सहरसा में बिहार दिवस के अवसर पर रविवार सुबह कलेक्ट्रेट से प्रभात फेरी निकाली गई। इसे जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह प्रभात फेरी कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी और जिला स्कूल प्रांगण में समाप्त हुई। छात्र-छात्राओं ने बिहार की संस्कृति और इतिहास से संबंधित नारे लगाए। गृह परिसर में लगाए जाएंगे स्टॉल जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि बिहार दिवस जिले भर में मनाया जा रहा है। प्रभात फेरी के बाद प्रेक्षा गृह परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे। ये स्टॉल अगले तीन दिनों तक आम लोगों के लिए खुले रहेंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा, कला, संस्कृति और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। शाम को कैंडल जलाकर बिहार दिवस मनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और आवासों को नीली रोशनी से सजाया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार देंगे प्रस्तुतियां शाम को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस आयोजन को जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया गया है। इस पूरे आयोजन का उद्देश्य बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और लोगों में एकता, गौरव तथा जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है।
ईद उल फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मना
चतरा| अखिल भारतीय नाई संघ चतरा जिला इकाई की बैठक शनिवार को पत्थलदास मंदिर परिसर में हुई। इसकी अध्यक्षता नंदकिशोर ठाकुर ने की। बैठक में नाई समाज के काफी संख्या में सदस्य उपस्थित थे। बैठक में समाज के स्वर्गीय समाजसेवी चंद्रदेव ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इसके बाद अगामी मंगलवार को शहर के सभी सैलून बंद कर चंद्रदेव ठाकुर को श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया गया। बैठक में दो मिनट का मन रखकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। नंदकिशोर ठाकुर ने कहा कि चंद्रदेव ठाकुर समाज के धरोहर थे। भारत ज्योति अवार्ड से सम्मानित किए गए थे। पूर्व में लोकसभा प्रत्याशी, पूर्व जदयू जिलाध्यक्ष भी रहे थे। वह अपनी पुरी जीवन समाज के उत्थान में अहम भूमिका निभाते रहे। बैठक में प्रदीप ठाकुर, बसंत ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, रामकृपाल ठाकुर, जिला महासचिव शिवशंकर ठाकुर, लाटो ठाकुर, भुवनेश्वर ठाकुर, अजीत ठाकुर सहित अन्य कई उपस्थित थे। सिमरिया| प्रखण्ड क्षेत्र में ईद उल फितर का त्योहार शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मस्जिदों व ईदगाहों में जाकर नमाज अदा की। साथ ही क्षेत्र व हिंदुस्तान के अमन चैन की दुआ मांगी।नमाज अदा करने के बाद बच्चे युवा, युवती एक दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी।इसके बाद एक दूसरे के घर जाकर लच्छे आदि व्यंजनों का लुप्त उठाया। चौक चौराहों पर ईद मुबारक बाद देने का सिलसिला शाम तक चलता रहा है। पत्थलगडा | शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ईद का पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा तथा सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त देखी गई। प्रखंड के जामा मस्जिद बरवाडीह, सिंघानी, बनवारा, नोनगांव, नावाडीह बाजोबार, जगरनाथी एवं डमोल में अकीदतमंदों ने ईद की विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर घर-घर में पारंपरिक पकवान लच्छा और सेवइयों का दौर चला, जहां लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा की। ईद के मौके पर बीडीओ सह सीओ उदल राम, थाना प्रभारी राकेश कुमार, जिला परिषद सदस्य रामसेवक दांगी, मुखिया संघ अध्यक्ष महेश दांगी, समाजसेवी संदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने क्षेत्रवासियों को ईद की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। गिद्धौर |प्रखंड के विभिन्न गांवों में शनिवार को ईद का त्योहार शांति पूर्ण माहौल में धूम धाम से मनाई से मनाई गई।निर्धारित समय पर मुस्लिम धर्मावली के लोग अपने अपने गांव के मस्जिद तथा ईदगाह पहुंचकर ईद का नमाज अदा कर एक दूसरे से गले मिलकर ईद का मुबारकबाद दिया।बीते शुक्रवार की शाम ईद के चाँद का दीदार होते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया।सुबह होते ही लोग नहा धो कर नए नए वस्त्र पहन रंग बिरंगे टोपी व इतर लगा कर मस्जिद व ईदगाह की ओर निकल पड़े।साथ ही ईद की नमाज अदा किया। इस क्रम में लोगो ने अमन शांति व खुशहाली की दुआ मांगी।इस मौके पर लोगो ने एक दूसरे को गले लगा कर एक दूसरे को ईद का मुबारकबाद दिया। इटखोरी| इटखोरी में ईद त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई। यहां ईद त्योहार पर बच्चों में ज्यादा खुशियां देखी गई। बच्चे अपने-अपने अभिभावकों के साथ सुबह सो कर उठे। इसके बाद नित्य कर्म के बाद स्नान कर नए वस्त्र धारण करते हुए अपने-अपने नजदीकी मस्जिदों में पहुंचे। यहां निर्धारित समय पर ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद बुजुर्गों और युवाओं ने देश में अमन-चैन और शांति के लिए अल्लाह से दुआ की। फिर मस्जिदों में ईद मुबारकबाद का दौर चला। यहां से वे लोग वापस घर पर लौटे। यहां स्वयं और एक दूसरे को सेवई और लच्छा खिलाकर गले मिलकर ईद त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद अपने-अपने परिजनों को घर पहुंच कर सेवई और लच्छा का लुत्फ उठाए। बच्चे नए वस्त्रों में चौक बाजारों का भ्रमण कर खुशियां जाहिर करते हुए एक दूसरे से गले मिले।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की भव्य काव्य संध्या जयपुर में 22 मार्च को
विधायक गोपाल शर्मा की मौजूदगी में देश के प्रतिष्ठित कवि 'राष्ट्र साधना के 100 वर्ष' विषय पर मानसरोवर स्थित पंख रेस्टोरेंट में काव्य पाठ करेंगे।
