फीफा अध्यक्ष पद से जियानी इन्फेंटिनो को हटाना बड़ी गलती होगी: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वर के बीच उन्हें पद से हटाती है, तो यह एक बड़ी गलती होगी।
अगस्त 2025 में डायमंड लीग जीतने वाली निकोला ओलिस्लेगर्स की बात सच साबित हुई कि ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स का सर्वश्रेष्ठ आना बाकी है। पेरिस ओलिंपिक 2024 में 7 मेडल जीतने के बाद अब 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा। एथलेटिक्स में लगातार तीसरी बार टॉप करते हुए उसने 12 गोल्ड समेत कुल 34 मेडल जीते। एक दिन में रिकॉर्ड 7 गोल्ड आए। विमंस माइल में क्लीन स्वीप; रोज डेविस का 5,000 व 10,000 मीटर में ऐतिहासिक गोल्ड; कर्टिस मार्शल की पोल वॉल्ट में हैट्रिक और मैथ्यू डेनी का डिस्कस थ्रो खिताब प्रमुख रहे। 100 मीटर में सिल्वर जीतने वाले लाचलान कैनेडी और 200 मीटर इतिहास के सबसे तेज टीनएजर (19.67 सेकंड) गाउट गाउट जैसे युवाओं ने कमाल किया। अनुभवी और युवा टैलेंट का यह शानदार प्रदर्शन साबित करता है कि ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स अपने स्वर्णिम युग में पहुंच चुका है। 1. एक खेल का बंधन नहीं, इससे विकल्प भरपूर क्रिकेट, रग्बी और स्विमिंग के लिए मशहूर ऑस्ट्रेलिया एथलेटिक्स में इतना सफल कैसे हुआ? इसकी एक बड़ी वजह है- बच्चों को कम उम्र में किसी एक खेल तक सीमित न करना है। 200 मीटर धावक एडेन मर्फी ने सॉकर, वॉटर पोलो और बीएमएक्स जैसे खेल खेले और 14-15 साल की उम्र में एथलेटिक्स चुना। इससे बच्चों पर कम उम्र में प्रदर्शन का दबाव नहीं पड़ता। लाचलान कैनेडी ने रग्बी, स्टुअर्ट मैकस्वेन ने क्रिकेट-टेनिस और जेस हल ने सॉकर से शुरुआत की थी। बाद में इन खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स को अपना करियर बनाया। 2. लिटिल एथलेटिक्स - दौड़ने-कूदने की भी ट्रेनिंग ‘लिटिल एथलेटिक्स’ प्रोग्राम उसकी सफलता की नींव है। 1960 के दशक में शुरू हुआ यह ग्रासरूट प्रोग्राम सितंबर से अप्रैल तक गर्मियों में चलता है। इसमें बच्चों को दौड़ने, कूदने और थ्रो की बुनियादी स्किल्स सिखाई जाती हैं। ओलिस्लेगर्स और नीना कैनेडी जैसे चैम्पियंस ने भी इसी प्रोग्राम से शुरुआत की। युवा एथलीट्स को भी जल्द सीनियर लेवल पर धकेलने के बजाय लंबे करियर के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका असर स्प्रिंट्स में भी दिखा है। ऑस्ट्रेलिया ने ओलिंपिक चैम्पियन कनाडा को हराकर 4x100 मीटर रिले का कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता। 3. यूरोप में ट्रेनिंग सेंटर, अमेरिका में भी प्रतिस्पर्धा मजबूत घरेलू सिस्टम के साथ ऑस्ट्रेलिया एथलीट्स को इंटरनेशनल एक्सपोजर भी दे रहा है। उत्तरी इटली में उसका यूरोपियन ट्रेनिंग सेंटर है, जो मई से सितंबर तक यूरोपियन सर्किट में हिस्सा लेने वाले एथलीट्स के लिए दूसरे घर की तरह काम करता है। इसके अलावा हाल के वर्षों में कई ऑस्ट्रेलियाई एथलीट्स ने अमेरिकी कॉलेज सिस्टम का रुख किया है। ओली होरे, जेस हल और एडम स्पेंसर इसके उदाहरण हैं। अमेरिका में उन्हें लगातार हाई लेवल कॉम्पिटिशन मिला, जिससे वे ग्लोबल एथलीट्स के तौर पर विकसित हुए। 4. कॉमनवेल्थ को लेकर गंभीर, ओलिंपिक पर नजर ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ गेम्स को ओलिंपिक चक्र के बीच अहम पड़ाव मानता है। इस बार सभी खेलों में 68 गोल्ड जीतकर ओवरऑल दबदबा बनाया। एथलेटिक्स ऑस्ट्रेलिया की नजर अब ब्रिस्बेन 2032 ओलिंपिक पर है। पेरिस ओलिंपिक के बाद एथलेटिक्स में फंडिंग बढ़ाई गई है। नया मंत्र है- ‘जीतने के बाद भी जीतते रहना।’ मजबूत ग्रासरूट सिस्टम, बेहतर कोचिंग, विदेशी ट्रेनिंग और प्रतिभाओं की बड़ी फौज ने ऑस्ट्रेलिया को एथलेटिक्स के टॉप देशों में पहुंचा दिया है। अब उसका लक्ष्य इस दबदबे को ब्रिस्बेन ओलिंपिक तक कायम रखना है।
वैभव सूर्यवंशी ने डोमेस्टिक रेड-बॉल टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी की तैयारी शुरू कर दी है। वे अपनी IPL टीम राजस्थान रॉयल्स के कैंप में ट्रेनिंग कर रहे हैं। मंगलवार को वैभव ने इंस्टाग्राम पर प्रैक्टिस का वीडियो शेयर किया। वीडियो में वे बॉल छोड़ने और डिफेंस की प्रैक्टिस करते नजर आए। इसके साथ उन्होंने अटैकिंग शॉट्स पर भी काम किया। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने सिर्फ प्रिपरेशन लिखा। 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले वैभव 23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से खेलेंगे। उन्हें टीम का वाइस-कैप्टन बनाया गया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन टीम की कप्तानी करेंगे। नागपूर में ट्रेनिंग कर रहे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज खत्म होने के बाद वैभव ने तेजी से अपना फोकस रेड-बॉल क्रिकेट पर शिफ्ट किया है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फिलहाल नागपुर में राजस्थान रॉयल्स के परफॉर्मेंस सेंटर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स ने अपने खिलाड़ियों के लिए 10 दिन का ट्रेनिंग कैंप लगाया है। इस कैंप में वैभव के अलावा तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, शुभम दुबे, रवि सिंह और सुशांत मिश्रा भी शामिल हैं। इनमें वैभव और तुषार देशपांडे दलीप ट्रॉफी में खेलेंगे। तुषार वेस्ट जोन की टीम का हिस्सा होंगे। ईस्ट जोन की पूरी टीम ईशान किशन (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप घरामी, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, शाहबाज अहमद, सूरज जायसवाल, विराट सिंह, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, सुब्रांशु सेनापति, अभिजीत सरकार, अनुकूल रॉय और डेनिश दास। जिम्बाब्वे दौरे पर 151 रन बनाए, प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे वैभव का हालिया जिम्बाब्वे दौरा शानदार रहा। उन्होंने टी-20 सीरीज की 3 पारियों में 151 रन बनाए। उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 196.10 रहा। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए। उनकी सबसे बड़ी पारी 81 रन की रही। वैभव ने 15 साल 121 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीतकर रिकॉर्ड बनाया। वे इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। भारत के लिए 6 टी-20 में 193 रन वैभव अब तक भारत के लिए 6 टी-20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं। इनमें उन्होंने 193 रन बनाए हैं। उनका औसत 32.16 और स्ट्राइक रेट 189.21 है। उनके नाम दो अर्धशतक हैं। इंग्लैंड दौरा उनके लिए जिम्बाब्वे की तुलना में मुश्किल रहा था। उन्होंने वहां तीन पारियां खेलीं, लेकिन एक बार भी 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके। भारत ने यह सीरीज 4-1 से गंवाई थी। 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू, सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया। इसके साथ ही वे भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। वैभव ने पुरुष क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और महिला क्रिकेट में शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। सचिन ने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू 16 साल 205 दिन की उम्र में किया था, जबकि शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था। IPL 2026 में 776 रन, 5 बड़े अवॉर्ड जीते वैभव ने IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप मिली। इसके अलावा उन्होंने मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर और सुपर सिक्सेज के अवॉर्ड भी जीते। अंडर-19 वर्ल्ड कप में 439 रन, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट IPL से पहले भी वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 439 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। वर्ल्ड कप फाइनल में भी वैभव ने रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की पारी खेली और अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाए थे। --------------------स्पोर्ट्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…क्यों वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पा रही वेस्टइंडीज, जानिए 5 कारण 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज वनडे वर्ल्डकप 2027 के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी है। सोमवार को अफगानिस्तान की टीम से उसका क्वालिफायर खेलना तय हो गया है। टीम ICC वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर है। उसे कट ऑफ डेट से पहले इंडिया के खिलाफ दो मैच खेलने हैं। लेकिन इन्हें जीतकर भी टीम टॉप-8 में नहीं आ सकेगी। पढ़ें पूरी खबर 2027 वनडे वर्ल्डकप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज; ICC पर अपमान का आरोप 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने ICC पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
Harmanpreet Singh विश्व कप में भारत के ट्रंपकार्ड होंगे, पूर्व दिग्गज Jugraj Singh का बयान
(मोना पार्थसारथी)नयी दिल्ली, 11 अगस्त भारत के महानतम ड्रैग फ्लिकरों में शुमार जुगराज सिंह के सुनहरे सफर पर 2003 में एक कार दुर्घटना ने विराम लगा दिया था लेकिन उन्हें हरमनप्रीत सिंह में अपना अक्स नजर आता है और उनका मानना है कि भारतीय कप्तान इस सप्ताह शुरू हो रहे विश्व कप में टीम के ‘ट्रंपकार्ड’ साबित होंगे। जुगराज ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ इस समय विश्व के शीर्ष तीन ड्रैग फ्लिकर में से एक हरमनप्रीत हैं। वह तोक्यो ओलंपिक के समय से ही शानदार खेल रहा है। टीम की जरूरत के समय लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी ही ‘ट्रंपकार्ड’ होता है और मुझे लगता है कि वह हरमनप्रीत होगा। उसकी फिटनेस भी अच्छी है।’’होबर्ट में 2001 जूनियर विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के नायक रहे जुगराज उस दौर में पाकिस्तान के सोहेल अब्बास और जर्मनी के फ्लोरियन कुंज की टक्कर के ड्रैग फ्लिकर माने जाते थे। लेकिन जालंधर के पास 2003 में हुई कार दुर्घटना ने उनके सफर पर विराम लगा दिया था। हरमनप्रीत की ही तरह सुरजीत हॉकी अकादमी से ही निकले जुगराज ने कहा ,‘‘उसका स्टाइल हूबहू मेरे जैसा है। उसका खेलने का तरीका और आक्रामकता मुझे अपनी याद दिलाता है। उसमे मुझे अपना अक्स नजर आता है। मैं बोलता भी हूं कि खेल तू रहा होता है और मुझे लगता है कि मैं मैदान पर हूं।’’उन्होंने बताया कि हर टूर्नामेंट या शिविर के बाद हरमनप्रीत से उनकी बात या मुलाकात होती है और वे उसके खेल को बारीकी से देखकर सलाह भी देते हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ हम बाहर से बैठकर उसकी बहुत सारी चीजें नोट कर सकते हैं और उसे मार्गदर्शन दे सकते हैं। निश्चित तौर पर कोचिंग स्टाफ भी यह कर रहा होगा लेकिन मैने हरमन के साथ काफी लंबा समय काम किया है।’’गुरदासपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात 43 वर्ष के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा ,‘‘जब हम टीवी पर स्लो मोशन में देखते हैं तो रशर और गोलकीपर की मूवमेंट नजर आ जाती है। अगर ये सारी चीजें खिलाड़ी के साथ साझा करते हैं तो उसे फायदा मिलता है। वह हमेशा कहता भी है जो भी आपको कमी नजर आती है , मुझे बताया करो।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह भी उसकी खासियत है कि वह हमेशा सीखने को लालायित रहता है और मार्गदर्शन लेना चाहता है। ओलंपिक के दो पदक, उसकी कप्तानी में एक पदक जीतने के बाद भी उसके पैर जमीन पर हैं। उसके पास जो कौशल है, ऐसा खिलाड़ी बरसों में एक बार आता है।’जुगराज ने यह भी कहा कि सिर्फ ड्रैग फ्लिकर होना काफी नहीं है बल्कि आज की हॉकी में लगातार कुछ नया करते रहना और मैदान पर समग्र प्रदर्शन मायने रखता है। उन्होंने कहा ,‘‘आज की हॉकी में सिर्फ एक ड्रैग फ्लिकर होना अहम नहीं है। आपका कौशल, गोल करने में आप कितनी सहायता कर पा रहे हैं और बाकी खिलाड़ियों से तालमेल कैसा है , यह अहम है। हॉकी टीम का खेल है तो साथी खिलाड़ी भी उसका पूरा साथ देते हैं। टीम की बांडिंग इस बार जबर्दस्त दिख रही है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हॉकी में आधुनिक तकनीक इतनी आ गई है कि मार्गदर्शन बहुत जरूरी है। हर टीम का ध्यान हरमन पर रहेगा और उसके खेल का पूरा वीडियो विश्लेषण किया होगा। ऐसे में उसे कुछ नया करना होगा ताकि विरोधी टीमों को हैरान कर सके।’’यह पूछने पर कि विश्व कप के लिये क्या टिप्स दिये हैं, जुगराज ने कहा कि पुशर, स्टॉपर और फ्लिकर के तालमेल से ही गोल बनता है और इसी पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं तो हमेशा टिप्स देता रहता हूं। फ्लिकर के लिये बॉल पुशर सबसे अहम है। उसने अच्छा गेंद डाल दिया और स्टॉपर ने सही परफॉर्म कर दिया तो गोल को कोई नहीं रोक सकता। तीनों का अच्छा प्लान होना चाहिये। इसके अलावा दूसरे फ्लिकर्स की भी भूमिका अहम होगी क्योंकि सरप्राइज एलिमेंट भी जरूरी है।’’जुगराज को यकीन है कि यह टीम 51 साल बाद विश्व कप में पोडियम पर रहने में सक्षम है। उन्होंने कहा ,‘‘मेरी हरमन से यही बात हुई थी कि तुमने हमें ओलंपिक का पदक दिला दिया, राष्ट्रमंडल, एशियाड , एशिया कप सारे पदक हैं। सिर्फ विश्व कप का पदक नहीं है और हम यही उम्मीद करते हैं कि इस बार यह कमी पूरी हो जायेगी। इस टीम की तैयारी अच्छी है और बांडिंग दिख रही है लिहाजा यह टीम पूरी तरह से सक्षम है कि 50 साल का इंतजार खत्म कर दे।
राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में राजवंश पब्लिक स्कूल की सान्वी ने जीता रजत पदक
5वीं राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता 2026 में राजवंश पब्लिक स्कूल की नन्हीं खिलाड़ी सान्वी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।....
