विनोद कांबली का वीडियो वायरल:थाणे के एक वृद्धाश्रम में नजर आए, फैंस सेहत को लेकर चिंतित
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली थाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। उनकी मौजूदा हालत देखकर क्रिकेट फैंस चिंतित हैं। हालांकि, कांबली खुद सेंटर की सुविधाओं और वहां मिल रहे प्यार-सम्मान की तारीफ करते हुए नजर आए। सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दिए वीडियो में काबंली खुद सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। कांबली ने कहा कि वे फिलहाल ‘निदान’ में रह रहे हैं और यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। उन्होंने सेंटर की साफ-सफाई और वहां मिलने वाले व्यवहार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां रहते हुए उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि वे अपने घर से दूर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। कांबली को रही है स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें कांबली पिछले कुछ समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे, जिसे देखकर भारतीय क्रिकेट फैंस बेहद दुखी हुए थे। कांबली का क्रिकेट करियर कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले। वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है। सचिन के साथ क्रिकेट में किया था डेब्यू कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। विनोद कांबली ने कीं दो शादियां कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने पहली शादी एक क्रिश्चियन लड़की से की थी। नोएला नाम की लड़की से उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित हो चुके कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। जब मैदान पर रो पड़े थे कांबली 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे।
मुकाबले में शामिल दूसरे भारतीय, नीरज चौहान और संजय यशदीप भोगे, इंडिविजुअल इवेंट में 20वें और 25वें स्थान पर रहे। नीरज ने 676 पॉइंट्स हासिल किए, जबकि संजय ने इवेंट में 665 पॉइंट्स हासिल किए।
राइफल 3पी में मेडल लाने से चूकीं तिलोत्तमा सेन
आइची, एशियन गेम्स 2026 में भारत की तिलोत्तमा सेन और विदर्शा के. विनोद व्यक्तिगत शूटिंग मेडल जीतने से चूक गईं। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा के रोमांचक फाइनल में वे मामूली अंतर से मेडल हासिल नहीं कर सकीं।
West Indies के खिलाफ वनडे सीरीज में Rohit Sharma और Virat Kohli पर रहेंगी निगाहें
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की श्रृंखला में फिर से आकर्षण का केंद्र होंगे जबकि भारतीय टीम 2027 में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहेगा। विश्व कप से पहले भारत को 14 से 20 वनडे मैच खेलने हैं (अगर विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है)। भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे उसे अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले विश्व कप के लिए अपनी मजबूत 15 सदस्यीय टीम तैयार करने में मदद मिलेगी। भारत को यह तय करना होगा यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी को 50 ओवर के प्रारूप में बनाए रखा जाए या नहीं। कोहली के चोटिल हो जाने के कारण जायसवाल ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच खेले। इस वजह से कप्तान शुभमन गिल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में कोहली की वापसी के बाद गिल ने के फिर से पारी का आगाज किया। इस श्रृंखला के लिए जायसवाल को टीम में शामिल तक नहीं किया गया। अब बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने श्रेयस अय्यर और ईशान किशन के एशियाई खेलों के लिए जापान में होने से टीम में वापसी की है लेकिन टीम प्रबंधन इस पर गंभीरता से विचार करेगा कि क्या जायसवाल को पहले मैच से ही रोहित के साथ फिर से पारी का आगाज करने का मौका दिया जाए या रोहित-गिल की जोड़ी को ही बरकरार रखा जाए। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ़ लॉर्ड्स में तूफानी शतक लगाकर अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर कुछ समय के लिए विराम लगा दिया। रोहित इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ होंगे कि वह अपनी लय बनाए रखें और कुछ और बड़ी पारियां खेलें, क्योंकि उन्हें पता होगा कि असफल होने पर उन पर आलोचक हावी हो जाएंगे। इसके विपरीत कोहली की स्थिति अधिक मजबूत है। वह सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15000 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बनने के लिए 51 रन पीछे हैं। कोहली और रोहित दोनों ने शुक्रवार शाम को यहां नेट पर जिस तरह से करीब 20 मिनट तक बल्लेबाजी की, उससे उनकी ललक का पता चलता है। युवा खिलाड़ियों में गुरनूर बराड़ और औकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में विभिन्न मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। लेकिन इन दोनों के पास पर्याप्त अनुभव नहीं है। हार्दिक पंड्या चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं और ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उनकी गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश है। इस 23 वर्षीय ऑलराउंडर में छह वनडे मैचों में किसी भी मैच में अभी तक 10 ओवर भी नहीं फेंके हैं और हो सकता है कि इस श्रृंखला में उन्हें पूरा स्पेल करने का मौका मिल जाए। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी कहा कि रेड्डी के अधिक ओवर करने से टीम को फायदा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम उन्हें ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करते हैं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा होगा। उनके पास अदद ऑलराउंडर बनने के लिए जरूरी प्रतिभा और क्षमता है।’’वेस्टइंडीज की बात करें तो उसे न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ लगातार घरेलू वनडे श्रृंखला में करीबी अंतर से हारने की निराशा को भूलना होगा। उसके खिलाड़ियों की मैच फीस में हाल में ही 25 प्रतिशत कटौती की गई थी और यह देखना बाकी है कि इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है या नहीं। टीम इस प्रकार हैं:भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर। वेस्ट इंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा।
महिला कबड्डी टीम : देश को दिलाया तीसरा गोल्ड
नागोया, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 9वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने जर्मनी को 2.5-1.5 से हराया। भारत के लिए डी. गुकेश ने अलेक्जेंडर डोनचेंको को हराकर महत्वपूर्ण जीत दिलाई। इस रिजल्ट के बाद भारत 15 मैच-पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया। मेजबान उज्बेकिस्तान 16 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। गुकेश ने मुश्किल स्थिति से जीत दिलाई जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी। निहाल सरीन की बाजी ड्रॉ हो चुकी थी, जबकि आर. प्रज्ञानानंद और अर्जुन एरिगैसी की बाजियां भी बराबरी पर थीं। गुकेश की स्थिति खराब थी। इसके बावजूद गुकेश ने खेल जारी रखा और डोनचेंको की गलती का फायदा उठाया। उन्होंने शानदार चाल चलते हुए बाजी की दिशा पलट दी और कुछ ही चालों में जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने मैच 2.5-1.5 से अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने अमेरिका को हराया मेजबान उज्बेकिस्तान ने 9वें राउंड में अमेरिका को हराया। नोदिरबेक याकुबोव ने हंस नीमन के खिलाफ जीत दर्ज की। उज्बेकिस्तान 16 मैच-पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। भारत के अलावा उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम और आर्मेनिया के भी 15-15 पॉइंट्स हैं। विमेंस टीम ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया भारतीय विमेंस टीम ने 9वें राउंड में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया। इस जीत के बाद भारत के 15 मैच-पॉइंट्स हो गए। चीन 17 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने भारत के लिए जीत दर्ज की। बी. सविता श्री की लगातार 7 जीत का सिलसिला ड्रॉ के साथ रुक गया। उन्होंने गुइल्डोना करीमोवा के खिलाफ बाजी बराबर की। कोनेरू हंपी की बाजी भी ड्रॉ रही। अगले राउंड में चीन से खेलेगी विमेंस टीम भारतीय मेंस टीम का अगला मुकाबला उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम से होगा। विमेंस टीम चीन के खिलाफ खेलेगी। टूर्नामेंट में अब दो राउंड बाकी हैं। --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड- भारत का टॉप पर पहुंचने का मौका छूटा:अजरबैजान ने 2-2 पर रोका, विमेंस में सविता श्री ने लगातार 7वां मैच जीता समरकंद में चल रहे 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 8वें राउंड में डिफेंडिंग चैंपियन भारत की मेंस और विमेंस टीम को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। मेंस कैटेगरी में भारत को अजरबैजान ने 2-2 से रोका। विमेंस कैटेगरी में भी कजाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला 2-2 से बराबर रहा। भारत की मेंस टीम के पास टॉप पर पहुंचने का मौका था, लेकिन ड्रॉ के कारण यह मौका छूट गया। पूरी खबर
Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह
भारत की युवा सनसनी अनाहत सिंह ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता के महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Kabaddi: भारत ने Iran को 37-34 से हराकर जीता Gold
गत चैम्पियन भारत ने एशियाई खेलों की कबड्डी स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए ईरान को शनिवार को फाइनल में 37 . 34 से हराकर महिला वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। भारत ने हाफ टाइम तक 22 . 16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26 . 27 कर दिया। भारत एक समय 27 . 22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27 . 26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34 . 28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। पुरूष टीम फाइनल में ईरान से ही खेलेगी। पुरूष और महिला की कबड्डी टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। पुरूष टीम भी जकार्ता में 2018 में फाइनल में ईरान से हारी थी लेकिन हांगझोउ में 2023 में खिताब फिर जीता।
Asian Games में भारत Canoeing में खाली हाथ, पदक स्पर्धाएं हटने और फाइनल में हार से झटका
भारत को एशियाई खेलों की कैनोइंग स्पर्धा से खाली हाथ लौटना पड़ेगा जबकि हांगझोउ खेलों में भारत को एक कांस्य पदक मिला था। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरूष कैनो युगल 1000 मीटर में कांस्य पदक जीता था जब अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। वह स्पर्धा इन एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं है जिससे भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा। पुरूषों के कयाक एकल 500 मीटर में भारत के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत अपने सेमीफाइनल में एक मिनट 50 . 543 सेकंड का समय निकालकर चौथे स्थान पर रहे। फाइनल बी में तीन प्रतियोगियों में वह शीर्ष रहे। मिश्रित कैनो युगल 500 मीटर में राजू रावत और नेहा देवी फाइनल ए में नौ जोड़ियों में आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने दो मिनट 891 सेकंड का समय निकाला। मिश्रित कयाक युगल 500 मीटर में भारत की पार्वती गीता और प्रसन्ना कुमार फाइनल ए में नौवे और आखिरी स्थान पर रहे। इससे पहले वे सेमीफाइनल में चार जोड़ियों में दूसरे स्थान पर थे।
अगर मेडल ना जीतता तो समय की बर्बादी होती; मैराथन में ऐतिहासिक सिल्वर जीतने वाले सावन बरवाल
बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की।
नौकरी के लिए शुरू हुई थी गुलवीर की दौड़, एशियन गेम्स 206 में सिल्वर मेडल जीतने तक पहुंची
यूपी के अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने सेना में भर्ती के लिए दौड़ना शुरू किया था। गुलवीर सिंह एशियन गेम्स में रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी बने। गुलवीर सिंह हाफ मैराथन को एक घंटे से कम समय में दौड़कर पूरी करने वाले पहले भारतीय हैं।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में जीता रजत पदक, बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल के लिए इस साल की शुरुआत में मैराथन में जाने का फैसला महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि उन्होंने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीता और इसके बाद कहा कि अगर वह यह उपलब्धि हासिल नहीं करते तो यह ‘‘समय की बर्बादी’’ होती। बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की। यह मैराथन में उनका लगातार दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम में उन्होंने अपने करियर की पहली मैराथन दौड़ में ही 2:11:58 के समय के साथ शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सेना में कार्यरत इस 28 वर्षीय एथलीट ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं 15-16 साल से अभ्यास और प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं। अगर मुझे यह पदक नहीं मिलता तो यह सब व्यर्थ जाता और समय की बर्बादी होती। यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के रहने वाले बरवाल के पिता कुलदीप नयी दिल्ली में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां सुभद्रा देवी गृहिणी हैं। बरवाल पिछले एक दशक से भी अधिक समय से लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं। उन्हें अपने भाई से प्रेरणा मिली जो स्कूल की एथलेटिक्स टीम में शामिल थे। एक दिन वह अपने भाई के साथ गए और ट्रैक के किनारे दौड़ने लगे। इसके बाद उन्हें 14 साल की उम्र में 1500 मीटर की दौड़ के लिए स्कूल की टीम में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर वह पहली बार 2015 में अंडर-18 वर्ग में 3000 मीटर की दौड़ में शामिल हुए। उनका पहला सीनियर स्तर का मुकाबला 2021 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर की दौड़ थी। उन्होंने देहरादून में 2025 के राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीता। वह 2019 में खेल कोटा के तहत अपने बड़े भाई के साथ सेना में भर्ती हो गए थे। पुणे के सैन्य खेल संस्थान में यूनिस खान और रिलायंस फाउंडेशन में अजीत मार्कोस जैसे अपने कोच की सलाह पर उन्होंने मैराथन की ओर रुख किया। उनका वीओ2 मैक्स (अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता) उच्च पाया गया था, जो उन्हें 42.195 किमी की दूरी के लिए बहुत अच्छा धावक बनाता है। बरवाल ने कहा, ‘‘मुझे मैराथन में अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा था। इसलिए यह सही फैसला था।’’बरवाल से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता था कि वह अपनी पहली दो मैराथन दौड़ में ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लक्ष्य के साथ ही मैराथन में भाग लिया था। मैराथन में भारतीय एथलीट दो घंटे 12 मिनट से कम समय नहीं निकाल पा रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। मैंने स्वयं से कहा कि अगर मैं दो घंटे 12 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाता, तो मैराथन दौड़ने का कोई मतलब नहीं है।’’एशियाई खेलों में हालांकि उनका पूरा ध्यान पदक जीतने पर था। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं दौड़ा। मेरा लक्ष्य पदक जीतना था। जब मैंने अच्छी गति से दौड़ना शुरू किया तब मुझे लगा कि मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं।
