प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में गंगा नदी की बीच धारा में बना बजरंग दास का आश्रम शुक्रवार देर रात अचानक ढह गया। हादसे के समय आश्रम के अंदर मौजूद तीन लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ की मदद से तीनों को बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। आश्रम के आसपास कीचड़ और दलदल होने के कारण बचाव दल को मौके तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। गंगा का जलस्तर घटने के बाद बढ़ा कटान जानकारी के मुताबिक, करीब 40 से 50 फीट ऊंचा यह आश्रम गंगा नदी की बीच धारा में बना था। पिछले कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद घटने लगा था। जलस्तर कम होने के दौरान आश्रम के आसपास मिट्टी का कटान बढ़ गया। इससे आश्रम की नींव कमजोर होने लगी और दीवारों में दरारें आ गईं। शुक्रवार देर रात अचानक पूरा आश्रम ढह गया। मलबे में दबे तीन लोग, एनडीआरएफ की मदद से निकाला हादसे के समय आश्रम से जुड़े तीन लोग अंदर मौजूद थे। आश्रम गिरने से तीनों मलबे में दब गए और घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। आसपास की जमीन दलदली होने के कारण पुलिसकर्मियों को आश्रम तक पहुंचने में दिक्कत हुई। इसके बाद एनडीआरएफ की मदद ली गई। स्थानीय पुलिस और बचाव दल ने मिलकर तीनों घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पिछले कुछ दिनों से चर्चा में था आश्रम गंगा की बीच धारा में बना यह आश्रम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में था। जलस्तर में उतार-चढ़ाव और मिट्टी के कटान के कारण इसकी स्थिति कमजोर हो गई थी। बताया गया कि आश्रम में रखा सामान पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। हालांकि, हादसे के समय तीन लोग अंदर मौजूद थे, जो इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
काशी में गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतब और आसमान में सटीक एरोबैटिक फॉर्मेशन देखने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय वायुसेना के प्रस्तावित एयर शो की अंतिम रूपरेखा तय हो चुकी है। आयोजन को लेकर 21 अक्टूबर को वायुसेना की ओर से विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की तैयारी है। 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान गंगा के ऊपर वायुसेना की ताकत और आधुनिक विमानन क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नमो घाट को सजाया संवारा जा रहा, जहां वायु सेना का प्रमुख आयोजन होना है। 2 क्रूज गंगा के धारा में दिखेगी एयर शो की तैयारियों के बीच गंगा में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यटन विभाग के दो बड़े जलयानों मानेकशॉ क्रूज और विवेकानंद जलयान को अंतिम रूप से चुना गया है। दोनों जलयान आयोजन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन पर कमांडो के उतरने का प्रदर्शन कराने की योजना है। साथ ही, इन्हें गंगा में निगरानी केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। इन जलयानों पर वायुसेना के अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी के साथ गंगा में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। राफेल और सुखोई समेत कई विमानों के प्रदर्शन की तैयारी एयर शो की प्रस्तावित रूपरेखा में भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख विमान और प्रदर्शन टीमें शामिल हैं। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच प्रचंड जैसे विमान शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी। सूर्य किरण टीम के विमानों की एक साथ सटीक उड़ान और हवा में अलग-अलग फॉर्मेशन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। वहीं, सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों के करतब भी खास होंगे। इन प्रदर्शनों में पायलटों की दक्षता, अनुशासन और आपसी तालमेल की झलक देखने को मिलेगी। इन विमानों के शामिल होने की संभावना प्रस्तावित कार्यक्रम में आईएल-76, आईएल-78, सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमानों के साथ भारतीय वायुसेना के अन्य विमान भी शामिल हो सकते हैं। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमानों की भागीदारी भी संयुक्त सैन्य क्षमता और समन्वय को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। विमानों की अंतिम सूची और उनके प्रदर्शन का समय आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
वाराणसी में सारनाथ थानाक्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री की जद में आकर मकान गिरने के मामले के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई है। पुलिस ने वाराणसी कोतवाली थानाक्षेत्र के दो मकानों में छापेमारी कर 10 कुंतल अवैध पटाखा सामाग्री जब्त किया है। तो वहीं कैंट पुलिस ने कुंज बिहार कालोनी में छापेमारी कर 800 पैकट छोटे और बड़े पटाखे बरामद किए हैं। सभी की पटाखा बाजार में कीमत का आकलन किया जा रहा है। गोला दीनानाथ में जड़ीबूटी की आड़ में पटाखे की सामाग्री को डंप किया गया था और त्योहारों में वाराणसी में इसकी सप्लाई देनी थी। पुलिस ने गोला दीनानाथ से राजेश गुप्ता और कैंट के कुंज विहार कालोनी से राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया है। राहुल की जगमग के नाम से कर्णघंटा में दुकान है। फिलहाल दोनों से अलग-अलग थानों पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है। बम का कारोबार करने की मिली थी सूचना एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया - कोतवाली प्रभारी को सूचना मिली थी की गोला दीनानाथ में बड़ी मात्रा में बम और आतिशबाजी तैयार करने के लिए सामाग्री का भंडारण किया गया है। इसपर छापेमारी की गई तो गोला दीनानाथ में चिह्नित दो मकानों में बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है। जिन्हे कोटवाली थाने पहुंचाने के लिए 25 से अधिक मजदूरों की सहायता ली जा रही है। खबर लिखने तक मजदूर सामग्री कोतवाली थाने पहुंचा रहे थे। मौके से मकान मालिक गिरफ्तार एसीपी ने बताया - मौके से पुलिस ने चेतगंज के रहने वाले राजेश गुप्ता उर्फ़ राजू को हिरासत में लिया गया है। वह गोला दीनानाथ में जड़ी बूटी का काम करता है। उसी की आड़ में वह बेम बनाने की सामाग्री डंप कर पटाखा बनाने वालों को सप्लाई का काम करता है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसका एक मकान सिगरा में भी है। वहां भी दबिश दी जा रही है। भारी मात्रा में मिला बोरियम, सल्फर और पोटैशियम एसीपी ने बताया - दोनों मकानों से बेरियम, कार्बोनेट, सल्फर, पोटैशियम, चारकोल, पेपर, क्रैकर और अन्य कच्चा माल बरामद हुआ है। यह भी जांच की जा रही है कि इतना ज्यादा विस्फोटक में इस्तेमाल होने वाला सामान घनी आबादी के बीच कैसे लाया गया। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेन्नई से लाता था माल थाना प्रभारी ने बताया - पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि वह यह माल चेन्नई से मंगाता था। जड़ी-बूटियों के साथ इसे डंप करता था और ऊंचे दामों पर पटाखा व्यापारियों को बेचता था। जिससे वो पटाखे का निर्माण करते थे। फिलहाल पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसओजी और पुलिस ने कैंट में की छापेमारी उधर एसओजी और कैंट पुलिस ने कैंट थाना क्षेत्र के कुंजविहार कालोनी में राहुल गुप्ता नामक व्यक्ति के मकान में छापेमारी की है। उसके मकान से 800 पैकट बड़े और छोटे पटाखे मिले हैं। इन पटाखों के भंडारण का लाइसेंस युवक के पास नहीं है। एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक ने बताया - राहुल गुप्ता के गोदाम पर छापेमारी कर पटाखा और उसे बनाने की वस्तु मिली है। ये कुल 20 कुंतल पटाखे हैं। जगमग इंडस्ट्री का मालिक है राहुल पुलिस ने बताया - राहुल की दुकान जगमग इंडस्ट्री के नाम से कर्णघंटा के पास है। इन्होने कीसी भी प्रकार का भंडारण का लाइसेंस नहीं ले रखा था। ना ही फायर एनओसी थी। सीएफओ मौके पर मौजूद हैं और अग्रिम जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर आरके पुरम पुलिस स्टेशन पहुंची है। नेहा को कॉकरोच जनता पार्टी के लहरा दो तिरंगा मार्च के दौरान शुक्रवार शाम 5 बजे मंडी हाउस से कस्टडी में लिया गया था। दिल्ली पुलिस देर रात 12.15 बजे यानी करीब 7 घंटे बाद उन्हें लेकर थाने पहुंची है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नेहा बोरा के वकील की मौजूदगी में पुलिस नेहा को एक बॉन्ड साइन करने के लिए कह रही थी, लेकिन उन्होंने साइन नहीं किया है। इधर नेहा की टीम ने X पर एक पोस्ट में बताया है कि नेहा को रिहा नहीं किया जा रहा है। सुबह मजिस्ट्रेट के सामने उनकी पेशी होगी। इधर, तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी नहीं है। 6 दिनों में दीपके को दूसरी बार कस्टडी में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दीपके को विमान से हिरासत में लिया गया था, अगले दिन छोड़ दिया गया। पुलिस ने 16 अक्टूबर को दीपके समेत करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया है। शाम 5 बजे: नेहा को हिरासत में लिया गया दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर गाइडलाइंस जारी कीं इधर, दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सही तरीके से संभालने और प्रदर्शित करने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं।
सिविल लाइंस क्षेत्र में शुक्रवार को दशहरे का भव्य आयोजन हुआ। शहर के विभिन्न रामदल और आकर्षक चौकियां हाईकोर्ट स्थित हनुमान मंदिर से निकलीं। रामदल दशहरा मार्ग, पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस कॉफी हाउस और सुभाष चौराहे से होते हुए आगे बढ़े। रामदल और चौकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी पहुंचे। पूरे इलाके में उत्सव का माहौल रहा। सजावट और रोशनी से जगमगाया मेला क्षेत्र दशहरे को लेकर सिविल लाइंस में सजावट, रोशनी और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। मेला क्षेत्र में टेंट और लाइटिंग के इंतजाम किए गए। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विभिन्न झूले लगाए गए। वहीं, खाने-पीने के स्टॉल और खरीदारी की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही। रामदल और चौकियों के साथ मेले में घूमने पहुंचे लोगों ने उत्सव का आनंद लिया। सफाई और सुरक्षा के रहे इंतजाम नगर निगम की ओर से मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था की गई। वहीं, पुलिस ने भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और पार्किंग के लिए इंतजाम किए। दशहरे को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सजावटी लाइटें लगाई गई थीं। सिविल लाइंस के गोल चौराहे पर लगने वाले दधिकांदो-दशहरा मेले की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया गया। प्रशासन की ओर से आयोजन के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया।
बिजली के मेंटेनेंस कार्य के चलते उदयपुर शहर के कई इलाकों में 17 अक्टूबर शनिवार को पावर कट रहेगा। इसका प्रभाव करीब 30 से ज्यादा इलाकों में रहेगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। ये एरिया होंगे प्रभावित
करनाल के पुराने बस अड्डे के पीछे रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर लाठी-डंडों और चाकुओं से हमला कर दिया गया। आरोप है कि 8 से 10 युवकों ने उसे कार से बाहर खींचकर बुरी तरह पीटा और तेजधार हथियारों से कई वार किए। गंभीर हालत में उसे पहले करनाल के अमृतधारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। जहां पर कल इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के चाचा की शिकायत पर पांच नामजद आरोपियों और उनके अन्य साथियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। 8 लाख रुपए लेकर ऑस्ट्रेलिया भेजने का दिया था भरोसाशिकायतकर्ता कश्मीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह करनाल की आरके पुरम कॉलोनी की गली नंबर 3 स्थित मकान नंबर 89-बी में रहता है और कपड़े सिलाई का काम करता है। परिवार में छह भाई हैं। उससे छोटा भाई संजीव कुमार है, जिसके इकलौते बेटे लक्ष्य की मां की मौत उस समय हो गई थी, जब लक्ष्य करीब तीन साल का था। इसके बाद लक्ष्य लगभग 10 साल से कश्मीर सिंह के पास रह रहा था। लक्ष्य ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह पढ़ाई के आधार पर रूस चला गया। वहां उसकी जान-पहचान गोस्वामी नाम के एक व्यक्ति से हुई, जो ऊंचा समाना का रहने वाला बताया गया है। बाद में लक्ष्य रूस से गोस्वामी के पास दुबई पहुंच गया। वहां ऑस्ट्रेलिया भेजने को लेकर बातचीत हुई। आरोप है कि लक्ष्य ने ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर गोस्वामी को 4 लाख रुपए नकद और 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके बावजूद उसे ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा गया और वह वापस करनाल आ गया। कश्मीर सिंह के अनुसार, गोस्वामी ने लक्ष्य के रुपए भी वापस नहीं किए। करीब 4-5 दिन पहले लक्ष्य अपने पैसे मांगने के लिए गोस्वामी के पास गया था। चाचा ने उसे समझाया था कि वह किसी से झगड़ा न करे। कार से बाहर खींचकर चाकू और डंडों से हमला कियाकश्मीर सिंह ने बताया कि बीती 14 अक्टूबर को लक्ष्य के दोस्त शिवांक निवासी कलवेड़ी ने उसे फोन कर घटना की जानकारी दी। शिवांक के अनुसार, वह और लक्ष्य पुराना बस अड्डा करनाल के पीछे ब्रेजा कार में बैठे थे। इसी दौरान 8-10 युवक वहां पहुंचे और लक्ष्य को कार से बाहर खींच लिया। आरोप है कि युवकों ने उस पर लाठी-डंडों, चाकुओं और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। घटनास्थल पर भीड़ इकट्ठा होने के बाद आरोपी लक्ष्य को जान से मारने की धमकी देकर हथियारों सहित फरार हो गए। इसके बाद शिवांक ने घायल लक्ष्य को करनाल के अमृतधारा अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर कश्मीर सिंह अपने छोटे भाई संजीव कुमार और अन्य रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचा। वहां उन्होंने लक्ष्य के पेट और हाथों पर चाकुओं व तेजधार हथियारों के घाव देखे। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें थीं। अस्पताल में बताए आरोपियों के नामशिकायत के मुताबिक, अस्पताल में लक्ष्य ने अपने परिजनों को बताया कि उस पर अमन निवासी कमालपुर, सोनू निवासी घरौंडा, आर्यन निवासी बस्ताड़ा, गौतम पंडित और पुनीत निवासी गगसीना सहित 4-5 अन्य युवकों ने हमला किया है। लक्ष्य की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इसके बाद संजीव कुमार और अन्य रिश्तेदार उसे इलाज के लिए मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां उसे भर्ती कराया गया। कल इलाज के दौरान लक्ष्य की मौत हो गई। कश्मीर सिंह ने आरोप लगाया कि नामजद युवकों और उनके साथियों के हमले में आई चोटों के कारण ही उसके भतीजे की जान गई। उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस को पहले भी मिली थी घायल होने की सूचनापुलिस को 14 अक्टूबर को थाने में सूचना मिली थी कि लक्ष्य पुत्र संजीव कुमार निवासी गांव बुच्ची लड़ाई-झगड़े में लगी चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती है। परिजनों से जानकारी लेने पर पता चला कि उसे आगे के इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया है। परिवार ने वहां ले जाने की बात कही थी और बाद में सूचना देने को कहा था। जिसके बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से लक्ष्य के इलाज के संबंध में ऑनलाइन सूचना थाने पहुंची। उस समय परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया। उसी दिन बाद में लक्ष्य की इलाज के दौरान मौत होने की सूचना मिली। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने सिटी थाना में शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों को नामजद किया है। मामले की जांच एएसआई राजेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि फैमिली पेंशन का अधिकार सेवा नियमों से तय होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 372 के तहत उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने की अर्जी पर सुनवाई करने वाली अदालत यह अंतिम रूप से तय नहीं कर सकती कि किसी मृत कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभ पाने का हकदार कौन है। कोर्ट ने कहा ये अधिकार संबंधित सेवा नियमों से तय होते हैं और इन पर फैसला सक्षम प्राधिकारी को लागू नियमों के आधार पर करना होगा, न कि उत्तराधिकार के सामान्य कानून के आधार पर। जस्टिस अनिल कुमार- दशम ने स्पष्ट किया कि मृत व्यक्ति का कानूनी वारिस कौन है और किसी विशेष सेवा लाभ को पाने का हकदार कौन है, ये दोनों अलग-अलग सवाल हैं। कानूनी वारिस होने का निर्धारण उत्तराधिकार कानून के तहत हो सकता है जबकि किसी खास सेवा लाभ का अधिकार उस लाभ पर लागू वैधानिक नियमों के अनुसार तय किया जाएगा। जानिए क्या है मामलामामले में अपीलकर्ता शशि ने उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल रहे दिवंगत सुशील कुमार के विभाग के पास जमा 2,64,521 रुपये में आधे हिस्से के लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र मांगा था। यह रकम पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और अन्य सेवा लाभों से संबंधित थी। शशि का दावा था कि उनकी शादी सुशील कुमार से 16 जून 1994 को हुई और वह तथा सुशील कुमार की मां सोना देवी ही उनके कानूनी वारिस थे। हालांकि, सोना देवी और अन्य लोगों ने इस दावे का विरोध किया। उन्होंने देव सहगल को सुशील कुमार का बेटा बताया, जिसका जन्म मन्नू देवी के साथ उनके संबंध से हुआ। ट्रायल कोर्ट ने शशि को सुशील कुमार की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी माना और कहा कि अलग रहने से पत्नी का यह दर्जा अपने आप समाप्त नहीं हो जाता। पारिवारिक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने देव सहगल को भी सुशील कुमार का बेटा माना। हिंदू विवाह अधिनियम का हवालाहिंदू विवाह अधिनियम की धारा 16 का हवाला देते हुए अदालत ने उसे पिता के सेवा लाभों का हकदार माना था। नाबालिग देव को उसके अभिभावक सोना देवी के माध्यम से फैमिली पेंशन देने का निर्देश दिया गया। वहीं, ग्रेच्युटी, सामान्य भविष्य निधि (GPF) और समूह बीमा की रकम शशि, सोना देवी और नाबालिग के बीच देय मानी गई। हाईकोर्ट में शशि की ओर से दलील दी गई कि नाबालिग देव कानूनी वारिस नहीं है और उत्तर प्रदेश पुलिस असाधारण पेंशन नियम, 1961 के तहत फैमिली पेंशन मृत कर्मचारी की विधवा को मिलनी चाहिए। विपक्ष ने अपनी दलीलें दींदूसरी ओर, प्रतिवादियों ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 16 के तहत अमान्य विवाह से जन्मे बच्चे को वैध संतान का दर्जा मिलता है और उसे अपने पिता के सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन और मृत्यु के बाद मिलने वाले अन्य सेवा लाभ कानून के तहत बनाए गए अलग प्रकार के अधिकार हैं। यह लाभ कर्मचारी की जिंदगी में उसकी निजी संपत्ति का हिस्सा नहीं होते, बल्कि संबंधित नियम यह तय करते हैं कि किसे परिवार का सदस्य माना जाएगा और कौन किसी खास लाभ को पाने का पात्र होगा। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के जोध सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और श्रीमती वायलेट इसाक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामलों का भी उल्लेख किया। इन फैसलों में स्पष्ट किया गया कि फैमिली पेंशन संबंधित नियमों के तहत पात्र व्यक्ति की स्थिति के आधार पर मिलती है, न कि मृत व्यक्ति की संपत्ति के हिस्से के रूप में। हाईकोर्ट ने कहा कि जब नियम बनाने वाले प्राधिकारी ने किसी लाभ के लिए पात्र व्यक्तियों की श्रेणी स्पष्ट रूप से तय की तो उत्तराधिकार के सामान्य कानून का इस्तेमाल करके उस श्रेणी का विस्तार नहीं किया जा सकता। वारिस होने पर किसी विशेष सेवा लाभ नहींइसलिए कोई व्यक्ति मृतक का कानूनी वारिस होने के बावजूद किसी विशेष सेवा लाभ का हकदार न भी हो सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि उत्तराधिकार अधिनियम के भाग 10 के तहत जारी होने वाला उत्तराधिकार प्रमाणपत्र मुख्य रूप से कर्ज और प्रतिभूतियों से संबंधित होता है। इसलिए निचली अदालत पक्षकारों के वारिस होने की स्थिति के आधार पर फैमिली पेंशन और अन्य सेवा लाभों का अंतिम अधिकार तय नहीं कर सकती थी। इसी तरह, देव सहगल का सुशील कुमार का बेटा होना अपने आप उसे सेवा नियमों के विपरीत फैमिली पेंशन पाने का अधिकार नहीं देता। सहारनपुर कोर्ट के आदेश को रद्द कर दियाइन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने अपील स्वीकार की और सहारनपुर के अपर जिला जज, कोर्ट नंबर 10 के 24 सितंबर 2011 के आदेश को उस सीमा तक रद्द किया, जिसमें फैमिली पेंशन और अन्य सेवा लाभों का अंतिम हकदार तय किया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि सक्षम प्राधिकारी सभी पक्षों के दावों पर लागू सेवा नियमों के अनुसार नए सिरे से फैसला करे और निचली अदालत की उन टिप्पणियों से प्रभावित न हो, जिन्हें हाईकोर्ट ने इस संबंध में रद्द किया।
