बागपत की रिजर्व पुलिस लाइन में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें पुलिस परिवार के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक सूरज राय के निर्देश पर हुआ। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए। भक्ति भरे गानों और धार्मिक प्रस्तुतियों से पूरा परिसर कृष्ण भक्ति में डूब गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बागपत और दूसरे अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने पुलिस परिवार के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। एसपी ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम पुलिस परिवार के सदस्यों के बीच भाईचारा और मेलजोल बढ़ाते हैं। जन्माष्टमी पर रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में खास धार्मिक आयोजन भी हुआ। भगवान कृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आरती हुई, जिसमें पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन भक्तिभाव से शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन का माहौल भक्तिमय बना रहा। पुलिस परिवार ने भगवान कृष्ण से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि मांगी। विधि-विधान से पूजा और आरती के साथ जन्माष्टमी कार्यक्रम खत्म हुआ।
एटा कोतवाली देहात क्षेत्र में महिंद्रा एजेंसी के पास शुक्रवार देर रात रोडवेज बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 5 साल के मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने घायलों को एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायल का इलाज चल रहा है। हादसा शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि बाइक सवार एटा में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम देखने आ रहे थे। इसी दौरान महिंद्रा एजेंसी के पास रोडवेज बस से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। घायल गोविंद के मुताबिक, वे रात करीब 11:30 बजे एटा आ रहे थे। इसी दौरान रोडवेज बस ने अचानक कट मारा और बाइक बस में जा घुसी। गोविंद ने बताया कि बाइक पर कुल पांच लोग सवार थे। बच्चे समेत दो की मौत पुलिस के मुताबिक, हादसे में देतई, थाना मिरहची निवासी श्याम सुंदर (पुत्र राजेंद्र) और गंगानगर, कोतवाली देहात निवासी 5 वर्षीय अर्जुन (पुत्र पवन) की मौत हुई है। गोविंद घायल हुआ है, जिसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। मृतक श्याम सुंदर के छोटे भाई ने बताया कि वे कृष्ण जन्माष्टमी देखने एटा जा रहे थे। हनुमान गढ़ी के पास रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनके भाई और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि भाई के दोस्त का इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और बस चालक के संबंध में जांच कर रही है।
सिवनी के धनोरा विकासखंड मुख्यालय में रेस्ट हाउस चौराहे और अस्पताल के पास लगी स्ट्रीट लाइटें पिछले कुछ दिनों से बंद हैं। रात में इन जगहों पर अंधेरा रहने से मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का डर भी बना हुआ है। चार दिशाओं को जोड़ता है मुख्य चौराहा रेस्ट हाउस चौराहा धनोरा का प्रमुख रास्ता है। यहां से घंसौर, कहानी, पिंडरई और पलारी की ओर लोग और वाहन आते-जाते हैं। चौराहे के पास ही अस्पताल है, जहां रात में भी मरीज और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है। स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को अंधेरे में रास्ता पार करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बारिश में जहरीले जीवों का भी डर इन दिनों रुक-रुककर बारिश हो रही है। सड़क किनारे और खाली जगहों पर पानी और नमी बनी हुई है। ऐसे में सांप, बिच्छू और दूसरे कीड़े-मकौड़े निकलने का डर रहता है। अंधेरा होने से राहगीरों को इन्हें देख पाना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों ने जल्द सुधार की मांग की स्थानीय निवासी संदीप मर्सकोले और अन्य लोगों ने संबंधित विभाग से बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खराब बल्ब और बिजली के उपकरण बदले जाएं और पूरे इलाके की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच की जाए। स्थानीय लोगों ने बारिश के मौसम को देखते हुए मुख्य चौराहे और अस्पताल के आसपास रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जल्द शुरू कराने की मांग की है।
पाली में शुक्रवार रात 12 बजे कृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों और कई मोहल्लों में बने पांडाल में कान्हा के जन्म की रस्म निभाई गई। रात 12 बजते ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे और मृदंग बजने लगे। शंख की आवाज के बीच पंचगव्य से भगवान का अभिषेक किया गया और पूजा की गई। मंदिरों में लगाए कृष्ण के जयकारे शहर के गीता सत्संग भवन, गोपीनाथ मंदिर, रघुनाथ मंदिर, वेंकटेश मंदिर और खौड़ का बास चारभुजा मंदिर में श्रद्धालुओं ने कृष्ण जन्म पर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। मंदिरों में श्रद्धालुओं को मिश्री-माखन और पिंजरी का प्रसाद दिया गया। इसके बाद शहरवासी अपने घरों की ओर रवाना हुए और घर पहुंचकर व्रत खोला। पानी दरवाजा से वेंकटेश मंदिर तक रात में मेले जैसा माहौल रहा। रात 12 बजे भैरूघाट चौराहे पर युवाओं ने दही हांडी फोड़ी। कई मंदिरों में रात 12 बजे तक भजन-कीर्तन भी हुए। 251 किलो विदेशी फूलों से सजाया दरबार पानी दरवाजा स्थित गोपीनाथ मंदिर को खास तरीके से सजाया गया। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कई झांकियां लगाई गईं। शहरवासियों ने भगवान के दर्शन किए और यहां फोटो भी खिंचवाए। मंदिर में 251 किलो विदेशी फूलों से भगवान खाटू श्याम का दरबार सजाया गया। यह लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। इसी तरह रघुनाथ मंदिर, वेंकटेश मंदिर, गीता सत्संग भवन और भैरूघाट स्थित ब्राह्मण स्वर्णकार समाज के भवन में भी सजावट की गई। बच्चों को कृष्ण के गेटअप में लेकर पहुंचे मंदिरों में दर्शन के लिए सैकड़ों शहरवासी अपने छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के गेटअप में सजाकर लेकर पहुंचे। कई बच्चों को राधा-कृष्ण के गेटअप में भी सजाया गया था। मंदिरों में पहुंचे ये बच्चे लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। फोटो में देखे कृष्ण जन्माष्टमी की झलकियां
मनगढ़ के भक्ति मंदिर में शुक्रवार आधी रात 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। भगवान के जन्म लेते ही मंदिर में उत्सव का माहौल बन गया। पूरा मंदिर परिसर 'जय कन्हैया लाल की' और 'हाथी-घोड़ा-पालकी' के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने उपहार अर्पित किए और भगवान की आरती उतारी। इसके बाद सोहर, बधाई गीत और संकीर्तन का दौर शुरू हो गया। देर रात तक चले जन्मोत्सव से पूरा मनगढ़ भक्तिमय हो गया। भगवान के अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत का प्रसाद बांटा गया। कान्हा की एक झलक पाने के लिए भक्तों में बहुत उत्साह था। रात करीब दो बजे तक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के कार्यक्रम चलते रहे। इसके बाद भगवान को शयन कराया गया और मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए। मंदिर के बाहर पटाखों और आतिशबाजी से पूरा इलाका रोशन हो गया। शाम होते ही मंदिर में जुटी भीड़ शाम होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। रात दस बजे सत्संगियों और भक्तों ने संकीर्तन शुरू किया। रात करीब 11 बजे मंदिर के पुजारी राजेंद्र तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करना शुरू किया। इसके बाद श्रद्धालु आधी रात का बेसब्री से इंतजार करने लगे। रोहिणी नक्षत्र में ठीक रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। भगवान के जन्म लेते ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने 'जय कन्हैया लाल की' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे लगाए। भक्तों ने भगवान को उपहार अर्पित किए। इसके बाद आरती हुई और जन्म के सोहर, बधाई गीत तथा संकीर्तन शुरू हो गए। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का ऐसा माहौल था कि हर कोई कृष्ण भक्ति में डूबा हुआ दिखा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। सुबह से ही कृपालु धाम मनगढ़ के भक्ति मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालु राधा-कृष्ण के दर्शन कर निहाल हो रहे थे। मंदिर परिसर में सजाई गईं विभिन्न झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। परिवार के साथ पहुंचे लोग झांकियों के सामने सेल्फी लेते नजर आए। वहीं पूतना उद्धार लीला की झांकी में पूतना की चीत्कार सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। कृपालु धाम मनगढ़ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में शामिल होने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही गैर जनपदों और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही मनगढ़ की ओर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। निजी वाहनों के अलावा प्रयागराज, लखनऊ और कानपुर की ओर से आने वाली यात्री ट्रेनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
आमतौर पर रिटायरमेंट के बाद लोग आराम की जिंदगी बिताना पसंद करते हैं, लेकिन बिलासपुर की डॉ. पुष्पा दीक्षित ने अपना पूरा समय संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया। उनका घर पिछले करीब 22 साल से संस्कृत की पाठशाला बना हुआ है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ नेपाल, चीन और अमेरिका समेत कई देशों से भी विद्यार्थी संस्कृत सीखने पहुंच चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां संस्कृत सीखने के लिए किसी तरह की फीस या शुल्क नहीं लिया जाता है। देखिए तस्वीरें… दिल्ली से नेपाल तक पहुंच रहे विद्यार्थी दरअसल, गोंड़पारा स्थित पाणिनीय शोध संस्थान में संस्कृत सीखने वालों का दायरा बिलासपुर तक सीमित नहीं है। दिल्ली, बेंगलुरु, देहरादून समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी यहां आ चुके हैं। नेपाल समेत विदेशों से भी विद्यार्थी संस्कृत सीखने पहुंचे हैं। यहां आने वाले विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि भी अलग-अलग है। स्कूली बच्चों के साथ नौकरी और पढ़ाई करने वाले युवा भी संस्कृत सीखते हैं। BTech, MTech और PhD जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके युवा भी संस्कृत की गहराई समझने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। पाणिनीय पद्धति से संस्कृत की पढ़ाई डॉ. पुष्पा दीक्षित की पाठशाला की सबसे बड़ी खासियत पाणिनीय पद्धति से संस्कृत पढ़ाना है। उनका मानना है कि संस्कृत को केवल रटकर नहीं, बल्कि उसकी व्याकरणिक संरचना और पद्धति को समझकर सीखा जाना चाहिए। इसी वजह से दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उनका घर सीखने का केंद्र बन गया है। यहां सीखने के लिए न उम्र की सीमा है और न आर्थिक क्षमता की शर्त। न फीस, न शुल्क, सीखने की इच्छा जरूरी डॉ. दीक्षित संस्कृत को कमाई का जरिया बनाने के बजाय इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं। इसी उद्देश्य से वे अपने स्तर पर बच्चों और युवाओं को निशुल्क संस्कृत पढ़ा रही हैं। आधुनिक समय में जहां युवाओं का रुझान तकनीकी और प्रोफेशनल शिक्षा की ओर बढ़ रहा है, वहीं इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं का संस्कृत सीखने के लिए यहां पहुंचना इस पहल को खास बनाता है। शिक्षक दिवस पर शिक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता शिक्षक दिवस के मौके पर डॉ. पुष्पा दीक्षित ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ऐसी शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर थे, जिसमें राष्ट्रहित, विचार और संस्कारों को महत्व मिले। उनका मानना है कि शिक्षा में भारतीय संस्कृति और विचार आधारित अध्ययन को पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए। उनके अनुसार संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम भी है। सरकारी मदद के बिना 22 साल से जारी अभियान डॉ. पुष्पा दीक्षित की यह पहल किसी बड़े संस्थान या सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं है। उन्होंने अपने घर से यह अभियान शुरू किया और करीब 22 वर्षों से लगातार बच्चों और युवाओं को संस्कृत का ज्ञान दे रही हैं। बिलासपुर की यह पाठशाला बताती है कि किसी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा बड़े संस्थान की जरूरत नहीं होती। एक व्यक्ति की लगन और समर्पण भी कई लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ सकता है।
रोहतक में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों ने सरकार द्वारा नोटिस जारी करने पर विरोध जताया और स्पष्ट कहा कि जब तक 13 मई को हुआ समझौता लागू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सरकार के खिलाफ यह आर-पार की लड़ाई है, जिसे अंजाम तक पहुंचाकर ही छोड़ेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शंभू टांक ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 31वां दिन है, लेकिन अभी तक सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। कर्मचारियों की मांग पूरी करने की बजाय आंदोलन को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों की आवाज को दबाया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। लाठीचार्ज, गिरफ्तारी के बाद अब जारी किए नोटिसशंभू टांक ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने के लिए पहले लाठीचार्ज करवाया। उसके बाद कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। फायर ब्रिगेड के दो नेताओं को सस्पेंड किया गया। अब सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया। शंभू टांक ने कहा कि सरकार ने नोटिस जारी करते हुए 5 सितंबर तक काम पर लौटने के आदेश दिए, लेकिन वह केसों से डरने वाले नहीं है। जब तक 13 मई को सरकार के साथ हुआ समझौता लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आज भाजपा मंत्रियों व विपक्ष के नेता को देंगे ज्ञापनशंभू टांक ने बताया कि आज प्रदेशभर में भाजपा के मंत्रियों को ज्ञापन देते हुए जवाब मांगा जाएगा। साथ ही विपक्ष के नेता को भी ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं, 10 से 12 सितंबर तक गांवों में जाकर जन भागेदारी को सुनिश्चित किया जाएगा और 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में पंचायत करके सीएम को ज्ञापन देकर जवाब मांगा जाएगा।
लुधियाना के डाबा थाना क्षेत्र में पालतू कुत्ते को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने परिवार से गाली-गलौज करने, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और बाद में 10-12 अज्ञात लोगों को साथ लाकर जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 को वह अपने मायके घर गली नंबर-2, आजाद नगर, शिमलापुरी में मौजूद था। इसी दौरान उसे घर के पालतू कुत्ते ‘नन्नी’ के जोर-जोर से भौंकने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वह गली में गए तो सामने रहने वाला आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, निवासी गली नंबर-1, बसंत नगर, लुधियाना, छत पर खड़ा होकर उसके कुत्ते पर पत्थरबाजी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने और उसके परिवार ने आरोपी से कुत्ते पर पत्थर फेंकने का कारण पूछा। इस पर आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। शोर सुनकर शिकायतकर्ता की बहनें जो नाबालिग है वह भी बाहर आ गई । आरोप है कि इसके बाद गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने दोनों लड़कियों के साथ भी गाली-गलौज की और कथित तौर पर अश्लील इशारे करने लगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ गलत तरीके से टच भी किया। परिवार ने अपनी इज्जत को ध्यान में रखते हुए घर के अंदर चले जाने का फैसला किया। कुछ समय बाद आरोपी दोबारा 10-12 अज्ञात लोगों को साथ लेकर उनके घर के बाहर पहुंच गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी और उसके साथ आए लोगों ने घर के बाहर खड़े होकर गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। शिकायत के आधार पर थाना डाबा पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और 10-12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 74, 126(2), 351(2) और 191(3) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के साथ मौजूद अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
अलवर में सुबह 3 घंटे से बारिश:शहर की सड़कें बनी तालाब;कई कॉलोनियों में डेढ़ फीट तक पानी भरा
अलवर शहर में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तड़के करीब 5 बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई, इसके बाद सुबह 7:30 बजे के आसपास बारिश ने जोर पकड़ लिया। करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं। फ्रेंड्स कॉलोनी में डेढ़ फीट से ज्यादा पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई दुकानों में भी पानी घुस गया। जवाहर नगर, नेहरू नगर और मेहताब सिंह का नोहरा क्षेत्र की कुछ कॉलोनियों में भी जलभराव रहा। देखे बारिश से जुड़े PHOTOS… बारिश के कारण वार्ड 45, 46 और 47 में कुछ पार्षद प्रत्याशियों के कार्यालयों में भी पानी घुस गया। टेल्को चौराहा, जेल चौराहा, ट्रांसपोर्ट नगर, तुलेड़ा सहित शहर और जिले के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर एक बार फिर नालों की सफाई और पानी निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई जगह नालियों का पानी सड़क पर आने से हालात और बिगड़ गए। इधर, किसानों की चिंता भी बढ़ी: ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया। इन दिनों कई किसान प्याज की बुवाई कर रहे हैं। किसानों के अनुसार लगातार तेज बारिश होने पर प्याज के बीज के ऊपर की मिट्टी बहने या जमने से अंकुरण प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन कम होने की आशंका है। इससे पहले शुक्रवार को भी जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 सितंबर को बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इसके बाद 7 सितंबर से मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है।
राजस्थान के इसबगोल की खरीद और प्रोसेसिंग से जुड़े किसान व उद्यमी गुजरात और राजस्थान में लागू GST की अलग-अलग दरों से परेशान हैं। गुजरात में प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज पर 0% GST का फैसला है, जबकि राजस्थान में मंडियों और गोदामों में रखे इसबगोल बीज पर 5% GST लगाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस अंतर के चलते प्रदेश की मंडियों में इसबगोल की खरीद और नीलामी प्रभावित हो रही है। राजस्थान इसबगोल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली 57वीं GST काउंसिल की बैठक में यह मुद्दा उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने साथ ही प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज पर पूरे देश में एक समान 0% GST लागू करने की मांग की है। राजस्थान में देश के कुल इसबगोल उत्पादन का 75% से ज्यादा होता है, ऐसे में उद्योग और किसानों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। गुजरात-राजस्थान में अलग-अलग फैसलों से बढ़ी परेशानी एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि गुजरात AAR के 29 मई 2026 के फैसले में प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज को ताजा मानते हुए शून्य GST लागू किया गया है। वहीं राजस्थान AAR के 27 जुलाई 2026 के आदेश में मंडियों और APMC में नीलामी के लिए आने वाले तथा गोदामों और शेड में रखे इसबगोल बीज को प्रोसेस्ड ड्राई मानकर 5% GST लगाया गया है। इससे राजस्थान की मंडियों में खरीद प्रभावित हो रही है। 90% इसबगोल निर्यात, GST रिफंड में फंस रही वर्किंग कैपिटल महासचिव विभोर गोयल ने कहा कि इसबगोल के बीज वातावरण से स्वाभाविक रूप से नमी ग्रहण करते हैं। मंडी या गोदाम में रखने से इसे सुखाया हुआ या प्रोसेस्ड नहीं माना जा सकता। राजस्थान से करीब 90% इसबगोल का निर्यात होता है। निर्यातकों को GST रिफंड मिलता है, लेकिन रिफंड में वर्किंग कैपिटल फंसने से प्रोसेसिंग इकाइयों का नकदी प्रवाह प्रभावित हो रहा है। पूरे देश में एक समान GST की मांग एसोसिएशन ने मांग की है कि APMC से खरीदे गए प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज पर पूरे देश में समान रूप से शून्य GST की सिफारिश की जाए। साथ ही GST काउंसिल की स्पष्टता आने तक राजस्थान GST विभाग AAR के विवादित फैसले को लागू न करे और मंडियों में इसबगोल की नीलामी व खरीद प्रक्रिया सामान्य कराई जाए। एसोसिएशन का कहना है कि राजस्थान में 5% GST जारी रहने पर प्रोसेसिंग इकाइयों के गुजरात जाने का खतरा है, जिससे मंडियों, परिवहन, भंडारण और रोजगार पर असर पड़ेगा।
भदोही जनपद में जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार की मध्य रात्रि धूमधाम से मनाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव होते ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। हर तरफ 'नंद के घर नंदलाल भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजने लगे। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। इस दौरान पुलिस विभाग के बच्चों ने राधा-कान्हा के रूप में सांस्कृतिक और भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। जिला बार एसोसिएशन में भी जन्माष्टमी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। जिला कारागार और हरिहरनाथ मंदिर परिसर में भी भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। हरिहरनाथ मंदिर परिसर में रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्म लीला से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। जिले के ग्रामीण इलाकों से लेकर नगर तक हर जगह रात 12 बजे तक भक्ति गीत बजते रहे और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पुलिस लाइन, जिला बार एसोसिएशन, जिला कारागार और हरिहरनाथ मंदिर पर भगवान श्रीकृष्ण की लीला की विभिन्न झांकियां भी सजाई गई थीं। बिजली की आकर्षक झालरों के बीच ये झांकियां बेहद सुंदर लग रही थीं, जिन्हें देखने के लिए नगर के लोग पहुंचे।
औरैया के अजीतमल स्थित हालेपुर गांव में एक युवक की हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार सुबह 7 बजे खेत में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सुमित पाल (22) पुत्र अशोक पाल के रूप में हुई है। सुमित के परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने सुमित की हत्या की आशंका जताई है। सूचना मिलने पर सीओ अजीतमल मनोज गंगवार, कोतवाल प्रभारी विनोद कुमार और अटसू चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
विदिशा में आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में घूमते सांड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। शुक्रवार शाम सब्जी मंडी में दो सांड आपस में भिड़ गए। करीब 10 मिनट तक चली इस लड़ाई के दौरान मंडी में अफरा-तफरी मच गई। सांडों ने रास्ते में लगी सब्जी और फल की कई दुकानों को चपेट में ले लिया। दुकानों का सामान सड़क पर बिखर गया और कई विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, आसपास खड़े दोपहिया वाहन भी खराब हो गए। लोग इधर-उधर भागते दिखेइस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों सांड आपस में लड़ते नजर आ रहे हैं। सांडों को लड़ता देख लोग इधर-उधर भागते दिखे। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। उन्होंने नगर पालिका से आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित जगह पहुंचाने की मांग की है। शहर में आवारा मवेशियों से परेशानी का यह पहला मामला नहीं है। दो दिन पहले रॉयल सिटी में भी दो सांडों की लड़ाई में कई वाहन खराब हो गए थे। इसके अलावा, कुछ दिन पहले गल्ला मंडी और काछी मोहल्ले में भी सांडों की लड़ाई के दौरान कई दोपहिया वाहन खराब हुए थे। एक बच्चा भी सांडों की लड़ाई की चपेट में आने से बाल-बाल बचा था। हमले की घटना सामने आ चुकीअरिहंत विहार कॉलोनी में भी सांड के हमले की घटना सामने आ चुकी है। यहां सुबह वॉक कर रहे एक बुजुर्ग पर सांड ने हमला कर दिया था, जिससे उन्हें चोट आई थी। इस घटना के बाद कॉलोनी के बुजुर्गों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पहले वे सुबह-शाम नियमित रूप से घूमने निकलते थे, लेकिन सड़कों पर घूमते सांडों के कारण अब उन्होंने बाहर निकलना कम कर दिया है। शहर के लोगों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही है। मंडी में भी आए दिन ऐसा होता हैसब्जी विक्रेता मनोज ने बताया कि मंडी में आए दिन सांडों की लड़ाई होती रहती है। लड़ाई के दौरान सांड दुकानों में घुस जाते हैं, जिससे सब्जी-फल और अन्य सामान खराब हो जाता है। दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, सड़कों पर घूम रहे मवेशी लोगों को भी मार देते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि निराश्रित मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए नगर पालिका को अभियान चलाकर इन मवेशियों को पकड़ना चाहिए और उन्हें गोशाला में सुरक्षित पहुंचाना चाहिए, ताकि लोगों और दुकानदारों को राहत मिल सके।
शाजापुर के मावि कांजा में पदस्थ शिक्षक हेमंत वैद्य को शिक्षक दिवस पर शनिवार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में उन्हें विद्यार्थियों की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन, नए तरीकों से पढ़ाने और स्कूल के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल-श्रीफल और 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि मिलेगी। छात्रों ने परीक्षाओं में किया बेहतर प्रदर्शन हेमंत वैद्य के मार्गदर्शन में मावि कांजा के विद्यार्थियों ने पिछले 10 साल में कई परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है। इनमें नेशनल मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा, ओलिंपियाड और विज्ञान मेले जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। वैद्य स्कूल में गणित और विज्ञान पढ़ाने के साथ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वे डाइट और राज्य स्तर पर दूसरे शिक्षकों को भी पढ़ाने के नए तरीकों को लेकर मार्गदर्शन देते हैं। गांव वालों की मदद से स्कूल में बढ़ीं सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र के इस स्कूल में गांव वालों के सहयोग से कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्कूल में कंप्यूटर लैब, 7 किलोवाट का सोलर प्लांट, स्मार्ट बोर्ड, नया फर्नीचर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भोपाल में राज्यपाल, सीएम और शिक्षा मंत्री रहेंगे मौजूद शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में हेमंत वैद्य को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। उनके चयन पर शिक्षा विभाग और स्कूल परिवार ने खुशी जताई है।
जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में ईदगाह मैदान के पास शुक्रवार रात प्रतिबंधित पशु चोरी कर उसका मांस होटल में बेचने की सूचना को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया और बिष्टुपुर रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती तथा जुगसलाई गद्दी मोहल्ला के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों से लैस थे। भीड़ ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और तीन राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद भीड़ मौके से हट गई। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं। भीड़ की ओर से फायरिंग होने की बात से पुलिस ने इनकार किया है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल और क्यूआरटी तैनात कर दी गई। पुलिस ने आसपास की गलियों में खड़े लोगों को भी घर भेजा। देर रात डीएसपी सुमित क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज से पशु चोरी का सुराग जानकारी के अनुसार गुरुवार रात बिष्टुपुर के रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती में लालू गद्दी के घर के पास से जुगसलाई इस्लामनगर की स्कॉर्पियो (जेएच05-6870) से एक प्रतिबंधित पशु चोरी किया गया था। पशु मालिक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन का पीछा करते हुए जुगसलाई इस्लामनगर स्थित ईदगाह मैदान तक पहुंचकर जानकारी जुटाई। वहां पता चला कि ईदगाह मैदान के पास केजीएन होटल के मालिक सगुआ कुरैशी और उसके बेटे फेकू कुरैशी ने कथित तौर पर चोरी किए गए पशु का मांस पकाकर बेचा है। इसी सूचना के बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। सूचना मिलने पर जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ का आक्रोश बढ़ता गया। स्कॉर्पियो में 3-4 मवेशी रखने की जगह पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियो से बिष्टुपुर रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती से गाय की बछिया चोरी की गई थी, उसका इस्तेमाल पहले भी शहर के अलग-अलग इलाकों से पशु चोरी करने में किया जाता रहा है। पुलिस के अनुसार स्कॉर्पियो के अंदर सिर्फ ड्राइवर की सीट लगी थी और बाकी सीटें हटा दी गई थीं। इससे वाहन में एक साथ तीन से चार मवेशियों को आसानी से रखा जा सकता था। पुलिस अब स्कॉर्पियो को जब्त करने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ 21 वर्षीय युवती से छेड़खानी, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। युवती की भाभी की शिकायत पर पुलिस ने गांव के हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता की भाभी के मुताबिक, उनके पति और देवर काम के सिलसिले में घर से बाहर गए थे। बुधवार रात करीब 9:30 बजे उनकी 21 वर्षीय ननद घर के पास लगे नल पर हाथ-पैर धोने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह ने उसका मुंह दबाया और घर के पीछे सुनसान स्थान पर ले गया। परिजनों के अनुसार, वहां युवती के साथ छेड़खानी और जबरदस्ती की गई। काफी देर तक युवती के घर नहीं लौटने पर उसकी भाभी उसे तलाशने निकलीं। कुछ देर बाद युवती घर से थोड़ी दूरी पर घबराई हुई हालत में मिली। परिजनों का कहना है कि उसके होंठ और चेहरे पर चोट के निशान भी थे। शिकायत के बाद FIR, आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद परिजनों ने गंभीर उत्पीड़न की आशंका जताते हुए कंधई थाने में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। क्षेत्राधिकारी पट्टी प्रदीप सिंह ने बताया कि हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह को गिरफ्तार किया गया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
हरदोई शहर में विकास कार्यों को तेज करने और बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए शनिवार को शहर के बड़े हिस्से में बिजली सप्लाई पर असर पड़ेगा। बिजली विभाग अलग-अलग तकनीकी कामों के लिए दो अलग-अलग समय पर शटडाउन ले रहा है, जिससे हजारों परिवारों को दिक्कत हो सकती है। लखनऊ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान बिजली की लाइनों को शिफ्ट किया जा रहा है। इस काम में रास्ते में आ रहे पेड़ों की कटाई-छंटाई वन विभाग मन्नापुरवा क्षेत्र में कर रहा है। सुरक्षा के लिए सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक (कुल 5 घंटे) टाउन 2 फीडर की बिजली बंद रहेगी। इससे नरेश नगर, मन्नापुरवा, चांद बेहटा, धन्नुपुरवा, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, इंदिरा नगर कॉलोनी और लखनऊ चुंगी क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। वहीं, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (टेस्टिंग) के निर्देश पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सिटी के पावर ट्रांसफार्मरों और उपकेंद्र का जरूरी टेस्ट किया जाना है। इसके चलते सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक (कुल 2 घंटे) सिटी उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली सप्लाई आंशिक रूप से बंद रहेगी। इस दौरान शहर के नुमाइश चौराहा, कौशलपुरी, सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, वैटगंज, आजाद नगर, सुभाष नगर, पुराना बोर्डिंग हाउस, सिविल लाइन, बावन चुंगी, आलू थोक आदि इलाके में रहने वाले लोग बिना बिजली के परेशान हो सकते हैं। जूनियर इंजीनियर (मन्नापुरवा), जूनियर इंजीनियर (सिटी) और सब-डिविजनल ऑफिसर प्रथम ने उपभोक्ताओं से सहयोग मांगा है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह 11 बजे से पहले ही पानी जमा कर लें, ताकि 2 से 5 घंटे तक चलने वाली इस कटौती के दौरान कोई असुविधा न हो। काम खत्म होते ही सप्लाई तुरंत चालू कर दी जाएगी।
राजस्थान के टोंक, अजमेर और जयपुर के लिए पानी के बड़े स्रोत बीसलपुर बांध में फिर पानी आने लगा है। पिछले 24 घंटे में बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इससे बांध में 2 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है। शनिवार को बांध का जलस्तर 314.10 आरएल मीटर दर्ज किया गया। बांध की भरने की क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। यानी बांध को पूरा भरने के लिए अभी सवा मीटर से ज्यादा पानी की जरूरत है। काले बादल छाए, बूंदाबांदी जारी पानी की आवक शुरू होने के साथ मौसम भी बदला है। आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। कई जगह रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम में ठंडक आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के अनुसार, अगर कैचमेंट एरिया में बारिश का यह दौर जारी रहता है और तेज बारिश होती है तो आने वाले दिनों में बीसलपुर बांध भर सकता है। बांध भरने से किसानों को रबी की फसलों के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। जिले में 24 घंटे में 24 एमएम बारिश बीती रात जिले के कई हिस्सों में तेज और हल्की बारिश हुई। इससे जिले के बांधों और तालाबों में पानी बढ़ा है। शनिवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस साल जिले की औसत बारिश 654.94 एमएम है। इसके मुकाबले शनिवार सुबह 8 बजे तक जिले में 396.65 एमएम बारिश हो चुकी है। यह कुल औसत बारिश का 60.56 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश गलवानिया में 62 एमएम हुई। इसके अलावा निवाई में 53 एमएम और गलवा में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। जयपुर-अजमेर की पानी की चिंता कम होगी बीसलपुर बांध से केवल खेती के लिए ही पानी नहीं मिलता, बल्कि जयपुर, अजमेर, टोंक और आसपास के जिलों में पीने का पानी भी पहुंचता है। पिछले कुछ दिनों में बांध में पानी की आवक कम हो गई थी। इससे बांध के भरने को लेकर चिंता बढ़ रही थी। अब त्रिवेणी और खारी-डाई नदियों के बहाव वाले इलाकों में फिर बारिश होने लगी है। इससे बांध के गेज में सुधार हुआ है। अभी त्रिवेणी का गेज 230 नीट है।
बांदा पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। देर रात तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा परिसर ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के साथ जन्मोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव के लिए पुलिस लाइन परिसर को रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। पुलिस परिवार के सदस्यों, अधिकारियों और अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर जनपदवासियों और पुलिस परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के डीआईजी राजेश एस., जिलाधिकारी अमित आसेरी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्पना, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज मौजूद रहे। जिले के सभी क्षेत्राधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी समेत कई जनप्रतिनिधि और नागरिकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बालिकाओं ने नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां जन्मोत्सव में बच्चों और बालिकाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बालिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भारतीय संस्कृति पर आधारित नृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। अधिकारियों और अतिथियों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की। अच्छा प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। आधी रात हुआ कान्हा का जन्म रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भक्तों ने कान्हा के दर्शन कर पूजा की और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। जन्म के बाद पूरा पुलिस लाइन परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। पुलिस लाइन का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ पुलिस परिवार की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक बना। कार्यक्रम श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हरियाणा के पंचकूला जिले के कालका के रहने वाले अमन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 24 साल थी। पुलिस ने मामले में मंथन और अंकुश नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे चौक बाजार में कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और चाकूबाजी हो गई। पुलिस के मुताबिक, मंथन ने अमन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसी झगड़े में मंथन की उंगली भी कट गई और बीच-बचाव करने आए अंकुश को भी चोट लगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों घायल युवकों को सोलन के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अमन को मृत घोषित कर दिया। एक दिन पहले हुआ था झगड़ा बताया जा रहा है कि मृतक अमन हरियाणा के कालका का रहने वाला था और टैक्सी चलाता था। पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी दोनों युवकों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। कोर्ट से रिमांड पर लेगी पुलिस सोलन एसपी टी साई वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपी मंथन और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें सदर थाना ले जाया गया, जहां से आज उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी। एसपी ने कहा कि युवकों के बीच झगड़े की वजह अभी साफ नहीं है और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह से घटने लगा है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 63.630 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 63.105 मीटर से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। इसके बावजूद रेवतीपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का असर बरकरार है और कई परिवार घर छोड़कर सड़कों के किनारे रहने को मजबूर हैं। रेवतीपुर के नगदिलपुर, वीरउपुर और हसनपुरा गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाहरी सड़कों के साथ गलियों में भी पानी भर गया है। अनुसूचित जनजाति/वनवासी आबादी वाले हिस्सों के अलावा रामवृक्ष का पुरवा, महुआबारी, बहोरीक राय की दलित बस्ती, भीखमदेव और शुक्ल टोली में भी जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टोंगा, डेढ़गांवा, कल्याणपुर, पकड़ी, गोपालपुर और पटकनिया में भी पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों के परिवार सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। कई लोगों ने मुख्य सड़कों के किनारे अस्थाई ठिकाने बना लिए हैं। घरों में पानी घुसने से खाना बनाने और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है। पिछले साल के पीक से 1.06 मीटर नीचे शनिवार सुबह दर्ज जलस्तर वर्ष 2025 के अधिकतम स्तर 64.690 मीटर से करीब 1.06 मीटर नीचे है। वहीं, यह उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर से 1.59 मीटर कम है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, इसलिए निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है। एक नजर में गंगा का स्तर सामान्य जलस्तर: 59.906 मीटर चेतावनी बिंदु: 62.100 मीटर खतरा बिंदु: 63.105 मीटर शनिवार सुबह जलस्तर: 63.630 मीटर उच्च बाढ़ स्तर: 65.220 मीटर जलस्तर में बदलाव: 1 सेमी प्रति घंटे की गिरावट गंगा का जलस्तर घटना बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत का संकेत है, लेकिन रेवतीपुर की बस्तियों में अब भी भरा पानी हालात की गंभीरता बता रहा है। तटवर्ती परिवार लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
मंडला के ज्ञानदीप इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार रात श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। गोवर्धन धारण और कृष्ण-सुदामा मिलन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। सिवनी के कलाकारों ने भक्ति गीत भी पेश किए। गोवर्धन उठाने की लीला दिखाई जबलपुर की डॉ. नेहा विश्वकर्मा और उनके साथियों ने गोवर्धन धारण पर नृत्य-नाटिका पेश की। इसमें श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला को नृत्य के जरिए दिखाया गया। प्रस्तुति के दौरान दर्शक काफी देर तक कार्यक्रम से जुड़े रहे। कृष्ण-सुदामा की दोस्ती दिखाई इसके बाद जबलपुर की मोहिनी मोघे और उनके साथियों ने सुदामा मिलन पर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। इसमें कृष्ण और सुदामा की दोस्ती और उनके आपसी प्रेम को दिखाया गया। भक्ति गीतों से माहौल हुआ भक्तिमय सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर और उनके साथियों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। गीतों के दौरान दर्शकों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। संस्कृति विभाग और न्यास ने कराया आयोजन कार्यक्रम श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग ने जिला प्रशासन के सहयोग से कराया। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, अपर कलेक्टर हुनेद्र घोरमारे और एसडीएम शैलेंद्र चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। आयोजन के जरिए श्रीकृष्ण की लीलाओं को नृत्य और संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया।
बांसवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार रात पारंपरिक मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। इस बार प्रतियोगिता शहर के कुशलबाग मैदान के बजाय भारत माता मैदान में रखी गई। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में शहरवासी पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से हुए इस आयोजन में युवाओं ने पिरामिड बनाकर मटकियां फोड़ीं। 18 मटकियां बांधी गईं प्रतियोगिता में कुल 18 मटकियां बांधी गई थीं। मैदान में 'गोविंदा आला रे' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे लगते रहे। शहर की अलग-अलग व्यायामशालाओं के पहलवानों ने मटकी फोड़ने के लिए पिरामिड बनाए। युवाओं ने संतुलन और ताकत का इस्तेमाल करते हुए मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। इन व्यायामशालाओं के पहलवान शामिल हुए प्रतियोगिता में भारत माता, मारुति, खोडियार माता, कालिका माता, वनेश्वर महादेव, पवनपुत्र, पंचमुखी और पांडव व्यायामशाला समेत शहर की प्रमुख व्यायामशालाओं और दूसरे अखाड़ों के पहलवानों को बुलाया गया था। मैदान में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मटकी तक पहुंचने के लिए हर टीम पूरी ताकत लगाती नजर आई। पहली मटकी आलोक वाल्मीकि ने फोड़ी प्रतियोगिता की पहली मटकी पवनपुत्र व्यायामशाला के आलोक वाल्मीकि ने फोड़ी। उन्होंने अच्छा संतुलन बनाते हुए मटकी तक पहुंचकर उसे फोड़ा। इसके बाद भारत माता व्यायामशाला के मोहनदास ने साथियों के साथ मिलकर दूसरी मटकी फोड़ी। खोडियार माता व्यायामशाला की टीम ने तीसरी मटकी फोड़ी। मटकी फूटने के साथ ही मैदान में तालियां और जयकारे गूंजने लगे। संत और कई अतिथि मौजूद रहे कार्यक्रम में संत रामस्वरूप महाराज, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन पटेल, कार्यक्रम संयोजक प्रदुम्न सिंह, प्रांत संयोजक करण सिंह, संपर्क प्रमुख अजीत सिंह कोशिश, पूर्व मंत्री धनसिंह रावत और हकरू मईडा मौजूद रहे। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कई कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में महिलाएं और शहरवासी भी कार्यक्रम में पहुंचे। रात 11 बजे हुआ कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस जवान भी मैदान में मौजूद रहे। युवाओं के मटकी फोड़ने के साथ कई पहलवानों ने करतब भी दिखाए। कार्यक्रम रात 11 बजे खत्म हुआ। इसके बाद विजेता गोविंदा टीमों और पहलवानों को सम्मानित किया गया। इसी के साथ बांसवाड़ा में जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
बुलंदशहर के स्याना में दो शातिर बदमाशों को जिलाबदर किए जाने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में जिलाबदर किए गए बदमाशों को उनके समर्थक फूल-माला पहनाते और फूलों की बारिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और कानून का खौफ जैसे सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कोतवाली प्रभारी रामनारायण सिंह के नेतृत्व में यूपी गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन, बुलंदशहर के आदेश पर मोहल्ला चौधरियान निवासी शब्बू चौधरी उर्फ शबाहत हुसैन को 6 महीने और कुरैशियान पट्टी निवासी मतलूब पुत्र इस्लाम को 3 महीने के लिए जिले से बाहर किया गया है। दोनों के खिलाफ मारपीट, बलवा और एससी/एसटी एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वीडियो में समर्थकों की भीड़, फूल बरसाते दिखे जिलाबदर की कार्रवाई के तुरंत बाद सामने आए कथित वीडियो में दोनों आरोपियों को हंसते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में उनके साथ समर्थकों की भीड़ चल रही है और फूल-माला पहनाकर तथा फूल बरसाकर उन्हें जिले की सीमा से बाहर विदा किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा है कि जिलाबदर जैसी सख्त कार्रवाई का आरोपियों पर कितना असर हुआ। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि वीडियो में दिखाई जा रही विदाई जिलाबदर की कार्रवाई के दौरान हुई है तो क्या उस समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे? फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो के तेजी से प्रसारित होने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिक्षा, चिकित्सा, प्रबंधन, कानून और दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उदयपुर के पेनेशिया डिसेबिलिटी के अध्यक्ष डॉ. अरविंदर सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्हें उच्चतम शैक्षणिक उपलब्धियों और दिव्यांगजन अधिकारों की सशक्त पैरवी के लिए ‘नेशनल आइकॉन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। आईआईटी नई दिल्ली में आयोजित भारत@2047 : नेतृत्व एवं वैचारिक शिखर सम्मेलन 2026 में यह सम्मान पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शशि थरूर ने प्रदान किया। डॉ. सिंह को यह सम्मान उनकी असाधारण शैक्षणिक उपलब्धियों और दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया। चिकित्सा विशेषज्ञ होने के साथ उन्होंने प्रबंधन, विधि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संचार और नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। शारीरिक दिव्यांगता की चुनौतियों के बावजूद डॉ. सिंह ने शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उदयपुर के अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ अरविंद सिंह को स्वतंत्रता दिवस 2026 पर भी सम्मानित किया था।
औरैया के बेला में शुक्रवार शाम जन्माष्टमी का सामान लेकर घर लौट रहे 35 वर्षीय अरुण कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। बेला-दिबियापुर मार्ग पर नुनारी मोड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। घायल अरुण को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेला ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान अरुण ने दम तोड़ दिया। अरुण की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वह चिरौली गांव के रहने वाले थे और करनाल में मुर्गी फार्म पर काम करते थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे। परिवार में पत्नी बिटोली और तीन बच्चे हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बाजार से सामान लेकर घर जा रहे थे परिजनों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब छह बजे अरुण बाइक से बेला बाजार गए थे। वहां से जन्माष्टमी का सामान लेकर वह घर लौट रहे थे। बेला-दिबियापुर मार्ग पर नुनारी मोड़ के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर के बाद अरुण सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। डायल-112 टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर सीएचसी बेला में प्राथमिक उपचार के बाद अरुण की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेला थाना प्रभारी अमर बहादुर सिंह ने बताया कि युवक की इलाज के दौरान मौत हुई है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए औरैया चिचौली भेज दिया है। हादसे की जांच की जा रही है। करनाल में मुर्गी फार्म पर करते थे काम परिजनों ने बताया कि अरुण कुमार करनाल में मुर्गी फार्म पर काम करते थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे। परिवार को क्या पता था कि जन्माष्टमी की तैयारी के लिए बाजार से सामान लेकर लौट रहे अरुण दोबारा घर नहीं पहुंचेंगे। अरुण के तीन बच्चे हैं। 11 वर्षीय बेटी परी, 8 वर्षीय बेटी पीहू और 4 वर्षीय बेटा राम है। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई मनोज, राघवेंद्र और उदय प्रताप हैं। हादसे के बाद पत्नी बिटोली और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तमिलनाडु में ट्रेन में 3 करोड़ के गोल्ड और डायमंड चोरी करने वाले दो आरोपियों को जोधपुर जीआरपी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों ने राजस्थान समेत देश के 7 राज्यों में 2 किलो सोना और डायमंड के गहने चुराए थे। जिनकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है। जोधपुर GRP की टीम ने तमिलनाडु पुलिस को दोनों आरोपी सौंप दिए। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि आरोपी ट्रेनों में फर्जी नाम से रिजर्वेशन करवाकर वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद से थे फरार जीआरपी को थाना विरुधाचलम, जिला त्रिचापल्ली, तमिलनाडु से सूचना मिली थी कि आरोपी अशोक कुमार ( 65) निवासी नीमतल खुर्शीपुर, पुलिस थाना खुर्शीपुर, जिला पटना, हाल बिल्डिंग नं. 26 डुप्लेक्स कॉलोनी, शिवपुरी पटना, बिहार और रंजन कुमार उर्फ सुनील कुमार उर्फ विकास गुप्ता (47 साल) निवासी खुर्शीपुर, पुलिस थाना खुर्शीपुर, जिला पटना, हाल हथुआ मार्केट, पटना, बिहार घटना के बाद से फरार थे। इधर, ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान और रुपए चोरी की वारदातों के बाद जीआरपी की ओर से स्पेशल टीम बनाई गई थी। जीआरपी एसपी जोधपुर केवल राम और जीआरपी सीओ हरिराम सोनी के निर्देशन में जीआरपी थानाधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसके बादजीआरपी की विशेष टीम की ने आरोपियों को डिटेन कर जीआरपी तमिलनाडु को सूचना दी गई। जीआरपी तमिलनाडु की कई टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में उत्तरप्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों में घूम रही थी। तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टीम के सुरेश, रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर अपने साथ 8 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बिहार से 3 सितंबर को जोधपुर पहुंचे दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। जोधपुर, मारवाड़ जंक्शन और आबूरोड में कर चुके वारदात जीआरपी पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी जोधपुर मारवाड़ जंक्शन, आबूरोड के साथ ही बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, असम, कर्नाकट, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में वारदात कर चुके हैं। ये लोग इन स्टेट से चलने वाली ट्रेनों में फर्जी नाम से अपनी गैंग का रिजर्वेशन करवाकर बड़ी चोरियों को अंजाम देते थे। इधर, दोनों आरोपियों को शुक्रवार कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को लेकर तमिलनाडु जीआरपी की टीम रात में तमिलनाडु रवाना हो गई। टीम में साइबर सेल एएसआई दीपेंद्रपाल सिंह, एएसआई हुकम सिंह, कॉन्स्टेबल मोहनलाल और खेमाराम भी शामिल रहे।
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में वार्ड 26 से निर्दलीय प्रत्याशी सन्नी ओड़ को चित्तौड़गढ़ की सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे साल 2023 में दर्ज जानलेवा हमले और मारपीट के मामले में पकड़ा है। सन्नी चुनाव मैदान में है और शुक्रवार को उसे चुनाव चिन्ह कैंची मिला था। चित्तौड़गढ़ पुलिस शुक्रवार को भीलवाड़ा पहुंची और कोतवाली पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से था वांटेड पुलिस के अनुसार सन्नी ओड़ इस मामले में लंबे समय से वांटेड था। वह कोर्ट में होने वाली पेशियों पर भी नहीं पहुंच रहा था। सदर थाना पुलिस को उसके भीलवाड़ा में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम शुक्रवार को भीलवाड़ा पहुंची। यहां कोतवाली पुलिस की मदद से सन्नी को गिरफ्तार किया गया। 2023 के जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तारी सदर थानाधिकारी प्रेमसिंह ने बताया कि सन्नी ओड़ पुत्र हजारीलाल ओड़, ओड़ों का खेड़ा का रहने वाला है। उसके खिलाफ साल 2023 में जानलेवा हमला और मारपीट करने का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में पुलिस ने उसे भीलवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को मिला था कैंची चुनाव चिन्ह सन्नी ओड़ वार्ड 26 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहा है। शुक्रवार को उसे चुनाव चिन्ह कैंची आवंटित हुआ था। नामांकन दाखिल करने और चुनाव प्रचार के बीच हुई गिरफ्तारी से अब वार्ड 26 के चुनावी समीकरण को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। नामांकन में आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी सन्नी ने चुनाव नामांकन के साथ जो शपथ पत्र दिया था, उसमें उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी दी गई है। अब चुनाव के दौरान उसकी गिरफ्तारी के बाद वार्ड 26 के चुनाव पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दमोह के तेंदूखेड़ा नगर से लगे मलंगाहार इलाके में दिखे जंगली जानवर को वन विभाग ने लकड़बग्घा बताया है। शुक्रवार रात गश्त के दौरान रेंजर श्रेयांश जैन को वही जानवर फिर दिखाई दिया। उन्होंने उसका वीडियो बनाया, जिसके बाद बाघ होने की अफवाह पर विराम लग गया। जानवर की पहचान होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाघ होने की सूचना से फैला था डर कुछ दिन पहले एक युवक ने मलंगाहार इलाके में जंगली जानवर देखा था। उसने वन विभाग को इसकी जानकारी देते हुए इसे बाघ बताया था। युवक के अनुसार जानवर आकार में काफी बड़ा था। इसके बाद आसपास के इलाके में बाघ होने की बात फैल गई। रेंजर श्रेयांश जैन ने बताया कि खेतों की रखवाली करने वाले लोगों से भी बाघ होने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम को अलर्ट किया गया और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए इलाके में गश्त बढ़ाई गई। गश्त के दौरान रेंजर ने बनाया वीडियो शुक्रवार रात गश्त के दौरान रेंजर को उसी इलाके में जंगली जानवर दिखाई दिया। उन्होंने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में जानवर की पहचान लकड़बग्घे के रूप में हुई। रेंजर ने वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिससे लोगों के बीच फैला डर कम हुआ। रेंजर ने बताया कि इस क्षेत्र में तेंदुआ और लकड़बग्घा सहित कई तरह के जंगली जानवर हैं, लेकिन बाघ होने की जानकारी नहीं है। पहले जानवर का आकार बड़ा देखकर युवक ने उसे बाघ समझ लिया था। खेतों में रात रुकने से डर रहे थे ग्रामीण बाघ होने की अफवाह के बाद आसपास के ग्रामीण और खेतों में रहने वाले लोग रात में रुकने से डर रहे थे। वन विभाग की गश्त और जानवर की पहचान सामने आने के बाद अब ग्रामीणों का डर कम हुआ है। लोग फिर से रात में खेतों में रुकने लगे हैं।
