लखनऊ के श्री जय नारायण मिश्र पीजी कॉलेज केकेसी में को हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदी को रोजगार से जोड़ने, तकनीक और एआई के अनुकूल बनाने के साथ वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी विभाग के पूर्व रीडर डॉ. उमा शंकर शुक्ल, बेसिक शिक्षा परिषद के पूर्व निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह, प्राचार्य प्रो. केके शुक्ला और कॉलेज के पूर्व रीडर डॉ. एसएस माली ने मां वाग्देवी के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर किया। प्राचार्य प्रो. केके शुक्ला ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी के सामने आने वाली चुनौतियां तब तक दूर नहीं होंगी, जब तक इसे रोजगारपरक नहीं बनाया जाता। हिंदी दिवस की थीम ‘आज की हिंदी : चुनौतियां एवं संभावनाएं’ पर उन्होंने विचार रखे। हिंदी के साथ बहुभाषी होना जरूरी मुख्य वक्ता सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि आज अपनी मातृभाषा में निपुणता के साथ बहुभाषी होना भी जरूरी है। वैश्वीकरण के दौर में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए भाषाई दक्षता जरूरी है। उन्होंने बच्चों के लिए हिंदी में ऑनलाइन कंटेंट बढ़ाने और हिंदी को अंग्रेजी समेत अन्य भाषाओं की तरह एआई सक्षम बनाने पर जोर दिया। कहा कि भाषा बहते नीर की तरह स्वच्छ, पारदर्शी, सरल, समावेशी और जीवंत होनी चाहिए। डॉ. एसएस माली ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में एक राष्ट्रीय ध्वज और एक संविधान के साथ एक जुबान की भी आवश्यकता है। हिंदी को लेकर हीनभावना चिंताजनक अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. उमा शंकर शुक्ल ने हिंदी के प्रति हीनभावना और अंग्रेजी के प्रति कुलीनता की सोच को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी ने हिंदी के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खोले हैं। प्रिंट मीडिया, इंटरनेट, सोशल मीडिया और फिल्मी दुनिया ने हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिंदी विभाग के प्रभारी प्रो. नलिन रंजन सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार जताया।
इंदौर के स्कीम-78 निवासी अंश जैन ने सोमवार देर रात विजय नगर स्थित ‘ओलियो- द वुड फायर पिज्जेरिया’ से जोमैटो के माध्यम से दो इटालियन चीज गार्लिक ब्रेड का ऑर्डर दिया था। छूट के बाद इसकी कीमत 245 रुपए थी। अन्य शुल्क मिलाकर अंश ने कुल 332.18 रुपए का भुगतान किया। खाना पहुंचने के बाद पैकेट पर हरे रंग का शाकाहारी निशान लगा था। अंश ने इसे शाकाहारी भोजन समझकर पैकेट खोला, लेकिन अंदर गार्लिक ब्रेड की जगह मांसाहारी खाद्य सामग्री मिली। हरे निशान से हुआ भरोसा, पैकेट खोलते ही चौंका युवक अंश के मुताबिक, भोजन का पैकेट मिलने पर उस पर हरे रंग का शाकाहारी निशान लगा हुआ था। उसने इसे शाकाहारी भोजन समझकर पैकेट खोल दिया। अंदर का खाना देखकर वह चौंक गया। उसका दावा है कि गार्लिक ब्रेड की जगह मांसाहारी खाद्य सामग्री भेजी गई थी। इसके बाद अंश ने जोमैटो पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसके ऑर्डर की राशि में से 331 रुपए वापस किए जाने की जानकारी दर्ज हुई है। पैकिंग और जांच व्यवस्था पर उठे सवाल मामले में सवाल है कि जब ग्राहक ने शाकाहारी भोजन का ऑर्डर दिया था और पैकेट पर भी शाकाहारी होने का हरा निशान लगा था, तो उसके अंदर मांसाहारी भोजन कैसे पहुंचा? पैकिंग के दौरान गलती हुई या किसी दूसरे ग्राहक का ऑर्डर बदलकर पहुंचा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऑनलाइन भोजन मंगाते समय ग्राहक शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की पहचान के लिए ऐप पर दिए संकेतों के साथ पैकेट पर लगे निशान पर भी भरोसा करता है। ऐसे में शाकाहारी निशान लगे पैकेट में अलग प्रकार का भोजन मिलने का दावा खाद्य सुरक्षा और पैकिंग के दौरान होने वाली जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में गणपति महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय की अध्यक्षता में भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण से हुई। प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने इस मौके पर कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, ज्ञान और मंगल के देवता हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में गणेश पूजा का खास महत्व है। गणपति महोत्सव लोगों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ ही एकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। महोत्सव का आयोजन प्रो. सीमा सरकार के संयोजन में किया गया। इसमें कार्यालय से मदन गोस्वामी, संजय कुमार श्रीवास्तव और लाइब्रेरी से शैलेंद्र कुमार ने सहयोग दिया। महाविद्यालय की प्रवक्ताओं, छात्राओं और कर्मचारियों ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना और आरती की। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद बांटा गया। कार्यक्रम में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी ने भगवान श्री गणेश से महाविद्यालय, छात्राओं और समाज के सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।
झांसी के गुरसरांय थाना क्षेत्र में एक तीन पहिया टैक्सी से गिरकर 70 साल के एक वृद्ध की मौत हो गई। यह हादसा ग्राम सरसेड़ा के पास हुआ। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग को चलती टैक्सी में नींद का झपका आ गया था, जिससे वह नीचे गिर गए। मृतक की पहचान टहरौली थाना क्षेत्र के ग्राम सितोरा निवासी गंगा प्रसाद (70) पुत्र कुंजी लाल के रूप में हुई है। वृद्ध के गिरते ही टैक्सी चालक और उसमें बैठे अन्य यात्रियों ने उन्हें तुरंत उठाया। वे इलाज के लिए उन्हें गुरसरांय अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरसरांय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में और जानकारी जुटा रही है।
पूर्व उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने पीएम आवास योजना के आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार पर भ्रामक आंकड़े जारी करने का आरोप लगाया है। सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखा। विरोधाभाषी आंकड़ों से जनता के बीच भ्रम फैल रहा है। सरकार इसमें श्वेतपत्र जारी करे। मंगलवार को रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच पीएम आवास के डिबेट के बाद पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का इस्तीफा फिर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि टीएस बाबा के इस्तीफे से भाजपा को आक्सीजन मिल गया था। भाजपा ने झूठ फैलाया। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने पीएम आवास को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने दावा किया है कि 18 लाख घर बनाए गए हैं, जबकि उसी अवधि में केंद्र सरकार का आंकड़ा 9 लाख घरों का था। हाल ही में राज्य सरकार ने नया आंकड़ा जारी करते हुए 11.9 लाख घर बनने की बात कही है। शहरी व ग्रामीण आवास का आंकड़ा जारी करे सरकार सिंहदेव ने कहा कि इन विरोधाभासी आंकड़ों से जनता के बीच भ्रम फैल रहा है, इसलिए इसे स्पष्ट करने के लिए सरकार को एक 'श्वेत पत्र' जारी करना चाहिए, जिसमें प्रतिवर्ष बने शहरी और ग्रामीण आवासों की पूरी जानकारी हो। इस्तीफे के अन्य कारण भी थे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व उप मुख्यमंत्री सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पीएम आवास योजना पास न होने के कारण नहीं, बल्कि इसे सुचारू रूप से लागू न करवा पाने की असमर्थता महसूस होने के कारण पंचायत व ग्रामीण विभाग से इस्तीफा दिया था, हालांकि इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी थे। बैज बोले-भाजपा के झूठ का गुब्बारा फूटा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा 18 लाख आवास का दावा करते हैं, मगर बने सिर्फ 11 लाख। प्रदेश में 3 बार केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आए और हर बार 3 लाख आवास की स्वीकृति दी। अगर इतने आवास की स्वीकृति दी गई तो करीब 40 लाख आवास स्वीकृत हो गए, यानी सरकार जनता को मूर्ख बनाने का काम कर रही है। बैज ने कहा कि डिबेट से पीएम आवास को लेकर सरकार जो प्रोपैगैंडा फैला रही थी, वह बेनकाब हो गया। बैज ने कहा कि कोरोनाकाल में आवास नहीं बना ये भूपेश बघेल ने भी कहा। टीएस बाबा ने विभाग छोड़ा इसके कई रीजन है। लेकिन इससे भाजपा को मुद्दा मिल गया। उस समय भाजपा वेंटिलेटर पर गई थी, उसे ऑक्सीजन मिल गया और वे इसे लेकर धरना प्रदर्शन करने लगे।
जालौन में बेसहारा बहनों को मदद:माता पिता और दादी का निधन, लेखपालों ने दी राशन आर्थिक सहायता
जालौन के ग्राम सींगपुरा में माता-पिता और दादी की मृत्यु के बाद बेसहारा हुई 6 बहनों के मामले में तहसील क्षेत्र के लेखपालों ने बच्चियों को राशन और आर्थिक सहायता दी है। लेखपालों ने बच्चियों को 11,000 रुपए का राशन, बर्तन, सिलिंडर आदि दिलाया। इसके साथ ही बच्चियों के लिए 50,700 रुपए की सहायता भी दी गई। इसमें 700 रुपए उन्हें नकद दिए गए और 50,000 रुपए बच्चियों की सहमति से उनके खाते में जमा किए जाएंगे। ग्राम सींगपुरा निवासी विजय सिंह बरार का वर्ष 2023 में बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनकी छह बेटियां हैं। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन उनके निधन के बाद मां रामसिया ने बेटियों की जिम्मेदारी उठाई, लेकिन एक माह बाद उनका भी निधन हो गया। अब बेटियों का एकमात्र सहारा उनकी दादी थीं, जिनका भी हाल ही में देहांत हो गया। दादी के देहांत के बाद सभी बच्चियां बेसहारा हो गई हैं। जब सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी को इस बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने लेखपालों के साथ मिलकर बच्चियों की मदद का बीड़ा उठाया। सदर लेखपाल ने बताया कि कच्चे घर की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान और परिजनों से घर के अंदर समतलीकरण कराने के लिए कहा गया। साथ ही आश्वासन दिया कि घर बनवाने के लिए आवास और शौचालय दिलाया जाएगा। इस राहत पाकर बच्चियों ने राहत महसूस की है। इस मौके पर लेखपाल पूजा राजपूत, वैभव त्रिपाठी, मयंक यादव, आकाश तिवारी, सुधा अग्रवाल, अभिनाश द्विवेदी, विक्रांत आदि मौजूद रहे।
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अब अहातों में शराब पीने और पिलाने के मामले में और सख्ती बरती जाएगी। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आबकारी विभाग के संभागीय उपायुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में तत्काल अवैध रूप से संचालित सभी अहाते बंद कराएं। उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में अहातों को प्रतिबंधित किया गया है, इसके बावजूद यदि किसी जिले में दुकानों के आसपास बिना अनुमति शराब का सेवन कराया जा रहा है, तो संबंधित लाइसेंसधारियों के साथ संबद्ध अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सागर जिले की घटना अत्यंत दुःखद है और इसकी पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। दोबारा ऐसी घटना होने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मंगलवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों और आबकारी अपराधों की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि अधिकारियों को पदोन्नति के साथ बड़ी जिम्मेदारी मिली है। अपेक्षा है कि सभी अधिकारी पूरी दक्षता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव अमित राठौर, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना एवं सभी संभागीय उपायुक्त उपस्थित थे। अवैध शराब के उत्पादन से लेकर बिक्री तक पर करें सख्त निगरानी उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने अवैध शराब के उत्पादन, संग्रहण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश देते हुए कहा कि सभी उत्पादन इकाइयों पर विशेष निगरानी रखी जाए। आदतन आबकारी अपराधियों पर कड़ी नजर रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए जाएं। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने तथा विभागीय सूचना तंत्र को मजबूत कर अधिक से अधिक सूचनाएं प्राप्त करने के निर्देश दिए। ओवर रेटिंग पर करें तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने शराब दुकानों पर तय मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने यानी ओवररेटिंग को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर तत्काल जांच कर कार्रवाई करे। अवैध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए अविलंब टोल-फ्री नंबर जारी करने की कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने शासन द्वारा घोषित धार्मिक स्थलों एवं पवित्र नगरीय क्षेत्रों के आस-पास शराब बेचने पर रोक का कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने मंदसौर, जबलपुर और नर्मदापुरम सहित विभिन्न स्थानों से मिली शिकायतों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों से संवाद और शिकायतों का त्वरित समाधान उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सभी आबकारी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखने तथा आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आबकारी अपराधों पर नियंत्रण, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेरठ कॉलेज के शिक्षा विभाग में मंगलवार को भारत विकास परिषद उत्कर्ष शाखा की ओर से ‘साइबर सुरक्षा व अपराध’ विषय पर वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मुख्य वक्ता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चीफ मैनेजर गीता सिंह ने कहा कि आज जीवन के लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल मीडियम का इस्तेमाल हो रहा है। मोबाइल और लैपटॉप से एक क्लिक में कई काम आसानी से हो जाते हैं, लेकिन इसके साथ साइबर क्राइम का जोखिम भी बढ़ा है। सोशल आइडेंटिटी डैमेज और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट की सुरक्षा के साथ डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति से बचने के बारे में भी जानकारी दी। रीजनल डायरेक्टर, नार्थ इंडिया, इनोमेंटिस बेंगलुरु अशोक कुमार ने कहा कि सभी ऑनलाइन अकाउंट के पासवर्ड मजबूत रखें और समय-समय पर बदलते रहें। पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। अनजान मैसेज और ईमेल में आए लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। उन्होंने कहा कि डिजिटल अनुशासन जरूरी है और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी परिवार और दोस्तों के साथ भी साझा करनी चाहिए। कार्यक्रम में मेरठ कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह, शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम सिंह, प्रो. विनीता सिंह, कार्यक्रम संयोजक प्रो. एसके पुंडीर, प्रो. संजय कुमार और प्रो. शालिनी त्यागी मौजूद रहे। शाखा अध्यक्ष योगेश रस्तोगी ने मुख्य वक्ता गीता सिंह को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और सभी अतिथियों, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं का आभार जताया। कार्यक्रम में शाखा संरक्षक आलोक भटनागर, राजेश सिंघल, पूर्व अध्यक्ष पंकज गोयल, सचिव गौरव गुप्ता, महिला संयोजिका पारुल गोयल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कटनी जिले के चर्चित सौदेबाजी मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा समेत तीनों नामजद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार दोपहर वकील अवनीश तिवारी ने जिला कोर्ट में आवेदन देकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वकील अवनीश तिवारी ने कोर्ट से अपील की है कि कानून-व्यवस्था और न्याय बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कुठला थाना प्रभारी, कटनी एसपी, एसआईटी, आईजी और डीजीपी को बीएनएसएस की धाराओं के तहत मिली शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करने की बात कही है। संभावित ठिकानों और नेताओं की संपत्ति जांच की मांग आवेदन में कहा गया है कि फरार आरोपी मारूफ का पता लगाने के लिए कटनी, जबलपुर और भोपाल के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े नेताओं की संपत्तियों की भी जांच की मांग की गई है। लोकेशन साफ करने और हाई कोर्ट जाने की तैयारी वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि तीनों मुख्य आरोपियों-नेहा, क्षितिज और मारूफ की मौजूदा लोकेशन का पता लगाया जाए। अगर वे विदेश भाग गए हैं, तो उनकी फ्लाइट और ट्रैवल की पूरी जानकारी पेश की जाए। इसके अलावा कोर्ट से जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश देने की मांग की गई है। वकील अवनीश तिवारी ने साफ किया है कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। सिद्ध बाबा घाटी के पास भालू के हमले में खोंगापानी वार्ड नंबर 7 निवासी हरिवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें महतारी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हरिवंश सिद्ध बाबा घाटी के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद वहां से गुजर रही महतारी एक्सप्रेस के ड्राइवर की नजर घायल बुजुर्ग पर पड़ी। उसने उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ पहुंचाया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। घाटी के आसपास 4-5 भालुओं की मौजूदगी मनेन्द्रगढ़ रेंजर विश्नाथ साहू के मुताबिक सिद्ध बाबा घाटी और आसपास के क्षेत्र में पिछले कई दिनों से 4-5 भालू घूमते दिखाई दे रहे हैं। भालुओं की लगातार मौजूदगी से शहर और आसपास के इलाकों में लोगों में डर का माहौल है। आबादी के पास पहुंच रहे भालू, सुरक्षा पर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि भालू लगातार आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद लोगों ने वन विभाग से भालुओं की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
भोपाल के एमपी नगर स्थित ड्रैगन हाउस रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार को यहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम निरीक्षण करने पहुंची थी। इस दौरान किचन में चूहे मिले तो 5 पैकेट मशरूम सड़ी और खराब अवस्था में पाए गए। मशरूम को मौके से ही डस्टबिन में फिंकवाया गया। इस रेस्टोरेंट में एक्सपायर्ड मसाले के पैकेट मिले। जिन पर चूहों द्वारा कुतरे जाने के निशान पाए गए। किचन में चूहों की उपस्थिति के प्रमाण मिले और मैनेजर ने भी प्रतिष्ठान में चूहों की समस्या से परेशान होना बताया गया। शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों का पृथक भंडारण नहीं पाया गया। 5 फ्रीजर में खाद्य पदार्थों का एक साथ भंडारण किया जाना पाया गया। प्रतिष्ठान में सैनिटरी एवं हाइजीनिक आवश्यक शर्तों का पूर्णतः पालन नहीं किया जा रहा था। यहां से खाद्य सामग्री की सैंपलिंग भी की गई। इंडियन कॉफी हाउस भी पहुंची टीमखाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एमपी नगर क्षेत्र के तीन होटल और रेस्टोरेंट में टीम पहुंची। एमपी नगर के ही इंडियन कॉफी हाउस की भी जांच की गई। इस दौरान खुले डस्टबिन पाए गए और साफ-सफाई के उचित प्रबंध नहीं थे। पैक्ड पापड़ मिसब्रांडेड पाए गए। जिसके संबंध में प्रतिष्ठान द्वारा उक्त पापड़ केरल से आया होना बताया गया। नॉनवेज खाद्य पदार्थों के लिए पृथक भंडारण एवं प्रोसेसिंग की व्यवस्था नहीं पाई गई। नॉनवेज खाद्य पदार्थों के लिए पृथक बर्तनों एवं फ्रीजर की व्यवस्था भी नहीं पाई गई। 2 कड़ाहियां काली हो चुकी थीं। ड्रेनेज से पानी का संचालन भी उचित नहीं पाया गया। यहां एक खाद्य सामग्री का नमूना लिया गया। इसी तरह एमपी नगर स्थित राजहंस होटल के निरीक्षण के दौरान 2 डस्टबिन खुले पाए गए और एक पैकेट मशरूम खराब/सड़ा हुआ मिला। कुल 15 कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाया गया। पेयजल की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं पाई गई। पनीर का भौतिक सत्यापन किया गया। 250 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता के संबंध में शंका होने पर पनीर का 1 नमूना लिया गया।
