापान के कोडाई नाराओका से होगा। मिक्स्ड डबल्स में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू की जोड़ी भी फाइनल में पहुंची है। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में फ्रांस की पहली मिक्स्ड डबल्स फाइनलिस्ट जोड़ी है। यामागुची के सामने एन से यंग विमेंस सिंगल्स के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन जापान की अकाने यामागुची और साउथ कोरिया की एन से यंग आमने-सामने होंगी। यामागुची ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-12, 21-17 से हराया था। अब उनकी नजर चौथे वर्ल्ड टाइटल पर है। भारत की ट्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल से बाहर विमेंस डबल्स में भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सफर सेमीफाइनल में खत्म हुआ। उन्हें चीन की लियू शेंग शु और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन चीन की जोड़ी ने अगले दोनों गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल मिला है। यह जोड़ी शनिवार को विमेंस डबल्स का सेमीफाइनल हार गई। उन्हें वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक घंटे 11 मिनट तक चले इस मैच में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। लेकिन, बाकी को दो गेम गंवा बैठी। भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स कैटेगरी में मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज दिलाया था। त्रिसा-गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल विनर क्लब में शामिल त्रिसा-गायत्री उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गईं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम पर जगह बनाई है। गायत्री ने कहा, ‘उस क्लब में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। अभी लंबा सफर बाकी है। यह सिर्फ शुरुआत है। हमें इस सफलता को आत्मविश्वास के साथ आगे ले जाना है।’ भारत लगातार 11 एडिशन से मेडल जीत रहा भारत ने 2011 से लगातार 11 वर्ल्ड चैंपियनशिप एडीशन में कम से कम एक मेडल जीता है। भारत को पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1983 में प्रकाश पादुकोण ने दिलाया था। एकमात्र गोल्ड पीवी सिंधु ने जीता है। अब भारत के वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल की संख्या 16 हो गई है। इनमें एक गोल्ड, 4 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज शामिल हैं। किसने क्या कहा? गायत्री ने कहा- 'हम थोड़ा ज्यादा कॉन्फिडेंट थे' गायत्री ने मैच के बाद कहा, ‘पहले गेम में हम थोड़ा ज्यादा कॉन्फिडेंट थे। दूसरे गेम में चीनियों ने बहुत धैर्य के साथ खेला। वे काफी शांत थीं। हम जल्दबाजी कर रहे थे और सिर्फ अंक लेना चाहते थे। हम अपने खेल से खुश हैं। पूरा टूर्नामेंट हमारे लिए शानदार रहा।' त्रिसा जॉली बोली- ‘आज हमारा दिन नहीं था’ त्रिसा ने कहा, 'आज हमारा दिन नहीं था। पहले गेम में जीतने के बाद दूसरे गेम की शुरुआत में भी हमारा कंट्रोल था। फिर प्रतिद्वंद्वियों ने रिदम हासिल कर लिया और हम खो बैठे।' उन्होंने आगे कहा, 'वे अंक में बढ़त बना रही थीं और हम उनकी बराबरी नहीं कर पा रहे थे। वे रैलियों के दौरान धैर्य से खेल रही थीं, जिससे उन्हें फायदा मिला।' त्रिसा-गायत्री इस साल अब तक ज्यादा टूर्नामेंट नहीं खेल सकी थीं। त्रिसा को अप्रैल में टखने में चोट लगी थी, जिसके कारण दोनों का शेड्यूल सीमित रहा। कोच गोपीचंद ने कहा- 'दोनों ने हमें गर्व महसूस कराया' भारत के चीफ कोच पुलेला गोपीचंद से जब पूछा गया कि इस समय उन्हें पिता होने पर ज्यादा गर्व है या कोच होने पर, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दोनों। जब मैं कोर्ट पर होता हूं, तो मेरे अंदर का कोच सामने होता है, लेकिन बाहर पिता होता है।' पुलेला ने कहा, ‘त्रिसा और गायत्री दोनों ने हमें गर्व महसूस कराया। उन्होंने बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी और मैं मेडल से खुश हूं। निश्चित तौर पर मैं उन्हें फाइनल में देखना चाहता था, लेकिन उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने टॉप खिलाड़ियों को हराया है, इसलिए यह शानदार प्रदर्शन रहा।’ भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 11 मिनट संघर्ष किया पहला गेम में भारतीय जोड़ी एक समय 16-18 से पीछे थी, लेकिन इसके बाद लगातार 5 अंक जीतकर शानदार वापसी की। उसने गेम 21-18 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में त्रिसा-गायत्री 8-10 से पीछे चल रही थीं। फिर इंडियन पेयर ने लगातार अंक लेकर ब्रेक तक 11-10 की बढ़त ली। ब्रेक के बाद चीनियों ने वापसी की और 21-13 से गेम जीता। तीसरे गेम में चीनी खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने 21-8 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बनाई। ----------------------------------------------- रैकेट स्पोर्टस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सिनर घुटने की चोट के कारण यूएस ओपन से हटे, कहा- ठीक होने में और समय चाहिए वर्ल्ड नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने दाएं घुटने की चोट के कारण इस महीने होने वाले यूएस ओपन से नाम वापस ले लिया है। वे सीजन के आखिरी ग्रैंड स्लैम में नहीं खेलेंगे। पढ़ें पूरी खबर
कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट, ऑफ स्पिनर को खिलाने के पक्ष में संजय मांजरेकर
कोलंबो, 22 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका के बीच रविवार से कोलंबो में टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम मैच खेला जाना है। निर्णायक मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि टीम मैनेजमेंट का बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ-स्पिनर को खिलाने का फैसला 'समझ में आने वाला' कदम होगा, क्योंकि मेजबान टीम बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर काफी निर्भर है।
हॉकी वर्ल्ड कप: 'पूल-ई' में नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत की 1-3 से हार
एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 22 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के 'स्टेज 2' के अपने पहले 'पूल-ई' मैच में भारतीय टीम को सह-मेजबान नीदरलैंड्स के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी बहुत कम हो गई हैं।
भारत और श्रीलंका के बीच में खेली जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर खेला जाएगा, जिसमें टीम इंडिया की नजरें दूसरा मैच जीत सीरीज को 2-0 से खत्म करने पर रहने वाली हैं।
