PV Sindhu और Lakshya Sen ने जीता Hylo Open खिताब, जर्मनी में भारत को मिली दोहरी जीत
सारब्रकेन (जर्मनी), एक नवंबर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने रविवार को यहां हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में सीधे गेम में जीत दर्ज करते हुए क्रमश: महिला और पुरुष एकल खिताब अपने नाम किए जिससे भारत को दोहरी सफलता मिली। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने डेनमार्क की विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को हराकर मौजूदा सत्र का अपना दूसरा खिताब जीता। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पांच लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट के 39 मिनट तक चले फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त केयर्सफेल्ड को 21-12, 21-14 से शिकस्त दी। जुलाई में जापान ओपन में खिताब जीतने वाली और पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही सिंधू ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण और दमदार खेल का प्रदर्शन किया। सिंधू ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि प्रतिद्वंद्वी कोई भी हो मैं अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करूं। हम कई बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं और मेरे लिए हर अंक पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी था। मेरे लिए हर अंक महत्वपूर्ण था।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी और उसे वापसी का कोई मौका नहीं दिया।’’इसके बाद लक्ष्य सेन ने पुरुष एकल फाइनल में जोनाथन क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से हराकर भारत की दोहरी सफलता सुनिश्चित की। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज सिंधू ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने की अपनी दावेदारी मजबूत की। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आई हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘बिल्कुल। मेरी पूरी टीम को इसका श्रेय जाता है। हम इसी के अनुसार योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने खेल को बेहतर बनाएं और फैसले लेने में अधिक समझदारी दिखाएं।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरे लिए साथ ही शांतचित्त बने रहना भी महत्वपूर्ण था। अब भी सुधार की गुंजाइश है। चीजें बेहतर हो रही हैं और मैं इससे खुश हूं।’’दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधू का फाइनल से पहले केयर्सफेल्ड के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-1 था। डेनमार्क की खिलाड़ी को उनके खिलाफ एकमात्र जीत 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में मिली थी। सिंधू ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की लेकिन उनकी कुछ गलतियों के कारण डेनमार्क की खिलाड़ी 3-3 से बराबरी हासिल करने में सफल रही। केयर्सफेल्ड ने रैलियों को लंबा खींचने की कोशिश की लेकिन सिंधू के चतुराई भरे शॉट और नेट पर शानदार खेल ने उन्हें 8-5 की बढ़त दिला दी और भारतीय खिलाड़ी ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बनाने में सफल रही। भारतीय खिलाड़ी ने कोर्ट के पिछले हिस्से से सटीक पुश शॉट लगाकर 14-11 की बढ़त बनाई और फिर शानदार बैकहैंड विनर के साथ स्कोर 17-12 कर दिया। केयर्सफेल्ड का शॉट इसके बाद नेट में उलझ गया जिससे सिंधू शुरुआती गेम जीतने से सिर्फ दो अंक दूर रह गईं। भारतीय खिलाड़ी ने जल्द ही आठ गेम प्वाइंट हासिल किए और पहले ही मौके को भुनाकर पहला गेम अपने नाम कर लिया। सिंधू ने दूसरे गेम में भी दबदबा बनाए रखा। उन्होंने 4-2 की बढ़त बनाई और फिर कुछ विनर शॉट लगाकर स्कोर 6-3 कर दिया। केयर्सफेल्ड ने वापसी करते हुए स्कोर 6-7 किया लेकिन इसके बाद वह दो शॉट बाहर मार बैठीं। सिंधू ने एक और विनर लगाकर अपनी बढ़त को 10-6 किया। सिंधू ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखते हुए स्कोर 17-11 किया जबकि डेनमार्क की खिलाड़ी को नेट पर अपने खेल को लेकर जूझना पड़ा। सिंधू ने आक्रामक रिटर्न शॉट के साथ छह चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए और फिर नेट पर केयर्सफेल्ड की गलती का फायदा उठाकर मैच और खिताब अपने नाम कर लिया।
Mumbai के हाथ से फिसला मुकाबला, 92वें मिनट के बाद Delhi ने दो Goal दागकर पलटी बाजी
दिल्ली और मुंबई के बीच खेले गए मुकाबले में आखिरी मिनट तक मुकाबला किस करवट बैठेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता दिखा। जब दिल्ली की टीम बराबरी के गोल की तलाश में लगातार हमले कर रही थी, तब उसे इंजरी टाइम में सफलता मिली। इसके बाद टीम ने देर नहीं की और कुछ ही मिनटों में एक और गोल दागकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मैच का पूरा स्कोर और शुरुआती गोलों का ब्योरा नहीं दिया गया है, लेकिन आखिरी पलों में हुए इन घटनाक्रमों ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। मैच के अंतिम दौर में दिल्ली ने बराबरी के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया था। टीम ने लगातार आगे बढ़कर मुंबई के गोल पर दबाव बनाया। दिल्ली के कोच ने इस दौरान बदलाव करते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा। इन्हीं में शामिल अक्षत मेहरा ने 92वें मिनट में ऐसा शॉट लगाया, जिसने मैच की तस्वीर बदल दी। अक्षत ने कुछ दूरी से गोल की ओर गेंद को निशाना बनाया। मुंबई के गोलकीपर रेहेनेश गेंद को अपने हाथों में रोक सकते थे, लेकिन गेंद उनके हाथों से फिसलकर गोल में चली गई। इस गलती के कारण दिल्ली को बराबरी का गोल मिल गया। बराबरी के बाद दिल्ली का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने मुंबई को संभलने का मौका नहीं दिया और जल्द ही एक बार फिर गोल करने में सफल रही। इस गोल के बाद पेना खुशी से झूम उठे। उन्होंने अपनी जर्सी उतारी और दौड़ते हुए अपनी टीम के तकनीकी क्षेत्र की ओर पहुंच गए। उनके इस जश्न से साफ था कि टीम के लिए यह गोल कितना अहम था। कुछ ही देर पहले तक दिल्ली बराबरी के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन अब उसके खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे। मैच समाप्त होने की सीटी बजते ही दिल्ली के खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों का उत्साह मैदान पर भी दिखाई दिया। टीम के सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस शानदार वापसी का जश्न मनाया। आखिरी मिनटों में दो गोल करना दिल्ली के लिए बड़ी उपलब्धि रही, खासकर तब जब मुकाबला उसके हाथ से निकलता हुआ दिखाई दे रहा था। दूसरी ओर, मुंबई के खिलाड़ियों के लिए यह नतीजा निराशाजनक रहा। मैच के ज्यादातर समय तक मुकाबले में अपनी स्थिति बनाए रखने के बाद आखिरी पलों में गोल गंवाना टीम के लिए बड़ा झटका था। गोलकीपर रेहेनेश की गलती भी चर्चा का विषय बनी, क्योंकि अक्षत मेहरा का शॉट ऐसा नहीं था जिसे आसानी से रोका न जा सके। हालांकि, फुटबॉल में गोलकीपर की एक गलती पूरे मुकाबले का नतीजा बदल सकती है। गौरतलब है कि फुटबॉल में इंजरी टाइम अक्सर टीमों के लिए आखिरी मौका लेकर आता है। इस दौरान एक गोल जहां हार से बचा सकता है, वहीं लगातार दबाव बनाए रखने वाली टीम को जीत भी दिला सकता है। दिल्ली ने इसी मौके का फायदा उठाया और आखिरी मिनटों में अपनी मेहनत को नतीजे में बदल दिया। वहीं, मुंबई के लिए यह मुकाबला कई सवाल छोड़ गया है, खासकर आखिरी समय में टीम की रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग को लेकर। इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि फुटबॉल में अंतिम सीटी बजने तक कुछ भी संभव है और जीत का जश्न मनाने वाली टीम वही होती है जो आखिरी पल तक मैदान पर डटी रहती हैं।
पीवी सिंधु ने फिर लहराया तिरंगा, 'हाइलो ओपन' जीतकर इस सीजन का अपना दूसरा खिताब हासिल किया
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने रविवार को जर्मनी के सारब्रुकन में आयोजित 'हाइलो ओपन सुपर 500' बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इस सत्र का अपना दूसरा टाइटल हासिल किया। सिंधु ने फाइनल में डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ट को सीधे गेमों में शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम की।
लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन जीतकर रचा इतिहास, दो बार यह खिताब अपने नाम करने वाले भारत के पहले प्लेयर बने
लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन 2026 में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ मेन्स सिंगल्स फाइनल का खिताब जीत लिया है। इसके साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है। वे दो बार किसी भी कैटेगरी में यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: Harmanpreet Singh की हैट्रिक से भारत ने मलेशिया को 4-2 से हराया
... सोमोज्योति एस चौधरी ...जालंधर, एक नवंबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के हैट्रिक गोल की बदौलत पांच बार के चैंपियन भारत ने रविवार को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट में मलेशिया को 4-2 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। भारत ने हाल ही में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक मैच में भी मलेशिया को 5-1 से हराया था। छह टीमों के इस टूर्नामेंट में भारत और मलेशिया के अलावा दक्षिण कोरिया तथा जापान ने भी सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत सोमवार को अपने आखिरी राउंड रॉबिन मुकाबले में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगा, जबकि मलेशिया का सामना जापान से होगा। हरमनप्रीत ने तीसरे, 33वें और 58वें मिनट में गोल दागकर शानदार हैट्रिक लगाई। उन्होंने दो गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए, जबकि एक गोल पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए आया। स्ट्राइकर सुखजीत सिंह ने 43वें मिनट में मैदानी गोल कर भारत की बढ़त मजबूत की। मलेशिया की ओर से अखिमुल्लाह अनुआर ने 25वें मिनट में और शेलो सिल्वरियस ने 60वें मिनट में गोल किए। भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। कप्तान हरमनप्रीत ने तीसरे ही मिनट में टीम को मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर मलेशिया के गोलकीपर हफीजुद्दीन ओथमान के बाईं ओर दमदार ड्रैग फ्लिक लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने मलेशियाई रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया और कई बार सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन गोल करने में सफलता नहीं मिली। मलेशिया ने दूसरे क्वार्टर में जवाबी हमला तेज किया। उसे 18वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने दोनों मौकों पर गोल नहीं होने दिया। इसके बाद भारत को भी लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, मगर मलेशियाई गोलकीपर ओथमान ने दोनों बार हरमनप्रीत के प्रयासों को नाकाम कर दिया। मलेशिया ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और 24वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। भारतीय खिलाड़ियों ने मुस्तैदी से बचाव करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी। अखिमुल्लाह अनुआर ने अगले ही मिनट भारतीय रक्षापंक्ति की चूक का फायदा उठाकर गोल कर दिया। फैज जली से मिले पास पर उन्होंने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इसके साथ ही हाफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। भारतीय टीम ने तीसरे क्वार्टर में अधिक आक्रामक रुख अपनाया। हाफ टाइम के बाद तीन मिनट के भीतर भारत को चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला और हरमनप्रीत ने एक बार फिर सटीक ड्रैग फ्लिक लगाकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। उपकप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड में गेंद छीनकर शानदार मूव बनाया और सुखजीत सिंह को पास दिया। सुखजीत ने बेहतरीन टोमहॉक शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा जिसमे मैच के 43वें मिनट में भारत ने अपनी बढ़त 3-1 कर ली। अंतिम हूटर बजने से दो मिनट पहले भारत को छठा पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस दौरान हरमनप्रीत की गोल की ओर जाती फ्लिक मलेशियाई डिफेंडर के शरीर से टकरा गई, जिसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। कप्तान हरमनप्रीत ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की और 58वें मिनट में अपना तीसरा गोल दागकर भारत को 4-1 से आगे कर दिया। इसके कुछ ही सेकंड बाद भारत को एक और सेट पीस मिला, लेकिन टीम इस मौके को गोल में नहीं बदल सकी। खेल समाप्त होने से एक मिनट पहले मलेशिया के शेलो सिल्वरियस ने मैदानी गोल कर अंतर 4-2 कर दिया लेकिन तब तक भारतीय टीम अपनी जीत सुनिश्चित कर चुकी थी।
Marc Marquez ने जीती Malaysian GP, MotoGP खिताब से अब सिर्फ एक कदम दूर
मलेशिया ग्रां प्री में मार्क मार्केज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब की दौड़ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। सात बार के मोटोजीपी विश्व चैंपियन मार्केज ने रेस जीतकर अपने प्रतिद्वंद्वी जॉर्ज मार्टिन पर 44 अंकों की बढ़त बना ली है। मार्टिन चोट के कारण इस रेस में हिस्सा नहीं ले सके। मार्केज ने दूसरे स्थान पर रहे पेड्रो अकॉस्टा को 4 सेकंड से ज्यादा के अंतर से पीछे छोड़ा। मलेशिया में मार्केज की यह 2018 के बाद पहली जीत है। इस जीत के साथ उनके कुल अंक बढ़कर 399 हो गए हैं। उनके छोटे भाई एलेक्स मार्केज ने भी शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे स्थान पर रहते हुए पोडियम पर जगह बनाई। इस तरह मलेशिया ग्रां प्री में दोनों भाइयों ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई। रेस की शुरुआत में दोनों मार्केज भाइयों के बीच पहले स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों ने शुरुआती दौर में बढ़त हासिल करने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद मार्क मार्केज अपने भाई से आगे निकल गए। इसके बाद उन्होंने अपनी रफ्तार बनाए रखी और बाकी राइडर्स से दूरी बढ़ाते हुए जीत हासिल की। दूसरी ओर, एलेक्स मार्केज को तीसरे स्थान के लिए पेड्रो अकॉस्टा से मुकाबला करना पड़ा। आखिरकार एलेक्स ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के बाद मार्केज के पास अब खिताब जीतने का अच्छा मौका है। अगर अगले सप्ताह कतर ग्रां प्री में वह अपनी बढ़त को 74 अंकों तक पहुंचा देते हैं, तो दो रेस बाकी रहते ही विश्व चैंपियन बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें अगले मुकाबले में भी मजबूत प्रदर्शन करना होगा। जीत के बाद मार्केज ने कहा कि उनकी टीम ने शानदार रेस पूरी की और वह इससे बेहद खुश हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनका ध्यान अभी नहीं बदलेगा। उनके मुताबिक, मुकाबले में अभी कई अहम पल बाकी हैं और उन्हें अपना पूरा ध्यान बनाए रखते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। गौरतलब है कि जॉर्ज मार्टिन 2024 में मोटोजीपी चैंपियन बने थे और इस बार भी खिताब के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। लेकिन पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलियाई ग्रां प्री के दौरान दुर्घटना में उनकी कलाई में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने मलेशिया में सुबह के अभ्यास सत्र में बाइक चलाने की कोशिश की, लेकिन दर्द और चोट के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा। ऐसे में वह मुख्य रेस में हिस्सा नहीं ले सके। अब सभी की नजरें अगले सप्ताह होने वाली कतर ग्रां प्री पर होंगी, जहां मार्केज खिताब के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं, मार्टिन की वापसी और उनकी चोट का असर भी चैंपियनशिप की आगे की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। दोनों राइडर्स के प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजरें बनी हुई हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हेड कोच माइक हेसन ने 2026-27 सीजन के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के लिए 13 युवा खिलाड़ियों के नाम सुझाए हैं। PCB के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का जल्द ऐलान हो सकता है।
