तेंदूखेड़ा में तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव:दो घंटे तक पानी गिरा, जिले में अब तक 20.67 इंच बरसात
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में शुक्रवार शाम 6 बजे हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। करीब दो घंटे तक चली बारिश की वजह से विद्यानगर कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है और खाली पड़े भूखंडों में पानी भरने के बाद भी रिहायशी इलाकों में स्थिति नियंत्रण में रही। क्षेत्र में दो घंटे तक लगातार हुई बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। दो दिन पहले भी तारादेही, मड़ियादो और वर्धा मार्ग के पुलों पर करीब दो फीट पानी बहने से आवागमन ठप्प हो गया था, जो दो घंटे बाद पानी उतरने पर ही बहाल हो सका था। जिले में अब तक की कुल बारिश का आंकड़ा दमोह जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे जुलाई महीने की उमस और गर्मी से राहत मिली है। जिले में अब तक कुल 525 मिलीमीटर (लगभग 20.67 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा औसत बारिश से कम है, लेकिन सावन के महीने को देखते हुए स्थानीय लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है।
गोंडा। कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह की मेसर्स नंदिनी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खनन मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2019 में गोंडा जिला प्रशासन की ओर से लगाए गए 4.88 करोड़ रुपए के जुर्माने और देनदारी से संबंधित तीन प्रशासनिक आदेश निरस्त कर दिए हैं। हालांकि, कोर्ट ने अवैध खनन के आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मामला गोंडा के तरबगंज क्षेत्र के दुर्गागंज गांव में बालू खनन के पट्टे से जुड़ा है। जनवरी 2018 में गाटा संख्या 2769 की करीब 24 हेक्टेयर जमीन पर फर्म को बालू खनन का पट्टा मिला था। इसकी लीज डीड मई 2018 में निष्पादित हुई थी। नदी कटान को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद जनवरी 2019 में खनन विभाग ने जांच की। जांच टीम ने स्वीकृत क्षेत्र से बाहर करीब 1.22 लाख घनमीटर अवैध खनन किए जाने का आरोप लगाया था। हालांकि, लेखपाल की रिपोर्ट में खनन स्वीकृत क्षेत्र के भीतर बताया गया था। डीएम के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची थी फर्म 15 जून 2019 को तत्कालीन डीएम गोंडा ने यूपी उप खनिज नियमावली 1963 के नियम-57 के तहत 10 लाख रुपए की पेनाल्टी, रॉयल्टी और खनिज मूल्य समेत कुल 4,88,83,810 रुपए की वसूली का आदेश दिया था। इसके बाद फर्म की ओर से कमिश्नर और विशेष सचिव के समक्ष अपील की गई, लेकिन दोनों स्तरों पर राहत नहीं मिली। इसके बाद फर्म ने हाईकोर्ट का रुख किया। डीएम के अधिकार क्षेत्र पर उठाया गया सवाल याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उप खनिज नियमावली के नियम 74(2) के तहत संबंधित अपराध की सुनवाई प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है। कार्यपालक अधिकारी के तौर पर डीएम को सीधे जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं था। कोर्ट ने तीनों प्रशासनिक आदेश किए निरस्त जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी और जस्टिस शेखर बी. सराफ की खंडपीठ ने 19 अगस्त को फैसला सुनाया। कोर्ट ने डीएम गोंडा, कमिश्नर देवीपाटन मंडल और विशेष सचिव के उन तीनों आदेशों को निरस्त कर दिया, जिनके जरिए फर्म पर देनदारी तय की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि फैसला प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र की खामी के आधार पर दिया गया है। कोर्ट ने अवैध खनन हुआ था या नहीं, इस मुद्दे के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। सक्षम अदालत में कार्रवाई का रास्ता खुला फैसले के अनुसार प्रशासन सक्षम न्यायिक अदालत के माध्यम से नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी 21 अगस्त की देर शाम करीब 8 बजे अपलोड की गई। फैसले के बाद सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए थे और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है।
राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर पदोन्नति में तेजी, रिक्त आइपीएस पदों पर अवसर और नियमित कैडर रिव्यू की मांग रखी।
छतरपुर कलेक्टर और एसपी कार्यालय के सामने नेशनल हाईवे-39 पर सड़क के गड्ढे में गिरकर 16 वर्षीय छात्र आदित्य देव लटोरिया घायल हो गया। हादसे के बाद छात्र ने खुद ही गड्ढा भरने का फैसला किया। उसका कहना था कि वह नहीं चाहता कि उसकी तरह कोई और इस गड्ढे में गिरकर घायल हो। आदित्य शुक्रवार को कोचिंग से पढ़कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान एसपी-कलेक्टर कार्यालय के सामने उसकी स्कूटी सड़क के गड्ढे में जा गिरी। वह सड़क पर गिर गया और मामूली रूप से घायल हो गया। पीछे से एक ट्रक भी आ रहा था। वहां से गुजर रहे कुछ स्कूली छात्रों ने तुरंत आदित्य को उठाया और उसकी स्कूटी को सड़क किनारे किया। खुद गड्ढा भरने लगा छात्र हादसे के बाद आदित्य कुछ देर यात्री प्रतीक्षालय में बैठकर आराम करता रहा। तबीयत बेहतर होने पर उसने सड़क की हालत देखी और गड्ढा भरने का फैसला किया। आदित्य पास के सांची स्टॉल से दूध की खाली क्रेट और एक पेचकस लेकर आया। इसके बाद एसपी कार्यालय के बाहर पड़े गिट्टी, कंक्रीट और मिट्टी के मिश्रण को क्रेट में भरकर गड्ढे में डालना शुरू किया। उसने काफी देर तक मेहनत कर गड्ढा भर दिया। बोला- नहीं चाहता मेरी तरह कोई और गिरे आदित्य ने बताया, मैं कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहा था। एसपी-कलेक्टर ऑफिस के सामने सड़क के गड्ढे में मेरी स्कूटी गिर गई और मैं सड़क पर जा गिरा। पीछे से ट्रक आ रहा था। गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे स्कूली छात्रों ने मुझे तुरंत उठाया और स्कूटी भी सड़क किनारे कर दी। उसने कहा, मैंने यह गड्ढा इसलिए भरा, क्योंकि मैं खुद इसमें गिरकर घायल हुआ हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरी तरह कोई और बच्चा या बड़ा इस गड्ढे में गिरकर हादसे का शिकार हो। सरकार और अधिकारियों से मेरा अनुरोध है कि सड़क के गड्ढे भरवा दें, ताकि किसी की जान खतरे में न पड़े। व्यापार मंडल करेगा छात्र को पुरस्कृत छात्र को सड़क का गड्ढा भरते देख राहगीरों और मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पहल की सराहना की। व्यापारी नेता लालचंद लालवानी ने भी आदित्य के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने व्यापार मंडल की ओर से छात्र को पुरस्कृत करने की बात कही। छात्र की इस पहल के बाद सड़क की खराब हालत को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में बड़ा फेरबदल, एक साथ बदले गए 9 जिला खनिज अधिकारी
जम्मू-कश्मीर सरकार ने खनन विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल किए हैं, जिसमें कई जिलों के जिला खनिज अधिकारियों का तबादला और नई तैनाती शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर और निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने 2030 तक 5000 स्टार्टअप, AI प्रशिक्षण और ग्रीन एनर्जी पर आधारित नई अर्थव्यवस्था का रोडमैप बताया, युवाओं को 'जॉब क्रिएटर' बनाने पर जोर दिया।
जयपुर में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी। हादसे में तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। वहीं एक महिला, एक बच्चा और एक युवक को चोट आई है। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में तीन साल के मासूम कार्तिक की मौत हो गई। विश्वकर्मा थाना इलाके में रोड नंबर 17 के पास शुक्रवार शाम करीब 4 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोयल धर्मकांटा के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर एक महिला, उसके दो बच्चे और धर्मभाई सवार थे। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में तीन साल के मासूम कार्तिक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां रीना, बहन साक्षी और बाइक चला रहे धर्मभाई कैलाश को चोटें आई हैं। तीनों को उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मुरलीपुरा की तरफ जा रहे थे, सामने से आया ट्रक विश्वकृमा थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया- कृष्णा विहार अखेपुरा निवासी रीना अपने तीन साल के बेटे कार्तिक और बेटी साक्षी के साथ किसी काम से मुरलीपुरा की तरफ जा रही थी। बाइक रीना के धर्मभाई कैलाश चला रहे थे। रोड नंबर 17 पार करने के बाद गोयल धर्मकांटा के सामने सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद तीन साल के कार्तिक को मृत घोषित कर दिया। रीना, साक्षी और कैलाश के हल्की चोटें आई हैं। तीनों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। हादसे के बाद रुका, फिर चालक ने दौड़ा दिया ट्रक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक कुछ देर के लिए मौके पर रुका था। इसके बाद चालक ने अचानक ट्रक वापस दौड़ा दिया। सड़क पर पड़ी क्षतिग्रस्त बाइक और मासूम कार्तिक को रौंदते हुए ट्रक आगे निकल गया। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पीछा कर ट्रक चालक को पकड़ा हादसे के बाद लोगों ने ट्रक का पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर लोगों ने ट्रक को रोक लिया और चालक को पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने चालक की पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान चालक कुछ देर के लिए बेहोश हो गया। सूचना मिलने पर विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने ड्राइवर को भी हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि दुर्घटना और उसके बाद हुई पूरी घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।
सेंट्रल जेल में ज्यूडिशियल कस्टडी के दौरान बंदी रूपाराम की मौत के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 48 घंटे में एफआईआर करने के साथ ही मामले की आरपीएस अधिकारी से करवाने के आदेश दिए है। इसके साथ ही राज्य सरकार को मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने कहा कि बंदी की मौत सामान्य या प्राकृतिक परिस्थितियों में हुई, ऐसा मानना उचित नहीं है। 2 जुलाई 2025 को हुई थी मौत मृतक की पत्नि लीला के अधिवक्ता अभिषेक अखावत ने बताया कि 2 जुलाई 2025 को सेंट्रल जेल में बंद करीब 41 वर्षीय रूपाराम की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की पत्नी ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी अथवा सीबीआई से जांच कराने और परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की गई थी। बोर्ड की रिपोर्ट में आया था सामने- मौत से 6 घंटे पहले लगी थी चोट मामले की न्यायिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें सामने आईं । मेडिकल बोर्ड ने सात एंटीमॉर्टम चोटें पाईं, जिनमें चेहरे के दाहिने हिस्से पर दो कटे हुए घाव भी शामिल थे। बोर्ड ने माना कि चोटें मौत से करीब छह घंटे पहले लगी थीं। जांच में मौत का कारण सिर और गर्दन पर लगी चोटों का संयुक्त प्रभाव बताया गया। वहीं, रिपोर्ट में ऐसा कोई महत्वपूर्ण हृदय संबंधी कारण नहीं मिला, जिससे मौत को सामान्य हार्ट अटैक से जोड़ा जा सके। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया कि रूपाराम को गंभीर हालत में जेल डिस्पेंसरी लाया गया, लेकिन उस समय वहां कोई मेडिकल स्टाफ या डॉक्टर मौजूद नहीं था। साथी बंदी उसे संभालने और बचाने का प्रयास करते दिखाई दिए। करीब 17 मिनट बाद मेडिकल अधिकारी पहुंचे। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि समय पर पर्याप्त चिकित्सा सहायता मिलती तो रूपाराम की जान बचने की संभावना थी। इसे कोर्ट ने जेल में चिकित्सा व्यवस्था की गंभीर कमी माना। हाईकोर्ट ने कहा-जांच एजेंसी तय करेगी, 30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि रूपाराम की मौत हत्या थी या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण इस याचिका में नहीं किया जा रहा है। यह जांच एजेंसी तय करेगी। हालांकि चोटों और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों के आधार पर मौत को महज प्राकृतिक या आत्महत्या बताकर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य को 25 लाख रुपए की राशि मृतक की पत्नी और अन्य परिजनों को 60 दिन में देने के आदेश दिए हैं। साथ ही जेलों में सीसीटीवी निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अनुपालन रिपोर्ट के लिए मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी।
कानपुर में शुक्रवार को सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) प्रखंड कृष्णा नगर की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक और वार्डन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अवैतनिक (बिना वेतन) रूप से सरकारी योजनाओं और समाज सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे करीब दो दर्जन सक्रिय वार्डनों को 'तिरंगा सम्मान' और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड के डिवीजनल वार्डन शरद प्रकाश अग्रवाल ने की। 'आपदा और संकट के समय नागरिकों की ढाल है सिविल डिफेंस' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चीफ वार्डन राजीव सिंह और विशिष्ट अतिथि डिप्टी चीफ वार्डन आशीष बाजपेई ने वार्डनों का उत्साहवर्धन किया। वक्ताओं ने बताया कि नागरिक सुरक्षा, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एक स्वैच्छिक सरकारी संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं, दंगों अथवा युद्ध के समय आम नागरिकों की सुरक्षा करना, बचाव व राहत कार्य चलाना और आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखना है। तैयार होगा वार्डनों का डेटा बैंक, युवाओं से की गई अपील कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रभारी सहायक उपनियंत्रक प्रवीण वर्मा ने संगठन की आगामी रूपरेखा रखी। बैठक में संगठन के रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने, प्रस्तावित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) करवाने और सभी वार्डनों का एक व्यवस्थित डेटा बैंक तैयार करने जैसे अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही, समाज सेवा के इच्छुक युवाओं से इस स्वैच्छिक सेवा से जुड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति आयोजन की शुरुआत में प्रखंड के स्टाफ ऑफिसर सुखबीर सिंह मलिक ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। सम्मान समारोह के जरिए यह उम्मीद जताई गई कि सभी वार्डन इससे प्रेरणा लेकर भविष्य में और अधिक सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इस दौरान डिवीजनल वार्डन शरद प्रकाश अग्रवाल, मुख्य अतिथि राजीव सिंह, विशिष्ट अतिथि आशीष बाजपेई, प्रवीण वर्मा और सुखबीर सिंह मलिक सहित बड़ी संख्या में सिविल डिफेंस के पदाधिकारी व वार्डन उपस्थित रहे।
अदालत के आदेश के बाद भी बकाया किराया नहीं चुकाने पर कोर्ट ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सचिव की कुर्सी को कुर्क करके सील कर दिया हैं। जयपुर के किराया अधिकरण (कोर्ट) के आदेश पर कोर्ट सैल अमीन बाबूलाल शर्मा ने जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्यालय पहुंचकर सचिव की कुर्सी को कुर्क करने की कार्रवाई की। इस मामले में अर्जीदार सुधीर कासलीवाल व अन्य ने अदालत के आदेश की पालना के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बोर्ड को बकाया किराया अदा करने के आदेश जारी किए थे। आदेशों की अवहेलना होने पर प्रार्थी पक्ष द्वारा संपत्ति कुर्क करने की गुहार लगाई गई थी। बोर्ड पर 1.33 करोड़ रुपए है बकायाअधिवक्ता विनोद कुमार जैन ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने अर्जीदार से एमआई रोड पर पांच बत्ती स्थित शोरूम (ग्राम्या) किराए पर ले रखा था। साल 2008 में शोरूम मालिक ने यह संपत्ति खाली करवाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की थी। जिस पर लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने 2019 में बोर्ड को परिसर खाली करने का आदेश देते हुए साल 2007 से प्रतिमाह 61 हजार रुपए किराया तय किया था। लेकिन बोर्ड ने ना तो शोरूम खाली किया और ना ही बकाया किराया चुकाया। इसी साल मार्च में खाली की संपत्तिइस पर अर्जीदार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करके आदेश की पालना कराने की अपील की। कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए इसी साल मार्च में अर्जीदार को दुकान का कब्जा दिलवाया। वहीं बकाया 1.33 करोड़ किराया चुकाने का निर्देश दिया। लेकिन बोर्ड ने इसके बाद भी किराया नहीं चुकाया तो कोर्ट ने बोर्ड के सचिव की कुर्सी कुर्क करने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश पर किराए की वसूली के लिए ही यह कुर्की की कार्रवाई की गई हैं।
बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में हरियाणा निवासी एक दंपति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि कार चला रहा व्यक्ति एक पुलिसकर्मी था और वह नशे की हालत में था। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित पुलिसकर्मी नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने नशे में धुत पुलिसकर्मी को बचाने का प्रयास किया और घायल दंपति को अस्पताल भेजने में देरी की। बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिसकर्मी डायल 112 पर तैनात है और वह अपनी निजी कार से बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में आया था। टक्कर मारने के बाद तेज रफ्तार कार एक विद्युत पोल से भी टकरा गई। स्थानीय लोगों और घायल बाइक सवार विजेंद्र (हरियाणा निवासी) ने पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विजेंद्र ने इस संबंध में कोतवाली प्रभारी को एक आवेदन भी दिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। सीओ अंशु जैन ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ में जन विश्वास अभियान के तहत सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें सुनीं और लापरवाही बरतने पर जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित किया। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड भ्रमण कर योजनाओं का जायजा लेने और जनता की शिकायतों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. ने शुक्रवार देर शाम 7:30 pmरायबरेली का दौरा किया। उन्होंने जिले में अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की तथा आगामी त्योहारों और मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान, आईजी रेंज ने आगामी त्योहारों और कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। आईजी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी किरण एस. ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित रायबरेली दौरे के संबंध में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, रूट डायवर्जन और वीआईपी मूवमेंट का खाका तैयार किया, ताकि आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो। पुलिस अधिकारियों द्वारा सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर न उठाने की शिकायतों पर आईजी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सीयूजी नंबर अधिकारियों को जनता से सीधे संवाद और उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए दिए गए हैं। आईजी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी थानों और प्रशासनिक अधिकारियों को जनता की कॉल का त्वरित और सकारात्मक जवाब देना होगा। किसी भी परिस्थिति में आम नागरिकों की बात को अनदेखा न किया जाए और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
