प्रज्ञान ओझा बने BCCI के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट में अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। चयन समिति में वरिष्ठता के आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू क्रिकेट के अनुभव को इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
WPL Auction 2027 के लिए 146 प्लेयर का नाम आया सामने, सिर्फ 27 स्लॉट के लिए लगेगी बोली
WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी। इस ऑक्शन में 5 टीमें मिलकर 146 खिलाड़ियों में से 27 नए खिलाड़ियों को अपनी टीम में चुनेंगी।
एशियन पैरा गेम्स 2026: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत ने तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता।
13 नवंबर से होगी आईडब्ल्यूएल 2026-27 सीजन की शुरुआत; इन 8 टीमों के बीच खिताबी जंग
भारत की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता, इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) का 2026-27 सीजन 13 नवंबर से शुरू होने जा रहा है, जिसमें आठ क्लब खिताब के लिए कोलकाता...
जसप्रीत बुमराह को तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए, टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ने क्यों दिया ऐसा बयान
रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को सलाह दी है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक फिट रहने के लिए उन्हें सभी फॉर्मेट खेलने से बचना चाहिए। उन्हें मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे व टी20 में जरूरत के मुताबिक खेलना चाहिए।
Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। लंबी कूद में निषाद कुमार, भाला फेंक में रिंकू और दृष्टिबाधित मध्य दूरी की धाविका सौम्या ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। जापान ने मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य सहित कुल आठ पदक जीते। निषाद ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में स्वर्ण पदकों का खाता खोला। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में भी ऊंची कूद की टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने लंबी कूद में अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाई। दिलचस्प बात यह है कि वह पहली बार लंबी कूद में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद मौजूदा खेलों में अपनी पसंदीदा स्पर्धा ऊंची कूद टी47 में भी भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने क्रमशः 6.99 मीटर और 6.55 मीटर के प्रयास से रजत और कांस्य पदक जीते। टी47 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके शरीर के ऊपरी अंगों में अक्षमता होती है। निषाद जब छह साल के थे तब हिमाचल प्रदेश में अपने खेत में घास काटने वाली मशीन से उनका दाहिना हाथ कट गया था। सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के सबसे गंभीर टी11 वर्ग में भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को तकनीकी उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह उल्लंघन कपड़ों, जूतों और प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाले बिब नंबर से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने के कारण हुआ। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण रिंकू ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में जीता जबकि उनके हमवतन अजीत सिंह ने रजत पदक हासिल किया। रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में रिंकू और अजीत सिंह ने शीर्ष दो स्थान हासिल करते हुए देश का मान बढ़ाया...
Asian Para Games में भारत का दमदार आगाज, पहले दिन 4 स्वर्ण समेत 11 पदक जीते
भारत ने सोमवार को यहां निशानेबाज मोना अग्रवाल और लंबी कूद के एथलीट निषाद कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से एशियाई पैरा खेलों में शानदार शुरुआत करते हुए चार स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीते। भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत ने इस तरह पहले दिन कुल 11 पदक जीते जिनमें चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही देश पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। दिन की शुरुआत में ही मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। शाम का सत्र पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों के नाम रहा। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार, मध्यम दूरी की धाविका सौम्या और भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। निषाद के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा क्योंकि वह अपने करियर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे। छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में अपना दायां हाथ गंवाने वाले निषाद ने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में दृष्टिबाधित सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। हमवतन राधा वेंकटेश ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधिता की सबसे गंभीर श्रेणी टी11 में भारत की रवन्नी वलासनैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को कपड़ों, जूतों और बिब से जुड़े तकनीकी नियमों का पालन नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में भारत का दबदबा रहा। रिंकू ने 65.11 मीटर और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर भाला फेंककर क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का यह इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो। जूडो खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन :भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते जिसमें कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। काइजी ने महज 21 सेकेंड में इप्पोन हासिल करके स्वर्ण पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है, जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की जूडो स्पर्धाएं जे1 और जे2 वर्गों में आयोजित होती हैं। जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होती है, लेकिन आमतौर पर उनकी देखने की क्षमता जे1 वर्ग के खिलाड़ियों से बेहतर होती है। जे1 वर्ग में पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। तैराकी में रजत पदक :भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 56.68 सेकेंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। एस13 वर्ग में कम दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टेबल टेनिस और बैडमिंटन में पदक पक्के :पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल सहित भारत के कई टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए तीन अलग-अलग वर्गों में पदक पक्के किए। प्राची पांडे ने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई सोनलबेन ने वर्ग तीन में थाईलैंड की दरारत असायुत को शिकस्त दी। भाविना ने वर्ग चार-पांच में चीन की झांग मियाओ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया। इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं। प्राची के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियाई पैरा खेलों की इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक सुनिश्चित हो गया। वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्राची फाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार को इराक की नजला अल-दय्येनी से भिड़ेंगी। सोनलबेन ने महिला एकल वर्ग तीन के क्वार्टर फाइनल में दरारत को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वर्ग तीन में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका बैठने के दौरान संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है जबकि बांह और हाथों की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य रहती है। राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता भाविना ने भी वर्ग चार-पांच के क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग मियाओ को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। वर्ग चार-पांच में शारीरिक अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जो बैठकर खेलते हैं। तीनों भारतीय खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना सुनिश्चित हो गया है। बैडमिंटन में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल में एसएल3-एसयू5 ग्रुप बी में सेमीफाइनल में प्रवेश करके पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी को अपने पहले मैच में चीन की यांग जियानयुआन और यांग किउक्सिया से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग ज़िक्सुआन को सिर्फ 23 मिनट में 21-4, 21-18 से हराकर ग्रुप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 श्रेणी के ग्रुप ए में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराकर आसान जीत दर्ज की। रुथिक रघुपाथी ने पुरुष एकल एसयू5 ग्रुप सी मैच में थाईलैंड के सोमसिरी प्रिचा पर 21-12, 21-12 से जीत हासिल करके भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता है और जो आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं, जबकि एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में विकलांगता है। मिश्रित युगल में जोड़ियां इन दोनों श्रेणियों के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई जाती हैं।
रोहित, जसकरण और चंद्रमोहन ने जीता ब्रॉन्ज: अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप
लास वेगास, अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन, भारत के फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने सभी पदक मुकाबलों में जीत हासिल की।
Ramesh Powar भारतीय पुरुष चयन समिति में शामिल, Pragyan Ojha बने रहेंगे प्रमुख
भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को सोमवार को राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति में शामिल किया गया जबकि प्रज्ञान ओझा पैनल के अध्यक्ष बने रहेंगे। ओझा ने अजित अगरकर की जगह ली है जिनका कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो गया था।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि अंतरिम प्रमुख ओझा वरिष्ठता (टेस्ट मैच की संख्या) के आधार पर समिति की अध्यक्षता करेंगे। बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर ओझा ने अपने पांच साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 24 टेस्ट खेले थे।बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की।’’अपने क्रिकेट करियर के दौरान 48 वर्षीय पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी कई जिम्मेदारियां निभाईं। वह भारतीय महिला टीम, मुंबई और गुजरात के मुख्य कोच रहे हैं। इसके अलावा वह यहां बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं।भारतीय महिला टीम के साथ पोवार के कार्यकाल के दौरान टीम ने 2022 में एशिया कप का खिताब जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया।पोवार का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा लेकिन वह मुंबई के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 148 प्रथम श्रेणी मैच में 470 विकेट लिए।वह निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी रहे और उन्होंने सात शतक तथा 17 अर्धशतकों की मदद से 4,245 रन बनाए।पीटीआई को मिली जानकारी के अनुसार नए चयनकर्ता के लिए चयन प्रक्रिया 15 अक्टूबर को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई थी।पोवार के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलिल अंकोला, वसीम जाफर, जैकब मार्टिन और कोनोर विलियम्स भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे।हालांकि सीएसी के सदस्यों ने चयन समिति के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए पोवार के नाम पर मुहर लगाई। यह व्यवस्था कम से कम 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप को देखते हुए की गई है।जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारत के लिए 31 टेस्ट खेले थे। उन्होंने 34 के औसत से 1,944 रन बनाए जिसमें पांच शतक शामिल हैं। अगर मुंबई के इस पूर्व बल्लेबाज को चुना जाता तो वह चयन समिति के अध्यक्ष पद पर ओझा की जगह लेते।बीसीसीआई ने चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट में उल्लेखनीय योगदान के लिए अगरकर की भी सराहना की।सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और योगदान के लिए अजित अगरकर के प्रति आभार व्यक्त करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई 2023 में नियुक्ति के बाद अगरकर ने ऐसे महत्वपूर्ण दौर में समिति का नेतृत्व किया जब भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।’’पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।भाषा पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।
नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन: जापान
बीजिंग, जापान के आइची प्रांत के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन 18 अक्टूबर की शाम को हुआ।
Asian Para Games: सौम्या ने 1500 मीटर दौड़ में जीता Gold Medal, राधा को मिला रजत
भारत की सौम्या ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026: सौम्या और रिंकू ने भारत को दिलाया गोल्ड, राधा को रजत
