Ayush Shetty का World Championship में ऐतिहासिक आगाज, World No. 1 Shi Yuqi को बेंगलुरु में चटाई धूल
बेंगलुरु में सोमवार का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए यादगार बन गया। 21 साल के आयुष शेट्टी ने अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप में ही बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी शी यूकी को हरा दिया। कर्नाटक के करकला के रहने वाले आयुष ने चीनी खिलाड़ी को 21-14, 13-21, 21-19 से मात देकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि आयुष को इससे पहले शी यूकी के खिलाफ लगातार तीन मुकाबलों में हार मिली थी। इसी साल एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में भी आयुष को सीधे दो गेम में हार का सामना करना पड़ा था। उस मुकाबले के बाद सोमवार को घरेलू दर्शकों के सामने आयुष ने शानदार वापसी करते हुए हिसाब बराबर कर दिया। बता दें कि आयुष के विश्व चैंपियनशिप में उतरने से पहले उनके कोच विमल कुमार ने उन्हें एक खास संदेश दिया था। उन्होंने आयुष से लिखने को कहा था कि 17 अगस्त शी यूकी के लिए खराब दिन होना चाहिए। आयुष ने इस संदेश को सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ा और सोमवार को कोर्ट पर उसे सच साबित कर दिया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में मौजूद घरेलू दर्शकों ने आयुष का लगातार उत्साह बढ़ाया। छह फुट चार इंच लंबे आयुष ने पहले गेम में अपनी लंबी कद-काठी और तेज स्मैश का शानदार इस्तेमाल किया। हवा के बहाव के विपरीत छोर पर खेलते हुए उन्होंने लगातार जोरदार प्रहार किए और शी यूकी को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। आयुष ने पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया। हालांकि, दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के छोर बदलने के बाद परिस्थितियां बदल गईं। आयुष कई बार सही जगह पर क्रॉस-कोर्ट शटल नहीं पहुंचा सके और उनके कुछ शॉट बाहर निकल गए। इसका फायदा शी यूकी ने उठाया। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाए और दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। निर्णायक गेम में आयुष ने फिर से नियंत्रण हासिल किया। बेहतर छोर पर लौटने के बाद उनकी लय वापस आई और बड़े स्मैश लगातार अंक में बदलने लगे। उन्होंने शी यूकी को पीछे धकेलते हुए एक के बाद एक विजयी शॉट लगाए। चीन के शीर्ष खिलाड़ी पर दबाव साफ नजर आया और वह अपनी पहचान के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। गौरतलब है कि आयुष शेट्टी अपने आदर्श विक्टर एक्सेलसन से खेल के दौरान धैर्य और संयम सीखने की बात कई बार कह चुके हैं। सोमवार के मुकाबले में भी उनका यही अंदाज नजर आया। उन्होंने सिर्फ ताकत के भरोसे खेलने के बजाय सही समय पर आक्रमण किया और शी यूकी के क्रॉस-कोर्ट स्मैश का सीधा जवाब देकर फिर जोरदार स्मैश लगाए। मौजूद जानकारी के अनुसार, अप्रैल में शी यूकी ने आयुष को 21-8, 21-10 से आसानी से हराया था। उस मुकाबले में चीनी खिलाड़ी ने आयुष को ज्यादा जगह और लय बनाने का मौका नहीं दिया था। लेकिन सोमवार को कहानी पूरी तरह अलग रही। अपने पहले विश्व चैंपियनशिप मुकाबले और घरेलू दर्शकों के सामने आयुष ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को दबाव में डालकर मुकाबला जीत लिया। यह जीत भारतीय बैडमिंटन में आयुष के बढ़ते कद का बड़ा संकेत मानी जा रही है।
Hockey World Cup: England के खिलाफ 32 साल का सूखा खत्म करने से चूका India, अब Pakistan से महामुकाबला
भारतीय हॉकी टीम के लिए सोमवार का दिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। विश्व कप के पूल डी के दूसरे मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि भारतीय टीम एक समय 2-1 से आगे थी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इस हार के बाद भारत की अगले दौर में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। मुकाबले की शुरुआत में इंग्लैंड ने बेहतर दबाव बनाया और निकोलस बंडुराक ने 13वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिला दी। भारत ने हालांकि जल्द ही वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 16वें मिनट में गोल करके स्कोर बराबर किया। इसके बाद दिलप्रीत सिंह ने 24वें मिनट में भारत के लिए दूसरा गोल किया और टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंत तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई। इंग्लैंड ने भारतीय रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया और 38वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने गोल करके मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद हेनरी क्रॉफ्ट ने 42वें मिनट में इंग्लैंड के लिए तीसरा गोल कर दिया। भारत अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि बंडुराक ने 54वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी। इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने रक्षापंक्ति को मजबूत रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। बता दें कि भारत ने विश्व कप अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी। उस मुकाबले में भी कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए थे। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बावजूद भारत के खाते में तीन अंक हैं, लेकिन अब पूल डी में उसका आखिरी मुकाबला बेहद अहम हो गया है। गौरतलब है कि इंग्लैंड इस जीत के साथ अगले दौर में पहुंच गया है। वहीं भारत को बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी पूल मुकाबला खेलना है। पाकिस्तान के खाते में फिलहाल दो मैचों से एक अंक है, जबकि भारत के पास तीन अंक हैं। भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ जीत अगले दौर में जगह पक्की कर देगी। मुकाबला बराबरी पर रहने की स्थिति में भी भारत के पास आगे बढ़ने का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए वेल्स को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज नहीं करनी होगी। अगर भारत पाकिस्तान से हार जाता है तो उसकी विश्व कप यात्रा पूल चरण में ही खत्म हो सकती है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ भारत की यह हार लंबे समय से चले आ रहे दबदबे के आंकड़े को भी नहीं बदल सकी। विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ जीत का इंतजार अब 32 साल तक पहुंच गया है। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला सिर्फ दो पड़ोसी देशों की टक्कर नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में बने रहने का सबसे बड़ा मौका होगा। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता दूसरे हाफ का प्रदर्शन रहा। पहले दो क्वार्टर में टीम ने मौके बनाए और बढ़त भी हासिल की, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में इंग्लैंड के दबाव का जवाब नहीं दे सकी। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने मौके का फायदा उठाया और दूसरे हाफ में अपनी आक्रामकता बढ़ाते हुए तीन गोल किए। अब भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ डिफेंस लाइन की गलतियों से बचने के साथ गोल करने के मौकों को भी बेहतर तरीके से भुनाना होगा। विश्व कप में आगे बढ़ने के लिए बुधवार का मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम होने जा रहा है।
Junior National Hockey: झारखंड, हरियाणा और कर्नाटक ने जीते अपने मुकाबले, पुणे में प्रदर्शन जारी
हॉकी झारखंड, हॉकी हरियाणा और हॉकी कर्नाटक ने जूनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में सोमवार को अपने-अपने मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन जारी रखा। हॉकी कर्नाटक ने डिवीजन बी के पूल बी मुकाबले में गोअन्स (गोवा) हॉकी को 9-0 से करारी शिकस्त दी जबकि इसी पूल के एक अन्य मुकाबले में हॉकी बिहार ने तमिलनाडु हॉकी इकाई को 5-1 से हराया। दिल्ली हॉकी ने डिवीजन बी के पूल ए में केरल हॉकी को 5-0 से मात दी, जबकि हॉकी मिजोरम ने हॉकी आंध्र प्रदेश के खिलाफ 4-1 से जीत दर्ज की। हॉकी झारखंड ने डिवीजन ए के पूल ए में हॉकी पंजाब को 3-1 से हराया जबकि पूल बी में हॉकी हरियाणा ने ओडिशा हॉकी संघ को 3-0 से शिकस्त दी। डिवीजन ए के पूल सी में उत्तर प्रदेश हॉकी ने हॉकी महाराष्ट्र को 3-0 से हराया। पूल डी में हॉकी मध्य प्रदेश ने छत्तीसगढ़ हॉकी पर 3-1 से जीत दर्ज की।
आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर 1 शी यू की को हराकर तहलका मचाया, पीवी सिंधु की भी आसान जीत
भारत के आयुष शेट्टी ने सोमवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के शुरुआती दौर के रोमांचक मुकाबले में चीन के दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी शी यू की को हराकर तहलका मचा दिया है। पीवी सिंधु समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी जीत दर्ज की है।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप: टोमा पोपोव ने रिकवरी के लिए समय न मिलने पर जताई निराशा
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में सोमवार को फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव मेंस डबल्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्हें जापान के ताकुमी नोमुरा और युइची शिमोगामी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि सिंगल्स और डबल्स मैचों के बीच टोमा को रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिला था।
हॉकी विश्व कप में इतिहास रचने से चूका भारत, इंग्लैंड की जीत का सिलसिला बरकरार
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारत के पास इंग्लैंड को हराकर 32 साल के जीत के सूखे को खत्म करने और इतिहास रचने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 4-2 से शिकस्त दे दी है और जीत का सिलसिला बरकरार रखा है।
PV Sindhu ने BWF World Championships में किया धमाकेदार आगाज, पहले राउंड में दर्ज की शानदार जीत
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के लिए बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत शानदार रही। पहले राउंड में आयरिश खिलाड़ी सोफिया नोबल का सामना करते हुए, पीवी सिंधु ने सीधे सेटों में जीत हासिल की। ये दोनों खिलाड़ी 17 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आमने-सामने थीं। पांच बार मेडल जीतने वाली पीवी सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए सोफिया नोबल को 21-7, 21-11 से हराया। यह कहा जा सकता है कि सिंधु ने नोबल को आसानी से हरा दिया; उन्होंने सिर्फ़ 29 मिनट में मैच खत्म कर दिया। उनके खेल की कई खूबियों में से एक उनकी मज़बूत इच्छाशक्ति थी, जिसने उन्हें जीत दिलाने में मदद की। इसे भी पढ़ें: Galle Test: India ने Sri Lanka को समेटा, 178 रनों की विशाल बढ़त हासिल; जीत की तरफ कदम! दिलचस्प बात यह है कि नोबल दुनिया में 141वें नंबर पर हैं; वह पूरे मैच में सिंधु का मुकाबला नहीं कर पाईं। सिंधु ने पहले गेम में तेज़ी से 8-0 की बढ़त बना ली और पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा। अपने अगले मैच में, सिंधु टूर्नामेंट के राउंड ऑफ़ 32 में कनाडा की वेन यू झांग का सामना करेंगी। वह अगले दौर में भी अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि झांग के खिलाफ़ होने वाले अगले मैच में वह कैसा खेलती हैं। बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप शुरू होने से पहले, पीवी सिंधु ने टूर्नामेंट में अपने लक्ष्यों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि अपने करियर के इस पड़ाव पर भी उनकी जीतने की भूख कम नहीं हुई है और वह पूरी कोशिश करके खिताब जीतने के लिए तैयार हैं। सिंधु ने 'रेवस्पोर्ट्ज़' से कहा कि यह निश्चित रूप से बहुत खास है क्योंकि यह भारत में हो रहा है। मैंने 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी, इसलिए लगभग सात साल हो गए हैं। जापान ओपन से मुझे काफी आत्मविश्वास मिला है, और मुझे उम्मीद है कि मैं उस आत्मविश्वास को आगे भी बनाए रखूंगी। सब कुछ अच्छा चल रहा है, और मेरे लिए, मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान दे रही हूं। इसे भी पढ़ें: KL Rahul ने Devdutt Padikkal के शतक पर जताई खुशी, कहा - भारत का सुनहरा भविष्य हैं पडिक्कल उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद है कि मुझे भारतीय दर्शकों से काफी समर्थन मिलेगा। मैं सच में खुश हूं कि हम भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल रहे हैं और हमें घरेलू मैदान पर खेलने का मौका मिल रहा है। मुझे उम्मीद है कि यहां भी मुझे मेडल मिलेगा।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप : स्पेनिश जोड़ी के खिलाफ आसान जीत के साथ ट्रीसा-गायत्री का अभियान शुरू
इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सोमवार को ट्रीसा-गायत्री ने शुरुआत में ही तेज रफ्तार पकड़ते हुए 6-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद मिड-गेम ब्रेक तक 11-5 की बढ़त हासिल की।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप: स्पेनिश जोड़ी के खिलाफ आसान जीत के साथ ट्रीसा-गायत्री का अभियान शुरू
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की ट्रीसा जॉली/गायत्री गोपीचंद ने स्पेन की पाउला लोपेज/लूसिया रोड्रिग्ज की जोड़ी को 21-9, 21-13 से मात देकर बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला सिर्फ 33 मिनट में अपने नाम किया।
भारत के खिलाफ सोनल दिनुशा का कमाल, सैकड़ा ठोक अर्जुन रणतुंगा जैसे दिग्गजों के क्लब में हुए शामिल
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस मैच के तीसरे दिन श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने शतक जड़ने का कारनामा किया।
भारत ने गॉल टेस्ट के तीसरे दिन श्रीलंका को 284 रन पर ऑलआउट कर पहली पारी में 178 रन की बढ़त बनाई। भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा ने टेस्ट में अपने 350 विकेट पूरे कर लिए हैं। जडेजा टेस्ट में 4 हजार रन और 350 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बने। वे ऐसा करने वाले कपिल देव के बाद सिर्फ दूसरे भारतीय हैं। वहीं मानव सुथार ने मैच की अपनी पहली ही गेंद पर दिनेश चांडीमल को आउट किया। तीसरे दिन बने रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. जडेजा के 350 विकेट पूरे जडेजा टेस्ट 4,000 से ज्यादा रन बनाने और 350 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के केवल चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले इंग्लैंज इयान बॉथम, भारत के कपिल देव और न्यूजीलैंड के डैनियल विटोरी यह कारनामा कर चुके हैं। 2. जडेजा टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय लेफ्ट-आर्म स्पिनर जडेजा के कुल 351 विकेट हो गए हैं। वे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं। पहले स्थान पर श्रीलंका के रंगना हेराथ हैं। उनके नाम टेस्ट में 433 विकेट हैं। 3. डिकवेला की बिना टेस्ट शतक के 23वीं फिफ्टी श्रीलंकाई विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला टेस्ट में बिना शतक लगाए अब तक 23 बार 50+ का स्कोर बना चुके हैं। वे पहले से इस मामले में नंबर-1 पर हैं। बिना शतक के 16 अर्धशतकों के साथ भारत के चेतन चौहान दूसरे स्थान पर हैं। यहां से मोमेंट्स… 1. दिन की चौथी गेंद पर ही भारतीय पारी सिमटी तीसरे दिन के खेल की शुरुआत में भारत ने सिर्फ चौथी ही गेंद पर अपना आखिरी विकेट गंवा दिया। असिथा फर्नांडो की शॉर्ट बॉल पर प्रसिद्ध कृष्णा ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद उनके दस्तानों से टकराकर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के हाथों में चली गई। भारत ने पिछले दिन के स्कोर में सिर्फ 2 रन जोड़ा और टीम 462 रन पर ऑलआउट हुई। 2. श्रीलंका ने दूसरी ही गेंद पर विकेट गंवाया श्रीलंका की शुरुआत काफी खराब रही। टीम ने पारी की दूसरी ही गेंद पर निशान फर्नांडो का विकेट गंवा दिया। मोहम्मद सिराज की बाहर निकलती गेंद पर निशान ने शॉट खेला। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और फर्स्ट स्लिप में खड़े देवदत्त पडिक्कल के हाथों में चली गई। शून्य के स्कोर पर टीम को पहला झटका लगा। 3. मानव सुथार ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लिया भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने आठवें ओवर में भारत को दूसरी सफलता दिलाई। उन्होंने मैच में अपनी पहली ही गेंद पर दिनेश चांडीमल को आउट किया। सुथार की ऑफ-स्टंप से अंदर आती गेंद को चांडीमल ने आगे बढ़कर खेला। गेंद दस्ताने को छूती हुई पीछे चली गई। ऋषभ पंत ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच लपक लिया। 4. गिल ने एक हाथ से डाइव लगाकर कैच लपका श्रीलंकाई पारी के 17वें ओवर में शुभमन गिल ने शानदार कैच लपका। कुलदीप यादव के ओवर की पहली गेंद पर कामिंदु मेंडिस ने आगे बढ़कर हवा में शॉट खेला। कप्तान गिल ने बाईं ओर हवा में डाइव लगाकर एक हाथ से जमीन से कुछ इंच ऊपर बेहतरीन कैच लपका। 5. राहुल ने 20 रन पर डिकवेला का कैच छोड़ा केएल राहुल ने 35.4 ओवर में निरोशन डिकवेला का कैच छोड़ा, जो भारत को काफी मंहगा पड़ा। सुथार की ऑफ-स्टंप के बाहर जाती फ्लाइटेड गेंद पर डिकवेला ने कट शॉट खेला। गेंद बल्ले का किनारा लेकर राहुल के चेहरे की तरफ जा रही थी। राहुल ने हाथ बढ़ाकर खुद को चोट से तो बचा लिया, लेकिन कैच नहीं लपक सके। जब राहुल ने कैच छोड़ा, तब श्रीलंका ने 126 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे और डिकवेला 20 रन पर थे। इसके बाद डिकवेला ने 80 रन की पारी खेली और 6वें विकेट के लिए सोनल दिनुषा के साथ 146 रन की साझेदारी कर दी। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका दौरे पर केएल राहुल ने बताया तैयारी का प्लान:टीम इंडिया के उपकप्तान बोले-अनुभव का फायदा उठाना और मौकों को भुनाना जरूरी श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने अपनी तैयारी और खेल को लेकर सोच साझा की है। BCCI के विशेष इंटरव्यू वीडियो ‘Turning Up Ft. KL Rahul’ में बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद अनुभव का सही इस्तेमाल करना और मिले मौकों को भुनाना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…
