समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर पटोरी अनुमंडल के धमौन गांव में वृंदावन की तर्ज पर लोगों ने छाता होली खेली। धमौन वासियों के कुल गुरु निरंजन स्वामी के मंदिर परिसर में बुधवार रात लोगों का जुटान हुआ। जहां 30 से ज्यादा टोली की छाता आकर्षण का केंद्र बना। सभी टोली के सदस्यों ने अपने-अपने छाते के अंदर जमकर होली गीत गया। एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की खुशियां मनाई। निरंजन स्वामी संचालन समिति की ओर से बेहतर छाता बनाने वाले टोली को पुरस्कृत भी किया जाएगा। मंदिर परिसर में रात के 12:00 बजे तक 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटी हुई थी । इस भीड़ में धमौन के 5 पंचायत के लोगों के अलावा आसपास के प्रखंड और पंचायत के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस बलों की भी जगह-जगह पर तैनाती की गई थी। रंग-बिरंगी छाता लेकर पहुंचते हैं लोग होली खेलने के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि सभी टोली पहले अपने-अपने टोले-मोहल्ले से निकलकर गांव के एक-एक घरों पर पहुंचे। वहां पर होली गीत गया फिर छाता लेकर आगे बढ़े। होली के दिन करीब 4:00 से शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम ढलने के बाद शोभा यात्रा का रूप लेकर निरंजन स्वामी मंदिर परिसर में केंद्रित हो गया। जहां पर लोग अपनी-अपनी टोली के बीच होली गीत गाते हुए नजर आए। रंग-बिरंगे छाते लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। 500 साल पुराना है छाता होली का इतिहास यहां वृंदावन के बरसाने की होली की तर्ज पर होली का उत्सव मनाया जाता है। यह उत्सव केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक धरोहर, एकता और भाईचारे का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अपनी अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक गहराई के कारण एक अलग पहचान बनाई है। यहां किसी भी प्रकार का जाति, धर्म या संप्रदाय का भेदभाव नहीं होता। गांव में हर व्यक्ति अपनी टोली के साथ छतरी तैयार करते हैं और ये छतरियां इतनी बड़ी होती हैं कि इनमें दो दर्जन से अधिक लोग एक साथ होली गीत गा सकते हैं। इस परंपरा का आयोजन सिर्फ एक मजेदार खेल नहीं है, बल्कि यह सामूहिक उत्सव और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। 500 साल पुरानी परंपरी गांव के बुजुर्ग रामाकांत राय ने बताया कि धमौन की छाता होली की परंपरा करीब 500 सालों से भी पुरानी है। यह परंपरा 15वीं शताब्दी से चली आ रही है, हालांकि छतरियों को नया रूप 1930 से दिया गया था। उस समय नबुदी राय के घर से पहली सुसज्जित छतरी निकाली गई थी, जो इस परंपरा को और भी लोकप्रिय बनाने में सहायक सिद्ध हुई। बरसाने से कैसे धमौन पहुंची परंपरा ग्रामीण दिनकर प्रसाद राय ने बताया कि धमौन के लोग उत्तर प्रदेश के संबलगढ पहुंचकर बस गए। संबलगढ के पास ही बरसाना है। वहां छाता बनाकर उसके अंदर होली गीत गाते और रंग गुलाल डालते हैं। यहां आने के बाद लोगों ने इस परंपरा की शुरूआत की। जो पीढी दर पीढ़ी चली आ रही है। होली के दिन, धमौन के लोग सुबह-सुबह स्वामी निरंजन मंदिर में एकत्र होते हैं, जहां वे अपनी छतरियों के साथ अबीर-गुलाल चढ़ाते हैं और 'धम्मर' तथा 'फाग' गीत गाते हैं। इसके बाद, छतरियों को कलाबाजी के साथ घुमाया जाता है और घंटियों की आवाज से पूरा गांव गूंज उठता है। यह उत्सव धीरे-धीरे शोभा यात्रा का रूप ले लेता है, जो गांव के विभिन्न घरों में जाती है। देर शाम को झांकियां महादेव स्थान पहुंचती हैं, और वहां मध्य रात्रि के बाद चैता गीतों के साथ होली का समापन होता है।
इंदौर में बुधवार को कई जगह पुलिस की सख्ती देखने को मिली। जगह-जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। तीन सवारी वाहन चालक, नशे में गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस की टीमें जगह-जगह अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को समझाइश दे रही थी। लोगों तक आवाज पहुंच सके इसके लिए डीजे की गाड़ी की मदद ली गई। होली के पर्व पर आज कई लोग शहर में होली का पर्व मनाने निकले। इधर, पुलिस ने भी पर्व के चलते शहर में जगह-जगह चेकिंग लगाकर रखी थी। बैरिकेड्स लगाकर पुलिस की टीम, ट्रैफिक प्रेहरी सहित पुलिस के आला अधिकारी भी मैदान में मौजूद रहे। चालानी कार्रवाई के साथ निकाली गाड़ियों की हवा पुलिस की टीमें नियमों का उल्लंघन करने वालों, नशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करती नजर आई। राजवाड़ा पर पुलिस की अलग-अलग टीमें घेराबंदी कर खड़ी थी। बैरिकेड्स के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल यहां लगा था। अनाउंसमेंट कर लोगों को समझाइश दी जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने नशा करके गाड़ी चलाने वालों, तीन सवारी बैठकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की। तीन सवारी बैठकर गाड़ी चलाने वालों की गाड़ियों की हवा भी निकाल दी। ड्रोन से रख रहे पैनी नजर इधर, क्राइम ब्रांच इंदौर के एडिशनल एसीपी राजेश दंडोतिया भी जगह-जगह जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। दोपहर में वे राजवाड़ा पहुंचे और यहां पर उन्होंने पूरी व्यवस्थाओं को देखा। वे राजवाड़ा पर लगे ड्रोन सिस्टम को भी देखने पहुंचे। इलाके में ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। उसकी पूरी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
गंगापुर सिटी: अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की बैठक में कवियों ने मनाया होली मिलन
राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज जी की उपस्थिति में साहित्यकारों ने गद्य एवं पद्य लेखन पर चर्चा की और काव्य पाठ के माध्यम से होली का उत्सव मनाया।
'होली का त्योहार देता है भाईचारे का संदेश':कलेक्टर ने हर्बल रंगों के उपयोग की अपील की
झालावाड़ में धुलंडी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं दी है और सद्भाव व भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया है। एक वीडियो संदेश जारी कर कलेक्टर ने कहा कि होली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने जोर दिया कि यह त्योहार प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।कलेक्टर ने जिलेवासियों से हर्बल रंगों का उपयोग करने, पानी बचाने, स्वच्छता और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से पर्व मनाने का आग्रह किया। जिले में इस बार होली का पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। झालावाड़ जिला मुख्यालय पर अधिकांश लोग 4 मार्च को धुलंडी मना रहे हैं, जबकि कुछ लोग पहले ही रंग खेल चुके हैं।झालावाड़ से 7 किलोमीटर दूर झालरापाटन शहर में 3 मार्च को धुलंडी मनाई गई। इसी प्रकार, जिले के अंतिम छोर पर स्थित उन्हेल नागेश्वर में आगामी दिनों में रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। जिले में होली के त्योहार के रंग और तिथियां अलग-अलग नजर आ रही हैं।
बेतिया जिले में रंग और गुलाल का पावन पर्व होली धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही त्योहार की रौनक दिख रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दे रहे हैं। चौक-चौराहों और गलियों में रंगों की फुहार के बीच लोग खुशी-खुशी होली का आनंद ले रहे हैं। होली पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए बेतिया पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं, और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील प्रशासन ने आम लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हुड़दंग, अशांति या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन रंगों और प्रेम के इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
रंगों के त्योहार होली को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जनपद में यह हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ऐसे में जिले को सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील तीन श्रेणी में बाटकर वहां पुलिस बल तैनात किया गया है जो हर छोटी बड़ी गतिविधि पर अपनी नजर रखेगा। किसी भी विपरीत स्थिति में पुलिस एक्शन में आएगी और माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसके बाद उसकी होली लॉकअप में ही मनेगी। संवेदनशील स्थान पर पीएसी-आरएएफ रमजान का महीना चल रहा है। ऐसे में पुलिस किसी भी तरह का रिस्क उठाने की स्थिति में नहीं है। मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। बात करें फोर्स की तो संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर आरआरएफ और आरएएफ जिम्मा संभालेगी। इसके अलावा 900 कांस्टेबल, 450 हेड कांस्टेबल, 500 महिला पुलिस, 95 इंस्पेक्टर, 800 दरोगा और जिले के सभी डिप्टी एसपी को सुरक्षा के तौर पर तैनात किया गया है। हर टोली में एक मजिस्ट्रेट भी थाना व सर्किल स्तर पर पुलिस तैनात रहेगी। थाना स्तर की समस्त जिम्मेदारी थानेदार संभालेंगे तो सर्किल का दायित्व एक सीओ के अलावा मजिस्ट्रेट संभालेंगे। चौकी इंचार्ज अपने क्षेत्र में चार कांस्टेबल के साथ भ्रमण करते रहेंगे। इसके अलावा जिन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी पहले से ही निर्धारित की गई है वह सुबह से ही क्षेत्र में मौजूद रहेंगे। 