भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ टीम का ऐलान, पूरन को मिला मेडन कॉल-अप
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आगामी 3 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज के लिए टीमों की घोषणा कर दी है। वनडे और टी20 दोनों सीरीज में वेस्टइंडीज की कप्तानी शाई होप करेंगे।
58 गेंदों में टारगेट चेज कर इंग्लैंड बनी नंबर 1 टीम, T20I में खत्म हुई टीम इंडिया की बादशाहत
इंग्लैंड ने श्रीलंका का सूपड़ा साफ करते हुए 3 मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। सीरीज के आखिरी मैच में भी श्रीलंका को निराशा हाथ लगी। इस मैच में इंग्लैंड ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की।
Chess Olympiad: D Gukesh और Arjun Erigaisi की जीत से भारत ने Spain को 3-1 से हराया
भारतीय पुरुष टीम ने शतरंज ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए स्पेन को 3-1 से हराया। विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने पूर्व विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर अलेक्सी शिरोव को मात देकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। गुकेश ने मुकाबले में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और 42 चालों में बाजी अपने नाम कर ली। भारत को शुरुआती बढ़त अर्जुन एरिगैसी ने दिलाई। दूसरे बोर्ड पर सफेद मोहरों से खेलते हुए अर्जुन ने आक्रामक अंदाज में शानदार जीत दर्ज की। वहीं आर. प्रज्ञानानंदा को डेविड एंटोन गुइजारो ने ड्रॉ पर रोक दिया, जबकि निहाल सरीन और जैमे सैंटोस लतासा के बीच मुकाबला भी बराबरी पर समाप्त हुआ। महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की है और 2-0 की बढ़त बना ली है। बी. सविता श्री ने अनुभवी मंगुनतुल बातखुयाग को हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। वहीं विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने बयासगलान खिशिगबातार को मात देकर भारत की बढ़त को निर्णायक बना दिया।
Asian Senior Wushu Championship: भारत करेगा 2028 में मेजबानी, 42 देशों के 500 खिलाड़ी होंगे शामिल
भारत 2028 में पहली बार एशियाई सीनियर वुशु चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा जिसमें पूरे महाद्वीप के 42 देशों के करीब 500 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। आइची-नागोया में आयोजित एशियाई वुशु महासंघ कांग्रेस में इस फैसले को आधिकारिक मंजूरी दी गई। बैठक में भारत की ओर से भारतीय वुशु संघ के प्रतिनिधि के तौर पर सुहेल अहमद ने हिस्सा लिया। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारतीय वुशु संघ के भूपेंद्र सिंह बाजवा को कांग्रेस के दौरान एशियाई वुशु महासंघ की कार्यकारी समिति का सदस्य नामित किया गया। चैंपियनशिप के 11वें चरण में खिलाड़ियों के अलावा विभिन्न देशों के कोच, निर्णायक, तकनीकी अधिकारी और खेल प्रशासकों के भी शामिल होने की उम्मीद है। बाजवा ने भारत को चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भारतीय वुशु के लिए गर्व की बात है, लेकिन अब ध्यान एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर होना चाहिए।
बुलावायो, 19 सितंबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने पांचवें टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 13 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ करते हुए सीरीज को 5-0 से अपने नाम किया।
एकमात्र टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश ने किया स्क्वॉड का ऐलान, तौहीद हृदोय और जैकर अली की हुई वापसी
बांग्लादेश की क्रिकेट टीम संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलने वाली है। यह मैच 9 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और बांग्लादेश ने इस इकलौते मैच के लिए अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है।
जापान के नागोया में सम्राट नारुहितो के ऐलान के साथ 20वें एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत हुई। 46 देशों की परेड में मनु भाकर और पवन सहरावत ने भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए तिरंगा फहराया।
Asian Games 2026 में 503 भारतीय एथलीट्स को PM Modi ने दी बधाई, कहा- देश को आप पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों ने ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। हर खिलाड़ी ने बहुत मेहनत की है और ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें! इसे भी पढ़ें: Muscle Gain के लिए रोज कितनी चाहिए डाइट, समझें Calorie Surplus का सही नियम शनिवार को आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुए समारोह के साथ 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई। इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व 36 खेलों में 503 खिलाड़ियों का दल कर रहा है। पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत को अब भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने का सम्मान मिला है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भाकर इन खेलों में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। उन्होंने पेरिस में इतिहास रचते हुए स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। समारोह से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) चुना गया है, तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। उन्हें खेल में अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो आईं और उन्होंने सोचा कि वह अब कितनी आगे आ गई हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी उन्होंने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें आ गईं। और, आपको पता है, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह सच में बहुत अच्छा एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 के संस्करण से बेहतर प्रदर्शन करना होगा, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन, अक्षर पटेल चुने गए 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज'
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज में 3-0 से 'क्लीन स्वीप' किया, जिसके बाद बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया है। हेड फिजियो कमलेश जैन ने उन्हें मेडल सौंपा।
'मुझे जसपाल राणा सर की बहुत याद आई', एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी के बाद भावुक हुईं मनु भाकर
डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई करते हुए झंडा थामने को एक भावुक अनुभव बताया।
एशियन गेम्स 2026 : ओपनिंग सेरेमनी के बाद भावुक हुईं मनु भाकर
नागोया, डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई करते हुए झंडा थामने को एक भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस खास मौके पर उन्हें अपने दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा की बहुत याद आई।
'मुझे जसपाल राणा सर की बहुत याद आई', एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी के बाद भावुक हुईं मनु भाकर
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई करते हुए झंडा थामने को एक भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस खास मौके पर उन्हें अपने दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा की बहुत याद आई।
ग्लेमोर्गन ने इंग्लैंड की ऑफ-स्पिनर जॉर्जिया डेविस को अपने साथ जोड़ा, 3 साल का अनुबंध
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ग्लेमोर्गन ने 2027 सीजन से पहले वारविकशायर की ऑफ-स्पिनर जॉर्जिया डेविस को अपने साथ जोड़ा है। क्लब ने इंग्लैंड की इस खिलाड़ी के साथ तीन साल का अनुबंध किया है।
एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद
ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई। उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था। चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं। स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।
अफगानिस्तान : टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश टीम का ऐलान
नई दिल्ली, अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद को इस टेस्ट के लिए आराम दिया गया है।
Ajit Agarkar और BCCI के रिश्तों में आई दरार, Rohit Sharma और Laxman बने मुख्य वजह
(फाइल तस्वीरों के साथ)... कुशान सरकार ...नयी दिल्ली, 19 सितंबर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चल रहा विवाद और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बढ़ते मतभेद एकदिवसीय विश्व कप 2027 से पहले सीनियर चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच रिश्ते टूटने की प्रमुख वजह बने। अगरकर के जाने की पटकथा उस समय लगभग लिखी जा चुकी थी, जब इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए मुंबई में बुलाई गई अहम बैठक से उन्होंने दूरी बना ली। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भले ही उनका बचाव किया, लेकिन बोर्ड के भीतर एक वर्ग का मानना था कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में चयन समिति के अध्यक्ष की मौजूदगी जरूरी थी। अगरकर विश्व कप तक पद पर बने रहने के इच्छुक थे, लेकिन पिछले एक महीने में बीसीसीआई की ओर से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे थे कि बोर्ड अब चयन समिति में नए चेहरे की तलाश कर रहा है। आम तौर पर बोर्ड ऐसे चयनकर्ता को इतनी आसानी से नहीं हटाता, जिसकी अगुआई वाली समिति ने पिछले तीन वर्षों में सीमित ओवरों की चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली टीमें चुनी हों और उनमें से तीन में खिताब भी जीते हों। भारत ने इस दौरान दो टी20 विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। अगरकर और बीसीसीआई के बीच रिश्तों में असली दरार रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर पैदा हुई। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे शृंखला से ठीक पहले तत्कालीन चयन समिति ने टीम प्रबंधन और बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मिलकर लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित को वनडे टीम से आगे बढ़ने का संकेत देने का फैसला किया था। यह फैसला सामूहिक था और रोहित तक बात पहुंचाने की जिम्मेदारी दक्षिण क्षेत्र के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा को दी गई, जो रोहित के करीबी मित्रों में माने जाते हैं। रोहित 2027 वनडे विश्व कप खेलना चाहते हैं और उन्हें यह संदेश पसंद नहीं आया। उन्होंने एक प्रभावशाली बोर्ड पदाधिकारी से बात कर चयन समिति के अध्यक्ष के रवैये पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मामला तब और पेचीदा हो गया, जब बीसीसीआई ने लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित के संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए सार्वजनिक बयान जारी कर दिया। अगरकर के करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस घटनाक्रम से आहत और नाराज थे। बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि अगरकर को इस बयान की पहले से जानकारी तक नहीं थी। बोर्ड चाहता था कि रोहित के भविष्य पर फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं की जाए। दूसरी ओर, अगरकर का मानना था कि अगर 2027 विश्व कप में यशस्वी जायसवाल को आजमाना है तो उन्हें पर्याप्त वनडे खेलने का मौका देना होगा। रोहित के पक्ष में तर्क यह था कि वह लगभग हर तीसरे वनडे में रन बना रहे थे, जबकि अगरकर के नजरिए से दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में उम्रदराज रोहित की निरंतर प्रभावशाली बल्लेबाजी की कोई गारंटी नहीं थी। इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी थाा कि भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार खिलाड़ियों के संन्यास या भविष्य पर अंतिम फैसला वास्तव में किसका होना चाहिए? अगरकर के लिए यह चयन समिति के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा था, जबकि भारतीय क्रिकेट की परंपरा में बड़े सितारों से जुड़े ऐसे फैसलों में बोर्ड प्रशासन की भूमिका हमेशा प्रभावी रही है। अगरकर और लक्ष्मण लंबे समय तक भारतीय टीम में साथ खेल चुके थे, लेकिन बाद में नीतिगत मामलों पर दोनों के बीच मतभेद गहराते गए। खासकर चोटिल खिलाड़ियों के प्रबंधन और भारत ए टीम के कार्यक्रम को लेकर दोनों की राय अलग-अलग थी। सीओई से जुड़े राज्य टीम के एक पूर्व कोच के अनुसार, ‘‘लक्ष्मण हमेशा सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध टीम को मैदान पर उतारने के पक्षधर रहे हैं। अगरकर को हालांकि यह समझना मुश्किल लगा कि एशियाई खेलों जैसे आयोजन में भारत को अपनी पहली पसंद के खिलाड़ियों के साथ खेलने की जरूरत क्यों है।’’हांग्झोउ एशियाई खेलों के दौरान भारत की कप्तानी रुतुराज गायकवाड़ ने की थी, क्योंकि मुख्य टीम वनडे विश्व कप में व्यस्त थी। लेकिन इस बार भारत की वनडे टीम में श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, ईशान किशन और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे। इनमें से कई खिलाड़ी पहली पसंद की टीम का हिस्सा रहे हैं। भारत ए के कार्यक्रम ने भी दोनों के बीच मतभेद बढ़ाए। पुडुचेरी में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक होने वाले दो भारत ए टेस्ट का कार्यक्रम श्रीनगर में होने वाले ईरानी कप से टकरा रहा था। इसके अलावा 24 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच न्यूजीलैंड ए के खिलाफ भारत ए के तीन मैचों का कार्यक्रम भारत की टी20 और वनडे शृंखला से भी टकरा रहा था। भारत ए के कार्यक्रम की जिम्मेदारी सीओई के प्रमुख और क्रिकेट संचालन टीम के पास होती है। पहले राहुल द्रविड़ भी इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। चोटिल केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की वापसी को लेकर स्पष्ट समयसीमा नहीं होना भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा और असहमति का कारण बना। दूसरी ओर, लक्ष्मण इस बात से भी नाराज बताए गए कि सीओई को उन मामलों के लिए आलोचना झेलनी पड़ रही थी जो पूरी तरह उसके नियंत्रण में नहीं थे। शीर्ष खिलाड़ियों की चोटों की विस्तृत सूची मीडिया में आने के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी भरोसा और कमजोर हुआ। अगरकर ने ऐसे में जब महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया, तब तक रिश्तों में आई दरार काफी गहरी हो चुकी थी। इसके बाद उनका बीसीसीआई से अलग होना महज औपचारिकता भर रह गया।
रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से जुड़े कुछ मोमेंट शेयर किए हैं। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच के दौरान नर्वसनेस के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आती थी। ऐसे में देर रात भूख लगने पर वे अपनी मां के हाथ के बने केले के वेफर्स खाते थे। पूर्व भारतीय कप्तान ने सोनी टीवी पर अपने नए शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में यह बात कही। IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच अभिषेक नायर भी शो में आए थे। जब उन्होंने रोहित से IPL टीम बदलने के बारे में पूछा, तो रोहित क जवाब था- हमेशा मुंबई। बोले- टेस्ट मैच मेरा पसंदीदा फॉर्मेट रोहित ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनका पसंदीदा फॉर्मेट था, लेकिन इसमें खेलने का दबाव भी काफी रहता था। उन्होंने कहा- मैं झूठ नहीं बोलूंगा, जब भी मैं टेस्ट मैच खेलता था, अंदर बहुत नर्वसनेस होती थी। टेस्ट मैच खेलना मुझे पसंद था।' 67 टेस्ट में बनाए 4,301 रन रोहित ने 2013 से 2024 के बीच भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 12 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 4,301 रन बनाए। इस दौरान पारी में उनका बेस्ट स्कोर 212 रन रहा। रोहित वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे रोहित इस महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरु हो रहे घरेलु वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे। पहला वनडे मैच 27 सितंबर को, दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा मुकाबला 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। सभी मुकाबले दोपहर 2 बजे से शुरु होंगे। रोहित की कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी जीते रोहित की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा। इसी टूर्नामेंट से रोहित और कोच राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम के खेलने का अंदाज बदला। हालांकि भारत को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली। इसके बाद भारत ने रोहित की कप्तानी में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इसके बाद BCCI ने 4 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया दौरे से ठीक पहले रोहित शर्मा को हटाकर शुभमन गिल को भारत का नया वनडे कप्तान बनाया। ---------------------------------- रोहित शर्मा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 2027 वर्ल्डकप खेलने पर रोहित बोले- टूर्नामेंट अभी बहुत दूर:जब आएगा तब देखेंगे; 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते दिखेंगे रोहित शर्मा ने 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर कहा है कि टूर्नामेंट के करीब आने पर फैसला होगा। अक्टूबर 2027 में वर्ल्ड कप होना है। टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
47 साल के गेंदबाज ने रचा इतिहास, CPL क्वालीफायर मैच में तोड़ा सुनील नरेन का महारिकॉर्ड
इमरान ताहिर ने CPL 2026 में इतिहास रच दिया है। वे 146 विकेट लेकर कैरेबियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। ताहिर ने सुनील नरेन के 145 विकेटों का रिकॉर्ड तोड़कर इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
भव्य ओपनिंग सेरेमनी के साथ हुई 'एशियन गेम्स 2026' की शुरुआत, मनु-पवन ने शान से लहराया 'तिरंगा'
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को 20वें एशियन गेम्स का भव्य उद्घाटन हुआ।
भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार और उत्तर प्रदेश के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष विंस्टन जैदी राष्ट्रीय जूनियर पुरुष चयन समिति में शामिल हो सकते हैं। 24 अगस्त को बीसीसीआई ने इस समिति में पांच पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 सितंबर थी।
प्लेयर्स कर रहे हैं एशियन गेम्स के लिए जर्सी का इंतजार, जापान के लिए कब रवाना होगी टीम इंडिया?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम रविवार को जापान के लिए रवाना होगी, जहां वे एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे। हालांकि, सही साइज की जर्सी न मिलने की वजह से खिलाड़ियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्वाडलहारा में होगा 'ऑल-अमेरिकन फाइनल', जोविक से भिड़ेंगी स्टर्न्स
ग्वाडलहारा, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ग्वाडलहारा में 'डब्ल्यूटीए 500' खिताब के लिए अब पूरी तरह अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। इवा जोविक और पेटन स्टर्न्स ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले सीधे सेटों में जीतकर फाइनल में जगह बना ली है।
इस शानदार जीत के साथ मिनर्वा ने टूर्नामेंट में लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। चार मैचों के बाद मिनर्वा की टीम कुल 30 गोल दाग चुकी है, जबकि उनके खिलाफ अब तक एक भी गोल नहीं हुआ है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदक जीतने के अभियान को रविवार को और रफ्तार मिलेगी, जब कई भारतीय खिलाड़ी महत्वपूर्ण मुकाबलों में उतरेंगे।
ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर किए जाने से आकाश चोपड़ा हैरान, बोले-मामला थोड़ा अजीब है
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल और वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में ऋषभ पंत को जगह नहीं दी गई है।
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें रविवार से एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
'महिंद्रा ग्रुप' के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने मौजूदा चेस वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को सराहा है। उन्होंने चेस ओलंपियाड में बोर्ड 4 पर खेलने के उनके फैसले के लिए उन्हें 'ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन' कहा।
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। 'महिंद्रा ग्रुप' के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने मौजूदा चेस वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को सराहा है। उन्होंने चेस ओलंपियाड में बोर्ड 4 पर खेलने के उनके फैसले के लिए उन्हें 'ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन' कहा।
नागोया में एशियाई खेलों का हुआ आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत बने ध्वजवाहक
एशियाई खेल 2026 आधिकारिक तौर पर शनिवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया ने क्रिकेट को एक से बढ़कर एक खिला़ड़ी दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया टीम के मौजूदा टेस्ट कप्तान पैट कमिंस का नाम महान खिलाड़ियों में आता है।
एशियन गेम्स: भारतीय मूल के लोगों से मिले मनसुख मांडविया, कहा- जापान के दिल में घर जैसा एहसास
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। खेल मंत्री मनसुख मांडविया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का समर्थन करने के लिए इस समय जापान के आइची-नागोया में मौजूद हैं। इस दौरान मांडविया ने जापान में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की।
Team India का मिशन Aichi-Nagoya: Asian Games 2026 में इन 10 स्टार खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें
1951 में शुरू होने के बाद से, एशियाई खेल दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक रहे हैं। यहाँ खेल की दुनिया के कई महान खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और कई उभरते हुए टैलेंट ने इस मंच का इस्तेमाल कुछ बहुत बड़े और शानदार मुकाम तक पहुँचने के लिए किया है। भारत के बदलते स्पोर्ट्स माहौल में मेडल जीतने की चाहत और भूख पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। ऐसे में, जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 और भारतीयों के लिए 2030 में घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बहुत अहम इवेंट हैं। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले, आइए भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं जिनसे मेडल जीतने की सबसे ज़्यादा उम्मीदें हैं। -ईशा सिंह (शूटिंग) यह बेहतरीन शूटर ज़बरदस्त फ़ॉर्म के साथ एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में नंबर वन और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल म्यूनिख और हांग्जो में हुए ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। म्यूनिख में, उन्होंने फ़ाइनल में 43/50 का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाया, जो यह साबित करता है कि वह बड़े मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। इस साल राजधानी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में, ईशा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड और 25 मीटर पिस्टल सिंगल्स मुक़ाबले में सिल्वर मेडल जीता। साथ ही, उन्होंने मनु भाकर और रिदम सांगवान के साथ मिलकर 25 मीटर पिस्टल टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में भी उन्होंने मनु और सुरुचि फोगाट के साथ मिलकर गोल्ड मेडल हासिल किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडलिस्ट (2023) और वर्ल्ड मीट में दो बार सिल्वर मेडलिस्ट रह चुकीं ईशा, निस्संदेह शूटिंग में मेडल जीतने की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक हैं। -मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड मेडल, टोक्यो में 2021 ओलंपिक में सिल्वर मेडल और कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2017 में 48kg कैटेगरी में गोल्ड भी शामिल है) जीतने के बाद, भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर अब एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल—खासकर गोल्ड—जीतकर अपना मेडल कलेक्शन पूरा करने की कोशिश करेंगी। ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 kg कैटेगरी में गोल्ड पक्का करने के बाद, मीराबाई का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। -सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (बैडमिंटन) भारत की यह मशहूर बैडमिंटन जोड़ी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है; उन्होंने इस साल सिंगापुर ओपन और चाइना मास्टर्स के टाइटल जीते हैं और थाईलैंड में रनर-अप रहे हैं। फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के चोई सोल-ग्यू और किम वॉन-हो को हराकर, चिराग-सात्विकसाईराज ने इतिहास रच दिया और एशियन गेम्स में भारत के लिए बैडमिंटन का पहला गोल्ड मेडल जीता। कई मुश्किलों और चोटों के बाद धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म में लौट रही इस जोड़ी का नाम, इस साल के एशियन गेम्स में संभावित मेडल विजेताओं की बात करते ही सबसे पहले ज़हन में आएगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर -भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अभी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है। इस साल घरेलू मैदान पर T20 वर्ल्ड कप का सफल बचाव करने के बाद, 2024 में अपनी जीत का सूखा खत्म करने के बाद से टीम इंडिया T20I में लगभग अजेय रही है। वैभव सूर्यवंशी (15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी), रिकॉर्ड तोड़ने वाले शतकवीर अभिषेक शर्मा, ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे ईशान किशन और तेज़ गेंदबाज़ी के दिग्गज जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के साथ, भारत निश्चित रूप से गोल्ड मेडल का सबसे बड़ा दावेदार है। -भारतीय पुरुष हॉकी टीम भले ही टीम इंडिया FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में आठवें स्थान पर रही हो, लेकिन एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन बिल्कुल अलग रहा है; वे अब तक सिर्फ़ एक बार ही पोडियम (मेडल जीतने वालों की सूची) से बाहर रहे हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इतिहास रच सकती है क्योंकि उनके पास पहली बार अपना गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बचाने का मौका है, और इससे उन्हें लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफ़िकेशन का रास्ता मिल जाएगा। -लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) 28 साल की इस बॉक्सिंग स्टार ने हर जगह मेडल जीते हैं - चाहे वह ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ हो, एशियन गेम्स में सिल्वर हो, ग्लासगो में इस साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर हो या कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2023 का गोल्ड भी शामिल है)। हालांकि खेल में कुछ भी निश्चित नहीं होता, लेकिन बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने की लवलीना की क्षमता और उनका शानदार रिकॉर्ड उन्हें मेडल का पक्का दावेदार बनाता है। -तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट) 2018 और 2022 के संस्करणों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, तजिंदरपाल सिंह तूर 2026 के संस्करण में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाकर अपने लिए एक बड़ी विरासत बना सकते हैं। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने एशियन स्तर पर खुद को साबित कर दिया है, और एक मेडल उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 से पहले ज़रूरी बूस्ट दे सकता है। -गुरिंदरवीर सिंह (एथलेटिक्स) पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड (10.09 सेकंड) होल्डर की तुलना अपने करियर की शुरुआत में ही 'फ्लाइंग सिख' और एथलेटिक्स के दिग्गज, स्वर्गीय मिल्खा सिंह से होने लगी है। कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में चोट से जूझने के बावजूद 10.39 सेकंड का समय निकालने के बाद भी मेडल राउंड में जगह न बना पाने जैसी मुश्किलों के बावजूद, पंजाब के इस उभरते हुए स्प्रिंटिंग स्टार को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल होगा। खासकर यह देखते हुए कि इतिहास में कई बेहतरीन स्पोर्ट्स कमबैक के पीछे ऐसी ही मुश्किलें प्रेरणा का काम करती रही हैं। अपने साथी एथलीट अनिमेष कुजूर के साथ कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है, जिनके साथ उन्होंने काफी समय ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन में बिताया है और नेशनल रिकॉर्ड्स की अदला-बदली भी की है! -सुजीत कलकल (रेसलिंग) हरियाणा में न सिर्फ़ भारत, बल्कि दुनिया के कुछ बेहतरीन रेसलर तैयार करने की परंपरा रही है। प्रोटीन पाउडर और फैंसी डाइट के दौर में भी 'देसी घी और चूरमा' ने कई बार ग्लोबल स्टेज पर तिरंगा लहराया है। उम्मीद की जा सकती है कि 23 साल के सुजीत इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। इस साल बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप में 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने और पिछले साल अंडर-23 गोल्ड व 2022 में अंडर-20 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ एज-ग्रुप रेसलिंग में सफलता हासिल करने के बाद, सुजीत निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियों के लिए बने हैं। अगर एशियन गेम्स 2026 उनके करियर को एक नए मुकाम पर ले जाता है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। -अनाहत सिंह (स्क्वैश) यह टीनएज स्क्वैश स्टार सभी खेलों में सबसे रोमांचक भारतीय टैलेंट में से एक के तौर पर उभर रही हैं। 2022 एशियन गेम्स में दो बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली अनाहत शानदार फ़ॉर्म में चल रही हैं।
Davis Cup: Sumit Nagal की हार के साथ भारत को Korea ने 3-1 से हराया
