मोइसेस हेनरिक्स (Moises Henriques) ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है, जिससे उनके 22 साल के ऑस्ट्रेलियाई घरेलू करियर का समापन हो गया। 39 साल के हेनरिक्स ने ऑस्ट्रेलिया घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं, उन्होंने न्यू साउथ वेल्स और सिडनी सिक्सर्स के लिए सभी फ़ॉर्मेट में कुल 420 मैच खेले हैं। उन्होंने कहा कि बिग बैश लीग 16 के लिए कॉन्ट्रैक्ट न मिलने के बाद उन्होंने संन्यास लेने का फ़ैसला किया है। फरवरी में हेनरिक्स की पीठ की सर्जरी हुई थी और उनकी कप्तानी में सिक्सर्स की टीम बिग बैश लीग 15 के फाइनल में पहुंची थी। उन्होंने पिछले सीजन वनडे कप में न्यू साउथ वेल्स के लिए सिर्फ पांच मैच खेले थे। उन्होंने कहा कि उन्हें बिग बैश के दूसरे क्लबों से भी दिलचस्पी दिखाई गई थी, लेकिन उन्होंने कहीं और न जाने का फ़ैसला किया। हेनरिक्स ने कहा,मुझे बिग बैश लीग की दूसरी टीमों से भी ऑफ़र मिले थे, लेकिन कहीं और जाना मुझे सही नहीं लगा। थोड़ा सोचने-विचारने के बाद, मैंने तय किया है कि अब मेरे लिए बीबीएल करियर और न्यू साउथ वेल्स के साथ खेलने की ज़िम्मेदारियों को अलविदा कहने का समय आ गया है... और मैं अपनी ज़िंदगी के अगले पड़ाव की ओर देखना चाहता हूं। हेनरिक्स ने आगे कहा, पिछले 22 सालों से एक प्रोफेशनल एथलीट के तौर पर क्रिकेट को अपना काम बना पाना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात रही है। जिन लोगों के साथ मुझे खेलने और काम करने का मौका मिला, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। अगर वे रिश्ते और उनके प्रति मेरी गहरी परवाह न होती, तो मुझे यकीन है कि मैं इस दिन तक बहुत पहले ही पहुंच गया होता। तीन बार के बिग बैश लीग चैंपियन रहे हेनरिक्स ने बीबीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा 154 मैच खेले हैं। उन्होंने सिक्सर्स के लिए सबसे ज्यादा 3410 रन बनाए हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 2009 से 2021 के बीच में 4 टेस्ट, 16 वनडे औऱ 24 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। Also Read: LIVE Cricket Score वह अगले महीने होने वाले 2028 पुरुष T20 वर्ल्ड कप के यूरोपियन क्वालिफायर में पुर्तगाल के लिए खेलेंगे, जो उनका जन्म स्थान भी रहेगा।
NRI रिटायर्ड कर्नल की जमीन हड़पने की साजिश, पिता व दो बेटे गिरफ्तार
करधनी इलाके में एनआरआई रिटायर्ड कर्नल की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने केयरटेकर व उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी गौरू राम यादव, बेटे राजेन्द्र व शंकर लाल को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया। थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि इस संबंध में 1 जून को पंकज यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके रिश्तेदार रिटायर्ड कर्नल विजय सिंह यादव ने कालवाड़ रोड स्थित 18 बीघा जमीन में गौरू राम यादव को केयरटेकर रखा था। वर्ष 2004 में उन्होंने 13 बीघा नील कमल शुक्ला को बेच दी थी। बाकी जमीन को गौरू राम संभाल रहा था। इधर, नील कमल ने जमीन पर कॉलोनी काटकर बेच भी दी। रिटायर्ड कर्नल विजय सिंह अपनी दो बेटी और दामाद के साथ ऑस्टेलिया में रहते हैं। उन्हें पता चला कि गौरू ने नीलकमल से मिलीभगत कर उनकी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। इसमें सिंधु नगर सहकारी आवास समिति के पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कनेक्शन भी ले लिए।
पंचकूला सेक्टर-26 स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर नकदी और कीमती सामान चोरी कर ले गए। परिवार अमेरिका में अपनी बेटी से मिलने गया हुआ था। घर की देखरेख की जिम्मेदारी रिश्तेदार को सौंपी गई थी। रिश्तेदार ने घर का टूटा ताला देखकर परिवार को चोरी की सूचना दी। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-26 के कुलदीप सिंह ने बताया कि वह BEL कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी पिछले 8 वर्षों से अमेरिका में नौकरी कर रही है। 