Manav Suthar ने मचाया कहर, Sonal Dinusha का शतक भी नहीं बचा पाया श्रीलंका; भारत को मिली 178 रन की बढ़त
ODI सीरीज के लिए इंग्लैंड ने किया टीम का ऐलान, 25 साल की खिलाड़ी को बनाया कप्तान
चार्ली डीन को सितंबर में आयरलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए इंग्लैंड महिला टीम की कप्तानी सौंपी गई है। नियमित कप्तान नट साइवर-ब्रंट फिटनेस और रिकवरी के कारण उपलब्ध नहीं हैं।
'धीरे-धीरे ठीक हो रही हूं': यंग
नई दिल्ली, वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी एन से यंग ने सोमवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करते हुए बुल्गारिया की कैलोयाना नालबांतोवा को 21-14, 21-13 से शिकस्त दी।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो लेंगे संन्यास, कहा- शायद यह मेरे करियर का आखिरी साल है
दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा है कि यह साल शायद उनके करियर का आखिरी साल होगा। अगला कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के पक्ष में वे नहीं है। फुटबॉल छोड़ने के बाद उनके पास करने के लिए बहुत से काम हैं।
'4000+ रन और 350+ विकेट....' टेस्ट क्रिकेट में जडेजा ने रच दिया इतिहास, ये महा रिकॉर्ड बनाने वाले बने दुनिया के दूसरे खिलाड़ी
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर पहली बार टेस्ट में हराया, वीडियो में जाने 9 विकेट से रचा इतिहास
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा स्थित चरखी-दादरी के रहने वाले रामकिशन शर्मा के नाम एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा मेडल और सर्टिफिकेट जीतने का रिकॉर्ड है, जिन्होंने 2016 से 2025 के बीच राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में 401 मेडल और 336 सर्टिफिकेट अपने नाम किए हैं।
भारत ने गंवाए सुनहरे मौके! 90 रन पर 5 विकेट लेने के बाद भी श्रीलंका ने किया पलटवार, जानें 3 बड़ी गलतियां
वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड की जीत को बताया खास: अर्जुन-हरिहरन
नई दिल्ली, एम आर अर्जुन के लिए सोमवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के ओपनिंग राउंड में मिली जीत सिर्फ अगले राउंड में पहुंचने से कहीं ज्यादा मायने रखती थी।
अफगानिस्तान ने जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम घोषित कर दी है। टॉप ऑर्डर बल्लेबाज दरविश रसूली को कप्तान बनाया गया है। टीम में 6 ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। वहीं, 5 खिलाड़ियों के पास 10 से कम इंटरनेशनल मैचों का अनुभव है। करीम जनत और नजीबुल्लाह जादरान टीम में टीम में करीम जनत और नजीबुल्लाह जादरान जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हैं। इनके अलावा नंग्यालिया खरोटे के पास 10 से ज्यादा इंटरनेशनल मैचों का अनुभव है। खरोटे टीम के स्पिन अटैक की अगुआई कर सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को मौका अफगानिस्तान ने अपनी घरेलू टी-20 प्रतियोगिता शपगीजा क्रिकेट लीग (SCL) में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। SCL के पिछले सीजन में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मोहम्मद अकरम को टीम में जगह मिली है। उनके अलावा टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले खालिद तनीवाल भी टीम का हिस्सा हैं। SCL के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी टीम में दो टेस्ट खेल चुके ऑलराउंडर इस्मत आलम को भी एशियन गेम्स टीम में चुना गया है। वह SCL के पिछले सीजन में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने 294 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 168 रहा था। गेंदबाजी में उन्होंने 9 विकेट लिए थे और उनका औसत 16.77 रहा। अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ शतक लगाने वाले फैसल शिनोजादा को भी टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका में भारत-A के खिलाफ सीरीज के प्रदर्शन का फायदा तेज गेंदबाज फरमानुल्लाह को भी टीम में चुना गया है। वह हाल ही में श्रीलंका में हुई वनडे ट्राई सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। इस सीरीज में श्रीलंका-A और भारत-A की टीमें भी शामिल थीं। फरमानुल्लाह ने 10 विकेट लिए थे। एशियन गेम्स 24 सितंबर से एशियन गेम्स 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होंगे। अफगानिस्तान की टीम में स्पिन डिपार्टमेंट में नंग्यालिया खरोटे के अलावा लेग स्पिनर अरब गुल मोमंद हैं। तेज गेंदबाजी में फरमानुल्लाह, अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीदून दाऊदजई हैं। ऑलराउंडर इस्मत आलम और करीम जनत भी तेज गेंदबाजी में विकल्प देंगे। अफगानिस्तान की 15 सदस्यीय टीम दरविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इमरान मीर, फैसल शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, फरमानुल्लाह, इस्मत आलम, करीम जनत, नंग्याल खरोटे, अरब गुल मोमंद, फरीदून दाऊदजई, अब्दुल्लाह अहमदजई।
Legend Cristiano Ronaldo के करियर का अंत करीब? 'फुटबॉल से अलविदा' के संकेत दिए
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने संकेत दिया है कि 2026-27 का सीज़न प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉल में उनका आखिरी सीज़न हो सकता है। उन्होंने माना है कि वे शायद उस सीज़न के आखिर में खेल से रिटायर हो जाएंगे। रोनाल्डो ने 'वोग' (Vogue) से कहा कि यह शायद फ़ुटबॉल में मेरा आखिरी साल है, और मैं एक शानदार विरासत छोड़ना चाहता हूँ। पुर्तगाल के 41 वर्षीय कप्तान ने अभी रिटायरमेंट की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन उनकी इन बातों से साफ़ संकेत मिलता है कि वे अपने खेल करियर को खत्म करने के बारे में सोच रहे हैं। इसे भी पढ़ें: मैदान पर Shubman Gill का जादू! हवा में लपका अविश्वसनीय CATCH, Sri Lanka हुआ हैरान रोनाल्डो के पास अभी भी हासिल करने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने क्लब और देश के लिए 1,330 मैचों में 976 गोल किए हैं और 1,000 गोल के आंकड़े तक पहुँचने से वे बस 24 गोल दूर हैं। अल-नसर में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। पिछले सीज़न में रोनाल्डो ने सऊदी प्रो लीग में 28 गोल किए और सबसे ज़्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे। साथ ही, सभी तरह के टूर्नामेंट्स में उन्होंने कुल 39 गोल किए। यह उनके उस करियर का एक हिस्सा है जिसमें उन्होंने स्पोर्टिंग CP से मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस तक का सफ़र तय किया; इसके बाद वे दोबारा मैनचेस्टर यूनाइटेड लौटे और फिर 2023 में अल-नसर से जुड़े। रोनाल्डो ने रियल मैड्रिड के लिए 450 गोल, मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए (दो बार खेलने के दौरान) 145 गोल और पुर्तगाल के लिए 138 गोल किए हैं। उन्होंने पांच बैलन डी'ओर अवॉर्ड और पांच चैंपियंस लीग खिताब जीते हैं, साथ ही पुर्तगाल के साथ यूरोपियन चैंपियनशिप भी जीती है। इसे भी पढ़ें: WCL Season 3 में David Warner और Yuvraj Singh का जलवा, दिग्गजों की वापसी से बढ़ेगा रोमांच का तड़का 41 साल की उम्र में भी वह पुर्तगाल के कप्तान और अल-नसर के मुख्य अटैकिंग खिलाड़ियों में से एक हैं। लेकिन पहली बार, रोनाल्डो खुलकर बात कर रहे हैं कि फुटबॉल के बाद क्या होगा। रोनाल्डो का कहना है कि उन्होंने पहले ही सोच लिया है कि खेलना छोड़ने के बाद वे अपना समय कैसे बिताएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पूरे भविष्य की योजना पहले ही बना ली है। मेरे पास व्यस्त रहने के लिए इतनी सारी चीज़ें हैं कि किसी एक का नाम लेना मुश्किल है। उन्हें यह भी पता है कि फ़ुटबॉल से दूर होना आसान नहीं होगा। For more Sports News in Hindi Today please click here.
हैरी ब्रूक: रूट को टेस्ट कप्तान बनाने का फैसला सही
नई दिल्ली, बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के जाने के बाद इंग्लैंड एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की शानदार शुरुआत
नई दिल्ली, भारत ने घरेलू सरजमीं पर हो रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अच्छी शुरुआत की है।
एम आर अर्जुन के लिए सोमवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के ओपनिंग राउंड में मिली जीत सिर्फ अगले राउंड में पहुंचने से कहीं ज्यादा मायने रखती थी। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के स्टैंड्स से अर्जुन को उनके माता-पिता और पत्नी ने लाइव खेलते हुए देखा, जिसे भारतीय शटलर ने बेहद खास पल बताया है।
17 साल बाद Delhi में BWF World Championship की घर वापसी, PV Sindhu-Satwik करेंगे लीड!
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 साल बाद भारत में वापसी करेगी, जब इसका 30वां एडिशन 17 से 23 अगस्त, 2026 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। भारतीय टीम की अगुवाई पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु और देश की टॉप पुरुष डबल्स जोड़ी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी करेंगे। यह टूर्नामेंट, जो आखिरी बार 2009 में हैदराबाद में हुआ था, बैडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित मुकाबलों में से एक माना जाता है। इसमें ओलंपिक खेलों के साथ-साथ सबसे ज़्यादा BWF रैंकिंग पॉइंट्स मिलते हैं। ओलंपिक वाले सालों को छोड़कर, इसका आयोजन हर साल किया जाता है। इसे भी पढ़ें: WCL Season 3 में David Warner और Yuvraj Singh का जलवा, दिग्गजों की वापसी से बढ़ेगा रोमांच का तड़का भारत पांचों इवेंट्स में दो-दो एंट्री भेजेगा: पुरुष और महिला सिंगल्स, पुरुष और महिला डबल्स, और मिक्स्ड डबल्स। महिला सिंगल्स में सिंधु नौवें नंबर की सीडेड खिलाड़ी हैं, जबकि पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज और चिराग पांचवें नंबर पर सीडेड हैं। अन्य सीडेड भारतीय खिलाड़ियों में पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन और मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी शामिल है। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और पांच बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट (एक गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल) पीवी सिंधु, जापान ओपन में अपनी हालिया जीत के जोश के साथ इस टूर्नामेंट में उतर रही हैं। वह आयरलैंड की सोफिया नोबेल के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। अगर वह प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचती हैं, तो उनका मुकाबला चीन की तीसरी सीडेड खिलाड़ी वांग झी यी से हो सकता है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंधु ने कहा कि यह खास है क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में हो रही है। मैं उत्साहित हूं क्योंकि भारत ने कई साल पहले इसकी मेजबानी की थी। मैंने 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी, और लगभग सात साल बाद, मुझे फिर से अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि जापान ओपन से मुझे काफी आत्मविश्वास मिला, और मुझे उम्मीद है कि मैं उस आत्मविश्वास को आगे भी बनाए रखूंगी। सब कुछ अच्छा चल रहा है, इसलिए मैं एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रही हूं और प्रतियोगिता का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। सिंधु ने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने को लेकर भी उत्साह जताया और कहा कि दर्शक हमें काफी समर्थन देंगे, और मैं अपने देश में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलने को लेकर बहुत खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं इसका पूरा फायदा उठाऊंगी और मेडल जीतूंगी। महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा भारत की दूसरी प्रतिनिधि होंगी। पुरुषों के डबल्स में, एशियाई खेलों के चैंपियन सात्विकसाईराज और चिराग, जिन्हें पांचवीं वरीयता मिली है, मई में सिंगापुर ओपन में मिली अपनी सफलता को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे, जहां उन्होंने BWF सुपर 750 का खिताब जीता था। यह जोड़ी, जिसने 2022 और 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे, अपने घरेलू मैदान पर अपना पहला वर्ल्ड टाइटल जीतने की कोशिश करेगी। इसे भी पढ़ें: KL Rahul ने श्रीलंका के खिलाफ 77 रन बनाए, गॉल में दिखी स्पिन के खिलाफ मजबूत तैयारी भारत की ओर से पुरुष सिंगल्स में 14वीं सीड लक्ष्य सेन (जो 2021 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट रहे थे) और 22वीं रैंक वाले आयुष शेट्टी चुनौती पेश करेंगे; शेट्टी का यह पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप टूर्नामेंट होगा। शेट्टी को पहले राउंड के मुश्किल मैच में चीन के मौजूदा चैंपियन शी युकी का सामना करना होगा। महिला डबल्स में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी, जबकि मिक्स्ड डबल्स इवेंट में तीन भारतीय जोड़ियां हिस्सा लेंगी—जो सभी इवेंट्स में सबसे बड़ी भारतीय भागीदारी है। 15वीं सीड ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो मिक्स्ड डबल्स में भारतीय अभियान की अगुवाई करेंगे। For more Sports News in Hindi Today please click here.
अफगानिस्तान टीम का ऐलान: एशियन गेम्स 2026
काबुल, जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट इवेंट के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम का ऐलान कर दिया है।
कोहली को दिया स्वास्तिक चिकारा ने अपनी शानदार पारी का श्रेय
लखनऊ, यूपी टी20 लीग 2026 में मेरठ मावेरिक्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोरखपुर लायंस को 36 रनों से हराया। टीम की इस जी के नायक स्वास्तिक चिकारा रहे।
ऋषभ पंत ने तोड़ा एडम गिलक्रिस्ट का सबसे खतरनाक रिकॉर्ड
ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में बड़ा स्कोर करने में नाकाम रहे. लेकिन अपनी छोटी सी पारी के दौरान ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. अपने टेस्ट करियर में पंत ने छोटी सी उम्र में ही कई बड़ी उलब्धियां हासिल कर ली है.
श्रीलंका ने 5 विकेट खोकर बनाए 99 रन: गाले टेस्ट
गाले, भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच गाले इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है।
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत ने जीत के साथ शुरुआत की है। नई दिल्ली में मेंस डबल्स के पहले राउंड में हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स को हरा दिया। आयरलैंड की जोड़ी मैच से हटी भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी 1-0 से आगे थी, तभी आयरलैंड की जोड़ी ने मैच से हटने का फैसला किया। भारत में 17 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हो रहा है। यह चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक चलेगी। भारत ने आखिरी बार 2009 में इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। सिंधु का मुकाबला नोबल के साथ भारत की ओर से आज कई बड़े खिलाड़ी कोर्ट पर उतरेंगे। पीवी सिंधु महिला सिंगल्स में आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी। सिंधु के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में 5 मेडल हैं और वह रिकॉर्ड छठा मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ उतर रही हैं। आयुष शेट्टी के सामने डिफेंडिंग चैंपियन भारत के आयुष शेट्टी को पहले ही राउंड में बड़ा मुकाबला खेलना है। उनका सामना चीन के टॉप सीड और डिफेंडिंग चैंपियन शी यू ची से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 3 मुकाबले हुए हैं और तीनों में भारतीय खिलाड़ी को हार मिली है।-------------बैडमिंटन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप आज से:भारत 17 साल बाद मेजबानी कर रहा, सिंधु के पास छठा मेडल जीतने का मौका नई दिल्ली में आज से बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप शुरू हो रही है। भारत 17 साल बाद इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। 23 अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के मुकाबले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होंगे।
IND vs SL:शुभमन गिल ने लिया ऐसा जबरदस्त कैच! श्रीलंकाई खिलाड़ी के उड़े होश, देखें वीडियो
साउथ अफ्रीका के जोंटी रोड्स को आज भी दुनिया का सबसे अच्छा फील्डर माना जाता है। भले ही उन्होंने कई साल पहले रिटायरमेंट ले लिया हो, लेकिन जब कोई फील्डर अच्छा कैच लेता है, तो उसकी तुलना अक्सर जोंटी रोड्स से की जाती है। जोंटी रोड्स को गॉल टेस्ट के तीसरे दिन शुभमन गिल के कैच के लिए भी याद किया जाता है। भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन कप्तान गिल ने कामिंडू मेंडिस का शानदार कैच पकड़ा। भारत ने पहले टेस्ट के तीसरे दिन पहली पारी 462 रन पर खत्म की और फिर श्रीलंकाई टीम को बैटिंग के लिए बुलाया। हालांकि, पहले ही ओवर में सिराज ने भारत को अच्छी सफलता दिलाई और पहला विकेट लिया। फिर आठवें ओवर में मानव सुथार ने दूसरा विकेट लेकर श्रीलंकाई टीम को दूसरा झटका दिया। गिल ने शानदार कैच लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। टीम इंडिया आज श्रीलंकाई टीम को पीछे धकेलने की कोशिश जरूर करेगी और भारतीय क्रिकेट टीम यह मैच जीतने के लिए तैयार है। गिल का कैच तारीफ़ के काबिल है दरअसल, भारत के पहली पारी के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बहुत निराशाजनक रही। मेज़बान टीम ने सिर्फ़ 53 रन पर तीन विकेट खो दिए थे। 17वें ओवर में कुलदीप यादव बॉलिंग करने आए और कामिंडू मेंडिस ने उनकी पहली ही बॉल को पैरों से शॉर्ट कवर की तरफ़ धकेल दिया। वहीं खड़े गिल ने बॉल को हवा में देखा और अपनी बाईं ओर कूदकर पूरे ज़ोर से एक हाथ से कैच लपक लिया। मेंडिस ने 14 रन बनाए। श्रीलंका की आधी टीम 89 रन पर आउट हो गई यह अब कोई राज़ नहीं रहा कि 25 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हुए कामिंडू मेंडिस भारत के लिए कितने खतरनाक हो सकते थे। उनके आउट होने से श्रीलंका को 59 रन पर चौथा झटका लगा। श्रीलंका इस हार से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि 10 ओवर के अंदर कप्तान धनंजय डी सिल्वा भी आउट हो गए। 41 बॉल पर 21 रन बनाने वाले डी सिल्वा जडेजा का पहला विकेट बने और श्रीलंका की आधी टीम 90 रन पर आउट हो गई। श्रीलंका की हालत इस समय निश्चित रूप से अच्छी नहीं है। इस बीच, ऐसा लग रहा है कि भारतीय बॉलर पूरी टीम को जल्द से जल्द आउट करने की कोशिश कर रहे हैं।
