पलवल जिले में लूट, डकैती, हत्या और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद सालों से फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के तहत पुलिस टीमों ने 13 भगोड़े और 45 बेल जम्परों सहित कुल 58 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जानकारी देते हुए एसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि उनकी ओर से जिले के सभी थाना पुलिस को एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इस अभियान का मकसद भगोड़े और जमानत पर आकर फरार होने वाले अपराधियों को पकड़ना था। फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाया गया अभियान उन्होंने बताया कि जिला पुलिस भगोड़ा घोषित अपराधियों को जेल भेजने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अभियान में पुलिस को कई सालों से फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है। पिछले 10 दिनों में पकड़े गए प्रमुख आरोपियों में 2015 के डकैती मामले का वांछित आरिफ, 2011 से चोरी के मामले में फरार माजिद, पॉक्सो एक्ट और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में वांछित आरोपी राकेश और अभिषेक शामिल हैं। एसपी दीप्ति गर्ग बोलीं- अपराधियों को नहीं बख्शेगी पुलिस इसके अलावा, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, लूट और आबकारी कानून के तहत कई सालों से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे बेल जम्पर अपराधियों को भी पकड़ा गया और अदालत में पेश किया गया। एसपी दीप्ति गर्ग ने अपराधियों को साफ चेतावनी दी और कहा कि अब पलवल पुलिस से बचना आसान नहीं है, पलवल पुलिस उन्हें बख्शेगी नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बदमाश अभी पलवल पुलिस की रडार पर हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है और वे जल्द ही जेल में होंगे।
सोनीपत के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर एक प्रतियोगिता हुई। इसमें चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल थीं। लगभग 50 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और विचारों से भारत के उज्ज्वल, विकसित और समृद्ध भविष्य की तस्वीर पेश की। उन्होंने चित्रों और प्रभावशाली भाषणों के जरिए अपनी सोच बताई। चित्रकला प्रतियोगिता में शीतल (मैकेनिकल) ने पहला स्थान पाया। यशपाल और हिमांशी (दोनों मैकेनिकल) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। मुस्कान (एफएए) को तीसरा स्थान मिला। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारत के विकास, युवा शक्ति, शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसमें तुषार (कंप्यूटर) और अनुराधा (ऑटोमोबाइल) ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। गीता (केमिकल) दूसरे और पारस झा (कंप्यूटर) तीसरे स्थान पर रहे। जिम्मेदारियों को समझने का अवसर संस्थान के प्राचार्य प्रवेश सांगवान ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मेरे सपनों का भारत जैसे विषय विद्यार्थियों को देश के भविष्य के बारे में सोचने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और सक्रिय भागीदारी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों के माध्यम से जिस प्रकार अपने सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की है, वह उनकी रचनात्मक सोच और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में भी सहायक होते हैं। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास से जुड़े विषयों को अपनी प्रस्तुतियों का हिस्सा बनाया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। निर्णायक मंडल में ये रहे शामिल प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में विभागाध्यक्ष सुनील कुमार, वीरेंद्र श्योराण तथा कुलदीप गहलोत, वरिष्ठ प्रवक्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
जयपुर। जयपुर नगर निगम में महापौर चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। मतदान दोपहर 2 बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। जयपुर मेयर के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की वरिष्ठ पार्षद सुनीता गुप्ता मावर के बीच मुकाबला है। हालांकि पार्षदों का संख्या बल अधिक होने के कारण सुनील कोठारी का महापौर बनने की संभावना है। महापौर चुनाव के दौरान आज कांग्रेस विधायक धरने पर बैठ गए हैं। खबरों के अनुसार, विधायक रफीक खान को निगम में एंट्री नहीं मिलने पर कांग्रेस की ओर से धरना दिया गया। विधायकों के साथ कांग्रेस पार्षद भी धरने पर बैठ गए। रफीक खान के साथ अमीन कागजी भी मौजूद थे। इससे पहले बीजेपी-कांग्रेस के मेयर दावेदार सुनील कोठारी और सुनीता मावर ने निगम पहुंचकर अपनी-अपनी जीत का दावा किया। बीजेपी पार्षदों को बगरू से बस के जरिए निगम लाया गया। आपको बता दें कि भाजपा उम्मीदवार सुनील कोठारी वार्ड 112 से पार्षद चुने गए हैं। वह भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं। हालिया निगम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को करीब 900 वोटों के अंतर से हराया था। चार बार पार्षद रह चुकी हैं सुनीता मावर दूसरी ओर कांग्रेस उम्मीदवार पार्षद सुनीता मावर वार्ड 118 से पार्षद चुनी गई हैं। वह चार बार पार्षद रह चुकी हैं। दोपहर बाद तय हो जाएगा कि जयपुर नगर निगम में नया महापौर कौन होगा। हाल ही में निगम के 150 वार्डों में मतदान हुआ था। इसमें से बीजेपी ने 78 सीटों पर और कांग्रेस ने 57 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं निर्दलीयों ने भी एक दर्जन से अधिक सीटों पर कब्जा किया है। PC:sj अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस संबंध में सीएम भजनलाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ एकात्म मानव दर्शन एवं अंत्योदय के प्रणेता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के पावन अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सीएम ने कहा कि पंडित दीनदयाल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और आदर्श सदैव हमें ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’की भावना के साथ राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। दौरान संगठन की मजबूती, संगठनात्मक विषयों एवं आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की इससे पहले भजनलाल ने मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय नितिन नबीन का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान संगठन की मजबूती, संगठनात्मक विषयों एवं आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संगठन निरंतर सशक्त हो रहा है। PC X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
आगर मालवा में गुरुवार देर रात करीब 200 गोवंश को सुदवास क्षेत्र से शिवगढ़ की गौशाला ले जाने को लेकर विवाद हो गया। कनाड़ मार्ग पर परसुखेड़ी के पास ग्रामीणों ने गोवंश ले जा रहे लोगों को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके इलाके में पहले से ही बड़ी संख्या में लावारिस गोवंश घूम रहा है। उनकी मांग थी कि पहले उनके क्षेत्र के गोवंश को गौशाला में रखा जाए, फिर दूसरे इलाके से आने वाले गोवंश को जगह दी जाए। परसुखेड़ी के ग्रामीणों ने गोवंश लेकर आए लोगों को वापस लौटा दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आगर पहुंचे। साईं मंदिर के पास एक बार फिर विवाद बढ़ गया और मारपीट हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे ग्रामीणों को हटाया। विवाद के दौरान सुदवास क्षेत्र से लाए गए करीब 200 गोवंश शहर में अलग-अलग जगहों पर फैल गए। इससे देर रात शहर में गोवंश इधर-उधर घूमते दिखे। इनके खिलाफ केस दर्ज थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया कि गाय छोड़ने को लेकर हुए विवाद में मारपीट के दौरान धर्मेंद्र पिता मेहरबान सिंह राजपूत घायल हो गए। धर्मेंद्र की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पन्नालाल यादव और उसके दो अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बंगाल: पूर्व TMC विधायक अजित माईती गिरफ्तार, 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप
पश्चिम मेदिनीपुर में पूर्व टीएमसी विधायक अजित माईती को रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जसोल नगर पालिका में नवनिर्वाचित अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत और उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली ने बुधवार को अपना पदभार संभाला। यह नवगठित नगर पालिका है, जिसके ये पहले निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष हैं। इस मौके पर भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों में काफी उत्साह दिखा। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे। 20 में से 11 सीटों पर हासिल की थी जीत जसोल नगर पालिका के पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 20 में से 11 वार्डों में जीत हासिल की थी। इसके बाद निर्मला देवी प्रजापत अध्यक्ष और रमेश कुमार भंसाली उपाध्यक्ष चुने गए। दोनों के पदभार संभालने के साथ ही नई नगर पालिका में विकास और जनसेवा के नए काम शुरू हो गए हैं। पदाधिकारी और विधायक रहे मौजूद पदभार ग्रहण कार्यक्रम में भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल, पचपदरा विधायक अरुण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष बालोतरा भरत मोदी, जसोल चुनाव प्रभारी हरी सिंह उमरलाई, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह भाटी, वरिष्ठ भाजपा नेता भवानी सिंह टापरा और चुनाव संयोजक गोविंद सिंह कालूड़ी मौजूद थे। इनके अलावा, कई पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नगरवासी भी उपस्थित रहे। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने दीं शुभकामनाएं इस मौके पर भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत और उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जसोल नगर पालिका के पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार संभालने से जसोल के विकास का नया दौर शुरू हुआ है। नगरवासियों ने वोट देकर जो जिम्मेदारी दी है, अब उसके हिसाब से जनसेवा और विकास को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित जसोल” हमारा साझा संकल्प है। जसोल के प्रत्येक वार्ड का समान विकास, बेहतर सड़कें, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, जल निकासी, सौंदर्यीकरण, सुव्यवस्थित यातायात तथा आवश्यक जनसुविधाओं का विस्तार करते हुए नगर को आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। कहा-एकजुट होकर विकास में भूमिका निभाएंगे हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि चुनाव के दौरान जसोल के नागरिकों ने जिस विश्वास, आत्मीयता और सहयोग के साथ सहभागिता निभाई, उसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सभी का उद्देश्य जसोल का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी पार्षद, जनप्रतिनिधि, संगठन, कार्यकर्ता एवं नगरवासी एकजुट होकर नगर के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नवगठित नगर पालिका के सामने आने वाले वर्षों के जसोल की मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। विकास कार्यों में दूरदर्शिता, पारदर्शिता एवं जनसहभागिता रखते हुए प्रत्येक वार्ड की आवश्यकताओं को समान महत्व दिया जाना चाहिए। “विकसित जसोल” के संकल्प को साकार करने के लिए जसोल के विकास एवं जनहित से जुड़े प्रत्येक सकारात्मक प्रयास में उनका सहयोग निरंतर रहेगा। तेरस, 13 मत और बड़ी तेरस पर पदभार — माँ माजीसा की कृपा का विशेष संयोग हरिशचंद्र सिंह जसोल ने इस अवसर को श्री राणीसा भटियाणीसा की असीम कृपा से जोड़ते हुए कहा कि तेरस के पावन दिन अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ और निर्मला देवी प्रजापत 13 मत प्राप्त कर अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। वहीं भाद्रपद शुक्ल पक्ष की बड़ी तेरस के पावन दिवस पर उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। तेरस, 13 मत और बड़ी तेरस पर पदभार ग्रहण का यह संयोग माँ माजीसा की असीम कृपा एवं आशीर्वाद के रूप में हम सभी के लिए विशेष है। उन्होंने कहा कि माँ माजीसा की कृपा से प्रारंभ हुई नगर पालिका की यह नई विकास यात्रा जसोल के प्रत्येक नागरिक के जीवन में बेहतर सुविधाओं और नगर के उज्ज्वल भविष्य का आधार बने, यही मंगलकामना है। सबको साथ लेकर “विकसित जसोल” के संकल्प पर खरी उतरूंगी — निर्मला देवी प्रजापत नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत ने पदभार ग्रहण के अवसर पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं सबको साथ लेकर चलूंगी। नगरवासियों ने ‘विकसित जसोल’ का जो संकल्प लिया है और जसोल में परिवर्तन की जो लहर चली है, उस जनविश्वास पर खरी उतरते हुए नगर के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करूंगी।” उन्होंने कहा कि जसोल के प्रत्येक वार्ड को समान दृष्टि से देखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। स्वच्छता, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, पेयजल, सौंदर्यीकरण एवं अन्य जनसुविधाओं के विस्तार के साथ आमजन की समस्याओं के समयबद्ध समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। श्री राणीसा भटियाणीसा की कृपा और नगरवासियों के सहयोग से जसोल को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित एवं विकसित नगर बनाने की दिशा में सभी को साथ लेकर कार्य किया जाएगा। अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत के संबोधन में नगर के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने और जनविश्वास पर खरा उतरने की भावना प्रमुखता से सामने आई। उनके संबोधन का उपस्थित नगरवासियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया तथा “विकसित जसोल” के संकल्प को साकार करने में सामूहिक सहभागिता का विश्वास व्यक्त किया। इसी दौरान अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत ने मंच से घोषणा की कि जसोल नगर पालिका की प्रथम बैठक में जसोल फांटा से जसोल नगर पालिका की सीमा तक के सड़क मार्ग का नामकरण सभी के सहयोग से लोकआस्था की अधिष्ठात्री श्री राणीसा भटियाणीसा के नाम से करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जसोल की पहचान श्री राणीसा भटियाणीसा की पावन धरा के रूप में देशभर में स्थापित है। नगर के इस प्रमुख सड़क मार्ग का नाम श्री राणीसा भटियाणीसा के नाम पर किया जाना जसोल की आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक पहचान के सम्मान से जुड़ा रहेगा। आप समस्या बताएं, समाधान के लिए 24 घंटे उपस्थित रहूंगा — रमेश कुमार भंसाली उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली ने पदभार ग्रहण करते हुए नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा, “मैं आप सभी के लिए 24 घंटे उपस्थित रहूंगा। आप अपनी समस्या बताएं, हम उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।” उन्होंने कहा कि अध्यक्ष, सभी पार्षदों एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय रखते हुए नगरवासियों की समस्याओं का समाधान करने और जसोल के विकास को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। नगर पालिका के माध्यम से आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारना प्राथमिकता रहेगी। माजीसा की असीम कृपा से क्षेत्र में मिला जनसमर्थन — अरुण चौधरी पचपदरा विधायक अरुण चौधरी ने अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली को नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके स्वयं के विधानसभा चुनाव में भी माजीसा की असीम कृपा रही और अब उनके विधानसभा क्षेत्र में नगर निकाय चुनावों में भाजपा को मिले जनसमर्थन में भी माँ का आशीर्वाद रहा है। उन्होंने क्षेत्र के मतदाताओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से उन निर्दलीय कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में पार्टी के पक्ष में सहयोग करते हुए संगठन का साथ दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी को मिलकर क्षेत्र और नगर के विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। अरुण चौधरी ने कहा कि जसोल के प्रत्येक वार्ड की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों में उनका सहयोग रहेगा। बालोतरा और जसोल में जनविश्वास की जीत — भरत मोदी भाजपा जिलाध्यक्ष बालोतरा भरत मोदी ने अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की विकास की भावना के प्रति जनता ने अपना विश्वास व्यक्त किया है। नगर परिषद बालोतरा और नगर पालिका जसोल के चुनावों में भाजपा को बहुमत मिला तथा दोनों निकायों में सभापति/अध्यक्ष एवं उपसभापति/उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह जनविश्वास नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी भी है। जनता ने जिस विश्वास के साथ भाजपा को दायित्व सौंपा है, उसके अनुरूप विकास, जनसेवा एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य करना होगा। भरत मोदी ने कहा कि संगठन और जनप्रतिनिधियों के आपसी समन्वय से नगर परिषद बालोतरा एवं नगर पालिका जसोल में विकास कार्यों को गति देते हुए आमजन की समस्याओं के समाधान और जनसुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। नगरवासियों के विश्वास और सहयोग के लिए आभार — गणपत सिंह भाटी भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह भाटी ने जसोल के समस्त नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका के प्रथम चुनाव में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। उन्होंने नगरवासियों के विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद देते हुए अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली को नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों के साथ नगरवासियों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी और सभी के सामूहिक प्रयासों से जसोल को सुव्यवस्थित एवं विकसित नगर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। पदभार ग्रहण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों की उपस्थिति से उत्साहपूर्ण वातावरण रहा। कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों ने अध्यक्ष निर्मला देवी प्रजापत तथा उपाध्यक्ष रमेश कुमार भंसाली को नवीन दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए माला पहनाकर एवं साफा बांधकर उनका आत्मीय स्वागत एवं बहुमान किया। भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि जसोल के नागरिकों का विश्वास और सहभागिता ही नगर के विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। अब लक्ष्य स्पष्ट है—जनसुविधाओं का विस्तार, प्रत्येक वार्ड का समान विकास और सामूहिक सहभागिता के साथ “विकसित जसोल” के संकल्प को साकार करना