14 जोन, 32 सेक्टर में बटा जनपद पूरे जनपद को 14 जोन और 32 सेक्टर में बाटकर सुरक्षा खाका खींचा गया है। रिजर्व पुलिस बल रखा गया है जो पुलिस लाइन के अलावा घंटाघर पर भी मौजूद रहेगा। मिश्रित आबादी वाले इलाके जैसे प्रह्लादनगर, घंटाघर, शाहपीर गेट, हापुड़ अड्डा, कोतवाली आदि पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। घुड़सवार पुलिस भी रहेगी भ्रमणशील होली पर शहर की सड़कों पर घुड़सवार पुलिस भी दिखाई देगी। इनके स्पॉट निर्धारित किए गए हैं। यहां घुड़सवार पुलिस थोड़ी थोड़ी देर रुककर वहां के हालातों पर नजर बनाएगी। स्टंटबाजों व बेतरतीब वाहन दौड़ाकर माहौल बिगाड़ने वालों से घुड़सवार पुलिस निपटेगी। सोशल मीडिया पर बढ़ाई गई निगरानी होली पर पुराने विवाद भी निकलकर सामने आ जाते हैं। ऐसे में माहौल खराब हो सकता है। इसको देखते हुए सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफार्म पर निगरानी की जा रही है। ना केवल जनपद स्तर से बल्कि जोन व शासन स्तर से भी सोशल मीडिया पर निगरानी कराई जा रही है। इन नंबरों पर करें शिकायत सोशल मीडिया से जुड़ी शिकायत : 9454404001यातायात से जुड़ी समस्या : 9454404000शहर से जुड़ी शिकायत : 9454401587देहात से जुड़ी शिकायत : 9454417431इमर्जेंसी होने पर : डायल 112 आग लगने पर : 9454418746 व 9454418345 एसएसपी बोले- खुराफातियों से सख्ती से निपटेगी पुलिस मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि होली खेलने से किसी को रोका नहीं जाएगा लेकिन अगर होली की आड़ में कोई कानून व्यवस्था से खिलवाड़ का जरा भी प्रयास करता पाया जाता है तो उसे पुलिस सबक सिखाएगी। खुराफातियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। सोशल मीडिया तक की निगरानी कराई जा रही है।
वीरपुर/बेगूसराय। होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से वीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में देर शाम प्रखंड के विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च और पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व बीडीओ पंकज कुमार शक्तिधर, सीओ भाई वीरेंद्र और थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। फ्लैग मार्च वीरपुर, मुजफ्फरा, सिकरहुला, फूलकारी, कारीचक, सरौंजा, सहुरी, मैदा बभनगामा और नौला सहित कई गांवों से गुजरा। इस दौरान पुलिस बल के साथ दफादार, चौकीदार और ग्राम रक्षा दल के सदस्य भी मौजूद थे। मार्च के माध्यम से आम लोगों को होली का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देने की अपील की। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजाते पाए जाने पर उसे जब्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्व के दौरान हुड़दंग या अशांति फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने बताया कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्ती अभियान चलाया जाएगा। पुलिस पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आमजन के सहयोग से ही त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो सकता है। इस अवसर पर पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार, ऋषिकेश भारद्वाज, नौला पिकेट प्रभारी संजय कुमार सिंह सहित वीरपुर थाना के कई पुलिसकर्मी उपस्थित थे।
डूंगरपुर के चितरी थाना क्षेत्र के जसेला-कसारिया मार्ग पर एक बाइक बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार 3 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिए है। होली के दिन हुए हादसे में परिवारों में मातम पसरा हुआ है। डूंगरपुर जिले के चितरी थाने के सीआई रतनलाल ने बताया कि कसारिया निवासी रमेश डेंडोर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके परिवार के सदस्य विक्रम डेंडोर, विनोद डेंडोर और विष्णु कुमार एक सोमवार शाम को एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पारडा विष्णु गांव गए थे। जब तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर जसेला से कसारिया की ओर लौट रहे थे। उसी समय हांडा की पाल के पास अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। तेज गति में बाइक सड़क किनारे स्थित एक आम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जनरल हॉस्पिटल सागवाड़ा ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान तीनो की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। वही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद कसारिया गांव में शोक की लहर छा गई है।
धौलपुर की पाताल तोड़ बावड़ी उपेक्षा का शिकार:1875 में बनी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षण की दरकार
धौलपुर शहर की ऐतिहासिक पाताल तोड़ बावड़ी वर्तमान में उपेक्षा के कारण दयनीय स्थिति में है। राजस्थान की विशिष्ट धरोहरों में से एक यह बावड़ी रियासत काल में जल का प्रमुख स्रोत थी और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण मानी जाती है। इस बावड़ी का निर्माण वर्ष 1875 के आसपास धौलपुर के महाराजा निहाल सिंह ने करवाया था। शहर के मध्य स्थित यह बावड़ी धौलपुर की सबसे लंबी और भव्य बावड़ियों में से एक है। इसे सात मंजिला बनाया गया है, जिसमें चार मंजिलें पानी के नीचे और तीन मंजिलें पानी के ऊपर हैं, जिसके कारण इसे पाताल तोड़ बावड़ी नाम दिया गया। गोलाकार संरचना में 16 आकर्षक द्वार बावड़ी का घेरा लगभग 135 मीटर है और इसमें गोलाकार संरचना में 16 आकर्षक द्वार बने हैं। इसकी पत्थर की चुनाई इतनी सटीक और मजबूत है कि पत्थरों के बीच कोई दरार या खाली स्थान नहीं दिखता। स्थापत्य कला की दृष्टि से यह निर्माण न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत में अद्वितीय माना जाता है। रियासत काल में इस बावड़ी के पानी का उपयोग नरसिंह बाग पैलेस में पेयजल के लिए होता था। स्वतंत्रता के बाद, वर्ष 1948 से इसका जल स्थानीय निवासियों के पेयजल स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। वर्तमान में इस बावड़ी से एकीकृत पार्क के लिए भी पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐतिहासिक धरोहर जर्जर होती जा रहीहालांकि, समय के साथ देखरेख के अभाव में यह ऐतिहासिक धरोहर जर्जर होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन इसका उचित संरक्षण और सौंदर्यीकरण करे, तो यह बावड़ी शहरवासियों के लिए जल का वैकल्पिक स्रोत बनने के साथ-साथ धौलपुर को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। यह भव्य बावड़ी कभी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना रही होगी, लेकिन वर्तमान में यह अपने अस्तित्व और इतिहास को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। संबंधित विभागों को इसके संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
जवाहर कला केन्द्र के साउथ विंग में इन दिनों सहारा आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मेले में देशभर के पारंपरिक क्राफ्ट और सिल्क उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई है। खास बात यह है कि इसमें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित आर्टिजन भी हिस्सा ले रहे हैं, जो अपने हाथों से तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं। आयोजक धर्म सिंह ने बताया कि इस फेयर में भारत के अलग-अलग राज्यों की कला और संस्कृति की झलक एक ही छत के नीचे देखने को मिल रही है। यहां लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न हस्तशिल्प और सिल्क उत्पादों की बारीकियों के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। बनारस से भागलपुर तक साड़ियों की शान मेले में बनारस की प्रसिद्ध बनारसी साड़ियां अपनी पारंपरिक जरी और ब्रोकेड कारीगरी के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। भागलपुर सिल्क साड़ियां अपनी प्राकृतिक चमक और हल्केपन के लिए पसंद की जा रही हैं। कोटा डोरिया की साड़ियां और सूट अपनी महीन बुनावट और हल्के कपड़े के कारण गर्मियों के लिए खास माने जाते हैं। लखनऊ की चिकनकारी साड़ियां और कुर्तियां अपनी नाजुक हाथ की कढ़ाई से महिलाओं को लुभा रही हैं, वहीं बगरू प्रिंट और हैंड प्रिंट साड़ियां प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग के कारण विशेष आकर्षण बटोर रही हैं। बांधनी और बंधेज की रंग-बिरंगी साड़ियां और दुपट्टे होली के मौके पर खासे पसंद किए जा रहे हैं। ड्रेस मैट्रियल और परिधानों की विविधता भारतपुर के ड्रेस मटेरियल, जयपुर की स्टाइलिश कुर्तियां, पंजाबी सूट, वेस्ट बंगाल की साड़ियां और सूट हर आयु वर्ग की महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। कश्मीरी पश्मीना शॉल और कश्मीरी शॉल अपनी गर्माहट और महीन ऊन की गुणवत्ता के कारण खास पहचान रखते हैं। जयपुर की स्टोन ज्वेलरी, इमिटेशन ज्वेलरी और वन ग्राम गोल्ड ज्वेलरी महिलाओं के बीच खासा आकर्षण का केंद्र हैं। पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों का सुंदर मेल यहां देखने को मिल रहा है। जयपुर और पंजाबी जूतियां रंग-बिरंगे धागों और कढ़ाई से सजी हुई हैं, जो पारंपरिक परिधानों के साथ खूब जंचती हैं। हस्तशिल्प और सजावटी उत्पाद मुरादाबाद के ब्रास आर्टिकल अपनी बारीक नक्काशी और धातु कला के लिए प्रसिद्ध हैं। खुर्जा की क्रॉकरी आइटम्स आकर्षक डिजाइन और चमकदार फिनिश के साथ घर की सजावट को नया रूप देती हैं। मिर्जापुरी दरियां और कारपेट मजबूत बुनावट और पारंपरिक डिजाइनों के कारण पसंद किए जा रहे हैं। उड़ीसा की पेंटिंग्स और बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती हैं। इन पेंटिंग्स में प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक प्रतीकों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है। इसके अलावा गुजराती बैग, कट वर्क डिजाइन, मैसूर की अगरबत्ती की सुगंध, कश्मीर के ड्राय फ्रूट्स और कानपुर के बैग और लेदर बेल्ट भी मेले में उपलब्ध हैं। फेयर में युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक का उत्साह देखने को मिल रहा है। होली के मद्देनजर रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी में विशेष रुचि नजर आ रही है।