उज्जैन में शुक्रवार रात सिंधी समाज के गरबा महोत्सव में टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता पहुंचीं। धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबीता जी का किरदार निभाने वाली मुनमुन ने गरबे का आनंद लिया और मंच पर थिरकती नजर आईं। मुनमुन दत्ता ने जय महाकाल के जयकारों के साथ लोगों का अभिवादन किया। उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। फैंस उनके साथ सेल्फी और फोटो लेने के लिए मशक्कत करते रहे। मंच पर मुनमुन के साथ गरबे में झूमे लोग पार्क पैलेस में संस्था संरक्षक नारायण यादव एवं महेश परियानी द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव में मुनमुन दत्ता विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने प्रतियोगियों और अन्य संस्थाओं के गरबे देखे। इसके बाद वे खुद भी मंच पर गरबा करती नजर आईं। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से जय महाकाल के जयकारे लगवाए। महोत्सव में युवतियों, पुरुषों और महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पारंपरिक गरबा आराधना के साथ प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही।
जबलपुर में नाबालिग ने डाॅग पर चढ़ाई कार:लोगों ने विरोध किया तो पिता ने धमकाया, पुलिस ने जांच की शुरू
जबलपुर में मुस्काना प्लाजा के पास जेडी कॉलोनी में एक नाबालिग ने कार से स्ट्रीट डॉग को रौंद दिया। घटना में डॉग के चारों पैर टूट गए। शुक्रवार रात घटना की जानकारी मिलने पर डॉग लवर विजय नगर थाने पहुंचे और कार मालिक व उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि घायल डॉग का इलाज कराने के लिए कहने पर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने गाली-गलौज की। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर विजय नगर थाना पुलिस ने फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। डॉग के चारों पैर टूटे जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात 10 बजकर 13 मिनट पर कॉलोनी में रहने वाले भरत सोनी का नाबालिग बेटा कार लेकर अपार्टमेंट के गेट से बाहर निकला। इस दौरान कार की चपेट में आने से स्ट्रीट डॉग गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर डॉग का इलाज कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत का बेटा जब कार अपार्टमेंट से बाहर निकाल रहा था, तब उसे गेट के पास स्ट्रीट डॉग बैठे होने की जानकारी देकर सावधानी से कार निकालने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद यह घटना हो गई। माफी मांगने की जगह लोगों को धमकाया स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद भी भरत सोनी और उनके परिवार वालों ने माफी मांगने के बजाय वहां रहने वाले लोगों को धमकाया और गाली-गलौज की। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। शुक्रवार को विजय नगर थाने पहुंचे स्थानीय लोगों और डॉग लवर ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित पक्ष ने घायल डॉग का इलाज कराने के बजाय विवाद करते हुए गाली-गलौज की। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और छीना-झपटी के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के साथ ही फुटेज भी सौंपे गए विजय नगर थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने भरत सोनी के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। शिकायत के साथ कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे गए हैं। फुटेज और शिकायत के आधार पर जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर शहर की जर्जर और जानलेवा सड़कों पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। अदालत के सामने एनएचएआई (NHAI) और नगर निगम ग्वालियर ने अपनी-अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। एनएचएआई की नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) रिपोर्ट ने जहाँ सड़कों के घटिया निर्माण और बदहाली की पोल खोलकर रख दी, वहीं नगर निगम ने केवल पैचवर्क का ब्योरा देकर कागजी खानापूर्ति करने की कोशिश की। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद NHAI को अपने ठेकेदार की ₹26.53 करोड़ की एन्युइटी राशि रोकनी पड़ी है। एनएचएआई ने यह पूरी रकम केनरा बैंक में 3 महीने के लिए FDR करा दी है। साफ शर्त रखी गई है कि जब तक ग्वालियर बायपास सड़क मानकों पर खरी नहीं उतरती, तब तक कंपनी को एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। NSV रिपोर्ट का सच: 36 KM में गड्ढे और धंसाव 'पुअर' कैटेगरी में हाईकोर्ट में पेश एनएचएआई की लेटेस्ट (मई 2026) सर्वे रिपोर्ट ने सड़क की खस्ताहाली उजागर कर दी है। 36 KM से ज्यादा हिस्से में खतरनाक रफनेस: अनुबंध के अनुसार प्रति किमी रफनेस 2500 मिमी से कम होनी चाहिए, लेकिन 36 किमी से ज्यादा हिस्से में यह सीमा पार हो चुकी है। इससे गाड़ियों को जानलेवा झटके लग रहे हैं। 11 KM में गड्ढे: 11.100 लेन किलोमीटर में गाड़ियों के पहियों के दबाव से 10 मिमी से अधिक गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिन्हें रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर 'खराब' श्रेणी में डाला गया है। 38.4 KM में मध्यम खराबी: 38.400 किलोमीटर में रटिंग 5 से 10 मिमी दर्ज की गई है। याची की ओर से यह रखा गया पक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने कोर्ट में दलील दी कि पुरानी रिपोर्टों से ही ग्वालियर बायपास की गुणवत्ता लगातार घटिया साबित हो रही है, लेकिन मरम्मत केवल कागजों और आंशिक सुधारों तक सीमित रही। इसलिए यह सुधार काफी नहीं है। सड़कों का 'सर्वे रिपोर्ट कार्ड': साल-दर-साल बिगड़ते गए हालात नवंबर 2023 सर्वे: 9.00 लेन किमी हिस्सा तय रफनेस सीमा से बाहर था और डिप्रेशन (धंसाव) 'खराब' श्रेणी में था। मई 2024 सर्वे: रफनेस 7.80 लेन किमी दर्ज हुई और राइड क्वालिटी को 'औसत' बताया गया। मई 2026 सर्वे: स्थिति बेहद विकराल हो गई; 36 किमी से अधिक हिस्से में अत्यधिक रफनेस और 11 किमी में गंभीर गड्ढों की पुष्टि हुई, जिससे तत्काल पुनर्निर्माण/मरम्मत की जरूरत उजागर हुई है। नगर निगम का दावा: 35 दिन में 461 जगह भरा पैचवर्क, कोर्ट में सौंपी तस्वीरें दूसरी ओर शहर की सड़कों को लेकर नगर निगम ने अपनी सफाई में पेंचवर्क की रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी। निगम ने दावा किया कि 7 सितंबर 2026 से 12 अक्टूबर 2026 के बीच 35 दिनों के भीतर शहर में 461 जगहों पर गड्ढे भरे गए हैं। चेतकपुरी, शारदा विहार, श्रीराम कॉलोनी, बसंत विहार, फूलबाग, विवेक विहार, चना कोठार, नया पायगा गूड़ी और जवाहर मार्ग जैसे प्रमुख इलाकों में नाइट व डे शिफ्ट में पैचवर्क किया गया। नगर निगम ने अपने दावों को साबित करने के लिए गड्ढों के नाप-जोख, क्षेत्रफल और 'काम से पहले व बाद' की जीपीएस टैग तस्वीरों का पूरा रिकॉर्ड कोर्ट में जमा किया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भारत में काफी अस्थिरता पैदा कर रहा है। शांतक्का ने दावा किया कि ‘दिमागी नक्सलवाद’ जहरीले विचारों का सबसे खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम है। यह जेन जी का ब्रेनवॉश कर रहा है और महिलाओं के मन में भी अशांति पैदा कर रहा है। शांताकुमारी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को असंवैधानिक बताया और कहा कि प्रदर्शनकारी समाज में रचनात्मक बदलाव नहीं चाहते, बल्कि देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “दिमागी नक्सली देश के सामने मौजूद हैं। नागपुर में 16 अक्टूबर को राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम हुआ, शांताकुमारी इसी सभा को संबोधित कर रही थीं। राष्ट्र सेविका समिति RSS का महिला संगठन है। इसकी प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी को शांताक्का के नाम से भी जाना जाता है। विजयादशमी समारोह की तस्वीरें… जंतर-मंतर प्रदर्शन अराजकता फैला रहे राष्ट्र सेविका समिति संचालक ने कहा, “हमने जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन देखे हैं। हम इन्हें असंवैधानिक प्रदर्शन कह सकते हैं। देश अराजकता का सामना कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य भारत में अस्थिरता पैदा करना और देश की संस्कृति को नष्ट करना है। वे इसी इरादे से यह सब कर रहे हैं। शांताकुमारी ने कहा, “ऐसा नहीं है कि वे समाज में कोई रचनात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। इसके बजाय, वे अस्थिरता पैदा कर रहे हैं और अपने फायदे के लिए जेन जी का इस्तेमाल कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री के भाषण में हुआ था इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पहली बार किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था, “हम जंगलों से सशस्त्र नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल हुए हैं। हालांकि, सशस्त्र नक्सली चले गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सली आसपास मौजूद हैं।” ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा: धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 2 अक्टूबर को कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं हैं। राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा। भागवत ने मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा ग्रुप के 14वें सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया विकास और पर्यावरण सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन खोज रही है। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ के महानगर में चल रही श्री रामलीला के तीसरे दिन शुक्रवार को रामायण के भावुक प्रसंगों का मंचन किया गया। दशरथ-कैकई संवाद से लेकर राम वनगमन, केवट प्रसंग, सुमंत विलाप और दशरथ देहावसान तक के दृश्यों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। मंथरा के कहने पर कैकई कोप भवन में चली जाती हैं। राजा दशरथ के पहुंचने पर वह उन्हें पुराने दो वरदानों की याद दिलाती हैं। कैकई राम को 14 वर्ष के वनवास और भरत को राजगद्दी देने का वर मांगती हैं। यह सुनकर दशरथ व्याकुल हो जाते हैं। वे कैकई से राम को वन न भेजने की गुहार लगाते हैं। मंचन के दौरान भावुक हुए दर्शक मंचन के दौरान दशरथ का संवाद 'अरी तू क्यों मारे है पापिन, मोहे राम हृदय से हैं प्यारे' सुनकर दर्शक भावुक हो उठे। इसके बाद राम पिता के वचन को निभाने के लिए वन जाने को तैयार हो जाते हैं। माता सीता भी उनके साथ चलने का निर्णय लेती हैं। राम के वन जाने की खबर सुनकर लक्ष्मण भी उनके साथ जाने की जिद करते हैं। वे प्रभु की सेवा को अपना धर्म बताते हैं। तीनों के वन प्रस्थान का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। गंगा किनारे पहुंचे राम, सीता और लक्ष्मण से केवट ने प्रभु के चरण पखारने की अनुमति मांगी। भक्ति से भरा संवाद मंचन का प्रमुख आकर्षण केवट के प्रेम और भक्ति से भरा संवाद मंचन का प्रमुख आकर्षण रहा। चरण पखारने के बाद उसने भगवान को नाव से गंगा पार कराया। इसके बाद सुमंत के विलाप और दशरथ के देहावसान का मार्मिक मंचन किया। लीला में राम की भूमिका यशी लोहुमी, लक्ष्मण फाल्गुनी लोहुमी, सीता अनुराधा मिश्रा, दशरथ कुणाल पन्त, कैकई आशा रावत, सुमंत कमल पंत, कौशल्या भारती जोशी कांडपाल और निषादराज/केवट की भूमिका महेंद्र पन्त ने निभाई।
लखनऊ के सीतापुर रोड योजना के सेक्टर-ए में शुक्रवार को पांच दिवसीय रामलीला का शुभारंभ श्रीराम जन्म के प्रसंग हुईं। रामलीला के 34वें मंचन का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भगवान गणेश की आरती कर किया। इसके बाद बेटियों ने श्रीगणेश वंदना पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय कर दिया। पहले दिन कलाकारों ने श्रीराम जन्म, ताड़का वध, धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद जैसे प्रसंगों का मंचन किया। श्रीराम जन्म का प्रसंग देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। कैकेयी के साथ कामेष्टि यज्ञ कराया मंचन में दिखाया गया कि संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ की सलाह पर तीनों रानियों कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी के साथ कामेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ पूर्ण होने पर अग्निदेव प्रकट हुए और दशरथ को प्रसाद का पात्र दिया। राजा ने प्रसाद तीनों रानियों में बांट दिया। समय पूरा होने पर उनके यहां चार पुत्रों का जन्म हुआ। इनके नाम राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न रखे गए। कलाकारों के संवाद ने दर्शकों का मन मोहा इसके बाद रामलीला में ताड़का वध और धनुष यज्ञ का प्रसंग मंचित किया गया। धनुष यज्ञ के दौरान श्रीराम के धनुष तोड़ने के बाद परशुराम के क्रोधित होकर पहुंचने और लक्ष्मण से उनके तीखे संवाद ने दर्शकों का ध्यान खींचा। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के जरिए प्रसंगों को प्रभावी बनाया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में पार्षद मान सिंह यादव, श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार तिवारी, महामंत्री जितेंद्र मिश्रा, संयुक्त मंत्री शांति स्वरूप शुक्ला और निर्देशक उमाशंकर राठौर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रयागराज में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में नए पोलिंग बूथों के पुनर्गठन और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई है। जिले में अब 1200 मतदाताओं के मानक पर नए मतदान केंद्र तय किए जाएंगे। इस संबंध में डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा की गई। साथ ही 23 अक्टूबर तक आपत्ति मांगी गई। विधानसभा चुनाव को पारदर्शी, सुगम और निष्पक्ष कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 16 से 18 अक्टूबर तक जिले भर में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण और नए भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। 1200 मतदाताओं के आधार पर बूथ बनने से मतदान के दिन लंबी कतारों से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी चुनावी प्रक्रिया के तहत आपत्तियों और सुझावों के लिए मतदेय स्थलों के ड्राफ्ट का प्रकाशन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके बाद 23 अक्टूबर तक सभी राजनीतिक दल या आम नागरिक अपने सुझाव व आपत्तियां संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या जिला निर्वाचन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इस पूरी पुनर्गठन प्रक्रिया को 2 नवंबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में एडीएम प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी उपमा पाण्डेय सहित चुनाव से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ के ऐशबाग रामलीला के रामोत्सव-2026 में शुक्रवार को वनवास से लेकर सीता हरण तक के प्रसंगों का मंचन किया गया। श्रीराम, सीता और लक्ष्मण भारद्वाज ऋषि के आश्रम पहुंचे। ऋषि ने उन्हें चित्रकूट जाने का सुझाव दिया। इसके बाद तीनों अत्रि मुनि के आश्रम पहुंचे। यहां देवी अनुसूया ने माता सीता को दिव्य वस्त्र और श्रृंगार सामग्री भेंट की। साथ ही पतिव्रत धर्म की सीख दी। इसके बाद श्रीराम, सीता और लक्ष्मण गोदावरी तट पहुंचे और पंचवटी में रहने लगे। इसी दौरान रावण की बहन सूर्पनखा वहां पहुंची। वह श्रीराम पर मोहित हो गई और उन्हें रिझाने का प्रयास किया। श्रीराम ने एक पत्नीव्रत होने की बात कहकर उसे मना कर दिया। नाराज सूर्पनखा ने सीता पर हमला किया। इस पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी पहुंचा सूर्पनखा रावण के दरबार पहुंची और उसे भड़काया। रावण ने सीता हरण की योजना बनाई और मारीच की मदद ली। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी पहुंचा। सीता ने उसे पाने की इच्छा जताई। श्रीराम मृग के पीछे चले गए। काफी देर तक उनके वापस न आने पर सीता ने लक्ष्मण को खोजने भेजा। लक्ष्मण कुटिया के बाहर सुरक्षा रेखा खींचकर चले गए। मौका पाकर रावण साधु के वेश में पहुंचा। उसने सीता को लक्ष्मण रेखा पार करने के लिए विवश किया और उनका हरण कर लिया। रास्ते में जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया, लेकिन घायल होकर गिर पड़े। जटायु ने सीता हरण की जानकारी दी सीता की तलाश में निकले श्रीराम की मुलाकात जटायु से हुई। जटायु ने उन्हें सीता हरण की जानकारी दी और प्राण त्याग दिए। श्रीराम ने उनका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद रावण सीता को लंका की अशोक वाटिका ले गया। राक्षसियों की निगरानी में बैठी सीता और मंदोदरी के भावनात्मक संवाद के साथ लीला का समापन हुआ। मंचन से पहले घुंघरू नृत्य संगम डांस एकेडमी के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। प्रिया चंद्र के निर्देशन में कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया।
आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में प्रयागराज के अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। शिकायतों के निस्तारण के बाद जब आवेदकों से प्रतिक्रिया ली गई तो 14 जिला स्तरीय अफसरों के निगेटिव फीडबैक' सामने आया। इस पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नाराजगी जताई है और सुधार लाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को प्रयागराज के एनआईसी (NIC) सभागार में आयोजित आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में फीडबैक का आंकड़ा सामने रखा गया। समीक्षा में पाया गया कि कई विभागों में शिकायतों को बिना शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए ही कागजों में 'निस्तारित' दर्ज कर दिया गया था। आवेदकों से जब क्रॉस-चेक किया गया तो उन्होंने निस्तारण से असंतोष जताया, जिससे जिले की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इसमें खनन, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, जिला पंचायत, स्वास्थ्य, परिवहन जैसे जनसरोकार से सीधे जुड़े महकमों में असंतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत सबसे अधिक पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर खानापूरी या अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निस्तारण से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता अनिवार्यडीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल फाइलों या पोर्टल तक सीमित न रहे। निस्तारण की आख्या लगाने से पहले जिम्मेदार अधिकारी शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से खुद वार्ता करेंगे और मौके पर जाकर समस्या का व्यावहारिक समाधान कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण के बाद इसकी रैंडम क्रॉस-चेकिंग कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट है या नहीं। इन अफसरों का है निगेटिव फीडबैकपीडब्ल्यूडी निर्माण खण्ड तृतीय, चतुर्थ और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता, खनन अधिकारी, प्रभागीय वन अधिकारी (DFO), अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत सेल), एआरटीओ प्रवर्तन, जल निगम के अधिशासी अभियंता, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता), सहायक श्रमायुक्त / श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सीएमओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन और रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का फीडबैक निगेटिव रहा।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखनऊ विश्वविद्यालय के दो एसोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्तियां रद्द करने के कुलाधिपति के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विषय में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित विशेष अर्हताओं को ही प्रभावी माना जाएगा। सामान्य पात्रता की शर्तों के आधार पर विशेष प्रावधानों को निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने दोनों शिक्षकों के चयन को वैध ठहराते हुए उन्हें नियुक्ति से जुड़े सभी परिणामी लाभ देने का निर्देश दिया है। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में हुई थी नियुक्ति न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने डॉ. हिमांशु मोहन और डॉ. संगीता साहू की अलग-अलग याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। दोनों की नियुक्ति लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुई थी। हालांकि, नियुक्तियों के खिलाफ शिकायत के बाद कुलाधिपति ने 27 नवंबर 2017 को उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा 68के तहत इन्हें निरस्त कर दिया था। दोनों नियुक्तियों को डॉ. ऋतु नारंग ने चुनौती दी थी। शिकायत में कहा गया था कि चयनित अभ्यर्थियों ने शोधार्थियों और डॉक्टरेट विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए थे। यह शर्त विश्वविद्यालय की प्रथम परिनियमावली के सामान्य प्रावधानों में शामिल थी। इसी आधार पर कुलाधिपति ने नियुक्तियां रद्द करने का निर्णय लिया था। संबंधित विषय के विशेष प्रावधान लागू होंगे हाईकोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार ने तीन दिसंबर 2013 को विश्वविद्यालय की प्रथम परिनियमावली में यूजीसी के वर्ष 2010 के विनियमों को शामिल किया था। इसके तहत परिनियम 11.03.04 (जी) में प्रबंधन एवं बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विषय के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विशेष अर्हताएं निर्धारित की गई थीं। अदालत ने कहा कि बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग वाणिज्य संकाय के अंतर्गत होने के बावजूद नियुक्तियों पर संबंधित विषय के विशेष प्रावधान लागू होंगे। जब चयन समिति ने इन्हीं विशेष प्रावधानों के तहत चयन किया और संबंधित दस्तावेज मांगे ही नहीं, तो केवल प्रमाण प्रस्तुत नहीं करने के आधार पर नियुक्तियों को अवैध नहीं ठहराया जा सकता। खंडपीठ ने दोनों याचिकाओं को स्वीकार करते हुए नियुक्तियां रद्द करने का आदेश निरस्त कर दिया। साथ ही, दोनों शिक्षकों को उनकी नियुक्तियों से जुड़े सभी परिणामी लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया।