बैतूल के सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे बिहार के 27 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ट्रेन बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंची तो उसे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान गोपालगंज, बिहार निवासी धर्मेंद्र पिता शिवनाथ महतो (27) के रूप में हुई है। धर्मेंद्र अपने बड़े भाई और दो अन्य साथियों के साथ सिकंदराबाद से दानापुर जा रहा था। सफर के दौरान तबीयत खराब होने पर साथियों ने रेलवे स्टाफ और जीआरपी को इसकी सूचना दी। इसके बाद बैतूल स्टेशन पर उसे ट्रेन से उतारा गया और अस्पताल पहुंचाया गया। सिकंदराबाद में पुताई का काम करता था परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र सिकंदराबाद में पुताई का काम करता था। वह दो भाइयों में छोटा था। छुट्टी लेकर वह अपने बड़े भाई और साथियों के साथ बिहार स्थित घर लौट रहा था। तीन महीने से चल रहा था टीबी का इलाज जीआरपी के मुताबिक, धर्मेंद्र की मेडिकल हिस्ट्री भी सामने आई है। बताया गया है कि पिछले करीब तीन महीने से उसका टीबी का इलाज चल रहा था। हालांकि, उसकी मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जमशेदपुर के गोलमुरी मस्जिद रोड स्थित केनरा बैंक में गुरुवार को 33 करोड़ का सोना और 42 लाख नकद लूट मामले में बिहार का सुबोध सिंह गिरोह पुलिस के रडार पर आ गया है। गिरोह का मोडस ऑपरेंडी बारिश और सन्नाटे के समय रेनकोट या हेलमेट पहनकर बैंक में घुसना, कर्मचारियों को बंधक बनाना और मुख्य रूप से गोल्ड लोन का सोना लूटना रहा है। सुबोध सिंह फिलहाल जेल में है, लेकिन जेल के अंदर से ही उसका नेटवर्क झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय है। चार पहले इसी तर्ज पर हुई थी डकैती 18 अगस्त 2022 को मानगो स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी दिनदहाड़े इसी तर्ज पर करोड़ों की डकैती हुई थी। उस वारदात में भी डकैतों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर मुख्य रूप से गोल्ड लोन का सोना निशाना बनाया था। इस गिरोह के गुर्गे पारडीह काली मंदिर के समीप एक होटल तक बाइक से गए थे और वहां पहले से पार्क किए गए कंटेनर में छुपकर बिहार भाग गए थे। हाल ही में इस गिरोह के कई शूटर जमानत पर बाहर आए हैं। समस्तीपुर गैंग पर भी जांच का फोकसगोलमुरी स्थित केनरा बैंक डकैती की जांच में पुलिस का फोकस बिहार के समस्तीपुर गैंग पर भी है। इस गिरोह का सरगना सुधीर सिंह उर्फ पप्पू सिंह बताया गया है, जो बेऊर जेल में बंद है। पुलिस पुराने बैंक डकैती मामलों और केनरा बैंक घटना के बीच समानता की पड़ताल कर रही है। इस गिरोह का नाम 18 अगस्त 2022 को उलीडीह थाना क्षेत्र के मानगो डिमना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में हुई डकैती में भी सामने आया था। उस घटना में हथियारबंद अपराधियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर बैंक में धावा बोला था और करीब 30 लाख रुपए नकद समेत 1.12 करोड़ रुपए का सोना लूटा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस बैंक डकैती में भी कैश और गोल्ड लोन का सोना लूटने के बाद बदमाश अलग-अलग रास्तों से निकले। फिर टेंपो से डिमना चौक की ओर पहुंचे और इसके बाद किसी भारी वाहन से फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस पुराने केस के आरोपियों, उनके संपर्कों और वाहनों के पैटर्न की भी जांच कर रही है। केनरा बैंक में कैसे हुई लूटगुरुवार सुबह छह हथियारबंद डकैतों ने करीब एक घंटे तक डकैती की। बारिश और सन्नाटे की आड़ में रेनकोट पहने पांच अपराधी सुबह 9:10 बजे बैंक में घुसे। बैंक का ताला सफाईकर्मी आकाश नाग और चाय बनाने वाली नूतन ने खोला था। दोनों को गनप्वाइंट पर लेकर बदमाश अंदर घुस गए। आम ग्राहकों के लिए बैंक खुलने का समय सुबह 10 बजे है। बदमाश 42 लाख रुपए नकद और गोल्ड लोन के एवज में ग्राहकों से जमा कराया करीब 33.20 करोड़ रुपए मूल्य का सोना लूटकर ले गए। 23.8 किलो सोना (650 पैकेट में सीलबंद) था। डकैतों का एक साथी सीढ़ियों के पास रेकी के लिए तैनात था।
धौलपुर जिले में शुक्रवार को मौसम अचानक बदल गया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान कम हुआ और लोगों को कई दिनों से पड़ रही गर्मी से कुछ राहत मिली। दोपहर बाद जिले के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय से उमस और तेज गर्मी झेल रहे लोगों को इस बदलाव से राहत मिली। आसमान में बादल छाए रहने से बारिश की उम्मीद भी बनी हुई है। सुबह से ही बादलों और हवाओं के कारण मौसम बदला हुआ दिखा। कई जगहों पर लोग बारिश का इंतजार करते दिखे। हालांकि, अभी बूंदाबांदी हल्की रही और जिले में कहीं भी तेज बारिश नहीं हुई है।पिछले कुछ दिनों से धौलपुर में गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा था। दिन में तेज धूप और उमस के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ रहा था। ऐसे में शुक्रवार को मौसम में आए बदलाव से लोगों को राहत मिली है।मौसम के बदले मिजाज के बीच किसानों की नजर भी आसमान पर है। यदि बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। शाम तक आसमान में बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी रही।
नोएडा में राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में लगी आग में महोबा के चरखारी निवासी भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके इंजीनियर बेटे शशांक गुप्ता की मौत हो गई। आग लगने के दौरान शशांक अपनी मां को बचाने की कोशिश करते रहे। परिजनों के मुताबिक, पैरों में दर्द के कारण सुनीता ठीक से चल नहीं पा रही थीं। मां को अकेला छोड़कर बाहर निकलने के बजाय शशांक उनके साथ रहे। दोनों की मौत की पुष्टि DNA जांच और परिजनों की पहचान के बाद हुई। सुनीता गुप्ता करीब एक महीने से गुरुग्राम में अपने बेटे शशांक के पास थीं। वह घुटनों की बीमारी का इलाज करा रही थीं। नीरज गुप्ता के भाई धीरू गुप्ता को हार्ट अटैक आने के बाद शशांक अपनी मां को लेकर राज कल्पना ट्रेवल्स की बस से महोबा लौट रहे थे। दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे। आग और धुआं फैलते ही मची भगदड़ परिजनों के मुताबिक, रास्ते में अचानक बस में आग लग गई। देखते ही देखते बस में धुआं भरने लगा और यात्रियों में भगदड़ मच गई। शशांक की मां पैरों में दर्द के कारण आसानी से बाहर नहीं निकल पा रही थीं। परिजनों का कहना है कि शशांक ने मां को अकेला छोड़कर बाहर निकलने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की। मां को छोड़कर नहीं निकले शशांक परिजनों के अनुसार, चालक, परिचालक और सुनीता ने शशांक से बाहर निकलने के लिए कहा था। इसके बावजूद वह मां को बचाने की कोशिश करते रहे। ज्यादा धुआं भरने के कारण दोनों बेहोश हो गए और आग की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने चालक-परिचालक पर लगाया लापरवाही का आरोप परिजनों ने बस चालक और परिचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यात्रियों ने बस में जलने की गंध आने की शिकायत की थी, लेकिन बस को समय रहते नहीं रोका गया। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। DNA जांच के बाद हुई शवों की पहचान आग इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया था। DNA जांच और परिजनों की पहचान के बाद सुनीता और शशांक के शवों की पुष्टि हुई। घटना की जानकारी मिलते ही महोबा और चरखारी में शोक की लहर दौड़ गई। बीजेपी नेताओं ने घर पहुंचकर जताया शोक सुनीता और शशांक की मौत की खबर के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का नीरज गुप्ता के आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत कई नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मां को बचाने की कोशिश में शशांक की मौत की घटना से परिवार और परिचितों में गहरा दुख है।
पलवल में जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीसी ने वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों, सुरक्षा अलार्म सिस्टम, फायर सेफ्टी उपकरणों और प्रवेश-निकास व्यवस्था की भी जांच की। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की स्थिति देखने के बाद डीसी ने उनके रखरखाव और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीनों की सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को लगातार अपडेट किया जाए और समय-समय पर उनकी जांच की जाए। मशीनों की सुरक्षा पक्की करना मकसद उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया जाता है। इसका मकसद मशीनों की सुरक्षा और पारदर्शिता पक्की करना है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वेयरहाउस में रखी चुनाव सामग्री की सुरक्षा जिला प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी और सावधानी से निभाएं। सीसीटीवी कैमरे की नियमित जांच की जाए उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षाकर्मी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं की नियमित रूप से जांच की जाए और उन्हें ठीक रखा जाए। अगर कोई तकनीकी खराबी या सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाए, ताकि कोई रुकावट न आए।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गुरुवार से बदला मौसम शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह से शहर में रुक-रुककर हल्की और मध्यम बारिश होती रही। दोपहर करीब पौने 1 बजे के आसपास अचानक बारिश तेज हो गई। दोपहर की तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर पानी बहने लगा, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश का असर मालधक्का रोड स्थित गंधरी पुलिया पर भी देखने को मिला। हर बार की तरह कुछ देर की बारिश के बाद नाले का गंदा पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगा। करीब घुटने से ऊपर तक पानी होने से इस रस्ते से लोगों का आना जाना ही बंद हो गया। ऐसे में लोगों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। पुरानी हटरी और सब्जी मार्केट में पानी भरा बताया जा रहा है कि तेज बारिश के बाद पुरानी हथेली में भी अपनी कुछ सड़कों पर भर गया वहीं संजय मार्केट में भी हर बार की तरह यहां बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगा। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वही स्टेशन रोड गोपी टॉकीज रोड की सड़कों पर भी पानी बह रहा था। बारिश होने के बाद हर बार इस तरह की स्थिति यहां बन जाती है।
ग्वालियर की एमएलबी कॉलोनी स्थित ‘आयाम’ गर्ल्स हॉस्टल में 30 जुलाई को 22 वर्षीय छात्रा विशाखा शाक्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पड़ाव थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाखा का आयुष शाक्य के साथ प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहती थी। शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने आज जांच के आधार पर आयुष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। SSC-PSC की तैयारी कर रही थी विशाखा पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव के अनुसार, विशाखा सबलगढ़ (मुरैना) के बधरैंटा की रहने वाली थी। वह ग्वालियर में रहकर SSC और MP-PSC की तैयारी कर रही थी और कुछ दिन पहले ही आयाम गर्ल्स हॉस्टल में रहने आई थी। घटना के समय उसकी रूम पार्टनर शहर से बाहर गई हुई थी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर हॉस्टल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो विशाखा फंदे पर लटकी मिली। घटना से एक दिन पहले भी हुई थी बहस पुलिस ने आयुष के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। इसमें घटना से पहले और घटना वाले दिन विशाखा और आयुष के बीच कई बार बातचीत होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई को दोनों के बीच शादी को लेकर तीखी बहस भी हुई थी। हॉस्टल संचालक दंपति ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि विशाखा अक्सर एक युवक से फोन पर बात करती थी और शादी को लेकर तनाव में रहती थी। दोनों के परिजनों को भी उनके प्रेम संबंध की जानकारी थी। परिजनों के बयान पर आरोपी के खिलाफ केस परिजनों ने पुलिस को बताया कि विशाखा ने आयुष से कहा था कि अगर उसने शादी नहीं की तो वह अपनी जान दे देगी। परिजन का आरोप है कि इसके बावजूद आयुष ने शादी से इनकार कर दिया। पुलिस ने जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर आयुष शाक्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए दबिश थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया, “जांच और सीडीआर के आधार पर आरोपी आयुष शाक्य के खिलाफ धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।”
गुना जिले में एंबुलेंस ड्राइवरों में दो गुट हो गए हैं। पहले एक गुट ने DM (जिला मैनेजर) को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा था। कर्मचारियों ने DM पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। अब शुक्रवार को दूसरे गुट ने DM के समर्थन में ज्ञापन सौंपकर उन पर कार्रवाई न करने की मांग की है। बता दें कि एम्बुलेंस ड्राइवर मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा था। कर्मचारियों का आरोप था कि जिला मैनेजर अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचासियों के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उनका कहना था कि पहले भी अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने DM को हटाने की मांग की थी। अब दूसरे गुट के एम्बुलेंस ड्राइवर DM के समर्थन में उतर आए हैं। चालकों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन सौंपा। आवेदन में बताया गया कि पायलट अनिल कृमार, वीरेंद्र जाटव, सुनील पालिया और EMT सुमन कुशवाह द्वारा DM शादाब खान के विरुद्ध लगाए गए आरोप तथ्यहीन एवं निराधार हैं। पहले से ही शिकायतें होने का आरोपदूसरे गुट का कहना है कि इन कर्मचारियों के विरुद्ध पूर्व से ही HR विभाग एवं कंपनी स्तर पर ड्यूटी में लापरवाही एवं अनुशासन संबंधी शिकायतें उपलब्ध हैं। इन कर्मचारियों के संबंध में वाहनों के टायर और अन्य सामान बेचने, ईधन में अनियमितता, कॉलर/मरीज के परिजनों से पैसे मांगने, वाहनों को जानबूझकर खराब करने, इमरजेंसी कॉल का जवाब नहीं देने, वाहन निर्धारित स्थान पर नहीं रखने तथा ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता जैसी गंभीर शिकायतें पूर्व में सामने आ चुकी हैं। इन्हीं शिकायतों के कारण कंपनी द्वारा पूर्व में इनके विरुद्ध कार्रवाई/ होल्ड भी किया गया था। कर्मचारियों ने मांग की कि लगभग एक माह से उक्त कर्मचारी अपनी कार्य संबंधी कमियों एवं पूर्व कारवाई का जिम्मेदार DM शादाब खान को ठहराकर उनके विरुद्ध शिकायतें कर रहे हैं और उन्हें पद से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे 108 आपातकालीन सेवा के सुचारु संचालन एवं जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए उन पर कोई कार्रवाई न की जाए।
शिवपुरी शहर के कमलागंज घोषीपुरा में लूडो खेलते समय सिगरेट पीने से मना करने की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले चार युवकों ने एक बुजुर्ग समेत एक ही परिवार के चार लोगों के साथ पत्थर और डंडों से मारपीट की। हमले में सभी चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिगरेट पीने से मना करने पर हुआ विवाद कमलागंज घोषीपुरा निवासी सज्जू मिस्त्री (62) ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे उनके घर के सामने आजम खान, जाहिर खान और बिलाल खान लूडो खेल रहे थे। इस दौरान वे सिगरेट पी रहे थे। सज्जू मिस्त्री के बेटे आसिफ ने उन्हें घर के सामने सिगरेट पीने से मना किया था। सज्जू के मुताबिक, इसी बात को लेकर अगले दिन 25 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे आजम खान, बिलाल खान, जाहिर खान और नदीम खान उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने गाली देने से मना किया तो आरोप है कि बिलाल खान ने पास पड़ा पत्थर उठाकर उनके सिर पर मार दिया। सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा। बचाने आए परिवार के तीन लोगों पर भी हमला सज्जू मिस्त्री को बचाने के लिए उनकी बहू मुस्कान खान और बेटे असफाक खान व सोहिल खान वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार, आजम खान ने पत्थर से मुस्कान के माथे पर हमला किया। जाहिर खान ने असफाक के सिर पर पत्थर मार दिया। वहीं, नदीम खान पर आरोप है कि उसने सोहिल के साथ डंडे से मारपीट की। इस दौरान उसकी आंख के ऊपर भौंह के पास चोट आई। घटना में परिवार के चारों लोग घायल हो गए। बीच-बचाव के बाद आरोपी धमकी देकर गए घटना के दौरान जुम्मन खान और शाहरुख खान ने बीच-बचाव किया। फरियादी का आरोप है कि आरोपी जाते समय धमकी देकर गए कि आगे से उनसे उलझने पर जान से मार देंगे। पुलिस ने सज्जू मिस्त्री की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
रायपुर पुलिस ने महज 9 घंटे के भीतर अंतर्राज्यीय ऑपरेशन चलाकर महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक साल के मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है।
कौशांबी के भरवारी नगर पालिका परिषद के मूरतगंज स्थित पक्का तालाब को मूर्ति विसर्जन के लिए तय किया गया है। जिला प्रशासन ने यहां साफ पानी भरकर मूर्ति विसर्जन कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, नगर पालिका भरवारी के अधिकारियों ने न तो तालाब में साफ पानी भरवाया और न ही उसकी सफाई कराई। इससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। गुरुवार शाम करीब 4 बजे दर्जनों गणेश भक्त वहां पहुंचे और नगर पालिका के खिलाफ गुस्सा जताया। तालाब की सफाई न होने की जानकारी मिलने पर सभासद प्रतिनिधि विराट गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने फोन पर ईओ भरवारी को मामले की जानकारी दी। सीवर सेक्शन मशीन भेज दी इसके बाद नगर पालिका ने तालाब की गंदगी साफ करने के लिए सीवर सेक्शन मशीन भेज दी, जिसका इस्तेमाल घरों की गंदगी निकालने के लिए होता है। जैसे ही कर्मचारियों ने सीवर सेक्शन मशीन का पाइप तालाब के पानी में डाला, वहां मौजूद गणेश भक्तों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों ने कहा कि जिस मशीन से घरों की गंदगी निकाली जाती है, उसका पाइप तालाब में डालकर उसे और दूषित कर दिया गया है। किसी व्यक्ति ने फोन पर जिलाधिकारी को इस मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर ईओ रामसिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद कर्मचारियों से पंपिंग सेट के जरिए तालाब की गंदगी साफ करवाई गई। आज शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ईओ रामसिंह के निर्देश पर नगर पालिका भरवारी के कर्मचारियों ने तालाब में गंगाजल डालकर उसे शुद्ध किया। पक्का तालाब का पानी अब पूरी तरह साफ ईओ ने उच्चाधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक पक्का तालाब का पानी अब पूरी तरह साफ है और गणेश भक्त अपनी मूर्तियों का विसर्जन कर सकते हैं। स्थानीय गणेश पूजा पंडालों के पदाधिकारियों ने ईओ के इस काम की तारीफ की है।
