लखनऊ धीरेंद्र हत्याकांड: राजनीतिक रंजिश की दिशा में बढ़ी जांच, सांसद और विधायक भी घेरे में
महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस अब राजनीतिक रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
ग्वालियर में विवेक मीणा हत्याकांड के आरोपितों से पूछताछ में मोनू होका की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। 40 लाख रुपये के विवाद में दुश्मनी थी।
मैथिली ठाकुर के क्षेत्र अलीनगर के CHC में उर्दू में नामपट्ट लगाने की मांग, सियासत की आहट
Maithili Thakur Alinagar:अलीनगर सीएचसी में उर्दू में नामपट्ट लगाने की मांग तेज हो गई है, जिसे अंजुमन तरक्की-ए-उर्दू ने मरीजों की सुविधा और उर्दू को बिहार की द्वितीय राजभाषा बताते हुए उठाया है। यह मांग अलीनगर का नाम बदलकर सीतानगर करने की चर्चा के बीच क्षेत्र में नई राजनीतिक हलचल पैदा कर रही है।
लुधियाना में कुत्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद फायरिंग में बदल गया। युवती के पिता और भाई पर छह राउंड गोलियां चलाई गईं, दोनों घायल होकर अस्पताल पहुंचे।
प्रतापगढ़। 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को धरियावद बस स्टैंड स्थित शिव साहू रेस्टोरेंट एंड कोल्ड ड्रिंक का निरीक्षण किया। जन्माष्टमी त्योहार को देखते हुए की गई कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट में कई खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। टीम ने मौके से खाद्य पदार्थों के 3 नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई और परिसर की दीवारें बदरंग मिलीं। फर्श गंदा था और बर्तन भी बदरंग पाए गए। दरवाजे और खिड़कियों पर जालियां नहीं लगी थीं। पका खाना खुला रखा था, परिसर में घूम रहे थे कॉकरोच निरीक्षण के दौरान कई खाद्य सामग्री पर एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं मिली। परिसर में कॉकरोच घूमते पाए गए। वहीं पका हुआ खाना बिना ढके रखा हुआ था और कूड़ेदान भी बिना ढक्कन के मिला। खाद्य सुरक्षा टीम को जांच के दौरान प्रतिबंधित फूड एडिटिव्स के इस्तेमाल की जानकारी भी मिली। रेस्टोरेंट में काम करने वाला स्टाफ भी अप्रशिक्षित पाया गया। पेस्ट कंट्रोल और हेल्थ सर्टिफिकेट भी नहीं मिले जांच के दौरान रेस्टोरेंट संचालक की ओर से पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र, खाद्य हैंडलर्स के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए रेस्टोरेंट संचालक को सुधार के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया है। मावे की बर्फी, तेल और मैदा के सैंपल लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से मावे की बर्फी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और मैदा के नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, लैब जांच रिपोर्ट में यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम-विनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कचौरी तलने वाले तेल की TPC जांच, मानक से 30 गुना ज्यादा टीम ने रेस्टोरेंट में कचौरी तलने के लिए इस्तेमाल हो रहे तेल की TPC मीटर से जांच की। जांच में तेल का TPC स्तर निर्धारित मानक से करीब 30 गुना ज्यादा पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमों के अनुसार इस तेल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। जन्माष्टमी से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से त्योहार को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा, रामेश्वर मीणा और कल्पना पटेल शामिल रहे।
हिमाचल विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भुगतान का दावा किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धरनों पर सवाल उठाए।
राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू के चेस्ट डिजीज अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर, टीबी और श्वसन रोगों के सटीक निदान के लिए ईबीयूएस सुविधा शुरू की गई है। यह जम्मू संभाग में अपनी तरह की पहली उन्नत और न्यूनतम इनवेसिव जांच सुविधा है।
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल से अटैच मनोचिकित्सा केन्द्र आदर्श नगर में आज सुबह करीब साढ़े 10 बजे बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे ओपीडी रजिस्ट्रेशन समेत अन्य काम करीब 15-20 मिनट तक प्रभावित रहे। इस दौरान मरीजों की लंबी लाइनें लग गई। सुबह अचानक लाइट जाने से तमात कंप्यूटर संबंधित काम और इलेक्ट्रिक उपकरण थम गए। बैकअप के लिए वहां लगा जनरेटर सेट भी तकनीकी खराबी के चलते स्टार्ट नहीं हो सका। इस दौरान ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर काम ठप हो गया और रजिस्ट्रेशन होने बंद हो गए। इससे हॉस्पिटल में सुबह पहुंचे मरीजों को करीब 15-20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। 15 मिनट बाद शुरू हुआ जनरेटर सेट हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. योगेश सतीजा ने बताया- बिजली सप्लाई जेवीवीएनएल की तरफ से बंद हो गई थी, लेकिन हमारे यहां रखा जनरेटर सेट भी तकनीकी खामी के चलते 15 मिनट तक चालू नहीं हो सका। 15 मिनट बाद इलेक्ट्रिशन ने आकर जनरेटर चालू किया और बिजली सप्लाई हुई। 15 मिनट मरीजों को परेशानी हुई।
घासा पंचायत समिति की 26 ग्राम पंचायतों में शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूलों के शारीरिक टीचर्स की ब्लॉक स्तरीय वाकपीठ कार्यकारिणी बनाई गई है। इसका गठन घासा के हनुमान पार्क में हुई बैठक में किया गया। बैठक में सभी पदाधिकारियों को सर्वसम्मति से बिना किसी विरोध के चुना गया। इनमें अर्जुन सिंह चूंडावत को अध्यक्ष और गोपाल लाल मेहता को सचिव चुना गया है। इसके अलावा जगन्नाथ सिंह चूंडावत को संरक्षक, नरेंद्र सिंह राठौड़ को सभाध्यक्ष और मोतीलाल भगोर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। छगन बारोट और रामरक्षपाल सिंह उपाध्यक्ष चुने गए, जबकि सुनील वया कोषाध्यक्ष बने। सोनम सक्सेना को महिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। नवनिर्वाचित 11 सदस्यीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने बताया कि वाकपीठ के जरिए ब्लॉक में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर मौके दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शारीरिक शिक्षकों की अलग-अलग समस्याओं और उनके हितों के लिए भी प्रभावी ढंग से काम किया जाएगा।
फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के सहारे सेल्फ ड्राइव पर अर्टिगा वाहन किराये पर लेकर उसे बेचने की कोशिश करने के मामले में खुर्सीपार पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
Mayawati: मायावती ने साफ कर दिया कि पार्टी अब देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ेगी। बसपा में भतीजे और नेशनल कोओर्डिनेटर आकाश आनंद को लेकर मायावती ने गुरुवार को स्थिति स्पष्ट कर दी।
तमिलनाडु में बनेगा नया सचिवालय, मेगा प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 1200 करोड़
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत चेन्नई में नए सचिवालय और विधानसभा परिसर के निर्माण का ऐलान किया. करीब 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले नए कॉम्प्लेक्स का बिल्ट-अप एरिया 20 लाख वर्ग फीट होगा.
बाणसागर बांध पहली बार 100% भरा, आठ गेट खोलकर छोड़ा जा रहा पानी, निचले इलाकों में अलर्ट
शहडोल का बाणसागर बांध पहली बार शत-प्रतिशत भर गया। जलस्तर 341.64 मीटर पहुंचा, आठ रेडियल गेट खोले गए और निचले क्षेत्रों में प्रशासन ने अलर्ट जारी रखा।
बूंदी जिले में धारा 163 लागू:निकाय चुनाव में जीतने के बाद नहीं निकलेगा जुलूस
बूंदी जिले में नगरीय निकाय के चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव नतीजों के बाद निकलने वाले विजय जुलूसों पर रोक लगा दी गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' की धारा 163 लागू की गई है। यह धारा पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी। इस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त जिला कलेक्टर) एच.डी. सिंह ने नगरीय निकाय चुनाव के सभी रिटर्निंग अधिकारियों को आदेश दिए हैं। नहीं निकलेगा विजय जुलूसआदेश के मुताबिक, चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के हिसाब से नगरीय निकायों के सदस्य (पार्षद) पदों के लिए पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को होगा। इसके बाद 14 सितंबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित होंगे। साथ ही, नगरीय निकाय के अध्यक्ष पदों के लिए 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पदों के लिए 22 सितंबर को चुनाव होंगे। आदेश में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई भी चुना हुआ सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जीत के बाद विजय जुलूस नहीं निकालेगा। सभी रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य निर्वाचन आयोग के इन आदेशों का पूरी तरह पालन करें।
बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र की आरपीएफ कॉलोनी के पास गुरुवार को चौकीदार का शव खून से लथपथ हालत में मिला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अज्ञात हमलावर ने सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उसकी हत्या की है। मृतक रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से जुड़े सामान के गोदाम की रखवाली करता था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। हत्या की सूचना मिलते ही GRP, RPF और तोरवा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। FSL टीम और डॉग स्क्वायड को भी जांच के लिए बुलाया गया। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे वारदात के दौरान वहां आने-जाने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं पुलिस फिलहाल हत्या के कारण और आरोपी की पहचान को लेकर जांच कर रही है। चौकीदार की किसी से पुरानी रंजिश थी या किसी अन्य वजह से हत्या की गई, इसे लेकर भी पुलिस आसपास के लोगों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) जोन-1 के AHO प्रीतेश गर्ग बने आज के “स्टार ऑफिसर” संत हिरदाराम नगर निवासी परेश ने घर के आसपास लगातार कचरा फेंके जाने और पेशाब किए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग बार-बार घर के आसपास कचरा फेंकते हैं और पेशाब करते हैं, जिससे रहवासियों के लिए अस्वच्छ और अप्रिय माहौल बना हुआ है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी खतरा है। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद जोन-1 के AHO प्रीतेश गर्ग ने मामले पर संज्ञान लिया और संबंधित टीम के माध्यम से सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान अरेरा हिल्स: दो दिन से बंद नाली की हुई सफाई, पार्षद ने कराया समाधान अरेरा हिल्स निवासी मुकेश चौहान ने दो दिन से नाली की सफाई नहीं होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने नाली में गंदगी जमा होने की समस्या बताई थी। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड 33 के पार्षद आर.के. सिंह बघेल ने मामले पर संज्ञान लिया और नाली की सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। टूटी पुलिया, बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर मलबा और गड्ढों से परेशान भोपालवासी मंदाकिनी कॉलोनी: टूटी पुलिया से हादसे का खतरा वार्ड 82, मंदाकिनी कॉलोनी निवासी निरंजन स्वैन ने कॉलोनी की मुख्य सड़क को जोड़ने वाली टूटी पुलिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी की मुख्य सड़क को जोड़ने वाली पुलिया टूट गई है। दूसरी तरफ नाला है। दोपहिया या चारपहिया वाहन थोड़ा भी असंतुलित होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। अरविंद विहार: एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं अरविंद विहार निवासी राहुल मीणा ने एमआईजी-284 की स्ट्रीट लाइट को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि स्ट्रीट लाइट एक महीने से बंद है। नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कोलार: सड़क पर मलबा पड़ा, आवागमन में परेशानी कोलार निवासी प्रतीक ने जेके हॉस्पिटल रोड, मंदाकिनी चौक पर सड़क की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि रोड को कई दिनों से बंद कर रखा है और कार्य पूर्ण होने पर भी आवागमन पूर्णतः शुरू नहीं किया जा रहा है। नारियलखेड़ा: सड़क पर बड़े गड्ढे, लोगों को परेशानी नारियलखेड़ा निवासी मनीष पाल ने सड़क पर बने गड्ढे को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि लिकेज ठीक करने के बाद गड्ढे को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इससे लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की संबंधित अधिकारी शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने के बाद एप पर इसकी जानकारी साझा कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
अलीगढ़ में संपत्ति के लालच में चाचा की हत्या के मामले में भतीजे और उसके साथी को अदालत ने दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-1) की अदालत ने दोनों आरोपियों को सात-सात साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना साल 2009 की है। थाना हरदुआगंज क्षेत्र के किढ़ारा गांव में बनीसिंह नाम के एक अविवाहित व्यक्ति रहते थे। उनके साथ उनका एक और भतीजा रहता था। आरोपी अजय को शक था कि बनीसिंह अपनी संपत्ति साथ रहने वाले भतीजे के नाम न कर दें। इसी बात को लेकर चाचा और भतीजे के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन संपत्ति के विवाद को लेकर अजय और बनीसिंह के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने अपने दोस्त केशवदेव के साथ मिलकर चाचा बनीसिंह पर चाकू से कई वार कर दिए। बनीसिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल बनीसिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक के परिजनों की शिकायत पर थाना हरदुआगंज में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच कर अदालत में चार्जशीट पेश की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों और सबूतों के आधार पर एडीजे-1 न्यायालय ने भतीजे अजय और उसके साथी केशवदेव को दोषी पाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) मेपे सिंह ने बताया कि अदालत का यह फैसला समाज को कड़ा संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के लालच में अपनों की जान लेने वालों को कानून से छूट नहीं मिल सकती। न्यायालय ने दोनों दोषियों को 7-7 साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं के पैरवी से दूर रहने के कारण नागौर के विभिन्न न्यायालयों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। अधिकांश मामलों में सुनवाई आगे की तारीखों के लिए स्थगित हुई। अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति और पक्षकारों की कम आवाजाही के चलते दोपहर तक न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा नजर आया। खाली समय में अधिवक्ता परिसर में बैठकर आंदोलन और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते दिखाई दिए। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली ने बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में बुधवार को बड़ी संख्या में प्रकरण सूचीबद्ध थे। कार्य बहिष्कार के चलते इन न्यायालयों में अधिवक्ताओं की नियमित पैरवी नहीं हुई। किशोर न्याय बोर्ड सहित अन्य न्यायालयों में भी न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ और कई पेशियां आगे बढ़ीं। राजस्व न्यायालयों में भी कामकाज प्रभावित अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने का असर राजस्व न्यायालयों पर भी रहा। एसडीएम, एसीएम और राजस्व अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिला कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के न्यायालयों में भी नियमित सुनवाई प्रभावित रही। जायल और खींवसर बार का भी समर्थन आंदोलन को जिले की अन्य बार एसोसिएशनों का भी समर्थन मिला। जायल बार अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सिंह कालवी और खींवसर बार सचिव किशन देवड़ा के नेतृत्व में वहां के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्यों से विरत रहे। 6 सितंबर तक जारी रहेगा कार्य बहिष्कार डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सिद्धांतों से जुड़ा राज्यव्यापी मुद्दा है। हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों की मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर की ओर से 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।
