UP में स्वदेशी की नई उड़ान, योगी सरकार दे रही हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान
Uttar Pradesh News : स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और ...
गुड़ीपड़वा, नवरात्रि और चेटीचंड त्योहार के 10 प्रमुख व्यंजन
Gudipadwa Recipes: गुड़ीपड़वा, नवरात्रि और चेटीचंड जैसे त्योहारों पर विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है, और इन अवसरों पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। यह व्यंजन खासतौर पर व्रत और उपवास के दौरान तैयार किए जाते ...
लखनऊ के अलीगंज विकास नगर स्थित पूज्य सिन्धी पंचायत में झूलेलाल महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।महोत्सव की शुरुआत साईं झूलेलाल जी की आरती से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों को उनके प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी दिए गए। इस अवसर पर शिव शांति आश्रम के पीठाधीश्वर जुगल जोड़ी सरकार उपस्थित रहे। चेटीचंड मेला कमेटी के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गणमान्य व्यक्तियों में रतन मेघानी, संजय जैसवानी, सतेंद्र भवनानी, प्रवक्ता अशोक मोतियानी, हंसराज राजपाल, इंदर कालाणी, राजकुमार जसवानी और सतीश लखमानी शामिल थे। ये लोग शामिल हुए अलीगंज विकास नगर सिन्धी पंचायत के पदाधिकारियों में जी के लालचंदानी, सुमित लालवानी, राजेश सुमानी, चरण आहूजा, जय जीवनी, आनंद जीवनी, उमेश भाटिया, खुशहाल रुपेजा, भीमेश अठवानी, नितेश मनध्यान, कपिल सावलानी और पुलकित राजपाल भी मौजूद थे।कार्यक्रम का समापन भंडारा और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान के अप्लाइड आर्ट विभाग में विद्यार्थियों के लिए लोक कला और अप्लाइड आर्ट के समन्वय पर आधारित एक विशेष निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक कला के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता शुक्ला की प्रेरणा से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ललित कला संस्थान की समन्वयक अल्का तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि अप्लाइड आर्ट के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को व्यावसायिक रूप देकर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं, वहीं लोक कला हमारी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ कलाकार प्रो. अलका तिवारी ने महिलाओं और विद्यार्थियों को लोक कला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया। वहीं विशेषज्ञ कलाकार कृतिका गोयल ने विद्यार्थियों को विजिटिंग कार्ड डिजाइन, विज्ञापन कला और व्यावसायिक कला के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राफिक डिजाइन, विज्ञापन और क्रिएटिव डिजाइनिंग के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। कार्यशाला में शिवा त्यागी, प्रज्ञा यादव, खुशबू, लक्ष्य, खुशी और तनु सहित कई विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री दीपांजलि और डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्री बालाजी में शीतला अष्टमी त्योहार मनाया
ग्राम में बुधवार को शीतला माता मंदिर में महिलाओं की ओर से पूजा अर्चना कर शीतला अष्टमी का त्योहार मनाया गया। विशेषकर इस दिन माता के लिए एक दिन पहले बासी और ठंडा भोजन, मीठे चावल, राबड़ी, हलवा-पूरी आदि भोजन तैयार करते हैं। मान्यता है कि इसके पूजन से चेचक और त्वचा रोगों से मुक्ति मिलती है। घर में दरिद्रता मिटती है और परिवार को स्वास्थ्य व समृद्धि मिलती है। इस दिन घरो में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। पूरे दिन भर बासी खाना ही काम में लिया जाता हैं। मान्यता है कि इससे माता प्रसन्न होती हैं।
तमिल त्योहार कारादाइयन नौम्बू क्यों मनाया जाता है?
karadaiyan nombu: कारादाइयन नौम्बू (सावित्री व्रतम) तमिल संस्कृति का एक पावन उत्सव है, जो वैवाहिक सुख और पति की दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व तब मनाया जाता है जब सूर्य कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करते हैं (मीन संक्रांति)। इस बार यह पर्व ...
