चौमूं में सैनी समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह सम्मेलन आगामी 26 मार्च को रामनवमी के अबूझ मुहूर्त पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें 28 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। आयोजन की शुरुआत बुधवार को गणेश निमंत्रण के साथ हुई। शहर के रींगस रोड स्थित सैनी समाज सभा भवन से एक शोभायात्रा निकाली गई, जो बस स्टैंड मार्ग होते हुए प्राचीन गढ़ स्थित गढ़ गणेश मंदिर पहुंची। मंदिर में माली समाज विकास समिति अध्यक्ष हीरालाल सैनी के सानिध्य में भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान विवाह सम्मेलन की सफलता की कामना करते हुए भगवान गणेश को निमंत्रण दिया गया। आयोजन समिति के महामंत्री मदनलाल मालेरिया और कोषाध्यक्ष एडवोकेट कुमार गौरव सैनी ने यह जानकारी दी। समिति के अनुसार, सम्मेलन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है और उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विवाह स्थल की व्यवस्थाएं, अतिथियों का स्वागत, भोजन, सजावट और अन्य आवश्यक तैयारियों पर कार्य शुरू हो गया है। इस अवसर पर माली समाज विकास समिति अध्यक्ष हीरालाल पाच्यां, महामंत्री मदनलाल मालेरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष माया सांखला, उपाध्यक्ष गणेश बैनाडिया, पूर्व अध्यक्ष दिनेश तिगरिया, मदनलाल जादम, प्रहलाद सहाय अधोपिया, घीसालाल तंवर, भवन निर्माण समिति अध्यक्ष जयनारायण चंदेल, महात्मा ज्योतिराव फुले संस्थान अध्यक्ष अनिल कुमार सैनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजमल ठेकेदार, कर्मचारी संस्थान ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद सिंगोदिया, उपाध्यक्ष भंवरलाल पापटवाण, सुरेश कुमार तंवर, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभाती लाल ठेकेदार, संरक्षक हनुमान सहाय सिंगोदिया, प्रदेश महामंत्री अभिषेक सैनी, सूरजमल करवा, पूरणमल करवा, हनुमान सहाय तंवर, भजन गायिका कोमल सैनी, नर्सिंग ऑफिसर प्रवीण सैनी, डॉ मानप्रकाश सैनी, अशोक रोलावण, मदन लाल बागड़ी, दीपक तंवर, पूर्व सरपंच कल्याण सहाय पापटवाण, कल्याण सहाय तोबड़ा, पार्षद बाबूलाल बिसनालिया, किशोर जमालपुरिया नंछूराम सैनी, अर्जुन लाल सिंगोदिया, हिमांशु चंदेल, मोहनलाल तंवर, गोविंद नेता, मदनलाल सैनी ईटावा, राजकुमार सैनी ईटावा, ओमप्रकाश कालाडेरा, शंकरलाल सैनी खेजरोली, प्रकाश राई, पवन सैनी अध्यक्ष व्यापार मंडल, राजकुमार कांकरवाल, महेंद्र सैनी, बाबूलाल अधोपिया, कमलेश बागड़ी, कैलाश चांदोलिया, गजानंद सैनी, गुलाब रोलावण, सतीश सैनी, रामगोपाल कालाडेरा, महेंद्र जमालपुरिया, ओमप्रकाश भगत, मोहनलाल सिंगोदिया, हीरालाल जादम, कैलाश सिंगोदिया और कोषाध्यक्ष एडवोकेट कुमार गौरव सैनी सहित सैकड़ों समाज बंधु मौजूद रहे।
सौरभ राज जैन और शीन सविता दास इन दिनों वेब सीरीज संमरमर को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों अमृता और आदित्य के जरिए बदलते दौर के प्रेम, धैर्य और रिश्तों की गहराई पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सच्चा प्यार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि सम्मान, समझ और जिम्मेदारी निभाने का भी नाम है। आज के ‘रील संस्कृति’ और त्वरित फैसलों वाले समय में उनका मानना है कि रिश्तों की असली ताकत धैर्य और परस्पर सम्मान में छिपी है। दोनों ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि टीवी से आगे बढ़ने के सफर में उन्हें किन धारणाओं का सामना करना पड़ा। साथ ही, सूरज बड़जात्या के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने परिवार जैसा बताया। पेश है कुछ खास अंश.. सवाल: शीन, आपका किरदार आपके असली जीवन से कितना मिलता-जुलता है? जवाब/शीन:मुझे लगता है कि भावनात्मक रूप से मैं और अमृता (मेरा किरदार) थोड़े संवेदनशील हैं। फर्क इतना है कि अमृता पहले बात को समझती है, उसे अपने भीतर समेटती है और फिर प्रतिक्रिया देती है। लेकिन मैं तुरंत प्रतिक्रिया दे देती हूं। मैं खुद भी यही सीखना चाहती हूं कि पहले बात को समझूं और फिर जवाब दूं। सवाल: सौरभ, आपका किरदार आदित्य आपसे कितना मिलता है? जवाब/सौरभ: आदित्य मुझे बहुत अपने जैसा लगता है। रिश्तों को समझना और उन्हें सम्मान देना मेरे लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। बचपन में हम सब थोड़े आवेग में फैसले लेते हैं और फिर उनसे सीखते हैं। आदित्य की यात्रा भी कुछ ऐसी ही है। इसलिए यह किरदार मेरे लिए बहुत जुड़ा हुआ और अपना-सा है। सवाल: बदलते समय में प्यार के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? और यह कहानी कितनी प्रासंगिक है? जवाब/शीन: एक पुरानी कहावत है कि प्यार करना आसान है, लेकिन निभाना कठिन है। जो लोग निभा लेते हैं, वही सच्चे मायने में जीतते हैं। अमृता और आदित्य ने अपने प्यार को निभाया है। उन्हें समाज के लिए शादी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनका रिश्ता गहरा और सच्चा था। हालांकि परिस्थितियों के कारण अमृता को अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए अलग रास्ता चुनना पड़ा। लेकिन आदित्य ने उसका साथ नहीं छोड़ा। उसने उसे आगे बढ़ने की आज़ादी दी। यह कहानी सपनों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की है। जीवन हमेशा सीधी रेखा में नहीं चलता। प्यार और जिम्मेदारियां हमेशा एक साथ नहीं चलतीं। यही इस कहानी की खूबसूरती है। सवाल: आज के ‘तुरंत सब कुछ पाने’ वाले दौर में इंतजार और धैर्य कितना मायने रखता है? जवाब/सौरभ: मेरे विचार से किसी भी दौर का प्यार हो, उसका आधार एक ही है, सम्मान। जहां सम्मान है, वहां धैर्य भी है। बिना धैर्य के सम्मान नहीं हो सकता। जो इस बात को समझता है, वही सच्चा प्रेम करता है। जो सिर्फ समय बिताना चाहता है, उसके लिए प्रेम का कोई अर्थ नहीं है। सवाल: आजकल ‘अल्फा मेल’ की बातें होती हैं। ऐसे में आदित्य जैसा सरल और संवेदनशील लड़का कितना प्रासंगिक है? जवाब/सौरभ: मुझे लगता है कि दस आक्रामक लोगों के बीच एक शांत और संतुलित व्यक्ति काफी होता है। सच्चे प्रेम में हिंसा नहीं, बल्कि मूल्य और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होते हैं। सशक्त होना मतलब केवल अपने बारे में सोचना नहीं है। असली सशक्तिकरण तब है, जब आप अपने सपनों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं। आदित्य और अमृता की यात्रा यही सिखाती है। सवाल: टीवी से फिल्मों और अन्य मंचों पर आने वाले कलाकारों को ‘टीवी कलाकार’ का टैग झेलना पड़ता है। क्या आपके साथ ऐसा हुआ? जवाब/शीन: कभी-कभी लोग ऐसा कहते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि मैं जिस लगन से टीवी करती हूं, उसी लगन से फिल्म भी करूंगी। टीवी कलाकारों को अनुशासन, संवाद याद रखने और समय की कद्र करने की अच्छी आदत होती है। इसलिए यह अनुभव हमें और मजबूत बनाता है। लोगों की सोच अलग हो सकती है, लेकिन इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। सौरभ: हां, ऐसी धारणाएं होती हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब आपका समय आता है, तो सब ठीक हो जाता है। अगर समय नहीं आया, तो हम कई कारण गिना सकते हैं। पर सही समय पर सब अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल: राजश्री परिवार के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? और सूरज जी से क्या सीख मिली? जवाब/शीन: जब मैंने उनके साथ पहला शो किया था, तो उन्होंने मुझसे कहा था कि टीआरपी की चिंता मत करो, बस प्रक्रिया का आनंद लो। यह सुनकर मैं हैरान रह गई थी। इतने बड़े निर्माता का ऐसा कहना बहुत प्रेरणादायक था। आज भी जब उनका फोन आता है, तो ऐसा लगता है जैसे घर से फोन आया हो। सौरभ: पहले मैंने ‘यहां में घर घर खेली’ में एक छोटे किरदार में काम किया था, और इस बार बड़ा अवसर मिला। जब मैं पहली बार उनसे मिला, तो सोचा था कोई असिस्टेंट आकर किरदार समझाएगा। लेकिन वे खुद मेरे मेकअप कक्ष में आए और किरदार के संदर्भ लेकर समझाया। उनका काम के प्रति जुनून और सभी को सम्मान देने का तरीका बहुत प्रेरणादायक है। आज के समय में जहां सम्मान को दिखावा समझ लिया जाता है, वहां उनके साथ रहकर महसूस होता है कि सच्चा सम्मान कैसा होता है।
