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पैगंबर हजरत मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप:मुस्लिम त्योहार कमेटी ने थाने में दिया आवेदन, FIR की मांग

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने शहर का सियासी और सामाजिक तापमान बढ़ा दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फेसबुक पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में कमेटी की ओर से थाना अशोका गार्डन में लिखित शिकायत सौंपी गई। कमेटी का आरोप है कि फेसबुक पर सुरेंद्र अहिरवार नामक व्यक्ति ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर अभद्र, अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणी की, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में कहा गया है कि यह पोस्ट न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकती है। कमेटी ने कहा-कार्रवाई नहीं हुई तो पुनरावृत्ति होगी शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण मंशा से किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना और धार्मिक आधार पर तनाव उत्पन्न करना है। कमेटी ने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153A सहित धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं, जिससे सामाजिक शांति प्रभावित होगी। कमेटी ने पुलिस प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 2:36 pm

सरस्वती पूजा पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत:अररिया के बजरंगबली मंदिर में भक्ति गीत और जट-जटिन नाटक का मंचन

अररिया शहर के विश्वास टोला स्थित बजरंगबली मंदिर प्रांगण में मां सरस्वती की पूजा धूमधाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर स्थानीय स्कूली बच्चों ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। मंदिर परिसर में मां सरस्वती की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई थी। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जिसमें फूल, माला, अगरबत्ती और मंत्रोच्चार का प्रयोग किया गया। पूजा समाप्त होने के बाद, रात करीब 8 बजे मंदिर प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छोटे-छोटे बच्चों ने मंच पर भक्ति गीत, राष्ट्रभक्ति गीत और पारंपरिक 'जट जटिन' नाटक का मंचन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। वार्ड पार्षद ने अभिभावकों का आभार किया व्यक्त कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद श्याम मंडल और क्षेत्र के प्रमुख बुद्धिजीवियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पार्षद श्याम मंडल ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने मंदिर समिति और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। इस सांस्कृतिक संध्या में मुस्कान, खुशी, ललीता, प्रितम, लक्ष्मी, सोनाक्षी, दीपा, संध्या सहित दर्जनों बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों ने गीत-संगीत के साथ-साथ नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिए। दर्शकों ने बच्चों को जोरदार तालियों से प्रोत्साहित किया। यह कार्यक्रम न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि स्थानीय समुदाय में बच्चों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी साबित हुआ। बजरंगबली मंदिर परिसर देर रात तक भक्ति और उत्साह की गूंज से गूंजता रहा।

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 11:05 am

चेहराकलां में 78 जगहों पर सरस्वती पूजा का आयोजन:प्रशासन की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण माहौल, छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए

चेहराकलां प्रखंड के कटहरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सरस्वती पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। थाना क्षेत्र में कुल 78 लाइसेंसी सरस्वती पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। कटहरा थाना प्रभारी संजीव कुमार दुबे ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पूजा स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी गई। विशेष रूप से अति संवेदनशील पंचायतों में पुलिस बल तैनात किया गया था। थाना प्रभारी ने स्वयं भी पूरे क्षेत्र में गश्त की। पूरे क्षेत्र में पूजा का माहौल शांतिपूर्ण रहा। विभिन्न शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और मोहल्लों में मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की गई। पूजा आयोजकों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर आकर्षक पंडाल और सजावट भी देखने को मिली। कटहरा चौक स्थित शिक्षण संस्थान में बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 23 जनवरी को मनाया गया। यह दिन ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त होता है, इसलिए विद्यार्थी विशेष अनुष्ठान करते हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 6:19 pm

रंगोत्सव में सजेगा ब्रज:कान्हा की नगरी ब्रज में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति का एक महापर्व