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत की बेटियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सौम्या ने भारत को महिलाओं की 1500 मीटर टी12/13 प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल दिलाया है, जबकि राधा वेंकटेश को सिल्वर मेडल मिला है। रिंकू सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन 31 वर्ष के हो चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, अभी तक उन्हें भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है।
भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में नहीं मिली एंट्री, अब सेंचुरी ठोक दे दिया जवाब
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया है। ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनकी 19वीं सेंचुरी है।
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ 400 रन की नाबाद पारी खेली। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह आंकड़ा छूने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। दीमापुर में 29 साल के चिन्मय ने 517 गेंदों पर 46 चौके और 7 छक्के लगाए। इस पारी के साथ वे रणजी ट्रॉफी की एक पारी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आखिरी विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही 400 रन चिन्मय ने अपना दूसरा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए यह ऐतिहासिक पारी खेली। 2026-27 सीजन से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से NOC लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी। मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे। हालांकि, टीम को 3 विकेट से हार मिली थी। इस साल चिन्मय विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेले। जून में उन्होंने मुंबई T20 लीग में मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की। टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाने वाले चिन्मय ने छह पारियों में 212 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा। ब्रैडमैन के रिकॉर्ड तोड़ने से 8 रन दूर रह गए निंबालकर निंबालकर ने दिसंबर 1948 में पुणे में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था। उस मैच में काठियावाड़ ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। जवाब में महाराष्ट्र ने 826/4 का स्कोर खड़ा कर दिया। तीसरे दिन निंबालकर 443 रन पर नाबाद थे और डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के तत्कालीन फर्स्ट क्लास विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 9 रन दूर थे। लंच के बाद काठियावाड़ के कप्तान ने महाराष्ट्र के पारी घोषित नहीं करने पर मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के कप्तान राजा गोखले और अंपायरों ने उनसे कुछ और ओवर खेलने की अपील की, ताकि निंबालकर रिकॉर्ड तोड़ सकें। लेकिन काठियावाड़ की टीम मैदान छोड़कर चली गई और मैच गंवा दिया। -------------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
BREAKING : BCCI में बड़ा बदलाव! प्रज्ञान ओझा बने चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
कपिल परमार ने जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के कपिल परमार ने सोमवार को 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के जे1-70 किग्रा पैरा-जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अजित अगरकर की जगह पर पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। अब पुरुष टीम की नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा (चेयरमैन), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार हैं। प्रज्ञान ने इंटरनेशनल करियर में 140+ विकेट लिए पोवार ने दो टेस्ट और 31 वनडे खेले पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं। वह मुंबई के पूर्व भारतीय स्पिनर हैं। इसके अलावा, वह दो अलग-अलग कार्यकाल में भारतीय सीनियर विमेन टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दो बार महिला टीम के कोच रहे रमेश पोवार दो अलग-अलग कार्यकालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। उन्होंने पहली बार 2018 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और बाद में मई 2021 में उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया था। मिताली राज के साथ हुआ था विवाद पोवार का सबसे चर्चित विवाद 2018 विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान मिताली राज के साथ हुआ था। मिताली ने उन पर भेदभाव करने, अपमानित करने और करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। यह विवाद तब और गहरा गया जब मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद पोवार को पद से हटा दिया गया था। अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की कमेटी ने किया चयन BCCI के मुताबिक, क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। कमेटी ने BCCI मुख्यालय में आवेदनकर्ताओं की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए। इसके बाद रमेश पोवार के नाम पर मुहर लगी। -----------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोच गौतम गंभीर ने अजित अगरकर के लिए पोस्ट किया टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को पूर्व चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर के लिए पोस्ट लिखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘प्रिय अजित भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़ा सम्मान रहा।’ पढ़ें पूरी खबर…
बीसीसीआई का बड़ा ऐलान, प्रज्ञान ओझा बने नए सेलेक्शन कमिटी के चीफ, रमेश पवार भी हुए शामिल
BCCI ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को मेंस सेलेक्शन कमिटी का नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया है। रमेश पोवार को भी सेलेक्शन कमिटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने कहा है कि इंजरी पर अफसोस करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय कोच गौतम गंभीर से हुई बातचीत ने उन्हें मुश्किल दौर से उबरने में मदद की। भारत के खिलाफ सितंबर में हुई टी-20 सीरीज के पहले मैच में टॉस से 20 मिनट पहले उनके कंधे की चोट फिर उभर आई थी। इसकी वजह से वे मैच नही खेल सके। तब नवीन 9 महीने की रिहैबिलिटेशन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले थे। नवीन ने क्रिकबज से बातचीत में कहा कि अब उनका पूरा ध्यान फिटनेस हासिल करने पर है। वह जल्दबाजी में वापसी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे तभी खेलेंगे, जब उन्हें अपने कंधे पर पूरा भरोसा होगा। नवीन ने कहा- गंभीर से 20-25 मिनट बातचीत ने नजरिया बदला नवीन ने बताया कि भारत के खिलाफ तीसरे टी-20 के बाद वह मैदान पर अकेले बैठे थे। तभी गौतम गंभीर ने उनसे चोट और मैच नहीं खेलने की वजह पूछी। गंभीर IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनके कोच रह चुके हैं। नवीन के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने गंभीर को बताया कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद दोबारा चोटिल होना उन्हें मानसिक रूप से कितना प्रभावित कर रहा था। करीब 20-25 मिनट की इस बातचीत से उन्हें अपनी परेशानियों में उलझे रहने के बजाय दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कंधे की चोट के कारण टी-20 वर्ल्ड कप भी नहीं खेले नवीन दिसंबर 2025 के बाद से कोई प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं। दाएं कंधे में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण वह इस साल टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर रहे। फ्रैक्चर 8 से 10 सप्ताह में ठीक हो गया था, लेकिन इसके बाद रिकवरी लंबी चली। कंधे के लैब्रम की मरम्मत के लिए उन्हें दूसरी सर्जरी भी करानी पड़ी। कंधे के कैप्सूल को कसने की जरूरत के कारण वापसी में और समय लगा। नवीन ने कहा कि लगातार राष्ट्रीय टीम और अलग-अलग लीग में खेलने के बाद अचानक जिम और फिजियोथेरेपी तक सीमित हो जाना उनके लिए मुश्किल था। 34-35 साल तक खेलना चाहते हैं नवीन का मानना है कि उनके पास उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए अभी 7-8 साल हैं। उन्होंने कहा कि अगले 6-7 साल तक अच्छा क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें मेहनत करनी होगी और मुश्किलों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इंटरनेशनल टीम में जगह या प्लेइंग-11 में वापसी को लेकर नहीं सोच रहे। उन्हें अपनी स्किल पर भरोसा है और पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद वह मैदान पर अपना प्रदर्शन दिखाना चाहते हैं। फिटनेस पर पूरा भरोसा होने पर ही लौटेंगे नवीन ने वापसी के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। वह रिहैबिलिटेशन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और गेंदबाजी की तैयारी जारी रखेंगे। उनके मुताबिक, क्रिकेट में लौटने से पहले उन्हें अपनी फिटनेस और कंधे को लेकर 100-120% भरोसा चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की टीम में जगह नहीं मिलती, तो भी यह करियर का अंत नहीं होगा। लीग क्रिकेट में प्रदर्शन करने के मौके मौजूद हैं। नवीन ने कहा कि जीवन ने उन्हें सिखाया है कि एक दिन शानदार प्रदर्शन हो सकता है और अगले दिन खराब। इसलिए उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
एशियन पैरा गेम्स: निषाद कुमार ने लहराया तिरंगा, टी47 लॉन्ग जंप में देश के लिए जीता गोल्ड मेडल
भारत के निषाद कुमार ने आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों की टी47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद ने सोमवार को 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर अपने शानदार पैरा-एथलेटिक्स करियर में एक अप्रत्याशित स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
बाबर आजम ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने 141 वनडे पारियों में 6671 रन बना लिए हैं। उन्होंने विराट कोहली और हाशिम अमला जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है।
Asian Para Games 2026 में Nishad Kumar ने Long Jump T47 में जीता Gold Medal
सोमवार (19 अक्टूबर) को चल रहे एशियाई पैरा गेम्स 2026 में, निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। हिमाचल प्रदेश के 27 वर्षीय एथलीट, जो पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके हैं, ने सोमवार को अपनी दूसरी स्पर्धा में हिस्सा लिया और उसमें भी पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। इसके बाद, अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर और तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय की। चौथे प्रयास में वे एक सफल छलांग नहीं लगा सके, और पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर से 7.11 मीटर की दूरी तय की। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 6.99 मीटर की दूरी तय करके पोडियम पर जगह बनाई। 6.99 मीटर की यह छलांग उनके इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही। इससे पहले उन्होंने 6.71 मीटर, 6.88 मीटर, 6.81 मीटर और 6.76 मीटर की दूरियां तय की थीं। एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में सबसे बेहतरीन छलांग का रिकॉर्ड चीन के हाओ वांग के नाम है। वांग ने 7 अक्टूबर 2018 को जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 7.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई थी। मोना अग्रवाल ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने पदकों का खाता खोला। 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके इस पदक से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है। इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 'वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप' में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था।
भारत के सब्सक्रिप्शन-फ्री OTT प्लेटफॉर्म VETO ने ‘VETO Sports Carnival’ पेश किया है। इसके तहत दर्शक क्रिकेट, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और टेनिस जैसे खेलों के 300 घंटे से ज्यादा लाइव मुकाबले देख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होगी।
Kapil Parmar ने Asian Para Games में जीता Bronze Medal इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराया
सोमवार को जापान के नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स में, भारत के कपिल परमार ने पुरुषों के J1 -70kg पैरा-जुडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में, परमार ने इंडोनेशिया के शिदकी राफली अहनाफ को 69 सेकंड में 'इप्पोन' (Ippon) से हरा दिया। पेरिस 2024 पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले कपिल परमार का यह एशियन पैरा गेम्स में दूसरा मेडल है; इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इन गेम्स में उनका यह ब्रॉन्ज मेडल, भारत के लिए कुल तीसरा मेडल है और पैरा-जुडो में देश का पहला मेडल है। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रतियोगिता में इससे पहले, क्वार्टर फाइनल में परमार ने मंगोलिया के बातरसुरेन बाट-एर्डेने को 'गोल्डन स्कोर' के दौरान 4 मिनट 53 सेकंड में 'इप्पोन' से हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी। अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए परमार ने कहा कि मैं अच्छा महसूस कर रहा हूँ। काफी समय हो गया था जब मैंने कोई मेडल जीता था। मैंने बहुत कड़ी मेहनत की है। मेरे कोच ने भी मुझ पर बहुत मेहनत की है। मैं तो गोल्ड मेडल जीतने की तैयारी के साथ आया था, लेकिन आज मेरा दिन या मेरी किस्मत साथ नहीं थी, इसलिए मुझे ब्रॉन्ज मेडल मिला। सभी भारतीयों का बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का बहुत-बहुत धन्यवाद। सभी का धन्यवाद। OGQ (ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट) का भी धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद, भारत। परमार के कोच, मुनव्वर अंजार ने इस मेडल के महत्व पर जोर दिया, खासकर इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में परमार को कई निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें उनकी मां की खराब तबीयत भी शामिल थी। अंजार ने कहा, उनके लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतना बहुत जरूरी था। उन्होंने पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसी स्थितियां बनीं कि घर पर उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से वह काफी टूट गए थे, मानसिक रूप से भी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें यह मेडल अपनी मां को समर्पित करना चाहिए। और आज उन्होंने ऐसा ही किया। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें मेडल मिला। और हमें जो ब्रॉन्ज मेडल मिला है, उसके सहारे हम आने वाले पैरालंपिक के लिए बहुत कड़ी तैयारी करेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप परमार ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक मेडल जीतने वाले भारत के पहले जूडोका (judo athlete) बन गए हैं, जिन्होंने पुरुषों की J1 -60kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनके खेल करियर में कई मुश्किलें आईं; एक बार जब वह पानी से भरे खेत में काम कर रहे थे, तब वहां बिजली का एक तार गिर गया, जिससे उन्हें करंट लगा और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इन मुश्किलों के बावजूद, परमार ने लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो एकेडमी में अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और अब वह इस खेल के प्रमुख एथलीटों में से एक बन गए हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें 2023 में अलेक्जेंड्रिया में, और 2024 में अंताल्या और त्बिलिसी में आयोजित IBSA जूडो ग्रां प्री प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर इस साल विदेश में भारत के सबसे तेज रनर बने हैं। खास बात यह है कि जिस दिन उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया, उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वे रेस में उतरे और अपना बेस्ट दिया। जर्मनी में उन्होंने 100 मीटर की रेस 10.14 सेकंड में पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट टाइम भी बनाया। अनिमेष का एथलेटिक्स का सफर भी काफी दिलचस्प है। वे सैनिक स्कूल अंबिकापुर में फुटबॉल खेलते थे। एक दिन दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, एथलेटिक्स में भी ट्राई करो। इसके बाद उन्होंने पहली बार स्टेट मीट में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 100 मीटर रेस के साथ शॉटपुट में भी गोल्ड मेडल जीता। उस समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि इस प्रतियोगिता के जरिए नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। आज अनिमेष इंटरनेशनल लेवल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। वे एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। हालांकि, व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं जीत पाने का मलाल भी है। उनका सपना है कि किसी बड़े इंटरनेशनल इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतें और पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनें। दैनिक भास्कर डिटिजल की टीम अनिमेष कुजूर के रायपुर स्थित घर पहुंची। टीम ने उनसे उनके अब तक के सफर, मुश्किल दिनों, माता-पिता के सपोर्ट और आगे के टारगेट पर बात की। पढ़िए इंटरव्यू... देखिए ये तस्वीरें… सवाल: आप सैनिक स्कूल में फुटबॉल खेलते थे, फिर एथलेटिक्स में आने का ख्याल कैसे आया? जवाब: मैं सैनिक स्कूल अंबिकापुर से पास आउट हुआ। 2020 में स्कूल से निकलने के अगले ही दिन कोविड शुरू हो गया था। मेरे पेरेंट्स ने कभी नहीं कहा कि बाहर मत जाओ या खेलना बंद कर दो। दोनों DSP हैं। उस समय उनकी ड्यूटी लोगों को क्वारंटाइन कराने में भी लगती थी, लेकिन उन्होंने मुझे खेलने से नहीं रोका। मैं ग्राउंड में जाता था, जहां पुलिस और आर्मी की भर्ती की तैयारी करने वाले लोग ट्रेनिंग करते थे। मैं भी उनके साथ कभी दौड़ लेता था, कभी शॉटपुट, हाई जंप या लॉन्ग जंप ट्राई कर लेता था। ऐसे ही धीरे-धीरे फुटबॉल से मेरा इंटरेस्ट एथलेटिक्स में बढ़ने लगा। कोविड के बाद स्टेट मीट होने वाला था। मेरे फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, तुम भी जाकर ट्राई करो। मैं प्रतियोगिता से एक दिन पहले पहुंचा था। उसी शाम मुझे बताया गया कि ब्लॉक कैसे लगाते हैं और स्टार्ट कैसे लेते हैं। इससे पहले मुझे एथलेटिक्स के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था। सिंथेटिक ट्रैक पर भी मैं पहली बार दौड़ा था। मैंने 100 मीटर रेस और शॉटपुट में हिस्सा लिया और दोनों में गोल्ड जीत लिया। मुझे यह भी नहीं पता था कि यहां से नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। बाद में एसोसिएशन से फोन आया कि मेरा नेशनल के लिए सिलेक्शन हो गया है और मुझे गुवाहाटी जाना है। सवाल: पहली बार नेशनल खेलने गए तो क्या लगा कि इस खेल में आगे बढ़ सकते हैं? जवाब: जनवरी 2021 में पहली बार नेशनल खेलने गुवाहाटी गया था। पहली बार पेरेंट्स के बिना बाहर गया था। वहां 100 मीटर में पांचवीं और 200 मीटर में चौथी रैंक मिली, तब लगा कि इस खेल में आगे भी ट्राई करना चाहिए। इसके बाद फिर कोविड आ गया। लगा कि अभी तो शुरुआत की थी और फिर रुकना पड़ रहा है। अक्टूबर 2021 में दिल्ली में अंडर-23 की प्रतियोगिता हुई। मैंने सोचा कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ भी ट्राई करते हैं। 200 मीटर में मेरी पांचवीं रैंक आई। मेरे लिए यह बड़ी बात थी कि कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के साथ फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद हैदराबाद में साईं के साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिला। फिर बिलासपुर में अंडर-23 प्रतियोगिता में मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं से रिलायंस फाउंडेशन से जुड़ने का रास्ता खुला। सवाल: गुरविंदर सिंह के साथ एक ही प्रतियोगिता में बार-बार रिकॉर्ड टूटे, उस दिन क्या चल रहा था? जवाब: इस बार हम सबने पूरी ताकत लगा दी थी। सेमीफाइनल में गुरविंदर ने 10.18 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद मैंने 10.17 सेकंड का टाइम निकाला और रिकॉर्ड को 10.15 सेकंड तक ले गया। अगले दिन गुरविंदर ने 10.09 सेकंड में रेस पूरी की, जबकि मेरा टाइम 10.20 सेकंड रहा। उस दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहे थे। हम लोगों को भी काफी मजा आया। इसके बाद हम दोनों का कॉमनवेल्थ के लिए सिलेक्शन हुआ। ट्रैक पर हमारे बीच मुकाबला रहता है, लेकिन उसके बाहर हम अच्छे दोस्त हैं। हम रिले टीम में भी साथ रहते हैं। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में जाते हैं तो कई बार साथ ही रहते हैं। रेस में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश होती है, लेकिन बाकी समय दोस्ती रहती है। सवाल: जर्मनी में जिस दिन आपने 10.14 सेकंड का अपना बेस्ट टाइम दिया, उस दिन आपकी तबीयत खराब थी। फिर भी रेस में उतरने का फैसला कैसे किया? जवाब: इस साल जून में जर्मनी में प्यूमा फास्ट आर्म्स फास्टेस्ट कॉम्पिटिशन था। उस समय मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी। मैं पोलैंड में टीम के साथ था और वहां से अकेले जर्मनी गया था। पहली बार इस तरह अकेले ट्रैवल करके कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रहा था। मेरे मन में था कि इतनी दूर आया हूं, तो मुझे खुद ही सब मैनेज करना होगा। हर बार कोच या फिजियो मेरे साथ नहीं आ सकते। मैं वहां यह एक्सक्यूज नहीं देना चाहता था कि तबीयत खराब थी, इसलिए अच्छा नहीं कर पाया। मैंने किसी तरह खुद को संभाला और रेस में उतरा। तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद 10.14 सेकंड का अपना पर्सनल बेस्ट टाइम दिया। मेरे लिए यह बहुत अच्छा पल था। अब मेरा टारगेट 10 सेकंड से कम टाइम निकालना है। 10 सेकंड से नीचे रेस पूरी करने का जो मजा होगा, वह अलग ही होगा। सवाल: पहली बार इंटरनेशनल मेडल जीता था, तब क्या फीलिंग थी? जवाब: पहली बार विदेश रूस गया था। वहां कजान में कॉम्पिटिशन था। मैं देख रहा था कि भारतीय खिलाड़ी मेडल जीतने के बाद तिरंगे के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। मैं स्टैंड में बैठा सोच रहा था कि मेरा दिन कब आएगा। फिर जब मैंने 200 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता, तो लगा कि कल तक जिस चीज के बारे में सोच रहा था, आज वही मेरे साथ हो रहा है। तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाना बहुत प्राउड मोमेंट था। इसके बाद एशियन चैंपियनशिप और दूसरी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भी मेडल मिले। हर बार देश के लिए खेलना और तिरंगे के साथ खड़े होना बहुत अच्छा लगता है। सवाल: एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मिला, लेकिन व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं आए। इसका कितना मलाल है? जवाब: 100 मीटर मेरे लिए साइड इवेंट जैसा है, जबकि 200 मीटर मेरा मेन इवेंट है। एशियन गेम्स में मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उस समय यही सोच रहा था कि भारत के लिए दौड़ना है और अपना पूरा दम लगाना है। लेकिन व्यक्तिगत रेस में क्या हुआ, यह मुझे खुद भी समझ नहीं आया। ट्रेनिंग कैंप तक सब अच्छा चल रहा था। मुझे लगता था कि अपनी नॉर्मल टाइमिंग में दौड़ता तो 200 मीटर में मेडल आ सकता था। 100 मीटर में पर्सनल बेस्ट देना पड़ता, लेकिन 200 मीटर में भी उम्मीद थी। मैंने कोच से इस बारे में बात की है। कभी-कभी ट्रेनिंग में अच्छा करने के बाद भी कॉम्पिटिशन में वैसा प्रदर्शन नहीं हो पाता। इसकी वजह समझने और आगे सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं। मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज जीतना अच्छी बात थी, लेकिन व्यक्तिगत इवेंट में भी भारत के लिए मेडल जीतना चाहता था। सवाल: बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में उतरते समय प्रेशर रहता है? जवाब: पहले मुझे लगता था कि बड़े कॉम्पिटिशन में बहुत प्रेशर होगा। लेकिन पिछले साल मोनाको में डायमंड लीग खेलने का एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी खास रहा। वहां दुनिया के बड़े एथलीटों के साथ मुकाबला किया और उनसे मिला। मैंने देखा कि इतने बड़े खिलाड़ी भी काफी चिल रहते हैं। तब समझ आया कि कई बार हम खुद ही अपने ऊपर जरूरत से ज्यादा प्रेशर बना लेते हैं। अब बड़े कॉम्पिटिशन में जाने पर घबराहट नहीं होती, बल्कि एक्साइटमेंट होता है कि चलो, अब कुछ अच्छा करने का मौका मिलेगा। सवाल: पेरेंट्स दोनों पुलिस सेवा में हैं। जब आपने एथलेटिक्स को करियर बनाने का फैसला किया, तो उनका क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पेरेंट्स हमेशा सपोर्टिव रहे हैं। पापा और मम्मी का कहना था कि जो करना है, करो। मम्मी और मौसी को थोड़ी चिंता रहती थी कि अगर पढ़ाई नहीं की तो आगे क्या होगा। उनकी चिंता भी सही थी। लेकिन परिवार ने मुझे कभी रोका नहीं। उन्होंने फाइनेंशियली, मेंटली और हर तरह से सपोर्ट किया। मैं खुद को लकी मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस फील्ड में आगे बढ़ने का मौका दिया। अब उन्हें भी खुशी होती है कि जिस काम पर उन्होंने भरोसा किया, उसमें मैं आगे बढ़ रहा हूं। मुझे लगता है कि उन्होंने जो विश्वास दिखाया, उस पर खरा उतरना मेरे लिए बहुत जरूरी था। सवाल: कभी लगा कि एथलेटिक्स छोड़कर कोई दूसरा करियर चुन लेना चाहिए? जवाब: स्कूल के समय मेरा टारगेट नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाना था। सैनिक स्कूल का माहौल ही ऐसा था। प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और कई अधिकारी डिफेंस से जुड़े थे। हमें डिफेंस से जुड़ी जगहों पर जाने और उन्हें समझने का मौका भी मिलता था। लेकिन एथलेटिक्स में आने के बाद कभी ऐसा नहीं लगा कि गलत रास्ता चुन लिया है। अब इसी खेल में आगे बढ़ रहा हूं। परिवार का भरोसा मिला है और मैं इस फील्ड में अच्छा करना चाहता हूं। इसलिए इसे छोड़ने के बारे में नहीं सोचता। सवाल: आप साल में कम ही दिन घर पर रहते हैं। घर और परिवार की याद आती है? जवाब: मैं क्लास-6 से हॉस्टल में रहा हूं। वहां एक फोन पर करीब 80 बच्चों की फैमिली को बात करनी होती थी। फोन करने का समय भी तय था। कभी कॉल लग जाता था, कभी नहीं। कई बार एक-दो हफ्ते तक घर पर बात नहीं हो पाती थी। शुरुआत में हॉस्टल में थोड़ा अजीब लगता था, लेकिन धीरे-धीरे आदत हो गई। अब इतने साल से घर से दूर रहने के कारण इसकी आदत बन गई है। जब घर आता हूं तो परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगता है। सवाल: छत्तीसगढ़ और देश के लोगों को आपसे काफी उम्मीदें हैं। क्या यह उम्मीदें कभी प्रेशर बनती हैं? जवाब: मैं समझता हूं कि लोगों को उम्मीद रहती है कि छत्तीसगढ़ का खिलाड़ी आगे बढ़े और देश के लिए मेडल जीते। लेकिन अच्छे रिजल्ट आने में समय लगता है। मैंने अपना करियर बाकी खिलाड़ियों की तरह बहुत पहले शुरू नहीं किया था। अगर पहले शुरू करता तो शायद कुछ चीजें पहले