जौनपुर में 22 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में जौनपुर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीनी विवाद में आशीष मौर्या की गोली मारकर हत्या के मामले में सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के प्रतिनिधि मनोज मौर्या समेत चार सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया है। एडीजे/एफटीसी प्रथम की अदालत ने चारों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। वहीं, दो आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया। अदालत 26 अगस्त को दोषियों की सजा पर सुनवाई करेगी। 2004 में कलेक्ट्रेट तिराहे के पास हुई थी हत्या मामला वर्ष 2004 का है। 16 अगस्त 2004 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियापुर मोहल्ले में कलेक्ट्रेट तिराहे के पास जमीनी विवाद को लेकर आशीष मौर्या की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में लाइन बाजार थाने में सात आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबी चली सुनवाई, गवाहों और साक्ष्यों की हुई जांच अभियोजन पक्ष के अनुसार मुकदमे में राम सेवक मौर्या, अश्वनी मौर्या, आशीष मौर्या, पवन मौर्या और मनोज मौर्या समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। करीब दो दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। चारों को हत्या का दोषी मानकर भेजा जेल एडीजे/एफटीसी प्रथम की अदालत ने सुनवाई के बाद चार आरोपियों को हत्या का दोषी माना। फैसला सुनाए जाने के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। अदालत अब 26 अगस्त को सजा की अवधि और दंड पर सुनवाई करेगी। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में राहत मुकदमे में नामजद दो अन्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। एक अन्य आरोपी की न्यायिक स्थिति अलग रही। 22 साल पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद अदालत परिसर में काफी हलचल रही।
तालाब में नहाते समय 11वीं के छात्र की मौत:फतेहपुर के पक्के तालाब में गहराई में जाने से हुआ हादसा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के पक्के तालाब में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे नहाते समय 11वीं कक्षा के एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। छात्र गहराई में चला गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने छात्र को करीब दो घंटे बाद तालाब से बाहर निकाला। उसे तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र की पहचान शहर की काशीराम कॉलोनी महर्षि निवासी हिमांशु गौड़ (21) पुत्र स्वर्गीय राजू गौड़ के रूप में हुई है। वह राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में कक्षा 11वीं का छात्र था। हिमांशु बचपन से अपने मौसा-मौसी के साथ रह रहा था। उसकी मां संगीता कानपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करती हैं और परिवार का भरण-पोषण करती हैं। हिमांशु की एक बड़ी बहन नैंसी भी है। बताया गया है कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे हिमांशु अपने परिचित नूर आलम (18) पुत्र सरवर अली के साथ साइकिल से घूमने निकला था। दोनों सदर कोतवाली क्षेत्र में निर्माणाधीन पक्के तालाब के पास पहुंचे और वहां नहाने लगे। नहाते समय हिमांशु तालाब के गहरे हिस्से की ओर चला गया और अचानक पानी में डूबने लगा। उसे डूबता देख आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने तालाब में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हिमांशु को बाहर निकाला। उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटाई। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन तालाब के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक पोस्ट करने और उसे रीट्वीट करने के आरोप में बाबरी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, 21 अगस्त को 'इस्लाम शेर अली खान' नामक फेसबुक प्रोफाइल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ कथित आपत्तिजनक पोस्ट की गई। इसके बाद 'इस्लाम मंसूरी' नामक फेसबुक प्रोफाइल से उसे रीट्वीट किए जाने का आरोप है। पोस्ट वायरल होने के बाद जताया गया विरोध तहरीर के अनुसार, सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई। विभिन्न वर्गों के लोगों ने पोस्ट को लेकर विरोध जताया। शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को वायरल पोस्ट के स्क्रीनशॉट और संबंधित तस्वीरें भी उपलब्ध कराई गई हैं। पुलिस ने शुरू की सोशल मीडिया पोस्ट की जांच थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर बाबरी थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता, संबंधित फेसबुक खातों और पोस्ट को प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीजीजीआई ने बांदा और चित्रकूट में अवैध पान मसाला व गुटखा निर्माण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में लगभग ₹185 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई और 27 अघोषित पैकिंग मशीनें जब्त की गईं।
फर्रुखाबाद में नवाबगंज थाना क्षेत्र के बराकेशव गांव में चकबंदी की माप-जोख करने पहुंची टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर चक सीमांकन के बाद कर्मचारी एक मकान पर बैठे थे। आरोप है कि इसी दौरान महिला और पुरुषों की भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ हाथापाई और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। चकबंदीकर्ता शिवकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 अगस्त को चकबंदी लेखपाल राशिद अली, सुरजीत, सत्य प्रकाश और अविनाश बराकेशव गांव में चक सीमांकन और कब्जा परिवर्तन का काम कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे काम पूरा करने के बाद कर्मचारी पानी पीने के लिए गांव के सुरेंद्र के मकान पर पहुंचे थे। लाठी-डंडों से हमला, जरीब और नक्शा छीनने का आरोप आरोप है कि इसी दौरान 20 नामजद समेत करीब 100 महिला-पुरुष वहां पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। हमलावरों पर सरकारी जरीब, नक्शा और फोटोकॉपी छीनने का भी आरोप है। कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और सुरेंद्र के मकान में शरण ली। सूचना पर नवाबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। सरकारी रजिस्टर भी ले जाने का आरोप चकबंदी कर्मचारियों का आरोप है कि उपद्रवी सरकारी जरीब और पैमाइश से संबंधित रजिस्टर भी अपने साथ ले गए, जिन्हें वापस नहीं किया गया। घटना के बाद चकबंदी विभाग के कर्मचारी गांव में चक सीमांकन का काम करने में असमर्थता जता रहे हैं। 20 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ तहरीर शुक्रवार शाम चकबंदीकर्ता शिवकुमार समेत अन्य कर्मचारियों ने नवाबगंज थाने में 20 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी पीड़ित कर्मचारियों को नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजकर मेडिकल जांच कराई है। मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी नवाबगंज थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
जमानिया नगर पालिका परिषद में गृहकर, जलकर, जल निकासी कर और ट्रेड लाइसेंस शुल्क में कथित बढ़ोतरी के विरोध में व्यापार मंडल ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में जुटे व्यापारियों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़े हुए कर वापस लेने की मांग की। 200 का गृहकर 3 से 6 हजार करने का आरोप व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता और नारायण दास चौरसिया ने आरोप लगाया कि नगर पालिका ने विभिन्न करों में 10 गुना तक वृद्धि कर दी है। उनका कहना है कि पहले जहां 200 से 300 रुपये गृहकर लिया जाता था, अब उसे बढ़ाकर 3 से 6 हजार रुपये तक कर दिया गया है। व्यापारियों ने इसे आम लोगों और दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। बोर्ड बैठक पर भी उठाए सवाल व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक में सिर्फ सदस्यों की उपस्थिति दर्ज कराकर बंद कमरे में प्रस्ताव तैयार किए गए। उनका कहना है कि करीब दो साल तक करों की वसूली रोकने के बाद अब बढ़ी हुई दरों के आधार पर जबरन वसूली की जा रही है। व्यापार मंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। रामलीला मंच पर ताले को लेकर भी नाराजगी धरने पर बैठे व्यापारियों ने रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि मंच बंद होने से धार्मिक, सामाजिक और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने में लोगों को परेशानी हो रही है। व्यापारियों ने मंच को आम लोगों के लिए खोलने की मांग की। कर वापस होने तक आंदोलन की चेतावनी व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि जब तक बढ़े हुए कर वापस नहीं लिए जाते और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। व्यापारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। चेयरमैन बोले- सभी व्यापारी आंदोलन में नहीं नगर पालिका चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि धरने पर बैठे लोग पूरे व्यापार मंडल का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों में वास्तव में कर वृद्धि को लेकर आक्रोश है तो वे स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे। धरने में राजेश चौधरी, इस्लाम खां, भोला जायसवाल, कुलेश चौधरी, राकेश जायसवाल, मनोज रौनियार, विंध्याचल शर्मा, अजय गोस्वामी, सत्येंद्र वर्मा, शनि वर्मा, मुन्ना वर्मा और सोनू गुप्ता सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
बागपत में लूट के 12 साल पुराने केस में फैसला:आरोपी को 10 साल की जेल, 25 हजार रुपए जुर्माना
बागपत में लूट के 12 साल पुराने मामले में बागपत न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी शहजाद उर्फ रिहान को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। मामला दोघट थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2014 में आरोपी शहजाद उर्फ रिहान ने वादी आबिद के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। आबिद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया था आरोपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शहजाद उर्फ रिहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा। करीब 12 साल बाद कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया है। एडीजीसी गगन गौड़ ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने शहजाद उर्फ रिहान को दोषी माना। कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के कारावास के साथ 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
जेम-टेंडर में फर्जी बैंक EMD का खेल:कानपुर देहात में 4 फर्में ब्लैकलिस्ट, धोखाधड़ी का केस दर्ज
कानपुर देहात के बेसिक शिक्षा विभाग में मैनपावर आउटसोर्सिंग के लिए हुए जेम टेंडर में फर्जी बैंक ईएमडी और कूटरचित दस्तावेज लगाने का मामला सामने आया है। जांच में चार फर्मों की ईएमडी फर्जी मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्हें जेम पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। अब चारों फर्मों के खिलाफ अकबरपुर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने मैनपावर आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता के चयन के लिए जेम पोर्टल पर निविदा संख्या बी/2026/7302121 अपलोड की थी। इसमें कुल छह निविदादाताओं ने हिस्सा लिया और विभागीय कार्यालय में अपनी ईएमडी जमा कराई थी। दस्तावेजों की जांच के दौरान चार फर्मों की बैंक ईएमडी की सत्यता पर सवाल उठे। संयुक्त समिति ने की ईएमडी की जांच ईएमडी की सत्यता जांचने के लिए जिलाधिकारी ने 5 मई 2026 को अग्रणी जिला प्रबंधक, कानपुर देहात और उपायुक्त वस्तु एवं सेवा कर की संयुक्त समिति गठित की थी। समिति ने 20 मई को अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इसके बाद संबंधित फर्मों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। फर्जी दस्तावेजों को नियमों का उल्लंघन माना मामले की पत्रावली जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई। 3 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी ने कार्रवाई को मंजूरी देते हुए फर्जी और कूटरचित ईएमडी के इस्तेमाल को निविदा की शर्तों, प्रोक्योरमेंट मैनुअल-2022, जीएफआर-2017 और जेम की शर्तों का उल्लंघन माना। इन चार फर्मों पर हुई कार्रवाई जांच में फर्जी ईएमडी पाए जाने वाली फर्मों में Weaversoft Solutions Private Limited, SBNK Enterprises, AS Infratech और Gangotri Manpower Security Agency शामिल हैं। इन सभी को जेम पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए जेम सेल, लखनऊ को पत्र भेजा गया है और पोर्टल पर फर्जी दस्तावेजों से संबंधित इन्सिडेंट भी दर्ज कराया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 318(4) में दर्ज किया केस विभाग की शिकायत पर अकबरपुर पुलिस ने चारों फर्मों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब फर्जी ईएमडी तैयार करने और उसे टेंडर प्रक्रिया में जमा करने वालों के साथ ही इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।
NCR के लोगों की बल्ले-बल्ले: पुराने बस-ट्रक स्क्रैप करो और नए BS-6 वाहनों पर पाओ टैक्स में 100% छूट
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पुराने बीएस-01 से बीएस-04 ट्रकों और बसों को स्क्रैप कर नए बीएस-6 वाहन खरीदने पर पंजीयन शुल्क और वाहन कर में 100% छूट मिलेगी।
1984 के सिख विरोधी दंगों की यादें आज भी पीड़ित परिवारों के जेहन में ताजा हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी। अब 1984 दंगों के दोषियों में शामिल रहे नेता सज्जन कुमार की तिहाड़ जेल में मौत के बाद एक बार फिर पीड़ितों ने न्याय की मांग तेज कर दी है। सिख न्याय व अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने यह मांग रखी है। निष्पक्ष कमेटी गठित करने की मांग गाजियाबाद में सिख समुदाय की ओर से विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि वर्ष 1984 में गाजियाबाद में हुए दंगों के दौरान 40 से अधिक सिखों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने हिंसा और कत्लेआम देखा था। उनका दावा है कि कई आरोपियों को वे आज भी पहचानते हैं। पीड़ितों ने सरकार से एक निष्पक्ष कमेटी गठित करने की मांग की है, ताकि उस समय के आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के मुताबिक सजा दिलाई जा सके। सिख समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह सिख समाज का सम्मान हुआ है, उससे उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा सरकार में उन्हें वर्षों से लंबित न्याय भी मिल सकेगा।
शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुए सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। बमिहाना गांव निवासी 30 वर्षीय गुड्डू और 20 वर्षीय अमन कांवड़ लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मारी और फिर आगे चल रहे कांवड़ियों को रौंदते हुए खाई में पलट गया। हादसे में घायल गुड्डू और अमन को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। ट्रक चालक भी हादसे में घायल हुआ है। शुक्रवार शाम करीब छह बजे दोनों मृतकों के शव एंबुलेंस से बमिहाना गांव लाए गए। शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस को गांव के बाहर रोक दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर दो थानों की पुलिस, एसपी ग्रामीण और सीओ तिलहर मौके पर पहुंचे। गर्भवती पत्नी बोली- अब मेरा सहारा कौन? मृतक गुड्डू की पत्नी आरती ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती हैं और उनका इलाज चल रहा है। पति की मौत के बाद आने वाले बच्चे और परिवार के भविष्य को लेकर उन्हें चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल परिवार को संभालने का है। परिजनों ने मुकदमे में धाराएं बढ़ाने के साथ ही आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप- नाबालिग चला रहा था ट्रक आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय ट्रक एक नाबालिग कंडक्टर चला रहा था, जबकि चालक अंदर सो रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक टक्कर के बाद चालक को जगाया गया और दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। अधिकारियों के आश्वासन पर माने परिजन सीओ तिलहर विदुश सक्सेना ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों, नायब तहसीलदार समेत पुलिस अधिकारियों ने परिवार से बातचीत की। परिजनों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के बाद परिवार शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गया।
लखनऊ में यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी की कृषि संपदा और जापान की तकनीक के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पटल पर पहुंचाने और राज्य को सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब बनाने का लक्ष्य रखा।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म विभूषण कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को भाजपा के कानपुर उत्तर और कानपुर दक्षिण संगठन ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। दोनों जिलों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबूजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके राष्ट्रवादी विचारों, जनसेवा, सुशासन और संगठन के प्रति समर्पण को याद किया। कानपुर उत्तर में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान विधायक नीलिमा कटियार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश अवस्थी और जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बाबूजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने अडिग संकल्प, राष्ट्रवादी सोच और जनसेवा के जरिए भारतीय राजनीति में अलग पहचान बनाई। राम मंदिर आंदोलन के दौरान उनके दृढ़ नेतृत्व ने उन्हें देश की राजनीति में विशिष्ट स्थान दिलाया। वक्ताओं ने कहा कि बाबूजी का संघर्ष, सादगी और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात कर राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए काम करने का संकल्प लिया। कानपुर दक्षिण कार्यालय में कार्यक्रम हुआ कानपुर दक्षिण में जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में हुई। शिवराम सिंह ने कहा कि कल्याण सिंह का पूरा जीवन राष्ट्र, समाज और संगठन के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने सत्ता को कभी व्यक्तिगत स्वार्थ का माध्यम नहीं माना, बल्कि जनसेवा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में कल्याण सिंह ने सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को केंद्र में रखकर कार्य किया। कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों और विचारों से समझौता नहीं करना उनके व्यक्तित्व की बड़ी विशेषता थी। राम मंदिर आंदोलन में उनका योगदान करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा हुआ है। ‘बाबूजी के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि’भाजपा नेताओं ने कहा कि कल्याण सिंह का दृढ़ संकल्प, राष्ट्र के प्रति समर्पण, संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए संगठन को मजबूत करना और राष्ट्रहित में निरंतर काम करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रमों में दोनों जिलों के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कानपुर उत्तर में प्रमोद विश्वकर्मा, अवधेश सोनकर, अनुराग शर्मा, शिवांग मिश्रा, नवाब सिंह, सीमा एमबीए, वास्ते त्रिपाठी, रीता पासवान, विनोद पाल, मोनेन्द्र राजपूत, रामजी गुप्ता, प्रशांत त्रिपाठी, राधा सैनी, अभिमन्यु सक्सेना, सोनू राठौर, सचिवेंद्र सिंह सेंगर, सुरेश गुप्ता, जिशान अहमद, स्पर्श कटियार और पीयूष आनंद सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं कानपुर दक्षिण में अनीता गुप्ता, पवन सिंह, सुनील तिवारी, अनूप अवस्थी, राजेश भदौरिया, गणेश शुक्ला, जसविंदर सिंह, अर्जुन बेरिया, पवन दीक्षित और संजीव बेरी सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रख-रखाव के चलते कई कॉलोनी में शनिवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में 4 घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक 11 केवी फीडर, ईसाइयों का कब्रिस्तान, सेक्टर 4 एफ, सेक्टर 7, सेक्टर 7 विस्तार योजना, गंदे नाले के आसपास का क्षेत्र सुबह 9 से सुबह 11 बजे तक 33/11 केवी सब-स्टेशन वीतराग सिटी से संबंधित संपूर्ण क्षेत्र। बिजली विभाग ने संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय से बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य निपटा लें और कटौती के दौरान सहयोग करें। विभाग के अनुसार रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बालाघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान साहिल नामक युवक पर पैलेट गन चलाए जाने और सांसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज न होने के विरोध में प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्याम पंजवानी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शाम 5 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया। लगभग दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर छात्र विरोधी होने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा मामले में एफआईआर दर्ज न करने को अन्याय और न्याय में देरी करार दिया। राहुल गांधी के धरने को दिया समर्थन कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव शफकत खान ने बताया कि राहुल गांधी दिल्ली में पीड़ित छात्र को न्याय दिलाने के लिए खुद धरने पर बैठे हैं, लेकिन पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है। इसी के समर्थन में बालाघाट में भी यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। छात्रों के हक में लड़ाई जारी रखने का संकल्प शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि कांग्रेस देश में लोकतंत्र की हत्या करने वालों और षडयंत्रकारियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन भी छात्रों पर लाठीचार्ज या पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया है, कांग्रेस उनके साथ है और आगे भी छात्रों के हक के लिए लड़ाई लड़ती रहेगी।
