Vaibhav Suryavanshi को देखने Chepauk में उमड़े 12 हजार दर्शक
चेन्नई, छह सितंबर ‘वैभव भाई, वैभव जी, वैभव।’ जैसे ही सूर्यवंशी प्रशंसकों का अभिवादन करने के लिए बाउंड्री के पास पहुंचे तो शोर अपने चरम पर पहुंच गया। प्रशंसक रविवार सुबह से ही इस उभरते क्रिकेट सितारे की एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे। तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपक में दक्षिण क्षेत्र और पूर्व क्षेत्र के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए सी, डी और ई ब्लॉक के निचले स्टैंड दर्शकों के लिए मुफ्त में खोल दिए थे। लेकिन शायद उसे यह उम्मीद नहीं थी कि करीब 12,000 दर्शक इन स्टैंड को भरने के लिए उमड़ पड़ेंगे। घरेलू क्रिकेट में ऐसा नजारा इन दिनों दुर्लभ है और अक्सर इसकी यादें 1980 और 1990 के दशक तक ही सीमित रह गई हैं। आखिरी बार ऐसा जुनून 30 जनवरी 2025 को देखने को मिला था जब विराट कोहली 12 साल बाद रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली की ओर से खेलने उतरे थे। इससे पहले 2013 में लाहली में मुंबई और हरियाणा के बीच सचिन तेंदुलकर के आखिरी प्रथम श्रेणी मैच में उनकी एक झलक पाने के लिए करीब 15,000 प्रशंसक पहुंचे थे। सूर्यवंशी बल्लेबाजी में अभी उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचे हैं जिसे इन दोनों दिग्गजों ने अपने शानदार करियर में हासिल किया है लेकिन आईपीएल 2026 में विस्फोटक प्रदर्शन ने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी को भारतीय क्रिकेट में उस तरह की लोकप्रियता दिलाई है जो चुनिंदा खिलाड़ियों को ही नसीब हुई है। इंग्लैंड के जोस बटलर जैसे खिलाड़ी का मानना है कि सूर्यवंशी टी20 के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए बने हैं जबकि कृष्णमाचारी श्रीकांत को लगता है कि बिहार का यह युवा खिलाड़ी निकट भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकता है। पूर्व क्षेत्र के कप्तान इशान किशन के लिए सूर्यवंशी ‘15 साल के लड़के के लिहाज से बेहद समझदार’ हैं और उन्हें अपनी जिंदगी तथा करियर की बारीकियों की पहले से ही अच्छी समझ है। हालांकि उनके शांत और संयमित व्यक्तित्व के पीछे अब भी एक शरारती बचपन छिपा है। इसकी झलक तब देखने को मिली जब उन्होंने भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के एक ओवर में छक्का और दो चौके जड़ दिए। सिराज और उनके साथी तेज गेंदबाज एमडी निधीश ने पहले सत्र की शुरुआत में कुछ तेज और उछाल भरी गेंदों से उन्हें परखने की कोशिश की लेकिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने उनसे बचने के लिए गेंदों को छोड़ दिया या झुककर गेंदों को जाने दिया। इसके बाद हैदराबाद के सिराज ने गेंदबाजी का कोण बदला और गेंदों को अधिक फुल लेंथ के साथ करने लगे जो खतरनाक तरीके से सूर्यवंशी के शॉट खेलने के क्षेत्र में आ रही थीं। बल्लेबाज ने इसका पूरा फायदा उठाया और कुल तीन चौके तथा एक छक्का लगाया। 14 गेंद में 11 रन पर खेल रहे सूर्यवंशी जल्द ही 24 गेंद में 34 रन तक पहुंच गए। यह 93 मिनट तक चला प्रदर्शन आखिरकार तब समाप्त हुआ जब सूर्यवंशी ने सीवी मिलिंद की गेंद को पुल किया और गेंद डीप में स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक तनय त्यागराजन के हाथों में चली गई। हालांकि दर्शक इसके बाद भी स्टेडियम से नहीं निकले। वे दिन का खेल खत्म होने तक लगातार उनका नाम पुकारते रहे जिसके बाद सूर्यवंशी ने उत्साहित प्रशंसकों के साथ कुछ मिनट बिताए। तो फिर सूर्यवंशी इस प्रशंसा और राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस लोकप्रियता को किस तरह लेते हैं? पूर्व क्षेत्र के उनके साथी खिलाड़ी शिखर मोहन ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘वह जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। वह इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और सिर्फ अपने क्रिकेट पर ध्यान देते हैं। ड्रेसिंग रूम में उनका होना अच्छा लगता है।’’लेकिन चेन्नई की ढलती धूप में घटित उस पल ने एक बात साफ कर दी कि सूर्यवंशी युग की शुरुआत हो चुकी है।
चेन्नई की वी अनीता ने 7 महीने की प्रेग्नेंसी के दौरान ऑल इडिया कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। रामापुरम की रहने वाली 30 साल अनिता ने इंडिविजुअल कराटे प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की। एलन तिलक कराटे स्कूल की ओर से 29 और 30 अगस्त को केरल के वडकारा में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल चैंपियनशिप में 1,500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें केरल ओवरऑल चैंपियन बना। वहीं तमिलनाडु की टीम दूसरे स्थान पर रही। नौकरी छोड़कर कराटे को प्रोफेशन बनाया अनिता ने तीसरी क्लास से कराटे सीखना शुरू किया था। 10वीं में पहुंचने पर परिवार ने इसे जारी रखने का विरोध किया था, लेकिन अनिता ट्रेनिंग जारी रखी। उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर LT जैसे बड़ी कंपनी में नौकरी की। हालांकि कराटे के लिए उनका जुनून कम नहीं हुआ। आखिरकार उन्होंने कॉरपोरेट करियर छोड़ कराटे को ही अपना प्रोफेशन बना लिया। 22 साल से ट्रेनिंग ले रहीं, 10 सालों से जिले की चैंपियन अनिता पिछले 22 सालों से 8वें डैन ब्लैक बेल्ट और पूर्व नेशनल चैंपियन हंशी ए अप्पुराज से ट्रेनिंग ले रही हैं। वह बीते 10 सालों से तिरुवल्लूर जिले की महिला चैंपियन हैं। इस साल फरवरी में भी वे स्टेट चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकी हैं। महिलाओं को सेल्फ-डिफेंस की ट्रेनिंग दे रहीं अनिता का मानना है कि कराटे सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दूसरों को सशक्त बनाने का जरिया है। 5वें डैन ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुकीं अनिता अब सेल्फ-डिफेंस कोच हैं। अनिता स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और वर्किंग महिलाओं को ट्रेनिंग देती हैं। 2024 में शादी के बाद उनके पति पृथ्वीराज ने भी उनके इस फैसले का पूरा समर्थन किया। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स बैडमिंटन जीता:चीनी जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया; इस टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी का पहला खिताब भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को एक घंटे 10 मिनट चले मैच में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। पूरी खबर पढ़ें…
चीन मास्टर्स में खिताबी जीत से एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ा, सात्विक-चिराग ने दिया बयान
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के बाद दोनों ने कहा कि इससे आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ा है।
John Abraham बोले- ISL के नए मॉडल से भारत में Football बनेगा 'नया क्रिकेट'
मुंबई, छह सितंबर नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के मालिक जॉन अब्राहम को उम्मीद है कि 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला आगामी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) सत्र भारतीय फुटबॉल के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। यह पहली बार देश की घरेलू फुटबॉल व्यवस्था में क्लबों के नेतृत्व वाली नयी संरचना की ओर बदलाव का संकेत देगा। आईएसएल का 2026-27 सत्र अगले साल मई तक चलेगा जो अपने पारंपरिक ‘होम-अवे’ (अपने मैदान और प्रतिद्वंद्वी टीम के मैदान) प्रारूप में लौटेगा। इसमें आठ महीने के दौरान कुल 163 मुकाबले खेले जाएंगे। पिछले सत्र में प्रशासनिक और व्यावसायिक अनिश्चितताओं के कारण देरी हुई थी जिसके बाद आईएसएल को सीमित अवधि में एक चरण वाले छोटे प्रारूप में आयोजित किया गया था। इस सत्र की प्रतियोगिता में शामिल 13 क्लबों में से प्रभावी रूप से किसी भी टीम को रेलीगेशन का सामना नहीं करना पड़ेगा। डायमंड हार्बर एफसी द्वारा अनिवार्य भागीदारी शुल्क का भुगतान करने में विफल रहने के कारण उसे स्वतः रेलिगेट माना जाएगा। फ्रेंचाइजी मालिकों के लीग की दिशा तय करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की चर्चा के बीच अब्राहम ने दोहराया कि उनका मानना है कि आईएसएल एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है जिसमें क्लब खुद लीग को आगे बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाएंगे। नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की नयी आधिकारिक जर्सी के अनावरण समारोह में अब्राहम ने कहा, ‘‘इस साल से फुटबॉल भारत में ‘नया क्रिकेट’ बनेगा क्योंकि क्लब मालिकों ने लीग की कमान संभाल ली है। इस सत्र से आप भारतीय फुटबॉल में बहुत बड़ा बदलाव देखेंगे और एक मालिक के तौर पर मैं इस बदलाव को देखने के लिए उत्साहित हूं। ’’उन्होंने कहा, “इंडियन सुपर लीग के सभी मालिक चाहते हैं कि देश में फुटबॉल बेहतर हो। हम सभी एकजुट हैं और चाहते हैं कि यह व्यवस्था सफल हो। इसलिए हमें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।”अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और आईएसएल से जुड़े पक्षों के बीच आठ जुलाई को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत क्लबों को कम से कम दो वर्षों तक देश की शीर्ष स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता को पूरी तरह संचालित करने की अनुमति दी गई। एआईएफएफ ने चार वर्षों के लिए आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को सौंप दिए हैं। हालांकि क्लबों के पास दो साल बाद इस व्यवस्था से एकतरफा बाहर निकलने का विकल्प भी होगा। राष्ट्रीय महासंघ ने आईएसएल को क्लबों के नेतृत्व वाले मॉडल के तहत संचालित करने को स्वीकार कर लिया है जबकि इसके प्रशासनिक और नियामक कार्य एआईएफएफ के पास ही रहेंगे।
'बुरी किस्मत का सिलसिला टूटा', चाइना मास्टर्स का खिताब जीतने के बाद बोले सात्विक-चिराग
शेन्जेन, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की स्टार बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम किया। खिताब जीतने के बाद भारतीय जोड़ी ने इसे एक 'बुरी किस्मत के सिलसिले' का अंत और एशियन गेम्स 2026 से पहले बड़ा बूस्ट बताया।
China Masters खिताब जीतकर Satwik Chirag ने Asian Games से पहले बढ़ाया अपना हौसला
शेनझेन (चीन), छह सितंबर भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का कहना है कि कोर्ट पर ‘सोची-समझी आक्रामकता’ बनाए रखने से उन्हें चीन मास्टर्स का खिताब जीतने में मदद मिली और इस जीत ने आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ाया है। भारतीय जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यु को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर अपने तीसरे प्रयास में 12,50,000 डॉलर इनामी चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता। यह 2026 सत्र का उनका दूसरा और इस प्रतियोगिता का पहला खिताब है। सात्विक ने मैच के बाद कहा, ‘‘यहां खेलना हमेशा अच्छा रहता है। चोट से वापसी करने के बाद हमने हमेशा यहां अच्छा प्रदर्शन किया है। 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद हम यहां खेले और सेमीफाइनल में पहुंचे। पिछले साल जब हम यहां खेले तब हम पूरी तरह फिट नहीं थे, फिर भी हम फाइनल तक पहुंचे।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी चोट से उबरने के बाद इस टूर्नामेंट ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है। इस हफ्ते की कहानी भी वैसी ही रही। पहले दौर को छोड़कर हमारे सभी मुकाबले तीन गेम तक खिंचे।’’फाइनल के बारे में सात्विक ने कहा, ‘‘आज हमने धैर्य बनाए रखा और आखिरी पलों में आसान गलतियां नहीं कीं। मैच का यह सबसे सकारात्मक पहलू रहा। हम बस अपनी रणनीति पर टिके रहे।’’उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में आने से पहले हमने जो योजना बनाई थी हम उसी पर अमल करना चाहते थे। अगर यह काम करता है तो अच्छा है नहीं तो हम वापस जाकर फिर से मेहनत करेंगे। मुझे लगता है कि इस रणनीति ने आज काम किया और हम बेहद खुश हैं। हम इस गतिरोध को तोड़ने और साल 2026 का अपना दूसरा खिताब जीतकर बेहद खुश हैं।’’यह खिताबी जीत एशियाई खेलों में इस जोड़ी के अभियान की शुरुआत से कुछ हफ्ते पहले आई है। यह जोड़ी 19 सितंबर से जापान में अपने स्वर्ण पदक की रक्षा करने उतरेगी। एशियाई खेलों के बारे में चिराग ने कहा, ‘‘यह बेहद खास अहसास है। एशियाई खेलों में जाने से ठीक पहले खिताब जीतने से निश्चित रूप से बड़ा बढ़ावा मिलता है। इससे साबित होता है कि हम सही दिशा में मेहनत कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब हम स्वदेश लौटकर अगले 10 दिनों तक पूरी ताकत झोंक देंगे और एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां बिना किसी दबाव के अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहते हैं।’’पहले गेम में आक्रामकता की कमी के सवाल पर चिराग ने कहा कि समस्या शॉट चयन की थी। उन्होंने कहा, ‘‘पहले गेम में आक्रामकता की कमी नहीं थी बल्कि हम सही स्ट्रोक नहीं खेल पा रहे थे। हम ऐसी शैली में खेल रहे थे जो उनके अनुकूल थी। जब आप चीन के खिलाड़ियों के मनमुताबिक खेलते हैं तो वे बेहद तेज और आक्रामक हो जाते हैं। वे इतने फुर्तीले होते हैं कि आपको संभलने का मौका नहीं देते।’’चिराग ने कहा, ‘‘इसलिए दूसरे गेम में जब हमने शुरुआत की तो हम आक्रामक तो होना चाहते थे लेकिन सोची-समझी रणनीति के साथ। हमारे कोच भी यही कह रहे थे।’’मैच के दौरान अपनी फ्लिक सर्व से कई अंक बटोरने वाले सात्विक ने बताया कि कंधे की चोट से उबरने के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस और रिटर्न को काफी सुधारा है। इस चोट ने उन्हें इस सत्र में काफी परेशान किया था। सात्विक ने कहा, ‘‘ऐसा बहुत कम होता है जब मुझे अपनी सर्विस पर पांच अंक मिलें। आमतौर पर चिराग ही गेम को आगे बढ़ाते हैं। क्वार्टर फाइनल में किम-एंडर्स के खिलाफ मैच ने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया।
मोहम्मद सिराज दलीप ट्रॉफी फाइनल में रहे बेअसर, लुटाए 96 रन, नहीं मिला कोई विकेट
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के पहले दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज विकेट लेने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। इस दौरान वह काफी महंगे भी साबित हुए।
Satwik-Chirag ने जीता China Masters का खिताब, फाइनल में चीनी जोड़ी को हराया
