मुरादाबाद के गोविंद नगर स्थित एसवी पब्लिक स्कूल में समर कैंप के दूसरे दिन विभिन्न मनोरंजक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप में एलकेजी के बच्चों के लिए विशेष रूप से पूल पार्टी का आयोजन किया गया। बच्चों ने पानी में खेलते हुए खूब मस्ती की। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने ड्राइंग, पेपर कटिंग और अन्य रचनात्मक कार्यों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी बनाई कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाओं ने बच्चों का मार्गदर्शन किया और उन्हें नई रचनात्मक गतिविधियां सिखाईं। विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योत्सना गुप्ता और उप-प्रधानाचार्या अल्पना शर्मा के निर्देशन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय के प्रबंधक अनुज अग्रवाल ने बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के मानसिक और रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह समर कैंप बच्चों के लिए सीखने, मनोरंजन और रचनात्मकता का एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।
उदयपुर जिले के गोगुंदा कस्बे से बाइक चोरी की हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई। भारत गैस ऑफिस के पास स्थित होटल जय अम्बे के बाहर से एक शातिर चोर महज 20 सेकंड में बाइक लेकर चंपत हो गया। चोर कितना बेखौफ था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने सुबह के उजाले में इस वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी घटना होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि चोर ने कितनी फुर्ती और आराम से इस चोरी को अंजाम दिया। पूरा मामला गुरुवार सुबह का है। अलसुबह करीब 4 बजे एक अज्ञात युवक होटल जय अम्बे के बाहर खड़ी बाइक के पास पहुंचा। उसने इधर-उधर देखा और तुरंत बाइक के लॉक के पास से वायर तोड़ दिए। वायर टूटते ही बाइक की लाइटें चालू हो गईं। इसके बाद चोर बिना किसी डर के आराम से बाइक पर बैठा, किक मारी और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गया। चोर को यह सब करने में आधे मिनट का समय भी नहीं लगा। होटल पहुंचे मालिक तो खुली रह गईं आंखेंरोज की तरह जब सुबह होटल संचालक धीरज खटीक अपनी दुकान पर पहुंचे, तो उन्हें बाहर खड़ी बाइक गायब मिली। आसपास तलाश करने के बाद जब कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए। फुटेज देखते ही सबके होश उड़ गए। कैमरे में एक चोर साफ तौर पर बाइक चुराकर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा था। इस घटना के बाद से ही कस्बे के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि चोरों में अब पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। कर्मचारी की बाइक, मालिक ने रखा इनामहोटल मालिक धीरज खटीक ने बताया कि जो बाइक चोरी हुई है, वह हीरो स्प्लेंडर प्लस है। इस बाइक का नंबर RJ27 AB 3361 है। धीरज खटीक ने बताया कि यह बाइक उनके होटल पर काम करने वाले कर्मचारी नारू लाल गमेती की है। नारू लाल डुलावतों का गुड़ा का रहने वाला है और उसके पिता का नाम गेहरी लाल गमेती है। मेहनत-मजदूरी करने वाले इस गरीब कर्मचारी की बाइक चोरी होने के बाद होटल मालिक धीरज ने अपनी तरफ से एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति इस चोरी हुई बाइक का सही पता बताएगा या चोर को पकड़वाएगा, उसे 5 हजार रूपए का नकद इनाम दिया जाएगा। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेजपीड़ित पक्ष की ओर से इस पूरी घटना की लिखित शिकायत गोगुंदा थाना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस ने होटल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में चोर का हुलिया नजर आ रहा है और इसी के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और बाइक बरामद कर ली जाएगी।
सीकर के राजकीय जनाना अस्पताल में संचालित हुए प्रताप आईवीएफ सेंटर की डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा देवी के खिलाफ 1.80 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। IVF तकनीक से बच्चा पैदा करने के नाम पर महिला से यह रुपए लिए गए। अब कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। लक्ष्मणगढ़ निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत देकर बताया कि उनके संतान नहीं हो रही थी। ऐसे में वह सीकर के नेहरू पार्क के सामने जनाना अस्पताल में संचालित प्रताप आईवीएफ सेंटर में इलाज लेने के लिए गई। वहां उन्हें डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा देवी मिली। जिन्होंने इलाज का भरोसा दिलाया और 1.80 लाख रुपए जमा करवाने को कहा। महिला ने वह रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद महिला को दवाइयां लिखकर दी गई जो उन्होंने बाहर से ले ली। इसके बाद डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा महिला को मैसेज पर दवाइयां लिखकर भेजती रही जिन्हें महिला लेती रही। कुछ दिनों बाद जब महिला चेकअप के लिए हॉस्पिटल गई तो उन्हें पता लगा कि डॉ सुमन तंवर और काउंसलर आईवीएफ सेंटर के ताला लगाकर भाग गए हैं। जब महिला ने अस्पताल स्टाफ के मोबाइल से उन्हें कॉल किया तो दोनों ने कहा कि जनवरी या फरवरी 2026 में सेंटर वापस चालू हो जाएगा। इसके बाद महिला कई बार हॉस्पिटल गई लेकिन उन्हें हमेशा आईवीएफ सेंटर बंद मिला। एक दिन जनाना अस्पताल में उन्हें काउंसलर मीरा देवी मिली। जब उन्हें पैसों के बारे में कहा गया तो उसने कहा कि तुम्हारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। न ही तुम्हारे रुपए मेरे पास है। ना ही मेरे पास तुम्हारा कोई इलाज है। तुम्हें जो कार्रवाई करनी है वह कर लो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। दरअसल महिला ने 21 मई को सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी द्वारा आयोजित जनसुनवाई में यह शिकायत दी थी। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। फिलहाल मामले की जांच ASI तूफान सिंह कर रहे हैं। दरअसल इस आईवीएफ सेंटर में 7 महीने पहले करोड़ों रुपए का सामान गायब होने का भी मामला सामने आया था। तब डॉ सुमन तंवर और डॉ विक्रम सिंह ने तत्कालीन पीएमओ कमल अग्रवाल सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।
लखनऊ हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह इस तरह का पहला मामला है, जब कोर्ट ने किसी मेयर की सारी शक्तियां छीन ली हैं। कोर्ट ने ये कार्रवाई लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल सपा पार्षद को 6 महीने पहले शपथ दिलाने के आदेश का पालन नहीं करने को लेकर सुनाया है। मेयर शहर का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति होता है। उसका प्रोटोकॉल सबसे टॉप पर होता है। वह विशेष परिस्थितियों में अहम आदेश भी जारी कर सकता है। शहर की बेसिक सुविधाओं को मेनटेन करने की जिम्मेदारी उसके पास होती है। लखनऊ मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार अब फ्रीज रहेंगे। उनकी जगह नगर आयुक्त और डीएम कामकाज को देखेंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोर्ट के आदेश के बाद मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन अब मेयर क्या रुख अपनाएंगी, ये देखना है। मेयर के पास कितनी पॉवर होती है? क्या अधिकार होते हैं? क्या कभी किसी मेयर के अधिकार फ्रीज किए गए हैं? पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल: मेयर के पास क्या शक्तियां होती हैं? जवाब: मेयर को शहर का प्रथम नागरिक माना जाता है। वह नगर निगम का प्रमुख होता है। उनके पास अपने कार्यालय और कुछ प्रशासनिक कामकाज पर कंट्रोल होता है। वरिष्ठ पत्रकार रतन मणिलाल के अनुसार, मेयर अपनी कैबिनेट यानी मेयर इन काउंसिल (MIC) का गठन करते हैं। यदि नगर निगम अध्यक्ष कार्य करने में असमर्थ हो, तो मेयर विशेष बैठक बुला सकते हैं और आपदा या महामारी जैसी स्थिति में तत्काल जरूरी निर्णय लेने का अधिकार भी उनके पास होता है। कई मामलों में मेयर को कुछ अधिकार मेयर इन काउंसिल द्वारा सौंपे भी जा सकते हैं। सवाल: मेयर की व्यवस्था कब से हुई और ये कैसे शहरों पर शासन करते हैं? जवाब: मेयर को महापौर कहते हैं। ये नगर निगम या महापालिका का प्रमुख होते हैं। देश के बड़े शहरों में महापालिका या नगरनिगम होती हैं। जिनकी आबादी 5 लाख या उससे ज्यादा होती है और क्षेत्रफल के लिहाज वो बड़े होते हैं। छोटे शहरों और नगरों के स्थानीय प्रशासन का काम निर्वाचित नगर पालिका द्वारा किया जाता है। जिसके प्रमुख को नगर पालिका अध्यक्ष या नगर पालिका चेयरमैन कहते हैं। सवाल: क्या मेयर शहर का पहला नागरिक होने के बाद भी सिर्फ औपचारिक पद होता है? जवाब: एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ हद तक ऐसा कहा जा सकता है कि मेयर, जो नगरसेवकों के बीच से चुना जाता है, कई मामलों में एक औपचारिक पद जैसा होता है। असल में शहर के कामकाज की असली कार्यकारी, वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां नगर निगम आयुक्त के पास होती हैं, जो सरकार द्वारा नियुक्त एक आईएएस अधिकारी होता है। वहीं पूरे नगर निगम प्रशासन को चलाता है। सवाल: यूपी में मेयर का चुनाव कैसे होता है? जवाब: देश के कुछ राज्यों में इनका चुनाव सीधे होता है तो कुछ राज्यों में चुने हुए पार्षद या नगर निगम सदस्य इनको चुनते हैं। हालांकि नगरनिगमों और महापालिकाओं में कार्यकारी शक्ति सरकार द्वारा नियुक्त नगर निगम आयुक्त के पास होती है, जिसे लेकर अक्सर महापौर और नगरनिगम आयुक्त के बीच टकराव की स्थितियां भी बनती रहती हैं। इस मामले पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट ? सवाल: लखनऊ मेयर को मिली सजा के क्या मायने हैं? जवाब: वरिष्ठ पत्रकार रतन मणिलाल का कहना है कि इस मामले में सपा प्रत्याशी की जीत के बाद भी शपथ न दिलाया जाना कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने जैसा है, जो गंभीर लापरवाही या अवमानना की श्रेणी में आता है। मेयर एक निर्वाचित पदाधिकारी होने के बावजूद इस स्थिति में जिम्मेदार माने जा सकते हैं, और कोर्ट का आदेश एक तरह से सजा के रूप में देखा जाना चाहिए। इस स्थिति में मेयर के आदेशों की वैधता पर भी सवाल खड़े होते हैं, क्योंकि नियमों का पालन न करना कानूनी स्थिति को प्रभावित करता है। रतन मणिलाल के मुताबिक, इस पूरे मामले को पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। भाजपा प्रत्याशी का चुनाव पहले ही खारिज हो चुका था और जिसे शपथ दिलानी थी, उसे शपथ नहीं दिलाई गई। यह एक अनावश्यक टकराव है, जिसे शुरुआत से ही टाला जा सकता था। जवाब: लखनऊ मेयर ने कोर्ट के किन बातों को नहीं माना? जवाब: वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र कुमार कहते हैं कि मेयर ने कोर्ट के नियमों का उल्लघंन किया है। इसलिए कोर्ट ने ये सजा दी है। जिसका असर अब नगर निगम के कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है। मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज होने के बाद कई अहम फैसले फिलहाल रुक सकते हैं। सुषमा खर्कवाल अब हाई कोर्ट के आदेश के कारण नगर निगम प्रशासन से संबंधित कोई भी फैसला नहीं ले पाएंगी। ऐसे में अब उनके सामने वार्ड पार्षद ललित किशोर तिवारी का शपथ ग्रहण करने का विकल्प बचा है। लखनऊ मेयर अब किन कामों को नहीं कर पाएंगी? एक्सपर्ट बताते हैं कि अधिकार सीज होने पर विकास से जुड़ी पत्रावली उनके पास नहीं भेजी जाएंगी। इसके चलते विकास पर असर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश नगर अधिनियम, 1959 की धारा 117 के खंड पांच में महापौर के सामान्य अधिनियम का क्रियान्वयन करने के नियंत्रण का जिक्र है, जिसमे लिए कार्यपालिका के अधिकार नगर आयुक्त में निहित बताया गया है। सवाल: क्या है मामला? जवाब: लखनऊ नगर निगम के वार्ड 73 में नगर निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदीप शुक्ला ने जीत दर्ज की थी। सपा के ललित किशोर तिवारी दूसरे स्थान पर रहे। ललित किशोर ने कोर्ट में याचिका लगाई कि प्रदीप शुक्ला ने नामांकन के चुनावी हलफानामे में दूसरी शादी और व्यक्तिगत जानकारी छिपाई है। कोर्ट ने प्रदीप शुक्ला के निर्वाचन को रद्द कर दिया। ललित किशोर तिवारी को 19 दिसंबर 2025 को वार्ड 73 के पार्षद के तौर पर निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इधर, मेयर ने ललित किशोर को 5 महीने तक शपथ नहीं दिलाई। इस पर तिवारी कोर्ट चले गए। 21 मई को हाईकोर्ट ने मेयर पर आदेश की अवहेलना माना और उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को सीज करने का आदेश जारी किया।
अशोकनगर जिले में प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने बाल संरक्षण व्यवस्थाओं और विद्युत सेवाओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य बाल संरक्षण को मजबूत बनाना और बिजली सेवाओं को अधिक सुचारू एवं उपभोक्ता हितैषी बनाना था। बैठक में प्रभारी मंत्री ने जिले में संचालित दीक्षा शिशुगृह, पालना स्थलों, चाइल्ड लाइन, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के गठन व कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े मामलों की जानकारी ली। मंत्री शुक्ला ने जोर दिया कि जरूरतमंद और निराश्रित बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बाल संरक्षण संस्थाएं संवेदनशीलता से कार्य करें और बच्चों को बेहतर वातावरण प्रदान करें। खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने के निर्देशइसके अतिरिक्त, बैठक में जिला विद्युत सलाहकार समिति के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने जिले में विद्युत व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक बनाने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति की स्थिति, ट्रांसफार्मरों की कार्यक्षमता, लाइन विस्तार कार्य तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के दौरान मंत्री शुक्ला ने कहा कि आम नागरिकों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना कंपनी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने और आवश्यक स्थानों पर लाइन विस्तार के कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए। विद्युत कटौती के संबंध में प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटौती का समय पूर्व निर्धारित किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने और बिजली सेवाओं में सुधार के लिए लगातार निगरानी रखने को कहा। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
धनबाद में करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान नावा डीह निवासी विशाल कुमार हाड़ी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना धनबाद के बड़की बौआ स्थित तालाब के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विशाल कुमार हाड़ी तालाब में नहाने गया था। नहाने के बाद जब वह तालाब से बाहर निकला तो पास में लगे मोटर को चलाने के लिए बिजली का तार जोड़ने लगा। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। तेज झटका लगने के कारण वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना को देख आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में युवक को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे धनबाद के एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया। हालांकि एसएनएमएमसीएच पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली का तार जोड़ने के दौरान अचानक करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
ललितपुर में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सोनाली जैन ने शुक्रवार को वार्ड नंबर 6 का निरीक्षण किया। उन्होंने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ), सार्वजनिक शौचालय, सुरईघाट श्मशान घाट और कंपोजिट यूनिट का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत एमआरएफ सेंटर से हुई, जहां अध्यक्ष ने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखी। सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। उन्होंने मटेरियल रिकवरी के लिए संचालित मशीनों को चालू कराकर उनकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। ऑपरेटरों को मशीनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सेंटर पर तैयार की जा रही सामग्री और खड़े वाहनों का भी निरीक्षण किया गया। इसके बाद अध्यक्ष ने मोहल्ला खिरकापुरा स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां मिलने पर संबंधित सफाई निरीक्षक को तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खिरकापुरा कॉलोनी के नागरिकों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ने साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य नायक को क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह भी चेतावनी दी गई कि शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरईघाट श्मशान घाट के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने हाईमास्ट लाइट, पानी की टंकी और नलों की व्यवस्था का जायजा लिया, जो सुचारु पाई गईं। उन्होंने अर्थी चबूतरे के विस्तार, पेड़ों की छंटाई और साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। श्मशान घाट के पीछे बने कंपोजिट यूनिट का निरीक्षण करते हुए अध्यक्ष ने खाद निर्माण कार्य को भी देखा, जहां मौके पर खाद तैयार होती पाई गई।
कौशांबी में जनगणना 2027 के अंतर्गत कृष्णा नगर, नगर पंचायत करारी में कार्यरत प्रगणक संतोष कुमार ने पहले ही दिन HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) का कार्य पूरा कर लिया। संतोष कुमार (HLB नंबर-24) प्राथमिक विद्यालय हटवा अब्बासपुर में सहायक अध्यापक हैं। उनकी लगन, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को जनगणना 2027 अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 'जनगणना के हीरो' के रूप में सम्मानित किया जाएगा। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने संतोष कुमार के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ और जिम्मेदार प्रगणक जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस कार्य में फील्ड ट्रेनर ज्ञानेंद्र कुमार मिश्र और सुपरवाइजर मोहम्मद कामिल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पानीपत में सरेआम जुआ खेलते 4 युवक गिरफ्तार:गुप्त सूचना पर पुलिस की रेड; साढ़े ₹35 हजार की नकदी बरामद
पानीपत जिले की समालखा सीआईए टू पुलिस ने जलालपुर प्रथम गांव के पास एक पेट्रोल पंप और होटल की दीवार की आड़ में जुआ खेल रहे चार युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दांव पर लगी 35,500 रुपए की नकदी और ताश के पत्ते बरामद किए गए हैं। सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा खाईवाली सहित अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। सूचना पर पुलिस ने दी दबिश अभियान के दौरान, सीआईए टू की एक टीम गश्त पर जलालपुर प्रथम गांव में अड्डा के पास थी। तभी टीम को गुप्त सूचना मिली कि एचपी पेट्रोल पंप के साथ बने होटल श्रीकृष्णा की दीवार की आड़ में चार युवक जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और जुआ खेल रहे चारों युवकों को पकड़ लिया। गैंबलिंग एक्ट के तहत केस दर्ज पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान सनौली खुर्द निवासी कर्ण उर्फ गोली, बापौली निवासी सद्दाम और शामली (यूपी) के खुडाना निवासी अनवर व नौशाद के रूप में बताई। मौके पर आरोपियों के कब्जे से जुआ खेलने में इस्तेमाल एक जोड़ी ताश के पत्ते और दांव पर लगी 35,500 रुपए की नकदी बरामद हुई। चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सनौली में गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कासगंज में उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यक्रमों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कासगंज विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, अमांपुर विधायक हरिओम वर्मा, एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप और भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा उपस्थित रहे। जिलाधिकारी प्रणय सिंह, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह और अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह भी मौजूद थे। मंत्री ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और कानून व्यवस्था की स्थिति की विभागवार समीक्षा की। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित सभी विकास योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि जनता को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिलना चाहिए, तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और राजस्व से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अपराध एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने, महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। मंत्री चौधरी ने यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रशासन पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। उन्होंने अधिकारियों को तहसील और ब्लॉक स्तर पर नियमित निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राजस्थान की पारंपरिक कला ब्लू पॉटरी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी नीदरलैंड यात्रा के दौरान डच किंग विलेम-अलेक्जेंडर को जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी भेंट की। खास बात यह है कि यह विशेष कलाकृति जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पगुरु गोपाल सैनी ने तैयार की थी, जिन्हें पिछले 38 वर्षों से इस पारंपरिक कला को जीवित रखने का श्रेय जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचकर वहां के शाही परिवार और शीर्ष नेतृत्व को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े उपहार दिए। डच राजा को भेंट की गई ब्लू पॉटरी को भारतीय शिल्प कौशल और राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जा रहा है। चार से पांच महीने की मेहनत से तैयार हुई कलाकृति जयपुर के शिल्पगुरु गोपाल सैनी ने बताया कि इस विशेष ब्लू पॉटरी को तैयार करने में करीब चार से पांच महीने का समय लगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर इस विशेष कलाकृति को खरीदा गया, जिसके बाद इसे प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से नीदरलैंड के राजा को उपहार स्वरूप भेजा गया। गोपाल सैनी ने कहा कि मैं पिछले 38 वर्षों से ब्लू पॉटरी कला से जुड़ा हूं। मेरा संकल्प है कि लुप्त होती जा रही जयपुर की इस पारंपरिक कला को जीवित रखा जाए। हमने ब्लू पॉटरी में नए आकार, डिजाइन और आधुनिक प्रयोग किए हैं ताकि यह कला नई पीढ़ी तक पहुंचे। 