भारतीय संस्कृति, कला और नृत्य परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम 'रंगोत्सव' का आयोजन किया गया। अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी (AADC) और AADE एकेडमी ऑफ डांस एंड एक्सप्रेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, नारी सशक्तिकरण और लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समर्पित था। कार्यक्रम कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कला प्रेमी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। लखनऊ सदियों से संगीत, कला और नृत्य का केंद्र रहा है, विशेषकर कथक की लखनऊ घराना परंपरा ने इसे विश्वभर में पहचान दिलाई है। 'रंगोत्सव' के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। लखनपुरी और लखनऊ विषय पर संगोष्ठी हुईं 'रंगोत्सव' की शुरुआत लखनपुरी और लखनऊ का महत्व विषय पर एक संगोष्ठी से हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और कला परंपराओं की वैश्विक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेखांकित किया कि लखनऊ की तहज़ीब और कथक की परंपरा भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगोष्ठी के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु पंडित अनुज मिश्रा और उनके समूह ने इन्फिनिटी शीर्षक से एक विशेष नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। प्रसिद्ध कथक कलाकार नेहा सिंह मिश्रा ने जब फाल्गुन रंग छलकते हैं पर अपनी एकल नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। गीतगोविंद पर एक विशेष एकल कथक प्रस्तुति दी कार्यक्रम के अगले चरण में पंडित अनुज मिश्रा ने गीतगोविंद पर एक विशेष एकल कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें भाव, लय और अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसके बाद अकादमी के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में और रंग भर दिए। 'रंगोत्सव' का समापन मोरे मुरारी खेले होली पर एक विशेष कथक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने होली के उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
रोहतास जिले के कई प्रखंड क्षेत्र में आगामी ईद और रामनवमी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। तेलकप पंचायत सरकार भवन और तुंबा पंचायत सरकार भवन में मंगलवार को ये बैठकें हुईं। इनका मुख्य उद्देश्य दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न कराना था। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की। अफवाह या विवाद से दूर रहने का आग्रह बैठक के दौरान अधिकारियों ने जोर दिया कि ईद और रामनवमी जैसे धार्मिक पर्व आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद से दूर रहने का आग्रह किया। भड़काऊ भाषण देना पूरी तरह प्रतिबंधित प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान शराब का सेवन, डीजे पर अश्लील या भड़काऊ गीत बजाना, और किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने जनता से प्रशासन का सहयोग करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने की अपील की। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर रोहतास बीडीओ ऋषिकेश कुमार, मुखिया अनीता टोप्पो, रोहतास प्रभारी थाना प्रभारी श्रीकांत पासवान, लाल बिहारी सिंह, शत्रुध्न पासवान, उपेंद्र कुमार, वीरेंद्र पासवान, ममता देवी, श्री पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
झालावाड़ में श्री महर्षि गौतम प्राकट्य महोत्सव 19 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज बहुउद्देशीय हितकारिणी समिति झालावाड़ द्वारा इस वार्षिक आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। महोत्सव की तैयारियों को लेकर को समिति अध्यक्ष विश्वास जोशी के निवास स्थान पर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। अध्यक्ष जोशी ने बताया कि महर्षि गौतम प्राकट्य महोत्सव की भव्य शोभायात्रा तांगा अड्डा के पास स्थित झिरी के महादेव मंदिर, झालावाड़ से निकाली जाएगी। पूजा-अर्चना के बाद यह शोभायात्रा शहर के पुराना पोस्ट ऑफिस, घण्टाघर चौराहा, मंगलपुरा चौराहा, गर्ल्स स्कूल रोड, पुराना टेम्पो स्टैंड, नक्कार खाना दरवाजा, सर्राफा बाजार, चौथमाता मंदिर, आजाद मार्ग और तबेला रोड होते हुए ब्रह्मघाट मंदिर पहुंचेगी। 19 मार्च, गुरुवार को मंगलपुरा टेक स्थित चतुर्भुज नाथ मंदिर और ब्रह्मघाट स्थित मदन मोहनजी महाराज के मंदिर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन किया जाएगा। सांयकाल ब्रह्मघाट पर भगवान मदन मोहनजी का दुग्धाभिषेक भी होगा। इस अवसर पर समाज के बालक-बालिकाओं और महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बंधुओं और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा। महोत्सव का समापन सामूहिक भोज के साथ होगा। बैठक में समाज के पूर्व अध्यक्ष रतनलाल गौतम, ललित शर्मा, ओमप्रकाश गौतम, स्वदेश शर्मा, पं. सौरभ गौतम, दिनेश शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष दीपिका शर्मा और ज्योति जोशी सहित कई समाज बंधु उपस्थित रहे।
प्रतापगढ़ में जिला प्रशासन और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के संयुक्त तत्वावधान में राजसखी मेले का सोमवार को दशहरा मैदान में शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया भी उपस्थित रहीं। राजीविका प्रबंधक ने बताया कि मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प, सजावटी वस्तुएं और घरेलू उपयोग की सामग्री प्रमुख रूप से शामिल हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे मेले महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या ने कहा कि राजसखी मेला ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिलती है और स्थानीय उत्पादों को भी पहचान प्राप्त होती है। मेले में संध्या के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। आमजन ने मेले में पहुंचकर स्टॉलों का अवलोकन किया और खरीदारी की।
Rangpanchami Special Thandai: रंगपंचमी पर बनाएं भांग की ठंडाई, होगा त्योहार का आनंद दोगुना
Bhang ki Thandai Recipe: होली- रंगपंचमी एक और पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोग रंगों में रंगकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं। इस दिन का महत्व केवल रंगों के खेलने में नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी परंपराओं और विशेष पेय ...
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा
Significance of Colors in Indian Festivals: भारतभर में चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन रंगपंचमी के दिन को मनाते हुए, न केवल रंगों के खेल का आनंद लेते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सजीवता का संदेश फैलाते हैं। रंगपंचमी के साथ जुड़ी धार्मिक कथाएं, ...
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