कानपुर के फजलगंज स्थित होटल में फैक्ट्री मालिक की हत्या के 18 साल पुराने मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एडीजे-18 राकेश कुमार तिवारी ने एक दोषी को उम्रकैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी है। होटल के कमरे में मिली थी फैक्ट्री मालिक की खून से सनी लाश 2 फरवरी 2008 को फजलगंज स्थित शीला होटल में यह हत्याकांड हुआ था। होटल मालिक सतीश कुमार दत्त ने पुलिस को बताया था कि दोपहर करीब 12:30 बजे गोलाघाट, गोरखपुर निवासी अभिषेक सिंह और अरुण कुमार सिंह उर्फ दिनेश होटल पहुंचे थे। दोनों ने व्यापार के सिलसिले में कानपुर आने की बात कही। उन्हें दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर 203 दिया गया था। कुछ देर बाद होटल का वेटर रविंदर कमरे में पानी, गिलास और साबुन देने गया था। इसके बाद अभिषेक और अरुण घूमने जाने की बात कहकर होटल से निकल गए। दोपहर करीब 2:30 बजे दोनों वापस लौटे। इस बार उनके साथ एक तीसरा युवक भी था। शाम करीब 4 बजे अभिषेक और दिनेश होटल से चले गए। कमरे की सफाई करने पहुंचा वेटर तो सामने आई वारदात 3 फरवरी की सुबह होटल मालिक ने वेटर रविंदर को कमरे की सफाई के लिए डुप्लीकेट चाबी देकर भेजा। रविंदर ने कमरा खोला तो बेड पर खून से सनी लाश पड़ी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान बेड के नीचे से खून से सनी ईंट भी बरामद हुई। मृतक की पहचान रतनलाल नगर के इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट निवासी फैक्ट्री संचालक कमल चुघ के रूप में हुई। कमल घर से फैक्ट्री जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन होटल के कमरे में उनकी हत्या कर दी गई। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए, कार और मोबाइल बरामद पुलिस ने प्रयागराज निवासी अश्विनी कुमार मिश्र उर्फ टिंकू, प्रेमनगर सीसामऊ निवासी विवेक कुमार कुशवाहा और प्रयागराज के नैनी निवासी अरुण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था। आरोपियों के पास से कमल की कार और मोबाइल भी बरामद हुआ था। 11 गवाह कोर्ट में पेश हुए मुकदमा एडीजे–18 राकेश कुमार तिवारी की कोर्ट में ट्रायल पर था। अभियोजन की ओर से 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। सबूतों के अभाव में अरुण को बरी कर दिया, जबकि विवेक कुशवाहा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं फरार आरोपी अश्वनी की फाइल अलग कर दी गई।
प्रतापगढ़ में पीएनजी गैस पाइपलाइन फटी:जेसीबी से मरम्मत के दौरान हुआ रिसाव, दुकानों पर अफरा-तफरी मची
प्रतापगढ़ नगर कोतवाली क्षेत्र के मीरा भवन चौराहे पर शुक्रवार शाम 5 बजे करीब पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटने से तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे नगर पालिका की टीम मीरा भवन चौराहे पर पानी की पाइपलाइन की मरम्मत कर रही थी। इसी दौरान जेसीबी से खुदाई करते समय भूमिगत पीएनजी गैस पाइपलाइन टूट गई। गैस रिसाव की आवाज काफी तेज थी, जिससे आसपास मौजूद लोगों में चिंता फैल गई। चौराहे पर मौजूद दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान किया। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। गैस की आपूर्ति बंद कराई गई फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पीएनजी गैस पाइपलाइन से संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और गैस की आपूर्ति बंद कराई। आपूर्ति बंद होने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और लोगों ने राहत महसूस की। इसके उपरांत, क्षतिग्रस्त पानी की पाइपलाइन और पीएनजी गैस पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य किया गया। मरम्मत पूरी होने के बाद दोनों व्यवस्थाओं को फिर से सुचारू कर दिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
संभल के थाना धनारी क्षेत्र में नई पुलिस चौकी दिनौरा का उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई की उपस्थिति में 'मिशन शक्ति अभियान 5.0' के तहत स्थानीय बालिका आयुषी ने इसका लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम 5 बजे से 6:30 बजे तक चला। यह पुलिस चौकी जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी क्षेत्र में स्थापित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, आमजन को त्वरित और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराना तथा क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति को मजबूत बनाना है। दिनौरा पुलिस चौकी के संचालन से क्षेत्र में पुलिस की पहुंच बढ़ेगी, जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी। उद्घाटन समारोह से पहले, थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह और ग्रामीणों ने हवन में आहुति दी। गौरतलब है कि जनपद संभल में कुल 40 नई पुलिस चौकियां और 8 नए आउटपोस्ट बनाए गए हैं। यह पहल 24 नवंबर 2024 को संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र में एक विवादित धार्मिक स्थल के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के बाद की गई है। संभल हिंसा के दौरान पुलिस पर फेंके गए पत्थरों से सत्यव्रत पुलिस चौकी (संभल कोतवाली कस्बा), दीपा सराय और हिंदूपुरा खेड़ा पुलिस चौकियां (थाना नखासा) निर्मित की गई हैं। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि उनके कार्यकाल में 7 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले के मुख्यालय का बहजोई में शिलान्यास किया था। एसपी बिश्नोई के अनुसार, संभल शहर में थाना रायसत्ती और तहसील गुन्नौर में थाना बबराला भी बनाए गए हैं। अपराधियों की रोकथाम और ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए थाने या मुख्यालय न आना पड़े, इसके लिए जगह-जगह पुलिस चौकियों का निर्माण कराया गया है, ताकि उन्हें सुलभ न्याय मिल सके।
उज्जैन, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को बड़नगर में जिलास्तरीय जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। इसमें प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 41 पंचायतों से आए आवेदनों की सुनवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा, साथ ही शासकीय कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई के लिए कहा। शिविर में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रकरण, खाद्यान्न पर्ची, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, बीपीएल, समग्र कार्ड, संबल योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, और लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र भी दिए गए। वहीं ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उनमें अधिकारियों को समय-सीमा तय कर अगली विकासखंड स्तरीय जनविश्वास शिविर से पहले समाधान के लिए कहा। शिविर के दौरान ग्राम असावदा के दो आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज्योति वैष्णव सूचना के बावजूद अनुपस्थित पाई गईं, जबकि सुमित्रा शर्मा के केंद्र पर लाभार्थी मौजूद नहीं थे। इन दोनों मामलों में सात दिवस के मानदेय को राजसात करने के साथ सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक आशा गट्टानी की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर एक वेतनवृद्धि रोकने की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। वही ग्राम झालारिया पंचायत के सचिव दिनेश मकवाना पर भी कार्रवाई के लिए कहा गया। कलेक्टर ने देखा कि उन्होंने कल्याणी योजना के एक पात्र लोगो को योजना का लाभ नहीं दिलाया था। इस मामले में कलेक्टर ने पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए।
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद:राजगढ़ में 4 बार किया था रेप, 21 हजार का जुर्माना
राजगढ़ के बोड़ा थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने उसके पिता को अंतिम सांस तक जेल की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश उर्मिला यादव ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने उस पर कुल 21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामला मार्च 2023 का है। कक्षा 6 में पढ़ने वाली पीड़िता ने अपने नाना के साथ बोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि जब उसकी मां मायके जाती थी, तब पिता रात में उसके साथ दुष्कर्म करता था। पीड़िता के अनुसार, करीब दो साल में आरोपी ने उसके साथ चार बार दुष्कर्म किया। जान से मारने की धमकी देने का आरोपपीड़िता ने पुलिस को बताया था कि विरोध करने या किसी को घटना के बारे में बताने पर आरोपी उसे जान से मारने और काटकर फेंक देने की धमकी देता था। पुलिस ने 4 मार्च 2023 को मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान, गवाहों और मेडिकल साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने दो धाराओं में सुनाई सजाकोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(m)/6 के तहत बाकी जीवन जेल में रहने की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा धारा 506 भाग-2 के तहत 3 साल की सख्त जेल और 1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी संजय कुमार ने मामले में पैरवी की।
मंगलनाथ मंदिर में नई जलाधारी अर्पित:20 किलो चांदी से बनी, 50 लाख रुपए है कीमत
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में शुक्रवार को भगवान मंगलनाथ को लगभग 20 किलोग्राम चांदी से निर्मित नई जलाधारी अर्पित की गई। हैदराबाद के अमर ओहरी और सोनल ओहरी ने यह जलाधारी दान की है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए बताई गई है। इसकी स्थापना के लिए मंदिर में पूरे वैदिक विधान से पूजन, यज्ञ और अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी महंत अक्षय भारती ने बताया कि भगवान की पूर्व जलाधारी वर्ष 2007 में स्थापित की गई थी। लंबे समय तक उपयोग के कारण उसमें कई छोटे-छोटे छेद हो गए थे। इन छेदों के कारण सेवा और आरती के दौरान पुजारियों, श्रद्धालुओं और यजमानों को असुविधा होती थी। कई बार ये छेद हाथों में चुभ जाते थे। इसी समस्या को देखते हुए नई जलाधारी स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की गई। पुजारी के अनुसार, भगवान की प्रेरणा से हैदराबाद के यजमान अमर ओहरी और सोनल ओहरी ने लगभग 20 किलोग्राम चांदी दान कर नई जलाधारी तैयार कराने का संकल्प लिया। यजमानों की भावना के अनुरूप, जलाधारी की नाप लेकर लगभग 20 किलोग्राम चांदी से नई जलाधारी तैयार की गई, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपए है। इसकी स्थापना से पूर्व विद्वान आचार्यों द्वारा विधिवत पूजन, हवन और यज्ञ कराया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, गर्भगृह में पुरानी जलाधारी हटाकर नई स्थापित करने के लिए निर्धारित मुहूर्त में प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान लगभग सात घंटे तक गर्भगृह के कपाट बंद रहे और श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। मुख्य पुजारी महंत अक्षय भारती ने बताया कि नई जलाधारी स्थापित होने के बाद भगवान मंगलनाथ का स्वरूप पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और पूर्ण दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी जलाधारी के कारण भगवान का स्वरूप पूरी तरह निखरकर सामने नहीं आ पा रहा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026' प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहाँ एयरोस्पेस, डिफेंस और कृषि क्षेत्र के अत्याधुनिक उत्पाद प्रदर्शित हुए। आईआईटी कानपुर के 'तेजस्वान' ड्रोन और 'दिव्यास्त्र एमके वन' ने ध्यान खींचा, साथ ही एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने यूपी में ₹2,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की।
भोपाल नगर निगम की म्युनिसिपल कोर्ट ने पॉश रेस्टोरेंट और पब पर छापा मारा, जिसमें खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के 79 मामले दर्ज किए गए और 5.80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स और एक ही फ्रीजर में शाकाहारी-मांसाहारी भोजन मिलने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए नमूने लिए गए।
कोटा में पत्नी की हत्या के करीब 5 साल पुराने मामले में न्यायालय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम-1 ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी पति सुरेश कुमार (40) निवासी खंड गावड़ी सिविल लाइंस थाना नयापुरा कोटा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 36 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। दोषी पति ने शराब के नशे में अपनी पत्नी चेतना के साथ मारपीट की थी। हॉस्पिटल ले जाते ही महिला की मौत हो गई थी। 17 साल पहले हुई थी शादी फैसले के अनुसार- इस संबंध में इंदिरा गांधी नगर डीसीएम निवासी चेतना के भाई राजू ने 30 सितंबर 2021 को नयापुरा थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया कि मेरी बहन चेतना की 17 साल पहले सुरेश से शादी की थी। दोनों से दो बच्चे (13 और 10 साल के) हैं। जीजा सुरेश ने तब तीन महीने पहले शराब के नशे में उसकी बहन चेतना के साथ मारपीट की थी। इस कारण मैं अपनी बहन को अपने घर इंदिरा गांधी नगर डीसीएम ले आया था। चेतना पीहर में रह रही थी। 15 दिन पहले जीजा सुरेश हमारे घर आया और बहन चेतना को अपने साथ खंड गावड़ी ले गया। 29 सितंबर 2021 की रात 9 बजे सुरेश ने शराब के नशे में मेरी बहन चेतना के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। सुरेश के भाई ने बीच-बचाव किया, लेकिन सुरेश मारपीट करता रहा। इससे बहन चेतना बेहोश हो गई। उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया था।
जौनपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन:छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के खिलाफ FIR की मांग
जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए पैलेट गन हमले और लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शुक्रवार शाम 7:30 बजे से 8 बजे तक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी जौनपुर के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने मांग की कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पैलेट गन का प्रयोग करने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। डॉ. प्रमोद सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह लाठी-डंडों और पुलिस के दुरुपयोग से छात्रों व नौजवानों की आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की आवाज बनकर संघर्ष कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग शहर अध्यक्ष आरिफ खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी छात्रों व युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने भी पैलेट गन का इस्तेमाल करने वालों और इसके आदेश देने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह डब्बू, अरुण शुक्ला, इरशाद खान राजू, फैयाज हाशमी, सभासद शहनवाज मंजूर, राजकुमार गुप्ता, जयप्रकाश मिश्रा, इकबाल हुसैन, मुहम्मद ताहिर, संदीप निषाद, अनीस अहमद नेता, इस्तेखारुल प्रधान, मुहम्मद इस्लाम, गौरव कुशवाहा, रोहित सोनकर, कार्तिक मौर्या और ज़ैद सिद्दीकी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ SSP अविनाश पांडेय के तबादले के बाद पुलिस-प्रशासन अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। शुक्रवार शाम नए पुलिस कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति के चार्ज संभालते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे रवि गौतम को मनाने पहुंच गए। दोनों अफसरों ने आंदोलन खत्म करने और बाकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया, लेकिन रवि गौतम अपनी चारों मांगों पर अड़े रहे। करीब 40 मिनट तक चली वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और दोनों अफसरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। रवि गौतम ने साफ कहा कि प्रशासन अगर उनकी सभी मांगें स्वीकार करता है तभी वह धरना समाप्त करेंगे। पुलिस के खिलाफ शुरू किया गया आंदोलन अब किसी दबाव में खत्म नहीं होगा। शनिवार शाम तक अफसरों के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कही गई है। दरअसल, 8 जुलाई को डीएम कार्यालय के बाहर धरना देने वाले रवि गौतम समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस प्रशासन ने जेल भेज दिया था। इस दौरान रवि गौतम के साथ बर्बरता की गई थी। एसएसपी अविनाश पांडेय तक ने उन्हें पीट दिया था। इसी घटनाक्रम के विरोध में रवि गौतम ने गुरुवार को 'न्याय दो, अत्याचार बंद करो' के बैनर तले कमिश्नरी पार्क में दोबारा धरना शुरू किया था। उनके आंदोलन की मुख्य चार मांगों में एसएसपी अविनाश पांडेय को टर्मिनेट कर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करना, ललिता गौतम से जुड़े आंदोलन में जेल गए सभी लोगों के मुकदमे वापस लेना, अज्ञात में दर्ज मुकदमों को हटाना और एसएसपी अविनाश पांडेय के साथ एसपी देहात अभिजीत पांडेय की संपत्ति की जांच कराना शामिल रहा। धरना खत्म करने की कवायद हुई शुरु इसी बीच गुरुवार देर रात शासन ने एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला कर उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। उनकी जगह झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया कप्तान बनाया गया। शुक्रवार को नए कप्तान के कार्यभार संभालते ही पुलिस-प्रशासन ने धरने को खत्म कराने की कवायद तेज कर दी। अफसर बोले- मांगों पर होगा विचार शाम को एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह कमिश्नरी पार्क पहुंचे। दोनों ने रवि गौतम से बातचीत कर उन्हें बताया कि नये एसएसपी आ चुके हैं और उनकी अन्य मांगों पर भी नियमानुसार विचार किया जाएगा। अफसरों ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील की। बंद कमरे में वार्ता के प्रस्ताव पर भड़केजब दोनों अफसरों ने बंद कमरे में बातचीत करने का सुझाव दिया तो रवि गौतम और उनके साथ मौजूद लोग भड़क गए। उन्होंने साफ कहा कि अब बंद कमरे में कोई बातचीत नहीं होगी। रवि गौतम ने कहा कि पुलिस प्रशासन के इस व्यवहार से डर लगता है। जिसे भी बात करनी है, वह यहीं आकर बात करे। इसके बाद काफी देर तक मौके पर गहमागहमी बनी रही। देखते ही देखते जमा हो गई भीड़समर्थकों ने इस दौरान 'जय भीम, जय भीम' के नारे लगाए। देखते ही देखते कमिश्नरी पार्क में लोगों की संख्या बढ़ती गई। माहौल को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी सतर्क रहे। करीब 40 मिनट से अधिक समय तक दोनों अफसरों ने रवि गौतम और उनके साथियों से बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। अंत में रवि गौतम ने शनिवार शाम तक प्रशासन के सुझाव पर विचार करने की बात कही और वार्ता समाप्त हो गई। रवि ने कहा- कार्रवाई होने तक कोई वार्ता नहीं रवि गौतम ने कहा कि पुलिस के बॉस चले गए हैं। अब ये अफसर आंदोलन खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफल नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल उनका अपमान नहीं किया, बल्कि उनके समाज और संविधान का भी अपमान किया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और कोई वार्ता नहीं होगी।