होली का त्योहार बॉलीवुड फिल्मों के गानों के बिना अधूरा है, क्योंकि त्योहार का जश्न इन्हीं गानों पर झूमकर मनाया जाता है। हालांकि, ये गाने और फिल्में सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहे हैं। बॉलीवुड की कई फिल्मों में होली के मौके पर कहानी में मोड़ और ट्विस्ट सामने आया है। ‘सिलसिला’ में ‘रंग बरसे’ के दौरान रिश्तों का सच सामने आता है। ‘शोले’ में होली के जश्न के बाद तुरंत हमला होता है। चलिए, ऐसी कुछ फिल्मों के बारे में जानते हैं... सिलसिलासाल 1981 में आई फिल्म सिलसिला का गाना रंग बरसे आज भी होली पर सबसे ज्यादा बजने वाले गानों में से एक है। वहीं, फिल्म में गाना रंग बरसे कहानी में बड़ा मोड़ लाता है। इस गाने में अमित, यानी अमिताभ बच्चन, और चांदनी, यानी रेखा, होली के जश्न में भांग के नशे में होते हैं। नशे में वे अपनी पुरानी यादों और दबे जज्बातों में खो जाते हैं। दोनों सबके सामने खुलकर गाते और नाचते हैं। उनके बीच की नजदीकी साफ दिखने लगती है। अमित की पत्नी शोभा (जया बच्चन) और चांदनी के पति डॉ. आनंद (संजीव कुमार) यह सब देख रहे होते हैं। उनके चेहरे पर असहजता साफ नजर आती है। उन्हें दोनों के पुराने रिश्ते का एहसास हो जाता है। शोले1975 की फिल्म शोले में होली का सीन कहानी में ट्विस्ट लाता है। गाने 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' के बाद पूरा रामगढ़ जश्न मना रहा होता है। तभी गब्बर सिंह के डकैत अचानक गांव पर हमला कर देते हैं। जय और वीरू बहादुरी से डकैतों से लड़ते हैं। एक समय वे घिर जाते हैं और ठाकुर से बंदूक फेंकने को कहते हैं। ठाकुर के पास बंदूक होती है, फिर भी वह कुछ नहीं करता। डकैत वहां से भाग निकलते हैं। इस बात से नाराज होकर जय और वीरू गांव छोड़ने का फैसला करते हैं। तभी ठाकुर अपनी शॉल हटाकर दिखाता है कि उसके हाथ नहीं हैं। वह बताता है कि गब्बर ने उसका परिवार मार दिया और उसके हाथ काट दिए। यह सच सुनकर जय और वीरू बदला लेने का फैसला पक्का कर लेते हैं। दामिनीफिल्म ‘दामिनी’ (1993) में होली का सीन कहानी का सबसे बड़ा मोड़ साबित होता है, जहां से फिल्म की कहानी एक पारिवारिक ड्रामे से बदलकर एक गंभीर लीगल थ्रिलर बन जाती है। होली के जश्न और गाने (‘गवाह है चाँद तारे’) के बीच दामिनी (मीनाक्षी शेषाद्री) अपने देवर राकेश और उसके दोस्तों को घर की नौकरानी उर्मी का बलात्कार करते हुए देख लेती है। दामिनी का पति शेखर (ऋषि कपूर) और उसके ससुराल वाले परिवार की ‘इज्जत’ बचाने के लिए उसे चुप रहने और पुलिस से झूठ बोलने के लिए मजबूर करते हैं। जब दामिनी सच बोलने का फैसला करती है, तो उसे मानसिक रूप से बीमार घोषित कर पागलखाने भेज दिया जाता है, ताकि उसकी गवाही को अमान्य किया जा सके। पागलखाने से भागने के बाद दामिनी की मुलाकात गोविंद (सनी देओल) से होती है, जो एक शराबी और असफल वकील है। यहीं से फिल्म का सबसे मशहूर हिस्सा शुरू होता है, जहाँ गोविंद दामिनी को इंसाफ दिलाने के लिए दिग्गज वकील इंद्रजीत चड्ढा (अमरीश पुरी) के खिलाफ कोर्ट में खड़ा होता है। जॉली एलएलबी 2फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में होली का सीन कहानी का अहम मोड़ बनता है। गाने ‘गो पागल’ के बाद हिना (सयानी गुप्ता) को पता चलता है कि जॉली (अक्षय कुमार) ने उसके पति के फर्जी एनकाउंटर केस में मदद का वादा किया था, लेकिन सच में उससे दो लाख रुपये लेकर अपना चैंबर खरीदने की योजना बनाई। इस धोखे का अहसास हिना को तोड़ देता है। जश्न और रंगों के माहौल के तुरंत बाद हिना का आत्महत्या वाला सीन फिल्म की दिशा बदल देता है। यही घटना जॉली के भीतर गहरा अपराध बोध पैदा करती है। वह अपने लालच और स्वार्थ को छोड़कर सच में केस लड़ने का फैसला करता है। इसके बाद कहानी एक गंभीर कोर्टरूम ड्रामा बन जाती है, जहां जॉली सिस्टम के खिलाफ खड़ा होकर न्याय के लिए लड़ता है। पद्मावतफिल्म ‘पद्मावत’ में होली का सीन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि एक चाल है। अलाउद्दीन खिलजी छह महीने की घेराबंदी के बाद नई रणनीति बनाता है। वह सफेद झंडा भेजकर शांति का संदेश देता है। राजपूतों को लगता है कि अब सुलह होगी। किले के बाहर बैठा खिलजी अपने चेहरे पर केसरिया रंग लगाता है। राजपूतों के लिए यह वीरता का रंग है, लेकिन उसके लिए यह जुनून का प्रतीक है। होली के बहाने वह ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का फायदा उठाकर किले में प्रवेश कर जाता है। वह भरोसा जीतता है ताकि रानी पद्मावती को देख सके। बाद में इसी शांति वार्ता के दौरान वह रतन सिंह को छल से बंदी बना लेता है। …………………………… होली से जुड़ी ये खबर पढ़ें… हरिवंशराय बच्चन ने होली का गाना ‘रंग बरसे’ लिखा था: अमिताभ बच्चन ने गाया था, फिल्म ‘सिलसिला’ में रेखा के साथ फिल्माया गया फिल्मों और होली का रिश्ता 94 सालों पुराना है। 1932 में पहली बार फिल्म गुलरू जरीना में होली थीम का ब्लैक एंड व्हाइट गाना ‘होरी मुझे खेलने को टेसू मंगा दे..’ दिखाया गया। हालांकि, इसे पॉपुलैरिटी नहीं मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
184 पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित करेंगे
कवर्धा| जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत व नगरीय निकाय घोषित करने की प्रकिया प्रारंभ की गई है। कुल 468 ग्राम पंचायत में से 184 ग्राम पंचायत से बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए अनुशंसा प्राप्त हुए है, जिनमें यह प्रमाणित किया गया है कि विगत दो वर्ष में किसी भी बाल विवाह का मामला संज्ञान में नही आया है। इन्हें बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने कार्रवाई कर रहे हैं। 9 मार्च तक दावा-आपत्ति कर सकेंगे।
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित नयागांव पचखुट्टी में होली के अवसर पर राम-जानकी विवाह लीला और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। माँ काली एवं शिव मंदिर परिसर में आयोजित 97वें ग्राम्य हरिनाम यश संकीर्तन सम्मेलन के तहत मंगलवार को यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। गुलाल और अबीर के बीच जय श्रीराम के जयघोष और हरिनाम संकीर्तन की गूंज सुनाई दे रही थी। वातावरण भक्तिमय हो गया था। राम-जानकी विवाह लीला से जुड़ी तस्वीरें… शंखध्वनि के साथ निकली शोभायात्रादोपहर बाद प्रभु श्रीराम की बारात झांकी निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकार, ढोल-नगाड़ों की थाप और शंखध्वनि के साथ निकली शोभायात्रा गांव की गलियों से गुजरी। इसमें माता दुर्गा, भगवान शिव, हनुमान जी सहित अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी शामिल थीं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राम-जानकी विवाह लीला का मंचन रहा। विवाह के मंगल गीत और पुष्प वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने इस प्रस्तुति का आनंद लिया। कलाकारों के सशक्त अभिनय की दर्शकों ने सराहना की। राजेश कुमार (नारायण) के सान्निध्य में यह तीन दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें संत-महात्माओं ने भक्ति, सदाचार और सामाजिक समरसता पर प्रवचन दिए। रामबालक दास, अक्षयवट मयंक जी, संजू भारती और रूपम भारती ने श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया। भक्ति और उल्लास का वातावरण निर्मित कियाआयोजन समिति के अध्यक्ष ब्रज चाँद, मंत्री विजय कुमार सिंह, मंच संचालक गिरधारी कुमार नवीन और संयोजक जे.पी. सिंह ज्वाला सहित पूरी टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ संस्कृति और परंपरा के महत्व को भी दर्शाता है। होली के अवसर पर राम विवाह की प्रस्तुति ने क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण निर्मित किया।
एंथ्रोपिक की को-फाउंडर एवं प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई संभावित ग्राहकों और पार्टनर्स से मिलती हैं, तो मीटिंग के बाद लोग उनसे एक सवाल जरूर पूछते हैं- मेरा बच्चा कॉलेज में क्या पढ़े?’ डेनिएला कहती हैं, ‘एआई मॉडल तेजी से नौकरियों का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। एआई की दुनिया के दिग्गज मानते हैं कि टेलॉजी से जुड़ी स्किल जल्द पुरानी हो सकती हैं, पर घबराना समाधान नही हैं। इंसान के व्यवहार में शामिल लचीलापन, आलोचनात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे गुण असली ताकत हैं। शीर्ष एआई लीडर अपने बच्चों को इन्हीं गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। जानिए उनकी परवरिश का तरीका… मेलजोल और जुड़ाव अहम डेनिएला कहती हैं,‘जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, सहानुभूति, दयालुता और दूसरों से जुड़ने की क्षमता का महत्व बढ़ता जाएगा। ‘मशीनें संवाद कर सकती हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकतीं। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चा सफल होगा जो लोगों के साथ रिश्ता बनाना जानता हो।’ इंसान हमेशा इंसानों के साथ रहना पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा मेलजोल बढ़ाएं व अपनी अनोखी पहचान के साथ लोगों को समझें। इंसान की रचनात्मकता और समूह में रहने की चाह कभी खत्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत रहेगी पेड एआई के को-फाउंडर मैनी मेडिना के (4, 9, 19, 26 साल उम्र) चार बच्चे हैं। वे मानते हैं भविष्य में दो क्षेत्र एनर्जी व हेल्थकेयर सबसे वाइब्रेंट रहेंगे। मेडिना कहते हैं,‘कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंसानी विशेषज्ञता हमेशा जरूरी रहेगी। वे कहते हैं,‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम मशीनें दिल से नहीं कर सकतीं। बच्चे एआई को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ लचीलापन और तर्कशक्ति महत्वपूर्ण एसएपी में एआई वर्क ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट कैरोलिन हैंके का 15 साल का बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है। कैरोलिन इसे सही मानती हैं। उनका कहना है कि आज के टेक स्किल दो साल बाद पुराने हो जाएंगे, इसलिए लचीलापन और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित व तार्किक सोच पर ध्यान देने को कहती हैं क्योंकि एआई के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमौला बनना जरूरी व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मॉलिक के दो बच्चे (16 व 19 साल) हैं। एआई पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा नहीं सोचते। वे बच्चों को ‘हरफनमौला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी पकड़ना नहीं, बल्कि मरीज को समझना और ढांढस बंधाना भी है। वे कहते हैं कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चे हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकें। जिम्मेदारी लेना सीखना अहम माइक्रोसॉफ्ट की चीफ साइंटिस्ट जेमी टीवन कहती हैं,‘एआई सुझाव तो दे सकता है, पर फैसले की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों जाने के लिए कहती हैं, जहां फैसलों की जवाबदेही इंसान की होती है। वे मानती हैं, गहराई से सोचने व मुश्किल काम करने की आदत ही बच्चों को मशीनों से आगे रखेगी।