भारत के खिलाफ सबक सीखने में देरी से गंवाई T20 सीरीज, Tim Seifert ने बयां किया दर्द
हैमिल्टन, एक नवंबर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट का मानना है कि पिछली गलतियों से सबक लेने और अहम मौकों का फायदा उठाने की रणनीति ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 शृंखला के आखिरी दो मुकाबलों में उनकी टीम की वापसी में अहम भूमिका निभाई। उन्हें हालांकि इस बात का मलाल है कि टीम ने ये सबक सीखने में देर कर दी, जिससे शृंखला का नतीजा बदलना संभव नहीं हो सका। मेजबान न्यूजीलैंड ने रविवार को यहां खेले गए पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में सात विकेट से जीत दर्ज की। सीफर्ट 50 गेंद में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस जीत के नायक रहे। वह एक बार फिर अपने पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक से चूक गए, लेकिन न्यूजीलैंड ने भारत के 191 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी थी। सीफर्ट ने मैच के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘हमने पिछले मुकाबलों से काफी कुछ सीखा। क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले और दूसरे मैच में हम जीत के करीब पहुंचे थे। जब मुकाबला निर्णायक मोड़ पर हो तो छोटे-छोटे मौकों का फायदा उठाना जरूरी होता है। मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया और जिन पिचों पर हम खेले, उनके अनुरूप खुद को ढाला।’’उन्होंने कहा, ‘‘शृंखला की शुरुआत में हमारा मुख्य लक्ष्य इसे जीतना था। पीछे मुड़कर देखें तो हमने क्राइस्टचर्च में अच्छी क्रिकेट खेली थी, लेकिन मुकाबलों के आखिरी पलों में जीत दर्ज करने में नाकाम रहे।’’उन्होंने कहा, ‘‘क्राइस्टचर्च में खेले गए दोनों मैचों के बाद हम शृंखला में 2-0 से आगे हो सकते थे या परिणाम 1-1 से बराबर हो सकता था। आखिरी दो मैचों की जीत ने यह साबित किया कि पहले दो मुकाबलों में हम निर्णायक मौकों का फायदा उठाने से चूक गए थे। सीफर्ट ने शृंखला के तीसरे मैच में भारतीय टीम के दबदबे को भी स्वीकार किया। इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शतकीय पारी खेली थी, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी। भारत ने 40 गेंद शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। उन्होंने कहा, ‘‘वेलिंगटन में भारत ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। हमें उनकी बल्लेबाजी के लिए तालियां बजानी चाहिए। टी-20 क्रिकेट में कभी-कभी इस तरह के मुकाबले भी देखने को मिलते हैं। कुल मिलाकर हमारे लिए शृंखला अच्छी रही, लेकिन दुर्भाग्य से हम इसे जीत नहीं सके।’’सीफर्ट ने अंतिम मुकाबले में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से तेज गेंदबाज एडम मिल्ने का जिक्र किया, जिन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, आजकल टी-20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अपनी रणनीति में विविधता रखना जरूरी है। मिल्ने ने शानदार गेंदबाजी की और उनके बाद गेंदबाजी करने आए अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर यह हमारी टीम का शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन था।
PV Sindhu ने जीता Hylo Open खिताब, फाइनल में लाइन केयर्सफेल्ड को सीधे गेम में दी मात
सारब्रकेन (जर्मनी), एक नवंबर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को यहां डेनमार्क की विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को सीधे गेम में हराकर हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया जो मौजूदा सत्र का उनका दूसरा खिताब है। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पांच लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट के 39 मिनट तक चले फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त केयर्सफेल्ड को 21-12, 21-14 से शिकस्त दी। जुलाई में जापान ओपन में खिताब जीतने वाली और पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही सिंधू ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण और दमदार खेल का प्रदर्शन किया। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज भारतीय खिलाड़ी ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की। दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधू का फाइनल से पहले केयर्सफेल्ड के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-1 था। डेनमार्क की खिलाड़ी को उनके खिलाफ एकमात्र जीत 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में मिली थी।
पीवी सिंधू बनीं चैंपियन, हाइलो ओपन सुपर के फाइनल में लाइन क्यर्सफेल्ड को हराया
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने हाइलो ओपन का खिताब जीतकर इस सत्र की दूसरी ट्रॉफी अपने नाम की। सिंधू ने फाइनल में क्येरफेल्ट 21-12, 21-14 से हराया।
'हम ऐसी स्थितियों के लिए तैयारी करते हैं', 0-6 से पिछड़ने के बावजूद मनीषा पर नहीं था कोई मानसिक दबाव
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय पहलवान मनीषा भनवाला ने बताया कि अपने कोचों के साथ मुश्किल मैचों की स्थितियों के लिए वर्षों तक की गई प्रैक्टिस ने उन्हें सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के फाइनल में 0-6 से पिछड़ने के बाद वापसी करने में मदद की। उन्होंने कजाकिस्तान के अस्ताना में महिलाओं के 59 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक वापसी की।
AITA Election: लिएंडर पेस ने मिलाया Chintan Parikh से हाथ, लड़ेंगे उपाध्यक्ष पद का चुनाव
(फाइल तस्वीरों के साथ)... अमनप्रीत सिंह ...चेन्नई, एक नवंबर भारतीय टेनिस प्रशासन में एक अहम राजनीतिक बदलाव के तहत दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के अंतरिम अध्यक्ष चिंतन पारिख के साथ हाथ मिला लिया है। दोनों ने आगामी चुनाव संयुक्त पैनल के तहत लड़ने का फैसला किया है। ‘टेनिस फर्स्ट’ के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरने वाले इस पैनल में पेस उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय टेनिस प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि पेस पहले 27 नवंबर को होने वाले एआईटीए चुनाव में पारिख के खिलाफ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। गुजरात के प्रशासक पारिख अध्यक्ष पद पर एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। पेस ने उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों (स्पोर्ट्सपर्सन्स ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट-एसओएम) के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। वह इस श्रेणी के ‘टियर-1’ में शामिल एकमात्र खिलाड़ी थे। पश्चिम बंगाल टेनिस संघ के अध्यक्ष के रूप में उनका पहला कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में उनके लिए पश्चिम बंगाल से एआईटीए अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होना संभव नहीं था। इस राजनीतिक समीकरण में बदलाव की शुरुआत पिछले सप्ताह कोलकाता में दोनों के बीच हुई बैठक से हुई। बैठक में पेस ने पारिख के समूह के साथ जुड़ने का प्रस्ताव रखा और जमीनी स्तर पर भारतीय टेनिस को मजबूत बनाने की इच्छा जताई। पुरुष युगल में आठ और मिश्रित युगल में 10 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके पेस के बारे में समझा जाता है कि वह भारतीय खेल प्रशासन में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। भविष्य में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से जुड़ने की संभावना भी उनकी योजनाओं में शामिल बताई जा रही है। पारिख ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में हुई बैठक के दौरान मुझसे पूछा गया कि अगर लिएंडर मेरी टीम का हिस्सा बनते हैं तो मेरी उनसे क्या अपेक्षाएं होंगी और इसके उलट उनकी मुझसे क्या उम्मीदें रहेंगी। हमने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।’’उन्होंने कहा, ‘‘ पेस का मानना था कि एआईटीए ट्रस्ट में स्थायी न्यासियों की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग, जो स्थायी न्यासी होने के कारण खुद को जवाबदेही से परे मानते हैं, यह स्वीकार्य नहीं है। सभी को इस बात को समझना होगा। एआईटीए ट्रस्ट के सदस्यों में संघ के पूर्व महासचिव अनिल धूपर, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन, अनिल खन्ना, अशोक कुमार, रक्तिम सैकिया और भारत ओझा शामिल हैं। रोहित राजपाल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं। पारिख के मुताबिक, पेस चाहते हैं कि ट्रस्ट को एआईटीए के दायरे में लाया जाए, ताकि उसके कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हाल ही में राजपाल के नेतृत्व वाली दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) और एआईटीए ट्रस्ट के बीच विवाद भी सामने आया था।
करण सिंह और अथर्व शर्मा की जोड़ी ने मिस्र में आईटीएफ एम15 डबल्स का खिताब जीता
चंडीगढ़, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के युवा खिलाड़ी करण सिंह और अथर्व शर्मा ने रविवार को 'आईटीएफ मेंस वर्ल्ड टेनिस टूर एम15' टूर्नामेंट में मेंस डबल्स का खिताब जीता। यह मुकाबला मिस्र के शर्म अल-शेख में खेला गया।
भारत ने न्यूजीलैंड को 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-2 से हराया। सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा, मेरी डिक्शनरी और डायरेक्टरी में डर नाम का कोई शब्द नहीं है। गंभीर ने पहले मैच का उदाहरण देते हुए खिलाड़ियों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि टीम ने 15 घंटे की लंबी फ्लाइट के बाद सिर्फ एक अभ्यास सत्र किया था, इसके बावजूद मुकाबला जीत लिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजी और फील्डिंग बेहतर हो सकती थी। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स को सीरीज का बेस्ट खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने पांच मैचों में 341 रन बनाए। थकान के बावजूद जीत हासिल की गंभीर ने कहा, विदेशी परिस्थितियों में खेलते समय टीम को मुश्किल हालात से घबराना नहीं चाहिए। न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद भारतीय खिलाड़ियों को लंबी यात्रा और कम अभ्यास का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पहले मैच में जीत हासिल करना आसान नहीं था। गंभीर ने इसी प्रदर्शन को टीम की मानसिक मजबूती का उदाहरण बताया। सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों में भारत ने लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद न्यूजीलैंड ने वापसी करते हुए आखिरी दोनों मैच अपने नाम किए। ध्यान अब वनडे सीरीज पर- अय्यर अय्यर के मुताबिक, न्यूजीलैंड में खेलने के दौरान खिलाड़ियों को अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आसमान में साफ रोशनी और मैदान पर अंधेरे जैसी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियां भारत में आमतौर पर देखने को नहीं मिलतीं। कप्तान ने यह भी कहा कि टीम इन कमियों पर चर्चा करेगी। हालांकि, उनका ध्यान अब वनडे सीरीज पर है और खिलाड़ी अच्छे मूड में हैं। ऋषभ पंत की चोट पर गंभीर के पास अपडेट नहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर से ऋषभ पंत की उपलब्धता को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास पंत की चोट को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं है। सीरीज का नतीजा उलटा भी हो सकता था- सैंटनर न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने माना कि सीरीज काफी करीबी रही। उनके मुताबिक, शुरुआती दो मुकाबलों में कुछ ऐसे मौके आए, जिन्हें न्यूजीलैंड भुना सकता था। अगर टीम उन मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करती, तो सीरीज का नतीजा भारत के बजाय न्यूजीलैंड के पक्ष में भी हो सकता था। सैंटनर ने गेंदबाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आखिरी दो मैचों में गेंदबाजों ने परिस्थितियों के हिसाब से अपनी रणनीति बदली। तेज गेंदबाजों ने यॉर्कर, वाइड गेंदों और सही लेंथ का इस्तेमाल किया। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया:साइफर्ट ने 93 रन बनाए; श्रेयस-ईशान की फिफ्टी बेकार, टीम इंडिया ने सीरीज 3-2 से जीती भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवां टी-20 मुकाबला 7 विकेट से हार गई है। हालांकि टीम इंडिया ने सीरीज 3-2 से अपने नाम की। हैमिल्टन में कीवी टीम ने 192 रन का टारगेट 3 विकेट खोकर 18 ओवर में चेज कर लिया। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के दौरे पर अब 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिसका पहला मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा और इसमें विराट कोहली के पास सिर्फ 2 रन बनाकर इतिहास रचने का मौका रहेगा।
अफगानिस्तान ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर पहली बार हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस का खिताब जीत लिया। हॉन्गकॉन्ग में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 6 ओवर में 115 रन बनाए। अफगानिस्तान ने 5.1 ओवर में 119/2 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया। इमरान मीर ने 14 गेंदों पर नाबाद 53 और फरमानुल्लाह सफी ने 7 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। इमरान ने 7 छक्के लगाए इमरान ने 7 छक्के लगाए, जबकि फरमानुल्लाह ने 4 छक्के जड़े। दोनों ने नाबाद साझेदारी कर अफगानिस्तान को 4 विकेट से जीत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ब्रायंट ने 14 गेंद पर 44 रन बनाए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 6 ओवर में 115 रन बनाए। मैक्स ब्रायंट ने 14 गेंदों पर 44 रन की पारी खेली। निक हॉबसन ने 8 गेंदों पर 23 और एलेक्स रॉस ने 10 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाए। अफगानिस्तान की ओर से नांगेलिया खान और करीम जनत ने 1-1 विकेट लिया। इमरान मीर और सफी ने दिलाई जीत 116 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने 5.1 ओवर में 2 विकेट पर 119 रन बनाकर जीत हासिल की। इमरान मीर ने 14 गेंदों पर नाबाद 53 और फरमानुल्लाह सफी ने 7 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। दोनों ने मिलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। टूर्नामेंट का 22वां सीजन हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस 2026 टूर्नामेंट का 22वां सीजन था। यह 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक हॉन्गकॉन्ग के मोंग कोक के मिशन रोड ग्राउंड पर खेला गया। तीन दिन के इस टूर्नामेंट में 12 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया। -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ईशान साल में सबसे ज्यादा टी-20 रन बनाने वाले भारतीय:अर्शदीप पावरप्ले के हाईएस्ट विकेट टेकर; तिलक नो-बॉल पर कैच हुए न्यूजीलैंड ने पांचवे टी-20 मैच में भारत को 7 विकेट से हरा दिया। हैमिल्टन में ईशान किशन एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