मुजफ्फरपुर की एक महिला को किशनगंज में देह व्यापार के लिए मजबूर करने के आरोप में दो महिलाओं को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। पीड़िता को मानसिक अस्वस्थता का फायदा उठाकर समस्तीपुर से अगवा किया गया था ।
आज का कानपुर मंडी भाव 15 सितंबर: गेहूं, चावल, दाल और Gold-Silver Price
कानपुर में 15 सितंबर के लिए विभिन्न कृषि उत्पादों जैसे गेहूं, चावल, दालों और तिलहनों के न्यूनतम-अधिकतम भाव जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, सराफा बाजार में सोने और चांदी के नवीनतम दाम भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
लखनऊ में टाइफाइड-हैजा का खतरा:दूषित पानी के सेवन से बचे, विशेषज्ञ बोले- सावधानी बरतें
लखनऊ में बारिश के साथ गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन जलभराव और दूषित पानी-खाने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के साथ टाइफाइड, हैजा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और हेपेटाइटिस भी मानसून में परेशान कर सकते हैं। लखनऊ के अवंती बाई अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. फहिजान अहमद ने मानसून में होने वाली बीमारियों के लक्षण और बचाव के तरीके बताए। डॉ. अहमद के मुताबिक, डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। इसमें अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द और शरीर पर चकत्ते हो सकते हैं। मलेरिया में ठंड लगकर तेज बुखार, पसीना, सिरदर्द और उल्टी हो सकती है। चिकनगुनिया में बुखार के साथ जोड़ों में तेज दर्द और कमजोरी रहती है। दूषित पानी से टाइफाइड-हैजा का खतरा मानसून में घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों और खाली बर्तनों की नियमित सफाई करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। दूषित पानी और भोजन से टाइफाइड, हैजा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और हेपेटाइटिस ए-ई का खतरा बढ़ता है। टाइफाइड में लगातार बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और उल्टी हो सकती है। हैजा और गैस्ट्रोएंटेराइटिस में उल्टी, पेट में मरोड़ और पानी जैसे दस्त हो सकते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी का खतरा रहता है। शरीर में पानी की कमी का खतरा हेपेटाइटिस में पीलिया, भूख कम लगना, गहरे रंग का पेशाब और थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। वहीं मौसम में नमी और तापमान में बदलाव से वायरल फ्लू और सर्दी-जुकाम भी बढ़ सकता है। इसमें खांसी, गले में खराश, नाक बहना, बुखार और बदन दर्द सामान्य लक्षण हैं।
जबलपुर के गोरा बाजार थाना क्षेत्र में 2020 में किसान बंशीलाल कुशवाह की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने मृतक की ओर से कथित रूप से दिया गया बयान निर्णायक रूप से मृत्यु पूर्व बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) नहीं माना जा सकता। उसकी वास्तविकता और उसमें कही गई बातों की साक्ष्य के रूप में अहमियत को अन्य सबूतों के आधार पर साबित करना होगा। जस्टिस हिमांशु जोशी की अदालत ने मृतक की पत्नी की याचिका खारिज कर दी। 2020 में पुलिस पर लगा था मारपीट का आरोप मामला अप्रैल 2020 का है। लॉकडाउन के दौरान 16 अप्रैल की रात किसान बंशीलाल कुशवाह के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के आरोप लगे थे। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें किसान ने छह पुलिसकर्मियों के नाम लिए थे। इसके बाद सभी छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उइके ने भी कार्रवाई की पुष्टि की थी। इलाज के दौरान हुई थी मौत बंशीलाल को 19 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 20 अप्रैल 2020 को उनकी मौत हो गई। मामले की जांच सीएसपी स्तर के अधिकारी से कराई गई थी। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पत्नी ने एफआईआर के लिए कोर्ट का रुख किया बंशीलाल की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस की कथित मारपीट के कारण उनके पति की मौत हुई। उनका कहना था कि मौत से पहले बंशीलाल ने मीडिया के सामने पुलिसकर्मियों के नाम लिए थे। उन्होंने एसपी को भी तस्वीरों और समाचारों के जरिए मामले की जानकारी दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पत्नी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष आवेदन दिया। पुलिस से रिपोर्ट मंगाई गई, जिसमें बताया गया कि मर्ग जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच की जा चुकी है। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया। मजिस्ट्रेट ने शिकायत को सीआरपीसी की धारा 200 के तहत निजी शिकायत के रूप में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। रिवीजन खारिज होने के बाद पहुंचीं हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ पत्नी ने द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिसे भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जिला प्रशासन द्वारा परिवार को दी गई 50 हजार रुपए की सहायता राशि भी पुलिसकर्मियों की कथित मारपीट का समर्थन करती है और सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए जाने चाहिए। मेडिकल साक्ष्यों में पुलिस पिटाई से मौत की पुष्टि नहीं राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मेडिकल साक्ष्यों से यह साबित नहीं होता कि पुलिस की कथित मारपीट के कारण किसान की मौत हुई। मजिस्ट्रेट स्तर की जांच में भी मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। 50 हजार की सहायता राशि से भी पुलिस की भूमिका साबित नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने मृतक की ओर से कथित रूप से दिया गया बयान इस स्तर पर निर्णायक रूप से डाइंग डिक्लेरेशन नहीं माना जा सकता। उसकी वास्तविकता और साक्ष्य के रूप में उसकी अहमियत को अन्य सबूतों के आधार पर साबित करना होगा। इसी तरह जिला प्रशासन की ओर से दी गई 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत हत्या के कारण हुई या इसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका थी। पोस्टमार्टम में हेरफेर के आरोप पर भी दखल से इनकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित हेरफेर के आरोप पर भी हाईकोर्ट ने इस स्तर पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए इस स्तर पर विभिन्न सामग्रियों का तुलनात्मक मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि मृतक की पत्नी के पास मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रभावी कानूनी उपाय उपलब्ध है। निचली अदालतों के आदेशों में अधिकार क्षेत्र संबंधी कोई त्रुटि, स्पष्ट विकृति या गंभीर कानूनी खामी नहीं मिली। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
ललितपुर में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले में लोगों की भागीदारी से नई पहल की जा रही है। 24 सितंबर को जिले की सभी 415 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्र के 58 वार्डों समेत करीब 800 स्थानों पर एक साथ हरिशंकरी पौधे लगाए जाएंगे। अभियान में पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। प्रत्येक पौधे के पालन-पोषण का चार साल तक संकल्प लिया जाएगा। मंगलवार शाम 5 बजे विकास भवन सभागार में राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में अभियान की दूसरी बैठक हुई। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में 24 सितंबर को होने वाले सामूहिक पौधरोपण की तैयारियों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। बैठक में तय किया गया कि हरिशंकरी पौधरोपण को सिर्फ सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी वाला पर्यावरण और सांस्कृतिक अभियान बनाया जाएगा। विकासखंड और नगर स्तर पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर पौधरोपण के स्थान चिह्नित किए जाएंगे। इसके साथ ही गड्ढे खोदने, पौधों की उपलब्धता, उन्हें मौके तक पहुंचाने, रोपण और संरक्षण की जिम्मेदारी पहले से तय की जाएगी। नदियों, नहरों और तालाबों के किनारे भी उपयुक्त स्थानों पर हरिशंकरी पौधे लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के साथ जलस्रोतों के आसपास भी हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। लोक भारती के गोपाल मोहन उपाध्याय ने अभियान की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विकासखंडों और नगर निकायों में संबंधित अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें होंगी। इनमें तय किया जाएगा कि पौधा कहां लगाया जाएगा, कौन लगाएगा और चार साल तक उसकी देखभाल कौन करेगा। उन्होंने बताया कि हरिशंकरी में पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधों को एक ही स्थान पर लगाया जाता है। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में इन वृक्षों का विशेष महत्व है। इनके संरक्षण से छाया, जैव विविधता और पक्षियों समेत अन्य जीव-जंतुओं के लिए आश्रय उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
मंदसौर के नई आबादी थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 100 ग्राम एमडी ड्रग और 4 किलो 700 ग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। जब्त एमडी की कीमत करीब 10 लाख रुपए और डोडाचूरा की कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर खिलचीपुर फंटे पर घेराबंदी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक मोटरसाइकिल से मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने खिलचीपुर फंटे पर घेराबंदी की। बाइक सवार दोनों युवकों को रोककर तलाशी ली गई। उनके पास से एमडी ड्रग और डोडाचूरा मिला। पुलिस ने मोईन पिता इरफान मेवाती (21) और शेरू पिता यूनुस खान (21) को गिरफ्तार किया है। दोनों खानपुरा के नारायण नगर के रहने वाले हैं। मामले में मजीद खान पिता इफ्तिकार खान निवासी काजी चौक, मंदसौर फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बाइक और दो मोबाइल भी जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 100 ग्राम एमडी ड्रग और 4.7 किलो डोडाचूरा जब्त किया है। इसके अलावा करीब 70 हजार रुपए कीमत की हीरो स्प्लेंडर बाइक (MP14ZA1036) और करीब 20 हजार रुपए कीमत के वीवो व ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/15, 22 और 29 के तहत केस दर्ज किया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब आरोपियों से एमडी और डोडाचूरा की सप्लाई के बारे में पूछताछ करेगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि उन्हें मादक पदार्थ कहां से मिले थे। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई यह कार्रवाई एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देश पर की गई। नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने पुलिस टीम का नेतृत्व किया। एडिशनल एसपी एस. बघेल ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मंदसौर पुलिस का कहना है कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से छेड़छाड़, अश्लील वीडियो बनाने और वीडियो दिखाकर दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की कैद सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1 लाख 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी महिला को कोर्ट ने बरी कर दिया। पुलिस के मुताबिक, करहल थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 223/2024 की जांच के बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा था। मुकदमे में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(जे)(ii), 5एल, 6, 16 व 17 के तहत कार्रवाई की गई थी। एफआईआर 31 मई 2024 को दर्ज हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके बाद वीडियो दिखाकर उसे डराया-धमकाया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता को किसी को भी घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था। मामले की सुनवाई मैनपुरी की विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में हुई। सजा सुनाते समय जांच अधिकारी द्वारा जुटाए गए सबूत, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान समेत अन्य अहम साक्ष्यों को आधार बनाया गया। अभियोजन की ओर से एपीओ श्रीमती शैलेंद्र राजपूत, कोर्ट मोहर्रिर मोकै ललिता और हेड कांस्टेबल राहुल पाठक समेत अन्य पुलिस व अभियोजन कर्मी शामिल रहे। अदालत ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर करहल थाना क्षेत्र के भूरामई निवासी रामशरण उर्फ टिल्लू पुत्र श्रीकृष्ण को दोषी ठहराया। उसे 20 साल की कठोर कैद और 1,02,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं, मामले में आरोपी राखी पत्नी धर्मेंद्र, जो वहीं की रहने वाली है, को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
मंदसौर के मल्हारगढ़ क्षेत्र में किसान सोयाबीन और उड़द की फसलों पर पिलामोजक और इल्लियों के प्रकोप से परेशान हैं। सोमवार को हुई तेज बारिश से नगर के ईदगाह क्षेत्र के कई घरों में पानी घुस गया। बोरखेड़ी-झारड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से बिजली के उपकरण भी जल गए। इन समस्याओं को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को तहसीलदार पंकज जाट से मुलाकात की। खराब फसलें लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे किसान जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा, अजहर हयात मेव, बाबुखा मेवाती, अजित कुमठ और रामचंद्र करुण सहित कांग्रेस नेता तहसील कार्यालय पहुंचे। किसान पिलामोजक से खराब हुई उड़द और सोयाबीन की फसलें भी साथ लेकर आए। कांग्रेस नेताओं ने फसलों का तुरंत सर्वे कराने और किसानों को फसल बीमा व मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पिलामोजक और इल्लियों के साथ घोड़ारोज से भी फसलों को नुकसान हो रहा है। घोड़ारोज की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग भी की गई। ईदगाह क्षेत्र के घरों में घुसा बारिश का पानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा, अजहर हयात मेव और लियाकत मेव ने बताया कि सोमवार को तेज बारिश के कारण ईदगाह क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया। प्रभावित घरों में बानो बी, मुमताज बी, मेराज बी, भुरू भाई, यूसुफ भाई, रानू बी, तौफीक भाई, रफीक भाई, भूरा भाई, सुल्ताना बी, गुड्डी बी, मागुबाई, एहसान भाई, याकूब भाई और खाजू खां के घर शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि फोरलेन बनाने वाली कंपनी और नगर परिषद की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को मुआवजा और राहत देने की मांग की। आकाशीय बिजली से जले उपकरणों का भी सर्वे मांगा बोरखेड़ी और झारड़ा में रविवार और सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से बिजली के उपकरण जल गए थे। कांग्रेस नेताओं ने इनका भी सर्वे कराने और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की। तेज बहाव में दो लोगों की जान बचाने वालों का सम्मान कांग्रेस नेताओं ने बोरखेड़ी में तेज बारिश के दौरान पानी के बहाव में बह रहे अशोक भाटी और संतोष दमामी की जान बचाने वाले हुसैन मिर्जा, आसिफ मेव और फरदीन मेव का पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया। बताया गया कि तीनों ने तेज बहाव में उतरकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला था। कांग्रेस नेताओं ने बारिश से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष कोहिनूर मेव, मंडलम अध्यक्ष अनवर भाई मंसूरी, पार्षद दिलीप तिवारी, प्रीतपाल सिंह शक्तावत, हाजी मजीद खां पठान, बालू पाटीदार खबरी, बेलारा के पूर्व सरपंच जाटव, कल्लू प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीआरडी जवानों को योगी सरकार का तोहफा, दैनिक भत्ता बढ़ा और मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पीआरडी जवानों का दैनिक भत्ता 500 से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया है, जिससे 27,794 सक्रिय जवानों को लाभ मिलेगा।
कानपुर, उन्नाव सहित उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 16 सितंबर को ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। मरीज मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग सहित विभिन्न विभागों में डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे, हालांकि अस्पताल जाने से पहले उपलब्धता की जांच करने की सलाह दी गई है।
कानपुर में स्मार्ट सिटी के तहत विकास कार्यों के दावों के बीच बर्रा-6 की एक तस्वीर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। वार्ड नंबर 67 के सी ब्लॉक में नाली की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय खुद ही नाली निर्माण शुरू करा दिया। इसके लिए मोहल्ले के लोगों ने घर-घर से चंदा जुटाया। किसी परिवार ने 1500 रुपए दिए तो किसी ने 2000 रुपए। लोगों ने रकम इकट्ठा होने के बाद नाली की खोदाई और निर्माण का काम शुरू कर दिया। देखिए 3 तस्वीरें… जलभराव से परेशान हुए लोग रामकुमारी सिंह ने बताया कि इलाके में नाली की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान सड़क और गलियों में जलभराव हो जाता है। घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को निकलने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने आपस में पैसा जुटाकर समस्या का समाधान करने का फैसला लिया। जलभराव से परेशान लोग निर्माण कार्य में जुटे नाली निर्माण शुरू हुआ तो स्थानीय लोगों ने इसमें श्रमदान भी किया। महिलाएं भी फावड़ा लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचीं। कोई मिट्टी हटाता नजर आया तो कोई ईंट, गारा और निर्माण सामग्री जुटाने में मदद करता दिखा। लोगों का कहना है कि जिस काम की जिम्मेदारी नगर निगम की व्यवस्था के तहत पूरी होनी चाहिए, उसके लिए उन्हें अपनी जेब से पैसा लगाने के साथ खुद करना पड़ रहा है। टैक्स देने के बाद फिर चंदा क्यों? स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। इलाके के प्रशांत अग्निहोत्री ने बताया कि जब सरकारी विभाग हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और दूसरे करों का भुगतान लेते हैं, इसके बाद भी बुनियादी सुविधा के लिए चंदा करना पड़ रहा है? उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन जब राहत नहीं मिली तो मोहल्ले के लोगों ने खुद जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच बुनियादी सुविधा का सवाल स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि शहर में स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की बात होती है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को नाली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी खुद आगे आना पड़ रहा है।