एशियन गेम्स: महिला कबड्डी टीम ने देश को दिलाया तीसरा गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। 2010 में महिला कबड्डी के एशियाड में शामिल होने के बाद भारत ने पांच संस्करणों में चार स्वर्ण और एक रजत जीता है। 2018 में भारत को ईरान के खिलाफ फाइनल में हार मिली थी।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास और रोमांच से भरा रहा। एक तरफ जहाँ महिला कबड्डी टीम ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं दूसरी ओर स्क्वैश के मिक्स्ड डबल्स इवेंट से भी भारत की झोली में एक कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक आया। भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया और यह कड़ा मुक़ाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय दल के पदकों की संख्या में और इजाफ़ा हुआ। मैच के दौरान कई मौकों पर ऐसा लगा कि ईरान भारत को हरा देगा। हालाँकि, दबाव के बावजूद टीम ने शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मैच के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियाँ कीं; एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के अलावा, भारतीय टीम की मानसिक मज़बूती ने उन्हें मैच जीतने और अंततः पहले स्थान पर रहने में मदद की। संजू देवी एक बार फिर भारत के लिए स्टार साबित हुईं, जैसा कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान रही थीं। स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा जहाँ एक तरफ़ देश महिला कबड्डी फ़ाइनल में भारत की गोल्ड मेडल जीत से बेहद खुश है, वहीं दूसरी तरफ़ थोड़ी निराशा भी हुई क्योंकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स मुक़ाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल ही जीत सकी। उन्होंने 26 सितंबर को सेमीफ़ाइनल में हांगकांग के ली का यी और तांग मिंग होंग का सामना किया। इस जोड़ी को सेमीफ़ाइनल में तीन गेम के मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। कड़े मुक़ाबले में भारतीय जोड़ी 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हुई तीन गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वे अभी भी स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर हैं और आने वाले इवेंट्स में और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि पुरुषों की कबड्डी टीम भी जल्द ही गोल्ड मेडल मैच में मुख्य आकर्षण होगी, और इस मुकाबले में भारत से एक और शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद की जा सकती है। आगे की राह: पुरुषों की कबड्डी टीम पर होंगी नज़रें महिला टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद अब पूरे देश की निगाहें पुरुषों की कबड्डी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम भी जल्द ही अपने गोल्ड मेडल मैच में उतरने जा रही है। टीम के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत को कबड्डी स्पर्धा से एक और गोल्ड मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा आगामी एथलेटिक्स और अन्य प्रमुख स्पर्धाओं से भी भारत के खाते में कई और पदक आने की संभावना है।
भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी एशियन गेम्स के पदक मुकाबलों में चुनौती पेश कर रहे हैं। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी को सेमीफाइनल में हार मिली और उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स में भारत का तीसरा गोल्ड, महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने इस जीत के साथ 2022 में जीते खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
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नई दिल्ली, भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। बरवाल के सिल्वर ने इवेंट में देश के मेडल जीतने का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। बरवाल को उनकी उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बधाई दी है।
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धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में बनाया रिकॉर्ड, रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक लेकर शीर्ष पर
हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में अपने अभियान की शानदार शुरूआत करते हुए पुरूष रिकर्व क्वालीफिकेशन दौर में रिकॉर्ड 698 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पहले 36 तीरों पर 348 स्कोर किया और आखिरी 36 में 350 स्कोर के साथ 720 में से 698 अंक बनाये। पिछला एशियाई क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड कोरिया के ली वू सियोग के नाम था जिन्होंने 690 अंक बनाये थे। सियोक चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपै के चिन हुन तांग तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को अब 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ में पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरूष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में कभी स्वर्ण नहीं जीता है। तरूणदीप राय ने 2010 में रजत पदक जीता था। कोरियाई टीम से दो बार के चैम्पियन किम वूजिन व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश: 18वें और 25वें स्थान पर रहे। टीम क्वालीफिकेशन में भारत कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत को प्री क्वार्टर फाइनल तक बाय मिला है जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारत को पदक पक्का करने के लिये तीन जीत दर्ज करनी होगी। भारतीय पुरूष टीम ने हांगझोउ में रजत पदक जीता था। महिला कंपाउंड वर्ग में 21 वर्ष की चितिका तानीपर्थी ने 720 में से 705 अंक लेकर व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। हांगझोउ में भारतीय कंपाउंड टीम ने पांचों स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीता था। ज्योति सुरेखा वेन्नम क्वालीफिकेशन में 13वें स्थान पर रही लेकिन प्रिथिका प्रदीप व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी। वह भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रही और हर देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही फाइनल खेलेंगे। टीम वर्ग में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा और वह मंगोलिया के खिलाफ शुरूआत करेगा।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल पर किया कब्जा; ईरान को दी मात
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इतिहास रचने के साथ गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा कर लिया है, जिसमें उन्होंने ईरान की टीम को रोमांचक मुकाहबे में 37-34 के अंतर से मात दी है।
Asian Games: Manush Shah और Yashaswini Ghorpade प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और यशस्विनी घोरपड़े को एशियाई खेलों में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुष और महिला एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से भारत ने इस प्रतियोगिता में एक पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। मानुष को पुरुष एकल में चीन के विश्व में आठवें नंबर के खिलाड़ी लिन शिदोंग से 0-4 (4-11, 4-11, 9-11, 10-12) से हार का सामना करना पड़ा। घोरपड़े महिला एकल के तीसरे दौर में जापान की मिवा हारिमोतो से 1-4 (5-11, 11-4, 4-11, 5-11) से हार गईं। इस तरह से भारत का टेबल टेनिस में अभियान भी समाप्त हो गया। उसने इस प्रतियोगिता में एक पदक जीता। मानुष और दीया चिताले ने शुक्रवार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेलों के इतिहास में यह भारत का मिश्रित युगल में दूसरा पदक था। इससे पहले अचंता शरत कमल और मनिका बत्रा ने जकार्ता एशियाई खेल 2018 में कांस्य पदक जीता था। भारत का एशियाई खेलों में यह टेबल टेनिस में कुल मिलाकर चौथा पदक था।
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। बरवाल के सिल्वर ने इवेंट में देश के मेडल जीतने का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। बरवाल को उनकी उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बधाई दी है।
लक्ष्य सेन एशियन गेम्स के दूसरे दौर से बाहर, सिंगापुर के लोह यू को दी कड़ी टक्कर
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का एशियन गेम्स में शनिवार को एकल का सफर सिंगापुर के लोह कीन यू के खिलाफ एक कड़े मुकाबले में हार के साथ खत्म हुआ।
एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट इवेंट के क्वार्टर फाइनल में 28 सितंबर को भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा। भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है और उसका मुकाबला ग्रुप स्टेज के रनरअप से होना था। अफगानिस्तान ग्रुप-A में 2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। नेपाल और मेजबान जापान का आखिरी ग्रुप मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। जापान को 1 अंक मिला और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि नेपाल 3 अंकों के साथ ग्रुप-A में टॉप पर रहा। नेपाल ने 15 ओवर में बनाए 149 रन निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में बारिश की आशंका के कारण नेपाल और जापान का मैच 15-15 ओवर का कर दिया गया था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल की शुरुआत खराब रही। ओपनर कुशल भुर्तेल 12 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नेपाल के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए। सुंदीप जोरा और लोकेश बम के अर्धशतक सुंदीप जोरा ने नाबाद 57 रन की पारी खेली। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की और बाद में पारी को संभालते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। लोकेश बम ने सिर्फ 22 गेंद में नाबाद 52 रन बनाए। उन्होंने तेजी से रन बनाए और कई छक्के लगाए। दोनों ने मिलकर नेपाल को 149 रन तक पहुंचाया। आसिफ शेख ने भी टीम के स्कोर में योगदान दिया। कुशल मल्ला और गुलशन झा 2-2 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी नेपाल की पारी खत्म होने के बाद मैदान पर फिर तेज बारिश शुरू हो गई। काफी इंतजार के बाद भी हालात नहीं सुधरे और मैदान खेलने लायक नहीं हो सका। जापान की टीम अपनी पारी में एक भी गेंद नहीं खेल सकी। इसके बाद अंपायरों ने मैच को बिना किसी नतीजे के खत्म करने का फैसला किया। जापान को 1 अंक मिला और वह ग्रुप-A में तीसरे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल टॉप, अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर नेपाल के 3 अंक रहे और वह ग्रुप-A में पहले स्थान पर रहा। अफगानिस्तान के 2 अंक रहे, जिससे उसने दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जापान को सिर्फ 1 अंक मिला। इस तरह ग्रुप-A से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमें बनीं। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स में नेपाल का उलटफेर:अफगानिस्तान को 5 विकेट से हराया, 103 रन का टारगेट 18वें ओवर में हासिल किया नेपाल ने एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट में अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है। जापान के निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की। टीम 20 ओवर में सिर्फ 102 रन बना सकी। जवाब में नेपाल ने 17.2 ओवर में 5 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पूरी खबर
एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट इवेंट के क्वार्टर फाइनल में 28 सितंबर को भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा। अफगानिस्तान ग्रुप-A में 2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। नेपाल और मेजबान जापान के बीच शुक्रवार को खेला गया आखिरी ग्रुप मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे जापान को 1 अंक मिला और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल 3 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर रहा। नेपाल ने 15 ओवर में बनाए 149 रन निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में बारिश की आशंका के कारण नेपाल और जापान का मैच 15-15 ओवर का कर दिया गया था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल की शुरुआत खराब रही। ओपनर कुशल भुर्तेल 12 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नेपाल के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए। सुंदीप जोरा और लोकेश बम के अर्धशतक सुंदीप जोरा ने नाबाद 57 रन की पारी खेली। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की और बाद में पारी को संभालते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। लोकेश बम ने सिर्फ 22 गेंद में नाबाद 52 रन बनाए। उन्होंने तेजी से रन बनाए और कई छक्के लगाए। दोनों ने मिलकर नेपाल को 149 रन तक पहुंचाया। आसिफ शेख ने भी टीम के स्कोर में योगदान दिया। कुशल मल्ला और गुलशन झा 2-2 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी नेपाल की पारी खत्म होने के बाद मैदान पर फिर तेज बारिश शुरू हो गई। काफी इंतजार के बाद भी हालात नहीं सुधरे और मैदान खेलने लायक नहीं हो सका। जापान की टीम अपनी पारी में एक भी गेंद नहीं खेल सकी। इसके बाद अंपायरों ने मैच को बिना किसी नतीजे के खत्म करने का फैसला किया। जापान को 1 अंक मिला और वह ग्रुप-A में तीसरे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल टॉप, अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर नेपाल के 3 अंक रहे और वह ग्रुप-A में पहले स्थान पर रहा। अफगानिस्तान के 2 अंक रहे, जिससे उसने दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जापान को सिर्फ 1 अंक मिला। इस तरह ग्रुप-A से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमें बनीं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा, जिसमें दोनों टीमों के बीच में यह मैच 28 सितंबर को खेला जाएगा।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान पर ली बड़ी बढ़त, पहले हाफ में आगे; स्वर्ण जीतने का मौका
भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों के बीच एशियन गेम्स का फाइनल मैच जारी है। भारतीय टीम गत चैंपियन है और उसकी नजरें स्वर्ण का बचाव करने पर टिकी हुई है।
Asian Games Squash: Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार को मिक्स्ड डबल्स में मिला कांस्य पदक
भारत की जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को एशियाई खेलों में शनिवार को स्क्वाश प्रतियोगिता के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
IND vs WI: शुभमन गिल पहले ODI से बाहर? ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोट लगने की वजह से उनका खेलना संदिग्ध
PC: news24online भारत के कप्तान शुभमन गिल को शुक्रवार को ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोट लगी। गिल को नेट्स में बैटिंग करते समय मोहम्मद सिराज की एक उछलती हुई गेंद उनकी दाहिनी कोहनी पर लगी। उसके बाद वे नेट्स से तुरंत वापस चले गए और उनका इलाज किया गया। यह घटना तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI से ठीक दो दिन पहले हुई। चोट लगने के बाद सिराज ने गिल का हालचाल पूछा, जबकि पास के नेट पर बैटिंग कर रहे विराट कोहली भी यह देखने गए कि कप्तान कैसा महसूस कर रहे हैं। बाद में गिल को अपनी कोहनी पकड़े बैठे देखा गया, जबकि सपोर्ट स्टाफ ने उनके हाथ पर पट्टी बांध दी। गिल के पास रिकवरी के लिए कम समय गिल को ये चोट भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI मैच से ठीक दो दिन पहले लगी है, जो रविवार को तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इसलिए गिल के पास भारत की तीन मैचों की ODI सीरीज़ शुरू होने से पहले ठीक होने के लिए कम समय है। भारत कई चोटों की चिंताओं से जूझ रहा है भारत को 2026 सीज़न के दौरान कई चोटों की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के लिमिटेड ओवर्स टूर के दौरान या उसके आस-पास मैच नहीं खेले हैं। बुमराह और रेड्डी अब वापस आ गए हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा अभी भी बाहर हैं। भारत बनाम वेस्टइंडीज पहला ODI भारत रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले ODI में वेस्टइंडीज का सामना करेगा। गिल के नेतृत्व में, भारतीय टीम उम्मीद करेगी कि कप्तान कोहनी की चोट से पूरी तरह ठीक हो जाएं और सीरीज़ के पहले मैच के लिए उपलब्ध रहें। भारत ODI टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उप-कप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।
लक्ष्य सेन एशियन गेम्स के पुरुष एकल के दूसरे दौर में सिंगापुर के लोह कीन यू से 21-12, 15-21, 21-14 से हारकर बाहर हो गए।
इंटरनेट डेस्क। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे मैराथन में भारत का 44 साल का पदक का सूखा खत्म हो गया है। सावन ने आज तड़के 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक पर कब्जा किया। देश को 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स मैराथन में पोडियम फिनिश मिली। इस इवेंट में 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत को कांस्य पदक मिला था। वहीं शूटिंग में भारत को 11वां मेडल मिला है। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन कैटेगरी में भारतीय टीम ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता। इस टीम में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद के नाम शामिल रहे। शूटिंग में भारत को अब तक एक गोल्ड, छह सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मिल चुके हैं। इससे भारत अब पदक तालिका में 12वें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल 25 पदक हो चुके हैं। इसमें 2 गोल्ड, 11 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं। कबड्डी से आज मिल सकते हैं दो स्वर्ण पदक आज भारत के खाते में कबड्डी से दो स्वर्ण पदक आ सकते हैं। आज महिला और पुरुष वर्ग के कबड्डी फाइनल खेले जाएंगे। भारत की महिला और पुरुष टीम का फाइनल मुकाबला ईरान से होगा। महिला टीम का मैच सुबह 9:30 बजे, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला दोपहर 2:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीमें कबड्डी में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार हैं। वहीं कई अन्य एथलीटों से भी पदक की उम्मीद है। PC:indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games में Tilottama Sen और भारतीय तिकड़ी ने 50m राइफल 3P में जीता सिल्वर
भारत की तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने एशियाई खेलों में शनिवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में रजत पदक जीता और तिलोत्तमा तथा विदर्सा ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बना ली। भारतीय टीम ने 1763 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक लेकर खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला। व्यक्तिगत वर्ग में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395 . 25 एक्स और 395 . 23 एक्स स्कोर किया। विदर्सा ने 588 स्कोर करके क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया। विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में कुल 590 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं आशी ने 585 अंक बनाये। आशी और तिलोत्तमा ने नीलिंग और प्रोन चरण में 395 स्कोर किया जिसमें आशी ने इनर 10 में 25 और तिलोत्तमा ने 23 निशाने लगाये। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग में बेहतर प्रदर्शन करके 590 स्कोर किया और शीर्ष तीन में पहुंच गई। विदर्सा ने भी फाइनल में जगह बनाई। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में निशानेबाज नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाने लगाते हैं।
भारत ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1763 अंकों के साथ रजत पदक जीता। चीन ने स्वर्ण और कजाकिस्तान ने कांस्य अपने नाम किया। तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई, जबकि आशी चौकसे 15वें स्थान पर रहीं।
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। तीनों ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 1763 पॉइंट्स बनाए।
Asian Games: Loh Kean Yew से तीन गेम में हारे Lakshya Sen, दूसरे दौर से बाहर
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन एशियाई खेलों में दूसरे दौर से बाहर हो गए जिन्हें पुरूष एकल वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन सिंगापुर के लोह कीन यू ने तीन गेम में हराया। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। उन्होंने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games मैराथन में Sawan Barwal ने 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है। भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किलोमीटर तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किलोमीटर में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किलोमीटर में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। घर के पास एक ट्रैक को देखने के बाद बरवाल की दौड़ में रूचि जगी। उनके बड़े भाई भी स्कूल की ट्रैक टीम में थे। बरवाल ने 14 वर्ष की उम्र में 1500 मीटर की तैयारी शुरू की। उन्होंने अंडर 18 आयुवर्ग में 2015 में 3000 मीटर रेस में भाग लिया। सीनियर स्तर पर उनकी पहली रेस 2021 में 5000 मीटर की थी। उन्होंने देहरादून में 2025 राष्ट्रीय खेलों में 5000 और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। वह 2019 में खेल कोटे से अपने भाई के साथ सेना में शामिल हुए। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास
राइफल निशानेबाज इलावेनिल वालारिवन ने कहा कि मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन दक्षिण कोरिया की बान योजिन को हराकर एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीतने से उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में आखिरी समय तक शीर्ष पर रहने के बाद स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली। इलावेनिल समेत आठ भारतीय निशानेबाजों का शुक्रवार की देर रात जापान से भारत लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। इलावेनिल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने का मौका मिला। स्वर्ण नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन अभी यह शुरूआत है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने विश्व चैम्पियन और ओलंपिक चैम्पियन को हराया जो तीसरे स्थान पर रही। मेरे पास शानदार टीम है और हमारी ट्रेनिंग सही थी। इस पदक से आत्मविश्वास बढा है और मुझे पता है कि मेरी तैयारी सही रास्ते पर है।’’भारतीय निशानेबाजी दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्ष के मैराज अहमद खान ने कहा ,‘‘ पिछले 25 साल से मैं काम कर रहा हूं। मैने 2006 एशियाई खेलों में पहला पदक जीता था और दो दशक बाद देश के लिये पदक जीता है।’’दो रजत पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका ने कहा ,‘‘ यह काफी मायने रखता है। मैने चीन में भी दो पदक जीते थे और इस बार भी। हम सभी के लिये यह गर्व का पल है। हमने इसके लिये काफी मेहनत की थी। पदक का रंग बेहतर होता तो और अच्छा लगता लेकिन खुशी है कि दो पदक जीते।
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India Asian Games Medal tally: एशियन गेम्स 2026 में भारत अभी तक 2 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज समेत कुल 24 मेडल जीत चुका है। आज का पहला मेडल सावन बरवाल ने मैराथन में इतिहास रचकर जिताया।
सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन का रजत पदक जीतकर भारत का 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया। उन्होंने 2:11:36 के समय के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया। जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता।
भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या फिर चोटिल हो गए हैं। उनके दाएं पैर की आगे की हड्डी में चोट लगी है। इस वजह से वे कम से कम 3 हफ्ते तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। चोट के कारण हार्दिक न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे दोनों सीरीज नहीं खेल पाएंगे। टी-20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होगी। 2 हफ्ते आराम, इसके बाद शुरू होगा रिहैब BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, हार्दिक के हालिया स्कैन में दाएं पैर के आगे की हड्डी में इंजरी सामने आई है। उन्हें 2 हफ्ते पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। BCCI मेडिकल पैनल के हेड डॉ. दिनशॉ पारदीवाला अभी जापान में हैं। उनके लौटने के बाद हार्दिक की रिपोर्ट का आकलन किया जाएगा। इसके बाद रिहैब शुरू करने का फैसला होगा। इंडिया-ए टीम में चुने गए थे, अब ऑस्ट्रेलिया-ए सीरीज भी नहीं खेलेंगे हार्दिक का रिर्टन टू प्ले टारगेट 20 सितंबर रखा गया था। इसी के आधार पर उन्हें ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 6 अक्टूबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए इंडिया-ए टीम में चुना गया था। नई चोट के कारण अब वे इस सीरीज से भी बाहर हो गए हैं। एशियन गेम्स के लिए जापान जाने वाले थे BCCI हार्दिक को एशियन गेम्स के लिए जापान जाने वाले भारतीय दल के साथ भेजना चाहता था। इसके लिए बोर्ड की ऑपरेशंस टीम ने उनके पासपोर्ट का वीजा वर्क भी शुरू कर दिया था। अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज शुरू होने से ठीक पहले फील्डिंग ड्रिल के दौरान हार्दिक को घुटने के आसपास तेज दर्द हुआ। उन्होंने कुछ दिन आराम किया। फिटनेस सर्टिफिकेट लेने की तैयारी के दौरान दर्द फिर उभर आया। इसके बाद स्कैन कराया गया, जिसमें इंजरी की पुष्टि हुई। 4 महीने में तीसरी बार समस्या 32 साल के हार्दिक IPL के बाद से बेंगलुरु में रह रहे हैं। वे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग कर रहे थे। पिछले 4 महीने में हार्दिक को तीन बार चोट की समस्या हुई है। अफगानिस्तान वनडे सीरीज, इंग्लैंड टी-20 सीरीज और अब ऑस्ट्रेलिया-ए सीरीज से पहले उन्हें चोट लगी। इन चोटों ने उनकी वापसी की टाइमलाइन को प्रभावित किया है। अब जिम्बाब्वे सीरीज में वापसी पर नजर न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर होने के बाद हार्दिक की वापसी अब जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज से हो सकती है। अगर तब तक वे फिट नहीं होते हैं तो विजय हजारे ट्रॉफी या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलकर फिटनेस साबित करने का विकल्प होगा।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 26 सितंबर; कई गोल्ड मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में आज कबड्डी समेत कई इवेंट में भारत के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारत अभी तक 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज समेत 23 मेडल जीत चुका है।
9 खिलाड़ी, एक ही सरनेम... एशियन गेम्स में इस टीम के चर्चे
हॉन्ग कॉन्ग ने टॉस जीतकर पहले पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 121 रन बनाए. जवाब में ओमानी टीम निर्धारित 20 ओवर्स में 6 विकेट पर 80 रन ही बना सकी. ओमान अब मलेशिया के खिलाफ उतरने जा रहा है. क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए उसके लिए यह मुकाबला अहम होगा.