आयरलैंड को 5 विकेट से मात देकर नामीबिया ने रचा इतिहास, पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ पहली सीरीज जीती
विंडहोक, 1 नवंबर (आईएएनएस)। नामीबिया ने आयरलैंड के खिलाफ रविवार को नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए वनडे सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच को 5 विकेट से जीता। इसी के साथ नामीबिया ने सीरीज 3-2 से अपने नाम की। ऐसा पहली बार था, जब नामीबिया ने किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ सीरीज जीती।
न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का ऐतिहासिक कारनामा, T20I सीरीज जीतने की लगाई हैट्रिक
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को पांच मैचों की T20I सीरीज में 3-2 से हराकर उसकी धरती पर लगातार तीसरी द्विपक्षीय T20 सीरीज जीतने का बड़ा कारनामा कर दिया।
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 मुकाबले में 7 विकेट से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में टीम इंडिया की गेंदबाजी एकबार फिर से निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए नजर आई तो वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर का मैच का बाद बड़ा बयान भी सामने आया।
न्यूजीलैंड ने पांचवे टी-20 मैच में भारत को 7 विकेट से हरा दिया। हैमिल्टन में ईशान किशन एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। वहीं तिलक वर्मा नो-बॉल की वजह से कैच हो गए। टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. ईशान ने इस साल 1220 टी-20 रन बनाए ईशान किशन ने इस साल टी-20 इंटरनेशनल में 1220 रन बनाए हैं। उन्होंने सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा। सूर्या ने 2022 में 1164 रन बनाए थे। 2. ईशान ने 1345 गेंद पर 2 हजार टी-20 रन पूरे किए ईशान किशन ने 32 गेंद पर 61 रन की पारी खेली। वे 2 हजार टी-20 रन बनाने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय बने। उन्होंने इसके लिए 1345 गेंद खेली। पहले स्थान पर अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने 1024 गेंद पर यह मुकाम हासिल किया था। 3. अर्शदीप पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टी-20 इंटरनेशनल में पावरप्ले के दौरान 65 विकेट लिए हैं। वे फुल मेंबर टीमों के गेंदबाजों में पहले 6 ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में पहले नंबर पर पहुंच गए। न्यूजीलैंड के टिम साउदी के नाम भी 65 विकेट हैं, लेकिन उन्होंने ये विकेट अर्शदीप सिंह से ज्यादा पारियों में लिए हैं। 4. सैंटनर न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा टी-20 मैच खेलने वाले खिलाड़ी मिचेल सैंटनर ने न्यूजीलैंड के लिए 143 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। वे इस फॉर्मेट में न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। ईश सोढ़ी 142 मैच के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 5. फिलिप्स बाइलेटरल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने इस 5 मैचों की सीरीज में 341 रन बनाए। वे बाइलेटरल टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के फिल सॉल्ट का रिकॉर्ड तोड़ा। सॉल्ट ने 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 331 रन बनाए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. कैच लेने के बाद फिन एलन का पैर बाउंड्री से टकराया छठे ओवर में ईशान किशन आउट होने से बच गए। सैंटनर के ओवर की पहली गेंद पर ईशान ने लॉन्ग-ऑन की तरफ शॉट खेला। फिन एलन ने बाउंड्री पर कैच पकड़ने के बाद गेंद हवा में उछाल दी और फिर कैच पकड़ लिया। हालांकि थर्ड अंपायर ने रिप्ले में देखा कि जब गेंद हाथ में था, तब उनका दायां पैर बाउंड्री के बाहर जमीन पर था। इसके बाद ईशान को 6 रन मिले। 2. तिलक को जीवनदान नाथन स्मिथ के 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर तिलक वर्मा का कैच लपका गया। फिन एलन ने बैकवर्ड पॉइंट पर दाईं ओर डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ा, लेकिन अंपायर ने इसे नो-बॉल दे दिया। स्मिथ का पैर क्रीज से बाहर था। इस तरह तिलक को जीवनदान मिला और अगली गेंद पर फ्री-हिट मिली। 3. अभिषेक ने डाइव लगाकर मिचेल का बेहतरीन कैच पकड़ा वरुण चक्रवर्ती के 9वें ओवर में अभिषेक ने शानदार कैच लपका। ओवर की तीसरी गेंद पर डेरिल मिचेल ने स्लॉट में मिली फुल लेंथ गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। हालांकि गेंद लॉन्ग-ऑफ की ओर गई, जहां अभिषेक खड़े थे। उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ा। मिचेल 16 गेंद पर 29 रन बनाकर आउट हुए। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया:साइफर्ट ने 93 रन बनाए; श्रेयस-ईशान की फिफ्टी बेकार, टीम इंडिया ने सीरीज 3-2 से जीती भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवां टी-20 मुकाबला 7 विकेट से हार गई है। हालांकि टीम इंडिया ने सीरीज 3-2 से अपने नाम की। हैमिल्टन में कीवी टीम ने 192 रन का टारगेट 3 विकेट खोकर 18 ओवर में चेज कर लिया। पूरी खबर पढ़ें…
टीम इंडिया ने रचा इतिहास, एक कैलेंडर ईयर में ठोक दिए 400 T20I सिक्स, दुनिया की पहली टीम बनी
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर T20I सीरीज के 5वें और आखिरी मुकाबले के दौरान नया इतिहास रच दिया। टीम इंडिया एक कैलेंडर ईयर में 400 T20I छक्के लगाने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है।
हांगकांग सुपर सिक्सेस टूर्नामेंट 2026 के फाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की टीम का आमना-सामना हुआ जिसको अफगान टीम 4 विकेट से अपने नाम करने के साथ पहली बार ट्रॉफी को जीतने के साथ इतिहास रचने में कामयाब रही।
हार्दिक पंड्या : बेसबॉल बैट से जीती प्राइज मनी दान की
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या इंजरी की वजह से क्रिकेट से दूर हैं, लेकिन किसी न किसी वजह से वो चर्चा में बने रहते हैं। हार्दिक अब अपना क्रिकेट बैट बदलकर बेसबॉल बैट से बड़ी इनामी राशी जीतने की वजह से चर्चा में हैं।
मिशेल सेंटनर : न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा टी20 खेलने वाले खिलाड़ी बने
हैमिल्टन, न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कप्तान मिशेल सेंटनर ने रविवार को भारत के खिलाफ हैमिल्टन में खेले जा रहे पांचवें टी20 मुकाबले में अपने देश के लिए सबसे ज्यादा टी20 मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
एडम मिल्ने का कमाल, पांचवें टी20 में झटके 4 विकेट, नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि
हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 191 रन बनाए हैं। न्यूजीलैंड की ओर से गेंदबाज में एडम मिल्ने का प्रदर्शन शानदार रहा।
पांचवें T20I में New Zealand के खिलाफ भारत ने बनाए 8 विकेट पर 191 रन
हैमिल्टन, एक नवंबर कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर फॉर्म में वापसी की, लेकिन तेज गेंदबाज एडम मिल्ने की अगुवाई में न्यूजीलैंड ने रविवार को यहां खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत को आठ विकेट पर 191 रन ही बनाने दिए। भारत ने श्रृंखला में 3-1 की अजेय बढ़त बना रखी है। उसकी पारी तीन चरणों में गुजरी। उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन बीच के ओवरों में उसने तेजी से रन बनाए और डेथ ओवरों में फिर से कुछ खास नहीं कर पाए। अय्यर (23 गेंद पर 50) और किशन (32 गेंद पर 61) ने सात से कुछ अधिक ओवर में 107 रन की साझेदारी की। पिच से तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल रही थी, लेकिन अय्यर और किशन इससे बिल्कुल भी परेशान नहीं दिखे। किशन ने थोड़ी धीमी शुरुआत की और पहली 11 गेंदों में केवल 13 रन बनाए, लेकिन एक बार लय में आने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ की गेंद पर लॉन्गऑफ पर चौका और ब्लेयर टिकनर की गेंद पर प्वाइंट के ऊपर से छक्का जड़कर उन्होंने अपना आक्रामक रवैया दिखाया। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में अपना पहला शतक लगाने के बाद अय्यर कुछ खास नहीं कर पाए थे। उन्होंने स्मिथ की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और इसके बाद भी कुछ दर्शनीय शॉट लगाए। उन्होंने ऑफ स्पिनर माइकल ब्रैसवेल पर लगातार 6, 4, 6 रन बनाए। इसमें आखिरी छक्का 100 मीटर की दूरी तक गया। किशन ने ब्रेसवेल की गेंद पर छक्का लगाकर 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि 40 रन पर जीवनदान पाने वाले अय्यर ने भी जल्द ही उनका अनुसरण करते हुए स्मिथ की गेंद पर चौका लगाकर 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। लेकिन न्यूजीलैंड ने ठीक उसी समय वापसी की और टिकनर ने 11वें ओवर में किशन को स्मिथ के हाथों कैच करा दिया। इसके अगले ओवर में स्मिथ ने अय्यर को आउट किया। उन्होंने पुल करने के प्रयास में विकेटकीपर टिम सीफर्ट को कैच दिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई क्योंकि तिलक वर्मा (06), नमन धीर (33) और नीतीश कुमार रेड्डी (22) बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। मिल्ने ने शानदार गेंदबाजी का नजारा पेश करके 19 रन देकर चार विकेट लिए जबकि स्मिथ और टिकनर ने दो-दो विकेट हासिल किए। लगातार विकेट गिरने के कारण भारत 14वें और 20वें ओवर के बीच केवल 57 रन ही बना सका। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने महज 19 रन पर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के विकेट गंवा दिए थे। इन दोनों को मिल्ने ने पवेलियन की राह दिखाई।
ओलंपिक में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय पहलवान: योगेश्वर दत्त
नई दिल्ली, भारतीय कुश्ती ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना दबदबा दिखाया है।
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं खिला रहे हैं गौतम गंभीर?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवें टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर ने साफ कहा कि उनका काम हर किसी को खुश करना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसला लेना है।
चेन्नई ओपन WTA 250: 14 वर्षीय Jensi Kanabar ने वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को दी कड़ी टक्कर
चेन्नई, एक नवंबर जब वह जूनागढ़ से लगभग 2,000 किलोमीटर की यात्रा करके चेन्नई पहुंचीं, तब उनका नाम मूल क्वालीफाइंग सूची में भी नहीं था, लेकिन 14 वर्षीय जेन्सी कनाबर ने मौका मिलने पर रविवार को यहां डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जेन्सी ने पांचवीं वरीयता प्राप्त वेरोनिका फाल्कोव्स्का को तीन सेटों तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भारत की श्रीवल्ली भामिदिपति के सीधे क्वालीफाइंग ड्रॉ में प्रवेश करने के बाद जेन्सी को देर से वाइल्ड कार्ड मिला था। उन्होंने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया। उन्होंने पोलैंड की विश्व रैंकिंग में 287वें नंबर की खिलाड़ी वेरोनिका के खिलाफ दूसरा सेट जीत लिया और निर्णायक सेट में उनके सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में 2-6, 7-5, 6-3 से हार गई। जेन्सी ने कहा, ‘‘उनके पास मुझसे ज्यादा अनुभव है, इसलिए वे कुछ अलग कर सकते हैं। वे तेज या धीमी गति से खेल सकते हैं, मैच की स्थिति बदल सकते हैं। मैंने आज यही सीखा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। अगली बार मैं निश्चित तौर पर इससे बेहतर प्रदर्शन करूंगी।’’
गौतम गंभीर : लोकप्रिय फैसला लेना बहुत आसान होता है
हैमिल्टन, भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम के साथ उनका काम सबको खुश करना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी टी20 टीम को संभालते समय वह लोकप्रिय फैसले लेने के बजाय सही निर्णय लेने पर ध्यान देते हैं।
सबको खुश करने नहीं बल्कि सही निर्णय लेने के लिए यहां हूं: Gautam Gambhir
हैमिल्टन, एक नवंबर भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि उनका काम सबको खुश करना नहीं है और लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेना है। भारत के पास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को खास मौके नहीं मिल रहे हैं क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले आधिकारिक प्रसारक से कहा, ‘‘पहली बात तो यह है कि मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले। इसी के लिए मैं यहां हूं।’’उन्होंने कहा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना भी ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। गंभीर ने कहा, ‘‘लोकप्रिय फैसला करना बहुत आसान होता है लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण बात सही फैसले करना और यह सुनिश्चित करना है कि ड्रेसिंग रूम में पर्याप्त सुरक्षा हो।’’उन्होंने कहा, ‘‘जैसा आपने कहा कि टीम के पास बहुत प्रतिभा है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं वे निश्चित रूप से अधिक अवसर के हकदार हैं। इस श्रृंखला में हम यही दृष्टिकोण अपना रहे हैं।’’भारत ने पहले तीन मैच जीतकर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला अपने नाम कर ली है। गंभीर से पूछा गया कि श्रृंखला का परिणाम पहले ही तय हो जाने के बाद वह खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप देश के लिए खेल रहे होते हैं तो किसी तरह की आत्मसंतुष्टि नहीं होती है। हर कोई जानता है कि कुछ भाग्यशाली खिलाड़ियों को देश की तरफ से खेलने का मौका मिलता है। मेरा मानना है कि हर मैच कुछ अलग करने, कुछ सीखने और खुद को बेहतर बनाने का मौका होता है।’’भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम व्यस्त कार्यक्रम के बाद न्यूजीलैंड पहुंची है। उसने हाल में अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाएं खेलने के साथ एशियाई खेलों में भी भाग लिया था। गंभीर ने कहा, ‘‘हमें बहुत ही कम समय मिला। हमने 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम मैच खेला और 18 अक्टूबर को हमने यहां के लिए उड़ान भर दी। हम केवल एक सत्र में ही अभ्यास कर पाए। खिलाड़ियों ने जिस तरह से परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, वह काबिलेतारीफ है।’’
न्यूजीलैंड पहुंचते ही विराट कोहली ने संभाला मोर्चा, रोहित-गिल के साथ ईडन पार्क में बहाया पसीना
विराट कोहली शुक्रवार सुबह मुंबई से दुबई होते हुए ऑकलैंड पहुंचे। लंबी हवाई यात्रा के बाद आमतौर पर खिलाड़ी होटल जाकर आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन कोहली ने इसके बजाय सीधे ईडन पार्क पहुंचने का फैसला किया। ऑकलैंड पहुंचने के महज तीन घंटे के भीतर ही वह अभ्यास के लिए मैदान पर उतर गए।
जींद, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने युगांडा को हराकर ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीता था। हरियाणा के जींद की रहने वाली साक्षी शर्मा स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम की सदस्य थीं। साक्षी की सफलता पर उनके घर और गांव में जश्न का माहौल है।
वरुण चक्रवर्ती : टी20 मैचों का 'अर्धशतक'