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय महिला जोड़ी त्रीशा-गायत्री को महिलाओं के डबल्स इवेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की जोड़ी से तीन सेटों तक चले मुकाबले में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा जिसके चलते वह कांस्य पदक ही जीतने में कामयाब हो सकी।
हॉकी विश्व कप में एक बार फिर इतिहास रचने से चूका भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदों को लगा झटका
एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के 2026 दूसरे चरण के मुकाबले में भारतीय टीम इतिहास रचने से चूक गई। विश्व कप के अब तक के 50 से अधिक वर्षों के इतिहास में कभी भी नीदरलैंड को शिकस्त नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें पहली बार हराने और इतिहास रचने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
त्रिशा-गायत्री भविष्य में और सफलताएं हासिल करेंगी, एशियन गेम्स में नतीजे बेहतर होंगे: पुलेला गोपीचंद
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का मानना है कि त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता गया ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल भारत की अगली पीढ़ी के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकता है। इसके साथ ही उनका कहना है कि भारत की यह युवा महिला डबल्स जोड़ी भविष्य में और भी सफलताएं हासिल करेगी।
मैड्रिड, 22 अगस्त (आईएएनएस)। मौजूदा चैंपियन बार्सिलोना रविवार को एल्चे के खिलाफ अपने ला लीगा खिताब का बचाव करने की शुरुआत करेगी। एल्चे की टीम में काफी बदलाव हुए हैं और हैंसी फ्लिक की टीम नए सीजन का दमदार आगाज करना चाहेगी।
15 साल का इंतजार हुआ खत्म! त्रिशा-गायत्री ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर रचा इतिहास, शानदार प्रदर्शन से बढ़ाया भारत का मान
दूसरे टेस्ट में गिल रचेंगे नया इतिहास? 2 बड़े रिकॉर्ड पर नजर, जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे
दूसरे टेस्ट में गिल रचेंगे नया इतिहास? 2 बड़े रिकॉर्ड पर नजर, जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में शनिवार को विमेंस डबल्स सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ट्रीसा जॉली/गायत्री गोपीचंद चीन की मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू/टैन निंग के हाथों 21-18, 13-21, 8-21 से हार गई, जिसके साथ उन्हें ब्रॉन्ज मेडल के साथ संतोष करना पड़ा।
त्रीसा-गायत्री ने भारत को दिलाया कांस्य पदक, विश्व चैंपियनशिप में 15 साल बाद मिला मेडल
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना शानदार सफर खत्म किया। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वर्ल्ड नंबर 1 और टॉप सीडेड जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग से हार का सामना करना पड़ा।
BWF World Championship: Treesa-Gayatri ने Bronze जीता, चीनी चुनौती से लड़ीं भारतीय जोड़ी
शनिवार को यहाँ वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला डबल्स सेमीफ़ाइनल में, ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का शानदार सफ़र वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू और टैन निंग से कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में मिली हार के साथ खत्म हुआ; इस तरह भारतीय जोड़ी ने अपना पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता। बिना सीडिंग वाली भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम तो जीत लिया, लेकिन वे चीन की मज़बूत जोड़ी के सामने दबाव बनाए नहीं रख सके और एक घंटे 11 मिनट में 21-18, 13-21, 8-21 से हार गए। इसे भी पढ़ें: मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, व्यूज-लाइक्स नहीं: आलोचना पर Gautam Gambhir का करारा जवाब भारत ने आखिरी बार 2011 में महिला डबल्स में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का मेडल जीता था, जब लंदन में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया था। चीनी जोड़ी के खिलाफ़ भारतीय जोड़ी का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अच्छा नहीं था; अब तक हुई सात मुलाकातों में उन्हें छह बार हार का सामना करना पड़ा था और सिर्फ़ एक बार जीत मिली थी। हालांकि, ट्रीसा और गायत्री ने 7-2 की बढ़त बनाकर चीनी जोड़ी पर शुरुआत में ही दबाव बना दिया। लियू और टैन ने ज़बरदस्त रैलियों के ज़रिए तेज़ी से वापसी की। चीनी जोड़ी ने लगातार छह पॉइंट जीतकर मैच का रुख़ अपनी ओर मोड़ लिया और बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ियों ने तिरछे शॉट्स (एंगल्ड रिटर्न्स) का अच्छा इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय खिलाड़ी गलतियाँ करने पर मजबूर हुए और कई शॉट्स नेट में जा गिरे। लगातार नौ पॉइंट जीतकर लियू और टैन ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बना ली। रैलियाँ आम तौर पर छोटी थीं, जिनमें औसतन 15 शॉट्स थे, लेकिन खेल फिर से शुरू होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय वापस पा ली। ट्रीसा ने एक बेहतरीन शॉट खेलकर चीनी खिलाड़ियों की लगातार पॉइंट जीतने की लय को तोड़ा। इसे भी पढ़ें: AUS vs BAN Test: पहले ही दिन 18 विकेट गिरे, Starc और Shoriful के कहर से कांपे बल्लेबाज! फ्रंट कोर्ट पर एक और हमले ने चीनी खिलाड़ियों को कोर्ट के पिछले हिस्से में शॉट खेलने पर मजबूर कर दिया, और फिर 31 शॉट्स की एक रैली के बाद भारतीय खिलाड़ी 12-12 की बराबरी पर आ गए। इसके बाद एक शानदार मुकाबला हुआ, जो ट्रीसा के क्रॉस-कोर्ट विनर शॉट के साथ खत्म हुआ और भारत बढ़त बनाने में कामयाब रहा। भारतीयों का अटैक और तेज़ हो रहा था। हालाँकि, शॉर्ट लिफ़्ट की वजह से गायत्री को पेनल्टी मिली और चीनी जोड़ी ने 15-13 से बढ़त बना ली। इसके बाद ट्रीसा ने शानदार रिटर्न ऑफ़ सर्व किया जिससे चीनी जोड़ी मुश्किल में पड़ गई और अंतर घटकर 14-16 हो गया। जोश से भरी ट्रीसा ने इसके बाद जंप स्मैश और फ्रंट कोर्ट पर एक और आक्रामक शॉट खेला, जिससे भारत ने फिर से बराबरी कर ली। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। फ्रांस के थॉम गिकेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने पहली बार बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। उन्होंने पहला गेम गंवाने के बाद चीनी जोड़ी के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की।
जॉर्ज रसेल ने पहला जैंडवोर्ट स्प्रिंट जीता, एफ1 टाइटल की लड़ाई में फासला हुआ कम