भागलपुर में होली को लेकर बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल दिख रही है। वेरायटी चौक से खलीफाबाग चौक, लोहापट्टी और सूजागंज बाजार तक सड़कों पर खरीदारों की भीड़ देखी है। रंग, गुलाल, पिचकारी, टोपी, मुखौटे और होली के विशेष परिधानों की जमकर बिक्री हुई। दुकानों को रंग-बिरंगी सजावट और बच्चों की पसंद के हिसाब से आकर्षक डिजाइन की पिचकारियों से सजाया गया है। पिचकारियों की रेंज 35 रुपए से शुरू होकर 1250 रुपए तक है। दुकानदारों के मुताबिक 100 से 250 रुपए तक की पिचकारियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। साधारण पिचकारी 50 रुपए से उपलब्ध है, जबकि टंकी वाली पिचकारी 200 से 1100 रुपए तक में मिल रही है। होली पर लोग जमकर कर रहे खरीदारी दुकानदार कैलाश मावंडिया ने बताया कि इस बार टैंक पिचकारी और डिजाइन वाले मुखौटों का खासा क्रेज है। मुखौटे 250 से 1500 रुपए तक की रेंज में उपलब्ध हैं। बच्चों के बीच शेर, चीता, भूत-प्रेत और राक्षस वाले मुखौटे लोकप्रिय है। डमरू, मशीनगन, प्रेशर गन और टंकी वाली पिचकारी की मांग बढ़ी है। डमरू डिजाइन पिचकारी 250 से 300 रुपए , हथौड़ा 200 रुपए, त्रिशूल 250 और कुल्हाड़ी 250 रुपए में मिल रही है। एके-47 डिजाइन पिचकारी 300 रुपए में उपलब्ध है। बच्चों की पसंदीदा 'छोटा भीम' पिचकारी 150 रुपए में बिक रही है। प्रेशर गन पिचकारी 200 से 800 और मशीनगन पिचकारी 400 से 600 रुपए तक की रेंज में बाजार में उपलब्ध है। दुकानदार कैलाश ने बताया कि होली मिलन समारोहों और स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के कारण बाजार में इस साल अच्छी खरीदारी हो रही है। त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह साफ नजर आ रहा है, जिससे बाजारों की रौनक चरम पर है। ग्रहण के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे इधर, जगन्नाथ मंदिर के पुजारी सौरभ मिश्रा ने बताया कि होलिका दहन के ठीक अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है, लेकिन, इस बार 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगी। 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण उस दिन होली खेलना शुभ नहीं माना गया है। इसी वजह से 4 मार्च को रंगभरी होली खेली जाएगी। चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो कि भारत में भी दिखेगी। 3 मार्च की शाम को लगने जा रहे इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 बजे तक रहेगा। ऐसे में रंगभरी होली 4 मार्च 2026, बुधवार को ही खेली जाएगी। ग्रहण के दौरान मंदिर के सभी पट बंद रहेंगे संध्या 7:00 बजे के बाद सभी मंदिर को गंगाजल से पवित्र होकर संध्या आरती पूजा की जाएगी
उत्तरप्रदेश के हाथरस में डबल डेकर बस ने ईको वैन को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दंपती समेत तीन लोग धौलपुर के राजाखेड़ा के रहने वाले थे, जबकि तीन आगरा के रहने वाले थे। मृतकों में धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित गंगोलियापुरा निवासी दिनेश (50) पुत्र होतम सिंह और उनकी पत्नी सुनीता (45) भी शामिल हैं। यह दंपती उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 41 में रहते थे और होली मनाने के लिए अपने पैतृक गांव आ रहे थे। वहीं, लोकेश (25) पुत्र भूरी सिंह निवासी सोमली का घेर की भी मौत हो गई। नोएडा में हलवाई का काम करते थेदिनेश अपनी पत्नी सुनीता, दो बेटों राहुल (20) और सुमित (19) के साथ यूपी के नोएडा में रहता था। वहीं पर करीब 30 साल से हलवाई का काम करता है। दिनेश का छोटा भाई शिव सिंह भी नोएडा में मिठाई की दुकान पर काम करता है। त्योहार उठाने गांव आ रहे थेशिव सिंह ने बताया- रविवार को मैंने भैया से (दिनेश) गांव आने के बारे में बात की थी, लेकिन दिनेश ने मना कर दिया था। इसके बाद शिव सिंह बस से गांव के लिए रवाना हुआ और सोमवार रात को गांव पहुंच गया। सवेरे जब उठा तो बड़े भाई के फोन से घर पर फोन आया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसा हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घर से मां गोविंदी, शिव सिंह की पत्नी ममता, दो भतीजे भोलू और छकोड़ी अपने ताऊ के लड़के मुकेश के साथ यूपी के लिए निकल गए। वहीं, दिनेश के दोनों बेटे राहुल और सुमित भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। होतम सिंह गांव में खेती करते हैं। जिनके चार लड़के और दो बेटियां है। सबकी शादी हो चुकी है। सबसे बड़ा दिनेश, बच्चू सिंह की जिनकी तीन महीने पहले बीमारी के कारण डेथ हो गई, शिव सिंह, संजू सिंह, बहन सावंती और सरोज है। लोकेश के तीन महीने पहले हुई थी लड़कीहादसे में जान गंवाने वाला लोकेश (25) पुत्र भूरी सिंह राजाखेड़ा के गांव सोमाली का घेर का रहने वाला है। लोकेश करीब 10 साल से दिल्ली में पेस्ट्री केक का काम करता था। लोकेश भी ईको में था और होली का त्योहार मनाने के लिए अपने गांव जा रहा था। लोकेश के पिता भूरी सिंह गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं। लोकेश की शादी कर 6 साल पहले हुई थी लोकेश के चार लड़कियां है। जिसमें सबसे छोटी लड़की 3 महीने की है। 10 फीट दूर गिरी ईको, पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्तसभी लोग होली का त्योहार मनाने के लिए अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के दिल्ली से गोरखपुर जा रही बस ने ईको वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ईको करीब 10 फीट दूर जा गिरी और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह हादसा सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुआ। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर शव बिखर गए। एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल खंदौली (यूपी) सीएचसी ले जाया गया, जहां से तीन गंभीर घायलों को आगरा रेफर कर दिया गया। हाथरस एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया- ईको में कुल 13 लोग सवार थे। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि ईको ड्राइवर वीरेंद्र समेत 7 लोग घायल है। घायलों को इलाज के लिए खंदौली थाना क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां से तीन को आगरा रेफर किया गया है। शुरुआती जांच में हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेक करने के कारण हुआ। बस ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।
दमोह के मानस भवन में युवा नाट्य मंच द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह सोमवार रात संपन्न हो गया। समापन दिवस पर स्थानीय नाट्य संस्था युवा नाट्य मंच ने 'लोकमाता अहिल्या' नाटक का मंचन किया। इस नाटक के माध्यम से भारतीय इतिहास और नारी शक्ति को प्रदर्शित किया गया। डॉ. उमेश चौरसिया द्वारा लिखित और वरिष्ठ रंगकर्मी राजीव अयाची द्वारा निर्देशित यह नाटक होलकर साम्राज्य की महारानी अहिल्या बाई होलकर के जीवन प्रसंगों पर आधारित था। इसमें उनके कुशल प्रशासन, न्यायप्रियता, धर्मपरायणता और विकास कार्यों को दर्शाया गया। अहिल्या बाई को सती होने से रोका नाटक की कहानी के अनुसार, कुम्हेर के युद्ध में पति खंडेराव होलकर के निधन के बाद अहिल्या बाई सती होने को आतुर थीं। हालांकि, उनके ससुर मल्हार राव होलकर ने अपनी और मालवा की सौगंध देकर उन्हें सती होने से रोका और मालवा का राज्य संभालने का आदेश दिया। ससुर मल्हार राव होलकर की मृत्यु के बाद मालवा साम्राज्य में प्रशासनिक गड़बड़ियां शुरू हो गईं। मालवा के दीवान गंगाधर राव तात्या (गंगोबा काका) ने इन गड़बड़ियों का आरोप अहिल्या बाई के एकमात्र पुत्र मालेराव होलकर पर लगाया, जो दिन-रात नशे में धुत रहते थे। कुछ समय बाद मालेराव का भी निधन हो गया, जिससे अहिल्या बाई टूट गईं। इस कठिन समय में सूबेदार तुकोजी राव तात्या ने उन्हें ढाढस बंधाया और राज्य के संचालन में सहयोग किया।
उमरिया जिले में होली और होलिका दहन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के चौराहों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। देर रात पुलिस अधिकारी स्वयं होलिका दहन स्थलों पर पहुंचे और आम लोगों से संवाद किया। पुलिस ने नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी पर भी जबरन रंग न डाला जाए और आपसी भाईचारे के साथ उत्सव मनाया जाए। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है, ताकि होली का पर्व शांति, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाया जा सके। इन क्षेत्रों में की रात में गश्त कोतवाली थाना उमरिया, चंदिया, नौरोजाबाद, पाली, मानपुर और इंदवार सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने देर रात तक गश्त की। इस दौरान सड़कों पर घूम रहे लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी ली गई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पर्याप्त पुलिस बल तैनात एसडीओपी पीएल परस्ते ने बताया कि त्योहार के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, वन विभाग, बीटीआर (बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व) और वन विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी भी वन क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। वे बिजली लाइनों के नीचे भी सर्चिंग कर रहे हैं। अनुविभागीय अधिकारी वन कुलदीप त्रिपाठी ने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा रही है और विभाग की टीम 24 घंटे जंगल में सक्रिय है।