कप्तान गिल ने कर दिया कमाल, श्रीलंका के खिलाफ उड़ते हुए गिल का वीडियो आप भी देखिए
कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन कुलदीप यादव की बॉल पर कामेंदु मेंडिस का उड़ते हुए कैच पकड़ा, जो काफी शानदार था। इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।
रिवर्स स्विंग के लिए श्रीलंका में गेंद को सूखा रखना जरूरी
गाले, भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है।
श्रीलंका ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन पहले सेशन में अपने पांच विकेट गवां दिए हैं और टीम अभी तक 100 रन पर भी नहीं पहुंच पाई है। इस तरह से उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडराना शुरू हो गया है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिग्ज ने 11 अगस्त को बेहद निजी समारोह में शादी की। दुनिया की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी जोड़ियों में शामिल होने के बावजूद दोनों ने किसी महल या भव्य आयोजन के बजाय अपने घर के लिविंग रूम को चुना।
AUS vs BAN: बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज ने रचा इतिहास, यह कारनामा करने वाले बने पहले एशियाई खिलाड़ी
इंटरेनट डेस्क। बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रचा। ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश ने पहली बार टेस्ट मैच जीता, इस ऐतिहासिक जीत में बांग्लादेश के स्पिन ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, और साथ ही इतिहास के पन्नों में अपना नाम भी दर्ज करा लिया। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मेहदी हसन मिराज ने पहली पारी में सात नंबर पर बैटिंग करते हुए 154 गेंदों में 65 रन बनाए। वहीं दूसरी पारी में गेंदबाजी में धमाल मचाते हुए 66 रन देकर 5 विकेट चटकाए, इस दमदार प्रदर्शन से मेहदी हसन मिराज ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज अब ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट मैच में फिफ्टी लगाने और पांच विकेट लेने वाले पहले एशियाई स्पिनर बन गए हैं। टेस्ट क्रिकेट के 149 सालों के इतिहास में अब तक किसी भी एशियाई स्पिन ऑलराउंडर ने ऐसा नहीं किया था। अब तक 13 स्पिन ऑलराउंडर ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट मैच में अर्धशतक लगाने और पांच विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं, हालांकि, इसमें कोई भी एशियाई खिलाड़ी नहीं शामिल है। PC- cricinfo.com
AUS vs BAN: बांग्लादेश टीम ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा रचा इतिहास
इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। बांग्लादेश की ये जीत ऐतिहासिक है क्योंकि उसने पहले कभी ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में टेस्ट में मात नहीं दी थी। जीत के लिए बांग्लादेश को महज 57 रनों का टारगेट मिला था जो उसने चौथे दिन दूसरे सेशन में हासिल कर इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैच में पूरी तरह से बैकफुट पर रही और शुरू से ही बांग्लादेश हावी। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने मेजबान टीम को पहली पारी में 198 रनों पर ढेर कर दिया। इसके बाद पहली पारी में 426 रनों का विशाल स्कोर बना 228 रनों की बढ़त ले ली। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम ढह गई और किसी तरह 284 रन बनाते हुए 57 रनों की बढ़त ही हासिल कर ली। बांग्लादेश ने आसान से टारगेट को एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत चार विकेट के नुकसान पर 161 रनों के साथ की थी। बांग्लादेश की बल्लेबाजी के समय निचले क्रम में आकर अर्धशतक जमाने वाले मेहदी हसन मिराज ने अपनी फिरकी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। उन्होंने पहले एलेक्स कैरी को अपना शिकार बनाया जो 30 रन ही बना पाए। उनके बाद बेयू बेवस्टर को उन्होंने पांच रनों के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया। पैट कमिंस भी आठ रनों से आगे अपनी पारी नहीं ले सका और मिराज का शिकार बने। PC- cricinfo.com
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 'द हंड्रेड' का खिताब पहली बार अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मैनचेस्टर ने ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराया।
Navneet Kaur Hockey World Cup जीतना चाहती हैं, महिला क्रिकेट टीम से मिली प्रेरणा
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन , 17 अगस्त हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पिछले साल विश्व कप में खिताबी जीत से प्रेरणा लेने वाली स्टार हॉकी खिलाड़ी नवनीत कौर का कहना है कि वह हॉकी में इस उपलब्धि को दोहराना चाहते हैं। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विश्व कप के पहले मैच में पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर शानदार शुरूआत की। अब उसे मंगलवार को 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम से खेलना है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार वनडे क्रिकेट विश्व कप जीता था। तीस वर्ष की अनुभवी स्ट्राइकर नवनीत ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ हमारी महिला क्रिकेट टीम के विश्व कप जीतने के बाद सभी अब खिलाड़ियों को जानने लगे हैं जबकि पहले इतना नहीं जानते थे। महिला खिलाड़ी होने के नाते हमारे लिये भी प्रेरणा है कि अगर वह टीम इस स्तर पर इतना अच्छा खेल सकती है तो हम क्यो नहीं।’’भारत के लिये 211 मैचों में 70 गोल कर चुकी हरियाणा की इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ विश्व स्तर पर खेलना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके खिताब जीतना बहुत बड़ी बात है और हम भी हॉकी में यह उपलब्धि अपने नाम करना चाहेंगे।’’एफआईएच नेशंस कप और विश्व कप क्वालीफायर में चार चार गोल करने वाली नवनीत ने कहा कि उन्हें महसूस हो रहा है कि वह अपने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। विश्व कप में भारत की सफलता का काफी दारोमदार नवनीत पर ही होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ आत्मविश्वास तो है क्योंकि काफी समय से खेल रहे हैं और टीम की तैयारी भी अच्छी रही है।मुझे लग रहा है कि अभी तक इस साल जितने टूर्नामेंट खेले हैं , मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और उसी लय को विश्व कप में भी कायम रखना चाहूंगी।’’लंदन में 2018 में पहला विश्व कप खेलने वाली नवनीत ने कहा कि अब उनकी भूमिका बदल गई है और सीनियर खिलाड़ी होने के नाते युवा खिलाड़ियों की मदद करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं जब टीम में आई थी तब जूनियर खिलाड़ी थी और अलग तरह का माहौल था। तब कोच और सीनियर खिलाड़ियों से लगातार सीखने की कोशिश करते हैं लेकिन अब मेरा रोल बदल गया है क्योकि अब मैं खुद सीनियर हूं। अभी मुझे पता है कि मैं कैसे आगे बढी थी और जूनियर खिलाड़ियों की मदद कैसे कर सकती हूं।’’नवनीत ने कहा ,‘‘ जिम्मेदारी होती है लेकिन मुझे पता है कि उसको कैसे हैंडल करना है। मेरा तीसरा विश्व कप है। जब पहला खेला तो कुछ पता नहीं था कि कैसे अनुभव होगा। दूसरे में प्रदर्शन अच्छा रहा था लेकिन अब 200 से ज्यादा मैच खेलने के बाद परिपक्वता आई है और पता है कि क्या करना है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं 2017 से सीनियर टीम में खेल रही हूं और काफी कुछ सीखा है। पहले सिर्फ हॉकी के कौशल पर ही फोकस था लेकिन धीरे धीरे पता चला कि स्मार्ट हॉकी खेलना और फिटनेस पर ध्यान देना भी जरूरी है। अब मैं इस पर काफी मेहनत कर रही हूं।’’भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है , उन्हें क्या सलाह देती हैं, यह पूछने पर नवनीत ने कहा ,‘‘ मैंयही कहती हूं कि जब हमने भी पहली बार खेला था तो हमें ज्यादा नहीं पता था कि क्या अनुभव होगा और टीमें कैसे खेलती हैं। लेकिन आप लोग हमारे साथ खेलते हो तो आपमें वह हुनर देखा है जो विश्व स्तरीय खिलाड़ी में होना चाहिये। बस खुद पर भरोसा रखो।’’उन्होंने कहा ,‘‘ दबाव तो होगा क्योंकि बहुत बड़ा टूर्नामेंट है लेकिन आप सीनियर से या कोचों से बात कर सकते हो जो बतायेंगे कि जितना बोला गया है, उतना ही करना है। कुछ अतिरिक्त नहीं करना है। यह संवाद खिलाड़ियों को अच्छा भी लगता है और दबाव से राहत भी मिलती है। ’’यह पूछने पर कि तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही टीम में और इस टीम में क्या फर्क है , उन्होंने कहा ,‘‘ उस समय टीम में काफी सीनियर खिलाड़ी भी थे लेकिन इस टीम में काफी जूनियर खिलाड़ी भी हैं। तैयारी की बात करें तो उस समय कोरोना के कारण एक अलग माहौल था। हम ज्यादा समय साथ रहे थे और आपस में ही ज्यादा से ज्यादा खेलकर अभ्यास किया था।’’उन्होंने आगे कहा ,‘‘ लेकिन हमने अभी इस टूर्नामेंट से पहले नेशंस कप और क्वालीफायर खेला है जिससे युवा खिलाड़ियों को काफी एक्सपोजर मिला है। वे अच्छा खेल रहे हैं और उनके साथ हमारा तालमेल बहुत अच्छा रहा है तो प्रदर्शन उम्दा ही रहेगा। ’’उन्होंने कहा कि अभी टीम का पूरा फोकस विश्व कप पर है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों के बारे में नहीं सोच रहे। उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेल भी महत्वपूर्ण है लेकिन अभी हम विश्व कप खेल रहे हैं तो उसी पर फोकस रखना है। यह भी बहुत बड़ा टूर्नामेंट है और यहां अच्छा खेलकर जो आत्मविश्वास मिलेगा , उसे एशियाई खेलों में लेकर जायेंगे।
Indian Hockey टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर पूल डी में शीर्ष दो में जगह बनाने उतरेगी
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 17 अगस्त ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को ड्रॉ पर रोकने के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला हॉकी टीम अब मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करके पूल में शीर्ष दो में रहने का दावा ठोकने के इरादे से उतरेगी। पूल डी में इस समय दक्षिण अफ्रीका पर 4-0 से मिली जीत के बाद इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि चीन और भारत दूसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर है।पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी और विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत के लिये 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका की चुनौती कठिन नहीं है लेकिन कोच शोर्ड मारिन की टीम का लक्ष्य अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करने का होगा। विश्व कप के बदले प्रारूप में इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी जिसमें आठ टीमें होंगी। इस चरण में चार चार टीमों के दो पूल होंगे लेकिन टीमें तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी। यानी अगर भारत और चीन दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के एक एक अंक आगे जायेंगे और भारत की संभावनाओं के लिये चीन के खिलाफ ड्रॉ काफी महत्वपूर्ण था। कोच मारिन ने कहा ,‘‘ यह मैच सबसे अहम था और इसे ड्रॅा कराने के बाद अब हमें अपने बाकी मैचों में अपने खेल पर फोकस रखने की सहूलियत मिल गई है। हमें दूसरी टीमों के समीकरणों के बारे में नहीं सोचना है लेकिन आत्ममुग्धता से बचते हुए आगे के मैचों में भी यह लय कायम रखनी है।’’विश्व कप क्वालीफायर में प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रही नवनीत कौर ने उस लय को कायम रखा है जो भारत के लिये अच्छा संकेत हैं। वहीं स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने पहले मैच में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करने के अलावा उसे हासिल भी किया। सुनेलिटा टोप्पो, इशिका, शिल्पी डबास समेत विश्व कप में पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों ने भी बड़ी टीम से खेलने का दबाव लिये बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया जो अच्छा संकेत है। कोच मारिन ने हालांकि कहा कि भारत को गेंद हासिल करने और अपने पास रखने पर काम करना होगा। पहले क्वार्टर में गेंद पर पूरी तरह से कब्जा करने वाली भारतीय टीम हाफटाइम तक 2-1 से बढत बनाने के बाद ढीली पड़ गई और तीसरे क्वार्टर में रक्षात्मक हॉकी खेलती नजर आई जिसका फायदा उठाकर चीन ने बराबरी का गोल दाग दिया। मारिन ने कहा ,‘‘ हमने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फील्ड गोल भी दागा लेकिन तीसरे क्वार्टर के खेल से मैं खुश नहीं हूं। हमें गेंद को हासिल करने और उस पर कब्जा बनाये रखने पर काम करना होगा। पहले मैच के ड्रॉ के बाद टीम ने राहत महसूस की होगी और आगे प्रदर्शन मैच दर मैच बेहतर होता जायेगा।’’विश्व कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में पहले विश्व कप में रहा है जब अजिंदर कौर की कप्तानी में वह चौथे स्थान पर रही थी। तोक्यो ओलंपिक 2020 में मारिन के कोच रहते ही भारतीय महिला टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था और अब विश्व कप में भी उस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीदें बढ गई है।
दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने पेशेवर फुटबॉल करियर को लेकर अब तक का सबसे बड़ा संकेत दिया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने कहा है कि 'शायद यह मेरा आखिरी साल है।' सऊदी अरब के क्लब 'अल-नस्र' के लिए खेल रहे रोनाल्डो ने इस बात को माना है कि वे 2026-27 सीज़न के अंत में अपने 25 साल लंबे और सुनहरे करियर पर विराम लगा सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपने करियर के खत्म होने की कोई पक्की तारीख नहीं बताई थी। हालांकि, रविवार को 'वोग' (Vogue) में छपे एक इंटरव्यू में रोनाल्डो ने अपनी शादी के बाद जॉर्जीना रोड्रिग्ज के साथ अपनी ज़िंदगी और भविष्य के बारे में बात की। इस जोड़े ने पहली मुलाकात के ठीक 10 साल बाद, 11 अगस्त को पुर्तगाल के कास्केस में एक निजी समारोह में शादी की। इसे भी पढ़ें: Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर कैसे पाएं दोष से मुक्ति, जानें Nag Panchami 2026 की पूजा विधि 'शायद यह मेरा आखिरी साल है' रोनाल्डो ने 'वोग' से कहा, फुटबॉल में शायद यह मेरा आखिरी साल है, और मैं एक शानदार विरासत छोड़ना चाहता हूं। पांच बार बैलन डी'ओर (Ballon d'Or) जीतने वाले रोनाल्डो ने पिछले नवंबर में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वे 'एक या दो साल' और खेलेंगे और पुष्टि की थी कि 2026 वर्ल्ड कप इस टूर्नामेंट में उनकी आखिरी उपस्थिति होगी। पिछले महीने वर्ल्ड कप में स्पेन ने पुर्तगाल को बाहर कर दिया था, लेकिन उसके बाद रोनाल्डो ने यह नहीं बताया था कि वे प्रोफेशनल फुटबॉल से कब रिटायर होने की योजना बना रहे हैं। मैनचेस्टर यूनाइटेड और रियल मैड्रिड के पूर्व फॉरवर्ड ने अब कहा है कि उन्होंने फुटबॉल के बाद की ज़िंदगी की तैयारी शुरू कर दी है और वे अपने परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताने के लिए उत्सुक हैं। रोनाल्डो ने आगे कहा, मैंने अपने भविष्य की पूरी योजना बना ली है। मेरे पास व्यस्त रहने के लिए इतनी सारी चीज़ें हैं कि सिर्फ़ एक चीज़ बताना मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Karnataka में 3 ‘तमिल शिकारियों’ की मुठभेड़ पर मौत गरमाई राजनीति: विजय और स्टालिन ने साधा निशाना, शिवकुमार ने दिए जांच के आदेश | 10 Points क्योंकि फुटबॉल एक बड़ी कमी छोड़ सकता है, इसलिए आपको अपना समय अलग-अलग तरीकों से भरना होता है, न कि सिर्फ़ एक तरीके से। और साथ ही ज़्यादा मज़े करना, ज़्यादा घूमना-फिरना, पैडल (padel) देखना और खेलना - जो मुझे बहुत पसंद है - और जो मैंने कमाया है - जो हमने कमाया है - उसका आनंद लेना जारी रखना। क्योंकि आखिरकार, 25 साल का सफ़र बहुत सारे त्याग के साथ गुज़रा है। 25 साल का करियर जल्द ही खत्म हो सकता है रोनाल्डो के हालिया बयानों से साफ़ संकेत मिलता है कि वह इस साल प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉल से रिटायर हो सकते हैं, जिससे उनका शानदार 25 साल का खेल करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने अपने सीनियर करियर की शुरुआत स्पोर्टिंग CP के साथ की थी और उसके बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस जैसे दुनिया के कुछ सबसे बड़े क्लबों के लिए खेले। जनवरी 2023 से वह सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र के लिए खेल रहे हैं। रोनाल्डो के करियर का सबसे शानदार दौर रियल मैड्रिड के साथ रहा, जहाँ उन्होंने 438 मैचों में क्लब के लिए रिकॉर्ड 450 गोल किए। इस साल के वर्ल्ड कप में रोनाल्डो ने तीन गोल किए और पुर्तगाल को राउंड ऑफ़ 16 तक पहुँचने में मदद की। For the latest scores, match updates, and in-depthcoverage, exploreLive Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
देवदत्त पडिक्कल के शतक से बढ़ी होगी कप्तान गिल के दोस्त की टेंशन, अब नंबर 3 का स्पॉट फिक्स!