खैरथल-तिजारा जिले की खैरथल नगर परिषद में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह (विक्की चौधरी) समेत 11 कांग्रेस के पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर सभी ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। विक्रम चौधरी के भाजपा में शामिल होने से खैरथल नगर परिषद में बोर्ड गठन के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पहले चुनाव नतीजों में कांग्रेस को 20, भाजपा को 8 और निर्दलीय को 17 पार्षद मिले थे। इससे कांग्रेस के बोर्ड बनने की संभावना थी। पूर्व विधायक का दावा-बीजेपी का बनेगा बोर्ड अब कांग्रेस के 11 पार्षदों के भाजपा में आने से भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में दिख रही है। पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने खैरथल नगर परिषद में बोर्ड गठन पर कहा कि भाजपा के पास पूरे पार्षद हैं और खैरथल में भाजपा का ही बोर्ड बनेगा। उनके इस बयान के बाद सभापति पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई है। अब खैरथल नगर परिषद में सभापति की कुर्सी किसके हिस्से आएगी, यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद बदले सियासी गणित पर सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर टिकी हैं। खैरथल नगर परिषद के विजेता
भागलपुर की बदलती तस्वीर: जिच्छो टोल प्लाजा होगा बंद, खगरा में बनेगा 8-लेन का नया टोल
विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल और नवगछिया-भागलपुर एनएच 131बी के फोरलेन बनने के बाद जिच्छो टोल प्लाजा बंद हो जाएगा। नया टोल प्लाजा नवगछिया से 2.3 किमी दूर खगरा में आठ लेन का बनेगा, जिसके लिए डीपीआर मंत्रालय को भेजी गई है।
मैहर जिले में 17 सितंबर को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 4 लाख 86 हजार दीप जलाए जाएंगे। मां शारदा माता मंदिर परिसर में अकेले 1 लाख 11 हजार से ज्यादा 'आशीर्वाद के दीप' जलाने की तैयारी है। अभियान की शुरुआत जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में रक्तदान शिविरों से होगी। मंदिर परिसर में 1.11 लाख दीप मां शारदा माता मंदिर परिसर में 1 लाख 11 हजार से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक, मंदिर परिसर में होने वाला दीपोत्सव आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। मैहर, अमरपाटन और रामनगर में आयोजन 17 सितंबर को मैहर, अमरपाटन और रामनगर समेत प्रमुख शहरों और कस्बों में लोगों की भागीदारी से दीप जलाए जाएंगे। जिले में कुल 4.86 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। रक्तदान शिविरों से होगी शुरुआत 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत जिले के अलग-अलग अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बड़े रक्तदान शिविरों के साथ होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में एडीएम रोशन राय ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिला अधिकारियों, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और नगर परिषदों के सीएमओ को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं। एडीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ आयोजन पूरा कराने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना और सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा बैठक में स्वामित्व योजना की प्रगति और लंबित सीएम हेल्पलाइन मामलों की भी समीक्षा की गई। एडीएम ने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
भदोही में पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या:अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, आरोपी फरार
भदोही में पूर्व प्रधान और समाजवादी पार्टी के सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, हंडिया क्षेत्र में बदमाशों ने पवन यादव को निशाना बनाते हुए उन पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल के नाथू बरखेड़ा नीलबड़ स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के दौरान करीब 700 पेड़ काटने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) ने अपना रुख सख्त किया है। 15 दिन यानी, 30 सितंबर तक एक के बदले 10 गुना (7000) पौधे लगाने के कड़े आदेश दिए हैं। पौधों की 100% उत्तरजीविता वन विभाग देखेगा। इसकी जीपीएस फोटो सहित कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करना होगी। एनजीटी ने सड़क निर्माण एवं विकास कार्यों के दौरान 700 से अधिक वृक्षों की कटाई और उनके बदले समय पर पौधरोपण न होने के नितिन सक्सेना बनाम मप्र.रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड व अन्य के मामले में यह आदेश सुनाया। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि काटे गए 700 पेड़ों की भरपाई के लिए वन विभाग एवं सामाजिक वानिकी चालू वर्षा सत्र में 10 गुना अनुपात में यानी कुल 7,000 पौधे लगाए। एनजीटी ने इस पौधरोपण कार्य को 30 सितंबर 2026 से पहले अनिवार्य रूप से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। एनजीटी का यह आदेश याचिकाकर्ता बोले- पेड़ काटे लेकिन नए नहीं लगाएआवेदक नितिन सक्सेना ने याचिका में यह मुद्दा उठाया था कि स्टेडियम निर्माण और सड़क निर्माण के दौरान 700 से अधिक पेड़ काट दिए गए, लेकिन अभी तक पौधरोपण नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान राज्य शासन के अधिवक्ता प्रशांत एम. हर्णे और वन विभाग के अधिकारी एसडीओ श्वेता सिंह एवं प्रीति ने पीठ को बताया कि बजट आवंटन में देरी और भूमि की अनुपलब्धता के कारण विलंब हुआ था। अब बजट आवंटित हो चुका है तथा चालू वर्षा ऋतु में पौधरोपण की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 16 अक्टूबर को होगी सुनवाईमामले में आवेदक पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता उपस्थित हुए। प्रकरण की अगली सुनवाई हेतु 16 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। इस दिन राज्य शासन एवं वन विभाग को अपनी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
रायसेन की जिला पंचायत के रिक्त पदों के लिए हो रहे उपचुनाव में सोमवार, 15 सितंबर को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख रही। जिले के तीन जिला पंचायत वार्डों के लिए कुल 9 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। वार्ड क्रमांक-3 (मेहगांव क्षेत्र) से पूजा राकेश चौकसे ने नामांकन से पहले शहर में समर्थकों के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थक कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पूजा चौकसे ने सहायक निर्वाचन अधिकारी विशा माधवानी के सामने नामांकन फॉर्म जमा किया। अन्य प्रत्याशियों ने भी समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन दाखिल किए। तीन वार्डों में ये प्रत्याशी मैदान में वार्ड क्रमांक-3 (सांची) से राकेश चौकसे, पूजा राकेश चौकसे, रघुवीर सिंह और लक्ष्मण सिंह ने नामांकन दाखिल किया है। वार्ड क्रमांक-14 (बाड़ी) से दशरथ, श्यामसिंह और संदीप कुमार ने फॉर्म भरा। वार्ड क्रमांक-17 (औबेदुल्लागंज) से संजू और राजकपूर ने नामांकन जमा किया है। अब 17 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 18 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी और उन्हें चुनाव चिन्ह दिए जाएंगे। नाम वापसी के बाद ही मुकाबले की स्थिति साफ होगी। अगर वार्ड-3 से कोई नाम वापस नहीं लेता है तो यहां चार उम्मीदवारों के बीच चुनाव हो सकता है। वार्ड-3 में 50 हजार मतदाता वार्ड क्रमांक-3 में 32 ग्राम पंचायतें आती हैं। यहां करीब 50 हजार मतदाता हैं। इनके लिए 84 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अलग-अलग समाजों के मतदाता चुनाव नतीजों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। स्थानीय स्तर पर इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते हैं। इसके बावजूद राजनीतिक दलों के नेताओं की नजर इस सीट पर रहेगी। प्रत्याशियों को राजनीतिक समर्थन मिलने की संभावना है।
अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी करने को हरी झंडी दे दी है। यूनिवर्सिटी का निर्माण 9.530 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद अब इसके निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्वामी राकेश गुप्ता साईं ने बताया कि संस्थान की ओर से यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही थीं। सारसौल क्षेत्र में पहले से ही आयुर्मेवेदिक मेडिकल कॉलेज संचालित है। अब प्रदेश सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति मिलने के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान का विस्तार किया जाएगा।उन्होंने बताया कि लाइसेंस जारी होते ही यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। सरकार की कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने को उन्होंने अलीगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मेडिकल शिक्षा के बाद अब उच्च शिक्षा का विस्तारसाईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के शुरू होने के बाद अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होगा। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में पहले से काम कर रहे संस्थान की ओर से अब यूनिवर्सिटी के माध्यम से विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम विकसित करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ही 9.530 हेक्टेयर में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी परिसर में शैक्षणिक एवं अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की दिशा में काम किया जाएगा। इससे अलीगढ़ और आसपास के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है। राकेश गुप्ता साईं ने कहा कि सरकार की मंजूरी के बाद अब आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी। लाइसेंस जारी होने के बाद यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़ा काम शुरू कराया जाएगा। आगामी शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्यक्रमों को लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच के लिए नई एटीएस नीति-2026 को मंजूरी मिली है। अब हर जिले में तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन खुल सकेंगे।
गोंडा में मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे 19 साल के हॉकी खिलाड़ी ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कुत्ते के पट्टे से लटका मिला। युवक स्टेट लेवल का हॉकी खिलाड़ी भी था। भाई ने लड़की से झगड़े के बाद सुसाइड करने की बात कही है। जिस समय हॉकी खिलाड़ी की मौत हुई, उसके हाथ में मोबाइल फोन था। वाट्सएप पर किसी लड़की की वाट्सएप कॉल आ रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला… बहराइच रोड निवासी विवेक कुमार गुप्ता (19) कॉस्मेटिक की दुकान चलाता था और स्टेटल लेवर पर हॉकी भी खेल चुका था। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार को वह दिनभर दुकान पर था। मंगलवार शाम को खाना खाने घर आया और कुछ देर बाद दोबारा दुकान चला गया। दुकान से लौटने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। कुत्ते के पट्टे से लटका मिला शव परिजनों के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे जब परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो विवेक कुत्ते के पट्टे से फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। नगर कोतवाली और मिश्रौलिया चौकी की पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।्र किसी लड़की से बात करता था विवेक परिजनों के अनुसार, घटना के बाद विवेक का मोबाइल देखा गया तो उस पर एक लड़की की वाट्सएप कॉल आ रही थी। बड़े भाई विनय गुप्ता ने बताया व्यापार या परिवार में किसी तरह की परेशानी नहीं थी। विवेक किसी लड़की से बात करता था। परिवार को शक है कि लड़की से विवाद के बाद उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। आखिरी बार 2024 में स्टेट लेवल मैच खेला था विवेक की शुरू से ही खेल के प्रति रुचि थी। उसने 10 साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया था। करीब 8 साल तक हॉकी की प्रैक्टिस करने के बाद साल 2018 से उसने जिला, मंडल और स्टेट लेवल कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। विवेक ने साल 2024 में मेजर ध्यानचंद की जयंती के सम्मान में आयोजित प्रदेश स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में अंतिम मैच खेला था। इसमें वह महज एक अंक से टॉप-3 में जगह बनाने से चूक गया था। पिछले 2 सालो से वह जिला और मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल रहा था। जिला स्तर की कई प्रतियोगिताओं में विवेक की टीम ने जीत हासिल की थी। मंडल लेवल पर भी कई इनाम जीते थे। मोबाइल पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में लिया परिजनों ने विवेक का मोबाइल पुलिस को सौंप दिया है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया- मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। परिजनों ने किसी लड़की से विवाद की आशंका जताई है। उसका भी पता लगाया जा रहा है। परिजनों ने बताया- इसी घर में करीब एक साल पहले विवेक के सौतेले भाई की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बेहतर शिक्षा के मुद्दे को लेकर आइसा की महाजुटान यात्रा मंगलवार को अयोध्या पहुंची। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का जेन जी राइजिंग महाजुटान सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में आयोजित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में निकली यात्रा प्रयागराज से शुरू होकर वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर होते हुए अयोध्या पहुंची। यहां वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। मीडिया से बातचीत में नेहा बोरा ने कहा कि देश और प्रदेश में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा के सवाल पर जगह-जगह आंदोलन चल रहे हैं। आइसा इन आंदोलनों के समर्थन में यात्रा निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलना जरूरी है। हालांकि, बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने लेफ्ट के लगातार सत्ता से बाहर रहने को लेकर सवाल किया तो नेहा बोरा नाराज हो गईं। उन्होंने पत्रकारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकारों को अनपढ़ होना शोभा नहीं देता। उनके इस बयान के बाद बातचीत का माहौल गरमा गया।
भोपाल के करीब 45 इलाकों में बुधवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिशकुंज, तिलक नगर, जाटखेड़ी, दानिश हिल्स, सांईनाथ कॉलोनी, सीआई पार्क व्यू, डायमंड सिटी, कस्तूरी कार्टयार्ड, राजधानी परिसर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
लखनऊ की आशियाना पुलिस ने महिलाओं से चेन लूटने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई दो सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों बाइक से महिलाओं के गले से चेन झपटकर फरार हो जाते थे। एडीसीपी सेंट्रल जितेंद्र दुबे ने बताया कि सेक्टर-एन निवासी सेवा देवी 11 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे घर से जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। वहीं, बिजनौर के रॉयल सिटी फेस-2 निवासी दुर्गेश त्रिपाठी से 3 सितंबर की रात करीब 9 बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने चेन लूट ली थी। दोनों मामलों में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद रमाबाई अंबेडकर मैदान रैली स्थल रोड से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहरामऊ, उन्नाव निवासी शनि कश्यप उर्फ गोलू (28) और किला मोहम्मदीनगर, आशियाना निवासी अर्जुन रावत उर्फ गंगाधर (24) के रूप में हुई है। दो चेन और पल्सर बरामद पुलिस ने दोनों मामलों में लूटी गई सोने की दो चेन बरामद की हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक भी मिली है। पुलिस के मुताबिक, शनि कश्यप उर्फ गोलू आशियाना थाने का हिस्ट्रीशीटर है। दोनों आरोपियों को 15 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रयागराज डीएम ने राजस्व वसूली में ढिलाई पर की कार्रवाई:खनन अधिकारी और एआईजी निबंधन से स्पष्टीकरण
प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मंगलवार शाम संगम सभागार में कर-करेत्तर और राजस्व वसूली के लक्ष्य की समीक्षा की। इस बैठक से अनुपस्थित रहने और खनन राजस्व की वसूली में खराब प्रगति पाए जाने पर डीएम ने ज्येष्ठ खनन अधिकारी केके राय से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग में वसूली की धीमी गति पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी रजिस्ट्रेशन) से भी लिखित में जवाब मांगा गया है। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी शासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने तय लक्ष्य के हिसाब से पूरी वसूली करें। डीएम ने चेतावनी दी कि अगर कोई विभाग अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाता है, तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बकाएदारों के खिलाफ जारी रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की वसूली में तेजी लाने और प्रवर्तन कार्यों को और सख्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने आबकारी, राज्यकर, परिवहन, विद्युत, नगर निगम, मंडी, बांट-माप, स्टाम्प और राजस्व विभाग के वसूली आंकड़ों की एक-एक कर समीक्षा की। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह समेत जिले के सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पिता की मौत का बदला लेने फूफा की हत्या:शिवपुरी में भतीजा गिरफ्तार; पत्थर से सिर कुचला था
शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में भतीजे ने अपने फूफा की हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि करीब 7-8 साल पहले उसके पिता की संदिग्ध मौत के लिए फूफा जिम्मेदार थे। पुलिस के मुताबिक, इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने हत्या की योजना बनाई। आरोपी ने 21 अगस्त की रात शराब के नशे में रातीकिरार पुलिया के पास मोहर सिंह रावत के साथ मारपीट की। इसके बाद पत्थर से उनका सिर कुचल दिया। हत्या के बाद आरोपी शव को सड़क से नीचे ले जाकर ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ज्यादा नशे में होने के कारण वह शव को दूर नहीं ले जा सका और मौके से भाग गया। मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे मोहर सिंह सिरसौद थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि 22 अगस्त को जाफरपुर निवासी मिथुन रावत ने अपने पिता मोहर सिंह रावत के लापता होने की सूचना थाने में दी थी। मिथुन के मुताबिक, 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे मोहर सिंह अपने भतीजे दिलीप रावत के साथ शिवपुरी से छिमछिमा मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे। बाद में गांव के युवक दुर्वेन्द्र रावत ने परिजनों को बताया कि मोहर सिंह रातीकिरार पुलिया के पास पड़े हैं। परिजन मौके पर पहुंचे तो मोहर सिंह मृत मिले। मर्ग जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि मोहर सिंह का सिर बुरी तरह कुचला गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV से दिलीप पर गहराया शक पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल की मदद से सबूत जुटाए। आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच में मृतक के भतीजे दिलीप रावत पर शक गहराया। दिलीप भौराना का रहने वाला है। इसी दौरान वह गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने 14 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर दिलीप को शिवपुरी में पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, वह मथुरा से आ रहा था। पिता की मौत को लेकर फूफा पर था शक पूछताछ में दिलीप ने पुलिस को बताया कि करीब 7-8 साल पहले उसके पिता प्रीतम रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यह मौत उसकी बुआ के घर यानी मोहर सिंह रावत के घर पर हुई थी। दिलीप को शक था कि उसके पिता की मौत में मोहर सिंह का हाथ था। पुलिस के अनुसार, इसी पुरानी दुश्मनी के चलते उसने मोहर सिंह की हत्या की योजना बनाई। हत्या के बाद शव घसीटकर ले जाने की कोशिश पुलिस के मुताबिक, दिलीप ने बताया कि 21 अगस्त की रात उसने शराब के नशे में रातीकिरार पुलिया के पास मोहर सिंह को पटक-पटककर पीटा और फिर पत्थर से उनका सिर कुचल दिया। इसके बाद वह राजा की मुढेरी में दोबारा शराब पीने चला गया। कुछ देर बाद वह शव को ठिकाने लगाने के लिए दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। उसने शव को घसीटकर सड़क से नीचे ले जाने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा नशे में होने के कारण उसे दूर नहीं ले जा सका। इसके बाद वह मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बिहार के DGP विनय कुमार लंबी छुट्टी पर, प्रीता वर्मा को मिला प्रभारी डीजीपी का जिम्मा
