वाराणसी सदर तहसील परिसर में वकीलों ने एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को भी तहसील सदर परिसर में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में लामबंद अधिवक्ता SDM सदर नितिन सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। अधिवक्ताओं ने सदर एसडीएम पर पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। आज तहसील आने पर उनका घेराव किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक SDM सदर का गैर-जनपद स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पहले जानिए अधिवक्ताओं के आक्रोश का कारण अधिवक्ताओं ने बताया कि मंगलवार को SDM सदर कोर्ट के समय में बैठक कर रहे थे, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी घंटों से बाहर इंतजार कर रहे थे। दोपहर बाद जब जनसुनवाई शुरू हुई, तो एक अधिवक्ता ने वकीलों की शिकायतों को पहले सुनने की बात कही। इसी बात से नाराज होकर SDM ने अधिवक्ता के साथ बदसलूकी करते हुए गलत व्यवहार किया। अपने पद का रौब दिखाते हुए उन्हें चेंबर से बाहर जाने को कह दिया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। अधिवक्ताओं ने SDM सदर पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए SDM जिम्मेदार हैं। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर भ्रष्ट अधिकारी काशी छोड़ो, SDM सदर काशी छोड़ो और जवाब दो-जवाब दो के नारे लगाए जा रहे है। मार्निंग कोर्ट होने से अधिवक्ता सुबह 7 बजे से तहसील और कचहरी पहुंच जा रहे हैं। आज गुरुवार को आंदोलन के क्रम में तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ता जिलाधिकारी को घटना की जानकारी देंगे और अपने प्रस्ताव की प्रति सौंपेंगे। आज SDM कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार रहेगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता प्रदर्शन में बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय, तहसील बार के महामंत्री दिनेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष रविंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, गौतम झा, धीरेंद्र श्रीवास्तव, दीपक राय कान्हा, रजनीश मिश्रा, शशिकांत दुबे, राजेश प्रसाद सिंह, आयुष चंद्र राजपूत, नंदन पटेल, ओम प्रकाश जायसवाल, अमरेश कुमार तिवारी, दिलीप सोनकर, मनेन्द्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्तओं की ये प्रमुख मांगें और प्रस्ताव 1. गैर-जनपद स्थानांतरण: SDM सदर नितिन सिंह को तत्काल प्रभाव से वाराणसी से हटाया जाए। 2. न्यायिक जांच: सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में SDM द्वारा दिए गए सभी न्यायिक आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 3. अनिश्चितकालीन बहिष्कार: वकीलों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, SDM कोर्ट का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
कजाकिस्तान में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेलों और प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। काशी की बेटी प्रीति पटेल ने कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीतकर देश का नाम रोशन किया। शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर बनारस पहुंची प्रीति का भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल ने अभिनंदन किया। मथुरापुर भरथरा गांव में प्रीति के आवास पर पहुंचकर अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न दिया। उससे पूरी प्रतियोगिता और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसी प्रतिभाएं ही काशी का परचम बुलंद करेंगी। काशी के बेटी ने जीत दर्ज कर हमारा गौरव बढ़ाया है साथ ही तमाम बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। भाजपा की सरकार इसे खेल में हर कदम पर मदद और प्रोत्साहित करेगी। प्रीति काशी के संजोई अखाड़े में अभ्यास करती है। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रीति ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। कजाकिस्तान में मेडल जीतकर उन्होंने क्षेत्र की बेटियों और अन्य युवाओं के सामने एक नई मिसाल कायम की है। इस दौरान भाजपा नेता संजीव सिंह गौतम, अभिषेक त्रिपाठी, ओमप्रकाश पटेल, अमित पटेल, शिवशंकर पटेल, डॉ. राजेश पटेल, राहुल कुमार, चंदन सिंह पटेल, श्रीराम गुप्ता, अजय पटेल, रमेश विश्वकर्मा, अमित सिंह 'पीयूष' समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रयागराज की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्य अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला की मौत को लेकर अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई संवैधानिक और न्यायिक संस्थाओं को विस्तृत प्रत्यावेदन भेजकर मामले में उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यावेदन में आरोप लगाया गया है कि 23 वर्षीय अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला 20 मई 2026 को सड़क दुर्घटना के बाद प्रयागराज के एस.आर.एन. अस्पताल पहुंचाई गई थीं, जहां उन्हें समुचित उपचार नहीं मिला। शिकायत में चिकित्सा लापरवाही, सदोष परिरोध, जबरन वसूली, शारीरिक गरिमा पर प्रहार और साक्ष्य नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि इन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप 7 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। आशीष कुमार मिश्रा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक प्रकरण है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने, एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, संबंधित चिकित्सकों के निलंबन, पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा सीसीटीवी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। प्रत्यावेदन में पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। मामले को लेकर अधिवक्ता समुदाय में गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया गया है तथा इसे न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है।
भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने अविनाश साहू और जस्टिन राज को बुधवार को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। वर्ष 2019 में हुई इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। 30 अप्रैल 2019 को आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग अपनी 16 वर्षीय बुआ और उसके मित्र अविनाश साहू के साथ मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। आरोपियों ने टेकरी पर बालिका के साथ दुष्कर्म करने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को करीब 100 फीट गहरी खाई में स्थित गुफा में छिपा दिया था। बाद में दोनों आरोपी बालिका को तलाशने का नाटक करते रहे। पुलिस ने रातभर की थी बालिका की सर्चिंग बालिका के लापता होने की सूचना मिलने पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने रातभर सर्चिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पूछताछ के दौरान अविनाश साहू के बयान बदलने पर पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने खाई से बालिका का खून से लथपथ शव बरामद किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान पेश किया था। बाद में राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने दी थी क्लीन चिट सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देकर क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा था। अंततः ट्रायल के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए शेष जीवन तक जेल में रहने की सजा सुनाई। ये खबर भी पढ़ें… बेटी को मां-सौतेले पिता ने 12 लाख में बेचा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मां और सौतेले पिता ने 12 साल की बेटी को 12 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपियों ने 8 लाख रुपए कैश और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। बच्ची की शादी भी करा दी गई थी। 3 आरोपियों ने कई बार रेप किया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना:जिस फुटपाथ पर चलने की जगह, उसे रेलिंग लगाकर बंद कर दिया
भोपाल में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना सामने आया है। ऐशबाग में 90 डिग्री ब्रिज के बाद वार्ड 32 के फुटपाथ पर ऐसी कारीगरी हुई कि पैदल चलने वालों के लिए बना फुटपाथ पिंजरे की तरह बंद हो गया। सौंदर्यीकरण के नाम पर सड़क के किनारे 3 फीट ऊंची लोहे की जाली (फेंसिंग) लगा दी गई है। इससे राहगीरों का फुटपाथ पहुंचना नामुमकिन हो गया है। स्थिति यह है कि फुटपाथ पर जाने और सड़क पर आने के लिए गिने-चुने कट पॉइंट छोड़े गए हैं, लेकिन यहां ठेले वालों ने कब्जा कर रखा है। कई स्थानों पर फुटपाथ के एक तरफ 3 फीट ऊंची लोहे की जाली और दूसरी तरफ पहले से बनी 3 फीट ऊंची पक्की दीवार है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर फुटपाथ को आम लोगों के लिए ही अनुपयोगी बना दिया गया है। यह काम पार्षद निधि से कराया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब कोई भी काम जनता की सुविधा के लिए किया जाता है तो धरातल की स्थिति देखे बिना ऐसी डिजाइन कैसे मंजूर हो जाती है। यह सीधे तौर पर पैसे की बर्बादी है। कोई भी बस या सार्वजनिक परिवहन के यात्री सड़क पर उतरकर फुटपाथ पर नहीं आ सकेंगे। अधिकारी आज मौके पर जाएंगेइस मामले में निगम के ईई एनके डेहरिया का कहना है कि इंजीनियर से जानकारी मांगी है कि यह काम किस मद से और किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ। यदि लोगों को फुटपाथ का उपयोग करने में दिक्कत आ रही है तो उसमें बदलाव किया जाएगा। गुरुवार को मैं खुद जाऊंगा। डिजाइन बदलवा देंगेपार्षद आरती अनेजा ने कहा कि यहां अतिक्रमण और शराबियों का जमावड़ा रहता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था। ठेकेदार ने भरोसा दिया था कि फुटपाथ पर आसानी से चढ़ा जा सकता है, लेकिन मैंने खुद जाकर स्थिति देखी तो ऐसा बिल्कुल नहीं था। इसका डिजाइन बदलवाएंगे।
अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित हरिओम नगर में बुधवार रात मकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस हादसे में शहर के मशहूर कारोबारी और कालरा स्पोर्ट्स के मालिक सुभाष चंद्र कालरा (80) की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मकान में पहले शॉर्ट सर्किट हुआ और उसकी वजह से कमरे में लगे एयर कंडीशनर का कंप्रेशर धमाके के साथ फट गया। इस ब्लास्ट के बाद घर में इतनी तेजी से जहरीला धुआं फैला कि बुजुर्ग कारोबारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वह करीब 20 मिनट तक आग और धुएं के गुबार के बीच फंसे रहे। दोनों बेटे दुकान पर थे, घर में अकेले थे बुजुर्ग पिता सुभाष चंद्र कालरा अलीगढ़ के एक प्रतिष्ठित व्यापारी थे। रेलवे रोड पर उनकी कालरा स्पोर्ट्स के नाम से मुख्य दुकान है, जबकि दूसरी दुकान निरंजपुरी में है। बुधवार रात करीब सवा आठ बजे जब यह हादसा हुआ, तब उनका छोटा बेटा सुमित रेलवे रोड वाली दुकान पर था। वहीं, बड़ा बेटा हिमांशु अपनी छोटी बहन रीमा के साथ निरंजपुरी स्थित प्रतिष्ठान पर था। घर पर सिर्फ सुभाष चंद्र कालरा ही मौजूद थे। शॉर्ट सर्किट के बाद हुआ धमाका, अंदर नहीं पहुंच सके लोग रात लगभग 8:11 बजे मकान के बाहरी व आंतरिक हिस्से में बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट हुआ। इसी दौरान कमरे में चल रहे एसी ने भी आग पकड़ ली और उसका कंप्रेशर जोरदार धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। कंप्रेशर फटने से आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने घर से धुएं का गुबार और धमाके की आवाज सुनने के बाद उनके दोनों बेटों और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मकान के मुख्य हिस्से में आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय लोग अंदर दाखिल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे में बेहोश मिले कालरा दमकल कर्मियों ने जब कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, तब तक पूरे मकान में एसी की गैस और जलते सामान का जहरीला धुआं भर चुका था। बेटों के मौके पर पहुंचने के बाद जब घर के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया तो सुभाष चंद्र कालरा अंदर एक कमरे में डबल बेड और दरवाजे के सहारे बेहोश पड़े मिले। उन्हें तुरंत जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शॉर्ट सर्किट और धुएं से थमी सांसें मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम को रात 8:11 बजे आग की सूचना मिली थी। तत्काल पहले दो गाड़ियां और फिर स्थिति को देखते हुए तीसरी गाड़ी रवाना की गई। घर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी और धुआं अंदर फैल गया। आग लगने से घर के अंदर रखा लाखों रुपए का सामान जल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, एसी कंप्रेशर फटने और इन्वर्टर शॉर्ट सर्किट के दोनों बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। AC या शॉर्ट सर्किट होने पर बरतें सावधानी सीएफओ ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में थोड़ी सी सतर्कता बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। उन्होंने बताया कि घर के किसी भी हिस्से में शॉर्ट सर्किट या आग दिखने पर सबसे पहले पूरे घर की मुख्य बिजली सप्लाई (MCB) को बंद कर दें। एसी का कंप्रेशर फटने पर रेफ्रिजरेंट गैस लीक होती है, जो बेहद जहरीली और ज्वलनशील हो सकती है। ऐसा होने पर कमरे के भीतर रुकने की गलती न करें। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत खुले स्थान पर आएं। आग लगने या गैस लीक होने पर कभी भी खुद उपकरण को ठीक करने या पास जाने का जोखिम न उठाएं। स्थिति थोड़ी भी नियंत्रण से बाहर दिखे, तो बिना देरी किए तुरंत फायर ब्रिगेड (101) और स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
झज्जर में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित गायक मासूम शर्मा ने अपने गानों और बयानों को लेकर होने वाले विवादों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। दैनिक भास्कर डिजिटल टीम से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में कहा कि फसल कितनी भी अच्छी बो लो, उसके साथ खरपतवार पैदा हो ही जाती है। मासूम शर्मा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के साथ आलोचना और विरोध भी आता है। उनके गानों और बयानों को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब उन्हें प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति की अपनी राय होती है। कुछ लोग पसंद करते हैं तो कुछ लोग आलोचना करते हैं, लेकिन वह इन बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस रखते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में उनका ही काम कर रहे हैं। विरोध और चर्चाओं की वजह से उनके काम की पहुंच और ज्यादा लोगों तक बनती है। इसलिए वह विरोध करने वालों को लेकर कोई चिंता नहीं करते। मासूम शर्मा ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी ऑडियंस है। आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी जनता और श्रोताओं के प्यार की बदौलत हूं। मुझे लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है और वही मेरे लिए सर्वोपरि है।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बुधवार को इंटौजा क्षेत्र में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रतिमा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर नीरज सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान, वीरता और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। स्वाभिमान और साहस का दिया संदेश नीरज सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना जैसे आयोजन समाज को अपने गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों से जोड़ने का कार्य करते हैं। पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आयोजन समिति की ओर से राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं कुंवर दिग्विजय प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए आभार जताया।
गोमती के दो पुल बने ‘सुसाइड प्वाइंट’:पुलिस ने एलडीए से मांगी एंटी-सुसाइड जाली; एलडीए को लिखा पत्र
लखनऊ में गोमतीनगर क्षेत्र में गोमती नदी पर बने दो प्रमुख पुल लगातार आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के कारण चिंता का विषय बन गए हैं। हालात यह हैं कि इन पुलों से नदी में कूदने की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। अब पुलिस ने इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से दोनों पुलों पर एंटी-सुसाइड सेफ्टी फेंस, सीसीटीवी कैमरे और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। गोमतीनगर पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एलडीए को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल और समता मूलक चौराहा से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल आत्महत्या के प्रयासों के लिए संवेदनशील स्थान बनते जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली, निगरानी व्यवस्था और चेतावनी संकेतकों का अभाव है। पुलिस का कहना है कि मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानियों या अन्य कारणों से परेशान लोग इन पुलों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए चुन रहे हैं। हर घटना के बाद पुलिस को रेस्क्यू ऑपरेशन, शव की तलाश, पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरआर बंधा पुल पर पहले से पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली और अवरोधक लगे हैं, जिसके कारण वहां इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। इसी मॉडल को अपनाने की सिफारिश दोनों पुलों के लिए की गई है। पुलिस की संस्तुति के साथ एलडीए को भेजे गए पत्र में संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर जल्द सुरक्षा उपाय लागू कराने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन पुलों पर आरआर बंधा पुल जैसी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाती है तो आत्महत्या की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। पुलिस ने सुझाए ये उपाय पुलों के दोनों ओर ऊंची और मजबूत लोहे की एंटी-सुसाइड जाली लगाई जाए। उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। आत्महत्या रोकथाम और हेल्पलाइन संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
गोरखपुर में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में नामजद मुख्य आरोपी शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार करने के बाद गुलरिहा पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है। मंगलवार को दिल्ली में पकड़ी गई। उसके बाद बुधवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद कर दिया। वह पिछले चार महीने से फरार चल रही थी। पुलिस ने उसपर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। वहीं इस मामले दूसराआरोपी निलंबित लिपिक संजीव अभी भी फरार है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है। सर्विलांस की मदद से मिला लोकेशन जानकारी के मुताबिक शालिनी श्रीवास्तव पत्नी सौरभ कुमार सिन्हा मूल रूप से बलिया जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित आनंद नगर, बड़ी काली मंदिर की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन नई दिल्ली में मिली थी। इसके बाद गुलरिहा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम उन्हें लेकर गोरखपुर रवाना हुई और बुधवार सुबह यहां पहुंची। पत्नी ने FIR दर्ज कराई थी एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का लगा आरोप आरोप था कि दोनों ने शिक्षक को लगातार प्रताड़ित किया, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और मानसिक दबाव बनाया, जिससे आहत होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। तहरीर के आधार पर गुलरिहा थाने में सुसाइड के लिए उकसाने, धमकी देने, साक्ष्य मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। चार पन्नो का नोट लिख किया सुसाइड आरोप है कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को ऑफिस बुलाकर अपमानित भी किया गया था। इसके अगले दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली। जांच के दौरान कृष्णमोहन की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें शालिनी श्रीवास्तव और संजीव सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायालय से नहीं मिली राहत मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराने के साथ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा भगोड़ा घोषित करने और संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी थी। शालिनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण भी ली थी, लेकिन राहत नहीं मिल सकी।
निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 16 और 17 जून को विशेष अभियान चलाया। दो दिन तक चले इस अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 60 वाहनों के चालान किए गए, जबकि सात वाहनों को सीज किया गया। निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती अभियान के दौरान 20 ऐसे वाहन पकड़े गए, जिनका पंजीकरण निजी श्रेणी में था, लेकिन उनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इनमें से तीन वाहनों को निरुद्ध किया गया। परिवहन विभाग ने इन वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित पंजीयन अधिकारियों के माध्यम से इन्हें व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कराने की कार्रवाई करने की बात कही है। कर बकाया समेत अन्य मामलों में भी कार्रवाई विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष वाहनों के खिलाफ कर बकाया और अन्य परिवहन नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई। अभियान का उद्देश्य निजी वाहनों के अवैध व्यावसायिक संचालन पर रोक लगाना और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना था। प्रशिक्षु एआरटीओ ने भी सीखी प्रवर्तन प्रक्रिया अभियान में एआरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ आलोक कुमार यादव, पीटीओ हरदोई खेमानंद पांडेय, पीटीओ रायबरेली विक्रांत सिंह और पीटीओ सीतापुर आब्दीन अहमद शामिल रहे। अभियान की निगरानी आरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग प्रभात पांडेय और एआरटीओ (प्रवर्तन) मुख्यालय हिमांशु जैन ने की। इस दौरान 14 नव नियुक्त प्रशिक्षु एआरटीओ भी मौजूद रहे, जिन्हें निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग की पहचान, जांच और चालान प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से आईएमए हॉल में आयोजित बैठक में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान व्यापारियों और अधिकारियों को बताया गया कि वेदव्यासपुरी में बनने वाला यह ज्वेलरी पार्क मेरठ के सर्राफा कारोबार को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क मेरठ को सर्राफा कारोबार की पहचान और विरासत का प्रतीक बनाने की तैयारी है। मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि पार्क का डिजाइन आभूषण उद्योग की कला, संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फेडरेशन के अनुसार, ज्वेलरी पार्क का पूरा लेआउट ऊपर से देखने पर एक भव्य अंगूठी (रिंग) के आकार में नजर आएगा। यह डिजाइन व्यापार की मजबूती, एकता और शाश्वत संबंधों का प्रतीक होगा। वहीं पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार झुमकी के स्वरूप में बनाया जाएगा, जो मेरठ की ज्वेलरी कारीगरी और पहचान को दर्शाएगा। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और यह प्रोजेक्ट मेरठ को देश-दुनिया के ज्वेलरी मानचित्र पर नई पहचान देगा। वहीं मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता ने इसे भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि जल्द डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि पार्क में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कारीगरों, व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और शोरूम संचालकों के लिए एक ही जगह में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है। प्रोजेक्ट को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ऊर्जा बचाने वाले ग्लास और जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों के सवालों के जवाब में प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए यूनिट की कीमत करीब ₹5 हजार प्रति वर्गफीट से शुरू होगी, जबकि प्रीमियम स्पेस की कीमत ₹20 हजार प्रति वर्गफीट तक रहेगी। मॉड्यूलर डिजाइन के कारण जरूरत के अनुसार यूनिट का आकार बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। कारीगरों के आवास के बारे में एमडीए सचिव ने बताया कि परियोजना के आसपास एमआईजी हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विस्तार से जवाब दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में सर्राफा कारोबार से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। फेडरेशन के पदाधिकारियों का मानना है कि ज्वेलरी पार्क भविष्य में मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का बहुप्रतीक्षित भूमि पूजन 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह कॉरिडोर विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है जिससे लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज स्थित सागर गार्डन पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तृत भ्रमण कर विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंच, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं और कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों एवं आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सिलावट और कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें क्या होगा फायदा? दो साल में होगा पूरा निर्माण एजेंसी को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए लगभग 24 महीने का समय दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 से पहले पूरी तरह तैयार हो जाए। इसलिए है महत्वपूर्ण यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि इंदौर-उज्जैन धार्मिक, आर्थिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर, इंदौर एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली यह परियोजना मालवा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ग्वालियर के जखारा-बिलारा मार्ग पर बुधवार रात को एक दुर्घटना सामने आई है। यहां प्रसिद्ध 'नहर वाली माता' के भंडारे से प्रसाद ग्रहण कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में लगभग 19 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बच्चे शामिल हैं। चार घायलों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया है। इस दौरान जिला अस्पताल में मरीजों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिलीं थी। सूचना मिलते ही बिजौली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। भंडारे में गया था पूरा गांव बिजौली थाना पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुए सभी लोग एक ही कुनबे और गांव के रहने वाले हैं। बिजौली क्षेत्र के टोरियन का पुरा निवासी जाटव परिवार के लोग पास के ही एक गांव में स्थित 'नहर वाली माता' के मंदिर पर आयोजित विशाल भंडारे में शामिल होने गए थे। बुधवार रात को भंडारे से प्रसादी खाकर जब सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर खुशी-खुशी अपने घर लौट रहे थे, तभी जखारा-बिलारा मार्ग पर बिलारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर के चालक ने वाहन पर से अचानक नियंत्रण खो दिया। रफ्तार अधिक होने के कारण ट्रॉली लहराई और सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली पलटते ही चीख-पुकार मच गई और कई लोग भारी लोहे की ट्रॉली के नीचे दब गए। पुलिस ने संभाला मोर्चा, अस्पताल पहुंचे अफसर हादसे के बाद राहगीरों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही बिजौली थाना पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से तत्परता दिखाते हुए ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला और बिना वक्त गंवाए 108 एम्बुलेंस तथा पुलिस वाहनों के जरिए सभी 19 घायलों को तुरंत ग्वालियर के जिला अस्पताल और जेएएच (JAH) के ट्रॉमा सेंटर रवाना किया। हादसे में ये 19 श्रद्धालु हुए घायल इस दुर्घटना में टोरियन का पुरा निवासी राजाबेटी पत्नी टीकाराम, रामबेटी पत्नी नाथूराम, प्रीति पत्नी योगेश, रामश्री पत्नी रामजीलाल, कृष्णा पत्नी जमुना, रेखा पत्नी राकेश, अनार देवी पत्नी पूरन सिंह, मंजेश पुत्री पूरन सिंह जाटव, काजल पुत्री राजवीर सिंह, प्रियांशी पुत्री जितेंद्र, कृतिका पुत्री जमुना और अनुष्का पुत्री चेतराम। राजू पुत्र जितेंद्र सिंह, अमन पुत्र जितेंद्र, कार्तिक पुत्र जमुना, देव जाटव पुत्र चेतराम, कपिल पुत्र रवि जाटव, रामगोपाल पुत्र हुकुम सिंह और दिव्यम पुत्र रवि जाटव। अधिकारियों ने जाना हाल हादसे के बाद बेहट एसडीओपी मनीष यादव और मुरार थाना पुलिस की टीम भी तत्काल अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने डॉक्टरों से चर्चा कर घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से करीब 19 लोग घायल हुए हैं। हादसे की खबर मिलते ही बिजौली पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सूझबूझ से सभी को रेस्क्यू कर समय पर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका समुचित उपचार किया जा रहा है। लापरवाही से वाहन चलाने को लेकर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को सुबह 11:30 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, सरोज कुरील, नीलिमा कटियार समेत भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, दक्षिण अध्यक्ष शिवराम सिंह और ग्रामीण जिलाध्यक्ष उपेंद्र पासवान भी मौजूद रहे। सर्किट हाउस में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।दोपहर 12:45 बजे उपमुख्यमंत्री बृजेंद्र स्वरूप पार्क पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विकास योजनाओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने 15 से अधिक स्टॉलों का निरीक्षण कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शनी में रहने के बाद वह बर्रा स्थित भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के आवास के लिए रवाना हो गए। मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईंमीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने जितनी प्रगति की है, उतनी कांग्रेस अपने 120 साल के राजनीतिक इतिहास में नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कृषि, बुनियादी ढांचे, रक्षा, तकनीक और गरीब कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाना सरकार की बड़ी उपलब्धियां हैं।कानपुर के विकास का किया जिक्रउपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद कानपुर में तेजी से विकास हुआ है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। हालांकि अभी विकास की यात्रा जारी है और आने वाले समय में शहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।सपा और विपक्ष पर हमलासमाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दल समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।राम मंदिर और महिला आरक्षण पर बोलेरामलला जन्मभूमि से जुड़े मामलों पर मौर्य ने कहा कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं महिला आरक्षण और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संकल्पों पर कायम है और देशहित में फैसले ले रही है। डिप्टी सीएम केशव बोले- केशव प्रसाद ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि हिन्दू समाज कभी किसी को सताता नही है, जिस तरह से सपा के सांसद या नेता जो जहर उगल रहें है। इसका जवाब जनता 2027 में सपा का सूपडा साफ करके जवाब देगी। इनको अहसास हो जायेगा कि हिन्दू समाज प्रति जिस तरह से बयान दिया जा रहें है। उसको लेकर फिर ये माफी मांगते फिरेंगे। केशव से जब सवाल किया गया कि अखिलेश सवाल उठाया कि राम मन्दिर मामले में जांच के लिए एसआईटी तो बन गई लेकिन उनकी जांच कौन करेगा। इसपर केशव ने कहा कि इसमें जांच जारी है, भगवान श्री राम मंदिर से आस्था जुडी है। सब अच्छा काम चल रहा है, जिन लोगो ने भी गडबड की होगी, उसकी जांच की जा रही है। भगवान हनुमान जी महाराज का गदा उनपर चलेगा। मौर्य से बीजेपी में उथल पुथल का सवाल किया गया तो डिप्टी सीएम केशव ने कहा कि बीजेपी में कोई उथल पुथल नहीं है। टीमसी का तो यही हस्र होना था। आगे सपा का भी 2027 में ऐसा ही हस्र होगा। जो महाराष्ट्र में हो रहा उसकी विशेष जानकारी नहीं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रबुद्द सम्मेलन कार्यक्रम में मीडिया संवाद के दौरान कहा कि रामलला मंदिर मामले पर पूछे गए सवाल पर कहा कि राम मंदिर के दान पात्र चढावे को लेकर जो शिकायत है उसकी जांच की जा रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि भगवान श्री राम के चढावे का पैसा चाहे जिसने खाया होगा उसका सुख नहीं भोग सकता। जांच के बाद जो दोषी होगा उससे रिकवर किया जायेगा। हनुमान जी महाराज राम जी के भक्त है, वो सब ठीक करेंगे। एफआईआर के सवाल पर केशव बोले कि अभी जांच चल रही है। अगर एफआईआर की जरूरत होगी तब होगी, अभी तो जांच जारी है। अखिलेश यादव पर कहा कि अखिलेश ब्राहम्ण सम्मेलन करें या ठाकुर सम्मेला उनका कुछ नहीं होने वाला है। सपा सैफई जा रही है, और बीजेपी लखनऊ में है सत्ता में है सत्ता में रहेगी। कोई भी पार्टी टूट रही है जो वो भ्रष्टाचार करेगी, परिवारवाद करेगी उसका येही होना है। कोई भी भाजपा में नहीं आया है। सपा में तो अभी भी 25 से 25 सांसद टूटने को तैयार हैं, लेकिन हम लोग तोड़ ही नहीं रहें हैं। राम मंदिर एक आस्था का विषय है, वहां आज भी उतने ही भक्त जा रहें है जैसे पहले पहुंच रहे थे। तो इसको चर्चा का विषय नहीं बनाना चाहिए, जांच चल रही है।
छह महीने बाद फिर लगी डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा:ग्रीन कॉरिडोर निर्माण में हटाई गई थी:
लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर निर्माण के दौरान निशातगंज स्थित स्मृति चौक से हटाई गई पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी स्वर्गीय डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा करीब छह महीने बाद दोबारा स्थापित कर दी गई है। प्रतिमा को लेकर उठ रहे सवालों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसे पुनः उसी स्थान पर लगवा दिया। जानकारी के अनुसार, गोमती नदी पर स्थित निशातगंज पुल के एक छोर पर बने स्मृति चौक पर करीब तीन दशक पहले डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत चौराहे के पुनर्निर्माण के दौरान लगभग छह महीने पहले प्रतिमा को हटाया गया था। उस समय अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नया चौराहा बनने के बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। मार्च में ग्रीन कॉरिडोर और नव विकसित चौराहे का लोकार्पण भी हो गया, लेकिन प्रतिमा नहीं लगाए जाने से स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई थी। इस बीच विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की मांग उठाई गई। प्रदेश महिला कांग्रेस की मध्य जोन अध्यक्ष एवं कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव एवं पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि चौराहे का निर्माण पूरा होने और लोकार्पण के बाद भी प्रतिमा न लगना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने एलडीए से तत्काल प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की मांग की थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद एलडीए ने निशातगंज स्थित स्मृति चौक पर डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा दोबारा स्थापित करा दी। प्रतिमा लगने के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों ने संतोष जताया है। अब स्मृति चौक एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप में नजर आने लगा है।
मेरठ के 28 यात्रियों से भरी ट्रैवलर खाई में गिरी:2 की मौत, 24 घायल; सभी नैनीताल से लौट रहे थे
मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र के एक परिवार की नैनीताल यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। बुधवार को नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी क्षेत्र के पास 28 लोगों से भरी टेंपो ट्रैवलर सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक ताला फैक्ट्री निवासी अनीस अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ तीन-चार दिन पहले नैनीताल घूमने गए थे। बुधवार को सभी लोग मेरठ वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी रास्ते में एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और टेंपो ट्रैवलर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक वाहन में कुल 28 लोग सवार थे। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। पहाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित होने की आशंका कालाढूंगी कोतवाली के प्रभारी अरुण कुमार सैनी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पहाड़ी मोड़ पर वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है। मेरठ में पसरा मातमहादसे की सूचना मिलते ही मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन रातों-रात हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी हुई है और सभी घायल रिश्तेदारों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें राममंदिर कर्मचारी टिन्नू की पत्नी बोली- बदनाम किया जा रहा:SIT तीसरे दिन जांच के लिए पहुंची, BJP नेता बोले- बिना आग धुआं नहीं उठता अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बाद उनकी पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने कहा- 50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। हमें बदनाम किया जा रहा है। यह पति को फंसाने की साजिश है। अगर कोई सबूत है तो दिखाएं। पूरी खबर पढ़ें
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) साकेत में बुधवार को आयोजित मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मेले में प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विभिन्न निजी कंपनियों और संस्थानों ने अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेकर चयन प्रक्रिया पूरी की। हालांकि रोजगार के अवसर मिलने के बावजूद कई युवाओं ने वेतन को लेकर निराशा नज़र आई । मेले में पहुंचे अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि ज़्यादातर कंपनियां 12 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर भर्ती कर रही हैं, जो वर्तमान महंगाई के दौर में काफी नहीं है। एक अभ्यर्थी ने कहा कि रोजगार मेला अच्छी पहल है और यहां काफी संख्या में कंपनियां आई हैं, लेकिन वेतन बहुत कम है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि युवाओं की बेसिक सैलरी कम से कम 20 से 25 हजार रुपये होनी चाहिए ताकि वे अपने खर्च पूरे कर सकें। एक अन्य युवक ने कहा कि उसे सरकार की रोजगार योजना पसंद आई, लेकिन उपलब्ध नौकरियां उसकी योग्यता और क्षेत्र से मेल नहीं खातीं। युवक ने खुद को प्रमाणित सेल्फ डिफेंस इंस्ट्रक्टर बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के लिए भी अवसर होने चाहिए जो प्रशिक्षण, खेल और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। रोजगार मेले में पूरे मंडल से आए युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। अभ्यर्थियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर सैलरी और स्किल्स आधारित पदों की संख्या बढ़ाने की भी मांग उठाई।