जैंडवोर्ट (नीदरलैंड्स), 22 अगस्त (आईएएनएस)। मर्सिडीज के ड्राइवर जॉर्ज रसेल ने शनिवार को जैंडवोर्ट में आयोजित स्प्रिंट रेस जीत ली, जहां समर ब्रेक के बाद फॉर्मूला-1 की वापसी हुई। इस रेस में फेरारी के चार्ल्स लेक्लेर ने मैकलारेन ड्राइवर और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लैंडो नॉरिस को पछाड़ा।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट के पहले दिन के खेल में बांग्लादेशी प्लेयर तस्कीन अहमद और जोश हेजलवुड के बीच उस समय कहासुनी हो गई जब तस्कीन कैच लेने के दौरान हेजलवुड के सामने आ गए जिससे वह आउट होने से बच गए थे।
भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट पर बारिश का साया! 23 से 27 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम, जानें पांचों दिन का पूरा अपडेट
महिला हॉकी वर्ल्ड कप - न सिर्फ खुद की जीत, चीन के मुकाबले पर भी होंगी भारत की निगाहें
एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबला खेलेगी।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में गेंद से कहर देखने को मिला जिसमें उन्होंने सिर्फ 12 रन देने के साथ 6 विकेट हासिल किए। वहीं स्टार्क ने इस मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने के साथ टेस्ट क्रिकेट में इतिहास भी रच दिया है।
विमेंस डीपीएल: शिवी की नाबाद अर्धशतकीय पारी, स्ट्राइकर्स ने दर्ज की लगातार दूसरी जीत
नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के तीसरे मुकाबले में साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स को 10 रन से मात दी। सीजन में लगातार दूसरी जीत के बाद स्ट्राइकर्स ने प्वाइंट्स टेबल में पहला स्थान मजबूत कर लिया है। वहीं, 2 में से 1 मैच गंवाकर सुपरस्टार्स दूसरे पायदान पर है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने मेंस एशेज शेड्यूल 2027 से हेडिंग्ले को बाहर करने के फैसले को 'बेतुका' बताया है। इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए उत्तरी इलाके में कोई वेन्यू न होने पर खिलाड़ियों और कमेंटेटरों की बढ़ती आलोचना में वे भी शामिल हो गए हैं।
लंदन, 22 अगस्त (आईएएनएस)। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने मेंस एशेज शेड्यूल 2027 से हेडिंग्ले को बाहर करने के फैसले को 'बेतुका' बताया है। इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए उत्तरी इलाके में कोई वेन्यू न होने पर खिलाड़ियों और कमेंटेटरों की बढ़ती आलोचना में वे भी शामिल हो गए हैं।
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को 'डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस' नियुक्त किया
पांच बार की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) ने शनिवार को मुंबई के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को फ्रेंचाइजी के ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' नियुक्त किया है।
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को 'डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस' नियुक्त किया
मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पांच बार की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) ने शनिवार को मुंबई के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को फ्रेंचाइजी के ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' नियुक्त किया है।
2034 तक चेल्सी में बने रहेंगे जोआओ पेड्रो, क्लब ने की कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने की पुष्टि
चेल्सी के फॉरवर्ड जोआओ पेड्रो ने प्रीमियर लीग क्लब के साथ एक नए कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट साल 2034 तक के लिए किया गया है। शनिवार को क्लब ने इसकी घोषणा की है।
भारत-श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट मैच में मौसम खराब, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल
नई दिल्ली, भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है।
मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल, NADA ने बैन किया:मेफेंटरमाइन पॉजिटिव पाया गया, एशियाड में मेडल होप थे
भारतीय रेसलर मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। NADA ने उन पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। दहिया 86 किलोग्राम वेट कैटेगरी में खेलते हैं। वे सितंबर महीने में जापान में होने वाले एशियन गेम्स में भारत की मेडल होप थे। मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए दहिया दहिया मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। भारतीय दल के पास इस मामले से निपटने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। दहिया इस समय आर्मेनिया के येरेवान में हैं, जहां भारत के एशियन गेम्स के लिए चुने गए फ्रीस्टाइल पहलवान एक्सपोजर कैंप में शामिल हैं। एशियन चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर दहिया ने 2026 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर 86 किलो वर्ग में भारत के उभरते पहलवान के रूप में पहचान बनाई थी। दहिया के निलंबन के बाद एशियन गेम्स की 86 kg वेट कैटेगरी में भारत का हिस्सा लेना मुश्किल हो गया है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) एशियाड के लिए अपनी अंतिम टीम पहले ही भेज चुका था, इसलिए उनके विकल्प पर विचार करने के लिए उसके पास बहुत कम समय बचा है। दीपांशु के बाद कुश्ती में दूसरा डोपिंग मामला दहिया से पहले ग्रीको-रोमन पहलवान दीपांशु को 130 किलो वर्ग में प्रतियोगिता से बाहर कराए गए टेस्ट के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। उस मामले में WFI ने दीपांशु की जगह रोनक दहिया को टीम में शामिल कर दिया था। रोनक ने 31 मई को लखनऊ में हुए चयन ट्रायल्स में दीपांशु के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। अब प्लेयर्स की एंट्री में बदलाव करना मुश्किल WFI ने चुने गए पहलवानों की अंतिम सूची जून के पहले हफ्ते में इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन को भेज दी थी। ऐसे में 86 किलो वर्ग की एंट्री में आखिरी समय पर बदलाव करना मुश्किल दिख रहा है। फेडरेशन को दहिया के अस्थायी निलंबन का पता तब चला, जब 4 अगस्त को अपडेटेड NADA सस्पेंशन लिस्ट में उनका नाम दिखाई दिया। WFI को इतनी जल्दी जानकारी नहीं मिली कि वह उनकी जगह किसी पहलवान को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर सके। दीपांशु के मामले में फेडरेशन को समयसीमा से पहले बदलाव का मौका मिल गया था। --------------------------------------------- डोपिंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन; दूसरी बार डोपिंग टेस्ट में फेल भारत के जेवलिन थ्रोअर और टोक्यो ओलिंपियन शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन लगाया गया है। वे दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए गए है। पढ़ें पूरी खबर
