देवास के शिप्रा बायपास पर सोमवार को एक ठेकेदार पर चाकू से हमला किया गया। हवनखेड़ी क्षेत्र में ढाबे के पास हुई इस घटना में ठेकेदार फिरोज पटेल के पेट में चाकू मारा गया। हमले के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए। फिरोज पटेल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ठेकेदार फिरोज पटेल ने बताया कि सोमवार को वे सांवेर कोर्ट जा रहे थे। हवनखेड़ी बायपास पर एक ढाबे के पास वे बाइक खड़ी कर अपने भाई का इंतजार कर रहे थे। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उन पर चाकू से हमला कर दिया। 24 लाख रुपए के लेनदेन से जुड़ा मामलाफिरोज पटेल ने आरोप लगाया कि उनके साथ काम करने वाले तीन लेबर से उनका करीब 24 लाख रुपए का लेनदेन है। उनका कहना है कि मजदूरों से उन्हें यह रकम लेनी है। प्लॉट खरीदने और अन्य लेनदेन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। फिरोज ने यह भी बताया कि इस मामले में उन्हें पहले धमकियां भी मिली थीं। हमले के बाद सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें घायल ठेकेदार सड़क किनारे खड़े दिख रहे हैं और उनके शरीर से खून निकल रहा है। वीडियो में दो युवक बाइक से जाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके आरोपी होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वीडियो की सच्चाई और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी। आरोपियों की पहचान और हमले के असली कारणों का पता भी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
भाजपा इतनी तानाशाह हो चुकी है कि पुलिस को आगे करके अमर्यादित आचरण पर उतर आई है: Dotasra
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ पुलिस के बर्ताव को बेहद निंदनीय करार दिया है। उन्होंने आज एक्स के माध्यम से कहा कि अलवर के मालाखेड़ा में नगर पालिका चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ पुलिस का बर्ताव बेहद निंदनीय है। सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा इतनी तानाशाह हो चुकी है कि पुलिस को आगे करके अमर्यादित आचरण पर उतर आई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ इस तरह का बर्ताव शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। डीजीपी राजीव शर्मा तुरंत मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें। डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र की हत्यारी भाजपा की शर्म मर चुकी है... जनता के वोट से चुने पार्षदों का वोट छीनने की साजिश राजस्थान देख रहा है। बीजेपी के बोर्ड बनाने और कांग्रेस पार्षदों को वोटिंग से रोकने के लिए राजस्थान पुलिस को पूरी तरह मैदान में उतार दिया गया है, शर्मनाक। लोकतंत्र की सारी हदें पार कर चुकी भाजपा बोर्ड की बौखलाहट में इस हद तक गिरेगी, ये कतई उम्मीद नहीं थी। पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान की जनता से पहले कभी नहीं देखा उन्होंने कहा कि मथानिया में लोकतंत्र का खुला मजाक बनाया जा रहा है। बीजेपी विधायक के दबाव में पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस व समर्थित निर्वाचित पार्षदों को मतदान से रोका जा रहा है। उधर तिजारा में सभापति की वोटिंग से पहले कांग्रेस व समर्थित 18 पार्षदों को रात से ही हरियाणा के जंगलों में बंधक बनाया हुआ है। पूर्व विधायक संदीप यादव को भी रातभर हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में रख गया। अब केवल हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद बची है। वहीं कठूमर नगर पालिका में कांग्रेस पार्षदों को वोटिंग से पहले फोन पर धमकाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान की जनता से पहले कभी नहीं देखा और इन सब के बीच राज्य निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। जनता सब देख रही है, वक्त आने पर इसका जवाब जरूर देगी। PC:rajasthan.ndtv
CM सुक्खू की एरियर देने की घोषणा: किस पेंशनर के खाते में आएंगे कितने पैसे? यहां समझें पूरा गणित
हिमाचल सरकार ने दिवाली से पहले लाखों पेंशनरों को खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स को पेंशन एरियर अक्टूबर में देने की घोषणा की है।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में सोमवार को देशभक्ति और शहीदों के सम्मान में खास कार्यक्रम हुए। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और पटौदी की विधायक बिमला चौधरी मौजूद रहीं। कई जरूरी कार्यक्रम पूरे किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत गांव डाबोदा से हुई। यहां केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शहीद सूबेदार नरेश कुमार की प्रतिमा का अनावरण किया और शहीद स्मारक का लोकार्पण किया। सूबेदार नरेश कुमार 315 फील्ड रेजिमेंट में तैनात थे और देश के लिए शहीद हुए थे। इस मौके पर शहीद के सम्मान में पेड़ भी लगाए गए। ताजनगर में शहीद राव तुलाराम पार्क का उद्घाटन किया समारोह में वक्ताओं ने 'रामपुरा हाउस' के योगदान की तारीफ की। इसे 'नेता बनाने की फैक्ट्री' बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस घराने ने हमेशा क्षेत्र का नेतृत्व करने वाले नेताओं को आगे बढ़ाया है। डाबोदा के कार्यक्रम के बाद सभी अतिथि गांव ताजनगर पहुंचे। यहां 'शहीद राव तुलाराम पार्क' का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि राव इंद्रजीत सिंह ने कदम्ब का पौधा लगाकर पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया। 'आरती की जीत में 36 बिरादरी के लोगों ने समर्थन दिया' गांव डाबोधा मे जनसभा को संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने ग्रामीणों को रोज कसरत करने और सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी। अपनी बेटी आरती राव के अटेली विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद डाबोदा और आसपास के ग्रामीणों ने अपने नाते-रिश्तेदारों और सामाजिक संपर्कों से हर वर्ग को जोड़ा। उन्होंने बताया कि '36 बिरादरी' के लोगों ने मिलकर समर्थन दिया और आरती राव की जीत पक्की की। इसके बाद उन्होंने पार्टी के भीतरघातियों (मीर जाफ़र) पर तीखा हमला किया। 'पार्टी के कुछ लोगों ने हराने का पूरा प्रयास किया' संबोधन के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने चुनाव में पार्टी के भीतर रहकर विरोध करने वाले नेताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने ऐसे नेताओं को 'मीर जाफर' की संज्ञा देते हुए कहा कि पार्टी के अंदर ही कुछ लोगों ने हराने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जनता के अपार समर्थन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता के आगे भीतरघातियों की एक न चली। इलाके की सरदारी और गणमान्य लोगों की उपस्थिति कार्यक्रम में किसान नेता राव मानसिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन दौलतराम, पूर्व जिला उपप्रमुख संजीव यादव, भाजपा जिला महामंत्री मनीष सैदपुर, सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र चेयरमैन, सतीश प्रधान सहित इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन के पदाधिकारी, भारी संख्या में पंच-सरपंच, लंबरदार, भाजपा नेता और इलाके की प्रबुद्ध सरदारी मौजूद रही।
वन विभाग की टीम पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ाया:ड्राइवर गिरफ्तार, मालिक फरार; 10 हजार का इनाम घोषित
झालावाड़ में वन विभाग की टीम पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ाने के मामले में पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ट्रैक्टर मालिक अभी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। यह मामला 17 सितंबर का है। सहायक वनपाल और नाका प्रभारी सुरेंद्र सिंह शक्तावत ने कोतवाली थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम रायपुर-बालगढ़ के जंगल में गश्त कर रही थी। इस दौरान बालगढ़ के पास लाल रंग की महिंद्रा 275 डीआई ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना नंबर के पत्थरों से भरी मिली। टीम ने ट्रैक्टर को रुकवाकर ड्राइवर से पूछताछ की और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बीच ट्रैक्टर मालिक बबलू बंजारा 4-5 दूसरे लोगों के साथ मौके पर आ गया। आरोप है कि उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की और जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर मौके से ले गए। इस मामले में सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में खास टीमें बनाई गईं। टीम ने जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर लोभीलाल भील (22) को पकड़ा, जो छोटी रायपुर, थाना कोतवाली झालावाड़ का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, मामले में ट्रैक्टर मालिक बबलू बंजारा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार महापुरुषों और योद्धाओं की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में बलिया में लोकनायक वीर लोरिक की याद में एक सभागार बनाया जा रहा है। संस्कृति विभाग बलिया के बांसडीह तहसील के हसनपुरा, बिसौली गांव में 4.97 करोड़ रुपये की लागत से यह सभागार बनवा रहा है। इस परियोजना के लिए 1.36 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। इसमें 350 दर्शकों की क्षमता वाला एक आधुनिक सभागार बनेगा, जिसका फाउंडेशन का काम शुरू हो गया है। सभागार को फायर-प्रूफ भी बनाया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक कार्यक्रम सुरक्षित तरीके से हो सकें। वीर लोरिक का जन्म बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील के गौरा गांव में हुआ था। उन्हें भोजपुरी लोक महाकाव्य 'लोरिकायन' का मुख्य नायक माना जाता है। अपनी ताकत और बहादुरी के लिए मशहूर वीर लोरिक को लोककथाओं में अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा के रूप में याद किया जाता है। उनकी कहानियों में सोनभद्र के अत्याचारी राजा से मंजरी की रक्षा करना और उसे युद्ध में हराना प्रमुख है। इसके बाद वीर लोरिक और मंजरी के विवाह की कथा भी लोकगाथाओं में मशहूर हुई। वीर लोरिक से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में मारकुंडी घाटी का 'वीर लोरिक पत्थर' भी शामिल है। माना जाता है कि मंजरी के कहने पर वीर लोरिक ने अपनी तलवार के एक वार से एक विशाल पत्थर को दो हिस्सों में काट दिया था। बलिया में वीर लोरिक अखाड़ा, उनकी प्रतिमा और वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम भी उनकी याद को ताजा रखते हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वीर लोरिक की बहादुरी और उनकी लोकगाथाएं उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। प्रदेश सरकार महापुरुषों और लोकनायकों से जुड़ी विरासत को सहेजने के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि बलिया के हसनपुरा में बन रहा यह सभागार और पुस्तकालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना युवाओं को वीर लोरिक के जीवन और उनकी बहादुरी से परिचित कराने के साथ उन्हें लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी मदद करेगी।
बरेली के चंद्रप्रकाश को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का प्रदेश उपाध्यक्ष (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) नियुक्त किया गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) विजेंद्र सिंह यादव की संस्तुति पर यह नियुक्ति की गई। मनोनयन पत्र संगठन के मुख्यालय सिसौली, मुजफ्फरनगर से जारी हुआ है। चंद्रप्रकाश, बरेली के बिगनिया भगवंतपुर (अग्रस राजपुर) के निवासी हैं। संगठन के अनुसार, किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति के बाद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी।
प्रयागराज में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के फील्ड कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लोक निर्माण विभाग फील्ड कर्मचारी वेलफेयर समिति और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले निर्माण खंड-4 के बाहर हुआ। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार से बातचीत हुई, जिसके बाद उनके आश्वासन पर कर्मचारी शांत हो गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक और फील्ड कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के नेता विजय श्याम तिवारी ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि विभाग के कई कर्मचारी साल 1984 से लगातार काम कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को नियमित वेतन और एसीपी (ACP) का लाभ मिलना शुरू हुआ था। यह लाभ नियम के अनुसार 10, 18 और 24 साल की सेवा पूरी होने पर दिया जाता है। तिवारी ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़-दो साल से रिटायर हो रहे कर्मचारियों के पहले से मंजूर लाभों और एसीपी की रिकवरी हो रही है। यह कार्रवाई बिना किसी उच्च न्यायालय या शासन के आदेश के, सिर्फ तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रमा शंकर यादव का नाम लेकर मनमाने तरीके से की जा रही है। इससे विभाग के 200 से 250 कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद निर्माण खंड-4 के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) से दोबारा कानूनी राय ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अधीक्षण अभियंता से बात करने के बाद कर्मचारियों का वेतन भुगतान ठीक से जारी रहेगा। साथ ही, यह भी तय हुआ कि फिलहाल कर्मचारियों के वेतन से किसी भी तरह की कटौती या रिकवरी नहीं की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी शांत हो गए।
बलौदा ब्लॉक के परसदा स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षक ललित भारद्वाज शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और टेबल के नीचे गिर गए। बच्चों के घबराकर परिजनों को बताने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद ग्रामीणों ने शिक्षक की सेवा समाप्त करने की कड़ी मांग की है।
मिर्जापुर में ऑल इंडिया महापद्मनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी बनाई गई। इसका गठन रविवार को सदर तहसील चौराहा स्थित एनी बेसेंट पब्लिक स्कूल के सभागार में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महापद्मनंद के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इस दौरान रघुनाथ प्रसाद शर्मा नंद, मुन्नू शर्मा नंद, अशोक कुमार सविता, केदारनाथ सविता, कृष्ण मुरारी शर्मा, लल्लू प्रसाद शर्मा नंद एडवोकेट, झल्लन शर्मा और गोपाल प्रसाद शर्मा ने अपने विचार रखे। सभी ने संगठन को मजबूत करने और समाज के हित में काम करने के सुझाव दिए। राष्ट्रीय संरक्षक रघुनाथ प्रसाद नंद और मंडल अध्यक्ष झल्लन शर्मा की मौजूदगी में पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। मनोज कुमार सविता को जिला अध्यक्ष बनाया गया। केदारनाथ सविता वरिष्ठ उपाध्यक्ष और दिलीप कुमार शर्मा उपाध्यक्ष चुने गए। अजय कुमार शर्मा को जिला सचिव, नरेश शर्मा को उप सचिव बनाया गया। वशिष्ठ नारायण शर्मा और राजकुमार शर्मा संगठन सचिव बने। कृष्ण कुमार शर्मा को मीडिया प्रभारी, मुन्नू शर्मा को कार्यालय सचिव और माता प्रसाद शर्मा को प्रचार सचिव की जिम्मेदारी मिली। केदारनाथ शर्मा, त्रिवेणी प्रसाद शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, अवधेश कुमार शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा, श्री चंद्र शर्मा और विजय कुमार शर्मा कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। लल्लू प्रसाद शर्मा और राम सुचित शर्मा को संरक्षक सदस्य बनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लल्लू प्रसाद शर्मा ने की। इसका संचालन गोपाल प्रसाद शर्मा ने किया। नए पदाधिकारियों ने संगठन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया।