150 साल पुरानी परंपरा से प्रेरित डिजाइन गोपाल सैनी ने बताया कि डच राजा को दी गई ब्लू पॉटरी में 1835 से 1880 के बीच महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय के समय बनाई जाने वाली पारंपरिक डिजाइनों से प्रेरणा ली गई है। उन्होंने कहा कि इस विशेष कलाकृति में ऐतिहासिक ब्लू पॉटरी पैटर्न को आधुनिक शैली में प्रस्तुत किया गया है। इसमें जयपुर की पहचान माने जाने वाले कोबाल्ट ब्लू रंग और पारंपरिक डिजाइन को विशेष रूप से उभारा गया है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक सजावटी वस्तु नहीं बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, कला और इतिहास का प्रतीक है। डच महारानी को भेंट किए मीनाकारी-कुंदन ईयररिंग्स प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा को राजस्थान की शाही कारीगरी से तैयार विशेष मीनाकारी और कुंदन ईयररिंग्स उपहार में दिए। यह आभूषण भारतीय ज्वेलरी शिल्प की सबसे उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजस्थान के शाही दरबारों और राजघरानों से जुड़ी यह कला आज भी भारतीय आभूषण परंपरा की शान मानी जाती है। इन ईयररिंग्स में दो ऐतिहासिक कला शैलियों मीनाकारी और कुंदन का सुंदर संगम दिखाई देता है। इस कला की शुरुआत फारसी प्रभावों से मानी जाती है, लेकिन राजस्थान विशेषकर जयपुर ने इसे नई पहचान दी। जयपुर की मीनाकारी पूरी दुनिया में अपनी रंगों की गहराई और सूक्ष्म कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर की ब्लू पॉटरी की खासियत जयपुर की ब्लू पॉटरी अपनी अनोखी निर्माण तकनीक के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह सामान्य मिट्टी के बर्तनों की तरह नहीं बनाई जाती। इसमें क्वार्ट्ज पाउडर, कांच का पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और विशेष प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाता है। ब्लू पॉटरी की सबसे बड़ी पहचान इसका चमकदार ग्लास जैसा फिनिश और नीले, सफेद तथा पीले रंगों का सुंदर संयोजन है। इस कला में फूल-पत्तियों, पक्षियों और पारंपरिक आकृतियों को बेहद बारीकी से उकेरा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लू पॉटरी का इतिहास फारसी कला परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसे समय के साथ राजस्थान ने अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में विकसित किया। दुनिया के बड़े नामों तक पहुंच चुकी है गोपाल सैनी की कला गोपाल सैनी ने बताया कि उनकी बनाई कलाकृतियां देश और दुनिया की कई प्रतिष्ठित हस्तियों तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से जुड़ने के बाद उनके कार्य को नई पहचान मिली। उनकी बनाई ब्लू पॉटरी देश की कई जानी-मानी हस्तियों के संग्रह का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि उनकी बनाई गई विशेष कलाकृतियां मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर समेत कई प्रमुख व्यक्तियों तक पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा जर्मनी, इटली और अमेरिका सहित कई देशों में भी उनकी कला प्रदर्शित की जा चुकी है। गोपाल सैनी ने बताया कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी यात्राओं के दौरान जयपुर की ब्लू पॉटरी को विशेष मेहमानों को भेंट स्वरूप दिया गया था।
मथुरा में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न:मुस्लिम समाज ने दिया सौहार्द का संदेश, गाय कुर्बानी पर बयान
मथुरा में शुक्रवार को शाही ईदगाह सहित विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। नमाज के बाद मुस्लिम समाज के स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध वर्ग ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। इस दौरान गाय की कुर्बानी और भोजशाला विवाद जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी मुस्लिम समाज की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई। हाल ही में दिए गए हुमायूं कबीर के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गाय की कुर्बानी पूरी तरह गलत है और इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। वक्ताओं ने जोर दिया कि इस्लाम किसी भी धर्म या आस्था को ठेस पहुंचाने की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में गाय को पूजनीय माना जाता है, इसलिए उसकी कुर्बानी जैसे मुद्दों को उछालकर माहौल खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भड़काऊ बयान देकर समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की जिम्मेदारी पर जोर दिया और लोगों से अफवाहों तथा भड़काऊ बातों से दूर रहने की अपील की। वहीं, भोजशाला विवाद को लेकर मुस्लिम समाज ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय द्वारा जो भी आदेश दिया जाए, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए। कानून और न्यायपालिका सर्वोपरि हैं, और अदालत के फैसले का पालन हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
फतेहपुर में भीषण गर्मी के बीच जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को किशनपुर थाना क्षेत्र के पहोरा और सरौली गांव के बीच स्थित जंगल में भीषण आग लग गई, जिसमें करीब 4 बीघा वन क्षेत्र जलकर खाक हो गया। जिले में इन दिनों तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अज्ञात कारणों से जंगल में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर और पेड़ों की टहनियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया जा सका। आगजनी की इस घटना में जंगल के पेड़-पौधे और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के कारण आग को आबादी वाले क्षेत्रों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
खंडवा के बोरगांव चौकी क्षेत्र में हुए मारपीट मामले में नया मोड़ सामने आया है। केस में नामजद खिराला गांव निवासी कलीम उर्फ कल्लू ने एसपी को आवेदन देकर खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कलीम का आरोप है कि व्यक्तिगत रंजिश और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते उसे झूठे मामले में फंसाया गया। उसने दावा किया कि 16 मई की रात घटना के समय वह घटनास्थल पर नहीं, बल्कि खिराला से करीब 5 किमी दूर एक होटल में मौजूद था। उसके मुताबिक होटल के CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल उसकी बेगुनाही साबित कर सकते हैं। आवेदन में तत्कालीन बोरगांव चौकी प्रभारी व वर्तमान देशगांव चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कलीम ने कहा कि घटना के बाद रामप्रकाश यादव आरोपी पक्ष के व्यक्ति रईस से अस्पताल में मिलने पहुंचे थे, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। इधर, रामप्रकाश यादव ने कहा कि रईस उनका परिचित है, इसलिए अस्पताल में मिलने गए थे। वहीं बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले का कहना है कि एफआईआर फरियादी के बयान के आधार पर दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र की महेंद्र नगर फेस-1, डोहरा रोड कॉलोनी में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी शिकायतें नहीं सुन रहे हैं और फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इस समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संयोजक प्रेम शंकर पटेल और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल आउटरीच कांग्रेस के प्रदेश सचिव रविन्द्र सहारा एडवोकेट ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की। रविन्द्र सहारा और प्रेम शंकर पटेल ने बताया कि 17 मई को कॉलोनी का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसे लगभग 30 घंटे बाद बदला गया, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में बिजली संकट बना हुआ है। पिछले चार दिनों से रात दो बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हरूनगला बिजली सब स्टेशन पर कोई फोन नहीं उठाता। संबंधित जेई और एसडीओ के मोबाइल नंबर भी या तो बंद रहते हैं या कॉल रिसीव नहीं की जाती। 20 मई को अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे हरूनगला विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की होगी। शिकायत दर्ज कराते समय सचिन, दिनेश कुमार, महेश पटेल, अमित पाठक, शशि रानी और प्रेम शंकर पटेल सहित कई क्षेत्रवासी मौजूद थे।
मथुरा में समाजवादी बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी ने 24 मई को 'थाली बजाओ, सरकार जगाओ' जन आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, नीट परीक्षा पेपर लीक और बेरोजगारी के विरोध में किया जा रहा है। इस आंदोलन की घोषणा सौंख रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित एक बैठक में की गई। बैठक की अध्यक्षता सपा नेता अनिल अग्रवाल ने की। वाहिनी के महानगर अध्यक्ष रमेश सैनी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, जिसके कारण लोगों को अब अपनी आवाज उठानी होगी। सपा नेता अनिल अग्रवाल ने जनता से अपील की है कि 24 मई को शाम 7 बजे महिला और पुरुष अपने घरों की छत, बालकनी या दरवाजे पर खड़े होकर दो मिनट तक थाली, चम्मच या कटोरी बजाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। सपा नेता अनिल अग्रवाल ने सभी से आंदोलन में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जिस रसोई पर महंगाई का सबसे ज्यादा असर पड़ा है, उसकी आवाज भी उसी रसोई से उठनी चाहिए। बैठक का संचालन महानगर महासचिव संजय बीबीसी ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र लोधी, हर्ष ठाकुर, संतोष सैनी, हरेन्द्र कुमार, सूरजभान चौधरी, सूरज पटेल, मुकेश सैनी, दिगम्बर सिंह, कृष्ण यादव, नरेंद्र सिंह, शिवम, सचिन यादव, बबलू कुशवाह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जौनपुर में जनगणना 2027 से संबंधित फील्ड गतिविधियां शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत, जनपद में 8000 से अधिक गणनाकर्मी इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को संचालित कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से जनगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से गणनाकर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया है। प्रशासन ने केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने की सलाह दी। इस अवसर पर सही जानकारी, बेहतर योजना — जन भागीदारी से सफल जनगणना का नारा भी दिया गया। जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों और सुपरवाइजरों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस कार्य को उनके धैर्य, समर्पण और देश सेवा की भावना का प्रतीक बताया। जिलाधिकारी ने सभी गणनाकर्मियों को राष्ट्रहित के इस महत्वपूर्ण दायित्व को निभाने के लिए अभिनंदन का पात्र कहा। जिलाधिकारी ने गणनाकर्मियों को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करते हुए सावधानी से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही देश की सही तस्वीर सामने आएगी, जो भविष्य की योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। जिलाधिकारी ने सभी को पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ कार्य को सफल बनाने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में उच्चाधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया।
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 'नो व्हीकल डे' का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत परिसर को वाहनों के शोर और प्रदूषण से मुक्त रखा गया, जिससे कैंपस में शांति और स्वच्छ वातावरण का अनुभव हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुबह से ही मुख्य गेट पर निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी अपने वाहन बाहर पार्क कर पैदल या ई-कार्ट का उपयोग करके अपने विभागों तक पहुंचे। इस अभियान को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का भी समर्थन मिला। कुल सचिव हरीश चंद और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह सहित कई अधिकारी पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचे, जिससे इस पहल को और बल मिला। 'नो व्हीकल डे' का असर पूरे परिसर में साफ तरीके से दिखाई दिया। वाहनों की अनुपस्थिति से शोर और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई। विद्यार्थियों ने इस शांत और सकारात्मक माहौल को तनाव कम करने वाला बताया। कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इस अवसर पर ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने सभी से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग या पैदल चलने की आदत अपनाने की अपील की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर 'नई जीवनशैली' की शुरुआत बताया। इसके साथ ही एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री पर रखने, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, वर्चुअल मीटिंग्स करने और खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने जैसे सुझाव भी दिए गए। 'नो व्हीकल डे' ने यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
पानीपत पुलिस ने सेक्टर-25 की फर्जी फर्मों के नाम पर धागा खरीदकर व्यापारियों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जाटल रोड, न्यू मॉडल टाउन निवासी प्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से उसके हिस्से की नकदी बरामद करने, वारदात के तरीकों को समझने और फरार चल रहे उसके तीन साथियों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल कुमार) के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी। ये है पूरा मामला सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि सोनीपत के गांव ढुराना निवासी अरविंद ने थाना चांदनी बाग पुलिस को शिकायत दी थी। अरविंद उग्राखेड़ी काला आंबा रोड पर श्याम यार्न के नाम से फैक्टरी चलाते हैं। शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रतन और राहुल कुमार उनकी फैक्टरी आए और सेक्टर-25 में ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला नाम से चार फर्में होने का दावा कर 3744 किलो धागे का ऑर्डर दिया। अरविंद ने 13 सितंबर को माल भिजवा दिया, जिसके बदले आरोपियों ने ₹2,29,979 का चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब अरविंद ने भुगतान मांगा, तो आरोपियों ने धमकी दी कि वे इसी तरह ठगी करते हैं। कई अन्य व्यापारियों को भी बना चुके हैं शिकार जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने शहर के कई अन्य बड़े यार्न कारोबारियों को भी चूना लगाया है। आरोपियों ने इससे पहले गुप्ता यार्न से ₹5,95,456, महादेव टेक्सटाइल मील से ₹4,45,410 और निर्मल बाला जी कॉट स्पिन से ₹2,10,000 की ठगी की हुई है। पूछताछ में खुलासा- लुधियाना में बेचते थे माल, शार्टकट से अमीर बनने की थी चाह पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रीत सिंह ने अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर वारदात कबूल की है। पूछताछ में सामने आया कि प्रीत सिंह की पहले टोल प्लाजा के पास प्लास्टिक दाना की फैक्टरी थी, जो नुकसान होने के कारण डेढ़ साल पहले बंद हो गई। इसके बाद उसने अपने दोस्तों दीपक कपूर, राज रतन और राहुल के साथ मिलकर शार्टकट तरीके से पैसे कमाने के लिए व्यापारियों को ठगने की साजिश रची। आरोपियों ने अरविंद से ठगा गया 3744 किलो धागा लुधियाना की धागा मार्केट में ₹2 लाख में बेच दिया था और रकम आपस में बराबर बांट ली थी।
मुरादाबाद में जनगणना अभियान शुरू:जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आवास से हुई शुरुआत
मुरादाबाद में जनगणना अभियान का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आवास से हुआ। यह अभियान जिले भर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। जनगणना के पहले चरण में प्रगणक टीम ने जिलाधिकारी आवास पर मकान सूचीकरण की प्रक्रिया पूरी की। टीम ने निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवास और परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारियां दर्ज कीं। अधिकारियों ने कर्मचारियों को पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह के आवास पर भी जनगणना टीम ने मकान सूचीकरण का कार्य किया। यहां भी आवासीय विवरण, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य जरूरी सूचनाएं निर्धारित प्रपत्र में दर्ज की गईं। प्रशासनिक अधिकारियों ने जनगणना को देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक बताया। उनके अनुसार, इसके आंकड़ों के आधार पर ही विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलेगा। नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान मकानों की स्थिति, परिवारों की संख्या, मूलभूत सुविधाओं और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियों का संकलन किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े शासन की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से सही जानकारी उपलब्ध कराकर अभियान में सहयोग करने की अपील की। जिलाधिकारी ने जनगणना कर्मियों को सभी सूचनाएं गंभीरता और गोपनीयता के साथ दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे। प्रशासन ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
IIMT हॉस्टल में छात्राओं को भेजा घर:एमबीए स्टूडेंट की मौत के बाद हुआ था हंगामा
मेरठ के आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल से छात्राओं को उनके घर वापस भेज दिया गया है। छात्राओं की अगले 10 दिनों के लिए छुट्टी कर दी गई है, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्राओं को कहा है कि अब 1 जून को कॉलेज आना है। कॉलेज में फिलहाल अवकाश कर दिया गया है। वहीं कॉलेज की परीक्षाएं भी पोस्टपोंड कर दी गई है। परीक्षाएं अब 1 जून से शुरू होंगी। इसी के लिए छात्राओं को आना है। बताया जा रहा है कि जिस तरह यूनिवर्सिटी में दो दिन तक पूरा हंगामा चला है। छात्रों ने यहां विरोध प्रदर्शन किया था उसके बाद ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह कदम उठाया है। क्योंकि इस प्रोटेस्ट में हॉस्टलर्स की संख्या ज्यादा थी। इसके चलते विवि प्रशासन ने हॉस्टल में फिलहाल अवकाश घोषित कर दिया है। काफी छात्राओं को घर भेज दिया है। जबकि कुछ छात्राएं अभी हॉस्टल में हैं वो भी अपने घर जाएंगी।
हनुमानगढ़ जिले में जल और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' 25 मई से 5 जून तक चलाया जाएगा। गंगा दशमी से शुरू होकर विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिलेभर में जल संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक ली। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान', 'जल संचय जन भागीदारी 2.0' और 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान गांवों और शहरों में आमजन, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कुएं, जोहड़, नहरों और अन्य जल संरचनाओं का पूजन-नमन करने के साथ उनकी साफ-सफाई और जीर्णोद्धार भी कराया जाएगा। उन्होंने गंगा दशमी के धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व से लोगों को जोड़ते हुए जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। अभियान के तहत पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। जल संरचनाओं की पाल, सड़क किनारे, चारागाह और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर सुधार और नई जल संरचनाओं के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान की शुरुआत 25 मई को जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी, जिसमें थीम और थीम सॉन्ग का लोकार्पण किया जाएगा। इस दौरान प्रभात फेरी, कलश यात्रा, जल चौपाल, किसान चौपाल, नुक्कड़ नाटक, साइकिल रैली, श्रमदान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा। इस मौके पर जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों और जल योद्धाओं को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा।
गाजियाबाद में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल 23 मई 2026 से बंद रहेंगे। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूली बच्चों को गर्मी से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जारी आदेश में बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा विभाग, सहायता प्राप्त, राजकीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, इंटर कॉलेज, यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश लागू करने का निर्देश दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूल संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को बिना आवश्यक कार्य के दोपहर में घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है, ताकि किसी भी बच्चे का स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को बेरहमी से पीटे गए दलित युवक को न्याय दिलाने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पुष्पेंद्र यादव और जिलाध्यक्ष सहित अन्य सदस्य शामिल थे। यह मामला सुमेरपुर थाना क्षेत्र के टेढ़ा गांव का है। यहां संदीप वर्मा नामक युवक की गांव के कुछ दबंगों ने डंडों और बेल्टों से पिटाई की थी। आरोप है कि हमलावर युवक को अधमरी हालत में उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित युवक से मिलने के लिए सपा का यह प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को गांव जाने वाला था। सपा जिलाध्यक्ष इदरीस खान के नेतृत्व में जाने वाले इस डेलिगेशन को प्रशासन ने गुरुवार रात ही हाउस अरेस्ट कर लिया था। शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल को हमीरपुर मुख्यालय आने की अनुमति तो मिली, लेकिन उन्हें टेढ़ा गांव जाने से रोक दिया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मुलाकात में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पुष्पेंद्र यादव, पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद और अनुसूचित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी भी मौजूद रहे। पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने कहा कि संदीप वर्मा के साथ हुई मारपीट एक गंभीर मामला है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी दलित उत्पीड़न होता है, सपा पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है। दद्दू प्रसाद ने यह भी कहा कि सरकार को आशंका थी कि दलित समाज सपा के समर्थन में आ सकता है, इसलिए प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से रोका गया और रात में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