हिसार जिले के अग्रोहा थाना क्षेत्र में घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट निवासी अग्रोहा को 24 सितंबर को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अग्रोहा निवासी संजय की शिकायत पर उसके घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान उप निरीक्षक सतपाल ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि उर्फ राणा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किया। इसके अलावा चोरी किए गए सोने के आभूषण भी नियमानुसार बरामद कर जब्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी मामले की आगामी जांच मुख्य सिपाही मनजीत सिंह द्वारा की गई। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट को गिरफ्तार किया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी- SP पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धान्त जैन, आईपीएस के निर्देशानुसार जिले में चोरी, लूट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सिरसा जिले के ऐलनाबाद थाना क्षेत्र में महिलाओं के कपड़े पहनकर नकाब लगाकर घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से सोने की बालियां छीनने की वारदात को पुलिस ने चंद घंटों में सुलझा लिया। ऐलनाबाद थाना पुलिस ने वारदात में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छीनी गई सोने की बालियां बरामद कर ली हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना वीरवार शाम ऐलनाबाद थाना क्षेत्र की है। मामले में ऐलनाबाद थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रगट सिंह ने बताया कि ऐलनाबाद निवासी बुजुर्ग महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रात करीब आठ बजे घर के अन्य सदस्य काम से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान महिलाओं के कपड़े पहने दो नकाबपोश युवक उसके घर में घुसे। एक युवक घर के अंदर आया, जबकि दूसरा बाहर निगरानी करने लगा। उनमें से घर के अंदर आए युवक ने महिला से जेवरात देने की मांग की। महिला के चारपाई से उठने का प्रयास करने पर आरोपी ने उसे धक्का दिया और उसके बाएं हाथ पर तेजधार हथियार से वार कर दिया। इसके बाद युवक ने महिला के कानों में पहनी सोने की बालियां झपटकर छीन ली और दोनों फरार हो गए। निशानदेही कर बालियां बरामद थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ छीना-झपटी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल दोनों आरोपियों को कुछ ही घंटों में काबू कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर छीनी गई सोने की बालियां भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को आज शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जोधपुर में पकड़े गए लॉरेंस गैंग के दो इनामी शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग ने कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश रची थी। शूटर्स से सिरोही में लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी करवाई थी। फार्म हाउस पर पार्षदों की भीड़ होने के कारण वहां वारदात का प्लान बदल दिया और दोनों को जोधपुर भेज दिया गया। इस साजिश को विदेश से ऑपरेट करने और हरियाणा के गुर्गों के जरिए शूटरों को लोकल सपोर्ट देने की बात सामने आई है। मामले में दोनों शूटर नेपाल से यहां पहुंचे थे। जिसके चलते कई दिनों तक संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की गई। लेकिन निकाय चुनाव की भीड़ के चलते वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद दोनों जोधपुर पहुंचे। दरअसल, एजीटीएफ इंस्पेक्टर राम सिंह को मिली सूचना के बाद जोधपुर पुलिस को इनपुट दिया गया। एजीटीएफ ने जोधपुर पुलिस के सहयोग से 20 सितंबर को पंजाब निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाली-सिरोही हाईवे पर ढोला गांव के पास झाड़ियों में छिपाए गए हथियार भी बरामद किए। पाली हाईवे की झाड़ियों में छिपाए थे हथियार शूटर्स की निशानदेही पर पाली से सिरोही की ओर ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे के दाहिनी तरफ करीब 200 मीटर दूर सुनसान स्थान पर बबूल की घनी झाड़ियों के बीच कपड़े की थैली बरामद की गई। इसमें हथियार छिपाकर रखे गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से तुर्की मेड 9 एमएम जिगाना/एफएक्स-9 पिस्टल, ऑस्ट्रिया मेड 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, दोनों की मैगजीन सहित कुल 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हथियारों को शूटर्स के पकड़े जाने के बाद उनकी सूचना पर बरामद किया गया। फार्म हाउस की पहाड़ी से रखी जा रही थी नजर जांच में सामने आया कि सिरोही में संयम लोढ़ा के फार्म हाउस के आसपास गैंग से जुड़े लोगों ने पहले रेकी की थी। फार्म हाउस के पास पहाड़ी से लोढ़ा के आने-जाने और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रैकी के दौरान शुटरों ने ये भी पता लगाने की कोशिश की संयम लोढ़ा कब फार्म हाउस पर रहते हैं। इस दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आता है। सुनसान और पहाड़ी का इलाका किस तरफ है। साथ ही वारदात के बाद किस तरफ से फरार हुआ जा सकता है। पुलिस को दोनों आरोपियों के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वारदात के लिए मौका तलाशा जा रहा था, लेकिन फार्म हाउस पर पार्षदों की मौजूदगी के चलते गैंग ने योजना बदल दी। निकाय चुनाव की वजह से इलाके में पार्षदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आवाजाही और भीड़ बढ़ गई। जिससे शूटर वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि विधायक और उनके भाई के बीच विचार नहीं मिलते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि इस दावे और टारगेट की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 14 घंटे होटल में रुके थे शूटर सिरोही कनेक्शन की जांच में पुलिस को शूटरों की गतिविधियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। दोनों 17 सितंबर की शाम करीब 6:15 बजे बाइक से ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे पर अरठवाड़ा गांव के पास एक होटल पहुंचे थे। करीब तीन मिनट बाद फर्जी आधार कार्ड देकर कमरा लिया। दोनों रातभर होटल में रुके और अगले दिन सुबह करीब 8:23 बजे वहां से रवाना हुए। पुलिस के अनुसार दोनों ने होटल में खाना नहीं खाया और नशा करते रहे। होटल के सीसीटीवी में उनके आने-जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। 23 सितंबर को जोधपुर पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर होटल पहुंची और होटल संचालक से पूछताछ कर मौका तस्दीक की। इसके बाद टीम शिवगंज थाने भी गई। पूर्व विधायक की फोटो मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा पुलिस को गिरफ्तार शूटरों के मोबाइल फोन से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई। हालांकि सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसे रुटीन सुरक्षा व्यवस्था बताया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फोटो किस उद्देश्य से रखी गई थी और रेकी में स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। व्यापारी भी था गैंग के निशाने पर जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों के निशाने पर मारवाड़ का एक बड़ा व्यापारी भी था। पुलिस को आशंका है कि गैंग ने व्यापारी की भी रेकी करवाई थी और वारदात के बाद उससे करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने की योजना हो सकती थी। सुमेरपुर और शिवगंज के कुछ बड़े कारोबारियों की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है। हरियाणा से मिल रहा था सपोर्ट, तीन संदिग्ध हिरासत में शूटर्स से पूछताछ के बाद एजीटीएफ ने हरियाणा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर गैंग के लिए रेकी और लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराने का संदेह है। इसके अलावा करीब 7-8 अन्य संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर बताए जा रहे हैं। एजीटीएफ की एक टीम हरियाणा में डेरा डाले हुए है और अन्य आरोपियों की तलाश में कार्रवाई जारी है। एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है और अलग-अलग राज्यों की पुलिस एवं एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। नेपाल से बुलाए गए थे शूटर ADG AGTF दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी 2025 में पंजाब में दो हत्याओं के बाद नेपाल चले गए थे। पुलिस के अनुसार गैंग में सक्रिय कई शूटर अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जिसके चलते दोनों को नेपाल से वापस बुलाकर जोधपुर में वारदात के लिए भेजा गया था। जोधपुर में वारदात के बाद उन्हें दोबारा नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भेजने का आश्वासन दिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। दोनों आरोपियों ने जोधपुर में किसी को नहीं जानने की बात कही है, लेकिन उनके फोन पर संपर्क में आए लोगों की पहचान कर पुलिस पूछताछ कर रही है। पंजाब में हत्या के मामलों में वांटेड एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ कुल करीब 12 मामले सामने आए हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एजीटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शूटरों को हथियार किसने उपलब्ध कराए, सिरोही में रेकी किसने कराई, स्थानीय स्तर पर बाइक और ठहरने की व्यवस्था किसने की और गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं।
सीहोर के अहमदपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसा हो गया। सीलखेड़ा से मुंगावली जाने वाले मार्ग पर स्थित एक खदान के पानी में डूबने से 16 वर्षीय अतुल अहिरवार की मौत हो गई। अतुल सीलखेड़ा गांव का रहने वाला था। प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी में गया जानकारी के मुताबिक, अतुल गांव के अन्य लोगों के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए खदान के पानी में गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अतुल को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उसे निजी वाहन से अहमदपुर ले जाया गया। यहां से हालत गंभीर होने पर दोराहा स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस इंतजामों पर सवाल उठाए घटना के बाद ग्रामीणों ने गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था और पुलिस करीब दो घंटे की देरी से पहुंची। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले साल इसी स्थान पर गणेश विसर्जन के दौरान दो पुलिस जवान तैनात किए गए थे, लेकिन इस साल मौके पर कोई जवान मौजूद नहीं था। हालांकि, पुलिस की ओर से देरी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। घटना की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद लॉरेंस गैंग के दो गैंगस्टरों ने अपने-अपने बैरक के CCTV कैमरे तोड़ दिए। जेल प्रशासन की ओर से सिविल लाइंस थाने में दोनों बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर की रात बैरक नंबर-1 के ब्लॉक नंबर-1 की सेल नंबर 3 और 5 के CCTV कैमरे गायब मिले। सूचना पर जेल अधिकारियों ने जांच की तो दोनों कैमरे मौके पर नहीं थे। बाद में ब्लॉक की छत पर CCTV कैमरों के हिस्से मिले। कंट्रोल रूम में दोनों कैमरों की पुरानी रिकॉर्डिंग देखने पर घटना का पता चला। बंदी शौचालय की दीवार पर चढ़ता दिखा रिकॉर्डिंग में बंदी सुमित कुमार सेल नंबर-3 के शौचालय की दीवार पर चढ़ता नजर आया। रिकॉर्डिंग के अनुसार 4 सितंबर को सुबह करीब 7.15 बजे तक कैमरा चालू था, इसके बाद उसकी रिकॉर्डिंग बंद हो गई। इसी तरह सेल नंबर-5 का कैमरा सुबह करीब 7.12 बजे तक रिकॉर्डिंग कर रहा था। फुटेज में सुमित कुमार के हाथ में मौजूद पत्थर CCTV कैमरे की तरफ फेंकते हुए दिखाई दिया है। इसके बाद दूसरा बंदी रामबीर पुत्र सत्यवीर भी सेल में आता दिखाई दिया। कुछ देर बाद सुमित शौचालय की दीवार पर चढ़कर कैमरे के पास पहुंचने की कोशिश करता नजर आया और इसके बाद कैमरे की रिकॉर्डिंग बंद हो गई। जेल प्रशासन ने रिपोर्ट में दोनों बंदियों पर राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह खबर भी पढ़ें..... गैंगस्टर-लॉरेंस से मिलने के लिए 20-दिन भूखे रहे थे कैदी:* हाई सिक्योरिटी जेल में ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं खूंखार क्रिमिनल, गर्लफ्रेंड से भी बात करते हैं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गमाडा के 6,400 करोड़ रुपए की रकम को लेकर पंजाब सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या किसी विशेष उद्देश्य के लिए रखी जाने वाली इस रकम को राज्य की संचित निधि में शामिल कर सामान्य बजट घाटा पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मामला जसकिरत सिंह व अन्य की जनहित याचिका से जुड़ा है। हाईकोर्ट में इस याचिका के साथ गमाडा के प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज का मुद्दा भी उठाया गया है। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने पंजाब सरकार को विशेष हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना कानून की धारा 10(3) के तहत गमाडा को कुल कितनी राशि जमा कराना जरूरी है और 6,400 करोड़ रुपए को सामान्य घाटा पूरा करने के लिए संचित निधि में शामिल किया जा सकता है या नहीं। अकाउंटेंट जनरल ने रकम की उपयोग पर उठाए सवाल याचिका में 3 जून को अकाउंटेंट जनरल की ओर से भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया है। इसमें गमाडा की ओर से राज्य के खजाने में जमा कराए गए 6,400 करोड़ रुपए की लेखा व्यवस्था और रकम के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह रकम सामान्य राजस्व के तौर पर नहीं, बल्कि विशेष उद्देश्य के लिए रखी जानी थी। अकाउंटेंट जनरल के अनुसार, कानून के तहत बहु-फसली सिंचित जमीन के अधिग्रहण की स्थिति में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए बंजर जमीन को खेती योग्य बनाने या अधिग्रहित जमीन के मूल्य के बराबर रकम कृषि क्षेत्र में निवेश करने का प्रावधान है। खाद्य सुरक्षा पर 94,443 करोड़ खर्च किए पंजाब सरकार ने जनहित याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया है। सरकार की ओर से कहा गया कि 2013 में कानून लागू होने के बाद पंजाब ने खाद्य सुरक्षा बढ़ाने पर 94,443 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सरकार के अनुसार, ऐसे में 6,400 करोड़ रुपए को संचित निधि में शामिल कर सामान्य बजट घाटा पूरा करने में इस्तेमाल करने में कोई अनियमितता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार्यता का सवाल खुला रखा है और सरकार से विशेष हलफनामा मांगा है। 15 हजार करोड़ कर्ज पर मांगा हिसाब याचिका में गमाडा के एयरोसिटी/एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार, पहले करीब 2,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं हुआ। अब परियोजना के लिए 15 हजार करोड़ रुपए जुटाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। कोर्ट के सामने यह सवाल भी उठाया गया कि 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की व्यवस्था करने के लिए एक निजी संस्था को करीब 191 करोड़ रुपए का भुगतान क्यों किया जाना प्रस्तावित है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में भी पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। पंजाब के वित्तीय घाटे का भी याचिका में जिक्र याचिका में पंजाब के 2026-27 के बजट का हवाला देते हुए 21,955 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे और 39,971 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने गमाडा की रकम को सामान्य सरकारी खर्च में इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पंजाब सरकार को यह स्पष्ट करने को कहा है कि 6,400 करोड़ रुपए की रकम किस प्रावधान के तहत जमा की गई और क्या इसे सामान्य बजट घाटा पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा शुरू हो गई है। बैठक में शहर के अधूरे और धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों का मुद्दा प्रमुखता से उठने की संभावना है। रिवर फ्रंट, STP, सड़क, पार्किंग और कॉम्प्लेक्स समेत कई प्रोजेक्ट की तय समय-सीमा निकल चुकी है, लेकिन काम अब भी अधूरे हैं। विपक्ष इन प्रोजेक्ट की प्रगति, देरी की वजह और नई डेडलाइन को लेकर निगम से जवाब मांगेगा। वहीं, सामान्य सभा से पहले भाजपा पार्षद दल की बैठक हुई थी। इसमें विधायक अमर अग्रवाल ने पार्षदों से जनहित और शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाने कहा था। उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्ड की समस्याएं सभा में प्रभावी तरीके से रखने की बात कही। दरअसल, वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम क्षेत्र में 16 करोड़ रुपए से अधिक के 43 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें अब तक सिर्फ 2 काम पूरे हुए हैं। बाकी काम टेंडर, वर्क ऑर्डर या निर्माण की प्रक्रिया में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के करीब 68 करोड़ रुपए के काम भी कई जगह धीमी गति से चल रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट शुरू हुए छह से सात महीने बीत चुके हैं, लेकिन इनकी प्रगति करीब 15 से 50 प्रतिशत के बीच बताई जा रही है। बैठक में विकास कार्यों पर हो सकती है चर्चा बैठक में शहर के विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। अधूरे प्रोजेक्ट की स्थिति, काम में देरी और नई डेडलाइन को लेकर पार्षद सवाल उठा सकते हैं। रिवर फ्रंट, STP, सड़क, पार्किंग और कॉम्प्लेक्स जैसे प्रोजेक्ट पर भी निगम से जवाब मांगा जा सकता है। भाजपा पार्षद दल की बैठक में बनी थी रणनीति सामान्य सभा से पहले भाजपा पार्षद दल की बैठक भाजपा कार्यालय करबला में हुई थी। बैठक में विधायक अमर अग्रवाल ने पार्षदों से जनहित और शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ सभा में उठाने कहा था। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी समेत भाजपा पार्षद और एल्डरमेन मौजूद रहे। भाजपा मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय ने बताया कि सामान्य सभा में उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों पर पार्षद दल ने विचार-विमर्श किया। अधूरे प्रोजेक्ट पर विपक्ष मांगेगा जवाब शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन कई प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार को लेकर विपक्ष सवाल उठाने की तैयारी में है। विपक्ष प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, देरी की वजह, खर्च हुई राशि और नई डेडलाइन की जानकारी मांगेगा। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया है कि बारिश के कारण कुछ विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है।
लखनऊ में शुक्रवार को तेज बारिश के बीच इको गार्डन में अटेवा (ऑल टीचर्स एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन) के बैनर तले प्रदर्शन हुआ। इसमें विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे। प्रदर्शनकारी पुरानी पेंशन बहाल करने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने और टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग कर रहे हैं। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि संगठन लंबे समय से इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। प्रदर्शन में कर्मचारी, शिक्षक, किसान और युवा शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सुबह से तेज बारिश के बावजूद कर्मचारी इको गार्डन में डटे हैं। यह उनकी एकता और मांगों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है। उन्होंने कहा कि बारिश या ओलावृष्टि के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… निजीकरण युवाओं के भविष्य के लिए चुनौती विजय कुमार बंधु ने कहा कि सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर्मचारियों और युवाओं के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। लगातार ऐसी खबरें सामने आ आती हैं जिसमें ठेका और संविदा कर्मियों का जमकर शोषण होता है। 10 से 12 हजार रुपए में संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। पैसे कम और तनाव ज्यादा होने की वजह से कर्मचारी मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। जोर देते कहा कि जब तक पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं होती, निजीकरण पर रोक नहीं लगती और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त नहीं होती, तब तक अटेवा का संघर्ष जारी रहेगा। 2027 चुनाव के लिए चेतावनी प्रदेश विधिक सलाहकार नरेंद्र कुमार ने पुरानी पेंशन को शिक्षकों और कर्मचारियों का संवैधानिक एवं नैतिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि संगठन इस मांग को लेकर हर स्तर पर संघर्ष करेगा , आंदोलन को और मजबूत बनाया जाएगा। 2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाला है । इलेक्शन से पहले मांग पूरी नहीं हुई तो मौजूदा सरकार को इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा।
