वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में चटकाए सर्वाधिक विकेट, कुलदीप बने 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज'
नई चंडीगढ़, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत के बाद बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव को 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड के लिए चुना गया। टीम के फिजियोथेरेपिस्ट योगेश परमार ने कुलदीप की जमकर तारीफ की, क्योंकि उन्होंने इस दौरान अपनी फिटनेस की परवाह किए बिना बेहतरीन प्रदर्शन किया और कई बड़े मुकाम हासिल किए।
MP Ranking Table Tennis: पंकज और भव्या बने चैंपियन, इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा
अंतिम दिन विभिन्न आयु वर्गों के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
AIFF Elections: भारतीय फुटबॉल महासंघ के चुनाव 20 दिसंबर को होंगे
कोलकाता, चार अक्टूबर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने रविवार को अपने बहुप्रतीक्षित चुनाव 20 दिसंबर को कराने का फैसला किया जिसके साथ ही नये पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के चुनाव को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई। राष्ट्रीय महासंघ की यहां हुई विशेष आमसभा बैठक (एसजीबीएम) में यह निर्णय लिया गया। बैठक में एआईएफएफ की कार्यकारी समिति के सदस्यों, संबद्ध राज्य संघों के प्रतिनिधियों के अलावा फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) के अधिकारी भी मौजूद रहे। महासभा ने हरियाणा के पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त राजीव शर्मा को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया। वह चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और उसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि एआईएफएफ के मौजूदा कार्यकारी समिति का कार्यकाल 30 दिसंबर तक या नयी निर्वाचित कार्यकारी समिति के पदभार संभालने तक जारी रहेगा। उसी के साथ मौजूदा समिति का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। एआईएफएफ के चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब महासंघ के भीतर शासन व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता का दौर रहा है। महासंघ अपने प्रशासनिक ढांचे को संविधान के अनुरूप बनाने के साथ-साथ वैश्विक और महाद्वीपीय फुटबॉल संस्थाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में काम कर रहा है। इन चुनावों से भारतीय फुटबॉल के लिए अहम समय में एआईएफएफ के अगले कार्यकाल का नेतृत्व तय होगा। महासंघ राष्ट्रीय टीमों के अलावा घरेलू प्रतियोगिताओं और फुटबॉल विकास कार्यक्रमों की देखरेख करता है। रविवार की बैठक में फीफा और एएफसी अधिकारियों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं एआईएफएफ की शासन व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर करीबी नजर रखती रही हैं। एआईएफएफ के पिछले चुनाव सितंबर 2022 में हुए थे। उस समय कल्याण चौबे अध्यक्ष चुने गए थे, जबकि कर्नाटक के एन. ए. हारिस वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने थे।
'इस ब्रॉन्ज मेडल को जीतने में पिता का बड़ा योगदान', घर लौटने पर रोहित यादव का हुआ स्वागत
जौनपुर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे भारत के जैवलियन थ्रोअर रोहित यादव का घर पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। रोहित ने कहा कि इस ब्रॉन्ज को जीतने में उनके पिता का खास योगदान रहा।
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर को मिली कप्तानी, 18 की उम्र में संभालेंगे दिल्ली की कमान
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया है। 18 साल की उम्र में मिली इस बड़ी जिम्मेदारी के साथ उनके पास मैदान पर खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका होगा।
44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड, कप्तान ने कहा- हम इसके हकदार थे
जापान में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस खास उपलब्धि के बाद मीडिया से बात करते हुए टीम की कप्तान ने कहा कि हम इस गोल्ड मेडल के हकदार थे।
जापान में आयोजित हुए एशियन गेम्स 2026 का समापन हो गया। भारत इस मल्टीस्पोर्ट्स टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहा। क्रिकेट हॉकी में 100 फीसदी प्रदर्शन करने वाले भारतीय दल के लिए अन्य खेलों में सफर कैसा रहा, कहां चूक हुई और 2036 के रोड मैच के लिए इन खेलों से क्या उम्मीद की जानी चाहिए विस्तार से पढ़िए।
केएल राहुल 129 रनों की तूफानी पारी के बाद भी निराश, कहा- 340 चेज हो जाते हैं, अब 400 रन बनाने होंगे
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में केएल राहुल ने 129 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। हालांकि, भारत यह मैच हार गया, जिससे राहुल को शतक बनाने के बावजूद मैच जीत के साथ सीरीज में क्लीन स्वीप न कर पाने का मलाल रह गया।
पारस डोगरा : रेस्ट ऑफ इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा
श्रीनगर, रेस्ट ऑफ इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर को हराकर ईरानी कप का खिताब अपने नाम किया। जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रेस्ट ऑफ इंडिया के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में उनकी टीम की 167 रन से हार उनके लिए सीखने का एक अहम अनुभव होगा, क्योंकि वे आने वाली रणजी ट्रॉफी सीजन की तैयारी कर रहे हैं।
एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद भारतीय महिला Hockey Team का रांची में जोरदार स्वागत
रांची, चार अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने रविवार को कहा कि मजबूत चीन के खिलाफ खेलने के बावजूद उनकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का पूरा भरोसा था। भारत ने जापान में फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। टेटे ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम इस जीत के हकदार थे। इस बार हमें अपनी टीम और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा था कि हम निश्चित रूप से स्वर्ण जीतेंगे, हालांकि चीन की टीम बहुत अच्छी थी। उस एक गोल की बढ़त को बचाकर अपने देश के लिए स्वर्ण जीतना हमारे लिए गर्व का क्षण है।’’स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की चार खिलाड़ी झारखंड से हैं। टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा जिले से हैं जबकि निक्की प्रधान खूंटी की रहने वाली हैं। राज्य लौटने पर रांची हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। दीपिका ने कहा कि टीम स्वर्ण जीतने के साथ ओलंपिक में जगह पक्की करने से वह बेहद खुश है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की। इस शानदार जीत के लिए हम लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। चीन जैसी टीम के खिलाफ एक गोल की बढ़त बचाना आसान नहीं था लेकिन हमने ऐसा कर दिखाया।’’प्रधान ने कहा कि टीम को तोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन से आत्मविश्वास मिला और अब उसका ध्यान अगले ओलंपिक की तैयारी पर है। राज्य लौटने पर खिलाड़ियों का हवाई अड्डे पर समर्थकों ने स्वागत किया। कोच और युवा हॉकी खिलाड़ियों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर नृत्य कर टीम का स्वागत किया। प्रधान की मां जीतन देवी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि शुरुआत में परिवार हॉकी से परिचित नहीं था और उन्होंने अपनी बेटी को यह खेल खेलने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब उसने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब हम इस खेल के बारे में नहीं जानते थे। हम उसे खेलने से रोकते थे, लेकिन मास्टर दशरथ उसे लगातार इस खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। इसी का नतीजा है कि आज वह इस मुकाम तक पहुंची है। अब हमें उस पर बहुत गर्व है।’’सलीमा टेटे के पिता सुलक्षण टेटे ने कहा कि उनकी बेटी ने वर्षों के संघर्ष के बाद राज्य और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि वह अपने राज्य और देश का नाम रोशन कर रही है। उसने काफी संघर्ष के बाद स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला टीम की यह जीत पूरे देश, झारखंड और निश्चित रूप से हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है।
चीन को हराकर इतिहास रचने वाली Ishika Sambharwal का भिवानी में खास स्वागत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका सांभरवाल का रविवार को हरियाणा के भिवानी में घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इशिका सांभरवाल ने कहा- चीन से मुकाबले को लेकर था पूरा भरोसा इशिका सांभरवाल ने घर लौटने पर मिले स्वागत और लोगों के समर्थन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “मैं यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी खुशी में शामिल होते और मेरा समर्थन करते देखकर बेहद खुश हूं।” चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले को लेकर इशिका ने कहा कि टीम को पता था कि चीन उनसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन खिलाड़ियों को उसे हराने का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमें पता था कि चीन हमसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन हमें भरोसा था कि हम उसे हरा सकते हैं। हमने वर्ल्ड कप में भी चीन के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।” अब पूरा ध्यान ओलंपिक पर एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक पर रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। इशिका ने कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस टीम और उस स्क्वाड का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसने इतिहास रचा है।” #WATCH | Bhiwani, Haryana | Indian field hockey player Ishika Sambharwal says, I am extremely happy to see so many people here joining in my joy and supporting me. We obviously knew that China were a higher-ranked team than us, but we believed that we could beat them. We had also performed very well against them in the World Cup... Our sole focus will be on the Olympics. I feel extremely privileged to have been part of this squad and this team that has created history... — ANI (@ANI) October 4, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत मां आशा सांभरवाल ने भी टीम की मेहनत को सराहा इशिका की मां आशा सांभरवाल ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में पदक जीता। आशा सांभरवाल ने कहा, “हमने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद पदक जीता। खिलाड़ी जिस तरह मेहनत कर रही हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि टीम का प्रदर्शन आगे और बेहतर ही होगा।” 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। 1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस शानदार जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका चौधरी का ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इशिका चौधरी ने कहा- ‘हमने इतिहास रचा’ ग्वालियर एयरपोर्ट पर इशिका चौधरी ने टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमने इतिहास रचा है, इसलिए हम सभी बहुत खुश हैं। इस खास टीम, सभी खिलाड़ियों, स्टाफ और पर्दे के पीछे काम करने वाले हर व्यक्ति ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि पूरे साल टीम की तैयारी अच्छी रही और टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। इशिका ने अपनी सफलता में परिवार और अन्य लोगों के योगदान को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पूरे साल हमारी तैयारी हुई, टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मेरे परिवार और कई अन्य लोगों ने मुझे यहां तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।” #WATCH | Madhya Pradesh | Indian field hockey player Ishika Chaudhary says, We have created history, so we are all very happy. The special team, everyone who worked hard, the staff, and all those working behind the scenes have contributed immensely... The way our preparation went throughout the year, the team performed extremely well... My family and many other people have contributed tremendously to bringing me this far... — ANI (@ANI) October 4, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। 1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए सूर्यांश शेडगे इंडिया-ए टीम में शामिल
पुडुचेरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज के लिए इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया है। सूर्यांश मंगलवार से शुरू होने जा रही सीरीज में चोटिल हार्दिक पंड्या की जगह लेंगे।
Aichi-Nagoya Asian Games का समापन, भारत ने 85 पदक जीतकर तालिका में हासिल किया चौथा स्थान
नागोया, चार अक्टूबर दो सप्ताह से अधिक समय तक चली रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं के बाद आइची-नागोया एशियाई खेल रविवार को यहां भव्य समापन समारोह के साथ खत्म हुए। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने 19 सितंबर को शुरू हुए इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा। समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए। ‘वन एशिया’ थीम पर आधारित समारोह में भारत की ओर से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का अभियान 85 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।
एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर; दोहा को मिली 2030 की मेजबानी
Asian Games 2026 का नागोया में समापन हो गया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। 2030 की मेजबानी दोहा को मिली।
हार्दिक पंड्या चोट की वजह से ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज इसी महीने 6 से 11 अक्टूबर के बीच पुडुचेरी में खेली जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी जगह बैटिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को टीम में शामिल किया गया है। सूर्यांश ने बेगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। वे पहले मैच से पहले पुडुचेरी में टीम के साथ जुड़ गए हैं। हार्दिक ने आखिरी बार IPL 2026 में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला था। उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार मार्च में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में खेले थे। जून में भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं सूर्यांश सूर्यांश शेडगे ने जून 2026 में बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ T20I से भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब इंडिया A टीम में चुने जाने के कारण वे मुंबई के रणजी ट्रॉफी ओपनर में नहीं खेल पाएंगे। मुंबई को 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ पहला मैच खेलना है। नमन धीर भी सीरीज से बाहर हार्दिक के अलावा नमन धीर भी ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 3 अनऑफिशियल वनडे नहीं खेलेंगे। उन्हें 1 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। नमन को वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में मौका मिला है। सुंदर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए T20I टीम से रिलीज किया गया है। वे तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी खेलेंगे। ऋतुराज गायकवाड़ कप्तान, पडिक्कल उपकप्तान ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे सीरीज में ऋतुराज गायकवाड़ इंडिया A की कप्तानी करेंगे। देवदत्त पडिक्कल उपकप्तान होंगे। टीम में साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, प्रियांश आर्य, प्रिसिमरन सिंह, विप्रज निगम और यश ठाकुर समेत कई खिलाड़ी शामिल हैं। इंडिया A का स्क्वॉड: ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), प्रियांश आर्य, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), रजत पाटीदार, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अर्शिन कुलकर्णी, अरशद खान, प्रिसिमरन सिंह (विकेटकीपर), गुरजपनीत सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज से असलंका बाहर:खराब फॉर्म के चलते फैसला; निसांका की टीम में जगह फिटनेस पर निर्भर श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। पूरी खबर
श्रीलंका ने पाकिस्तान ट्राई सीरीज के लिए किया स्क्वॉड का ऐलान, 88 ODI खेलने वाले प्लेयर को किया बाहर
चरित असलंका का इंग्लैंड दौरे पर बेहद खराब प्रदर्शन रहा, जिसकी वजह से उन्हें पाकिस्तान में होने वाली आगामी वनडे ट्राई सीरीज से बाहर कर दिया गया है। इस ट्राई सीरीज का पहला मैच 18 अक्टूबर को खेला जाएगा।
Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
