भारतीय एथलीट सीमा कुमारी ने 'एशियन गेम्स 2026' में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। गुरुवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल...
नागोया, 24 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय एथलीट सीमा कुमारी ने 'एशियन गेम्स 2026' में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। गुरुवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में सीमा (32:50.05 सेकंड) ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए भारत का 16 साल का इंतजार भी खत्म किया।
1970 के दशक में भारतीय स्पिन चौकड़ी को अबूझ पहेली माना जाता था। दुनिया का बड़े से बड़ा बल्लेबाज भारत के चार स्पिनर्स, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और राघवन, के...
एशियन गेम्स: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान को 50-25 से हराया, अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश
आइची, 24 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान पर 50-25 से शानदार हासिल की। इसी के साथ भारत ने 'ग्रुप-ए' के तीनों मुकाबलों को अपने नाम कर लिया है। गत चैंपियन पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर चुकी थी।
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर कसा जबरदस्त शिकंजा, जीत अब बेहद करीब
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है। अब तक तीन दिन का खेल खत्म हो गया है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर शिकंजा कस लिया है, अब चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 300 से अधिक रनों की जरूरत है।
Asian Games में Anantjeet Naruka और Parinaaz Dhaliwal ने जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक
अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की भारतीय स्कीट जोड़ी ने खराब शुरुआत के बावजूद दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए अंतिम निशाने तक संघर्ष जारी रखा जिससे उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस पदक के साथ भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की क्योंकि क्वालीफिकेशन के शुरुआती दौर में नरूका और परिनाज ने 50 में से सिर्फ 44 निशाने साधे थे। नरूका ने कहा, ‘‘हमारी शुरुआत मुश्किल रही। हम दोनों ने पहले दौर में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन फिर हमने एक-दूसरे से कहा कि हम अब भी वापसी कर सकते हैं। हमारे पास दो और दौर थे और हमने अंतिम निशाने तक लड़ने का फैसला किया।’’भारतीय जोड़ी ने इसके बाद अपने प्रदर्शन में सुधार किया। दूसरे दौर में उन्होंने 47 निशाने साधे और तीसरे दौर में भी इतने ही निशाने लगाकर क्वालीफिकेशन में कुल 138 अंक जुटाए और चार टीम वाले फाइनल में जगह बनाई। परिनाज ने कहा कि दोनों के बीच संदेश शुरू से अंत तक एक ही रहा कि अंतिम निशाने तक संघर्ष करते रहना है और नतीजे की चिंता बाद में करना। उन्होंने कहा, ‘‘यह अंत तक लड़ने के बारे में था। हम एक-दूसरे से कह रहे थे, ‘अपना सब कुछ झोंक देते हैं और तीसरे दौर के बाद देखते हैं कि क्या होता है।’ हमने वही किया।’’नरूका के लिए एक-दूसरे का समर्थन करना मिश्रित टीम स्पर्धा की असली भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक-दूसरे का समर्थन कर रहे थे और लगातार कहते रहे कि हमें लड़ना है। यही मिश्रित टीम का मतलब है और यही होना भी चाहिए।’’कोच फिलिपेली रिकार्डो के निर्देश भी बेहद सरल थे। परिनाज ने बताया, ‘‘उन्होंने बस कहा, ‘आगे बढ़ते रहो, आगे बढ़ते रहो।’’यह कांस्य पदक नरूका के करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके नाम पहले ही दिल्ली में विश्व कप फाइनल का व्यक्तिगत कांस्य और ओलंपिक में चौथे स्थान का प्रदर्शन दर्ज है। हालांकि एशियाई खेलों का यह पदक उन्हें ओलंपिक के प्रदर्शन से अधिक संतोष दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह (एशियाई खेलों का पदक) ज्यादा खास है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं लेकिन अगर पोडियम पर नहीं खड़े होते तो उसका कोई मतलब नहीं रहता। आज हमने संघर्ष किया, अच्छा संघर्ष किया और कांस्य जीता।’’इस नतीजे के साथ भारतीय स्कीट टीम के लिए ये दो दिन यादगार रहे जिसमें भारत ने तीन पदक जीते। नरूका को उम्मीद है कि यह सफलता इस खेल में आने वाले युवा निशानेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इस कांस्य के साथ नरूका और परिनाज दोनों के खाते में इन खेलों में दो-दो पदक हो गए हैं। नरूका इससे पहले पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जबकि परिनाज भी महिला टीम के साथ पदक जीत चुकी हैं। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में व्यक्तिगत रजत और टीम कांस्य पदक जीतने वाले नरूका ने कहा कि भारतीय निशानेबाजी दल पर पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बने दबाव के बीच यह सफलता खास तौर पर संतोषजनक है। परिनाज के लिए यह पदक उस फैसले का परिणाम है जो उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लिया था जब उन्होंने विदेश में पढ़ाई करने के बजाय निशानेबाजी को करियर के रूप में चुना था। मायो कॉलेज से स्नातक होने के बाद उनके सामने विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी जारी रखने का विकल्प था। उन्होंने वह रास्ता चुना जिसे वह वास्तव में पसंद करती थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह इसलिए करती हूं क्योंकि मुझे यह बेहद पसंद है। मैं इस खेल को लेकर जुनूनी हूं। यह मेरा शौक है और मुझे इसे करना बहुत पसंद है।’’परिनाज ने कहा, ‘‘मायो से स्नातक होने के बाद मुझे विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी अपनाने का विकल्प दिया गया था। मैं यही करना चाहती थी क्योंकि मैं अपने दिल की सुनना चाहती थी।’’शूटिंग रेंज पर उन्हें आमतौर पर ‘परी’ नाम से जाना जाता है। यह उपनाम उनके करीबी दोस्तों और परिवार दिया जो बाद में निशानेबाजी जगत में भी लोकप्रिय हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘रेंज पर मेरे करीबी दोस्तों और परिवार ने मुझे परी कहना शुरू किया। धीरे-धीरे सभी लोग मुझे परी कहने लगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब कोई मुझे परी कहकर बुलाता है तो मैं समझ जाती हूं कि वह मेरे करीब है।’’हालांकि इस पदक का जश्न मनाने के लिए नरूका के पास ज्यादा समय नहीं होगा। उनका अगला लक्ष्य दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप है जहां उनके पास भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल करने का भी मौका होगा।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ खेले जा रहे चार दिवसीय मुकाबले के तीसरे दिन इंडिया-ए की टीम दूसरी पारी में 199 रन पर ऑलआउट हो गई। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया-ए ने दूसरी पारी में 2 विकेट पर 55 रन बना लिए हैं। भारत ने पहली पारी में 334 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम 171 रन पर सिमट गई। इस तरह इंडिया-ए को पहली पारी में 163 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में 199 रन बनाने के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया-ए के सामने जीत के लिए 363 रन का टारगेट रखा है। देवदत्त पडिक्कल ने 59 रन बनाए इंडिया-ए के लिए दूसरी पारी में देवदत्त पडिक्कल ने सबसे ज्यादा 59 रन बनाए। उन्होंने 72 गेंदों पर 50 रन पूरे किए, जिसमें 6 चौके शामिल थे। कुमार कुशाग्र ने 46 रन की पारी खेली। इंडिया-ए ने 57.4 ओवर में 199 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉड मर्फी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके। ब्रेंडन डॉगेट और लियम स्कॉट ने 2-2 विकेट लिए। जेसन संघा को एक विकेट मिला। प्रफुल हिंगे रन आउट हुए। मुलानी-कोटियन को 1-1 विकेट ऑस्ट्रेलिया-ए की दूसरी पारी में नाथन मैकस्वीनी 23 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब बिना खाता खोले नाबाद लौटे। सैम कॉन्स्टास 20 और कैंपबेल केलावे शून्य पर आउट हुए। रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने 36 रन के स्कोर पर पहला और 55 रन पर दूसरा विकेट गंवाया। भारत की ओर से शम्स मुलानी और तनुष कोटियन को 1-1 विकेट मिला।
IPL 2027 का मिनी ऑक्शन गोवा में होगा, दिसंबर में नीलामी की तैयारी; तारीख अभी तय नहीं
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Asian Games: अबतक भारत को 15 Medals, कल इनसे होगी उम्मीदें
भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है - इसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। मेडल इवेंट्स के पांचवें दिन, भारत को अच्छी शुरुआत मिली जब रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा वुशु इवेंट में सिल्वर मेडल जीता - यह एशियाई खेलों में उनका लगातार तीसरा मेडल है। सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जबकि अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की मिक्स्ड टीम जोड़ी ने स्कीट शूटिंग में एक और ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं भारत ने महिला कबड्डी में जापान को 50-25 से हराया है। भारत सेमीफ़ाइनल में पहुँच गया है और उनका मेडल पक्का हो गया है। अनिमेश कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह भी पुरुषों की 100 मीटर दौड़ के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गए हैं। पारितोष पूयो पूयो स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी एशियाई खेलों में महिलाओं के 65 किलो वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई। दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। कल के मुकाबले 25 सितंबर को भारत के लिए मेडल जीतने के सात पक्के इवेंट होंगे। मेडल जीतने का पहला मौका शूटिंग में मिलेगा, जहाँ ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। धनामनजुरी देवी, पूजा, सोनिया देवी फारेम्बम और पार्वती गीता कैनो स्प्रिंट में महिलाओं के कयाक फोर 500 मीटर फ़ाइनल A में हिस्सा लेंगी। सेरम निरुपमा देवी वेटलिफ्टिंग में महिलाओं के 61 किग्रा ग्रुप A फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। बाकी चार मेडल इवेंट एथलेटिक्स में होंगे, जिसमें मनप्रीत कौर और कृष्णा जयशंकर मेनन दोपहर 3:35 बजे महिलाओं के शॉट पुट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी, इसके बाद सिंधुश्री गणेशा और बारनिका एलंगोवन महिलाओं के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। गुलवीर सिंह पुरुषों के 10,000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि दमनीत सिंह और प्रवीण कुमार पुरुषों के हैमर थ्रो फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे।
मैथ्यू ब्रीट्जके ने वनडे सेंचुरी ठोककर मचाया तहलका, 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने से चूके
साउथ अफ्रीका के मैथ्यू ब्रीट्जके ने एक और शतक लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने डरबन में वनडे मुकाबले में धमाकेदार अंदाज में अपना शतक पूरा किया। ये उनकी वनडे क्रिकेट में दूसरी सेंचुरी है।
भारतीय क्रिकेट के अगले दो घरेलू सीजन के लिए मुथूट फिनकॉर्प नया टाइटल स्पॉन्सर बन गया है। कंपनी को भारत में होने वाले इंटरनेशनल और घरेलू मैचों के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स 31 मार्च 2028 तक मिले हैं। इस दौरान करीब 35 घरेलू इंटरनेशनल मैच होंगे। इस स्पॉन्सरशिप को ब्लू मुथूट नाम से पेश किया जाएगा। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, डील की बातचीत 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच के बेस प्राइस पर हुई है। हालांकि BCCI के ऑफिशियल स्टेटमेंट के बाद ही बेस प्राइस की स्थिति साफ होगी। वेस्टइंडीज वनडे सीरीज से दिखेगा असर इस दौरान भारत में 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले जाएंगे। यह डील तुरंत प्रभावी होगी। इसका असर 27 सितंबर से शुरू होने वाली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में दिखाई देगा। खास बात यह है कि सीरीज का पहला मैच मुथूट के गृह राज्य केरल में खेला जाएगा। पहला वनडे 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा।1997 में स्थापित हुई मुथूट फिनकॉर्प, कोच्चि के मुथूट परिवार की कंपनी है। नए स्पॉन्सर की घोषणा में देरी क्यों हुई? IDFC First Bank पिछले 3 साल तक स्पॉन्सर रहा IDFC First Bank सितंबर 2023 से अगस्त 2026 तक BCCI का टाइटल स्पॉन्सर था। तीन साल की इस डील के तहत बैंक भारत में होने वाले पुरुष और महिला दोनों के इंटरनेशनल और घरेलू मैचों का टाइटल स्पॉन्सर रहा। इसके लिए IDFC First Bank BCCI को प्रति मैच 4.2 करोड़ रुपए देता था। अगस्त 2026 में डील खत्म होने के बाद BCCI ने नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश शुरू की। -------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा:BCCI सेक्रेटरी बोले- दिसंबर में लगेगी बोली; 3 साल बाद भारत लौटेगी नीलामी IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया ने कसी कमर, जापान में जमकर की इंडोर प्रैक्टिस
भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम इस समय जापान में हैं। भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 में 28 सितंबर से अपने अभियान का आगाज करेगी। ऐसे में टीम इंडिया अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।
साउथ अफ्रीका के मैथ्यू ब्रीट्जके ने एक और दफा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में अर्धशतकीय पारी खेली है। ये काम इससे पहले हेनरिक क्लासेन ने किया था, अब मैथ्यू उनके बराबर पहुंच गए हैं।
Asian Games 2026 में बॉक्सर Parveen क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, Sakshi Choudhary और Sumit Kundu बाहर
आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के महिलाओं के 51 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में, 24 सितंबर को भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी को कजाकिस्तान की बाल्किबेकोवा ने 3-2 से करीबी मुकाबले में हरा दिया, जिससे वह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। बाल्किबेकोवा ने आखिरी राउंड में आक्रामक खेल दिखाया, जिससे साक्षी को डिफेंसिव होना पड़ा; अपनी बढ़त बढ़ाने की कोशिश में बाल्किबेकोवा ने साक्षी के जबड़े पर ज़ोरदार अंडरकट मारा। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं साक्षी ने रिंग में बाल्किबेकोवा का पीछा करते हुए और उनके चेहरे पर तेज़ी से हुक मारकर जवाब दिया। इसके बावजूद, बाल्किबेकोवा ने तुरंत सटीक जैब से पलटवार किया और दूरी बनाए रखी। कड़े मुकाबले वाला यह मैच आखिरी घंटी बजने तक बराबरी का रहा और बाल्किबेकोवा ने स्प्लिट-डिसीजन से जीत हासिल की। इस बीच, ताजिकिस्तान की मलिका नोज़िमोवा के वॉकओवर देने के बाद परवीन बिना किसी मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गईं। अगले दौर में परवीन का मुक़ाबला उज़्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा से होगा। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल इसी दिन, घुटने की चोट के कारण भारतीय बॉक्सर सुमित कुंडू का पुरुषों के 70 किग्रा वर्ग में सफ़र 'राउंड ऑफ़ 16' में ही खत्म हो गया। कुंडू ने इराक के अली अल-सराय के खिलाफ़ मज़बूत शुरुआत की और अपनी लंबाई और वज़न के फ़ायदे का इस्तेमाल करते हुए पहला राउंड जीता। कड़े मुक़ाबले के बावजूद उन्होंने दूसरा राउंड भी 3-2 के अंतर से अपने नाम किया। हालाँकि, तीसरे राउंड में फिसलने और घुटने में चोट लगने के कारण कुंडू को मुक़ाबला छोड़ना पड़ा, जिसके बाद रेफरी ने मैच रोक दिया।
रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस की सोच 'टीम फर्स्ट' पर आधारित: गौतम गंभीर
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने गुरुवार को कहा कि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ उनका पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी आपसी समझ पारंपरिक रिश्तों से कहीं आगे है और दोनों एक-दूसरे की सोच के बारे में जानते हैं।