ईद के अवसर पर विदिशा में मुस्लिम समाज और ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने बिट्ठल नगर स्थित 'अपना घर आश्रम' में लगभग 150 असहाय एवं निराश्रित लोगों को भोजन और सेवइयां वितरित कीं। इस दौरान समिति के सदस्यों ने आश्रमवासियों के साथ बैठकर ईद की खुशियां साझा कीं। सभी को भोजन कराया गया और उनका हालचाल जाना गया, जिससे असहाय लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। शहर काजी सादिक ने इस अवसर पर कहा कि ईद का वास्तविक संदेश केवल खुशी मनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा और सहायता करना है। उन्होंने जोर दिया कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए, क्योंकि ईश्वर ने हमें देने वाला बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि रमजान हमें बुराइयों से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है, जिसे जीवन में अपनाना चाहिए। समाजसेवी बबलू अहमद ने जानकारी दी कि 'अपना घर आश्रम' में लगभग 150 ऐसे लोग रहते हैं जिनका कोई घर या अपना परिवार नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों के साथ ईद मनाने को एक सुकून भरा अनुभव बताया। अहमद ने कहा कि त्योहार की सच्ची खुशी तभी मिलती है जब उसे उन लोगों के साथ साझा किया जाए जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इस आयोजन में समाज के कई अन्य लोग भी उपस्थित थे, जिन्होंने मिलकर इस पहल को सफल बनाया। यह कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।
मराठा सेवा संघ जिजाउ ब्रिगेड का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 28 और 29 मार्च को बुरहानपुर में आयोजित होगा। यह अधिवेशन इंदिरा कॉलोनी स्थित परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में होगा। इसमें देशभर से जिजाउ ब्रिगेड के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य माता जिजाउ के आदर्शों, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागृति और संगठन को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना है। आयोजन की रूपरेखा बताने के लिए शनिवार को मराठा सेवा संघ जिजाउ ब्रिगेड के पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मराठा सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष आरएस पाटील ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय अधिवेशन बुरहानपुर में हो रहा है, जिसकी थीम 'विरासत से आधुनिकता की ओर' रखी गई है। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर एक ऐतिहासिक शहर है, लेकिन यहां महिला उत्थान अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है। अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान सत्र होंगेयह आयोजन महिलाओं को आगे बढ़ाने और अगली पीढ़ी को संस्कारी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिवेशन के पहले दिन, 28 मार्च को शाम 5 बजे बुरहानपुर में महिलाओं की बाइक रैली निकाली जाएगी, जिसमें केवल महिलाएं ही शामिल होंगी। शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जहां देशभर से आए पदाधिकारी अपने-अपने राज्यों की संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे। महाराष्ट्र से जिजाउ ब्रिगेड की दो वक्ता भी आएंगी, जो महिलाओं से चर्चा कर उनकी स्थिति जानेंगी और उनके उत्थान पर विचार-मंथन करेंगी। जिजाउ ब्रिगेड की प्रदेश अध्यक्ष कोमल देशमुख ने बताया कि 29 मार्च को उद्घाटन और व्याख्यान सत्र होंगे। इन सत्रों में महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर विचार रखे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, अहिल्याबाई होल्कर, जिजा माता और सावित्रीबाई फुले के विचारों तथा उनकी प्रासंगिकता पर भी व्याख्यान दिए जाएंगे। पदाधिकारी महिलाओं से चर्चा कर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। जिजाउ ब्रिगेड समाज को नई दिशा देने की दिशा में काम करती है। यह ब्रिगेड का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन है, जिसका मुख्य प्रयास महिलाओं को समाज में आगे लाने पर केंद्रित है।
बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को ईद का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बगवाड़ा, चिलमिल, सांख, चांदपूरा, नीमा और परना जामा मस्जिद सहित विभिन्न इलाकों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली। सदर प्रखंड की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह विशेष नमाज़ अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। नमाज़ के दौरान देश और दुनिया में शांति, एकता तथा समृद्धि के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर 'ईद मुबारक' की शुभकामनाएं दीं। नमाज़ के उपरांत कुर्बानी की रस्म अदा की गई। यह रस्म पैगंबर इब्राहिम के बलिदान की भावना को दर्शाती है। परना जामा मस्जिद के पास मेले जैसा माहौल रहा, जहां कई प्रकार के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर मिठाइयां, खिलौने और खाने-पीने की वस्तुओं की खूब खरीदारी हुई। घरों में मीठी सेवइयां और विभिन्न पकवान बनाए गए। मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। खासकर छोटे बच्चों में ईद को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जो नए कपड़े पहनकर खुशियां मनाते दिखे। ईद के अवसर पर स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, सदर प्रखंड में ईद का त्योहार भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ मनाया जा रहा है।