लाहौर हाईकोर्ट ने सिख जत्थे के साथ दर्शन के बहाने पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर के भारतीय पति करनैल सिंह द्वारा दायर याचिका की सुनवाई आज यानी 2 मार्च 2026 को निर्धारित की है। यह मामला जज फारूक हैदर की कोर्ट में एक आपत्ति याचिका के रूप में सुना जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दिनों वकील अली चंगेजी संधू के माध्यम से सरबजीत के पति ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में एडवोकेट अली चंगेजी संधू और मोहम्मद नवाज शेख रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों पर अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधता पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के संदर्भ में विस्तृत बहस करने का निर्देश दिया था। याचिका का मुख्य आधार- विवाह अभी भी वैध याचिका का मुख्य आधार यह है कि करनैल सिंह और सरबजीत कौर के बीच विवाह अभी भी विधिसम्मत रूप से कायम है। याचिकाकर्ता का दावा है कि सरबजीत कौर ने करनैल सिंह से विधिवत तलाक नहीं लिया, इसलिए उनका नासिर हुसैन के साथ किया गया विवाह अवैध है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह विवाह इस्लामी सिद्धांतों तथा शरीयत कानून के स्थापित नियमों के विपरीत है। कोर्ट तय करेगी विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी और याचिका की वैधता अब कोर्ट यह निर्धारित करेगी कि विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की कानूनी स्थिति क्या है और क्या विवाह की वैधता को चुनौती देने के लिए प्रस्तुत याचिका स्वीकार्य है। आज यानी 2 मार्च की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन यह तय होगा कि आपत्तियां खारिज होंगी या आगे नियमित सुनवाई का मार्ग प्रशस्त होगा। सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें पूरा मामला... 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा। दर्शन करने के बाद जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा: उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे। सिख श्रद्धालुओं के साथ वापस नहीं लौटी: हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी। निकाहनामा और वीडियो वायरल होने से पता चला: इसके बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है।
बलाई समाज सामूहिक विवाह संस्था का शपथ ग्रहण
जयपुर | कबीर आश्रम, नया खेड़ा, अंबाबाड़ी में रविवार को बलाई समाज सामूहिक विवाह संस्था की नवगठित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। सभी पदाधिकारियों ने दायित्व निर्वहन की शपथ ली। एन.एल. चौहान व गोपाल डेनवाल ने संरक्षक, प्रेमराज बुनकर ने अध्यक्ष, रामकरण नारनोलिया ने उपाध्यक्ष, मेहता राम काला ने महासचिव, ओम प्रकाश बुनकर ने कोषाध्यक्ष तथा पी.डी. चौहान ने संगठन सचिव पद की शपथ ली। अन्य सदस्यों ने भी समाज सेवा का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने सामाजिक बुराइयों, अंधविश्वास व भेदभाव खत्म करने और शीघ्र बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की।
कटिहार में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया है। राहत संस्था और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत जागरूकता रथ को पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर किशोर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान कटिहार जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य गांव के अंतिम व्यक्ति तक बाल विवाह के प्रति जागरूकता फैलाना है। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण करेगा। अभियान के शुभारंभ पर विधायक तारकेश्वर किशोर ने कहा कि भारत सरकार ने लड़कों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की है। इससे कम उम्र में विवाह होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समाज से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह हो रहा हो, तो उसकी सूचना पुलिस प्रशासन को 1098 पर दें। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प का भी जिक्र किया और इसके लिए सभी वर्गों से सहयोग का आह्वान किया। राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना ने बताया कि उनकी टीम कटिहार जिले में बाल विवाह मुक्ति के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। यह 100 दिवसीय अभियान इसी कड़ी का हिस्सा है। इस अभियान में संगीता, भवानी कुमारी, विपिन कुमार, विनय कुमार और दानिश सहित कई सदस्य शामिल हैं।
लाटा गांव में नाबालिग का बाल विवाह रुकवाया गया:प्रशासन ने परिजनों को समझाए बाल विवाह के नुकसान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लाटा गांव में एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान' के तहत की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तुरंत लाटा गांव पहुंची। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाया, जिससे उसका भविष्य सुरक्षित हो सका। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया टीम ने बालिका के माता-पिता और परिवारजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों से अवगत कराया गया और बाल विवाह न करने के संबंध में घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने बताया कि पिछले दो महीनों में जिले में कुल 13 बाल विवाह सफलतापूर्वक रुकवाए जा चुके हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने और छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक गांव में जागरूकता अभियान चला रहा है।
लाहौर हाईकोर्ट ने सिख जत्थे के साथ दर्शन के बहाने पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर के भारतीय पति करनैल सिंह द्वारा दायर याचिका की सुनवाई अब 2 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। यह मामला माननीय न्यायमूर्ति फारूक हैदर की अदालत में एक आपत्ति याचिका के रूप में सुना जाएगा। जानकारी के लिए बतादे कि पिछले दिनों वकील अली चंगेजी संधू के माध्यम से सरबजीत के पति ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में एडवोकेट अली चंगेजी संधू और मोहम्मद नवाज शेख रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों पर अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधता पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के संदर्भ में विस्तृत बहस करने का निर्देश दिया था। याचिका का मुख्य आधार यह है कि करनैल सिंह और सरबजीत कौर के बीच विवाह अभी भी विधिसम्मत रूप से कायम है। याचिकाकर्ता का दावा है कि सरबजीत कौर ने करनैल सिंह से विधिवत तलाक नहीं लिया, इसलिए उनका नासिर हुसैन के साथ किया गया विवाह अवैध है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह विवाह इस्लामी सिद्धांतों तथा शरीयत कानून के स्थापित नियमों के विपरीत है। अब अदालत यह निर्धारित करेगी कि विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की कानूनी स्थिति क्या है और क्या विवाह की वैधता को चुनौती देने के लिए प्रस्तुत याचिका स्वीकार्य है। 2 मार्च की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन यह तय होगा कि आपत्तियां खारिज होंगी या आगे नियमित सुनवाई का मार्ग प्रशस्त होगा। सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें पूरा मामला... 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा। दर्शन करने के बाद जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा: उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे। सिख श्रद्धालुओं के साथ वापस नहीं लौटी: हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी। निकाहनामा और वीडियो वायरल होने से पता चला: इसके बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है।
बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर िकया रवाना
