जयपुर में गरबा:गरबा के बीच आतिशबाजी, पहले ही दिन रही भारी भीड़
अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव का भव्य आतिशबाजी के साथ आगाज किया गया है। पहले ही दिन गरबा में भारी भीड़ रही। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
जयपुर में गरबा:पहली बार हिस्सा ले रही मधु ने पहना मोरपंख का मुकुट
अभिव्यक्ति गरबा में मधु सोनी पहली बार बतौर स्टूडेंट हिस्सा ले रहीं है। उन्होंने बताया- 1 महीने की क्लास से पहले मुझे डांस के नाम से भी डर लगता था, लेकिन ये मेरे लिए खास अनुभव है। उन्होंने सिर पर मोरपंख का मुकुट पहन रखा था।
बुलंदशहर में राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह के तहत अमर सिंह डिग्री कॉलेज में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं व उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और मैसेज, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, फर्जी वेबसाइट व लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के तरीके भी बताए। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी या व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं करने की सलाह दी।
जयपुर में गरबा:थीम बेस ड्रेस में आए प्रतिभागी, ब्लू और पिंक ड्रेस पहनी
भास्कर अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में बनी-ठनी ग्रुप ने पिंक थीम को रिप्रजेंट किया। ग्रुप के पुरुषों ने ब्लू और महिलाओं ने पिंक ड्रेस पहनी। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
जयपुर में गरबा:हरियाणवी, राजस्थानी और गुजराती गानों पर लोग जमकर थिरके
गरबा महोत्सव में हरियाणवी, राजस्थानी और गुजराती गानों पर लोग जमकर थिरके। हर उम्र के लोगों का उत्साह देखते हुए बन रहा था।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डा. एल. मुरुगन के अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा देने से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव होगा।
लखनऊ में सिविल डिफेंस लखनऊ कोर की ओर से चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में ला मार्टिनियर बॉयज कॉलेज में फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य ग्रे डोमिनिक मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को आग बुझाने, भूकंप और युद्धकालीन आपात स्थिति में सायरन सुनकर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने तथा प्राथमिक चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों सुमित साहू, रजत द्विवेदी और राजेंद्र श्रीवास्तव ने सामान्य आग, केमिकल फायर और गैस सिलेंडर में लगी आग पर काबू पाने के तरीके बताए। प्रशिक्षण के बाद कॉलेज के 16 विद्यार्थियों ने सीखे गए कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने कंबल की मदद से केमिकल फायर बुझाने और बिना किसी उपकरण के स्ट्रेचर बनाकर घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया। इस दौरान डिप्टी चीफ वार्डन गुरुप्रीत सिंह सेठी, ऋतुराज रस्तोगी सहित अन्य वार्डन मौजूद रहे।
लखनऊ में ‘गरबा रात्रि 2.0’ होगी आयोजित:17 अक्टूबर को कलारीपयट्टू और भारतीय वेशभूषा का फैशन शो होगा
लखनऊ में वूमेन लाइफ मैटर्स समिति के तत्वावधान में 17 अक्टूबर को हजरतगंज स्थित मोती महल लॉन में ‘गरबा रात्रि 2.0’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होगा। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार और पारंपरिक परिधानों से जोड़ना है। आयोजन समिति की सदस्य वंदना बंसल, दीपा बंसल, प्रयागमती गुप्ता और प्रीती पांडेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कार्यक्रम में डांडिया नृत्य, प्राचीन युद्ध कला कलारीपयट्टू और भारतीय वेशभूषा पर आधारित फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति और मर्यादा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। प्रेस वार्ता में दुर्गेश मिश्रा, उदय भान सिंह, निर्देश दीक्षित और एकता अग्रवाल भी मौजूद रहे।
भिंड के सत्र न्यायालय ने सुनील बघेल की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर हत्या और सबूत मिटाने का दोष साबित हुआ। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर कुल ₹8,000 का जुर्माना भी लगाया। दोषियों में प्रदीप जाटव (24), दशरथ शाक्य (23) और सूरज नरवरिया (28) शामिल हैं। तीनों लावन गांव के निवासी हैं। मामला बरोही थाना क्षेत्र का है। मंशापुरा निवासी सुनील बघेल बरासों में गजेंद्र सिंह गुर्जर के धर्मकांटे पर रहता था। 17 अप्रैल 2024 को वह मोटरसाइकिल से बरासों में न्योता खाने गया था। उसने परिजनों को बताया था कि वह रात में धर्मकांटे पर रुकेगा। अगली सुबह घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। मोबाइल बंद मिलने पर बरासों थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 19 अप्रैल को पुलिस को पिरोड़ा गांव के हार में स्थित स्वरूप नारायण के कुएं में एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान सुनील बघेल के रूप में हुई। उसके माथे पर गहरा घाव था। शरीर पर घसीटने के निशान भी मिले। उसके गले में साफी से फंदा लगा था। महिला से संबंधों को लेकर रंजिश प्रदीप जाटव के एक महिला से संबंध थे। बाद में सुनील के भी उस महिला से संबंध बन गए। प्रदीप ने सुनील को महिला से संबंध खत्म करने के लिए कहा था। सुनील के नहीं मानने पर दोनों के बीच रंजिश बढ़ गई। प्रदीप ने अपने दोस्तों दशरथ शाक्य और सूरज नरवरिया के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 17 अप्रैल की रात तीनों ने सुनील को शराब पार्टी के बहाने लावन गांव बुलाया। रात करीब 10 बजे उसे गांव के बाहर एक खाली प्लॉट में ले गए। वहां दशरथ ने सुनील के सिर पर डंडे से वार किया। उसके गिरने के बाद तीनों ने साफी से गला घोंट दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मोटरसाइकिल से बांधा। वे उसे करीब चार किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए और पिरोड़ा गांव के हार में स्थित कुएं में फेंक दिया। बाइक, मोबाइल और डंडा जब्त पुलिस ने प्रदीप जाटव की निशानदेही पर सुनील की मोटरसाइकिल जब्त की। सूरज नरवरिया से मृतक का मोबाइल और दशरथ शाक्य से वारदात में इस्तेमाल डंडा बरामद किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। 15 गवाहों के आधार पर सुनाई सजा सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह पेश किए। लोक अभियोजक जेपी दीक्षित ने पैरवी की। अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और ₹5,000-₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के बाद तीनों दोषियों को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
नीमच में पटाखा बाजार को नंबर 2 स्कूल मैदान से हटाकर पीजी कॉलेज ग्राउंड में शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर पटाखा व्यापारी भारत माता चौराहे पर दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। मंगलवार को व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। मामले में एसडीएम पराग जैन का कहना है कि सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन कराने के लिए ही पटाखा बाजार को पीजी कॉलेज ग्राउंड में शिफ्ट किया गया है, क्योंकि वहां पर्याप्त जगह और सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि व्यापारी इस जगह पर दुकानें लगाने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। अंधेरे और एक ही रास्ते को लेकर जताया एतराज धरने पर बैठे व्यापारी रामगोपाल ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दो दिन से प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बात करने नहीं आया। व्यापारियों का तर्क है कि पीजी कॉलेज ग्राउंड चारों तरफ से अंधेरे में रहता है और वहां आने-जाने का केवल एक ही रास्ता है, जो सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। व्यापारियों की मांग है कि हर साल की तरह इस बार भी पटाखा बाजार शहर के बीच स्थित नंबर 2 स्कूल मैदान में ही लगाया जाए। व्यापारियों का कहना है कि वे लगभग 109 दुकानों का लेआउट पहले ही प्रशासन को सौंप चुके हैं। उनका सुझाव है कि यदि क्रमांक 2 स्कूल में जगह कम पड़ती है, तो जीवाजी राव छात्रावास परिसर में भी दुकानें लगाई जा सकती हैं। लाइसेंस के आवेदन न भरने का लिया फैसला इधर, प्रशासन ने 15 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक अस्थायी पटाखा दुकानों के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इसके जवाब में पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि कोई भी व्यापारी लाइसेंस के लिए आवेदन फॉर्म नहीं भरेगा। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो इस बार नीमच शहर में पटाखा बाजार ही नहीं लगेगा और उनका यह धरना दिवाली तक लगातार जारी रहेगा।
बलौदाबाजार जिले में रायपुर-पलारी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। सोमवार देर रात घोटिया मोड़ के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी थी। हादसे में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से प्रेम धीवर (18) की सोमवार को ही बलौदाबाजार अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर हालत में रायपुर रेफर किए गए राज धीवर (18) और खिलेश्वर धीवर (18) ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीनों युवक मौसेरे भाई थे और नवरात्रि के मौके पर पलारी आ रहे थे। तेज रफ्तार बाइक खड़े ट्रक में घुसी जानकारी के मुताबिक, हादसा सोमवार देर रात पलारी थाना क्षेत्र के घोटिया मोड़ के पास हुआ। तीनों युवक बाइक से दौदे से पलारी आ रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पलारी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रेम धीवर की बलौदाबाजार अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, राज धीवर और खिलेश्वर धीवर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर किया गया था। रायपुर के अस्पताल में दो युवकों की मौत राज धीवर और खिलेश्वर धीवर का रायपुर के डीकेएस अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के तीसरे दिन दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। देर रात शव गांव लाए गए। गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। तीनों की उम्र 18 साल थी हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों की उम्र 18 साल थी। प्रेम धीवर और खिलेश्वर धीवर कोरासी गांव के रहने वाले थे, जबकि राज धीवर पलारी में रहता था। तीनों आपस में मौसी के परिवार से रिश्तेदार थे। प्रेम के पिता दौदे में होटल चलाते हैं। प्रेम भी पिता के साथ होटल में काम करता था। तीनों नवरात्रि के मौके पर पलारी आ रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घोटिया मोड़ पर पहले भी हो चुके हैं हादसे घोटिया मोड़ को हादसों के लिहाज से खतरनाक जगह यानी ब्लैक स्पॉट माना जाता है। यहां लापरवाही के कारण अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। पलारी थाना प्रभारी प्रियस जान ने बताया कि हादसा पलारी थाना क्षेत्र में हुआ है, लेकिन तीनों की मौत अलग-अलग जगह पर हुई है। संबंधित मर्ग डायरी मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रेसिडेंसी विवि में स्वामी विवेकानंद के पोस्टर से छेड़छाड़ का आरोप, एबीवीपी का प्रदर्शन
कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद के पोस्टर से छेड़छाड़ का आरोप लगा है।
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने खुद संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार ने बताया कि पांचों जिलों के लिए विकास प्राधिकरण अपीलीय अधिकरणों का गठन हो चुका है, पर पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। इस पर खंडपीठ ने सरकार को संबंधित पदों पर नियुक्ति के लिए दो महीने का समय दिया। कोर्ट ने साफ किया कि कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर में गठित अधिकरणों के सही संचालन के लिए नियुक्तियां जरूरी हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2026 को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अधिवक्ता अनिल भंडारी, दिलीप सिंह उदावत, शीतल कुंभट और सीएस जोधा मौजूद थे। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने अपनी बात रखी।
अंकिता भंडारी केस से क्यों जुड़ा दुष्यंत गौतम का नाम?
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने को लेकर विवाद तेज हो गया है. अंकिता भंडारी के पेरेंट्स उनके विरोध में इंडिया गेट पर धरना दे दिया. अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत गौतम का नाम भी सामने आया था. ऐसे में उन्हें राज्यपाल बनाने को लेकर मृतका के माता-पिता और विपक्ष सड़क पर उतर आया है.