डीएसपीएमयू: होली नहीं मनाने का लिया निर्णय, त्योहार के बाद भी हड़ताल जारी
रांची | डीएसपीएमयू में कर्मचारियों की हड़ताल एमएसीपी को लेकर सोमवार को बारहवें दिन भी जारी रहा। इनका कहना है कि एक साल पहले विवि प्रशासन द्वारा बिना किसी नोटिफकेशन के रोक दिया गया। इस तरह की मनमानी सिर्फ डीएसपीएमयू में ही संभव है। एक साल से अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपकर एमएसीपी देने का आग्रह कर रहे हैं। महासचिव रोहित सिंह, संतोष कुमार, शैलेंद्र कुमार, उदय प्रसाद, मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि एक साल में विवि द्वारा भुगतान बहाल कराने में विफल रहा। इसलिए विवश होकर हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण फरवरी माह का वेतन निर्गत नहीं हो सका है। इसलिए कर्मियों ने इस वर्ष होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। सोमवार को महासचिव रोहित सिंह के नेतृत्व में सोमवार को दूसरी बार ज्ञापन सौंपकर डिमांड की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। कर्मचारी एसोसिएशन ने कहा कि होली के अवकाश के बाद हड़ताल जारी रहेगी। राजू साव, मनोज कुमार, अजीत दत्त, सीमा देवी, अनुज उरांव, रिंकू देवी, रतीन्द्र सिंह, मंगला प्रसाद, महावीर मुंडा, मंगरू उरांव, मो. आसिफ, नीलम देवी, अनुराधा कुमारी, कृष्णा राम, मोहन कच्छप ने कहा कि 12 दिनों से विवि में प्रशासनिक कार्य ठप है, लेकिन एक दिन भी वीसी नहीं आए हैं।
परंपराओं की होली...उड़े गुलाल:रांची में होली का त्योहार यानी रंग, रस्म और रिश्तों का संगम
राजधानी में होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। चुटिया की ऐतिहासिक डोल यात्रा, बहावलपुरी पंजाबी समाज की सांझी अगजा और मारवाड़ी समाज की ठंडी होली- तीनों मिलकर रांची की सांस्कृतिक विविधता को खास पहचान देते हैं। रांची में होली के ये विविध रूप बताते हैं कि यहां रंगों के साथ परंपराओं की भी गहरी छाप है- जहां आस्था, इतिहास और सामाजिक समरसता एक साथ झलकती है। 700 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ी है चुटिया की फगडोल यात्रा चुटिया स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर, चुटिया का इतिहास 1685 से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि चुटिया कभी नागवंशी शासकों की राजधानी थी और उसी समय से यहां फगुआ और होलिका दहन का आयोजन होता रहा है। परंपरा के अनुसार पाहन होलिका दहन से एक दिन पहले ‘फगुआ काटते’ हैं, इसलिए यहां एक दिन पहले ही होलिका दहन किया जाता है। श्रीराम मंदिर फगडोल जतरा आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक विजय कुमार साहू बताते हैं कि होली के दिन यहां ‘फगडोल’ मनाया जाता है। सुबह गीली होली खेलने के बाद दोपहर एक बजे से श्रद्धालु नए वस्त्र धारण कर डोल जतरा मैदान पहुंचते हैं। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और मां जानकी के विग्रहों को डोली में सुसज्जित कर डोल चबूतरे पर विराजमान किया जाता है। पहले श्रद्धालु भगवान के चरणों में अबीर अर्पित कर फिर बुजुर्गों के चरणों में अबीर डाल आशीर्वाद लेते हैं। 4 मार्च को दोपहर 2 बजे यात्रा निकलेगी 1 मार्च की रात 10:25 बजे श्रीराम मंदिर चुटिया के महंत और नगर के पुरोहितों द्वारा विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। फगडोल जतरा मेला समिति के अध्यक्ष विजय तिर्की के अनुसार, 4 मार्च को दोपहर 2 बजे डोल यात्रा निकलेगी, जो शाम 5 बजे तक मेले के रूप में चलेगी। बहावलपुरी समाज की सांझी अगजा और ‘मन्न की रोटी’ रांची के कृष्णानगर कॉलोनी में बसे बहावलपुरी पंजाबी समाज ने होली को सामूहिक रूप देने की अनूठी पहल की है। 12 वर्षों बाद समाज ने सामूहिक होलिका दहन की शुरुआत की, जिसे ‘सांझी अगजा’ नाम दिया गया। समाज के प्रतिनिधि नरेश पपनेजा बताते हैं कि पहले सभी परिवार अपने-अपने घरों में होलिका दहन करते थे, लेकिन अब सांझी लोहड़ी की तर्ज पर सामूहिक आयोजन किया जाता है। 2 मार्च की रात गुरुद्वारा मंदिर चौक पर सामूहिक अगजा जलाई गई। इससे पूर्व प्रत्येक परिवार ने घर में आटे और गुड़ से ‘मन्न की रोटी’ तैयार की। इस रोटी में प्रह्लाद रूपी धागा बांधा जाता है और गोइठे की अग्नि में पकाया जाता है। मान्यता है कि रोटी पूरी तरह पक जाती है, लेकिन प्रह्लाद का प्रतीक धागा नहीं जलता। इसके बाद सभी परिवार एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा करते हैं और बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। कल 10 बजे निकलेगी समाज की होली टोली 4 मार्च को सुबह 10 बजे से समाज की होली टोली निकलेगी। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग एक-दूसरे के घर जाएंगे, रंग-गुलाल लगाएंगे और गीत-संगीत के साथ होली मनाएंगे। जिन घरों में हाल ही में विवाह हुआ हो या नया शिशु जन्मा हो, वहां विशेष बधाई दी जाएगी। मारवाड़ी समाज की आस्था से जुड़ी ठंडी होली व गणगौर पूजा मारवाड़ी समाज में होलिका दहन से पहले डांडा रोपण की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद महिलाएं ‘ठंडी होली’ पूजती हैं। मान्यता है कि जिन महिलाओं के पुत्र होते हैं, वे इस दिन उपवास रखती हैं और पूजा के बाद ही व्रत खोलती हैं। रात्रि में होलिका की अग्नि प्रज्वलित होने पर सभी लोग अग्नि के फेरे लगाकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर मूंग-भात, मूंग का हलवा और कांजी बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। विनिता सिंघानिया ने बताया कि होली के दूसरे दिन छारंडी पर सांपदा माता की पूजा की जाती है। सफेद कच्चे सूत के सोलह तार लेकर उन्हें होली की अग्नि दिखाकर सोलह गांठें लगाई जाती हैं और हल्दी से रंगा जाता है। गेंहूं के सोलह दाने लेकर कथा सुनी जाती है और डोरा धारण किया जाता है। बाद में वैशाख माह में इस डोरे का विधिवत विसर्जन किया जाता है। गणगौर पूजा के लिए राख सुरक्षित रख लेते हैं रश्मि कोठारी मालपानी ने बताया कि होलिका दहन की राख को भी सुरक्षित रखा जाता है, जिससे गणगौर पूजा के लिए पिंडी बनाई जाती है। इसी दिन से गणगौर पूजा की शुरुआत होती है। मारवाड़ी समाज में होली पारिवारिक परंपरा, व्रत-उपवास और सांस्कृतिक मूल्यों का उत्सव है।
बच्चों ने होली का त्योहार उत्साह के साथ मनाया
लुधियाना| ग्रीन लैंड कान्वेंट स्कूल न्यू सुभाष नगर में होली का त्योहार हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। स्कूल परिसर में टीचर्स के मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स ने सुरक्षित और आनंदपूर्ण वातावरण में इस त्योहार का आनंद लिया। स्टूडेंट्स ने हैंड प्रिंट एक्टिविटी में बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने प्राकृतिक रंगों से अपनी हथेलियों की सुंदर छाप बनाकर एकता, प्रेम और खुशी का संदेश दिया। ग्रीन लैंड श्रृंखला के चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार हमें प्रेम, भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी को सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों से होली मनाने का संदेश दिया। प्रिंसिपल डॉ. ज्योति पुजारा ने भी किंडरगार्टन विंग के प्रयासों की सराहना की।
होलिका दहन और होली पर्व को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार की शाम जिले भर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर संवेदनशील इलाकों तक पुलिसकर्मियों और बाइक सवार जवानों ने मार्च कर लोगों में सुरक्षा का विश्वास जगाया। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष गश्त फ्लैग मार्च में शामिल पुलिस पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की कि होली को प्रेम, भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाएं। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या तनाव फैलाने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। डीएम और एसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्ती बढ़ाने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। पुलिस को हिदायत दी गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन लिया जाए। हुड़दंगियों पर सख्ती, गिरफ्तारी के निर्देश अधिकारियों ने साफ किया है कि हुड़दंग या शांति भंग करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे लोगों को मौके से गिरफ्तार कर थाने में बंद किया जाएगा। होली के दौरान जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जा सके। सायरन और बैंड की गूंज से गूंज उठा शहर एसडीपीओ डॉ.राकेश कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शहर की विभिन्न सड़कों से गुजरता हुआ निकला। पुलिस वाहन के सायरन और बैंड की आवाज से पूरा शहर गूंज उठा। फ्लैग मार्च के दौरान लगातार माइकिंग की गई, जिसमें आम लोगों से शांति और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई। अधिकारियों ने बताया कि सामुदायिक सहयोग से ही त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सकता है। कई थानों की टीम शामिल रही कार्यक्रम के दौरान टाउन थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पुलिस पदाधिकारी राजकुमार, पंकज सिंह, वैभव कुमार, महिला थाना अध्यक्ष अनामिका कुमारी सहित दर्जनों पुलिसकर्मी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि होली के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