कान्हा की नगरी ब्रज में आनंद और उल्लास का महापर्व होली ने दस्तक दे दी है। यहां होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे 40 दिनों तक चलने वाला एक अलौकिक उत्सव है। यहां बसंत पंचमी के साथ ही हवाओं में अबीर- गुलाल की खुशबू घुलने लगती है। बसंत पंचमी से ब्रज में होली के उल्लास की विधिवत शुरुआत हो गयी । योगी सरकार ने ब्रज की इस अलौकिक परंपरा को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए 'रंगोत्सव 2026' की भव्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं जिला प्रशासन इस बार भी होली को दिव्य और भव्य बनाने में जुटा है। देश-विदेश के श्रद्धालु इस दिव्य रंगोत्सव में शामिल होंगे। बसंत पंचमी पर गड़ेगा होली का डांडा ब्रज में होली की विधिवत शुरुआत बसंत पंचमी से मानी जाती है। इस दिन ब्रज के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ 'होली का डांडा' गाड़ा जाएगा। यह प्रतीक है कि कान्हा की नगरी में अब रंगों के त्योहार होली का आगमन हो चुका है। बसंत पंचमी से ही मंदिरों में ठाकुर जी को गुलाल लगाया जाना शुरू हो जाएगा और समाज गायन के साथ फाल्गुन के गीतों की स्वर लहरियां गूंजने लगेंगी। अगले 40 दिनों तक भक्त और भगवान प्रेम और भक्ति के रंगों में सराबोर रहेंगे। रंगोत्सव में सजेगा ब्रज रंगोत्सव 2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मथुरा के विभिन्न स्थानों पर 23 भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इनमें बरसाना में 5, नंदगांव में 4, मथुरा में 5, रावल, गोकुल, बलदेव और फालैन में 2- 2 तथा महावन में 1 द्वार शामिल है। इसके अलावा, बरसाना, नंदगांव और मथुरा के प्रमुख स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए 25 छोटे स्टेज भी बनाए जाएंगे। पर्यटकों के लिए मथुरा के प्रमुख स्थलों पर 12 सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे। प्रमुख मंदिरों में होगी विशेष लाइटिंग योगी सरकार ने इस बार लाइटिंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। श्री राधा रानी मंदिर (बरसाना) और श्री नंद मंदिर (नंदगांव) में विशेष फसाड लाइटिंग ) की जाएगी। इसके अलावा, मथुरा के होली गेट, विश्राम घाट, गाजीपुर मंदिर, संकेत मंदिर, रावल स्थित राधा रानी मंदिर, गोकुल के नंद किला, फालैन के प्रहलाद मंदिर और बलदेव के दाऊजी मंदिर पर भव्य सजावट की जाएगी। 800 कलाकार बिखेरेंगे संस्कृति के रंग रंगोत्सव केवल रंगों का ही नहीं, बल्कि ब्रज की लोक कला का भी उत्सव है। 24 और 25 फरवरी को बरसाना स्थित राधा बिहारी इंटर कॉलेज में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बार 70 से अधिक सांस्कृतिक समूहों के 800 से ज्यादा कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिलेगा, जिससे ब्रज की लोक संस्कृति जीवंत हो उठेगी। 25 फरवरी को लठ्ठमार होली होली के कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार होली होगी, जो इस बार 25 फरवरी 2026 को खेली जाएगी। इससे एक दिन पहले, 24 फरवरी को राधारानी मंदिर में 'लड्डू होली' का आयोजन होगा, जहां भक्तों पर प्रसाद रूपी लड्डुओं की बरसात की जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं रंगोत्सव में गहरी रुचि रखते हैं और अक्सर इसमें शामिल होकर संतों के साथ होली खेलते हैं। इस बार भी मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जाए।

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 5:10 am

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राजस्थान दौरे पर, सांस्कृतिक कार्यक्रम मर्यादा महोत्सव होंगे शामिल

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को राजस्थान के छोटी खाटू में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम मर्यादा महोत्सव में भाग लेंगे। वह बुधवार से दो दिन के राजस्थान दौरे पर हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक रमेश अग्रवाल ने बताया कि आरएसएस प्रमुख का यह दौरा राजस्थान में उनके तय संगठनात्मक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है। मोहन भागवत बुधवार को हवाई जहाज से जयपुर पहुंचे और फिर किशनगढ़ गए, जहां वे रात भर रुके। इस बीच, बाद में दिन में, मोहन भागवत मर्यादा महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए छोटी खाटू जाएंगे। जाने-माने जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य महाश्रमण भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मर्यादा महोत्सव भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं को दिखाता है और अनुशासन, नैतिक आचरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर जोर देता है। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मोहन भागवत जयपुर लौटेंगे और शहर में रात रुकेंगे। अपने प्रवास के दौरान, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों से भी बातचीत करेंगे और क्षेत्र में सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित मामलों पर चर्चा करेंगे। वह 23 जनवरी की सुबह हवाई जहाज से रवाना होंगे, जिसके साथ ही उनका राजस्थान दौरा समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के अवसर पर अपने सौ साल पूरे किए और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का वादा किया। शताब्दी वर्ष के दौरान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा देश भर में विजयादशमी समारोह, युवा सम्मेलन, घर-घर संपर्क, हिंदू सम्मेलन, सामाजिक सद्भाव समावेश और प्रमुख नागरिकों के साथ विचार-विमर्श जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। संघ परिवार ने अपने 100वें वर्ष में भी देश भर में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, नीति निर्माताओं और समाज सेवकों के साथ अपना संवाद जारी रखा है और पिछले नवंबर में बेंगलुरु में मोहन भागवत ने एक विशेष व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित किया था।