हापुड़ शहर के अशोक नगर मोहल्ले में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा मारपीट और धमकी दिए जाने से आहत होकर युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अशोक नगर स्थित डॉक्टर गंगा राघव वाली गली निवासी जॉनी कुमार (30) के रूप में हुई है। वह धौलाना रोड स्थित सालासर फैक्टरी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी ज्योति, तीन बेटियां और एक बेटा हैं। मृतक के बड़े भाई रिंकू कुमार के अनुसार, जॉनी ने एक ठेकेदार से 20 हजार रुपये अग्रिम लिए थे। आरोप है कि बुधवार सुबह ठेकेदार अपने चार साथियों के साथ जॉनी के घर पहुंचा और एक हजार रुपये वापस न करने को लेकर उससे मारपीट की। साथ ही रुपये की वसूली को लेकर धमकियां भी दी गईं। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान जॉनी की पत्नी ज्योति ने ठेकेदार से कुछ समय देने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद दबाव बनाया गया। घटना के बाद जॉनी मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था। आरोप है कि बुधवार रात जॉनी ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मेरठ में दरोगा और हेडकांस्टेबल ने मिलकर लूट के आरोपी को बिना कार्यवाही किए 3 हजार रुपए की रिश्वत लेकर थाने से छोड़ दिया। आरोपी की मां ने इसकी शिकायत सीनियर ऑफिसर से कर दी। तो पूरे मामले की जांच हुई और मामला खुला। इसके बाद रिश्वत लेने वाले आरोपी दरोगा और हेडकांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। ये है पूरी घटनानौचंदी थानाक्षेत्र में लूट के मामले में रिहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। मकबरा घोसियान निवासी रिहान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश था। नौचंदी थाने के दरोगा ने केसरगंज चौकी पर आरोपी को रखा और रिश्वत लेकर छोड़ दिया। लूट के आरोपी रिहान को हिरासत में लेने के बाद दरोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने तीन हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ दिया। आरोपी की मां रिहाना ने इसकी शिकायत थाने में की तो फुटेज से आरोपी को हिरासत में लेकर केसरगंज चौकी में रखने की पुष्टि हुई। इसके बाद दरोगा और सिपाही पर भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी रिहान के साथ दरोगा और सिपाही को तलाश रही है। 2023 में हुआ था मुकदमारेलवे रोड थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी में थाना प्रभारी विजय कुमार ने कहा है कि न्यायालय ने वर्ष 2023 में नौचंदी थाने में दर्ज किए गए लूट के मामले में एक जून को आरोपी रिहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। मकबरा घोसियान निवासी रिहान को 17 जून तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश था।आरोपी की मां ने पुलिस को बताया सचनौचंदी थाना प्रभारी निरीक्षक ने चार जून को थाने पर तैनात दरोगा अनूप कुमार को वारंट तामील करने का कार्य सौंपा था। दरोगा अनूप कुमार ने रेलवे रोड थाने के हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ मिलकर रिहान की तलाश शुरू की। 12 जून को दोपहर 3:30 बजे दोनों ने रिहान को गिरफ्तार कर लिया। वे रिहान को केसरगंज चौकी पर ले आए। उन्होंने चौकी प्रभारी या अन्य उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी। थाने के अभिलेखों में भी आरोपी को हिरासत में लेने की जानकारी नहीं दी।बाइक पर आरोपी को ले जाते दिखे पुलिसकर्मीरिहान की मां रिहाना ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे तीन हजार रुपये की रिश्वत ली। रिश्वत लेने के बाद उन्होंने रिहान को केसरगंज पुलिस चौकी से छोड़ दिया। इस आरोप की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। फुटेज में अनूप कुमार और दिनेश कुमार रिहान को लाल रंग की मोटरसाइकिल पर ले जाते दिखे। कार्रवाई की जानकारी होने पर दोनों पुलिसकर्मी भाग गए।पुलिस का ये कहना है एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि 12 जून को नौचंदी थाने के एक मामले में आरोपी रिहान जो रेलवे रोड थाने का रहने वाला है उसके संबंध में एनबीडब्लू प्राप्त हुआ था। इस मामले में उपनिरीक्षक अनूप कुमार ने केसरंगज चौकी के हेडकांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ मिलकर रिहान की अरेस्टिंग की लेकिन बिना एक्शन के आरोपी को मौके से ही छोड़ दिया गया। सीनियर ऑफिसर को नहीं बताया न ही कार्यवाही की गई, थानाध्यक्ष रेलवे रोड की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है।
लखनऊ में मदरसे के कमरे में लगी आग:फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू, शार्ट सर्किट से हुई घटना
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित चांदगंज इलाके में बुधवार शाम एक मदरसे के कमरे में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दिया। कमरे में रखा सामान आग की चपेट में आया फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि कमरे में रखा कुछ सामान आग की चपेट में आकर राख हो गया। आग शार्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र की दुबौला चौकी अंतर्गत भरवालिया गांव में सिपाही और युवक के बीच हाथापाई का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी और युवक के बीच मारपीट होती दिख रही है। गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद युवक ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया था। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद मामला सुलझने के बजाय विवाद और बढ़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक नशे की हालत में था और उसने पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में हाथापाई होने लगी। घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में पुलिसकर्मी भी युवक के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, जिसके बाद मामला किसी तरह नियंत्रित हो सका। फिलहाल, इस घटना को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक ने तीन वर्षीय मासूम को उसकी गोद से छीनकर बेरहमी से पटककर घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी के व्यवहार को लेकर अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। घटना मंगलवार शाम शकूरनगर इलाके में हुई। तीन वर्षीय बच्चा अपने चाचा के साथ घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान रिहान नामक युवक अचानक वहां पहुंचा और बच्चे को गोद से छीनकर भागने लगा। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने आरोपी का पीछा करना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछा होते देख आरोपी बच्चे को लेकर पास स्थित एक मस्जिद में घुस गया। वहां उसने मासूम को जमीन और सीढ़ियों पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को आरोपी के कब्जे से सुरक्षित छुड़ाकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। घटना के बाद बच्चे के दादा दिलशाद सैफी की तहरीर पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रिहान को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में उसके व्यवहार और बच्चों के प्रति असामान्य आक्रोश जैसी बातें सामने आई हैं। बुधवार को आरोपी रिहान को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपी के मानसिक व व्यवहारिक पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि परिवार के लोग अब भी इस वारदात से सदमे में हैं।
महिला कांस्टेबल ने लगाए फर्जी डॉक्यूमेंट्स:ड्यूटी से गैरहाजिर थी, जांच में खुला मामला; मुकदमा दर्ज
मेरठ में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल द्वारा फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर छुट्टी लेने का मामला सामने आया है। कांस्टेबल के ऊपर सिविल लाइन थाने में मुकदमा लिखा गया है। वहीं अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। दरअसल आरिफा नामक महिला कांस्टेबल अचानक ड्यूटी से गैरहाजिर हो गई। जब सीनियर्स ने उससे अचानक अपसेंट होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वो बीमार है। इसलिए अचानक अवकाश लेना पड़ा। कांस्टेबल से उसकी बीमारी के प्रमाण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट और डॉक्यूमेंट्स मांगे गए। जिसके एवज में कांस्टेबल ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाकर सबमिट कर दिए। जब उक्त दस्तावेजों की जांच हुई तो वो सभी फर्जी निकले। जिसके चलते महिला कांस्टेबल आरिफा के खिलाफ एक्शन हुआ है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा हुआ है और अग्रिम एक्शन किया जा रहा है।
मेरठ में पार्किंग शुल्क विवाद:विरोध करने पर युवक से मारपीट का आरोप
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित मिमहंस अस्पताल मार्ग पर मंगलवार रात पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि पार्किंग वसूली का विरोध करने पर एक स्कूटी सवार युवक के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक युवक अपने परिचित के साथ अस्पताल पहुंचा था। वहां मौजूद पार्किंग कर्मियों ने वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क मांगा। युवक ने शुल्क की राशि और वसूली प्रक्रिया पर सवाल उठाया, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बहस के दौरान पार्किंग से जुड़े एक व्यक्ति को फोन कर बुलाया गया। वह कुछ ही देर में अपने कई साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। युवक का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट भी हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मिमहंस अस्पताल मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठे हैं। लोगों का आरोप है कि पार्किंग के नाम पर मनमाने ढंग से वसूली की जाती है। इसके अतिरिक्त, होटल और रेस्टोरेंट के आसपास देर रात तक अराजक गतिविधियों और खुलेआम शराब सेवन की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से मेडिकल थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मेडिकल थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि मारपीट के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
रामपुर में मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर स्वार कोतवाली क्षेत्र के मसवासी चोहद्दा जंगल में तेंदुआ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक कार चालक द्वारा बनाया गया तेंदुए का वीडियो सामने आया है। इसके बाद वन विभाग भी सतर्क हो गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक कार चालक मसवासी चोहद्दा जंगल क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे मौजूद एक तेंदुए पर पड़ी। चालक ने तत्काल वाहन रोककर अपने मोबाइल फोन से तेंदुए का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों में भय का माहौल वीडियो सामने आने के बाद आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान, पशुपालक और जंगल से चारा लेने जाने वाले लोग अब विशेष सावधानी बरत रहे हैं। कई ग्रामीण समूह बनाकर खेतों और जंगल की ओर जा रहे हैं ताकि किसी संभावित खतरे की स्थिति में एक-दूसरे की सहायता कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले कभी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना नहीं मिली थी। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ गई है। एहतियात के तौर पर बच्चों और महिलाओं को अकेले खेतों तथा जंगल की ओर जाने से रोका जा रहा है। मामले को लेकर वन विभाग ने भी सक्रियता दिखाई है। विभाग के एसडीओ ने वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम जल्द ही मौके का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए संबंधित क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना है। फिलहाल ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेंदुआ दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर बुधवार रात करीब 9:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शेरनगर गांव के पास जानसठ रोड ओवरब्रिज से पहले हरिद्वार की ओर से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल चालक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे घायल चालक को बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। चिकित्सकों के अनुसार चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक हादसे में घायल व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। कार से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान कर परिजनों को सूचित किया जाएगा। फिलहाल उसे उपचार के लिए जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे की वजह हो सकती है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
टोंक शहर की मुख्य सब्जी मंडी में सब्जी खरीदकर 500 और 200 के एक दर्जन से ज्यादा नकली नोट थमाने का मामला सामने आया है। सूचना पर पुरानी टोंक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नकली नोट बरामद कर जांच शुरू कर दी। भीमसेना के जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने बताया कि आज सब्जी मंडी में गया तो महिला सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि मंगलवार को अज्ञात बदमाशों ने 50 रुपए की सब्जी खरीदी और उसके बदले 500 का नकली नोट दे दिया। फिर उसे महिलाओं ने 450 रुपए वापस दे दिए। ठगी का खुलासा तब हुआ, जब आज सुबह सभी विक्रेता थोक व्यापारियों को बकाया भुगतान करने पहुंचे। व्यापारियों ने नोटों को नकली बताते हुए लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी पीड़ित विक्रेता पुरानी टोंक थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नकली नोट जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सब्जी विक्रेता शांति, कैलाश, करीम कुजड़ा, नाथी, रुक्मणी, गलखु सीता, हीरा सैनी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि अधिकांश विक्रेता महिलाएं हैं, जिन्हें असली-नकली नोट की पहचान नहीं है। इस कारण वे आसानी से ठगी का शिकार हो गईं। भीमसेना जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने सब्जी मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रशासन से मांग की है।
बस्ती जिले में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक घटना हुई। गौर थाने में ग्राम प्रहरी (चौकीदार) के पद पर तैनात बाबूलाल के 25 वर्षीय बेटे रंजीत सोनकर ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। यह घटना टिनिच रेलवे स्टेशन के पूर्वी समपार फाटक के पास हुई, जहां रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, गौर थाना क्षेत्र के तरैनी गांव निवासी रंजीत सोनकर बुधवार को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव स्थित अपनी बहन के घर गया था। वहां से लौटने के बाद वह टिनिच रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से ठीक पहले रंजीत मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता बाबूलाल ने शव की पहचान करने के बाद बताया कि रंजीत पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद और कलह के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उनका कहना है कि इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। आरपीएफ इंस्पेक्टर मिर्जा राशिद बेग ने बताया कि टिनिच रेलवे स्टेशन के पूर्वी समपार फाटक के पास एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
अगर आप 19 जून को ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं तो पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। उत्तर रेलवे ने मुजफ्फरनगर और देवबंद रेलवे स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर-61 पर मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए 15 घंटे 25 मिनट का मेगा ब्लॉक घोषित किया है। इस दौरान कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। रेलवे के अनुसार 19 जून सुबह 11:10 बजे से 20 जून तड़के 2:35 बजे तक मुज़फ़्फ़रनगर-देवबंद के बीच डाउन लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। इस दौरान पुराने स्टील गर्डर हटाकर नए पीएससी स्लैब लगाए जाएंगे। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी (12017/12018) जालंधर-दिल्ली एक्सप्रेस (14681/14682) सहारनपुर-दिल्ली वंदे भारत (20411/20412) गाजियाबाद-मेरठ मेमू (64555/64556) इन ट्रेनों का बदलेगा रूट हरिद्वार-दिल्ली, कालका-दिल्ली, हरिद्वार-बांद्रा, हरिद्वार-एलटीटी, योग नगरी ऋषिकेश-साबरमती, चंडीगढ़-मदुरै समेत 8 ट्रेनों को मेरठ, खुर्जा, मथुरा, आगरा या शामली-नोली मार्ग से चलाया जाएगा। इससे इन ट्रेनों के यात्रा समय में भी बदलाव संभव है। इसके अलावा अमृतसर-बांद्रा एक्सप्रेस को मेरठ स्टेशन पर 25 मिनट तक रोका जाएगा। रेलवे का कहना है कि इस ब्लॉक का असर मालगाड़ियों पर भी पड़ेगा और करीब 6 से 8 मालगाड़ियां प्रभावित होंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस ऑनलाइन या रेलवे हेल्पलाइन से जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
राजसमंद के हल्दीघाटी स्थित अरण्य बाग में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर खमनोर स्थित रक्ततलाई से अरण्य बाग तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल के युवाओं ने महाराणा प्रताप, झाला मान, भीलू राणा, भामाशाह और हकीम खां सूरी सहित मेवाड़ के वीर योद्धाओं की वेशभूषा धारण कर भाग लिया। युवाओं के जोश और ऐतिहासिक पात्रों के स्वरूप ने वातावरण को वीरता और गौरव से भर दिया। अरण्य बाग पहुंचने के बाद महाराणा प्रताप जयंती समारोह का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इतिहासकार डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, स्वाभिमान, देशभक्ति और त्यागपूर्ण जीवन के बारे में बताया। इस अवसर पर चेतक की स्मृति में अश्व प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अश्व पालकों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय मेले में विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मेले का समापन 19 जून को होगा।
जशपुरनगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग के प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने उन्हें उनके मधुबन टोली स्थित आवास से उस समय पकड़ा, जब वे शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार कर रहे थे। यह रिश्वत मनरेगा कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के नाम पर मांगी जा रही थी। अब जानिए पूरा मामला यह पूरा मामला मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कपरोल का है। यहां के पूर्व उप सरपंच रीतूराम यादव ने एसीबी से शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनके कार्यकाल में 2022-23 के दौरान मनरेगा योजना के तहत गेबियन संरचना का निर्माण कराया गया था। काम पूरा होने के बाद भी उसका मूल्यांकन और भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। शिकायत के अनुसार, निर्माण कार्य के मूल्यांकन के लिए प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर ने शुरुआत में 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न मिलने पर उन्होंने लगभग छह महीने तक मूल्यांकन प्रक्रिया को जानबूझकर रोके रखा। जब शिकायतकर्ता ने दोबारा संपर्क किया, तो रिश्वत की मांग कथित तौर पर घटाकर 50 हजार रुपए कर दी गई। पूर्व उप सरपंच ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन कराने के लिए उन्हें 50 हजार रुपए देने पड़े। इसके बाद मूल्यांकन तो हो गया, लेकिन भुगतान के लिए आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया फिर अटक गई। आरोप है कि सत्यापन और भुगतान जारी करने के नाम पर प्रभारी एसडीओ ने दोबारा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगना शुरू कर दिया। बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता रीतूराम यादव ने इस बार एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी गिरफ्तारी हुई। जानकारी के मुताबिक, पहले से तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया था। जैसे ही आरोपी प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर ने अपने मधुबन टोली स्थित आवास पर रिश्वत की रकम ली, पहले से तैयार एसीबी टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। एसीबी अधिकारियों ने आरोपी संजय दिवाकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। एसीबी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रिश्वतखोरी के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत सेखाला ग्राम पंचायत के धोकलसर गांव में वैज्ञानिक–किसान संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में गांव के लगभग 40 कृषकों सहित काजरी के वैज्ञानिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. एच.एस. जाट ने किसानों को जलवायु परिवर्तन एवं बढ़ते सूखे की चुनौतियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता एवं उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, टिकाऊ भूमि एवं जल प्रबंधन तथा संसाधन संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया। काजरी के वैज्ञानिकों ने संस्थान द्वारा मृदा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों तथा विकसित तकनीकों की जानकारी साझा की। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने तथा उसके आधार पर संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने हेतु प्रेरित किया गया, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता को भी बनाए रखा जा सके। फसलों के नुकसान की दी जानकारी संगोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को सुअरों एवं चूहों जैसे हानिकारक जीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान तथा उनकी रोकथाम के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, काजरी द्वारा विकसित मोठ की उन्नत एवं अधिक उत्पादन क्षमता वाली नवीन किस्मों के बारे में जानकारी देते हुए क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसल चयन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु उन्नत किस्मों एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बिस्सा की 84 वीं पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि और गोष्ठी 19 को मारवाड स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान देने वाले जननायक अमर शहीद बाल मुकुन्द बिस्सा की 84वीं पुण्य तिथि शुक्रवार 9.00 बजे से जालोरीगेट स्थित बिस्सा सर्किल पर पुष्पांलजि अर्पित करते हुए श्रद्धा व सेवा दिवस के रूप में मनाई जाएगी। अमर शहीद बाल मुकुन्द बिस्सा स्मृति संस्था के गोल्डी बिस्सा व सुरेश बिस्सा ने बताया कि कल शुक्रवार को शहर विधायक अतुल भंसाली के मुख्य आतिथ्य व भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा, पार्षद सुनिल व्यास, राकेश कल्ला, सुरेश जोशी छोटसा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जगतनारायण जोशी (मन्नु), लक्ष्मीनारायण सोलंकी, राजेंद्र बोराणा, अनिल जोशी के विशिष्ठ आतिथ्य में जालोरीगेट स्थित बिस्सा सर्किल पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम होगा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास सत्रों में नियमित योगाभ्यास जारी वर्तमान जीवनशैली में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। अबकी बार : स्वस्थ आयु के लिए योग की थीम के साथ 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिले में आयोजित पूर्वाभ्यास सत्रों में बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से योगाभ्यास कर रहे हैं। आयुर्वेद विभाग जोधपुर की उपनिदेशक एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजू नागर ने बताया कि 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास सत्रों के अंतर्गत सम्राट अशोक उद्यान, मंडोर उद्यान, राजकीय आयुर्वेद नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर पुंजला और मंडलो में जिला प्रशासन एवं आयुर्वेद विभाग के तत्वावधान में प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत 47 दिनों से कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योग क्रियाओं एवं आसनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। योगाभ्यास सत्र में आयुर्वेद विभाग की ओर से डॉ. सुशीला चौधरी, डॉ. जोगेन्द्र राव, डॉ. मुकेश प्रजापत, वरिष्ठ कम्पाउंडर अब्दुल सलाम चिश्ती, सुरेन्द्र प्रजापत, सलीम सुल्तान, मदन सिंह राजपुरोहित (एएओ), किशन शर्मा (एस.ए.) एवं ईश्वर वैष्णव (जे.ए.) सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। क्षेत्रीय स्तर की डाक अदालत का आयोजन 25 को भारतीय डाक विभाग के पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में स्थित जोधपुर, सिरोही, पाली मारवाड़, जैसलमेर, नागौर, बाड़मेर, जालौर, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बालोतरा,फलोदी, डीडवाना, कुचामन, जिलों में डाक सेवाओं के उपभोक्ताओं के लिए क्षेत्रीय स्तर की डाक अदालत का आयोजन कार्यालय पोस्टमास्टर जनरल राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर में 25 जून, 2026 को 11.00 बजे किया जायेगा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण 19 को रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) शुरू की है। इसे पूर्व में एम्प्लॉयमेन्ट लिंक्ड इंसेटिव (ELI) योजना के रूप में जाना जाता था, जिसमें मेन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना के तहत, पहली बार नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन या अधिकतम 15,000 रुपये तक की राशि दो किस्तों में मिलेगी, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए दो साल तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, और मेन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र के लिए यह लाभ दो और वर्षों के लिए विस्तारित किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, जोधपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त 1, डॉ अजय सिंह चौधरी ने बताया कि इस योजना के सफल कार्यान्वयन के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री श नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में 19 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर का पीएमवीबीआरवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि का वितरण किया जाएगा, साथ ही, देश भर में लगभग 200 स्थानों पर विशेष रूप से प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में, क्षेत्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में मंगलवार रात हुई चाकूबाजी की घटना में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल डंडे और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में तीन नाबालिगों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि यदि उनकी शिकायत पर शाम को ही कार्रवाई की जाती, तो रात में हुई यह वारदात रोकी जा सकती थी। पुलिस के अनुसार, बाम्बे आवास घासीदास नगर, जामुल निवासी रूखमणी मारकण्डेय की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया कि 16 जून की रात करीब आठ बजे पुराने विवाद और आपसी रंजिश के चलते मोहल्ले के हर्ष साहू उर्फ अंशु, दिनेश साहू उर्फ दीनू, विजय यादव उर्फ करण यादव, परिचय उर्फ गुलशन यादव, मोहम्मद आसिफ और उनके साथियों ने संतु मारकण्डेय, सतीश मारकण्डेय और दीपक साहू पर डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जामुल पुलिस सक्रिय हो गई और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुरानी रंजिश के कारण हमला करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद दो दिन पहले घासीदास नगर में हुई एक स्कूटी में आग लगाने की घटना से शुरू हुआ था। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसी घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी पक्ष ने बदले की भावना से दोबारा विवाद शुरू किया, जिसके बाद यह मामला हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित परिवार का आरोप- शाम छह बजे थाने पहुंचे थे घायल पक्ष का दावा है कि घटना से पहले ही हालात बिगड़ने लगे थे। परिवार के सदस्य शाम करीब छह बजे शिकायत लेकर जामुल थाने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उस समय उनके साथ हुई मारपीट और विवाद की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। न तो मामला दर्ज किया गया और न ही मौके पर पुलिस भेजी गई। परिवार का कहना है कि यदि उसी समय पुलिस हस्तक्षेप कर देती तो रात में हुए हमले को रोका जा सकता था। लेकिन कथित लापरवाही के कारण आरोपी पक्ष दोबारा बड़ी संख्या में पहुंचा और जानलेवा हमला कर दिया। गर्भवती महिला के साथ मारपीट का भी आरोप पीड़ित परिवार की महिला अमर बाई ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान उनकी तीन माह की गर्भवती बेटी आरती साहू के पेट में भी लात मारी गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और रक्तस्राव शुरू हो गया। परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं और उनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। अमर बाई का कहना है कि वह पहले भी कई बार थाने पहुंचकर शिकायत कर चुकी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले स्कूटी जलाने की घटना हुई, फिर विवाद बढ़ता गया, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए पूरे परिवार को निशाना बनाया। एफआईआर में देरी को लेकर भी उठे सवाल पीड़ित परिवार का आरोप है कि रात में गंभीर घटना होने के बावजूद देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से तत्परता दिखाई जाती तो तीन लोगों को चाकू नहीं लगते और पूरा परिवार इस भयावह स्थिति से बच सकता था। घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला जामुल थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 417/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक डंडा और एक धारदार हथियार भी जब्त किया है।
कोंडागांव जिले के केशकाल वन परिक्षेत्र के ग्राम सिलाटी में बुधवार, 17 जून 2026 को एक तेंदुआ गांव में घुस आया। सुबह से एक मकान के सामने बैठे इस तेंदुए की हालत सामान्य नहीं लग रही है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ काफी कमजोर और बीमार दिखाई दे रहा है, जिसके चलते वह लंबे समय से एक ही स्थान पर बैठा हुआ है। गांव में पहली बार तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही दक्षिण वन मंडल केशकाल की डीएफओ दिव्या गौतम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तेंदुए के आसपास घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उसके पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। वन विभाग की टीम तेंदुए की स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेंदुआ बीमार या घायल हो सकता है, जिसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही होगी। रेस्क्यू दल तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर उपचार के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में भेजने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल, वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और तेंदुए के सफल रेस्क्यू के प्रयास जारी हैं। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
देवास में बुधवार शाम एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद एमजी रोड पर भारी जलभराव हो गया। निर्माणाधीन नाले में पानी भर जाने से एक मिनी ट्रक के पहिए सड़क में धंस गए, जिससे वाहन पलटने की स्थिति में पहुंच गया। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक के एक तरफ के दोनों पहिए सड़क में गहरे धंस गए, जिससे वह एक ओर झुक गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बल्लियों का सहारा देकर वाहन को संभाला और उसे पलटने से बचाया। बारिश के कारण सड़क और निर्माणाधीन नाले में पानी भर गया, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन भी जलभराव में फंस गए, जबकि चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। जलभराव से आवागमन प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि एमजी रोड पर चल रहे नाला निर्माण कार्य के चलते बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। पानी भरने से आमजन और व्यापारियों को आवागमन में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मिनी ट्रक के सड़क में धंसने की इस घटना ने निर्माणाधीन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डाक सेवाओं से जुड़ी लंबित शिकायतों के समाधान के लिए मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल 29 जून को परिमंडल स्तरीय डाक अदालत आयोजित करेगा। यह डाक अदालत सोमवार शाम 4 बजे जय स्तंभ चौक स्थित रायपुर प्रधान डाकघर (जीपीओ) भवन की दूसरी मंजिल में लगेगी। डाक विभाग के मुताबिक अदालत में डाक वितरण, काउंटर सेवाएं, लघु बचत योजनाएं, रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी), बचत बैंक खाते, बचत पत्र, रजिस्ट्री, वैल्यू पेयेबल पार्सल, एक्सप्रेस पार्सल, स्पीड पोस्ट, मनीऑर्डर, डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। 24 जून तक भेज सकेंगे शिकायत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उनकी कोई शिकायत लंबित है तो उसका पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में 24 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर कार्यालय में जमा करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद मिलने वाली शिकायतों को इस डाक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा। सीधे समाधान का मौका डाक विभाग का कहना है कि डाक अदालत का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का प्रत्यक्ष और प्रभावी समाधान करना है। इससे डाक सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
छतरपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की रघुनंदन विहार कॉलोनी में बुधवार को 15 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र 10वीं बोर्ड परीक्षा और बाद में सप्लीमेंट्री परीक्षा में असफल होने से मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतक की पहचान रघुनंदन विहार कॉलोनी निवासी युवराज अहिरवार (15) पुत्र संतोष अहिरवार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार युवराज कक्षा 10वीं का छात्र था और इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में सफल नहीं हो सका था। सप्लीमेंट्री परीक्षा में भी वह असफल रहा, जिसके बाद वह तनाव में रहने लगा था। परीक्षा परिणाम के बाद से था तनाव में परिवार के सदस्यों ने बताया कि परीक्षा परिणाम आने के बाद से युवराज काफी तनाव में था। वह अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंतित रहता था। बुधवार दोपहर उसने अपने घर में फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के दादा देवीदीन अहिरवार ने घटना की सूचना पुलिस को दी। कोतवाली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। छात्र द्वारा यह कदम उठाने के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। युवराज की मौत से परिवार में शोक का माहौल है, वहीं आसपास के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। यह घटना एक बार फिर परीक्षा परिणामों के बाद विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव की ओर संकेत कर रही है।
राजगढ़ जिले में खिलचीपुर के थावरिया बाजार में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना 16 जून की शाम करीब 4:00 बजे की है। पीड़िता अपनी एक सहेली के साथ सतनखेड़ी निवासी दिनेश सेन (25) की खिलौने की दुकान पर गई थी। खिलौने लेकर दोनों बच्चियां अपने घर लौट आईं, लेकिन कुछ देर बाद पीड़िता अकेले ही खिलौना वापस करने दोबारा दुकान पर गई। आरोप है कि इसी दौरान दुकान संचालक दिनेश सेन ने मासूम बच्ची के साथ गलत काम किया। प्रायवेट पार्ट में दर्द हुआ तो पता चला मामले का खुलासा तब हुआ जब रात के समय बच्ची के प्रायवेट पार्ट में दर्द हुआ। रोती हुई बच्ची से जब परिवारजनों ने पूछताछ की तो उसने दुकानदार दिनेश द्वारा की गई इस हरकत के बारे में बताया। पुलिस ने दर्ज किया केस घटना से आक्रोशित परिजन 17 जून 2026 की सुबह करीब 11:00 बजे बच्ची को लेकर थाना खिलचीपुर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी दिनेश सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 351(3), 127(2) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) 2012 की धारा 5m व 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रयागराज में शहर की सड़कों को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम का संयुक्त अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रयागराज जंक्शन के गेट नंबर-1 से लेकर गेट नंबर-5 तक व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े 100 वाहनों का चालान किया गया, जबकि सड़क पर अवैध रूप से कब्जा कर कारोबार करने वाले आठ दुकानदारों के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 34 के तहत कार्रवाई की गई। अभियान एडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय पुलिस और नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कार्रवाई के दौरान रेलवे स्टेशन के आसपास अवैध पार्किंग और सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई की गई। जंक्शन क्षेत्र में मचा हड़कंपप्रयागराज जंक्शन शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। अभियान शुरू होते ही स्टेशन क्षेत्र में अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों और सड़क किनारे कब्जा जमाकर दुकान लगाने वालों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने वाहन हटाने शुरू कर दिए, जबकि नगर निगम की टीम ने सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया। दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाईयह अभियान मंगलवार को सिविल लाइंस क्षेत्र से शुरू हुआ था। पहले दिन ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सरदार पटेल मार्ग (एसपी मार्ग) और नवाब यूसुफ मार्ग पर कार्रवाई की थी। वहां सड़क पर खड़े दर्जनों दोपहिया और चारपहिया वाहनों को क्रेन से हटाया गया था। साथ ही कार रिपेयरिंग और ऑटो एसेसरीज की दुकानों द्वारा सड़क तक किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। 15 दिन तक चलेगा विशेष अभियानएडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा ने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और जाम की समस्या कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों तक शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों और अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर बुधवार देर शाम पर्यटकों से भरी एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। वाहन में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है। हादसे से जुड़ी PHOTOS… 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरी घटना... 1. नैनीताल तिराहे के पास अनियंत्रित हुआ वाहन बुधवार देर शाम टेंपो ट्रैवलर कालाढूंगी से करीब एक किलोमीटर ऊपर नैनीताल तिराहे के पास अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। 2. स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें भी पहुंच गईं। घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। 3. 29 लोग थे सवार, सभी मेरठ के निवासी टेंपो ट्रैवलर में कुल 29 लोग सवार थे। सभी यात्री मेरठ जिले के बताए जा रहे हैं, जो नैनीताल भ्रमण के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस यात्रियों और मृतकों का पूरा विवरण जुटाने में लगी है। डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी शुरू कर दी। मेडिकल और रेस्क्यू टीम ने घायलों को हल्द्वानी स्थित डॉक्टर सुशीला तिवारी चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम को अलर्ट पर रखा गया है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में मृतक संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने ब्रेक फेल होने की आशंका जताई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
रायपुर और नवा रायपुर के बीच चाकू की नोक पर 10 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने लूट के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लूट की रकम भी बरामद कर ली है। लूट का आरोपी कंपनी का ही कर्मचारी निकला। आरोपी ने अपने भाई और एक साथी के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। यह मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला दरअसल, घटना 16 जून 2026 की है। पीड़ित अतुल अग्रवाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी विद्यासागर डहरिया मंगलवार की शाम समता कॉलोनी स्थित ऑफिस से 10 लाख रुपए नकद लेकर नया रायपुर के सेक्टर-26 जा रहा था। यह पैसा मजदूरों के पेमेंट के लिए था। जैसे ही वह सेरीखेड़ी के पास ओवरब्रिज के करीब पहुंचा, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। पहले उन्होंने बैग छीनने की कोशिश की, लेकिन जब बैग नहीं मिला तो एक बदमाश ने चाकू दिखाकर धमकाया। डर के कारण कर्मचारी ने बाइक रोक दी, जिसके बाद आरोपी 10 लाख रुपए से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद मंदिर हसौद थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की। सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले गए और टेक्निकल जांच भी की गई। जांच में पुलिस को कंपनी के ही कर्मचारी दिनेश राव पर शक हुआ। पूछताछ में वह बार-बार बयान बदल रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया। आोपी ने भाई और साथी के साथ मिलकर की बड़ी लूट पुलिस के मुताबिक दिनेश राव 2022 से कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में काम करता था और उसे पैसों की आवाजाही की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कंपनी पर कर्ज है और कैश ट्रांजैक्शन होता है। इसी जानकारी के आधार पर उसने करीब एक महीने पहले लूट की साजिश रची थी। चाकू की नोक पर लूटा उसने अपने भाई और एक दोस्त को इस योजना में शामिल किया। घटना वाले दिन जब कर्मचारी विद्यासागर पैसे लेकर निकला, तो दिनेश ने उसका पीछा किया और लोकेशन अपने साथियों को दी। इसके बाद दोनों ने रास्ते में चाकू दिखाकर बैग लूट लिया। 30 हजार देकर बाकी रकम अपने पास रखा लूट के बाद तीनों अमलेश्वर में मिले, जहां दिनेश ने 10 लाख रुपए अपने भाई और साथी से ले लिए। इसमें से 30 हजार रुपए उन्हें दिए गए और बाकी 9 लाख 70 हजार रुपए खुद रख लिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 9.70 लाख रुपए नकद, एक बर्गमैन बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। कुल बरामद संपत्ति की कीमत करीब 10.80 लाख रुपए बताई गई है। मुख्य आरोपी दिनेश राव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में बुधवार रात घर के अंदर मां-बेटी की लाश मिली है। बेटी का शव सेप्टिक टैंक में मिला, जबकि मां फंदे से झूलती हुई पाई गई। वहीं फंदे से लटकी नानी के पैरों से लिपटकर 10 महीने का मासूम लगातार रोता मिला। सारंगपुर के वार्ड नंबर 15 में बागकुआ टंकी क्षेत्र के लक्ष्मणदा की बाड़ी का है। जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय मधुबाला राठौर और 30 वर्षीय उनकी बेटी शीतल राठौर के रूप में की गई है। घटना के समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था। भीतर से बच्चे के रोने की लगातार आवाज आ रही थी। ये तस्वीरें देखिए… घर में फंदे पर झूलती मिली मां मृतक मधुबाला राठौर के बेटे धीरज राठौर ने बताया- वह शाम करीब 7 बजे बैंक की नौकरी से घर लौटा था। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। अनहोनी की आशंका होने पर उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। सेप्टिक टैंक पर पड़ा मिला बहन का शव मां मधुबाला राठौर फंदे पर झूलती हुई मिलीं। वहीं, बहन शीतल राठौर का शव सेप्टिक टैंक में पड़ा हुआ था। बेटी की मौत के सदमे को मां मधुबाला राठौर सहन नहीं कर सकीं। उन्होंने भी घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं धीरज राठौर ने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओपी अरविंद सिंह और एसआई राहुल सेंधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ससुराल विवाद और मानसिक तनाव की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, शीतल की शादी 4 साल पहले देवास जिले के नरवर झाला निवासी कपिल राठौर से हुई थी। उसकी करीब एक साल से पति से अनबन चल रही थी। वह करीब दो माह से अपने पिता के घर रह रही थी। शादीशुदा बेटी शीतल राठौर का पिछले कुछ समय से अपने ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव के चलते उसने घर के सेफ्टिक टैंक में कूदकर अपनी जान दे दी।