लखीमपुर खीरी में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे जिले में अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह होते ही शहर और कस्बों की मस्जिदों तथा ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाजियों ने नए कपड़े पहनकर अल्लाह की इबादत की और देश में अमन-शांति व खुशहाली की दुआएं मांगीं। शहर की ईदगाह मस्जिद में कारी इसहाक ने नमाज अदा कराई, जबकि मीनार मस्जिद में मौलाना अशफाक ने नमाज पढ़ाई। खुत्बे में इमामों ने लोगों को आपसी भाईचारा बनाए रखने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में सौहार्द कायम रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। पवित्र रमजान के महीने के समापन पर आई इस ईद के मौके पर शहर में उत्सव का माहौल देखा गया। ईदगाहों के आसपास छोटे-छोटे मेले भी लगे थे, जहां बच्चों और युवाओं ने झूलों और दुकानों का आनंद लिया। त्योहार के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। ईदगाह मस्जिद में पूर्व मंत्री जफर अली नकवी, मोनिस नकवी, पूर्व मंत्री डॉ. आरए उस्मानी, अंजुमन इस्लामिया के सचिव रिजवान रशीद, सांसद उत्कर्ष वर्मा, अनुराग पटेल, अशोक वर्मा, सभासद सर्वेश वर्मा, संदीप वर्मा, ईओ नगर पालिका संजय कुमार और कोतवाल राजेश सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कस्बा खीरी की ईदगाह में मौलाना निजामुद्दीन ने नमाज अदा कराई। इसके अतिरिक्त, अन्य मस्जिदों में भी निर्धारित समय पर ईद की नमाज अदा की गई। वहीं, शिया कमेटी अंजुमन हुसैनिया की ओर से मीरा तालाब स्थित शिया ईदगाह में भी नमाज का आयोजन किया गया। इसमें रामपुर से आए मौलाना ऐन अब्बास ने नमाज पढ़ाई और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने इबादत की।
जौनपुर में ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई:ईरान के सुप्रीम लीडर की शहादत से त्योहार पर दिखा गम का असर
जौनपुर में शनिवार को रमज़ान के 30 रोज़े पूरे होने के बाद मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-फितर की नमाज़ अदा की। इस वर्ष ईद की खुशियों पर ग़म का असर साफ तौर पर देखा गया। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत और मासूम बच्चियों की मौत की खबरों ने त्योहार की रौनक को कम कर दिया। शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज़ अदा करने के लिए एकत्र हुए। हुसैनिया नकी फाटक में धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने ईद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ से पहले अपने खुतबे में मौलाना ने देश और दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे के लिए दुआ की। मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह ईद सामान्य परिस्थितियों वाली नहीं है, बल्कि ग़म और सब्र का पैगाम देती है। उन्होंने उल्लेख किया कि आयतुल्लाह ख़ामेनई और मासूम बच्चियों की शहादत ने पूरी उम्मत को दुखी किया है, जिसके कारण इस बार खुशियों का इज़हार सादगी से करने की अपील की गई। नमाज़ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने काली पट्टी और काले कपड़े पहनकर नमाज़ अदा की। यह ग़म और एकजुटता का प्रतीक था। लोगों के चेहरों पर खुशी के साथ-साथ मायूसी भी साफ झलक रही थी। मौलाना ज़ैदी ने लोगों से ईद को सादगी, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने और शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई, मोहम्मद मुस्तफ़ा, लाडले ज़ैदी, मोहम्मद अब्बास समर, शाहिद ज़ैदी, शमीमुल हसन बब्बू, हसन मेहदी, जैगम अब्बास, हसनैन कमर दीपू, मोहसिन खान, सरदार हुसैन बबलू और पत्रकार आरिफ़ हुसैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
फलोदी में ईद का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया:जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा की, गले लगकर दी मुबारकबाद
फलोदी में ईद-उल-फितर का पर्व आज हर्षोल्लास और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह नमाज अदा की गई। किले के पास स्थित जामा मस्जिद, बरकत कॉलोनी सहित अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। शहर काजी अब्दुल सत्तार ने ईद की नमाज अदा करवाई, जबकि मौलाना शरीफ ने तकरीर पेश की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में पर्व के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिसमें प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद दिखाई दिए। ईद के मौके पर घरों में सेवइयां, मिठाइयां और विभिन्न व्यंजन बनाए गए। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। बाजारों में भी रौनक बनी रही और लोगों ने जमकर खरीदारी की। जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, पूर्व पार्षद प्रदीप भार्गव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अन्य वर्गों के लोगों ने भी ईद की शुभकामनाएं दीं। यह पर्व प्रेम, सद्भाव और एकता का प्रतीक माना जाता है।
जबलपुर में रमजान माह के समापन के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया। पूरे महीने रोजा और इबादत के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने आज शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। शहर और उपनगरों की 100 से अधिक मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। मुख्य मस्जिदों सहित सदर, रामपुर, गोरखपुर और गढ़ा क्षेत्र की मस्जिदों में नमाजियों की कतारें परिसर से बाहर तक नजर आईं। इमामों ने इबादत की अहमियत और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। नमाज के बाद देश और शहर में अमन, चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। शिया जामा मस्जिद, जीनाती मस्जिद मदनमहल और गोहलपुर नूरानी मस्जिद में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। रानीताल ईदगाह में सुबह 10 बजे मुफ्ती-ए-आजम मौलाना डॉ. मुशाहिद रजा कादरी ने तकरीर की। इसके बाद सुबह 10:30 बजे नायब मुफ्ती-ए-आजम सूफी जियाउल हक कादरी बुरहानी ने ईद की नमाज अदा कराई। शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई। गोहलपुर नवीन ईदगाह में सुबह 8:30 बजे, सदर बाजार ईदगाह में सुबह 9 बजे और गढ़ा ईदगाह में सुबह 10 बजे नमाज हुई। शिया जामा मस्जिद फूटाताल में सुबह 9:30 बजे और जामा मस्जिद बड़ी ओमती में सुबह 10:30 बजे नमाज अदा की गई। मक्की मस्जिद मुकाद्दमगंज में सुबह 6:35 बजे नमाज अदा हुई, जबकि मस्जिद हुसैनिया, जामा मस्जिद मढ़ई, धुमन खां, छोटी ओमती, साबरी मस्जिद मक्का नगर और मस्जिद सुलेमानी में सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच नमाज अदा की गई। ईद के अवसर पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा।