बरेली की मशहूर दरगाह नासिर मियां नोमेहल्ला शरीफ के साहिब-ए-सज्जादा अलहाज ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी का शुक्रवार तड़के इंतकाल हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और शहर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही दरगाह से जुड़े लोगों और अकीदतमंदों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक, ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी के शव का शुक्रवार रात नोमेहल्ला मस्जिद स्थित दरगाह नासिर मियां में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इंतकाल की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचने लगे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे लोग परिजनों के अनुसार, ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी की तबीयत पिछले काफी समय से खराब थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के उनकी मौत हो गई। उनके इंतकाल की खबर से दरगाह परिसर में गम का माहौल है। बड़ी संख्या में अकीदतमंद उनके अंतिम दर्शन और जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार और दरगाह से जुड़े लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं।
हांसी जिले के सरकारी स्कूलों में अनुशासन, सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों में बाहरी और अनाधिकृत व्यक्तियों के बिना अनुमति प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन को जानकारी मिली थी कि कई बार बाहरी और अनाधिकृत व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति के स्कूल परिसरों में प्रवेश कर जाते हैं। इससे स्कूलों के अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, प्रशासन ने सभी सरकारी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अनुमति के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश जारी आदेशों के अनुसार, जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में बाहरी या अनाधिकृत व्यक्ति को उचित अनुमति के बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्कूल में प्रवेश के लिए व्यक्ति के पास वैध कारण होना अनिवार्य होगा और संबंधित प्राधिकारी से अनुमति मिलने के बाद ही उसे परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में अध्यापन कार्य, परीक्षाओं या स्कूल के अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में कोई व्यवधान स्वीकार्य नहीं होगा। बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति कक्षा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। स्कूल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी। जिला शिक्षा अधिकारी आदेश का अनुपालन के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य शिक्षकों को इन आदेशों की तत्काल जानकारी दें और इनकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। आदेश पत्र क्रमांक 3650/M.A., दिनांक 21 अगस्त 2026 में स्पष्ट किया गया है कि यदि इन निर्देशों का उल्लंघन होता है या इन्हें लागू करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती जाती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारी या संस्था प्रमुख को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर अंजनी के समीप शुक्रवार सुबह अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए एक किसान का आगरा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शाम को निधन हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल किसान को जिला अस्पताल से आगरा रेफर किया गया था। बिछवां थाना क्षेत्र के शीतलपुर निवासी रघुवीर शाक्य (55) शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बाइक से मैनपुरी जा रहे थे। अंजनी के समीप अर्चित कोल्ड स्टोर के सामने पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और रघुवीर सड़क से नीचे जा गिरे। पुलिस कर रही मामले की जांच हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गंभीर हालत में रघुवीर को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें आगरा के पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती कराया। शाम को उपचार के दौरान रघुवीर शाक्य का निधन हो गया। रघुवीर खेती-किसानी का काम करते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में दुख का माहौल है। फिलहाल, पुलिस हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है।
महाकौशल कॉलेज में शुक्रवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। एबीवीपी के सदस्यता अभियान के दौरान एनएसयूआई के कार्यकर्ता कॉलेज की लैब में अनियमितताओं का विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। इस दौरान दोनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिससे कॉलेज परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एनएसयूआई नेता अनुराग शुक्ला ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज में छात्रों से जबरन रसीदें काट रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं। शुक्ला के अनुसार, बिना ड्रेस कोड के बाहरी लोग परिसर में घूम रहे थे और शीर्ष नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे थे। दूसरी ओर, एबीवीपी के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य माखन शर्मा ने एनएसयूआई के आरोपों को खारिज किया। शर्मा ने बताया कि उनका सदस्यता अभियान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और छात्र-छात्राएं स्वेच्छा से संगठन से जुड़ रहे हैं। एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता परिसर में अराजकता फैलाने और उनके अभियान में बाधा डालने का प्रयास कर रहे थे। कॉलेज परिसर में तनाव बढ़ने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। छात्र संघ चुनावों और परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर दोनों गुटों के बीच खींचतान बनी हुई है।
अवैध खनन पर तीन लोगों पर जुर्माना:देवरिया में मकान से सटकर खनन किया, डीएम ने की कार्रवाई
देवरिया जिले के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के लाखोपार गांव में मकान से सटकर अवैध खनन के मामले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने तीन लोगों पर जुर्माना लगाया है। खनन विभाग की जांच के बाद अवैध खननकर्ताओं पर पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से जुर्माना अधिरोपित किया गया। गांव निवासी हृदयानंद यादव ने 25 जुलाई और 20 अगस्त को जनता दर्शन में जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पट्टेदार विशुन यादव, मुलायम यादव और राजन (पुत्रगण राधेश्याम यादव) ने उनके मकान को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से मकान से सटकर खनन किया। पत्रावली जिलाधिकारी के सामने प्रस्तुत की गई शिकायत के अनुसार, खाता संख्या-42 में दर्ज करीब 0.458 हेक्टेयर भूमि के आधे हिस्से में लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा कर दिया गया था, जिसमें पानी भर गया। इससे मकान की सुरक्षा को लेकर परिवार ने चिंता व्यक्त की और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद खनन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच पूरी होने पर अवैध खनन से संबंधित पत्रावली जिलाधिकारी के सामने प्रस्तुत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने विशुन यादव, मुलायम यादव और राजन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से जुर्माना लगाया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मचा है।
अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर का दो दिवसीय लद्दाख दौरा थिक्से मठ के भ्रमण और जांस्कर-इंडस नदी में राफ्टिंग तक सीमित रहा। दलाई लामा से उनकी मुलाकात अंतिम समय में रद हो गई।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में अधिवक्ता की मां से लिफ्ट देने के बहाने कान का बाला लूटने वाले बदमाश को पुलिस ने शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इंद्रानगर रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल बदमाश को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान इमरान उर्फ राजा निवासी कोहना के रूप में हुई है। उसके खिलाफ लूट और चोरी के सात मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। लिफ्ट देने के बहाने महिला को बाइक पर बैठाया कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी अधिवक्ता प्रेम कुमार के मुताबिक, उनकी मां संतोष कुमारी मंगलवार शाम करीब पांच बजे इंद्रानगर चौराहे स्थित उनके कार्यालय आई थीं। कुछ देर बाद वह घर जाने के लिए निकलीं। इसी दौरान एक युवक उनके पास पहुंचा और उन्हें घर तक छोड़ने की बात कही। महिला युवक की बातों में आ गईं और उसकी बाइक पर बैठ गईं। युवक उन्हें इंद्रानगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क चौराहे के पास उतारकर चला गया। महिला वहां से घर की ओर जाने लगीं। तभी बाइक सवार युवक दोबारा उनके पास पहुंचा और उन्हें धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद आरोपी उनके कान का बाला तोड़कर बाइक से फरार हो गया। राहगीरों ने महिला को उठाया, परिजन पहुंचे वारदात के दौरान महिला सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। आसपास मौजूद राहगीरों ने उन्हें उठाया और बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह तेज रफ्तार बाइक से भाग निकला। राहगीरों ने महिला को उनके घर पहुंचाया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अधिवक्ता प्रेम कुमार अपनी मां के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से बदमाश की पहचान का सुराग पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। गौतम बुद्ध पार्क चौराहे के आसपास लगे कैमरों में संदिग्ध युवक दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान और तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार रात करीब आठ बजे कल्याणपुर पुलिस इंद्रानगर रोड पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगा। पुलिस के मुताबिक, पीछा करने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी वेस्ट ने बताया- सात मुकदमे दर्ज गोली लगने से घायल आरोपी को पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने उसके कब्जे में मिली बाइक और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात में इस्तेमाल बाइक किसकी है और आरोपी ने इससे पहले किन घटनाओं को अंजाम दिया है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम अबिदी ने बताया कि कुछ दिन पहले आरोपी ने लिफ्ट देने के बहाने अधिवक्ता की मां का कान का बाला लूट लिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ लूट और चोरी के सात मुकदमे दर्ज हैं। अन्य वारदातों की भी होगी जांच पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। उससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने अकेले वारदात को अंजाम दिया या उसके साथ कोई और भी शामिल है। साथ ही पुलिस उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और अन्य लूट-चोरी की घटनाओं में उसकी भूमिका की भी जांच करेगी।
उदयपुर की भींडर थाना पुलिस ने पीड़िता को बातों में उलझाकर चांदी के कड़े ठगने के मामले में शुक्रवार को तीन महिलाओं को अजमेर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिलाओं ने पीड़िता को अपनी बातों में फंसाया और उसके हाथों से चांदी के कड़े खुलवाकर फरार हो गई थीं। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश करते हुए तीनों महिलाओं को अजमेर से दबोच लिया। सरवाड़ में कालबेलिया बस्ती में निवास करती हैं आरोपी महिलाएं थानाधिकारी मुकेश चन्द्र ने बताया कि टीम द्वारा संदिग्ध महिलाओं की जानकारी जुटाई गई। भींडर, मंगलवाड़, भादसोड़ा, चित्तौड़गढ़, गंगरार और भीलवाड़ा रूट चेक करते हुए पुलिस की टीम अजमेर के सरवाड़ पहुंची। जहां पता लगा कि घटना को अंजाम देने वाली महिलाएं सरवाड़ में कालबेलिया बस्ती में निवास करती हैं। जिस पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी महिला रेखा पत्नी राजूनाथ कालबेलिया, लक्ष्मी देवी पत्नी सोनूनाथ कालबेलिया और मसुरी पत्नी रमेशनाथ कालबेलिया को गिरफ्तार किया है। इनसे चांदी के कड़े बरामदगी के प्रयास जारी हैं। बातों में उलझाकर वश में किया और कड़े खुलवा लिए थे प्रार्थी ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 14 अगस्त 2026 को 4 महिलाएं मेरे घर पर आईं थी। मुझे बोली कि हमें प्यास लगी है जिस पर मैंने उन्हें पानी पिलाया। इसी दौरान इन महिलाओं ने मुझे बातों में उलझाकर अपने वश में करके मेरे पैर से चांदी के कड़े खुलवा लिए। फिर कहा कि इन्हें घंटेभर में वापस लाकर दे देंगी। यह कहते हुए महिलाएं फरार हो गईं थीं। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने टीम गठित की। आसपास रास्तों की सीसीटीवी खंगाले और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए महिलाओं का पीछा किया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 2 महिलाओं को बातों में उलझाकर जेवर उतरवाए:पीड़िता बोली- शरीर पर हाथ घुमाया और एक किलो चांदी की कड़ियां निकाल ली; 4 महिलाओं ने की वारदात
भोपाल के शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में शुक्रवार से तीन दिवसीय क्रियायोग ध्यान साधना शिविर शुरू हुआ। प्रज्ञान मिशन कटक एवं परमहंस हरिहरानंद क्रियायोग ध्यान केंद्र, भोपाल के संयुक्त आयोजन में शिविर में पहले दिन उड़ीसा से आए मुख्य वक्ता आचार्य स्वामी परिपूर्णानंद गिरी पुरी के साथ स्वामी दुर्गेशानंद और स्वामी कृष्ण प्रेमानंद उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में साधकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कई साधकों ने क्रियायोग की दीक्षा भी ली। श्वास और मन के बीच गहरा संबंध आचार्य स्वामी परिपूर्णानंद ने कहा कि क्रियायोग श्वास के विज्ञान पर आधारित प्राचीन ध्यान पद्धति है। श्वास और मन के बीच गहरा संबंध है। श्वास को नियंत्रित करने से मन को नियंत्रित करने और आत्म-अनुशासन विकसित करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि क्रियायोग में कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि महावतार बाबाजी महाराज ने वर्ष 1861 में अपने शिष्य लाहिड़ी महाशय के माध्यम से क्रियायोग की प्राचीन परंपरा को पुन: जनसामान्य तक पहुंचाया। गुरु-शिष्य परंपरा के जरिए यह साधना आज देश-विदेश के साधकों तक पहुंच रही है। स्वामी परिपूर्णानंद ने बताया कि वे 25 से अधिक देशों में क्रियायोग की दीक्षा और शिविर आयोजित कर चुके हैं। आगामी माह ऑस्ट्रेलिया में भी शिविर प्रस्तावित है। नियमित अभ्यास से ही साधना का प्रभाव स्वामी दुर्गेशानंद ने कहा कि क्रियायोग को केवल समझना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे नियमित रूप से अभ्यास में उतारना जरूरी है। निरंतर साधना से व्यक्ति के भीतर शांति, एकाग्रता और आत्म-जागरूकता विकसित होती है। व अभ्यास, अनुशासन और समर्पण जरूरी स्वामी कृष्ण प्रेमानंद ने गुरु-शिष्य परंपरा और नियमित साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए अभ्यास, अनुशासन और समर्पण जरूरी है। आचार्य स्वामी परिपूर्णानंद ने भोपाल के वातावरण को ध्यान और साधना के अनुकूल बताते हुए शहर के प्रति आत्मीयता भी व्यक्त की। 22-23 अगस्त को दानिशकुंज केंद्र में होंगे सत्रशिविर के अगले चरण में 22 और 23 अगस्त को दानिशकुंज, कोलार रोड स्थित क्रियायोग केंद्र में दीक्षा संस्कार एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे।
गोरखपुर में सीनियर सिटीजन डे पर सम्मान समारोह:डीएम-नगर आयुक्त हुए शामिल, बोले- बुजुर्ग समाज की धरोहर
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस (21 अगस्त) के अवसर पर नगर निगम स्थित सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर में भव्य सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र समर्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया, जहां उनका फूल-मालाओं और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और सम्मान का माहौल देखने को मिला। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन मूल्यों से ही समाज को सही दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन बुजुर्गों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और हर संभव प्रयास किया जाएगा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले। डे केयर सेंटर बना सहारा नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि नगर निगम बुजुर्गों के लिए लगातार बेहतर सुविधाएं विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बुजुर्गों के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं, मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव एक साथ मिलता है। ऐसे केंद्र बुजुर्गों को अकेलेपन से बाहर निकालकर उन्हें सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों की जांच की गई। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी खास बना दिया। मंच पर प्रस्तुतियों के जरिए बुजुर्गों के अनुभव, उनकी यादों और जीवन संघर्ष को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया। सम्मान समारोह में उमड़ी भीड़ इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया, जिससे पूरा परिसर गर्व और भावनाओं से भर गया। गौरतलब है कि गोरखपुर का सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है, जहां योग, लाइब्रेरी, स्वास्थ्य परामर्श और मनोरंजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह केंद्र बुजुर्गों को सम्मानजनक और सक्रिय जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समाज को मिला मजबूत संदेश इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बुजुर्गों का सम्मान करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। समाज में उनके अनुभव और मार्गदर्शन का महत्व हमेशा बना रहेगा।
धार आगामी धार्मिक आयोजनों और चल समारोहों से पहले कांग्रेस ने शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। कांग्रेस जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने प्रशासन से शहर की व्यवस्थाएं जल्द सुधारने की मांग की है। ठाकुर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को पत्र लिखकर खुले चैंबर बंद कराने, नालों में जमा गाद की सफाई कराने और जगह-जगह लगे कचरे के ढेर हटाने की मांग की है। उन्होंने आवारा मवेशियों और श्वानों की समस्या पर भी कार्रवाई की मांग की। 7 सितंबर को निकलेगी पालकीठाकुर ने बताया कि धार में रक्षा बंधन और जन्माष्टमी सहित कई धार्मिक आयोजन होने वाले हैं। 7 सितंबर को श्री धारेश्वर मंदिर से बाबा धारनाथ की पालकी निकलेगी। इसके बाद गणेश चतुर्थी और आनंद चौदस पर झांकियां और अखाड़े निकलेंगे। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आयोजनों के दौरान शहर में हजारों लोगों की आवाजाही रहेगी। ऐसे में छत्री चौराहे सहित व्यस्त मार्गों पर खुले चैंबर हादसे का कारण बन सकते हैं। इसलिए इन्हें जल्द ढकवाने की जरूरत है। नाले और कचरे की सफाई की मांग कांग्रेस प्रवक्ता ने छत्री चौराहे से श्री धारेश्वर मंदिर तक नाले में जमा गाद की सफाई कराने की मांग की है। साथ ही शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर हटाने की बात कही है। उन्होंने आवारा मवेशियों और श्वानों से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की। ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और चल समारोहों से पहले शहर की व्यवस्थाएं दुरुस्त होना जरूरी है। उन्होंने धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया है।