एशियन गेम्स 2026 जारी है और भारतीय दल इसमें ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने की कोशिश कर रहा है। भारत ने अब तक 20+ पदक अपने नाम कर लिए हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो पदक से चूक गए।
एशियन गेम्स 2026 में दमदार प्रदर्शन करके स्वदेश लौटे भारतीय शूटर्स, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय शूटर्स शुक्रवार को स्वदेश लौटे। एयरपोर्ट पर शूटर्स का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत हुआ। इस मौके पर कई शूटर्स के परिवार के लोग भी पहुंचे।
इंडिया ए ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेज किया 363 रन का टारगेट, एक भी बल्लेबाज का शतक नहीं
इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए महिला टीमों के बीच तीसरा वनडे मैच मोहाली के PCA स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में टीम इंडिया ने आसानी से 363 रन के बड़े टारगेट को हासिल किया। इंडिया ए ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया।
'हमारे पूरे परिवार की मेहनत सफल हो गई', मनप्रीत कौर के ब्रॉन्ज मेडल जीतने से गदगद सास-ससुर
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को मनप्रीत कौर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शॉट पुट में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। उन्होंने 17.17 मीटर दूर गोला फेंककर तीसरा स्थान हासिल...
भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को प्रैक्टिस सेशन के दौरान शुक्रवार को चोट लग गई। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंद उनके दाहिनी कोहनी पर जा लगी। वे काफी दर्द में नजर आए। इसके बाद सिराज तुरंत गिल के पास पहुंचे और उनका हाल जाना। फिजियो ने पहले उनके कंधे की फ्लेक्सिबिलिटी जांची और फिर कोहनी पर आइस पैक लगाया। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरु हो रही है। रविवार को तिरुवनंतपुरम में तीन की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा। करीब 20 मिनट तक आइस पैक लगाए बैठे रहे गिल ने करीब 20 मिनट तक आइस पैक लगाए रखा। इसके बाद फिजियो ने उनकी कोहनी पर प्लास्टर लगाया। वे प्रैक्टिस सेशन के दौरान लगातार आराम करते रहे। इस दौरान सिराज उनके पास बैठे रहे। बाद में रोहित शर्मा भी गिल का हाल जानने पहुंचे। इसके बाद विराट कोहली और गुरनूर बरार भी उनके पास बैठे रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद फिर जांच हुई करीब एक घंटे बाद फिजियो ने गिल को दोबारा आइस पैक दिया। इसके बाद वे फिर अपनी सीट पर जाकर बैठ गए और बाकी टीम की प्रैक्टिस देखते रहे। आधे घंटे और बितने के बाद फिजियो ने एक बार फिर जांच की। इसके बाद भी गिलन बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे और अपना प्रोटेक्टिव गियर समेटते नजर आए। बाएं हाथ से शॉट की नकल की प्रैक्टिस के आखिरी पलों में गिल ने यशस्वी जायसवाल के साथ मुस्कुराते हुए बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दाहिना हाथ सीधा रखते हुए बाएं हाथ की कोहनी से शॉट खेलने की नकल भी की। वे एक हाथ में बल्ला और दूसरे हाथ में पैड लेकर बाहर गए। ------------------------- भारत-वेस्टइंडीज सीरीज से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में रोहित-विराट:जडेजा की 8 महीने बाद वापसी, हार्दिक-पंत को जगह नहीं; टी-20 में सूर्यवंशी बरकरार वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे और 5 टी-20 की सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली बरकरार हैं। शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान होंगे। रवींद्र जडेजा 8 महीने बाद लौटे हैं। उन्होंने अपना पिछला वनडे जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। पूरी खबर पढ़ें…
भारत ने 44वीं रैंकिंग पर काबिज पनामा को दी टक्कर, फ्रेंडली मैच 1-1 से बराबर रहा
भारत ने बेंगलुरु में फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में 44वीं रैंकिंग वाली पनामा को 1-1 से ड्रॉ पर रोका।
'वह हमें लगातार गौरवान्वित कर रहे', पीएम मोदी ने मेडल जीतने पर गुलवीर-मनप्रीत और बारानिका को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह, मनप्रीत कौर और बारानिका इलांगोवन को बधाई दी...
इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच से बाहर हो गए हैं। वह दूसरे वनडे मैच में बैटिंग करने के दौरान चोटिल हुए थे।
'वह हमें लगातार गौरवान्वित कर रहे', पीएम मोदी ने मेडल जीतने पर गुलवीर-मनप्रीत और बारानिका को दी बधाई
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह, मनप्रीत कौर और बारानिका इलांगोवन को बधाई दी। इन तीनों ने शुक्रवार को भारत के एथलेटिक्स मेडल टैली में दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जोड़ा।
IND vs WI वनडे सीरीज से पहले शुभमन गिल को लगी चोट, क्या खेल पाएंगे पहला ODI मैच?
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले अभ्यास सत्र के दौरान कप्तान शुभमन गिल की दाहिनी कोहनी पर मोहम्मद सिराज की एक गेंद लग गई, जिससे वे चोटिल हो गए। इस सीरीज का पहला वनडे 27 सितंबर को खेला जाएगा।
'यह एक बड़ी उपलब्धि', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष-दिया को दी बधाई
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को मनुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मनुष-दिया को खास उपलब्धि हासिल करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई दी है।
भारत ने पनामा के खिलाफ इंटरनेशनल फ्रेंडली फुटबॉल मैच में बढ़त बना ली है। रयान विलियम्स ने 41वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में हाफ टाइम हो गया है। फीफा रैंकिंग में पनामा 46वें और भारत 136वें नंबर पर है। पनामा ने 2018 के बाद 2026 में दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। हालांकि टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। पनामा की मौजूदा टीम में 2026 वर्ल्ड कप खेल चुके 14 खिलाड़ी हैं। शुरुआत में पनामा का दबदबा मैच के शुरुआती मिनटों में पनामा ने गेंद पर ज्यादा कब्जा रखा और बाएं फ्लैंक से लगातार हमले किए। हालांकि भारत के डिफेंडर्स विक्रम प्रताप सिंह और अनवर अली ने ने बचाव किया। 11वें मिनट में गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने पनामा के क्रॉस पर नीचे झुककर गेंद को रोकते हुए खतरा टाला। कुछ मिनट बाद अनवर अली ने जैर मॉडलो की दौड़ को रोककर पनामा का एक और अटैक खत्म किया। भारत ने 20 मिनट बाद बनाया दबाव करीब 20 मिनट के बाद भारत ने पनामा के हाफ में ज्यादा समय बिताना शुरू किया। 22वें मिनट में आशिके कुरुनियन ने तेजी से आगे बढ़ते हुए विलियम्स को बॉक्स में गेंद पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन पनामा के डिफेंडर ने उसे रोक दिया। 26वें मिनट में विलियम्स ने बॉक्स के अंदर आशिके को गेंद दी। आशिके ने डिफेंडर को छकाकर शॉट लगाया, लेकिन गेंद साइड-नेटिंग में चली गई। इससे पहले 18वें मिनट में विलियम्स का लो शॉट भी पोस्ट के बेहद करीब से बाहर गया था। उन्होंने इसके बाद भारत के लिए पहला कॉर्नर भी हासिल किया। विलियम्स ने मौका नहीं गंवाया लगातार हमले कर रहे विलियम्स को 41वें मिनट में सफलता मिली। उन्होंने पनामा की डिफेंस को भेदते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया और भारत को मैच में 1-0 की बढ़त दिला दी। विलियम्स के लिए यह गोल खास मैदान पर आया है। उन्होंने बेंगलुरु FC के साथ भारतीय क्लब फुटबॉल में अपने करियर की शुरुआत की थी और कांतीरवा स्टेडियम उनके क्लब करियर का घरेलू मैदान रहा है। अब वह पहली बार इसी मैदान पर भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी में खेल रहे हैं। रयान ने मार्च 2026 में भारत के लिए डेब्यू किया था और यह उनका तीसरा अंतरराष्ट्रीय मैच है। ब्राजील और उरुग्वे से भी होंगे मुकाबले पनामा के के बाद अक्टूबर में टीम ब्राजील और उरुग्वे से भिड़ेगी। ब्राजील के खिलाफ मैच 3 अक्टूबर और उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला 6 अक्टूबर को कोलकाता में खेला जाएगा। तीन साल बाद कांतीरवा में लौटी सीनियर टीम यह मुकाबला कांतीरवा स्टेडियम में भारतीय सीनियर टीम की वापसी भी है। भारत ने इसी मैदान पर 2023 में SAFF चैंपियनशिप जीती थी। पनामा के खिलाफ मैच पहले 26 सितंबर को होना था, लेकिन बेंगलुरु मैराथन की तैयारियों के चलते इसे एक दिन पहले 25 सितंबर कर दिया गया।
7वें दिन भारत की झोली में आए कितने मेडल? शूटिंग में गोल्ड के साथ पोल वॉल्ट में रचा इतिहास
भारत ने एशियन गेम्स के सातवें दिन कुल 6 मेडल जीते। शूटिंग में पहला गोल्ड मेडल हासिल किया ,जबकि बारानिका एलांगोवान ने पोल वॉल्ट स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य जीता।
Khalid Jamil की Team India का Panama के खिलाफ Bengaluru में पहला Football मुकाबला
भारतीय फुटबॉल टीम शुक्रवार को बेंगलुरु में पनामा के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। श्री कांतीरवा स्टेडियम में होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा। खालिद जमील की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके बाद उसे ब्राजील और उरुग्वे जैसी विश्व कप में खेल चुकी टीमों से भीड़ना है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत और पनामा की सीनियर पुरुष टीमों के बीच यह पहला मुकाबला है। फीफा की ताजा रैंकिंग में पनामा 44वें स्थान पर है, जबकि भारत 138वें स्थान पर है। पनामा ने 2026 विश्व कप में हिस्सा लिया था और उसके मौजूदा दल में विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे 14 खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में भारतीय टीम के सामने अनुभवी खिलाड़ियों वाली टीम को रोकने की चुनौती होगी। भारतीय टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने इस अंतरराष्ट्रीय खिड़की के लिए 26 खिलाड़ियों का दल चुना है। गोलकीपरों में अल्बिनो गोम्स, गुरप्रीत सिंह संधू, प्रभसुखन सिंह गिल और सोम कुमार शामिल हैं। गुरप्रीत सिंह संधू के गोलकीपर की भूमिका संभालने की उम्मीद है। वहीं अटैक लाइन में बेंगलुरु से जुड़े रयान विलियम्स पर भी नजर रहेगी। वह पिछले 3 वर्षों से बेंगलुरु फुटबॉल क्लब के लिए खेल रहे हैं और कांतीरवा की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। भारत के दल में अबिषेक सिंह टेकचम, आकाश मिश्रा, अनवर अली, बिजॉय वर्गीज, हमिंगथनमाविया राल्टे, जय गुप्ता, प्रमवीर और रिकी मीतेई हाओबाम जैसे रक्षक शामिल हैं। मिडफील्ड में अनिरुद्ध थापा, आशिक कुरुनियन, फारुख चौधरी, लालेंगमाविया राल्टे, मैकार्टन निक्सन, मोहम्मद सनान, रिकी शाबोंग और सहल अब्दुल समद को जगह मिली है। अटैकर्स में एडमंड लालरिंदिका, इरफान यावदाद, मनवीर सिंह, रहीम अली, रयान विलियम्स और विक्रम प्रताप सिंह शामिल हैं। हालांकि, ललियांजुआला छांग्ते को इस दल में जगह नहीं मिली है। पनामा के मुख्य कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन ने 27 खिलाड़ियों का दल चुना है। इसमें ऑरलांडो मोस्केरा, मार्कोस डी लियोन, एडी रॉबर्ट्स, सेसर ब्लैकमैन, जॉर्ज गुटियरेज, जैर मॉडल, अमीर मुरिल्लो, उमर वालेंसिया, मार्टिन क्रुग, आंद्रेस एंड्राडे, जोसे कॉर्डोबा और जियोवानी रामोस जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। मिडफील्ड में कार्लोस हार्वी, अदाल्बेर्तो कारास्किया, क्रिस्टियन मार्टिनेज और जोसे लुइस रोड्रिगेज जैसे नाम हैं। गौरतलब है कि यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए 2026 विश्व कप में खेल चुकी टीमों के खिलाफ लगातार 3 बड़े मुकाबलों की शुरुआत है। पनामा के बाद भारत 3 अक्टूबर को कोलकाता में 5 बार की विश्व चैंपियन ब्राजील से भिड़ेगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को उसी शहर में उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला होगा। बेंगलुरु में भारतीय टीम करीब 3 वर्षों बाद लौट रही है। इसी मैदान पर भारत ने 2023 में कुवैत को फाइनल में हराकर साफ चैंपियनशिप का खिताब जीता था। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर मजबूत प्रदर्शन किया था। इससे पहले भी बेंगलुरु भारतीय फुटबॉल के लिए खास रहा है। 2001 में भारत ने इसी शहर में विश्व कप क्वालीफायर के दौरान संयुक्त अरब अमीरात को 1-0 से हराकर अहम जीत दर्ज की थी। बता दें कि भारत और पनामा का मुकाबला पहले 26 सितंबर को होना था, लेकिन बेंगलुरु में होने वाली मैराथन के कारण इसे एक दिन पहले 25 सितंबर कर दिया गया है। भारत में इस मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मुकाबला सोनी स्पोर्ट्स 2 पर देखा जा सकेगा, जबकि बंगाली भाषा में प्रसारण सोनी आथ पर होगा। इंटरनेट पर मुकाबला सोनी लिव पर देखा जा सकेगा।