शेनजेन, छह सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की दुनिया की पूर्व चौथे नंबर की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। करियर की 10वीं बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर जीत दर्ज करने के बाद सात्विक ने कहा, ‘‘यहां खेलना हमेशा अच्छा रहा है। चोट से वापसी के बाद जब भी हम यहां आए हैं, हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि 2024 में ओलंपिक के बाद हम यहां खेले थे और सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। फिर पिछले साल भी हम खेले थे। उस समय हम अच्छी फॉर्म में नहीं थे, लेकिन फिर भी फाइनल तक पहुंचे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी हम चोट से वापसी के बाद यहां आए हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह टूर्नामेंट हमारे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है। मुझे लगता है कि इस पूरे सप्ताह की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। पहले दौर को छोड़ दें तो हमने लगभग हर मुकाबला तीन गेम में खेला है। ’’सात्विक ने कहा, ‘‘हम यहां आने से पहले ही अपनी रणनीति तैयार करके आए थे। हम उसे लागू करना चाहते थे। अगर वह काम करता तो बहुत अच्छा और अगर नहीं करता तो हम वापस जाकर फिर से उस पर काम करते। मुझे लगता है कि आज हमारी रणनीति काम कर गई। हमने आखिरकार उस सिलसिले को तोड़ दिया और 2026 में अपना दूसरा खिताब जीता। इस जीत से बहुत खुश हूं। ’’यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है जिसमें वह अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने की तैयारी कर रहे हैं। चिराग ने कहा, ‘‘यह सचमुच काफी विशेष लग रहा है। निश्चत रूप से एशियाई खेलों में जाने से पहले खिताब जीतने से हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। इससे यह भरोसा मिलता है कि हम जिस दिशा में मेहनत कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब हम घर वापस जाएंगे और अगले 10 दिन तक कड़ी ट्रेनिंग करेंगे। इसके बाद एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं और खेल का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। ’’भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। सात्विक और चिराग ने इस साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया। हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका। इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उनकी बढ़त को 12-8 कर दिया। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया। सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही। चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था। लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।
216 रेस बाद Sergio Perez की ऐतिहासिक Pole Position, जानें Formula 1 के 10 'Late Bloomers' की कहानी
मिक हाकिनेन ने फार्मूला वन में अपने शुरुआती दो सीजन लोटस के साथ बिताए थे। 1993 में मैकलारेन के आरक्षित चालक बनने के बाद उन्हें सीजन के आखिरी दौर में रेस सीट मिली। उनकी गति ने शुरुआत से ध्यान खींचा, लेकिन मैकलारेन उस समय खिताबी मुकाबले में नहीं थी। 1994 से 1996 के बीच हाकिनेन कई बार पोडियम तक पहुंचे और 1997 में टीम के प्रदर्शन में सुधार आया। उसी साल लक्जमबर्ग ग्रां प्री में, जो जर्मनी के नूर्बुर्गरिंग में आयोजित हुई थी, हाकिनेन ने आखिरकार अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। उन्होंने 94 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि दर्ज की। इसी संख्या के साथ डेनियल रिकियार्डो का नाम भी आता है। आधे सीजन एचआरटी और दो साल टोरो रोसो में बिताने के बाद वह 2014 में रेड बुल पहुंचे। उस समय मर्सिडीज नए नियमों का फायदा उठाकर तेजी से आगे निकल चुकी थी। रिकियार्डो ने फिर भी कई मौकों पर उसे चुनौती दी और 2014 में मर्सिडीज के अलावा दौड़ जीतने वाले इकलौते चालक बने। हालांकि क्वालीफाइंग में पहला स्थान उनसे दूर रहा। 2016 में मोनाको की गलियों में रेड बुल की कार काफी तेज थी और रिकियार्डो ने निर्णायक चरण में शानदार चक्कर लगाकर पहली पोल पोजीशन अपने नाम की। निको रोसबर्ग ने 2006 में विलियम्स के साथ फार्मूला वन में कदम रखा। वह शुरुआती जीपी2 चैंपियन थे, लेकिन विलियम्स उस दौर में मुश्किल दौर से गुजर रही थी। चार साल बाद वह मर्सिडीज से जुड़े। टीम को दोबारा मजबूत होने में कुछ समय लगा और 2012 में शंघाई में कार ने अपनी क्षमता दिखाई। रोसबर्ग ने टीम साथी माइकल शूमाकर को पीछे छोड़ते हुए पोल हासिल की। यह मर्सिडीज की 1955 के बाद पहली पोल पोजीशन थी। 111 दौड़ों के बाद मिली इस सफलता को उन्होंने अगले दिन जीत में भी बदला। थियरी बुत्सेन 1983 में एरोज़ के साथ फार्मूला वन में आए और बाद में बेनेटन तथा विलियम्स का हिस्सा बने। 1988 में मैकलारेन के दबदबे के बीच उनके पास सीमित अवसर थे। 1989 में विलियम्स पहुंचने के बाद उन्हें बेहतर कार मिली। अगले साल हंगरी के हंगारोरिंग में उन्होंने टीम साथी रिकार्डो पत्रेसे को महज 0.036 सेकंड से पीछे छोड़कर पोल हासिल की। यह उनके पूरे करियर की एकमात्र पोल पोजीशन थी और इसी ने उन्हें बाद में अपनी तीसरी तथा अंतिम ग्रां प्री जीत की राह दी। उन्होंने 115 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि हासिल की। जार्नो त्रुल्ली को एक चक्कर में असाधारण तेजी के लिए जाना जाता था। हालांकि उनके करियर का बड़ा हिस्सा मध्यक्रम की टीमों में बीता। 1997 में प्रोस्ट के साथ उन्होंने ऑस्ट्रिया में तीसरा स्थान हासिल किया। 2000 में जॉर्डन के साथ उन्होंने दो बार पहली पंक्ति में जगह बनाई, जिसमें मोनाको का प्रदर्शन खास था। 2004 में आखिरकार मोनाको में उनकी बारी आई। रेनो की कार को पोल पर पहुंचाने के बाद उन्होंने अगले दिन अपनी एकमात्र फार्मूला वन जीत भी हासिल की। यह सफलता 119 दौड़ों के बाद आई। मार्क वेबर ने 2002 में मिनार्डी के साथ पदार्पण करते हुए पांचवां स्थान हासिल कर सबका ध्यान खींचा। बाद में जगुआर और विलियम्स के साथ उन्होंने कई शानदार क्वालीफाइंग प्रदर्शन किए। 2008 में रेड बुल के साथ वह ब्रिटेन में दूसरी जगह रहे। रेड बुल के 2009 में मजबूत टीम बनने के बाद जर्मन ग्रां प्री में नूर्बुर्गरिंग पर वेबर ने पहली बार पोल हासिल की। इसके लिए उन्हें 131 दौड़ का इंतजार करना पड़ा। केविन मैग्नुसन ने 2014 में मैकलारेन के साथ पदार्पण पर पोडियम हासिल किया था, लेकिन उसके बाद करियर वैसा नहीं चला। हास में वापसी के बाद 2022 में ब्राजील के साओ पाउलो में बारिश के बीच उन्होंने सनसनीखेज पोल हासिल की। निर्णायक चरण में सबसे पहले ट्रैक पर निकलने और सूखे टायरों पर तेज समय निकालने का फायदा उन्हें मिला। इसके तुरंत बाद बारिश बढ़ गई और जॉर्ज रसेल के घूमने के कारण लाल झंडा लगा। दोबारा शुरू होने पर कोई उनके समय को नहीं तोड़ सका। 141 दौड़ों के बाद मिली यह पोल हास के लिए भी ऐतिहासिक रही। कार्लोस सैंज ने 2015 में पदार्पण किया और टोरो रोसो, रेनो तथा मैकलारेन के साथ मध्यक्रम में संघर्ष करते रहे। 2021 में फेरारी पहुंचने के बाद चार्ल्स लेक्लेर अक्सर उनसे आगे रहे। 2022 में मियामी और मोनाको में सैंज दूसरे स्थान पर रहे। आखिरकार गीली और सूखती ट्रैक वाली ब्रिटिश ग्रां प्री में उन्होंने मैक्स वेरस्टापेन को 0.072 सेकंड से पीछे छोड़कर पहली पोल हासिल की। यह उपलब्धि 151 दौड़ों के बाद आई। 191 दौड़ों के बाद पियरे गैस्ली ने भी आखिरकार पोल पोजीशन हासिल की। टोरो रोसो और अल्फाटौरी के साथ उन्होंने कई बार अपनी क्षमता दिखाई थी। 2021 में उनके कुछ क्वालीफाइंग प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहे। अल्पाइन के साथ भी उन्होंने 2024 में लास वेगास में तीसरा स्थान हासिल किया था। लेकिन 2026 की इटली ग्रां प्री में मोन्ज़ा पर गैस्ली ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक चरण में सबसे तेज समय निकाला। खास बात यह है कि इसी सर्किट पर उन्होंने 2020 में अपनी पहली और अब तक की एकमात्र दौड़ जीत हासिल की थी। इस सूची में सबसे ऊपर सर्जियो पेरेज़ हैं, जिन्होंने 216 दौड़ों के बाद अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। सौबर, मैकलारेन और फोर्स इंडिया जैसी टीमों के साथ उन्होंने कई बार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पोल के करीब पहुंचना मुश्किल रहा। रेड बुल में मैक्स वेरस्टापेन के साथी बनने के बाद भी वह अक्सर दूसरे स्थान पर रहे। 2021 में इमोला में वह पोल से केवल 0.035 सेकंड दूर रह गए थे। आखिरकार 2022 में जेद्दा की सड़क पर उन्होंने चार्ल्स लेक्लेर को महज 0.025 सेकंड से हराकर पहली बार पोल हासिल की। गौरतलब है कि इन आंकड़ों से साफ होता है कि फार्मूला वन में चालक की व्यक्तिगत प्रतिभा के साथ कार की क्षमता, टीम की रणनीति, मौसम और सही समय पर मिला अवसर भी बेहद अहम हैं। इन चालकों की यात्राएं बताती हैं कि पहली पोल पोजीशन तक पहुंचने में केवल गति ही नहीं, बल्कि लंबे इंतजार, निरंतरता और सही मौके की भी बड़ी भूमिका रही हैं।
एशियन गेम्स से पहले भारत की मेंस टीम जापान के खिलाफ 22 सितंबर को एक मैच खेलेगी। सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के लिए ब्रॉडकास्टर की तलाश जारी है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) ब्रॉडकास्टिंग राइट्स के लिए ITW यूनिवर्स से चर्चा कर रहा है। ITW यूनिवर्स भारत में लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट के लिए फैनकोड, सोनी, स्टार और जी से बातचीत कर रहा है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। यूट्यूब पर स्ट्रीमिंग का शुरुआती प्लान था शुरुआत में इस मैच को कम से कम प्रोडक्शन उपकरणों के साथ यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करने की योजना थी। इसकी वजह बताई गई कि भारत और जापान का मैच एकतरफा होने की उम्मीद है। इसलिए ब्रॉडकास्ट या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ढूंढना मुश्किल माना जा रहा था। ग्लोबल ऑडियंस के लिए भारत-जापान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब पर की जा सकती है। हालांकि, भारतीय दर्शकों के लिए इसका प्रसारण सामान्य टीवी चैनलों या स्पोर्ट्स OTT प्लेटफॉर्म पर करने की योजना है। डिजिटल अधिकारों के लिए फैनकोड सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि उसका JCA के साथ पहले से करार रहा है। विमेंस कैटेगरी में 22 सितंबर को गोल्ड मेडल मैच होगा ITW और JCA के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय का टकराव है। भारत-जापान पुरुष मैच शुरू होने के ठीक एक घंटे बाद निशिन सिटी में महिला कैटेगरी में क्रिकेट का गोल्ड मेडल मैच होगा। भारतीय महिला टीम के फाइनल में पहुंचने की मजबूत संभावना है, जिससे दोनों मैचों में टकराव हो सकता है। एशियन गेम्स के प्रसारण अधिकार सोनी के पास हैं। प्रसारण में समय के इस टकराव से बचने के लिए आयोजकों ने मैच को 23 सितंबर को कराने का विकल्प तलाशा था। हालांकि, जापान की पुरुष टीम के एशियन गेम्स शेड्यूल के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका। जापानी टीम को 24 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ अपने ग्रुप मैच के लिए एची जाना है, जो सानो से करीब 400 किलोमीटर दूर है। सानो स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी JCA ने कहा है कि भारत के मैच के लिए सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड को बदला जाएगा। इस मैदान में अभी 500 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। JCA ने संभावना जताई है कि 2 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंच सकते हैं। वह स्टेडियम की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। भारत 20 सितंबर को पहुंचेगा भारतीय टीम 20 सितंबर को सानो पहुंचेगी। टीम को इस मैच से पहले 21 सितंबर को अभ्यास करना है। इसके बाद भारतीय टीम कुछ दिन सानो में ही रुकेगी। फिर एशियन गेम्स के मुकाबलों के लिए एची जाएगी। भारत का पहला मैच 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल में होगा। ------------------------------- इस मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत-जापान रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर सुजुकी कप:22 सितंबर को दोनों टीमों में पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच, सानो में होगा मुकाबला भारत और जापान की टीमें दोनों देशों के रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर टी-20 क्रिकेट मैच खेलेंगी। यह मैच 22 सितंबर को जापान के सानो शहर में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
न्यूयॉर्क में अमेरिकी ओपन के दौरान यूकी भांबरी के दाहिने पैर पर लगी पट्टी देखकर ही अंदाजा हो गया था कि भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं हैं। घुटने से ऊपर तक उनका पैर मजबूती से बांधा गया था। इसके बावजूद 34 वर्षीय भांबरी कोर्ट पर उतरे और न्यूजीलैंड के माइकल वीनस के साथ पुरुष युगल मुकाबले में चुनौती पेश की। हालांकि भारतीय-न्यूजीलैंड की जोड़ी को पहले दौर में अमेरिका के रयान सेगर्मन और पैट्रिक ट्रैक से लगातार दो सेट में हार का सामना करना पड़ा। सेगर्मन और ट्रैक ने यह मुकाबला 7-6, 7-6 से अपने नाम किया। पहले सेट के निर्णायक खेल में उन्होंने 7-4 और दूसरे सेट के निर्णायक खेल में 7-3 से जीत दर्ज की। भांबरी और वीनस ने दोनों सेटों में कड़ा मुकाबला किया, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर अमेरिकी जोड़ी के सामने बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सके। बता दें कि भांबरी को अपनी पिछली प्रतियोगिता विंस्टन-सेलम में जांघ की मांसपेशी में खिंचाव आया था। इस चोट का असर अमेरिकी ओपन में उनकी गतिविधियों पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि युगल मुकाबले में भी उनके लिए कोर्ट पर तेजी से दौड़ना संभव नहीं था। खासकर छोटे शॉट या दूर जाती गेंदों तक पहुंचने के लिए तेज गति से दौड़ लगाने में उन्हें परेशानी हो रही थी। भांबरी ने बताया कि उन्होंने माइकल वीनस से ज्यादा दौड़ने और बड़े क्षेत्र को कवर करने की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। चोट के कारण उनकी सामान्य सर्विस पर भी थोड़ा असर पड़ा। हालांकि उन्होंने इसे बड़ा बदलाव नहीं माना और कहा कि सर्विस की गति में केवल मामूली अंतर आया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले में ऐसे मौके भी आए जहां भारतीय खिलाड़ी की टीम के पास नतीजा बदलने का अवसर था। पहले सेट के निर्णायक खेल में 4-5 के स्कोर पर और दूसरे सेट में 4-1 की स्थिति के दौरान कुछ महत्वपूर्ण अंक हाथ से निकल गए। भांबरी के मुताबिक, अगर वे उन मौकों का फायदा उठाते तो मुकाबला अलग दिशा में जा सकता था। साथ ही यह भी कहना मुश्किल था कि आगे के चरणों में पैर की चोट कितना असर डालती। भांबरी ने यह भी स्पष्ट किया कि चोट गंभीर नहीं है। जांच और तस्वीरों से किसी हड्डी में टूट या मांसपेशी में बड़ी दरार की पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार यह केवल मांसपेशी में खिंचाव है, जिसके लिए आराम जरूरी है। ऐसे में आने वाले सप्ताह उनके लिए काफी अहम रहने वाले हैं। गौरतलब है कि भारतीय टेनिस टीम को 18 और 19 सितंबर को सियोल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में उतरना है। इसके ठीक एक सप्ताह बाद नागोया में एशियाई खेलों की टेनिस प्रतियोगिता शुरू हो जाएगी। इसके बाद भी नवंबर के अंत तक भांबरी का कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहने वाला है। भांबरी ने माना कि उन्हें अब कुछ समय के लिए रुकना पड़ेगा। लगातार दर्द के साथ खेलना और दर्द कम करने वाली दवाओं के सहारे प्रतियोगिताओं में उतरते रहना उनके लिए सही विकल्प नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी ओपन के बाद कुछ दिन आराम लेकर अपनी स्थिति का आकलन करेंगे। हालांकि डेविस कप को लेकर उन्होंने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है, लेकिन एशियाई खेलों से हटने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस प्रतियोगिता का इंतजार कर रहे हैं और इसे छोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा। इसी वजह से अगले कुछ दिन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें चोट से उबरने और लगातार सामने आ रहे बड़े मुकाबलों के बीच संतुलन बनाना होगा। अमेरिकी ओपन में भारत की एक और पुरुष युगल जोड़ी को भी पहले दौर में हार मिली। अनिरुद्ध चंद्रशेखर और रूस के इवान लिउतारेविच को ब्रिटेन के आर्थर फेरी और जोशुआ पैरिस ने 6-4, 5-7, 6-4 से हराया। इस हार के साथ भारतीय खिलाड़ियों के लिए पुरुष युगल वर्ग में अमेरिकी ओपन अभियान की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही हैं।