बिहार के डीजीपी विनय कुमार 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया है, जो 5 अक्टूबर तक यह अतिरिक्त प्रभार संभालेंगी।
सोनभद्र-मिर्जापुर क्षेत्र के एमएलसी विनीत सिंह आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सोनभद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए सोनभद्र में अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जिले के संवेदनशील इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से पहले लोगों को चेतावनी देने वाले यंत्र लगाए जाएंगे। जिला मुख्यालय पहुंचने पर विनीत सिंह का बुलडोजर से बनाए गए करीब 20 फीट के माले और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विनीत सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में ऐसे उपकरण लगाए जाने के बाद आकाशीय बिजली से होने वाली घटनाओं में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इसी तर्ज पर सोनभद्र में भी जरूरत के अनुसार उपकरण लगाए जाएंगे। आकाशीय बिजली से हुई मौतों की समीक्षा विनीत सिंह ने यह भी बताया कि आगामी समिति की बैठक में आपदा से जुड़े करीब 14 बिंदुओं पर चर्चा होगी। इसमें प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे, लंबित प्रकरण, किसानों की क्षति और आकाशीय बिजली से हुई मौतों समेत अन्य मामलों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में बाढ़ की घटनाएं कम हैं, लेकिन आकाशीय बिजली एक चुनौती बनी हुई है। कोन, बभनी, चोपन, ओबरा और चुर्क समेत कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां चेतावनी यंत्र लगाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। एमएलसी ने कहा कि उपकरणों की संख्या जरूरत और संवेदनशीलता के आधार पर तय होगी। इसके लिए धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। उद्देश्य यही है कि बिजली गिरने के खतरे की सूचना लोगों को समय रहते मिल जाए और वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से जुड़े पुराने लंबित मुआवजा मामलों की भी समीक्षा कराने की बात कही। पात्र लोगों को नियमानुसार जल्द राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जिन मामलों में घटना के कारण को लेकर जांच या कोई और आपत्ति है, उनमें जांच के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
अयोध्या में 25 से 27 सितंबर तक प्रदेश स्तरीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता होगी। इसके लिए प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में 17 सितंबर को जिला स्तरीय ट्रायल रखा गया है। यह ट्रायल दोपहर एक बजे से होगा। जिला स्तर पर चुने गए खिलाड़ी 18 सितंबर को होने वाले मंडल स्तरीय ट्रायल में शामिल होंगे। इसमें चुने गए खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी शिव कुमार यादव ने बताया कि मंडलीय टीम चुनने के लिए मंडल स्तरीय ट्रायल 18 सितंबर को सुबह 10 बजे मदन मोहन मालवीय स्टेडियम प्रयागराज में होगा। इस ट्रायल में प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी और प्रतापगढ़ जिलों के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रायल के लिए वही खिलाड़ी योग्य होंगे, जिनकी उम्र 31 दिसंबर 2026 को 20 साल या उससे कम होगी। खिलाड़ी का जन्म 1 जनवरी 2007 के बाद का होना जरूरी है। योग्य खिलाड़ियों को ट्रायल के समय आधार कार्ड और नगर निगम/नगर पालिका से जारी जन्मतिथि प्रमाणपत्र की असली कॉपी के साथ उसकी फोटोकॉपी भी लानी होगी। इच्छुक खिलाड़ियों को तय तारीख और समय पर मदन मोहन मालवीय स्टेडियम पहुंचना होगा। खिलाड़ियों को कबड्डी प्रशिक्षक से मिलकर ट्रायल में शामिल होना होगा। चुनी गई मंडलीय टीम अयोध्या में 25 से 27 सितंबर तक होने वाली प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल की तरफ से खेलेगी।
दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:चार अन्य को 10-10 साल की सजा, एटा कोर्ट ने सुनाया फैसला
एटा में एक विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। मंगलवार को एफटीसी-02 कोर्ट ने पति जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने जितेंद्र पर 24 हजार रुपये और बाकी चार दोषियों पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला मलावन थाना क्षेत्र का है। वादी ने 11 अप्रैल 2017 को पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 10 अप्रैल को दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसकी बेटी को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। शिकायत के आधार पर मलावन थाने में जितेंद्र, सुमित्रा देवी, राहुल, पंकज और रेनू के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उन पर धारा 498ए, 304बी आईपीसी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। दोषियों को सजा दी गई पुलिस ने जांच के दौरान सबूत जुटाए और 10 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने मजबूत पैरवी की। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत इस मामले की लगातार निगरानी की गई, ताकि दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा मिल सके। मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद नौ साल पुराने इस दहेज हत्या मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी जारी रहेगी। इसका मकसद गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के हिसाब से कड़ी सजा दिलाना है।
रामपुर में सपा नेता आजम खां के खिलाफ क्वालिटी बार की जमीन कब्जाने के मामले में मंगलवार को भी वादी की गवाही नहीं हो सकी। मुकदमे के वादी और क्वालिटी बार संचालक गगन अरोड़ा कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हैं। गगन अरोड़ा के अधिवक्ता ने बीमारी का हवाला देते हुए हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तारीख तय की है। 2013 में दुकान खाली कराने का आरोप बीपी कॉलोनी निवासी गगन लाल अरोड़ा ने आजम खां और अन्य के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। वह विकास भवन के पास जिला सहकारी विकास संघ (डीसीडीएफ) की दुकान में क्वालिटी बार चलाते थे। गगन अरोड़ा का कहना था कि दुकान करीब 60 साल से उनके परिवार के पास थी और उसका किराया डीसीडीएफ में जमा किया जाता था। आरोप है कि 2013 में आजम खां के साथ तत्कालीन सीओ आले हसन खां, जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन मास्टर जाफर और डीसीडीएफ के तत्कालीन सचिव कामिल खां दुकान पर पहुंचे थे। आरोप के मुताबिक, दुकान खाली कराते समय सामान बाहर फेंक दिया गया और गल्ले में रखे पैसे भी ले लिए गए। बाद में दुकान आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के नाम किए जाने का भी आरोप लगाया गया। चार्जशीट में तजीन फात्मा और अब्दुल्ला भी आरोपी गगन अरोड़ा की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की थी। जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। कई तारीखों से नहीं पहुंचे वादी इस मामले में गगन अरोड़ा की गवाही होनी है, लेकिन वह पिछली कई तारीखों से कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। मंगलवार को भी उनके न पहुंचने के कारण गवाही नहीं हो सकी। अब कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।
देवरिया जिले के भलुअनी कस्बे में मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या के बाद मंगलवार शाम युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च मृतक की आत्मा की शांति के लिए निकाला गया था। शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुआ मार्च कई रास्तों से होकर गुजरा। इस दौरान युवाओं ने मोनू को श्रद्धांजलि दी और घटना पर दुख जताया। कैंडल मार्च वार्ड नंबर 13 के गांधी नगर शिव मंदिर से शुरू हुआ। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए युवक गोविंद बल्लभ पंत मार्ग की ओर बढ़े। इसके बाद मार्च गांधी चौक पहुंचा। वहां से युवक वापस शिव मंदिर की ओर लौटे। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद कैंडल मार्च खत्म हुआ। युवाओं ने मनीष सिंह उर्फ मोनू को श्रद्धांजलि दी और उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि कस्बे के एक युवक की हत्या से स्थानीय लोगों में दुख है। युवाओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज में चिंता बढ़ती है। उन्होंने पुलिस से मामले की सही जांच कर सभी आरोपियों पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई करने की मांग की। इस कैंडल मार्च में कस्बे के काफी युवक शामिल हुए। मार्च के दौरान युवाओं ने शांति बनाए रखने और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई। शिव मंदिर पहुंचकर सभी ने कुछ देर रुककर मनीष की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद कार्यक्रम खत्म हो गया।
कानपुर के घाटमपुर में भीषण गर्मी और उमस के बीच मंगलवार देर शाम अचानक आंधी छा गई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश शुरू हो गई। बारिश और तेज हवाओं से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम बदलने के बाद कानपुर-सागर हाईवे पर सन्नाटा दिखाई दिया। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार शाम तक गर्मी और उमस थी। देर शाम अचानक मौसम ने करवट बदली और आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग आधे घंटे तक हवाएं चलीं। इसके बाद तहसील क्षेत्र के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के साथ बारिश होती रही। बारिश से कुछ किसान खुश नजर आए, जबकि कुछ के चेहरे मायूस रहे। तेज हवा और बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया। हाईवे पर भी आवाजाही कम हो गई। SDM बोले- लेखपालों को जांच के निर्देश घाटमपुर SDM अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के साथ तेज हवाएं चली हैं। बारिश से हुए नुकसान को लेकर लेखपालों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र में जेके लोन हॉस्पिटल के ऑटो स्टैंड पर मंगलवार की शाम लगभग 7:30 बजे दो ऑटो चालकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने दूसरे के सीने में नुकीली धारदार वस्तु से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से घायल ऑटो चालक को मौके पर मौजूद लोगों ने एमबीएस हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नयापुरा थाना अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान मुजाहिद हुसैन अंसारी (44) निवासी लाडपुरा दरवाजा, कोर्ट के ऊपर के रूप में हुई है। वह ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। जेके लोन हॉस्पिटल के ऑटो स्टैंड पर उसकी साथी ऑटो चालक शराफत हुसैन से कहासुनी हो गई। विवाद के दौरान शराफत ने नुकीली धारदार चीज से मुजाहिद के सीने पर वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि मुजाहिद के हार्ट में चोट पहुंची और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर नयापुरा थाना पुलिस और डीएसपी मौके पर पहुंचे। परिजनों को भी घटना की सूचना देकर अस्पताल बुलाया गया। डॉक्टरों ने मुजाहिद का उपचार शुरू किया, लेकिन हार्ट में गंभीर चोट और पंचर होने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। बुधवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। थाना अधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि आरोपी शराफत हुसैन नेहरू कॉलोनी का रहने वाला है और वारदात के बाद से फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन्नाव और प्रयागराज जिलों में हुई भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे के नवनिर्मित ऊंचे तटबंधों पर कई जगह मिट्टी कटने की तस्वीरें सामने आई हैं। जनवरी 2026 में बनकर तैयार हुए इस एक्सप्रेसवे के लिए यह पहला मानसून है। क्या यह एक्सप्रेसवे की मजबूती पर सवाल है या फिर पहली बारिश में होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया? जानिए इस तकनीकी रिपोर्ट का पूरा गणित आसान भाषा में… मिट्टी कटने के 5 बड़े तकनीकी कारण 1. निर्माण के बाद पहला ही मानसून नवनिर्मित तटबंध के लिए पहला मानसून सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। ढलान की मिट्टी अभी पूरी तरह से जम (Settle) नहीं पाई होती है। लगातार बारिश से मिट्टी गीली होकर सूखती है, जिससे ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे बन जाते हैं और पानी अपना रास्ता बना लेता है। 2. रेतीली और ब्लैक कॉटन मिट्टी का इस्तेमाल उन्नाव और प्रयागराज क्षेत्र में मुख्यतः रेतीली और ब्लैक कॉटन मिट्टी पाई जाती है। बाहरी क्षेत्रों (Borrow Areas) से लाई गई इस मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता तो होती है, लेकिन इसमें आपस में चिपकने की ताकत कम होती है। तेज बहाव में इसके कण आसानी से बह जाते हैं। 3. तटबंध की ज्यादा ऊंचाई जहां एक्सप्रेसवे की ऊंचाई ज्यादा है, वहां पानी को ऊपर से नीचे बहने के लिए लंबा रास्ता मिलता है। ढलान पर बहते हुए पानी की गति और ताकत बढ़ जाती है, जिससे नीचे पहुंचते-पहुंचते मिट्टी में गहरी नालियां (Rain Cuts) बन जाती हैं। 4. हरी घास और वनस्पति की जड़ों का मजबूत न होना ढलान की मिट्टी को बांधकर रखने के लिए घास और पौधे लगाए जाते हैं। चूंकि निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था, इसलिए पौधों की जड़ें अभी इतनी गहरी नहीं हो पाई हैं कि वे तेज बारिश और पानी के सीधे प्रहार को पूरी तरह रोक सकें। 5. लगातार और अत्यधिक बारिश जब कई दिनों तक बिना रुके भारी बारिश होती है, तो मिट्टी पानी सोखना बंद कर देती है। अतिरिक्त पानी सतह पर इकट्ठा होकर एक ही जगह से बहने लगता है, जिससे केंद्रित कटाव होता है। 'सतही कटाव' और 'संरचनात्मक विफलता' में क्या अंतर है? तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार हर कटाव को एक्सप्रेसवे का कमजोर होना नहीं कहा जा सकता- सतही कटाव : यह सिर्फ बारिश के पानी से मिट्टी की ऊपरी सतह का बह जाना है। इसे आसानी से मिट्टी भरकर, रोलर चलाकर और ड्रेनेज सुधारकर ठीक किया जा सकता है। संरचनात्मक विफलता : यह तब होती है जब तटबंध की नींव खिसक जाए, पूरी ढलान नीचे गिर जाए (Landslide), दरारें आ जाएं या पुल/कल्वर्ट का ढांचा हिल जाए। गंगा एक्सप्रेसवे पर ऐसी कोई स्थिति नहीं है। इन 10 संवेदनशील जगहों पर रखी जा रही विशेष नजर ग्राउंड पर क्या एक्शन लिया जा रहा है कटाव वाली जगह से ढीली मिट्टी हटाकर नई मिट्टी भरी जा रही है और पानी डालकर रोलर से दबाया जा रहा है। पानी को ढलान पर बहने से रोकने के लिए नालियों (Chute Drains) की सफाई की जा रही है ताकि पानी सीधे निर्धारित रास्ते से बाहर निकल जाए। भारी मशीनरी, रोलर, मिट्टी और पर्याप्त मजदूर 24 घंटे साइट पर मौजूद हैं ताकि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रीगंगानगर में 20 साल के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। युवक खेत में काम करने के लिए गया था, इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद युवक को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां युवक ने दम तोड़ दिया। मामला श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर थाना क्षेत्र का है। एसपी को दी शिकायत में मृतक की मां रोशनी देवी ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी करता है। उनका 20 साल का लड़का महावीर मजदूरी करता था। आरोप है कि उसकी दादी के लड़के मनोहरलाल निवासी प्रेमपुरा (श्रीगंगानगर) के जरिए राजा सिंह ने महावीर को गजसिंहपुर के नजदीक अपनी ढाणी में काम के लिए बुलाया था। परिवार ने विश्वास करते हुए महावीर को 30 अगस्त को मनोहर के साथ राजा सिंह की ढाणी में भेज दिया। महावीर के पास खुद का मोबाइल फोन नहीं था। इसके बाद 4 सितंबर को परिवार को मनोहर का फोन आया। उसने बताया कि महावीर को बुखार और उल्टी हो रही है। जिसके बाद महावीर को गजसिंहपुर के सरकारी हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन उसे श्रीगंगानगर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर आए। वहां से उसे बीकानेर रेफर किया गया। इस बीच हालत बिगड़ने पर उसे श्रीगंगानगर के प्राइवेट हॉस्पिटल आरेस में भर्ती करवा दिया। महिला में बताया कि परिवार महावीर से मिलने हॉस्पिटल पहुंचना चाहता था, लेकिन उसके बेहोश होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इस दौरान परिवार ने राजा सिंह से महावीर की हालत के बारे में जानकारी मांगी तो उसे कोई जवाब नहीं मिला। मां का आरोप है कि बाद में जब डॉक्टर से भी इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिवार ने राजा सिंह को कानूनी कार्रवाई की बात कही तो वह कथित रूप से भड़क गया और इलाज करवाने की बात कहकर मामले को टालने लगा। इलाज के दौरान महावीर की मौत हो गई। मां ने आरोप लगाया कि बेटे को जब हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया तो उसके कपड़ों पर लाल रंग के खून जैसे धब्बे दिखाई दिए। इससे परिवार को संदेह हुआ कि महावीर के साथ खेत में कोई गंभीर घटना हुई हो सकती है। राजा सिंह और मनोहर ने महावीर से खेत में स्प्रे करवाया। उनका दावा है कि इसी दौरान उसके साथ कोई घटना हुई और उसकी मौत हो गई। फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण व खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिलासपुर में रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को वेतन और मेडिकल कार्ड से जुड़ी जानकारी लेना भारी पड़ गया। जालसाज ने फोन कर पहले नौकरी-पेंशन से जुड़ी जानकारी ली, फिर एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप डाउनलोड करते ही उनके बैंक खाते से पैसे कटने लगे। कुछ ही देर में करीब 90 हजार रुपए खाते से पार हो गए। पीड़ित ने बैंक खाता ब्लॉक कराया और तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ऐप डाउनलोड कराया फिर बैंक अकाउंट से रुपए पार जानकारी के अनुसार, घटना 11 सितंबर की सुबह की है। रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी जी. भीमाराव के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने पहले उनसे पूछा कि वेतन बन रहा है या नहीं और मेडिकल कार्ड बना है या नहीं। बातचीत के बाद उसने किसी प्रक्रिया के नाम पर एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। भीमाराव ने आरोपी के बताए तरीके से ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उनके बैंक खाते से लगातार रकम कटने लगी। खाते की जांच करने पर करीब 90 हजार रुपए निकाले जाने का पता चला। उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर खाता ब्लॉक करवाया और तोरवा थाने में शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी का नया तरीका, पहले भरोसा, फिर ऐप साइबर ठग अक्सर खुद को बैंक, सरकारी विभाग, रेलवे, बीमा कंपनी या अन्य संस्थान का कर्मचारी बताकर बातचीत शुरू करते हैं। पहले पीड़ित से ऐसी सामान्य जानकारी ली जाती है, जिससे उसे फोन करने वाला वास्तविक कर्मचारी लगे। इसके बाद समस्या दूर करने या कोई प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराया जाता है। यही ऐप ठगी का जरिया बन सकता है। साइबर ठगी से बचने बरतें सावधानियां