तीन तलाक के आरोप में पति को राहत नहीं, FIR निरस्त करने से हाई कोर्ट का इनकार
कोर्ट ने कहा कि मुकदमे की प्रक्रिया जारी रहेगी और आरोपों का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर होगा।
छात्राओं को मोमबत्ती बनाने की ट्रेनिंग मिली:लखनऊ में इनर व्हील क्लब ने आत्मनिर्भरता का दिया मंत्र
हुनर और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ' ने हेवेट रोड स्थित कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के लिए एक विशेष मोमबत्ती निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान छात्राओं ने मोम पिघलाने से लेकर आकर्षक डिजाइन तैयार करने तक की प्रक्रिया को बेहद करीब से सीखा। कार्यशाला का कुशल संचालन कवयित्री व उद्यमी संस्कृति बंसल ने किया। उन्होंने छात्राओं को मोमबत्ती बनाने के तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल था: रचनात्मक कौशल से बढ़ेगा आत्मविश्वास प्रधानाचार्य कुमुद प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला में क्लब की अध्यक्ष कविता अग्रवाल ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कौशल बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर और स्वरोजगार के लिए पूरी तरह सक्षम बनाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानने और नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ की टीम से पल्लवी रस्तोगी, गीता हवेलिया, मधु जैन और अनुराधा बंसल ने भी उपस्थित रहकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
कोरबा जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने का झांसा देकर SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल से करीब 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायत मिलने के बाद कोरबा साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। सबूत जुटाने के लिए साइबर टीम दीपका पहुंची और शिकायतकर्ता से जानकारी ली। लोन की प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किस्तों में जमा कराए पैसे जानकारी के अनुसार, दीपका विस्तार परियोजना में पदस्थ SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल को आरोपियों ने फोन किया था। उन्हें बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा करने को कहा। ज्ञान जायसवाल ने बताए गए तरीके से कई बार पैसे जमा किए। इस तरह उनसे करीब 7 लाख रुपए ले लिए गए। रकम जमा करने के बाद भी जब लोन नहीं मिला और आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम दीपका पहुंची, डिजिटल सबूत जुटाए शिकायत मिलते ही कोरबा साइबर सेल सक्रिय हो गई। साइबर निरीक्षक ललित चंद्रा और अजय सोनवानी समेत टीम के सदस्य शिकायतकर्ता ज्ञान जायसवाल के घर पहुंचे। टीम ने ठगी से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल सबूतों की जानकारी ली। अब ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर निरीक्षक ने दी सावधानी बरतने की सलाह साइबर निरीक्षक ललित चंद्रा ने लोगों से ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बैंक या सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाले किसी व्यक्ति को संवेदनशील बैंकिंग जानकारी देने से पहले पूरी तरह सत्यापन करना जरूरी है। उनके मुताबिक, लालच, डर और जल्दबाजी में लिए गए फैसले से लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हो जाते हैं। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों में रकम को रोकने और जांच आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गल्ला मंडी इलाके में सोमवार को एक महिला से मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो महिलाएं एक महिला से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने पीड़िता रामदेवी कुशवाहा की शिकायत पर सरोज कुशवाहा के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता ने बताया कि वह सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्लाना मोहल्ले में रहती हैं। उनके पति का निधन हो चुका है। वह एक प्राइवेट ऑफिस में काम करती हैं। सोमवार को ऑफिस जाते समय दिनेश कुशवाहा की पत्नी सरोज कुशवाहा और उसकी बहन निशा कुशवाहा ने उन्हें रोका और मारपीट की। रामदेवी ने आरोप लगाया कि पति के निधन के बाद वह दूसरी शादी करने जा रही थीं। इसी बात को लेकर रिश्ते में देवर लगने वाला दिनेश कुशवाहा उन्हें शादी करने से रोक रहा था। दिनेश पर दूसरी शादी रोकने का आरोप रामदेवी ने बताया कि दिनेश उनसे कहता था कि वह दूसरी शादी न करें, वरना वह खुदकुशी कर लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनेश उनसे एकतरफा प्यार करता था और उनसे शादी करना चाहता था। रामदेवी के मुताबिक, रिश्तेदारी की वजह से उनकी दिनेश से बातचीत होती थी। उनकी सास, दिनेश की मौसी लगती हैं, इसलिए रिश्ते में दिनेश उनका देवर लगता है। इसी बातचीत को लेकर दिनेश की पत्नी सरोज को दोनों के बीच संबंध होने का शक था। रामदेवी ने इस आरोप को गलत बताया है। पुलिस बोली- वीडियो से अन्य लोगों की भूमिका की जांच सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय के मुताबिक, दोनों महिलाएं रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती हैं। गल्ला मंडी इलाके में किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मारपीट और गाली-गलौज हुई। टीआई ने बताया कि रामदेवी की शिकायत पर सरोज कुशवाहा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सामने आए वीडियो के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि मारपीट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रामदेवी ने यह भी कहा है कि पति की मौत के बाद मिले क्लेम के पैसे से उन्होंने प्लॉट खरीदा था और उनके खिलाफ लगाए जा रहे अन्य आरोप गलत हैं।
बालाघाट में प्रधानमंत्री पूरक पोषण आहार योजना के तहत शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक और आंगनवाड़ी केंद्रों में मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा चलाने वाले स्वसहायता समूह ने 15 सितंबर से इसे बंद कर दिया है। सोमवार से समूह ने अपनी मांगों को लेकर बालाघाट में अनशन भी शुरू कर दिया है। समूह प्रतिनिधियों का आरोप है कि शासन की खराब व्यवस्था के कारण सांझा चूल्हा चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही रसोईयों को पैसा नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। प्रांतीय स्वसहायता समूह रसोईयां महासंघ की जिलाध्यक्ष कविता लाडे ने बताया कि 15 सितंबर को सांझा चूल्हा बंद कर रसोईयां आंदोलन पर हैं। अब मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 30 जून तक काम कराने के बावजूद इस समय का भुगतान नहीं दिया गया है। 50% राशन ही मिल रहा दूसरी ओर, बच्चों की संख्या के हिसाब से सिर्फ 40 से 50 प्रतिशत ही राशन दिया जाता है। आंगनबाड़ी बहनों को सांझा चूल्हा जलाने के लिए 500 रुपए और रसोईयों को 4000 रुपए भी समय पर नहीं मिलते हैं। यही वजह है कि अब तक कोई जेवर गिरवी रखकर तो कोई कर्ज लेकर मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा चला रहे थे, लेकिन अब इसे भी बंद कर दिया गया है। कविता लाडे ने बताया कि वे अपने अधिकार की लड़ाई के लिए आंदोलन पर बैठे हैं। इसके बावजूद स्कूलों से उन पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल उन्हें कार्रवाई की चिट्ठी दे रहे हैं, जिससे रसोईयां परेशान हो रही हैं। समूह की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं: * मध्याह्न भोजन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक समूहों को दी जाए। * रसोईयों को लाडली बहनों की तरह एक तय तारीख पर वेतन दिया जाए। * सांझा चूल्हा और मध्याह्न भोजन रसोईयों को कलेक्टर दर पर वेतन मिले। * प्राथमिक शाला में प्रति छात्र 10 रुपए और माध्यमिक शाला में 15 रुपए की राशि दी जाए। * 2024 से 2026 तक रसोईयों को 15 से 30 जून तक की अवधि का वेतन दिया जाए।
रायपुर जिले के चार इलाकों में टाटा पावर को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसके खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने की बात कही है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर जैसे इलाकों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की अनुमति मिलने से सरकारी वितरण कंपनी सीएसपीडीसीएल पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। टाटा पावर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के जरिए इन क्षेत्रों में 25 साल के लिए वितरण लाइसेंस मांगा है। आयोग ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इस मामले में 1 अक्टूबर को सार्वजनिक सुनवाई भी प्रस्तावित है। विकास उपाध्याय की आपत्ति क्या है? उपाध्याय का कहना है कि टाटा पावर ने आवेदन में शुरुआती पांच साल में करीब 435 करोड़ रुपए निवेश कर नेटवर्क तैयार करने की बात कही है। उनका दावा है कि इतने निवेश से प्रस्तावित क्षेत्र में नए 33 और 11 केवी सब-स्टेशन और लाइनें खड़ी करना संभव नहीं होगा। उनका आरोप है कि बाद में निजी कंपनी को सीएसपीडीसीएल के मौजूदा ग्रिड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि यह कंपनी की ओर से दाखिल आवेदन और नियामक प्रक्रिया का हिस्सा है; उपाध्याय की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम फैसला नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। ‘मलाईदार इलाका निजी कंपनी के पास चला जाएगा’ विकास उपाध्याय की सबसे बड़ी आपत्ति प्रस्तावित क्षेत्र को लेकर है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा है, इसलिए ये सीएसपीडीसीएल के लिए ज्यादा राजस्व वाले इलाके हैं। उनका तर्क है कि अगर निजी कंपनी को इन्हीं इलाकों में वितरण का लाइसेंस मिलता है तो सरकारी कंपनी के पास कम राजस्व वाले ग्रामीण, कृषि और बीपीएल उपभोक्ता ज्यादा रह सकते हैं। इससे किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस-सब्सिडी की व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई है। निजी कंपनी आने से बिजली महंगी होने का दावा उपाध्याय ने निजी वितरण कंपनियों के मॉडल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भविष्य में व्हीलिंग चार्ज और दूसरे शुल्क के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में निजी बिजली वितरण के अनुभवों का भी हवाला दिया है। यह फिलहाल उपाध्याय का राजनीतिक और नीतिगत तर्क है। टाटा पावर को लाइसेंस मिलने के बाद बिजली दर कितनी होंगी, यह अभी तय नहीं है। दरों और संबंधित शुल्क पर नियामक प्रक्रिया लागू होगी। स्मार्ट मीटर और ‘पीएम सूर्य घर’ योजना भी मुद्दा उपाध्याय ने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिलों में 15 से 20% तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर’ योजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की और इसे उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं बताया। उद्योगों पर असर की आशंका रायपुर, धरसींवा और अभनपुर को औद्योगिक क्षेत्र बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि यहां पहले से ही बिजली की लागत और दूसरी समस्याओं के कारण छोटे-बड़े उद्योग दबाव में हैं। उनके मुताबिक निजी वितरण कंपनी के आने के बाद यदि औद्योगिक बिजली की लागत बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। सरकार से लाइसेंस आवेदन खारिज करने की मांग विकास उपाध्याय ने सीएसईआरसी में दाखिल टाटा पावर की याचिका को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी। अब मामला नियामक प्रक्रिया में है। टाटा पावर के प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव लिए जा रहे हैं और 1 अक्टूबर की सार्वजनिक सुनवाई में संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे।
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी दो शिक्षकों, वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई।
सोनभद्र में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनसुनवाई के दौरान जरूरतमंद दिव्यांगों के लिए एक खास पहल की। उन्होंने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से दो दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दी। इससे उन्हें आने-जाने में आसानी होगी और वे अपने रोजमर्रा के कामों के लिए आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इसके साथ ही, एक छात्रा को भी साइकिल दी गई, जिससे उसकी पढ़ाई की राह आसान हुई। जनसुनवाई में रॉबर्ट्सगंज के ग्राम तिरनाही, बिच्छी निवासी दीपक (पुत्र राजू) और ग्राम मारकुंडी निवासी शशि (पुत्र नान्हू) अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दोनों पैरों से दिव्यांग इन लाभार्थियों को जिलाधिकारी ने मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी। मदद मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखी। लाभार्थियों ने जिला प्रशासन का आभार जताया। इस मौके पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि दिव्यांगों को सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता देना जिला प्रशासन के खास कामों में से एक है। सीएसआर फंड से मिली मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिव्यांगों को आने-जाने में मदद करेगी। इससे उन्हें अपने जरूरी कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई का मकसद सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं को हल करके उन्हें जरूरी मदद देना भी है। पात्र दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का फायदा पहुंचाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। इसी कड़ी में जिलाधिकारी ने ग्राम कैथी निवासी अनन्या पांडेय पुत्री महेश देव पांडेय को साइकिल दी। अनन्या चतरा के रघुकुल अकादमी की छात्रा हैं। साइकिल मिलने पर छात्रा के चेहरे पर खुशी दिखी। जिलाधिकारी ने उसे अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं दीं और रोज स्कूल जाने के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले दिव्यांगों और अन्य पात्र जरूरतमंदों को उनकी जरूरत के हिसाब से सरकारी योजनाओं का लाभ सबसे पहले दिया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मदद सही लोगों तक पहुंचे।
कानपुर में एक जमीन विवाद अब गंभीर आरोपों में बदल गया है। पीड़िता का आरोप है कि, उनका देवर उनके भाई पर सेना की गोपनीय सूचनाएं आतंकियों को देने और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े का फ़र्जी आरोप लगाकर विभागों में शिकायत करके प्रताड़ित कर रहा है। महिला की शिकायत पर चकेरी थाने में देवर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कर्मचारी नगर की रहने वाली सविता शुक्ला ने बताया कि उनके पिता सेना से सूबेदार पद से रिटायर हैं। उनके भाई ब्रह्म नारायण दीक्षित पठानकोट में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। सविता का आरोप है कि उनके देवर सदा संतोष शुक्ला उर्फ शेरा शुक्ला से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के कारण देवर ने उनके भाई और पिता के खिलाफ कई विभागों में शिकायतें भेजी हैं। इनमें सीबीआई, पीएमओ, आईबी, केडीए, नगर निगम, फायर मुख्यालय, प्रदूषण, जल और बिजली विभाग शामिल हैं। सविता ने आरोप लगाया कि इन शिकायतों की वजह से अलग-अलग विभागों से जांच आती रहती है। इससे उनके भाई के सरकारी काम में रुकावट आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सेना द्वारा दिए गए गोपनीय आर्मी नंबर और यूनिट की जानकारी भी शिकायतों के जरिए सार्वजनिक की जा रही है। पिता को मिल रही जान से मारने की धमकी दर्ज FIR में सविता ने देवर पर अपने पिता को अज्ञात लोगों से जान से मारने की धमकी दिलवाने का भी आरोप लगाया है। साथ ही, भाई को नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी भी मिल रही। सविता ने बताया कि उनके घर के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाकर निगरानी भी कराई गई है। इसकी शिकायत वह पहले भी पुलिस से कर चुकी हैं। सविता ने शनिवार को पुलिस कमिश्नर से अपने माता-पिता, भाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने को भी कहा था। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर चकेरी थाने में सदा संतोष शुक्ला उर्फ शेरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शामली पहुंची साध्वी निरंजन ज्योति:पिछड़ा वर्ग संगठन के कार्यक्रम में शिक्षा और नशामुक्ति पर जोर दिया