हैमिल्टन, भारत और न्यूजीलैंड के बीच हैमिल्टन में रविवार को पांचवां टी20 मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच की प्लेइंग इलेवन में वरुण चक्रवर्ती को जगह मिली है। वरुण का इस टूर पर यह पहला मैच है और उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का 50वां मैच है।
Virat Kohli की सादगी और लगन के मुरीद हुए Jacob Duffy, वनडे सीरीज में टक्कर को तैयार
ऑकलैंड, एक नवंबर न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आसीबी) में विराट कोहली के साथ बिताए समय के दौरान उनकी विनम्रता और खेल के प्रति लगन से काफी प्रभावित हैं और उन्होंने कहा कि स्टार खिलाड़ी होने के बावजूद वह बेहद सरल व्यक्ति हैं और आगामी वनडे श्रृंखला में उनका सामना करना शानदार होगा। आईपीएल में डफी और कोहली एक ही टीम आरसीबी के लिए खेलते हैं और इन दोनों ने इस साल उसे लगातार दूसरा खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। क्रिकइन्फो के अनुसार डफी ने कहा, ‘‘मुझे कल उनसे मिलने का मौका मिला। वह जिम में थे, इसलिए उनसे वहां अचानक मिलना अच्छा लगा। उनका व्यवहार मेरे प्रति बहुत शानदार था।’’डफी ने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान ने अपने देश में सुपरस्टार होने के बावजूद विदेशी खिलाड़ियों को सहज महसूस कराने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘वह अपने देश में सुपरस्टार हैं और इसे देखते हुए उनका इतना विनम्र होना और आरसीबी में हम सभी विदेशी खिलाड़ियों का स्वागत करना बहुत अच्छा था। इसके लिए मैं उनका बहुत आभारी हूं। अब जबकि मैं उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुका हूं तो उनके खिलाफ खेलना शानदार होगा।’’भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे श्रृंखला चार नवंबर से ऑकलैंड में शुरू होगी। आरसीबी की तरफ से नेट सत्र के दौरान डफी ने अक्सर कोहली को गेंदबाजी की। वह उनके जोश और जज्बे से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘काम के प्रति उनकी लगन अद्भुत है। मैंने नेट में उनके खिलाफ काफी गेंदबाजी की है क्योंकि वह हमेशा नेट पर अभ्यास करने वाले पहले बल्लेबाज होते थे और मैं पहला गेंदबाज। हमने नेट में एक-दूसरे के सामने काफी समय बिताया है, जो काफी अच्छा है। वह भी मेरे खेल के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं और इसलिए उन्होंने बेहतर तैयारी की होगी।’’भारत के खिलाफ दूसरे और तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जमकर रन लुटाने के बाद डफी ने चौथे मैच में चार विकेट लेकर शानदार वापसी की। न्यूजीलैंड ने यह मैच 87 रन से जीता।
मिचेल सैंटनर ने रचा इतिहास, बने न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा T20I मैच खेलने वाले खिलाड़ी
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इतिहास रच दिया है। वह न्यूजीलैंड के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ईश सोढ़ी का रिकॉर्ड तोड़ा है।
टेस्ट : भारत के 346 के जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 3 विकेट पर 218 रन बनाए
क्राइस्टचर्च, भारत ए के खिलाफ हेग्ले ओवल में खेले जा रहे दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट के तीसरे दिन की समाप्ति के समय न्यूजीलैंड ए ने 3 विकेट पर 218 रन बना लिए थे।
वरुण चक्रवर्ती ने लगाया टी20 मैचों का 'अर्धशतक'
हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हैमिल्टन में रविवार को पांचवां टी20 मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच की प्लेइंग इलेवन में वरुण चक्रवर्ती को जगह मिली है। वरुण का इस टूर पर यह पहला मैच है और उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का 50वां मैच है।
चेन्नई ओपन में Vaishnavi, Sahaja और माया को मिला वाइल्ड कार्ड प्रवेश
(अमनप्रीत सिंह)चेन्नई, एक नवंबर डब्ल्यूटीए के मुख्य टूर कैलेंडर से भारत की मेजबानी छिनने की आशंका के बीच सोमवार से यहां शुरू होने वाले चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में वैष्णवी अडकर, सहजा यमलापल्ली और माया राजेश्वरन रेवती के पास अपने घरेलू मैदान पर छाप छोड़ने का आखिरी मौका होगा। इन तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने वाइल्ड कार्ड से टूर्नामेंट के एकल के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश किया है और वह इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे क्योंकि उन्हें पता है कि यह टूर्नामेंट देश में डब्ल्यूटीए 250 स्तर का अंतिम टूर्नामेंट है। विश्व रैंकिंग में शीर्ष 300 से बाहर चल रही इन तीनों खिलाड़ियों के लिए डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश पाना अभी दूर की कौड़ी है। घरेलू टूर्नामेंट होने के कारण उन्हें वाइल्ड कार्ड से अपना कौशल दिखाने का मौका मिला है। उन्हें हालांकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का डटकर सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 334) और सहजा (369) ने सत्र का अधिकतरसमय आईटीएफ सर्किट में बिताया है। यह प्रतियोगिता डब्ल्यूटीए टूर से एक पायदान नीचे है। वैष्णवी के 2026 के अभियान में मार्च में ट्यूनीशिया के मोनास्टिर में डब्ल्यू35 प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचना, अगस्त में डब्ल्यू15 तियानजिन टूर्नामेंट में सेमीफाइनल में जगह बनाना और सितंबर में डब्ल्यू50 गुइयांग प्रतियोगिता में अंतिम 16 में पहुंचना शामिल है, लेकिन वह आईटीएफ के शीर्ष स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार संघर्ष करती रही हैं। सहजा को डब्ल्यूटीए 125 स्तर पर खुद को परखने के अवसर मिले हैं, लेकिन वहां प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं। सत्रह वर्षीय माया विश्व रैंकिंग में शीर्ष 500 खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं है। माया ने हाल ही में डब्ल्यू35 लागोस टूर्नामेंट में अपना पहला पेशेवर एकल खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने फाइनल में स्पेन की सेलिया सेर्विनो रुइज़ को 6-4, 6-2 से हराया और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया। उन्होंने लागोस में युगल खिताब भी जीता। चेन्नई ओपन के पिछले दो टूर्नामेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाया और इस बार उनका लक्ष्य इससे आगे बढ़ना होगा। वैष्णवी ब्रिटेन की जोडी बुरेज (विश्व रैंकिंग 471) के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि सहजा स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टरट (128) का सामना करेंगी। माया का मुकाबला पोलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 106वें स्थान पर कातारजीना कावा से होगा। पिछले कुछ दिनों में कई खिलाड़ियों के नाम वापस लेने के बाद इस प्रतियोगिता की चमक फीकी पड़ गई है। टूर्नामेंट से हटने वालों में थाईलैंड की विश्व में 57वें नंबर की खिलाड़ी लैनलाना तारारुदी, कजाकिस्तान की विश्व में 67वें नंबर की खिलाड़ी यूलिया पुतिनत्सेवा और जर्मनी की विश्व में 70वें नंबर की खिलाड़ी तात्याना मारिया शामिल हैं। मारिया विंबलडन की पूर्व सेमीफाइनलिस्ट रह चुकी हैं। इस तरह से कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के भाग नहीं लेने से मौजूदा चैंपियन जेनिस ट्जेन के लिए अपने खिताब का बचाव करना कुछ आसान हो गया है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवां टी20 मैच हैमिलटन में खेला जा रहा है। इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। भारतीय टीम ने प्लेइंग XI में दो बदलाव किए हैं।
टी20 : न्यूजीलैंड ने टॉस जीत चुनी गेंदबाजी
हैमिल्टन, भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला सेडॉन पार्क में खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है।
हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला सेडॉन पार्क में खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच में खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला जा रहा है, जिसमें न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।
RCB के साथी से अब मैदान पर मुकाबला! विराट कोहली के खिलाफ खेलने को लेकर क्या बोले जैकब डफी?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच में 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें सभी की नजरें जहां विराट कोहली पर रहने वाली हैं तो वहीं उनके खिलाफ पहली बार खेलने को लेकर कीवी तेज गेंदबाज जैकब डफी का बयान सामने आया है, जो आईपीएल में आरसीबी का ही हिस्सा हैं।
Senegal में Youth Olympic Games का आगाज, पहली बार अफ्रीकी जमीन पर महाकुंभ
डकार (सेनेगल), एक नवंबर (एपी) सेनेगल और अफ्रीकी संस्कृति से सरोबार युवा ओलंपिक खेलों का यहां रंगारंग उद्घाटन किया गया। यह पहला अवसर है जबकि अफ्रीका महाद्वीप में किसी ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सेनेगल की राजधानी डकार के पास स्थित डायम्नियाडियो ओलंपिक स्टेडियम में शनिवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में हजारों दर्शकों ने भाग लिया। सैकड़ों ढोल वादकों और नर्तकों ने खेलों के आदर्श वाक्य, ‘अफ्रीका स्वागत करता है, डकार जश्न मनाता है’ की तर्ज पर सेनेगल और अफ्रीकी संस्कृति की शानदार झलक पेश की। उद्घाटन समारोह में पश्चिम अफ्रीका का मौखिक कथावाचन, सेनेगल के गायकों के संगीत कार्यक्रम और खिलाड़ियों की परेड देखने को मिली। समारोह का आकर्षण पीले, काले और सफेद रंग के सेनेगल के पारंपरिक गाउन पहने कलाकारों का एक साथ नृत्य करते हुए अफ्रीका का विशाल मानचित्र बनाना था। सेनेगल के राष्ट्रपति बस्सिरौ डियोमाये फेय ने खेलों की शुरुआत की घोषणा की। युवा ओलंपिक खेल 13 नवंबर तक डकार, पास के शहर डियाम्नियाडियो और समुद्र तट रिसॉर्ट सैली में आयोजित किए जाएंगे जिसमें 14 से 17 वर्ष तक की उम्र के लगभग 2700 खिलाड़ी भाग लेंगे। यूक्रेन पर 2022 में हमला करने के बाद यह पहला अवसर है जबकि रूस के खिलाड़ी अपने ध्वज तले किसी बड़ी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। रूस के 13 खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। युवा ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली शरणार्थी टीम में कीनिया और युगांडा में रहने वाले छह खिलाड़ी शामिल हैं जोट्रैक एवं फील्ड, जूडो और ताइक्वांडो में भाग लेंगे। खिलाड़ी कुल मिलाकर 25 खेलों में 153 पदक स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सिंगापुर ने 2010 में पहले ग्रीष्मकालीन युवा खेलों की मेजबानी की थी। डकार को मूल रूप से 2022 में खेलों की मेजबानी करनी थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इन खेलों को स्थगित कर दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘यह सेनेगल, अफ्रीका और हमारे पूरे ओलंपिक परिवार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।’’जिम्बाब्वे की पूर्व ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता तैराक कोवेंट्री पिछले साल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पहली महिला और अफ्रीकी अध्यक्ष बनी थी।
दक्षिण अफ्रीका : 2-1 से सीरीज हारने के बाद टीम में बदलाव पर सोचना होगा
नई दिल्ली, केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 176 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज भी 2-1 से गंवा दी। ऑस्ट्रेलिया कप्तान पैट कमिंस ने इन निराशाजनक सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में संभावित बदलाव का संकेत दिया है।
पाकिस्तान को विजेता बनाने के बाद फखर जमान बोले- 'खुशकिस्मत हूं कि फाइनल में रन बना पाया'
नई दिल्ली, पाकिस्तान के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज फखर जमान को बड़े मैचों का खिलाड़ी माना जाता है। इस बात को शनिवार को गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के फाइनल में उन्होंने एक बार फिर साबित किया और शतकीय पारी खेलते हुए पाकिस्तान को जीत दिलायी। फखर को उनकी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
हांगकांग : तीन हार के बाद जीती टीम इंडिया
मोंग कोक, हांगकांग सिक्सेस में लगातार तीन हार झेलने के बाद भारतीय टीम को आखिरकार पहली जीत मिल गई है। मिशन रोड ग्राउंड में रविवार को खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को आखिरी गेंद पर 5 विकेट से हराया।
हायलो ओपन: सिंधू और लक्ष्य सेन फाइनल में पहुंचे, लगातार दूसरे सप्ताह खिताब जीतने का मौका
भारत की पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने हायलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। सिंधू ने हमवतन अनमोल खरब को, जबकि लक्ष्य ने फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को सीधे गेम में हराया।
Manisha Bhanwala ने रचा इतिहास, विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता पहला महिला स्वर्ण पदक
(संस्कृति गौबा)नयी दिल्ली, एक नवंबर भारत की पहली महिला सीनियर विश्व चैंपियन पहलवान मनीषा भानवाला ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक से चूकने की निराशा ने उन्हें विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने के लिए प्रेरित किया। मनीषा ने कजाकिस्तान के अस्ताना में विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला पहलवान हैं। मनीषा और पदक जीतने वाले अन्य भारतीय खिलाड़ियों का शनिवार को यहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। मनीषा ने कहा कि एशियाई खेलों की हार निराशाजनक थी लेकिन उनके पास इसके बारे में सोचने के लिए ज्यादा समय नहीं था क्योंकि विश्व चैंपियनशिप केवल 10 दिन बाद होने वाली थी। उन्होंने पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह साल मेरे लिए काफी मुश्किल रहा। इस साल एशियाई खेल थे और मेरे लिए वह बेहद महत्वपूर्ण थे इसलिए मैं थोड़ा परेशान थी। इसके बाद मैं वहां किसी कारणवश पदक नहीं जीत पाई।’’मनीषा ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पदक नहीं जीतने से मुझे बहुत निराशा हुई लेकिन मैं विश्व चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध थी। मेरे पास इसके लिए 10 दिन का समय था और मैंने कड़ा अभ्यास किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कहीं न कहीं यह आभास था कि इस बार इतिहास रच सकती हूं और मैंने ऐसा कर दिखाया। भारतीय कुश्ती महासंघ ने भी मेरा समर्थन किया है और आगे भी करता रहेगा।’’इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने यह भी खुलासा किया कि फाइनल में उनकी प्रतिद्वंदी के आक्रामक रवैये ने आखिर में उन्हें फायदा पहुंचाया। मनीषा ने 0-6 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए अमेरिकी खिलाड़ी अबीगैल नेट को 8-6 से हराया। उन्होंने कहा कि नेट की शुरुआती आक्रामकता ने उन्हें मुकाबले का रुख पलटने का मौका दिया, जिसका उन्होंने फायदा उठाते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की। अपने करियर के दौरान कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी मनीषा ने कहा कि उन्होंने ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए 57 किलोग्राम वर्ग में हाथ आजमाने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम सीनियर खिलाड़ी बनते हैं तो हमारा अनुभव भी उसी अनुसार बढ़ता जाता है। जूनियर वर्ग में मैं पहले 65 किलो वर्ग में भाग लेती थी। फिर मुझे अहसास हुआ कि मुझे 62 किलो वर्ग में खेलना चाहिए। इसके बाद मुझे लगा कि मैं ओलंपिक में इतिहास रच सकती हूं, इसलिए मैंने 57 किलो वर्ग चुना।’’इस बीच महिलाओं की 72 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली तनु शर्मा ने कहा कि उनका बचपन का सपना देश का प्रतिनिधित्व करना था। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व चैंपियन बनना मेरा सपना है। लेकिन जब मैं छोटी थी, तब मेरा सिर्फ एक ही सपना था, अपनी जर्सी के पीछे ‘इंडिया’ लिखा देखना, देश का प्रतिनिधित्व करना। जब मैं सीनियर खिलाड़ियों को देखती थी, तो सोचती थी कि क्या कभी मैं यहां तक पहुंच पाऊंगी।’’दूसरी तरफ महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली नीलम सिरोही ने कहा कि वह कड़ी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही। नीलम ने कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने इस पदक के लिए पिछले कई वर्षों से कड़ा अभ्यास किया। मैं 2022 से विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हूं, लेकिन पदक नहीं जीत का रही थी। मेरे माता-पिता, मेरे कोच और मेरे फूफा जी हमेशा मुझसे कहते थे कि मैं विश्व चैंपियन बन सकती हूं और अब मैंने इसे साबित कर दिया है।’’
