रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी इंजी., उनकी पत्नी की हत्या केस में एनआरआई को सुनाई उम्रकैद की सजा
लुधियाना| अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमनदीप कौर की अदालत ने मई 2022 में बीआरएस नगर में अपने ससुराल वालों की बेरहमी से हत्या करने के मामले में यूके के नागरिक चरणजीत सिंह (39) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 4 मई, 2022 को सुखदेव सिंह (68) और उनकी पत्नी गुरमीत कौर (65) की हत्या करने का आरोप था। सरकारी वकील राजबीर सिंह चहल ने बताया कि 4 मई, 2022 को सराभा नगर पुलिस स्टेशन में मृतक जोड़े की बेटी रूपिंदर कौर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। प्रॉसिक्यूशन ने आरोप साबित करने के लिए 13 गवाहों से पूछताछ की। रूपिंदर कौर ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वह अपने पिता से फ़ोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान दरवाजे पर दस्तक हुई और उनके पिता ने मेहमान को अंदर बुलाया। थोड़ी देर बाद चीखें सुनाई दीं। घबराकर रूपिंदर अपने माता-पिता के घर पहुंचीं, जहाँ उन्होंने दोनों को खून से लथपथ और चाकू के कई घावों के साथ मृत पाया। लंदन में जन्मे और पले-बढ़े चरणजीत सिंह ने गिल्डहॉल यूनिवर्सिटी, लंदन से ग्रेजुएशन किया है। सनप्रीत की शादी उनके बेटे जगमोहन सिंह से हुई है और वह स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में रहती हैं। बुजुर्ग जोड़ा एक हफ्ते के भीतर स्कॉटलैंड अपने बेटे के पास रहने जाने वाला था। दिन में दो बार की थी रेकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, चरणजीत जनवरी 2022 में लंदन से लुधियाना आया और अपने ससुराल गिल गांव, जसदेव सिंह नगर में रह रहा था। क्राइम वाले दिन, आरोपी ने पहले दोपहर करीब 2 बजे और फिर शाम 4 बजे घर का मुआयना किया, लेकिन जब सुखदेव सिंह की कार बाहर नहीं थी तो चला गया। रात करीब 8.30 बजे वह लौट आया, अपनी कार थोड़ी दूरी पर पार्क की और दरवाजे की घंटी बजाई। सुखदेव सिंह ने उसे अंदर बुलाया, जो अपने फोन पर बेटी रूपिंदर से बात कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, बहस के दौरान चरणजीत ने चाकू निकालकर बुजुर्ग जोड़े पर कई बार वार किए, जिससे दोनों की मौत हो गई।
पंजाब के लुधियाना में बहन के सास-ससुर की हत्या करने वाले NRI को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुना दी है। एडिशनल सेशन जज अमनदीप कौर की अदालत ने यूके के नागरिक 39 वर्षीय चरणजीत सिंह को डबल मर्डर के जुर्म में दोषी घोषित किया और उसे बिना छूट के उम्र कैद की सजा सुनाई। 4 मई 2022 को दोषी चरणजीत सिंह ने अपनी बहन के ससुर सुखदेव सिंह व सास गुरमीत कौर की हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने चरणजीत सिंह को सात मई 2022 को गिरफ्तार कर दिया था। उसके बाद मामला अदालत में पहुंचा और अब अदालत ने उसे सजा सुना दी है। 13 गवाहों की गवाही के बाद मिली सजा शिकायतकर्ता पक्ष के वकील रमन कौशल और परउपकार घुम्मन ने बताया कि इस संबंध में 4 मई 2022 को सराभा नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर मृतक दंपती की बेटी रुपिंदर कौर के बयान पर दर्ज हुई थी। अभियोजन पक्ष ने आरोपी का दोष साबित करने के लिए 13 गवाहों को अदालत में पेश किया। गवाहों की गवाही सुनने के बाद अदालत से उसे सजा मिली। दोषी लंदन में ही पैदा हुआ, वहीं पर पढ़ाई लिखाई की चरणजीत की तरफ से अदालत को बताया गया कि वह लंदन में पैदा हुआ है और वहीं पर उसने पढ़ाई लिखाई की। वह अपने बहनोई के माता-पिता से नाराज था। उसका आरोप था कि वे उसकी बहन सनप्रीत कौर को प्रताड़ित और परेशान करते थे।सनप्रीत कौर की शादी मृतक दंपती के बेटे जगमोहन सिंह से हुई थी और वह उनके साथ एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में रहती है। दंपती ने एक सप्ताह बाद जाना था स्कॉटलैंड पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग दंपती एक सप्ताह के भीतर स्कॉटलैंड जाने वाले थे, जहां वे अपने बेटे के साथ रहने वाले थे। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि चरणजीत को आशंका थी कि वो स्कॉटलैंड जाकर उसकी बहन को फिर से प्रताड़ित करेंगे। इसीलिए उसने उनकी हत्या कर दी। हत्या से पहले बेटी कर रही थी माता पिता से बात रुपिंदर कौर रघुनाथ एन्क्लेव में रहती हैं। उसने पुलिस को बताया था कि घटना के समय वह अपने पिता से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनी और अपने पिता को किसी के साथ बात करते हुए सुना। इसके कुछ ही क्षणों बाद उन्होंने चीखें सुनीं। घबराकर वह तुरंत अपने माता-पिता के बीआरएस नगर स्थित घर पहुंचीं, जहां उन्होंने दोनों को खून से लथपथ हालत में मृत पाया। उनके शरीर पर चाकू से कई वार के निशान थे। लंदन से आकर गिल गांव में रिश्तेदार के घर में था दोषी अभियोजन के अनुसार, चरणजीत सिंह जनवरी 2022 में लंदन से लुधियाना आया था और गिल गांव के जसदेव सिंह नगर स्थित अपने रिश्तेदारों के घर रह रहा था। घटना वाले दिन उसने दंपती के घर की रेकी की। वह दोपहर करीब 2 बजे और फिर 4 बजे वहां गया, लेकिन सुखदेव सिंह की कार बाहर खड़ी न होने के कारण लौट गया। शाम करीब 8.30 बजे वह दोबारा आया, कुछ दूरी पर कार खड़ी की, डोरबेल बजाई। सुखदेव सिंह उस समय अपनी बेटी के साथ फोन पर बात कर र हे थे तो वह उन्होंने उसे अंदर आने दिया। अंदर आते ही चरणजीत ने दंपती पर अपनी बहन के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिस पर बहस शुरू हो गई। बहस जल्द ही हिंसक हो गई और चरणजीत ने कथित तौर पर चाकू निकालकर दोनों पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह दीवार फांदकर फरार हो गया। भागते समय आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया और बाद में उसे जसदेव नगर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, ट्रायल के दौरान आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
पंजाब के अमृतसर में एक NRI महिला की होटल में हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पति, जिसने पत्नी को होटल में मारकर फरार हो गया था, आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया। आरोपी को राजस्थान के गंगानगर से गिरफ्तार कर अमृतसर लाया गया। घटना पिछले दिनों अमृतसर के एक होटल के कमरे में हुई थी, जहां प्रभजोत कौर नाम की महिला की लाश मिली थी। मृतका मूल रूप से गुरदासपुर की रहने वाली थी और ऑस्ट्रिया में रहती थी। वह अपने पति के साथ पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने भारत आई थी। होटल स्टाफ ने शक तब किया जब आरोपी काफी देर तक कमरे में वापस नहीं लौटा और अंदर से कोई हलचल नहीं दिखाई दी। दरवाजा खटखटाने पर भी जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो महिला की लाश बेड के नीचे पड़ी थी। जांच में सामने आया कि महिला के शरीर के कई हिस्सों पर किरच से वार किए गए थे। शक के चलते की हत्या मृतका के भाई ने आरोप लगाया था कि पति को पत्नी के चरित्र पर शक था, और इसी वजह से उसने उसकी बेरहमी से हत्या की। मृतका का छह महीने का बेटा भी है, जिसे आरोपी अपने साथ नहीं ले गया था । घटना के बाद आरोपी फरार था और पुलिस को उसके विदेश भागने की आशंका थी। लगातार तकनीकी जांच और दबाव के बाद पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के गंगानगर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीन दिन का रिमांड लिया आरोपी को अमृतसर की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही और अहम खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी के बयान से हत्या की पूरी साजिश सामने आ सकती है।
प्रवासी भारतीय दिवस : गांधीजी की विरासत से वैश्विक भारत तक
इतिहास की कुछ तिथियां केवल अतीत की स्मृति नहीं, भविष्य की दिशा भी तय करती हैं
ललित सुरजन की कलम से- तेल के दाम और प्रवासी भारतीय
'भारत सरकार को मजदूरी करने विदेश गए इन मजबूर नागरिकों के साथ कोई प्रेम नहीं है