हाथरस में 17 सितंबर से शुरू हो रहे मेला श्री दाऊजी महाराज के आयोजन को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स और एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मंगलवार शाम करीब 5 बजे मेला पंडाल में बैठक की। इसमें विभिन्न कार्यक्रमों के लिए नामित जिला स्तरीय अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट शामिल हुए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले का आयोजन जनभागीदारी और आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर तरीके से किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आपस में मोबाइल नंबर साझा करने को कहा। साथ ही, शिफ्ट खत्म होने से पहले संबंधित अधिकारी को व्यवस्थाओं की सही जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर कमी न रहे। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी ड्यूटी प्वाइंट पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, बिजली व्यवस्था और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर उपलब्ध रखने को कहा। भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी स्थल पर अधिकारी की मौजूदगी जरूरी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जब तक ड्यूटी स्थल पर दूसरा अधिकारी नहीं पहुंच जाता, तब तक कोई भी अधिकारी अपनी ड्यूटी वाली जगह नहीं छोड़ेगा। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि मेले में हर दिन और हर समय नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में सभी अधिकारी और पुलिसकर्मी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला अग्निशमन अधिकारी ने मेले में आग से बचाव की व्यवस्था, फायर टेंडर और जरूरी उपकरणों की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य शिविरों और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली उपचार सुविधाओं के बारे में बताया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उप जिलाधिकारी, सभी क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट/प्रभारी मजिस्ट्रेट और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
103 सरकारी प्राथमिक स्कूल होंगे मर्ज, अब एक साथ पढ़ेंगे लड़के-लड़कियां; हरियाणा सरकार का फैसला
हरियाणा में 103 प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की तैयारी है, जो एक ही भवन या 100 मीटर के दायरे में संचालित हो रहे हैं।
राजगढ़ में किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का पांच दिन से चल रहा धरना मंगलवार को जुलूस में बदल गया। किसान खिलचीपुर नाके से बैलगाड़ी, ट्रैक्टर और पैदल कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। बस स्टैंड, खरला नाला और अस्पताल रोड से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां नारेबाजी कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सोयाबीन बीमा और मुआवजे की मांग किसानों ने 2025 की खरीफ सोयाबीन फसल का बीमा और मुआवजा सभी पात्र किसानों को देने की मांग की। जिन क्षेत्रों में फसल को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे की दोबारा जांच कराने की भी मांग रखी। किसानों ने पीले मोजेक रोग और बांझपन से प्रभावित सोयाबीन किसानों को राहत देने की मांग भी की। बिजली और दूध के भाव का मुद्दा किसानों ने बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की। उनका कहना है कि नियमित उपभोक्ताओं से अधिक बिल वसूली की समस्या खत्म की जाए और बिजली दरों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाए। इसके अलावा दूध का भाव बढ़ाकर 12 रुपए प्रति फेंट करने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि पशुपालन की लागत और भैंसों की कीमत लगातार बढ़ रही है, जबकि दूध का उचित भाव नहीं मिल रहा है। सिंचाई और राजस्व प्रकरण जल्द निपटाने की मांग किसानों ने मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना का पानी जिन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच रहा है, वहां सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की। राजस्व से जुड़े मामलों का जल्द निराकरण करने की भी मांग रखी गई। किसान संघ ने शासन के साथ हर तीन महीने में बैठक करने की मांग की, ताकि किसानों की समस्याओं पर नियमित चर्चा हो सके। डिप्टी कलेक्टर ने धरना स्थल पर की चर्चा धरने के पांचवें दिन डिप्टी कलेक्टर निधि भारद्वाज खिलचीपुर नाका स्थित धरना स्थल पहुंचीं। उन्होंने किसानों से चर्चा कर मांगों की जानकारी ली और उन्हें शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। उन्होंने किसानों से कलेक्ट्रेट तक मार्च नहीं करने की अपील की, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि उनकी मांगें व्यापक हैं और ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बनाया खाना भारतीय किसान संघ ने 11 सितंबर से खिलचीपुर नाका पर धरना शुरू किया था। पांच दिनों तक किसान वहीं डटे रहे। इस दौरान उन्होंने धरना स्थल पर ही दाल-बाटी बनाकर खाना खाया। शासन की सद्बुद्धि और मांगों के समाधान की कामना को लेकर हवन-यज्ञ भी किया। जुलूस के दौरान किसान डीजे के साथ नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसान संघ के जिला अध्यक्ष बद्रीलाल नागर, प्रांत पदाधिकारी घनश्याम जायसवाल, कालूराम दांगी सहित अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
उत्तर-पश्चिम रेलवे में ट्रेन लाइटिंग (टीएल) और आरएसी यूनिट के स्टाफ के कंट्रोल को लेकर विवाद तेज हो गया है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन और उत्तर-पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के बैनर तले जयपुर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। यूनियन ने जयपुर के अलावा अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, हिसार, लालगढ़, श्रीगंगानगर, आबूरोड, रानी, ब्यावर, सिरसा, खातीपुरा, हनुमानगढ़ और भिवानी में प्रदर्शन किया। यूनियन-मजदूर संघ यूनियन कार्यालय से रैली निकालकर रेलवे स्टेशन होते हुए कैरिज-विद्युत डिपो पहुंचे। वहीं यूनियन ने खातीपुरा स्टेशन पर ट्रेन नंबर प्रयागराज सुपरफास्ट (12404) के सामने भी विरोध किया। तकनीकी रूप से कार्यप्रणाली प्रभावित यूनियन महामंत्री मुकेश माथुर का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था के नाम पर टीएल-आरएसी स्टाफ का कंट्रोल सीनियर डीएमई को दिया गया, जबकि रेलवे बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (एसएजी) स्तर तक नियंत्रण व्यवस्था को नहीं बदलना है। इसके अलावा इससे तकनीकी रूप से कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकती है। वहीं यूनियन का आरोप है कि इससे कर्मचारियों की पदोन्नति और पदस्थापना प्रभावित हो रही है। इस दौरान प्रदर्शन में यूनियन के मंडल अध्यक्ष के.एस. अहलावत, मंडल मंत्री राकेश यादव, नरेंद्र चाहर, गोपाल मीना, राजेश वर्मा, देशराज सिंह, मजदूर संघ के मंडल अध्यक्ष सौरभ दीक्षित, मंडल मंत्री दीपक वर्मा, प्रवीण चौहान, अनवर हुसैन, याकत अली सहित 500 से अधिक रेलकर्मी मौजूद रहे। टीएल और आरएसी क्या है टीएल यानी ट्रेन लाइटिंग यानी कोचों में लाइटिंग, बैटरी और विद्युत सप्लाई से जुड़े काम है। वहीं आरएसी यानी रेफरेशन और एयर कंडीशनिंग यानी एसी कोचों की कूलिंग और संबंधित विद्युत-तकनीकी व्यवस्था संभालना है। यानी बात सिर्फ ‘किस अफसर के अधीन’ का नहीं है, बल्कि गलत कंट्रोल से कर्मचारियों के प्रमोशन, पोस्टिंग और तकनीकी कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं।
गाजियाबाद में मंगलवार शाम छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। छात्रा के पास से एक सुसाइड भी मिला है। जिसमें लिखा है- मैं पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती। सिर्फ पढ़ाई के दबाव की वजह से सुसाइड कर रही हूं। किसी को दोष नहीं देती। इसकी जिम्मेदार खुद को मानती हूं। मम्मी-पापा… I Love You. घटना विजयनगर थाना के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी की है। छात्रा के गिरने की आवाज सुनते ही गार्ड और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर डायल 112 और विजयनगर पुलिस पहुंची। घटना के बाद छात्रा के परिजन गुस्सा गए। वीडियो बनाने वालों पर नाराजगी जताई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। छात्रा का सिर फटा, शरीर खून से सना गौर सिद्धार्थम निवासी शनाया बिष्ट (16) इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार शाम करीब 6.45 बजे छात्रा फ्लैट की 15वीं मंजिल से कूद गई। छात्रा का सिर फट गया। चेहरा और शरीर खून से सना था। सोसाइटी में रहने वाले एक युवक ने बताया कि अचानक आवाज सुनकर हम मौके पर दौड़े। गार्ड भी आए। इसके बाद परिजन पहुंचे। तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी। आधे पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मिला पुलिस को मौके से आधे पेज का सुसाइड नोट भी मिला। छात्रा ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होने की बात लिखी है। पुलिस सुसाइड नोट और हैंडराइटिंग की जांच कर रही है। ACP कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि मंगलवार शाम करीब सात बजे डायल-112 के जरिए विजयनगर पुलिस को गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में छात्रा के गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस ने छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिवार वाले गुस्से में बोले- आप वीडियो बना रहे हो छात्रा की मौत के बाद परिजन भी मौके पर आए। यहां परिजनों ने सोसाइटी के लोगों पर वीडियो बनाने का विरोध किया। परिजनों ने कहा कि आप बेटी की वीडियो बना रहे हैं। पुलिस छात्रा के परिजनों से जानकारी कर रही है कि आखिर किन परिस्थतियों में उसने सुसाइड किया है। सोसाइटी के लोगों से भी पुलिस ने घटना की जानकारी ली है। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में पति-पत्नी के अर्धनग्न शव मिले: सलवार पहने पति पेड़ से लटका था; 1km दूर नदी में मिली पत्नी, पैर बंधे थे यूपी के बिजनौर में पति-पत्नी के शव जंगल में मिले। पति का शव पेड़ से लटका था। शरीर पर सिर्फ पत्नी की सलवार थी। अंगूठा फंदे में फंसा था। पत्नी का शव गंगा किनारे झाड़ियों में पड़ा था। लाश अर्धनग्न थी। शरीर का आधा हिस्सा पानी में था। दोनों पैर दुपट्टे से बंधे थे। पढ़ें पूरी खबर…
सतना जिला अस्पताल के कंपाउंडर ने दो युवकों पर जबरन कार में बैठाने और बैंक से निकाले 40 हजार रुपए गायब करने की शिकायत की है। घटना मंगलवार दोपहर की है। दिलीप के मुताबिक, दोनों युवक खुद को अस्पताल की एक सिस्टर का परिचित बता रहे थे। चाय पीने चलने की बात कह रहे थे। पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए संदिग्ध कार और युवकों की पहचान कर रही है। दिलीप ने पुलिस को बताया कि बैंक से 40 हजार रुपए निकालने के बाद दोनों युवक उनके पास आए। उन्होंने खुद को अस्पताल की एक सिस्टर का परिचित बताया और चाय पीने चलने की बात कही। दिलीप ने उनके साथ जाने से मना किया तो उनके मुताबिक, दोनों युवकों ने उन्हें जबरन कार में बैठा लिया। कुछ दूर कृष्ण नगर मोड़ के पास उन्हें कार से उतारकर दोनों युवक वहां से चले गए। कार से उतरने के बाद दिलीप ने जेब देखी तो बैंक से निकाले गए 40 हजार रुपए नहीं मिले। इसके बाद वे कोलगवां थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। CCTV में शहर में घूमती दिखी संदिग्ध कार शिकायत मिलने के बाद कोलगवां पुलिस ने स्मार्ट सिटी के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार शहर के कई हिस्सों से गुजरती दिखाई दी। जांच में कार पर लगा नंबर फर्जी पाया गया। पुलिस के मुताबिक, स्विफ्ट डिजायर पर क्रेटा कार का इंदौर का रजिस्ट्रेशन नंबर लगा था। सर्किट हाउस से हाईवे तक कार की फुटेज मिली CCTV फुटेज के अनुसार, संदिग्ध कार सर्किट हाउस चौक से सिविल लाइन चौक पहुंची। इसके बाद कोठी रोड, बगहा बाईपास होते हुए हाईवे की तरफ जाती दिखाई दी। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर कार और उसमें सवार दोनों युवकों की पहचान करने में जुटी है। संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
एटा में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 साल के सेवाकाल की उपलब्धियों और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना है। इसके तहत सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ऊर्जा मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी है। अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी तालमेल से काम करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों की सफलता की कहानियों को वीडियो और रील के माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा करने को कहा, ताकि दूसरे लोग भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हो सकें। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी विभाग अपने क्षेत्रों में छूटे हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ें। उन्होंने कहा कि अभियान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों के सहयोग से चलाया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि अभियान के तहत विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इसकी शुरुआत 17 सितंबर की शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। घरों, ग्राम पंचायतों, वार्डों, शहीद स्मारकों, अमृत सरोवर, पंचायत सचिवालय और सरकारी भवनों समेत प्रमुख स्थानों पर दीप जलाए जाएंगे। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर और विश्वकर्मा जयंती पर टूलकिट वितरण भी होगा। स्कूलों में होंगी प्रतियोगिताएं, गांव-गांव पहुंचेगा ‘नमो सेवा गाथा’ ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, निबंध, भाषण, वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिताएं होंगी। ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए नुक्कड़ नाटकों से सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी। हर विधानसभा में सात कार्यक्रम होंगे। इस तरह कुल 28 कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर उत्सव, संवाद, पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, हेल्दी बेबी प्रतियोगिता और सम्मान समारोह होंगे। ‘सेवा की कहानी’ के तहत लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की 60 सेकंड की रील सोशल मीडिया पर साझा की जाएगी। रक्तदान से लेकर वृक्षारोपण तक 25 गतिविधियां ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण, गौशाला सेवा, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, अंगदान संकल्प, दिव्यांगजन सहयोग और मतदाता जागरूकता समेत 25 सेवा गतिविधियां कराई जाएंगी। चयनित स्थानों पर नागरिक श्रमदान कर कायाकल्प भी करेंगे। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत 7 अक्टूबर को चारों विधानसभा क्षेत्रों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंडों और नगरीय निकायों में बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इनमें पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर आवेदन और सत्यापन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ के तहत रंगोली कार्यक्रम, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी और ‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत नागरिकों से संवाद किया जाएगा। 17 अक्टूबर को हरिऔध कला केंद्र में ‘जनसेवा महाकुंभ’ के साथ अभियान का समापन होगा। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, विधायक सदर विपिन वर्मा डेविड, विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी, एमएलसी आशीष यादव समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
यूपी के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार ने मंगलवार शाम को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक कर शासन की प्राथमिकताओं और आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी कराने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य 25 वर्षों की जनसेवा की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों को जनभागीदारी और सेवा भावना का व्यापक स्वरूप दें। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रतियोगिता और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी जिलाधिकारी समीर ने अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था, साप्ताहिक समीक्षा, डेटा संकलन और डिजिटलाइजेशन पर विशेष जोर रहेगा। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर की शाम सात बजे दीप प्रज्वलन, रक्तदान और दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम होंगे। ‘मेरे सपनों का भारत’ में कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं, जबकि उच्च शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद प्रतियोगिता और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से कलाकारों की टोलियां गांव-गांव पहुंचकर नुक्कड़ नाटकों के जरिए सेवा और विकास की कहानी लोगों तक पहुंचाएंगी। वहीं ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्यकत्रियों, आशा कार्यकर्ताओं और माताओं का सम्मान, स्वस्थ बेबी प्रतियोगिता तथा पोषण सामग्री का वितरण किया जाएगा। 25 गतिविधियों में जनभागीदारी कराई जाएगी अभियान में लाभार्थियों के जीवन में आए बदलावों पर 60 सेकंड की रील तैयार कराई जाएगी। डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स को विकासपरक परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, शिक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति, पोषण, वोकल फॉर लोकल और गौशाला सेवा समेत 25 गतिविधियों में जनभागीदारी कराई जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थलों का कायाकल्प और 25 मिनट श्रमदान का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, तीर्थस्थलों पर महायज्ञ व विशेष अनुष्ठान, 25 सितंबर को पुस्तकालयों का लोकार्पण और ग्राम चौपालों के जरिए जनता से सीधा संवाद भी कराया जाएगा। विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी प्रभारी मंत्री ने सूचना विभाग को अभियान की मीडिया कवरेज, सफलता की कहानियों, रील्स, प्रिंट मीडिया समन्वय, लेख-साक्षात्कार, सोशल मीडिया प्रचार और इन्फ्लुएंसर प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी प्रमाणिक रूप से जनता तक पहुंचाई जाए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचन्द्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जलशक्ति मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान, जिलाधिकारी समीर, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित जनप्रतिनिधि और सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर रामपुर के वकील बुधवार, 16 सितंबर को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। मंगलवार को बार एसोसिएशन रामपुर के सभागार में हुई आमसभा की बैठक में सभी वकीलों ने इस फैसले पर सहमति जताई। बैठक में केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर चर्चा हुई। वकीलों ने 14 सितंबर को पारित प्रस्ताव की मांगों और आगे की रणनीति पर विचार किया। सभी ने तय किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को रामपुर के सभी वकील सामूहिक रूप से अदालती कार्य नहीं करेंगे। वे न्यायिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेकर हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में विरोध जताएंगे। बार एसोसिएशन ने निर्णय की प्रति जनपद न्यायाधीश रामपुर को भेजने का भी फैसला लिया है। साथ ही उनसे वकीलों के इस निर्णय में सहयोग की अपील की गई है। वकीलों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग लंबे समय से चली आ रही है। इस मांग को लेकर क्षेत्र के अधिवक्ता लगातार आंदोलन करते रहे हैं। बैठक में मांग को लेकर एकजुट होकर आगे भी प्रयास जारी रखने पर जोर दिया गया। आमसभा की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महासचिव मोहम्मद उस्मान खां एडवोकेट ने किया।