प्यार में अड़चन बन रहा था भतीजा:ताई ने प्रेमी से हत्या करने का अपहरण करवाया, खुद ही पुलिस को सूचना दी
आगरा में ताई ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर भतीजे को मारने की साजिश रची। प्रेमी ने भतीजे का अपहरण किया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ आया। ताई ने ही थाने में जाकर बच्चे के अपहरण होने की बात भी बताई। पुलिस ने 14 घंटे में बच्चे को बरामद कर लिया। आरोपी को पकड़ने पर साजिश का खुलासा हुआ। आगरा स्थित जगदीशपुरा के बोदला क्षेत्र के राहुल नगर निवासी महिला ने गुरुवार सुबह थाना पुलिस को शिकायत की। बताया कि उनका देवर शराब के नशे का आदी है। देवरानी दो वर्ष पहले चली गई है। उनके चार और पांच साल के दो मासूम बच्चों का दो साल से वहीं पालन-पोषण कर रही है। सुबह घर के बाहर खेलते समय चार वर्ष का कालू लापता हो गया है। बच्चे का दिनदहाड़े अपहरण होने का शक जताने पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी में राहुल नगर का साबिर नामक युवक बच्चे से बात कर उसे इशारे से बुलाता दिखा। पुलिस ने उसे ढूंढा और सख्ती से पूछताछ की। आरोपी ने बालक को मलपुरा के जंगलों में छोड़ कर आने की जानकारी दी। पुलिस टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया और बालक को सकुशल बरामद किया। ताई ने ही रची थी साजिशपुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि बच्चे की ताई से उसके प्रेम संबंध हैं। उसका पति और देवर दोनों शराबी हैं। कुछ समय से महिला से उसकी करीबी दोस्ती हो गई। वह मजदूरी करता था और महिला का हर तरह से ख्याल रखता था। महिला से निकाह कर अपनी दुनिया बसाना चाहता था। महिला ने बच्चों को ऐसे छोड़कर जाने पर अपनी बदनामी का हवाला देकर साथ भागने से मना कर दिया। हिम्मत टूटी तो जंगल में छोडा इसके बाद दोनों ने बच्चों को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वह बहाने से एक बच्चे को लेकर गया। बच्चे के साथ कुछ गलत करने की उसकी हिम्मत नहीं हुई। इसलिए बच्चे को जंगल में छोड़ आया। महिला को गुमशुदगी दर्ज कराने भेजा ताकि किसी को शक नहीं हो। बच्चे के बरामद होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि बच्चे के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। मां नहीं ले जाती तो दूसरे को भी उठाते पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उम्मीद थी कि एक बच्चे के जाने के बाद उनकी मां दूसरे को साथ ले जाएगी। ऐसा नहीं होता तो दूसरे को भी इसी तरह कहीं और छोड़ आने की योजना थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला पूर्ति अधिकारी ब्रिजेश कुमार शुक्ला के मुरादाबाद से श्रावस्ती किए गए तबादले पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने यह अंतरिम आदेश दिया। याची के अधिवक्ता दुर्गा शंकर शुक्ला के अनुसार, ब्रिजेश कुमार शुक्ला का 15 जून 2026 के आदेश से हमीरपुर से मुरादाबाद तबादला हुआ था। उन्होंने 30 जून 2026 को मुरादाबाद में कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन जिलाधिकारी ने उनके चार्ज सर्टिफिकेट पर प्रतिहस्ताक्षर नहीं किए। इस पर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने पूछा कि जिलाधिकारी ज्वाइनिंग पर प्रतिहस्ताक्षर क्यों नहीं कर रहे।नाराज जिलाधिकारी ने तय तारीख (13 जुलाई) से ठीक एक दिन पहले, 12 जुलाई 2026 को याची को मुरादाबाद से श्रावस्ती भेजने का आदेश जारी कर दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मेरठ महानगर ने शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। ‘अराजकता रोको-लोकतंत्र अपनाओ’ के नारे के साथ कार्यकर्ताओं ने छात्रहितों की रक्षा और विश्वविद्यालय में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने की मांग उठाई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उन्हें उठाने के लिए सही माहौल होना चाहिए। छात्रहितों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का मौका मिलना चाहिए। साथ ही, किसी भी विवाद के कारण पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई करने की जगह नहीं है, बल्कि यहां विद्यार्थियों का व्यक्तित्व भी विकसित होता है। इसलिए परिसर में अनुशासन, आपसी सम्मान और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान होना जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि टकराव के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय में सकारात्मक माहौल बना रहे। एबीवीपी ने छात्र-छात्राओं से भी छात्रहितों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। प्रदर्शन में ध्रुव गोस्वामी, आर्यन प्रजापति, अंजलि मिश्रा, मोहित तोमर, अनुज बैसला, सुरेश राणा, हर्ष पुंडीर, अपूर्व, रुद्र, उज्ज्वल, आर्यन, उदय और शिवम मौजूद रहे।
बच्चे की कस्टडी दादी को नहीं मां को दी:हाईकोर्ट ने कहा- 6 साल का बच्चा मां से दूर नहीं रह सकता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कम उम्र के ऐसे बच्चे, जिसे लंबे समय तक उसकी मां से दूर रखा गया हो, उसकी पसंद को अभिरक्षा तय करने का निर्णायक आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि छह साल का बच्चा अपने भावनात्मक और शारीरिक हितों को समझते हुए स्वतंत्र रूप से उचित निर्णय लेने में सक्षम नहीं होता। केवल इसलिए कि दादी ने बच्चे की देखभाल की है, उन्हें मां से बेहतर अभिरक्षा का अधिकार नहीं मिल जाता। जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने आगरा की फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए बच्चे की अभिरक्षा तत्काल उसकी मां को सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही, दादी को बच्चे से मिलने का अधिकार भी दिया गया। जानिये क्या है मामलामामले के अनुसार महिला के पति की वर्ष 2020 में मृत्यु हो गई। उस समय उनका बेटा महज आठ महीने का था। महिला का आरोप था कि बीमा दावा दिलाने के बहाने उससे एक खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए गए और बाद में उसका इस्तेमाल एक कथित फर्जी समझौता तैयार करने में किया गया। इस समझौते के जरिए बच्चे को उसकी दादी के पास रखने की बात कही गई। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे अपने बेटे से मिलने तक नहीं दिया गया। महिला ने बच्चे की अभिरक्षा पाने के लिए संरक्षक एवं प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890 की धाराओं 7 और 25 के तहत फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने उसकी याचिका खारिज की। इसके बाद महिला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। दादी ने कहा मां ने बच्चे को छोड़ दिया थादादी की ओर से दलील दी गई कि मां ने बच्चे को छोड़ दिया था और अब बच्चा उनके साथ रहने का आदी हो चुका है। उन्होंने बच्चे के बयान, कथित समझौते और पिता की वसीयत का भी हवाला दिया, जिसमें दादी को संरक्षक बनाने की बात कही गई। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चे के हितों का निर्धारण केवल उसके बयान के आधार पर नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस आशंका को भी महत्वपूर्ण माना कि मां से लंबे समय तक दूर रखे जाने के कारण बच्चे को प्रभावित किया गया हो सकता है। 6 साल के बच्चे से मां से मिलने नहीं दियापीठ ने कहा, “छह साल की कम उम्र के बच्चे को उसकी मां से मिलने के अवसर से वंचित रखा गया। ऐसे में उसके बयान के आधार पर उसके कल्याण का निर्णय नहीं किया जा सकता। इस उम्र में बच्चा अपने भावनात्मक और शारीरिक हितों के बारे में समझदारी भरी पसंद तय करने में सक्षम नहीं होता।” अदालत ने कहा कि मां और बच्चे के बीच प्राकृतिक संबंध का विशेष महत्व है। बच्चे को उसकी मां से अलग रखना, विशेष रूप से इतनी कम उम्र में, उसे अपने माता-पिता को जानने के स्वाभाविक अधिकार से वंचित करने जैसा है। मां ने कोर्ट आने में देरी नहीं कीपीठ ने यह भी गौर किया कि मां ने बच्चे की अभिरक्षा से वंचित होने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाने में अनावश्यक देरी नहीं की थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले गीता हरिहरन बनाम भारतीय रिजर्व बैंक का उल्लेख करते हुए कहा कि पिता की मृत्यु के बाद मां बच्चे की प्राकृतिक संरक्षक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कथित समझौते या वसीयत से अधिक महत्वपूर्ण बच्चे का कल्याण है, जो अभिरक्षा के मामलों में सर्वोपरि होता है। पीठ ने यह भी कहा कि बच्चे की दादी के साथ रहने की इच्छा को इस तथ्य से अलग करके नहीं देखा जा सकता कि उसे लंबे समय से मां से मिलने नहीं दिया गया। कोर्ट ने फैसलों का हवाला दियाअदालत ने पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कम उम्र के बच्चे हमेशा अभिरक्षा के मामले में अपनी स्वतंत्र और समझदारी भरी पसंद व्यक्त करने में सक्षम नहीं होते। आर्थिक स्थिति पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि दोनों पक्षों की वित्तीय परिस्थितियों में ऐसा कोई असंतुलन नहीं था, जिसके आधार पर मां को बच्चे की अभिरक्षा से वंचित किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कम आय या आर्थिक निर्भरता के आधार पर मां के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पारिवारिक अदालत का फैसला रद्द कर दिया और बच्चे की अभिरक्षा तत्काल उसकी मां को सौंपने का आदेश दिया। साथ ही, दादी को बच्चे से मिलने का अधिकार प्रदान किया। इसके साथ ही मां की अपील स्वीकार कर ली गई।
मेरठ में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे लोगों और पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। 17 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के तहत 17 और 24 अक्टूबर को हर मतदान केंद्र पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यहां सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहेंगे। पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने पात्र नागरिकों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से छूटे पात्र लोगों और नए मतदाताओं का पंजीकरण करना है। हर बूथ पर बनेगी हेल्प डेस्क विशेष कैंपों में बीएलओ के पास 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली और उसके बाद जारी सभी पूरक सूचियां उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। यहां मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी लेने और आवेदन भरने में मदद मिलेगी। जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने से पहले जरूरी विवरण और दस्तावेज सही तरीके से भरना जरूरी होगा। नया वोटर बनने के लिए ये दस्तावेज ले जाएं मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के इच्छुक लोगों को अपनी नवीनतम तस्वीर और जन्मतिथि व निवास से संबंधित अभिलेखों की स्वप्रमाणित छायाप्रति साथ ले जानी होगी। परिवार के किसी सदस्य का मतदाता पहचान पत्र संख्या उपलब्ध होने पर उसे भी साथ रखना उपयोगी होगा। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरकर संबंधित बीएलओ को जमा करना होगा। आवेदन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका सत्यापन किया जाएगा। 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शुक्रवार को पर्यटन भवन स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी गई। डीएम के मुताबिक, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी की जाएगी। एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी। इस पर 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी। मतदान स्थलों का होगा भौतिक सत्यापन मतदान स्थलों के भौतिक सत्यापन और नए मतदान केंद्रों के लिए भवन चिह्नित करने का काम 16 से 18 अक्टूबर तक किया जाएगा। मतदान स्थलों की प्रारूप सूची 19 अक्टूबर को जारी होगी, जबकि अंतिम सूची 26 अक्टूबर तक तैयार की जाएगी। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से समय पर सुझाव और आपत्तियां देने की अपील की। उन्होंने पात्र युवाओं और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से छूटे लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। साथ ही मतदाता सूची से जुड़ी अपुष्ट सूचनाएं और अफवाहें नहीं फैलाने तथा केवल आधिकारिक जानकारी साझा करने की अपील की।
लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में अब पाइल्स, फिशर और फिस्टुला समेत कई बीमारियों का इलाज लेजर तकनीक से होगा। शुक्रवार को अस्पताल में नई लेजोट्रॉनिक्स लेजर मशीन से ऑपरेशन और इलाज की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान मरीजों के ऑपरेशन भी किए गए। मशीन इंडिया प्रेस्टीसाइड्स लिमिटेड के निदेशक विश्वास स्वरूप अग्रवाल ने सीएसआर फंड से उपलब्ध कराई है। नसों से जुड़ी बीमारियों के इलाज की जानकारी दी अस्पताल के निदेशक डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि नई दिल्ली के लेजर प्रोक्टोलॉजिस्ट डॉ. एएस चिलाना और वास्कुलर सर्जन डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी। इसमें बवासीर, फिशर, फिस्टुला, पाइलोनाइडल साइनस और नसों से जुड़ी बीमारियों के इलाज की जानकारी दी गई। 10 से 30 मिनट में हो सकता है ऑपरेशन वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लेजर सर्जरी से रक्तस्राव और दर्द कम हो सकता है। इससे मरीज को अस्पताल में कम समय रुकना पड़ सकता है। कुछ प्रक्रियाओं में 10 से 30 मिनट लगते हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार उसी दिन छुट्टी भी दी जा सकती है। कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय वर्मा, डॉ. राजेश कुमार और डॉ. अमित मिश्रा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी घटने लगा है, लेकिन गंदगी से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में उल्टी-दस्त और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। मामा कॉलोनी, नया दाऊदनगर, कृष्णलोक नगर, मिल्लतनगर और श्याम विहार में सड़क से घरों तक कीचड़ और कचरा जमा है। बदबू के बीच रहना मुश्किल हो रहा है। संक्रमण के डर से कई परिवार अब भी घरों में लौटने से बच रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को लखनऊ में डेंगू के 16 नए मरीज मिले। 130 घरों पर हुआ सर्वे स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में मरीजों की पहचान और इलाज के लिए टीमें लगाई हैं। शुक्रवार को नया दाऊदनगर, कृष्णलोक नगर, मिल्लतनगर और श्याम विहार में 130 घरों का सर्वे किया गया। टीम ने लोगों को जरूरी दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट बांटे। साथ ही साफ-सफाई और बीमारियों से बचाव के तरीके बताए। मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 57 लोगों को दिया इलाज प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आसमा, आशा और एएनएम की टीम ने घर-घर जाकर लोगों की सेहत की जानकारी ली। नया दाऊदनगर में मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 57 लोगों को चिकित्सा सुविधा दी। प्रभावित इलाके में 108 एंबुलेंस की 24 घंटे तैनाती की गई है। शुक्रवार को मिले 16 डेंगू मरीजों में इंदिरानगर के 5, अलीगंज के 4, टुड़ियागंज और चंदरनगर के 2-2, जबकि चिनहट, सिल्वर जुबली और इटौंजा के 1-1 मरीज शामिल हैं। कूलर और टायर में पानी जमा न होने दें स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। कूलर का पानी हर सप्ताह बदलें। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें। पुराने टायर, कबाड़ और फूलदान में पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाएं और पूरी बांह के कपड़े पहनें। बुखार आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं। मौसमी बीमारियों से जुड़ी जानकारी और मदद के लिए CMO कार्यालय के कंट्रोल रूम नंबर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर रेस कोर्स रोड स्थित सांची वीनस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ‘देसी मसाला’ रेस्टोरेंट का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए पहले सुधार सूचना पत्र जारी किया था। निर्धारित समय में कमियों का संतोषजनक निराकरण नहीं होने और जवाब में भी खामियां मिलने पर 15 अक्टूबर को पंजीयन निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि में रेस्टोरेंट में खाद्य कारोबार नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने 15 और 16 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। मानपुर में किराना दुकानों, गणेश नगर में दुग्ध डेयरियों और नौलखा में मेवा प्रतिष्ठान से कुल 17 नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी से भी पांच नमूने लिए गए। मानपुर में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से 25 खाद्य नमूनों की मौके पर त्वरित जांच की गई। कार्रवाई की खास बातें… खुले में मसाले बेचने पर व्यापारियों को निर्देश मानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कुछ किराना दुकानों पर धनिया, मिर्च और हल्दी खुले में बिकते मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पैक्ड सामग्री बेचने के निर्देश दिए। सुरेश चंद एवं ब्रदर्स किराना दुकान से नमकीन, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और गुलाब जामुन मिक्स के चार नमूने लिए गए। माहेश्वरी किराना से गुलाब जामुन मिक्स, खड़ा मसाला, चाय और अजवाइन के चार नमूने लिए गए। राजेश किराना, सदर बाजार मानपुर से घी और स्वामीनारायण आटे के दो नमूने संग्रहित किए गए। दूध, घी-पनीर और मेवों की भी होगी जांच गणेश नगर की सांवरिया डेयरी से दूध, घी और पनीर के नमूने लिए गए। श्री डेयरी से घी और कृष्णा डेयरी से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया। नौलखा स्थित नेचुरल मेवा से बादाम और काजू के नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, मानपुर, गणेश नगर और नौलखा से लिए गए कुल 17 नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फूड कोर्ट में सफाई की कमी, पांच नमूने लिए ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी का निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सफाई संबंधी कमियां मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रतिष्ठान से पांच खाद्य नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
गरबा REELS:बॉलीवुड हिरोइनों के निभाए गए खास किरदारों को गरबा में दिखाने की कोशिश
गरबा में एन एरा ऑफ एलिगेंस ग्रुप की सदस्यों ने बॉलीवुड का गोल्डन एरा पेश किया है। 1940 से लेकर 1980 तक के खास किरदारों को दिखाने की कोशिश की। संचिता शोले की बसंती और स्नेहा जैन मधुबाला बनकर आईं। पिंकी गोयल उमराव जान, मेधा सेठी वैजयंतीमाला, श्रद्धा कटारिया पाकीजा की मीना कुमारी, नेहा जैन फिल्म मेरा साया की साधना और कविता लम्हे फिल्म की श्रीदेवी बनकर गरबा करती नजर आईं। सुनीता शर्मा माता रानी का रूप धारण कर अभिव्यक्ति गरबा पहुंचीं। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
गरबा REELS:कमल का फूल बनकर आई युवती, कागज से तैयार किया कॉस्ट्यूम
अभिव्यक्ति गरबा में महक मंगलानी कमल का फूल बनकर आईं। उन्होंने कागज से कमल का कॉस्ट्यूम तैयार किया। इसे बनाने में 12 दिन का समय लगा और करीब 22 हजार रुपए खर्च हुए। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