हो जातीं। अब जिस समय शुरुआत की है, उसी हिसाब से आगे बढ़ रहा हूं। हमने पहले से प्लान किया है कि किस साल कौन-सी प्रतियोगिता पर फोकस करना है। इसलिए लोगों को भी समझना चाहिए कि हर चीज तुरंत नहीं होती। मेहनत करनी पड़ती है और समय देना पड़ता है। सवाल: खेल के साथ डाइट और फिटनेस को कैसे मैनेज करते हैं? घर आने पर पसंद का खाना मिलता है? जवाब: बाहर का खाना और ऐसी चीजें, जो मेरी डाइट के लिए सही नहीं हैं, उन्हें जितना हो सके अवॉइड करता हूं। घर के खाने में चावल और रोटी भी जरूरी हैं, लेकिन डाइट को ट्रेनिंग के हिसाब से मैनेज करना पड़ता है। अभी घर आया हूं तो पसंद का खाना भी खा रहा हूं। मेरा फेवरेट चिली चिकन है। मेरी मामी ने खास तौर पर मेरे लिए चिली चिकन बनाया था। घर आकर ऐसा खाना खाने का मजा ही अलग है। सवाल: आपकी ट्रेनिंग कैसी रहती है? क्या आराम करने का भी समय मिलता है? जवाब: हमारी ट्रेनिंग में ट्रैक और जिम के दिन अलग-अलग होते हैं। ट्रैक वाले दिन सुबह करीब 5:30 बजे उठना पड़ता है। सुबह 6:30 से 10 या कभी 10:30 बजे तक वर्कआउट चलता है। इसके बाद स्विमिंग होती है और फिर लंच। लंच के बाद बॉडी की स्ट्रेंथ और जिन हिस्सों में कमी है, उन पर काम करते हैं। शाम को रिकवरी सेशन, स्टीम बाथ और दूसरी रिकवरी एक्सरसाइज होती हैं। रात की नींद भी बहुत जरूरी है, इसलिए कोच दिन में ज्यादा सोने नहीं देते। आराम के लिए मूवी देखता हूं, वेब सीरीज देखता हूं या कभी थिएटर चला जाता हूं। शनिवार शाम को दोस्तों के साथ मॉल या आसपास घूमने निकल जाते हैं। मुझे वॉक करना भी बहुत पसंद है। रविवार को पूरा दिन चिल करने की कोशिश करता हूं। सवाल: छत्तीसगढ़ में खेलों को और बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं? जवाब: दूसरे राज्यों और देशों में स्पोर्ट्स का कल्चर पहले से बना हुआ है। उन्हें पता है कि खिलाड़ी तैयार करने के लिए किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में काम हो रहा है, लेकिन अभी और काम किया जा सकता है। जैसे-जैसे यहां से नए खिलाड़ी निकलेंगे, सरकार को भी समझ आएगा कि ग्रासरूट लेवल पर किन चीजों की जरूरत है। बच्चों को शुरुआत से अच्छे मौके मिलने चाहिए, ताकि वे अपने खेल में आगे बढ़ सकें। मेरे हिसाब से खिलाड़ी, परिवार और सरकार, सभी में कुछ करने का जुनून होना चाहिए। खिलाड़ी में पैशन हो और उसे परिवार और सरकार का सपोर्ट मिले, तो मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ सकता है। सवाल: अब आगे का टारगेट क्या है? अगले साल किन प्रतियोगिताओं पर फोकस रहेगा? जवाब: नवंबर और दिसंबर में भारत में ट्रेनिंग करूंगा। इसके बाद विदेश में ट्रेनिंग के लिए जाने का प्लान है। अभी तय किया जा रहा है कि कहां जाना है। अगले साल एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट हैं। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना है। इसके बाद ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना बड़ा टारगेट है। मैं चाहता हूं कि भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। जब पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनने का मौका मिलता है, तो वह एहसास अलग होता है। अब तक कई मेडल जीते हैं, लेकिन उस जगह खड़े होने का सपना है।
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
साउथ कोरिया की आन से-यौंग ने बैडमिंटन के विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टाइटल जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने रविवार को डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराया। डेनमार्क के ओडेंस शहर में मिली इस जीत के साथ सी-यंग के इंटरनेशनल टाइटल की संख्या 47 हो गई। उन्होंने इंडोनेशिया की दिग्गज सुसी सुसांती (46 टाइटल) के 29 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने इसकी पुष्टि की। BWF के रिकॉर्ड 1989 से रखे जा रहे हैं और इनमें रीजनल टूर्नामेंट में जीते खिताब शामिल नहीं हैं। BWF ने 24 साल की एन सी-यंग को ‘ऑल टाइम ग्रेट’ बताया। सी-यंग ने कहा- मैं और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं जीत के बाद सी-यंग ने कहा, ‘मैं बहुत इतिहास बनाना और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं, लेकिन एक समय में एक मैच पर ध्यान देती हूं।’ उन्होंने कहा, ‘यही मेरी प्रेरणा है। दर्शक मेरे लिए आते हैं और मुझे खुशी है कि लोग मेरा हर मैच पसंद करते हैं।’ दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी अन लगातार 105 हफ्तों से शीर्ष रैंकिंग पर हैं। उन्होंने 2025 में एक सीजन में रिकॉर्ड 11 खिताब जीते थे। इस साल भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। फाइनल में टखने की चोट के बाद वापसी की आन से-यौंग फाइनल में यामागुची के खिलाफ पहला गेम 21-23 से हार गई थीं। उन्होंने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और इसे 21-14 से जीत लिया। इससे मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंच गया। तीसरे गेम में आन एक समय 5-11 से पीछे थीं। कोर्ट पर फिसलने के बाद उनके दाएं टखने में चोट लगी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी लय वापस हासिल की। उन्होंने कोर्ट के धीमे हिस्से का फायदा उठाया और तीसरा गेम 21-18 से जीत लिया। आन ने मैच के बाद कहा, ‘कोर्ट खराब था और मैं फिसल गई। मैं अपने शरीर की जांच कराऊंगी और अपने कोच से बात करूंगी।’ उन्होंने कहा, ‘अंतिम गेम में मैं कोर्ट के धीमे हिस्से में थी और मुझे ज्यादा भरोसा था।’ सी-यंग ने इस सीजन 9 टाइटल जीते सी-यंग ने इस सीजन में BWF वर्ल्ड टूर के छह सिंगल्स और ओवरऑल 9 खिताब जीते हैं। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भी बड़े खिताब हासिल किए हैं। टीम प्रतियोगिताओं में भी उन्हें सफलता मिली है। 2026 में उन्हें अब तक सिर्फ एक हार मिली है। मार्च में ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में चीन की वांग झियी ने उन्हें हराया था। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया:पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
एशियन पैरा गेम्स में मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड मेडल, अवनि लेखरा को सिल्वर से करना पड़ा संतोष
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीत लिया।
आयुष बदोनी ने ठोक दी डबल सेंचुरी, प्रियांश आर्या एक रन से चूके, दिल्ली के सामने गुजरात की हालत खराब
रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के कप्तान आयुष बदोनी ने गुजरात के खिलाफ दोहरा शतक लगाया है। प्रियांश आर्या के 199 रनों की पारी की मदद से टीम ने अब 500 से अधिक रन बना लिए हैं।
इंटरनेट डेस्क। पैरा एशियन गेम्स में राजस्थान की बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। जापान में शुरू हुए पैरा एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में देश को पहले दिन आज 2 पदक दिलाए। खबरों के अनुसार, आर2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की एसएच1 कैटेगरी में मोना ने गोल्ड और अवनि ने सिल्वर पर निशाना साधा है। एसएच1 कैटेगरी में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। इस इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। पेरिस पैरालंपिक्स की कांस्य पदक विजेता मोना ने फाइनल में दमदार वापसी की। एक समय वे 5वें स्थान पर चल रही मोना ने 250.0 अंक के एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड के साथ अवनि को शिकस्त दी। 2 बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनी 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मोना उनसे केवल 0.4 अंक आगे रहीं। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। PC:jagran
Mona Agarwal ने Asian Para Games में जीता गोल्ड, हमवतन अवनि को पछाड़कर बनाया रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने सोमवार को यहां फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया जिससे भारत ने एशियाई पैरा खेलों में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर पदक तालिका में अपना खाता खोला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पछाड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। एसएच1 वर्ग निचले अंगों में विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है। जयपुर की इन दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना के 239.1 अंक थे जबकि अवनि 239.2 अंक के साथ उनसे 0.1 अंक आगे थीं। मोना ने आखिरी शॉट में शानदार 10.8 अंक हासिल किए जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इस तरह 38 वर्षीय दो बच्चों की मां मोना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ निशानेबाजों के बीच 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया था। कार दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर निशाना लगाने वाली अवनि 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि फाइनल की शुरुआत में तस्वीर अलग थी। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी अवनि ने 10.8 अंक के साथ शुरुआत की जबकि मोना ने 10.1 अंक हासिल किए। पहले पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 104.8 अंक तक पहुंच गईं। उस समय मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया। अवनि लगातार कुछ कम स्कोर वाले शॉट लगाने लगीं जबकि मोना ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार किया। इससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मोना के लिए यह स्वर्ण पदक धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी का परिणाम रहा। अवनि के लिए यह रजत पदक उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है।
Asian Para Games 2026: भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में 'डबल धमाल' से अपना मेडल का खाता खोला। मोना अग्रवाल ने गोल्ड जबकि अवनि लेखरा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
ट्रेड की अफवाहों के बीच आर अश्विन ने हार्दिक पांड्या की अगली IPL फ्रेंचाइजी पर दिया बड़ा संकेत
PC: The indian express मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या के ट्रेड और उनकी अगली आईपीएल टीम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, अनुभवी स्पिनर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बड़ा संकेत देते हुए बताया है कि हार्दिक पंड्या चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बजाय राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम में शामिल होने की रेस में सबसे आगे हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस पूरी रिपोर्ट की खास बातें: आर अश्विन का बड़ा दावा अश्विन ने बातचीत के दौरान उन चर्चाओं को खारिज किया जिसमें एमएस धोनी द्वारा हार्दिक को सीएसके में लाने की बात कही जा रही थी। उनके मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स (RR) इस ट्रेड लिस्ट में सबसे ऊपर है। मुंबई इंडियंस में कप्तानी और संघर्ष दो साल पहले गुजरात टाइटंस छोड़कर मुंबई इंडियंस में लौटने और रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनने के बाद से टीम का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले सीजन में टीम के खराब प्रदर्शन और फैंस की नाराजगी के बाद से ही उनके संभावित ट्रेड की अटकलें लगाई जा रही हैं। विकल्प और भविष्य यदि हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस छोड़ते हैं, तो फ्रेंचाइजी भविष्य के कप्तान के रूप में तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों पर विचार कर सकती है। वहीं, आरआर और सीएसके दोनों ही एक बेहतरीन ऑलराउंडर को अपने पाले में करने के लिए उत्सुक नजर आ रही हैं।
मोना अग्रवाल ने गोल्ड और अवनि लेखरा ने जीता सिल्वर: एशियन पैरा गेम्स
टोयोटा, भारतीय शूटर मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को यहां ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता।
Asian Para Games 2026: 10m Air Rifle में Mona Agarwal ने जीता Gold, Avani को Silver
19 अक्टूबर को आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए पहले पदक पक्के किए। सातवीं सीरीज के बाद 250 के स्कोर के साथ मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 249.6 के पिछले एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया; यह पिछला रिकॉर्ड 2023 के हांगझोऊ खेलों में अवनि लेखरा ने बनाया था। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद अवनि लेखरा ने सातवीं सीरीज के बाद 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले दिन में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग के नाम दर्ज पिछले एशियाई पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मोना अग्रवाल 629.4 के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से बहुत कम अंतर से चूक गईं; यह विश्व रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अवनि लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम है। अवनि लेखरा ने क्वालिफिकेशन राउंड में 626.4 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video पुरुषों की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 फाइनल में, भारत कोई पदक नहीं जीत सका। महावीर स्वरूप उन्हाल्कर 205.9 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहे और पांचवीं सीरीज के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जबकि पहली बार हिस्सा ले रहे राकेश निदागुंडी 141.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। निदागुंडी और उन्हाल्कर दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था; पुरुषों के क्वालीफिकेशन इवेंट में 6 सीरीज के बाद, निदागुंडी 619.3 के स्कोर के साथ सातवें और उन्हाल्कर 617.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। आनंदा कृष्णन क्वालीफाई नहीं कर सके और 605.2 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहे।