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में ठोका दमदार शतक, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पूरे किए 4000 रन
ईशान किशन के धमाकेदार शतक और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक पारी के दम पर ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच के पहले दिन अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चेन्नई में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में कप्तान ईशान किशन ने महज 122 गेंदों में शानदार शतक जड़ा।
Satwik-Chirag ने जीता China Masters का खिताब, चीनी जोड़ी को दी मात
शेनजेन, छह सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की दुनिया की पूर्व चौथे नंबर की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है जिसमें वह अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। सात्विक और चिराग ने इस साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया। हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका। इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उनकी बढ़त को 12-8 कर दिया। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया। सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही। चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था। लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।
श्रीराम बालाजी बोले- 'ऐसा लग रहा है पिछले साल की हार का बदला ले लिया'
नई दिल्ली, एन श्रीराम बालाजी और उनके अमेरिकी साथी इवान किंग ने न्यूयॉर्क में यूएस ओपन 2026 के पुरुष डबल्स इवेंट के पहले राउंड में एक रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल की। उन्होंने नीदरलैंड्स के सैंडर एरेन्ड्स और डेविड की जोड़ी के खिलाफ छह मैच प्वाइंट बचाकर दूसरे राउंड में जगह बनाई।
सात्विक-चिराग ने रच दिया इतिहास, चीन की जोड़ी को हराकर पहली बार जीता चाइना मास्टर्स का खिताब
भारतीय बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने रोमांचक खिताबी मुकाबले में चीन की हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।
भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को एक घंटे 10 मिनट चले मैच में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। यह टाइटल वर्ल्ड नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी जीत है। दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे। पहला गेम हारी भारतीय जोड़ी भारतीय जोड़ी पहले गेम की शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स के दम पर 5-0 की बढ़त बनाई। भारतीय खिलाड़ी चीनी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करते रहे। चीन ने इंटरवल तक छह अंकों की बढ़त बना ली। चिराग की सर्विस गलती से चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी की वापसी दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने डिफेंस को बेहतर किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया, जिससे चीनी खिलाड़ी असमंजस में रहे। उन्हें सामने आने का मौका नहीं मिला। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियां लंबी कीं। चीनियों को हर अंक के लिए मेहनत करनी पड़ी।भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की रैली जीती और बढ़त 12-8 कर ली। चीनी खिलाड़ियों के नेट में शॉट मारने से भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले। सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर दूसरा गेम भारत के नाम कर दिया। तीसरे गेम में पिछड़ने के बाद जीते निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर लय हासिल की और 4-0 की बढ़त बनाई। स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट से भारत ने अंतर 5-7 कर दिया। लगातार चौथा अंक जीतकर सात्विक और चिराग ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीन ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटने के बाद भारतीय जोड़ी 11-13 से पीछे रहते हुए भी मुकाबले में बनी रही। एक समय स्कोर 16-16 से बराबर हो गया था। हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से भारत 18-17 से आगे हो गया। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले भाग्यशाली अंक ने भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके दिए। चिराग ने स्मैश लगाकर मैच और चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब भारत के नाम कर दिया। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… रुमेश पाथिरागे ने जीता डायमंड लीग फाइनल; 89.04 मीटर जेवलिन थ्रो किया, श्रीलंका के पहले चैंपियन बने श्रीलंका के जेवलिन थ्रोअर रुमेश थारंगा पाथिरागे ने शनिवार को ब्रसेल्स के किंग बॉडॉइन स्टेडियम में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीत लिया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया और लीग में पहला स्थान हासिल किया। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम के मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। सात्विक और चिराग ने एक घंटे 10 मिनट चले मुकाबले में शानदार वापसी की। सात्विक-चिराग ने पहली बार इस टूर्नामेंट में चैंपियन बने यह इस टूर्नामेंट के फाइनल में उनकी तीसरी कोशिश थी। वे 2023 और 2025 के फाइनल में रनर-अप रहे थे। यह इस सीजन में भारतीय जोड़ी का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता था। वे थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी पहुंचे थे। यह खिताब विश्व नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी बढ़त है। दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे। चीनी जोड़ी की रैंकिंग विश्व नंबर-70 हुई थी भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था, जिसकी रैंकिंग लंबे समय तक इंटरनेशनल सर्किट से दूर रहने के बाद विश्व नंबर-70 हो गई थी। हे जी टिंग पूर्व विश्व नंबर-4 रह चुके हैं। चीनी बैडमिंटन एसोसिएशन (CBA) की टीम की ओर से लगाई गई अनुशासनात्मक सजा पूरी करने के बाद हे जी टिंग ने प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। यह उनका वापसी के बाद सिर्फ तीसरा टूर्नामेंट था। सात्विक और चिराग ने इससे पहले दोनों जोड़ियों के बीच हुए दो मुकाबलों में चीनी जोड़ी को हराया था। फाइनल तक पहुंचने के दौरान भारतीय जोड़ी ने तीन मुकाबले तीन गेम में जीते थे। इन सभी मैचों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। पहला गेम चीन के नाम साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरा फाइनल खेल रही सात्विक-चिराग की जोड़ी ने टॉस जीतकर रिसीव करने के बजाय कोर्ट का छोर चुनना पसंद किया। भारतीय जोड़ी रैलियों पर शुरुआती नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स के दम पर 5-0 की बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ियों ने सर्विस को टाइट और फ्लैट रखा और एंगल बनाकर हमला किया। हे जी टिंग के जंप स्मैश से चीन की बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ी चीनी जोड़ी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज और आक्रामक खेल के कारण चीन ने इंटरवल तक छह अंकों की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी की रफ्तार चीनी खिलाड़ियों से मेल नहीं खा सकी और स्कोर 14-7 हो गया। हे जी टिंग लगातार तेज स्मैश लगा रहे थे, जिससे भारतीय खिलाड़ियों का डिफेंस दबाव में आ गया। चिराग की सर्विस गलती से चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी की वापसी दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने डिफेंस मजबूत किया और रैलियों को लंबा खींचा। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया, जिससे चीनी खिलाड़ी असमंजस में रहे और उन्हें फ्रंट कोर्ट में बार-बार खेलने का मौका नहीं मिला। करीबी मुकाबले के बाद भारतीय जोड़ी ने 7-6 की बढ़त बनाई। चिराग के बॉडी स्मैश और लगातार पांचवें अंक से भारत 9-6 से आगे हुआ, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनका लगातार बढ़त बनाने का सिलसिला रुक गया। चिराग के तेज इंटरसेप्शन और इसके बाद लगाए गए स्मैश से भारत ने इंटरवल तक चार अंकों की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी ने जीते थे। पहले गेम की शुरुआत में ज्यादातर रैलियां 15 शॉट से कम की थीं। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियां लंबी कीं और चीनी खिलाड़ियों को हर अंक के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की रैली जीती और अपनी बढ़त 12-8 कर ली। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। चीनी खिलाड़ियों के नेट में शॉट मारने से भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले। सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर दूसरा गेम भारत के नाम कर दिया। निर्णायक गेम में भी नहीं छोड़ा पीछा निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर लय हासिल की और 4-0 की बढ़त बनाई। स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट से भारत ने अंतर 5-7 कर दिया। लगातार चौथा अंक जीतकर सात्विक और चिराग ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीन ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटने के बाद भारतीय जोड़ी 11-13 से पीछे रहते हुए भी मुकाबले में बनी रही। दोनों जोड़ियों के बीच फ्लैट और तेज रैलियों में बढ़त बनाने के लिए लगातार संघर्ष चलता रहा। रैलियों के दौरान चीनी खिलाड़ी शटल को नेट के नीचे रखने में बेहतर रहे और उन्हें इसका फायदा मिला। इसके बावजूद चीन की सर्विस गलती के बाद भारतीय जोड़ी 13-15 के स्कोर पर उनके करीब बनी रही। सात्विक की छोटी सर्विस से स्कोर 14-16 हो गया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक लेकर 16-16 से बराबरी कर ली। हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से भारत 18-17 से आगे हो गया। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले भाग्यशाली अंक ने भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके दिए। चिराग ने स्मैश लगाकर मैच और चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब भारत के नाम कर दिया।
सात्विक-चिराग ने जीता चीन मास्टर्स खिताब, एक घंटे 10 मिनट के फाइनल में चीन की जोड़ी को हराया
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी फाइनल में हे जी टिंग और रेन जियांग यू की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर चाइना मास्टर्स का खिताब जीता।
वैभव सूर्यवंशी का नॉकआउट मैचों में कैसा रहा है प्रदर्शन? इस साल बनाए हैं 700 प्लस रन
15 वर्षीय युवा भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी साल 2026 के नॉकआउट मैचों में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं।
100वां फर्स्ट-क्लास मैच खेलना बहुत खुशी और गर्व का एहसास: श्रेयस गोपाल
चेन्नई, 6 सितंबर (आईएएनएस)। साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में श्रेयस गोपाल अपने घरेलू करियर का 100वां फर्स्ट-क्लास मैच खेलने मैदान पर उतरे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को 'अविश्वसनीय' बताया है।
सुब्रतो कप: मिनर्वा पब्लिक स्कूल ने दिल्ली को 8-0 से रौंदकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट (अंडर-15) में सीआईएससीई (CISCE) का प्रतिनिधित्व कर रही मिनर्वा पब्लिक स्कूल की टीम ने अपना दबदबा बरकरार रखते हुए...
तमिलनाडु के स्पिनर ने इंग्लैंड में मचाया तहलका, 7 विकेट लेकर अपनी टीम को दिलाई 213 रनों से बड़ी जीत
तमिलनाडु के 29 वर्षीय स्पिनर आर साई किशोर इन दिनों इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे हैं। वह ग्लॉस्टरशायर टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने डर्बीशायर के खिलाफ मैच में 7 विकेट लेकर अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाई।
Junior Asia Cup: Japan के खिलाफ Anmol Ekka के गोल से India ने 3-3 से खेला Draw
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को यहां जूनियर एशिया कप के पूल ए के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए जापान के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ खेला।इंडोनेशिया के खिलाफ पहले पूल मैच में 14-0 की बड़ी जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम ने चौथे मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए बढ़त हासिल की। फाउल के बाद मिले इस मौके को कप्तान अनमोल एक्का ने गोल में बदलकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने दबाव बनाए रखा और 10वें मिनट में आशु मौर्य ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी।जापान ने तुरंत जवाबी हमला करते हुए 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। रयूशिन सासाकी ने इस मौके को गोल में बदलकर अंतर 2-1 कर दिया।दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल जारी रखा। भारत बढ़त बढ़ाने की कोशिश कर रहा था जबकि जापान बराबरी की तलाश में था। हाफटाइम तक भारत 2-1 से आगे था।तीसरे क्वार्टर में भी यही सिलसिला जारी रहा। दोनों टीमें नियंत्रण हासिल करने के लिए संघर्ष करती रहीं। जापान ने कुछ अच्छे मौके बनाए और पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन उसे गोल में नहीं बदल सका। भारतीय डिफेंस ने अपनी मामूली बढ़त बरकरार रखी।अंतिम क्वार्टर में जापान ने बराबरी के लिए दबाव बढ़ा दिया। उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला और दोबारा दिए गए पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान काजुकी नाकानिशी ने 48वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। जापान ने मैच के आखिरी पांच मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। भारत ने शुरुआती प्रयास का अच्छी तरह बचाव किया, लेकिन गेंद गोल पोस्ट से दूर नहीं कर सका, जिससे जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया। इस बार जापान का फ्लिक निशाने से बाहर चला गया। जापान ने इसके बाद एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। नाकानिशी ने 59वें मिनट में फिर गोल करते हुए जापान को 3-2 की बढ़त दिला दी।बराबरी की तलाश में भारत ने गोलकीपर को बाहर कर अतिरिक्त खिलाड़ी उतारा। उसकी कोशिशों का फल मिला और मैच में सिर्फ 59 सेकंड बाकी रहते भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया।अनमोल एक बार फिर आगे आए और इस मौके को गोल में बदलकर स्कोर 3-3 कर दिया।भारत अब पूल ए के अपने तीसरे मुकाबले में मंगलवार को कोरिया का सामना करेगा।