मैहर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर शुक्रवार शाम लखवार के पास तेज रफ्तार ट्रक-ट्रेलर ने भैंस चराकर घर लौट रहे एक चरवाहे को कुचल दिया। हादसे में चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद ट्रेलर अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे जा गिरा। यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे हुई। मृतक की पहचान मैहर के लखवार वार्ड क्रमांक 23 निवासी 55 वर्षीय रामसिया पटेल के रूप में हुई है। बताया गया कि रामसिया भैंस चराकर घर लौट रहे थे, तभी मैहर से रीवा की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गए। हादसे में रामसिया ट्रेलर के पहिए के नीचे दब गए। परिजन ने लगाया जाम हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना से गुस्साए परिजन ने रामसिया पटेल के शव को NH-30 पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस अधिकारी पहुंचे सूचना मिलने पर सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजन को समझाने का प्रयास किया। परिजन मुआवजे की मांग कर रहे थे, रेडक्रॉस की तरफ से अंतिम संस्कार करने के लिए 20 हजार की मदद देने का भरोसा दिया गया है। तब करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुला, जिसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। जाम खुलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मैहर सिविल अस्पताल की मर्चुरी भेज दिया, जहां पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है।
जातिगत जनगणना के फॉर्म में OBC का अलग कॉलम नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी प्रभारी एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि फॉर्म में SC/ST का कॉलम है, लेकिन OBC के लिए अलग कॉलम नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार पिछड़े वर्ग को सामाजिक, आर्थिक, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी नहीं देना चाहती। गौतम ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया था। कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार दोबारा नोटिफिकेशन जारी करे और OBC की सभी जातियों को शामिल करने के लिए अलग ड्रॉप-डाउन कॉलम बनाया जाए। तेलंगाना मॉडल लागू करने की मांग कांग्रेस नेता ने कहा कि एक ही जाति में कई टाइटल और उपनाम इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में तेलंगाना की जाति जनगणना के मॉडल की तरह हर जाति को एक विशेष नंबर दिया जाना चाहिए। एक जाति के अलग-अलग टाइटल को उसी नंबर के तहत दर्ज किया जाए और दूसरी जाति के लिए अलग नंबर तय हो। इससे जातियों की वास्तविक संख्या और आबादी का सही आंकड़ा सामने आएगा। गौतम ने दावा किया कि OBC आबादी 52% से ज्यादा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पिछड़े वर्ग की जातियों ने जेन-जी की तरह आंदोलन शुरू कर दिया तो सरकार संभाल नहीं पाएगी और उखड़ जाएगी। 'वैज्ञानिक जाति जनगणना नहीं चाहती भाजपा' पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार और RSS देश में मनुवादी व्यवस्था को दोबारा स्थापित करना चाहते हैं। इसी वजह से वैज्ञानिक तरीके से जाति जनगणना नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि OBC का कॉलम नहीं होने पर पिछड़ी जातियों की सही गणना संभव नहीं होगी। सिर्फ टाइटल के आधार पर गणना करने पर जातियों की संख्या लाखों में पहुंच सकती है और ऐसा आंकड़ा नीति बनाने में उपयोगी नहीं रहेगा। इससे OBC समाज को उसकी सामाजिक, आर्थिक, रोजगार और राजनीतिक हिस्सेदारी तय करने में परेशानी होगी। जयहिंद ने कहा कि राहुल गांधी चाहते हैं कि जातिगत जनगणना SEEEP मॉडल यानी Social, Economic, Education, Employment and Political आधार पर हो। उन्होंने कहा कि तेलंगाना मॉडल के जरिए जनगणना के बाद सामने आने वाले आंकड़ों के आधार पर शोषित वर्गों के विकास और उनकी हिस्सेदारी की नीति बनाई जा सकती है। अनुप्रिया, संजय निषाद और राजभर पर भी निशाना जयहिंद ने भाजपा के साथ रहने वाले पिछड़े वर्ग के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अनुप्रिया पटेल, डॉ. संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर जैसे नेताओं को अपने समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्ग के साथ हो रहे अन्याय पर चुप रहने वाले नेताओं को जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने जातिगत जनगणना के फॉर्म में OBC कॉलम नहीं होने और केंद्र व राज्य की सूची के अनुसार जातियों की गणना नहीं कराने की कथित मंशा को पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर बड़ा हमला बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में AICC के नवनियुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं सहप्रभारी यूपी जगदीश चंद्र जांगीड़, मीडिया चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय, पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव, प्रवक्ता डॉ. उमाशंकर पांडेय, प्रियंका गुप्ता, सचिन रावत और डॉ. राजकुमार मौर्य मौजूद रहे।
प्रयागराज में सलोरी-हेतापट्टी फोरलेन सेतु परियोजना का शुक्रवार को भूमि पूजन हुआ। करीब 1000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पुल का भूमि पूजन शहर उत्तरी विधायक इंजीनियर हर्षवर्धन बाजपेयी, फूलपुर विधायक दीपक पटेल और मेयर गणेश केसरवानी ने किया। यह सेतु गंगा नदी के सबसे चौड़े हिस्से पर बनेगा। इसे शहर के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। पहली बार 1000 करोड़ की सेतु परियोजना उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के इतिहास में पहली बार करीब 1000 करोड़ रुपए की इतनी बड़ी सेतु परियोजना पर काम शुरू हो रहा है। परियोजना को प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिल चुकी है। पुल निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए की पहली किस्त प्रयागराज पहुंच चुकी है। इससे निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य फोरलेन सेतु का निर्माण करीब दो से ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने से सलोरी और हेतापट्टी के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। गंगा के पार हेतापट्टी की दिशा में शहर के विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है। इसके साथ ही क्षेत्र में सुनियोजित आवासीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। LIG-MIG आवास और प्लॉट विकसित होंगे सेतु बनने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हेतापट्टी क्षेत्र में LIG और MIG श्रेणी के आवास और प्लॉट विकसित किए जाने की योजना है। इससे शहर में बढ़ती जमीन और फ्लैटों की कीमतों के बीच लोगों को नए विकल्प मिल सकते हैं। कई मोहल्लों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर सेतु बनने से सलोरी, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, सादियाबाद, गायत्री नगर, मम्फोर्डगंज, न्यू कटरा, गल्ला बाजार और लाला की सराय समेत कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा बनारस, जौनपुर, अयोध्या और अमेठी समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों की ओर आवागमन भी सुगम होने की उम्मीद है। परियोजना को 'न्यू प्रयागराज' के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। झूंसी-फाफामऊ के बीच मिलेगा अतिरिक्त संपर्क यातायात के लिहाज से भी यह सेतु महत्वपूर्ण होगा। सलोरी-हेतापट्टी पुल झूंसी और फाफामऊ क्षेत्र के बीच एक अतिरिक्त संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे मौजूदा पुलों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। कांवड़ यात्रा, पुलों के रखरखाव या अन्य कारणों से किसी मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति में यह सेतु वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम करेगा।
जापान में यूपी पर्यटन का नया प्रवेश द्वार बनेगा 'यामानाशी', सीएम योगी की मौजूदगी में MoU पर हुए साइन
उत्तर प्रदेश सरकार ने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के साथ बौद्ध, आध्यात्मिक और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य यामानाशी को जापान में यूपी पर्यटन का प्रवेश द्वार बनाना और जापानी पर्यटकों को राज्य के बौद्ध स्थलों से जोड़ना है।
बारिश से शहर के हिस्सों में जलभराव:दतिया में 66.6 मिमी बारिश; मंदिर चारों तरफ से घिरा
दतिया शहर में शुक्रवार को मौसम ने कई रंग बदले। सुबह बूंदाबांदी के बाद धूप निकली, जबकि दोपहर में अचानक काले बादल छा गए। करीब 3 बजे बारिश शुरू हुई, जो देर शाम तक रुक-रुककर जारी रही। साढ़े 5 बजे तक 66.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और रास्तों पर पानी भर गया। मुड़ियन का कुआं क्षेत्र में बारिश का पानी मंदिर के चारों ओर जमा हो गया। मंदिर परिसर के आसपास पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। भांडेरी फाटक और रिछरा फाटक के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी रही। दांतरे की नरिया में भी बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ गया। शहर के कई रास्तों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि अन्य जगहों पर बूंदाबांदी होती रही। अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री, शाम को नमी 100%बारिश से पहले दोपहर में उमस और गर्मी का असर रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह हवा में नमी 92 प्रतिशत थी, जो शाम तक बढ़कर 100 प्रतिशत हो गई। बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। देर रात तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने से कई सड़कों पर पानी जमा रहा।
सोनीपत में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने भाजपा सरकार और नगर निगम पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने दावों में विफल रही है। दीवान ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार ने सोनीपत को विकास और स्वच्छता का मॉडल बनाने का दावा किया था। हालांकि, आज शहर कूड़े के ढेर में बदल गया है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब तीन माह से शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। चौक-चौराहों, गलियों, सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के बाहर भी कूड़ा जमा हो गया है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कमल दीवान ने यह भी कहा कि विधायक से लेकर मेयर तक जनता की इस समस्या का समाधान करने में नाकाम रहे हैं। स्कूल-कॉलेज और मंदिरों के बाहर कूड़ा उन्होंने कहा कि गंदगी की समस्या रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है। स्कूल और कॉलेजों के आसपास तथा मंदिरों के बाहर भी कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे विद्यार्थियों, श्रद्धालुओं और आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। विकास के दावों पर उठाए सवाल कमल दीवान ने भाजपा सरकार और नगर निगम के स्वच्छता व विकास के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार गंभीर होती तो सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की नौबत नहीं आती। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। बीमारी फैलने का खतरा कांग्रेस नेता ने कहा कि कूड़े के ढेर से दुर्गंध फैल रही है और आवारा पशु कूड़े को सड़कों पर बिखेर रहे हैं। गंदगी के कारण मच्छर और मक्खियां पनपने से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। बारिश के बाद हालात और खराब होने की आशंका है। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन : कमल कमल दीवान ने चेतावनी दी कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ और कूड़ा उठाने की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सफाई कर्मचारियों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो सरकार व नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली से भोपाल तक कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्र साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे। उन्होंने थाने से लेकर संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद भोपाल कांग्रेस ने भी साहिल के समर्थन में रोशनपुरा चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। भोपाल में आयोजित प्रदर्शन में प्रवक्ता प्रवीण धोलपुरे, कोलार शहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल सिंह राठौर, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक अभिनव बरोलिया और जिला कांग्रेस कमेटी, भोपाल के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन चलाए जाने की घटना का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर पेलेट गन चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मामले के जिम्मेदार अधिकारियों और पेलेट गन चलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भोपाल कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और साहिल को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। जानिए किसने नेता ने क्या कहा? भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि पेलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचव को न्याय मिलने तक कांग्रेस इसी तरह अपनी मांग उठाती रहेगी। छात्रों के हक और न्याय की लड़ाई में पार्टी उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रवीण धोलपुरे ने कहा कि राहुल गांधी देश के हर युवा की आवाज उठा रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक पार्टी उनकी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक अभिनव बरोलिया ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और Gen Z के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता युवाओं और राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
बरेली में 8 लेन सड़क बनाने की तैयारी के बीच शुक्रवार शाम कोहाड़ापीर में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। शाम करीब 5 बजे चार बुलडोजर लेकर पहुंची टीम ने सड़क की जद में आ रहे करीब एक दर्जन दुकानों के अवैध निर्माण ढहा दिए। अचानक बुलडोजर पहुंचने से दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ दुकानदारों ने सामान हटाने के लिए अधिकारियों से समय मांगा, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। दुकानदार सामान निकालते रहे और बुलडोजर निर्माण गिराते रहे। नगर निगम की यह कार्रवाई कोहाड़ापीर से धर्मकांटा होते हुए कुदेशिया फाटक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क की जद में आने वाले दुकानदारों और मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। कई लोगों ने खुद ही निर्माण हटा लिए थे, जबकि जिन लोगों ने अब तक निर्माण नहीं हटाया था, उनके खिलाफ शुक्रवार को कार्रवाई की गई। 2 तस्वीरें देखिए… 40 से ज्यादा दुकानों-मकानों पर पहले चल चुका बुलडोजर नगर निगम के मुताबिक, CM GRID योजना के दूसरे चरण में कोहाड़ापीर से धर्मकांटा और कुदेशिया फाटक तक सड़क को चौड़ा किया जाना है। इसके लिए प्रभावित दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इससे पहले भी करीब 40 दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाकर सड़क की जद में आने वाले निर्माण हटाए जा चुके हैं। शुक्रवार को उन निर्माणों को हटाया गया, जो अब तक बाकी थे। चार बुलडोजर देखकर दुकानदारों में मची भगदड़ शुक्रवार शाम नगर निगम के अधिकारी प्रवर्तन दल के साथ चार बुलडोजर लेकर कोहाड़ापीर पहुंचे। भारी मशीनरी देखकर दुकानदारों को कार्रवाई का अंदेशा हुआ तो कई लोग अधिकारियों के पास पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि उन्हें सामान हटाने के लिए कुछ समय दिया जाए। हालांकि अधिकारियों ने कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद दुकानदार आनन-फानन में दुकानों से सामान बाहर निकालने लगे। इसी दौरान बुलडोजर ने सड़क की जद में आने वाले निर्माण गिराने शुरू कर दिए। 8 लेन की होगी सड़क, दोनों ओर बनेंगे फुटपाथ CM GRID योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटा होते हुए कुदेशिया फाटक तक सड़क को 8 लेन का बनाया जाना है। सड़क के बीच में डिवाइडर और दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण के साथ बिजली के तार और अन्य केबल अंडरग्राउंड किए जाएंगे। सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क को आधुनिक बनाने के साथ बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को कम करना है। सिर्फ सड़क नहीं, पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलेगा CM GRID यानी Chief Minister Green Road Infrastructure Development Scheme के तहत शहर की सड़कों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है। योजना में सड़क चौड़ीकरण के साथ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन, टेलीकॉम और ओएफसी केबल तथा स्टॉर्म वाटर ड्रेन जैसी सुविधाओं को व्यवस्थित करने का प्रावधान है। बिजली की ओवरहेड लाइनों को भी जरूरत के अनुसार अंडरग्राउंड किया जाएगा। यानी सड़क के साथ आसपास का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्थित करने की योजना है। नगर आयुक्त बोले- नोटिस के बाद भी नहीं हटाया था निर्माण नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि CM GRID योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटा और कुदेशिया फाटक तक सड़क चौड़ीकरण का काम होना है। सड़क की जद में आने वाले सभी संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण स्वयं हटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने खुद ही निर्माण हटा लिए थे। जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं हटाया, उनके खिलाफ शुक्रवार को कार्रवाई की गई। नगर निगम के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ने के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जारी रहेगी।
भिलाई-3 के गांधीनगर में हुए पूजा निर्मलकर हत्याकांड में पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी उर्फ राजू उर्फ मिथ्थैया को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत उम्रकैद और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। शराब पीने के दौरान विवाद, फिर पूजा की हत्या अभियोजन के अनुसार, 23 फरवरी 2022 को पूजा आरोपी दीपक के गांधीनगर स्थित किराए के मकान में थी। वहां मायाशंकर भी पहुंचा था। दोनों ने शराब पी और डांस किया। इसी दौरान पूजा और मायाशंकर के बीच कथित आपत्तिजनक व्यवहार को देखकर दीपक नाराज हो गया। आरोप है कि दीपक ने पहले मायाशंकर पर शराब की बोतल से हमला किया। इसके बाद मायाशंकर वहां से भाग गया। उसके जाने के बाद दीपक ने पूजा के साथ मारपीट की। रात में उसकी हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों आरोपियों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगा। अभियोजन के मुताबिक, दोनों ने पूजा को पकड़कर उसका सिर दीवार से टकराया और फिर टूटी कांच की बोतल से उसके सिर और शरीर पर वार किए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पूरा दिन कमरे में रखा शव, रात में खंडहर में फेंका हत्या के बाद आरोपियों ने शव को तत्काल बाहर नहीं निकाला। पुलिस जांच के अनुसार, शव को पूरा दिन कमरे में रखा गया। इसके बाद 24 फरवरी की देर रात शव को चादर में लपेटकर बाइक से जोरातराई की पुरानी देशी शराब भट्टी के पास स्थित खंडहर में ले जाकर छिपा दिया गया। 25 फरवरी को हरिश नायक ने खंडहर में शव पड़े होने की सूचना उतई पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मृतका की पहचान उसकी मां नीरू निर्मलकर और बहन नेहा सोना ने पूजा के रूप में की। मां की शिकायत के बाद सामने आई हत्या की कड़ी पूजा की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच में पता चला कि पूजा अपने पति से अलग होकर दीपक के साथ भिलाई-3 के गांधीनगर में रह रही थी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने दीपक को पकड़ने के बाद पूछताछ की और मामले में मायाशंकर की भूमिका भी सामने आई। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष ने सजा में नरमी की मांग की सजा के दौरान बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों का पहला अपराध होने और लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में रहने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की। वहीं अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को धारा 302 सहपठित धारा 34 और धारा 201 के तहत दोषी माना। उम्रकैद के साथ 5 हजार रुपए जुर्माना धारा 302/34 के तहत दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड नहीं देने पर 5 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 201 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं समानांतर रूप से चलेंगी। 1638 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे आरोपी अदालत के निर्णय के अनुसार, दोनों आरोपी 25 फरवरी 2022 से 21 अगस्त 2026 तक कुल 1638 दिन, यानी करीब 4 वर्ष 5 माह 27 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों के सजा वारंट तैयार कर उन्हें केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया गया। दुर्ग जिले के भिलाई-3 के गांधीनगर में पूजा निर्मलकर हत्याकांड में पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी उर्फ राजू उर्फ मिथ्थैया को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। यह फैसला 21 अगस्त 2026 को आया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। पूजा का शव जोरातराई स्थित पुरानी देशी शराब भट्टी के पास एक खंडहर में मिला था। हरिश नायक ने 25 फरवरी 2022 को उतई पुलिस को इसकी सूचना दी थी। पुलिस ने तत्काल मर्ग क्रमांक 09/2022 दर्ज किया। इसके बाद मृतका की मां नीरू निर्मलकर की रिपोर्ट पर धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और पंचों के समक्ष शव पंचनामा की कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दुर्ग भेजा गया। मृतका की पहचान उसकी मां नीरू निर्मलकर और बहन नेहा सोना ने पूजा निर्मलकर के रूप में की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूजा निर्मलकर पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे थे। वह बाद में अपने पति को छोड़कर आरोपी दीपक उर्फ अविनाश झा के साथ गांधीनगर, भिलाई-3 स्थित एक किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों के बीच अक्सर विवाद और लड़ाई-झगड़ा होता था। न्यायालय के निर्णय में बताया गया कि 23 फरवरी 2022 की दोपहर दोनों आरोपियों ने मिलकर पूजा की हत्या की थी। आरोप के अनुसार, उन्होंने पूजा को पकड़कर उसका सिर दीवार से टकराया। इसके बाद उसकी छाती पर बैठकर कांच के टुकड़े से उसके सिर और शरीर पर कई बार वार किए गए।
