खींवसर कस्बे में शुक्रवार रात 10 बजे रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में नागौर जिले की 64 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। सभी मुकाबले टेनिस बॉल से खेले जाएंगे और हर मैच 10-10 ओवर का होगा। उद्घाटन मुकाबले में आजाद क्लब खींवसर ने किशनदास जी महाराज टांकला की टीम को हराकर जीत दर्ज की। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा पहुंचे। उन्होंने पहली गेंद खेलकर प्रतियोगिता की शुरुआत की। खिलाड़ियों की मांग पर विधायक ने खेल मैदान में हाईमास्ट लाइट लगवाने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों से बिना किसी विवाद और भेदभाव के प्रतियोगिता को संपन्न कराने की अपील की। विजेता को 1.11 लाख और उपविजेता को 51 हजार रुपए का इनाम आयोजक पन्नेसिंह गहलोत ने बताया कि प्रतियोगिता की विजेता टीम को 1 लाख 11 हजार रुपए और विजेता ट्रॉफी दी जाएगी। उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए और मोमेंटो दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक मैच में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी दी जाएगी। रात्रिकालीन मुकाबलों के लिए मैदान में रोशनी और साउंड की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के मैचों का ऑनलाइन लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। सेमीफाइनल मुकाबले 25 सितंबर और फाइनल 26 सितंबर को खेला जाएगा। पहले दिन तीन मुकाबले, खींवसर ने दो मैच जीते प्रतियोगिता के पहले दिन उद्घाटन मैच किशनदास जी महाराज टांकला और आजाद क्लब खींवसर के बीच हुआ, जिसमें खींवसर की टीम विजेता रही। दूसरा मुकाबला शेरानी आबाद और भाकरोद के बीच खेला गया। इसमें शेरानी आबाद ने जीत दर्ज की। तीसरे मैच में बासनी हरिसिंह और खींवसर की टीमें आमने-सामने हुईं। इस मुकाबले में भी खींवसर की टीम विजेता रही। तीनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
त्योहारी सीजन में रेलवे का तोहफा, 4 स्पेशल ट्रेनों के बढ़ाए फेरे; कानपुर से कोलकाता तक सफर होगा आसान
उत्तर मध्य रेलवे ने नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कई विशेष ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाई है।
Rajasthan Municipal Body Elections: 14
जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के 10167 वार्डों के लिए 38889 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया। अब इन सभी उम्मीदवारों की किस्मत का ताला 14 सितंबर को खुलेगा। इस दिन दोनों चरणों की मतगणना एक साथ होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति तथा 22 सितंबर को उप महापौर, उप सभापति और नगर पालिकाओं के उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए जाएंगे। दोनों चरणों में 77 पार्षदों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। खबरों के अनुसार, निकाय चुनाव के पहले चरण में 76.41 प्रतिशत जबकि शुक्रवार को दूसरे चरण में शाम 6 बजे तक 70.74 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी सामने आई है। इस प्रकार दोनों चरण में कुल 72.95 प्रतिशत मतदान हुआ। राजधानी जयपुर में नगर निकाय के द्वितीय चरण में 63.55 प्रतिशत मतदान हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण के तहत नगर निगम जयपुर का मतदान प्रतिशत प्रातः 10 बजे तक 16.20 प्रतिशत, दोपहर 1 बजे तक 37.36 प्रतिशत, दोपहर 3 बजे तक 48.89 प्रतिशत तथा शाम 6 बजे तक 62.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम रूप से कुल 63.55 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वार्डों में ऐसा रहा मतदान प्रतिशत वार्डवार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वार्ड 1 से 22 में 63.32 प्रतिशत, वार्ड 23 से 37 में 64.39 प्रतिशत, वार्ड 38 से 58 में 57.85 प्रतिशत, वार्ड 59 से 72 में 61.87 प्रतिशत, वार्ड 73 से 87 में 57.86 प्रतिशत, वार्ड 88 से 103 में 57.28 प्रतिशत, वार्ड 104 से 115 में 67.44 प्रतिशत, वार्ड 116 से 132 में 72.20 प्रतिशत, वार्ड 133 से 147 में 68.85 प्रतिशत तथा वार्ड 148 से 150 में 81.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। PC:navbharattimes.indiatimes अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पारेन निवासी करीब 75 वर्षीय बाबूलाल पुत्र सुखू के यमुना नदी में छलांग लगाने की घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। यमुना नदी में जलस्तर अधिक होने और तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। वृद्ध की खोजबीन के लिए पुलिस के साथ NDRF की टीम भी जुटी हुई है और नदी के आसपास लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बाबूलाल ने शुक्रवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बने यमुना नदी के पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। घटना की जानकारी परिजनों को कुछ देर बाद हुई। परिजनों ने जब उनकी तलाश शुरू की तो किसी व्यक्ति ने उन्हें पुल पर बाबूलाल के कपड़े रखे होने की जानकारी दी। पुल पर कपड़े मिलने के बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल थाना कुठौंद पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नदी में तलाश शुरू कराई। पुलिस टीम ने नदी के आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन तेज बहाव और अधिक जलस्तर के कारण वृद्ध का पता नहीं चल सका। इसके बाद बचाव दल की मदद से तलाश का दायरा बढ़ाया गया। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बताया गया कि बाबूलाल की शादी नहीं हुई थी। उनके भाई के दो पुत्र थे, जिनकी भी पहले मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में परिवार में उनके भतीजों के बच्चे और अन्य परिजन हैं। करीब दो वर्ष पहले उनके भतीजे के पुत्र की भी सांप के काटने से मौत हो गई थी। परिवार पहले से ही इन दुखद घटनाओं से उबर नहीं पाया था कि अब बाबूलाल के अचानक लापता होने की घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। वृद्ध के नदी में छलांग लगाने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच करते हुए परिजनों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है। वहीं NDRF और पुलिस की टीमें यमुना के तेज बहाव के बीच लगातार बाबूलाल की तलाश में जुटी हैं। परिजन नदी किनारे टकटकी लगाए उनके मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
हरियाणा के नारनौल में बाबा खेतानाथ आयुष कॉलेज के विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कहा कि करीब कई वर्षों से उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ गई है। छात्रों ने सरकार से इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों राजन, दीपा, मनोज ने बताया कि ने बताया कि आयुष पाठ्यक्रम में साढ़े चार वर्ष की पढ़ाई के बाद एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होती है। इस दौरान विद्यार्थी अस्पताल में मरीजों के उपचार समेत विभिन्न चिकित्सकीय कार्यों में जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड वर्ष 2011 में तय राशि के स्तर पर ही है। कमरे से लेकर भोजन तक का खर्च उठाना मुश्किल छात्रों का कहना है कि कॉलेज में कई विद्यार्थी दूसरे शहरों और जिलों से पढ़ने के लिए आते हैं। उन्हें कमरे का किराया, भोजन, परिवहन और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्च भी उठाने पड़ते हैं। मौजूदा स्टाइपेंड इन खर्चों के मुकाबले काफी कम है। महंगाई बढ़ने के बावजूद स्टाइपेंड में बदलाव नहीं होने से विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्न का दिया उदाहरण प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कहा कि एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि आयुष विद्यार्थियों को अब भी पुरानी राशि मिल रही है। विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि जब वे भी इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल में चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभाते हैं तो उनके स्टाइपेंड में भी उचित बढ़ोतरी होनी चाहिए। जारी रहेगा आंदोलन विद्यार्थियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऐसा स्टाइपेंड चाहते हैं जिससे इंटर्नशिप के दौरान होने वाले जरूरी खर्च पूरे हो सकें। छात्रों ने कहा कि मांग पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी साजिश पर NIA का बड़ा एक्शन, अनंतनाग-कुलगाम सहित 7 जगहों पर छापामारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी षड्यंत्र के मामले में कुलगाम, बांदीपोरा और सोपोर सहित सात स्थानों पर छापेमारी की।
महराजगंज सीमा पर खाद तस्करी का साइकिल नेटवर्क:लावारिस यूरिया की बरामदगी से खुला नया पैंतरा
महराजगंज में खाद तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। थाना सोनौली पुलिस द्वारा हाल ही में कैथवलिया उर्फ बरगदही के पास से लावारिस हालत में 6 बोरी यूरिया खाद और 4 आदत साइकिलों की बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब बड़े वाहनों के बजाय 'छोटे पैंतरों' और स्थानीय संपर्कों का सहारा ले रहे हैं। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कड़े निर्देशों और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान हुई इस कार्रवाई से तस्करों के मंसूबों पर पानी जरूर फिरा है, लेकिन सीमा पार खाद की कालाबाजारी के इस सिंडिकेट ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। साइकिल से 'ड्रॉप एंड रन' रणनीति सोनौली थाना क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही इलाके से मिली 4 पुरानी साइकिलें और खाद की बोरियां तस्करों के काम करने के नए तरीके की ओर इशारा करती हैं। जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तस्कर अब मुख्य रास्तों और चौकियों से बचने के लिए पगडंडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रणनीति में स्थानीय युवाओं या दिहाड़ी मजदूरों को मामूली रकम का लालच देकर साइकिलों पर खाद की बोरियां लादकर सीमा के करीब स्थित गांवों तक पहुंचाया जाता है। वहां खाद को सुरक्षित ठिकानों या झाड़ियों में छिपा दिया जाता है, जिसे बाद में मौका मिलते ही नेपाल की ओर पार करा दिया जाता है। पुलिस टीम की मुस्तैदी से खाद की यह खेप सीमा पार तो नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस की आहट पाते ही तस्कर माल और साइकिलें छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। मामले में अज्ञात के विरुद्ध धारा 113 कस्टम एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर बरामद माल को नौतनवा कस्टम कार्यालय सौंप दिया गया है।नेपाल में भारतीय खाद की मांग और भारी मुनाफा भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया और अन्य खादों की तस्करी के पीछे मुख्य वजह दोनों देशों के दामों में बड़ा अंतर है। भारत सरकार द्वारा भारतीय किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी के कारण यहां यूरिया बेहद सस्ते दरों (लगभग ₹266 प्रति 45 किग्रा बोरी) पर उपलब्ध होती है। वहीं नेपाल में कृषि मौसम के दौरान खाद की भारी किल्लत बनी रहती है। नेपाल के सीमावर्ती बाजारों में यही भारतीय यूरिया दोगुनी या तिगुनी कीमतों पर बेची जाती है। इस मोटे मुनाफे के चक्कर में सीमावर्ती इलाकों का एक बड़ा नेटवर्क इस अवैध कारोबार में लिप्त है। छोटी-छोटी मात्रा में साइकिल या पैदल खाद पार कराने का यह सिलसिला धीरे-धीरे एक बड़ी तस्करी का रूप ले लेता है। भारतीय किसानों के हक पर डाका तस्करी के इस नेटवर्क का सीधा असर स्थानीय भारतीय किसानों पर पड़ रहा है। जब खाद की एक बड़ी खेप अवैध रूप से नेपाल भेज दी जाती है, तो सीमावर्ती क्षेत्रों में कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाती है। सीजन के समय स्थानीय किसानों को अपनी फसलों के लिए यूरिया खाद पाने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ता है या कालाबाजारी का शिकार होना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पगडंडियों से होने वाली इस तस्करी पर जब तक पूरी तरह से लगाम नहीं लगेगी, तब तक दुकानों पर खाद की किल्लत की समस्या बनी रहेगी।पुलिस और कस्टम का अगला कदम इस बरामदगी के बाद सोनौली पुलिस और कस्टम विभाग ने सीमावर्ती पगडंडियों पर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि लावारिस मिलीं 04 साइकिलें किसकी हैं और कैथवलिया इलाके में यह खाद किस दुकान या गोदाम से खरीदी गई थी। सीमावर्ती इलाकों की सभी सरकारी व निजी खाद दुकानों के स्टॉक की जांच करने की योजना बनाई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं स्थानीय विक्रेताओं की सांठगांठ से तो यह खाद तस्करों तक नहीं पहुंच रही थी।एसपी शक्ति मोहन अवस्थी के सख्त रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में सीमा पार तस्करी के इस 'साइकिल नेटवर्क' पर और कड़े प्रहार की उम्मीद है, जिससे भारतीय किसानों को उनके हक की खाद समय पर मिल सके और सीमा पर अपराध नियंत्रण में रहे।
करनाल कॉलेज के बाहर चले चाकू:दो छात्रों की हालत गंभीर, एक को 10 टांके तो दूसरे को अए 6 टांके
करनाल के दयाल सिंह कॉलेज के बाहर दो छात्रों पर 25-30 युवकों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर तलवार, चाकू और गंडासी लेकर पहुंचे थे। हमले में पीड़ित छात्र और उसके दोस्त को चोटें आईं। दोनों ने शोर मचाया तो आरोपी मौके से भाग गए और जाते समय जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप है। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फोन करके कॉलेज से बाहर बुलाया, फिर युवकों ने घेरागांव नरूखेड़ी निवासी प्रतीक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दयाल सिंह कॉलेज में पढ़ता है। उसका दोस्त नितिन भी गांव नरूखेड़ी का रहने वाला है। कुछ दिन पहले उनकी एक लड़के से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। शिकायत के अनुसार उसी लड़के ने 11 सितंबर को करीब 12 बजे प्रतीक को फोन किया और कॉलेज के बाहर बुलाया। इसके बाद प्रतीक और नितिन दोनों कॉलेज से बाहर आए तो वहां 25-30 लड़कों ने उन्हें घेर लिया। चाकू लगने से प्रतीक के सिर पर 10 टांकेशिकायत के अनुसार युवकों ने तलवार, चाकू और गंडासी से दोनों पर हमला किया। इसमें प्रतीक के सिर पर दो जगह चाकू से वार किया गया, जबकि नितिन की ठोड़ी पर चोट लगी। दोनों को उपचार के लिए ले जाया गया। शिकायत में प्रतीक के सिर पर 10 टांके और नितिन को छह टांके लगने की बात कही गई है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज किया केसमामले की शिकायत करनाल सिविल लाइन थाना पुलिस को की गई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की जांच मुख्य सिपाही राजेंद्र को सौंपी गई है। अब पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लखनऊ में मधुमेह का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ा है। एनएफएचएस-6 के अनुसार 15 से 49 वर्ष की 20.5 प्रतिशत महिलाओं और 23.4 प्रतिशत पुरुषों में शुगर का स्तर सामान्य से अधिक मिला।
सीकर के खाटूश्याम मंदिर में 17 सितंबर को बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार किया जाएगा। बाबा की विशेष पूजा और श्रृंगार के चलते मंदिर में 19 घंटे दर्शन बंद रहेंगे। 16 सितंबर को रात 10 बजे से 17 सितंबर की शाम 5 बजे तक बाबा श्याम मंदिर में पट बंद रहेंगे। श्रीश्याम मंदिर कमेटी की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया- विशेष अनुष्ठानों के साथ बाबा श्याम की सेवा-पूजा और तिलक कार्यक्रम भव्य रूप से किया जाएगा। इस समय अवधि में भक्तों को बाबा श्याम के दर्शन नहीं होंगे। श्री श्याम मंदिर के पट 19 घंटे के लिए बंद रहेंगे। कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। बाबा श्याम के दर्शन 17 सितंबर को शाम 5 बजे के बाद दोबारा शुरू हो जाएंगे।
धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र की ढांगी पहाड़ी की तराई में कल्याण गांव के समीप शुक्रवार सुबह 17 वर्षीय किशोरी पूनम कुमारी का सिरकटा शव मिलने के बाद पुलिस की जांच में उसकी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे हुए हैं। पूनम गिरिडीह के बहादुरपुर निवासी संदीप रवानी की बेटी थी। परिजनों के मुताबिक, उसे पढ़ाई के लिए टुंडी के मनियाडीह में रिश्तेदारों के घर भेजा गया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात मनियाडीह में रहने वाले कृष रवानी से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बना और पूनम ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ कृष के साथ भागकर शादी कर ली। शादी के बाद दोनों बलियापुर थाना क्षेत्र के करमाटांड़ में किराए के मकान में रह रहे थे। परिजनों का दावा है कि पूनम तीन माह की गर्भवती थी। दो दिनों से थी लापता, गुरुवार को थाने में दी थी सूचना परिजनों के अनुसार पूनम बुधवार से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका पता नहीं चला तो गुरुवार को बलियापुर पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी। इसके अगले ही दिन शुक्रवार सुबह कल्याण गांव के समीप जंगल में स्थानीय लोगों ने झाड़ियों के बीच खून से लथपथ धड़ देखा। इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर बलियापुर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को सील कर जांच शुरू की। धड़ से करीब सौ मीटर दूर पेड़ के नीचे बोरे में किशोरी का सिर बरामद हुआ। धड़ और सिर से कुछ दूरी पर लाल कपड़ा, पूजा-पाठ की सामग्री समेत अन्य सामान भी मिला। इससे स्थानीय स्तर पर स्त्री बलि की चर्चा शुरू हो गई। हालांकि पुलिस इस एंगल समेत सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। पुलिस ने जुटाए साक्ष्य, तीन हिरासत में घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रांची से फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड करमाटांड़ स्थित एक घर तक भी पहुंचा। पुलिस ने मौके से एक युवक को हिरासत में लिया है। मामले में कुल तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। किशोरी के पति कृष रवानी पर भी हत्या का संदेह जताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने पति को हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मृतका के पिता ने कृष रवानी समेत अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया गया है। पति बोला- पारसनाथ में पत्नी को खोज रहा हूं घटना के बाद पुलिस ने पूनम के पति कृष की तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। पूनम के एक रिश्तेदार के पहुंचने पर पुलिस ने उससे कृष का मोबाइल नंबर लिया। फोन पर संपर्क होने पर कृष ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी को खोजने पारसनाथ आया है। इसके बाद पुलिस उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में निकल गई। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद जांच को भटकाने के लिए घटनास्थल पर पूजा-पाठ की सामग्री रखकर स्त्री बलि का सीन तैयार किया गया हो सकता है। सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश कुमार महतो ने कहा कि शव और घटनास्थल से बरामद सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। ---------------------------------------------- इसे भी पढ़ें… धनबाद में महिला की सिर कटी लाश मिली:घटनास्थल से अगरबत्ती और कुछ पूजा सामग्री भी बरामद, ग्रामीण नरबलि की आशंका जता रहे धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र के ढांगी बस्ती मड़ई थान के आगे चटनियां पुल के सामने शुक्रवार को जंगल से एक अज्ञात महिला का शव मिला। महिला का सिर और धड़ अलग-अलग जगहों पर बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। गांव निवासी किशोर कुमार महतो शौच के लिए जंगल गया था। तभी उसकी नजर महिला के पैर पर पड़ी। शक होने पर उसने आसपास के लोगों को बुलाया। यहां पूरी खबर पढ़ें…