अशोकनगर के शाढ़ौरा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को हड़ताल का दूसरा दिन है। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन की ओर से पहले ही नगर परिषद को आवेदन देकर मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद 24 सितंबर से कर्मचारियों ने काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। सफाई कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगें कर्मचारियों ने अपनी मांगों में सभी कर्मचारियों की ईपीएफ राशि उनके खातों में जमा करने और इसकी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी गई है। इसके अलावा कर्मचारियों का रुका हुआ एक महीने का वेतन जारी करने और हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन देने की मांग की गई है। आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान यूनियन के आवेदन में बताया गया है कि कर्मचारियों को पहले उनकी मांगें अगले एक साल में पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक मांगों पर अमल नहीं हुआ। यूनियन के मुताबिक, अधिकारियों को पांच दिन का समय देने के बाद भी कोई मौखिक या लिखित जवाब नहीं मिला। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया। मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन शुक्रवार को दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
पंचकूला जिल के पिंजौर की HMT कॉलोनी में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग अपने कमरे में मृत मिले। वह पिछले दो दिनों से किसी को नजर नहीं आए थे। पड़ोसियों ने जब उनके कमरे में जाकर देखा, तो वह अंदर मृत पड़े थे। स्थानीय निवासी ओमप्रभा शर्मा ने बताया कि मृतक का नाम रणजीत है। वह साल 1997 से HMT कॉलोनी में अकेले रह रहे थे। रणजीत मूलरूप से सूरजपुर के रहने वाले थे और शादीशुदा थे। उनकी एक बहन राजपुरा में रहती है, जबकि एक भाई पिंजौर में रहता है, जो रोडवेज विभाग में काम करता है। दो दिन तक नजर नहीं आए ओमप्रभा शर्मा के अनुसार, रणजीत आसपास के लोगों के छोटे-मोटे कामों में मदद करके अपना गुजारा करते थे। उन्होंने बताया कि रणजीत बीते मंगलवार से दिखाई नहीं दिए थे। दो दिनों तक नजर नहीं आने पर उन्होंने उनके कमरे में जाकर देखा। पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना घटना की सूचना तुरंत सिक्योरिटी कर्मचारियों और पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम के एएसआई कप्तान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कालका अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में व्यक्ति की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई लग रही है। हालांकि, मौत की असली वजह जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगी। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
हमीरपुर जिले के राठ कस्बे के बजरिया मोहल्ला निवासी मयंक गुप्ता और सरोज गुप्ता के शव शुक्रवार को घर पहुंचे। दोनों के शव एक साथ देखकर परिवारों में चीख-पुकार मच गई। मोहल्ले और नगर के बड़ी संख्या में लोग मृतकों के घर के आसपास जुट गए। गमगीन माहौल के बीच शुक्रवार को ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 26 वर्षीय मयंक गुप्ता पुत्र सुरेश गुप्ता दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। वह बुधवार रात करीब 9:30 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में राठ आने के लिए सवार हुए थे। वहीं, मयंक की चाची सरोज गुप्ता कुछ दिन पहले अपने बच्चों से मिलने दिल्ली गई थीं। वह भी उसी बस से मयंक के साथ राठ लौट रही थीं। यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में आग लगी थी बुधवार-गुरुवार की रात करीब 12 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में आग लग गई। आग लगने के बाद बस में अफरातफरी मच गई। हादसे में बस के अंदर मौजूद नौ लोगों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में राठ के बजरिया मोहल्ला निवासी मयंक गुप्ता और सरोज गुप्ता के अलावा राठ क्षेत्र के मुस्करा कस्बा निवासी उषा गुप्ता पत्नी प्रेम नारायण भी शामिल थीं। घर पहुंचे शव तो मच गई चीख-पुकार शुक्रवार को मयंक और सरोज के शव उनके घर पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दो शवों को एक साथ देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सूचना पर बड़ी संख्या में मोहल्ले और नगर के लोग मृतकों के घर पहुंच गए। गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बस चालक और सहायक के खिलाफ मुकदमा राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी सुनील सोनीपत बद्री प्रसाद सोनी ने बस चालक और सहायक पर आरोप लगाते हुए गौतमबुद्ध नगर के जेवर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में हादसे से पहले बस में आग लगने और उसके बाद यात्रियों के सामने आई परिस्थितियों को लेकर शिकायत की गई है। मयंक गुप्ता अपने पीछे भाई रोहित गुप्ता समेत अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। वहीं सरोज गुप्ता के पीछे उनके पुत्र सत्यम और शिवम गुप्ता समेत पूरा परिवार रह गया है। दोनों की मौत से परिवारों में शोक का माहौल है।
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने दूसरी कार में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग महिला को चोट आई। आरोप है कि विरोध करने पर कार सवार युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर और परिवार के सदस्यों पर दोबारा गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद गाली-गलौज और मारपीट भी की गई। आशियाना क्षेत्र के रजनीखंड निवासी सात्विक यादव ने बताया कि 24 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे दाढ़ी बनवाने के लिए अपनी कार से सैलून गए थे। कार में उनकी मां और भाई भी बैठे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार कार ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर से उनकी मां को चोट आई। आरोप है कि मां और भाई के कार से बाहर निकलने पर प्रयागराज निवासी सौरभ कुमार और उसके 4-5 साथियों ने दोबारा कार चलाकर सात्विक, उनकी मां और भाइयों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद कार रोककर सभी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। सात्विक ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जान से मारने की कोशिश भी की। दो कारों को टक्कर मारने का आरोप पहली कार को टक्कर मारने के बाद आरोपियों ने सुनील कुमार मौर्य की कार में भी टक्कर मार दी। हादसे में सात्विक की कार समेत दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद सौरभ नाम के लड़के को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। मामले में इंस्पेक्टर आशियाना का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच चल रही है।
सुकमा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर में गुरुवार सुबह पुलिस की सरकारी बोलेरो में अचानक आग लग गई। बारिश के बीच गाड़ी के इंजन से धुआं निकलने के बाद देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। चालक ने समय रहते गाड़ी रोक दी, जिसके बाद उसमें सवार पुलिसकर्मी सुरक्षित बाहर निकल गए। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस लाइन की सरकारी बोलेरो कलेक्टर परिसर के भीतर से गुजर रही थी। इसी दौरान गाड़ी के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही देर में इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं और गाड़ी धू-धू कर जलने लगी। बताया गया कि बारिश हो रही थी, इसके बावजूद आग तेजी से फैल गई। चालक ने समय पर वाहन रोककर सभी पुलिसकर्मियों को बाहर निकाल लिया। आग की वजह स्पष्ट नहीं, तकनीकी खराबी की आशंका घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। गाड़ी में आग लगने का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है। शुरुआती जांच में इंजन में तकनीकी खराबी को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। कलेक्टर परिसर में कुछ देर रही अफरा-तफरी हादसे के बाद कलेक्टर परिसर में कुछ देर के लिए हड़बड़ी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
हिसार के आजाद नगर क्षेत्र में नहर से 71 साल के एक बुजुर्ग का शव मिला है। शुक्रवार को नहर में शव देख किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही आजाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एक युवक की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव की तलाशी ली तो उसके पास से आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान अनुपम जैन के रूप में हुई। वह सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का रहने वाला था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। परिजनों का कहना है कि वह कई दिनों से घरेलु वजह से परेशान चल रहे थे। शव नहीं मिले चोट के निशान : पुलिस आजाद नगर थाना के जांच अधिकारी गौतम प्रसाद ने बताया कि शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान दर्ज करेगी। उनके बयानों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बुजुर्ग नहर में कैसे पहुंचे।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जलालपुर मोड़ के पास नेशनल हाईवे 30 पर ट्रक और डीसीएम की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में डीसीएम चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह ट्रक संख्या UP 13 BT 9544 सीतापुर की ओर से आ रहा था। इसी दौरान शाहजहांपुर की ओर से डीसीएम संख्या UP 34 AT 6278 आ रही थी। इसी दौरान जलालपुर मोड़ महोली के पास दोनों वाहनों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में घायल डीसीएम चालक की पहचान नफीस पुत्र सफीक अहमद, उम्र 40 वर्ष निवासी गुफापुरवा, थाना मिश्रिख, जिला सीतापुर के रूप में हुई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नफीस को उपचार के लिए सीएचसी महोली भेजा गया। खड़े होने के कारण यातायात प्रभावित यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद दोनों वाहन हाईवे पर खड़े होने के कारण यातायात प्रभावित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को सड़क के किनारे कराया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात को सुचारु कराया जा सका। पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
सहारनपुर SSP ने शुक्रवार सुबह सात बजे पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने परेड में शामिल पुलिसकर्मियों की वर्दी, ड्रेस, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और परेड की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की तैयारियों का जायजा लेते हुए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। परेड तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई, जिसमें पुलिस बल ने हिस्सा लिया। सलामी लेने के बाद एसएसपी ने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी और टर्नआउट पर खास ध्यान दिया। साथ ही परेड के दौरान अनुशासन और शारीरिक दक्षता की स्थिति भी जांची। अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए। परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन परिसर का दौरा किया। उन्होंने यहां की अलग-अलग शाखाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसएसपी ने क्वार्टर गार्द, स्टोर, कैंटीन, एमटी शाखा और आवासीय भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की स्थिति भी देखी गई। इस दौरान जहां जरूरी था, वहां व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एसएसपी ने साप्ताहिक अर्दली रूम में विभिन्न रजिस्टरों और रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने उनके सही रखरखाव पर जोर दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि सभी जरूरी रिकॉर्ड नियमों के अनुसार अपडेट और व्यवस्थित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से मिल सकें। एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने काम को जिम्मेदारी से करने के निर्देश दिए। पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर रखने और दिए गए निर्देशों का समय पर पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सहारनपुर में पुलिस लाइन में शुक्रवार को एक बुजुर्ग हाथ में बैनर लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचा। बैनर पर लिखा था- “मेरा बेटा 4 जिलों का अपराधी है।” बुजुर्ग ने अपने ही बड़े बेटे पर करोड़ों रुपए की ठगी करने, वृद्धाश्रम की जमीन हड़पने, पत्नी की हत्या कराने और उसे धीमा जहर देकर मारने का प्रयास करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। बुजुर्ग का कहना है कि उसने अपनी नौकरी और रिटायरमेंट की रकम से करीब 13 बीघा जमीन पर वर्ष 2001 में वृद्धाश्रम बनवाया था। अब बेटे ने कथित तौर पर षड्यंत्र कर उस संपत्ति पर कब्जा कर होटल बना लिया है। बुजुर्ग हुकमचंद पुत्र फूल सिंह, निवासी मिरगपुर पान्जूवाला, थाना बेहट ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में अपने बड़े बेटे अशोक, उसकी पत्नी संगीता और बेटे भारत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बुजुर्ग ने कहा है कि वह मूल रूप से ग्राम तितरवाड़ा का रहने वाला है। वर्ष 2001 में ग्राम मिरगपुर पान्जूवाला स्थित खसरा नंबर 6 और 7 की करीब 13 बीघा जमीन पर वृद्धाश्रम बनवाया था। इसका उद्देश्य गरीब और असहाय बुजुर्गों की नि:शुल्क सेवा करना था। शिकायत के अनुसार वर्ष 2001 से 2021 तक उसने यहां गरीब लोगों की सेवा की। मेरी कमाई से बना था वृद्धाश्रम हुकमचंद ने आरोप लगाया कि वृद्धाश्रम बनाने में उसकी नौकरी और रिटायरमेंट से मिली रकम खर्च हुई थी। उसके दो बेटे हैं। बड़े बेटे अशोक को उसने आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए आरोप लगाया कि उसने मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर के कई लोगों से पैसे लिए और उन्हें वापस नहीं किया। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ लोगों की रकम उसने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और लोकलाज के कारण खुद वापस की। आरोप है कि अशोक परिवार सहित फरार हो गया और कई लोगों के करोड़ों रुपए फंसे हुए हैं। शिकायत में शामली के शिवचरण गर्ग के 15 लाख रुपए भी अशोक पर बकाया होने का आरोप लगाया गया है। बुजुर्ग ने कहा है कि उसके बेटे ने चार जिलों के लोगों से पैसे लिए हैं और इसी वजह से उसने बैनर पर भी ‘मेरा बेटा 4 जिलों का अपराधी है’ लिखकर पुलिस का ध्यान आकर्षित किया। बेटे ने बिना पैसा दिए कराया जमीन का बैनामा हुकमचंद ने अपने प्रार्थना पत्र में सबसे गंभीर आरोप वृद्धाश्रम की जमीन को लेकर लगाया है। उसका कहना है कि उसके बड़े बेटे अशोक ने उसके और छोटे बेटे उत्तम कुमार से वृद्धाश्रम की जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। आरोप है कि इस बैनामे के बदले उसे और उसके छोटे बेटे को कोई पैसा नहीं दिया गया। बुजुर्ग के मुताबिक शाकुंभरी रोड स्थित वृद्धाश्रम की संपत्ति पर बाद में कथित रूप से कब्जा कर लिया गया और वहां ‘व्योम बाइट होटल’ बना दिया गया। उसने पुलिस से जमीन वापस दिलाने की मांग की है। पत्नी की हत्या और खुद को जहर देने का भी आरोप शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी शबरती की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि संपत्ति हड़पने के लिए षड्यंत्र के तहत उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई। साथ ही उसने आरोप लगाया कि उसे भी धीमा जहर देकर मारने का प्रयास किया गया। बुजुर्ग ने बताया कि उसने इन घटनाओं की जानकारी अपने छोटे बेटे उत्तम कुमार को दी थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। 1 जनवरी 2024 को वृद्धाश्रम में हमला करने का आरोप प्रार्थना पत्र के अनुसार 1 जनवरी 2024 को करीब 3:30 बजे उत्तम कुमार अपने पिता का हालचाल जानने वृद्धाश्रम पहुंचा था। आरोप है कि वहां अशोक, उसका बेटा भारत और पत्नी संगीता ने एकराय होकर हुकमचंद और उत्तम कुमार पर हमला कर दिया। बुजुर्ग का आरोप है कि तीनों ने दोनों के साथ जमकर मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। शिकायतकर्ता ने कहा है कि घटना की वीडियो उसके पास सुरक्षित है। उसने पुलिस से वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग भी की है। बुजुर्ग ने सुरक्षा की भी लगाई गुहार हुकमचंद ने एसएसपी से अशोक, संगीता और भारत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही वृद्धाश्रम की जमीन वापस दिलाने और भविष्य में अपनी तथा अपने छोटे बेटे उत्तम कुमार की जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। बुजुर्ग का कहना है कि उसे अपने बड़े बेटे से जान का खतरा है। इसलिए पुलिस उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करे और उसे सुरक्षा प्रदान करे। पुलिस लाइन में बैनर बना चर्चा का केंद्र गुरुवार को जब बुजुर्ग हाथ में बैनर लेकर पुलिस लाइन पहुंचा तो उस पर लिखी लाइन लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा था- “मेरा बेटा 4 जिलों का अपराधी है।” बुजुर्ग ने कहा कि वह अपने बेटे के खिलाफ कार्रवाई के लिए लंबे समय से परेशान है और अब सीधे एसएसपी के सामने अपनी शिकायत लेकर पहुंचा है। हालांकि, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर से जांच और सत्यापन होना बाकी है। जमीन के बैनामे, वृद्धाश्रम की संपत्ति, कथित ठगी, पत्नी की मौत और 1 जनवरी 2024 की मारपीट से जुड़े दस्तावेज व वीडियो जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मिल्कीपुर में 160 गरीबों को मिलेगा मुख्यमंत्री आवास:1.92 करोड़ रुपये होंगे खर्च, पहली किस्त जारी
जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में 160 गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिलेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार 1.92 करोड़ रुपये खर्च करेगी। लाभार्थियों का चयन पूरा हो चुका है और अब उन्हें मकान बनाने के लिए पहली किस्त दी जा रही है। मिल्कीपुर के खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र सिंह ने शुक्रवार को बताया कि मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के तीनों विकास खंडों के कुल 160 लाभार्थियों को इस योजना का फायदा मिलेगा। इनमें मिल्कीपुर विकास खंड से 51, अमानीगंज विकास खंड से 51 और हैरिंग्टनगंज विकास खंड से 58 लाभार्थी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना में गरीब परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए सरकार तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की मदद देती है। यह पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। जिले में लाभार्थियों के चुनाव के लिए सूची बनाकर उनकी पात्रता की अच्छे से जांच की गई थी। जो लोग पात्र पाए गए, उनकी आखिरी सूची तैयार हो चुकी है। बीडीओ ने बताया कि कुछ लाभार्थियों का केवाईसी (KYC) पूरा नहीं होने के कारण उनके खाते में आवास की किस्त नहीं जा पा रही है। ऐसे लाभार्थियों को पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारियों के जरिए केवाईसी पूरा कराने की जानकारी लगातार दी जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उनके खाते में पहली किस्त भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद है कि कोई भी गरीब परिवार बिना छत के न रहे। इस योजना से विधानसभा क्षेत्र के गरीब, बेसहारा और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को राहत मिलेगी। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी अपने मकान का काम शुरू कर सकेंगे। इसके बाद जांच के आधार पर दूसरी और तीसरी किस्त जारी की जाएगी।