धमतरी में NH-30 पर फोरलेन में DPS स्कूल के पास आटे से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में पलट गया। ट्रक रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहा था। हादसे के समय उसमें ड्राइवर और कंडक्टर सवार थे, जिन्होंने कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि दोनों को कोई चोट नहीं आई। मवेशियों को बचाने की कोशिश में बिगड़ा संतुलन ड्राइवर के अनुसार, देर रात सड़क पर कुछ मवेशी बैठे हुए थे। उन्हें बचाने की कोशिश के दौरान ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे नाले में जा पलटा। हादसे के बाद सड़क पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। घटनास्थल पर करीब 50 फीट तक टायरों के डगमगाने के निशान मिले, जिससे टक्कर और वाहन के अनियंत्रित होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। आटे को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया ट्रक में बड़ी मात्रा में आटा भरा हुआ था, जिसे जगदलपुर ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। ट्रक में लदे आटे को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कराया गया। इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को नाले से बाहर निकाला गया। पुलिस हादसे के कारणों और मौके की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
शाहजहांपुर में एक मृतक के परिवार ने वकीलों के साथ एसपी ऑफिस का घेराव किया। परिवार का आरोप है कि खुदागंज पुलिस गवाहों को धमका रही है और गवाही देने पर उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की धमकी दे रही है। अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। खुदागंज थाना क्षेत्र के मझिला गांव के रहने वाले सुधीर सिंह का शव 30 अगस्त की रात को मिला था। परिजनों ने गांव के बबलू, शिवशंकर और ओमपाल पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। मृतक के भाई ने बताया कि सुधीर की मारपीट कर हत्या की गई थी, जिसके कई गवाह हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस इन गवाहों को धमका रही है। उनका कहना है कि खुदागंज थाना प्रभारी ने गवाहों को डराया-धमकाया। 2 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने गवाहों के घरों में गैरकानूनी तरीके से दबिश दी। उन्होंने गवाहों के नाबालिग बच्चों को भी गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार किया और गवाही देने पर बच्चों को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इससे गवाह काफी डरे हुए हैं। परिजन अधिवक्ता राजेश अवस्थी के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे और नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने खुदागंज थाना प्रभारी का तबादला करने की मांग की, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष हो सके। अधिकारियों ने उन्हें फिर से कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक सहभागी, प्रभावी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए बुधवार को ‘ग्राम स्वराज-आत्मनिर्भर गांवों की ओर’ का आयोजन किया गया। जो जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और सतत ग्रामीण विकास को ग्राम पंचायत स्तर की विकास प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य स्तरीय कंसल्टेशन सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस द्वारा टाटा ट्रस्ट्स एवं अरावली संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र में सीएमएफ. संस्था की कार्यकारी निदेशक मल्लिका श्रीवास्तव ने कंसल्टेशन के उद्देश्य और इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद संस्था के चेयरमैन प्रो. जनत शाह, वाइस चेयर मिस अपर्णा सहाय तथा कार्यक्रम के चीफ गेस्ट एस. एम. विजयआनंद, पूर्व सचिव, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके बाद एसएम विजयआनंद ने ग्राम पंचायत विकास योजना से जुड़े अपने लंबे अनुभव को साझा किया। उन्होंने GPDP की अवधारणा, विकेंद्रीकृत एवं सहभागी नियोजन की आवश्यकता तथा ग्राम पंचायतों को स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के निर्धारण में अधिक प्रभावी भूमिका देने पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेन्स के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अधिक प्रभावी समाधान किया जा सकता है। पंचायत रिसोर्स का फायदा उठाएं एसएम विजयआनंद ने बताया- पंचायतों के पास मौका है कि वे उनके पास उपलब्ध रिसोर्स एनवलप का फायदा उठाएं। इसमें 16वें यूनियन फाइनेंस, स्टेट फाइनेंस, वीबी-जी राम जी की वित्तीय सुविधाओं प्रमुखता से शामिल हैं। वहीं, 16वें यूनियन फाइनेंस में 60 प्रतिशत पैसा ऐसा है जो कि पंचायत अपने स्वयं विवेक पर खर्च कर सकती है। इसमें रोड निर्माण में मात्र 20 प्रतिशत तक का ही खर्च किया जा सकता है। कार्यक्रम में दूसरे सत्र में पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें जीपीडीपी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के कन्वर्जेन्स में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर चर्चा हुई। पैनल की चर्चा में पूर्व डिप्टी एम.डी. नाबार्ड सूर्यकुमार, यूनीसेफ के शफाकत, आर.आर.डी.एस जयपुर के हरि सिंह, डी.पी.एम. आरजीएसए जिल परिषद जयपुर विवेक बंसल और पूर्व सरपंच प्रकाश कंवर मौजूद रहे। चर्चा का संचालन वरूण शर्मा, अरावली संस्था के द्वारा किया गया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कॉलेज के एक शिक्षक को 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एकलपीठ के उस अंतरिम आदेश को रद्द किया।
Bhagalpur Trade License :भागलपुर नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस वसूली के लिए विशेष टास्क टीम का गठन किया है। इसका लक्ष्य 50 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस के दायरे में लाना और राजस्व में वृद्धि करना है।
सरकार के प्रयासों से जम्मू में प्याज की कीमतें नियंत्रित हुई हैं। नरवाल मंडी में 35 टन बफर स्टॉक पहुंचने से प्याज 30-35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
भोपाल के बागसेवनिया इलाके में साइबर ठगों ने पहले 160 रुपए का बोनस देकर एक युवक का भरोसा जीता और फिर क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करीब 12 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने युवक को वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग टास्क दिए। शुरुआत में टास्क पूरा करने पर 160, 100 और 1500 रुपए तक बोनस दिया। इसके बाद बड़े मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों और UPI ID में रुपए ट्रांसफर कराते रहे। पीड़ित ने ठगों के झांसे में आकर अपने खातों के अलावा पत्नी, भाई, भतीजे, दोस्तों और अन्य परिचितों के खातों से भी रकम भेज दी। 19 और 20 अगस्त के बीच 32 ट्रांजेक्शन में करीब 11.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर छोटे टास्क दिए पुलिस के अनुसार बागमुगलिया निवासी 36 वर्षीय सतेन्द्र करोसिया को 18 अगस्त को एक मोबाइल नंबर से 24-कंपार्टेंडो नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में प्रोडक्ट खरीदकर उसका स्क्रीनशॉट शेयर करने पर बोनस देने की बात कही गई। शुरुआत में जब उसके खाते में बोनस की रकम पहुंची तो उसे भरोसा हो गया कि यह वास्तविक ऑनलाइन काम है। इसके बाद ठगों ने उसे टेलीग्राम ग्रुप की लिंक भेजी। वहां निवेश के नाम पर अलग-अलग टास्क दिए गए। हर टास्क पूरा करने के लिए रकम जमा कराई जाती थी। ज्यादा निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया। ठग हर बार अलग-अलग बैंक खाते और UPI ID भेजकर रकम ट्रांसफर कराते रहे। 11.98 लाख जमा करने के बाद मांगे 60 हजार सतेन्द्र ने जब करीब 11.98 लाख रुपए जमा कर दिए तो उसने अपनी रुपए और मुनाफा वापस मांगा। इस पर ठगों ने कहा कि पूरी रकम निकालने के लिए 60 हजार रुपए और जमा करने होंगे। इस मांग के बाद सतेन्द्र को संदेह हुआ। उसने रुपए वापस लेने के लिए दबाव बनाया, लेकिन ठग 60 हजार रुपए जमा करने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, UPI ID, मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
आगरा: यूनिवर्सिटी माॅडल स्कूल की फाइल फिर खुलेगी, छात्र की हुई थी मौत
आगरा के यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में सीजेएम ने एफआर रद्द कर अग्रिम विवेचना के आदेश दिए हैं। अग्रिम विवेचना में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की दो रिपोर्टों का तुलनात्मक और वैज्ञानिक परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
देवरिया जिले ने परिषदीय विद्यालयों में हुए निपुण आकलन में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में कुल 78 फीसदी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। वहीं, विकासखंड भागलपुर ने 99 फीसदी उपलब्धि के साथ प्रदेश के सभी विकासखंडों में पहला स्थान पाया है। अगस्त में शिक्षकों, एआरपी और एसआरजी ने मिलकर यह आकलन किया था। इसमें जिले के 95,616 विद्यार्थियों की पढ़ाई की क्षमता को जांचा गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने इस उपलब्धि पर सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, एआरपी, एसआरजी और अकादमिक टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों और बच्चों के प्रति समर्पण का नतीजा है। डॉ. मौर्य ने यह भी कहा कि इसे सिर्फ एक आंकड़े के तौर पर नहीं, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार की जिम्मेदारी के तौर पर देखना चाहिए। आकलन से मिले नतीजों के आधार पर विद्यार्थियों की पढ़ाई की क्षमता को और बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। जिले में कुल 2,121 परिषदीय विद्यालय चल रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत निपुण आकलन को बालवाटिका से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए बढ़ाया गया है। अगस्त में विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आकलन शिक्षकों, एआरपी और एसआरजी ने मोबाइल पर निपुण प्लस ऐप के जरिए किया। इस दौरान जिले के 1,865 विद्यालयों में बच्चों की दक्षता जांची गई। इनमें से 616 विद्यालय ऐसे थे, जहां सभी बच्चों का आकलन पूरा किया गया। कक्षा एक से पांच तक जिले में कुल 1,22,241 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से 95,616 विद्यार्थियों का आकलन हुआ, जिससे जिले की उपलब्धि 78 फीसदी रही। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने बताया कि इस उपलब्धि से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब सभी को और ज्यादा मेहनत करके विद्यार्थियों की दक्षता में सुधार लाना होगा। भागलपुर का 99 प्रतिशत आकलनविकासखंड भागलपुर ने 99 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश के विकासखंडों में पहला स्थान प्राप्त किया। यहां 103 विद्यालयों में से 74 विद्यालयों में सभी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। कुल 6,077 विद्यार्थियों के सापेक्ष 5,983 विद्यार्थियों का यूनिक असेसमेंट किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी भागलपुर सूरज कुमार ने कहा कि 99 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह उपलब्धि विकासखंड के प्रधानाध्यापकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, एआरपी और अकादमिक टीम के सामूहिक प्रयास, सतत अनुश्रवण और बच्चों के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ बच्चों के अधिगम स्तर में और सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे।बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता पर जोरनिपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को निर्धारित कक्षा-स्तर की बुनियादी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं में निपुण बनाना है। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग की ओर से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण भी किया जा रहा है, ताकि बच्चों की शैक्षिक प्रगति का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा सकें।
पीलीभीत की पूरनपुर विधानसभा (129- पूरनपुर) की मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगा है। समाजवादी पार्टी युवजन सभा ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे एसडीएम मयंक गोस्वामी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दावा किया गया है कि सूची में लगभग 5000 संदिग्ध और फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सपा युवजन सभा के नेताओं ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों की मतदाता सूची देखने और स्थानीय शिकायतों के बाद यह मामला सामने आया है। संगठन का आरोप है कि करीब 5000 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से दर्ज हैं। उनके पास इन नामों से जुड़े सबूत भी हैं। नेताओं ने कहा कि इन संदिग्ध मतदाताओं से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की शुद्धता पर असर पड़ सकता है। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की अपील की गई है। संगठन ने मांग की है कि इन सभी संदिग्ध मतदाताओं की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही, जो मतदाता जांच में गलत पाए जाएं, उन पर चुनाव नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। इससे मतदाता सूची को साफ और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। ज्ञापन सौंपते समय समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू, विधानसभा अध्यक्ष संजय यादव, रामस्वरूप, इमरान, नौमान वारसी, शमशुल हसन, उस्मान शाह, अमित वर्मा, ओम शर्मा, सतीश चंद्र वर्मा, अहीद खां, खुरशीद और वसंत वर्मा समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।
टीकमगढ़ जिले के मऊचुंगी रोड स्थित श्रीजी कॉलोनी के जैन मंदिर में बुधवार रात दो अज्ञात नकाबपोश चोर घुस गए। चोर मंदिर में रखी दानपेटी चोरी कर ले गए। गुरुवार को मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान घटना का पता चला। दानपेटी में रखे थे हजारों रुपए जैन समाज के लोगों के मुताबिक, चोरी हुई गुल्लक की कीमत करीब 25 हजार रुपए है। इसमें 50 हजार रुपए से ज्यादा नकदी होने की बात कही जा रही है। बताया गया कि गुल्लक करीब तीन महीने से नहीं खोली गई थी। CCTV में कैद हुए आरोपी मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों नकाबपोश चोर कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। चोरी करने की तस्वीरे देखिए… पहले भी मंदिरों में हो चुकी हैं चोरियां कोतवाली थाना क्षेत्र के मंदिरों में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। चकरा रोड स्थित ज्ञानेश्वरी देवी मंदिर, बजाज की बगिया हनुमान मंदिर और रेलवे पुल स्थित हनुमान मंदिर में भी चोरी हो चुकी है। इन मामलों का अब तक खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। डॉग स्क्वॉड से जांच एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि कोतवाली थाना प्रभारी को रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों में लगातार चोरी की घटनाएं चिंता का विषय हैं। जैन मंदिर चोरी के मामले में डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाके में जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 बराती में हुडको के आवास जर्जर हो गए हैं। इन आवासों को पहले के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) ने 1988-89 में बनवाया था। कुछ लोग बिना सही आवंटन के इन खराब भवनों में रह रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। इन भवनों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ये आवास अब अमरकंटक नगर परिषद की संपत्ति हैं। इसके बावजूद नगर परिषद इनकी नियमित जांच, देखभाल या मरम्मत नहीं कर रही है। जर्जर भवनों की हालत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी इस गंभीर मामले पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों में यह भी चर्चा है कि कुछ मजदूर वर्ग के लोग बिना सही आवंटन के इन आवासों में रह रहे हैं। सवाल यह है कि नगर परिषद की संपत्ति पर बिना वैध आवंटन के लोगों को रहने की अनुमति कैसे मिली और विभाग ने अब तक इसकी जांच क्यों नहीं की? मरम्मत पर नहीं दिया ध्यान सबसे चिंता की बात यह है कि इन जर्जर भवनों में रहने वाले लोग भी इनकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, नगर परिषद भी भवनों की असली हालत देखकर जरूरी कदम नहीं उठा रही है। अगर अचानक भवन का कोई हिस्सा गिर जाता है या किसी हादसे में किसी की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? समय रहते भवनों की जांच कर उन्हें खतरनाक घोषित नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाले किसी बुरे हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी होगा। दरअसल विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) अमरकंटक का पवित्र तीर्थ स्थल और प्राकृतिक क्षेत्र के समग्र विकास के लिए गठित एक प्रमुख निकाय के रूप में किया गया था। जिसका उद्देश्य अमरकंटक और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना था। इसी योजना के तहत यहां आवासीय भवनों का निर्माण हुआ था, हालांकि इन आवासों की कुल आधिकारिक एवं सटीक संख्या सार्वजनिक दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से एक साथ दर्ज नहीं है। नोटिस जारी कर खाली करने को कहा मामले ने सीएमओ नगर परिषद् अमरकंटक चैन सिंह परस्ते का कहना है कि हमने मकानों की स्थिति के लिए सर्वे के लिए टीम लगाया है। आवास जर्जर है, इसके लिए नोटिस जारी कर लोगों को आवास खाली करने के लिए कहा गया है।
उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ कनेक्टिविटी भी मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि 2022-23 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने 8 समूह बनाए थे। इनमें मंत्री और अधिकारी शामिल थे। इन समूहों ने अलग-अलग देशों में जाकर निवेशकों से संपर्क किया। दुबई में भी करीब 4 दिन तक निवेशकों के बीच रहकर यूपी में निवेश की संभावनाएं बताई गईं। यहां करीब 23 हजार करोड़ रुपए के एमओयू हुए। इसके बाद कई निवेशकों ने यूपी में परियोजनाएं शुरू कीं। 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले मंत्री ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के बाद यूपी को करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अकेले वस्त्र उद्योग के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव हैं। लोकसभा चुनाव से पहले आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में करीब 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। रेलवे-हवाई कनेक्टिविटी से बढ़ा भरोसा राकेश सचान ने कहा कि निवेशकों के लिए अच्छी नीतियों के साथ रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी भी जरूरी है। यूपी में लगातार कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। जब निवेश की परियोजनाएं जमीन पर दिखाई देती हैं तो देश-दुनिया में यह संदेश जाता है कि प्रदेश में सिर्फ नीतियां नहीं बनतीं, बल्कि उन पर काम भी होता है। छह महीने में बजट का 40% खर्च मंत्री ने कहा कि उनके विभाग ने अपने बजट का करीब 40% हिस्सा छह महीने में ही खर्च कर दिया है। सरकार योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने पर काम कर रही है। लखनऊ और हरदोई में तैयार हो रहे टेक्सटाइल पार्कों का जल्द उद्घाटन किया जाएगा। संतकबीरनगर, वाराणसी और बरेली समेत कई जिलों में भी टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार की करीब 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना है। इनमें से 5 के लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है। लक्ष्य है कि नवंबर तक इन पार्कों का शिलान्यास कराया जाए। सस्ती जमीन पर उद्योग लगाने का मौका टेक्सटाइल पार्कों में निवेश करने वाले उद्यमियों को सस्ती दरों पर जमीन देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए उद्योग लगेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए निवेश और उद्योगों से जुड़ी नीतियों में जरूरत के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।
मऊ के जयरामगढ़ गांव के रहने वाले रामअवध राजभर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर आबादी की जमीन से जुड़े विवाद में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। स्वर्गीय रामनाथ राजभर के बेटे रामअवध ने आरोप लगाया कि 1 सितंबर को ग्राम प्रधान अजय राजभर ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी जगह पर लगे तीन टीन शेड और नाद हटा दिए। इसके बाद गांव की भोली देवी को उस जगह पर कब्जा दिलाने का आरोप लगाया गया है। रामअवध राजभर के मुताबिक, इस जमीन का मामला आजमगढ़ मंडल आयुक्त और सेंट्रल बार एसोसिएशन, मंडल आजमगढ़ में भी चल रहा है। पीड़ित ने बताया कि घटना के दिन ही उन्होंने कोपागंज थाने में शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हें ही थाने में बैठा लिया और बाद में उनका चालान कर दिया। रामअवध ने आरोप लगाया कि जब 1 सितंबर को टीन शेड हटाए जा रहे थे, उस दौरान दबंगों ने उनके परिवार वालों पर ईंट-पत्थर भी चलाए। उन्होंने दावा किया कि पथराव का वीडियो उनके मोबाइल में है। पीड़ित ने जो वीडियो और तस्वीरें दी हैं, उनमें कुछ युवक ईंट-पत्थर चलाते और टीन शेड हटाते दिख रहे हैं। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर जरूरी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एसपी कार्यालय से उन्हें मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई किए जाने का भरोसा मिला है।
भदोही डीघ ब्लॉक की ग्रामसभा कौलापुर की ब्राह्मण बस्ती में बिजली की पुरानी समस्या खत्म हो गई है। बृहस्पतिवार को यहां 100 केवीए की जगह 250 केवीए का नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इससे ग्रामीणों को बिजली सप्लाई में राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले कम क्षमता वाला ट्रांसफॉर्मर अक्सर खराब हो जाता था। इससे पानी, सिंचाई और घर के कामों के लिए बिजली नहीं मिल पाती थी। ग्रामीण लंबे समय से ज्यादा क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर की मांग कर रहे थे। ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे के प्रयासों से यह 250 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। उन्होंने विधायक विपुल दुबे के काम की तारीफ की। इस दौरान अरुण चतुर्वेदी, अभिनव पाण्डेय, नमन पाण्डेय, त्रिपुरारी मिश्रा, तौलन, नीरज शर्मा और बीडीसी टिंकू शुक्ला सहित कई लोग मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि नए ट्रांसफॉर्मर से बिजली व्यवस्था सुधरेगी। इससे सिंचाई और दूसरे जरूरी कामों में आसानी होगी।
कोटा में आप नया बिजली कनेक्शन लेना चाहते है तो आपको केईडीएल के कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे भी बिजली का कनेक्शन ले सकते हैं। केईडीएल ने यह सुविधा कोटा शहर में शुरू कर दी है। केईडीएल के सीओओ मनीष अरोडा ने बताया कि नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति cescrajsthan.co.in या कम्पनी की बेवसाइट cescrajsthan.co.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सोलर कनेक्शन के लिए भी ऑनलाइन सुविधा सोलर कनेक्शन के लिए भी वेबसाइट या राज विद्युत ऐप से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए सोलर वेंडर्स को कोटा में प्रशिक्षण दिया गया है। अगस्त 2026 से ऑनलाइन कनेक्शन का ट्रायल शुरू किया गया है। अब तक 25 नए बिजली कनेक्शन और 468 सोलर कनेक्शन के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका प्रोसेस पूरा हो चुका है। इस सुविधा से लोगों को घर बैठे बिना झंझट बिजली और सोलर कनेक्शन लेने की सुविधा मिलेगी।
बिजनौर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से गुरुवार दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने इसकी अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को प्रदेश के 34 जिलों की 157 तहसीलों में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) हादसों और आग से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल कराई जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने अधिकारियों को पिछली मॉक ड्रिल में सामने आई कमियों को ध्यान में रखकर तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने दायित्व और कार्यों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। मॉक ड्रिल के दौरान विभाग आपसी तालमेल और सहयोग से काम करें, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। उन्होंने जिलों में वूलनेरेबिलिटी मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए। बिजनौर की पांचों तहसीलों में होगी मॉक ड्रिल जिलाधिकारी बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को जिले की पांचों तहसीलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर 17 सितंबर को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैजर्ड, वूलनेरेबिलिटी, कैपेसिटी और रिसोर्स को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को आपदा की संभावित स्थिति के अनुसार उपलब्ध संसाधनों और तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत ने बताया कि जिले में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह 24 घंटे सक्रिय रहेगा। कंट्रोल रूम का नंबर 01342-262031 है। आपदा या मॉक ड्रिल से संबंधित सूचनाएं और समन्वय इसी के जरिए किया जाएगा। पुलिस से लेकर NDRF-SDRF तक लेंगी हिस्सा मॉक ड्रिल में जिला स्तरीय इंसीडेंट रिस्पांस टीम के साथ अग्निशमन एवं इमरजेंसी सेवाएं, NDRF/SDRF, पुलिस, PAC, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और PRD की टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, NCC, NSS, भारत स्काउट एंड गाइड, प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवक, भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम, गैर सरकारी संगठन और अन्य स्थानीय संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। सभी SDM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के सभी उप जिलाधिकारी वेब लिंक के जरिए जुड़े। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, IOCL के प्रतिनिधि समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को लेकर विभागवार तैयारियों और जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
सिटी कोतवाली इलाके के दिल्ली रोड पर इंडियन एग्रीकल्चर दुकान में चोरों ने छत की पटिया उखाड़कर लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। चोर दुकान के पास लगे पेड़ के सहारे छत पर पहुंचे और पटिया हटाकर अंदर घुस गए। चोरी की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। मोहल्ला गढ़ गेट चौकी इलाके के रहने वाले व्यापारी मोहम्मद इकबाल मलिक की दिल्ली रोड पर इंडियन एग्रीकल्चर नाम से दो दुकानें एक-दूसरे के बगल में हैं। व्यापारी ने बताया कि बुधवार रात वह दोनों दुकानें बंद करके घर चले गए थे। रात लगभग एक बजे चोरों ने दुकानों पर धावा बोल दिया। गुरुवार सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच में पता चला कि कॉपर, लोहा और मशीनरी का सामान गायब था। व्यापारी ने बताया कि चोर पहले दुकान के पास मौजूद पेड़ के सहारे छत पर चढ़े। इसके बाद छत की पटिया उखाड़कर दुकान के अंदर घुस गए। चोरों ने दोनों दुकानों को निशाना बनाया और कीमती सामान लेकर भाग गए। मोहम्मद इकबाल मलिक ने बताया कि चोर कॉपर के सात बड़े बंडल, वेल्डिंग मशीन की लीड, चार कटर और बड़ी मात्रा में लोहे का सामान ले गए। चोरी हुए सामान की कीमत लाखों रुपये है। सीसीटीवी फुटेज में चोर दुकान की ओर जाते हुए दिख रहे हैं। व्यापारी ने यह भी बताया कि इसी मार्केट में पहले भी 10 से 12 बार चोरी हो चुकी हैं। व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि व्यापारी की शिकायत पर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को पहचानने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा:महादेव धाम के सभी घाट बंद, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
मऊ जिले में बुधवार रात तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके बाद नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में मऊ महादेव धाम के सभी घाट बंद कर दिए गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है। गुरुवार दोपहर एक बजे के बाद घाटों पर लोगों के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस के मुताबिक, मऊ महादेव धाम और आसपास के सभी मुख्य घाटों पर पीएसी और स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी लगातार घाटों पर नजर रख रहे हैं। वे लोगों को नदी की तरफ जाने से रोक रहे हैं। घाटों पर पोस्टर लगाकर लोगों को वहां न जाने की चेतावनी भी दी जा रही है। सुरक्षा मजबूत करते हुए घाटों की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे तमसा नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए घाटों की तरफ न जाएं। किसी भी तरह का जोखिम न लें। खासकर, नहाने या नदी किनारे जाने वाले लोगों को पुलिसकर्मी लगातार रोक रहे हैं। एडिशनल एसपी अनूप कुमार ने बताया कि जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से घाटों पर खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए मऊ महादेव धाम के घाटों पर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। लोगों को घाट तक पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि घाटों के आसपास के इलाकों पर भी पुलिस लगातार नजर रख रही है। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिसकर्मी अलर्ट पर हैं। जब तक जलस्तर कम नहीं होता और हालात सामान्य नहीं होते, तब तक घाटों पर रोक जारी रहेगी।
सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत उज्जैन में होटल नक्षत्र से पंचकोशी मार्ग पर बने ब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। यह सड़क करीब 450 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। वर्तमान में सड़क के एक हिस्से में लगभग 300 मीटर तक डीएलसी (ड्राई लीन कंक्रीट) का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद सड़क की ऊपरी सतह पर पीक्यूसी (पेवमेंट क्वालिटी कंक्रीट) का निर्माण शुरू किया जाएगा। लेआउट के हिसाब से काम के निर्देश निरीक्षण के दौरान कमिश्नर मिश्रा ने अधिकारियों को तय समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण तय लेआउट के अनुसार हो और सड़क की वास्तविक चौड़ाई का सही नाप पक्का की जाए। उन्होंने डीएलसी का काम पूरा होते ही पीक्यूसी सड़क का निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पूरी सड़क समय पर तैयार हो सके। निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री रवि राठौर समेत नगर निगम के कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
एनआईटी राउरकेला के शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए एक हाइब्रिड ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की है। यह तकनीक बैटरी को सुपरकैपेसिटर से जोड़कर बार-बार ब्रेक लगने से होने वाले नुकसान को रोकती है।
जैतपुर के खामिडोल-जैतपुर मार्ग पर केसेढ़ नदी के पुल की हालत लगातार बारिश के बीच खराब हो गई है। पुल के बीचों-बीच दरार पड़ गई है और टूटे हिस्से से सरिया बाहर निकल आई है। इसके बावजूद पुल से लोगों और वाहनों की आवाजाही जारी है। नदी में पानी बढ़ने और तेज बहाव के बीच पुल की यह स्थिति किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत पुल की जांच कर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। पुल के बीच हिस्से में पड़ी दरार साफ दिख रही है। कई जगह कंक्रीट उखड़ने से अंदर की सरिया बाहर निकल आई है। बारिश के दौरान लगातार वाहनों के गुजरने से पुल पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि पुल कितना कमजोर हुआ है, यह तकनीकी जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन मौजूदा स्थिति में सावधानी बरतना जरूरी है। जिले में हुई बारिश के आंकड़े जिला प्रशासन के 3 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक जैतपुर में 3 सितंबर को 3.90 इंच बारिश दर्ज की गई। इस मानसून में अब तक जैतपुर में कुल 46 इंच बारिश हो चुकी है। जिले में 3 सितंबर को औसत 2.13 इंच बारिश दर्ज की गई। इस मानसून में 3 सितंबर तक जिले में औसत 42.47 इंच वर्षा हो चुकी है। पिछले साल इतने ही वक्त में औसत बारिश 37.20 इंच थी। यानी इस साल अब तक पिछले साल की तुलना में लगभग 5.27 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 47.70 इंच है। यानी सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी लगभग 5.23 इंच बारिश बाकी है। केसेढ़ नदी के पुल पर दरार और बाहर निकली सरिया के बावजूद आवाजाही जारी है। ऐसे में सवाल है कि संबंधित विभाग पुल की तकनीकी जांच कब कराएगा? क्या जांच होने तक पुल के खराब हिस्से पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे? पुल की हालत चिंता जनक राहगीर देव शरण जोगी ने भी पुल की हालत पर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन हादसे का इंतजार न करे और तुरंत पुल की जांच कराकर जरूरी सुरक्षा इंतजाम करे। बारिश बाद कराएंगे ठीक जैतपुर एसडीएम दीपक मंडावी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल का अभी मरम्मत कराया गया है। संबंधित अधिकारियों को बारिश के बाद उसे ठीक करने का निर्देश दिया गया है।