देवदत्त पडिक्कल ने अपने तीसरे ही टेस्ट में शतक लगाकर कमाल कर दिया। भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में उन्होंने 167 रनों की जबदस्त पारी खेली और टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिग्ज की बेहद निजी शादी की पहली तस्वीरें Vogue ने जारी कर दी हैं। दोनों ने 11 अगस्त को पुर्तगाल के कास्केस स्थित अपने घर में शादी की।
LIVE: टीम इंडिया बनाना चाहेगी 500 रन, अब तक 9 विकेट गिरे
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इसका पहला मुकाबला गॉल में खेला जा रहा है। भारत ने पहले दो दिन तक जबरदस्त खेल दिखाकर मैच को अपनी ओर मोड़ने की कोशिश की है, अब तीसरे दिन भी ऐसा ही जारी रखना होगा।
भारतीय मूल के शतरंज खिलाड़ी श्रेयस रॉयल ने 17 साल की उम्र में ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने अपनी तैयारी और खेल को लेकर सोच साझा की है। बीसीसीआई (BCCI) के विशेष इंटरव्यू वीडियो ‘Turning Up Ft. KL Rahul’ में मिहिर से बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद अनुभव का सही इस्तेमाल करना और मिले मौकों को भुनाना जरूरी है। राहुल ने तैयारी, अनुशासन और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखने को सफलता के लिए अहम बताया। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखना और मैदान पर अपनी भूमिका को समझना जरूरी है। तैयारी पर फोकस, प्रक्रिया पर भरोसा केएल राहुल ने बताया कि बड़े दौरे से पहले तैयारी के साथ सही माइंडसेट रखना भी जरूरी है। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के दौरान खिलाड़ी को अपनी क्षमता और तैयारी की प्रक्रिया पर भरोसा रखना पड़ता है। राहुल के मुताबिक, मैदान पर उतरने से पहले की तैयारी काफी मायने रखती है। इसलिए वह बुनियादी चीजों पर फोकस करने और अलग-अलग परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार रखने की कोशिश करते हैं। अनुभव का फायदा उठाने पर जोर राहुल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने अनुभव को टीम के लिए इस्तेमाल करने की बात भी कही। श्रीलंका जैसी परिस्थितियों में पिच और हालात को जल्दी समझना और उसके मुताबिक अपने खेल में बदलाव करना महत्वपूर्ण होगा। एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर राहुल की कोशिश अपनी बल्लेबाजी के साथ टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देने की भी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा करने और टीम के माहौल में सकारात्मक योगदान देने की अहमियत बताई। युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन मिहिर के साथ बातचीत में राहुल ने टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के माहौल पर भी बात की। उन्होंने बताया कि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवाओं की ऊर्जा का अच्छा संतुलन है। राहुल के अनुसार, खिलाड़ी अपनी-अपनी भूमिका को समझते हुए तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में टीम के लिए जरूरी होगा कि सभी खिलाड़ी अपने मौके का फायदा उठाएं और परिस्थितियों के मुताबिक खेलें।
गावस्कर बोले-IPL ट्रेड की रकम सार्वजनिक हो:बाकी टीमों को भी पता चले कि सैलरी कैप का पालन हुआ या नहीं
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों के ट्रेड की रकम सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी से दूसरी टीम में ट्रेड होता है, तो उसकी पूरी फाइनेंशियल डिटेल पब्लिक डोमेन में होनी चाहिए। गावस्कर के मुताबिक, इससे बाकी फ्रेंचाइजियों को भी पता रहेगा कि टीमों ने तय सैलरी कैप का पालन किया है या नहीं। गावस्कर बोले- अभी सिर्फ 4 पक्षों को पता चलती है रकम गावस्कर ने ‘मिड-डे’ के अपने कॉलम में लिखा कि किसी खिलाड़ी के ट्रेड होने पर उसकी रकम की जानकारी संबंधित दोनों फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और BCCI को होती है। बाकी फ्रेंचाइजियों को इसकी जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में दूसरी टीमों को यह पता नहीं चल पाता कि फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम के लिए तय सैलरी कैप को बनाए रखा है या उसका उल्लंघन किया है। इसलिए ट्रेड की रकम भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। बोले- यह सिर्फ दो पार्टियों का मामला नहीं गावस्कर ने कहा कि IPL दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है और इसमें पूरी पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक ट्रेड की पूरी जानकारी सार्वजनिक होने से लीग पर किसी तरह के सवाल उठाने की गुंजाइश कम होगी। पंत- कुलदीप का ट्रेड हो चुका, संजू भी CSK गए IPL में हाल के समय में कई बड़े ट्रेड हुए हैं। 2026 सीजन से पहले संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स से चेन्नई सुपर किंग्स में ट्रेड हुए थे। उनकी मौजूदा लीग फीस 18 करोड़ रुपए रही। 2026 सीजन खत्म होने के बाद ऋषभ पंत और कुलदीप यादव का भी ट्रेड हुआ। पंत लखनऊ सुपर जायंट्स से दिल्ली कैपिटल्स लौटे, जबकि कुलदीप यादव दिल्ली से LSG चले गए। IPL के मुताबिक पंत की नई फीस 15 करोड़ और कुलदीप की 13.50 करोड़ रुपए है। हार्दिक के MI छोड़ने की सिर्फ अटकलें मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को लेकर भी टीम बदलने की अटकलें चल रही हैं। हालांकि अभी उनके मुंबई इंडियंस छोड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हार्दिक 2024 सीजन से पहले गुजरात टाइटंस से ट्रेड होकर मुंबई इंडियंस में आए थे। ----------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप- 32 साल से इंग्लैंड से नहीं जीता भारत:आज शाम 6:30 बजे भिड़ंत; टीम इंडिया पहला मुकाबला वेल्स से जीती थी मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का आज सामना इंग्लैंड से होगा। टीम इंडिया 32 साल से वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को नहीं हरा पाई है। उसे आखिरी जीत 1994 में मिली थी। पूल-D का यह मुकाबला शाम 6:30 बजे से वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। पूरी खबर
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों के ट्रेड की रकम सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी से दूसरी टीम में ट्रेड होता है, तो उसकी पूरी फाइनेंशियल डिटेल पब्लिक डोमेन में होनी चाहिए। गावस्कर के मुताबिक, इससे बाकी फ्रेंचाइजियों को भी पता रहेगा कि टीमों ने तय सैलरी कैप का पालन किया है या नहीं। गावस्कर बोले- अभी सिर्फ 4 पक्षों को पता चलती है रकम गावस्कर ने ‘मिड-डे’ के अपने कॉलम में लिखा कि किसी खिलाड़ी के ट्रेड होने पर उसकी रकम की जानकारी संबंधित दोनों फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और BCCI को होती है। बाकी फ्रेंचाइजियों को इसकी जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में दूसरी टीमों को यह पता नहीं चल पाता कि फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम के लिए तय सैलरी कैप को बनाए रखा है या उसका उल्लंघन किया है। इसलिए ट्रेड की रकम भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। बोले- यह सिर्फ दो पार्टियों का मामला नहीं गावस्कर ने कहा कि IPL दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है और इसमें पूरी पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक ट्रेड की पूरी जानकारी सार्वजनिक होने से लीग पर किसी तरह के सवाल उठाने की गुंजाइश कम होगी। पंत- कुलदीप का ट्रेड हो चुका, संजू भी CSK गए IPL में हाल के समय में कई बड़े ट्रेड हुए हैं। 2026 सीजन से पहले संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स से चेन्नई सुपर किंग्स में ट्रेड हुए थे। उनकी मौजूदा लीग फीस 18 करोड़ रुपए रही। 2026 सीजन खत्म होने के बाद ऋषभ पंत और कुलदीप यादव का भी ट्रेड हुआ। पंत लखनऊ सुपर जायंट्स से दिल्ली कैपिटल्स लौटे, जबकि कुलदीप यादव दिल्ली से LSG चले गए। IPL के मुताबिक पंत की नई फीस 15 करोड़ और कुलदीप की 13.50 करोड़ रुपए है। हार्दिक के MI छोड़ने की सिर्फ अटकलें मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को लेकर भी टीम बदलने की अटकलें चल रही हैं। हालांकि अभी उनके मुंबई इंडियंस छोड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हार्दिक 2024 सीजन से पहले गुजरात टाइटंस से ट्रेड होकर मुंबई इंडियंस में आए थे। गावस्कर ने अपने कॉलम में इसी तरह के हाई-प्रोफाइल ट्रेड के बीच IPL में फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी की जरूरत बताई है।
Mahindra Racing ने London E-Prix में हासिल किया तीसरा स्थान, की रिकॉर्ड की बराबरी
महिंद्रा रेसिंग ने फॉर्मूला ई के जेन3 युग का शानदार समापन करते हुए लंदन ई-प्री में दो पोडियम स्थान हासिल किए जिसमें निक डे व्रीस दूसरे और एडोआर्डो मोर्टारा तीसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने टीम चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही महिंद्रा ने 2016-17 सत्र में हासिल किए गए अपने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। आखिरी रेस से पहले क्वालीफाइंग में महिंद्रा ने ऐतिहासिक 1-2 परिणाम हासिल किया। डे व्रीस ने पोल पोजिशन हासिल की जबकि मोर्टारा दूसरे स्थान से रेस शुरू करने उतरे। सत्र की 17वीं और अंतिम रेस से पहले महिंद्रा 216 अंक के साथ टीम तालिका में चौथे स्थान पर थी और तीसरे स्थान पर मौजूद आंद्रेटी से 13 अंक पीछे थी। तीसरा स्थान हासिल करने के लिए टीम को दमदार प्रदर्शन की जरूरत थी जिसे उसने पूरा किया। हालांकि पोल पोजिशन से शुरुआत करने के बावजूद डे व्रीस जीत दर्ज नहीं कर सके जिससे टीम और चालक दोनों को निराशा हुई। इस रेस में डीएस पेंस्के के ब्रिटिश ड्राइवर टेलर बार्नार्ड ने अपने करियर की पहली फॉर्मूला ई जीत दर्ज की। 22 वर्ष की उम्र में वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा ड्राइवर भी बन गए।
Durand Cup के सेमीफाइनल में पहुंची SC Delhi, 19 अगस्त को East Bengal FC से होगी भिड़ंत
एससी दिल्ली ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को मणिपुर की एफसी रेंगदाई को 5-1 से करारी शिकस्त देकर डूरंड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली, जहां उसका सामना कोलकाता की दिग्गज टीम ईस्ट बंगाल एफसी से होगा। ईस्ट बंगाल ने कोलकाता में खेले गए एक अन्य क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ने पीवी विष्णु के पहले हाफ में किए गए शानदार हेडर की बदौलत रोमांचक मुकाबले में भारतीय सेना एफटी को 1-0 से मात दी। दिन के पहले मुकाबले में टूर्नामेंट में पदार्ण कर रही एफसी रेंगदाई को पहले हाफ में चोंगथम किशन सिंह ने नौवें मिनट में लंबी दूरी से शानदार गोल दागकर को बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी जोसेफ सनी (57वें और 67वें मिनट) ने यहां के बिरसा मुंडा स्टेडियम में 10 मिनट के अंदर दो गोल कर मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। एससी दिल्ली की ओर से इसके बाद रोड्रिगुइन्हो ने 82वें मिनट, जुआन सेबेस्टियन पेना (90+तीसरे मिनट) और ऑगस्टिन लालरोचना (90+आठवें मिनट) ने आखिरी पलों में गोल कर टीम के जीत के अंतर को बड़ा किया। ईस्ट बंगाल एफसी और सी दिल्ली के बीच सेमीफाइनल मुकाबला 19 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (साल्ट लेक स्टेडियम) में खेला जाएगा। भारतीय सेना के लिए लगातार गेंद पर कब्जा बनाए रखना मुश्किल साबित हुआ। दबाव से निकलने के लिए टीम को अक्सर गेंद को हवा में मारने और लंबे पासों का सहारा लेना पड़ा। ईस्ट बंगाल को 38वें मिनट में सफलता मिली। क्रिस्टोफर इकोनोमिडिस ने बॉक्स के अंदर शानदार क्रॉस दिया, जिस पर विष्णु ने बेहतरीन हेडर से गेंद को गोलपोस्ट के दाहिने कोने में पहुंचा दिया।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहली बार ‘द हंड्रेड’ मेन्स कॉम्पिटिशन का खिताब जीत लिया। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में टीम ने ट्रेंट रॉकेट्स के 158 रन के लक्ष्य को 19.3 गेंद में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंद में 72 रन की पारी खेलकर जीत की नींव रखी, जबकि लियाम डॉसन ने आखिरी गेंदों में छक्का लगाकर टीम को चैंपियन बना दिया। सीफर्ट ने 38 गेंद में 72 रन बनाए मैनचेस्टर की जीत में न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने 38 गेंद में 72 रन बनाए। पारी में 7 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। सीफर्ट ने सिर्फ 23 गेंद में फिफ्टी पूरी कर ली थी। उन्होंने पॉल वॉल्टर के साथ पहले विकेट के लिए तेज शुरुआत करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। आखिरी गेंदों में रोमांच, डॉसन ने छक्का लगाकर जिताया सीफर्ट के आउट होने के बाद मैनचेस्टर का स्कोर 23 गेंद बाकी रहते 136 रन था और जीत के लिए 23 रन चाहिए थे। इसके बाद ट्रेंट रॉकेट्स ने वापसी की कोशिश की। मोहम्मद आमिर ने लगातार गेंदों पर हेनरिक क्लासेन और माइकल ब्रेसवेल को आउट कर दिया। मैनचेस्टर को आखिरी 3 गेंद में 3 रन चाहिए थे। बेन सैंडरसन की अगली दो गेंदों पर रन नहीं बना। इसके बाद लियाम डॉसन ने तीसरी गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर मैच खत्म कर दिया। मैनचेस्टर ने 19.3 गेंद में 162/5 रन बनाकर 5 विकेट से जीत दर्ज की। ट्रेंट रॉकेट्स ने बनाए 158 रन इससे पहले ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंद में 8 विकेट पर 158 रन बनाए। एनेरिन डोनाल्ड ने 19 गेंद में 38 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। लुईस ग्रेगरी ने 16 गेंद में 32 रन बनाए, जबकि मिचेल सैंटनर ने नाबाद 20 रन का योगदान दिया। मैनचेस्टर की ओर से नूर अहमद सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 33 रन देकर 3 विकेट लिए। सोनny बेकर ने 34 रन देकर 2 विकेट लिए। सीफर्ट को 33 रन पर मिला जीवनदान सीफर्ट 33 रन पर आउट होने से बच गए। उन्होंने गेंद को लेग साइड में बाउंड्री की ओर खेला था। फिन एलन ने बाउंड्री के पास कैच लेने की कोशिश की और गेंद को मैदान के अंदर वापस फेंक दिया, लेकिन रीप्ले में उनका पैर बाउंड्री रोप को छूता दिखा। थर्ड अंपायर ने इसे छह रन दिया। इसके बाद सीफर्ट ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 72 रन बनाए। बटलर ने 14 गेंद में 23 रन बनाए सीफर्ट और पॉल वॉल्टर ने मैनचेस्टर को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद कप्तान जोस बटलर ने 14 गेंद में 23 रन बनाए। उन्होंने 3 छक्के लगाए। बटलर के आउट होने के बाद भी सीफर्ट ने रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। मैनचेस्टर ने नाम बदलने के बाद जीता पहला खिताब मैनचेस्टर की टीम पहले मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से खेलती थी। इस सीजन से फ्रेंचाइजी का नाम बदलकर मैनचेस्टर सुपर जायंट्स किया गया। टीम इससे पहले दो बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन दोनों बार उसे हार मिली थी। इस बार टीम ने पहली बार खिताब जीत लिया। ट्रेंट रॉकेट्स की पुरुष टीम के पास एक ही दिन में मेन्स और वूमेंस दोनों खिताब जीतने का मौका था। उसकी महिला टीम इससे पहले फाइनल में सनराइजर्स लीड्स को हराकर चैंपियन बन चुकी थी। पुरुष टीम के हारने के साथ उसका डबल पूरा करने का सपना टूट गया।
Ankita Dhyani ने अमेरिका में 1500m दौड़ 4:06.75 समय में पूरी कर जीता दूसरा स्थान
भारत की मध्यम एवं लंबी दूरी की धाविका अंकिता ध्यानी ने अमेरिका में आयोजित ‘स्टम्पटाउन ट्वाइलाइट’ प्रतियोगिता में महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चौबीस वर्षीय अंकिता ने शनिवार को विश्व एथलेटिक्स ‘कॉन्टिनेंटल टूर’ चैलेंजर स्तर (कैटेगरी-डी) की इस प्रतियोगिता में चार मिनट 06.75 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने अपने पिछले व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में पांच सेकंड से अधिक का सुधार किया। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ समय चार मिनट 12.28 सेकंड था। अंकिता का यह प्रदर्शन इस सत्र में 1500 मीटर में किसी भारतीय का सबसे तेज समय है। यह एशिया में इस सत्र का तीसरा सबसे तेज समय है। भारतीय धाविकाओं में यह अब तक का चौथा सबसे तेज प्रदर्शन भी है। इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड केएम दीक्षा के नाम है, जिन्होंने चार मिनट 04.78 सेकंड का समय दर्ज किया है। इक्वाडोर की कारमेन एल्डर कैसालिटिन ने चार मिनट 06.40 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अमेरिका की एलेनोर फुल्टन 4:09.36 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अंकिता ने 2023 एशियाई चैंपियनशिप में 5000 मीटर में कांस्य पदक और 2024 एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में 3000 मीटर में रजत पदक जीता था। वह 2022 एशियाई खेलों और 2024 पेरिस ओलंपिक में भी 5000 मीटर दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
Sjoerd Marijne बोले, 11 नए खिलाड़ियों के साथ China से 2-2 ड्रॉ भारत के लिए शुभ संकेत
(मोना पार्थसारथी)नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा): भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने रविवार को कहा कि टीम में 11 खिलाड़ियों के हॉकी विश्व कप में पदार्पण करने के बावजूद दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलना भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक परिणाम है। भारत ने पूल डी के अपने पहले मुकाबले में दो बार बढ़त बनाई, लेकिन 2024 पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन ने दोनों बार वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर समाप्त किया। मारिन ने मैच के बाद कहा, ‘‘टीम में 11 खिलाड़ी पदार्पण कर रही हैं। ऐसे में दुनिया की चौथे नंबर की टीम के खिलाफ ड्रॉ खेलना भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट हूं, लेकिन अगर मैच के अंत में हमें पेनल्टी कॉर्नर मिल जाता तो नतीजा अलग हो सकता था। मैं रेफरी के फैसले पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। जैसा हुआ, हमें उसे स्वीकार करना होगा। ’’मैच के अंतिम मिनटों में भारत ने पेनल्टी कॉर्नर की अपील की थी, लेकिन टीम अपना वीडियो रेफरल पहले ही इस्तेमाल कर चुकी थी। मारिन ने कहा, ‘‘हमें साफ तौर पर पेनल्टी कॉर्नर मिलना चाहिए था, लेकिन रेफरी ऐसे कोण पर थीं जहां से उन्हें वह दिखाई नहीं दिया। इसके लिए उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता। हमें वीडियो रेफरल का बेहतर इस्तेमाल करना सीखना होगा। ’’मारिन का मानना है कि इस परिणाम से भारत पर अगले मुकाबलों का दबाव कम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण ड्रॉ है। अगर हम यह मैच हार जाते तो अगले दोनों मुकाबले हमारे लिए ‘करो या मरो’ जैसे हो जाते। अब हमें ज्यादा गणित लगाने की जरूरत नहीं है कि कौन किससे जीत रहा है। हम सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे सकते हैं। जब से मैं टीम के साथ वापस जुड़ा हूं, हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं। ’’भारत का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा और कोच ने खिलाड़ियों को किसी भी तरह की ढिलाई से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका अच्छी टीम है और उसके खिलाफ भी हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। ’’मारिन ने फॉरवर्ड नवनीत कौर की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन से साबित होता है कि भारतीय टीम सिर्फ स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘नेशंस कप के दौरान सभी दीपिका की बात कर रहे थे, लेकिन नवनीत ने भी उतने ही अच्छे गोल किए थे। विश्व कप क्वालीफायर में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इसलिए यह सिर्फ दीपिका की टीम नहीं है। ’’मारिन ने कहा कि भारत ने चीन के खिलाफ कई मौके बनाए और रक्षात्मक खेल भी मजबूत रहा, लेकिन गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने में अभी सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कई मौके बनाए और रक्षण भी काफी मजबूत रहा। लेकिन गेंद जीतने और उसे अपने पास बनाए रखने में हमें और बेहतर करना होगा। ’’‘प्लेयर ऑफ द मैच’ नवनीत कौर ने कहा कि टीम ने चीन के खिलाफ अपने पिछले मुकाबलों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह कठिन मैच था, लेकिन हमने बेहतरीन खेल दिखाया। हम दो बार बढ़त में थे और भविष्य में हमें उस बढ़त को बनाए रखना सीखना होगा। ’’भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा कि टीम एक अंक मिलने से खुश है, लेकिन आगे के सभी मुकाबलों में भी इसी जज्बे के साथ खेलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस एक अंक से खुश हैं, लेकिन हमें हर मैच में पूरी ताकत से लड़ना होगा और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
क्या ऋषभ पंत अपने ही टैलेंट के दुश्मन बनते जा रहे हैं?
श्रीलंका के खिलाफ भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के पास बड़ी पारी खेलकर फॉर्म में वापसी करने का मौका था. लेकिन पंत ऐसा करने से चूक गए. पंत ने एक बार फिर गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया.