बागपत में ईद-उल-फितर के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज राय ने बड़ौत कस्बे में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसपी ने संभ्रांत व्यक्तियों से बातचीत की और सभी से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ईद के मौके पर पूरी तरह अलर्ट पर है। एसपी सूरज राय ने असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने भी माहौल खराब करने का प्रयास किया तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसमें मुख्य बाजारों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। पूरे जनपद में ईद के त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था कायम है। बाजारों में रौनक देखी जा रही है, जहां मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में खरीदारी कर रहे हैं और ईद की तैयारियों में जुटे हैं।
प्रसिद्ध संगीतकार और सुरबहार वादक डॉ. अश्विन महेश दलवी ने आज वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर, उदयपुर के निदेशक पद का कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए की गई है। डॉ. अश्विन महेश दलवी ने गुरूवार को तीन वर्ष के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक का पदभार ग्रहण किया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक फुरक़ान खान ने आज डॉ. अश्विन दलवी का कार्यालय में स्वागत किया और उन्हें पदभार सौंपा। खान के पास पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक का अतिरिक्त पदभार था। इस अवसर पर केन्द्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। डॉ. दलवी के नेतृत्व में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है। इस दौरान डा. दलवी ने कहा कि कला, कलाकार इस सेंटर से लाभ पाते है और कला को और कैसे बढ़ा सकते है इसकी संभावनाएं को खोजेंगे और उसके अनुसार बेहतर काम करेंगे। वे पूर्व में ललित कला अकादमी, राजस्थान के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके है। इटावा घराने के सुरबहार वादक और पंडित अरविन्द पारिख के शिष्य डॉ. दलवी ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित मंचों पर अपने प्रदर्शन से विशिष्ट पहचान बनाई है। वे दिवंगत प्रसिद्ध कला गुरु श्री महेश दलवी के पुत्र हैं। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. विजय विप्लवी, नगर निगम सांस्कृतिक समिति के पूर्व अध्यक्ष जगदीश चंद्र मेनारिया सहित अनेक गणमान्य नागरिकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने पगडी, उपरणा पहनाकर व पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। लोक कला मंडल में लोक कलाकारों ने बांधा समां राजस्थान दिवस पर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के तत्वावधान में भारतीय लोक कला मंडल के मुक्ताकाशी रंगमंच पर राजस्थान की रंगत के साथ सांस्कृतिक संध्या सजी। इसमें लोक कलाकारों ने कठपुतली, तेरहताली नृत्य, चरी नृत्य, भवाई, घूमर, कालबेलिया, गवरी आदि लोक नृत्यों से राजस्थान की बहुरंगी संस्कृति को जीवंत किया। कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, उप निदेशक पर्यटन शिक्षा सक्सेना आदि उपस्थित रहे 'मुखौटा कला जनजाति आस्था से जुड़ा है' माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के सपोर्ट टू टीआरआई कार्यक्रम में आयोजित सप्त दिवसीय कार्यशाला का समापन भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक लईक हुसैन के मुख्य आतिथ्य में किया गया। सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) उदयपुर परिसर में आयोजित कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए हुसैन ने बताया कि मुखौटा कला जनजाति आस्था से जुड़ा है। कलाकार भी मुखौटा के प्रति उसी आस्था व श्रद्धा भाव को अपने भीतर लाकर आध्यात्मिक दृष्टि से कार्य करता है तो जन समुदाय भी उस मुखौटा को उसी भाव से देखता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीआरआई निदेशक ओ.पी. जैन ने मुखौटा कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टीआरआई द्वारा इसके प्रोत्साहन के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यशाला के नोडल अधिकारी श्री सुधीर दवे, निदेशक सांख्यिकी ने सभी संभागियों का आभार व्यक्त किया। अंत में संभागी कलाकारों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कलाकार खेमराज डिण्डोर बांसवाड़ा एवं संगीता गमेती उदयपुर ने भी विचार व्यक्त कर कार्यशाला के अनुभव साझा किए। वितरित किए सोलर होम लाइटिंग सिस्टम महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर की अखिल भारतीय समन्वित कृषि एवं कृषि उद्योगों में ऊर्जा के लिए अनुसंधान परियोजना के माध्यम से के.वी. चित्तौड़गढ़ में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रतन लाल सोलंकी ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा आधारित होम लाइटिंग सिस्टम के बारे मे जागरूक करवाया।उदयपुर के परियोजना अधिकारी कपिल सामर ने सोलर होम लाइटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसे सोलर प्लेट द्वारा 6 से 7 घंटे में पूर्ण चार्ज कर पूरी रात खेत या घर पर प्रकाश के लिए काम मे लिया जा सकता है। इसके साथ इसमें मोबाइल चार्जिंग की भी वैकल्पिक सुविधा दी गई है। सामर ने सौर ऊर्जा आधारित उपकरणो एवं बायोगैस के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उदयपुर की ये 5 बड़ी खबरें भी पढ़े…. वीडियोकांड पर मंत्री बोले- उदयपुर को बदनाम करने का प्रयास:मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं; कांग्रेस OBC आरक्षण के लिए लिखकर दे, सरकार चुनाव कराने को तैयार चेन लुटेरे से भिड़ी बुजुर्ग महिला,बदमाश ने धक्का देकर गिराया,VIDEO:बीच सड़क हुई मारपीट, बगल से गुजरते रहे लोग; किसी ने नहीं बचाया उदयपुर की दो अलग जगहों से पिंजरे में कैद लेपर्ड:गांवों में कई दिनों से घूम रहे थे, वन विभाग ने लगाए पिंजरे रोक के बावजूद कार्यक्रम करने पर मैरिज गार्डन सील:उदयपुर में नगर निगम ने गुरुदयाल वाटिका पर की कार्रवाई; नोटिस के बाद भी किया था बुक जयपुर के सुरबहार वादक अश्विन दलवी बने WZCC के निदेशक:घर पर बनाया 500 वाद्ययंत्रों का म्यूजियम, 19 हजार घंटे की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद
बुलंदशहर में आगामी ईद-उल-फितर के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गुरुवार को जिलाधिकारी श्रुति और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित ईदगाह का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शहर काजी से नमाज अदायगी की व्यवस्था, बैठने की क्षमता और आने-जाने के मार्गों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने नगर पालिका ईओ को ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, चूना छिड़काव और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईदगाह पर नमाज के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। लोगों से भी शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की गई है।
बुरहानपुर में विक्रमोत्सव 2026 सृष्टि आरंभ दिवस और वर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083 के अवसर पर जिला स्तरीय कोटि सूर्योपासना कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जिसमें कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित कई अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अविराम जनकल्याण संस्था, भोपाल के कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित एक जीवंत नाट्य का मंचन किया। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन चित्रण को शानदार ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुनील राज के निर्देशन में आरती विश्वकर्मा, रोहित पटेल, पीयूष सैनी, लक्ष्य श्रवण, हिमांशु प्रजापति, विशाल बकोरिया, श्रेयस सेन, प्रीति आशा, दीपा चौहान, कृष्णा राठौर, अश्विनी कुमार, आधार नामदेव और समन्वयक ऋषि सहित पूरी टीम ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम में समा बांध दिया। सम्राट विक्रमादित्य एक पराक्रमी, न्यायप्रिय और विद्वान शासक थे, जिन्होंने अपने शासनकाल में न केवल भारत बल्कि पड़ोसी देशों तक अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की। उनकी छवि एक सार्वभौमिक सम्राट की थी, जो केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, साहित्यिक और न्यायिक रूप से भी अद्वितीय रहे। ऐतिहासिक रूप से सम्राट विक्रमादित्य को 57 ईसा पूर्व में शासन करने वाला माना जाता है। उनके नाम पर ही विक्रम संवत् का प्रचलन हुआ, जो आज भी भारतीय पंचांग का एक प्रमुख संवत् है। विक्रमादित्य ने शक आक्रांताओं को पराजित कर विक्रम संवत् का प्रारंभ किया था। उनकी सार्वभौम छवि और व्यापक सत्ता के प्रमाण विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों, लोककथाओं और पुरातात्विक अवशेषों में मिलते हैं। देखिए तस्वीरें… और इधर…शिक्षक संघ ने हर आने जाने वाले व्यक्ति को लगाया तिलकहर साल की तरह इस साल भी अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में मप्र शिक्षक संघ की ओर से हर आने जाने वाले व्यक्ति को तिलक लगाकर नए साल की शुभकामनाएं दी गई। धनराज पाटिल जिलाध्यक्ष मप्र शिक्षक ने बताया वर्ष प्रतिपदा नववर्ष के रूप में पिछले 13 साल से हर आने जाने वाले व्यक्ति का कमल तिराहे पर तिलक लगाकर स्वागत करते हैं। इस साल भी यह आयोजन किया गया। साथ ही प्रसादी भी बांटी गई।
भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से नगर निगम की ओर से नाला उड़ाही का काम किया जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि नाले से निकाली गई गंदगी और गाद को सड़क के बीचों-बीच छोड़ दिया गया है। दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है। राहगीर और वाहन चालक भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम बिना किसी ठोस प्लानिंग के चैत्र नवरात्र के समय ऐसे काम शुरू कर देता है। सफाई अभियान की दूसरी डरावनी तस्वीर यह है कि यहां तैनात सफाईकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। बिना ग्लव्स, हेलमेट और बिना सेफ्टी जूतों के कर्मचारी गहरे नाले के अंदर उतरे हुए हैं। यह दृश्य स्मार्ट सिटी के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। क्या प्रशासन को इन मजदूरों की जान की कोई फिक्र नहीं है। पर्व-त्योहार के समय ही काम किया जाता है स्थानीय पंकज ने बताया कि यहां की स्थिति बहुत खराब है। नगर निगम को नाली उड़ाही का काम तब ही समझ में आता है, जब बरसात का मौसम आता है या फिर कोई पर्व होता है। अभी पर्व का समय है, इस रास्ते से लोग मंदिर जाएंगे। फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है वहीं, वार्ड पार्षद संजय सिन्हा का कहना है कि अभी आउटसोर्सिंग के माध्यम से नालों की सफाई कराई जा रही है। जो कर्मचारी सफाई कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से न तो उन्हें बूट दिया गया है और न ही ग्लव्स। जबकि इसको लेकर हम लोगों ने मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई है। इसके बाद भी निगम कर्मियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। निगम भी आउटसोर्सिंग एजेंसी पर दबाव नहीं बना रहा है, जिसका नतीजा है कि आज शीतला स्थान चौक नरक बना हुआ है। लोग नाक पर कपड़ा ढंककर गुजरने को मजबूर हैं। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। यह समय पूजा का है, साथ ही ईद का भी समय है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की गौसिया मस्जिद को धार्मिक स्थल मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने 1995 से चली आ रही परंपरा को जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके निजी परिसर में पूजा-पद्धति करने से नहीं रोका जा सकता, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। यह पूरा मामला संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना हयात नगर क्षेत्र के गांव धनेटा सतीपुरा में गाटा संख्या 291 पर बनी गौसिया मस्जिद से संबंधित है। 27 फरवरी को न्यायमूर्ति अतुल श्रीधन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने मुनाजिर खान की याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। बेंच ने संभल के डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि उन्हें लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या अपना तबादला करवा लेना चाहिए। 16 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच ने जिला प्रशासन के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें संभल की मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित की गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने अपनी याचिका में बताया था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसकर्मी आए थे। उन्होंने निर्देश दिया था कि मस्जिद में केवल 20 लोग ही नमाज पढ़ सकते हैं और एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर खान ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई और 16 मार्च को हाईकोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया। हयातनगर गांव में 2700 से अधिक लोग निवास करते हैं। यहां 450 वर्गफीट क्षेत्र में गौसिया नाम की मस्जिद स्थित है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन का गाटा नंबर 291 है। दस्तावेज़ों में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर दर्ज है।
माधव विश्वविद्यालय में राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
सिरोही स्थित माधव विश्वविद्यालय में टीवीसीसी और एनएसएस के तत्वावधान में विद्यार्थियों ने प्रदेश की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास के संरक्षण का संकल्प लिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में कथित मस्जिद में रमजान में अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट ने कहा है कि फोटोग्राफ से स्पष्ट है कि वह स्थल मस्जिद नहीं है। याचियों को निर्देश दिया है कि 1995 से चली आ रही परंपरा का कड़ाई से पालन करें। कोर्ट ने कहा कि याची ने सही जानकारी नहीं दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी अपने विश्वास व आस्था के अनुरूप निजी संपत्ति या धार्मिक स्थल पर पूजा करने या नमाज पढ़ने का अधिकार है, इसपर कोई रोक नहीं है। यदि कोई इसमें बाधा डालता है तो सरकार संज्ञान लेगी और जरूरत के अनुसार स्थल व पूजा करने वाले लोगों को सुरक्षा देगी। सरकार ने भी हाईकोर्ट में साफ कहा कि किसी की निजी संपत्ति में पूजा या नमाज पढ़ने पर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह आदेश मुनाजिर खान की याचिका पर दिया है। राज्य पूजा, नमाज में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा कोर्ट ने कहा राज्य ने एक बार फिर वही बात दोहराई है जो उसने पहले भी कही थी कि राज्य किसी भी संप्रदाय द्वारा अपनी निजी संपत्तियों में या अपने-अपने पूजा स्थलों पर की जाने वाली पूजा में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा। कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 की व्याख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत में इस्लामी धर्म के अनुयायियों को कोई विशेष दर्जा प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद 25 भारत में प्रत्येक धर्म और आस्था को अपने धर्म को मानने (अपनी आस्था घोषित करने), उसका आचरण करने (रीति-रिवाज, प्रार्थना, समारोह आयोजित करने और त्योहार मनाने) और उसका प्रचार करने का समान और अपरिवर्तनीय अधिकार देता है;। यह अधिकार बिना किसी किंतु-परंतु के सभी पर समान रूप से लागू होता है।, बशर्ते यह लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन हो। कोर्ट ने कहा यह अनुच्छेद 25 ऐसे कार्यों और भाषणों को भी प्रतिबंधित करता है जिनमें एक धार्मिक संप्रदाय को दूसरे के विरुद्ध खड़ा करके लोक व्यवस्था को बिगाड़ने की प्रवृत्ति हो।; ऐसा निषिद्ध कार्य अनुच्छेद 25 के संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएगा और उस व्यक्ति को आपराधिक कानून की पूरी कठोरता का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा यह अधिकार एक नास्तिक को भी लॉजिक, कारण और साइंस के आधार पर यह मानने, प्रैक्टिस करने और उसे फैलाने में मदद करता है कि कोई भगवान नहीं है। इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की यही शान कोर्ट ने कहा धरती के 1.4 अरब इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की शान इसके लचीलेपन और उस ताकत में है, जो इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई विविधता से आती है,। इस धरती पर कोई भी दूसरे देश की तरह नहीं का नहीं है, जहाँ हर धर्म, संस्कृति और अलग-अलग भाषाएँ सदियों से शांति, मेल-जोल और आपसी सम्मान के साथ साथ रही हैं।, जिसे भारत के संविधान के आर्टिकल 25 के लागू होने के बाद औपचारिक रूप दिया गया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति डी जी पी व अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का भी निर्देश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने 20 से अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने पर खड़ा रूख अपनाया था और राज्य सरकार को स्थल का फोटोग्राफ सहित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को वास्तविकता की जानकारी दी और कहा कि याची ने नहीं बताया कि किस अधिकारी ने ऐसा आदेश दिया है।