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राजस्थान आवासन मण्डल खेलकूद प्रतियोगिता जयपुर में शुरू, हस्तशिल्प को मिली नई पहचान

जयपुर में 19 मार्च से आवासन मण्डल की 30वीं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन होगा, वहीं एनएचडीपी योजना से राजस्थान के 3255 शिल्पकारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

प्रातःकाल 19 Mar 2026 1:16 pm

भागलपुर में सड़क पर बह रहा नाले का पानी:बदबू और गंदगी से बढ़ी परेशानी; लोगों का आरोप- त्योहार के समय ही काम शुरू होता है

भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से नगर निगम की ओर से नाला उड़ाही का काम किया जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि नाले से निकाली गई गंदगी और गाद को सड़क के बीचों-बीच छोड़ दिया गया है। दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है। राहगीर और वाहन चालक भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम बिना किसी ठोस प्लानिंग के चैत्र नवरात्र के समय ऐसे काम शुरू कर देता है। सफाई अभियान की दूसरी डरावनी तस्वीर यह है कि यहां तैनात सफाईकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। बिना ग्लव्स, हेलमेट और बिना सेफ्टी जूतों के कर्मचारी गहरे नाले के अंदर उतरे हुए हैं। यह दृश्य स्मार्ट सिटी के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। क्या प्रशासन को इन मजदूरों की जान की कोई फिक्र नहीं है। पर्व-त्योहार के समय ही काम किया जाता है स्थानीय पंकज ने बताया कि यहां की स्थिति बहुत खराब है। नगर निगम को नाली उड़ाही का काम तब ही समझ में आता है, जब बरसात का मौसम आता है या फिर कोई पर्व होता है। अभी पर्व का समय है, इस रास्ते से लोग मंदिर जाएंगे। फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है वहीं, वार्ड पार्षद संजय सिन्हा का कहना है कि अभी आउटसोर्सिंग के माध्यम से नालों की सफाई कराई जा रही है। जो कर्मचारी सफाई कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से न तो उन्हें बूट दिया गया है और न ही ग्लव्स। जबकि इसको लेकर हम लोगों ने मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई है। इसके बाद भी निगम कर्मियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। निगम भी आउटसोर्सिंग एजेंसी पर दबाव नहीं बना रहा है, जिसका नतीजा है कि आज शीतला स्थान चौक नरक बना हुआ है। लोग नाक पर कपड़ा ढंककर गुजरने को मजबूर हैं। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। यह समय पूजा का है, साथ ही ईद का भी समय है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 1:05 pm

गोसिया मस्जिद को धार्मिक स्थल मानने से HC का इंकार:1995 की परंपरा जारी रहेगी, कहा- निजी स्थान पर पूजा-पद्धति करने से नहीं रोका जा सकता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की गौसिया मस्जिद को धार्मिक स्थल मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने 1995 से चली आ रही परंपरा को जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके निजी परिसर में पूजा-पद्धति करने से नहीं रोका जा सकता, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। यह पूरा मामला संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना हयात नगर क्षेत्र के गांव धनेटा सतीपुरा में गाटा संख्या 291 पर बनी गौसिया मस्जिद से संबंधित है। 27 फरवरी को न्यायमूर्ति अतुल श्रीधन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने मुनाजिर खान की याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। बेंच ने संभल के डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि उन्हें लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या अपना तबादला करवा लेना चाहिए। 16 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच ने जिला प्रशासन के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें संभल की मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित की गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने अपनी याचिका में बताया था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसकर्मी आए थे। उन्होंने निर्देश दिया था कि मस्जिद में केवल 20 लोग ही नमाज पढ़ सकते हैं और एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर खान ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई और 16 मार्च को हाईकोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया। हयातनगर गांव में 2700 से अधिक लोग निवास करते हैं। यहां 450 वर्गफीट क्षेत्र में गौसिया नाम की मस्जिद स्थित है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन का गाटा नंबर 291 है। दस्तावेज़ों में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर दर्ज है।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 12:57 pm