भिंड जिले के असवार थाना क्षेत्र के चौरई गांव में बुधवार देर शाम एक युवक के पैर में गोली लगने का मामला सामने आया है। घायल युवक ने गांव के कुछ लोगों पर पुराने विवाद के चलते जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार चौरई गांव निवासी श्यामू पुत्र सुरेश उदैनिया ने डायल-112 पर सूचना देकर बताया कि उसके पैर में गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लहार भेजा गया। युवक के घुटने के नीचे गोली लगने के निशान पाए गए हैं। खेत जाते समय हमला करने का आरोप घायल श्यामू ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के बबलू उदैनिया सहित कुछ लोगों से पुराना विवाद चल रहा है। बुधवार शाम वह अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान चार-पांच लोगों ने उसे घेर लिया और गोली चला दी। एक गोली उसके पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके चलते मामले को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना से एक दिन पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान श्यामू द्वारा कथित रूप से बबलू उदैनिया को अवैध हथियार दिखाने की बात भी सामने आई है। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप से विवाद शांत हो गया था। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय बबलू उदैनिया अपने घर पर आटा चक्की चला रहा था और उसे घटना की जानकारी बाद में परिजनों से मिली। सभी बिंदुओं पर जांच जारी पुलिस घायल युवक के आरोपों, ग्रामीणों के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है। असवार थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि युवक के पैर में गोली लगने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई है। घायल का उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दतिया सिंध नदी के लांच घाट पर प्रशासन ने बुधवार शाम अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाया गया एक अस्थायी पुल तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार, इस अस्थायी पुल का इस्तेमाल भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसी के जरिए लंबे समय से अवैध रेत खनन और उसका परिवहन हो रहा था। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था और नदी व पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा था। रेत माफियाओं के बने पुल को नष्ट करायालगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के बाद प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मशीनों की मदद से पुल को पूरी तरह तोड़ दिया गया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं एसपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चन्ना ने मार्गदर्शन दिया। मौके पर थाना प्रभारी लांच शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया और खनिज विभाग के इंस्पेक्टर संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
दमोह जिला कोर्ट परिसर में बुधवार शाम पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ 10 से अधिक संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारी इस मामले की पुष्टि तो कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल विस्तृत और अधिकृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान हथियारों के साथ पहुंचे थे युवक जानकारी के मुताबिक, बुधवार को दमोह जिला न्यायालय में एक चर्चित हत्या के मामले की सुनवाई होनी थी। इसी पेशी के सिलसिले में कुछ युवक चोरी-छिपे अवैध हथियारों के साथ कोर्ट परिसर के भीतर और आसपास पहुंच गए थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने होटल से दबोचा, जांच जारी कोतवाली पुलिस को मुखबिर के जरिए कोर्ट परिसर में हथियारबंद युवकों की मौजूदगी का इनपुट मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और आरोपियों को परिसर के पास ही स्थित एक होटल से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के पास से दो पिस्टल और चार चाकू बरामद किए गए हैं। मामले को लेकर कोतवाली टीआई का कहना है कि फिलहाल जांच चल रही है, इसलिए विस्तृत ब्योरा बाद में दिया जाएगा। एडिशनल एसपी ने की पुष्टि, मकसद खंगाल रही पुलिस एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ आरोपियों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया है, जो एक बड़े मामले की पेशी के सिलसिले में कोर्ट आए थे। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि वे इतनी सुरक्षा वाले कोर्ट परिसर में हथियारों के साथ क्यों आए थे और उनका असल मकसद क्या था।
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 के अध्ययन के तहत दिल्ली पहुंची संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। समिति की यह यात्रा ‘लोकल स्टडी विजिट’ कार्यक्रम का हिस्सा है। सीएम ने समिति की अध्यक्ष एवं सांसद अपराजिता सारंगी और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। बैठक के दौरान समिति ने सीएम को तीनों प्रस्तावित विधेयकों के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी। साथ ही संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए। समिति ने बताया इन विधेयकों का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देना, संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ करना तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करना है। बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद जेपीसी अध्यक्ष एवं सांसद अपराजिता सारंगीसांसद डॉ. के. लक्ष्मणसांसद उज्ज्वल देवराव निकमसांसद डी.के. अरुणासांसद परशोत्तम रुपालासांसद असदुद्दीन ओवैसीसांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बासांसद अनुराग ठाकुरसांसद बृज लालसांसद बृजमोहन अग्रवालसांसद मनन कुमार मिश्रालोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी जिन विधेयकों पर कर रही है अध्ययन 1. संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 20252. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 20253. संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 समिति विभिन्न हितधारकों से संवाद कर इन विधेयकों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है, ताकि संसद के समक्ष अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
जयपुर में खोनागोरियान थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दुकान संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण व निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि शहरभर में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और निर्माण के खिलाफ डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान शंकर विहार कॉलोनी स्थित एक दुकान में बिना लाइसेंस और अनुमति के पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण पाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक हरजोत सिंह (24), निवासी शंकर विहार कॉलोनी, गोनेर रोड को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से अवैध विस्फोटक सामग्री के स्रोत (सप्लाई चेन) और भंडारण के संबंध में पूछताछ कर रही है। 250 मकानों की जांच, 20 अवैध गोदाम सीज थानाधिकारी प्रकाशराम के नेतृत्व में करीब 25 पुलिसकर्मियों की टीम ने खो नागोरियान थाना क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे करते हुए लगभग 250 मकानों और कई कॉलोनियों की सघन जांच की। इस दौरान क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित हो रहे 20 अवैध कबाड़, कटिंग और प्लास्टिक के गोदामों को भी सीज किया गया। थानाधिकारी प्रकाशराम ने बताया कि क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे और चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही मोहल्ला एवं कॉलोनी बैठकों के माध्यम से स्थानीय लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस को दे सकें।
दुर्ग और भिलाई में बुधवार शाम कांग्रेस ने बढ़े बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग (शहर) अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में दुर्ग में प्रदर्शन हुआ। भिलाई में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय का घेराव कर भाजपा सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। राजीव भवन से निकली रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए पटेल चौक पहुंचे। इसके बाद रैली विद्युत कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान तोड़ा स्मार्ट मीटर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर अपने साथ एक स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे। उन्होंने विद्युत कार्यालय के सामने प्रतीकात्मक रूप से स्मार्ट मीटर को तोड़ा। ठाकुर ने इसे आम जनता पर थोपी जा रही व्यवस्था बताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राकेश ठाकुर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन के साथ प्रतीकात्मक रूप से चिमनी भेंट की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां प्रदेश को विकास की जगह अंधेरे की ओर ले जा रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राकेश ठाकुर विद्युत कार्यालय घेराव के दौरान लालटेन सौंपकर चर्चा में आ चुके हैं। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जनता बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर से परेशान है, जबकि सरकार राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई और उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक बनाया जाएगा। राकेश ठाकुर बोले- जनता की जेब पर डाका डालने की कोशिश जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को भूल चुकी है। आज बिजली बिल हर घर की चिंता बन गया है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में लोगों को बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिलता था, जिसे आज भी उपभोक्ता याद कर रहे हैं। धीरज बाकलीवाल ने सरकार पर साधा निशाना दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को भी कमाई का जरिया बना चुकी है। स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के नाम पर जनता को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस इस जनविरोधी नीति का पुरजोर विरोध करती है और जब तक सरकार राहत नहीं देती, आंदोलन लगातार जारी रहेगा। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा, कथित गलत एवं अनियमित बिलों को निरस्त करने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। इस दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा, दीपक दुबे सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैतूल शहर के लल्ली चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी की जमीन पर बुधवार को बाउंड्रीवाल बनाने का काम शुरू हुआ। सीमांकन पूरा होने के बाद यहां प्री-कास्ट दीवारें लगाई गईं, जिससे कई दुकानों का कुछ हिस्सा ढंक गया। यह जमीन नजूल सीट नंबर-12 और प्लॉट नंबर 9/2 पर है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 11,680 वर्गफीट है। यह जमीन 1960 में जिला कांग्रेस कमेटी को दी गई थी। उस समय इसका पट्टा नाथूराम हींगोले के नाम पर था। बाद में अध्यक्ष बदलने के साथ रिकॉर्ड में नाम भी बदलते रहे। कांग्रेस भवन बनाने की कर रहे तैयारीअब जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा यहां कांग्रेस भवन बनवाना चाहते हैं। इसी कारण जमीन का सीमांकन कराया गया और बाउंड्रीवाल बनाने का काम शुरू किया गया। इस जगह पर लंबे समय से करीब 12 दुकानदार काम कर रहे हैं। इनमें पंचर, वेल्डिंग, चाट और जूते-चप्पल की दुकानें शामिल हैं। कुछ दुकानदारों ने पक्के शेड भी बना लिए थे और कई सालों से यहां काम कर रहे थे। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें जगह खाली करने के लिए कहा गया है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें बताया गया है कि कांग्रेस भवन बनने के बाद उन्हें दुकान देने पर विचार किया जाएगा और आगे पट्टे को लेकर भी बात होगी। देखें तस्वीरें…
श्रीगंगानगर में क्रेडिट कार्ड एक्टिव करने का झांसा देकर एक महिला से लाखों रुपए की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठग ने महिला को बैंक अधिकारी बनकर फोन किया और मोबाइल पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही महिला का अकाउंट साफ हो गया। साइबर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। साइबर थाने में दी शिकायत में मेघा बंसल निवासी जवाहरनगर (श्रीगंगानगर) ने बताया कि 8 जून की दोपहर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने कहा- आपका क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करना है। महिला को विश्वास दिलाने के बाद ठग ने उनके मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा। जैसे ही मेघा बंसल ने लिंक पर क्लिक किया, उनके क्रेडिट कार्ड और सेविंग अकाउंट से 2 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। अकाउंट से पैसे कटते ही महिला ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में साइबर विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि लिंक के जरिए डिटेल्स चोरी कर पैसे ट्रांसफर किए गए। पिछले कुछ समय में श्रीगंगानगर में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस कई मामलों का खुलासा भी कर चुकी है, लेकिन ठगों के नए-नए तरीके लगातार लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लखनऊ में देवपुर पारा योजना में 378 को मिली पार्किंग:लॉटरी से हुआ आवंटन; 622 आवंटी ने करवाई रजिस्ट्री
लखनऊ के कबीर नगर स्थित देवपुर पारा योजना के फ्लैट मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने योजना में उपलब्ध पार्किंग स्थलों का आवंटन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के जरिए किया। एलडीए के कमेटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 378 आवंटियों को पार्किंग आवंटित की गई। एलडीए अधिकारियों के अनुसार देवपुर पारा योजना के एमआईजी श्रेणी के छह ब्लॉकों में ओपन, स्टिल्ट और बेसमेंट पार्किंग को मिलाकर कुल 378 पार्किंग स्थल उपलब्ध हैं। योजना में अब तक 622 आवंटी अपने भवनों की रजिस्ट्री करा चुके हैं। पार्किंग की संख्या सीमित होने के कारण सभी पात्र आवंटियों के बीच लॉटरी ड्रा आयोजित किया गया। क्रमवार पार्किंग का आवंटन किया गया कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी की पर्चियां स्वयं आवंटियों के हाथों से निकलवाई गईं। इसके बाद क्रमवार पार्किंग का आवंटन किया गया। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में आवंटी मौजूद रहे। एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि लॉटरी के माध्यम से 378 आवंटियों को पार्किंग आवंटित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन आवंटियों को इस चरण में पार्किंग नहीं मिल सकी है, उन्हें भविष्य में योजना परिसर में विकसित की जाने वाली मल्टीलेवल पार्किंग में स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। पार्किंग आवंटन की लंबे समय से थी मांग अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग आवंटन को लेकर लंबे समय से आवंटियों की मांग थी। इसे देखते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो। कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी अतुल कपूर सहित एलडीए के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। पार्किंग आवंटन के बाद आवंटियों ने संतोष जताते हुए प्रक्रिया की सराहना की।
जयपुर में भाजपा शहर जिला कार्यालय में केंद्र सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अवलोकन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे 12 साल विश्वास के, विकास के एवं जनकल्याण के अभियान में यह कार्यक्रम किया गया। भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री शेखावत का स्वागत किया गया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों के दौरान देश में हुए परिवर्तन, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के उत्थान, किसानों के कल्याण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री बोले- उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएं कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत विश्व पटल पर मजबूत, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जो अंत्योदय की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा का सशक्त माध्यम है। भाजपा कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रत्येक घर तक पहुंचाएं। देश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया: गोयल भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, किसान, युवा, महिला एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए ऐतिहासिक योजनाएं लागू कर देश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया है। गोयल ने कहा- भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के संकल्प को लेकर समाज के बीच जाएं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद केंद्रीय मंत्री शेखावत ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक विषयों, आगामी कार्यक्रमों तथा राष्ट्र निर्माण में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर संवाद किया। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी अग्रवाल ने बताया- इस अवसर पर जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, राजेश तांबी, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पुरुवंशी आदि मौजूद थे।
चंडीगढ़ के बहुचर्चित CREST (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी) फंड गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उस समय CREST के CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) थे, जब फंड में कथित गड़बड़ियां हुई थीं। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी को विशेष सीबीआई अदालत, चंडीगढ़ में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नवनीत श्रीवास्तव को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी उनसे पूछताछ कर घोटाले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाएगी। 75 करोड़ रुपए के गबन का आरोप सीबीआई जांच के अनुसार, CREST के आईडीएफसी बैंक, चंडीगढ़ में मौजूद तीन खातों से करोड़ों रुपए की राशि फर्जी तरीके से विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में सामने आया है कि इस कथित घोटाले से CREST को करीब 75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को योजनाबद्ध तरीके से निजी कंपनियों और फर्जी संस्थाओं के माध्यम से इधर-उधर किया गया, जिससे सरकारी संस्था को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। पत्नी और रिश्तेदार से जुड़ी कंपनी तक पहुंची रकम सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गबन की गई राशि का एक हिस्सा एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस कंपनी में आरोपी अधिकारी की पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार निदेशक के रूप में जुड़े हुए हैं। जांचकर्ता अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि कंपनी को भेजी गई राशि का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। दो आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार इस मामले में CREST के तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अबरोल और अकाउंटेंट साहिल कुक्कड़ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि घोटाले को अंजाम देने में कई लोगों की भूमिका रही है और धन के लेन-देन का नेटवर्क काफी व्यापक है। 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट यह मामला शुरुआत में चंडीगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज किया गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें: एक निजी बैंक के 5 अधिकारी CREST के 2 सरकारी कर्मचारी 2 शेल कंपनियां उन कंपनियों के 3 निदेशक/पार्टनर 1 निजी व्यक्ति शामिल हैं। चार्जशीट में नामजद सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