BCCI को घरेलू मुकाबलों के लिए नहीं मिला टाइटल स्पॉन्सर, संभावित उम्मीदवारों से बातचीत जारी: रिपोर्ट
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के घरेलू मुकाबलों के लिए टाइटल स्पॉन्सर नहीं मिला है, क्योंकि ज्यादा कीमत की वजह से इन अधिकारों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई गई।
गौतम गंभीर का आलोचकों को जवाब- मेरा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना, लाइक्स और व्यूज देखना नहीं
भारतीय टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका मिला है। इस बदलाव के दौरान भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष टीम टॉप-8 में जगह बनाने के बाद पूल-E में अपना पहला मुकाबला मेजबान नीदरलैंड की टीम के खिलाफ खेलेगी, जिसमें उनके लिए खुद को सेमीफाइनल में पहुंचाने की रेस में शामिल रखने के लिए इस मैच को जीतना काफी अहम है।
Zolani Tete Shot Dead: पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज की South Africa में हत्या
पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज ज़ोलानी टेटे की दक्षिण अफ्रीका में स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेयटन मैकेंजी ने कहा कि 38 वर्षीय टेटे की उनकी कार में ही हत्या कर दी गई। उनके साथ वाहन में मौजूद 27 वर्षीय महिला को कई गोलियां लगीं और वह अस्पताल में भर्ती है। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand Congress ने CEO से की मुलाकात, Voter List से गलत तरीके से नाम हटाने का आरोप टेटे ने 2007-2008 में डब्ल्यूबीएफ फ्लाईवेट श्रेणी में और 2017 और 2019 में डब्ल्यूबीओ बैंटमवेट श्रेणी में विश्व मुक्केबाजी खिताब जीते थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना तब घटी जब टेटे पूर्वी केप के मडांटसेन में अपने आवास पर गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। उसी समय दो नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया।
भारत की महिला पहलवानों ने अंडर-20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में तीन और मेडल जीते। मानसी लाठर ने सिल्वर, जबकि तानवी मगदुम और कोमल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में चल रही चैंपियनशिप के 68 किलोग्राम कैटेगरी के गोल्ड मेडल मैच में मानसी को चीन की चेनलिंग सोंग के खिलाफ 1-2 से करीबी हार मिली। इसके चलते उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। तानवी ने कनाडा की पहलवान को हराया 57 किलोग्राम कैटेगरी में तानवी मगदुम ने कनाडा की अग्निया क्राकोव्स्का को 10-4 से हराया। इस जीत के साथ तानवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। कोमल ने हंगरी की पहलवान को हराया 59 किलोग्राम कैटेगरी में कोमल ने हंगरी की एडा बालाज को 5-2 से हराया। कोमल ने यह मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
Gautam Gambhir ने आलोचनाओं को नकारा, भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही मुख्य लक्ष्य
लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ‘बाहरी शोर’ से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनके खिलाफ होने वाली आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। इसे भी पढ़ें: Team India श्रीलंका में दूसरा Test जीतकर 3 साल बाद विदेशी श्रृंखला जीतने उतरेगी यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या ‘लाइक्स’ की चिंता नहीं है।’’ चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात को लेकर है कि हम क्रिकेट में आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और क्रिकेट की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले लेने चाहिए। फिलहाल हमारी बातचीत पूरी तरह क्रिकेट और खेल को आगे ले जाने के नजरिए पर ही केंद्रित रहती है।” भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। इसे भी पढ़ें: Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है।” दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।’’ गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: Shubman Gill ने Colombo में बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ किया नेट अभ्यास उन्होंने कहा, “कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।” गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, “क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।
Premier League में Arsenal ने कोवेंट्री सिटी को 3-0 से हराया, अभियान की मजबूत शुरुआत
मौजूदा चैंपियन आर्सेनल ने प्रीमियर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले मैच में कोवेंट्री सिटी पर 3-0 की जीत के साथ खिताब बचाने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। फ्रांस में अमीन गौरी के दूसरे हाफ में किए गए दो गोल की बदौलत मार्सिले ने लीग1 के पहले ही मैच में स्ट्रासबर्ग को 4-0 से करारी शिकस्त दी। स्पेनिश लीग ला लिगा में रियाल बेटिस ने रियाल सोसिएदाद को 1-0 से हराकर क्लीन शीट (मैच में गोल खाए बिना जीतना) हासिल की।। इसे भी पढ़ें: Ezri Konsa to Arsenal: इंग्लैंड के डिफेंडर का एस्टन विला से विदा होना तय, 51 मिलियन पाउंड में बनी सहमति प्रीमियर लीग खिताब के लिए 22 साल के इंतजार को खत्म करने के बाद आर्सेनल ने दमदार शुरुआत करके दिखा दिया कि वह फिर से चैंपियन बनने का प्रबल प्रबल दावेदार क्यों है। उसकी तरफ से काई हैवर्त्ज़, बुकायो साका और मार्टिन ओडेगार्ड ने गोल किए। इनमें क्रिस्टोस जोलिस ने दो गोल करने में मदद की।
Savita Punia ने साझा किया 17 साल का Hockey सफर, डर से उबरकर बनीं सीनियर मेंटोर