होली पर्व और होलिका दहन को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने को लेकर नावानगर, केसठ और सोनवर्षा में पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। इसका उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास जगाना तथा असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। नावानगर और केसठ में थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। नावानगर में मार्च स्थानीय थाना परिसर से शुरू होकर डुमरांव-बिक्रमगंज पथ होते हुए गांव के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण किया। इस दौरान थाना के कई पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल रहे। वहीं सोनवर्षा में थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च सोनवर्षा थाना से निकलकर सोनवर्षा बाजार और आसपास के इलाकों में भ्रमण किया गया। पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल देखा गया। नावानगर थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार ने लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ होली मनाने की अपील की। वहीं सोनवर्षा थाना प्रभारी संतोष कुमार ने कहा कि पर्व के दौरान शरारती तत्वों और शराबियों पर विशेष नजर रखी जाएगी तथा विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सादे वर्दी में महिला और पुरुष जवानों की भी तैनाती की जाएगी। फ्लैग मार्च में एसआई मुन्ना यादव, एएसआई दिलीप कुमार, विजय कुमार, संजय कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
प्रयागराज में होली के त्योहार से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन में वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है। इसी कड़ी में, गंगानगर जोन के हंडिया कस्बे में एडीसीपी पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस टीम ने बाइक से भी गश्त करते हुए नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की। एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि होली के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हुड़दंग मचाने, जबरन रंग लगाने, शराब पीकर उत्पात करने या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। पुलिस प्रशासन ने सभी थाना अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तत्काल पुलिस के संज्ञान में लाएं।
होली का त्योहार भाईचारे से मनाने की अपील:सफाई और सुरक्षा पर जोर, शिवगंज में सीएलजी बैठक आयोजित
शिवगंज थाना परिसर में तहसीलदार आसाराम की अध्यक्षता में सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने किया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बंद पड़ी रोड लाइटों को तुरंत चालू करने की मांग की, जिससे रात में पैदल चलने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को परेशानी होती है। सदस्यों ने बताया कि गड्ढों और सड़कों पर बैठे पशुओं के कारण आवागमन में दिक्कतें आती हैं। सदस्यों की मांगों को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों ने होलिका दहन स्थलों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने दहन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। सदस्यों ने होली पर्व के मद्देनजर शहर में गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया। तहसीलदार आसुराम ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने का आह्वान किया। उन्होंने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर संयम बरतने की अपील की। थानाधिकारी ने सुरक्षित होली के लिए हर्बल गुलाल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने त्योहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में पालिका सफाई निरीक्षक हितेंद्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष, राशन डीलर जिलाध्यक्ष, पूर्व पालिकाध्यक्ष, सनातन धर्म महिला सेवा समिति अध्यक्ष और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कैथल जिले में होली के त्योहार को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों और चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी वाहनों की सघन चेकिंग कर रहे हैं। खासकर बाहर से आ रहे वाहनों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। अगर कहीं कोई व्यक्ति या गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा को मजबूत करने के मद्देनजर की जा रही है, ताकि होली के उल्लास भरे मौके पर कोई अप्रिय घटना न घटे और सभी सुरक्षित रहें। शहर के पिहोवा चौक, विश्वकर्मा चौक, सर छोटूराम चौक, सहित मुख्य मार्गों पर वाहनों की जांच के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वहीं पुलिस की टीम द्वारा सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि शहर की किसी भी जगह पर कोई वारदात होती है और उसकी वीडियो किसी के द्वारा वायरल की जाती है, तो तुरंत टीम मौके पर भेजकर कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने किया पांच टीमों का गठन शहर में वाहनों और स्थानों की जांच के लिए पुलिस की ओर से पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है। इनमें से तीन टीमें गाड़ियों से शहर के विभिन्न स्थानों पर गश्त कर रही हैं। वहीं दो टीमों को पैदल गश्त करते हुए निगरानी में लगाया गया है। विभिन्न थाने और चौकियों की टीमें भी शहर में हो रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वाहनों की जांच जारी ट्रैफिक थाना एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से त्यौहार को देखते हुए लगातार वाहनों और संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है। जांच के साथ साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
भिवानी जिले में होली के त्योहार को देखते हुए आपातकालीन विभाग में अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं होली पर सिंथेटिक क्लर रंग में भंग ना डाले, इसके लिए सीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने सिंथेटिक क्लर का प्रयोग ना करने की सलाह दी। CMO डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि सिंथेटिक कलर (रंग) हानिकारक हैं, उनका प्रयोग ना करें। वह हमारी आंखों को नुकसान पहुंचाता है और चमड़ी (त्वचा) पर लग जाता है, तो उसे भी नुकसान पहुंचाता है। त्योहार के समय में ऐसा कोई कार्य ना करें, जिससे हमारे शरीर और वातावरण व सद्भावना को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि जो भी सिंथेटिक रंग और ऑर्गेनिक रंग में देखने में कोई ज्यादा अंतर नहीं होता, लेकिन उसका प्रयोग करेंगे तो पता लग जाएगा, क्योंकि सिंथेटिक क्लर काफी गहरा होता है, वह उतरता नहीं। ऑर्गेनिक क्लर गहरी छाप नहीं छोड़ता और आसानी से उतर जाता है। हमें यही कोशिश करनी चाहिए कि हम कलर की बजाय फूलों की होली खेलें। आंख का रखें विशेष ध्यान डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि अगर आंख में कुछ रंग आदि गिरने से बचाने के लिए उसकी विशेष सावधानी रखें। अगर आंख में कुछ गिर जाए, तो उसे मसलें नहीं, पानी से साफ करें। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। होली पर सुविधा के लिए सिविल अस्पताल में स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई हुई है। तेल या अन्य ना चिपकने वाला पदार्थ लगाए उन्होंने बताया कि सिंथेटिक कलर गहरा होने के कारण खुजली हो सकती है, चर्म रोग हो सकता है। उसे पानी के प्रयोग से साफ करके जल्दी से जल्दी छुटवाएं। इसके अलावा अपने शरीर पर तेल या अन्य कोई ना चिपकने वाला पदार्थ लगाए, ताकि कोई भी क्लर पकड़े ना और हमारी त्वचा को प्रभावित ना कर सके। होली के त्योहार को देखते हुए आपातकालीन विभाग में एक से दो डॉक्टर की शिफ्ट वाइज अतिरिक्त ड्यूटी लगाई है। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि आपात स्थिति में वे अपनी सेवा दे सकें। इस त्योहार पर खाने-पीने का ध्यान रखें, नशे से दूर रहें और सिंथेटिक क्लर का प्रयोग ना करें।
कटिहार में दिव्यांगों ने मनाया होली मिलन समारोह:एक-दूसरे को गुलाल लगाकर दी त्योहार की बधाई
कटिहार में होली का खुमार दिखने लगा है। स्थानीय यज्ञशाला मैदान स्थित शिव मंदिर चौक पर कोशी क्षेत्रीय विकलांग, विधवा, वृद्ध कल्याण समिति और दिव्यांग महापरिवार ने एक होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में दिव्यांग साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बिहार राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य शिव शंकर रमानी की अगुवाई में जुटे दिव्यांग साथियों ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर आने वाले त्योहार की बधाई दी। मंदिर का प्रांगण हंसी और ठहाकों से गूँज उठा, जिससे कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा बना रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर संस्था के न्यायिक सलाहकार राजेश कुमार केसरी, मीडिया प्रभारी विजय कुमार चंद्रवंशी, डेजी सिंह, जूली शर्मा, रवि कुमार दास, राजीव कुमार सिंह, मोनिका कुमारी, मनोज शाह और शंकर शाह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