देशबन्धु 22 Jan 2026 9:40 am

पोर्टब्लेयर में कठपुतली शो दिखाने के साथ लोक नृत्य की प्रस्तुति देगा लोक कला मंडल का दल

उदयपुर| भारतीय लोक कला मंडल का 11 सदस्यीय दल श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर), अंडमान और निकोबार में होने वाले पराक्रम दिवस-2026 कार्यक्रम में प्रस्तुति देगा। इसके लिए बुधवार को रवाना हुआ। संस्था के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि 23 से 25 जनवरी तक केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के साझे में होने वाले इस कार्यक्रम में हमारा दल कठपुतली नाटिका काली बाई और भवाई लोक नृत्य की प्रस्तुति देगा। कठपुतली नाटिका काली बाई का निर्माण वर्ष 2019 में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के आर्थिक सहयोग से किया गया था। यह नाटिका वीर बालिका काली बाई के जीवन और बलिदान पर आधारित है। कार्यक्रम में राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों के पारंपरिक लोक नृत्य भवाई की प्रस्तुति भी शामिल होगी।

दैनिक भास्कर 22 Jan 2026 4:00 am

बांका में वास्तु विहार परियोजना का भूमि पूजन:मनोज तिवारी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में समां बांधा, हां हम बिहारी हैं जी पर झूमें लोग

बांका शहर के देवदा, बेलहर रोड पर सोमवार को वास्तु विहार द्वारा प्रस्तावित आवासीय परियोजना के अंतर्गत भूमि पूजन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांसद, सुप्रसिद्ध गायक एवं भोजपुरी सिनेमा के महानायक मनोज तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ भोजपुरी अभिनेत्री शुभी शर्मा तथा वास्तु विहार के सीएमडी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह के दौरान फीता काटकर वास्तु विहार बांका परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम सोमवार संध्या तक चली। मनोज तिवारी ने दी प्रस्तुती भूमि पूजन के उपरांत कार्यक्रम सांस्कृतिक रंग में रंग गया। सांसद मनोज तिवारी ने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर शहरवासियों को पूरी तरह आनंदित और रोमांचित कर दिया। उन्होंने भक्ति गीतों से लेकर “हां हम बिहारी हैं” जैसे चर्चित गीत गाए, जिनकी गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी। इसके साथ ही “बगल वाली को भी नहीं छोड़ा” और “आइटम बम” जैसे गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। उनके साथ मंच पर मौजूद अभिनेत्री शुभी शर्मा ने अपने लाइव डांस से माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। शुभी शर्मा की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई। मनोज तिवारी ने इस दौरान बिहारी अंदाज में गमछा घूमाते हुए कहां हां हम बिहारी हैं जी, इसके बाद दर्शक भी गमछा घुमा कर कहने लगे हां हम बिहारी हैं जी। मनोज तिवारी और शुभी शर्मा का भव्य स्वागत इससे पूर्व वास्तु विहार की टीम के नेतृत्व में शहर के बिजयनगर चौक पर मनोज तिवारी और शुभी शर्मा का भव्य स्वागत किया गया। दोनों कलाकारों ने जनता का अभिवादन स्वीकार किया, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यक्रम से पहले मनोज तिवारी और शुभी शर्मा द्वारा बांका शहर में एक भव्य रोड शो भी किया गया। यह रोड शो वास्तु विहार की आवासीय परियोजना के प्रचार-प्रसार को लेकर आयोजित किया गया था, जिसे देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोड शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जैसे ही मनोज तिवारी ने हाथ में माइक थामा, भीड़ से “जियो हो बिहार के लाला” के नारे गूंज उठे। इसके बाद भोले बाबा का गीत गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। पुलिस कर्मियों को 5 प्रतिशत की विशेष छूट बिहार के नाम लोकगीतों और भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर उन्होंने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने एक से बढ़कर एक गीत गाकर लोगों का दिल जीत लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने गीत की पंक्तियां गुनगुनाते हुए कहा, “अरे बांका में शिलान्यास किया, हम बांका के आभारी हैं जी, वास्तु बिहारी है जी, थोड़े संस्कारी है जी।” उन्होंने आगे बताया कि वास्तु विहार सैनिकों और देश सेवा में लगे लोगों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखते हुए आवास उपलब्ध करा रही है। देश की सेवा करने वाले सैनिकों, पत्रकारों और पुलिस कर्मियों को कुल भुगतान में 5 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वास्तु विहार का मूल उद्देश्य आम लोगों को सस्ते, सुरक्षित और सुविधाजनक बंगले एवं फ्लैट उपलब्ध कराना है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति अपने सपनों का घर बना सके।