दतिया के लांच थाना क्षेत्र के टोडा गांव में खेत के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद किसान की मौत के मामले में पुलिस ने उसके बड़े भाई और भतीजे के खिलाफ केस दर्ज किया है। 55 वर्षीय राजपाल सोलंकी की मौत की जांच और बेटे की शिकायत के बाद पुलिस ने सुरेंद्र सिंह सोलंकी उर्फ चिनू और उसके बेटे सत्यम सोलंकी को आरोपी बनाया है। जमीन को लेकर हुआ था विवाद पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर की सुबह राजपाल का अपने बड़े भाई सुरेंद्र सिंह और भतीजे सत्यम से जमीन को लेकर विवाद हुआ था। मृतक के बेटे ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान दोनों ने उसके पिता के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। बेटे का आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों ने उसके पिता को अपमानित करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने वाली बातें कहीं। खेत में बेसुध मिले थे राजपाल विवाद के बाद राजपाल अपने पडुआ वाले खेत पर चले गए। करीब दो घंटे बाद चिमघन निवासी हुकुम सिंह कुशवाह ने उनके बेटे को फोन कर बताया कि राजपाल ने खेत में कीटनाशक पी लिया है। परिजन उन्हें इलाज के लिए इंदरगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें दतिया जिला अस्पताल और फिर झांसी रेफर किया गया। झांसी के निदान मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 19 सितंबर को करीब 10:30 बजे राजपाल की मौत हो गई। इसके बाद शव इंदरगढ़ अस्पताल लाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया और टोडा गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने कहा- जमीन विवाद को लेकर परेशान थे पिता मृतक के बेटे ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि सुरेंद्र सिंह और सत्यम जमीन के विवाद को लेकर उसके पिता को आए दिन परेशान करते थे। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर राजपाल ने यह कदम उठाया। लांच थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने बताया कि शिकायत और जांच के आधार पर सुरेंद्र सिंह सोलंकी और सत्यम सोलंकी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फतेहाबाद की गलियों से शुरू हुआ एक सपना जब जुनून बन जाए, तो उसकी गूंज सात समुंद्र पार तक सुनाई देती है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले से ताल्लुक रखने वाले अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी राहुल कुमार यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 1999 में एक स्थानीय अंतर-स्कूली चैंपियनशिप में पहली बार कराटे मैट (ततामी) पर कदम रखने वाले राहुल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। दो दशकों से अधिक समय तक बतौर एथलीट भारत और हरियाणा का नाम रोशन करने के बाद, अब वे अमेरिका के खेल गलियारों में अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनने की राह पर अग्रसर हैं। वैश्विक मंच पर जमाई धाक राहुल यादव का प्रतिस्पर्धी करियर शानदार उपलब्धियों और जुझारूपन से भरा रहा है। विश्व कराटे महासंघ (WKF) द्वारा जारी वैश्विक रैंकिंग में उन्होंने 206 देशों के 10,000 से अधिक विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के बीच शीर्ष 100 खिलाड़ियों (98वां स्थान) में जगह बनाकर इतिहास रचा था। वे हरियाणा के इकलौते ऐसे खिलाड़ी रहे, जिन्होंने सीनियर काटा और कुमिते वर्ग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। फाइटर से कोच और रेफरी की भूमिकाराहुल यादव सिर्फ मैट के अंदर ही नहीं चमके, बल्कि उन्होंने जिला कराटे संघ फतेहाबाद के महासचिव और 'कराटे प्लैनेट डोजो' के मुख्य कोच के रूप में सैकड़ों युवाओं को तराशा। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित नेशनल कराटे चैंपियनशिप में उन्हें 'बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर' के साथ-साथ 'बेस्ट ऑफिशियल रेफरी' के पुरस्कार से भी नवाजा गया था। इसके अलावा काठमांडू (नेपाल) में हुई इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय कराटे श्रृंखला में भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए उन्हें 'बेस्ट रेफरी' के सम्मान से सम्मानित किया गया था। ततामी के दूसरी तरफ निर्णय लेने की कला वर्तमान में अमेरिका में रह रहे राहुल यादव ने अपने करियर के एक नए और चुनौतीपूर्ण अध्याय की शुरुआत की है। वर्ष 2026 में उन्होंने स्पोकेन में आयोजित 2026 USA Karate National Championship में एक ऑफिशियल के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा उन्होंने सैक्रामेंटो कराटे चैंपियनशिप में अपनी सेवाएं दीं और कैलिफोर्निया में आयोजित 'USA Karate Region 1' रेफरी सेमिनार में भाग लिया। खिलाड़ी से रेफरी तक का सफर एक खिलाड़ी से रेफरी बनने के इस सफर को लेकर राहुल का मानना है कि: एक खिलाड़ी को बस एक सेकेंड के छोटे हिस्से में मौका देखकर दांव लगाना होता है, लेकिन एक रेफरी/जज को दोनों एथलीटों की तकनीक, टाइमिंग, नियंत्रण, नियम और सुरक्षा को एक साथ देखना होता है और वो भी बिना किसी पूर्वाग्रह के बिल्कुल सटीक निर्णय देना होता है। महासंघ में जगह बनाना लक्ष्य राहुल यादव का अगला लक्ष्य पैन अमेरिकन-स्तरीय रेफरी बनना और अंततः विश्व कराटे महासंघ (WKF) के आधिकारिक रेफरी पैनल में जगह बनाना है। अपनी इस उपलब्धि और प्रेरणादायक यात्रा का श्रेय वे अपने माता-पिता (शिव राम और उमा देवी), अपने कोच सेंसेई रजनीश चौधरी, एशियन रेफरी शिहान भारत शर्मा और खेल प्रेमियों को देते हैं। फतेहाबाद जैसे छोटे से शहर से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका के नेशनल एरिना तक पहुंचने का उनका यह सफर देश के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल है।
खरगोन में मानसून के आखिरी दौर में हो रही तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसल खराब होने के डर से किसान कपास की चुनाई जल्द से जल्द पूरी करने में जुट गए हैं। पिछले दो दिनों से भगवानपुरा और खरगोन इलाके में तेज बारिश हो रही है। इससे खेतों में तैयार मक्का, कपास और मिर्च की फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। बारिश के डर से कपास की आवक आधी हुई बारिश का असर प्रदेश की सबसे बड़ी खरगोन मंडी में भी नजर आ रहा है। यहां कपास की आवक में करीब 50% तक की गिरावट आई है। अभी मंडी में 33 बैलगाड़ी और 108 वाहनों से कपास पहुंचा है। मंडी में कपास के भाव 7,300 से 8,700 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। किसान बारिश से पहले खेत से कपास निकालकर मंडी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। तैयार फसल ज्यादा दिन खेत में रहने पर बारिश से नुकसान होने की चिंता बनी हुई है। मजदूरों की कमी, चुनाई का भाव बढ़ा कपास की चुनाई के लिए मजदूरों की कमी भी किसानों के सामने परेशानी बनी हुई है। बारिश से फसल खराब होने के डर के बीच किसान 7 से 8 रुपए प्रति किलो तक के भाव में चुनाई करवा रहे हैं। किसान सुरेश पटेल ने बताया कि मजदूर आसानी से नहीं मिल रहे हैं। बारिश के कारण जल्दी चुनाई कराने की जरूरत पड़ रही है, इसलिए चुनाई के भाव भी बढ़ गए हैं। 25 से 28 सितंबर तक बारिश की संभावना मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 से 28 सितंबर तक बारिश की संभावना जताई गई है। खरगोन जिले में अब तक 29.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिले की सालाना औसत बारिश 32.6 इंच है। मानसून के आखिरी दौर में अगर बारिश जारी रहती है तो खेतों में खड़ी तैयार फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। किसानों की कोशिश अब बारिश बढ़ने से पहले कपास की चुनाई पूरी करने की है।
बालाघाट में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को उनके गृह राज्य की पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू है। गुरुवार रात बालाघाट पुलिस ने बीजापुर क्षेत्र के 7 पूर्व नक्सलियों को बीजापुर पुलिस के सुपुर्द किया। यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय के निर्देश पर की जा रही है। हथियारों के साथ किया था आत्मसमर्पण बालाघाट पुलिस ने सुनीता ओयाम, जयशीला उर्फ ललिता ओयाम, जरीना उर्फ जोगी मुच्चासी, शिल्पा उर्फ सुक्की नुप्पो, समर उर्फ समारू उर्फ राजू अतरम, सलिता उर्फ सावित्री अलावा और रोहित उर्फ मंगलु को बीजापुर पुलिस के हवाले किया। इन सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के बाद बालाघाट में रहे आत्मसमर्पण करने के बाद ये पूर्व नक्सली बालाघाट में ही रह रहे थे। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत उन्हें रोजगार के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को ड्राइविंग, इलेक्ट्रिकल और सिलाई जैसे कामों की ट्रेनिंग दी गई थी। इससे पहले 9 सितंबर को बालाघाट पुलिस ने पूर्व नक्सली राकेश होड़ी उर्फ मनीष को गढ़चिरौली पुलिस को सौंपा था। राकेश महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले का रहने वाला है और उसे मध्यप्रदेश की आत्मसमर्पण, राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत गृह राज्य भेजा गया। दिसंबर में 13 ने डाले थे हथियार दिसंबर 2025 में कुल 13 पूर्व नक्सलियों ने मध्यप्रदेश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें पांच महिलाएं शामिल थीं। आत्मसमर्पण के बाद सभी को बालाघाट में पुनर्वास प्रक्रिया के तहत रखा गया था। अब तक 9 को गृह राज्य भेजा गुरुवार रात 7 पूर्व नक्सलियों को बीजापुर पुलिस के सुपुर्द किए जाने के बाद, आपके दिए विवरण के अनुसार दिसंबर 2025 में आत्मसमर्पण करने वाले 13 में से अब तक 9 को उनके गृह राज्य की पुलिस को सौंपा जा चुका है।
उदयपुर-शालीमार ट्रेन रद्द:12 और 13 दिसंबर को नहीं चलेगी, पैसेंजर यार्ड में चल रहा काम
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल पर स्थित झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में री-मॉडलिंग का काम होने जा रहा है। इस तकनीकी कार्य के कारण उदयपुर सिटी से शालीमार के बीच चलने वाली ट्रेन 12 और 13 दिसंबर को रद्द कर दिया गया है। यह ट्रेन उदयपुर से खुलकर शालीमार जाती है। वहां से वापस उदयपुर आती है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में इस ट्रेन का संचालन बंद रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया- झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को सुधारने के लिए री-मॉडलिंग का काम किया जा रहा है। इस वजह से इस रूट पर ब्लॉक लिया गया है, जिसके कारण उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 2 दिनों तक नहीं चलेगी। रद्द हुई ट्रेनें रेलवे का कहना हैं कि झारसुगुड़ा यार्ड में होने वाला यह काम रेल संचालन को सुरक्षित और समय पर चलाने के लिए किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान इस रूट से ट्रेनों का गुजरना संभव नहीं होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने इस रद्दीकरण की जानकारी पहले ही जारी कर दी है, ताकि लोग स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जान सकें।
पत्नी ने बेटी के साथ मिलकर की पति की हत्या:आरोप- सिर फोड़कर फंदे से लटकाया शव; गले पर नहीं थे निशान
जयपुर में कमरे में फंदे से शव लटके मिलने के मामले में नया मोड आ गया है। मौत के तीन महीने बाद मृतक की पत्नी और बेटी पर हत्या का आरोप लगाया गया है। मृतक की बहन का आरोप है कि झगड़े के बाद भाई की पत्नी और बेटी ने उसका सिर फोड़ दिया था। दोनों ने सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़ों को जलाकर फर्श को धो दिया था। शिवदासपुरा थाना पुलिस ने गुरुवार रात मृतक की पत्नी-बेटी और साले के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। SHO (शिवदासपुरा) राजेश गौतम ने बताया- शिवदासपुरा के बीलवा निवासी कालू स्वामी (38) की 3 महीने पहले मौत हुई थी। अब दिल्ली बाईपास की रहने वाली मृतक की बहन ममता शर्मा (40) ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि कालू स्वामी अपनी पत्नी अनिता (37), बेटी चंचल (18) और साले गजानंद (35) के साथ रहता था। अपनी बेटी के व्यवहार को सुधारने को लेकर कालू उसे टोकता रहता था। खून से लथपथ मिला था बहन ने रिपोर्ट में बताया कि 12 जून को बेटी चंचल की बात को लेकर कालू और उसकी पत्नी अनिता के बीच झगड़ा हुआ था। उसके सिर पर कूकर से वार किया था। तब कालू ने अपने फ्लैट मालिक गोविन्द को कॉल कर हॉस्पिटल जाने के लिए बुलाया था। रात करीब 9 बजे कालू का भाई संजय भी पहुंचा था। उसे कालू खून से लथपथ मिला था। उसके सिर के पिछले हिस्से से खून बह रहा था और तौलिए से उसने अपना सिर दबा रखा था। फ्लैट पर उसकी पत्नी अनिता व बेटी चंचल और फ्लैट मालिक गोविन्द थे। कालू के भाई को अनिता ने झगड़ा होना बताया था। इसके बाद फ्लैट मालिक और भाई संजय ने कालू की पत्नी और बेटी को समझाया। इस बीच साला गजानंद भी फ्लैट पर आ गया था। समझाइश कर वह अपने-अपने घर लौट गए। फंदे से लटका मिला शव, गले पर नहीं थे निशान करीब 11 बजे साले गजानद ने कॉल कर बताया कि जीजा कालू ने फंदा लगा लिया है। उन्होंने गेट अंदर से बंद होना बताया। कालू का भाई फ्लैट पहुंचा तो पत्नी-बेटी और साला मेन गेट के बाहर बैठे मिले। बहन का आरोप है कि संजय पहली मंजिल पर फ्लैट पर पहुंचा और गेट को धक्का दिया। तब गेट आसानी से खुल गया था। अंदर से गेट बंद नहीं होने पर झूठ बोलने के बारे में पूछने पर जबाव नहीं दिया। चादर के फंदे से लटके शव के पैर जमीन पर टिके थे। गले की जगह रस्सी मुंह पर बंधी हुई थी। फंदे से उतारकर कालू को तुरंत आरयूएचएस हॉस्पिटल ले गए, डॉक्टर्स ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या कर सबूत मिटाने का आरोप आरोप है कि कालू के गले पर रस्सी के फंदे को कोई निशान नहीं था। हत्या कर आत्महत्या का रुप देने के लिए ऐसा किया। कालू की हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया। कालू की हत्या में उसकी पत्नी-बेटी और साला शामिल है। हत्या के बाद कालू के मोबाइल में बनाए फोटो-वीडियो डिलिट कर दिए गए। कालू ने अपने सिर में लगी हुई खून की फोटो फेसबुक पर भी अपलोड की थी, उसे भी डिलिट कर दिया गया। कमरे में फर्श पर बिखरे खून को साफ कर दिया गया। खून से सने कपड़ों को जला दिए गए। शिवदासपुरा थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया गया था। पुलिस की ओर से मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही थी।
शिवपुरी शहर के झांसी तिराहा इलाके में शुक्रवार सुबह एक मजदूर पर चाकू से हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावर ने पहले मजदूर की आंखों में मिर्ची डाली और इसके बाद उसकी पीठ पर चाकू से कई वार किए। घटना के बाद आरोपी चाकू लहराते हुए मौके से भाग गया। घायल मजदूर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुकान के बाहर खड़ा था मजदूर, तभी हुआ हमला घायल मजदूर की पहचान नवाब साहब रोड निवासी मनोज धाकड़ के रूप में हुई है। वह झांसी तिराहा स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर काम करता है। मनोज के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे वह दुकान के बाहर खड़ा था। इसी दौरान कठमई क्षेत्र का रहने वाला गौरव कुशवाह वहां आया। मनोज का आरोप है कि गौरव ने अचानक उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी। इसके बाद चाकू से उसकी पीठ पर कई वार किए। हमले में मनोज घायल हो गया। घटना के बाद गौरव चाकू लहराते हुए मौके से भाग गया। लोडिंग-अनलोडिंग का काम भी करता है आरोपी मनोज ने हमले के लिए गौरव कुशवाह को जिम्मेदार बताया है। बताया गया है कि गौरव तीन पहिया लोडिंग वाहन चलाता है और इसी हार्डवेयर दुकान पर सामान की लोडिंग-अनलोडिंग का काम भी करता है। हार्डवेयर दुकान के मालिक के मुताबिक, गुरुवार शाम को मनोज और गौरव के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। इसके अगले दिन सुबह दोनों के बीच विवाद बढ़ने के बाद हमला होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस घटना के कारण और हमले में शामिल व्यक्ति की भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रही है। घायल मजदूर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
Asian Games 2026: भारतीय एथलेटिक्स टीम ने एशियाई खेलों में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीता, जिसमें जय कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टार एथलीटजय कुमार मेरठ की एनएएस एथलेटिक्स अकादमी के प्रशिक्षु हैं।
भीरपुर थाना क्षेत्र के धनुहा गांव में गुरुवार देर रात एक 17 वर्षीय किशोर का शव कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। चाचा-चाची ने उसे फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर के पिता ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए नैनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। करछना थाना क्षेत्र के रोकड़ी गांव के रहने वाले सुभाष प्रजापति का 17 वर्षीय बेटा पवन प्रजापति नैनी के धनुहा गांव में अपने चाचा-चाची के साथ रहता था। वह चाट-फुलकी का कारोबार करता था। गुरुवार देर रात चाचा-चाची ने पवन को कमरे में फंदे से लटका देखा। वे उसे तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ बताया। पवन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता बाजार में मसाला बेचने का काम करते हैं। पवन की मां का नाम कुसुम देवी है। किशोर के पिता ने नैनी थाने में उसकी हत्या की शिकायत की है। नैनी पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा, जिसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को किया नमन अंत्योदय के सिद्धांतों को बताया प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों को राष्ट्र निर्माण व जनकल्याण का प्रेरणास्रोत बताया।
नारायणगढ़ के 26 साल पुराने हत्याकांड में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने मृतक के परिवार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को बढ़ाकर फांसी की सजा देने की मांग की गई थी। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने कहा कि मामले की परिस्थितियों में मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता। वहीं, दोषियों की ओर से सजा के खिलाफ दायर अपील भी कोर्ट ने खारिज कर दी। 2000 में खेल देखकर लौट रहे युवक की हत्या हुई थी मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने संजीव पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संजीव को नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई। 2004 में पांचों को सुनाई गई थी उम्रकैद मामले में सुखदेव सिंह, राजपाल, अनिल चौहान, हरीश कुमार उर्फ रिक्कू और प्रदीप कुमार को दोषी ठहराया गया था। अंबाला की अतिरिक्त सत्र अदालत ने वर्ष 2004 में पांचों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोषियों ने हाई कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि एफआईआर में कुछ आरोपियों के नाम अलग थे और बाद में दो अन्य नाम सामने आए। उन्होंने चश्मदीदों के बयानों में भी अंतर होने की दलील दी। साथ ही कहा कि अभियोजन ने कई चाकुओं के इस्तेमाल की बात कही, लेकिन मौके से केवल एक चाकू बरामद हुआ। चाकू बरामदगी पर उठे सवाल हाई कोर्ट ने कहा कि हत्या के मामले में हथियार बरामद होना जरूरी नहीं है। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपियों की भूमिका के बारे में बयान दिए थे, जिनकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से भी हुई। पोस्टमार्टम में संजीव के शरीर पर धारदार हथियार से कई गंभीर चोटें मिली थीं। इसलिए सिर्फ एक चाकू बरामद होने के आधार पर दोषियों की सजा में बदलाव नहीं किया जा सकता। युवा होने के आधार पर ही फांसी नहीं दी जा सकती मृतक के परिवार ने दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि मृतक का युवा होना और उसकी हत्या होना अपने आप में मृत्युदंड देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि वारदात वर्ष 2000 की है और मामला लंबे समय से अदालत में लंबित रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने से इनकार कर दिया गया। अब दोबारा जेल जाएंगे पांचों दोषी हाई कोर्ट ने दोषियों की अपील और सजा बढ़ाने की याचिका दोनों खारिज कर दीं। पांचों दोषी फिलहाल जमानत पर थे। कोर्ट ने संबंधित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को उनकी दोबारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करने और उन्हें बाकी सजा भुगतने के निर्देश दिए हैं।