भास्कर न्यूज़ | बगोदर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और व्यापक जन-जागरूकता के लिए बनवासी विकास आश्रम द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ बगोदर प्रखंड कार्यालय परिसर से किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। इस अवसर पर बगोदर सीओ प्रवीन कुमार, जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सीओ ने कहा कि बाल विवाह समाज के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है और ऐसे जागरूकता अभियान बच्चों के अधिकार, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला परिषद सदस्य ने बाल विवाह को बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उप प्रमुख ने कहा कि स्थायी बदलाव तभी संभव है जब समाज स्वयं जागरूक होगा। यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराएगा और पंचायत स्तर पर भी सतत प्रयास किए जाएंगे। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद, पोस्टर अभियान, संवाद सत्र और सामुदायिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और कानूनी प्रभावों पर जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का संकल्प लिया। बाल विवाह मुक्ति रथ केवल वाहन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता का प्रतीक है, जो पूरे जिले में सकारात्मक बदलाव की अलख जगाएगा।
बेगूसराय जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आज दीनानाथ परमेश्वरी इंटर स्तरीय बालिका विद्यालय मंझौल में बाल विवाह की रोकथाम के लिए नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। इसके माध्यम से उपस्थित बच्चों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए बताया गया। अपील की गई कि बाल विवाह से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है। आप अपने आसपास यदि बाल विवाह होता हुआ देखें तो वहां जाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें। अभिभावकों को समझाएं कि बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है। नाटक में कलाकारों ने यह बताने का प्रयास किया है कि बाल विवाह से किस प्रकार समाज के लोगों की भूमिका भी होती है। उन सभी को जागरूक होना होगा, तभी जाकर बाल विवाह मुक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। बताया गया बाल विवाह में सहयोग करने पर सजा का प्रावधान है। भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना हमें भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार जिले के प्रत्येक प्रखंड में जाकर नाटक के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम का प्रयास जारी रखेगा। प्रधानाचार्य चंदन कुमार ने कहा कि नाटक के माध्यम से जागरूकता सराहनीय प्रयास है। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सुजीत कुमार, अनमोल, विवेक सिन्हा, अरविंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मुरारी कुमार, पिंकी कुमारी, रुबी कुमारी, अंकिता कुमारी, मौकेंद्र पासवान व शैलेश कुमार रहै। इन्होंने कहा है कि नाटक के माध्यम से बताने की कोशिश किया की हमें एक स्वस्थ और बाल विवाह मुक्त राष्ट्र का निर्माण करना है।
बिहार- झारखंड की सीमा पर औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गजना धाम मंदिर परिसर है। यहां लगभग 46 साल से विशेष होली का आयोजन किया जाता है। विशेष होली इस बार भी पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के साथ भक्तों के आत्मीय मिलन और धार्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। गजना धाम परिसर में आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम इन दिनों एक बार फिर देखने को मिल रहा है। भगवान राम के होली खेलने की मान्यता मंदिर परिसर में 21 फरवरी से ही सीताराम नाम नवाह्न जप यज्ञ और श्री सीताराम विवाह उत्सव पूजन का भव्य आयोजन चल रहा है। जो 9 फरवरी तक चलेगा। 21 फरवरी से आरंभ हुआ नवाह्न जप यज्ञ 2 मार्च को पूर्णाहुति के साथ खत्म होगा। राम विवाह उत्सव की तैयारियां तेज हो जाती हैं। लेकिन इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान का सबसे आकर्षक और विशेष क्षण होता है होली का आयोजन, जब भगवान राम स्वयं ग्रामीणों के साथ सात्विक होली खेलते हैं। लगभग 46 साल से चली आ रही है परंपरा लगभग 46 साल से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार 4 मार्च को होली के अवसर पर बिहार के नवीनगर प्रखंड और झारखंड के हुसैनाबाद प्रखंड के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु गजना धाम पहुंचते हैं। भक्त भगवान श्रीराम को अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं और फिर आपस में प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर होते हैं। इस विशेष होली की खासियत यह है कि यहां केवल सात्विक और धार्मिक वातावरण में होली खेली जाती है। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन भगवान राम के साथ होली खेलने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। होली के रंगों के साथ यहां भक्ति का रंग भी गहरा होता है। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और प्रवचन का क्रम लगातार चलता रहता है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। सीमा क्षेत्र में मनाई जाने वाली यह विशेष होली सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का अनूठा उदाहरण है। बिहार और झारखंड के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ रंगों और भक्ति में डूब जाते हैं। 46 साल से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ जीवित है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत का संदेश देती है। होली के दूसरे दिन 5 मार्च को भगवान श्री राम का तिलोत्सव होली के दूसरे दिन 5 मार्च को तिलक समारोह आयोजित होगा। 6 मार्च को मंडप पूजन और किशोरी की हल्दी रस्म संपन्न की जाएगी। 7 मार्च को भगवान श्रीराम की भव्य बारात नगर भ्रमण के लिए निकलेगी, जो हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। पारंपरिक वेशभूषा और गाजे-बाजे के साथ सुसज्जित बारात झारखंड सीमा पर स्थित पोलडीह गांव पहुंचेगी, जहां ग्रामीण माता सीता के मायके वालों की भूमिका निभाते हैं। गांव को विशेष रूप से सजाया जाता है और बारात का पारंपरिक रीति-रिवाजों से भव्य स्वागत किया जाता है। 8 मार्च को धाम परिसर में सीताराम विवाह उत्सव विधि-विधान से संपन्न होगा। इसके अगले दिन 9 मार्च को श्रीराम कलेवा प्रसाद पूजन के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर 56 प्रकार के भोगों का वितरण भक्तों के बीच किया जाएगा, जिसे पाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं ग्रामीण यह संपूर्ण आयोजन श्री श्री 108 श्री महंत अवध बिहारी दास जी के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष यमुना प्रसाद सिंह, उपाध्याय भृगुनाथ सिंह, सचिव गुप्तेश्वर सिंह सहित कई सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। विवाह उत्सव में दशरथ की भूमिका में सुरेंद्र प्रसाद सिंह और जनक की भूमिका में भूगुनाथ सिंह उपस्थित रहेंगे। खुद प्रसाद बनाकर माता को समर्पित करते भक्त गजना धाम परिसर में स्थित गजानन माता का मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित इस मंदिर में माता के निर्विकार स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है। भक्त स्वयं मिट्टी के बर्तन में शुद्ध घी से पकवान बनाकर माता को अर्पित करते हैं।
बांका के रजौन प्रखंड स्थित शुक्रवार की रात श्रीमन्नारायण धाम बनगांव में नौ दिवसीय श्री सीताराम विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्तिमय वातावरण में धार्मिक लीलाओं का भव्य मंचन हुआ। शुक्रवार देर रात तक चले सुदामा चरित्र और सीताराम विवाह संवाद की मनोहारी लीलाओं ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वृंदावन से आई एक संस्था ने सुदामा चरित्र का प्रभावशाली मंचन किया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता को दर्शाया गया। झांकी और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची मित्रता हर परिस्थिति में साथ निभाने से पहचानी जाती है। इस प्रस्तुति को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। सीताराम विवाह लीला का भी मंचन हुआ महोत्सव के दौरान सीताराम विवाह लीला का भी मंचन हुआ। सीता स्वयंवर के लिए सुसज्जित मंच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कथा के अनुसार, जब अन्य राजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे, तब भगवान श्रीराम ने सहज भाव से धनुष तोड़ दिया। इसके बाद सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई, जिससे पूरा परिसर जयघोष से गूंज उठा। धनुष यज्ञ लीला में कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य राम बारात भी निकाली गई शुक्रवार की रात को एक भव्य राम बारात भी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्त थिरकते हुए चल रहे थे। गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से निकली इस बारात को देखने के लिए देर रात तक सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। सीताराम विवाह महोत्सव और मेले में भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। मुख्य आयोजक डॉक्टर महेशानंद महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजक समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।