सीवान जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में कलवार समिति द्वारा भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीवान के एमएलसी विनोद जायसवाल तथा महाराजगंज के विधायक हेमनारायण साह सहित समाज के वरीयजनों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग, गणमान्य नागरिक और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। अतिथियों का स्वागत कलवार समिति के पदाधिकारियों द्वारा अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर किया गया। सम्मान समारोह के दौरान समाज में उनके योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने होली के पर्व को सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी प्रेम का प्रतीक बताते हुए इसे मिल-जुलकर मनाने का संदेश दिया। सम्मान समारोह के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भोजपुरी कलाकारों ने पारंपरिक होली गीत “सदा आनंद रहे एही द्वारे, मोहन खेले होरी हो...” से समां बांध दिया। स्थानीय कलाकारों ने होली गीत प्रस्तुत किएगीत की प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को होली के रंग में रंग दिया। इसके बाद स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक होली गीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक झूमते नजर आए। कार्यक्रम में बाहर से आई प्रोफेशनल नर्तकियों ने विशेष परिधान धारण कर भोजपुरी होली गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में चार चांद लगा दिए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दींदेर रात तक जोगीरा और पारंपरिक होली गीतों की धुन पर लोग थिरकते रहे। समारोह में आए लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। आयोजन स्थल पर स्वादिष्ट व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई थी, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। कलवार समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने होली के रंग को और भी गहरा कर दिया। वहीं कार्यक्रम में सुरेंद्र प्रसाद, ध्रुव बाबू, बबलू बाबू, रिंकी कुमारी, अंजू कुमारी, सुमन कुमारी सहित मौजूद लोंगो ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की मिठास बांटी।
सलूंबर पुलिस थाने में आगामी होली, धुलंडी, रमजान और ईद त्योहारों को देखते हुए थाना परिसर में सीएलजी सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। पुलिस उपाधीक्षक हेरम्भ जोशी ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन पर विस्तृत चर्चा हुई। सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील थानाधिकारी हेमन्त चौहान ने बैठक में उपस्थित सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों, ग्राम रक्षकों, यूथ सीएलजी प्रतिनिधियों, सरपंचों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों से त्योहारों को आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक संदेश साझा करने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। शांति भंग करने पर कार्रवाई बैठक में यह भी तय किया गया कि होली और धुलंडी के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपाधीक्षक जोशी ने कहा कि त्योहार खुशियों और मेल-मिलाप का प्रतीक होते हैं। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी समुदायों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में, सभी उपस्थित लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई।
होली और रमजान पर्व के मद्देनजर रविवार को भवानीपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक राजकुमार चौधरी और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार ने की। इसमें जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न समुदायों के ग्रामीणों ने भाग लिया। बीडीओ मनोज कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि होली और रमजान दोनों ही पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे त्योहारों को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से मनाएं। उन्होंने जोर दिया कि किसी की इच्छा के विरुद्ध रंग या अबीर न लगाएं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें। बीडीओ ने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होंगी जब समाज में सौहार्द और एकता बनी रहे। थानाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने, अशांति पैदा करने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। चौधरी ने बताया कि संवेदनशील और चिह्नित स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और गश्ती दल लगातार क्षेत्र में भ्रमण करेगा। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को सहयोग करने का आश्वासन दिया और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
छिंदवाड़ा में आगामी होली और रमजान माह को देखते हुए शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए शनिवार को पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस ने लोगों को शांति और सौहार्द्र के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया। फ्लैग मार्च पुलिस कंट्रोल रूम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च बस स्टैंड, जेल तिराहा, फव्वारा चौक, गोलगंज, अकबरी मस्जिद, रॉयल चौक, छोटी बाजार, पावर हाउस, छोटा तालाब और यातायात तिराहा होते हुए पुलिस लाइन पहुंचा। फ्लैग मार्च में नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा, रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी, राकेश तिवारी, थाना प्रभारी कोतवाली आशीष धुर्वे, थाना प्रभारी देहात गोविंद राजपूत, थाना प्रभारी कुंडीपुरा महेन्द्र भगत और चौकी प्रभारी धरमटेकड़ी अविनाश पारधी सहित पुलिस लाइन व विभिन्न थानों का बल मौजूद रहा। पुलिस प्रशासन के अनुसार त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी सुरक्षा बल बलवा सामग्री के साथ पूरी तरह सतर्क हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को शांति, प्रेम और सौहार्द्र के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मार्च की शुरुआत होली से हो रही है। इसके बाद T20 वर्ल्ड कप का फाइनल होगा और महीने के आखिर में IPL का 19वां सीजन शुरू होगा। धुरंधर 2 की रिलीज, आईफोन 17E की लॉन्चिंग संभव है। इसके अलावा 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होंगे। जानिए इस महीने में आपके काम की तारीखें…
मऊगंज में आगामी होली और रमजान/ईद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने के लिए विभिन्न थाना परिसरों में शांति समिति की बैठकें हुईं। पुलिस अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों के साथ सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सभी से आपसी सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई। शांति से त्योहार मनाने की अपील शनिवार शाम नईगढ़ी थाना परिसर में थाना प्रभारी गोविंद तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। अधिकारियों ने होली को प्रेम और समरसता का पर्व बताते हुए इसे नशामुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर जोर दिया। लोगों से कीचड़ के बजाय रंग-गुलाल का इस्तेमाल करने और पारंपरिक तरीके से होलिका दहन करने की अपील की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि किसी की संपत्ति या खेत-खलिहान को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ईद को लेकर भी हुई चर्चा रमजान माह के बाद आने वाले ईद पर्व को लेकर भी चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने ईद को सौहार्द और गंगा-जमुनी परंपरा का प्रतीक बताया। नमाज के दौरान सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया गया। बैठक में जामा मस्जिद नईगढ़ी के पदाधिकारी और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में 100 से अधिक लोग शामिल इसी क्रम में लौर थाना परिसर में भी शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के निर्देश पर हुई इस बैठक में दोनों समुदायों के 100 से अधिक लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान सतर्क रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की सलाह दी। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि त्योहारों के दौरान जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था की जाएगी।