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर की प्रतियोगिता सिंकफील्ड कप के पहले दौर में अपने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी सैमुअल सेवियन के साथ आसान ड्रॉ खेला। इस वर्ष के टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त फैबियानो कारुआना 10 खिलाड़ियों के नौ दौर की इस प्रतियोगिता के पहले दौर में जीत हासिल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे जिससे उन्होंने शुरुआती बढ़त बना ली है। उन्होंने नीदरलैंड के जॉर्डन वैन फोरस्ट को हराया। विश्व चैम्पियनशिप के दावेदार उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने आर्मेनियाई मूल के अमेरिकी खिलाड़ी लेवोन अरोनियन के साथ अंक साझा किए, जबकि जर्मनी के विन्सेंट कीमर ने अमेरिका के वेस्ली सो से बाजी ड्रॉ खेली। नीदरलैंड के अनीश गिरी ने भी फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के साथ ड्रॉ खेला।प्रज्ञाननंदा के लिए यह एक अच्छी शुरुआत रही, क्योंकि उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए सेवियन के खिलाफ कोई गलती नहीं की। प्रज्ञाननंदा को बाजी ड्रॉ कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई क्योंकि अमेरिकी खिलाड़ी ने भी जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। दोनों खिलाड़ी 48 चाल के बाद अंक बांटने पर सहमत हो गए।कारुआना ने फोरस्ट को 55 चाल में हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अब तक इस टूर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी क्यों हैं। उन्होंने अंतिम क्षणों में फोरस्ट की गलती का फायदा उठाकर पूरे अंक हासिल किये।
PC: navarashtra दो साल तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद सरफराज खान की वापसी की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। लोगों को लग सकता है कि रणजी ट्रॉफी में उनकी डबल सेंचुरी और 15-17 kg वज़न कम करने से उन्हें श्रीलंका दौरे पर जगह मिली। लेकिन तस्वीर उतनी साफ़ नहीं है, जितनी दिख रही है। सरफराज खान को श्रीलंका पहुंचने तक भी इंडियन टीम में शामिल नहीं किया गया था। तो आखिर हुआ क्या था और सरफराज खान का सिलेक्शन कैसे हुआ? पिछले दो साल से टीम से बाहर रहने के बाद भी सरफराज का नाम कैसे आगे आया? आइए आज इस आर्टिकल में इसकी इनसाइड स्टोरी जानते हैं। सरफराज खान का दो खिलाड़ियों से कॉम्पिटिशन दरअसल, सरफराज खान की टीम इंडिया में वापसी सिर्फ उनकी मेहनत पर ही नहीं, बल्कि किस्मत पर भी डिपेंड करती थी। आखिर में, इस दाएं हाथ के बैट्समैन की किस्मत ने उनका साथ दिया। जब साई सुदर्शन तय समय में दाएं पैर की उंगली की चोट से उबर नहीं पाए, तो सिलेक्शन कमिटी के पास उनकी जगह भरने के लिए तीन ऑप्शन थे। मौजूदा टीम में कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत के अलावा ऋतुराज गायकवाड़, शेख राशिद और सरफराज खान स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ खेलने में सबसे माहिर हैं। हालांकि, सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है। क्या जुरेल की कमजोरी सरफराज की वापसी का एक कारण है? ध्रुव जुरेल हाल के दिनों में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, इसलिए यह पक्का नहीं है कि उत्तर प्रदेश के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज को 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर मौका दिया जाएगा या नहीं। जुरेल पिछले महीने इंडिया 'A' टीम के कप्तान के तौर पर श्रीलंका दौरे पर गए थे और उन्होंने दो 'A' टेस्ट मैचों में एक सेंचुरी और एक हाफ सेंचुरी बनाई थी। क्या सरफराज प्लेइंग XI में जगह बना पाएंगे? रविवार को खत्म हुए वार्म-अप मैच में ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ उनकी कमजोरी एक बार फिर सामने आई। इसलिए, सरफराज पहले टेस्ट के लिए प्लेइंग XI में जगह बना सकते हैं, क्योंकि उनके पास कन्वेंशनल और रिवर्स स्वीप समेत कई तरह के स्ट्रोक हैं। उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसलिए, फैंस अब उम्मीद करते हैं कि भारतीय टीम और कप्तान सरफराज का सही इस्तेमाल करेंगे और उन्हें खिलाएंगे। भारत टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट-कीपर), ध्रुव जुरेल (विकेट-कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान
आशुतोष शर्मा को लगा तगड़ा झटका, चोट के कारण इंग्लैंड में वन-डे कप मैच से हुए बाहर
आशुतोष शर्मा चोटिल हो गए हैं। इससे इंग्लैंड में उनके अभियान को तगड़ा झटका लगा है। आशुतोष अब हैम्पशायर के लिए 11 अगस्त को डर्बीशायर के खिलाफ मुकाबला नहीं खेल पाएंगे।
PC: navarashtra टीम इंडिया इस समय श्रीलंका में दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ पर है। टेस्ट सीरीज़ का पहला मैच 15 अगस्त को गॉल में खेला जाएगा। इस सीरीज़ में शुभमन गिल टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे। कप्तान गिल के लिए इस सीरीज़ में एक नई चुनौती होगी। यह श्रीलंका में उनका पहला टेस्ट मैच होगा। उन्होंने इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। श्रीलंका सीरीज़ से पहले, हम आपको कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के प्रदर्शन के बारे में बताएंगे। टेस्ट मैचों में कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का प्रदर्शन कैसा है? शुभमन गिल ने अब तक कुल नौ टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। इस दौरान टीम इंडिया ने पांच मैच जीते हैं और तीन हारे हैं। एक मैच ड्रॉ रहा। टीम इंडिया ने अपना आखिरी टेस्ट मैच इसी साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। उस मैच में टीम इंडिया ने एक पारी और 300 रन से जीत हासिल की थी। गिल ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी। बल्लेबाजी का प्रदर्शन भी शानदार रहा है कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का बल्लेबाजी प्रदर्शन असाधारण रहा है। उन्होंने अब तक नौ टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 15 पारियों में 82.76 की औसत से 1076 रन बनाए हैं। उन्होंने छह शतक और एक अर्धशतक बनाया है। कुल मिलाकर, उन्होंने 41 टेस्ट मैच खेले हैं और 44.31 की औसत से 2969 रन बनाए हैं। गिल ने 11 शतक और आठ अर्धशतक बनाए हैं। उनका उच्चतम टेस्ट स्कोर 269 है। शुभमन गिल प्रैक्टिस मैच से पहले चोटिल हो गए थे श्रीलंका सीरीज की बात करें तो, शुभमन गिल प्रैक्टिस मैच से पहले अपनी उंगली में चोट लगा बैठे थे। इस चोट के कारण, वह प्रैक्टिस मैच के पहले दिन मैदान से गायब थे और पहली पारी में बल्लेबाजी करने नहीं उतरे थे। गिल भारत की दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरे और 54 गेंदों में 44 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके लगाए। इस प्रैक्टिस मैच में, टीम इंडिया ने श्रीलंका XI को छह विकेट से हराया।
किस चैनल पर आएंगे भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट मैच, जियो हॉट स्टार को तो भूल जाइए
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगा। इ सीरीज के मैच आप स्टार स्पोर्ट्स और जियो हॉट स्टार पर नहीं देख पाएंगे। तो मैच का लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग कहां होगी, ये अभी से जान लीजिए।
Nepal team: कभी रेप का आरोप लगा था इस खिलाड़ी पर, आज बना वनडे टीम का कप्तान
इंटरनेट डेस्क। नेपाल क्रिकेट में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। सोमवार को क्रिकेट बोर्ड ने एसीसी प्रीमियर लीग के लिए 14 सदस्यीय टीम का एलान किया, जिसमें सबसे बड़ा बदलाव कप्तान के रूप में हुआ। 26 साल के स्पिनर संदीप लामिछाने को वनडे टीम का नया कप्तान बना दिया गया। उन्होंने रोहित पौडेल को रिप्लेस किया। बता दें कि रोहित 2022 से फॉर्मेट में टीम की कमान संभाल रहे थे। यह वही संदीप लामिछाने हैं, जिन पर कभी रेप का आरोप लगा था, दिसंबर 2023 में नेपाल की एक निचली अदालत ने संदीप को रेप केस में दोषी करार दिया था, जनवरी 2024 में नेपाली क्रिकेटर को 8 साल की सजा भी सुनाई गई थी, इसके बाद नेपाल क्रिकेट ने संदीप को इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से निलंबित कर दिया था। मई 2024 में नेपाल की पाटन हाई कोर्ट ने संदीप लामिछाने को बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया था। इसके साथ ही नेपाल क्रिकेट बोर्ड ने भी उन पर लगाया गया निलंबन हटा लिया था। इस तरह एक बार फिर उनकी क्रिकेट में वापसी हुई और अब दोबारा टीम के कप्तान बन गए हैं। pc- .facebook.com
सिंकफील्ड कप: आर. प्रज्ञानंदा ने सेवियन के खिलाफ आसान ड्रॉ के साथ अभियान शुरू किया
ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा ने ग्रैंड चेस टूर के आखिरी से पहले इवेंट के शुरुआती राउंड में अपने अमेरिकी साथी सैमुअल सेवियन के खिलाफ आसान ड्रॉ के साथ अपने सिंकफील्ड कप कैंपेन की शुरुआत की।
अभिनव बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में जीते ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की 18वीं वर्षगांठ पर उस उपलब्धि को अपने खेल जीवन की सबसे बड़ी ऊंचाई बताया।
जेसन रॉय बने नई T20 लीग का हिस्सा, ETPL की टीम ग्लासगो कॉस्मिक से जुड़े
यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग यानी ETPL को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ETPL में एक और धाकड़ खिलाड़ी की एंट्री हो गई है। ये खिलाड़ी हैं सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय।
इंटरनेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी मिली है। खबरों के अनुसार, कुरियर से भेजे गए धमकी भरे पत्र में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव समेत उनकी पत्नी डोना गांगुली और उनके स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी गई है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो इस संबंध में भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गांगुली के परिवार ने कोलकाता के ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, सोमवार को बंगाल क्रिकेट संघ के ऑफिस में एक कूरियर पैकेट पहुंचा। इसमें अंग्रेजी में लिखे दो लेटर मिले। इनमें बेहद आक्रामक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। आपको बता दें कि पूर्व सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली के परिवार को इस तरह के पत्र पिछले छह महीने से लगातार मिल रहे थे। सौरव गांगुली की गितनी देश के दिग्गज क्रिकेटरों में होती है। उन्होंने अपने शानदार खेल के दम पर अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम दर्ज करवाई है। pc- opinionexpress.in
बांग्लादेश की निकल गई सारी हेकड़ी, भारतीय टीम के दौरे को लेकर व्याकुल है बोर्ड
भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में सीरीज होनी है, लेकिन अभी तक इसको लेकर कुछ भी पक्का नहीं है। इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस दौरे को लेकर काफी फंसा हुआ है, वो सब कुछ करने के लिए तैयार सा नजर आ रहा है।
पीवी सिंधू ने दिल्ली में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के दौरान बंदरों को दूर रखने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने के इंतजाम को यूनिकली इंडियन बताते हुए तैयारियों की सराहना की।
संन्यास के बाद सचिन तेंदुलकर का आया था पहला फोन, अजिंक्य रहाणे का बड़ा खुलासा
भारत के पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास के बाद महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ हुई बातचीत का खुलासा किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफाअध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें हटाना फीफा की बहुत बड़ी गलती होगी।
Tiger Shroff Durand Cup मैच में नहीं खेलेंगे, काम की प्रतिबद्धता बनी वजह