भारत के लिए खेलने का सपना अब भी जिंदा: अभिमन्यु ईश्वरन
नई दिल्ली, बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले अभिमन्यु ईश्वरन 31 साल के हो चुके हैं।
राजस्थान के सीकर में जन्मी मोना अग्रवाल नौ महीने की उम्र में पोलियो से प्रभावित हो गई थीं। उन्होंने पैरा एथलेटिक्स और सिटिंग वॉलीबॉल के बाद दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की।
भारतीय जूडोका कोकिला ने फाइनल में बनाई जगह: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत की कोकिला ने सोमवार को आइची-नागोया में 2026 एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की जे2-52 किग्रा गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह पक्की कर ली।
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त
भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।
मोना अग्रवाल ने 2026 एशियाई पैरा खेलों की महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। अवनी लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
French Open में लय तलाशेंगी PV Sindhu, पहले दौर में शीर्ष वरीय एन से यंग से मुकाबला
अनुभवी पीवी सिंधू की अगुुवाई में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हाल के अपने खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 950,000 अमेरिकी डॉलर इनामी फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब होंगे। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू महिला एकल के पहले दौर में दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त आन से यंग का सामना करेंगी, जबकि पुरुष एकल में छठी वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन पहले मुकाबले में जापान के कोदाई नाराओका से भिड़ेंगे। पिछले सप्ताह डेनमार्क ओपन में भी सिंधू पहले दौर में ही जर्मनी की यवोन ली से हार गई थी और उन्हें यंग को चुनौती देने के लिए अपने खेल का स्तर काफी बढ़ाना होगा। लक्ष्य पीठ की चोट से उबरकर नाराओका को हराने और एशियाई खेलों की पुरुष टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाने में सफल रहे थे, लेकिन उसके बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। पुरुष एकल में किदाम्बी श्रीकांत का पहला मुकाबला हमवतन आयुष शेट्टी से होगा। पुरुष युगल मेंं सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी एशियाई खेलों के पहले दौर में बाहर हो गए थे। फ्रेंच ओपन में उनका सामना फ्रांस के दो भाइयों क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव से होगा। महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी पहले दौर में ताइवान की लिन चिह-चुन और यांग चू युन से भिड़ेगी। महिला एकल में भारत की दो उभरती हुई खिलाड़ी तन्वी शर्मा और इशारानी बरुआ पहले दौर में एक-दूसरे का सामना करेंगी। अश्मिता चालिहा चीन की हान कियान शी के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि उन्नति हुडा का सामना जापान की रिको गुंजी से होगा। देविका सिहाग पहले दौर में इंडोनेशिया की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वर्दानी का सामना करेगी।
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई। राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी 2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं। -------------------------------------------- पैरा एशियाड से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया, पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
इंटरनेट डेस्क। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को अगले 3 दिनों में भारत से न्यूजीलैंड पहुंचना है, भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का आगाज 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले जाने वाले पहले टी20 मैच से होगा। टीम इंडिया के लिए अच्छी बात यह है कि दो दिन बाद यानी 24 अक्टूबर को दूसरा टी20 भी इसी मैदान पर खेला जाएगा। तीसरा टी20 27 अक्टूबर को वेलिंगटन, चौथा टी20 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां व आखिरी टी20 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। भारत की टी20 टीम- श्रेयस अय्यर ख्कप्तान,, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन ख्विकेट कीपर,, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन ख्विकेट कीपर,, तिलक वर्मा ख्उपकप्तान,, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव टी20 के बाद होगी वनडे सीरीज, दिखेंगे कोहली-रोहित 1 नवंबर को खत्म होने वाली टी20 सीरीज के बाद 5 मैच की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें फैंस को एक बार फिर से विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों की झलक देखने को मिलेगी। वनडे सीरीज का आगाज 4 नवंबर से होगा, जिसमें शुभमन गिल कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। गिल समेत 4 खिलाड़ी तीन वनडे के बाद टेस्ट सीरीज की तैयारियों में बिजी हो जाएंगे, ऐसे में आखिरी दो वनडे मुकाबलों में श्रेयस अय्यर टीम की अगुवाई करेंगे। दूसरा वनडे 7 नवंबर, तीसरा वनडे 10 नवंबर, चौथा वनडे 13 नवंबर और पांचवां वनडे 15 नवंबर को खेला जाएगा। pc- pinterest.com
बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। 19 साल की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में 720 में से 704 अंक हासिल किए। शीतल ने 72 तीरों में 57 बार परफेक्ट 10 लगाए। इनमें 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी स्कोरिंग जोन में लगे। पेरिस पैरालिंपिक की कांस्य पदक विजेता शीतल ने पायल के साथ भारत को महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर पहुंचाया। भारत ने 1,379 अंक के साथ चीन को पीछे छोड़ा। शीतल ने नया एशियन रिकॉर्ड बनाया जम्मू-कश्मीर की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में लगभग हर शॉट पर सटीक निशाना लगाया। उनके 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी हिस्से में लगे, जिन्हें X कहा जाता है। शीतल ने पिछला एशियन रिकॉर्ड छह अंकों से बेहतर किया। यह रिकॉर्ड 698 अंक का था। 704 अंक के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाया। मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन शीटल ने अपना एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने 2023 में हांगझोउ में 680 अंक बनाए थे। पायल 675 अंक के साथ 5वें नंबर पर रहीं एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहीं पायल ने भी महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 675 अंक के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। ओडिशा की चारों अंगों से दिव्यांग पायल इस साल अप्रैल में चर्चा में आई थीं। उन्होंने बैंकॉक में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड जीता था। उस मुकाबले में पायल ने शीतल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब दोनों के प्रदर्शन ने भारत की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। भारत सेमीफाइनल में पहुंचा शीतल और पायल के कुल 1,379 अंकों से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में पहले स्थान पर रहा। चीन 1,338 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत के मजबूत क्वालिफिकेशन प्रदर्शन से टीम को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली। भारतीय जोड़ी अब 5वीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड और चौथी वरीयता वाले कजाकिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल के विजेता से खेलेगी। --------------------------------------------
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रहीं सविता पूनिया ने एशियाई खेलों के फाइनल से पहले की भावुक रात को याद किया। खिलाड़ियों ने अपने सपने साझा किए थे।
खेल डेस्क। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा (55 रन) और स्मृति मंधाना (47 रन) की तूफानी पारियों के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मैच में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से शिकस्त दी। शैफाली वर्मा ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेली। इस मैच में मंधाना और शैफाली ने मिलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इन दोनों ने मिलकर एक ही कैलेंडर ईयर के दौरान अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेटर में 1000 से अधिक रन की साझेदारी की है। वहीं दोनों ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इन दोनों ने साल 2026 में अब तक 9 बार 50 से अधिक रनों की शानदार साझेदारी करके हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी यास्मीन दसवानी और नताशा माइल्स का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी ने साल 2026 में 8 बार ऐसा किया था। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर भी यही भाररतीय जोड़ी है, जिसने साल 2024 में 7 बार यह कारनामा किया था। टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते मैच जीता इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीत का भी रिकॉर्ड बनाया। रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ 103 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते ही मैच अपने नाम किया। टी20 क्रिकेट के इतिहास में 100 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विश्व सर्वाधिक गेंदे रहते हुए मैच जीतने का यह विश्व रिकॉर्ड है। इस मामले में अब टीम इंडिया पहले नंबर पर आ गई है। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
एशियन पैरा गेम्स के पहले दिन भारत की चुनौती शुरू हो गई है। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी समेत विभिन्न स्पर्धाओं में उतर रहे हैं।
सलमान आगा के शतक से जीता पाकिस्तान, ट्राई सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका को 37 रनों से दी मात
पाकिस्तान ने ODI ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 37 रन से हराकर जीत के साथ शुरुआत की। रावलपिंडी में खेले गए मैच में सलमान अली आगा ने 90 गेंदों पर 107 रन की शानदार पारी खेली, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने 49.5 ओवर में 305 रन बनाए।
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच गकेबरहा में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में अनोखा रिकॉर्ड बना है। ये रिकॉर्ड खिलाड़ियों की उम्र से जुड़ा हुआ है।
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________ टेस्ट क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… बारिश और बोलैंड ने साउथ अफ्रीका को दबाव में डाला, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 विकेट गिरे; पहले दिन 12.2 ओवर का खेल हो सका ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट लिए। गकेबरहा में रविवार को बारिश के कारण खेल बार-बार रुका। पढ़ें पूरी खबर
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________
Ind W vs Zim W: शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के तूफानी खेल से भारत ने जीती T20I सीरीज
भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (55 रन, 25 गेंद) और कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) की पारियों से रविवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8.5 ओवर में नौ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी से भारतीय टीम ने 67 गेंद रहते आसानी से 103 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया। इस तरह मंधाना ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली श्रृंखला में जीत से शुरूआत की। शेफाली की पारी में छह चौके और चार छक्के जड़े थे जबकि मंधाना ने छह चौके और दो छक्के जमाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान मिशेल मावुंगा की लगातार तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया। शेफाली ने बिलव्ड बिजा पर छक्का जड़कर 24 गेंद में अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर वह इस गेंदबाज का शिकार हो गईं। मंधाना ने भी आक्रामक अंदाज बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाज नयाशा ग्वानजुरा की लगातार चार गेंदों पर चौके जड़े। उन्होंने ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच समाप्त किया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था।
पैरा एशियन गेम्स की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो चुकी है। रविवार को उद्घाटन समारोह के साथ ही इन खेलों का बिगुल बज गया है। भारत ने पिछली बार शानदार प्रदर्शन किया था। आइए जानते हैं उन पैरा एथलीटों के बारे में जो इस बार पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं...
'हर मैच में रन की उम्मीद करना हमारी भूल', अभिषेक पर दिग्गज का बयान
अभिषेक शर्मा का बल्ला वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में खामोश रहा. अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था. लेकिन वह इस फॉर्म को वेस्टइंडीज के खिलाफ बरकरार रखने में नाकाम रहे.