देशभर में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में बुधवार को दोषी मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अधिवक्ताओं ने फैसले का स्वागत किया। फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में मौजूद अधिवक्ताओं ने तालियां बजाईं और मिठाई बांटकर खुशी जताई। अधिवक्ताओं का कहना था कि इस फैसले से समाज में कड़ा संदेश जाएगा। साथ ही ऐसे अपराध करने वालों को भी कानून का डर रहेगा। मेरठ में हुए इस हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। अधिवक्ताओं ने कहा कि अदालत के फैसले से न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होगा और भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद मिल सकती है। न्यायालय ने न्यायहित में सही फैसला सुनाया मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य एडवोकेट एसके दीक्षित ने कहा कि बुधवार को आया फैसला ऐतिहासिक है। माननीय न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर न्यायहित में निर्णय लिया है। इससे समाज में एक संदेश जाएगा कि इस तरह के अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मेरठ में जिस तरह का घिनौना अपराध हुआ, उसकी गंभीरता को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से छोटे से लेकर बड़े अपराध करने वालों के मन में भी कानून का डर पैदा होगा। यह पूरे देश के लिए एक संदेश है। न्यायाधीश ने जो न्याय दिया है, उससे लोग प्रसन्न हैं और पीड़ित परिवार भी खुश है। मामले में बच्ची के भविष्य और उसकी परवरिश को लेकर उठ रहे सवालों पर एसके दीक्षित ने कहा कि बच्ची छोटी है, यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन उसके भविष्य को अपराध से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। अपराध की गंभीरता और बच्ची के भविष्य को अलग-अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह एक अधिवक्ता के तौर पर जितना समझते हैं और अदालत में जो कार्यवाही उन्होंने देखी है, उसके आधार पर न्यायाधीश ने सही निर्णय दिया है। इसे केवल भावनात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बच्ची की उम्र और उसका भविष्य अपनी जगह है, लेकिन अपराध के लिए दी गई सजा पर विचार करते समय अपराध की गंभीरता भी महत्वपूर्ण है। पूरे देश में चर्चित हुआ मामला पूर्व शासकीय अधिवक्ता और मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री मुकेश मित्तल ने कहा कि जब दोनों दोषियों की सजा पर बहस हो रही थी, तब वह न्यायालय में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण तर्क रखे गए। यह मामला केवल मेरठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में नीले ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ। मुकेश मित्तल ने कहा कि घटना के बाद समाज में इस तरह के अपराधों को लेकर काफी चर्चा हुई। यदि ऐसे अपराधों में कड़ी सजा नहीं मिलती, तो अपराध करने वालों के मन में यह विचार आ सकता है कि कुछ भी करने के बाद उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से ऐसे लोगों को संदेश मिलेगा कि अपराध करने पर कानून के तहत सजा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने जांच तथा अभियोजन के स्तर पर काम किया।उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए नजीर बनेगा, जो इस तरह के अपराधों में शामिल होने के बारे में सोचते हैं या पहले से ऐसे अपराधों से जुड़े हैं। उनके मुताबिक, सजा का संदेश भविष्य में अपराध करने वालों को ऐसा कदम उठाने से रोकने में मदद कर सकता है। पहले दिन से मामले को देख रहा था, फैसले से बनेगी नजीर अधिवक्ता बलराम सोम ने कहा कि उन्होंने इस केस को पहले दिन से देखा और समझा है। उन्होंने पहले भी कहा था कि जिस प्रकार की निर्मम हत्या हुई, उसमें कड़ी सजा दी जा सकती है। उन्होंने मुकदमे की लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और अदालत में हुई कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में 22 गवाहों के बयान और 129 पेशियों के बाद फैसला आया है। उनके अनुसार, यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए नजीर पेश कर सकता है। उन्होंने फैसले के दौरान न्यायाधीश की ओर से महाभारत के श्लोक का उल्लेख किए जाने की बात भी कही। बलराम सोम के अनुसार, न्यायाधीश ने अपने निर्णय की शुरुआत महाभारत के श्लोक से की और दंड देने को धर्म से जोड़ते हुए अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड के साथ 50 हजार रुपये और 20 हजार रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया। इस तरह कुल 70 हजार रुपये के आर्थिक दंड का उल्लेख किया गया। बलराम सोम ने कहा कि उनके अनुसार, अदालत ने अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया है और यह निर्णय ऐसे मामलों में एक उदाहरण बन सकता है। फैसले से समाज में पहुंचेगा कानून का संदेश अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जिला जज साहब ने बहुत अच्छा फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का कृत्य इस मामले में किया गया, उसके बाद समाज में इस तरह की घटनाओं को लेकर डर और चिंता का माहौल था। लोगों के मन में सवाल था कि ऐसे अपराधों में दोषियों को किस तरह की सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अदालत के इस निर्णय से समाज में संदेश जाएगा कि अपराध करने वालों को कानून के तहत सजा मिल सकती है। इस तरह के फैसलों से लोगों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत के निर्णय से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोग कानून को गंभीरता से लेंगे। मृत्युदंड का फैसला बना मिसाल अधिवक्ता नसीब सैफी ने कहा कि बुधवार को माननीय न्यायाधीश ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। उनके अनुसार, यह फैसला ऐसे मामलों में एक नजीर के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुकदमे के दौरान दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग उठाई जा रही थी और बुधवार को अदालत ने अपना निर्णय सुना दिया। नसीब सैफी ने कहा कि इस मामले का फैसला आने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके अनुसार, इस तरह के अपराधों में अदालत की ओर से सुनाया गया फैसला समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अपराध करने वालों को सजा का संदेश देने का काम करेगा। फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में बजाईं तालियां नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद कोर्ट रूम में मौजूद अधिवक्ताओं ने प्रतिक्रिया दी। जैसे ही न्यायाधीश ने फैसला सुनाया, वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने तालियां बजाईं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मिठाई भी बांटी। अधिवक्ताओं का कहना था कि लंबे समय से चर्चित इस मामले में फैसला आने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन हुआ है। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में इसकी चर्चा हुई। इसलिए इस मामले में सुनाए गए फैसले को लेकर लोगों की नजरें अदालत की कार्यवाही पर थीं। अधिवक्ताओं के अनुसार, फैसले से यह संदेश गया है कि गंभीर अपराधों में अदालत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को भविष्य में ऐसे मामलों के संदर्भ में याद किया जाएगा।
कानपुर और उत्तर प्रदेश के 12 अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में 15 अक्टूबर को ओपीडी सेवाओं का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है। इसमें मरीजों के लिए उपलब्ध डॉक्टरों, विभागों और समय सारिणी के साथ-साथ महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी शामिल हैं।
कुशीनगर के फाजिलनगर ब्लॉक के बलियवां गांव में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले दो भाइयों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और उनके 20-25 समर्थकों ने ब्लॉक अधिकारियों के सामने ही दोनों भाइयों की पिटाई कर दी। घटना में घायल मो. सरफुद्दीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उनके छोटे भाई फैयाज के भी गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई है। भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच करने पहुंची थी टीम बलियवां गांव में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों की ओर से एसडीएम कसया से की गई थी। इसी शिकायत की जांच के लिए बुधवार दोपहर करीब 3 बजे बीडीओ रवि कुमार रंजन और एडीओ पंचायत राजेश गुप्ता गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, जांच टीम के साथ पुलिस बल मौजूद नहीं था। मो. सरफुद्दीन ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें फोन करके बुलाया था। उनके अनुसार, मौके पर पहुंचते ही ग्राम प्रधानऔर उनके साथ आए 20-25 लोगों ने उन पर और उनके छोटे भाई फैयाज पर हमला कर दिया। सीएचसी से जिला अस्पताल पहुंचे घायल मारपीट में घायल भाइयों को पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। इसके बाद शाम करीब 7 बजे उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है। पुलिस बोली- सूचना नहीं दी गई थी चौराखास थानाध्यक्ष महेंद्र प्रजापति ने बताया कि जांच टीम ने पुलिस को पहले से सूचना नहीं दी थी। मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच अधिकारी बीडीओ रवि कुमार रंजन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
संभल में दहेज में स्कॉर्पियो N गाड़ी की मांग को लेकर टला निकाह चार दिन बाद हो गया। बुधवार रात करीब 7 बजे दूल्हा राहत अली 50 लोगों के साथ बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा। दोनों परिवारों के बीच पुलिस में शिकायत और पंचायत के बाद समझौता हुआ। इसके बाद निकाह की रस्में पूरी की गईं। निकाह से 20 मिनट पहले बारात लाने से किया था इनकार मामला संभल तहसील के ऐंचौड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव ज्ञानपुर सिसौना और रायसत्ती थाना क्षेत्र के गांव परियावली का है। परियावली निवासी रियासत अली की बेटी का निकाह ज्ञानपुर सिसौना निवासी इरशाद अली के बेटे राहत अली से तय हुआ था। 11 अक्टूबर को शाम 4 बजे निकाह होना था। आरोप है कि निकाह से करीब 20 मिनट पहले राहत अली ने दहेज में गाड़ी की मांग को लेकर बारात लाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया था। ढाई साल पहले शादी में हुई थी मुलाकात दोनों की मुलाकात करीब ढाई साल पहले एक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए और परिवारों की सहमति से निकाह तय हुआ था। दुल्हन निकाह के लिए तैयार थी, लेकिन तय समय पर बारात नहीं पहुंचने से परिवार की खुशियां चिंता में बदल गईं। पंचायत के बाद दोनों परिवारों में बनी सहमति 13 अक्टूबर को मंडलाई गांव में दोनों पक्षों की पंचायत हुई। इसके बाद समझौते की राह निकली और बुधवार को निकाह संपन्न हुआ। असमोली सीओ अमन सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। उन्होंने समझौतानामा दिया है और कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहता। दूसरी शादी भी निकाह टलने से हुई थी प्रभावित परिवारों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को इफ्तेखार ने अपने बेटे शाने आलम का निकाह राहत अली की बहन मौज्जम से तय किया था। परियावली की युवती का निकाह नहीं होने के कारण शाने आलम का निकाह भी टाल दिया गया था। अब यह निकाह 15 अक्टूबर को होना है।
सुकमा जिले के बुरकलंका गांव में मंगलवार शाम एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति ने अपने चाचा समेत ग्रामीणों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस घटना में कुल 8 ग्रामीण घायल हो गए। हमले के कुछ देर बाद आरोपी मुचाकी कोसा की भी मौत हो गई। यह मामला किस्टाराम थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, वह कई दिनों से भूखा-प्यासा था और काफी कमजोर हो गया था। हालांकि, उसकी मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 13 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे मुचाकी कोसा ने अचानक धारदार हथियार (बांडा) से अपने चाचा मुचाकी सुकड़ी की गर्दन पर वार कर दिया। इसके बाद उसने दूसरे ग्रामीणों पर भी हमला किया। इस दौरान कुल 8 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर बाद अचेत होकर गिरा, फिर हुई मौत हमले के कुछ देर बाद मुचाकी कोसा अचानक अचेत होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह कई दिनों से खाना नहीं खा रहा था और शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत कमजोरी के कारण हुई होगी। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। सभी घायल खतरे से बाहर घटना की सूचना मिलते ही किस्टाराम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोंटा में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने मुचाकी कोसा के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है और हालात नियंत्रण में हैं।
बंगाल में इस बार दुर्गापूजा आयोजकों की संख्या रिकार्ड 58 हजार के पार, 800 और क्लबों को मिली अनुमति
पश्चिम बंगाल में इस वर्ष दुर्गापूजा आयोजकों की संख्या रिकॉर्ड 58 हजार के पार पहुंच गई है, जिसमें 800 अतिरिक्त क्लबों को भी अनुमति मिली है।ये पिछले साल से 13 हजार अधिक आयोजनों को दर्शाता है।
फर्रुखाबाद में मेरापुर थाना क्षेत्र के अचरा चौकी के पास बुधवार शाम एक युवक का शव तालाब में उतराता मिला। ग्रामीणों ने शाम करीब 5:30 बजे शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से नाव मंगाकर शव को बाहर निकलवाया। कायमगंज क्षेत्र का रहने वाला था युवक पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान कायमगंज कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत ज्योना के मजरा नगला फॉर्म निवासी रजनीश कुमार (28) पुत्र गिरन्द सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि रजनीश सोमवार सुबह से लापता था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसके तीन बच्चे हैं। पुलिस जांच में जुटी शव मिलने की सूचना पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।
नर्मदापुरम में जनजातीय कार्य विभाग की प्रभारी सहायक संचालक आशा मौर्य ने सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी समेत तीन लोगों पर ब्लैकमेलिंग, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में वर्तमान बीईओ एवं संयोजक हर्षित कौरव और कार्यालय कर्मचारी मनोज सोनी के नाम भी शामिल हैं। पीड़ित महिला आशा मौर्य ने एसपी साईकृष्ण एस. थोटा को शिकायत दी थी। इसके बाद जांच अजाक थाने को सौंपी गई। बुधवार को महिला पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। आशा मौर्य ने आरोप लगाया कि विवेक नागवंशी, हर्षित कौरव और मनोज सोनी उन पर कथित तौर पर अनैतिक कार्य करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। उनसे लाखों रुपए मांगे गए। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। शिकायत के बाद निलंबन का दावा आशा मौर्य के मुताबिक, उन्होंने 23 जून को कथित प्रताड़ना को लेकर जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त से शिकायत की थी। 7 जुलाई को विभाग के अपर आयुक्त ने कलेक्टर नर्मदापुरम को शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए। मौर्य ने दावा किया कि 13 जुलाई को नर्मदापुरम कमिश्नर ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए। उन्होंने निलंबन आदेश और FIR दर्ज कराने के लिए लिखे पत्र को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से निलंबन आदेश पर स्थगन मिला। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अधिकारियों, महिला आयोग और एसपी को शिकायतें दीं। अब अजाक थाने में उनके बयान दर्ज किए गए हैं। नागवंशी बोले- विभागीय जांच को प्रभावित करने की कोशिश सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि की शिकायत पर हुई जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। नागवंशी के मुताबिक, अवकाश नकदीकरण में गड़बड़ी, नियम विरुद्ध अटैचमेंट और अन्य मामलों में लापरवाही के आधार पर आयुक्त ने निलंबन की कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि दावा जांच में अर्जित अवकाश के भुगतान में अनियमितता सामने आई थी। ₹4 लाख के बजाय ₹20 लाख का भुगतान किया गया था। नागवंशी ने आरोप लगाया कि विभागीय जांच को प्रभावित करने के लिए उनके खिलाफ शिकायत की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने पदभार ग्रहण किया था। पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति अजाक थाना प्रभारी आरके दुबे ने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग की महिला अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी और सहकर्मियों के खिलाफ शिकायत की है। महिला पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। उनके भी बयान लिए जाएंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