भिंड जिला अस्पताल के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों पर शुक्रवार को औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने औचक निरीक्षण किया। टीम ने छह मेडिकल स्टोरों की जांच कर दवाओं के सैंपल लिए। संचालकों को खरीदी-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने या नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छह मेडिकल स्टोरों की जांच, दवाओं के सैंपल लिएद्वनिरीक्षण के दौरान जय मेडिकल एंड सर्जिकल्स, प्रकाश मेडिकल स्टोर, सूरज श्री मेडिकल स्टोर, विराग मेडिकोस, जय गुरुदेव मेडिकल स्टोर और अशोक मेडिकल स्टोर की जांच की गई। यहां से लिए गए दवाओं के सैंपल भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। लाइसेंस, फार्मासिस्ट और स्टॉक रिकॉर्ड भी जांचे औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोरों पर लाइसेंस का प्रदर्शन, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, साफ-सफाई, एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण और स्टॉक रजिस्टर की स्थिति देखी। फ्रिज में रखी जाने वाली दवाओं के लिए निर्धारित तापमान और रखरखाव की व्यवस्था भी जांची गई। संचालकों को निर्देश दिए गए कि पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के बिना शेड्यूल दवाओं की बिक्री न करें और सभी दवाओं की खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित रखें। तीन दिन में रिकॉर्ड देना होगा डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्धारित समय में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जोन-5 क्षेत्र में गौशिया हॉस्पिटल सहित नौ प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है। पीडीए के उपाध्यक्ष और सचिव के आदेश के क्रम में जोनल अधिकारी प्रवीण कुमार यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई 20 अगस्त 2026 को की गई। इस दौरान अवैध रूप से निर्मित और संचालित प्रतिष्ठानों पर सीलबंदी की गई। पीडीए के अनुसार, मौजा दुर्जनपुर, झूंसी स्थित डॉ. एस.यू. खान द्वारा संचालित गौशिया हॉस्पिटल को सील किया गया। इसके अतिरिक्त, तुलापुर रोड, झूंसी में राम लखन यादव पुत्र राम दीन के अवैध निर्माण पर भी सीलबंदी की कार्रवाई हुई। इसी क्रम में नीबी खुर्द, गारापुर रोड, झूंसी में पंकज तिवारी और सुंदरम् तिवारी के निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। गारापुर रोड, झूंसी में सूर्य नारायण तिवारी पुत्र जगन्नाथ द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी पीडीए ने सील किया। कार्रवाई के दौरान बसमउहुआ, थरवई, झूंसी में लक्ष्मी नारायण सिंह पुत्र गौरी शंकर के अवैध निर्माण को सील किया गया। वहीं हबूसा मोड़ से सहसों वाली रोड पर सरायइनायत क्षेत्र में सुरेश चन्द्र के निर्माण पर भी सीलबंदी की गई। मलावा खुर्द में रॉयल गार्डेन के बगल सहसों रोड पर प्रेम चन्द्र पुत्र महादेव द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी सील किया गया। सूर्योदय नगर, थाना झूंसी क्षेत्र में दीपा सिंह पत्नी सुधीर मिश्र के अवैध निर्माण के खिलाफ भी पीडीए ने कार्रवाई की। पीडीए की इस कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी प्रवीण कुमार यादव के साथ अवर अभियंता, सुपरवाइजर और प्रवर्तन टीम के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी चिन्हित स्थानों पर सीलबंदी की कार्रवाई पूरी की गई।
प्रयागराज में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए मेयर गणेश केसरवानी ने शुक्रवार को जोन-4 और 6 के जनप्रतिनिधियों व नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति, नाला-नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग की समीक्षा की गई। मेयर ने जलभराव वाले इलाकों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। जलभराव के बाद सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जोन-4 में नाला-नालियों की सफाई के लिए 30 आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी लगाने की मंजूरी दी गई। वहीं अन्य जोनों में 10-10 आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों को तत्काल प्रभाव से तैनात करने का निर्णय लिया गया। इससे नाला-नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पार्षदों ने बताईं क्षेत्र की समस्याएं बैठक में क्षेत्रीय पार्षदों ने अपने-अपने इलाकों की जलभराव से जुड़ी समस्याएं मेयर और अधिकारियों के सामने रखीं। पार्षदों ने बताया कि नगर निगम ने अधिकांश स्थानों पर जलभराव की समस्या दूर कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में अब सफाई, कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग का काम प्राथमिकता से कराया जा रहा है। कुछ खाली प्लॉटों में अभी भी पानी जमा है, लेकिन इससे आवागमन प्रभावित नहीं हो रहा है। स्थायी समाधान के लिए बनेगी रणनीति मेयर ने पार्षदों से क्षेत्रवार समस्याओं और उनके संभावित समाधान पर एक-एक कर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाकर प्रभावी रणनीति तैयार की जाए। नाला आउटलेट का होगा चिन्हीकरण मेयर ने सभी जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई, कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल निकासी और सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नाला-नालियों के आउटलेट का चिन्हीकरण कर पानी के बहाव को सुचारु रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मेयर ने पार्षदों से नगर निगम के अभियान में सहयोग की भी अपेक्षा की।
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड में महामारी से 22 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। अडोरी और मछुरदा पंचायत क्षेत्र के गांवों और मंझरेटोले में हुई इन मौतों के बाद आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक राजकुमार कर्राहे, विधायक संजय उईके, छत्तीसगढ़ के विधायक झनक, पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले, उड़ीसा से आदिवासी नेत्री हरिबती गोंड और आदिवासी प्रतिनिधि रामु टेकाम सहित प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। विधायक विक्रांत भूरिया ने मृतक बच्चों के परिवारों, ग्रामीणों और प्रशासनिक और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। भूरिया ने इन मौतों को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कहा कि बैगा जनजाति को विशेष दर्जा प्राप्त होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। कुपोषण और टेक होम राशन में धांधली का मुद्दा विधायक भूरिया ने कहा कि आज के दौर में बच्चों का खसरा (मीजल्स) और कुपोषण से मरना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने टेक होम राशन की खराब गुणवत्ता और वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आदिवासियों की जमीनों पर बांध बनाकर उन्हें विस्थापित किया जा रहा है और दूसरी तरफ उनके बच्चे भूख और बीमारी से जान गंवा रहे हैं।
प्रयागराज डीएम ने छात्रों को बताया सफलता का मंत्र:सीएवी कॉलेज में करियर संवाद के दौरान दिए टिप्स
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को सीएवी इंटर कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने यहां आयोजित करियर संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें सफलता के मंत्र बताए। डीएम वर्मा ने छात्रों से उनकी पढ़ाई, रुचि और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लक्ष्य जितना बड़ा होगा, उसे प्राप्त करने के लिए उतनी ही अधिक मेहनत करनी होगी। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को बताया कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफलता केवल अकादमिक पढ़ाई तक सीमित नहीं है। विद्यार्थी खेल, संगीत, कला सहित अपनी रुचि के अन्य क्षेत्रों में भी कड़ी मेहनत करके सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने करियर से जुड़ी बारीकियों की जानकारी साझा की और अपने अनुभव भी बताए। डीएम ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और देश के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि जिस भी क्षेत्र को वे करियर के रूप में चुनें, उसमें पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ आगे बढ़ें। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष कुमार राय ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करने, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन और परीक्षा के दौरान दबाव से निपटने के व्यावहारिक तरीके साझा किए। कार्यक्रम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य केके प्रसाद, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हांसी विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को विधायक विनोद भयाना ने लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की दो विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। विधायक भयाना ने गांव धमाणा से बाडया ब्राह्मण तक हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा निर्मित 3 करोड़ 10 लाख रुपए की सड़क का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, ढाणी ठाकरिया से ढाणी गुजरान तक करीब 1800 फीट लंबे रास्ते को इंटरलॉकिंग से पक्का करने के कार्य का भी शुभारंभ किया गया। इस परियोजना पर पंचायती राज विभाग द्वारा 27 लाख 58 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। विधायक बोले- रास्ता पक्का होने से ग्रामीणों को होगा लाभ विधायक विनोद भयाना ने बताया कि ढाणी ठाकरिया से ढाणी गुजरान तक रास्ता पक्का होने से दोनों ढाणियों और आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे बरसात के दौरान होने वाले जलभराव और कीचड़ की समस्या से भी राहत मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। भयाना ने कहा कि हांसी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सीवरेज, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क से किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। विकास कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं : भयाना उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की विकास संबंधी मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है, और उन्हें आवश्यकता तथा पात्रता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान गांव धमाणा, ढाणी ठाकरिया और ढाणी गुजरान के ग्रामीणों ने विधायक विनोद भयाना का फूल मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में विकास कार्य करवाने के लिए विधायक का आभार जताया और अपनी अन्य समस्याएं एवं विकास संबंधी मांगें भी उनके समक्ष रखीं। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में अब ऐप से कैब बुक कर सफर करने वालों को मनमाने किराए और खराब सेवा से राहत मिलेगी। योगी सरकार ने ऐप आधारित कैब, यात्री परिवहन, डिलीवरी और लॉजिस्टिक सेवाओं के लिए नई नियमावली-2026 लागू कर दी है। नियमावली का नाम उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता)-2026 है। इसके तहत किराए से लेकर ड्राइवर के सत्यापन, यात्री बीमा और शिकायतों के निपटारे तक के नियम तय किए गए हैं। सरकार ने निगरानी के लिए UP My Fleet पोर्टल भी शुरू किया है। इस पर ग्राहकों को सुविधाएं देने वाले दो एग्रीगेटर और उनके 3,15,218 वाहन पोर्टल पर ऑनबोर्ड हैं। अब किसी खास समय में कैब की मांग बढ़ने पर कंपनियां बेस फेयर से अधिकतम 50% तक ही किराया बढ़ा सकेंगी। यानी पीक टाइम या ज्यादा डिमांड के नाम पर मनमाना किराया वसूलना आसान नहीं होगा। बुकिंग के बाद बिना उचित कारण ड्राइवर यात्री को लेने नहीं पहुंचता है तो 100 रुपए का जुर्माना लगेगा। यह राशि यात्री को अगली ट्रिप में लाभ के तौर पर देने का प्रावधान है। ड्राइवरों को 5 लाख स्वास्थ्य, 10 लाख का टर्म इंश्योरेंस एग्रीगेटर से जुड़े हर ड्राइवर का पुलिस और चरित्र सत्यापन कराया जाएगा। इसके अलावा ड्राइवरों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण और समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी होगी। ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। वहीं, हर यात्री का बीमा कराना एग्रीगेटर की जिम्मेदारी होगी। कंपनी में शिकायत अधिकारी होगा हर ऐप कंपनी को ग्रिवांस रिड्रेसल ऑफिसर नियुक्त करना होगा। यात्री किराये, बुकिंग, ड्राइवर या सेवा से जुड़ी शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे। नियमों या मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए 5 लाख रुपए फीस एग्रीगेटर के आवेदन की फीस 25 हजार रुपए और लाइसेंस की फीस 5 लाख रुपए तय की गई है। वाहनों की संख्या के हिसाब से जमानत राशि भी तय होगी। डिलीवरी और लॉजिस्टिक कंपनियां भी नियमों के दायरे में नई व्यवस्था सिर्फ ऐप कैब तक सीमित नहीं है। ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में होंगे, जो ड्राइवरों को ई-कॉमर्स कंपनियों, विक्रेताओं या अन्य लोगों से जोड़कर पार्सल, पैकेज और कूरियर की डिलीवरी कराते हैं। वाहनों के प्रदूषण पर भी नजर रहेगी UP My Fleet पोर्टल के जरिए एग्रीगेटर से जुड़े वाहनों की जानकारी, नियमों का पालन और प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। सरकार ने पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और फ्लीट को धीरे-धीरे EV में बदलने पर भी जोर दिया है। ------------ यह खबर भी पढ़िए:- सीएम योगी के साथ जापानी छात्र ने सेल्फी ली:कंधे पर हाथ रखा; छात्रा बोली- मैंने पहली बार बिंदी लगाई, बहुत अच्छा लगा सीएम योगी ने लखनऊ में शुक्रवार को जापानी छात्रों से मुलाकात की। बच्चों ने जापानी गीत सुनाया, तो योगी ने ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। फिर सभी छात्रों ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई। छात्र दूर से ही सेल्फी ले रहे थे, तो योगी ने उनको अपने पास बुलाया। फिर साथ में मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाई। एक छात्र ने तो सीएम योगी के कंधे पर हाथ रखकर सेल्फी ली। तभी सीएम ठहाके लगाकर हंसने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
सतना-रीवा रोड स्थित बेला बायपास और चोरहटा बायपास पर शुक्रवार को दिन भर यानी सुबह और शाम को भी लगा रहा। जाम के कारण सड़क पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। बताया गया कि 200 से ज्यादा ट्रक जाम में फंस गए, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जाम की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और वाहनों को निकालने के प्रयास शुरू किए। रीवा से एडिशनल एसपी भावना मरावी भी मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों की निगरानी में यातायात को व्यवस्थित करने और फंसे वाहनों को निकालने का प्रयास किया गया। जिससे यातायात बहाल हो सका। लंबे जाम का असर आम यात्रियों पर भी पड़ा। रीवा से सतना जाने वाले कई यात्रियों की ट्रेन जाम के कारण छूट गई। यात्रियों को समय पर रेलवे स्टेशन पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बेला और चोरहटा बाईपास पर भारी वाहनों का लगातार बढ़ता दबाव और बीहर नदी पुल से जुड़ी यातायात पाबंदियां जाम की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। इससे पहले भी इस मार्ग पर भारी वाहनों के दबाव के चलते लंबा जाम लग चुका है। ट्रक चालकों ने बताई परेशानीट्रक चालक रामलाल ने बताया कि कई घंटे से जाम में फंसे हैं। आगे और पीछे दोनों तरफ ट्रकों की लंबी कतार लगी है। गाड़ी आगे बढ़ाने की जगह नहीं मिल रही है। खाने-पीने और पानी तक की परेशानी हो रही है। ट्रक चालक सुरेश यादव ने बताया कि जाम इतना लंबा है कि समझ नहीं आ रहा कब तक रास्ता खुलेगा। भारी वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण स्थिति बिगड़ी है। पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्थित करने में लगे हैं, लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने से परेशानी बनी हुई है। ट्रक चालक मोहम्मद इरफान ने बताया कि लंबे समय से वाहन खड़ा है। जाम के कारण समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। रास्ता नहीं खुला तो माल पहुंचाने में और देरी होगी। प्रशासन को भारी वाहनों के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। पुलिस के मुताबिक, रीवा में पिछले 24 घंटे से बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी। इसके चलते कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। चोरहटा बाईपास पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था बनाई और फंसे वाहनों को निकालने के लिए मार्ग को व्यवस्थित किया। पुलिसकर्मी लगातार मौके पर मौजूद रहकर यातायात को सुचारु कराने में जुटे हैं।
प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 30 दिवसीय नाट्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें विभिन्न राज्यों से आए युवा कलाकार रंगमंच की बारीकियां सीख रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को अभिनय के साथ थिएटर की तकनीकी, रचनात्मक और प्रस्तुति से जुड़ी विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। अभिनय से लेकर सेट डिजाइन तक प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय, वॉइस एंड स्पीच, प्रकाश व्यवस्था, सेट डिजाइन, मंच-सज्जा, कहानी लेखन, चरित्र निर्माण, संवाद अदायगी और रंगमंचीय प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला निर्देशक अवतार साहनी के मार्गदर्शन में कलाकार अभिनय के साथ लाइट, सेट और मंच प्रस्तुति की तकनीकी बारीकियों का अभ्यास कर रहे हैं। आवाज और अभिनय पर विशेष फोकस अमित बनर्जी प्रतिभागियों को वॉइस एंड स्पीच का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसमें आवाज के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण और मंच पर प्रभावी अभिव्यक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, वंदना वशिष्ठ अभिनय का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रतिभागी चरित्र को समझने, भावों की अभिव्यक्ति और सहज मंचीय प्रस्तुति का अभ्यास कर रहे हैं। कहानी को मंच पर उतारने का अभ्यास राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक देवेंद्र राज अंकुर ने प्रतिभागियों के साथ कहानी को नाटकीय रूप देने और रंगमंच की प्रक्रिया पर संवाद किया। उन्होंने कहानी को मंचीय प्रस्तुति में बदलने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। कार्यशाला में कलाकारों को थिएटर की सामूहिक कार्यप्रणाली भी समझाई जा रही है। अभिनेता, निर्देशक, प्रकाश डिजाइनर, सेट डिजाइनर, वेशभूषा डिजाइनर और अन्य तकनीकी टीम के बीच समन्वय की भूमिका का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। 30 अगस्त को होगा नाटक 'दंशः विस्थापन' का मंचन केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के समापन पर निर्देशक अवतार साहनी के निर्देशन में तैयार नाटक 'दंशः विस्थापन' का मंचन 30 अगस्त 2026 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में किया जाएगा। कार्यशाला के जरिए युवा कलाकारों को मंचीय अनुभव के साथ रंगमंच की विभिन्न विधाओं की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