11 मई 2026 को वह पत्नी और बेटे के साथ अमेरिका बेटी से मिलने चले गए थे। दूसरी बेटी 6 जून को भी अमेरिका पहुंच गई। घर की सुरक्षा और देखरेख के लिए मकान की चाबियां अपने बड़े साले उदयवीर सिंह को सौंप दी थीं। मुख्य गेट का टूटा मिला ताला उनके रिश्तेदार उदयवीर सिंह ने फोन कर बताया कि मकान का मुख्य ताला टूटा हुआ है। घर के दोनों कमरों की अलमारियां खुली पड़ी हैं और उनमें रखा सामान बिखरा हुआ है। स्टोर में रखी अलमारी भी खुली मिली। परिवार अमेरिका में होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि क्या-क्या सामान चोरी हुआ है। जब पूरे घर की जांच की गई, तो नकदी और अन्य कीमती सामान गायब मिला। चोर घर से करीब 1 लाख रुपए नकद, 5 साड़ियां, 2 सूट, एक लाख रुपए की कीमत वाले ब्नांडेड शूज 5 जोड़ी चोर ले गए। वहीं चोरी के समय महिला भी साथ थी, क्योंकि एक जोड़ी महिला की चप्पल घर में मिली हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पंचकूला के चंडीमंदिर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। जांच में चोरी की पुष्टि होने पर चंडीमंदिर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोगा में सात साल पुराने एक हाई-प्रोफाइल एनआरआई हत्या मामले में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष अरोड़ा की अदालत ने मुख्य नामजद आरोपी जगतार सिंह उर्फ जग्गा को पुख्ता सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला शुक्रवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद सुनाया गया। इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से प्रसिद्ध कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट गगनदीप सिंह बराड़ ने अदालत में मजबूत पैरवी की। इंग्लैंड से लौटने के बाद नाले के पास मिला था शव यह सनसनीखेज मामला फरवरी 2019 का है। मूल रूप से मोगा के गांव घल्ल कलां के रहने वाले सुखदेव सिंह उर्फ सेमा लंबे समय तक इंग्लैंड (UK) में रहे थे। वे घटना से करीब दो-तीन महीने पहले ही वापस अपने पैतृक गांव लौटे थे। 5 फरवरी 2019 को सुखदेव सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए और बाद में उनका शव गांव के पास ही एक नाले के नजदीक से बरामद हुआ था। शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। भाभी के बयानों पर दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा घटना के बाद थाना सदर पुलिस ने मृतक सुखदेव सिंह की भाभी के बयानों के आधार पर कार्रवाई की थी। शिकायतकर्ता भाभी ने पुलिस को बताया था कि वह जब अपने मायके से वापस घर लौटीं, तो उनके जेठ सुखदेव सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। इसी बीच उन्हें नाले के पास शव मिलने की सूचना मिली। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने आखिरी बार अपने जेठ सुखदेव सिंह को गांव के ही जगतार सिंह उर्फ जग्गा (पुत्र नछत्तर सिंह) के साथ एक कार में सवार होकर जाते हुए देखा था। जमीन के पैसों के लेनदेन और कार खरीदने का था विवाद शिकायत में यह भी कहा गया था कि सुखदेव सिंह ने अपनी जमीन जगतार सिंह जग्गा को बेची थी। दोनों मोगा शहर में कार खरीदने जा रहे थे और जगतार ने भरोसा दिया था कि कार की डील फाइनल होते ही वह जमीन के बाकी पैसों का पूरा हिसाब-किताब चुकता कर देगा। पीड़ित परिवार का कहना था कि आरोपी जगतार सिंह जग्गा ने जमीन की मोटी रकम न देनी पड़े और उसे हड़पने की नीयत से ही सुखदेव सिंह की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी। इस आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष नहीं पेश कर पाया ठोस सबूत, कोर्ट ने किया बरी अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी जगतार सिंह के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर वैज्ञानिक तथ्यों या चश्मदीद गवाहों के जरिए साबित करने में नाकाम रहा । आरोपी के वकील एडवोकेट गगनदीप सिंह बराड़ ने दलील दी कि पुलिस की कहानी केवल संदेह और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थी, जिसका कोई पुख्ता आधार नहीं था। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को अपर्याप्त और गवाहों की कड़ियों को कमजोर मानते हुए जगतार सिंह को बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया।