गुरुग्राम में चर्चित महेंद्र मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि हमलावर सिर्फ महेंद्र ही नहीं, बल्कि उनके बेटे साहिल को भी मौत के घाट उतारना चाहते थे। आरोपी पिछले पांच दिनों से दोनों बाप-बेटे की रेकी कर रहे थे और दोनों को एक साथ ठिकाने लगाने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार गुरुवार सुबह जब महेंद्र अपने बेटे साहिल के साथ बाइक से सदर बाजार स्थित अपनी दुकान पर जा रहे थे, तब बसई रोड पर बदमाशों ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के मन में बदले की आग इस कदर हावी थी कि वे पूरे परिवार को खत्म करना चाहते थे। जिस पर्व उर्फ बड़ी की हत्या के महेंद्र के बेटे प्रियांशु का नाम आया था, उसके पिता और छोटे भाई ने महेंद्र और साहिल की हत्या की पूरी साजिश रची थी। ये लोग पिछले पांच दिनों से लगातार महेंद्र और साहिल के घर से निकलने और लौटने के समय पर नजर रख रहे थे। वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कब दोनों बाप-बेटे एक साथ ऐसी जगह मिलें जहां भागने का रास्ता आसान हो। ऐन वक्त पर धोखा दे गई पिस्तौल, ऐसे बची बेटे की जान वारदात के वक्त बाइक पर सवार तीन हमलावरों में से एक ने महेंद्र के पेट में बेहद करीब से गोली मार दी, जिससे वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके तुरंत बाद, दूसरे बदमाश ने महेंद्र के बेटे साहिल पर भी निशाना साधा और उसे मारने के लिए ट्रिगर दबाया। लेकिन ऐन वक्त पर हमलावर की देशी पिस्तौल जाम हो गई और गोली नहीं चली। पिस्तौल मिसफायर होने की वजह से साहिल की जान बाल-बाल बच गई। अगर उस वक्त पिस्तौल चल जाती, तो आरोपी अपने दोनों मंसूबों में कामयाब हो जाते। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद महेंद्र को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पर्व के पिता-भाई समेत 5 गिरफ्तार, पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य साजिशकर्ता पर्व उर्फ बड़ी के पिता और उसका भाई शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में पर्नव पारासर उर्फ छोटी (उम्र 20 वर्ष) व प्रवीण पारासर (उम्र 45 वर्ष) दोनों निवासी गांव बिप्रावली, जिला आगरा, उत्तर-प्रदेश वर्तमान निवासी देवीलाल कॉलोनी, देव शर्मा उर्फ केमटी (उम्र-22 वर्ष) निवासी गांव पूरनपुर पीलीभीत जिला बरेली, उत्तर-प्रदेश हाल निवासी सैक्टर-9, अंकित उर्फ बंटी (उम्र-19 वर्ष) निवासी गांव बसई, व उत्सव (उम्र-19 वर्ष) निवासी खुटाहा, जिला लख्खीसराय, बिहार हाल निवासी भवानी एनक्लेव है। बाकी आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के मुताबिक यह पूरा मामला जनवरी 2025 से चली आ रही एक पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा हुआ है। मृतक महेंद्र का एक अन्य बेटा प्रियांशु पहले से ही एक मर्डर केस के आरोप में जेल में बंद है, और इसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार शूटरों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। भागने की कोशिश में टूटी 2 आरोपियों की टांग गढ़ी हरसरू के पास पुलिस टीम से घिरा देखकर आरोपी पुलिस से बचने के लिए बाइक छोड़कर भागने लगे। इस दौरान गड्ढे में गिरने से आरोपी देव व अंकित की टांग टूट गई। बाप बेटे ने रची खौफनाक साजिश आरोपी प्रवीण और पर्नव ने अपने अन्य साथी आरोपियों देव अंकित व उत्सव के साथ मिलकर महेन्द्र तथा उसके बेटे की हत्या की साजिश रची। साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आरोपी पर्नव पारासर उर्फ छोटी व प्रवीण पारासर द्वारा अपने अन्य साथियों को हथियार एवं रुपए उपलब्ध करवाए गए, जिसके बाद महेन्द्र की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के दौरान आरोपी देव ने गोली चलाई थी। आरोपियों द्वारा रची गई साजिश के तहत महेन्द्र और उसके बेटे दोनों की हत्या करने का इरादा था, लेकिन हमलावर एक ही हत्या की वारदात को अंजाम दे सके। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्ज़ा से 01 देशी कट्टा, 01 कारतूस व वारदात में प्रयोग की गई बाईक बरामद की गई है।
पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता, जग्गू भगवानपुरिया गैंग का साथी अमृतपाल मोल्दोवा से डिपोर्ट
पंजाब पुलिस ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के अहम गुर्गे अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया है।
संभल जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी गांव में शुक्रवार शाम दो सगे साढ़ुओं के परिवारों में जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों के बीच पिछले करीब 4 महीने से रुपए और प्लाट पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। मारपीट में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हुए हैं। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे गांव में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि पहले लाठी-डंडों से मारपीट हुई। इस दौरान महिलाएं भी विवाद में शामिल रहीं। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर ईंटें भी फेंकी गईं। घटना के बाद मामला थाने तक पहुंच गया। थाने के गेट पर डेढ़ घंटे तक हंगामा घटना के बाद RSS कार्यकर्ता विपिन यादव अपने भाई के साथ धनारी थाने पहुंचे। थाना गेट पर करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा। लोगों के समझाने के बाद विपिन शांत हुए। पुलिस ने उनके पक्ष के तीन घायलों को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। दूसरे पक्ष के घायलों का भी मेडिकल कराया गया। दोनों पक्षों ने पुलिस को शिकायत दी है। पुराने विवाद में फिर बढ़ा तनाव विपिन यादव का पैतृक गांव शाकिन शोभापुर, थाना कैलादेवी है, जबकि वह भिरावटी में रहते हैं। विपिन और नवाब सिंह यादव के बीच पिछले चार महीने से रुपए और प्लाट पर कब्जे को लेकर विवाद बताया जा रहा है। विपिन का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, लेकिन पुलिस ने उनकी मदद नहीं की। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए विपिन ने आरोप लगाया कि पुलिस अभी भी दूसरे पक्ष को बुलाकर उन पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रही है। उन्होंने धनारी थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह यादव और अपराध निरीक्षक सत्यविजय सिंह पर हत्या कराने तक का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस बोली- दोनों पक्षों पर पहले भी हुई कार्रवाई थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के घायलों की मेडिकल जांच करा दी गई है और शिकायतें मिली हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। अब पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में शुक्रवार को क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। नई ट्रेनों के संचालन, मौजूदा ट्रेनों की गति बढ़ाने, विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव देने, प्लेटफार्म की व्यवस्था सुधारने और यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के प्रस्ताव रखे गए। समिति के 39 सदस्यों में से 29 सदस्य बैठक में मौजूद रहे। दिल्ली के लिए अमृत भारत का सफर 12 घंटे में कराने की मांग सदर सांसद रविकिशन के प्रतिनिधि पवन कुमार दुबे ने गोरखपुर से दिल्ली चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस की गति बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रेन को गोरखपुर से दिल्ली पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे लग रहे हैं। सामान्य ट्रेनें भी लगभग इतने ही समय में दिल्ली पहुंच जाती हैं। ऐसे में अमृत भारत एक्सप्रेस का सफर करीब 12 घंटे में पूरा कराया जाना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस के वापसी संचालन के लिए प्लेटफार्म पहले से तय करने का सुझाव भी दिया। बताया कि गोरखपुर से प्रयागराज जाने के दौरान ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना होती है, लेकिन वापसी में उसका प्लेटफार्म निर्धारित नहीं रहता। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। लखनऊ की जगह ऐशबाग से चलाने का मुद्दा पवन कुमार दुबे ने गाड़ी संख्या 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस, 12571 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर और 12595 हमसफर एक्सप्रेस को लखनऊ के बजाय ऐशबाग से चलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जहांगीराबाद से मानकनगर के बीच करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में इन ट्रेनों को दो से तीन घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है। इससे दिल्ली जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने इस रेलखंड पर लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करने की मांग की। पुरी, जैसलमेर, हरिद्वार और जम्मू-कश्मीर के लिए नई ट्रेन की मांग बैठक में गोरखपुर से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी जोरदार तरीके से उठी। समरेंद्र विक्रम सिंह ने गोरखपुर से पुरी के लिए नियमित ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा गोरखपुर से जैसलमेर के लिए सुपरफास्ट ट्रेन और अरुणाचल प्रदेश तथा हरिद्वार के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग की गई। जम्मू-कश्मीर के लिए भी गोरखपुर से नई ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया गया। वहीं, मध्य भारत के रास्ते गोरखपुर से दिल्ली के लिए स्लीपर ट्रेन चलाने की मांग भी रखी गई। गोरखपुर-पुणे ट्रेन रोज चलाने का प्रस्ताव बैठक में गोरखपुर-पुणे साप्ताहिक ट्रेन के फेरे बढ़ाने की मांग भी हुई। सदस्यों ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस ट्रेन को प्रतिदिन या कम से कम सप्ताह में चार दिन चलाया जाना चाहिए। इससे पूर्वांचल के यात्रियों को पुणे और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी। गोंडा से प्रयागराज इंटरसिटी चलाने की मांग पंकज कुमार श्रीवास्तव ने गोंडा से प्रयागराज के बीच इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग की। उन्होंने 15070/15069 इंटरसिटी एक्सप्रेस का इटियाथोक और गोंडा-बहराइच रेलमार्ग के बनगाई स्टेशन पर ठहराव देने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने गोंडा जंक्शन पर वाशिंग पिट लाइन बनाने, नई दिल्ली से गोरखपुर वाया गोंडा वंदे भारत या राजधानी जैसी ट्रेन चलाने और रेलवे की जमीन तथा कॉलोनियों से अतिक्रमण हटाने का सुझाव दिया। साल में दो बार हो समिति की बैठक महाराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक साल में कम से कम दो बार कराने की मांग की। उनका कहना था कि नियमित बैठक होने से सांसदों और उनके प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी मुद्दों को रेलवे के सामने रखने का अधिक अवसर मिलेगा। मनकापुर के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि ने गोंडा लोकसभा क्षेत्र में हुए आधारभूत विकास कार्यों और आरओबी-आरयूबी के निर्माण के लिए रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री का आभार जताया। पंकज चौधरी, जितिन प्रसाद और सनातन पांडेय के प्रतिनिधियों के साथ विपिन तिवारी ने भी अलग-अलग स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने और विकास कार्यों को समय से पूरा करने के सुझाव दिए। रेलवे बोर्ड को भेजे जाएंगे प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि बैठक में सदस्यों की ओर से रखे गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। रेलवे के स्तर पर जिन प्रस्तावों पर निर्णय संभव होगा, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रेलवे बोर्ड के स्तर से जुड़े मामलों के लिए प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेजा जाएगा। 58 स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास महाप्रबंधक ने रेलवे की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का गेज परिवर्तन और 81.34 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 49.91 किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग, 12 आरओबी और 43 आरयूबी का काम पूरा किया जा चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 94 स्पेशल, 54 ग्रीष्मकालीन और 45 होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था।
मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शुक्रवार शाम भारत मेटल वर्क्स फैक्ट्री को सील कर दिया। फैक्ट्री में पुरानी बैटरियों के सेल्स गलाने और प्लास्टिक के बैटरी बॉक्स को रिफर्निश करने का काम होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के निर्देश पर टीम ने यह कार्रवाई की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम शाम करीब 7 बजे फैक्ट्री पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। एई कुंवर संतोष कुमार के मुताबिक जांच के दौरान फैक्ट्री में कई अनियमितताएं मिलीं। टीम ने नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों के आधार पर फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई शुरू की। नाले में बह रहा था रसायनयुक्त पानी अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री से प्रदूषित और खतरनाक रसायन युक्त पानी नाले में बहता मिला। पुरानी बैटरियों के सेल्स गलाने की गतिविधि को लेकर भी प्रदूषण और पर्यावरणीय मानकों के पालन पर सवाल उठे हैं। शिकायतों के बाद मौके पर मिली स्थिति को कार्रवाई का आधार बनाया गया। प्रबंधन ने कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई कार्रवाई के समय फैक्ट्री प्रतिनिधि मोहम्मद नवाब भी मौके पर मौजूद थे। बताया गया कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कार्रवाई रोकने का प्रयास किया गया और अधिकारियों से कार्रवाई नहीं करने की गुहार लगाई गई। हालांकि टीम ने नियमों के तहत कार्रवाई जारी रखते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया। उत्पादन गतिविधियां रोकी गईं फैक्ट्री सील होने के बाद वहां उत्पादन संबंधी गतिविधियां रोक दी गई हैं। कार्रवाई से बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब फैक्ट्री की गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई अधिकारियों के मुताबिक फैक्ट्री में पर्यावरणीय नियमों के पालन की स्थिति और मौके पर मिली अनियमितताओं की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग का शातिर अमृत डालम मोल्दोवा से गिरफ्तार, पंजाब लाई पुलिस
जग्गू भगवानपुरिया गैंग का शातिर अमृत डालम मोल्दोवा से गिरफ्तार, पंजाब लाई पुलिस
गोंडा में लगातार हो रही तेज बारिश के बाद बिसुही नदी उफान पर है। सदर तहसील के चंदवतपुर पुल के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है। पुल जर्जर और नीचा होने के कारण जलस्तर बढ़ते ही यहां आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजर रहे हैं। रात के समय स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। कई लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल ही पुल पार कर रहे हैं। शनिवार सुबह 8 बजे सामने आए वीडियो में कुछ लोग जलभराव के बीच मोटरसाइकिल से स्टंट करते नजर आए। बाइक को नदी के पानी में खड़ा कर पिछले पहिए से पानी की बौछार करते हुए रील बनाई जा रही थी। स्टंट देखने के लिए आसपास के लोग भी काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे। इसके बाद इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। चंदवतपुर पुल के ऊपर से बह रहा नदी का पानी तेज बारिश के चलते बिसुही नदी का जलस्तर बढ़ गया है। चंदवतपुर पुल पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा है। शनिवार सुबह सामने आई तस्वीर में भी लोग जलभराव वाले रास्ते से गुजरते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुल काफी नीचा और जर्जर है। नदी का पानी बढ़ने पर हर बार यहां इसी तरह के हालात बन जाते हैं। वाहन छोड़कर पैदल पुल पार कर रहे राहगीर पानी का बहाव बढ़ने के कारण पुल से निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। खासकर रात में राहगीरों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। कई लोग बीच रास्ते में वाहन रोककर पैदल ही पानी पार करते हैं। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी के बीच बाइक से स्टंट, देखने जुटे लोग इसी बीच शनिवार सुबह सामने आए वीडियो ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसमें कुछ युवक पानी के बीच मोटरसाइकिल खड़ी कर पिछले पहिए से पानी उछालते हुए स्टंट करते नजर आ रहे हैं। आसपास मौजूद लोग इस स्टंट को देखने के साथ उसका वीडियो भी बना रहे हैं। बाद में इन वीडियो को रील के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। तहसीलदार ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गोंडा सदर तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि लोगों को लगातार जागरूक और सचेत किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई व्यक्ति पानी के बीच इस तरह स्टंट करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इसका मकसद राहगीरों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना है। इस रास्ते से लोग कटरा बाजार, कौड़िया और बहराइच की ओर जाते हैं। जलभराव के कारण इन क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