ब्राजील की मेंस फुटबॉल टीम के कोच कार्लो एंसेलोटी 9 सितंबर को भारत के खिलाफ होने वाले FIFA इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच के लिए 26 सदस्यीय टीम का ऐलान करेंगे। ब्राजीलियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन (CBF) ने 2 सितंबर को इसकी जानकारी दी। भारत और ब्राजील के बीच मैच 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत 31 अगस्त को अपनी टीम घोषित कर चुका है, लेकिन ब्राजील के भारत आने वाले खिलाड़ियों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। सितंबर-अक्टूबर में तीन फ्रेंडली मैच खेलेगा ब्राजील CBF के मुताबिक, एंसेलोटी 9 सितंबर को ब्रासीलिया समयानुसार दोपहर 3 बजे 26 खिलाड़ियों के नाम घोषित करेंगे। यही टीम सितंबर और अक्टूबर में होने वाले ब्राजील के तीन इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों में खेलेगी। ब्राजील 25 सितंबर और 29 सितंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले खेलेगा। इसके बाद 3 अक्टूबर को भारत से भिड़ेगा। जुलाई में नॉर्वे से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हुआ था ब्राजील ब्राजील ने अपना पिछला इंटरनेशनल मैच जुलाई 2026 में FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे के खिलाफ खेला था। नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। इस मुकाबले में विनिसियस जूनियर, एलिसन बेकर, मारक्विन्होस, नेमार जूनियर, कासेमिरो और एंड्रिक जैसे खिलाड़ी ब्राजील की टीम का हिस्सा थे। इनमें से कितने खिलाड़ी भारत के खिलाफ मुकाबले के लिए चुने जाएंगे, यह 9 सितंबर को टीम के ऐलान के बाद ही साफ होगा। भारत 25 सितंबर को पनामा से खेलेगा भारत को इस इंटरनेशनल विंडो में ब्राजील के अलावा दो और फ्रेंडली मैच खेलने हैं। टीम 25 सितंबर को बेंगलुरु में पनामा का सामना करेगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में दो बार की FIFA वर्ल्ड कप विजेता उरुग्वे के खिलाफ खेलेगी। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जूनियर हॉकी एशिया कप- भारतीय मेंस टीम ने ड्रॉ खेला चीन में खेले जा रहे जूनियर हॉकी एशिया कप में रविवार को पूल A के दूसरे मैच में भारत ने जापान से 3-3 से ड्रॉ खेला। भारत ने 2-0 की बढ़त गंवाने के बाद आखिरी 59 सेकंड में गोल कर मैच बराबर किया। वहीं, विमेंस टीम ने मलेशिया को 11-1 से हराया। पूरी खबर…
AHF Junior Asia Cup में भारतीय महिला टीम का जलवा, Malaysia को 11-1 से रौंदा
भारतीय महिला टीम ने रविवार को यहां एएचएफ जूनियर एशिया कप के एलीट पूल मुकाबले में मलेशिया को 11-1 से करारी शिकस्त देकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर जीत के साथ अभियान शुरू करने वाली भारतीय टीम की ओर से मलेशिया के खिलाफ सात अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। भारत ने चार गोल मैदानी खेल से, पांच पेनल्टी कॉर्नर और दो पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए किए। पूजा साहू ने पहले ही मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। चौथे मिनट में पूर्णिमा यादव ने गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी।गत चैंपियन भारत ने अपना दबदबा कायम रखते हुए आठवें मिनट में बिनिमा धन ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि 14वें मिनट में कृष्णा शर्मा ने एक और गोल कर दिया।पूर्णिमा ने दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर अपना दूसरा गोल किया। इसके बाद हाफटाइम से पहले दो और गोल हुए। सुखवीर कौर ने 21वें मिनट और गीता यादव ने 28वें मिनट में गोल किया, जिससे भारत मध्यांतर तक 7-0 से आगे था।मलेशिया ने 38वें मिनट में नूर मोहम्मद के गोल से खाता खोला, लेकिन इसके बावजूद मुकाबले पर भारत का दबदबा बरकरार रहा।मैच के 42वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिलने के बाद पूजा ने अपना दूसरा गोल पूरा किया। इसके एक मिनट बाद सानिका चंद्रकांत माने ने गोल कर भारत की बढ़त 9-1 कर दी।गीता ने 53वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि सानिका ने 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर भारत को 11-1 की विशाल जीत दिला दी।इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों में दो जीत दर्ज कर छह अंक हासिल किए और एलीट पूल की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। चीन और जापान तीन-तीन अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दोनों ने एक-एक मैच खेलकर जीत दर्ज की है और गोल अंतर के आधार पर चीन आगे है। दक्षिण कोरिया और मलेशिया दो-दो हार के बाद क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। भारत अब पूल चरण के अपने तीसरे मुकाबले में आठ सितंबर को जापान का सामना करेगा।
श्री चरणी ने खोला राज, कैसे पाकिस्तानी टीम को सस्ते में निपटाने की रणनीति हुई तैयार
महिला टी20 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम की पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में एकतरफा जीत के पीछे युवा स्पिन गेंदबाज श्री चरणी की अहम भूमिका रही जिसमें उन्होंने सिर्फ 7 रन देकर तीन विकेट हासिल कर लिए।
भारतीय स्पिनर साई किशोर ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को काउंटी चैंपियनशिप डिविजन टू में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने ग्लॉस्टरशायर की ओर से डर्बीशायर के खिलाफ 6 रन देकर 5 विकेट लिए। ग्लॉस्टरशायर ने यह मुकाबला 213 रन से जीता। दिए गए मैच विवरण के मुताबिक, किशोर ने डर्बीशायर की दूसरी पारी में हैरी केम, मैथ्यू मॉन्टगोमरी, वेन मैडसन, एनेरिन डोनाल्ड और ब्रुक गेस्ट को आउट किया। मॉन्टगोमरी पहली ही गेंद पर और गेस्ट दो गेंदों पर शून्य पर आउट हुए। किशोर ने 8 ओवर से कम में 6 रन देकर 5 विकेट लिए। मैच में उनके अंतिम गेंदबाजी आंकड़े 18 ओवर में 5/20 रहे, जिसमें 12 मेडन ओवर शामिल थे। कॉपी में इस प्रदर्शन का वीडियो देखने का संदर्भ दिया गया है, लेकिन वीडियो लिंक उपलब्ध नहीं है। ग्लॉस्टरशायर ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 82वें ओवर में 237 रन पर ऑलआउट हो गई। जेम्स ब्रेसी ने 166 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 113 रन बनाए और टीम के टॉप स्कोरर रहे। डर्बीशायर की ओर से ब्रेट रैंडेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 18 ओवर से कम में 5/41 के शानदार आंकड़े दर्ज किए। जवाब में डर्बीशायर ने 90वें ओवर में 278 रन बनाए। ओपनर मोहम्मद नईम ने 119 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 71 रन बनाए। ग्लॉस्टरशायर के लिए ऑलिवर प्राइस ने 22 ओवर से कम में 6/45 विकेट लिए। वहीं, साई किशोर ने 23 ओवर में 2/59 का प्रदर्शन किया। ग्लॉस्टरशायर ने 359/5 पर पारी घोषित की दूसरी पारी में ग्लॉस्टरशायर ने 100 ओवर के बाद 359/5 के स्कोर पर पारी घोषित की। माइल्स हैमंड और जेम्स ब्रेसी दोनों ने शतक लगाए। इससे डर्बीशायर को जीत के लिए 319 रन का लक्ष्य मिला। लक्ष्य का पीछा करते हुए डर्बीशायर चौथी पारी में 39 ओवर से कम में 105 रन पर ऑलआउट हो गया। टीम को 213 रन से हार मिली। ग्लॉस्टरशायर के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई साई किशोर ने की और 18 ओवर में 5/20 लिए। ग्लॉस्टरशायर अब मंगलवार से लंकाशायर का सामना करेगी। बड़ी जीत के बावजूद टीम आठ टीमों वाली तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है। उसके 11 मैचों में केवल 2 जीत हैं। साई किशोर ने अब तक 3 मैचों में 13 विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी 2.67 रही है। काउंटी चैंपियनशिप से पहले उन्होंने तमिलनाडु प्रीमियर लीग में 5 मैच खेले थे, जहां 7.21 की इकॉनमी से 6 विकेट लिए। दिए गए क्विक आंसर्स के मुताबिक, साई किशोर ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को ग्लॉस्टरशायर की ओर से डर्बीशायर के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप डिविजन टू में खेलते हुए 6 रन देकर 5 विकेट लिए।
कोको गॉफ और इवा जोविक आमना-सामना: यूएस ओपन
न्यूयॉर्क, कोको गॉफ ने शनिवार को क्रिस्टीना बुक्सा पर 6-3, 6-4 से जीत के साथ यूएस ओपन 2026 महिला एकल के चौथे राउंड में पहुंच गई हैं। गॉफ इस इवेंट में लगातार पांचवें साल चौथे राउंड में पहुंची हैं।
Junior Asia Cup में भारतीय महिला हॉकी टीम का दबदबा, Malaysia को 11-1 से हराया
मोकी (चीन), छह सितंबर भारतीय महिला टीम ने रविवार को यहां एएचएफ जूनियर एशिया कप के एलीट पूल मुकाबले में मलेशिया को 11-1 से करारी शिकस्त देकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर जीत के साथ अभियान शुरू करने वाली भारतीय टीम की ओर से मलेशिया के खिलाफ सात अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। भारत ने चार गोल मैदानी खेल से, पांच पेनल्टी कॉर्नर और दो पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए किए। पूजा साहू ने पहले ही मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। चौथे मिनट में पूर्णिमा यादव ने गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। गत चैंपियन भारत ने अपना दबदबा कायम रखते हुए आठवें मिनट में बिनिमा धन ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि 14वें मिनट में कृष्णा शर्मा ने एक और गोल कर दिया। पूर्णिमा ने दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर अपना दूसरा गोल किया। इसके बाद हाफटाइम से पहले दो और गोल हुए। सुखवीर कौर ने 21वें मिनट और गीता यादव ने 28वें मिनट में गोल किया, जिससे भारत मध्यांतर तक 7-0 से आगे था। मलेशिया ने 38वें मिनट में नूर मोहम्मद के गोल से खाता खोला, लेकिन इसके बावजूद मुकाबले पर भारत का दबदबा बरकरार रहा। मैच के 42वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिलने के बाद पूजा ने अपना दूसरा गोल पूरा किया। इसके एक मिनट बाद सानिका चंद्रकांत माने ने गोल कर भारत की बढ़त 9-1 कर दी। गीता ने 53वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि सानिका ने 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर भारत को 11-1 की विशाल जीत दिला दी। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों में दो जीत दर्ज कर छह अंक हासिल किए और एलीट पूल की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। चीन और जापान तीन-तीन अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दोनों ने एक-एक मैच खेलकर जीत दर्ज की है और गोल अंतर के आधार पर चीन आगे है। दक्षिण कोरिया और मलेशिया दो-दो हार के बाद क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। भारत अब पूल चरण के अपने तीसरे मुकाबले में आठ सितंबर को जापान का सामना करेगा।
यूएस ओपन: एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने एलेजांद्रो ताबिलो को हराकर चौथे राउंड में जगह बनाई
न्यूयॉर्क, 6 सितंबर (आईएएनएस)। अपने पहले यूएस ओपन खिताब की तलाश में आगे बढ़ रहे जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चीली के एलेजांद्रो ताबिलो को सीधे सेटों में 6-2, 7-6 (2), 6-2 से हराकर चौथे राउंड में जगह बना ली है।
वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज को दिन में दिखाए तारे, लगाई बाउंड्री की झड़ी, देखें VIDEO
दलीप ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में सभी की नजरें 15 साल के युवा ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर सभी की नजरें थी जिसमें वह पहली पारी में 44 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उससे पहले उनकी आक्रामक बल्लेबाजी जरूर देखने को मिली।
यूएस ओपन में महिला सिंगल्स के चौथे दौर की तस्वीर साफ हो गई है। इवा जुविक ने तीन घंटे से ज्यादा चले मुकाबले में एलेक्जांद्रा एला को हराकर कोको गॉफ से भिड़ने का टिकट कटाया।
Women's Asia Cup: पाकिस्तान के खिलाफ स्पिनरों की रणनीति पर बोलीं Shri Charani
दुबई, छह सितंबर पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप टी20 में अपनी धारदार गेंदबाजी से भारत की एकतरफा जीत की नींव रखने वाली बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने कहा कि टीम की स्पिनर मैच से पहले साथ बैठकर रणनीति बनाती हैं और मैदान पर उसके प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर देती हैं। श्री चरणी (सात रन पर तीन विकेट), प्रेमा रावत (नौ रन पर तीन विकेट), दीप्ति शर्मा (पांच रन पर दो विकेट) और शेफाली वर्मा (10 रन पर एक विकेट) ने शनिवार को यहां पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और उसे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने अब तक के सबसे कम स्कोर 55 रन पर समेट दिया। भारत ने इसके बाद 68 गेंद शेष रहते सात विकेट से आसान जीत दर्ज की। भारत पहले ही ग्रुप ए से सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका था। टीम तीनों मैच जीतकर टीम छह अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रही। चरणी ने कहा, ‘‘ टीम की बैठक में हम सब साथ बैठते हैं। प्रेमा, मैं, दीप्ति दीदी और राधा (यादव) दीदी। हम चर्चा करते हैं कि मैच में क्या करना है। इसलिए दीप्ति और राधा दी जो कहती हैं, हम मैदान पर उसे लागू करने की कोशिश करते हैं।”चरणी ने पाकिस्तान के शीर्ष क्रम पर कहर बरपाते हुए शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा और आयशा जफर को पवेलियन भेजा। इससे पहले शेफाली ने मुनीबा अली को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई थी। पाकिस्तान ने चार ओवर में बिना किसी नुकसान के 27 रन बनाकर तेज शुरुआत की थी लेकिन छठे ओवर में चरणी के दो विकेटों ने उसका स्कोर तीन विकेट पर 29 रन कर दिया। इसके बाद टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी। चरणी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। इस 22 साल की गेंदबाज ने अपनी सफलता का श्रेय चीजों को सरल रखने और बुनियादी बातों पर ध्यान देने को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ खुद पर ध्यान देने की बात है। मैं अपनी चीजों पर ध्यान देना चाहती हूं... मैं चाहती हूं कि मैं अपना काम सही तरीके से करूं।”चरणी ने बताया कि पिच का आकलन करने के बाद उन्हें लगा कि गेंद को टर्न मिल सकता है, इसलिए उन्होंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया और बाकी काम गेंद पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। पिच देखकर हमें पता था कि गेंद टर्न हो सकती है, इसलिए मैंने उसी पर ध्यान दिया।”चरणी ने प्रेमा रावत की भी जमकर तारीफ की। प्रेमा की लेग स्पिन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि प्रेमा शानदार और स्वाभाविक प्रतिभा वाली खिलाड़ी हैं। उनके पास सब कुछ है। वह अच्छी क्षेत्ररक्षक है, बल्लेबाजी से भी योगदान दे सकती है और गेंदबाजी तो है ही।”चरणी के मुताबिक गेंदबाजों की मददगार पिच पर करीब 120 रन का स्कोर अच्छा माना जा सकता था। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस विकेट पर 120 के आस-पास का स्कोर अच्छा होता।’’उन्होंने दीप्ति शर्मा को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे जाने को भी रणनीतिक फैसला बताया। चरणी ने कहा कि अब भारतीय टीम आगे के मुकाबलों में ‘एक समय में एक मैच’ के नजरिये के साथ आगे बढ़ेगी।
उदयपुर: 'रन फॉर जीरो हंगर' के संदेश के साथ हुआ मैराथन का आयोजन