दुर्गापूजा में अमित शाह का बंगाल दौरा तय, सप्तमी को पहुंचेंगे कोलकाता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दुर्गापूजा के दौरान बंगाल का दौरा करेंगे, जिसकी पुष्टि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की है।
कानपुर में सड़क निर्माण और मरम्मत के कामों में लापरवाही और गलत रिपोर्ट करने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने साफ कहा है कि विभाग ने जिस सड़क का काम पूरा होने की रिपोर्ट दी है, मौके पर काम अधूरा मिला तो संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन सड़कों की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। यह अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और GPS आधारित फोटो समेत वीडियो के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। सिर्फ कागजों पर सड़क मरम्मत पूरी बताई तो खैर नहीं बुधवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम, सेतु निगम और अन्य संबंधित विभागों के सड़क निर्माण, मरम्मत और पैचवर्क कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों की गुणवत्ता के साथ यह भी जांचा जाए कि वह वास्तव में आवागमन के योग्य हैं या नहीं। केवल कागजों पर काम पूरा दिखाने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। 30 अक्टूबर तक कई सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनूप मिश्रा ने बताया कि चार मार्गों पर सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। छह सड़कों का नवीनीकरण 30 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 26 सड़कों को अगले 10 दिनों में आवागमन योग्य बनाया जाएगा। निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता खंडेश्वर प्रसाद ने बताया कि 12 सड़कों का नवीनीकरण 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। 9 सड़कों पर पैचवर्क का काम पूरा हो चुका है, जबकि आठ सड़कों पर काम जारी है। 5 अन्य सड़कों के काम में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है। इस पर डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन को संबंधित विभागों के बीच समन्वय कराकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। जीटी रोड पर 1.5 किमी पैचवर्क बाकी लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की समीक्षा में अधिशासी अभियंता जयंत ने बताया कि जीटी रोड के 18 किलोमीटर लंबे हिस्से में पैचवर्क का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब केवल 1.5 किलोमीटर हिस्से में पैचवर्क बाकी है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। नगर निगम की सड़कों की हर सप्ताह होगी समीक्षा डीएम ने नगर निगम की सड़कों की जोनवार समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को क्षतिग्रस्त सड़कों पर पैचवर्क और नवीनीकरण का काम तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। सभी जोनों में सड़क सुधार कार्यों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा होगी। इसके साथ ही सड़कवार डिजिटल विवरण तैयार किया जाएगा, ताकि किस सड़क पर कितना काम हुआ है और कितना बाकी है, इसकी जानकारी मिलती रहे। जिन सड़कों का काम पूरा होने की रिपोर्ट दी गई है, उनका मौके पर सत्यापन भी कराया जाएगा। डीएम ने लंबित टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर काम शुरू कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर आवागमन योग्य बनाने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ सिंह सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिसार जिले के आदमपुर में 12 वर्षीय छात्र दैविक गोयल की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की धारा के तहत नाबालिग छात्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। मंगलवार शाम शिव कॉलोनी में हुई इस घटना के बाद मृतक के पिता रवि गोयल ने पुलिस को शिकायत देकर अपने बेटे को गोली मारने का आरोप लगाया था। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। रवि गोयल के अनुसार, उनके दोनों बेटे दैविक (12) और अक्षत (10) आदमपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। इसी स्कूल में पढ़ने वाले शिव कॉलोनी निवासी एक छात्र के साथ दैविक की दोस्ती थी। 17 अक्टूबर को स्कूल की ओर से शिमला टूर पर जाने का कार्यक्रम था। इसके लिए सामान की पैकिंग करने के सिलसिले में 13 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे दोस्त दैविक को अपने घर ले गया था। दैविक की मां को फोन पर मिली गोली लगने की सूचना कुछ समय बाद दैविक की मां सारिका देवी को फोन पर उसके गोली लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर दैविक खून से लथपथ जमीन पर पड़ा मिला। परिजन उसे एंबुलेंस से हिसार के नागरिक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने शिकायत में घटना के समय दोस्त, उसके भाई और मां के मौके पर मौजूद होने का उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को गोली दोस्त ने मारी। हालांकि, इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी था या अवैध, इसकी जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया है। थाना प्रभारी बोले- नियमानुसार कार्रवाई की जा रही सीन ऑफ क्राइम की इंचार्ज डॉ. पूनम कत्याल की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी हरिशचंद्र शर्मा ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। दैविक शिमला टूर को लेकर उत्साहित था। उसके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। घटना के बाद शोक में आदमपुर का बाजार पूरे दिन बंद रहा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
फांसी की सजा सुनते ही मुस्कान ने दी बेटियों की दुहाई, जज से बोली- रहम कीजिए; साहिल रहा गुमसुम
मेरठ के सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। मुस्कान ने अपनी दो छोटी बेटियों का हवाला देकर रहम की गुहार लगाई, जबकि साहिल सुनवाई के दौरान गुमसुम रहा।
बंगाल में निकाय चुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटका, कांग्रेस में शामिल हुईं दो पूर्व पार्षद
कोलकाता में आगामी निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाई है। ममता तृणमूल की दो पूर्व पार्षद फरजाना चौधरी और संचिता मंडल बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं।
घाटमपुर में नवरात्रि के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा देवी मंदिर में बुधवार शाम दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां पर सूरज ढलते ही एक साथ हजारों की संख्या में दीप जगमगा उठे। दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा उठा। नगर के अलावा दूर-दराज के गांवों से आए भक्तों ने मां के दरबार में भोग प्रसाद चढ़ाया। दीप दान देखने के लिए हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे। जिसके चलते मंदिर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। सवा लाख दीप प्रज्ज्वलित होते मंदिर दीपो की रोशनी से जगमगा उठा घाटमपुर नगर निवासी पूतु, सत्यम सिंह, गुड्डू पंडित, योगेश, विवेक शुक्ला आदि भक्तों ने बताया कि नवरात्र पर्व की चतुर्थी तिथि को यह आयोजन बीते कई वर्षों से लगातार जारी है। बुधवार की शाम जहां एक ओर सूरज ढल रहा था। दूसरी ओर मंदिर परिसर में भक्त माता की अगवानी में दीप जला रहे है। देखते ही देखते एक साथ रोशन हुए सवा लाख दीपों की झिलमिल रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमग हो उठा। मंदिर परिसर में स्थित तालाब, परिक्रमा मार्ग, यज्ञशाला और मुख्यद्वार पर की गई बिजली की झालरों की विशेष सजावट यहां पर आए हुए भक्तो के मन को मोहती रही। यहां पर लगभग सात लाख झालरों से मंदिर परिसर की सजावट की गई। तस्वीरों में देखिए आयोजन…
बिहार का जल संसाधन विभाग गंगा में गाद और फरक्का बराज के नुकसान पर 30 अक्टूबर को पटना में 'गंगा जल संधि: बिहार की जल सुरक्षा' विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
रतलाम के सर्किल जेल में हत्या के आरोप में बंद विचाराधीन कैदी राहुल जाट(35) पिता शंकरलाल जाट ने बुधवार शाम फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। जेल प्रबंधन को जानकारी लगते ही ह़ड़कंप मच गया। तुंरत जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद शाम करीब 7 बजे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सहायक जेल अधीक्षक ब्रजेश मकवाने ने बताया कि दोपहर 4 बजे के लगभग हमारी जेल में दोपहर का लॉकअप खुलता है। लॉकअप खुलने के समय जेल की जो सफाई गैंग रहती है। वह सभी बैरकों में और पूरे वार्ड में सफाई करने जाती है। इस दौरान उनके साथ में झाड़ू, फिनाइल रहती है। सफाई के अन्य साधन भी रहते है। सफाई के दौरान पीया फिनाइल राहुल जाट बैरिक नंबर-9 में बंद था। सफाई गैंग बैरिक के सामने से जब निकल रहे थे, तो कैदी राहुल जाट ने कहा कि मेरे बाथरूम को भी साफ कर दो। जब सफाई के लिए सफाई बंदी फिनाइल लेकर गया। तो राहुल जाट ने उसके हाथ से फिनाइल की बोतल छीन के दो-तीन घूंट पी लिया। अचानक से घटनाक्रम होने पर बंदियों और प्रहरी ने इसको पकड़ कर बोतल छीन ली। एहतियात के तौर पर हमारे जो जेल चिकित्सक हैं। उन्होंने उसे जिला अस्पताल भेजा। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिनाइल पीने का यह कारण बताया सहायक जेल अधीक्षक मकवाने ने बताया कि पूर्व में बंदी की वकील रही चेतना अवस्थी ने बंदी के खिलाफ कल(मंगलवार) को जेल में एक आवेदन दिया था। आवेदन में इस बंदी का ट्रांसफर करने का लिख इसके द्वारा प्रताड़ित करने की बात कही। मकवाने के अनुसार बंदी राहुल जाट द्वारा यह कहा है कि मेरे परिजनों ने चेतना अवस्थी के खिलाफ एक आवेदन थाने में लगाया है। थाने के अलावा अन्य जह भी आवेदन दिए है। लेकिन उसकी कोई FIR कोई नहीं कर रहा है। इसके दबाव के कारण उसकी जमानत नहीं हो रही है। इसी कारण से उसने यह फिनाइल पिया। सहायक जेल अधीक्षक मकवाने के अनुसार राहुल जाट व अधिवक्ता चेतना अवस्थी के बीच कुछ लेन-देन रहा है। इसकी अधिवक्ता भी रही हैं। इसके घर पर जाकर इसके जीजा और कहीं अन्य लोगों ने इसको प्रताड़ित किया है, इस तरह का उन्होंने आवेदन दिया है। हत्या के आरोप में बंद आरोपी नामली थाना क्षेत्र में डबल मर्डर के आरोप में पहले रतलाम जेल में बंद था। बाद में इसे जावरा उप जेल शिफ्ट कर दिया। पिछले एक साल से वह जावरा उप जेल में बंद था। दो से तीन माह पहले जावरा रतलाम सर्किल जेल में शिफ्ट किया। सहायक जेल अधीक्षक के अनुसार आरोपी के अनुसार अधिवक्ता द्वारा पूर्व में भी आरोपी बंदी के खिलाफ जावरा जेल में आवेदन दिया था। इस कारण उसकी जमानत नहीं हो पा रही है। इसी के चलते उसने फिनाइल पिया है। डबल मर्डर के आरोप में कुल 21 आरोपी थे। जिसमें से 20 की जमानत हो चुकी है। केवल इसकी जमानत नहीं हुई है। मेरी छबि धूमिल करने की कोशिश- अधिवक्ता अधिवक्ता चेतना अवस्थी ने बताया दो दिन पूर्व आरोपी राहुल जाट के परिजनों ने मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर मेरी छबि धूमिल करने की कोशिश की थी। इसका आवेदन मेरे द्वारा थाने पर दिया है। पूर्व में इसकी मैं वकील रहीं हूं। परिवार परिचीत होने के कारण इसके जीजा ने रुपयों की जरूरत होने पर रुपए मांगे थे। तब मैने आरटीजीएस के माध्यम से 9 लाख रुपए दिए थे। पिछले 10 माह से मैं इसकी वकील नहीं हूं। अब रुपए मांग रही हूं तो मेरे खिलाफ अनर्गल आरोप लगाकर छबि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। सीएम हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत कर चूंकी हूं। मेरे द्वारा आरोपी राहुल जाट के खिलाफ जेल प्रशासन को आवेदन दिया है।
नवरात्र और दीपावली त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए जैसलमेर जिले में विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में देवीकोट क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कीर्तिपाल सिंह भाटी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. स्वरूप चारण की संयुक्त टीम ने देवीकोट क्षेत्र की विभिन्न मिठाई की दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण, साफ-सफाई और निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। मावे, मिठाई और घी के लिए गए 7 नमूने अभियान के दौरान अधिकारियों ने मिलावट की आशंका के चलते मावा, विभिन्न मिठाइयों और घी के कुल 7 नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इन सभी नमूनों को मानक परीक्षण के लिए राज्य की प्रयोगशाला में भिजवाया जा रहा है। लैब से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों के अनुसार आगामी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर नष्ट की गई अमानक सामग्री निरीक्षण के दौरान दुकानों पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाई गई 40 किलो दूषित मिठाई और 10 किलो रंगीन चटनी को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, ताकि त्योहारों के सीजन में किसी भी आम नागरिक के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो। दुकान संचालकों को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आमजन से सुरक्षित भोजन अपनाने की अपील खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आम नागरिकों से विशेष अपील की गई है कि वे त्योहारों के दौरान बाजार से मिठाइयां व अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें। किसी भी प्रकार की संदेहजनक या मिलावटी खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 14 जिलों में 39,383 करोड़ रुपये की 46 औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास/उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से राज्य में 42,512 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
'भागलपुर का सबसे बड़ा नेता मैं; फिर भी मुझे ही दी जा रही गाली', सम्राट के मंत्री का छलका दर्द
पथ निर्माण मंत्री शैलेन्द्र ने गंगा कटाव से प्रभावित राघोपुर पंचायत के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि काम करने के बावजूद उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
झांसी में महिला की मौत होने की सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने हंगामा कर दिया। भारती कुशवाहा (35) की शादी लगभग 15 साल पहले हुई थी। मृतका की बहन राधा का आरोप है कि जीजा दूसरी शादी करना चाहते हैं, इसलिए बहन को परेशान करते थे। इस मौत में जीजा का ही हाथ है। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं भारती कुशवाहा कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़ागांव गेट बाहर किराए से रहती थीं। पास में ही उसका मायका है। मृतका की मां राजकुंवर ने बताया- हमने लगभग 15 साल पहले बेटी भारती की शादी पवन कुशवाहा से हुई थी। पवन एक अस्पताल में काम करता है। दोनों की 13 साल की बेटी अराध्या और 10 साल का बेटा अलख है। शादी के बाद से ही बेटी को परेशान किया जाता था। मंगलवार शाम लगभग 7:30 बजे बेटी को कॉल आया। बोली- पवन उसे मंदिर ले जा रहे हैं। इतनी बात होने के बाद फोन काट दिया। रात लगभग 10 बजे कॉल आया कि भारती की तबीयत खराब है। थोड़ी देर बाद फोन आया कि भारती की मौत हो गई। तब हम लोग प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे। शव को ले जाने की तैयारी की जा रही थी। तब हम लोगों ने पुलिस को बुला लिया। जमीन का पैसा पति ने रख लिया मां ने आरोप लगाया कि बेटी भारती और उसकी बहनों के नाम पर जमीन थी। जो जनवरी महीने में बिक गई। भारती के हिस्से में लगभग 13 लाख रुपए आए थे, जो उसके पति ने ले लिए थे। उन पैसों का कोई पता नहीं है। दोनों बच्चों को भी छात्रावास में डाल दिया। आरोप है कि दो साल से भारती को बच्चों से नहीं मिलवाया। पति पवन ने पुलिस को बताया कि वो भारती को लेकर मंदिर गया था। वहां चक्कर आने के बाद भारती गिर गई। तब वो भारती को प्राइवेट अस्पताल ले गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बीमारी की वजह से भारती की मौत हुई है। पोस्टमार्टम करवाया गया है कोतवाल अंजन कुमार सिंह ने बताया कि भारती के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। अभी तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को श्रीगंगानगर में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने और धनतेरस पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी के निवास के बाहर काली दिवाली मनाने की चेतावनी दी। महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कलवानिया और जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने कहा- प्रदेश के कर्मचारियों के समर्पित अवकाश पर पिछले 6 महीने से अघोषित रोक लगी हुई है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पिछले 7 से 8 महीने से जीपीएफ, एसआई और अन्य परिलाभों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे प्रदेश के करीब 8 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों में रोष है। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर राज्य सरकार का रवैया संवेदनहीन बना हुआ है। महासंघ की ओर से सरकार को सौंपे गए 11 सूत्री मांगपत्र और 7 संकल्पों पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुधवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए गए हैं। मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर प्रदेश नेतृत्व के घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन के अगले चरण आयोजित किए जाएंगे। महासंघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर धनतेरस के दिन डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी के निवास के बाहर काली दिवाली मनाई जाएगी। इसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा 12 दिसंबर को अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में भी प्रदेश और श्रीगंगानगर जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के गुरमीत सिंह गिल और पवन छिम्पा, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के नवदीप सिंह मान और रामकुमार सिहाग, राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के संजीव वेदी और इंद्राज जाखड़, वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ की मंजू बाला और राजीव कुमार विश्नोई, अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघ के अनिल फूल भाटी और चरणदास, राजस्थान पटवार संघ के मांगीलाल, राजस्थान कृषि स्नातक संघ के रोशन सिंह और सुधीर कुमार तथा महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसकरण सिंह अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। उपायुक्त उद्योग ने अधिकारियों व संगठनों का स्वागत किया। बैठक में लोहिया नगर के कैंची क्लस्टर में पुलिस चौकी बनाने पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने मेरठ विकास प्राधिकरण, पुलिस व औद्योगिक संगठन को मिलकर जल्द चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए। मेवला फ्लाईओवर की सड़क मरम्मत पूरी हो गई है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि नाला बनाने का अनुबंध व सर्वे-डिजाइन भी पूरा है। स्पोर्ट्स एनक्लेव में बिजली व्यवस्था पर विद्युत विभाग ने बताया कि नंगे तारों से सप्लाई चालू है। स्ट्रीट लाइटों के लिए नगर निगम को 500 मीटर तार चाहिए। जिलाधिकारी ने नगर निगम को तार और आई.आई.ए. से लाइटें लेकर विद्युत विभाग को जल्द लगाने को कहा। गगोल रोड इंडस्ट्रियल एरिया में नया बिजली घर बनाने के लिए पी.वी.वी.एन.एल. ने नगर निगम से जमीन मांगी। नगर निगम ने ग्राम काशी में 1500 वर्ग मीटर जमीन देने पर सहमति दी, जिस पर जिलाधिकारी ने 15 दिनों में जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए।
कानपुर के पनकी में एमआईजी रोड स्थित बेडलॉक गेस्ट हाउस के बाहर पंडाल में फूल-माला की सजावट करते समय 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसे डेकोरेशनकर्मी के मामले में पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घायल कर्मचारी के भाई की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष ने गेस्ट हाउस संचालक पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है। बिठूर के बाकरगंज स्थित रमेश नगर निवासी संजय के मुताबिक, उनका भाई गोपाल कुशवाह 12 अक्टूबर को ठेकेदार अजय उर्फ भूरा के साथ पनकी के बेडलॉक गेस्ट हाउस में फूल-माला की सजावट करने गया था। गेस्ट हाउस के बाहर मालिक विजय चड्ढा ने कार्यक्रम के लिए पंडाल लगवाया था। इसी पंडाल में सजावट का काम चल रहा था। संजय के अनुसार, पंडाल के पास से ही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। खंभे पर काम करते समय करंट की चपेट में आया सोमवार दोपहर करीब एक बजे गोपाल पंडाल के खंभे पर चढ़कर सजावट का काम कर रहा था। इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों में भी चिंता फैल गई। भाई ने लगाया लापरवाही का आरोप संजय ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि पंडाल के पास से हाईटेंशन लाइन गुजरने के बावजूद वहां काम कराने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। बिजली की खतरनाक लाइन के नीचे सजावट का काम कराए जाने के कारण उनके भाई की जान जोखिम में पड़ गई। उनका आरोप है कि यदि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था। मामले में पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिक विजय चड्ढा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि घटना में परिजनो की ओर से जो तहरीर प्राप्त हुई थी उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में विज्ञान फाउंडेशन के परिवर्तन प्रोग्राम के तहत किशोरियों को रोजगार, फ्रीलांसिंग, स्वरोजगार और करियर विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें 40 किशोरियों ने हिस्सा लिया। वर्कशॉप में जेप्टो, अर्बन कंपनी, जेनेसिस, बैंकिंग, इनोव और ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़े निजी संस्थानों के एचआर प्रोफेशनल्स और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने किशोरियों को उद्योग जगत की जरूरतों, करियर के विकल्पों और नौकरी पाने के रास्तों की जानकारी दी। कार्यक्रम में किशोरियों को अपनी कौशल क्षमता विकसित करने, विभिन्न करियर विकल्पों को समझने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बंगाल में निकाय चुनाव से पहले मिटाएं पुरानी EVM का डेटा, कलकत्ता हाई कोर्ट का निर्देश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में आगामी शहरी निकाय चुनावों से पहले राज्य चुनाव आयोग को पुरानी ईवीएम से डेटा मिटाने की अनुमति दी है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स की मदद से मेडिकल सर्विस को बेहतर बनाने के लिए जोधपुर की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रिसर्च कर रही है। संस्थान की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब (MAISys Lab) में दिल की अल्ट्रासाउंड जांच के लिए एआई बेस रोबोटिक प्रणाली डेवलप करने के साथ ही एनालसिस और मेडिकल एजुकेशन को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च किया जा रहा है। दरअसल, ये लैब कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा के नेतृत्व में काम कर रही है। जानकारी के अनुसार- अल्ट्रासाउंड में क्लियर और काम आने वाली तस्वीरों के लिए प्रोब को सही जगह पर रखना होता है। दिल की अल्ट्रासाउंड जांच यानी इकोकार्डियोग्राफी में इसकी स्पेशलिटी की जरूरत होती है। इसी चुनौती को देखते हुए एआई की मदद से ऑपरेट होने वाली रोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रणाली डेवलप की जा रही है। इसमें रोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रोब को पकड़ेगी, वहीं एआई प्रणाली प्रोब को सही दिखा में ले जाएगी। रिसर्च टीम का दावा है कि भारत में इस तरह का पहला प्रयास है। एआई से पसलियों के फ्रैक्चर की पहचान में मिलेगी मदद IIT जोधपुर की शोध टीम सीटी स्कैन (CT Scan), एमआरआई (MRI) और अल्ट्रासाउंड सहित विभिन्न मेडिकल इमेज का कंप्यूटर बेस एनालिसिस करने के तरीके को भी डेवलप कर रही है। रिसर्च का मेन बेस यह होगा कि पसलियों में फ्रैक्चर की पहचान और उसका एनालिसिस किया जाए। मेडिकल स्कैन में कई पसलियों की अलग-अलग जांच करना रेडियोलॉजिस्ट के लिए समय लेने वाला कमा होता है। इसके समाधान के लिए एजेंटिक एआई (Agentic AI) आधारित सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। इससे पसलियों में अलग-अलग तरह के फ्रैक्चर की स्थिति की अपने आप पहचान करना और उसकी मेडिकली पैरामीटर के अनुसार उसका एनालिसिस करना होगा। इससे पसलियों से संबंधित जांच और उसकी ब्रीफ रिपोर्ट के आधार पर डेवलप होगा। ऐसे में डॉक्टरों को बार-बार मैन्युअल जांच करने पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और रेडियोलॉजिस्ट एनालिसिस से मेडिकली बेहतर निर्णय ले सकेंगे। सिमुलेशन तकनीक से चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम लैब में तीसरा रिसर्च मेडिकल एजुकेशन से संबंधित किया जा रहा है। मेडिकल विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों को जटिल चिकित्सकीय प्रक्रियाओं को समझने, उनका अवलोकन करने और व्यावहारिक कौशल विकसित करना मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए शोध टीम इंटरैक्टिव टूल विकसित कर रही है। इनमें मेडिकल टेस्ट के प्रोसेस के सिमुलेटर और आंखों की सर्जरी से जुड़े वीडियो शामिल है। सिमुलेशन की मदद से मेडिकल स्टूडेंट अलग-अलग परिस्थितियों को देखकर और समझकर यह जान सकते हैं कि किसी प्रक्रिया में बदलाव करने से क्या इफेक्ट होगा। IIT जोधपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्वास्थ्य सेवाओं में सार्थक बदलाव ला सकती है, बशर्ते इसका विकास डॉक्टरों, मरीजों और चिकित्सा विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने बताया कि मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में एआई, रोबोटिक्स और कंप्यूटर आधारित तकनीकों को एक साथ लाकर दिल की अल्ट्रासाउंड तस्वीरें प्राप्त करने से लेकर मेडिकल स्कैन के विश्लेषण और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के सिमुलेशन तक की चुनौतियों पर काम किया जा रहा है।
प्रयागराज में 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई मजदूर एकता मंच से जुड़े सफाई कर्मचारियों का नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पत्थर गिरजाघर से होते हुए सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे तक जुलूस निकाला। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और नगर निगम प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सफाई मजदूर एकता मंच, संबद्ध ऐक्टू के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के दौरान यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम में ज्ञापन लेने के लिए कोई सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं हो रहा है। यूनियन का आरोप है कि दो दिनों से प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनने और ज्ञापन लेने में रुचि नहीं दिखाई। इससे नाराज कर्मचारियों ने नगर निगम के नोटिस बोर्ड पर ही अपना मांगपत्र चस्पा कर दिया। यूनियन के पदाधिकारियों ने नगर निगम प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से जल्द वार्ता कर समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर सुनवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में यूनियन अध्यक्ष बलराम पटेल, उपाध्यक्ष रोशनी लता, अक्षय कुमार, कोषाध्यक्ष राघवेंद्र पटेल, उपसचिव प्रेमचंद, सदस्य राम अजोरपाल, अनिरुद्ध पाल, रोशन, अजय कौशिक, ज्ञान देवी, रीता और गायत्री समेत सैकड़ों सफाई कर्मचारी शामिल रहे।
चित्तौड़गढ़ जिले की बिजयपुर रेंज में नीलगाय के बच्चे का शिकार करने के मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। करीब एक महीने पहले वारदात को अंजाम दिया गया था। दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही थी। तीसरा आरोपी मारपीट के मामले में बेगूं जेल में बंद मिला। वन विभाग को जैसे ही आरोपी के बेगूं जेल में होने की सूचमा मिली तो तुरंत अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया गया और उसे जेल से लाकर चित्तौड़गढ़ कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी इंद्रमल कंजर उर्फ इंद्रिया पुत्र बिटू निवासी धांगलिया खेड़ा को 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। वन्यजीव शिकार में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक- उदयपुर संभाग में यह पहला मामला है जिसमें किसी वन्यजीव शिकार के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। रेंजर विजयपुर भूपेन्द्र सिंह शक्तावत ने बताया- वन विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपी इंद्रमल, गोपाल लाल भील और भंवरलाल बागरिया ने शिकार किया था। वे नीलगाय के बच्चे को जंगल से जिंदा पकड़कर लाए थे। इसके बाद उसे अपने घर में लाए। अगले दिन तीनों ने मिलकर उसे काट दिया। विभाग को मुखबिर से सूचना मिली तो टीम ने मौके पर पहुंची। वहां से करीब छह किलो कच्चा मांस बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी मांस काटकर खाने की तैयारी कर रहे थे। दो आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके रेंजर विजयपुर भूपेन्द्र सिंह शक्तावत ने बताया- इस मामले में गोपाल लाल भील और भंवरलाल बागरिया को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। तीसरा आरोपी इंद्रमल घटना के बाद से फरार था, लेकिन बाद में बेगूं थाना पुलिस के मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार होकर उपकारागृह बेगूं में बंद मिला। जानकारी मिली कि आरोपी 13 अक्टूबर तक जेल में निरुद्ध है और उसे जमानत मिल सकती है। ऐसे में विभाग ने सिविल न्यायालय एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट चित्तौड़गढ़ से बीएनएसएस की धाराओं के तहत प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया। फिर 14 अक्टूबर को जेल से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वन विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका पूरे मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई उप वन संरक्षक वी. केतन कुमार और सहायक वन संरक्षक भावना शर्मा के निर्देशन में की गई। इस पूरे प्रकरण में रेंजर विजयपुर भूपेन्द्र सिंह शक्तावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में नाका प्रभारी विजयपुर मनोहर सिंह जाट सहायक वनपाल, नाका प्रभारी उदपुरा राजेन्द्र सिंह रावत, वनपाल मेघनाथ, वनरक्षक योगेश कुमार गुजर, वनरक्षक मंदराज मीणा, वनरक्षक ओमप्रकाश बेनीवाल, वनरक्षक नारायण सिंह तंवर, वनरक्षक महेन्द्र सिंह चुण्डावत, वनरक्षक विजय सिंह चौहान सहित वन विभाग का पूरा स्टाफ शामिल रहा। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों के शिकार से जुड़े मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबिकापुर शहर सीमा में बांकी जलाशय क्षेत्र की माइनर नहर पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के में अब तक 23 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान कई बड़े मकान भी अतिक्रमण की जद में आए हैं। इन्हें हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। अंबिकापुर शहर के भारत माता चौक, पॉश कालोनी कुंडला वसुंधरा सहित नेशनल हाईवे की सड़कों में जलभराव की समस्या वर्षों से बनी हुई थी। इसका कारण बांकी नहर में अतिक्रमण कर निर्माण को बताया गया, जिससे पानी की निकासी रूक रही थी। बांकी नहर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की शिकायत परवेज आलम ने सरगुजा कलेक्टर एवं जल संसाधन के ईई से की थी। अब तक हटाये गए 24 अतिक्रमण, नहर पाटकर बने मकान जिला प्रशासन एवं जल संसाधन की संयुक्त कार्रवाई में 24 लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। नहर की जमीनों की मार्किंग कर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। नहर के अतिक्रमण में बड़े मकान भी आ गये हैं। बताया गया है कि बांकी जलाशय की माइनर नहर पर कई भूमाफियाओं ने कब्जा कराया और प्लाटिंग बताकर बेच दिया। जमीन खरीदने वाले लोगों ने भी शासकीय नहर की परवाह किए बिना उसे पाटकर मकान बना लिए। कई लोगों ने क्षेत्र में मंहगी जमीन के कारण नहर की भूमि पर भी कब्जा कर निर्माण कर लिया। जल संसाधन विभाग ने अवैध कब्जे को हटाने के लिए 24 घंटे का नोटिस जारी किया है। जल संसाधन के ईई अशोक निरंजन ने बताया कि नहर के मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम सीमांकन के आधार पर कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई के दौरान छोटे मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। बड़े निर्माण को हटाने नोटिस जारी किया गया है। नहर के अंतिम छोर तक जारी रहेगी कार्रवाई जल संसाधन विभाग के ईई अशोक निरंजन ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की टीम सक्रियता से सीमांकन कर रही है। यह अभियान नहर के अंतिम छोर तक चलाया जाएगा। बड़े मकान अतिक्रमण क्षेत्र में आए हैं। बड़े मकानों के मामले में इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाने के दौरान शेष निर्माण को कम से कम नुकसान पहुंचे। बांकी जलाशय की माइनर नहर पर अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई से शासकीय जल संरचना को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार को बंडा बहरा से बहेरापारा तक अभियान चलने के बाद आगे के हिस्सों में भी सीमांकन के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
बडनपुर में सजा मां दुर्गा का पंडाल:9 दिनों तक पूजा अर्चना, 19वें दिन भंडारा फिर प्रतिमा विसर्जन होगा