मेला स्पेशल ट्रेन 4 दिन रद्द रहेगी:बदायूं से पूर्णागिरी जाने वाले श्रद्धालुओं को होगी असुविधा
रेलवे ने बदायूं से पूर्णागिरी माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को सूचित किया है कि टनकपुर-बरेली मेला स्पेशल ट्रेन चार दिनों के लिए रद्द रहेगी। यह निर्णय बरेली सिटी यार्ड में चल रहे निर्माण कार्य के कारण लिया गया है। रेलवे के अनुसार, बरेली सिटी यार्ड में समपार संख्या 248/स्पेशल (श्मशान भूमि) पर एलएचएस (लिमिटेड हाइट सबवे) निर्माण कार्य के तहत प्रोटेक्शन प्लेट लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा। इसी वजह से ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ेगा। मेला स्पेशल 23 और 28 मई को निरस्त रहेगी ट्रेन संख्या 05307 टनकपुर-बरेली जंक्शन मेला स्पेशल 23 और 28 मई 2026 को निरस्त रहेगी। इसी तरह, ट्रेन संख्या 05308 बरेली जंक्शन-टनकपुर मेला स्पेशल 24 और 29 मई 2026 को संचालित नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
कोटा कोर्ट परिसर के आसपास से बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर वकीलों ने सिटी एसपी को ज्ञापन दिया। कोटा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लम्बे समय से थानों के चालानी मुंशी को बदलने की मांग की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि उनकी मांगो को लेकर एसपी का रवैया कोटा बार एसोसिएशन के प्रति ठीक नहीं था। इसकी आगे शिकायत करेंगे। कोटा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत सिंह अड़सेला ने कहा कोर्ट परिसर के गेट नंबर 1, 2, और 3 के बाहर बड़ी संख्या में बाइक व अन्य गाड़ियां खड़ी रहती है। यहां से लगातार बाइक चोरी होती रहती है। इसी मुद्दे को लेकर आज एसोसिएशन के पदाधिकारी एसपी के पास ज्ञापन देने गए थे। हमारी मांग थी कि कोर्ट परिसर के आसपास पर्याप्त संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया जाए ताकि चोरियों पर अंकुश लग सके। हमारी दूसरी मांग चालानी मुंशी को बदलने की थी। शहर के हर धाने की ओर से संबंधित कोर्ट में चालानी मुंशी लगा रखे है। जिन्हें काफी लम्बा समय हो चुका ये चालानी मुंशी मनमर्जी करते हैं। अपने हिसाब कई छोटे प्रकरणों में बिना वकील व बिना वकालतनामा के अपने स्तर पर निस्तारण करवा देते हैं। जिससे कोटा बार एसोसिएशन को राजत्य की हानि हो रही है। वकीलों के व्यवसायिक हितो पर प्रभाव पड रहा है। लंबे समय से जमे चालानी मुंशीयों को बदल जाए। अड़सेला ने कहा कि इस मामले को लेकर शहर पुलिस अधीक्षक का रवैया उनके प्रति सही नहीं रहा। इसको लेकर जल्द ही उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देंगे। महासचिव शंभू सोनी ने बताया कि कोर्ट परिसर के आसपास से हो रहे वाहन चोरी के संबंध में ज्ञापन देने गए थे। आज तक जिस भी अधिकारी को ज्ञापन देने गए, वो अधिकारी ससम्मान बात सुनता है, ज्ञापन लेता है। लेकिन जब भी एसपी ऑफिस आते हैं। कोई सम्मान नहीं दिया जाता, सुनवाई नहीं होती। एक तरफा कार्रवाई की जाती है। ऐसा रवैया तो जिला जज, हाईकोर्ट जज का भी नहीं रहता। ऐसा लगता है सिटी एसपी, शहर के वकीलों को पसंद नहीं करते।
सोनभद्र जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। पिछले दो दिनों से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर होते-होते सड़कें सुनसान हो गईं। शुक्रवार को दिनभर चली गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग बाहर निकले। दोपहर के समय अधिकांश बाजारों में चहल-पहल कम रही, जबकि शीतल पेय, जूस, बेल का शरबत और आइसक्रीम की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। लोग जगह-जगह छांव का सहारा लेते दिखे, रॉबर्ट्सगंज नगर में फ्लाईओवर के नीचे भी लोग बैठे नजर आए। मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से आम जनता परेशान है। लोगों का कहना है कि दिन और रात दोनों समय बिजली की कटौती हो रही है। कभी रोस्टिंग तो कभी फाल्ट बताकर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। बिजली आने पर भी लो वोल्टेज के कारण उसका होना न होना बराबर है। सोनभद्र के भीषण गर्मी को देखते हुए रॉबर्ट्सगंज और छपका स्थित पावर हाउस में लगे हैवी ट्रांसफार्मर तपिश के कारण गर्म हो रहे हैं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है।इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए हैवी कूलर लगाए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री रहा था।बुधवार को अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री, जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा है।
दिल्ली-एनसीआर में ईसीसी शुल्क और बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध समेत विभिन्न मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल जारी है। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले ट्रांसपोर्ट नगर में धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के दौरान ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस ने चक्का जाम करने से रोकने की कोशिश की, जिस पर ट्रांसपोर्टरों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हो गई। मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट पदाधिकारियों के बीच वार्ता के बाद स्थिति सामान्य कराई गई। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में लगाए गए ईसीसी शुल्क और बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इन निर्णयों पर पुनर्विचार करने की मांग की। शहर में सर्वाधिक खेल, जिम उपकरण, गार्मेंट, फिटनेस, ऑटोमोबाइल, ट्रांसफार्मर पार्ट्स, केमिकल उद्योग प्रभावित हैं। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि यहां 120 उद्योग संचालित हैं। दोगुना कीमतों के साथ आर्डर सप्लाई करने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर हैं। तीन दिन में 340 करोड़ की सप्लाई होगी प्रभावितट्रांसपोर्टरों की बंदी के कारण शहर में तीन दिन में 340 करोड़ की सप्लाई प्रभावित होने का अनुमान है। ऐसे में शहर में 114 करोड़ की सप्लाई पहले दिन प्रभावित हुई। इसमें सर्वाधिक कच्चे माल की बढ़ी कीमतों से उद्योग प्रभावित है। पांच लाख में बनने वाला माल अब 10 लाख रुपये में बन रहा है। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अमित शर्मा (पूर्व प्रत्याशी मेरठ कैंट), दीपक गांधी, नीरज मुल्तानी, शिवम विनायक, अंकुर प्रजापति, मोनू वर्मा, देवेंद्र कुमार, धीरज, समीर राणा, हिमांशु, धीरज बजाज, सचिन, शोएब राणा, देवेंद्र गिरी, कमलकांत, कृष्णा, मसकुर राणा, शिवा, शिव कुमार, बॉबी प्रजापति, जितिन, राकेश, सादाब राणा, अनिल चौधरी, अंबर गोयल, रोहित कपूर, नीरज शर्मा, पिंकू शर्मा, संतोष सिंह, प्रेम सिंह, गगन सिंह, राजेश और पवन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।
चंदौली के सुल्तानपुर गांव में शुक्रवार तड़के एक घर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने घर से लगभग 25 लाख रुपए के गहने और नगदी चुरा लिए। पीड़ित सुनील पाण्डेय ने बताया कि चोर देर रात उनके घर में घुसे। उन्होंने घर के अंदर से दरवाजे की कुंडी बंद कर दी और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सुबह परिवार के सदस्यों के जागने पर घर का सामान बिखरा हुआ और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। सुनील पाण्डेय के मुताबिक, चोर लगभग 50 से 60 हजार रुपए नगद और करीब 25 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के गहने ले गए। चोरी हुए सामान में सोने के हार, कंगन, कान के तीन जोड़ी आभूषण और अन्य कीमती जेवर शामिल हैं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से गश्त न होने के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने की मांग की है। चंदौली थाना प्रभारी विंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलने पर नवही चौकी प्रभारी तरुण कश्यप पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए।
प्रतापगढ़ में बिजली संकट गहराया:सीटी ब्लास्ट से 13 उपकेंद्र ठप, दहिलामऊ में 8 घंटे सप्लाई बाधित
प्रतापगढ़ में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर बाधित हुई। भुपियामऊ स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन परिसर में 33 केवी आपूर्ति के पैनल में प्रेशर सीटी (करंट ट्रांसफॉर्मर) ब्लास्ट हो गया। इस तकनीकी खराबी के कारण गुरुवार रात करीब 9 बजे से लगभग 13 विद्युत उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति करीब 5 घंटे तक ठप रही। ब्लास्ट से दहिलामऊ, बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर, दिलीपपुर, सोनाही, पट्टी, रानीगंज अजगरा और भुपियामऊ ग्रामीण सहित कुल 13 उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इसी दौरान दहिलामऊ उपकेंद्र से जुड़े बलीपुर और विवेक नगर के कुछ हिस्सों में लो टेंशन लाइन पर ओवरलोड के कारण तार जलने लगे। सूचना पर फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दहिलामऊ उपकेंद्र में एक और ब्लास्ट हुआ। कचहरी और भंगवा फीडर के मेन पैनल में हुए इस ब्लास्ट से दोनों फीडरों की बिजली आपूर्ति लगभग 8 घंटे तक बाधित रही। इस घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ नगर ने चिलबिला स्टोर से विशेषज्ञ कर्मचारियों की टीम बुलाई और मरम्मत कार्य शुरू कराया। लगभग 25 कर्मचारियों की मदद से खराब उपकरणों को ठीक किया गया। इस दौरान मीराभवन, दहिलामऊ, भुलियापुर, दहिलामऊ नॉर्थ-साउथ, पूरे ईश्वरनाथ, पूरे केशवराय, पुलिस लाइन, कचहरी रोड और करनपुर मोहल्लों में बिजली गुल रही। बिजली न होने से नगर पालिका के मोटर पंप भी बंद रहे, जिससे कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली संकट के दौरान उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन एक्सईएन, एसडीओ और जेई सहित कई अधिकारियों के सीयूजी नंबर नेटवर्क कवरेज से बाहर बताए गए। विभाग की टीम फिलहाल मरम्मत और आपूर्ति बहाल करने में जुटी है, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
दतिया में आबकारी विभाग ने सेवढ़ा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ शुक्रवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की है। राजीव नगर स्थित कंजर डेरा पर आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर जमीन में छिपाकर रखी गई करीब 8 हजार लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब नष्ट कर दी। मौके से 49 लीटर तैयार शराब जब्त की गई। जबकि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप की स्थिति बनी रही। टीम को सूचना मिली थी कि राजीव नगर कंजर डेरा में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का निर्माण और भंडारण किया जा रहा है। इसके बाद आबकारी कंट्रोल रूम प्रभारी अनिरुद्ध खानवलकर के नेतृत्व में टीम ने पुलिस बल के साथ संयुक्त दबिश दी। मौके पर 40 ड्रमों में भरी कच्ची शराब जमीन के अंदर दबाकर रखी गई थी। टीम ने सैंपल लेने के बाद शराब को मौके पर ही नष्ट कराया। कार्रवाई के दौरान 49 लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जब्त शराब और सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 49 हजार 800 रुपए बताई गई है। बताया गया है कि शराब को जमीन में गाड़कर छिपाया गया था, जिसे बाहर निकालने के दौरान अधिकांश ड्रम फूट गए और शराब मौके पर ही नष्ट हो गई। कार्रवाई में आबकारी विभाग की टीम के साथ पुलिस लाइन का बल भी मौजूद रहा।
उज्जैन के भैरवगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक पिपलियाहाना गांव में रुपए के लेनदेन को लेकर संदीप कुमावत के साथ बदमाशों ने जमकर मारपीट की। घटना करीब छह दिन पुरानी बताई जा रही है। शुक्रवार को वायरल हुए वीडियो में आधा दर्जन से अधिक युवक संदीप की पिटाई करते नजर आ रहे हैं। फरियादी संदीप शादी समारोहों में डीजे बजाने का काम करता है। शराब के रुपए नहीं देने पर विवाद संदीप ने पुलिस को बताया कि पूर्व में अर्जुन और लखन के बीच हुए विवाद में उसने बीच-बचाव किया था। इसके बाद से आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के चलते ग्राम ढाबला धुता में भैरू महाराज मंदिर के पास लखन, रूपेश, बंटी, कुलदीप और धर्मेंद्र ने अपने साथियों के साथ उसे रोका और शराब पीने के लिए पांच हजार रुपए मांगे। रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। तस्वीरों में देखें घटना रुपए को लेकर हुए था विवाद एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुराने लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद भैरवगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता ने इसे अपने फेसबुक अकाउंट पर भी पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘ढाबा गैंग’ के नाम से हफ्तावसूली, मारपीट और धमकाने का काम करने वाले करीब एक दर्जन युवक आए दिन ढाबला फंटा स्थित ढाबों पर बैठकर लोगों को डराते-धमकाते हैं। बताया गया कि फरियादी युवक को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसे पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। मारपीट की घटना के बाद से वह घर से भी गायब बताया जा रहा है।
दहेज प्रकरण में जेल में बंद छोटे भाई के साथ बड़े भाई ने धोखाधड़ी कर ली। जेल में बंद रहते हुए उसके बड़े भाई ने दो साथियों के साथ मिलकर उसके मकान को बेहद कम कीमत पर बेच दिया। जेल से छूटने के बाद जब इस धोखाधड़ी का पता चला तो पीड़ित ने कोर्ट में शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। अदालत के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पुलिस अधीक्षक (एससीएसटी) विष्णु कुमार खत्री कर रहे हैं। अंग्रेज सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी चक 3 ई छोटी गली नंबर 9 (श्रीगंगानगर) ने अपने बड़े भाई हरभजन सिंह, पड़ोसी सुशील कुमार निवासी रामलाल कॉलोनी और अमर सिंह निवासी नागौरी कॉलोनी के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए हैं। अंग्रेज सिंह ने अपनी शिकायत में बताया- दहेज के एक मामले में अदालत ने उसे 3 साल की सजा और 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट ने सजा तो समाप्त कर दी, लेकिन जुर्माना बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया। 7 अगस्त 2024 को जेल से रिहा होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन जुर्माना जमा न कर पाने के कारण 15 अक्टूबर 2024 को फिर जेल जाना पड़ा। जिसके बाद उसने 11 महीनें अतिरिक्त सजा काटी। अंग्रेज सिंह का कहना है- जब मैं जेल में था, तब मेरे बड़े भाई हरभजन सिंह ने सुशील कुमार और अमर सिंह के साथ मिलकर मेरे मकान की कीमत 20 लाख रुपए होने के बावजूद उसे 7 लाख रुपए में अमर सिंह को बेच दिया। 19 सितंबर 2025 को जेल से रिहा होने के बाद मुझे सिर्फ 2 लाख 63 हजार रुपए ही दिए गए। फिलहाल श्रीगंगानगर सदर थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
बलिया में बढ़ती गर्मी और संभावित लू (हीट स्ट्रोक) के खतरे को देखते हुए, अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अनिल कुमार ने आमजन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने लोगों से गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जब किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस या अधिक बना रहता है, तो उसे लू या हीट वेव कहा जाता है। वहीं, विश्व मौसम संगठन (WMO) के अनुसार, यदि तापमान लगातार पांच दिनों तक सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहे या दो दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहे, तो उसे हीट वेव माना जाता है। एडीएम ने बताया कि 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर मानव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है। अधिक देर तक तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में रहने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शराब का सेवन करने वाले, हृदय रोगी, मधुमेह के मरीज, बुजुर्ग और मोटापे से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हीट स्ट्रोक के लक्षणों में गर्म और लाल त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सांस लेने में तेजी, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी जैसा महसूस होना, भ्रम की स्थिति और पेशाब कम होना शामिल हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। लोगों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय टोपी, छाता तथा चश्मे का उपयोग करें। यात्रा के दौरान पानी साथ रखने और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ तथा लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। खुले में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को सिर तथा शरीर को ढककर रखने और बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी गई है। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। भारी एवं गहरे रंग के कपड़े न पहनें, अधिक गर्मी में कठिन शारीरिक श्रम न करें। बासी भोजन, संक्रमित खाद्य पदार्थ, शराब, अधिक चाय और कॉफी से परहेज करने की भी अपील की गई है। एडीएम ने चेतावनी दी कि हीट वेव की स्थिति गंभीर हो सकती है और इससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।
रीठी CHC के सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर:मानदेय न मिलने से सफाई सेवाएं चरमराईं, प्रदर्शन जारी
कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। अस्पताल के समस्त सफाई कर्मियों ने मानदेय न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले 1 महीने और 22 दिन से वेतन नहीं मिला है। ड्यूटी पर आने के बाद सफाई कर्मियों ने झाड़ू-कटरा छोड़कर अस्पताल परिसर में ही बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बताया कि लगभग दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना, बच्चों की स्कूल फीस भरना और दैनिक राशन की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। स्थानीय दुकानदारों ने भी अब उन्हें उधार सामान देना बंद कर दिया है, जिससे उनके परिवारों को भूखों मरने की नौबत आ गई है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अस्पताल की सफाई व्यवस्था में लगे रहते हैं, ताकि मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके। हालांकि, प्रशासन उनके स्वयं के आर्थिक संकट को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले 1 महीने 22 दिन से उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है। उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से जिम्मेदार अधिकारियों और सिविल सर्जन को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही मिले। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके बैंक खातों में बकाया मानदेय की पूरी राशि हस्तांतरित नहीं हो जाती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
ऋषिकेश में होटल की पांचवीं मंजिल से लिफ्ट टूटकर नीचे गिर गई, जिससे उसमें सवार 6 पर्यटक घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए ऋषिकेश AIIMS में भर्ती कराया गया है। हादसा गुरुवार देर रात तब हुआ, जब हरियाणा के फरीदाबाद से आए 6 दोस्त खाना खाने के बाद टहलने के लिए लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। घटना के PHOTOS… सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… 1. फरीदाबाद से उत्तराखंड घूमने आया था 25-30 लोगों का ग्रुप- घायल पर्यटक मनोज सूर्यवंशी ने बताया कि फरीदाबाद से करीब 25 से 30 दोस्तों का एक ग्रुप हरिद्वार, ऋषिकेश और नैनीताल घूमने के लिए उत्तराखंड आया हुआ था। ऋषिकेश में इन सभी लोगों ने वीरभद्र रोड स्थित 'होटल टस्क' में कमरे लिए हुए थे और वहीं रुके थे। 2. रेस्टोरेंट से लौटते वक्त हादसा- गुरुवार रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच सभी दोस्त खाना खाने के लिए होटल की पांचवीं मंजिल (फिफ्थ फ्लोर) पर बने रेस्टोरेंट में गए थे। भोजन करने के बाद इनमें से 5-6 लोग नीचे आने के लिए जैसे ही लिफ्ट में सवार हुए, तभी अचानक लिफ्ट का संतुलन बिगड़ गया। लिफ्ट बिना रुके पांचवीं मंजिल से सीधे ग्राउंड फ्लोर पर आकर धड़ाम से गिरी। 3. हादसे में टूटे पैर, होटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप- लिफ्ट के नीचे गिरते ही उसमें चीख-पुकार मच गई। हादसे में मनोज सूर्यवंशी, वरुण कुमार, रूपेश और चेतन सहित 6 लोग घायल हुए हैं। घायलों के मुताबिक, उनके साथी चेतन के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जबकि अन्य पर्यटकों के हाथ और शरीर के बाकी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों ने सीधे तौर पर होटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 4. मौके पर पहुंची पुलिस, एम्स में कराया भर्ती- होटल में लिफ्ट गिरने की सूचना मिलते ही एम्स पुलिस चौकी की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और सभी घायलों को उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ऋषिकेश) में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र पंवार ने बताया कि हादसे की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है और हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच की जा रही है। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश में 2 युवक फोटो खिंचवाते समय गंगा में बहे:अमरोहा से दोस्तों के साथ घूमने आए थे, SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी ऋषिकेश के प्रतिबंधित घाट पर फोटो खींचते समय यूपी के दो युवक तेज बहाव की चपेट में आकर गंगा में बह गए। दोनों अपने दोस्तों के साथ घूमने आए थे। सूचना मिलते ही एसडीआएफ ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। (पढ़ें पूरी खबर)
