विदेश से लौटे एनआरआई भाइयों को गैंगस्टर ने दी धमकी
लुधियाना| बाड़ेवाल अवाणा इलाके में विदेश से परिवार समेत लौटे दो एनआरआई भाइयों को गैंगस्टर अर्श डल्ला द्वारा जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आरोपी ने पहले फेसबुक पर लाइव होकर परिवार को धमकी दी और बाद में विदेशी नंबर से वॉट्सएप कॉल कर करीब 1 मिनट 11 सेकंड तक धमकी दी, जिससे पूरे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। थाना सराभा नगर पुलिस ने पीड़ित भाइयों तकदीर सिंह और कुलदीप सिंह के बयानों के आधार पर आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में पीडितों ने बताया कि वे हाल ही में कनाडा से अपने परिवार सहित लौटे हैं और इसी दौरान गैंगस्टर ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें टारगेट किया। इसके बाद घबराए परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
VIDEO: Heinrich Klaasen बने ‘सुपरमैन’, हैरतअंगेज कैच लेकर Ayush Mhatre को भेजा पवेलियन
सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए आईपीएल 2026 के मुकाबले में हेनरिक क्लासेन ने अपनी फील्डिंग से सबका ध्यान खींच लिया। पहले एक मौका छोड़ने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए आयुष म्हात्रे का शानदार कैच लपका। यह कैच इतना मुश्किल था कि हर कोई देखकर दंग रह गया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शनिवार (18 अप्रैल) को खेले गए आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने मैदान पर शानदार फील्डिंग का नजारा पेश किया। उन्होंने आयुष म्हात्रे का एक बेहतरीन कैच पकड़कर अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। दरअसल, क्लासेन ने इससे पहले आयुष म्हात्रे का एक कैच छोड़ दिया था, जिससे आयुष म्हात्रे को जीवनदान मिल चुका था। म्हात्रे तेजी से रन जोड़ रहे थे और टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन क्लासेन ने अपनी गलती को जल्दी ही सुधार भी लिया। पारी के पांचवे ओवर में नितीश कुमार रेड्डी की चौथी गेंद पर पर म्हात्रे ने ऑफ साइड की ओर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में उठ गई। क्लासेन ने बेहतरीन जजमेंट दिखाते हुए पिछे की ओर छलांग लगाई और हवा में शानदार डाइव लगाकर गेंद को लपक लिया। यह कैच देखने में जितना आसान लग रहा था, उतना ही मुश्किल था। इस शानदार कैच के साथ ही आयुष म्हात्रे की तूफानी पारी का अंत हुआ। उन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में 30 रन बनाए, लेकिन क्लासेन की इस फील्डिंग ने उन्हें ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। VIDEO: Splendid catch alert Heinrich Klaasen in the thick of the action again CSK 76/3 after 6 overs. Updates https://t.co/uJG04r7L85 #TATAIPL | #KhelBindaas | #SRHvCSK pic.twitter.com/CS8FRNhvbr IndianPremierLeague (IPL) April 18, 2026 मैच की बात करें तो अभिषेक शर्मा ने 22 गेंदों में 59 रन की शानदार पारी खेली और हेनरिक क्लासेन ने भी अहम 39 गेंदों में 59 रन बनाए, जिसकी बदौलत SRH ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में CSK की टीम 184 रन तक ही पहुंच सकी। टीम के लिए मैथ्यू शॉर्ट (34) और आयुष म्हात्रे (30) ही कुछ रन जोड़ पाए। Also Read: LIVE Cricket Score इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में टॉप-4 में जगह बना ली, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स को इस सीजनचौथी हार का सामना करना पड़ा।
जालंधर के नूरमहल स्थित गांव हरि सिंह सिधम में एक NRI पर जमीन पर कब्जा करने के प्रयास करने का आरोप लगा है। पीड़ित जसविंदर कौर और उनके बेटे ने आरोप लगाया है कि चरणजीत सिंह नामक NRI ने 9-10 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महिला ने बताया कि जमीन पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। जसविंदर कौर ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे चरणजीत सिंह अपनी बोलेरो गाड़ी (PB 32 R 7607) और एक अन्य गाड़ी में 9-10 अज्ञात व्यक्तियों के साथ पहुंचे। इन लोगों के पास तेजधार हथियार थे। वे उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देकर रुकवाया कब्जा जसविंदर कौर और उनके बेटे ने मौके पर पहुंचकर 112 कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दूसरी गाड़ी में आए अज्ञात हमलावर अपने हथियारों के साथ मौके से फरार हो गए। पुलिस ने चरणजीत सिंह एनआरआई को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। उनकी बोलेरो गाड़ी (PB 32 R 7607) को नूरमहल पुलिस और 112 पर तैनात कर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। NRI बोला- मैं इस मसले पर नहीं करना चाहता बात जब इस मामले में चरणजीत सिंह एनआरआई से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह जसविंदर कौर के बारे में कोई बात नहीं करना चाहते क्योंकि वह उनके स्तर की नहीं हैं। उन्होंने नूरमहल के पत्रकारों को कोई स्पष्टीकरण देने से भी इनकार कर दिया।