बारां शहर की मुख्य सड़कों पर बनी खुली नालियां गोवंश के लिए खतरा बन गई हैं। इन नालियों पर ढक्कन नहीं होने के कारण आए दिन मवेशी इनमें गिरकर घायल हो रहे हैं। जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसी ही एक घटना शुक्रवार को झालावाड़ रोड पर आशीर्वाद गार्डन के सामने हुई। ढक्कन नहीं होने के कारण एक गोवंश खुली नाली में गिर गया। सूचना मिलने पर गौ सेवक गौरव शर्मा अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने काफी कोशिश के बाद गोवंश को नाली से बाहर निकाला। इस दौरान गोवंश बुरी तरह घायल हो गया, जिसे बाद में इलाज के लिए भेजा गया। खुली नालियों पर जल्द ढक्कन लगाने की मांगस्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले 10 दिनों में 4 से ज्यादा गोवंश इसी तरह खुली नालियों में गिरकर घायल हो चुके हैं। उनका पशु चिकित्सालय में इलाज कराया गया है।लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद नगर परिषद और संबंधित विभाग नालियों को ढकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों में गुस्सा है।लोगों ने जल्द से जल्द मुख्य सड़क की सभी खुली नालियों पर ढक्कन लगाने की मांग की है, ताकि बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सके।
हिमाचल कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आज शिमला में प्रदर्शन करेगी।
धार के सरदारपुर के दसई में महिला के गले से मंगलसूत्र झपटकर भागने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दसई चौकी पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 ग्राम का सोने का पेंडल और 14 सोने के मोती बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले का खुलासा 25 सितंबर को किया। पेट्रोल पंप के पास पीछे से झपटा मंगलसूत्र घटना 5 अगस्त की शाम करीब 7:40 बजे की है। दसई निवासी 45 वर्षीय सीमाबाई पति माधव पाटीदार खाना खाने के बाद टहलने निकली थीं। वह मांगोद-दसई रोड पर काका व्यास पेट्रोल पंप के पास पहुंची थीं। इसी दौरान बाइक पर आए दो बदमाशों ने पीछे से उनके गले पर झपट्टा मारा और करीब एक तोला वजनी सोने का मंगलसूत्र खींच लिया। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक से दसई की तरफ भाग गए। मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए महिला की शिकायत पर दसई चौकी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 24 सितंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने विकास पिता कैलाश खराड़ी (38), निवासी ग्राम अहमद (बोला) और कृष्णा पिता जंगलसिंह मुनिया (26), निवासी ग्राम बड़वेली को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से सोने के जेवर बरामद पुलिस के मुताबिक, विकास के पास से मंगलसूत्र का 6 ग्राम वजन का सोने का पेंडल बरामद हुआ। वहीं कृष्णा के पास से 14 सोने के मोती मिले हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उनसे अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रोहतक के सर छोटू राम राजकीय महिला महाविद्यालय सांपला में शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत वोटर आईडी कार्ड पंजीकरण करवाए गए। इसमें कुल 50 छात्राओं का वोटर आईडी पंजीकरण किया गया। इसका मकसद योग्य छात्राओं को मतदाता के तौर पर रजिस्टर करने के लिए जागरूक करना और पंजीकरण प्रक्रिया में मदद करना रहा। अभियान से पहले महाविद्यालय की सभी छात्राओं को सुबह 10 बजे जरूरी दस्तावेजों के साथ कॉलेज आने की जानकारी दी गई थी। छात्राओं को आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, जन्म तिथि का प्रमाण, निवास/पता प्रमाण, मोबाइल नंबर और माता या पिता में से किसी एक का मतदाता प्रमाण-पत्र साथ लाने के लिए कहा गया था। इस दौरान छात्राओं को वोटर आईडी पंजीकरण की प्रक्रिया, मतदाता के अधिकार और मतदान के महत्व के बारे में बताया गया। योग्य छात्राओं को पंजीकरण प्रक्रिया में जरूरी मार्गदर्शन और सहयोग भी दिया गया। इस अभियान में छात्राओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी, वोट डालने के अधिकार के महत्व और जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।
धौलपुर जिले में गांव की सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पिछले 3 दिनों में जिले की सभी 6 पंचायत समितियों में सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के पदों के आरक्षण की लॉटरी पूरी हो गई है। अब ग्रामीणों को चुनाव की तारीखों का इंतजार है। चुनाव आयोग जल्द ही पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर सकता है। जिले के 7 लाख 3 हजार 84 मतदाता गांव की सरकार चुनेंगे। धौलपुर जिले में जिला परिषद के 29 सदस्य और पंचायत समितियों के 138 सदस्यों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। वही जिले की 6 पंचायत समितियों के 224 सरपंच और 2,240 वार्ड पंचों के लिए वोट डाले जाएंगे। सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। सरपंच का चुनाव पूरा होने के बाद वार्ड पंच अपने बीच से उपसरपंच चुनेंगे। सभी 6 पंचायत समितियों में मतदान के बाद प्रधानों का चुनाव भी होगा। प्रत्येक पंचायत समिति में मतदाता और पदों का विवरण इस प्रकार है: संभावित उम्मीदवार जुटे तैयारियों मेंलॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने के इच्छुक ग्रामीणों की नजर चुनाव कार्यक्रम पर टिकी है। चुनाव आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा होते ही नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की प्रक्रिया शुरू होगी।
जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस ने 23 सितंबर को एक ही दिन में दो अलग-अलग कार्रवाई की। सिटी कोतवाली और लोदाम पुलिस की कार्रवाई में कुल 17 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से बचाया गया। इनमें पिकअप में ठूंसकर ले जाए जा रहे 9 गौवंश भी शामिल हैं, जिनमें से 2 की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि लोदाम मामले में वाहन चालक जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। यह कार्रवाई एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में ऑपरेशन शंखनाद के तहत की गई। पैदल झारखंड ले जाए जा रहे 8 गौवंश बरामद सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम छोटा बनई के जंगल के रास्ते एक व्यक्ति बड़ी संख्या में गौवंशों को पैदल झारखंड की ओर ले जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और 8 गौवंशों को बरामद कर लिया। मौके से पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अजय नगेशिया (36) निवासी कुंडिग महुआ टोली, थाना लोदाम के रूप में हुई। पुलिस ने उससे गौवंशों से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अजय नगेशिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पिकअप में ठूंसकर भरे थे 9 गौवंश, 2 की मौत इधर, 23 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे लोदाम पुलिस को सूचना मिली कि पिकअप क्रमांक JH-05-DD-7297 में गौवंशों को भरकर जशपुर से पतराटोली होते हुए झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने ग्राम भलमंडा के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान जशपुर की ओर से आ रही पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को जामटोली की ओर भगाने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो चालक जंगल के किनारे वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। तलाशी लेने पर पिकअप में 9 गौवंश ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। इनमें से 2 की मौत हो चुकी थी। पशु चिकित्सक ने किया स्वास्थ्य परीक्षण, पिकअप जब्त पुलिस ने बरामद गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। तस्करी में इस्तेमाल पिकअप को जब्त कर लिया गया है। फरार चालक और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। दोनों मामलों में पशु क्रूरता समेत धाराओं में केस पुलिस ने दोनों मामलों में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज किया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौवंश तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी है। अलग-अलग कार्रवाई में 17 गौवंशों को मुक्त कराया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि लोदाम मामले में तस्करी में इस्तेमाल पिकअप जब्त की गई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गौवंश तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसी बच्चे का पहली बार धाराप्रवाह पढ़ना, संख्याओं को सही तरीके से समझना, तस्वीर देखकर कहानी सुनाना या कक्षा में बिना झिझक अपनी बात रखना—बुनियादी शिक्षा के ये छोटे बदलाव उसकी आगे की पढ़ाई का आधार बनते हैं। झज्जर जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत इन्हीं बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। बच्चों को केवल पाठ याद कराने के बजाय उन्हें समझकर सीखने और अपनी बात व्यक्त करने के अवसर दिए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान में जिले की ओर से स्थानीय जरूरतों के अनुसार शिक्षण गतिविधियों और नवाचारों को अपनाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षकों को आवश्यक शैक्षिक सहयोग दिया जा रहा है। हर बच्चे की सीखने की क्षमता पर फोकस डीईओ रतिंद्र सिंह ने बताया कि मिशन निपुण झज्जर के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के साथ बच्चों के भाषायी कौशल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों की जरूरत, बच्चों के सीखने के स्तर और शिक्षकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए शिक्षण गतिविधियों को तैयार किया जा रहा है। अभियान का फोकस इस बात पर है कि बच्चा केवल पाठ्यक्रम पूरा न करे, बल्कि जो पढ़ रहा है उसे समझे, संख्याओं का इस्तेमाल कर सके और अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सके। शिक्षक, मेंटर और अकादमिक टीम मिलकर कर रही काम निपुण के जिला संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि जिले में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और डीईओ रतिंद्र सिंह के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, ब्लॉक कांग्रेस शिक्षा अधिकारियों, मेंटर्स और अकादमिक टीमों को अभियान से जोड़ा गया है। बच्चों की सीखने की प्रगति को लगातार देखा जा रहा है और जहां जरूरत महसूस होती है, वहां शिक्षण पद्धति में बदलाव किया जाता है। कहानी, चित्र और खेल से सीखना हुआ आसान निपुण अभियान के तहत कक्षा में सीखने को रोचक बनाने के लिए चित्र, कहानी, संवाद, खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाषा विकास के साथ संख्या ज्ञान को भी बच्चों के रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरीके से बच्चों को सिर्फ सही उत्तर बताने के बजाय सवाल समझने, जवाब देने, बोलने और अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलता है। इससे कक्षा में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। लगातार मॉनिटरिंग से सामने आ रही बच्चों की वास्तविक जरूरत अभियान का एक अहम हिस्सा विद्यालयों का निरंतर अनुश्रवण है। मेंटर्स और अकादमिक टीमों के माध्यम से कक्षाओं में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझा जा रहा है। इसके आधार पर शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाता है। इस प्रक्रिया में बच्चों के अलग-अलग सीखने के स्तर को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर है। यानी एक ही तरीके से सभी बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण रणनीति अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। झज्जर के स्थानीय प्रयोगों से मिल रहा नया अनुभव डीईओ रतिंद्र सिंह के अनुसार, जिले में किए जा रहे स्थानीय प्रयोगों से यह सामने आया है कि बच्चों की वास्तविक जरूरत को समझकर तैयार की गई गतिविधियां सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकती हैं। निपुण हरियाणा मिशन के तहत झज्जर में किए जा रहे प्रयासों का लक्ष्य बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है, ताकि बच्चे आगे की कक्षाओं में जाने से पहले पढ़ने, समझने, लिखने, संख्या ज्ञान और अभिव्यक्ति जैसी जरूरी दक्षताओं में सक्षम हो सकें।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की अहम भूमिका: सीएम विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्रेडाई स्टेटकॉन-2026 में कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने राज्य सरकार के पारदर्शी नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं पर प्रकाश डाला।
Sirmour News: नाहन बाजार में जेसीबी लाने पर लोगों ने जताई आपत्ति
दिल्ली गेट बाजार में भवन निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन लाने पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।
ई-कचरे से 100% तांबा और 92% सोना निकालने की तकनीक:रूस में IIT-BHU के प्रोफेसर ने पेश किया शोध
इलेक्ट्रॉनिक सामानों से निकलने वाला ई-कचरा अब पर्यावरण के लिए खतरा ही नहीं, बल्कि कीमती धातुओं का बड़ा स्रोत भी बन सकता है। IIT BHU के धातुकर्म इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर कमलेश कुमार सिंह ने रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ई-कचरे से कीमती धातुओं की रिकवरी से जुड़ा अपना शोध प्रस्तुत किया। शोध में डेलमिनेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) से 100 प्रतिशत तांबा और 92 प्रतिशत सोना निकालने की क्षमता दिखाई गई है। प्रोफेसर सिंह ने 23 से 25 सितंबर तक रूस के नालचिक में आयोजित GEO-SUSTAINABILITY BRICS 2026 सम्मेलन में यह शोध प्रस्तुत किया। सम्मेलन का विषय भू-भौतिकीय प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय स्थिरता और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़ा था। इसमें रूस, भारत, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों के वैज्ञानिक शामिल हुए। ई-कचरे में छिपी हैं कीमती धातुएं प्रोफेसर सिंह के शोध के मुताबिक मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरे सामानों से निकलने वाले ई-कचरे में सीसा, पारा और कैडमियम जैसे खतरनाक पदार्थ होते हैं। वहीं इनके प्रिंटेड सर्किट बोर्ड में सोना, चांदी, तांबा और टैंटलम जैसी कीमती और महत्वपूर्ण धातुएं भी मौजूद रहती हैं। शोध में अलग-अलग तकनीकों की मदद से इन धातुओं को ई-कचरे से अलग करने का तरीका विकसित किया गया है। इसमें लीचिंग और सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन की मदद से डेलमिनेटेड PCB से 100 प्रतिशत तांबा और 92 प्रतिशत सोना निकालने की क्षमता प्रदर्शित की गई। इसके अलावा टैंटलम कैपेसिटर से 99 प्रतिशत मैंगनीज निकालने में भी सफलता मिली, जिसकी शुद्धता 99.6 प्रतिशत तक रही। चांदी समेत दूसरी धातुओं की भी अलग-अलग रिकवरी की गई। कई तकनीकों को मिलाकर तैयार किया मॉडल शोध में ई-कचरे से ज्यादा से ज्यादा धातुओं को निकालने के लिए कई तकनीकों को एक साथ इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें हाइड्रोमेटलर्जी, बायो-हाइड्रोमेटलर्जी, इलेक्ट्रोविनिंग, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन और पॉलीमर इनक्लूजन मेंब्रेन जैसी तकनीकें शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने ppm स्तर पर मौजूद बेहद कम मात्रा वाली धातुओं को निकालने के लिए पॉलीमर इनक्लूजन मेंब्रेन तकनीक का भी अध्ययन किया। इसके जरिए धातु आयनों की रिकवरी प्रभावी पाई गई।
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र में प्रधान पुत्र रोहन राठी की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। हत्या के आरोपी नाजिम और उसके साले शाहवेज को पुरकाजी पुलिस ने शुक्रवार अल सुबह करीब 4 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। दोनों के पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ थाना पुरकाजी क्षेत्र में भसानी पुल के नीचे हुई। पुलिस के मुताबिक, रोहन राठी जन्मदिन की पार्टी से बाइक पर घर लौट रहा था। इसी दौरान कार सवार नाजिम ने कथित तौर पर उसे किसी बदमाश का साथी समझकर कार से टक्कर मार दी। इसके बाद नाजिम अपने साले शाहवेज के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस का कहना है कि दोनों को डर था कि घटना का भेद खुल जाएगा। इसी वजह से दोनों ने रोहन की हत्या कर दी। CO सदर सुनील कुमार के अनुसार, मामले की जांच के दौरान नाजिम और शाहवेज की भूमिका सामने आई। इसके बाद दोनों की तलाश शुरू की गई। शुक्रवार को पुरकाजी क्षेत्र में भसानी पुल के नीचे पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक रोहन राठी की बाइक, घड़ी और मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई कार और दोनों आरोपियों से दो तमंचे व कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रधान पुत्र की हत्या के मामले में घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की गई। बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस घटना की अन्य कड़ियों की भी जांच कर रही है।
गोरखपुर के संस्कृति पब्लिक स्कूल की 9वीं की छात्रा अनन्या मौर्या ने सीबीएसई नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। हरियाणा के पानीपत में 19 से 24 सितंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंडर-17 (35-38 किलो) भार वर्ग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर पहला स्थान हासिल किया। इस बड़ी जीत के साथ ही अनन्या का चयन 'स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (SGFI) के लिए हो गया है, जहां वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। अनन्या का सपना भविष्य में ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड जीतना है। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. ज्ञान्ती सिंह और निदेशक संजय जायसवाल ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर अनन्या को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में फेसबुक पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने के आरोप में पुलिस ने 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान वीडियो सामने आया था। इसके बाद साइबर सेल की तकनीकी जांच से वीडियो अपलोड करने वालों की पहचान की गई। चारों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि इन पर पिछले एक सप्ताह से नजर रखी जा रही थी। सोशल मीडिया निगरानी में सामने आया वीडियो यह मामला बुढ़ार थाना क्षेत्र के बिरुहली गांव का है। पुलिस के मुताबिक, थाना प्रभारी रजनीश तिवारी की देखरेख में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान फेसबुक पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड होने की जानकारी मिली। पुलिस ने संबंधित वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी जुटाई। इसके बाद साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने बिरुहली निवासी सुमित केवट, सत्यम केवट, किशन लेवर और राहुल केवट की पहचान की। इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चारों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री से बचने की अपील पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड, शेयर या प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जिले में सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर थाना स्तर पर सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। इसमें साइबर सेल की तकनीकी मदद भी ली जा रही है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या शेयर करने से बचने की अपील की है।