भिवानी जिले के लोहारू स्थित सावित्रीबाई फुले महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने निजी बस संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। छात्राओं ने बस पास स्वीकार न करने और दुर्व्यवहार किए जाने के संबंध में एसडीएम मनोज दलाल को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि वे प्रतिदिन कुड़ल गांव से लोहारू स्थित महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। कॉलेज आने-जाने के लिए वे मुख्य रूप से निजी बसों पर निर्भर हैं। उनके पास सरकार द्वारा जारी वैध बस पास उपलब्ध हैं, लेकिन निजी बस संचालक इन पासों को मानने से इनकार कर देते हैं। अपमानजनक बातें सुननी पड़ती है- छात्राएं छात्राओं का आरोप है कि जब वे बस पास दिखाकर यात्रा करने का प्रयास करती हैं, तो कुछ निजी बस ड्राइवर और कंडक्टर उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, उन्हें अपमानजनक बातें सुननी पड़ती हैं और कई बार बस में चढ़ने से भी रोक दिया जाता है। इससे छात्राओं को मानसिक परेशानी और असुरक्षा की भावना का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी बसों का लंबे समय तक इंतजार छात्राओं ने बताया कि बस पास स्वीकार न होने के कारण उन्हें दूसरी बसों का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। अक्सर वे कॉलेज देर से पहुंचती हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई बाधित होती है और महत्वपूर्ण कक्षाएं छूट जाती हैं। परीक्षा के दौरान भी समय पर कॉलेज पहुंचने में दिक्कतें आती हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो रही है। शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार छात्राओं ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है, लेकिन परिवहन की इस समस्या के कारण उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निजी बस संचालकों को निर्देश दिए जाए कि वे छात्राओं के वैध बस पास स्वीकार करें और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई एसडीएम मनोज दलाल को सौंपे गए ज्ञापन में छात्राओं ने निजी बस संचालकों की कार्यप्रणाली की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही अनुरोध किया कि छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से कॉलेज आ-जा सकें। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में दीपिका, सविता, प्राची, पूनम, नीतू सहित अन्य छात्राएं मौजूद रही। छात्राओं ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
सागर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक अभ्यार्थी 25 जून तक आवेदन जमा कर सकते हैं। इसमें बैंक, रेलवे, एसएससी और ईएसबी द्वारा आयोजित आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र सिरोंजा में निःशुल्क ऑफलाइन कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र जमा करना होगा। आवेदन के लिए आवेदक मप्र राज्य की अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य और मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदक ने स्नातक परीक्षा न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। प्रशिक्षण पूर्णकालिक होगा और प्रवेश के समय टीसी जमा करना अनिवार्य रहेगा। प्रशिक्षण का माध्यम हिंदी होगा। प्रशिक्षण की अवधि 12 माह निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण शुरू होने की संभावित तारीख 1 जुलाई रखी गई है। आवेदन के साथ यह दस्तावेज अनिवार्य आवेदक आवेदन पत्र के साथ हाई स्कूल, हायर सेकंडरी, स्नातक उत्तीर्ण की अंकसूची, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न कर प्राचार्य, शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र सागर, अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के सामने सिरोंजा में कार्यालयीन दिनों में व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद आने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए प्राचार्य के मोबाइल नंबर-9407541795 पर संपर्क किया जा सकता है।
वाराणसी में देश की पूर्ण रूप से डिजिटल जनगणना शुक्रवार से शुरू हो गई। इसके लिए प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की हाउस लिस्टिंग की गई है। नगर निगम यह कार्य शहर में संपादित कराएगा। यह शुरुआत सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में की गई। आज से प्रगणक शहर में हर एक घर तक पहुंचकर मकानों का ब्योरा जुटाएंगे। इसके लिए 5800 प्रगणक लगाए गए हैं। 20 जून तक मकानों की होगी लिस्टिंगनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - इस बार की जनगणना पूरी तरह से हाई-टेक है। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित हो रही है। जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रगणक विशेष एप्लिकेशन के जरिए मकान और उससे जुड़ी संपत्तियों के संबंध में 33 महत्वपूर्ण सवालों का जवाब डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज कर रहे हैं। इस क्रम में पूरे जिले को 14 चार्ज क्षेत्रों में बांटा गया है, जिसमें तहसीलें, नगर निगम के आठ जोन, नगर पंचायत, कैंटोनमेंट बोर्ड और बरेका जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। यह व्यापक अभियान 20 जून तक चलेगा, जिसमें वाराणसी के हर एक घर को सूचीबद्ध कर लिया जाएगा। 40 लाख आबादी की 5800 प्रगणक करेंगे गणनानगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - जिले के 40 लाख से अधिक की आबादी की गणना के लिए 5800 प्रगणकों को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। सभी प्रगणक और सुपरवाइजर अपने आवंटित क्षेत्र में पूरी गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें ड्यूटी कार्ड, जनगणना किट और संबंधित क्षेत्र के नक्शे उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि गणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक और सुपरवाइजर उनके घर पहुंचें, तो उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।
एटा में 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग:मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आर्थिक राहत की अपील
एटा के जलेसर में बढ़ते बिजली बिलों से आमजन को राहत दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। यह ज्ञापन उपजिलाधिकारी पीयूष रावत को दिया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि महंगाई के इस दौर में घरेलू बिजली बिल आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। विशेष रूप से गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों को बिजली खर्च वहन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता को बिजली बिल में राहत ज्ञापनकर्ताओं ने तर्क दिया कि देश के कई अन्य राज्यों में आम जनता को बिजली बिल में राहत प्रदान की जा रही है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार से भी यह योजना लागू करने की अपील की गई है, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके। यह भी उल्लेख किया गया कि बिजली खर्च कम होने से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव घटेगा। इससे लोग अपनी दैनिक जरूरतों पर बेहतर तरीके से खर्च कर सकेंगे और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। पूर्व जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा सत्येंद्र सिंह जादौन के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन पर क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर कर मांग का समर्थन किया। ज्ञापन सौंपने वालों ने मुख्यमंत्री से जनहित में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेशवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में गुड्डू, मुकेश कुमार, जयपाल सिंह, एस मुहम्मद, सकील, फरजाना, सुखबीर सिंह, गुलफाम, अकबर, आकाश, रेशमा, शहनाज और वासुदेव सहित कई अन्य स्थानीय लोग शामिल थे।
पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय में एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को बीकॉम, एमकॉम इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के सेकंड सेमेस्टर का एग्जाम कंडक्ट कराया गया। जबकि इस कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा कई स्टूडेंट का एग्जाम फॉर्म भी नहीं भरा गया है। इन बच्चों को एडमिट कार्ड भी जारी नहीं किया गया था। यानी पिछले सेमेस्टर का रिजल्ट जारी किए बिना ही अगले सेमेस्टर का एग्जाम कंडक्ट कर लिया गया। छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस अनियमितता के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन कोई एक्शन लिया नहीं गया। पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि टेक्निकल समस्याओं के कारण बच्चों का एग्जाम फॉर्म फिल नहीं जा सका था। ये समस्या हल हो गई है। फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम का रिजल्ट 1 से 2 दिन में जारी कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फर्स्ट सेमेस्टर में अगर कोई बच्चा फेल भी होता है तो उसे सेकंड सेमेस्टर में क्लास कंटिन्यू करने की अनुमति दी जा सकती है। स्टूडेंट अगर सेकंड सेमेस्टर और फर्स्ट सेमेस्टर दोनों में खराब परफॉर्मेंस करता है। वह फेल होता है तो थर्ड सेमेस्टर में एंट्री पर रोक लगाई जा सकती है। इस कैलकुलेशन के हिसाब से फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आने की स्थिति पर भी सेकंड सेमेस्टर के एग्जाम में बच्चे बैठ सकते है।
फतेहपुर में धाता विकास खंड के कोट गांव में एक पुराने शौचालय की दिवार अचानक भरभराकर गिर पड़ा। जिसकी चपेट में आने से चाचा की मौत हो गई, जबकि भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के समय दोनों शौचालय के पास मौजूद थे। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन मलबे में दबे दोनों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की मदद से तुरंत दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने चाचा को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल भतीजे की हालत गंभीर है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि शौचालय काफी जर्जर हालत में था। अब जानिए पूरी घटना… जानकारी के अनुसार, दौलतपुर निवासी शिवकरन प्रजापति ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात में उनके चचेरे भाई राजकुमार प्रजापति (34) और भतीजा रॉकी (13) घर के बाहर बने बारजे के नीचे लेटे हुए थे। इसी दौरान बारजे के ऊपर बना शौचालय अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। अस्पताल पहुंचने पर चाचा की मौत, भतीजा घायल हादसे की तेज आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल फतेहपुर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने राजकुमार प्रजापति को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल रॉकी का उपचार जारी है। शौचालय जर्जर होने की वजह से हादसा मृतक राजकुमार प्रजापति की पत्नी आशा देवी दिव्यांग हैं। उनके परिवार में बेटे चेतन और रिंकू तथा बेटियां राखी, रोमा और रश्मि हैं। घटना के बाद गांव में गम का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शौचालय का पुराना और जर्जर निर्माण हादसे की वजह हो सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी विद्या प्रकाश सिंह ने बताया कि शौचालय गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई है और एक किशोर घायल हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मुरैना के गुढ़ा चंबल गांव में कूलर ठीक करने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि सिकरवार परिवार के तीन भाइयों ने कूलर मिस्त्री के घर में घुसकर उसके साथ लाठी से मारपीट की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक गुढ़ा चंबल गांव निवासी प्रदीप श्रीवास पुत्र गणेश श्रीवास कूलर मिस्त्री का काम करता है। बताया गया कि गांव के ही बज्जुर, मंगल और कृष्ण सिकरवार पुत्र लक्ष्मण सिंह सिकरवार का कूलर उसने दो दिन पहले ठीक किया था। बाद में कूलर फिर खराब हो गया। आरोप है कि सिकरवार परिवार दोबारा मुफ्त में कूलर ठीक कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन प्रदीप ने मना कर दिया। घर पहुंचकर लाठी से की मारपीट इसी बात से नाराज होकर तीनों आरोपी दोपहर में लाठियां लेकर प्रदीप श्रीवास के घर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने घर में घुसकर प्रदीप के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के दौरान परिजन चीखते और आरोपियों से छोड़ने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन आरोपी नहीं माने। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में घर के बाहर हंगामे और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना रहा। तीन सगे भाइयों पर केस दर्ज मामले में जयपाल गुर्जर ने बताया कि तीनों सगे भाइयों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
यूपी के बरेली से एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस की एक बड़ी लापरवाही के कारण एक चार पहिया गाड़ी (XUV) के मालिक का ऑनलाइन चालान काट दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लग्जरी कार का चालान किसी अन्य नियम के उल्लंघन के लिए नहीं, बल्कि 'बिना हेलमेट' गाड़ी चलाने के आरोप में काटा गया है। खौफ में गाड़ी मालिक, कार के अंदर पहना हेलमेट पुलिस के इस अतरंगी ऑनलाइन चालान को देखने के बाद गाड़ी के मालिक इस कदर खौफ में आ गए हैं कि अब वे अपनी ही कार के अंदर हेलमेट लगाकर घूम रहे हैं। वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सफेद रंग की XUV700 (यूपी 25 ईएल 8999) को चलाते समय ड्राइवर ने सिर पर काले रंग का हेलमेट पहन रखा है, ताकि दोबारा इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई का सामना न करना पड़े। कार मालिक निरंजन का कहना है कि हाफिजगंज थाना पुलिस ने कल हमारा चालान इसलिए कर दिया क्योंकि हम अपनी XUV में बिना हेलमेट के थे। उन्होंने बताया कि मैं अपने बच्चों को लेकर घर जा रहा था उस दौरान दरोगा ने अभद्रता की और मेरा चालान कर दिया। पुलिस ने कार में हेलमेट नहीं लगाने के जुर्म में एक हजार रूपये का चालान किया है। जिस वजह से निरंजन अब कार में भी हेलमेट पहनकर चल रहे है। उनका कहना है कि रोज कौन हजार रुपए भरेगा, इसलिए अब हेलमेट लगाना मजबूरी है। उन्होंने सीएम योगी से अपील की है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए जो जनता का शोषण कर रहे है।
मथुरा कोर्ट ने प्रेमिका का रेप और उसकी हत्या करने के मामले में प्रेमी को आजीवन कारावास और 90 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने थाना सदर बाजार के एक गेस्ट हाउस में प्रेमिका को बुलाया और उसके बाद उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद प्रेमी ने उसकी तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। 6 साल पहले हुई इस वारदात के बाद से आरोपी जेल में बंद था। दिसंबर 2020 की वारदात 2 दिसंबर 2020 को रिफाइनरी क्षेत्र का रहने वाला सुखबीर थाना सदर बाजार क्षेत्र के औरंगाबाद स्थित गोपी कृष्ण गेस्ट हाउस पहुंचा। यहां सुखबीर ने अपनी प्रेमिका को गेस्ट हाउस बुलाया। यहां दोनों ने कमरा नम्बर 12 बुक किया। जिसके बाद दोनों कमरे में चले गए। कमरे में जाने के करीब 1 घंटे बाद अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। होटल संचालक गोपी और आसपास के लोग गोली चलने की आवाज सुनकर कमरे की तरफ गए लेकिन कमरा अंदर से बंद था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने खुलवाया दरवाजा सूचना मिलने पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने जब कमरा खुलवाया तो अंदर सुखवीर मिला जबकि उसकी प्रेमिका का शव कमरे के बाथरूम में खून से लथपथ मिला। पुलिस ने मौके से फॉरेंसिक टीम को बुलाया और सांख्य जुटाते हुए सुखवीर को हिरासत में ले लिया था। पुलिस सुखवीर को मौके से थाना ले आई जबकि प्रेमिका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। शादी तय होने से खफा था प्रेमी सुखवीर ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह 6 वर्ष से मोहब्बत करता था। लेकिन प्रेमिका के परिवार वालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। इसके बाद व्हाट्स एप चैटिंग के जरिए दोनों ने मिलने का प्लान बनाया और यहां होटल में आ गए। जहां सुखवीर ने प्रेमिका के साथ पहले रेप किया और उसके बाद बाथरूम में ले जाकर प्रेमिका की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। 2021 से चल रही कोर्ट में सुनवाई पुलिस ने मौके से मिले सांख्य और सुखवीर के बयान के आधार पर उसके खिलाफ धारा 302,376 और 25 आर्म्स एक्ट में मुकद्दमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सुखवीर को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में 20 फरवरी 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने 23 अगस्त 2022 को आरोपी के विरुद्ध आरोप विचारित किया। जिस पर आरोपी ने इंकार कर दिया और विचारण की मांग की। 11 गवाहों की हुई गवाही कोर्ट में विचाराधीन इस मामले में 11 गवाहों की गवाही हुई। जिसमें पीड़िता के चाचा,पुलिस कर्मी,फॉरेंसिक टीम के सदस्य के अलावा पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर थे। कोर्ट में 4 साल चले इस प्रकरण में पुलिस ने 21 सांख्य पेश किए। मामले में ADGC सुभाष चतुर्वेदी ने बताया 4 साल तक चली बहस के बाद कोर्ट ने सुखवीर को दोषी माना। जिसके बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायधीश त्वरित न्यायालय प्रथम विजय कुमार सिंह की अदालत ने सुखवीर को आजीवन कारावास और 90 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जिसमें धारा 302 में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए,धारा 376 में 20 वर्ष कारावास और 30 हजार रुपए अर्थ दंड के अलावा धारा 3/25 में 3 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपए अर्थ दंड लगाया गया है।
बड़वानी में आशा एवं उषा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित प्रोत्साहन राशि और कई मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आशा ऊषा कार्यकर्ता महिला संगठन की जिला इकाई के नेतृत्व में नायाब तहसीलदार बाबू सिंह निनामा को दिया गया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगी। संगठन ने बताया कि पिछले तीन माह से आशा एवं उषा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करना, केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई 1500 रुपए की राशि का एरियर सहित भुगतान करना और प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं ने भुगतान की स्लिप प्रदान करने, वर्ष 2023 में घोषित वार्षिक वृद्धि राशि का भुगतान करने, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता देने तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव बंद करने की भी मांग की। संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए रेस्ट रूम की व्यवस्था, एंड्राइड मोबाइल उपलब्ध कराने, आशा सम्मेलन आयोजित करने और 21 हजार रुपए मानदेय लागू करने जैसी अन्य मांगें भी प्रशासन के समक्ष रखीं। प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे के निर्देश पर सौंपे गए इस ज्ञापन के संबंध में प्रदेश प्रवक्ता रुखमणी पवार और प्रदेश मीडिया प्रभारी संगीता यादव ने कहा कि यदि जल्द ही मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान संगठन की जिला अध्यक्ष, जिला सचिव सहित बड़ी संख्या में आशा एवं उषा कार्यकर्ता उपस्थित थीं।
मैहर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। जहां एक तरफ पारा 43 डिग्री के पार है और लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे, वहीं एक मजदूर परिवार इस तपती धूप में खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर है। यह नजारा मैहर नगर पालिका के सामने विष्णु सागर इलाके का है, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। यहां पन्ना जिले से आए मजदूर पति-पत्नी, रंजीत सिंह और चंद्रकली सिंह अपनी 4 साल की मासूम बेटी शिवानी के साथ मजदूरी कर रहे हैं। काम के दौरान जहां भी थोड़ी-बहुत छांव दिखती, मां अपनी बच्ची को वहीं जमीन पर सुला देती। कभी पानी के टैंकर की ओट में तो कभी किसी दीवार की पतली सी छाया में बच्ची सोती रहती और माता-पिता अपने काम में लगे रहते। रोती बच्ची और बेबस मां चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के बीच जब भी बच्ची की नींद खुलती और वह रोने लगती, तो मां सारा काम छोड़कर दौड़ती हुई उसके पास पहुंचती। वह उसे गोद में लेकर चुप कराती और जैसे ही बच्ची शांत होती, वह फिर से अपने काम पर लौट जाती। चंद्रकली ने बताया कि उनकी खुद की तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं है, लेकिन पेट पालने के लिए काम करना ही पड़ेगा। काम नहीं करेंगे तो बच्ची को क्या खिलाएंगे? बच्ची की मां ने बताया कि घर पर बच्ची का ख्याल रखने वाला कोई नहीं है, इसलिए मजबूरी में उसे साथ लाना पड़ता है। उन्होंने भारी मन से कहा, “अगर हम काम नहीं करेंगे, तो शाम को बच्ची को खाना कहां से खिलाएंगे?” गरीबी के आगे बेअसर प्रशासन की चेतावनी मौसम विभाग रोज हीटवेव की चेतावनी दे रहा है और बच्चों-बुजुर्गों को धूप से बचने की सलाह दे रहा है, लेकिन गरीबी के आगे ये सारी सलाह बेबस नजर आती हैं। यह मार्मिक दृश्य वहां से गुजरने वाले हर शख्स को भावुक कर गया। यह सिर्फ एक परिवार की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों मजदूरों की सच्चाई है जो दो वक्त की रोटी के लिए जानलेवा गर्मी में भी पसीना बहा रहे हैं।