उपाध्याय विहसंत सागर ससंघ का लखनऊ आगमन:जैन समाज में उत्साह, पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारी
लखनऊ में जैन समाज के लिए श्रद्धा और उत्साह का विशेष अवसर रहा। उपाध्याय रत्न एवं मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर ससंघ के राजधानी आगमन पर आशियाना क्षेत्र में भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगभग 1000 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर लखनऊ पहुंचे उपाध्यायश्री का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना में हुए मंगल प्रवेश के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया। बैंड-बाजों, मंगल ध्वनियों और जयघोष के बीच उपाध्यायश्री का विहार प्रारंभ हुआ। पीले वस्त्र धारण किए हजारों श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और धार्मिक गीतों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की। इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा मंगल प्रवेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन कर मुनिसंघ का अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में उपाध्यायश्री के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। उपाध्यायश्री का यह आगमन काकोरी स्थित भगवान पारसनाथ धाम में 24 से 29 जून 2026 तक आयोजित होने वाले ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है। वे इस महोत्सव में ससंघ सानिध्य प्रदान करेंगे, जिससे आयोजन की धार्मिक गरिमा और बढ़ेगी। महोत्सव में लोगों को पहुंचने की अपील की इस अवसर पर श्री दिगम्बर जैन सेवा समिति, आशियाना के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जैन, मुख्य संयोजक ब्रिजेश जैन ‘बंटी’, अध्यक्ष संजीव जैन समेत समिति के कई पदाधिकारी और समाज के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।आशियाना जैन समाज और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने धर्मप्रेमियों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। समिति के अनुसार यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम होगा।
मंदसौर में बुधवार को अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नई आबादी थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पिस्टल और जिंदा कारतूस मिलापुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला। इसके बाद पुलिस ने दोनों को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ नई आबादी थाने में अपराध क्रमांक 107/26 के तहत धारा 25/27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तौहीद पिता मोहम्मद सलीम पठान (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मंदसौर के वायडी नगर थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा कॉलोनी का निवासी है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि हथियार कहां से आया और इसका उपयोग किस उद्देश्य से होना था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी का संबंध किसी हथियार तस्करी नेटवर्क से तो नहीं है। एसपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने शकूरबस्ती-जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव समय बढ़ा दिया है। अब यह ट्रेन पहले के 2 मिनट के बजाय 5 मिनट तक रुकेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 19 जून 2026 से संशोधित समय के अनुसार दिल्ली कैंट स्टेशन पर शाम 5.54 बजे पहुंचेगी और 5.59 बजे रवाना होगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 18 जून 2026 से दिल्ली कैंट स्टेशन पर सुबह 8.36 बजे पहुंचेगी तथा 8.41 बजे प्रस्थान करेगी। रेलवे के अनुसार ठहराव अवधि बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा,जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस रेलसेवा रीशड्यूल रहेगी रेलवे द्वारा बीकानेर-मेडता रोड रेलखण्ड पर नागौर-बदवासी-अलाई स्टेशनों के मध्य सम्पूर्ण रेल पथ नवीनीकरण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण गाडी संख्या 22632, बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन 21 और 28 जून, 5 जुलाई और 12 जुलाई को बीकानेर से अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी।
बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक साइकिल सवार की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित घटनास्थल से फरार हो गया। मृतक की पहचान हरमू सुकरौली निवासी लगभग 70 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। वह पाकडडाड से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से आ रहे एक ट्रैक्टर ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बुजुर्ग साइकिल सहित सड़क पर गिर गए और ट्रैक्टर उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक ने वाहन रोकने की बजाय घटनास्थल से भागना उचित समझा। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, इस उम्मीद में कि शायद उनकी जान बचाई जा सके। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित सागरताल में बुधवार को एक व्यक्ति का शव पानी में पड़ा मिला है। स्थानीय लोगों ने तालाब में शव दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान 50 वर्षीय राजेश कुमार पिता कंगालिया के रूप में हुई है। वे निवासी भूरे बाबा की बस्ती, छतरी बाजार, छोटे पुल के पास रहते थे। जांच के दौरान सामने आया कि राजेश कुमार 12 जून 2026 की शाम करीब 5 बजे अपने घर से बिना किसी को बताए वाहन लेकर निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर थाना जनकगंज में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बुधवार को सागरताल में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसके बाद शव की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई। पहचान होने पर परिजनों को सूचना दी गई। सागरताल पहुंचने के कारणों का नहीं चला पतापुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि राजेश कुमार सागरताल तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारबहोड़ापुर थाना पुलिस का कहना है कि अभी मामले में किसी भी तरह की आशंका या निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में बुधवार को एक फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने से हड़कंप मच गया। आग बुझाने का प्रयास करते समय फ्लैट निवासी गौरव बंसल की पत्नी अनुजा बंसल का हाथ झुलस गया। समय रहते फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने में हाथ झुलसे एसपी-2 टावर स्थित फ्लैट नंबर-201 में एयर कंडीशनर और स्टेबलाइजर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। व्यापारी गौरव बंसल किसी कार्य से मोहन नगर गए हुए थे। घर पर मौजूद उनकी पत्नी अनुजा बंसल ने आग फैलने से रोकने के लिए AC का स्विच बंद करने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान आग की चपेट में आया पर्दा उनके हाथ से चिपक गया, जिससे उनका हाथ झुलस गया। सूचना पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सोसायटी के लोग बोले सुरक्षा व्यवस्था नहीं सूचना मिलते ही सोसायटी की पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रश्मि चौधरी भी मौके पर पहुंचीं और अनुजा बंसल को लेकर यशोदा अस्पताल गईं। वहीं सोनू पाठक, राजेश गर्ग, पूर्व महामंत्री आरके गर्ग, संत कुमार जैन समेत बड़ी संख्या में सोसायटी निवासी मौके पर पहुंच गए। सोसायटी के लोगों का कहना है कि गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। सोसायटी के पास अब तक वैध फायर एनओसी नहीं है और सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को सीहोर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में RSS के साथ-साथ राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने देश के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी समिति या संगठन के लिए पंजीकरण, सदस्यता और बैंक खाता अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS का कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब संस्था पंजीकृत ही नहीं है, तो उसके पास जमा होने वाले धन का हिसाब कौन रखता है और वह पैसा कहां जाता है? उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। दिग्विजय बोले- संगठन आधुनिक व्यवस्था पर काम करता है संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का उल्लेख करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह तर्क दिया जाता है कि संघ का पंजीकरण इसलिए नहीं कराया जाता क्योंकि हिंदू धर्म का कोई पंजीकरण नहीं होता। इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि हिंदू धर्म हजारों साल पुराना है, तब रजिस्ट्रेशन नहीं होते थे। जबकि पंजीकरण की अवधारणा आधुनिक व्यवस्था में आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS इस तरह के तर्क देकर अपनी जवाबदेही से बच रहा है। अयोध्या भ्रष्टाचार का अड्डा बना इसके अलावा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। उन्होंने चंपत राय को वहां का सबसे भ्रष्ट व्यक्ति बताया, जो पूरे कार्य के प्रभारी हैं। इसके अतिरिक्त, दिग्विजय सिंह ने देश और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी बदतर स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दतेली-हरगांव मार्ग पर गुरधपा गांव के पास एक बाइक और कार की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किशोर और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान इस्माइलपुर निवासी 28 वर्षीय शाहिद अली पुत्र जाबिर अली के रूप में हुई है। शाहिद की हैदरपुर में रेडीमेड की दुकान है। घायलों में 14 वर्षीय शफीउल पुत्र रहमत अली और 22 वर्षीय शुबी पुत्री जहीरुद्दीन शामिल हैं, जो इस्माइलपुर गांव की ही निवासी हैं। शफीउल के चाचा नफीस की हैदरपुर में कॉस्मेटिक की दुकान है, जहां शुबी भी मेहमानी से लौटकर रुकी हुई थी। जानकारी के अनुसार, शाम को दुकान बंद करने के बाद शाहिद, शफीउल और शुबी एक ही बाइक पर सवार होकर अपने घर इस्माइलपुर लौट रहे थे। गुरधपा गांव के पास मोड़ पर पहुंचते ही सामने से आ रही एक अनियंत्रित कार से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाया गया। वहां चिकित्सकों ने शाहिद अली को मृत घोषित कर दिया। शुबी और शफीउल की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक शाहिद अली का पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कोटा शहर शौर्य, संस्कृति और परंपरा के रंग में रंगा नजर आया। राजपूत समाज की ओर से भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों युवाओं, महिलाओं और समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी विशेष रूप से शामिल हुए। महाराणा प्रताप जयंती पर निकाली गई विशाल वाहन रैली मानव विकास भवन स्थित घोड़े वाले बाबा चौराहे से शुरू हुई। रैली सूरजपोल गेट, कैथूनीपोल थाना, गांधीजी पुल, सब्जी मंडी, अग्रसेन मार्केट, शास्त्री मार्केट, रामपुरा रोड, लाडपुरा खाई रोड, विवेकानंद सर्किल और नयापुरा होते हुए कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पहुंची। रैली के दौरान शहरभर में महाराणा प्रताप के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में युवा बाइक रैली के रूप में शामिल हुए और पूरे मार्ग पर उत्साह का माहौल बना रहा। राजपूत समाज के महिला-पुरुष, युवा और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। सिर पर रंग-बिरंगी पगड़ियां, हाथों में तलवारें और महाराणा प्रताप के प्रति सम्मान का भाव रैली का मुख्य आकर्षण रहा। रास्ते भर लोगों ने रैली का स्वागत किया और महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद करते हुए समाज की एकजुटता का संदेश दिया। हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं ने शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की। कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पहुंचने पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन, युवा और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सोनभद्र पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए 12 लाख रुपए की ठगी की थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। बता दें कि बीते दिनो पूर्व सीएमओ सोनभद्र डॉ. प्रेम बहादुर गौतम द्वारा साइबर थाने पर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनके फेसबुक अकाउंट पर इंडसइंड बैंक के नाम से पेंशनर सम्बन्धी फर्जी विज्ञापन एवं लिंक प्रदर्शित हुआ था। बैंक की आधिकारिक सेवा समझकर मैने उक्त लिंक को खोला क्योंकि पीड़ित का खाता इंडसइंड बैंक में था तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा कर दी। साइबर अपराधियों ने प्राप्त सूचनाओं का दुरुपयोग करते हुए इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 05-05 लाख रुपये के दो तथा 02 लाख रुपये का एक ट्रांजेक्शन कर कुल 12 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। एसपी अभिषेक वर्मा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल साइबर क्राइम टीम को सक्रिय किया और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। टीम ने अभियुक्तों के बैंक खातों का विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग की। इसके साथ ही डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निरीक्षक धीरेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में साइबर थाना और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम झारखंड भेजी गई थी।इस टीम ने सफलतापूर्वक दो शातिर अभियुक्तों धीरज कुमार और रवि मेहता को झारखंड से गिरफ्तार किया। उनके पास से एक पीओएस मशीन,एक चार पहिया वाहन,दर्जनों क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड,04 एन्ड्रोयड मोबाइल फोन बरामद कर लिया। धोखाधड़ी के तरीके के बारे में पुलिस ने बताया कि अभियुक्त आम लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर उनका केवाईसी (KYC) विवरण प्राप्त करते थे और उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलवाने के बाद पासबुक की प्रति संबंधित व्यक्तियों को दे दी जाती थी, लेकिन डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य बैंकिंग विवरण अभियुक्त अपने पास रखते थे।
रायबरेली में इनोवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत:लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर गलत दिशा से आ रहा था मृतक
रायबरेली के ऊंचाहार में लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार रात पट्टी रहस कैथवल गांव के पास बाईपास पर एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने गलत दिशा से आ रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बड़ी नरौली निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई है। ओमप्रकाश ऊंचाहार थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव में एक निमंत्रण समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बाईपास पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में होने के कारण लखनऊ की ओर जा रही 'उत्तर प्रदेश शासन' लिखी एक इनोवा कार ने उनकी बाइक को सीधे टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और इनोवा कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। कार्यवाहक कोतवाल संजय कुमार शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके चलते रेलवे फाटक से चार पहिया और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। क्षेत्र में बढ़ती जनचिंताओं के बीच सदर विधायक भूपेश चौबे ने बुधवार को निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन लागू होने की सूचना मिलते ही विधायक मौके पर पहुंचे। विधायक ने उपजिलाधिकारी, निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ निर्माण स्थल और वैकल्पिक मार्गों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आमजन की सुविधा और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। भूपेश चौबे ने निर्देश दिया कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं, इसलिए आवागमन की सुगम व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है। विधायक ने रेलवे क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सुरक्षित सर्विस लेन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक आरओबी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों के सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए। डायवर्जन मार्गों का निरीक्षण करते हुए विधायक ने अधिकारियों का ध्यान उन स्थानों की ओर आकर्षित किया जहां सड़कें संकरी हैं और मोड़ अपेक्षाकृत तीखे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात नियंत्रण के इंतजाम किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पुलिस एवं यातायात विभाग की अतिरिक्त तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा। विधायक ने बताया कि आरओबी निर्माण जनपद की बहुप्रतीक्षित परियोजना है, जिसके पूरा होने के बाद रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलेगी और आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुगम होगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि निर्माण अवधि के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा कर जनता को इसका लाभ दिलाया जाए। इस दौरान अधिकारियों ने विधायक को निर्माण कार्य की प्रगति, डायवर्जन व्यवस्था तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। विधायक ने कहा कि जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे की अनदेखी न की जाए और यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। साथ में पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शंभू नारायण सिंह बलिराम सोनी अनूप तिवारी शिबू चौबे एसडीएम सदर कोतवाल सहित रेलवे विभाग के राजस्व विभाग के नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे
बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर स्थित बनकोटा बस स्टैंड के पास हुई, जब किसान अपनी बैलगाड़ी का टायर बदलवाने के लिए वहां पहुंचे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव गरुईया निवासी 55 वर्षीय दिलीप यादव के रूप में हुई है। दिलीप यादव बुधवार को बैलगाड़ी का टायर बदलवाने बनकोटा बस स्टैंड पर गए थे। उनका नाती सुनील बैलगाड़ी लेकर आ रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो लोग वहां पहुंचे और दिलीप यादव के गले के पास गोली मार दी। गोली लगने के बाद दिलीप यादव मौके पर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही वजीरगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल दिलीप यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। बेटे राजेश ने पुलिस को बताया कि उनके पिता की गांव में किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। हालांकि, परिवार का जमीन को लेकर चाचा पक्ष से विवाद चल रहा है। दिलीप यादव अपने परिवार में दो भाइयों में बड़े थे और खेती-किसानी करते थे। उनके पांच बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि चार बेटे दिल्ली में मजदूरी करते हैं। एक बेटा गांव में रहकर खेती में सहयोग करता है। एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
गोरखपुर में मनाया गया किसान दिवस:किसानों को बताई गईं नई योजनाएं, खेती को मुनाफे से जोड़ने पर जोर
गोरखपुर के विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए करीब 56 किसानों ने हिस्सा लिया। बैठक में किसानों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें खेती से ज्यादा आमदनी करने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि आज के समय में खेती करने के तरीके बदल रहे हैं। किसान अपनी फसल को सीधे बेचने के बजाय उसकी पैकिंग, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग करें तो उन्हें ज्यादा फायदा मिल सकता है। फसल से तैयार सामान बेचकर बढ़ाएं कमाईकृषि विज्ञान केंद्र चौकमाफी की वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने किसानों को बताया कि फसलों की वैल्यू बढ़ाकर अच्छी कमाई की जा सकती है। किसान फल और सब्जियों से जूस, जैम, जेली सहित दूसरे प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे वे खेती के साथ छोटा बिजनेस भी शुरू कर सकें। जिला उद्यान विभाग ने किसानों को बताया कि फलदार पौधों का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जा रही है। करीब दो लाख रुपये की लागत से बनने वाली मशरूम यूनिट पर एक लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। वहीं मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग पूरी करने वाले किसानों को 20 बॉक्स उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों के उत्पाद को पहचान दिलाएंगे एफपीओजिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान अपने क्षेत्र की जरूरत और बाजार की मांग को देखते हुए खेती करें। एफपीओ किसानों के उत्पादों की अच्छी पैकिंग और ब्रांडिंग कर उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।