जोधपुर में एक NRI से 5.20 करोड़ की ठगी का पूरा पैसा पुलिस 3 साल बाद भी रिकवर नहीं कर पाई है। इस ठगी को अकाउंटेंट ने अंजाम दिया था। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन फिर भी 3 साल में महज 1.45 करोड़ की रिकवरी ही हो पाई है। जयपुर फुट के सलाहकार केके मेहता ने ये पैसे गरीबों की मदद के लिए इकट्ठे किए थे। आरोप है कि पुलिस जांच बहुत धीमे चल रही है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी सारे सबूत नष्ट कर कर रहा है। क्या है मामला? न्यूयॉर्क निवासी एनआरआई कृष्ण कुमार मेहता ने 14 अगस्त 2023 को जोधपुर के साइबर थाने में FIR दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके बैंक खातों से ₹5.20 करोड़ सुनियोजित तरीके से निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। मेहता के मुताबिक, उन्होंने 6-7 साल पहले अपने IDBI और HDFC बैंक खातों के संचालन कें लेनदेन का हिसाब रखने के लिए एक अकाउंटेंट रखा था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर अकाउंटेंट ने धीरे-धीरे खातों की पूरी पहुंच हासिल कर ली और OTP अपने मोबाइल नंबर पर मंगवाने लगा। जुलाई 2023 में जब मेहता ने स्टेटमेंट मांगे तो आरोपी टालता रहा। इस बीच मेहता ने 10 अगस्त 2023 को अपने अकाउंट चेक किए। सामने आया कि खातों से 5.20 करोड़ निकाले गए थे। कौन है मास्टर माइंड? मुख्य आरोपी गुलाब बंजारा, जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र का निवासी है। पीड़ित के यहां पार्ट-टाइम अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। उसे करीब ₹14,500 प्रतिमाह वेतन मिलता था, लेकिन उसके पास बैंक खातों की पूरी पहुंच और OTP कंट्रोल था। वहीं, राजस्थान एसोसिएशन ऑफ अमेरिका के चेयरमैन प्रेम भंडारी का आरोप है कि गुलाब बंजारा ने घपला करते हुए अकाउंट से पैसे निकाले और उनका अपने हिसाब से निवेश किया। इसी दौरान उसने गलत जगह निवेश कर दिया और वह खुद साइबर ठगी का शिकार हो गया। पूरा पैसा था साइबर ठगों के पास चला गया क्योंकि गुलाब के पास खातों का पूरा एक्सेस था। वह खुद ही बिना के के मेहता और संबंधित लोगों को बताए अपने हिसाब से निवेश कर रहा था। इसीलिए मुख्य आरोपी उसको बनाया है। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद एक आरोप को बिहार से पकड़ा था। बिहार से गिरफ्तारी: आरोपी ऋषभ पकड़ा, खाते से 60 लाख बरामद मार्च 2024 में पुलिस ने इस मामले में अहम कार्रवाई करते हुए बिहार के वैशाली से आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार किया था। इसे लिए करीब 7 दिन तक पुलिस वहां डेरा डालकर जांच और लोकेशन ट्रैकिंग करती रही। जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपी के खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने उसके बैंक खाते से करीब ₹60 लाख रुपए बरामद किए थे। 71 बैंक खातों में ट्रांसफर किया ठगी का पैसा जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि पूरी रकम को 71 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। यह तरीका आमतौर पर बड़े आर्थिक अपराधों में इस्तेमाल किया जाता है, ताकि जांच एजेंसियां भ्रमित हो जाएं और पैसे का ट्रैक रिकॉर्ड खो जाए। एक खाते से दूसरे खाते में तेजी से पैसे घुमाए गए। कुछ खातों से कैश निकाला गया और कुछ में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की गई। अब तक नहीं हो पाई रिकवरी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित NRI को अपना पैसा रिकवर होने की उम्मीद थी। लेकिन इसके बाद जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब तक कुल करीब 1.45 करोड़ की रिकवरी ही हुई है। यह रकम भी एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग तारीखों पर छोटे-छोटे हिस्सों में वापस आ पाई है। अभी भी करीब 3.75 करोड़ की राशि रिकवर होना बाकी है। आखिर कहां रही लापरवाही? इस पूरे मामले में पड़ताल के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही शुरुआती स्तर पर सामने आई। शिकायत के बाद भी संदिग्ध बैंक खातों को