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NRI ने पुलिस कमिश्नर से मांगी मदद:कानपुर में दबंग ने जमीन पर कब्जा किया, पीड़ित ने अजर बैजान से जारी किया वीडियो

अजर बैजान देश में रहने वाले एक NRI ने कानपुर के दबंग एडवोकेट से परेशान होकर कानपुर पुलिस कमिश्नर से मदद मांगी है। NRI ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कानपुर के चकेरी में उनकी एक प्रॉपर्टी है। जिसमें आरोपी वकील ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं आरोपी उनसे प्रॉपर्टी खाली करने के एवज में 25 लाख रुपए रंगदारी मांग रहा था। जिसके बाद उन्होंने दो महीने पहले पूर्व पुलिस कमिश्रर से मिलकर मामले की लिखित शिकायत की थी। लेकिन आरोपी उनका मुकदमा दर्ज नहीं होने दे रहा था। अब उनका मुकदमा दर्ज हो पाया है। इसलिए पुलिस उनकी मदद करे और आरोपी पर कार्रवाई करे। 20 साल से विदेश में रह रहे NRI मूल रूप से मेरठ की आजाद कालोनी निवासी मोहम्मद अफरोज रफी NRI हैं। लगभग 25 साल पहले तक उनका परिवार कानपुर में ही रहता था। उस समय उन्होंने कानपुर के चकेरी में आयोध्या विहार फेज-टू में जमीन खरीदी थी। जो खाली पड़ी थी। लगभग 20 साल पहले वह अजर बैजान देश में परिवार के साथ शिफ्ट हो गए और वहीं की नागरिकता ले ली। लेकिन उनकी जमीन कानपुर में ही पड़ी रही। इस जमीन पर सदानंद निवासी एडवोकेट दिनेश आर्या ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण करके वहां किराएदार भी रख दिए। जिसके खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी। 25 लाख की रंगदारी मांग रहा था आरोपी पीड़ित NRI का कहना है कि आरोपी एडवोकेट उन्हें धमकाता है कि उसकी शासन, प्रशासन और मंत्रालय में अच्छी पकड़ है। इसलिए कोई उसका कुछ नहीं कर सकता है। इसके बाद आरोपी उनसे 25 लाख रुपए मांग रहा था। जिसके बाद ही उन्होंने पुलिस कमिश्नर को तहरीर दी थी। लेकिन तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज होने में 2 महीने का समय लग गया। उन्होंने बताया कि आरोपी शासन प्रशासन में मजबूत पकड़ होने की बात कहता है। इसलिए पुलिस कमिश्रर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और उनकी मदद करें। जिससे उनका मकान कब्जा मुक्त हो सके। मामले की जांच में जुटी पुलिस एसीपी चकेरी अभय पांडेय ने बताया कि NRI की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 30 Dec 2025 6:07 pm

अबोहर में गोली लगने से एनआरआई की मौत:सोफे से उठते समय चली लोडेड पिस्टल, कुछ दिनों पहले विदेश से लौटा, रिश्तेदारों संग बैठे

फाजिल्का जिले में अबोहर के हलका बल्लूआना के ढाणी सुच्चा सिंह में लोडेड पिस्टल से चली गोली लगने के कारण एनआरआई की मौत हो गई। शनिवार दोपहर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। थाना सदर के प्रभारी रविंद्र शर्मा ने मृतक के पिता दर्शन सिंह के बयान दर्ज कर बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है। ढाणी सुच्चा सिंह निवासी एनआरआई हरपिंदर सिंह उर्फ सोनू पुत्र दर्शन सिंह कुछ समय पहले ही विदेश से लौटकर यहां बसा था। वह शादीशुदा था और उसकी दो साल की एक बेटी है। शनिवार दोपहर को उसका अंतिम संस्कार किया गया। रिश्तेदारों के साथ बैठे थे एनआरआई यह घटना शुक्रवार रात को हुई। घटना के बाद थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा ने मृतक के घर जाकर जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि हरपिंदर अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ सोफे पर बैठा था। उसकी कमर पर एक लोडेड पिस्टल टंगा हुआ था। जैसे ही वह सोफे से उठा, पिस्टल चल गई और गोली उसके पेट में जा लगी। गंभीर रूप से घायल हरपिंदर को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बठिंडा रेफर कर दिया गया। बठिंडा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही हलका विधायक गोल्डी मुसाफिर सहित आम आदमी पार्टी के कई नेता और ग्रामीण सरकारी अस्पताल पहुंचे। विधायक मुसाफिर ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतक के परिवार को सांत्वना दी। गौरतलब है कि मृतक के पिता दर्शन सिंह ने हाल ही में पंचायत समिति का चुनाव जीता है।