भिलाई में बैटरी और जेवर चोरी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैटरी चोरी के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 19 बैटरियां बरामद की हैं। इनकी कीमत करीब 2 लाख रुपए है। वहीं, नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में रिश्तेदार के घर से जेवर चोरी करने वाले युवक को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 60 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। चोरी की बैटरियां बेचने के लिए तलाश रहे थे ग्राहक बैटरी चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध चोरी की बैटरियां बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। जांच में मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी मिली। आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने कुल 19 बैटरियां बरामद कीं। इनकी कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने चोरी की वारदात में इस्तेमाल स्कूटी क्रमांक CG 07 CJ 1689 और मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 BD 0749 भी जब्त की है। बैटरी चोरी के मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में वेदप्रकाश शुक्ला उर्फ मुलायम (28), आदर्श सिंह (28), जसबीर सिंह (52), अरविन्द सोनकर उर्फ बाहूबली (26), लुकेश कुमार ओगरे (28) और विकास (30) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी भिलाई और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। वेदप्रकाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है। पुलिस ने सभी आरोपियों को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। रिश्तेदार के घर से चुराए सोने-चांदी के जेवर चोरी की दूसरी घटना नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम रवेलीडीह की है। यहां 14 और 15 अक्टूबर की दरमियानी रात रूबिना बेगम के घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए थे। उन्होंने 15 अक्टूबर को थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही, साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर चोर की तलाश शुरू की। 20 वर्षीय रिश्तेदार के पास मिले जेवर जांच के दौरान रूबिना बेगम के रिश्तेदार सोहेल अली (20), निवासी गौरव नगर, वार्ड क्रमांक 03, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के सभी जेवर बरामद कर लिए गए। इनकी कीमत करीब 60 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सोहेल अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया। दोनों मामलों में चोरी का सामान बरामद बैटरी चोरी के मामले में पुलिस ने 19 बैटरियों के साथ एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। वहीं, जेवर चोरी के मामले में सोने-चांदी के सभी जेवर बरामद कर लिए गए हैं। दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आगरा में शनिवार रात तेज रफ्तार DCM ने 3 लड़कियों को रौंद दिया। हादसे में कोल्ड स्टोरेज मैनेजर की 22 साल की बेटी की मौत हो गई। जबकि, 2 लड़कियां घायल हुई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा 9:10 बजे हुआ। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के कालिंदी विहार में 4 लड़कियां सड़क किनारे टहल रही थीं। तभी पीछे से आए बेकाबू DCM ने चारों को टक्कर मार दी। मैनेजर की छोटी बेटी दूर जा गिरी। लेकिन बड़ी बेटी DCM के अगले बंफर में फंस गई। वह करीब 25 फीट तक घिसटती चली गई। आगे जाकर DCM ड्राइवर ने दूसरी गाड़ी को भी टक्कर मार दी। राहगीरों के शोर मचाने पर ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागने लगा। लोगों ने दौड़ाकर उसे पकड़ा और पिटाई कर दी। पुलिस ने तीन घायल लड़कियों को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मैनेजर की बड़ी बेटी को मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है। वह नशे की हालत में था। घटना का CCTV सामने आया है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला कालिंदी विहार के H-ब्लाक में रहने वाले मनमोहन सिंह प्रकाश कोल्ड स्टोरेज में मैनेजर हैं। कैला देवी मंदिर के सामने खुशबू जुरैल (22) अपनी बहन भूमि (18), पड़ोसी शिखा कुशवाह के साथ अपनी सहेली निशा चौधरी (20) निवासी गोविंद कॉलोनी को छोड़ने आई थीं। सभी सड़क किनारे पैदल चल रही थीं। तभी तेज रफ्तार डीसीएम आई। दो लड़कियां दूर जाकर गिरीं डीसीएम ने तीन लड़कियों को चपेट में ले लिया। खुशबू डीसीएम के साथ घिसटती गई। जबकि, शिखा और निशा टक्कर से दूर जाकर गिरीं। इसके बाद डीसीएम दूसरे वाहन से टकरा गई। हादसे के बात चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने ड्राइवर को पकड़ लिया। राहगीर तीनों घायल लड़कियों को तुरंत पास के चौहान हॉस्पिटल ले गए। जहां गंभीर हालत होने पर उसे हरिपर्वत के अतुल हॉस्पिटल रेफर कर दिया। रास्ते में खुशबू की मौत हो गई। बाकी दोनों लड़कियों का इलाज चल रहा है। बहन बोली- हम लोग टहल रहे थे, पीछे से टक्कर मारी खुशबू की बहन भूमि ने बताया- हम लोग आईसीसी स्कूल के सामने टहल रहे थे। तभी पीछे से डीसीएम वाले ने हम लोगों टक्कर मार दी। मेरी दीदी के साथ निशा और शिखा दीदी थी। मैं तो साइड हट गई, मेरे चोट नहीं लगी। मेरी खुशबू दीदी डीसीएम में फंस गई। मौके पर एक भैया थे। उन्होंने हमारी बहन को निकाला। उन्होंने ही सभी को अस्पताल पहुंचाया। मेरी बहन की मौत हो गई है। वह एमकाम कर रही थीं। शराब के नशे में था ड्राइवरदिनेश ने बताया- मेरे घर के पास में हादसा हुआ है। मैं दुकान पर बैठा था। तभी सूचना मिली कि कॉलोनी की तीन बच्चियों को एक गाड़ी वाले ने टक्कर मार दी है। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने गाड़ी के ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है, और गाड़ी भी पुलिस के पास है। लोगों ने ड्राइवर की पिटाई भी की है। डीसीएम का ड्राइवर शराब के नशे में था। हादसे की जगह से करीब 500 मीटर पहले देशी शराब का ठेका है। डीसीएम उसी तरफ से आई थी। उसकी रफ्तार बहुत तेज थी। ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा,जिसके चलते ही सड़क किनारे टहल रही लड़कियों को रौंद दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। ट्रांस यमुना थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार ने बताया- चार लड़कियां टहलने के लिए कालिंदी विहार आई थीं। तभी पीछे से आ रही डीसीएम ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। एक लड़की की मौत हो गई। जबकि, 2 घायल लड़कियों का इलाज चल रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। डीसीएम समेत ड्राइवर को पकड़ लिया गया है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें होमगार्ड भर्ती में वसूली, 2 डॉक्टर समेत 3 हिरासत में:कानपुर में टेढ़ी नाक और कमजोर आंख बताकर अनफिट करने का आरोप कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल टेस्ट में वसूली को लेकर गुरुवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों ने मेडिकल में अनफिट करने का डर दिखाकर रुपए मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस लाइन में एक डॉक्टर की कार में बैठे युवक अजीत को पीट दिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूरी खबर पढे़ें
ग्वालियर में एक सूदखोर की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने उसकी गर्दन पर 5 और सिर पर 2 वार किए। मृतक की पहचान पुरुषोत्तम गुर्जर (35) के रूप में हुई है। वह ब्याज पर पैसे देने का काम करता था। वारदात 14 अक्टूबर झांसी रोड थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने शुक्रवार को मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक के ही गांव के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी 20% ब्याज और रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना से परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने पुरुषोत्तम की हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने शीतला माता मंदिर जाकर बाकायदा प्रण लिया था। इसके बाद वे माता की माला पहनकर घटनास्थल पर पहुंचे और पुरुषोत्तम की हत्या कर दी। घटनास्थल पर गेंदे के फूल भी मिले थे, जिनके आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। स्पॉट पर मिले गेंदे के फूल से सुलझी कत्ल की गुत्थी ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के केदारपुर के पास छोटी मढ़ैया में 14 अक्टूबर की सुबह भागीरथ गुर्जर के खेत में पुरुषोत्तम गुर्जर का खून से लथपथ शव मिला था। उसकी गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे। पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची तो घटनास्थल के पास एक चबूतरे पर गेंदे के फूल मिले। शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात से पहले आरोपी शीतला माता मंदिर गए थे। वहां पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने पुरुषोत्तम की हत्या करने की अनुमति मांगी। इसके बाद वे मंदिर से माला पहनकर घटनास्थल पर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। 3 दिन पहले चबूतरे पर बनी थी मर्डर की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया कि छोटी मढ़ैया गांव के रहने वाले रमन गुर्जर, राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल और विजय उर्फ खैरी ने पुरुषोत्तम से 20% ब्याज पर 10 लाख रुपए उधार लिए थे। पुलिस के मुताबिक, पुरुषोत्तम उनसे रोज पैसे मांगता था और लगातार दबाव बना रहा था। वह गांव में लोगों के सामने उन्हें बेइज्जत भी करता था। इससे परेशान होकर चारों ने हत्या से तीन दिन पहले गांव के चबूतरे पर बैठकर पुरुषोत्तम की हत्या की साजिश रची थी। पत्नी मायके गई, इधर बना लिया शिकार 13 अक्टूबर की रात पुरुषोत्तम की पत्नी अपने भाई के एक्सीडेंट की खबर मिलने पर मायके पृथ्वीपुरा गई हुई थी। घर पर पुरुषोत्तम अकेला था और बाहर सो रहा था। रात करीब 11 बजे आरोपी रमन गुर्जर ने उसे नींद से जगाया और कहा, “चलो, ब्याज के पैसों का हिसाब कर लेते हैं। पैसे दे देता हूं।” आरोपियों की बातों में आकर पुरुषोत्तम घर के पास स्थित भागीरथ के खेत में उनके साथ चला गया। वहां बातचीत के दौरान चारों ने अचानक उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोप है कि चारों ने बारी-बारी से उसकी गर्दन पर वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। ऐसे समझिए पूरा मामला बुधवार (14 अक्टूबर) की सुबह 8 बजे के लगभग केदारपुर छोटी मढैया गांव निवासी 35 वर्षीय पुरुषोत्तम गुर्जर का शव पड़ा मिला था। घटना स्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच की थी। प्रारंभिक पड़ताल में ही गर्दन पर पांच व सिर पर दो घाव की पुष्टि हो गई। इतनी बेरहमी से हत्या बता रही थी कि हत्या आरोपियों के दिल में मृतक के लिए बहुत नफरत थी। मृतक की जेब से लेनदेन की एक पर्ची मिली थी, जिसके बाद यह साफ हो गया था कि हत्या की वजह लेनदेन ही है। जब पुलिस ने संदेहियों की लिस्ट तलाशी तो यह चार नाम भी मिल गए थे, जिनको खंगाला तो पूरी कहानी सामने आ गई। SSP बोले- 5 टीमों ने जुटाए साक्ष्य ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए ASP डॉ. शिवेश सिंह बघेल के निर्देशन में CSP रवि भदौरिया की 5 टीमों ने 72 घंटे के भीतर तकनीकी साक्ष्य जुटाकर पर्दाफाश किया है।
सीकर के रानी सती गार्डन में आज से दैनिक भास्कर गरबा महोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। गुजराती पारंपरिक ड्रेस पहनकर लोग गरबा और डांडिया की धुन पर जमकर थिरके। महोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में गरबा की मस्ती और रंगारंग प्रस्तुतियों का माहौल बना रहेगा। देखिए कार्यक्रम के फोटोज… 18 अक्तूबर तक रोजाना शाम 7 बजे से होगा महोत्सव शुरू 16 अक्टूबर से 18 अक्तूबर तक रोजाना शाम 7 बजे से महोत्सव शुरू होगा। आज पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत सीकर के ASP डॉ तेजपाल सिंह, सीओ सिटी नवनीत कौर, उद्योग नगर थाना SHO राजेश कुमार बुडानिया, अमित चिरानियां ने की। कार्यक्रम को होस्ट एंकर चुलबुली चारु ने किया। यह रहे सहयोगी पार्टनर्स रजनीगंधा,पास- पास पल्स,कोका-कोला, केशव रियल एस्टेट,ओम टोयोटा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया,पंजाब नेशनल बैंक,होटल रॉयल इन,जैन डेंटल क्लिनिक,होटल सिया इन,चौधरी ऑटोमोबाइल्स
छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से सप्रे स्कूल परिसर में संचालित वाणी वाचन केंद्र (विशेष स्कूल) में शनिवार को दिव्यांग बच्चों और उनकी माताओं के लिए गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। इसमें बच्चों और उनकी माताओं को गरबा के माध्यम से त्योहार की खुशियां मनाने का अवसर मिलेगा। परिषद के महासचिव चंद्रेश शाह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और उनकी माताओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और दूसरों के साथ मिलकर उत्सव मनाने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के जरिए बच्चों और उनकी माताओं के बीच आपसी मेलजोल बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। कन्या भोज का भी आयोजन कार्यक्रम में कन्या पूजन कर कन्याओं का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही कन्या भोज का आयोजन भी होगा। परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांग बच्चों और उनकी माताओं को त्योहार की परंपराओं से जोड़ने और उनके साथ खुशियां साझा करने का प्रयास किया जाएगा।
कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को छत्तीसगढ़ शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर सीएम हेल्पलाइन 1076 में राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों का सही तरीके से निराकरण नहीं करने और गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 16 अक्टूबर को निलंबन का आदेश जारी किया। शासन ने तहसीलदार की इस लापरवाही को सरकारी कर्मचारियों के आचरण नियमों का उल्लंघन माना है। निलंबन के दौरान प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का मुख्यालय कबीरधाम जिला रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
पलवल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) फरीदाबाद की टीम ने हथीन गेट चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 3 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने शराब पीने का केस दर्ज नहीं करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी। आरोपी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था। शिकायतकर्ता के अनुसार, SI राजेश कुमार ने उसे घर के सामने शराब पीते हुए पकड़ा था। आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं करने के बदले कथित तौर पर 10 हजार रुपए मांगे गए। बातचीत के बाद 8 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसमें से 5 हजार रुपए पहले दिए जा चुके थे, जबकि बाकी 3 हजार रुपए मांगे जा रहे थे। शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल शिकायत मिलने पर ACB टीम ने पहले आरोपों का नियमानुसार सत्यापन किया और फिर ट्रैप की योजना बनाई। इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने राजपत्रित अधिकारी ओम दत्त, कार्यकारी अभियंता FMDA की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार को शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में केस दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। आरोपी को अगले दिन कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है।
मैहर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम करीब साढ़े छह बजे सड़क हादसा हो गया। सीमेंट कारखाने से क्लिंकर भरकर उत्तर प्रदेश जा रहा एक अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे खड़ी बस से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी 33 वर्षीय नीरज सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ट्रक सीमेंट कारखाने से क्लिंकर लेकर रायबरेली की तरफ जा रहा था। रामवन पथ गमन मार्ग पर उमरी पैला के पास अचानक चालक की तबीयत बिगड़ गई, जिससे वाहन पर से उसका नियंत्रण छूट गया और ट्रक सड़क किनारे खड़ी बस से सीधे जा टकराया। पंचर खड़ी बस से टकराया ट्रक हादसे की शिकार बनी बस चित्रकूट से आंखों का इलाज करवाकर लौट रहे यात्रियों को लेकर डिंडौरी की ओर जा रही थी। रास्ते में बस का पहिया पंचर हो जाने के कारण चालक गाड़ी को सड़क किनारे खड़ी कर पहिया बदलने का काम कर रहा था। उसी दौरान बेकाबू ट्रक आकर बस से भिड़ गया। चालक के मुंह से निकल रहा था झाग बस में सवार यात्री संजय साहू ने बताया कि हादसे के वक्त सभी यात्री सड़क किनारे बैठे थे। जब दुर्घटना के बाद उन्होंने जाकर देखा, तो ट्रक चालक के मुंह से झाग निकल रहा था। कयास लगाए जा रहे हैं कि गाड़ी चलाते समय चालक को दिल का दौरा पड़ा होगा, हालांकि मौत की असली वजह डॉक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धान कटाई का सीजन शुरू होते ही नरवाई जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। खेतों में नरवाई जलाने या उसका उचित प्रबंधन नहीं करने वालों और बिना एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) अटैचमेंट के चलने वाले हार्वेस्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने के निर्देश दिए गए हैं। नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की जिम्मेदारी कृषि विस्तार अधिकारियों को दी गई है। इस जिम्मेदारी का विरोध करते हुए जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी शुक्रवार शाम कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर से मिलने पहुंचे, कृषि उप-संचालक कार्यालय ले गए कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कृषि विस्तार अधिकारी संघ के बैनर तले पदाधिकारी शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट पहुंचे। वे कलेक्टर आशीष वशिष्ठ से मिलने के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करते रहे। इसी दौरान कृषि उप-संचालक रविकांत सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें यहां आने से पहले इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। इसके बाद वे सभी को कृषि कार्यालय ले गए। कार्यालय में कृषि विस्तार अधिकारी विकास पटेल और नेहा यदुवंशी ने अपनी समस्या रखी। उन्होंने कहा कि वे किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन अब नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जा रही है। ऐसे मामलों में उन्हें ही फरियादी बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से उनका सीधा संपर्क रहता है। वे किसानों के बीच जाकर शासन की योजनाओं और निर्देशों की जानकारी देते हैं और सरकारी कामकाज में सहयोग करते हैं। ऐसे में उन्हीं किसानों के खिलाफ एफआईआर में फरियादी बनने से उनके संबंध प्रभावित हो सकते हैं और किसानों में उनके प्रति नाराजगी पैदा हो सकती है। उन्होंने मांग की कि एफआईआर कराने की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को दी जाए। समस्या सुनने के बाद कृषि उप-संचालक रविकांत सिंह ने कहा कि अधिकारी शासन का हिस्सा हैं और नियमों के तहत कार्रवाई के लिए किसी न किसी को शिकायतकर्ता बनना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि खेत में नरवाई जलने की घटना होने पर पंचनामे में आग लगने की वजह और जिम्मेदार व्यक्ति का उल्लेख किया जाए। यदि संबंधित व्यक्ति का नाम पता हो तो उसका नाम लिखें और पहचान नहीं होने पर अज्ञात दर्ज करें। करीब एक घंटे तक चर्चा के बाद कृषि विस्तार अधिकारी कार्रवाई के निर्देशों पर राजी हो गए। सिवनीमालवा में नरवाई जलने पर कार्रवाई के निर्देश गुरुवार को सिवनीमालवा के एसडीएम विजय राय ने तोरनिया, रूपादेह, बनाड़ा, भांगिया, हरपालपुर और रेहड़ा सहित कई गांवों का औचक भ्रमण किया। इस दौरान भांगिया, बनाड़ा और हरपालपुर के खेतों में नरवाई जलाई जाने की घटनाएं सामने आईं। एसडीएम ने संबंधित हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) और ग्राम सेवक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल जुर्माना लगाने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्रवासियों से नरवाई नहीं जलाने और उसका उचित प्रबंधन करने की अपील की। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से प्रसूता की मौत हो गई। 14 अक्टूबर को दो महिलाओं का ऑपरेशन हुआ था। इसके कुछ घंटे बाद ही दोनों के यूरिन आउटपुट में दिक्कत आने लगी। जांच में पता चला कि दोनों प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। इनमें से रेशमा (40) की इलाज के दौरान शुक्रवार रात को मौत हो गई। जानकारी के अनुसार- मीनार मस्जिद के पास निवासी रेशमा (40) पत्नी मसूद खान का बुधवार को गायनी विभाग में सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। शुरुआती कुछ घंटों स्थिति सामान्य रही, लेकिन इसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। रेशमा की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी हालत खराब होने के बाद अस्पताल वालों ने सरकारी हॉस्पिटल ले जाने को कहा। इसके बाद रेशमा को फिर शुक्रवार शाम को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां एसएसबी में उसे भर्ती किया गया था। जहां रात को उसकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि उसे कोई इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके बाद से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। सांस लेने में परेशानी होने लगी वहीं दूसरी प्रसूता अनिता (30) को गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में शिफ्ट किया। रिश्तेदार श्याम लाल ने बताया- अनीता को 13 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अनीता की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। 15 अक्टूबर तड़के करीब 5 बजे अचानक उसे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और यूरिन बनना बंद हो गया। जांच में महिला की प्लेटलेट्स गिरकर महज 21,000 रह गई। लिवर एंजाइम और एलडीएच का स्तर काफी बढ़ गया। इसके बाद फेफड़ों और पेट में फ्लूइड जमा पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार- यह 'HELLP सिंड्रोम' और थ्रोम्बोटिक माइक्रोएंजियोपैथी का मामला है। इससे किडनी भी प्रभावित हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया- सुल्तानपुर निवासी महिला अनिता को 15 अक्टूबर की शाम को नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। पहले 5 प्रसूताओं की हो गई थी मौत इससे पहले 5 मई 2026 को सीजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। जिसके बाद पायल, ज्योति, पिंकी, प्रिया और शिरीन की मौत हो गई थी। रागिनी, धन्नी, सुशीला, चंद्रकला, किरण, पिंकी और आरती को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी। ये खबर भी पढ़िए… कोटा में निलंबित 3 डॉक्टर 5 महीने बाद बहाल:4 जांच कमेटियों ने किसी को नहीं माना दोषी; 13 दिन में 5 प्रसूताओं की हुई थी मौत कोटा मेडिकल कॉलेज से जुड़े हॉस्पिटल में प्रसूताऑ की मौत व किडनी फेल्योर के करीब 5 महीने पुराने मामले में निलंबित तीन डॉक्टरों को राहत मिली थी। मामले में जांच कमेटियों ने डॉक्टर्स की लापरवाही नहीं माना था। (पढ़िए पूरी खबर)
मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रचने वाली पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड सुनाया है। रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पहले पति का गला दबाकर हत्या की, फिर वारदात को छिपाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता, रिश्तों में विश्वासघात और अपराध के तरीके को देखते हुए इसे विरलतम से विरलतम यानी ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध माना। फैसले के बाद सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) शिवम गुप्ता ने कहा कि अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत के सामने पूरे मामले की सच्चाई सामने आई। न्यायालय ने केस के तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद मृत्युदंड का फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि समाज में उसका प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। इस फैसले से ऐसे अपराध करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। एडीजीसी शिवम गुप्ता ने इस मामले की तुलना मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड से भी की। दोनों मामलों में पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी की भूमिका सामने आई। हालांकि, नीला ड्रम हत्याकांड में शव को काटकर ड्रम में छिपाने जैसी क्रूरता सामने आई थी, जबकि रविता-अमरदीप के मामले में हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ही मामलों में रिश्तों के विश्वास को तोड़कर हत्या की गई, इसलिए अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोरतम सजा सुनाई। एडीजीसी क्राइम नीरज सोम के मुताबिक, यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था। अभियोजन की ओर से अदालत में 12 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर साबित हुआ कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और वारदात को दूसरा रूप देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रत्येक परिस्थिति और साक्ष्य की कड़ी को जोड़ना महत्वपूर्ण होता है। नीरज सोम ने बताया कि फैसले के दौरान न्यायाधीश ने महाभारत, रामायण और सत्यवान-सावित्री के प्रसंगों का उल्लेख किया। सावित्री ने अपने पति के प्राण बचाने के लिए संघर्ष किया था, जबकि इस मामले में पत्नी पर ही पति की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप साबित हुआ। अदालत ने इसे वैवाहिक रिश्ते में विश्वासघात और रिश्तों को कलंकित करने वाला जघन्य अपराध माना। नीरज सोम के अनुसार, सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने आरोपियों से पूछा था कि वे मृत्युदंड चाहते हैं या आजीवन कारावास। इस पर दोनों ने कहा कि न्यायालय जो भी निर्णय देगा, वे उसे स्वीकार करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस का कांस्य पदक जीतने वाले देवास के खिलाड़ी जय मीणा से मुलाकात की। नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल हॉकी स्टेडियम में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने जय की पीठ थपथपाकर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने जय मीणा से कहा, “ऐसे ही मेहनत करते रहिए और देश का नाम रोशन करिए।” पीएम के इन शब्दों से जय का हौसला बढ़ा। जय ने प्रधानमंत्री को सॉफ्ट टेनिस का रैकेट और बॉल भेंट की। उन्होंने खिलाड़ियों को सम्मान देने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम में खेल मंत्री, भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर जय मीणा ने देश और देवास का नाम रोशन किया है।
धार जिले में चोरी की वारदातों पर कार्रवाई करते हुए रिंगनोद चौकी पुलिस ने बाइक और बिजली के ट्रांसफार्मर (डीपी) से सामान चोरी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। गुमानपुरा से चोरी हुई पल्सर बाइक बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, सरदारपुर थाना क्षेत्र में डीपी से सामान चोरी के मामले में आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राजगढ़ क्षेत्र से चोरी हुई बाइक बरामद कराने में भी रिंगनोद पुलिस की अहम भूमिका रही। ग्राम गुमानपुरा निवासी जीवन पिता पुरालाल काग की पल्सर बाइक अज्ञात बदमाश चुरा ले गया था। शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध को बाइक सहित पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम हीरेसिंह पिता भारत चौहान (22), निवासी ग्राम झाई, थाना टांडा बताया। पुलिस के मुताबिक, उसने गुमानपुरा से बाइक चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने बाइक जब्त कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उंडेड में डीपी से सामान चोरी के मामले में भी कार्रवाई सरदारपुर थाना क्षेत्र के ग्राम उंडेड में 21 जून 2026 को बिजली की डीपी से सामान चोरी होने की घटना हुई थी। फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। इस प्रकरण में रिंगनोद चौकी प्रभारी रमेशचंद्र डामोर और उनकी टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। राजगढ़ थाना क्षेत्र में राहुल पिता कैलाश गाड़े की बाइक चोरी होने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना की सूचना आसपास के थानों और चौकियों को दी गई। इसके बाद रिंगनोद पुलिस ने रिंगनोद स्थित स्कूल मैदान के पास घेराबंदी कर चोरी की बाइक सहित एक संदिग्ध को पकड़ा। इस कार्रवाई से राजगढ़ पुलिस को बाइक बरामद करने में मदद मिली।
गरबा REELS:लंदन से घूमने आए कपल ने अभिव्यक्ति गरबा में खेला डांडिया
लंदन से जयपुर घूमने आए टायलर और लॉरा ने अभिव्यक्ति गरबा में डांडिया खेला। दोनों विदेशी मेहमान रेड-ब्लैक ट्रेडिशनल गरबा ड्रेस में नजर आए। उन्होंने कहा- जयपुर में सिर्फ एक दिन और रुकेंगे, लेकिन अभिव्यक्ति गरबा का ये अनुभव बेहद खास रहा। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मनीष पुरोहित ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारकों पर की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि डोटासरा अपने बयान के लिए संघ परिवार और राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। मनीष पुरोहित ने कहा- भ्रष्टाचार और पेपरलीक के आरोपों से घिरे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को RSS पर बोलने से पहले उसके इतिहास को जानना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ त्याग, तपस्या और राष्ट्र-समर्पण का पर्याय है। उन्होंने कहा- जिस व्यक्ति के शिक्षा मंत्री रहते प्रदेश में REET पेपरलीक जैसा बड़ा प्रकरण हुआ और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। आज वही व्यक्ति त्याग की मूर्ति संघ के प्रचारकों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। बोले- कांग्रेस ने अपने शासन में शिक्षा विभाग को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा संघ के प्रचारक अपना संपूर्ण जीवन मां भारती की सेवा में समर्पित करते हैं, जबकि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। जिला उपाध्यक्ष मनीष पुरोहित ने कहा- एसी के कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले कांग्रेस नेता, राष्ट्रसेवा में लगे स्वयंसेवकों की बराबरी नहीं कर सकते। डोटासरा द्वारा बार-बार संघ पर अनर्गल बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक कुंठा का प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
गरबा REELS:डिस्को प्रोग्राम छोड़ अभिव्यक्ति गरबा में आए जापानी पर्यटक
जापानी पर्यटक जो मोरियामा, यूकी, सनी, मिका, चिट्टा और अक्की अभिव्यक्ति गरबा में आए। सभी ने गरबा थीम की ड्रेस पहन रखी थी। उन्होंने कहा- हमारा डिस्को जाने का प्रोग्राम था, लेकिन गाइड ने हमें अभिव्यक्ति गरबा के बारे में बताया तो हम यहां पर आए। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
शिवपुरी में छात्रा से दुष्कर्म और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने धर्मवीर परिहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब दो साल पहले छात्रा को करौंदी स्थित किराए के कमरे पर सब्जी लेने के बहाने बुलाया था। आरोप है कि वहां चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी धर्मवीर परिहार ग्राम रामखेड़ी, थाना बैराड़ का निवासी है। आरोपी और पीड़िता दोनों शिवपुरी में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। आरोपी पीड़िता का दूर का रिश्तेदार भी बताया गया है। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब पीड़िता ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके अश्लील फोटो-वीडियो पीड़िता के भाई और अन्य परिचितों के मोबाइल पर भेज दिए। 15 अक्टूबर को गिरफ्तारी, मोबाइल जब्त इसके बाद पीड़िता ने 13 अक्टूबर को फिजिकल थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी देने और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर फिजिकल थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 15 अक्टूबर को उसे करौंदी स्थित उसके ताऊ के बेटे के किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया है। 16 अक्टूबर को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया।
नीमच शहर की शालीमार बाग कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर 13 वर्षीय छात्र नाजिम कुरैशी ने अपने ही घर के पीछे फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। नाजिम शहर के नोबल एकेडमी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। मृतक के पिता मोहम्मद सिराज कुरैशी ने बताया कि दोपहर को नाजिम उनके पास ही बैठकर पढ़ाई कर रहा था। कुछ देर बाद वह घर के पीछे वाले हिस्से की तरफ गया, लेकिन जब काफी देर तक लौटकर नहीं आया तो चिंता हुई। जब उसे देखने पीछे पहुंचे तो नाजिम कपड़े सुखाने वाली रस्सी के सहारे फंदे पर लटका था। परिवार के लोग तुरंत उसे फंदे से निकालकर जिला अस्पताल लेकर भागे, जहां शव का डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। स्कूल प्रबंधन पर लगाया अत्यधिक दबाव का आरोप मासूम बेटे की मौत के बाद परिजन ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि स्कूल में नाजिम को बहुत अधिक होमवर्क दिया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। पिता ने बताया कि बेटा कई बार उनसे अत्यधिक होमवर्क मिलने की शिकायत कर चुका था। इसी मानसिक दबाव से तंग आकर बेटे ने यह कदम उठाया। इस मामले में स्कूल प्राचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। पुलिस कर रही है बयानों और साक्ष्यों की जांच कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव का डॉक्टरी परीक्षण कराकर परिजन को सौंप दिया है। फिलहाल परिवार शोक में है, इसलिए एक-दो दिन में मृतक के पिता और अन्य परिजन के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे। बयानों और डॉक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ATM कैशवैन लूट का इनामी आरोपी गिरफ्तार:अब तक 3 पकड़े; लूटे गए 51 लाख में 46 लाख रुपए बरामद
बीकानेर के पांचू एरिया में एटीएम कैश वैन से 51 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पांचू पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अशोक जाट को पकड़ा है। आरोपी अशोक(22) पुत्र सुजाराम, नोखा के दांवा गांव का निवासी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। बता दें कि मामले में इससे पहले एटीएम कैश वैन के कर्मचारी विक्रमसिंह कस्टोडियन सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 46 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं। सारुंडा रोड पर कैश वैन को लूटा थापुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर के हाला ब्रांच मैनेजर आदित्य रावत ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी। कंपनी विभिन्न बैंकों से नकदी प्राप्त कर एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। घटना के दिन कंपनी की टीम कैश वैन में नकदी लेकर सारुंडा के लिए रवाना हुई थी। दोपहर करीब 3 बजे टीम सारुंडा से 5 से 7 किलोमीटर पहले सारुंडा रोड पर पहुंची। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक कैंपर गाड़ी पीछे से आई। उसमें सवार दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों ने ड्राइवर के सिर पर बंदूक तान दी और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने हथियारों के बल पर कैश वैन में रखा कैश बॉक्स लूट लिया, जिसमें करीब 51 लाख रुपए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। कर्मचारी ने साथियों के साथ मिलकर रची थी साजिशपुलिस जांच के अनुसार, कैश वैन में नकदी लोड करने की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी विक्रमसिंह कस्टोडियन ने अपने साथी श्यामसुंदर और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। योजना के तहत 5 अगस्त को नोखा से सारुंडा जाते समय कैश वैन को रास्ते में रोककर कर्मचारियों को डराना और कैश बॉक्स लूटना तय किया गया था। आरोपियों ने नकदी से भरी कैश वैन को रास्ते में रुकवाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 46 लाख रुपए बरामद कर चुकी है। पुलिस टीम ने किया गिरफ्तारपुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस थाना पांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अशोक जाट को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर वारदात में अन्य आरोपियों की भूमिका और शेष रकम के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई में शामिल टीमपुलिस थाना पांच के थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ सहित पुलिसकर्मी पप्पूलाल सुथार, रामनिवास सुथार, सुनील कुमार कानी, धनाराम कानी, रामेश्वर कानी और गणेशाराम डीआर कानी शामिल रहे।
शिवपुरी के एमएम चौराहा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में शुक्रवार तड़के चोरी की कोशिश की गई। सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध युवक सरिया और जैक की मदद से बैंक का शटर उठाते दिखाई दिए। सुबह बैंक का शटर आधा उठा मिलने पर शाखा प्रबंधक ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, अंदर के ताले सुरक्षित मिले और बैंक से कोई सामान चोरी नहीं हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सुबह शटर आधा उठा मिला शाखा प्रबंधक प्रशांत खरे के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे बैंक बंद किया गया था। 16 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे बैंक भवन के मालिक वैभव उपाध्याय ने फोन कर बताया कि बैंक का मुख्य शटर आधा उठा हुआ है। सूचना मिलने पर प्रशांत खरे बैंक पहुंचे। जांच में मुख्य शटर आधा उठा मिला, लेकिन अंदर के ताले बंद थे। बैंक में किसी सामान की चोरी नहीं हुई थी। सीसीटीवी में सरिया और जैक लेकर दिखे युवक सीसीटीवी फुटेज की जांच में सुबह करीब 3:40 बजे तीन युवक बैंक के बाहर दिखाई दिए। उनकी उम्र करीब 25 से 35 साल बताई जा रही है। फुटेज में वे सरिया और जैक लेकर शटर उठाने की कोशिश करते नजर आए। शाखा प्रबंधक प्रशांत खरे ने अज्ञात युवकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस को आशंका है कि गश्त कर रही पुलिस की गाड़ी को देखकर संदिग्ध मौके से भाग गए होंगे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है।
पोपटलाल की टांग खिंचाई से ही मेरी दुकान चलती है। उसकी शादी हो गई तो कॉमेडी का यह मजा खत्म हो जाएगा। टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अब्दुल का किरदार निभाने वाले अभिनेता शरद सांखला ने यह बात मजाकिया अंदाज में इंदौर में कही। उन्होंने कहा कि 18 साल बाद भी यह शो दर्शकों की पहली पसंद बना हुआ है। अब यह केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के लिए टॉनिक बन गया है। रात 8:30 बजे शो देखना कई परिवारों की दिनचर्या का हिस्सा है। शरद सांखला ने शो के लंबे सफर, किरदारों की लोकप्रियता और दर्शकों के जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम की सफलता केवल टीआरपी से नहीं मापी जा सकती। असली कामयाबी यह है कि दर्शक उसके किरदारों को अपने परिवार का हिस्सा मानने लगें और हर दिन अगले एपिसोड का इंतजार करें। चंपक चाचा का किरदार सबसे पसंदीदा शरद सांखला ने बताया कि शो में उन्हें चंपक चाचा का किरदार सबसे ज्यादा पसंद है। इस भूमिका की खासियत यह है कि एक युवा कलाकार ने पर्दे पर करीब 75 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया। शो की लोकप्रियता किसी एक कलाकार की वजह से नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। छह माह त्योहार, बाकी समय नई कहानी की चुनौती शरद सांखला ने कहा कि त्योहारों के दौरान कहानी के लिए कई विषय मिल जाते हैं, लेकिन साल के बाकी समय दर्शकों को कुछ नया दिखाना लेखकों के लिए चुनौती बन जाता है। करीब छह महीने तक त्योहारों से जुड़े प्रसंगों पर कहानियां बनाई जा सकती हैं। इसके बाद नए विषय तलाशने पड़ते हैं। लेखकों की टीम लगातार नए विचारों पर काम करती है। कलाकार भी रीडिंग के दौरान अपने सुझाव देते हैं। हालांकि, 18 साल के सफर में कुछ कहानियां दोहराव वाली लग सकती हैं। ऐसे में दर्शकों की रुचि बनाए रखने के लिए नए विषयों और नए अंदाज में कहानी पेश करना जरूरी है। पुराने कलाकारों से भावनात्मक जुड़ाव शो में दया, रोशन और तारक मेहता जैसे किरदारों में बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि दर्शक किरदार के साथ उसे निभाने वाले कलाकार से भी जुड़ जाते हैं। लंबे समय तक किसी भूमिका में नजर आने वाला कलाकार दर्शकों के मन में अपनी अलग पहचान बना लेता है। ऐसे में कलाकार बदलने पर दर्शकों को पुराने चेहरे की याद आती है। पर्दे पर अब्दुल, घर में राजस्थानी मारवाड़ी शरद सांखला ने अपने असल जीवन और पर्दे के किरदार के बीच का अंतर बताते हुए कहा समाज के लिए मैं अब्दुल हूं, लेकिन घर में कदम रखते ही मैं राजस्थानी मारवाड़ी हूं। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान से आते हैं और परिवार के साथ मारवाड़ी में बात करते हैं। शो में अब्दुल की पहचान उसकी सोडा शॉप और गोकुलधाम सोसायटी के लोगों से है। सोसायटी के बाहर रहने के कारण उसका किरदार अंदर और बाहर की दुनिया के बीच एक कड़ी का काम करता है। ईद और सोडा शॉप के प्रसंगों से जुड़ते हैं दर्शक सांखला के कहा कि अब्दुल का किरदार केवल सोडा बेचने तक सीमित नहीं है। गोकुलधाम सोसायटी के लोगों के साथ उसके रिश्ते भी उसकी पहचान हैं। ईद के प्रसंग हों या सोडा शॉप टूटने जैसी घटनाएं, इन कहानियों में उसका भावनात्मक पक्ष सामने आता है। यही वजह है कि दर्शक उसके किरदार से जुड़ाव महसूस करते हैं। पोपटलाल की शादी का इंतजार, लेकिन कुंवारेपन में ही कॉमेडी पोपटलाल की शादी शो की चर्चित कहानियों में से एक है। उसकी शादी की कोशिशों और बार-बार बनने-बिगड़ने वाले रिश्तों पर दूसरे किरदार उसकी खिंचाई करते हैं। इस सवाल पर सांखला ने चुटकी लेते हुए कहा कि पोपटलाल की शादी हो गई तो उसकी टांग खिंचाई का मौका कम हो जाएगा। उनकी सोडा शॉप की रौनक भी इसी मजाक से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि 18 साल बाद भी शो की लोकप्रियता का बड़ा कारण यही रोजमर्रा का हास्य, किरदारों के बीच की नोकझोंक और परिवार के साथ बैठकर देखने लायक मनोरंजन है।