शामली के बधेव कन्नूखेड़ा गांव में पिछड़ा वर्ग संगठन ने महर्षि कालू राम बाबा का जन्मोत्सव मनाया। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। इसमें भारत सरकार के पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति मुख्य अतिथि थीं। एमएलसी सुरेश कश्यप, समाज के जनप्रतिनिधि और कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर चर्चा हुई। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि समाज में पीछे रहने का आरोप दूसरों पर लगाने से पहले हर व्यक्ति को खुद में झांकना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अगर आगे बढ़ना है, तो शिक्षा और मेहनत के रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। साध्वी ने कहा कि नशा किसी भी समाज के लिए अच्छा नहीं है। अगर युवा नशे के शिकार होंगे, तो उनका भविष्य खराब होगा और वे शिक्षा व रोजगार में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं साध्वी ने यह भी कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का मकसद सिर्फ कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना है। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देने को कहा। साध्वी ने कहा कि सम्मान मांगने से नहीं मिलता, बल्कि अपने कामों से कमाया जाता है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह सामान्य परिवार से निकलकर यहां तक पहुंची हैं। उनके पिता मजदूरी करते थे और उस समय गांव में रोजगार के अवसर भी सीमित थे। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद उन्होंने तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ा तथा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने युवाओं से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मेहनत और शिक्षा के बल पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। ‘इतिहास भूलने वाला समाज कमजोर हो जाता है’ उन्होंने समाज के लोगों से अपने इतिहास को पढ़ने और बच्चों को भी महापुरुषों के बारे में बताने की अपील की। उन्होंने वेदव्यास जी का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। अपने इतिहास और महापुरुषों को भूलने वाला समाज अपनी पहचान खो सकता है। इसलिए नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम में समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से समावेशी विकास को गति दी जा सकती है। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। ‘दूरियों की सियासत छोड़कर साथ चलें’ कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। कहा गया कि आपस में सभी भाई-भाई हैं। समाज में दूरी पैदा करने वाली राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा—“हो जाएगा सफर आसान, आओ साथ चलकर देखें। कुछ तुम बदलकर देखो और कुछ हम बदलकर देखें।” महर्षि कालू राम बाबा के जन्मोत्सव और प्रकटोत्सव को लेकर अलग-अलग मान्यताओं का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और भावनाएं महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में साध्वी निरंजन ज्योति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सुरेश कश्यप, रंजीत कश्यप, रमेश कश्यप, मुकुल कश्यप, कृष्णपाल कश्यप, टुन्नू शर्मा, अक्षय देशवाल, सतेंद्र देशवाल, डॉ. विकास पंवार, धर्मेंद्र कुमार, सुनील प्रधान, नीरज कश्यप, राममेहर कश्यप, मुकेश फौजी, विक्की कश्यप, प्रदीप, विनीत, ईशु, निक्की सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुदीप कश्यप सहित आयोजकों ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया।
आजमगढ़ जिले में मेहनाजपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने के मामले में वांछित सहज जन सेवा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी ग्रामीणों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रखकर उनके खातों से धनराशि निकालता या ट्रांसफर करता था। आरोपी के कब्जे से ₹15,630 नकद, 18 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, चार आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो माइक्रो एटीएम मशीन, बायोमैट्रिक मशीन और यूएसबी जीपीएस रिसीवर बरामद किया है। इसके अलावा ग्राम प्रधान की मुहर, मुहर लगे तीन हस्ताक्षरित सादे कागज और कूटरचित प्रमाण पत्र भी बरामद हुआ है। साइबर सेल आजमगढ़ को मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के जमुनीपुर निवासी अनिल कुमार पुत्र सरभू राम के खिलाफ ग्रामीणों के साथ साइबर फ्रॉड और बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने की शिकायत मिली थी। मामले में मेहनाजपुर थाने पर मुकदमा संख्या 83/2026 दर्ज किया गया था।शिकायत की जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन प्राप्त की। इसके बाद साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे उसके घर जमुनीपुर की ओर मोटरसाइकिल से जाते समय हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। बैंक खातों और लेनदेन की जांच जारीमामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि सहज जन सेवा केंद्र चलाने के दौरान वह ग्रामीणों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेता था। इसके बाद कथित तौर पर उनके बैंक खातों से धोखाधड़ीपूर्वक धनराशि ट्रांसफर या निकालता था। आरोपी द्वारा ग्राम प्रधान की मुहर का दुरुपयोग कर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार किए जाने और लोगों से धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पने की बात भी सामने आई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही संबंधित बैंक खातों और लेनदेन की भी विस्तृत जांच की जा रही है। लाल-काली रंग की HF Deluxe मोटरसाइकिल के कागजात प्रस्तुत न कर पाने पर पुलिस ने उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया। मामले में धारा 316(2), 336(3), 341(1), 317(2) बीएनएस तथा धारा 66(C) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम समेत साइबर सेल और थाना मेहनाजपुर के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
बुलंदशहर में सोमवार दोपहर 2 बजे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के हजारों किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे। वे अपनी कई समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ शहर में दाखिल हुए किसानों के इस बड़े प्रदर्शन से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो गई। किसान नेता मंटू चौधरी ने जिला प्रशासन और चीनी मिलों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। चीनी मिलें किसानों को गन्ने का बकाया पैसा नहीं दे रही हैं, जिससे किसान आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। साथ ही, बुआई के इस अहम समय में किसानों को खाद भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का कोई ठोस हल नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसानों ने शहर के सबसे खास कालाआम चौराहे को चारों तरफ से घेर लिया। इससे चौराहे से निकलने वाले सभी मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। इस प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर शहर के ट्रैफिक पर पड़ा। कालाआम चौराहे से लेकर डीएवी कॉलेज रोड, दिल्ली रोड, जिला अस्पताल रोड और स्याना अड्डा रोड जैसे शहर के लगभग सभी बड़े रास्तों पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। पूरे शहर में भारी जाम लगने से आम लोगों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस में जा रहे मरीजों को काफी परेशानी हुई। खबर लिखे जाने तक किसान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमा थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हालात संभालने और किसानों से बात करने की कोशिश कर रहे थे।
मिर्जापुर में सोमवार को बसंत विद्यालय इंटर कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। आरोप है कि सदस्यता अभियान के लिए स्कूल पहुंचे कार्यकर्ताओं को गेट बंद कर बाहर जाने से रोका गया। सूचना मिलने पर कटरा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने में लग गई। बताया गया कि ABVP कार्यकर्ता स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश प्रताप सिंह से मौखिक अनुमति मिलने के बाद सदस्यता अभियान के लिए पहुंचे थे। कार्यकर्ता कक्षाओं में जाकर छात्रों से अभियान के बारे में बात कर रहे थे। इसी दौरान कुछ शिक्षकों के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं से बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर स्कूल का गेट बंद कर ABVP कार्यकर्ताओं को बाहर निकलने से रोक दिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर संगठन के अन्य कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। उन्होंने परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध किया। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं में रिवेश सिंह, उदय प्रताप मिश्रा, श्रेयश पांडे, दिव्यांश अवस्थी, चेतन साहू, अर्पित प्रजापति, सागर राय, संदीप प्रजापति, हिमालय गिरी और पर्वत गिरी शामिल थे। हंगामे की सूचना पर कटरा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार्यकर्ताओं और स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। फिलहाल, स्कूल परिसर में पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है।
दो दिन पहले डी मार्ट के पास अंडे की दुकान में रुपए को लेकर हुए विवाद में एक युवक की नाले में गिर जाने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना की वीडियो अब सोमवार को सामने आया है, जिसमे कि देखा जा सकता है कि चिकन शाप संचालक सहित 5 लोग मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर रहे है। हालांकि गोराबाजार थाना पुलिस ने घटना के चंद घंटो बाद ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी सिकंदर सोनकर सहित दो आरोपी अभी भी फरार है। दरअसल गोराबाजार निवासी अर्जुन और रूपेद्रं तिलहरी स्थित दुकान में अंडे खाने गए हुए थे, जहां पर रुपए को लेकर सिकंदर से उनका विवाद हो गया। कुछ ही देर बाद सिकंदर के और साथी आ गए, जिन्होंने लाठी और डंडे से अर्जुन और रूपेंद्र पर हमला कर दिया। इसी दौरान हमलावरों से बचने के लिए जैसे ही अर्जुन भागा तो अंधेरा होने के कारण खंदारी नाले में जा गिरा, जिससे कि उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही गोराबाजार और कैंट थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने करीब दो से तीन घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को नाले से बाहर निकाला, पर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव मेडिकल कॉलेज भेजा, और फिर प्रत्यक्षदर्शीयों के बयान के बाद सिकंदर सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने रात को ही 3 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। भागते समय नाले में गिरा, मौत मारपीट से बचने के लिए अर्जुन सड़क पार कर भागने लगा। अंधेरा होने के कारण उसे आगे का रास्ता दिखाई नहीं दिया और वह सीधे खंदारी नाले में जा गिरा। नाले में पानी अधिक होने से वह डूब गया। अर्जुन का साथी रूपेंद्र किसी तरह गोराबाजार थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सीएसपी उदयभान बागरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाले में अर्जुन की तलाश शुरू कराई। करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद अर्जुन को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सीएसपी उदयभान बागरी का कहना है कि अर्जुन के साथ मारपीट करने वाले तीन युवकों को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि अर्जुन साथी रूपेंद्र के साथ अंडे खाने गया था। इसी दौरान विवाद हुआ और सिकंदर नाम के युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर डंडों से मारपीट की।
माणक चौक थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम इधर-उधर करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेश बबरवाल (24) निवासी खाटूक क्षेत्र, जयपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर आम लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करता था और SMS, OTP व फिशिंग लिंक के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने करीब 48 घंटे की तकनीकी निगरानी और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि राज्य में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए संदिग्ध बैंक खातों यानी Mule Accounts और हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत माणक चौक थाना पुलिस ने संदिग्ध खाते की जांच कर साइबर ठगी के नेटवर्क तक पहुंच बनाई। म्यूल अकाउंट में जमा हो रही थी ठगी की रकम पुलिस के अनुसार 18 सितंबर को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि पंजाब नेशनल बैंक की जयपुर स्थित जवाहर बाजार शाखा के एक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। खाते के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर राजस्थान, बिहार और गुजरात से जुड़ी चार साइबर शिकायतें मिलीं। इन शिकायतों में ठगी की रकम पहले इस खाते में जमा कराई गई और बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और KYC दस्तावेज हासिल कर लेन-देन की कड़ियों का विश्लेषण किया। फर्जी सिम और मोबाइल नंबर से बचने की कोशिश माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए KYC दस्तावेजों में दूसरे स्थान और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था। पुराने रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर को भी निष्क्रिय कर दिया गया था। पुलिस टीम ने आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, नेटवर्क गतिविधियों और IP/टावर लोकेशन का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी के वर्तमान मोबाइल नंबर और रियल टाइम लोकेशन की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने करीब दो दिन तक तकनीकी सर्विलांस करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में साइबर ठगी का तरीका सामने आया पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपी लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए फर्जी SMS, OTP और फिशिंग लिंक का इस्तेमाल करता था। इसके जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से रकम म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद ठगी की रकम को तुरंत निकालकर अन्य माध्यमों से इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार सिम कार्ड बदलता रहता था। गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ दूसरे मामलों के खुलासे की संभावना है।