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप आज से:भारत 17 साल बाद मेजबानी कर रहा, सिंधु के पास छठा मेडल जीतने का मौका
नई दिल्ली में आज से बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप शुरू हो रही है। भारत 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। 23 अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के मुकाबले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होंगे। 7 दिन चलने वाली इस प्रतियोगिता में पीवी सिंधु के पास अपना छठा मेडल जीतने का मौका है। वहीं, सात्विक-चिराग लगातार दूसरी बार मेडल जीतने के इरादे से उतरेंगे। बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के बारे में सब कुछ जानिए... बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप क्या है? बैडमिंटन का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। जो ओलिंपिक इयर को छोड़कर हर साल होता है। इसका आयोजन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) करता है। यहां जीतने वाले खिलाड़ी को अपने इवेंट का वर्ल्ड चैंपियन माना जाता है। पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप 1977 में स्वीडन में हुई थी। शुरुआत में यह हर तीन साल में होती थी। 1983 के बाद 2 साल के अंतराल पर होने लगी। 2005 से यह ओलिंपिक इयर को छोड़कर हर साल आयोजित की जाती है। अब तक कितनी बार आयोजित हुआ है? नई दिल्ली में इस चैंपियनशिप का 30वां एडिशन है। पिछला आयोजन 2025 में पेरिस में हुआ था। डेनमार्क ने सबसे ज्यादा 5 बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी की है। स्पेन, चीन, इंडोनेशिया और इंग्लैंड 3-3 बार होस्ट कर चुके हैं। पिछला मेजबान फ्रांस था। कितनी कैटेगरी में मुकाबले होते हैं? 5 कैटेगरी में मैच होते हैं। इनमें पुरुष सिंगल्स, महिला सिंगल्स, पुरुष डबल्स, महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स शामिल हैं। हर कैटेगरी के विजेता को गोल्ड मेडल मिलता है। उसे अगले एडिशन तक वर्ल्ड चैंपियन का खिताब भी मिलता है। दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों और जोड़ियों को ब्रॉन्ज दिया जाता है। सबसे ज्यादा गोल्ड किसने जीते? सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल चीन ने जीते हैं। वहां लिन डैन सबसे ज्यादा इंडिविजुअल गोल्ड जीतने वाले प्लेयर हैं। वे 5 बार वर्ल्ड चैंपियन का टाइटल अपने नाम कर चुके हैं। विमेंस कैटेगरी में जापान की अकाने यामागुची और स्पेन की कैरोलिना मारिन 3-3 बार वर्ल्ड चैंपियन बनी हैं। भारत ने अब तक कितने मेडल जीते भारत ने अब तक 15 मेडल जीते हैं। इनमें एक गोल्ड, 4 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इस टूर्नामेंट में भारत को पहला मेडल प्रकाश पादुकोण ने 1983 ने दिलाया था। जबकि, एकलौता गोल्ड पीवी सिंधु ने दिलाया है। 2011 के बाद से भारत ने हर एडिशन में कम से कम एक मेडल जीता है। अब तक भारत के 11 खिलाड़ी इस चैंपियनशिप में मेडल जीत चुके हैं। पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और सात्विक-चिराग की जोड़ी अलग-अलग एडिशन में मेडल जीत चुकी है। इस बार किस कैटेगरी में भारत के क्या चांसेज हैं? सबसे ज्यादा चांस विमेंस सिंगल्स कैटेगरी में हैं। 15 में से 7 मेडल इसी कैटेगरी में आए हैं। पीवी सिंधु अच्छी लय में दिख रही हैं। उन्होंने पिछले महीने जापान ओपन भी जीता था। वे अब तक 5 मेडल जीत चुकी हैं। उन्हें 9वीं सीडिंग मिली है। वहीं, सात्विक-चिराग की जोड़ी ने पिछले साल ब्रॉन्ज दिलाया था। भारत के कितने खिलाड़ी खेल रहे हैं? भारत के 10 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उसे सभी 5 कैटेगरी में दो-दो एंट्री मिली हैं। आगे भारतीय टीम देखिए… पुरुष एकल: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी। महिला एकल: पीवी सिंधु, उन्नति हुडा। पुरुष युगल: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्सकरुनन-एमआर अर्जुन। महिला युगल: त्रिशा जॉली-गायत्री गोपीचंद, कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी। मिश्रित युगल: ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो, रोहन कपूर-रुथविका गद्दे, आशिथ सूर्या-अमृता प्रमुथेश। पहले मैच में कौन किससे खेलेगा? भारत ने पहले कब-कब मेजबानी की? भारत ने इससे पहले सिर्फ एक बार 2009 में वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। तब सभी मुकाबले हैदराबाद हैदराबाद के गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में खेले गए थे। चीन के लिन डैन ने पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता था। उसी के साथ उन्होंने लगातार तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया था। ----------------------------------------------
मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का आज सामना इंग्लैंड से होगा। टीम इंडिया 32 साल से वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को नहीं हरा पाई है। उसे आखिरी जीत 1994 में मिली थी। पूल-D का यह मुकाबला शाम 6:30 बजे से वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ की है। टीम ने 15 अगस्त को खेले गए पिछले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया था। वहीं इंग्लैंड को पाकिस्तान के खिलाफ 4-1 से जीत मिली थी। भारत पूल-D में दूसरे स्थान पर भारत के ग्रुप में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स हैं। नए फॉर्मेट में हर पूल की टॉप-2 टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी। भारत और इंग्लैंड अपने पहले मुकाबलों के बाद 3-3 अंक पर हैं। गोल डिफरेंस के आधार पर इंग्लैंड ग्रुप में टॉप पर है। यह मैच जीतने वाली टीम अगले राउंड की दावेदारी मजबूत कर लेगी। इंग्लैंड वर्ल्ड कप में भारत से लगातार जीता वर्ल्ड कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड चिंता बढ़ाने वाला है। भारत ने आखिरी बार 1994 में सिडनी में इंग्लैंड को वर्ल्ड कप मुकाबले में हराया था। इसके बाद 2002, 2006 और 2010 में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की। 2014 में भी इंग्लैंड ने भारत को 2-1 से हराया। 2018 में दोनों टीमों का मुकाबला नहीं हुआ, जबकि 2023 वर्ल्ड कप में मैच 0-0 से ड्रॉ रहा था। भारत इस अनचाहे रिकॉर्ड को तोड़ने के मकसद से उतरेगा। पेरिस ओलिंपिक में भारत ने ग्रेट ब्रिटेन को हराया था ओलिंपिक में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के एथलीट्स ग्रेट ब्रिटेन के नाम के साथ खेलते हैं। भारत और ग्रेट ब्रिटेन की भिड़ंत पेरिस ओलिंपिक 2024 के क्वार्टर फाइनल में हुई थी। मैच के 17वें मिनट में अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद भारत को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय टीम ने शानदार डिफेंस करते हुए फाइनल टाइम में ग्रेट ब्रिटेन को 1-1 से ड्रॉ पर रोका। फिर पेनल्टी शूटआउट में भारत ने 4-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। भारत पेरिस ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। कप्तान हरमनप्रीत ने पिछले मुकाबले में 2 गोल दागे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने वेल्स के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल दागे थे। भारत की ओर से संजय ने भी सेट पीस पर गोल किया था। टीम के तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए थे। हालांकि टीम को ओपन प्ले में फिनिशिंग सुधारनी होगी। वेल्स के खिलाफ अभिषेक और सुखजीत सिंह ने मौके बनाए, लेकिन भारत फील्ड गोल नहीं कर सका। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिले मौकों को गोल में बदलना जरूरी होगा। इंग्लैंड भी शानदार फॉर्म में इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप से पहले 2025-26 FIH प्रो लीग में 16 में से सिर्फ 2 मुकाबले गंवाए थे और बेल्जियम के बाद दूसरे स्थान पर रहा था। इसके बाद वर्ल्ड कप में भी टीम पहला मुकाबला जीत चुकी है। इंग्लैंड पिछले पांच वर्ल्ड कप में लगातार टॉप पर रहा है। क्वालिफिकेशन में भी टीम ने जापान को 5-0, मिस्र को 3-0, अमेरिका को 5-0, मलेशिया को 7-1 और पाकिस्तान को 4-1 से हराया था। दोनों टीमों का स्क्वॉड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अभिषेक, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, सुमित, नीलकंठ शर्मा, लालगे आदित्य अर्जुन, शशिकुमार मोहिथ होन्नेनहल्ली, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, यशदीप सिवाच, संजय, सूरज करकेरा (गोलकीपर), राजिंदर सिंह, शिलानंद लाकड़ा। इंग्लैंड: जैचरी वॉलेस (कप्तान), निकोलस पार्क, जैक वॉलर, थॉमस सॉर्सबी, हेनरी क्रॉफ्ट, सैम वार्ड, जेम्स अल्बरी, फिल रोपर, जेम्स मजारेजो (गोलकीपर), स्टुअर्ट रशमेयर, टिमोथी नर्स, डेविड गुडफील्ड, ऑलिवर पेन (गोलकीपर), निकोलस बंडुराक, जेम्स गॉल, लियाम सैनफोर्ड, कॉनर विलियमसन, विल कैलनन, सैमुअल हूपर, बेन फॉक्स। 17 अगस्त को हॉकी वर्ल्ड कप के सभी मुकाबले…
गॉल टेस्ट के तीसरे दिन बारिश के 83% आसार:भारत 460/9; आज जडेजा 350 विकेट पूरे कर सकते हैं
भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे गॉल टेस्ट के तीसरे दिन 83% बारिश के आसार हैं। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार सोमवार को सुबह 60% बारिश की उम्मीद है। दोपहर में 57% और शाम में 59% चांस हैं। टॉस जीतकर बैटिंग कर रही टीम इंडिया ने पहली पारी में 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर नाबाद हैं। ऐसे में उम्मीद है कि कप्तान शुभमन गिल दिन की शुरुआत में ही पारी की घोषणा कर दें। बारिश से 60 ओवर कम डले गॉल टेस्ट में बारिश ने खेल में काफी बाधा डाली है। शुरुआती 2 दिनों में करीब 60 ओवर कम फेंके गए। हर दिन 90 ओवर का खेल निर्धारित होता है, लेकिन पहले दिन 73 और दूसरे दिन सिर्फ 43 ओवर ही डाले गए। जडेजा 348 विकेट ले चुके भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा 350 विकेट का आंकड़ा हासिल कर सकते हैं। वे 348 विकेट ले चुके हैं। इतना ही नहीं, उनके नाम 6 शतक के सहारे 4095 रन हैं। जडेजा टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन और 300 विकेट लेने वाले सबसे तेज एशियाई खिलाड़ी हैं। उन्होंने पाकिस्तान के दिग्गज इमरान खान का रिकॉर्ड तोड़ा था। सबसे पहले यह मुकाम इयान बॉथम ने अचीव किया था। पहले दिन पडिक्कल का शतक भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। गॅाल स्टेडियम में देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं। ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। पढ़ें पूरी खबर दूसरे दिन भारत मजबूत श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट के दूसरे दिन भारत मजबूत स्थिति में है। उसने पहली पारी में 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। पहला सेशन रद्द होने के बाद भारत ने 43 ओवर में 172 रन जोड़े। पढ़ें पूरी खबर
महिला हंड्रेड में ट्रेंट रॉकेट्स का धमाका, सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से रौंदकर पहली बार बनी चैंपियन
ट्रेंट रॉकेट्स ने लॉर्ड्स में सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से हराकर पहली बार महिला हंड्रेड का खिताब जीत लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स की टीम 91 रन पर ऑलआउट हो गई।
फुटबॉल से रिटायरमेंट लेने की तैयारी में क्रिस्टियानो रोनाल्डो? बोले- शायद मेरा आखिरी साल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा संकेत दिया है। 41 साल के रोनाल्डो ने कहा कि मौजूदा सीजन शायद फुटबॉल में उनका आखिरी साल हो सकता है।
मोहम्मद सिराज ने दिखाया बल्ले का दम, गगनचुंबी छक्के से चौंकाया, VIDEO हो रहा वायरल
भारतीय गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में दूसरे दिन बल्ले से सुर्खियां बटोरीं। भारत की पहली पारी के दौरान सिराज ने गगनचुंबी छक्का जड़ा।
रॉयल एनफील्ड की लोकप्रिय क्लासिक 350 को अब एक खास सैन्य अंदाज मिलने जा रहा है। कंपनी जल्द ही क्लासिक 350 का गोरखा संस्करण बाजार में उतारने की तैयारी में है। नई मोटरसाइकिल में बड़े तकनीकी बदलाव नहीं किए गए हैं, बल्कि इसका मुख्य आकर्षण नया हल्का सैन्य हरा रंग और गोरखा रेजिमेंट से जुड़े विशेष निशान हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, गोरखा संस्करण का मूल ढांचा सामान्य क्लासिक 350 जैसा ही रहेगा। मोटरसाइकिल के बाहरी हिस्से, धातु के पैनल, पहिए, निलंबन और दूसरे प्रमुख हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसे अलग पहचान देने के लिए ईंधन टंकी और किनारे के पैनल पर गोरखा संस्करण से जुड़े विशेष चित्र लगाए गए हैं। इस मोटरसाइकिल में हल्के सैन्य हरे या जैतूनी हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। रॉयल एनफील्ड ने अभी इस रंग का आधिकारिक नाम सार्वजनिक नहीं किया है। यह रंग सेना के वाहनों में इस्तेमाल होने वाले रंगों से मिलता-जुलता है और गोरखा रेजिमेंट की पहचान से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। किनारे के पैनल पर दो खुकरी के निशान के साथ गोरखा संस्करण लिखा हुआ दिखाई देता है। ईंधन टंकी पर भी इसी संस्करण से जुड़ा विशेष चिह्न दिया गया है। बता दें कि खुकरी गोरखा सैनिकों से जुड़ा पारंपरिक घुमावदार चाकू है और गोरखा सैनिकों की वीरता तथा सैन्य परंपरा का प्रतीक माना जाता है। गोरखा सैनिकों का प्रसिद्ध युद्ध उद्घोष “आयो गोरखाली” भी उनकी पहचान का हिस्सा रहा है। मोटरसाइकिल के बाकी हिस्से में क्लासिक 350 जैसा ही रूप देखने को मिलेगा। इसमें सामने गोल शीशा, गोल हेडलैंप, चमकदार निकास पाइप, तार वाले पहिए और चालक तथा पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए अलग-अलग सीट दी गई है। इसमें गति मापने के लिए पारंपरिक सूई वाला मीटर और साथ में छोटा पर्दा मिलता है। जानकारी के मुताबिक इसमें मार्गदर्शन के लिए अलग उपकरण नहीं दिया जाएगा। रॉयल एनफील्ड ने हाल में क्लासिक 350 के दोहरे पहिया-रोधक वाले संस्करणों में सहायक और फिसलन रोकने वाला क्लच तथा तेज गति से मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी टाइप-सी सुविधा जोड़ी थी। उम्मीद है कि ये सुविधाएं गोरखा संस्करण में भी मिल सकती हैं। इंजन में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसमें वही 349 सीसी का एक सिलेंडर वाला वायु और तेल से ठंडा होने वाला इंजन मिलेगा, जो 20.2 अश्वशक्ति की ताकत और 27 न्यूटन मीटर का अधिकतम बल पैदा करता है। इंजन को पांच गति वाले गियर से जोड़ा जाएगा। आगे दूरबीन जैसी निलंबन व्यवस्था, पीछे दो झटके सोखने वाले उपकरण और दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक मिलेंगे। दोहरे पहिया-रोधक की सुविधा भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि क्लासिक 350 पहले से ही हेरिटेज क्लासिक, हेरिटेज प्रीमियम, सिग्नल्स, डार्क, क्लासिक क्रोम और रेडडिच जैसे कई रूपों में उपलब्ध है। गोरखा संस्करण की कीमत 18 अगस्त को पेश किए जाने के समय घोषित होने की उम्मीद है। विक्रेताओं के पास मोटरसाइकिल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिक्री भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
Lakshya Sen BWF World Championships में बेहतर प्रदर्शन को तैयार, कहा एक मैच पर ध्यान
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का यह साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है जिसमें वह प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उप विजेता रहे थे लेकिन इसके बावजूद विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज यह खिलाड़ी सोमवार से शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर टूर्नामेंट में आगे तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता सेन पुरुष एकल वर्ग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं। 17 साल बाद भारत में लौट रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वह घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। सेन का इस सत्र में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, उन्होंने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन अन्य प्रतियोगिताओं में निरंतरता बनाए रखने में सफल नहीं रहे। हालांकि इस 24 वर्षीय खिलाड़ी का पूरा ध्यान विश्व चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन पर है। सेन ने कहा, ‘‘मेरी पहली विश्व चैंपियनशिप का अनुभव काफी अच्छा था। इसके बाद जिन विश्व चैंपियनशिप में मैंने हिस्सा लिया, उनमें कुछ अच्छी रहीं और कुछ उतनी अच्छी नहीं रहीं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बार यहां अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। फिलहाल हर मुकाबला कठिन है, इसलिए मुझे एक बार में एक ही मैच पर ध्यान देना होगा। मेरा लक्ष्य टूर्नामेंट में जितना संभव हो उतनी दूर तक जाना है। ’’विश्व चैंपियनशिप 2009 के बाद पहली बार भारत में आयोजित हो रही है और इसे लेकर सेन काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों को यहां घरेलू दर्शकों का बड़ा फायदा मिलेगा। हममें से कई खिलाड़ी काफी समय से यहां अभ्यास भी कर रहे हैं। भारत में, विशेषकर दिल्ली में इस टूर्नामेंट का आयोजन होना मेरे लिए बेहद खास है। ’’सेन ने कहा, ‘‘मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं, टूर्नामेंट का आनंद लेना चाहता हूं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलना अपने आप में शानदार अहसास है। मैं इस प्रतियोगिता को लेकर बेहद उत्साहित हूं। ’’सेन ने आयोजन स्थल पर बेहतर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता शुरू होने के बाद कोर्ट की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभ्यास के दौरान हमने महसूस किया कि जब दर्शक स्टेडियम में आएंगे तो शटल का व्यवहार अलग होगा। इसलिए हमें उसी के अनुसार खुद को ढालना होगा। कुल मिलाकर बाकी परिस्थितियां काफी अच्छी हैं। दूसरे दौर के बाद हमें कोर्ट की स्थिति का और बेहतर अंदाजा हो जाएगा। ’’नयी दिल्ली में आयोजित यह विश्व चैंपियनशिप इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसी साल हुए इंडिया ओपन के दौरान वायु गुणवत्ता, स्टेडियम की सफाई, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों जैसी समस्याओं ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और अन्य एजेंसियों ने आयोजन स्थल और संचालन व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं ताकि विश्व चैंपियनशिप का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का मानना है कि कोर्ट पर हवा (ड्रिफ्ट) के प्रभाव के अनुसार खुद को ढालना सफलता की कुंजी होगी। रंकीरेड्डी ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में हमने अभ्यास किया, लेकिन दोनों दिन परिस्थितियां अलग थीं। हर कोर्ट अलग महसूस हुआ। एक तरफ काफी ड्रिफ्ट थी जबकि दूसरी तरफ बिल्कुल नहीं थी। लेकिन मेरा मानना है कि एक बार परिस्थितियां स्थिर हो जाएंगी तो सब सामान्य हो जाएगा। फिलहाल सब कुछ अच्छा है। ’’उभरते भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने अप्रैल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था और उनके लिए यह विश्व चैंपियनशिप अब तक के करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। आयुष एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले केवल दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे, जहां उन्हें मौजूदा विश्व नंबर एक और विश्व चैंपियन शी युकी से हार का सामना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप के पहले ही दौर में उनका मुकाबला फिर से शी युकी से होगा। शेट्टी ने कहा, ‘‘मैं शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूं। यहां का माहौल शानदार है और व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। विश्व चैंपियनशिप हर खिलाड़ी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच भारत में खेलना इसे मेरे लिए और भी खास बना देता है। ’’शेट्टी ने कहा कि इस बार आयोजन स्थल की सुविधाएं इंडिया ओपन की तुलना में काफी बेहतर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने पहले यहां सुपर 750 टूर्नामेंट हुआ था और अब विश्व चैंपियनशिप हो रही है। इस बार सुविधाएं वास्तव में शानदार हैं। काफी बड़ा सुधार हुआ है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘कोर्ट की परिस्थितियां और ड्रिफ्ट कुछ हद तक इंडिया ओपन जैसा ही हैं। थोड़ी ड्रिफ्ट है और यह सभी खिलाड़ियों के लिए चुनौती होगी। हमें इसके अनुसार खुद को ढालना होगा। ’’पहले दौर में विश्व नंबर एक शी युकी से होने वाले मुकाबले पर शेट्टी ने कहा, ‘‘यह कठिन मुकाबला होगा। हम दोनों का पहला मैच है और मुझे लगता है कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा। मुझे कुछ चोटें थीं, लेकिन अब मैं पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहा हूं और पहली चुनौती के लिए तैयार हूं। मैं पिछली भिड़ंतों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। कल देखूंगा कि क्या करना है। शारीरिक और रणनीतिक रूप से मैं अब पहले से बेहतर स्थिति में हूं।