टेम्बा बावुमा ने बनाया नया रिकॉर्ड, पैट कमिंस के लिए बने काल, रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे
टेंबा बावुमा ने पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को 2-1 से टेस्ट सीरीज में हरा दिया। साउथ अफ्रीका के कप्तान अब पैट कमिंस को सबसे ज्यादा बार टेस्ट में हराने वाले कप्तान बन गए हैं।
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत न्यूजीलैंड-A के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के आखिरी अनऑफिशियल टेस्ट में नहीं खेलेंगे। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले ट्रेनिंग शुरू कर दी है, लेकिन 7 से 10 नवंबर तक लिंकन में होने वाले मुकाबले से बाहर रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंत ईरानी कप फाइनल के दौरान लगी चोट से उबर रहे हैं। रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलते समय उनकी बाईं तरफ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। इसी वजह से वे न्यूजीलैंड-A के खिलाफ शुरुआती दो अनऑफिशियल टेस्ट भी नहीं खेल सके। माना जा रहा था कि पंत तीसरे मैच में उतरकर सीनियर टीम की टेस्ट सीरीज से पहले मैच प्रैक्टिस हासिल कर सकते हैं। हालांकि, अब यह साफ हो गया है कि वे इस मुकाबले में नहीं खेलेंगे। लिंकन में 7 से 10 नवंबर तक खेला जाएगा तीसरा टेस्ट भारत-A और न्यूजीलैंड-A के बीच तीन मैचों की सीरीज का आखिरी अनऑफिशियल टेस्ट 7 से 10 नवंबर तक लिंकन में खेला जाएगा। पंत की गैरमौजूदगी में भारत-A की टीम अपने मौजूदा खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरेगी। 19 नवंबर से वेलिंगटन टेस्ट में खेलने पर सस्पेंस भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसका पहला मुकाबला 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होगा। पंत के तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट से बाहर रहने के बाद अब उनके सीधे पहले टेस्ट में खेलने पर सवाल उठ रहे हैं। टीम मैनेजमेंट के सामने पंत को सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल करने या ध्रुव जुरेल को विशेषज्ञ विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मौका देने का विकल्प होगा। ध्रुव जुरेल ने शतक लगाकर मजबूत की दावेदारी ध्रुव जुरेल ने न्यूजीलैंड-A के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट की पहली पारी में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। अगर पंत पहले टेस्ट तक पूरी तरह मैच फिट नहीं होते हैं, तो जुरेल को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला पंत की फिटनेस और टीम मैनेजमेंट के आकलन पर निर्भर करेगा। साइड स्ट्रेन से उबर रहे हैं पंत पंत अक्टूबर के पहले सप्ताह में ईरानी कप के दौरान चोटिल हुए थे। उस मैच में वह रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी कर रहे थे और उनकी टीम ने जम्मू-कश्मीर को हराकर खिताब जीता था। साइड स्ट्रेन यानी शरीर के किनारे की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पंत दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी का शुरुआती मैच और न्यूजीलैंड A के खिलाफ पहले दो अनौपचारिक टेस्ट नहीं खेल पाए। पंत ने अब हल्की ट्रेनिंग और बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है, लेकिन विकेटकीपिंग का अभ्यास अभी शुरू नहीं किया है। यही कारण है कि उनकी उपलब्धता पर मेडिकल टीम की मंजूरी जरूरी है। बल्लेबाजी के लिए तैयार होना और विकेटकीपिंग के दौरान लगातार झुकना, उठना तथा तेजी से मूव करना दो अलग तरह की शारीरिक चुनौतियां हैं। इसलिए केवल नेट्स में बल्लेबाजी करने के आधार पर उन्हें पूरी तरह फिट नहीं माना जा सकता। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़े… इंडिया ए ने पहली पारी में 346 रन बनाए:न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जुरेल का शतक, आकाशदीप ने फिफ्टी लगाई इंडिया ए ने क्राइस्टचर्च में चल रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहली पारी में 346 रन बनाए। कप्तान ध्रुव जुरेल ने 171 गेंद पर 105 रन की पारी खेली। जुरेल ने 4 घंटे 7 मिनट बल्लेबाजी की। ध्रुव की पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। पूरी खबर
फुटबॉल मैच के बाद स्टेडियम के बाहर गोलीबारी:एक की मौत, 2 की हालत गंभीर; एक हफ्ते में दूसरी घटना
अमेरिका के अलबामा राज्य के बर्मिंघम में शनिवार रात फुटबॉल मैच के बाद स्टेडियम में गोलीबारी हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। गोलीबारी लेजियन फील्ड स्टेडियम में स्थानीय समयानुसार रात करीब 7:50 बजे हुई। यह घटना मैजिक सिटी क्लासिक फुटबॉल मैच खत्म होने के कुछ देर बाद हुई। यह एक हफ्ते में फुटबॉल स्टेडियम के पास गोलीबारी की दूसरी घटना है। 6 दिन पहले फ्लोरिडा राज्य के तलहासी में 12 लोग घायल हुए थे। स्टेडियम में टेलगेटिंग रोकी, इलाका खाली करने के निर्देश दिए मैजिक सिटी क्लासिक सबसे बड़ा फुटबॉल मैच मैजिक सिटी क्लासिक मैच अमेरिका का सबसे बड़ा ऐतिहासिक रूप से अश्वेत कॉलेज और यूनिवर्सिटी (HBCU) फुटबॉल मैच है। यह सालाना मैच अलबामा AM यूनिवर्सिटी और अलबामा स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच खेला जाता है। इस बार मैच लेजियन फील्ड स्टेडियम में हुआ था। फुटबॉल मैच के दौरान मैदान पर कार घुसी थी 15 दिन पहले कंसास में एक फुटबॉल मैच के दौरान एक कार मैदान में घुस गई थी। इस हादसे में 6 साल के एक बच्चे समेत 2 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल हुए थे। विचिटा पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया था। अधिकारियों ने बताया था कि कार के अंदर 2 नाबालिग थे। हादसे के बाद कार घटनास्थल पर ही रही। पढ़ें पूरी खबर ------------------------------------------------------
ध्रुव जुरेल ने इंडिया ए के लिए खेली कप्तानी पारी, 105 रन बनाकर हुए आउट, आकाशदीप ने भी लगाई फिफ्टी
न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट मैच में इंडिया ए के कप्तान ध्रुव जुरेल दोनों पारियों में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं कर सके। अब दूसरे टेस्ट में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतक लगा दिया है।
पुष्पा राणा ने कहा कि सरकार की ओर से घोषित एक करोड़ रुपए का कैश अवार्ड मिलने पर वह मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार की आभारी हैं। उन्होंने कहा कि पहले घोषित 33 लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपए किया गया है। सरकार से मिल रहे सम्मान और प्यार के लिए उन्होंने पूरी टीम की ओर से धन्यवाद किया।
टेस्ट सीरीज हारने के बाद कप्तान पैट कमिंस का बड़ा बयान, भारत दौरे से पहले दिए बदलाव के संकेत
साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज 2-1 से हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टीम में बड़े बदलाव होने के संकेत दिए हैं। मार्नस लाबुशेन टीम से बाहर होने की कगार पर हैं, क्योंकि उनका प्रदर्शन हाल ही में बहुत खराब रहा है।
इंडिया ए ने पहली पारी में 346 रन बनाए:न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जुरेल का शतक, आकाशदीप ने फिफ्टी लगाई
इंडिया ए ने क्राइस्टचर्च में चल रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहली पारी में 346 रन बनाए। कप्तान ध्रुव जुरेल ने 171 गेंद पर 105 रन की पारी खेली। जुरेल ने 4 घंटे 7 मिनट बल्लेबाजी की। ध्रुव की पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इंडिया ए ने रविवार सुबह 291/7 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। उसने 55 रन बनाने में आखिरी 3 विकेट गंवा दिए। खबर लिखे जाने तक न्यूजीलैंड ने 3 विकेट पर 99 रन बना लिए हैं। जुरेल और आकाश दीप ने इंडिया को 300 पार पहुंचा एक समय इंडिया ए ने 137 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में धुव जुरेल ने 2 अहम साझेदारियां करके टीम को 300 पार पहुंचाया। जुरेल ने फर्स्ट क्लास करियर का 8वां शतक लगाया। जबकि, आकाश दीप ने 9वें नंबर पर 68 रन बनाकर अपना सबसे बड़ा फर्स्ट क्लास स्कोर बनाया। जुरेल ने 7वें विकेट के लिए मानव सुथार के साथ 97 गेंदों पर 62 रन जोड़े। फिर आकाश दीप के साथ 8वें विकेट के लिए बड़ी साझेदारी की। दोनों ने 142 गेंदों पर 75 रन जोड़े। पहले दिन पडिक्कल ने फिफ्टी लगाई मैच के पहले दिन ध्रुव जुरेल 99 रन पर नाबाद लौटे थे। जबकि, देवदत्त पडिक्कल ने 80 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। यशस्वी जायसवाल इस पारी में भी अपना खाता नहीं खोल सके। वे पहले ओवर में फ्रैजर शीट की चौथी गेंद पर आउट हो गए। --------------------------------------------
भारत ने अहमदाबाद में शनिवार (31 अक्टूबर) को पहले कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में डबल टाइटल जीत लिया। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 54-20 से हराकर पहला कॉमनवेल्थ चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए खिताब जीते। पुरुष टीम ने लगातार 8 मुकाबले जीते, जबकि महिला टीम ने सभी 6 मैच अपने नाम किए। पुरुष टीम ने श्रीलंका को 54-20 से हराया पुरुषों के फाइनल में एशियन चैंपियन भारत ने शुरुआत से ही श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। भारत के स्टार रेडर आदित्य शिंदे ने 14 रेड में 10 अंक हासिल कर सुपर 10 पूरा किया। इसमें 4 बोनस अंक भी शामिल रहे। भारत हुड्डा ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 रेड में 8 अंक जोड़े। वे पूरे मैच में एक बार भी टैकल नहीं हुए। पंकज मोहिते ने 6 और उप-कप्तान नवीन कुमार ने 5 अंक का योगदान दिया। डिफेंस में योगेश दहिया ने 5 टैकल अटेम्प्ट्स में 5 सफल टैकल कर हाई-5 लगाया। शुभम शिंदे, कप्तान सुरजीत सिंह, प्रवेश मलिक और दीपक शंकर ने भी 2-2 टैकल पॉइंट्स हासिल किए। भारत ने श्रीलंका को 4 बार ऑल-आउट किया भारतीय टीम ने मैच में 30 रेड और 14 टैकल पॉइंट्स हासिल किए। टीम ने श्रीलंका को 4 बार ऑल-आउट किया, जबकि खुद एक बार भी ऑल-आउट नहीं हुई। पहले हाफ में भारत ने 15-8 की बढ़त बनाई। इसके बाद टीम ने लगातार दबाव बनाते हुए हाफ-टाइम तक स्कोर 30-10 कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारत ने 24 अंक जुटाए, जबकि श्रीलंका 10 अंक ही बना सका। श्रीलंका की टीम ने पूरे मैच में 41 रेड में सिर्फ 7 सफल रेड कीं। उसके लिए मदुवंता ने सबसे ज्यादा 6 टैकल पॉइंट्स बनाए। श्रीलंका के रेडर्स भारतीय डिफेंस के सामने संघर्ष करते नजर आए। आदित्य बोले- अहमदाबाद के दर्शकों से मिला शानदार सपोर्ट मैच के बाद भारत के लिए सबसे ज्यादा अंक बनाने वाले आदित्य शिंदे ने कहा, लगातार ज्यादा टूर्नामेंट होने से अहमदाबाद के लोगों को भी फायदा हो रहा है। हमें यहां दर्शकों का बहुत अच्छा सपोर्ट मिला। उम्मीद है कि आने वाली प्रतियोगिताओं में भी लोग इसी तरह हमारा समर्थन करेंगे। जीत का जश्न बहुत बड़े स्तर पर मनाया जाएगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से हराकर जीता गोल्ड महिला फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन भारत ने कप्तान निधि शर्मा की अगुआई में युगांडा को 35-15 से हराया। भारत की ओर से साक्षी ने 10 रेड में 9 अंक हासिल किए। इसमें 2 बोनस अंक शामिल थे। उन्होंने पहले हाफ की सभी 6 रेड में अंक जुटाए। कप्तान निधि शर्मा ने 5 अंक बनाए, जिनमें 3 बोनस पॉइंट्स शामिल थे। अनु ने 6 रेड पॉइंट्स जोड़े। डिफेंस में रितु और सुमन ने 4-4 टैकल पॉइंट्स हासिल किए। युगांडा की ओर से नकायंगो शिराट ने सबसे ज्यादा 11 अंक बनाए। उन्होंने टीम की 35 रेड में से 24 रेड कीं, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। पहले हाफ में भारत ने बनाई 22-7 की बढ़त महिला फाइनल के पहले हाफ में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआत में भारत 7-3 से आगे था। इसके बाद टीम ने 15-4 के स्कोर से बढ़त को 22-7 कर दिया। पहले हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने एक भी रेड नहीं गंवाई। युगांडा के डिफेंडर्स अपने सभी 9 टैकल अटेम्प्ट्स में नाकाम रहे। दूसरे हाफ में युगांडा ने रेड पॉइंट्स में 7-6 की बढ़त बनाई, लेकिन भारत ने एक और ऑल-आउट कर मुकाबला 35-15 से जीत लिया। साक्षी बोलीं- इंटरनेशनल टूर्नामेंट से कबड्डी को फायदा होगा फाइनल की बेस्ट प्लेयर रहीं साक्षी ने कहा, टीम को गोल्ड मेडल जिताने में 9 रेड पॉइंट्स का योगदान देकर बहुत खुशी हो रही है। गोल्ड जीतने के बाद टीम का माहौल बहुत अच्छा है। इस तरह के इंटरनेशनल टूर्नामेंट कबड्डी के विकास के लिए जरूरी हैं। इससे युवा खिलाड़ियों को काफी अनुभव मिलेगा। मैं इतना शानदार टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए AKFI का धन्यवाद करती हूं। साक्षी ने पूरे टूर्नामेंट में 6 मैचों में 52 अंक बनाए। महिला टीम ने ग्रुप स्टेज में मलेशिया, सिंगापुर, युगांडा और नाइजीरिया को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में श्रीलंका को 39-14 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
फखर जमां ने शतक लगाकर की कुमार संगकारा की बराबरी, लिस्ट में विराट कोहली नंबर 1 पर
पाकिस्तान के बेहतरीन बल्लेबाज फखर जमां ने श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल मैच में शानदार शतक लगाकर कमाल कर दिया है। उन्होंने एक खास रिकॉर्ड लिस्ट में कुमार संगकारा की बराबरी कर ली है।