उदयपुर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। पर्यटन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर राजस्थान के उदयपुर में रविवार को वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन 2026 का आयोजन किया गया। मैराथन में देश-विदेश के 7,000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऐसे में मैराथन का स्तर अंतरराष्ट्रीय हो गया था।
श्रीलंका के 23 वर्षीय जैवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरगे ने ब्रसेल्स में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 89.04 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने पहला स्थान हासिल किया।
पाकिस्तान के विवादित इंग्लैंड दौरे पर तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले एक और घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के फोन टेस्ट मैच खत्म होने तक बोर्ड के पास रहेंगे। हालांकि, PCB ने अभी तक यह नहीं बताया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और इस कार्रवाई की वजह क्या है। पाकिस्तान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान टीम पहले दो टेस्ट हारकर सीरीज में 0-2 से पीछे है और PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए हैं। फोन कस्टडी में लिए जाने की खबर के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इसके पीछे की वजह और संभावित जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक PCB या ICC ने इसे मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार की जांच नहीं बताया है। ICC नियमों में मैच के दौरान फोन पर पाबंदी ICC के नियमों के तहत इंटरनेशनल मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ड्रेसिंग रूम समेत निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन या दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। खिलाड़ियों को ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश से पहले अपने डिवाइस सुरक्षित जगह पर जमा कराने होते हैं। हालांकि, मौजूदा मामला सामान्य मैच-दिवस की पाबंदी से अलग बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ियों के फोन PCB की कस्टडी में रहेंगे और उन्हें तीसरे टेस्ट के खत्म होने तक वापस नहीं किया जाएगा। 7 खिलाड़ी और 2 कोच पहले ही हटाए गए पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा फेरबदल किया है। बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा समेत 7 खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। उनकी जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा हेड कोच सफराज अहमद को हटा दिया गया और उनकी जगह माइक हेसन को तीसरे टेस्ट के लिए जिम्मेदारी दी गई। बॉलिंग कोच उमर गुल की जगह एश्ले नॉफके को भी लाया गया है। पाकिस्तान ने पहला टेस्ट पारी और 103 रन से और दूसरा टेस्ट 194 रन से गंवाया था। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा। ऐसे में खिलाड़ियों के फोन PCB की कस्टडी में लिए जाने की रिपोर्ट ने टीम के भीतर चल रही उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया:शेफाली 3 हजार रन बनाने वाली यंगेस्ट खिलाड़ी; हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान 150वां मैच खेला पाकिस्तान के विवादित इंग्लैंड दौरे पर तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले एक और घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। पूरी खबर
पाकिस्तान के विवादित इंग्लैंड दौरे पर तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले एक और घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के फोन टेस्ट मैच खत्म होने तक बोर्ड के पास रहेंगे। हालांकि, PCB ने अभी तक यह नहीं बताया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और इस कार्रवाई की वजह क्या है। पाकिस्तान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान टीम पहले दो टेस्ट हारकर सीरीज में 0-2 से पीछे है और PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए हैं। फोन कस्टडी में लिए जाने की खबर के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इसके पीछे की वजह और संभावित जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक PCB या ICC ने इसे मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार की जांच नहीं बताया है। ICC नियमों में मैच के दौरान फोन पर पाबंदी ICC के नियमों के तहत इंटरनेशनल मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ड्रेसिंग रूम समेत निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन या दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। खिलाड़ियों को ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश से पहले अपने डिवाइस सुरक्षित जगह पर जमा कराने होते हैं। हालांकि, मौजूदा मामला सामान्य मैच-दिवस की पाबंदी से अलग बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ियों के फोन PCB की कस्टडी में रहेंगे और उन्हें तीसरे टेस्ट के खत्म होने तक वापस नहीं किया जाएगा। 7 खिलाड़ी और 2 कोच पहले ही हटाए गए पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा फेरबदल किया है। बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा समेत 7 खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। उनकी जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा हेड कोच सफराज अहमद को हटा दिया गया और उनकी जगह माइक हेसन को तीसरे टेस्ट के लिए जिम्मेदारी दी गई। बॉलिंग कोच उमर गुल की जगह एश्ले नॉफके को भी लाया गया है। पाकिस्तान ने पहला टेस्ट पारी और 103 रन से और दूसरा टेस्ट 194 रन से गंवाया था। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा। ऐसे में खिलाड़ियों के फोन PCB की कस्टडी में लिए जाने की रिपोर्ट ने टीम के भीतर चल रही उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है।
चेन्नई में दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए 50 रन बना लिए हैं। वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन नाबाद हैं। ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन और साउथ जोन की तिलक वर्मा कर रहे हैं। फाइनल 6 से 10 सितंबर तक चेन्नई में खेला जा रहा है। पहले दिन के पहले सेशन में ईस्ट जोन बल्लेबाजी कर रहा है। शमी का 100वां फर्स्ट-क्लास मैच मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उतरते ही अपने करियर का 100वां फर्स्ट-क्लास मैच पूरा कर लिया। इस खास मौके पर उन्हें बधाई दी गई। शमी दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले शमी को सम्मान में 100 नंबर की स्पेशल जर्सी दी गई। साथ ही उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की साइन की गई बॉल भी दी गई। वैभव ने सेमीफाइनल में 81 गेंदों पर 92 रन बनाए वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में 81 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली। दूसरी पारी में भी उन्होंने 40 रन बनाए। ईस्ट जोन ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर फाइनल में जगह बनाई। इस मैच के दौरान वैभव ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वे दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 ईस्ट जोन: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), एमडी कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार। साउथ जोन: रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधिश।
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम के बीच में चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें ईस्ट जोन की टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया है।
रुमेश पाथिरागे ने जीता डायमंड लीग फाइनल:89.04 मीटर थ्रो किया,श्रीलंका के पहले चैंपियन बने
श्रीलंका के जैवलिन थ्रोअर रुमेश थारंगा पाथिरागे ने शनिवार को ब्रसेल्स के किंग बॉडॉइन स्टेडियम में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही रुमेश डायमंड लीग फाइनल जीतने वाले श्रीलंका के पहले एथलीट बन गए। खराब और ठंडे मौसम के बावजूद उन्होंने यह प्रदर्शन किया। तीसरे थ्रो में पलटा मुकाबला रुमेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उन्होंने पहले प्रयास में 80.42 मीटर और दूसरे प्रयास में 79.73 मीटर का थ्रो किया। इसके बाद ट्रिनिडाड एंड टोबैगो के पूर्व ओलिंपिक चैंपियन केशॉर्न वालकोट ने 83.99 मीटर के थ्रो के साथ बढ़त बना ली। पोलैंड के डेविड वेगनर ने तीसरे राउंड में 87.47 मीटर का थ्रो करके बढ़त अपने नाम कर ली। इसके तुरंत बाद रुमेश ने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया और वेगनर को पीछे छोड़ते हुए पहले स्थान पर पहुंच गए। 87.47 मीटर के थ्रो के साथ वेगनर दूसरे रुमेश ने तीसरे थ्रो के बाद भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने चौथे प्रयास में 85.96 मीटर और पांचवें में 85.76 मीटर का थ्रो किया। उनका छठा और आखिरी प्रयास फाउल रहा। डेविड वेगनर 87.47 मीटर के साथ दूसरे और केशॉर्न वालकोट 83.99 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ग्रेनाडा के दो बार के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 83.70 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। ठंड की वजह से इससे बड़ा थ्रो नहीं कर सका: रुमेश खिताब जीतने के बाद रुमेश ने कहा कि श्रीलंका जैसे छोटे देश से आकर इतने बड़े मीट में जीत हासिल करना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि मौसम काफी कठिन और ठंडा था, इसलिए वह इससे बड़ा थ्रो नहीं कर सके। ज्यूरिख में बनाया था 92.07 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड रुमेश ने ब्रसेल्स में खिताब जीतने से पहले ज्यूरिख डायमंड लीग में 92.07 मीटर का थ्रो करके श्रीलंका का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इस सीजन में वह लगातार शानदार फॉर्म में रहे हैं और कई बार 88 मीटर से अधिक के थ्रो कर चुके हैं। रुमेश ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल भी जीता था। ब्रसेल्स की जीत उनके 2026 सीजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है। ------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया:शेफाली 3 हजार रन बनाने वाली यंगेस्ट खिलाड़ी; हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान 150वां मैच खेला भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। दुबई में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल में उसका सबसे छोटा स्कोर है। भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा सबसे कम उम्र में 3 हजार टी-20 रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वहीं, हरमनप्रीत कौर 150 टी-20 मैच में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। पूरी खबर
भारतीय महिला फुटबॉल टीम भी अक्तूबर में रूस की महिला टीम की मेजबानी कर सकती है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के एक सूत्र के मुताबिक, मैच के लिए फीफा और यूएफा की मंजूरी का इंतजार है।
महिला टी20 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम के खिलाफ ग्रुप स्टेज के मुकाबले में शर्मनाक हार का सामना करने के बाद भी पाकिस्तानी महिला टीम की अकड़ कम नहीं हो रही है, जिसमें उनके मेंटर वहाब रियाज ने अभी भी ट्रॉफी जीतने का सपना देख रहे हैं।
न्यूयॉर्क में चल रहे US ओपन 2026 के सातवें दिन अमेरिका के वर्ल्ड नंबर-9 टेलर फ्रिट्ज मेन्स सिंगल्स, जबकि वर्ल्ड नंबर-7 मैडिसन कीज और वर्ल्ड नंबर-3 अमांडा अनामिसिमोवा महिला सिंगल्स के तीसरे राउंड में हारकर बाहर हो गए। मेन्स सिंगल्स: फ्रिट्ज दो सेट जीतकर भी हारे फ्रिट्ज को अर्जेंटीना के फ्रांसिस्को सेरुंडोलो ने दो सेट की बढ़त के बाद 3-6, 4-6, 6-3, 6-4, 6-4 से हराया। टेलर फ्रिट्ज ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे राउंड में फ्रांसिस्को सेरुंडोलो के खिलाफ शुरुआती दोनों सेट जीत लिए थे। लेकिन अर्जेंटीनी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन सेट जीत लिए। सेरुंडोलो ने मुकाबला 3-6, 4-6, 6-3, 6-4, 6-4 से अपने नाम किया। फ्रिट्ज 2024 US ओपन के रनर-अप रहे थे। इस हार के साथ उनका इस साल टूर्नामेंट में सफर खत्म हो गया। फ्लावियो कोबोली भी टूर्नामेंट से बाहर पुरुष सिंगल्स में फ्लावियो कोबोली भी बाहर हो गए। बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लॉक्स ने उन्हें चार सेट में हराकर चौथे राउंड में जगह बनाई। करेन खाचानोव और लुसियानो डारदेरी भी अगले दौर में पहुंचे। विमेंस सिंगल्स: झेंग ने 5-0 से पिछड़कर पलटा मैच महिला सिंगल्स में चीन की झेंग क्वेनवेन ने दिन की सबसे बड़ी वापसी की। मैडिसन कीज ने निर्णायक सेट में 5-0 की बढ़त बना ली थी और 5-1 पर उनके पास मैच पॉइंट भी था। झेंग ने यह मौका बचाया और इसके बाद लगातार सात गेम जीतकर मुकाबला 1-6, 7-6, 7-5 से अपने नाम कर लिया। झेंग दाएं कोहनी की सर्जरी के बाद वापसी कर रही हैं। उनकी रैंकिंग गिरकर 121 तक पहुंच गई थी और उन्हें US ओपन के मुख्य ड्रॉ में पहुंचने के लिए क्वालिफाइंग खेलना पड़ा। अब उनका सामना चौथे राउंड में इगा स्वियातेक से होगा। अनामिसिमोवा भी बाहर अमांडा अनामिसिमोवा को वर्ल्ड नंबर-25 अनास्तासिया पोटापोवा ने 6-2, 7-5 से हराया।अनामिसिमोवा पिछले साल US ओपन की रनर-अप थीं। पोटापोवा पहली बार US ओपन के चौथे दौर में पहुंचीं। अब उनका सामना मिर्रा आंद्रीवा से होगा। गॉफ ने अमेरिकी उम्मीद कायम रखी कोको गॉफ ने महिला सिंगल्स में क्रिस्टीना बुचा को 6-3, 6-4 से हराया। इसके साथ वह लगातार पांचवें साल US ओपन के चौथे राउंड में पहुंच गईं। 2023 की चैंपियन गॉफ अब टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की अमेरिकी उम्मीदों की प्रमुख खिलाड़ी हैं। स्वियातेक और ओसाका भी आगे इगा स्वियातेक ने मैरी बुजकोवा को दोनों सेट के टाई-ब्रेक में 7-6, 7-6 से हराया। अब वह चौथे राउंड में झेंग क्वेनवेन से भिड़ेंगी। वहीं, नाओमी ओसाका ने महिला सिंगल्स में एलिस मर्टेंस को 6-3, 3-6, 7-5 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई। मिर्रा आंद्रीवा ने निकोला बार्तुनकोवा को हराया। मेन्स डबल्स: बालाजी अगले राउंड में पहुंचे भारत के एन श्रीराम बालाजी ने मेन्स डबल्स में अमेरिका के इवान किंग के साथ दूसरे राउंड में जगह बनाई। पहली बार साथ खेल रही इस जोड़ी ने नीदरलैंड के सैंडर एरेंड्स और डेविड पेल को 3-6, 7-6, 7-6 से हराया। बालाजी-किंग ने मुकाबले में 6 मैच पॉइंट बचाए। करीब 2 घंटे 56 मिनट चले मुकाबले में उन्होंने पहला सेट गंवाने के बाद दोनों टाई-ब्रेक जीतकर मैच अपने नाम किया। इस जीत के बाद बालाजी की लाइव डबल्स रैंकिंग 54वें से 46वें स्थान पर पहुंच गए। अब उनका सामना 12वीं सीड एडुआर्ड रॉजर-वेसेलिन और ह्यूगो नाइस की जोड़ी से होगा।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव vs सिराज, ईशान-तिलक पर भी निगाहें
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच सिर्फ खिताब की जंग नहीं होगी. यह मुकाबला वैभव सूर्यवंशी को रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने, तिलक वर्मा के लिए टेस्ट दावेदारी पेश करने और सिराज-शमी के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच देगा.