सात्विक-चिराग अगर मानसिक रूप से मजबूत होंगे, तो खतरनाक साबित हो सकते हैं: कोच टैन किम
नागोया, 24 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय डबल्स कोच टैन किम हर का मानना है कि मौजूदा चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास आइची-नागोया में एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता के दबाव को संभालने के लिए जरूरी आत्मविश्वास, तैयारी और मानसिक मजबूती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा नजरें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर रहने वाली हैं, जिनके पास कुछ बड़े कारनामे भी इस सीरीज में करने का मौका रहने वाला है।
रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस की सोच 'टीम फर्स्ट' पर आधारित: गौतम गंभीर
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने गुरुवार को कहा कि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ उनका पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी आपसी समझ पारंपरिक रिश्तों से कहीं आगे है और दोनों एक-दूसरे की सोच के बारे में जानते हैं।
भारत ने एशियन गेम्स के ग्रुप स्टेज के तीसरे मुकाबले में साउथ कोरिया को 8-2 से हरा दिया। चार बार की चैंपियन साउथ कोरिया के खिलाफ यह भारत की एशियन गेम्स में सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ भारतीय मेंस हॉकी टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत की ओर से अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और साउथ कोरिया पर दबाव बनाए रखा। भारत ने पहले क्वार्टर में 4-0 की बढ़त बनाई भारत ने पहले क्वार्टर के चौथे मिनट में ही बढ़त बना ली। शिलानंद लाकड़ा ने गोल करके टीम का खाता खोला। सुखजीत सिंह ने नौवें मिनट में गोल किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई। इससे भारत ने शुरुआती 11 मिनट में 3-0 की बढ़त बना ली। साउथ कोरिया को संभलने का मौका नहीं मिला। 14वें मिनट में अभिषेक ने भारत के लिए चौथा गोल दागा। भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में ही मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली। दिलप्रीत और अभिषेक ने बढ़ाई बढ़त दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने दबदबा बनाए रखा। दिलप्रीत सिंह ने 26वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त 5-0 कर दी। तीसरे क्वार्टर में 32वें मिनट में दिलप्रीत ने अपना दूसरा गोल दागा। अभिषेक ने 38वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इससे भारतीय टीम को 7-0 की मजबूत बढ़त मिल गई। सात गोल से पिछड़ने के बाद साउथ कोरिया ने वापसी की कोशिश की। किम जाएहो ने 42वें मिनट में गोल करके साउथ कोरिया का खाता खोला। इसके बाद किम योंगबोक ने 52वें मिनट में दूसरा गोल दागा। हालांकि, तब तक मुकाबला भारत के नियंत्रण में था। मैच के आखिरी मिनट में राजिंदर सिंह ने गोल किया। इस गोल के साथ भारत ने जीत का अंतर 8-2 कर दिया। इंडोनेशिया और श्रीलंका के बाद साउथ कोरिया को हराया भारत ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ की थी। भारतीय टीम ने उस मुकाबले में 13-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 16-1 की एकतरफा जीत हासिल की। अब साउथ कोरिया के खिलाफ 8-2 की जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है।भारतीय टीम का अगला मुकाबला 26 सितंबर को जापान से होगा। विवेक सागर प्रसाद का 200 इंटरनेशनल मैच विवेक सागर प्रसाद ने भारत के लिए 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए हैं। उन्होंने साउथ कोरिया के खिलाफ मुकाबले में उतरकर यह उपलब्धि हासिल की। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स- भारत को मिक्स्ड स्कीट में पहली बार मेडल निशानेबाज अनंतजीत सिंह नारूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने एशियन गेम्स में भारत को ब्रॉन्ज दिलाया। इस जोड़ी शॉटगन शूटिंग के स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में 48 में से 44 निशाने लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया।गेम्स के इतिहास में इंडिया को इस इवेंट में पहली बार मेडल मिला है। पूरी खबर…
Asian Games Men Hockey: भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से रौंदा, सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की
दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। पूल ए में शीर्ष पर काबिज भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13 . 1 और श्रीलंका को 16 . 1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। भारत के लिये दिलप्रीत सिंह (10वां, 26वां और 32वां) ने तीन और फॉरवर्ड अभिषेक (15वां और 38वां मिनट) ने दो गोल किये जबकि शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (दसवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किये। भारत ने आक्रामक शुरूआत की और पहले ही क्वार्टर में चार गोल कर दिये। शिलानंद ने चौथे ही मिनट में उपकप्तान हार्दिक सिंह से बॉक्स के भीतर मिली गेंद पर यह गोल किया। शानदार फॉर्म में चल रहे दिलप्रीत ने दसवें मिनट मे बढत दुगुनी कर दी जब उन्होंने मनदीप सिंह से मिले पास पर गेंद को गोल के भीतर डाला। कप्तान हरमनप्रीत ने अगले मिनट पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 3 . 0 कर दिया। अभिषेक ने पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में शिलानंद के पास पर गोल किया। भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी दबदबा बनाये रखा और मनदीप से बैकहैंड पर मिले क्रॉस पर दिलप्रीत ने गोल किया। ब्रेक के दो मिनट बाद दिलप्रीत ने मनदीप और हार्दिक के बीच बेहतरीन तालमेल से बने मूव को फिनिशिंग तक ले जाते हुए गोल दागा। भारत को कुछ मिनटों बाद लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। कोरिया को जल्दी ही पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर प्रयास नाकाम रहा। अभिषेक ने भारत की बढत 7 . 0 की करके सुखजीत सिंह का शुरूआती प्रयास नाकाम रहने के बाद रिबाउंड पर गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाए हो ने तीसरा क्वार्टर खत्म होने में तीन मिनट बाकी रहते पहला गोल किया। चौथे और आखिरी क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर लगातार हमले बोले और दो पेनल्टी कॉर्नर बनाये हालांकि गोल नहीं हो सका। आखिरी सीटी बजने से आठ मिनट पहले कोरिया के लिये किम योंग बोक ने तीन भारतीय डिफेंडरों को चकमा देकर गोल दागा। भारत के लिये आठवां गोल राजिंदर सिंह ने आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
Asian Games 2026 Hockey में Indian Men Team की लगातार तीसरी जीत, South Korea को दी मात
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 24 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराकर एशियाई खेल 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। भारत के दिलप्रीत सिंह सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे; उन्होंने हैट्रिक लगाई और पूरे टूर्नामेंट में अपना शानदार फ़ॉर्म बनाए रखा। इससे पहले भारत ने इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराकर बड़ी जीत हासिल की थी। टीम का अगला मुक़ाबला 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश के साथ होना है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता रजत, दोपहर की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर, भारत का लक्ष्य ग्रुप स्टेज में सभी मैच जीतकर अपना गोल्ड मेडल बचाए रखना और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल करना है। मैच की शुरुआत में ही भारत ने बढ़त बना ली। अभिषेक का पास ब्लॉक होने के बाद मिले रिबाउंड पर शैलाानंद लाकड़ा ने गोल करके टीम को आगे किया। इसके बाद दिलप्रीत सिंह ने एक ज़बरदस्त शॉट मारा जो गोलकीपर से टकराकर अंदर चला गया; दक्षिण कोरिया की डिफेंस में हुई गलतियों की वजह से नौवें मिनट में स्कोर 2-0 हो गया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर गोल में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद अभिषेक ने शैलाानंद की मदद से एक शानदार गोल किया, जिससे पहला क्वार्टर 4-0 पर खत्म हुआ। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में कोई गोल नहीं हुआ, हालांकि भारत ने एरियल प्ले (हवा में गेंद खेलकर) का इस्तेमाल किया। लेकिन 26वें मिनट में दिलप्रीत ने मनप्रीत के पास को डिफ्लेक्ट करके गोल किया और हाफ-टाइम तक स्कोर 5-0 हो गया। इस पूरे हाफ के दौरान दक्षिण कोरिया को कोई खास मौका बनाने में संघर्ष करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Asian Games Men’s Hockey: India ने Sri Lanka को 16-1 से रौंदा, Jugraj Singh ने दागे 4 गोल दिलप्रीत ने 32वें मिनट में अपनी हैट्रिक पूरी की; उन्हें राजिंदर से एक तेज़ पास मिला और उन्होंने टोमाहॉक शॉट से गोल किया। भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वे उनमें से किसी को भी गोल में नहीं बदल पाए। हालांकि, अभिषेक ने टीम के कई पास और सुखजीत सिंह के शॉट के रिबाउंड के बाद बने एक बेहतरीन मूव में सातवां गोल किया। दक्षिण कोरिया ने 42वें मिनट में किम जेहो के गोल से जवाब दिया, जिससे तीसरा क्वार्टर भारत के पक्ष में 7-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
Asian Games में Satnam Singh और Salman Khan ने नौकायन में जीता कांस्य पदक
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर (भाषा)। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल स्कल्स में कांस्य पदक जीतकर भारत को एशियाई खेलों की रोइंग (नौकायन) स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। भारतीय टीम का प्रदर्शन हालांकि महाद्वीपीय खेलों के इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक रहा। इस बार भारत का प्रदर्शन 1982, 1994 और 2002 के एशियाई खेलों के बराबर रहा। हांगझोउ एशियाई खेलों में भारत ने रोइंग में पांच पदक जीते थे, जिनमें दो रजत और तीन कांस्य शामिल थे। भारत ने 2010 में चार पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण, जबकि 2018 में तीन पदक हासिल किए थे, जिनमें एक स्वर्ण शामिल था। सतनाम और सलमान की जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। उसने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय निकाला। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांस्य पदक जीतने पर दोनों खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘पुरुष युगल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान का शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए कांस्य पदक जीता। उनका संयम और तालमेल सराहनीय रहा। उम्मीद है कि यह उपलब्धि उन्हें आने वाले वर्षों में और बड़ी ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।’’सतनाम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में भी कांस्य पदक जीता था। इस पदक के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या दो हो गई है। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत ने पुरुष युगल स्कल्स में कभी एशियाई खेलों का पदक नहीं जीता था और अब मैं उस पहले पदक को जीतने वाली टीम का हिस्सा हूं।’’रोइंग टीम से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरे साथियों के साथ जो हुआ उससे मैं दुखी हूं। हमारे पास बेहतर पदक जीतने का मौका था, लेकिन फैसला हो चुका है और अब इसे बदला नहीं जा सकता।’’उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी पुरुष युगल स्कल्स में सिर्फ पांच दिन पहले ही साथ आए थे। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि केवल पांच दिन साथ रहने के बाद हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में सफल रहे।’’बुधवार से शुरू हुई रोइंग प्रतियोगिताओं से दो दिन पहले भारतीय टीम में असंतोष के स्वर उठने लगे थे। कुछ खिलाड़ियों ने दावा किया था कि उन्हें उन स्पर्धाओं से हटा दिया गया, जिनमें उनका पहले चयन हुआ था, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को मुख्य टीम में शामिल कर लिया गया। ये बदलाव सोमवार को विभिन्न देशों के टीम मैनेजरों की बैठक के बाद किए गए थे। एक खिलाड़ी ने बताया कि टीम से बाहर किए गए या दूसरी स्पर्धाओं में भेजे गए खिलाड़ी ‘‘बहुत परेशान’’ हैं और दिन में हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने खाना तक नहीं खाया। कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि वे खेल मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय नौकायन महासंघ के अध्यक्ष बालाजी मरदापा ने एक पूर्व कोच पर खिलाड़ियों को ‘‘प्रभावित करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तूफान के कारण मौसम खराब होने से रोइंग प्रतियोगिता की अवधि चार दिन से घटाकर दो दिन किए जाने के बाद कोचों ने टीम के हित में क्रू के सदस्यों में बदलाव किया था। भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल में छह मिनट 54.80 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। पंवार उनसे 15.82 सेकंड पीछे रहे। लाइटवेट पुरुष युगल स्कल्स में रोहित और उज्ज्वल कुमार सिंह की जोड़ी भी चौथे स्थान पर रही, जबकि पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया। पुरुष एकल स्कल्स में भारत का पिछला एशियाई खेल पदक 2014 के इंचियोन खेलों में आया था, जब सवर्ण सिंह ने कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग लाल ठक्कर अब तक के इकलौते भारतीय हैं। उन्होंने 2010 के ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। महिला फोर के फाइनल में भारत की गुरबानी कौर, अलीना एंटो, टेंडेंथोई देवी हाओबिजाम और पूनम की टीम छह मिनट 55.32 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की टीम से 20.45 सेकंड पीछे रही। लाइटवेट पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल बी में अजय त्यागी ने सातवें से 12वें स्थान के वर्गीकरण मुकाबले में सात मिनट 01.54 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्षीय सतनाम का एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचने का सफर नौकायन से नहीं, बल्कि हैंडबॉल से शुरू हुआ था। वह पहले राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी थे। करीब आठ साल पहले उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरित होकर रोइंग शुरू की। विर्क ने 2018 के एशियाई खेलों में पुरुष लाइटवेट युगल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले सतनाम ने जल्द ही भारत के उभरते रोवर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद सतनाम ने 40वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में पुरुष एकल स्कल्स का खिताब जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय नौसेना के पहले रोवर बने। सतनाम पिछले साल सीनियर एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम का भी हिस्सा थे। सलमान ने पहली बार एशियाई खेलों का पदक जीता है। 28 वर्षीय सलमान 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए और इसी दौरान रोइंग से जुड़े। कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा की मदद से उनके खेल में सुधार आया और उन्हें केंद्र की टीम के लिए चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया और इंटर-सेंटर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। सलमान ने दो बार रोइंग छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2022 के गुजरात राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इसी साल उन्होंने इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सेना रोइंग नोड (एआरएन) में शामिल किया गया, जहां उन्होंने वरिष्ठ कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। सलमान ने 2023 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप और ओपन स्प्रिंट राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) कार्यक्रम में जगह मिली।
BCCI: अजीत अगरकर के रिप्लेसमेंट का इस तारीख को होगा ऐलान, बीसीसीआई ने कर दिया...
इंटरनेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के लिए इस समय सबसे बड़ा मुद्दा नए चीफ सेलेक्टर का चुनाव है। हाल के समय में इस पद पर काबिज अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म हो रहा है और बोर्ड को सेलेक्शन कमेटी के नए मुखिया की तलाश है। जानकारी के अनुसार चार अक्टूबर को अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उन्होंने बोर्ड को बता दिया है कि वह अपने करार को विस्तार देना नहीं चाहते हैं। इसी के साथ उनका बतौर चीफ सेलेक्टर काम खत्म हो जाएगा। अगरकर ने 18 सितंबर को ही अपने फैसले के बारे में बीसीसीआई को बता दिया था। जानकारी के अनुसार बीसीसीआई के सचिव सैकिया ने कहा है कि बोर्ड अगरकर के रिप्लेसमेंट का एलान करने के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है और वह उनके जाने के बाद फैसला करेगा। सैकिया ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, जहां तक अजीत अगरकर की बात है तो उनका कार्यकाल चार अक्टूबर को खत्म हो रहा है और चार तारीख तक हमारे पास काफी समय है। pc- dailypioneer.com
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में Kohli के निशाने पर है सचिन का ये बड़ा रिकॉर्ड
खेल डेस्क। पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के पास वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर से घर पर शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त करने का मौका होगा। वनडे सीरीज का पहला मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में विराट कोहली के पास वनडे फॉर्मेट में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बनने का मौका होगा। अगर तीन मैचों की वनडे सीरीज में कोहली 110 रन बनाने में सफल हो जाते हैं तो वह वनडे फॉर्मेट में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बन जाएंगे। अभी ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। उन्होंने स्वदेश में 164 वनडे मैचों में 48.11 के औसत से सर्वाधिक 6976 रन बनाए थे। विराट कोहली भारत में अब तक 130 वनडे मैचों की 127 पारियों में 62.42 के औसत से 6867 रन बना चुके हैं। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने गुरुवार को एकतरफा मुकाबले में साउथ कोरिया को 8-2 से शिकस्त दी।
Asian Games Badminton: Lakshya Sen और PV Sindhu को मिला कठिन ड्रॉ
लक्ष्य सेन और पी वी सिंधू को एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में कठिन ड्रॉ मिले हैं जबकि गत चैम्पियन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की सेमीफाइनल तक की राह आसान लग रही है। पिछली बार हांगझोउ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में भारत को चीन ने 3 . 1 से हराया। एकल वर्ग में लक्ष्य और आयुष शेट्टी अपने अपने मैच हार गए थे। महिला वर्ग में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से हारकर पदक से चूक गई। पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा को जापानी प्रतिद्वंद्वियों ने हराया। इस निराशा से उबरकर भारतीय खिलाड़ियों को अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भरपाई करनी होगी। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य को एशियाई खेलों से पहले लगातार कई मुकाबलों में पहले दौर में पराजय का सामना करना पड़ा है लेकिन जापान के कोडाइ नारोका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। वह हालांकि चीन के शि यू कि के खिलाफ सेमीफाइनल में वह लय कायम नहीं रख सके। पहले दौर में लक्ष्य को बाय मिला था और अब वह दूसरे दौर में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैम्पियन लोह कीन यू से खेलेंगे। अगर वह लोह को हरा देते हैं तो दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से सामना होगा। दिल्ली विश्व चैम्पियनशिप में शि यू कि को हराने वाले आयुष को भी पहले दौर में बाय मिला है लेकिन तीसरे दौर में चीनी ताइपै के चोउ तियेन चेन से सामना हो सकता है। दो बार की ओलंपिक चैम्पियन सिंधू पहले दौर में बाय मिलने के बाद दूसरे दौर में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से खेलेंगी। उसमें जीतने पर तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चीन की चेन युफेइ से खेलना होगा। उन्नति का सामना पहले दौर में उत्तर कोरिया की यू मि सोंग से होगा जबकि तीसरे दौर में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से टक्कर हो सकती है। पुरूष युगल में गत चैम्पियन सात्विक और चिराग की सेमीफाइनल तक की राह आसान है। पहले दौर में उनका सामना थाईलैंड के पी सुकपुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से होगा। इसके बाद इंडोनेशिया के लियो रोली कारर्नाडो और डेनियल मार्टिन से टक्कर हो सकती है। इसमें जीतने पर दक्षिण कोरिया के किम वोन हो और सियो सियुंग जाए से खेलना होगा। महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना हांगकांग की लोक लोक लुइ और हियु यान सांग से होगा। विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता इस जोड़ी की टक्कर दूसरे दौर में जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो से हो सकती है जो विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है। भारत को अब तक एकमात्र पदक पुरूष टीम ने कांसे के रूप में दिलाया है। हांगझोउ में 2023 में हुए खेलों में भारत ने तीन पदक जीते थे जब सात्विक और चिराग ने स्वर्ण, पुरूष टीम ने रजत और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल कांस्य जीता था।
एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम ने लगाई जीत की हैट्रिक, साउथ कोरिया के खिलाफ रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम ने जीत की हैट्रिक लगाई है। इंडोनेशिया और बांग्लादेश को बुरी तरह हराने के बाद साउथ कोरिया को भी हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने बुरी तरह धोया है।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में कुछ नए मुकाम छूने के बेहद करीब हैं। सीरीज का पहला मैच रविवार को खेला जाना है।
Asian Games Squash: Abhay Singh और Veer Chotrani पुरुष सिंगल्स के Quarter Final में पहुंचे
गुरुवार को आइची-नागोया में हो रहे एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह और वीर छोटरानी पुरुषों के सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गए। ESPN के अनुसार, अभय ने श्रीलंका के रविंदु लक्षिरी को सिर्फ़ 21 मिनट में 3-0 (11-3, 11-5, 11-6) से हराया। क्वार्टर फाइनल में उनका मुक़ाबला जापान के र्युनोसुके सुकुए से होगा। वीर ने दूसरे गेम में पिछड़ने के बावजूद मलेशिया के संजय जीवा को 2-1 (11-9, 8-11, 11-6) से हराया। पहले गेम में 7-7 की बराबरी के बाद, वीर ने 11-9 से करीबी जीत हासिल की और दूसरा गेम 8-11 से हार गए, लेकिन इसके बाद उन्होंने निर्णायक गेम आसानी से जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल महिला सिंगल्स में, अनाहत सिंह ने सिंगापुर की औ योंग वाई लिन को 3-0 (11-4, 11-5, 11-7) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी सीड खिलाड़ी वर्ल्ड कप विजेता हैं और उन्होंने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। तन्वी खन्ना ने भी सिंगापुर की औ योंग वाई यैन को 3-1 (5-11, 11-4, 11-5, 13-11) से हराकर अगले दौर में जगह बनाई और अनाहत सिंह के साथ क्वार्टर फाइनल मुकाबला तय किया। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं स्क्वैश 2028 लॉस एंजिल्स गेम्स में ओलंपिक में डेब्यू करेगा, जिसमें चैंपियन को सीधे क्वालिफिकेशन मिलेगा। ESPN की रिपोर्ट के अनुसार, मिक्स्ड डबल्स में भारतीय जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने अपने ही देश के खिलाड़ियों सूरज चंद और शमीना रियाज़ को 2-0 (11-7, 11-10) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहला गेम जोशना और वेलवन ने 11-7 से जीता। दूसरा गेम काफी कड़ा मुकाबला वाला रहा, जिसमें सूरज और शमीना ने 7-9 से वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया, लेकिन जोशना और वेलवन के अनुभव ने उन्हें 11-10 से जीत दिलाई।
Video: एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर लौटने के बाद आखिर क्यों परेशान दिखी हमनप्रीत? जानें यहाँ
PC: DNA जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में टीम को गोल्ड मेडल जिताने के बाद इंडिया की महिला क्रिकेट कैप्टन हरमनप्रीत कौर दिल्ली लौट आईं। फाइनल में श्रीलंका पर इंडिया की शानदार जीत के बाद वह मेडल लेकर घर आईं, लेकिन उनके घर लौटने पर एयरपोर्ट पर एक अजीब पल देखने को मिला। एयरपोर्ट पर कैमरे की फ्लैश से हरमनप्रीत चिढ़ गईं हरमनप्रीत कौर दिल्ली पहुंचीं, जहां मीडिया और फैंस ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गोल्ड मेडल के साथ उनके आने की तस्वीरें लेने के लिए फोटोग्राफर एयरपोर्ट पर मौजूद थे। हरमनप्रीत परेशान और बेचैन दिखीं क्योंकि कैमरे उनकी तरफ बार-बार फ्लैश कर रहे थे। जैसे ही वह एयरपोर्ट से गुज़रीं, उन्हें बार-बार कैमरे की फ्लैश पर रिस्पॉन्ड करते देखा गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना का वीडियो पोस्ट किया है। फोटोग्राफरों के लगातार ध्यान खींचने के बावजूद इंडियन कैप्टन ने खुद को शांत रखा और अपना गोल्ड मेडल एयरपोर्ट से ले गईं। श्रीलंका को हराकर इंडिया ने गोल्ड जीता एशियन गेम्स में इंडियन महिला क्रिकेट टीम के शानदार परफॉर्मेंस के बाद, हरमनप्रीत वापस आ गई हैं। इंडिया ने चैंपियनशिप मैच में श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस जीत से हरमनप्रीत के कप्तानी रिकॉर्ड में एक और बड़ा टाइटल जुड़ गया है और यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी कामयाबी है। जापान में पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान, टीम का कैंपेन सफल रहा। एशियन गेम्स का गोल्ड खास मायने रखता है क्योंकि टीम चैंपियन बनकर घर लौटी थी। जैसे ही हरमनप्रीत का दिल्ली आना जापान में जीत के बाद घर पर जश्न की शुरुआत का इशारा था, सपोर्टर्स ने टीम की कामयाबी पर खुशी मनाई।
Anantjeet Naruka और परिनाज़ धालीवाल का कमाल, Asian Games Mixed Skeet में भारत को दिलाया ब्रॉन्ज
एशियाई खेलों 2026 में भारतीय टीम ने एक और मेडल अपने नाम किया। अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की जोड़ी ने मिक्स्ड स्कीट फ़ाइनल में भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। शुरुआती दौर में कतर के बाहर होने के बाद, भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे, लेकिन टाई-ब्रेकर हारने की वजह से नरुका और धालीवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस जोड़ी ने फ़ाइनल में 44 हिट के साथ तीसरा स्थान हासिल किया; वे चीन (52 हिट) और रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (51 हिट के साथ सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम) से पीछे रहे। ध्यान देने वाली बात यह है कि छह सीरीज़ के बाद भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे; दोनों टीमों के नाम 44 हिट थे। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल स्कोर बराबर होने के कारण मैच टाई-ब्रेकर में चला गया। गौरतलब है कि कोरिया ने क्वालिफाइंग राउंड में बेहतर रैंकिंग के साथ फाइनल में जगह बनाई थी, और इसी वजह से गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन के खिलाफ खेलने के लिए वे भारत से आगे रहे। दिलचस्प बात यह है कि नरुका और धालीवाल की जोड़ी क्वालिफाइंग राउंड में चौथे स्थान पर रहने के बाद फाइनल में पहुंची थी। उन्होंने कुल 150 टारगेट में से 138 पॉइंट हासिल किए। क्वालिफिकेशन राउंड में कतर 145 पॉइंट के साथ सबसे आगे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 143 और चीन ने 140 पॉइंट हासिल किए। यह ध्यान देने वाली बात है कि अनंतजीत सिंह नरुका ने इससे पहले पुरुषों की टीम स्कीट इवेंट में भारत को ब्रॉन्ज़ मेडल जिताने में भी मदद की थी। उन्होंने मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल के साथ मिलकर मुकाबला किया था। इसके अलावा, इस इवेंट में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए, अनंतजीत सिंह नरुका व्यक्तिगत स्कीट इवेंट में चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton 2026: बैडमिंटन में भारत को मिला कांस्य! लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी रहे फ्लॉप, चीन ने तोड़ा स्वर्ण पदक का सपना साथ ही, परिनाज़ धालीवाल ने भी राइज़ा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्कीट इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इन तीनों ने मिलकर कुल 331 पॉइंट हासिल किए, जिससे भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट इवेंट में अपना पहला मेडल जीता। महिलाओं के इवेंट में चीन एक बार फिर पहले स्थान पर रहा, जबकि कज़ाखस्तान ने सिल्वर मेडल जीता।
Cricket: रूट ने 34 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
इंटरनेट डेस्क। इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने 34 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 14 साल के करियर के बाद बिली ने कहा कि अब जिंदगी के अगले अध्याय की ओर बढ़ने का समय आ गया है। वह ग्लैमॉर्गन के उन तीन बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिनका पेशेवर क्रिकेट करियर इस सप्ताह समाप्त हो जाएगा। बिली रूट का अंतिम सीजन ज्यादा व्यस्त नहीं रहा। उन्होंने इस साल केवल दो काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले खेले और ग्लैमॉर्गन की सेकेंड इलेवन टीम की कप्तानी भी की। क्लब ने 2026 सीजन के बाद उनके पेशेवर क्रिकेट से संन्यास की पुष्टि की है। इसके साथ ही सोफिया गार्डन्स में उनका आठ साल का सफर भी खत्म हो जाएगा। अपने संन्यास की घोषणा करते हुए बिली रूट ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- दो शानदार क्लबों का प्रतिनिधित्व करना और चार ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा बनना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान रहा है। वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें उस खेल को करियर बनाने का मौका मिला, जिसे बचपन से प्यार करते आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 14 सालों में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वह कुछ भी नहीं बदलना चाहेंगे। pc- thesportstak.com