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन ने जर्मनी के सारब्रुकेन में खेले जा रहे 5 लाख डॉलर (करीब 4.4 करोड़ रुपए) इनामी हाइलो ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने शनिवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले सीधे गेम में जीते। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता सिंधु ने ऑल-इंडियन सेमीफाइनल में दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया। पिछले हफ्ते फ्रेंच ओपन में उपविजेता रहीं सिंधु लगातार दूसरे हफ्ते किसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। वहीं, पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन ने दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को 21-17, 21-13 से शिकस्त दी। अब रविवार को दोनों भारतीय खिलाड़ियों के पास खिताब जीतने का मौका होगा। सिंधु ने अनमोल को 21-13, 21-16 से हराया महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सिंधु का सामना भारत की 19 साल की अनमोल खरब से था। पहले गेम में अनमोल ने शुरुआत में 4-2 की बढ़त बनाई, लेकिन सिंधु ने आक्रामक खेल और सटीक नेट प्ले के दम पर वापसी की। ब्रेक तक सिंधु 11-9 से आगे थीं। ब्रेक के बाद सिंधु ने अपनी बढ़त 15-10 कर ली। इसके बाद उन्होंने 7 गेम प्वाइंट हासिल किए और अनमोल की रिटर्न बाहर जाने पर पहला गेम 21-13 से जीत लिया। दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक समय स्कोर 8-8 और फिर 13-13 से बराबर था। अनमोल ने लगातार अंक हासिल कर 15-13 की बढ़त बनाई, लेकिन सिंधु ने जल्द ही स्कोर 15-15 कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और चार मैच प्वाइंट हासिल किए। सिंधु ने सटीक रिटर्न लगाकर पहला ही मैच प्वाइंट भुनाया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। सिंधु बोलीं- विरोधी कोई भी हो, अपना 100% देना लक्ष्य था जीत के बाद सिंधु ने कहा, मैं अनमोल के खिलाफ काफी लंबे समय बाद खेल रही थी। सेमीफाइनल में दो भारतीय खिलाड़ियों का होना अच्छी बात है। विरोधी खिलाड़ी चाहे कोई भी हो या उसकी रैंकिंग कुछ भी हो, मेरा ध्यान सिर्फ अपने खेल पर 100% देने पर था। मुझे खुशी है कि मैं फाइनल में पहुंच गई हूं। उन्होंने आगे कहा, मैं खुश हूं कि पूरे मैच में बढ़त बनाए रखी और उसे लगातार बढ़ाते हुए दो गेम में मुकाबला खत्म किया। उम्मीद है कि रविवार को फाइनल में भी यही लय बरकरार रखूंगी। फाइनल में सिंधु का सामना डेनमार्क की 8वीं वरीयता प्राप्त लाइन हजमार्क क्यार्सफेल्ड से होगा। लक्ष्य सेन ने दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी पोपोव को हराया पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन ने फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को 21-17, 21-13 से हराया। पहला गेम शुरुआत में बराबरी का रहा। स्कोर 4-4 होने के बाद लक्ष्य ने 7-5 की बढ़त बनाई। उन्होंने इसे 10-6 तक पहुंचाया। ब्रेक तक भारतीय खिलाड़ी पांच अंक आगे थे। ब्रेक के बाद पोपोव ने वापसी की और स्कोर 15-17 कर दिया। हालांकि, लक्ष्य ने दबाव में भी बेहतर खेल दिखाया। उन्होंने चार गेम प्वाइंट हासिल किए और नेट पर सटीक शॉट लगाकर पहला गेम 21-17 से जीत लिया। दूसरे गेम में लक्ष्य ने 4-1 की बढ़त बनाई। पोपोव ने स्कोर 4-4 से बराबर किया, लेकिन लक्ष्य ने स्मैश के दम पर फिर बढ़त हासिल कर ली। ब्रेक तक वह चार अंक आगे थे। इसके बाद लक्ष्य ने आक्रामक खेल जारी रखा। उन्होंने मजबूत डिफेंस के साथ पोपोव को लगातार दबाव में रखा और स्कोर 14-7 कर दिया। जल्द ही उन्हें 9 मैच प्वाइंट मिले। दो मौके गंवाने के बाद लक्ष्य ने सटीक स्मैश लगाकर तीसरे मैच प्वाइंट पर मुकाबला जीत लिया। लक्ष्य बोले- ऑल इंग्लैंड के बाद पहली बार पुरानी लय महसूस कर रहा हूं जीत के बाद 25 साल के लक्ष्य सेन ने कहा, पिछले कुछ महीनों में मुझे हल्की चोटें (निगल्स) लगी थीं। इस वजह से मैं कुछ समय तक कोर्ट से दूर रहा। कई टूर्नामेंट में भी 100% नहीं दे पाया। लेकिन यहां अपने प्रदर्शन से खुश हूं। लगातार इतने मैच खेलने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के बाद पहली बार मुझे लगा कि मैं फिर से अच्छा बैडमिंटन खेल रहा हूं। मुझे अपनी लय वापस मिलती महसूस हो रही है। 2021 वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडल विजेता लक्ष्य का फाइनल में सामना इंडोनेशिया के चौथी वरीयता प्राप्त जोनाटन क्रिस्टी और डेनमार्क के टॉप सीड एंडर्स एंटोनसेन के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- रोहित शर्मा विजय हजारे ट्रॉफी खेलेंगे:MCA को बताया, श्रीलंका वनडे सीरीज के बाद मुंबई टीम से जुड़ेंगे रोहित शर्मा दिसंबर में होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलेंगे। उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को अपनी उपलब्धता बता दी है। मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, रोहित वे भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली वनडे सीरीज के बाद मुंबई टीम से जुड़ेगे। तीन मैचों की यह घरेलु वनडे सीरीज 13 से 19 दिसंबर तक खेली जाएगी। पूरी खबर
कार्लोस अल्काराज ने वियना ओपन टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में डेनिल मेदवेदेव को सीधे सेटों में 6-4, 7-6 (7-2) से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बना ली है। अल्काराज के करियर का यह 37वां और इस साल का 5वां टूर-लेवल फाइनल है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स दे मिनाउर ने बड़ा उलटफेर करते हुए जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-4, 1-6, 7-6 (7-4) से हराया। रविवार को होने वाले फाइनल में अल्काराज और दे मिनाउर आमने-सामने होंगे। मेदवेदेव को हराकर मार्च की हार का बदला लिया शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में अल्काराज ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में मेदवेदेव ने वापसी की और मुकाबला टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया। टाई-ब्रेकर में अल्काराज ने दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर 7-2 से जीत दर्ज की। उन्होंने 96 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ अल्काराज ने मार्च में इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में मेदवेदेव के हाथों मिली हार का बदला भी ले लिया। मेदवेदेव का लगातार 7 मैच जीतने का सिलसिला भी टूट गया। ATP 500 टूर्नामेंट्स में अल्काराज की लगातार 25वीं जीत कार्लोस अल्काराज का ATP 500 टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन जारी है। यह इस कैटेगरी के इवेंट्स में उनकी लगातार 25वीं जीत है। अल्काराज और मेदवेदेव दोनों अगले महीने होने वाले सीजन के आखिरी टूर्नामेंट ATP फाइनल्स के लिए पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं। दे मिनाउर ने ज्वेरेव को हराकर किया उलटफेर दूसरे सेमीफाइनल में एलेक्स दे मिनाउर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को तीन सेट तक चले मुकाबले में हराया। ज्वेरेव के सोमवार को वर्ल्ड नंबर-1 बनने की पुष्टि हो चुकी थी। दे मिनाउर ने पहला सेट 6-4 से जीता, लेकिन दूसरे सेट में ज्वेरेव ने 6-1 से वापसी की। निर्णायक सेट टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां दे मिनाउर ने 7-4 से जीत दर्ज की। उन्होंने मुकाबला 6-4, 1-6, 7-6 (7-4) से अपने नाम किया। इनडोर हार्ड कोर्ट पर दे मिनाउर का रिकॉर्ड 10-0 इस जीत के साथ दे मिनाउर ने इस सीजन इनडोर हार्ड कोर्ट पर अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा है। वह अब तक 10 मैच जीत चुके हैं और एक भी मुकाबला नहीं हारे हैं। यह उनके करियर का 23वां टूर-लेवल फाइनल होगा। इस जीत से अगले महीने होने वाले ATP फाइनल्स में जगह बनाने की उनकी उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं। रविवार को खेला जाएगा खिताबी मुकाबला वियना ओपन का फाइनल रविवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे खेला जाएगा। इसमें अल्काराज और दे मिनाउर खिताब के लिए आमने-सामने होंगे। वियना ओपन के बाद 2 नवंबर से ATP पेरिस मास्टर्स की शुरुआत होगी। इसमें दुनिया के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
पर्स खाली करने के लिए किन खिलाड़ियों को रिलीज करेगी PBKS?
आईपीएल मिनी ऑक्शन से पहले सभी टीमों को अपने रिलीज और रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करनी है. पिछले सीजन प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही पंजाब किंग्स की टीम अगले साल बेहतर तैयारी के साथ मैदान पर उतरना चाहेगी. जिसकी शुरुआत टीम को ऑक्शन टेबल पर ही करना होगा.
श्रीलंका की टीम अभी पाकिस्तान के दौरे पर है, जहां उनको वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तानी टीम के खिलाफ तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते उनको आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में भी नुकसान हुआ है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला एक नवंबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के चार मुकाबले होने के बाद टीम इंडिया 3-1 से आगे है। वहीं मुकाबले को आप फ्री में कैसे देख सकते हैं इसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
रोहित शर्मा दिसंबर में होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलेंगे। उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को अपनी उपलब्धता बता दी है। मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, रोहित वे भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली वनडे सीरीज के बाद मुंबई टीम से जुड़ेगे। तीन मैचों की यह घरेलु वनडे सीरीज 13 से 19 दिसंबर तक खेली जाएगी। MCA के एक सूत्र ने कहा- उन्होंने हमें बताया है कि वह विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलेंगे। श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद उन्हें उपलब्ध माना जाए। वह कितने मैच खेलेंगे, इसकी जानकारी बाद में देंगे।' अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए घरेलू क्रिकेट में खेलना उनके लिए मैच प्रैक्टिस का मौका होगा। रोहित पिछले सीजन भी मुंबई के लिए खेले थे 14 दिसंबर से शुरू होगा टूर्नामेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी खेलेंगे रोहित शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं। यह सीरीज अगले सप्ताह शुरू होगी। उन्होंने हाल ही में मुंबई के MCA-BKC मैदान पर अभ्यास भी किया था। भारत की जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 3 जनवरी से शुरू होगी। इसका आखिरी मुकाबला 9 जनवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। ऐसे में विजय हजारे ट्रॉफी के मैच रोहित को तैयारी मजबूत करने का मौका देंगे। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाश चोपड़ा ने सूर्यवंशी को नहीं खिलाने पर सवाल उठाया:कहा- क्या चोटिल खिलाड़ी की जगह ही खेलेंगे, घरेलू क्रिकेट भेजने की सलाह दी पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर सवाल उठाया है। चोपड़ा ने पूछा कि ‘क्या आप वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तभी खिलाएंगे, जब कोई चोटिल होगा? या जब कोई उपलब्ध नहीं होगा?’ पूरी खबर पढ़ें…
कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में बजा भारत का डंका, महिला और पुरुष दोनों टीमों ने खिताब किया अपने नाम
अहमदाबाद में आयोजित की गई पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमों का दबदबा देखने को मिला जिसमें महिला टीम ने खिताबी मैच में युगांडा को मात दी तो वहीं पुरुष टीम ने श्रीलंका को मात देने के साथ खिताब अपने नाम किया।
Buddh International Circuit में 13 साल बाद FIA स्तर की रेसिंग शुरू, F1 की वापसी के आसार
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) में शनिवार को इंडियन रेसिंग लीग और एफ4 इंडियन चैंपियनशिप के आयोजन के साथ 13 साल बाद पहली बार एफआईए स्तर की मोटर रेसिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। इंडियन रेसिंग महोत्सव के तहत इस सर्किट पर हिस्सा लेने वाले ड्राइवरों ने ट्रैक की जमकर तारीफ की। हालांकि आयोजकों का मानना है कि यहां दोबारा फॉर्मूला वन रेस आयोजित करने से पहले ट्रैक के 30 से 40 प्रतिशत हिस्से में बदलाव और सुधार की जरूरत होगी। अडानी समूह के स्वामित्व वाले इस सर्किट पर आखिरी बार 2013 में फॉर्मूला वन इंडियन ग्रां प्री का आयोजन हुआ था। इसके बाद कराधान और नियामकीय विवादों के कारण इस रेस को कैलेंडर से हटा दिया गया था। इसके बाद से भारत में फॉर्मूला वन रेस की वापसी के कई प्रयास हुए हैं, लेकिन इसके लिए बुनियादी ढांचे और नीतिगत आवश्यकताओं सहित कई मुद्दों का समाधान करना जरूरी है। इंडियन रेसिंग महोत्सव के आयोजक ‘रेसिंग प्रमोशन्स प्राइवेट लिमिटेड’ (आरपीपीएल) के चेयरमैन अखिलेश रेड्डी ने कहा कि ट्रैक में आवश्यक सुधार का काम कोई बड़ी बाधा नहीं है, हालांकि यह पूरी तरह फॉर्मूला वन और मोटरस्पोर्ट की अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्था एफआईए की मंजूरी पर निर्भर करेगा। रेड्डी ने रेस के दौरान पीटीआई से कहा, ‘‘सबसे पहले फॉर्मूला वन से यह पुष्टि करनी होगी कि वे भारत आने के लिए कब उपलब्ध होंगे। इसके लिए एफआईए और फिर फॉर्मूला वन से संपर्क करना होगा। तारीखें तय होने के बाद उनकी जरूरतों के अनुसार ट्रैक में सुधार का काम शुरू किया जा सकता है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि पूरे ट्रैक को तोड़कर नया बनाना होगा। मेरे हिसाब से मुश्किल से 30 से 40 प्रतिशत ट्रैक में बदलाव की जरूरत है। यह कोई बड़ी बात नहीं है और इसे आसानी से किया जा सकता है। एफआईए और फॉर्मूला वन से मंजूरी मिलने के बाद सभी संभावनाएं खुली हैं। ’’भारत सरकार ने भी देश में फॉर्मूला वन की वापसी की संभावनाओं की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए एक कार्य बल गठित किए जाने की उम्मीद है जो बुनियादी ढांचे, संचालन संबंधी जरूरतों और बड़े अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट आयोजनों से जुड़ी अन्य चुनौतियों का आकलन करेगी। हाल में खेल मंत्रालय ने भारतीय मोटर स्पोर्ट्स क्लब महासंघ (एफएमएससीआई) को अस्थायी रूप से राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा दिया था। हालांकि मोटरस्पोर्ट को अब भी सरकार से अधिक सहयोग की जरूरत है। रेड्डी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सरकार से दूसरे खेलों को जितना सहयोग मिलता है, उसकी तुलना में मोटरस्पोर्ट को मुश्किल से एक या दो प्रतिशत ही सहायता मिलती है। उदाहरण के लिए, जब हमने खेलो इंडिया में पंजीकरण कराने के बारे में सोचा, तो वहां मोटरस्पोर्ट के लिए कोई अलग श्रेणी ही नहीं थी। अब इस दिशा में कदम उठाने का समय आ गया है क्योंकि हमारे पास कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं। ’’पीटीआई ने पहले खबर दी थी कि भारत में फॉर्मूला वन की वापसी से जुड़ी बातचीत आगे बढ़ाने के लिए कर छूट को लेकर पूरी स्पष्टता जरूरी होगी। वहीं स्थानीय प्रमोटर अडानी समूह को आयोजन शुल्क के रूप में सालाना 300 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा सर्किट के बड़े स्तर पर उन्नयन पर 150 करोड़ से 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा पर भी भारी खर्च करना होगा। इस बीच गोवा एसेस जेए रेसिंग के राउल हाइमन और स्पीड डेमन्स दिल्ली के नितियिसो माबुंडा ने इंडियन रेसिंग महोत्सव के पहले दिन अपनी-अपनी श्रेणियों में जीत दर्ज की।
Commonwealth Kabaddi Championship: भारतीय महिला टीम ने Uganda को 35-15 से रौंदकर जीता खिताब
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को यहां युगांडा को 35-15 से करारी शिकस्त देकर पहली राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत की ओर से साक्षी ने सबसे ज्यादा नौ रेड अंक जुटाए। अनु ने छह रेड अंक जुटाए, जबकि कप्तान निधि शर्मा ने तीन बोनस सहित पांच अंक का योगदान दिया। रितु और सुमन ने रक्षण में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार-चार टैकल अंक हासिल किए। भारत ने रेड से 20 और टैकल से 10 अंक जुटाए। इस दौरान टीम ने युगांडा को दो बार ऑलआउट भी किया। युगांडा की ओर से नाकायोंगो शिरात ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया। उन्होंने टीम के लिए 11 अंक जुटाए। युगांडा ने कुल 14 रेड अंक और सिर्फ एक टैकल अंक हासिल किया। साक्षी ने जीत के बाद कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि मैंने नौ रेड अंक हासिल किए और टीम की जीत में योगदान दिया।’’उन्होंने छह मैचों में कुल 52 अंक जुटाकर चैंपियनशिप का समापन किया।