भागवताचार्य इन्द्रेश महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति मृत्यु के समय भगवान का दर्शन चाहता है, वह मुक्ति है और जो जीते-जी भगवान का दर्शन चाहता है, वह भक्ति है। मुक्ति के लिए एक क्षण भी काफी है, लेकिन जीवन में जितने दिन मिले, उन्हें भगवान की भक्ति में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोज पूजा-पाठ, तिलक, चरणामृत और भगवान के नाम का जाप करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के समय भगवान का स्मरण न भी हो तो भगवान स्वयं उसकी याद में आ जाते हैं। इसलिए जीवन की आखिरी सांस तक भगवान का नाम लेते रहना चाहिए।देवेंद्रनगर के मंडी ग्राउंड में इन्द्रेश महाराज की कथा के चौथे दिन भी भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाराज ने कहा कि कथा में इन्द्रदेव की कृपा बरस रही है। उन्होंने रायपुर के लोगों के उत्साह की भी तारीफ की और कहा कि चौथे दिन कथा में सबसे ज्यादा भीड़ रही। कथा में भगवान जगन्नाथ वामन रूप में नजर आए। किशोरी जी की छठी और नंदोत्सव का प्रसंग भी उत्साह के साथ मनाया गया। जिसे जितना मिला, उसमें खुश रहना ही संतोष हैमहाराज ने कहा कि दुनिया में सबसे खुश वही व्यक्ति है, जिसके जीवन में संतोष है। जो मिला है और जितना मिला है, उसे पर्याप्त मानना चाहिए। असंतोष व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि भक्ति के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति में संतोष होना जरूरी है। वेद व्यास का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भागवत लिखने के बाद भी वे संतुष्ट नहीं थे। बाद में जब उन्हें भगवान की लीलाओं का वर्णन करने की बात बताई गई, तो उन्होंने उसका वर्णन किया और इसके बाद उन्हें संतुष्टि मिली। भक्तों के प्रेम के कारण भगवान अलग-अलग रूपों में आते हैंइन्द्रेश महाराज ने कहा कि जो व्यवहार हमें अपने लिए अच्छा नहीं लगता, वह दूसरों के साथ भी नहीं करना चाहिए। असहाय की मदद करना पुण्य का काम है। उन्होंने कहा कि भगवान एक हैं, लेकिन भक्तों के प्रेम के कारण अलग-अलग रूपों में अवतार लेते हैं। भगवान के अवतार में भक्तों की बड़ी भूमिका होती है। उनके प्रेम और भाव के कारण भगवान अलग-अलग रूपों में प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान हमारे साथ हैं, इसी विश्वास से डर दूर होता है और जीवन में प्रेम बना रहता है। जिस गुरु से मन को शांति मिले, वही सच्चा गुरुमहाराज ने कहा कि किसी के प्रभाव में आकर गुरु नहीं बनाना चाहिए। गुरु वही हैं, जिनसे मन और भाव का संबंध बन जाए। जिनके शब्दों में सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि प्रेम भी हो, जिनके दर्शन से मन को शांति मिले और जिनके जवाब से जिज्ञासा शांत हो जाए, वही सच्चे गुरु हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के वचन और जीवन से व्यक्ति भगवान से जुड़ता है। जिनके चरणों में विश्वास हो और जिनके सामने पहुंचकर मन की इच्छाएं शांत हो जाएं, वही गुरु हैं।
बरेली में भोजीपुरा के चकदहा में विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोह का आयोजन 24 सितंबर, दिन बृहस्पतिवार को किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन शाखा बरेली के तत्वावधान में हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मीरगंज विधायक डी.सी. वर्मा और ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. राजाराम, प्रदेश सचिव दुर्वेश, ठाकुर सिंह मंडल मीडिया प्रभारी, धर्मेंद्र, धर्म अल्ट्रासाउंड और उपेंद्र आर्य भी उपस्थित रहे। सभी का आयोजकों ने फूलमालाएं और बुके देकर सम्मानित किया। औषधि आयुक्त डीएलए बरेली मंडल ने ऑनलाइन वक्तव्य देकर बधाइयां दीं। इस दौरान फार्मासिस्ट नावेद और तारिक का योगदान भी सराहा गया। पंकज कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट एसोसिएशन पूरे विश्व में फार्मासिस्ट दिवस मना रहा है और जल्द ही संगठन पीपीआर लागू करेगा। फार्मासिस्ट एसोसिएशन शाखा बरेली के जिला अध्यक्ष पंकज गौतम और उनकी पूरी टीम ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर फार्मासिस्टों के योगदान और उनकी भूमिका पर चर्चा की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया। पत्रकार मोहम्मद इरशाद रजवी को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
फिलहाल यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अगले दो से तीन दिनों तक काशी में ऐसे ही बिजली चमकने और तेज हवा के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार को सुबह से ही मौसम तेज हवा की चपेट में है।
जयपुर के पास बस्सी के बांसखोह जैसे ग्रामीण इलाके से निकलकर फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले राजवीर गुर्जर बस्सी अब फिल्म ‘इश्क का खुमार’ में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म में उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली है। जबकि कहानी और पटकथा अब्दुल क़ालिम ने लिखी है। फिल्म में राजवीर के साथ अभिनेत्री श्रेया खन्ना मुख्य भूमिका में हैं। राजस्थान में ही शूट हुई इस फिल्म के संगीत से बॉलीवुड के गायक शाहिद माल्या और संगीतकार निक्स बोहरा जुड़े हैं। राजवीर के लिए यह फिल्म सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष और सपने का नतीजा है। वे बताते हैं कि शुरुआत में जब फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा था तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से फिल्म देखने की अपील की। लेकिन थिएटर में दर्शकों का ऐसा प्यार मिला कि सुबह के शो तक हाउसफुल हो गए। इस दौरान राजवीर गुर्जर ने अपने गांव से निकलकर फिल्म इंडस्ट्री में लीड रोल तक पहुंचने, संघर्ष, समाज की सोच में आए बदलाव और ‘इश्क का खुमार’ की कहानी को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की। सवाल: आपकी फिल्म ‘‘इश्क का खुमार’ किस तरह की कहानी है और इसमें आपका किरदार कैसा है? राजवीर गुर्जर बस्सी: यह हिंदी फिल्म है और आज की पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। मेरा किरदार भी नई पीढ़ी की सोच और जीवनशैली से जुड़ा हुआ है। समाज जिस तरह बदल रहा है, उसी बदलाव को कहानी में जगह दी गई है। फिल्म मूल रूप से प्रेम कहानी है। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह दो लोगों के बीच प्यार होता है, वह रिश्ता किस तरह आगे बढ़ता है और बदलते समय के साथ प्रेम को लेकर नई पीढ़ी की सोच किस तरह विकसित हो रही है। कोशिश यही रही है कि कहानी आज के युवाओं को अपनी लगे। सवाल: फिल्म का विचार कैसे आया और कहानी को किस तरह विकसित किया गया? राजवीर गुर्जर बस्सी: जयपुर में सोनम टेलीफिल्म्स नाम से प्रोडक्शन हाउस है। उनकी ओर से मुझे फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उनसे बातचीत हुई तो विचार आया कि आज की जनरेशन को ध्यान में रखते हुए एक प्रेम कहानी बनाई जाए, जिसमें वर्तमान समय की सोच और रिश्तों को दिखाया जाए। इसके बाद हमने कहानी पर काम शुरू किया। लेखक अब्दुल क़ालिम ने मेरे साथ मिलकर कहानी को विकसित किया और इसकी पटकथा तैयार की। धीरे-धीरे कहानी का स्वरूप तैयार हुआ और फिर फिल्म बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सवाल: आप बस्सी के ग्रामीण इलाके से आते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में आने का सपना कैसे देखा? राजवीर गुर्जर बस्सी: मैं बस्सी के बांसखोह का रहने वाला हूं। यह पूरी तरह ग्रामीण अंचल है। जयपुर के नजदीक होने के बावजूद इसकी अपनी एक अलग कस्बाई और ग्रामीण पहचान है। जब मैं अपने पिता के साथ जयपुर आया था, तभी से फिल्म इंडस्ट्री में जाने का सपना मन में था। हालांकि इस सपने की शुरुआत कॉलेज के समय ही हो गई थी। उस समय इंडस्ट्री में जाने के रास्ते बहुत स्पष्ट नहीं थे। यह भी पता नहीं था कि कहां जाकर ऑडिशन देना है, किससे मिलना है और काम कैसे मिलेगा। फिर मैंने राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री से शुरुआत की। छोटे-छोटे काम किए, गाने बनाए और जहां भी मौका मिला, अपनी प्रतिभा दिखाने की कोशिश की। मेरा मानना था कि अगर मौका नहीं मिल रहा है तो कम से कम अपनी तरफ से कोशिश में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बॉलीवुड में भी काम करने का मौका मिला। मैंने ‘सास, बहू, फ्लेमिंगो’ जैसी सीरीज में काम किया। वहां जाकर बहुत कुछ सीखने को मिला। बड़े सेट कैसे तैयार होते हैं, कलाकारों के साथ किस तरह काम होता है, कहानी को किस स्तर पर आगे बढ़ाया जाता है और एक बड़े प्रोडक्शन में हर व्यक्ति की क्या भूमिका होती है, इन सब चीजों को करीब से देखने का मौका मिला। इन अनुभवों से मुझे लगा कि मुझे खुद को और बेहतर करना है। अभिनय के साथ-साथ कहानी और फिल्म निर्माण को भी समझना शुरू किया। लगातार सीखने और खुद को सुधारने के बाद अब ‘इश्क का खुमार’ में लीड रोल करने का मौका मिला है। सवाल: शुरुआत में आपने कहा कि लोगों का सपोर्ट नहीं मिल रहा था, लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद थिएटर में दर्शकों का खूब प्यार मिला। इसे किस तरह देखते हैं? राजवीर गुर्जर बस्सी: यह फिल्म मेरा सपना था। मैंने इस फिल्म को सिर्फ बनाया नहीं, बल्कि इसे जिया है। फिल्म में मैं अभिनेता होने के साथ-साथ निर्देशक के तौर पर भी जुड़ा हूं। इसलिए यह मेरे दिल के बहुत करीब है। जब फिल्म रिलीज हुई तो शुरुआत में मुझे लगा कि लोगों का उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितनी उम्मीद थी। मैंने लोगों से अपील की, सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं सामने रखीं और उनसे फिल्म को सपोर्ट करने की गुहार लगाई। मुझे उम्मीद नहीं थी कि उसके बाद इतना प्यार मिलेगा। थिएटर में दर्शकों की भीड़ देखकर बहुत भावुक हुआ। सुबह का शो हाउसफुल रहा। सबसे खास बात यह थी कि जो लोग फिल्म देखने आए, उनमें से ज्यादातर मेरे व्यक्तिगत जानकार नहीं थे। वे सिर्फ फिल्म को पसंद करके और मुझे सपोर्ट करने के लिए आए थे। यह मेरे लिए बहुत बड़ा अनुभव था। सोशल मीडिया पर फिल्म के गानों पर रील बन रही हैं। हर जगह फिल्म की चर्चा हो रही है। मेरे लिए यह पूरा माहौल बहुत यादगार है। सवाल: जिस समाज और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आप आते हैं, वहां से निकलकर अभिनय में पहचान बनाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? राजवीर गुर्जर बस्सी: मेरे लिए यह बहुत बड़ी चुनौती थी। मैं जिस समाज से आता हूं, उसे आमतौर पर किसान वर्ग के रूप में जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस समाज के बच्चे शिक्षा, खेल, प्रशासन, कारोबार और दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़े हैं। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री मेरे लिए बिल्कुल अलग क्षेत्र था। मेरे आसपास दूर-दूर तक कोई ऐसा नहीं था, जिसे देखकर मैं कह सकूं कि इस रास्ते पर चलकर यहां तक पहुंचा जा सकता है। मैं अपने इलाके से ऐसा पहला लड़का हूं, जो लीड रोल में काम कर रहा है। यह मेरे लिए बहुत भावुक करने वाला पल है। शुरुआत में समाज के कुछ लोगों के लिए मुझे इस रूप में स्वीकार करना आसान नहीं था। उन्हें समझ नहीं आता था कि एक ग्रामीण इलाके का लड़का फिल्म इंडस्ट्री में कैसे जाएगा और क्या करेगा। लेकिन मैंने अपना काम जारी रखा। अब जब फिल्म को लोगों का प्यार मिल रहा है और मुझे लीड रोल में देख रहे हैं तो वही लोग गर्व महसूस कर रहे हैं और समर्थन दे रहे हैं। समय के साथ सोच बदली है और मेरे लिए यह बदलाव बहुत मायने रखता है।
आगरा में साधु की सिर कूच कर हत्या:कमरे में मिला खून से लथपथ शव, बाहर से लगी थी कुंडी
आगरा में 45 साल के साधु की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। कमरे में खून से लथपथ उनका शव पड़ा मिला। डेडबॉडी के पास ही खून से सनी हुई ईंट मिली है। शरीर पर चोट के निशान थे। कमरे के दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद थी। भतीजे ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब चाचा बाहर नहीं आए तो मैं उन्हें बुलाने गया। देखा बाहर से कुंडी लगी हुई है। मैंने दरवाजा खोला तो देखा अंदर खून से लथपथ उनका शव पड़ा हुआ था। घरवालों की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। घटना अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव सहाई की है। भतीजे ने फोन किया तो कमरे से रिंग की आवाज आई गांव निवासी सौरभ सोलंकी ने बताया कि मेरे चाचा धर्मवीर ने संन्यास ले लिया था। वह साधु बन गए थे। चाचा गांव के बाहर एक प्लाट पर बने कमरे में रहते थे। सौरभ के अनुसार, उनके चाचा रोज सुबह अपनी गाय को चारा डालने के लिए गांव आते थे। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक जब वह नहीं आए तो मैं उन्हें देखने प्लाट पर पहुंचा। कमरे के बाहर से कुंडी लगी हुई थी। मैंने चाचा को फोन किया तो मोबाइल की घंटी कमरे के अंदर से सुनाई दी। इसके बाद मैंने कमरा खोला तो अंदर चाचा का शव पड़ा था। उनके सिर और शरीर पर चोट के निशान थे। कमरे के पास खून से सनी ईंट भी पड़ी थी। उनके सिर पर हमला किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया। परिजनों के मुताबिक, धर्मवीर अविवाहित थे। वह मंदिर की सेवा करने के साथ भजन-कीर्तन करते थे। वह रोजाना गांव की परिक्रमा भी करते थे।
जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में डीएम ने बैंकों के प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लापरवाही बरतने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में हाथियों का आतंक जारी है। गुरुवार देर रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने बंगराकला गांव में दो सगे भाइयों को कुचल दिया। ये दोनों भाई घर से शौच के लिए निकले थे। घायलों की पहचान बंगराकला निवासी 65 साल के बुधन यादव और 60 साल के महादेव यादव के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर है। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनी ले जाया गया। अंधेरे में दोनों भाइयों को हाथी नहीं दिखा वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। गुरुवार रात करीब दो बजे दोनों भाई शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी समय गांव के पास झुंड से बिछड़ा एक हाथी मौजूद था। रात में बिजली नहीं होने से चारों तरफ अंधेरा था। अंधेरे में दोनों भाइयों को हाथी नहीं दिखा और वे उसकी चपेट में आ गए। हाथी ने दोनों को पटककर कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हाथी ने स्कूल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ी दोनों की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को वहां से भगाने की कोशिश की। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद भी हाथी का उत्पात खत्म नहीं हुआ। झुंड से बिछड़ा यह हाथी दलांगी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बेहराबाद पहुंच गया। हाथी ने स्कूल के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। साथ ही, स्कूल में रखे मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल को खा लिया और काफी चावल खराब कर दिया। लगातार हाथियों के गांवों में आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजने और प्रभावित परिवारों को सही मुआवजा देने की मांग की है।
वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर के VIP कठघरे में रिंग सेरेमनी, वरमाला पहनाई; अंगूठी पहनाते वीडियो वायरल
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के वीआईपी कठघरे में युवक-युवती ने की रिंग सेरेमनी।
फार्म हाउस में हुए सामूहिक दुष्कर्म में शामिल दिल्ली में तैनात मुजफ्फरनगर के सौरंग निवासी सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित ने फेसबुक के जरिये युवती से दोस्ती गांठी थी।
दशाश्वमेध घाट पर चला सफाई अभियान:नमामि गंगे की टीम ने निकाला 1 टन से ज्यादा कचरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ का पानी उतरने के बाद घाटों की रौनक और स्वच्छता लौटाने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नमामि गंगे और वाराणसी नगर निगम की टीम ने विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के तहत 'गंगा पुत्रों' ने नदी में उतरकर सतही जल और तलहटी में बह रही पूजन सामग्री व बाढ़ के अवशिष्ट को बाहर निकाला। इस संयुक्त टीम ने शुक्रवार को गंगा से एक टन से अधिक कचरा निकालकर घाट को साफ-सुथरा बनाने का काम किया। अभियान के दौरान नगर निगम और नमामि गंगे के वॉलंटियर्स स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी गंगा सफाई के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने जनसामान्य से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बाढ़ के बाद गंगा की तलहटी और सतही जल में कई ऐसी चीजें आ जाती हैं जो जल को प्रदूषित करती हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि पितृ पक्ष के पवित्र अवसर पर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ गंगा घाटों और जलाशयों की स्वच्छता का संकल्प लेना ही स्वच्छता से पितरों को सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रशासन के इस आह्वान पर स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभा रहे हैं। इस सफाई अभियान को सफल बनाने में प्रियंवदा दुबे, दिनेश चौधरी, सेवी देवी, लकी देवी, सीमा देवी, मोहन, गोपाल साहनी और महेंद्र साहनी सहित कई लोगों का अहम योगदान रहा।
कैथल में खरक पांडवा के पास भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत; ट्रक में 8 क्विंटल डोडापोस्त बरामद
कैथल में खरक पांडवा के पास भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत; ट्रक में 8 क्विंटल डोडापोस्त बरामद
कानपुर में शुक्रवार सुबह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तड़के से ही आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है।
मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने से सागर जिले में बारिश का दौर शुरू हुआ है। शुक्रवार सुबह से जिले के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बौछारें पड़ रही है। शहर में सुबह से बादल छाए हैं। बादलों के बीच रुक-रुककर फुहारों का दौर जारी है। हवाएं चल रही है। हवाओं से वातावरण में ठंडक घुली है। जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है। इस समय सागर का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम पारा 22.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन आंध्र-ओडिशा तट पार कर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। सागर जिले में 25 सितंबर को गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बरेली में किला छावनी इलाके के युवक को साइबर ठग ने ऐसी कहानी सुनाई कि वह उसकी बातों में आ गया। ठग ने रिश्तेदार बनकर फोन किया और रिश्तेदार की आवाज में बात की। बातचीत के दौरान उसने खुद को लंदन में फंसा बताया और भारत लौटने के लिए वीजा बनवाने के नाम पर तत्काल रकम मांगी। युवक ने एक साथ रकम भेजने के बजाय कई बार में करीब 1.80 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। पहले भरोसा जीता, फिर क्यूआर कोड भेजाकिला छावनी निवासी अजय सक्सेना के मुताबिक 12 सितंबर को उनके मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को मौसेरा भाई विकास बताया, जो लंदन में रहता है। आवाज परिचित होने के कारण अजय को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। फोन के बाद मैसेज के जरिए भी बातचीत हुई। इसके बाद कथित रिश्तेदार ने वीजा के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताई और एक क्यूआर कोड भेज दिया। 25-25 हजार से शुरू हुआ ट्रांजेक्शनअजय के मुताबिक पहले उन्होंने अपने खाते से 25-25 हजार रुपए की दो रकम भेजीं। इसके बाद पत्नी के खाते से 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। ठग ने एक कथित एजेंट का मोबाइल नंबर भी दिया और उससे संपर्क करने को कहा। इसके बाद 20 हजार, 18 हजार और 2 हजार रुपए समेत कई अन्य ट्रांजेक्शन किए गए। अलग-अलग माध्यमों से रकम भेजते-भेजते कुल करीब 1.80 लाख रुपए बताए गए खातों में पहुंच गए। असली विकास से बात हुई तो खुला राजरुपये भेजने के कुछ समय बाद अजय ने एहतियातन अपने असली मौसेरे भाई विकास को फोन कर लिया। बातचीत में विकास ने बताया कि उसने न तो कोई फोन किया था और न ही पैसों की मांग की थी। यह सुनकर अजय को समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है। ठग ने परिचित की आवाज और रिश्ते का भरोसा इस्तेमाल कर उनसे रकम ट्रांसफर कराई थी। 1930 पर शिकायत, किला थाने में रिपोर्टठगी का पता चलने के बाद अजय ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद किला थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़ित ने पुलिस से संबंधित खातों को फ्रीज कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ट्रांजेक्शन की जानकारी और आरोपियों से जुड़े खातों की जांच कर रही है।
गोरखपुर को मिले नए SP नार्थ राजेश घुनावत:साइबर ठगी रोकने और महिला-बच्चों की सुरक्षा पर रहेगा फोकस
गोरखपुर के नए SP नार्थ के रूप में 2021 बैच के IPS अधिकारी राजेश घुनावत ने कार्यभार संभाल लिया है। पुलिस ऑफिस पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध और पुलिस के कामकाज की जानकारी ली। इससे पहले वह मुख्यमंत्री की VIP ड्यूटी भी संभाल चुके हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने संवेदनशील इलाकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और अपराध प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति जानी। अधिकारियों को पुलिस की सक्रियता बढ़ाने और आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। चोरी-लूट पर सख्ती, अपराधियों पर कार्रवाई राजेश घुनावत ने कहा कि चोरी, लूट और मारपीट जैसी घटनाओं में लापरवाही नहीं होगी। अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए पुलिस को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। साइबर ठगी के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्होंने साइबर अपराध पर विशेष ध्यान देने की बात कही। फर्जी कॉल, लिंक और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। लोगों को संदिग्ध कॉल और मैसेज से सतर्क रहने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। महिला-बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई महिला और बच्चों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। थानों पर आने वाले लोगों की शिकायतें ध्यान से सुनकर समय पर समाधान करने पर भी जोर दिया गया। मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद में ASP रहे राजेश घुनावत इससे पहले मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद में ASP के पद पर काम कर चुके हैं। वहां उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में काम किया और कई घटनाओं के खुलासे किए। कानून-व्यवस्था संभालने का भी उन्हें अनुभव है। सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं राजेश घुनावत राजस्थान के सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में BTech किया है। इसके बाद पुलिस सेवा में आए और अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आए दिन एक्सप्रेसवे पर नई खामी सामने आ रही है। गुरुवार को लखनऊ-कानपुर लेन पर किलोमीटर संख्या 48 में तौरा गांव के पास करीब 30 मीटर फुटपाथ धंस गया। निर्माण एजेंसी ने तुरंत इसकी मरम्मत करा दी। इससे पहले एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की घटना भी सामने आ चुकी है। इसकी तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर की टीम ने की है। ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी की टीम ने की थी। जांच रिपोर्ट शुक्रवार को एनएचएआई मुख्यालय को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट में सड़क धंसने की वजह और निर्माण में सुधार के सुझाव दिए जाने की उम्मीद है। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह मिली कमी एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह खामियां सामने आई हैं। वहीं, किलोमीटर संख्या 14 पर बने डिवाइडर में मामूली दरार मिली है। निर्माण एजेंसी ने दरार भरने का काम शुरू कर दिया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरत्न के मुताबिक दरार मामूली है और इसे दुरुस्त कराया जा रहा है। डिवाइडर में छेद कर पानी निकालने की कोशिश एक्सप्रेसवे पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पीएनसी डिवाइडर में लगे कंक्रीट बोल्डरों में छेद कर रही है। इसके जरिए पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 15 हजार वाहन गुजर रहे हैं, ऐसे में लगातार सामने आ रही खामियों ने निर्माण और गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27-28 सितंबर को खुल सकती है बंद लेन सरोजनीनगर में एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की छत से पानी का रिसाव अब बंद हो गया है। कानपुर से लखनऊ आने वाली एलिवेटेड रोड की लेन को 27 या 28 सितंबर को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। मरम्मत के बाद डामरीकरण का काम पूरा कराया जा रहा है, जिसमें दो से तीन दिन लगने की बात कही गई है।
निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और छात्रों से संवाद करेंगे सीएम सुक्खू, सोलन पहुंचे
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सोलन: यूरोकिड्स प्ले स्कूल कोटलानाला में गुड टच-बैड टच पर कार्यशाला, बच्चों को सिखाए सुरक्षा के तरीके
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले के विभिन्न विभागों की समय-सीमा फॉलो-अप बैठक ली। उन्होंने विभागवार लंबित मामलों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत खाता सुधार की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ जल्द दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाता सुधार से जुड़े मामलों का जल्द निराकरण किया जाए, ताकि पात्र किसानों को लाभ मिलने में देरी न हो। सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने कहाकलेक्टर ने सभी जोन में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों में तेजी लाने को कहा। साथ ही मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। एग्रीस्टैक की प्रगति की भी ली जानकारीबैठक में एग्रीस्टैक की प्रगति की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं से जुड़े कामों की लगातार समीक्षा करने और तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
अलवर की पहली मेयर सुमनलता अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण करने में 4 दिन लगा दिए। शुक्रवार को जब वे कार्यभार ग्रहण करने पहुंची तो चैंबर पर सुमनलता अग्रवाल की नेम प्लेट लगी थी। लेकिन कुछ मिनट बाद उसे हटाकर सुमन अजय अग्रवाल नाम से लगाई। इस दौरान वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी मेयर को कार्यभार ग्रहण कराने पहुंचे। मंत्री ने खूब नारे भी लगाए। सुबह करीब साढ़े 7 बजे कुर्सी संभालने के बाद मेयर का जयपुर से बुलावा आ गया। वे सुबह 11 बजे जयपुर पहुंच गई। वहीं, अलवर के पहले डिप्टी मेयर बने अजय पूनिया को खुद के चैंबर (2 नंबर कमरे) के हालत ठीक नहीं लगे। अब उनका चैंबर 9 नंबर कमरे में बनेगा। इसमें रिनोवेशन का काम शुरू हो गया है। इसलिए डिप्टी मेयर को कुर्सी संभालने में कुछ दिन और लग सकते हैं। डिप्टी मेयर पूनिया ने कहा कि पुराना कमरा काफी छोटा है। मेयर बोलीं- जनता के अनुसार काम करवाएंगे कार्यभार ग्रहण करने के बाद मेयर सुमनलगता अग्रवाल ने कहा कि सब कार्यकर्ताओं का आभार। हमने काम करना शुरू कर दिया है। जल्दी जनता के बीच जाकर उनके अनुसार काम कराएंगे। इस दौरान वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता के खूब नारे लगाए। तब डिप्टी मेयर अजय पूनिया ने वन राज्य मंत्री संजय शर्मा का मुंह दबाकर वन मंत्री संजय शर्मा के नारे लगाए। पूनिया ने कहा - मेयर पर कोई विपदा आई तो तुरंत पहुंच जाऊंगा इस अवसर पर डिप्टी मेयर अजय पूनिया ने कहा कि मेयर ने कुर्सी संभाल ली है। घंटी बजाई तो चपरासी तुरंत आया। लेकिन आगे मेयर पर कोई विपदा आएगी तो घंटी से पहले मैं पहुंच जाऊंगा। अलवर में कार्य भार ग्रहण करने के तुरंत बाद मेयर सुमनलता अग्रवाल, डिप्टी मेयर अजय पूनिया सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता जयपुर पहुंचे हैं। वहां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम है। जहां प्रदेश नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
VIDEO: भाजपा विधायक का पार्थिव शरीर पहुंचा आगरा, अंतिम यात्रा में उमड़ पड़ी लोगों की भीड़; देवहंस में होगा अंतिम संस्कार
Meerut News:मेरठ में मीट कारोबारी शोएब तैय्यब के घर में घुसकर हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी ने उनके माता-पिता से मारपीट की और रंगदारी मांगी। पिस्टल दिखाकर गोली मारने की धमकी देने के बाद आरोपी फरार हो गए, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिजनौर में भगवान गणेश का विसर्जन:‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे लगे
बिजनौर में भगवान गणेश का विसर्जन बड़े हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिले के धामपुर, नहटौर सहित विभिन्न कस्बों व ग्रामीण अंचलों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं को गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। इस दौरान पूरा वातावरण ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। विसर्जन यात्राओं में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। डीजे पर बजते भक्ति गीतों और पारंपरिक ढोल की थाप पर महिला, पुरुष और युवा जमकर थिरकते नजर आए। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर उत्सव की बधाई दी। वहीं, नगरों के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी शोभायात्राओं पर स्थानीय नागरिकों ने छतों से पुष्पवर्षा कर बप्पा का स्वागत किया। अंत में श्रद्धालुओं ने भारी मन और नम आंखों से भगवान गणेश को विदाई दी। जिले के कई पूजा पंडालों और व्यक्तिगत रूप से स्थापित मूर्तियों को विसर्जन के लिए बिजनौर गंगा बैराज और हरिद्वार ले जाया गया, जहां पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमाओं को जल में विसर्जित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान यात्रा मार्गों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे विसर्जन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सका।
रामपुर में दिगंबर जैन समाज के पावन दशलक्षण पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की गई। दस दिनों तक चले इस आध्यात्मिक पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्तम क्षमा से लेकर उत्तम ब्रह्मचर्य तक जैन धर्म के दस धर्मों के सिद्धांतों को समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास किया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं को इंद्रियों के आकर्षण और विषय-विकारों से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। 84 कोस मथुरा से रामपुर आए शास्त्री नमन जैन ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य मनुष्य को बाहरी आकर्षणों से हटाकर अपने भीतर झांकने की प्रेरणा देता है। जब व्यक्ति अपनी इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण प्राप्त करता है, तभी वह वास्तविक आत्मिक शांति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य शरीर के संयम के साथ-साथ विचारों की पवित्रता, वाणी की मर्यादा और आचरण की शुद्धता का नाम है। वहीं शास्त्री आर्जव जैन ने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा संघर्ष बाहरी परिस्थितियों से अधिक उसके अपने मन की चंचलता और इच्छाओं से होता है। उत्तम ब्रह्मचर्य व्यक्ति को इच्छाओं के पीछे भागने के बजाय आत्मा के स्वरूप को समझने की प्रेरणा देता है। संयमित विचार, शुद्ध भाव और मर्यादित आचरण ही ब्रह्मचर्य की वास्तविक पहचान हैं। दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की पूजा-अर्चना कर आत्मकल्याण की भावना के साथ उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। दस दिनों की साधना का संदेश रहा कि धर्म केवल मंदिर में पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली साधना है। उत्तम क्षमा से शुरू हुआ दशलक्षण पर्व उत्तम ब्रह्मचर्य के संदेश के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर दिनेश जैन खंडेलवाल, प्रमोद कुमार जैन, प्रदीप कुमार जैन, विशाल जैन, वर्षा जैन, आशीष जैन, दिनेश जैन सेठी, भारत भूषण जैन, मुकेश जैन सेठी, राकेश जैन, योगेश जैन खंडेलवाल, कस्तूर चंद जैन, पवन जैन आदि मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में बुधवार और गुरुवार की रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार दोपहर तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर हल्की और तेज बारिश होती रही। आसमान में बादल छाए रहे और गरज-चमक के साथ हवा भी चली। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 23 से 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दो दिन पहले यह 30 डिग्री के आसपास था। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की प्रमुख नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई थी। बानगंगा बैराज पर जलस्तर 93.30 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान 92.42 मीटर से ऊपर था। हालांकि, इसके बाद बानगंगा नदी का जलस्तर फिर कम हुआ है। फिलहाल, बानगंगा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जिससे नदी किनारे के इलाकों को राहत मिली है। राप्ती नदी 81.53 मीटर पर बह रही राप्ती नदी के बांसी पुल पर जलस्तर 81.53 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 83.90 मीटर से नीचे है। परसोहन घाट पर 90.43 मीटर, बूढ़ी राप्ती के मुंहचोरवा घाट पर 89.09 मीटर और ककरही पुल पर 84.68 मीटर जलस्तर दर्ज हुआ। आलमनगर में 84 मीटर, कूड़ा नदी के उस्का रेलवे पुल पर 79.75 मीटर, घोघी-लोटन के लोटन पुल पर 83.50 मीटर, तेलार नाला के सड्डा नाला पर 84.80 मीटर और जमुआर नाला के नौगढ़ पुल पर 81.25 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। अधिकांश जगहों पर नदियों का जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति देखी गई थी। विभिन्न गेज स्टेशनों पर भी बारिश दर्ज की गई। ककरही में 63.59 मिमी, मुंहचोरवा में 56.80 मिमी, बानगंगा बैराज में 50 मिमी, नौगढ़ में 45 मिमी, उस्का में 43.20 मिमी और परसोहन में 42 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
लखनऊ में लगातार बारिश से पुरनिया फ्लाइओवर के पास जलभराव
लखनऊ में लगातार बारिश से पुरनिया फ्लाइओवर के पास जलभराव
डीग में कलेक्टर के आदेशों की उड़ी धज्जियां:सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बावजूद 2 स्कूल खुले
डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष के आदेशों की अनदेखी करने का मामला सामने आया है। गणेश विसर्जन उत्सव के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बावजूद शहर के 2 निजी स्कूल खुले रहे।शुभम पब्लिक स्कूल और मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्टूडेंट्स को बुलाया गया और पढ़ाई कराई गई। इससे जिला प्रशासन के आदेशों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छुट्टी के दिन भी इन स्कूलों में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। उनका कहना है कि जब जिला प्रशासन ने छुट्टी घोषित की है, तो निजी स्कूलों को भी इसका पालन करना चाहिए था। स्कूलों का इस तरह चलना प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालशिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि शहर के कई निजी स्कूल नियमों का पालन नहीं करते, लेकिन विभाग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। कई बार तो कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रह जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश का पालन सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में होना चाहिए। छुट्टी के दिन स्कूल खुलने की शिकायतों पर शिक्षा विभाग को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए। जांच के बाद स्थिति होगी साफअवकाश के दिन विद्यालय संचालन को लेकर अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर है। यदि जांच में कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना की पुष्टि होती है तो संबंधित निजी विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं रहकर उनकी पालना भी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में निजी विद्यालय संचालक सरकारी आदेशों की अनदेखी नहीं कर सकें।
कुरुक्षेत्र में ट्रॉली हादसे में हुई थी छह मौतें, दो शवों का पोस्टमार्टम हुआ; करीब 13 लोग घायल
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यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: अभी भी उठ रहा धुआं, छत पर रखे सामान में जल रही आग
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पीथमपुर के औद्योगिक नगर सागौर थाना क्षेत्र के दिग्ठान चौकी इलाके के रतवा गांव में दो दिन पहले युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मृतक की पहचान नवीन चौधरी (30) के रूप में हुई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि युवक की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब मौत की वजह सामने आई है। परिजनों से मिले जिला कांग्रेस अध्यक्ष घटना के बाद धार जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और पूरी घटना की जानकारी ली। पोस्टमार्टम में जहरीली शराब के लक्षण नहीं युवक की अचानक हुई मौत के बाद इलाके में जहरीली शराब को लेकर तरह-तरह की बातें शुरू हो गई थीं। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक नवीन की मौत 'गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग' यानी पेट और आंतों में अल्सर फटने से ज्यादा खून बहने के कारण हुई है। शुरुआती जांच में जहरीली शराब की आशंका सामने नहीं आई है। विसरा और ब्लड सैंपल FSL भेजे मामले की जांच कर रही सागौर पुलिस टीम और धार जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. संजय जोशी ने बताया कि पोस्टमार्टम में जहरीली शराब से जुड़ा कोई लक्षण नहीं मिला है। हालांकि, स्थिति की पूरी तरह पुष्टि के लिए मृतक के विसरा और ब्लड सैंपल जांच के लिए विधि-वैज्ञानिक प्रयोगशाला (FSL) भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