Satwik Chirag चीन मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे, मलेशियाई जोड़ी को तीन गेम में हराया
शेनजेन, पांच सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और 29वीं रैंकिंग वाली मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के चरण में उपविजेता रही थी। एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी अब खिताबी मुकाबले में चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी से भिड़ेगी। चिराग ने कहा, ‘‘हम दोनों के लिए पिछले तीन महीने आसान नहीं रहे। यह सही में बहुत अच्छा लग रहा है। जाहिर तौर पर हम काफी समय तक बाहर रहे इसलिए ब्रेक के बाद अपने दूसरे ही टूर्नामेंट में फाइनल में पहुंचना बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह हमारे लिए खास है। ’’सात्विक ने कहा, ‘‘अब हम वापस जाकर पहले थकान से उबरेंगे करेंगे। फिर देखेंगे कि सुबह उठने पर हमारा शरीर कैसा महसूस करता है। इसके बाद हमें सिर्फ एक और मैच खेलना है। हम कल अपना शत प्रतिशत देंगे और फिर उसके बाद आगे की सोचेंगे। ’’मैच से पहले सात्विक और चिराग का नूर और टैन के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 2-0 था। भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई खिलाड़ियों को 2024 थाईलैंड ओपन और 2025 मलेशियाई ओपन में हराया था। सैंतीस वर्षीय टैन अनुभवी युगल खिलाड़ी हैं। उन्होंने रियो ओलंपिक में गो वी शेम के साथ रजत पदक जीता था। लगातार चौथे सेमीफाइनल में खेल रही चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में 0-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक हासिल किए। इसमें 34 शॉट की लंबी रैली भी शामिल थी जिससे उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली। नूर की तीन गलतियों की मदद से भारत ने बढ़त 10-6 कर ली। सात्विक और चिराग ने भी कुछ गलतियां कीं, लेकिन ब्रेक तक वे 11-9 से आगे रहे। ब्रेक के बाद सात्विक के स्मैश मलेशियाई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बने और भारतीय जोड़ी 15-12 से आगे हो गई। फिर टैन की एक और गलती के बाद भारत ने 17-12 से बढ़त बना ली। जब स्कोर 18-15 था तब दोनों जोड़ियों के बीच 54 शॉट की रैली हुई। इस दौरान मलेशियाई खिलाड़ी ने जमीन पर गिरने के बावजूद रैली जारी रखी, लेकिन अंत में उसका शॉट कोर्ट से बाहर चला गया। इसके बाद नूर ने एक और शॉट गलत खेला जिससे भारत को पांच गेम प्वाइंट मिले। सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम प्वाइंट पर पहला गेम अपने नाम कर लिया। मलेशियाई जोड़ी ने फिर तेज शुरुआत करते हुए दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक और चिराग ने शानदार फ्लिक सर्व का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों जोड़ियों के बीच क्रॉस-कोर्ट रिटर्न, तेज स्मैश से शानदार मुकाबला देखने को मिला। टैन अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, जबकि नूर लगातार गलतियां कर रहे थे। भारतीय जोड़ी 10-8 से आगे थी, लेकिन सात्विक की फ्रंट-कोर्ट पर दो गलतियों ने मलेशिया को बराबरी पर ला दिया। नेट पर सात्विक की एक और गलती के बाद मलेशियाई जोड़ी ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। पर भारतीयों ने ब्रेक के बाद नूर को निशाना बनाकर लगाए गए एक स्मैश की मदद से स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया। हालांकि टैन ने इसके बाद एक शानदार ड्रॉप और स्मैश का संयोजन करते हुए मलेशिया को 14-13 से आगे कर दिया। दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और अंक 18-18 तक बराबर रहे। इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने मामूली बढ़त हासिल की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरे गेम के अंतिम हिस्से में हुई चूक को भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ते हुए निर्णायक गेम में 5-2 की बढ़त बना ली। चिराग ने खाली जगहों को तलाशने में शानदार चतुराई दिखाई और मलेशियाई खिलाड़ियों को कोर्ट पर सीमित जगह में खेलने के लिए मजबूर किया। इसके बाद खेल भावना का शानदार उदाहरण देखने को मिला। चिराग के रैकेट के फ्रेम से लगकर एक शॉट भारत के पक्ष में जाने के बाद उन्होंने टैन से माफी मांगी और उनसे हाथ मिलाया। इस अंक के बाद भारत 7-3 से आगे था। सात्विक और चिराग ने रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 11-4 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सात्विक ने नूर के खिलाफ एक और जोरदार स्मैश लगाकर स्कोर 13-6 कर दिया। मलेशियाई जोड़ी धीरे-धीरे थकने लगी और उसका आत्मविश्वास भी कम होता गया। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहा। चिराग का शॉट बैकलाइन पर सटीक गिरने से भारत को 11 मैच प्वाइंट मिल गए। टैन ने इनमें से दो मैच प्वाइंट बचा लिए, लेकिन चिराग ने तीसरे मौके पर फ्लिक सर्व के जरिए अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर दिया।
भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। दुबई में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल में उसका सबसे छोटा स्कोर है। भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा सबसे कम उम्र में 3 हजार टी-20 रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वहीं, हरमनप्रीत कौर 150 टी-20 मैच में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। भारत Vs पाकिस्तान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. पाकिस्तान 55 रन पर सिमटा पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 इंटरनेशनल का अपना सबसे लोएस्ट स्कोर बनाया। वह शनिवार को सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले टीम 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 56 रन ही बना पाई थी। 2. शेफाली के 22 साल 220 दिन की उम्र में 3 हजार रन पूरे शेफाली वर्मा ने 22 साल 220 दिन की उम्र में 3 हजार टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे किए। उन्होंने आयरलैंड की गैबी लुईस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 24 साल 347 दिन की उम्र में यह मुकाम हासिल किया था। 3. शेफाली ने दूसरी बार पारी की पहली गेंद पर छक्का जड़ा शेफाली ने पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने दूसरी बार यह कारनामा किया, जो विमेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार का रिकॉर्ड है। इससे पहले उन्होंने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भी ऐसा किया था। दोनों ही मौकों पर शेफाली के सामने पाकिस्तान की गेंदबाज सादिया इकबाल थी। 4. हरमनप्रीत के नाम बतौर कप्तान सबसे ज्यादा 150 टी-20 मैच हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान अपना 150वां मैच खेला। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली मेंस और विमेंस टी-20 इंटरनेशनल की पहली खिलाड़ी बन गईं। दूसरे नंबर पर 121 मैच के साथ श्रीलंका की चमारी अटापट्टू हैं। 5. भारत के खिलाफ पांचवां सबसे लोएस्ट टोटल पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपना सबसे लोएस्ट स्कोर बनाया है। ओवरऑल भारत के खिलाफ यह 5वां लोएस्ट टीम टोटल है। पहले स्थान पर मलेशिया की टीम है, जो 2018 में कुआलालंपुर में सिर्फ 27 रन पर सिमट गई थी। --------------------------------------------- विमेंस एशिया कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया; PAK टीम 55 रन ही बना सकी भारतीय महिला टीम ने टी-20 एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। उसने 56 रन का टारगेट 8.4 ओवर में 3 विकेट पर चेज कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। पढ़ें पूरी खबर
चाइना मास्टर्स के फाइनल में सात्विक-चिराग की धमाकेदार एंट्री, अब खिताबी जंग में चीन से होगा मुकाबला
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी चाइना मास्टर्स के फाइनल में पहुंच गई है। उन्होंने सेमीफाइनल में मलेशिया की नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग की जोड़ी को तीन गेम तक चले मुकाबले में हराया।
Women's Asia Cup: भारतीय महिला टीम ने Pakistan को 7 विकेट से हराया
दुबई, पांच सितंबर श्री चरणी और प्रेमा रावत की युवा स्पिन जोड़ी की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई और भारत ने शनिवार को महिला एशिया कप टी20 के एकतरफा मुकाबले में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को सात विकेट से रौंद दिया। बतौर कप्तान अपना 150वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर पुरुष और महिला क्रिकेट में इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय कप्तान बनीं। उनकी टीम ने पाकिस्तान को महज 55 रन पर समेट दिया जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान का अब तक का सबसे कम स्कोर है। भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। हरमनप्रीत ने नाबाद 18 रन बनाए और विजयी छक्का लगाकर मुकाबला खत्म किया। दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। ग्रुप ए में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। भारतीय टीम इस मैच से पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच गयी थी जबकि इस बड़ी हार के बाद पाकिस्तान को अंतिम चार में पहुंचने के लिए हांगकांग के खिलाफ मैच का इंतजार करना होगा। भारत की 22 वर्षीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा ने चार ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट चटकाए। शेफाली वर्मा ने तीन ओवर में 10 रन देकर एक विकेट लिया। दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में पांच रन देकर दो विकेट झटकते हुए पाकिस्तान की पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शेफाली (12), स्मृति मंधाना (9) और प्रतिका रावल (4) के विकेट जल्दी गंवा दिए। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने तीनों को पवेलियन भेजा। फिर हरमनप्रीत ने और दीप्ति ने भारत को आसानी से जीत तक पहुंचा दिया। इससे पहले अपने 200वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने शुरुआती चार ओवर में बिना विकेट खोए 27 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। मुनीबा अली को दो जीवनदान मिलने के बावजूद वह 13 रन ही बना सकीं, जबकि शवाल जुल्फिकार ने 14 रन का योगदान दिया। इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका। हरमनप्रीत ने पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद को भांपते हुए पांचवें ओवर से ही फिरकी का जाल बिछा दिया। उनका यह दांव पूरी तरह सफल रहा। पाकिस्तान ने पांचवें से 10वें ओवर के बीच महज नौ रन जोड़े और छह विकेट गंवा दिए। 10 ओवर के बाद उसकी टीम 36 रन पर छह विकेट के संकट में थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन का परिचय देते हुए 18.1 ओवर में कुल 78 डॉट गेंदें फेंकीं। सलामी बल्लेबाज मुनीबा रन बनाने के लिए जूझ रही थीं। शेफाली की गेंद पर जगह बनाने के लिए वह लेग स्टंप की ओर खिसकीं, लेकिन गेंद को पूरी तरह चूक गईं और बोल्ड हो गईं। इसके बाद पाकिस्तान की पारी का हाल कुछ ऐसा रहा मानो बल्लेबाज ‘तू चल, मैं आई’ की तर्ज पर क्रीज पर आ रहे हों। चरणी ने पिच से मिल रहे टर्न और उछाल का भरपूर फायदा उठाया। गुल फिरोजा खाता खोले बिना आउट हुईं। उन्होंने गेंद के टर्न के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉर्ट थर्ड पर कैच दे बैठीं। जुल्फिकार स्वीप खेलने से चूक गईं और पगबाधा आउट हो गईं। आयशा जफर सिर्फ दो रन बना सकीं। दबाव से निकलने के प्रयास में उन्होंने मिड-ऑन पर हरमनप्रीत को आसान कैच दे दिया। सदफ शमास ने तीन रन बनाए, लेकिन प्रेमा की सीधी गेंद पर स्टंप्स को निशाना बनाकर की गई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकीं। पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान फातिमा भी खाता नहीं खोल सकीं। दीप्ति शर्मा की शानदार ऑफ स्पिन गेंद सीधे उनके पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। गेंद लेग-मिडिल स्टंप को लगती नजर आ रही थी, लेकिन फातिमा ने रिव्यू लेना भी उचित नहीं समझा। ऐमान फातिमा (5) और उम्म-ए-हानी (6) के बीच तालमेल की कमी से पाकिस्तान को एक और झटका लगा। गलतफहमी के कारण ऐमान नॉन-स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो गईं। इसके बाद उम्म-ए-हानी भी खराब स्वीप शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठीं।
रिजवान-इमाम को खराब फॉर्म नहीं, ड्रेसिंग रूम का 'बवाल' पड़ा भारी
पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर ड्रेसिंग रूम और सेलेक्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक को खराब फॉर्म के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम में उनके व्यवहार को लेकर भी इंग्लैंड से वापस भेजा गया. सलमान अली आगा समेत 7 खिलाड़ियों की वापसी के बाद PCB सेलेक्शन कमेटी में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है.
विमेंस एशिया कप 2026 के 9वें मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से हराया...
इस मुकाबले में निराशाजनक प्रदर्शन के साथ ही पाकिस्तान के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। 55 रन पाकिस्तान का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक का न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले, साल 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पाकिस्तान की पूरी टीम 56 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। भारतीय स्पिनर्स के आगे पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।
'विमेंस एशिया कप- 2026' के 9वें मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते...
विमेंस एशिया कप : सिर्फ 22 साल की शेफाली ने टी 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रच दिया इतिहास
शनिवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए विमेंस एशिया कप 2026 के 9वें मुकाबले में शेफाली ने पाकिस्तान के विरुद्ध 6 गेंदों में 1 छक्के और 1 चौके के साथ 12 रन की पारी खेली। इसी के साथ शेफाली ने इस आंकड़े को पार कर लिया।
विमेंस एशिया कप : श्री चरणी और प्रेमा रावत का चला जादू, भारत ने पाकिस्तान को दी करारी शिकस्त
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा 6 गेंदों में 12 रन बनाने के बाद पवेलियन लौटीं। नंबर तीन पर प्रतिका रावल का फ्लॉप शो इस मैच में भी जारी रहा और वह 4 रन ही बना सकीं। स्मृति मंधाना भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और वह 9 रन बनाकर आउट हुईं।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ शनिवार को विमेंस एशिया कप 2026 के 9वें मुकाबले में जीत के लिए सिर्फ 56 रन का टारगेट रखा है...
दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी नजरें, किस चैनल पर Live देख पाएंगे ये मुकाबला
ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच 6 सितंबर से शुरू होने वाले दलीप ट्राफी के फाइनल में सभी की नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर होंगी। सेमीफाइनल मैच में उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ अच्छी बैटिंग की थी।
Women's Asia Cup T20 में भारतीय स्पिनरों का कहर, Pakistan 55 रन पर ढेर
दुबई, पांच सितंबर बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी और लेग स्पिनर प्रेमा रावत की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिये जिससे भारत ने महिला एशिया कप टी20 के ग्रुप-ए मुकाबले में उनकी पारी को 18.1 ओवर में महज 55 रन पर समेट दिया। चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि प्रेमा ने चार ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट लिए। दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में पांच रन देकर दो विकेट झटके तो वहीं शेफाली वर्मा को एक सफलता मिली। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान महिला टीम का अब तक का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 56 रन था। अपने 200वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने पहले चार ओवर में बिना विकेट खोए 27 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। मुनीबा अली को दो जीवनदान मिलने के बावजूद वह 13 रन ही बना सकीं जबकि शवाल जुल्फिकार ने 14 रन का योगदान दिया। इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका। टी20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान अपना 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर ने पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद को भांपते हुए पांचवें ओवर से ही फिरकी का जाल बिछा दिया। उनका यह दांव पूरी तरह सफल रहा। पाकिस्तान ने पांचवें से 10वें ओवर के बीच महज नौ रन जोड़े और छह विकेट गंवा दिए। 10 ओवर के बाद उसकी टीम 36 रन पर छह विकेट के संकट में थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन का परिचय देते हुए 18.1 ओवर में कुल 78 डॉट गेंदें फेंकीं। सलामी बल्लेबाज मुनीबा रन बनाने के लिए जूझ रही थीं। शेफाली की गेंद पर जगह बनाने के लिए वह लेग स्टंप की ओर खिसकीं, लेकिन गेंद को पूरी तरह चूक गईं और बोल्ड हो गईं। इसके बाद पाकिस्तान की पारी का हाल कुछ ऐसा रहा मानो बल्लेबाज ‘तू चल, मैं आई’ की तर्ज पर क्रीज पर आ रहे हों। इसके बाद श्री चरणी ने पिच से मिल रहे टर्न और उछाल का भरपूर फायदा उठाया। गुल फिरोजा खाता खोले बिना आउट हुईं। उन्होंने गेंद के टर्न के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉर्ट थर्ड पर कैच दे बैठीं। जुल्फिकार स्वीप खेलने से चूक गईं और पगबाधा आउट हो गईं। आयशा जफर सिर्फ दो रन बना सकीं। उन्होंने दबाव से निकलने के प्रयास में मिड-ऑन पर हरमनप्रीत कौर को आसान कैच दे दिया। सदफ शमास ने तीन रन बनाए, लेकिन प्रेमा की सीधी गेंद पर स्टंप्स को निशाना बनाकर की गई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकीं। पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान फातिमा सना भी खाता नहीं खोल सकीं। दीप्ति शर्मा की शानदार ऑफ स्पिन गेंद सीधे उनके पैड पर लगी और अंपायर ने पगबाधा करार दिया। गेंद लेग-मिडिल स्टंप को लगती नजर आ रही थी, लेकिन फातिमा ने रिव्यू लेना भी उचित नहीं समझा। ऐमान फातिमा (पांच) और उम्म-ए-हानी (6) के बीच तालमेल की कमी से पाकिस्तान को एक और झटका लगा। गलतफहमी के कारण फातिमा नॉन-स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो गईं। इसके बाद उम्म-ए-हानी भी खराब स्वीप शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गईं।
जेल में बंद इमरान खान की हालत पर छलका ब्रायन लारा का दर्द
पाकिस्तान के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान की हालत पर अब वेस्टइंडीज क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम के जरिए कुछ बातों का जिक्र किया है.