सोनभद्र के म्योरपुर थाना क्षेत्र के लिलासी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर विवाद के बाद हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ बलवा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंप संचालक राज गौरव यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीती रात करीब 11 बजे वह अपने भाई सर्वजीत यादव के साथ गौरव फिलिंग स्टेशन पर मौजूद थे। इसी दौरान अखिलेश गुप्ता निवासी करकच्छी, थाना बभनी, पेट्रोल भरवाने पहुंचे। उस समय बिजली न होने के कारण नोजलमैन ने बिजली आने पर पेट्रोल देने की बात कही। कुछ देर बाद बिजली आने पर उनकी बाइक में 100 रुपए का पेट्रोल डाला गया। आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के बाद अखिलेश गुप्ता नोजलमैन से विवाद करने लगे, जिन्हें समझा-बुझाकर वहां से भेज दिया गया। इसके कुछ समय बाद वह अपने साथियों के साथ दोबारा पेट्रोल पंप पर पहुंचे। तहरीर के अनुसार, सभी एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे, जिससे सर्वजीत यादव के हाथ में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उनका रेडमी का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जाते समय आरोपियों ने घटना की सूचना पुलिस को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल आरोपियों की पहचान कर धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक स्कार्पियो वाहन भी जब्त किया है। थानाध्यक्ष रविकांत मिश्रा ने बताया- तहरीर के आधार पर अखिलेश कुमार गुप्ता (25), मुकुंद लाल (24), नीरज मौर्य (26) और अरविंद मौर्य (26) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ये सभी सोनभद्र जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, सभी अभियुक्तों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि का विरोध किया:बलरामपुर में रैली निकालकर बिजली कार्यालय का घेराव
बलरामपुर में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष हरिहर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और बिजली कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बिजली कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार की नीतियों का विरोध किया। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बिजली कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान और छोटे व्यवसायी भी प्रभावित होंगे। नेताओं ने मांग की कि बढ़ी हुई दरों का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा, इसलिए सरकार को जनहित में यह फैसला वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालय के सामने धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरिहर यादव के साथ रिपुजित सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समीर सिंह देव, छोटू बंगाली, अमित यादव, जितेंद्र गुप्ता, मुन्ना गुप्ता, प्रेम सागर सिंह, डोमिनिक एक्का, अजय सोनी, लालसाय मिंज, प्रतीक सिंह, राजा चौबे, अशोक जायसवाल, अश्विनी यादव, विंदेश्वरी गुप्ता, अब्दुला खान, छोटू विश्वास, रामदेव जगवते, रॉबर्ट मिंज, बबलू खान, राजेंद्र सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
मुजफ्फरनगर में महेश नवमी और गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार देर शाम डीएम उमेश कुमार मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से शुक्रताल गंगा घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समय पर सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सभी व्यवस्थाएं पर्व से पहले पूरी कर ली जाएं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने 28 जून को समनदास आश्रम, शुक्रताल में पूज्य गुरु ज्ञान भिक्षुक दास जी की 66वीं पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने आश्रम प्रबंधन और आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रशासन ने आयोजकों से समन्वय बनाकर कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की अपील की। जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा सहित प्रशासन और पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
संतकबीरनगर में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने संतकबीरनगर दौरे के दौरान भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा। खलीलाबाद में आयोजित प्रेसवार्ता में मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का वादा करने वाले संजय निषाद पिछले सात वर्षों से भाजपा के साथ सत्ता का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन समाज को आरक्षण नहीं दिला सके। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार में अवसर दिलाने की लड़ाई कमजोर पड़ गई है। सहनी ने संजय निषाद को भाजपा छोड़कर विपक्षी गठबंधन में शामिल होने की सलाह देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में निषाद समाज के हितों के लिए काम करना चाहते हैं तो उन्हें समाज के अधिकारों की लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़नी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वह कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav से बातचीत कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाने का प्रयास करेंगे। मुकेश सहनी ने जातीय जनगणना की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सभी वर्गों की वास्तविक आबादी के आधार पर आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व तय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि निषाद समाज के संवैधानिक अधिकारों के लिए है। 25 जुलाई से निकलेगी 101 दिवसीय संकल्प यात्रा मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से उत्तर प्रदेश में 101 दिवसीय 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को आरक्षण के समर्थन में संकल्प दिलाया जाएगा और निषाद समाज को संगठित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से एक करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज भाजपा के खिलाफ मतदान करेगा। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे।
हांसी जिले में भाखड़ा पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन की मांग को लेकर गांव चैनत में ग्रामीणों का धरना बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। यह बैठक हांसी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में करीब एक घंटे तक चली। बैठक के बाद धरना कमेटी के सदस्य अनूप ने बताया कि सरकार बार-बार पुरानी बातें दोहराकर ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की एकमात्र मांग हांसी के लिए बिछाई गई 36 इंच की भाखड़ा पाइपलाइन से ही गांव के लिए 'टी' कनेक्शन देने की है। अलग पाइपलाइन का प्रस्ताव उन्हें स्वीकार्य नहीं है। 'ट्रैक्टर मार्च को कमजोर करना चाहती है सरकार' अनूप ने आरोप लगाया कि सरकार वार्ताओं के जरिए ट्रैक्टर मार्च को कमजोर करना चाहती है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने सरकार से ग्रामीणों की मांग जल्द स्वीकार करने का आग्रह किया। पूर्व सरपंच सत्यवान ने जानकारी दी कि ग्रामीणों का आमरण अनशन लगातार 9वें दिन भी जारी है। उन्होंने बताया कि अनशन पर बैठे एक ग्रामीण की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। वहीं, लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि सरकार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सामने अलग पाइपलाइन और मोटर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दिया गया है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी ग्रामीण को पानी की कमी नहीं होने देगी। 'दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई' मंत्री ने गांव के वॉटर टैंक निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि यदि कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आंदोलन के दौरान बुजुर्गों और आमरण अनशन पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की अपील की। इस बीच प्रशासन ने धरना स्थल पर बुजुर्गों को बैठाने को लेकर ग्रामीणों को नोटिस भी जारी किया है। वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। आज गांव चानौत से जिला सचिवालय तक ट्रैक्टर मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
ललितपुर में दो चचेरी बहनों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उनके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में बानपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी ग्राम टीकरा निवासी नीलेश और नीरज चचेरे भाई हैं। पुलिस फरार चल रहे आरोपियों की तलाश कर रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नीलेश और नीरज को भागने की फिराक में घूमते हुए धर दबोचा। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना बीते 30 मई की है, जब एक गांव की 19 वर्षीय किशोरी अपनी 16 वर्षीय चचेरी बहन के साथ लापता हो गई थी। परिजनों को जानकारी मिली कि ग्राम टीकरा निवासी नीलेश 19 वर्षीय किशोरी को और नीरज 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गए हैं। पुलिस ने खोजबीन के बाद 7 जून को दोनों किशोरियों को बरामद कर लिया था। किशोरियों ने बताया कि युवक उन्हें राजस्थान और दिल्ली ले गए थे, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस ने नीरज और नीलेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
दरोगा पर नाबालिग लड़के की पिटाई का आरोप:कक्षा-8 के छात्र के परिजनों ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में तैनात एसएसआई संतोष कुमार राय पर एक 14 वर्षीय किशोर की पिटाई करने का आरोप लगा है। इस मामले में किशोर के परिजनों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। दौलतपुर गांव निवासी बिमल पुत्र सत्य शरण वर्मा, जो कक्षा 8 का छात्र है, खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव में दो बच्चों के बीच पहले से मारपीट हो रही थी। आरोप है कि मौके पर पहुंचे एसएसआई संतोष कुमार राय ने विवाद शांत कराने के दौरान बिमल की भी पिटाई कर दी। परिजनों का कहना है कि बिमल का इस झगड़े से कोई संबंध नहीं था और वह केवल अपने खेत जा रहा था। इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई, जिससे परिवार में नाराजगी और आक्रोश है। परिवार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू होने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी। ग्रामीण भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
एटा में पिलुआ थाना क्षेत्र के बड़ागांव में बुधवार शाम एक 11 वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बच्चा गांव के तालाब किनारे भैंस चरा रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान प्रांशु (11) पुत्र शैलेंद्र के रूप में हुई है। वह बुधवार को ही अपनी ननिहाल से घर लौटा था। शाम को वह गांव के अन्य बच्चों के साथ गांव के समीप बने तालाब के किनारे भैंस चराने गया था। इसी दौरान अचानक प्रांशु का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। साथ खेल रहे बच्चों ने प्रांशु को डूबते देख शोर मचाया और तत्काल स्थानीय लोगों को सूचना दी। ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और किशोर को तालाब से बाहर निकाला। उसे तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रांशु को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे गांव के हरवीर ने बताया कि प्रांशु आज ही ननिहाल से लौटा था। भैंस चराते समय उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में डूब गया। जब तक उसे बाहर निकाला गया, वह अर्ध बेहोशी की हालत में था। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कासगंज शहर में बुधवार को महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा शहर के प्रभु पार्क से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोगों ने भाग लेकर महाराणा प्रताप के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस वर्ष जयंती समारोह के अध्यक्ष विजय चौहान थे, जिनकी देखरेख में पूरा आयोजन संपन्न हुआ। शोभायात्रा में बैंड-बाजों के साथ एक दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल थीं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ग्वालियर से आया दयाल बैंड शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रहा, जिसकी धुनों पर युवाओं और समाज के लोगों में उत्साह देखा गया। शोभायात्रा प्रभु पार्क से शुरू होकर सहावर गेट, बिलराम गेट और सोरों गेट सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसका समापन एसएस ग्रीन गार्डन में हुआ। इस आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के विभिन्न चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
सीएम भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उदयपुर प्रवास के दौरान उदयपुर विकास प्राधिकरण में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से बात करते हुए योजनाओं और शिविर का फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि शिविरों में आमजन से जुड़े छोटे से छोटे काम को भी गंभीरता से लिया जाए। आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए। इसमे किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फाॅलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पार्क, सड़कों, नालियों, सीवर और बिजली सहित नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। विकास पुस्तिका का विमोचनकार्यक्रम के दौरान निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी की ओर से तैयार कराई गई विकास पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव मौजूद थे। सीएम ने लाभार्थियों को प्रदान किए चेकइससे पहले सीएम ने यूडीए की ओर से नरेश जैन, संतोष औदिच्य को पट्टा विलेख, रामेश्वर लाल सुखवाल को भवन निर्माण स्वीकृति औ खेमराज डांगी को भू-उपयोग परिवर्तन प्रमाण पत्र प्रदान किया। नगर निगम की ओर से शकुन्तला स्वामी, संजय तंबोली, दिनेश अग्रवाल, महेंद्र मेहता को पट्टा विलेख और सोहनलाल चंदेल को ट्रेड लाईसेंस प्रदान किया। वहीं लीड बैंक के माध्यम से सौरभं सिंह को मशरूम की खेती के लिए स्वीकृत 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लोन राशि का चेक प्रदान किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से सलीम मोहम्मद को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 41 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया।
रतलाम में बुधवार शाम महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर शौर्य यात्रा निकाली गई। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रात करीब 8 बजे सैलाना बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर पहुंची। पूरे रास्ते “जय शिवा सरदार” और “जय बोलो महाराणा” के उद्घोष से माहौल गूंजता रहा। यात्रा का आयोजन राजपूत समाज द्वारा किया गया। शहर के मुख्यमार्गों से निकली यात्रायह कार्यक्रम श्री राजपूत नवयुवक मंडल न्यास एवं महिला मंडल रतलाम द्वारा तीन दिवसीय आयोजन के तहत किया गया। महाराणा प्रताप जन्म जयंती के अवसर पर समस्त राजपूताना संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में यह शौर्य यात्रा महलवाड़ा से शुरू हुई। यहां से यह पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणक चौक, घास बाजार, चौमुखी पुल, नोलाईपुरा, गणेश देवरी, धानमंडी और शहीद चौक होते हुए महाराणा प्रताप चौक पर समाप्त हुई। 11 घुड़सवार भगवा झंडा लेकर आगे चलेयात्रा में 11 घुड़सवार भगवा ध्वज के साथ सबसे आगे रहे। बैंड दल ने महाराणा प्रताप के भजन और राष्ट्रीय धुनें प्रस्तुत कीं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। चार सुसज्जित बग्घियों में महाराणा प्रताप, वीर छत्रसाल बुंदेला, छत्रपति शिवाजी महाराज और रतलाम राज्य के संस्थापक महाराजा रतनसिंह के चित्र लगाए गए थे। यात्रा में समाज के बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की सदस्य पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तलवार लेकर शौर्य और संस्कृति का प्रदर्शन करती नजर आईं। कई जगहों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया।
बरेली में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से घायल हुए अपने भतीजे आदित्य वीर गंगवार को देखने के लिए बरेली पहुंचे गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने कहा कि पीलीभीत में एक 8 साल की बच्ची के साथ 70 साल के मियां ने दरिंदगी की। ये जितने भी गलत काम होते है चाहे वो हिंदू बहन बेटियों से रेप हो या आतंकवादी घटना। सभी में मुसलमान शामिल होते है। वही राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने के मामले में अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि राम भक्तों पर गोलियां चलाने वालों को कब से प्रभु श्रीराम की चिंता होने लगी। उन्हें अल्लाह की चिंता करनी चाहिए। सवाल: पीलीभीत में एक बड़ी घटना हुई, बच्ची के साथ रेप की, क्या कहेंगे?जवाब: पीलीभीत में जो घटना हुई उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पीलीभीत में एक 70 साल का मियां एक 8 साल की बच्ची के साथ दुराचार करता है। और जब वो खबर हम लोगों तक आती है, वो बच्ची गायब थी, घर के लोग ढूंढ रहे थे, वो बाजार में से बच्ची को लेकर गया। ये जितनी घटनाएं होती हैं, इस तरह की, सब अधिकतर अगर इन घटनाओं में जाओ अगर आप पीछे भी जाओगे, तो चाहे आतंकवादी हो वो भी मुस्लिम होगा, छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार करने वाला मुस्लिम होगा। इन नवाजवादियों की, इन समाजवादी के वोटर्स की, इन अखिलेशवादियों के दिमाग इतने खराब हैं, अभी ये सत्ता में नहीं हैं, अभी तब ये हालत है कि ये हिंदुओं की बहन-बेटियों को छोड़ नहीं रहे हैं, छोटी-छोटी बच्चियों को नहीं छोड़ रहे हैं। निश्चित रूप से इनको प्रदेश की सभी बहनों का श्राप लगा हुआ है और ये दोबारा सत्ता में आने वाले नहीं हैं। सवाल: बच्ची से रेप करने वाले के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई है?जवाब: मंत्री संजय गंगवार ने कहा कि जिस मियां ने ये क्रूर हरकत की है, आज हमने उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई पीलीभीत के अंदर करवाई है कि जो उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी और जो एक नजीर बनेगी, कि कोई भी दूसरा अगर इस तरह की हिम्मत करेगा, तो उसके साथ इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सवाल: ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों को आप क्या कहेंगे?जवाब: मंत्री संजय गंगवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि मैं एक बात कहना चाहता हूं कि मियाओं, या तो सुधर जाओ, अपनी ये हरकत बाजी छोड़ दो। आप अपने रिश्तों में तो ये देखते हैं कि भतीजी से शादी कर लेते हैं, भाई की बेटी से शादी कर लेते हैं, बहू से शादी कर लेते हैं, लेकिन हमारे सनातन धर्म में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। आप अपनी मानसिकता बदलो, अगर नहीं बदलोगे तो हम सब आपको सबक सिखा देंगे। सवाल: क्या ऐसे लोगों की जगह उत्तर प्रदेश में बिल्कुल नहीं रह गई ना?जवाब: मंत्री संजय गंगवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नहीं, भारत में ऐसे लोगों की जगह नहीं है, कि जो छोटी-छोटी 8 साल की बच्ची के साथ दुराचार करे। ऐसे लोगों को तो मौके पे ही शूट कर देना चाहिए। सवाल: एक बड़ा सवाल, क्योंकि आप बरेली आए हैं, बरेली में तमाम ऐसी चीनी मिलें हैं जो किसानों का बकाया नहीं दे पाईं और इस वजह से नीलामी तक की नौबत आ गई है?जवाब: देखिए, गन्ना विभाग का काम होता है कि जो फैक्ट्री पेमेंट नहीं कर पा रही हैं उनकी आरसी काट के राजस्व विभाग को भेज देना। अभी बरेली के डीएम अविनाश सिंह से इस पर मेरी विस्तार से चर्चा हुई थी। नवाबगंज चीनी मिल का और बहेड़ी चीनी मिल का एक पेमेंट का मुद्दा है। बहेड़ी चीनी मिल की जमीन नीलाम हुई है और वो नीलामी भी सफल हुई है। और नवाबगंज चीनी मिल का मूल्यांकन करा दिया गया है। उसकी नीलामी लगनी है। हम लोगों ने दोनों फैक्ट्रियों की ऑलरेडी आरसी काट रखी है और उसकी नीलामी होते ही गन्ने का सारा भुगतान कर दिया जाएगा। सवाल: आपने कहा नीलामी सही हुई, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया, वो कह रहे हैं कि 28 करोड़ की नीलामी तो बहुत कम लागत है, ये तो 100-150 करोड़ की थी?जवाब: तो समाजवादी पार्टी के नेता 100-150 करोड़ में ले लें, इससे अच्छा और क्या है। कम से कम गन्ना किसानों का पेमेंट तो निकल जाएगा, उनके पास तो भ्रष्टाचार का किया हुआ तमाम धन है, तो वो 150 करोड़ हम तो कहते हैं 150 करोड़ दे दें, हम हंसके नीलामी में बोली री-बोली करा देते हैं। 150 करोड़ में 75 करोड़ हमारे जिला अधिकारी के पास जमा करें, हम री-बोली करा देते हैं। अगर कहीं भ्रष्टाचार की उन्हें बू आ रही है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। मैं दैनिक भास्कर ऐप के माध्यम से कहना चाहता हूं, जिस भी नवाजवादी नेता ने ये बात कही है, वो नेता आकर के 75% या 50% ही पैसा डीएम को जमा कर दे और एक कागज पे लिख कर के दे दे कि मैं 150 करोड़ में लेने को तैयार हूं, तो हम 150 करोड़ में वो जमीन दे देंगे। सवाल: क्या लगता है कि समाजवादी पार्टी के नेता जानबूझ के राजनीति कर रहे हैं?जवाब: राजनीति में इनके पास कुछ बचा ही नहीं है। अब ये देखिए कि इतनी बड़ी घटना हो गई, अखिलेश यादव की तरफ से कोई बयान नहीं आएगा, गाजियाबाद में सूर्या की हत्या हो गई अखिलेश यादव के मुंह में दही जम गया। अगर कोई अपराधी मियां के घर पर बुलडोजर चलता है, तो अखिलेश यादव फेसबुक से लेकर के ट्विटर हर जगह बोलना शुरू कर देते हैं, लेकिन जब हिंदू के साथ कुछ होता है तो इन्हीं अखिलेश यादव के मुंह में दही जम जाता है और वो दही नहीं, वो चूना है और इनका मुंह काट देगा, 2027 की तारीख में ये चुनाव में बोलने योग्य नहीं रहेंगे। सवाल: राम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर, अखिलेश यादव लगातार हमलावर हैं?जवाब: जो राम भक्तों पर गोलियां चलाने वाले, प्रभु श्री राम के कब से याद करने लगते हैं? बाबू कल्याण सिंह जिन्होंने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी, अखिलेश यादव जी पड़ोस में रहते थे, उनके अंतिम दर्शन करने नहीं गए, उनको श्रद्धांजलि देने नहीं गए, इतना प्रभु श्री राम से वो चिढ़ते हैं, उनको ये प्रभु राम की चिंता करने की जरूरत नहीं, वो अपने अल्लाह की चिंता करें। सवाल: अब आपके भतीजे की कैसी हालत है?जवाब: अब ईश्वर की कृपा से आप सबके सहयोग से पहले से काफी बेहतर है। और मुझे लगता है कि एक-दो दिन में उसकी छुट्टी भी हो जाएगी। ड्रेसिंग होनी होगी तो ड्रेसिंग यहां से होती रहेगी। ईश्वर की बड़ी कृपा रही कि जो कि एकदम तत्काल वो स्वयं अस्पताल आ गया और काफी ब्लड भी निकल गया था।