किशनगंज में एक नाबालिग किशोरी की शादी को जन निर्माण केंद्र और प्रशासन की टीम ने रुकवा दिया। स्थानीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि गांव में 16 वर्षीय किशोरी और 18 वर्षीय किशोर का विवाह तय किया गया है। सूचना की पुष्टि होने पर संस्था के जिला समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में एक टीम सक्रिय हुई। अनुमंडल पदाधिकारी-सह-बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली और पुलिस प्रशासन की टीम विवाह स्थल पर पहुंची। घर पर शादी की तैयारियां चल रही थी। मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में समझाया टीम ने परिजनों से बात की और उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की कानूनी धाराओं तथा बाल विवाह से होने वाले मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में समझाया। परिजनों ने टीम की बातों को गंभीरता से लिया और बालिका का विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस संबंध में लिखित प्रमाण भी दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली ने बताया कि किसी भी नाबालिग की शादी करवाना, करना या इसमें सहायता करना गैर-जमानती कानूनी अपराध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग के विवाह से शिक्षा के अधिकार, बच्चे के विकास, मानसिक शक्ति और समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। परिजनों से एक शपथ पत्र भी भरवाया टीम ने परिजनों से एक शपथ पत्र भी भरवाया, जिसमें उन्होंने अपनी बच्ची का विवाह 18 साल पूरे होने के बाद ही करने का इकरार किया। इस दौरान संस्था के सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता सबीह अनवर, रानी कुमारी, जफर आलम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस बल मौजूद थे।
मैनपुरी पुलिस बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय अभियान चला रही है। इस मुहिम के तहत पुलिस सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। बल्कि सामाजिक बदलाव लाने पर भी जोर दे रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर 27 नवंबर से 8 मार्च 2026 तक चलने वाले बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को रोकना और समुदाय स्तर पर 'जीरो टॉलरेंस' का माहौल बनाना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार या व्यक्ति इस कुप्रथा को बढ़ावा न दे। एसपी के आदेश और अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कोतवाली के निर्देशन में AHT टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह से संबंधित कानूनों, दंडात्मक प्रावधानों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जागरूकता अभियान के दौरान टीम ने बाल विवाह के साथ-साथ बाल श्रम उन्मूलन और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया। इसका उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस अभियान में थाना AHT की प्रभारी निरीक्षक सरोजनी देवी, उपनिरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, कांस्टेबल नरेंद्र, वन स्टॉप सेंटर की कामिनी यादव और चाइल्ड हेल्प लाइन कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार शामिल रहे। टीम ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें।
बैतूल के सतलोक आश्रम उड़दन में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय महा समागम के दूसरे दिन कई समाज सुधार कार्यक्रम संपन्न हुए। संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 26 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में लाखों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। समागम के दूसरे दिन 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह हुआ। ये विवाह संत रामपाल जी महाराज की वाणी के माध्यम से मात्र 17 मिनट में पूरे किए गए। विवाह समारोह पूरी तरह सादगीपूर्ण रहा, जिसमें किसी प्रकार की सजावट, दहेज या सामाजिक आडंबर नहीं था। वर-वधू साधारण वस्त्रों में विवाह मंडप में पहुंचे और संत परंपरा के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न हुए। दो तस्वीरों में देखिए तीन दिवसीय महासमागम… 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया महा समागम में समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देते हुए एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। बैतूल जिला अस्पताल की टीम की देखरेख में कुल 268 यूनिट रक्तदान किया गया। इसके अतिरिक्त, 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया और 3861 श्रद्धालुओं ने निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण की। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें संत गरीबदास जी महाराज के जीवन, उनके ज्ञान और परमात्मा कबीर साहेब के तत्वज्ञान का संदेश प्रदर्शित किया गया है। श्रद्धालुओं ने इस प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई। आश्रम के मुख्य सेवादार विष्णुदास साहू ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से दहेज प्रथा, नशा और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को समाप्त कर मानवता और समानता का संदेश फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल अध्यात्म का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, सादगी और सामाजिक सुधार का भी प्रतीक है।
लखनऊ में जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या करने के बाद बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे। ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई। फिर शव के टुकड़े किए। हाथ-पैर काटकर फेंकने के बाद धड़ को ठिकाने लगाने के लिए ब्रेजा कार में रखने लायक साइज का नीला ड्रम खरीदकर लाया। आर्मी पैटर्न की मोटी पॉलिथीन और 20 लीटर तारपिन का तेल खरीदा। जब लगा कि वह धड़ को ठिकाने नहीं लगा पाएगा तो उसने पारिवारिक वकील को कॉल कर मिलने की कोशिश की। इस बीच अक्षत पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए पिता को ढूंढ़ने का नाटक करता रहा। खुद को परेशान दिखाने के लिए अलग-अलग लोगों को 135 कॉल किए, ताकि लगे कि वह पिता के लिए बेचैन है। ये बातें अक्षत ने पुलिस पूछताछ में बताई हैं। पुलिस 25 फरवरी को उसे जेल भेजकर मामले का खुलासा कर चुकी है। हालांकि, परिवार और पड़ोसियों को पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह के पोस्ट और कमेंट कर रहे हैं। मानवेंद्र के परिवार के करीबी लोगों की पोस्ट भी सामने आ रही हैं, जिनमें पारिवारिक रिश्तों में वर्षों से चली आ रही खटास की बात सामने आई है। धड़ को ठिकाने लगाने के लिए कार की साइज का ड्रम खरीदा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 फरवरी को तड़के 4:30 बजे पिता की हत्या करने के बाद अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने के लिए 2 दिन तक जुगाड़ किया। हाथ-पैर को ठिकाने लगाने के बाद बाजार में ड्रम तलाशता रहा। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी ब्रेजा कार लेकर 3 अलग-अलग दुकानों पर गया। एक दुकान पर उसे कार में रखने लायक साइज का ड्रम मिला। उसे खरीदकर कार में रखकर घर लाया। घर और मोहल्ले में सूनसान होने का इंतजार करता रहा, ताकि धड़ को ड्रम में भरकर बाहर ले जा सके। इतना ही नहीं, उसने धड़ पैक करने के लिए मोटी पॉलीथिन भी खरीदी। पुलिस बाजार से खरीदी गई वस्तुओं के सीसीटीवी फुटेज और बिलिंग डिटेल्स जुटा रही है। यूट्यूब में देखा, ऑनलाइन भी मंगवाए सामान पुलिस सूत्रों के अनुसार, अक्षत ने पिता की हत्या के बाद यूट्यूब के जरिए शव ठिकाने लगाने के लिए वीडियो भी देखें। अक्षत को यह नहीं समझ में आ रहा था कि वह पिता के शव को कैसे ठिकाने लगाए? उनका वजन करीब 110 किलो था। उसे वह अकेले उठा भी नहीं सकता था। इस वजह से शव के टुकड़े करने के लिए ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई। गुमराह करने के लिए 135 कॉल की पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिता की हत्या करने के बाद शक से बचने के लिए अक्षत ने एक और चाल चली। वह अपने एक साथी के साथ पिता की गुमशुदगी दर्ज कराने आशियाना थाने पहुंचा। इस दौरान उसने कई लोगों को फोन किए, ताकि यह आभास न हो कि वही हत्यारा है। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन से लेकर गिरफ्तारी तक उसके मोबाइल से 135 कॉल की गईं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन-किन लोगों से बात की? किससे मदद लेने की कोशिश की? उनमें से किसी ने उसकी किसी तरह की मदद तो नहीं की। वकील अंकल आप से अकेले मिलना है… पुलिस सूत्रों ने बताया, हत्या करने के बाद अक्षत को अहसास हो गया कि वह पकड़ा जा सकता है। इस पर उसने परिवार से जुड़े एक वकील से मिलने की कोशिश की। उन्हें फोन करके अकेले मिलने की जिद की। कहा- बहुत जरूरी बात करनी है। हालांकि, कोर्ट में व्यस्त होने के कारण वकील उससे मिल नहीं पाए। इस बीच अक्षत ने कुछ करीबी लोगों के सामने पिता की हत्या की बात स्वीकार भी कर ली थी। दोस्त ने फेसबुक पर किया पोस्ट- ‘बच्चों के मन में जहर भरा गया’ मानवेंद्र के पड़ोसी मित्र अंशुमान दुबे ने फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखकर रिश्तों की कड़वाहट की ओर इशारा किया है। उन्होंने लिखा कि अक्षत 11 साल का था, जब उसकी मां ने आत्महत्या की थी। उस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने मानवेंद्र को ही दोषी ठहराया और यह धारणा कभी बदली नहीं। पिता और बच्चों के बीच दूरी बनी रही। रिश्तेदारों और करीबियों ने बच्चों के मन में पिता के प्रति जहर भरा। मानवेंद्र का एक महिला मित्र से संबंध भी चर्चा में रहा, जिससे उनकी छवि बच्चों की नजर में और खराब हुई। पोस्ट में यह भी इशारा है कि बेटे की एक लड़की से नजदीकियां थीं। उसने घर के लाखों रुपए संभवतः उसी पर खर्च किए गए। पिता-पुत्र के बीच पैसों और रिश्तों को लेकर तनाव था। जेल में नहीं खाया खाना, पूरी रात जागता रहा 25 फरवरी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद अक्षत पूरी रात नहीं सोया। जेल सूत्रों के मुताबिक, उसने खाना भी नहीं खाया। वह बेचैन नजर आया और पूरी रात तक जागता रहा। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला ---------------- संबंधित खबर भी पढ़िए…हत्या से पहले मानवेंद्र ने अक्षत को जड़ा था थप्पड़:50 लाख के लिए बाप-बेटे में बहस हुई थी; फूफा बोले- वजह कुछ और लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह और उनके बेटे की बीच पैसों को लेकर बहस हुई थी। पूरी खबर पढ़ें