लखीमपुर खीरी के बेहजम ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया है। उन्हें शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें विद्यालय में बेहतर नामांकन, छात्रों की नियमित उपस्थिति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में उनके खास प्रयासों के लिए मिला है। साल 2018 से विद्यालय ने शिक्षा और सुविधाओं के क्षेत्र में काफी सुधार किया है। अभी यहां करीब 350 छात्र पढ़ रहे हैं, जो 20 गांवों से आते हैं। सत्र 2026-27 में करीब 90 नए दाखिले हुए हैं। विद्यालय में नवोदय, विद्या ज्ञान, अटल आवासीय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की खास तैयारी भी कराई जाती है। यहां स्मार्ट क्लास, एक हजार से ज्यादा किताबों वाली लाइब्रेरी, वाटर कूलर, फर्नीचर और खेल सामग्री जैसी कई सुविधाएं भी मौजूद हैं। सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, लगातार बढ़ते नामांकन और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल ने प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चयनित प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। उनके चयन की जानकारी के बाद शिक्षक संगठनों और शिक्षकों में खुशी है। शहर मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर गोला-मोहम्मदी रोड पर स्थित विकास क्षेत्र बेहजम का प्राथमिक विद्यालय रतसिया वर्ष 2018 तक सामान्य विद्यालय की श्रेणी में था। पिछले आठ वर्षों में विद्यालय ने शिक्षा, सुविधाओं और नामांकन के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किया। अब स्थिति यह है कि कई अभिभावक निजी स्कूलों से बच्चों के नाम कटवाकर प्राथमिक विद्यालय रतसिया में दाखिला करा रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में करीब 350 विद्यार्थियों का नामांकन है। आसपास के करीब 20 गांवों से बच्चे ऑटो के माध्यम से विद्यालय पहुंचते हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 में अब तक करीब 90 बच्चों के नवीन नामांकन हुए हैं। नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति भी करीब 80 प्रतिशत तक रहती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता विद्यालय की पहचान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने को लेकर भी बनी है। यहां जवाहर नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की अलग से तैयारी कराई जाती है। इन परीक्षाओं में विद्यार्थियों के चयन से विद्यालय की उपलब्धियों में लगातार इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं विद्यालय में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। शुद्ध और ठंडे पेयजल के लिए वाटर कूलर, पर्याप्त फर्नीचर, मल्टीपल हैंडवॉश, पंखों से युक्त कक्षा-कक्ष, आकर्षक मैदान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है। एक हजार से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय के साथ प्रोजेक्टर और कंप्यूटर से युक्त स्मार्ट क्लास भी है। खेल सामग्री तथा बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। विद्यालय में सुबह संगीत के साथ प्रार्थना कराई जाती है, जिससे बच्चों के लिए प्रार्थना स्थल को रोचक और आनंदमय बनाया गया है। प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार विद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और अधिकारियों के मार्गदर्शन को देते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के सहयोग के साथ शासन की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच को भी विद्यालय की सफलता में महत्वपूर्ण बताया।
चंदेसरा के द्वारिकाधीश मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर भगवान द्वारिकाधीश का खास श्रृंगार किया गया। मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं के साथ वासुदेव जी की विशेष झांकी भी सजाई गई थी। पूरे आयोजन और झांकी का काम शयन आरती ग्रुप ने संभाला। श्रद्धालुओं के लिए मटकी फोड़ कार्यक्रम भी रखा गया था, जिसमें गांव वालों ने जोश के साथ हिस्सा लिया। जन्माष्टमी पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग चंदेसरा पहुंचे। उन्होंने भगवान द्वारिकाधीश के खास श्रृंगार और झांकी के दर्शन किए। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा और आरती की गई। देर रात तक पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
मौसम विभाग ने कोटा संभाग में आज और कल बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जिले में पिछले 2 दिन से रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। आज तीसरे दिन भी जिले में बादल छाए हैं। तापमान में गिरावट होने से मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इधर नवनेरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश व अन्य नदियों से पानी की आवक हो रही है। आज शनिवार को बांध के 7 गेट 13 मीटर खोले गए हैं। 67 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बांध में पानी की आवक को देखते हुए डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है। शुक्रवार को बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। शहर में शुक्रवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम साढ़े 5 बजे तक 3.8 एमएम बारिश हुई। न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से मौसम में ठंडक बढ़ी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 30% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 4 सितंबर तक औसत 666.1 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 461.2 मिमी बारिश हुई है।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित इस्कॉन मंदिर ने इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव ला फ्लोरा रिसोर्ट, गढ़ रोड पर मनाया। इस आयोजन में पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों द्वारा सजाया गया फूल बंगला सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर श्री विग्रहों का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसमें दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और गंगाजल का इस्तेमाल हुआ। इसके साथ ही, सभी भक्तों ने लड्डू गोपाल का अभिषेक दूध, दही और गंगाजल से किया। कार्यक्रम में कई मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इनमें सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन संदीप गोयल, पीयूष गोयल, पूजा गोयल, होटल हार्मोनी के नवीन अरोड़ा, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसपी क्राइम और एसपी ट्रैफिक शामिल थे। इस्कॉन मेरठ के भक्तों ने भगवान की लीलाओं पर आधारित डांस, ड्रामा और हरिनाम संकीर्तन पेश किया। वृंदावन से आई प्रसिद्ध रॉक बैंड टीम ने आधुनिक संगीत में भजन गाए, जिस पर भक्त झूम उठे। इस अवसर पर इस्कॉन काउंसिल के सदस्य नवीन गौर दास, महाबाहु अर्जुन दास, चारू गोविंद दास, सव्य सांची दास, अखिल आत्मा बलदेव दास, अंकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी विपुल सिंघल और मयंक अग्रवाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम के आखिर में सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद का इंतजाम किया गया था।
हरियाणा के पंचकूला जिले के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आज शनिवार को राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 78 टीचरों को स्टेट टीचर अवॉर्ड सम्मानित किया जाएगा। इनमें सबसे ज्यादा 13 नाम शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत से हैं। सरकार ने साल 2024 के लिए 40 और 2025 के लिए 38 नाम जारी किए हैं। हरियाणा के राज्यपाल और सीएम सैनी राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीचरों को सम्मानित करेंगे। बता दें कि एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजय सिंह दहिया की ओर से लेटर जारी किया था। शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर यह अवॉर्ड मिलेंगे। जिसमें एक लाख रुपए कैश अवॉर्ड, सिल्वर मेडल-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके साथ ही इन टीचर्स को 2 एडवांस इंक्रीमेंट भी दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री के जिले से 13 टीचर्स शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले से 13 टीचर्स को इस बार सम्मानित किया जाएगा। 2025 के लिए 7 टीचर्स और 2024 के लिए 6 टीचर्स को ये अवार्ड दिया जाएगा। वहीं, सबसे कम हिसार, झज्जर, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में 2024 सेशन के लिए एक टीचर को सम्मानित किया जाएगा। 2025 में 8 जिलों से केवल एक-एक टीचर शिक्षक अवार्ड 2025 के लिए पानीपत के बाद भिवानी से सबसे अधिक 5 टीचर्स सम्मानित होंगे। वहीं, सिरसा, फतेहाबाद, नूंह, फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर और चरखी दादरी से केवल एक-एक टीचर इस इस अवार्ड के लिए सिलेक्ट हुए।
रेणुकूट के पिपरी स्थित रिहंद बांध का जलस्तर शनिवार सुबह 871.8 फीट पर पहुंच गया। हालांकि कैचमेंट एरिया में बारिश रुकने के बाद बांध में पानी की आवक कम हुई है। इसके चलते फिलहाल बांध का एक फाटक खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी की निकासी की जा रही है, जबकि बाकी फाटक बंद रखे गए हैं। बांध से पानी की निकासी और जलस्तर पर सिंचाई विभाग व जल विद्युत निगम के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) से मिली जानकारी के आधार पर पानी की निकासी को नियंत्रित किया जा रहा है। आयोग ने बांध में इनफ्लो कम होने की सूचना दी है। जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय के मुताबिक रिहंद बांध की सभी छह टरबाइन लगातार चल रही हैं। इससे बिजली उत्पादन जारी है। एक फाटक से निकलने वाले पानी और छह टरबाइनों से छोड़े जा रहे पानी को मिलाकर बांध से करीब 29 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इनफ्लो घटा, इसलिए एक फाटक से ही निकासी कैचमेंट एरिया में बारिश थमने के बाद बांध में पानी की आवक कम हुई है। इसी वजह से फिलहाल एक ही फाटक से पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बारिश बढ़ी तो और फाटक खोलने पर फैसला अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में अगर कैचमेंट एरिया में दोबारा बारिश होती है और बांध में पानी की आवक बढ़ती है, तो स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इनफ्लो और जलस्तर की स्थिति के आधार पर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फाटक खोलने का फैसला किया जाएगा। छह टरबाइन से जारी है बिजली उत्पादन जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध की सभी छह टरबाइन चालू हैं। टरबाइनों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है और बिजली उत्पादन भी जारी है। फाटक और टरबाइनों से होने वाली निकासी को मिलाकर करीब 29 हजार क्यूसेक पानी बांध से डिस्चार्ज हो रहा है। फिलहाल रिहंद बांध का जलस्तर और पानी की आवक अधिकारियों की निगरानी में है। कैचमेंट एरिया में बारिश की स्थिति के अनुसार आगे पानी की निकासी बढ़ाने या घटाने का निर्णय लिया जाएगा।
गढ़ रोड पर स्थित राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल समेत पूरे परिसर की खरीद में 11 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। संस्था के खिलाफ स्टांप चोरी का केस दर्ज कर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल को अप्रैल 2025 में श्री कृष्ण शिक्षा प्रसार समिति ने मेसर्स रुहेलखंड एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट को बेचा था। इस खरीद के लिए कुल तीन बैनामे किए गए थे। इनमें 19.12 करोड़ रुपये का स्टांप और निबंधन शुल्क जमा किया गया था। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने इस संपत्ति की बिक्री के बैनामों में जमा किए गए स्टांप शुल्क की जांच का आदेश दिया था। इसके लिए एक जांच टीम बनाई गई। इसमें एडीएम वित्त, एआईजी निबंधन, एसडीएम सदर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी और उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम को संपत्ति का भौतिक परीक्षण कर वहां मौजूद जमीन, भवन, भवनों में रखी सामग्री, मशीनें, परिसर में लगे पेड़ और अन्य चीजों का मूल्यांकन करने को कहा गया था। इसी मूल्यांकन के आधार पर स्टांप शुल्क की गणना करने का निर्देश दिया गया था। जांच टीम ने कॉलेज और अस्पताल के भवन और परिसर का कई बार निरीक्षण किया और उसका मूल्यांकन किया। पूरी संपत्ति का मूल्यांकन 375 करोड़ रुपये से ज्यादा पाया गया। इस मूल्यांकन राशि पर स्टांप और निबंधन शुल्क की राशि 30 करोड़ रुपये से अधिक तय की गई है। तीनों बैनामों में संस्था ने करीब 19 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क जमा किया था। जांच में पता चला कि संपत्ति खरीदने वाली संस्था पर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का स्टांप शुल्क बकाया है। इस बकाया राशि की वसूली के लिए स्टांप केस दर्ज किया गया है। सहायक आयुक्त स्टांप और सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस ने बताया कि मूल्यांकन और जांच में 11 करोड़ रुपये से अधिक के स्टांप शुल्क की कमी पाई गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। स्टांप केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी सुनवाई जिलाधिकारी, एडीएम वित्त या एआईजी निबंधन में से किसी एक अधिकारी की कोर्ट में होगी। कोर्ट कौन सा होगा, यह जिलाधिकारी तय करेंगे। संस्था को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
भदोही में यूपी-112 की पीआरवी टीम ने एक महिला की जान बचाई है। महिला गोपीगंज थाना क्षेत्र के रेलवे फाटक सराय जगदीश के पास रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी। पुलिस को शुक्रवार रात 10:42 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पीआरवी-6746 तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर मौजूद कॉलर ने बताया कि एक महिला रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने की कोशिश कर रही है। पीआरवी कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को समझाया। पुलिस ने करीब 35 साल की इस महिला को सुरक्षित रेलवे ट्रैक से हटा दिया। यह महिला गोपीगंज थाना क्षेत्र के पन्नुपुर की रहने वाली है। पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता से महिला की जान बच गई और उसका आत्महत्या का प्रयास नाकाम हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की खूब तारीफ की। इस टीम में कमांडर उपनिरीक्षक संतोष कुमार पांडेय, पायलट मुख्य आरक्षी आनंद यादव और उपकमांडर कांस्टेबल राहुल कुमार मिश्रा शामिल थे।
हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेरी गांव में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव निवासी किशन निषाद की 18 महीने की मासूम बेटी कल्लो शाम के वक्त घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक घर में रखी स्टील की पानी की टंकी के पास पहुंच गई और संतुलन बिगड़ने के कारण उसमें गिर गई। कुरारा थाना अध्यक्ष प्रिंस दीक्षित के अनुसार, मासूम कल्लो को नहलाने के लिए परिजनों ने स्टील की टंकी में पानी भरकर रखा हुआ था। इसी दौरान बच्ची की मां दूध दुहने और अन्य घरेलू काम निपटाने के लिए घर से बाहर गई हुई थी। जब मां काम खत्म कर वापस लौटी, तो बच्ची पानी की टंकी में डूबी हुई मिली। मासूम को पानी में देखते ही घर में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें परिजन आनन-फानन में बच्ची को टंकी से निकालकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुरारा ले गए। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने 18 महीने की कल्लो को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस जांच में जुटी मासूम की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे बेरी गांव में शोक और मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की कानूनी कार्रवाई व जांच में जुटी हुई है।
लखीमपुर खीरी में जन्माष्टमी का पर्व:मंदिरों और सदर कोतवाली में सजीं आकर्षक कृष्ण की झांकियां
लखीमपुर खीरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मंदिरों में विशेष सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। लखीमपुर सदर कोतवाली को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया। कोतवाली परिसर में बनाई गईं भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मोबाइल फोन से तस्वीरें व वीडियो बनाते नजर आए। जिले के विभिन्न मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिरों को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रात होते-होते मंदिरों में भजन-कीर्तन और कृष्ण के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने शंख और घंटियां बजाकर उत्सव मनाया। जगह-जगह प्रसाद का वितरण भी किया गया।
सिद्धार्थनगर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाने की अपील की है। संगठन ने इसे टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ संघर्ष का पहला चरण बताया है। संघ के मुताबिक, देशभर के शिक्षक भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र और महामंत्री कलीमुल्लाह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 5 साल से अधिक सेवाकाल वाले शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के अनुभव और सेवा को देखते हुए इस नियम पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि अगर 5 साल से ज्यादा सेवा वाले शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा जरूरी है तो अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। केवल शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग संघ ने बताया कि राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक हाथों में काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाएंगे। यह विरोध टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों की एकजुटता का संदेश देगा। संगठन ने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर 5 साल से अधिक सेवाकाल वाले शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से बाहर करने की मांग की है। साथ ही जिले के सभी शिक्षकों से विरोध कार्यक्रम में शामिल होकर संगठन की मांग के समर्थन में एकजुटता दिखाने की अपील की है।
बदायूं के उसहैत इलाके में गंगा का कटान अब गांवों के साथ बांधों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन गया है। पथरामई में गंगा बांध के बिल्कुल करीब बह रही है। तेज कटान के कारण बांध का किनारा भी प्रभावित होने लगा है। खतरा बढ़ता देख बाढ़खंड ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है। बांध के कमजोर हिस्से पर ईंटों का फर्श बिछाया जा रहा है, ताकि नदी की सीधी धार से बांध को नुकसान से बचाया जा सके। पथरामई के अलावा भुंडी और रैपुरा में भी कटान लगातार जारी है। भुंडी में करीब 500 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है, जिससे उसहैत बांध पर भी खतरा बढ़ गया है। रैपुरा में नदी लगातार जमीन काट रही है। वहीं कदम नगला की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां करीब 90 फीसदी गांव गंगा में समा चुका है और कटान अब भी जारी है। बाढ़ प्रभावित और सतर्क किए गए गांवों में ठकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, रैपुरा और कदम नगला शामिल हैं। वहीं दल नगला, कमलैयापुर, असमया रफतपुर, अहमद नगर बछौरा, बल्ले नगला, कमलू नगला, बेहटी, भकरी, चेतराम नगला, कोनका नगला और टिकाई खाम समेत कई गांवों की जमीन बाढ़ और कटान से प्रभावित हुई है। नरौरा से 83,835, बिजनौर से 1.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शनिवार सुबह 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, नरौरा से 83,835 क्यूसेक और बिजनौर से 1,17,513 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हरिद्वार से छोड़े गए पानी की जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में बाढ़खंड की नजर गंगा के जलप्रवाह पर बनी हुई है। बहाव बढ़ने पर पथरामई और उसहैत बांध पर दबाव और बढ़ सकता है। गंगा का कटान अब गांवों से आगे बढ़कर बांधों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। पथरामई में ईंटों का फर्श बिछाकर बांध को बचाने की कोशिश की जा रही है। अब चिंता इस बात की है कि नदी की तेज धार कहीं बचाव कार्य को पार कर बांध को अपनी चपेट में न ले ले।
फतेहपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात 12 बजते ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ के जयकारे गूंज उठे। मंदिरों और घरों में आरती के साथ बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। भक्तों ने केक काटकर कान्हा का स्वागत किया और प्रसाद बांटा। जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन पुलिस लाइन और 12वीं वाहिनी पीएसी परिसर में हुआ। पुलिस लाइन में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने परिवार के साथ भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की। वहीं, पीएसी परिसर स्थित राधा जानकी मंदिर में आकर्षक झांकियां और रंग-बिरंगी बिजली की सजावट की गई। इन्हें देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। शहर के तामेश्वर मंदिर, बांके बिहारी मंदिर और अयोध्या कुटी के साथ बिंदकी तहसील के कैलाश मंदिर और बहुआ कस्बे के बांके बिहारी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। कान्हा के जन्म के बाद भक्तों ने केक काटा। माखन-मिश्री और धनिया की पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। थानों में भजन-कीर्तन, घरों में हुआ अभिषेक जिले के सभी थानों और पुलिस चौकियों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। यहां भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं और वहां आने वाले लोगों को प्रसाद बांटा गया। घरों में भी महिलाओं ने व्रत रखकर बाल गोपाल का दूध, दही और गंगाजल से अभिषेक किया। रात 12 बजे शंख, घड़ियाल और सोहर गीतों के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्म के साथ ही पूरा जिला भक्तिमय माहौल में डूब गया।
राजसमंद जिले में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के पुष्टिमार्गीय मंदिरों के साथ चारभुजा और सेवंत्री में भी विशेष कार्यक्रम हुए। नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। पंचामृत अभिषेक से शुरू हुआ जन्मोत्सव पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी के दिन उत्सव की शुरुआत मंगला झांकी में पंचामृत अभिषेक से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रृंगार झांकी, राजभोग झांकी और भोग आरती के दर्शन किए। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर और आसपास का माहौल भक्तिमय बना रहा। रिसाला चौक से निकली कृष्ण लीलाओं की झांकियां शाम को नगर के रिसाला चौक से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियों की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा के साथ चलते रहे। शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़ी आकर्षक झांकियां शामिल थीं। रात 12 बजे 21 तोपों से सलामी शोभायात्रा के बाद रात 9:30 बजे जागरण के दर्शन खुले। ये दर्शन करीब रात 11:30 बजे तक चले। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर से बिगुल बजाया गया। इसके साथ ही रिसाला चौक में रखी दो तोपों से 21 बार सलामी दी गई। तोपों की आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास के गांवों तक सुनाई देती है। इससे ग्रामीण इलाकों में भी कान्हा के जन्म की सूचना और बधाई का संदेश पहुंचता है। 350 साल पुरानी है तोपों से सलामी की परंपरा श्रीनाथजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय तोपों से सलामी देने की परंपरा करीब 350 साल पुरानी है। इस खास परंपरा को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु नाथद्वारा पहुंचते हैं। आज नंदोत्सव में केसर वाला दूध-दही छिड़का जा रहा जन्माष्टमी के अगले दिन शनिवार को श्रीनाथजी मंदिर में नंदोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर के सेवाकर्मियों के साथ तिलकायत परिवार के लोग केसर वाला दूध और दही छिड़ककर नंदोत्सव की परंपरा निभा रहे हैं। मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु नंदोत्सव के इस खास आयोजन का आनंद ले रहे हैं।
नहटौर में पुलिस की पैदल गश्त:बाजारों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से नहटौर पुलिस ने सघन पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस बल ने नगर के मुख्य मार्गों, प्रमुख बाजारों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। पुलिस टीम ने बाजार क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों तथा अकारण खड़े युवकों से पूछताछ की और तलाशी ली। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों से बातचीत कर उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याएं जानीं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की। व्यस्त चौराहों और मुख्य सड़कों पर अवैध अतिक्रमण करने वालों तथा यातायात बाधित करने वाले वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में शांति भंग करने या कानून हाथ में लेने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ किया। पुलिस की इस सक्रियता से नगरवासियों और व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं असामाजिक तत्वों में हड़कंप का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए इस तरह का गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
महराजगंज में पिकअप भिड़ी:दो युवक घायल, गैस कटर से वाहन काटकर निकाला बाहर; सीएचसी में भर्ती
महराजगंज में बृजमनगंज के कोल्हुई-बृजमनगंज मार्ग पर शनिवार तड़के बहदुरी गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप बेकाबू होकर हादसे का शिकार हो गई। हादसे में पिकअप सवार दो युवक घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों युवक अंदर फंस गए। शनिवार सुबह करीब 5:15 बजे कंट्रोल रूम-112 से पुलिस को हादसे की सूचना मिली। सब इंस्पेक्टर राजकुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां UP56 AT 7005 नंबर की पिकअप क्षतिग्रस्त हालत में मिली। वाहन का दरवाजा टूटने के कारण खुल नहीं रहा था, जिससे दोनों युवक अंदर फंसे थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद गैस कटर से पिकअप के टूटे हिस्से को काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। दोनों घायलों का सीएचसी में इलाज पुलिस के मुताबिक, घायल युवकों की पहचान बबलू पुत्र बरसाती और करण पुत्र शिवचरण के रूप में हुई है। दोनों लक्ष्मीपुर एकमा, थाना पुरंदरपुर के रहने वाले हैं। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बृजमनगंज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, पिकअप कोल्हुई से बृजमनगंज की ओर जा रही थी। बहदुरी गांव के पास चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे हादसा हो गया। फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य है। किसी पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