दैनिक भास्कर 20 Jan 2026 7:25 am

जगदीशपुर में तीन दिवसीय माघी काली मेला का शुभारंभ:स्थापित हुई मां काली की प्रतिमा, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आयोजित; कलाकारों की टीम पहुंची

भागलपुर के जगदीशपुर बाजार में परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले 3 दिवसीय माघी काली मेला का भव्य शुभारंभ मां काली की प्रतिमा स्थापना के साथ हुआ। प्रतिमा स्थापना के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु मां काली के दर्शन के लिए जगदीशपुर पहुंच रहे हैं। मां काली के जयकारों से पूरा बाजार और मेला परिसर गूंज उठा है। उल्लेखनीय है कि पिछले 35 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस माघी काली मेला ने क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। माघ माह में आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन चुका है। पूजा समिति की ओर से इस वर्ष भी आयोजन को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से प्रसिद्ध राहुल ग्रुप अपनी पूरी टीम के साथ जगदीशपुर पहुंच चुका है। मेला परिसर में स्वयं सेवकों की तैनाती समिति के अनुसार विधिवत फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इन कार्यक्रमों में नृत्य, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार श्रद्धालुओं और दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। मेला आयोजन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर में स्वयं सेवकों की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना और मेले का आनंद उठा सकें। पूजा समिति के अध्यक्ष अवकार मंडल ने बताया कि माघी काली मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है और इसे सफल बनाने में ग्रामीणों तथा स्थानीय व्यापारियों का अहम योगदान रहता है। वहीं, पूजा-पाठ संपन्न कराने वाले पंडित आलोक झा ने कहा कि मां काली की विशेष पूजा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 7:39 pm

क्या हिंदू त्योहार से दूर हो रहा लालू परिवार:संक्रांति पर सूना रहा राबड़ी आवास, कुर्ता फाड़ होली की जगह हैलोवीन, इफ्तार पार्टी जारी