समय पर फ्रीज नहीं किया गया, जिससे आरोपी को पैसे एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का मौका मिल गया। साइबर फ्रॉड के मामलों में पहले 24 से 72 घंटे बेहद अहम होते हैं, लेकिन इसी विंडो में तेज कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके अलग-अलग बैंकों में ट्रांजैक्शन हुए थे, उन बैंकों के बीच कॉर्डिनेशन समय पर हीं हुआ। कई खातों से पैसा निकालने के बाद उन्हें बंद कर दिया गया, जिससे उनको ट्रैक करना मुश्किल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि जांच स्तर पर भी पुलिस ने काफी सुस्ती दिखाई। केस DCP ऑफिस तक पहुंचकर अटक गया। पीड़ित की ओर से SIT के गठन की मांग थी, जो नहीं हुआ। कौन हैं एनआरआई केके मेहता? के के मेहता न्यूयॉर्क में रहने वाले एक एनआरआई उद्योगपति और समाजसेवी हैं, जिनका जोधपुर से गहरा जुड़ाव है। वे कई सालों से सामाजिक काम करते आ रहे हैं और खासतौर पर राजस्थान के लोगों की मदद में आगे रहते हैं। कोरोना के समय उन्होंने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, खाने-पीने की सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई थी, साथ ही विदेश में फंसे भारतीयों की भी सहायता की। वे ट्रस्ट और सामाजिक संस्थाओं के जरिए स्वास्थ्य, जरूरतमंद लोगों की मदद और समाज के विकास के लिए लगातार काम करते हैं। केके मेहता ट्रस्ट के चेयरमैन और राना (राजस्थान एसोसिएशन ऑफ अमेरिका) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी का आरोप है कि पुलिस ने फाइल को अटकाने का काम किया है। अधिकारियों को पकड़ने और बाकी रिकवरी के लिए टीम गठित नहीं की गई। पुलिस मुख्यालय से मामले में सीए नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ था। अभी तक पुलिस की ओर से न तो सीए नियुक्त किया गया है और न ही बैंकों के साथ सही तरीके से कॉर्डिनेट किया गया है। मामले की जांच अधिकारी मंगलेश चुंडावत (जांच अधिकारी) ने बताया कि अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की रिकवरी की जा चुकी है, जबकि शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है। …. राजस्थान में फ्रॉड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… चौथी फेल ने ठगी के पैसे से बनाई आलीशान कोठी:करोड़ों रुपए किराए के खातों में ट्रांसफर किए; जांच के लिए छुट्टी पर खुलेंगे 21 बैंक झालावाड़ में करीब 6 महीने पहले सरकारी योजनाओं के करोड़ों रुपए खातों में ट्रांसफर करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने 21 बैंक में करीब 11 हजार ऐसे संदिग्ध अकाउंट्स को डिटेक्ट किया था। पूरी खबर पढ़िए…
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेम्पल) में तैनात शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की सुरक्षा टीम ने ईमानदारी का परिचय देते हुए एक NRI सिख परिवार का गुम हुआ कीमती बैग सुरक्षित लौटा दिया। इस बैग में इंग्लैंड की मुद्रा (भारतीय रुपए में लगभग 20 लाख रुपए), एक भारतीय पासपोर्ट और 2 अमेरिकी पासपोर्ट शामिल थे। SGPC के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि विदेश से माथा टेकने आए श्रद्धालु सरदार सोढ़ी सिंह अपनी फ्लाइट की जल्दबाजी में यह बैग कहीं रखकर भूल गए थे। शिकायत मिलने के बाद श्री हरमंदिर साहिब की 5 सदस्यीय सुरक्षा टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैग को बरामद किया और उसके असली मालिक को सौंप दिया। सुरक्षा टीम को किया सम्मानित इस सराहनीय कार्य के लिए सुरक्षा टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। धामी ने कहा कि इन कर्मचारियों ने संगत का विश्वास जीता है, जिससे अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। गर्मी के मौसम और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, धामी ने सेवादारों को निर्देश दिए कि छोटे बच्चों वाली माताओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग कतार की व्यवस्था की जाए। इसका उद्देश्य उन्हें लंबी लाइनों में होने वाली परेशानी से बचाना है। संगत की सुरक्षा शिरोमणि कमेटी की प्राथमिकता- धामी उन्होंने संगत से भी अपील की कि यदि परिवार बड़ा है, तो बच्चों वाले सदस्य अलग लाइन का उपयोग करें और बाकी सदस्य सामान्य व्यवस्था के अनुसार सहयोग करें। धामी ने जोर देकर कहा कि गुरु घर आने वाली संगत की सुविधा और सुरक्षा शिरोमणि कमेटी की प्राथमिकता है।
प्रवासी भारतीय दिवस : गांधीजी की विरासत से वैश्विक भारत तक
इतिहास की कुछ तिथियां केवल अतीत की स्मृति नहीं, भविष्य की दिशा भी तय करती हैं