जीरा बार एसोसिएशन के प्रधान बने वकील निर्मल सिंह
जीरा बार एसोसिएशन के प्रधान बने वकील निर्मल सिंह
मध्य प्रदेश के सिवनी के निपुण सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पुरुष मॉडलिंग प्रतियोगिता Manhunt International 2026 में भारत का नाम रोशन किया है। श्रीलंका के कोलंबो में 9 सितंबर को हुए ग्रैंड फिनाले में निपुण फर्स्ट रनर-अप रहे। प्रतियोगिता का खिताब फ्रांस के डायलन पालमरीनी ने जीता। निपुण की उपलब्धि पिछले 25 साल में भारत का इस प्रतियोगिता में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। इससे पहले 2001 में राजीव सिंह मैनहंट इंटरनेशनल के विजेता बने थे। निपुण ने Rubaru Mr. India Manhunt International 2025 का खिताब जीतकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। मैनहंट इंटरनेशनल में भारत के लिए यह फर्स्ट रनर-अप का तीसरा मौका है। इससे पहले 1995 में डिनो मोरिया और 1999 में जॉन अब्राहम यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। फाइनल में आखिरी दो देशों में भारत-फ्रांस फिनाले में निपुण का नाम पहले टॉप-20 में 16वें और फिर टॉप-10 में 8वें स्थान पर घोषित हुआ। इसके बाद अंतिम चरण में भारत और फ्रांस के प्रतिनिधि आमने-सामने थे। लंबे इंतजार के बाद फ्रांस के डायलन पालमरीनी को विजेता घोषित किया गया और निपुण फर्स्ट रनर-अप रहे। निपुण के मुताबिक, विजेता नहीं बनने का एक पल के लिए उन्हें अफसोस हुआ, लेकिन उन्होंने परिणाम को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। उनका मानना है कि इंसान को वही मिलता है, जिसके वह योग्य होता है। फिनाले से एक रात पहले झील किनारे रोए निपुण ने बताया कि प्रतियोगिता उनके लिए भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रही। दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतियोगियों के बीच भाषा और संस्कृति अलग होने के बावजूद दोस्ती हुई। कोई प्रतियोगी देर से पहुंचता तो दूसरे उसका सामान पैक करने में मदद करते, किसी को खाना पसंद नहीं आता तो उसके लिए दूसरा इंतजाम करता। स्विमवियर राउंड उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। यूरोपीय और अफ्रीकी प्रतिभागियों के बीच एक समय उन्हें खुद पर हल्का संदेह हुआ। फिनाले से एक रात पहले मानसिक तनाव के कारण वे झील किनारे अकेले बैठ गए और भावुक हो गए। इसी दौरान हेडफोन पर भारत का राष्ट्रीय गान सुना। निपुण के मुताबिक, राष्ट्रीय गान ने उनमें फिर से आत्मविश्वास और देश के लिए कुछ करने की ऊर्जा भर दी। तबला सीखा, बास्केटबॉल में दो बार नेशनल खेले 6 अगस्त 1999 को सिवनी में जन्मे निपुण के दादा-दादी और नाना-नानी अब भी सिवनी में रहते हैं। उनके पिता भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत थे। पिता के ट्रांसफर के कारण निपुण की शुरुआती पढ़ाई जबलपुर के सेंट अलोयसियस कॉलेज, रिमझा में हुई। पढ़ाई के साथ उन्हें संगीत और खेल में भी रुचि रही। चौथी से दसवीं कक्षा तक उन्होंने तबला वादन की शिक्षा ली। वे गिटार भी बजाते हैं। सातवीं कक्षा से बास्केटबॉल खेल रहे निपुण दो बार राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। वे कॉलेज और यूनिवर्सिटी टीम के कप्तान भी रहे। हाल ही में उन्होंने कर्नाटक स्टेट चैंपियनशिप भी जीती है। इसके अलावा वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट भी खेल चुके हैं। JEE पास कर मणिपाल पहुंचे, IT कंपनी में मिली नौकरी 11वीं और 12वीं में गणित-विज्ञान लेने के बाद निपुण ने पढ़ाई पर फोकस किया। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने JEE Mains और Advanced क्लियर किया और मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया। कॉलेज में तीन साल तक थिएटर किया। उनका नाटक 'डायन' भी चर्चित रहा। कॉलेज के अंतिम वर्ष में उनका चयन जापानी एडवरटाइजिंग एजेंसी Merkle, a dentsu company में Decisioning Specialist के रूप में हुआ। जिम में मिली मॉडलिंग की सलाह, फिर बने मिस्टर इंडिया मॉडलिंग में निपुण का प्रवेश भी अचानक हुआ। एक दिन जिम में एक प्रोड्यूसर ने उनकी कद-काठी देखकर उन्हें मॉडलिंग करने की सलाह दी। कॉलेज के फैशन क्लब में मिले अनुभव के आधार पर उन्होंने ई-कॉमर्स और कैंपेन से मॉडलिंग शुरू की और बाद में रनवे तक पहुंचे। सीनियर्स के प्रोत्साहन पर उन्होंने Rubaru Mr. India प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विजेता बने। इस सफर में Rubaru Talent Promoting Pvt. Ltd. के पंकज खरबंदा का मार्गदर्शन भी अहम रहा। IT जॉब जारी रखेंगे, बॉलीवुड में जाना लक्ष्य निपुण प्राकृतिक बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं। वे स्टेरॉयड और आर्टिफिशियल बूस्टर्स से दूर रहने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि खेल, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए भी स्वस्थ तरीके से ऊर्जा और उत्साह पाया जा सकता है। वे फिलहाल अपनी IT जॉब जारी रखेंगे। इसके साथ मॉडलिंग, ब्रांड कोलैबोरेशन और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने की योजना है। उनका अगला बड़ा लक्ष्य बॉलीवुड में कदम रखना और अभिनेता के रूप में पहचान बनाना है। वे छोटे शहरों से आने वाले युवाओं के लिए उदाहरण बनना चाहते हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय निपुण ने माता-पिता, परिवार, दिल्ली में रह रही बहन और जीजाजी, मेंटर्स और प्रशंसकों को दिया है। अब वे सिवनी लौटकर परिवार और दोस्तों के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का जश्न मनाएंगे।
राजस्व और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने दो मेडिकल स्टोर्स में औचक जांच के दौरान बड़ी संख्या में एक्सपायरी डेट की दवाइयां बरामद कीं। गंभीर अनियमितता मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद करा दिया गया।
बांदा के तिंदवारी पीएचसी में तैनात नेत्र परीक्षण विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार के जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खाते में बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। प्रयागराज से आई लेखा विभाग की ऑडिट टीम ने जांच के दौरान पाया कि खाते में उपलब्ध रकम से अधिक धनराशि दिखाकर करीब 35 लाख रुपए का लोन लिया गया। शुरुआती जांच में 2020 से 2026 के बीच अलग-अलग वर्षों में लाखों रुपए की अनियमित निकासी सामने आई है। ऑडिट टीम को GPF के ऑनलाइन रिकॉर्ड और ऑफलाइन पासबुक की एंट्री में अंतर मिला है। जांच के दौरान टीम ने देवेंद्र कुमार की बैंक पासबुक और लेन-देन से जुड़े अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। अब रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन का मिलान किया जा रहा है। ब्याज समेत 70-80 लाख की गड़बड़ी का अंदेशा सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने गुरुवार को कैशियर से मामले की शुरुआती जांच कराई। इसमें सामने आया कि लोन के रूप में निकाली गई रकम पर ब्याज जोड़ने के बाद वित्तीय गड़बड़ी करीब 70 से 80 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम रकम ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। 4-5 कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी ले गई टीम ऑडिट टीम ने सिर्फ देवेंद्र कुमार के खाते की जांच नहीं की, बल्कि GPF और लोन से जुड़े 4-5 अन्य कर्मचारियों के दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है। विभाग अब सभी रिकॉर्ड का मिलान कर यह पता लगाने में जुटा है कि गड़बड़ी किस स्तर पर और किस अवधि में हुई। रिपोर्ट के बाद होगी रिकवरी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑडिट टीम अभी मामले की विस्तृत जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद तीन सदस्यीय टीम गठित कर विभागीय जांच कराई जाएगी। ऑडिट में जितनी अतिरिक्त धनराशि निकाले जाने की पुष्टि होगी, उसकी रिकवरी संबंधित कर्मचारी से कराई जाएगी। सीएमओ बोले- दोबारा आ सकती है ऑडिट टीम सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रयागराज की ऑडिट टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर टीम दोबारा कार्यालय आकर रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद ही गड़बड़ी की वास्तविक रकम और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
बिलासपुर नगर निगम में करीब 70 करोड़ के सड़क डामरीकरण के काम में ठेकेदारों ने बाधा खड़ी कर दी है। ठेकेदारों ने डामर, इमल्शन के रेट में दोगुनी वृद्धि को लेकर काम करने से इनकार कर दिया है। दरअसल, बिलो दर पर काम का ठेका लेने वाले ठेकेदारों ने टेंडर की शर्तों का पालन करने का अनुबंध किया था। लेकिन, अब महंगाई का बहाना बनाया जा रहा है। ऐसे में अनुबंध के मुताबिक काम नहीं होने पर निगम प्रशासन ठेकेदारों के खिलाफ पेनाल्टी की कार्रवाई कर सकता है। संघ का कहना है कि बढ़ी दरों पर काम करना संभव नहीं है, इसलिए ठेकेदारों को अतिरिक्त मूल्यवृद्धि दी जाए। संघ ने पत्र में अलग-अलग निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने का उल्लेख करते हुए बताया है कि डामर और इमल्शन की दर करीब 100 प्रतिशत, एलडीओ की 75 प्रतिशत, थर्मो प्लास्टिक पेंट की 50 प्रतिशत और डीजल की करीब 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इन सामग्रियों का उपयोग सड़क निर्माण में होता है। सामग्री की लागत बढ़ने से काम की लागत प्रभावित ठेकेदारों के अनुसार, टेंडर के समय तय दरों पर काम करने के बावजूद सामग्री की लागत बढ़ने से काम की लागत प्रभावित हो रही है। संघ ने अपने पत्र में दावा किया है कि पूर्व में पीडब्ल्यूडी में भी ऐसी परिस्थितियों में अतिरिक्त मूल्यवृद्धि प्रदान की गई है। पत्र के अनुसार मुंगेली, बिलासपुर और सक्ती डिवीजन में पीडब्ल्यूडी द्वारा अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे से मिलकर उन्हें विभागीय मंत्री एवं डिप्टी सीएम अरूण साव के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर मूल्य वृद्धि देने की मांग की। ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल में आलोक सिंह ठाकुर, सौरभ मिश्रा, राजकुमार तिवारी, संजय कुमार के़डिया, गजराज इंजीनियरिंग, अविनाश बिल्डकॉन अशोक तिवारी, वैभव अग्रवाल सहित अन्य शामिल थे। समय पर काम पूरा करने की जिम्मेदारी निगम के कई निर्माण कार्यों में ठेकेदारों की मनमानी और समय-सीमा के भीतर काम पूरा नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार काम की गति धीमी रहती है और समय निकलने के बाद ठेकेदार अतिरिक्त समय या अन्य कारणों का हवाला देते हैं। ऐसे में यदि ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं करते और बाद में निर्माण सामग्री महंगी होने का तर्क देकर अतिरिक्त भुगतान मांगते हैं तो इसका सीधा दबाव निगम के बजट पर पड़ता है। ठेका लेने के बाद काम समय पर पूरा करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है, पर ऐसा नहीं कर रहे हैं। ठेकेदारों ने काम नहीं करने बनाया दबाव, निर्माण कार्यों पर होगा सीधा असर नगर निगम के डामरीकरण कार्यों में अब ठेकेदारों की ओर से बढ़ी निर्माण सामग्री की कीमतों का हवाला देकर अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है। नगर निगम ठेकेदार संघ ने आयुक्त प्रकार कुमार सर्वे को पत्र देकर डामर, इमल्शन, एलडीओ, डीजल और थर्मोप्लास्टिक पेंट के दाम बढ़ने का उल्लेख करते हुए अतिरिक्त मूल्यवृद्धि देने की मांग की है। ठेकेदारों का तर्क है कि मौजूदा दरों पर काम करना संभव नहीं है। लेकिन, अब बात यह भी आ रही है कि जब ठेकेदारों ने टेंडर लिया था, तब उसकी दरें, नियम-शर्तें और काम पूरा करने की समय-सीमा पहले से निर्धारित थी। इन्हीं शर्तों को स्वीकार करने के बाद ठेकेदारों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया और काम हासिल किया। काम छोड़ने से निगम पर दोहरा बोझ निर्माण कार्य अधूरे छोड़ने या समय पर पूरा नहीं करने की स्थिति में निगम को कई बार दोबारा प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। इससे एक ओर नागरिकों को सड़क और विकास कार्यों का लाभ समय पर नहीं मिलेगा, वहीं दूसरी ओर निगम पर दोबारा टेंडर, लागत और निगरानी का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। अब ठेकेदारों की अतिरिक्त राशि की मांग से बढ़ी लागत का पूरा भार शासन या निगम पर डालने की व्यवस्था आखिर कब तक चलेगी। टेंडर लेते समय जोखिम स्वीकार करने वाले ठेकेदारों को पहले समय-सीमा में काम पूरा करने की जवाबदेही निभानी होगी। कमिश्नर ने कहा- शासन से लेंगे मार्गदर्शन नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे का कहना है कि शहर में सड़क निर्माण के विभिन्न कार्यों के लिए अलग अलग समय निर्धारित है। डामरीकरण के कार्य 15 अक्टूबर के बाद होंगे, लेकिन अनुबंध की अवधि में कार्य नहीं करने पर पेनाल्टी लगाने के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने डामरीकरण के कार्यों के लिए दर वृद्धि की मांग की है। इसके विषय में उनकी मांग प्रदेश स्तर पर चल रही है, इसलिए इस बारे में शासन स्तर पर मार्गदर्शन लिया जाएगा।
रेवाड़ी मे आश्रम से चांदी के छत्र- नकदी चोरी:गेट तोड़कर अंदर घुसे चोर; काम से बाहर गए थे महंत
रेवाड़ी में चोर गांव बिहारीपुर के प्रसिद्ध कबीरपंथी आश्रम का ताला तोड़कर चांदी के 5 छत्र, 14 हजार की नकदी और मोबाइल चुराकर फरार हो गए। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया, जब महंत किसी काम से रेवाड़ी गए थे। आश्रम के बाहर लगा लोहे का गेट तोड़कर अंदर घुसे। आश्रम से चांदी के छत्र, कैश और मोाइबल गायब मिले। जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के बाद डायल 112 की टीम आश्रम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आश्रम में चोरी की घटना से श्रद्धालुओं में रोष है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दीै। श्रद्धालुओं से मिली चोरी की सूचना महंत परम दास ने बताया कि वह सुबह रेवाड़ी गए थे। रात को वहीं रूक गए। अगले दिन दोपहर करीब एक बजे जब वह आश्रम पहुंचा तो लोहे का गेट टूटा पड़ा था। अंदर की सभी लाइट जल रही थी और कमरों में सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर चांदी के 5 छत्र, बिस्तर के नीचे रखी 14 हजार नकदी और किसी श्रद्धालु द्वारा भेंट किया गया बड़ा मोबाइल गायब मिले। मैने घटना की सूचना गांव के सरपंच को दी। सरपंच मौके पर पहुंचे और तब मैने डायल 112 पर फोन किया। पुलिस ने मौका देखने के बाद थाने में लिखित शिकायत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुझे किसी पर शक नहीं है, परंतु जिस प्रकार से लाइट जल रही थी। उससे लगता है कि चोरी की वारदात रात में अंजाम दी गई है। गांव के ही किसी युवक का काम गांव बिहारीपुर में कबीरपंथी आश्रम है। ग्रामीण सुमेर सिंह ने बताया कि बीती रात आश्रम के महंत बाबा परम दास किसी काम से बाहर गए हुए थे। उन्होंने कहा कि आश्रम गांव के बीच में बना है। गांव के ही किसी बच्चे ने वारदात को अंजाम दिया है। बाहर के किसी व्यक्ति को क्या पता कि आज महंत आश्रम में नहीं है। इससे पहले भी कई बार आश्रम में छोटी- मोटी घटनाएं हो चुकी हैं।
महोबा के जिला महिला अस्पताल में कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से करीब 85 लाख रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। प्रयागराज से आई ऑडिट टीम ने 17 अगस्त को खातों की जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अब विभाग दस्तावेजों और खातों का मिलान कर वास्तविक गबन की रकम का पता लगा रहा है। शुरुआती जांच में आरोप है कि अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक संतोष कुमार वर्मा ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से उपलब्ध रकम से ज्यादा पैसे अलग-अलग किस्तों में निकाले। जांच में यह भी सामने आया कि कथित फर्जीवाड़ा किसी एक सीएमएस के कार्यकाल तक सीमित नहीं था। कई मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के कार्यकाल में फर्जी कागजात के जरिए जीपीएफ की रकम निकाले जाने की बात सामने आई है। चालक के खाते से करीब 9 लाख निकले जांच में विभाग के चालक अंबिका के जीपीएफ खाते से भी करीब 9 लाख रुपए निकाले जाने की जानकारी सामने आई। चालक के मुताबिक, उसने बच्चे के स्कूल में दाखिले के लिए जीपीएफ से पैसा निकालने की बात लिपिक से कही थी, लेकिन इसके लिए उसने कोई आवेदन नहीं किया था। इसके बावजूद उसके खाते से रकम निकल गई। लिपिक और चालक के खाते सीज, वेतन भी रोका मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद लिपिक और चालक के जीपीएफ खाते सीज कर दिए गए हैं। दोनों के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। विभाग अब पुराने रिकॉर्ड, निकासी से जुड़े दस्तावेज और खातों का मिलान कर रहा है। इसके बाद गबन की वास्तविक रकम स्पष्ट होने की उम्मीद है। सात साल पहले ललितपुर से शुरू होने का दावा शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित फर्जीवाड़ा करीब सात साल पहले शुरू हुआ था। उस समय संतोष कुमार वर्मा ललितपुर में तैनात थे। आरोप है कि वहीं से जीपीएफ खातों में हेराफेरी शुरू हुई और महोबा स्थानांतरण के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। सीएमएस बोले- रिकवरी की प्रक्रिया शुरू जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा ने बताया कि जीपीएफ खातों में गड़बड़ी की जांच चल रही है और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लिपिक के कई वर्षों से इस तरह की गड़बड़ी करने की जानकारी सामने आई है। उनके कार्यकाल में भी जीपीएफ खातों से रकम निकाले जाने का मामला सामने आया है। संबंधित अभिलेख जुटाए जा रहे हैं, जिसके बाद पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
भारत में जुटेंगे BRICS देश, दिल्ली में आज से शिखर सम्मेलन का आगाज
BRICS Summit Live News:भारत की मेजबानी में 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में BRICS देश साझा प्राथमिकताओं, वैश्विक मुद्दों और संगठन के बीच सहयोग मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.