एक वह भी दौर था जब पड़ोस में ताऊ के घर जाने के लिये भी वह अपनी मां को दरवाजे पर खड़े रहने के लिये बोलती थी और कैमरे के सामने आने से कतराती थी लेकिन हॉकी ने सविता पूनिया में इतना आत्मविश्वास भरा कि अब न सिर्फ उन्होंने बोलना सीख लिया बल्कि एक मेंटोर के रूप में टीम के लिये खड़े होने से नहीं डरती। भारत के लिये सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बनने से चार मैच दूर सविता एफआईएच विश्व कप की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। अब तक 317 मैच खेल चुकी यह दिग्गज गोलकीपर वंदना कटारिया का 320 मैचों का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ने के करीब हैं। सविता ने अपने सत्रह साल के सफर के बारे में को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ जब मैने खेलना शुरू किया था तब मैं सीनियर से ‘गुड मार्निंग’ के अलावा ज्यादा बात नहीं कर पाती थी लेकिन आज टीम की मेंटोर के रूप में हूं। मेरा आत्मविश्वास काफी बढा है। हॉकी खेलते हुए मैने बोलना सीखा है।’’ अपना तीसरा विश्व कप खेल रही 36 वर्ष की इस दिग्गज ने कहा ,‘‘ मैं युवा खिलाड़ियों को अपने सफर के बारे में बताती हूं। आज के खिलाड़ी बहुत तेजी से इन चीजों को सीख रहे हैं। हमें बहुत समय लगा था।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ अगर मैं कहूं कि हॉकी ने मुझे पूरी तरह बदल दिया तो गलत नहीं होगा। एक समय मैं कभी घर से बाहर अकेले निकलने से भी डरती थी। इसे भी पढ़ें: Indian Hockey: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘Quarter Final’ जैसा, Semifinals की रेस में बने रहने के लिए जीत जरूरी बगल में चाचा या ताऊ के घर जाने के लिये भी मम्मी से बोलती थी कि दरवाजे पर खड़े रहना। लेकिन आज दुनिया के किसी भी कोने में अकेले जा सकती हूं।’’ पुराने अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि एक समय रोडवेज बस में कंडक्टर की बदसलूकी से इतना दुखी हो गई थी कि हॉकी छोड़ने का भी मन बना लिया था। उन्होंने कहा ,‘‘ यह 2011 की बात है जब मैं शिविर से घर जा रही थी और उस समय ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं होती थी। गोलकीपिंग बैग के साथ मेरा सामान था। शाम को बस सर्विस काफी कम थी और सामान की वजह से मुझे बस में बिठाने से मना कर दिया। कंडक्टर ने कहा कि दो टिकट ले लो लेकिन मुझे लगा कि पांच सौ रूपये तो नहीं दे सकूंगी।’’ सविता ने आगे कहा ,‘‘ फिर उसने कहा कि लड़की हो, एक आवाज दोगी तो दस लड़के आ जायेंगे। मैं इस पर रोने लगी और पापा से कहा कि अब आगे हॉकी नहीं खेलनी है। तब मेरे पापा ने तब पुरानी कार खरीदी ताकि मैं खेलना जारी रख सकूं।’’ इस विश्व कप में भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू देवी की काफी तारीफ हो रही है लेकिन सविता ने कहा कि पहले गोलकीपरों को इतना श्रेय नहीं मिलता था। उन्होंने कहा ,‘‘ भारत में गोलकीपरों को जो मुकाम मिला है , यह आसान नहीं था। इसे भी पढ़ें: FIH Women's World Cup में नीदरलैंड से 0-2 से हारी भारतीय टीम, डिफेंस ने दिखाया दम पहले लोग मैच के बाद यही पूछते थे कि गोल किसने किये, यह नहीं कि गोल किसने बचाये। ऐसी सोच थी कि कोई अनफिट है, स्लो है या हेल्दी है तो उसे गोलकीपर बना दो। अब समय बदल गया है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ गोलकीपर बनना मेरे जीवन का सबसे अच्छा फैसला था। मैं चाहती हूं कि मुझे अच्छी गोलकीपर के साथ अच्छी मेंटोर के रूप में याद रखा जाये। ’’ टीम में अपनी भूमिका के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते टीम के माहौल को अच्छा रखने पर फोकस रहता है। खिलाड़ी मेरी बात सुनते हैं और उससे कुछ अच्छा होता है तो खुशी मिलती है। नवनीत, नेहा, सलीमा, सुशीला, लालरेम्सियामी सभी सीनियर खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है और हम यही बात करते हैं कि इस टीम को एक कदम ऊपर लेकर जाना है।’’ भारतीय महिला हॉकी के तमाम उतार चढाव देख चुकी सविता ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने का मलाल खिलाड़ियों के लिये प्रेरणा बन गया है। पद्मश्री से नवाजी गई दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ तोक्यो में किसी ने सोचा नहीं था कि भारतीय महिला हॉकी टीम इतना अच्छा खेलेगी। सभी ने तारीफ की लेकिन बिना पदक के हमारे दिल में मलाल रह गया था। इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Singh ने कहा नीदरलैंड के खिलाफ 60 मिनट बेहतर खेलना जरूरी उसके बाद से व्यक्तिगत स्तर पर और एक टीम के रूप में हमने काफी मेहनत की। उससे प्रेरणा मिली थी और अगर हम अपनी स्ट्रेंथ पर खेलते हैं तो एक कदम आगे जा सकते हैं। ’’ उन्होंने कहा ,‘‘विश्व कप के बाद एशियाई खेल, लॉस एंजिलिस ओलंपिक सभी में हम इसी इरादे से खेलना चाहते हैं।’’ भविष्य के बारे में पूछने पर सविता ने कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य विश्व कप और एशियाई खेल है और इससे इतर नहीं सोच रही हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे खुद को हर दिन बेहतर बनाना अच्छा लगता है। अभी विश्व कप और एशियाई खेल काफी अहम है और इन्हीं पर फोकस रखूंगी। इसके बाद आगे का सफर देखेंगे। ’’ पहली बार हॉकी स्टिक थामने जा रहे खिलाड़ियों को क्या संदेश देना चाहेंगी , यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं माता पिता से कहूंगी कि अपने बच्चों को सपोर्ट करें। भारत में खेल बहुत आगे जा रहे हैं और हॉकी भी।आज सीनियर ,जूनियर नेशनल्स, खेलो इंडिया , हॉकी इंडिया लीग जैसे टूर्नामेंट है जिसे दिमाग में रखकर ट्रेनिंग करें।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ लेकिन इसके लिये लगन, प्रतिबद्धता और अनुशासन जरूरी है और मेहनत करेंगे तो कुछ भी हासिल कर सकेंगे। मेरी ही नहीं , टीम में कई खिलाड़ियों की कहानी सुनेंगे तो लगेगा कि क्या सच में यह संभव है लेकिन मेहनत करेंगे तो सब कुछ संभव है।
दरअसल, वैभव सूर्यवंशी अपनी अक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में अगर वह अपना स्वाभाविक खेल खेलते हैं तो वह पूरी दुनिया को रोमांचित कर सकते हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में यह इतना आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि इस प्रारुप में विकेट पर पैर जमाने वाला बल्लेबाज चाहिए होता है।
भारत बनाम श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट पर बारिश का साया, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है।
IND vs SL 2nd Test: दूसरे टेस्ट के लिए तैयार टीम इंडिया! 23 अगस्त से मुकाबला, जानें कैसी होगी प्लेइंग XI और पिच का मिजाज