मैहर के मां शारदा धाम में शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे रोपवे के टावर नंबर-3 के पास तेंदुआ दिखाई दिया। मंदिर जाने वाली सड़क के नजदीक तेंदुए को देखकर लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। टावर के फाउंडेशन बेस में बैठा था तेंदुआ जानकारी के अनुसार, तेंदुआ रोपवे के टावर नंबर-3 के फाउंडेशन बेस में बैठा था। इस दौरान उसने किसी पर हमला नहीं किया। मां शारदा मंदिर त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है और आसपास पहाड़ी व जंगल का इलाका है। पिछले दो से तीन महीने से इस क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। निगरानी के लिए लगाए गए 20 ट्रैप कैमरे वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। उसकी पहचान और मूवमेंट की निगरानी के लिए क्षेत्र में 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास न जाएं और वन विभाग को सूचना दें।
कटनी में शुक्रवार देर शाम दशहरा महोत्सव के लिए लगाए गए होर्डिंग हटाने पर विवाद हो गया। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते की कार्रवाई से नाराज श्री बजरंग उत्सव समिति और स्थानीय लोगों ने निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। समिति ने लगाया भेदभाव का आरोप समिति के सदस्यों का आरोप था कि नगर निगम शहर में लगे दूसरे बैनरों पर कार्रवाई नहीं करता, जबकि दशहरा महोत्सव के होर्डिंग हटा दिए गए। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि होर्डिंग हटाने के दौरान भगवान की तस्वीर नीचे गिराई गई, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया विवाद की जानकारी मिलने पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समिति के सदस्यों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद समिति ने धरना समाप्त कर दिया।
कोटा में कोचिंग परिसर में दो स्टूडेंट के भी झगड़ा हो गया। एक स्टूडेंट ने दूसरे स्टूडेंट के सिर पर हमला कर दिया। घटना के वक्त कोचिंग में हड़कंप मच गया। कोचिंग छात्र लहूलुहान हालात में फर्श पर गिर गया। मौके पर अन्य स्टूडेंट की भीड़ लग गई। बाद में घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना जवाहर नगर थाना क्षेत्र इलाके में शाम 6: बजे के आसपास की है। फिलहाल झगड़े का कारण सामने नहीं आया है। घायल स्टूडेंट की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया की दोनों स्टूडेंट नीट की तैयारी कर रहे हैं। एक छात्र यूपी का दूसरा बिहार का रहने वाला है। दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों स्टूडेंट कोचिंग परिसर में ही झगड़ गए। यूपी के रहने वाले स्टूडेंट में खिलौने वाली बंदूक के बट से बिहार के रहने वाले छात्र के सिर पर वार कर दिया। घायल छात्र को निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। घायल छात्र अपनी मां के साथ कोटा में रह रहा है। मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। झगड़ने वाले दोनों छात्र नाबालिग है। फिलहाल झगड़े का कारण सामने नहीं आया।
26 साल बाद भी कैट का गठन नहीं, छोटी सी गलती सुधारने 250 KM जबलपुर की करनी पड़ती है यात्रा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के 26 साल बाद भी केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थायी पीठ का गठन नहीं हो पाया है। बिलासपुर में जबलपुर कैट की सर्किट पीठ साल में सिर्फ पांच बार, हर दो महीने में एक सप्ताह बैठती है। छोटी त्रुटि सुधारने भी 250 किमी जबलपुर जाना पड़ता है।
विजय दशमी महोत्सव के तहत कलाकेंद्र मैदान में संभाग स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करमा, शैला एवं सुगा लोक नर्तक दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर मनमोहक एवं लयबद्ध प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरगुजा सेवा समिति, नागरिक समिति एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पूर्व विधायक रजनी रविशंकर त्रिपाठी, विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि बतौर अतिथि उपस्थित रहे। विजयी दलों को विजयदशमी समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। अलग-अलग विधाओं में दिया गया पुरस्कार प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा सभी नर्तक दलों को मनमोहक व लयबद्ध प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा व परिधान, जीवंत प्रस्तुतीकरण व अनुशासन के आधार पर अंक प्रदान किया। कर्मा व शैला लोक नृत्य वर्ग में प्रथम स्थान रामदल, भकुरा द्वितीय, महादेव शैला ग्रुप, नर्मदापारा एवं तृतीय स्थान पर आदिवासी कर्मा, पिपरखार रहे। सुगा लोक नृत्य वर्ग में प्रथम मनियारो सुगा, द्वितीय पार्वती सुगा, कंठी एवं तृतीय स्थान पर विश्वास सुगा, नर्मदापुर रहे। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 25 लोक नृत्य दलों ने अपनी प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ी माटी की पहचान हैं लोक कलाएं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की पावन भूमि पर लोक संस्कृति की जड़ें अत्यंत गहरी हैं। करमा, शैला और सुगा जैसे पारंपरिक नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह हमारी माटी की पहचान, हमारी जीवनशैली, और प्रकृति के प्रति हमारे अगाध प्रेम के जीवंत प्रतीक हैं। सिंहदेव ने कहा कि आज के इस आधुनिक युग में जब युवा अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, तब ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को सहेजने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं। सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि विजयादशमी महोत्सव का यह भव्य आयोजन हमारी युवा पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक विनम्र प्रयास है। लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन हेतु हमारी समिति सदैव संकल्पित है। नागरिक समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नगर व संपूर्ण अंचल में आपसी समरसता और भाईचारे की भावना प्रगाढ़ होती है। लोक कलाकारों का यह अपार उत्साह हमारी समृद्ध परंपराओं का सच्चा परिचायक है। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। ये रहे उपस्थित कार्यकम में विधायक प्रबोध मिंज, जिपं अध्यक्ष निरुपा सिंह, निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, अखिलेश सोनी, अनिल सिंह मेजर, भारत सिंह सिसोदिया सहित भाजपा, कांग्रेस के जनप्रतिनिधि एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मेरठ के चर्चित सांप कांड में अदालत द्वारा रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद कचहरी परिसर में वकीलों के बीच खुशी और उत्साह देखने को मिला। अमित कश्यप हत्याकांड में आए इस फैसले के बाद वकीलों ने संतोष जताया। इसी दौरान एक वकील का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कचहरी परिसर में नागिन डांस किया। वकील को नागिन डांस करते देख वहां मौजूद लोग भी उनकी ओर देखने लगे। इस दौरान कचहरी में मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, मेरठ के अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी ठहराया गया था। अभियोजन के अनुसार, रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद मामले को सांप के डसने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई। इसके लिए अमित के बिस्तर में सांप छोड़ने की बात भी सामने आई थी। इसी वजह से यह मामला सांप कांड के नाम से चर्चित हो गया। मामले की जांच के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया था। शुरुआत में जिस मौत को सांप के डसने से जोड़कर देखा जा रहा था, वह आगे चलकर हत्या की साजिश का मामला बन गई। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी माना और दोनों को फांसी की सजा सुनाई। शुक्रवार को फैसला आने के बाद कचहरी परिसर में वकीलों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा होती रही। कई वकीलों ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसी बीच एक वकील ने सांप कांड से जुड़े मामले में नागिन डांस कर अपनी खुशी जाहिर की। उनका यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया। गंभीर आपराधिक मामले में अदालत का फैसला आने के बाद कचहरी में दिखे इस अलग नजारे ने लोगों का ध्यान खींचा।
जनता से संवाद का तरीका बदलेगी उत्तर प्रदेश पुलिस, अब थाने तक होगा महाकुंभ का अनुभव
उत्तर प्रदेश पुलिस अब अपनी कार्यशैली में व्यवहार और संवाद को अहम हिस्सा बनाएगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को जनता से प्रभावी ढंग से बात करने और संवेदनशील पुलिसिंग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप का ही एक स्टूडेंट ने गबन हर दिया। उसे OBC वर्ग का होने के नाते यूके की ग्लासगो यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए शासन ने स्कॉलरशिप दी थी। वह पढ़ने यूके गया ही नहीं, बल्कि पैसे को अपने पिता के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिए। कैंट पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज की है। मिली जानकारी के अनुसार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निरीक्षक राकेश राठौर ने कैंट थाने में शिकायती आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने बताया कि शहर की भार्गव कॉलोनी में रहने वाले दीपक धाकड़ का वर्ष 2024-25 में यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में एक वर्षीय एमएससी (इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग) पाठ्यक्रम के लिए चयन हुआ था। उसने OBC वर्ग का होने के नाते स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। उसका सिलेक्शन हो गया। इसके बाद 16 सितंबर 2025 को उसके एक्सिस बैंक खाते में स्कॉलरशिप के 36 लाख 85 हजार 938 रुपए जमा कराए गए। आवेदन में बताया गया कि छात्र पढ़ने विदेश गया ही नहीं। उसने यूनिवर्सिटी में फीस भी जमा नहीं कराई। जब विभाग को जानकारी एलजी, तो बैंक से अकाउंट डिटेल और ट्रांजैक्शन की डिटेल निकलवाई गई। बैंक विवरण के मुताबिक, 19 और 20 सितंबर 2025 को छात्र ने अपने एचडीएफसी बैंक खाते में 21 लाख 70 हजार 59 रुपए और पिता धर्मेन्द्र धाकड़ के केनरा बैंक खाते में 15 लाख 35 रुपए ट्रांसफर किए। दोनों खातों में कुल 36 लाख 70 हजार 94 रुपए पहुंचे। शिकायत के अनुसार, 19 से 22 सितंबर के बीच चेक से रकम निकाल ली गई। पिता ने छात्रवृत्ति के लिए सुरक्षादाता के रूप में बंधपत्र पर हस्ताक्षर किए थे। विभाग ने दिए नोटिसविभाग ने 6 मई, 1 जून, 16 जून और 28 जुलाई 2026 को छात्र को पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की राशि ब्याज सहित शासन के खाते में जमा करने के लिए कहा, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। इसके बाद 12 अक्टूबर को विभाग ने पुलिस में शिकायत की। कैंट थाना पुलिस ने छात्र और उसके पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
फिरोजाबाद के मक्खनपुर कस्बे में लाउडस्पीकर पर माता रानी के भजन बजाने को लेकर हुए विवाद में ढाई माह की बच्ची की मौत हो गई। आरोप है कि कहासुनी के दौरान एक युवक ने महिला को धक्का दे दिया। इससे महिला गोद में मौजूद बच्ची के साथ जमीन पर गिर पड़ी। गंभीर चोट लगने के बाद बच्ची ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भजनों की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद मामला मक्खनपुर कस्बे के नगला तुरकिया मोहल्ले में अंबेडकर पार्क के पास का है। यहां रहने वाले राहुल पुत्र दयाशंकर ने अपने घर में माता रानी की प्रतिमा स्थापित कर रखी है। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे उनके घर पर लाउडस्पीकर से माता रानी के भजन बज रहे थे। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले बंटू पुत्र जसवंत ने तेज आवाज पर आपत्ति जताते हुए लाउडस्पीकर बंद करने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। महिला को धक्का देने का आरोप आरोप के मुताबिक, विवाद के दौरान बंटू की राहुल की पत्नी मधु से भी बहस हो गई। कहासुनी बढ़ने पर बंटू ने मधु के घर में घुसकर उसे धक्का दे दिया। उस समय मधु की गोद में उसकी ढाई माह की बेटी शहनवी थी। धक्का लगने से मधु बच्ची समेत जमीन पर गिर पड़ी, जिससे मासूम को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन बच्ची को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उसका इलाज कराया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार सुबह बच्ची ने तोड़ा दम गंभीर रूप से घायल शहनवी ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोपी गिरफ्तार, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष चमन कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल, फिरोजाबाद भेज दिया। महिला को धक्का देने के आरोपी बंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीकर में दीपावली के त्योहार पर बिजली सप्लाई को सुचारू रखने के लिए मेंटेनेंस का काम शुरू हो गया है। इसके तहत 17 अक्टूबर को शहर के 3 पावर हाउस से जुड़ी कई कॉलोनियों और इंडस्ट्रियल एरिया में 4.5 घंटे तक बिजली कटौती होगी। बिजली डिस्कॉम के अनुसार, राधाकिशनपुरा पावर हाउस, बजरंग कांटा 11 KV जीएसएस और कुड़ली पावरहाउस पर रख-रखाव और पेड़-पौधों की छंटाई की जाएगी। इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरटीओ जीएसएस (राधाकिशनपुरा) क्षेत्र से संचालित होने वाली बिजली सप्लाई सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान लालसिंह कॉलोनी, राणा कॉलोनी, हलिमा मस्जिद, अंजनी विहार, राधिका वाटिका, तेलिया जोहड़ा, वैष्णव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, पठान के कुएं के आसपास, मोड़ी कोठी, पुरोहित जी ढाणी, चिड़िया टिबा, उदय दास की ढाणी, 70 बीघा, ओम पंप के आसपास, सुपर मार्केट, वंदेमातरम चौक, नवज्योति स्कूल के आसपास, जयपुर-झुंझुनूं बाइपास रोड, आरटीओ ऑफिस के आसपास, जमनावाली ढाणी, रामदेव जी मंदिर के आसपास, विक्रम गैस गोदाम के आसपास, सत्यम सिटी, महादेव सिंह खंडेला चौराहा के आसपास और बुनस फर्नीचर तथा इनसे सटे आसपास के इलाकों में 4 घंटे तक पावर कट रहेगा। इसी प्रकार, 11 केवी बजरंग कांटा फीडर क्षेत्र से संचालित होने वाली बिजली सप्लाई सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान माथुर कॉलोनी, तिलक नगर, मोहल्ला कुरेशिया, चार कुतुब मस्जिद, तहसीलदार टंकी, मक्का मस्जिद और बिसायती चौक और आस पास के इलाकों में 3 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इसी प्रकार, कुंडली पावर हाउस व पिपराली रोड फीडर क्षेत्र से संचालित होने वाली बिजली सप्लाई सुबह 7:30 बजे से 12 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान कुंडली सिटी, भदवासी ग्रामीण, शिवसिंहपुरा ग्रामीण, कुंडली ग्रामीण जीएसएस के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र तथा पिपराली से संचालित होने वाले सीकर सिटी 33 केवी फीडर से जुड़े तमाम इलाके में 4.5 घंटे तक बिजली कटौती होगी।
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने आईपीएस कुंदन कृष्णन द्वारा भेजे गए 5 करोड़ के मानहानि नोटिस पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने नोटिस की अनुमति और राशि के आधार पर सवाल उठाया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) भर्ती-2022 के तहत अंग्रेजी विषय का अंतिम चयन परिणाम और हिन्दी विषय का संशोधित चयन परिणाम शुक्रवार की देर शाम जारी कर दिया। इसके साथ ही दोनों विषयों के लिए 1114 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनकी कटऑफ और अंतिम उत्तर कुंजी भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी अब अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर प्राप्तांक देख सकते हैं। हालांकि, प्राप्तांक देखने के लिए उपलब्ध लिंक केवल एक सप्ताह तक सक्रिय रहेगा। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि विज्ञापन संख्या 01/2022 के तहत प्रशिक्षित स्नातक के 3,539 पदों पर चयन प्रक्रिया के क्रम में अभिलेख सत्यापन कराया गया था। निर्धारित तिथि के साथ आयोग की ओर से दी गई अतिरिक्त तिथि पर भी सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होने वाले अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन और चयन निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार अंग्रेजी विषय का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया। इसमें 557 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। वहीं हिन्दी विषय के परिणाम में संशोधन कर नया परिणाम घोषित किया गया है। इसमें भी रिक्त पदों को सापेक्ष 557 में अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अंग्रेजी और हिन्दी दोनों विषयों के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ अंक और अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी की गई है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर जाकर संबंधित विवरण देख सकते हैं। आयोग के उपसचिव संजय कुमार सिंह के अनुसार, प्राप्तांकों का विस्तृत विवरण देखने के लिए अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक खोलकर अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। यह सुविधा परिणाम संबंधी विज्ञप्ति जारी होने की तिथि से एक सप्ताह तक ही उपलब्ध रहेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोनों विषयों के चयन परिणाम उच्च न्यायालय में दायर विभिन्न याचिकाओं में पारित होने वाले अंतिम आदेशों के अधीन होंगे। प्राप्तांक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाने के कारण इनके संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत अलग से सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
धान की बंपर आवक के चलते धनीपुर मंडी में जगह कम पड़ गई है। हालात ऐसे हैं कि ट्रकों की लोडिंग तक प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मंडी समिति ने 17 अक्टूबर को मंडी बंद रखने का फैसला लिया है। शनिवार को यहां धान की खरीद-बिक्री नहीं होगी। 18 अक्टूबर से कारोबार फिर सामान्य रूप से शुरू होगा।धनीपुर मंडी में इन दिनों धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले उठान धीमा है। इससे मंडी परिसर में धान जमा हो गया है और उपलब्ध जगह भर चुकी है। ऊपर से रुक-रुककर हुई बारिश ने भी परेशानी बढ़ा दी है। ट्रकों की लोडिंग प्रभावित होने के साथ मंडी में आवागमन और कारोबार की व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।किसानों से मंडी न आने की अपीलमंडी समिति के सचिव मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि धान की अधिक आवक, कम उठान और बारिश को देखते हुए 17 अक्टूबर को मंडी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अपील की है कि शनिवार को धान लेकर मंडी न आएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो। 18 अक्टूबर से मंडी में खरीद-बिक्री समेत अन्य गतिविधियां पहले की तरह संचालित होंगी।
बांदा में केन नदी में डूबने से बच्चे की मौत:दोस्त के साथ नहाने गया था, 2 घंटे बाद मिला शव
बांदा के पचनेही गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 4:30 बजे केन नदी में नहाते समय 6 साल का बच्चा डूब गया। वह दोस्त के साथ नदी में नहाने गया था। पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। करीब 2 घंटे की तलाश के बाद शाम 6:30 बजे उसका शव बरामद हुआ। दोस्त ने परिजनों को दी सूचना पचनेही गांव निवासी कल्लू का बेटा मुकेश उर्फ कार्तिक अपने दोस्त आशिक के साथ नदी में नहाने गया था। नहाते समय कार्तिक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। काफी देर तक उसके बाहर नहीं आने पर आशिक घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर की तलाश सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे। करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने नदी में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू की। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद शाम 6:30 बजे कार्तिक का शव मिला। पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