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ मंगलवार को शिलांग में मेघालय की टीम नोंगकेश एसएस एवं सीसी के खिलाफ डूरंड कप के ग्रुप मुकाबले में मुंबई एफसी की ओर से नहीं खेलेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में काम से जुड़ी प्रतिबद्धता को कारण वह शिलांग नहीं जा पायेंगे। टाइगर को डूरंड कप के लिए मुंबई एफसी की टीम में शामिल किया गया था। वह हालांकि ग्रुप ई के शुरुआती दोनों मुकाबलों में मैदान पर नहीं उतरे। मुंबई एफसी को दोनों मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा। टीम को मेघालय की ही एक अन्य टीम लैंग्सनिंग ने 5-0 से हराया, जबकि शिलांग लाजोंग के खिलाफ भी उसे इसी अंतर से शिकस्त मिली। इन दो हार के बाद मुंबई एफसी टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। क्लब के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर साझा किए गए एक वीडियो में टाइगर ने कहा, “यह वास्तव में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन अंतिम समय में काम से जुड़ी एक प्रतिबद्धता सामने आ गई है। इसलिए मैं डूरंड कप के लिए शिलांग नहीं आ पाऊंगा।”उन्होंने कहा, “मैं अपनी टीम मुंबई एफसी के लिए खेलने को लेकर वास्तव में काफी उत्साहित था, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पाएगा। वहां मौजूद सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं। टूर्नामेंट शानदार रहा है। मुंबई एफसी को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। लड़कों, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो।”टाइगर ने 2024 में मुंबई एफसी के लिए पदार्पण किया था। वर्ष 2024 में स्थापित मुंबई एफसी मुंबई प्रीमियर लीग और आई-लीग 3 में खेलती है, जो देश के घरेलू फुटबॉल ढांचे की चौथी श्रेणी है।
Sitanshu Kotak ने श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच को तैयारियों के लिए अहम बताया
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक का मानना है कि श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ खेला गया अभ्यास मैच टीम की तैयारियों के लिहाज से नियमित अभ्यास से कहीं अधिक उपयोगी साबित हुआ। भारत ने इस मुकाबले में छह विकेट से जीत दर्ज की। कोलंबो के ‘नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान’ पर खेले गए अभ्यास मैच में भारत ने 207 रन के लक्ष्य को चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत ने इस मुकाबले से 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता किया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए वीडियो में कोटक ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह अभ्यास मैच बहुत अच्छा और बेहद उपयोगी रहा। अगर आप चार दिन और अभ्यास करते तो भी मुझे नहीं लगता कि उसका उतना फायदा होता, जितना इस अभ्यास मैच से हुआ।’’उन्होंने कहा, ‘‘ गेंदबाजों ने अच्छी गति और लाइन-लेथ के साथ गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को भी मैच जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का मौका मिला। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि गेंदबाजों को बल्लेबाजी का अवसर मिले और सभी गेंदबाजों को अपनी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त गेंदबाजी भार मिल सके।’’कोटक के अनुसार, कुल मिलाकर यह अभ्यास बेहद प्रभावी रहा। कोटक ने पहली पारी में तेजतर्रार 38 रन बनाकर नाबाद रहने वाले गुरनूर बराड़ और पारी के अंत में चार छक्के जड़ने वाले मोहम्मद सिराज की बल्लेबाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “गुरनूर और सिराज के छक्के निश्चित रूप से खास रहे, लेकिन मुझे लगता है कि देवदत्त पडिक्कल ने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। गुरनूर ने जिस तरह गेंदबाजी की और हमारे तेज गेंदबाजों ने ऐसी पिच पर काफी मेहनत की, जहां गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं थी, वह भी सराहनीय रहा।’’कोटक ने कहा, ‘‘यह कुल मिलाकर बहुत अच्छा अभ्यास मैच था, लेकिन मेरे लिए देवदत्त पडिक्कल की नाबाद 142 रन की पारी भी बेहद प्रभावशाली रही।
सौरव गांगुली को फिर मिली जान से मारने की धमकी, 6 महीने से आ रहे थे लेटर
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गांगुली की ओर से दक्षिण कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कथित धमकी भरे पत्रों का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब छह महीनों से गांगुली के नाम पर इस तरह के पत्र आ रहे थे।
अफगानिस्तान ने तीसरे वनडे में आयरलैंड को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। बेलफास्ट में सोमवार को अफगानिस्तान ने गेंदबाजी चुनी। उसने आयरलैंड को 46.3 ओवर में 206 रन पर ऑलआउट कर दिया। फिर 44.5 ओवर में 7 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। राशिद खान ने नाबाद 37 रन की पारी खेली। उन्होंने 3 विकेट भी झटके। राशिद और यामिन ने जीत दिलाई अफगानिस्तान ने एक समय 176 रन पर 7 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद राशिद खान ने नाबाद 37 रन बनाए। उन्होंने 43 गेंदों की पारी में 4 चौके लगाए। राशिद ने यामिन अहमदजई के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई। यामिन अहमदजई 26 गेंदों पर 4 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने अफगानिस्तान को 44.5 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचा दिया। अफगानिस्तान कैसे क्वालिफाई हुआ अफगानिस्तान इस समय वनडे रैंकिंग में 8वें नंबर पर है। उसने आयरलैंड पर लगातार दूसरी जीत हासिल की है। इसके सहारे टीम 30 सितंबर 2026 तक वनडे रैंकिंग में खुद को टॉप-8 में कायम रख सकेगी। जोकि वनडे वर्ल्डकप क्वालिफिकेशन की कटऑफ डेट है। वेस्टइंडीज का वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलना तय अफगानिस्तान के क्वालिफिकेशन से वेस्टइंडीज का क्वालिफायर खेलना तय हो गया है। उसे भारत के खिलाफ 2 वनडे खेलने है, लेकिन ये मैच जीतकर भी विंडीज वनडे रैंकिंग के टॉप-8 में नहीं पहुंच सकेगी। टीम वर्तमान में नंबर-10 पर है। 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। यह अफगानिस्तान का वनडे वर्ल्ड कप में चौथा प्रदर्शन होगा। ----------------------------------------------- 2027 वनडे वर्ल्ड कप से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… क्यों वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पा रही वेस्टइंडीज, जानिए 5 कारण 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज वनडे वर्ल्डकप 2027 के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी है। सोमवार को अफगानिस्तान की टीम से उसका क्वालिफायर खेलना तय हो गया है। टीम ICC वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर है। उसे कट ऑफ डेट से पहले इंडिया के खिलाफ दो मैच खेलने हैं। लेकिन इन्हें जीतकर भी टीम टॉप-8 में नहीं आ सकेगी। पढ़ें पूरी खबर 2027 वनडे वर्ल्डकप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज; ICC पर अपमान का आरोप 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने ICC पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
अफगानिस्तान ने ODI World Cup 2027 के लिए किया क्वालीफाई, रोमांचक मुकाबले में आयरलैंड को हराया
आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच तीसरा वनडे मैच बेलफास्ट में खेला गया। पहले बल्लेबाज करते हुए आयरलैंड की टीम 46.3 ओवर में 206 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
सौरव गांगुली और उनके परिवार को मिली जान से मारने की धमकी, लेटर में लिखा- 'तुम्हें खत्म कर देंगे'
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को जान से मारने की धमकी मिली है। इस धमकी के बाद गांगुली परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Lionel Messi को चैंपियन बनाने वाले पिता Jorge Messi का निधन, दिग्गज Rafael Nadal ने जताया गहरा शोक
लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी के निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर है। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर के परिवार के प्रति दुनिया भर के खिलाड़ियों और खेल हस्तियों ने संवेदना जताई है। टेनिस के दिग्गज राफेल नडाल ने भी मेसी के दुख में उनका साथ देते हुए भावुक संदेश लिखा है। जॉर्ज मेसी का शुक्रवार को अर्जेंटीना के रोसारियो में 68 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ है। राफेल नडाल ने सोशल मीडिया के जरिए लियोनेल मेसी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। नडाल ने कहा कि वह इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि मेसी इस समय किस दर्द से गुजर रहे होंगे। उन्होंने मेसी और उनके पूरे परिवार के लिए अपना प्यार और संवेदनाएं भेजीं और जॉर्ज मेसी की आत्मा की शांति की कामना की है। गौरतलब है कि नडाल और मेसी के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान और प्रशंसा का रिश्ता रहा है। स्पेन के मयोर्का में पले-बढ़े नडाल को बचपन से ही फुटबॉल का काफी शौक रहा है। उनके चाचा मिगेल एंजेल नडाल बार्सिलोना और स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुके हैं। नडाल खुद भी एक समय फुटबॉल और टेनिस के बीच आगे बढ़ने को लेकर सोचते थे, लेकिन बाद में उन्होंने टेनिस को अपना करियर बनाया। मेसी के पिता को श्रद्धांजलि देने वालों में उनके क्लब इंटर मियामी और अर्जेंटीना के साथी खिलाड़ी रोड्रिगो डी पॉल भी शामिल रहे। मेसी की गैरमौजूदगी में इंटर मियामी के एक मुकाबले के दौरान डी पॉल ने ऐसा भावुक इशारा किया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। मेसी उस समय अपने पिता के निधन के बाद परिवार के साथ अर्जेंटीना में थे। मोंटेरे के खिलाफ मुकाबले में डी पॉल ने लंबी दूरी से शानदार गोल किया। गोल के बाद उन्होंने अपनी इंटर मियामी की जर्सी उतारी, जिसके नीचे मेसी की मशहूर 10 नंबर वाली अर्जेंटीना की जर्सी दिखाई दी। यह उनके दोस्त और टीम साथी के प्रति सम्मान और समर्थन का बेहद भावुक तरीका था। बता दें कि रोड्रिगो डी पॉल और मेसी लंबे समय से अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम में साथ खेलते रहे हैं। दोनों ने 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 2026 विश्व कप में भी एक साथ टीम का हिस्सा रहे हैं। जॉर्ज मेसी का लियोनेल मेसी के जीवन और करियर में बेहद खास स्थान था। वह सिर्फ उनके पिता नहीं थे, बल्कि लंबे समय तक उनके एजेंट और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में सलाहकार भी रहे। रोसारियो में एक युवा खिलाड़ी के रूप में मेसी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब मेसी को बार्सिलोना की मशहूर युवा अकादमी ला मासिया में मौका मिलने की राह खुली, तब जॉर्ज उनके साथ स्पेन गए थे। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे के पेशेवर करियर और कारोबारी मामलों को संभालने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक छोटे शहर से निकलकर दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल होने तक मेसी की यात्रा में उनके पिता का योगदान बेहद अहम रहा है।
Aston Villa छोड़ PSG लौटे Lucas Digne, 11 साल बाद फिर पहनेंगे पेरिस की जर्सी, 2029 तक हुआ Deal साइन
पेरिस सेंट-जर्मेन ने अपनी टीम में एक अनुभवी नाम की वापसी कराई है। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने करीब 11 साल बाद फिर से पेरिस सेंट-जर्मेन का हिस्सा बन गए हैं। फ्रांस के इस 33 वर्षीय लेफ्ट-बैक को इंग्लिश क्लब एस्टन विला से वापस लाया गया है और उनके साथ 2029 तक का करार किया गया है। क्लब ने रविवार को इस वापसी की जानकारी दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस स्थानांतरण की आधिकारिक रकम का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, ब्रिटेन की मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पेरिस सेंट-जर्मेन ने डिग्ने के करार में मौजूद 85 लाख पाउंड की रिलीज शर्त को पूरा किया है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है, हालांकि वास्तविक राशि विनिमय दर के हिसाब से बदल सकती है। लुकास डिग्ने के लिए पेरिस सेंट-जर्मेन की वापसी भावनात्मक भी है। वह इससे पहले 2013 से 2015 तक क्लब के लिए खेल चुके हैं। उस दौरान उन्होंने टीम के साथ दो फ्रेंच लीग खिताब, एक फ्रेंच कप और दो लीग कप जीते थे। अब 11 साल बाद वह काफी ज्यादा अनुभव के साथ क्लब में लौटे हैं। डिग्ने ने अपनी वापसी पर खुशी जताते हुए कहा कि एक दशक से ज्यादा समय पहले पेरिस सेंट-जर्मेन के साथ बिताया गया समय उनके लिए शानदार अनुभव था और दोबारा क्लब का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस नए अध्याय की शुरुआत करने और अपने अनुभव का इस्तेमाल टीम के लिए करने को लेकर उत्साहित हैं। गौरतलब है कि डिग्ने ने अपने पेशेवर फुटबॉल करियर की शुरुआत लिल से की थी। इसके बाद वह पेरिस सेंट-जर्मेन पहुंचे। फ्रांसीसी क्लब में शुरुआती दौर बिताने के बाद वह एक सत्र के लिए इटली के रोमा क्लब में ऋण पर भी खेले थे। वर्ष 2016 में उन्होंने स्पेन के बार्सिलोना का रुख किया। वहां दो सत्र के दौरान उन्होंने 46 मुकाबले खेले और ला लीगा, दो कोपा डेल रे तथा एक स्पेनिश सुपर कप का खिताब जीता। इसके बाद 2018 में डिग्ने इंग्लैंड के एवर्टन