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता। एचएस प्रणय, हरिहरन अम्साकारुनन, थारुन मन्नेपल्ली और आयुष शेट्टी ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई।
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का विजय रथ जारी: एशियन गेम्स 2026
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है।
अनंतजीत सिंह नारुका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने मिश्रित स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया है। फाइनल में भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक की दौड़ में थी, लेकिन वह इससे काफी पीछे रह गई।
स्कीट मिक्स्ड टीम फाइनल में पहुंची: एशियन गेम्स 2026
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में कमलजीत, केदारलिंग बालकृष्ण और आकाश भारद्वाज की भारतीय पुरुष पिस्टल टीम मेडल जीतने से चूक गई।
एशियन गेम्स 2026 में रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में रजत जीतकर लगातार तीसरे एशियाड में पदक अपने नाम किया।
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाने का फैसला याद किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद वह पूरी रात सो नहीं सके। इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में हुई 5 मैचों की T20I सीरीज के पहले मुकाबले के बाद सैमसन को टीम से बाहर किया गया था। भारत मैनचेस्टर में वह मैच हार गया था। इसके बाद सैमसन की जगह किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को T20I डेब्यू का मौका मिला। गंभीर ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि वैभव शानदार फॉर्म में थे और भारत को सीरीज जीतनी थी। गंभीर ने जियोस्टार से भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीजन से पहले बातचीत की। उन्होंने बताया कि सैमसन भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। गंभीर ने कहा कि इसी वजह से उन्हें सैमसन को बाहर करने का फैसला बेहद मुश्किल लगा। उन्होंने सैमसन से इस बारे में ईमानदारी से बात भी की थी। गंभीर ने क्या कहा गंभीर ने कहा, “मेरे दो साल के सफर में वह इकलौती रात थी, जब मैं सो नहीं सका। मैंने यह बात संजू को भी बताई थी।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि T20 फॉर्मेट में कोचिंग कार्यकाल के दौरान यह शायद सबसे कठिन फैसला था। जो खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहा हो, उसे तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना आसान नहीं था।” गंभीर ने कहा, “इसका कारण यह था कि वैभव भी शानदार फॉर्म में थे। हमें सीरीज जीतनी थी। जब आप भारत के लिए खेलते हैं या भारत को कोच करते हैं, तो हर सीरीज जीतना चाहते हैं।” उन्होंने बताया, “मैंने संजू से बहुत ईमानदारी से बात की। मैंने उनसे कहा कि वैभव शानदार फॉर्म में हैं। हमें शीर्ष क्रम में रन बनाने वाला खिलाड़ी चाहिए था।” गंभीर ने कहा, “हमें पारी की शुरुआत में एक मजबूत आधार की भी जरूरत थी। संजू ने इस फैसले को समझा और इसे अच्छे तरीके से लिया। यह बातचीत सिर्फ मेरे और संजू के बीच हुई थी।” बाद में भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ घर में 3 मैचों की T20I सीरीज खेली। इस सीरीज में संजू की टीम में वापसी हुई और वैभव को बाहर किया गया। संजू ने वापसी के बाद लगातार 2 अर्धशतक लगाए। भारत ने यह सीरीज 3-0 से जीत ली। गंभीर ने इस फैसले के जरिए यह भी समझाया कि शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को भी टीम में जगह पक्की नहीं माननी चाहिए। सोशल मीडिया से तय नहीं होती प्लेइंग XI गंभीर ने कहा, “मैं जानता हूं कि यह मुश्किल है। लेकिन मैंने उसे समझाया कि तुम अच्छी फॉर्म में हो। फिर भी लंबे समय से अच्छा करने वाले खिलाड़ियों को कई बार अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “एक और बात है। सोशल मीडिया या बाहर का शोर प्लेइंग XI तय नहीं करता। प्लेइंग XI वह होती है, जिसे ड्रेसिंग रूम, कोच और कप्तान मैच जिताने के लिए सबसे बेहतर मानते हैं।” गंभीर ने कहा, “अगर आज वैभव खेलते हैं, तो मेरे और उस खिलाड़ी के बीच कठिन बातचीत होगी, जिसे बाहर करना पड़ेगा। वह अभिषेक या संजू में से कोई भी हो सकता है।” उन्होंने कहा, “हम उस संयोजन को अचानक नजरअंदाज नहीं कर सकते, जिसने पिछले डेढ़ या दो साल में इतना असर डाला है।” गंभीर ने कहा, “तीन या चार मैचों में नाकामी के बाद हम उन्हें बाहर नहीं कर सकते। उनकी जगह ऐसा युवा खिलाड़ी खेल सकता है, जो काफी प्रतिभाशाली है और अच्छी फॉर्म में है।” उन्होंने कहा, “इसलिए कई बार आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। हम ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को सुरक्षा का एहसास देना चाहते हैं।” गंभीर ने कहा, “मेरे लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान है। लेकिन सही फैसले लेना शायद सबसे कठिन काम है। हमने संजू और अभिषेक के साथ बने रहने का सही फैसला लिया है।” वैभव के आने से चयन की चुनौती बढ़ी वैभव सूर्यवंशी के आने से भारत की T20I टीम के चयन की चुनौती बढ़ गई है। उन्होंने मैनचेस्टर में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। हालांकि, गंभीर ने कहा कि किसी युवा खिलाड़ी के अच्छा प्रदर्शन करने पर भारत के मौजूदा संयोजन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए गंभीर टीम में निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने लगातार मिली वर्ल्ड कप जीतों के बीच कम समय का भी जिक्र किया। गंभीर ने कहा, “दो साल के बारे में सोचिए। खेलों के इतिहास में कौन-सी टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रही और फिर वर्ल्ड कप जीता?” उन्होंने कहा, “इन खिलाड़ियों को दूसरा वर्ल्ड कप जीतने में 17 साल नहीं लगे। तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में सिर्फ 17 महीने लगे।” गंभीर ने कहा, “अचानक एक खराब सीरीज या यहां-वहां 3 खराब मैच किसी खिलाड़ी को खराब नहीं बना देते। इससे हमारी टीम भी खराब नहीं हो जाती।” उन्होंने कहा, “इसीलिए हमारे लिए टीम में निरंतरता बनाए रखना बहुत जरूरी था।”
एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का विजय रथ जारी, चीनी ताइपे को हराया
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। सेमीफाइनल का टिकट हासिल करके देश के लिए पहले ही मेडल पक्का कर चुकी भारतीय टीम ने चीनी ताइपे के खिलाफ दमदार खेल दिखाते हुए 37-21 से जीत दर्ज की।
सतनाम-सलमान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में जीता ब्रॉन्ज: एशियन गेम्स
गिफू, भारतीय रोवर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
Asian Games में 10m एयर पिस्टल टीम पदक से चूकी, पांचवें दिन भी नहीं मिला Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 24 सितंबर एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का खराब प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा जहां देश की पारंपरिक रूप से मजबूत स्पर्धाओं में शुमार पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी पदक जीतने में नाकाम रही। कमलजीत 580 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाने से सिर्फ एक अंक से चूक गए। आकाश भारद्वाज ने 579 अंक के साथ 11वां और केदारलिंग ने 568 अंक के साथ 35वां स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने कुल 1727 अंक जुटाए। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चीन ने 1743 अंक के साथ स्वर्ण और इंडोनेशिया ने इतने ही अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। केदारलिंग के प्रदर्शन में मुकाबले के दौरान लगातार गिरावट आई। वह अंक हासिल करने के लिए अपनी पिस्टल की सेटिंग भी बदलते नजर आए, लेकिन इसका खास फायदा नहीं हुआ। आखिरी चरण में उनके एक शॉट में आठ अंक आने के बाद भारत की टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई। निशानेबाजी में लगातार पांच दिन का खेल पूरा होने के बावजूद भारत के खाते में अब तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया है। एशिया की इस मजबूत निशानेबाजी टीम के लिए यह असामान्य सूखा है, हालांकि उसने अब तक चार रजत और तीन कांस्य पदक जरूर जीते हैं। इससे पहले भारत की स्टार खिलाड़ियों से सजी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर तथा विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता ईशा सिंह और सुरूचि सिंह की तिकड़ी से काफी उम्मीदें थीं। लगातार दो दिनों की इन निराशाओं ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में निशानेबाजी के सात स्वर्ण समेत 22 पदकों के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल की क्वालीफिकेशन में भी कोई खास राहत नहीं मिली। कमलजीत आखिरी दौर तक फाइनल की दौड़ में बने रहे, लेकिन एक अंक से चूक गये। भारद्वाज भी फाइनल में प्रवेश के बेहद करीब रहे, लेकिन कट में जगह नहीं बना पाए। केदारलिंग की मुश्किलें हलांकि कहीं अधिक गंभीर रहीं। भारतीय सेना के निशानेबाज केदारलिंग ने लगभग शुरुआत से ही संघर्ष किया। वह लगातार अंक गंवाते रहे और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए जरूरी ऊंचे स्कोर हासिल करने में भी नाकाम रहे। प्रदर्शन बिगड़ता देख उन्होंने समाधान की तलाश में अपनी पिस्टल की सेटिंग बदलनी शुरू कर दी। दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय कोच उन्हें लेकर स्पष्ट रूप से चिंतित नजर आए। इस बीच हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूशां दर्शक दीर्घा में लगातार चहलकदमी करते रहे और केदारलिंग अपने खराब प्रदर्शन को थामने की कोशिश करते रहे। इन बदलावों का उनकी स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। केदारलिंग की निशानेबाजी में लगातार अनिश्चितता बनी रही। उनके खाते में नौ अंक वाले शॉट ज्यादा आ रहे थे, जबकि ऊंचे स्कोर वाले निशाने बेहद कम थे। मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा तो भारत के लिए टीम कांस्य पदक बचाने की उम्मीद लगभग खत्म होने के कगार पर थी। मुकाबले में एक असाधारण मोड़ आया। टीम पदक की स्थिति बेहद करीबी होने के बीच जापानी कोचिंग स्टाफ के कुछ सदस्य दर्शक दीर्घा में केदारलिंग के पीछे आकर खड़े हो गए। वे उनके आखिरी शॉट देख रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि भारतीय निशानेबाज इतने अंक गंवा दें कि उनकी टीम कांस्य पदक की स्थिति में पहुंच जाए। अपने आखिरी 10 शॉटों के क्रम में आठ अंक का एक शॉट भारत की पदक उम्मीदों के लिए निर्णायक साबित हुआ और जापान के लिए पदक का रास्ता खोल गया। जापानी कोच वहां से स्पष्ट रूप से संतुष्ट नजर आए, क्योंकि केदारलिंग की आखिरी चूक ने उनकी टीम को पदक की स्थिति में पहुंचा दिया था। जापान ने 1730 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और भारत से तीन अंक आगे रहा। चीन ने 1743 अंकों के साथ इनर-10 स्कोर से टीम स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया ने भी 1743 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर इंडोनेशिया के मुहम्मद इकबाल राजा प्रबोवो रहे। उन्होंने 589 का शानदार स्कोर बनाया। वह दूसरे स्थान पर रहे चीन के निशानेबाज से छह अंक आगे रहे, जिसने 583 अंक हासिल किए। केदारलिंग गुस्से और निराशा में रेंज से बाहर निकले, जबकि भारतीय खेमे को एक और निराशाजनक नतीजे को स्वीकार करना पड़ा। भारत के डेटा-आधारित प्रदर्शन विश्लेषण की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्यूशां ने तत्काल टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करने से इनकार कर दिया। वह निशानेबाजों के प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग और शारीरिक आंकड़ों के विश्लेषण के साथ-साथ खेल-विज्ञान के समन्वय, मानसिक नियंत्रण और व्यापक प्रदर्शन प्रणाली के निर्माण की देखरेख करते हैं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में निशानेबाजी की स्पर्धाएं समाप्त होने के बाद ही वह इस पर बात करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी इस बारे में बात नहीं कर सकता। खेलों में भारत की प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद ही मैं इस पर बात करूंगा।
भारतीय महिला वुशु एथलीट रोशिबिना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स में रजत पदक जीता। रोशिबिना का एशियाड में यह लगातार तीसरा और दूसरा रजत है। रोशिबिना का कहना है कि अगली बार वह पदक का रंग बदलने की कोशिश करेंगी।
अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हराया: एशियन गेम्स
निशिन, कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हरा दिया।
Asian Games में Gold जीतने के बाद Shafali Verma बोलीं, अधिक ट्रॉफियों से चमकेगा महिला क्रिकेट
भारत की स्टार सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का मानना है कि देश में महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है और अधिक पदक तथा ट्रॉफी जीतने से इसमें और सुधार होगा। शेफाली ने जापान में हुए आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम के स्वर्ण पदक बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 188 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक रहा। इसमें बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 49 गेंद में लगाया गया शतक भी शामिल है। शेफाली ने क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ 40 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 48 रन बनाए। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर अपना दबदबा बरकरार रखा। शेफाली ने जापान से लौटने के बाद बृहस्पतिवार तड़के ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि भारत ने स्वर्ण पदक जीता और तिरंगा शान से लहराया। पूरी टीम बहुत खुश है। हम जितने अधिक पदक जीतेंगे और जितनी अधिक ट्रॉफियां अपने नाम करेंगे, भारतीय महिला क्रिकेट उतना ही आगे बढ़ेगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’शेफाली के साथ टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरफनमौला दीप्ति शर्मा, बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव और बल्लेबाज प्रतिका रावल भी भारत लौटीं। बीसीसीआई के कुछ प्रोटोकॉल के कारण हरमनप्रीत, दीप्ति और राधा ने मीडिया से बात नहीं की। वहीं, प्रतिका ने हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। प्रतिका ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हम यही करना चाहते थे। हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था और टीम ने इसे अच्छी तरह से हासिल किया। पूरा देश खुश है और सभी को बधाई।’’प्रतिका ने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला था। प्रतिका से जब पूछा गया कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने से 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत की पदक की संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। 2028 ओलंपिक के लिए टीम जिस तरह तैयार हो रही है, उसे देखना शानदार है। हम सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद कर रहे हैं।