(अजय मसंद)नागोया, चार अक्टूबर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एक कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा जहां पिछले हांगझोउ खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद एक और बड़ी छलांग की उम्मीद थी लेकिन अभियान पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत ने कुल पदक तालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा लेकिन इस बार उसके खाते में 85 पदक ही रह गए जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पिछले एशियाई खेलों में हासिल किए गए 106 पदकों से 21 कम और स्वर्ण पदकों के मामले में सात कम है। वर्ष 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखने वाले भारत को ये आंकड़े याद दिलाते हैं कि शानदार प्रदर्शन करना एक बात है लेकिन लगातार प्रगति बनाए रखना कहीं अधिक कठिन चुनौती है। शीर्ष पर चीन का दबदबा कायम रहा। उसने 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण और कुल 269 पदकों के साथ दूसरे तथा दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण और 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत का चौथे स्थान पर रहना अब भी उसे एशिया के प्रमुख खेल राष्ट्रों में बनाए रखता है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है लेकिन शीर्ष पर मौजूद देशों और भारत के बीच अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता। भारत के पदक अभियान में कमी का सबसे बड़ा कारण उसका दो पारंपरिक मजबूत खेलों निशानेबाजी और एथलेटिक्स का अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा। दोनों खेलों से काफी उम्मीदें थीं लेकिन हांगझोउ की तुलना में भारत को इस बार कम पदक मिले। इससे निरंतरता, दबाव से निपटने और तैयारी में मौजूद कमियां उजागर हुईं। निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर गिरा। पिछली बार सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित 22 पदक जीतने वाली 30 सदस्यीय भारतीय टीम इस बार जापान से तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित 15 पदक लेकर लौटी। अभियान की शुरुआत कई मौकों के हाथ से निकलने और दावेदारों के लड़खड़ाने से हुई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अभियान निराशाजनक रहा और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत पदक नहीं जीत सका। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत, आकाश भारद्वाज और केदारलिंग उचागांवने की टीम भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का निशानेबाजी में सोने के तमगे का खाता खोला। हालांकि टीम का माहौल बदलने वाली खिलाड़ी नीरू ढांडा रहीं। सत्ताइस वर्षीय नीरू ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और काइनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और स्वर्ण पदक जीता। लेकिन नीरू की शानदार उपलब्धियां भारतीय निशानेबाजी की व्यापक चिंताओं को पूरी तरह नहीं छिपा सकीं। एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ा झटका लगा। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण हट गए और भारत का एक बड़ा स्वर्ण पदक दावेदार बाहर हो गया। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी नहीं कर सके, जबकि लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे को रजत से संतोष करना पड़ा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारत मुकाबले में तो है, लेकिन पदक के रंग को स्वर्ण में बदलने में अभी अंतर बाकी है। चोटों ने भी परेशानी बढ़ाई। ज्योति याराजी ने अभ्यास के दौरान घुटने में दर्द और परेशानी महसूस होने के बाद महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की शुरुआती हीट से पहले नाम वापस ले लिया। घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे। किरण पाहल, एम पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण दिलाया। हालांकि हांगझोउ में छह स्वर्ण जीतने वाले इस खेल का प्रदर्शन इस बार काफी नीचे रहा। निराशाजनक प्रदर्शन को असमान तैयारियों ने और मुश्किल बना दिया। खिलाड़ियों के आवास से जुड़ी समस्याएं, समर्पित खेल गांव का अभाव और लगातार परिवहन संबंधी दिक्कतों ने उनकी दिनचर्या प्रभावित की। प्रतियोगिता स्थलों तक लंबी यात्राएं, बसों में देरी और उबरने के लिए कम समय ने खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ये समस्याएं हालांकि हम पदकों का बहाना नहीं हैं क्योंकि सुविधांए सभी के लिए समान थीं। इसके बावजूद आइची-नागोया खेलों ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू भी दिखाया और वह यह है कि देश का खेल आधार लगातार व्यापक हो रहा है। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वह व्यक्तिगत रिकर्व में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते जिससे उसका कुल पदक प्रदर्शन हांगझोउ के बराबर रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिकर्व तीरंदाजों ने सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल रहा। यह दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की भारत की गंभीर क्षमता का संकेत है। कुश्ती में भारत ने छह पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण शामिल रहे। सुजीत कलकल और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक की राह में ओलंपिक और विश्व चैंपियनों को हराया। ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे। इसके विपरीत गोल्फ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की महिला टीम ने रजत पदक जीता जिससे भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार महिला टीम गोल्फ पदक हासिल किया। मुक्केबाजी ने भी भविष्य के लिए उम्मीद जगाई। परवीन हुड्डा ने 22 महीने के निलंबन के बाद शानदार वापसी करते हुए महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। हांगझोउ में जीता उनका कांस्य पदक निलंबन के कारण उनसे छिन गया था। लवलीना बोरगोहेन ने हांगझोउ के रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदला जबकि अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में एक और स्वर्ण भारत की झोली में डाला। हॉकी में भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। उसने फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया जबकि गोलकीपर बिचु देवी ने शानदार प्रदर्शन किया और अनुभवी सविता पूनिया ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस स्वर्ण से भी बड़ी उपलब्धि थी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना रही। इससे क्वालीफिकेशन की अनिश्चितता खत्म हुई और भारतीय टीम को तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त मिली। पिछले 10 महीनों में नए कोचिंग ढांचे के तहत टीम में आया बदलाव यह दिखाता है कि लगातार और योजनाबद्ध तैयारी से क्या हासिल किया जा सकता है। पुरुष टीम ने भी एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिलिस का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया। क्रिकेट ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। भारत ने पुरुष फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। श्रेयस अय्यर की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में अपना धैर्य बनाए रखा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। आइची-नागोया खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, नए क्षेत्रों में सफलता और भारत के पदक आधार के विस्तार के कई संकेत मिले। लेकिन निशानेबाजी और एथलेटिक्स की नाकामी ने उन कमियों को भी उजागर किया जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
'मैं बतौर बल्लेबाज मैदान पर अधिक समय बिताना चाहता था', अपनी शानदार शतकीय पारी को लेकर बोले राहुल
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। केएल राहुल ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी नाबाद 129 रन की पारी सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि क्रीज पर ज्यादा समय बिताने और अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए भी थी।
Asian Games में स्वर्ण जीतने वाली Indian Hockey टीम को ओडिशा सरकार देगी नकद इनाम
भुवनेश्वर, चार अक्टूबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को साढ़े पांच लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। भारत ने शनिवार को मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियाई खेलों में दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला टीम ने फाइनल में गत चैंपियन और ऊंची रैंकिंग वाली चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता था और ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया था। यह पहली बार है जब एशियाई खेलों के एक ही चरण में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों को 11-11 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ को साढ़े पांच-पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। ’’मुख्यमंत्री ने टीम के प्रत्येक सदस्य को बधाई दी और इस यादगार उपलब्धि में उनके योगदान की सराहना की। कार्यालय ने कहा, ‘‘भारतीय हॉकी से ओडिशा का गहरा जुड़ाव रहा है। राज्य को अपने चैंपियनों पर गर्व है। राज्य खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लगातार समर्थन देता रहेगा। ’’माझी ने राज्य के भारतीय पुरुष हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों अमित रोहिदास और शिलानंद लकड़ा से भी बात की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। ओडिशा सरकार 2036 तक भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों की आधिकारिक प्रायोजक है। वर्ष 2018 में ओडिशा राष्ट्रीय हॉकी टीमों को प्रायोजित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
पाकिस्तान : तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
नई दिल्ली, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने 13 साल लंबे इंटरनेशनल करियर पर ब्रेक लगाने का फैसला किया है।
'भारत ने अच्छा खेल दिखाया और हमें कड़ी चुनौती दी', ब्राजील की 4-0 से जीत के बाद बोले कोच एंसेलोटी
कोलकाता, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत ने काउंटर-अटैक पर शानदार खेल दिखाया और पूरे मैच में ब्राजील को कड़ी चुनौती दी। एंसेलोटी ने माना कि विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक और कठिन था। उनके अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच में ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, जिससे ब्राजील को जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
श्रेयस अय्यर : सीरीज जीतना पहली प्राथमिकता
नई दिल्ली, वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रयोग करने से ज्यादा नतीजों पर ध्यान देने की बात कही है। उनका कहना है कि अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाने से पहले सीरीज जीतना प्राथमिकता होगी।
20वें एशियन गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी शुरू हो चुकी है। जापान के नागोया शहर स्थित नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में कल्चरण इवेंट्स चल रहे हैं। सेरेमनी के दौरान भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने तिरंगा थामा। इससे पहले सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने गेम्स का आखिरी गोल्ड मेडल जीता। क्लोजिंग सेरेमनी के 2 फोटो एशियन गेम्स 2026 की फाइनल मेडल टैली सऊदी अरब के घुड़सवार ने जीता आखिरी गोल्ड एशियन गेम्स 2026 का आखिरी गोल्ड मेडल सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने जीता। वे घुड़सवारी के शो जम्पिंग इवेंट में चैंपियन बने। उन्हीं के देश के अब्दुलरहमान बदर एम अलराजही को सिल्वर और कतर के मोहम्मद बासेम को ब्रॉन्ज मिला। थाईलैंड के एथलीट और चीन की तैराक को MVP अवॉर्ड थाईलैंड के एथलीट बूनसोन पुरिपोल और चीन की 13 साल की तैराक यू जिदी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर अवॉर्ड दिया। बूनसोन ने पुरुषों की 100 मीटर रेस में सेमीफाइनल में 9.91 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में उन्होंने 9.90 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता। फिर 200 मीटर के सेमीफाइनल में 20.10 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में 19.88 सेकंड के साथ गोल्ड जीता। उनका समय एशियन रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा। यू जिदी ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ्लाई में 2:05.08 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 2:06.10 का एशियन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 4:28.56 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। यू जिदी ने 13 साल की उम्र में तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। वे एशियन गेम्स के इतिहास की सबसे कम उम्र की MVP बनीं।
शुभमन गिल ने जडेजा के वर्ल्ड कप सेलेक्शन पर दी बड़ी सफाई, कहा- 'जड्डू भाई को आराम दिया'
मुल्लनपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे व अंतिम वनडे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में जगह न मिलने पर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
रेस्ट ऑफ इंडिया ने 31वीं बार ईरानी कप का खिताब जीत लिया है। टीम ने जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराया। श्रीनगर में 1 से 5 अक्टूबर तक खेले गए मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया ने पहली पारी में 237 और दूसरी पारी में 319 रन बनाए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर की टीम पहली पारी में 278 और दूसरी पारी में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मुकेश कुमार ने 6 विकेट लिए दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 28.4 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। क्वामरान इकबाल ने 32 और शुभम खजूरिया ने 36 रन बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। रेस्ट ऑफ इंडिया के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 10.4 ओवर में 33 रन देकर 6 विकेट लिए। आकाश दीप ने 3 और मुकेश चौधरी ने एक विकेट हासिल किया। रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए स्मरण का शतक रेस्ट ऑफ इंडिया की दूसरी पारी में रविचंद्रन स्मरण ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 153 गेंदों पर 135 रन बनाए। उनकी पारी में 16 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। स्मरण के अलावा सनत सांगवान ने 55 और सुधीप कुमार घरामी ने 33 रन बनाए। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 41 रन की बढ़त ली रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम पहली पारी में 237 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ने 68.1 ओवर में 237 रन बनाए। रविचंद्रन स्मरण ने सबसे ज्यादा 68 रन बनाए, जबकि शिखर मोहन ने 60 रन की पारी खेली। जम्मू-कश्मीर की ओर से सुनील कुमार ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 278 रन बनाए। पारस डोगरा ने 75, लोन नासिर ने 64 और अब्दुल समद ने 57 रन की पारी खेली। इस तरह जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी के आधार पर रेस्ट ऑफ इंडिया पर 41 रन की बढ़त हासिल की। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया सबसे सफल टीम रेस्ट ऑफ इंडिया ने अब तक 63 बार ईरानी कप खेला है और 31 बार खिताब जीता है। मुंबई 15 खिताब के साथ दूसरे नंबर पर है।
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) की गवर्निंग काउंसिल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के लिए प्रणवी उर्स को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके अलावा, सिल्वर जीतने वाली महिला गोल्फ टीम के प्रत्येक सदस्य को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। महिला टीम में प्रणवी के साथ ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल हैं।
नागोया, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों के तीन गोल्ड समेत 6 मेडल जीतने के बाद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने पिछले दशक में भारतीय बॉक्सिंग की लगातार तरक्की की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत वर्ल्ड बॉक्सिंग में 44वें नंबर पर था और अब टॉप पर है।
मुकेश कुमार ने गेंद से मचाया तहलका, ईरानी कप में सिर्फ 33 रन देकर झटके 6 विकेट; ROI बना विजेता
भारतीय घरेलू क्रिकेट में ईरानी कप इस बार शेष भारत और जम्मू-कश्मीर की टीम के बीच में खेला गया जिसको ऋषभ पंत की कप्तानी में शेष भारत की टीम 167 रनों से अपने नाम करने में कामयाब रही जिसमें तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने अपने 6 विकेट हॉल से अहम भूमिका अदा की।
India vs Brazil Match: 0-4 से हार के बाद भी Carlo Ancelotti ने की भारतीय टीम की तारीफ
ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने रक्षात्मक रूप से भारत के व्यवस्थित प्रदर्शन और जवाबी हमलों की तारीफ करते हुए कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में ऐतिहासिक मैत्री मुकाबले में 0-4 से हार के बावजूद भारतीय टीम ने कुछ मौकों पर उनकी टीम को परेशान किया। भारत ने शुरुआती 25 मिनट में स्टार खिलाड़ियों से सजी ब्राजील की टीम के खिलाफ मजबूती से मुकाबला किया लेकिन पांच बार की विश्व चैंपियन टीम ने इसके बाद लय हासिल की और मैच पर पकड़ बना ली। एंसेलोटी ने मैच के बाद कहा, ‘‘उन्होंने अपना खेल खेलने की कोशिश की। उन्होंने बचाव किया, वे व्यवस्थित थे और उन्होंने जवाबी हमले करने की कोशिश की। मुझे लगता है कि उन्होंने अच्छा खेल खेला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें पहला गोल करने में मुश्किल हुई, लेकिन एस्तेवाओ के गोल से बढ़त लेने के बाद हमें मैच को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के अधिक मौके मिले।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘यह अच्छा अनुभव था। हमने कुछ खिलाड़ियों को खेलने का समय दिया जो उनके लिए अच्छा परीक्षण रहा। मुझे लगता है कि यह अच्छा और मनोरंजक मैच था, जिसमें काफी तीव्रता थी। भारत ने अपना काम किया और बचाव तथा जवाबी हमले के जरिए मुकाबला करने की कोशिश की।’’ दोनों टीमों के बीच का अंतर आंकड़ों में भी साफ नजर आया। ब्राजील के पास 65.8 प्रतिशत समय गेंद रही जबकि भारत का गेंद पर कब्जा 34.2 प्रतिशत था। दक्षिण अमेरिकी टीम ने भारत के नौ के मुकाबले गोल करने के लिए 20 प्रयास किए। इनमें से ब्राजील के सात प्रयास निशाने पर रहे जबकि भारत के तीन प्रयास लक्ष्य पर थे। ब्राजील ने भारतीय बॉक्स के अंदर 29 बार ‘अटैकिंग टच’ किए जबकि भारत के ऐसे 12 टच रहे। अंतिम तिहाई में ब्राजील ने 156 सफल पास किए, जबकि भारत के 29 पास ही सफल रहे। पासिंग में भी ब्राजील आगे रहा। उसने 652 पास में 90.3 प्रतिशत सटीकता हासिल की, जबकि भारत ने 330 पास में 83.6 प्रतिशत सटीकता दर्ज की। भारत ने 23 क्लियरेंस और छह टैकल किए जबकि ब्राजील ने 14 क्लियरेंस और 13 टैकल किए। हालांकि एंसेलोटी के लिए मुकाबला केवल इन आंकड़ों या अंतिम नतीजे तक सीमित नहीं था। उनके लिए यह ब्राजील के युवा खिलाड़ियों को परखने का भी अवसर था। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक परीक्षण था। अब हमारे लिए युवा खिलाड़ियों को टीम का हिस्सा बनने का मौका देने का समय है, जिससे कि वे टीम को जान सकें और हम यह जान सकें कि भविष्य में उनमें राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की गुणवत्ता है या नहीं। इसलिए यह अच्छा परीक्षण था।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी और बेहतर कर सकते थे जबकि कुछ ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। यह उनके लिए अच्छा रहा। बेशक, यह कोई परीक्षा नहीं थी, बल्कि अपनी गुणवत्ता दिखाने का अवसर था।’’ इटली के इस अनुभवी कोच ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में दो और भारत में एक मुकाबले में टीम के प्रदर्शन से वह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन तीन मैच के बाद हम काफी संतुष्ट हैं। मुझे लगता है कि हमने इस दौरे का अंत अच्छी भावना के साथ किया क्योंकि खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। कुछ अन्य खिलाड़ी और बेहतर कर सकते थे। हर खिलाड़ी का अपना व्यक्तित्व होता है।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘अंत में हम संतुष्ट रहे। हम किस स्तर का मैच खेलते हैं, यह मायने नहीं रखता। हमारे लिए मैच की अच्छी तैयारी करना और सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है।’’ एंसेलोटी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया से शुरुआत करने और यहां आने तक उन्होंने हर मैच में सुधार किया। उन्हें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।’’ एंसेलोटी ने कोलकाता के दर्शकों का भी आभार जताया और कहा कि ब्राजील की टीम स्टेडियम में पहुंचे प्रशंसकों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहती थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां आकर खुश हैं। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। हम ब्राजील और फुटबॉल से प्यार करने वाले सभी लोगों को अपना सर्वश्रेष्ठ स्तर दिखाना चाहते थे। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने इस रात का आनंद लिया होगा।
चाइना ओपन: दुनिया की 34वें नंबर की खिलाड़ी से हारीं नंबर 2 एरिना सबालेंका
बीजिंग, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका को रविवार को चाइना ओपन के तीसरे राउंड में चेक रिपब्लिक की निकोला बार्टुंकोवा ने सीधे सेटों में हरा दिया।
वनडे सीरीज के बाद क्या बोले कप्तान शुभमन गिल?
न्यू चंडीगढ़, भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को पीसीए स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला गया। इस मैच में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए भारत को 5 विकेट से हरा दिया। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस मैच में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जडेजा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने की वजह बताई।
शुभमन गिल : अगली सीरीज से हमारे सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होंगे
न्यू चंडीगढ़, भारत के कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि टीम को अगली सीरीज से ही वही प्लेइंग कॉम्बिनेशन अपनाना शुरू कर देना चाहिए, जिसे वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में अब सिर्फ एक साल का समय बचा है, इसलिए लगातार नए प्रयोग करने के बजाय टीम को अपने सबसे मजबूत संयोजन के साथ खेलना चाहिए।
Anahat Singh ने एशियाई खेलों के रजत पदक के बाद 2028 Olympics पर साधी नजरें
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अनाहत सिंह जानती थीं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना ‘बहुत यथार्थवादी’ लक्ष्य नहीं था लेकिन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाना इस भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के लिए निराशा के साथ-साथ प्रेरणा का भी कारण बना और अब उनकी नजरें 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। अनाहत एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्क्वाश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि उन्हें दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई खिलाड़ी सिवसांगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अगर अनाहत फाइनल जीत जातीं तो उन्हें 2028 ओलंपिक में सीधे जगह मिल जाती लेकिन यह 18 वर्षीय खिलाड़ी अब पीएसए रैंकिंग में ऊपर चढ़कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। स्वदेश लौटने के बाद अनाहत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से काफी निराश थी। दोबारा खुश होने या थोड़ा बेहतर महसूस करने में मुझे कुछ दिन लगे। फाइनल में हारना अच्छा नहीं लगता, विशेषकर तब जब आप किसी बड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद खिताब के इतने करीब पहुंच जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं को देखने की कोशिश करूंगी और इसे इस रूप में देखूंगी कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अगर मैं शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकती हूं तो इसमें मेरे लिए कई अच्छी बातें भी हैं।’’अनाहत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं लेकिन उन्हें पता था कि मजबूत खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए यह आसान लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना था। मुझे पता था कि यह बहुत यथार्थवादी लक्ष्य नहीं था लेकिन निश्चित रूप से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास वैकल्पिक योजना भी होनी है जिसका मतलब रैंकिंग के जरिए क्वालीफाई करना है। अब मैं यही करने की कोशिश करूंगी। अगले 18 महीने में मैं अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलने और उनमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी, जिससे कि रैंकिंग में ऊपर जा सकूं और ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर सकूं।’’सीधे क्वालीफिकेशन का मौका हाथ से निकलने के बाद अनाहत ने अब अपना पूरा ध्यान पीएसए रैंकिंग पर लगा दिया है। अनाहत और अभय सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीते, जबकि भारतीय महिला और पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किए। भारतीय महिला स्क्वाश टीम की कोच सुरभि मिश्रा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश थीं लेकिन उनका मानना था कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते थे। सुरभि ने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। अनाहत और अभय ने बहुत अच्छा किया। टीम स्पर्धा में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम शायद थोड़ा बेहतर कर सकते थे। हम जीत से बस कुछ अंक दूर थे।’’कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तन्वी खन्ना ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय स्क्वाश में हो रही प्रगति को दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शानदार रहा। हमारे पास फाइनल में पहुंचने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद टीम के रूप में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दिखाया कि हम शीर्ष स्तर पर हैं। उम्मीद है कि अगली बार हम स्वर्ण पदक के साथ लौटेंगे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को गोल्ड मेडल मैच में 19 रनों से धूल चटाने के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं इस मैच के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन का बड़ा बयान सामने आया जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमें गोल्ड मेडल कोई थाली में परोसा हुआ नहीं मिला।
एशियन गेम्स में भारत का अभियान समाप्त हो चुका है। जापान में 16 दिन चले गेम्स में भारत चौथे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज सहित 85 मेडल दिलाए। 5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की पुरुष-महिला टीमों ने गोल्ड जीते। सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलीट्स ने जीते भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में जीते। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की दोनों टीमों में एशियन चैंपियन सिंगल मेडल जीतने वाले खिलाड़ी ---------------------------------------------------- एशियन गेम्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां, शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पढ़ें पूरी खबर
Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, चार अक्टूबर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत-पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट फाइनल और पुरुष हॉकी सेमीफाइनल सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबले रहे। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आइची-नागोया खेलों में खिलाड़ियों को ‘सर्वश्रेष्ठ माहौल’ उपलब्ध कराया गया जिसका प्रमाण 212 रिकॉर्ड हैं। भारत ने काकामिगाहारा के गिफू प्रांतीय ग्रीन स्टेडियम में पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने पुरुष क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया। ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘प्रसारण को खेलों के इतिहास में सबसे अधिक दर्शक मिले। इसके पीछे दो बड़े मुकाबले रहे। कल पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला रहा और उससे एक दिन पहले (बृहस्पतिवार को) पाकिस्तान-भारत हॉकी मैच खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला था।’’पारंपरिक खेल गांव को खत्म करके लागत घटाने के फैसले, सीमित जगह वाले आवास और परिवहन संबंधी परेशानियों के कारण इन खेलों की व्यवस्थाओं की आलोचना हुई। आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव की जगह करीब 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज जहाज का इस्तेमाल किया। हालांकि इकराम ने कहा कि इतने बड़े बहु-खेल आयोजनों में संचालन संबंधी चुनौतियां हमेशा रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दे सामने आए। निश्चित रूप से कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने जिस तरह उन चुनौतियों का सामना किया, उसे अधिक महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया जाना चाहिए।’’इकराम ने कहा, ‘‘हमने अपने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था देने की कोशिश की। हमने ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और अन्य महाद्वीपीय खेलों जैसे कई बड़े आयोजन देखे हैं और संचालन में हमेशा कुछ चुनौतियां होती हैं।’’खिलाड़ियों के आवास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने इसे काफी अच्छी तरह स्वीकार किया। यह अनुकूलन का विषय था। बड़े खेल गांव का बाद में कोई उपयोग नहीं होता, यह अलग मॉडल था। हां, भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’’ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने कहा कि आइची-नागोया खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाए गए सर्वश्रेष्ठ माहौल के बिना संभव नहीं थी।’’हुसैन ने कहा, ‘‘अगर खिलाड़ी अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उनके लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था नहीं होती तो वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ा और नागोया या कहीं भी कोई ऐसी बड़ी स्थायी परियोजना नहीं बची जिसका बाद में उपयोग नहीं हो।’’खेलों से ओसीए को हुए आर्थिक लाभ के बारे में अल-मुसल्लम ने कहा, ‘‘इन खेलों में ओसीए की मार्केटिंग और प्रायोजन से होने वाली आय 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रही।’’खेलों को विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने के बारे में इकराम ने कहा, ‘‘ये खेल एक अलग मॉडल था। इनकी खासियत यह थी कि इन्हें अलग-अलग प्रांत में आयोजित किया गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक खेल भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें गोल्ड कोस्ट समेत दो या तीन मुख्य केंद्रों में खेल आयोजित किए जाएंगे।
तीरंदाजी में गोल्ड जीतने वाली कीर्ति शर्मा के कहा- मेरे पिता को मेरी सफलता का श्रेय जाता है
नागोया, एशियन गेम्स में भारत की महिला रिकर्व टीम ने गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में कीर्ति शर्मा शामिल थीं, जिनका संबंध हरियाणा से है। रिटौली जैसे आम गाँव से निकलकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने का कीर्ति का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है। कीर्ति ने साई, हजारीबाग में अपनी तीरंदाजी की प्रतिभा को निखारा है।
श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने रविवार को एक्स पर टीम का ऐलान किया। कुसल मेंडिस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका की कप्तानी करेंगे। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज वनडे ट्राई-सीरीज 18 से 31 अक्टूबर तक रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाएगी। इसमें श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हिस्सा लेंगी। निसांका चोट के कारण इस हफ्ते घोषित टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल नहीं किए गए थे। श्रीलंका क्रिकेट के मुताबिक, मेडिकल फिटनेस मिलने पर ही वे वनडे ट्राई-सीरीज के लिए पाकिस्तान जाएंगे। चरिथ असलंका को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों ODI खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 1, 11 और 7 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी। वहां पहले तीन मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद ODI ट्राई-सीरीज होगी। नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली जाएगी। इंग्लैंड सीरीज के 14 खिलाड़ी बरकरार पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज में खेलने वाले 14 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। सहान अराचिगे और अविष्का फर्नांडो टीम में दो नए चेहरे हैं। 30 साल के सहान अराचिगे ने श्रीलंका के लिए पांच ODI और तीन T20I खेले हैं। उनका आखिरी 50 ओवर का मैच जनवरी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ था। अविष्का फर्नांडो ने श्रीलंका के लिए आखिरी ODI 12 फरवरी 2025 को कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्हें 51 ODI खेलने का अनुभव है। उनके नाम 1,589 रन हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका ट्राई-सीरीज में अपना पहला मैच 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से मुकाबला होगा। श्रीलंका का तीसरा मैच 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होगा। टीम 29 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से फिर खेलेगी। फाइनल 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका को अंक तालिका में शीर्ष दो टीमों में रहना होगा। पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानागे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, महीश तीक्षणा, सचिंदु कोलंबगे, दुश्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा और पाथुम निसांका।
पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है...