जिसे मस्जिद बताया ,उसपर दो अन्य लोगों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जबकि याची ने। हलफनामा दाखिल कर कहा कि 1995 में उसके बाबा छिद्दा खान ने मस्जिद बनाई थी,वक्फ भी किया है। जमीन उसके कब्जे में है।एक कमरे में नमाज पढ़ी जाती रही है। कोर्ट ने दाखिल फोटोग्राफ देखने के बाद कहा स्थल मस्जिद नहीं है।बाईं तरफ दो मंजिला भवन है और दाईं तरफ दो बेडरूम बने हैं, जिसमें नमाज पढ़ी जाती है। जिसमें किसी द्वारा अवरोध नहीं उत्पन्न किया गया। 17 मार्च को कोर्ट प्रशासन का आदेश रद्द कर नमाज की अनुमति दी थी संभल की एक मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के जिला प्रशासन के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने फैसला संभल के रहने वाले मुनाजिर खान की याचिका पर सुनाया। याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संभल DM और SP को फटकार लगाई थी। कहा था- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा था- यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने याचिका में कहा था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई। आज 16 मार्च को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। सरकारी वकील की दलील- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर दरअसल, हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए- बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी बोले- सुनो संभल DSP मुल्क आपके बाप का नहीं, इजराइली प्रधानमंत्री की भाषा बोल रहे संभल में CO कुलदीप कुमार का 'जहाज में बैठकर ईरान चले जाओ' वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। AIMIM नेता सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा- ये मुल्क आपके बाप का नहीं। तुम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हो। पूरी खबर पढ़िए
सिंगरौली जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह हुआ। चितरंगी और बिलौजी सहित अन्य स्थानों पर हुए इन आयोजनों में कुल 163 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। चितरंगी में 93 जोड़ों ने लिए सात फेरे चितरंगी के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में 93 जोड़ों का विवाह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह की जिम्मेदारी निभा रही है, जिससे अब अभिभावकों को बेटियों की शादी के खर्च की चिंता नहीं सताती। बिलौजी और अन्य क्षेत्रों में भी हुए विवाह अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में आयोजित दूसरे बड़े समारोह में 70 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इसके अलावा देवसर, बरगवां और सरई में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां 24 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। समारोह के दौरान स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए समारोह में आए वर-वधु पक्ष के मेहमानों के लिए प्रशासन द्वारा भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई थी। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक और आर्थिक संबल के रूप में देखी जा रही है।
राज्य सरकार ने तय किया है कि रबी सीजन में गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में एक अप्रैल और बाकी संभागों में 7 अप्रैल से की जाएगी। गेहूं की खरीदी शासकीय कार्य दिवस में सुबह 8 से रात 8 बजे तक की जाएगी। सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपए अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला लिया है। गेहूं 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। किसानों के हित में फैसले ले रही मोहन यादव सरकार ने 15 मार्च तक किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अब गेहूं खरीदने के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है। खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि रबी वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले साल 15 लाख 44 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। सबसे अधिक किसान उज्जैन में 123281, सीहोर में 101793 और राजगढ़ जिले में 98537 रजिस्टर्ड हैं। दूसरी ओर अलीराजपुर में 476, बुरहानपुर में 523, पांढुर्णा में 863 और अनूपपुर में 882 सबसे कम किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर राजधानी में विवाद बढ़ने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी मंगलवार को शाहजहांनाबाद थाने पहुंची। कमेटी के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शहर काजी के खिलाफ लिए गए फतवे को सोशल नेटवर्क पर वायरल कर उनकी छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। कमेटी ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कमेटी के अनुसार पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता जेर-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल को आवेदन देकर शहर काजी के संबंध में एक बीमारी का हवाला देते हुए फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता की ओर से फतवा जारी किया गया। इस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं। शहर काजी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कमेटी का कहना है कि यह फतवा पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिससे शहर काजी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। कमेटी ने आशंका जताई कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को उनके पद से हटाना है। कमेटी ने ज्ञापन में कहा कि शहर काजी मुस्लिम समाज में सबसे बड़े धर्मगुरु के