माधव विश्वविद्यालय में राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

सिरोही स्थित माधव विश्वविद्यालय में टीवीसीसी और एनएसएस के तत्वावधान में विद्यार्थियों ने प्रदेश की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास के संरक्षण का संकल्प लिया।

प्रातःकाल 19 Mar 2026 11:09 am

यूपी सरकार बोली-निजि संपत्ति में नमाज को नहीं रोकते:हाईकोर्ट ने कहा-निजी संपत्ति या धार्मिक स्थल में नमाज पढ़ने पर कोई रोक नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में कथित मस्जिद में रमजान में अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट ने कहा है कि फोटोग्राफ से स्पष्ट है कि वह स्थल मस्जिद नहीं है। याचियों को निर्देश दिया है कि 1995 से चली आ रही परंपरा का कड़ाई से पालन करें। कोर्ट ने कहा कि याची ने सही जानकारी नहीं दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी अपने विश्वास व आस्था के अनुरूप निजी संपत्ति या धार्मिक स्थल पर पूजा करने या नमाज पढ़ने का अधिकार है, इसपर कोई रोक नहीं है। यदि कोई इसमें बाधा डालता है तो सरकार संज्ञान लेगी और जरूरत के अनुसार स्थल व पूजा करने वाले लोगों को सुरक्षा देगी। सरकार ने भी हाईकोर्ट में साफ कहा कि किसी की निजी संपत्ति में पूजा या नमाज पढ़ने पर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह आदेश मुनाजिर खान की याचिका पर दिया है। राज्य पूजा, नमाज में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा कोर्ट ने कहा राज्य ने एक बार फिर वही बात दोहराई है जो उसने पहले भी कही थी कि राज्य किसी भी संप्रदाय द्वारा अपनी निजी संपत्तियों में या अपने-अपने पूजा स्थलों पर की जाने वाली पूजा में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा। कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 की व्याख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत में इस्लामी धर्म के अनुयायियों को कोई विशेष दर्जा प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद 25 भारत में प्रत्येक धर्म और आस्था को अपने धर्म को मानने (अपनी आस्था घोषित करने), उसका आचरण करने (रीति-रिवाज, प्रार्थना, समारोह आयोजित करने और त्योहार मनाने) और उसका प्रचार करने का समान और अपरिवर्तनीय अधिकार देता है;। यह अधिकार बिना किसी किंतु-परंतु के सभी पर समान रूप से लागू होता है।, बशर्ते यह लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन हो। कोर्ट ने कहा यह अनुच्छेद 25 ऐसे कार्यों और भाषणों को भी प्रतिबंधित करता है जिनमें एक धार्मिक संप्रदाय को दूसरे के विरुद्ध खड़ा करके लोक व्यवस्था को बिगाड़ने की प्रवृत्ति हो।; ऐसा निषिद्ध कार्य अनुच्छेद 25 के संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएगा और उस व्यक्ति को आपराधिक कानून की पूरी कठोरता का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा यह अधिकार एक नास्तिक को भी लॉजिक, कारण और साइंस के आधार पर यह मानने, प्रैक्टिस करने और उसे फैलाने में मदद करता है कि कोई भगवान नहीं है। इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की यही शान कोर्ट ने कहा धरती के 1.4 अरब इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की शान इसके लचीलेपन और उस ताकत में है, जो इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई विविधता से आती है,। इस धरती पर कोई भी दूसरे देश की तरह नहीं का नहीं है, जहाँ हर धर्म, संस्कृति और अलग-अलग भाषाएँ सदियों से शांति, मेल-जोल और आपसी सम्मान के साथ साथ रही हैं।, जिसे भारत के संविधान के आर्टिकल 25 के लागू होने के बाद औपचारिक रूप दिया गया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति डी जी पी व अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का भी निर्देश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने 20 से अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने पर खड़ा रूख अपनाया था और राज्य सरकार को स्थल का फोटोग्राफ सहित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को वास्तविकता की जानकारी दी और कहा कि याची ने नहीं बताया कि किस अधिकारी ने ऐसा आदेश दिया है।जिसे मस्जिद बताया ,उसपर दो अन्य लोगों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जबकि याची ने। हलफनामा दाखिल कर कहा कि 1995 में उसके बाबा छिद्दा खान ने मस्जिद बनाई थी,वक्फ भी किया है। जमीन उसके कब्जे में है।एक कमरे में नमाज पढ़ी जाती रही है। कोर्ट ने दाखिल फोटोग्राफ देखने के बाद कहा स्थल मस्जिद नहीं है।बाईं तरफ दो मंजिला भवन है और दाईं तरफ दो बेडरूम बने हैं, जिसमें नमाज पढ़ी जाती है। जिसमें किसी द्वारा अवरोध नहीं उत्पन्न किया गया। 17 मार्च को कोर्ट प्रशासन का आदेश रद्द कर नमाज की अनुमति दी थी संभल की एक मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के जिला प्रशासन के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने फैसला संभल के रहने वाले मुनाजिर खान की याचिका पर सुनाया। याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संभल DM और SP को फटकार लगाई थी। कहा था- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा था- यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने याचिका में कहा था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई। आज 16 मार्च को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। सरकारी वकील की दलील- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर दरअसल, हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए- बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी बोले- सुनो संभल DSP मुल्क आपके बाप का नहीं, इजराइली प्रधानमंत्री की भाषा बोल रहे संभल में CO कुलदीप कुमार का 'जहाज में बैठकर ईरान चले जाओ' वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। AIMIM नेता सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा- ये मुल्क आपके बाप का नहीं। तुम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हो। पूरी खबर पढ़िए