भारतीय बैडमिंटन टीम के खिलाड़ी बोले 'एशियन गेम्स का स्तर बहुत ऊंचा'
इचिनोमिया, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। जीत के बाद भारतीय बैडमिंटन टीम के सदस्य खुश नजर आए।
रोशिबिना देवी को सिल्वर मेडल जीतने पर राष्ट्रपति-पीएम समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई
नई दिल्ली, एशियन गेम्स में अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने 60 किलोग्राम सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एशियन गेम्स: 'अगली बार मेडल का रंग बदलने की कोशिश करूंगी', सिल्वर जीतने के बाद बोलीं रोशिबिना देवी
एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को नाओरेम रोशिबिना देवी ने यादगार प्रदर्शन किया। मणिपुर की रहने वाली वुशु की इस खिलाड़ी ने 60 किग्रा के सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। लगातार तीसरे एशियन गेम्स में उनका यह तीसरा मेडल है। रोशिबिना ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताई है।
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स में अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने 60 किलोग्राम सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। रोशिबिना ने लगातार तीन एशियन गेम्स में मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। भारतीय खिलाड़ी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, सीएम योगी समेत दिग्गज नेताओं ने बधाई दी है।
एशियन गेम्स: 'अगली बार मेडल का रंग बदलने की कोशिश करूंगी', सिल्वर जीतने के बाद बोलीं रोशिबिना देवी
एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को नाओरेम रोशिबिना देवी ने यादगार प्रदर्शन किया। मणिपुर की रहने वाली वुशु की इस खिलाड़ी ने 60 किग्रा के सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। लगातार तीसरे एशियन गेम्स में उनका यह तीसरा मेडल है। रोशिबिना ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताई है।
Asian Games में रजत जीतने के बाद Roshibina Devi ने चयन को सही ठहराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने बृहस्पतिवार को भारतीय वुशु संघ के उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को सही करार देते हुए कहा कि वह एशियाई खेलों की टीम में चयन को लेकर साथी खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी की ओर से लगाए गए मानसिक उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज करेंगी। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना ने चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में 0-2 से हारकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार तीसरा पदक अपने नाम किया। उन्होंने 2018 में कांस्य और पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। रोशिबिना ने फाइनल के बाद कहा, ‘‘जो कुछ हुआ, वह मेरी वजह से नहीं हुआ। यह महासंघ का फैसला था कि मुझे एशियाई खेलों के लिए चुना जाए। भारतीय वुशु संघ ने जो भी फैसला लिया, मुझे लगता है कि वह सही था।’’उन्होंने दिव्यांशी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं इसे नजरअंदाज करूंगी। मैं सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहती हूं।’’दिव्यांशी ने जून में श्रीनगर में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था लेकिन ‘एसीएल’ चोट के कारण बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद दिव्यांशी ने आरोप लगाया था कि रोशिबिना ने एशियाई खेलों की टीम में जगह बनाने के लिए उनके खिलाफ काम किया। दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि जून से सितंबर तक उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया गया और रोशिबिना एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था, इसलिए उन्हें एशियाई खेलों में जाने का अधिकार था। भारतीय वुशु संघ ने कहा था कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में कराई गई एमआरआई जांच में दिव्यांशी के घुटने में एसीएल के गंभीर चोट और काफी सूजन का पता चला था। इसी वजह से उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। दिव्यांशी ने बाद में अपना गुस्सा कम करते हुए कहा था कि भारतीय वुशु संघ उनके मजबूत वापसी करने में पूरा समर्थन कर रहा है। उन्होंने हालांकि रोशिबिना पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने के आरोप दोहराए थे। रोशिबिना ने कहा कि उन्हें एशियाई खेलों की टीम में शामिल किए जाने की जानकारी टीम के रवाना होने से कुछ दिन पहले ही मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं एशियाई खेलों के लिए यहां आई तो काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। मुझे अगर ज्यादा समय मिलता तो मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।’’जब उनसे पूछा गया कि परेशानी क्या थी तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरुआत में टीम में नहीं थी। ट्रायल में हारने के बाद यही परेशानी थी।’’रोशिबिना ने कहा कि चीन की खिलाड़ियों को हराने के लिए भारतीय वुशु खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी मानसिक मजबूती पर काम करना होगा। हमारे पास दो बार के जूनियर विश्व चैंपियन आर्यन हैं, जिन्होंने चीन के खिलाड़ी को पहले ही हराया है। जूनियर खिलाड़ियों को लगता है कि उन पर दबाव है। हम जैसे अनुभवी खिलाड़ी उन्हें बतायेंगे कि हम चीन के खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर खिलाड़ियों को भी विश्वास होगा कि वे ऐसा कर सकते हैं। वुशु में कई अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे यकीन है कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’मुकाबले के दौरान रोशिबिना के दाएं घुटने के पास चोट लगी और उनकी नाक पर भी हल्की चोट लगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान लगी मामूली चोट है। मुझे नहीं पता कि नाक पर चोट कब लगी। मुझे मुकाबले के दौरान दर्द का एहसास नहीं होता।’’अपने रजत पदक के महत्व के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘यह एशियाई खेलों में मेरा तीसरा पदक है। सभी वुशु खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीद करते हैं। वे भी मेरी तरह पदक जीतना चाहते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहती हूं। मैं भी उनसे प्रेरणा लेना चाहती हूं। आगामी खेलों में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।
तालिबानी खौफ के चलते अफगानी लड़की ने लड़का बनकर की ट्रेनिंग, अब एशियन गेम्स में जीता सिल्वर मेडल
तालिबानी खौफ के चलते अफगानी लड़की ने लड़का बनकर ट्रेनिंग की और अब एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता है। फरीबा हाशिमी ने तालिबानी हुकूमत को संदेश भी दिया है कि महिलाएं डरती नहीं हैं।
एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार का दिन भारत के लिए दोहरे पदक की खुशखबरी लेकर आया। स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं के सांडा 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि रोइंग (नौकायन) के पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। रोशिबिना देवी ने लगातार दूसरा वुशु सिल्वर मेडल जीता भारत की एशियाई खेलों की टीम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद को पीछे छोड़ते हुए, स्टार वुशु एथलीट रोशिबिना ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर देश के लिए मेडल पक्का किया। रोशिबिना सिलेक्शन ट्रायल्स में युवा दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं, लेकिन बाद में अपनी प्रतिद्वंद्वी के चोटिल होने के कारण उन्हें टीम में शामिल किया गया। 2022 हांग्जो एशियाई खेलों में भी सिल्वर मेडल जीतने वालीं रोशिबिना, चीन की झांग ज़ियाओयू से अपने दोनों राउंड 0-5 के स्कोर से हार गईं और चीनी प्रतिद्वंद्वी ने मैच 2-0 से जीत लिया। यह 25 वर्षीय खिलाड़ी का तीसरा एशियाई खेल मेडल है; उन्होंने जकार्ता-पालेमबांग में 2018 के संस्करण में ब्रॉन्ज़ और 2023 के हांग्जो खेलों में सिल्वर मेडल जीता था। रोशिबिना एशियाई खेलों में वुशु में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। रोशिबिना का जापान में प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें वियतनाम की 2023 की वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय पर जीत भी शामिल है। बुधवार को, रोशिबिना ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। सतनाम-सलमान की जोड़ी ने रोइंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता सतनाम सिंह और सलमान खान ने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय लेकर एशियाई खेलों में पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर रही, लेकिन आखिरी 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। चीन के यी ज़ुदी और यिदे नी ने 6:09.37 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उज़्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोज़बेक ममतकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारतीय जोड़ी गोल्ड मेडल जीतने वालों से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांग्जो एशियाई खेलों में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इससे पहले, भारत रोइंग में एक और मेडल जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, जब बलराज पंवार पुरुषों के सिंगल स्कल्स फ़ाइनल में 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500 मीटर, 1,000 मीटर और 1,500 मीटर के निशान पर दूसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में चौथे स्थान पर खिसक गए। चीन के डेंग झिवेई ने 6:38.98 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि पंवार विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 10m Air Pistol: भारतीय पुरुष टीम चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूकी
भारत की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम एशियाई खेलों में कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही जबकि कोई भी भारतीय निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सका। कमलजीत, बालकृष्ण केदारलिंग उचागनवे और आकाश भारद्वाज की तिकड़ी छह सीरीज में कुल 1727 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक जीता। चीन और इंडोनेशिया दोनों के 1743 अंक थे, लेकिन चीन ने 70 इनर-10 के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंडोनेशिया ने 57 इनर-10 के साथ रजत पदक जीता। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत के लिए निराशा इस बात से भी बढ़ गई कि तीनों निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके। कमलजीत नौवें, आकाश 11वें और केदारलिंग 35वें स्थान पर रहे। इससे पहले बुधवार को महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। भारतीय टीम और किसी भी खिलाड़ी को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं मिल सका था।
LIVE: IND A vs AUS A मैच में भारत ने बनाई ऑस्ट्रेलिया पर लीड, यहां देखें Score
भारत और ऑस्ट्रेलिया की ए टीमें इस वक्त टेस्ट मैच में आमने सामने हैं। भारतीय टीम इस वक्त बल्लेबाजी कर रही है और उसकी लीड काफी ज्यादा हो चुकी है। टीम इंडिया के बल्लेबाज अच्छी बैटिंग कर रहे हैं।
अफगानिस्तान ने एशियन गेम्स की मेंस क्रिकेट में जीत के साथ अभियान शुरू किया। ग्रुप-ए के मुकाबले में अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हराया। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 129 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम 19.3 ओवर में 81 रन पर ऑलआउट हो गई। अफगानिस्तान की जीत के हीरो उसके स्पिनर रहे। टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू कर रहे राइट-आर्म रिस्ट स्पिनर अरब गुल ने 8 रन देकर 4 विकेट लिए। लेफ्ट-आर्म स्पिनर नंगेयालिया खारोटे ने 19 रन देकर 3 विकेट लिए। 53 रन पर 2 विकेट से 81 रन पर ऑलआउट हुआ जापान 130 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने संभलकर शुरुआत की। टीम ने 8 ओवर में 2 विकेट पर 53 रन बना लिए थे। इसके बाद अरब गुल ने 12वें और 14वें ओवर में दो-दो विकेट लेकर जापान के मिडिल ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया। जापान का स्कोर 60 रन पर 4 विकेट से 63 रन पर 8 विकेट हो गया। इसके बाद अब्दुल्लाह अहमदजई और खारोटे ने निचले क्रम को समेट दिया। जापान की पूरी टीम 19.3 ओवर में 81 रन पर ऑलआउट हो गई। ईशाक की नाबाद 25 रन की पारी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत धीमी रही। मोहम्मद अकरम ने 34, कप्तान दरविश रसूली ने 29 और करीम जनत ने 21 रन बनाए। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने आए मोहम्मद ईशाक ने 17 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए। उनकी पारी की मदद से अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 129 रन तक पहुंचाया। ----------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की मेंस टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
एशियन गेम्स में भारत की शानदार शुरुआत, वुशू और रोइंग में जीते पदक
एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. आज भारत ने प्रतियोगिता में अपनी धमाकेदार शुरुआत करते हुए दो और महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं. भारत को आज वुशू और रोइंग स्पर्धाओं में ये सफलताएं मिली हैं.