भिंड में नेशनल हाईवे-552 के एक्सटेंशन बाईपास निर्माण कार्य से जुड़ी उप निर्माण एजेंसी अवनटेक्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने शनिवार सुबह वेतन भुगतान को लेकर हड़ताल कर दी। धराई गांव के नजदीक स्थित प्रोजेक्ट कार्यालय पर करीब 200 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है और त्योहारों का हवाला देकर प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है। इस दौरान कर्मचारियों ने हाथ जोड़कर वेतन देने की अपील भी की। 21 किलोमीटर लंबी परियोजना पर 148.9 करोड़ की लागत जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे-552 पर टोंक (राजस्थान) से चिरगांव (उत्तर प्रदेश) तक एक्सटेंशन बाईपास निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 21 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 148.9 करोड़ रुपये की लागत से काम कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में 300 से 400 के बीच कुशल और अकुशल मजदूर व कर्मचारी कार्यरत हैं। नवंबर से नहीं मिला नियमित वेतन मजदूरों का कहना है कि नवंबर माह से लेकर अब तक नियमित वेतन भुगतान नहीं किया गया है। कई कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर बार-बार प्रोजेक्ट कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख दे दी गई। लगातार वेतन न मिलने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। होली का त्योहार नजदीक आने पर कर्मचारियों ने एकमुश्त भुगतान की मांग तेज कर दी। लेकिन जब प्रबंधन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो उन्होंने सामूहिक रूप से काम बंद कर हड़ताल का रास्ता अपनाया। कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन, मशीनें भी रुकीं शनिवार सुबह सभी मजदूर धराई गांव स्थित कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए काम बंद करने की घोषणा कर दी। मौके पर न तो मशीनें चलीं और न ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सका। मजदूरों का आरोप है कि जो कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे, उन्हें कंपनी की ओर से जबरन अवकाश पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि त्योहार के कारण कर्मचारी छुट्टी पर जा रहे हैं, इसलिए उन्हें अवकाश स्वीकृत किया जा रहा है। हालांकि मजदूरों का कहना है कि यह वेतन भुगतान से बचने की रणनीति है। कंपनी जीएम और प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान इस पूरे मामले में कंपनी के जीएम आर.के. ठाकुर ने फोन पर बताया कि वे फिलहाल ग्वालियर में हैं। उन्हें कर्मचारियों की नाराजगी की जानकारी मिली है और वे मौके पर पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ मुद्दे सामने आए हैं, जिनका समाधान किया जाएगा। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज मिश्रा ने स्वीकार किया कि इस माह का वेतन कर्मचारियों को नहीं मिल सका है। वेतन वितरण में विलंब हुआ है, जिसे शीघ्र दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है और भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। शनिवार को अवकाश और त्योहार के कारण देरी हुई है। कर्मचारियों को उनकी इच्छा अनुसार अवकाश दिया जा रहा है। पहले भी विवादों में रही निर्माण एजेंसी उल्लेखनीय है कि इस एक्सटेंशन हाईवे निर्माण का मूल ठेका आगरा की एसकेएस इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को शासन द्वारा दिया गया था। वर्तमान में मौके पर कार्य अवनटेक्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड उप निर्माण एजेंसी के रूप में कर रही है। 2 दिसंबर को इसी परियोजना का निर्माण ग्रामीणों ने रोक दिया था। मामला थाना स्तर तक पहुंचा था। ग्रामीणों ने सर्विस रोड निर्माण की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया था। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सका। ओवरब्रिज गर्डर गिरने से भी उठा था सवाल धराई गांव के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज को लेकर भी एजेंसी पहले चर्चा में आ चुकी है। 20 जनवरी की दोपहर ओवरब्रिज पर गर्डर रखने का कार्य चल रहा था। क्रेन के माध्यम से गर्डर स्थापित किया जा रहा था, तभी हल्का झटका लगने से गर्डर टूटकर नीचे गिर पड़ा। हालांकि बड़ा हादसा टल गया और मजदूर सुरक्षित बच गए, लेकिन इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बावजूद एजेंसी द्वारा सुधारात्मक कदम प्रभावी रूप से नहीं उठाए गए। बीते तीन से चार महीनों में यह चौथा मौका है जब कंपनी किसी न किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में आई है। प्रशासन की नजर, समयसीमा पर पड़ सकता है असर फिलहाल मजदूरों की हड़ताल से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। यदि वेतन भुगतान को लेकर जल्द समाधान नहीं निकला तो परियोजना की समयसीमा पर असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
होली के त्योहार को लेकर ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के बीच पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। आसनसोल और गोरखपुर के बीच होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। जामताड़ा होकर गुजरने वाली इन ट्रेनों से संथाल परगना और आसपास के जिलों के यात्रियों को खासा लाभ मिलेगा। हर साल होली के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, जिससे कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों की इसी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से त्योहार के समय यात्रा सुगम होगी। दो तारीखों में चलेगी 03525, एक दिन 03527 स्पेशल ट्रेन संख्या 03525 आसनसोल-गोरखपुर होली स्पेशल 28 फरवरी 2026 और 2 मार्च 2026 को शाम 7:15 बजे आसनसोल से रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 9:15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 03527, 1 मार्च 2026 को दोपहर 1:20 बजे आसनसोल से प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 3:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इन ट्रेनों का ठहराव चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। जनरल से एसी तक कोच की सुविधा, अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध रेलवे ने इन होली स्पेशल ट्रेनों में साधारण द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित कोच की व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार इन विशेष ट्रेनों के चलने से बड़ी संख्या में अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध होंगी, जिससे त्योहार के दौरान यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से समय रहते टिकट बुक कराने और अधिकृत माध्यम से ही आरक्षण कराने की अपील की है। होली से पहले इस पहल को यात्रियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
पोखरिया में सरना धर्म स्थल के स्थापना दिवस पर प्रकृति की पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम में झूमे लोग
भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के नावाखास पंचायत अंतर्गत पोखरिया गांव में सरना धर्म स्थल का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस युवा नेता प्रशांत किशोर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नावाखास पंचायत के मुखिया मनोज कुमार और पंचायत समिति सदस्य अखिलेश यादव शामिल हुए। इस अवसर पर सरना धर्म के अनुयायियों ने अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा। मुख्य अतिथि प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि सरना धर्म स्थल हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति पूजा की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा, सरना धर्म आदिवासी समाज की पहचान और आस्था का केंद्र है। इसकी परंपराओं और मान्यताओं को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। समाज की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता को मजबूत करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं मुखिया मनोज कुमार ने कहा, सरना स्थल केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और परंपराओं का प्रतीक है। मुखिया ने आश्वस्त किया कि पंचायत स्तर पर इसके संरक्षण और विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ी रहें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं सरना धर्मावलंबियों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन सफल और यादगार बन गया। मौके पर पूर्व मुखिया चंद्रदेव सिंह, राजकमल तिवारी, पाहन जयराम उरांव, अध्यक्ष अजय उरांव, मनोज यादव,अमरेश उरांव, प्रदीप उरांव, रवींद्र लकड़ा, गुड्डू लकड़ा, सतवंती उरांव, कलावती उरांव, सुषमा उरांव, शोभा उरांव, सुमन उरांव व अन्य लोग मौजूद थे।
रंगों का त्योहार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी
भास्कर न्यूज | बारियातू प्रखंड क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में 2 मार्च की रात होलिका दहन व 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। पंडित जनार्दन पांडेय ने बताया कि फाल्गुन पूर्णिमा दो दिन रहने के कारण इस बार होलिका दहन के एक दिन बाद रंगों का त्योहार होली मनाई जाएगी। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम से शुरू होकर 3 मार्च की दोपहर 4.33 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा पर इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में होलिका दहन के लिए तीन नियम मान्य बताई गई है। होलिका दहन के लिए रात का समय एवं पूर्णिमा तिथि व भद्रा मुक्त काल होना चाहिए। व्रत की पूर्णिमा सोमवार की शाम पूर्णिमा के साथ भद्रा भी शुरू हो रहा है। जो मंगलवार तक रहेगा। ऐसे में भद्रा के पुच्छ काल में सोमवार की मध्य रात को होलिका दहन किया जाएगा। यह भी बताया की पूर्णिमा की रात्रि होलिका दहन और अगले दिन होली मनाई जाती है लेकिन इस बार पंचांग गणना और शास्त्रीय निर्णय के आधार पर तिथियों में आंशिक परिवर्तन है। फाल्गुन पूर्णिमा आरंभ 2 मार्च की सायंकाल शुरू होकर 3 मार्च की सायंकाल तक रहेगा। पूर्णिमा लगते ही भद्रा का प्रवेश हो रहा है। जो की भद्रा के मुख काल में शुभ कार्य वर्जित है ऐसे में भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन होगी। इसी आधार पर 2 मार्च को मध्य रात्रि के बाद होलिका दहन होगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का संयोग है। जो शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर 6:48 तक रहेगा। ग्रहण के 9 घंटे पहले सुतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस अवधि में भी शुभ एवं मांगलिक कार्य नहीं होती है। इसलिए इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।