प्रतापगढ़ में सदर तहसील क्षेत्र के बडनपुर गांव में आदर्श नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य दुर्गा पूजा पंडाल सजाया गया है। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां प्रतिदिन सुबह और शाम श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आरती में गांव की महिलाएं और बेटियां बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। गांव के प्रवीण सिंह काका ने बताया कि बडनपुर में कई वर्षों से दुर्गा पूजा पंडाल लगाने की परंपरा चली आ रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। दसवें दिन छोटे भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इसके बाद धूमधाम से मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। दुर्गा पूजा आयोजन में गांव के छोटू सिंह, अंकित सिंह, रोहित, ऋषभ, राजन और राजू उर्फ विधायक सहित अन्य लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी अखिलेश वर्मा सुबह-शाम दुर्गा पूजा पंडाल का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रेलवे ने दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए 30 अक्टूबर तक प्लेटफार्मों पर केवल टिकट धारकों को प्रवेश देने की सलाह जारी की है।
कोरबा एसईसीएल दीपका क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के बीच महाप्रबंधक शरद कुमार तिवारी ने सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत खुद से करनी होगी। केवल रैली निकालने और शपथ लेने से सफाई नहीं आएगी, इसके लिए व्यवहार में बदलाव जरूरी है। स्वच्छता को अपनी संस्कृति और रोजमर्रा की कार्यशैली में शामिल करना होगा। पदभार के 2 दिन बाद ही कार्यालयों का औचक निरीक्षण महाप्रबंधक शरद कुमार तिवारी ने पदभार संभालने के महज दो दिन बाद ही कार्यालय के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यस्थलों का जायजा लिया। कई जगह टेबल और कंप्यूटर स्क्रीन पर धूल जमी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान या औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कॉलोनी हो या कार्यालय, सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को अपने कार्यस्थलों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करनी होगी। प्रगतिनगर कॉलोनी में निकाली जागरूकता रैली विशेष स्वच्छता अभियान के तहत स्नेह मिलन सांस्कृतिक भवन, प्रगतिनगर से स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली प्रगतिनगर कॉलोनी का भ्रमण करते हुए सामुदायिक भवन, ऑफिसर्स क्लब दीपका पहुंची। इस दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश दिया गया। रैली के समापन पर महाप्रबंधक ने सभी से स्वच्छता को आदत बनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई के लिए सामूहिक प्रयास के साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। अधिकारियों, कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में महाप्रबंधक खनन नागेंद्र कुमार साहू, स्वच्छता अभियान के नोडल अधिकारी राजेंद्र कुमार, दीपका डिस्पेंसरी के सीएमओ सुधीर कुमार रजक, पर्यावरण विभाग प्रमुख संध्या पोट्टम, मानव संसाधन प्रमुख किल्ली प्रसाद, जीएम एक्सकेवेशन एलआर सूर्यवंशी, एरिया सेफ्टी ऑफिसर केएल सरौता, प्रोजेक्ट सेफ्टी ऑफिसर राबिन मिर्धा और उप महाप्रबंधक नवीन कुमार शामिल हुए। इसके अलावा मानव संसाधन विभाग के प्रबंधक ललित कौरव, अनुपम दास, डॉ. शिवकुमार चंद्रा, ट्रेड यूनियन की संयुक्त सलाहकार समिति के एरिया और प्रोजेक्ट स्तर के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अभियान के साथ सफाई व्यवस्था में सुधार की चुनौती एसईसीएल दीपका क्षेत्र में पिछले कई दिनों से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। महाप्रबंधक के निरीक्षण में कार्यस्थलों पर धूल मिलने के बाद सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत सामने आई है। अब कॉलोनियों से लेकर कार्यालयों तक नियमित सफाई, निगरानी और जिम्मेदारी तय करना अभियान की अहम चुनौती होगी। महाप्रबंधक के संदेश का उद्देश्य भी यही है कि स्वच्छता केवल रैली, भाषण और शपथ तक सीमित न रहे, बल्कि परिसर और कार्यस्थलों में रोजाना दिखाई दे।
गोंडा में वजीरगंज इलाके के एक प्राथमिक विद्यालय में 13 साल की छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई। परिजनों ने बुधवार रात 8 बजे वजीरगंज थाने पहुंचकर शिकायत दी। उन्होंने सहायक अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने गलत तरीके से छूने का लगाया आरोप परिजनों के मुताबिक, छात्रा बुधवार को विद्यालय पढ़ने गई थी। दोपहर करीब 1 बजे विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने फोन कर बताया कि छात्रा का किसी बात को लेकर विवाद हो गया है। परिजनों का आरोप है कि जब वे विद्यालय पहुंचे, तो छात्रा को बाहर नहीं आने दिया जा रहा था। किसी तरह बाहर आने के बाद वह डरी-सहमी थी। परिजनों का कहना है कि काफी देर बाद छात्रा ने बताया कि गांव के सहायक अध्यापक ने गलत नीयत से उसके निजी अंगों को छुआ। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी अध्यापक ने छात्रा को गलत तरीके से छुआ था।सहायक अध्यापक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। पुलिस बच्चों के बीच विवाद के पहलू की भी कर रही जांच वजीरगंज थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया- बच्चों के बीच साइकिल चलाने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। इसी विवाद में बच्चों के बीच मारपीट हुई थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, एक अन्य छात्रा ने सहायक अध्यापक से शिकायत की थी, जिसके बाद उन्होंने छात्रा को डांटा था। थाना प्रभारी ने कहा- पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी महासंघ 2 नवंबर को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना देगा। मांगें पूरी नहीं होने से सफाई कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करना और काम के घंटे निर्धारित करना शामिल है। महासंघ के आंदोलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा और हरियाणा के सफाई कर्मचारी नेता प्रधान जी भी शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, हरियाणा में 37 दिन तक चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के अनुभव और नौकरी की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। आंदोलन को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल अग्रवाल और जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी अपने साथियों के साथ सफाई कर्मचारी नेता संतोष बाल्मिकी से मिले। उन्होंने धरने को समर्थन देने की बात कही।
प्रयागराज के CMP डिग्री कॉलेज में छात्र समस्याओं और अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की कॉलेज इकाई ने बुधवार को प्राचार्य को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। परिषद ने कॉलेज प्रशासन से छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। साथ ही इसके लिए 21 दिन का समय दिया है। छात्रों की समस्याएं दूर करने की मांगABVP कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी, शैक्षणिक अव्यवस्थाओं और परिसर से जुड़ी समस्याओं को उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन समस्याओं के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन को छात्र हित में जल्द कदम उठाने चाहिए। देखें तस्वीरें…… 21 दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनABVP इकाई अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने छात्र हितों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, तो परिषद आंदोलन करेगी। परिषद ने चेतावनी दी कि 21 दिनों के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो कॉलेज परिसर में चरणबद्ध और शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान इकाई अध्यक्ष सौरभ सिंह, अभिनव पांडेय समेत परिषद के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बंगाल कैबिनेट ने पारित किया धन्यवाद प्रस्ताव
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया।
जबलपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ई-गवर्नेंस कार्यालय आम जनता के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। हाल ही में इस कार्यालय में कई ऐसे जटिल मामले सामने आए, जो भोपाल और दिल्ली तक के चक्कर काटने के बाद भी महीनों से उलझे हुए थे। ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी और उनकी टीम ने इन मामलों में त्वरित संज्ञान लेते हुए महज कुछ घंटों के भीतर तकनीकी बाधाओं को दूर कर पीड़ितों को बड़ी राहत पहुंचाई है। पहला मामला दमोह जिले की रहने वाली 17 वर्षीय दृष्टिबाधित छात्रा महमा अरेले (बदला हुआ नाम) का है, जो रानीताल स्थित नेत्रहीन कन्या विद्यालय में 12वीं कक्षा में पढ़ती हैं। पिछले दो वर्षों से तकनीकी कारणों से उनका कार्ड न बन पाने के कारण उनकी दिव्यांग पेंशन और छात्रवृत्ति रुकी हुई थी, साथ ही 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने का संकट भी खड़ा हो गया था। ई-गवर्नेंस कार्यालय ने महज 6 घंटे के भीतर नया कार्ड तैयार कर उनकी पढ़ाई का रास्ता साफ कर दिया। दूसरा मामला घाना, जबलपुर निवासी संदीप सिंह का है, जिनकी जन्मतिथि में गलती थी और 'लिमिट क्रॉस' हो जाने के कारण भोपाल व दिल्ली कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा था। इस त्रुटि के कारण वे प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म नहीं भर पा रहे थे और उनका पीएफ का पैसा भी अटका हुआ था। स्थिति यह थी कि तनाव में आकर उन्होंने यहां तक कह दिया था कि उनकी बाइक रख ली जाए, लेकिन समस्या का समाधान कर दिया जाए। काम होने के बाद वे खुशी से कार्यालय में मिठाई लेकर पहुंचे। तीसरा मामला कुंडम के बैकुंठपुर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले पांचवीं कक्षा के छात्र साहिल मरावी का है। पूर्व में बना रिकॉर्ड रद्द हो जाने के कारण स्कूल ने उन्हें प्रवेश से रोक दिया था और दो महीने से बच्चा घर पर बैठा था।
गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत दो छात्राओं को एक दिन के लिए SP नॉर्थ बनाया गया। इस दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाते हुए फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने लोगों की समस्याओं को समझा और उनके निस्तारण के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस पहल के जरिए छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि पुलिस आम लोगों की शिकायतों पर किस तरह कार्रवाई करती है और पीड़ितों की मदद के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। एक दिन के लिए SP नॉर्थ की जिम्मेदारी संभालने वाली छात्राओं को पुलिस कार्यालय की कार्यप्रणाली को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने फरियादियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि पुलिस अधिकारी के लिए लोगों की बात ध्यान से सुनना, उनकी परेशानी को समझना और समय पर उचित कार्रवाई करना कितना जरूरी है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियों से परिचित कराना भी है। बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी SP नॉर्थ राजेश गुनावत ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना है। उन्होंने बताया कि छात्राओं को एक दिन के लिए पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपने जैसी पहल से उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलता है। इससे बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में जिम्मेदार पदों पर काम करने के लिए प्रेरित होती हैं। फरियादियों की समस्याएं सुनना रहा खास अनुभव एक दिन के लिए SP नॉर्थ बनने वाली छात्राओं ने बताया कि पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाना उनके लिए नया अनुभव रहा। इस दौरान उन्हें लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को समझने का मौका मिला। उन्होंने जाना कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उन्हें उचित मदद दिलाना भी है। इस अनुभव से उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की जिम्मेदारियों को करीब से समझने में मदद मिली। बालिकाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। एक दिन के लिए पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपना इसी दिशा में की गई पहल है। इससे छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानने और नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। साथ ही उन्हें यह संदेश भी मिलता है कि महिलाएं पुलिस, प्रशासन, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। सुरक्षा के साथ अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी देना भी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को अपनी बात रखने, समस्याओं के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने के लिए प्रेरित किया जाता है। गोरखपुर में दो छात्राओं को एक दिन के लिए SP नॉर्थ बनाने की पहल इसी उद्देश्य से जुड़ी है।
बंगाल में सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। दुर्गा पूजा के दौरान 11 सांगठनिक जिलों में नए पार्टी कार्यालयों का भूमि पूजन किया गया।
लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक अज्ञात डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। घायलों को तुरंत सरोजनीनगर सीएचसी ले जाया गया। वहां से राजू रावत (35) को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। दूसरे युवक सुनीत रावत (30) का इलाज सरोजनीनगर सीएचसी में चल रहा है। राजू और सुनीत दोनों रामदासपुर के रहने वाले हैं और लखनऊ एयरपोर्ट पर मजदूरी करते हैं। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे वे उन्नाव जिले के बाराखेड़ा से अपनी दवा लेकर बाइक से लौट रहे थे। बनी-मोहन रोड पर बंथरा थाना क्षेत्र के गोदौली गांव के पास सामने से आ रहे एक अज्ञात डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में दशहरा मैदान के लिए स्थायी जगह न होने के कारण इस साल रावण दहन को लेकर बना असमंजस का माहौल खत्म हो गया है। निजी जमीन पर आयोजन को लेकर जमीन मालिक की आपत्ति के बाद मामला गरमा गया था। इसके बाद प्रशासन, राजस्व विभाग, दशहरा उत्सव समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आपस में बातचीत कर मामले का सुचारू समाधान निकाल लिया है। सभी पक्षों के बीच सहमति बनी है कि इस बार आखिरी बार निजी जमीन पर रावण दहन की अनुमति दी जाएगी, जबकि अगले साल से यह आयोजन सरकारी जमीन पर ही होगा। इस सिलसिले में बुधवार शाम करीब 7 बजे मोहन बड़ोदिया तहसील परिसर में बैठक की गई। इसमें दशहरा उत्सव समिति के सदस्यों, ग्रामीणों, सरपंच प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि और जमीन मालिक कमल चौधरी व मुकेश पाटीदार समेत कई लोग मौजूद रहे। बैठक में आयोजन से जुड़ी चिंताओं पर खुलकर चर्चा हुई और सभी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया। अगले साल से खेल मैदान की भूमि पर होगा रावण दहन बैठक में तय किया गया कि इस साल तो पुरानी परंपरा के अनुसार निजी जमीन पर ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा, लेकिन इसके बाद भविष्य में निजी जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अगले साल से रावण दहन के लिए प्रशासन को खेल मैदान के उद्देश्य से तय की गई सरकारी जमीन आवंटित की जाएगी, जिसके बाद से सभी दशहरा आयोजन उसी तय शासकीय भूमि पर किए जाएंगे। आम सहमति बनने के बाद तहसीलदार दिव्या जैन और हल्का पटवारी मुकेश राठौड़ की मौजूदगी में सभी पक्षों ने पंचनामे पर हस्ताक्षर किए। इस निर्णय से मोहन बड़ोदिया में दशहरा उत्सव के लिए एक स्थायी जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे भविष्य में ऐसे विवादों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।
'कश्मीरियों पर हमला करने वालों को बख्शेंगे नहीं...', फहीम नजीर से मिलकर बोले BJP नेता रविंदर रैना
दिल्ली में कथित मारपीट का शिकार हुए कश्मीरी युवक फहीम नजीर ने भाजपा नेता रविंदर रैना से मुलाकात कर अपना दर्द साझा किया।
टोंक में डांडिया महोत्सव को लेकर पुलिस अलर्ट है। महिला पुलिस टीम ने आयोजन स्थल पर निगरानी के साथ महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। उन्हें बताया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर बिना झिझक पुलिस की मदद लें।एसपी के निर्देश पर नवरात्र के नौ दिन तक चले शक्ति सुरक्षा अभियान के बाद भी यह पहल जारी है। राज्य स्तरीय शक्ति सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत एसपी के रोशन मीणा के नेतृत्व में एएसपी कमल किशोर, महिला शक्ति टीम व कालिका टीम में एएसआई अंजना टीम प्रभारी, बीना चौधरी महिला शक्ति टीम प्रभारी सहित महिला कॉस्टेबल आदि शामिल है। शहर में आयोजित डांडिया महोत्सव के दौरान शक्ति पेट्रोलिंग यूनिट और काली पेट्रोलिंग यूनिट की टीमें सक्रिय रहीं। इनका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार सहित अन्य अनुचित हरकतों को रोकना है। इसके लिए पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में भी गश्त कर रहे हैं, ताकि सामान्य नागरिकों के बीच रहकर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारीमहिला पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता लेने के लिए 112 आपातकालीन सेवा, महिला हेल्पलाइन 1090 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी। साथ ही उन्हें किसी भी घटना की अनदेखी नहीं करने और तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया। डांडिया जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं शामिल होती हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के साथ उन्हें यह भरोसा दिलाना भी जरूरी है कि परेशानी के समय पुलिस उनकी मदद के लिए उपलब्ध है। जागरूकता, प्रभावी गश्त और त्वरित कार्रवाई से असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है। पुलिस की यह पहल महिलाओं को निर्भय होकर सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