पूर्व भारतीय खिलाड़ी युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा को भविष्य का लीडर बताया है। उनका मानना है कि अभिषेक में टीम की कप्तानी करने की सभी खूबियां हैं। युवराज ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को सपोर्ट करने के तरीके पर अभिषेक की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने कभी वैभव को लेकर इनसिक्योरिटी नहीं दिखाई। युवराज ने आग कहा- ‘वे हमेशा वैभव को प्रोत्साहित करते हैं और मुश्किल समय में उसका साथ देते हैं। वे घरेलू क्रिकेट में भी युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हैं।’ इससे पहले युवराज ने अभिषेक, ईशान और सूर्यवंशी उन्होंने भारतीय वनडे टीम में अभिषेक को शामिल करने की वकालत भी की थी। युवराज बोले- अभिषेक को पहले IPL में कैप्टेंसी करनी चाहिए अभिषेक-वैभव ने पावरप्ले का सबसे बड़ा टीम स्कोर बनाया था न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में तीसरे टी-20 में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए 7.1 ओवर में 133 रन जोड़े थे। अभिषेक ने 38 गेंद पर 113 रन की पारी खेली थी, जबकि वैभव ने 19 गेंद पर 45 रन बनाए थे। दोनों की सलामी जोड़ी ने सिर्फ 5 ओवर में भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया। ये ICC की फुल मेंबर टीमों में टी-20 में सबसे तेज हंड्रेड का रिकॉर्ड है। टीम ने बिना विकेट गंवाए पावरप्ले में 118 रन बना दिए, जो पहले 6 ओवर में टी-20 इंटरनेशनल का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इस मैच में बने रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स की खबर पढ़ें… युवराज बोले- अभिषेक लंबे समय से व्हाइट बॉल में रन बना रहे -------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- सूर्यवंशी, अभिषेक, ईशान को वनडे में शामिल करें:टीम से बाहर रखकर उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी हो रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि इन्हें 50 ओवर क्रिकेट में मौका न देना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। पूरी खबर पढ़ें…
पीवी सिंधू लगातार दूसरे टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचीं, एकतरफा सेमीफाइनल में अनमोल को हराया
पीवी सिंधू ने हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने शनिवार को सेमीफाइनल में हमवतन अनमोल खरब को सीधे गेम में हराया।
डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल: ऑस्ट्रेलिया हार के साथ तीसरे स्थान पर लुढ़का, साउथ अफ्रीका बना 'नंबर-2'
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को केप टाउन में खेले गए टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच में 176 रन से जीत हासिल की। साउथ अफ्रीका ने सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) प्वाइंट्स टेबल में दूसरा पायदान हासिल कर लिया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया पहले पायदान से खिसककर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
भारतीय Hockey Team की जर्सी विवाद पर बोले भोला नाथ, टिर्की को भी थी पूरी जानकारी
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि इस साल विश्व कप से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हुआ विवाद पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने दावा किया कि महासंघ के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को भी इस फैसले की पूरी जानकारी थी जबकि बाद में उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई थी। भोला नाथ ने कहा कि खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की सलाह पर पारंपरिक नीले रंग की जगह केसरिया रंग की जर्सी अपनाने का फैसला किया गया था। उन्होंने कहा कि विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे दो महत्वपूर्ण टूर्नामेंट नजदीक होने के बावजूद इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं था। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने दावा किया था कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला महासंघ के कार्यकारी बोर्ड की जानकारी या मंजूरी के बिना लिया गया था। भोला नाथ ने हालांकि उनके इस दावे को खारिज कर दिया। भोला नाथ ने पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘देखिए, हमारे लिए खेल महत्वपूर्ण है, हॉकी महत्वपूर्ण है। विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले, चाहे मैं हूं या कोई और, हम सभी को यह समझना चाहिए कि हॉकी से प्यार करने वाले हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुद्दे उठाकर खिलाड़ियों का ध्यान नहीं भटकाया जाए। इस मामले को बाद में भी सुलझाया जा सकता था। ’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाड में हमारा मुख्य लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना था और हम इसमें सफल रहे। लेकिन इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को परेशान करना अच्छी बात नहीं थी। हालांकि यह मामला मेरे नियंत्रण से बाहर था। ’’भोला नाथ ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं और वे फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। ऐसे में इस तरह के विवादों का उन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों के पास मोबाइल फोन हैं। वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के अन्य मंचों पर सक्रिय हैं और वहां सब कुछ देखते हैं। ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए थीं। जिसने भी यह किया, वो सही नहीं था। ’’भोला नाथ ने बताया कि नारंगी रंग की जर्सी अपनाने का फैसला खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को कई डिजाइन दिखाने के बाद लिया गया था। खिलाड़ियों को नारंगी रंग पसंद आया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब जर्सी बदली गई तो खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को चार-पांच डिजाइन दिखाए गए थे और उन्हें नारंगी रंग पसंद आया था। जर्सी के रंग में बदलाव के बारे में दिलीप टिर्की को जितनी जानकारी थी, उतनी ही मुझे भी थी। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। ’’हालांकि विश्व कप के तुरंत बाद और एशियाड से पहले टिर्की ने दावा किया था कि भारत महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी को मुख्य किट के रूप में अपनाएगा जबकि सफेद रंग दूसरी पसंद होगा। लेकिन भारतीय टीम ने रंग की जर्सी को ही अपना मुख्य परिधान बनाए रखा। पंजाब में चल रही मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारतीय टीम इसी रंग की जर्सी पहनकर खेल रही है। भोला नाथ ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से विवाद पर ध्यान नहीं देने और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप के दौरान भी यही हुआ था। एशियाड के लिए रवाना होने से पहले भी ऐसा ही विवाद हुआ। मैंने टीम से कहा था कि इस पर ध्यान मत दो, मैं तुम्हारे साथ हूं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘दोनों वर्गों की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। ’’गौरतलब है कि भारत ने 1928 में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेने के बाद से अधिकांश समय अपनी पारंपरिक नीले रंग की जर्सी पहनी है। हालांकि कुछ मौकों पर इसमें बदलाव भी देखने को मिला है।
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी इयान बिशप ने शनिवार को ढाका के मीरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी राष्ट्रीय टीम की शानदार जीत की सराहना की। उन्होंने इसे एक अहम जीत बताया, खासकर ऐसे समय में जब वेस्टइंडीज क्रिकेट वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच में खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला हैमिल्टन के सेडन पार्क में एक नवंबर को खेला जाएगा, जिसमें इस मैच की पिच को लेकर सभी की नजरें सबसे ज्यादा टिकी हुई हैं।
पुजारा : कुलदीप एक बहुत अच्छे गेंदबाज हैं
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि कुलदीप यादव का बल्लेबाजी में कमजोर होना भारतीय वनडे टीम में उन्हें कम मौके मिलने का एक मुख्य कारण है। टीम अपने लोअर-मिडल ऑर्डर में बल्लेबाजी का एक अतिरिक्त विकल्प चाहती है।
भारत में 2028 तक कई WTA 125 टूर्नामेंट्स की तैयारी, TNTA ने बनाई योजना
... अमनप्रीत सिंह ...चेन्नई, 31 अक्टूबर चेन्नई ओपन की मेजबानी गंवाने के बाद भारतीय टेनिस को नयी दिशा देने के लिए तमिलनाडु टेनिस संघ (टीएनटीए) जनवरी-फरवरी 2028 में देश में तीन से चार डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंट आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है। डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन का इस साल आखिरी सत्र होगा। भारत से इस टूर्नामेंट की मेजबानी छिनकर फिलीपींस को मिलने के बाद भारतीय टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज ने पीटीआई को यह जानकारी दी। अमृतराज चेन्नई ओपन को भारत में बरकरार रखने के इच्छुक थे, लेकिन उनका मानना है कि मौसम की परिस्थितियों और फिलीपींस में एलेक्जेंड्रा इला के रूप में एक बड़ी टेनिस स्टार के उभरने के कारण डब्ल्यूटीए का टूर्नामेंट को वहां स्थानांतरित करने का फैसला समझ में आता है। चेन्नई ओपन को बेहतर रैंकिंग वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा मानसून के मौसम में आयोजन होने के कारण आयोजकों को कई तरह की व्यवस्थागत चुनौतियों से जूझना पड़ता है। फिलीपींस की इला महिला रैंकिंग में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में शामिल हैं। विंबलडन में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद वह अपने देश में टेनिस की सुपरस्टार बन गई हैं। अमृतराज ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘हम 2027 के लिए फिलहाल डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं, लेकिन डब्ल्यूटीए 125 और 125 प्लस एच श्रेणी के कुछ और टूर्नामेंट आयोजित कराने की दिशा में हमारी तैयारी अच्छी चल रही है। हम जनवरी-फरवरी 2028 में तीन या चार टूर्नामेंट कराने की उम्मीद कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों को एक बड़े टूर्नामेंट पर निर्भर रहने के बजाय लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर देना है। अमृतराज ने कहा, ‘‘ इससे वैष्णवी, सहजा और अन्य भारतीय लड़कियों को लगातार कई टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा। उन्हें सिर्फ एक डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि जनवरी-फरवरी 2028 के लिए यह योजना अमल में ला सकूंगा।’’अमृतराज का मानना है कि डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंटों की श्रृंखला भारतीय खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक जुटाने और पेशेवर टेनिस में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर दे सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप अच्छा खेलने में सक्षम हैं तो डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट में दो मैच जीतने पर निश्चित रूप से ज्यादा अंक मिलते हैं। लेकिन सबसे पहले आपको मुख्य ड्रॉ में जगह बनानी होती है, जिसके लिए वाइल्ड कार्ड जैसी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।’’अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के आगामी चुनावों पर अमृतराज ने कहा कि नए नेतृत्व की प्राथमिकता देशभर के खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना और खेल के अवसरों को कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित नहीं रहने देना होना चाहिए। उन्होंने घरेलू टूर्नामेंटों का कैलेंडर बढ़ाने और जूनियर से सीनियर स्तर तक खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने के वास्ते राज्य संघों और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच सहयोग पर जोर दिया। अमृतराज ने कहा, ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देशभर के खिलाड़ियों के हितों के लिए काम किया जाए। हर राज्य कुछ करना चाहता है और उसे इसके लिए मदद की जरूरत है। मेरा मानना है कि यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए, जिसमें सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।’’
'अगर कोई काम शुरू करो, तो उसे पूरा करो', वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद मनीषा ने याद की पिता से मिली सीख
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान मनीषा भनवाला ने अपने दिवंगत पिता, सुरेश भनवाला को इसका श्रेय दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने ही उनके अंदर यह विश्वास जगाया था कि कोई भी काम तब तक शुरू नहीं करना चाहिए, जब तक कि उसे पूरा करने का पक्का इरादा न हो। मनीषा के अनुसार, जीवन की यह सीख अब उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गई है और उनके कुश्ती करियर में हमेशा उनका मार्गदर्शन करती है।
लंदन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। चेल्सी फुटबॉल क्लब के मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन ने क्लब के लिए अपने घरेलू डेब्यू मैच पर गोल करने को एक खास और भावुक पल बताया है। उन्होंने कहा कि खेल से लंबे समय तक दूर रहने के बाद वह एक शानदार शुरुआत करने का सपना देख रहे थे।
भारत-न्यूजीलैंड ने मिलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि, T20I यह कारनामा करने वाली बनी पहली फुल मेंबर्स टीमें
भारत और न्यूजीलैंड के बीच में पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला ऑकलैंड के स्टेडियम में खेला गया, जिसको कीवी टीम 87 रनों के अंतर से जीतने में कामयाब रही। वहीं दोनों टीमों ने इस मुकाबले में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो इससे पहले फुल मेंबर्स टीमों में कोई टीम हासिल नहीं कर सकी थी।
आकाश चोपड़ा : भुवनेश्वर की वापसी उम्मीद नहीं रही
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम को शुक्रवार को ऑकलैंड में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में टीम इंडिया तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के बिना उतरी थी।
कोच दहिया : मनीषा-नीलम और काजल दोहराएंगी ओलंपिक 2028 में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप वाला प्रदर्शन
नई दिल्ली, भारतीय महिला कुश्ती कोच वीरेंद्र दहिया ने रजत पदक विजेता नीलम सिरोही और काजल ढोचक का समर्थन करते हुए कहा है कि वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के अनुभव से वे और मजबूत होकर उभरेंगी। उन्हें पूरा भरोसा है कि ये दोनों, ऐतिहासिक स्वर्ण पदक विजेता मनीषा भनवाला के साथ मिलकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में देश के लिए पदक जीत सकती हैं।
भारतीय टीम को WTC Points Table में बांग्लादेश की हार से मिला फायदा, पहुंची इस पोजीशन पर
बांग्लादेश की टीम अपने घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है, जिसके पहले मुकाबले में उनको 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है और इसका फायदा टीम इंडिया को WTC 2025-27 की प्वाइंट्स टेबल में मिला है।