कन्नौज में नेशनल हाईवे पर रात में तार लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक के नीचे दबने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवक को ट्रक के नीचे से बाहर निकलवाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया गया कि झारखंड के जमशेदपुर से गाजियाबाद जा रहा ट्रक रात करीब 9 बजे नेशनल हाईवे पर समधन कट के पास पहुंचा था। ट्रक में बिजली के तार लदे हुए थे। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और तार सड़क पर फैल गए। इसी ट्रक के नीचे एक बाइक सवार भी दब गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन मंगवाई। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक को हटाकर युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक प्राइवेट स्कूल संचालक था मृतक की पहचान सचिन प्रजापति (32) पुत्र रामनाथ प्रजापति निवासी मोहल्ला रामकृष्ण नगर, गुरसहायगंज के रूप में हुई। सचिन प्राइवेट स्कूल संचालक था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बाइक को बचाने में ट्रक पलटने की बात प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सचिन प्रजापति रात में नेशनल हाईवे पर रॉन्ग साइड से बाइक लेकर आ रहा था। बताया जा रहा है कि उसे बचाने के लिए ट्रक चालक ने अचानक स्टेयरिंग मोड़ दी। इससे लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और सचिन उसके नीचे दब गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फरार ट्रक चालक का पता लगाने के लिए भी पुलिस टीम प्रयास कर रही है।
मुरैना के रामपुर कलां में पानी की जरूरत ने निजी स्तर पर एक सप्लाई व्यवस्था खड़ी कर दी। करीब 17 हजार आबादी वाले गांव में एक निजी बोर से 12 साल से घरों तक पानी पहुंच रहा है। दीवारों, बालकनियों और बिजली के खंभों पर बिछी काली पाइपलाइनें इस व्यवस्था का नेटवर्क बता रही हैं। पानी की जरूरत वाले घर इस बोर से कनेक्शन लेकर हर महीने तय राशि चुका रहे हैं। आधे घंटे की सप्लाई के लिए 200 और एक घंटे के लिए 400 रुपए मासिक लिए जाते हैं। बोर मूल रूप से खेती के लिए कराया गया था, लेकिन खेती बंद होने के बाद इसमें पर्याप्त पानी मिलने पर आसपास के घरों को सप्लाई शुरू की गई। समय के साथ कनेक्शन बढ़ते गए और निजी बोर गांव के बड़े हिस्से के लिए पानी का नियमित स्रोत बन गया। खास बात यह है कि जहां सरकारी स्तर पर पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी, वहीं निजी स्तर पर 12 साल से सप्लाई चल रही है। प्रशासन अब नए बोर और बंद पड़े स्रोतों की जांच के जरिए समस्या का स्थायी समाधान करने की बात कह रहा है। तीन तस्वीरें देखिए… खंभों से घरों तक पहुंची पाइपलाइन गांव की गलियों में पानी की इस व्यवस्था के निशान साफ दिखाई देते हैं। काली पाइपें कहीं बिजली के खंभों के सहारे हैं तो कहीं मकानों की दीवारों और बालकनियों से होकर घरों तक पहुंच रही हैं। कई जगह पुरानी पाइपों में लीकेज और टूट-फूट भी है। इसके बावजूद लोगों के लिए यही व्यवस्था सबसे भरोसेमंद पानी का साधन बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में हैंडपंप तो हैं, लेकिन कई जगह पर्याप्त पानी नहीं मिलता। कुछ जगहों पर पुराने स्रोत बंद हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े बोर कराकर स्थायी व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन वर्षों से समस्या जस की तस है। ग्रामीण बोले- नेता चुनाव में पानी का वादा करते हैं खेती के लिए था बोर, अब पानी बेचना ही कारोबार निजी बोर संचालक मोनू धाकड़ के मुताबिक उनके पिता ने खेत में खेती के लिए बोर कराया था। उसमें अच्छा पानी निकला। बाद में खेती बंद हो गई और आसपास के लोगों को पानी की जरूरत थी, इसलिए बोर से सप्लाई शुरू कर दी। अब यही उनका काम है। उनके अनुसार आधे घंटे की सप्लाई के 200 रुपए और एक घंटे के 400 रुपए प्रतिमाह लिए जाते हैं। पहले उनके पिता यह व्यवस्था संभालते थे, अब वे खुद देखते हैं। प्रशासन बोला-टीम भेजकर देखेंगे गांव के हालात जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव का कहना है कि रामपुर क्षेत्र में पानी की समस्या की जानकारी है। प्रशासन समय-समय पर योजनाओं के तहत बोर भी कराता रहा है। अब स्थिति की वास्तविकता देखने के लिए टीम भेजी जाएगी। जरूरत के अनुसार नए बोर कराए जाएंगे और बंद पड़े बोर की भी जांच कराई जाएगी। उनका कहना है कि जल्द समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
बुलंदशहर के कोतवाली देहात इलाके के भाईपुरा गांव में 25 साल के अबुबकर की शुक्रवार देर रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि एक रिश्तेदार ने पुरानी दुश्मनी में इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी पक्ष ने मृतक के परिवार पर पुलिस कार्रवाई न करने का दबाव बनाया, जिसके चलते पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना नहीं दी। परिवार अबुबकर के शव को दफनाने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार रात 9 बजे तक इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। गांव भाईपुरा के मोहसिन ने बताया कि उनके छोटे भाई अबुबकर गुजरात में वेल्डिंग का काम करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। कुछ दिनों से वह गांव आए हुए थे। मोहसिन ने बताया कि करीब एक साल पहले उनके एक रिश्तेदार उनके घर के ऊपर से बिजली के तार डाल रहे थे। अबुबकर ने इसका विरोध किया था, जिस पर दोनों में मारपीट भी हुई थी। इस बात को लेकर रिश्तेदार अबुबकर से दुश्मनी रखता था और कई बार जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। मोहसिन ने बताया कि रिश्तेदार होने के कारण उन्होंने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अबुबकर शुक्रवार रात करीब 8 बजे शांव के चौराहे पर बैठे थे। इसी दौरान आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। पेट और हाथों पर चाकू के वार से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी के परिवार के लोग ही अबुबकर को इलाज के लिए बुलंदशहर ले गए, लेकिन उनकी मौत हो गई। अबुबकर पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई मोहसिन और रहीस बुलंदशहर की नवीन मंडी में बोझ उठाने का काम करते हैं। बबलू और शाहरुख सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। उनके पिता असगर और मां महरून सांस की बीमारी से परेशान हैं। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में शनिवार को सुबह की शुरुआत बारिश के साथ हुई। बीते दिन भी रुक-रुककर बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। शनिवार सुबह बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है। आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट की संभावना है। बीते दिन मेरठ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। तापमान में गिरावट और बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार अगले 24 घंटे मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। इस दौरान बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की भी जरूरत है। बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी बढ़ने से फ्लू व वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को बारिश में भीगने से बचने, गीले कपड़े तुरंत बदलने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। जून से अब तक सामान्य से 74% ज्यादा बारिश मेरठ में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ज्यादा रहा है। 1 जून से अब तक जिले में 74 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की सक्रियता बनी रहने से आने वाले दिनों में भी बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है।
अजमेर में सुबह से बादल छाए हैं और रिमझिम बरसात का दौर जारी है। बरसात के कारण मौसम सुहावना हो गया है। कल रात को भी बारिश हुई थी, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिली है। जिले में 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री की कमी हुई है। सुबह न्यूनतम तापमान 20.8 दर्ज किया गया, वहीं बीते 24 घंटों में 24 एमएम बरसात दर्ज की गई। औसम बरसात जिले में अब तक 390 एमएम होनी चाहिए, जो अब तक 443 एमएम हो चुकी है। लेकिन ये बरसात भी पिछले साल के मुकाबले कम है। मौसम विभाग के सप्ताहवार पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। 7 सितंबर के बीच मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहवार आंकलन पहला सप्ताह- 7 सितंबर तक: 7 सितंबर तक बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दूसरा सप्ताह- 8 से 14 सितंबर: 8 सितंबर के बाद बारिश की संभावना कम हो जाएगी। सप्ताह का अधिकांश हिस्सा सूखा रहने के आसार हैं। इस दौरान बादल तो आएंगे, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। तीसरा सप्ताह-15 से 21 सितंबर: सप्ताह के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। तीसरे सप्ताह के अंत और चौथे सप्ताह की शुरुआत में बारिश का एक और दौर बनने की संभावना है। चौथा सप्ताह-22 से 30 सितंबर: महीने के अंतिम हिस्से में मौसम सूखा रहने के आसार हैं। इसके चलते सितंबर में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। 10 साल में सितंबर की बारिश का रिकॉर्ड भी उतार-चढ़ाव वाला अजमेर में सितंबर की बारिश का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। इस दौरान 5 साल बारिश सामान्य से ज्यादा और 5 साल सामान्य से कम रही। 2016 में सितंबर में सिर्फ 15.3 एमएम, 2017 में 48.4 एमएम और 2022 में 16.8 एमएम बारिश हुई थी। इसके उलट 2021 में 208.7 एमएम, 2024 में 172 एमएम और 2025 में सबसे ज्यादा 270.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य वर्षों में 2018 में 101.6, 2019 में 108, 2020 में 64.8 और 2023 में 76.2 एमएम बारिश हुई। अजमेर में सितंबर की औसत बारिश करीब 86.7 एमएम है।
इटावा में जसवंतनगर के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में नगला तौर गांव में भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भजन गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण के मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सभी से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में भजन व कथा गायिका निशा शास्त्री ने प्रस्तुति दी।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसे कई चेहरे हैं, जिनके करियर की शुरुआत पॉलिटिक्स से नहीं, बल्कि क्लासरूम से हुई। कभी हाथ में चॉक और सामने बच्चों की क्लास होती थी, लेकिन वक्त के साथ इन नेताओं ने शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना। इसके बाद किसी ने विधायक बनकर अपनी पहचान बनाई, तो किसी ने मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और कोई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पद तक पहुंचा। यानी बच्चों को पढ़ाने से शुरू हुआ सफर आगे चलकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचा। क्लासरूम से सियासत तक का सफर इन नेताओं में किसी के हाथ में कभी चॉक हुआ करता था, तो किसी के हाथ में रजिस्टर। क्लासरूम में सामने बैठे बच्चों को पढ़ाते थे, उन्हें सवालों के जवाब समझाते थे और जिंदगी में आगे बढ़ने का रास्ता बताते थे। लेकिन वक्त बदला और इन शिक्षकों की जिंदगी ने भी करवट ली। क्लासरूम से निकलकर ये लोग राजनीति के मैदान में आए और फिर जनता के बीच अपनी जगह बनाई। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने राजनीति में आने से पहले शिक्षक की भूमिका निभाई। कोई स्कूल में बच्चों को पढ़ाता था, कोई कॉलेज में लेक्चरर था, तो कोई शिक्षाकर्मी रहा। शिक्षक दिवस पर बात ऐसे ही नेताओं की, जिन्होंने कभी ब्लैकबोर्ड पर बच्चों का भविष्य लिखने में मदद की और बाद में राजनीति के मैदान में अपना भविष्य लिखा। रामविचार नेताम: सरकारी शिक्षक से मंत्री तक का सफर बलरामपुर के सनावल गांव से आने वाले नेताम की शुरुआती जिंदगी बहुत सामान्य थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने बैंक की नौकरी के बजाय शिक्षक बनना चुना रामविचार नेताम बलरामपुर इलाके के रामचंद्रपुर ब्लॉक के चाकी गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में शिक्षक रहे। यानी राजनीति में आने से पहले उनका रोज का काम बच्चों को पढ़ाना था। गांव में रहते हुए ही उनका सामाजिक जुड़ाव बढ़ा और लोगों के बीच काम करने का मौका मिला। फिर धीरे-धीरे शिक्षक से सामाजिक कार्यकर्ता और उसके बाद नेता बनने का सफर शुरू हुआ। 1990 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। उस वक्त छत्तीसगढ़ अलग राज्य नहीं बना था और क्षेत्र मध्यप्रदेश का हिस्सा था। चुनाव जीता तो राजनीति उनकी जिंदगी का स्थायी हिस्सा बन गई।इसके बाद वे लगातार बड़े होते गए। विधायक बने, राज्य और केंद्र की राजनीति में जिम्मेदारियां संभालीं और कई बार मंत्री रहे। आज वे छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री हैं। यानी जिस शख्स ने कभी प्राथमिक स्कूल के बच्चों को पढ़ाया, वही आगे चलकर राज्य की सरकार में फैसले लेने वाली टीम का हिस्सा बना। विजय शर्मा: फिजिक्स की क्लास से डिप्टी सीएम की कुर्सी तक कवर्धा से आने वाले विजय शर्मा ने भौतिक शास्त्र यानी फिजिक्स में एमएससी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद 1996 से 1998 के बीच उन्होंने रायपुर के सेंट्रल कॉलेज, प्रगति कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज में लेक्चरर के तौर पर काम किया। वहां वे फिजिक्स पढ़ाते थे। मतलब उस दौर में उनका दिन राजनीति के मंच पर नहीं, बल्कि कॉलेज की क्लास में बीतता था। सामने छात्र होते थे, विषय फिजिक्स होता था और काम था उन्हें समझाना। हालांकि छात्र जीवन से ही उनका राजनीति से जुड़ाव था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जरिए वे सक्रिय राजनीति की तरफ बढ़े। बाद में संगठन में जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। 2023 में भाजपा ने उन्हें कवर्धा से विधानसभा चुनाव में उतारा। उन्होंने तत्कालीन मंत्री मोहम्मद अकबर को हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा। और पहली ही बार विधायक बनने के बाद कहानी यहीं नहीं रुकी। उन्हें राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। आज विजय शर्मा के पास सरकार की बड़ी जिम्मेदारियां हैं। लेकिन उनके राजनीतिक सफर के पीछे एक ऐसा दौर भी है, जब वे रायपुर के कॉलेजों में फिजिक्स के लेक्चरर हुआ करते थे। टंकराम वर्मा: सरकारी शिक्षक से कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा की कहानी भी क्लासरूम से शुरू होती है। उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद सरकारी शिक्षक के रूप में काम किया। बाद में वे शिक्षा विभाग की नौकरी से रिटायर हुए। उनके करियर का यह हिस्सा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि राजनीति में आने से पहले उन्होंने गांव-कस्बे की शिक्षा व्यवस्था को बहुत करीब से देखा। शिक्षक की नौकरी के दौरान ही उनका सामाजिक और राजनीतिक जुड़ाव बढ़ता गया। आगे चलकर वे भाजपा से जुड़े और संगठन में काम करते रहे। एक समय ऐसा भी आया जब वे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश बैस के साथ जुड़े और बाद में मंत्री के निजी सहायक के रूप में भी काम किया। यानी एक तरफ स्कूल की नौकरी का अनुभव था, दूसरी तरफ राजनीति और संगठन को करीब से देखने का मौका। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बलौदाबाजार से मैदान में उतारा। उन्होंने जीत दर्ज की और पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद जिस नेता ने कभी सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाया था, वही छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री की कुर्सी तक पहुंच गया। शिक्षक से मंत्री बनने का यह सफर शायद उनकी कहानी का सबसे बड़ा मोड़ है। मोहन मरकाम: शिक्षाकर्मी से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंत्री तक मोहन मरकाम की कहानी थोड़ी अलग है। वे नियमित सरकारी शिक्षक नहीं, बल्कि शिक्षाकर्मी के तौर पर शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। उन्होंने शिक्षाकर्मी वर्ग-1 और वर्ग-2 के रूप में काम किया। यानी राजनीति में पूरी तरह आने से पहले उनका एक बड़ा हिस्सा स्कूल और शिक्षा व्यवस्था के बीच गुजरा। छात्र जीवन से ही उनका राजनीतिक झुकाव था। लेकिन राजनीति में सक्रिय भूमिका बढ़ने के साथ उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। 1990 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता लेने के बाद उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ा। शुरुआती दौर में टिकट नहीं मिली, चुनावी कोशिशें हुईं, लेकिन मंजिल तुरंत नहीं मिली। फिर 2008 में वे कोंडागांव से विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। 2019 में उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 2023 में उन्हें भूपेश बघेल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। यानी कभी स्कूल में शिक्षाकर्मी के तौर पर काम करने वाला एक युवा आगे चलकर प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक का प्रदेश अध्यक्ष बना और फिर सरकार में मंत्री भी। डोमनलाल कोर्सेवाड़ा: 26 साल पढ़ाया, रिटायरमेंट के बाद राजनीति में आए डोमनलाल कोर्सेवाड़ा की कहानी शायद इस पूरी सूची में सबसे लंबी शिक्षक पारी वाली कहानियों में से एक है। उन्होंने 1972 में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की। शुरुआत प्राथमिक शाला साजा, गुंडरदेही ब्लॉक से हुई। इसके बाद 1987 में वे उच्च श्रेणी शिक्षक बने और आगे चलकर व्याख्याता के पद तक पहुंचे। करीब 26 साल तक शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के बाद 1998 में वे व्याख्याता के पद से रिटायर हुए। लेकिन नौकरी से रिटायर होने के बाद सार्वजनिक जीवन से रिटायर नहीं हुए। राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव पहले से था। बाद में भाजपा की राजनीति में सक्रिय हुए और 2023 में अहिवारा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। यानी जिस व्यक्ति ने 1972 में शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया था, उसने करीब ढाई दशक बाद राजनीति में एक नई पारी शुरू की। रामपुकार सिंह: शिक्षक की नौकरी से लंबी राजनीतिक पारी पत्थलगांव की राजनीति का बड़ा नाम रामपुकार सिंह भी कभी शिक्षक हुआ करते थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षक का पेशा संभाला। बाद में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए और पत्थलगांव की राजनीति में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। उनका राजनीतिक सफर बाकी कई नेताओं से लंबा रहा है। वे कई बार विधायक बने और विधानसभा में वरिष्ठ सदस्यों में गिने गए। 2018 में तो विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी भी दी गई थी। यानी जिनका करियर कभी शिक्षक के रूप में शुरू हुआ था, वे आगे चलकर विधानसभा के वरिष्ठतम चेहरों में शामिल हुए। यह कहानी बताती है कि राजनीति में आने के बाद भी शिक्षक की नौकरी से मिला अनुशासन और लंबे समय तक लोगों के बीच काम करने का अनुभव किस तरह किसी नेता के सफर में काम आ सकता है। चंद्रदेव राय: शिक्षाकर्मी आंदोलन से विधानसभा तक चंद्रदेव राय की कहानी सीधे उस दौर से जुड़ती है जब छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों का आंदोलन बड़ा मुद्दा हुआ करता था। उन्होंने 2003 में शिक्षाकर्मी के रूप में नौकरी शुरू की और लगातार अध्यापन कार्य किया। बाद में वे शिक्षाकर्मी संगठन से जुड़े और कर्मचारी नेता के तौर पर भी सक्रिय हुए। यानी स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ वे शिक्षाकर्मियों की समस्याओं और उनके अधिकारों की आवाज उठाने लगे। यही सक्रियता धीरे-धीरे उन्हें राजनीति की तरफ ले गई। 2018 में कांग्रेस के टिकट पर बिलाईगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने। इसके बाद वे संसदीय सचिव भी रहे। उनकी कहानी में एक खास बात यह है कि वे सिर्फ शिक्षक से सीधे नेता नहीं बने, बल्कि शिक्षाकर्मी आंदोलन के रास्ते राजनीति तक पहुंचे। सावित्री मंडावी: क्लासरूम से चुनावी मैदान तक सावित्री मंडावी की कहानी भी शिक्षक दिवस के मौके पर खास तौर पर याद करने लायक है। वे रायपुर के कटोरा तालाब स्थित एक सरकारी स्कूल में लैक्चरर थीं। यानी राजनीति में आने से पहले उनकी दुनिया भी क्लासरूम और बच्चों के बीच थी। उनके पति मनोज मंडावी के निधन के बाद 2022 में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की घोषणा हुई। इसके बाद उन्होंने शिक्षिका की नौकरी से इस्तीफा दिया और राजनीति के मैदान में उतर गईं। कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीत लिया। इसके बाद एक शिक्षिका सीधे विधानसभा की सदस्य बन गईं। आज भी जब वे विधानसभा में बोलती हैं तो उनके परिचय में यह बात जुड़ी रहती है कि राजनीति में आने से पहले वे शिक्षिका थीं। चातुरी नंद: व्याख्याता की नौकरी छोड़ी, राजनीति में उतरीं सरायपाली की विधायक चातुरी नंद राजनीति में आने से पहले वे शासकीय व्याख्याता थीं। सरकारी नौकरी छोड़कर उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना। 2023 में कांग्रेस ने उन्हें सरायपाली से टिकट दिया। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और पहली ही कोशिश में जीत हासिल कर विधायक बन गईं। उनके शिक्षक वाले दौर की एक तस्वीर 2024 में फिर देखने को मिली। अपने बचपन के स्कूल पहुंचीं तो खुद को बच्चों से दूर नहीं रख पाईं और क्लासरूम में जाकर करीब 30 मिनट तक बच्चों को साइंस पढ़ाया। यानी विधायक बनने के बाद भी शिक्षक वाली भूमिका उनसे पूरी तरह अलग नहीं हुई। विक्रम उसेंडी: शिक्षक से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तक विक्रम उसेंडी ने भी राजनीति में आने से पहले शिक्षक के तौर पर काम किया। पढ़ाने की नौकरी के बाद उनका जुड़ाव भाजपा संगठन से बढ़ा और धीरे-धीरे वे सक्रिय राजनीति में आ गए। इसके बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में अपनी जगह बनाई। वे विधायक बने, फिर लोकसभा पहुंचे और सांसद के तौर पर भी काम किया। संगठन में उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं और उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कमान भी मिली। लंबे राजनीतिक सफर के बाद एक बार फिर वे विधानसभा की राजनीति में हैं। यानी जिस सफर की शुरुआत कभी शिक्षक के रूप में हुई थी, वह विधायक, सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारियों से गुजरते हुए फिर विधानसभा तक पहुंचा। अजीत जोगी: शिक्षक से मुख्यमंत्री तक का सफर शिक्षक से राजनीति में आने वालों में सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी का रहा। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बनने से पहले जोगी ने रायपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्यापन किया था। 1964-65 के दौरान वे इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाते थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना और आईएएस अधिकारी बने। बाद में आईएएस की नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आए। कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा पहुंचे, राज्यसभा सांसद रहे और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना तो वे इसके पहले मुख्यमंत्री बने। उनकी पत्नी डॉ. रेणु जोगी का भी शिक्षा से जुड़ाव रहा। राजनीति में आने से पहले वे इंदौर और रायपुर के मेडिकल कॉलेजों में नेत्र विभाग में प्रोफेसर थीं। बाद में कोटा से विधायक बनीं। यानी एक ही परिवार में पति पहले कॉलेज में पढ़ाते रहे और आगे चलकर मुख्यमंत्री बने, जबकि पत्नी मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर से विधायक बनीं। शिक्षक से नेता बने कई और चेहरे… शिक्षक से राजनीति में आने वालों की फेहरिस्त सिर्फ मौजूदा नेताओं तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई ऐसे चेहरे रहे हैं, जिन्होंने पहले स्कूल या कॉलेज में पढ़ाया और बाद में चुनावी राजनीति में उतरकर विधायक, सांसद और मंत्री तक का सफर तय किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता अरविंद नेताम भी शिक्षक से नेता बने। राजनीति में आने से पहले उन्होंने अध्यापन का काम किया। इसके बाद सक्रिय राजनीति में आए और कांकेर से कई बार सांसद रहे। वे 4 बार विधायक भी रहे और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। डॉ. शक्राजीत नायक कॉलेज में प्रोफेसर रहे। बाद में राजनीति में आए और रायगढ़ से विधायक चुने गए। वे छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री भी रहे। खास बात यह रही कि उनका राजनीतिक सफर भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों से जुड़ा रहा। नंदकुमार साय भी राजनीति में आने से पहले शिक्षक रहे। बाद में भाजपा के बड़े आदिवासी नेताओं में शामिल हुए। वे कई बार सांसद रहे और भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और राज्य सरकार में भी जिम्मेदारी संभाली। पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा भी शिक्षक रहे। राजनीति में आने के बाद विधायक बने और आगे चलकर अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। सिद्धनाथ पैकरा भी शिक्षक से राजनीति में आए नेताओं में रहे। वे सामरी विधानसभा सीट से विधायक रहे और रमन सिंह सरकार के दौरान संसदीय सचिव की जिम्मेदारी संभाली। उनके राजनीतिक सफर में चुनावी जीत के साथ हार का दौर भी आया। पुराने दौर के कई आदिवासी और ग्रामीण इलाकों के नेताओं की राजनीति की शुरुआत भी स्कूलों से हुई। झतिरूराम बघेल, राजाराम तोड़ेम, अंतूराम कश्यप, भुसरूराम नाग, अघन सिंह ठाकुर, मंतूराम पवार, संपत सिंह भंडारी और डॉ. रामलाल भारद्वाज जैसे नाम भी शिक्षक या मास्टर के रूप में काम करने के बाद राजनीति में आए। इसी कड़ी में कृष्ण कुमार ध्रुव का नाम भी आता है। वे पहले शिक्षक थे और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। विधायक बनने के बाद विधानसभा तक पहुंचे। इन नेताओं के राजनीतिक सफर का दौर अलग-अलग रहा। किसी ने पंचायत और स्थानीय राजनीति से शुरुआत की, किसी ने विधानसभा का चुनाव लड़ा तो किसी ने लोकसभा तक का सफर तय किया। लेकिन इनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत राजनीति की कुर्सी से नहीं, बल्कि स्कूल की कक्षा से हुई थी। शिक्षक दिवस पर इन नेताओं की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि ये सिर्फ राजनीति में पहुंचे शिक्षकों की कहानी नहीं है। ये उस सफर की कहानी है, जिसमें एक शिक्षक पहले बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश करता है और बाद में पूरे समाज के लिए काम करने की जिम्मेदारी उठाता है। …………………… शिक्षकों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… टीचर्स डे, 68 शिक्षक होंगे सम्मानित, 4 को स्मृति पुरस्कार:खैरागढ़ के राजेश, कोरबा के कामता, दुर्ग की प्रज्ञा और सारंगढ़ की प्रियंका का चयन 5 सितंबर टीचर्स डे पर छत्तीसगढ़ के 68 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग के लिए इनमें से 4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार भी दिया जाएगा। राज्य शिक्षक सम्मान और स्मृति पुरस्कार समारोह शनिवार को रायपुर के लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में सुबह 11 बजे होगा। पढ़ें पूरी खबर