कोरबा जिले में कटघोरा बाईपास पर खड़े ट्रेलरों से डीजल चोरी करने पहुंचे 6 से 7 बदमाशों का प्लान एक ट्रेलर चालक की हिम्मत के कारण फेल हो गया। बदमाश स्कॉर्पियो से पहुंचे थे और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से डीजल निकाल रहे थे। इसी दौरान चालक की नजर उन पर पड़ गई। उसने बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उसे धमकाया। इसके बाद चालक ने हिम्मत दिखाते हुए अपना ट्रेलर स्टार्ट किया और बदमाशों की स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बदमाश मौके से भाग निकले, लेकिन अपनी स्कॉर्पियो वहीं छोड़ गए। डीजल चोरी की पूरी घटना पास के पेट्रोल पंप में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में बदमाशों के स्कॉर्पियो से पहुंचने और ट्रेलरों से डीजल निकालने की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। तड़के स्कॉर्पियो से पहुंचे 6-7 बदमाश जानकारी के अनुसार, घटना 2 सितम्बर सुबह तड़के कटघोरा बाईपास की है। यहां सड़क किनारे कई ट्रेलर खड़े थे। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो में सवार होकर 6 से 7 बदमाश मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने खड़े ट्रेलरों को निशाना बनाया और एक ट्रेलर से डीजल निकालना शुरू कर दिया। इसी दौरान ट्रेलर चालक की नजर उन पर पड़ गई। चालक ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि बदमाशों ने उसे धमकाया। इसके बावजूद चालक पीछे नहीं हटा और उसने अपना ट्रेलर स्टार्ट कर दिया। स्कॉर्पियो को ट्रेलर से मारी जोरदार टक्कर बदमाशों को रोकने के प्रयास में चालक ने ट्रेलर से उनकी स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर होते ही बदमाशों में अफरा-तफरी मच गई। सभी आरोपी मौके से भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो वहीं छोड़ गए। इस दौरान डीजल चोरी की कोशिश नाकाम हो गई। पेट्रोल पंप के CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। पास के पेट्रोल पंप में लगे कैमरे में स्कॉर्पियो से बदमाशों के पहुंचने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में बदमाश ट्रेलरों के आसपास घूमते और डीजल चोरी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस अब इसी CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। स्कॉर्पियो और डीजल के कंटेनर जब्त घटना के बाद ट्रेलर चालक ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से बदमाशों की स्कॉर्पियो और उसमें रखे डीजल के कंटेनर बरामद कर लिए। स्कॉर्पियो को जब्त कर थाने लाया गया है। कटघोरा थाना इंचार्ज प्रेमचंद साहू ने बताया कि वाहन जब्त किया गया है। CCTV फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। आरोपियों की तलाश में आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रक चालकों और मालिकों में बढ़ी चिंता इस घटना के बाद कटघोरा बाईपास पर ट्रक और ट्रेलर चालकों के बीच डीजल चोरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। चालकों का कहना है कि बाईपास पर अक्सर डीजल चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। बताया जा रहा है कि इसी गिरोह ने पाली थाना क्षेत्र में भी डीजल चोरी की घटना को अंजाम दिया है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों की पहचान और उनकी संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चालक की हिम्मत से चोरी का प्लान हुआ फेल इस घटना में बदमाशों की संख्या 6 से 7 बताई जा रही है और वे एक साथ स्कॉर्पियो में पहुंचे थे। इसके बावजूद ट्रेलर चालक ने उन्हें रोकने की कोशिश की। चालक की तत्परता के चलते बदमाश डीजल लेकर फरार नहीं हो सके। टक्कर के बाद उन्हें अपनी स्कॉर्पियो तक छोड़कर भागना पड़ा। अब पुलिस CCTV फुटेज और जब्त वाहन के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पति-पत्नी के बीच काफी समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। मामला थाने पहुंचने के बाद दोनों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाया गया था। केंद्र का मकसद बातचीत के जरिए दोनों के बीच चल रहे मतभेद दूर करना और परिवार को टूटने से बचाना था। परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलरों ने पति-पत्नी की बात सुनी और विवाद खत्म करने के लिए दोनों को समझाया। बातचीत के बाद दोनों केंद्र से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि बाहर निकलते ही किसी बात को लेकर दोनों में दोबारा बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ी तो सड़क पर हाथापाई कुछ ही देर में कहासुनी इतनी बढ़ गई कि पति-पत्नी एक-दूसरे से मारपीट करने लगे। पुलिस कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने दोनों के बीच हुई हाथापाई का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दोनों एक-दूसरे के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद उठ रहे सवाल घटना का वीडियो सामने आने के बाद परिवार परामर्श केंद्र में विवाद सुलझाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। परिवार परामर्श केंद्रों का उद्देश्य ऐसे मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाकर विवाद को आगे कानूनी कार्रवाई तक पहुंचने से रोकना है। वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पति-पत्नी के बीच मारपीट साफ दिख रही है। इस घटना से परिवार परामर्श केंद्र में विवाद सुलझाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बीजापुर के भैरमगढ़ जनपद पंचायत की ईतामपार ग्राम पंचायत के आश्रित गांव बोड़गा के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर आर्थिक गड़बड़ी और प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम हड़पने के आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यों की जांच समिति बनाई है। गठित जांच समिति का संयोजक बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी को बनाया गया है। समिति में नीना रावतिया, लालू राठौर, शंकर कुडियाम, बसंत माटी, ललित मोरे और नीली लेकाम को सदस्य बनाया गया है। उफनती इंद्रावती नदी पार कर गांव पहुंचेगा जांच दल बोड़गा गांव तक पहुंचना जांच दल के लिए बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों से मिलने और मामले की सच्चाई जानने के लिए दल को उफनती इंद्रावती नदी डोंगी (नाव) से पार करनी होगी। नदी पार करने के बाद जांच दल बोड़गा गांव पहुंचेगा। ग्रामीणों से पूछताछ कर जुटाएंगे दस्तावेज जांच दल गांव पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की रकम से जुड़े दस्तावेज जुटाए जाएंगे और ग्रामीणों से आरोपों की पूरी जानकारी ली जाएगी। कांग्रेस को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जांच समिति के सदस्यों को प्रभावित गांव का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। समिति ग्रामीणों और पीड़ितों से चर्चा कर मामले की पूरी जानकारी जुटाएगी। इसके बाद घटना की वास्तविकता की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
Bhagalpur Municipal Corporation:भागलपुर नगर निगम ने सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है, जिसमें होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली तेज की जा रही है। सितंबर तक भुगतान करने पर ब्याज से छूट मिलेगी, जबकि 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर 1.5% प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा।
लखनऊ राजाजीपुरम में भारत रत्न चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों की बैठक हुई। राजाजीपुरम में हुई बैठक में लोगों ने मुख्यमंत्री, सांसद और नगर विकास मंत्री से राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी के किसी प्रमुख चौराहे या पार्क में प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। बैठक में डॉ. सुधा बाजपेयी, ए.के. सक्सेना, कृष्णावतार गुप्ता, अशोक कुमार, हीरालाल केशवानी, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, अंजू गुप्ता, अरविंद प्रधान, मनोज कुमार बाजपेयी, शैलेंद्र कुमार अस्थाना, राजन मिश्रा, प्राची गुप्ता और सत्यम द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निवासियों ने कहा कि राजाजीपुरम का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के नाम पर है, लेकिन क्षेत्र में उनके नाम का कोई स्मारक या प्रतिमा नहीं है। इसलिए प्रमुख स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी उनके योगदान और विचारों से परिचित हो सके। एशिया की बड़ी कॉलोनियों में शामिल रहा राजाजीपुरम निवासियों के अनुसार, राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी अपने शुरुआती दौर में एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनियों में शामिल रही है। वर्तमान में इसका क्षेत्रफल करीब 15.93 वर्ग किलोमीटर है और यहां 40 हजार से अधिक मकान हैं। लखनऊ में आबादी और विस्तार के लिहाज से यह इंदिरानगर के बाद प्रमुख कॉलोनियों में शामिल है। स्वतंत्रता संग्राम में निभाई अहम भूमिका चक्रवर्ती राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल थे। उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और कई बार जेल गए। वे महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी रहे। प्रशासन और समाज सुधार के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। देश के प्रति उनकी सेवाओं के लिए 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। राजगोपालाचारी एक कुशल प्रशासक और राजनेता होने के साथ-साथ साहित्यकार भी थे। उन्होंने रामायण और महाभारत का तमिल और अंग्रेजी में अनुवाद किया। निवासियों का कहना है कि राजाजीपुरम के प्रमुख चौराहे या पार्क में उनकी प्रतिमा लगने से क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को राजगोपालाचारी के राष्ट्रसेवा और आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी।
झालावाड़ में एक सप्ताह बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून:बारिश से सड़कों पर बहा पानी, किसानों के चेहरे खिले
झालावाड़ में करीब एक सप्ताह से ज्यादा समय के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। गुरुवार सुबह से ही मौसम में बदलाव दिखा और करीब साढ़े 11 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। इससे शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। अचानक हुई बारिश से सड़कों पर आवाजाही पर असर पड़ा। पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और दूसरी जगहों पर रुक गए। पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का असर बना हुआ था। हालांकि सुबह-शाम ठंडक रहती थी। गुरुवार को हुई बारिश से लोगों को काफी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली। आसमान में बादल छाए रहने से आने वाले घंटों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों को भी राहत की उम्मीद जगी है। इस समय फसलों के लिए बारिश बहुत जरूरी है। लंबे समय बाद हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे फसलों को फायदा मिल सकता है।
पीथमपुर की छत्रछाया कॉलोनी में एक युवक से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में तीन आरोपियों को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने युवक से पार्टी के लिए पैसे मांगे थे। मना करने पर उन्होंने युवक को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 2 सितंबर को हुई थी। पीड़ित विशाल यादव (28 साल) जयनगर पीथमपुर में रहते हैं। वह मूल रूप से खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम चोली के रहने वाले हैं। विशाल जब छत्रछाया कॉलोनी में थे, तब आरोपी आयुष सरकार (पिता प्रताप बर्मन), निखिल (पिता रामपाल शुक्ला) और नीरज (पिता गुलाबचंद गोलकर) ने उनसे पार्टी के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से मना करने पर तीनों आरोपियों ने विशाल को गालियां दीं। उन्होंने विशाल की पिटाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित विशाल यादव की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया है। सेक्टर-1 पुलिस ने अपराध क्रमांक 523/26 के तहत बीएनएस की धारा 119(1), 115(2), 296(ए), 351(2) और 3(5) में केस दर्ज किया। इनको किया गिरफ्तार एफआईआर उपनिरीक्षक जगदीश मीणा ने दर्ज की, जबकि आगे की जांच उपनिरीक्षक दशरथ मंडलोई कर रहे हैं। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने बताया कि आरोपी आयुष सरकार, निखिल शुक्ला और नीरज गोलकर कस्बे में लगातार गुंडागर्दी और अड़ीबाजी कर रहे थे। पुलिस को इनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने नामजद केस दर्ज कर तीनों को पकड़ लिया। तीनों का है आपराधिक रिकॉर्ड थाना प्रभारी अहीर ने यह भी बताया कि ये तीनों थाने के आदतन बदमाश हैं। इन पर पहले से भी कई केस दर्ज हैं। पहले भी इन पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन सुधार न होने पर अब फिर से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी के गीदम स्थित आवास की बिजली कनेक्शन बकाया बिल के चलते काट दी गई है। बताया जा रहा है कि भवन वन विभाग का है, फिलहाल विधायक चैतराम अटामी को आवंटित है। भवन में बिजली के दो कनेक्शन लगे हैं। दोनों कनेक्शनों पर लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया था। बिजली विभाग के अनुसार, एक सिंगल फेज कनेक्शन पर करीब 2 लाख 30 हजार रुपए का बकाया है। इसमें लंबे समय से बिल जमा नहीं किया गया था। वहीं, दूसरे थ्री फेज कनेक्शन पर 50 हजार 250 रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया बताया गया है। बकाया राशि जमा नहीं होने पर विभाग ने दोनों कनेक्शन काट दिए। 2023 से बकाया बताया जा रहा बिल जानकारी के मुताबिक, सिंगल फेज कनेक्शन का बिजली बिल साल 2023 से जमा नहीं किया गया था, जिसके चलते बकाया राशि बढ़कर करीब 2.30 लाख रुपए तक पहुंच गई। वहीं थ्री फेज कनेक्शन का करीब एक साल से बिल बकाया बताया जा रहा है। बिजली विभाग की कार्रवाई को करीब दो दिन हो चुके हैं। इस मामले की पुष्टि बिजली विभाग के सहायक अभियंता अविनाश लकड़ा ने दैनिक भास्कर से की है। उन्होंने बताया कि बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई है। वन विभाग का भवन, विधायक को किया गया है आवंटित गीदम रेंजर शिव टंडन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि संबंधित भवन वन विभाग का है और फिलहाल विधायक चैतराम अटामी को आवंटित है। उन्होंने बताया कि भवन में लगे एक मीटर पर किसी कुंवर के नाम से कनेक्शन दर्ज है, जिस पर ढाई लाख रुपए से अधिक का बकाया है। रेंजर ने कहा कि इस संबंध में विभागीय स्तर पर बातचीत चल रही है। फिलहाल बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया है। वहीं इस मामले पर दंतेवाड़ा MLA चैतराम अटामी का पक्ष लेने उन्हें कॉल किया गया लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई।
कानपुर के सेन पश्चिमपारा में बुधवार को 25 साल की महिला प्राची सिंह का शव फंदे से लटका मिला। पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद मायके वाले ससुराल पहुंचे। परिजनों ने ससुरालीजनों पर दहेज में कार और रुपए की मांग पूरी न होने पर प्राची की हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के भाई शिवेंद्र सिंह के मुताबिक, प्राची की शादी वर्ष 2020 में ओरछी सेन पश्चिमपारा निवासी योगेंद्र सिंह से हुई थी। उसका 4 साल का बेटा तेज प्रताप सिंह है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पड़ोसियों से मिली शव की जानकारी मध्य प्रदेश के सतना निवासी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे पड़ोसियों ने प्राची के फंदे से लटके होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मायके वाले ससुराल पहुंचे, जहां प्राची का शव मिला। इसके बाद परिजनों ने ससुरालीजनों पर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्राची ने पहले भी दहेज की मांग को लेकर उन्हें जानकारी दी थी। कार और रुपए मांगने का आरोप मृतका के परिजनों का आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में कार और रुपए की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि मांग पूरी न होने पर प्राची के साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों ने इसी विवाद में हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई सेन पश्चिमपारा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने और परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर में डेढ़ घंटे तक तेज बारिश:गर्मी से राहत मिली, फसलों को फायदा; तापमान में भी गिरावट
बिजनौर में गुरुवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। सुबह करीब 11 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हुई, जो डेढ़ घंटे तक जारी रही। इस बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, पिछले कई दिनों से बिजनौर जिले के कई हिस्सों में बारिश नहीं हो रही थी। तेज गर्मी के कारण लोग पसीने से परेशान थे। बुधवार सुबह भी मौसम का मिजाज बदला था। दोपहर करीब 12 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो एक बजे तक तेज बारिश में बदल गई थी। गुरुवार को हुई बारिश से कई इलाकों में कुछ समस्याएं भी देखने को मिलीं। हालांकि, इस बारिश से पशुओं के चारे और गन्ने व धान की फसल को फायदा होने की उम्मीद है। इस बारिश की वजह से मजदूरों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मजदूरी करने आए कुछ लोगों को अचानक बारिश के कारण छुट्टी करनी पड़ी। कई राहगीर और स्कूली बच्चे भी बारिश में भीगते नजर आए। कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रेषक सतीश कुमार ने जानकारी दी कि अगले तीन से चार दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। साथ ही, जिले के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