देवताओं ने भगवान शिव से निवेदन किया आप विवाह करें, उनका विवाह परमार्थ के लिए हुआ
भास्कर न्यूज| अंबागढ़ चौकी ग्राम सिंगाभेड़ी आयोजित शिव महापुराण में अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता बाल योगी विष्णु अरोड़ा (जावरा रतलाम मध्य प्रदेश) ने भगवान शिव और पार्वती मिलन की कथा वर्णन किया। कहा प्रजापति दक्ष की कन्या स्वधा जिनकी तीन पुत्री हुई। ये तीनों पुत्री भगवान को पाना चाहती थीं किंतु इस जन्म में संभव नहीं हुआ। दूसरे जन्म में तीनों कन्याओं ने भगवान को प्राप्त किया और यह तीनों माताएं अपनी पुत्री के कारण प्रसिद्ध हुई। धन्या जो दूसरे जन्म में उनके यहां माता पार्वती का जन्म हुआ। नारद जी उनके हस्तरेखा देखें उनका नाम उमा, अंबिका, भवानी कहा। पार्वती ने तपस्या किया शिव को प्राप्त किया, किंतु पार्वती ने कहा मेरे पिता से हाथ मांगना होगा। भगवान नट का रूप लेकर गए हाथ मांगे किंतु एक राजा अपने राजकुमारी का विवाह एक नट के साथ कैसे करें, बड़ी असमंजस रही बाद में माता पार्वती को भगवान शिव का दर्शन हुआ नटराज रूप में देवाधिदेव महादेव ही हैं। इस विवाह का कारण तारकासुर जिसे ब्रह्माजी के द्वारा वरदान था मृत्यु शंकर के पुत्र से होना है। समाज में खूब अत्याचार किया। देवताओं ने जाकर भगवान शिव को जगाया शिव के क्रोध अग्नि से कामदेव जलकर भस्म हो गया।
बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर सही कदम उठाया है,
मशहूर भजन सम्राट अनूप जलोटा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 12' में अनूप जलोटा का अलग ही रूप देखने को मिला था। इस शो में वह अपने से 37 साल छोटी एक्ट्रेस जसलीन मथारू संग पहुंचे थे। शो में अनूप ...
श्रुति हासन ने तोड़ी चुप्पी: मुझे इंडस्ट्री में अपशकुन मानते थे, हर रिश्ते में खुद को खो दिया
Filmfare के शो In The Ring में श्रुति हासन ने करियर के शुरुआती संघर्ष, रिश्तों की नाकामियाँ, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे और अपने माता-पिता से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कैसे 'अनलकी' टैग लगा, रिश्तों में खुद को खोया और कैसे उन्होंने मानसिक ...
श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं। पलक तिवारी का नाम बीते काफी समय से इब्राहिम अली खान संग जुड़ रहा है। दोनों अक्सर साथ में स्पॉट होते रहते हैं। हालांकि दोनों ने कभी भी अपने रिश्तेको लेकर ...
इब्राहिम अली खान ने बताया ट्रोलिंग, नेपोटिज़्म और पलक तिवारी से रिश्ते का सच
इब्राहिम अली खान ने अपना पहला इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने नेपोटिज़्म, अपनी डेब्यू फिल्म 'नादानियां', सोशल मीडिया ट्रोलिंग और पलक तिवारी के साथ रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने खुद को Nobody कहकर स्टारडम को लेकर अपनी सोच साफ की।
सनी देओल ने की सलमान खान की तारीफ, सालों पुराने खास रिश्ते पर की बात
बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान सिर्फ दर्शकों के नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के अपने लोगों के भी चहेते हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में सनी देओल ने सलमान के साथ अपने पुराने और दिल से जुड़े रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कि सलमान सिर्फ बड़े स्टार नहीं ...
क्या पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे बादशाह? सिंगर ने बताया रिश्ते का सच
फेमस रैपर-सिंगर बादशाह बीते कई समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि बादशाह पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे हैं। दोनों को कई बार साथ में टाइम स्पेंड करते देखा जाता है। बीते दिनों बादशाह हानिया संग दुबई ...
नताशा स्टैनकोविक और हार्दिक पांड्या ने रिश्ते में क्यों आ गई दरार? करीबी शख्स ने बताई तलाक की वजह
Natasa and Hardik divorce Reason: बॉलीवुड एक्ट्रेस नताशा स्टैनकोविक और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या बीते काफी समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हार्दिक और नताशा ने बीते दिनों तलाक की घोषणा की थी। उन्होंने एक स्टेंटमेंट जारी करके तलाक का ...
Bigg Boss OTT 3 : पत्रकार ने नेजी से पूछा सना मकबूल संग रिश्ते को लेकर सवाल, रैपर ने दी धमकी
Bigg Boss OTT 3 : रियलिटी शो 'बिग बॉस ओटीटी 3' अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। अब 7 कंटेस्टेंट फिनाले की रेस में शामिल है, जिसमें रणवीर शौरी, लवकेश कटारिया, अरमान मलिक, कृतिका मलिक, साई केतन राव, नेजी और सना मकबूल का नाम शामिल है। वहीं फिनाले से ...
Arjun Kapoor के बर्थडे पर Malaika Arora के इसक्रिप्टिक पोस्ट ने बड़ाई खलबली, कपल के रिश्ते में आएट्रस्ट इश्यूज
श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ रिश्ते की पुष्टि की?
श्रद्धा कपूर निस्संदेह बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं और बार-बार अपनी अभिनय क्षमता को साबित किया है। अपनी पेशेवर उपलब्धियों के अलावा, श्रद्धा अक्सर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी अफ़वाहें चल रही हैं कि श्रद्धा राहुल मोदी को डेट कर रही हैं। हालाँकि, दोनों में से किसी ने भी इन अफ़वाहों पर कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि श्रद्धा ने अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। डेटिंग की अफवाहों के बीच, श्रद्धा ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर 'तू झूठी मैं मक्का' के लेखक राहुल मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की। फोटो में श्रद्धा कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुराती नजर आ रही हैं, जबकि राहुल ने मजाकिया चेहरा बनाया हुआ है। फोटो के साथ श्रद्धा ने लिखा, दिल रख ले, नींद तो वापस दे दे यार, इसके साथ स्माइली और दिल वाली इमोजी भी लगाई। उन्होंने पोस्ट में राहुल को भी टैग किया। इस सेल्फी ने कई लोगों को यह विश्वास दिला दिया है कि श्रद्धा ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। श्रद्धा और राहुल के बारे में डेटिंग की अफवाहें पिछले साल तब शुरू हुईं जब उन्हें कई मौकों पर एक साथ देखा गया। इस साल मार्च में वे एक दोस्त की शादी में भी साथ गए थे। इन अफवाहों ने तब और जोर पकड़ा जब श्रद्धा ने छुट्टियों की तस्वीरें शेयर कीं, जिनसे पता चला कि उन्होंने साथ में समय बिताया है। इस साल मई में श्रद्धा ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसमें वह स्टारफिश और शैल प्रिंट वाला पर्पल नाइट सूट पहने हुए नजर आई थीं। हर तस्वीर में अलग-अलग भावनाएं दिखाई दे रही थीं, लेकिन जिस चीज ने सबका ध्यान खींचा, वह था उनका 'आर' अक्षर वाला पेंडेंट। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, कुछ नहीं वो, टूटे हैं तो कुछ नहीं कर रही। काम की बात करें तो श्रद्धा कपूर ने 'तीन पत्ती' में एक छोटी सी भूमिका से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और 2011 में 'लव का दी एंड' से लोकप्रियता हासिल की। उसके बाद से उन्होंने 'आशिकी 2', 'एक विलेन', 'बागी', 'हैदर', 'हाफ गर्लफ्रेंड', 'हसीना पारकर' और 'स्त्री' जैसी कई हिट फिल्में दी हैं। उन्हें आखिरी बार रणबीर कपूर के साथ रोमांटिक ड्रामा 'तू झूठी मैं मक्कार' में देखा गया था। लव रंजन द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक बड़ी हिट थी। श्रद्धा के पास 'स्त्री 2', 'चालबाज इन लंदन' और 'चंदा मामा दूर के' सहित कई आगामी प्रोजेक्ट हैं। सोनाक्षी सिन्हा की शादी से नाराज माँ ने उठाया बड़ा कदम, इंस्टाग्राम से किया बेटी को अनफॉलो जहीर संग बहन सोनाक्षी की शादी से नाराज है भाई, पोस्ट देख हैरत में पड़े फैंस शादी से पहले 3 बार हुआ अक्षय कुमार का ब्रेकअप, खुद किया खुलासा