प्रतापगढ़ में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की ओर से मंगलवार को निरीक्षण भवन, सिंचाई कॉलोनी परिसर में अभियंता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में स्वर्गीय इं. एम. विश्वेश्वरैया की जयंती और हृदय सम्राट स्वर्गीय इं. आरके दत्ता की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, हवन-पूजन और सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय और विशिष्ट अतिथि विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल तथा षोडशम् मंडल सिंचाई कार्य प्रतापगढ़ के अधीक्षण अभियंता इं. एसके श्रीवास्तव रहे। अध्यक्षता महासंघ के जनपद अध्यक्ष इं. अतुल कुमार यादव ने की, जबकि संचालन जनपद सचिव इं. रविशंकर सिंह ने किया। सभा में अभियंताओं ने एम. विश्वेश्वरैया के योगदान और आरके दत्ता के व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल तकनीकी कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास और जनहित से भी जुड़ी है। इस दौरान आरके दत्ता की स्मृति में रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदान करने वालों में इं. रविशंकर सिंह, आदर्श कुमार शर्मा, जय प्रकाश गौड़, राजेश कुमार राही, अमर जीत कश्यप, छविराज यादव, विनोद कुमार चौरसिया, बृजलाल दुबे, प्रभात कुमार, विक्रमादित्य कुशवाहा, रमेश चंद्र मौर्य, मनोज कुमार, भानु प्रकाश, मनोज कुमार वर्मा, चंद्रभूषण सिंह, गोविंद राज, राजूकांत चौधरी, योगेंद्र सिंह और अभिषेक कुमार समेत अन्य अभियंता शामिल रहे। कार्यक्रम में इं. लीलाधर मिश्रा, विनोद चौरसिया, प्रदीप पटेल, जय प्रकाश गौड़, राजेश कुमार राही, अमर जीत कश्यप, राजूकांत चौधरी, अरविंद सिंह यादव और अभयराज यादव समेत महासंघ के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
नगर निकाय चुनाव में पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद अब शहरों की ‘शहरी सरकार’ के मुखिया (सभापति और चेयरमैन) की कुर्सी को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। खैरथल-तिजारा जिले के सातों नगरीय निकायों में सभापति और चेयरमैन पद के चुनाव की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। पहले दिन नामांकन दाखिल करने के साथ ही चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। चुनावी कार्यक्रम- जिले के इन 7 निकायों में होना है चुनाव खैरथल-तिजारा जिले के कुल सात नगरीय निकायों में मुखिया का चुनाव होना है, जिनमें शामिल हैं- नगर परिषद: खैरथल, भिवाड़ी और तिजारा। नगर पालिका: किशनगढ़बास, टपूकड़ा, कोटकासिम और मुंडावर। भाजपा के विश्वास यादव ने भरा नामांकन, पार्षदों ने ली शपथ मंगलवार को किशनगढ़बास नगर पालिका में सियासी हलचल सबसे तेज रही। यहाँ भाजपा की ओर से विश्वास यादव ने चेयरमैन पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पहले रिटर्निंग अधिकारी (RO) सत्यवीर सिंह यादव ने नवनिर्वाचित भाजपा पार्षदों को पद की शपथ दिलाई और उन्हें जीत के प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव, एडवोकेट विश्वास यादव, एडवोकेट अनिल गोयल, एडवोकेट सुधीर गुप्ता सहित भाजपा के कई नवनिर्वाचित पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिटर्निंग अधिकारी सत्यवीर सिंह यादव ने बताया: चेयरमैन चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन प्रक्रिया जारी है। खैरथल: चुनावी घोषणा चस्पा, प्रक्रिया शुरू खैरथल नगर परिषद में भी मंगलवार से चुनावी बिगुल बज गया है। रिटर्निंग अधिकारी लालचंद ने बताया कि चेयरमैन चुनाव को लेकर मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में आधिकारिक घोषणा चस्पा कर दी गई है। इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद ही यहाँ चुनावी मैदान की असली तस्वीर साफ हो पाएगी। तिजारा: पहले दिन खाली रहा नामांकन काउंटर तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया तो शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन किसी भी दल या निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। रिटर्निंग अधिकारी दिव्या कुमारी ने बताया कि पहले दिन कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ है। बुधवार दोपहर 3:00 बजे तक नामांकन दाखिल करने का अंतिम समय है, ऐसे में बुधवार को भारी संख्या में नामांकन दाखिल होने की उम्मीद है। 18 को साफ होगी तस्वीर, 21 को ताजपोशी 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों को सिंबल आवंटित कर दिए जाएंगे। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि किस निकाय में चेयरमैन या सभापति की कुर्सी के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। वहीं, 21 सितंबर को दोपहर बाद यह साफ हो जाएगा कि सातों निकायों में 'शहरी सरकार' का ताज किसके सिर सजेगा।
संभल में बाइक का हॉर्न बजाने के बाद रास्ते से हटने को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना सोमवार सुबह करीब 9:12 बजे की है। एक पक्ष की महिला की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना के CCTV फुटेज में करीब 25 से 30 लोग झगड़ते दिखाई दे रहे हैं। मामला जुनावई थाना क्षेत्र के मई हुसैनपुर खाम गांव का है। हॉर्न बजाने के बाद शुरू हुआ विवाद सीता पत्नी मुकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विवाद में उनके पति मुकेश, जुगेंद्र पुत्र सूरजपाल और सूरजपाल पुत्र लक्ष्मी को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने सीता की शिकायत पर रामबरन पुत्र सोनपाल, पप्पू पुत्र चंद्रपाल, अखिलेश, विनोद, प्रमोद पुत्र रामबरन और मदन पुत्र पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। CCTV में कैद हुई मारपीट और पत्थरबाजी घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को वहां से हटाया। जुगेंद्र पक्ष के घर में लगे CCTV कैमरों में मारपीट के कई वीडियो रिकॉर्ड हुए हैं। इनमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ महिलाएं पत्थरबाजी करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग झगड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस इन फुटेज को भी जांच का हिस्सा बना रही है। जुगेंद्र का आरोप- लाठी-डंडे लेकर घर पहुंचे जुगेंद्र ने आरोप लगाया कि विनोद, मदन, प्रमोद, पप्पू, अखिलेश, नन्हे और भानु लाठी-डंडे लेकर उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनका भाई आकाश रास्ते में खड़ा होकर लोगों से मजाक कर रहा था। इसी दौरान पप्पू बाइक से आया और हॉर्न बजाया। जुगेंद्र के मुताबिक, पप्पू ने आकाश से रास्ते से हटने को कहा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और बाद में दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले उनके चाचा का भी इन लोगों से विवाद हुआ था। थाना प्रभारी धीरज सिंह ने मंगलवार शाम बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है।
लखीमपुर में पीस पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। खीरी कस्बे में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब ने संगठन मजबूत करने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। यह सम्मेलन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। डॉ. अय्यूब ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल मुसलमानों को धार्मिक मुद्दों में उलझाकर उनकी असल समस्याओं से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कथित सेकुलर पार्टियां मुसलमानों के वोट तो लेती रही हैं, लेकिन समाज को सही राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिली। डॉ. अय्यूब ने अपील की कि मुसलमान पीस पार्टी के साथ एकजुट हों। इससे सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां गठबंधन के लिए मजबूर होंगी और समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी मिल पाएगी। पीस पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की करीब 50 प्रतिशत सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी की संगठनात्मक स्थिति और राजनीतिक ताकत देखकर ही किसी भी दल से बातचीत की जाएगी। डॉ. अय्यूब ने खीरी को पीस पार्टी का मजबूत गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से यहां कार्यकर्ता सम्मेलन करके चुनावी तैयारियों की शुरुआत की गई है। सम्मेलन के बाद डॉ. अय्यूब ने पुराने कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर चर्चा की। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव कलीमुल्ला फैजी, प्रदेश महासचिव अहमद जिया खान, जिलाध्यक्ष अशरफ अंसारी, जिला प्रभारी शकील, जिला महासचिव शफीउद्दीन, जिला उपाध्यक्ष वसीम अहमद, जिला सचिव इदरीस, अतहर अली हारून एडवोकेट, विधानसभा लखीमपुर अध्यक्ष बरकत अली और विधानसभा धौरहरा अध्यक्ष रहमान फहीम अंसारी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
पटना हाई कोर्ट ने नालंदा DM को CCA दुरुपयोग पर लगाई फटकार, पीड़ितों को मिलेगा 1-1 लाख रुपये मुआवजा
पटना हाई कोर्ट ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के दुरुपयोग पर नालंदा जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।
छत्तीसगढ़ में साल 2017 की कॉन्स्टेबल भर्ती से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए उसकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे 400 से ज्यादा कॉन्स्टेबल अभ्यर्थियों के लिए नौकरी का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। दरअसल, मामला साल 2017 में जारी 2259 कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। भर्ती में प्रतीक्षा सूची के प्रावधान को लेकर विवाद के बाद मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंचा था। पारस राम ध्रुव और अन्य के पक्ष में हाईकोर्ट ने 1 फरवरी 2024 को फैसला सुनाया था। इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस कॉन्स्टेबल सेवा नियम 2007 के नियम 13(2) के तहत वैध प्रतीक्षा सूची से रिक्त पदों को भरा जाना है। इसमें प्रोन्नति, सेवानिवृत्ति, कैडर परिवर्तन या अन्य कारणों से रिक्त हुए पद भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से SLP खारिज किए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के प्रभावी होने का रास्ता खुल गया है। 17 नवंबर 2025 को 47 पद सुरक्षित रखने का आदेश इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण आदेश जारी कर चुका था। कोर्ट ने 47 सफल अभ्यर्थियों के पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। अब SLP खारिज होने के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल अन्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर भी उम्मीद मजबूत हुई है। इनकी ओर से हुई पैरवी आज हुई सुनवाई में प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली उपस्थित रहीं। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर और AOR देवाशीष तिवारी ने पैरवी की। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. नटराज उपस्थित हुए। 2017 की भर्ती, सालों से नियुक्ति का इंतजार 2259 कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रतीक्षा सूची में रिक्त पदों को शामिल किए जाने को लेकर चला कानूनी विवाद उनकी नियुक्ति में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले के बाद इस विवाद के समाप्त होने और 400 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलने की संभावना बढ़ गई है।
जौनपुर के एक होटल में मंगलवार को प्रजापति समाज जौनपुर संस्था ने भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी डा. रत्नप्पा भरमप्पा कुम्हार की जयंती मनाई। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5:30 बजे तक चला। डा. रत्नप्पा पद्मश्री से सम्मानित थे और उन्होंने संविधान निर्माण में भी हिस्सा लिया था। इस जयंती और सम्मान समारोह में समाज के बुद्धिजीवियों, नेताओं और नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने की। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति, नेत्र सर्जन डा. आरके चक्रवर्ती और जौनपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनोरमा मौर्या भी मौजूद थीं। सभी मेहमानों ने डा. रत्नप्पा कुम्हार के चित्र पर माल्यार्पण किया और दीप जलाया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डा. रत्नप्पा कुम्हार शोषितों, वंचितों और उपेक्षित समाज के महानायक थे। उन्होंने डा. बी.आर. आंबेडकर के साथ भारत के संविधान के अंतिम मसौदे पर हस्ताक्षर किए थे। यह पूरे प्रजापति समाज के लिए गर्व की बात है। राज्यमंत्री ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जिला मुख्यालय पर डा. रत्नप्पा कुम्हार की प्रतिमा लगाई जाएगी। सभा में मौजूद अन्य खास मेहमानों ने भी डा. रत्नप्पा कुम्हार के जीवन और उनके कामों पर अपने विचार रखे। इस मौके पर प्रजापति समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और समाज में अच्छा काम करने वाले लोगों को 'प्रतिभा सम्मान' दिया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष राहुल प्रजापति ने की। मंच का संचालन डा. महेंद्र प्रजापति और डा. डीके प्रजापति ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारी मोहन लाल प्रजापति, विजय प्रजापति, रामपलट प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, लौटन प्रजापति, पवन प्रजापति, सुशील प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, लालजीत प्रजापति, वीरेंद्र प्रजापति, प्रदीप प्रजापति, प्रमोद प्रजापति और किरन प्रजापति सहित कई लोगों का योगदान रहा।
देश के लिए जीते 3 इंटरनेशनल गोल्ड, आज रांची में सब्जी बेचने को मजबूर पैरा एथलीट पुष्पा मिंज
देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली पैरा एथलीट पुष्पा मिंज आज रांची में सब्जी बेचकर गुजारा कर रही हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद वह खेल का जज्बा बरकरार रखे हुए हैं और सरकार से नौकरी की मांग कर रही हैं ताकि अपने खेल पर ध्यान दे सकें।
झांसी के सीपरी बाजार में मंगलवार शाम जनपद न्यायाधीश आवास के सामने लावारिस बैग से धुआं निकलता देख हड़कंप मच गया। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। न्यायाधीश आवास के पास बैग पड़ा होने से पुलिस भी सतर्क हो गई और मौके पर पहुंचकर बैग खुलवाया। जांच में पुलिस को बैग के अंदर छोटा नाइट्रोजन गैस सिलेंडर और एक बॉक्स में एनिमल सीमेन रखा मिला। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया बैग किसी व्यक्ति का अनजाने में गिरा हुआ प्रतीत हो रहा है। सीपरी बाजार से इलाइट जाने वाले रास्ते पर पड़ा था बैग एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम सीपरी बाजार पुलिस को सूचना मिली थी कि सीपरी बाजार से इलाइट की ओर जाने वाले रास्ते पर ओवरब्रिज के आखिरी हिस्से में जनपद न्यायाधीश आवास के पास एक लावारिस बैग पड़ा है। राहगीरों ने बताया था कि बैग से धुआं निकल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बैग को खुलवाकर उसकी जांच कराई। सीसीटीवी से मालिक की तलाश एसपी सिटी के अनुसार, बैग की तलाशी में एक छोटा नाइट्रोजन गैस सिलेंडर और बॉक्स में एनिमल सीमेन मिला। उन्होंने बताया कि अभी तक की जांच में किसी आपराधिक घटना की बात सामने नहीं आई है। यह बैग किसी व्यक्ति का अनजाने में गिरा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बैग के मालिक का पता लगाया जा सके।
हरदोई में मंगलवार दोपहर तालाब में डूबने से 36 वर्षीय युवक की मौत हो गई। सुनील तालाब में जमी घास साफ कर रहा था, तभी अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। करीब ढाई घंटे की तलाश के बाद दोपहर 12:30 बजे उसका शव तालाब से बाहर निकाला गया। मामला पिहानी कोतवाली क्षेत्र के पुरवा हफीजुद्दीनपुर गांव का है। सिंघाड़े की खेती की देखभाल करता था सुनील दूल्हापुर गांव में रघुनाथ के पट्टे पर लिए गए तालाब में ठेके पर सिंघाड़े की खेती का काम करता था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वह फसल की देखभाल के लिए तालाब पर पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में जमी घास साफ करने लगा। काम करते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तालाब के गहरे पानी में जा गिरा। आसपास के लोगों ने उसे निकालने के लिए काफी प्रयास किए। करीब ढाई घंटे बाद उसका शव तालाब से निकाला जा सका। पत्नी की सूचना पर पहुंची पुलिस शव बाहर निकलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सुनील की पत्नी माया ने घटना की सूचना पिहानी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुनील अपने पीछे दो पुत्र और चार पुत्रियां छोड़ गए हैं। परिवार के मुखिया की अचानक हुई मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
कानपुर नगर निगम में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा, टेंडर धांधली के बाद अब आउटसोर्स भर्ती में गड़बड़ी
कानपुर नगर निगम में टेंडर धांधली के बाद अब आउटसोर्स भर्ती में फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक कर्मचारी ने नगर आयुक्त से शिकायत की है कि सात माह तक काम करने के बाद भी उसे वेतन नहीं मिला, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
जालौन के उरई में बुढ़वा मंगल के अवसर पर घटिया वाले महावीर मैदान में दो दिवसीय स्व. पं. महेश प्रसाद अवस्थी स्मृति दंगल का आयोजन 22 और 23 सितंबर को किया जाएगा। दंगल में देश और प्रदेश के नामी पहलवानों के बीच रोमांचक कुश्तियां होंगी। आयोजन में जिलेभर से हजारों अखाड़ा प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है। दंगल समिति के अध्यक्ष सुशील अवस्थी एडवोकेट ने बताया कि 22 सितंबर को दोपहर 12 बजे दंगल का शुभारंभ सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद उरई के पूर्व अध्यक्ष विजय चौधरी करेंगे। जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को दोपहर तीन बजे दंगल का समापन होगा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह शामिल होंगे। इसके लिए उनकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित समेत अन्य अतिथि मौजूद रहेंगे। दंगल में नामी पहलवानों की कुश्तियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समिति की ओर से आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजकों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही दंगल की परंपरा को इस बार भी भव्य रूप दिया जाएगा। पत्रकार वार्ता में जय महावीर समिति के संरक्षक सुधीर अवस्थी, प्रबंधक नीरज पाठक, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, स्वागताध्यक्ष गिरीश अवस्थी, हरिकिशोर गुप्ता रिप्पू, प्रवक्ता जितेंद्र त्रिपाठी, उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, उप प्रबंधक महेंद्र दीक्षित, उप सचिव दीपेंद्र सिंह सेंगर और कोषाध्यक्ष संजय व्यास उपस्थित रहे।