गोंडा जिले के एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की आयुक्त व सचिव कंचन वर्मा पहुंचीं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी दयानंद सहित जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर लोगों से संवाद किया। अपने दौरे की शुरुआत में कंचन वर्मा अधिकारियों के साथ गौ-आश्रय केंद्र बिरवा बभनी पहुंचीं। उन्होंने भीषण गर्मी के मद्देनजर छुट्टा जानवरों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गर्मी से बचाव के लिए बेहतर इंतजाम करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए। गौ-आश्रय केंद्र के निरीक्षण के बाद, नोडल अधिकारी बिरवा बभनी पंचायत भवन पहुंचीं। यहां उन्होंने एक चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं सभी पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएं। इसके पश्चात, कंचन वर्मा ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय दर्जी कुआं का दौरा किया। उन्होंने वहां स्थापित आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब का निरीक्षण किया और बच्चों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने सिविल लाइन गोंडा स्थित फायर स्टेशन में निर्माणाधीन कर्मचारी आवास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। फायर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आग लगने की किसी भी घटना पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए और कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारी आवास निर्माण में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कंचन वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं भी कोई लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की।
ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना के लिए जून के पहले सप्ताह में पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से मंजूरी मिल सकती है। इसके लिए 6-7 जून को संभावित बैठक होगी। बैठक में नोएडा मेट्रो रेल कापोरेशन के एमडी इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी देंगे। इसके बाद परियोजना की लागत व उपयोगिता को मंजूरी मंत्रालय स्तर पर मिल सकेगी, जिसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। पीआईबी की बैठक में ही एनएमआरसी अधिकारियों को परियोजना के प्रस्तुतिकरण के लिए बुलाया जाएगा। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक मेट्रो परियोजना की अभी लागत 900 करोड़ रुपए है। ग्रेनो वेस्ट मेट्रो में एनएमआरसी ने किसान चौक तक 5 स्टेशन का कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। इस लिहाज से इस प्रस्ताव को अलग से मंत्रालय में भेजा गया है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि अगर आरआरटीएस के प्रस्तावित रूट को भी मंजूरी मिल जाती है तो इस 5 स्टेशन वाले सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4 तक के मेट्रो रूट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये रूट आरआरटीएस से अलग होगा और नोएडा-ग्रेनो वेस्ट को जोड़ेगा। 7.5 किलोमीटर के इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन सेक्टर-61, 70,122, 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं। ये लाइन आरआरटीएस को जोड़ेगा ये लाइन ही गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित आरआरटीएस को जोड़ेगा। जिससे नोएडा के निवासी मेट्रो और आरआरटीएस के जरिए जेवर एयरपोर्ट तक जा सकेंगे। हालांकि इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग जाएगी। लेकिन इस लाइन से एक लूप तैयार होगा। जिससे गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटरनोएडा और दिल्ली आना जाना आसान होगा। 1.25 लाख लोगों को फायदा इस रूट के बनने से करीब 1.25 और इससे ज्यादा लोगों को फायदा होगा। साथ ही ग्रेनो वेस्ट , गौड़ चौक और नोएडा से ग्रेनो वेस्ट जाने वाले लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जाम से निजात मिल जाएगा। ये एक्सटेंशन लाइन होगी। इसका बजट भी कम होगा। इक्विटी के अनुसार केंद्र सरकार , राज्य सरकार , नोएडा और ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण सभी मिलकर पैसा खर्च करेंगे। जिससे निर्माण हो सकेगा।
भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए 'ज्वाइन इंडियन आर्मी' की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों की ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) 1 जून से शुरू होगा। यह 12 जून तक भोपाल के दो परीक्षा केंद्रों पर चलेगा। विभिन्न श्रेणियों के लिए यह परीक्षा हर रोज 4 शिफ्ट में होगी। इस साल से अग्निवीर क्लर्क और स्टोर कीपर (टेक्निकल) के पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का टाइपिंग टेस्ट भी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर ही लिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड 15 मई से भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (www.joinindianarmy.nic.in) पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जहां से अभ्यर्थी इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं। यहां होगी परीक्षासेना भर्ती कार्यालय भोपाल के अनुसार, ऑनलाइन परीक्षा के लिए भोपाल में दो केंद्र बनाए गए हैं। पहला केंद्र आईओएन डिजिटल जोन (आईडीजेड) प्रेस्टीज श्री जयराम एजुकेशन सोसायटी कोकता बायपास रायसेन रोड और दूसरा केंद्र आईओएन डिजिटल जोन (आईडीजेड) आरजीपीएम सनखेड़ी दानिशकुंज कोलार रोड पर है। एडमिट कार्ड को लेकर यह निर्देशसभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट अनिवार्य रूप से अपने साथ लाएं। साथ ही एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और निर्धारित समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। मेरिट के आधाार पर होगा सिलेक्शनजानकारी के अनुसार, भारतीय सेना में चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और चयन केवल योग्यता (मेरिट) के आधार पर किया जाता है। सेना भर्ती कार्यालय ने सभी अभ्यर्थियों को दलालों और धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहने की सख्त हिदायत दी है। भर्ती से संबंधित किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण या सहायता के लिए अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय भोपाल के टेलीफोन नंबर 0755-2540954 और 9039018588 पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र स्थित शिवपुर के राम गया घाट श्मशान में अंतिम संस्कार के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि घाट पर मौजूद कुछ घटवार अंतिम संस्कार कराने के लिए शोकाकुल परिवारों से 5 हजार से लेकर 11 हजार रुपये तक की मांग करते हैं। आरोप है कि निर्धारित रकम न देने पर परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और मानसिक दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं। भटेवरा गांव निवासी दयाराम का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया था। उनके पुत्र कैलाश ने आरोप लगाया कि घटवारों ने उनसे 5 हजार रुपये और एक कुंतल गेहूं की मांग की। कैलाश ने 1100 रुपये देने की पेशकश की, लेकिन घटवार अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी मिन्नत के बाद भी वे नहीं माने और कैलाश ने पिता के आत्मा की शांति के लिए 1100 रुपये दिया। लोगों का कहना है कि अपने प्रियजन को खोने के दुख में डूबे परिवार जब अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचते हैं, तो उन्हें संवेदना और सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में उनसे पैसों को लेकर सौदेबाजी की जाती है। मजबूरी में कई परिवार अपनों की अंतिम विदाई के लिए मनमानी रकम देने को विवश हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की वसूली बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित शुल्क की सूची सार्वजनिक की जाए और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर क्षेत्र में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी मांग की है।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए एनसीओआरडी की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मादक पदार्थ के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस और आबकारी अधिकारियों ने बताया कि वे समन्वय स्थापित कर गांजा, डोडा, स्मैक, चरस, हेरोइन जैसे मादक पदार्थों के अवैध निष्कर्षण, परिवहन, संचय और बिक्री को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में जनपद से गुजरने वाले राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर स्थित संदिग्ध ढाबों/होटलों तथा जनपदीय सीमा पर सघन रोड चेकिंग की गई है। नारकोटिक्स अपराधों की दृष्टि से संदिग्ध गांवों और व्यक्तियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के निर्देश पर 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इसके अनुपालन में पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध मद्य निष्कर्षण, अवैध मदिरा के निर्माण और बिक्री के अड्डों को समाप्त करने के लिए विशेष कार्य किया। टीम ने अल्कोहल परिवहन के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से भी अभियान चलाया और राष्ट्रीय/राज्य मार्गों पर स्थित ढाबों की सघन एवं आकस्मिक चेकिंग की। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर पूर्णतः रोकथाम लगाने हेतु मेडिकल स्टोरों की जांच व निरीक्षण किया गया है। ऐसी औषधियां जो जीवन रक्षक श्रेणी में आती हैं, उनके क्रय-विक्रय का विवरण संकलित करते हुए विभाग द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों के साथ सामंजस्य स्थापित कर टीम बनाते हुए मेडिकल स्टोरों की चेकिंग हेतु समय-समय पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर में वामा सारथी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के अंतर्गत पुलिस मॉर्डन स्कूल में आयोजित समर कैंप का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और SP क्राइम इन्दु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। समर कैंप में कुल 120 बच्चों ने हिस्सा लिया, जिनमें 62 छात्राएं और 58 छात्र शामिल रहे। परिजनों से संवाद कर उत्साहवर्धन किया कैंप के दौरान बच्चों को व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में शामिल कराया गया। साथ ही रचनात्मक और मनोरंजक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को नई चीजें सीखने का अवसर भी मिला। समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने बच्चों और उनके परिजनों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के बाद रिजर्व पुलिस लाइन स्थित पुलिस कैफे में बच्चों को स्नैक्स, मैगी और रूहअफजा की ट्रीट भी दी गई, जिसका बच्चों ने खूब आनंद लिया। इस दौरान पुलिस मॉर्डन स्कूल का स्टाफ, पुलिस अधिकारियों के परिजन, प्रतिसार निरीक्षक ऊदल सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
लखनऊ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन। भाजपा सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ VVIP गेस्ट हाउस पर जमकर प्रदर्शन किया । नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिनेश प्रताप का पुतला फूंका और उसे चप्पल से पीटा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। गांधी परिवार को गद्दार कहने का आरोप कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी और उनके परिवार को लेकर अभद्र व अपमानजनक बयान दिया। मंत्री ने गांधी परिवार की पीढ़ियों को गद्दार कहकर संबोधित किया है। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। कांग्रेसी कार्यकर्ता VVIP गेस्ट हाउस से मंत्री राकेश प्रताप के आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया और काफी देर तक धक्का मुक्की का दौर चलता रहा। नेता विपक्ष का अपमान बर्दाश्त नहीं कांग्रेस कार्यकर्ता नितांत सिंह उर्फ नितिन ने कहा कि हम लोग राहुल गांधी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज हमने दिनेश प्रताप का पुतला फूंका है, उनके आवास का घेराव करने जा रहे थे मगर पुलिस ने जाने नहीं दिया। हमारे नेता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दिया। राहुल गांधी लोकसभा में नेता विपक्ष है एक संवैधानिक पद पर हैं उनके खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी करना भारतीय संविधान से मिलने वाले अधिकारों का अपमान है। पुलिस पर कपड़ा फाड़ने का आरोप NSUI उपाध्यक्ष आर्यन मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ बेहद खतरनाक बयान दिया है। राहुल गांधी के लिए अमर यदि आसांसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। सरकार ने पुलिस के दम पर हमें रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने हमारे साथ अब्दाता किया और हमारे कपड़े फाड़ दिए। मगर हम राहुल गांधी के सिपाही पीछे हटने वाले नहीं है। यह सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है और जब वह सच बोलते हैं तो उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू हो जाता है। राहुल गांधी इस देश के गरीब मजदूर और किस की आवाजहै। उन्होंने छात्रा से लेकर हर एक व्यक्ति की आवाज उठाई है और उठाते रहेंगे। मुकदमा दर्ज करने की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा दिनेश प्रताप सार्वजनिक मंच से राहुल गांधी से माफी मांगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर माफी नहीं मांगते हैं तो देश व्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान पंडाल में अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंचने पर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। पुलिस और प्रशासन के अफसर उतरकर अधिकारियों के साथ लोगों को कार्यक्रम स्थल तक भेजने में जुट गए। कार्यक्रम स्थल के बाहर और मुख्य मार्गों पर खड़े लोगों से अधिकारियों ने लगातार पंडाल के अंदर जाकर बैठने की अपील की। इस दौरान एसडीएम और पुलिस अधिकारी भी सड़क पर दौड़ते नजर आए। प्रशासनिक टीम लोगों को वाहनों और पैदल सभा स्थल तक पहुंचाने में लगी रही। भीषण गर्मी के बीच अधिकारियों ने भीड़ बनाए रखने के लिए लगातार माइक से घोषणा कर लोगों से मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने की अपील की। पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ लोगों को व्यवस्थित तरीके से पंडाल तक पहुंचाते रहे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। बावजूद इसके कार्यक्रम शुरू होने के समय पंडाल में खाली कुर्सियां नजर आने पर अधिकारी सक्रिय हो गए और व्यवस्था संभालने के लिए सड़क पर उतर आए। मुख्यमंत्री ने पांच लाभार्थियों को सौंपे योजनाओं के प्रमाण पत्रदेवरिया दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के पांच लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं का लाभ समय पर मिलने की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। कार्यक्रम में आवास, स्वरोजगार, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सोनीपत के गोहाना उपमंडल में प्रशासन ने पंचायती भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ अब सख्त रुख अपना लिया है। पंचायत संपत्तियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एसडीएम अंकित कुमार ने गोहाना, मुंडलाना और कथूरा क्षेत्र के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। पंचायत की जमीन, तालाब, रास्तों, खेल मैदानों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर किए गए अवैध कब्जों को हर हाल में हटाए जाने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने इसके लिए समयसीमा भी तय कर दी है। पहले एक महीने के भीतर कब्जाधारियों को नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद तीन महीने के अंदर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पंचायत भूमि किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे गांव की संपत्ति होती है और इस पर किसी प्रकार का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश एसडीएम अंकित कुमार ने गोहाना, मुंडलाना और कथूरा के बीडीपीओ अधिकारियों के अलावा गोहाना तहसीलदार शिखा और खानपुर नायब तहसीलदार अंजू को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पंचायत भूमि का सर्वे करवाएं और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएं, उनकी सूची तैयार की जाए। एक महीने में नोटिस, तीन महीने में कार्रवाई प्रशासन ने अवैध कब्जे हटाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। पहले चरण में कब्जाधारियों को एक महीने के भीतर नोटिस जारी किए जाएंगे ताकि वे स्वयं पंचायत भूमि खाली कर सकें। यदि इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया तो अगले तीन महीनों के भीतर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कब्जे हटाए जाएंगे। तालाब, रास्ते और खेल मैदान भी होंगे कब्जामुक्त एसडीएम ने कहा कि कई गांवों में सार्वजनिक रास्तों, जोहड़ों, तालाबों और खेल मैदानों पर अवैध कब्जे होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इन कब्जों के कारण गांवों में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। प्रशासन का उद्देश्य ऐसी जमीन को मुक्त कराकर जनहित कार्यों में उपयोग करना है। नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश एसडीएम अंकित कुमार ने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई की प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।लगातार चलेगा अभियान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सरकारी और पंचायत संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीणों को सार्वजनिक सुविधाओं का पूरा लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। आमजन से भी की अपीलएसडीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पंचायत या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
किशनगढ़बास नगरपालिका ने साल 2026-27 के लिए निजी भवनों और प्रतिष्ठानों पर लगाए गए विज्ञापनों से शुल्क वसूली का कार्य शुरू कर दिया है। इस कार्य के लिए पालिका ने एमएसके कॉरपोरेशन को अधिकृत किया है। अधिशासी अधिकारी राहुल अग्रवाल ने बताया-दुकानदार अपने परिसर की सीमा में अधिकतम 2 वर्गफीट तक का नाम बोर्ड निःशुल्क लगा सकते हैं। हालांकि, इसमें किसी अन्य कंपनी या उत्पाद का विज्ञापन शामिल नहीं होना चाहिए। बड़े आकार के बोर्ड पर देना होगा शुल्क वहीं, बैंक, वित्तीय संस्थान, कॉर्पोरेट कंपनियां, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, होटल, शोरूम, मॉल और पेट्रोल पंप जैसी संस्थाओं को अपने नाम का 3x2 वर्गफीट तक का एक बोर्ड निःशुल्क लगाने की अनुमति होगी। इससे बड़े आकार के बोर्ड पर नियमानुसार 25 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की दर से विज्ञापन शुल्क देय होगा। ईओ ने बताया कि अधिकृत डीलर अपने नाम और डीलरशिप का उल्लेख बोर्ड पर कर सकते हैं। लेकिन, यदि किसी कंपनी या उत्पाद का प्रचार किया जाता है, तो विज्ञापन शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, भवनों और भूखंडों पर लगाए गए एलसीडी, एलईडी या होर्डिंग्स पर भी विज्ञापन शुल्क लागू रहेगा। समय पर शुल्क जमा करने के निर्देश पालिका प्रशासन ने बताया कि जिन दुकानों, मकानों और संस्थानों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक अथवा अन्य कंपनियों के विज्ञापन प्रदर्शित किए गए हैं, उन्हें मांग पत्र जारी किए जा चुके हैं। संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं को निर्धारित समयावधि में शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। नगरपालिका ने चेतावनी दी है कि समय पर शुल्क जमा नहीं कराने पर अवैध विज्ञापन और ग्लो साइन बोर्ड हटाए जाएंगे। बकाया विज्ञापन कर ब्याज और शास्ति (जुर्माना) सहित वसूल किया जाएगा। इस कार्रवाई में होने वाले खर्च की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति या संस्था की होगी।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज के साथ अब झाड़-फूंक का मामला सामने आया है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय के गेट के बाहर एक युवक का झाड़-फूंक के जरिए उपचार किया गया। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक कोलूडीह गांव निवासी अग्रसेन साकेत पिछले पांच वर्षों से कमर दर्द की समस्या से परेशान है। परिजनों का कहना है कि युवक का कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन उसे आराम नहीं मिला। इसके बाद परिवार उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल परिसर में ही शुरू कर दी झाड़-फूंक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सीएमओ कार्यालय के गेट के सामने कुछ लोग युवक पर मंत्र पढ़ते और झाड़-फूंक करते दिखाई दिए। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। अस्पताल परिसर में इस तरह की गतिविधि देखकर मरीज और उनके परिजन भी हैरान नजर आए। अग्रसेन साकेत के परिजनों ने बताया कि युवक लंबे समय से दर्द से परेशान है। कई डॉक्टरों को दिखाने और दवाइयां लेने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसी वजह से परिवार ने झाड़-फूंक का सहारा लिया। अस्पताल परिसर में खुलेआम झाड़-फूंक होने के बाद अब प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां मरीज वैज्ञानिक इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहां इस तरह की गतिविधियां होना गंभीर मामला है। इससे अस्पताल प्रशासन की निगरानी और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अंबेडकरनगर में ईद-उल-जुहा की तैयारियां:डीएम ईशा प्रिया ने शांति समिति की बैठक में दिए निर्देश
अंबेडकरनगर में जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में आगामी 27 मई 2026 को ईद-उल-जुहा पर्व के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन हेतु केंद्रीय शांति समिति की बैठक हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों, नगर निकायों और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मस्जिदों, ईदगाहों तथा नमाज स्थलों के आसपास विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कुर्बानी के बाद अवशेषों का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण करने, चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने तथा नालियों की समयबद्ध सफाई कर जलभराव की स्थिति न उत्पन्न होने देने पर जोर दिया। विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया विद्युत विभाग को पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर एवं झूलते तारों को तत्काल ठीक कराने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने और आपात स्थिति से निपटने हेतु चिकित्सा टीमों को अलर्ट मोड पर रखने का आदेश दिया गया। अग्निशमन विभाग को गर्मी एवं भीड़भाड़ को देखते हुए संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु फायर ब्रिगेड की टीम को तत्पर रखने के निर्देश दिए गए। समस्त क्षेत्राधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों को संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को प्रभावी ढंग से करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रबुद्धजनों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट न हो। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचित किया जाए।