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 1:24 am

सिंगरौली में 163 जोड़ों का सामूहिक विवाह:चितरंगी-बिलौजी में राज्यमंत्री राधा सिंह ने दिया आशीर्वाद; सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए

सिंगरौली जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह हुआ। चितरंगी और बिलौजी सहित अन्य स्थानों पर हुए इन आयोजनों में कुल 163 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। चितरंगी में 93 जोड़ों ने लिए सात फेरे चितरंगी के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में 93 जोड़ों का विवाह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह की जिम्मेदारी निभा रही है, जिससे अब अभिभावकों को बेटियों की शादी के खर्च की चिंता नहीं सताती। बिलौजी और अन्य क्षेत्रों में भी हुए विवाह अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में आयोजित दूसरे बड़े समारोह में 70 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इसके अलावा देवसर, बरगवां और सरई में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां 24 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। समारोह के दौरान स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए समारोह में आए वर-वधु पक्ष के मेहमानों के लिए प्रशासन द्वारा भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई थी। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक और आर्थिक संबल के रूप में देखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 8:29 pm

फतवे पर विवाद, थाने पहुंची मुस्लिम त्योहार कमेटी:कहा- शहर काजी को बदनाम करने की साजिश, वायरल करने वालों पर कार्रवाई हो

सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर राजधानी में विवाद बढ़ने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी मंगलवार को शाहजहांनाबाद थाने पहुंची। कमेटी के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शहर काजी के खिलाफ लिए गए फतवे को सोशल नेटवर्क पर वायरल कर उनकी छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। कमेटी ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कमेटी के अनुसार पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता जेर-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल को आवेदन देकर शहर काजी के संबंध में एक बीमारी का हवाला देते हुए फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता की ओर से फतवा जारी किया गया। इस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं। शहर काजी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कमेटी का कहना है कि यह फतवा पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिससे शहर काजी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। कमेटी ने आशंका जताई कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को उनके पद से हटाना है। कमेटी ने ज्ञापन में कहा कि शहर काजी मुस्लिम समाज में सबसे बड़े धर्मगुरु के रूप में सम्मानित पद है। यदि कोई व्यक्ति बीमार भी हो तो उसकी बीमारी को इस तरह सार्वजनिक करना और बिना अनुमति उसकी व्यक्तिगत स्थिति को सामने लाना भी गंभीर विषय है। ऐसे में यह कृत्य समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। बन सकती है समाज में आक्रोश की स्थितिकमेटी ने यह भी कहा कि ईद का पर्व दो-तीन दिन बाद है और परंपरा के अनुसार शहर काजी ईदगाह में नमाज पढ़ाते हैं। ऐसे समय में अचानक इस तरह का फतवा सार्वजनिक मंचों पर वायरल होना कई सवाल खड़े करता है। इससे समाज में आक्रोश की स्थिति बन रही है और शहर का माहौल बिगड़ने की आशंका है। साजिश की आशंका जताई कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज होता है, जिसे मांगने वाले को दिया जाता है, लेकिन उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना कहीं न कहीं साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि कुछ लोग शहर काजी के खिलाफ माहौल बनाकर उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम आज शाहजहांनाबाद थाने आए और आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। ‘फतवा लेने, देने और वायरल करने वालों की जांच हो’ कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी को फतवे की प्रति भी सौंपी है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा फतवा देने वाले, फतवा लेने वाले और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले (तीनों) की जांच होनी चाहिए। ईद से चार दिन पहले इस तरह का फतवा वायरल कर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। हम चाहते हैं कि तुरंत कार्रवाई हो और सच्चाई सामने आए। पुलिस बोली- वायरल करने वालों की होगी जांच शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की ओर से आवेदन दिया गया है, जिसमें फतवा जारी होने और उसके वायरल होने की शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि फतवा किसने वायरल किया। चौहान ने कहा कि ईद को लेकर पहले ही प्रशासन की बैठक शहर काth के साथ हो चुकी है और ईदगाह सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए… प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते शहर काजी दारुल इफ्ता जाम-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल के नाम से जारी इस दस्तावेज में पूछे गए सवाल में लिखा है कि “किसी शहर के काजी साहब” जो प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित हैं और जिन्हें पेशाब की बूंदें आने की समस्या है, क्या उनके पीछे नमाज पढ़ना सही होगा या नहीं। इसी सवाल के जवाब में फतवा जारी किया गया है। जवाब में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता। अगर किसी ने ऐसे व्यक्ति के पीछे फर्ज नमाज पढ़ ली हो तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत होगी। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 1:55 pm

हाटा में सड़कें, पुल और धार्मिक स्थल बनवाए:BJP विधायक मोहन वर्मा बोले– बिरला शुगर मिल विवाद में किसानों के साथ हूं