हार्दिक : एशियन गेम्स में हमारा लक्ष्य गोल्ड मेडल था
नागोया, एफआईएच वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर जोरदार वापसी की। शनिवार को भारत ने अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया और साथ ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
Brazil से मिली 0-4 की हार के बाद बोले Khalid Jamil, बड़े मैचों से ही सुधरेगा खेल
कोलकाता, चार अक्टूबर पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ करारी हार के बावजूद मुख्य कोच खालिद जमील ने भारत के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू देखे और उम्मीद जताई कि भविष्य में उनकी टीम को ऐसे ही बड़े मुकाबलों में खेलने के अधिक मौके मिलेंगे जिससे कि टीम बेहतर हो सके। फीफा पुरुष विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज ब्राजील ने शनिवार को यहां 138वें स्थान की भारतीय टीम को 4-0 से हराया। जमील ने मैच के बाद कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनका स्तर बेहद ऊंचा है। उनके कोच भी अच्छे हैं और उनके पास अलग-अलग क्लबों के लिए खेल चुके खिलाड़ी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनका सामना करना और उन्हें रोकना बहुत मुश्किल है। यह आसान काम नहीं है। ऐसा एक दिन में नहीं होता इसमें समय लगता है। दबाव हर जगह होता है। लेकिन हम जितना अधिक खेलेंगे उतना बेहतर होगा।’’उरुग्वे के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘अगला मैच भी हमारे लिए बहुत अच्छा है, इसलिए हमें इसी तरह आगे बढ़ना होगा।’’ब्राजील 1993 में आधिकारिक फीफा रैंकिंग शुरू होने के बाद भारत का सामना करने वाला अब तक का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला प्रतिद्वंद्वी भी है। उसने 1995 में नौवें स्थान पर काबिज रूस और 1998 के जापान को पीछे छोड़ा। जमील ने भारत के प्रदर्शन पर संतोष जताया लेकिन माना कि टीम को रक्षात्मक रूप से और मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘महेश और थापा ने रक्षात्मक रूप से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मिडफील्ड में भी वे काफी अच्छे थे। विलियम्स, सहल (अब्दुल समद) और मनवीर ने भी अच्छा खेल दिखाया।’’जमील ने कहा, ‘‘मनवीर ने आमने-सामने की स्थिति में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर प्रदर्शन काफी अच्छा था, खासकर विलियम्स का। उसने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। रक्षात्मक रूप से हमें थोड़ा और मजबूत होना होगा।’’भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की थी लेकिन 28वें मिनट में ब्राजील के पहला गोल करने के बाद उसकी लय टूट गई। जमील का मानना था कि शुरुआती गोल ने मुकाबले का रुख बदल दिया। भारत के कोच ने हार के लिए गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए अनुभवी खिलाड़ी का मजबूती से समर्थन किया। जमील ने कहा, ‘‘यह गुरप्रीत की वजह से नहीं हुआ। डिफेंडर खिलाड़ी के करीब नहीं पहुंच पाया और वहां से गेंद भी आगे निकल गई। इसलिए कुल मिलाकर यह सभी की गलती थी।’’मंगलवार को उरुग्वे के खिलाफ अगले मैत्री मुकाबले में गुरप्रीत के खेलने के बारे में पूछे जाने पर जमील ने अंतिम एकादश की पुष्टि नहीं की लेकिन साफ किया कि यह गोलकीपर उनकी योजनाओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘शायद सोम (कुमार) खेले, शायद एल्बिनो (गोम्स), कोई भी खेल सकता है। यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। लेकिन गुरप्रीत निश्चित रूप से वापसी करेगा।
'ओलंपिक के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से तैयारी का समय मिलता है', गोल्ड मेडल जीतने के बाद बोले मनप्रीत
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि ओलंपिक 2028 के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से भारतीय टीम को लॉस एंजिल्स गेम्स से पहले तैयारी के...
चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका तीसरे राउंड में हारकर बाहर हो गईं। चेकिया की 34वें नंबर की खिलाड़ी निकोला बार्टुनकोवा ने उन्हें सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया। मुकाबला डेढ़ घंटे से थोड़ा ज्यादा चला। इसके साथ ही बीजिंग में खेले जा रहे WTA-1000 टूर्नामेंट में दोनों टॉप सीड खिलाड़ी पहले ही हफ्ते में बाहर हो गईं। नंबर-1 एलेना रायबाकिना शनिवार को हारकर बाहर हुई थीं। कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ीं 28 साल की बेलारूसी खिलाड़ी का बीजिंग में संघर्ष जारी रहा। वे चाइना ओपन में कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। पिछले महीने US ओपन में भी उन्हें एलेना रायबाकिना ने हराया था। इस हार के साथ सबालेंका का चाइना ओपन में एक और निराशाजनक अभियान खत्म हो गया। बार्टुनकोवा का अगला मुकाबला सिंजा क्रॉस से सबालेंका को हराने के बाद बार्टुनकोवा अब ऑस्ट्रिया की 24 साल की सिंजा क्रॉस से खेलेंगी। क्रॉस ने तीसरे राउंड के मुकाबले में यूक्रेन की दायाना यास्त्रेम्स्का को 6-1, 6-4 से हराया। बार्टुनकोवा के लिए यह जीत खास है, क्योंकि उन्होंने चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सबालेंका को सीधे सेटों में हराया। वे अब टूर्नामेंट के अगले दौर में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेंगी। जोकोविच-ज्वेरेव क्वार्टर फाइनल मेंस कैटेगरी में टॉप सीड और US ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव का क्वार्टर फाइनल में नोवाक जोकोविच से मुकाबला होगा। यह मैच रविवार को खेला जाएगा। ज्वेरेव ने US ओपन का खिताब जीतने के बाद चाइना ओपन में अपना अभियान जारी रखा है। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां:एशियन गेम्स में 4 गोल्ड ज्यादा जीते; शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पूरी खबर
एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी Abhay Singh स्वर्ण न मिलने से नाखुश
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की। पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण पदक जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है कि हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे और इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’अभय (28 वर्ष) एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश का पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उम्मीद है कि अगली बार इसमें बदलाव आएगा।’’भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर होगा जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अभय ने कहा, ‘‘अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। फिलहाल मैं रैंकिंग में शीर्ष पर हूं और योजना इस स्थान पर बने रहने तथा लगातार सुधार करने की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं पर हमें ध्यान देना चाहिए।
Asian Games पदक विजेता भारतीय मुक्केबाजों का दिल्ली हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ
(हिमांक नेगी)नयी दिल्ली, चार अक्टूबर रात के करीब तीन बजे थे लेकिन हवाई अड्डे पर रौनक बनी हुई थी और एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्साहित परिजनों की मौजूदगी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बैंड, फूल-माला, मिठाइयों से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ। भारतीय मुक्केबाजी दल के नागोया में यादगार अभियान के बाद स्वदेश वापसी पर उसका सफलता के अनुरूप स्वागत किया गया। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने खिलाड़ियों की अगवानी की। स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मेरे परिवार के सदस्य यहां आए हैं और अब हम और जश्न मनाएंगे। मेरे गांव में भी एक कार्यक्रम होगा जहां हम जश्न मनाएंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ नया सीखकर लौटा हूं और यह आगे ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में काफी उपयोगी होगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’परवीन हुड्डा के लिए यह जश्न खास तौर पर भावुक करने वाला था। उन्होंने पिछली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन निलंबन के बाद वह पदक उनसे छीन लिया गया था। इस बार उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। परवीन ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने कांस्य पदक जीता था लेकिन वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा क्योंकि रहने के स्थान की जानकारी (व्हेयरअबाउट नियम) से जुड़े नियम के कारण मेरा पदक छीन लिया गया था। लेकिन यही मेरी प्रेरणा थी कि मैं अलग रंग का पदक जीतकर वापसी करूं।’’भारतीय मुक्केबाज नागोया से अभूतपूर्व तीन स्वर्ण पदक के अलावा तीन कांस्य पदक लेकर लौटे। महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा इस प्रदर्शन से बेहद खुश थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मुश्किल था और हमें हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देना था। आप एक पल के लिए भी ढिलाई नहीं बरत सकते। इसलिए यह उपलब्धि इतनी खास महसूस हो रही है। हमारे तीन मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे और तीनों के मुकाबले बेहद कठिन थे। तीनों में जीत हासिल करना शानदार था।’’नीवा के लिए अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की टीम में मौजूदगी भी जीत की संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण रही है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना नागोया से चैंपियन बनकर लौटीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था लेकिन उससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी, इसलिए इस बार मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। मैं मानसिक रूप से भी काफी मजबूत और परिपक्व हुई हूं।’’लवलीना ने कहा, ‘‘पहले मैं बहुत भावुक थी और कई चीजों को दिल पर ले लेती थी, लेकिन अब मैं चीजों को बेहतर तरीके से समझती हूं। तकनीकी और मानसिक रूप से भी खेल के प्रति मेरा नजरिया बदला है।’’अगस्त में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने पहले एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली प्रिया घंघास भी इस अनुभव का इस्तेमाल अपनी कमियों में सुधार के लिए करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चीन के खिलाफ मुकाबले में मेरे अंदर कुछ कमियां थीं। मुक्के मारते समय मैं हमेशा अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाती और फुटवर्क में भी कुछ चीजों में सुधार की जरूरत है। मैं इन चीजों पर काम करूंगी और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी।’’कांस्य पदक विजेता कपिल पोखरिया भी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतकर स्वदेश लौटने से खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सका था।’’बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने भी भारत के प्रदर्शन पर खुशी जताई और कहा कि एशियाई खेलों की सफलता मजबूत प्रदर्शन की श्रृंखला में एक और उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बेहद गर्व है। उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और चीन जैसे प्रमुख मुक्केबाजी देशों को पीछे छोड़कर एशिया में नंबर एक बनना शानदार उपलब्धि है।’’अजय ने कहा, ‘‘यह लगातार अच्छे प्रदर्शनों के बाद आया है। टीम बहुत अच्छा कर रही है और हमारे मुक्केबाजों में काफी आत्मविश्वास है। अब हमें सिर्फ ओलंपिक की तैयारी करनी है।
भारत ने एशियाई खेलों के अपने अभियान का अंत 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर किया। हांगझोउ के 107 पदकों से यह प्रदर्शन पीछे रहा, लेकिन अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण ने भारत को शीर्ष चार में बनाए रखा।
रोहित-कोहली को लेकर सवाल पर शुभमन गिल ने दिया करारा जवाब, आलोचकों की कर दी बोलती बंद
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर पूछे गए सवाल पर साफ कर दिया कि वर्ल्ड कप से एक साल से भी कम समय पहले टीम में इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलवान अंतिम पंघाल और महिला गोल्फ टीम को सिल्वर जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में शनिवार को कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाली अंतिम पंघाल और महिला टीम गोल्फ इवेंट में सिल्वर जीतने वाली अदिति अशोक, प्रणवी शरथ उर्स और दीक्षा डागर को बधाई दी है।
वेस्टइंडीज टीम के कप्तान शे होप के बल्ले से टीम इंडिया के खिलाफ तीसरे वनडे में 162 रनों की नाबाद पारी देखने को मिली, जिसके साथ ही अब वह रन चेज करते हुए भारतीय टीम के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रनों की पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
मोनालिसा और सोनाली ने 'सैंड आर्ट' बनाकर भारतीय क्रिकेट और हॉकी टीम को गोल्ड जीतने की बधाई दी
पुरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और स्वर्णिम रहा। भारतीय दल ने मुक्केबाजी, आर्चरी, पुरुष गोल्फ, कुश्ती, क्रिकेट और हॉकी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अलग-अलग खेलों में भारतीय टीमों की उपलब्धियों से पूरे देश में जश्न का माहौल है। इस अवसर पर पुरी के सैंड आर्टिस्टों ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तानों की तस्वीर बनाकर उनका और टीमों का अभिनंदन किया है।
एशियन गेम्स: जापानी खाने से वजन बढ़ने का था डर तो देरी से पहुंचे अमन, एशियाड में जीता स्वर्ण
हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण से चूकने का दर्द अमन सेहरावत को लंबे समय तक कचोटता रहा।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर बात की है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे हारने के बाद कहा- 'रोहित शर्मा और विराट कोहली अच्छी फॉर्म में हैं। उनकी जगह प्रयोग करने का समय नहीं है।' गिल ने वनडे वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी में भी सुधार की जरूरत बताई। शनिवार को केएल राहुल के शतक के बावजूद भारत चंडीगढ़ में 5 विकेट की हार मिली। हालांकि, भारत ने सीरीज 2-1 से जीती। कोहली-रोहित की फॉर्म पर गिल का भरोसा, राहुल की तारीफ की गिल ने कहा कि रोहित और विराट दोनों अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने केएल राहुल के योगदान की भी तारीफ की। गिल ने कहा, ‘वे दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई भी अच्छी फॉर्म में हैं। जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा काम किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।’ रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं कोहली और रोहित को कुछ वनडे में आराम देने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गिल ने कहा कि फिलहाल प्रयोग के लिए ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी उपलब्ध खिलाड़ी खेलेंगे। वर्ल्ड कप में जिस कॉम्बिनेशन के साथ उतरना है, उसके साथ खेलना शुरू करना जरूरी है।’ वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग बेहतर करनी होगी, 6-7 कैच छोड़े गिल ने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।' गिल ने सीरीज में भारत की फील्डिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े। डेथ में अटैक करें या डिफेंड, रणनीति स्पष्ट नहीं गिल ने डेथ बॉलिंग को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विपक्षी टीम के 5-6 विकेट गिरने के बाद फील्ड सेट करने को लेकर असमंजस रहता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम स्पष्ट नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।’ स्लो ओवर रेट से आखिरी में सिर्फ 4 फील्डर बाहर रख सके तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे। गिल के मुताबिक टीम मैच में नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने स्थिति बदल दी। भारत 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी गेंदों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। गिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैच हमारे नियंत्रण में था। लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।’ बुमराह-हार्दिक नहीं थे, नए गेंदबाजों को मौका मिला इस सीरीज में भारत का पहला पसंदीदा गेंदबाजी अटैक उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे। मोहम्मद सिराज ने तीन में से सिर्फ एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजी की। गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी की। गिल प्लेयर ऑफ द सीरीज, 334 रन बनाए गिल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 334 रन बनाए। इसमें गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। तीसरे वनडे में वह जल्दी आउट हो गए। जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। गिल ने कहा, ‘जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं बहुत कुछ कर सकता था।’ होप ने नाबाद 162 रन से वेस्टइंडीज को जिताया शाई होप ने 143 गेंद पर नाबाद 162 रन बनाए। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। उनकी पारी से वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। होप ने अपनी बल्लेबाजी में एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। साथ ही यह समझने को कहा था कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम का फोकस अब अपने मुख्य कॉम्बिनेशन पर रहेगा। ---------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 10 नंबर की वेस्टइंडीज से हारी रैंकिंग टॉपर टीम इंडिया क्रिकेट वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर मौजूद वेस्टइंडीज ने रैंकिंग टॉपर भारत को 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत 351 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर सका। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 5 विकेट पर 352 रन बनाकर जीत हासिल की। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद टीम की तैयारियों और सीनियर खिलाड़ियों पर बात की। उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म का समर्थन किया। साथ ही फील्डिंग और डेथ बॉलिंग में सुधार की जरूरत बताई। भारत ने सीरीज 2-1 से जीती, लेकिन तीसरा वनडे 5 विकेट से गंवाया। कोहली-रोहित की फॉर्म पर गिल का भरोसा गिल ने कहा कि रोहित और विराट दोनों अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने केएल राहुल के योगदान की भी तारीफ की। गिल ने कहा, ‘वे दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई भी अच्छी फॉर्म में हैं। जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा काम किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।’ रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं कोहली और रोहित को कुछ वनडे में आराम देने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गिल ने कहा कि फिलहाल प्रयोग के लिए ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी उपलब्ध खिलाड़ी खेलेंगे। वर्ल्ड कप में जिस कॉम्बिनेशन के साथ उतरना है, उसके साथ खेलना शुरू करना जरूरी है।’ 6-7 कैच छोड़े, वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग बेहतर करनी होगी गिल ने सीरीज में भारत की फील्डिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े। गिल ने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।' डेथ में अटैक करें या डिफेंड, रणनीति स्पष्ट नहीं गिल ने डेथ बॉलिंग को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विपक्षी टीम के 5-6 विकेट गिरने के बाद फील्ड सेट करने को लेकर असमंजस रहता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम स्पष्ट नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।’ स्लो ओवर रेट से आखिरी में सिर्फ 4 फील्डर बाहर रख सके तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे। गिल के मुताबिक टीम मैच में नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने स्थिति बदल दी। भारत 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी गेंदों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। गिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैच हमारे नियंत्रण में था। लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।’ बुमराह-हार्दिक नहीं थे, नए गेंदबाजों को मौका मिला इस सीरीज में भारत का पहला पसंदीदा गेंदबाजी अटैक उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे। मोहम्मद सिराज ने तीन में से सिर्फ एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजी की। गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी की। गिल प्लेयर ऑफ द सीरीज, 334 रन बनाए गिल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 334 रन बनाए। इसमें गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। तीसरे वनडे में वह जल्दी आउट हो गए। जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। गिल ने कहा, ‘जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं बहुत कुछ कर सकता था।’ होप ने नाबाद 162 रन से वेस्टइंडीज को जिताया शाई होप ने 143 गेंद पर नाबाद 162 रन बनाए। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। उनकी पारी से वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। होप ने अपनी बल्लेबाजी में एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। साथ ही यह समझने को कहा था कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम का फोकस अब अपने मुख्य कॉम्बिनेशन पर रहेगा।
भारत का आइची-नागोया एशियन गेम्स में अभियान समाप्त हो गया है। भारत अपने पिछले प्रदर्शन को तो पीछे नहीं छोड़ सका, लेकिन पिछले तीन दिन में दमदार प्रदर्शन के दम पर सुखद स्थिति में पहुंच गया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है। रविवार को अगर उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर ही फिनिश करेगा। आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़ 2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे। बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला। बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है। टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है। मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है। भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है। 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।
वेस्टइंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन बनाए थे। इसके बावजूद उसे हार झेलनी पड़ी। यह तीसरा मौका है, जब टीम 350+ रन बनाकर भी हार गई। शनिवार को वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में टारगेट हासिल किया। यह टीम का वनडे में सबसे बड़ा सफल रनचेज भी है। रोहित शर्मा बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा। भारत-वेस्टइंडीज तीसरे वनडे के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. भारत 350+ रन भी डिफेंड नहीं कर सकी भारत को तीसरी बार 350+ रन बनाने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 2025 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऐसा हुआ था। सचिन-जयसूर्या का क्लब में शामिल हुए रोहित रोहित शर्मा ने वनडे में ओपनर के तौर पर 10 हजार रन पूरे किए। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस ने यह उपलब्धि हासिल की। रोहित सबसे कम 202 पारियों में इस मुकाम तक पहुंचे। उनसे पहले सचिन ने 214 पारियों में 10 हजार रन बनाए थे। 2. रोहित 75वीं बार 100+ रन की साझेदारी में शामिल हुए रोहित ने ऋतुराज के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी की। वे 75वीं बार 100+ रन की साझेदारी में शामिल हुए। सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी के मामले में वे तीसरे नंबर पर हैं। 3. भारत ने 7.43 के रनरेट से बल्लेबाजी की भारत ने वनडे सीरीज में 7.43 के रन रेट से रन बनाए। यह 3 या उससे ज्यादा मैचों वाली द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन रेट है। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड है। टीम ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 7.15 के रनरेट से बल्लेबाजी की थी। 4. भारत ने 45वीं बार 350+ रन बनाया भारत ने 7 विकेट पर 351 रन बनाए। टीम ने 45वीं बार वनडे में 350+ का टोटल बनाया। साउथ अफ्रीका 36 बार के साथ दूसरे नंबर पर है। 5. भारत ने सीरीज में सबसे ज्यादा 45 छक्के लगाए भारत ने 3 मैचों में 45 छक्के लगाए। यह तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में किसी टीम के सबसे ज्यादा छक्के हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने 2021 में तीन मैचों में भारत के खिलाफ ही 37 छक्के लगाए थे। भारत किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने में इंग्लैंड के साथ चौथे नंबर पर है। 6. कोहली को पहली गेंद पर आउट करने वाले चौथे गेंदबाज बने सील्स विराट कोहली को वनडे में पहली गेंद पर आउट करने वाले जेडन सील्स चौथे गेंदबाज बन गए। इस लिस्ट में 3 वेस्टइंडीज के प्लेयर हैं। 7. बरार लगातार तीन वनडे में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज गुरनूर बरार ने इस सीरीज की 3 वनडे पारियों में 253 रन दिए। वे लगातार 3 वनडे मैचों में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। 8. राहुल ने नंबर-5 पर तीसरी सबसे बड़ी भारतीय पारी खेली राहुल ने नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 129 रन बनाए। यह भारत के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए तीसरी सबसे बड़ी पारी है। 9. वेस्टइंडीज का वनडे में सबसे बड़ा सफल रनचेज वेस्टइंडीज ने न्यू चंडीगढ़ में 352 रन का लक्ष्य हासिल किया। यह वनडे में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। 10. शाई होप ने भारत के खिलाफ रनचेज में हाईएस्ट स्कोर बनाया होप ने न्यू चंडीगढ़ में नाबादा 162 रन की पारी खेली। यह भारत के खिलाफ वनडे में रनचेज करते हउए सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान को पीछे छोड़ा। 11. होप ने बतौर विकेटकीपर-कप्तान सबसे ज्यादा 8 शतक लगाए शाई होप वनडे में बतौर विकेटकीपर-कप्तान आठवां शतक लगाया। वे इस मामले में पहले से टॉप पर हैं। उन्होंने 53 मैचों में 8 शतक लगाए हैं। एमएस धोनी 6 शतक के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 12. होप ने भारत में चौथा शतक लगाया शाई होप ने भारत में भारत के खिलाफ अपना चौथा वनडे शतक लगाया। वे न्यूजलैंड के डैरिल मिचेल के साथ संयुक्त दूसरे नंबर पर हैं। 13. अमीर जंगू ने तीनों पारियों में 50+ स्कोर बनाया वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अमीर जंगू ने इस सीरीज की तीनों पारियों में 50+ का स्कोर बनाया। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले पांचवें बल्लेबाज हैं।
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रन चेज: शाई होप ने मचाई तबाही
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रन चेज: शाई होप ने मचाई तबाही
Shai Hope के नाबाद 162 रन, West Indies ने तीसरे ODI में भारत को पांच विकेट से हराया
मुल्लांपुर, तीन अक्टूबर कप्तान शाइ होप के नाबाद 162 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने शनिवार को तीसरे और आखिरी वनडे में भारत को पांच विकेट से हराया। भारत ने तिरूवनंतपुरम और गुवाहाटी में पहले दो मैच जीतने के बाद श्रृंखला 2 . 1 से अपने नाम कर ली। होप ने 21वां वनडे शतक लगाया और 143 गेंद की उनकी पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने जीत के लिये 352 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया जो वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए उसकी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी खेली , रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। वेस्टइंडीज ने पावरप्ले में जॉन कैंपबेल का विकेट गंवाकर 78 रन बनाये। होप को गुरूनूर बरार ने शुरूआत में जीवनदान दिया जो भारत के लिये भारी पड़ा। आमिर जांगू ने उनके साथ अच्छी साझेदारी करके 56 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 67 रन बनाये। शेरफान रदरफोर्ड और होप ने वेस्टइंडीज को 29वें ओवर में 200 रन के पार पहुंचाया। स्पिनर नमन धीर ने रदरफोर्ड को विकेट के पीछे लपकवाकर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद कीमो पॉल ने होप के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की। पॉल को बरार ने 41वें ओवर में आउट किया। कुलदीप यादव ने मैथ्यू फोर्डे को पवेलियन भेजा।कुलदीप के आखिरी ओवर में होप ने पहली गेंद पर छक्का और फिर चौका जड़ा। इसके बाद उन्होंने 47वें ओवर में बरार को तीन चौके लगाये। होप ने 49वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाया और अगली गेंद पर एक रन लेकर वेस्टइंडीज को जीत दिलाई। इससे पहले राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला। सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे। सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए। सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया। पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए। रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया। अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे। रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये। तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए। राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया। राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया। इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।
'हमने शानदार हॉकी खेली,' भारत ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड, कोच फुल्टन ने टीम की तारीफ की