अरनोद में बंदर का हमला, चार लोग घायल:बच्चे के आए 22 टांके, वन विभाग से पकड़ने की मांग
अरनोद कस्बे के वार्ड 8 में एक बंदर के लगातार हमलों से दहशत का माहौल है। बंदर ने अब तक चार लोगों को घायल किया है। घायलों में सिमी पत्नी अनिल कोठारी, विशाल पुत्र सूरजमल मीणा और मुन्नीबाई पत्नी सुरेश महंत शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बच्चे के 22 टांके आए12 वर्षीय विशाल के पैर में 22 टांके आए हैं, जबकि सिमी की गर्दन पर 8 टांके लगे हैं। बंदर के हमले में एक छोटे बच्चे को भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदर लगातार आबादी क्षेत्र में घूम रहा है और अचानक लोगों पर हमला कर रहा है। इन हमलों के कारण वार्डवासियों और पूरे कस्बे में भय का माहौल बना हुआ है। अभिभावक अपने बच्चों को घरों से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई लोगों को घायल करने के बावजूद बंदर को पकड़ने के लिए अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते बंदर को नहीं पकड़ा गया, तो वह किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वार्डवासियों और कस्बेवासियों ने जिला प्रशासन तथा वन विभाग से बंदर को जल्द पकड़ने की मांग की है। लोगों ने कहा है कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए। बंदर को पकड़कर आबादी क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और आगे किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की घटना को रोका जा सके।
इंदौर के विजय नगर इलाके में एक इंन्फुएसर युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवती यहां पर ट्रैफिक नियमों का उल्लघंन करती दिख रही है। वह वाहनों के आगे जेब्रा क्रासिंग पर लेट रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस अफसरों ने युवती की जानकारी निकलवाने के बाद कार्रवाई की बात कही है। वायरल वीडियो विजयनगर के पास का है। यहां एक प्रकृति गौर नाम की इंन्फुएसर अपना फोटो ओर वीडियो शूट करवा रही है। वह इंदौर में ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रूकने के दौरान वाहनों के आगे आकर लेटकर ट्रैफिक को रोकती दिखी। वीडियो को लेकर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने संज्ञान लेकर जांच करने की बात कही है। उनके मुताबिक इस तरह का वीडियो बनाना गलत है। यह ट्रैफिक नियमो का उल्लघंन है। प्रकृति गौर के सोशल मीडिया पर करीब 8 हजार फालोअर्स हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 29 अगस्त को नूंह जिले के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त अखिल पिलानी ने शुक्रवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि मुख्यमंत्री सैनी 29 अगस्त को नूंह में नवनियुक्त प्राथमिक अध्यापकों के राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री मेवात विकास अभिकरण के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की बैठक के दौरान, डीसी अखिल पिलानी ने जिला मौलिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार करने तथा आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी तालमेल के साथ काम करने और सौंपे गए दायित्वों को गंभीरता से निभाने का आग्रह किया। विभिन्न विभागों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस विभाग सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालेगा, जबकि लोक निर्माण विभाग कार्यक्रम स्थल से संबंधित व्यवस्थाएं पूरी करेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य सौंपा गया है, और स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सेवाओं तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखेगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए समय से तैयारी करने के निर्देश इसके अतिरिक्त, जिला सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को भी कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम व्यवस्थित, सफल और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
जयपुर में फूड सेफ्टी टीमों ने कान्हा स्वीट्स, रावत मिष्ठान भंडार, सोढाणी स्वीट्स, बीएमबी सहित 12 बड़ी मिठाई की दुकानों पर शुक्रवार को छापा मारा। टीमों ने इन दुकानों से घेवर, बर्फी, मावा, समोसा, मिल्क केक के सैंपल लिए। जांच के दौरान कुछ जगहों पर खराब मावा, मिठाई और घेवर मिले, जिनको नष्ट करवा दिया गया। रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य विभाग ने यह कार्रवाई की। जयपुर सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले जगतपुरा स्थित रावत मिष्ठान भंडार पर छापा मारा। यहां से टीम ने केसर पिस्ता बर्फी और इस्तेमाल किए जा रहे कुकिंग ऑयल के सैंपल लिए। दुकान में जिस तेल में प्याज की कचौरी पकाई जा रही थी, उसकी क्वालिटी भी खराब मिली। सीएमएचओ के मुताबिक- वहां मौजूद हलवाई ने बताया यहां चार दिन में तेल बदलते हैं। मैनेजर ने बताया- रोज लगभग 700-800 कचोरी तैयार करते हैं। इस तरह 3-4 दिन तक उसी तेल में कचौरी तैयार करने से तेल का टोटल पोलर कंपाउंड्स (टी.पी.सी) बहुत ज्यादा होने की संभावना रहती। इससे तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर हानिकारक हो सकता है। इन दुकानों से लिए सैंपल 150 किलोग्राम खराब घेवर नष्ट करवाया, प्रोडक्शन यूनिट सील जयपुर सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत के निर्देशन में टीम ने बिंदायका में सिंवार मोड़ स्थित प्रधान स्वीट्स एंड कैटर्स पर छापा मारा। यहां टीम को खराब 150 किलोग्राम घेवर मिला। इसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया। वहीं घेवर बनाने समेत अन्य मिठाई, नमकीन बनाने में काम आने वाली 275 किलोग्राम खाद्य सामाग्री को जब्त किया। कार्रवाई के साथ ही दुकान की प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया।
नर्मदापुरम जिले के ग्रामीण अंचलों में रेत, मिट्टी और गिट्टी के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग, राजस्व और पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन नर्मदापुरम शहर में बिना रॉयल्टी रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने-जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि बांद्राभान, माखननगर रोड और बीटीआई क्षेत्र से रोजाना ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शहर में पहुंच रही हैं, लेकिन इनकी नियमित चेकिंग नहीं हो रही। इससे शासन को राजस्व नुकसान होने के साथ जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सख्ती, शहर में ढीलदूसरी तरफ खनिज विभाग की टीम ग्रामीण थाना क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रही है। शिवपुर खनिज टीम ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। थाना शिवपुर में खड़ी कर चोरी का प्रकरण दर्ज किया। सोहागपुर : दो डंपर पकड़े - डंपर क्रमांक RJ 17 GB 4853 गिट्टी का अवैध उत्खनन, डंपर क्रमांक MP 04 HE 5344 मुरम का अवैध परिवहन। एक डंपर को माखननगर थाने और दूसरे को सोहागपुर थाने में खड़ा कराया। इटारसी और रामपुर:थाना पुलिस ने एक-एक ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी। सभी वाहनों पर मध्य प्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान खनिज निरीक्षक बसंत पाटिल, प्रभारी खनिज निरीक्षक कृष्ण कांत परस्ते और खनिज सिपाही हेमंत राज मौजूद रहे। मामले में खनिज निरीक्षक बसंत पाटिल ने कहा जिलेभर में अवैध वाहनों पर कार्रवाई चल रही है। शहर में भी चेकिंग कर बिना रॉयल्टी वाले वाहनों पर कार्रवाई करेंगे।
युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दी:मायके से पत्नी के वापस न लौटने से परेशान था, इलाज के दौरान मौत
कानपुर देहात में पत्नी के मायके से वापस न लौटने से परेशान एक युवक की जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई। गुरुवार को जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना सट्टी थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर गांव की है। यहां रहने वाले 22 वर्षीय विजय बहादुर की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले फतेहपुर जिले के सुरासी गांव निवासी सविता से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। विजय को शराब पीने की आदत थी, जिससे नाराज होकर उसकी पत्नी लगभग दो माह पहले मायके चली गई थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया परिजनों ने बताया कि पत्नी के मायके जाने के बाद विजय उसे वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। करीब 10 दिन पहले भी वह पत्नी को लेने ससुराल गया था, लेकिन पत्नी ने उसके साथ वापस आने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद से विजय काफी परेशान और गुमसुम रहने लगा था। गुरुवार को विजय रोज की तरह रिक्शा चलाकर घर लौटा। घर पहुंचने के बाद उसने परिजनों को बताया कि उसने सल्फास खा लिया है। यह सुनकर परिवार के लोग तुरंत उसे पुखरायां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सट्टी थानाध्यक्ष कालीचरण कुशवाहा ने बताया कि युवक द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी मिली है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा जिले के बेरला क्षेत्र के नेवनारा स्थित लोहिया पेपर मिल में एक मजदूर की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान कोटगांव निवासी मोहनदास बंजारे के रूप में हुई है। हादसे के बाद मृतक के परिजन, क्रांति सेना और भीम रेजिमेंट ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। हादसे के करीब 20 घंटे बाद भी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। बेरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और संगठन के कार्यकर्ता जमा हैं। मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। कंपनी ने फोन कर बताया- तबीयत खराब है मृतक की बेटी सुनीता बंजारे ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद कंपनी की ओर से परिवार को फोन कर बताया गया कि उनके पिता की तबीयत खराब है। परिजनों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद वे कंपनी पहुंचे, लेकिन तब तक मोहनदास बंजारे की मौत हो चुकी थी। परिवार का आरोप है कि घटना की वास्तविक जानकारी उन्हें तत्काल नहीं दी गई। पिता ही थे परिवार का सहारा सुनीता बंजारे ने बताया कि परिवार में चार भाई-बहन, मां और दादा-दादी हैं। उनके पिता ही परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं आया। इसी वजह से परिवार और संगठन के लोगों में नाराजगी बढ़ गई। 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन के सामने 50 लाख रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी है। क्रांति सेना और भीम रेजिमेंट के कार्यकर्ता भी इस मांग के समर्थन में बेरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों पर सहमति नहीं देता, आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की बेरला थाना प्रभारी राजकुमार साहू ने बताया कि लोहिया पेपर मिल में मोहनदास बंजारे की हादसे में मौत की सूचना मिली है। पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और विभिन्न संगठन उनका समर्थन कर रहे हैं। फिलहाल पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। 20 घंटे बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम हादसे के बाद से बेरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगातार परिजन और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण शव अस्पताल में है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुआवजे और नौकरी की मांग पर कंपनी प्रबंधन से सहमति बनने के बाद ही वे आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेंगे। कंपनी प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया मामले में लोहिया पेपर मिल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और मजदूर गड्ढे में कैसे गिरा, इसकी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मर्ग जांच के जरिए हादसे की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है, जबकि मृतक के परिजन मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
महरूपुर सहजू में 10 दिन से बिजली गुल:नाराज महिलाओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में किया हंगामा
फर्रुखाबाद में बिजली संकट से परेशान महिलाओं ने शुक्रवार को दोपहर में बिजली विभाग के कार्यालय में हंगामा किया। महरुपुर सहजू गांव में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज करीब तीन दर्जन से अधिक महिलाएं फतेहगढ़ स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंच गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद से बिजली गुल है। भीषण गर्मी में 10 दिनों से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क मांगने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सुविधा शुल्क न मिलने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग तीन दर्जन से अधिक महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए कार्यालय में हंगामे की स्थिति बन गई। महिलाओं की मांग थी कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर को बदला जाए। महिलाओं का कहना है कि भीषण गर्मी में 10 दिनों से बिजली न होने के कारण घरों में पानी और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। उन्होंने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
बांदा में शुक्रवार दोपहर 3 बजे खेत में बने कुएं की खराब मोटर ठीक करने उतरे दो किसान जहरीली गैस की चपेट में आ गए। दोनों बेहोश होकर कुएं में गिर पड़े। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव का है। पहले मोटर ठीक करने उतरा किसान, बचाने गया दूसरा भी फंसा अजीतपारा गांव निवासी शिवनारायण सिंह के खेत में बने कुएं की मोटर शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे खराब हो गई थी। गांव का बटाईदार किसान लालू (40) मोटर ठीक करने के लिए कुएं में उतरा। करीब 15 फीट नीचे बोर के चैंबर के पास पहुंचते ही वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। लालू को कुएं में अचेत देखकर वहां मौजूद किसान कृष्ण कुमार सिंह (45) उसे बचाने के लिए नीचे उतर गए। जहरीली गैस के कारण कृष्ण कुमार भी बेहोश होकर कुएं में गिर पड़े। ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ कुएं में उतरे ग्रामीण दोनों के काफी देर तक बाहर नहीं आने पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फायर सर्विस और ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे किद्दू नाम के व्यक्ति को रस्सी से कुएं में उतारा गया। उसने दोनों किसानों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस से बिसंडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही एक की मौत, दूसरे ने बांदा में तोड़ा दम पीएचसी में डॉक्टरों ने लालू को मृत घोषित कर दिया। वहीं कृष्ण कुमार की हालत गंभीर होने पर उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा रेफर किया गया। इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बबेरू डीएसपी कृष्ण कांत त्रिपाठी ने बताया कि कुएं में जहरीली गैस की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पंचायतनामा भरकर अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कृष्ण कुमार के चचेरे भाई उपेंद्र ने बताया कि उनके चार पुत्र और एक पुत्री हैं। वहीं लालू के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। दोनों किसानों की मौत की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को एनकाउंटर में मारे जाने के करीब डेढ़ साल बाद रायपुर की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। गंज थाना में दर्ज डकैती की साजिश और रंगदारी से जुड़े मामले में थर्ड एडीजे कोर्ट ने अमन साहू समेत सभी 7 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट की केस हिस्ट्री में 18 अगस्त 2026 को मामले का निपटारा दर्ज है और स्टेटस कॉन्टेस्टेड-एक्विटेड बताया गया है। इस मामले में अमन साहू के अलावा रोहित स्वर्णकार, मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह, राजबेर सिंह, पप्पू सिंह उर्फ पप्सा और सुनील कुमार उर्फ सुनील कुमार मीणा उर्फ मयंक सिंह आरोपी थे। मामला गंज थाना के अपराध क्रमांक 223/2024 से जुड़ा है। इसमें आईपीसी की धारा 399, 402, 386 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की उस समय की जानकरी के अनुसार, रायपुर पुलिस ने मई 2024 में अमन साहू गैंग से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी रायपुर में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे और इस पूरी प्लानिंग के तार मयंक सिंह से जुड़े थे, जो उस समय विदेश से गैंग को ऑपरेट करने का आरोप झेल रहा था। बचाव पक्ष का दावा- पुलिस कोर्ट में साजिश साबित नहीं कर पाई बचाव पक्ष के वकील दीपांकार बनर्जी ने बताया कि दूसरे पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ डकैती की योजना बनाने और हथियार रखने की कहानी पेश की थी, लेकिन ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित नहीं कर सका। उन्होंने कहा, “पुलिस जिस व्यक्ति को मयंक सिंह बताकर केस से जोड़ रही थी, उसकी पहचान को लेकर भी कोर्ट में सवाल खड़े हुए। जिस व्यक्ति को मयंक सिंह बताया गया, उसके सुनील कुमार मीणा होने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस न तो कथित साजिश को ठोस तरीके से साबित कर पाई और न ही हथियार से जुड़े अपने साक्ष्यों को उस स्तर पर प्रमाणित कर सकी, जिससे आरोप साबित हो सकें।” बनर्जी के मुताबिक, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। पहले 4 आरोपी पकड़े गए थे, बाद में पिस्टल सप्लायर की भी गिरफ्तारी मामले की शुरुआती जांच में रायपुर पुलिस ने रोहित स्वर्णकार, मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह और पप्पू सिंह उर्फ पप्सा को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस का दावा था कि रोहित स्वर्णकार के पास से एक पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई है। बाद में पुलिस ने मध्यप्रदेश से राजबेर सिंह चावला नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे पिस्टल उपलब्ध कराने से जुड़े केस में कार्रवाई की थी। उस समय जारी जानकारी में गंज थाना के अपराध क्रमांक 223/24 और आईपीसी की धारा 399, 402, 386, 120बी के साथ आर्म्स एक्ट का भी उल्लेख था। हालांकि अब इस मामले के ट्रायल में आए फैसले में पुलिस की पूरी कहानी कोर्ट में साबित नहीं हो सकी और केस कॉन्टेस्टेड-एक्विटेड के साथ खत्म हो गया। अमन को रायपुर से झारखंड ले गई थी पुलिस, रास्ते में हुआ था एनकाउंटर अमन रायपुर के दूसरे मामलों में भी पुलिस की गिरफ्त में रहा था। मार्च 2025 में झारखंड पुलिस उसे रायपुर से पूछताछ के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान पलामू में पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। उस समय की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस का कहना था कि अमन साहू ने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ के दौरान वह मारा गया। अब उसकी मौत के बाद रायपुर के इस केस में कोर्ट ने उसे और अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। 18 अगस्त को आया फैसला, ऑर्डर कॉपी अभी अपलोड नहीं केस रिकॉर्ड के मुताबिक मामले की पहली सुनवाई 9 सितंबर 2024 को हुई थी। बाद में केस ट्रांसफर होकर रायपुर के 77वें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत पहुंचा। यहां सुनवाई पूरी होने के बाद 18 अगस्त 2026 को फैसला आया। फिलहाल कोर्ट की वेबसाइट पर फैसले की विस्तृत कॉपी अपलोड नहीं की गई है। इसलिए कोर्ट ने अपने आदेश में किन साक्ष्यों और किन आधारों पर आरोपियों को दोषमुक्त किया, इसकी पूरी जानकारी ऑर्डर कॉपी आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के कार्यकर्ताओं पर मासिक बैठक में जाते समय हमला किया गया, जिसमें महिलाओं के साथ अभद्रता और छेड़खानी भी हुई।