करनाल के सेक्टर-6 बाईपास पर बीती रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय सोमनाथ की मौत हो गई, जबकि उसका साथी उत्तम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल उत्तम सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सोमनाथ और उत्तम सिंह दोनों दोस्त थे और सब्जी बेचने का काम करते थे। सोमनाथ कर्ण गेट का रहने वाला था, जबकि उत्तम सिंह शुगर मिल साइड का रहने वाला है। बीती रात दोनों बाइक पर सेक्टर-12 से नमस्ते चौक की तरफ अपने घर जा रहे थे। जब वे सेक्टर-6 बाईपास के पास पहुंचे तो पीछे से तेज रफ्तार ट्रक आया और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए। इसी दौरान ट्रक की चपेट में आने से सोमनाथ गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सोमनाथ को अमृतधारा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल उत्तम सिंह को विर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। मृतक सोमनाथ करनाल की कर्ण गेट हनुमान गली का रहने वाला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस में रखवाया गया है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस कर रही मामले की जांच सेक्टर-32-33 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसआई कर्मबीर सिंह ने बताया कि बाइक सवार सेक्टर-6 की तरफ से जा रहे थे, जबकि ट्रक फोरलेन से नमस्ते चौक की ओर जा रहा था। दोनों वाहनों की टक्कर में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें एक की मौत हो गई। यहां देखें फोटो…
बागपत के निरोजपुर गुर्जर गांव में गुरुवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। इस दौरान एक युवक को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, निरोजपुर गुर्जर गांव के खालिद (36) पुत्र शब्बीर और आरिश के बीच गुरुवार को किसी बात पर कहासुनी और झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसी दौरान आरिश ने खालिद के पेट में गोली मार दी मौके से फरार हो गया । गोली चलने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन और पुलिस घायल खालिद को इलाज के लिए जिला अस्पताल बागपत ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पता चला है कि दोनों पक्ष मुस्लिम धोबी समाज से जुड़े हैं और उनके घर आसपास ही हैं। दोनों एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं और आपस में चाचा-ताऊ के रिश्तेदार हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार साल पहले खालिद और मौजू के बीच किसी बात पर कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। तभी से दोनों पक्षों के बीच आपसी तनाव चल रहा था। आज खालिद अपने घर के बाहर मौजूद था, तभी आरिश ने उसे गोली मार दी। गोली लगने से खालिद घायल हो गया। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी मनोज चाहल ने बताया कि घायल को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है जल्दी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भीलवाड़ा में वार्ड नंबर 49 के निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन ने भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत पर नाम वापसी के लिए घर जाकर 1 लाख रुपए देने का आरोप लगाया है। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने निर्दलीय प्रत्याशी के घर से एक लाख रुपए बरामद कर जब्त किए हैं। प्रत्याशी ने इसकी शिकायत थाने में और निर्वाचन आयोग की है। मामला शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र का है। इस मामले में जब भाजपा प्रत्याशी से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन बंद आया। भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने कहा- रोहित सेन की शिकायत पर उनके घर पहुंचे और वहां से 1 लाख रुपए बरामद किए हैं, फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है। अब पढ़िए पूरा मामला… नाम वापसी के लिए कहा था निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सेन ने बताया- मैंने वार्ड नंबर 49 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उसके बाद से लगातार मुझे नाम वापसी लिए कहा जा रहा था। आज भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत मुझसे मिलने आए, मैंने उनको बोला भी था कि वार्ड के लोगों ने मुझे खड़ा किया है। मैं उनसे बिना पूछे कोई काम नहीं कर सकता हूं। आज हमारी मीटिंग होगी और उसके बाद ही मैं तुम्हें कोई जवाब दे पाऊंगा। घर जाकर पत्नी को रुपए दिए सेन ने बताया कि मैंने सारस्वत से बोला- 10 बजे के बाद ही मैं आपको कोई जवाब दे पाऊंगा। इसी बीच सुबह करीब 9:30 बजे मेरे घर पहुंचा और मेरी पत्नी को 1 लाख रुपए दिए। मेरी पत्नी ने जब उससे पूछा कि यह किस चीज के रुपए हैं। तो उसने बोला की भाभी जी आप रुपए रखो बाकी पैसे बाद में दे दूंगा। इस पर मेरी पत्नी ने मुझे फोन करके बताया और मैं तुरंत अपने घर पहुंचा तब तक अमित वहां से जा चुका था। जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सेन ने कहा- मैंने इसकी शिकायत भीमगंज थाने में की। इसके बाद पुलिस मेरे घर आई और 1 लाख रुपए बरामद किए। मैंने निर्वाचन आयोग में इसकी शिकायत की है। मेरी मांग है कि इस मामले में निर्वाचन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाए। निकाय चुनाव में विवादों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं ने पीटा, VIDEO:स्वागत करने के बहाने बाहर बुलाकर थप्पड़-मुक्के मारे; बोले- टिकट क्यों नहीं दिया बीकानेर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व IPS अफसर मदन गोपाल मेघवाल को पार्टी कार्यकर्ताओं ने चांटे और मुक्के मारे। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के टीटी नगर इलाके की बंगाली कॉलोनी में टीवी पर पसंद का चैनल देखने को लेकर बड़ी बहन से विवाद के बाद 14 वर्षीय नौवीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगा ली। गंभीर हालत में परिजन और पड़ोसी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। कई दिनों तक चले इलाज के बाद गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बहन छत पर गई, कमरे में फंदे पर मिला भाई पुलिस के अनुसार दक्ष मौर्य (14) पिता दिनेश मौर्य बंगाली कॉलोनी, टीटी नगर में परिवार के साथ रहता था और नौवीं कक्षा में पढ़ता था। रविवार को टीवी पर पसंद का चैनल देखने को लेकर उसका बड़ी बहन से विवाद हो गया। इसके बाद बहन गुस्से में छत पर चली गई, जबकि दक्ष अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद बहन नीचे आई तो उसने दक्ष को कमरे में फंदे पर लटका देखा। वह घबरा गई और पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दक्ष को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर होने पर इलाज शुरू किया। माता-पिता काम पर गए थे दक्ष के पिता न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करते हैं, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। घटना के समय दोनों अपने-अपने काम पर गए हुए थे। घर में दक्ष और उसकी बहन मौजूद थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गुरुवार सुबह इलाज के दौरान दक्ष ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर टीटी नगर पुलिस अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम किया। गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सलूम्बर में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसका मकसद जिले में मतदाता जागरूकता गतिविधियों को तेज करना है। शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लिया संभागीय आयुक्त और जिला प्रभारी खजान सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी., उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला और पुलिस अधीक्षक विशनाराम विश्नोई ने हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। सभी ने जिले में शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लिया। इस मौके पर संभागीय आयुक्त और जिला प्रभारी खजान सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर मतदाता की अहम भूमिका होती है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने वोट का इस्तेमाल करने और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान सिर्फ हमारा अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति हमारी अहम जिम्मेदारी भी है। जागरूक करने का संदेश दिया इस हस्ताक्षर अभियान के जरिए आम लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। इसका लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर कर मतदाता जागरूकता और शत-प्रतिशत मतदान का संदेश दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने आम लोगों से आने वाले नगरीय निकाय आम चुनाव में उत्साह से भाग लेने और ज्यादा से ज्यादा वोट डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर मतदाता का एक वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम योगदान देता है।
जींद जिले के पेंगा गांव में देखने की बात को लेकर हुए विवाद में एक दंपती पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी को पहले अलेवा सीएचसी और बाद में जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गालियां देते हुए लात-घूंसों से हमला पीड़िता पूनम (26 वर्ष) पत्नी गोविंदा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मजदूरी का काम करती है। सुबह करीब 9 बजे उसका पति गोविंदा घर के सामने गली में खड़ा था। उसी दौरान सामने रहने वाले जसबीर और रेनू अपने मकान के आगे खड़े थे। उन्होंने गोविंदा से पूछा, 'हमारी तरफ क्यों देख रहे हो। पूनम के अनुसार, जब वह अपने पति को बचाने बीच में आई, तो आरोपी रेनू ने उसे जोर से धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिर गई। पूनम की दाहिनी टांग का पहले से ऑपरेशन हो रखा था, जिस पर गिरने से गंभीर चोटें आईं। इसके कुछ ही देर बाद गांव का ही सुनील अपने परिवार के साथ आया। उसने आते ही गालियां देते हुए गोविंदा पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। अस्पताल में पहुंचकर की दबंगई घटना के बाद किसी तरह जान बचाकर गोविंदा अपनी घायल पत्नी को इलाज के लिए सीएचसी अलेवा लेकर पहुंचा। लेकिन आरोपियों की दबंगई यहीं नहीं रुकी; वे पीछा करते हुए अस्पताल भी पहुंच गए। गाड़ी में बैठे दंपती पर आरोपी विक्रम ने डंडे से हमला कर दिया, जबकि जसबीर, सतीश और विक्रम गालियां देते रहे। अस्पताल के कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव करके दंपती की जान बचाई। इसके बाद डॉक्टरों ने पूनम की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जींद के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में 9 चोटों की पुष्टि आरोपी जाते-जाते पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देकर गए। जींद के नागरिक अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पूनम की एमएलआर में 3 चोटें (ब्लंट) और उसके पति गोविंदा की एमएलआर में 6 चोटें दर्ज की हैं। डॉक्टरों ने ज्यादातर चोटों के लिए ऑर्थो और सर्जन ओपिनियन मांगी है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही अलेवा थाने से एसआई सुरेंदर की टीम जींद के नागरिक अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2), 351(3) और 3(5) के तहत FIR नंबर 109 दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच के लिए घटनास्थल का दौरा कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
नगर निगम चुनाव के तहत नामांकन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोटा का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आई थी। अब सीनियर नेता प्रहलाद गुंजल दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात कर वापस लौटे है। उनका कहना है कि पार्टी ने सिंबल तय कर दिए हैं, तो हम सब एक साथ हैं। शांति धारीवाल और हमारी शहर जिलाध्यक्ष सभी बागियों को समझाने में जुटे हैं। गुंजल ने कहा कि कोटा में कांग्रेस का ही बोर्ड बनेगा। दरअसल, 30 अगस्त की रात लिस्ट फाइनल करने के दौरान कोटा के टिकट वितरण के दौरान विवाद सामने आया था। करीब 20-30 फीसदी टिकट प्रहलाद गुंजल के समर्थकों के थे। तब शांति धारीवाल, अशोक चांदना ने दो टूक कह दिया था कि हम टिकट बांट लें या फिर गुंजल से बंटवा लो। भास्कर ने प्रहलाद गुंजल से शांति धारीवाल, टिकट वितरण समेत कई मुद्दों पर बात की- सवाल: आप कल दिल्ली गए थे, आलाकमान के साथ क्या चर्चा हुई? प्रहलाद गुंजल: मैं अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलने गया था। स्वाभाविक है कि वहां सभी राजनीतिक विषयों पर चर्चा होनी ही थी। प्रियंका गांधी ने प्रदेश स्तर के साथ ही हाड़ौती में पार्टी की स्थिति और सरकार के कामकाज को लेकर बात की। उन्होंने स्थिति को गहराई से समझने का प्रयास किया और मेरे संज्ञान में जो बातें थीं, उन्हें मैंने पूरी पारदर्शिता के साथ उनके सामने रखा। प्रियंका जी ने एक कार्यकर्ता को 40-50 मिनट का समय दिया। उनका ये व्यवहार ये दिखाता है कि आलाकमान छोटे से छोटे चुनाव को लेकर भी कितना गंभीर है। सवाल: चुनाव में टिकटों और संगठन को लेकर जो स्थितियां बनी थीं, क्या उन पर भी कोई चर्चा हुई? प्रहलाद गुंजल: अंदर क्या बातें हुईं, उसका पूरी तरह खुलासा तो मैं नहीं कर सकता। इतना जरूर कहूंगा कि प्रियंका जी सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के हालात, संगठन और सरकारों के कामकाज की बहुत पैनी निगाह से समीक्षा कर रही हैं। वे कांग्रेस को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। सवाल: जयपुर की बैठकों और कोटा में टिकटों को लेकर नाराजगी की खबरें आईं, पर्यवेक्षकों पर फाइल फेंकी गई, बागी भी खड़े हो सकते हैं। इस पर आप क्या कहेंगे? प्रहलाद गुंजल: आप जिसे विवाद कह रहे हैं, उसे देखने का एक और नजरिया है। सिंबल पाने और अपने कार्यकर्ताओं का पक्ष रखने तक मेरी अपनी लड़ाई थी। अब जब पार्टी ने सिंबल तय कर दिए हैं, तो हम सब एक साथ हैं। मैं अपना पक्ष रख रहा था लेकिन अब मेरी अपनी ताकत और कांग्रेस की पूरी ताकत एक जगह आ चुकी है। इस संयुक्त ताकत के सामने भाजपा कहीं नहीं टिकेगी। हम उन्हें पूरी तरह मात देंगे। सवाल: बागी भी तो मैदान में है, कैसे मनाएंगे और नाराजगी दूर करेंगे? प्रहलाद गुंजल: शांति धारीवाल जी जैसे नेता और हमारी शहर जिलाध्यक्ष सभी बागियों को समझाने में जुटे हैं। मैं खुद भी लगातार कोशिश कर रहा हूं। अभी-अभी मैंने अपने आवास पर बैठकर ही फोन करके 2-3 लोगों को नामांकन वापस लेने के लिए सहमत किया है। सभी नेता मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मैदान में कोई बागी न रहे। --- जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है कोटा नगर निगम के कांग्रेस प्रत्याशियों की प्रोफाइल
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले की ग्राम पंचायत परासी के तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को सरकारी धन के उपयोग में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने वित्तीय अनियमितता और काम के प्रति लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। परासी गांव में पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास (DMFT) से राशि मंजूर की गई थी। स्वीकृत राशि की पहली किश्त के रूप में 40 प्रतिशत यानी 7 लाख 96 हजार रुपये जारी किए गए थे। राशि निकाल ली गई, लेकिन इसके अनुसार निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। निरीक्षण में सिर्फ 1.86 लाख का काम मिला ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी (SDO) के निरीक्षण में मौके पर सिर्फ 1 लाख 86 हजार 436 रुपये का काम पाया गया। इस हिसाब से 6 लाख 9 हजार 564 रुपये के बराबर का काम मौके पर नहीं मिला। 3.04 लाख की वसूली बाकी मामले में पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी और तत्कालीन सचिव ओंकार सिंह मरावी से 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की सरकारी राशि की वसूली की जानी है। 13 अगस्त 2026 को तत्कालीन सचिव को पत्र जारी कर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। 31 अगस्त तक जमा नहीं की राशि इसके बावजूद 31 अगस्त को जनपद पंचायत सीईओ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में सामने आया कि ओंकार सिंह मरावी ने अब तक निर्धारित राशि जमा नहीं की है। इसे सरकारी निर्देशों की अनदेखी माना गया। पंचायत सेवा नियमों के तहत कार्रवाई सरकारी राशि के दुरुपयोग और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम 3(1) का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत जिला पंचायत सीईओ ने ओंकार सिंह मरावी को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में मरवाही जनपद रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान ओंकार सिंह मरावी का मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही कार्यालय निर्धारित किया गया है।