करनाल जिले में बसताड़ा टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में अमेरिका से लौट रहे 79 वर्षीय एनआरआई बुजुर्ग केवल सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतक के परिजन बिजेंद्र सिंह ने बताया कि केवल सिंह अपने बेटे और दामाद के साथ अमेरिका से भारत आए थे और पंजाब के नवांशहर जा रहे थे। वे रात करीब 9 बजे दिल्ली पहुंचे थे। वहां से उन्होंने टैक्सी ली और मुरथल के एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद वे आगे के लिए रवाना हुए और रात करीब 2 बजे बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। CNG भरवाने के दौरान परिवार से हुए अलग परिजनों के अनुसार, टोल के पास गाड़ी में सीएनजी भरवाई जा रही थी। इसी दौरान केवल सिंह बाथरूम के लिए गाड़ी से नीचे उतर गए। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने उन्हें आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर इंतजार करने के बाद परिवार वहां से आगे निकल गया। 6 घंटे बाद लौटने पर मिला शव जब केवल सिंह घर नहीं पहुंचे, तो परिजन करीब छह घंटे बाद दोबारा बसताड़ा पहुंचे। वहां पास के एक पेट्रोल पंप के नजदीक उनका शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज परिजनों ने बताया कि केवल सिंह पिछले काफी समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और अमेरिका में उनका इलाज चल रहा था। इसी बीमारी के कारण वह दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और परिवार से अलग हो गए। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यह बिछड़ना हमेशा के लिए जुदाई बन जाएगा। बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे जांच अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि केवल सिंह अमेरिका में रहते थे और मानसिक रूप से परेशान थे। उनका वहां इलाज भी चल रहा था। वे अपने बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस वाहन से हुआ। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके।
श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी एक NRI युवक है, जिसकी शादी में अब केवल 6 दिन बाकी थे। आरोपी डेढ़ महीने पहले शादी के लिए न्यूजीलैंड से भारत आया था और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरोप लगने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद परिवार सदमे में है और शादी की तैयारियां रुक गई हैं। 18 से 22 जून के बीच तीन होटलों में यौन शोषण का आरोप पुलिस के अनुसार आरोपी पर 18 जून से 22 जून के बीच नाबालिग लड़की के साथ तीन अलग-अलग होटलों में यौन शोषण करने का आरोप है। इनमें सुखाड़िया मार्ग स्थित होटल जॉय इन, रविंद्र पथ स्थित होटल ड्रीम इन और मोटर मार्किट स्थित होटल स्फायर इन शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज और होटल स्टाफ की निशानदेही से गिरफ्तारी महिला अपराध अनुसंधान सेल की टीम ने होटल जॉय इन के सीसीटीवी फुटेज और होटल ठेकेदार व मैनेजर की निशानदेही के आधार पर कार्रवाई की। इसके बाद आरोपी युवक को 8 जुलाई की देर शाम बापर्दा गिरफ्तार किया गया। न्यूजीलैंड में रहता था, शादी के लिए आया था भारत गिरफ्तार युवक 25 साल का है और न्यूजीलैंड में रहता था। उसने वहां स्थायी निवास यानी पीआर भी हासिल कर रखी थी। परिवार ने लड़की देखकर उसकी शादी 14 जुलाई को तय की थी। शादी की तैयारियों के लिए वह करीब डेढ़ महीने पहले भारत लौटा था। पुलिस जब आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, तब घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के लोगों को इस घटना की जानकारी मिलने के बाद सदमा लगा और शादी की तैयारियां बीच में ही रुक गईं। अब तक 20 आरोपी हो चुके गिरफ्तार जांच अधिकारी आरपीएस कैलाशदान देथा ने बताया कि इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब सभी गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त परेड करवाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को पत्र लिखकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