हाटा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मोहन वर्मा का दावा है कि पिछले चार साल में क्षेत्र में सड़क, पुल, लाइट और धार्मिक स्थलों के विकास समेत कई काम कराए गए हैं। उनका कहना है–सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। बिरला शुगर मिल से जुड़े जमीन अधिग्रहण विवाद पर मैं किसानों के साथ हूं। किसान उचित मुआवजा चाहते हैं। जो विकास कार्य मेरे क्षेत्र में हुए हैं वो जनता के आशीर्वाद से संभव हुआ है। भास्कर रिपोर्टर ने विधायक से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: बीते 4 साल में सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पूरे विधानसभा क्षेत्र में लागू कराया गया। सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ, लाइट लगवाई गई और कई धार्मिक स्थलों का विकास कराया गया। कर्महा मठ, मंझरिया देवी, बंजारा देवी और सोनमती माता जैसे स्थलों का भी विकास कराया गया। हाटा-पिपराइच और हाटा-कप्तानगंज मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी है। सवाल: विधायक निधि का उपयोग कहां किया? जवाब : मुख्यमंत्री राहत कोष से चार साल में करीब 25 करोड़ रुपए गरीबों के इलाज के लिए दिलवाए गए। जहां से मदद नहीं मिल पाई, वहां विधायक निधि से आर्थिक सहायता दी गई। गांवों में सड़क, लाइट, विवाह भवन जैसे कई काम कराए गए। जिले में पहला उत्सव भवन भी बनवाया गया। सवाल: अगर दोबारा मौका मिला तो प्राथमिकता क्या होगी? जवाब : मेरा प्रयास रहता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन और सामूहिक विवाह योजना का लाभ क्षेत्र के लोगों को दिलाया गया है। आगे भी इसी दिशा में काम करेंगे। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब : मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी मौका देगी तो सेवा करता रहूंगा। अगर मौका नहीं मिला तो जिसे भी टिकट मिलेगा, उसके साथ मिलकर उसे जिताने का काम करूंगा। सवाल : अपने काम को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब : मैं अपने काम को 10 में से 10 नंबर दूंगा, क्योंकि यह सब जनता के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। सवाल : बिरला शुगर मिल के जमीन विवाद पर क्या कहेंगे? जवाब : यह मामला पिछली सरकार के समय का है, जब किसानों की जमीन कम कीमत पर अधिग्रहित कर पैसा कोर्ट में जमा करा दिया गया था। किसान आज भी परेशान हैं। हम किसानों के साथ हैं। मिल भी लगे और किसानों को उचित मुआवजा भी मिले, यही हमारा प्रयास है।

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 8:51 am

शेखपुरा में 5 दिन का मां मथुरासिनी महोत्सव खत्म:पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे में जुटे श्रद्धालु, सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया

शेखपुरा के माहुरी धर्मशाला में आयोजित पांच दिवसीय मां मथुरासिनी महोत्सव रविवार को संपन्न हो गया। महोत्सव का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक भंडारे के साथ हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां मथुरासिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की। समापन समारोह के दौरान खेलकूद प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों और महिलाओं को सम्मानित कर पुरस्कार वितरित किए गए। इसके बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें.. मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुएइस वर्ष महोत्सव की शुरुआत पिछले बुधवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुई थी। महोत्सव के दौरान लगातार धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं। मां मथुरासिनी महोत्सव मौर्य समाज का प्रमुख धार्मिक आयोजन है। शेखपुरा के साथ-साथ बरबीघा में भी मौर्य समाज के लोग अपनी कुलदेवी मां मथुरासिनी की पूजा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ करते हैं। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में शेखपुरा के अलावा बरबीघा, नालंदा, नवादा और लखीसराय जिलों से भी मौर्य समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:22 pm

नवविवाहिता का शव जंगल में फंदे पर लटका मिला:तीन साल पहले शादी हुई थी, श्योपुर में होली का त्योहार मनाने मायके आई थी

श्योपुर जिले के कराहल थाना क्षेत्र के उदमपुर गांव में एक 20 साल की नवविवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवती का शव गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी यास्मीन खान के मुताबिक, मृतक रामदुलारी शनिवार शाम को बिना बताए घर से निकली थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो घरवाले उसकी तलाश करने लगे। रविवार को गांव के कुछ लोगों ने जंगल में उसका शव पेड़ से लटका देखा और पुलिस को खबर दी। एक साल पहले ही ससुराल आई थी बताया जा रहा है कि रामदुलारी की शादी तीन साल पहले हुई थी, लेकिन गोना (विदाई) करीब एक साल पहले ही हुआ था। वह होली का त्योहार मनाने अपने मायके गई थी और कुछ दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। महिला की अभी कोई संतान नहीं थी। जांच में जुटी पुलिस पुलिस का कहना है कि अभी तक आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मायके और ससुराल पक्ष के बयानों का इंतजार कर रही है, ताकि मौत का असली कारण पता चल सके। फिलहाल पुलिस हर नजरिए से मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 4:06 pm

लखनऊ सिन्धी पंचायत में झूलेलाल महोत्सव मनाया:श्रद्धालुओं ने आरती की, बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए

लखनऊ के अलीगंज विकास नगर स्थित पूज्य सिन्धी पंचायत में झूलेलाल महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।महोत्सव की शुरुआत साईं झूलेलाल जी की आरती से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों को उनके प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी दिए गए। इस अवसर पर शिव शांति आश्रम के पीठाधीश्वर जुगल जोड़ी सरकार उपस्थित रहे। चेटीचंड मेला कमेटी के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गणमान्य व्यक्तियों में रतन मेघानी, संजय जैसवानी, सतेंद्र भवनानी, प्रवक्ता अशोक मोतियानी, हंसराज राजपाल, इंदर कालाणी, राजकुमार जसवानी और सतीश लखमानी शामिल थे। ये लोग शामिल हुए अलीगंज विकास नगर सिन्धी पंचायत के पदाधिकारियों में जी के लालचंदानी, सुमित लालवानी, राजेश सुमानी, चरण आहूजा, जय जीवनी, आनंद जीवनी, उमेश भाटिया, खुशहाल रुपेजा, भीमेश अठवानी, नितेश मनध्यान, कपिल सावलानी और पुलकित राजपाल भी मौजूद थे।कार्यक्रम का समापन भंडारा और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 9:38 pm

CCSU के ललित कला संस्थान में निःशुल्क कार्यशाला आयोजित:छात्रों को सिखाए आत्मनिर्भरता के हुनर, लोक कला और अप्लाइड आर्ट का दिया प्रशिक्षण

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान के अप्लाइड आर्ट विभाग में विद्यार्थियों के लिए लोक कला और अप्लाइड आर्ट के समन्वय पर आधारित एक विशेष निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक कला के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता शुक्ला की प्रेरणा से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ललित कला संस्थान की समन्वयक अल्का तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि अप्लाइड आर्ट के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को व्यावसायिक रूप देकर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं, वहीं लोक कला हमारी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ कलाकार प्रो. अलका तिवारी ने महिलाओं और विद्यार्थियों को लोक कला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया। वहीं विशेषज्ञ कलाकार कृतिका गोयल ने विद्यार्थियों को विजिटिंग कार्ड डिजाइन, विज्ञापन कला और व्यावसायिक कला के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राफिक डिजाइन, विज्ञापन और क्रिएटिव डिजाइनिंग के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। कार्यशाला में शिवा त्यागी, प्रज्ञा यादव, खुशबू, लक्ष्य, खुशी और तनु सहित कई विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री दीपांजलि और डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 5:08 pm

तमिल त्योहार कारादाइयन नौम्बू क्यों मनाया जाता है?

karadaiyan nombu: कारादाइयन नौम्बू (सावित्री व्रतम) तमिल संस्कृति का एक पावन उत्सव है, जो वैवाहिक सुख और पति की दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व तब मनाया जाता है जब सूर्य कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करते हैं (मीन संक्रांति)। इस बार यह पर्व ...

वेब दुनिया 11 Mar 2026 12:31 pm

Rangpanchami Special Thandai: रंगपंचमी पर बनाएं भांग की ठंडाई, होगा त्योहार का आनंद दोगुना

Bhang ki Thandai Recipe: होली- रंगपंचमी एक और पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोग रंगों में रंगकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं। इस दिन का महत्व केवल रंगों के खेलने में नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी परंपराओं और विशेष पेय ...

वेब दुनिया 6 Mar 2026 9:08 am

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा

Significance of Colors in Indian Festivals: भारतभर में चै‍त्र कृष्‍ण पंचमी के दिन रंगपंचमी के दिन को मनाते हुए, न केवल रंगों के खेल का आनंद लेते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सजीवता का संदेश फैलाते हैं। रंगपंचमी के साथ जुड़ी धार्मिक कथाएं, ...

वेब दुनिया 19 Feb 2026 5:09 pm

होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस

फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

वेब दुनिया 22 Feb 2025 11:30 am