विनोद कांबली ने वृद्धाश्रम से शेयर किया वीडियो, फैंस उनकी सेहत को लेकर हुए चिंतित
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे एक ओल्ड एज होम में दिखाई दे रहे हैं।
Asian Games में MMA पदक विजेता Suchika Tariyal ने सेमीफाइनल के फैसले पर उठाए सवाल
अइची-नागोया एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। भारत के लिए सुचिका तारियाल ने इस नई स्पर्धा में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय सुचिका को सेमीफाइनल में सिंगापुर की टिया हुई हूं के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह कांस्य पदक लेकर लौटी हैं और एशियाई खेलों में इस खेल में भारत की पहली पदक विजेता बनी हैं। सुचिका के मुताबिक, सेमीफाइनल का मुकाबला बराबरी पर घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद सामान्य तरीके से एक और दौर कराने के बजाय वजन से जुड़े नियम के आधार पर विजेता तय किया गया। उन्होंने इस फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें एक और दौर खेलने का मौका मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर एक और दौर कराया जाता और उसमें वह हार जातीं, तो वह उस नतीजे को स्वीकार कर लेतीं। लेकिन मुकाबला बराबरी पर घोषित करने के बाद वजन के नियम से फैसला किए जाने को वह स्वीकार नहीं कर सकीं। सुचिका ने इसे बेहद खराब नियम बताया है। सुचिका ने कहा कि मुकाबले के दौरान उन्हें भरोसा था कि वह जीत की ओर बढ़ रही थीं। उनके अनुसार, यहां तक कि अतिरिक्त 1 मिनट के दौर में भी वह अपनी विरोधी पर दबाव बनाए हुए थीं। उन्होंने दावा किया कि टिया हुई हूं पीछे की ओर जा रही थीं, जबकि वह लगातार उन पर दबाव बनाए हुए थीं। मौजूद जानकारी के अनुसार, सुचिका ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि अधिकारियों ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर धोखाधड़ी नहीं बताया, लेकिन सवाल जरूर उठाया कि जब मुकाबला बराबरी का था तो जीत उन्हें भी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि उनकी कमी क्या रही, जिसके आधार पर जीत उनकी विरोधी को दी गई। सुचिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर से जुड़े मिक्स मार्शल आर्ट्स संगठन का जिक्र करते हुए यह भी आशंका जताई कि शायद उसकी वजह से उनकी विरोधी को फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि संभव है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कोई प्रतिबद्धता रही हो और बाद में उससे पीछे हटना मुश्किल रहा हो। हालांकि, सुचिका ने साफ किया कि वह इसे धोखाधड़ी नहीं कह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले को खराब किस्मत भी माना जा सकता है। सुचिका ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को महासंघ के सामने उठाया तो उन्हें बताया गया कि दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थीं, लेकिन जीत टिया हुई हूं को दे दी गई। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें भी विजेता घोषित किया जा सकता था। गौरतलब है कि 36 साल की सुचिका के लिए यह पदक बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह कांस्य पदक जीतकर भी बेहद खुश हैं और यह पदक उनके लिए जिंदगी से भी ज्यादा कीमती है। इसके पीछे उनकी लंबे समय की मेहनत रही है। बता दें कि मिक्स मार्शल आर्ट्स का एशियाई खेलों में पहली बार आयोजन होने के कारण सुचिका का कांस्य पदक भारतीय खेल इतिहास में खास जगह रखता है। सेमीफाइनल में मिली निराशा के बावजूद उन्होंने भारत को इस खेल में पहला एशियाई खेल पदक दिलाया है और नई स्पर्धा में देश की शुरुआत पदक के साथ हुई है।
Asian Games 10000m Race में Gulveer Singh ने जीता Silver Medal
भारत के लंबी दूसरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर ने इस साल की शुरुआत में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। गुलवीर ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़ा होना संतोषजनक है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’उन्होंने इस स्तर की रेस के लिए तैयारी करने में अपनी सहयोगी टीम की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर अक्सर छोटी-छोटी चीजें ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती हैं। कोच से लेकर फिजियो, विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ तक, सही लोगों का आपके आसपास होना आपको पूरी तरह अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करने देता है। जब उन बारीकियों का लगातार ध्यान रखा जाता है, तो यह रेस के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। ’’भारतीय सेना के इस 28 वर्षीय नायब सूबेदार ने दक्षिण कोरिया के गुमी में 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीते। वह पिछले दो वर्षों से शानदार फॉर्म में हैं। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। वह 2025 में चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने जिसमें उन्होंने 3:55.63 सेकेंड का समय दर्ज किया। वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने जिसमें उनका समय 59:42 मिनट रहा। वह इंडोर 5,000 मीटर में 13 मिनट का समय निकालने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने। उन्होंने 12:59.77 का समय दर्ज किया। गुलवीर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग ले रहे थे।
Asian Games Archery: Dhiraj Bommadevara की अगुवाई में भारतीय दल करेगा अभियान का आगाज
अनुभव और युवा जोश से भरी भारतीय तीरंदाजी टीम एशियाई खेलों में अपने अभियान का शनिवार को आगाज करेगी तो नजरें हांगझोउ में नौ पदक के रिकॉर्ड को बेहतर करने पर लगी होंगी। भारतीय दल की अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा करेंगे जो पिछले सप्ताह साल्टिलो में विश्व कप फाइनल जीतकर जापान पहुंचे हैं। वह सत्र का आखिरी यह खिताब जीतने वाले भारत के पहले पुरूष रिकर्व तीरंदाज हैं। एशियाई खेलों के जरिये लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के छह कोटा स्थान भी तय होंगे। पुरूष और महिला व्यक्तिगत रिकर्व में दो दो स्थान तय होंगे जबकि रिकर्व मिश्रित टीम और कंपाउंड मिश्रित टीम चैम्पियन को भी कोटा मिलेगा। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा एशियाई खेलों में पदार्पण करने जा रही है। भारत के लिये धीरज पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं जिन्होंने 2023 विश्व कप फाइनल में कोरिया के किम वूजिन को हराया था। वूजिन यहां कोरियाई चुनौती की अगुवाई करेंगे। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता किम जे दियोक और ली वू सियोग भी कोरियाई टीम में हैं। धीरज के साथ यशदीप भोगे और नीरज चौहान हैं। भारत ने हांगझोउ खेलों में पुरूष रिकर्व टीम में रजत पदक जीता था। महिला रिकर्व टीम भी पदक की दावेदार है जिसमें अंकिता भकत के साथ कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा हैं जिन्होंने शंघाई विश्व कप में कोरिया और चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अनुभवी दीपिका कुमारी की कमी टीम को खल सकती है जो चयन ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने के बाद टीम में जगह नहीं बना सकी। कंपाउंड वर्ग में भारत ने हांगझोउ में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे और चुनौती की अगुवाई ओजस देवताले तथा ज्योति सुरेखा वेन्नम ने की थी। देवताले, अदिति स्वामी और अभिषेक वर्मा इस बार टीम में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह ज्योति के साथ चितिका तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप होंगे। पुरूष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश तिरू मुरू हैं।
बारानिका एलांगोवान ने रचा इतिहास, पोल वॉल्ट में जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक
भारत की बारानिका एलांगोवान ने एशियाई खेलों में महिलाओं की पोल वॉल्ट स्पर्धा में देश को पहला कांस्य दिलाया।
Asian Games Table Tennis: मानुष शाह और दीया चिताले ने जीता कांस्य पदक
भारत के मानुष शाह और दीया चिताले ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के मिश्रित युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल में चीन के वांग चुकिन और सुन यिंगशा से मिली हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 8 . 11, 5 . 11, 8 . 11, 2 . 11 से पराजय मिली। सेमीफाइनल हारने के बावजूद उन्होंने इन खेलों में भारत को टेबल टेनिस में पहला पदक दिलाया। इससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हांगकांग की विश्व की चौथे नंबर की जोड़ी डू होई केम और वोंग चुन टिंग को हराकर पदक पक्का किया था। दीया और मानुष ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 3-1 (11-6, 13-15, 11-9, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। एशियाई खेलों में मिश्रित युगल में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले शरत कमल और मनिका बत्रा ने आठ साल पहले जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। शाह ने ईरान के बेन्यामिन फराजी को 4-0 से हराकर पुरुष एकल में भी अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि यशस्विनी घोरपड़े ने सीरिया की हेंड ज़ाज़ा को 4-1 (11-5 11-5 11-8 8-11 11-4) से हराकर महिला एकल के राउंड ऑफ़ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन हालांकि निराशाजनक रहा। मानव ठक्कर राउंड ऑफ़ 32 में उत्तर कोरिया के यू ताए रयोंग से 2-4 (11-4 2-11 7-11 7-11 11-4 3-11) से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जबकि श्रीजा अकुला भी इसी चरण में प्योन सोंग ग्योंग से 1-4 (7-11 8-11 13-11 7-11 7-11) से हारकर बाहर हो गईं। भारतीय पुरुष युगल की दोनों जोड़ियां भी टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हरमीत देसाई और जी साथियान ने राउंड ऑफ़ 32 के संघर्षपूर्ण मुकाबले में इंडोनेशिया के मुहम्मद नेगारा और अफ्फान प्रतामा को 3-2 (11-4 11-7 7-11 8-11 11-6) से हराया लेकिन अगले दौर में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से 0-3 (5-11, 9-11, 9-11) से हार का सामना करना पड़ा। शाह और ठक्कर राउंड ऑफ 32 में जापान के टोमोकाज़ु हारिमोटो और हिरोटो शिनोज़ुका से 1-3 (7-11 9-11 11-7 6-11) से हार गए। श्रीजा और सिंड्रेला दास महिला युगल के प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई। उन्हें चीन की कुआई मान और वांग मान्यु से 0-3 (6-11 7-11 7-11) से हार का सामना करना पड़ा। यशस्विनी और चिताले भी इसी चरण में चीन की फैन शुहान और चेन यी से 0-3 (7-11 5-11 8-11) से हार गई। यशस्विनी का मिश्रित युगल अभियान भी क्वार्टर फाइनल से पहले ही समाप्त हो गया, जहां उनकी और हरमीत की जोड़ी चीन की लिन शिदोंग और कुआई मान से 0-3 (5-11 10-12 9-11) से हार गईं।