क्लब से जुड़े। उन्होंने वहां चार साल बिताए और फिर एस्टन विला पहुंच गए। विला पार्क में करीब साढ़े चार सत्र के दौरान वह टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्नाई एमरी की देखरेख में उन्होंने क्लब की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 2026 में टीम के यूरोपा लीग खिताब जीतने वाले अभियान का भी हिस्सा रहे हैं। फ्रांस की राष्ट्रीय टीम में डिग्ने का पदार्पण 2014 में हुआ था। अब तक वह देश के लिए 64 मुकाबले खेल चुके हैं। उन्होंने दो विश्व कप में फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में 2026 विश्व कप में भी वह फ्रांस की टीम का हिस्सा रहे, जहां फ्रांस सेमीफाइनल तक पहुंचा था। पेरिस सेंट-जर्मेन के लिए डिग्ने की वापसी ऐसे समय हुई है जब क्लब नए सत्र की तैयारी कर रहा है। उनके अनुभव से टीम को बाएं छोर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है। क्लब अपने लीग अभियान की शुरुआत 23 अगस्त को रेनेस के खिलाफ मुकाबले से करेगा। ऐसे में डिग्ने के लिए दूसरी बार पेरिस सेंट-जर्मेन की जर्सी पहनना उनके करियर के एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी मिली है। कुरियर से भेजे गए धमकी भरे पत्र में सौरव समेत उनकी पत्नी डोना गांगुली और उनके स्टाफ को जान से मारने की बात कही गई। गांगुली परिवार ने कोलकाता के ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। CAB ऑफिस में लेटर भेजे; लिखा- खत्म कर देंगे पुलिस के अनुसार सोमवार को बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के दफ्तर में एक कूरियर पैकेट पहुंचा। इसमें अंग्रेजी में लिखे दो लेटर मिले। लेटर में बेहद आक्रामक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। गांगुली परिवार को इस तरह के पत्र पिछले 6 महीने से लगातार मिल रहे थे। शुरुआती दिनों में परिवार ने इन्हें किसी सिरफिरे फैन या निजी नाराजगी जताने वाले व्यक्ति की हरकत समझकर नजरअंदाज कर दिया था। 16 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेला 2019 में BCCI अध्यक्ष बने थे गांगुली गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष हैं। 2019 में BCCI के अध्यक्ष बने थे। उन्हें 2022 में पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनकी जगह 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी को नया चेयरमैन बनाया गया। --------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… खिलाड़ी की शिकायत पर पुडुचेरी कोच पर FIR; 8 महीने पुराना है विवाद, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज पुडुचेरी (CAP) के अंडर-19 कोच एस. वेंकटरमन पर FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई खिलाड़ी की याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद हुई। पुडुचेरी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को कोच के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। मामला 8 दिसंबर 2025 को CAP परिसर में हुए विवाद से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर
सरफराज खान के रिप्लेसमेंट का हुआ ऐलान, 25 साल के प्लेयर को मिला दलीप ट्रॉफी में मौका
सरफराज खान का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन होने के बाद वेस्ट जोन की टीम में बदलाव किया गया है। अब उनकी जगह सौराष्ट्र के 25 साल के खिलाड़ी जय गोहिल को टीम में शामिल किया गया है।
कभी-कभी बच्चों में छोटी उम्र से ही ऐसी प्रतिभा दिखाई देने लगती है, जिसे पहचानने के लिए सिर्फ ध्यान और सही मौके की जरूरत होती है। पंजाब के पांच वर्षीय फतेह की कहानी कुछ ऐसी ही है। बेहद कम उम्र में गटका जैसे पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट में अपनी पहचान बना चुके फतेह ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित विश्व मार्शल आर्ट खेल 2026 में ‘गटका ऑन स्केट्स’ में स्वर्ण पदक जीतकर खास उपलब्धि हासिल की है। वह स्केट्स पर गटका प्रदर्शन करने वाले पहले बच्चे बने हैं। फतेह की इस उपलब्धि के पीछे कई साल की मेहनत और परिवार का लगातार साथ है। उनकी मां नवप्रीत कौर के मुताबिक, जब फतेह करीब दो साल के थे, तब उनके पिता रामनदीप सिंह ने उनके हाथ और कलाई की गतिविधियों में कुछ खास देखा। रामनदीप खुद भी खिलाड़ी रहे हैं और यूरोप में शरीर सौष्ठव प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने बेटे की इस रुचि को समझते हुए उसके लिए छोटी और उसके अनुकूल कृपाण तैयार करवाई और गटका का अभ्यास शुरू कराया। बता दें कि फतेह ने सिर्फ गटका में ही कम उम्र में उपलब्धियां हासिल नहीं की हैं। करीब साढ़े तीन साल की उम्र में उन्होंने यूरोप में विश्व ग्रां प्री फिट किड और मिस्टर यूनिवर्सल फिट किड का खिताब भी जीता था। इसके बाद वह सिंगापुर और थाईलैंड में भी प्रदर्शन कर चुके हैं। परिवार के मुताबिक, फतेह की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने कई यात्राएं कीं और प्रशिक्षण के दौरान हर जरूरत का ध्यान रखा। पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले परिवार के सामने वीजा की मुश्किल भी आई। नवप्रीत का वीजा मंजूर नहीं हुआ था, जिसके बाद वह काफी परेशान हुईं। उन्हें चिंता थी कि इतनी कम उम्र में फतेह विदेश कैसे जाएंगे। हालांकि, उनके पिता उनके साथ गए और प्रतियोगिता में फतेह ने शानदार प्रदर्शन किया। लिथुआनिया में हुई उस प्रतियोगिता में उन्होंने अपने वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। वहां मौजूद लोगों ने पहली बार गटका देखा था और तलवार के साथ उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा था। इसके बाद फतेह ने दूसरी प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया और वहां भी पहला स्थान हासिल किया। सिंगापुर में भी उन्हें सम्मान और पहचान मिली। इसी बीच उनके पिता की नजर फोन पर थाईलैंड के पटाया में होने वाले विश्व मार्शल आर्ट खेल की जानकारी पर पड़ी। परिवार ने फतेह का पंजीकरण कराया और आयोजकों को बताया कि वह गटका का प्रदर्शन करेंगे। शुरुआत में आयोजक इतनी कम उम्र के बच्चे को तलवार के साथ मंच पर उतारने को लेकर थोड़े चिंतित थे, लेकिन उन्होंने फतेह को प्रदर्शन की अनुमति दे दी। अलग-अलग देशों से आए खिलाड़ियों के बीच फतेह ने स्केट्स पर गटका पेश किया और स्वर्ण पदक जीत लिया। इस उपलब्धि ने उनकी पहचान को और मजबूत किया है। गौरतलब है कि फतेह की मां इस पूरी यात्रा को सिर्फ पदकों से नहीं जोड़तीं। उनका कहना है कि हर बच्चे में कोई न कोई खास प्रतिभा होती है और माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे उसे पहचानें और आगे बढ़ने का मौका दें। परिवार फिलहाल फतेह के भविष्य को लेकर कोई निश्चित योजना नहीं बना रहा है। दिसंबर में सिंगापुर और जनवरी में मलेशिया में उनके कार्यक्रम तय हैं। परिवार का कहना है कि जहां भी अच्छा अवसर मिलेगा, फतेह वहां जाकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
नेपाल ने संदीप लामिछाने को वनडे टीम का कप्तान बनाया है। वे रोहित पौडेल की जगह लेंगे। 26 साल के संदीप ACC मेंस प्रीमियर कप में टीम की कमान संभालेंगे। सोमवार को टीम का ऐलान हुआ। लामिछाने ने 77 वनडे में 154 विकेट लिए हैं। वे 14 वनडे में कप्तानी कर चुके हैं। इसके बाद 2022 में पौडेल ने कप्तानी संभाली थी। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ नेपाल ने इस पोस्ट के जरिए टीम अनाउंस की… लामिछाने के नाम 2 रिकॉर्ड 8 साल की सजा, फिर बरी भी हुए साल 2022 में संदीप पर एक नाबालिग से बलात्कार का आरोप लगा था, जिसके बाद काठमांडू जिला अदालत ने उन्हें 8 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, मई 2024 में नेपाल की पाटन उच्च न्यायालय ने उन्हें इन आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया, जिसके बाद उनकी क्रिकेट में दोबारा वापसी हुई। पौडेल ने 12 में से 11 वनडे जिताए पौडेल के कार्यकाल में नेपाल ने शानदार सफलता हासिल की। उनकी कप्तानी में नेपाल ने ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के 12 में से 11 वनडे जीते। जून 2023 में जिम्बाब्वे में होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए जगह बनाई। बल्लेबाजी क्रम में भी पौडेल ने भरोसेमंद और अहम भूमिका निभाई। -----------------------------------------
ACC मेन्स प्रीमियर कप से पहले नेपाल ने बदला कप्तान, 26 साल के खिलाड़ी को सौंपी टीम की जिम्मेदारी
नेपाल क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है, पूर्व स्पिनर संदीप लामिछाने को नया वनडे कप्तान बनाया गया है। 26 वर्षीय संदीप, रोहित पॉडेल की जगह कमान संभालेंगे और आगामी ACC मेन्स प्रीमियर कप में टीम की अगुवाई करेंगे
लक्ष्मण ने कहा कि किसी खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर पहले से एक समयसीमा तय की जा सकती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर क्रिकेटर उसी अवधि में पूरी तरह फिट हो जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चोट से वापसी एक प्रक्रिया है और इसमें खिलाड़ी के शरीर की स्थिति के अनुसार लगातार बदलाव किए जाते हैं।
11 साल की बोधना और श्रेयस ने किया कमाल, ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप जीतकर रचा इतिहास
बोधना सिवानंदन और श्रेयस रॉयल ने 2026 ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप जीत ली है। भारतीय मूल की बोधना फिलहाल 11 साल की हैं। श्रेयस 17 साल के हैं। चैंपियनशिप में 1,750 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
शुभमन गिल का कप्तानी में कैसा रहा है रिकॉर्ड? अबकी बार श्रीलंका में होगा असली टेस्ट
शुभमन गिल ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे से टीम इंडिया की टेस्ट कप्तानी संभाली थी। उन्होंने अब तक टेस्ट क्रिकेट में कुल 9 मैचों में कप्तानी की है। पहली बार वह श्रीलंका में टेस्ट मैच खेलेंगे।
भारतीय मूल की 11 साल की बोधन सिवानंदन ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला चेस चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने आयरलैंड की त्रिशा कन्यामराला को रैपिड चेस प्लेऑफ में हराकर ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता। बोधन के अलावा भारतीय मूल के ही 17 साल के श्रीयस रॉयल ने भी चैंपियनशिप अपने नाम किया। श्रीयस ने नौ राउंड के बाद पॉइंट टेबल में सबसे ऊपर रहते हुए ओपन ब्रिटिश खिताब अपने नाम किया। 1 अगस्त को शुरु हुआ टूर्नामेंट रविवार को कोवेंट्री में खत्म हुआ। बोधन ने लॉकडाउन में चेस खेलना शुरु किया था बोधन ने कोविड महामारी के लॉकडाउन के दौरान पहली बार चेस खेलना शुरू किया था। उस समय उनके पिता के एक दोस्त भारत लौट रहे थे। उन्होंने उसे कुछ बैग दिए थे, जिनमें चेस बोर्ड भी था। नॉर्थ-वेस्ट लंदन की स्कूली छात्रा ने इसके बाद लगातार रिकॉर्ड बनाए। तेज फॉर्मेट में वह पहले ही यूके ओपन महिला ब्लिट्ज चैंपियन और संयुक्त ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियन बन चुकी हैं। बोधन को एकमात्र हार श्रीयस से मिली क्लासिकल फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट की जीत के साथ 11 साल की बोधन ने तीनों फॉर्मेट में खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल की। इस चैंपियनशिप में उन्हें एकमात्र हार छठे राउंड में श्रीयस रॉयल से मिली। श्रीयस ने पहली बार ब्रिटिश खिताब जीता श्रीयस ने पहला ब्रिटिश खिताब जीता है। उन्हें 15 साल की उम्र में इंग्लैंड का यंगेस्ट ग्रैंडमास्टर घोषित किया गया था। साउथ-ईस्ट लंदन में रहने वाले श्रीयस टूर्नामेंट में खिताब की दौड़ में शामिल थे। श्रीयस का जन्म भारत के बेंगलुरु में हुआ था। तीन साल की उम्र में वह माता-पिता जितेंद्र और अंजू सिंह के साथ ब्रिटेन चले गए थे। ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप 122 साल पुराना ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप 122 साल पुराना है। यह ब्रिटेन का सबसे बड़ा चेस टूर्नामेंट है। इस साल ओपन चैंपियनशिप के लिए 1,750 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। विजेताओं को 34 हजार पाउंड की इनामी राशि दी गई। ----------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज:ICC पर अपमान का आरोप; 3 स्टेज में होगा टूर्नामेंट, 14 टीमें खेलेंगी 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। पूरी खबर पढ़ें…