दक्षिणेश्वर सुरेश और एन श्रीराम बालाजी ने युगल मैच जीतने के बाद भारत की कोरिया के खिलाफ डेविस कप टेनिस टूर्नामेंट के मुकाबले में उम्मीदें जीवंत रखी लेकिन सुमित नागल पहले उलट एकल के मैच में सूनवू क्वोन से हार गए। इस तरह से कोरिया ने 3-1 से जीत हासिल करके यह मुकाबला अपने नाम कर दिया। दक्षिणेश्वर और बालाजी ने युगल मुकाबले में जीत हासिल करके भारत की उम्मीद जगाई जिसके बाद नागल को करो या मरो वाले मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की जरूरत थी, लेकिन भीषण गर्मी में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्हें कोरिया के नंबर एक खिलाड़ी क्वोन से 1-6, 2-6 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के पहले दिन शुक्रवार को दोनों एकल मैच गंवाने के कारण 0-2 से पिछड़ने के बाद भारत को कुछ अलग करने की जरूरत थी। उसने निकी पूनाचा की जगह दक्षिणेश्वर को बालाजी के साथ कोर्ट पर उतारा और उसका यह फैसला सही साबित हुआ। इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उई-सुंग पार्क और जी-सुंग नाम को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया। क्वोन ने शुरुआत से ही नागल पर अपना दबदबा बनाए रखा। नागल लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे और कोरियाई खिलाड़ी ने पहला सेट आसानी से 6-1 से जीत लिया दूसरे सेट में कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद नागल उस तरह की वापसी करने में असमर्थ रहे जो उनकी खासियत है। कोरिया की इस जीत ने उन्हें डेविस कप के प्रारूप में बदलाव के बाद नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली एशियाई टीम बना दिया। इस साल की शुरुआत में नीदरलैंड को हराने के बाद भारतीय टीम सियोल में जीत हासिल करके अंतिम आठ में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ यहां पहुंची थी लेकिन उसका सपना पूरा नहीं हो पाया। भारत को अब क्वालीफाइंग राउंड एक में खेलना होगा। यह मैच कप्तान रोहित राजपाल का डेविस कप में आखिरी मैच भी हो सकता है, जिनका अनुबंध दिसंबर 2026 तक है। अनुबंध विस्तार की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। भारत ने इससे पहले युगल मैच में शुरू से ही अपने इरादे जतला दिए थे। भारतीय खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाड़ियों को लय हासिल नहीं करने दी। उन्होंने नाम की सर्विस पर बार-बार हमला किया और जोरदार रिटर्न और विनर्स लगाकर बढ़त बनाई। उन्होंने एक ही गेम में चार ब्रेक के मौके बनाए। बालाजी ने जोरदार रिटर्न मारकर पहला मौका बनाया, दक्षिणेश्वर ने विनर लगाकर दूसरा मौका हासिल किया और फिर अपने फोरहैंड रिटर्न से एक और मौका बना लिया। कोरिया की टीम ने संघर्ष जारी रखा लेकिन बालाजी ने एक जोरदार वॉली शॉट लगाकर उनका प्रतिरोध तोड़ दिया। भारतीय जोड़ी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना शुरू किया। बालाजी ने इसके बाद अपनी सर्विस पर पहला सेट भारत के नाम कर दिया। दूसरे सेट में दोनों टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी सर्विस को बचाते हुए आसानी से अंक गंवाने से परहेज किया। विशेष रूप से पार्क और दक्षिणेश्वर ने अपनी सर्विस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। लेकिन मैच का रुख बालाजी की सर्विस गेम पर आकर पलट गया। नाम के विनर ने भारतीय टीम पर दबाव बना दिया और बालाजी के एक खराब फोरहैंड रिटर्न ने कोरियाई टीम को दो ब्रेक का मौका दिया। कोरिया के खिलाड़ियों ने दूसरे मौके को भुनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद उन्होंने यह सेट जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे और निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों ने आक्रामक रवैया अपनाया। इस बीच दक्षिणेश्वर को अपनी सर्विस बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा, वहीं पार्क भी दबाव में आ गए। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि लगातार अपने प्रयास जारी रखे और आखिर में उन्हें सफलता भी मिल गई। भारत ने आठवें गेम में बिना कोई प्वाइंट गंवाए कोरिया की सर्विस तोड़ दी। दक्षिणेश्वर ने विजयी शॉट लगाकर बालाजी को मैच जीतने के लिए सर्विस करने का मौका दिया। कोरियाई टीम अभी हारी नहीं थी। बालाजी की सर्विस पर 30-30 की स्थिति थी। ऐसे में दक्षिणेश्वर में जोरदार शॉट लगाकर मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। अगले प्वाइंट पर जब दोनों कोरियाई खिलाड़ी नेट की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्होंने एक बार फिर शानदार शॉट लगाया और मैच जीत लिया।
Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर
भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। क्विम्सी ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। क्विम्सी अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। क्विम्सी ने अपनी लंबे कद का पूरा फायदा उठाते हुए बार-बार सटीक स्मैश लगाए। घुमावदार टेबल से उनकी नीची और स्लाइडिंग सर्व ने सुमाया को दबाव में रखा। उन्होंने पहला गेम 12-7 से आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे गेम में कहानी एकदम से बदल गई। यह खेल सेपक टकरा (पांव से वॉलीबॉल खेलने जैसा) से मिलता है और सुमाया सेपक टकरा की खिलाड़ी रही है जिसका उन्हें फायदा मिला। सुमाया ने तेजी दिखाई और क्विम्सी को हर अंक के लिए कड़ी टक्कर दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को रैलियों में उलझाया। एक समय स्कोर 9-9 से बराबरी पर था। इंडोनेशियाई खिलाड़ी के दो शानदार ड्रॉप शॉट्स ने क्विम्सी को दबाव में डाल दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक स्मैश शॉट बाहर मार दिया और सुमाया ने मैच को बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार ड्रॉप शॉट्स और दमदार स्मैश के दम पर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 5-2 और फिर 6-3 से आगे थी लेकिन इंडोनेशिया की खिलाड़ी ने लगातार नौ अंक बनाकर जीत हासिल कर ली। क्विम्सी मैच समाप्त होने के बाद अपने आंसू नहीं रोक पाई क्योंकि वह जीत के बेहद करीब थी। उन्होंने कहा, ‘‘उसे सेपक टकरा की पृष्ठभूमि के कारण फायदा मिला, लेकिन यह एक अच्छा मैच था जिसमें बेहतर खिलाड़ी की जीत हुई।’’ टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
भारत डेविस कप से बाहर, साउथ कोरिया से हारा:सुमित नागल फिर फेल; टीम 30 साल से टॉप-8 में नहीं पहुंची
भारत का डेविस कप 2026 अभियान शनिवार को खत्म हो गया। सियोल के ओलिंपिक टेनिस कोर्ट में दक्षिण कोरिया ने भारत को 1-3 से हरा दिया। शनिवार को सुमित नागल रिवर्स सिंगल्स में सूनवू क्वोन से 1-6, 2-6 से हार गए। टीम इंडिया 1996 के बाद पहली बार डेविस कप के आखिरी आठ में जगह बनाने की कोशिश कर रही थी। सुरेश-बालाजी ने कोरियाई जोड़ी को हराया था पहले दिन के सिंगल्स मैचों के बाद भारत 0-2 से पीछे था। दूसरे दिन टीम को अभियान बचाने के लिए दोनों मैच जीतना जरूरी था। डबल्स से पहले भारत ने टीम में बदलाव किया। निकी पूनाचा की जगह धक्षिणेश्वर सुरेश को उतारा गया। उन्हें अनुभवी एन श्रीराम बालाजी के साथ जोड़ी बनाया गया। सुरेश और बालाजी ने जी सुंग नाम और उइसुंग पार्क को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया। इस जीत से भारत के टॉप-8 में पहुंचने की उम्मीदें जगी थीं। क्वोन ने नागल और भारत का अभियान खत्म किया रिवर्स सिंगल्स में नागल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। वर्ल्ड रैंकिंग में 157वें नंबर के खिलाड़ी क्वोन ने पहला 6-1 से जीत लिया। दूसरे सेट में नागल ने वापसी की कोशिश की। लेकिन क्वोन ने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। 247वीं रैंकिंग वाले नागल पहले पहले दिन सिंगल्स मैच में ह्योन चुंग से हार गए थे। कप्तान रोहित राजपाल का कार्यकाल समाप्त इस मुकाबले के बाद रोहित राजपाल का भारतीय कप्तान के रूप में कार्यकाल भी खत्म हो सकता है। उनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2026 तक है और अब तक इसके विस्तार की घोषणा नहीं हुई है। भारत अब 2027 में क्वालिफायर राउंड-1 में खेलेगा। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चेस ओलिंपियाड- भारतीय मेंस टीम ने इटली को 3-1 से हराया, गुकेश जीते समरकंद में शुक्रवार को 46वें चेस ओलिंपियाड के तीसरे राउंड में भारतीय मेंस टीम ने इटली को 3-1 से हराया। वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने 33 चाल में सबिनो ब्रुनेल्लो को हराकर जीत हासिल की। निहाल सरीन ने भी फ्रांसेस्को सोनिस को मात दी। पढ़ें पूरी खबर
Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रविवार तड़के एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले सही साइज़ की किट का इंतज़ार कर रहे हैं। खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर BCCI और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की किट सप्लायर कंपनी JSW इंस्पायर के बीच काफी बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होगी। 28 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए आधिकारिक जर्सी पहनने से पहले, भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र T20I मैच में अपनी रेगुलर किट पहनेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने बताया कि क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा। BCCI ने होटल को लेकर भी लिया अपना फैसला इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया कि महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर सुविधाओं पर सवाल एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
एशियन गेम्स 2026: राही सरनोबत ने किसी भी समस्या से इनकार किया, कहा- हमें समय पर कमरा मिल गया था
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय शूटर राही सरनोबत ने कहा है कि एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान पहुंचने के बाद उन्हें रहने की जगह में कोई दिक्कत नहीं हुई। अनुभवी शूटर ने कहा कि उन्हें समय पर कमरा मिल गया था।
Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा। पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है। जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे। इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है। लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी। ये मैच 20 सितंबर को खेला जाएगा। इस मुकाबले को टीवी और मोबाइल पर लाइव देखने का तरीका अभी से जान लीजिए।
PC: NDTV Profit टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने का प्लान नहीं बना रहा है। मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बोर्ड से जुड़े बड़े लोगों को इस बारे में बता दिया है कि वो अब इस पद पर रहना नहीं चाहते हैं। भारत को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है। इस दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 T20, 3 ODI और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। इस सीरीज से पहले टीम इंडिया को नया चीफ सिलेक्टर मिलने की संभावना है। चीफ सिलेक्टर पद के लिए दो नाम चर्चा में NDTV के मुताबिक, BCCI सूत्रों ने बताया है कि चीफ सिलेक्टर पद की दौड़ में दो नाम हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा को अजीत अगरकर की जगह लेने के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है। प्रज्ञान ओझा अभी अजीत अगरकर की लीडरशिप वाली सिलेक्शन कमिटी का हिस्सा हैं। इसलिए, इस पोस्ट के लिए उनका नाम अहम माना जा रहा है। पार्थिव और प्रज्ञान दोनों IPL विजेता अजीत अगरकर की जगह पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा को BCCI सिलेक्शन कमिटी का चेयरमैन बनाने पर विचार किया जा रहा है। खास बात यह है कि पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा दोनों ने तीन-तीन बार IPL का खिताब जीता है। अब क्रिकेट फैंस इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि BCCI चीफ सिलेक्टर के पद के लिए किसे चुनेगा।
Asian Games 2026 में भारत की ध्वजवाहक बनने पर भावुक हुईं Manu Bhaker, कहा- यह दिल छूने वाला एहसास है
भारत की दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं मनु भाकर ने 2026 एशियन गेम्स के ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग-बेयरर (ध्वजवाहक) के तौर पर चुने जाने पर खुशी ज़ाहिर की है। शनिवार को होने वाले इस इवेंट से पहले बात करते हुए, उन्होंने इस अनुभव को दिल को छू लेने वालाबताया और खेल में अपने सफ़र को याद किया। ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत मिलकर भारत का झंडा लेकर चलेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान का और सभी का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ। उन्होंने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पिछले ओपनिंग सेरेमनी के अपने अनुभवों के बारे में भी बताया। भाकर ने बताया कि 2018 में अपने पहले एशियाई खेलों के दौरान, जब वह 16 साल की थीं, तो वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य विलेज से दूर पालेमबांग में थीं। उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके दिवंगत कोच और शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा ने उन्हें सलाह दी थी कि जब तक वह फ़्लैग-बेयरर न हों, तब तक ऐसी सेरेमनी में शामिल न हों, क्योंकि उनके कॉम्पिटिशन से पहले शारीरिक रूप से काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि अपने पहले एशियाई खेलों के समय मैं 16 साल की थी, और यह मेरा तीसरा एशियाई खेल है। मेरा पहला एशियाई खेल जकार्ता में था, लेकिन हम पालेमबांग में थे, जो मुख्य विलेज से बहुत दूर था, इसलिए हम उसमें शामिल नहीं हो पाए। मैंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था। उसके बाद, मेरे कोच जसपाल सर ने मुझसे कहा, 'अगर तुम फ़्लैग-बेयरर हो, तभी मैं तुम्हें सेरेमनी में शामिल होने की इजाज़त दूंगा; वरना नहीं,' क्योंकि हमारे मैच आमतौर पर पहले या दूसरे दिन ही शुरू हो जाते हैं, इसलिए शूटिंग में हमारे लिए यह बहुत भागदौड़ वाला समय होता है।
एशियन गेम्स के बैडमिंटन टीम इवेंट के ड्रॉ में भारतीय मेंस टीम का पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। टीम क्वार्टरफाइनल में जापान से भिड़ सकती है। सिल्वर मेडल विजेता भारतीय मेंस टीम के सेमीफाइनल में चीन या कोरिया से मुकाबले की संभावना है। भारत, जापान, चीन और कोरिया एक ही हाफ में हैं। भारतीय विमेंस टीम अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान के खिलाफ करेगी। वह क्वार्टरफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से भिड़ सकती है। भारतीय मेंस टीम का ड्रॉ भारत को आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य सेन को कोडाई नाराओका और आयुष को यूशी तनाका को हराना होगा। सात्विक-चिराग की जोड़ी का मुकाबला होकी-कोबायाशी से हो सकता है। भारतीय मेंस टीम पिछली बार चीन से 2-3 से हारकर गोल्ड मेडल से चूक गई थी। इस बार उसका सेमीफाइनल में ही चीन से मुकाबला हो सकता है। हालांकि, धीमे कोर्ट पर जापान भारत के लिए मुश्किल चुनौती बन सकता है। जापान के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट कोडाई नाराओका हैं। मलेशिया, इंडोनेशिया, हांगकांग और ताइवान को ड्रॉ के दूसरे हाफ में रखा गया है। विमेंस टीम के सामने जापान की चुनौती भारत के विमेंस टीम इवेंट के क्वार्टर फाइनल में जापान से भिड़ने की संभावना है। मुकाबले में अकाने यामागुची और पीवी सिंधु आमने-सामने हो सकती हैं। उन्नति हुड्डा का सामना टोमोका मियाजाकी से हो सकता है, जबकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को जापान की टॉप जोड़ी की चुनौती मिलेगी। सेमीफाइनल में कोरिया से हो सकता है मुकाबला भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने पर उसका सामना कोरिया से हो सकता है। कोरिया के पास आन से-यंग और वर्ल्ड चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट बेक हा-ना-ली सो-ही की जोड़ी है। भारत ने विमेंस टीम इवेंट में एकमात्र पदक 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में जीता था। तब भारत ने थाईलैंड को 3-2 से हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में कोरिया से 1-3 से हार गया था।इनल में उसे कोरिया के खिलाफ 1-3 से हार मिली थी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स के बारे में सब कुछ:45 देश और 469 मेडल इवेंट एशियन गेम्स का 20वां एडिशन आज से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहा है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे। भारत इस बार किन खेलों में उतर रहा है, नए खेल कौन-से हैं, ओलिंपिक का टिकट कैसे मिलेगा और तैयारी पर कितना खर्च हुआ। 10 सवालों में एशियन गेम्स के बारे में। पूरी खबर…