श्रद्धा कपूर सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा सक्रिय बॉलीवुड अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपनी पेशेवर ज़िंदगी के अलावा, अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में भी वह अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा करती रहती हैं। आशिकी 2 की अभिनेत्री को कई मौकों पर राहुल मोदी के साथ देखा गया है, जिससे उनके और राहुल मोदी के बीच रोमांस की अफ़वाहें उड़ी थीं। अब अभिनेत्री ने राहुल के साथ अपनी एक प्यारी सी तस्वीर पोस्ट करके इस पर प्रतिक्रिया दी है, जिससे उनके रिश्ते की पुष्टि होती है। श्रद्धा कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर एक तस्वीर शेयर की और कैप्शन में लिखा, दिल रख ले, नींद तो वापस दे दे यार। उन्होंने राहुल मोदी को टैग भी किया। इसे भी पढ़ें: Hrithik Roshan की फिल्म Lakshya के 20 साल पूरे, सिनेमाघरों में फिर से रिलीज की जाएगी फिल्म, जानें कब जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि यह अफ़वाह कई महीनों से उड़ रही है कि श्रद्धा राहुल को डेट कर रही हैं। हालाँकि, इस जोड़े ने कभी भी इन अटकलों को स्वीकार नहीं किया। जबकि दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया है। बता दें कि राहुल को IMDb पर लव रंजन की फिल्म प्यार का पंचनामा 2, सोनू के टीटू की स्वीटी और यहां तक कि श्रद्धा कपूर, रणबीर कपूर स्टारर तू झूठी मैं मक्का के लेखक के रूप में श्रेय दिया गया है। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म के सेट पर हुई थी और कथित तौर पर उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | अपनी ही बेटी सोनाक्षी की शादी में नहीं आएंगे शत्रुघ्न सिन्हा!! बेहद नाराज, Alka Yagnik सुनाई देना हुआ बंद ऐसी खबरें हैं कि 2022 में जब श्रद्धा का फोटोग्राफर रोहन श्रेष्ठ के साथ कथित तौर पर ब्रेकअप हुआ था। मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े राहुल ने व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की। उन्होंने 2011 की फिल्म प्यार का पंचनामा के सेट पर इंटर्नशिप की और आकाश वाणी जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स में एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। उनके पिता आमोद एक बिजनेसमैन हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि श्रद्धा उनके साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन फिर दोनों ने रिश्ता खत्म कर दिया। इस बीच, वर्कफ्रंट की बात करें तो एक्ट्रेस को आखिरी बार लव रंजन की फिल्म तू झूठी मैं मक्का में देखा गया था। फिल्म में रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में थे। वह अगली बार राजकुमार राव के साथ स्त्री 2 में नजर आएंगी। यह फिल्म 2018 की सुपरहिट फिल्म स्त्री का सीक्वल है। निर्माताओं ने हाल ही में स्त्री 2 का टीज़र रिलीज़ किया था, जिसे सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था, जो फिल्म मुंज्या से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अभिनेता एक पौराणिक रूपांतरण और एक टाइम-ट्रैवल फिल्म में भी नज़र आएंगे।
क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की पत्नी नताशा स्टेनकोविक ने एक बार फिर अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनके कथित अलगाव की अफवाहों के बीच एक चौंकाने वाली रहस्यमयी पोस्ट शेयर की है। नताशा ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डेनजेल वाशिंगटन का एक कोट शेयर किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किए गए कोट में लिखा है, जब बहुत सी चीजें वापस चलन में आ रही हैं, तो मैं नैतिकता, सम्मान और बुद्धिमत्ता के फिर से चलन में आने का इंतजार नहीं कर सकती। इसे भी पढ़ें: Singham Again Release Date | अजय देवगन ने फाइनली किया 'सिंघम अगेन' की रिलीज का ऐलान, कार्तिक आर्यन की फिल्म से होगी भिड़ंत नताशा ने बुधवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेटे अगस्त्य पांड्या के साथ कुछ खुशनुमा पल शेयर किए। अभिनेत्री ने अपने बेटे के साथ अपने कैंडिड पलों की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। पहली तस्वीर में अगस्त्य अपनी मां को गोद में लिए हुए हैं और दोनों साथ में झपकी ले रहे हैं। दूसरी तस्वीर में नताशा लिफ्ट में मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने बेटे का पुश-अप करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया, जबकि एक अन्य वीडियो में वह जिम में डांस वर्कआउट करती नजर आ रही हैं। इसे भी पढ़ें: Farida Jalal ने याद किया अपना दौर, कहा- Rajesh Khanna 'घमंडी' थे, रिहर्सल करने से मना कर दिया, मुझे बुरा लगा पोस्ट को शेयर करते हुए नताशा ने लिखा, कुछ खुशनुमा पल। दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या ने अपने नए हेयरकट की झलक इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिखाई। नताशा स्टेनकोविक और हार्दिक पांड्या के तलाक की अफवाहें पिछले काफी समय से सुर्खियों में हैं। इस जोड़े ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पिछले हफ्ते, नताशा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी पोस्ट की, जिसमें वह एक कप ब्लैक टी का लुत्फ़ उठाती नज़र आ रही हैं। वह कैमरे के लिए मुस्कुराते हुए नीले रंग के दुपट्टे के साथ एक सफ़ेद शर्ट पहने हुए देखी जा सकती हैं। उन्होंने लिखा, हाय (एक सफ़ेद दिल वाले इमोजी के साथ)। दूसरी स्लाइड में, नताशा को एक कप ब्लैक टी पकड़े हुए देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, पूरे सफ़ेद कपड़े पहने हुए (मुस्कुराहट वाले इमोजी और हाथ जोड़े हुए इमोजी के साथ) कार में बैठकर (ब्लैक टी इमोजी) पीते हुए। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से यह भी पूछा, क्या मैं चाय गिरा दूँगी? बिग बॉस की पूर्व प्रतियोगी और डांसर नताशा स्टेनकोविक ने 31 मई, 2020 को क्रिकेटर हार्दिक पांड्या से शादी की है। इस जोड़े ने फरवरी 2023 में हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार अपनी शादी की प्रतिज्ञा को नवीनीकृत किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम पर अपना पूरा नाम हटाने के बाद उन्होंने तलाक की अफवाहों को हवा दी। View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__ View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__
अमिताभ और जया बच्चन के रिश्ते को लेकर फरीदा जलाल ने किए ये खुलासे
जाने माने मशहूर फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी' में दिखाई दी बॉलीवुड अभिनेत्री फरीदा जलाल लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। वो अनिल कपूर, शाहरुख खान, सलमान खान, अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों के साथ कई फिल्मों में दिखाई दे चुकी हैं। फरीदा जलाल अमिताभ बच्चन एवं जया बच्चन की बहुत अच्छी दोस्त हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के चलते अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के कोर्टशिप पीरियड को याद करते हुए दोनों के रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कैसे दोनों एक दूसरे से लड़ते और मनाते थे। अपने एक इंटरव्यू के चलते फरीदा जलाल ने बताया कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनकी दोस्ती बहुत पुरानी है। उन्होंने बताया कि जब दोनों का कोर्टशिप पीरियड चल रहा था तब वो दोनों उन्हें (फरीदा जलाल) भी डेट पर ले जाते थे। फरीदा जलाल ने बताया कि वो मुंबई के ताज होटल में कॉफी पीने जाते थे। फरीदा जलाल ने कहा, मैं पाली हिल में रहती थी और वो दोनों जुहू में रहते थे। दोनों की शादी होने वाली थी, हुई नहीं थी। दोनों में कोर्टशिप चल रहा था तथा दोनों में झगड़े जैसे होते हैं आपस में, वो भी होते थे। फरीदा ने बताया कि अमिताभ गाड़ी चलाते थे, मैं पीछे बैठती थी तथा जया आगे। दोनों का झगड़ा चल रहा होता था, मैं देख रही होती थी। जया रोती थीं और अमिताभ उन्हें मनाते थे। फरीदा ने कहा कि मैं अमिताभ और जया से बोलती थी, क्यों मुझे कबाब में हड्डी बनाकर लाते हो तुम लोग। छोड़ा करो मुझे, मेरी नींद का टाइम है। मैं जल्दी सोने वाली लड़की हूं। मगर अमिताभ और जया दोनों फरीदा को लेकर जाते थे। फरीदा ने बताया कि तीनों लोग रात को 11,12 बजे ताज जाते थे। वहां चाय-कॉफी पीते थे। इसके बाद वापसी में फिल्म की बाते होती थीं। फरीदा ने बताया कि उस समय अभिमान बन रही थी। अमिताभ बताते थे सेट पर क्या-क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है। फरीदा ने कहा अमिताभ वापसी में पहले मुझे घर छोड़ते थे तथा फिर ये दोनों घर जाते थे। उन्होंने कहा कि रास्ते-रास्ते में दोनों का झगड़ा भी हो जाता था, मेल भी हो जाता था। सबकुछ हो जाता था। फरीदा ने बताया कि दोनों बहुत ही छोटी-छोटी चीजों पर लड़ाई करते थे। प्यार मोहब्बत वाला झगड़ा होता था। दोनों बच्चों की तरह झगड़ा करते थे। जया जल्दी रूठ भी जाती थीं। गदर के बाद अब इस फिल्म के सीक्वल से धमाल मचाने आ रहे है सनी देओल, पोस्ट देख झूम उठे फैंस सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल की शादी को लेकर आया बड़ा अपडेट, लीक हुआ कार्ड ‘हमारे बारह’ पर फिर मंडराया खतरा, मेकर्स को SC ने जारी किया नोटिस
शहनाज गिल के साथ रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, सिंगर बोला...