जालौन में एट क्षेत्र के पचोखरा धाम में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के 71वें प्राकट्योत्सव कार्यक्रम में अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास पहुंचे। उन्होंने स्वामी राजेश्वरानंद रामायणी महाराज को प्राकट्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने संत समाज की भूमिका, सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति, मंदिरों से जुड़े विवाद और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। काशी-मथुरा के मामलों में कानूनी प्रक्रिया से आगे बढ़ने की बात महंत राजूदास ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न्यायिक प्रक्रिया के बाद हुआ। इसी तरह काशी और मथुरा से जुड़े मंदिर निर्माण के मुद्दों पर भी लोगों को संवाद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को लेकर भी कई दावे किए। उनका कहना था कि मौजूदा समय में सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े पुराने घटनाक्रम, हनुमान चालीसा और 84 कोसी परिक्रमा का भी जिक्र किया। राम मंदिर चढ़ावा मामले में निष्पक्ष जांच की बात राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर महंत राजूदास ने कहा कि इसे सीधे राम मंदिर में चोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावे की गिनती और बैंक संबंधी प्रक्रिया मंदिर परिसर से अलग कार्यालय में होती थी और इसी प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। इस मामले में जून 2026 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच जारी है। महंत राजूदास ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं में संत समाज की भूमिका बढ़ाने और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही पर जोर दिया। अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना महंत राजूदास ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने गायत्री प्रसाद प्रजापति का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन जांच और कानूनी प्रक्रिया सभी मामलों में समान होनी चाहिए। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि उनके अनुसार संबंधित लोगों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा देकर जांच में सहयोग किया। अपराध के आधार पर कार्रवाई की बात अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी से जुड़े पोस्टर के सवाल पर महंत राजूदास ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके अपराध से होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक और धार्मिक विचार भी रखे और कुछ लोगों पर हिंदू समाज व सनातन संस्कृति के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। आरक्षण में आर्थिक स्थिति को महत्व देने की पैरवी आरक्षण के सवाल पर महंत राजूदास ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि आरक्षण की व्यवस्था में आर्थिक स्थिति को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गरीब किसी भी जाति का हो सकता है, इसलिए जरूरतमंद व्यक्ति को अवसर मिलना चाहिए। संतों से सामाजिक मुद्दों पर संवाद की अपील महंत राजूदास ने संत समाज से राजनीतिक दलों के दबाव से अलग रहकर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतों को सनातन संस्कृति के साथ शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे विषयों पर भी समाज के बीच संवाद करना चाहिए। बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु पहुंचे पचोखरा धाम में स्वामी राजेश्वरानंद रामायणी के 71वें प्राकट्योत्सव के तहत सात दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। इस दौरान स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के पुत्र-शिष्य गुरु प्रसाद और उनकी पुत्री भी मौजूद रहीं।
विश्व शांति दिवस पर सोमवार को बरेली की सड़कों पर शांति और मानवता का संदेश गूंजा। राजविद्या केंद्र बरेली ने एक शांति पदयात्रा निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने हिस्सा लिया। लोगों ने हाथों में शांति के संदेश वाले बैनर लेकर अनुशासन से पदयात्रा की। उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव का संदेश दिया। यह पदयात्रा मढ़ीनाथ शिव मंदिर से शुरू हुई। इसके बाद यह 84 घंटा मंदिर होते हुए ग्लोरियस बैंक्वेट हॉल पर खत्म हुई। यात्रा के दौरान 'शांति अपने अंदर है' और 'अपने आप को जानो' जैसे संदेश लिखे बैनर लोगों का ध्यान खींच रहे थे। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय शांति वक्ता प्रेम रावत के शांति और मानवता से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए गए। आयोजकों ने बताया कि संदेश का मुख्य भाव यह था कि शांति बाहर खोजने के बजाय व्यक्ति को अपने अंदर झांककर उसे महसूस करना चाहिए। अंदरूनी शांति का अनुभव व्यक्ति के व्यवहार और समाज के प्रति उसके नजरिए को भी बदल सकता है। पदयात्रा में शामिल लोगों ने शांति, मानवता और आपसी सद्भाव के लिए जागरूकता का संदेश दिया। इस आयोजन से लोगों को खुद शांति महसूस करने और समाज में अच्छा माहौल बनाने के लिए प्रेरित किया गया। पदयात्रा का नेतृत्व रामसरन गुप्ता, रमेश श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, राकेश वर्मा, अतुल यादव, जितेंद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, विश्वजीत सिंह, बिपिन कुमार, प्रीति गुप्ता और किरन गुप्ता ने किया। राजविद्या केंद्र बरेली की पूरी टीम ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
कानपुर के रायपुरवा के भन्नानापुरवा में कैंसर होने की आशंका से तनाव और अवसाद में चल रही (40) वर्षीय महिला ने मायके में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर घटना की जांच शुरू कर दी है। गाल मे निकली गाँठ महिला को कैंसर की हुई आशंका भन्नानापुरवा निवासी कविता ने करीब 20 साल पहले दादानगर की सेवाग्राम कॉलोनी निवासी नदीमुद्दीन से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद उसने अपना नाम बदलकर कहकशां बेगम रख लिया था। दंपती के दो बेटे अब्दुल रहमान और अब्दुल कादिर हैं। पति नदीमुद्दीन ने पुलिस को बताया कि कुछ समय से कहकशां के गाल में गांठ हो गई थी। उसका इलाज चल रहा था। गांठ को लेकर वह लगातार आशंकित रहती थी कि कहीं उसे कैंसर तो नहीं हो गया। इसी बात को लेकर वह काफी समय से तनाव और अवसाद में थी। परिजन उसका इलाज कराने के साथ ही उसे समझाते थे और बीमारी को लेकर ज्यादा चिंता न करने के लिए कहते थे। करीब एक सप्ताह पहले कहकशां अपने मायके भन्नानापुरवा चली गई थी। रविवार देर रात उसने मायके में ही फंदा लगाकर जान दे दी। देर रात परिजनों की नजर उस पर पड़ी तो घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस कोपरिजनों ने सूचना दी। सूचना मिलते ही रायपुरवा पुलिस व फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी बोले- जांचकर कार्रवाई होगी परायपुरवा थाना प्रभारी ने अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया महिला के बीमारी को लेकर तनाव में होने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अयोध्या में संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी अभिषेक दत्त सोमवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कमला नेहरू भवन में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की तैयारियों और आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदेश और अयोध्या से जुड़े कई मुद्दे उठाए। भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट का मुद्दा उठाया अभिषेक दत्त ने अयोध्या में भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद लंबे समय तक अयोध्या में सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि आसपास के जिलों में सर्किल रेट बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों और स्थानीय लोगों की जमीन पुराने सर्किल रेट पर अधिग्रहित की गई है, उन्हें नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल कांग्रेस नेता ने राम मंदिर ट्रस्ट और नए CEO की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि CEO पद पर किसी शंकराचार्य की नियुक्ति होनी चाहिए थी। मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति के दौरान आय और शैक्षिक योग्यता की जांच से जुड़े कथित बयान पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। जमीन, चंदा और निर्माण की जांच की मांग अभिषेक दत्त ने राम मंदिर से जुड़े जमीन, चंदा और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उनके आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। 2024 के नतीजे का दिया हवाला 2024 लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर भाजपा की हार का जिक्र करते हुए अभिषेक दत्त ने कहा, “2024 तो सिर्फ झांकी है, 2027 अभी बाकी है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। बैठक को कांग्रेस की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली अहमद की सोमवार को प्रयागराज जिला कोर्ट में पेशी हुई। अली को झांसी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से प्रयागराज लाया गया। करीब 12 बजे प्रिजन वैन जिला कोर्ट पहुंची। इसके बाद पुलिस ने अली को वैन से उतारा और 80 मीटर पैदल ही कोर्ट नंबर-16 तक ले गई। सुरक्षा के लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों ने ह्यूमन चेन बनाकर अली को कोर्ट तक पहुंचाया। अली की पेशी की जानकारी मिलने पर उसके समर्थकों और अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ कोर्ट गेट पर जुट गई। अली को कोर्ट ले जाते समय पुलिस ने भीड़ को उससे दूर रखा। इस दौरान कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी रही। पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर अली को कोर्ट नंबर-16 तक पहुंचाया। अली अहमद के खिलाफ करेली थाने में 11 अगस्त 2023 को मुकदमा दर्ज किया गया था। कसारी-मसारी निवासी अफजल ने मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर में अली अहमद के अलावा फैजान, अल्तमश, असद और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था। मामले में आईपीसी की धारा 447, 341, 307, 386, 523, 504 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान अली का बयान दर्ज किया गया। करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के बाद दोपहर 2:30 बजे अली अहमद को कोर्ट से बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही उसके करीबी और समर्थक अली के पास पहुंचने की कोशिश करने लगे। भीड़ में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा मजबूत किया और अली को भीड़ से बचाते हुए कोर्ट गेट से बाहर निकाला। पुलिसकर्मी अली को कोर्ट गेट से एक पुलिस जीप में बैठाकर कुछ दूरी पर खड़ी प्रिजन वैन तक ले गए। जीप से उतरने के बाद अली तुरंत प्रिजन वैन में बैठ गया। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में प्रिजन वैन झांसी जेल के लिए रवाना हो गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में पुलिस की भारी मौजूदगी रही।
हापुड़ के आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा से राष्ट्र सेवा' के तहत 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। यह कार्यक्रम प्रशासन के निर्देशों पर आयोजित किया गया था। अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश के नेतृत्व में यह प्रतियोगिता हुई। इसमें महाविद्यालय की कुल 12 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने अपने भाषणों में भारत के भविष्य, राष्ट्र निर्माण और अपने सपनों के भारत की कल्पना से जुड़े विचार साझा किए। छात्राओं ने अपने-अपने नजरिए से बताया कि वे देश को किस रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहती हैं। उन्होंने एक विकसित और प्रगतिशील भारत की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में प्रोफेसर करुणा गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। परिणाम में कुमारी सालिहा पहले, कुमारी मोनिका दूसरे और कुमारी कायनात तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं कुमारी नेहा को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर साधना तोमर ने छात्राओं के विचारों और प्रस्तुति की तारीफ की। उन्होंने भाषण के दौरान हुई कुछ गलतियों की ओर भी छात्राओं का ध्यान दिलाया और उन्हें भविष्य में अपनी अभिव्यक्ति को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आखिर में प्राचार्या ने विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं और छात्राएं मौजूद थीं। कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डॉ. सर्वेश ने सभी अतिथियों, निर्णायक, प्राध्यापिकाओं और छात्राओं का आभार जताया।
अलवर में नाबालिग युवती लापता:दोस्त के साथ जाने की बात कहकर घर से निकली थी; 7 दिन बाद भी सुराग नहीं
अलवर में 17 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती 13 सितंबर की सुबह अपने दोस्त के साथ जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिजन तलाश करते रहे। लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद 20 सितंबर को परिजनों ने अरावली विहार थाने पहुंचकर पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में परिजनों ने बताया कि किशोरी की तलाश अपने स्तर पर काफी की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। युवती के संपर्क में रहने वाले लोगों तथा संभावित स्थानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नाबालिग के लापता हुए आज 7 दिन हो गए, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। इसके बाद परिजनों में गम का माहौल बना हुआ हैं।
संतकबीरनगर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को छह मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने शाम 3 बजे जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें गन्ने का मूल्य बढ़ाने, बकाया भुगतान पर ब्याज दिलाने, बिजली कटौती बंद कराने और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति समेत अन्य मांगें शामिल थीं। किसान नेताओं ने मांग की कि उत्पादन लागत को देखते हुए गन्ने का मूल्य 600 रुपए प्रति क्विंटल तय किया जाए। इसके साथ ही 16 जुलाई 2026 के उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए वर्ष 1995 से 2025 तक गन्ने के बकाया भुगतान पर मिलने वाला ब्याज किसानों को जल्द दिलाने की मांग की। रात में बिजली कटौती बंद कराने की मांग ज्ञापन में किसानों ने रात के समय बिना सूचना होने वाली बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि बिजली कटौती के कारण सिंचाई में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने फसल बीमा के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने और पात्र किसानों को फसल बीमा की रकम दिलाने की भी मांग की। किसानों ने धान खरीद के लिए 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मानक का सत्यापन कराने और धान खरीद केंद्रों की व्यवस्था जल्द शुरू कराने की मांग रखी। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन ने जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों को नए सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी जमीन का उचित मूल्य निर्धारित कर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के नंदना इलाके के आगापुर गांव में सोमवार दोपहर बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन ठीक कर रहे संविदा लाइनमैन की अचानक करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घाटमपुर थाना क्षेत्र के हथेही गांव निवासी शिवराज (40) पुत्र बुद्धू बिजली विभाग में संविदा में लाइनमैन के पद पर 5 वर्षों से कार्यरत थे। बताया गया कि सोमवार को आगापुर गांव में बिजली लाइन में खराबी आने की सूचना पर वह उसे ठीक करने पहुंचे थे। लाइन की मरम्मत के लिए उन्होंने टीम के साथ शटडाउन लिया और इसके बाद खंभे पर चढ़कर काम शुरू किया। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक शिवराज जब खंभे पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहे थे, उसी दौरान अचानक लाइन में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि शिवढ़री पावर स्टेशन से सप्लाई चालू होने के बाद लाइन में करंट दौड़ गया। इसकी चपेट में आने से शिवराज को जोरदार झटका लगा और वह खंभे से नीचे आ गिरे। करंट का झटका इतना तेज था कि शिवराज गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। शिवराज का शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़ घटना की सूचना मिलने पर नंदना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही शव को कब्जे में लिया। पुलिस की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली लाइन पर काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता बरतना जरूरी है, घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लद्दाख में गांव के मुखियाओं का मासिक मानदेय ₹1,500 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है, जो 233% से अधिक की बढ़ोतरी है। यह फैसला 247 मुखियाओं को लाभान्वित करेगा और जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करेगा।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक्सीडेंट के विवाद में बाइक सवार युवकों ने पनकी रोड पर कार रोक ली। इसके बाद कार सवार युवकों के साथ मारपीट की। घटना के दौरान किसी राहगीर ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। कार सवार आदित्य वर्मा ने मारपीट के साथ ही अपने साथ लूट किए जाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस वायरल वीडियो और तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। कार रोककर युवकों से की मारपीट वायरल वीडियो में कई बाइक सवार युवक कार को रोकते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वे कार में बैठे युवकों से बहस करने लगते हैं और मारपीट करते नजर आते हैं। मौके पर काफी देर तक हंगामा भी हुआ। वीडियो में बाइक सवार युवक कार सवारों पर पीछे किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट करके आने का आरोप लगाते हुए उनसे जवाब-तलब करते दिखाई दे रहे हैं। एक्सीडेंट के बाद पीछा करने की बात प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार और बाइक के बीच टक्कर या एक्सीडेंट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद बाइक सवार युवकों ने कार का पीछा कर उसे रोक लिया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना के दौरान किसी राहगीर ने मोबाइल से इसका वीडियो बना लिया। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया। कार सवार ने लूट का लगाया आरोप कार सवार आदित्य वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बाइक सवार युवकों ने उनके साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके साथ लूट भी की गई। पुलिस तहरीर और वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वीडियो से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान और तलाश में जुटी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कार और बाइक के बीच वास्तव में टक्कर हुई थी या नहीं। मारपीट के दौरान लूट के आरोप की भी जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम अबिदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो में मारपीट करते दिखाई दे रहे युवकों की पहचान कर उनकी तलाश की जाएगी। कार सवार की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा अलीगढ़ महानगर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान के तहत मोदी की गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक यात्रा, सेवा और सुशासन से जुड़े प्रसंगों को नाटक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। पार्टी ने महानगर में 13 कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदारियां तय की हैं। अभियान के अलग-अलग कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेंगे।इस संबंध में सोमवार दोपहर भाजपा महानगर उपाध्यक्ष विजय विक्रम सिंह चीकू, महामंत्री सुरेश शर्मा व मीडिया प्रभारी निधिश कांत भट्ट ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी। सुरेश शर्मा व विजय विक्रम सिंह ने बताया कि ‘नमो सेवा- अनकही कहानियां’ के तहत कोल विधानसभा क्षेत्र के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर और शहर विधानसभा क्षेत्र के श्री वार्ष्णेय ऑडिटोरियम में विशेष नाट्य प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। नाटक में संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से मोदी के सार्वजनिक जीवन के प्रसंगों को मंच पर दिखाया जाएगा। पार्टी के अनुसार इसका उद्देश्य सेवा, समर्पण, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।बूथ से शक्तिकेंद्र तक कार्यक्रमअभियान की शुरुआत 17 सितंबर से हुई है। इसके तहत ‘आशीर्वाद दीया’ कार्यक्रम में बूथ स्तर पर घर-घर संपर्क किया गया। ‘सपनों का भारत’ 17 से 27 सितंबर तक और ‘नमो सेवा गाथा/अनकही कहानियां’ 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शक्तिकेंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर ‘आंगन उत्सव’ होगा। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान’ भी इसी अवधि में चलेंगे। 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘रंगोली राष्ट्र’ कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। केंद्र द्वारा निर्धारित तिथि पर ‘बडनगर से वाराणसी’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ कार्यक्रम होंगे। 17 अक्टूबर को ‘जन सेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ कार्यक्रम प्रस्तावित है।नेताओं को मिली अलग-अलग जिम्मेदारीकार्यक्रमवार जिम्मेदारियों में सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक मुक्ता राजा, महापौर प्रशांत सिंघल, एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। दस्तावेज के अनुसार महानगर महामंत्री सुरेश शर्मा को अभियान संयोजक बनाया गया है। उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह और हिम्मत सिंह लोधी तथा मंत्री मनोज भारद्वाज को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की योजना के मुताबिक अभियान के जरिए स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर जनसंवाद किया जाएगा।
मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को घरेलू विवाद के बाद एक पति ने अपनी पत्नी की कथित तौर पर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी पति खुद थाने पहुंच गया। इधर, बेटी से मिलने पहुंचे मायके वालों को घर के अंदर खून से लथपथ शव पड़ा मिला। पास में ही मासूम बच्चे रोते-बिलखते मिले। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। जयभीमनगर निवासी परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी कविता की शादी वर्ष 2022 में खालसा मोहल्ला निवासी मनीष के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही कविता के साथ ससुराल में दुर्व्यवहार किया जाता था। पिछले कई दिनों से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। सोमवार दोपहर खुला वारदात का राजसोमवार दोपहर कविता के परिजन उससे मिलने उसके घर पहुंचे। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो वहां कविता का शव खून से लथपथ पड़ा था। यह देखकर परिजनों की चीख निकल गई। घर में मौजूद मासूम बच्चे मां के शव के पास रोते-बिलखते मिले। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपीबताया गया कि पत्नी कविता की हत्या करने के बाद मनीष भावनपुर थाने पहुंच गया और पत्नी की हत्या की बात कुबूल की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। तत्काल एक टीम को आरोपी के घर भेजा गया। तब तक काफी संख्या में लोग एकत्र हो चुके थे। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे घरेलू विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि वारदात की वास्तविक वजह और हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोपकविता के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे परेशान किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि कई बार विवाद की जानकारी भी सामने आती रही। सोमवार को बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद मायके में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खबर जल्द अपडेट होगी…
बरेली में डिजिटल भुगतान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने UPI के चुनिंदा लेनदेन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में चार दिन का जागरूकता अभियान शुरू किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने आलमगीरीगंज में व्यापारियों और ग्राहकों को पंपलेट बांटकर MDR के संभावित आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने सरकार से यह शुल्क वापस लेने की मांग की है। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि बाजार में पहले से ही कारोबार पर दबाव है। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़ी यह अतिरिक्त लागत व्यापारियों के लिए चिंता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन ने सांसद के जरिए वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर 0.4 प्रतिशत MDR व्यवस्था पर फिर से विचार करने की मांग की है। प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने लंबे समय में UPI को अपने कारोबार का हिस्सा बनाया है। छोटे शहरों से लेकर गांवों तक डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ा है। संगठन का मानना है कि MDR लागू होने से व्यापारी डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने में असहज महसूस कर सकते हैं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से व्यापारियों की मांग पर विचार करने की अपील की। संगठन के मुताबिक, चार दिन के इस अभियान में सर्राफा बाजार, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट, बांसमंडी हार्डवेयर मार्केट, सिविल लाइंस और सुभाषनगर जैसे कई बाजारों में व्यापारियों को MDR के नियमों की जानकारी दी जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने 15 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया था कि 0.4 प्रतिशत MDR सभी UPI भुगतान पर लागू नहीं है। यह सिर्फ 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M (व्यक्ति से व्यापारी) लेनदेन पर ही लगता है, और वह भी निर्धारित श्रेणियों में। 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और शून्य-MDR श्रेणी में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन पर यह शुल्क नहीं लगता। सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन इस MDR से प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने यह भी साफ किया है कि MDR ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें।
बरेली में ग्रामीण जल जीवन मिशन के पंप ऑपरेटरों ने अपनी सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है। ये ऑपरेटर गांवों में हर घर तक पानी पहुंचाने वाली पेयजल योजनाओं का संचालन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऑपरेटरों ने मांग की है कि उन्हें आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल किया जाए और उनका मासिक मानदेय 20 हजार रुपये तय किया जाए। अमित कुमार, यशपाल, सुरजीत सिंह और विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पंप ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा। यह ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में दिया गया। ऑपरेटरों ने बताया कि ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत लगी पानी की टंकियों और पेयजल योजनाओं को चलाने में उनकी बड़ी भूमिका है। वे पंप और मोटर चलाने, पानी सप्लाई करने, उपकरणों की निगरानी करने और ग्रामीणों को नियमित पानी उपलब्ध कराने जैसे काम करते हैं। ऑपरेटरों के अनुसार, वे अभी एनसीसी कंपनी के जरिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि उनके काम की जिम्मेदारी और तकनीकी प्रकृति को देखते हुए उन्हें मिलने वाला मानदेय और सुविधाएं काफी कम हैं। उन्होंने जोर दिया कि पेयजल सप्लाई जैसी जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक नियमित और सुरक्षित सेवा व्यवस्था होनी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि ऑपरेटरों को नियमों के अनुसार आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल किया जाए। साथ ही, उनका मासिक वेतन 20 हजार रुपये तय किया जाए और उन्हें पीएफ, ईएसआई व दुर्घटना बीमा की सुविधा दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने साप्ताहिक छुट्टी, सरकारी छुट्टियां, सुरक्षा उपकरण, पहचान पत्र और सेवा से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
कांशीराम अस्पताल से 100 पेंशन फाइलें गायब:सेवानिवृत्त ACMO की फाइल भी शामिल, FIR दर्ज
कानपुर के रामादेवी कांशीराम अस्पताल के पेंशन कक्ष से करीब 100 फाइलें गायब होने से हड़कंप मच गया। खुली खिड़की के पास से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पत्रावलियां, सेवा पुस्तिकाएं और रिटायर्ड एसीएमओ की पेंशन फाइल भी गायब मिली। अस्पताल प्रशासन ने अज्ञात पर चोरी की आशंका जताते हुए चकेरी थाने में तहरीर दी है। वहीं, घटना की जानकारी सोमवार दोपहर 3 बजे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, करीब 100 पेंशन पत्रावलियां और सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामसुमेर की व्यक्तिगत पेंशन पत्रावली व सेवा पुस्तिका भी गायब मिली है। इसके अलावा कुछ अन्य पत्रावलियों के अंदर रखी सेवा पुस्तिकाएं भी नहीं मिलीं। पेंशन कक्ष की खिड़की खुली मिलने के बाद दस्तावेज चोरी की आशंका जताई गई है। अस्पताल के वरिष्ठ सहायक कार्यालय भूप नारायण पाल की दर्ज प्राथमिकी के अनुसार,बीती 16 सितंबर की दोपहर वह पेंशन पत्रावली लेने के लिए पेंशन कक्ष पहुंचे थे। कमरे में पहुंचने पर खिड़की के पास रखी टेबल से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कई पत्रावलियां गायब मिलीं। उनके रिकॉर्ड की जांच करने पर करीब 100 पत्रावलियां नहीं मिलीं। इनमें डॉ. रामसुमेर, सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की व्यक्तिगत पेंशन पत्रावली और सेवा पुस्तिका भी शामिल थी। कुछ अन्य पत्रावलियों के भीतर रखी सेवा पुस्तिकाएं भी गायब थीं। इसी दौरान कमरे के किनारे की खिड़की खुली मिली। अस्पताल प्रशासन ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने खिड़की के रास्ते पेंशन कक्ष में प्रवेश कर महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी किए होंगे। हालांकि, पत्रावलियां कब और किस तरह गायब हुईं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पेंशन संबंधी रिकॉर्ड में कर्मचारियों की सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के कारण घटना को गंभीर माना जा रहा है। वरिष्ठ सहायक ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि, पेंशन कक्ष में किसने प्रवेश किया और इतनी बड़ी संख्या में सरकारी रिकॉर्ड कब गायब हुए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मद्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करके विधिक कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने सोमवार तीन बजे सेवा संकल्प अभियान के तहत विकासखंड भाग्यनगर के पीएम श्री विद्यालय कंचौसी का दौरा किया। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई, बच्चों की हाजिरी, सीखने का स्तर, स्मार्ट क्लास, खेलकूद और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के समय स्कूल में कुल 260 बच्चे रजिस्टर्ड थे, लेकिन 183 ही मौजूद मिले। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार को निर्देश दिए कि सभी बच्चों की रोज हाजिरी लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं आते या कम आते हैं, उनके माता-पिता से शिक्षक खुद संपर्क करें। उन्हें बच्चों को रोज स्कूल भेजने के लिए कहें। साथ ही, माता-पिता से लगातार बात करके बच्चों की हाजिरी और पढ़ाई में प्रगति की जानकारी लेते रहें। डीएम ने अलग-अलग क्लास में जाकर बच्चों से बात की। उन्होंने कोर्स से जुड़े सवाल पूछकर उनके सीखने के स्तर को परखा। बच्चों का सीखने का स्तर उनकी क्लास के हिसाब से ठीक पाया गया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों की क्षमता और सीखने की गति के अनुसार पढ़ाएं और कमजोर बच्चों को ज्यादा मदद दें। उन्होंने स्मार्ट क्लास भी देखी और डिजिटल संसाधनों व नई टीचिंग तकनीकों का अच्छे से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। स्कूल में मौजूद इनडोर खेल सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कुश्ती, बॉक्सिंग और दूसरे खेल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बालवाटिका क्लास के बाहर बारिश का पानी जमा देखकर डीएम ने तुरंत ध्यान दिया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को साफ-सफाई और पानी निकालने की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। इस दौरान परियोजना निदेशक डीआरडीए और जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार मौर्य, बीडीओ भाग्यनगर अतुल यादव और बीएसए संजीव कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