55 रन पर ऑलआउट हुई टीम, T20I में पाकिस्तान की सबसे बड़ी फजीहत, बनाया सबसे लोएस्ट स्कोर
वुमेंस एशिया कप 2026 में भारत का सामना ग्रुप चरण के अंतिम मैच में पाकिस्तान से हो रहा है। इस मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी ज्यादा खराब रहा।
भारत की मेंस डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स के फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया के नूर मोहम्मद अज्रिन और तान वी कियोंग की जोड़ी को 21-16, 18-21, 21-11 से हरा दिया। शेनझेन एरिना में खेला गया यह मुकाबला 1 घंटे और 6 मिनट तक चला। इसके साथ ही सात्विक-चिराग ने पिछले चार सालों (2023 से) में तीसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल में उनका मुकाबला चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी से होगा। खराब शुरुआत के बाद वापसी की सेमीफाइनल मैच के पहले गेम में सात्विक और चिराग की शुरुआत थोड़ी धीमी रही और वे 0-5 से पिछड़ गए थे। हालांकि, इसके बाद भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन वापसी करते हुए लगातार 7 अंक हासिल किए और 7-5 की बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने बढ़त को कायम रखते हुए पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में मलेशियाई जोड़ी ने पलटवार किया और 18-21 से गेम जीतकर मुकाबले को तीसरे गेम तक ले गई। भारतीय जोड़ी ने तीसरा गेम एकतरफा जीता तीसरे और आखिरी गेम में सात्विक-चिराग पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने मलेशियाई खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हालांकि विरोधी जोड़ी ने दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन भारतीय जोड़ी ने 21-11 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया।
Pickleball World Cup में भारत की 'किड्स टीम' को मिला सिल्वर, जूनियर वर्ग में रहा चौथा स्थान
मुंबई, पांच सितंबर पिकलबॉल विश्व कप में भारत की जूनियर टीम का अभियान शनिवार को चौथे स्थान के साथ समाप्त हुआ जबकि ‘किड्स टीम’ ने रजत पदक जीता। ओपन वर्ग में भारत को क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के खिलाफ 2-4 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। अर्जुन सिंह की अगुआई वाली जूनियर टीम में नाओमी अमलसादिवाला, आदित्य सिंह, दिया मत्तिपति, देव शाह, डी.ए. राजू और पूर्वांश पटेल शामिल थे। भारतीय टीम को वियतनाम के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार मिली और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। ‘किड्स’ वर्ग में वीर शाह, माहिका राठौड़, प्रार्थना मोटियानी, कविर मेहता, विरांश चोपड़ा, चारण्या सेल्वनारायण और मानसी कार्तिक की भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जापान को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ हार के बाद भारत को रजत पदक मिला। ओपन वर्ग में भारत और अमेरिका के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमें एक समय 2-2 से बराबरी पर थीं, लेकिन इसके बाद कैटरीना स्टीवर्ट और रोणन कैमरन ने अपने-अपने एकल मुकाबले जीतकर अमेरिका को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। भारतीय मास्टर्स टीम का अभियान भी क्वार्टर फाइनल में वियतनाम के खिलाफ समाप्त हुआ। दोनों टीमों के बीच मुकाबला 2-2 से बराबर रहने के बाद निर्णायक टाई खेला गया, जिसमें वियतनाम ने बाजी मारी। इस बीच व्यक्तिगत एकल वर्ग में पूर्वांश पटेल और वीर शाह ने शानदार प्रदर्शन किया। पूर्वांश ने अंडर-18 बालक एकल वर्ग में स्वर्ण, जबकि वीर शाह ने अंडर-14 बालक एकल वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
Satwik-Chirag की जोड़ी Malaysia को हराकर China Masters के फाइनल में पहुंची
शेनजेन, पांच सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और 29वीं रैंकिंग वाली मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के चरण में उपविजेता रही थी। एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी अब फाइनल में मलेशिया के टी काई वुन और याप रॉय किंग तथा चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता जोड़ी से भिड़ेगी। मैच से पहले सात्विक और चिराग का नूर और टैन के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 2-0 था। भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई खिलाड़ियों को 2024 थाईलैंड ओपन और 2025 मलेशियन ओपन में हराया था। सैंतीस वर्षीय टैन अनुभवी युगल खिलाड़ी हैं। उन्होंने रियो ओलंपिक में गो वी शेम के साथ रजत पदक जीता था। लगातार चौथे सेमीफाइनल में खेल रही चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में 0-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक हासिल किए। इसमें 34 शॉट की लंबी रैली भी शामिल थी जिससे उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली। नूर की तीन गलतियों की मदद से भारत ने बढ़त 10-6 कर ली। सात्विक और चिराग ने भी कुछ गलतियां कीं, लेकिन ब्रेक तक वे 11-9 से आगे रहे। ब्रेक के बाद सात्विक के स्मैश मलेशियाई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बने और भारतीय जोड़ी 15-12 से आगे हो गई। फिर टैन की एक और गलती के बाद भारत ने 17-12 से बढ़त बना ली। जब स्कोर 18-15 था तब दोनों जोड़ियों के बीच 54 शॉट की रैली हुई। इस दौरान मलेशियाई खिलाड़ी ने जमीन पर गिरने के बावजूद रैली जारी रखी, लेकिन अंत में उसका शॉट कोर्ट से बाहर चला गया। इसके बाद नूर ने एक और शॉट गलत खेला जिससे भारत को पांच गेम प्वाइंट मिले। सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम प्वाइंट पर पहला गेम अपने नाम कर लिया। मलेशियाई जोड़ी ने फिर तेज शुरुआत करते हुए दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक और चिराग ने शानदार फ्लिक सर्व का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों जोड़ियों के बीच क्रॉस-कोर्ट रिटर्न, तेज स्मैश से शानदार मुकाबला देखने को मिला। टैन अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, जबकि नूर लगातार गलतियां कर रहे थे। भारतीय जोड़ी 10-8 से आगे थी, लेकिन सात्विक की फ्रंट-कोर्ट पर दो गलतियों ने मलेशिया को बराबरी पर ला दिया। नेट पर सात्विक की एक और गलती के बाद मलेशियाई जोड़ी ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। पर भारतीयों ने ब्रेक के बाद नूर को निशाना बनाकर लगाए गए एक स्मैश की मदद से स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया। हालांकि टैन ने इसके बाद एक शानदार ड्रॉप और स्मैश का संयोजन करते हुए मलेशिया को 14-13 से आगे कर दिया। दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और अंक 18-18 तक बराबर रहे। इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने मामूली बढ़त हासिल की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरे गेम के अंतिम हिस्से में हुई चूक को भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ते हुए निर्णायक गेम में 5-2 की बढ़त बना ली। चिराग ने खाली जगहों को तलाशने में शानदार चतुराई दिखाई और मलेशियाई खिलाड़ियों को कोर्ट पर सीमित जगह में खेलने के लिए मजबूर किया। इसके बाद खेल भावना का शानदार उदाहरण देखने को मिला। चिराग के रैकेट के फ्रेम से लगकर एक शॉट भारत के पक्ष में जाने के बाद उन्होंने टैन से माफी मांगी और उनसे हाथ मिलाया। इस अंक के बाद भारत 7-3 से आगे था। सात्विक और चिराग ने रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 11-4 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सात्विक ने नूर के खिलाफ एक और जोरदार स्मैश लगाकर स्कोर 13-6 कर दिया। मलेशियाई जोड़ी धीरे-धीरे थकने लगी और उसका आत्मविश्वास भी कम होता गया। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहा। चिराग का शॉट बैकलाइन पर सटीक गिरने से भारत को 11 मैच प्वाइंट मिल गए। टैन ने इनमें से दो मैच प्वाइंट बचा लिए, लेकिन चिराग ने तीसरे मौके पर फ्लिक सर्व के जरिए अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर दिया।
हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, 150 T20I मैचों में कप्तानी करने वाली बनीं दुनिया की पहली खिलाड़ी
भारत और पाकिस्तान के बीच वुमेंस एशिया कप 2026 का 9वां मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। यह टी20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत के लिए बतौर कप्तान 150वां मैच है।
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल रविवार से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जाना है...
ऋषभ में 'एक्स-फैक्टर', वह धीरे-धीरे परिपक्व हो रहे हैं - सुरेश रैना
भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना मानते हैं कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत 'व्हाइट-बॉल फॉर्मेट' में भी टेस्ट क्रिकेट जैसा शानदार प्रदर्शन करने की काबिलियत रखते हैं,
मैं शमी के अंदर वो भूख देख सकता हूं, वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं - ईशान किशन
लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी ने ईशान किशन की जमकर प्रशंसा की है
ऋषभ में 'एक्स-फैक्टर', वह धीरे-धीरे परिपक्व हो रहे हैं: सुरेश रैना
नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना मानते हैं कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत 'व्हाइट-बॉल फॉर्मेट' में भी टेस्ट क्रिकेट जैसा शानदार प्रदर्शन करने की काबिलियत रखते हैं, बशर्ते वह बिना किसी हिचकिचाहट के खेलें और मानसिक रुकावटों से उबरें।
IND W vs PAK W Live: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान की महिला टीमों की टक्कर, दुबई में महामुकाबला
IND W vs PAK W Live: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान की महिला टीमों की टक्कर, दुबई में महामुकाबला
IND W vs PAK W: पाकिस्तान के खिलाफ जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी हरमनप्रीत की टीम, एशिया कप में महामुकाबला
IND vs PAK मैच में पाकिस्तान की बल्लेबाजी शुरू, मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार कर रही हैं ओपनिंग
महिला एशिया कप 2026 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। टीम इंडिया पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है।
बेंगलुरु की रहने वाली श्रीनीति चौधरी ने शनिवार को एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम में केएसएलटीए वर्ल्ड टेनिस जूनियर जे30 में लड़कियों के सिंगल्स और डबल्स दोनों खिताब जीतकर
दुबई एफटीपी वर्कशॉप में टीम भेजेगा बीसीसीआई, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच ज्यादा अंतराल की मांग
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच अधिक अंतराल सुनिश्चित करने की अपनी योजना के तहत फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) पर आयोजित एक
बेंगलुरु, 5 सितंबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु की रहने वाली श्रीनीति चौधरी ने शनिवार को एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम में केएसएलटीए वर्ल्ड टेनिस जूनियर जे30 में लड़कियों के सिंगल्स और डबल्स दोनों खिताब जीतकर एक शानदार हफ्ते का समापन किया और 'गोल्डन डबल' पूरा किया।
रैना के संन्यास पर हैरान रह गए थे धोनी, दिग्गज ने खोला राज
महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना की दोस्ती के किस्से फैन्स के बीच काफी मशहूर रहे हैं. दोनों ही खिलाड़ी ने एक ही दिन 15 अगस्त 2020 को संन्यास का ऐलान कर फैन्स को हैरान कर दिया था.
'मैंने पेनकिलर लेकर बल्लेबाजी की', मेरठ मावेरिक्स को फाइनल में पहुंचाने के बाद रिंकू ने किया खुलासा
मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने खुलासा किया कि यूपी टी20 लीग 2026 के क्वालिफायर-2 मैच के दौरान वह पूरी तरह फिट नहीं थे। नोएडा किंग्स के खिलाफ बल्लेबाजी करते समय उन्हें शारीरिक परेशानी हो रही थी, इसलिए उन्हें दर्द कम करने के लिए पेनकिलर लेनी पड़ी।
ईशान किशन और तिलक वर्मा का मानना है कि दलीप ट्रॉफी 2026 के पांच दिवसीय फाइनल के तुरंत बाद अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलना चुनौतीपूर्ण होगा। दलीप ट्रॉफी का फाइनल ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जाएगा।
आज भारत-पाकिस्तान की टक्कर, दो मिनट वीडियो में जाने हरमनप्रीत कौर रचेंगी इतिहास; जानें हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
'चेपॉक में हमेशा खास एहसास होता है', दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले को लेकर तिलक वर्मा उत्साहित
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के लिए चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) पहुंचकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस बड़े मुकाबले में खेलना उनके लिए बहुत खास अनुभव होगा।
US Open 2026 में Serena-Venus का 'ऐतिहासिक कमबैक' निराशा में बदला, पहले ही राउंड से बाहर
US ओपन 2026 में पहले ही कई यादगार पल देखने को मिले हैं। टूर्नामेंट अभी शुरुआती दौर में ही है, लेकिन इसमें सेरेना और वीनस विलियम्स की कोर्ट पर वापसी हुई। इन मशहूर बहनों ने 2022 में अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट खेला था। हालांकि, US ओपन ने उन्हें विमेंस डबल्स ड्रॉ के लिए वाइल्डकार्ड दिया, जिससे उन्हें कोर्ट पर अपनी शानदार विरासत को आगे बढ़ाने का एक और मौका मिला। टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में, इन बहनों का मुकाबला माया जॉइंट और चान हाओ-चिंग से हुआ। इसे भी पढ़ें: Kris Srikkanth ने की भविष्यवाणी: Vaibhav Sooryavanshi करेगा World Cricket पर राज! हालांकि कई लोगों को उम्मीद थी कि विलियम्स बहनें अच्छा खेल दिखाएंगी और दूसरे राउंड में पहुंचेंगी, लेकिन ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी मुकाबला हार गईं। इस मुकाबले में वे 3-6, 7-6(6) और 7-10 से हार गईं और US ओपन के पहले ही राउंड से बाहर हो गईं। 3 घंटे और 2 मिनट तक चले इस लंबे मुक़ाबले में, 2022 के बाद से सेरेना और वीनस का पहला ग्रैंड स्लैम अभियान दुखद रूप से खत्म हुआ। जॉइंट और चान शुरू से ही पूरी तरह हावी रहीं और विलियम्स बहनें उनका मुक़ाबला नहीं कर पाईं, जिससे वे गेम का पहला सेट हार गईं। उन्होंने दूसरे सेट में कुछ हद तक वापसी की, लेकिन तीसरा सेट हारने के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। मुकाबला शुरू होने से पहले सेरेना विलियम्स से उनके इरादों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा कि वह एक बार में एक ही गेम पर ध्यान देंगी और वीनस विलियम्स के साथ अपने पहले राउंड के मैच की तैयारी करते समय उनके मन में कोई खास एजेंडा नहीं है। उन्होंने अपनी तैयारियों और वापसी से पहले कैसा महसूस कर रही हैं, इस बारे में भी बात की। इसे भी पढ़ें: Women's Asia Cup में India-Pakistan की भिड़ंत: Dubai की 'संतुलित' Pitch पर किसका चलेगा राज? ब्लीचर रिपोर्ट के अनुसार, सेरेना विलियम्स ने कहा कि अभी मेरे मन में कोई खास एजेंडा नहीं है। मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान दे रही हूँ और देख रही हूँ कि मेरा शरीर मुझे कहाँ तक ले जा सकता है। यह देखना रोमांचक रहा है कि मैं क्या कर सकती हूँ और खुद को मज़बूत होते हुए महसूस करना भी अच्छा लग रहा है। अभी, मैं बस वापसी का आनंद ले रही हूँ और देख रही हूँ कि आगे क्या होता है। For more Sports News in Hindi Today please click here.