अरवल में होली पर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अमृषा बैंस और पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी ने संयुक्त रूप से समाहरणालय सभाकक्ष में इसकी अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि जिले में होलिका दहन 2 मार्च को और होली पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। पर्व को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मद्य निषेध और विधि-व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के चौकीदारों को शराब निर्माण और सेवन की सूचनाएं एकत्र करने के लिए सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों को पंचायत स्तर पर लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। फूहड़ और अश्लील होली गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 'झुमटा' पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया। बिजली के तारों या अन्य छोटे मुद्दों से सांप्रदायिक विवाद की आशंका वाले क्षेत्रों में तत्काल शांति समिति की बैठक आयोजित करने को कहा गया। अशांति फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अश्लील, भड़काऊ और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील गीतों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला जाएगा। सिविल सर्जन अरवल को 24 घंटे एम्बुलेंस और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है।
शांति और सद्भावना से त्योहार मनाने की अपील:डीग कोतवाली थाना प्रभारी ने सीएलजी सदस्यों से की चर्चा
डीग कोतवाली पुलिस थाने में शुक्रवार शाम सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठक आयोजित की गई। इसमें सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखियां और ग्राम रक्षक शामिल हुए। बैठक में सीओ सीताराम बेरवा, नगर परिषद डीग के वरिष्ठ प्रारूपकार गौरव जांगिड़ और कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने आगामी होली और धुलंडी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सद्भावना के साथ मनाने का आह्वान किया। थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने कहा कि होली भाईचारे का त्योहार है और इसे प्रेमपूर्वक मनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की, ताकि उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
शांति से त्योहार मनाने, अफवाहों से दूर रहने की अपील:धौलपुर कलेक्टर-एसपी ने CLG सदस्यों से की चर्चा
धौलपुर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने की। बैठक की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा द्वारा सीएलजी सदस्यों का परिचय एवं बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करने से हुई। जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सीएलजी सदस्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने सीएलजी सदस्यों को आमजन और पुलिस के बीच सेतु बताया। उन्होंने निष्पक्ष फीडबैक देने तथा सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। आगामी मार्च–अप्रैल 2026 में होलिका दहन, धुलण्डी, शीतला सप्तमी/अष्टमी, रंग तेरस, चेटीचण्ड, जुमातुल विदा, ईद-उल-फितर, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती, वैशाखी एवं परशुराम जयंती सहित विभिन्न पर्वों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में सदस्यों ने शहर की यातायात व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण, नीचे लटकते बिजली तार, स्कूल-कॉलेजों के बाहर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां, महिला सुरक्षा, नशेड़ियों पर कार्रवाई तथा हाईवे पर अवैध कब्जों जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए। अधिकारियों ने सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक उपखंड में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में वृताधिकारी कृष्ण राज जांगिड़, विभिन्न थानाधिकारी एवं जिला स्तरीय सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।
यूपी में 17 लाख कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में होली में 3 दिन का अवकाश रहेगा। योगी सरकार ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए। सरकार ने 2 , 3 और 4 मार्च यानी सोमवार, मंगलवार और बुधवार की छुट्टी का ऐलान किया है। जबकि 1 मार्च को रविवार है। यानी रविवार से बुधवार तक एक साथ 4 दिन की छुट्टी मिलेगी। 28 फरवरी यानी शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया है। यानी, इस दिन सभी विभाग खुले रहेंगे और उनमें काम होगा। आखिरी शनिवार यानी 28 फरवरी के बदले सरकार ने 2 मार्च का अवकाश दिया है। योगी का आदेश- होली से पहले सबको सैलरी दी जाएयोगी ने अफसरों को आदेश दिया कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों को होली से पहले हर हाल में सैलरी/मानदेय दिया जाए। इनमें आउटसोर्सिंग, संविदाकर्मी, सफाईकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरअसल, सीएम योगी सिंगापुर और जापान के विदेश दौरे पर गए थे। गुरुवार देर रात ही वह वापस लौटे। इसके बाद उन्होंने यह आदेश जारी किए। पेंशनरों को भी होली से पहले मिलेगी पेंशनसिर्फ राज्य कर्मचारी नहीं, बल्कि पेंशनरों को भी पेंशन 28 फरवरी तक जारी हो जाएगी। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि होली की छुटि्टयों को देखते हुए पेंशन फरवरी माह के आखिरी दिन तक पूरी कर लिया जाए। यूपी सरकार ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विद्यालयों और कार्यालयों में पहले ही त्योहार से पहले वेतन/ मानदेय भुगतान के आदेश दिए हैं। इस संबंध में बुधवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी की ओर से भी आदेश कर दिया गया। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को बड़ा तोहफा दिया था सीएम के फैसले पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा था- मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने का निर्णय निश्चय ही अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक है। अप्रैल से शिक्षामित्रों को 18,000 और अनुदेशकों को 17,000 मानदेय दिया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के अथक परिश्रम, समर्पण तथा शिक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का सम्मान है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- योगी 500km रफ्तार से चलने वाली हवाई ट्रेन में बैठे:केशव को अंग्रेजों ने वीजा नहीं दिया सीएम योगी और डिप्टी सीएम विदेश दौरे पर रहे। योगी ने सिंगापुर और जापान का दौरा किया। कुल 2.5 लाख करोड़ के निवेश जुटाए। सीएम ने 500 किमी की रफ्तार से हवा में चलने वाली ट्रेन में भी बैठे। वहीं, केशव मौर्य ने जर्मनी का दौरा किया। वे यूनाइटेड किंगडम जाने वाले थे, लेकिन वीजा नहीं मिला। उन्हें लौटना पड़ा। VIDEO में देखिए सीएम और डिप्टी सीएम का विदेश दौरा…
पिछले दिनों शहर में हुई बारिश के बाद 2-3 डिग्री तक लुढ़का पारा 27 फरवरी शुक्रवार से फिर धीरे-धीरे चढ़ने लगेगा। रंगों के त्योहार तक मौसम गर्म हो जाने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में दिन के समय गर्मी रहेगी, लेकिन सुबह और देर शाम मौसम सुहाना रहेगा। हालांकि सुबह और रात में हल्की ठंड महसूस होगी। दिन में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहेगा शुक्रवार से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के संकेत हैं। सुबह हल्का कुहासा रहेगा, लेकिन दिन में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहेगा। तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी का असर साफ दिखेगा। वहीं, इसके पहले होलिका दहन यानी 3 मार्च को अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती हैमौसम विभाग के अनुसार, सुबह में कुहासा और बाद में आसमान मुख्यत साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहेगा। राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले 4 दिनों में इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। पिछले 24 घंटे में चाईबासा रहा राज्य में सबसे गर्मपिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस खूंटी में दर्ज किया गया।
Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा
Significance of Colors in Indian Festivals: भारतभर में चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन रंगपंचमी के दिन को मनाते हुए, न केवल रंगों के खेल का आनंद लेते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सजीवता का संदेश फैलाते हैं। रंगपंचमी के साथ जुड़ी धार्मिक कथाएं, ...
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