मंडला जिले के निवास स्थित सांदीपनि विद्यालय में शुक्रवार को चेकिंग के दौरान कक्षा 12वीं के एक छात्र के बैग से छह राउंड वाली देशी पिस्तौल मिली। घटना की सूचना मिलते ही निवास पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पिस्तौल जब्त कर ली और छात्र से पूछताछ शुरू कर दी। स्कूल में गुटखा, मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामग्री रोकने के लिए छात्रों के बैग की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान छात्र के बैग में पिस्तौल मिली। पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसे यह पिस्तौल करीब चार महीने पहले निवास के रसलगंज निवासी 19 वर्षीय मोहित मरकाम से मिली थी। पुरानी होने के कारण पिस्तौल में जंग लग गई थी, जिसे रंग करवाने के लिए वह स्कूल लेकर आया था। जबलपुर में पढ़ाई करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार छात्र के खुलासे के बाद पुलिस ने मोहित मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मोहित जबलपुर में रहकर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। निवास थाना प्रभारी धर्मेंद्र धुर्वे ने बताया कि पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और मोहित से पिस्तौल के स्रोत के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में धरने पर बैठे राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेसी मुख्यालय के बाहर गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा सरकार को छात्र विरोधी बताया। आधे घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। पुलिस ने समझा-बुझाकर कर प्रदर्शन खत्म कराया। ‘छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल गलत’ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता अखिलेश ने कहा कि मौजूदा सरकार छात्र और नौजवान विरोधी है। दिल्ली में जेन-जी आंदोलन में छात्रों पर पुलिस द्वारा पैलेट गन चलाए जाने का विरोध करते हैं। हमारे नेता राहुल गांधी दिल्ली में संघर्ष कर रहे हैं। हम लोग लखनऊ में उनका समर्थन कर रहे हैं। छात्र हितों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा। हमारी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए । पुलिस को वर्दी आम जनता कि सुरक्षा के लिए मिली है ना कि सरकार समर्पित होकर कार्य करने कि। ‘कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ’ मीडिया चेयरमैन सीपी राय ने कहा कि हम लोग छात्रों की लड़ाई पूरे जोर शोर से लड़ रहे हैं। राहुल गांधी के संघर्ष के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। यह राहुल गांधी के साथ सभी नौजवानों की जीत है। शीर्ष नेतृत्व लगातार पूरे देश में छात्रों के खिलाफ हुए अन्याय के विरुद्ध आंदोलन कर रहा है। राहुल गांधी अलग-अलग शहरों में जाकर छात्रों से संवाद कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर नौजवानों की समस्याएं सुनकर उनकी लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो रहे हैं।
राजसमंद के श्रीनाथजी मंदिर में शुक्रवार का दिन खास रहा। सावन शुक्ल नवमी पर भगवान का सप्तस्वरूपोत्सव मनाया गया। साल में सिर्फ इसी दिन ठाकुर जी विशेष केसरी रंग के मोर-काछनी श्रृंगार में दिखते हैं। इसके बाद प्रभु को सोने के हिंडोले में विराजित किया गया। जिनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालु श्रीनाथजी की हवेली पहुंचे। श्रीजी को केसरी रंग की मलमल की सूथन, गोल-काछनी अर्थात मोर-काछनी और रास-पटका धराया गया। सभी वस्त्र रूपहली जरी की तुईलैस की किनारी से सुसज्जित रहे, जबकि ठाड़े वस्त्र मेघश्याम रंग के रहे। श्रीमस्तक पर केसरी रंग की जड़ाऊ टिपारे की टोपी, लाल रंग के सुनहरी किनारी वाले गौ-कर्ण, स्वर्ण का रत्नजड़ित घेरा और बायीं ओर मोती की चोटी सुशोभित रही। श्रीकर्ण में हीरे के मकराकृति कुंडल और श्रीकंठ में कली-कस्तूरी की मालाएं धराई गईं। प्रभु को वनमाला सहित भारी श्रृंगार धराया गया, जिसमें हीरे के साथ मोती, माणक, पन्ना और जड़ाव स्वर्ण के आभूषण शामिल रहे। श्रीहस्त में कमलछड़ी, हीरे के वेणुजी और दो वेत्रजी धराए गए। उत्सव के भोग मनोरथ में गोपीवल्लभ भोग के दौरान मूंग दाल की मोहनथाल और दूधघर में सिद्ध की गई केसरयुक्त बासोंदी की हांडी अरोगाई गई। वहीं राजभोग में अनसखड़ी में दाख का रायता अरोगाया गया। राजभोग दर्शन के दौरान राग सारंग में सप्तस्वरूपोत्सव से संबंधित पदों का गायन हुआ। सप्तस्वरूपोत्सव का महत्व सप्तस्वरूपोत्सव का संबंध श्रीनाथजी की सेवा के सर्वोपरि अधिकार प्राप्त करने के प्रसंग से जुड़ा है। तत्कालीन सरकार के समक्ष वर्षों तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद तिलकायत गोविन्दलाल महाराज ने श्रीनाथजी की सेवा के सर्वोपरि अधिकार प्राप्त किए थे। इसी विजयपर्व की स्मृति में श्रावण शुक्ल नवमी के दिन विक्रम संवत 2023 में तिलकायत गोविन्दलाल महाराज द्वारा अद्वितीय सप्तस्वरूपोत्सव आयोजित किया गया था।
धमतरी जिले के कंडेल स्थित शासकीय आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्टाफ रूम में करीब 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा मिला। सांप अलमारी के पीछे फन फैलाए बैठा था। शिक्षकों की नजर पड़ते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। देखिये यह तस्वीरें अलमारी के पीछे बैठा था कोबरा शिक्षकों ने स्टाफ रूम में सांप दिखाई देने की सूचना सर्पमित्र सूर्यकांत साहू को दी। सूचना मिलते ही वह स्कूल पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की। अलमारी को हटाने के बाद उन्होंने करीब 5 फीट लंबे कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। सांप को देखकर स्कूल में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी काफी देर तक दहशत में रहे। राहत की बात रही कि घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। सांप निकलते ही बच्चों ने लगाए जयकारे सर्पमित्र द्वारा कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली। सांप को स्कूल परिसर से बाहर ले जाते ही बच्चों ने ‘शंकर भगवान की जय’ के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, किसी ने सांप को स्कूल के अंदर आते हुए नहीं देखा था। स्टाफ रूम में पहुंचने पर वह अलमारी के पीछे छिपा मिला। बारिश के मौसम में स्कूल परिसर में सांप मिलने की घटना के बाद अब सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
देवरिया के कन्हौली में शुक्रवार को एक्सिस बैंक ने संजीव सिंह तीरंदाजी संस्थान ट्रस्ट के साथ मिलकर 'ओलंपिक स्तर का तीरंदाजी केंद्र' स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र 100 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं एक ही परिसर में प्रदान करेगा। इस परियोजना को पूरा होने में करीब 3 साल लगेंगे। ग्रामीण इलाकों में यह केंद्र भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत ओलंपिक स्तर का तीरंदाजी केंद्र बनकर तैयार होगा। इसका मकसद तीरंदाजी के खिलाड़ियों को बड़े शहरों जैसी उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसका मुख्य लक्ष्य पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के ग्रामीण और कम सुविधा वाले क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। चार राज्यों के खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी कन्हौली स्थित यह केंद्र गोरखपुर हवाई अड्डे से 45 किलोमीटर से कम दूरी पर है। इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रतिभा पहचान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का क्षेत्रीय केंद्र बनाने की योजना है। इनडोर-आउडोर की तीरंदाजी रेंज बनाई जाएंगी केंद्र में ओलंपिक स्तर की इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की तीरंदाजी रेंज बनाई जाएंगी। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कराने के लिए आधुनिक अभ्यास प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। प्रशिक्षण पर मौसम की स्थिति का प्रभाव न पड़े, इसके लिए तापमान नियंत्रित प्रशिक्षण क्षेत्र और निगरानी प्रणाली की सुविधा भी उपलब्ध होगी। खिलाड़ियों के लिए आवासीय परिसर भी विकसित किया जाएगा इसके साथ 100 बिस्तरों वाला आवासीय परिसर भी तैयार किया जाएगा। यहां प्रशिक्षण शिविर, चयन परीक्षण और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। केंद्र की सुविधाओं को दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड के प्रमुख तीरंदाजी संस्थानों के मानकों के आधार पर विकसित करने की योजना है। तीर चलाने की तकनीक का भी होगा बारीकी से आकलन केंद्र में खेल विज्ञान को भी खास महत्व दिया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकड़ा तैयार करने के लिए उन्नत प्रदर्शन विश्लेषण, शारीरिक और शरीर संबंधी निगरानी और तीन आयामी तीर चलाने की तकनीक के विश्लेषण जैसी सुविधाएं होंगी। इससे खिलाड़ियों की तकनीक और प्रदर्शन की कमियों को पहचानकर उसी के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। हर साल 100 आवासीय खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका योजना के मुताबिक, केंद्र में हर साल करीब 100 खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा देने की तैयारी है। इसके अलावा प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताओं और उच्च स्तरीय कार्यक्रमों के जरिए 300 से ज्यादा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मेजबानी की जा सकेगी। संजीव सिंह तीरंदाजी संस्थान ट्रस्ट के संस्थापक और अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा- खिलाड़ी और प्रशिक्षक के रूप में उन्होंने ऐसी सुविधा की कमी महसूस की थी, जहां तीरंदाज एक ही जगह प्रशिक्षण, पढ़ाई और आवास की सुविधा पा सके। अब इसी कमी को पूरा करने की दिशा में यह केंद्र तैयार किया जा रहा है। एक्सिस बैंक के समूह प्रमुख विजय मुलबागल ने बताया- इसका उद्देश्य सिर्फ एक प्रशिक्षण केंद्र बनाना नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने वाला स्थायी तंत्र तैयार करना है।
केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार ने दिया इस्तीफा, प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोपित डॉक्टर ने छोड़ा पद
KGMU:फिजियोलॉजी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संदीप भट्टाचार्या के खिलाफ बीती 21 मई को आईआईएम रोड निवासी एफबी सिंह ने प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत दर्ज कराई थी।
जोधपुर संभाग के जिला शिक्षा अधिकारियों को अब रोजाना संभाग मुख्यालय में रिपोर्ट भेजनी होगी कि उनके अधीन आने वाले वाले ऑफिस और स्कूल में किसी व्यक्ति ने फोटो-वीडियो बनाए या नहीं। इस संबंध में संयुक्त निदेशक संभाग मुख्यालय जोधपुर की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) हिम्मत सिंह तंवर की तरफ जारी आदेश में इस संबंध में रोजाना 1 बजे इस संबंध में सूचना भेजने के लिए कहा गया है। मुख्यालय की तरफ से जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखा है- आपके अधीन कार्यालयों, स्कूलों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, बिना अनुमति किसी गतिविधि का वीडियो बनाने, फोटो लेने और शैक्षिक वातावरण खराब करने की कोई घटना संज्ञान में आए जाने पर तुरंत प्रभाव से उसकी सूचना और नहीं पाए जाने पर Nil की सूचना रोज दोपहर 1 बजे से पहले ऑफिस की ईमेल पर अनिवार्य रूप से भेजना होगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शिक्षा निदेशालय कि तरफ से प्रिंसिपल या हैडमास्टर की अनुमति बिना बाहरी व्यक्ति के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश भी जारी किए गए थे। ये खबरें भी पढ़िए… दिलावर बोले-स्कूलों में मीडिया एंट्री पर पाबंदी नहीं:CJP की चेतावनी-सरकार एडवांस में FIR दर्ज करवा दे, गहलोत ने कहा-सरकार फैसला वापस ले राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन लगाने के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। (पढ़िए पूरी खबर) सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री बैन:स्टूडेंट्स की फोटो-वीडियो बनाने के लिए प्रिंसिपल की अनुमति जरूरी राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)
विदिशा में दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और घायल छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को देशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया। इसी के तहत विदिशा के माधवगंज चौराहे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की गई। 20 जुलाई को हुआ था लाठीचार्जकांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने बताया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। इसमें 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब की आंख में पैलेट लगने से गंभीर चोट आई। कांग्रेस के अनुसार, घायल छात्र साहिल लोचब अपनी मां के साथ राहुल गांधी के साथ दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचा था। छात्र की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। कांग्रेस इसी के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांगकांग्रेस नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और घायल छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विदिशा में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी की। मोहित रघुवंशी ने कहा कि जब तक राहुल गांधी धरने से नहीं उठते, तब तक पार्टी के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने छात्र पर कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल स्नेचिंग करने वाले एक युवक और विधि के साथ संघर्षरत बालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने सरस्वती नगर इलाके में मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदातों के साथ मोबाइल चोरी की 3 अन्य घटनाओं को भी अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। मॉर्निंग वॉक और कॉलेज जाते समय झपटा मोबाइल पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की सुबह कोटा निवासी उन्नति ठाकुर मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। दिशा कॉलेज रोड पर रेयांश किचन के सामने ग्रे रंग की एक्टिवा पर सवार दो युवकों ने उनका मोबाइल झपट लिया। इसी दिन सुबह चौबे कॉलोनी निवासी युवराज मेहर कॉलेज जा रहे थे। उसी इलाके में दो युवकों ने उनका मोबाइल भी इसी तरीके से छीन लिया। दोनों मामलों में सरस्वती नगर थाने में केस दर्ज किया गया था। मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चुराई थी एक्टिवा स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई एक्टिवा CG 04 KS 6757 भी चोरी की निकली। पुलिस के अनुसार, यह एक्टिवा 21 जुलाई को मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी। मामले में मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज थी। पुलिस ने जब दोनों स्नेचिंग की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगाले तो उसमें इसी चोरी की एक्टिवा का इस्तेमाल दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। एमजी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की एक्टिवा पर दो युवक एमजी रोड इलाके में घूम रहे हैं। टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक ने अपना नाम वरुण साहू (23) निवासी राम नगर, गुढ़ियारी बताया। दूसरा विधि के साथ संघर्षरत बालक है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने एक्टिवा चोरी करने और इसी वाहन से मोबाइल स्नेचिंग की दो घटनाओं समेत 3 अन्य मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की। 5 मोबाइल और एक्टिवा बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं के संबंध में पुलिस जांच कर रही है। यह कार्रवाई डीसीपी वेस्ट जोन रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन, एडीसीपी राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन और एसीपी आजाद चौक ईशू अग्रवाल के नेतृत्व में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सरस्वती नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
घाटमपुर की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विधायक सरोज कुरील ने शुक्रवार शाम लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में विद्यालयों के समायोजन और नए मॉडल स्कूल की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों का ही समायोजन किया जाएगा। वहीं, तिराहा पट्टी में करीब 1500 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाला मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने की योजना है। लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान विधायक सरोज कुरील ने घाटमपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सामने रखा। विधायक ने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में विद्यालयों के समायोजन की प्रक्रिया के तहत केवल उन विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 50 से कम विद्यार्थियों का नामांकन है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। मुलाकात के दौरान घाटमपुर के तिराहा पट्टी में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना को लेकर भी जानकारी दी गई। प्रस्तावित विद्यालय में करीब 1500 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की व्यवस्था होगी। विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। खास बात यह होगी कि इस विद्यालय में कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के लिए अलग-अलग विद्यालयों में जाने की जरूरत नहीं होगी। विधायक बोली- छात्र छात्राओं को मिलेगी बेहतर शिक्षा घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना से घाटमपुर के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
बांसवाड़ा के पांचलवासा के पास शुक्रवार शाम दशा माता की मूर्ति का विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर समेत 11 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनका एमजी जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, सदर थाना क्षेत्र के तीन महुड़ी गांव के ग्रामीण दशा माता की मूर्ति का विसर्जन करने नदी की ओर गए थे। विसर्जन के बाद सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली से अपने घर लौट रहे थे। पांचलवासा के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार श्रद्धालु नीचे दबकर घायल हो गए। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को उनके परिजनों और ग्रामीणों की मदद से निजी गाड़ियों से शहर के निजी अस्पतालों और एमजी अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है। थानाधिकारी बोले- ड्राइवर समेत 11 लोग घायल हुएसदर थानाधिकारी रूप सिंह चारण ने बताया कि प्रारंभिक सूचना में करीब 8 से 10 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली थी। बाद में हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर समेत कुल 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई। घायलों में अधिकांश महिलाएं और युवतियां शामिल हैं। घायलों के इलाज के लिए सदर और कोतवाली थाने का जाप्ता अलग-अलग अस्पतालों में मौजूद रहा। आनंद अस्पताल में कोतवाली थाना पुलिस का जाप्ता तैनात रहा। यह हुए घायलपुलिस ने बताया कि हादसे में रोशनी (12) पुत्री प्रकाश, कुमकुम (16) पुत्री मनोहर, रंजना (18) पुत्री मनोहर, टीना (18) पुत्री कांतिलाल, इंद्रा (32) पत्नी नानालाल, सविता (35) पत्नी मनोहर, मोनिका (14) पुत्री कांतिलाल, शांति (30) पत्नी किशन, कानुड़ी (32) पत्नी राजू, प्रिया (18) पुत्री प्रकाश और ट्रैक्टर ड्राइवर राजेश (32) पुत्र रमेश घायल हुए हैं। थानाधिकारी ने बताया कि हादसे को लेकर रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की ओर से नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