फेमस पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा अपने गानों के साथ अपने रिलेशनशि स्टेटस को लेकर भी चर्चा में बने रहते हैं.
बिग बॉस फेम इस एक्टर नेPriyanka Chahar और Ankit Gupta के रिश्ते को किया कन्फर्म,बातों-बातों में खोल दी सारी पोल पट्टी
क्या सच में रिश्ते में होने के बाद भीएक-दूसरे को चीत कर रहे थेDhanush-Aishwaryaa ?इस सिंगर ने खोली कपल की साड़ी पोल-पट्टी
शूजीत सरकार की फिल्म पीकू एक पिता और बेटी की कहानी थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण के साथ इरफान खान मुख्य कलाकार थे। शूजित अब अभिषेक बच्चन के साथ एक फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो पिता और बेटी के रिश्ते की कहानी दिखाएगी, लेकिन एक अलग अंदाज में। अभिषेक की फिल्म की रिलीज डेट दीपिका पादुकोण स्टारर पीकू की नौवीं सालगिरह पर सामने आई थी। शूजीत सरकार ने इस आगामी फिल्म के बारे में क्या कहा? अभिषेक बच्चन की फिल्म के बारे में बात करते हुए शूजीत ने कहा, ''हिंदी सिनेमा में पिता और बेटी के रिश्ते के बारे में ज्यादा बात नहीं की गई है, जबकि इस रिश्ते को लेकर हमेशा से कई बेहतरीन कहानियां बनने की संभावना रही है। पीकू की तरह यह कहानी भी होगी एक भावनात्मक रोलर कोस्टर। इसे भी पढ़ें: सिंघम अगेन के सेट से Arjun Kapoor ने शेयर की बीटीएस तस्वीर, अपने खलनायक लुक की झलक दी रिलीज डेट की घोषणा फिल्म 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यहां आपको बता दें कि फिल्म के टाइटल की अभी घोषणा नहीं की गई है। शूजीत की पिछली फिल्म सरदार उधम है, जो प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह की इस बायोपिक में विक्की कौशल ने शीर्षक भूमिका निभाई थी। फिल्म ओटीटी पर सफल रही। पीकू और सरदार उधम के अलावा शूजीत ने अक्टूबर और विक्की डोनर जैसी दिलचस्प फिल्में भी बनाई हैं। इसे भी पढ़ें: अनन्या पांडे से ब्रेकअप के बाद आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान साथ में पार्टी करते दिखे अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर थी अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर है, जो पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन अभिषेक और सैयामी खेर को उनके अभिनय के लिए प्रशंसा मिली। इस फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया था. इससे पहले अभिषेक की दसवीं 2022 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके काम की सराहना भी हुई थी। फिल्म में यामी गौतम और निम्रत कौर अहम भूमिका में नजर आईं थीं। इस फिल्म के अलावा अभिषेक हाउसफुल 5 का भी हिस्सा हैं, जिसकी घोषणा हाल ही में की गई है। View this post on Instagram A post shared by Rising Sun Films (@filmsrisingsun)
दीपिका की प्रेगनेंसी के बीच Ranveer Singh ने क्यों डिलीट कर दी शादी की सारी तस्वीरें, कपल के रिश्ते को लेकर फैंस को सता रही चिंता
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अपने रिश्ते को रील से रियल लाइफ में बदलेंगेShivangi Joshi और Kushal Tandon, जाने कबलगाएंगे सगाई की मुहर ?
बॉलीवुड अभिनेत्री अदिति राव हैदरी इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'हीरामंडी' की सफलता का आनंद ले रही हैं। हीरामंडी की रिलीज से पहले अभिनेत्री अपनी सगाई को लेकर सुर्खियों में थी। मार्च महीने में अदिति ने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ से सगाई कर ली थी, जिसकी घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दी थी। अभिनेत्री ने सिद्धार्थ संग अपने रिश्ते को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा। ऐसे में उनकी सगाई की घोषणा पर कई सवाल उठे थे, जिनका जवाब 'हीरामंडी' स्टार ने बड़ी फुर्सत से दिया है। इसे भी पढ़ें: खूबसूरत सजावट, महलों वाले असाधारण झूमर... तापसी पन्नू और मैथियास बो की शादी का संगीत प्रोग्राम हुआ था बेहद खास | Watch Video बॉलीवुड बबल के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में अदिति राव हैदरी ने अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बातचीत की। अभिनेत्री ने अपनी सगाई पर बात करते हुए कहा कि जो भी स्पेशल होने वाला है, मुझे शुरुआत एक स्पेशल जगह से करनी थी। वो मेरे परिवार का एक मंदिर है, जो 400 साल पुराना है, मैं वहां जाकर पूजा करना चाहती थी। वहां मेरी थोड़ी व्यस्तता थी।' सगाई को सार्वजनिक करने के अपने फैसले के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, 'हमने उस समय चल रही सभी अफवाहों को स्पष्ट करने के लिए इस छवि को सोशल मीडिया पर साझा किया। मेरी मां ने मुझसे चीजें स्पष्ट करने के लिए कहा क्योंकि उन्हें इस संबंध में लगातार कॉल आ रही थीं।' इसे भी पढ़ें: Parineeti Chopra के साथ अमर सिंह चमकीला के बाद, Diljit Dosanjh इस फिल्म में Neeru Bajwa के साथ करेंगे अभिनय मार्च महीने में अदिति और सिद्धार्थ की शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैली थीं। दरअसल, हीरामंडी के एक इवेंट में अभिनेत्री शामिल नहीं हो पायी थी। इवेंट के होस्ट ने अभिनेत्री की गैरमौजूदगी को उनकी शादी से जोड़ दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये खबर आग की तरह फैल गयी। इसके बाद अगले दिन अभिनेत्री ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ तस्वीर साझा कर अपनी सगाई की घोषणा की थी।
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शेखर सुमन ने बेटे अध्ययन संग कंगना रनौत के रिश्ते पर की बात, बोले- दोनों खुश थे
एक वक्त था जब कंगना और शेखर के बेटे अध्ययन सुमन रिश्ते में हुआ करते थे. जब दोनों का ब्रेकअप हुआ तो पब्लिक में उन्होंने एक दूसरे पर कीचड़ उछाला. बेटे के सपोर्ट में शेखर सुमन भी आए थे. अब शेखर ने एक बार फिर कंगना रनौत के बारे में बात की है. और अब उनके सुर बदले हुए हैं.
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पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ अपनी आगामी रिलीज अमर सिंह चमकीला के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया उर्फ बीयर बाइसेप्स के साथ बातचीत में दिलजीत ने अपने बचपन के बारे में बात की और बताया कि कैसे अपने रिश्तेदारों के साथ शहर में शिफ्ट होने के बाद वह अपने परिवार से दूर हो गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा है। इसे भी पढ़ें: Sanjay Leela Bhansali का अगला प्रोजेक्ट Love and War, पुरानी फिल्म 'संगम' से काफी हद तक होगा प्रेरित रणवीर अल्लाहबादिया के साथ, दिलजीत ने याद किया कि कैसे ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगे। उन्होंने कहा, मैं अपना गांव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना चला गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। उन्होंने आगे कहा, मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था। इसके अलावा, हमारे पास मोबाइल फोन भी नहीं थे। फिर, अगर मुझे घर पर फोन करना पड़ता था या अपने माता-पिता का फोन आता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान थे उन्होंने मुझसे यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है, लेकिन उनसे ही नहीं, सभी से मेरा नाता टूट गया।'' इसे भी पढ़ें: David Dhawan की अगली Untitled फिल्म में Varun Dhawan करेंगे अभिनय, रिलीज डेट की हुई घोषणा दिलजीत दोसांझ पंजाब के एक छोटे से शहर से हैं और उन्होंने 2005 में अपने एल्बम स्माइल और 2008 में चॉकलेट से पंजाबी संगीत में पहचान हासिल की। उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ पंजाबी में भी सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक को स्थापित किया है। उन्होंने सिया, कैमिलो और सवेटी समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ भी काम किया है। आखिरी बार उन्हें करीना कपूर, तब्बू और कृति सेनन के साथ फिल्म क्रू में देखा गया था। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई हो रही है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। View this post on Instagram A post shared by DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh)
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श्रद्धा कपूर के रिश्ते को लेकर खबरें...
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