Devdutt Padikkal के 167 रन के दम पर India vs Sri Lanka टेस्ट में भारत ने बनाए 460 रन
... जी उन्नीकृष्णन ...गॉल, 16 अगस्त देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी भारत के बूते भारत ने दो मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट के बारिश से प्रभावित दूसरे दिन रविवार को श्रीलंका के खिलाफ दिन का खेल खत्म होने तक नौ विकेट पर 460 रन बना लिए। रविवार को सिर्फ 43 ओवर का खेल संभव हुआ और इस दौरान श्रीलंका के स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा एक रन बनाकर क्रीज पर थे। लगातार बारिश और मैदान गीला होने के कारण दिन का खेल दोपहर 2:35 बजे शुरू हो सका। लंबे अंतराल के बाद उतरे श्रीलंकाई गेंदबाजों ने पहले दिन की तुलना में बेहतर लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की तथा भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया। भारत ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर 288 रन से की थी और उसके पास बड़ा स्कोर खड़ा करने का शानदार मौका था। टीम ने हालांकि 172 रन जोड़कर सात विकेट गंवा दिए। कुछ विकेट श्रीलंकाई स्पिनरों की शानदार गेंदबाजी से आए जबकि कुछ भारतीय बल्लेबाजों की गलतियों का नतीजा रहे। रात के 131 रन से आगे खेलने उतरे पडिक्कल ने तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो की गेंद पर चौका लगाकर 215 गेंदों में अपना पहला 150 रन पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि पर पहुंचने से पहले ही भारत को ऋषभ पंत के रूप में बड़ा झटका लग चुका था। दिन की शुरुआत 27 रन करने वाले पंत को आक्रामक तेवर अपनाने का खामियाजा भुगतना पड़ा। ऑफ स्पिनर केशरा नुवंता की गेंद पर उनका हवा में लहराया गया कमजोर शॉट मिडऑफ की दिशा में सोनल दिनुषा के हाथों में थमा गया। इसके बाद केएल राहुल बल्लेबाजी के लिए आए। पिछले दिन ऐंठन के कारण 77 रन पर रिटायर हर्ट हुए राहुल अपने स्कोर में सिर्फ पांच रन जोड़ सके। नुवंता की गेंद के टर्न और उछाल को वह समझ नहीं पाए और शॉर्ट लेग पर निशान मधुशंका को आसान कैच दे बैठे। महज 12 रन देकर दो बड़े विकेट हासिल करने से श्रीलंकाई गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ा। चाय से ठीक पहले उन्होंने पडिक्कल का भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर लिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को प्रभात जयसूर्या ने फ्लाइट से चकमा दिया और विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने उन्हें स्टंप कर दिया। पडिक्कल की पारी ने तीसरे नंबर पर भारत के लिए एक मजबूत विकल्प पेश किया है। उनके प्रदर्शन से टीम प्रबंधन को तब भी राहत मिलेगी, जब पैर की अंगुली की चोट से उबरकर साई सुदर्शन टीम में वापसी करेंगे। भारत चाय तक पांच विकेट पर 364 रन बना चुका था। इसके बाद रविंद्र जडेजा को नुवंता (13) ने पगबाधा किया। पिछले कुछ मैचों से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे जुरेल ने शानदार वापसी करते हुए 51 रन की उपयोगी पारी खेली। उनकी पारी में किस्मत का भी साथ रहा। 29 रन के निजी स्कोर पर स्लिप में श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डि सिल्वा ने जयसूर्या की गेंद पर उनका आसान कैच छोड़ दिया। जुरेल ने इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए आठ पारियों के बाद पहली बार अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने नुवंता की गेंद को मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ा और लाहिरू कुमारा की गेंद पर चौका भी लगाया। जुरेल ने मानव सुथार (24) के साथ सातवें विकेट के लिए 55 रन जोड़े। जयसूर्या की गेंद पर धनंजय डि सिल्वा ने जुरेल का शनदार कैच लपक कर अपनी पिछली गलती की भरपाई कर दी। सुथार ने इसके बाद मोहम्मद सिराज (11) के साथ टीम के स्कोर को 447 रन तक पहुंचया लेकिन इसी स्कोर पर दोनों बल्लेबाज आउट हो गये। श्रीलंका ने दूसरे दिन सात विकेट चटकाये लेकिन पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद को देखते हुए भारत का पलड़ा भारी दिख रहा है।
दिल्ली में सोमवार से शुरू होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिलाड़ियों की परीक्षा सिर्फ उनकी रफ्तार, स्मैश और नेट के पास की चाल से नहीं होने वाली है। इस बार मौसम, हवा की दिशा और उमस भी खेल का रुख बदल सकती है। दिल्ली में लगातार बदलते मौसम और 70 से 90 प्रतिशत तक पहुंच रही नमी के बीच खिलाड़ियों को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाना होगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, दिल्ली में इन दिनों रुक-रुककर बारिश हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है। ज्यादा उमस के कारण खिलाड़ियों को कोर्ट पर थकान और शरीर में पानी की कमी की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में लंबे मुकाबलों के दौरान शारीरिक क्षमता के साथ परिस्थितियों को समझना भी बेहद जरूरी होगा। स्टेडियम में तापमान नियंत्रित रखने के लिए वातानुकूलन व्यवस्था लगातार चलानी पड़ सकती है। लेकिन यहां हवा का मामूली बहाव भी बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। वातानुकूलन, पंखों, दरवाजों या हवा के आवागमन से पैदा होने वाली हल्की हवा भी शटल की दिशा बदल सकती है। इसका असर ऊंचे शॉट, ड्रॉप, लिफ्ट और स्मैश पर पड़ता है। खिलाड़ियों ने अभ्यास के दौरान इन बदलावों को महसूस भी किया है। चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी ने अभ्यास के बाद कहा कि कोर्ट पर उन्हें हल्की हवा महसूस हुई और खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों का अभ्यस्त होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी माना कि स्टेडियम में काफी बदलाव किए गए हैं और आयोजन स्थल को बेहतर तरीके से तैयार किया गया है। वहीं, टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता चेन यू फेई ने कहा कि उन्हें अभी कोर्ट की परिस्थितियों को पूरी तरह समझने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। चेन कई बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं, लेकिन वह अब तक इस प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई हैं। दूसरी ओर, दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी ली शिफेंग कोर्ट की स्थिति से खुश नजर आए। उन्होंने आयोजन स्थल और कोर्ट की तैयारी की तारीफ करते हुए कहा कि हवा का बहाव और मौसम से जुड़ी परिस्थितियां अच्छी तरह संभाली गई हैं। उनका मानना है कि इस बार आयोजन स्थल पहले की तुलना में बेहतर तैयार है। गौरतलब है कि यही जगह जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान भी खिलाड़ियों की मेजबानी कर चुकी है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों का कहना है कि इस समय परिस्थितियां अलग महसूस हो रही हैं। इसका कारण दिल्ली का मौजूदा मौसम और वातावरण में मौजूद नमी है। बैडमिंटन में शटल की गति पर हवा और वातावरण का सीधा असर पड़ता है। हवा की दिशा बदलने से एक ही शॉट अलग गति से आगे बढ़ सकता है। इसलिए खिलाड़ियों को अपनी ताकत, शॉट की ऊंचाई और समय के हिसाब से बदलाव करना पड़ता है। गर्मी और उमस के कारण ऊर्जा भी जल्दी खर्च होती है, जिससे लंबे मुकाबलों में अंतर पैदा हो सकता है। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कबूतरों को दूर रखने के लिए लगाया गया विशेष गैर-विषैला जेल भी तापमान के प्रति संवेदनशील है। अगर स्टेडियम ज्यादा गर्म हुआ तो इसकी स्थिरता प्रभावित हो सकती है और यह नीचे रखी सीटों पर गिर सकता है। इससे भी आयोजन के दौरान तापमान नियंत्रित रखने की अहमियत समझी जा सकती है। बता दें कि विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी मौजूद हैं और यहां छोटी से छोटी परिस्थिति भी नतीजे पर असर डाल सकती है। इसलिए सोमवार से मुकाबले शुरू होने के बाद दर्शकों की नजर सिर्फ खिलाड़ियों के स्मैश और रैलियों पर नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा, उमस और कोर्ट की परिस्थितियों पर भी रहेगी। इस प्रतियोगिता में परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाने वाले खिलाड़ी बढ़त हासिल कर सकते हैं।
इस्लाम माखाचेव ने अपने नए भार वर्ग में भी चैंपियन बनने का सिलसिला जारी रखते हुए यूएफसी 330 के मुख्य मुकाबले में इयान मचाडो गैरी को हरा दिया। इस जीत के साथ माखाचेव ने वेल्टरवेट खिताब का पहली बार सफल बचाव किया है। अब उनकी नजरें इस भार वर्ग में अगली चुनौती पर टिकी हैं, जहां कई मजबूत दावेदार उनका इंतजार कर रहे हैं। माखाचेव ने इससे पहले हल्के भार वर्ग में अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन वेल्टरवेट में आने के बाद भी उनका दबदबा कम नहीं हुआ है। इयान मचाडो गैरी के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अपनी कुश्ती, नियंत्रण और रणनीति का इस्तेमाल करते हुए जजों को प्रभावित किया। सर्वसम्मत निर्णय से मिली जीत ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पाउंड-फॉर-पाउंड खिलाड़ियों में अपनी जगह और मजबूत करने का मौका दिया है। गौरतलब है कि 170 पाउंड के इस भार वर्ग में माखाचेव के लिए अभी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। अगर उनका लक्ष्य इस श्रेणी के शीर्ष दावेदारों को एक-एक करके हराना है तो कार्लोस प्रेट्स और माइकल मोरालेस उनके अगले संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं। दोनों की अपनी अलग शैली है और दोनों माखाचेव के लिए अलग तरह की चुनौती पेश कर सकते हैं। कार्लोस प्रेट्स इस समय मजबूत लय में चल रहे हैं। वह लगातार तीन मुकाबले जीत चुके हैं और ज्योफ नील, लियोन एडवर्ड्स तथा जैक डेला मैडालेना के खिलाफ शानदार नॉकआउट जीत दर्ज कर चुके हैं। उनकी आक्रामक शैली और लगातार दबाव बनाने की क्षमता माखाचेव के नियंत्रण आधारित खेल के सामने दिलचस्प मुकाबला तैयार कर सकती है। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रेट्स अगली चुनौती के लिए माखाचेव की पसंद हो सकते हैं। दूसरी तरफ माइकल मोरालेस भी कम खतरनाक नाम नहीं हैं। वह अब तक अपने पेशेवर करियर में 19 मुकाबलों में अपराजित हैं। मोरालेस ने सीन ब्रैडी, गिल्बर्ट बर्न्स और नील मैग्नी जैसे खिलाड़ियों को नॉकआउट किया है। खास बात यह है कि वह यूएफसी 330 के मुख्य मुकाबले के लिए वैकल्पिक खिलाड़ी के तौर पर तैयार थे। हालांकि, उन्होंने पिछले साल नवंबर के बाद कोई मुकाबला नहीं लड़ा है और यही बात उनकी अगली बारी में थोड़ी देरी कर सकती है। माखाचेव के लिए एक और बड़ा विकल्प भार वर्ग बदलना भी हो सकता है। अगर वह वेल्टरवेट खिताब का एक और बचाव करते हैं तो मिडिलवेट चैंपियन सीन स्ट्रिकलैंड के खिलाफ मुकाबला भी उनके लिए आकर्षक चुनौती बन सकता है। हालांकि, फिलहाल उनका पूरा ध्यान 170 पाउंड के भार वर्ग पर रहने की संभावना है। इयान मचाडो गैरी के लिए हार के बावजूद स्थिति पूरी तरह खराब नहीं हुई है। 28 वर्षीय आयरिश खिलाड़ी पहली बार खिताब के लिए उतरे थे और उनकी उम्र को देखते हुए वापसी के लिए पर्याप्त समय है। उनकी आक्रामक शैली और लोकप्रियता उन्हें आगे भी बड़े मुकाबलों में बनाए रख सकती है। उनके लिए कार्लोस प्रेट्स या माइकल मोरालेस में से किसी एक के खिलाफ मुकाबला खिताबी दावेदारी की दिशा में अगला कदम हो सकता है। हालांकि, अगर इनमें से कोई खिलाड़ी माखाचेव से भिड़ने का मौका हासिल कर लेता है तो मचाडो गैरी को इंतजार करना पड़ेगा। एक दूसरा विकल्प जैक डेला मैडालेना हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को पहले माखाचेव और फिर कार्लोस प्रेट्स से हार मिली है। ऐसे में मचाडो गैरी के खिलाफ मुकाबला दोनों के लिए वापसी का मौका बन सकता है। मचाडो गैरी अपनी कमियों पर काम कर सकते हैं, जबकि डेला मैडालेना दो लगातार हार के बाद दोबारा शीर्ष दावेदारी में आने की कोशिश कर सकते हैं। इस समय तस्वीर काफी दिलचस्प है। माखाचेव खिताब बचाने के बाद लगातार आगे बढ़ना चाहते हैं, जबकि प्रेट्स और मोरालेस अगली चुनौती के लिए सबसे मजबूत नामों में हैं। वहीं मचाडो गैरी और डेला मैडालेना जैसे खिलाड़ी वापसी के रास्ते पर हैं। ऐसे में वेल्टरवेट वर्ग में आने वाले मुकाबले आने वाले महीनों में काफी रोमांचक होने वाले हैं।
राजस्थान रॉयल्स IPL 2027 से पहले भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल को रिलीज कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई इंडियंस के हार्दिक पंड्या के साथ उनका ट्रेड हो सकता है। खबर है कि राजस्थान का मैनेजमेंट जायसवाल के रवैये से खुश नहीं हैकइेस की मुख्य वजह रियान पराग को उनसे पहले कप्तानी सौंपना है। हालांकि फ्रेंचाइजी या खिलाड़ी की ओर से इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान को ऑप्शन दिया जायसवाल ने IPL 2026 के 16 मैचों में 427 रन बनाए थे। उन्होंने 30.50 के एवरेज और 152.50 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। वे सीजन में सिर्फ 3 फिफ्टी लगा सके। हालांकि पूरे सीजन में उनके ओपनिंग पार्टनर वैभव सूर्यवंशी स्पॉटलाइट में रहे। वैभव ने 16 मैचों में 237.30 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। उन्होंने ऑरेंज कैप, सुपर सिक्सेस और सुपर स्ट्राइकर का खिताब जीता। राजस्थान को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरुरत राजस्थान रॉयल्स को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरुरत है। पिछले साल उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रेड में संजू सैमसन के बदले सैम करन और रवींद्र जडेजा को टीम में शामिल किया था। हालांकि करन चोट की वजह से सीजन का एक भी मुकाबला नहीं खेल सके थे। हार्दिक के ट्रेड की खबरें पहले भी आ चुकीं हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स भी हार्दिक को अपनी टीम में शामिल करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। हालांकि स्पोर्टस्टार से बातचीत में मुंबई इंडियंस के प्रवक्ता ने खिलाड़ियों के ट्रेड के संबंध में किसी बातचीत से इनकार किया था। मुंबई का हार्दिक की कप्तानी में खराब प्रदर्शन 2020 में मुंबई इंडियंस ने अपना आखिरी IPL टाइटल जीता था। तब से टीम फाइनल में नहीं पहुंची है। मुंबई ने IPL 2024 के लिए हार्दिक को गुजरात टाइटंस से ट्रेड के जरिए हासिल किया था। तब 5 बार टीम को IPL जीताने वाले रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाकर हार्दिक को कैप्टेंसी दी गई थी। इसके बावजूद टीम की परफॉर्मेंस में कोई सुधार नहीं आया। 2024 में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी। 2025 में प्लेऑफ तक पहुंची। वहीं 2026 में एक बार फिर टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई।
लियोनेल मेसी की मौजूदगी के बावजूद इंटर मियामी को मेजर लीग सॉकर में शीर्ष स्थान की जंग में नैशविले के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में नैशविले ने इंटर मियामी को 4-1 से हराया। मेसी के लिए यह मुकाबला खास नहीं रहा। वह पेनल्टी चूक गए, उन्हें यलो कार्ड मिला और दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय में उनके दो शॉट पोस्ट से टकरा गए। इस जीत के साथ नैशविले ने तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम के अब 43 अंक हैं और उसका रिकॉर्ड 13 जीत, दो हार और चार बराबरी का है। इंटर मियामी 38 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। इस हार के साथ मियामी का मेजर लीग सॉकर में लगातार सात मुकाबलों से चला आ रहा अजेय अभियान भी खत्म हो गया। बता दें कि इंटर मियामी इस सत्र में घर से बाहर बेहद मजबूत प्रदर्शन कर रहा था। मुकाबले से पहले टीम का बाहर का रिकॉर्ड 8 जीत, 1 हार और 1 बराबरी का था। दूसरी ओर नैशविले ने इस सत्र में अपने घरेलू मैदान पर अभी तक एक भी लीग मुकाबला नहीं गंवाया है। मुकाबले की शुरुआत में ही नैशविले ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था। 17वें मिनट में होंडुरास के डिफेंडर एंडी नाहर ने हेडर के जरिए गोल कर मेजबान टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद इंटर मियामी को बराबरी का शानदार मौका मिला, लेकिन मेसी की पेनल्टी को नैशविले के गोलकीपर ब्रायन श्वाके ने रोक दिया। 23वें मिनट में मिली पेनल्टी पर मेसी का शॉट उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं था और गोलकीपर ने आसानी से उसे बचा लिया। पेनल्टी पर मेसी के लिए यह आंकड़ा उनकी सामान्य क्षमता के मुकाबले कमजोर रहा है। विश्व कप में भी वह दो बार पेनल्टी गंवा चुके हैं। हालांकि, पहले हाफ के अतिरिक्त समय में इंटर मियामी ने बराबरी कर ली। वेनेजुएला के टेलास्को सेगोविया ने मेसी के पास पर दाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचाया। हाफ टाइम तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर था। दूसरे हाफ में नैशविले ने पूरी तरह खेल की दिशा बदल दी। 49वें मिनट में 2022 के मेजर लीग सॉकर के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी हानी मुख्तार ने गोल कर मेजबान टीम को फिर आगे कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड के सैम सरिज ने नैशविले की बढ़त को 3-1 कर दिया। 63वें मिनट में मुख्तार ने अपना दूसरा गोल दागकर इंटर मियामी की वापसी की सारी उम्मीदें लगभग खत्म कर दीं। इस दौरान मेसी को 59वें मिनट में पीला कार्ड भी दिखाया गया। गौरतलब है कि नैशविले इससे पहले इस साल कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के अंतिम 16 दौर में भी इंटर मियामी को बाहर कर चुका है। यानी इस सत्र में दोनों टीमों के बीच नैशविले का पलड़ा लगातार भारी रहा है। मुकाबले के अंतिम क्षणों में मेसी ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय में उनके लगातार दो शॉट गोलपोस्ट के दोनों हिस्सों से टकरा गए। इस तरह मेसी गोल नहीं कर सके और इंटर मियामी को 1-4 की निराशाजनक हार के साथ मैदान से लौटना पड़ा है।
पोंटिंग ने बैटिंग ऑर्डर में युवा खिलाड़ियों को शामिल करने की वकालत की और कहा कि बदलाव के लिए काफी सबूत मौजूद हैं। पोंटिंग ने 'चैनल 7' से कहा, यह वाकई बहुत शर्मनाक हार है। मुझे लगता है कि बदलाव करना जरूरी है। पिछली गर्मी के आखिर में ही मैंने कहा था कि टीम को फिर से तैयार करने का यह सही समय है, क्योंकि कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ऐसा ही रहा है।
देवदत्त पडिक्कल ने लंका में किया कमाल , द्रविड़ और पुजारा के स्पेशल क्लब में बनाई जगह
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में दूसरे दिन 167 रन की शानदार पारी खेलकर श्रीलंका की धरती पर बड़ा कमाल कर दिया।
भारत ने पहले मैच में दिखाया दम, चीन के साथ मुकाबला हुआ ड्रॉ, नवनीत-दीपका ने किया गोल
भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन के बीच हॉकी विश्व कप 2026 मुकाबला ड्रॉ रहा। नवनीत कौर और दीपका ने टीम के लिए गोल किया।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 लाइव देखने की गाइड, जाने मैच का शेड्यूल
नई दिल्ली, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 साल बाद भारत में हो रही है। दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपना दमखम दिखाने को बेताब हैं। वहीं, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम बैडमिंटन की दुनिया के इस सबसे बड़े इवेंट की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
Formula E भारत में वापसी को उत्सुक, सह-संस्थापक लोंगो ने मेजबानी की इच्छाशक्ति मांगी