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Asian Games टेबल टेनिस: Diya Chitale और Manush Shah ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया पदक
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 24 सितंबर विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर काबिज जोड़ी दीया चिताले और मानुष शाह को हाल के खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। यही नहीं एशियाई खेलों से पहले उन्हें भावनात्मक चोट भी पहुंची क्योंकि दीया की निजी कोच पीटर एंगेल का जर्मनी में असमय निधन हो गया। तब यह खिलाड़ी एशियाई खेलों के लिए नागोया पहुंची थीं। पूर्व भारतीय कोच रह चुकीं एंगेल ने 2015 में दीया को अपने संरक्षण में लिया और जर्मनी में कोचिंग देते हुए उनके खेल में काफी सुधार किया। दीया के पिता पराग चिताले का कहना है कि भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी का यह प्रतिष्ठित पदक एंगेल को सच्ची श्रद्धांजलि है जो टेबल टेनिस की दुनिया में काफी लोकप्रिय थी। पेशे से शिक्षक पराग ने कहा, ‘‘ हम उसे पीटर की मौत के बारे में नहीं बता सके, यह घटना 10 दिन पहले हुई थी। जापान पहुंचने के बाद ही उसे टीम से पता चला। वह पीटर के बहुत करीब थी। पीटर के निधन और उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुझे बहुत गर्व है कि उसने और मानुष ने पदक पक्का कर लिया।’’जहां मानुष और दीया ने साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते, वहीं जून के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मौजूदगी के बावजूद पदक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। जापान में पदक की सबसे बड़ी उम्मीद विश्व की नंबर तीन पुरुष युगल जोड़ी मानुष और मानव ठक्कर से थी, लेकिन कठिन ड्रॉ के कारण वे केवल दूसरे दौर तक ही पहुंच सके। मानुष और दीया की जोड़ी बाएं हाथ से दाएं हाथ से खेलने में माहिर है। बाएं हाथ से खेलने वाले मानुष दोनों तरफ से अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं और दीया का मुख्य काम अपने साथी के लिए विजयी शॉट बनाने में मदद करना है। मानुष ने क्रिकेट के जरिए खेल जगत में कदम रखा, लेकिन नौ साल की उम्र में लगी चोट ने उन्हें रैकेट वाले खेल की ओर मोड़ दिया। उनके पिता उत्पल शाह स्वयं टेबल टेनिस खेलते थे, इसलिए इस खेल में में उनका प्रवेश काफी सहज रहा। उत्पल शाह ने कहा, ‘‘शुरुआत में वह क्रिकेट खेलता था, लेकिन चोट के बाद मुझे टेबल टेनिस खेलते देखकर उसने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। हमें बेहद गर्व है कि मानुष और दीया ने देश के लिए पदक जीता है।
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 10000 मीटर का रजत पदक जीता, भारत को मिला 9वां सिल्वर
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ रजत पदक जीता। वह बहरीन के बिरहानु बालेव और अल्बर्ट किप्टू के बीच रहे।
एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत
सुरूचि सिंह और कमलजीत ने निशानेबाजी में स्वर्ण का लंबा इंतजार खत्म किया जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में रजत पदक जीता लेकिन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बैडमिंटन पुरूष युगल स्पर्धा के पहले दौर से ही बाहर होने से एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारत को झटका लगा। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को पहला निशानेबाजी स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब 10 मीटर एयर राइफल में पीला तमगा हाथ नहीं लगा और 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत, पुरूष और महिला टीम वर्ग में झोली खाली रही। वहीं राइफल स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी प्रतियोगिता में काफी समय चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंततः दूसरे स्थान पर रही। भारत ने कुल 1762 अंक बनाये जबकि चीन ने 1766 अंक हासिल किये। ट्रैक और फील्ड में गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। शॉटपुट में मनप्रीत कौर और मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह के कांस्य के साथ भारत के कुल 22 पदक हो गए हैं। मनप्रीत ने 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य जीता जो 2023 के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। महिला हॉकी टीम ने जापान को 3 . 1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। बैडमिंटन कोर्ट पर गत चैंपियन सात्विक और चिराग की जोड़ी की पहले दौर में हार चौंकाने वाली रही। मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने लगातार दो जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पूर्व विश्व नंबर एक सात्विक और चिराग ने पहला गेम 21-12 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया। थाईलैंड की जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर एक घंटे आठ मिनट में भारतीय जोड़ी को बाहर कर दिया। महिला युगल में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हांगकांग की हियू यान सांग और लोक लोक लुई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-16 16-21 21-16 से हराने में मशक्कत करनी पड़ी। तनिशा और ध्रुव ने पहले दौर में मालदीव की निबाल अहमद और अमिनाथ नबीहा अब्दुल रज्जाक को 21-8, 21-7 से हराया। इसके बाद उन्होंने मलेशिया की शेवन जेनी लाई और सून हुआट गोह की जोड़ी को एक घंटे चले कड़े मुकाबले में 22-20, 24-22 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की यान झे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी से होगा। इससे पहले महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को 30 मिनट में 21-9, 21-10 से हराया। भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम शनिवार को होने वाले फाइनल में ईरान से भिड़ेंगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की। वहीं मौजूदा चैम्पियन पुरूष टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदें प्रबल कर ली। तैराकी में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जब अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में निराशाजनक सातवें स्थान पर रहे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया जिससे भारत को तरणताल से कोई पदक नहीं मिला। मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर खत्म हो गया। तलवारबाजी में पुरुषों की फॉइल और महिलाओं की ईपी दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गईं। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग से 27-45 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हार गई।
Hockey India अध्यक्ष Dilip Tirkey ने अधिकारियों पर लगाया चोरी का आरोप, Delhi Police से की शिकायत
हॉकी इंडिया के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान ने तब नाटकीय मोड़ ले लिया है जब महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप टिर्की ने कुछ हॉकी इंडिया अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उन पर ‘आपराधिक विश्वासघात, चोरी, जान जोखिम में डालने और गलत तरीके से परित्याग’ का आरोप लगाया। टिर्की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में उनकी संपत्तियों और दस्तावेजों की तत्काल बरामदगी की भी मांग की गई है। दक्षिण दिल्ली के डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की, लेकिन यह भी बताया कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। टिर्की की शिकायत में हॉकी इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, हॉकी इंडिया के वित्त प्रबंधक सुबोध कुमार, हॉकी इंडिया के निदेशक भूषण कुमार और वाहन के चालक हरमिंदर सिंह के नाम शामिल हैं। श्रीवास्तव को हालिया एफआईएच विश्व कप के दौरान केसरिया जर्सी विवाद के बाद टिर्की ने पद से हटा दिया था। इस घटनाक्रम पर टिर्की को किए गए बार-बार फोन का कोई जवाब नहीं मिला। इसे भी पढ़ें: Rohini में दोस्त के जन्मदिन पर की हवाई फायरिंग, पुलिस ने आरोपी Karan Bhasin को दबोचा विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, टिर्की 22 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी के आधिकारिक दौरे पर थे और प्रोटोकॉल के अनुसार हॉकी इंडिया ने उनके प्रवास के दौरान उन्हें एक आधिकारिक वाहन उपलब्ध कराया था। सूत्र ने कहा कि महासंघ ने अचानक वाहन वापस बुला लिया और टिर्की का निजी सामान वापस नहीं किया जिसमें उनकी जरूरी दवाइयों वाला एक बैग भी शामिल था जो वाहन के अंदर रखा था। पूर्व भारतीय डिफेंडर ने हॉकी इंडिया अधिकारियों को बार-बार फोन कर वाहन को उनका सामान लेकर वापस भेजने को कहा। आरोप है कि हॉकी इंडिया अधिकारियों ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया। टिर्की वर्तमान में प्रशासनिक फैसलों और बैठक के प्रोटोकॉल को लेकर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह के साथ वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं। यह विवाद नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप से ठीक पहले भारतीय टीम की जर्सी के रंग में किए गए विवादास्पद बदलाव के बाद और बढ़ गया। इसे भी पढ़ें: LSR कॉलेज पहुंची Delhi Police, पार्क में नाबालिग से दरिंदगी के बाद बढ़ाई सुरक्षा इसके बारे में अध्यक्ष टिर्की का दावा है कि यह फैसला उनकी सहमति के बिना किया गया था। इन आंतरिक मतभेदों को दूर करने, हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पुनर्गठन पर चर्चा करने और चुनाव की तारीखों को अंतिम रूप देने के लिए 18 सितंबर को एक आपातकालीन कार्यकारी बोर्ड बैठक निर्धारित की गई थी, लेकिन टिर्की ने कहा कि उनकी मंजूरी नहीं ली गई थी और इसलिए यह अवैध थी। इसके बावजूद बैठक हुई और एचआईएल की योजनाओं पर चर्चा की गई जिसमें फ्रेंचाइजी इक्विटी के साथ एक अलग संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन और इसके प्रशासन की निगरानी के लिए एक नयी संचालन परिषद का गठन शामिल था। इसे भी पढ़ें: Delhi Jahangirpuri में कर्मचारी से 90 लाख की 35 किलो चांदी की लूट बैठक में टिर्की द्वारा श्रीवास्तव को जारी कारण बताओ नोटिस और आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी मोहाली और जालंधर में किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। जब भोला नाथ से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें टिर्की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जानकारी नहीं है क्योंकि वह एशियाई खेलों के लिए नागोया में हैं। भोला नाथ ने नागोया से पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे सही में ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। मैं जापान में हूं ताकि अपनी दोनों टीम को प्रेरित कर सकूं जिससे वे एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर सीधे लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकें। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक चुनाव का सवाल है, यह तय कार्यक्रम के अनुसार सात नवंबर को होगा।