जम्मू कश्मीर: सोपोर और कुलगाम में एनआईए की कार्रवाई, कई जगहों पर की छापेमारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सोपोर और कुलगाम जिलों में कई घरों में तलाशी अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना: JPSC-JSSC की तैयारी हेतु 27 सितंबर को रांची में चयन परीक्षा
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना के तहत जेपीएससी और जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 27 सितंबर को रांची में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस योजना में 80 सीटों के लिए 293 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन का बड़ा बयान, दिया ये संदेश
नई दिल्ली में आज से 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज हो गया है- जहां दुनिया की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम मुलाकात पर टिकी हैं. सात साल बाद शी जिनपिंग भारत पहुंच रहे हैं और ब्रिक्स सम्मेलन के इतर आज दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी. मुलाकात से पहले चीन ने कहा है कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को उचित तरीके से संभालते हुए संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी आज ब्रिक्स नेताओं के सम्मान में भव्य रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे.
शिमला के रोहड़ू में पारिवारिक विवाद ने लिया खूनी मोड, पति ने पत्नी पर चाकू से किया हमला; हालत गंभीर
रोहड़ू में पारिवारिक विवाद के चलते पति ने पत्नी पर चाकू से हमला किया और फिर खुद को भी घायल कर लिया।
देवरिया के भलुअनी में मनीष सिंह हत्याकांड के बाद एसपी अभिजीत आर. शंकर ने शुक्रवार रात दो थानों के प्रभारी निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया। एकौना थाने में तैनात दिनेश मिश्रा को भलुअनी का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं न्यायालय सम्मन सेल के प्रभारी देवेंद्र सिंह को एकौना थाने की जिम्मेदारी दी गई है। हत्याकांड के बाद शुरुआती लापरवाही के आरोप में भलुअनी के प्रभारी निरीक्षक राकेश राय, हल्का दरोगा ज्योति और बीट सिपाही विनय ओझा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब थाने की कमान नए प्रभारी को सौंपकर पुलिस कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश एसपी ने नए प्रभारी दिनेश मिश्रा को मनीष सिंह हत्याकांड के नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है। भाई की शिकायत पर चार के खिलाफ केस मनीष सिंह की हत्या के मामले में उनके भाई की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद शव रखकर सड़क जाम किया गया था। पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे, जिसके बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। नए प्रभारी के सामने दोहरी चुनौती भलुअनी की कमान संभालने वाले दिनेश मिश्रा के सामने हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इलाके में शांति बनाए रखने की चुनौती है। एसपी ने उन्हें तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार संभालकर मामले में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
देवधाम जोधपुरिया में पदयात्राओं का संगम:195 ध्वजधारकों का तिलक-नारियल से किया स्वागत
दिल्ली, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों से देवधाम जोधपुरिया के लिए निकली पदयात्राओं का संगम हुआ। ये पदयात्राएं सुबह दौसा-मनोहरपुर हाईवे और रायसर-जमवारामगढ़ स्टेट हाईवे से गुजरीं। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान देवनारायण के भजनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। इन पदयात्राओं में आसपास के गांवों सहित देशभर से आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्र के भामाशाहों ने जगह-जगह स्टॉल और टेंट लगाकर पदयात्रियों को फल, शरबत, चाय और नाश्ता कराया। देवनारायण पदयात्रा समिति सामरेड कलां के सदस्य शंकरलाल भडाणा और बहलोड निवासी पूर्व सरपंच श्रवण लाल गुर्जर ने बताया कि देवनारायण भगवान की पदयात्राओं का पहला ध्वज 31 अगस्त को दिल्ली से रवाना हुआ था। इसके बाद देश के अलग-अलग कोनों से ध्वज शामिल होते गए और पदयात्राओं का संगम बनता गया। शुक्रवार सुबह इन पदयात्राओं में बहलोड, सामरेड कलां, चैनपुरा, दारौलाई, मंहगोर, नांगल और अलवर जिले के समरा हमीरपुर सहित कई गांवों से निकली पदयात्राएं भी शामिल हुईं। दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर जेसीबी से पुष्पवर्षा कर और सामरेड कलां में 195 ध्वजधारकों का तिलक लगाकर व नारियल भेंटकर उनका स्वागत किया गया। मौके पर समाजसेवी डॉ. विकास जैफ, लोकपाल भड़ाना, रामसिंह कसाना, बहलोड प्रशासक सुदामाराम गुर्जर, पूर्व सरपंच मदन धमोरा, महंगी पूर्व सरपंच जगदीश नारायण गुर्जर, रमेश चनेजा, माधोलाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, रामकल्याण गुर्जर और छोटूराम सहित कई लोग मौजूद थे।
कानपुर: ईशन नदी में डूबे मदरसा छात्र का तीसरे दिन मिला शव
कानपुर: ईशन नदी में डूबे मदरसा छात्र का तीसरे दिन मिला शव
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छोड़ी कांग्रेस, दिया इस्तीफा
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस कदम से राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
सिद्धार्थनगर में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और मारपीट कर दो बच्चों समेत घर से निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संतकबीरनगर के बरगदवा कला गांव स्थित ससुराल में महिला से मायके से 5 लाख रुपए लाने का दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। मामला संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र का है। सिद्धार्थनगर के भलुहा गांव निवासी रामसनी यादव की बहन सीमा की शादी 9 जून 2010 को बरगदवा कला गांव निवासी हरिओम पुत्र राजाराम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक शादी में उनकी क्षमता के अनुसार मोटरसाइकिल, सोने की माला, अंगूठी, करीब 2.21 लाख रुपए नकद, फ्रिज, कूलर, टीवी, वॉशिंग मशीन और बर्तन समेत कई सामान दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने का आरोप है। सीमा के परिजनों का आरोप है कि पति हरिओम, उसके भाई सुभाष, मां शीला देवी, पिता राजाराम और परिवार की अन्य महिलाएं उसे दहेज के लिए ताने देती थीं। उससे बार-बार मायके से 5 लाख रुपए लाने को कहा जाता था। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। इस दौरान सीमा के दो बच्चे भी हुए। 1 दिसंबर 2024 को बच्चों समेत घर से निकाला परिजनों के मुताबिक 1 दिसंबर 2024 को विवाद बढ़ने के बाद सीमा को दोनों बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह मायके पहुंची और परिवार को पूरी घटना बताई। परिजनों ने ससुराल पक्ष से बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि 5 लाख रुपए की मांग पूरी किए बिना उसे वापस रखने से इनकार कर दिया गया। पति ने दूसरी शादी की बात कही, बच्चों को साथ ले गया आरोप है कि 16 दिसंबर 2024 को हरिओम मायके पहुंचा। यहां भी विवाद बढ़ गया। महिला के परिजनों का कहना है कि हरिओम ने दूसरी शादी करने की बात कही और सीमा को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह दोनों बच्चों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गया। कुछ दिन बाद 20 दिसंबर को सीमा के पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। परिवार की ओर से कई बार पंचायत और सुलह की कोशिश की गई, लेकिन विवाद नहीं सुलझ सका। 11 सितंबर को महिला थाने में रिपोर्ट, जांच शुरू करीब डेढ़ साल बाद 11 सितंबर 2026 को सीमा ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति हरिओम, ससुर राजाराम, सास शीला देवी, देवर सुभाष और परिवार की दो महिलाओं, जिनमें लक्ष्मी का नाम शामिल है, के खिलाफ जांच शुरू की है। मामले की विवेचना निरीक्षक भाग्यवती पांडेय को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य आरोपों की जांच कर रही है।
धार के गांवों में रात के समय तेज बारिश:सूख रही सोयाबीन को राहत; भूजल संकट की चिंता बरकरार
धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र में शुक्रवार देर रात लंबे इंतजार के बाद कई ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश हुई। बरमंडल, राजोद, लाबरिया और सरदारपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से सूख रही सोयाबीन की फसल को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन किसानों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। इस साल बारिश का मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम हो रही है। अब आने वाली गेहूं और चने की फसल को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने और भूजल स्तर नहीं बढ़ने से बोरवेल में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में रबी सीजन की फसलों के लिए सिंचाई का संकट खड़ा होने की आशंका है। अब तक शहर में तेज बारिश नहींसरदारपुर में 12 सितंबर तक 19.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल इसी समय तक 31.7 इंच बारिश हुई थी। इसका मतलब है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक 13.43 इंच कम बारिश हुई है। वहीं, धार शहर में भी बारिश का इंतजार जारी है। शुक्रवार रात को हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन पूरे सीजन में अब तक शहर में तेज बारिश नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में हुई देर रात की बारिश से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, फसलों और जलस्रोतों के लिए अभी भी अच्छी बारिश की जरूरत है। पीने के पानी को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ रही है।
मुजफ्फरनगर में विद्युत तार, ट्रांसफार्मर और उपकरण चोरी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का नई मंडी पुलिस ने खुलासा किया है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे एनएच-58 पर बागोवाली के पास आयशर वर्कशॉप के पीछे पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने घेराबंदी देखकर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में तीन बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, टीम ने बदमाशों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने फायरिंग जारी रखी। जवाबी कार्रवाई में चांद उर्फ समर, दानिश और कय्यूम घायल हो गए। तीनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में कांबिंग अभियान चलाया। कांबिंग में तीन और आरोपी पकड़े कांबिंग के दौरान पुलिस ने चेतन चौधरी, अली उर्फ इकबाल और मोनिश खां को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पांच अवैध तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, विद्युत तार के दो बंडल, करीब 125 किलो एल्युमिनियम पार्ट्स बरामद किए गए। मौके से एक स्कॉर्पियो और एक वैगनआर कार भी मिली है। मुजफ्फरनगर समेत एनसीआर में वारदात का आरोप सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के मुताबिक, यह गिरोह मुजफ्फरनगर के अलावा एनसीआर के अलग-अलग जिलों में विद्युत तार, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण चोरी करता था। जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस टीमों को गिरोह की तलाश में लगाया गया था। चोरी का सामान बेचने के लिए जुटे थे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश एनएच-58 पर बागोवाली के पास आयशर वर्कशॉप के पीछे चोरी का सामान बेचने के लिए इकट्ठा हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। मेरठ के मीट प्लांट में भी चोरी का दावा सीओ राजू कुमार साव ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के मीट प्लांट में भी चोरी की वारदात करने की जानकारी दी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व की वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अमृतपुर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शुक्रवार को प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। बारिश के चलते कार्यक्रम के लिए लगाया गया पंडाल भीग गया था, इसलिए आयोजन कॉलेज परिसर में कराया गया। जगह कम होने के कारण कार्यक्रम में अव्यवस्था जैसी स्थिति भी बनी रही। प्रभारी मंत्री ने चित्रकूट, भरखा, सबलपुर, हमीरपुर, जोगराजपुर, कंचनपुर इमादपुर समेत कई गांवों के करीब 100 बाढ़ पीड़ितों को 50-50 किलो की राहत सामग्री किट दी। उन्होंने पीड़ितों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम करीब एक घंटे के लिए निर्धारित था, लेकिन बारिश और जगह की कमी के चलते इसे महज 12 मिनट में ही समाप्त कर दिया गया। इस दौरान भरखा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से जान गंवाने वाले 25 वर्षीय महिपाल के परिवार को राज्य आपदा मोचन निधि से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा गया। पंडाल भीगा तो कॉलेज परिसर में कराया कार्यक्रम बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया पंडाल भीग गया था। इसके बाद कार्यक्रम को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के कॉलेज परिसर में कराया गया। परिसर में जगह कम होने के कारण राहत सामग्री वितरण और लोगों की मौजूदगी के बीच कुछ दिक्कतें भी आईं। कार्यक्रम एक घंटे का निर्धारित था, लेकिन व्यवस्थाओं के चलते करीब 12 मिनट में ही इसे समाप्त कर दिया गया। इसके बावजूद प्रभारी मंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। 100 परिवारों को मिली 50 किलो की राहत किट प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने चित्रकूट, भरखा, सबलपुर, हमीरपुर, जोगराजपुर और कंचनपुर इमादपुर सहित कई गांवों के करीब 100 बाढ़ पीड़ितों को 50 किलो की राहत सामग्री किट वितरित की। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। चित्रकूट निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि उनके गांव में करीब दो महीने से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। राहत सामग्री मिलने से कुछ मदद मिली है, लेकिन खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे परिवार को काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ में डूबे महिपाल के परिवार को 4 लाख की मदद भरखा निवासी बटेश्वर के बेटे महिपाल (25) की 6 सितंबर को बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई थी। शुक्रवार को प्रभारी मंत्री ने महिपाल के परिवार को राज्य आपदा मोचन निधि से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। बटेश्वर ने बताया कि उनके पांच बच्चे थे और महिपाल तीसरे नंबर का बेटा था। गांव के आसपास बाढ़ का पानी भरा हुआ है। महिपाल पशुओं को चराने गया था, इसी दौरान वह पानी में डूब गया और उसकी मौत हो गई। गांव के चारों तरफ पानी, पशुओं के चारे का संकट मड़ैया तौफीक निवासी शिवम कुमार ने बताया कि उनके गांव के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। हालांकि अभी पानी घरों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन पशुओं के चारे का काफी संकट पैदा हो गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने पशुओं को खिलाने की समस्या भी बनी हुई है। मंत्री बोले- सरकार पूरी संवेदनशीलता से बाढ़ पीड़ितों के साथ प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत और बचाव कार्य कर रहा है। प्रभावित लोगों को भोजन, पीने का पानी, स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो और जरूरतमंद परिवारों तक समय से मदद पहुंचाई जाए।
फर्श पर गिरा था ये केमिकल, 1 साल के जुड़वा भाइयों ने चाटा... दोनों की मौत
केरल के इडुक्की में संदिग्ध केमिकल चखने से एक साल के जुड़वां भाइयों की मौत हो गई. घटना आदिमाली के वलाराकारा इलाके में शुक्रवार रात हुई. पुलिस के मुताबिक रसोई में केमिकल की बोतल गिरने के बाद फर्श पर फैले लिक्विड को दोनों बच्चों ने चख लिया था.
कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक की महेशपुर ग्राम पंचायत में स्थित गोशाला में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। यहां दो गौवंश मृत मिले हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने गोशाला के जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले करीब एक महीने में दस से ज्यादा गौवंशों की मौत हो चुकी है, लेकिन व्यवस्थाएं ठीक नहीं की गईं। ग्रामीणों के अनुसार, गोशाला में गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा और पानी नहीं है। देखरेख की कमी के कारण कई गौवंश कमजोर और बीमार हालत में हैं। उनका आरोप है कि लगातार मौतें होने के बाद भी पंचायत स्तर पर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। दो गौवंशों की मौत के बाद भी कई अन्य गौवंश जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने गोशाला की खराब व्यवस्था को लेकर ग्राम प्रधान ललिता देवी और पंचायत सचिव राजेश विश्वकर्मा के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में चारा, पानी और साफ-सफाई की सही व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से गौवंशों की हालत लगातार बिगड़ रही है। इस मामले पर कानपुर देहात के डीपीआरओ विकास पटेल ने बताया कि गोशाला की खराब हालत से जुड़ी तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी। साथ ही गोशाला में चारा-पानी और दूसरी व्यवस्थाएं ठीक कराने की बात भी कही गई है। अब सवाल यह है कि गोशालाओं की व्यवस्था को लेकर प्रशासन के दावे कितने असरदार हैं। अगर ग्रामीणों के आरोप सही हैं और एक महीने में कई गौवंशों की मौत हुई है, तो जिम्मेदारी तय करके लापरवाही पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, दो गौवंशों की मौत के बाद एक बार फिर गोशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ गए हैं।
हाथरस में मथुरा-बरेली नेशनल हाईवे पर शनिवार तड़के करीब 3 बजे बड़ा हादसा हो गया। रुहेरी कट के पास कांवड़ियों के जत्थे में शामिल जुगाड़ वाहन में डीसीएम ने टक्कर मार दी। हादसे में जुगाड़ में सवार छह कांवड़िए घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सभी कांवड़िए राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले हैं। वे कासगंज के सोरों स्थित गंगा घाट से कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रहे थे। जत्थे में कुछ लोग पैदल चल रहे थे, जबकि छह कांवड़िए जुगाड़ वाहन में सवार थे। इसी दौरान रुहेरी कट के पास डीसीएम की टक्कर से वाहन हादसे का शिकार हो गया। सोरों से गंगा जल लेकर करौली लौट रहे थे कांवड़िए कांवड़ियों का जत्था राजस्थान के करौली जिले के सिली का पुरा गांव से कासगंज के सोरों पहुंचा था। गंगा घाट से कांवड़ में जल भरने के बाद सभी वापस करौली लौट रहे थे। शनिवार तड़के उनका जत्था हाथरस में मथुरा-बरेली नेशनल हाईवे से गुजर रहा था। हादसा सुबह करीब 3 बजे रुहेरी कट के पास हुआ। जत्थे में शामिल कुछ कांवड़िए पैदल चल रहे थे, जबकि कुछ जुगाड़ वाहन में सवार थे। इसी दौरान एक डीसीएम ने जुगाड़ वाहन में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन में सवार छह लोग घायल हो गए। छह कांवड़िए घायल, सभी राजस्थान के रहने वाले हादसे में सचिन, वीरेंद्र, रविंद्र और आसाराम घायल हुए हैं। ये चारों सिली का पुरा गांव, करौली राजस्थान के निवासी हैं। इनके अलावा करौली के गुर्जर खेड़िया निवासी राजेंद्र और राजस्थान के भरतपुर निवासी सुरेंद्र मीणा भी घायल हुए हैं। हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल से सभी को हायर सेंटर रेफर सभी घायलों को पहले हाथरस जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उनकी हालत को देखते हुए सभी छह घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई और घटना की जांच शुरू कर दी है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल विमानों की तस्वीरें पाकिस्तानी महिला को भेजने के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
महोबा के चरखारी में फसल सर्वे के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के मामले में सियासत तेज हो गई है। नटर्रा गांव में ग्रामीणों ने कथित तौर पर अवैध वसूली करने वाले दो सर्वेयरों का जुलूस निकाला था। मामले के बाद चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने सीएम को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब एक महीने से लगातार हो रही बारिश से धान और उड़द की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के तहत ऐसी आपात स्थिति में किसानों को राहत मिलनी चाहिए। इसके बावजूद बीमा कंपनी के सर्वेयरों पर किसानों से PhonePe/UPI के जरिए अवैध वसूली करने का आरोप है। विधायक ने डिजिटल भुगतान के सबूत और ट्रांजैक्शन आईडी उपलब्ध होने का दावा किया। डीएम-एसपी को सबूत देने के बाद भी FIR नहीं विधायक ने आरोप लगाया कि डीएम गजल भरद्वाज और एसपी शशांक सिंह को WhatsApp के जरिए डिजिटल सबूत दिए गए, लेकिन 24 घंटे बाद भी स्थानीय पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी जांच के नाम पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों की मिलीभगत का लगाया आरोप विधायक ने कहा कि किसानों से अवैध वसूली गंभीर मामला है। जब डिजिटल लेनदेन के सबूत उपलब्ध हैं तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। आपदा में विधायक निधि से सीधे मदद की मांग विधायक ने दूसरे ज्ञापन में विधायक निधि के नियमों में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में बेसहारा और प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के लिए विधायक निधि का इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए डीएम की सहमति से आधुनिक तकनीक के जरिए 24 घंटे के भीतर सहायता सीधे पीड़ित के खाते तक पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। सीएम ने उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन विधायक ने मुख्यमंत्री से किसानों की फसल बर्बादी और कथित अवैध वसूली के मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुरैना में मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के बाद अंबाह तहसील में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। तहसीलदार नरेश शर्मा ने अतिक्रमण रोकने और अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के लिए 5 सूत्रीय रणनीति तैयार की है। इसमें एक लाख रुपए तक जुर्माना, पुलिस कार्रवाई, शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने का प्रस्ताव और स्थानीय चुनाव में अयोग्य घोषित कराने की कार्रवाई शामिल है। अतिक्रमण पर लगेगा 1 लाख रुपए तक जुर्माना शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाले भूमाफिया और अतिक्रमणकारियों पर नियमानुसार एक लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। अतिक्रमण को लेकर विवाद या शांति भंग की स्थिति बनने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस द्वारा बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की जाएगी। शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने भेजेंगे प्रस्ताव प्रशासन अतिक्रमण करने वाले लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए कलेक्टर मुरैना को प्रतिवेदन भेजेगा। तहसीलदार के अनुसार, अंबाह तहसील में इस तरह की कार्रवाई पहली बार किए जाने की तैयारी है। पंचायत चुनाव में अयोग्य घोषित कराने की तैयारी अतिक्रमणकारियों को आगामी स्थानीय चुनाव में पंच, सरपंच और जनपद सदस्य जैसे पदों के लिए अयोग्य घोषित कराने का प्रस्ताव भी जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य शासकीय जमीन पर कब्जा करने वालों पर आर्थिक कार्रवाई के साथ अन्य स्तरों पर भी प्रभावी कार्रवाई करना है। जुर्माना नहीं भरा तो जमीन कुर्क होगी अतिक्रमण के मामले में लगाया गया जुर्माना जमा नहीं करने पर उसकी वसूली के लिए संबंधित अतिक्रमणकारी की जमीन कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। कब्जा नहीं हटाया तो प्रशासन खुद हटाएगा तहसीलदार नरेश शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के बाद भी यदि कोई व्यक्ति शासकीय भूमि से कब्जा नहीं हटाता है, तो प्रशासन अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा। पटवारियों को अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश तहसीलदार ने अंबाह तहसील के सभी पटवारियों को शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अतिक्रमणकारियों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और भविष्य में होने वाले अवैध कब्जों पर रोक लगाना है।
पंचकूला में युवती से ऑनलाइन ठगी: गोवा टूर और कमाई के नाम पर 3.97 लाख हड़पे, पुलिस जांच में जुटी
घर बैठे कमाई और गोवा टूर का झांसा देकर एक युवती से 3.97 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
कानपुर के मकनपुर में ईशन नदी में नहाने के दौरान डूबे मदरसा छात्र रेहान (18) का शव तीसरे दिन शनिवार सुबह पुल के नीचे उतराता मिला। शव दिखाई देने पर खेतों की ओर जा रहे स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
रीवा के शिवनगर रोड की हालत इन दिनों खराब है। शिवनगर मोड़ से टर्न लेते ही झंझट हाउस के पास से सड़क पर गड्ढे शुरू हो जाते हैं। करीब 1 किलोमीटर के हिस्से में 150 से ज्यादा बड़े गड्ढे हैं। वहीं करीब 200 मीटर की सड़क पर ही 100 से अधिक गड्ढे नजर आते हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का पता नहीं चलता। ऐसे में बाइक सवारों के साथ अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलने पर सामने से आ रहे वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है। बाइक सवारों को सबसे ज्यादा परेशानी शिवनगर रोड से रोज बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। बाइक सवारों को गड्ढों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई जगह सड़क पर जमा पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। पैदल चलने वालों को भी पानी और खराब सड़क के कारण दिक्कत होती है। स्थानीय निवासी उमेश तिवारी ने बताया कि सड़क लंबे समय से खराब है। बारिश होते ही गड्ढों में पानी भर जाता है और यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। उनके अनुसार, कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। अधिवक्ताओं के लिए भी रोज की परेशानी रोज इसी रास्ते से कोर्ट आने-जाने वाले अधिवक्ता बीके माला ने कहा कि सड़क की स्थिति आम लोगों के साथ अधिवक्ताओं के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है। गड्ढों के कारण वाहन चलाना मुश्किल है और बारिश में समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने सड़क की जल्द मरम्मत कराने की जरूरत बताई, ताकि किसी बड़े हादसे की स्थिति न बने। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क स्पेस टेक्नोलॉजी से बनी है। कलेक्टर बोले- प्रक्रिया पूरी कर कराया जाएगा सुधार कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सड़क में सुधार कराया जाएगा।
लुधियाना में श्री हरि कथा में विश्व विख्यात कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय का प्रवचन
लुधियाना में श्री हरि कथा में विश्व विख्यात कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय का प्रवचन
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन-2026 (सीडीएस) और नेशनल डिफेंस एकेडमी एंड नेवल एकेडमी एग्जामिनेशन-2026 (एनडीए-एनए) की परीक्षा 13 सितंबर को जिले के 15 निर्धारित केंद्रों पर होगी। परीक्षा को लेकर केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सीडीएस परीक्षा तीन पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 से 11 बजे, दूसरी दोपहर 12:30 से 2:30 बजे और तीसरी शाम 4 से 6 बजे तक होगी। वहीं एनडीए-एनए की परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12:30 बजे और दूसरी दोपहर 2 से 4:30 बजे तक होगी। परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्राध्यक्ष, एलआईओ, असिस्टेंट सुपरवाइजर और संबंधित कर्मचारियों की केंद्र पर उपस्थिति अनिवार्य होगी। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले प्रवेश शुरू किया जाएगा। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र का गेट बंद कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड के साथ आवेदन में दर्ज फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र लाना होगा। परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, बैग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाने पर रोक रहेगी। केंद्रों पर क्लॉक रूम की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी।
यूपी: केजीएमयू के एसोसिएट प्रोफेसर ने मरीज को निजी अस्पताल भिजवाया, मौत; एक लाख रुपये वसूलने का आरोप
केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर मरीज को निजी अस्पताल भेजने और इलाज के नाम पर एक लाख रुपये वसूले जाने का आरोप लगा है। मरीज की मौत के बाद बेटे ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की।
हिसार में पहली बार होगी एनडीए परीक्षा: फेस ऑथेंटिकेशन से मिलेगी इंट्री, रोडवेज चलाएगा चार विशेष बसें
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौसेना अकादमी (एनडीए एवं एनए द्वितीय) परीक्षा पहली बार हिसार में आयोजित होगी।
फिरोजाबाद जिले की थाना रसूलपुर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार रुपए का इनामी शातिर बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। आरोपी की पहचान सनी उर्फ सनिया निवासी खेमगंज गिहार कॉलोनी (सिरसागंज) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। थाना रसूलपुर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम कनैटा से मोढ़ा की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। जेब तराशी और चोरी के मामले में था वांछित पुलिस के अनुसार, गत 31 अगस्त को आरोपी सनी ने विक्की नाम के व्यक्ति से लिफ्ट ली थी और बाइक पर पीछे बैठते समय उसकी जेब काटकर 30 हजार रुपए पार कर दिए थे। इस संबंध में 3 सितंबर को थाना रसूलपुर में मामला दर्ज किया गया था। तफ्तीश के दौरान सनी उर्फ सनिया और उसके एक अन्य साथी का नाम प्रकाश में आया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से एक 315 बोर का तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस और चोरी किए गए रुपए में से 10 हजार 520 रुपए नगद बरामद किए हैं। पकड़े गए बदमाश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सनी उर्फ सनिया के खिलाफ आगरा और फिरोजाबाद के विभिन्न थानों में लूट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराओं में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इसके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
दिल्ली: 2005 में की 20 रुपये की थी बेईमानी, अब नौकरी की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
डीटीसी के एक कंडक्टर को टिकट बिक्री के दौरान 20 रुपये की बेईमानी की कीमत अपनी नौकरी खोकर चुकानी पड़ी। साल 2005 में हुई घटना के बाद नौकरी की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट ने 2026 में मुहर लगा दी।
शिमला में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, कार्ट रोड चौड़ीकरण के लिए 20 हजार वर्ग जमीन का अधिग्रहण शुरू
शिमला में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए राज्य सरकार ने कार्ट रोड और सर्कुलर रोड के चौड़ीकरण का फैसला किया है।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी। उदयपुर में भाजपा ने अपने सभी 80 उम्मीदवारों को शहर के 100 फीट रोड स्थित एक होटल पर बुला लिया। पार्षद प्रत्याशी अपने साथ सूटकेस और बैग लेकर आए। कुछ देर मीटिंग में सभी प्रत्याशियों से फीडबैक के बाद उन्हें बस में बैठाकर रवाना कर दिया गया। 2 बसों में बैठाकर सभी को उदयपुर से दूर बाड़ेबंदी में रखा जाएगा। दोनों विधायक और जिलाध्यक्ष भी बाड़ेबंदी में उनके साथ हैं। जोधपुर में वोटिंग के बाद BJP प्रत्याशियों की भाजपा ऑफिस में हाजिरी ली गई। वहीं उनके लिए खाना बनवाया गया। अभी तय नहीं है कि उन्हें कहां ले जाया जाएगा। फिलहाल सभी प्रत्याशियों को घर से एक्स्ट्रा कपड़े और बैग लाने को कहा गया था। वहीं झुंझुनूं नगर परिषद की वोटिंग खत्म होन से पहले कांग्रेस ने दोपहर 3.30 बजे के करीब अपने 51 पार्षद प्रत्याशियों और 2 निर्दलीयों को बस और कार से बाड़ेबंदी में भेज दिया। सभी प्रत्याशियों को कांग्रेस ऑफिस बुलाया गया। कई प्रत्याशी अपने समर्थक और महिला प्रत्याशी परिजन के साथ पहुंचीं। यहां सांसद बृजेन्द्र ओला ने प्रत्याशियों से चुनाव परिणाम को लेकर चर्चा की। अलवर नगर निगम में मेयर और बोर्ड बनाने को लेकर शुक्रवार को जयपुर के तूंगा स्थित एक रिसॉर्ट में जमकर हंगामा हुआ। यहां कांग्रेस ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर रखी थी। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी अजय पूनिया, पूर्व पार्षद सतीश खंडेलवाल, धीरज जैन और निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के चाचा भगवान मीणा वहां पहुंचे। उनके साथ वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। टीम वार्ड 22 से निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा को अपने साथ बाहर ले गई। घटनाक्रम को लेकर करीब तीन घंटे तक रिसॉर्ट में गहमागहमी रही। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में बंपर वोटिंग ने बीजेपी-कांग्रेस की बढ़ाई धड़कन:वोटिंग पैटर्न पर पार्टियों के अपने-अपने कयास; निर्दलीय बन सकते किंग मेकर जयपुर नगर निगम बनाने के 22 साल बाद पहली बार लोगों ने शहरी सरकार चुनने के लिए बंपर वोटिंग की। जयपुर नगर निगम का गठन साल 1994 में हुआ था, लेकिन इससे पहले कभी 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान नहीं हुआ था। (पूरी खबर पढ़ें)