उन्नाव में निराला प्रेक्षागृह में गुरुवार दोपहर शक्ति वंदन रक्षा महोत्सव का आयोजन किया गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक हजार से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी से प्रेक्षागृह परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। कार्यक्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा और नारी शक्ति को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, विमल द्विवेदी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में संबंधित विभाग या पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई। नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता पर जोर शक्ति वंदन रक्षा महोत्सव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिला अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक हजार से अधिक महिलाओं की मौजूदगी कार्यक्रम में एक हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया। सुबह से ही महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक प्रेक्षागृह में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रवेश, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों के साथ आयोजकों के कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। प्रवेश द्वार और प्रेक्षागृह परिसर में निगरानी रखी गई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। महिला सम्मान और सशक्तीकरण का दिया संदेश आयोजन के जरिए महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का संदेश देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। समापन पर आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल हुईं महिलाओं और अतिथियों का आभार जताया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को साफ किया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के पास कानून के छात्रों के आचरण को नियंत्रित करने या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई संबंधित विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान अपने नियमों के तहत कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े विवाद में दिया। मामले में BCI ने छात्रों के खिलाफ दो आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने दोनों आदेशों को रद्द कर दिया। हालांकि, BCI ने विवाद बढ़ने के बाद इन दोनों आदेशों को खुद ही कुछ ही घंटों बाद वापस ले लिया था। CJI के दीक्षांत समारोह में शामिल होने को लेकर हुआ था विवाद यह विवाद 14 अगस्त को शुरू हुआ था। BCI ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को अगले आदेश तक अधिवक्ता के तौर पर पंजीकृत न किया जाए। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई थी, जिनमें छात्रों पर CJI सूर्यकांत के विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए अभियान चलाने का आरोप लगा था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर CJI सूर्यकांत ने BCI के दखल पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था, “यह छात्रों और मेरे बीच बातचीत है। BCI कौन होती है दखल देने वाली? यह पूरी तरह अनुचित है।” वकील बनने से पहले बार काउंसिल का नियंत्रण नहीं CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि जब तक छात्र वकील नहीं बन जाते, तब तक बार काउंसिल उन पर पेशेवर नियमों के तहत नियंत्रण नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के आचरण पर फैसला लेने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने का अधिकार संबंधित शैक्षणिक संस्थान के पास है। यूनिवर्सिटी अपने नियमों और तय प्रक्रिया के तहत छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत, अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा पति... मासूम के जन्म लेते ही छिन गई मां
केलाखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से महिला की हालत बिगड़ी, जिसे जिला अस्पताल रुद्रपुर रेफर किया गया था। पति उसे काशीपुर के निजी अस्पतालों में ले गया, जहां समय पर उपचार न मिलने से उसकी मौत हो गई, नवजात ने मां को खो दिया।
खेत जा रहे युवक पर चचेरे भाई ने किया हमला:कांच की बोतल से फोड़ा सिर, गले और पीठ पर आई गंभीर चोटें
चूरू जिले के रतननगर थाना क्षेत्र के ढाढ़रिया चारणान गांव में एक युवक पर कांच की बोतल से हमला किया गया। खेत जा रहे 20 वर्षीय मनीष प्रजापत के सिर, गले और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को परिजनों ने निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंच गए। ढाढ़रिया चारणान निवासी मदनलाल प्रजापत ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले परिवार में उनके भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था, जो बाद में सुलझ गया था। रास्ते में किया बोतल से हमलामंगलवार सुबह उनका 20 वर्षीय बेटा मनीष पैदल ही खेत जा रहा था। मदनलाल भी उसके पीछे खेत की ओर रवाना हो गए। रास्ते में मनीष को उसका चचेरा भाई नरेंद्र मिला। नरेंद्र ने मनीष के सिर पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। उसी बोतल से मनीष के गले और पीठ पर भी हमला किया गया। बोतल के हमले से मनीष के सिर, गले और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान नरेंद्र के पिता आशाराम और मां रजनी भी मौके पर पहुंच गए। घायल बेटे को पिता ने पहुंचाया अस्पतालशोर शराबा सुनकर मदनलाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मनीष को निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। घायल के परिजनों की ओर से हमले की लिखित शिकायत रतननगर पुलिस को भी दी गई है।
मोहाली के मानव मंगल स्कूल में टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 आयोजित
मोहाली के मानव मंगल स्कूल में टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 आयोजित
शाहजहांपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत:जागरूकता के लिए निकली रैली, लोगों को बताए गए फायदे
शाहजहांपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके प्रचार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने गुरुवार को जागरूकता रैली निकाली। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र प्रताप पांडेय ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह ने बताया कि रैली का मुख्य मकसद शाहजहांपुर के ज्यादा से ज्यादा लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देना है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का आसान तरीके से निपटारा करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में छोटे मामले, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना से जुड़े मुआवजे के मामले और छोटे सिविल विवाद निपटाए जाएंगे। इसमें आपराधिक प्रकृति के कंपाउंडेबल मामलों का भी निपटारा होगा। लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का समाधान होने पर लोगों को लंबी चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है। यहां निपटाए गए मामलों में कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है और लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है। आम लोगों की सुविधा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की हेल्प डेस्क भी मौजूद रहेगी। यहां लोग अपने मामलों और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ले सकेंगे।
बहराइच में लगातार बारिश से शहर के कई मोहल्लों में पानी भर गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर मुलायम यूथ ब्रिगेड ने जिला प्रशासन का ध्यान खींचा है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष मयंक मिश्रा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें जलभराव वाले इलाकों में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण बख्शीपुरा, नौव्वागढ़ी, डपालीपुरवा और घसियारीपुरा जैसे कई इलाकों में पानी जमा हो गया है। नालियों की ठीक से सफाई न होने और पानी निकलने का रास्ता बंद होने से हालात लगातार खराब हो रहे हैं। मुख्य सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सपा नेताओं ने मांग की है कि नगर पालिका अधिकारियों को तुरंत जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकलवाने के लिए कहा जाए। साथ ही, नालियों की सफाई कराने और पानी निकासी की पक्की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।
पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के छह गांवों की तीन हजार से अधिक आबादी की आवाजाही का एकमात्र साधन मंदाकिनी नदी पर लगी ट्रॉली खराब हो गई है। साथ ही ट्रॉली के आगे का पैदल रास्ता भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है।
कटनी जिले के बरही नगर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर सत्ता पक्ष के 6 पार्षद धरने पर बैठ गए। यह एक अनोखा मामला है, क्योंकि ऊपर से नीचे तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को अपने ही क्षेत्र की सड़क बनवाने के लिए प्रदर्शन करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, बरही नगर के छिंदिया टोला क्षेत्र में हीरापुर जाजागढ सड़क की हालत कई सालों से खराब है। इससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। क्षेत्र के लोगों ने सड़क बनाने की मांग कई बार विधायक संजय पाठक और प्रशासन के सामने रखी थी। इसके लिए धरना-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के दिनों में बढ़ जाती है समस्या बरसात के दिनों में सड़क पर गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार होते हैं। वहीं, गर्मी के दिनों में सड़क से उड़ने वाली धूल से भी लोगों को परेशानी होती है। घनी बस्ती के बीच से दर्जनों गिट्टी और रेत से भरे बड़े वाहन निकलते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। इसी समस्या को लेकर सत्ता पक्ष के 6 पार्षद धरने पर बैठ गए और जल्द सड़क बनाने की मांग की। पार्षदों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार संतोष श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या के समाधान और सड़क निर्माण के लिए जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद पार्षदों ने अपना धरना खत्म कर दिया।
बारिश से यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह बंद, मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही ठप
बारिश से यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह बंद, मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही ठप
गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र में टुंडी रोड पर हुए सड़क हादसे में बाइक सवार मनोज कुमार यादव की मौत हो गई। मृतक बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बिराजपुर स्थित घोबन्नी गांव के रहने वाले थे। पेशे से चालक थे। जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार यादव माल ढुलाई के सिलसिले में चाइना मोड़ गए थे। वहां ट्रक में माल लोड नहीं हो पाने के कारण वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। तिरंगा चौक पार करने के कुछ देर बाद टुंडी रोड पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर गिर पड़े। सदर अस्पताल से धनबाद ले जाते मौत दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने नगर थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल मनोज कुमार यादव को तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया। परिजन उन्हें इलाज के लिए धनबाद ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मनोज की मौत की खबर मिलते ही परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया। मनोज अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे को छोड़ गए हैं। अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, चालक की तलाश हादसे की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है, जिसने मनोज की बाइक को टक्कर मारी थी। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस दुर्घटना स्थल के आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए वाहन की पहचान करने में जुटी हुई है। परिवार ने खोया कमाने वाला सदस्य मनोज कुमार यादव की मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वह पेशे से चालक थे और परिवार के लिए कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के सामने भविष्य की चिंता बढ़ गई है। इधर, पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के आधार पर वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जन्माष्टमी पर दयालबाग में होगा विशेष भंडारा, देशभर से जुटेंगे अनुयायी; चल रहीं तैयारियां
दयालबाग, आगरा में जन्माष्टमी के अवसर पर परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज का पावन भंडारा श्रद्धा और सेवा भाव से मनाया जाएगा। दो से छह सितंबर तक भंडारा सप्ताह आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश से अनुयायी जुटेंगे और विशेष आध्यात्मिक गतिविधियां होंगी।
जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस दिन शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे,लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ने की संभावना है। कल ठाकुरजी के 13 घंटे दर्शन होंगे। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के माध्यम से दर्शन होंगे। इसके बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और अभिषेक के आयोजन होंगे। पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक को लेकर विशेष इंतजाम जन्माष्टमी के दिन भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन के उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने और घर से निकलने से पहले यात्रा की पूरी योजना बनाने की अपील की है। सिर्फ तय रास्ते से ही मिलेगी एंट्री भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर में एंट्री केवल जलेब चौक की ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से ही मिलेगा। अन्य रास्तों से प्रवेश बंद रहेगा। जलेब चौक से श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। इनमें पास वाले श्रद्धालु, बिना जूते-चप्पल आने वाले श्रद्धालु और जूते-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें रहेंगी। मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। इसके लिए पुरानी विधानसभा के पास जूते-चप्पल स्टैंड बनाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संभव हो तो बिना जूते-चप्पल के ही दर्शन के लिए आएं, ताकि प्रवेश व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद, मेट्रो से आने की सलाह भारी भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर की चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही बंद रहेगी। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने और मेट्रो से आने को प्राथमिकता देने की अपील की है। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने विशेष रूप से रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। पार्किंग से मंदिर तक श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना होगा। क्यूआर कोड से मिलेगी ट्रैफिक और पार्किंग की जानकारी यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा भी जारी की है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर नजदीकी पार्किंग स्थल, लाइव पार्किंग की स्थिति, ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और लोकल मैप की जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि घर से निकलने से पहले इस सुविधा का उपयोग कर अपनी यात्रा का मार्ग और पार्किंग पहले से तय कर लें। 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 3 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर को 12 सेक्टरों में बांटा गया है और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तीन पारियों में लगाई जाएगी। एडिशनल डीसीपी, एसीपी, आरएसी की कंपनियों के साथ घुड़सवार पुलिस भी तैनात रहेगी। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित कैमरों से निगरानी की जाएगी। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। मंदिर प्रशासन और अन्य संस्थाओं की ओर से करीब 3 हजार स्वयंसेवक और 150 स्काउट सेवा में लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। दर्शन और व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्म, 31 तोपों की हवाई गर्जना दिनभर दर्शन के बाद रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां रहेंगी। मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के अनुसार रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक होगा। अभिषेक के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पंचामृत अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद 5 सितंबर की मध्यरात्रि में विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। मंगला आरती रात 11 से 11:15 बजे तक और इसके बाद तिथि पूजा व अभिषेक रात 12 से 12:30 बजे तक आयोजित होंगे।