अयोध्या जिले के रुदौली तहसील परिसर में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ बार एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 16वें दिन खत्म हो गया। अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच करीब दो घंटे चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। धरना खत्म होने के साथ ही तहसील के न्यायालयों में 16 दिनों से रुका न्यायिक काम फिर से शुरू होने की उम्मीद है। बार एसोसिएशन रुदौली के अधिवक्ता पांच सितंबर से तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे। अधिवक्ताओं का आरोप था कि उनके एक साथी के साथ न्यायालय में गलत व्यवहार किया गया। इसी को लेकर अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ विरोध करते हुए न्यायिक काम से दूरी बना ली थी। लगातार विरोध के कारण तहसील में न्यायिक कामकाज पर असर पड़ा और वादकारियों को भी परेशानी हुई। सोमवार दोपहर बाद तहसील सभागार में प्रशासन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें बार अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बातचीत में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। प्रशासन ने अधिवक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने का भरोसा दिया। बातचीत के बाद एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ अच्छे माहौल में बातचीत हुई। बातचीत के दौरान विवाद से जुड़े मुद्दे और गलतफहमियां दूर हो गई हैं। अब कोई विवाद नहीं है। अधिवक्ताओं ने धरना खत्म कर न्यायिक कामों में सहयोग करने का भरोसा दिया है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी धरना खत्म होने की जानकारी दी। बताया गया कि विवाद की शुरुआत एक अधिवक्ता और न्यायालय कर्मचारियों के बीच बहस से हुई थी। अधिवक्ता अपने वादी की जमानत के सिलसिले में न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर बहस हुई। आरोप है कि बाद में एसडीएम ने संबंधित अधिवक्ता को बुलाकर गलत तरीके से बात की, जिससे अधिवक्ता नाराज हो गए और सबने मिलकर धरना शुरू कर दिया था।
पन्ना में मझगांय-रुंझ बांध, केन-बेतवा लिंक परियोजना और ललितपुर-सिंगरौली रेल मार्ग से प्रभावित आदिवासी किसानों का चिता आंदोलन सोमवार को 10वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने चिता सत्याग्रह के साथ फांसी सत्याग्रह और मिट्टी सत्याग्रह शुरू किया है। ग्रामीण विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। बालूपुर के 27 विस्थापितों को मिली शेष राशि आंदोलन के बीच प्रशासन ने बालूपुर के 27 विस्थापितों को विशेष पुनर्वास पैकेज की शेष राशि का भुगतान किया। एसडीएम आलोक मार्को के अनुसार, प्रत्येक विस्थापित के खाते में 7.50-7.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। प्रभावित गांवों में सर्वे का काम जारी प्रशासन के अनुसार, डूब प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के लिए सर्वे दल गठित किए गए हैं। टीमों द्वारा प्रभावित गांवों में स्थल जांच की जा रही है। प्रशासन ने पात्र विस्थापितों से शेष राशि के भुगतान के लिए लिखित सहमति और शादीशुदा होने पर पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते की जानकारी जमा कराने को कहा है। ग्रामीणों ने मुआवजे पर उठाए सवाल मझगांय और रुंझ बांध से प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने 12.50 लाख रुपए के पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन उन्हें पूरी राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद मकान तोड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम भेजी जा रही है। जमीन का कम मूल्यांकन करने का आरोप ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग से प्रभावित सबदुआ निवासी भूरा पटेल ने आरोप लगाया कि उनकी सिंचित जमीन, कुएं, ट्यूबवेल, पेड़ और मकान का मूल्यांकन असिंचित जमीन के रूप में किया गया। इसके आधार पर उन्हें 1.15 लाख रुपए मुआवजा तय किया गया है। सूची में नाम नहीं होने की शिकायत मझगांय की लंगड़ी आदिवासी ने बताया कि उनके बेटे और बेटी का नाम सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल 5 लाख रुपए दिए गए हैं और उनका मकान डूब क्षेत्र में आ रहा है। बिजली-पानी काटने और नोटिस देने का आरोप आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि धरना स्थल की बिजली-पानी की व्यवस्था काटी जा रही है और शांति भंग के नोटिस दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने आंदोलन स्थल पर ही टपरियां बनाकर राशन जुटाने की बात कही है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने प्रशासन पर विस्थापितों की सूची और मुआवजे का स्पष्ट हिसाब नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात कही। जय किसान संगठन ने भी कानूनी अधिकार, पूरा मुआवजा और पुनर्वास मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। यह खबर भी पढ़ें… मझगांय बांध विस्थापितों ने फिर शुरू किया चिता आंदोलन: मुआवजा-विस्थापन न मिलने से आदिवासी परिवारों में आक्रोश पन्ना के मझगांय बांध क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से कई घरों में पानी भरने और बस्तियों के टापू बनने के बीच विस्थापितों ने शनिवार को फिर चिता आंदोलन शुरू कर दिया। वनहरीकला टपरिया में जय किसान संगठन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में मझगांय बांध, रुंझ बांध, केन-बेतवा लिंक परियोजना और ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से प्रभावित किसान और आदिवासी परिवार शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के चुनाव में रोडवेज के प्रांतीय प्रतिनिधि अजय कुमार को चेयरमैन बनाए जाने के बाद सोमवार को क्षेत्रीय कार्यशाला में उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर पूरे कार्यशाला परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कर्मचारी एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए और इस उपलब्धि को संगठन के लिए गर्व का पल बताया। जैसे ही अजय कुमार कार्यशाला पहुंचे, शाखा अध्यक्ष राम नरेश सिंह और अन्य कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं और मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की गई। कई कर्मचारियों ने कहा कि यह सफलता पूरे संगठन की एकता और मेहनत का नतीजा है। कर्मचारियों में खुशी देखने को मिली कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला में हर तरफ खुशी का माहौल बना रहा। कर्मचारी आपस में मिठाई बांटते और अजय कुमार को बधाई देते नजर आए। सभी ने नए चेयरमैन के प्रति अपना भरोसा जताया और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। इस मौके पर अजय कुमार ने सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह पद उन्हें सभी साथियों के सहयोग और विश्वास से मिला है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का प्यार और सम्मान उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वे इसे पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगे। हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा अजय कुमार ने कहा कि वह कर्मचारियों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की जो भी समस्याएं होंगी, उनका समाधान कराने के लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के जरिए हर कर्मचारी की आवाज को आगे तक पहुंचाया जाएगा। इस स्वागत समारोह में संत शरण सिंह, राकेश कुमार श्रीवास्तव, ओम प्रकाश राय, शशिकांत, अजीत कुमार यादव, अमर कुमार गुप्ता, अमरजीत प्रसाद, विनोद कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) नेतृत्व से मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जवाब मांगा है। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र भेजा गया था। इसमें मुख्यमंत्री पद के लिए मुस्लिम चेहरे और वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं के आरोपों पर सफाई मांगी गई थी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मौलाना ने कहा कि यह पत्र अखिलेश यादव तक कई तरीकों से पहुंचाया गया था। इसके बावजूद दोनों मुद्दों पर सपा चुप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सवाल प्रधानमंत्री के जवाब न देने पर पूछे जाते हैं, वही सवाल सपा नेतृत्व से क्यों नहीं पूछे जाते। उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर अपनी मांग फिर दोहराई। मौलाना ने कहा कि सपा को मुस्लिम बहुल विधानसभा इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने पर अपना रुख साफ करना चाहिए। उन्होंने 150 मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की मांग भी रखी। हालांकि, उन्होंने जिन 150 सीटों को मुस्लिम बहुल बताया, उसके समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है। 2011 की जनगणना में उत्तर प्रदेश की धार्मिक आबादी के आंकड़े उपलब्ध हैं, जबकि विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं के प्रतिशत के अलग-अलग अनुमान हैं। मौलाना ने आरोप लगाया कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम आबादी को कम राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होंने कहा कि अब टिकट बांटते समय आबादी के अनुपात और मुस्लिम बहुल इलाकों को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने वक्फ संपत्तियों से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपों पर भी सपा नेतृत्व से सफाई मांगी। मौलाना ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर अखिलेश यादव का जवाब आने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
उदयपुर में 26 और 27 सितंबर को एक बेहद अनूठा और देश का अपनी तरह का पहला 'क्लाइमेट चक्रव्यूह फेस्टिवल 2026' होने जा रहा है। विद्या भवन में होने वाले इस दो दिवसीय नागरिक-नेतृत्व वाले महोत्सव का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन को केवल उबाऊ आंकड़ों और डरावनी तस्वीरों के बजाय सीधे जमीनी अनुभवों के जरिए महसूस कराना है। इस फेस्टिवल में देश भर के 150 से अधिक युवा, पर्यावरण अभ्यासकर्ता, सामाजिक उद्यमी और कलाकार जुट रहे हैं। फेस्टिवल में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। महाभारत के चक्रव्यूह से प्रेरित है यह सोच फेस्टिवल का नाम महाभारत के 'चक्रव्यूह' से प्रेरित है-एक ऐसी युद्ध रचना जिसमें प्रवेश तो आसान था, पर बाहर निकलने का रास्ता खोजना बेहद कठिन। आज की जलवायु चुनौती भी पारिस्थितिक, सामाजिक, आर्थिक और मानवीय शक्तियों का एक ऐसा ही उलझा हुआ जाल है, जिससे अकेले बाहर निकलना नामुमकिन है। फेस्टिवल के क्यूरेटर राजेश एन सिंह मेहर ने बताया कि कोई भी बदलाव अपने आप से शुरू होता है। लेकिन खुद को बदलने के लिए हमें समान विचारधारा वाले साथियों का एक इकोसिस्टम चाहिए। इस चक्रव्यूह को कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं भेद सकता। जब हम सब इकट्ठे आएंगे, तभी इससे बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा। हमारी यही कोशिश है। ये होंगे मुख्य आकर्षण द जर्नी ऑफ अ ड्रॉप: इसके जरिए प्रतिभागी पानी की एक बूंद के सफर और जल-संचयन प्रणालियों को गहराई से समझ सकेंगे। द स्काई सेंचुरी: भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, खुले आसमान के नीचे बादलों को देखते हुए कुछ पल ठहरने और सुकून महसूस करने का अनूठा अनुभव। रिपेयर कैफे: 'कबाड़ से जुगाड़' की तर्ज पर यहाँ लोग अपनी पुरानी साइकिल, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स और फटे-पुराने कपड़ों को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत करना सीखेंगे। बियॉन्ड द बिन: इसके तहत प्रतिभागियों को शहर के कचरा प्रबंधन केंद्र का दौरा कराया जाएगा, ताकि वे कचरे के सही निपटारे को लाइव देख सकें। बर्ड वॉक से लेकर सांपों की खोज तक फेस्टिवल में किताबी ज्ञान के बजाय सीधे अनुभव पर जोर है। प्रतिभागियों के लिए सुबह की बर्ड वॉक, रात में पतंगों व सांपों की खोज, पत्तल-दोना बनाना और सीड ज्वेलरी जैसी गतिविधियां होंगी। इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के भी चलने वाले सेंसरी स्टेशन होंगे, जिनमें 'बैरफुट ट्रेल' (नंगे पैर चलना), 'साउंड्स ऑफ नेचर', 'खेजड़ी बैठक' और अरावली हाट में स्थानीय कारीगरों व पर्यावरण-सजग उद्यमियों का फ्ली मार्केट व फूड स्टॉल्स शामिल हैं। शाम को सजेगी सुरों की महफिल दिनभर के अनुभवों के बाद शाम को 'म्यूजिक, इकोलॉजी एंड हारमनी' का आयोजन होगा। इसमें शास्त्रीय गिटार वादक राघवेंद्र कुमार, लोक कलाकार रितेश गोहिया, कवि व 'नूरी' वाद्ययंत्र के रचयिता कविश सेठ और 'पहाड़ों में' गाने के लिए मशहूर इंडी गायक सलमान इलाही अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। मिलेगा 'क्लाइमेट पासपोर्ट', गेम की तरह पूरा करना होगा टास्क फेस्टिवल को रोमांचक बनाने के लिए इसे एक 'गेमीफाइड क्वेस्ट' का रूप दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर प्रतिभागी को एक 'क्लाइमेट पासपोर्ट' मिलेगा। उन्हें तीन रास्तों-सीइंग (आकाश), डूइंग (पृथ्वी) और बीइंग (प्राण) में से किसी एक पर आगे बढ़ना होगा। हर अनुभव पूरा करने पर पासपोर्ट पर गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज स्टैम्प लगेगा। स्कोर ऐप के लीडरबोर्ड पर लाइव दिखेगा और टॉप 30 प्रतिभागियों को 27 सितंबर को ग्रैंड क्लोजर में सम्मानित किया जाएगा।
अयोध्या जिले के ग्रामीण इलाकों में युवाओं और आम लोगों को व्यायाम और खेलकूद की सुविधा मिलेगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों को बनाने में करीब 5 करोड़ 45 लाख 49 हजार रुपये खर्च होंगे। जिले के सभी 11 विकासखंडों की चुनी हुई ग्राम पंचायतों में ये सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए जमीन तय करने का काम भी चल रहा है। मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने सोमवार,21 सितंबर दोपहर बाद बताया कि मिल्कीपुर, अमानीगंज, रुदौली, सोहावल, मवई और बीकापुर सहित सभी 11 विकासखंडों में ओपन जिम सेंटर खोले जाएंगे। हर विकासखंड में पांच से छह ग्राम पंचायतों को चुना गया है। कुल 57 ग्राम पंचायतों में ये सेंटर बनेंगे। मिल्कीपुर विकासखंड में बलारमऊ मेहदौना, मिल्कीपुर सोधियावा और अहिरौली सलोनी जैसी चुनी हुई ग्राम पंचायतों में जमीन तय कर ली गई है। बाकी विकासखंडों में भी जगह चुनने का काम जारी है। सीडीओ के मुताबिक, एक ओपन जिम सेंटर बनाने में करीब 9.45 लाख रुपये लगेंगे। इसमें से 5.45 लाख रुपये बीबीजी रामजी योजना से और करीब 4.11 लाख रुपये ग्राम पंचायत निधि से दिए जाएंगे। इस पैसे से सेंटर के लिए जरूरी ढांचा और खेल सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इन ओपन जिम सेंटरों में कई तरह के व्यायाम उपकरण लगाए जाएंगे। साथ ही एक वॉलीबॉल कोर्ट भी बनेगा। इससे गांव के लोगों को अपने गांव में ही रोज व्यायाम और खेलकूद की सुविधा मिल पाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इन सेंटरों से युवाओं को खेल से जोड़ने और लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों को व्यायाम के लिए शहर या बाजार नहीं जाना पड़ेगा।