काकामिगहारा, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए 'एशियन गेम्स 2026' के गोल्ड मेडल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से रौंदा। हेड कोच क्रेग फुल्टन ने भारतीय टीम पर गर्व जताते हुए कहा कि टीम ने 2026 के लिए अपना मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया है।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज हसन नवाज ने 96 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जो T20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ किसी भी पाकिस्तानी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, हालांकि वे अपनी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके।
Kolkata में FIFA International Friendly मैच: ब्राजील ने भारत को 4-0 से हराया
कोलकाता, तीन अक्टूबर भारत ने शुरुआती 25 मिनट तक डटकर मुकाबला किया, लेकिन पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने शनिवार को यहां खेले गए फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में मेहमान टीम को 4-0 की करारी जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच के स्तर का बड़ा अंतर बिलकुल साफ दिखा। 2026 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद नए सिरे से टीम तैयार कर रहे कार्लो एंसेलोटी की ‘नयी लुक’ वाली ब्राजील की टीम ने इस ऐतिहासिक मैत्री मुकाबले में ज्यादातर समय अपनी सहज गति से खेलते हुए मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे बहुत ज्यादा तेजी दिखाने की जरूरत नहीं पड़ी। भारत को 51,402 दर्शकों की का समर्थन मिला लेकिन इसके बावजूद टीम शुरूआती 25 मिनट में मिले कुछ अच्छे मौकों को पर गोल नहीं कर सकी। ब्राजील के लिए एस्तेवाओ ने 28वें मिनट, पेड्रो ने 42वें मिनट और सैमुअल लिनो ने 58वें और 90+5वें मिनट में गोल किए। ब्राजील अपनी पूरी ताकत से नहीं खेला लेकिन फिर भी मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। 44वीं रैंकिंग वाली पनामा के खिलाफ 1-1 की जुझारू बराबरी के बाद मैदान पर उतरी भारतीय टीम को इस बार कहीं अधिक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद खालिद जमील के मार्गदर्शन वाली टीम ने ब्राजील को कड़ी टक्कर दी। जमील ने पनामा के खिलाफ मैच की टीम में दो बदलाव किए। उन्होंने अपुइया और रिकी शाबोंग की जगह अनुभवी मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा और सहल अब्दुल समद को टीम में शामिल किया। शुरुआती चरणों में भारतीय टीम ब्राजील को परेशान करती रही। रियाल मैड्रिड के स्टार विनिसियस ने दो बार गुरप्रीत सिंह संधू की परीक्षा ली जिसमें अभिषेक सिंह को छकाने के बाद लगाया गया शॉट भी शामिल था। लेकिन भारतीय गोलकीपर डटा रहे। एंसेलोटी ने टीम में कई बदलाव किए थे जिसमें पेड्रो मोरिस्को ने नियमित गोलकीपर और माउरो जूनियर की जगह ली जबकि गैब्रियल बोंटेम्पो, आंद्रेई सैंटोस और माथेउजिन्हो को भी मौका दिया गया। ब्राजील ने 28वें मिनट में एस्तेवाओ के गोल से बढ़त बना ली। फिर पेड्रो और लिनो ने दक्षिण अमेरिकी टीम के लिए गोल दागे।
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के पहले ही मैच में युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी की। उन्होंने 161 की तूफानी स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए अपनी इस पारी में 6 शानदार छक्के भी जड़े।
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत की पुरुष हॉकी टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड जीतने पर बधाई दी है। टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर शानदार जीत हासिल की। भारत ने कुल 85 मेडल (21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज) के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों की सराहना करते हुए कहा कि इन टीमों समेत अन्य पदक विजेताओं ने शानदार प्रदर्शन के साथ देशवासियों को गर्व और खुशी का अवसर दिया। भारत ने क्रिकेट में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराया जबकि हॉकी के स्वर्ण पदक मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘स्वर्ण पदक एक बार फिर भारत के नाम। एशियाई खेलों में अपना खिताब बरकरार रखने पर हमारी पुरुष क्रिकेट टीम को बधाई। यह निस्संदेह देश के लिए हर्ष और उल्लास का अवसर है। टीम के सभी सदस्यों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।’’भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। खास बात यह रही कि इससे पहले उनकी महिला टीमों ने भी शीर्ष स्थान हासिल कर भारत के लिए दोहरे स्वर्ण पदक की राह तैयार कर दी थी। मोदी ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतना और कुल पांचवां स्वर्ण हासिल करना, हमारे खिलाड़ियों का यह अभियान शानदार रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार एक ही एशियाई खेलों में हमारी पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। यह साफ है कि भारतीय हॉकी एशियाई मंच पर मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए है।’’मोदी ने 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोद और अन्य पदक विजेताओं की तारीफ की। उन्होंने एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम को बधाई देते हुए कहा कि निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘एक ऐसा स्वर्ण पदक, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। 2026 एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम अनिल मोहोद को बधाई। निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वह इसी तरह और ऊंचे लक्ष्य हासिल करती रहें! उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने गोल्फर प्रणवी उर्स को भी व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने पर बधाई दी। मोदी ने लिखा, ‘‘इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली उपलब्धि। एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत का अब तक का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर प्रणवी शरत उर्स को बधाई। उनके शानदार प्रदर्शन ने देश के खेल जगत को अभूतपूर्व ऐतिहासिक क्षण दिए हैं। यह जीत अधिक से अधिक युवा भारतीयों को इस खेल की ओर आकर्षित करे और उन्हें शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करे। खेल में शानदार प्रदर्शन और प्रणवी को शुभकामनाएं।’’कुश्ती में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान अमन सहरावत की भी प्रधानमंत्री ने जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को शानदार बताते हुए कहा, ‘‘अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में एशियाई खेलों का भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक से इस बार पोडियम के शीर्ष स्थान तक पहुंचना अमन की शानदार जुझारू क्षमता को दर्शाता है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’’पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में दीपक पूनिया को भले ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भविष्य की सफलता की दिशा में एक अहम कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘छह दशक बाद भारत ने इन खेलों के पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में एक बार फिर पोडियम पर जगह बनाई है। दीपक पूनिया ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीतकर देश की कुश्ती यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्हें बधाई। कामना है कि आने वाले समय में वे लगातार नई सफलताएं हासिल करते रहें।
भारत ने शनिवार को खेले गए मुकाबले पाकिस्तान को हराकर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इस दौरान मैच में कई मोमेंट्स देखने को मिले। एक समय ऐसा लगा कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पाकिस्तानी खिलाड़ी से भिड़ जाएंगे। दरअसल सूर्यवंशी को आउट करने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी सईम अयूब ने दोनों हाथों से बच्चे का इशारा किया था। हालांकि सूर्यवंशी कुछ कहते, उससे पहले ही अभिषेक शर्मा ने उन्हें वापस लौटने का इशारा किया। साथ ही भारत नो-हैंडशेक के स्टैंड पर भी कायम दिखा। भारत और पाकिस्तान के कप्तानों या खिलाड़ियों ने मैच के दौरान हाथ नहीं मिलाया। भारत-पाकिस्तान मैच के टॉप मोमेंट्स… 1. टॉस के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के दौरान भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। मैच के बाद भी दोनों टीम के खिलाड़ियों ने हैंडशेक नहीं किया। पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम अटैक के बाद से भारतीय टीम नो-हैंडशेक के स्टैंड पर कायम है। इसकी शुरुआत सितंबर 2025 में मेंस एशिया कप से हुई थी। क्रिकेट में भारत ने पिछले 384 दिन और 7 मैचों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया है। 2. सूर्यवंशी ने लगातार दो छक्के लगाए पारी के दूसरे ओवर में सूर्यवंशी ने साद मसूद की गेंद पर लगातार दो छक्के लगाए। उन्होंने दूसरी गेंद पर घुटने के बल बैठकर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया। इसकी अगली ही गेंद पर उन्होंने डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ दिया। 3. सूर्यवंशी को आउट कर सईम ने बच्चे का इशारा किया तीसरे ओवर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी कैच आउट हुए। विकेट लेने के बाद गेंदबाज सईम अयूब ने सूर्यवंशी को देखते हुए दोनों हाथों से बच्चे खेलाने का इशारा किया। यह देखकर सूर्यवंशी एक पल के लिए रुके। इससे पहले कि वे सईम को कुछ रिप्लाई करते, उससे पहले ही नॉन-स्ट्राइक पर खड़े अभिषेक ने उन्हें ड्रेसिंग रुम की ओर लौटने का इशारा किया। फिर वैभव पवेलियन लौट गए। 4. सईम ने एक ही ओवर में 2 कैच छोड़े भारतीय पारी के पांचवे ओवर में अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर को जीवनदान मिला। दोनों ही मौको पर फील्डर सईम रहे। अराफात मिन्हास की चौथी गेंद पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर डीप मिडविकेट की ओर गई। सईम ने आगे की ओर डाइव लगाया, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसके बाद आखिरी गेंद पर श्रेयस इनसाइड-आउट ड्राइव खेला। गेंद कवर की ओर गई। जहां एक बार फिर सईम कैच नहीं पकड़ सके। 5. गेंद पकड़ते समय चोटिल हुए उस्मान खान पहली पारी के 12वें ओवर में विकेटकीपर उस्मान खान चोटिल हुए। सुफियान मुकीम की दूसरी गेंद पर श्रेयस ने शॉट खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में उस्मान चोटिल हो गए। वे काफी दर्द में नजर आए। इसके बाद फिजियो ने जांच की और उस्मान ने विकेटकीपिंग जारी रखी। 6. बुमराह की गेंद लगने के बाद फरहान ने बैट छोड़ा दूसरी पारी का पहला ओवर जसप्रीत बुमराह ने डाला। ओवर की उनकी दूसरी गेंद ही पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फहरान के एल्बो पर जा लगी। बुमराह की अंदर आती गेंद पर फहरान चकमा खा गए। गेंद सीधे उनके एल्बो से टकराई, जिसके बाद दर्द के कराण उन्होंने बैट छोड़ दिया। वह कुछ देर तक परेशान नजर आए। 7. सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़ा पारी के सातवें ओवर में भारतीय फील्डर वॉशिंग्टन सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर बेहतरीन कैच पकड़ा। अक्षर पटेल की पहली गेंद पर माज सदाकत ने स्वीप शॉट लगाया। गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई। वहां खड़े सुंदर ने पीछे भागते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में उनका पैर बाउंड्री रोप पर लगने वाला था। उन्होंने गेंद हवा में उछाली, फिर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच कंप्लीट कर लिया। 8. वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूटा पाकिस्तान की पारी के 9वें ओवर में वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूट गया। अभिषेक की तीसरी गेंद पर हसन नवाज ने गेंद को हवा में खेला। लॉन्ग-ऑफ से सूर्यवंशी और लॉन्ग-ऑन से बिश्नोई कैच के लिए दौड़े। वैभव ने कैच पकड़ लिया था, लेकिन इसी दौरान सामने से आ रहे बिश्नोई से वे टकरा गए और गेंद उनके हाथ से छिटक गई। इस टक्कर में वैभव को चोट लगी। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। ---------------- मैच में बने रिकॉर्ड्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी एशियाड गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय:भारत ने पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ 200 रन बनाए; गेल से आगे निकले अभिषेक भारत ने एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वैभव सूर्यवंशी गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर भारत ने जीता Gold, BCCI अध्यक्ष मन्हास ने की तारीफ
श्रीनगर, तीन अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की शनिवार को सराहना करते हुए कहा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम ने दबाव से भरे फाइनल मुकाबले को शानदार तरीके से संभाला। भारत ने जापान के निशिन में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने पिछले सप्ताह अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा था। मन्हास ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘टूर्नामेंट की अब तक की सर्वश्रेष्ठ टीम। हम गत चैंपियन हैं और इस बार टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।’’उन्होंने खास तौर पर दबाव की परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। मन्हास ने कहा, ‘‘उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया, जो मुझे लगता है कि अब ज्यादा चुनौती पेश नहीं करता। हमारी टीम ने जिस तरह दबाव की परिस्थितियों को संभाला उस तरह दुनिया की कोई दूसरी टीम ऐसा नहीं कर सकती।’’उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में महत्वपूर्ण पारियां खेलने वाले तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम ‘गेम’ है। अभिषेक शर्मा ने पारी की लय तय की और फिर तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाजों का काम पारी की नींव रखना होता है, जबकि मध्यक्रम उसे खत्म करता है। इसलिए सलामी बल्लेबाज मूल रूप से खेल का रुख तय करते हैं।’’मन्हास ने कहा, ‘‘भारतीय टीम की बल्लेबाजी शानदार रही और गेंदबाजी की बात करें तो सभी ने मिलकर अच्छे स्कोर का बचाव किया।’’दिल्ली के इस पूर्व क्रिकेटर ने बीसीसीआई सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पुरुष और महिला टीमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आईसीसी प्रमुख जय शाह का भी आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां एक बार फिर जय शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं। उस समय वह (बीसीसीआई) सचिव थे और इस टीम को तैयार करने में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ पुरुष टीम ही नहीं, हमारी महिला टीम ने भी (वनडे) विश्व कप जीता है। इसमें उनका योगदान बहुत बड़ा रहा है। इसलिए उन्हें भी विशेष धन्यवाद।’’मन्हास ने एशियाई खेलों की इस जीत को क्रिकेट प्रशंसकों और सशस्त्र बलों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह जीत उन हजारों करोड़ प्रशंसकों को समर्पित की जानी चाहिए, जो भारतीय टीम के लिए प्रार्थना करते हैं। खास तौर पर उन सैनिकों को, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।’’एशियाई खेलों में क्रिकेट के आकर्षण का केंद्र बनने पर मन्हास ने कहा कि इस खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर की अलग-अलग टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं और हर देश क्रिकेट से जुड़ रहा है। यह बहुत अच्छी बात है कि क्रिकेट वैश्विक खेल बन रहा है।’’कश्मीर में क्रिकेट से मन्हास के करीबी जुड़ाव के कारण उन्होंने भविष्य में इस क्षेत्र के और खिलाड़ियों को देश का प्रतिनिधित्व करते देखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘बारामूला से आने वाले आकिब नबी ने काफी मेहनत के दम पर यहां तक का सफर तय किया है। जब वह (स्थानीय क्रिकेट में) खेलते थे, उस समय बीसीसीआई ही (जम्मू-कश्मीर क्रिकेट) चला रहा था। अब बीसीसीआई ने इस संघ को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने भविष्य में भी इसे लगातार समर्थन देने का वादा किया है। यहां काफी प्रतिभाएं हैं और उन्हें सिर्फ सही तरीके से तराशने और समर्थन देने की जरूरत है।