1000 गोल का सपना पूरा कर पाएंगे रोनाल्डो? बोले- लोग बना रहे हैं संन्यास का दबाव
रोनाल्डो वेल्स के खिलाफ होने वाले नेशंस लीग मुकाबले में पुर्तगाल की ओर से अपना 234वां मैच खेलेंगे। कोच जॉर्ज जीसस ने इस मुकाबले के लिए उन्हें शुरुआती XI में शामिल किए जाने की पुष्टि की है।
Asian Games Canoe Sprint: भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन, चार स्पर्धाओं में नहीं मिला पदक
भारत के लिए एशियाई खेलों की कैनो स्प्रिंट स्पर्धा में बृहस्पतिवार का दिन निराशाजनक रहा जहां चार स्पर्धाओं में चुनौती पेश करने वाले भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे। ‘मियोशी लेक कैनो कोर्स’ में पुरुषों की कैनो युगल 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में राजू रावत और फिलेम ज्ञानेश्वर सिंह एक मिनट 56.121 सेकंड के समय के साथ नौवें और अंतिम स्थान पर रहे। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की वू शेंगयुए और जी बोवेन की जोड़ी से 15.380 सेकंड पीछे रही। उज्बेकिस्तान के आर्तुर गुलिएव और व्लादलेन डेनिसोव ने 1:42.878 के समय के साथ रजत, जबकि कजाकिस्तान के सर्गेई येमेल्यानोव और तिमोफेई येमेल्यानोव ने 1:44.972 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की कयाक ‘फोर’ 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में भारत की नाओचा सिंह लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन सिंह शक्तावत की चौकड़ी एक मिनट 28.982 सेकंड के समय के साथ सातवें स्थान पर रही। भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण कोरिया की टीम से 6.395 सेकंड पीछे रही। चीन ने 1:22.842 के समय के साथ रजत और जापान ने 1:25.909 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। महिलाओं की कयाक युगल 500 मीटर स्पर्धा में सोनिया देवी फाइरेम्बम और पार्वती गीता फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। दोनों अपनी सेमीफाइनल हीट में दो मिनट 01.020 सेकंड के समय के साथ आखिरी स्थान पर रहीं। मेघा प्रदीप भी महिलाओं की कैनो एकल 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। पांच खिलाड़ियों की सेमीफाइनल हीट में वह 51.093 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ईरान की हिवा अफजली ने सेमीफाइनल जीता। केवल शीर्ष तीन खिलाड़ियों को फाइनल में जगह मिलनी थी। मेघा विजेता से 1.666 सेकंड पीछे रहीं।
ऑस्ट्रेलिया की टीम अभी साउथ अफ्रीका के दौरे पर है, जहां पर वह मेजबान टीम के खिलाफ 24 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी, जिसका पहला मुकाबला डरबन के मैदान पर खेला जाएगा।
सतनाम सिंह और सलमान खान ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की डबल स्कल्स में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। सलमान कभी दिल्ली में उबर टैक्सी चलाकर परिवार संभालते थे, जबकि सतनाम ने हैंडबॉल से रोइंग का रुख किया था।
Asian Games: 50 मीटर बटरफ्लाई में 12वें स्थान पर रहे Benedictine Rohit, फाइनल की दौड़ से चूके
तोक्यो 24 सितंबर भारत के बेनेडिक्टन रोहित ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की पुरुष 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा की हीट में संयुक्त रूप से 12वां स्थान हासिल किया। वह फाइनल के लिए दूसरे रिजर्व खिलाड़ी है। रोहित ने 23.87 सेकंड का समय निकाला और आठवें तथा अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहे सिंगापुर के त्जेन वेई तियोंग से सिर्फ 0.09 सेकंड पीछे रहे। तियोंग ने 23.78 सेकंड का समय निकाला। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले आठ में से दो तैराक अगर अपना नाम वापस लेते हैं, तो रोहित को फाइनल में उतरने का मौका मिल सकता है। फाइनल मुकाबला आज ही होगा। भारत पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। अनीश गौड़ा, आकाश मणि, हीर शाह और बेनेडिक्टन रोहित की भारतीय चौकड़ी तीन मिनट 23.51 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रही। भारत 13 टीमों में कुल मिलाकर 12वें स्थान पर रहा। आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहने वाली इंडोनेशियाई टीम ने भारत से दो सेकंड से अधिक तेज समय निकाला। आर्यन नेहरा ने पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल की बी फाइनल में आठ मिनट 02.52 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
Asian Games Wushu: रोशिबिना देवी ने जीता 60 किग्रा सांडा में रजत पदक
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर भारतीय टीम में शुरुआती तौर पर जगह नहीं मिलने के बावजूद किस्मत ने रोशिबिना देवी का साथ दिया और मणिपुर की 25 वर्षीय वुशु खिलाड़ी ने बृहस्पतिवार को महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लगातार तीसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल किया। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से हार का सामना करना पड़ा। ‘आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में हुए फाइनल में रोशिबिना को 0-2 से हार मिली। दोनों दो मिनट के राउंड में पांचों जज ने एकमत से चीनी खिलाड़ी के पक्ष में 5-0 का फैसला दिया। झांग ने पहले राउंड में दबदबा बनाया जिस पर पांचों जजों ने उन्हें क्रमश: 6-2, 6-3, 6-2, 6-2 और 8-2 से बढ़त दी। दूसरे और अंतिम राउंड में भी चीन की खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहतर रहा। पांचों जजों ने उन्हें 10-2, 8-3, 7-3, 7-3 और 6-1 से विजेता माना। पिछले एशियाई खेलों में रजत और 2018 के खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली रोशिबिना इस मुकाबले में चीन की खिलाड़ी की आक्रामकता और तकनीकी दबदबे का जवाब नहीं दे सकीं। झांग के खासकर साइड किक से उन्हें परेशानी हुई। मुकाबले के अधिकांश समय भारतीय खिलाड़ी दबाव में नजर आईं। मुकाबले के बाद रोशिबिना ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी रजत पदक जीता था और इस बार भी मुझे रजत ही मिला। मैं देशवासियों को स्वर्ण पदक नहीं दिला सकी। मैं वह नहीं दे सकी, जिसकी सभी को उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में आने से पहले काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। लेकिन मेरे कोच अमित पाल ने यहां तक पहुंचने में मेरी बहुत मदद की। मैं आगामी खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी, अपनी गलतियों से सीखूंगी और वापसी करूंगी।’’रोशिबिना ने बताया कि उन्हें करीब 10 सितंबर को टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम में शामिल किए जाने के बारे में करीब 10 सितंबर को पता चला और मैं मणिपुर स्थित अपने घर से बिना ज्यादा प्रशिक्षण के सीधे यहां आ गई।’’रोशिबिना को भारतीय टीम में देर से शामिल किया गया था। मूल रूप से चुनी गई दिव्यांशी चौधरी को ‘एसीएल’ चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा था। जून में श्रीनगर में हुए चयन ट्रायल में रोशिबिना को दिव्यांशी ने हराया था। बाद में दिव्यांशी ने रोशिबिना पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मायाई लीकाई की रहने वाली रोशिबिना के पिता नोरेम दामू सिंह किसान हैं। शुरुआत में वह बेटी को वुशु खेलने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन खेल के प्रति उसकी लगन देखकर बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। रोशिबिना के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता ने करियर के शुरुआती वर्षों में बेटी के प्रशिक्षण और यात्रा का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया था। अपनी प्रतिद्वंद्वी के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘वह नयी खिलाड़ी है और मैंने पहले उसके खिलाफ मुकाबला नहीं किया था। उसके साइड किक काफी अच्छे थे। मैंने भी बचाव करने की कोशिश की। मैंने उसे गिराने की कोशिश की, लेकिन वह बेहतर साबित हुई। आगामी खेलों में मैं भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी’’वुशु पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट से विकसित हुआ खेल है। रोशिबिना के कोच अमित पाल ने भी उनकी कम तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की खिलाड़ी बहुत अच्छी थी और रोशिबिना में कुछ कमी रह गई। लेकिन रोशिबिना को तैयारी के लिए ज्यादा समय भी नहीं मिला। वह करीब डेढ़ महीने तक राष्ट्रीय शिविर से बाहर थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जून में श्रीनगर में हुए ट्रायल में हार के बाद वह अपने घर चली गई थीं। दिव्यांशी के एसीएल चोटिल होने के बाद 10 सितंबर को रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। इसके बीच उन्हें बहुत कम प्रशिक्षण मिला और वह सीधे यहां आ गईं।’’अन्य भारतीय खिलाड़ियों के पदक नहीं जीत पाने के बीच रोशिबिना के रजत पदक ने भारतीय वुशु शिविर को जश्न मनाने का मौका दिया। ‘सांडा’ के अन्य खिलाड़ियों में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक के साथ नौवां स्थान हासिल किया। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वां स्थान हासिल किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 11वें स्थान पर रहे।
भारत पहली बार साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन (UCI) ने 2032 की चैंपियनशिप के लिए पुणे को मेजबान चुना है। इसका फैसला मॉन्ट्रियल में हुई UCI कांग्रेस में किया गया। नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन-ड्रेंथे को 2034 की चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। UCI प्रेसिडेंट डेविड लापार्तिएंत ने कहा कि पुणे और ग्रोनिंगन-ड्रेंथे की ओर से मजबूत दावेदारी पेश की गई थी। UCI ने दोनों आयोजकों के लिए मेजबानी का रास्ता निकाला है। 2032 में पहली बार भारत आएगी चैंपियनशिप पुणे की मेजबानी के साथ पहली बार UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में होगी। यह भारत में इंटरनेशनल रोड साइक्लिंग के विस्तार के लिहाज से भी अहम है। UCI ने कहा कि भारत में यह आयोजन प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और आम लोगों के बीच साइकिलिंग को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की भी उसकी योजना है। 1974 में पहली बार यूरोप से बाहर हुई थी चैंपियनशिप रोड साइक्लिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप लंबे समय तक यूरोप तक सीमित रही। 1974 में मॉन्ट्रियल में पहली बार यूरोप के बाहर इसका आयोजन हुआ था। इसके बाद 1990 में जापान रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला पहला एशियाई देश बना। एशिया में इसके बाद 2016 में दोहा और 2028 में अबू धाबी को मेजबानी मिली। 2025 में रवांडा पहला अफ्रीकी मेजबान बना। 2032 के बाद 2034 में नीदरलैंड्स ग्रोनिंगन और ड्रेंथे को 2034 UCI रोड और पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की संयुक्त मेजबानी मिली है। यानी 2032 की मेजबानी पुणे को और उसके दो साल बाद 2034 का आयोजन नीदरलैंड्स में होगा। --------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की मेंस टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली नाओरेम रोशिबिना देवी देश की सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाली वुशु एथलीटों में शुमार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने और उनके उत्कृष्ट खेल योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया था। नागोया में उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पूरे खेल जगत और देशवासियों ने उन्हें बधाई दी है।
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
रोशिबिना देवी नाओरेम ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत जीता। टीम में उनका चयन दिव्यांशी चौधरी की चोट के बाद आखिरी समय में हुआ था और इसे लेकर विवाद भी हुआ
Asian Games में Mixed 4x400m Relay के फाइनल में पहुंचा भारत
भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा की अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बना ली। एस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण की भारतीय चौकड़ी ने तीन मिनट 16.23 सेकंड का समय निकालकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम का यह समय दोनों हीट में चौथा सबसे तेज रहा। बहरीन ने तीन मिनट 15.73 सेकंड, चीन ने तीन मिनट 15.97 सेकंड और वियतनाम ने तीन मिनट 16.08 सेकंड का समय निकाला। आठ टीमों के बीच फाइनल मुकाबला आज शाम होगा। भारतीय टीम रेस के दूसरे और तीसरे चरण में आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरण में दौड़ने वाली किरण को चीन की धावक ने आखिरी क्षणों में पीछे छोड़ दिया। चीन ने हीट में पहला स्थान हासिल किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने तीन मिनट 17.00 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया ने तीन मिनट 18.66 सेकंड के समय के साथ हीट-2 से फाइनल में जगह बनाई। हीट एक से बहरीन, वियतनाम, मेजबान जापान और फिलीपींस ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
एशियाई खेलों में भारतीय Table Tennis जोड़ियों का दबदबा, श्रीजा और यशस्विनी प्री-क्वार्टर फाइनल में
श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दीया चिताले की भारतीय महिला युगल जोड़ियों ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। श्रीजा और सिंड्रेला ने दूसरे दौर के मुकाबले में मंगोलिया की बुरेनजारगल संजा और बोलोर-एरदेने बातमुंख को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-5, 11-4, 12-10 से अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दोनों गेम आसानी से जीत लिए, लेकिन तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। उन्होंने हालांकि संयम बनाए रखा और 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। श्रीजा और सिंड्रेला का सामना अंतिम-16 के मुकाबले में चीन की कुआई मान और वांग मन्यु की मजबूत जोड़ी से होगा। यशस्विनी और दीया की दूसरी भारतीय जोड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईरान की सेतायेश इलूखानी और महशिद अश्तारी को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-2, 11-2, 11-4 से जीता। यशस्विनी और दीया ने शुरुआत से ही मुकाबले पर दबदबा बनाए रखा और एक भी गेम गंवाए बिना जीत दर्ज की। प्री-क्वार्टर फाइनल में यशस्विनी और दीया का सामना चीन की फैन शुहान और चेन यी की जोड़ी से होगा।
Indian tennis player Parikshit Somani पर डोपिंग के चलते लगा चार साल का बैन