घर से दवाई लेने के लिए निकला था बुजुर्ग:होटल में मिला मृत, शराब सेवन के बाद निगला जहर
होटल के कमरे में मिला बुजुर्ग का शव, पुलिस ने परिजनों को सौंपा रेवाड़ी के बस स्टैंड के समीप एक होटल के कमरे में कृष्णानगर निवासी 60 वर्षीय ईश्वर सिंह का शव मिला। सूचना मिलने के बाद जगन गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार ईश्वर सिंह रविवार सुबह घर से दवाई लेने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसने बस स्टैंड के समीप एक होटल में कमरा लिया। शाम तक उसके कमरे से बाहर नहीं आने पर होटल संचालक को शक हुआ। उसने कमरे में जाकर देखा तो ईश्वर सिंह बेसुध अवस्था में पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके से शराब की बोतल और कुछ संदिग्ध दवाइयां बरामद की हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि ईश्वर सिंह शराब पीने का आदी था। करीब पांच साल पहले उसके बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद से उसने शराब का सेवन शुरू कर दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चन्नी की पढ़ाई पर बिट्टू का तंज:‘कॉलेजों में जाकर जो Meetoo की पढ़ाई की, वो हमने कभी नहीं की’
लुधियाना में आज सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर एक बार फिर निशाना साधा। बिट्टू ने चन्नी की ओर से उनकी पढ़ाई को लेकर की गई टिप्पणी के जवाब में निजी आरोपों और ‘मीटू’ विवाद का जिक्र किया। बिट्टू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं के बीच एक-दूसरे से सवाल-जवाब होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि चन्नी उनकी पढ़ाई की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपनी पढ़ाई के बारे में भी बताना चाहिए। ‘जो पढ़ाई चन्नी ने की, वो हमने कभी नहीं की’ बिट्टू ने कहा, “चन्नी ने कॉलेजों में जाकर जो Meetoo की पढ़ाई की है, वो पढ़ाई हमने कभी नहीं की। चन्नी मुख्यमंत्री होकर भी IAS अफसर नहीं छोड़ पाए। उन्हें अपनी पढ़ाई की लाज रखनी चाहिए थी।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने स्कूल-कॉलेज में ऐसी ‘अंगुली वाली पढ़ाई’ नहीं की। बिट्टू ने दावा किया कि अगर चन्नी कहें तो वह उन्हें संबंधित वीडियो भी भेज सकते हैं। ‘चन्नी की अंगुली जैसे चलती है, मेरी नहीं चल सकती’ बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा, “जैसे चन्नी की अंगुली चलती है, मेरी तो वैसे चल ही नहीं सकती।” उन्होंने चन्नी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी वह बकरी का दूध निकालने और कभी मंजे बनाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी पढ़ाई नहीं की। ‘करोड़ों की जायदादें बनाई’ बिट्टू ने चन्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने लोगों के साथ धोखाधड़ी करके करोड़ों की जायदादें बनाई हैं। बिट्टू ने कहा कि वह ऐसी पढ़ाई नहीं कर सकते।
सोनीपत बस स्टैंड गेट पर खड़ी की कार:अंदर नहीं जा सकी बसें, 30 मिनट तक लगा जाम, एम्बुलेंस भी फंसी
सोनीपत में बस स्टैंड के बैक साइड एंट्री गेट पर एक कार गलत तरीके से खड़ी कर दी गई। इसकी वजह से रोडवेज बसें अंदर नहीं जा सकीं और सड़क पर ही रुक गईं। इससे सेक्टर-14 रोड पर करीब 30 मिनट तक लंबा जाम लग गया, जिसमें एक एम्बुलेंस भी फंस गई। दरअसल, कार मालिक अपनी गाड़ी गेट के सामने खड़ी कर चला गया था। गलत पार्किंग के कारण रोडवेज बसें बस स्टैंड के अंदर नहीं घुस सकीं। मजबूरन ड्राइवरों को बसों को सड़क पर ही रोकना पड़ा। बसों के सड़क पर रुकने से सेक्टर-14 से बस स्टैंड और बस स्टैंड से सेक्टर-14 की तरफ जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सड़क पर जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक कार मालिक मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों और रोडवेज कर्मचारियों ने मिलकर कार को धक्का देकर रास्ते से हटाया। तब जाकर जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका। एंबुलेंस भी जाम में फंसी जाम के दौरान एक एंबुलेंस भी वाहनों के बीच फंस गई। करीब 20 मिनट तक रास्ता बाधित रहने से वाहन ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने कार मालिक को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों और रोडवेज कर्मचारियों ने हटाई कार जब काफी देर तक कार मालिक मौके पर नहीं आया तो स्थानीय लोगों और रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर ने मिलकर कार को धक्का देकर आगे सरकाया। कार पूरी तरह से नहीं हटी और काफी देर तक कार मलिक का इंतजार किया गया। कार साइड करने के बाद बस के निकलने का रास्ता साफ हुआ और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। ट्रैफिक पुलिस भी मौके पर पहुंची जाम की सूचना के बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए रास्ते से वाहनों को निकलवाया। गलत पार्किंग के कारण कुछ समय के लिए बस स्टैंड के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कार मालिक के खिलाफ चालान की तैयारी रोडवेज विभाग की ओर से गलत तरीके से गाड़ी पार्क करने वाले कार मालिक के खिलाफ चालान करवाने की बात कही गई है। विभाग के अनुसार, बस स्टैंड के एंट्री गेट पर इस तरह गाड़ी खड़ी करने से बसों की आवाजाही बाधित होने के साथ आम वाहन ड्राइवरों को भी परेशानी होती है।
हरिद्वार में अवैध संबंध के चलते बिजनौर के व्यक्ति की हत्या, पति-पत्नी गिरफ्तार
अवैध संबंध के चलते बिजनौर के एक व्यक्ति की हरिद्वार में हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली तलाकशुदा युवती ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की। युवती ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रिंसिपल ने दूसरी शादी कराने का झांसा देकर उसे लद्दावाला इलाके में बुलाया और बाद में उसके साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया। युवती का कहना है कि वह अपने बच्चे के साथ अकेली रह रही है। पूर्व प्रिंसिपल ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसकी दूसरी शादी एक युवक से कराई जाएगी। इसी भरोसे पर वह बताए गए स्थान पर पहुंची, लेकिन वहां शादी के लिए बताया गया युवक मौजूद नहीं था। खुद से शादी का दबाव बनाने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, युवक के नहीं मिलने के बाद पूर्व प्रिंसिपल ने उसके साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया और खुद से शादी करने का दबाव बनाया। युवती का आरोप है कि उसे यह भी कहा गया कि शादी के लिए तैयार होने पर उसके नाम प्लॉट और अन्य संपत्ति कर दी जाएगी। युवती ने बताया कि उसने इस प्रस्ताव का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंची। पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप युवती का आरोप है कि उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन मामले में अपेक्षित कार्रवाई करने के बजाय उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवती सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची। सुरक्षा की भी लगाई गुहार पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उसने अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा की गुहार भी लगाई। मामले में पुलिस की ओर से दर्ज कार्रवाई या आरोपी पक्ष का पक्ष इस शिकायत में उपलब्ध नहीं है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लंबे इंतजार के बाद होने जा रहे चुनाव अब प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अक्टूबर में चार बड़े घरेलू टूर्नामेंट शुरू होंगे, लेकिन राजस्थान में इन प्रतियोगिताओं की तैयारियां अब तक जमीन पर नजर नहीं आ रही हैं। स्थिति यह है कि रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 के कैंप तक आयोजित नहीं हुए हैं। वहीं अंडर-23 और महिला अंडर-19 के प्रदेशस्तरीय टूर्नामेंट तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब खिलाड़ियों को प्रदर्शन का मौका ही नहीं मिला तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए टीमों का सिलेक्शन किस आधार पर होगा। RCA के चुनाव 29 सितंबर को होंगे। चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी के सामने 7 से 10 दिन में चारों प्रतियोगिताओं के लिए प्रदेशभर से खिलाड़ियों की पहचान, चयन, टीम गठन और तैयारी कराने की चुनौती होगी। प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट ही नहीं हुए, फिर खिलाड़ियों का सिलेक्शन कैसे सबसे बड़ा सवाल अंडर-23 और महिला अंडर-19 खिलाड़ियों को लेकर है। इन दोनों वर्गों में प्रदेश स्तर पर ही प्रतियोगिताएं नहीं हो सकी हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए चयनकर्ताओं के पास पर्याप्त मैच रिकॉर्ड किस आधार पर होगा। वहीं रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 टीमों के लिए भी अब तक कैंप आयोजित नहीं होने से खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास करने और खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। इसके बाद ही फाइनल टीम का सिलेक्शन भी होना है। खिलाड़ियों के बीच इसी बात को लेकर चिंता है कि चुनाव के बाद जल्दबाजी में चयन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी तो सिलेक्शन का आधार क्या होगा। क्या खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खिलाकर उनका प्रदर्शन देखा जाएगा या फिर सीमित समय में ट्रायल के आधार पर ही टीमों का गठन कर दिया जाएगा। दूसरे राज्यों में तैयारी शुरू, राजस्थान में चुनाव के बाद बनेगी टीम राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि RCA के चुनाव अपनी जगह जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर क्रिकेट कैलेंडर पर नहीं पड़ना चाहिए। BCCI की प्रतियोगिताओं की तारीख पहले से निर्धारित है। ऐसे में खिलाड़ियों की तैयारी और चयन प्रक्रिया को चुनावी गतिविधियों से अलग रखा जाना चाहिए था। खिलाड़ियों के मुताबिक- देश के दूसरे राज्यों में घरेलू क्रिकेट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ी कैंप और प्रैक्टिस में जुटे हैं, जबकि राजस्थान में अभी तक प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताएं ही आयोजित नहीं हो पाई हैं। ऐसे में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने वाली राजस्थान की टीमों के सामने तैयारी का अंतर साफ नजर आ सकता है। सिर्फ ट्रायल के भरोसे सिलेक्शन हुआ तो उठेंगे सवाल खिलाड़ियों ने कहा- चुनाव के बाद जल्दबाजी में सिलेक्शन किया गया तो खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सीमित मौका रहेगा। ऐसे में सिलेक्शन प्रक्रिया ट्रायल आधारित होने की स्थिति में सवाल उठना स्वाभाविक है। खिलाड़ियों ने कहा- प्रदर्शन के बजाय कुछ ही दिनों के ट्रायल के आधार पर टीम चुनना खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ठीक प्रक्रिया नहीं होगी। खिलाड़ियों ने कहा- प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं और मैचों की जरूरत है। यही प्रक्रिया आगे भी प्रभावित होती रही तो इसका सीधा असर राजस्थान के खिलाड़ियों के प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की टीम की स्थिति पर पड़ सकता है। टूर्नामेंट किए जाएं राजस्थान के क्रिकेटरों ने मांग की है कि RCA चुनाव की प्रक्रिया अपनी जगह चले, लेकिन BCCI के टूर्नामेंट की तैयारी को उससे प्रभावित नहीं होने दिया जाए। रणजी, अंडर-19, अंडर-23 और महिला अंडर-19 के लिए तुरंत कैंप और जरूरी प्रदेशस्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू हों। खिलाड़ियों ने कहा- हमें पर्याप्त मैच प्रैक्टिस और निष्पक्ष सिलेक्शन प्रक्रिया मिले, ताकि राजस्थान की टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पूरी तैयारी के साथ उतर सकें।
जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने UPI भुगतान पर लागू किए गए MDR के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित 4 सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी परमानंद झा को सौंपा। MDR को लेकर सरकार पर निशाना धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। उन्होंने MDR को जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब GST को 'एक देश, एक टैक्स' के रूप में पेश किया गया था, तो UPI लेनदेन पर MDR क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे कारोबारियों के सामने परेशानी बढ़ेगी और इसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ खान ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने MDR वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जनता पहले से महंगाई और बेरोजगारी का सामना कर रही है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ाना उचित नहीं है। आरिफ खान ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी। राष्ट्रपति के नाम सौंपा मांग पत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 4 सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी परमानंद झा को सौंपा। इसमें UPI पर MDR से जुड़े प्रावधान को वापस लेने समेत अन्य मांगें रखी गईं। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह डब्बू, विनय तिवारी, लाल प्रकाश पाल, महिला नेता मंजू बेनवंशी, अरुण शुक्ला, रामसिंह बांकुरे, जिला सचिव इरशाद खान, सभासद शहनवाज मंजूर, राजकुमार गुप्ता, जब्बार अली सलमानी, तौफीक अहमद राजू, हमजा मलिक, आशीष यादव, रेखा बेनवंशी, साबिर बेगम, मुहम्मद ताहिर, इकबाल हुसैन, संदीपा बेनवंशी, विजेंद्र गौतम, इस्तेखारुल प्रधान और मोहम्मद अजीम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रायसेन। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 बारिश के बाद खराब हो गया है। भानपुर से सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहे तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कई जगह वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहनों के साथ-साथ सड़क के गड्ढों से भी बचकर निकलना पड़ रहा है। बारिश के बाद हाईवे की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन मरम्मत न होने से गड्ढे और गहरे हो गए हैं। छोटे-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ कार और भारी वाहनों को भी परेशानी हो रही है। रात के समय इन गड्ढों में वाहन फंसने या हादसे होने का खतरा और बढ़ जाता है। वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे पर टोल वसूली लगातार जारी है, लेकिन सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। उनका सवाल है कि जब सड़क के रखरखाव के लिए टोल लिया जा रहा है, तो फिर हाईवे की ऐसी हालत क्यों है। वाहन चालकों ने हाईवे के खराब हिस्सों की जल्द मरम्मत कराने और बड़े गड्ढों को भरने की मांग की है। इससे आने-जाने में आसानी होगी और हादसों का खतरा कम होगा।