IOA Athletes Commission चुनाव: 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में PV Sindhu और हरमनप्रीत सिंह शामिल
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू, दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह को उनके संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) ने तीन नवंबर को होने वाले भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के खिलाड़ी आयोग चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का सदस्य नामित किया है। आईओए द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी संजय के श्रीवास्तव ने शुक्रवार को 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल की सूची जारी की। इसमें 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों के दो-दो प्रतिनिधि शामिल हैं। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ), अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए), भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) और टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं है। सिंधू और मीराबाई निवर्तमान आईओए खिलाड़ी आयोग की सदस्य थीं। मौजूदा आईओए खिलाड़ी आयोग की अध्यक्ष और दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम तथा उपाध्यक्ष एवं टेबल टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी अचंत शरत कमल को इस बार निर्वाचक मंडल के लिए नामित नहीं किया गया है। ऐसे में वे 2026-2030 के कार्यकाल के लिए खिलाड़ी आयोग का हिस्सा नहीं होंगे। सितंबर में अनुमोदित आईओए खिलाड़ी आयोग के नियमों के नियम 10.3 के अनुसार, निर्वाचक मंडल के दो सदस्यों-एक पुरुष और एक महिला-को संबंधित एनएसएफ के खिलाड़ी आयोग के माध्यम से नामित किया जाना चाहिए। ये खिलाड़ी उस खेल का प्रतिनिधित्व करने वाले होने चाहिए जिसके लिए संबंधित महासंघ आईओए से संबद्ध है। नियमों में कहा गया है, ‘‘केवल उन्हीं एनएसएफ सदस्यों को अपने संबंधित खिलाड़ी आयोगों के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति होगी जिन्होंने खिलाड़ी आयोग गठित किया है।’’एआईएफएफ के पास निर्वाचित खिलाड़ी आयोग नहीं है जबकि बीएफआई को आईओए और खेल मंत्रालय दोनों से मान्यता प्राप्त नहीं है। नीरू और स्वप्निल कुसाले को आईओए खिलाड़ी आयोग के निर्वाचक मंडल में शामिल किया गया है जबकि भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने मीराबाई चानू और भारतीय कुश्ती महासंघ ने अमन सहरावत को अपना प्रतिनिधि चुना है। हॉकी इंडिया ने तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में आईओए खिलाड़ी आयोग के सदस्यों के चयन के लिए पुरुष टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे को अपना प्रतिनिधि नामित किया है। भारतीय बैडमिंटन संघ ने श्रीकांत और पीवी सिंधू को जबकि भारतीय तलवारबाजी संघ ने भवानी देवी को नामित किया है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने सुधा सिंह और तेजिंदरपाल सिंह तूर को अपना प्रतिनिधि चुना है। आईओए खिलाड़ी आयोग के 2026-2030 कार्यकाल के लिए 10 सदस्यों-पांच पुरुष और पांच महिला-का चुनाव 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में से किया जाएगा। चुनाव लड़ने के इच्छुक खिलाड़ियों को 21 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करना होगा।
20 साल की निकी प्रसाद ने रच दिया इतिहास, 2 गेंदों में 2 विकेट लेकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड
20 साल की युवा क्रिकेटर निकी प्रसाद ने अपने दूसरे ही इंटरनेशनल मैच में गेंदबाजी से कमाल दिखाते हुए नया रिकॉर्ड बना लिया है। जबकि इससे पहले उन्होंने अपने डेब्यू मैच में बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
Shanghai Masters: Rafael Jodar ने Daniil Medvedev को हराकर फाइनल में बनाई जगह
शंघाई में खेले जा रहे टेनिस टूर्नामेंट में स्पेन के 20 वर्षीय राफेल जोदार ने बड़ा उलटफेर करते हुए रूस के अनुभवी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को सेमीफाइनल में हरा दिया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में जोदार ने 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन मेदवेदेव को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। मुकाबले को अपने नाम करने में जोदार को 1 घंटे 44 मिनट लगे। मैच के दौरान मेदवेदेव ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन अहम मौकों पर जोदार का खेल बेहतर रहा। स्पेन के युवा खिलाड़ी ने अपनी सर्विस और वापसी से रूसी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। जोदार ने पूरे मुकाबले में 22 विनर्स लगाए, जबकि मेदवेदेव केवल 14 विनर्स ही लगा सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने माना कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी सर्विस में कुछ कमियां रह गईं। उन्होंने कहा कि सर्विस करते समय गेंद को सही जगह पर डालने में वह और बेहतर कर सकते थे। सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए मेदवेदेव ने शंघाई में यान-लेनार्ड स्ट्रफ, स्टेफानोस सितसिपास और टॉमी पॉल को हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पॉल को 6-3, 1-6, 6-3 से मात दी थी। हालांकि, जोदार के खिलाफ वह अपनी जीत का सिलसिला आगे नहीं बढ़ा सके। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। मेदवेदेव ने पहले जोदार को खेलते हुए देखा था, लेकिन एटीपी टूर पर उनका आमना-सामना पहली बार हुआ। हार के बाद मेदवेदेव से जोदार की भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या स्पेन का यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ग्रैंड स्लैम खिताब जीत सकता है। इस पर मेदवेदेव ने कहा कि किसी खिलाड़ी के भविष्य में कितने बड़े खिताब होंगे, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, कोई खिलाड़ी 25, 6, 2 या 1 ग्रैंड स्लैम जीत सकता है, लेकिन यह समय के साथ ही पता चलेगा। गौरतलब है कि जोदार के लिए 2026 का सत्र काफी शानदार रहा है। साल की शुरुआत में वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 से बाहर थे, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर अब शीर्ष 10 में जगह बनाने के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने इस साल माराकेच में अपना पहला एटीपी खिताब जीता था। इसके बाद अगस्त में वॉशिंगटन टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे, हालांकि वहां उन्हें खिताब नहीं मिल सका। शंघाई में भी जोदार ने कठिन मुकाबलों में अपना दम दिखाया। मेदवेदेव से पहले उन्होंने लगातार 4 मैच 3 सेट में खेले और हर बार शुरुआती सेट गंवाने के बाद वापसी करके जीत हासिल की। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैस्पर रूड को 4-6, 6-4, 6-3 से हराया। इसके साथ ही वह शंघाई मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। वह 2006 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल में एक विवाद भी देखने को मिला, जब मेदवेदेव एक लाइन कॉल से नाराज हो गए। उन्होंने जोदार के शॉट का वीडियो दोबारा दिखाने की मांग की और कोर्ट छोड़ने की बात कही। बाद में दोबारा जांच में गेंद लाइन पर लगी हुई दिखाई दी और मुकाबला फिर शुरू हुआ। इस हार के बावजूद मेदवेदेव की नजर एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने पर बनी हुई है। अब उन्हें अल्माटी में होने वाले टूर्नामेंट में खेलना है। वहीं, जोदार रविवार को फाइनल में अपने हमवतन अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से भिड़ेंगे। डेविडोविच फोकिना ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 3 सेट में हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।
Smriti Mandhana ने शेफाली वर्मा और गेंदबाजों को सराहा, दूसरे T20I में जिम्बाब्वे को हराया
भारतीय महिला टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराकर तीन मैच की श्रृंखला जीतने के बाद अपनी गेंदबाजों और शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी की प्रशंसा की। सलामी बल्लेबाज शेफाली (55 रन, 25 गेंद) के साथ कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) ने शानदार पारी खेली जिससे भारत ने दूसरे टी20 में 102 रन का लक्ष्य 8.5 ओवर में हासिल कर लिया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को आठ विकेट पर 102 रन ही बनाने दिए थे। इससे भारत ने तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। भारत के लिए निकी प्रसाद ने दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। मंधाना ने मैच के बाद अपनी गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘आज गेंदबाजों ने पहले मैच की तुलना में बेहतर गेंदबाजी की। आज उन्होंने रणनीति के हिसाब से गेंदबाजी की। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हम कैच लपकने में और बेहतर कर सकते हैं। पिछले मैच में हमने यह चर्चा की थी लेकिन आज हमारे पास बढ़िया रणनीति थी। आज गेंदबाजों ने रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। ’’शेफाली ने अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी निभाई। मंधाना ने कहा, ‘‘शेफाली काफी आक्रामक बल्लेबाजी कर रही थीं इसलिए मैं उन्हें स्ट्राइक दे रही थी और मौका बनने पर अपने शॉट्स खेल रही थी। ’’‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहीं शेफाली ने कहा, ‘‘पहले मैच में मैं जिस तरह से आउट हुई उसके बाद ठीक से सो नहीं पाई लेकिन आज मैंने अच्छी तरह से गेंद को टाइम किया। मैंने आज स्ट्राइक भी रोटेट किया। ’’जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिने एनकोमो ने कहा, ‘‘भारतीय टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। हमें पावरप्ले में अच्छी शुरुआत नहीं मिली। काफी कुछ सीखने लायक है, अगर हम थोड़ा बहुत भी आत्मसात कर लें तो बहुत बड़ी बात होगी।
शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने रच दिया इतिहास, पहली बार किसी जोड़ी ने एक साल में पूरे किए 1000 रन
भारत और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में शैफाली वर्मा ने 25 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेली।
Ind vs Zim: रायपुर टी20 में भारतीय गेंदबाजों का कहर, जिम्बाब्वे 102 रन पर सिमटा
भारतीय गेंदबाजों ने रविवार को यहां दूसरे महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था। भारत तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है।
रणजी ट्रॉफी: Priyansh Arya ने ठोके 199 रन, दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ बनाए 381/4
प्रियांश आर्य महज एक रन से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उनकी शानदार पारी की बदौलत दिल्ली ने रविवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले के पहले दिन गुजरात के खिलाफ चार विकेट पर 381 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। आर्य ने पूरी पारी के दौरान प्रभावशाली बल्लेबाजी की। उन्होंने 126 गेंद में अपना शतक पूरा किया जिसमें 15 चौके और दो छक्के शामिल थे। उन्होंने चिंतन गाजा की गेंद को डीप स्क्वायर लेग की ओर खेलकर अपना शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ भारत ‘ए’ की सीमित ओवरों की श्रृंखला में सिर्फ एक मैच खेलने के बाद लौटे आर्य ने बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर लाल गेंद के प्रारूप में जल्द ही खुद को ढाल लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली दिल्ली की पारी का मुख्य आकर्षण आर्य और कप्तान आयुष बडोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 234 रन की साझेदारी रही। बडोनी 149 गेंद में 115 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे। उनकी पारी में 11 चौके और दो छक्के शामिल हैं। बडोनी ने 113 गेंद में अपना शतक पूरा किया। यह उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांचवां शतक है। आर्य जब अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर थे, तब दिल्ली का स्कोर 77वें ओवर में चार विकेट पर 376 रन था। उन्होंने 220 गेंद की पारी में 26 चौके और छह छक्के लगाकर 199 रन बनाए। हालांकि, मनन हींगराजिया की नीची रहती गेंद पर वह बोल्ड हो गए। दिल्ली की पहली पारी के 84 ओवर पूरे होने पर स्टंप के समय सुमित माथुर बिना खाता खोले बडोनी का साथ निभा रहे थे। गुजरात की ओर से हर्षल पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 66 रन देकर दो विकेट लिएदिल्ली में खेले जा रहे ग्रुप सी के एक अन्य मुकाबले में पहले दिन 15 विकेट गिरे। मोहम्मद शमी के बिना खेल रही बंगाल की टीम सेना के खिलाफ पहली पारी में 186 रन पर सिमट गई, लेकिन उसने वापसी करते हुए विपक्षी टीम के पांच विकेट झटक लिए। बंगाल के स्पिनरों प्रदीप्त प्रमाणिक और आमिर गनी ने मिलकर चार विकेट झटके जिससे दिन का खेल समाप्त होने तक सेना का स्कोर पांच विकेट पर 83 रन हो गया। दिन में गिरे सभी 15 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट लिए। गकेबरहा में रविवार को बारिश के कारण खेल बार-बार रुका। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बारिश की वजह से 12.2 ओवर का खेल हो सका। साउथ अफ्रीका ने 20 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। बोलैंड ने अपने दूसरे ओवर में एडेन मार्करम और डेविड बेडिंघम को लगातार दो गेंदों पर आउट किया। टॉस के बाद बारिश ने बिगाड़ा खेल बोलैंड की बेहतरीन वापसी डेब्यू कर रहे एकरमैन के लिए मुश्किल शुरुआत साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट डेब्यू कर रहे मार्केस एकरमैन को भी परिस्थितियों से जूझना पड़ा। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर में इससे पहले कभी पारी की शुरुआत नहीं की थी। एकरमैन ने 14 गेंदों तक खाता नहीं खोला। इसके बाद गली के फील्डर के पास से निकलकर गेंद बाउंड्री की ओर गई और उन्हें पहला रन मिला। ऑस्ट्रेलिया ने लियोन को बाहर किया ऑस्ट्रेलिया ने ऑफ स्पिनर नाथन लियोन की जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया गया। टीम ने चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया। लियोन के उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें रेड-बॉल टेस्ट से बाहर रखने का यह 2013 के बाद पहला मौका था। लियोन को पिछले साल जमैका और ब्रिस्बेन में डे-नाइट टेस्ट के दौरान भी टीम से बाहर रखा गया था। उन फैसलों से वह खुश नहीं थे। इस बार ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाजी की जिम्मेदारी किसी विशेषज्ञ स्पिनर के बजाय मैट रेनशॉ, ट्रेविस हेड, ब्यू वेबस्टर और मार्नस लाबुशेन जैसे पार्ट-टाइम गेंदबाजों पर होगी। रबाडा की वापसी साउथ अफ्रीका ने टीम में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी कराई। वह पहले टेस्ट में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। उनकी वापसी के लिए टीम ने गेंदबाजी संयोजन में बदलाव किया और स्पिनर केशव महाराज को बाहर रखा। हालांकि, स्पिनर साइमन हार्मर टीम में हैं। पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने 214 रन से जीता ऑस्ट्रेलिया ने डरबन के किंग्समीड स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका को 214 रन से हराया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 390 रन बनाए, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम 284 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 314 रन बनाकर पारी घोषित की और साउथ अफ्रीका को 206 रन पर आउट कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैट रेनशॉ ने पहली पारी में 190 रन बनाए। जोश हेजलवुड ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में टॉप पर पहुंच गया है।