न्यूजीलैंड को रग्बी की दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में गिना जाता है। उसकी पुरुष टीम तीन बार और महिला टीम छह बार वर्ल्ड कप जीत चुकी है। इसके मुकाबले रग्बी में भारत की पहचान लगभग जीरो है। भारत अब तक रग्बी वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सका है। एशियाई स्तर पर भी भारत शीर्ष टीमों में शामिल नहीं रहा है। ऐसे में 27 अक्टूबर को बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीय अंडर-20 महिला टीम ने जो किया, उसने सबका ध्यान खींचा। भारतीय लड़कियों ने न्यूजीलैंड की युवा माओरी टीम को रग्बी सेवन्स के मुकाबले में 17-0 से हरा दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 12-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय डिफेंस को भेदने में नाकाम रही। आखिर रग्बी की इतनी मजबूत परंपरा वाले देश की टीम के खिलाफ भारत को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? क्या यह न्यूजीलैंड की कमजोर टीम थी या भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन ने अंतर पैदा किया? 5 फैक्टर में समझते हैं इस नतीजे की पूरी कहानी। 1. यह न्यूजीलैंड की नेशनल अंडर-20 टीम नहीं, माओरी खिलाड़ियों का सांस्कृतिक दल था इस जीत को समझने के लिए सबसे पहले न्यूजीलैंड की टीम की पहचान जानना जरूरी है। राजगीर में भारत के खिलाफ खेलने वाली टीम न्यूजीलैंड की नियमित राष्ट्रीय अंडर-20 महिला टीम नहीं थी। यह न्यूजीलैंड के अलग-अलग हिस्सों से चुनी गई माओरी समुदाय की 24 युवा खिलाड़ियों वाली इनविटेशनल टीम थी। माओरी न्यूजीलैंड का मूल निवासी समुदाय है। इस दौरे का उद्देश्य केवल मुकाबले खेलना नहीं, बल्कि खेल के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और रग्बी के विकास को बढ़ावा देना भी था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर यह सीरीज आयोजित की गई थी। इसलिए भारत की जीत को न्यूजीलैंड की सीनियर टीम या उसकी नियमित राष्ट्रीय अंडर-20 टीम पर जीत बताना सही नहीं होगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रग्बी की मजबूत संस्कृति वाले देश की युवा खिलाड़ियों को 17-0 से हराना भारतीय टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। 2. भारतीय लड़कियां पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थीं भारत की जीत को सिर्फ न्यूजीलैंड की टीम की पृष्ठभूमि से नहीं समझा जा सकता। भारतीय महिला रग्बी में भी पिछले कुछ समय से सुधार हुआ है। इसका उदाहरण अक्टूबर में हुए एशियन गेम्स में देखने को मिला। भारत की सीनियर महिला रग्बी सेवन्स टीम ने पिछले एशियन गेम्स में छठा स्थान हासिल किया। यह एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे पहले भारत ने 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में सातवां स्थान हासिल किया था। एशियन गेम्स में भारत ने मलेशिया को 26-5 और सिंगापुर को 22-5 से हराया था। ध्यान रहे, यह सीनियर टीम का प्रदर्शन है, इसे राजगीर में खेलने वाली अंडर-20 टीम का व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं समझना चाहिए। लेकिन इससे भारतीय महिला रग्बी के डेवलपमेंट का अंदाजा जरूर मिलता है। 3. मुकाबला रग्बी सेवन्स का था, 15 खिलाड़ियों वाला पारंपरिक रग्बी नहीं भारत की जीत में फॉर्मेट का भी महत्व रहा। राजगीर में मुकाबला रग्बी सेवन्स का था। इसमें एक टीम के सात खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं, जबकि पारंपरिक रग्बी यानी 15-ए-साइड में हर टीम के 15 खिलाड़ी होते हैं। सेवन्स का मुकाबला भी काफी छोटा होता है। सेवन्स मैच 14 मिनट का होता है, जिसमें सात-सात मिनट के दो हाफ होते हैं। इसके मुकाबले 15-ए-साइड रग्बी 80 मिनट खेला जाता है। सेवन्स में मैदान पर खाली जगह अधिक होती है। खिलाड़ियों की गति, पासिंग, टैकल और तेजी से पोजिशन बदलने की क्षमता ज्यादा मायने रखती है। कम समय में मैच का रुख बदल सकता है। इसलिए इसे पारंपरिक रग्बी की ताकत का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता। 4. भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन खेल दिखाया फॉर्मेट और विरोधी टीम की पहचान अपनी जगह है, लेकिन 17-0 का स्कोर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी दिखाता है। टीम ने पहले हाफ में 12 अंक बनाकर न्यूजीलैंड पर दबाव बनाया। भारतीय टीम की सबसे बड़ी खासियत उसका अनुशासित डिफेंस रहा। न्यूजीलैंड की खिलाड़ी एक भी अंक नहीं बना सकीं। रग्बी में विरोधी को स्कोर करने से रोकना आसान नहीं होता, क्योंकि खिलाड़ियों को लगातार टैकल, पोजिशनिंग और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना पड़ता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम ने बेहतर टैकलिंग और रणनीतिक अनुशासन का प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी अक्षया एनएस ने इसे अपने लिए जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने न्यूजीलैंड की टीमों को पहले सिर्फ वीडियो में खेलते देखा था। 5. न्यूजीलैंड के साथ प्रशिक्षण और अनुभव का भी मिला फायदा इस सीरीज को सिर्फ दो टीमों के बीच एक मैच के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत और न्यूजीलैंड के बीच रग्बी को विकसित करने के लिए सहयोग भी चल रहा है। मई 2026 में न्यूजीलैंड रग्बी के कोचिंग विशेषज्ञों ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 35 भारतीय कोचों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भारत में कोचिंग की गुणवत्ता और रग्बी की तकनीकी समझ को बेहतर बनाना था। राजगीर दौरे में भी दोनों देशों की युवा टीमों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। खिलाड़ियों को एक-दूसरे की खेल शैली समझने और अनुभव साझा करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रग्बी की गति, तकनीक और रणनीति से परिचित कराने में मदद करते हैं। भारत के लिए इस जीत के क्या मायने हैं? राजगीर की 17-0 की जीत को न्यूजीलैंड की रग्बी ताकत पर भारत की जीत कहना अतिशयोक्ति होगी। लेकिन इसे सामान्य मुकाबला मानकर नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा। भारत की महिला टीम ने दिखाया कि सही तैयारी, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर कोचिंग के जरिए वह मजबूत रग्बी संस्कृति वाले देशों की युवा टीमों को चुनौती दे सकती है। खास बात यह है कि भारत की सीनियर महिला टीम भी एशियन गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी है। अब चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता देने की है। भारत को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले, मजबूत घरेलू प्रतियोगिताएं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और युवा खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट विकास प्रणाली तैयार करनी होगी। राजगीर में मिली जीत भारतीय महिला रग्बी के लिए एक अच्छा संकेत है। इसे मंजिल नहीं, बल्कि उस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए। --------------------------------------------------- भारत की महिला खिलाड़ियों की अचीवमेंट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मनीषा विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय, आखिरी 3 मिनट में जीता गोल्ड मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 8-6 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
अगले दो साल में सफेद गेंद क्रिकेट पर राज करेगी भारतीय Women Cricket Team: अमोल मजूमदार
मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने शनिवार को कहा कि आयु वर्ग के क्रिकेट से लगातार उभर रही प्रतिभाओं को देखते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम अगले दो वर्षों में सफेद गेंद (वनडे और टी20) के प्रारूपों में विश्व क्रिकेट पर लगातार अपना दबदबा कायम करने में सक्षम होगी। भारत ने पिछले साल नवंबर में घरेलू मैदान पर 50 ओवर का विश्व कप जीता था लेकिन टीम अब तक कोई बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है। हालांकि मजूमदार और नयी कप्तान स्मृति मंधाना को इस कमी को दूर करने का मौका मुंबई और वडोदरा में आयोजित होने वाली आईसीसी टी20 चैंपियंस ट्रॉफी में मिलेगा। मुंबई में मुंबई खेल पत्रकारों के संघ (एसजेएएम) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मजूमदार ने कहा, ‘‘दो साल बाद अगर भारतीय टीम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा बनाने लगे तो मुझे बहुत खुशी होगी। टीम के भीतर हमने हमेशा दबदबे की बात की है। मैदान पर पूरी आक्रामकता और दृढ़ता के साथ खेलना भी हमारी प्राथमिकता रही है। ’’उन्होंने महिला टीम की दो साल बाद की स्थिति से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘निश्चित रूप से, मैं जिस पृष्ठभूमि से आता हूं, मुंबई क्रिकेट में मेरा विकास भी कुछ इसी तरह हुआ है। मैं उन्हीं मूल्यों को टीम में शामिल करने और अपने अनुभव खिलाड़ियों के साथ साझा करने की कोशिश करता हूं। अगर हम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम करते हैं तो मुझे बेहद खुशी होगी। ’’मजूमदार ने भरोसा जताया कि भारत टी20 प्रारूप में भी ऐसी टीम बनेगा जिसे हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आयु वर्ग के क्रिकेटरों को टी20 क्रिकेट की जरूरतों और चुनौतियों की बेहतर समझ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कई शानदार प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देखा है जहां अंडर-15, अंडर-19 और भारत ए के शिविर आयोजित होते हैं। सीओई में जिस तरह का काम हो रहा है, वह शानदार है। ये शिविर इस बात का अच्छा उदाहरण हैं कि वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट किस दिशा में आगे बढ़ रही है। ’’मजूमदार ने कहा, ‘‘कई बेहतरीन खिलाड़ी उभरकर सामने आ रही हैं। आपको हैरानी होगी कि वे बहुत जल्दी खेल की जरूरतों के अनुरूप खुद को ढाल लेती हैं। हमें कुछ खास चुनौतियों के अनुसार खुद को ढालने में काफी समय लगा था, लेकिन ये युवा खिलाड़ी पहले से ही उन जरूरतों को समझती हैं। वे पूरी तरह पेशेवर हैं।
बर्थडे स्पेशल: 'गॉड ऑफ फोर्थ इनिंग' के नाम से मशहूर रहे हैं वीवीएस लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। कलाई के जादूगर के रूप में मशहूर लक्ष्मण का टेस्ट क्रिकेट में बड़ा योगदान रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।
मिनर्वा के साइलेक्स ओइनम और वाहेन्गबम राज सिंह का भारतीय अंडर-17 राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में चयन
फॉरवर्ड पंक्ति में सेंटर-फॉरवर्ड वाहेन्गबम राज सिंह अपनी आक्रामक शैली और धारदार फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं। राज इससे पहले भी अंडर-17 राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। स्पेन में हुए एमआईसी फुटबॉल कप में उन्होंने इंग्लिश क्लब लिवरपूल एफसी के खिलाफ 6-0 की जीत में ऐतिहासिक हैट्रिक जमाई थी।
चुनौतियों को स्वीकार करने में मजा आता है, नेट्स में बैटिंग करना मेरे लिए मेडिटेशन जैसा: एलिसा पेरी
ब्रिसबेन, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार खेलने के लगभग दो दशक बाद भी बेहतरीन ऑलराउंडर एलिसा पेरी का कहना है कि वह आज भी हर दिन खुद को पिछले दिन की तुलना में एक बेहतर खिलाड़ी बनाने की कोशिश करती हैं।
विश्व चैम्पियन Manisha Bhanwala का लक्ष्य अब Los Angeles Olympics में पदक जीतना
भारत की पहली महिला विश्व चैम्पियन बनी मनीषा भानवाला की नजरें 2005 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 57 किलोवर्ग में पदक जीतने पर है और इस अनुभवी पहलवान की ताकत उनके पिता है जो उनके दिल में बसते हैं। 29 वर्ष की मनीषा ने कजाखस्तान के अस्ताना में इतिहास रच दिया जब वह सीनियर कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई। एशियाई खेलों की नाकामी की बखूबी भरपाई करते हुए उन्होंने कैरियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटी मनीषा ने अपने कोच वीरेंदर दहिया की सलाह मानकर विश्व चैम्पियनशिप पर पूरा फोकस रखा जिसकी उन्हें फायदा मिला। मनीषा ने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा शनिवार को कराई गई बातचीत में कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में किस्मत ने साथ नहीं दिया। मैं कोच से कुश्ती, अभ्यास और रिकवरी के बारे में पूछती रही। उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य विश्व चैम्पियनशिप होना चाहिये। मुझे अभी भी याद है कि उन्होंने कहा था कि ईश्वर ने मेरे लिये कुछ बड़ा सोच रखा है।’’एशियाई खेलों में 57 किलोवर्ग में भाग लेने के बाद विश्व चैम्पियनशिप में वह 59 किलो में उतरी। उनका मानना है कि दोनों टूर्नामेंटों के बीच में अंतर कम रहने से उन्हें रिकवरी और वजन कम करने के लिये काफी कम समय मिला। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे एशियाई खेलों में पदक जीतने का यकीन था। मुझे पता था कि विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये काफी कम समय मिलेगा। दस दिन में वजन कम करना कठिन था तो मुझे लगा कि 59 किलो सही रहेगा।’’मनीषा के लिये यह जीत पदक से कहीं अधिक मायने रखती है। उन्हें कुश्ती में उतारने वाले पिता ने उनके कैरियर में अहम भूमिका निभाई लेकिन 2022 में उनका निधन हो गया। विश्व चैम्पियनशिप फाइनल से पहले उन्होंने अपने पिता की याद में एक खास टीशर्ट पहना था। मनीषा ने कहा ,‘‘ मैं बता नहीं सकती कि मेरे पिता की कितनी बड़ी भूमिका रही है। मैं उनसे बात करती रहती हूं मानो वह मेरे भीतर हों। वह मेरे दिल में बसते हैं और मेरे जीवन का हिस्सा हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे पिता ने सिखाया कि या तो कोई काम शुरू मत करो और करो तो पूरा करके ही दम लो। यह मेरे खून में है। कुश्ती मेरे लिये पहला और आखिरी विकल्प है। इसने मुझे जीवन, नाम और जीने का सामर्थ्य दिया।’’
मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर घर में जमकर मना जश्न, मां बोलीं-जोरदार स्वागत करने की है तैयारी
जींद, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को इतिहास रचा। वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उनके घर में जमकर जश्न मनाया गया। भारतीय महिला रेसलर की मां का कहना है कि बेटी का घर लौटने पर जोरदार स्वागत किया जाएगा।
खेल डेस्क। भले ही भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने क्रिकेट में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे कर लिए। वह पहले भारतीय ऑलराउंडर बन गए हैं, जिनके नाम टी20 फॉर्मेट में तीन हजार से अधिक रन और तीन सौ विकेट दर्ज हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलन का विकेट लेकर ये उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवाई। इस प्रकार की उपलब्धि दुनिया के बहुत कम खिलाड़ियों के नाम दर्ज है और अब इस खास लिस्ट में अक्षर पटेल का नाम भी शामिल हो गया है। अफगानिस्तान के राशिद खान, वेस्टइंडीज के सुनील नरेन और आंद्रे रसेल जैसे दुनिया के बड़े-बड़े ऑलराउंडर इस लिस्ट में शामिल है। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने टी20 क्रिकेट 345 मैचों में 300 विकेट लिए हैं, साथ ही 21.94 के औसत और 134.43 के स्ट्राइक रेट से कुल 3818 रन भी बनाए हैं, जिसमें उनके 9 अर्धशतक भी शामिल हैं। ग्लेन फिलिप्स ने शतकीय पारी में लगाए 10 छक्के मैच में ग्लेन फिलिप्स (107) और माइकल ब्रेसवेल (65) की तूफानी पारियों के बाद जैकब डफी (चार विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम 87 रन से शिकस्त दी। न्यूजीलैंड की टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 260 रन का टारगेट रखा। जवाब में टीम इंडिया निर्धारित 20 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 172 रन ही बना सकी। ग्लेन फिलिप्स ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 49 गेंदों का सामना किया। इस पारी में उन्होंने 6 चौके और 10 छक्के लगाए। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