फॉर्मूला ई के सह-संस्थापक अल्बर्टो लोंगो ने कहा कि यह चैंपियनशिप भारत में वापसी करने के लिए उत्सुक है, लेकिन भारत के किसी शहर को मेजबानी की इच्छाशक्ति दिखानी होगी। ऑल-इलेक्ट्रिक विश्व चैंपियनशिप ने फरवरी 2023 में हैदराबाद ई-प्री के साथ भारत में अपनी शुरुआत की थी, लेकिन तेलंगाना में सरकार बदलने के बाद अगले वर्ष इस रेस को रद्द कर दिया गया, क्योंकि नयी सरकार ने इसमें किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। लोंगो ने कहा कि फॉर्मूला ई अब भी उस बाजार में वापसी करने के लिए तैयार है जिसे वह ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक मानते हैं। लोंगो ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम भारत वापस जाना चाहेंगे लेकिन दुर्भाग्य से अभी इसको लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं चल रही है। फॉर्मूला ई के लिए यह इतना महत्वपूर्ण बाजार है कि हम निश्चित रूप से वहां वापस जाना चाहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ फॉर्मूला ई प्रतियोगिता की मेजबानी करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। यकीन मानिए हम भारत में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसे भी पढ़ें: Devdutt Padikkal के 167 रन से भारत ने चाय तक बनाए 364 रन, श्रीलंका पर कसा शिकंजा हम आज एक साथ दुनिया भर के 80 से अधिक शहरों से बातचीत कर रहे हैं। दुर्भाग्य से भारत से कोई भी हमसे संपर्क नहीं कर रहा है, और यही वह चीज है जिसे बदलने की जरूरत है।’’ फॉर्मूला ई के सीईओ जेफ डॉड्स ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कई बेहद प्रतिष्ठित भारतीय साझेदार हैं। इसे भी पढ़ें: Festival Diet Plan: रक्षाबंधन से पहले 2 किलो वजन घटाने का Formula, डिनर में अपनाएं ये Healthy Habits इनमें महिंद्रा सबसे ऊपर है, इंफोसिस हमारी एक बड़ी साझेदार है। टाटा जगुआर रेसिंग टीम की मालिक है।’’ डॉड्स ने कहा, ‘‘भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की वृद्धि हो रही है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए भारत हमारे लिए एक प्राथमिकता वाला बाजार बना हुआ है। हम चाहते हैं कि यह रेस भारत में वापसी करे।
आयरलैंड की Sophia Noble के खिलाफ मुकाबला खेलेंगी PV Sindhu, 17 साल बाद देश में बड़ी चैंपियनशिप
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कवायद में लगी दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने कहा उनकी जीत की ललक अब भी उसी तरह बनी हुई है जैसे कि 2009 में 14 साल की उम्र में सीनियर स्तर के अपने करियर की शुरुआत के समय थी। विश्व चैंपियनशिप सोमवार से यहां शुरू होगी और सिंधू ने कहा कि वह घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मैं बेहद उत्साहित हूं और भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद कर रही हूं। यह विश्व चैंपियनशिप खास है क्योंकि यह 17 साल बाद भारत में हो रही है। उम्मीद है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर जीत या पदक ने मुझे एक अलग तरह का अनुभव दिया। विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतना एक अद्भुत सफर है। इसे भी पढ़ें: PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर है पदक जीतना अपने आप में एक अद्भुत क्षण है। मुझे बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, चाहे नतीजा कुछ भी हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल की प्रति मेरे जज्बे और जीत हासिल करने की ललक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। मैं अब भी पदक जीतने में सक्षम हूं। इसे भी पढ़ें: BWF World Badminton Championship 2026: दिल्ली में सजेगा बैडमिंटन का सबसे बड़ा मंच, खिलाड़ियों में भारी उत्साह मैं अब अपने पहले विश्व चैंपियनशिप की तुलना में कहीं अधिक अनुभवी और मजबूत हूं।’’ यह 31 वर्षीय खिलाड़ी हाल ही में जापान ओपन जीतकर लगभग दो साल के खिताब के सूखे को समाप्त करने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि मुझे लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन जापान ओपन ने मुझे विश्व चैंपियनशिप से पहले आत्मविश्वास दिया। मुझे लगता है कि शारीरिक और मानसिक रूप से यह काफी अच्छा रहा है। मैं अपने खेल में बदलाव देख पा रही हूं। मुझे खुशी है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’ सिंधू ने स्वीकार किया कि सोमवार को आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ महिला एकल अभियान की शुरुआत करते समय उन पर दबाव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से इनकार नहीं करती कि मुझ पर दबाव नहीं है, दबाव तो है ही। इसे भी पढ़ें: BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टि लेकिन खोने के लिए कुछ नहीं है, मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।
British धावक Amy Hunt ने महिला रिले में टीम को जिताया, European Athletics में जीता तीसरा स्वर्ण
ब्रिटेन की एमी हंट ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी करते हुए महिला रिले दौड़ में अपनी टीम को पहला स्थान दिलाकर यूरोपीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीसरा स्वर्ण पदक जीता। ब्रिटेन ने पुरुषों और महिलाओं दोनों की चार गुणा 100 मीटर रिले जीतकर फर्राटा दौड़ में अपना दबदबा बरकरार रखा। हंट ने इससे पहले 100 और 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीते थे। इसे भी पढ़ें: Beijing में Ambassador Vikram Doraiswami ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज ब्रिटेन की महिला टीम ने उनकी अगुवाई में चार गुणा 100 मीटर की दौड़ 42.05 सेकंड में पूरी की। ब्रिटेन ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ 38.45 सेकंड में पूरी करके स्वर्ण पदक जीता। इस बीच यूक्रेन की ओलंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक यारोस्लावा माहुचिख ने 1.97 मीटर की छलांग लगाकर यूरोपीय चैंपियनशिप में लगातार तीसरी बार ऊंची कूद का खिताब जीता। यूक्रेन के लिए यह मौजूदा चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण पदक है। आयरलैंड की केट ओकॉनर ने महिला हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता। स्पेन की मारिया पेरेज़ ने हाफ मैराथन में एक घंटे 30 मिनट छह सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसे भी पढ़ें: POJK में ब्रिटिश नागरिक की मौत, भड़का ब्रिटेन, फंसा पाकिस्तान! इसके लगभग दो घंटे बाद इटली की 21 वर्षीय सोफिया फियोरिनी ने तीन घंटे 15 मिनट 11 सेकंड में मैराथन का खिताब अपने नाम किया।
PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर है
(सौमोज्योति एस चौधरी) नयी दिल्ली, 16 अगस्त दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू सोमवार से यहां शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों के सामने अपने नए आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। भारत 17 साल बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है सिंधू सहित भारतीय खिलाड़ी इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच बार पदक जीत चुकी हैं और वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। सिंधू के अलावाचीन के लिन डैन (पांच पुरुष एकल स्वर्ण पदक) और उनकी हमवतन झाओ युनलेई (तीन मिश्रित युगल और दो महिला युगल खिताब) ने ही विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने से सिंधू का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा, जिससे वह चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू को अच्छा ड्रॉ मिला है। वह आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू का सामना प्री-क्वार्टरफाइनल में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी और क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से हो सकता है, जबकि शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन आन से यंग उनके और फाइनल के बीच संभावित बाधा बन सकती हैं। पिछले महीने जापान ओपन सुपर 750 जीतने वाली पहली भारतीय बनी सिंधू ने कहा, ‘‘मैं विश्व चैंपियनशिप के लिए उत्सुक हूं।यह भारत में हो रही है, इसलिए मैं बेहद उत्साहित हूं। उम्मीद है कि जापान ओपन जीतने से मिला आत्मविश्वास बरकरार रहेगा और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मुझे भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद है और आशा है कि मैं यहां पदक जीतूंगी।’’ भारत के महिला एकल अभियान में उन्नति हुडा भी शामिल हैं जो पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेलेगी। उनका पहला मैच म्यांमार की थेत हतार थुजार से होगा। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी का लक्ष्य फिर से पोडियम पर पहुंचना होगा। यह जोड़ी पहले ही दो बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी है। उन्होंने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है और वे दूसरे दौर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्हें क्वार्टरफाइनल में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग तथा सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन की जोड़ी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता सात्विक की कंधे की बार-बार होने वाली समस्या होगी जिसके कारण वह कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनन की दूसरी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी भी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेगी। वे आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। पुरुष एकल वर्ग में आयुष शेट्टी के प्रदर्शन पर भी नजर होगी। 21 वर्षीय आयुष का पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन और विश्व में नंबर एक शी यु ची से होगा। आयुष को चीनी खिलाड़ी से अपने पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने 2021 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वह अपने इस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद स्पेन की पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिगेज के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेंगी। विश्व चैंपियनशिप में पहली बार भाग ले रही सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम की महिला युगल जोड़ी पहले दौर में स्पेन की निकोल कारुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज का सामना करेगी। मिश्रित युगल में 15वीं वरीयता प्राप्त ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो को पहले दौर में बाई मिली है और वे प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन के गुओ शिनवा और चेन फांगहुई की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी का सामना कर सकते हैं। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे का पहला मैच कनाडा के जोनाथन लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ होगा। दूसरे दौर में उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग से हो सकता है। भारत ने इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। भारत के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल की शुरुआत में इंडिया ओपन में वायु गुणवत्ता, आयोजन स्थल की स्वच्छता, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। यह मामला तब काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय बैडमिंटन संघ और अन्य विभागों ने विश्व चैंपियनशिप के सुचारू रूप से आयोजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
महिला टी20 एशिया कप के लिए पाकिस्तानी टीम का हुआ ऐलान, फातिमा सना संभालेंगी कप्तानी की जिम्मेदारी
दुबई में 28 अगस्त से शुरू होने वाले महिला टी20 एशिया कप को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है, जिसमें कप्तानी की जिम्मेदारी एकबार फिर से फातिमा सना संभालते हुए दिखाई देंगी।
BAN vs AUS: बांग्लादेश टीम का बड़ा उलटफेर, कंगारू टीम को घर में 9 विकेट से हराकर रचा इतिहास
पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 228 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा जोश हेजलवुड ने 6 विकेट अपने नाम किए। साथी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के खाते में दो विकेट आए।
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी इस बार भारत कर रहा है। इसको लेकर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के साथ-साथ फैंस में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। दुनिया के दिग्गजों की मौजूदगी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पीवी सिंधु ने बताया क्यों खास है आयोजन स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कहा कि भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होना बेहद खास है। उन्होंने बताया कि 2019 में खिताब जीतने के बाद, लगभग सात साल बाद उन्हें एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करने की उम्मीद है। जापान ओपन के प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सिंधु का कहना है कि वे एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रही हैं और घरेलू दर्शकों के समर्थन का पूरा फायदा उठाकर पदक जीतने का प्रयास करेंगी। #WATCH | Delhi: On the BWF World Badminton Championship 2026, Indian Badminton Player PV Sindhu says, ... It’s special because the World Championship is happening in India. I’m excited because it’s been many years since India hosted it. I won the World Championship in 2019, and… pic.twitter.com/NSrjgpv0L9 — ANI (@ANI) August 16, 2026 इसे भी पढ़ें: BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टि युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी की प्रतिक्रिया भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने इस टूर्नामेंट को सभी खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा मंच बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। भारत में इस चैंपियनशिप का आयोजन होना उनके लिए इसे और भी खास और यादगार बना देता है। थाईलैंड के कुनलावुत विटिडसर्न भी उत्साहित थाईलैंड के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न ने भारत आने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर भारत आकर बेहद खुश हैं और इस बड़े टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की पूरी कोशिश करेंगे। #WATCH | Delhi: On BWF World Badminton Championship, Thai Badminton player Kunlavut Vitidsarn says, ... This time I come to India again. I'm very happy, and I will try my best in this tournament... pic.twitter.com/6gMRuFau1c — ANI (@ANI) August 16, 2026 इसे भी पढ़ें: Satwik-Chirag World Championship में कंधे की चोट के बावजूद आक्रामक खेल पर कायम रहेंगे उन्नति हुड्डा की बढ़ी हुई है उत्सुकता पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग ले रहीं भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने करियर की पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप अपने ही देश में खेलना उनके लिए बेहद रोमांचक है। वे इस प्रतियोगिता का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं और एक बार में एक मैच पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ना चाहती हैं।
बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप: पीवी सिंधु ने जताई 2019 वाला प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होना है। चैंपियनशिप में भारत के शीर्ष शटलर हिस्सा ले रहे हैं। ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने कहा है कि चैंपियनशिप का आयोजन भारत में होना बेहद खास है।
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश का ऐतिहासिक कारनामा, 4 दिन में जीता पहला टेस्ट
इस जीत के साथ बांग्लादेश ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। मेहमान टीम की इस कामयाबी में गेंदबाजों ने सबसे अहम भूमिका निभाई और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को दोनों पारियों में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
Bangladesh ने Australia को डार्विन टेस्ट में 9 विकेट से हराकर रचा इतिहास
बांग्लादेश ने रविवार को यहां दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन ही नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। यह उसकी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर पहली और कुल मिलाकर दूसरी जीत है। बांग्लादेश की पहली पारी में महत्वपूर्ण अर्धशतक बनाने वाले मेहदी हसन मिराज ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर उसे 284 रन पर आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया केवल 56 रन की बढ़त ही हासिल कर पाया। कैमरन ग्रीन ने अपना तीसरा टेस्ट शतक और ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला शतक बनाया। उन्होंने 201 गेंदों में 104 रन बनाए लेकिन इससे ऑस्ट्रेलियाई पारी की हार ही टाल पाया। बांग्लादेश के सामने केवल 57 रन का लक्ष्य था लेकिन उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। जोश हेज़लवुड ने पहली पारी में शतक लगाने वाले तंजीद हसन को शून्य पर आउट कर दिया, लेकिन शादमान इस्लाम (नाबाद 25) और मोमिनुल हक (नाबाद 30) ने संयम बनाए रखते हुए अपनी टीम को 14.2 ओवरों में लक्ष्य तक पहुंचा दिया। बांग्लादेश की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसने मैच में शुरू से लेकर आखिर तक दबदबा बनाए रखा। ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में केवल 198 रन ही बना सका, जिसमें स्टीव स्मिथ ने सर्वाधिक 71 रन बनाए। इसके बाद बांग्लादेश ने पिच के सपाट होने का फायदा उठाते हुए 426 रन बनाए और 228 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। ग्रीन के शानदार शतक के बावजूद ऑस्ट्रेलिया पहली पारी के खराब प्रदर्शन से नहीं उभर पाया। इस तरह से बांग्लादेश ने ऐतिहासिक जीत हासिल की। इससे पहले उसने 2017 में ढाका में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार उसके 149 साल के टेस्ट इतिहास में घर पर हुई सबसे अपमानजनक पराजय में से एक है। इससे अब चयनकर्ताओं पर 22 अगस्त से क्वींसलैंड राज्य के मैकाय में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले टीम में बदलाव करने का काफी दबाव होगा। ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन की शुरुआत चार विकेट पर 161 रन से की लेकिन मेहदी ने 66 रन देकर पांच विकेट लिए और मेजबान टीम को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। तीसरे दिन के आखिर में स्मिथ का विकेट लेकर उन्होंने मैच को निर्णायक रूप से बांग्लादेश की ओर मोड़ दिया। इस ऑफ स्पिनर ने चौथे दिन पहले एलेक्स कैरी (30) को विकेट के पीछे लिटन दास हाथों कैच कराया और फिर ब्यू वेबस्टर (05) को बोल्ड किया। पैट कमिंस (08) की पारी संक्षिप्त रही। उन्होंने शॉर्ट लेग पर हसन मिराज को कैच दिया जो मेहदी का सुबह का तीसरा विकेट था। उन्होंने नाथन लियोन को एलबीडब्ल्यू आउट करके ऑस्ट्रेलिया की पारी का अंत किया। इस बीच हसन महमूद ने ग्रीन का महत्वपूर्ण विकेट लिया, जिन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
Novak Djokovic सिनसिनाटी ओपन में पहले ही दौर का मुकाबला हारे, तिरांते ने दी मात
