नेटबंदी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनाती... 3 किमी सील कर 5 धार्मिक स्थल हटाए
जयपुर| राजधानी में भारी पुलिस जाप्ते के बीच जेडीए ने सड़क सीमा में आ रहे 5 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने पूरे शहर में 24 घंटे की नेटबंदी कर 3 हजार पुलिसकर्मियों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया। सुबह 6 बजे जेडीए का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा और सबसे पहले 45 साल पुरानी नूरानी मस्जिद हटाई गई। मस्जिद हटाने के लिए जेसीबी से पिलर पंचर किया गया। इसके बाद शिव और भोमिया जी का मंदिर, एक मजार और एक सत्संग भवन को हटाया गया। कार्रवाई से पहले इलाके में जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया। प्रशासन ने देर रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए नेटबंदी कर दी थी। दिनभर इंटरनेट बंद रहा और इसी दौरान जेडीए ने कार्रवाई की। गौरतलब है कि जेडीए ने 22 मई को नंदपुरी से गेटोर रोड को कनेक्ट करने वाली सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए 122 अतिक्रमण हटाए थे। कुछ मकानों और पांच धार्मिक स्थलों को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। धार्मिक स्थल स्वयं नहीं हटाने पर जेडीए ने कार्रवाई की। अब जेडीए रेलवे लाइन के समानांतर गेटोर रोड तक यहां 80 फीट चौड़ी सड़क बनाएगा।
रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र में वक्फ बोर्ड की कथित 253 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल में जुम्मे की नमाज के बाद ताजुल मस्जिद परिसर के बाहर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया और मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और इसमें प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कांग्रेस नेता इरफान दुर्रानी पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ की जमीनों के लेन-देन का मामला केवल बाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें भोपाल तक फैली हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों को खुर्द-बुर्द कर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियां मुस्लिम समाज की अमानत हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं व प्रशासन की है। यदि किसी ने इन जमीनों की खरीद-फरोख्त या बंदरबांट में भूमिका निभाई है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कमेटी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीनों के सौदों में किन-किन लोगों की भूमिका रही और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ।
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होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
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