हमीरपुर के राठ में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गुप्ता के पिता स्वर्गीय छविलाल गुप्ता की पुण्यतिथि पर बुधवार को स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। गायत्री शक्ति पीठ में सुबह हवन-पूजन के बाद शिविर शुरू हुआ। इसमें करीब 150 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में डॉ. सुनील सोनी की देखरेख में मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। यज्ञ का संचालन पंडित चंद्रशेखर मिश्र की उपस्थिति में डॉ. एलएल त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गिरीश शरण बुधौलिया, कामेश गुप्ता, ब्रजभूषण सोनी, लेखराम अनुरागी, दीपक, नीरज गुप्ता, धीरेंद्र राजपूत, विकास साहू, पवन, धीरज गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, महिला जिलाध्यक्ष शिवांगी राजपूत, शालिनी अग्रवाल, पूजा गुप्ता, राममूर्ति गुप्ता, संगीता सोनी, शारदा गुप्ता, संध्या सोनी और साधना सोनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
उज्जैन में चार साल पहले हुए जघन्य हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों ने मिलकर पति के सिर और गुप्तांगों पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के 10 वर्षीय बेटे की गवाही अहम रही। उसने अदालत में घटना का ब्योरा दिया, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। उप-निदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेगर ने बताया कि 24 दिसंबर 2022 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम झिरनिया में जितेंद्र बंजारा का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। जांच में सामने आया कि जितेंद्र की पत्नी पूजा के राकेश से संबंध थे। घटना के समय जितेंद्र ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। विरोध करने पर राकेश ने पास में रहने वाले ईश्वर को फोन कर बुलाया। विवाद के दौरान राकेश ने जितेंद्र की गर्दन मरोड़ दी, जबकि ईश्वर ने उसके गुप्तांगों पर लात-घूंसों से हमला किया। इसके बाद पूजा ने घर में रखी हथौड़ी से पति के सिर पर वार किया। आरोपियों ने जितेंद्र की हत्या कर शव घर के पास एक गड्ढे में फेंक दिया। मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साझा मंशा से अपराध करने की धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना के समय मृतक का बेटा आठ साल का था। सुनवाई के दौरान 10 वर्षीय बालक ने अदालत में अपने सामने हुई घटना के बारे में विस्तार से बयान दिया। अभियोजन के अनुसार, उसकी गवाही मामले में महत्वपूर्ण रही। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपी राकेश पिता भैरूसिंह कुशवाह (28), ईश्वरसिंह पिता गोवर्धन सिंह बंजारा (26) और पूजा पति जितेंद्र बंजारा (26), सभी निवासी ग्राम झिरन्या, थाना भैरवगढ़, जिला उज्जैन को धारा 302/34 भादवि के तहत आजीवन कारावास और कुल 31 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
जयपुर के श्री क्षत्रिय युवक संघ के संघ शक्ति कार्यालय तारानगर झोटवाड़ा में राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान भारत संगठन की ओर से बुधवार को असहाय परिवारों की मदद का कारवां 212वीं कड़ी तक पहुंचा। संस्थान की ओर से अब तक राजस्थान सहित एमपी, यूपी, बिहार, हरियाणा और अन्य राज्यों के असहाय परिवारों को करीब 7.50 करोड़ रुपए का आर्थिक संबल दिया जा चुका है। सहयोग संस्थान के संस्थापक महेंद्र सिंह जाखली और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया- कोरोनाकाल जैसी त्रासदी के बाद इससे पीड़ित परिवारों की मदद के लिए सहयोग संस्थान की साल 2023 में स्थापना की गई। स्थायी सहयोगकर्ताओं को संस्थान से जोड़ा और असहाय परिवारों तक निस्वार्थ भावना से मदद पहुंचाना शुरू किया। संस्थान के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सांवली और भवानी सिंह राठौड़ ने बताया- विधवा महिलाएं, अनाथ बच्चे व जिनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आर्थिक संबल के रूप में नकद रुपए देने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन देकर मदद कर रहे हैं। विवाह सम्मेलनों में करते मदद संस्थान संघ प्रमुख गणपत सिंह राठौड़ एवं मंजीत सिंह अमरपुरा ने बताया- सामाजिक सरोकार के रूप में विवाह सम्मेलनों एवं समारोह में कन्यादान, सगाई समारोह, ब्लड कैंप, सिलाई मशीन वितरण, आर्थिक संबल के रूप में नकद रुपए देकर मदद पहुंचा रहे हैं। वहीं संस्थान से जुड़े नंदू सिंह नरूका व नाथू सिंह खींची ने बताया- संस्थान के शिक्षा कोष से सीकर के सांवली में शिक्षण संस्थान भी संचालित किया जा रहा हैं। इसमें 100 से ज्यादा बच्चे निशुल्क शिक्षण कर रहे हैं। यहां बच्चों को कई तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कार्रवाई जाती है। संस्थान के अरुण सिंह ने बताया- असहाय परिवारों को 1 से 21 लाख रुपए तक की नकद रुपए देकर मदद की गई है। वहीं संस्थान से जुड़े प्रवासी साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, सऊदी, कुवैत और अन्य देशों से भी मदद भेजते हैं। संस्थान की ओर से दहेज विरोधी और नशा विरोधी अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्नाव में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रतिष्ठानों और केला पकाने वाली यूनिटों का निरीक्षण किया। इस दौरान मस्टर्ड सॉस, वेजिटेबल मोमोज और पनीर के तीन नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य आयुक्त ने देर शाम करीब 8 बजे कार्रवाई की जानकारी दी। मस्टर्ड सॉस, मोमोज और पनीर के नमूने लिए विभाग की टीम ने हसनगंज स्थित राधाकृष्ण फूड लैंड प्राइवेट लिमिटेड और स्विगी से जुड़े प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इनमें मस्टर्ड सॉस, वेजिटेबल मोमोज और पनीर शामिल हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। केला पकाने वाली 4 यूनिटों में मिलीं कमियां निरीक्षण के दौरान केला पकाने वाली चार यूनिटों में अभिलेखों की कमी, साफ-सफाई की समस्या और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग ने संबंधित कारोबारियों को सुधार सूचना जारी की है। प्रियंका सिंह और शैलेश दीक्षित के नेतृत्व में कार्रवाई यह अभियान सहायक आयुक्त प्रियंका सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में महेश कुमार, पंकज कुमार यादव, रुचि वाजपेयी, आकांक्षा जायसवाल और पल्लवी शर्मा शामिल रहे। रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और नमूना संग्रह का अभियान जारी रहेगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कोई नमूना निर्धारित मानकों के विपरीत पाया गया तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का जोर खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता और अभिलेखों से जुड़े नियमों का पालन कराने के साथ आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
भारत AI सर्वरों की अत्यधिक गर्मी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2.8 गीगावाट का एकीकृत ऊर्जा और कूलिंग तंत्र विकसित कर रहा है। यह पहल 18 हाइपरस्केल डेटा सेंटरों को सुरक्षित रखेगी।
संदेशखाली में पूर्व TMC विधायक की कार से हादसा, ई-रिक्शा सवार दो लोगों की मौत
संदेशखाली में पूर्व तृणमूल विधायक सुकुमार महाता की कार और ई-रिक्शा की टक्कर से हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए।
मुरादाबाद के पुराना दसवां घाट रामलीला में बुधवार को राम-केवट संवाद का मंचन हुआ। इस दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती की गई। इसके बाद राम-केवट संवाद का मंचन शुरू हुआ। कार्यक्रम में भाजपा नेता श्याम बिहारी शर्मा अतिथि के तौर पर आए थे। उन्होंने केवट का किरदार निभाया और भगवान श्रीराम, माता सीता व लक्ष्मण के स्वरूपों को गंगा पार कराया। इस मंचन के समय धार्मिक माहौल बन गया। रामायण में यह प्रसंग भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ा है। वनवास के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुंचे थे। केवट ने भगवान श्रीराम के चरण धोकर उन्हें नाव से गंगा पार कराई थी। यह प्रसंग केवट की भक्ति और समर्पण दिखाता है। रामलीला में रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का मंचन देखने के लिए लोग आ रहे हैं। राम-केवट संवाद के जरिए कलाकारों ने भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े प्रसंग को जीवंत किया। इस दौरान रामलीला के आयोजक और कई लोग उपस्थित थे।
अयोध्या में छोटी नहर की पटरी पर मिली लाश:गले और सिर पर कट के निशान, गले में लिपटा मिला गमछा
अयोध्या में छोटी नहर की पटरी पर बुधवार शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक के गले और सिर पर कट के निशान मिले हैं। गले में गमछा भी लिपटा हुआ था। इन परिस्थितियों को देखते हुए हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मामला कोतवाली क्षेत्र के किशुनदासपुर के पास का है। यहां नहर की पटरी पर शव पड़ा देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। गले और सिर पर मिले कट के निशान सूचना पर दर्शन नगर चौकी पुलिस पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। युवक के गले और सिर पर कट के निशान मिले हैं। गले में गमछा लिपटा होने की बात भी सामने आई है। पुलिस हत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी नहीं हो सकी युवक की पहचान मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के गांवों में जानकारी जुटा रही है, ताकि युवक के बारे में पता लगाया जा सके। पहचान होने के बाद ही उसके परिजनों और घटनाक्रम से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकेंगी। प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। युवक की मौत की वजह और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।
देश भर में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में दोषी सिद्ध होने के बाद आज मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके बाद कचहरी परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने जहां इस फैसले से खुश होकर जश्न मनाया तो वही मृतक सौरव राजपूत के भाई और मां ने भी न्यायालय के फैसले पर संतुष्टि जताई। पिछले महीने 30 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद आज जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों को सजा सुनाई। इस सजा को लेकर सुबह से ही लोगों और मौजूद अधिवक्ताओं में उत्सुकता दिखाई दे रही थी। कचहरी परिसर में मौजूद हर एक व्यक्ति आज सिर्फ यही जानना चाह रहा था कि आखिर क्या सजा सुनाई जाएगी। सौरभ की मां बोलीं- अदालत के फैसले से संतुष्ट सौरभ राजपूत की मां रेनू ने कहा कि पहले दिन से ही हम माननीय न्यायालय से फांसी की अपील कर रहे थे । हमने यह भी कहा था कि अगर यहां फांसी नहीं दी जाती तो हम हाई कोर्ट में भी अपील करेंगे ,लेकिन न्यायालय ने आज जो फैसला दिया है उसे हम संतुष्ट तो हैं। उन्होंने कहा कि पूरा न्याय आज नहीं मिला है। मेरे बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को जिस दिन फांसी पर लटकाया जाएगा और उनको फांसी हो जाएगी उसके बाद मुझे पूरा न्याय मिलेगा। न्याय हमे न्यायालय ने आज भी दिया है लेकिन आधा है। भाई ने कहा, हत्यारों को फांसी पर लटकते देखना चाहता हूंसौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि जिस दर्दनाक और बेरहम तरीके से मेरे भाई की हत्या की गई थी उसके लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं है। आज न्यायालय ने जो फैसला किया वह मेरे भाई को न्याय दिलाने में बहुत अहम और हमारी मांगों के अनुसार है । लेकिन अभी उसको फांसी पर लटकते देखना हमारे मन में यह एक इच्छा बाकी है जब यह पूरी हो जाएगी तब हम सोचेंगे कि हमारे भाई को नहीं मिला है। इसके साथ ही जेल में पल रही मुस्कान की बेटी के बारे में उन्होंने कहा कि पहले हमने उसका डीएनए कराए जाने के बारे में सोचा था लेकिन बाद में साहिल और मुस्कान द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया कि यह बच्ची उन्हीं की है इसलिए हमे उस संबंध में भी अब कोई कार्रवाई नहीं है। वकीलों ने मिठाई बांटी, कहा-आज का फैसला नजीर है न्यायालय में फैसला आते ही कचहरी में अधिवक्ताओं ने भी खुशी मनाई। सजा सुनाए जाते ही पूरा न्यायालय भारत माता की जय, न्यायिक व्यवस्था जिंदाबाद के साथ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा जिंदाबाद के भी नारों से गुंज उठा। वकीलों ने कहा कि यह कोर्ट की अवहेलना है, लेकिन आज जो फैसला हुआ है वह नजीर बना है, इसलिए हमने आवेश में आकर ऐसा कर दिया। इसके साथ ही कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने लड्डू बांटकर भी इस फैसले का स्वागत किया, और कहा कि आज का फैसला जिस प्रकार पहले कहा जाता कि मेरठ में इस प्रकार की घटना एक नजीर है उसी प्रकार से आज जो सजा इसमें सुनाई गई है वह भी मेरठ से एक नजीर बनकर सामने आई है।
बागपत शहर कोतवाली में बुधवार शाम 6 बजे हरियाणा की एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत की। महिला नौकरी की तलाश में बागपत आई थी। उसका आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर इंतजार नाम के व्यक्ति ने होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला से परिचित कराकर इंतजार से मिलवाया पीड़िता के मुताबिक, बागपत में उसकी मुलाकात एक महिला से हुई थी। उसी महिला ने उसे इंतजार नाम के व्यक्ति से मिलवाया। आरोप है कि इंतजार ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उसे होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि इंतजार ने किराए के लिए उसे ऑनलाइन पैसे भी दिए। इसके साथ ही उस पर देह व्यापार करने का दबाव बनाया। एक महीने से शिकायत करने का दावा महिला ने बताया कि वह पिछले एक महीने से मामले की शिकायत कर रही है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उसने एसपी कार्यालय और शहर कोतवाली में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि इंतजार और होटल मालिक उस पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पैसों के लेनदेन का मामला होने की आशंका कोतवाली प्रभारी मनोज चाहल ने बताया कि महिला की शिकायत की जांच कराई जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला पैसों के लेनदेन से जुड़ा लग रहा है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मऊ जिले के कसारा गांव में गंदगी, जलभराव और खुले में शौच की समस्या पर स्थायी लोक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही को लेकर अदालत ने CMO समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने 21 अक्टूबर तक गांव में साफ-सफाई कराने, मेडिकल कैंप लगाने और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। यह आदेश कसारा गांव के आठ निवासियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिकाकर्ताओं में राधिका, सोनी और रविंद्र समेत अन्य लोग शामिल हैं। 8 हजार की आबादी में सिर्फ 24 लोगों को मिला लाभ सुनवाई के दौरान स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष हीरा लाल और सदस्य विकास भाई निकुम्भ ने गांव में आयोजित मेडिकल कैंप की स्थिति पर नाराजगी जताई। अदालत के सामने आए तथ्यों के मुताबिक, कैंप से केवल 24 लोगों को लाभ मिला, जबकि गांव की आबादी करीब 8 हजार है। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। CMO की निगरानी में दोबारा लगेगा मेडिकल कैंप कोर्ट ने CMO को नोटिस जारी कर डिप्टी CMO की मौजूदगी में गांव में दोबारा मेडिकल कैंप लगाने का आदेश दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी को सफाई टीम गठित कर गांव में व्यापक साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, खंड विकास अधिकारी को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने को कहा गया है। 21 अक्टूबर तक पालन करने का निर्देश स्थायी लोक अदालत ने संबंधित अधिकारियों को 21 अक्टूबर तक सभी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने चेतावनी दी है कि आदेशों के पालन में लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को डॉ. एचएस धालीवाल के रूप में नया वाइस चांसलर मिला है। वे बागवानी विशेषज्ञ हैं और कृषि शोध व तकनीक हस्तांतरण में अनुभवी हैं।