रूप में सम्मानित पद है। यदि कोई व्यक्ति बीमार भी हो तो उसकी बीमारी को इस तरह सार्वजनिक करना और बिना अनुमति उसकी व्यक्तिगत स्थिति को सामने लाना भी गंभीर विषय है। ऐसे में यह कृत्य समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। बन सकती है समाज में आक्रोश की स्थितिकमेटी ने यह भी कहा कि ईद का पर्व दो-तीन दिन बाद है और परंपरा के अनुसार शहर काजी ईदगाह में नमाज पढ़ाते हैं। ऐसे समय में अचानक इस तरह का फतवा सार्वजनिक मंचों पर वायरल होना कई सवाल खड़े करता है। इससे समाज में आक्रोश की स्थिति बन रही है और शहर का माहौल बिगड़ने की आशंका है। साजिश की आशंका जताई कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज होता है, जिसे मांगने वाले को दिया जाता है, लेकिन उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना कहीं न कहीं साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि कुछ लोग शहर काजी के खिलाफ माहौल बनाकर उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम आज शाहजहांनाबाद थाने आए और आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। ‘फतवा लेने, देने और वायरल करने वालों की जांच हो’ कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी को फतवे की प्रति भी सौंपी है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा फतवा देने वाले, फतवा लेने वाले और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले (तीनों) की जांच होनी चाहिए। ईद से चार दिन पहले इस तरह का फतवा वायरल कर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। हम चाहते हैं कि तुरंत कार्रवाई हो और सच्चाई सामने आए। पुलिस बोली- वायरल करने वालों की होगी जांच शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की ओर से आवेदन दिया गया है, जिसमें फतवा जारी होने और उसके वायरल होने की शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि फतवा किसने वायरल किया। चौहान ने कहा कि ईद को लेकर पहले ही प्रशासन की बैठक शहर काth के साथ हो चुकी है और ईदगाह सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए… प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते शहर काजी दारुल इफ्ता जाम-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल के नाम से जारी इस दस्तावेज में पूछे गए सवाल में लिखा है कि “किसी शहर के काजी साहब” जो प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित हैं और जिन्हें पेशाब की बूंदें आने की समस्या है, क्या उनके पीछे नमाज पढ़ना सही होगा या नहीं। इसी सवाल के जवाब में फतवा जारी किया गया है। जवाब में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता। अगर किसी ने ऐसे व्यक्ति के पीछे फर्ज नमाज पढ़ ली हो तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत होगी। पढ़ें पूरी खबर
हाटा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मोहन वर्मा का दावा है कि पिछले चार साल में क्षेत्र में सड़क, पुल, लाइट और धार्मिक स्थलों के विकास समेत कई काम कराए गए हैं। उनका कहना है–सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। बिरला शुगर मिल से जुड़े जमीन अधिग्रहण विवाद पर मैं किसानों के साथ हूं। किसान उचित मुआवजा चाहते हैं। जो विकास कार्य मेरे क्षेत्र में हुए हैं वो जनता के आशीर्वाद से संभव हुआ है। भास्कर रिपोर्टर ने विधायक से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: बीते 4 साल में सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पूरे विधानसभा क्षेत्र में लागू कराया गया। सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ, लाइट लगवाई गई और कई धार्मिक स्थलों का विकास कराया गया। कर्महा मठ, मंझरिया देवी, बंजारा देवी और सोनमती माता जैसे स्थलों का भी विकास कराया गया। हाटा-पिपराइच और हाटा-कप्तानगंज मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी है। सवाल: विधायक निधि का उपयोग कहां किया? जवाब : मुख्यमंत्री राहत कोष से चार साल में करीब 25 करोड़ रुपए गरीबों के इलाज के लिए दिलवाए गए। जहां से मदद नहीं मिल पाई, वहां विधायक निधि से आर्थिक सहायता दी गई। गांवों में सड़क, लाइट, विवाह भवन जैसे कई काम कराए गए। जिले में पहला उत्सव भवन भी बनवाया गया। सवाल: अगर दोबारा मौका मिला तो प्राथमिकता क्या होगी? जवाब : मेरा प्रयास रहता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन और सामूहिक विवाह योजना का लाभ क्षेत्र के लोगों को दिलाया गया है। आगे भी इसी दिशा में काम करेंगे। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब : मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी मौका देगी तो सेवा करता रहूंगा। अगर मौका नहीं मिला तो जिसे भी टिकट मिलेगा, उसके साथ मिलकर उसे जिताने का काम करूंगा। सवाल : अपने काम को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब : मैं अपने काम को 10 में से 10 नंबर दूंगा, क्योंकि यह सब जनता के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। सवाल : बिरला शुगर मिल के जमीन विवाद पर क्या कहेंगे? जवाब : यह मामला पिछली सरकार के समय का है, जब किसानों की जमीन कम कीमत पर अधिग्रहित कर पैसा कोर्ट में जमा करा दिया गया था। किसान आज भी परेशान हैं। हम किसानों के साथ हैं। मिल भी लगे और किसानों को उचित मुआवजा भी मिले, यही हमारा प्रयास है।
Rangpanchami Special Thandai: रंगपंचमी पर बनाएं भांग की ठंडाई, होगा त्योहार का आनंद दोगुना
Bhang ki Thandai Recipe: होली- रंगपंचमी एक और पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोग रंगों में रंगकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं। इस दिन का महत्व केवल रंगों के खेलने में नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी परंपराओं और विशेष पेय ...
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