जापान में Asian Para Games शुरू, 168 भारतीय खिलाड़ी 18 खेलों में दिखाएंगे दम
जापान के आइची-नागोया में आज से एशियाई पैरा खेलों का आगाज होने जा रहा है। इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में भारत की नजरें पिछले संस्करण में मिले शानदार नतीजों को आगे बढ़ाने पर रहेंगी। इस बार प्रतियोगिता में 45 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियों के करीब 3,000 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में 18 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पांचवें एशियाई पैरा खेलों का उद्घाटन समारोह जापान के नागोया स्थित पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होगा। समारोह की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है। इस बार समारोह की मुख्य थीम ‘वाबी: वी आर ब्यूटीफुल इंडिविजुअल्स’ रखी गई है, जिसका संदेश हर व्यक्ति की अपनी पहचान और खूबसूरती को सम्मान देना है। इन खेलों के जरिए एशिया के दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत, हुनर और खेल के प्रति समर्पण दिखाएंगे। बता दें कि उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ खेलों के मुकाबले शुरू हो जाएंगे। इनमें नेत्रहीन फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस और बोच्चिया शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी पदक जीतने के साथ अपनी टीमों के लिए अच्छी शुरुआत करने की कोशिश करेंगे। उद्घाटन समारोह में भारत की ओर से पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी। पहले इस जिम्मेदारी के लिए पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल का नाम तय था, लेकिन कल होने वाले उनके क्वार्टर फाइनल मुकाबले को देखते हुए उन्हें आराम देने का फैसला किया गया। इसी वजह से सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक बनाया गया है। भारत ने इन खेलों के लिए 281 सदस्यों का दल भेजा है। इसमें 168 खिलाड़ी और 113 अधिकारी व सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों में 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं, जो 11 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय दल में भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी, धाविका सिमरन शर्मा और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि चीन के हांगझोऊ में 2023 में आयोजित पिछले एशियाई पैरा खेलों में भारत ने अपने प्रदर्शन से नया रिकॉर्ड बनाया था। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 111 पदक जीते थे, जिनमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल थे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में जकार्ता में रहा था, जब देश ने 72 पदक जीते थे। अब भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर एशिया के मजबूत खिलाड़ियों के सामने चुनौती पेश करने उतरेंगे। देश को उम्मीद है कि खिलाड़ी पिछले प्रदर्शन से आगे बढ़ते हुए नए रिकॉर्ड बनाएंगे और भारत का नाम रोशन करेंगे।
बांग्लादेश दौरे पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम में एक बदलाव किया गया है। निजी कारणों से घर लौट रहे कीमो पॉल की जगह ऑलराउंडर शमार स्प्रिंगर की वेस्टइंडीज की टेस्ट स्क्वॉड में एंट्री हुई है।
भारत और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच दूसरा टी20 मैच रायपुर में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है।
लाहौर, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) 25 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाली वनडे ट्र्राई सीरीज के चौथे मैच का इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए करेगा। इस अभियान में खिलाड़ी, मैच अधिकारी और ब्रॉडकास्टर शामिल होंगे, जिसका मकसद इस बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है।
बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की नई टी20 कप्तान शोभना
ढाका, बाएं हाथ की स्पिनर नाहिदा अख्तर को बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की नई टी20 इंटरनेशनल कप्तान नियुक्त किया गया है। नाहिदा, विकेटकीपर-बल्लेबाज निगार सुल्ताना की जगह लेंगी, जिन्होंने एशियन गेम्स 2026 के बाद यह पद छोड़ दिया था।
ऑस्ट्रेलिया : टी20 में न्यूजीलैंड को 2 विकेट से हराया
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 2 विकेट से हराया। नॉर्थ सिडनी ओवल के मैदान पर न्यूजीलैंड से मिले 163 रनों के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने 18.5 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया।
जापान के आइची-नागोया में 5वें पैरा एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी रविवार को हुई। समारोह में भारत की ओर से पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा ने भारतीय दल की अगुआई की। दोनों ने नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में तिरंगा थामा। इस बार पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्तूबर तक चलेंगे। जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों के उद्घाटन की घोषणा की। भारत ने 281 सदस्यीय दल भेजा पैरा एशियन गेम्स के लिए खेल मंत्रालय ने 168 एथलीटों सहित कुल 281 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है। दल में 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ, जबकि 15 कॉन्टिजेंट स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। भारतीय दल के 168 एथलीट 11 अलग-अलग खेलों में चुनौती पेश करेंगे। इनमें 112 पुरुष और 56 महिला एथलीट शामिल हैं। 45 देशों के खिलाड़ी पहली बार ले रहे हिस्सा एशियन पैरालिंपिक कमेटी के अध्यक्ष माजिद राशिद ने कहा कि इस बार पैरा एशियन गेम्स में पहली बार एशिया के सभी 45 देशों की भागीदारी होगी। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों और बाधाओं को पार कर खेलों तक पहुंचने के उनके प्रयासों की सराहना की। समारोह में मेजबान जापान के दल का भी जोरदार स्वागत किया गया। 24 अक्टूबर तक चलेंगे खेल पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्टूबर तक खेले जाएंगे। इस दौरान एथलीट 18 खेलों में हिस्सा लेंगे, जिनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा स्विमिंग, पैरा पावरलिफ्टिंग और बोच्चिया शामिल हैं। हालांकि, ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस के कुछ शुरुआती मुकाबले 16 अक्टूबर से ही शुरू हो गए थे। खेलों का समापन 24 अक्टूबर को होगा। प्रमोद ने 2020 पैरालिंपिक में गोल्ड जीता था पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत भारत के सबसे सफल पैरा शटलरों में शामिल हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक-2020 में पुरुष सिंगल्स की SL3 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था। वह पैरालिंपिक में बैडमिंटन का गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा, उन्होंने 2018 एशियन पैरा गेम्स में सिंगल्स में गोल्ड और डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। प्रमोद को 2019 में अर्जुन अवॉर्ड, 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सिमरन पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट पैरा एथलीट सिमरन शर्मा भारत की दृष्टिबाधित धाविकाओं में शामिल हैं। उन्होंने पेरिस पैरालिंपिक-2024 में महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। सिमरन ने 2023 हांगझू पैरा एशियन गेम्स में 100 मीटर और 200 मीटर T12 स्पर्धाओं में दो सिल्वर मेडल जीते। उन्हें खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए 2024 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रेयस बोले- वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा:कहा- 2 मैच में बेहतर गेंदबाजी करते तो नतीजा अलग होता; सीरीज 2-2 से बराबर भारत के टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि वैभव सूर्यवंशी को मौका जरूर मिलेगा। उन्हें इसका इंतजार करना होगा। बेंगलुरु में शनिवार को 5वें टी-20 मैच के बाद श्रेयस से वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं करने पर सवाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
पुजारा : संजू सैमसन कभी खराब फॉर्म में नहीं होते
नई दिल्ली, भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टी20 इंटरनेशनल मैचों में संजू सैमसन के उतार-चढ़ाव वाले प्रदर्शन का बचाव किया है। उनका तर्क है कि इस फॉर्मेट में कभी-कभार फेल होना स्वाभाविक है और इसे लंबे समय तक खराब फॉर्म में रहने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ईशान किशन ने रचा इतिहास, बेंगलुरु में 3 चौके लगाकर तोड़ा रिजवान-सूर्या का रिकॉर्ड
ईशान किशन ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान को पीछे छोड़ते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
मिडलर-ओबरलीट्नर : बिना एक भी सेट गंवाए जीता 'डबल्स खिताब'
शंघाई, ऑस्ट्रियाई जोड़ी लुकास मिडलर/नील ओबरलीट्नर ने रविवार को फ्रांसिस्को कैब्राल और जेजे ट्रेसी के खिलाफ 6-3, 6-4 से जीत दर्ज करते हुए शंघाई मास्टर्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया।
विश्व कप : दिव्यांश सिंह पंवार देश के लिए जीत चुके हैं गोल्ड
नई दिल्ली, निशानेबाजी के क्षेत्र में भारतीय निशानेबाज तेजी से विश्व पटल पर अपना नाम स्थापित करते जा रहे हैं। इसमें युवा निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार का नाम भी प्रमुख है। 24 साल के होने जा रहे दिव्यांश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीत चुके हैं।
शंघाई मास्टर्स: मिडलर-ओबरलीट्नर की जोड़ी ने बिना एक भी सेट गंवाए जीता 'डबल्स खिताब'
शंघाई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रियाई जोड़ी लुकास मिडलर/नील ओबरलीट्नर ने रविवार को फ्रांसिस्को कैब्राल और जेजे ट्रेसी के खिलाफ 6-3, 6-4 से जीत दर्ज करते हुए शंघाई मास्टर्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया।
Asian Para Games में 100 पदक जीतने का लक्ष्य, कोच Satyanarayana को एथलीटों पर पूरा भरोसा
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने खिलाड़ियों की तैयारियों और उनके जज्बे पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य यहां एशियाई पैरा खेलों में 100 पदक जीतना है। खेलों का आधिकारिक आगाज रविवार को हुआ लेकिन बैडमिंटन, टेबल टेनिस और बोकिया सहित कुछ स्पर्धाएं कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई हैं। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों में रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे। जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों के पांचवें आयोजन में भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल उतारा है। पिछली बार भारत के दल में 300 से अधिक खिलाड़ी शामिल थे। सत्यनारायण ने कहा कि खिलाड़ी उत्साहित हैं और अपनी तैयारियों को पदकों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारत के लिए लगभग 100 पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और हमें विश्वास है कि हमारे खिलाड़ियों में इसे हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स की अहम भूमिका होगी। हमें कल एथलेटिक्स में छह पदक जीतने की उम्मीद है, जिनमें दो से तीन स्वर्ण पदक हो सकते हैं।’’पैरा ऊंची कूद के खिलाड़ी और दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार की तैयारियों पर भी कोच ने भरोसा जताया। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘निषाद कुमार भी अच्छी लय में दिख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और संभव है कि खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दें। हमारे अभियान की मजबूत शुरुआत के लिए ये अहम अवसर हैं।’’उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। कोच ने कहा, ‘‘प्रतियोगिता कड़ी होगी, क्योंकि पूरे एशिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन हमारे खिलाड़ी अच्छी तरह तैयार हैं और अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने, पदक जीतने तथा देश को गौरवान्वित करने पर ध्यान दे रहे हैं।’’सत्यनारायण ने नागोया में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सुविधाओं, आवास और अन्य सहयोग से टीम को सकारात्मक माहौल मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय दल के खिलाड़ी यहां की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हैं। सुविधाओं, रहने की व्यवस्था और यहां मिल रहे सहयोग से टीम के लिए अच्छा माहौल बना है। खिलाड़ी सहज महसूस कर रहे हैं, उनका मनोबल ऊंचा है और वे अपनी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’भारतीय दल में भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी और धाविका सिमरन शर्मा सहित कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