वंश का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार, यशवीर महाराज बोले- वंश की हत्या हुई, आरोपियों का हो एनकाउंटर
बरेली के नैनीताल हाईवे पर बहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित लहौरिया रेस्टोरेंट के पास गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने अपनी ही पत्नी को एक कार में सवार होते देख लिया। शक के आधार पर पीछा कर रहे पति ने कार को ओवरटेक कर रुकवाया और देखते ही देखते बीच हाईवे पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। सड़क पर ही कॉलर पकड़कर कार चालक की पिटाई कर दी। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोकेशन ट्रेस कर पीछा कर रहा था पतिपति अपनी पत्नी पर लंबे समय से शक कर रहा था। जैसे ही महिला घर से निकली, पति ने उसके फोन और लोकेशन पर नजर रखी और चुपके से पीछे लग गया। हाईवे के पास महिला ने एक लाल रंग की कार से लिफ्ट ली और उसमें सवार हो गई। थोड़ी ही दूर आगे बढ़ते ही पीछे से आ रहे पति ने अपनी गाड़ी आगे लगाकर कार को रुकवा लिया। 'अरे भाई, सिर्फ लिफ्ट मांगी थी इसने' चिल्लाता रहा युवक, जड़े थप्पड़कार रुकते ही पति आगबबूला हो गया। उसने उतरते ही चालक का कॉलर पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए बाहर निकाल लिया। चालक हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा- “अरे भाई, इसने सिर्फ लिफ्ट मांगी थी। मैं कहीं नहीं ले जा रहा, ये मेरी बहन जैसी है।” लेकिन गुस्से में तमतमाए पति ने उसकी एक न सुनी और गाली-गलौज करते हुए दनादन थप्पड़ जड़ दिए। पति चिल्लाता रहा- “मैंने अपनी आंखों से इसे तेरी गाड़ी में बैठते देखा है।” नकाब नोचकर पत्नी पर भी उठाया हाथ, रोती रही महिलाहंगामे के दौरान महिला कार से बाहर निकलकर सहमी खड़ी रही। पति ने उस पर भी हाथ छोड़ दिया और बुर्के का नकाब खींच दिया। महिला रो-रोकर सफाई देती रही और खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन पति का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह बार-बार चीखता रहा- “मोबाइल हैंग कराके मुझे बेवकूफ समझ रही थी? लोकेशन पर पूरा मोबाइल लेकर चल रहे थे हम।” तमाशबीन बनी रही भीड़, किसी ने नहीं की बचाने की हिम्मतदिनदहाड़े हाईवे पर चल रहे इस ड्रामे को देखने के लिए राहगीरों, ई-रिक्शा चालकों और स्थानीय लोगों का भारी मजमा लग गया। दोनों ओर से गाड़ियां रुकने लगीं और जाम के हालात बन गए। लोग मूकदर्शक बनकर अपने मोबाइलों से वीडियो बनाते रहे। बाद में कुछ बुजुर्गों और राहगीरों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। बहेड़ी पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी मिली है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है।
बिहार की सियासत में एक बार फिर से बड़ा फेरबदल होने जा रहा है, और इस बार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर कुछ ऐसा होने वाला है जो पार्टी के पारंपरिक समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख सकता है। बिहार की राजनीति में 'MY' (मुस्लिम-यादव) समीकरण के सहारे दशकों तक अपनी सियासी जमीन मजबूत करने वाली आरजेडी अब वक्त की नजाकत को भांपते हुए एक नए और आधुनिक रास्ते पर चल पड़ी है। पार्टी के युवा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने संगठन को और अधिक धारदार, समावेशी और सर्वस्पर्शी बनाने के लिए 'A टू Z' फॉर्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है। इस नई राजनीतिक रणनीति के तहत अब पार्टी के भीतर पारंपरिक रूप से हावी रहे यादव समुदाय के पदों में कटौती की जा रही है, ताकि समाज के अन्य वर्गों और जातियों को भी संगठन में उचित हिस्सेदारी दी जा सके। इतना ही नहीं, जिला स्तर पर पार्टी की कमान संभालने के लिए अब उम्र के पुराने मानदंडों को दरकिनार करते हुए 34 से 40 वर्ष की आयु वाले ऊर्जावान युवाओं को जिलाध्यक्ष बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम तेजस्वी यादव की इस नई आरजेडी के 'A टू Z' प्लान, सांगठनिक बदलावों और बिहार के राजनीतिक भविष्य पर पड़ने वाले इसके गहरे प्रभावों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।क्या है तेजस्वी यादव का 'A टू Z' फॉर्मूला और क्यों पड़ी पार्टी में इस बड़े बदलाव की जरूरतपिछले कुछ समय से चुनावी परिणामों और सामाजिक समीकरणों के बदलते स्वरूप को देखते हुए तेजस्वी यादव ने यह महसूस किया था कि यदि पार्टी को राज्य की सत्ता तक का सफर तय करना है, तो उसे केवल एक या दो जातियों के दायरे से बाहर निकलकर सभी जातियों, वर्गों और समुदायों को अपने साथ जोड़ना होगा। इसी दूरगामी सोच के तहत 'A टू Z' (यानी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला) प्लान तैयार किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरजेडी पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि यह पार्टी केवल एक खास वर्ग विशेष की पार्टी बनकर रह गई है, और इसी छवि को तोड़ने के लिए तेजस्वी यादव ने यह साहसिक कदम उठाया है। इस नए सांगठनिक ढांचे में सवर्णों, अति पिछड़ों, दलितों और महादलितों को भी संगठन के भीतर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, ताकि हर वर्ग के वोटर को यह लगे कि आरजेडी उनके अधिकारों की भी उतनी ही सच्ची संरक्षक है जितनी कि अन्य दलों की सरकारें।जिलाध्यक्ष पद के लिए 34 से 40 साल के युवाओं पर दांव: तजुर्बे के साथ जोश का संगमइस नई सांगठनिक बदलाव की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि अब जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए बुजुर्ग और पारंपरिक नेताओं के बजाय युवा चेहरों को तरजीह दी जा रही है। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिला अध्यक्ष (District President) के पद के लिए ऐसे नेताओं का चयन किया जाए जिनकी उम्र 34 से 40 वर्ष के बीच हो। इस आयु वर्ग के नेताओं के पास जहां एक तरफ युवाओं जैसा जोश, तकनीक की समझ और फील्ड में काम करने की क्षमता होती है, वहीं दूसरी तरफ वे पार्टी की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित भी होते हैं। पुराने और सुस्त पड़ चुके सांगठनिक तंत्र को झकझोर कर बाहर निकालने के लिए यह युवा ब्रिगेड अब सीधे तौर पर बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार करेगी और विरोधियों को करारा जवाब देगी।पारंपरिक समीकरणों में कटौती: यादव पदों के घटने से क्या बदलेगा बिहार का सियासी गणितआरजेडी के भीतर इस नए बदलाव का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला हिस्सा यह है कि पार्टी के सांगठनिक पदों में पारंपरिक रूप से सबसे मजबूत पकड़ रखने वाले यादव समुदाय के कोटे में कुछ कमी की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम भले ही पार्टी के कुछ पुराने और कट्टर समर्थकों को थोड़ा अटपटा लगे, लेकिन चुनावी जीत के लिहाज से यह एक बहुत ही रणनीतिक और मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। जब पार्टी के अंदर अन्य जातियों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा, तो विरोधी दलों के पास यह कहने का कोई मौका नहीं बचेगा कि आरजेडी सिर्फ एक जाति विशेष की पार्टी है। इस समायोजन से अति पिछड़े और सवर्ण वर्ग के बीच भी एक सकारात्मक संदेश जा रहा है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों में मतों के ध्रुवीकरण को पूरी तरह से प्रभावित करने की क्षमता रखता है।आगामी चुनावों पर इस नई रणनीति का क्या पड़ेगा असर और क्या हैं इसके राजनीतिक मायनेबिहार की राजनीति में कोई भी फैसला बिना किसी दूरगामी राजनीतिक नफा-नुकसान के नहीं लिया जाता, और तेजस्वी यादव का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि वे अब पारंपरिक राजनीति से ऊपर उठकर एक आधुनिक और आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाना चाहते हैं। जमीन पर उतरकर संगठन को नए सिरे से गढ़ने की यह कवायद पार्टी के कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर रही है। हालांकि यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जब यह 'A टू Z' फॉर्मूला और युवा जिला अध्यक्षों की टीम पूरी तरह धरातल पर उतरेगी, तो इसका कितना फायदा पार्टी को मिल पाता है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार की राजनीति से जुड़ी इस ताजा और महत्वपूर्ण खबर से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी और आप राज्य के हर राजनीतिक अपडेट से लगातार जुड़े रहेंगे।
सिरमौर: नाहन कॉलेज में शुरू होगी प्राणी विज्ञान की पीजी पढ़ाई, विश्वविद्यालय से मिली मंजूरी
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पीलीभीत में करंट लगने से ग्रामीण की मौत:रात में झाड़ियां साफ कर रहा था, बिजली के तार से टच हुआ हंसिया
पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र के गभिया सहराई गांव में बुधवार रात एक ग्रामीण की मौत हो गई। वह अपने घर के बाहर पानी की मोटर के पास झाड़ियां साफ कर रहा था, तभी उसे बिजली का करंट लग गया। जानकारी के अनुसार, माधोटांडा इलाके में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। गांव के सदानंद हीरा अपने घर के बाहर पानी की मोटर के पास घास और झाड़ियां साफ कर रहे थे। वह हंसिया से सफाई कर रहे थे। झाड़ियां काटते समय सदानंद का हंसिया पास ही मौजूद बिजली के एक खुले तार से छू गया। बारिश के कारण नमी होने से करंट उनके शरीर में तेजी से फैल गया। उन्हें जोरदार झटका लगा और वह तुरंत जमीन पर गिर पड़े। इस हादसे को देखकर आसपास मौजूद लोग और परिजन घबरा गए। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से सदानंद को जल्दी से पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गंभीर हालत देखकर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां गुरुवार सुबह 4 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद सदानंद को मृत बताया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना पाकर रामनगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। माधोटांडा थाना अध्यक्ष अशोक पाल ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
VIDEO: बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरी, मलबे में दबकर महिला की मौत
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VIDEO: पंचायती राज मंत्री राजभर बोले- सपा-कांग्रेस गठबंधन से भी नहीं बनेगी सरकार, 2027 में फिर योगी सरकार
बिहार के मौसम ने एक बार फिर से बेहद डरावना और चिंताजनक रुख अख्तियार कर लिया है, जिससे राज्य के एक बड़े हिस्से में बाढ़ का विकट संकट सिर उठाने लगा है। लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से छोड़े गए पानी के कारण बिहार की जीवनरेखा कही जाने वाली गंगा नदी के साथ-साथ कोसी, गंडक, सोन और पुनपुन जैसी प्रमुख नदियां भी तेजी से उफान पर बह रही हैं। कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है, जिससे तटवर्ती इलाकों और निचले गांवों में रहने वाले लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। इस बीच राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए यह दावा किया है कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और राहत एवं बचाव कार्यों के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम बिहार के इस ताजा बाढ़ संकट, नदियों के बढ़ते जलस्तर, सरकार के दावों और आम जनता की सुरक्षा से जुड़े हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।बिहार में क्यों बढ़ा अचानक बाढ़ का खतरा और कौन-कौन से जिले हैं सबसे ज्यादा प्रभावितहर साल की तरह इस बार भी मानसूनी सत्र के अंतिम पड़ाव में बिहार के कई जिलों के लिए बाढ़ का यह खतरा एक बार फिर से अभिशाप बनकर सामने आया है। राज्य के पटना, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, भागलपुर, कटिहार और खगड़िया जैसे जिलों में गंगा नदी का जलस्तर प्रति घंटे तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, जिससे गंगा के कछार वाले इलाकों में पानी फैलने लगा है। इसके अलावा उत्तर बिहार में कोसी और गंडक के बढ़ते प्रकोप ने सुपौल, अररिया, मधुबनी और पश्चिमी चंपारण के कई गांवों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। नदियों के इस उग्र रूप के पीछे मुख्य कारण पड़ोसी देश नेपाल के विभिन्न बराजों से अचानक लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाना और राज्य के स्थानीय जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का होना है। पानी के इस तेज बहाव के कारण तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बन रहा है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए जल संसाधन विभाग के इंजीनियर दिन-रात मुस्तैदी से निगरानी कर रहे हैं।सरकार और प्रशासन का बड़ा दावा: राहत शिविरों का निर्माण और एनडीआरएफ की तैनातीबढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए बिहार सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताने का दावा किया है। आपदा प्रबंधन मंत्री और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक उच्च स्तरीय आपात बैठक के बाद यह स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। संवेदनशील जिलों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों को आधुनिक बोट्स और राहत उपकरणों के साथ पहले ही तैनात कर दिया जा चुका है। निचले इलाकों से लोगों और उनके मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सुरक्षित ऊंचे स्थलों पर राहत शिविरों (Relief Camps) का निर्माण किया जा रहा है, जहां प्रभावित परिवारों के लिए मुफ्त भोजन, शुद्ध पेयजल, तिरपाल और मेडिकल टीमों की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सरकार का यह कहना है कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासनिक अमला किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।किसानों की चिंताएं और फसलों को हो रहे भारी नुकसान का जमीनी सचबाढ़ के इस बढ़ते खतरे के बीच सबसे ज्यादा आहत और परेशान राज्य का अन्नदाता यानी किसान वर्ग दिखाई दे रहा है। खेतों में लहलहाती धान की फसल, मक्का और सब्जियों की खेती पर पानी फिरने लगा है, क्योंकि कई इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों में घुस चुका है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी पूरी पूंजी लगाकर इस बार की फसल उगाई थी, लेकिन समय से पहले आई इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालांकि कृषि विभाग ने यह भरोसा दिलाया है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में हुए फसलों के नुकसान का आकलन (Crop Damage Assessment) विशेष सर्वे के माध्यम से कराया जाएगा और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा तथा राहत पैकेज प्रदान किया जाएगा, ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से उबारा जा सके।आम जनता के लिए विशेष चेतावनी और प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंसप्रशासन की ओर से लगातार यह अपील की जा रही है कि गंगा और अन्य उफनती नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें। नदी के किनारे बने कच्चे मकानों या निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को यह सलाह दी गई है कि वे जलस्तर के और अधिक बढ़ने से पहले ही सुरक्षित स्थानों या अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले लें। बच्चों को उफनती नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाने दें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से पूरी तरह बचा जा सके। बिहार की यह वार्षिक समस्या एक बार फिर से इस बात की मांग करती है कि दीर्घकालिक स्थायी समाधान के लिए नदियों के ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत तटबंधों पर और अधिक तेजी से काम किया जाए। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार के इस बाढ़ संकट से जुड़ी ताजा और महत्वपूर्ण जानकारी देने में पूरी तरह सफल रही होगी।
VIDEO: सड़क पर बाघिन ने तीन शावकों संग की चहलकदमी, पांच मिनट तक थमा रहा ट्रैफिक
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फतेहाबाद में हेरोइन के साथ युवक गिरफ्तार:पुलिस की गाड़ी देख खोखे के पीछे छिपा; NDPS एक्ट के तहत केस