सरफराज खान के भारतीय टीम में चयन के बाद वेस्ट जोन टीम में बदलाव किया गया है। उनकी जगह सौराष्ट्र के 25 वर्षीय जय गोहिल को टीम में शामिल किया गया है, जिनका घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने ICC पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कम समय में किए गए बदलावों से इंटरनेशनल क्रिकेट की विश्वसनीयता और निष्पक्षता कमजोर हो सकती है। 14 टीमें खेलेंगी, टूर्नामेंट 3 स्टेज में होगा वनडे वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। ICC ने टूर्नामेंट के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट मंजूर किया है। पहले स्टेज में रैंकिंग की 12वीं, 13वीं और 14वीं टीमों के बीच सुपर सीरीज होगी। इनमें से सिर्फ एक टीम अगले चरण में पहुंचेगी। इसके बाद 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें अगले स्टेज में जाएंगी। चौथे स्थान पर रहने वाली दोनों टीमों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम भी अगले राउंड में पहुंचेगी। इस तरह कुल 7 टीमें सुपर-7 राउंड खेलेंगी। सुपर-7 में सभी सात टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। इसके बाद टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली दो टीमें फाइनल खेलेंगी। स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स के लिए बढ़ी मुश्किल नए फॉर्मेट का असर स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स जैसी एसोसिएट टीमों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है। दोनों बोर्ड के मुताबिक, ऐसी टीमों को मुख्य वर्ल्ड कप तक पहुंचने के लिए कई स्टेज से गुजरना होगा। एसोसिएट टीमों को पहले वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलना होगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर तीन टीमों की सुपर सीरीज। फिर 12 टीमों वाले मुख्य ग्रुप स्टेज में जगह बनाने की चुनौती। अचानक बदलाव से प्लानिंग और बजट प्रभावित होंगे स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने कहा कि टूर्नामेंट का ढांचा कम समय में बदलने से उन्हें मुश्किलात का सामना करना पड़ेगा। लंबे समय की प्लानिंग प्रभावित होगी। इसके अलावा सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे क्रिकेट बोर्डों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और वित्तीय दबाव पड़ेगा। वर्ल्ड कप के नए ढांचे का फैसला ICC की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में हुआ था। यह कॉन्फ्रेंस जून में एडिनबर्ग में हुई थी। हालांकि, कॉन्फ्रेंस में मौजूद होने के बावजूद लगभग सभी एसोसिएट सदस्यों को इन बदलावों के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। यही बात अब विवाद का बड़ा कारण बन गई है। दो बार ICC से मिले, फिर भी जवाब नहीं मिला क्रिकेट स्कॉटलैंड ने बताया कि उन्होंने ICC के साथ दो बार बैठक की। दोनों बैठकों में उन्होंने बदलावों को लेकर आधिकारिक लिखित जानकारी मांगी। उन्होंने फैसले लेने की प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग भी की। इसके अलावा दोनों बोर्ड ने भविष्य की बाइलेटरल प्लानिंग मीटिंग्स में एसोसिएट सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा।लेकिन दूसरी बैठक के बाद दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया और ICC की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। दोनों बोर्ड ने इसे निराशाजनक और अपमान बताया। विरोध के बावजूद स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने कहा कि वे ICC के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन भी जता चुका है चिंता 2027 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर यह पहली आपत्ति नहीं है। पिछले महीने वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने भी ICC के फैसले पर चिंता जताई थी। अब स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के विरोध के बाद नए फॉर्मेट को लेकर बहस और तेज हो गई है। 2027 वर्ल्ड कप की मेजबानी 3 देशों के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। ICC ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान किया है। इनमें सबसे ज्यादा 8 वेन्यू साउथ अफ्रीका में होंगे। जिम्बाब्वे के 3 शहरों और नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले खेले जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में होने की संभावना है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप वनडे वर्ल्ड कप 24 साल बाद अफ्रीका लौट रहा है। इससे पहले 2003 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने मिलकर वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद साउथ अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर चुका है। नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि, इसी साल नामीबिया ने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में हो सकते हैं वर्ल्ड कप में कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका में खेले जाने की संभावना है। जिम्बाब्वे को 7 से 10 मैच मिल सकते हैं। नामीबिया में कम से कम 3 मुकाबले खेले जाएंगे। वहीं, बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के वेन्यू के तौर पर चुना गया है। मेजबान टीमों में नामीबिया की स्थिति अलग साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे ICC के फुल मेंबर हैं। इसलिए दोनों टीमें सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। तीसरे मेजबान नामीबिया को क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। वर्ल्ड कप क्वालिफायर 21 फरवरी से 23 मार्च तक ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर की तारीखें भी तय कर दी हैं। 10 टीमों वाला यह टूर्नामेंट 21 फरवरी से 23 मार्च 2027 तक खेला जाएगा। हालांकि, इसकी मेजबानी किस देश को मिलेगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। इस बार क्वालिफायर का फॉर्मेट भी बदला गया है। क्वालिफायर जीतने वाली टीम को 14 टीमों वाले वर्ल्ड कप के मेन ग्रुप में सीधे एंट्री मिलेगी। क्वालिफायर में 10 टीमें खेलेंगी क्वालिफायर में कुल 10 टीमें उतरेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग कट-ऑफ तक साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को छोड़कर सबसे नीचे रहने वाली 2 फुल मेंबर टीमें शामिल होंगी। वर्ल्ड कप क्वालिफायर प्लेऑफ से आने वाली 4 टीमें भी इसमें शामिल होंगी। इस तरह कुल 10 टीमें क्वालिफायर में उतरेंगी। -------------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…सरफराज खान 2 साल बाद भारतीय टीम में शामिल बैटर सरफराज खान को दो साल बाद टीम इंडिया में जगह मिली है। उन्हें श्रीलंका दौर पर चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया। BCCI ने रविवार शाम को इसकी जानकारी दी। पूरी खबर…
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 13 अगस्त से खेला जाएगा। इस टेस्ट सीरीज के लिए तेज गेंदबाज नाहिद राणा बांग्लादेश की टीम का हिस्सा नहीं हैं।
ICC ने जुलाई के ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड के लिए 6 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है। मेंस कैटेगरी में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक, वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स और बांग्लादेश के ओपनर तंजीद हसन दावेदार हैं।विमेंस कैटेगरी में इंग्लैंड की कप्तान नैट सिवर-ब्रंट, श्रीलंका की बैटर हर्षिता समरविक्रमा और वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज को जगह मिली है। मेंस कैटेगरी के दावेदार: विमेंस कैटेगरी के दावेदार: ऐसे चुने जाएंगे विजेता ---------------------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…सरफराज खान 2 साल बाद भारतीय टीम में शामिल:चोटिल साई सुदर्शन की जगह मौका मिला, गॉल टेस्ट से पहले टीम से जुड़ेंगे बैटर सरफराज खान को दो साल बाद टीम इंडिया में जगह मिली है। उन्हें श्रीलंका दौर पर चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया। BCCI ने रविवार शाम को इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…
बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने पीएम मोदी को 2015 का एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक मैच के बाद पाकिस्तानी मुक्केबाज नरेंद्र नाम से नफरत करने लगा था, जिसे सुनकर पीएम मोदी भी हंस पड़े।
हार्दिक पांड्या को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म, क्या मुंबई इंडियंस से चले जाएंगे
हार्दिक पांड्या अगले साल के आईपीएल में मुंबई इंडियंस से ही खेलेंगे या फिर कहीं और चले जाएंगे, इसको लेकर बाजार गर्म हैं। बातें तो खूब हो रही हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी पक्का नहीं है।
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने 207 रनों के लक्ष्य को सिर्फ एक सेशन में हासिल किया। यशस्वी जायसवाल, कप्तान शुभमन गिल के साथ-साथ मोहम्मद सिराज ने भी सिर्फ 15 गेंदों में 32 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। टीम के प्रदर्शन से बैटिंग कोच सितांशु कोटक काफी खुश हैं।
टीम इंडिया से बाहर चल रहे युजवेंद्र चहल का गदर, 15 विकेट लेकर मचाई सनसनी
टीम इंडिया से बाहर चल रहे युजवेंद्र चहल इस वक्त वनडे कप खेल रहे हैं, जहां वे जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए खूब विकेट चटका रहे हैं। चहल ने भारत के लिए आखिरी मैच साल 2023 में खेला था।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने डेब्यू के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
PM Modi ने CWG 2026 Sports Heroes को दिया प्रोत्साहन, युवाओं में बढ़ेगा खेल का जुनून
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की और देश का मान बढ़ाने में उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और योगदान के लिए उनकी सराहना की। बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने कहा कि खिलाड़ी उनके आवास पर सबसे ज़्यादा आने वाले लोगों में से रहे हैं और भारत के लिए सफलता हासिल करने की दिशा में उनके लगातार प्रयासों की सराहना की। इसे भी पढ़ें: पाकिस्तानी बॉक्सर को 'Narendra' नाम से हुई नफरत! PM Modi भी हंसे, भारतीय बॉक्सर ने सुनाया मजेदार किस्सा प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपने YouTube चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि मैं लगभग 12-13 साल से इस घर में हूँ। अगर कोई ऐसा है जिससे मैं लगातार और हर बार मिला हूँ, तो वे खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 सालों में आपकी कड़ी मेहनत, भारत को जीत दिलाने की आपकी लगातार कोशिशों और सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने की परंपरा की वजह से ऐसा हुआ है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के असर पर ज़ोर दिया और कहा कि उनके मेडल शब्दों से कहीं ज़्यादा प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि हम स्कूलों में जाकर बच्चों से 'खेलने' के लिए कहकर जो असर डालने की कोशिश कर सकते हैं, उससे कहीं ज़्यादा प्रेरणा आपके मेडल उन्हें देते हैं। मीटिंग के दौरान PM मोदी ने अलग-अलग एथलीटों से बातचीत भी की। महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली शर्मिला धनखड़ से बात करते हुए, उन्होंने शर्मिला के उस पुराने वादे को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी दोनों बेटियाँ भी एथलीट बनेंगी। PM मोदी ने कहा कि आपने पिछली बार मुझसे वादा किया था कि आपकी दोनों बेटियाँ एथलीट बनेंगी। जवाब में शर्मिला ने कहा कि हाँ, वे अभी छोटी हैं। अगले कॉमनवेल्थ गेम्स में हम आपको एक ही घर से तीन मेडल जीतकर दिखाएँगे। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Boxer Lovlina Borgohain की तारीफ की, ग्लास्गो में गलत नक्शे पर जताई थी आपत्ति प्रधानमंत्री ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली सीमा कालीरमना के साथ भी हंसी-मज़ाक किया; सीमा ने बताया कि उनसे मिलते समय वह घबराई हुई थीं। सीमा ने PM मोदी से कहा, सर, मेरी धड़कनें तेज़ हो रही हैं। PM मोदी ने जवाब दिया कि चिंता मत करो। तुम्हें अपनी स्पीच के लिए भी मेडल मिलने वाला है! बाद में सीमा ने प्रधानमंत्री से मिलने पर अपनी खुशी ज़ाहिर की और बताया कि उनके दोस्त अक्सर हरियाणवी में उनसे पूछते थे कि क्या उन्हें उनसे मिलने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेरे दोस्त हरियाणवी में मुझसे पूछते थे, 'क्या तुम PM मोदी से मिली हो, जो हम तुम्हारी बात सुनें?' आज मैं आपसे मिली हूँ, सर, और अब मैं उन्हें बता सकती हूँ, हाँ, मैं मोदी-जी से मिली हूँ। For more Sports News in Hindi Today please click here.