विंबलडन के सेमीफाइनल में हारने के बाद पहली बार किसी टूर्नामेंट में खेल रहे नोवाक जोकोविच सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में हारकर बाहर हो गए। अर्जेंटीना के 25 वर्ष की खिलाड़ी थियागो अगस्टिन तिरांते ने 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच को 2-6, 6-4, 6-4 से हराया। यह मैच गर्म और उमस भरे मौसम में दो घंटे 44 मिनट तक चला। इसे भी पढ़ें: Pranavi Urs ने Swiss Ladies Open में कट हासिल किया, त्वेसा मलिक चुकीं तिरांते विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर हैं। तीन बार सिनसिनाटी चैंपियन रह चुके और रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज 39 वर्षीय जोकोविच विंबलडन के सेमीफाइनल में यानिक सिनर से हार गए थे। जोकोविच को अब अमेरिकी ओपन में खेलना है, जो 30 अगस्त से न्यूयॉर्क में शुरू होगा। महिला वर्ग में फिलीपींस की एलेक्जेंड्रा एला ने एलेना-गैब्रिएला रूसे को हरा कर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। रूसे ने पहला सेट गंवाया लेकिन टखने की चोट के कारण वह आगे खेल जारी नहीं रख पाई। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज एला ने इसी महीने की शुरुआत में वाशिंगटन में अपना पहला डब्ल्यूटीए एकल खिताब जीता था और उन्होंने अपने पिछले नौ मैचों में से आठ जीते हैं। इसे भी पढ़ें: Venus Williams को मिली लगातार 13वीं हार, Cincinnati Open के पहले दौर में अरंगो से हारीं अमेरिकी खिलाड़ी जेसिका पेगुला ने सिमोना वाल्टरट को 6-3, 6-2 से हराकर 2026 में हार्ड कोर्ट पर अपना रिकॉर्ड 25-6 कर लिया। तीसरे नंबर की खिलाड़ी पेगुला ने 2024 में सिनसिनाटी में खिताब जीता था।
FIH World Cup में भारत से मुकाबले पर बोले पाकिस्तानी कप्तान अबु बकर, रैंकिंग मायने नहीं रखती
पिछले एक दशक से अधिक समय से पाकिस्तान हॉकी टीम भारत को हरा नहीं सकी है लेकिन कप्तान अबु बकर महमूद को एफआईएच विश्व कप में इस सिलसिले को तोड़ने का यकीन है और उनका मानना है कि चिर प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले में रैंकिंग नहीं बल्कि उस दिन का खेल मायने रखता है। भारत को पाकिस्तान का सामना एफआईएच विश्व कप में 19 अगस्त को होना है। भारत ने पहले मैच में वेल्स को 3 -1 से हराया जबकि पाकिस्तान को इंग्लैंड से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। महमूद ने को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है लेकिन भारत . पाकिस्तान मैच में रैकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन अहम होता है। मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।’’ पाकिस्तान सीनियर पुरूष हॉकी टीम ने आखिरी बार भारत को जून 2016 में लंदन में चैम्पियंस ट्रॉफी में 4-3 से हराया था। भारत ने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से शिकस्त दी। प्रो लीग के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान बने महमूद ने कहा ,‘‘ भारतीय टीम एशिया की वह टीम है जिसने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिये अच्छी बात है और हम उसे विश्व कप के लिये शुभकामना देते हैं लेकिन हम भी इस बार पूरी तैयारी से आये हैं।’’ पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है लेकिन इससे ठीक पहले प्रो लीग में सारे मैच हारकर आखिरी नौवे स्थान पर रहा था। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup: India का मुकाबला England से, 32 साल बाद जीत हासिल करने का लक्ष्य पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि प्रो लीग में उनका लक्ष्य खिताब जीतना नहीं बल्कि सीखना था और यह विश्व कप में नजर आयेगा कि उन्होंने क्या सीखा है। विश्व कप के लिये टीम की रवानगी से ठीक पहले पाकिस्तान के डच कोच हरमान क्रूस स्वदेश लौट आये थे और गोलकीपिंग कोच बॉब योहान वेल्डोफ को जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम पर इसका कितना असर पड़ा है, यह पूछने पर महमूद ने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ में अदनान जाकिर, बॉब और सहयोगी स्टाफ ने पिछले एक महीने में काफी मेहनत की है। इससे टीम पर सकारात्मक असर पड़ा है और नतीजे दिखने लगे हैं। हमें हर दिन सरप्राइज करना और अच्छा प्रदर्शन दिखाना है। हमारा लक्ष्य एशियाई खेल है लेकिन विश्व कप में अंतिम आठ में जगह बनाना चाहेंगे।’’ महान ड्रैग फ्लिकर सोहेल अब्बास को अपना आदर्श मानने वाले 28 साल के इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘विश्व कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट है और अगर आप ये दो टूर्नामेंट नहीं खेल रहे तो विश्व हॉकी में भागीदारी नहीं कर रहे। यह हमारी खुशकिस्मती या कड़ी मेहनत है कि हम आठ साल बाद विश्व कप फिर खेल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ प्रो लीग से पहले हम विश्व रैंकिंग में 14 वें नंबर पर थे और अभी 12वें नंबर पर हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला है और बहुत कुछ सीखा है। प्रो लीग के पहले दो चरण के बाद हमने विश्व कप क्वालीफायर खेला और फाइनल तक पहुंचकर विश्व कप में जगह बनाई। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया, Harmanpreet Singh ने किए 2 गोल आखिरी दो चरण में भी हमने कुछ नये प्रयोग किये। हम प्रो लीग में सीखने गए थे, खिताब जीतने नहीं क्योंकि काफी समय से हमने बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मैच नहीं खेले थे। अब विश्व कप में प्रदर्शन में नजर आयेगा कि हमने कितना कुछ सीखा है।’’ विश्व कप क्वालीफायर के फाइनल में पाकिस्तान को इंग्लैंड ने 4-1से हराया था। पाकिस्तानी टीम में सिर्फ महमूद और पूर्व कप्तान अम्माद बट ही दो खिलाड़ी हैं जिन्हें 2018 विश्व कप खेलने का अनुभव है लेकिन उन्होंने कहा कि इस टीम को संभालने की चुनौती का सामना करने के लिये वह तैयार हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ पाकिस्तान की इस टीम का कोर ग्रुप पिछले दो तीन साल से यही है , एक दो खिलाड़ी भीतर बाहर होते रहते हैं। चार पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके सौ मैच होने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: Hockey प्रतियोगिता: पुणे में कर्नाटक, बिहार और मिजोरम ने जीते अपने मैच अनुभव की कमी नहीं है , दो लड़के पहली बार विश्व कप खेलेंगे लेकिन उनकी प्रतिभा को देखकर ही विदेशी कोचों ने उन्हें चुना है। ’’ कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘मुझ पर जिम्मेदारी है लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद है और उम्मीद है कि मेरे और मेरी टीम के लिये टूर्नामेंट अच्छा होगा। भारत में 2018 विश्व कप में 19 साल का था और सबसे कम उम्र का खिलाड़ी था। मैने बहुत कुछ सीखा था जो अभी भी मेरे जेहन में है। हमारी टीम के सीनियर खिलाड़ियों , ओलंपियनों से जो कुछ सीखा था वह अब अपनी टीम के युवा खिलाड़ियों से बांटना चाहूंगा।’’ महमूद ने यह भी कहा कि विश्व कप में चार खिताब जीतकर सबसे सफल टीम रही पाकिस्तान की विरासत को वह आगे बढाना चाहते हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ हम उस विरासत को जारी रखना चाहते हैं ताकि यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास ही रहे। हर खिलाड़ी अपनी टीम को शीर्ष पर देखना चाहता है।
सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को सिनसिनाटी ओपन के शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा है। जोकोविच इस मैच के दौरान गर्मी से काफी परेशान दिखे और उन्हें डॉक्टर की भी मदद लेनी पड़ी।
Hockey World Cup: India का मुकाबला England से, 32 साल बाद जीत हासिल करने का लक्ष्य
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 16 अगस्त निचली रैकिंग वाली वेल्स के खिलाफ पहले मैच में जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम के सामने एफआईएच पुरूष हॉकी विश्व कप में सोमवार को विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज इंग्लैंड के रूप में पूल चरण की सबसे कठिन चुनौती होगी जिसे विश्व कप में आखिरी बार उसने तीन दशक पहले हराया था। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने शनिवार को पहले मैच में विश्व रैंकिंग में अपने से छह पायदान नीचे 15वें स्थान पर काबिज वेल्स को 3 -1 से मात दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि संजय ने भी पहला गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। दूसरी ओर इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पूल डी के एक अन्य मैच में 4-1 से मात दी। विश्व कप के बदले प्रारूप में हर मैच का परिणाम काफी मायने रखेगा और भारत से इससे अधिक अंतर से जीत की उम्मीद थी।पहले हर पूल की शीर्ष दो दो टीमें क्वार्टर फाइनल खेलती थी लेकिन इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी जिसमें आठ टीमें होंगी। इस चरण में दो पूल ई और एफ होंगे जिसमें चार चार टीमें रहेंगी लेकिन वे तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी। यानी अगर भारत और इंग्लैंड दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के अंक ही आगे जायेंगे और भारत की सेमीफाइनल संभावनाओं के लिये यह मैच अहम है। पूल ई और एफ की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। पहले मैच में भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने कई अच्छे प्रयास किये और पेनल्टी कॉर्नर भी बनाये लेकिन फील्ड गोल नहीं हो सका। गोल के लिये पेनल्टी कॉर्नर पर निर्भरता कम करने और फील्ड गोल पर फोकस करने की भी जरूरत है। डिफेंस में ख्नासकर जरमनप्रीत सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फॉरवर्ड पंक्ति को बेहतर तालमेल पर ध्यान देना होगा। विश्व कप से पहले प्रो लीग के लंदन चरण में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ था जिसमें दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट में एक एक जीत दर्ज करके बोनस अंक हासिल किये थे। इंग्लैंड 16 मैचों में से सिर्फ दो गंवाकर प्रो लीग 2025 -26 की तालिका में बेल्जियम के बाद दूसरे स्थान पर रहा जबकि भारतीय टीम नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर रही। प्रो लीग के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछने पर कप्तान हरमनप्रीत ने कहा ,‘‘ खेल में उतार चढाव आते रहते हैं लेकिन हमारा फोकस अभी विश्व कप पर है। हम बेहतर तैयारी के साथ आये हैं और टीम फॉर्म में है। हम मैच दर मैच फोकस करेंगे और गोल करने के ज्यादा से ज्यादा मौके बनाने पर फोकस होगा।’’टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मानसिक दृढता के लिये स्विटजरलैंड में तीन दिन के बूट कैम्प के अनुभव का इस्तेमाल भारत को इस मैच में करना पड़ेगा।इंग्लैंड की टीम मोंशेंग्लाबाख में 2006 से पिछले पांच विश्व कप में अंतिम पांच में रही है। विश्व कप क्वालीफायर में उसने जापान (5-0), मेजबान मिस्र (3-0) और अमेरिका (5 -0) को हराने के बाद मलेशिया को 7-1 और पाकिस्तान को 4-1 से हराया। विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है और आखिरी बार उसे 1994 में सिडनी में पांचवें छठे स्थान के मुकाबले में एक गोल से जीत मिली थी। इसके बाद 1998 में यूट्रेक्ट में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ लेकिन अगले तीन विश्व कप (2002, 2006 और 2010) में इंग्लैंड ने भारत को 3 -2 के समान अंतर से हराया। भुवनेश्वर में 2018 में दोनों टीमों की टक्कर नहीं हुई और 2023 में पिछले विश्व कप में दोनों ने गोलरहित ड्रॉ खेला। पूल डी में इसी मैच से पहले और दूसरे स्थान की टीम का निर्धारण हो सकता है। भारत को इसके बाद पाकिस्तान से 19 अगस्त को खेलना है।
Hockey World Cup में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया, Harmanpreet Singh ने किए 2 गोल
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने के इरादे से उतरी भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से पूल डी के पहले मैच में शनिवार को वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की अच्छी शुरूआत की। करीब दस हजार की दर्शक क्षमता वाले वेगनेर स्टेडियम पर अच्छी तादाद में जमा प्रशंसकों के सामने भारतीय टीम ने निराश नहीं किया। भारत के लिये ‘प्लेयर आफ द मैच ’ हरमनप्रीत ने 11वें और 43वें मिनट में गोल किये जबकि संजय ने आठवें मिनट में गोल दागा। अपना दूसरा विश्व कप खेल रही वेल्स टीम के लिये एकमात्र गोल सैम वेल्श ने 56वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। आखिरी मिनटों में वेल्स ने अंतर कम करने की भरसक कोशिश की और 54वें मिनट में उसे मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन फर्लोंग के दमदार शॉट को भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने रोक लिया। इसके बाद हालांकि नाटकीय घटनाक्रम में वेल्श ने रिबाउंड पर गेंद भीतर डाली लेकिन इस गोल पर भारतीय टीम ने रेफरल लिया। टीवी अंपायर ने गोल बरकरार रखा क्योंकि सीटी बजने से पहले गेंद भीतर चली गई थी। टूर्नामेंट के नये प्रारूप को देखते हुए भारत की कोशिश अधिक अंतर से जीतने और क्लीन शीट रखने की थी लेकिन आखिरी मिनटों में एक गोल गंवाने के बाद कोच क्रेग फुल्टोन को इंग्लैंड के खिलाफ अगले कठिन मैच से पहले इस पर काम करना होगा। अपना दूसरा ही विश्व कप खेल रही वेल्स की टीम ने अच्छी शुरूआत की और पहले पांच मिनट में गेंद पर कब्जा बनाये रखा। दूसरे ही मिनट में वेल्स ने भारतीय सर्कल में प्रवेश किया जब फ्रेड न्यूबोल्ड के पास पर जैक प्रिचार्ड का शॉट गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया। रिबाउंड पर फ्रेड का शॉट गोल के ऊपर से निकल गया। फ्रेड ने भारतीय डिफेंस को लगातार व्यस्त रखा और पांचवें मिनट में फिर गोल पर निशाना लगाया लेकिन गेंद सीधे करकेरा के पास गई। इसके बाद भारतीय टीम ने जवाबी हमला शुरू किया और हार्दिक सिंह ने सातवें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। कप्तान हरमनप्रीत उस समय बाहर थे और संजय का प्रयास नाकाम रहा लेकिन गेंद पहले रशर के पैर से टकराने के कारण भारत को लगातार दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार संजय का सीधा तेज शॉट वेल्स के गोलकीपर दाहिनी ओर डाइव लगाकर भी बचा नहीं सके। इसके तीन मिनट बाद जरमनप्रीत दाहिने विंग से बेहतरीन दौड़ लगाते हुए सर्कल के करीब पहुंचे लेकिन उनकी रिवर्स हिट सटीक नहीं लगी। भारत को 11वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। एक गोल गंवाने के बाद वेल्स टीम ने अगले ही मिनट जवाबी हमला किया लेकिन जरमनप्रीत की अगुवाई में भारत के डिफेंस ने बड़ी फुर्ती दिखाते हुए उनके बराबरी के प्रयास को नाकाम कर दिया। पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक बाहर निकल गई। पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास दो गोल की बढत थी और दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में इस विश्व कप के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह (417 अंतरराष्ट्रीय मैच) ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। हरमनप्रीत के शॉट पर मनप्रीत गेंद को ट्रैप नहीं कर सके और मनदीप सिंह का डिफ्लैक्शन का प्रयास भी विफल रहा। वेल्स के लिये 19वें मिनट में प्रिचार्ड को डिफेंस से लंबा पास मिला जिस समय सामने गोलकीपर मोहित एचएस और डिफेंडर संजय ही थे। मोहित आगे निकले लेकिन प्रिचार्ड का शॉट गोलपोस्ट से टकराकर निकल गया। भारत को दूसरे क्ववार्टर के आखिरी मिनटों में फिर गेंद मिली और सुखजीत ने दाहिने ओर राजिंदर को पास दिया जिन्होंने शॉट भी लिया लेकिन सही निशाना नहीं लगा सके। हाफटाइम तक भारत के पास दो गोल की बढत बरकरार थी। तीसरे क्वार्टर में भारत ने उसी रफ्तार और लय के साथ हमले जारी रखे और इसका नतीजा 42वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। हरमनप्रीत ने बायीं ओर दमदार शॉट पर दूसरा गोल दागा।
वैभव सूर्यवंशी के बाद समस्तीपुर से एक नए खिलाड़ी का उदय हुआ है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए बिहार की नूतन सिंह का ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। नूतन बिहार से पहली महिला क्रिकेटर हैं, जो ट्रायल के लिए WPL में गई थी। नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है, जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। यहां तक की नूतन ने वैभव के साथ भी प्रैक्टिस की है और उनके बॉल पर वैभव चौके-छक्के लगाए करते थे। नूतन ब्रेट ली और डेल स्टेन को अपना आइडल मानती है और उनका सपना हरमनप्रीत कौर को आउट करना है। नूतन सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के लिए नूतन सिंह ने ट्रायल दिया नूतन ने 11 अगस्त से 14 अगस्त तक बेंगलुरु में आयोजित हुए ट्रायल में हिस्सा लिया था। अपने अनुभव को साझा करते हुए नूतन ने कहा, ‘काफी अच्छा एक्सपीरियंस रहा। इस WPL प्लेटफार्म से हमें आगे इंडिया टीम में खेलने का भी मौका मिलेगा। यूपी वॉरियर्ज टीम से कोच और सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। सभी ने ट्रायल के दौरान मदद की और मार्गदर्शन भी दिया।' CSK के मैच जीतने के बाद क्रिकेट को जानने का आया जुनून क्रिकेट को अपने पैशन के रूप में चुनने पर नूतन ने बताया कि उनके परिवार में उनके पिता को क्रिकेट काफी पसंद था और सभी लोग मिलकर मैच देखते थे। खासकर IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के सभी फैन थे। एक साथ मिलकर टीवी पर मैच देखा करते थे। नूतन बताती हैं, ‘2018 में जब CSK ने फाइनल मैच जीता, तब मेरे मन में क्रिकेट को और जानने की इच्छा जागी। 2020 में कोविड के दौरान मैंने अकादमी में एडमिशन लिया और क्रिकेट खेलना शुरू किया था।’ जब नूतन ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया तो उनके माता-पिता ने भी उनका सपोर्ट किया। वैभव सूर्यवंशी के कोच से नूतन ने ली ट्रेनिंग नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। समस्तीपुर क्रिकेट अकादमी में कोच ब्रजेश के अंडर उन्होंने 2 साल तक बॉलिंग की ट्रेनिंग ली। यहीं से उन्होंने पहली बार अंडर-19 भी खेला था। उसके बाद पटना के Gen X अकादमी में कोच अशोक से उन्होंने ट्रेनिंग ली। नूतन के बॉल पर वैभव सूर्यवंशी मारते थे चौके-छक्के नूतन ने आगे बताया कि जब वह अकादमी में ट्रेनिंग के लिए गई थी तो वहां पर पहले से ही वैभव सूर्यवंशी प्रैक्टिस कर रहे थे। यहां तक की दोनों ने साथ में कई बार प्रैक्टिस भी की और कई मैच भी खेले। क्रिकेट चुनने में माता-पिता का बहुत बड़ा रोल नूतन के माता-पिता दोनों मेडिकल लाइन में है। तीन बहनों में वह मंझली है। यहां तक पहुंचने की जर्नी को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता का मेरे क्रिकेट करियर में बहुत बड़ा रोल रहा है। नूतन ने बताया, ‘मेरे पैरेट्स ने सबसे ज्यादा मुझ पर खर्च किया है। मेरे किट, जूते में काफी पैसे खर्च होते हैं, लेकिन वे मेरी हर जरूरत की चीज को पूरा करते हैं। वे मुझे बताते भी नहीं है कि चीजें कहां से आई, कैसे मैनेज किया। उनका यही कहना है कि मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए।’ नूतन कहती हैं, ‘मैं दिन-रात मेहनत कर रही हूं, ताकि टीम इंडिया तक जाऊं। अपने परिवार और बिहार का नाम रोशन करूं।’
Hockey प्रतियोगिता: पुणे में कर्नाटक, बिहार और मिजोरम ने जीते अपने मैच
कर्नाटक, बिहार और मिजोरम ने 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 के चौथे दिन शनिवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। डिवीजन ‘बी’ में कर्नाटक ने पूल बी के मुकाबले में उत्तराखंड को 6-1 से हराया जबकि बिहार ने गोवा पर 6-0 की शानदार जीत दर्ज की। डिवीजन ‘बी’ के पूल ए में मिजोरम ने केरल को 2-0 से मात दी। इसी पूल में असम ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए आंध्र प्रदेश को 2-1 से हराया। डिवीजन ‘सी’ के पूल बी में गुजरात ने पुडुचेरी को 3-1 से पराजित किया। डिवीजन ‘सी’ के अन्य मुकाबलों में पूल ए में दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव ने हॉकी अरुणाचल को 2-0 से हराया।
Shubhankar Sharma और युवराज संधू डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप के कट से चूके
भारतीय गोल्फर युवराज संधू और शुभंकर शर्मा शनिवार को डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप में कट हासिल करने से चूक गए। इस तरह डीपी वर्ल्ड टूर पर उनका खराब प्रदर्शन जारी रहा। संधू ने 72 और 71 के कार्ड खेलने से कट लाइन से एक शॉट पीछे रह गए। वह लगातार चौथी बार कट से चूके। वहीं शर्मा ने मार्च के पहले हफ्ते के बाद से डीपी वर्ल्ड टूर पर बस एक बार कट हासिल किया है। वह टर्किश एयरलाइंस ओपन में संयुक्त रूप से 65वें स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Ashwin की भविष्यवाणी: Rohit Sharma के लिए Mumbai Indians के पास होनी चाहिए Coach वाली Special Role भारतीय जोड़ी अगले सप्ताह होने वाली नेक्सो चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