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पिस्टल की नोक पर लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक गिरोह के 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल आरोपियों के बीच लूटे हुए गहने और पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। जिससे उनकी पोल खुल गई। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, लूटे गए सोने के जेवरात, एक कार, एक बाइक और 6 मोबाइल फोन सहित लूट का पूरा माल बरामद किया गया है। एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने बताया कि, 8 जुलाई को बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए का कलेक्शन लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी को सलका डैम मोड़ के पास धक्का देकर उसका बैग लूट लिया था। इसके बाद 18 जुलाई को आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर पर धावा बोला। वहां उन्होंने मारपीट की और हथियार का भय दिखाकर करीब 50 हजार रुपए के सोने के जेवर लूट लिए। लूट की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद से खुली पोल पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों की जांच के दौरान संदेहियों पर नजर रखी जा रही थी और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था। लूट के करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास लुटेरों के बीच आपस में मारपीट हो गई। इनमें से एक युवक सीधे थाने पहुंच गया और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब विवाद के कारणों को लेकर अलग-अलग तरीके से सख्ती से पूछताछ की, तो शिकायतकर्ता ने पूरी सच्चाई उगल दी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को दिनभर धरपकड़ अभियान चलाकर सभी आरोपियों को दबोच लिया और शुक्रवार को मामले का विधिवत खुलासा किया। मास्टर माइंड ने दो साथियों के साथ मिलकर बनाई योजना एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि गिरोह का मुख्य सूत्रधार मंझगांव निवासी राकेश जायसवाल था। उसने अपने साथी दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर इन वारदातों की साजिश रची थी। वारदात के लिए आरोपी सनी सिंह उन्हें मध्य प्रदेश के रीवा ले गया था, जहां उसने अपने भाई के जरिए अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई। जेवर बेचकर रकम बांटने की थी योजना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण समेत घटना में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। आरोपियों ने लूट की रकम और गहनों को आपस में मिलकर बांटने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मामले में राकेश जायसवाल (35) निवासी- मंझगांव कोटा, दिव्यांशु जायसवाल (24) निवासी- बिल्लीबंद कोटा, आदर्श तिवारी (26) निवासी- मौहारखार कोटा, हर्ष नामदेव (25) निवासी- कोटा, हर्ष सोनी (24) निवासी- फिरंगीपारा कोटा और सनी सिंह (35) निवासी- मस्जिदपारा कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सर्राफा कारोबारी को बेचा था लूट का सोना लूट के बाद आरोपियों ने हर्ष नामदेव के माध्यम से फिरंगीपारा निवासी सर्राफा कारोबारी हर्ष सोनी को सोने के जेवर बेच दिए थे। आरोपियों के साथ ही चोरी के आभूषण खरीदने वाले हर्ष सोनी और हथियार सप्लायर सनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस टीम की इस सफलता पर उनकी सराहना करते हुए नकद इनाम की घोषणा की है।
झाबुआ के राजवाड़ा चौक पर शुक्रवार रात जन्माष्टमी का मटकी फोड़ मुकाबला देर रात तक चला। कई टीमों ने मटकी तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन झाबुआ यूथ टीम के प्रह्लाद ने आखिरकार मटकी फोड़कर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। प्रतियोगिता की इनामी राशि भी 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई थी। नशामुक्ति को बनाया आयोजन का संदेश श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति ने इस बार मटकी फोड़ आयोजन की थीम नशामुक्ति रखी। मटकी बांधने वाली रस्सी और आयोजन स्थल के आसपास नशे के नुकसान से जुड़े नारे लगाए गए थे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली। समिति अध्यक्ष बलवीरसिंह सोहेल और महासचिव चंदरसिंह चंदेल ने बताया कि इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए यह पहल की गई। रात 11:30 बजे चार फीट नीचे की मटकी राजवाड़ा चौक पर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। रात 9 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता में टीमों ने हिस्सा लिया। मटकी तक पहुंचना मुश्किल होने पर रात 11:30 बजे के बाद इसे करीब चार फीट नीचे किया गया। इसके बाद भी टीमों के बीच मुकाबला जारी रहा और आखिर में झाबुआ यूथ टीम ने मटकी फोड़ दी। जिलेभर में हुए मटकी फोड़ कार्यक्रम जन्माष्टमी पर झाबुआ के साथ पेटलावद, थांदला और मेघनगर समेत कई कस्बों और गांवों में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं हुईं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
उदयपुर के अंबामाता थाना क्षेत्र में एक युवक के मकान पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर और दो उसके साथी शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने एक नाबालिग को भी डिटेन किया है। आरोपी भीलवाड़ा और डबोक में छिपे थे। वहां से लाते समय हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों ने रास्ते में टॉयलेट के बहाने भागने का प्रयास किया। इस दौरान गड्ढे में गिरने से तीनों के पैर टूट गए। इन्हें पकड़ने के दौरान कॉन्स्टेबल फिरोज की नाक पर भी चोट आई। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि अंबामाता के धोली मगरी निवासी हिस्ट्रीशीटर इस्माइल उर्फ बड़ा मेवाती उर्फ मन्नू की मल्लातलाई के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी आसिफ व अरबाज खान से वर्चस्व को लेकर लंबे समय से रंजिश है। मकान पर बीयर की बोतलें फेंकी थी गुरुवार रात 1:15 बजे बड़ा मेवाती अपने साथी धोली मगरी निवासी समीर मेवाती उर्फ बिट्टू, गरीब नवाज कॉलोनी निवासी ताज मोहम्मद उर्फ शेरा और एक नाबालिग को लेकर आरिफ और अरबाज के घर के बाहर पहुंचा। मकान पर बीयर की बोतलें फेंकी। इसके बाद गेट पर फायरिंग करके सभी भाग गए। कुछ महीने पहले अरबाज ने बड़ा मेवाती को धमकी दी थी अरबाज और बड़ा मेवाती एक ही इलाके में रहते हैं। दोनों में वर्चस्व की रंजिश है। मेवाती हिस्ट्रीशीटर इमरान कूंजड़ा गिरोह का सदस्य है। कुछ माह पहले बड़ा मेवाती ने अरबाज को बाइक से कट मारकर धमकाया था। मोहल्ला छोड़कर चले जाने की धमकी दी। इसलिए तीन माह पहले अरबाज खान पिस्टल लेकर बड़ा मेवाती को धमकाने उसके घर गया था। वहां से पुलिस ने उसे दबोच लिया था। इसके बाद से बड़ा मेवाती उससे बदला लेने की फिराक में था। अरबाज को भी इस बारे में पता था। ऐसे में वह आरिफ को बॉडीगार्ड के रूप में साथ रखता था। आरिफ जिम में प्रोटीन बेचने का काम करता है। इन्हें डराने धमकाने के लिए हिस्ट्रीशीटर ने फायरिंग कर दी।
नर्मदापुरम में शनिवार को बारिश के साथ सुबह की शुरुआत हुई। सुबह 6.30 बजे से एक घंटे मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद धीमी रफ्तार से बारिश जारी है। बारिश का सिलसिला शुक्रवार रात से ही जारी है। रुक रुककर रिमझिम बारिश होती रही। इटारसी, सिवनी मालवा में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने जिले में शनिवार को भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार के बाद मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना है। नया सिस्टम बनने तक तेज बारिश की स्थिति नहीं बन रही है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसलिए सोमवार से तेज बारिश की संभावना नहीं है। कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं। नर्मदा और तवा का बढ़ रहा जलस्तरबारिश के बीच नर्मदा नदी का जलस्तर करीब 942.20 फीट पहुंच गया। बरगी बांध से छोड़ा पानी आने से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पचमढ़ी और बैतूल क्षेत्र में बारिश की वजह से तवा बांध का जलस्तर 1155.60 फीट तक पहुंच गया है। सुबह 5 बजे 1155.50 फीट जलस्तर था, जो 8 बजे 1155.60 फीट दर्ज हुआ। बांध के गेट 1166 फीट पर खुलते हैं। करीब 9 फीट पानी और भरने पर तवा बांध के गेट खुलने की संभावना बनेगी। जिले में अब तक कुल 29 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि तक 48 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इस बार 19 इंच कम बारिश हुई है, जिले की औसत वार्षिक बारिश 54 इंच मानी जाती है। कोटा पूरा करने के लिए अभी 25 इंच बारिश की जरूरत बनी हुई है। देखिए तस्वीरें…
रेवाड़ी में अगस्त माह में पशुओं के हमले में दो लोगों की जान गई और एक घायल हुआ। मरने वालों में एक रिटायर कैप्टन भी शामिल है। पांच दिन में दो मौतों से प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। डीसी से डीएमसी तक शहर को कैटल फ्री बनाने के दावे किए। तीन पशु पालकों पर शहर थाना में एफआईआर भी हुई, पर पशु पालकों की दबंगई नहीं रूकी। कर्मचारियों को धमकी देकर सरेआम पशु छुड़वाते रहे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भी प्रशासन की चुप्पी नहीं टूटी। पशु पालकों की दबंगई और अधिकारियों की खामोशी के खिलाफ शनिवार को एक बार फिर विभिन्न संगठन नेहरू पार्क में एकत्रित होकर अपनी आवाज उठाएंगे। 17 को FIR-30 को गिरफ्तारी 11 अगस्त को माता चौक गायों के हमले में प्रताप सिंह यादव की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने ठेकेदार देवेंद्र की शिकायत पर तीन पशुपालकों के खिलाफ शहर थाना में एफआईआर दर्ज की। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 30 अगस्त को दो को गिरफ्तार किया। मामले में नामजद एक पशुपालक की अभी तक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। दो मौतों के बाद 28 अगस्त की देर शाम पुरानी सब्जी मंडी में एक व्यक्ति पर गाय के हमले के बाद गिरफ्तारी हुई थी। हमले में किसी काम से गांव से शहर आए धनौरा निवासी 56 वर्षीय अजीत सिंह घायल हो गए थे। जानिए क्या है यह पूरा मामला सेक्टर-4 निवासी रिटायर कैप्टन जगराम यादव 5 अगस्त की शाम को स्कूटी पर सब्जी लेकर घर आ रहे थे। इसी दौरान गाय और सांड ने उसे टक्कर मार दी। हमले में घायल कैप्टन को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। 11 अगस्त की सुबह माता चौक निवासी प्रताप सिंह यादव घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान गायों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में घायल होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 28 अगस्त को गांव धनौरा निवासी 56 वर्षीय अजीत सिंह किसी काम से शहर आए थे। शाम को जब वह पुरानी सब्जी मंडी पहुंचे तो गाय ने उन पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। जिससे कैटल कैप्चर अभियान को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। दबंगई दिखाकर छुड़वाए पशु प्रशासन ने 13 अगस्त को ठेकेदार ने शहर में दोबारा पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया। पशु पालकों ने कर्मचारियों द्वारा बांधी गई रस्सी काटकर पशुओं को मुक्त करवा लिया। पशु पालकों की दादागिरी यहीं नहीं रूकी। इइसके बाद एक दिन वैन का शटर खोलकर तो एक दिन कर्मचारियों को धमकाकर अपने पशुओं को छुड़वाकर ले गए। दो मौतों के बाद सख्ती दिखाने वाला प्रशासन इस पर कोई एक्शन नहीं ले पाया। एक के बाद एक पशु छुड़वाने की 3 घटनाओं से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए। प्रताप सिंह की मौत पर केस दर्ज धवाना निवासी देवेंद्र ने 17 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसने पशु पकड़ने का टेंडर लिया है। उसकी टीम जब भी पशु पकड़ने जाती है, तो पशु पालक जबरदस्ती पशुओं को छुड़वा ले जाते हैं। प्रताप सिंह यादव पर हमला आवारा नहीं, बल्कि पालतु गायों ने की थी। जिन्हें दुध निकालकर शहर में खुला छोड़ देते हैं। शहर पुलिस ने गुर्जरवाड़ा निवासी इन्द्र गुर्जर, मलखान गुर्जर और परसा गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया था। 13 दिन बाद दो आरोपी परस राम उर्फ परसा और मलखान को गिरफ्तार किया है। इंद्र गुर्जर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 13 अगस्त को दिया था ज्ञापन नगर परिषद के रिटायर ईओ मनोज यादव ने कहा कि विभिन्न संगठनों ने दो मौतों के बाद 13 अगस्त को डीसी को ज्ञापन दिया था। आज भी कार्रवाई के नाम पर लीपापोती हो रही है। पशुपालक बेखौफ होकर अपने पशुओं को शहर में खुला छोड़ रहे हैं, पकड़े जाने पर उन्हें छुड़वा भी रहे है। इन सबके बावजूद प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। आज एक बार फिर विभिन्न संगठन डीसी को अपना मांगपत्र देंगे।
इटावा रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में शुक्रवार रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पुलिस परिवार ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी रीना श्रीवास्तव की मौजूदगी में मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई और बाल गोपाल का भव्य श्रृंगार किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रीना श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारीजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। बच्चों ने दिखाई बाल लीलाएं जन्माष्टमी कार्यक्रम में पुलिस परिवार के बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और श्रीकृष्ण भजनों पर बच्चों की प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया। पुलिस परिवार के सदस्यों ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस परिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, कर्तव्य, धर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। डीएम समेत अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध संतोष सिंह समेत प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारजनों ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भक्तिभाव के साथ पर्व मनाया।
जोधपुर में शहर के वार्डों से लेकर गांवों तक लगातार मिल रहा लोगों का भरोसा बता रहा है कि ‘भास्कर समाधान’ अब सिर्फ शिकायत का मंच नहीं, समाधान की उम्मीद बन चुका है। जाम नालियां, सड़कों पर फैला कचरा, बंद रोड लाइट, पानी की किल्लत या सफाई की परेशानी हो, लोग अपनी रोजमर्रा की दिक्कतें ‘भास्कर समाधान’ के जरिए उठा रहे हैं। शिकायत सामने आते ही संबंधित विभाग भी समाधान करवा रहे हैं। आज की समस्याएं जानने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… एक महीने बाद दुरुस्त हुई पानी की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन जोधपुर के चौपासनी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से मणिविवेक सेन ने पानी की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 11 में शालक्या हॉस्पिटल के सामने बीते एक महीने से पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। इसकी वजह से काफी समय से पानी की बर्बादी हो रही है जबकि शहर के बहुत से वार्ड में पीने के पानी को लेकर पहले ही बहुत किल्लत है। समस्या पोस्ट होने के बाद जलदाय विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ठीक कर दिया। असिस्टेंट मैनेजर राजेन्द्र सिंह रावत बने ‘स्टार ऑफिसर’ 'भास्कर समाधान' पर वार्ड 69 से कर्मचारी कॉलोनी रेजिडेंसी रोड से विजय पालीवाल ने स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने पोस्ट में जानकारी देते हुए लिखा था कि करीब तीन महीने से पोल संख्या 306 की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। इससे पूरी गली में अंधेरा छाया रहता है। चोरी की वारदातें भी काफी बढ़ गई हैं। कॉलोनी के लोग भी अंधेरे के कारण परेशान हो रहे हैं। 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद डिस्कॉम कॉल सेंटर के असिस्टेंट मैनेजर राजेंद्र सिंह रावत ने टीम भेजकर इसे ठीक करवा दिया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। दैनिक भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… ट्रांसफॉर्मर पैनल का ढक्कन खुला, हादसे का डर जोधपुर की मधुबन कॉलोनी, बासनी से आनंद दीक्षित ने ट्रांसफॉर्मर पैनल के रोड की ओर खुले होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में ट्रांसफॉर्मर पैनल का कवर रोड की तरफ खुला हुआ है। इससे कभी भी करंट या शॉर्ट सर्किट होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। बिजली विभाग से अपील है कि इस पैनल के कवर को बंद कर ट्रांसफॉर्मर के चारों ओर जाली लगाकर इसे बेसहारा पशुओं से सुरक्षित किया जाए। बारिश में बेसहारा पशु, सफाई कर्मचारी और वाहन इसके आसपास से गुजरते हैं। हाइवे पर फैले फैरो कवर और मलबा नहीं हटाया चौपासनी रोड, कमला नेहरु नगर की पहली पुलिया से धर्मेन्द्र चौधरी ने हाइवे रोड किनारे फुटपाथ पर मलबा डाले जाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि पाल नंबर 9 से आगे नाकोड़ा पेट्रोल पंप के पास हाइवे के ऊपर फुटपाथ पर ही मिट्टी–गारे का मलबा डाला हुआ है। ड्रेनेज नाले की सफाई करने के बाद इस मलबे को यहीं छोड़ दिया गया था जिसे अब तक नहीं उठाया है। फैरो कवर भी किनारे ही डाले हुए हैं। रात के अंधेरे में इनसे टकराकर दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं। घर के आगे ही डाल रहे कचरा, सफाई भी नहीं होती जोधपुर के पाल रोड, गायत्री नगर से शेखर राजपुरोहित ने घर के पास कचरा डाले जाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि रामदेव दूध भण्डार वाली गली में, महादेव मेडिकल के पास मेरे घर के पास मोहल्ले के लोग कचरा डालकर जा रहे हैं। मना करने पर भी कोई नहीं सुन रहा है। बारिश में सारा कचरा बहकर गली में फैल जाता है। पॉलीथीन, धूल–मिट्टी उड़कर सीधे घर के अंदर आते हैं। इस समस्या का जल्द समाधान करवाएं। बारिश में कचरा गीला होने से बदबू आती है और परिवार को संक्रमण एवं मौसमी बीमारियों का डर भी सताता है। रोड लाइट खराब, अंधेरे में चोरी का सता रहा डर नए वार्ड संख्या 91 में रावत नगर से नरेश ने रोड लाइट न होने की समस्या भेजकर विभाग से समाधान की अपील की है। उन्होंने बताया कि देवड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स की सामने वाली गली, भदवासिया में पुराने वार्ड संख्या 61 में हमारी गली में लगे पोल नंबर 20 पर रोड लाइट नहीं हे। इससे पूरी गली में काफी अंधेरा रहता है। चोरियां होने का डर भी बना रहता है। बिजली विभाग या निगम से अपील है कि इस रोड लाइट को ठीक करवा हमारी परेशानी दूर करें। बुजुगो्रं और बच्चों को खेलने-टहलने में काफी असुविधा हो रही है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' पर जोधपुर का भरोसा कायम:जोधपुर में एक ही दिन में सफाई और पॉवर कट की पांच समस्याओं का हुआ समाधान, डिस्कॉम के सौरभ बने 'पब्लिक के स्टार' 2.'भास्कर समाधान': एक पोस्ट में समस्या का हल:जोधपुर में सीवरेज, लो पॉवर और कचरा उठाने की समस्या हुईं हल, डिस्कॉम के महिपाल सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 4.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 5.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 6.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 7.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 9.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 10.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग
कोटा के लोग अपने इलाके की समस्याएं ‘भास्कर समाधान’ के जरिए सामने ला रहे हैं। सड़क, नाली, सफाई, बिजली और पानी से जुड़ी शिकायतों को संबंधित विभागों तक सीधे पहुंच रही हैं। कार्रवाई के लिए फॉलोअप किया जा रहा है। जनसमस्याओं पर लगातार मिल रहे फीडबैक से ‘भास्कर समाधान’ स्थानीय मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन गया है। आज की समस्याओं पर नजर डालने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट के बाद हुआ एक्शन कोटा के बूंदी रोड, रिद्धी–सिद्धी नगर, कुन्हाड़ी से भरत सुमन ने चंबल पुलिया रोड की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा है कि चंबल पुलिया को कोटा का ‘प्रवेश द्वार’ माना जाता है। लेकिन यहां सड़क की हालत इतनी खराब है कि हैरानी होती है विभाग इसे ठीक क्यों नहीं करवा रहा। जगही–जगह सड़क उधड़ी पड़ी है, गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिर रहे हैं। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद निगम हरकत में आया और सड़क की मरम्म्त करवाकर समस्या का समाधान करवाया। जमादार जगदीश घेंघट बने 'पब्लिक के स्टार' रंगबाड़ी रोड, आरोग्य नगर से मुकेश कुमार गुप्ता ने साफ–सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने लिखा था कि उनके एरिया वार्ड 23 में काफी दिन से न तो सफाई हो रही है न ही कचरा उठ रहा है। सफाई कर्मचारी भी नियमित नहीं आते। इसलिए यहां गली, नुक्कड़, चौराहे और घर के सामने ही कचरा पड़ा हुआ है। कई बार निवर्तमान पार्षद और निगम कर्मचारियों को बता चुके हैं बावजूद इसके समाधान नहीं हो रहा है। इस समस्या के 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या के पोस्ट होने के बाद वार्ड के जमादार जगदीश घेंघट ने समाधान करवा दिया। दैनिक भास्कर एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… गली में दो पोल के बीच झूलते बिजली के तारों से खतरा घनश्याम पंवार ने नान्ता रोड, आकांक्षादीप हाइट्स, कुन्हाड़ी से बिजली के तारों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि हमारे यहां दो पोल के बीच बिजली के तार जमीन से कुछ फीट की ऊंचाई पर ही झूल रहे हैं। इनमें एक दो जगह तार का इंसुलिन भी फटा हुआ है। शिकायतकर्ता ने जमीन से ही सड़क पर लटक रहे तार को पकड़कर फोटो भेजा है ताकि बिजली विभाग खतरे की गंभीरता को समझ सकें। उन्होंने आशंका जताई है कि इससे कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने इसके तुरंत समाधान की अपील की है। शौचालय में गंदगी, न साफ-सफाई न गंदगी की निकासी कोटा के देवली अरब रोड, डीसीएम चौक, बोरखेड़ा से रक्षित सुमन ने सार्वजनिक शौचालय में गंदगी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां बने इन सार्वजनिक मूत्रालय में इतनी गंदगी है कि कोई अंदर जा ही नहीं सकता। न सफाई होती है न ही गंदगी निकलने के लिए कोई निकासी बनाई हुई है। टॉयलेट शीट्स भी टूटी हुई हैं। कचरा भरा पड़ा है। इसकी साफ–सफाई करवाकर निगम स्थानीय राहगीरों, दुकानदारों को राहत दे ताकि लोगों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़े। रोड लाइट खराब, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हेमराज बैरवा ने श्रीगणेश रेजिडेंसी कॉलोनी से रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि राजनगर के डिसेंट स्कूल के पास बिजली के पोल पर रोड लाइट नहीं होने के कारण पूरे एरिया में अंधेरा रहता है। इससे शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमवाउ़ा रहता है जिससे कॉलोनी और रेजिडेंसी के लोग बहुत परेशान हैं। गली–मोहल्ले में सफाई नहीं, अधिकतर नालियां जाम न्यू कमला उद्यान मेन रोड, केसर कुंज, कुन्हाड़ी से अभिषेक ने बताया कि उनकी गली में नालह की सालभर से सफाई नहीं हुई हे। अभिषेक ने बताया कि पूरे मोहल्ले और कमला उद्यान, न्यू कमला उद्यान और आसपास के एरिया में न तो सफाई होती है न ही कचरा गाड़ी आती है। निवर्तमान पार्षद भी शिकायत करने के बाद समाधान नहीं करवा रहे। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
सीकर शहर में 'भास्कर समाधान' के माध्यम से नागरिक लगातार अपनी समस्याएं प्रशासन और संबंधित विभागों तक पहुंचा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से इस बार टूटे सीवरेज चैंबर, सड़क पर गंदे पानी की निकासी नहीं होने, नाली के अभाव में घर के सामने पानी जमा होने और खराब सड़क पर गड्ढों जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं, दूसरी ओर कंवरपुरा रोड स्थित कुमावत नगर और महावीर कॉलोनी, सीकर बाईपास से आई स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट की समस्याओं का समाधान होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। कुमावत नगर में डेढ़ महीने से खराब खंभे की लाइट ठीक करवाई गई, जबकि धोद चौराहे पर करीब एक महीने से बंद हाईमास्ट लाइट को भी चालू करवा दिया गया। हाईमास्ट लाइट की समस्या का समाधान करवाने वाले एईएन अमित स्वामी आज के हमारे 'स्टार ऑफिसर' बने हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली... एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' महावीर कॉलोनी, सीकर बाईपास से राजू सुंडा ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि धोद चौराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट करीब एक महीने से बंद पड़ी हुई है। चौराहे पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हाईमास्ट लाइट बंद रहने से चौराहे पर अंधेरा रहता था, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भी परेशानी होती थी। समस्या सामने आने के बाद एईएन अमित स्वामी ने मामले का संज्ञान लिया और हाईमास्ट लाइट को ठीक करवाकर समस्या का समाधान करवा दिया। लाइट चालू होने से रात के समय चौराहे पर रोशनी की व्यवस्था बेहतर हुई और लोगों को राहत मिली। समस्या पर त्वरित कार्रवाई कर समाधान करवाने के लिए एईएन अमित स्वामी आज के हमारे 'स्टार ऑफिसर' बने हैं। कुमावत नगर में डेढ़ महीने से खराब खंभे की लाइट हुई ठीक कंवरपुरा रोड, कुमावत नगर से श्रवण कुमावत ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में खंभे पर लगी लाइट खराब पड़ी हुई है। करीब डेढ़ महीने से लाइट खराब होने के कारण रात के समय क्षेत्र में अंधेरा रहता था। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए खराब लाइट को ठीक करवा दिया गया। लाइट ठीक होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान की मांग की गई है... डेढ़ महीने से टूटा सीवरेज चैंबर, हादसे का खतरा राधाकिशनपुरा से अशोक ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले एक महीने से सीवरेज का चैंबर टूटा हुआ है। चैंबर टूटने के कारण यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। खासकर रात के समय लोगों को परेशानी होती है और राहगीरों के चैंबर में गिरने की आशंका रहती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से टूटे हुए सीवरेज चैंबर की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है। सड़क पर गंदे पानी की निकासी का रास्ता नहीं, लोग परेशान सांवली बाईपास सर्किल से प्रकाश रैका ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सड़क पर जमा होने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए कोई उचित रास्ता नहीं है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर ही जमा रहता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करवाने की मांग की है। नाली नहीं होने से घर के सामने जमा हो रहा पानी न्यू जनता कॉलोनी से सुशील ढाका ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके घर के सामने स्थित हॉस्टल से पानी आता है। यहां नाली नहीं होने के कारण पानी बाहर ही जमा हो रहा है। पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और परेशानी बनी हुई है। लोगों ने पानी की निकासी के लिए नाली बनवाने या उचित व्यवस्था करवाने की मांग की है। सांवली बाईपास सर्किल की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे सांवली बाईपास सर्किल से सीताराम चौधरी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सड़क पर काफी गड्ढे हो गए हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी से निकलना पड़ता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने सड़क की मरम्मत करवाकर गड्ढों को भरने की मांग की है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.शिव कॉलोनी में नालियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान:बंद स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर नहीं होने और सड़क पर जगह-जगह गड्ढों जैसी समस्याएं सामने आई 2.डेढ़ महीने से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान:सड़क, बिजली से जुड़ी समस्याएं आई सामनें, जेईएन दीपिका बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 3.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':सड़क, बिजली, जलभराव और सफाई से जुड़ी शिकायतें आई सामनें 4.नाली की सफाई और जल निकासी की समस्या का समाधान:कचरा, बंद स्ट्रीट लाइट और जाम नालियों से लोग परेशान 5.एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जाट कॉलोनी में तीन साल से टूटी सड़क की समस्या का हुआ समाधान 5. सीकर में जनसमस्याओं पर एक्शन:'भास्कर समाधान' से मिली राहत, प्रशासन की कार्रवाई से बदल रही शहर की तस्वीर 7.कायस्थ कॉलोनी में हफ्तों से फैला कचरा:चारियान गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क, तो न्यू जनता कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट 8.जनसमस्याओं पर 'भास्कर समाधान' का असर:खाटूश्यामजी-खंडेला रोडवेज बस शुरू, शहर की स्ट्रीट लाइटें भी हुईं दुरुस्त 9.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बिजली के तार, रोड लाइट, खराब स्ट्रीट लाइट और अधूरी सड़क से जुड़ी समस्याएं शामिल 10.एईएन वाजिद अहमद बने आज के 'स्टार ऑफिसर':रोड लाइट, सफाई, सीवर और पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी समस्याएं शामिल