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इन 5 भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी निगाहें
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। वॉर्मअप मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम श्रीलंका से दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भिड़ने के लिए तैयार है। सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाना है। आइए आपको उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जिनके प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी।
नरेंद्र नाम से नफरत करने लगा पाकिस्तानी मुक्केबाज, भारतीय पदक विजेता ने PM को सुनाया दिलचस्प किस्सा
नरेंद्र ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान साल 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उनका पहला मुकाबला ही एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से हुआ था।
भारत के गलत नक्शे के खिलाफ आवाज उठाने वाली लवलीना से बोले PM मोदी, ‘लंबे समय तक याद रखेंगे’
मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ मुलाकात के दौरान ग्लास्गो के एक रेस्तरां में भारत के गलत नक्शे पर आपत्ति जताने पर मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सराहना की।
विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में 1974 से 2022 तक भारत का संघर्ष से भरा सफर
महिला हॉकी वर्ल्ड कप आज तक सिर्फ चार टीमों ने जीता है जिनमें नीदरलैंड 9 बार चैम्पियन रही जबकि अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने 2-2 बार खिताब जीता।
'मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है', भारतीय बॉक्सर ने PM मोदी को सुनाया पाकिस्तानी का किस्सा
भारतीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तानी एथलीट का किस्सा सुनाया। किस्सा सुनने के बाद पीएम मोदी की हंसी छूट गई। बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
World U20 Championships में भारत ने जीते कुल तीन पदक, पूजा सिंह सातवें स्थान पर रहीं
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ऊंची कूद की एथलीट पूजा सिंह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं और फाइनल में सातवें स्थान पर रहीं, जिससे भारत ने यहां विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप में तीन पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। 19 वर्षीय पूजा केवल 1.84 मीटर की ऊंचाई ही पार कर सकीं, जो उनके सीनियर स्तर पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड 1.93 मीटर से काफी कम है। वह तीन प्रयासों में 1.87 मीटर की ऊंचाई पार करने में नाकाम रहीं। ऑस्ट्रेलिया की इज़ोबेल लुइसन-रो ने 1.92 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि हंगरी की लिलियाना बटोरी (1.90 मीटर) और स्पेन की ऐताना अलोंसो (1.90 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए। पूजा ने मई में 1.93 मीटर के सीनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वह सीनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता भी हैं। इसे भी पढ़ें: Bhuvneshwar Kumar ने 2027 World Cup वापसी पर भरी हुंकार, बोले- पूरी तरह तैयार भारतीय महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम फाइनल में नौवें और अंतिम स्थान पर रही। उसने तीन मिनट 45.28 सेकंड का समय लिया। टीम में भूमिका नेहते, ताहूरा खातून, तनु चौधरी और थिया अरुमुगम शामिल थीं। इसे भी पढ़ें: 5 महीने से गायब मोजतबा खामनेई का कौन सा सरप्राइज वीडियो ईरान ने किया जारी, जानें इसमें क्या दिखा? अमेरिका ने 3:29.15 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया (3:31.39 सेकंड) और ग्रेट ब्रिटेन (3:32.08 सेकंड) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए। भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में तीन पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया जिसमें दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। आशीष यादव ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। इसके बाद बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत और शाहनवाज खान ने पुरुषों की लंबी कूद में कांस्य पदक जीता। भारत ने 2021 और 2022 में भी इस प्रतियोगिता में तीन पदक जीते थे जबकि 2024 में वह केवल एक पदक ही जीत पाया था।
PM Modi ने Boxer Lovlina Borgohain की तारीफ की, ग्लास्गो में गलत नक्शे पर जताई थी आपत्ति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सराहना की, जिन्होंने ग्लास्गो के एक रेस्तरां में भारत के गलत मानचित्र पर आपत्ति जताई थी। मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेताओं के साथ अपनी अनौपचारिक बातचीत के दौरान लवलीना की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने रविवार को हुई इस बातचीत में चुटकुले सुनाए और पदक विजेताओं से खेलों की तैयारी और ग्लास्गो में उनके अनुभवों के बारे में सुना। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Commonwealth Games के पदक विजेताओं से की मुलाकात, दी बधाई मोदी के कार्यालय ने सोमवार को इसका वीडियो जारी किया। उन्होंने 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली लवलीना से पूछा, ‘‘क्या हुआ वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’’ असम की मुक्केबाज ने हंसते हुए जवाब दिया, ‘‘यह एक खुशी का अवसर था। हम जश्न मना रहे थे और मुझे देश का गलत मानचित्र देखना अच्छा नहीं लगा। मैंने विनम्रतापूर्वक उन्हें बताया और उन्होंने बदलाव भी कर दिया।’’ मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह समझदारी भरा काम था, खासकर ऐसे समय में जब वह अपनी जीत का जश्न मना रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘खेलों के समापन और जश्न के माहौल में उस नक्शे के महत्व को पहचान पाना। मैं आपको सच बता सकता हूं, वह वीडियो साधारण नहीं था। इसे भी पढ़ें: PM Modi का Facebook पोस्ट हटाने पर Meta ने माफी मांगी, मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात लोग उसे लंबे समय तक याद रखेंगे।
Jannik Sinner घुटने की चोट के कारण Cincinnati Open से हटे, दाहिने घुटने में है दर्द
विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट से हट गए हैं। सिनर ने पिछले महीने लगातार दूसरी बार विंबलडन का खिताब जीतने के बाद से किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उन्होंने बुधवार से टोरंटो में शुरू होने वाले टूर्नामेंट से भी अपना नाम वापस ले लिया। 24 वर्षीय सिनर ने अब तक पांच ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं और करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए उन्हें केवल फ्रेंच ओपन जीतने की जरूरत है। सिनर ने कहा, ‘‘अपने चिकित्सकों और अपनी टीम से परामर्श करने के बाद मैंने सिनसिनाटी में होने वाले मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया है। मेरे दाहिने घुटने में दर्द है और मैं अभी खेलने के लिए तैयार नहीं हूं।’’ सिनर से पहले कार्लोस अल्काराज़ ने भी कलाई की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से हटने का फैसला किया था। इसे भी पढ़ें: US Open से पहले Aryna Sabalenka को बड़ा झटका, Canada Open में एलेक्जेंड्रोवा ने किया बड़ा उलटफेर इस टूर्नामेंट में पुरुष एकल के मुकाबले शनिवार से शुरू होंगे।
टेनिस कोर्ट पर भी एआई:विरोधी की कमजोरी पता करने उपयोग कर रहे खिलाड़ी; कई के लिए साबित हुआ गेम चेंजर
एआई ने हमारी जिंदगी और जानकारी जुटाने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। खेलों की दुनिया, खासकर टेनिस में इसका असर साफ दिख रहा है। अब टेनिस स्टार्स अपनी ट्रेनिंग, रणनीति और रोजमर्रा के कामों में एआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर खिलाड़ियों की राय बंटी हुई है। कुछ इसे गेम-चेंजर मानते हैं, तो कुछ के मुताबिक यह इंसानों को आलसी बना रहा है। ब्रिटेन की एमा राडुकानू एआई की बड़ी फैन हैं। वह इतिहास, कला और ट्रांसलेशन जैसे सवालों के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने स्पॉटिफाई की तर्ज पर एआई से अपना पर्सनैलिटी एनालिसिस तक करवा लिया और इसके सटीक नतीजे देखकर हैरान रह गईं कि एआई उनके बारे में कितना कुछ जानता है। अमेरिका की जेसिका पेगुला ने बताया कि उनके पति अक्सर विरोधी खिलाड़ियों की एआई-जनरेटेड रिपोर्ट बनाते हैं। उनके मुताबिक, कई खिलाड़ी विरोधियों की टेक्निक को डिकोड करने के लिए एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं। 2019 की यूएस ओपन चैम्पियन बियांका आंद्रेस्कू ने हाल ही में एक गुमनाम विरोधी की रणनीति समझने के लिए एआई की मदद ली। चूंकि इंटरनेट पर उस खिलाड़ी के वीडियो कम थे, इसलिए एआई रिसर्च उनके लिए काफी मददगार साबित हुई। टेनिस जगत में एआई का इस्तेमाल सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है। स्टार खिलाड़ी इगा स्वातेक अपने ईमेल ड्राफ्ट करने के लिए इसका उपयोग करती हैं। वहीं, एलिना स्वितोलिना ने तो हाल ही में एआई से फैशन टिप्स लेते हुए यह तक पूछ लिया कि उन पर कौन-से रंग के कपड़े सबसे ज्यादा जंचेंगे। एटीपी ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और शॉट क्वालिटी का डेटा निकालने के लिए ‘टेनिस आईक्यू’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। हालांकि, कोर्ट पर एआई की सलाह हर किसी को रास नहीं आती। दिग्गज डेनियल मेदवेदेव ने एआई से कार्लोस अल्कारेज और यानिक सिनर को हराने का तरीका पूछा। मेदवेदेव के मुताबिक, एआई की सलाह महज किताबी थी, जिसे कोर्ट पर लागू करना लगभग नामुमकिन है। कई खिलाड़ी इससे दूरी भी बना रहे हैं। मेदवेदेव और 2017 की फ्रेंच ओपन विजेता येलेना ओस्टापेंको का मानना है कि एआई लोगों को इतना आलसी बना रहा है कि वे बस सोफे पर बैठकर इसके सहारे जिंदगी जीना चाहते हैं। फ्रांसेस टियाफो अब भी जानकारी के लिए गूगल सर्च का ही इस्तेमाल करते हैं। कुछ खिलाड़ियों ने पर्यावरण के लिए एआई से दूरी बनाई नाओमी ओसाका और कोको गॉफ जैसे सितारे पर्यावरण को लेकर भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि एआई सर्वर को चलाने में भारी मात्रा में पानी खर्च होता है और वे धरती के पानी को बचाना चाहती हैं, इसलिए वे इस तकनीक का बेवजह इस्तेमाल करके अपने क्लिक्स बर्बाद नहीं करना चाहतीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपने आवास पर 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल की मेज़बानी की। पदक जीतने वालों की कोशिशों की तारीफ़ करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि ग्लासगो में उनके प्रदर्शन ने अगली पीढ़ी को प्रेरित किया है। बातचीत के दौरान, भारतीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक मज़ेदार किस्सा सुनाया, जब उन्होंने एक पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी को हराया था; इस किस्से को सुनकर पीएम मोदी की हंसी छूट पड़ी। इसे भी पढ़ें: Sanveer Singh बने Sher-e-Punjab T20 League के सबसे महंगे खिलाड़ी, फाजिल्का फाल्कन्स ने खरीदा बेरवाल ने बताया कि पाकिस्तानी मुक्केबाज को हराने के बाद, दोनों को मुकाबलों के दौरान चोटें आईं और उन्हें टांके लगवाने के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। संयोग से, खेलों में बेरवाल के साथ आए सेना के कोच का नाम भी नरेंद्र (राणा) था। बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि मेरा पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ था। मुझे सेना से फोन आया कि आप पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी से नहीं हार सकते। मैंने वह मुकाबला जीत लिया, लेकिन हमें चोटें आईं और टांके लगवाने के लिए अस्पताल जाना पड़ा। बेरवाल ने आगे कहा कि आप 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बने। हमारे साथ (सैन्य खेलों के लिए) सेना के कोच नरेंद्र राणा थे। कुछ देर बाद, उस (पाकिस्तानी मुक्केबाज) ने कहा, ‘भाईजान आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है। बरवाल ने पुरुषों के +90 किग्रा इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन पूरा हुआ, जिसमें उन्होंने सात गोल्ड और तीन सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। इसे भी पढ़ें: Rohit Sharma के World Cup 2027 खेलने पर Ajinkya Rahane की खरी-खरी: 'बार-बार सवाल उठाकर न पैदा करें Confusion' बेरवाल भारतीय सेना के जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) हैं, जिन्होंने 2022 एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इसके अलावा, वह एशियाई चैंपियनशिप में भी दो बार मेडल जीत चुके हैं। हाल ही में हुए CWG 2026 में अंकुश पांघल, सचिन सिवाच, जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घांघस ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन और जादुमनी सिंह ने एक-एक सिल्वर मेडल जीता। For more Sports News in Hindi Today please click #WATCH | Pakistani boxer said to me 'Aapka naam Narender hai, aapke coach ka naam Narender hai, aapke Pradhan Mantri ka naam Narendra hai. Mujhe Narendra naam se nafrat ho gayi hai'... says Heavyweight boxer and silver medallist Narender Berwal narrating his conversation with a… pic.twitter.com/qvmwO5D2sz — ANI (@ANI) August 10, 2026
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन यादगार रहा। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किए। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर भारत के लिए मेडल जीतने वाले सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर पाकिस्तानी मुक्केबाज को हराने के लिए जदुमणि सिंह की प्रशंसा की।
घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से हटे यानिक सिनर
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर दाहिने घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से हट गए हैं। टूर्नामेंट के आयोजकों ने पुष्टि की है कि इटली का यह स्टार टेनिस खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगा।
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होना है। इससे पहले भारतीय टीम ने कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेलकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुकाबले के तीसरे दिन (9 अगस्त) मैदान पर एक ऐसा चेहरा दिखाई दिया, जिसका भारतीय क्रिकेट से बेहद खास रिश्ता रहा है। श्रीलंका के मौजूदा हेड कोच गैरी कर्स्टन भारतीय टीम का अभ्यास मुकाबला देखने के लिए एनसीसी ग्राउंड पहुंचे थे। भारतीय टीम को अपनी कोचिंग में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 का खिताब दिलाने वाले गैरी कर्स्टन कभी मेन इन ब्लू के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा थे। अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी है,. आगामी टेस्ट सीरीज में वह श्रीलंका के खेमे में होंगे और भारत को हराने की रणनीति तैयार करेंगे। ऐसे में प्रैक्टिस मैच में उनकी मौजूदगी ने खासा ध्यान खींचा। कर्स्टन ने मैदान पर पहुंचने के बाद किसी तरह की हलचल पैदा नहीं की। वह चुपचाप बाउंड्री लाइन के पास टहलते हुए भारतीय खिलाड़ियों को देखते रहे। शुरुआत में बहुत कम लोगों का ध्यान गैरी कर्स्टन की ओर गया, लेकिन वहां मौजूद भारतीय मीडिया ने जल्द ही उन्हें पहचान लिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उनके साथ तस्वीरें लीं और साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर ने भी किसी को निराश नहीं किया। PC- indianexpress.com
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन यादगार रहा। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किए। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर भारत के लिए मेडल जीतने वाले सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर पाकिस्तानी मुक्केबाज को हराने के लिए जदुमणि सिंह की प्रशंसा की।
कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र ने पीएम मोदी को 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का दिलचस्प किस्सा सुनाया।
'जो खेलेगा वो खिलेगा!' CWG 2026 के मेडलिस्ट से मिले PM मोदी; खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस की तारीफ की
pc: navrashtra स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 मेडल जीते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 9 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास पर सभी मेडल विजेताओं से मुलाकात की। उन्होंने एथलीटों को मेडल जीतने पर बधाई दी और उनके प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जो खेलेगा वो खिलेगा'। उन्होंने यह भी कहा कि इन एथलीटों की सफलता देश के कई युवाओं को प्रेरित करेगी। जो खेलेगा वो खिलेगा… 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल विजेताओं से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में साक्षी चौधरी ने कहा, नमस्ते दोस्तों, आज प्रधानमंत्री सर ने कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल विजेताओं को बुलाया है और हम सभी को बहुत गर्व है। मोदी ने आगे कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। देश का हमेशा हौसला बढ़ाएं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 'भारत माता की जय' का नारा दिया, जिसे उनके साथ मौजूद सभी एथलीटों ने दोहराया। यह वीडियो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी चौधरी ने रिकॉर्ड किया था और उन्होंने इस विज़िट के लिए प्राइम मिनिस्टर मोदी को धन्यवाद दिया। मेडल टैली में भारत चौथे स्थान पर रहा भारत ने ग्लासगो में कुल 39 मेडल जीते, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। हालांकि, इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का प्रोग्राम बहुत लिमिटेड था और रेसलिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे स्पोर्ट्स, जिनमें भारत के लिए मेडल की ज़्यादा उम्मीद थी, उन्हें शामिल नहीं किया गया। ऐसे में भी भारत ने शानदार परफॉर्म किया और 39 मेडल जीते। भारत ने मुख्य रूप से बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में ज़बरदस्त परफॉर्म किया। अब सभी की नज़रें जापान में होने वाले आने वाले एशियन गेम्स (Asian Games 2026) पर हैं। जहां भारतीय एथलीटों से शानदार परफॉर्म करने की उम्मीद है। बॉक्सिंग में भारत का शानदार परफॉर्मेंस बॉक्सिंग भारत के सबसे सफल स्पोर्ट्स में से एक था। भारतीय बॉक्सर्स ने कुल 10 मेडल जीते, जिसमें सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल शामिल हैं। गोल्ड मेडलिस्ट में प्रीति पवार (54 kg), जैस्मीन लैम्बोरिया (57 kg), साक्षी चौधरी (51 kg), प्रिया घनघस (60 kg), अरुंधति चौधरी (70 kg), सचिन सिवाच (60 kg) और अंकुश पंघाल (80 kg) शामिल थे। सिल्वर मेडलिस्ट में जदुमणि सिंह (55 kg), लवलीना बोरगोहेन (75 kg) और नरिंदर बरवाल (90+ kg) शामिल थे। भारतीय महिला बॉक्सर्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में सात गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अब तक की सबसे अच्छी कामयाबी हासिल की।
जोश हेजलवुड बांग्लादेश के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में अपनी गेंदबाजी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। इस दौरान हेजलवुड के पास बड़ा कमाल करने का बेहतरीन मौका होगा।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के दौरान ग्लासगो के एक रेस्तरां में भारत के गलत नक्शे पर लवलीना बोरगोहेन ने आपत्ति जताई और उसे बदलने का अनुरोध किया।
पहले टेस्ट में कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन, क्या सरफराज खान को मिलेगी एंट्री?