रेल कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध:30 हजार पद सरेंडर करने के आदेश को वापस लेने की मांग
अजमेर में रेल कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर रेलवे बोर्ड द्वारा 30 हजार पद सरेंडर करने के आदेश का विरोध जताया। भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर शुक्रवार को उत्तर-पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ ने मंडल स्तर और मुख्य कारखाना प्रबंधक (CWM) स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन उत्तर-पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ के जोनल अध्यक्ष दीपेश कुमार मौर्य ने बताया- रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के तहत 30 हजार पदों को सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका देशभर में विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में अजमेर में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर भारतीय रेलवे के CEO और चेयरमैन रेलवे बोर्ड के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा- भारतीय रेलवे में पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में पदों को समाप्त किए जाने से मौजूदा कर्मचारियों पर कार्य का दबाव और बढ़ जाएगा। इससे कर्मचारियों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा और तनाव बढ़ेगा। कर्मचारियों के लिए बेहतर माहौल में कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पदों की सरेंडर प्रक्रिया रोकी जाए दीपेश कुमार मौर्य ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा- पदों की सरेंडर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए तथा नए पद सृजित कर कर्मचारियों को राहत दी जाए, ताकि रेल संचालन और कार्य व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने मुख्य कारखाना प्रबंधक (CWM) को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ईद-उल-अज़हा: जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा की एडवाइजरी जारी:कुर्बानी व सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने ईद-उल-अज़हा के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने लोगों से धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। इसमें साफ-सफाई, कानून का पालन और आपसी भाईचारे पर विशेष जोर दिया गया है। फरमान हसन खान ने बताया कि इस वर्ष ईद-उल-अज़हा 28 मई, गुरुवार को मनाई जाएगी। ईद की नमाज़ सुबह 6 बजे से 10:30 बजे तक अदा की जाएगी, जिसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होगा। कुर्बानी का यह अमल 30 मई को सूर्यास्त तक जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुर्बानी केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। लोगों से अपील की गई है कि कुर्बानी खुले या सार्वजनिक स्थानों पर न करें। इसके लिए निर्धारित और बंद स्थानों का ही उपयोग करें ताकि किसी को असुविधा न हो। एडवाइजरी में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त, जानवरों के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से जमीन में दफन करने और खून को सड़कों या नालियों में न बहाने के निर्देश भी दिए गए हैं। संगठन ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी संयम बरतने की अपील की है। फरमान हसन खान ने कहा कि कुर्बानी से संबंधित तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से बचें। उन्होंने सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करने और त्योहार के असली उद्देश्य, यानी भाईचारा और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, ज़िलहिज्जा माह की 10, 11 और 12 तारीख को कुर्बानी की जाती है। छोटे जानवरों की कुर्बानी एक व्यक्ति की ओर से की जाती है, जबकि बड़े जानवरों में अधिकतम सात लोगों तक की हिस्सेदारी हो सकती है।
गर्मी की छुट्टियों के चलते ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका असर राजधानी के जयपुर जंक्शन पर भी यह साफ दिखाई दे रहा है, जहां प्लेटफॉर्म से लेकर स्टेशन परिसर और बाहर सर्कुलेटिंग एरिया तक यात्रियों की भारी भीड़ नजर आ रही है। भीषण गर्मी और लू के बीच ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं शुरू की हैं। जयपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में बड़ा टेंट लगाया गया है, ताकि यात्रियों को तेज धूप से बचाया जा सके। रेलवे प्रशासन के अनुसार इस व्यवस्था से एक हजार से अधिक यात्री टेंट की छांव में बैठ सकेंगे। टेंट के भीतर कूलर भी लगाए गए हैं, हालांकि यात्रियों के अनुसार कूलरों की संख्या कम और उनका आकार छोटा दिखाई दिया। इसके बावजूद भीषण गर्मी में यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिल रही है। स्टेशन परिसर में सुबह से देर रात तक यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है। प्लेटफॉर्म पर बैठने की जगह कम पड़ने के कारण बड़ी संख्या में लोग स्टेशन के बाहर इंतजार करते नजर आए। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने अस्थायी व्यवस्था करते हुए बैठने और छांव की सुविधा बढ़ाई है।
विनेगा में हाईवे किनारे शराब ठेके का विरोध:ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, कलेक्टर से लगाई गुहार
करौली के मासलपुर तहसील के विनेगा गांव में हाईवे किनारे संचालित शराब के ठेके और कथित गोदाम के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों और युवा समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ठेके को तत्काल बंद करने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नियमों की अनदेखी कर हाईवे के नजदीक शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हाईवे के दायरे में शराब की दुकान संचालित नहीं की जा सकती, लेकिन विनेगा गांव में मुख्य सड़क और हाईवे के पास यह ठेका खोला गया है। 'असामाजिक तत्वों का लगा रहता है जमावड़ा'लोगों को आकर्षित करने के लिए सड़क किनारे बड़े-बड़े बोर्ड भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कागजों में इस स्थान को केवल गोदाम दर्शाया गया है, जबकि यहां दिन-रात शराब की बिक्री हो रही है। रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने से क्षेत्र में अपराध और विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। शराबियों की भीड़ के कारण महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नशे में धुत लोग सड़क पर झगड़ा और अभद्रता करते हैं, जिससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
गन्ना भवन मेरठ में एक सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनपद मेरठ के समस्त वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक, सहकारी गन्ना समिति सचिव और चीनी मिल के महाप्रबंधक-उप महाप्रबंधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने इफको द्वारा उर्वरक प्रबंधन के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक कृष्ण कुमार ने किया। उन्होंने इफको के समस्त उत्पादों, विशेषकर टेक्नो 24 और नैनो जिंक, के बारे में जानकारी दी। उप महाप्रबंधक श्री ब्रजवीर सिंह ने गन्ना फसल में नैनो डीएपी के प्रयोग और न्यूट्रॉअक्स की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने गन्ना फसल में नैनो डीएपी, नैनो यूरिया और सागरिका का 4 मिलीलीटर प्रति लीटर की दर से स्प्रे करने की सलाह दी। आरएमई इफको एमसी क्रॉप साइंस लिमिटेड के धर्मेंद्र सिंह ने आगामी समय में कीटनाशक दवाइयों के बाजार में होने वाले संभावित बदलावों के प्रति आगाह किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
बलिया निवासी राज सिंह को सुवेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड मामले में सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया है। रिहा होने के बाद राज सिंह बुधवार की देर रात अपने घर लौटे। शुक्रवार को उन्होंने परिजनों के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। राज सिंह को एसओजी टीम ने इस मामले में उठाया था। पश्चिम बंगाल कोर्ट से बाइज्जत बरी होने के बाद उनके परिवार और इष्ट मित्रों में संतोष का माहौल है। राज सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अयोध्या आए थे। परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने के बाद वह अयोध्या से लौट रहे थे, तभी यूपी एसओजी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। राज सिंह के अनुसार, हिरासत में लेने के बाद उन पर गुनाह कबूलने का दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें फर्जी एनकाउंटर का डर था।
मनेंद्रगढ़ क्षेत्र केकठौतिया स्थित लघु वनोपज गोदाम में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की इस घटना में करीब 150 बोरी तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। हादसे के बाद गोदाम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय गोदाम परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई और तेंदूपत्ता से भरी बोरियां उसकी चपेट में आ गईं। गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता रखा होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड पहुंचने में हुई देरी स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल टीम देर से मौके पर पहुंची, तब तक बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता जल चुका था। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कई लोगों ने अपने स्तर पर पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की। शॉर्ट सर्किट की आशंका वन विभाग के एसडीओ के. एस. खूंटे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। गोदाम की बिजली व्यवस्था की जांच कराई जा रही है। विभागीय टीम फिलहाल नुकसान का आकलन कर रही है। लाखों के नुकसान की आशंका तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन होने की वजह से गोदाम में बड़ी मात्रा में सामग्री रखी गई थी। आगजनी से विभाग को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल विभागीय टीम नुकसान का आकलन कर रही है।
सीमावर्ती और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैसलमेर के बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार हुआ है। शुक्रवार को स्वर्णनगरी में रेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 67 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही नई जैसलमेर-अहमदाबाद साबरमती रेल सेवा की शुरुआत की गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोधपुर से वर्चुअली जुड़कर इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, जबकि स्थानीय स्तर पर विधायक छोटूसिंह भाटी ने नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस बड़े बदलाव से सीमावर्ती क्षेत्र के आम नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने वर्चुअली किया उद्घाटन जोधपुर रेलवे स्टेशन से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअली जुड़कर इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत भी मौजूद रहे। वहीं जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्य समारोह में स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी ने नई जैसलमेर-अहमदाबाद ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जैसलमेर में ही होगा ट्रेनों का रखरखाव अब तक तकनीकी रखरखाव और सफाई के लिए ट्रेनों को अन्य बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब जैसलमेर में ही अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' के शुरू होने से ट्रेनों का रखरखाव, तकनीकी जांच और सफाई जैसलमेर में ही संभव हो सकेगी। इससे न केवल ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक कोच केयर कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से अब जैसलमेर में ही ट्रेनों के कोच की सफाई, रखरखाव और तकनीकी जांच संभव होगी। इससे रेल संचालन सुरक्षित और सुगम बनेगा। अहमदाबाद तक साबरमती एक्सप्रेस से अब सीधी रेल सेवा इसके अलावा जैसलमेर को अहमदाबाद से जोड़ने वाली नई रेल सेवा का भी शुभारंभ किया गया है। विधायक छोटूसिंह भाटी ने हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने वर्चुअली हिस्सा लिया। इस सौगात से जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि यह सुविधा हर तबके के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि गुजरात को जोड़ने वाली इस नई रेल सेवा से सीमावर्ती जिले के आम नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों का तकनीकी रखरखाव अब स्थानीय स्तर पर होने से यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष अरुण पुरोहित, निवर्तमान सभापति हरिवल्लभ कल्ला, बीएसएफ कमांडेंट पीयूष और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद हजारों श्रद्धालु ब्रज 84 कोस परिक्रमा कर रहे हैं। कड़ी धूप में परिक्रमार्थियों को राहत प्रदान करने के लिए सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने जगह-जगह प्याऊ और भंडारों की व्यवस्था की है। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को पेयजल, शरबत और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और परिक्रमा मार्ग पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष और एसपी शरण गोपीनाथ कांबले खुद इन व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि परिक्रमार्थियों को कोई असुविधा नहीं हो। चिकित्सा विभाग भी अलर्ट परगर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग भी अलर्ट पर है। परिक्रमा मार्ग पर कई स्थानों पर चिकित्सा टीमें तैनात की गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, सिर ढककर चलने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी पर तुरंत चिकित्सा टीम से संपर्क करने की अपील की है। ब्रज 84 कोस परिक्रमा में आस्था और सेवा भाव का यह अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
कानपुर में 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और फर्जी खातों से जुड़े काले कारोबार के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी के करीबी वकील फिरोज खान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि फिरोज खान सिर्फ कानूनी सलाहकार नहीं था, बल्कि पूरे स्क्रैप कारोबार और फर्जी लेनदेन के हिसाब-किताब की निगरानी भी करता था। पूर्वी डीसीपी के अनुसार, इस बड़े नेटवर्क का खुलासा फरवरी में थाना चकेरी के श्यामनगर इलाके में एक डकैती की वारदात से हुआ था। शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य लूट मान रही थी, लेकिन गहन जांच के बाद 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का चौंकाने वाला मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पप्पू छुरी और उसके गिरोह के खिलाफ चकेरी और जाजमऊ थानों में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज किए। पुलिस की कार्रवाई में पप्पू छुरी समेत गिरोह के कई सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। अब जांच में अधिवक्ता फिरोज खान की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, फिरोज खान बांसमंडी का निवासी है और लंबे समय से पप्पू छुरी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। जांच में पता चला है कि यह गिरोह गरीब, बेरोजगार और मजदूर वर्ग के लोगों को बीमा, लोन, पेंशन और सरकारी योजनाओं का लालच देता था। उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल कर फर्जी बैंक खाते और कंपनियां खोली जाती थीं, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इन फर्जी खातों का उपयोग स्क्रैप कारोबार में काले धन को सफेद करने के लिए किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और खातों की निगरानी की जिम्मेदारी फिरोज खान पर थी। पुलिस को ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जो दर्शाते हैं कि फिरोज खान फर्जी खातों और कंपनियों के संचालन में सीधे तौर पर शामिल था।
रतिया में 3 एकड़ अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर:सड़कों से अतिक्रमण भी हटाया; डीटीपी ने दी चेतावनी
फतेहाबाद जिले के रतिया के टिब्बा कॉलोनी क्षेत्र में गुरुवार शाम को डीटीपी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने करीब 3 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी में निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया। साथ ही शहर की अन्य अवैध कॉलोनियों में सड़क के 'राइट ऑफ वे' (आर.ओ.डब्ल्यू.) में किए गए अतिक्रमण को भी जेसीबी मशीनों से हटाया गया। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग ने अवैध रूप से विकसित की गई कॉलोनी में बने निर्माण, सड़कों और अन्य ढांचों को हटाया। सड़क सीमा के अंदर किए गए कब्जों को भी तोड़ा गया। जिससे आमजन को आवागमन में कोई परेशानी न हो। टीम में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई का नेतृत्व डीटीपी राज कीर्ति ने किया। असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर गुरदीप सिंह ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। टीम में एफआई पुष्पा, जेई संदीप कुमार, जेई अंकित बिश्नोई, इंफोर्समेंट ब्यूरो विंग पुलिस फोर्स इंचार्ज कुलवंत सिंह और कर्मवीर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। भारी पुलिस बल रहा तैनात कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्थान क्रिकेट संघ की सीनियर महिला क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए डूंगरपुर जिला टीम का चयन ट्रायल 24 मई रविवार को होगा। जिला क्रिकेट संघ डूंगरपुर के सचिव सुशील जैन ने बताया कि यह ट्रायल सुबह 8 बजे शहर के लक्ष्मण मैदान में शुरू होगा। इस ट्रायल में जिले की प्रतिभावान महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर जिला टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में डूंगरपुर जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। सचिव सुशील जैन ने इच्छुक खिलाड़ियों से समय पर मैदान पहुंचने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि चयन ट्रायल में भाग लेने वाली खिलाड़ियों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। इनमें मूल निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और पिछले तीन वर्षों की अंकतालिकाएं शामिल हैं। दस्तावेजों के अभाव में किसी भी खिलाड़ी को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। जिला क्रिकेट संघ ने महिला खिलाड़ियों से अधिक संख्या में भाग लेने और जिले का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया है।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. हनीट्रैप-2, भाजपा मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को धमकाने से जुड़े हनी ट्रैप-2 मामले में पुलिस ने सागर निवासी रेशु उर्फ अभिलाषा और इंदौर पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर... 2. सड़क चौड़ीकरण के लिए निगम की कार्रवाई छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुक्रवार सुबह नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ मैदान में उतर गया। निगम द्वारा बाधक मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर... 3. बिना हेलमेट बुलेट चलाते दिखे विधायक हार्डिया विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए हैं। शहर की सड़कों पर उनका एक ऐसा बिंदास लुक देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पढ़ें पूरी खबर... 4. युवक की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने चार गोलियां मारी लसूडिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बदमाशों ने एक युवक को चार गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। यह वारदात गुलाब बाग कॉलोनी में हुई। पढ़ें पूरी खबर... 5. महिला के पेट से निकली फुटबॉल के आकार की गांठ डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ चिकित्सा सर्जरी कर महिला के पेट से फुटबॉल के आकार की बड़ी गांठ निकालकर नया जीवन दिया। कुछ दिनों बाद पेट में तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर... 6. टाइल्स कारीगर की सड़क हादसे में मौत खुडैल इलाके में बाइक से जा रहे दो दोस्तों को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 7. युवती से मिलने पहुंचे युवक ने किया हंगामा हीरानगर इलाके में एक युवती के दोस्त द्वारा घर में तोड़फोड़ और धमकी देने का मामला सामने आया है। युवती के ट्रेवल्स व्यवसायी पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पढ़ें पूरी खबर... 8. छत्तीसगढ़ से इंदौर लाई गई छात्रा से दुष्कर्म परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी युवक साजन उर्फ दानिश खान के खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर... 9. रिश्तों और भावनाओं का संतुलन दिखाएगी फिल्म ‘बैलेंस आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कैरियर, सफलता और आधुनिक जीवनशैली की दौड़ में इतने व्यस्त हो गए हैं कि रिश्तों की गर्माहट और परिवार के लिए समय धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ऐसे समय में दर्शकों को वही कहानियां सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं, जिनमें उन्हें अपने जीवन और परिवार की झलक दिखाई दे। पढ़ें पूरी खबर... 10. एमपी के 4 जिलों में तेज लू का रेड अलर्ट प्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह 9 से 11 बजे के बीच पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से तीन बजे तक बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। पढ़ें पूरी खबर...