फतेहाबाद जिले की सीआईए स्टाफ रतिया पुलिस ने एक युवक को 41.04 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा है। आरोपी की पहचान फतेहाबाद के शक्ति नगर निवासी रोहन पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी। सीआईए स्टाफ रतिया प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि 2 सितंबर को सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम फतेहाबाद शहर में गश्त कर रही थी। टीम नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए ऑटो मार्केट से भूना रोड पर एनएच-9 बाईपास पुल के पास पहुंची। पुलिस को देख खोखे के पीछे छिपा वहां सड़क किनारे चाय के खोखे के पास एक युवक खड़ा था। पुलिस की गाड़ी देखकर वह खोखे के पीछे छिपने लगा। उसकी हरकतें संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने उसे तुरंत पकड़ा और पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से 41.04 ग्राम हेरोइन मिली। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया है। थाना शहर फतेहाबाद में आरोपी के खिलाफ मुकदमा नंबर 384, दिनांक 2 सितंबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी-61-85 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
बिहार की सियासत में बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक का सिलसिला कभी थमता नहीं है, और जब बात परिवारवाद, चुनावी सरगर्मी या जनता से जुड़े मुद्दों की हो, तो जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच जाती है। इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गलियारों से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन के खेमे तक एक ऐसा ही सियासी तूफान खड़ा हो गया है, जिसने राज्य की हवा को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इस बार इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में कोई और नहीं बल्कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी आचार्य हैं। देश से कोसों दूर सिंगापुर में रहने के बावजूद रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया और अपने तीखे बयानों के जरिए लगातार बिहार की राजनीति के हर एक पहलू पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और सरकार पर लगातार कड़े हमले कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की भूमि अधिग्रहण और विकास नीतियों को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि सरकार 'किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की गहरी साजिश' रच रही है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम रोहिणी आचार्य के इस सनसनीखेज बयान, बिहार की गरमाती राजनीति, भूमि अधिग्रहण के विवाद और इसके राजनीतिक प्रभावों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।क्या है पूरा मामला और क्यों सिंगापुर से सियासी खेत जोत रही हैं रोहिणी आचार्यबिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से लालू परिवार के सदस्यों की भूमिका और उनकी सक्रियता पर लगातार बहस होती रही है। खासकर रोहिणी आचार्य ने जिस तरह से अपनी किडनी डोपा करके अपने पिता लालू यादव को नया जीवनदान दिया है, उसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनकी एक अलग और मजबूत छवि बनकर उभरी है। हालांकि वे व्यक्तिगत रूप से सिंगापुर में अपने परिवार के साथ निवास करती हैं, लेकिन आधुनिक संचार माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वे बिहार की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देती रहती हैं। राजनीतिक विश्लेषक अक्सर यह कहते नजर आते हैं कि रोहिणी आचार्य भले ही भौगोलिक रूप से देश से बाहर हैं, लेकिन वे अपने शब्दों के जरिए बिहार के सियासी खेत को लगातार जोत रही हैं और विपक्षी दलों को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर रही हैं। उनका यह ताजा बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वे सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के फैसलों को जनता की अदालत में चुनौती दे रही हैं।रोहिणी आचार्य का तीखा हमला: 'गरीब किसानों और अन्नदाताओं को उजाड़ने की हो रही है नापाक कोशिश'अपने ताजा राजनीतिक बयान में रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तथाकथित विकास के नाम पर गरीबों, मजदूरों और किसानों की पुश्तैनी जमीनों को जबरन अधिग्रहित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अपने संदेश में यह आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों और चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उन किसानों की जमीनों को छीनने की साजिश रच रही है, जिनका एकमात्र सहारा उनकी यही उपजाऊ मिट्टी है। रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एसी कमरों में बैठकर बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं, उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि जब एक किसान से उसकी जमीन छिन जाती है, तो उसकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे अंधकारमय हो जाता है। उनके इस आक्रामक बयान के सामने आने के बाद से ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल इस मुद्दे को लपककर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारियों में जुट गए हैं।सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार: विपक्ष पर फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोपरोहिणी आचार्य के इस तीखे हमले के बाद सत्ता पक्ष यानी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भी बिना देर किए जोरदार पलटवार करना शुरू कर दिया है। सरकार के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ मंत्रियों ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि रोहिणी आचार्य को बिहार की जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है और वे विदेश में बैठकर केवल सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। सत्ता पक्ष का यह तर्क है कि सरकार द्वारा जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे या औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह पारदर्शी हैं और किसानों को उनकी जमीन का बाजार भाव से कई गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। नेताओं का यह भी कहना है कि विपक्ष के पास राज्य के विकास को रोकने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे बयानों के जरिए केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों पर इस बयान का क्या पड़ेगा गहरा असरबिहार का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि भूमि अधिग्रहण, किसान के अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दे हमेशा से यहां के चुनावों की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते आए हैं। रोहिणी आचार्य द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को इस तरह आक्रामक तरीके से उठाने का मुख्य उद्देश्य आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक यानी किसानों, पिछड़ों और वंचितों को यह संदेश देना है कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में उनके अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार बैठी है। जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, यह साफ नजर आ रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ेगा। जनता अब यह भली-भांति समझ रही है कि विकास और किसान के हक की इस लड़ाई में कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार की राजनीति से जुड़ी इस ताजा और महत्वपूर्ण खबर से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी और आप राज्य के हर राजनीतिक अपडेट से लगातार जुड़े रहेंगे।
देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छता, वृक्षारोपण, वन एवं पर्यावरण, विकास कार्य, पशुपालन और आईजीआरएस की समीक्षा की। बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से जवाब मांगा गया। वहीं, आईटीआई के प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान डीएम ने ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने और स्वच्छता संबंधी कामों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के हिसाब से काम करने और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में डीएम ने सभी जुड़े विभागों को पौधरोपण की जियो-टैगिंग का काम एक हफ्ते के भीतर पूरा करने को कहा। लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। विकास कार्यों की समीक्षा में डीएम ने सभी निर्माण कार्य तय समय में अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। कम रफ्तार वाले कामों में तेजी लाने और नियमित निगरानी करने को कहा। बैतालपुर विकासखंड में कामों की धीमी रफ्तार पर खंड विकास अधिकारी से जवाब मांगा गया। पंचायत भवन निर्माण में लापरवाही पर एडीओ पंचायत बैतालपुर को खराब परफॉर्मेंस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, बैतालपुर के जिला समन्वयक का एक दिन का वेतन रोकने को कहा गया। डीएम ने सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिए कि सीएससी की धनराशि जमा नहीं होने पर संबंधित पंचायत सहायकों के वेतन से उसकी वसूली की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान डीएम ने लंबित शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में पशुओं के स्वास्थ्य, विभागीय योजनाओं और पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। डीएम ने पात्र पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
कानपुर: दो माह से वेतन नहीं मिला, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय का किया घेराव
कानपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा संगठन के कम्युनिटी हेल्थ कर्मचारियों ने दो माह का वेतन न मिलने पर सीएमओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया।
रायसेन के गैरतगंज वार्ड-15 में बुधवार-गुरुवार की रात करीब 12:30 बजे गिट्टी से भरा तेज रफ्तार डंपर गाय को बचाने के प्रयास में बेकाबू होकर सड़क किनारे बने मकान में जा घुसा। टक्कर के बाद डंपर पलट गया और चालक उसी में फंस गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गैरतगंज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। पहले गाय से टकराया, फिर मकान में घुसा मकान मालिक दीपचंद जैन के मुताबिक, डंपर पहले गाय से टकराया। इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डंपर सीधे उनके मकान में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि पूरा मकान हिल गया। ऊपर सो रहा था परिवार, नीचे किराएदार हादसे के समय दीपचंद जैन अपने परिवार के साथ मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे, जबकि नीचे किराएदार मौजूद थे। अचानक हुई तेज टक्कर से घर में मौजूद 8 सदस्य घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। दुकान और चार बाइक समेत कार क्षतिग्रस्त डंपर की टक्कर से मकान का निचला हिस्सा और एक दुकान टूट गई। नीचे खड़ी चार बाइक और एक कार भी डंपर की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। मकान मालिक ने हादसे में लाखों रुपए के नुकसान की बात कही है। ड्राइवर को निकालकर अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने डंपर में फंसे चालक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। बाद में क्रेन की मदद से पलटे डंपर को सीधा कर सड़क से हटाया गया।
जालौन में गुरुवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। दोपहर करीब 11:30 बजे बारिश तेज हो गई। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो लगातार जारी है। बारिश के कारण सड़कों और बाजारों में पानी भर गया। लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तापमान गिरने से मौसम में ठंडक महसूस की गई। लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का असर खरीफ की फसलों पर पड़ने लगा है। तिल-उड़द की फसल को नुकसान की आशंका किसानों के मुताबिक, लगातार बारिश से तिल और उड़द की फसल प्रभावित हो रही है। खेतों में पानी भरने और अधिक नमी के कारण तैयार फसल खराब होने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान खेतों में जलभराव की स्थिति और फसलों पर बारिश के असर पर लगातार नजर रख रहे हैं। धान के लिए बारिश बनी राहत वहीं, धान की फसल के लिए बारिश को फायदेमंद माना जा रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को पर्याप्त नमी मिल रही है। इससे किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च से भी राहत मिली है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो धान की फसल को फायदा होगा। हालांकि, ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव बढ़ने से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। जुलाई से अब तक 516 MM बारिश आंकड़ों के अनुसार, उरई में पिछले 24 घंटे में 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जुलाई से अब तक जिले में कुल 516 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। लगातार बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों में पानी की स्थिति और खरीफ की फसलों को हो रहे नुकसान पर नजर बनाए हुए हैं।
Jhansi: मेडिकल कॉलेज के 700 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की हड़ताल शुरू, यूपीकॉम निगम में समायोजन की मांग
आउटसोर्स कर्मियों को समायोजित करने के लिए मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एजेंसी के कर्मियों की सूची भेज दी गई और दूसरी एजेंसी के कर्मियों की सूची नहीं भेजी गई। इसको लेकर गुस्साए कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी।
गुरुग्राम: नगर निगम दफ्तर को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
गुरुग्राम में नगर निगम दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी।
करनाल जिले के कत्लाहेड़ी गांव की एक विधवा महिला के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 5 लाख रुपए निकाल लिए। महिला का आरोप है कि 13 अगस्त को उसके मोबाइल पर बैंक की ओर से एक लिंक आया था। लिंक खोलते ही उसके इंडियन बैंक, इलाहाबाद के खाते में जमा 5 लाख रुपए की एफडी की पूरी राशि कट गई। मामले में साइबर थाना करनाल पुलिस ने 2 सितंबर को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक का लिंक खोलते ही कट गई एफडी की रकम शिकायतकर्ता बाला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि बीती 13 अगस्त को उसके मोबाइल नंबर पर बैंक की तरफ से एक लिंक आया था। उसने लिंक खोला तो कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 5 लाख रुपए की एफडी की पूरी रकम निकल गई। शिकायत में बैंक खाते का नंबर और लेनदेन से संबंधित वॉलेट आईडी दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक लेनदेन की राशि 5 लाख रुपए थी और लेनदेन की तारीख 13 अगस्त दर्ज है। बैंक अधिकारियों ने फोन कर दी जानकारी बाला ने बताया कि रकम कटने के बाद बैंक अधिकारियों ने उसे फोन करके बताया कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उसके देवर सुनील ने 13 अगस्त को ही ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज करवाई। पति की मौत के बाद बच्चों के लिए जोड़ी थी रकम बाला ने पुलिस को बताया कि वह गरीब और विधवा महिला है। उसके दो छोटे बच्चे हैं। पति राहुल की सड़क हादसे में मौत के बाद मिली अनुदान राशि और दिहाड़ी मजदूरी से बचाकर उसने यह रकम बच्चों के भविष्य के लिए जमा की थी। महिला ने पुलिस से रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत की जांच में मामला धोखाधड़ी का पाए जाने पर साइबर थाना करनाल में मुकदमा 2 सितंबर को दर्ज किया गया।पुलिस अब रकम किस खाते या वॉलेट में गई और ठगी के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच कर रही है।
रायपुर के रिंग रोड पर गुरुवार सुबह यात्री बस हादसे का शिकार हो गई। ग्लोबल हॉस्पिटल के सामने टैंकर की टक्कर के बाद बस बेकाबू होकर सड़क किनारे बने बस स्टॉप में जा घुसी। हादसे के समय बस में 7 लोग सवार थे। किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि बस का अगला हिस्सा और बस स्टॉप का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, जीवन ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 04 E 3376 टाटीबंध से भाठागांव की ओर जा रही थी। सुबह करीब 9 बजे ग्लोबल हॉस्पिटल के सामने पहुंची, तभी टैंकर की टक्कर के बाद बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने बस स्टॉप से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस स्टॉप का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बस में 7 लोग सवार थे, कोई जनहानि नहीं डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे टैंकर की टक्कर के बाद यात्री बस अनियंत्रित होकर बस स्टॉप में घुस गई। हादसे के समय बस में 7 लोग सवार थे। हालांकि घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और टैंकर की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