भारतीय टेनिस खिलाड़ी परीक्षित सोमानी पर पिछले साल अस्ताना में एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की पुष्टि होने के बाद चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (आईटीआईए) की स्वतंत्र पंचाट ने सोमानी पर यह प्रतिबंध लगाया है। छब्बीस वर्षीय सोमानी जुलाई 2023 में करियर की सर्वश्रेष्ठ 256वीं युगल रैंकिंग पर पहुंचे थे। कजाकिस्तान में 31 जुलाई 2025 को लिए गए उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ ट्राइमेटाजिडीन पाया गया था। सोमानी को 23 सितंबर 2025 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। आईटीआईए ने बताया, ‘‘ सेमानी ने फरवरी 2026 में दावा किया था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा तैयार भोजन खाया था। भोजन तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान परिवार के सदस्य की दवा से वह भोजन दूषित हो गया था।’’उन्होंने कहा, ‘‘19 अगस्त 2026 को स्वतंत्र न्यायाधिकरण के समक्ष हुई सुनवाई में सोमानी ने इसी दावे को अपने बचाव का आधार बनाया। सोमानी और आईटीआईए की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद पंचाट ने भोजन के दूषित होने की उनकी दलील को ‘वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय, अत्यधिक अटकलों’ पर आधारित और असंतोषजनक माना।’’पंचाट ने कहा कि सोमानी अपने नमूने में पाए गए प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत को साबित नहीं कर सके। इसलिए उन्हें कोई राहत नहीं दी गई। पहले से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध की अवधि को चार साल की सजा में शामिल किया जाएगा। इसके अनुसार, सोमानी का प्रतिबंध 22 सितंबर 2029 को समाप्त होगा। प्रतिबंध की अवधि के दौरान सोमानी विश्व टेनिस, डब्ल्यूटीए, एटीपी, ग्रैंड स्लैम या किसी राष्ट्रीय टेनिस संघ द्वारा आयोजित या मान्यता प्राप्त किसी भी प्रतियोगिता में खिलाड़ी, कोच या दर्शक के तौर पर हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
एशियन गेम्स: रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को दिलाया सिल्वर मेडल
नोगोया, 24 सितंबर (आईएएनएस)। जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारतीय दल की शुरुआत शानदार रही है। रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को सिल्वर मेडल दिलाया है।
भारतीय टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के कारण 4 साल का बैन लगाया गया है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल ने उन्हें प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाए जाने के मामले में दोषी माना है। ट्रिब्यूनल ने खाने के दूषित होने की उनकी दलील को खारिज कर दिया। 26 साल के परिक्षित का 31 जुलाई 2025 को कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए ATP चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट हुआ था। उनके सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाया गया था। इसके बाद उन्हें 23 सितंबर 2025 को प्रोविजनल सस्पेंड किया गया। 22 सितंबर 2029 तक नहीं खेल पाएंगे परिक्षित को प्रोविजनल सस्पेंशन के दौरान बिताया गया समय 4 साल के बैन में शामिल किया गया है। इसलिए उनका सस्पेंशन 22 सितंबर 2029 को खत्म होगा। परिक्षित ने कहा- परिवार के सदस्य की दवा से खाना दूषित हुआ परिक्षित ने फरवरी 2026 में अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा बनाया खाना खाया था। उनका दावा था कि खाना बनाते समय उस सदस्य की दवा गलती से भोजन में मिल गई थी। इसी वजह से ट्रिमेटाजिडाइन उनके शरीर में पहुंचा। 19 अगस्त 2026 को इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल के सामने हुई सुनवाई में परिक्षित ने इसी दलील को अपना आधार बनाया। ट्रिब्यूनल ने दलील को खारिज किया ITIA और परिक्षित की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ट्रिब्यूनल ने फूड-कंटैमिनेशन की थ्योरी को वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय, बेहद अटकलों पर आधारित और भरोसे के लायक नहीं माना। ट्रिब्यूनल ने कहा कि परिक्षित अपने सैंपल में मिले प्रतिबंधित पदार्थ का सोर्स स्थापित नहीं कर सके। इसलिए उन्हें सजा में किसी तरह की राहत देने वाली परिस्थिति लागू नहीं होती। बैन के दौरान खेलने और कोचिंग पर रोक सस्पेंशन के दौरान परिक्षित किसी भी आधिकारिक टेनिस इवेंट में नहीं खेल सकेंगे। किसी खिलाड़ी को कोचिंग नहीं दे सकेंगे। World Tennis, WTA, ATP, ग्रैंड स्लैम या किसी नेशनल एसोसिएशन के आयोजित या मान्यता प्राप्त इवेंट में शामिल नहीं हो सकेंगे। जुलाई 2023 में डबल्स रैंकिंग 256 तक पहुंचे परिक्षित सोमानी ने जुलाई 2023 में करियर की सर्वश्रेष्ठ डबल्स रैंकिंग 256 हासिल की थी। उन्होंने ATP चैलेंजर सर्किट पर भी खेला है। 4 साल के बैन के कारण अब उनका प्रतिस्पर्धी टेनिस करियर 2029 तक प्रभावित रहेगा। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत पदक जीता। फाइनल में चीन की झांग शियाओयू ने उन्हें 10-0 से हराया।
सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं बलराज पंवार पुरुषों की सिंगल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहे। आखिरी 500 मीटर में पिछड़ने से उनका पदक जीतने का सपना टूट गया।
46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। प्रज्ञानानंद ने इंग्लैंड के अनुभवी खिलाड़ी निकिता वित्युगोव को हराया। उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए दबाव बनाया और क्वीन साइड पर हमला कर मुकाबला अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट में उनकी दूसरी जीत है। गुकेश लगातार अजेयवर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने चौथे बोर्ड पर डैनियल हॉवर्ड फर्नांडीज को हराया। उन्होंने टाइम प्रेशर के दौरान 40वें मूव की गलती का फायदा उठाया। इसके बाद बढ़त को जीत में बदल दिया। गुकेश अब तक टूर्नामेंट में अजेय हैं। गुकेश ने इससे पहले भारत को पिछले दो चेस ओलंपियाड में गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार भी वह तीसरे लगातार गोल्ड की दौड़ में हैं। अर्जुन का ड्रॉ, निहाल हारेदूसरे बोर्ड पर अर्जुन एरीगैसी ने इंग्लैंड के माइकल एडम्स से ड्रॉ खेला। तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन को ल्यूक मैकशेन ने हराया। यह निहाल की लगातार दूसरी हार थी। हालांकि, प्रज्ञानानंद और गुकेश की जीत से भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत 12 मैच पॉइंट्स पर इंग्लैंड पर जीत के बाद भारत के 12 मैच पॉइंट्स हो गए हैं। टीम ने 7 में से 6 मुकाबले जीते हैं और एक में हार मिली है। उज्बेकिस्तान ने चीन को 3-1 से हराकर 14 पॉइंट्स के साथ बढ़त बनाए रखी है। भारत अगले राउंड में अजरबैजान से खेलेगा। महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से हराया भारतीय महिला टीम ने भी 7वें राउंड में जर्मनी को 3.5-0.5 से हराया। कोनेरू हम्पी, दिव्या देशमुख और साविता श्री ने जीत दर्ज की। वैशाली का मुकाबला ड्रॉ रहा। हम्पी ने टॉप बोर्ड पर डिनारा वैगनर को हराया। दिव्या ने तीसरे बोर्ड पर जीत दर्ज की। चौथे बोर्ड पर साविता श्री ने लारा शुल्जे को हराकर टूर्नामेंट में लगातार छठी जीत दर्ज की। चीन और कजाकिस्तान का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहने का फायदा भारत को मिला। भारत अब 12 मैच पॉइंट्स के साथ टॉप पर चल रहे चीन और कजाकिस्तान से एक पॉइंट पीछे है। अगले राउंड में भारत-कजाकिस्तान मुकाबला 8वें राउंड में भारतीय पुरुष टीम का सामना अजरबैजान से होगा। वहीं भारतीय महिला टीम कजाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। ----------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रेयस अय्यर को टी-20 रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा:सिकंदर रजा वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर-1 के करीब, 5 पायदान चढ़े टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर को ICC की नई टी-20 बैटिंग रैंकिंग में 7 स्थान का फायदा हुआ है। वे अब 22वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज और जापान के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन का उन्हें फायदा मिला है। पूरी खबर
Roshibina Devi ने Asian Games में जीता रजत पदक, वुशु में भारत का नाम किया रोशन
(तस्वीरों के साथ)नागोया (जापान) 24 सितंबर एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में अपने चयन को लेकर उठे विवादों को पीछे छोड़ते हुए स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में बृहस्पतिवार को रजत पदक जीता। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना को फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। उनके पदक के साथ भारत का वुशु अभियान खाली हाथ रहने से बच गया। रोशिबिना का एशियाई खेलों में यह तीसरा पदक है। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत और 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। चयन ट्रायल में रोशिबिना को युवा दिव्यांशी चौधरी ने हराया था, लेकिन दिव्यांशी के चोटिल होने के बाद रोशिबिना को भारतीय टीम में शामिल किया गया। भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद दिव्यांशी ने रोशिबिना पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। रोशिबिना ने फाइनल तक के सफर में वियतनाम की 2023 विश्व चैंपियन गुयेन थी थू थुई को भी शिकस्त दी। उनके अलावा भारत का कोई अन्य वुशु खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं रहा। सांडा स्पर्धा में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए। महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक हासिल किए और नौवें स्थान पर रहीं। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन वह 11वें स्थान पर रहे।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स में भारत का पदक अभियान गुरुवार, 24 सितंबर को भी जारी रहेगा। रोइंग, वुशु, निशानेबाजी, कैनो स्प्रिंट, तैराकी और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे
एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू अब 53 किग्रा भार वर्ग में नई चुनौती के लिए तैयार हैं।
Cristiano Ronaldo ने संन्यास की अटकलों को नकारा, कहा राष्ट्रीय टीम को अब भी मदद कर सकता हूं
पुर्तगाल के महान फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने स्वीकार किया है कि उन्होंने विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बारे में सोचा थ। इस 41 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी ने यह भी माना कि उनके देश में कुछ आलोचक उन्हें अब राष्ट्रीय टीम से बाहर देखना चाहते हैं। रोनाल्डो बृहस्पतिवार को वेल्स के खिलाफ होने वाले नेशंस लीग मुकाबले में पुर्तगाल की ओर से अपना 234वां मैच खेलेंगे। कोच जॉर्ज जीसस ने इस मुकाबले के लिए उन्हें शुरुआती एकादश में शामिल किए जाने की पुष्टि की है। रोनाल्डो से मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि क्या उन्होंने जुलाई में स्पेन के खिलाफ विश्व कप के अंतिम-16 में मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म करने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैंने ऐसा सोचा था। मैं हमेशा अपने फैसलों अपने भविष्य और वर्तमान के बारे में सोचता रहता हूं।’’रोनाल्डो ने कहा कि उन्होंने इस बारे में देश के फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और कोच जॉर्ज जीसस से बातचीत की है। जीसस इससे पहले रोनाल्डो के क्लब अल-नासर के कोच थे और उन्होंने मई में टीम को सऊदी लीग का खिताब दिलाया था। रोनाल्डो ने कहा, ‘‘मुझे अब भी विश्वास है कि मैं राष्ट्रीय टीम की मदद कर सकता हूं और उसे उसके लक्ष्य तक पहुंचा सकता हूं। मैं तब संन्यास लूंगा, जब मुझे लगेगा कि मैं टीम के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं।’’पुर्तगाल को 2025 में नेशंस लीग का खिताब दिलाने वाले रोनाल्डो अपने करियर में 1,000 गोल पूरे करने के करीब हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक नई और युवा पीढ़ी है। लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात मैदान पर उतरकर गोल करना और टीम को मैच जिताने में मदद करना है।’’रोनाल्डो ने यह भी कहा कि अपने देश में उन्हें हर कोई पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पुर्तगाल के प्रशंसक मुझे पसंद करते हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि कुछ टीवी चैनल मेरी आलोचना करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि मैं अब राष्ट्रीय टीम के लिए न खेलूं।’’रोनाल्डो ने कहा, ‘‘मैं 20 साल से अधिक समय से यह सब देख रहा हूं। लेकिन मेरी यादें उन लोगों के साथ हैं, जो मुझसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूं कि बच्चे क्रिस्टियानो को क्यों पसंद करते हैं। वे मुझे अपना आदर्श मानते हैं और मैं ऐसा करता रहूंगा।’’रोनाल्डो ने मुस्कुराते हुए कहा कि संन्यास लेने के बाद भी वह लोगों के लिए उदाहरण बने रहेंगे, ‘‘10 साल बाद भी।
एशियाई खेलों में भारतीय रोवर्स Satnam Singh और Salman Khan ने जीता कांस्य पदक
भारतीय रोवर सतनाम सिंह और सलमान खान ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर रही लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह तीसरे स्थान पर खिसक गई। दोनों ने ‘नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स’ पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। इससे पहले भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने छह मिनट 54.80 सेकंड का समय लिया। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। पंवार स्वर्ण पदक विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 2026: भारत का आज का शेड्यूल 24 सितंबर; मेडल्स की हो सकती है बौछार
Asian Games 2026 India Full schedule: भारत रोइंग और कैनो स्प्रिंट में भी कई मेडल रेस में हिस्सा लेगा। शूटिंग में दो तरह से मेडल मिलते हैं, जिसमें पुरुषों की 10m एयर पिस्टल और स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट शामिल हैं।
29 गोल से मचाया कोहराम, अब कोरिया की बारी… भारत का असली इम्तिहान
एशियन गेम्स में खिताब बचाने उतरी भारतीय हॉकी टीम ने इंडोनेशिया और श्रीलंका को बड़े अंतर से हराकर धमाकेदार शुरुआत की है. अब गुरुवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत का पहला बड़ा टेस्ट होगा. भारत की नजर इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की राह मजबूत करने के साथ 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने की ओर एक और कदम बढ़ाने पर होगी.