नेपानगर रोजगार मेला में 190 युवाओं ने कराया पंजीयन:110 का प्राथमिक चयन, कई कंपनियों ने लिया भाग
बुरहानपुर जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र और आईटीआई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नेपानगर स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में 'युवा संगम' रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कुल 190 बेरोजगार युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 110 का विभिन्न कंपनियों द्वारा प्राथमिक चयन किया गया। जिला रोजगार अधिकारी पीएल पुआरे ने बताया कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह मेला आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। मेले में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए ऋण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इनमें उद्योग विभाग, रोजगार कार्यालय, आरसेटी, जनजातीय कार्य विभाग, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, अंत्यव्यवसायी और श्रम विभाग शामिल थे। महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण स्टॉल भी लगाया गया था। इस रोजगार मेले में जिले के साथ-साथ बाहर की कंपनियों ने भी भाग लिया। इनमें क्यूस क्रॉप टाटा कंपनी महाराष्ट्र, दूथ ट्रांसमिशन कंपनी पुणे, नवलसिंह शक्कर कारखाना बुरहानपुर, भारतीय जीवन बीमा निगम बुरहानपुर, ऐविटेक एमएनसी कंपनी पीथमपुर और एएसके ऑटोमोबाइल्स कंपनी गुड़गांव प्रमुख थीं। मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण काटकर, पार्षद प्रतिनिधि हरिराम उईके और आईटीआई प्राचार्य रमेश बड़ोले सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
दतिया में उनाव थाना क्षेत्र के खिरिया नाई गांव में जमीन विवाद को लेकर पूर्व सरपंच की कथित दबंगई सामने आई है। गांव के पूर्व सरपंच विक्रम दांगी और उसके पिता रामेश्वर दांगी पर एक बुजुर्ग के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है। मारपीट में घायल बुजुर्ग राजकुमार दांगी का हाथ फ्रैक्चर हो गया। उन्हें उपचार के लिए दतिया के लाडो रतन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इधर, शुक्रवार को पीड़ित पक्ष ने एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की। जमीन को लेकर विवाद चल रहा विश्वप्रताप दांगी ने आरोप लगाया कि गांव में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में पूर्व सरपंच विक्रम दांगी और उसके पिता रामेश्वर दांगी ने उनके पिता पर लाठी से हमला कर दिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। विश्वप्रताप का कहना है कि आरोपियों का गांव में दबदबा है और परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पूर्व सरपंच और उसके पिता पर अपराधिक प्रवृत्ति का आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद उनाव पुलिस ने घायल राजकुमार दांगी की शिकायत पर विक्रम दांगी और रामेश्वर दांगी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंबाला कैंट के महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रीत नगर पॉश इलाके में दो सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दोनों बहनों के शव उनके घर के अंदर गले-सड़े हालात में मिले। करीब 15 से 20 दिनों तक घर बंद रहने और कोई हलचल न होने के बाद पड़ोसियों को शक हुआ। जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही महेश नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर अंदर दाखिल हुई। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस और आसपास के लोग भी दहल गए। बेड और फर्श पर पड़े मिले शव पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष के बीच थी। एक बहन का शव बेड पर पड़ा मिला, जबकि दूसरी बहन का शव फर्श पर मिला। दोनों शव बुरी तरह गल चुके थे, जिससे माना जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। पड़ोसियों के अनुसार दोनों बहनें माता-पिता की मौत के बाद लंबे समय से इसी घर में अकेली रह रही थीं। एक मानसिक रूप से परेशान थी, दूसरी करती थी देखभाल स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतकों में से एक बहन मानसिक रूप से परेशान थी और चलने-फिरने में भी दिक्कत रहती थी। दूसरी बहन बाहर काम करती थी और उसी की देखभाल करती थी। दोनों का लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं था और वे बेहद सादगी व अलग-थलग जीवन जी रही थीं। कार साफ करते समय व्यक्ति को आई बदबू मामले का खुलासा तब हुआ जब इलाके में कार साफ करने वाले एक व्यक्ति को घर से तेज बदबू महसूस हुई। उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पड़ोसियों ने डायल-112 पर सूचना दी। पड़ोसी और रिटायर्ड प्रिंसिपल ने बताया कि पुलिस जब घर के अंदर गई तो पूरे मकान में तेज दुर्गंध फैली हुई थी। घर के हालात देख चौंके लोग घर के अंदर इस्तेमाल किए गए डायपर और बिखरा सामान मिला। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों बहनें काफी समय से बेहद खराब परिस्थितियों में रह रही थीं। मौके पर पहुंचे लोगों का कहना था कि दोनों बहनें समाज से लगभग कटी हुई थीं और शायद इसी कारण इतने दिनों तक किसी को उनकी मौत की भनक तक नहीं लगी। अभी तक कोई परिजन सामने नहीं आया महेश नगर थाना प्रभारी जितेंद्र ढिल्लों ने बताया कि पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बहनें अकेली रहती थीं और उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। SHO के अनुसार, अभी तक परिवार का कोई वारिस सामने नहीं आया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पलवल जिले में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मामा-भांजे और ब्रज 84 कोस की परिक्रमा कर रही एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना केजीपी एक्सप्रेस-वे पर हुई। बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के दरावड़ दरवेर गांव निवासी कलुआ ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पंकज और साला सोनू (जहांगीराबाद निवासी) मजदूरी के पैसे लेने पलवल आए थे। 21 मई की रात को परिवार को सूचना मिली कि सुजवाड़ी गांव के पास केजीपी एक्सप्रेस-वे पर उनकी बाइक को एक अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। चलती बाइक से गिरी महिला वहीं दूसरी दुर्घटना में ब्रज 84 कोस की परिक्रमा कर रही एक बुजुर्ग महिला की बाइक से गिरकर मौत हो गई। मथुरा (उत्तर प्रदेश) निवासी ओमकार सिंह ने बताया कि उनके माता-पिता, होराम सिंह और सुमित्रा, परिक्रमा पर गए थे। 21 मई की शाम को खांबी गांव के पास बाइक पर परिक्रमा करते समय एक ब्रेकर से बाइक अनियंत्रित हो गई और सुमित्रा नीचे गिर गईं। उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तरबूज खरीदते वक्त पिकअप ने मारी टक्कर तीसरी घटना यमुना पुल के पास हुई। चांदहट गांव निवासी टीके नामक बुजुर्ग तरबूज खरीदने गए थे, तभी पलवल की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार टाटा पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर चौथे हादसे में न्यू कालोनी निवासी मनिंद्र सिंह ने बताया कि उनका भाई संदीप पुष्पा काम्प्लेक्स में कोरियर के दफ्तर में काम करता था। रात को वह दफ्तर बंद कर अपनी बाइक से कुसलीपुर जा रहा था। जैसे ही वह कुसलीपुर फ्लाईओवर पार कर रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। दीपक को गंभीर हालत में फरीदाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाइक को कार ने मारी टक्कर 5वें हादसे में जिला मथुरा (यूपी) के सिरथला गांव निवासी डिगम्बर ने बताया कि उसका भाई अशोक सिकंदरपुर बाक्सन स्थित एक प्राइवेट कार्टून लिमिटेड कंपनी में काम करता था। रात के सयम वह अपनी बाइक से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था। इसी दौरान नेशनल हाईवे-19 पर तुमसरा टोल टैक्स के निकट एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में घायल अशोक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। 6वें हादसे में महेशपुर गांव के निकट बाइक सवार की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। महेशपुर गांव निवासी लखन किसी काम से घर से निकला था। उसी दौरान उसकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि मुझमें अभी युवाओं जैसी ऊर्जा है। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हूं। अपने विधानसभा के साथ प्रदेश में काम करना चाहता हूं। पूरे प्रदेश में लोगों से मिलने के लिए दौरा किया, जिसकी जानकारी पार्टी को भी है। दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने टीएस सिंहदेव की प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि टीएस बाबा को दिल्ली में जाकर काम करना चाहिए, क्योंकि यहां युवा नेता काम कर रहे हैं और उन्हें मौका मिलना चाहिए। बैज ने यह भी कहा कि टीएस सिंहदेव बड़े नेता हैं, वे डिप्टी सीएम रह चुके हैं और सीईसी के मेंबर भी हैं। देश में जहां जवाबदेही मिलती है, जाकर काम करते हैं, उन्हें दिल्ली जाकर काम करना चाहिए। सिंहदेव बोले-प्राथमिकता में सरगुजा टीएस सिंहदेव ने दुहराया कि मेरी प्राथमिकता में अंबिकापुर है और सरगुजा की सीटें हैं। मैं अपना चुनाव भी हारा और सरगुजा संभाग की सभी विधानसभा और लोकसभा की सीटें भी हम हारे। अभी खाली समय है तो प्रदेश का दौरा कर कांग्रेसजनों से मुलाकात की। इसकी जानकारी सभी को है। सिंहदेव के प्रदेश दौरे के बाद बयानबाजी टीएस सिंहदेव ने दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि वे प्रदेशाध्यक्ष की जवाबदेही के लिए तैयार हैं। इसके बाद वे दक्षिण छत्तीसगढ़ के दौरे पर कई दिनों तक रहे और कांग्रेसजनों से मुलाकात की। वहां कांग्रेस की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। सिंहदेव के इस दौरे को लेकर कयास भी लगने लगे हैं। वहीं, दीपक बैज का बयान भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। नेताम बोले-कांग्रेस में अंतर्कलह प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम ने दीपक बैज और टीएस सिंहदेव के बयानों पर कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहदेव को पार्टी के कुछ नेता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और खुद सिंहदेव भी अन्य नेताओं के साथ पूरी तरह तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं। नेताम ने कहा कि सिंहदेव को कांग्रेस ने यूज किया। कांग्रेस यूज एंड थ्रो की राजनीति करती है। नेताम ने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब टीएस सिंहदेव की बड़ी भूमिका रही थी। उन्होंने आगे कहा कि टीएस सिंहदेव को अब सतर्क रहना चाहिए और सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए।
करौली में पांचना बांध से नहरों में जल निकासी को लेकर चल रहे विवाद और हाईकोर्ट के आदेश के बीच शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य सरकार की बजट घोषणा 2026-27 के तहत पांचना गुडला लिफ्ट परियोजना, क्षेत्र के गांवों तक पेयजल पहुंचाने की योजना और किसानों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार ने परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत पांचना क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों और 39 मजरे-ढाणियों तक प्रेशराइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। बैठक में करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे। ग्रामीणों की राय से तैयार होगी DPR जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मौके पर सर्वेक्षण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए कार्यों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष रहा है, इसलिए इस बार ग्रामवासियों और किसानों की राय एवं सुझावों को शामिल करते हुए परियोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य योजना के हर चरण में ग्रामीणों और किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि परियोजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और योजना सफलतापूर्वक लागू हो। दिसंबर तक काम शुरू होने की संभावना बैठक के दौरान अधिकारियों ने वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए किसानों और ग्रामीणों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अनकमांड क्षेत्र के सभी 39 गांवों तक प्रेशराइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से पानी पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजना का कार्य दिसंबर तक शुरू होने की संभावना है। इस दौरान किसानों और संघर्ष समिति के सदस्यों ने तुलसीपुरा ग्राम पंचायत के दो गांवों को भी योजना से जोड़ने तथा परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने की मांग उठाई। सभी गांवों को पानी मिलने तक नहीं होगी जल निकासी बैठक में करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने स्पष्ट कहा कि जब तक क्षेत्र के सभी गांवों को पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक पांचना बांध से नहरों में पानी की निकासी संभव नहीं होगी। वहीं, जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह बैठक केवल राज्य सरकार की बजट घोषणा के संदर्भ में आयोजित की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश से संबंधित प्रक्रिया अलग से जारी है। बैठक में ये अधिकारी और किसान नेता रहे मौजूद बैठक में एसपी लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता रमाशंकर शर्मा, एडीएम हेमराज परिडवाल, एएसपी महेश चंद, जिला परिषद सीईओ लखन सिंह सहित पांचना लिफ्ट संघर्ष समिति के अशोक सिंह धावाई, भानु प्रताप बैसला, हाकिम सिंह और अन्य किसान मौजूद रहे।
बयानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाले गुना विधायक फिर एक बार चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के सामने ही कहा कि मैं तो यहीं रहूंगा। यही है जागीर अपनी गुना की तो। और किसी को थोड़ी धंसने देंगे। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुना जिले का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग शुक्रवार और शनिवार को एक निजी होटल में आयोजित किया गया। पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पहला सत्र लिया और वर्ग में भाग ले रहे कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, रीति नीति से अवगत कराया। प्रदेश अध्यक्ष सुबह 11:15 बजे गुना पहुंचे। यहां सबसे पहले वर्ग में आए नेताओं, कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पार्टी का झंडा फहराया। साथ ही कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर ही एक प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें पार्टी द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों, केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 हटाने जैसे अन्य कार्यों को दर्शाया गया है। साथ ही स्थापना से लेकर अब तक रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्षों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी है। इसके अलावा गुना भाजपा द्वारा किए गए सेवा कार्यों को भी प्रदर्शित किए गया। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। फीता काटने के दौरान गुना विधायक पन्नालाल शाक्य पीछे थे। प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि विधायक जी कहां रह गए, तो पन्नालाल शाक्य बोले - मैं तो यहीं रहूंगा। यही है जागीर अपनी गुना की तो। और किसी को थोड़ी धंसने देंगे। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज तो स्मार्ट लग रहे हो।
धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित अंगारपथरा ओपी की कांटापहाड़ी बस्ती में शुक्रवार को खनन प्रभावित क्षेत्र में अचानक भू धंसान हो गया। इस घटना में एक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग बाहर निकल गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। भूधसान के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन जारी है, जिसके कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय बीसीसीएल अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद, प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आगे उग्र आंदोलन करेंगे।
उमरिया में अवैध रेत परिवहन करते 3 ट्रैक्टर पकड़ाए:सोन नदी घाट से जब्त की गईं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
उमरिया जिले की मानपुर थाना पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रेत से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कीं। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई। मानपुर पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम परासी स्थित सोन नदी घाट से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान सोनालिका, पावरट्रेक और जॉन डियर कंपनी के तीन रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों से रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी चालक इन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। पकड़े गए चालकों की पहचान अरविंद उर्फ रामसिंह कोल (21) निवासी टिकुरी टोला मानपुर, फूलचंद बैगा (27) निवासी ग्राम छपरौड़ मानपुर और राजेंद्र जायसवाल (35) निवासी ग्राम परासी मानपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर मानपुर थाने में खड़ा कराया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण खनिज विभाग उमरिया को भेजा जाएगा।