नर्मदापुरम में नानपा-कुल्हड़ा रोड की बदहाली को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरने पर बैठे ग्रामीण रात करीब 1.30 बजे उठे। करीब साढ़े 6 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ग्रामीणों को मनाने में सफल रहा। ग्रामीणों ने तीन मांगों का लिखित पत्र एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट सीमा बडोले को सौंपा। शनिवार शाम ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर सोमेश मिश्रा से मुलाकात तय हुई है। ग्रामीणों ने मांग रखी है कि नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की नई सड़क के लिए तीन महीने में वित्तीय स्वीकृति दिलाई जाए, मौजूदा बदहाल सड़क की 15 दिन में मरम्मत हो और टिगरिया से नानपा तक स्वीकृत सड़क का काम शुरू कराया जाए। 45 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र के आंवली घाट से टिगरिया को जोड़ने वाले नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की हालत सुधारने की मांग को लेकर ग्रामीण 9 सितंबर से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को तीसरे दिन 250 से ज्यादा ग्रामीण करीब 45 किलोमीटर पैदल चलकर शाम 7 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। ग्रामीण कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क पर ही डेरा डाल दिया। कुछ ग्रामीणों ने सड़क किनारे कंडे जलाकर बाटी-भर्ता बनाया और वहीं भोजन किया। रात में गद्दे बिछाकर सड़क पर ही सो गए। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों के समझाने के बाद बनी सहमति सिटी मजिस्ट्रेट सीमा बडोले और तहसीलदार सुरेखा यादव ने ग्रामीणों से बातचीत कर धरना खत्म करने की कोशिश की। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी एक बार नानपा-कुल्हड़ा रोड पर जाकर स्थिति देखें, तब उन्हें परेशानी का अंदाजा होगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता राकेश गौर और यतेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण नई और पक्की सड़क के लिए लिखित आश्वासन चाहते हैं। इसके बाद ही धरना खत्म किया गया। एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को समझाकर आंदोलन खत्म कराया गया है। प्रशासन तीनों मांगों को पूरा करने की कोशिश करेगा और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर से मुलाकात कराई जाएगी। बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो गांव में करेंगे अनशन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि तीन महीने में उनकी प्रमुख मांगों पर काम नहीं हुआ तो वे गांव में ही आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे दोबारा प्रशासन के पास नहीं आएंगे। ग्रामीणों ने अगले साल होने वाले चुनाव के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का प्रचार किया जाएगा और विधायक-सांसद को गांव में नहीं आने दिया जाएगा। दो दिन से सड़क की मरम्मत जारी ग्रामीणों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने नानपा-कुल्हड़ा रोड की मरम्मत शुरू करा दी है। गुरुवार से सड़क के गड्ढे भरने का काम चल रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की जीएम साक्षी पटेल ने भी सड़क निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन दिया था। इसमें कजलास और नानपा की बंद रेत खदान को वैध करने की प्रक्रिया शुरू होने का उल्लेख किया गया था। ग्रामीण इस लिखित आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों पर लिखित सहमति की मांग की।
प्रतापगढ़ के कंधई इलाके में एक इंटर कॉलेज के छात्र को कुछ युवकों ने रास्ते में रोककर बेल्ट से पीटा। आरोप है कि युवकों ने पिटाई का वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जो अब तेजी से फैल रहा है। दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सामने आने के बाद दिलीपपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, छात्र सुमित विश्वकर्मा छुट्टी के बाद अपने दोस्तों के साथ साइकिल से घर जा रहा था। जब वह दिलीपपुर थाना इलाके में सई नदी पुल के आगे नजियापुर गांव के पास पहुंचा, तो कुछ युवकों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने गाली-गलौज की और फिर बेल्ट से सुमित की पिटाई शुरू कर दी। इस मारपीट में छात्र घायल हो गया। हमलावरों पर आरोप है कि उन्होंने बेखौफ होकर पिटाई का वीडियो बनाया और बाद में उसे रील के तौर पर इंटरनेट मीडिया पर फैला दिया। बताया जा रहा है कि आरोपित युवक यहियापुर गांव के रहने वाले हैं। गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी नजियापुर गांव के पास सरपत के जंगल में एक युवती से मारपीट और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। उस मामले में पुलिस ने आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। घटना में लापरवाही के आरोप में उस समय के दिलीपपुर एसओ बलराम सिंह को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। दिलीपपुर एसओ विजयकांत सत्यार्थी ने बताया कि छात्र की तरफ से अभी तक थाने में कोई शिकायत नहीं दी गई है। वायरल रील को देखकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है।
फिरोजाबाद में रसूलपुर पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश सनी उर्फ सनिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा, कारतूस और चोरी के 10,520 रुपए बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक सनी ने 31 अगस्त को एक व्यक्ति से बाइक रुकवाकर लिफ्ट मांगी थी। बाइक पर पीछे बैठने के दौरान उसने कथित तौर पर व्यक्ति की जेब से 30 हजार रुपए निकाल लिए थे। मामले में 3 सितंबर को रसूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच में सनी उर्फ सनिया और उसके साथी कुलदीप का नाम सामने आया था। लिफ्ट मांगकर बाइक पर बैठा, जेब से निकाले 30 हजार पुलिस के अनुसार 31 अगस्त को आरोपी ने रास्ते में एक व्यक्ति से बाइक पर लिफ्ट मांगी। बाइक पर पीछे बैठने के बाद मौका पाकर उसकी जेब से 30 हजार रुपए चोरी कर लिए। घटना की शिकायत मिलने पर 3 सितंबर को रसूलपुर थाने में केस दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ी तो सनी उर्फ सनिया और उसके साथी कुलदीप की भूमिका सामने आई। सर्विस रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस से मुठभेड़ शुक्रवार रात रसूलपुर पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम कनैटा से मोढ़ा जाने वाली सर्विस रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि संदिग्ध ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 17 मुकदमों में आरोपी, 25 हजार का था इनाम घायल बदमाश की पहचान सिरसागंज की खेमगंज गिहार कॉलोनी निवासी सनी उर्फ सनिया के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ फिरोजाबाद और आगरा के अलग-अलग थानों में करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत अन्य मामले शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। तमंचा, कारतूस और 10,520 रुपए बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, कारतूस और 10,520 रुपए बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद रकम चोरी की घटना से जुड़ी हो सकती है। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में रसूलपुर पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने की। पुलिस अब आरोपी के साथी कुलदीप की भूमिका और अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच कर रही है।
बेल रिजेक्ट होते ही कैदी ने उठाया खौफनाक कदम, मुजफ्फरपुर जेल अधीक्षक सूझ-बूझ से बची जान
मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में जमानत अर्जी खारिज होने से तनावग्रस्त बंदी मो. सिराज ने फांसी लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया। साथी बंदियों और जेल प्रशासन की तत्परता से उसे बचाकर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत पर चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं।
सतना मुख्यालय और तराई इलाके में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह तक नदी का पानी लगातार बढ़ता रहा। रामघाट समेत दूसरे घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का प्रशासन अलर्ट पर है। सावधानी के तौर पर प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग लगा दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को निचले इलाकों में जाने से रोका गया है। घाट किनारे के दुकानदारों को भी सतर्क रहने और नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए सामान सुरक्षित जगह पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है। जलस्तर खतरे से करीब 3 मीटर नीचेफिलहाल राहत की बात यह है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे है। हालांकि, रातभर हुई बारिश के बाद पानी तेजी से बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पिछले दिनों आई बाढ़ के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी को लेकर घाटों पर खास नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को दिनभर बादल आते-जाते रहे। कभी हल्की बारिश हुई तो कुछ देर बाद तेज धूप निकल आई। इससे अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और पारा 31.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से आधा डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा, जो सामान्य था। शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब 15 मिनट तक हल्की से मध्यम बारिश हुई। इसके बाद रात 11.30 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो रातभर रुक-रुककर जारी रही। 24 घंटे में आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। ये है मौसम सिस्टममौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में ओडिशा के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़, दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश होते हुए राजस्थान तक बनी हुई है। इसके प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में अगले दौर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। यह भी पढ़ें… 'चित्रकूट में बाढ़ नहीं, हम नदी के रास्ते में आए' सतना जिले के चित्रकूट में 5 दिनों में 3 बार आई बाढ़ के पीछे अतिक्रमण, अव्यवस्थित विकास और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 12 साल पहले मंदाकिनी के किनारे अतिक्रमण के सर्वे के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ी। पूरी खबर पढ़िए…
जीरकपुर में बनेगा 220 केवी सब-स्टेशन: 4.91 एकड़ जमीन का रेट तय, बिजली ढांचे को मिलेगी मजबूती
तेजी से बढ़ते जीरकपुर और आसपास के इलाकों में बिजली की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए प्रस्तावित 220 केवी सब-स्टेशन की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
कानपुर: प्रेमी संग आपत्तिजनक हालत में देख बेटे ने किया विरोध, मां और प्रेमी ने मिलकर मार डाला
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कानपुर: 80 किलोमीटर प्रति घंटे गति वाला हाईवे, अवारा मवेशी बन रहे हादसों की वजह
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करौली के परीता गांव में भादो मास की अमावस्या पर हर साल होने वाला कुश्ती दंगल हुआ। इसमें दूर-दूर से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच दिखाए। हजारों दर्शक कुश्ती देखने पहुंचे और रोमांचित हुए। अखाड़े में पहलवानों के बीच कई रोमांचक मुकाबले हुए। दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। दंगल की शुरुआत बाल पहलवानों की कुश्तियों से हुई, जिसमें महिला पहलवानों ने भी हिस्सा लिया और अपने दांव-पेंच दिखाए। 300 से ज्यादा कुश्तियां हुईआयोजन समिति ने बताया कि दंगल में 300 से ज्यादा कुश्तियां हुईं। इनमें करौली, सवाई माधोपुर, भरतपुर, दौसा और धौलपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और दूसरे राज्यों के पहलवानों ने भाग लिया। विजेता पहलवानों को आयोजन समिति की तरफ से इनाम की रकम दी गई। आयोजकों ने बताया कि यह दंगल हर साल बड़िये बाबा के मेले के मौके पर होता है। इसका मकसद ग्रामीण युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना है। इस कार्यक्रम में अंकुर परीता, अजय सरपंच प्रतिनिधि, सरपंच राजंती देवी, महादेवा पटेल, रामाधार प्रिंसिपल और राजेंद्र समेत कई खास लोग मौजूद थे। आखिरी कुश्ती बराबरी पर छूटीदंगल की आखिरी कुश्ती हरिकेश पहलवान (हाथरस) और भारत पहलवान (दिल्ली) के बीच हुई। यह कुश्ती 1 लाख 11 हजार रुपए की थी, जो बराबरी पर छूटी। कमेटी ने दोनों पहलवानों का स्वागत किया और उन्हें इनाम की रकम दी।
बिहार के रेल नेटवर्क पर एक बार फिर बड़ा और भयानक रेल हादसा होने से बाल-बाल टल गया। तेज रफ्तार से दौड़ रही एक यात्री ट्रेन अचानक उस ट्रैक पर पहुंच गई, जिसकी पटरी बीच में से टूटी हुई थी। ट्रेन का इंजन और शुरुआती पहिए टूटी पटरी के ऊपर से गुजरे ही थे कि लोको पायलट (ट्रेन चालक) को पटरी में असामान्य झटके और तकनीकी गड़बड़ी का तुरंत आभास हो गया। लोको पायलट ने बिना एक सेकंड गंवाए गजब की सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इस सटीक और त्वरित फैसले की वजह से ट्रेन बिना डिरेल (पटरी से उतरे) हुए सुरक्षित रुक गई और बोगियों में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान चमत्कारिक रूप से बच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेल प्रशासन और तकनीकी टीमों में हड़कंप मच गया।टूटी पटरी पर दौड़ रही थी ट्रेन, जोरदार झटके से सहमे यात्रीघटनाक्रम के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित समय पर ट्रैक पर सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। अचानक ट्रैक के एक हिस्से में मेटल फ्रैक्चर (पटरी टूटी) होने के कारण पहियों के नीचे असामान्य कंपन और भारी आवाज उत्पन्न हुई। झटके इतने तेज थे कि बोगियों के भीतर अपनी सीटों पर बैठे यात्री बुरी तरह उछल पड़े और चीख-पुकार मचने लगी। यदि ट्रेन की गति नियंत्रित नहीं होती या लोको पायलट कुछ सेकंड की भी देरी करता, तो ट्रेन के कई डिब्बे तेज गति में एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर पटरी से उतर सकते थे, जिससे भारी जनहानि हो सकती थी।लोको पायलट की त्वरित सूझबूझ बनी सैकड़ों जिंदगियों की ढालइस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और सराहनीय योगदान ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट का रहा। असामान्य आवाज और केबिन में लगे उपकरणों पर दबाव में आए अचानक बदलाव को भांपते हुए पायलट ने बिना घबराए वैज्ञानिक तरीके से इमरजेंसी ब्रेक अप्लाई किए। अचानक ब्रेक लगाने पर भी ट्रेन संतुलित रही और एक बड़े हादसे में तब्दील होने से पहले ट्रैक पर सुरक्षित थम गई। ट्रेन के रुकते ही लोको पायलट ने तुरंत नीचे उतरकर ट्रैक का मुआयना किया, जहां पटरी दो हिस्सों में साफ तौर पर टूटी दिखाई दी। इसके बाद तुरंत वॉकी-टॉकी और रेलवे कंट्रोल रूम के जरिए नजदीकी स्टेशन मास्टर और कंट्रोलर को आपातकालीन संदेश भेजा गया।रेलवे कंट्रोल रूम में मचा हड़कंप, रोकी गईं अन्य ट्रेनेंजैसे ही टूटी पटरी पर ट्रेन के रुकने और रेल फ्रैक्चर की सूचना दानापुर/सोनपुर रेल मंडल के ऑपरेटिंग कंट्रोल को मिली, पूरे महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए उस रूट पर पीछे से आ रही अन्य मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों को आनन-फानन में पिछले स्टेशनों पर ही रेड सिग्नल देकर रोक दिया। इस त्वरित फैसले से रूट पर किसी अन्य ट्रेन के टकराने या द्वितीयक दुर्घटना का खतरा पूरी तरह समाप्त हो गया।तकनीकी दल ने मौके पर पहुंचकर किया ट्रैक की मरम्मत का कामघटना की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूआई (Permanent Way Inspector), इंजीनियरिंग विंग और मंडल रेल सुरक्षा बल (RPF) की विशेष टीमें तत्काल भारी औजारों और स्पेयर ट्रैक्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। इंजीनियरिंग टीम ने सबसे पहले टूटे हुए रेलखंड का बारीकी से निरीक्षण किया और अस्थाई क्लैंप लगाकर सुरक्षित गति से ट्रेन को आगे के स्टेशन की तरफ रवाना कराया। इसके बाद ट्रैक को पूरी तरह काटकर वहां नया रेल का टुकड़ा वेल्डिंग के जरिए जोड़ा गया। लगभग दो से तीन घंटे के सघन मरम्मत कार्य के बाद ट्रैक की सुरक्षा जांच (Safety Clearance) पूरी की गई और रेल यातायात को सामान्य रूप से बहाल किया गया।ट्रैक फ्रैक्चर के पीछे मौसम या मेंटेनेंस की लापरवाहीरेलवे के तकनीकी जानकारों के अनुसार, पटरियों में फ्रैक्चर होने के पीछे दो मुख्य कारण होते हैं। पहला, तापमान में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव (थर्मल स्ट्रेस) के कारण लोहे का सिकुड़ना और फैलना, जिससे कमजोर जोड़ों पर दरार आ जाती है। दूसरा, नियमित ट्रैक पेट्रोलिंग और अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) टेस्टिंग में बरती जाने वाली संभावित लापरवाही। यह सवाल गंभीर है कि क्या पेट्रोलमैन या की-मैन ने नियमित गश्त के दौरान उस फ्रैक्चर को नहीं देखा, या फिर ट्रेन के गुजरने के कुछ ही समय पहले पटरी अचानक टूटी थी।रेलवे ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेशपूर्व मध्य रेलवे प्रशासन ने इस अत्यंत गंभीर मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच दल इस बात की पड़ताल करेगा कि अंतिम बार उस सेक्शन पर ट्रैक की अल्ट्रासोनिक जांच कब हुई थी और ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया था या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि नियमित मेंटेनेंस या गश्त में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रेल यात्रियों और विभिन्न संगठनों ने सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान बचाने वाले बहादुर लोको पायलट को रेलवे की ओर से विशेष पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की मांग की है।