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त को खेला जाएगा। इससे पहले टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चा की जानी चाहिए।
साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर, सरफराज खान की टीम इंडिया में वापसी
बीसीसीआई ने साई सुदर्शन की चोट को लेकर अपडेट देते हुए बताया कि उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है। वह दाहिने पैर के अंगूठे में हुए स्ट्रेस रिएक्शन से उबर रहे हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
SL vs IND: सरफराज खान की 2 साल बाद भारतीय टीम में वापसी, श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेंगे
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। इस बीच खबर यह हैं की मुंबई के स्टार क्रिकेटर सरफराज खान को एक बार फिर से भारतीय टीम में जगह मिली है। उनकी 2 साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई है। वह साई सुदर्शन की जगह लेंगे। बीसीसीआई ने रविवार शाम को इसकी जानकारी दी। भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 15 अगस्त से पहले टेस्ट मैच के लिए मैदान में उतरेगी। आपको बता दें कि सरफराज को पिछला टेस्ट 2024 में वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने को मिला था। वह अभी तक भारतीय टीम की ओर से 6 टेस्ट मैच ही खेल सके हैं। दूसरी ओर साई सुदर्शन बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। आपको बता दें कि साई सुदर्शन को गत माह श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के दौरान पैर के अंगूठे में चोट का सामना करना पड़ा था। श्रीलंका दौरे से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी घुटने की चोट के कारण बाहर हा चुके हैं। वहीं हर्षित राणा (हैमस्ट्रिंग), नीतीश कुमार रेड्डी (क्वाड्रिसेप्स) और आकाश दीप (पीठ की चोट) भी इस दौरे लिए टीम में शामिल नहीं है। PC- india tv hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। खिलाड़ियों के साथ हुई इस मुलाकात का वीडियो सोमवार को यूट्यूब पर लाइव किया गया। बातचीत की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले 10-12 सालों में अगर मैं इस आवास पर नियमित रूप से किसी से मिला हूं, तो वे खिलाड़ी हैं। 10-12 सालों में खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, लगातार सफलता और नई ऊंचाइयों को छूने की परंपरा ने देश का मान बढ़ाया है। मैनें अपना मेडल गुरु को गिफ्ट किया- दिलीप पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने अपना मेडल अपने गुरु को समर्पित किया। उन्होंने कहा, इवेंट के दिन गुरु पूर्णिमा थी और मैंने अपने गुरु को यह मेडल गिफ्ट के तौर पर दिया। दिलीप ने पुरुषों की पैरा T47 कैटेगरी की 100 मीटर रेस में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया था पहले भी खिलाड़ियों से मिल चुके हैं मोदी मुक्केबाजों ने सबसे ज्यादा मेडल जीते भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। यानी हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात कर उनके संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की।
रोड्रिगो डी पॉल ने मॉन्टेरी के खिलाफ गोल करने के बाद लियोनल मेसी की नंबर-10 जर्सी दिखाकर उनके दिवंगत पिता जॉर्ज मेसी को श्रद्धांजलि दी, लेकिन जर्सी उतारने पर उन्हें येलो कार्ड मिला।
Cincinnati Open: घुटने की चोट के कारण यानिक सिनर टूर्नामेंट से बाहर, अल्काराज भी नहीं खेलेंगे
यानिक सिनर दाहिने घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से हट गए हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कार्लोस अल्काराज भी टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगे।
भारत की अभ्यास मैच में जीत ने खोले कई राज, पडिक्कल ने नंबर-3 पर ठोका दावा, पंत ने दी टेंशन
भारतीय टीम इस समय श्रीलंका दौरे पर है। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज का आगाज होगा। इससे पहले टीम इंडिया ने वॉर्म-अप मैच अपने नाम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात कर उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी।
राहुल द्रविड़ के बाद VVS लक्ष्मण क्यों नहीं बने टीम इंडिया के कोच? पूर्व बल्लेबाज ने अब खोला राज
राहुल द्रविड़ के बाद 2024 में भारतीय टीम के स्थायी हेड कोच पद के लिए वीवीएस लक्ष्मण से संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी नहीं संभाली।
BCCI Center of Excellence बेंगलुरु में तैयार, Jay Shah की भूमिका को बताया अहम
... जी उन्नीकृष्णन ...बेंगलुरु, नौ अगस्त अपने दूसरे स्थापना दिवस के करीब पहुंच चुका भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)’ पूर्व सचिव जय शाह के नेतृत्व में बोर्ड अधिकारियों के युद्धस्तर पर किए गए प्रयासों का नतीजा है। मौजूदा सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वर्तमान प्रमुख शाह ने इस परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए और सभी अधिकारियों को एकजुट किया। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चुनिंदा मीडिया से बातचीत में सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’सैकिया ने बताया, ‘‘काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’सैकिया ने कहा, ‘‘यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था। लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और एलएंडटी की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।
Ahmedabad में आयोजित होगा FIBA U18 Asia Cup, भारतीय टीम में गुजरात के 3 सदस्य शामिल
अहमदाबाद, नौ अगस्त फीबा अंडर-18 एशिया बास्केटबॉल कप का आयोजन 13 से 23 अगस्त तक अहमदाबाद में होगा। इस टूर्नामेंट में गुजरात के तीन लोग खिलाड़ी, सहायक कोच और फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। भावनगर के रोनाल्डो हॉपकिन्स को भारत की पुरुष अंडर-18 टीम में जगह मिली है। वहीं, खेल विभाग के कोच नरेंद्र देसाई सहायक कोच और डॉ कुणाल चुडासमा मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारी निभाएंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार टूर्नामेंट अहमदाबाद के नारणपुरा स्थित वीर सावरकर खेल परिसर में खेला जाएगा। भारत अपना पहला मुकाबला 14 अगस्त को जापान के खिलाफ खेलेगा। ग्रुप चरण में टीम का सामना जापान, कोरिया और कजाखस्तान से होगा। फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को खेला जाएगा।
Sanveer Singh बने Sher-e-Punjab T20 League के सबसे महंगे खिलाड़ी, फाजिल्का फाल्कन्स ने खरीदा
चंडीगढ़, नौ अगस्त हरफनमौला सनवीर सिंह आगामी शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के लिए नीलामी के पहले चरण में सबसे महंगे खिलाड़ी रहे जिन्हें फाजिल्का फाल्कन्स ने 13.20 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। सनवीर को अब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और टीम के मार्की खिलाड़ी शुभमन गिल के साथ फाजिल्का फाल्कन्स का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह मेहता ने कहा, ‘‘हमने पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर इस सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की है और अब यह पूरा होने के करीब है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हर क्रिकेटर का सपना मोहाली के पीसीए स्टेडियम में खेलने का होता है। इस लीग के माध्यम से पंजाब भर के खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित मैदान पर खेलने, बहुमूल्य अनुभव हासिल करने और बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।’’नीलामी में अन्य प्रमुख खिलाड़ियों में नमन धीर को अमृतसर सूरमाज ने 10.80 लाख रुपये में खरीदा, जबकि अमोलप्रीत सिंह को मोहाली किंग्स ने 8.20 लाख रुपये में अपने साथ जोड़ा। हरनूर सिंह और अश्वनी कुमार को बठिंडा रॉयल्स ने सात-सात लाख रुपये में खरीदा, जबकि सुखदीप बाजवा को जालंधर वॉरियर्स ने छह लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। हरप्रीत बराड़ को मोहाली किंग्स ने चार लाख रुपये, जबकि मयंक मार्कंडे को अमृतसर सूरमाज ने 1.50 लाख रुपये में खरीदा। पंजाब क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित शेर-ए-पंजाब टी20 लीग राज्य स्तरीय टी20 प्रतियोगिता है। इसका उद्देश्य पंजाब के उभरते क्रिकेटरों को स्थापित खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है। लीग में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें में फाजिल्का फाल्कन्स, अमृतसर सूरमाज, लुधियाना लायंस, जालंधर वॉरियर्स, मोहाली किंग्स और बठिंडा रॉयल्स शामिल है। आगामी सत्र में पंजाब के कई प्रमुख क्रिकेटर मार्की खिलाड़ियों के रूप में नजर आएंगे। इनमें शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह, रमनदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं। सभी मार्की खिलाड़ियों को 10-10 लाख रुपये में टीमों ने अपने साथ जोड़ा है। टूर्नामेंट का आयोजन 30 अगस्त से 13 सितंबर तक किया जाएगा।
PM Modi ने Commonwealth Games के पदक विजेताओं से की मुलाकात, दी बधाई
(तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, नौ अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से पदक जीतकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों से रविवार को मुलाकात की और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी। मोदी ने ‘इंस्टाग्राम’ पर खिलाड़ियों से हुई मुलाकात का एक छोटा वीडियो साझा किया। उन्होंने इस मुलाकात को खास बताया और देश का मान बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों की प्रशंसा की। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के साथ हुई मुलाकात के बारे में ट्वीट भी किया। उन्होंने ने ‘एक्स’ पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘मुझे 7, लोक कल्याण मार्ग पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 के पदक विजेताओं की मेजबानी करके बहुत प्रसन्नता हुई। उनके खेलों के अनुभवों के बारे में जाना। हर खिलाड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी। ’’इस दौरान खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री से मिलने वाले खिलाड़ियों में मुक्केबाज साक्षी चौधरी भी शामिल थीं जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। ग्लास्गो में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और देश ने कुल 39 पदक जीते जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल थे। साक्षी ने कहा, ‘‘हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों के सभी पदक विजेताओं का स्वागत किया और हमें इस बात पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। उनसे मिलकर हमें बहुत अच्छा लगा। वह बहुत विनम्र हैं। ’’खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘जो खेलेगा, वो खिलेगा। हमेशा भारत का हौसला बढ़ाइए। ’’प्रधानमंत्री ने सभी पदक विजेताओं से बातचीत की और उनके शानदार प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी। भारत की मुक्केबाजी टीम का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लास्गो खेलों में रिकॉर्ड 10 पदक जीते। साक्षी उन सात भारतीय मुक्केबाजों में शामिल थीं, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीता।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए सरफराज खान की टीम में वापसी, जानिए कब खेला था आखिरी टेस्ट?
साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद सरफराज खान की भारतीय टेस्ट टीम में वापसी हुई है। सरफराज लंबे समय बाद टेस्ट टीम में शामिल हुए हैं।
दादा और युवी बदलेंगे DC की किस्मत! होगा बड़ा बदलाव
19 सीजन बीत जाने के बावजूद दिल्ली अब तक एक भी बार ट्रॉफी नहीं जीत सकी है. पिछले दो सीजन में भी टीम प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी और आईपीएल 2026 में छठवें स्थान पर रही. ऐसे में मौजूदा सपोर्ट स्टाफ को हटाकर एक नई प्लानिंग के साथ टीम को आगे बढ़ाने की बात हो रही है.