एशियन गेम्स में आज 18 साल की भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह का मुकाबला होगा। वे राउंड ऑफ 16 में भिड़ेंगी। उन्होंने इसी साल जुलाई में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती थी। वे यह खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दिनभर में भारत 13 मेडल इवेंट में उतरेगा। सबसे ज्यादा रोइंग में 5 मेडल इवेंट होंगे। इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम ग्रुप स्टेज में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों टीमें खेलती दिखेंगी। आज 55 गोल्ड दांव पर पूरे दिन एशियन गेम्स में 55 गोल्ड मेडल मुकाबले होंगे। इनमें रोइंग में सबसे ज्यादा 14 गोल्ड दांव पर हैं। स्वीमिंग और वुशु में 7-7, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में 5 गोल्ड मेडल पर फैसला होगा। सुबह रोइंग से भारत की शुरुआत सुबह 5:10 बजे बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। 5:30 बजे सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। सुबह 6:10 बजे वुशु में रोशिबिना देवी महिला 60 किग्रा फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के सामने होंगी। इसी समय टेबल टेनिस में दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। कैनो स्प्रिंट में मेघा प्रदीप महिला कैनो सिंगल 200 मीटर सेमीफाइनल में उतरेंगी। एथलेटिक्स, रोइंग और स्वीमिंग में भारत का इवेंट सुबह 7:01 बजे जय कुमार, अंसा बाबू, मनु टीएस और रशदीप कौर मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले हीट-2 में उतरेंगे। 7:10 बजे स्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। 7:10 बजे ही रोइंग में गुरबानी कौर, अलीना एंटो, तेंदेनथोई हाओबिजाम और पूनम महिला फोर फाइनल में उतरेंगी। सुबह 7:21 बजे आर्यन नेहरा पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में उतरेंगे। 7:32 बजे बेनेडिक्टन बेनिस्टन, अनीश सुनील, आकाश मणि और गितेश शाह पुरुष 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में हिस्सा लेंगे। अनाहत सुबह 10:30 बजे खेलेंगी स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सुबह 10:30 बजे राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उतरेंगी। इसी समय तन्वी खन्ना भी अपना राउंड ऑफ 16 मैच खेलेंगी। इससे पहले सुबह 8 बजे सूरज चंद और शमीना रियाज का मुकाबला जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार से होगा। 8:05 बजे मनुश शाह पुरुष सिंगल्स R1 में वोंग क्यू शेन से खेलेंगे। 11:15 बजे अभय सिंह और वीर चोत्रानी अपने-अपने स्क्वैश मुकाबले खेलेंगे। कैनो स्प्रिंट में 2 फाइनल सुबह 8:10 बजे नाओचा लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन शक्तावत पुरुष कयाक फोर 500 मीटर फाइनल में उतरेंगे। 8:30 बजे राजू रावत और ज्ञानेश्वर सिंह पुरुष कैनो डबल 500 मीटर फाइनल खेलेंगे। इसी समय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का इंडिविजुअल फाइनल भी होगा। भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर इसमें उतरेंगे। मेंस हॉकी में साउथ कोरिया से भिड़ंत सुबह 9:40 बजे भारत की पुरुष कबड्डी टीम ग्रुप-ए में चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 11:30 बजे भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूल-ए में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। करीब शाम 4:15 बजे भारतीय महिला कबड्डी टीम ग्रुप-ए में जापान के खिलाफ खेलेगी। इस बीच ई-स्पोर्ट्स में पारितोष सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:10 बजे तक प्यो प्यो चैंपियंस के ग्रुप गेम्स में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग में परवीन का मुकाबला दोपहर 12 बजे उज्ज्वल कुमार सिंह और रोहित लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। दोपहर 1 बजे अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह और जकार खान पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। दोपहर 3:15 बजे बॉक्सिंग में परवीन महिला राउंड ऑफ 32 में मलिका नोझिमोवा के खिलाफ उतरेंगी। आशा और निहारिका महिला ट्रिपल जंप फाइनल खेलेंगी शाम 4:14 बजे आशा इलांगो और निहारिका वशिष्ठ महिला ट्रिपल जंप फाइनल में उतरेंगी। शाम 4:38 बजे अनिमेष कुजुर पुरुष 100 मीटर हीट-1 और 5:02 बजे गुरिंदरवीर सिंह पुरुष 100 मीटर हीट-4 में उतरेंगे। दिन का आखिरी मेडल इवेंट शाम 5:55 बजे महिला 10,000 मीटर फाइनल होगा, जिसमें सीमा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
एशियन गेम्स में आज 18 साल की भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह का मुकाबला होगा। वे राउंड ऑफ 16 में भिड़ेंगी। उन्होंने इसी साल जुलाई में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती थी। वे यह खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दिनभर में भारत 13 मेडल इवेंट में उतरेगा। सबसे ज्यादा रोइंग में 5 मेडल इवेंट होंगे। इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम ग्रुप स्टेज में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों टीमें खेलती दिखेंगी। आज 55 गोल्ड दांव पर पूरे दिन एशियन गेम्स में 55 गोल्ड मेडल मुकाबले होंगे। इनमें रोइंग में सबसे ज्यादा 14 गोल्ड दांव पर हैं। स्वीमिंग और वुशु में 7-7, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में 5 गोल्ड मेडल पर फैसला होगा। सुबह रोइंग से भारत की शुरुआत सुबह 5:10 बजे बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। 5:30 बजे सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। सुबह 6:10 बजे वुशु में रोशिबिना देवी महिला 60 किग्रा फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के सामने होंगी। इसी समय टेबल टेनिस में दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। कैनो स्प्रिंट में मेघा प्रदीप महिला कैनो सिंगल 200 मीटर सेमीफाइनल में उतरेंगी। एथलेटिक्स, रोइंग और स्वीमिंग में भारत का इवेंट सुबह 7:01 बजे जय कुमार, अंसा बाबू, मनु टीएस और रशदीप कौर मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले हीट-2 में उतरेंगे। 7:10 बजे स्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास महिला डबल्स R2 में ईरानी जोड़ी से खेलेंगी। 7:10 बजे ही रोइंग में गुरबानी कौर, अलीना एंटो, तेंदेनथोई हाओबिजाम और पूनम महिला फोर फाइनल में उतरेंगी। सुबह 7:21 बजे आर्यन नेहरा पुरुष 800 मीटर फ्रीस्टाइल हीट्स में उतरेंगे। 7:32 बजे बेनेडिक्टन बेनिस्टन, अनीश सुनील, आकाश मणि और गितेश शाह पुरुष 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में हिस्सा लेंगे। अनाहत सुबह 10:30 बजे खेलेंगी स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सुबह 10:30 बजे राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उतरेंगी। इसी समय तन्वी खन्ना भी अपना राउंड ऑफ 16 मैच खेलेंगी। इससे पहले सुबह 8 बजे सूरज चंद और शमीना रियाज का मुकाबला जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार से होगा। 8:05 बजे मनुश शाह पुरुष सिंगल्स R1 में वोंग क्यू शेन से खेलेंगे। 11:15 बजे अभय सिंह और वीर चोत्रानी अपने-अपने स्क्वैश मुकाबले खेलेंगे। कैनो स्प्रिंट में 2 फाइनल सुबह 8:10 बजे नाओचा लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन शक्तावत पुरुष कयाक फोर 500 मीटर फाइनल में उतरेंगे। 8:30 बजे राजू रावत और ज्ञानेश्वर सिंह पुरुष कैनो डबल 500 मीटर फाइनल खेलेंगे। इसी समय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का इंडिविजुअल फाइनल भी होगा। भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई करने पर इसमें उतरेंगे। मेंस हॉकी में साउथ कोरिया से भिड़ंत सुबह 9:40 बजे भारत की पुरुष कबड्डी टीम ग्रुप-ए में चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 11:30 बजे भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूल-ए में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। करीब शाम 4:15 बजे भारतीय महिला कबड्डी टीम ग्रुप-ए में जापान के खिलाफ खेलेगी। इस बीच ई-स्पोर्ट्स में पारितोष सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:10 बजे तक प्यो प्यो चैंपियंस के ग्रुप गेम्स में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग में परवीन का मुकाबला दोपहर 12 बजे उज्ज्वल कुमार सिंह और रोहित लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स फाइनल खेलेंगे। दोपहर 1 बजे अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह और जकार खान पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स फाइनल में उतरेंगे। दोपहर 3:15 बजे बॉक्सिंग में परवीन महिला राउंड ऑफ 32 में मलिका नोझिमोवा के खिलाफ उतरेंगी। आशा और निहारिका महिला ट्रिपल जंप फाइनल खेलेंगी शाम 4:14 बजे आशा इलांगो और निहारिका वशिष्ठ महिला ट्रिपल जंप फाइनल में उतरेंगी। शाम 4:38 बजे अनिमेष कुजुर पुरुष 100 मीटर हीट-1 और 5:02 बजे गुरिंदरवीर सिंह पुरुष 100 मीटर हीट-4 में उतरेंगे। दिन का आखिरी मेडल इवेंट शाम 5:55 बजे महिला 10,000 मीटर फाइनल होगा, जिसमें सीमा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत ने पांच पदक जीते। कुल पदकों की संख्या 12 हो गई। मीराबाई चानू ने देश को रजत पदक दिलाया। चार कांस्य पदक आए। गोल्ड मेडल एक भी नहीं मिला। देखिए आज का पूरा रिपोर्ट कार्ड।
स्पेन ने कजाकिस्तान को 2-1 से हराकर 2008 के बाद पहली बार बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। क्रिस्टीना बुका और सारा सोरिबेस टॉर्मो ने निर्णायक डबल्स मुकाबले में 6-2, 7-5 से जीत दर्ज की।
जो रूट ने 23 हजार रनों का पहाड़ पार कर रचा इतिहास, सचिन छूटे पीछे
जो रूट इस समय श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में बल्ले से धमाल मचा रहे हैं. इंग्लैंड की तरफ से खेलते हुए पहले वनडे मैच में उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया हैं. सबसे तेज 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने के मामले में अब जो रूट दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं.
नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने बुधवार को एशियन गेम्स में पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता। देश का पहला एशियाई खेल पदक जीतकर इतिहास रचने के बाद मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वादा किया है कि अगर अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किया जाता है, तो भारत सभी पांच गोल्ड मेडल जीतेगा।
Satnam Singh और Salman Khan ने Asian Games की Men Doubles Rowing Final में बनाई जगह
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों में चौथा दिन कई अच्छी खबरें लेकर आया है। नौकायन में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबलों के फाइनल में जगह बना ली है। सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार ने मजबूत प्रदर्शन के साथ पदक की रेस में अपनी जगह पक्की कर ली है। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल नौकायन में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल करते हुए अंतिम मुकाबले में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने 6 मिनट 15.63 सेकंड का समय निकाला। दोनों हीट के नतीजों को मिलाकर उनका प्रदर्शन चौथे स्थान पर रहा है। अब सतनाम और सलमान गुरुवार को होने वाले अंतिम मुकाबले में उतरेंगे, जहां उनके सामने पदक जीतने की चुनौती होगी। वहीं पुरुष एकल नौकायन में बलराज पंवार ने भी फाइनल में जगह बनाकर भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। उन्होंने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया और 6 मिनट 52.84 सेकंड का समय दर्ज किया। दोनों हीट के कुल प्रदर्शन में बलराज चौथे स्थान पर रहे हैं। अब वह अंतिम मुकाबले में पदक के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। बता दें कि नौकायन में फाइनल तक पहुंचना अपने आप में अहम उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को अपनी गति के साथ-साथ लंबे समय तक लय और संतुलन बनाए रखना होता है। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे अंतिम मुकाबलों में भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। नौकायन के अलावा भारत की पुरुष कयाक चार सदस्यीय टीम ने भी 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। हर्षवर्धन शक्तावत, वरिंदर सिंह, एल नाओचा सिंह ओइनाम और अरुण सिंह की भारतीय टीम ने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया। टीम ने 1 मिनट 29.447 सेकंड का समय लिया। चीन की टीम इस रेस में सबसे आगे रही और भारतीय टीम उससे 5.594 सेकंड पीछे रही है। गौरतलब है कि एची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय दल का प्रदर्शन कई खेलों में लगातार चर्चा में है। चौथे दिन भारत के पास कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके हैं। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मनु भाकर पर भी भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों से उनके अनुभव और पिछले बड़े मुकाबलों के प्रदर्शन को देखते हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई खेलों में अब तक भारत ने कुल सात पदक जीते हैं। इनमें एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी अब इस संख्या को और बढ़ाने के इरादे से अलग-अलग स्पर्धाओं में उतर रहे हैं। नौकायन में सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार के फाइनल में पहुंचने से भारत के पदक अभियान को एक और मजबूती मिली है और अब सभी की नजरें गुरुवार के अंतिम मुकाबलों पर टिकी है।
Jai Meena ने Philippines के खिलाड़ी को हराकर Asian Games Soft Tennis में रचा इतिहास
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में भारत का पहला पदक भी पक्का हो गया है। जय मीणा ने बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब हर खेल में बराबरी का रहा। जय मीणा ने शुरुआत में काफी संघर्ष किया और पहला खेल 0-4 से गंवा दिया। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा खेल 4-2 से अपने नाम किया। तीसरे खेल में नुगुइट ने फिर 4-2 से बढ़त बना ली। हालांकि जय ने हार नहीं मानी और चौथे खेल में 5-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को फिर बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पांचवें खेल में फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई, लेकिन जय मीणा ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। छठे खेल में उन्होंने 7-5 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सातवें खेल तक पहुंचा दिया। आखिरी खेल में भी भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। बता दें कि जय मीणा का यह तीसरा एशियाई खेल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनका प्रदर्शन अब तक खासा प्रभावी रहा है। पुरुष सिंगल्स के ग्रुप डी में उन्होंने पाकिस्तान के अरैन हुसैन को सीधे चार खेलों में 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। जय मीणा की सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला एशियाई खेल पदक पक्का कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगे, जबकि हार की स्थिति में भी भारत के खाते में पदक रहेगा। एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में भी पदक आया है। राइजा और परीनााज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक जुटाकर भारतीय टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। भारत ने कुल 331 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया है। गौरतलब है कि भारत की निशानेबाजी टीम में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। वहीं सुरूचि इंदर सिंह और ईशा सिंह फाइनल में पहुंचने से चूक गईं। इस तरह एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान लगातार कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।
Fariba Hashimi बनीं 2002 के बाद Asian Games में पदक जीतने वाली पहली अफगान महिला
कभी अफगानिस्तान की सड़कों पर साइकिल चलाने के लिए फरीबा हाशिमी को अपनी पहचान तक छिपानी पड़ती थी। आज वही फरीबा एशियाई खेलों के पदक मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 23 वर्षीय फरीबा ने जापान में आयोजित एशियाई खेलों की महिलाओं की सड़क दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। वह 2002 के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली अफगानिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। फरीबा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनका खेल सफर काफी मुश्किल हालात से होकर गुजरा है। उन्होंने 15 साल की उम्र में साइकिल चलाना शुरू किया था। उनकी बहन युलदोज हाशिमी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइकिल खिलाड़ी हैं। दोनों बहनों ने पड़ोसी से साइकिल लेकर इसे चलाना सीखा था। वर्ष 2017 में पहली ही दौड़ में फरीबा पहले और युलदोज दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत फरीयाब में महिलाओं का इस तरह साइकिल चलाना सामान्य बात नहीं थी। दोनों बहनों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए कई बार अपनी पहचान छिपानी पड़ी। फरीबा सिर पर कपड़ा, चेहरा ढकने वाली चीज और चश्मा लगाकर पुरुषों की तरह कपड़े पहनकर प्रशिक्षण के लिए जाती थीं। कई मौकों पर उन्होंने अलग पहचान का भी इस्तेमाल किया था। समय के साथ उनकी पहचान लोगों के बीच होने लगी और मुश्किलें भी बढ़ती गईं। फरीबा ने बताया है कि साइकिल चलाते समय उन पर पत्थर और बोतलें फेंकी जाती थीं। उनकी बहन युलदोज को एक बार एक रिक्शा चालक ने साइकिल चलाते समय टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी कलाई टूट गई थी। परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता में आने के बाद फरीबा को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह इटली में रहने लगीं और वहीं प्रशिक्षण जारी रखा। इटली की पूर्व विश्व चैंपियन साइकिल खिलाड़ी अलेसांद्रा कैपेलोत्तो ने उनके सफर में मदद की है। फरीबा और उनकी बहन युलदोज ने बाद में पेरिस ओलंपिक में भी अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर लगी पाबंदियों के बीच फरीबा की कहानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यूनेस्को के अनुसार, 2026 में भी अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां लड़कियों और महिलाओं को प्राथमिक स्तर के बाद की शिक्षा से औपचारिक रूप से बाहर रखा गया है। एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले फरीबा ने महिलाओं की व्यक्तिगत समय दौड़ में सातवां स्थान हासिल किया था। इसके बाद सड़क दौड़ में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की ली गुओ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि हांगकांग की लेउंग विंग यी को कांस्य पदक मिला है। फरीबा ने पदक जीतने के बाद कहा है कि वह एशियाई खेलों में पदक मंच पर खड़े होकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना लेकर आई थीं। उन्होंने इस पदक को अफगान महिलाओं के हौसले से जोड़ा है। उनका कहना है कि वह अकेली नहीं हैं और दुनिया के कई देशों की लाखों महिलाएं उनके साथ खड़ी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फरीबा की नजर अब आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है। वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी की अफगान लड़कियों को अपने सपनों के लिए देश छोड़ने या अपनी पहचान छिपाने की जरूरत न पड़े। बता दें कि फरीबा की यह जीत सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। जिस लड़की को कभी अपने पसंदीदा खेल को जारी रखने के लिए रास्ते में पत्थरों से बचना पड़ता था, उसने अब एशिया के बड़े खेल मंच पर अपने देश के लिए पदक जीता है। फरीबा का यह सफर अफगानिस्तान की उन महिलाओं की कहानी भी सामने लाता है, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहती हैं।