दैनिक भास्कर 30 Dec 2025 3:07 pm

अबोहर ब्लॉक समिति सदस्य के NRI बेटे की मौत:पिता की जीत की पार्टी में जाने तैयार हुआ, रिवॉल्वर कमर में बांधते वक्त गोली चली

अबोहर में हलका बल्लूआना की ढाणी सुच्चा सिंह में ब्लॉक समिति सदस्य दर्शन सिंह के NRI बेटे हरपिंद्र सिंह (25) को घर में गोली लग गई। गंभीर हालत में परिजन उसे पहले सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से उसे बठिंडा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों उसे मृत घोषित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सीतो चौक स्थित एक पैलेस में पिता के पंचायत समिति का चुनाव जीतने पर आज (सोमवार को) पार्टी रखी गई थी। इसी में शामिल होने के लिए शाम करीब साढ़े 6 बजे हरपिंद्र सिंह तैयार हो रहा था। इसी दौरान जब उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर कमर में बांधी, तो अचानक गोली चल गई। जो उसके पेट में जा लगी। गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो हरपिंद्र सिंह घायल अवस्था में पड़ा था। उसे तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन उसे बठिंडा ले गए हैं। परिजनों के मुताबिक, हरपिंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी हुई थी। बठिंडा अस्पातल पहुंचे से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही हलका विधायक गोल्डी मुसाफिर सहित आम आदमी पार्टी के कई नेता और गांव के लोग अस्पताल पहुंचे। दो साल पहले हुई थी शादी हरपिंद्र सिंह के पिता दर्शन सिंह ने हाल ही में पंचायत समिति का चुनाव जीता है। इसी को लेकर एक पार्टी आयोजित की जा रही थी। हरपिंद्र सिंह की दो साल पहले शादी हुई थी। उसकी डेढ़ साल की एक बेटी भी है। वह शादी के लिए ही विदेश से घर आया था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

दैनिक भास्कर 29 Dec 2025 7:39 pm

करनाल में NRI बुजुर्ग की 9 एकड़ जमीन हड़पी:भाई-भतीजे पर धोखाधड़ी का केस,नशीला पदार्थ पिलाकर कागजों पर साइन कराने के आरोप