हरदोई में कासिमपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात ससुराल में हुई दामाद की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई की। पत्नी समेत चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर शव रखकर करीब 45 मिनट तक जाम लगाया था। सीओ संडीला श्लोक गौतम ने मंगलवार शाम 4:15 बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। अब जानिए पूरा मामला… गुलाबी खेड़ा गांव निवासी रामदीन (45) रविवार शाम करीब 7 बजे अपनी पत्नी को लेने सतावन कुटी मजरा रामपुर भटौली स्थित ससुराल गए थे। देर रात करीब 11 बजे उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पत्नी समेत चार लोगों पर दर्ज हुआ हत्या का केस मंगलवार सुबह मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने रामदीन की पत्नी आशा, उसकी बहन कुसुम, बिटान और भाई लालू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में नाराजगी थी। शव रखकर संडीला-बांगरमऊ मार्ग किया जाम गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव को संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर रखकर यातायात रोक दिया। करीब 45 मिनट तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर सीओ संडीला श्लोक गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन जाम खत्म कर शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर राजी हुए। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हुई प्रभारी निरीक्षक घनश्याम राम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसके चलते बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस अब बिसरा रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। चारों नामजद आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने हत्या के मुकदमे में नामजद चारों आरोपियों—पत्नी आशा, उसकी बहनें कुसुम और बिटान तथा भाई लालू—को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सभी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंदसौर में मंगलवार शाम जिलेभर के पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले पटवारियों ने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग है कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में पटवारियों को निष्पादक की जिम्मेदारी से हटाया जाए। जमीन का मालिक पटवारी नहीं जिला अध्यक्ष अंतिम बाला भार्गव ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को जमीन की रजिस्ट्री बनाकर दी जानी है। इसमें पटवारियों को निष्पादक की भूमिका दी गई है। संघ इसका विरोध कर रहा है। पटवारियों का कहना है कि जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसमें पटवारी का कोई नाम या मालिकाना हक नहीं है। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन के कागज में पटवारी का नाम, पद, पहचान और ई-सिग्नेचर रहेगा। आगे चलकर जमीन की सीमा, क्षेत्रफल, नाम, वारिस, हिस्सेदारी, कब्जे या पहचान को लेकर विवाद हुआ तो पटवारी पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी आ सकती है। संघ का कहना है कि जमीन का सर्वे और अधिकार तय करने का काम पहले ही कई स्तरों पर हो चुका है। इसलिए पटवारी को सीधे जिम्मेदार बनाना ठीक नहीं है। पंचायत विभाग से काम कराने की मांग पटवारियों ने कहा कि योजना शुरू करने से पहले रिकॉर्ड में हुई तकनीकी और लिपिकीय गलतियों को सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। ग्रामीण आबादी से जुड़े बाकी काम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जरिए कराए जाएं। पटवारियों ने इन कामों में सहयोग करने की बात कही है। फार्मर आईडी और गिरदावरी पर भी नाराजगी पटवारी संघ ने फार्मर आईडी के काम को लेकर भी अपनी बात रखी। संघ के मुताबिक, पटवारियों ने अब तक बड़ी संख्या में फार्मर आईडी बनाई हैं। बाकी आईडी तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद बनाई जा सकती हैं। संघ ने कहा कि इसके लिए दबाव बनाकर कार्रवाई की गई तो पटवारी यह काम नहीं करेंगे। जिओ टैग गिरदावरी को भी पटवारियों ने अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जिओ टैग की व्यवस्था हटने तक गिरदावरी का काम नहीं करेंगे। दबाव या कार्रवाई होने पर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वेतन और पदोन्नति की मांग भी उठाई पटवारियों ने वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू और पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं का काम बढ़ता जा रहा है, लेकिन उनकी सेवा से जुड़े पुराने मुद्दे अब तक हल नहीं हुए हैं। ज्ञापन में संघ ने कहा कि 3 अगस्त से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को तीन महीने के आश्वासन के बाद टाल दिया गया था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। संघ ने कहा कि 15 सितंबर 2026 से प्रदेश के पटवारी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में निष्पादक का काम नहीं करेंगे। अगर उन पर ज्यादा दबाव बनाया गया तो पटवारी कलमबंद आंदोलन करेंगे।
झुंझुनूं में चुनावी नतीजे आने के बाद वार्ड-41 में पथराव:एक-दूसरे पर फेंके पत्थर, पुलिस जाप्ता तैनात
झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद चुनावी रंजिश को लेकर वार्ड 41 के बड़ा मोहल्ला में सोमवार देर रात दो पक्ष आमने-सामने हो गए। हार-जीत को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में गाली-गलौज, मारपीट और पथराव में बदल गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और एक- दूसरे को लात-घूंसे मारने लगे। घटना रात करीब 11:30 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू किया। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग इधर-उधर हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और इलाके में शांति व्यवस्था कायम की। कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि झगड़े की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। वहां एकत्रित लोगों को मौके से हटाया गया। मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से रिपोर्ट नहीं दी गई है। पुलिस ने दो लोगों को पाबंद किया है।
हरियाणा के नारनौल में रात 8 बजे सिटी थाने में हंगामा हो गया। आसपास के लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। यहां लोगों ने थाने में ही तैनात एक पुलिसवाले पर मोहल्ले के युवक के साथ मिलकर चिट्टा बेचने के आरोप लगाए हैं। करीब 40 मिनट तक लोग थाने के बाहर ही डटे रहे। बड़ा बाग मोहल्ला निवासी राजेंद्र यादव ने कहा, पुलिसवाला करीब पांच साल से नशे के कारोबार से जुड़ा है। वह रोज सुबह मोहल्ले में आता है। वहां से ही चिट्टा सप्लाई किया जाता है। उधर, सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिसवाला उस मोहल्ले में दूध लेने जाता है। आज शाम भी वह दूध के लिए ही पूछने गया था। अब लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया है। सड़क पर बैठकर नशा करता है मोहल्ला बड़ा बाग निवासी रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि थाने का एक पुलिसकर्मी सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में आता है। वह मंगल नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर चिट्टा बेचता है और सड़क पर बैठकर नशा करता है। इससे मोहल्ले के लोगों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसका मेडिकल कराने पर सब कुछ सामने आ जाएगा। पांच साल से सप्लाई करा रहा मौके पर मौजूद राजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी पिछले करीब पांच साल से एरिया में बच्चों को चिट्टा उपलब्ध कराने और बिकवाने का काम कर रहा है। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनसे ही पूछताछ शुरू कर दी कि आरोपी को चिट्टे के साथ पकड़ा गया है या नहीं। पुलिस अपने साथी को बचाने का प्रयास कर रही है। कार्रवाई नहीं हुई तो सीएम से मिलेंगे मोहल्ले के लोगों ने कहा कि बड़ा बाग क्षेत्र में नशे के कारण बच्चों और युवाओं पर गलत असर पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। राजेंद्र ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 17 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नारनौल आगमन के दौरान उनसे मिलकर मामले की शिकायत करेंगे। SHO बोले- शराब पीकर हंगामा कर रहे थे शहर थाना प्रभारी SHO वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मोहल्ले के जो लोग हंगामा कर रहे थे, उन्होंने शराब पी हुई थी। अगर पुलिसकर्मी का मेडिकल होता तो हंगामा कर रहे लोगों का भी मेडिकल करवाते। 40 मिनट के बाद लोग वापस चले गए।
नूंह में पिता पर जानलेवा हमला:बेटे ने भागकर बचाई जान, गाड़ी में डालकर ले गए हमलावर, पिनगवां से बरामद
नूंह जिले के पुन्हाना शहर में मंगलवार शाम एक शख्स पर जानलेवा हमला हुआ। क्रेटा कार में आए हथियारबंद लोगों ने मेडिकल स्टोर के सामने बैठे सलमुदीन नामक व्यक्ति पर लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर दिया। फरसे के वार से सलमुदीन चोट आई है। हमलावर घायल सलमुदीन को जबरन अपनी कार में डालकर पिनगवां की तरफ ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे एक क्रेटा कार मेडिकल स्टोर के सामने रुकी। कार से कई लोग बाहर निकले, जिनके हाथों में लाठी-डंडे और फरसा था। उन्होंने दुकान के बाहर बैठे सलमुदीन को घेर लिया और हमला शुरू कर दिया। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके से भागा मेडिकल स्टोर संचालक घायल के बेटे और मेडिकल स्टोर संचालक मौके से भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन हमलावरों ने उसके पिता सलमुदीन को बेरहमी से पीटा। खून से लथपथ होने के बावजूद हमलावर नहीं रुके और घायल को जबरन कार में डालकर फरार हो गए। घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। पुलिस ने तलाश के बाद घायल सलमुदीन को पिनगवां क्षेत्र से बरामद किया। गंभीर हालत में उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। बेटे के साथ दुकान की साफ-सफाई कराने पहुंचा था घायल सलमुदीन सेना से रिटायर्ड बताए गए हैं और वर्तमान में हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक महिला की मौत के मामले में मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। इसी वजह से मेडिकल स्टोर करीब डेढ़ महीने से बंद था। मंगलवार को सलमुदीन अपने बेटे के साथ दुकान की साफ-सफाई करने पहुंचे थे। सिटी थाना प्रभारी शीशपाल ने बताया कि घायल व्यक्ति को पिनगवां से बरामद कर लिया गया है। गंभीर हालत में उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
उदयपुर की ऋषभदेव थाना पुलिस ने अस्पताल में नर्सिंग कर्मियों से मारपीट और अभद्रता करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को मंगलवार को खेरवाड़ा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम राकेश पिता हीरालाल, आशीष पिता हीरालाल, दिलीप पिता गंगाराम और दिनेश पिता हरदार है। कानूवाड़ा में हुआ था एक्सीडेंट थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि प्रार्थी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र(सीएचसी) में नर्सिंग आफीसर पुष्पेन्द्र डामोर ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि 9 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे कानूवाड़ा में एक एक्सीडेंट हुआ था। जिसमें दो युवक घायल हो गए थे। जिन्हें एंबुलेंस की मदद से सीएचसी लाया गया था। यहां घायलों का समय पर उपचार किया गया, लेकिन रात करीब 9 बजे घायलों के परिजन नशे में अस्पताल पहुंचे। हॉस्पिटल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप उन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ से इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की और अभद्रता शुरू कर दी। डॉक्टर्स की समझाइश पर भी नहीं माने और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार में जमीन मालिकों को राहत: 31 अक्टूबर तक अपडेट होगी जमाबंदी, उत्तराधिकार नामांतरण भी होगा आसान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक भू-अभिलेखों को पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए अभियान चलाएगा।
नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस ने ठुकराया ममता बनर्जी का प्रस्ताव, रेजीनगर उपचुनाव में भी होगी तकरार
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, जिसे कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया।
नर्मदापुरम में नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुज सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। अनुज इटारसी के पूर्व पार्षद और कांग्रेस जिला महासचिव रजनीकांत सोनकर का बेटा है। मंगलवार दोपहर पुलिस को उसके नर्मदापुरम शहर में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इस मामले में इटारसी सरोवर के पास स्थित हिंडन कैफे के संचालक हर्ष जॉन्सन को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का भाई पहले ही गिरफ्तार हो चुका 12 सितंबर की रात एक युवती ने अनुज सोनकर और उसके बड़े भाई राहिल सोनकर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। राहिल भाजपा कार्यकर्ता है। पुलिस ने राहिल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को अनुज की गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक तीन आरोपी जेल जा चुके हैं। मेडिकल के लिए डेढ़ घंटे इंतजार अनुज को मेडिकल और डीएनए जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिस को करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर अस्पताल में बेंच पर बैठे रहे। मीडिया को देखकर अनुज ने गर्दन झुका ली। वह अपना चेहरा कैमरे से छिपाने की कोशिश करता नजर आया। कैफे के कैबिन, फर्श और पंखों से मिले निशान पुलिस और एफएसएल अधिकारी ने घटनास्थल हिंडन कैफे पहुंचकर संचालक हर्ष से जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने बताया था कि कैफे में कैबिन बने हुए थे। सोमवार को साक्ष्य जुटाने पहुंची महिला थाना प्रभारी राखी मौर्य और एफएसएल अधिकारी को मौके पर कोई कैबिन नहीं मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद कैफे के कैबिन हटा दिए गए थे। हालांकि, फर्श पर बने निशान और छत पर लगे पंखों से पुलिस को पता चला कि कैफे के हॉल में छह कैबिन बने हुए थे। पुलिस के मुताबिक, कैफे में युवक-युवती भी आपत्तिजनक स्थिति में मिले थे। सबूत मिटाने के आरोप में कैफे संचालक गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया था कि करीब 15 दिन पहले आरोपी ने आखिरी बार इटारसी बाजार स्थित हिंडन कैफे में उसके साथ दुष्कर्म किया था। रेप का मामला सामने आने और कैफे का नाम आने के बाद संचालक हर्ष पर सबूत मिटाने का आरोप लगा। इसी आधार पर उसे मामले में आरोपी बनाया गया और गिरफ्तार किया गया। महिला थाना प्रभारी राखी मौर्य ने बताया कि मुख्य आरोपी अनुज सोनकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका भाई राहिल सोनकर पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। कैफे संचालक हर्ष को सबूत मिटाने के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है।
संत बाबा नीम करोली महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश इन दिनों चर्चा में है। फिल्म में बाबा नीम करोली महाराज के बचपन का किरदार निभाने वाले कलाकार विहान शेडगे इंदौर पहुंचे। चर्चा के दौरान उन्होंने फिल्म में अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और बाबा नीम करोली महाराज से जुड़ी अपनी आस्था को लेकर खुलकर बात की। विहान ने बताया कि फिल्म में काम करने से पहले वे बाबा नीम करोली महाराज के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। जब उन्हें उनका किरदार निभाने का मौका मिला तो उन्होंने बाबा के जीवन के बारे में रिसर्च शुरू की। इसी दौरान उनके मन में बाबा और हनुमान जी के प्रति आस्था भी बढ़ती चली गई। रोल मिलने से पहले दो-तीन दिन किया हनुमान चालीसा का पाठ विहान ने बताया कि ऑडिशन से पहले उन्होंने लगातार दो-तीन दिन हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसके बाद उन्हें बाबा नीम करोली महाराज के बचपन का किरदार निभाने का मौका मिला।उन्होंने कहा कि उनके लिए यह महज एक फिल्मी किरदार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बेहद खास अनुभव रहा। फिल्म से जुड़ने के बाद उनकी हनुमान जी और बाबा नीम करोली महाराज के प्रति आस्था पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। शूटिंग के दौरान आया लंगूर, विहान बोले- चमत्कार जैसा लगा विहान ने शूटिंग से जुड़ा एक खास अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जिस गांव में फिल्म की शूटिंग हो रही थी, वहां करीब 15-20 साल से कोई लंगूर नहीं आया था। लेकिन जिस दिन उनकी शूटिंग थी, उसी दिन अचानक एक लंगूर वहां पहुंच गया। लंगूर ने शूटिंग के दौरान दो-तीन सीन में उनके साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि जैसे ही शूटिंग पूरी हुई, लंगूर वहां से चला गया। पानी में पूरे दिन हुई शूटिंग, बोले- काफी चुनौतीपूर्ण था सीन फिल्म में एक ऐसा सीन भी है, जिसमें विहान को पानी में रहना था। उन्होंने बताया कि सीन 15-20 मिनिट का था, लेकिन शूटिंग में पूरा दिन लग गया। पूरे दिन पानी में रहना पड़ा था। विहान ने कहा कि यह शूटिंग उनके लिए आसान नहीं थी, लेकिन पूरी टीम के सहयोग से सीन को अच्छे तरीके से पूरा किया गया। हनुमान अंश से जुड़ने के बाद बढ़ी भक्ति विहान ने बताया कि बाबा नीम करोली महाराज का किरदार निभाने के बाद उनकी दिनचर्या में भी बदलाव आया है। अब वे नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म ने उनकी आस्था को और मजबूत किया है। बाबा नीम करोली महाराज और हनुमान जी के प्रति उनका जुड़ाव फिल्म के साथ काम करते-करते और गहरा हुआ। चार साल से एक्टिंग कर रहे हैं विहान विहान ने बताया कि उन्हें एक्टिंग की दुनिया में करीब चार साल हो चुके हैं। ‘हनुमान अंश’ उनकी पहली इंडी फिल्म है। इससे पहले वे मराठी टीवी सीरियल्स, फिल्मों और विज्ञापनों में काम कर चुके हैं। मूल रूप से पुणे के रहने वाले विहान ने बताया कि फिल्म में काम करने का मौका उन्हें निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की वजह से मिला। विहान पहले उनके साथ एक विज्ञापन में काम कर चुके थे। उस दौरान उनकी एक्टिंग निर्देशक को पसंद आई थी। विहान के मुताबिक विशाल चतुर्वेदी ने तभी तय कर लिया था कि उनके अगले प्रोजेक्ट में विहान को मौका दिया जाएगा। बाद में उन्हें ‘हनुमान अंश’ में बाबा नीम करोली महाराज के बचपन का किरदार मिला। इंदौर की तारीफ में बोले- यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है इंदौर पहुंचने पर विहान ने शहर की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इंदौर आकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। यहां के लोगों से मिले प्यार को उन्होंने खास बताया। भारत का सबसे स्वच्छ शहर है और यहां आकर उन्हें काफी अच्छा महसूस हो रहा है।
टेंडर घोटाले में ED से पटना हाई कोर्ट के 16 सवाल, पूछा- रिशुश्री को किस आधार पर बनाया आरोपी?