एशियन गेम्स के आखिरी दिन भारत का गोल्डन धमाका, 21 गोल्ड मेडल के साथ चौथे स्थान पर किया कब्जा
एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही भारत कुल 85 पदकों के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
KL Rahul के तूफानी शतक और Rohit Sharma की पारी से भारत ने वेस्टइंडीज को दिया 352 रन का लक्ष्य
मुल्लांपुर, तीन अक्टूबर लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी। भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला। सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे। सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए। सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया। पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए। रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया। अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे। रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये। तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए। राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया। राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया। इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।
Irani Cup: स्मरण के नाबाद 126 रन, Rest of India ने जम्मू कश्मीर पर ली 265 रन की बढ़त
श्रीनगर, तीन अक्टूबर शेष भारत ने रविचंद्रन स्मरण की सयंम से खेली गई 126 रन की नाबाद पारी की बदौलत शनिवार को यहां ईरानी कप मैच के तीसरे दिन स्टंप तक आठ विकेट पर 306 रन बनाकर जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 265 रन की बढ़त हासिल कर ली। स्मरण ने 131 गेंद की पारी में 15 चौके और पांच छक्के लगाये जबकि सलामी बल्लेबाज सनत सांगवान ने 55 रन बनाए। इससे शेष भारत मजबूत स्थिति में पहुंच गया। मेजबान टीम की ओर से साहिल लोटरा (71 रन देकर तीन विकेट) और उमर नजीर मीर (87 रन देकर तीन विकेट) गेंदबाजों में सबसे प्रभावी रहे, लेकिन भारत के बल्लेबाज ऋषभ पंत (08) और सरफराज खान (शून्य) की नाकामी के बावजूद शेष भारत के बल्लेबाजों ने अपनी टीम को बढ़त दिला दी। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे पंत का लगातार दूसरी बार प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्हें लोटरा ने पगबाधा आउट कर दिया। इससे पहले पांचवें नंबर पर उतरे सरफराज खराब फुटवर्क के कारण आउट हो गए। शेष भारत की टीम बीती रात जम्मू-कश्मीर से 17 रन से पीछे थी और उसने एक विकेट ही गंवाया था। फिर शेष भारत के सांगवान और सुदीप कुमार घरामी (33) ने अच्छी शुरुआत करते हुए 50 रन की साझेदारी की। बाएं हाथ के सांगवान को दूसरे छोर पर सारांश जैन का साथ मिला और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 70 रन जोड़कर शेष भारत को आगे कर दिया। सांगवान ने आउट होने से पहले 160 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 55 रन बनाए। इसके बाद नजीर ने सारांश (25) को और चार गेंदों के अंतराल में सरफराज को आउट कर दिया। लेकिन स्मरण को मानव सुथार (16) के रूप में भरोसेमंद साझेदार मिला जिनके साथ उन्होंने छठे विकेट के लिए 52 रन जोड़े। फिर उन्होंने मुकेश चौधरी (नाबाद 09) के साथ नौवें विकेट की साझेदारी में नाबाद 109 रन जोड़ दिए।
Aman Sehrawat ने कुश्ती में जीता Gold, भारत के खाते में आए कुल छह पदक
(तस्वीरों के साथ)नागोया, तीन अक्टूबर अमन सहरावत ने एशियाई खेलों में अपने कांस्य पदक को स्वर्ण में बदल दिया जबकि महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनने की अंतिम पंघाल की कोशिश को जापान की मेई मियोका के हाथों हार के साथ निराशा का सामना करना पड़ा। मियोका ने शनिवार को यहां अंतिम को एकतरफा मुकाबले में शिकस्त दी, जिससे भारतीय पहलवान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने कुश्ती प्रतियोगिता में छह पदकों (दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया। यह 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान से चूकने के बाद भारत के इस प्रतियोगिता में सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक रहा। अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 10-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह कुश्ती में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक था। इससे पहले शुक्रवार को सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। भारत ने एशियाई खेलों में कुश्ती के दो स्वर्ण पदक 2018 के जकार्ता खेलों के बाद पहली बार जीते हैं। जकार्ता में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले अमन के सामने हान ने रक्षात्मक रवैया अपनाया। अमन ने अपना पहला स्कोरिंग मूव लगाते ही अंक हासिल करना शुरू किया और फिर एक और टेकडाउन करके स्कोर 4-1 कर दिया। उन्होंने बाएं पैर से हमला करते हुए हान को मैट पर पटक दिया और 6-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद हान ने अपने बाएं घुटने का उपचार कराया। खेल दोबारा शुरू होने के बाद उन्होंने लगातार तीन स्कोरिंग मूव बनाकर 7-6 की मामूली बढ़त हासिल कर ली। अमन ने अहम मौके पर अपना संयम बनाए रखा और दो और टेकडाउन करके 10-7 से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले इस 23 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन ने अपने अभियान की शुरुआत जापान के यामातो ओगावा पर 20-9 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के नुरदानत ऐतानोव को हराया था। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम पंघाल इस बार अमन सहरावत की तरह स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकीं। उन्हें महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में 2024 की विश्व चैंपियन जापान की मियोका के हाथों 1-9 से करारी हार का सामना करना पड़ा। मियोका ने पूरे मुकाबले में अंतिम को कोई दमदार दांव लगाने का मौका नहीं दिया। दूसरे पीरियड में भारतीय पहलवान ने दाएं पैर से हमला करने की कोशिश की, लेकिन जापानी पहलवान ने तुरंत जवाबी हमला करते हुए बढ़त बना ली। इसके बाद मियोका ने 5-1 के स्कोर पर चार अंकों का दांव लगाकर अपनी बढ़त 9-1 कर ली, जो निर्णायक साबित हुई। महिला कुश्ती में भारत के लिए एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली इससे पहले केवल विनेश फोगाट थीं। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में 50 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीता था। इस बीच, दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय दीपक ने इससे पहले चीन के जुनपेंग झोउ को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया था। इसके बाद हांगकांग के विंसेंट फंग वुई ली के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के हाथों कड़े मुकाबले में 8-9 से हार का सामना करना पड़ा। सागर जगलान ने मंगोलिया के तुलगा तुमुर-ओचिर पर 8-1 से जीत हासिल करके पुरुषों के 74 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन उन्हें ईरान के योनेस इमामिचोगेई से हार का सामना करना पड़ा। बाद में जगलान ने रेपेचेज राउंड में उज्बेकिस्तान के रजामबेक जामालोव को 7-3 से हराया, लेकिन कांस्य पदक के मुकाबले में कजाखस्तान के नूरकोझा कैपानोव से हार गए। मनीषा भानवाला महिला 65 किलोग्राम वर्ग में पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। उन्होंने कोरिया की यंगजिन क्वोन को पिनफॉल से हराया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की ओलंपिक चैंपियन अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार गईं। फुजिनामी फाइनल में नहीं पहुंच सकीं, जिससे मनीषा की पदक की उम्मीद भी समाप्त हो गई।
गर्व है कि हमने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है, यह एहसास अविश्वसनीय - तिलक वर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा, तीन अक्टूबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने शनिवार को मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5 . 1 से हराकर एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी स्पर्धा का स्वर्ण बरकरार रखा और 2028 ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया। इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था। यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे। मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया। हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे। इसके साथ ही वह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह 2014 और 2022 खेलों में स्वर्ण पदक विजेता टीम का भी हिस्सा थे। भारत को मैच में 14 जबकि मलेशिया को दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इस जीत के साथ लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाला पाकिस्तान के बाद भारत दूसरा देश बन गया। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में खिताब जीता था। पहले हाफ में मलेशियाई खिलाड़ियों ने अपनी चपलता से भारतीयों को काफी परेशान किया लेकिन दूसरे हाफ में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा। पहले क्वार्टर में भारतीयों में तालमेल की कमी दिखी और ट्रैपिंग भी खराब थी। सर्कल के भीतर भी अच्छे पास नहीं दे पा रहे थे। भारत को छठे मिनट में गोल करने का मौका मिला लेकिन विवेक सागर प्रसाद की रिवर्स हिट गोल के ऊपर से चली गई। दो मिनट बाद हार्दिक सिंह को सर्कल के भीतर नीलाकांता शर्मा ने पास दिया लेकिन शॉट इतना कमजोर था कि मलेशिया ने आसानी से बचा लिया। भारत को 11वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले और दूसरे पर हरमनप्रीत ने गोल दागा। गोल गंवाने के बाद मलेशिया ने जवाबी हमले बोले और फैजल सारी भारतीय सर्कल में कई बार घुसे। मलेशिया के लिये बराबरी का गोल शेलो ने 14वें मिनट में दागा। हवा में आई गेंद को कब्जे में लेकर उन्होंने दमदार शॉट सीधे गोल के भीतर निशाना करके साधा जिसे गोलकीपर सूरज करकेरा रोक नहीं सके। दूसरे क्वार्टर में मलेशिया को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका। वीडियो रेफरल पर मलेशिया को फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और फिर वे नाकाम रहे। भारत ने 23वें मिनट में चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर बढत बना ली। हरमनप्रीत मैदान के बाहर थे और जुगराज ने यह गोल दागा। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया और 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बनाया जब पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद मलेशियाई रशर के शरीर से टकराई। हार्दिक ने इसे गोल में बदला। चौथा गोल अभिषेक के पास पर शिलानंद ने दागा। हरमनप्रीत ने हूटर से तीन मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत की 5 . 1 से जीत तय कर दी।
Asian Games 2026 में भारत ने जीते 85 Medals, 21 Gold के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा
एक रोमांचक 15वें दिन का समापन हुआ और इसी के साथ एशियाई खेल 2026 में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया। भारत के खाते में पांच स्वर्ण पदक और जुड़े। पुरुष हॉकी टीम ने फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया। यह भारत का 21वां गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर 85वां मेडल था, जिससे भारत ने हर चार साल में होने वाले इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में एक बार फिर टॉप-5 में जगह बनाई। पिछले संस्करण की तुलना में भारत के कुल मेडल की संख्या 21 कम रही। 2022 के हांगझोऊ खेलों के मुकाबले गोल्ड मेडल की संख्या में सात की कमी आई। भारत ने हांगझोऊ में 106 मेडल जीते थे और पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। आइची-नागोया का सफ़र मिला-जुला रहा; कुछ उम्मीद के मुताबिक नतीजे मिले तो कुछ निराशाजनक भी रहे, लेकिन आखिर में शानदार प्रदर्शन ने पूरे सफ़र की तस्वीर बदल दी। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ दबाव हावी न होने की दी थी सलाह, जीत के बाद बोले Shreyas Iyer हालांकि, भारत के आखिरी समय में मिले मेडल्स की झड़ी का श्रेय भी बनता है। हाल ही में गुरुवार तक, भारत सिर्फ़ 10 गोल्ड मेडल के साथ मेडल टेबल में टॉप 10 से बाहर था। लेकिन आखिरी दो दिनों में हॉकी और क्रिकेट टीमों ने गोल्ड जीते, साथ ही तीरंदाज़ी, बॉक्सिंग और रेसलिंग में भी भारत को शानदार नतीजे मिले। इस तेज़ी से 11 और गोल्ड मेडल मिले और भारत टॉप पांच में पहुँच गया, जिससे गेम्स के खत्म होने से पहले ही इस अभियान को बहुत ज़रूरी बढ़ावा मिला। भारत ने एशियाई खेल 2026 में 85 मेडल जीते हैं, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। भारत पदकों के मामले में चौथे नंबर पर रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म कुमकुम मोहोद और प्रणवी उर्स ने क्रमशः तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीते, जबकि पहलवान अमन सहरावत ने वर्ल्ड चैंपियन को हराकर पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट और हॉकी टीमों ने अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा, जबकि महिला टीम गोल्फ में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल मिला। पहलवान अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत के लिए यह एक यादगार अभियान रहा, जिसमें कई रिकॉर्ड बने और टूटे, भले ही चीन में हुए पिछले संस्करण की तुलना में मेडल की संख्या कम थी।
Pakistan के खिलाफ दबाव हावी न होने की दी थी सलाह, जीत के बाद बोले Shreyas Iyer