करनाल में इन्द्री थाना क्षेत्र के गांव गुढा में एक एनआरआई बुजुर्ग की करीब 9 एकड़ पुश्तैनी जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। अमेरिका की नागरिकता प्राप्त 74 वर्षीय सीनियर सिटीजन ने अपने ही भाई, भतीजे और उनके साथियों पर साजिश रचकर धोखे से जमीन अपने नाम कराने, नकद रकम हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर थाना इन्द्री में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अमेरिका में रह रहे एनआरआई ने लगाया जमीन हड़पने का आरोपगांव गुढा निवासी जसपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब 40–45 वर्षों से कनाडा और अमेरिका में रह रहे हैं। वर्तमान में उन्हें अमेरिका की नागरिकता प्राप्त है और वह एनआरआई हैं। उनकी उम्र करीब 74 वर्ष है और वह सीनियर सिटीजन हैं। जसपाल सिंह के अनुसार उनके परिवार में तीन भाई और चार बहनें हैं। वह, शिवरतन सिंह और तीन बहनें पहली माता तेजिन्द्र कौर से हैं, जबकि बलजीत सिंह और एक बहन पिता की दूसरी पत्नी राजिन्द्र कौर से हैं। पिता की वसीयत से मिली थी संयुक्त कृषि भूमिशिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता उनके नाम वसीयत कर गए थे। पिता की मृत्यु के बाद गांव गुढा में लगभग 9-9 एकड़ कृषि भूमि तीनों भाइयों के संयुक्त खाते में दर्ज थी। वसीयत और इंतकाल की प्रतियां उनके पास मौजूद हैं। इसी भूमि को लेकर बाद में विवाद और कथित धोखाधड़ी की कहानी शुरू हुई। पंचायत के बहाने समझौता और फिर टालमटोलजसपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी शिकायत दी थी। इसके बाद भाई बलजीत सिंह और भतीजे मन्दीप सिंह ने पंचायती तौर पर 9 एकड़ जमीन वापस देने की बात कही। मध्यस्थ के रूप में भांजा गुरसेवक सिंह रखा गया। 28 जून 2025 को गुरसेवक सिंह के घर बातचीत हुई। इसी दौरान यह सामने आया कि 2 जुलाई 2018 को उनके नाम से बनाए गए कागजातों में गुरसेवक सिंह का नाम उपयोग किया गया, जबकि गुरसेवक सिंह उस दिन करनाल गया ही नहीं था। 12 जुलाई और 23 जुलाई 2025 को भी पंचायतें हुईं, जिनमें 9 एकड़ जमीन जसपाल सिंह के नाम वापस करने का फैसला हुआ। जमीन का बंटवारा और बिक्री को लेकर भी सहमति बनी, लेकिन बाद में जमीन उनके नाम ट्रांसफर नहीं की गई। वीजा खत्म होने का फायदा उठाने का आरोपशिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों को पता था कि उनका वीजा खत्म होने वाला है। इसी कारण वे जानबूझकर जमीन वापसी में टालमटोल करते रहे ताकि वह विदेश लौट जाएं और जमीन उनके नाम न हो सके। पत्नी द्वारा मृत घोषित कराने का मामला भी जुड़ाजसपाल सिंह ने बताया कि वह नौकरी के चलते लंबे समय तक अमेरिका में रहे, जिससे पत्नी सुखजिन्द्र कौर शाहिद और बेटी भवनदीप कौर शाहिद से दूरी बढ़ गई। इसी दौरान पत्नी ने दीवानी अदालत में उन्हें मृत घोषित कराकर जमीन अपने और बेटी के नाम कराने का दावा किया, जो बाद में खारिज हो गया। इस दौरान भतीजा मन्दीप सिंह वकील होने के नाते बीच में आया और विश्वास जीत लिया। 2018 में रची गई साजिश का आरोपजसपाल सिंह के अनुसार 2018 में भारत आने पर वह गांव गुढा में भाई बलजीत सिंह और भतीजे मन्दीप सिंह के पास रुके। उन्होंने बताया कि माता के हिस्से की चंडीगढ़ बुडैल स्थित जमीन बेचकर पैसा दिलवाएंगे। इस दौरान पैन कार्ड, आधार कार्ड बनवाए गए, जिनमें आरोपियों का मोबाइल नंबर डलवाया गया। बुडैल की जमीन से मिले 35 लाख रुपये में से 26 लाख नकद और 9 लाख चेक मिले। आरोप है कि 27 लाख रुपये अलग-अलग बहानों से हड़प लिए गए। नशीला पदार्थ पिलाकर दस्तावेजों पर साइन कराने का आरोपशिकायत में आरोप है कि 2 जुलाई 2018 को, जिस दिन उन्हें अमेरिका लौटना था, उन्हें करनाल कचहरी ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। उसी दिन कई टाइपशुदा और खाली कागजातों पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए गए। बाद में इन्हीं कागजातों का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पांच साल के पट्टे के नाम पर ट्रांसफर डीडजसपाल सिंह ने बताया कि 6 जनवरी 2020 को इन्द्री तहसील में उनकी 9 एकड़ जमीन की ट्रांसफर डीड भाई बलजीत सिंह के नाम करवा ली गई। आरोप है कि यह डीड पांच साल के पट्टे के नाम पर करवाई गई, जबकि वास्तव में जमीन अपने नाम कर ली गई। इसके बदले उन्हें कुछ रकम डॉलर में भेजी गई। एनआरआई नियमों के उल्लंघन का आरोपशिकायतकर्ता ने बताया कि वह अमेरिका के नागरिक हैं। एनआरआई की भूमि के लिए अलग प्रक्रिया और टोकन होता है, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भारतीय नागरिक दिखाकर रजिस्ट्री करवाई। इससे साफ होता है कि धोखे से ट्रांसफर डीड करवाई गई। 2025 में सच्चाई सामने आई15 मार्च 2025 को भारत लौटने पर जसपाल सिंह ने जमीन और बकाया ठेका राशि की मांग की। तब उन्हें बताया गया कि जमीन पहले ही बलजीत सिंह के नाम ट्रांसफर हो चुकी है और अब उनका कोई हक नहीं है। धमकी भी दी गई कि जमीन की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो जान से मार देंगे। इसके बाद तहसील जाकर रिकॉर्ड निकलवाने पर पूरी धोखाधड़ी सामने आई। पुलिस जुटी जांच मेंजब इस सम्बन्ध में इंद्री थाना के SHO विपिन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जसपाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। सभी पहलुओं और सबूतों को चेक किया जाएगा। जाँच के बाद अगर आरोपी दोषी पाए जाते है तो आरोपियों पर एक्शन लिया जाएगा और गिरफ्तारी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 29 Dec 2025 5:30 am

ललित सुरजन की कलम से- तेल के दाम और प्रवासी भारतीय

'भारत सरकार को मजदूरी करने विदेश गए इन मजबूर नागरिकों के साथ कोई प्रेम नहीं है

देशबन्धु 27 Oct 2025 3:23 am