Junior Asia Cup में भारतीय महिला टीम का विजयी आगाज, South Korea को 4-1 से रौंदा
मोकी (चीन), पांच सितंबर भारतीय महिला हॉकी टीम ने शनिवार को यहां महिला जूनियर एशिया कप में अपने खिताब बचाव अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया पर 4-1 की शानदार जीत के साथ की। पिछले दो चरण के चैंपियन भारत ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ संयमित और दबदबे वाला प्रदर्शन किया। भारत की ओर से सानिका चंद्रकांत माने, पूर्णिमा यादव, पूजा साहू और मधु सिदार ने गोल किए। भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक इरादे दिखाए और पहले क्वार्टर में कई मौके बनाए। इसका फायदा उसे आठवें मिनट में मिला, जब सानिका ने गोल कर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। भारतीय टीम ने दक्षिण कोरियाई डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और पहले क्वार्टर में दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। इनमें 14वें मिनट का पेनल्टी कॉर्नर भी शामिल था, लेकिन भारत दोनों मौकों को गोल में नहीं बदल सका। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में भी भारत ने आक्रामक खेल जारी रखा और शुरुआती पांच मिनट के भीतर एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। शुरुआती प्रयास के बाद भारत को दोबारा पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन टीम इस मौके को भी गोल में नहीं बदल सकी। दक्षिण कोरिया ने इसके बाद दबाव बढ़ाया और बराबरी की तलाश में पांच मिनट के भीतर लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि, भारतीय डिफेंस मजबूती से डटा रहा और उसने कोरियाई हमले को बेअसर कर दिया। इसके बाद भारत ने फिर से खेल पर नियंत्रण हासिल किया और दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार भारतीय टीम ने शानदार रणनीति के साथ इसे अंजाम दिया। पूर्णिमा यादव ने 30वें मिनट में इस मूव को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी और टीम पहले हाफ तक इसी स्कोर के साथ रही। तीसरे क्वार्टर में दक्षिण कोरिया नए जोश के साथ मैदान पर उतरा और मुकाबले में वापसी का रास्ता तलाशने लगा। हालांकि भारतीय डिफेंस ने दबाव के बीच मजबूती दिखाई, जबकि भारतीय स्ट्राइकर जवाबी हमलों के जरिए लगातार खतरा पैदा करते रहे। तीसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में भारतीय टीम को लगातार कोशिशों का फल मिला। टीम ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और इस बार उसे सफलतापूर्वक गोल में बदल दिया। पूजा साहू ने गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। तीन गोल की बढ़त के साथ भारत ने एक और गोल की तलाश में अंतिम क्वार्टर में भी आक्रमण जारी रखा। क्वार्टर के सातवें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दक्षिण कोरियाई डिफेंस ने भारतीय हमले को अच्छी तरह रोक लिया। और भारतीय आक्रमण को आखिरकार 51वें मिनट में फल मिला जब मधु सिदार ने गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया। दक्षिण कोरिया ने अंतिम सीटी तक संघर्ष जारी रखा और मैच खत्म होने से सिर्फ चार मिनट पहले एक गोल दाग दिया। कोरिया को रणनीति में बदलाव का फायदा मिला और किल गैबिन ने 57वें मिनट में गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। भारत अब अपना अगला मैच रविवार को मलेशिया के खिलाफ खेलेगा।
BCCI अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और विदेशी परिस्थितियों में ढलने का समय चाहता है। खासतौर पर SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के टूर से पहले खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और फ्रेंडली मैच के लिए समय देने की योजना है। BCCI अपने FTP मैनेजर्स को इसी के अनुसार अगले FTP की योजना बनाने के निर्देश देगा। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार को भारतीय टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद यह जानकारी दी। 22-23 सितंबर को दुबई में होगी FTP वर्कशॉप 2027 से 2031 के इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल पर चर्चा के लिए 22 और 23 सितंबर को दुबई में वर्कशॉप होगी। इसमें सभी क्रिकेट बोर्ड की ऑपरेशंस टीमें हिस्सा लेंगी। BCCI भी अपनी टीम भेजेगा। वर्कशॉप में टॉप-8 एसोसिएट देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। सैकिया ने कहा, हमारे सामने चुनौती यह है कि साल में बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं। इसलिए अगले FTP में हम कुछ बदलाव और उपाय करेंगे। हमने अपने FTP से जुड़े लोगों को निर्देश दिया है कि ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाए, जिसमें खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले। SENA देशों में किसी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां की परिस्थितियों में ढलने का समय या फ्रेंडली मैच भी मिलें।” BCCI के FTP मैनेजर्स को मौजूदा बाइलैटरल सीरीज और ICC टूर्नामेंट्स के बीच शेड्यूल में खाली जगह बनानी होगी। हालांकि, अगले कुछ सालों में भारत का कार्यक्रम पहले से ही काफी व्यस्त है। 2028 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे भारत 2028 की शुरुआत में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट खेले जाएंगे। इसी साल के अंत में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। इसके बाद रिटर्न सीरीज होंगी। भारत के 2029 में इंग्लैंड दौरे और 2031 में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी का कार्यक्रम बनाया गया है। FTP में ICC टूर्नामेंट और WTC की भी व्यस्तता 2027-31 के FTP के दौरान कई बड़े ICC टूर्नामेंट भी होंगे। 2028 का टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी भारत और 2030 का टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में होगा। 2031 का वनडे वर्ल्ड कप भारत और बांग्लादेश में खेला जाएगा। इसके अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मुकाबले भी होंगे। भारत को इसके लिए साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज का दौरा करना पड़ सकता है, जबकि श्रीलंका और एक अन्य टीम की मेजबानी संभावित है। इन सभी शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त गैप बनाना BCCI के लिए बड़ी चुनौती होगी। बाइलैटरल सीरीज की जगह मल्टीलेटरल क्रिकेट पर जोर क्रिकबज के मुताबिक, अगले इंटरनेशनल कैलेंडर में मल्टीलेटरल मैचों की संख्या बढ़ सकती है।ट्राई सीरीज लगभग चलन से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। फिलहाल नामीबिया में मेजबान टीम, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 ट्राई सीरीज खेली जा रही है। 2019 वर्ल्ड कप के बाद से अब तक सिर्फ एक वनडे ट्राई सीरीज हुई है। इसमें न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान शामिल थे। यह सीरीज 2025 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले खेली गई थी। भारत ने 2011 के बाद चार ट्राई सीरीज खेलीं भारत ने 2011 वर्ल्ड कप के बाद से चार ट्राई सीरीज खेली हैं। 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी। 2013 में वेस्टइंडीज में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी, जबकि 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज में इंग्लैंड शामिल था। भारत की सबसे हालिया ट्राई सीरीज 2018 की निदहास ट्रॉफी थी, जिसमें बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल थे। फाइनल में दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। पहली तीन सीरीज वनडे थीं, जबकि निदहास ट्रॉफी टी-20 टूर्नामेंट थी।
BCCI अगले FTP में खिलाड़ियों के लिए गैप चाहता है:22-23 सितंबर को दुबई में 2027-31 शेड्यूल पर वर्कशॉप
BCCI अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और विदेशी परिस्थितियों में ढलने का समय चाहता है। खासतौर पर SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के टूर से पहले खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और फ्रेंडली मैच के लिए समय देने की योजना है। BCCI अपने FTP मैनेजर्स को इसी के अनुसार अगले FTP की योजना बनाने के निर्देश देगा। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार को भारतीय टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद यह जानकारी दी। 22-23 सितंबर को दुबई में होगी FTP वर्कशॉप 2027 से 2031 के इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल पर चर्चा के लिए 22 और 23 सितंबर को दुबई में वर्कशॉप होगी। इसमें सभी क्रिकेट बोर्ड की ऑपरेशंस टीमें हिस्सा लेंगी। BCCI भी अपनी टीम भेजेगा। वर्कशॉप में टॉप-8 एसोसिएट देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। सैकिया ने कहा, हमारे सामने चुनौती यह है कि साल में बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं। इसलिए अगले FTP में हम कुछ बदलाव और उपाय करेंगे। हमने अपने FTP से जुड़े लोगों को निर्देश दिया है कि ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाए, जिसमें खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले। SENA देशों में किसी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां की परिस्थितियों में ढलने का समय या फ्रेंडली मैच भी मिलें।” BCCI के FTP मैनेजर्स को मौजूदा बाइलैटरल सीरीज और ICC टूर्नामेंट्स के बीच शेड्यूल में खाली जगह बनानी होगी। हालांकि, अगले कुछ सालों में भारत का कार्यक्रम पहले से ही काफी व्यस्त है। 2028 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे भारत 2028 की शुरुआत में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट खेले जाएंगे। इसी साल के अंत में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। इसके बाद रिटर्न सीरीज होंगी। भारत के 2029 में इंग्लैंड दौरे और 2031 में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी का कार्यक्रम बनाया गया है। FTP में ICC टूर्नामेंट और WTC की भी व्यस्तता 2027-31 के FTP के दौरान कई बड़े ICC टूर्नामेंट भी होंगे। 2028 का टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी भारत और 2030 का टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में होगा। 2031 का वनडे वर्ल्ड कप भारत और बांग्लादेश में खेला जाएगा। इसके अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मुकाबले भी होंगे। भारत को इसके लिए साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज का दौरा करना पड़ सकता है, जबकि श्रीलंका और एक अन्य टीम की मेजबानी संभावित है। इन सभी शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त गैप बनाना BCCI के लिए बड़ी चुनौती होगी। बाइलैटरल सीरीज की जगह मल्टीलेटरल क्रिकेट पर जोर क्रिकबज के मुताबिक, अगले इंटरनेशनल कैलेंडर में मल्टीलेटरल मैचों की संख्या बढ़ सकती है।ट्राई सीरीज लगभग चलन से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। फिलहाल नामीबिया में मेजबान टीम, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 ट्राई सीरीज खेली जा रही है। 2019 वर्ल्ड कप के बाद से अब तक सिर्फ एक वनडे ट्राई सीरीज हुई है। इसमें न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान शामिल थे। यह सीरीज 2025 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले खेली गई थी। भारत ने 2011 के बाद चार ट्राई सीरीज खेलीं भारत ने 2011 वर्ल्ड कप के बाद से चार ट्राई सीरीज खेली हैं। 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी। 2013 में वेस्टइंडीज में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी, जबकि 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज में इंग्लैंड शामिल था। भारत की सबसे हालिया ट्राई सीरीज 2018 की निदहास ट्रॉफी थी, जिसमें बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल थे। फाइनल में दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। पहली तीन सीरीज वनडे थीं, जबकि निदहास ट्रॉफी टी-20 टूर्नामेंट थी।
इंग्लैंड के साउथैंप्टन में काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन-1 के मुकाबले में भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने शानदार गेंदबाजी की। वारविकशायर की ओर से खेल रहे सुथार ने हैम्पशायर की दोनों पारियों में कुल 7 विकेट लिए। उनकी टीम ने हैम्पशायर को पारी और 129 रन से हराया। हैम्पशायर ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, वारविकशायर ने पहली पारी में बनाए 398 रन मुकाबले की शुरुआत में हैम्पशायर के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, वारविकशायर के बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। वारविकशायर ने अपनी पहली पारी में मजबूत बल्लेबाजी करते हुए 398 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। वारविकशायर की ओर से सलामी बल्लेबाज रॉब येट्स ने बेहतरीन शतकीय पारी खेली। उन्होंने 208 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और 1 छक्के की मदद से 109 रन बनाए। उनके अलावा सैम हेन ने 90 रन, डैन मौसली ने 77 रन और काय स्मिथ ने 51 रन का अहम योगदान दिया। हैम्पशायर की ओर से गेंदबाजी करते हुए काइल एबोट ने पहली पारी में सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। पहली पारी में 115 रन पर सिमटी हैम्पशायर, मानव ने लिए 3 विकेट 398 रनों के जवाब में उतरी हैम्पशायर की पहली पारी भारतीय स्पिनर मानव सुथार और वारविकशायर के तेज गेंदबाजों के सामने ढह गई। पूरी टीम पहली पारी में महज 115 रनों पर ऑलआउट हो गई। हैम्पशायर के लिए टोबी एल्बर्ट ने सबसे ज्यादा 24 रन बनाए। वारविकशायर के लिए पहली पारी में मानव सुतार ने बेहद किफायती और खतरनाक गेंदबाजी करते हुए 16 ओवर में 42 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उनके साथी गेंदबाज इथान बांबर और ओलिवर हानन ने भी शानदार साथ निभाते हुए 3-3 विकेट अपने नाम किए। 283 रन की लीड मिलने पर मिला फॉलोऑन, दूसरी पारी में मानव ने चटकाए 4 विकेट पहली पारी के आधार पर वारविकशायर को 283 रनों की विशाल बढ़त मिली, जिसके बाद उन्होंने हैम्पशायर को फॉलोऑन खेलने के लिए मैदान पर उतारा। दूसरी पारी में भी हैम्पशायर के बल्लेबाज भारतीय स्पिनर के सामने असहाय नजर आए। हैम्पशायर की पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 154 रन बनाकर सिमट गई। दूसरी पारी में टीम के लिए जैक लेहमैन ने 42 रन, बेन मायेस ने 31 रन और टोबी एल्बर्ट ने 27 रन बनाए। दूसरी पारी में मानव सुथार की फिरकी का जादू एक बार फिर सिर चढ़कर बोला। उन्होंने 23.3 ओवर में 52 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके अलावा इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स और ओलिवर हानन को 2-2 सफलताएं मिलीं। दोनों पारियों को मिलाकर मानव ने 7 विकेट चटकाकर टीम की बड़ी जीत में मुख्य भूमिका निभाई।
यूएस ओपन: नवारो, टाउनसेंड, पेगुला, चौथे राउंड में नोस्कोवा
न्यूयॉर्क, एम्मा नवारो ने यूएस ओपन 2026 में बड़ा उलटफेर करते हुए सातवीं सीड कैरोलिना मुचोवा को हरा दिया।
पाकिस्तानी टेस्ट टीम के कार्यवाहक कोच का पद संभालने वाले माइक हेसन ने लॉर्ड्स टेस्ट के बाद बाहर स्क्वाड से बाहर किए गए 7 खिलाड़ियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अपना पल्ला साफतौर पर झाड़ लिया।
शिवसांगरी से हारीं अनाहत सिंह क्वार्टर: लंदन स्क्वैश क्लासिक
लंदन, भारत की अनाहत सिंह का लंदन स्क्वैश क्लासिक में सफर शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया।
एएचएफ जूनियर एशिया कप: भारतीय टीम ने इंडोनेशिया को 14-0 से हराया
भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 में अपने खिताब के बचाव की शानदार शुरुआत की।
पाकिस्तान के खिलाफ हरमन, मंधाना और शेफाली का प्रदर्शन
दुबई, महिला एशिया कप 2026 में शनिवार का दिन क्रिकेट फैंस के लिए बेहद रोमांचक होने वाला है।
Alcaraz US Open में गरजे, डिफेंडिंग चैंपियन ने Wu Yibing को सीधे सेटों में हराया
डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ ने चीन के वू यिबिंग को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-1 से हराकर US ओपन के चौथे राउंड में जगह बनाई। ATP वेबसाइट के अनुसार, दाहिनी कलाई की चोट से उबरने के बाद अप्रैल के बाद से अपने पहले टूर्नामेंट में खेल रहे अल्काराज़ ने ग्रैंड स्लैम इवेंट्स में अपनी जीत का सिलसिला 17 मैचों तक बढ़ा लिया है। स्पेन के इस खिलाड़ी को PIF ATP रैंकिंग में 113वें नंबर पर मौजूद वू से शुरुआती चुनौती का सामना करना पड़ा; दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक शॉट-मेकिंग वाले इस मुकाबले में ज़बरदस्त फोरहैंड दिखाए। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: आइची-नागोया में India का लक्ष्य, रिकॉर्ड Medals की नई ऊंचाई पर नजर शुरुआती सेट में वू ने अल्काराज़ की बराबरी की और उन पर दबाव बनाया, जिससे अल्काराज़ को पहले और दूसरे, दोनों सेट में मिली ब्रेक की बढ़त गंवानी पड़ी। हालांकि, दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी ने अहम मौकों पर अपना खेल बेहतर किया, मैच पर पकड़ बनाई और दो सेट की बढ़त हासिल कर ली। वू, जो 2023 में ATP सिंगल्स का खिताब जीतने वाले पहले चीनी खिलाड़ी बने थे, ने हार नहीं मानी और तीसरे सेट के शुरुआती गेम में दो ब्रेक-पॉइंट मौके बनाए। अल्काराज़ डटे रहे, दोनों मौकों को बचाया और फिर जीत पक्की कर ली। इसे भी पढ़ें: CM विजय का मास्टरस्ट्रोक: Chennai को मिलेगी Olympic City और F1 रेसिंग का नया हब! इस साल चोट के कारण फ्रेंच ओपन और विंबलडन में न खेल पाने वाले अल्काराज़ की हालिया सफलताओं में 2026 की शुरुआत में जीता गया ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब शामिल है। अब चौथे राउंड में उनका मुकाबला अमेरिकी टॉमी पॉल से होगा, क्योंकि वह अपने खिताब का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। पॉल ने एक कड़े मुकाबले में अलेक्जेंडर बुब्लिक को 6-4, 3-6, 6-7(4), 6-1, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। करियर में आमने-सामने के मुकाबलों में वह अल्काराज़ से 2-6 से पीछे हैं और चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र सक्रिय अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहे हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
इंटरनेट डेस्क। भारत महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। एक बार फिर दुनिया की नजर स्मृति मंधाना पर होंगी, जिनके अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10880 रन हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा हैं, बता दें कि आज भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होना है। स्मृति मंधाना ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 124 रनों की शतकीय पारी खेली थी। इससे उन्होंने ना केवल महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बल्कि सबसे ज्यादा शतक (18) का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। इसके अलावा भी उन्होंने उस शतकीय पारी के दौरान की सारे रिकॉर्ड बनाए थे। दरअसल स्मृति मंधाना महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में अभी दूसरे नंबर पर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ आज अगर वो 78 रन बनाती हैं तो इस लिस्ट में भी मंधाना सबसे आगे निकल जाएंगी। अभी अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स के नाम हैं, जिन्होंने 4758 रन बनाए। वहीं मंधाना अब तक 4681 रन बना चुकी हैं। pc- cricinfo.com