Asian Games Men Hockey: सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का करने जापान से भिड़ेगी भारतीय टीम
शानदार फॉर्म में चल रही मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को एशियाई खेलों के पूल ए में मेजबान जापान के खिलाफ जीत दर्ज करके अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। हाल ही में एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम ने सही समय पर अपनी लय हासिल कर ली है और तीन मैचों में तीन जीत दर्ज कर नौ अंकों के साथ बेहतर गोल अंतर के कारण जापान से आगे अपने ग्रुप में शीर्ष पर है। भारत ने अपने शुरुआती तीन मैचों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ पूल चरण का अपना अंतिम मैच खेलेगा जिसमें उसकी जीत तय मानी जा रही है। जापान भी तीन मैचों में तीन जीत के साथ अजेय है, लेकिन उसका गोल अंतर खराब है जिससे शनिवार का मुकाबला पूल में शीर्ष स्थान के लिए निर्णायक साबित होगा। दिलप्रीत सिंह शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अब तक सर्वाधिक नौ गोल किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal उनके साथी फॉरवर्ड अभिषेक ने भी छह गोल करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। ड्रैगफ्लिकर जुगराज सिंह ने पांच गोल किए हैं। उन्होंने तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से और दो पेनल्टी स्ट्रोक पर किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: Team India ने शुरू की तैयारी, BCCI ने शेयर किया इनडोर नेट्स सेशन भारतीय फॉरवर्ड लाइन बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रही है, जिसमें सुखजीत (चार गोल), शिलाानंद लाकड़ा (तीन), राजिंदर सिंह (दो) और अनुभवी मनदीप सिंह (दो) भी अपनी तरफ से भरपूर योगदान दे रहे हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी तीन मैचों में चार पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस विभाग में काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि उन्होंने शुरुआती तीन मैचों में कई मौके गंवाए। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है। फुल्टन ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक ही मैच पर ध्यान दे रहे हैं। हमारी अपनी एक प्रक्रिया है जिसे हमें समझना होगा। मुझे लगता है कि हमारी टीम सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हमारा पूरा ध्यान इस पर है कि हमें क्या करना है, हमें सुधार करना है और जितना संभव हो उतने गोल करने की कोशिश करनी है।
Asian Games में निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन पर President Droupadi Murmu ने दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जापान में चल रहे एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाजों को बधाई दी। भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कमलजीत और सुरूची इंदर सिंह के लिए स्वर्णिम समापन। इस जोड़ी ने एशियाई खेल 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। ’’ कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक बनाए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सटीकता और साझेदारी का शानदार प्रदर्शन। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आप दोनों को हार्दिक बधाई। ’’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी को पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशंस स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘आपके सराहनीय प्रदर्शन और उत्कृष्ट टीमवर्क ने शूटिंग रेंज में भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया है। आप सभी को निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।
Asian Games Shot Put: भारत की Manpreet Kaur ने 17.17 मीटर थ्रो से जीता कांस्य पदक
भारत की मनप्रीत कौर ने एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक चीन की सोंग जियायुआन (19.40 मीटर) और रजत झांग लिनरू (18.14मीटर) ने जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने इस साल राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई किया था।
Asian Games: Kamaljeet और Suruchi की जोड़ी ने शूटिंग में जीता Gold, कोरिया को दी मात
भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे। सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत केदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
निशियो, 25 सितंबर (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम करने वालीं भारतीय महिला बॉक्सर प्रीति पवार को एशियन गेम्स 2026 के 54 किलोग्राम के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में नॉर्थ कोरिया की दो बार की वर्ल्ड चैंपियन पैंग चोल-मी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
IND vs WI पहला वनडे टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें लाइव, बदलना पड़ेगा चैनल
भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। सीरीज का पहला मैच 27 सितंबर को है। ये मुकाबला आप अपने टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं, ये बात अभी से जान लीजिए, ताकि आपका मैच छूट ना जाए।
U19 वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड ने किया स्क्वॉड का ऐलान, कप्तान को लेकर सस्पेंस बरकरार
इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम ने आगामी अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। यह टूर्नामेंट जनवरी में नेपाल और बांग्लादेश में खेला जाएगा।
शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर को मिला ब्रॉन्ज, एशियन गेम्स में भारत ने जीता 21वां मेडल
भारतीय एथलीट मनप्रीत कौर ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की गोला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। चीन की सोंग जियायुआन ने गोल्ड मेडल, जबकि झांग लिनरू ने सिल्वर मेडल जीता।
मेले में गुब्बारों पर निशाना लगाने के शौक ने खरगोन के ऐश्वर्य तोमर को एशियन गेम्स में दिलाया रजत पदक
बचपन में गांव के मेलों में बंदूक से गुब्बारे फोड़ने का जुनून एक दिन विश्व पटल पर भारत का परचम लहराएगा, यह शायद किसी ने नहीं सोचा था। जिले की झिरन्या तहसील के ग्राम रतनपुर में 3 फरवरी 2001 को एक साधारण किसान परिवार में जन्मे ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर के इसी शौक को पहचानकर स्वजनों ने उन्हें मप्र शूटिंग अकादमी भेजा था।
एशियन गेम्स में 2 मिनट में भारत के 2 मेडल: सुरुचि-कमलजीत ने दिलाया शूटिंग में गोल्ड, वीडियो में जाने 50 मीटर राइफल में सिल्वर
जोस बटलर का बड़ा कारनामा, बने 10 हजार व्हाइट बॉल रन बनाने वाले पहले अंग्रेज बल्लेबाज
जोस बटलर इंग्लैंड के लिए लिमिटेड ओवर क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर बन गए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे के दौरान उन्होंने इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया।
जापान के आईची-नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय प्रशंसकों को उस वक्त गहरा झटका लगा जब बैडमिंटन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर-5 पुरुष डबल्स जोड़ी का इस तरह बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। इस करारी हार ने हांगझोऊ एशियाई खेलों (2022/23) में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 28 गोल्ड मेडल के आंकड़े को दोहराने या उससे आगे निकलने की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर 5 पुरुष डबल्स जोड़ी को शुक्रवार को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा। वे थाईलैंड की दुनिया की नंबर 36 जोड़ी - पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीराचाई सुखफुन - से एक घंटे से कुछ ज़्यादा समय में 21-12, 19-21, 14-21 से हार गए। यह हार इसलिए भी ज़्यादा चौंकाने वाली थी क्योंकि इससे पहले उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। सात्विक और चिराग ने पुरुष टीम इवेंट में बेहतरीन खेल दिखाया था और इस हफ़्ते की शुरुआत में चीन के खिलाफ़ भारत के सेमीफ़ाइनल मैच में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया था। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर-फ़ाइनल से बाहर होने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स भी जीता था। इस साल की शुरुआत में कंधे की चोट के कारण कुछ महीनों तक बाहर रहने के बाद उनके प्रदर्शन पर सबकी नज़रें टिकी थीं। एशियाई खेल 2026: मेडल टेबल इसे भी पढ़ें: Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं इसके उलट, हांगझोऊ में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पुरुष डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल जीतने वाली यह जोड़ी अब बिना किसी मेडल के बाहर हो गई है। थाई जोड़ी ने तेज़ गति और नेट पर बेहतरीन कंट्रोल के साथ खेला। उन्होंने रैलियों को फ़्लैट रखा और भारतीय खिलाड़ियों को वह लंबाई (लेंथ) नहीं दी जिसकी उन्हें अपने ट्रेडमार्क स्मैश लगाने के लिए ज़रूरत थी। सात्विक और चिराग गलतियाँ करने पर मजबूर हो गए और निर्णायक गेम में लय खोने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं था। थाई जोड़ी के साथ तीन मुकाबलों में यह उनकी पहली हार थी, और तीनों ही मुकाबले निर्णायक गेम तक गए थे। यह चौंकाने वाली हार भारत के लिए हांगझोऊ में जीते गए कुछ गोल्ड मेडल को बचाने में आ रही मुश्किलों का ताज़ा और शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। पिछले खेलों में भारत कुल 107 मेडल (जिनमें 28 गोल्ड मेडल शामिल थे) के साथ चौथे स्थान पर रहा था। आइची-नागोया में, भारत कई ऐसे खिताब गंवा चुका है जिन्हें उसने पहले जीता था; इनमें से कुछ हार उन इवेंट्स में मिलीं जिनमें भारत जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अन्य गोल्ड मेडल जो हाथ से निकल गए घुड़सवारी, ड्रेसेज टीम: हांगझोऊ में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम आइची-नागोया में चौथे स्थान पर रही। 2022 में गोल्ड जीतने वाली चार सदस्यीय टीम में से केवल हृदय छेदा ही इस बार टीम का हिस्सा थे; श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर और जय सूद ने नई टीम को पूरा किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा: हांगझोऊ में पलक गुलिया और ईशा सिंह ने भारत के लिए गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते थे। आइची-नागोया में कोई मेडल नहीं मिला और मनु भाकर पांचवें स्थान पर रहीं। शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: पिछली बार की चैंपियन टीम चौथे स्थान पर रही; वियतनाम के साथ 1719 अंकों पर बराबरी हुई, लेकिन 'इनर-10' (सटीक निशाने) के आधार पर ब्रॉन्ज मेडल हाथ से निकल गया। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: भारत गोल्ड से चौथे स्थान पर खिसक गया; कमलजीत, केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे और आकाश भारद्वाज फाइनल के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाए। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम: भारत ने अपना खिताब गंवा दिया लेकिन पोडियम पर जगह बनाए रखी; हांगझोऊ में गोल्ड जीतने के बाद इस बार चीन के पीछे रहते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे एथलेटिक्स, महिलाओं की जैवलिन थ्रो: हांगझोऊ चैंपियन अन्नू रानी क्वालीफाइंग मानक पूरा न कर पाने के कारण टीम में जगह नहीं बना सकीं और आइची-नागोया में हिस्सा नहीं ले रही हैं। इस इवेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है। एथलेटिक्स, पुरुषों की जैवलिन थ्रो: मौजूदा चैंपियन नीरज चोपड़ा भी इस बार नहीं खेल रहे हैं क्योंकि टखने की लिगामेंट चोट के कारण उनका 2026 का सीजन खत्म हो गया है। इस इवेंट में भारत की ओर से रोहित यादव और यशवीर सिंह हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन गोल्ड मेडल भारत के हाथ से निकल सकता है। आइची-नागोया में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या अभी केवल दो है; महिला क्रिकेट टीम और सुरुचि सिंह-कमलजीत की मिक्स्ड-टीम शूटिंग जोड़ी ने अब तक ये खिताब दिलाए हैं। कई बड़े टाइटल बचाने की चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, जिनमें पुरुषों का क्रिकेट और पुरुषों व महिलाओं की कबड्डी शामिल हैं, इसलिए फाइनल टैली अभी तय नहीं हुई है। कई ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं जो अच्छी फॉर्म के साथ एशियाई खेलों में उतरे हैं और चौंकाने वाले नतीजे दे सकते हैं। लेकिन शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। भारत जापान में हांगझू में जीते गए 28 गोल्ड मेडल की कामयाबी को आगे बढ़ाने के इरादे से पहुंचा था। कुछ जाने-माने चैंपियन पहले ही हार चुके हैं, और सात्विक व चिराग की सबसे चौंकाने वाली हार के बाद, उतने ही गोल्ड मेडल जीतने का रास्ता काफी मुश्किल हो गया है।
मिनर्वा पब्लिक स्कूल बना देश का नया चैंपियन, 3-2 से हराकर जीता 65वां सुब्रतो कप
मिनर्वा पब्लिक स्कूल ने सीआईएससीई का प्रतिनिधित्व करते हुए 65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट के जूनियर ब्वॉयज अंडर-17 वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की रोशनी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मिनर्वा ने केरल को 3-2 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
निशिन, एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को कोरोगी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में नेपाल क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है।
विराट कोहली का कैसा है तिरुवनंतपुरम के स्टेडियम में वनडे रिकॉर्ड? अब तक एक भी बार नहीं हुए आउट
भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम के स्टेडियम में खेलना है, जिसमें सभी की नजरें विराट कोहली को लेकर रहने वाली हैं, जिनका अब तक यहां पर वनडे में रिकॉर्ड काफी शानदार देखने को मिला है।
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीते 3 अगस्त को बरी कर दिया था। बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है।
भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच होने वाली मल्टी-फ़ॉर्मेट सीमित ओवरों की सीरीज़ के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। दोनों टीमों के बीच पहला वनडे मुकाबला 27 सितंबर को खेला जाएगा। दोनों ही टीमें जीत के साथ सीरीज़ का शानदार आगाज़ करना चाहेंगी। हालांकि, सीरीज़ शुरू होने से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि विस्फोटक युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को अंतिम एकादश (Playing XI) में खेलने का मौका मिलेगा या नहीं। भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद, शीर्ष क्रम में मौजूदा समीकरणों के कारण जायसवाल के लिए जगह बना पाना काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। इस बारे में बात करते हुए, भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाले मैचों में जायसवाल के प्लेइंग XI में जगह बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: Ajit Doval से क्या मांग रहे राहुल गांधी? क्यों पीछे पड़ी कांग्रेस, हैरान कर देगी वजह! आकाश चोपड़ा ने अपने YouTube चैनल पर कहा, यशस्वी जायसवाल को कितने व्हाइट-बॉल मैच मिलेंगे? उन्हें ज़्यादा मौके नहीं मिलेंगे। हालाँकि वह एक आकर्षक विकल्प लगते हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग XI में शामिल करने के लिए शुभमन गिल को अपनी सामान्य पोज़िशन से हटकर खेलना होगा। हम क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं? भारतीय टीम को खुद से यह सवाल पूछना होगा। रोहित शर्मा और शुभमन गिल को भी लंबे समय तक एक साथ ओपनिंग करनी होगी। इसे भी पढ़ें: UP International Trade Show में बोले Amit Shah: भयमुक्त उत्तर प्रदेश अब बना निवेश का केंद्र उन्होंने आगे कहा, तो फिर, यह कैसे काम करेगा? जब वनडे मैच सीमित हों, तो रोहित शर्मा ज़रूर खेलेंगे, और शुभमन गिल भी खेलेंगे। तो यशस्वी जायसवाल ओपनिंग कैसे करेंगे? यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है। भारत 27 सितंबर को वेस्टइंडीज़ का सामना करेगा आगामी सीरीज़ की बात करें तो, भारत वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ तीन वनडे और पाँच T20I मैच खेलेगा। वनडे मैच 27 और 30 सितंबर तथा 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे। वहीं, T20 मैच 6, 9, 11, 14 और 17 अक्टूबर को खेले जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Supreme Court में CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ याचिका, SIR फैसलों पर कार्रवाई की मांग 2027 के वनडे वर्ल्ड कप के करीब आने के साथ, दोनों टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। जहां भारत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगा, वहीं वेस्टइंडीज को भी - जो 2027 की शुरुआत में वर्ल्ड कप क्वालीफायर खेलेगा - अपने खेल के शीर्ष स्तर पर बने रहने की आवश्यकता होगी।
Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं
भारत का एशियाई खेलों में कैनोइंग प्रतियोगिता में शुक्रवार को प्रदर्शन निराशाजनक रहा तथा उसके खिलाड़ी पिछले खेलों का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाए और पदक से चूक गए। पुरुषों की कयाक फोर टीम फाइनल ए के लिए क्वालीफाई तो कर गई लेकिन सातवें स्थान पर रही। पुरुषों की कयाक डबल टीम फाइनल बी में तीसरे स्थान पर रही। महिलाओं की कैनोइंग डबल टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। भारत शनिवार को कैनोइंग प्रतियोगिता में दो और स्पर्धाओं भाग लेगा, लेकिन दोनों में ही पदक जीतने की संभावना कम है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत ने पुरुषों की 1000 मीटर डोंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जिसमें अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एशियाई खेलों के मौजूदा कार्यक्रम से इस स्पर्धा को हटा दिया गया है, जो भारत के लिए बड़ा झटका था। पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर में पुरोहित बरोई और प्रसन्ना कुमार चेम्पाडियिल सत्यप्रकाश की जोड़ी ने सेमीफाइनल एक में 1:40.308 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद उन्होंने फाइनल बी में 1:40.411 के समय में चार जोड़ियों में तीसरा स्थान हासिल किया। महिलाओं की 500 मीटर कैनोइंग डबल स्पर्धा में मेघा प्रदीप और नेहा देवी लीचोनबम ने सेमीफाइनल एक में पांच जोड़ियों में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने 2:08.306 का समय निकाला और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं। धनमंजुरी देवी ख्वैराकपम, पूजा, सोनिया देवी फैरेम्बम और पार्वती गीता की महिला कयाक टीम ने फाइनल ए में 1:45.670 का समय निकालकर आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। भारत को पुरुषों की कयाक चार 500 मीटर में लैटोनजम नाओचा सिंह, वरिंदर सिंह, ओइनम अरुण सिंह और हर्षवर्द्धन सिंह शक्तावत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन नौ टीम के फाइनल ए में उन्होंने 1:28.982 के समय के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के खिलाफ 4 महिला पहलवानों ने फिर कोर्ट का रुख किया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर अपील में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) के 3 अगस्त 2026 के फैसले को चुनौती दी है। नीचली अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और WFI के तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। महिला पहलवानों ने अपनी याचिका में फैसले को 'पुरानी सोच वाला' (archaic) बताते हुए कहा है कि इसमें यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर बनी-बनाई धारणाओं को आधार बनाया गया है। उनका तर्क है कि फैसले में इस बात को लेकर अपेक्षाएं की गईं कि यौन हिंसा की पीड़िता को घटना के बाद किस तरह व्यवहार करना चाहिए। कोर्ट में इस अपील पर 26 सितंबर को सुनवाई हो सकती है। याचिका में महिला पहलवानों ने ये तर्क गिनाए… निचली अदालत ने बृजभूषण को बरी किया था ACJM ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A और 506 (भाग-I) के तहत बृजभूषण शरण सिंह को 3 अगस्त 2026 को बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। कोर्ट ने पूर्व WFI सचिव विनोद तोमर को भी IPC की धारा 506 (भाग-I) के आरोप से बरी कर दिया था। बरी होने के फैसले के बाद बृजभूषण ने कहा था- मेरे लिए खुशी का दिन है। होइहि सोइ जो राम रचि राखा। बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर पोस्ट किया। लिखा- साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते! वहीं, WFI के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा- “बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे। आज उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।” दिल्ली पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया था केस बता दें कि दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ IPC की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना/स्टॉकिंग) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। तोमर के खिलाफ IPC की धारा 109 (उकसाने/सहायता करने) भी लगाई गई थी। महिला पहलवानों ने सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथित घटनाएं 2016 से 2019 के बीच WFI कार्यालय, बृजभूषण सिंह के आधिकारिक आवास और विदेशों में हुई थीं। हालांकि, एक नाबालिग महिला पहलवान की ओर से सिंह के खिलाफ दर्ज POCSO मामले में पुलिस ने क्लोजर/कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की थी। पहलवान विनेश फोगाट ने कहा था- हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है उधर, इस फैसले पर विनेश ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा था- हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं। पर कई महिला पहलवान खड़ी रहीं और कोर्ट में बृजभूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहीं। हमें इस बात का बहुत दुख है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में दोषी नहीं माना। शुरू दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है।
Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के
भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।