मकर संक्रांति बीत गई, लेकिन न राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ, न गरीबों को खिचड़ी मिली, न नेताओं ने दही चूड़ा का आनंद लिया। केवल मकर संक्रांति ही नहीं, पिछले कुछ वर्षों में 10 सर्कुलर में न होली का रंग बचा और न छठ महापर्व की रौनक। तेजस्वी यादव के हाथ में राजद की बागडोर है। वह सांस्कृतिक रूप से पिता लालू यादव से इतर राह पर चलते दिख रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पर्वों पर उनकी एक्टिविटी को देखें तो एक बात साफ नजर आती है। हिंदू त्योहार से दूरी और दूसरे धर्म के पर्वों से करीबी बढ़ती जा रही है। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पावर शिफ्टिंग के साथ कैसे बदला राबड़ी आवास में मनाए जाने वाले वाले पर्व का जश्न। जब लालू ने लगाया था नीतीश के माथे पर दही का टीका साल 2017। बिहार में 15 महीना पहले पूर्ण बहुमत के साथ महागठबंधन की सरकार बनी थी। लालू प्रसाद यादव की अगली पीढ़ी (बेटे तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव) ने मंत्री पद की शपथ ली थी। दिसंबर बीतते-बीतते नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई। सियासी गलियारे में कई तरह की खिचड़ी पक रही थी। इस बीच खरमास बीता और मकर संक्रांति का त्योहार आया। हर साल की तरह इस साल भी लालू यादव ने राबड़ी आवास में बड़े भोज का आयोजन किया। बिहार भर से उनके चाहने वालों का जुटान हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया था। उस साल की मकर संक्रांति की एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी। इसमें नीतीश कुमार और लालू यादव खिलखिलाते हुए एक दूसरे को दही का टीका लगा रहे थे। तस्वीर के साथ मैसेज भी बाहर आया कि ऑल इज वेल है। और 6 महीने तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा, उसके बाद सरकार बदली। मकर संक्रांति पर दही–चूड़ा भोज का ये एक उदाहरण है कि कैसे लालू ने कई बार इसी भोज के सहारे सरकारें तक पलट दीं। लालू ने शुरू किया था दही-चूड़ा भोज का रिवाज 1990 में लालू प्रसाद ने बिहार की सियासत की बागडोर अपने हाथ में ली। लालू के जमाने के जानकार बताते हैं, सीएम बनने के दो-तीन साल के बाद लालू यादव ने सीएम आवास पर दही-चूड़ा भोज के रिवाज की शुरुआत की थी। वह लगातार दो दिनों तक इसका आयोजन करते थे। पहले दिन बड़े नेताओं को बुलाया जाता था। दूसरे दिन वे सीएम हाउस के आसपास रहने वाले झुग्गी के लोगों और अपने कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते थे। अपने हाथों से खाना परोसते थे। धीरे-धीरे यह बिहार के सियासत का रिवाज बन गया। सभी पार्टी के नेताओं ने इसे अपनाया। अब मौजूदा तस्वीर समझिए इस बार मकर संक्रांति पर पिछले एक सप्ताह में बिहार की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन राबड़ी आवास पर सन्नाटा पसरा रहा। मामला केवल सन्नाटे भर का नहीं रहा। तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी कहीं दही-चूड़ा पर भोज खाते नहीं दिखे। ऐसा कई वर्षों बाद अचानक दिखा। हालांकि लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर लालू के अंदाज में दही चूड़ा भोज करने की कोशिश की। वे सफल भी रहे। बताया जाता है कि लालू यादव घर के अंदर विरोध के बावजूद तेजप्रताप के भोज में पहुंचे। लेकिन तेजस्वी निमंत्रण के बाद भी वहां नहीं गए। फिलहाल तेजप्रताप पार्टी और परिवार दोनों जगह से निष्कासित हैं। जिस छठ के लिए ठाकरे से टकराए थे लालू, वो 5 साल से नहीं मना 2008 में मनसे नेता राज ठाकरे ने कहा था, ‘बिहार से आए लोग 'छठ का ड्रामा' करके मुंबई में वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ लालू यादव पहले नेता थे, जिन्होंने न केवल राज ठाकरे को करारा जवाब दिया, बल्कि पूरे बिहार में उनका पुतला जलवाया था। उन्होंने मुंबई में आकर छठ करने की चुनौती दी थी। बिहार में छठ हो और लालू यादव की चर्चा न हो, ऐसा संभव नहीं था। 4 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर राबड़ी आवास के भीतर एक अलग ही फिजा रहती थी। राबड़ी देवी छठ पर्व करती थीं। लालू खुद बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लेते थे। राज्य भर के नेता उनके यहां प्रसाद खाते थे। अब मौजूदा तस्वीर समझिए 2017 में आखिरी बार राबड़ी आवास में छठ मनाई गई थी। 2018 से राबड़ी देवी अलग-अलग कारणों से छठ नहीं कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लालू यादव की खराब सेहत को बताया जाता है। पिछले एक साल में लालू फैमिली के सोशल मीडिया को खंगालने पर पता चलता है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव छठ महापर्व पर बस एक पोस्टर जारी कर शुभकामनाएं देते रहे हैं। न वे घाट पर गए और न अर्घ्य देते, उनकी कोई तस्वीर मिलती है। हालांकि अभी तक छठ उनकी मां राबड़ी देवी ही करती रहीं हैं। चर्चित रही है लालू की कुर्ताफाड़ होली बिहार में होली मतलब लालू यादव की होली। दही-चूड़ा की तरह होली को भी लालू यादव पूरे आनंद से मनाते थे। होली पर उनके घर के दरवाजे कार्यकर्ताओं के लिए खुले रहते थे। लालू खुद सभी को रंग लगाते, उनसे रंग लगवाते। वह अपने करीबियों का कुर्ता फाड़ने के लिए भी मशहूर थे। अब मौजूदा स्थिति जानिए खराब सेहत के कारण लालू यादव रंग से दूर हो गए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव ने लालू की इस परंपरा को लगभग समाप्त कर दिया है। होली के दौरान उनकी तरफ से जारी किए गए पोस्ट को देखें तो होली के दिन उनकी एकमात्र वीडियो है, जिसमें वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव के पैर पर गुलाल डालते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा कुछ न्यूज चैनलों की तरफ से आयोजित होली मिलन समारोह में शिरकत करते हुए दिखे हैं। इसके अलावा राबड़ी आवास में बहुत कुछ एक्टिविटी नहीं हुई है। लालू की तरह इफ्तार पार्टी में जरूर शामिल हो रहे तेजस्वी ऐसा नहीं है कि लालू केवल होली और छठ ही धूमधाम से मनाते रहे हैं। वे हर साल अपने आवास पर रमजान के महीने में भव्य इफ्तार पार्टी का भी आयोजन करते थे। तेजस्वी यादव ने इस परंपरा को बखूबी जारी रखा है। 2025 में भी राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर लालू परिवार की तरफ से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। उसमें वे शामिल हुए थे। केवल पटना ही नहीं दरभंगा, पूर्णिया व अन्य जिलों में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी वे शरीक हुए थे। पहली बार राबड़ी आवास में हैलोवीन मनाया गया राबड़ी आवास में अभी तक अमूमन शुद्ध देसी त्योहार का जश्न मनाया जाता रहा है, लेकिन इस साल विदेशी त्योहार का भी आयोजन किया गया। 31 अक्टूबर की शाम राबड़ी आवास में हैलोवीन की धूम रही। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने इसका वीडियो शेयर किया था, जिसमें लालू प्रसाद अपने नाती-पोती के साथ हैलोवीन मनाते हुए दिख रहे थे। सभी उसी तरह की वेशभूषा और मास्क पहने हुए थे। इसके बाद लालू यादव की खूब आलोचना भी हुई थी। यूरोप में क्रिसमस और न्यू ईयर मनाकर लौटे तेजस्वी लालू प्रसाद यादव नए साल का स्वागत अपने कार्यकर्ताओं के साथ राबड़ी आवास में करते थे। अब ये प्रथा भी बदल गई। न्यू ईयर और क्रिसमस दोनों मौकों पर राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। कारण तेजस्वी यादव छुट्टियां मनाने विदेश गए थे। उन्होंने अपनी पत्नी राजश्री और बच्चों के साथ यूरोप की सैर की। वहीं, न्यू ईयर का स्वागत किया और क्रिसमस मनाया।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 5:30 am

महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा: विधायक

भास्कर न्यूज|लोहरदगा रांची के जगन्नाथपुर स्थित आनीटीली के बगल डीपरा मैदान में महाकवि घासीराम महली केंद्रीय स्मारक समिति एवं महली जनजाति विकास मंच, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में महाकवि घासीराम की 167वीं जयंती सह मेला भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11:00 बजे महाकवि घासीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि बंधु तिर्की, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी, तथा नवीन जयसवाल, विधायक, हटिया विधानसभा क्षेत्र, रहे। इसके अलावा पूर्व पार्षद किसन कुमार, आनंद मूर्ति और पार्षद उम्मीदवार परमेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। महली जनजाति विकास मंच के अध्यक्ष ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए जयंती का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल ने महाकवि घासीराम महली की काव्य-परंपरा और उनके योगदान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा है, जो बांस वाद्य, गीत-संगीत और नागपुरी संगीत में विशेष योगदान देता है। डॉ. संजय सारंगी, डॉ. अजय नाथ शाहदेव और प्रो ब्लासियस पन्ना ने भी महाकवि घासीराम के साहित्यिक और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। सांस्कृतिक संध्या में नागपुरी लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। लोक कलाकार महावीर साहू, बिमला देवी, सुखदेव महली सहित अनेक कलाकारों ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उड़ीसा, आसाम, राउकेला, गुमला, लोहरदगा, मांडर, रांची और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, समाजसेवी और कलाकार भी उपस्थित थे। इस भव्य आयोजन में डॉ. बुटन महली और हरि नारायण महली की विशेष भूमिका रही। आयोजन समिति ने अंत में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और जयंती को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 4:00 am

Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम

Bihu 2026 Cooking Guide: बिहू फसल कटाई के उत्सव हैं। पोंगल में जहां चावल और गुड़ की प्रधानता होती है, वहीं बिहू में चावल और तिल से बने 'पीठा' मुख्य होते हैं। बिहू के दिन असम में बनाए जाने वाले व्यंजन न केवल पारंपरिक होते हैं बल्कि सेहत के लिहाज से ...

वेब दुनिया 9 Jan 2026 10:40 am

होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस

फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

वेब दुनिया 22 Feb 2025 11:30 am