एशियन गेम्स के बैडमिंटन टीम इवेंट के ड्रॉ में भारतीय पुरुष टीम का पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। टीम क्वार्टरफाइनल में जापान से भिड़ सकती है। रजत पदक विजेता भारतीय पुरुष टीम के सेमीफाइनल में चीन या कोरिया से मुकाबले की संभावना है। भारत, जापान, चीन और कोरिया एक ही हाफ में हैं। भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान के खिलाफ करेगी। वह क्वार्टरफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से भिड़ सकती है। भारतीय पुरुष टीम का ड्रॉ भारत को आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य सेन को कोडाई नाराओका और आयुष को यूशी तनाका को हराना होगा। सात्विक-चिराग की जोड़ी का मुकाबला होकी-कोबायाशी से हो सकता है। भारतीय पुरुष टीम पिछले साल चीन से 2-3 से हारकर स्वर्ण पदक से चूक गई थी। इस बार उसका सेमीफाइनल में ही चीन से मुकाबला हो सकता है। हालांकि, धीमे कोर्ट पर जापान भारत के लिए मुश्किल चुनौती बन सकता है। जापान के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट कोडाई नाराओका हैं। मलेशिया, इंडोनेशिया, हांगकांग और ताइवान को ड्रॉ के दूसरे हाफ में रखा गया है। महिला टीम के सामने जापान की चुनौती महिला क्वार्टरफाइनल में भारत का सामना जापान से होने की संभावना है। इसमें अकाने यामागुची और पीवी सिंधु आमने-सामने हो सकती हैं। उन्नति हुड्डा का मुकाबला टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को घरेलू परिस्थितियों में जापान की शीर्ष जोड़ी की चुनौती मिलेगी। सेमीफाइनल में भारत का सामना कोरिया से हो सकता है। यह मुश्किल मुकाबला होगा, क्योंकि कोरिया के पास आन से-यंग और वर्ल्ड चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट बेक हा-ना और ली सो-ही हैं। ड्रॉ के दूसरे हाफ में चीन और थाईलैंड का क्वार्टरफाइनल मुकाबला तय है। दोनों टीमों को पहले दौर में बाई मिली है। भारत ने महिला टीम इवेंट में एकमात्र पदक 2014 में इंचियोन में जीता था। उस टीम में साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और अश्विनी पोनप्पा-सिक्की रेड्डी शामिल थीं। भारत ने तब रोमांचक मुकाबले में थाईलैंड को 3-2 से हराया था। हालांकि, सेमीफाइनल में उसे कोरिया के खिलाफ 1-3 से हार मिली थी।
BCCI Centenary Year: BCCI की सालाना मीटिंग खत्म, बोर्ड के शताब्दी वर्ष की तैयारियां शुरू
PC: navarashtra भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) शुक्रवार को हुई। इस मीटिंग में सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर को लेकर एक अहम फैसला लिया गया और बोर्ड के सौ साल पूरे होने की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बीच, सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का टर्म 6 अक्टूबर, 2026 को खत्म हो जाएगा। ऐसे में BCCI उनकी जगह नए चेयरमैन की तलाश कर रहा है। मीटिंग के बाद BCCI के एक सीनियर अधिकारी ने मीडिया को बताया कि सिलेक्शन कमिटी को लेकर फैसला लेने के लिए कुछ पदाधिकारियों को चुना गया है। इसके अलावा उन्होंने मीडिया को कोई और जानकारी नहीं दी। BCCI की 95वीं AGM में अलग-अलग राज्य क्रिकेट टीमों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस मीटिंग में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद भी मौजूद थे। MCA की BCCI से मुख्य मांग सीनियर सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के चुनाव के अलावा, BCCI जूनियर सिलेक्शन कमिटी के सभी पांच पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है। इस बीच, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने बोर्ड से कुछ बड़े मैचों के दौरान मुंबई को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। MCA सचिव उन्मेष खानविलकर ने इस बारे में जानकारी दी। प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में पिछले दो सालों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है। यहां आखिरी टेस्ट मैच 2024 के आखिर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। वानखेड़े में होने वाले आगामी क्रिकेट मैचों को ध्यान में रखते हुए, महिला चैंपियंस लीग और महिला प्रीमियर लीग के कुछ मैच, जो अगले साल की शुरुआत में यहां पहली बार आयोजित किए जाएंगे। शताब्दी वर्ष की तैयारी शुरू BCCI ने मीटिंग के बाद एक प्रेस रिलीज जारी की। उस प्रेस रिलीज में कहा गया कि 2028 में BCCI के शताब्दी वर्ष के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह शताब्दी वर्ष दिसंबर 2027 से शुरू होकर 2028 तक पूरे साल अलग-अलग प्रोग्राम के ज़रिए मनाया जाएगा। यह भी बताया गया है कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम पल होगा।
फुटबॉल की चोट ने क्विंसी डिसूजा को मैदान से दूर किया, लेकिन इंस्टाग्राम पर रोनाल्डिन्हो की एक रील ने उन्हें नया खेल दिखा दिया।
Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती
पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है। प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधू के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
टी20 सीरीज : न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रचिन रवींद्र इंजर्ड
नई दिल्ली, न्यूजीलैंड के युवा ऑलराउंडर रचिन रवींद्र इंजर्ड हो गए हैं। इंजरी की वजह से भारत के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में उनका खेलना संदिग्ध हो गया है।
Asian Games से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सही साइज की किट का इंतजार
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 19 सितंबर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य एशियाई खेलों के लिए अब भी सही साइज की किट का इंतजार कर रहे हैं जबकि उन्हें रविवार तड़के जापान रवाना होना है। पीटीआई को पता चला है कि खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के किट उपलब्ध कराने वाले जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होने वाली है। भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी मानक पोशाक पहनेंगे। इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा।’’इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी।’’एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
Team india: चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का टीम का साथ छोड़ना तय! BCCI ने शुरू की नए सेलेक्टर की तलाश
इंटरनेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को लेकर एक बड़ी खबर है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड नए चीफ सेलेक्टर की तलाश में है। मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बोर्ड से जुड़े बड़े लोगों को इस बारे में बता दिया है कि वो अब इस पद पर रहना नहीं चाहते हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई को अगरकर से जुड़े एक सूत्र ने बाया कि उन्होंने पहले ही बीसीसीआई को इस बारे में जानकारी दे दी है, अगरकर इस पोस्ट पर बने रहने के इच्छक नहीं हैं। इससे पहले शुक्रवार को बीसीसीआई की एनुअल जनरल मीटंिग हुई। जहां बीसीसीआई ने अधिकारियों को चेयरमैन ऑफ सेलेक्टर्स अगरकर के भविष्य पर फैसला लेने की इजाजत दी। जानकारी के अनुसार अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अपना कार्यकाल बढ़ाने की इच्छा जताई थी। वे जुलाई 2023 में सिलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष बने थे। लेकिन अब जो चर्चा हैं वो कुछ और ही बता रही है। pc- navbharatlive
एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर
मौजूदा चैंपियन भारत रविवार को यहां बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले एशियाई खेलों के सेमीफाइनल मैच में अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उसने क्वार्टर फाइनल में जापान को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी और इस बीच 15 ओवर शेष रहते हुए ही मैच जीत लिया। दूसरी ओर बांग्लादेश ने चीन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द होने के बाद अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखा है और उसने पिछले नौ मुकाबलों में जीत हासिल की है, जिसमें पिछले सप्ताह एशिया कप में 40 रन की जीत भी शामिल है। बांग्लादेश के हाथों उसे टी20 में आखिरी बार तीन साल पहले हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाया, जिसमें बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। उन्हें कामचलाऊ गेंदबाज शेफाली वर्मा, अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और श्रेयांका पाटिल का भरपूर सहयोग मिला। श्रेयांका ने तीन महीने के बाद वापसी की है। जापान के खिलाफ सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी करने नहीं आई थीं। शेफाली ने अकेले दम पर भारत को 58 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उम्मीद है कि ये दोनों सीनियर बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर वापसी करेंगी। बांग्लादेश की टीम भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर रहेगी। बांग्लादेश को अगर भारत के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है तो नाहिदा अख्तर और रबिया खान जैसी गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वे पिच से मिलने वाली किसी भी मदद का फायदा उठाने और भारत के आक्रामक शीर्ष क्रम को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेंगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उप-कप्तान), दिलारा अख्तर, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
Asian Games Opening Ceremony में Pawan Sehrawat बने भारत के ध्वजवाहक, Tajinderpal Toor की जगह ली
हांगझोऊ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत, शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत के दूसरे ध्वजवाहक के तौर पर तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह लेंगे। तूर अभी अपने बेस पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी तक नागोया नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि तेजिंदरपाल को अभी तक अपनी किट नहीं मिली है, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी तूर, पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर के साथ ओपनिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन शेफ़ डी मिशन सहदेव यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि अब सेहरावत, जो पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य थे, सेरेमनी में तूर की जगह लेंगे। तूर ने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेरी किट दोपहर 3 बजे (नागोया) एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। एयरपोर्ट से समय पर अपनी किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी वाली जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। तूर ने आगे कहा कि तो, मैंने IOA को बता दिया है कि मैं ओपनिंग सेरेमनी में नहीं आ रहा हूँ। मेरी किट भारत में ही पड़ी है। एथलेटिक्स टीम में किसी को भी अभी तक अपनी किट नहीं मिली है। एथलेटिक्स टीम, माहौल के हिसाब से ढलने के लिए कैंप के तहत रविवार, 13 सितंबर से टोक्यो के पास सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को सोमवार को नागोया पहुँचना है, जो एथलेटिक्स इवेंट्स शुरू होने से दो दिन पहले का समय है। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics टूर ने कहा कि अगर उन्हें शुक्रवार से पहले ओपनिंग सेरेमनी में अपनी भूमिका के बारे में बताया गया होता, तो वे समय पर किट पाने का इंतज़ाम कर सकते थे। तूर ने आगे कहा कि IOA ने मुझे कल ही बताया कि मैं फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) बनूँगा। वरना, मेरे कोच, जो कल यहाँ पहुँचे थे, मेरे लिए उसे (किट को) ले आ सकते थे। एशियन गेम्स में देरी एक आम बात हो गई है। नागोया में भारत और दूसरी टीमों के साथ होने वाली पारंपरिक झंडा फहराने की सेरेमनी में शुक्रवार को देरी हुई और फिर उसमें रुकावट भी आई। आयोजकों द्वारा किसी अज्ञात 'समस्या' को सुलझाने के बाद यह सेरेमनी हो पाई, जिससे गेम्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अव्यवस्था को लेकर आलोचना और बढ़ गई।
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स से पहले सही साइज की किट के लिए परेशान है। उसे रविवार तड़के नई दिल्ली से जापान के लिए रवाना होना है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्र के हवाले से बताया कि कई खिलाड़ियों को उनकी फिटिंग की जर्सी नहीं मिली है। प्लेयर्स को 2 अलग-अलग जर्सी चाहिए। एक जापान से फ्रैंडली मैच के लिए और दूसरी दूसरी एशियन गेम्स के लिए। इसी कारण यह दिक्कत हुई है।’ इस मामले पर IOA के एक अधिकारी ने कहा- ‘ज्यादातर दिक्कतें दूर कर दी गई हैं। कुछ किट बाकी हैं, जिन्हें जल्द टीम तक पहुंचा दिया जाएगा।’ भारत-जापान रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर होगा मुकाबला भारत और जापान के रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर 22 सितंबर को जापान के सानो शहर में टी-20 क्रिकेट मैच खेला जाएगा। इस मैच में भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। इसमें टीम इंडिया अपनी सामान्य किट पहनेगी। यह मैच ‘स्पोर्ट 75’ पहल के तहत आयोजित होगा। जोकि जापान और भारत के बीच खेल में सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। BCCI ने नागोया में खुद होटल का इंतजाम किया नागोया में दूसरे भारतीय खिलाड़ियों को रहने की जगह मिलने में हुई देरी को देखते हुए BCCI ने क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए खुद होटल का इंतजाम किया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम IOA की ओर से उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने कहा, ‘महिला टीम के आवास में कभी कोई समस्या नहीं थी। पुरुष टीम के लिए आयोजकों ने जो कमरे दिए थे, उनमें किट बैग रखने तक की जगह नहीं थी।’ सूत्र ने बताया कि वहां बड़े होटल ज्यादा नहीं हैं। इसके बावजूद BCCI ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले अपना इंतजाम कर लिया। ------------------------------------------------ एशियाड से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… एशियन गेम्स से पहले तैयारियों पर फिर सवाल; 30-35 भारतीयों को नहीं मिले कमरे एशियन गेम्स से पहले मेजबान शहर नागोया की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। 30-35 भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने के लए कमरे नहीं मिले। इसके बाद भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) को कमरे बुक करने पड़े। पढ़ें पूरी खबर
Davis Cup: दक्षिणेश्वर और श्रीराम बालाजी ने युगल मैच जीता, भारत की उम्मीदें बरकरार
(अमनप्रीत सिंह)सियोल, 19 सितंबर दक्षिणेश्वर सुरेश और श्रीराम बालाजी ने शनिवार को यहां युगल मुकाबले में उई-सुंग पार्क और जी-सुंग नाम को हराकर डेविस कप टेनिस टूर्नामेंट में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत की जीत की उम्मीदों को जीवंत रखा। मुकाबला के पहले दिन शुक्रवार को दोनों एकल मैच गंवाने के कारण 0-2 से पिछड़ने के बाद भारत को कुछ अलग करने की जरूरत थी। उसने निकी पूनाचा की जगह दक्षिणेश्वर को बालाजी के साथ कोर्ट पर उतारा और उसका यह फैसला सही साबित हुआ। इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-3 3-6 6-3 से जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले केवल दो बार, 2010 और 2018 में, डेविस कप मुकाबले में 0-2 से पिछड़ने के बाद जीत हासिल की है। यह कारनामा फिर से करने के लिए भारत को अब दोनों उलट एकल मैच जीतने होंगे। भारत के नंबर एक खिलाड़ी सुमित नागल पर सारा दायित्व है जिन्हें पहले उलट एकल मैच में कोरिया के शीर्ष के खिलाड़ी सूनवू क्वोन को हराना होगा। भारत ने पहले सेट में शुरू से ही अपने इरादे जतला दिए थे। भारतीय खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाड़ियों को लय हासिल नहीं करने दी। उन्होंने नाम की सर्विस पर बार-बार हमला किया और जोरदार रिटर्न और विनर्स लगाकर बढ़त बनाई। उन्होंने एक ही गेम में चार ब्रेक के मौके बनाए। बालाजी ने जोरदार रिटर्न मारकर पहला मौका बनाया, दक्षिणेश्वर ने विनर लगाकर दूसरा मौका हासिल किया और फिर अपने फोरहैंड रिटर्न से एक और मौका बना लिया। कोरिया की टीम ने संघर्ष जारी रखा लेकिन बालाजी ने एक जोरदार वॉली शॉट लगाकर उनका प्रतिरोध तोड़ दिया। भारतीय जोड़ी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना शुरू किया। बालाजी ने इसके बाद अपनी सर्विस पर पहला सेट भारत के नाम कर दिया। दूसरे सेट में दोनों टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी सर्विस को बचाते हुए आसानी से अंक गंवाने से परहेज किया। विशेष रूप से पार्क और दक्षिणेश्वर ने अपनी सर्विस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। लेकिन मैच का रुख बालाजी की सर्विस गेम पर आकर पलट गया। नाम के विनर ने भारतीय टीम पर दबाव बना दिया और बालाजी के एक खराब फोरहैंड रिटर्न ने कोरियाई टीम को दो ब्रेक का मौका दिया। कोरिया के खिलाड़ियों ने दूसरे मौके को भुनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद उन्होंने यह सेट जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे और निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों ने आक्रामक रवैया अपनाया। इस बीच दक्षिणेश्वर को अपनी सर्विस बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा, वहीं पार्क भी दबाव में आ गए। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि लगातार अपने प्रयास जारी रखे और आखिर में उन्हें सफलता भी मिल गई। भारत ने आठवें गेम में बिना कोई प्वाइंट गंवाए कोरिया की सर्विस तोड़ दी। दक्षिणेश्वर ने विजयी शॉट लगाकर बालाजी को मैच जीतने के लिए सर्विस करने का मौका दिया। कोरियाई टीम अभी हारी नहीं थी। बालाजी की सर्विस पर 30-30 की स्थिति थी। ऐसे में दक्षिणेश्वर में जोरदार शॉट लगाकर मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। अगले प्वाइंट पर जब दोनों कोरियाई खिलाड़ी नेट की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्होंने एक बार फिर शानदार शॉट लगाया और मैच जीत लिया।