कल्याणपुर में शौर्य यात्रा से भीषण जाम:कई एंबुलेंस फंसीं, घंटों तक वाहन रुके रहे
कानपुर के कल्याणपुर मे बुधवार शाम कल्याणपुर क्षेत्र में निकाली गई महाराणा प्रताप शौर्य यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कल्याणपुर क्रॉसिंग से लेकर गुरुदेव चौराहे तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों लोग घंटों सड़क पर फंसे रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली जब मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं और उन्हें रास्ता बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई किलोमीटर तक लगा जामशाम के समय निकली शौर्य यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। यात्रा के चलते मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। प्रशासन द्वारा यातायात को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए गए, लेकिन भीड़ और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। देखते ही देखते कल्याणपुर क्रॉसिंग, आवास विकास मार्ग, मुख्य बाजार क्षेत्र और गुरुदेव चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तरों से लौट रहे कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज से घर जा रहे छात्र-छात्राएं और दैनिक यात्री घंटों सड़क पर जूझते रहे। कई दोपहिया चालक गलियों और वैकल्पिक मार्गों से निकलने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन वहां भी स्थिति सामान्य नहीं रही। इस दौरान मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। एंबुलेंस के सायरन लगातार बजते रहे, लेकिन वाहनों की लंबी कतार और सड़क पर भीड़ के कारण उन्हें आगे बढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कई स्थानों पर स्वयं आगे आकर वाहनों को किनारे करवाया, जिसके बाद एंबुलेंस धीरे-धीरे आगे बढ़ सकीं। जाम में फंसे यात्रियों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन के दौरान पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाना चाहिए था। लोगों का कहना था कि यदि वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाई जाती तो हालात इतने खराब नहीं होते। उधर, पुलिस और ट्रैफिक कर्मी लगातार जाम खुलवाने में जुटे रहे। देर शाम तक कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा। शौर्य यात्रा के आगे बढ़ने और भीड़ कम होने के बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। हालांकि तब तक हजारों लोगों को घंटों की परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी। तंग गलियों से निकलने को मजबूर दिखे राहगीरस्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान बेहतर यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी और आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाने की मांग की है, ताकि आम जनता और मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा के सारसा गांव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महज 28 सेकेंड के इस वीडियो ने गांव में नशे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक युवक हाथ में इंजेक्शन लेकर दावा कर रहा है कि इसमें नशा भरा हुआ है और गांव की नशा विरोधी टीम ने छापा मारकर कुछ युवकों को पकड़ा है। वीडियो में युवक कह रहा है कि भाइयो, सबूत भी सामने आ चुके हैं। नशे के इंजेक्शन भरे हुए हैं। गांव में नशे के खिलाफ टीम बनी हुई है। मेरे भाइयों ने रेड लगाई और इनको पकड़ा है। इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वीडियो में युवक के हाथ में एक इंजेक्शन साफ दिखाई देता है, जबकि दूसरा इंजेक्शन पास में रखा नजर आता है। निर्माणाधीन अस्पताल होने का दावा जिस जगह की वीडियो वायरल हो रही है, उसे गांव का निर्माणाधीन अस्पताल होने का दावा किया गया है। इसमें 3 से 4 युवक यहां दिखाई दे रहे हैं। अलग साइड में कुछ और युवक भी दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाला युवक गांव के लोगों से अस्पताल की बिल्डिंग को जल्दी बनवाने की अपील कर रहा है। वायरल वीडियो ने बढ़ाए सवाल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि नशा करने वाले युवकों को टीम ने पुलिस के हवाले कर दिया है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी कि यह वीडियो किसने और कब बनाया है। वीडीयो ताजा है या फिर पुराना साफ हो नहीं हो सका। पुलिस जांच से ही सामने आएगी सच्चाई वीडियो में दिखाई दे रहे इंजेक्शन किस काम के थे, उनमें क्या भरा था और युवकों को लेकर क्या कार्रवाई हुई, इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन इतना जरूर है कि 28 सेकेंड के इस वीडियो ने सारसा गांव में नशे को लेकर बहस छेड़ दी है और लोगों की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ग्वालियर में स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के 168वें बलिदान दिवस पर दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला शुरू हो गया है। यह आयोजन श्रद्धा और ऐतिहासिक गौरव के साथ लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर किया जा रहा है। मेले के तहत बुधवार शाम झांसी से शहीद शोभायात्रा मशाल जुलूस के रूप में ग्वालियर पहुंची। समाधि स्थल पर इस जुलूस का विधिवत स्वागत किया गया। पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में सजाया गया है तथा विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों की तैयारियां जारी हैं। बलिदान दिवस के मुख्य आयोजन के तहत 18 जून को शाम 7 बजे से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर महानाट्य 'खूब लड़ी मर्दानी' का मंचन होगा। लगभग एक घंटे की इस प्रस्तुति में 200 कलाकार रानी लक्ष्मीबाई के जीवन से जुड़े 70 दृश्य प्रस्तुत करेंगे। इस बार नाटक में रानी की युद्ध रणनीति, शौर्य और नेतृत्व क्षमता दर्शाने वाले छह नए दृश्य जोड़े गए हैं। कार्यक्रम में 15 मिनट तक इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल आतिशबाजी भी की जाएगी। लाइट एंड साउंड पर आधारित यह प्रस्तुति दर्शकों को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौर में ले जाने का प्रयास करेगी। नाटक में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार 13 कलाकार निभाएंगे। आयोजन में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी शामिल होंगे। इसी क्रम में लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, ग्वालियर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।
पाली शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित प्रजापत समाज श्रीयादे माता नवपट्टी मंदिर की 19वीं वर्षगांठ को लेकर महोत्सव आयोजित किया गया। इसके तहत बुधवार को नागा बाबा बगीची स्थित गणेश मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। जो मिलगेट होते हुए मंदिर पहुंच सम्पन्न हुई। इसके बाद हवन, ध्वजारोहण, महाप्रसादी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।मंदिर अध्यक्ष बस्तीमल ब्रांधना एवं कोषाध्यक्ष भैरूलाल हिकोड़िया ने बताया कि वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर शिक्षा को प्रोत्साहित करने की नई पहल के तहत वर्ष 2026 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले पाली जिले के प्रजापत समाज के 20 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।मंदिर प्रवक्ता अशोक राठौलिया मामावास ने बताया कि महोत्सव के तहत मंगलवार को भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें आगामी वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली मंदिर की 20वीं वर्षगांठ के लिए चढ़ावे की बोलियां लगाई गई। भजन संध्या में गायिका दुर्गा जसराज (जोधपुर), गायक संदीप सेजू (मारवाड़ जंक्शन), हास्य कलाकार जगदीश प्रजापत (जोधपुर), आकाशवाणी कलाकार हमीराराम राईका, फिल्म अभिनेत्री सोनल राईका तथा झांकी कलाकार निखिल कोमल राव (नाडोल) एवं लवली राजपुरोहित (जाडन) ने प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र परिहार, मांगीलाल प्रजापति बिजोवा एवं मंदिर के सह-कोषाध्यक्ष मनीष मेहरानिया ने किया। इस अवसर पर मंदिर संरक्षक गोरधनलाल बेरा, तुलसीराम भड़कोलिया, शंकरलाल मुलेरा, भंवरलाल राठौलिया, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश ब्रांधना, राजेंद्र राठौलिया, सचिव जगदीश कवाड़िया, सह-सचिव हुकमीचंद कवाड़िया, मीडिया प्रभारी पुखराज सारड़ीवाल, संगठन मंत्री पेमाराम हाटवा, कोटवाल ओमप्रकाश मुलेरा, सदस्य गिरधारीलाल भाणा, संपतलाल घोड़ेला, मूलाराम जलवाणिया, राजेंद्र सारड़ीवाल, मुकेश बेरा, राकेश रावरिया सहित बड़ी संख्या में प्रजापत समाजबंधु मौजूद रहे।
प्रयागराज जंक्शन के बाहर बुधवार को एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। शहर में बढ़ती यातायात समस्या और स्टेशन क्षेत्र में लगने वाले जाम को कम करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व एसीपी ट्रैफिक ने किया, जिसमें नगर निगम के अतिक्रमण विभाग और पुलिस टीम शामिल थी। प्रयागराज जंक्शन के तीन नंबर गेट के बाहर लंबे समय से बड़ी संख्या में ठेले, खोमचे और अस्थायी दुकानें सड़क किनारे फैली हुई थीं। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, इन अवैध कब्जों के कारण स्टेशन रोड पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। विशेषकर ट्रेनों के आने-जाने के समय यात्रियों, ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की भीड़ से आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता था। स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि चौकी के आसपास भी अवैध दुकानें लगती थीं, जिन पर नियमित कार्रवाई नहीं होती थी। इन शिकायतों और लगातार बनी समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाकर सड़क किनारे के अवैध ठेलों और दुकानों को हटवाया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। एसीपी ट्रैफिक ने बताया कि स्टेशन क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। यहां यातायात व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
गोरखपुर के स्टूडेंट्स ने बीएड ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के साथ ही आगे की तैयारी शुरू कर दी है। बेहतर रैंक पाने वाले स्टूडेंट्स अब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी (डीडीयू) और अच्छे बीएड कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए अपनी चॉइस लिस्ट तैयार करने में जुट गए हैं। गोरखपुर में बीएड करने वाले स्टूडेंट्स के बीच डीडीयू हमेशा से पहली पसंद रहा है। कम फीस, बेहतर एजुकेशन सिस्टम और अच्छी सुविधाओं की वजह से हाई रैंक वाले स्टूडेंट्स की कोशिश डीडीयू में सीट हासिल करने की होगी। ऐसे में यहां एडमिशन के लिए इस बार भी कड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिल सकता है। कॉलेज सिलेक्शन को लेकर बढ़ी एक्टिविटीरिजल्ट आने के बाद से स्टूडेंट्स ने कॉलेजों की डिटेल जुटानी शुरू कर दी है। कोई फीस स्ट्रक्चर देख रहा है तो कोई कॉलेज की फैकल्टी और फैसिलिटी की जानकारी ले रहा है। काउंसिलिंग के दौरान बेहतर विकल्प चुनने के लिए छात्र अभी से तैयारी कर रहे हैं। डीडीयू के अलावा गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के वित्तपोषित कॉलेज भी छात्रों की पसंद में शामिल हैं। हालांकि सीटें सीमित होने के कारण कम रैंक वाले स्टूडेंट्स के लिए स्ववित्तपोषित कॉलेज बेहतर विकल्प होंगे। तीनों जिलों में करीब 95 स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेज मौजूद हैं। काउंसिलिंग शुरू होते ही तेज होगी एडमिशन प्रक्रियाअब सभी स्टूडेंट्स की नजर काउंसिलिंग डेट पर है। काउंसिलिंग शुरू होने के बाद रैंक और कॉलेज चॉइस के आधार पर सीट अलॉटमेंट किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधकों को उम्मीद है कि शुरुआती राउंड में ही बड़ी संख्या में सीटों पर एडमिशन पूरे हो जाएंगे।
हापुड़ पुलिस ने उबारपुर जंगल में हुई शिवानी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के नाबालिग प्रेमी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि प्रेम-प्रसंग और शादी को लेकर हुए विवाद के चलते यह हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामला हाफिजपुर थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरा मामला दरअसल, सोमवार को गांव उबारपुर के जंगल में ग्रामीणों ने एक युवती का खून से लथपथ शव देखा था। जंगल में शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। हाफिजपुर थाना प्रभारी अरविंद चौधरी भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि युवती की हत्या सिर पर ईंटों से ताबड़तोड़ वार करके बेरहमी से की गई थी। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज किए, तो उसकी पहचान बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भदस्याना निवासी शिवानी के रूप में हुई। शिवानी बीए की छात्रा थी, जो सोमवार सुबह अपने घर से बैंक जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन उसके बाद वह लापता हो गई थी। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शिवानी के परिजनों से संपर्क किया। मृतका के पिता ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। हाफिजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम सादिकपुर से आगे सलाई कट के पास घेराबंदी कर आरोपी बाल अपचारी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसका शिवानी के साथ काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शिवानी उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी, जिसके लिए वह तैयार नहीं था। सोमवार को शिवानी जब घर से निकली, तो वह आरोपी से मिलने उबारपुर के जंगल में पहुंच गई। वहां एक बार फिर दोनों के बीच शादी को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। इस पर आक्रोशित होकर आरोपी ने पास पड़ी ईंट उठाई और शिवानी के सिर पर कई वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कटनी में नेशनल हाईवे 43 पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बुजुर्ग की मौत हो गई। एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के वक्त वहां से गुजर रहे कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने अपना काफिला रुकवाया और घायल को अस्पताल भिजवाया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। मंत्री ने अपनी सुरक्षा गाड़ी से भेजा अस्पताल यह हादसा बड़वारा थाना क्षेत्र के गुड़ा मोड़ के पास हुआ। उसी समय उमरिया से कटनी की ओर जा रहे अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। सड़क पर लहूलुहान हालत में बुजुर्ग को तड़पता देख मंत्री ने तुरंत गाड़ियां रुकवाईं। उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात एस्कॉर्ट (पायलटिंग) गाड़ी से घायल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा भिजवाया। अत्यधिक खून बहने से हुई मौत पायलटिंग वाहन की मदद से बुजुर्ग को बेहद कम समय में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल लाने से पहले ही ज्यादा खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की पहचान 58 वर्षीय परमेश्वर दत्त चतुर्वेदी के रूप में हुई है, जो उमरिया जिले के चंदिया नगर के निवासी थे। पुलिस ने उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। अज्ञात वाहन चालक पर केस बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार अज्ञात वाहन और उसके चालक का सुराग लगाने के लिए हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नर्मदापुरम में बुधवार को महाराणा प्रताप जयंती धूमधाम से मनाई गई। शाम 6.30 बजे महाराणा प्रताप चौराहे से जिला क्षत्रिय राजपूत परिषद और सर्व राजपूत समाज संगठन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा टैक्सी स्टैंड, सतरस्ता, हलवाई चौक, गांधी प्रतिमा तिराहा और सर्किट हाउस होते हुए फिर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंची। देखें समारोह की तीन तस्वीरें… शोभायात्रा में राजपूत समाज के युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। कई युवाओं ने सिर पर साफा बांधा और कुछ ने सिर पर टोपी पहनकर भाग लिया। कुछ युवाओं ने हाथों में तलवार लेकर जय भवानी और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए। पूरे मार्ग में 40 से अधिक स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। चल समारोह से पहले महाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल पर मां भवानी की आरती और शस्त्र पूजन किया गया। इसमें राजपूत समाज के साथ सर्व हिंदू समाज के भी सैकड़ों लोग शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान लोगों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद करते हुए उनके सम्मान में नारे लगाए और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
राज्यसभा चुनाव विवाद पर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन:खंडवा में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को महिला कांग्रेस ने शहर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग की। महिला कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर करीब 4.30 बजे गांधी भवन से एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली, जो केवलराम पेट्रोल पंप चौराहे तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भाजपा रूपी जंजीर पहनाने का सांकेतिक प्रदर्शन किया और बाद में उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाएमहिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमलता पालीवाल ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना समय की आवश्यकता है। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रचना तिवारी ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने की मांग करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान सुनीता सकरगाए ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में नियमों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी की गई। उनका कहना था कि कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व स्वतंत्र और निष्पक्ष रहकर कार्य करना है। इसी संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया।