कानोड़ नगर पालिका क्षेत्र, बड़ा राजपुरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार को लंबे इंतजार के बाद बारिश शुरू हुई। इस बारिश से किसानों और आम लोगों को राहत मिली। अचानक मौसम बदलने से वातावरण सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी व उमस से राहत महसूस की। यह बारिश किसानों के लिए वरदान जैसी है। इन दिनों खेतों में खड़ी फसलें पकने के आखिरी चरण में हैं। किसान इस बारिश को फसलों के लिए अमृत वर्षा मान रहे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे, लेकिन बारिश शुरू होते ही उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को जरूरी नमी मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम ऐसा ही अनुकूल बना रहा, तो फसलों के उत्पादन पर अच्छा असर पड़ेगा। बारिश शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में भी लोगों में उत्साह दिखा। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने आम लोगों को भी गर्मी और उमस से राहत दी।
अजमेर शहर में 'भास्कर समाधान' के माध्यम से नागरिक लगातार अपनी समस्याएं प्रशासन और संबंधित विभागों तक पहुंचा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से इस बार गलियों में कचरा जमा होने, बिजली का तार टूटने का खतरा, पांच दिन में एक बार और गंदे पानी की सप्लाई, खराब सड़कों और पानी की पाइपलाइन में गंदा पानी आने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के साथ-साथ आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर सुभाष नगर गली नंबर 12 में पानी की पाइपलाइन में गंदा पानी आने की समस्या और गौतम गली, दरगाह बाजार में नाली की सफाई नहीं होने की समस्या का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। सुभाष नगर की समस्या का समाधान करवाने वाली जेईएन शाहीन बानो आज की हमारी 'स्टार ऑफिसर' बनी हैं। आइए जानते हैं, भास्कर समाधान पर आई किन समस्याओं का समाधान हुआ और किन समस्याओं के समाधान की लोगों ने मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली... जेईएन शाहीन बानो बनीं आज की 'स्टार ऑफिसर' सुभाष नगर, गली नंबर 12 से अब्दुल ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन में गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन का कोई कनेक्शन टूटा हुआ होने के कारण पानी की सप्लाई में गंदा पानी मिल रहा था। इससे लोगों को पीने के पानी को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद जेईएन शाहीन बानो ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित टीम के माध्यम से समस्या का समाधान करवाया। पाइपलाइन की समस्या दूर होने के बाद लोगों को साफ पानी की सप्लाई मिलने से राहत मिली। गौतम गली में सात-आठ महीने बाद नाली की सफाई गौतम गली, दरगाह बाजार से विष्णु प्रकाश पारीक ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनकी गली में करीब 7-8 महीने से नाली की सफाई नहीं हुई है। सफाई नहीं होने के कारण नाली में कचरा जमा हो गया था और पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद नाली की सफाई करवाकर जमा कचरा हटाया गया और समस्या का समाधान कर दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान की मांग की गई है... गली के बाहर बड़ी मात्रा में कचरा जमा, सफाई की मांग कंवरपुरा रोड, केसरगंज से विनय ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में गली के बाहर काफी मात्रा में कचरा जमा है। लंबे समय से कचरा नहीं उठने के कारण गंदगी बढ़ रही है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। कचरा जमा होने से बदबू और अन्य परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। लोगों ने मौके से कचरा हटवाकर नियमित सफाई करवाने की मांग की है। गोविंदपुरम कॉलोनी में बिजली का तार टूटने का खतरा वैशाली नगर, गोविंदपुरम कॉलोनी से भरत जावले ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली का एक तार काफी खराब स्थिति में है और कभी भी टूट सकता है। तार के टूटने से लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने हादसे की आशंका को देखते हुए बिजली के तार की जांच करवाकर उसे सुरक्षित करने की मांग की है। हर पांच दिन में एक बार आता है पानी, वह भी गंदा रावत नगर ब्लॉक बी से अरविंद कुमार ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में पानी की सप्लाई हर पांच दिन में एक बार आती है। इसके अलावा जो पानी आता है, वह भी काफी गंदा होता है। इससे लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नियमित और साफ पानी की सप्लाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों में परेशानी है। लोगों ने पानी की सप्लाई व्यवस्था में सुधार कर नियमित रूप से साफ पानी उपलब्ध करवाने की मांग की है। अच्छे क्षेत्र में सड़कें खराब, आवागमन में परेशानी चंद्र वरदाई नगर, हरि ओम कॉलोनी से रवि ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनका क्षेत्र अच्छा होने के बावजूद यहां की सड़कें खराब हालत में हैं। सड़क खराब होने से वाहन चालकों और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। लोगों ने सड़क की स्थिति सुधारने और आवश्यक मरम्मत करवाने की मांग की है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.डेढ़ महीने से बंद रोड लाइट हुई चालू:सीवरेज पाइप ब्लॉक, बंद रोड लाइट, नाले में कचरा जमा होने जैसी समस्याएं सामने आई 2.वैशाली नगर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या हुई हल:सड़क के बीच बड़े गड्ढे, घर के सामने ट्रांसफॉर्मर होने और जाम नालियों जैसी समस्याएं सामने आई 3.डॉ. अमित यादव बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जेएलएन अस्पताल की पार्किंग शुल्क और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का हुआ समाधान 4.एईएन बीना बिड़ला बनी आज की 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में सफाई, पानी लीकेज और जलापूर्ति की समस्याएं बनी चिंता का विषय 5.खराब रोड लाइट और सीवर की समस्या हुई ठीक:बिजली के तार, गंदी नालियां और कचरे की समस्या आई सामनें 6.‘भास्कर समाधान’ ला रहा बदलाव:अजमेर में 15 दिन पुरानी रोड लाइट और ढाई महीने पुरानी टूटी सड़क की समस्या सुलझी, नरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार' 7.कृष्णा कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति हुई सुचारु:पानी, सफाई और कचरे की समस्याएं आई सामने, एईएन पूजा मौर्य आज बनी ‘स्टार ऑफिसर’ 8.केसरगंज में पेयजल आपुर्ति की समस्या का हुआ समाधान:सड़क पर जलभराव, जर्जर भवन, बिजली की तारों से टकराते पेड़ और खुले सीवरेज चैंबर की समस्याएं आई सामने 9. पंचशील नगर में सीवर टैंक की समस्या का हुआ समाधान:सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी आई सामने 10.अजमेर में पृथ्वीराज पुरी से हाथीभाटा तक समस्याओं की तस्वीर:बिजली कनेक्शन में देरी से रुका निर्माण कार्य, कार्रवाई के बाद बदली कई इलाकों की स्थिति
सीकर शहर में 'भास्कर समाधान' के माध्यम से नागरिक लगातार अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने बिजली, सफाई, सड़क पर जलभराव, पेयजल आपूर्ति और मृत कुत्ते से जुड़ी समस्याएं पोस्ट की हैं। वहीं, नागरिकों की ओर से पोस्ट की गई कुछ समस्याओं पर संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए उनका समाधान भी करवाया है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली... जेईएन राजेश त्यागी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' शांति पथ, झोटवाड़ा से गोपाल मिश्रा ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में कम समय के लिए पानी की सप्लाई की जाती है। इससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे थे। समस्या भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद जेईएन राजेश त्यागी ने मामले में कार्रवाई करवाते हुए समस्या का समाधान करवा दिया। उनकी कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। विनोबा नगर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या का समाधान वैशाली नगर से विनीत शर्मा ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि विनोबा नगर में पाइपलाइन लीकेज के कारण सड़क पर पानी बह रहा है। पाइपलाइन से लगातार पानी निकलने के कारण सड़क पर पानी जमा हो रहा था और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए पाइपलाइन लीकेज की समस्या का समाधान करवा दिया गया। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान की मांग की गई है... वार्ड-50 में तीन दिन से रात के समय बिजली गुल रामपुरा रोड, सांगानेर से नवरतन जायसवाल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि वार्ड नंबर 50 में पिछले तीन दिनों से रात के समय लाइट नहीं आ रही है। रात में बिजली नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार तीन दिन से समस्या बनी होने के कारण लोगों ने बिजली विभाग से जल्द समाधान की मांग की है। सरस्वती कॉलोनी में सफाई कर्मचारी नहीं आते, स्ट्रीट लाइट भी बंद सवाई मानसिंह रोड, सरस्वती कॉलोनी से सतीश गोयल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही क्षेत्र की रोड लाइट भी बंद पड़ी हुई है, जिससे रात के समय लोगों को परेशानी होती है। नागरिकों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने के साथ बंद पड़ी रोड लाइट को चालू करवाने की मांग की है। हल्की बारिश में ही सड़क पर भर जाता है पानी मुरलीपुरा, सूर्य नगर से सुवालाल सासी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि क्षेत्र में हल्की सी बारिश होने पर भी सड़क पर पानी भर जाता है। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करवाने और बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की है। सिद्धार्थ कॉलोनी में सड़क पर पड़ा है मृत पशु सिद्धार्थ कॉलोनी से ऋषि कुमार सोनी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में एक कुत्ता मरा हुआ पड़ा है। सड़क पर मृत पशु पड़े होने से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मृत कुत्ते को जल्द हटवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनी रहे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.XEN निधि जैन की तुरंत कार्रवाई:रोड लाइट और पेयजल लाइन की समस्या पर विभाग का एक्शन, कई इलाकों में समाधान बाकी 2.मानसरोवर में सीवर की समस्या का समाधान:प्रताप नगर सेक्टर 70 में सीवर लाइन की हुई सफाई, 'भास्कर समाधान' से समस्याओं पर लगातार एक्शन 3.सेठी कॉलोनी में सीवर की समस्या का समाधान:तो वरुण पथ में पोस्ट के बाद हुई सफाई, टोंक फाटक और गोकुलपुरा में समस्याएं बाकी 4.जयपुर की जन-समस्याओं पर तुरंत एक्शन:झोटवाड़ा और सांगानेर की सुविधाओं में आया बड़ा सुधार, स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी बने 'स्टार ऑफिसर' 5.जयपुर की आज 7 समस्याओं की कहानी:2 का हुआ समाधान, सांगानेर क्षेत्र में पहुंची कचरा गाड़ी, तो ग्रीन विहार में खराब स्ट्रीट लाइट पर एक्शन 6.पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत की कार्रवाई से सुधरी दशा:ब्रह्मपुरी में टूटा सीवर चैंबर दुरुस्त, तो निर्माण नगर में लीकेज की समस्या खत्म 7.प्रताप नगर में सड़क पर फैला गंदा पानी:धौलाई में अवैध पार्किंग से लग रहा जाम, तो कहीं समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 8.शास्त्री नगर में सड़क की समस्या का समाधान:कचरे की समस्या पर भी प्रशासन ने लिया एक्शन, पूर्व पार्षद शिव सोनी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.गणेश नगर 2 और पुरुषार्थ नगर में गड्ढों का खतरा:तो प्रताप नगर में कचरा गाड़ी की परेशानी, पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत बने आज के ‘स्टार’ 10.तुलसी नगर में पूर्व पार्षद की पहल से समस्या हल:हिम्मत नगर में सीवर ओवरफ्लो पर प्रशासन का क्विक एक्शन, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’
सलूंबर में शुक्रवार देर रात गणपति महोत्सव की शुरुआत हुई। गुजरात से खास तौर पर बनवाई गई विशाल गणेश प्रतिमा सलूंबर पहुंची, जिसका शहरवासियों ने ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ स्वागत किया। प्रतिमा के शहर में पहुंचते ही 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष से पूरा सलूंबर गूंज उठा। शोभायात्रा में झूमे श्रद्धालु बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद लव-कुश स्कूल से भगवान श्री गणेश की आकर्षक झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गार्डन चौराहा, चुंगी नाका, बस स्टैंड, गांधी चौक, होली चौक और आजाद मोहल्ले से होते हुए सत्यनारायण मंदिर के पास पहुंची। शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर युवा और श्रद्धालु खूब झूमे। रास्ते में जगह-जगह शहरवासियों ने भगवान गणेश की झांकी पर फूल बरसाकर स्वागत किया। बस स्टैंड पर हुई आतिशबाजी ने भी माहौल को उत्साह से भर दिया। कई प्रयासों के बाद फूटी मटकी दही हांडी यानी मटकी फोड़ उत्सव भी आकर्षण का केंद्र बना। मटकी फोड़ने के लिए युवाओं की टोलियों ने पूरे उत्साह से कोशिश की। कई प्रयासों के बाद युवाओं ने मिलकर मटकी फोड़ी तो मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ खुशी जताई। सिद्धिविनायक ग्रुप ने गणपति महोत्सव को खास बनाने के लिए गुजरात से यह विशाल गणेश प्रतिमा विशेष रूप से तैयार करवाकर सलूंबर मंगवाई है। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से नगर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। देर तक शहर में गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे और पूरा सलूंबर भक्ति और उल्लास से भर गया।
सीहोर में वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेहटी थाना पुलिस ने बाइक चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 5 हजार रुपए बताई गई है। संदिग्धों से पूछताछ में सामने आईं तीन वारदातें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे और एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक हिमलेन्द्र पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने खनपुरा खेड़ा निवासी छोटू उर्फ सुमित (24) और महेश (20) को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने बनियागांव, एक स्थानीय ढाबे और प्रतापपुरा क्षेत्र से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर बाइक बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीनों चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 1.05 लाख रुपए है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उदयपुर में लोग अपने इलाके की समस्याएं ‘भास्कर समाधान’ के जरिए सामने ला रहे हैं। सड़क, नाली, सफाई, बिजली और पानी से जुड़ी शिकायतों को संबंधित विभागों तक सीधे पहुंच रही हैं। कार्रवाई के लिए फॉलोअप किया जा रहा है। जनसमस्याओं पर लगातार मिल रहे फीडबैक से ‘भास्कर समाधान’ स्थानीय मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन गया है। आज की समस्याओं पर नजर डालने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट के बाद हुआ समस्या पर एक्शन उदयपुर के नाकोड़ा नगर से रवीन्द्र ने रोड लाइट बंद होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में लाइट ठीक हो गई थी लेकिन फिर से खराब हो गई है जिससे गली में अंधेरा रहता है। उन्होंने बताया कि अंधेरे के कारण लोगों को बहुत असुविधा हो रही है। इस समस्या के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने समाधान करवा दिया है। एक्सईएन रितेश पाटीदार बने ‘स्टार ऑफिसर’ हिरण मगरी सेक्टर 9 से सुंदरलाल ने हॉस्टल के पास रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि बीते एक साल से यह रोड लाइट खराब पड़ी है लेकिन कोई इसे ठीक नहीं कर रहा। विभाग में कई बार शिकायत कर चुके हैं। 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद एक्सईएन रितेश पाटीदार ने टीम भेजकर इसे ठीक करवा दिया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… कभी भी गिर सकता है खंभा, विभाग लापरवाह उदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र से मुबारिक खान ने बिजली विभाग से जुड़ी एक समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि हमारे क्षेत्र में मिट्टी के टीले पर लगा एक बिजली का खम्भा कभी भी गिर सकता है। पोली जमीन और बरसात में कटाव के कारण जमीन में इसकी पकड़ कमजोर हो चुकी है। इससे कभी भी कॉलोनी में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि पहले भी इस समस्या के बारे में पोस्ट किया था लेकिन विभाग की तरफ से कोई एक्शन अब तक नहीं हुआ है जबकि खतरा अब भी बरकरार है। नहर में कचरा–मलबा, सालों से नहीं हुई सफाई भक्तिधाम मार्ग, होली चौक, महावीर कॉलोनी पार्क से लालचंद दर्जी ने नहर की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बड़गांव से जा रही नहर में बहुत गंदगी है। इसकी सालों से सफाई नहीं हुई है। तले में जमा पानी काई और कचरे की वजह से सड़ रहा है जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। प्रशासन से निवेदन है कि इसकी साफ–सफाई करवाएं ताकि गंदगी की वजह से पनप रहे मच्छरों से स्थानीय लोगों को राहत मिल सके। खुले में डाल रहे कचरा, न सफाई होती न पाबंद कर रहे आर्य समाज मार्ग, सेक्टर 4 हिरण मगरी के सेक्टर 4 से अमित कुमार ने महेश सेवा समिति के पास बने अवैध डम्पिंग जोन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि समिति भवन के कोने पर लोगों ने अपनी मर्जी से ही कचरा डालना शुरू कर दिया और धीरे–धीरे यह एक डम्पिंग जोन में तब्दील हो गया है। आते–जाते इस जगह से बहुत बदबू आती है। मना करने के बावजूद लोग यहां कचरा डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। खुले में पड़े कचरे में बेसहारा पशु दिनभर जमावड़ा लगाए मुंह मारते रहते हैं। इसका समाधान करवाएं और इस जगह की नियमित साफ–सफाई करवाकर स्थायी रूप से कचरा डालना बंद करवाएं। 6 महीने से रोड लाइट खराब,विभाग को फुर्सत ही नहीं पुरोहितों की मादरी, गरबा चौक, कृष्ण नगर से लोकेश भाटी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके एरिया में बीते 6 महीने से रोड लाइट बंद पड़ी है। इससे अंधेरे के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों भरी टूटी सड़क और वन्य जीवों के डर के कारण अंधेरे में लोग बाहर निकलने से भी बचते हैं। इस मंच के माध्यम से संबंधित विभाग से अपील है कि इस लाइट को जल्द ठीक करवाकर स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान दें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.नगर निगम के XEN रितेश पाटीदार बने 'स्टार ऑफिसर':80 फीट मेन रोड पर ठीक हुई स्ट्रीट लाइट, घाटी की मंग्री में बंद रोड लाइटों की समस्या का हुआ समाधान 2.सुभाष शर्मा बने 'पब्लिक के स्टार':गायत्री नगर में सीवर लाइन की समस्या से मिली राहत, तो चित्रकूट नगर में टूटे नाले की समस्या का हुआ समाधान 3.भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर, बंद पड़ी रोड लाइटें हुई दुरुस्त 4. उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में हुई सफाई, तो अंबामाता में रोशनी लौटी, जीतमल डांगी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' से बदली तस्वीर:बंद रोड लाइटों पर हुआ एक्शन, समाधान के लिए विभागों ने बढ़ाया कदम 6.'भास्कर समाधान' ला रहा बदलाव:उदयपुर में खराब रोड लाइट से जुड़ी दो समस्याओं का निपटारा, जेईएन राजकुमार बने ‘स्टार ऑफिसर’ 7.स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा की कार्रवाई:चित्रकूट नगर को मिली अंधेरे से मुक्ति, तो मल्ला तलाई में दूर हुई कचरे की समस्या 8.1 साल पुराने कचरे के ढेर से मिली राहत:उदयपुर नगर निगम ने कराई साफ-सफाई, खराब रोड लाइटें विभाग ने करवाईं दुरुस्त 9.बेसहारा पशुओं से बच्चों की सुरक्षा का सवाल:आजाद नगर में नाले का पानी जमा होने से बढ़ी दिक्कत, पुलन और राणा प्रताप नगर में समस्याओं का हुआ समाधान 10.हिरण मगरी में बंद रोड लाइट हुई दुरुस्त:सेक्टर 9 में भी अंधेरे से मिली राहत, जालम सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’
खंडवा के देशगांव में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। देशगांव औद्योगिक विकास क्षेत्र के गठन को शासन स्तर से शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही क्षेत्र में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट सहित अन्य कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। देशगांव में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि का चिन्हांकन कर उसे मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब आगामी चरण में यहां औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे पंधाना और आसपास के कृषि प्रधान क्षेत्र में प्रसंस्करण उद्योगों के साथ रोजगार और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 14 फरवरी को मुख्यमंत्री के सामने उठाई थी मांगपंधाना विधायक व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता छाया मोरे ने 14 फरवरी को पंधाना में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने विशेष रूप से प्याज की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और इसके लिए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की जरूरत बताई थी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के मंच से ही इस मांग पर घोषणा करते हुए पंधाना क्षेत्र में औद्योगिक विकास को लेकर भरोसा दिलाया था। अब इस घोषणा के बाद शासन स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ गई है और देशगांव में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्याज उत्पादक किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजारपंधाना और आसपास का क्षेत्र प्याज उत्पादन के लिए जाना जाता है। किसानों के सामने बड़ी चुनौती उपज के भंडारण, प्रसंस्करण और बेहतर बाजार की उपलब्धता की रहती है। कई बार स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। देशगांव में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद प्याज की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाइयां स्थापित होने की संभावना है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार मिल सकेगा। साथ ही कच्चे प्याज को प्रसंस्कृत उत्पाद में बदलकर उसकी वैल्यू बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा। प्याज के अलावा इन फसलों से जुड़े उद्योगों की भी संभावनाखंडवा जिले में प्याज को एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के तहत प्रमुख उत्पाद के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में देशगांव का औद्योगिक क्षेत्र कृषि प्रसंस्करण उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। प्याज के अलावा टमाटर, लहसुन, मिर्च, अरबी और अन्य उद्यानिकी फसलों से संबंधित प्रोसेसिंग इकाइयां भी यहां स्थापित होने की संभावनाएं हैं। इससे किसानों को केवल उपज बेचने के बजाय उसे प्रसंस्कृत कर बेहतर मूल्य हासिल करने का विकल्प मिलेगा। उद्योग आए तो रोजगार के साथ सहायक कारोबार भी बढ़ेंगेऔद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद केवल फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर ही नहीं बढ़ेंगे, बल्कि परिवहन, पैकेजिंग, भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसका सीधा असर स्थानीय युवाओं और व्यापारियों पर पड़ने की उम्मीद है। कृषि आधारित उद्योग स्थापित होने से किसानों, श्रमिकों, परिवहन व्यवसायियों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। विधायक बोलीं- उत्पादन के साथ प्रोसेसिंग और बाजार जरूरीविधायक छाया मोरे का कहना है कि केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसान की उपज को बाजार, प्रसंस्करण और उद्योग से जोड़ना भी जरूरी है। देशगांव में औद्योगिक क्षेत्र का विकास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह सौगात किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी। क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पंधाना के लिए कृषि से उद्योग तक का नया मॉडलपंधाना विधानसभा मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है। ऐसे में यहां उत्पादित फसलों को स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण और बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित होती है तो किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। देशगांव में औद्योगिक विकास क्षेत्र की मंजूरी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि प्रस्तावित क्षेत्र में प्याज और अन्य कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होती हैं, तो पंधाना को निमाड़ के प्रमुख कृषि-आधारित औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