मथुरा के छाता क्षेत्र के गांव तरौली जनूबी में मंगलवार शाम करीब सात बजे पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए 40 वर्षीय सुल्तान की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सुल्तान ने करीब छह महीने पहले विक्रम को नौ हजार रुपये उधार दिए थे। इसी रकम के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम करीब सात बजे इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच लाठी-डंडों से मारपीट होने लगी। इस दौरान सुल्तान गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने पांच लोगों पर लगाया हत्या का आरोप घटना के बाद मृतक के भाई शेरा ने गांव के ही सुनील, राहुल, राजा, विक्की और विष्णु पर अपने भाई के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि पैसों के लेनदेन के विवाद में सुल्तान पर हमला किया गया, जिससे उनकी जान चली गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही छाता थाना प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर के 100 वार्डों में सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत बुधवार से हो गई है। वहीं कल शहर के 10 वार्डों में सफाई अभियान चलेगा। इधर, बुधवार को जोधपुर मेयर प्रसन्नचंद मेहता ने काम शुरू किया। इस दौरान वे नगर निगम में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक शहरवासियों की समस्याएं सुनेंगे। वहीं बुधवार को डिप्टी मेयर विजय पंवार ने कार्य संभाला। मेयर प्रसन्नचंद मेहता ने बताया- लंबे समय से निगम से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में प्रयास रहेगा कि लोगों को अपने कामों के लिए बार-बार निगम नहीं आना पड़े। शहर की सफाई, सड़क और रोड लाइट व्यवस्था होगी बेहतर मेयर ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकता है। सड़कों के गड्ढे भरने, खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करने, आवश्यकता के अनुसार नई लाइटें लगाने और सफाई व्यवस्था सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान शुरु होगा- मेयर मेयर प्रसन्नचंद मेहता ने बताया कि शहर के 100 वार्डों में स्ट्रीट लाइट से संबंधित लगभग 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए जगह-जगह मरम्मत कार्य भी करवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 14 अक्टूबर से शहर के सभी 100 वार्डों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे तथा जब तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। उपमहापौर विजय सिंह पवार ने संभाला पदभार नगर निगम के डिप्टी मेयर विजय सिंह पंवार ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि शहर में बदलाव के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। पंवार ने कहा कि महापौर प्रसन्नचंद मेहता के अनुभव और युवा पार्षदों की रचनात्मकता के समन्वय से जोधपुर के विकास को नई दिशा मिलेगी। दीपावली से पहले पूरे शहर को स्वच्छ और रोशन बनाना प्राथमिकता है। त्योहार के बाद सभी पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर के विकास के लिए प्लानिंग तैयार की जाएगी। शहर में कल भी चलेगा सफाई अभियान निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कहा कि अभियान के तहत बुधवार को वार्ड संख्या 36, 11, 6, 10, 85, 66, 82, 57, 49 एवं 58 में सफाई अभियान चलाया गया। वहीं गुरुवार को वार्ड संख्या 7,12, 34, 41, 46, 52, 59, 72, 86 और 88 में सफाई अभियान चलाया जाएगा ।
मुरादाबाद में शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन बुधवार को मंदिरों में मां दुर्गा की भक्ति दिखी। लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर, लाइनपार स्थित माता मंदिर और मनोकामना मंदिर समेत कई मंदिरों में भजन संध्याएं हुईं। इन मंदिरों में 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' जैसे भजन गूंजते रहे। भजनों की धुन पर महिलाएं भक्ति में झूमती नजर आईं। नवरात्रि पर सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे थे। भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि मांगी। भजन संध्याओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर माता रानी का गुणगान किया, जिससे मंदिरों का माहौल भक्तिमय हो गया। लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लाइनपार स्थित माता मंदिर और मनोकामना मंदिर में भी भक्ति का माहौल था। महिलाओं ने माता के भजनों के साथ भक्ति गीत गाए और मां दुर्गा की आराधना की। शहर में शारदीय नवरात्रि के चलते जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और माता के जयकारों से वातावरण भक्ति से भरा है। चौथे दिन भी भक्तों में उत्साह दिखा और उन्होंने मां दुर्गा से सुख, शांति व खुशहाली मांगी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने जोधपुर डिस्कॉम में हुए बिजली एक्सीडेंट के मामलों की सुनवाई जयपुर की निचली कोर्ट में करने की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने फटकार लगाते जयपुर की निचली अदालत से ऐसे मामलों में पारित हुए 10 लाख 73 हजार 860 रुपए के मुआवजा अवार्ड पर भी रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने जयपुर मेट्रो फर्स्ट, जयपुर मेट्रो सेकेंड और जयपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से ऐसे पेंडिंग पड़े मामलों की रिपोर्ट तलब की है। दरअसल जोधपुर विद्युत वितरण निगम लि. (JVVNL) की ओर से दायर की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जयपुर की पीठ के न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने ये आदेश दिया। मुआवजे के लिए जयपुर कोर्ट में लगाया था केस जोधपुर विद्युत वितरण निगम लि. की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ताकर ने बताया- बज्जू जिला बीकानेर में बिजली संबंधी दुर्घटना हुई, जो जोधपुर डिस्कॉम के क्षेत्राधिकार में आता है, लेकिन मुआवजे के लिए केस जयपुर मेट्रो कोर्ट में लगाया गया। इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जयपुर ने उल्लेख किया कि जोधपुर डिस्कॉम का कार्यालय जोधपुर में है। उसका कार्यक्षेत्र जोधपुर और बीकानेर डिवीजन तक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में निगम के अध्यक्ष और एमडी को पक्षकार बनाकर उनका पता विद्युत भवन ज्योति नगर जयपुर दर्शाने की प्रथा व्यापक रूप से प्रचलित है। हाईकोर्ट ने इसे क्षेत्राधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इस संबंध में न्यायालय पहले भी आपत्ति जता चुका है। कोर्ट ने अब मामले पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को तय की है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के लिए 50 साल से चल रहे आंदोलन को जन आंदोलन बनाने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में मेरठ से 'न्याय यात्रा' शुरू की गई। यह यात्रा केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन अनुज कुमार शर्मा (अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन) और संयोजक परवेज आलम (महामंत्री, मेरठ बार एसोसिएशन) ने 14 अक्टूबर यानी बुधवार को हरी झंडी दिखाकर शुरू की। यात्रा का मुख्य मकसद प्रदेश की आम जनता को हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के लिए जागरूक करना और आंदोलन से जोड़ना है। मेरठ के अधिवक्ताओं ने शहर में ई-रिक्शा के जरिए प्रचार किया और लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इस यात्रा में मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कुंवरपाल शर्मा, उदयवीर सिंह राणा, पूर्व महामंत्री प्रबोध कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार, उपाध्यक्ष संजय यादव, कोषाध्यक्ष विकास रावत समेत कई अन्य अधिवक्ताओं का योगदान रहा। इस अवसर पर मेरठ बार एसोसिएशन, मेरठ के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा, महामंत्री परवेज आलम, रोटरी क्लब के अध्यक्ष संजय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष-मेरठ बार एसोसिएशन, मेरठ) और सेक्ट्री मनोज कुमार सिंघल उपस्थित रहे, उक्त शिविर में अधिवक्ताओं रोटरी क्लब के सदस्यों द्वारा मानवहित में रक्तदान किया गया। इसी दिन मेरठ बार एसोसिएशन और रोटरी क्लब ने मिलकर पंडित नानक चंद सभागार में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया। इसका उद्घाटन जिलाधिकारी वीके सिंह ने किया।
एटा में सदर तहसील में बुधवार को मकान का बैनामा रोकने के विरोध में एक किन्नर ने हंगामा किया। विरोध के दौरान किन्नर ने अपने कपड़े उतार दिए। घटना का वीडियो बुधवार शाम करीब 6 बजे सामने आया। सूचना पर पहुंची पुलिस को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा। मां के मकान का बैनामा रोकने का आरोप वीडियो में किन्नर और उसका पति मकान का बैनामा रोके जाने का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। महिला का आरोप है कि उसकी मां अपना मकान बेचना चाहती हैं, लेकिन पड़ोसी ईश्वर दयाल फौजी बैनामा रुकवाने की कोशिश कर रहा है। महिला का दावा है कि पड़ोसी जबरदस्ती मकान लेना चाहता है। उधार के पैसों के बदले मकान लेने का आरोप महिला के पति ने आरोप लगाया कि ईश्वर दयाल फौजी कुछ लोगों के साथ पुलिस को लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि ईश्वर दयाल ने उधार दिए गए पैसों के बदले मकान लेने की कोशिश की। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस बोली- लिखित शिकायत पर पहुंची थी टीम कोतवाली नगर के थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने बताया कि महिला ने ईश्वर दयाल नाम के व्यक्ति से ऑनलाइन साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस मौके पर गई थी। मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है।
मथुरा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में पश्चिम बंगाल निवासी इंजीनियर रघुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली में फंस गई। चालक उसे करीब 200 मीटर तक घसीटता ले गया और फिर वाहन लेकर फरार हो गया। हादसा बुधवार को सुरीर कोतवाली क्षेत्र में खैर-टैंटीगांव मार्ग पर गांव सुदामागढ़ी के पास हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल भिजवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बस से टैंटीगांव पहुंचा था ठेकेदार झारखंड के मरकच्चो थाना क्षेत्र के डेब्वा गांव निवासी शंकर राणा भदनवारा गांव में जल निगम की पानी की टंकी बनवा रहा है। वह राया में रहकर निर्माण कार्य की देखरेख करता है। बुधवार को शंकर बस से टैंटीगांव पहुंचा। वहां से उसने निर्माण कार्य में लगे पश्चिम बंगाल निवासी इंजीनियर रघुनाथ को बाइक लेकर बुलाया। इसके बाद दोनों बाइक से भदनवारा गांव जा रहे थे। टक्कर के बाद 200 मीटर तक घसीटी बाइक सुदामागढ़ी गांव के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली में फंस गई और चालक उसे करीब 200 मीटर तक घसीटता ले गया। हादसे में रघुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शंकर राणा गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक की तलाश में जुटी पुलिस सुरीर के थानाध्यक्ष अरुण कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। रघुनाथ के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना के बाद फरार हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के रवैये को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐलान किया है कि पुलिस कमिश्नर के खिलाफ संसद की विशेषाधिकार समिति में शिकायत दर्ज कराई गई है और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। हम आतंकवादी नहीं, देश के सांसद हैं- संजय सिंह संजय सिंह ने कहा कि वे कोई आतंकवादी, गुंडे या माफिया नहीं हैं, बल्कि देश की संसद के निर्वाचित सदस्य हैं। देश का सांसद होने के नाते और भारत का नागरिक होने के नाते शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाना उनका संवैधानिक दायित्व और अधिकार है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी या अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का यह अधिकार हमें किसी सरकार ने नहीं, बल्कि हमारे महापुरुषों, क्रांतिकारियों के बलिदान और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान ने दिया है। पुलिस ने बर्बरता की हदें पार कीं- सांसद दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आप सांसद ने कहा कि पुलिस ने पत्रकारों, वकीलों, छोटी-छोटी बच्चियों और संसद सदस्यों तक पर जुल्म ढाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्टूबर महीने में उन्हें खुद 2 तारीख, 10 तारीख और 12 तारीख को घसीटा गया, मारा गया और गर्दन से खींचा गया। उन्होंने सवाल किया कि यह किस तरह का अमानवीय व्यवहार है। कमिश्नर ने नहीं उठाया फोन, एसएचओ का रवैया तानाशाहीपूर्ण संजय सिंह ने बताया कि इन घटनाओं के दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही किसी मैसेज का जवाब दिया। उन्होंने जफरपुर के एसएचओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका व्यवहार बेहद तानाशाहीपूर्ण था। विशेषाधिकार समिति में शिकायत और एफआईआर की चेतावनी सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन तमाम पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने संसद की विशेषाधिकार समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। समिति इस मामले में जो भी फैसला लेगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अत्याचार और बर्बरता करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी, अगर पुलिस नहीं लिखेगी, तो कोर्ट लिखेगी, लेकिन हम चुपचाप बैठने वाले नहीं हैं।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गोवा गार्डन में पार्किंग को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। बुधवार देर शाम गलत तरीके से गाड़ी खड़ी करने का विरोध करने पर सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र यादव के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। आरोप है कि विवाद के बाद एक फ्लैट मालिक ने अपने साले और अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद थार गाड़ी से पहुंचे लोगों ने गार्ड के साथ मारपीट की और लाइसेंसी पिस्टल लहराकर उसे धमकाया। आरोपियों पर गार्ड को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सिक्योरिटी इंचार्ज से मिली जानकारी के अनुसार, गोवा गार्डन में गाड़ी की पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। सोसाइटी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र यादव ने गलत पार्किंग का विरोध किया और गाड़ी को उचित स्थान पर खड़ा करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गार्ड की बात से नाराज फ्लैट मालिक ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर गार्ड को पीटा और उसके साथ अभद्रता की गई। विरोध करने पर बुलाए गए साथी, थार से पहुंचे लोग आरोप है कि शुरुआती विवाद के बाद फ्लैट मालिक ने अपने साले और अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ देर बाद थार गाड़ी से पहुंचे लोगों ने विवाद को और बढ़ा दिया। आरोप है कि इन लोगों ने गार्ड के साथ मारपीट करने के साथ ही लाइसेंसी पिस्टल लहराई और उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोसाइटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों का काम परिसर में आने-जाने वाले वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना होता है। ऐसे में पार्किंग को लेकर विरोध करने पर गार्ड के साथ मारपीट और हथियार दिखाकर धमकाने की घटना ने सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सीसीटीवी में कैद हुई घटना, वीडियो वायरल होने की चर्चाबताया जा रहा है कि मारपीट की घटना सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई ओर घटना मे शामिल लोगों की पहचान मे जुटी है। थाना प्रभारी बोले जांचकर कार्रवाई होगीकल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया की सीसीटीवी फुटेज व तहरीर प्राप्त हुई है। जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