पाकिस्तान के खिलाफ पहली बार कप्तान कर रहे श्रेयस अय्यर ने एशियाई खेलों के फाइनल में अपने साथियों से सिर्फ इतना कहा था कि मुकाबले को लेकर बने माहौल और दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दें और बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन का स्तर ऊंचा उठाएं। भारतीय खिलाड़ियों ने भी कप्तान की बात पर अमल करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और शनिवार को यहां पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के बाद अय्यर ने कहा कि टीम ने पाकिस्तान या श्रीलंका के बजाय सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने वाली टीम को देखा और अपना पूरा ध्यान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर रखा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे दिमाग में सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी था, पाकिस्तान या श्रीलंका नहीं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर हम अपनी क्षमता के मुताबिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाती हैं। आज इसका सही उदाहरण देखने को मिला और हम उस पर खरे उतरे।’’ भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल को लेकर बने दबाव पर अय्यर ने कहा कि पूरा देश इस मुकाबले को देख रहा था, लेकिन उन्होंने खिलाड़ियों से इससे प्रभावित नहीं होने को कहा था। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल खेलना निश्चित रूप से बहुत बड़ा मौका होता है। पूरा देश आपको देख रहा होता है और इस तरह का दबाव रहता है। मैंने बस अपने साथियों से कहा कि इस बड़े मौके के दबाव को खुद पर हावी न होने दें। हमें वही करना है, जो हम अब तक करते आए हैं।’’ भारत की बल्लेबाजी ने जीत की मजबूत नींव रखी। टीम ने स्पिनरों की मददगार पिच पर 211 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जहां बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियों का अंदाजा लगाना आसान नहीं था। अय्यर ने कहा, “जिस तरह हमने बल्लेबाजी की और 211 रन का स्कोर खड़ा किया, वह प्रत्येक खिलाड़ी का शानदार प्रयास था। इस विकेट पर गेंद काफी टर्न हो रही थी और आपको पता ही नहीं होता कि पिच किस तरह खेलेगी। ऐसे में 211 रन असाधारण स्कोर था।” लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने बीच के ओवरों में मजबूत वापसी की। अय्यर ने पाकिस्तान के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भारतीय गेंदबाजों को दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “एक समय वे अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे। उन्हें लय मिली और फिर अचानक कुछ छक्के भी लगे। कुल मिलाकर दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा। वे बस लक्ष्य से कुछ पीछे रह गए। हमारे गेंदबाजों को भी श्रेय जाता है।” अय्यर ने कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक उनके लिए खास मायने रखता है, क्योंकि यह अनुभव क्रिकेट की पारंपरिक प्रतियोगिताओं में मिली सफलताओं से अलग था। अय्यर ने कहा, “जब आप एशियाई खेलों में आते हैं तो भारतीय टीम के तौर पर आपसे जीत की उम्मीद की जाती है। सुविधाएं भी सीमित होती हैं, लेकिन आपको उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना होता है। यह बात हमारे दिमाग में थी।
Asian Games में भारतीय हॉकी का दबदबा, Malaysia को हराकर LA 2028 का टिकट पक्का
भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में पुरुषों की हॉकी फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता। खेलों के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत ने इस इवेंट में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा है। इस जीत के साथ ही भारत ने LA 2028 ओलंपिक के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफ़िकेशन हासिल कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी-कॉर्नर ड्रैग फ़्लिक से पहला गोल किया, लेकिन मलेशिया ने 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस के ज़रिए गोल करके पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 1-1 कर दिया। इसे भी पढ़ें: Nagoya में Deepak Punia ने 97 किग्रा कुश्ती में जीता कांस्य पदक दूसरे क्वार्टर में जुगराज सिंह ने आठवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को फिर से बढ़त दिलाई, जिससे मौजूदा चैंपियन हाफ-टाइम तक 2-1 से आगे रहे। इसके बाद तीसरे क्वार्टर के 12वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। आखिरी क्वार्टर में छह मिनट बाकी रहते हुए, शिलानंद लाकड़ा ने दूर के पोस्ट पर डिफ्लेक्शन से फील्ड गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया। जब मलेशिया ने अटैक के लिए ज़्यादा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया, तो हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से दूसरा गोल करके स्कोर 5-1 कर दिया और गोल्ड मेडल पक्का कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Final में Pakistan को हराकर India ने जीता Gold Medal, बिना विवाद खत्म हुआ मैच मलेशिया के लिए पूरे दिन भारत के दबाव का सामना करना मुश्किल रहा। लेकिन भारत के लिए ज़्यादा अच्छी बात यह रही कि उनका डिफेंस उतना कमज़ोर नहीं था, जितना पिछले कुछ महीनों में रहा है। यह भी पहली बार है जब भारतीय पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता है। महिला टीम ने शुक्रवार को चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुष हॉकी का फ़ाइनल एशियाई खेलों में भारत का आखिरी इवेंट था और इसके साथ ही भारत ने अपना 21वां गोल्ड और कुल मिलाकर 85वां मेडल जीता।
'यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरे भारत की जीत है', भारतीय टीम के गोल्ड मेडल जीतने पर बोले ईशान किशन
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर भारतीय क्रिकेट टीम के गोल्ड मेडल जीतने पर ईशान किशन ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। ईशान ने अपना गोल्ड मेडल सभी भारतीयों को समर्पित किया और कहा कि मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में मिली सफलता हर उस व्यक्ति की होती है, जिसने खिलाड़ियों का समर्थन और हौसला बढ़ाया है।
भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने टीम को बधाई दी है।
एशियन गेम्स में भारत का 21वां गोल्ड, हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से दी मात
भारत ने एशियन गेम्स में अपना 21वां स्वर्ण पदक जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 ओलिंपिक गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
'यह वाकई देश के लिए खुशी का मौका है', गोल्ड मेडल जीतने पर पीएम मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। पीएम ने इसे देश के लिए खुशी का मौका बताया है।
India vs Malaysia Final result: एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर पांचवीं बार गोल्ड मेडल जीत लिया है। इसी के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिलस 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
Nagoya में Deepak Punia ने 97 किग्रा कुश्ती में जीता कांस्य पदक
नागोया, तीन अक्टूबर भारतीय पहलवान दीपक पूनिया ने शनिवार को यहां मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया। इसके साथ ही दीपक ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल किया। इस 27 साल के पहलवान ने इससे पहले 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। वह इस बार फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के हाथों कड़े मुकाबले में 8-9 से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले 86 किग्रा में चुनौती पेश करने वाले दीपक ने इन खेलों में 97 किग्रा भार वर्ग में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने चीन के जुनपेंग झोउ को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया। इसके बाद हांगकांग के विन्सेंट फंग वुई ली के खिलाफ उन्हें वॉकओवर मिला, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गए। कांस्य पदक ने दीपक के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। वह 2019 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं और एशियाई चैंपियनशिप में उनके नाम पांच पदक हैं।
भारत ने एशियन गेम्स मेंस क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हरा दिया। इसके साथ ही टीम ने लगातार दूसरी बार इस इवेंट का गोल्ड मेडल जीता। जापान के निशिन में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 211 रन बनाए। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर है। वहीं भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने टी-20 में सबसे तेज 400 लगाने के मामले में क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया। भारत-पाकिस्तान मैच में बने टॉप रिकॉर्ड्स… 1. सूर्यवंशी 15 साल में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट सूर्यवंशी ने 15 साल, 6 महीने और 7 दिन की उम्र में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। वे गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले भारतीय एथलीट बन गए। 2. भारत-पाकिस्तान मैच में पहली बार पारी में 200 रन बने भारत ने पहली पारी में 212 रन का टारगेट दिया था। यह पहली बार है जब भारत-पाकिस्तान के बीच टी-20 मैच में किसी पारी में 200 रन बने हैं। इससे पहले भारत ने ही 2012 में अहमदाबाद में 5 विकेट पर 192 रन बनाए थे। 3. अभिषेक ने 400 टी-20 छक्के पूरे किए अभिषेक शर्मा ने अर्धशतकीय पारी के दौरान टी-20 क्रिकेट में अपने 400 छक्के पूरे किए। उन्होंने 3,513 गेंद में यह उपलब्धि हासिल की। अभिषेक इंटरनेशनल, डोमेस्टिक और लीग क्रिकेट मिलाकर टी-20 में सबसे तेज 400 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में वे दूसरे नंबर पर पहुंच गए। अभिषेक ने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 3557 गेंद में 400 छक्के लगाए थे। इस मामले में वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल 3027 गेंद के साथ पहले स्थान पर हैं। 4. अभिषेक ने युवराज के रिकॉर्ड की बराबरी की अभिषेक पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीयों में टॉप पर पहुंच गए। उन्होंने अपने मेंटर युवराज सिंह की बराबरी की। युवराज ने 2012 में अहमदाबाद में 7 छक्के लगाए थे। 5. अभिषेक ने इस साल 104 छक्के लगाए अभिषेक ने 2026 में 104 छक्के लगाए हैं। यह एक कैलेंडर ईयर में भारत की ओर से दूसरा बेस्ट परफॉर्मेंस है। इस मामले में अभिषेक शर्मा ही टॉप पर हैं। उन्होंने 2025 में 108 छक्के लगाए थे। 6. ईशान किशन एक साल में हजार टी-20 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय किशन ने 2026 में 1,005 रन बनाए। वे टी-20 इंटरनेशनल में एक साल में हजार रन बनाने वाले दुनिया के सातवें और भारत के दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सूर्यकुमार यादव ने 2022 में 1,164 रन बनाए थे। 7. नवाज ने पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेली हसन नवाज ने निशिन में 96 रन बनाए। यह टी-20 में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है।
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से मात देकर 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा है।
हिटमैन एक और सेंचुरी से चूके, करीब सात साल बाद रोहित शर्मा के साथ हो गया धोखा
रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे तीसरे वनडे में 92 के स्कोर पर आउट हो गए और अपने शतक से महज आठ रन से चूक गए। वे अब भारत के लिए सबसे ज्यादा उम्र में नर्वस 90s का शिकार होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
मैच के बाद खिलाड़ियों के बदलाव पर आपत्ति, रद्द हुआ लुधियाना-पंचकूला मुकाबला
आयोजक एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने दोनों टीमों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पंचकूला के खिलाड़ी बदलाव करने के खिलाफ अड़ गए। इसके बाद आयोजकों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार का मुकाबला रद्द कर दिया। अब लुधियाना और पंचकूला के बीच यह मुकाबला रविवार को दोबारा करवाया जाएगा।
निशिन, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने टीम को बधाई दी है।
Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म
3 अक्टूबर को एशियाई खेलों में दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती कैटेगरी में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह मेडल पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कैटेगरी में 60 साल बाद भारत का पहला मेडल है; इससे पहले 1966 के खेलों में भीम सिंह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इस कामयाबी के साथ ही खेलों में भारत के कुल मेडलों की संख्या 83 हो गई, जिसमें 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ Team India की रणनीतिक जीत, Shreyas Iyer ने बताया कैसे बदला मैच का Momentum पुरुषों के फ्रीस्टाइल 74-kg ब्रॉन्ज़ मेडल मैच में, सागर जगलान को कज़ाकिस्तान के नूरकोझा काइपानोव ने 30 सेकंड से भी कम समय में हरा दिया। काइपानोव तीन बार के वर्ल्ड मेडलिस्ट हैं। वहीं, अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57-kg कैटेगरी में नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग हान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। अमन ने शुरुआत में डिफेंस पर ध्यान दिया, अपने बाएं पैर पर हुए कई हमलों को सफलतापूर्वक रोका और शुरुआती दौर में स्कोर को शून्य बनाए रखा। पैसिविटी की चेतावनी मिलने और एक पॉइंट गंवाने के बाद, अमन ने 'टेकडाउन' के साथ वापसी की और ब्रेक से पहले एक और टेकडाउन करके 4-1 की बढ़त बना ली। दूसरे पीरियड की शुरुआत में एक और टेकडाउन के साथ उन्होंने अपनी बढ़त को 6-1 कर लिया, लेकिन घुटने की चोट के बावजूद हान ने वापसी की। उन्होंने टेकडाउन और रोल के ज़रिए छह पॉइंट हासिल किए और स्कोर को 7-6 से अपने पक्ष में कर लिया। इसे भी पढ़ें: IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold इसके बाद अमन ने चार पॉइंट वाला मूव किया; उन्होंने टेकडाउन के लिए दो पॉइंट और रोल के लिए दो पॉइंट हासिल किए, जिससे वे 10-7 से आगे हो गए। हान की ओर से की गई एक असफल चुनौती के बाद अमन को एक और पॉइंट मिला और उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए गोल्ड मेडल जीता। यह जीत इन खेलों में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड मेडल था; इससे पहले सुजीत कलकल ने भी गोल्ड मेडल जीता था। अमन ने शानदार डिफेंस और अटैकिंग तकनीक का प्रदर्शन किया और दूसरे पीरियड में थोड़ी देर के लिए हुई चूक के बावजूद एक शानदार जीत हासिल की।
'यह वाकई देश के लिए खुशी का मौका है', गोल्ड मेडल जीतने पर पीएम मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को सराहा
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को 'एशियन गेम्स 2026' का गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। पीएम ने इसे देश के लिए खुशी का मौका बताया है।
Asian Games 2026: कुश्ती में अमन सहरावत का जलवा, दुनिया के नंबर-1 रेसलर को मात देकर जीता गोल्ड मेडल
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