श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले के आखिरी दिन टीम इंडिया की तरफ से गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने एक भी ओवर बॉलिंग नहीं की जिसको लेकर मुकाबला खत्म होने के बाद स्पिन गेंदबाजी कोई साईराज बहुतुले ने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया।
भारत ने पदक तालिका में 39 पदकों (13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज) के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जबकि प्रतियोगिता का कार्यक्रम काफी छोटा कर दिया गया था और इसमें कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे ज्यादा पदक वाले खेल शामिल नहीं थे।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ : चोटिल साई सुदर्शन की जगह सरफ़राज़ ख़ान भारतीय टीम में शामिल
श्रीलंका के ख़िलाफ़ होने वाली दो मैचों की आगामी टेस्ट सीरीज़ से पहले भारतीय क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। युवा बल्लेबाज़ साई सुदर्शन चोट के कारण सीरीज़ से बाहर हो गए हैं, और उनकी जगह धाकड़ बल्लेबाज़ सरफ़राज़ ख़ान को अचानक भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
सौरव घोषाल: दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ी, जो बने अनुशासन, मेहनत और सफलता की मिसाल
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ियों में शुमार सौरव घोषाल ने अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, जिनकी मेहनत, निरंतरता और दबाव में शानदार प्रदर्शन ने भारतीय स्क्वैश को नई पहचान दिलाई है।
US Open से पहले Aryna Sabalenka को बड़ा झटका, Canada Open में एलेक्जेंड्रोवा ने किया बड़ा उलटफेर
विश्व की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को अमेरिकी ओपन से पहले बड़ा झटका लगा है। कनाडा ओपन के चौथे दौर में उन्हें रूस की एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा के हाथों कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। करीब ढाई घंटे चले इस मुकाबले में 16वीं वरीयता प्राप्त अलेक्जेंड्रोवा ने सबालेंका को 7-6, 4-6, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। मौजूदा समय में दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी और चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता सबालेंका इस मुकाबले में शुरुआत से ही दबाव बनाने की कोशिश में थीं। उन्होंने पहले सेट में शुरुआती बढ़त भी हासिल कर ली थी, लेकिन अलेक्जेंड्रोवा ने वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पहला सेट टाईब्रेक तक पहुंचा, जहां रूसी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए सेट अपने नाम कर लिया है। पहला सेट गंवाने के बाद सबालेंका ने दूसरे सेट में अपने खेल की गति बढ़ाई। उन्होंने 4-3 की बढ़त हासिल करने के बाद अपनी सर्विस बरकरार रखी और सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया है। इस वापसी के बाद लगा कि शीर्ष वरीय खिलाड़ी निर्णायक सेट में अपनी पकड़ मजबूत कर लेंगी, लेकिन अलेक्जेंड्रोवा ने ऐसा नहीं होने दिया है। निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। सबालेंका के खेल में इस दौरान गलतियां बढ़ती गईं, जबकि अलेक्जेंड्रोवा लगातार आक्रामक शॉट लगाकर दबाव बनाए रखने में सफल रहीं। 5-4 के स्कोर पर मैच में बने रहने के लिए सर्विस कर रही सबालेंका ने दो मैच प्वाइंट बचा लिए थे, लेकिन तीसरे मौके पर उनकी डबल फॉल्ट ने मुकाबला खत्म कर दिया है। जीत के बाद अलेक्जेंड्रोवा ने कहा कि उन्होंने हर अंक को आखिरी अंक की तरह खेलने की कोशिश की, क्योंकि सबालेंका के खिलाफ मुकाबले में मौके बहुत कम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे सेट के बाद उन्हें लगा था कि मैच उनके हाथ से निकल चुका है, लेकिन उन्होंने स्कोर के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय सिर्फ गेंद पर ध्यान बनाए रखा है। गौरतलब है कि सबालेंका मौजूदा अमेरिकी ओपन की विजेता हैं और इस हार के साथ उनके अमेरिकी ओपन की तैयारी को थोड़ा झटका लगा है। हालांकि, कनाडा ओपन में हार का मतलब यह नहीं है कि उनकी अमेरिकी ओपन की दावेदारी खत्म हो गई है। चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी सबालेंका बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने का अनुभव रखती हैं और आने वाले टूर्नामेंट में उनकी नजर बेहतर प्रदर्शन पर होगी। दूसरी ओर, अलेक्जेंड्रोवा के लिए यह जीत काफी अहम है। उन्होंने शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराकर टूर्नामेंट के अंतिम चरण में अपनी जगह मजबूत कर ली है। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना यूक्रेन की एलीना स्वितोलिना से होगा। स्वितोलिना ने अमेरिका की आठवीं वरीय अमांडा अनिसिमोवा को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया है। इस तरह कनाडा ओपन में सबालेंका का सफर खत्म हो गया है, जबकि अलेक्जेंड्रोवा के सामने अब स्वितोलिना की चुनौती है। अमेरिकी ओपन से पहले शीर्ष खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है और सबालेंका की यह हार निश्चित तौर पर टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर चर्चा बढ़ाने वाली है।
Barcelona और Frenkie de Jong के बीच Surgery को लेकर बढ़ी तकरार, क्लब की बढ़ी टेंशन
बार्सिलोना के स्टार मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग की चोट अब क्लब के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लब को लगता है कि अब ऑपरेशन ही समस्या का सबसे सही और स्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन डी योंग फिलहाल सर्जरी कराने के पक्ष में नहीं हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी और क्लब के बीच इस मामले को लेकर मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। डी योंग का मानना है कि बिना ऑपरेशन इलाज के लिए तय चार सप्ताह की अवधि उस समय से गिनी जानी चाहिए, जब उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया था। उनका तर्क है कि चोट से उबरने की वास्तविक प्रक्रिया उसी समय से शुरू हुई है। दूसरी ओर, बार्सिलोना का मानना है कि डी योंग अभ्यास पर लौटने से पहले भी लगभग इसी तरह की उपचार और सुधार प्रक्रिया से गुजर रहे थे। इसलिए क्लब के हिसाब से उन्हें पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। गौरतलब है कि बार्सिलोना की नाराजगी केवल मौजूदा स्थिति तक सीमित नहीं है। क्लब में इस बात को लेकर भी सवाल उठे हैं कि पिछले सत्र के दूसरे हिस्से में डी योंग की शारीरिक स्थिति को किस तरह संभाला गया था। बार्सिलोना को लगता है कि खिलाड़ी की फिटनेस पर उसके विश्व कप में खेलने की इच्छा का भी असर पड़ा था। डी योंग ने फरवरी में बार्सिलोना के लिए अपना आखिरी पूरा मुकाबला खेला था। इसके बाद सत्र के बाकी हिस्से में उन्हें सावधानी के साथ मैदान पर उतारा गया और उनके खेलने के समय पर लगातार नजर रखी गई। हालांकि, नीदरलैंड्स की टीम के साथ स्थिति अलग रही। डी योंग ने विश्व कप से बाहर होने तक अपनी टीम के सभी मुकाबलों में शुरुआत की। बार्सिलोना में इस फैसले को लेकर तब भी कुछ सवाल थे और अब चोट बढ़ने के बाद उन चिंताओं को और बल मिला है। डी योंग ने बाद में कहा था कि नीदरलैंड्स की चिकित्सकीय टीम चोट की गंभीरता को सही तरह से समझ नहीं पाई थी। हालांकि, बार्सिलोना में इस पूरे मामले को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। क्लब यह जानना चाहता है कि चोट के इलाज और खिलाड़ी की वापसी की प्रक्रिया में अब तक क्या कमी रही है। अब बार्सिलोना की प्राथमिकता स्थिति को जल्द से जल्द स्पष्ट करना है। क्लब चाहता है कि डी योंग ऑपरेशन के लिए तैयार हों, ताकि उनके ठीक होने का समय अधिक स्पष्ट हो सके और मुख्य कोच हांसी फ्लिक अपनी टीम की योजना उसी हिसाब से बना सकें। डी योंग की लंबे समय तक गैरमौजूदगी से बार्सिलोना को एक और फायदा मिल सकता है। चोट के कारण टीम में एक स्थान खाली होने पर क्लब को नए खिलाड़ी के पंजीकरण के लिए कुछ अतिरिक्त गुंजाइश मिल सकती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के दौरान लगी चोट के लिए फीफा की ओर से मिलने वाली आर्थिक भरपाई का रास्ता भी खुल सकता है। बता दें कि बार्सिलोना की मिडफील्ड योजना में डी योंग की अहम भूमिका रही है, लेकिन अगर रोड्री क्लब में आते हैं तो उनकी भूमिका कुछ हद तक बदल सकती है। हालांकि, रोड्री को लेकर बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के बीच अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में डी योंग की चोट, सर्जरी पर उनका फैसला और उनकी वापसी की समयसीमा आने वाले दिनों में क्लब के लिए बेहद अहम रहने वाली हैं।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का श्रीलंका के दौरे पर वॉर्मअप मुकाबले के आखिरी दिन बल्ले से आक्रामक अंदाज देखने को मिला जिसमें उन्होंने आखिरी ओवर में लगातार तीन छक्के लगाने के साथ टीम इंडिया को शानदार जीत दिलाई।
Gianni Infantino के खिलाफ गहराया विवाद, FIFA का कड़ा रुख- हटाने के लिए Democratic Process जरूरी
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था ने शनिवार को कड़ा रुख अपनाया है। फीफा ने कहा है कि उसके अध्यक्ष के नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिशें लगातार जारी हैं और यदि किसी को उनके खिलाफ चुनौती पेश करनी है तो उसे संस्था के नियमों और तय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ना होगा। इस बयान के बाद फीफा के भीतर चल रहा विवाद और गहरा गया है। मौजूदा विवाद की शुरुआत उस योजना के बाद हुई, जिसमें विश्व कप और फीफा की दूसरी बड़ी प्रतियोगिताओं से जुड़े व्यावसायिक अधिकारों में हिस्सेदारी बेचकर करीब 4.2 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी की गई थी। इस प्रस्ताव को यूरोपीय फुटबॉल संघ सहित कई राष्ट्रीय संघों और फीफा के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की आलोचना का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ा कि इन्फेंटिनो के इस्तीफे की मांग भी उठने लगी। गौरतलब है कि इसी विवाद के बीच इस सप्ताह मोरक्को में फीफा के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक के बाद फीफा ने प्रस्ताव से जुड़ी गलतियों के लिए अपने 211 सदस्य संघों से माफी मांगी और इन्फेंटिनो के नेतृत्व के प्रति समर्थन दोहराया। हालांकि, यूरोपीय फुटबॉल संघ ने साफ कर दिया कि उसका इन्फेंटिनो पर भरोसा पहले जैसा नहीं रहा है। शनिवार को जारी बयान में फीफा ने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लेकर यह नहीं बताया कि अध्यक्ष के खिलाफ कथित अभियान कौन चला रहा है। संस्था ने हाल की कुछ खबरों और आरोपों को आधारहीन तथा गलत बताया और कहा कि गलत या भ्रामक खबरों का वह सीधे और मजबूती से जवाब देगी। यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें ब्रिटेन के समाचार पत्र डेली टेलीग्राफ ने इन्फेंटिनो के यूरोपीय फुटबॉल संघ में महासचिव रहने के दौरान एक पूर्व कर्मचारी को किए गए भुगतान का जिक्र किया था। रिपोर्ट में इन्फेंटिनो के उस व्यक्ति के साथ निजी संबंध होने का दावा भी किया गया था। इन्फेंटिनो ने इन आरोपों से इनकार किया है और फीफा ने भी इन्हें बेबुनियाद बताया है। यूरोपीय फुटबॉल संघ ने हालांकि यह स्वीकार किया कि संबंधित व्यक्ति को विदाई भुगतान के साथ स्थानीय कारोबारी विद्यालय में प्रबंधन की पढ़ाई की फीस भी दी गई थी। फीफा ने कहा कि उसके अध्यक्ष का चुनाव सदस्य संघों ने लोकतांत्रिक तरीके से किया है और वह अभी भी उन्हीं के समर्थन से पद पर हैं। संस्था ने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास सदस्य संघों का समर्थन नहीं है, उन्हें आरोपों या गलत सूचनाओं के जरिए वह हासिल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए संभव नहीं है। बता दें कि इन्फेंटिनो मार्च में मोरक्को में होने वाली फीफा कांग्रेस में चौथे कार्यकाल के लिए दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं। फिलहाल उनके खिलाफ कोई स्पष्ट उम्मीदवार सामने नहीं आया है। हालांकि, यूरोपीय फुटबॉल संघ के साथ उनका टकराव बढ़ गया है। नॉर्वे फुटबॉल महासंघ की अध्यक्ष लिसे क्लावनेस ने भी इन्फेंटिनो से इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, अफ्रीकी फुटबॉल महासंघ ने सर्वसम्मति से इन्फेंटिनो के नेतृत्व का समर्थन किया है। दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ ने भी बिना सभी सदस्य देशों के मतदान के किसी तरह की हटाने की प्रक्रिया का विरोध किया है। मेक्सिको फुटबॉल महासंघ ने भी इन्फेंटिनो का समर्थन करते हुए कहा है कि अध्यक्ष से जुड़ा कोई फैसला तय संस्थागत प्रक्रिया से बाहर नहीं होना चाहिए। ऐसे में फीफा अध्यक्ष के भविष्य को लेकर खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है और आने वाले महीनों में यह विवाद और अहम हो सकता है।
साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट प्लेयर का BCCI ने किया ऐलान, स्क्वाड में हुई धाकड़ खिलाड़ी की वापसी
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर होने वाले साई सुदर्शन की जगह पर बीसीसीआई ने रिप्लेसमेंट प्लेयर के नाम का ऐलान कर दिया है, जिसमें सरफराज खान की वापसी हुई है।
बैटर सरफराज खान को दो साल बाद टीम इंडिया में जगह मिली है। उन्हें श्रीलंका दौर पर चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया। BCCI ने रविवार शाम को इसकी जानकारी दी। भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 15 अगस्त से पहला टेस्ट खेलेगी। सरफराज ने पिछला टेस्ट मैच 2024 में वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। वे अब तक 6 टेस्ट मैच ही खेल सके हैं। सुदर्शन की रिकवरी पर अपडेट भी दिया BCCI ने साई सुदर्शन की रिकवरी पर अपडेट भी दिया। बोर्ड के अनुसार साई सुदर्शन बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। वे अच्छी तरह ठीक हो रहे हैं। मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए है। साई सुदर्शन को पिछले महीने श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के दौरान पैर के अंगूठे में चोट लगी थी। उन्होंने उसी दौरे पर लगातार दो शतक जड़कर शानदार फॉर्म दिखाई थी। पहले से चोटों से जूझ रही है टीम इंडिया श्रीलंका दौरे से पहले ही भारतीय टीम कई चोटों से परेशान है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पहला टेस्ट नहीं खेलेंगे। हर्षित राणा (हैमस्ट्रिंग), नीतीश कुमार रेड्डी (क्वाड्रिसेप्स) और आकाश दीप (पीठ की चोट) भी उपलब्ध नहीं हैं। नेट्स के दौरान टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की दाएं हाथ की अनामिका उंगली में चोट लगी थी। वे एहतियात के तौर पर वॉर्म-अप मैच के शुरुआती 2 दिन खेलने नहीं उतरे। हालांकि, तीसरे दिन वे यशस्वी जायसवाल के साथ ओपन करने उतरे और 44 रन बनाए। श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी और सरफराज खान। --------------------------------------- टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सिराज ने लगातार 3 छक्के लगाकर भारत को जिताया; वॉर्मअप में श्रीलंका को 6 विकेट से हराया भारत ने टेस्ट सीरीज से पहले वॉर्मअप मैच में श्रीलंका-11 को 6 विकेट से हरा दिया। मोहम्मद सिराज ने आखिरी ओवर की लगातार तीन छक्के लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई। पढ़ें पूरी खबर