सियोल के प्रतिष्ठित ओलंपिक टेनिस सेंटर में खेले जा रहे डेविस कप मुकाबले के दूसरे दिन भारतीय टेनिस टीम ने शानदार वापसी का मुज़ाहिरा किया है। क्वालीफायर के पहले दिन भारत को उस वक्त तगड़ा झटका लगा था, जब उसके दोनों प्रमुख सिंगल्स खिलाड़ी—दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल—अपने-अपने मुकाबले गंवा बैठे थे। 0-2 से पिछड़ने के बाद भारत पर सफाए का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन डबल्स मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने ज़बरदस्त खेल दिखाते हुए देश की उम्मीदों को टूटने नहीं दिया। भारत की ओर से एन. श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग को 3-6, 6-3, 3-6 से हराते हुए इस करो या मरो के मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। रणनीति के तौर पर, भारतीय कप्तान रोहित राजपाल ने डबल्स मैच (जो जीतना ज़रूरी था) में अनुभवी एन. श्रीराम बालाजी के साथ जोड़ी बनाने के लिए निकी पूनाचा की जगह दक्षिणेश्वर सुरेश को उतारा। इस फैसले का तुरंत फायदा मिला; सुरेश के ज़बरदस्त बेसलाइन खेल ने बालाजी की बेहतरीन नेट कवरेज के साथ अच्छा तालमेल बिठाया, जिससे भारतीय जोड़ी रैलियों पर हावी रही और दक्षिण कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग के खिलाफ पहला सेट जीतकर अहम बढ़त हासिल की। मेज़बान टीम ने दूसरे सेट में ज़बरदस्त वापसी की। नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग ने अपनी तीव्रता बढ़ाई, सुरेश की सर्विस को निशाना बनाया और बेसलाइन पर अहम मौकों का फायदा उठाकर मैच में बराबरी कर ली। मैच का रुख 4-2 के स्कोर पर बदला, जब कोरियाई जोड़ी ने शानदार रिटर्न गेम खेलते हुए निर्णायक ब्रेक हासिल किया। नेट पर बालाजी की तेज़ प्रतिक्रियाओं के बावजूद, दक्षिण कोरिया ने सटीकता के साथ अपनी बढ़त बनाए रखी और आसानी से 6-3 से सेट जीतकर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट तक पहुँचा दिया। तीसरे सेट में क्या हुआ? तनावपूर्ण तीसरे सेट में मोमेंटम फिर से भारत के पक्ष में आ गया, और शुरुआती कुछ पॉइंट्स में दोनों जोड़ियाँ डटी रहीं। 4-3 के स्कोर पर भारतीय जोड़ी ने मौका लपका; आक्रामक रिटर्न और बालाजी के बेहतरीन नेट प्ले की मदद से दक्षिण कोरिया की सर्विस तोड़ी और अपनी बढ़त को 5-3 तक पहुँचा दिया। इसे भी पढ़ें: Supreme court on Rajpal Yadav: इन पर कौन भरोसा करेगा, SC ने चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को ₹5 करोड़ जमा करने के लिए 2हफ़्ते और दिए, फटकार भी लगाई इसके बाद भारत ने संयम बनाए रखते हुए अपनी सर्विस बरकरार रखी और 6-3 से सेट जीतकर रोमांचक जीत हासिल की। कड़ी टक्कर के बाद वापसी करते हुए, बालाजी और सुरेश ने दक्षिण कोरिया की कुल बढ़त को 2-1 कर दिया। इससे भारत 2026 डेविस कप क्वालिफ़ायर में बना हुआ है और मुकाबला अब अहम 'रिवर्स सिंगल्स' में पहुंच गया है। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics अब सबकी नज़रें भारत के सिंगल्स स्टार सुमित नागल पर हैं, जिनका मुकाबला कोरिया के सूनवू क्वोन से होगा। मेहमान टीम के लिए यह मैच जीतना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हारने पर डेविस कप में भारत का सफर खत्म हो सकता है। हालांकि, भारत के लिए चिंता की बात यह है कि नागल 2026 में अब तक कोई मैच नहीं जीत पाए हैं।
केवल 45 बॉल में ठोका गया शतक भी नहीं आया टीम के काम, 226 के स्ट्राइक रेट की सेंचुरी गई बेकार
शिमरन हेटमायर ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए केवल 45 बॉल में नाबाद 102 रन ठोक दिए, लेकिन इसके बाद भी अहम मुकाबले में उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा। अब सीपीएल का फाइनल जमैका किंग्समेन और एंटीगुआ व बारबुडा फाल्कन्स के खिलाफ खेला जाएगा।
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब गलती सामने आई। पुरुष हॉकी में दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश के मैच से पहले आयोजकों ने गलती से उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बजा दिया।
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रचिन रवींद्र भारत के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज से बाहर हो सकते हैं। ऑकलैंड में प्रमोशनल शूट के दौरान उनका दायां कंधा खिसक गया। रवींद्र बुधवार को शूटिंग के दौरान डाइव लगाकर कैच लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान वे सेफ्टी मैट पर गलत तरीके से गिरे और चोटिल हो गए। मेडिकल विशेषज्ञों ने शुक्रवार को उनकी जांच की। जांच में कंधे को बड़ी संरचनात्मक क्षति नहीं मिली, लेकिन भारत सीरीज में उनकी उपलब्धता रिहैबिलिटेशन की शुरुआती प्रगति पर निर्भर करेगी। भारत का न्यूजीलैंड दौरा अगले महीने शुरू होना है। पहला T20I 22 अक्टूबर को खेला जाएगा, जबकि न्यूजीलैंड अगले हफ्ते अपनी टीम घोषित करेगा। रवींद्र की चोट के बाद न्यूजीलैंड ने उनके साथ सावधानी बरतने का फैसला किया है। वे रिहैबिलिटेशन से गुजरेंगे, क्योंकि इसके बाद न्यूजीलैंड का व्यस्त टेस्ट कार्यक्रम है। न्यूजीलैंड के परफॉर्मेंस मैनेजर माइक सैंडल ने कहा कि रवींद्र की चोट दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। उन्होंने कहा कि टीम की प्राथमिकता रवींद्र की रिकवरी है। “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण चोट है। रचिन के लिए हमें बहुत बुरा लग रहा है। हमारी मुख्य प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि वे अच्छी तरह ठीक हों और जल्द से जल्द मैदान पर लौटें।” सैंडल ने कहा कि खिलाड़ियों से जुड़े सभी कमर्शियल शूट की गतिविधियां पहले से तय होती हैं। इसमें सभी पक्षों की सहमति और सुरक्षा के उचित इंतजाम शामिल होते हैं। उन्होंने कहा, “यह एक अजीब हादसा था। हम भविष्य में ऐसे आयोजनों से जुड़ी अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करते रहेंगे।” न्यूजीलैंड के लिए अहम ऑलराउंडर रवींद्र न्यूजीलैंड की सीमित ओवरों की टीम का अहम हिस्सा बन चुके हैं। वे बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में टीम को योगदान देते हैं। उन्होंने 52 T20I में 759 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 69 रन है। गेंदबाजी में उन्होंने 26 विकेट लिए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/27 है। 26 साल के रवींद्र के नहीं खेलने पर न्यूजीलैंड भारत सीरीज में अपने प्रमुख ऑलराउंड विकल्पों में से एक को खो देगा। हालांकि, रिहैबिलिटेशन से ही तय होगा कि वे समय पर वापसी कर पाते हैं या नहीं। न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने कहा कि टीम उन्हें जल्दबाजी में वापस नहीं लाएगी। उन्होंने अगले छह महीनों में होने वाले टेस्ट क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम का भी जिक्र किया। वॉल्टर ने कहा, “अगले छह महीनों में टेस्ट क्रिकेट का भारी कार्यक्रम है। हम रचिन को जरूरत से पहले जल्दबाजी में वापस नहीं लाना चाहते। उनके रिहैबिलिटेशन की अच्छी तरह देखभाल हो रही है और हम जल्द ही उनका स्वागत करने की उम्मीद करते हैं।” न्यूजीलैंड और भारत के बीच पहला T20I 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके बाद बाकी चार T20I होंगे। T20I सीरीज के बाद दोनों टीमें दौरे के ODI और टेस्ट चरण में जाएंगी।
भारतीय खिलाड़ी जापान में चल रहे एशियन गेम्स में 100 मेडल के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगा। इस बार करीब 97 मेडल मेडल जीतने की उम्मीद है। यह दावा नेशनल स्पोर्ट्स एसोसिएशन (NSA), इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) और साई की टारगेट ओलिंपिक पोडियम (टॉप्स) स्कीम की अंतरिक रिपोर्ट में किया गया है। भारतीय ओलिंपिक संघ के एक सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मेडल की संभावनाओं का अनुमान लगाया गया है। सिल्वर की संख्या बढ़ेगी, गोल्ड-ब्रॉन्ज कम होंगे रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस बार भारत के सिल्वर मेडल की संख्या बढ़ेगी। जबकि गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल कम होंगे। अनुमान के अनुसान भारत 20वें एशियाड में 25 गोल्ड मेडल जीतेगा। उसे 42 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मिलेंगे। भारत ने हांगझोऊ एशियन गेम्स में 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज समेत 107 मेडल जीते थे। हालांकि, एक मेडल डोपिंग नियमों के कारण वापस ले लिया गया था। मेडल कम होने के 3 कारण नए प्लेयर्स पर सीनियर्स से ज्यादा भरोसा रिपोर्ट में अनुभवी प्लेयर्स से ज्यादा युवाओं से ज्यादा उम्मीद लगाई गई है। शूटिंग में मनु भाकर से ज्यादा उम्मीद ईशा सिंह से हैं। स्क्वॉश जोशना चिनप्पा के ज्यादा अनाहत सिंह पर भरोसा है। बैडमिंटन में सिंधु से ज्यादा भरोसा आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन से है। शूटिंग में पलक-मुकेश की जोड़ी से मेडल होप। जूडो में अस्मिता डे से भी मेडल की उम्मीद है। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह से पदक की उम्मीद है।
Asian Games 2026: दक्षिण कोरिया के मैच में बजा उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान, खिलाड़ियों में दिखी हैरानी
Asian Games 2026: शैफाली वर्मा के नाम दर्ज हुआ ये बड़ा रिकॉर्ड, कर दिया ये बड़ा कारनामा
इंटरनेट डेस्क। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को आठ विकेट से शिकस्त दी। मैच में शैफाली वर्मा ने (दो विकेट और नाबाद 40 रन) ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। इस पारी में उन्होंने छह चौके और दो छक्के लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने एक भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। शैफाली अब अन्तरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में दूसरी सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। भारतीय बल्लेबाजों की इस लिस्ट में वह शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरमनप्रीत ने साल 2018 में 25 छक्के लगाए थे, जबकि शैफाली इस साल अभी तक 26 छक्के लगा चुकी हैं। दुनिया में उनसे आगे केवल श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू हैं जिन्होंने 2024 में 32 छक्के लगाए थे। pc- aaj tak
Asian Games में Manush Shah और Manav Thakkar की जोड़ी से पदक की आस
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 सितंबर मानुष शाह और मानव ठक्कर की विश्व में तीसरे नंबर की पुरुष युगल जोड़ी के नेतृत्व में आत्मविश्वास से भरी भारतीय टेबल टेनिस टीम रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपना अभियान शुरू करेगी और उसका लक्ष्य कम से कम एक पदक जीतना है। भारतीय पुरुष टीम ग्रुप एफ के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया का सामना करेगी और रविवार को अपने दूसरे मैच में ईरान के खिलाफ खेलेगी। महिला टीम को भी ग्रुप एफ में रखा गया है और वह इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। दिन के दूसरे मैच में उसका सामना सिंगापुर से होगा। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने महिला युगल जोड़ी सुतीर्थ मुखर्जी और आयिका मुखर्जी के दम पर कांस्य पदक जीता था। मानुष-मानव की जोड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है और दोनों ही बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसलिए भारत को उनसे पदक की उम्मीद है। मानुष और दीया चिताले की मिश्रित युगल जोड़ी भी शानदार फॉर्म में है। सिंड्रेला दास ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में जगह बनाई है। वर्तमान में आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज 17 वर्षीय सिंड्रेला ने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की 10 सदस्यीय टीम (पांच पुरुष और पांच महिला) के अन्य सदस्यों में जी साथियान, श्रीजा अकुला, वाई डी घोरपड़े, सुतीर्थ, पायस जैन और हरमीत देसाई शामिल हैं। सथियान टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, और उन्होंने 2018 एशियाई खेलों के पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीते हैं। टेबल टेनिस टीम 16 सितंबर को यहां पहुंची और खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों, विशेष रूप से एशियाई खेलों में इस्तेमाल होने वाली टेबल और गेंदों के अभ्यस्त हो गए हैं। मानव ने कहा, ‘‘मैं तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रहा हूं और तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। पूरी टीम पिछले एक महीने से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतने में सफल रहेंगे।
कितने बजे शुरू होगा एशियन गेम्स में भारत का सेमीफाइनल, सुबह का वक्त नोट कर लीजिए
एशियन गेम्स 2026 में अब महिला क्रिकेट में सेमीफाइनल की बारी है। भारत और बांग्लादेश की महिला क्रिकेट टीमों के बीच 20 सितंबर को सेमीफाइनल खेला जााएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में चली जाएगी और उसका मेडल भी पक्का हो जाएगा।
एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, इंदौर के युवाओं पर टिकीं देश की उम्मीदें
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन एथलेटिक्स, क्रिकेट, कैनो स्लालम, कैनो स्प्रिंट, हाकी, जूडो, रोइंग, सेलिंग, शूटिंग और साफ्ट टेनिस सहित 10 खेल विधाओं में हुआ है।
खेल डेस्क। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को आठ विकेट से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। मैच में शैफाली वर्मा ने (दो विकेट और नाबाद 40 रन) ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 15 गेंदों में नाबाद 40 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने छह चौके और दो छक्के लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने एक भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। शैफाली अब अन्तरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में दूसरी सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। भारतीय बल्लेबाजों की इस लिस्ट में वह शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरमनप्रीत ने साल 2018 में 25 छक्के लगाए थे, जबकि शैफाली इस साल अभी तक 26 छक्के लगा चुकी हैं। दुनिया में उनसे आगे केवल श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू, जिन्होंने 2024 में 32 छक्के लगाए थे। इस साल शैफाली टी20 इंटरनेशनल में 700 से अधिक रन बना चुकी हैं। अब उनके निशाने पर स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड है, जो साल 2024 में 763 रन बनाने में सफल रही थी। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जापान में एशियन गेम्स शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों को आवास संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एथलीट विलेज नहीं बनाए जाने से क्रूज शिप, अस्थायी कमरों और होटलों में ठहरने की व्यवस्था है।
