गिरवा में आदि बाजार 26 अप्रैल तक:जनजातीय कला को मिला मंच, हस्तशिल्प और लोक संस्कृति का संगम
गिरवा में जनजातीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'आदि बाजार' का आयोजन किया जा रहा है। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के ट्राइफेड द्वारा यह आयोजन भूमिका ग्रुप के सौजन्य से अर्बन स्क्वायर मॉल में 26 अप्रैल तक चलेगा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक देशभर के जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक हस्तकला का प्रदर्शन करेंगे। इस मेले में ट्राइबल ज्वेलरी, मांडना पेंटिंग, हैंड वूवन कपड़े, कांथा और शिबोरी आर्ट, हैंडीक्राफ्ट और एम्ब्रॉयडरी जैसी अनेक पारंपरिक वस्तुएं प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय कलाकारों को एक सशक्त विपणन मंच प्रदान करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य आमजन को उनकी समृद्ध कला एवं परंपराओं से जोड़ना भी है। आयोजन के दौरान शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। देवारिया, भवई, कालबेलिया, तेरह ताली और गोरबंद जैसे पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जो दर्शकों को भारतीय संस्कृति की विविधता से परिचित कराएंगे। ट्राइफेड से राहुल कुमार ने बताया कि ट्राइफेड देशभर के जनजातीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को 'आदि बाजार' के माध्यम से विपणन मंच प्रदान करता है। इससे जनजातीय कारीगरों को उचित मूल्य और सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। ट्राइफेड, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार जनजातीय कला, संस्कृति और आजीविका संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है।
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