साउथ अफ्रीका दो बार के वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर जोलानी टेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 38 साल के टेटे को शुक्रवार को ईस्टर्न केप के मडांत्साने में उनके घर के बाहर निशाना बनाया गया। वह अपनी कार में बैठे थे और घर का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। तभी बलाक्लावा पहने दो हथियारबंद लोगों ने उनकी कार पर कई गोलियां चला दीं। हमले में टेटे के साथ कार में मौजूद 27 साल की महिला भी घायल हुई। उसे कई गोलियां लगी हैं और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों हमलावर मौके से भाग गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 2007 में पहला वर्ल्ड टाइटल जीता टेटे ने अलग-अलग वेट कैटेगरी में वर्ल्ड टाइटल जीते थे। उन्होंने 2007 और 2008 में वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2017 और 2019 में उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग ऑर्गनईजेशन में वर्ल्ड टाइटल जीता। टेटे को बॉक्सिंग में ‘लास्ट बॉर्न’ के नाम से जाना जाता था। 11 सेकेंड में नॉकआउट, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया टेटे के नाम वर्ल्ड टाइटल फाइट में सबसे तेज नॉकआउट का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने 2017 में साउथ अफ्रीका के सिबोनिसो गोन्या को सिर्फ 11 सेकंड में नॉकआउट कर दिया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने वर्ल्ड टाइटल फाइट में सबसे तेज नॉकआउट का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आखिरी मुकाबला 2022 में खेला टेटे ने अपना आखिरी मुकाबला जुलाई 2022 में लंदन के वेम्बली एरिना में ब्रिटेन के जेसन कनिंघम के खिलाफ खेला था। उन्होंने यह मुकाबला नॉकआउट से जीता था। हालांकि, बाद में डोपिंग टेस्ट में उनके सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल मिला। इसके बाद यूके एंटी-डोपिंग एजेंसी ने उन पर चार साल का बैन लगाया। जुलाई 2026 में खत्म हुआ था बैन टेटे का चार साल का बैन 29 जुलाई 2026 को खत्म हुआ था। वह बैन खत्म होने के बाद रिंग में वापसी की तैयारी कर रहे थे। उनके मैनेजर मिला तेंगिमफेने ने बताया कि टेटे वापसी के मुकाबले के लिए ट्रेनिंग कर रहे थे। टेटे ने जनवरी में भी कहा था कि वह रिंग में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि उनका प्लान अभी पूरा नहीं हुआ है और वह वापसी के मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। करियर में 29 जीत, 4 हार टेटे ने प्रोफेशनल करियर में कुल 34 मुकाबले खेले। इनमें उन्होंने 29 मुकाबले जीते। उन्हें 4 मुकाबलों में हार मिली, जबकि 1 मुकाबला नो-कॉन्टेस्ट रहा। मंत्री बोले- देश ने बेहतरीन फाइटर्स में से एक खोया साउथ अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेटन मैकेंजी ने टेटे की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि देश ने अपने सबसे बेहतरीन फाइटर्स में से एक को खो दिया है। मैकेंजी ने टेटे के परिवार और मडांत्साने के लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि देश टेटे के नाम और उनकी विरासत को हल्के में नहीं लेगा।
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भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर के अधिकारों के लिए बोली प्रक्रिया अभी खुली हुई है। अब तक इन्हें खरीदने में किसी कंपनी की खास दिलचस्पी सामने नहीं आई है। BCCI ने बोली जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त तय की थी। Cricbuzz के मुताबिक, या तो कोई बोली नहीं मिली या मिली बोलियां बोर्ड की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। इस रेस में गूगल का एआई ब्रांड 'Gemini' सबसे आगे नजर आ रहा है, जो हाल ही में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स से जुड़ा है। इसके अलावा, सरकारी क्षेत्र की बड़ी बीमा कंपनी 'SBI Life' से भी BCCI की चर्चा चल रही है। बेस प्राइस 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच दिलचस्पी कम रहने की मुख्य वजह बेस प्राइस को माना जा रहा है। BCCI ने इसे 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच रखा है, जो मौजूदा अधिकार मूल्य 4.2 करोड़ रुपए से करीब 15.5% ज्यादा है। मौजूदा अधिकार धारक IDFC First Bank BCCI को हर घरेलू मैच के लिए 4.2 करोड़ रुपए देता है। बैंक ने ठीक तीन साल पहले ये अधिकार जीते थे। इस बार BCCI केवल दो साल के लिए अधिकार बेच रहा है। यह अवधि 31 मार्च 2028 तक होगी और इसमें करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल होंगे। इनमें 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी20 इंटरनेशनल मैच होंगे। BCCI ने अपने ITT में कहा, “सिर्फ टेंडर प्रक्रिया के लिए और BCCI की ओर से किसी प्रतिनिधित्व, वारंटी, प्रतिबद्धता या न्यूनतम गारंटी के बिना, BCCI को फिलहाल उम्मीद है कि अधिकार अवधि के दौरान करीब 35 (पैंतीस) चार्जेबल मैच कराए जा सकते हैं। यह BCCI की पूरी तरह अपने विवेक से तय होने वाली अंतिम समय-सारिणी के अधीन होगा।” पिछली अवधि में 55 इंटरनेशनल मैच थे पिछली अवधि में 55 इंटरनेशनल मैच हुए थे। इसके लिए IDFC First Bank को करीब 231 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे। अगर नया स्पॉन्सर बेस प्राइस पर अधिकार हासिल करता है, तो BCCI को दो साल में टाइटल स्पॉन्सरशिप से कम से कम 171 करोड़ रुपए मिलेंगे। अगर बोली बेस प्राइस से ज्यादा रही, तो BCCI की कमाई भी इससे ज्यादा होगी। इस अधिकार के लिए कई पार्टियों ने ITT खरीदा है। यह दस्तावेज 20 जुलाई को 1 लाख रुपए की गैर-वापसी योग्य फीस पर बिक्री के लिए रखा गया था। GroupM, ITW और Sporty Solutions जैसी पार्टियों और एजेंसियों ने ITT दस्तावेज खरीदा है। इसे खरीदने की आखिरी तारीख 5 अगस्त थी। पहला घरेलू इंटरनेशनल 27 सितंबर को BCCI के पास सौदे पर बातचीत के लिए समय है, क्योंकि सीजन का पहला घरेलू इंटरनेशनल मैच 27 सितंबर को होगा। उस दिन वेस्टइंडीज भारत दौरे पर आएगा। सितंबर के बीच में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। हालांकि, ये अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू मैच होंगे। एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी RFQ पिछली प्रक्रियाओं से अलग इस बार BCCI ने अपने आयोजनों के एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (RFQ) जारी किया है। इसके लिए बोली जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। एसोसिएट पार्टनर का चयन टाइटल स्पॉन्सर तय होने के बाद ही किया जा सकता है। टाइटल स्पॉन्सर और एसोसिएट पार्टनर एक ही सेक्टर से नहीं हो सकते। BCCI ने इस कैटेगरी के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए हैं। इसमें पेय पदार्थों के ब्रांड्स को ज्यादा रकम देनी होगी। BCCI ने कहा, “अधिकार अवधि के दौरान हर चार्जेबल मैच के अधिकारों के लिए रिजर्व प्राइस 95 लाख रुपए प्रति चार्जेबल मैच है।” बोर्ड ने आगे कहा, “अगर एसोसिएट पार्टनर का ब्रांड या प्रोडक्ट कैटेगरी ठंडे पेय पदार्थों की है, तो रिजर्व प्राइस 1.15 करोड़ रुपए प्रति चार्जेबल मैच होगा।”
ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीदरलैंड से पिछले मैच में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिये रविवार को पिछले विश्व कप की कांस्य पदक विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह खेलना होगा।दूसरे दौर के पहले मुकाबले में भारत को दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड ने शुक्रवार को 2-0 से हराया जो इस विश्व कप में उसकी पहली हार थी। डिफेंस और खासकर गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया वरना सह मेजबान टीम की जीत का अंतर और अधिक हो सकता था। नये प्रारूप के तहत भारत को ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन से नहीं खेलना है क्योंकि पहले दौर में दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है और उसके ड्रॉ रहने से भारत के पास एक अंक है। नीदरलैंड भी पूल ए में आस्ट्रेलिया को हराने से तीन अंक लेकर दूसरे दौर में पहुंचा है यानी उसके पास अब दो मैचों के छह अंक है। चीन और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहा है जिससे चीन के दो और आस्ट्रेलिया का एक अंक है। नीदरलैंड अगर चीन को हरा देता है या ड्रॉ खेलता है तो आस्ट्रेलिया को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जायेगा। वहीं चीन के हारने और भारत और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहने पर गोल औसत के आधार पर फैसला होगा। चीन ने अब तक तीन गोल गंवाये और तीन किये हैं जिससे गोल औसत शून्य है जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये हैं जिससे औसत माइनस दो है और आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये जबकि पांच गंवाये है जिससे उसका भी औसत माइनस दो है। ऐसे में भारत को चीन के बड़े अंतर से हारने की भी दुआ करनी होगी।जून में न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप जीतने से पहले आस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली भारतीय टीम ने दो बार की विश्व कप चैम्पियन टीम के खिलाफ चार करीबी मैच खेले जिनमें से दो गंवाये, एक जीता और एक ड्रॉ रहा था।आस्ट्रेलिया का प्रदर्शन ग्राफ पिछले सत्र में बहुत अच्छा नहीं रहा है और 2025 -26 प्रो लीग में टीम आठवें स्थान पर रही। चिली के सैंटियागो में विश्व कप क्वालीफायर में भी वह मेजबान टीम के बाद दूसरे स्थान पर रही थी लिहाजा भारतीय टीम के पास उसे हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सुनहरा मौका है।विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत ने अब तक अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ रहे आखिरी पूल मैच में गोलकीपर बिछू देवी और सविता के साथ डिफेंस ने बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाये। इसके बाद दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर मानी जाने वाली नीदरलैंड की यिब्बी यानसेन को भी एक ही गोल पर रोक दिया। नीदरलैंड ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन एक भी फील्ड गोल नहीं कर सके। फर्स्ट रशर सलीमा टेटे ने भी जबर्दस्त चुस्ती का प्रदर्शन करते हुए कम से कम दो गोल बचाये।भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ की लेकिन कहा कि लगातार दो दिन भारी दबाव वाले मैच खेलने का असर टीम पर पड़ा।मारिन ने कहा ,‘‘हमने लगातार दो दिन दो बड़े मैच खेले। मैं यह नहीं कह रहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो हम जीत जाते लेकिन आखिर में खिलाड़ियों से तकनीकी गलतियां हुई।’’उन्होंने कहा ,‘‘ टीम ने अच्छी इच्छाशक्ति दिखाई लेकिन मौकों को भुनाना चाहिये था। ऐसी टीमों के खिलाफ ज्यादा मौके नहीं मिलते। अब आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच को मैं क्वार्टर फाइनल की तरह समझता हूं जिसमें जीतने पर हम सेमीफाइनल में पहुंच जायेंगे।’’भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है जिसे देखते हुए अब तक के प्रदर्शन को साहसिक कहा जा सकता है। पहले ही मैच में चीन जैसी दिग्गज टीम को ड्रॉ पर रोककर ही इस टीम ने संकेत दे दिये थे कि वह टूर्नामेंट में सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं आई है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 से जीत दर्ज की और इंग्लैंड को आखिरी मैच में गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई।इस टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी 317 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरीी 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू के साथ डिफेंस ने तो अच्छा प्रदर्शन किया ही है, नवनीत कौर की अगुवाई में फॉरवर्ड पंक्ति ने भी कई मौके बनाये। भारत के पास दीपिका जैसी ड्रैग फ्लिकर हैं जो एफआईएच नेशंस कप में छह गोल कर चुकी हैं। भारत को और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और तब्दील करने पर फोकस करना होगा। सुनेलिटा टोप्पो, बलजीत कौर, साक्षी, लालरेम्सियामी , नेहा सभी ने दबाव लिये बिना अच्छा प्रदर्शन किया है और आस्ट्रेलिया से खिलाफ कोच मारिन को उनसे एक कदम आगे जाने की उम्मीद होगी।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर हो रही आलोचना का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उनका काम रैंकिंग या सोशल मीडिया के लाइक्स-व्यूज देखना नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफी जिताना है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले कोलंबो में गंभीर ने कहा कि भारत टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रहा है। टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीता था। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। रोहित-कोहली और अश्विन के जाने के बाद बदलाव भारत की टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़े बदलाव हुए हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं। इसके बाद टीम में नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसी दौर में भारत को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार मिली। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। कप्तान गिल, पडिक्कल और सुथार पर भरोसा नई टीम में शुभमन गिल कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। वह नंबर-4 पर भी बल्लेबाजी कर रहे हैं। देवदत्त पडिक्कल ने नंबर-3 पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 167 रन बनाए थे। वहीं मानव सुथार ने अपने शुरुआती टेस्ट मैचों में प्रभावित किया है। कुलदीप या सारांश, 20 विकेट लेने वाला अटैक चुनेगी टीम दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव और सारांश जैन में से किसे मौका मिलेगा, यह अभी साफ नहीं है। गंभीर ने कहा कि टीम ऐसा गेंदबाजी कॉम्बिनेशन चुनेगी, जो मैच में 20 विकेट ले सके। गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों में 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला था। इसके मुकाबले रवींद्र जडेजा और मानव सुथार का ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। गंभीर और गिल ने पिच का निरीक्षण किया दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच का निरीक्षण किया। दोनों ने पिच और परिस्थितियों को करीब से देखा। गंभीर ने गॉल की पिच को अच्छी टेस्ट पिच बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने गॉल में खेलने का आनंद लिया। वह चाहते हैं कि कोलंबो में भी अच्छी टेस्ट क्रिकेट के लिए अनुकूल पिच मिले। तीन टेस्ट की सीरीज चाहते हैं गंभीर गंभीर ने टेस्ट सीरीज को तीन मैचों का करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे टीमों को वापसी का बेहतर मौका मिलता है। उन्होंने कहा, मैं तीन टेस्ट की सीरीज चाहूंगा। कई बार अगर आप पहला टेस्ट हार जाते हैं तो दूसरी टीम वापसी नहीं कर पाती। अधिकतम वह मैच ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकती है। -----------------टीम इंडिया के शेड्यूल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है; BCB प्रेसिडेंट बोले- दोनों बोर्ड में बातचीत जारी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट तमीम इकबाल ने संकेत दिया है कि भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है। भारत को अगस्त 2025 में बांग्लादेश का दौरा करना था, लेकिन सीरीज को बाद में सितंबर 2026 तक टाल दिया गया। पढ़ें पूरी खबर
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उनका काम रैंकिंग या सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स-व्यूज की चिंता करना नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफी जिताना है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले कोलंबो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि भारत टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रहा है और टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। गंभीर ने कहा, मेरा काम ट्रॉफी जीतना है। मुझे सिर्फ इसी की परवाह है और मैं इसी में विश्वास करता हूं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद हमने अच्छा टेस्ट क्रिकेट खेला है। भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराया था। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। रोहित-कोहली और अश्विन के जाने के बाद नई टीम तैयार हो रही भारत की टेस्ट टीम पिछले कुछ समय में बड़े बदलाव से गुजरी है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद टीम में नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसी दौरान भारत को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार मिली, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा। गंभीर ने इन नतीजों को टीम के बदलाव के दौर का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और खिलाड़ियों को एक-दो मैच के प्रदर्शन के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। गिल-पडिक्कल और सुथार से नई टीम की तस्वीर गंभीर ने टीम के उभरते खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। देवदत्त पडिक्कल ने नंबर-3 पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की है, जबकि शुभमन गिल कप्तान और नंबर-4 बल्लेबाज के तौर पर टीम की नई लीडरशिप का हिस्सा हैं। मानव सुथार ने भी शुरुआती दो टेस्ट में प्रभावित किया है। बाएं हाथ के इस स्पिनर को भारतीय स्पिन विभाग के भविष्य के विकल्पों में देखा जा रहा है। गंभीर ने कहा कि टीम को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा रखना होगा और उन्हें लंबा मौका देना होगा। उनके मुताबिक एक-दो मैच के प्रदर्शन से किसी खिलाड़ी का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। कुलदीप या सारांश, 20 विकेट लेने वाला अटैक चुनेगी टीम दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव और सारांश जैन में से किसे मौका मिलेगा, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य ऐसा गेंदबाजी संयोजन चुनना है, जो मैच में 20 विकेट ले सके। गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की थी और उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला था। इसके मुकाबले रवींद्र जडेजा और मानव सुथार का ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। इसलिए कोलंबो में तीसरे स्पिनर के चयन पर नजर रहेगी। गंभीर और गिल ने कोलंबो की पिच का निरीक्षण किया दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच को करीब से देखा। दोनों ने पिच का निरीक्षण किया और मैच की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की। गंभीर ने गॉल की पिच को लेकर कहा कि वहां अच्छी टेस्ट क्रिकेट देखने को मिली और टीम ने वहां खेल का आनंद लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोलंबो में भी ऐसी पिच मिलेगी, जिस पर अच्छी टेस्ट क्रिकेट हो सके। तीन टेस्ट की सीरीज चाहते हैं गंभीर गंभीर ने टेस्ट सीरीज को तीन मैचों का करने की वकालत की। उनका कहना है कि तीन टेस्ट की सीरीज टीमों को वापसी का बेहतर मौका देती है। उन्होंने कहा, “मैं आदर्श रूप से तीन टेस्ट की सीरीज चाहूंगा। कई बार अगर आप पहला टेस्ट हार जाते हैं तो दूसरी टीम वापसी नहीं कर पाती। अधिकतम वह मैच ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकती है।” गंभीर के मुताबिक तीन टेस्ट की सीरीज में दोनों टीमों को अपनी क्षमता साबित करने और शुरुआती नतीजे के बाद वापसी करने का ज्यादा मौका मिलता है। गॉल की पिच से खुश, कोलंबो में भी वैसी ही उम्मीद गंभीर ने पहले टेस्ट की पिच को भी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि गॉल में अच्छी टेस्ट क्रिकेट हुई और भारतीय टीम ने वहां खेल का आनंद लिया। भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई है। अब कोलंबो में जीत के साथ टीम सीरीज 2-0 से अपने नाम करना चाहेगी।
लियोनेल मेस्सी को पता चल गई एक थप्पड़ की कीमत, चुकाना पड़ेगा जुर्माना, साथी खिलाड़ी भी शामिल
मियामी के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी को एक थप्पड़ की कीमत पता चल चुकी है। मेजर लीग सॉकर में डिलाडेल्फिया यूनियन के खिलाफ खेले गए मैच में मेस्सी ने क्विन सुलीवान की गर्दन पर थप्पड़ मार दिया जिसके बाद उन पर जुर्माना लगाया गया है।