एशियाई खेलों में Quimcy Dsouza टेकबॉल सेमीफाइनल हारीं, अब खेलेंगी Bronze Medal मैच
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। डिसूजा ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12 . 7, 9 . 12, 7 . 12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12 . 7 से बढत बना ली थी। लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई। इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
एशियन गेम्स 2026: 310 नए चेहरे देंगे चुनौती, 17 खिलाड़ी और पांच टीमें फिर स्वर्ण पर साधेंगी निशाना
एशियन गेम्स 2026 में भारत के 501 खिलाड़ियों में 310 पहली बार एशियाड में उतरेंगे। युवा चेहरों के बीच 17 खिलाड़ी और पांच टीमें पिछले खेलों में अपने स्वर्णिम प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगे।
समरकंद में शुक्रवार को 46वें चेस ओलिंपियाड के तीसरे राउंड में भारतीय मेंस टीम ने इटली को 3-1 से हराया। वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने 33 चाल में सबिनो ब्रुनेल्लो को हराकर जीत हासिल की। निहाल सरीन ने भी फ्रांसेस्को सोनिस को मात दी। आर. प्रज्ञानानंद्दा और अर्जुन एरिगैसी के मुकाबले ड्रॉ रहे। इससे भारत ने इटली की ग्रैंडमास्टर्स वाली टीम के खिलाफ मैच जीता। विमेंस में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने ग्रीस को 3.5-0.5 से हराया। कोनेरू हम्पी, वंतिका अग्रवाल और बी. साविता श्री ने जीत दर्ज की। दिव्या देशमुख का मुकाबला ड्रॉ रहा। भारत ने लगातार तीसरी जीत के साथ टॉप पर अपनी स्थिति बनाए रखी। गुकेश ने 2700 की रेटिंग फिर हासिल की गुकेश को दूसरे राउंड में इंटरनेशनल मास्टर के खिलाफ ड्रॉ खेलना पड़ा था। इससे उनकी लाइव रेटिंग चार साल बाद 2700 से नीचे चली गई थी। इटली के खिलाफ जीत के बाद वह फिर 2702 की लाइव रेटिंग पर पहुंच गए। ब्रुनेल्लो के खिलाफ गुकेश ने काले मोहरों से शुरुआत की। उन्होंने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। करीब 20वीं चाल में ब्रुनेल्लो की गलती का फायदा उठाकर गुकेश ने हमला तेज कर दिया। 33वीं चाल में उन्होंने जीत दर्ज की। गुकेश ने कहा कि उनका बोर्ड तीन या चार पर खेलने का फैसला था। टीम ने इसे स्वीकार किया। उनके मुताबिक यह क्रम भारत को टूर्नामेंट जीतने का सबसे अच्छा मौका देता है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम की जीत किसी एक खिलाड़ी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। निहाल की भी जीत निहाल सरीन ने फ्रांसेस्को सोनिस को हराया। उन्होंने व्हाइट मोहरों से ट्रॉम्पोव्स्की अटैक खेला। सोनिस की गलती के बाद निहाल ने दोनों विंग पर दबाव बनाया। इसके बाद इटली के खिलाड़ी ने रुख गंवा दिया। पहले बोर्ड पर प्रज्ञानानंदा और लोरेंजो लोडिची का मुकाबला ड्रॉ रहा। यह प्रज्ञानानंदा का लगातार दूसरा ड्रॉ था। दूसरे बोर्ड पर अर्जुन एरिगैसी ने लुका मोरोनी जूनियर के खिलाफ मुश्किल स्थिति से वापसी की और आधा अंक हासिल किया। हम्पी ने एक हफ्ते बाद लिया हिसाब महिला टीम की जीत में कोनेरू हम्पी का मुकाबला खास रहा। उन्होंने स्टावरोउला त्सोलाकिदोउ को हराया। दोनों का करीब एक हफ्ते में यह दूसरा मुकाबला था। इससे पहले ग्लोबल चेस लीग के फाइनल में हम्पी को त्सोलाकिदोउ के खिलाफ हार मिली थी। हम्पी ने इस बार शुरुआत से दबाव बनाया। उन्होंने मजबूत स्थिति हासिल की और अंत में जीत दर्ज की। वंतिका और साविता भी जीतीं वंतिका अग्रवाल ने एकातेरिनी पावलिदू को हराकर भारत को पूरा अंक दिलाया। बी. साविता श्री ने एंटोनिया क्रिस्टोडोलाकी को मात दी। यह टूर्नामेंट में साविता की लगातार तीसरी जीत है। दिव्या देशमुख को अनास्तासिया अव्रामिदोउ के खिलाफ ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद भारत ने ग्रीस को 3.5-0.5 से हराया। महिला वर्ग में यूक्रेन और फ्रांस को उलटफेर का सामना तीसरे राउंड में यूक्रेन को अर्जेंटीना ने 3-1 से हराया। यूक्रेन छठी वरीयता वाली टीम है, जबकि अर्जेंटीना 38वीं वरीयता पर है। फ्रांस को भी ईरान के खिलाफ 1-3 से हार मिली। ईरान 30वीं वरीयता वाली टीम है। चीन ने तुर्की को 3-1 से हराया। चीन की शीर्ष खिलाड़ी झू जिनेर को अपने मुकाबले में शुरुआती परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने वापसी की। अमेरिका ने भी जीत दर्ज की। चौथे राउंड में भारत की टक्कर मंगोलिया से मेंस में चौथे राउंड में भारत का मुकाबला मंगोलिया से होगा। मंगोलिया 15वीं वरीयता वाली टीम है। भारत दूसरी वरीयता पर है। दोनों टीमों ने अब तक तीनों मैच जीते हैं। यह मुकाबला शनिवार को होगा। विमेंस में भारत का मुकाबला भी शीर्ष टीमों में शामिल मंगोलिया से नहीं, बल्कि चौथे राउंड के आधिकारिक ड्रॉ के अनुसार मंगोलिया से ही है। भारत इस वर्ग में शीर्ष वरीयता वाली और डिफेंडिंग चैंपियन टीम है। ओलिंपियाड में 11 राउंड खेले जाने हैं। तीसरा राउंड पूरा होने के बाद अब आठ राउंड बाकी हैं। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी आज:शॉटपुटर तजिंदरपाल तूर को अब तक किट नहीं मिली; शूटर मनु के साथ पवन सहरावत तिरंगा थामेंगे जापान में आज 20वें एशियन गेम्स का आगाज होगा। आइची के नागोया में ओपनिंग सेरेमनी भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। भारत की ओर से शूटर मनु भाकर के साथ सीनियर कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत तिरंगा थामेंगे। क्योंकि, शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर को अब तक भारतीय किट नहीं मिली है। पूरी खबर
Asian Games में भारत के ध्वजवाहक बने Pawan Sehrawat, किट न मिलने से हटे तूर
अनुभवी कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह भारत के ध्वजवाहक होंगे। शॉट पुट के एथलीट तूर के पास इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए औपचारिक किट नहीं है जिसके कारण उनकी जगह सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इस समारोह के दौरान राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करने में तूर को निशानेबाज मनु भाकर का साथ देना था। भारत के दल प्रमुख सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य रहे 30 वर्षीय सहरावत अब तूर की जगह लेंगे। तूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘मुझे बताया गया है कि मेरी औपचारिक किट दोपहर तीन बजे (नागोया) हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। हवाई अड्डे से अपनी किट लेने के बाद समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पर पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को बता दिया है कि मैं उद्घाटन समारोह में नहीं आ रहा हूं।
Anvay Dravid: राहुल द्रविड़ के बेटे ने 18 गेंदों में मचाया तूफान, 3 छक्कों से जड़ा 38 रन
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अजीत अगरकर भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर के पद से हटना चाहते हैं। यह दावा न्यूज एजेंसी PTI ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। 48 साल के अगरकर ने BCCI को शुक्रवार को एक लेटर लिखकर बताया कि वे इस पद पर आगे जारी नहीं रहना चाहते। अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर में खत्म हो रहा है। उन्होंने 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अपना कार्यकाल बढ़ाने की इच्छा जताई थी। वे जुलाई 2023 में सिलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष बने थे। लॉर्ड्स में रोहित शर्मा कंट्रोवर्सी के बाद सवाल उठे थे लॉर्ड्स वनडे से पहले रोहित शर्मा प्रकरण के बाद से अगरकर के पद पर सवाल उठे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि एक सिलेक्टर ने रोहित शर्मा को बताया था कि वे टीम की योजनाओं में नहीं हैं। रोहित ने शतक लगाकर खुद को साबित किया। वे लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय भी बने थे। इसके बाद BCCI को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था। अगरकर हटे तो पार्थिव पटेल संभावित उम्मीदवार अगर अगरकर का कार्यकाल खत्म होता है, तो BCCI तुरंत नया चयनकर्ता प्रमुख नियुक्त नहीं कर सकेगा। बोर्ड को पहले पद के लिए विज्ञापन जारी करना होगा। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया होगी। इस प्रक्रिया के कारण नए अध्यक्ष की नियुक्ति में समय लग सकता है। अगरकर की जगह पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। मीटिंग में बोर्ड अधिकारियों को फैसला लेने का अधिकार दिया BCCI की एनुअल जरनल मीटिंग में बोर्ड के पदाधिकारियों को सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के भविष्य पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया। माना जा रहा था कि इस बैठक में अगरकर के भविष्य पर फैसला लिया जाएगा। ---------------------------------------------------- अगरकर से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… BCCI मीटिंग में अगरकर के भविष्य पर फैसला नहीं; धूमल फिर IPL गवर्निंग काउंसिल में BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग में अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने पर फैसला नहीं हुआ है। जबकि, अरुण सिंह धूमल एक बार फिर IPL गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन चुने गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
भारत और साउथ कोरिया के बीच में डेविस कप में दूसरे राउंड में भिड़ंत हो रही है, जिसमें 18 सितंबर को खेले गए दोनों मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद टीम इंडिया की नजरें 19 सितंबर को डबल्स के मुकाबले पर हैं।
एशियाई खेल: कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत भारतीय ध्वजवाहक होंगे, उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल तूर की जगह चुना गया
एशियन गेम्स 2026 का आधिकारिक आगाज 19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में होगा। भारत 499 खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है। नीरज चोपड़ा चोट के कारण नहीं खेलेंगे, जबकि मनु भाकर और तजिंदरपाल सिंह तूर ध्वजवाहक होंगे।
भारत की सीरीज जीत में दिखी कसक, मिडिल ऑर्डर कैसे बना विलेन?
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने सीरीज तो 3-0 से जीत ली, लेकिन तीसरे मैच में जीत के बाद भी एक कसक रह गई. या यूं कहें कि बल्लेबाजी की पोल सी खुल गई. आइए समझ लेते हैं कि दिल्ली में खेले गए तीसरे टी20 में ऐसा क्या हुआ, जो सवाल खड़ा कर रहा है.
जापान में आज 20वें एशियन गेम्स का आगाज होगा। आइची के नागोया में ओपनिंग सेरेमनी भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। इसमें भारत की ओर से शूटर मनु भाकर और शॉटपुट एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर ध्वजवाहक होंगे। एशियन गेम्स में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 43 खेलों में हिस्सा लेंगे। टूर्नामेंट 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेगा। भारत ने 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है। पालोमा मिजुहो स्टेडियम में सेरेमनी होगी गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी पालोमा मिजुहो स्टेडियम, नागोया में होगी। लोकल टाइम के मुताबिक समारोह शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा। जापान तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में इन खेलों का आयोजन हुआ था। भारत आज सिर्फ टेकबॉल में चुनौती पेश करेगा आज भारत टेकबॉल में अपनी चुनौती पेश करेगा। भारत की ओर से क्विंसी जोआकिम डिसूजा महिला सिंगल्स सेमीफाइनल मुकाबला खेलेंगी। उनका मुकाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। ऋषभ पंत की फैंस से अपील- खिलाड़ियों को सपोर्ट करें ऋषभ पंत ने एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि वे गेम्स देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। साथ ही पंत ने फैंस से अपील की है कि खिलाड़ियों के साथ खड़े रहें और उन्हें सपोर्ट करें। भारत ने पिछले गेम्स में 107 मेडल जीते थे भारत ने हांगझोउ पिछले एशियन गेम्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया था। तब भारतीय खिलाड़ियों ने 107 मेडल जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे। टीम को शूटिंग, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती, क्रिकेट और वेटलिफ्टिंग समेत कई खेलों में मेडल की उम्मीद रहेगी। पिछले एशियन गेम्स से छोटा भारतीय दल भारत ने पिछले एशियन गेम्स की तुलना में इस बार छोटा दल भेजा है। 2022 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन गेम्स में भारत के 661 खिलाड़ी शामिल हुए थे। इनमें 333 मेंस और 328 विमेंस थीं।
एशियन गेम्स का 20वां एडिशन आज से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहा है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को 2:30 बजे से होगी। भारत इस बार किन खेलों में उतर रहा है, नए खेल कौन-से हैं, ओलिंपिक का टिकट कैसे मिलेगा और तैयारी पर कितना खर्च हुआ। 10 सवालों में एशियन गेम्स के बारे में.. 1. एशियन गेम्स की शुरुआत भारत से हुई एशियन गेम्स पहली बार 1951 में नई दिल्ली में हुए थे। तब 11 देशों ने 6 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत ने अब तक दो बार, 1951 और 1982 मे, इन खेलों की मेजबानी की है। एशियन गेम्स की नींव सिर्फ खेल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं पड़ी थी। 1947 में नई दिल्ली में हुए एशियाई संबंध सम्मेलन में एशियाई देशों के बीच एकता और सहयोग की बात सामने आई थी। चार साल बाद इसी विचार ने खेल आयोजन का रूप लिया। 2. इस बार भारत का दल कैसा है? भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में उतरेंगे। इनमें 267 पुरुष और 234 महिलाएं हैं। 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं। यानी दल का करीब 63% हिस्सा डेब्यूटेंट है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारतीय दल के सबसे युवा और 55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वैभव क्रिकेट और श्रुति घुड़सवारी में हिस्सा लेंगी। खिलाड़ियों की संख्या के लिहाज से एथलेटिक्स में 79, हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30, कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 भारतीय खिलाड़ी हैं। 3. भारत कितने इवेंट में चुनौती पेश करेगा? भारत 43 में से 36 खेलों के कुल 256 इवेंट में हिस्सा लेगा। इनमें एथलेटिक्स के 43, शूटिंग के 27, कयाकिंग-कैनोइंग के 14, साइकिलिंग ट्रैक के 11 और बैडमिंटन के 7 इवेंट शामिल हैं। क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें टी-20 प्रारूप में खेलेंगी। 4. इस बार कौन-से नए खेल शामिल हुए हैं? 6 खेल पहली बार मेडल स्पोर्ट के तौर पर एशियन गेम्स कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं- मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बॉक्सिंग, रेसलिंग, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। टेकबॉल में फुटबॉल और टेबल टेनिस का मेल है, जबकि पैडेल टेनिस जैसा रैकेट स्पोर्ट है। वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग और वर्चुअल रियलिटी तकनीक इस्तेमाल होगी। बीएमएक्स फ्रीस्टाइल में खिलाड़ी हवा में जंप और अलग-अलग ट्रिक्स के आधार पर अंक हासिल करेंगे। इसके साथ ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है। 5. ओलिंपिक का टिकट भी मिलेगा आइची-नागोया एशियन गेम्स को लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक के लिए चार खेलों में क्वालिफिकेशन पाथवे बनाया गया है। आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस। स्क्वॉश में पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन को ओलिंपिक कोटा मिलेगा। हॉकी के पुरुष और महिला चैंपियन भी ओलिंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए संबंधित खेल के क्वालिफिकेशन नियम लागू होंगे। 