अजमेर में कई दिनों से सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार देर रात हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह से मौसम में ठंडक बनी हुई है। बारिश और बादलों के असर से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अजमेर में आज से 15 सितंबर तक बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। अजमेर में अब तक 452.4 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 431.6 MM होनी चाहिए थी। यानी सामान्य से 20.8 MM अधिक और करीब 4.8% ज्यादा बारिश हो चुकी है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देर रात हुई बारिश के बाद सुबह मौसम सुहाना रहा और ठंडी हवा के चलते तापमान में भी राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते अगले कुछ दिनों में अजमेर में बारिश का दौर फिर बढ़ने की संभावना है।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शिक्षकों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब क्लास चलने के दौरान किसी भी शिक्षक को कुलपति कार्यालय या प्रशासनिक भवन में नहीं बुलाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकने के लिए लिया है। नई व्यवस्था में शिक्षक के लिए तय क्लास का समय सबसे ऊपर रखा गया है। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने सभी संकायों और विभागों से छात्र-छात्राओं का टाइम टेबल और शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर मंगवाया है। इसका उद्देश्य क्लास संचालन और शिक्षकों की उपलब्धता की सही जानकारी रखना है, ताकि किसी शिक्षक को बिना जरूरी वजह के क्लास छोड़कर प्रशासनिक भवन न जाना पड़े और कोई कक्षा खाली न रहे। विश्वविद्यालय में अब किसी शिक्षक से जरूरी प्रशासनिक काम के लिए संपर्क करने से पहले उसका टाइम टेबल देखा जाएगा। अगर उस समय शिक्षक की क्लास लगी है तो उसे कक्षा से हटाकर कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा। प्रशासनिक भवन या कुलपति कार्यालय में बुलाने के बजाय क्लास खत्म होने के बाद ही शिक्षक से संपर्क किया जाएगा। कुलपति को मिलना हो तो भी पहले देखा जाएगा टाइम टेबल नई व्यवस्था में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह भी किसी शिक्षक से मिलना चाहें तो पहले उसका क्लास शेड्यूल देखा जाएगा। अगर उस समय शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ा रहा है तो उसे क्लास छोड़कर कार्यालय आने के लिए नहीं कहा जाएगा। इससे पढ़ाई के दौरान होने वाली अनावश्यक रुकावट को रोका जा सकेगा। टाइम टेबल और उपस्थिति रजिस्टर से होगी निगरानी कुलपति ने सभी विभागों से टाइम टेबल और शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर इसलिए मंगवाया है, ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन के पास क्लास संचालन की स्पष्ट जानकारी रहे। इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा शिक्षक किस समय कक्षा में उपलब्ध है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि तय समय पर कक्षाएं चलती रहें और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। रविवार को भी चल रहा जरूरी प्रशासनिक काम कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय में पिछले करीब दो सप्ताह से रविवार की छुट्टी के दिन भी जरूरी प्रशासनिक काम कराए जा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित और अधूरे कामों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक कामों के लिए अलग समय का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि नई व्यवस्था में क्लास के तय समय को प्राथमिकता दी गई है।
बैंककर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल:एटा के सकीट में बैंक बंद, पांच दिन बैंकिंग लागू करने की मांग
एटा के सकीट क्षेत्र में बैंक कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। हड़ताल के चलते नगर के कई बैंकों में ताले लटके रहे, जबकि बैंक शाखाएं खुली होने के बावजूद कर्मचारी काम करते नजर नहीं आए। इससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। पांच दिन बैंकिंग लागू करने की मांग बैंक कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए समझौते में छह महीने के भीतर पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई। कर्मचारियों ने अन्य लंबित मांगों के समाधान की भी मांग की। बैठक विफल होने पर हड़ताल कर्मचारियों के अनुसार 8 सितंबर को सीएलसी, डीएफसी, आईबीए और बैंक यूनियन के बीच हुई बैठक भी बेनतीजा रही। इसके बाद बैंक कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया। स्टेट बैंक के प्रबंधक सचिन कुमार वर्मा ने बताया कि हड़ताल के कारण बैंक पूरी तरह बंद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है।
देहरादून: झबरावाला गांव में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, दहशत और आक्रोश
देहरादून के डोईवाला के कांसरो वन रेंज के अंतर्गत मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के झबरावाला गांव में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष भी देखने को मिल रहा है।
देवरिया के राजकीय बाल सुधार गृह से बुधवार को दो बालक स्कूल जाने के बाद लापता हो गए। दोनों को चार होमगार्ड की निगरानी में नगर क्षेत्र स्थित श्री गांधी उच्च प्राथमिक विद्यालय भेजा गया था। लंच के समय दोनों बालक स्कूल में मौजूद थे, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे छुट्टी होने के बाद कक्षा से बाहर नहीं आए। होमगार्ड रत्नाकर कुमार, विनोद कुशवाहा, परमात्मा गुप्ता और शैलेश कुमार ने बताया कि लंच तक दोनों बालक स्कूल में थे। छुट्टी के बाद जब वे कक्षा से बाहर नहीं आए तो होमगार्डों ने स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बाद भी दोनों का पता नहीं चला। अफसरों को दी सूचना, पुलिस से मांगी मदद दोनों बालकों के नहीं मिलने की जानकारी होमगार्डों ने राजकीय बाल सुधार गृह के अधिकारियों को दी। इसके बाद प्रभारी अधीक्षक अशोक कुमार मिश्र ने पुलिस को सूचना देकर दोनों को तलाश कर संस्था में वापस लाने के लिए कार्रवाई की मांग की। प्रभारी अधीक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार रात दोनों बालकों के लापता होने का केस दर्ज किया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सुशांत प्रताप सिंह को सौंपी गई है। स्कूल समेत संभावित ठिकानों पर तलाश जांच अधिकारी ने बताया कि दोनों बालकों की तलाश की जा रही है। पुलिस स्कूल और आसपास के स्थानों के अलावा अन्य संभावित ठिकानों पर भी जानकारी जुटा रही है। दोनों के स्कूल से गायब होने की वजह और घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।
हिमाचल के विधायकों को अपनी गाड़ियों पर विशिष्ट नीली झंडी लगाने के लिए अभी एक सप्ताह और इंतजार करना होगा।
आगरा कॉलेज के सप्रू हॉस्टल परिसर में चल रहे दस दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेले में गुरुवार शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों और कवयित्रियों ने प्रेम, रिश्तों, सामाजिक विसंगतियों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। काव्य पाठ के दौरान परिसर कई बार तालियों से गूंज उठा। प्रेम, संवेदना और सामाजिक सरोकारों की कविताएं कवि सम्मेलन में रांची के चंदन प्रजापति, जमशेदपुर की अंकिता सिन्हा, गाजियाबाद की डॉ. शिखा दीप्ति दीक्षित, ग्वालियर के अमित चितवन, आगरा के डॉ. अंगद सिंह धारिया और दिल्ली की डॉ. मनीषा गिरि सहित अन्य रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। चंदन प्रजापति ने पर्यावरण और जीवन की पीड़ा को रचना में पिरोया। अंकिता सिन्हा ने आगरा की खूबसूरती को शायरी में प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. शिखा दीप्ति दीक्षित ने स्त्री चेतना और आत्मसम्मान से जुड़ी रचना सुनाई। प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। मीडिया और साहित्य के संबंधों पर संवाद कवि सम्मेलन से पहले ‘मीडिया और साहित्य’ विषय पर संवाद गोष्ठी हुई। वरिष्ठ पत्रकार आदर्श गुप्ता और संजय जी ने पत्रकारिता के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज की संवेदनाओं और विचारों को शब्द देता है, जबकि मीडिया उन्हें व्यापक समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। पुस्तकों से विषय की गहराई समझने में मदद मिलती है और सिनेमा, टेलीविजन व डिजिटल माध्यम विचारों को बड़े स्तर तक पहुंचाते हैं। पुस्तक मेले में विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों की भागीदारी लगातार बनी हुई है।
खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के मुंडाखेड़ा नहर पटरी पर शुक्रवार देर रात एक ई-रिक्शा चालक गंभीर हालत में मिला। उसके गले और कलाई पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे राहगीरों ने PRV 112 पर सूचना दी कि मुंडाखेड़ा नहर पटरी के पास एक व्यक्ति खून से लथपथ पड़ा है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। घायल ने बताई अपनी पहचान पूछताछ में घायल ने अपनी पहचान मुंडाखेड़ा निवासी कासिम के रूप में बताई। वह ई-रिक्शा चलाता है। डॉक्टरों की शुरुआती जांच में उसकी कलाई और गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आई। चोटों के कारण काफी खून भी बहा था। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट को घटनास्थल पर भेजा गया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। घायल की हालत फिलहाल सामान्य है। रंजिश-लूट समेत सभी पहलुओं पर जांच पुलिस रंजिश, लूटपाट या किसी अन्य विवाद समेत सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल और घायल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भगवान बुद्ध की कर्मस्थली श्रावस्ती में देश-विदेश से बौद्ध अनुयायी लगातार पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में बीते शुक्रवार को लद्दाख और देहरादून से आए 94 बौद्ध भिक्षुओं के दल ने जेतवन के गंधकुटी में विशेष वर्षावास पूजा की। यह पूजा भिक्षु जलछन लामा की अध्यक्षता में हुई। भिक्षुओं के आने और धार्मिक अनुष्ठान से जेतवन परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया। भिक्षु श्रावस्ती से जेतवन तक जुलूस के रूप में पहुंचे। इस दौरान 'बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि' के नारे से पूरा वातावरण गूंज उठा। जेतवन पहुंचने के बाद भिक्षुओं ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाज से गंधकुटी में भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर भिक्षु जलछन लामा ने बताया कि वर्षावास बौद्ध भिक्षुओं के लिए बहुत खास होता है। यह ज्ञान, ध्यान और दान का पर्व है। वर्षावास के समय भिक्षु अपने गुरु के साथ रहकर धर्म का अध्ययन करते हैं, ध्यान लगाते हैं और भक्तों को धर्म का उपदेश देकर उन्हें धर्म में स्थापित करते हैं। इससे एक दिन पहले श्रीलंका से 70 और म्यांमार से 20 बौद्ध अनुयायी भी श्रावस्ती पहुंचे थे। उनके आने से बौद्ध तपोस्थली में श्रद्धा और आस्था का माहौल बन गया। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपलोक महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंधकुटी में फूल पूजा की। भगवान बुद्ध राजगृह के बाहर वेलुवन में रहते थे। वे सैकड़ों भिक्षुओं के साथ बांस के उपवन में निवास करते थे। उस समय राजा बिम्बिसार इस इलाके पर राज करते थे। वे भगवान बुद्ध के बड़े भक्तों में से एक थे। राजा ने अपनी प्रजा को भी बुद्ध की शिक्षाओं का पालन करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने लोगों को करुणा, क्षमा और दया का संदेश दिया। भगवान बुद्ध की कर्मस्थली होने के कारण श्रावस्ती दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, जापान, कोरिया, वियतनाम, चीन, ताइवान और भूटान समेत कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालु जेतवन, अंगुलिमाल स्तूप, पक्की कुटी और अलग-अलग देशों के बौद्ध मठों में दर्शन, पूजा और ध्यान करते हैं।
धनबाद से खराब रांची की हवा, झारखंड के शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए लगेंगे विशेष सेंसर
झारखंड के शहरों में वायु शुद्धता बनाए रखने के लिए नगर निगम क्षेत्रों में विशेष सेंसर लगाए जाएंगे। इससे प्रदूषण की पहचान कर रियल-टाइम डेटा मिलेगा, जिससे रैंकिंग सुधारने और केंद्रीय मदद प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
कपूरथला में सड़क हादसे में दो लोगों की माैत
कपूरथला में सड़क हादसे में दो लोगों की माैत
सांभर लेक में भादवा अमावस्या पर शुक्रवार को श्याम रंगीला परिवार सेवा समिति ने दादी संकीर्तन का आयोजन किया। यह आयोजन रानी सती दादी मंदिर में हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। देर शाम शुरू हुआ भजन-कीर्तन का सिलसिला पूरी रात चला। दादी भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए दादी सती का जन्मोत्सव मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। समिति अध्यक्ष पराग पोद्दार ने बताया कि भादवी अमावस्या पर दादी रानी सती का जन्मदिन मनाया गया। इसमें जयपुर से आईं भजन गायिका रितु पांडे ने दादी सती के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। मंदिर परिसर दादी के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दादी सती के दरबार में माथा टेका और परिवार की सुख-शांति मांगी। आयोजन के दौरान दादी सती के जन्मदिन की बधाई दी गई। भक्तों ने बधाई गीत और भजनों के साथ जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान प्रसाद भी बांटा गया। कई श्रद्धालु अपने घरों से दादी के लिए प्रसाद लेकर आए थे। महिलाएं, युवा और बड़ी संख्या में दादी भक्त देर रात तक संकीर्तन में मौजूद रहे। कार्यक्रम में दादी के जीवन की झांकियां भी दिखाई गईं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। देर रात तक 'जय दादी की' के जयकारे गूंजते रहे। संकीर्तन खत्म होने पर श्रद्धालुओं ने दादी सती से सभी के जीवन में सुख-शांति और अच्छी किस्मत की कामना की।
शहरी सरकार का चुनाव:पहले अटेंडेंस और फिर 'लग्जरी बाड़ों' में पहुंचे कैंडिडेट
राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है। अब 14 सितंबर को काउंटिंग होगी। दूसरे चरण की वोटिंग के बाद भी अलग-अलग शहरों में कैंडिडेट्स की बाड़ाबंदी की गई। उदयपुर में पहले कैंडिडेट्स की अटेंडेंस हुई, फिर उन्हें होटल-रिसोर्ट में भेजा गया। पूरा वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
राजद ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए शिक्षक और स्नातक कोटे की छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।
पठानकोट में अकाली दल 'वारिस-पंजाब दे' के कार्यकर्ताओं ने किया मंत्री लाल चंद के घर का घेराव
पठानकोट में अकाली दल 'वारिस-पंजाब दे' के कार्यकर्ताओं ने किया मंत्री लाल चंद के घर का घेराव
सोनीपत में शुक्रवार को हरियाणा पुलिस से रिटायर करीब 60 वर्षीय पुलिसकर्मी ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें गांव के ही एक व्यक्ति पर 22 लाख रुपए वापस नहीं करने और रुपए मांगने पर मारपीट व झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। दो साल पहले ईएसआई पद से हुए थे रिटायर जानकारी के अनुसार मृतक जय सिंह करीब 60 वर्ष के थे। वह करीब 2 वर्ष पहले हरियाणा पुलिस में ईएसआई पद से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह गांव में रहकर खेतीबाड़ी करते थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। जय सिंह का बड़ा बेटा गौरव मेहनत-मजदूरी करता है, जबकि छोटा बेटा नितिन दमकल विभाग में कार्यरत है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। सुसाइड नोट में 22 लाख रुपए नहीं लौटाने का आरोप पुलिस को मिले सुसाइड नोट में जय सिंह ने गांव के ही एक व्यक्ति पर 22 लाख रुपए वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। नोट के अनुसार उन्होंने उक्त व्यक्ति को 22 लाख रुपए दिए थे। बाद में रुपए वापस मांगने पर वह आनाकानी करने लगा। रुपए मांगने गए तो मारपीट का लगाया आरोप सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि जब जय सिंह रुपए मांगने संबंधित व्यक्ति के घर गए तो उनके साथ मारपीट की गई। इसके साथ ही उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। नोट में इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी गई है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लिया थाना बड़ी प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के बयान के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजपुर छावनी सब्जी मंडी में छाया अंधेरा, सुखराज सिंह गोरा ने अधिकारियों से बात कर चालू करवाई बिजली
फिरोजपुर छावनी सब्जी मंडी में छाया अंधेरा, सुखराज सिंह गोरा ने अधिकारियों से बात कर चालू करवाई बिजली