पंचायती राज आम चुनाव 2026 के तहत पाली पंचायत समिति क्षेत्र में दूसरे चरण के मतदान को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को पंचायत समिति परिसर में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने नामांकन की प्रक्रिया पूरी की। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए पर्चा लेने और जमा करवाने को लेकर दावेदारों में होड़ रही। बुधवार तक 99 व्यक्तियों को कुल 138 नाम फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्य पद के लिए कुल 14 नामांकन पत्र आए हैं। 16 अक्टूबर तक जमा होंगे नामांकनपाली के रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य पद के चुनाव के लिए बुधवार तक 99 व्यक्तियों को कुल 138 नाम निर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए नामांकन पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। नाम निर्देशन पत्र सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी निर्धारित तिथि को दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा करवा सकेंगे। अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। विभिन्न वार्डों से अभ्यर्थियों ने प्रस्तुत किए नामांकनरिटर्निंग अधिकारी राणावत के अनुसार- बुधवार को पंचायत समिति सदस्य पद के लिए विभिन्न वार्डों से अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। इनमें वार्ड संख्या 11 से गवरी, वार्ड संख्या 13 से रेखा, वार्ड संख्या 8 से सविता, वार्ड संख्या 4 से भूपेन्द्र परिहार, वार्ड संख्या 8 से रेखा, वार्ड संख्या 14 से केसी देवी, वार्ड संख्या 15 से दुर्गेश कंवर, वार्ड संख्या 7 से ताराराम, वार्ड संख्या 16 से प्रेमलता, वार्ड संख्या 12 से कंचन तथा वार्ड संख्या 13 से रीतिका सागर शामिल हैं। इस दौरान तहसीलदार सुनील कुमार भी मौजूद रहे। चुनाव शाखा के कर्मचारी तैयारियों में जुटे इस दौरान प्रशिक्षु आरएएस अंकिता पाराशर, सहायक रिटर्निंग अधिकारी सुनील कुमार, सुरेश कुमार व्यास, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, लक्ष्मण कुमावत, अभिषेक चर्तुवेदी,युजवेन्द्र खेमलानी, जयपाल सिंह, ताराचंद सेजू, मीठालाल चांवरिया, शाहिल जोशी सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। मतदान के दिन रहेगा सार्वजनिक अवकाशराज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान के निर्देशानुसार पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के तहत जिला परिषद एवं पंचायती सदस्यों के लिए मतदान एवं पंच व सरपंच चुनाव कार्यक्रम निर्धारित तिथि को सम्पन्न करवाए जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ बजरंगसिंह ने बताया कि चुनावी कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान प्रथम चरण में 22 अक्टूबर, 2026 (गुरुवार), द्वितीय चरण में 28 अक्टूबर, 2026 (बुधवार) को होगा। इसी प्रकार पंचायतीराज संस्थाओं के पंच व सरपंच पद के लिए मतदान प्रथम चरण में 24 अक्टूबर, 2026 (शनिवार), द्वितीय चरण में 30 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) को करवाए जाएंगे। राजस्थान के राज्यपाल द्वारा मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिससे संबंधित क्षेत्र के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
एमपी के करीब 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब दो महीने बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत विभागीय पदोन्नति के मामलों में पात्र कर्मचारियों को कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र परीक्षा (CPCT) के स्कोर कार्ड से छूट दी जाएगी। हालांकि, कंप्यूटर दक्षता और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की शर्तें पूरी करना अनिवार्य होगा। GAD ने पदोन्नति प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों को दूर करने और पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की है। आदेश के मुताबिक, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो साल की परीक्षण अवधि पर सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इस दौरान उन्हें CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। जीएडी द्वारा जारी आदेश… पदोन्नति के बाद योग्यता पूरी करने के लिए मिलेगी पांच साल तक की मोहलत 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को भी राहत सरकार ने पदोन्नति की निर्धारित तिथि तक 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी राहत दी है। ऐसे कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए CPCT स्कोर कार्ड प्रस्तुत करने से छूट मिलेगी। हालांकि, उनके लिए कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता बनी रहेगी। छूट सिर्फ विभागीय पदोन्नति में, सीधी भर्ती पर लागू नहीं GAD ने स्पष्ट किया है कि CPCT स्कोर कार्ड से छूट की यह व्यवस्था केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी। सीधी भर्ती या किसी अन्य माध्यम से होने वाली नियुक्तियों पर इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी नियुक्तियों में CPCT और डिप्लोमा संबंधी निर्धारित योग्यताएं पहले की तरह लागू रहेंगी। ये खबर भी पढ़ें… कर्मचारियों ने लगाए जीएडी अफसरों के मुर्दाबाद के नारे सीपीसीटी परीक्षा पास नहीं होने के कारण प्रदेश के 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत नहीं किए जाने और जिनको पदोन्नत किया गया था, उन्हें पदावनत करने के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के आदेश के विरोध में आज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।पूरी खबर पढ़ें
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्थित बिरला फैक्ट्री में बुधवार को सफाई का काम करते 4 मजदूर ऊंचाई से गिर गए। ये मजदूर फैक्ट्री के प्लांट एरिया में टीन शेड पर सफाई कर रहे थे। बैलेंस बिगड़ने पर चारों नीचे आ गिरे। हादसे के बाद सभी को तुरंत बिरला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार- सभी मजदूरों की हालत सामान्य है। किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि घटना के बाद मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि मजदूरों को सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण दिए गए थे या नहीं। टीन शेड के ऊपर जमा सीमेंट और गंदगी साफ कर रहे थे मजदूर जानकारी के अनुसार तालेड़ी गांव के रहने वाले बिरम सिंह, छोटू सिंह, दलपत सिंह और गोपाल दरोगा बिरला फैक्ट्री में ठेकेदार के जरिए सफाई का काम कर रहे थे। बुधवार को चारों मजदूर फैक्ट्री के प्लांट क्षेत्र में टीन शेड के ऊपर सफाई कर रहे थे। टीन शेड पर जमा सीमेंट और अन्य गंदगी को हटाने का काम किया जा रहा था। मजदूर मंगलवार को भी इसी जगह काम कर चुके थे। बुधवार को भी वे यहीं सफाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से चारों नीचे आ गिरे। कुछ लोगों ने शुरुआत में टीन शेड गिरने की बात कही थी, लेकिन बाद में सामने आया कि मजदूर टीन शेड से नीचे गिरे थे, उनके ऊपर शेड नहीं गिरा था। पुलिस बोली- सभी मजदूर ठीक, किसी ने नहीं दी शिकायत चंदेरिया थाना पुलिस को बिरला फैक्ट्री से सूचना मिली थी कि प्लांट के अंदर चद्दर गिरने से चार लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने के बाद चारों को अस्पताल पहुंचाया गया। चंदेरिया थानाधिकारी भारत सिंह ने बताया- घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। गिरने से सिर्फ शरीर में झटका लगा। सभी लोग ठीक हैं और स्थिति सामान्य है। अभी तक किसी भी मजदूर की ओर से कोई रिपोर्ट या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मौके पर शांति बनी हुई है। हादसे की जांच से ही साफ होगी असली वजह फिलहाल यह मामला काम के दौरान हुए हादसे के रूप में सामने आया है, लेकिन टीन शेड पर मजदूरों के काम करने के दौरान बरती गई सावधानियों को लेकर जांच जरूरी है। फैक्ट्री में ऊंचाई वाले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सबसे अहम होती है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि हादसा टीन शेड की स्थिति खराब होने से हुआ या फिर सुरक्षा इंतजामों में किसी तरह की कमी रही।
छतरपुर में अजयपार धाम के करण कुशवाहा के पैरों में बुधवार शाम सांप लिपट गया। इसके बाद परिवार के लोग घबरा गए। सुरक्षा के लिहाज से शहर के क्रिश्चियन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां उन्हें 12 घंटे की निगरानी में रखा गया है। करण के सेवादार आशीष कुशवाहा ने बताया- घटना के समय करण ध्यान में लगे हुए थे। वे मंदिर में दर्शन करने गए, तभी उनके पैरों के पास सांप आ गया और पैरों में लिपट गया। डॉक्टर बोले- सांप के काटने के सबूत नहीं मिले आशीष कुशवाहा के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि फिलहाल सांप के काटने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। करण स्वस्थ हैं, अच्छे से बात कर रहे हैं। सभी को पहचान रहे हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें 12 घंटे की निगरानी में रखा गया है। धीरेंद्र शास्त्री की तरह लगाता है दिव्य दरबार करण कुशवाहा छतरपुर के अजयपार धाम से जुड़ा है। वह धीरेंद्र शास्त्री की तरह दिव्य दरबार लगाता है। सांप के पैरों में लिपटने की घटना के बाद परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। ……………………. यह खबर भी पढ़ें बाबा बोला- घर में 68Kg सोना गड़ा, बलि लगेगी शास्त्रों और मंत्रों की जानकारी पर सवाल हुए तो जवाब नहीं दे पाए, लेकिन दावे चमत्कार के कर दिए। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में एक बाबा ने खुद को भगवान बताया, तो दूसरे ने घर में अपना पोस्टर लगाने पर वहीं से सब देखने का दावा किया। पढ़ें पूरी खबर…
मथुरा में रामलीला मैदान के समीप बुधवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू कर दी। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान गोकुल निवासी अनुज माहौर (35) पुत्र श्रीपाल के रूप में हुई है। मृतक के छोटे भाई मनोज ने बताया कि अनुज मंगलवार सुबह मजदूरी करने के लिए घर से निकला था। काम करने के बाद वह शाम को घर लौट आया। उस समय उसका मन उदास था। रात करीब आठ बजे वह सब्जी लेने के बहाने साइकिल लेकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बुधवार सुबह रामलीला मैदान के समीप पेड़ से उसका शव लटका मिलने की जानकारी मिली। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में पत्नी के अलावा तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पिता की मौत से बच्चों के सिर से साया उठ गया है। तनाव में रहने की बात आई सामने घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी निरीक्षक चेतराम शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। युवक के तनाव में रहने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में तिलहन की खेती बढ़ाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए रायपुर में कार्यशाला आयोजित की गई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में हुई इस कार्यशाला में 40 से ज्यादा किसान और वैज्ञानिक शामिल हुए। किसानों को रामतिल, सूरजमुखी, कुसुम, तिल, अलसी और सरसों के बीज बांटे गए। साथ ही अच्छी पैदावार के लिए उन्नत किस्मों के बीज, वैज्ञानिक तरीके से खेती और फसलों की देखभाल की जानकारी दी गई कार्यशाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के सहयोग से आयोजित की गई। इसमें बस्तर, सरगुजा और मैदानी इलाकों से आए किसानों को तिलहन की अलग-अलग फसलों और उनकी खेती के तरीकों के बारे में बताया गया। किसानों को रायपुर में तिलहन फसलों और उनसे जुड़े उत्पाद तैयार करने की तकनीकों का प्रदर्शन भी दिखाया गया। अलसी के डंठल से धागा और कपड़ा बनाने की तकनीक देखी कार्यक्रम के दौरान भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर ने बेमेतरा में अलसी के डंठल से धागा और कपड़ा बनाने की तकनीक का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से किसानों को कमाई का एक अतिरिक्त जरिया मिल सकता है। इससे फसल के उस हिस्से का भी उपयोग हो सकेगा, जो आमतौर पर खेती के बाद बच जाता है। बेहतर बीज और वैज्ञानिक खेती पर जोर कार्यशाला में किसानों को मिट्टी की सेहत बनाए रखने, खरपतवार नियंत्रित करने और खेती में मशीनों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने खेतों में नई तकनीकों का प्रदर्शन करने, किसानों को प्रशिक्षण देने, फसल का सही तरीके से भंडारण करने और बाजार से बेहतर जुड़ाव बनाने पर भी जोर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को खेती के उन्नत तरीके अपनाने होंगे। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ देश को खाद्य तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक त्रिपाठी, जनजातीय उप-योजना कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. जी. सुरेश, प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. संजय के. द्विवेदी और विभिन्न केंद्रों के वैज्ञानिक भी शामिल हुए।
बागपत के बड़ौत में एडीजी भानु भास्कर ने एसपी पूर्णेंदु और एएसपी प्रवीण कुमार चौहान के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पैदल मार्च निकाला। यह मार्च अग्रसेन मूर्ति से शुरू होकर संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, फूंसवाली मस्जिद, कोताना रोड और दिल्ली रोड होते हुए छपरौली चुंगी स्थित सीओ कार्यालय तक पहुंचा। दिल्ली बस स्टैंड पर मां भगवती कॉलेज की छात्राओं ने एडीजी और मार्च में शामिल पुलिसकर्मियों का स्वागत किया। एडीजी ने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस पैदल मार्च में सैकड़ों छात्राएं शामिल रहीं, जिनमें वंदना गुप्ता, ममता, सुनीता, आरती, दीपिका, अनिता और ज्योति शामिल थीं।
सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में हुई घटना के विरोध में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को धरना दिया। पूर्व शिक्षा मंत्री राजकुमार पटेल ने आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बुदनी क्षेत्र में करीब 3 से 4 हजार प्रकरण अब भी लंबित हैं। पटेल ने शासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आदिवासियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पूर्व मंत्री बोले- घटना ने पूरे क्षेत्र को कलंकित कियापीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद वीडियो में अपनी बात रखते हुए राजकुमार पटेल ने कोसमी की घटना को पूरे क्षेत्र के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में शासन को हस्तक्षेप कर प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आदिवासियों को पट्टा देने के कानून का किया जिक्रराजकुमार पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के हितों के लिए काम किया है। उन्होंने साल 2005 तक काबिज लोगों को पट्टा देने के अधिकार से जुड़े कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बुदनी में 3 से 4 हजार प्रकरण लंबित होने का दावापूर्व मंत्री ने दावा किया कि बुदनी विधानसभा क्षेत्र में करीब 3 से 4 हजार प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था की कमी बताते हुए शासन से इन मामलों का निराकरण करने की मांग की। उनका कहना था कि समय पर कार्रवाई होने से आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। कांग्रेस के कई पदाधिकारी पहुंचेकांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लाड़कुई के अध्यक्ष चंदर मीणा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मामले में शासन से हस्तक्षेप की मांग की।
मध्य प्रदेश में 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती का रोडमैप तैयार किया है, जिसमें शिक्षक और पुलिस बल पर विशेष जोर रहेगा।
Bihar MLC चुनाव में बागियों पर BJP-RLM का हंटर, क्या अब अनंत सिंह पर एक्शन लेगी JDU?
एनडीए में विधान परिषद चुनाव को लेकर बागियों पर कार्रवाई तेज हो गई है, भाजपा और रालोमो ने अपने नेताओं पर शिकंजा कसा है।
बैतूल कोतवाली पुलिस ने शहर में हुई दो चोरी का खुलासा करते हुए 40 साल के आरोपी सुरेश पिता अमरलाल भलावी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चार मोबाइल फोन, एक एलईडी टीवी, साउंड बॉक्स और खेल सामग्री बरामद की गई। चोरी में इस्तेमाल रॉड भी जब्त हुई। 1 अक्टूबर की रात सदर स्थित मोबाइल दुकान में ताला तोड़कर चार मोबाइल फोन और सामान चोरी हुआ था। दुकान संचालक आशीष दरबाई ने शिकायत की। 9 और 10 अक्टूबर की रात युवा केंद्र में भी चोरी हुई, जहां से एलईडी टीवी, साउंड बॉक्स और खेल सामग्री गायब हुई। युवा केंद्र प्रभारी सुषमा गवली ने रिपोर्ट दर्ज कराई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से दनौरा निवासी सुरेश भलावी की पहचान हुई और उसे 14 अक्टूबर को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों चोरी करना कबूल किया। आरोपी से एलईडी टीवी, साउंड बॉक्स, खेल सामग्री, चार मोबाइल फोन, हेडफोन समेत चोरी का सामान मिला। कार्रवाई में थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया और सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट आबिद अंसारी शामिल रहे।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में पुलिस ने 60 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शराब की कीमत करीब 12 हजार रुपए बताई जा रही है। थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के मुताबिक, 13 अक्टूबर को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि ग्राम ललितपुर नंबर-2 के कोइलहरी घाट के पास एक व्यक्ति बिक्री के लिए अवैध शराब रखे खड़ा है। खबर मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ा। प्लास्टिक के डिब्बों में भरी थी कच्ची शराब आरोपी रंजीत कुमार मांझी (उम्र 32 साल) ताला थाने के ही ग्राम कन्देहली (ललितपुर नंबर-1) का रहने वाला है। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास मौजूद 4 प्लास्टिक के डिब्बों से कुल 60 लीटर कच्ची महुआ शराब मिली। भेजा गया जेल आरोपी रंजीत मांझी के खिलाफ आबकारी कानून की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।