सिरसा में एक डॉक्टर को नगर परिषद का जेई बताकर अतिक्रमण करने एवं सरकारी खाले पर रास्ता बनाकर अवैध कालोनियों को रेगुलाइज कर धमकी देने का मामला सामने आया है। इसे लेकर आज शुक्रवार को डॉ. बीएस गुलेरिया मीडिया से रूबरू हुए और आरोप लगाए कि उनकी सिंचाई योग्य जमीन पर सरकारी खाला की जगह है। वहां नगर परिषद के जेई मुकेश कुमार द्वारा कोर्ट के ऑर्डर बताकर नाजायज खाल तोड़ा जा रहा है और धक्काशाही से पोल लगाए गए हैं। डॉ. बीएस गुलेरिया ने बताया, शहर के बेगू रोड स्थित शांति नगर में उनके परिवार की सिंचाई की जमीन है। मामले में लोक अदालत में 19 तारीख को पहली सुनवाई थी और उसी दिन जेसीबी लेकर जेई मुकेश 7-8 अन्य लोगों के साथ जमीन पर सब कुछ ढहाने को आ गए। जब उसे पता चला तो उसने उसके मोबाइल नंबर पर कॉल किया और पूछा कि आप जेई बोल रहे हो तो ये कार्रवाई क्यों की है। वह खुद को जेई बताते हुए बोला, ये कोर्ट के ऑर्डर है। उसने वह ऑर्डर दिखाने को कहा, पर नहीं दिखाए। उस नंबर का पता किया ता वह किसी और का निकला। पता चला कि वह नगर परिषद का जेई नहीं था। इस बारे में उन्होंने एसपी से मिलने की बात कही। उक्त मुकेश ने अपने आप को सरकारी पद पर जेई बताकर उसके खेत में घुसकर नुकसान पहुंचाया है। पुलिस उसे पकड़कर पता करे कि उसने किसके कहने पर ये किया है। उसकी भरपाई की जाए। डॉ. गुलेरिया बोले, टयूबवैल लगाए डॉ. गुलेरिया बोले, वहां खेत के पास गली के रास्ते पर स्थानीय लोगों ने दोनों तरफ टयूबवैल लगाए हुए है और तीसरे टयूबवैल लगाने की तैयारी है। इससे उसकी जमीन में केवीटी यानी जमीनी पानी का स्तर घट रहा था। उसने स्थानीय लोगों को मना भी किया था और कहा, आप रास्ता रोक रहे हो। नगर परिषद की ओर से काफी समय पहले एक नोटिस दिया गया था, जिसमें जो जगह या खसरा नंबर लिखा था, वो उसकी जगह नहीं है। इसके बाद कोई नोटिस नहीं दिया गया। जानिए ये पूरा मामला दरअसल, पहले ये एरिया खाजाखेड़ा गांव में आता था। यहां पर करीब 8 एकड़ जमीन डॉ. बीएस गुलेरिया और उनके परिवार की है। पिछले 8 सालों से यह रकबा नगर परिषद के अधीन आ गया है। शांति नगर में इसी जमीन पर करीब 11 फुट तक लंबाई में सरकारी खाले की भी जमीन है। अब यहां कोई खाला नहीं है। ये रकबा नगर परिषद के अधीन आने के बाद खाला बंद हो गया। इसे लेकर शांति नगर के स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन को शिकायत की हुई थी कि इस जमीन पर जो सरकारी जगह है, वहां से कब्जा हटाकर रास्ता बनाया जाए। इसी के तहत प्रशासन ये कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में नगर परिषद एवं प्रशासन की ओर से इस जगह की पैमाइश करवाकर खाले की जगह पर रास्ता बनाया जा रहा है। यह रास्ता शांति नगर व शिव नगर को जोड़ता है।
सीहोर जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय दो से तीन घंटे की अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। 44 डिग्री सेल्सियस तापमान और उमस भरी गर्मी में रातभर बिजली गुल रहने से दर्जनों गांवों के लोग आक्रोशित हो गए हैं। इसी के विरोध में शुक्रवार को किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बिलकिसगंज रोड से बरखेड़ी विद्युत मंडल सब स्टेशन तक पैदल रैली निकाली और बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सब स्टेशन का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में रात के समय बार-बार बिजली कटौती से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सो नहीं पा रहे हैं। रातभर बिजली न रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बिजली कंपनी पर मनमानी का आरोपइसके अलावा, सुबह बिजली न होने के कारण गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बिजली कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली कंपनी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि शहरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि रात के समय बड़े औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों की बिजली काटकर ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की जाए। इस आंदोलन में चंदेरी, पिपलिया मीरा, बरखेड़ी, आलमपुरा, बिजलोन, बड़नगर, हीरापुर, रामखेड़ी, टिटोडा और भैंसाखेड़ी सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सिंगरौली जिले में 23 और 24 मई को मुख्यमंत्री के आने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक, पार्किंग और रास्तों को बदलने (डायवर्सन) के इंतजाम किए हैं। शहर के मुख्य रास्तों पर इन दो दिनों में खास ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। यातायात थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का काफिला हेलीपैड एनसीएल ग्राउंड से शुरू होगा। इसके बाद यह सेंट जोसेफ तिराहा, बिलौजी तिराहा, मस्जिद तिराहा, टॉकीज तिराहा, राजकमल होटल, भाजपा कार्यालय, ढोटी तिराहा, इन्द्रा चौक होते हुए उमंग भवन और सूर्याभवन तक जाएगा। यहां होगी पार्किंग की व्यवस्था हेलीपैड के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गाड़ियां सेंट जोसेफ स्कूल ग्राउंड में खड़ी होंगी। उमंग भवन कार्यक्रम के लिए आने वाले सभी वाहनों के लिए सरस्वती स्कूल परिसर में पार्किंग बनाई गई है। सिंगरौली महोत्सव के लिए मीडिया की गाड़ियां उत्कृष्ट ग्राउंड में और सरकारी अधिकारियों की गाड़ियां बैढ़न थाने में पार्क होंगी। इसके लिए वीआईपी रास्ता सूर्याभवन से इन्द्रा चौक और ढोटी तिराहा होते हुए स्टेडियम तक रहेगा। भारी वाहनों पर रोक और रास्तों में बदलाव दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक शहर के अंदर भारी और कमर्शियल गाड़ियों के आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। गनियारी, इन्द्राचौक, ढोटी तिराहा और माजन मोड़ से आने वाले भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। बस स्टैंड जाने वालों के लिए जरूरी जानकारी यात्री बसें अब जिला पंचायत और ट्रामा सेंटर रोड से होकर चलेंगी। खास बात यह है कि शाम 4 बजे के बाद बस स्टैंड के अंदर बसों की एंट्री बंद कर दी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए तय किए गए रूट और पार्किंग नियमों का पालन करें।
लखनऊ में शटर तोड़कर ज्वेलरी शॉप में चोरी:26 लाख के गहने और कैश ले गए बदमाश, सीसीटीवी में कैद
लखनऊ के गुडंबा इलाके में चोरों ने एक ज्वैलरी शॉप को निशाना बनाते हुए करीब 26 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी पार कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। गुडंबा बाजार में पेट्रोल पंप के सामने स्थित मनु ज्वेलर्स के मालिक टुनटुन पुत्र राजकुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद कर घर गए थे। गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे पड़ोसी दुकानदार राहुल का फोन आया, जिसने दुकान में चोरी होने की जानकारी दी। दुकान के दोनों शटर पर ताले लगे सूचना मिलते ही टुनटुन मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दुकान के दोनों शटर पर ताले लगे हुए थे, लेकिन शटर को बीच से रॉड डालकर ऊपर उठाया गया था। अंदर जाकर देखा तो दुकान का सामान बिखरा पड़ा था और गल्ले समेत जेवर गायब थे। पीड़ित के मुताबिक बदमाश दुकान से करीब 7 किलो चांदी, 17 ग्राम सोना और 13 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। चोरी गए माल की कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपियों का सुराग मिल जाएगा घटना की सूचना पर गुडंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों का सुराग मिल जाएगा।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के सालरी गांव में एक युवक की शादी की तैयारियां उस वक्त रुक गईं, जब प्रशासन को उसकी उम्र वैधानिक सीमा से कम होने की शिकायत मिली। गांव में टेंट लगा था, मेहमानों की भीड़ थी और गुरुवार रात से ही शादी का माहौल बना हुआ था। दूल्हे के हाथों में मेहंदी और शरीर पर हल्दी लगी थी। शुक्रवार सुबह भी टेंट में मेहमान खाना खा रहे थे और विवाह की तैयारियां जारी थीं, तभी प्रशासनिक टीम गांव पहुंच गई। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम अंकिता जैन को शिकायत किए जाने के बाद मामला कलेक्टर तक पहुंचा। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच में युवक की उम्र 20 साल 5 माह सामने आई। टीम ने परिजनों को समझाइश दी कि 21 वर्ष पूरे होने से पहले विवाह नहीं किया जा सकता। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर शादी रुकवाईमौके पर पंचनामा तैयार किया गया और दूल्हे सहित उसके परिजनों को खिलचीपुर थाने लाया गया। थाना प्रभारी कमल सिंह गहलौत के सामने दूल्हे और परिवार ने लिखित आवेदन देकर शादी निरस्त करने की बात कही। आवेदन में उल्लेख किया गया कि अब युवक के 21 वर्ष पूरे होने के बाद ही विवाह किया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि चोरी-छिपे शादी करने का प्रयास किया गया तो दूल्हे, परिवार और आयोजन में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक टीम अगले तीन दिन तक गांव में निगरानी भी करेगी। दरअसल, गांव के हनुमान मंदिर परिसर में गुरुवार रात भंडारे का आयोजन था। उसी स्थान के पास शादी समारोह भी रखा गया था, जिससे विवाद की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। इसी दौरान ग्रामीणों ने दूल्हे की उम्र को लेकर शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने पूरी कार्रवाई की।
अलवर जिला प्रमुख के अपमान का आरोप:किशनगढ़बास में सौंपा ज्ञापन, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अलवर में जनप्रतिनिधियों की एक बैठक में जिला प्रमुख के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार के बाद खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में जनाक्रोश देखने को मिला। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और पंचायतीराज व्यवस्था पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम किशनगढ़बास उपखंड अधिकारी सत्यवीर यादव के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके बावजूद, जिले के सर्वोच्च पंचायतीराज प्रतिनिधि, जिला प्रमुख, को बैठक कक्ष के बाहर खड़ा रखा गया और अंदर बैठने के लिए इंतजार करवाया गया। आरोप के अनुसार, सीट उपलब्ध नहीं जैसे तर्क देकर उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया, जिसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिला प्रमुख केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि लाखों ग्रामीण मतदाताओं के जनादेश और संविधान की भावना का प्रतीक होता है। ऐसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना पूरे पंचायतीराज ढांचे और ग्रामीण स्वाभिमान का अपमान है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष उत्पन्न होगा। कार्रवाई करने की मांग उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अधिकारियों, विशेष रूप से जिला कलेक्टर, के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, भविष्य में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रशासनिक प्रोटोकॉल जारी करने की भी मांग उठाई गई। इस अवसर पर एडवोकेट रतिराम चौधरी, समाजसेवी शेरसिंह चौधरी, एडवोकेट रविंद्र तक्षक, मुकेश कुमार, अनूप सिंह, फकीरचंद और नितिन तक्षक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने 'जनभागीदारी अभियान: सबसे दूर सबसे पहले' के अंतर्गत राणापुर विकासखंड के ग्राम समोई में आयोजित विशेष शिविर में शिरकत की। कलेक्टर ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन का मुख्य ध्येय है। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाई शिविर के दौरान ग्रामीणों ने कृषि विस्तार अधिकारी के नियमित रूप से न आने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनकी उपस्थिति अनिवार्य करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, तालाब फूटने से बढ़ते जल संकट और अधूरे आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही दिशा-निर्देश जारी किए। एनआरएलएम और पेयजल संकट पर सख्ती एनआरएलएम के तहत राशि आहरण में धांधली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने और दोषियों से राशि वसूली के निर्देश दिए। झाझरवा कन्या शिक्षा परिसर में पेयजल की समस्या को हल करने के लिए तत्काल कुआं या ट्यूबवेल निर्माण की कार्ययोजना बनाने को कहा गया। सिकल सेल स्क्रीनिंग और बालिका शिक्षा पर जोर कलेक्टर ने स्वास्थ्य स्टॉल पर दो बालिकाओं की सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग कराई और ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने 'आयुष्मान भारत' योजना में गांव के 80% लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष व्यक्त किया। शिक्षा को विकास का आधार बताते हुए उन्होंने बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने और बेटियों को पढ़ाने का आह्वान किया। यह रहे उपस्थित शिविर में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत चार बालिकाओं को आश्वासन पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दमोह शहर से सटे इमलाई गांव के लोगों ने पानी की किल्लत से तंग आकर सड़क पर चक्का जाम कर दिया। यह प्रदर्शन सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसकी वजह से दमोह-पथरिया मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। तहसीलदार और नगर पालिका सीएमओ के हर दिन 10 टैंकर पानी भेजने के भरोसे के बाद ही ग्रामीण वहां से हटे। खाली कुप्पे लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं प्रदर्शन के दौरान महिलाएं खाली कुप्पे लेकर सड़क पर उतर आईं और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मुख्य सड़क के बीचों-बीच खाली बर्तन रखकर अपनी मांगें रखीं। ग्रामीणों ने सड़क पर एक पानी का टैंकर खड़ा कर दिया और टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इस जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई, जिससे ट्रक और बस चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस और प्रशासन के सामने रखी मांग सागर नाका पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। वे कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पीने के पानी का कोई जरिया नहीं बचा है। हैंडपंप खराब हैं और तालाब-कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं। इमलाई गांव शहर के बिल्कुल पास है, फिर भी यहां आज तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। टैक्स ले रहे पर सुविधाएं नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इमलाई को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल तो कर लिया गया है, लेकिन सुविधाएं गांव जैसी भी नहीं मिल रही हैं। उनसे टैक्स और दूसरे शुल्क वसूले जा रहे हैं, पर सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी चीजें नहीं हैं। लोगों ने बताया कि गांव में जो पानी की टंकी है, वहां से सप्लाई का प्रेशर इतना कम है कि पानी भरने के लिए तसले का इस्तेमाल करना पड़ता है। सप्लाई सिर्फ 10 मिनट के लिए आती है, जिसमें 4 कुप्पे पानी भी नहीं भर पाता। आश्वासन के बाद खुला जाम काफी देर तक हंगामा चलने के बाद नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह और तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि गांव में अब हर रोज 10 टैंकर पानी भेजा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क से टेंट हटाया और जाम खोला। हालांकि, लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का पक्का समाधान नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
ग्वालियर पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात एक बड़ा 'सप्राइज कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। एसएसपी धर्मवीर सिंह के सख्त निर्देश पर रातभर चली इस विशेष गश्त में पुलिस ने उन 249 फरार चल रहे बदमाशों को दबोच कर सीधे हवालात की हवा खिलाई, जो लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने हुए थे। वहीं, तड़के सुबह जब पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए पुराने बदमाशों के घरों पर पहुंचीं, तो कई अपराधियों की नींद सीधे हवालात में ही खुली। मैदान में उतरे टॉप अफसर, तड़के तक हुई पैदल गश्त कॉम्बिंग गश्त की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह देर रात सड़कों पर मोर्चा संभाले नजर आए। इस महाअभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल, सुमन गुर्जर, जयराज कुबेर और प्रशिक्षु आईपीएस मनोज कुमार सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी (सीएसपी/डीएसपी) अपने-अपने थाना प्रभारियों और भारी पुलिस बल के साथ रात से लेकर तड़के सुबह तक सड़कों पर पैदल गश्त करते रहे। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पूरे जिले को घेरकर एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं: अवैध शराब, हथियार और जुआ पर प्रहार कॉम्बिंग गश्त में पुलिस ने मुरार, इंदरगंज, गिजौर्रा और बेलगढ़ा थाने में 1-1 व महाराजपुरा थाने में 2 नए मामले दर्ज कर शराब जब्त की गई। इसके अलावा हजीरा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए औचक चेकिंग करते हुए अवैध हथियार का 1 प्रकरण दर्ज कर आरोपी को पकड़ा। घाटीगांव थाना पुलिस ने जुआ खेलते हुए रंगे हाथ आरोपियों को पकड़कर एक केस दर्ज किया। शांति भंग करने की आशंका के मद्देनजर धारा 107/116 के तहत 4 अलग-अलग मामलों में 11 उपद्रवियों पर शिकंजा कसा गया। जेल से छूटे बदमाशों पर पैनी नजर गश्त के दौरान पुलिस टीमों ने केवल घरों पर ही दबिश नहीं दी, बल्कि शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संवेदनशील इलाकों, बैंक एटीएम, होटलों, लॉज और धर्मशालाओं की बारीकी से चेकिंग की। हाईवे के ढाबों पर देर रात बैठने वाले संदिग्धों की तलाशी ली गई। जिले में आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह औचक कॉम्बिंग गश्त की गई थी। इस अभियान के दौरान पकड़े गए और चेक किए गए प्रत्येक अपराधी-बदमाश को सख्त लहजे में हिदायत दी गई है।