UPSSSC में 1784 पदों पर निकली भर्ती, 10 नवंबर से PET वाले भी कर सकेंगे अप्लाई
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 1784 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। PET पास उम्मीदवार 10 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
महोबा में बंद खदान से लापता युवक का शव मिला:गुरुवार दोपहर से लापता था, पुलिस जांच में जुटी
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में चंद्रावल रोड पर बंद पड़ी पहाड़ खदान के पानी में शनिवार शाम एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान बाराती प्रजापति उर्फ विजय (26) पुत्र भूरा प्रजापति के रूप में हुई है। वह गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अस्थायी गौशाला के पीछे मिला शव घटना कबरई थाना क्षेत्र के विशाल नगर की है। चंद्रावल रोड पर अस्थायी गौशाला के पीछे स्थित बंद खदान में पानी भरा हुआ है। शनिवार शाम करीब 5 बजे खदान के पानी में युवक का शव मिलने की सूचना मिली। इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, बाराती गुरुवार दोपहर घर से निकला था। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। शनिवार को शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत सूचना मिलते ही कबरई थाना प्रभारी संतोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी सबूत जुटाए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह मृतक के पिता भूरा प्रजापति ने बताया कि उनका बेटा शराब पीने का आदी था और करीब डेढ़ महीने पहले ही बाहर से घर आया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी संतोष के मुताबिक, मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी ताकत झोंक दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शुक्रवार को रानीडीहा स्थित पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय पर शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह बुद्धिजीवियों का चुनाव है। इसलिए व्यक्तिगत जनसंपर्क एवं संवाद पर ध्यान केंद्रित करें। बेठक में भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी प्रदीप वर्मा ने कहा कि इस चुनाव की तकनीकी बारीकियों के अनुरूप प्रभावी रणनीति बनाई जाए। पदाधिकारियों ने 17 से 24 अक्टूबर तक चलाए जाने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बूथ स्तर पर मतदाता सूची को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सह प्रभारी प्रदीप वर्मा ने उपस्थित सांसदों एवं विधायकों को शिक्षक विधान परिषद चुनाव की तकनीकी प्रक्रियाओं और बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मतदाताओं से सीधा संवाद और व्यक्तिगत संपर्क महत्वपूर्ण है। सभी जनप्रतिनिधि शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचकर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करें तथा चुनाव से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करें। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि शिक्षक विधान परिषद का चुनाव समाज के प्रबुद्ध वर्ग से जुड़ा चुनाव है। इसमें व्यक्तिगत संपर्क, संवाद और विश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को शिक्षक बंधुओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भाजपा सरकार द्वारा उनके हितों में किए जा रहे कार्यों और प्रयासों की जानकारी देनी चाहिए। शिक्षक समाज के बीच निरंतर संपर्क और संवाद स्थापित करते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए उन्हें प्रेरित करना है। SIR अभियान में कोई वास्तविक मतदाता न छूटेप्रदेश अध्यक्ष ने आगामी 17 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए बूथ स्तर पर गंभीरता से कार्य किया जाए। यदि कोई पात्र एवं वास्तविक मतदाता किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो उसकी पहचान कर नियमानुसार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में सहयोग किया जाए। सभी जनप्रतिनिधि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर इस अभियान को गति दें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने अतिथियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। बैठक का संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजीव राय ने किया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा एवं सूर्य प्रताप शाही, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सांसद विजय कुमार दूबे एवं शशांक मणि त्रिपाठी, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा, विधायक मोहन वर्मा, शलभ मणि त्रिपाठी, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, गणेश चौहान, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, केतकी सिंह एवं पी.एन. पाठक, विधान परिषद सदस्य रिशु सिंह सहित गोरखपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के सांसद, विधायक, पूर्व विधायक एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी उपस्थित रहे।
उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एनबीएमसीएच) ने दुर्गापूजा के दौरान मरीजों को निर्बाध इलाज सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी रोस्टर का कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया है।
बंगाल: आदिशक्ति के आह्वान के साथ दुर्गापूजा शुरू, षष्ठी पर पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बंगाल में आदिशक्ति के बोधन के साथ दुर्गापूजा का उल्लास छा गया है, षष्ठी पर कोलकाता समेत पूरे राज्य के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
पीलीभीत में पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद के बेटे शाने अली ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर फिर से समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। वह 127-पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में उन्होंने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ली। समर्थकों के साथ सपा में हुए शामिल शाने अली के साथ मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश सचिव रिंकू पांडे, पूर्व प्रधान हसनैन, सैयद अंजुम, अफसर खान, सचिन पांडे, मनोज मिश्रा, राकेश शर्मा, राजू गुप्ता, अनुज गुप्ता, प्रिंस मौर्य, राजू वर्मा, दिनेश वर्मा, अरविंद गंगवार, सोनू गंगवार, रामपाल गंगवार, राजेश यादव, राहुल कश्यप और अनुराग बाजपेई ने भी सपा की सदस्यता ली। टिकट न मिलने पर छोड़ी थी सपा पिछले विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट न मिलने पर शाने अली ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह बसपा में शामिल हो गए और पीलीभीत सदर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी की है। पार्टी की नीतियां लोगों तक पहुंचाने की बात कही सपा में शामिल होने के बाद शाने अली ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उनकी वापसी से पीलीभीत में सपा के संगठन को मजबूती मिल सकती है। इससे जिले में मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता की शुक्रवार शाम तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार आया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया। बताया जा रहा है कि भूखे रहने और लगातार रोने के कारण भी उसकी तबीयत प्रभावित हुई। रात में ही रविता को क्रीम रंग की एक साड़ी व एक सूट दे दिया गया। जबकि अमर दीप को दो जोड़ी सफेद कुर्ते पायजामे दिए गए हैं। अकबरपुर सादात गांव में 12 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रविता पर अपने प्रेमी अमर दीप के साथ मिलकर पति की हत्या करने का आरोप था। वारदात को हादसा दिखाने के लिए शव के पास सांप छोड़ दिया गया था। पहले घटना को सांप के काटने से हुई मौत माना गया लेकिन जांच में हत्या का राजफाश हो गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। सजा सुनते ही रविता की हालत बिगड़ीसजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमर दीप को उनकी बैरकों में भेज दिया गया। दोनों का रो रोकर बुरा हाल था। इसी दौरान रविता की तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार आने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा। उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्टजेल प्रशासन ने शुक्रवार देर रात रविता और अमर दीप को सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट कर दिया। रविता को बैरक नंबर 12A अलॉट की गई है जबकि अमर दीप अब बैरक नंबर 1A में रहेगा। दोनों की बैरकों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि अच्छी तरह निगरानी हो सके। रविता नहीं, कैदी नंबर 399 कहिएसजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमर दीप से जुड़ी जेल के भीतर की पूरी व्यवस्था बदल गई है। दोनों को अब उनके नाम से नहीं बल्कि कैदी नंबर से पहचाना जाएगा। रविता को कैदी नंबर 399/26 तो अमर दीप को कैदी नंबर 400/26 आवंटित किया गया है। भूखे रहना भी तबीयत बिगड़ने की वजहजेल सूत्र बताते हैं कि फांसी की सजा मिलने के बाद रविता बदहवास है। उसने सुबह नाश्ता नहीं किया था। दोपहर में लंच का समय आया तो वह भी ऐसे ही रखा रह गया। अब शाम को खाना दिया गया लेकिन फांसी की सजा सुनकर तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल रविता की तबीयत को देखते हुए उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। शनिवार से दोनों की काउंसलिंग होगी शुरु वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा का कहना है कि अत्याधिक रोने की वजह से रविता को बुखार हो गया है। चिकित्सक से दवा दिला दी गई है। सुबह से दोनों ने खाना नहीं खाया था। शाम का खाना भी सजा के बाद रखा रह गया। शनिवार सुबह से काउंसलिंग शुरु होगी।
गरबा REELS:रावण के गेटअप में पहुंचा युवक, कहा- दशानन के जरिए मैसेज देने आया हूं
अभिव्यक्ति गरबा में जितेंद्र रावण के गेटअप में आए। उनका कहना है कि आज लोग अपने देश को ही भला बुरा कह रहे हैं, उन्हें दशानन के जरिए मैसेज देने आया हूं। इस ड्रेस को बनाने में 1 महीने का समय और 22 हजार रुपए खर्च हुए हैं। 10 सिर को जयपुर की डिजानर शीला पुरोहित ने बनाया। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
गरबा REELS:दुर्गा मां बनकर अभिव्यक्ति गरबा में आई 10 साल की लड़की
गरबा में 10 साल की राधिका दुर्गा मां बनकर आई। राधिका 8 साल से माता-पिता के साथ गरबा में आ रही थी। अब खुद अभिव्यक्ति गरबा-2026 में हिस्सा ले रही हैं। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
सिंगरौली जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच चितरंगी मार्ग पर बहेरा मोड़ के पास सीधी से अपने घर लौट रही एक परिवार की कार अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। दुर्घटना में एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे भव्य सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। चितावलखुर्द गांव के रहने वाले भूपेंद्र सिंह उर्फ पटवारी अपनी पत्नी मौसमी सिंह और डेढ़ साल के बेटे भव्य सिंह के साथ कार से सीधी से वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी बहेरा मोड़ के पास पहुंची, अचानक नियंत्रण बिगड़ने से कार पलट गई। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस वाहन 112 के आरक्षक राजेश मिश्रा तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल पति-पत्नी को सीधी जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। गढ़वा थाना प्रभारी विद्याबारिध तिवारी ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
सरकारी या निजी, एंबुलेंस चुनने का मरीज को मिलेगा विकल्प; बिहार में स्वास्थ्य विभाग तय करेगा किराया
बिहार स्वास्थ्य विभाग निजी एंबुलेंस को 102/112 सेवा से जोड़ रहा है ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस मिल सके। विभाग एंबुलेंस का किराया भी तय करेगा, जिससे मरीजों का आर्थिक शोषण रुके।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के वीएम हॉल में जेंडर ऐप के जरिए युवकों को कथित तौर पर जाल में फंसाकर बंधक बनाने और अश्लील वीडियो बनाने के मामले में मुख्य आरोपी जुनैद मिंटो को जमानत मिल गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 15 अक्टूबर को उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने 25 हजार रुपए की जमानत और इतनी ही राशि का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया है। सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, आरोपी पर पीड़ित को कमरे में जबरन रोकने, साथियों के साथ मारपीट करने और डराकर निर्वस्त्र करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि पीड़ित से 5,600 रुपए लिए गए और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। जुनैद 13 अक्टूबर से जिला कारागार में बंद था। बचाव पक्ष ने कहा- FIR में नाम नहीं था जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्राथमिकी में आरोपी का नाम नहीं था। कथित घटना और एफआईआर दर्ज होने के बीच करीब 25 दिन के अंतर को भी जमानत के पक्ष में रखा गया। बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए रिहाई की मांग की। गवाहों को धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ पर रोक अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना जमानत मंजूर की। आदेश के मुताबिक, आरोपी को सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित रहना होगा। साथ ही उसे साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने और गवाहों को प्रभावित या धमकाने से दूर रहने की शर्तों का पालन करना होगा।
हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकायतों के आधार पर शुक्रवार शाम करीब 6 बजे पिलखुवा और धौलाना में जांच की। टीम ने पिलखुवा की अन्नपूर्णा स्वीट एंड बेकर्स से आलू चिप्स और धौलाना के आलमनगर स्थित मदन मित्तल की खोआ निर्माण इकाई से खोआ का नमूना लिया। दोनों नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। विभाग की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हलचल रही। आलू चिप्स में पाम ऑयल की जांच जिलाधिकारी कविता मीना के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अन्नपूर्णा स्वीट एंड बेकर्स का निरीक्षण किया। यहां आलू चिप्स में पाम ऑयल की मिलावट की आशंका को लेकर नमूना लिया गया। टीम ने बेकरी मालिक को मिठाइयों पर निर्माण और इस्तेमाल की अंतिम तारीख लिखने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणशाला में साफ-सफाई बनाए रखने को कहा। खोआ इकाई से भी लिया नमूना टीम ने धौलाना के आलमनगर में मदन मित्तल की खोआ निर्माण इकाई से खोआ का नमूना लिया। इसके अलावा गुड्डू किराना स्टोर से जुड़ी शिकायत का भी निपटारा किया गया। रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि दोनों नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर सुगरहा के पास तेज रफ्तार वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल कटनी पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम सिजहटी गांव के रहने वाले 22 साल के अनिल सिंह और 23 साल के उस्ताज सिंह अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम से जा रहे थे। जैसे ही वे पन्ना-कटनी रास्ते पर सुगरहा के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित वाहन ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद चालक अपना वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों गंभीर रूप से घायल युवकों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल कटनी भिजवाया। वाहन चालक मौके से भागा उधर शाहनगर थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसा अंजाम देकर भागने वाले वाहन चालक की तलाश में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अज्ञात वाहन का पता लगाया जा सके।
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में लाकड़ी फाजलपुर स्थित लाकड़ी पुलिया के पास शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहाँ एक युवक अचानक मोबाइल टावर की ऊंचाई पर जाकर बैठ गया। युवक को टावर के ऊपर देख आसपास के राहगीरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। आने-जाने वाले यात्रियों को इस जाम की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही लाकड़ी चौकी से दरोगा और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही मझोला थाने के प्रभारी रविंद्र सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टावर पर चढ़े युवक का नाम दीपक है, जो मूंडापांडे थाना क्षेत्र के गांव चौपरी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि दीपक की चाची ने हाल ही में उसके खिलाफ चोरी की एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी आरोप से आहत और परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को हटाकर यातायात सुचारू कराने के साथ-साथ युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने की कार्रवाई जारी रखी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं को आर्थिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, धमतरी द्वारा जिले के महाविद्यालयों में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गर्ल्स कॉलेज में कार्यशाला हुई, जिसमें 200 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। चार्टर्ड अकाउंटेंट किशोर बरडिया ने सवाल-जवाब के माध्यम से छात्राओं को वित्तीय प्रबंधन, बचत, निवेश, बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी। जरूरत और इच्छाओं के बीच अंतर समझने की दी सीख वित्तीय साक्षरता पर मार्गदर्शन देने के लिए रायपुर से सीए किशोर बरडिया विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को सही वित्तीय निर्णय लेने और पैसे का विवेकपूर्ण उपयोग करने का महत्व समझाया। बरडिया ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को वित्तीय रूप से साक्षर बनाना है। इसके तहत विद्यार्थियों को बैंकिंग सेक्टर में खाता खोलने, बीमा सुविधाओं को समझने और साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को बचत और खर्च के बीच संतुलन बनाने, अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बीच अंतर समझने तथा सोच-समझकर पैसे खर्च करने की शपथ भी दिलाई गई। तीन कॉलेजों में 450 विद्यार्थियों तक पहुंचा अभियान आयोजकों के अनुसार, वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत अब तक जिले के तीन महाविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 450 विद्यार्थियों ने भाग लिया है। कुल चार महाविद्यालयों में यह कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल बैंकिंग और निवेश से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जा रही है, बल्कि डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्क रहने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनना समय की जरूरत इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, धमतरी के अध्यक्ष सीए आयुष माहेश्वरी ने कहा कि युवाओं को वित्तीय रूप से जागरूक और सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य में आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनने और सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने में सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प के तहत चल रही यह पहल विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और एक सशक्त व जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