निकाय चुनाव में सार्वजनिक स्थलों पर लगे पोस्टर बैनर नहीं हटाना प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है। आयोग इनका खर्च प्रत्याशी के कुल चुनावी खर्च में जोड़ेगा। चुनावी सीमा में खर्चा अधिक होने पर प्रत्याशी को अगले चुनाव से बैन भी किया जा सकेगा। वहीं सड़क, गलियों, चौराहों और सरकारी भवनों गंदा करने के जुर्म में प्रत्याशी के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा। प्रदेश भर में एक सितंबर तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टरों को हटाया जा चुका है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... अब तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टर हटाए दरअसल, प्रदेश में 19 अगस्त को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी। आयोग के निर्देश पर अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाने का अभियान शुरू हो गया था। लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद कई प्रत्याशी/राजनीतिक दल सार्वजनिक स्थलों जैसे- सड़कों, गलियों, चौराहों तथा सरकारी भवनों पर प्रचार सामग्री लगा रहे हैं। आयोग के अनुसार ये आदर्श आचार संहिता और राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 का उल्लंघन है। अब तक आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी सवा लाख से अधिक पोस्टर बैनर और होर्डिंग हटा चुके हैं। अब जानिए प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की लिमिट क्या है? राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए इस बार चुनावी खर्च सीमा को बढ़ाई है। इस बार नगर निगम व नगर परिषद के लिए एक-एक लाख और नगरपालिका के लिए 50 हजार रुपए खर्च ज्यादा कर पाएंगे। प्रत्याशियों को नोटिस जारी होगा आयोग ने व्यय पर्यवेक्षकों और कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उन्हें सख्त चेतावनी दी जाए। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, व्यय पर्यवेक्षक और नगर निगम अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अवैध रूप से लगी सभी प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाए। बिजली के खंभों, सरकारी दीवारों, सड़कों और चौराहों पर किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का प्रचार प्रसार पूर्णतः वर्जित होता है। बिना मालिक की लिखित अनुमति के निजी मकानों या दीवारों पर पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल का कहना है- राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 की धारा 3 के अनुसार सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स या दीवार कुरूप करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पहली बार 5000 रुपए तक का जुर्माना और एक माह की जेल हो सकती है। गलती दोहराने पर सजा बढ़ने का प्रावधान भी है। यानी जुर्माना 10 हजार रुपए तक लग सकता है। 38 हजार 891 प्रत्याशी चुनावी मैदान में प्रदेश के 41 जिलों के 10 हजार 245 वार्डों में अब कुल 38 हजार 891 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। स्क्रूटनी के दौरान 17 हजार 137 नामांकन पत्र तकनीकी खामियों के चलते खारिज कर दिए गए। वहीं, 10 हजार 112 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। पिछली बार 196 निकायों में करीब 27 हजार प्रत्याशी थे। इस बार अबतक 77 उम्मीदवार निर्विरोध पार्षद चुने जा चुके हैं। …. निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. कांग्रेस का वादा- 500 रुपए में जमीन के पट्टे देंगे:डोटासरा बोले- हर घर से फ्री कचरा उठाएंगे; हर साल सफाईकर्मियों की भर्ती होगी कांग्रेस ने 309 शहरी निकायों के लिए स्थानीय स्तर पर अलग-अलग घोषणा पत्र जारी करने का फैसला किया है। पार्टी ने प्रदेश स्तर पर दर्जन भर वादे किए हैं। पूरी खबर पढ़िए… 2. राजस्थान में 1 लाख लोगों को प्लॉट देगी सरकार:24 घंटे शहरों में मिलेगी बिजली; निकाय चुनाव के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र जारी राजस्थान में निकाय चुनावों के लिए बीजेपी ने संकल्प पत्र जारी किया। होटल शकुन में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सीएम भजनलाल शर्मा और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संकल्प पत्र का विमोचन किया। पूरी खबर पढ़िए…
छतरपुर जिले के बाजना थाना क्षेत्र में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। बच्ची के परिजनों ने रिश्ते के चाचा पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। घटना 25 अगस्त की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए रिश्तेदारों और गांव के पंचों ने समझौते का दबाव बनाया और 2 लाख रुपए देने की पेशकश की गई। हालांकि, बच्ची के पिता ने समझौता करने से इनकार कर दिया। बाजना पुलिस बच्ची और उसके माता-पिता को छतरपुर महिला थाने लेकर पहुंची है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। खाना खाने घर गई थी बच्ची बच्ची के माता-पिता के अनुसार, वे फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करते हैं। 25 अगस्त को बच्ची भी उनके साथ गई थी। दोपहर में खाना खाने के लिए वह रोज की तरह अकेली घर पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान घर के पास रहने वाले गोविंद लखेरे ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। परिजनों के मुताबिक, घटना के दौरान बच्ची के सगे चाचा ने आरोपी को देख लिया था। उन्होंने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह घर की छत से कूदकर मौके से भाग गया। समझौते के लिए 2 लाख रुपए देने की पेशकश का आरोप बच्ची के पिता का आरोप है कि घटना के बाद वे पुलिस में शिकायत करने जा रहे थे। इसी दौरान रिश्तेदारों और गांव के पंचों ने बैठक बुलाकर मामले को आपसी समझौते से खत्म करने का प्रयास किया। पिता के अनुसार, आरोपी पक्ष की ओर से 2 लाख रुपए देकर मामला खत्म करने की बात कही गई। पिता ने समझौते से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें पैसे नहीं, बल्कि बेटी के लिए न्याय चाहिए। उन्होंने बताया कि आरोपी रिश्ते में उनके चाचा का बेटा है और बच्ची का रिश्ते का चाचा लगता है। झूठे केस में फंसाने की धमकी का भी आरोप पीड़ित बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की तो उनके छोटे भाई को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पिता का कहना है कि उन पर लगातार राजीनामा करने का दबाव बनाया गया। बच्ची को लेकर महिला थाने पहुंची पुलिस परिजनों के अनुसार, इसके बाद बाजना पुलिस बच्ची और उसके माता-पिता को अपनी अभिरक्षा में लेकर छतरपुर महिला थाने पहुंची। पुलिस बच्ची के बयान, चिकित्सकीय जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना और आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा रिटायर हो गए। हाईकोर्ट में आयोजित फेयरवेल पर चीफ जस्टिस सिन्हा बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अदालतें केवल ईंट, पत्थर और कंक्रीट से निर्मित संरचना नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां नागरिक अपनी आशाओं और न्याय व्यवस्था पर विश्वास के साथ आते हैं। बेंच और बार एक ही न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। एक सशक्त न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग के लिए सभी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी केवल केस निपटाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें संस्था को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण तैयार करना भी शामिल है। जस्टिस अग्रवाल ने गिनाई कार्यकाल की उपलब्धियां इस कार्यक्रम की शुरुआत में जस्टिस संजय के अग्रवाल ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कार्यकाल में प्रदेशभर की अदालतों और आवासीय कॉलोनियों के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही उनके कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में बोलते हुए बेहद भावुक हो गए चीफ जस्टिस सिन्हा सीजे सिन्हा ने संस्थागत मूल्यों पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि निष्पक्षता, विश्वास और न्याय के प्रति निष्ठा से ही एक महान संस्था का निर्माण होता है। इस दौरान चीफ जस्टिस बेहद भावुक हो गए। उन्होंने संदेश दिया कि हमारे द्वारा धारण किया गया पद अस्थायी होता है, लेकिन संस्थाओं को स्थायी रूप से बने रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यकाल तभी सफल माना जाएगा जब वे अपने पीछे एक ऐसी संस्था छोड़कर जाएं जो उन्हें मिली संस्था से अधिक सशक्त हो। बेंच और बार न्याय प्रणाली के अटूट हिस्से चीफ जस्टिस ने कहा कि, बेंच और बार एक ही न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। एक सशक्त न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना अधिक आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग के लिए सभी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार जताया। जनहित व प्रशासनिक कसावट के लिए याद किए जाएंगे चीफ जस्टिस सिन्हा समारोह में महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने चीफ जस्टिस के असाधारण न्यायिक करियर की जानकारी दी। बताया कि 29 मार्च 2023 से 01 सितंबर 2026 तक चीफ जस्टिस द्वारा कुल 50228 मामलों का निराकरण किया गया। इनमें सिंगल बेंच के 32600 मामले और डिवीजन बेंच के 17628 मामले शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 369 से अधिक रिपोर्टेड निर्णयों के जरिए संवैधानिक, आपराधिक और सेवा विधि जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का निराकरण किया। छत्तीसगढ़ आने से पहले करीब 1 लाख 34 हजार 200 निर्णय दे चुके थे। इसके साथ ही जनहित के मुद्दों और मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेने के लिए चीफ जस्टिस सिन्हा हमेशा याद किए जाएंगे। जस्टिस संजय के अग्रवाल बने कार्यवाहक चीफ जस्टिस जस्टिस संजय के अग्रवाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा शुक्रवार को रिटायर हो गए हैं। उनके रिटायरमेंट के तुरंत बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए हाई कोर्ट के जज जस्टिस संजय के अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के बाद, अब जस्टिस अग्रवाल चीफ जस्टिस के पद के सभी कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। मंत्रालय ने इस नियुक्ति और अधिसूचना की प्रति छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य के मुख्य सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट को भी सूचनार्थ भेज दी है। बता दें कि जस्टिस अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा चुका है। अधिसूचना जारी होने तक वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर की जन्माष्टमी पर पुताई नहीं होने पर सिरमौर विधायक और रीवा रियासत के युवराज दिव्यराज सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने मंदिर की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन से सवाल किए। दिव्यराज सिंह का कहना है कि 13वीं सदी से भी पुराने मंदिर की नियमित देखरेख होनी चाहिए। तीन-चार साल से पुताई नहीं हुई दिव्यराज सिंह ने कहा कि मंदिर में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं और यहां नियमित पूजा होती है। ऐसे प्राचीन मंदिर की साफ-सफाई और पुताई का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले रीवा राजघराने की ओर से मंदिर की पुताई और दूसरी व्यवस्थाएं कराई जाती थीं। बाद में इसकी जिम्मेदारी टाइगर रिजर्व प्रबंधन के पास आ गई। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार साल से मंदिर की पुताई नहीं होने की जानकारी मिली है। जूते पहनकर घूमने पर भी जताई आपत्ति विधायक ने मंदिर परिसर में कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के जूते पहनकर घूमने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मंदिर में बिना जूते प्रवेश करते हैं, ऐसे में अधिकारियों को भी मंदिर की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। दिव्यराज सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से फोन पर बात की है और व्यवस्थाओं में सुधार की बात कही है। प्रबंधन बोला- बारिश खत्म होते ही होगी पुताई बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मंदिर की पुताई नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि बारिश खत्म होने के बाद मंदिर की पुताई कराई जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की दूसरी व्यवस्थाओं को भी बेहतर किया जाएगा।
आगरा में शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार सुबह तक जारी रहा। रात में झमाझम बारिश हुई। शनिवार सुबह से हल्की फुहार है। मौसम विभाग ने आज दिन में भारी बारिश को लेकर अलर्ट किया है। इसके चलते आगरा में आज 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। रविवार से मौसम खुल सकता है। कुछ देर के लिए बादल छाये रह सकते हैं लेकिन 10 सितंबर तक बारिश के आसार नहीं हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। पहले पढ़िये स्कूल की छुट्टी का आदेशआगरा में लगातार हो रही बारिश के चलते डीएम मनीष बंसल ने 5 सितंबर को 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा, सीबीएसई, आईसीएसई के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बीएसए और डीआईओएस को आदेश का अनुपालन कराने के आदेश दिए हैं। कोई भी स्कूल खुला मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कई जगह जलभरावआगरा में शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसके चलते सड़कों पर जलभराव हो गया। रात में कुछ जगहों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया था, जिसे निकलने में 5 से 6 घंटे लग गए। शनिवार को भी सड़क किनारे पानी भरा रहा। सामान्य से अधिक हुई बारिशशुक्रवार को सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, 4 सितंबर को आगरा में सामान्य तौर पर 4.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि पिछले 24 घंटे में आगरा में 10.7 मिमी बारिश हुई। हालांकि इस मानसून में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है।विभाग के अनुसार, इस मानसून में अब तक 454.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 438.7 मिमी ही बारिश हुई है। इसके अनुसार, आगरा में मानसून में 3 फीसद कम बारिश हुई है। कल से खुलेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, रविवार से मौसम खुल सकता है। इस दौरान कुछ देर के लिए बादल छाये रह सकते हें लेकिन बारिश के कोई आसार नहीं हैं। इस बीच तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
छतरपुर जिले में लगातार हो रही बारिश अब हादसों का कारण बनने लगी है। जिले में अलग-अलग स्थानों पर मकान और दीवार गिरने की दो घटनाएं हुईं। इन हादसों में दो बुजुर्गों की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चे घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गढ़ी मलहरा थाना प्रभारी ओशो गुप्ता ने बताया कि थाना क्षेत्र के सिंदूरकी गांव में गुरुवार को एक जर्जर मकान की दीवार अचानक गिर गई। मलबे में दबने से 70 वर्षीय लक्ष्मी प्रसाद राजपूत की मौत हो गई। हादसे में तीन बच्चे भी दब गए, यह बच्चे मकान के पास खेल रहे थे। जिनमें 10 वर्षीय धीरेन्द्र राजपूत का पैर टूट गया और उसकी हालत गंभीर है। दो अन्य बच्चों को हल्की चोटें आईं हैं। बताया गया कि लक्ष्मी प्रसाद खेत की ओर जा रहे थे। तभी पुराने मकान की कमजोर दीवार अचानक गिर गई। दीवार के मलबे में बुजुर्ग समेत तीन बच्चे दब गए। हादसे के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। लक्ष्मी प्रसाद की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गंभीर घायल बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलने पर गढ़ी मलहरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मकान गिरने से मलबे में दबीं वृद्ध महिलाबिजावर थाना क्षेत्र के धरमपुरा पहलेपुरा गांव में एक और हादसा हुआ। यहां कच्चा मकान अचानक गिर जाने से 90 वर्षीय कालिया बाई बिन्दुआ की मलबे में दबकर मौत हो गई। बताया गया कि कालिया बाई घर में सो रही थीं। तभी मकान अचानक गिर गया और वह मलबे में दब गईं। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण कच्चे मकानों के कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीकर में आज सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। बीती रात सीकर जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रूक-रूककर बूंदाबांदी हुई। आज सीकर जिले में बारिश के आसार हैं। मानसूनी हवा आज आधे से ज्यादा राजस्थान में सक्रिय हैं। सीकर में आज हवाएं रुकने की वजह से उमस बढ़ी है, लेकिन धूप से राहत है। 10 प्रतिशत कम बारिश हुई सीकर में पिछले 4 सालों के मुकाबले इस बार मानसून की औसत से भी कम बारिश है। मानसून के मीटर को देखें तो सीकर में अब तक औसत बारिश से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस बार बारिश कम होने से सीकर में उमस का प्रभाव तेज बना हुआ है। आज बादलवाही के कारण लोगों को तेज धूप से राहत मिली है। सीकर समेत पूरे शेखावाटी के किसानों को इस बार बारिश के नाम पर निराशा हाथ लगी है। न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज बात करें, सीकर के तापमान की तो सीकर जिले में फतेहपुर के कृषि अनुसंधान केंद्र पर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को दिन का अधिकतम 36.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बार-बार मौसम बदलने से सीकर में न्यूनतम व अधिकतम तापमान में 10 डिग्री का अंतर रह गया है। जयपुर मौसम केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा के अनुसार सीकर में फिलहाल 7 सितंबत तक हल्की बारिश का अनुमान है। उसके बाद सितंबर महीने के दूसरे हफ्ते में बारिश होने का विशेष पूर्वानुमान नहीं है। इस साल बार-बार हवाओं का दबाव बदलने की वजह से मानसून की छितराई बारिश हो रही है। इस साल सीकर समेत शेखावाटी इलाके में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
रिटायरमेंट के बाद जहां ज्यादातर लोग परिवार के साथ समय बिताते हैं, वहीं रिटायर्ड बैंक मैनेजर एमएल अहिरवार ने पत्नी के निधन के बाद अपना जीवन जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। कोरोना की दूसरी लहर में पत्नी को खोने के बाद वे अकेलेपन और दुख में डूबने के बजाय बच्चों को पढ़ाने से जुड़ गए। करीब छह साल में उनकी पहल झुग्गी-बस्तियों और जरूरतमंद परिवारों के 400 से 500 बच्चों तक पहुंच चुकी है। 12-13 बच्चों से शुरू हुआ सफर अहिरवार बताते हैं कि पत्नी का निधन करीब 2 मई 2021 को कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुआ था। इसके बाद जीवन में गहरा खालीपन आ गया। इसी दौरान उनकी मुलाकात शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त ओपी दीक्षित से हुई, जो झुग्गी-बस्तियों के बच्चों को पढ़ाते थे। पत्नी के निधन के करीब चार-पांच महीने बाद वे भी उनके साथ जुड़ गए। शुरुआत में करीब 12-13 बच्चे पढ़ने आते थे। धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई और अब 400 से 500 बच्चे इस पहल से जुड़े हैं। मजदूर परिवारों के बच्चों पर फोकस अहिरवार ऐसे बच्चों को पढ़ाते हैं, जिनके माता-पिता मजदूरी या दूसरे कामों में व्यस्त रहने के कारण उनकी पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। उनका कहना है कि ऐसे बच्चे कई बार दिनभर इधर-उधर घूमते रहते हैं और गलत संगत में पड़ने का खतरा रहता है। टीकमगढ़, छतरपुर और आसपास के इलाकों से काम के लिए आने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चे भी उनके पास पढ़ते हैं। परिवार के लगातार स्थान बदलने से इन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उनका प्रयास इन्हें शिक्षा से जोड़े रखना है। फीस और स्टेशनरी में भी मदद बच्चों को पढ़ाने के साथ अहिरवार उन्हें स्टेशनरी और अन्य पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराते हैं। जरूरत पड़ने पर स्कूल फीस में भी अपनी क्षमता के अनुसार मदद करते हैं। कई बार समाजसेवी और संगठन भी इसमें सहयोग करते हैं। कुछ बच्चों का स्कूल में दाखिला भी कराया गया है, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके। परिवार भी अब साथ शुरुआत में परिवार के लोगों को उनके बच्चों के बीच अधिक समय बिताने को लेकर चिंता थी, लेकिन काम का असर देखने के बाद परिवार ने पूरा सहयोग किया। उनके बच्चे भी इस पहल में उनका समर्थन करते हैं। अहिरवार कहते हैं कि किसी बच्चे की पढ़ाई जारी रहने और उसके आगे बढ़ने से सबसे ज्यादा संतुष्टि मिलती है। उनका मानना है कि धन का दान जरूरी है, लेकिन विद्या का दान किसी का पूरा जीवन बदल सकता है।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने प्रॉपर्टी आईडी विवाद को लेकर डीसीपी को शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। चेयरपर्सन ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा उनके और उनके परिवार के नाम को फर्जी प्रॉपर्टी आईडी से जोड़कर उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सरोज राठी ने डीसीपी को दिए पत्र में मांग की है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जाए और आरोप लगाने वाले इनेलो नेता कपूर सिंह राठी को भी जांच में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित प्रॉपर्टी आईडी किसने और किन दस्तावेजों के आधार पर जारी करवाई। प्रॉपर्टी आईडी का मुद्दा उठाया था दरअसल, कपूर सिंह राठी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर परिषद से संबंधित कुछ प्रॉपर्टी आईडी का उल्लेख करते हुए चेयरपर्सन और उनके परिवार के सदस्यों पर गलत तरीके से आईडी बनवाने के आरोप लगाए गए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3BYQGG45, BGR/W8/1276 और 3BY75CS56 प्रॉपर्टी आईडी का भी जिक्र किया गया था। चेयरपर्सन बोलीं- न आवेदन किया, न निर्देश सरोज राठी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने कोई आवेदन किया, कोई निर्देश दिया या अपनी सहमति दी। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की, कि यदि नगर परिषद के किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। चेयरपर्सन का दावा है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित प्रॉपर्टी आईडी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने गुरुवार देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए अमरनाथ एक्सप्रेस से दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 5.88 किलोग्राम चरस बरामद हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। डीआरआई की जांच में सामने आया कि दोनों महिलाओं ने चरस छिपाने के लिए घुटने पर पहने जाने वाले नी-कैप का इस्तेमाल किया था। उन्होंने साड़ी के अंदर नी-कैप में चरस के 11 पैकेट छिपा रखे थे। तलाशी के दौरान पैकेटों से काले रंग का पदार्थ बरामद हुआ। वजन करने पर इसकी कुल मात्रा 5.88 किलोग्राम निकली। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच में पदार्थ चरस की पुष्टि हुई। इसके बाद डीआरआई ने एनडीपीएस एक्ट के तहत इसे जब्त कर लिया। सुगौली से लुधियाना जा रहे थे तीनों डीआरआई के मुताबिक, तीनों आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। वे सुगौली से अमरनाथ एक्सप्रेस में सवार हुए थे और चरस की खेप लेकर पंजाब के लुधियाना जा रहे थे। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर डीआरआई की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूमा देवी, मिश्र कुमार और उसकी पत्नी संगीता कुमारी के रूप में हुई है। मुखबिर की सूचना पर स्टेशन पहुंची टीम डीआरआई की गोरखपुर टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अमरनाथ एक्सप्रेस से चरस की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद टीम ने गुरुवार देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी। सुगौली से लुधियाना जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचते ही टीम ने स्लीपर कोच में जांच शुरू की। इस दौरान तीन यात्री संदिग्ध मिले। तलाशी लेने पर दोनों महिलाओं के पास से चरस के पैकेट बरामद हुए। 11 पैकेट में मिली 5.88 किलो चरस दोनों महिलाओं के घुटनों पर बंधे नी-कैप की जांच की गई तो उसके अंदर 11 पैकेट मिले। पैकेट खोलने पर उसमें काले रंग का पदार्थ था। वजन करने पर इसकी कुल मात्रा 5.88 किलोग्राम निकली। फील्ड टेस्ट में पदार्थ चरस पाए जाने के बाद डीआरआई ने तीनों को हिरासत में ले लिया। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब पांच करोड़ रुपये आंकी गई है। न्यायालय के आदेश पर तीनों जेल भेजे गए कार्रवाई के बाद डीआरआई ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की। शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