भारत के खिलाफ कड़े मुकाबले से West Indies क्रिकेट को मिलेगा आर्थिक सहारा: Daren Sammy
... जी उन्नीकृष्णन ...बेंगलुरु, 18 अक्टूबर वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डेरेन सैमी को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ कांटे की टक्कर वाली शृंखला से प्रायोजकों के साथ बेहतर बातचीत का रास्ता खुलेगा और आर्थिक संकट से जूझ रहे वेस्टइंडीज क्रिकेट में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि किसी को आर्थिक रूप से कैरेबियाई क्रिकेट का सहारा बनना होगा। वेस्टइंडीज ने भारत दौरे पर सीमित ओवरों की शृंखलाओं में भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी। टीम एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद 1-2 से पिछड़ गयी जबकि पांच मैचों की टी20 श्रंखला 2-2 से बराबर रही। सैमी इस प्रदर्शन को अपने देश के क्रिकेट की आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। वेस्टइंडीज क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के 1997 में अपनाए गए मौजूदा राजस्व बंटवारा मॉडल के तहत आर्थिक रूप से टिके रहने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सैमी ने शनिवार रात पांचवां और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद कहा, ‘‘मेरी मां हमेशा कहती थीं कि आपके भीतर दूसरों की परवाह करने का भाव होना चाहिए। जिंदगी में आप कुछ भी करें, इस भावना को कभी नहीं खोना चाहिए। मुझे लगता है कि अब वेस्टइंडीज क्रिकेट को किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जो आर्थिक रूप से उसका सहारा बने। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ इस तरह की शृंखला खेलने से हमें उन लोगों के साथ बेहतर स्तर पर बातचीत करने का अवसर मिलता है, जो हमारी मदद कर सकते हैं।’’सैमी ने भारतीय और वेस्टइंडीज क्रिकेट की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक व्यवस्था और योजनाबद्ध विकास से टीम के प्रदर्शन पर बड़ा असर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत जब भी आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उससे विश्व कप जीतने की उम्मीद की जाती है। भारतीय टीम भी जीतने की अपेक्षा के साथ उतरती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्होंने इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज जब किसी टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उसे तमाम चुनौतियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। इन दोनों स्थितियों में बड़ा अंतर है। एक तरफ जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं जबकि दूसरी तरफ चुनौतियों से जूझते हुए प्रदर्शन करना पड़ता है। इसके बावजूद हम आगे बढ़ रहे हैं और मुझे लगता है कि हमने बड़ा कदम उठाया है।’’सैमी को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट वेस्टइंडीज प्रायोजकों और अन्य हितधारकों के साथ अधिक भरोसे के साथ बातचीत कर सकेगा। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि इस शृंखला के बाद हितधारकों और प्रायोजकों के साथ हमारी बातचीत पहले से बेहतर होगी। हमें अगर निवेश मिलता है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं जहां पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।’’सैमी ने आर्थिक चुनौतियों से इतर टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में आए बदलाव पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना क्या मायने रखता है और इस दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इतने लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रही टीम के खिलाफ छोटे प्रारूप में अच्छा खेलना बड़ी बात है। ड्रेसिंग रूम के सभी खिलाड़ियों ने सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम का पुराना आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज लौट आया है। इसकी शुरुआत तैयारी के दौरान ही हो गई थी। खिलाड़ी खेल का आनंद ले रहे थे और उनमें जीतने की ललक दिखाई दे रही थी। शुरुआत यहीं से होती है—इस विश्वास से कि हम इस स्तर पर खेलने के हकदार हैं और हमारा प्रदर्शन भी इसे साबित करता है।’’
Champions League मैच से पहले Barcelona की 5-2 से जीत, घरेलू लीग में PSG भी जीता
लामिन यमाल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत बार्सीलोना ने स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में रीयाल बेटिस को 5-2 से हराकर अपना विजय अभियान जारी रखा। इस जीत से बार्सिलोना ने चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले अपना आत्मविश्वास भी बढ़ाया। पीएसजी ने भी फ्रांस की शीर्ष घरेलू लीग में स्ट्रासबर्ग को 3-1 से हराकर जीत दर्ज की, जबकि इंग्लिश प्रीमियर लीग में दबाव का सामना कर रहे मैनचेस्टर सिटी ने अपना विजय अभियान जारी रखा। जर्मनी की बुंदेसलीगा में बायर्न म्यूनिख ने आरबी लाइपजिग को 6-1 से करारी शिकस्त दी। यमाल ने मुकाबले में दिन के सबसे शानदार गोलों में से एक दागा। हालांकि, बाद में विपक्षी खिलाड़ी से भिड़ंत के कारण उन्हें पीला कार्ड दिखाया गया, जबकि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को लाल कार्ड देकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। यमाल ने 10वें मिनट में फाकुंडो बर्नाल को छकाते हुए पेनाल्टी क्षेत्र के बाहर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचाया जिससे बार्सीलोना का खाता खुला। बार्सीलोना के लिए रोड्री, गेब्रियल जीसस, एरिक गार्सिया और दानी ओल्मो ने भी गोल किए। वहीं, बेटिस की ओर से वैलेंटिन गोमेज और अब्दे एजालजौली ने गोल दागे। मैच के दौरान यमाल और बर्नाल के बीच विवाद हो गया। बर्नाल ने यमाल को धक्का दिया, जिसके जवाब में यमाल उनसे भिड़ गए। दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और बर्नाल ने अपना सिर यमाल के माथे की ओर बढ़ाया। इसके बाद यमाल मैदान पर गिर पड़े। रेफरी ने बर्नाल को रेड और यमाल को योलो कार्ड दिखाया। एटलेटिको मैड्रिड ने एलेक्स बाएना के 89वें मिनट में किए गए गोल की बदौलत एस्पान्योल को उसके घरेलू मैदान पर 1-0 से हराया। फ्रांस की शीर्ष घरेलू लीग में पीएसजी ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्ट्रासबर्ग को 3-1 से शिकस्त दी। अमेरिकी मिडफील्डर जियो रेयना ने 17वें मिनट में शानदार लो शॉट लगाकर स्ट्रासबर्ग को बढ़त दिलाई। बार्सीलोना के खिलाफ आगामी मुकाबले को ध्यान में रखते हुए पीएसजी के कोच लुइस एनरिके ने उस्मान डेम्बेले, देजिरे दूए, विटिन्हा, नूनो मेंडेस और अचरफ हकीमी को शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया था। डेम्बेले 72वें मिनट में पेनाल्टी को गोल में बदलने से चूक गए। इसके पांच मिनट बाद यूक्रेन के डिफेंडर इलिया जाबार्नी ने गोल कर पीएसजी को बराबरी दिलाई। डेम्बेले ने 85वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि इंजरी टाइम में दूए ने गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। लिली को ब्रेस्ट के खिलाफ घरेलू मैदान पर 1-1 से ड्रॉ खेलने के कारण अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का मौका गंवाना पड़ा। वहीं, लेंस ने ट्रॉयस को 3-1 से हराया। इंग्लिश प्रीमियर लीग में मैनचेस्टर सिटी ने इप्सविच को 3-2 से हराकर अपना विजय अभियान जारी रखा। सिटी प्रीमियर लीग सत्र की शुरुआत लगातार सात जीत के साथ करने वाली तीसरी टीम बन गई। चेल्सी ने पेड्रो नेटो के दूसरे हाफ में किए गए दो गोल की मदद से एवर्टन को उसके घरेलू मैदान पर 2-0 से हराया। इस मुकाबले में चेल्सी के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका से चिंता बढ़ गई। लीवरपूल ने ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की। वहीं, जोहान मंजांबी ने चैंपियंस लीग में पदार्पण पर गोल करने के बाद अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने न्यूकैसल के खिलाफ एस्टन विला की 1-0 की जीत में निर्णायक गोल किया। जर्मनी की बुंदेसलीगा में बायर्न म्यूनिख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आरबी लाइपजिग को 6-1 से करारी शिकस्त दी। हैरी केन ने बुंदेसलीगा में अपने 100 मैचों में गोलों की संख्या 102 तक पहुंचा दी। लुइस डियाज ने बायर्न के लिए हैट्रिक लगाई। टीम अब बुधवार को म्यूनिख में चैंपियंस लीग के मुकाबले में आर्सेनल से भिड़ेगी। बोरूसिया डॉर्टमुंड को यूनियन बर्लिन ने गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। यह डॉर्टमुंड का बुंदेसलीगा में लगातार दूसरा ड्रॉ रहा। इटली की सीरी ए में वेनेजिया ने एकोर एडम्स के गोल की बदौलत नेपोली को 1-0 से हराकर सत्र की पहली जीत दर्ज की। नेपोली के लिए केविन डी ब्रुइने की पेनाल्टी को वेनेजिया के गोलकीपर फिलिप स्टानकोविच ने बचा लिया। अन्य मुकाबलों में इंटर मिलान ने बोलोन्या को 3-1 से हराया, जबकि चैंपियंस लीग में हार के बाद वापसी करते हुए रोमा ने जेनोआ को घरेलू मैदान पर 2-0 से मात दी।
सत्य नारायण : एशियन पैरा गेम्स में 100 पदक जीतने का लक्ष्य
नागोया, भारतीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने रविवार से शुरू होने जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए टीम की तैयारियों और उनके शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य लगभग 100 पदक जीतना है।
बाबर आजम ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 16 हजार रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ रविवार को यह अचीवमेंट हासिल की। बाबर ऐसा करने वाले पाकिस्तान के 5वें बल्लेबाज बन गए। रावलपिंडी में चल रहे मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। पाकिस्तानी टीम ने 15 ओवर में 2 विकेट पर 77 रन बना लिए हैं। बाबर और साद बेग नाबाद हैं। सईम अयूब 7, फखर जमान 16 रन बनाकर आउट पहले बल्लेबाजी कर रही पाकिस्तानी टीम की शुरुआत खराब रही है। टीम ने 32 रन के स्कोर पर 2 विकेट गंवा दिए थे। ओपनर सईम अयूब 7 और फखर जमान 16 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ओपनर्स को दिलशान मदुशंका ने कैच आउट कराया। साद बेग ने डेब्यू किया, 262वें वनडे खिलाड़ी टॉस के दौरान कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने बताया कि साद बेग वनडे डेब्यू कर रहे हैं। वे पाकिस्तान के 262वें वनडे खिलाड़ी हैं। कप्तान शाहीन अफरीदी ने उन्हें डेब्यू कैप दी और गले लगाया। ------------------------------------------ इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वनडे ट्राई सीरीज-जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को 99 रन से हराया, एर्विन-टेलर में 150 रन की साझेदारी, ब्रैड इवांस को 4 विकेट जिम्बाब्वे ने UAE में चल रही वनडे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 99 रन से हरा दिया। 93 रन बनाने वाले क्रेग एर्विन प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
बाबर आजम ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 16 हजार रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ रविवार को यह अचीवमेंट हासिल की। बाबर ऐसा करने वाले पाकिस्तान के 5वें बल्लेबाज बन गए। रावलपिंडी में चल रहे मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। पाकिस्तानी टीम ने 6 ओवर में 2 विकेट पर 33 रन बना लिए हैं। बाबर और साद बेग नाबाद हैं। सईम अयूब 7, फखर जमान 16 रन बनाकर आउट पहले बल्लेबाजी कर रही पाकिस्तानी टीम की शुरुआत खराब रही है। टीम ने 32 रन के स्कोर पर 2 विकेट गंवा दिए थे। ओपनर सईम अयूब 7 और फखर जमान 16 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ओपनर्स को दिलशान मदुशंका ने कैच आउट कराया।
आकाश : 200 स्ट्राइक रेट वाला बल्लेबाज हर मैच में रन बनाएगा
नई दिल्ली, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई पांच मैचों की टी20 सीरीज में अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन का बचाव किया है। उनका मानना है कि आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों से हर मैच में एक जैसा प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
सुनील गावस्कर : हार्दिक पंड्या की जगह कोई नहीं ले सकता
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि टीम इंडिया कभी-कभी हार्दिक पांड्या का विकल्प ढूंढने की कोशिश में थोड़ा बहक जाती है। गावस्कर ने भारतीय टीम को चार फुलटाइम गेंदबाजों और दो ऑलराउंडरों के साथ खेलने की सलाह दी।
40 हजार लोगों ने वेदांता मैराथन में हिस्सा लिया
नई दिल्ली, दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को वेदांता हाफ मैराथन का आयोजन किया गया।
चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन ने सेमीफाइनल में जगह बनाई
नोएडा, हरियाणा हरिकेन्स ने वॉलीबॉल चैंपियंस लीग (वीएसएल) में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए, शनिवार को नोएडा इंडोर स्टेडियम में सुपर 6 मैच में एम्पेरिया मराठा को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।
नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी के कायल हुए पुजारा, बोले- ऐसा करने के लिए चाहिए खास तैयारी
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए बारिश से प्रभावित पांचवें टी20 मुकाबले में नमन धीर की तूफानी नाबाद पारी (सिर्फ 6 गेंदों पर 24 रन) की तारीफ की है। उन्होंने बताया कि दबाव वाले हालात में इस तरह का असरदार प्रदर्शन करने के लिए कितनी तैयारी की जरूरत होती है।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 का दूसरा राउंड रविवार से शुरू हुआ। पंजाब के लिए खेल रहे भारतीय कप्तान शुभमन गिल छत्तीसगढ़ के खिलाफ सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं, गुजरात के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने दिल्ली के खिलाफ अपना 250वां फर्स्ट क्लास विकेट हासिल किया। गिल 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे छत्तीसगढ़ के खिलाफ पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही। बाएं हाथ के स्पिनर अजय मंडल ने शुभमन गिल को 1 रन पर आउट किया। इससे पहले छत्तीसगढ़ ने ओपनर हरनूर पन्नू और विहान मल्होत्रा के विकेट लिए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े थे। लंच के करीब पंजाब का स्कोर 89/3 था।