पंचायती राज चुनाव-2026 के तहत जिले की छह पंचायत समितियों में सदस्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। झुंझुनूं, चिड़ावा, सूरजगढ़, सिंघाना, पिलानी और बुहाना पंचायत समिति के कुल 102 वार्डों में चुनाव के लिए अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। अब 17 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 19 अक्टूबर तक अभ्यर्थी अपने नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद चुनाव की तस्वीर साफ होगी। इसके बाद पता चलेगा कि किस वार्ड में कितने प्रत्याशी मैदान में रहेंगे। चिड़ावा में सबसे ज्यादा अभ्यर्थीपंचायत समिति वार आंकड़ों के अनुसार चिड़ावा में सबसे ज्यादा 132 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। यहां 19 वार्डों के लिए 135 नामांकन पत्र जमा हुए। वहीं झुंझुनूं पंचायत समिति में 19 वार्डों के लिए 119 अभ्यर्थियों ने 132 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। सूरजगढ़ में 15 वार्डों के लिए 73 अभ्यर्थियों ने 78 नामांकन पत्र जमा किए। सिंघाना में 15 वार्डों के लिए 80 अभ्यर्थियों ने 92 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। पिलानी में 17 वार्डों के लिए 107 अभ्यर्थियों ने 130 नामांकन पत्र जमा कराए, जबकि बुहाना में 17 वार्डों के लिए 95 अभ्यर्थियों ने 104 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। 17 को जांच, 19 अक्टूबर तक नाम वापसीनामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव की अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होगी। 17 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इस दौरान निर्वाचन अधिकारी अभ्यर्थियों की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों और नामांकन पत्रों की जांच करेंगे। इसके बाद 19 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी। इसी सूची से प्रत्येक वार्ड में चुनावी मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होगी।
नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत द्वारा मुस्कान रस्तोगी और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ और मुस्कान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में सौरभ अपनी बेटी पिहू को गोद में लिए हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, मुस्कान भी बेटी के साथ दिखाई दे रही है। वीडियो में दोनों अपनी बेटी को प्यार करते नजर आ रहे हैं। पिता के पास में बैठी दिखी पिहू सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सौरभ अपनी बेटी पिहू के साथ दिखाई दे रहे हैं। बेटी अपने पिता के पास बैठी है। वीडियो में मुस्कान भी बेटी के साथ दिखाई दे रही है। परिवार के इन पलों का वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सजा के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब सौरभ और मुस्कान का बेटी पिहू के साथ यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर हत्याकांड को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कानपुर नगर निगम में फर्मों के पंजीकरण और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले में निलंबित अवर अभियंता बालेंद्र प्रताप सिंह को हाईकोर्ट ने राहत दी है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उनका निलंबन आदेश निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों के मामले में निलंबन के लिए जरूरी आधार स्पष्ट नहीं किए गए थे। हालांकि, विभागीय जांच जारी रखने की छूट दी गई है। नगर निगम के अभियंत्रण विभाग में बालेंद्र प्रताप सिंह अवर अभियंता हैं। उन्होंने 11 सितंबर को जारी अपने निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि निलंबन आदेश में यह उल्लेख नहीं था कि आरोप साबित होने पर उनके खिलाफ बड़े दंड की संभावना है। निलंबन के लिए यह महत्वपूर्ण आधार है। विशिष्ट आरोप और जरूरी संतुष्टि नहीं मिली मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि निर्माण कार्यों को लेकर याचिकाकर्ता के खिलाफ विशिष्ट आरोप स्पष्ट नहीं थे। साथ ही, आदेश में यह प्रथम दृष्टया संतुष्टि भी दर्ज नहीं थी कि आरोप साबित होने पर उन्हें बड़ा दंड दिया जा सकता है। इन कमियों के आधार पर कोर्ट ने निलंबन आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने 6 अक्टूबर को यह निर्देश जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग नियमानुसार विभागीय जांच जारी रख सकता है। 11 सितंबर को शासन ने किया था निलंबित नगर निगम में फर्म पंजीकरण और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की गोपनीय विभागीय जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अवर अभियंता (सिविल) आकाशदीप और बालेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद 11 सितंबर को शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया था। बालेंद्र प्रताप सिंह पर जोन-6 के वार्ड-17 के अंतर्गत खेड़ा गांव की आंतरिक गलियों की मरम्मत के काम की निगरानी नहीं करने का आरोप लगाया गया था। अब हाईकोर्ट से निलंबन आदेश निरस्त होने के बाद भी इस मामले में विभागीय जांच जारी रह सकेगी।
संभल में दुर्गा पूजा, दुर्गा शोभायात्रा और दशहरा मेले को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। शुक्रवार रात एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी और एएसपी (दक्षिणी) सुमित रामटेके ने शहर में करीब 6 किलोमीटर तक फ्लैग मार्च किया। इस दौरान शोभायात्रा के मार्गों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। 18 अक्टूबर को निकलने वाली दुर्गा शोभायात्रा में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। चौधरी सराय से चंदौसी चौराहे तक किया मार्च शुक्रवार रात 6:45 बजे से 7:30 बजे तक संभल कोतवाली क्षेत्र की चौधरी सराय पुलिस चौकी से फ्लैग मार्च शुरू हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मनोकामना तीर्थ मंदिर, विवादित धार्मिक स्थल, डाकखाना कार्यालय, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, संभल कोतवाली, सर्राफा बाजार, बाजार गंज, छंगामल कोठी और आर्य समाज रोड होते हुए चंदौसी चौराहे तक पैदल गश्त की। इस दौरान एसपी ने दुर्गा शोभायात्रा के लिए तैयार की जा रही प्रतिमाओं का भी निरीक्षण किया। एएसपी सुमित रामटेके ने ड्रोन कैमरा उड़ाकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फ्लैग मार्च में सीओ संभल कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर मोहित चौधरी, एसओ संजय शर्मा, सौरभ त्यागी समेत पुलिसकर्मी और पीएसी-आरआरएफ के जवान मौजूद रहे। जुलूस के शुरू और समाप्त होने वाले स्थानों का निरीक्षण एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अष्टमी पर शोभायात्रा के लिए जगह-जगह दुर्गा पंडाल लगाए जाएंगे। दशहरा मेला भी नजदीक है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि संभल क्षेत्र में जुलूसों के मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया गया है। जुलूस के शुरू होने और समाप्त होने वाले स्थानों समेत मार्ग के सभी प्रमुख पॉइंट्स का जायजा लेकर सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना तैयार की गई है। सोशल मीडिया पर भी रहेगी निगरानी एसपी ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों की निगरानी की जा रही है। नकारात्मक पोस्ट और टिप्पणी करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि जरूरत के मुताबिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिसकर्मी बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल करेंगे, ताकि गतिविधियों की रिकॉर्डिंग और निगरानी की जा सके। इसके अलावा करीब 5 हजार आपराधिक लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में शनिवार को संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती पर वार्षाना जलसा यानी सर सैयद डे मनाया जाएगा। समारोह की तैयारियों को शुक्रवार देर रात तक अंतिम रूप दिया जाता रहा। पूरा कैंपस रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से जगमगा रहा है। इमारतों की रंगाई-पुताई से लेकर सर सैयद हाउस की विशेष साफ-सफाई तक कराई गई है। ऐसा लग रहा है, मानो पूरा विश्वविद्यालय दुल्हन की तरह सज गया हो। दिन में कुलपति प्रो. नइमा खातून ने खुद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह देर शाम अलीगढ़ पहुंच गए। वह शनिवार सुबह मुख्य समारोह में शामिल होंगे। मुख्य कार्यक्रम गुलिस्तान-ए-सैयद में सुबह 10:45 बजे शुरू होगा। इससे पहले पारंपरिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और पुस्तक लोकार्पण होंगे। शुक्रवार को तराना, मंचीय कार्यक्रम और अतिथियों को बग्घी से आयोजन स्थल तक लाने का पूर्वाभ्यास किया गया। प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के तहत सलामी की प्रक्रिया का भी रिहर्सल हुआ। कुलपति ने तैयारियों का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजन को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।ये होंगे खास मेहमान, दो पुरस्कार भी दिए जाएंगेसमारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह और भारतीय नौसेना अकादमी के प्रधानाचार्य रियर एडमिरल एसएम उरूज अतहर विशिष्ट अतिथि होंगे। केपी समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. फारुक जी. पटेल विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सर सैयद अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अमेरिका की जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रो. हुसैन नस्र को दिया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित ख्वाजा बंदानवाज एजुकेशनल सोसाइटी को मिलेगा। देश-विदेश में बैठे लोग भी देख सकेंगे समारोहसमारोह का सीधा प्रसारण एएमयू के जनसंचार विभाग के यूट्यूब चैनल पर होगा। देश-विदेश में मौजूद पूर्व छात्र, शुभचिंतक और अन्य लोग भी ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। लाइव प्रसारण का लिंक: https://www.youtube.com/live/7mm50QDRYIcरात तक हॉस्टलों में होंगे आयोजनसर सैयद डे का उत्साह मुख्य समारोह के बाद भी जारी रहेगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न हॉल और हॉस्टलों में डिनर, पार्टियों और अन्य आयोजनों का सिलसिला देर रात तक चलेगा। छात्रों और विश्वविद्यालय परिवार के लिए यह दिन संस्थापक की शैक्षिक सोच, सामाजिक जागरूकता और विरासत को याद करने के साथ उत्सव मनाने का भी अवसर होगा।
अनूपपुर के बड़हर गांव में शुक्रवार शाम एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में 21 वर्षीय टीकम सिंह की मौत हो गई। टीकम बड़हर गांव का रहने वाला था और इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसकी जान चली गई। टीकम शाम 6 बजे बाइक से घर का सामान लेने दुकान जा रहा था। गांव के मोड़ पर ट्रैक्टर चालक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और उसके चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। परिजन टीकम को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। शाम करीब 6:50 बजे उसे भर्ती कराया गया, लेकिन आधे घंटे के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, टीकम को अंदरूनी गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर मर्चुरी में रखवा दिया है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम किया है।
रतलाम में नवरात्रि और त्योहारों के दौरान बाजार से फरियाली आइटम और नमकीन खरीदकर खाने वालों के लिए जरूरी खबर है। करमदी स्थित नमकीन क्लस्टर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को मिलावट और अनियमितताओं की आशंका पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान लविश फूड्स पर बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाले पैकेट मिले, जबकि बालाजी फूड्स प्रोडक्ट्स में गंदगी के बीच पॉम ऑयल में आलू चिप्स और अन्य फरियाली सामग्री तली जा रही थी। विभाग ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। बिना निर्माण और एक्सपायरी डेट के पैकेट मिले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सबसे पहले लविश फूड्स पहुंची। यहां 'जादूगर के नमकीन' और 'टू मच' फ्राइम्स के ऐसे पैकेट मिले, जिन पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी। जांच में सामने आया कि संचालक पंकज मोतियानी अपनी फर्म के नाम से पैकिंग करने के बजाय अन्य ब्रांड के लेबल लगाकर बच्चों के खाने के फ्राइम्स बाजार में बेच रहे थे। पैकेट पर निर्माता का स्पष्ट नाम-पता और निर्माण संबंधी जरूरी जानकारी भी दर्ज नहीं थी। लेबल पर केवल 'गुजरात इंडिया' लिखा मिला। विभाग ने 'जादूगर' नाम से मिले संदिग्ध उत्पादों को सीज कर दिया। साथ ही 'टू मच फ्राइम्स' और 'जादूगर नमकीन' के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। कच्चे फ्राइम्स खरीदकर तलते, फिर पैकिंग कर बेचते जांच में सामने आया कि लविश फूड्स में बाजार से कच्चे फ्राइम्स और बच्चों के खाने के अन्य आइटम खरीदकर उन्हें तला जाता था। इसके बाद दूसरे ब्रांड के लेबल लगाकर पैकिंग की जाती और सामग्री बाजार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेची जाती थी। देर शाम खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शहर के शहीद चौक स्थित फर्म के गोदाम पर भी पहुंची। हालांकि, संचालक के रतलाम से बाहर होने की जानकारी मिली। विभाग की टीम गोदाम को सील करने की तैयारी कर रही थी। बालाजी फूड्स में गंदगी के बीच तल रहे थे फरियाली आइटम बालाजी फूड्स प्रोडक्ट्स में जांच के दौरान गंदगी के बीच नमकीन तैयार किए जाने की स्थिति मिली। यहां पॉम ऑयल में आलू चिप्स और अन्य फरियाली खाद्य सामग्री तली जा रही थी। तेल को ड्रमों में असुरक्षित और गंदे तरीके से संग्रहित किया गया था। विभाग ने यहां से पॉम ऑयल, नमकीन, गाठिया और फरियाली साबूदाना के सैंपल लिए हैं। मौके पर 'जैन श्री नमकीन' के खाली रैपर भी मिले। संचालक ने अधिकारियों को बताया कि दूसरी फर्मों के जॉब वर्क के दौरान उनके लेबल लगाकर नमकीन के पैकेट तैयार किए जाते हैं। पैकेट पर निर्माता के तौर पर उनकी फर्म और मार्केटिंग करने वाली कंपनी का पता दर्ज किया जाता है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक मिले खाली रैपर भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थे। कार्रवाई के दौरान नमकीन क्लस्टर के अध्यक्ष वैभव जैन भी मौके पर पहुंचे। बेनामी ब्रांड की पैकिंग और तेल पर विभाग की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने बताया कि लविश फूड्स पर दूसरे ब्रांड के नाम से पैकिंग की जा रही थी। नियमों के अनुसार पैकेट पर निर्माता का सही नाम और पता दर्ज होना जरूरी है। विभाग ने संदिग्ध सामग्री सीज कर सैंपल लिए हैं। उन्होंने बताया कि बालाजी फूड्स में पॉम ऑयल असुरक्षित तरीके से रखा गया था और गंदगी के बीच फरियाली आलू चिप्स सहित अन्य खाद्य सामग्री तली जा रही थी। इस संबंध में फर्म को अलग से नोटिस जारी किया जा रहा है। यहां से भी नमकीन और फरियाली खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं।
आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’ लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य छात्रों की तैयारी को व्यवस्थित करना और पढ़ाई, टेस्टिंग व मेंटरशिप को मजबूत बनाना है। यह प्रोग्राम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड, बीआईटीएसएटी और स्टेट सीईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 छह मुख्य स्तंभों पर आधारित है। इनमें क्लासरूम पढ़ाई, स्टडी मटेरियल, टेस्टिंग और मेंटरशिप जैसे पहलू शामिल हैं। अनुभवी फैकल्टी ने कोर्स और अध्ययन सामग्री तैयार की है। प्रोग्राम में स्मार्ट टेस्टिंग की मदद से छात्र अपनी कमजोरियों को पहचान सकेंगे। उन्हें अपनी प्रगति समझने के लिए ग्रोथ मैप, क्लास के बाहर डाउट सपोर्ट और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। जेईई 2027 और 2028 के लिए बेहतर तैयारी का लक्ष्य आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा कि अनुभवी शिक्षकों ने करिकुलम, किताबों और टेस्टिंग सिस्टम को नए सिरे से तैयार किया है। कंपनी ने पहले कुछ चुनिंदा केंद्रों पर इस प्रोग्राम को लागू किया था। कंपनी के अनुसार, जेईई 2026 में इसके परिणाम उत्साहजनक रहे। उन्होंने कहा कि अब इस प्रोग्राम को देशभर में आकाश की सभी शाखाओं तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि इससे छात्र जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड, बीआईटीएसएटी और राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर रैंक हासिल करने की तैयारी कर सकेंगे। देशभर की शाखाओं में शुरू होगा रोलआउट कंपनी के मुताबिक, प्रोग्राम का विस्तार पूरे भारत में आकाश की सभी शाखाओं में तत्काल शुरू किया जा रहा है। पहले मौजूदा छात्रों को इस सिस्टम में शामिल किया जाएगा। इसके बाद नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रोग्राम की जानकारी देने के लिए शाखाओं में छात्रों और अभिभावकों के साथ ओरिएंटेशन सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें पढ़ाई के तरीके, टेस्टिंग सिस्टम और मेंटरशिप की सुविधाओं के बारे में बताया जाएगा।
पंचायती राज चुनाव 2026 के तहत शुक्रवार को जालोर में नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन रहा। कांग्रेस, भाजपा, आरएलपी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने-अपने पर्चे दाखिल किए। अंतिम दिन टिकट वितरण को लेकर गहमागहमी का माहौल भी बना रहा। इसी बीच भाजपा ने शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे अपनी दूसरी सूची जारी कर कई वार्डों में प्रत्याशी बदल दिए। टिकट कटने पर नवाराम देवासी बागी, निर्दलीय लड़ेंगेआहोर विधानसभा क्षेत्र के देलदरी गांव निवासी नवाराम देवासी ने जिला परिषद के वार्ड-30 और 31 से भाजपा का टिकट न मिलने पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दोनों वार्डों से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मीडिया से बातचीत में नाराजगी जाहिर करते हुए नवाराम ने कहा- यदि पार्टी धनबल के आधार पर टिकट बांटेगी तो जमीनी स्तर पर काम करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं का क्या होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक छगन सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनके नाम की पैरवी की थी, लेकिन आलाकमान के दबाव का हवाला देकर किसी अन्य को टिकट दे दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि पैराशूट से आए और धनबल के दम पर टिकट पाने वाले प्रत्याशियों को चुनाव में जनता जवाब देगी। बता दें कि कि भाजपा ने वार्ड-30 से दिनेश कुमार और वार्ड-31 से भभूत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन वार्डों के प्रत्याशी बदलेशुक्रवार शाम जारी हुई भाजपा की दूसरी सूची के बाद पार्टी में अंदरूनी मतभेद उभरकर सामने आ गए हैं। इनमें लिस्ट में तीन वार्डों के प्रत्याशी बदल दिए गए हैं। ज्वेलरी पहनकर नामांकन भरने पहुंचीं पोनी विश्नोईजिला परिषद के वार्ड-14 से भाजपा प्रत्याशी पोनी विश्नोई अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान वे भारी पारंपरिक राजस्थानी ज्वेलरी पहनकर नामांकन दाखिल करने आईं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण , सड़क, बुनियादी ढांचे के विकास और सांचौर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कराना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। दानाराम ने भरा पर्चा, जिला प्रमुख की दौड़ में शामिलनामांकन के अंतिम दिन दानाराम भी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दानाराम को जिला प्रमुख पद के प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है। उनके चुनाव मैदान में औपचारिक रूप से उतरने के बाद जालोर में जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर सियासी समीकरण और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक युवक से 15 लाख रुपए की मांग करने और मारपीट कर उसका मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर युवक पर दबाव बनाया और फिर लूटपाट कर फरार हो गया। मामले में पुरानी बस्ती थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मामले की जांच जारी है। घटना को लेकर अन्य जानकारी सामने आना बाकी है। घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
महू के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित भेरू घाट पर शुक्रवार शाम करीब 7 बजे ढलान उतरते समय चार ट्रक आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि इस भीषण दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बच गए। हालांकि, हादसे के बाद घाट पर करीब आधे घंटे तक लंबा जाम लग गया, जिससे सड़क पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने तुरंत हटवाए वाहन, बहाल कराया यातायात घटना की सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस का बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे करवाया और यातायात को दोबारा चालू कराया। थाना प्रभारी ने दी हादसे की जानकारी मानपुर थाना प्रभारी अरुण सोलंकी ने बताया कि शाम के वक्त ढलान से उतरते समय नियंत्रण बिगड़ने से चार गाड़ियां आपस में भिड़ गई थीं। उन्होंने पुष्टि की कि हादसे में किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई है और स्थिति को जल्द ही संभाल लिया गया था। भेरू घाट की खतरनाक ढलान पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुकी है और यहां पूर्व में हुए हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर ढलान पर वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