6. भारत की तैयारी पर कितना खर्च हुआ? नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक एशियन गेम्स की तैयारी पर करीब ₹703 करोड़ खर्च किए गए। इसमें करीब ₹252 करोड़ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने, ₹118 करोड़ घरेलू ट्रेनिंग और राष्ट्रीय कोचिंग कैंप, ₹89 करोड़ खेल उपकरण, ₹86 करोड़ विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ तथा ₹40 करोड़ विदेशी ट्रेनिंग पर खर्च हुए। 30 खेलों में 50 विदेशी विशेषज्ञ और कोच भी जोड़े गए। इनमें एथलेटिक्स के 14, हॉकी के 8 और शूटिंग के 5 विशेषज्ञ शामिल हैं 7. भारत के किन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी? 8. भारत ने अब तक कितने मेडल जीते हैं? 1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑल टाइम मेडल टेबल में भारत पांचवें स्थान पर है। 2023 के हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ कुल 106 मेडल मिले थे। यह भारत का एक एशियन गेम्स में अब तक का सबसे बड़ा मेडल टैली है।। 9. एशियन गेम्स में भारत का सबसे सफल खेल कौन-सा है? भारत ने अब तक 34 अलग-अलग खेलों में मेडल जीते हैं। एथलेटिक्स सबसे आगे है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 283 मेडल हासिल किए हैं। इसके बाद शूटिंग में 80, रेसलिंग में 65 और बॉक्सिंग में 61 मेडल हैं। एशियन गेम्स में भारत की सबसे ज्यादा व्यक्तिगत मेडल जीतने वाली एथलीट पी.टी. उषा हैं। उनके नाम 11 मेडल हैं, जिनमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं। 10. नागोया में आयोजन का तरीका और थीम क्या है? इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के लिए होटल, अस्थायी कंटेनर हाउस और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप का इस्तेमाल होगा। प्रतियोगिताएं जापान के 54 वेन्यू पर होंगी। आइची-नागोया गेम्स की आधिकारिक थीम ‘एक एशिया की कल्पना’ है। भारत में एशियन गेम्स का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और डिजिटल स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर होगी। दैनिक भास्कर एप पर गेम्स की लाइव कवरेज और अपडेट मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया ने 2 साल बाद जीती सीरीज, दूसरे वनडे में कंगारू ऑलराउंडर ने तोड़ा 24 साल पुराना रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगातार दो वनडे सीरीज गंवाने के बाद आखिरकार जिम्बाब्वे में सीरीज जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद कप्तान मिचेल मार्श और पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम काफी खुश नजर आई।
शैफाली वर्मा ने रचा इतिहास, WT20I में एक कैलेंडर ईयर में सबसे छक्के लगाने वाली भारतीय बल्लेबाज बनी
वुमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे छक्का लगाने का रिकॉर्ड श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू के नाम है। वहीं अब इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर शैफाली वर्मा पहुंच गई हैं।
इंग्लैंड के क्रिकेटर ब्रायडन कार्स पर नाइट क्लब विवाद में कोई चार्ज नहीं लगाया गया। डर्बीशायर पुलिस ने नाइट क्लब में कथित छेड़छाड़ की जांच बंद कर दी है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसलिए आगे कार्रवाई नहीं की गई। घटना 23 अगस्त की सुबह डर्बी के मॉली मेलोनस नाइट क्लब में हुई थी। कार्स को पिछले महीने क्लब के बाहर हथकड़ी लगाए देखा गया था। इसके बाद वह पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज के दूसरे और तीसरे टेस्ट में नहीं खेल सके थे। नाइट क्लब विवाद में पुलिस जांच में क्या निकला? पुलिस रिकॉर्ड में यौन हमला दर्ज डर्बीशायर पुलिस ने बताया कि अपराध दर्ज करने के नियमों के तहत इस घटना को पुलिस के सॉफ्टवेयर में यौन हमले के रूप में दर्ज किया गया था। पुलिस के शुरुआती बयान में इसे हमला बताया गया था। उस समय घटना से जुड़े किसी भी पक्ष से बात नहीं हो पाई थी। पुलिस ने कहा कि संभावित जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उस समय कथित हमले की प्रकृति की पुष्टि नहीं की जा सकती थी। पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट से भी बाहर हुए थे डर्बी की घटना के बाद कार्स को पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में भी शामिल नहीं किया गया था। इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट ने उस समय खिलाड़ियों के ऑफ-फील्ड व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि टीम के खिलाड़ियों की ओर से बार-बार ऐसी गलतियां होना निराशाजनक है और यह घटना टीम में सांस्कृतिक बदलाव का कारण बन सकती है। 2024 में भी कार्स पर बैन लगा था कार्स को 2024 में भी ऑफ-फील्ड व्यवहार के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। ECB के सट्टेबाजी नियमों के उल्लंघन के मामले में उन्हें 3 महीने का प्रतिबंध लगा था। इसके बाद कार्स ने इंग्लैंड की टीम में तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह मजबूत की। पिछले सीजन ऑस्ट्रेलिया में हुई एशेज सीरीज में वे इंग्लैंड के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सैकिया बोले- एशिया कप ट्रॉफियां भारत आएंगी:समय नहीं बताया; टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से नहीं ली थी BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि भारत की पुरुष और महिला टीम की एशिया कप ट्रॉफियां एक दिन भारत आएंगी। सैकिया ने यह बात BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग में हिस्सा लेने के बाद कही। उन्होंने कहा- ‘ट्रॉफियां कब आएंगी, इसकी समयसीमा नहीं बता सकते। लेकिन, दोनों ट्रॉफियां वानखेड़े स्टेडियम स्थित BCCI ऑफिस जरूर पहुंचेंगी।’ पूरी खबर पढ़ें…
कब भारत आएगी एशिया कप की दोनों ट्रॉफी? BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने मीटिंग के बाद दिया बड़ा बयान
भारतीय पुरुष और महिला टीमों द्वारा जीती गई एशिया कप की ट्रॉफियां अभी बीसीसीआई के पास नहीं हैं। हालांकि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भरोसा जताया है कि दोनों ट्रॉफियां जल्द ही बीसीसीआई ऑफिस जरूर पहुंचेंगी।
Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी
(अजय मसंद)नागोया, 18 सितंबर एशियाई खेलों में आवास संकट से चिंतित खेल मंत्रालय ने यहां रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों से अपील की है कि अगर शनिवार से शुरू होने वाले महाद्वीपीय खेलों के दौरान कमरों की कमी का समाधान नहीं होता है तो वे खिलाड़ियों के ‘‘आवास प्रदान करने में मदद करें।’’भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने आवास की व्यवस्था में देरी की शिकायत की है। लागत कम करने के लिए इस बार खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है तथा खिलाड़ियों को कंटेनर की तरह की झोपड़ियों, पानी के एक जहाज और होटलों में ठहराया जा रहा है। भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को खुलासा किया कि आयोजकों द्वारा निर्धारित आवास न मिलने के कारण लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित करना पड़ा। प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार और भी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘खेल मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से संपर्क किया है और उनसे एशियाई खेलों के दौरान कमरों की कमी होने पर खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था में मदद करने के लिए तैयार रहने को कहा है।’’खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि नागोया में लगभग 2000 परिवारों से संपर्क करने में भारतीय दूतावास ने बड़ी भूमिका निभाई है और आवास की कमी होने पर उनमें से कई परिवार आगे आए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराना होगी, लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है।’’खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी यहां पहुंच चुके हैं और शुक्रवार को ध्वजारोहण समारोह में थोड़ी देर के लिए उपस्थित रहे, जो एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच ‘‘गलतफहमी’’ के कारण एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ था। मंत्रालय को भरोसा है कि प्रवासी भारतीयों के सहयोग से स्थिति को संभाला जा सकता है। आवास मिलने में देरी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया है और वे फिलहाल वहीं ठहरेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय समुदाय बहुत सहयोगी रहा है और वे हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा शेफ डे मिशन के दो सदस्य हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर भारतीय जर्सी पहने अधिकारियों को देखकर सहज महसूस होगा।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय भारतीय खिलाड़ियों के साथ में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता जैसा कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जिन्हें आवास के लिए नौ से दस घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसीलिए मंत्रालय ये सभी कदम उठा रहा है ताकि भारतीय खिलाड़ियों को दूसरों की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़े।
Ajit Agarkar के कार्यकाल पर BCCI सचिव Devajit Saikia ने कहा, उचित समय पर होगा फैसला
... देवार्चित वर्मा ...मुंबई, 18 सितंबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया लेकिन कहा कि “क्रिकेट की दुनिया में 15 दिन काफी लंबा समय होता है।”अगरकर ने बुधवार को नयी दिल्ली में मौजूदा कार्यकाल की आखिरी चयन बैठक में हिस्सा लिया था। उनका कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। सैकिया ने बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के बाद बोर्ड मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास अभी 15 दिन बाकी हैं। क्रिकेट की दुनिया में 15 दिन काफी लंबा समय होता है। हम उचित समय पर फैसला करेंगे और आपको इसकी जानकारी देंगे। आज किसी व्यक्ति विशेष को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।’’वनडे विश्व कप (2027) को ध्यान में रखते हुए फिटनेस और कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अगरकर और बीसीसीआई के बीच मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। इंग्लैंड दौरे की समीक्षा बैठक में अगरकर की गैरमौजूदगी के बाद इन अटकलों को और बल मिला था। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत-ए और सीनियर टीम की शृंखला करीब एक महीने बाद शुरू होने वाली है। ऐसे में बीसीसीआई को चयन समिति के अध्यक्ष को लेकर फैसला करना होगा। कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि निरंतरता बनाए रखने और पिछले तीन वर्षों में टीम के सीमित ओवरों के प्रदर्शन को देखते हुए अगरकर को पद पर बने रहने का मौका दिया जाना चाहिएाएक वर्ग हालांकि अगरकर को बदलने के पक्ष में भी है। लेकिन फिलहाल बीसीसीआई को ऐसा कोई नाम नहीं मिला है जो विश्व कप वर्ष में चयन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल सके। इस दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने रांची में होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी) टेस्ट का आयोजन स्थल बदले जाने की खबरों को भी खारिज किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह टेस्ट 19 से 23 फरवरी तक खेला जाना है। मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि भारतीय टीम प्रबंधन रांची में यह मुकाबला नहीं खेलना चाहता। सैकिया ने कहा, “अभी छह महीने बाकी हैं। हम कुछ दिनों बाद इस पर फैसला करेंगे। रांची टेस्ट का आयोजन स्थल बदलने को लेकर हमें फिलहाल ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है।”सैकिया ने बताया कि क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) संभावित उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेने के बाद जल्द ही नयी जूनियर चयन समिति का गठन करेगी। उन्होंने कहा, “जूनियर चयन समिति के लिए हमें बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। इन्हें हम अपनी क्रिकेट समिति को सौंपेंगे, जो चयनकर्ताओं का चयन करने के लिए सक्षम है। हम अगले 10-15 दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश करेंगे।”सैकिया ने बताया कि असम के पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी सुब्हदीप घोष को टी. दिलीप के जाने के बाद भारतीय टीम का क्षेत्ररक्षण कोच नियुक्त किया गया है, लेकिन फिलहाल यह अल्पकालिक नियुक्ति है। उनके प्रदर्शन का बाद में आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “भारतीय पुरुष टीम के क्षेत्ररक्षण कोच सुब्हदीप घोष को फिलहाल अल्प अवधि के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन हम लंबे कार्यकाल के लिए उनके प्रदर्शन का आकलन करेंगे।”माना जा रहा है कि घोष के प्रदर्शन का आकलन न्यूजीलैंड दौरे के बाद किया जाएगा। उनका प्रदर्शन अगर संतोषजनक रहा तो उन्हें दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप के अंत तक पद पर बनाए रखा जा सकता है।
Asian Games में चौथी बार उतरेंगी Pranati Nayak, पहले पदक पर टिकी निगाहें
एशियाई खेलों में चौथी बार उतरने जा रहीं भारत की जिम्नास्ट प्रणति नायक इस बार अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा संभलकर आगे बढ़ रही हैं। 31 साल की प्रणति के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में अब तक उनके खाते में पदक नहीं आया है। चोट और उससे उबरने की लंबी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी है और अब जापान के आइची-नागोया में अपने पहले एशियाई खेल पदक के लिए चुनौती पेश करने को तैयार हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रणति बुधवार रात जापान के लिए रवाना हुई। इस बार वह भारतीय दल की एकमात्र जिम्नास्ट हैं। एशियाई खेलों की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है। प्रतियोगिता से पहले प्रणति को पैर के तलवे में होने वाली सूजन की परेशानी से गुजरना पड़ा था। इसी वजह से वह राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की वॉल्ट फाइनल में भी हिस्सा नहीं ले सकी थीं। प्रणति का कहना है कि अब वह पूरी तरह फिट हैं और चोट जिम्नास्ट के जीवन का हिस्सा है। उनके मुताबिक, जिम्नास्टिक में लगातार शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और छोटी-बड़ी चोटों से निपटना इस खेल का हिस्सा है। राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी परेशानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय दौड़ के दौरान उनसे गलती हुई थी और वह गलती चोट की वजह से नहीं हुई थी। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रणति ने तुरंत कठिन अभ्यास शुरू करने के बजाय खुद को पूरी तरह आराम दिया। उनके प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने बताया कि पैर में हल्की चोट को देखते हुए उन्हें करीब तीन सप्ताह का पूरा आराम दिया गया। इस दौरान वह घर जाकर परिवार के साथ भी रहीं। इसके बाद उन्हें सीधे वॉल्ट का अभ्यास कराने के बजाय बुनियादी और तैयारी वाले अभ्यासों पर ध्यान दिया गया। जब पैर ठीक होने लगा और प्रणति शरीर के घूमने तथा मोड़ लेने वाले अभ्यासों के साथ सहज होने लगीं, तब धीरे-धीरे वॉल्ट का अभ्यास दोबारा शुरू कराया गया। यह तरीका इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि प्रणति पहले 2025 में टखने के दूसरे स्तर के लिगामेंट में चोट का सामना कर चुकी थीं। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए इस साल मई में ताशकंद में अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ की विश्व चुनौती कप प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। चोट से वापसी केवल शारीरिक नहीं होती। प्रणति के लिए अपने शरीर की गतिविधियों पर दोबारा पूरा भरोसा हासिल करना भी बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने बताया कि चोट के बाद वापसी का दौर काफी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस दौरान उन्होंने मन को मजबूत रखने के लिए मनोवैज्ञानिकों से भी सलाह ली है। प्रणति के मुताबिक, उन्हें यह समझने में मदद मिली कि प्रतियोगिता के दबाव के बारे में सोचने के बजाय उस समय किए जा रहे अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। अगर शारीरिक अभ्यास किसी दिन कम भी हो पाए तो वह मन में उसी अभ्यास को दोहराने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि इस तरह मानसिक तैयारी भी प्रदर्शन का हिस्सा बनती है। आइची-नागोया में हालांकि प्रणति के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। उनके मुताबिक, एशियाई खेलों में एशिया की शीर्ष जिम्नास्ट हिस्सा लेने वाली हैं और इनमें कई ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल होंगी। ऐसे मजबूत खिलाड़ियों के बीच एक छोटी गलती भी परिणाम पर असर डाल सकती है। प्रणति के पास ऊंची कठिनाई वाला त्सुकाहारा 720 वॉल्ट भी है, लेकिन कोच अशोक मिश्रा इसे शुरुआत से ही आजमाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका पहला टारगेट प्रणति को क्वालीफिकेशन के जरिए फाइनल तक पहुंचाना है। इसके लिए साफ और सही उतरने वाले वॉल्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि प्रणति नायक एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट हैं। उन्होंने 2019 में उलानबटोर, 2022 में दोहा और 2025 में दक्षिण कोरिया के जेचॉन में पदक जीते हैं। इसके अलावा वह 2024 में काहिरा और 2025 में अंताल्या में विश्व कप की कांस्य पदक विजेता भी रह चुकी हैं। हालांकि, एशियाई खेलों का पदक अभी उनकी उपलब्धियों में शामिल नहीं है। प्रणति इस बार किसी दूसरी खिलाड़ी से तुलना करने के बजाय खुद के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में उतरने के बाद वह अपने उतरने, छलांग और शरीर के संतुलन को देखकर तय करेंगी कि किस स्तर का वॉल्ट करना सही रहेगा। ओलंपिक भी प्रणति के लिए खास महत्व रखता है। 2020 के ओलंपिक में हिस्सा लेना उनके करियर का भावनात्मक पड़ाव रहा है। उन्होंने ओलंपिक के छल्लों का निशान अपने दाहिने हाथ पर गुदवाया हुआ है। 31 साल की उम्र में वह जानती हैं कि जिम्नास्टिक में शीर्ष स्तर पर करियर का समय सीमित होता है, लेकिन उनका लक्ष्य अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रणति लॉस एंजिल्स ओलंपिक में एक और बार भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं और उनका कहना है कि जब तक वह फिट रहेंगी, तब तक कोशिश छोड़ने वाली नहीं हैं।
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने यूथ वनडे में डेब्यू मैच में 28 रन बनाए। आर्यवीर ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 5 चौके जड़े, जबकि अन्वय ने बतौर विकेटकीपर खेलते हुए ताबड़तोड़ रन बनाए।
MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई
एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन जापान के आइची-नागोया पहुंचा भारतीय दल शुरुआत से ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को उनके लिए तय कमरों के आवंटन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। निशानेबाजी दल को भी इस समस्या के कारण परेशानी हुई है। भारतीय निशानेबाजों का अभियान 20 सितंबर से शुरू होना है और ऐसे समय में खिलाड़ियों को आराम और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाना चिंता की वजह बना हुआ है। बता दें कि बाद में कमरों से जुड़ी समस्या को सुलझा लिया गया, लेकिन इस पूरी व्यवस्था से सभी खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। भारतीय दल के एक खिलाड़ी वरुण सन्याल ने अपनी परेशानी का जिक्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में किया था। हालांकि, उनका लंबा वीडियो और बाद की एक पोस्ट अब हटा दी गई है। वरुण सन्याल जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह मिक्स मार्शल आर्ट्स के भारतीय खिलाड़ी हैं। इस बार आइची-नागोया एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स पहली बार पदक खेल के तौर पर शामिल हो रहा है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर भी खास नजर है। वरुण ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया तक का सफर किया। नागोया पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को बस के जरिए आयोजन से जुड़ी जगह पर ले जाया गया। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कमरा आवंटित कराने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास वैध पहचान पत्र और मान्यता कार्ड होने के बावजूद अधिकारियों को व्यवस्था में उनका नाम नहीं मिल रहा था। वरुण के अनुसार, अधिकारी करीब दो घंटे तक उनका नाम तलाशते रहे। उनका कहना था कि इस वजह से उन्हें वहां करीब तीन घंटे तक रुकना पड़ा और उस समय तक उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हुआ था। वरुण ने वीडियो में आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के कमरों के आवंटन को लेकर काफी अव्यवस्था दिखाई दे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति भारत में हुई होती तो इसे लेकर काफी ज्यादा चर्चा होती और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से उठाया जाता। गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले रहने की व्यवस्था बेहद अहम होती है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों को आराम करने, अपनी दिनचर्या सामान्य करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का समय चाहिए होता है। खासकर निशानेबाजी जैसे खेलों में प्रतियोगिता से पहले एकाग्रता और नियमित तैयारी काफी मायने रखती है। वरुण की परेशानी केवल पहचान और कमरे के आवंटन तक सीमित नहीं रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और घटना का जिक्र किया था। उनके अनुसार, कमरे में दो भारतीय खिलाड़ी अचानक पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि तीनों खिलाड़ियों को एक ही कमरा आवंटित कर दिया गया था। वरुण ने अपनी पोस्ट में बताया था कि दो दिन तक जागने और करीब 10 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार एक कमरा मिला। लेकिन वह केवल करीब 30 मिनट ही सो पाए थे। इसके बाद दो भारतीय खिलाड़ी कमरे में पहुंचे और उन्हें देखकर हैरान रह गए। बाद में पता चला कि उन दोनों को भी उसी कमरे में रहने के लिए भेजा गया था। उनकी यह पोस्ट भी बाद में हटा दी गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमरे और आवंटन से जुड़ी शुरुआती दिक्कतों को बाद में दूर कर लिया गया है। फिर भी इस घटना ने बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों के रहने और पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। आइची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होना है। भारत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और कई खेलों में उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। निशानेबाजी भारतीय दल के महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद रहती है। ऐसे में प्रतियोगिताएं शुरू होने से ठीक पहले आवास और कमरा आवंटन जैसी समस्याएं खिलाड़ियों की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल शुरुआती दिक्कतें दूर हो चुकी हैं, लेकिन वरुण सन्याल के अनुभव ने एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले भारतीय दल के सामने आई व्यवस्थागत चुनौतियों को सामने ला दिया है। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इन शुरुआती परेशानियों से आगे बढ़कर प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन पर लगाने की कोशिश में है।
जापान एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले मेजबान शहर नागोया की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। 30-35 भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने के लए कमरे नहीं मिले। इसके बाद भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) को कमरे बुक करने पड़े। सिर्फ भारत ही नहीं चीन, साउथ कोरिया और खुद जापान के खिलाड़ियों को भी ठहरने और आने-जाने में परेशानी हुई है। एक हफ्ते पहले नागोया में रिकॉर्ड बारिश हुई थी। इससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं थी। अब मौसम सामान्य है, लेकिन गेम्स की व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें जारी हैं। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरमनी 19 सितंबर को होनी है। 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 43 खेलों में हिस्सा लेंगे। स्वागत समारोह भी करीब दो घंटे रुका शुक्रवार को भारतीय दल का औपचारिक स्वागत समारोह भी समय पर नहीं हो सका। कार्यक्रम करीब 20 मिनट की देरी से शुरू हुआ और कुछ देर बाद रोक दिया गया। भारत के साथ कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे। कार्यक्रम को 15 मिनट में दोबारा शुरू करने की बात कही गई, लेकिन इंतजार करीब दो घंटे तक चला। बाद में समारोह पूरा कराया गया। IOA ने 18 एक्स्ट्रा कमरे बुक किए भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने बताया कि 30-35 भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने के लिए कमरे नहीं मिले। आयोजकों ने बताया कि भारत से अनुमान से ज्यादा खिलाड़ी आए हैं। हालांकि भारत ने उतने ही खिलाड़ियों की संख्या दी थी, जितने के लिए आयोजकों ने बिल भेजा था। इसके बाद में स्थिति को संभालने के लिए IOA ने 18 अतिरिक्त होटल कमरे बुक किए। 10 और कमरे रिजर्व रखने की भी तैयारी की गई है। भारतीय शूटर्स को एयरपोर्ट पर लंबा इतजार करना पड़ा भारतीय शूटर्स 15 सितंबर को रात करीब 9 बजे नागोया पहुंचे थे। उन्हें एयरपोर्ट पर भी लंबा इंतजार करना पड़ा। वे करीब सुबह 5 बजे अपने आवास पहुंचे। टीम को ठिकाने से प्रैक्टिस की जगह तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। उन्हें करीब तीन घंटे तक ट्रांसपोर्ट का इंतजार करना पड़ा और सफर में दो घंटे से ज्यादा लग गए। इसके कारण खिलाड़ियों का प्रैक्टिस स्लॉट भी छूट गया। चीन के खिलाड़ी भी घंटों फंसे चीन के खिलाड़ियों को भी नागोया पहुंचने के बाद लंबा इंतजार करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के स्टार जिम्नास्ट झांग बोहेंग ने लंबी देरी के बाद खुद को बेहद थका हुआ बताया। कई खिलाड़ियों को एयरपोर्ट पर क्रेडेंशियल और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। जापान के महिला-पुरुष खिलाड़ी को साथ ठहराने की नौबत बनी व्यवस्थाओं की परेशानी सिर्फ विदेशी दलों तक सीमित नहीं रही। जापान के खिलाड़ियों को भी वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ी। कुछ जापानी खिलाड़ियों के कमरे में पुरुष और महिला खिलाड़ियों को साथ ठहराने की स्थिति बन गई। इसके बाद जापान की ओलंपिक समिति ने वैकल्पिक होटल कमरे रिजर्व किए। जापान के डिप्टी शेफ डी मिशन हिसाशी मिजुतोरी ने माना कि क्रूज शिप से जुड़े आवास में खिलाड़ियों की एंट्री और क्रेडेंशियल एक्टिवेशन में काफी समय लगा। साउथ कोरिया ने शिकायत दर्ज कराई साउथ कोरिया ने एक अलग मामले में शिकायत भी दर्ज कराई है। कोस्टा सेरेना क्रूज शिप के स्वागत समारोह में जापान के तीन ऐतिहासिक शासकों की वेशभूषा में कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इनमें टोयोटोमी हिदेयोशी भी शामिल थे। 1590 के दशक में कोरिया पर जापान के आक्रमण से हिदेयोशी का नाम जुड़ा है। इस वजह से साउथ कोरिया ने आयोजन से जुड़ी संस्था के सामने विरोध दर्ज कराया। थाईलैंड के कुछ खिलाड़ी क्रुज शिप की लॉबी में सोते दिखे कंटेनर जैसे कमरों को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कुछ खिलाड़ियों ने सामान रखने की जगह कम होने की बात कही। कुछ कमरों में बेड भी छोटे बताए गए। खाने को लेकर भी कुछ दलों ने शिकायत की। कुछ खिलाड़ियों को खाना कम मिला, जबकि कुछ दलों को जापानी भोजन के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी हुई। थाईलैंड की टीम से जुड़ी तस्वीरों में कुछ खिलाड़ियों को क्रूज शिप की लॉबी में सोते हुए भी दिखाया गया। इस बार पारंपरिक एथलीट्स विलेज नहीं बनाए गए एशियन गेम्स में करीब 17 हजार खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार आयोजकों ने पारंपरिक एथलीट्स विलेज नहीं बनाया है। खिलाड़ियों को होटलों, कंटेनर जैसे अस्थायी आवास और नागोया पोर्ट पर खड़े कोस्टा सेरेना क्रूज शिप में ठहराया गया है। क्रूज शिप में करीब 4 हजार खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है। एशियन ओलंपिक काउंसिल यानी OCA ने इस व्यवस्था का बचाव किया है। उसका कहना है कि अलग एथलीट्स विलेज बनाने पर गेम्स के बाद वह खाली पड़ सकता था। इसे लागत कम रखने और भविष्य में खाली इमारतों से बचने के लिए चुना गया। आयोजकों ने ज्यादा खिलाड़ियों को भी वजह बताया आयोजकों के मुताबिक इस बार खिलाड़ियों और अधिकारियों की संख्या अनुमान से ज्यादा बढ़ गई। नए खेलों को शामिल किए जाने के बाद कुल संख्या करीब 17 हजार तक पहुंच गई। OCA ने कहा कि यह संख्या पहले तय अनुमान से ज्यादा है। इसी वजह से आवास और ट्रांसपोर्ट पर दबाव बढ़ा। अब टाइफून की भी चुनौती नागोया में पिछले हफ्ते भारी बारिश के बाद अब एक और मौसम संबंधी खतरा है। सोमवार को टाइफून डुजुआन के आयोजन क्षेत्र की ओर बढ़ने की आशंका है। आयोजकों ने इसके लिए इमरजेंसी प्लान तैयार किया है। जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को सुरक्षित जगह ले जाने और कोस्टा सेरेना को समुद्र में सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी है।
सैकिया बोले- एशिया कप ट्रॉफियां भारत आएंगी:समय नहीं बताया; टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से नहीं ली थी
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि भारत की पुरुष और महिला टीम की एशिया कप ट्रॉफियां एक दिन बोर्ड ऑफिस आएंगी। सैकिया ने यह बात BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग में हिस्सा लेने के बाद कही। सैकिया ने कहा- 'ट्रॉफियां कब आएंगी, इसकी समयसीमा नहीं बता सकते। लेकिन, दोनों ट्रॉफियां वानखेड़े स्टेडियम स्थित BCCI ऑफिस जरूर पहुंचेंगी। 4 दिन पहले 14 सितंबर को भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप जीता था। लेकिन, PCB चीफ मोहसिन नकबी के हाथ से ट्रॉफी लेने से इंकार कर दिया था। मेंस टीम ने भी पिछले साल नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं ली थी। महिला टीम को एशियन गेम्स में गोल्ड की उम्मीद सैकिया ने कहा कि बोर्ड को भरोसा है कि भारतीय महिला टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतेगी। टीम ने शुक्रवार को क्वार्टरफाइनल में जापान को हराया। उन्होंने कहा, “हमने पिछले हफ्ते दुबई में शानदार जीत के लिए अपनी महिला टीम को बधाई दी। उन्होंने जापान के खिलाफ पहला मैच बहुत अच्छे से जीता है।” सैकिया ने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि वे इस महीने की 22 तारीख को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतेंगी।”
19 सितंबर को होने वाले डबल्स मैच में एन श्रीराम बालाजी और निकी पूनाचा की भारतीय जोड़ी का सामना साउथ कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग से होगा। 18 सितंबर को खेले गए दोनों मैचों में टीम इंडिया के प्लेयर्स को हार का सामना करना पड़ा।
इंदौर में 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज से होने वाले टी-20 क्रिकेट मैच के टिकटों की बुकिंग 22 सितंबर से
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होने वाले टी-20 अंतररष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 22 सितंबर से प्रारंभ होगी। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) ने टिकट बुकिंग की प्रक्रिया की घोषणा शुक्रवार को की।