पटना हाईकोर्ट ने सरकारी टेंडरों में हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने आरोपी रिशुश्री की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी से 16 सवाल पूछे और चार सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
कैबिनेट ने मथुरा की बंद पड़ी छाता चीनी मिल में ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट लगाने को मंजूरी दी है, जिससे हर साल 3.96 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन होगा।
पंजाब में भीषण गर्मी और मॉनसून की कमी के बीच बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके बावजूद राज्य में पिछले तीन दिनों से एक भी पावर कट नहीं लगा है। मंगलवार शाम खन्ना में मीडिया से बातचीत करते हुए पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के तहत मान सरकार ने राज्य में बढ़ती बिजली की मांग को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए किसानों, आम जनता और उद्योग जगत को बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली सप्लाई दी है। किसानों को 8 की जगह 10 घंटे रोजाना बिजली आपूर्ति बिजली मंत्री ने बताया कि धान की फसल इस समय पकने के अंतिम चरण में है, जिसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी और बिजली की आवश्यकता है। किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को रोजाना 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है। मंत्री सौंद ने इसे पंजाब के इतिहास में किसानों को दी जाने वाली अभूतपूर्व अतिरिक्त बिजली आपूर्ति बताया। तकनीकी खराबी के बावजूद पावर ग्रिड को रखा मजबूत सौंद ने खुलासा किया कि हाल ही में निजी क्षेत्र के दो थर्मल प्लांटों में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस चुनौती के बावजूद सरकार ने राज्य की बिजली आपूर्ति पर कोई आंच नहीं आने दी। संबंधित कंपनियों पर दबाव बनाकर और बिजली विभाग के इंजीनियरों व तकनीकी कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत से प्लांटों को रिकॉर्ड समय में दोबारा शुरू करवाया गया। वर्तमान में दोनों निजी थर्मल प्लांटों के साथ-साथ पंजाब सरकार के अपने सभी 10 यूनिट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। 17,300 मेगावाट की ऐतिहासिक रिकॉर्ड मांग को किया पूरा सितंबर महीने के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बिजली मंत्री ने बताया कि आमतौर पर इस महीने में राज्य की बिजली मांग 13,000 मेगावाट के आसपास रहती है। हालांकि, इस साल मॉनसून में आई कमी के कारण बिजली की मांग बढ़कर 17,300 मेगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंच गई, जो सामान्य से लगभग 4,000 मेगावाट अधिक है। इस अभूतपूर्व मांग और विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में बिजली का संकट पैदा नहीं होने दिया।
लुधियाना में एक फैक्ट्री में काम करते समय एक मजदूर की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान 10 दिन बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अशोक के रूप में हुई है। परिवार ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना 3 सितंबर की बताई जा रही है। अशोक की पत्नी शारदा देवी ने बताया कि 3 सितंबर को फैक्ट्री में काम करते हुए अशोक की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। परिवार का आरोप है कि फैक्ट्री के गेटमैन ने अशोक को करीब 3 घंटे तक फैक्ट्री में ही बैठाकर रखा। इसके बाद रात करीब 11 बजे उसे घर पहुंचाया गया। घर पहुंचने के बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई। परिवार उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। अशोक ने 13 सितंबर को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पत्नी शारदा देवी ने यह भी आरोप लगाया कि अशोक पिछले 14-15 सालों से इसी फैक्ट्री में काम कर रहा था, लेकिन फैक्ट्री ने उसका ईएसआई कार्ड नहीं बनवाया और न ही उसका पीएफ काटा। परिवार ने पूरे मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और इंसाफ की मांग की है। अशोक की मौत के बाद परिवार सदमे में है और मामले की जांच की मांग कर रहा है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के री-एग्जाम में 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभ्यर्थियों के लिए 17 सितंबर को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिसके बाद वे परीक्षा केंद्र और अन्य जरूरी जानकारी देख सकेंगे। परीक्षा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए RPSC अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह की अध्यक्षता में पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या डमी अभ्यर्थी बैठाने के प्रयास को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बायोमेट्रिक जांच और फेस रिकग्निशन से फर्जीवाड़े की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म होंगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर 'राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022' के तहत त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 131 रजिस्टर्ड अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए अजमेर में 74, अलवर में 48, भरतपुर में 58, बीकानेर में 47, हनुमानगढ़ में 23, जयपुर में सर्वाधिक 187, जोधपुर में 81, कोटा में 58, श्रीगंगानगर में 10, टोंक में 16 और उदयपुर में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन दो पारियों में किया जाएगा। प्रथम पारी में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा, जबकि द्वितीय पारी में दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। 17 सितंबर को जारी होंगे प्रवेश पत्र परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 17 सितंबर 2026 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी अपने आवश्यक विवरण दर्ज कर समय पर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। OMR शीट में 5वां विकल्प भरना होगा अनिवार्य वर्तमान नियमानुसार, इस बार अभ्यर्थियों के लिए ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प (अनुत्तरित प्रश्न) भरना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे यह 5वां गोला आवश्यक रूप से भरना होगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। आयोग द्वारा इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी किया जा चुका है। केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचना होगा, 60 मिनट पहले बंद होंगे प्रवेश द्वार परीक्षा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बायोमेट्रिक जांच, मेटा ग्लासेस और हाईटेक डिवाइसेज पर पैनी नजर परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, नकल या डमी अभ्यर्थी को रोकने के लिए थंब इंप्रेशन और फेस रिकॉगनीशन का उपयोग करते हुए सघन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया गया है। प्रवेश के दौरान HHMD और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त मेटा ग्लासेस और ब्लूटूथ डिवाइसेज जैसे हाईटेक उपकरणों की रोकथाम के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की सघन निगरानी वीसी में मौजूद पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी, रिक्रूटमेंट एवं क्राइम), सहित सभी कलक्टर और एसपी से परीक्षा के निर्बाध एवं शुचितापूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध तथा सघन सुरक्षा व्यवस्था का आग्रह किया गया हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण पाबंदी रहेगी और परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित SOP के अनुसार वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। पूर्व में डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर SOG और ATS द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। पिछली भर्ती में 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2021 का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए पहले हुई परीक्षा में 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी पिछली परीक्षा (13 से 15 सितंबर 2021) में शामिल हुए थे। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। जब री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया, तब 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका दिया गया था। बाद में सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की छूट दे दी गई है।
प्रयागराज में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री कटरा दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से मंगलवार शाम स्टैनली रोड स्थित सारस्वत पैलेस परिसर में भूमि पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पंडाल निर्माण की शुरुआत की गई। इस दौरान खूंटी पूजा की रस्म भी निभाई गई। पंडाल के मुख्य बांस को जमीन में स्थापित कर अनुष्ठान किया गया। पूजा कमेटी के मुताबिक, इसके साथ ही इस साल होने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस बार बदला गया पूजा स्थलपूजा कमेटी के प्रधान सचिव अभिन्न वार्ष्णेय ने बताया कि कुछ कारणों से इस वर्ष श्री कटरा बारवारी की दुर्गा पूजा का आयोजन पुराने स्थान के बजाय सारस्वत पैलेस में किया जाएगा। नए स्थल पर भूमि पूजन के बाद अब पंडाल निर्माण समेत अन्य तैयारियों में तेजी लाई जाएगी। भव्य रूप देने की पूरी कोशिशउन्होंने बताया कि कमेटी की कोशिश है कि इस बार भी दुर्गा पूजा महोत्सव को श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।भूमि पूजन कार्यक्रम में श्रीमंतो बनर्जी, अवीक शाहा, प्रदीप प्रमाणिक, राजन चतुर्वेदी, तरुण बनर्जी, राजेश श्रीवास्तव, आयान शाहा, सौरभ बसू, चंद्रकेश मिश्रा, विष्णु देव, आलोक दास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
वल्लभनगर नगर पालिका चुनाव में भाजपा के 16 नए पार्षदों ने मंगलवार, 15 सितंबर को शपथ ली। वल्लभनगर उपखंड अधिकारी रमेश चंद्र वडेरा ने सभी पार्षदों को शपथ दिलाई। इस मौके पर वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने भाजपा की जीत का श्रेय शहर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। भींडर नगर पालिका चुनाव नतीजों पर बात करते हुए विधायक डांगी ने कहा कि भाजपा ने वहां भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, 13-12 के अंतर से वे बोर्ड नहीं बना पाए। उन्होंने बताया कि कुछ भाजपा उम्मीदवार जीतने की स्थिति में थे। लेकिन, आपस में तालमेल नहीं होने से दिक्कत हुई। अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदारों ने दाखिल किए नामांकन वल्लभनगर नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख भाजपा से दावेदारों में सोवनी भील, लीला भील और भोली बाई भील के नाम सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, इन तीनों ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को वल्लभनगर उपखंड अधिकारी कार्यालय में अध्यक्ष पद के लिए अपने नामांकन प्रस्तुत किए। अब अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की हरी झंडी, 1008 करोड़ होंगे खर्च, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा
कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह 15.17 किमी लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे 1008.67 करोड़ रुपये की लागत से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को चित्रकूट धाम से जोड़ेगा।
नागौर नगर परिषद सभापति पद को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के निर्वाचित पार्षद आबूरोड के एक रिसॉर्ट में ठहरे हैं। जहां पार्टी के संगठन पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं। पार्षदों से सभापति और उपसभापति पद को लेकर वन-टू-वन बातचीत कर रायशुमारी ली जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों पदों के लिए नाम तय करने की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया और जिला संगठन प्रभारी जगत नारायण जोशी पार्षदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान सभापति पद के संभावित चेहरे के साथ बोर्ड गठन की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है। सभापति के लिए संतोष टाक का नाम सबसे आगे भाजपा खेमे में सभापति पद के लिए संतोष टाक का नाम सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आया है। पार्टी के अंदर उनके नाम पर सहमति बनने की स्थिति बताई जा रही है। हालांकि भाजपा संगठन ने अभी तक सभापति पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। वहीं उपसभापति पद के लिए शिवकुमार राव (मीकू) और रामकुमार भाटी के नाम चर्चा में हैं। पार्टी स्तर पर दोनों नामों को लेकर रायशुमारी की जा रही है। माना जा रहा है कि मंगलवार देर रात या बुधवार को सभापति और उपसभापति पद के नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। कांग्रेस में भी चेहरा तय नहीं, पाला बदलने की चर्चाएं दूसरी ओर कांग्रेस खेमे में भी सभापति पद के लिए अब तक किसी एक चेहरे पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच कांग्रेस के कुछ निर्वाचित पार्षदों के भाजपा खेमे के संपर्क में होने की चर्चाओं ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कुछ विजयी पार्षदों की भाजपा खेमे के लोगों के साथ बातचीत की तस्वीरें सामने आने के बाद पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। 60 वार्डों में निर्दलीय सबसे ज्यादा, बहुमत से 10 सीट दूर भाजपा नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में निर्दलीय सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे हैं। निर्दलीयों ने 23 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा को 21, कांग्रेस को 15 और RLP को एक सीट मिली है। सभापति बनाने के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा 21 सीटों के साथ सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन या किसी अन्य खेमे के पार्षदों के साथ आने की स्थिति में भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। यही वजह है कि दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर भी बनी हुई है। मंगलवार को नहीं हुआ नामांकन सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। नामांकन जमा कराने की अंतिम समय सीमा बुधवार दोपहर 3 बजे तक है। ऐसे में अब बुधवार का दिन नागौर नगर परिषद की सियासत के लिए अहम माना जा रहा है। भाजपा के आबूरोड रिसॉर्ट में चल रहे मंथन, कांग्रेस खेमे की गतिविधियों और निर्दलीय पार्षदों के रुख के बीच सभापति पद की तस्वीर नामांकन के बाद काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम फैसला सभापति चुनाव के दौरान ही होगा।
पश्चिम बंगाल सरकार जमीन और मकान की जालसाजी रोकने के लिए 'आपनी' नामक मोबाइल ऐप आधारित नई तकनीकी व्यवस्था शुरू कर रही है। यह ऐप क्रेता-विक्रेता की पहचान का सत्यापन करेगा।
बाड़मेर नगर परिषद और चौहटन नगर पालिका में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब सभापति और अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। भाजपा ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी है और अब एक-एक पार्षद से वन-टू-वन रायशुमारी कर संभावित चेहरों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी के ऑब्जर्वर, प्रभारी और जिलाध्यक्ष की कमेटी रायशुमारी के बाद नामों पर विचार कर अंतिम फैसला करेगी। माना जा रहा है कि देर रात तक सभापति के नाम पर मुहर लग सकती है। बाड़मेर नगर परिषद में सभापति पद के लिए गौतम जैन, कैलाश कोटड़िया, गंगाविशन अग्रवाल और सुनील सिंघवी के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हालांकि कई जीते हुए पार्षद अपने-अपने खेमे के नेताओं के लिए लॉबिंग में जुटे हैं। भाजपा नेतृत्व पार्षदों की राय और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए नाम तय करेगा। 32 से ज्यादा पार्षद भाजपा खेमे मेंभाजपा के सभी जीते हुए पार्षद फिलहाल बाड़ेबंदी में हैं। इसके अलावा दो-चार निर्दलीय पार्षदों के भी भाजपा खेमे में शामिल होने की बात सामने आई है। इससे भाजपा खेमे में पार्षदों की संख्या 32 से अधिक हो गई है। पार्टी जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई, प्रभारी और अन्य पदाधिकारी पार्षदों से व्यक्तिगत रूप से राय ले रहे हैं। इसके बाद कमेटी सभापति पद के चेहरे पर अंतिम निर्णय करेगी। कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग के सहारेबाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में कांग्रेस ने 21 सीटें जीती हैं। भाजपा के सभापति प्रत्याशी की घोषणा के बाद कांग्रेस अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस तीन-चार पार्षदों से सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करवा सकती है। इसके बाद 18 सितंबर को इनमें से एक नाम पर सहमति बनाकर बाकी प्रत्याशियों के नाम वापस करवाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। कांग्रेस ने अपने अधिकांश पार्षदों को बाड़ेबंदी से बाहर कर दिया है। नामांकन की लास्ट डेट कलजिला निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को सभापति चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी। सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बुधवार है। गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 21 सितंबर को सभापति पद के लिए मतदान होगा। इधर, कांग्रेस के पार्षदों को एसडीएम कार्यालय लाकर शपथ दिलाई गई। भाजपा के पार्षद फिलहाल बाड़ेबंदी में हैं। चौहटन नगर पालिका में भी भाजपा नेतृत्व अध्यक्ष पद के लिए संभावित नामों पर मंथन कर रहा है। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बाड़मेर में 15 साल बाद बीजेपी बनाएगी बोर्ड:भाजपा को 44.33% वोट मिले; पढ़ें, अब चेयरमैन का चेहरा कौन
एक मुट्ठी पिंड, अनंत मोक्ष की आस... गयाजी में इस बार 50 लाख श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद
गयाजी में पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, 2025 में यह आंकड़ा 34.79 लाख तक पहुंच गया है। इस बार 50 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