छत्तीसगढ़ में आज (शनिवार) कई जगह बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है। रायपुर में भी बादल छाए रहने और बारिश के एक-दो दौर होने की संभावना है। हालांकि, अगले 24 घंटे बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। रायपुर शहर में 40 MM, माना एयरपोर्ट में 20 MM और लाभांडी में 40 MM बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को बारिश थमने के बाद राजनांदगांव का अधिकतम तापमान बढ़कर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रारोड में सबसे ठंडा प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रारोड में 20 डिग्री सेल्सियस रहा। सीजन की बारिश सामान्य से 2% कम छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन की बारिश फिलहाल सामान्य स्थिति में है। प्रदेश में सामान्य के मुकाबले 2% कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। बलरामपुर में 75% ज्यादा, बेमेतरा में 39% कम बारिश छत्तीसगढ़ में 1 जून से 4 सितंबर तक मानसून की बारिश का आंकड़ा भले ही सामान्य से सिर्फ 2% कम है, लेकिन जिलेवार तस्वीर काफी अलग है। प्रदेश में कहीं बारिश ने कमी का रिकॉर्ड बनाया है तो कहीं सामान्य से बहुत ज्यादा पानी गिरा है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में 1433.1 मिमी (56.42 इंच) दर्ज की गई है, जो सामान्य से 75% ज्यादा है। दूसरी ओर बेमेतरा में सिर्फ 536.7 मिमी (21.13 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य से 39% कम है। यानी प्रदेश के सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश वाले इन दो जिलों के बीच करीब 896.4 मिमी (35.29 इंच) बारिश का अंतर है। प्रदेश में कुल बारिश की तस्वीर 1 जून से 3 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में औसत बारिश 944.7 मिमी (37.19 इंच) हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 962.6 मिमी (37.90 इंच) मानी गई है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 17.9 मिमी (0.70 इंच) कम, यानी 2% कम है। लेकिन यह आंकड़ा पूरे प्रदेश का औसत है। जिलों को अलग-अलग देखें तो तस्वीर काफी बदल जाती है। 33 जिलों में: यानी राज्य की कुल बारिश सामान्य के आसपास है, लेकिन कई जिलों में बारिश का बैलेंस बिगड़ा हुआ है अब 11 पॉइंट्स में समझिए छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा खेल 1. बलरामपुर सबसे आगे: 1433 मिमी बारिश बारिश के मामले में बलरामपुर सबसे ऊपर है। यहां अब तक 1433.1 मिमी (56.42 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 820 मिमी (32.28 इंच) है। यानी जिले में 75% ज्यादा बारिश हुई है। सामान्य के मुकाबले करीब 613 मिमी (24.13 इंच) ज्यादा पानी गिर चुका है। यह प्रदेश में सबसे ज्यादा लार्ज एक्सेस बारिश है। 2. सरगुजा संभाग में ही बड़ा विरोधाभास खास बात यह है कि एक ही क्षेत्र के जिलों में बारिश का मिजाज काफी अलग है। बलरामपुर में 75% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि सरगुजा में 37% कम। सरगुजा में 1 जून से 3 सितंबर तक सिर्फ 621.5 मिमी (24.47 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 983.7 मिमी (38.73 इंच) है। यानी करीब 362 मिमी (14.25 इंच) बारिश की कमी है। जशपुर में भी 33% कमी है। यहां 762.5 मिमी (30.02 इंच) बारिश हुई, जबकि सामान्य 1129.7 मिमी (44.48 इंच) है। इस तरह सरगुजा क्षेत्र के कुछ जिलों में जहां भारी बारिश हुई, वहीं कुछ जिलों में मानसून कमजोर रहा। 3. बेमेतरा प्रदेश का सबसे कम बारिश वाला जिला बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे पीछे है। यहां अभी तक 536.7 मिमी (21.13 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 881.3 मिमी (34.70 इंच) है। यानी 344.6 मिमी (13.57 इंच) पानी कम गिरा है। प्रतिशत में यह सामान्य से 39% कम है। इसके बाद सरगुजा -37%, कांकेर -36%, जशपुर -33% ये चारों जिले प्रदेश के सबसे ज्यादा डेफिशिएंट रेनफॉल वाले जिले हैं। 4. सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 44% ज्यादा बारिश बलरामपुर के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 1104.7 मिमी (43.49 इंच) बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 765.1 मिमी (30.12 इंच) है। यानी सामान्य से 44% ज्यादा बारिश हुई। इसके बाद मुंगेली में 32% ज्यादा, बालौदा बाजार और नारायणपुर में 23% ज्यादा, रायपुर में 21% ज्यादा और महासमुंद में 20% ज्यादा बारिश हुई है। 5. रायपुर में भी सामान्य से ज्यादा बारिश राजधानी रायपुर की बारिश भी इस बार सामान्य से ऊपर है। रायपुर में अब तक 1027.5 मिमी (40.45 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 852 मिमी (33.54 इंच) है। यानी यहां 175.5 मिमी (6.91 इंच) ज्यादा बारिश हुई है। प्रतिशत में यह 21% एक्सेस है। इसलिए प्रदेश का औसत 2% कम होने के बावजूद रायपुर जिला बारिश के मामले में एक्सेस कैटेगरी में है। 6. 1000 मिमी से ज्यादा बारिश वाले जिले कई जिलों में मानसून ने 1000 मिमी का आंकड़ा पार कर लिया है। इनमें% बलरामपुर — 1433.1 मिमी (56.42 इंच) नारायणपुर — 1283 मिमी (50.51 इंच) बीजापुर — 1241 मिमी (48.86 इंच) सारंगढ़-बिलाईगढ़ — 1104.7 मिमी (43.49 इंच) सूरजपुर — 1099.4 मिमी (43.28 इंच) दंतेवाड़ा — 1081.5 मिमी (42.58 इंच) जांजगीर — 1074.8 मिमी (42.31 इंच) महासमुंद — 1068.2 मिमी (42.06 इंच) मुंगेली — 1047.7 मिमी (41.25 इंच) रायपुर — 1027.5 मिमी (40.45 इंच) कोरबा — 1018.1 मिमी (40.08 इंच) गरियाबंद — 1015.8 मिमी (40.00 इंच) यानी प्रदेश के कई जिलों में सीजन की बारिश पहले ही 1000 मिमी से ज्यादा हो चुकी है। 7. सबसे बड़ा फर्क:बलरामपुर बनाम बेमेतरा अगर सिर्फ दो जिलों को आमने-सामने रखें तो मानसून की असली तस्वीर समझ आती है। बलरामपुर में जहां सामान्य से 613.1 मिमी (24.14 इंच) ज्यादा बारिश हुई है, वहीं बेमेतरा में सामान्य से 344.6 मिमी (13.57 इंच) कम बारिश हुई है। यानी दोनों जिलों के बीच वास्तविक बारिश का अंतर करीब 896 मिमी (35.28 इंच) है। 8. ये जिले बारिश के मामले में सबसे आगे सामान्य से ज्यादा बारिश वाले 7 जिले हैं: इनमें बलरामपुर बाकी जिलों से काफी आगे है। 9. इन जिलों में बारिश की सबसे ज्यादा कमी सबसे ज्यादा डेफिसिट वाले 4 जिले: इन जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम है। 10. “नॉर्मल” का मतलब बारिश बराबर होना नहीं यहां एक बात समझना जरूरी है। किसी जिले के सामने नॉर्मल लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि वहां सामान्य जितनी ही बारिश हुई है। मौसम विभाग की कैटेगरी के हिसाब से सामान्य के आसपास के अंतर को नॉर्मल माना जाता है। उदाहरण के लिए दुर्ग में बारिश 16% कम है, फिर भी उसकी कैटेगरी नॉर्मल है। इसी तरह कोंडागांव में 19% कमी के बावजूद जिला नॉर्मल कैटेगरी में है। 11. सबसे चौंकाने वाली बात औसत बारिश समान है लेकिन जिलों के बीच बड़ा अंतर प्रदेश की औसत बारिश सिर्फ 2% कम है। इसे देखकर लग सकता है कि पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश लगभग बराबर हुई है। लेकिन जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि ऐसा नहीं है। एक तरफ बलरामपुर +75% पर है, तो दूसरी तरफ बेमेतरा -39% पर। इसी तरह रायपुर में +21%, जबकि सरगुजा में -37% बारिश है। यानी मानसून पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। एक ही राज्य में कहीं बारिश का पानी ज्यादा है तो कहीं कमी बनी हुई है।
सिरसा शहर में जीटीएम ग्राउंड में चल रहे मेला के प्रचार-प्रसार को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इससे जुड़ी कुछ ऐसी वीडियो सामने आई है, जिनके विज्ञापन-प्रसार और पैसों के लेन-देन पर मामला बिगड़ गया था। आरोप है कि इंफ्लूएंसर युवती ने बाकी यूट्यूबर एवं पत्रकार के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की डिमांड की। पैसे न देने पर कथित ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली करने लगी। इसकी जांच सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी (IO) ही करेंगे और एसपी सिरसा की मॉनिटरिंग में जांच होगी। पुलिस ने इंफ्लूएंसर युवती, दोनों यूट्यूबर सहित चारों को जांच में शामिल करेगी। पुलिस ने शुरूआती तौर पर बीएनएस की जो धाराएं 308 (2), 3 (5) लगाई है, वो सब जमानती धाराएं है। थाने से या कोर्ट से जमानत मिल सकती है। अभी मेला आयोजक की ओर से ही एफआईआर दर्ज की गई है और आयोजक ने पुलिस को युवती को भेजे गए पैसों का स्क्रीनशॉट दिया है। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है। दूसरे आरोपी पक्ष से युवती व अन्य की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इससे यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं और इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इंफ्लूएंसर युवती और यूट्यूबरों में कहासुनी मामले के उजागर होने के बाद सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर युवती और यूट्यूबरों में काफी कहासुनी भी हुई है। ऐसे में युवती पर ही सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। एफआईआर में इनके नाम शामिल रोहतक निवासी नरेश पुत्र ओम प्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सिरसा के जीटीएम ग्राउंड, हिसार रोड, महाराणा प्रताप चौक पर मेला आयोजित कर रहा है। मेले के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक मंजूरियां तक ली हुई हैं। इसके बावजूद कुछ लोग उस पर कथित तौर पर दबाव बना रहे थे। शिकायत में प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं महिला यूट्यूबर सहित चार लोगों के नाम शामिल हैं। मेला संचालक ने आरोप लगाया कि इन लोगों की ओर से उससे रुपए की मांग की गई और मांग पूरी नहीं करने पर मेले के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक पोस्ट डालने का दबाव बनाया गया। 3 वीडियो के दिए 6 हजार रुपए शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला ने मेला संचालक से संपर्क कर मेले की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए प्रति वीडियो 2 हजार रुपए लेने की बात कही थी। तीन वीडियो के लिए 6 हजार रुपए तय हुए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने 4 हजार रुपए ऑनलाइन और 2 हजार रुपए नकद दिए। इसके बाद उस पर अन्य लोगों के साथ मिलकर 1.50 लाख रुपए देने का दबाव बनाया गया।
हांसी-भिवानी नेशनल हाईवे पर ढाणा कलां के पास शुक्रवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। यहां चलती स्विफ्ट डिजायर कार के डैशबोर्ड से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक ने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोकी, लेकिन बोनट खोलने से पहले ही इंजन से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कार जलकर खाक हो गई। जानकारी के मुताबिक, बवानी खेड़ा निवासी राकेश कुमार अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से मिर्जापुर स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। रात करीब 8:15 बजे वे ढाणा कलां के पास हांसी-दिल्ली नेशनल हाईवे से कुछ मीटर दूर पहुंचे थे। इसी दौरान कार के डैशबोर्ड से धुआं निकलता दिखा। राकेश ने तुरंत गाड़ी रोकी और बोनट खोलने की कोशिश की, लेकिन वह खुल नहीं पाया। इंजन से निकली आग की लपटें इसी बीच इंजन से अचानक आग की लपटें निकलने लगीं और कुछ ही देर में पूरी कार धू-धू कर जलने लगी। राकेश कुमार ने बताया कि हादसे के वक्त वे कार में अकेले थे। उन्होंने तुरंत डायल-112 पर आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने काफी कोशिश के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले जली कार फायर ऑपरेटर राहुल और सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें कार में आग लगने की खबर मिली थी। जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया था। राहत की बात यह रही कि राकेश कुमार समय रहते कार से बाहर निकल गए, जिससे उनकी जान बच गई। आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
शाजापुर में शुक्रवार को जन्माष्टमी पर बारिश के बीच युवाओं ने मटकी फोड़ी। शहर के बस स्टैंड, टेंशन चौराहा और बालवीर हनुमान मंदिर चौराहा समेत कई जगह मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए। युवाओं ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर मानव पिरामिड बनाया और कई कोशिशों के बाद मटकी फोड़ी। मटकी टूटते ही कार्यक्रम स्थल तालियों और कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। बारिश में भी युवाओं का जोश कम नहीं हुआ मटकी फोड़ कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बारिश के बीच युवाओं की टोलियां मैदान में उतरीं। मटकी तक पहुंचने के लिए युवाओं ने कई बार मानव पिरामिड बनाने की कोशिश की। मटकी फूटते ही ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगने लगे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। मंदिरों में सजावट और कृष्ण की झांकियां जन्माष्टमी के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों को सजाया गया था। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां बनाई गईं। दिनभर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई और लोगों ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। शहर के अलग-अलग मोहल्लों और इलाकों में भी मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए। धार्मिक आयोजनों के साथ इन कार्यक्रमों ने जन्माष्टमी पर शहर में उत्साह का माहौल बना दिया। देखें तस्वीरें…
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं करने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर पहुंच गया है। कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे ने राज्य निर्वाचन आयोग सहित अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। मामले की शुरुआती सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की है। तीन बजे से पहले आरओ के पास पहुंचने का आधार याचिका में यह आधार दिया गया है कि कांग्रेस के चुनाव चिह्न तीन बजे से पहले रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के पास पहुंच गए थे। इसके बावजूद चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं किए गए। न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अर्चना दुबे को निर्देश दिया कि वह रिट याचिका की कॉपी उसी दिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आयुष गहलोत और अतिरिक्त महाधिवक्ता के सहयोगी अधिवक्ता राजेश पंवार को उपलब्ध कराएं। अगली सुनवाई 7 सितंबर को हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष के वकीलों को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक मामले में जरूरी निर्देश प्राप्त कर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखें। अदालत ने कार्यालय को वकीलों के नाम कॉज लिस्ट में प्रतिवादी पक्ष के वकील के रूप में दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। क्या था पूरा मामला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न तय समय में रिटर्निंग ऑफिसर के पास पेश नहीं हो पाए थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे तय समय पर चुनाव चिह्न लेकर पहुंचे थे, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने सिंबल लेने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, अधिकारी का कहना था कि चुनाव चिह्न जमा कराने की तय समय-सीमा खत्म हो चुकी थी। इसलिए सिंबल स्वीकार नहीं किए गए। सिंबल नहीं मिलने से चुनाव से बाहर हुए प्रत्याशी चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं किए जाने के कारण कांग्रेस के सभी 17 प्रत्याशी चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए। इस मामले के बाद कांग्रेस के अंदर संगठन की ओर से हुई लापरवाही और प्रत्याशियों तक चुनाव चिह्न पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट में 7 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
मैहर में सीमेंट प्लांट कर्मचारी संजय पटेल की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को प्लांट के मुख्य गेट पर परिजनों ने करीब 11 घंटे प्रदर्शन किया। परिजन शव को गेट के सामने रखकर आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। देर शाम मामला तब तनावपूर्ण हो गया, जब उन्होंने गेट के सामने अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए लकड़ियां जमा करना शुरू कर दिया। देर रात प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत के बाद 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पर सहमति बनी। कंपनी ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक दिया, जिसके बाद रात करीब 11:30 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। ड्यूटी जाते समय बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर संजय पटेल (35) रगौली, उचेहरा, जिला सतना के रहने वाले थे। गुरुवार रात करीब 10 बजे वे घर से सीमेंट प्लांट में ड्यूटी के लिए बाइक से निकले थे। कटिया कला के पास एक बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मैहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सतना रेफर किया गया। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोपहर 12 बजे शव लेकर प्लांट पहुंचे परिजन संजय की मौत की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे परिजन और अन्य लोग शव लेकर सीमेंट प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचे। शव गेट के सामने रखकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि कंपनी की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेत्री डॉ. रश्मि सिंह ने किया। स्थिति को देखते हुए प्लांट गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया। अंतिम संस्कार के लिए गेट पर लकड़ियां रखीं प्रदर्शन कई घंटे तक चलता रहा। शाम तक मांग पूरी नहीं होने पर परिजन गेट के सामने ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए। उन्होंने वहां लकड़ियां जमा कर दीं। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बातचीत के बाद 5 लाख की मदद पर बनी सहमति देर रात सीएसपी महेंद्र सिंह और एसडीएम दिव्या पटेल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन और परिजनों से बातचीत की। काफी देर की चर्चा के बाद कंपनी की ओर से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया और शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए।
विदिशा जिले में पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई हल्की बारिश शनिवार को भी जारी रही। मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को जिले में औसतन 21 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक जिले में कुल 698.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वार्षिक बारिश 1075.50 मिमी का लगभग 65 प्रतिशत है। लगातार बारिश के कारण सम्राट अशोक सागर बांध का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 458.55 मीटर दर्ज किया गया। बांध में पानी की मात्रा 195.555 एमसीएम हो गई है और जलभराव 77.56 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में यहां 18 मिमी बारिश हुई, जबकि सीजन की कुल बारिश 509 मिमी बताई गई है। खतरे के निशान से 20 फीट नीचेविदिशा के मुखर्जी पार्क स्थित बेतवा नदी गेज पर जलस्तर 1353.60 फीट दर्ज किया गया। नदी का डेंजर लेवल 1373.64 फीट है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से करीब 20 फीट नीचे है। हालांकि, लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। ऊपरी इलाकों भोपाल में हो रही बारिश के चलते बेतवा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की। तेज बहाव में जाने से मना कियालोगों को नदी के तेज बहाव में जाने या स्नान करने से मना किया गया है। बच्चों और बुजुर्गों को नदी-घाट के पास अकेले नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों का पालन करने और जलस्तर बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।
टोंक जिला मुख्यालय समेत पूरे जिले में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। घरों में विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गईं और बिजली की झालरों से सजावट की गई। श्रीकृष्ण के बाल रूप और उनकी अलग-अलग लीलाओं की सजीव झांकियां देखकर लोग खुश नजर आए। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों और कार्यक्रम स्थलों पर हाथी-घोड़ा पालकी और जय कन्हैया लाल के जयकारे सुनाई दिए। इसके बाद भगवान का पंचामृत से अभिषेक और आरती की गई। श्रद्धालुओं को पंजीरी का प्रसाद बांटा गया। इस दौरान भजन और कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गोपालजी मंदिर में बिजली की झालरों से सजावट भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व को लेकर जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक गोपालजी मंदिर और चंदनचौक को बिजली की झालरों से सजाया गया। राजयोग भवन में राधा-कृष्ण की सजीव झांकी सजाई गई। इसमें भगवान श्रीकृष्ण को पालने में झुलाते हुए दिखाया गया। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-4 में भी जन्माष्टमी पर आकर्षक झांकी सजाई गई। यहां भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। विनोद शर्मा ने बताया कि रात 12 बजे बड़ी संख्या में लोग श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे। देवचौक में सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रीदेवनारायण गुर्जर छात्रावास में भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी सजाई गई। वहीं देवचौक में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इन कार्यक्रमों में दही-हांडी, कृष्ण-सुदामा चरित्र का नाटक, कालिया देह नाग-नागिन नृत्य, नंद की पुकार, गोप-गोपी नृत्य, भजन-कीर्तन और मयूर नृत्य सहित कई कार्यक्रम हुए। इन मंदिरों में भी मनाया जन्मोत्सव सवाई माधोपुर रोड स्थित गिर्राजधरण मंदिर, श्री श्याम मंदिर, भगवान चारभुजानाथ मंदिर, रामकृष्ण मंदिर, रघुनाथजी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर काफला बाजार, सीतारामजी मंदिर घंटाघर, मंशापूर्ण भूतेश्वर महादेव मंदिर, रामेश्वर शिवालय सिविल लाइन, पुरानी टोंक स्थित ठाकुरजी मंदिर, महादेवाली शिवालय और आवां के गोपालजी भगवान मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इन मंदिरों में आकर्षक सजावट और झांकियां सजाई गईं। रात को भजन संध्या हुई। कई जगह दही-हांडी फोड़ कार्यक्रम भी हुए। इसके अलावा जिलेभर के अन्य मंदिरों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिरों और कार्यक्रम स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
इंदौर में मेट्रो का सफर अब 17.5 किमी तक बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज (5 सितंबर को) विजय नगर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शाम 4 बजे विस्तारित सेवा का शुभारंभ करेंगे। 6 सितंबर से गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहा (रेडिसन होटल चौराहा) तक आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू होगी। इस कॉरिडोर पर यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो मिलेगी और रोज 80 से ज्यादा फेरे लगाए जाएंगे। ट्रेन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। दोनों छोरों से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे और आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे रवाना होगी। 16 स्टेशन, इन इलाकों से गुजरेगी मेट्रो गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक करीब 17.5 किमी के एलिवेटेड कॉरिडोर पर 16 स्टेशन हैं। मेट्रो गांधी नगर से चलकर सुपर कॉरिडोर, एमआर-10, आईएसबीटी, चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन और विजय नगर होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी। अभी गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक करीब 6.3 किमी हिस्से में यात्री सेवा संचालित हो रही है। विस्तारित सेवा शुरू होने के बाद मेट्रो नेटवर्क करीब तीन गुना बढ़ जाएगा। पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन, डिजिटल टिकट की सुविधा मेट्रो ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित होगी। स्टेशनों पर CCTV, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा है। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्री एमपीएमआरसीएल के मोबाइल ऐप से डिजिटल टिकट ले सकेंगे। UPI, QR कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान की सुविधा रहेगी। रिटर्न टिकट पर 5%, ग्रुप टिकट पर 10% छूट यात्रियों को प्रमोशनल डिस्काउंट भी मिलेगा। रिटर्न जर्नी टिकट पर 5% और ग्रुप टिकट पर 10% की छूट दी जाएगी। मोबाइल ऐप के ई-वॉलेट रिचार्ज पर भी राशि के अनुसार बोनस मिलेगा। 2019 में शुरू हुआ था काम, 2025 में पहली यात्री सेवा इंदौर मेट्रो के शुरुआती कॉरिडोर के निर्माण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सितंबर 2023 में पहला ट्रायल रन हुआ। गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक करीब 6.3 किमी हिस्से पर यात्री सेवा का उद्घाटन 31 मई 2025 को हुआ था। गांधी नगर से रेडिसन तक पूरे रूट का ट्रायल अक्टूबर 2025 में किया गया। इसके बाद 27 मार्च 2026 को इस हिस्से के संचालन के लिए सीएमआरएस से अनुमति मिली। आगे खजराना और एयरपोर्ट तक विस्तार रेडिसन चौराहे से खजराना चौराहे तक मेट्रो का काम जारी है। एयरपोर्ट से अंडरग्राउंड मेट्रो के लिए खुदाई शुरू हो गई है। खजराना चौराहे के पास से भी अंडरग्राउंड हिस्से के लिए खुदाई शुरू की जाएगी।
लखनऊ में शुक्रवार देर रात रिमझिम बारिश हुई। शनिवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने दिन में बारिश होने के आसार जताए हैं। विभाग के मुताबिक, 6 सितंबर से राजधानी में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। हवा में नमी का स्तर भी अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 92 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 74 फीसदी दर्ज की गई। लखनऊ में 3 सितंबर से 4 सितंबर सुबह साढ़े आठ बजे तक 10.8 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 4.6 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 134 फीसदी अधिक रहा। मानसून के दौरान 1 जून से लेकर 4 सितंबर तक कुल 608.9 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 543.9 मिलीमीटर रहा है। यह सामान्य से 12 फीसदी अधिक रहा। मौसम की 3 तस्वीरें देखिए… 6 से 8 सितंबर के बीच फिर होगी भारी बारिश शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान इसके मध्य प्रदेश के उत्तर-मध्य भाग में बने रहने की उम्मीद है। इस सिस्टम के प्रभाव से फिलहाल भारी बारिश का दौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित रहेगा। इसके बाद मौसम प्रणाली के मुड़ने की वजह से 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि 8 सितंबर के बाद इस मौसमी प्रणाली (वेदर सिस्टम) का असर कम हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आएगी।
अजमेर नगर निगम में पार्षद के लिए वोटिंग 11 सितम्बर को होगी। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे घर घर जाकर वोट व समर्थन मांग रहे हैं। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा कल रोड-शो करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं से संवाद भी करेंगे। फिलहाल मार्ग तय नहंी कियालेकिन भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस आज घोषणा पत्र जारी करेंगी। वहीं दूसरी ओर भाजपा-कांग्रेस ने अपनी पार्टी के बागियों को चेतावनी दी है कि वे पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करें, नहीं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ 6 साल के लिए निस्कासन किया जाएगा। कांग्रेस नेता राठौड़ को करना पड़ा विरोध का सामना नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रही नाराजगी शुक्रवार रात नौसर गांव में खुलकर सामने आ गई। आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को यहां कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। मामला वार्ड-1 का है। राठौड़ कांग्रेस प्रत्याशी शैलेंद्र अग्रवाल के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के लिए नौसर पहुंचे थे। दस वार्ड में सीधा मुकाबला बता दें कि अजमेर नगर निगम के पार्षद चुनाव में 80 सीटों पर 360 कैंडिडेट्स मैदान में है। इसमें भाजपा के 79 व कांग्रेस के 77 उम्मीदवार है। कुल 204 कैंडिडेट्स अन्य पार्टी से व निर्दलीय है। 10 वार्ड (वार्ड संख्या 12, 23, 29, 59, 60, 61, 65, 67, 69, 71) में सीधा मुकाबला है, वहीं 18 वार्ड में त्रिकोणिय मुकाबला है। कांग्रेस से 47 और भाजपा से 19 बागी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। सबसे ज्यादा 52 कैंडिडेट्स वार्ड संख्या 12 में है। जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है भाजपा-कांग्रेस उम्मीदवारों में 14 वकील, 3 वार्ड में सीधी टक्कर:8 केवल साक्षर; 49 पोस्ट ग्रेजुएट, 34 ग्रेजुएट कैंडिडेट्स भी चुनाव मैदान में अजमेर में भाजपा के 17-कांग्रेस के 4 उम्मीदवार करोड़पति:कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई मोनिका सबसे अमीर; एक प्रत्याशी ने जीरो दिखाई संपत्ति दो चरणों में होगा चुनाव, अजमेर में 11 को वोटिंग अजमेर जिले में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में करवाया जाएगा। यहां देंखे वार्डवार प्रत्याशी (मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व)…
रायसेन जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की आशंका जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आज (शनिवार) स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की मंजूरी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने शुक्रवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक, जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए अवकाश रहेगा। इसमें प्ले स्कूल, सीबीएसई और अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल भी शामिल हैं। हालांकि, स्कूलों के शिक्षक और बाकी कर्मचारी तय समय पर स्कूल आएंगे। प्रशासन ने यह फैसला मौसम की स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है। जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जलभराव वाले इलाकों पर भी प्रशासन नजर रख रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में साफ किया गया है कि छुट्टी सिर्फ छात्रों के लिए है। आदेश में यह भी बताया गया है कि भारी बारिश की आशंका के चलते 5 सितंबर को छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, जिसे कलेक्टर ने मंजूरी दी है।