किताबों से बच्चों और युवाओं को जोड़ने के साथ पढ़ने की आदत और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार से गोमती पुस्तक महोत्सव शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। नौ दिन चलने वाले इस आयोजन में 121 प्रकाशक करीब 250 स्टॉल लगाएंगे। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें उपलब्ध रहेंगी। महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क होगा। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार महोत्सव में स्टॉल की संख्या भी बढ़ाई गई है। पिछले आयोजन में करीब 225 स्टॉल लगाए गए थे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि बच्चों और जेनजी को ध्यान में रखते हुए हर दिन अलग-अलग गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए बनेगा विशेष बाल मंडप नन्हे पुस्तक प्रेमियों के लिए नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रेन्स लिटरेचर की ओर से नौ दिनों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली शो, नाटक और स्टोरीटेलिंग जैसी गतिविधियां होंगी। इसके अलावा वैदिक गणित, माइंडफुलनेस, क्ले आर्ट, पुस्तक निर्माण, कविता पाठ, मंडला आर्ट और रचनात्मक लेखन की कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। शुभांशु शुक्ला से संवाद करेंगे बच्चे बाल मंडप में बच्चों के लिए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ विशेष संवाद सत्र भी होगा। आयोजन समिति के वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने कहा कि पुस्तकें एआई का एंटीडोट हैं। इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री हमेशा पुष्ट या प्रमाणित नहीं होती, ऐसे में केवल एआई के सहारे सही ज्ञान हासिल करना उचित नहीं है। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रधान पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. रोली मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में इतने बड़े स्तर पर पुस्तक महोत्सव का आयोजन महत्वपूर्ण अवसर है। महोत्सव में प्रकाशकों के साथ डिस्ट्रीब्यूटर्स भी शामिल होंगे। उद्घाटन में ये रहेंगे मौजूद उद्घाटन कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, एनबीटी इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश के अवस्थी और बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का नाम राजस्थान में सिर्फ इतिहास नहीं, भावना है। नई पीढ़ी के लिए भी उनका शौर्य और स्वाभिमान किसी किताब तक सीमित नहीं है। उन्हीं महाराणा प्रताप को समर्पित ‘शूरवीर’ गाना, जब फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के क्लाइमैक्स सीन के बीच बजा तो राजस्थान में सवाल उठने लगे। गाने के रैपर ने आपत्ति जताई, मामला कॉपीराइट तक पहुंचा। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ और मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार ने भी आपत्ति जताई। अब करणी सेना ने फिल्म मेकर्स को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। आखिर एक गाने के इस्तेमाल पर इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हो गया? आखिर क्लाइमैक्स के उस सीन में ऐसा क्या था, जिसने वीर महाराणा प्रताप को अपना आदर्श मानने वाले युवाओं की भावनाओं को आहत कर दिया। यही जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में... सवाल - 1: फिल्म के ‘शूरवीर’ गाने में विवाद किस बात पर है?जवाब: फिल्म के शुरुआती हिस्से के एक एक्शन सीक्वेंस में ‘शूरवीर’ गाना बजता है। इस दौरान मिर्जापुर के गैंगस्टर किरदारों से जुड़ा हिंसक दृश्य नजर आता है। यही सीन विवाद की मुख्य वजह बना हुआ है। फिल्म में हिंसक और गैंगस्टर किरदारों से जुड़े दृश्यों के बीच राजस्थान के रैप सिंगर रैपरिया बालम के ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर विरोध शुरू हो गया है। ‘शूरवीर’ गीत को रैपरिया बालम ने बनाया और गाया है। इस गाने में महाराणा प्रताप के शौर्य और चेतक से जुड़े संदर्भ हैं। बालम का कहना है कि यह गीत उन्होंने महाराणा प्रताप की वीरता, उनके शौर्य को नई पीढ़ी से अवगत कराने और जोड़ने के लिए बनाया था। उनकी दो स्तर पर आपत्ति है- एक, गीत के इस्तेमाल के लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई। दूसरी, इसे गैंगस्टर किरदारों के साथ इस्तेमाल करना उन्हें गाने की भावना के विपरीत लगता है। सवाल - 2: विवाद की शुरुआत कैसे हुई और क्या लाइसेंस लिया था?जवाब: फिल्म के रिलीज होने के बाद रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जताई। कहा- मिर्जापुर की टीम ने उनसे इस गाने को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं ली। अगर टीम को गाना पसंद था तो उनसे सीधे संपर्क क्यों नहीं किया गया? बालम ने कहा- ये सॉन्ग महाराणा प्रताप को समर्पित है और फिल्म में इसे खलनायक/गैंगस्टर किरदारों के साथ इस्तेमाल करना कतई स्वीकार नहीं है। बालम के आरोप के बाद म्यूजिक लेबल कंपनी ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। लेबल का कहना है कि ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। बालम ने कहा कि गीत के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग अधिकार उनके पास हैं। पूरा साउंड रिकॉर्डिंग, गीत, संगीत और वोकल उनके नाम पर रजिस्टर्ड हैं। उनका आरोप है कि लेबल केवल डिस्ट्रीब्यूटर की भूमिका में था और उनकी अनुमति के बिना लाइसेंस नहीं दिया जा सकता था। कॉपीराइट विवाद में दोनों पक्षों का दावा रैपरिया बालम: मेरे पास गीत के अधिकार हैं, मेरी अनुमति नहीं ली गई। ट्रूपर रिकॉर्ड्स: गीत को एक्सेल एंटरटेनमेंट को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट: कंपनी की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 8 सितंबर: रैपरिया बालम ने ली कानूनी राह विवाद बढ़ने के बाद बालम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को कानूनी नोटिस भेजने की बात कही। नोटिस में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं- फिल्म से ‘शूरवीर’ गाना हटाया जाए। सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। महाराणा प्रताप के नाम पर एक स्कूल बनाया जाए, जहां बच्चों को ऐतिहासिक महापुरुषों के बारे में पढ़ाया जाए। 9 सितंबर: गाने को फिल्म से हटाने की मांग राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले को उठाया। उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC को पत्र लिखकर ‘शूरवीर’ को फिल्म से हटाने की मांग की। राठौड़ का कहना रहा कि, महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग को समर्पित गाने को गैंगस्टर और आपराधिक किरदारों के दृश्यों के साथ जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐतिहासिक महापुरुषों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रतीकों का ऐसा इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों। 10 सितंबर: महाराणा प्रताप के वंशजों ने भी जताया ऐतराज विवाद में मेवाड़ के पूर्व राजघराने से जुड़े और महाराणा प्रताप के वंशज भाजपा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ भी सामने आए। उन्होंने फिल्म में गाने के इस्तेमाल को लेकर CBFC से सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ऐतिहासिक व्यक्तित्व से जुड़े गाने का इस तरह इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी फिल्म में ‘शूरवीर’ के चित्रण को लेकर सवाल उठाया। सवाल -3 : करणी सेना ने क्या अल्टीमेटम दिया?जवाब: श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म मेकर्स को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना रहा कि महाराणा प्रताप जैसे वीर महापुरुष को समर्पित गीत को गैंगस्टर और अपराध से जुड़े सीन के साथ जोड़ना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। करणी सेना ने साफ कहा है कि फिल्म से विवादित हिस्सा नहीं हटाया गया तो 24 घंटे बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा और इस फिल्म का प्रदर्शन रुकवाया जाएगा। उसी तरह का उग्र विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा, जैसा फिल्म 'पद्मावत' और 'जोधा अकबर' का हुआ था। सवाल - 4 : आखिर ‘शूरवीर’ गीत इतना अहम क्यों है?जवाब: ‘शूरवीर’ रैपरिया बालम का गीत है। जिसे उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य को केंद्र में रखकर तैयार किया। गीत में महाराणा प्रताप और चेतक से जुड़े वीरता के संदर्भ हैं। बालम का कहना है - मेरे ‘शूरवीर’ प्रोजेक्ट का मकसद नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और वीर योद्धाओं से जोड़ना रहा है। बालम और विरोध कर रहे संगठनों की आपत्ति सिर्फ यह नहीं है कि गाना फिल्म में इस्तेमाल हुआ। मुख्य सवाल यह है कि गाने को किस संदर्भ और किन किरदारों के साथ इस्तेमाल किया गया। सवाल - 5: क्या फिल्म में महाराणा प्रताप का कोई किरदार है?जवाब: फिल्म में महाराणा प्रताप का कोई किरदार नहीं है। लेकिन विवाद फिल्म में इस गाने के बैकग्राउंड में इस्तेमाल को लेकर है। फिल्म में यह गाना उस एक्शन सीक्वेंस में बजता है जिसमें मिर्जापुर के गैंगस्टर किरदार, खासकर मुन्ना त्रिपाठी से जुड़ा दृश्य दिखाया गया है। विरोध करने वालों का तर्क है कि गाने का संदर्भ महाराणा प्रताप की वीरता है, इसलिए उसे अपराध और गैंगवार के दृश्य में लगाना उसके मूल अर्थ और उसके पीछे के भावों को बदल देता है। वहीं, फिल्म निर्माताओं की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अभी तक सेंसर बोर्ड की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में इस सॉन्ग को लेकर बवाल जरूर तेज होता जा रहा है। सवाल - 6: क्या इससे पहले भी फिल्मों को लेकर ऐसे विवाद हो चुके हैं?जवाब: जी हां। राजस्थान में फिल्मों को लेकर सबसे बड़ा विवाद संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर हुआ था। 2017-18 में राजपूत संगठनों ने फिल्म के ऐतिहासिक चित्रण पर आपत्ति जताई थी। विरोध के बाद फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से ‘पद्मावत’ किया गया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने राज्यों को फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने से मना किया। इससे पहले ‘जोधा अकबर’ और फिल्म 'मणिकर्णिका' को लेकर भी राजस्थान में विरोध हुआ था। विवाद मुख्य रूप से फिल्म में ऐतिहासिक पात्रों को लेकर था।
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की पिठोरी अमावस्या पर शुक्रवार को मेनार के प्राचीन श्री चारभुजानाथजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ भव्य श्रृंगार मंदिर के पुजारी जगदीश वैष्णव ने बताया कि सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री चारभुजानाथजी का पंचामृत से अभिषेक और स्नान कराया गया। इसके बाद ठाकुरजी को सोने का मुकुट, सोने के आभूषण, विशेष पिछवाई और मंडफिया से मंगवाई गई आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। सांवलियाजी से मंगवाए गए गुलदाउदी, मोगरा, कश्मीरी गुलाब और देशी गुलाब के फूलों से भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावुक हो उठे। 56 व्यंजनों से सजा छप्पन भोग शाम को भगवान श्री चारभुजानाथजी को 56 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भव्य छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस मनोरथ का लाभ हेमेंद्र, प्रकाश, दयाशंकर एकलिंगदासोत (पुत्र भानीशंकर) और उनके परिवार ने लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व प्रधान हुक्मीचंद सांगावत और उनके परिवार ने माता लक्ष्मीजी को सोने का मुकुट तथा भगवान को चांदी की बांसुरी अर्पित की। भजन-कीर्तन और शंखनाद से भक्तिमय हुआ मंदिर महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने किए छप्पन भोग के दर्शन, अच्छी बारिश की मांगी कामना छप्पन भोग से पहले भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। दिनभर मंदिर परिसर में भजन, कीर्तन, घंटों-घड़ियालों की ध्वनि और शंखनाद गूंजता रहा। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने भगवान चारभुजानाथजी से सुख, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की।
उत्तर प्रदेश में अस्पतालों के लिए प्रस्तावित 82 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की खरीद से पहले विस्तृत जांच होगी। महानिदेशालय और आपूर्तिकर्ताओं के बीच संभावित सांठगांठ की भी जांच की जाएगी।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में बिरला रोड पर शुक्रवार रात कार और बाइक की टक्कर के बाद बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई। इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 9 बजे बिरला रोड पर सिंधी कैंप प्रवेश द्वार के पास दो बाइक पर 4-5 युवक बढ़इया टोला की तरफ जा रहे थे। तभी पीछे से आई एक कार ने लापरवाही से एक बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद कार ड्राइवर भागने लगा। बाइक सवार युवकों ने पीछा कर कार को रोका और उसमें तोड़फोड़ करने लगे। इसके बाद उन्होंने कार सवारों से मारपीट भी की। हंगामे की की दो तस्वीरें देखिए… आधे घंटे तक चलती रही मारपीटइस विवाद के बीच कार सवारों की तरफ से भी कई लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने बाइक सवार युवकों पर हमला कर दिया। लगभग आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच सड़क पर मारपीट चलती रही। इस दौरान लोगों ने वीडियो तो बनाए, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी और न ही बीच-बचाव करने आगे आए। इस मारपीट में बाइक सवार युवक कमजोर पड़ने लगे और वहां से भाग निकले। इसके बाद कार सवार लोग भी आगे बढ़ गए। घटना के कारण मौके पर जाम लग गया था और यातायात ठप हो गया था। किसी भी पक्ष ने अभी तक थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
आगरा कॉलेज के सप्रू हॉस्टल परिसर में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले में साहित्य और शोध से जुड़ी चार पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इनमें शिक्षाविद्, लेखक एवं शोधकर्ता वेद त्रिपाठी की दो खंडों में प्रकाशित ‘भारत की औद्योगिक नीति के जनक : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी’ तथा डॉ. शेषपाल सिंह ‘शेष’ की तीन काव्य-कृतियां ‘त्रिपदा-छंद मणिमाला’, ‘घनाक्षरी वाटिका’ और ‘घनाक्षरी मेघमाला’ शामिल हैं। कार्यक्रम में साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे। औद्योगिक चिंतन और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा वक्ताओं ने वेद त्रिपाठी की पुस्तक को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के औद्योगिक चिंतन और राष्ट्र निर्माण में योगदान के अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि शोध कार्यों के माध्यम से इतिहास और आर्थिक चिंतन से जुड़े विषयों को नई पीढ़ी तक तथ्यपरक रूप में पहुंचाया जा सकता है। छंद परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर डॉ. शेषपाल सिंह ‘शेष’ ने कहा कि छंद भारतीय काव्य परंपरा की महत्वपूर्ण विधा है। नई पीढ़ी को छंदबद्ध कविता से जोड़ना साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम है। डॉ. विनोद कुमार दीक्षित और डॉ. राजेंद्र दवे ने कहा कि ऐसी कृतियां शास्त्रीय भाषा और आधुनिक पाठकों के बीच संवाद स्थापित करती हैं। समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने अतिथियों और लेखकों का स्वागत किया।
बिजनौर की स्योहारा थाना पुलिस ने गोवंश कटान के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वे लंगड़ाते हुए चल रहे हैं और हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं। वे कह रहे हैं कि उनसे गलती हो गई, अब आगे से ऐसा नहीं होगा और वे कानून के अनुसार चलेंगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से पशु कटान में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस सभी को गिरफ्तार कर उनका चालान कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। दरअसल, स्योहारा के मोहित जोशी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सदाफल गांव के जंगल में कुछ लोगों ने गाय काटकर उसका मांस ले लिया और अवशेष वहीं छोड़ दिए। शिकायत में फरियाद पुत्र इमामी, शराफत पुत्र मुश्तकीम, छोटू उर्फ सुहैल पुत्र राजू, बाबू पुत्र कलवा, नन्हे उर्फ इस्लामुद्दीन पुत्र मुश्तकीम, अशरफ उर्फ चुन्नू पुत्र अकबर और एहसान पुत्र गामा, सभी निवासी सदाफल गांव का नाम था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि 10 सितंबर को सदाफल के जंगल से मिले गाय के अवशेषों से इन सभी का संबंध था। इसके बाद 11 सितंबर को पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। देर शाम को सामने आया वीडियो। बिजनौर जिले के एसपी केके विश्नोई के आने के बाद पुलिस ने हाल ही में कई मामलों के खुलासे किए हैं। शेरकोट में छेड़छाड़ के आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। नागा बाबाओं द्वारा गाड़ी रोककर दंपति से लूटपाट के मामले में भी दोनों बाबाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, दुष्कर्म के झूठे केस दर्ज कराकर लोगों से पैसे वसूलने वाले गैंग का भी खुलासा कर 5 आरोपियों को जेल भेजा गया है।
हजारीबाग में SIR केंद्र पर बदली व्यवस्था, अब 3 नहीं 8 टेबल पर होगा काम; लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
हजारीबाग के एसआईआर केंद्र पर बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए अब तीन की जगह आठ टेबल पर काम होगा। इस बदलाव से आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा और आवेदन प्रक्रिया तेज होगी।