अजमेर के मेयर चुनाव में निर्दलीयों ने पूरा गणित ही पलट दिया। यहां 37 सीटों पर जितने के बाद भी कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना सकी। वहीं, 32 सीटों पर जीतने वाली भाजपा का मेयर बना है। भाजपा को 11 निर्दलीयों का साथ मिला। 43 वोटों के साथ मेयर की कुर्सी अपने नाम कर ली। इस नतीजे ने कांग्रेस के खेमे में क्रॉस वोटिंग, अंदरूनी गुटबाजी और रणनीतिक चूक को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस अपने मूल आंकड़े से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं, भाजपा ने 11 वोट जोड़ लिए। कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग किसने की खास बात यह रही कि कांग्रेस 5 निर्दलीयों को अपने साथ होने का दावा कर रही थी, उनमें से 2 मेयर चुनाव के दौरान भाजपा खेमे के साथ नजर आए। 3 कांग्रेस खेमे के साथ दिखे। अगर इस गणित को भी मानें कि 3 निर्दलीय कांग्रेस के साथ थे तो 40 वोट मिलने चाहिए थे। लेकिन मिले 37 वोट। ऐसे में क्रॉस वोटिंग निर्दलीयों ने की या कांग्रेस के पार्षदों ने की। पार्टी के सामने ये बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 37 से आगे नहीं बढ़ी कांग्रेस, यहीं से क्रॉस वोटिंग की चर्चा मेयर चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि कांग्रेस के 37 पार्षदों में से क्या सभी ने पार्टी प्रत्याशी को ही वोट दिया? वोटों के आंकड़े से इतना स्पष्ट है कि कांग्रेस प्रत्याशी को 37 वोट मिले, जो कांग्रेस के कुल पार्षदों की संख्या के बराबर हैं। ऐसे में व्यक्तिगत रूप से किसी पार्षद के क्रॉस वोट करने की पुष्टि केवल मतदान के आंकड़े से नहीं की जा सकती। लेकिन चुनाव से पहले निर्दलीयों को लेकर दोनों दलों के दावों और वोटिंग के बाद सामने आए 43-37 के अंतर ने क्रॉस वोटिंग की चर्चा जरूर तेज कर दी। दोनों पार्टी 11 निर्दलीयों के समर्थ का दावा कर रही थी पार्षद चुनाव के बाद दोनों ही दल 11 निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से घनश्याम वर्मा, कैलाश कोमल और विनोद कुमार को अपने साथ बताया गया था। ये तीनों मेयर वोटिंग के दौरान कांग्रेस के साथ दिखाई भी दिए। इसके बावजूद कांग्रेस को 37 ही वोट मिले। दूसरी तरफ भाजपा के 32 पार्षदों के साथ कुल 43 वोट पड़े। यानी भाजपा को 11 अतिरिक्त वोट मिले। यही 11 वोट पूरे मेयर चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक गणित बन गए। भाजपा का कहना है कि निर्दलीय उसकी विचारधारा के साथ थे, जबकि कांग्रेस ने चुनाव के बाद हॉर्स ट्रेडिंग, धनबल और सत्ता के इस्तेमाल के आरोप लगाए। यानी दोनों दलों की ओर से इन 11 वोटों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए। सोफिया-अजहर की तस्वीरों ने बढ़ाया सस्पेंस वार्ड 11 से कांग्रेस से बागी होकर जीतीं सोफिया और वार्ड 14 के अजहर को लेकर भी चुनाव के दौरान तस्वीर बदली हुई नजर आई। कांग्रेस पहले इनके समर्थन का दावा कर रही थी, लेकिन मेयर वोटिंग के दौरान दोनों भाजपा पार्षदों के साथ दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने कांग्रेस के दावों और जमीनी समीकरण को लेकर राजनीतिक चर्चा को और तेज किया। हालांकि किस निर्दलीय ने किसे वोट दिया, यह व्यक्तिगत मतदान के आधार पर सार्वजनिक रूप से तय नहीं किया जा सकता। लेकिन वोटिंग के दिन खेमों के साथ दिखाई देने वाले पार्षदों और अंतिम वोट आंकड़ों ने चुनाव के राजनीतिक समीकरण को जरूर चर्चा में ला दिया। भाजपा से बागी हुए निर्दलीय भी भाजपा के साथ दिखें दूसरी तरफ भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते रूबी जैन, सुनील गुर्जर, मदन सिंह, कुंदन वैष्णव, मोनिका सुईवाल और गायत्री सोनी भी मेयर वोटिंग के दौरान भाजपा के साथ नजर आए। यानी भाजपा के 32 पार्षदों के अलावा निर्दलीयों की मौजूदगी ने उसके 43 के आंकड़े को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर दी। भाजपा अपने मूल आंकड़े से 11 वोट आगे निकल गई और यहीं कांग्रेस के 37 तथा भाजपा के 43 वोटों के बीच 6 वोट का अंतर बन गया। कांग्रेस की गुटबाजी भी बनी चुनावी चर्चा का हिस्सा मेयर चुनाव सिर्फ निर्दलीयों के समर्थन का चुनाव नहीं रहा। कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी भी लगातार चर्चा में रही। पूर्व RTDC अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ और अजमेर शहर के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय जैन के गुटों को लेकर खींचतान की चर्चा चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान सामने आती रही। बाद में दोनों नेताओं की ओर से एकजुटता का दावा किया गया, लेकिन प्रत्याशी चयन तक मामला प्रदेश स्तर के नेताओं के हस्तक्षेप तक पहुंचा। किरण गढ़वाल के नाम पर सहमति बनने के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी भी की। लेकिन चुनाव परिणाम में पार्टी 37 से आगे नहीं बढ़ सकी। बाड़ेबंदी के बावजूद नहीं बदला कांग्रेस का आंकड़ा कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की। उद्देश्य साफ था मेयर चुनाव तक सभी पार्षदों को एकजुट रखना और प्रत्याशी के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करना। लेकिन परिणाम में कांग्रेस के वोट 37 ही रहे। दूसरी तरफ भाजपा ने 32 से शुरुआत कर 43 वोट हासिल किए। यानी भाजपा ने बहुमत के लिए जरूरी 41 के आंकड़े से भी 2 वोट ज्यादा जुटाए। यही वजह है कि चुनाव के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग, निर्दलीयों के रुख और गुटबाजी तीनों मुद्दे चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। भाजपा ने विचारधारा का समर्थन बताया, कांग्रेस ने लगाए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि 11 निर्दलीय भाजपा की विचारधारा के साथ थे और सभी ने भाजपा को वोट दिया। उन्होंने कांग्रेस के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का फायदा भाजपा को मिला। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने मेयर चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धनबल और सत्ता के इस्तेमाल के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और जल्द इसका जवाब देगी। 36 साल की भाजपा बोर्ड की परंपरा बरकरार, लेकिन इस बार कहानी अलग अजमेर में पिछले 36 साल से भाजपा का बोर्ड रहा है। इस बार पार्षद चुनाव में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा के पास 32 सीटें थीं। इसके बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा ने 43 वोट हासिल किए और 8वीं बार भाजपा ने अपना बोर्ड बना लिया। ये भी पढ़ें… अजमेर में 8वीं बार बीजेपी का बोर्ड,अनामिका शर्मा बनीं मेयर:निर्दलीयों से गठजोड़ में भाजपा रही आगे; ससुर ने पार्टी का झंडा लेकर किया डांस अजमेर- पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष की बहू बनी नई मेयर:पुष्कर के गायत्री महायज्ञ में संभाली थी फाइनेंस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी, पहली बार लड़ा चुनाव
कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र में रांची-पटना मुख्य मार्ग (NH-20) पर जामुखाड़ी के पास एक सड़क हादसा हो गया। करमा महोत्सव से लौट रही एक किशोरी को सड़क पार करते समय एक मिक्सर ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। मृत किशोरी की पहचान जामुखाड़ी निवासी राजेश सिंह घटवार की 12 साल की बेटी रानी कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कोडरमा के घटवार घटवाल आदिवासी महासभा ने जामुखाड़ी में करमा उत्सव का आयोजन किया था। रानी अपनी मां के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद रानी अपनी मां के साथ घर लौट रही थी। रांची-पटना मुख्य मार्ग पर सड़क पार करते समय बरही की तरफ से आ रहे एक मिक्सर ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। रानी गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ट्रक और चालक को अपने कब्जे में ले लिया मां की आंखों के सामने हुए इस हादसे के बाद उनकी चीख सुनकर वहां मौजूद लोग दुखी हो गए। करमा महोत्सव में आए लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मिक्सर ट्रक और उसके चालक को पकड़ लिया। उन्होंने चालक के साथ मारपीट भी की। घटना की सूचना मिलते ही चंदवारा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक तथा चालक को अपने कब्जे में ले लिया। घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर बच्ची के शव के साथ एनएच 20 को जाम कर दिया। पुलिस फिलहाल ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने के लिए लोगों से बातचीत कर रही है।
फरीदाबाद के NIT-3 स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की नाराजगी अब हड़ताल तक पहुंच गई है। मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनने और इलाज की सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों सहित करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें सभी मेडिकल बेनिफिट देने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। ओपीडी, आईपीडी के साथ इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी में मरीज घंटों उपचार के इंतजार में खड़े रहे। वहीं, आईपीडी में मरीजों को भर्ती कराने में भी दिक्कत हुई। इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल में पीजी, सीनियर रेजिडेंट, यूजी और इंटर्न डॉक्टर शामिल रहे। OT में बिगड़ी डॉक्टर की तबीयत, निजी अस्पताल में हुआ ऑपरेशन मामले की शुरुआत 19 सितंबर को हुई। ESIC अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर विवेक जांगड़ा की OT में अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी डॉक्टरों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में मेडिकल सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हुई, क्योंकि उनका मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बना था। डॉक्टरों का आरोप है कि उस समय उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि जब अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर को ही जरूरत के समय उपचार और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं तो व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर डॉक्टरों ने प्रबंधन के सामने अपनी मांगें रखीं। डॉक्टर की हालत बिगड़ती गई तो परिवार के लोग उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए। वहां उनका ऑपरेशन कराया गया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में मेडिकल बेनिफिट को लेकर नाराजगी और बढ़ गई। 400 रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना- पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर कविन्द्र सिंह रोहिल्ला ने बताया कि अस्पताल में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। उनका आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के पूर्ण मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज की सुविधाएं लेने में परेशानी होती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मुद्दे को पहले भी अस्पताल प्रबंधन के सामने उठाया जा चुका है। मांग पूरी नहीं होने पर अब डॉक्टरों ने हड़ताल का फैसला लिया है। उनका कहना है कि अगर जल्द लिखित आश्वासन नहीं मिला तो वे दिल्ली की ओर कूच कर सकते हैं। रोज करीब 4,500 मरीज आते हैं अस्पताल ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदाबाद का बड़ा रेफरल सेंटर है। यहां रोजाना करीब 4,500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। फरीदाबाद और पलवल के अलावा दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, होडल, पानीपत, सोनीपत और रेवाड़ी समेत आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में OPD मरीजों के अलावा गंभीर मरीज भी पहुंचते हैं। ऐसे में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड रहा है। प्रबंधन ने फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी ESIC के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें अस्पताल की तरफ से सभी मेडिकल बेनिफिट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टर केवल इमरजेंसी सेवाएं दे सकते हैं। डॉ. संदीप कुमार के मुताबिक, इस मामले की फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। वहां से जो फैसला आएगा, उसी के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों को मेडिकल बेनिफिट देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ एक डॉक्टर के इलाज का मामला नहीं है, बल्कि अस्पताल में काम कर रहे करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों के मेडिकल अधिकारों का मामला है। हड़ताली डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो इमरजेंसी और आईसीयू की सेवाएं भी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। इससे अस्पताल प्रबंधन के सामने मरीजों को नियमित और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।
ओडिशा में CJP के सदस्यों को स्कूल में घुसने से रोका, सौरव दास बोले- बदहाली छिपा रहा प्रशासन
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 'स्कूल ठीक करो अभियान' के तहत भुवनेश्वर के स्कूलों का दौरा कर बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। पार्टी ने हरिहर विद्यापीठ में शौचालयों की खराब स्थिति पर सवाल उठाए और एक स्कूल में प्रवेश न मिलने का आरोप लगाया।
भीलवाड़ा जिले की 10 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 3 पालिकाओं पर कब्जा किया। इससे पहले भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा का महापौर निर्विरोध चुना गया। पालिकाओं के चुनाव में बनेड़ा में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिलने के बाद पर्ची से फैसला हुआ, जबकि गुलाबपुरा और शाहपुरा में अध्यक्ष पद का नतीजा सिर्फ एक-एक वोट के अंतर से आया। जानिए… 10 नगर पालिकाओं के परिणाम जहाजपुर में भाजपा की बड़ी जीत: जहाजपुर नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशी अलकेश वैष्णव ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी प्रमोद देवी शर्मा को 2 वोट मिले। बिजौलिया में एक वोट से भाजपा जीती: बिजौलिया में भाजपा की स्नेहा तिवारी और कांग्रेस की भूमिका सुवालका के बीच बेहद करीबी मुकाबला हुआ। स्नेहा तिवारी को 13 वोट मिले, जबकि भूमिका सुवालका को 12 वोट मिले। बनेड़ा में पर्ची से राजाधिराज बने पालिकाध्यक्ष: बनेड़ा में भाजपा के गोपाल चरण (राजाधिराज) और कांग्रेस के बाबूलाल माली को 10-10 वोट मिले। मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पर्ची निकाली गई। इसमें भाजपा के गोपाल चरण के पक्ष में फैसला आया। गुलाबपुरा में एक वोट से भाजपा की जीत: गुलाबपुरा में भाजपा की विष्णु देवी वैष्णव ने 18 वोट हासिल किए। कांग्रेस की रजनी तोषनीवाल को 17 वोट मिले। इस तरह भाजपा ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। मांडलगढ़ में कांग्रेस को सिर्फ 2 वोट: मांडलगढ़ में भाजपा प्रत्याशी श्वेता डांगी ने 12 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार जुली ओस्तवाल को 6 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की जहरा फातिमा को सिर्फ 2 वोट मिले। गंगापुर में कांग्रेस की प्रीति जीतीं: गंगापुर नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी प्रीति काकाणी ने 15 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा की विकल सिंघवी को 10 वोट मिले। आसींद में भाजपा की आसान जीत: आसींद नगरपालिका में भाजपा के सत्येंद्र सिंह चौहान ने 17 वोट हासिल किए। कांग्रेस के दिनेश गोखरू को 8 वोट मिले। इस तरह सत्येंद्र सिंह चौहान ने जीत दर्ज की। हमीरगढ़ में पूर्व पालिकाध्यक्ष रेखा परिहार हारीं: हमीरगढ़ में कांग्रेस के प्रकाश जाट ने 12 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा की रेखा परिहार को 8 वोट मिले। रेखा परिहार पूर्व पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं। बीगोद में लोकेश नागौरी ने बाजी मारी: बीगोद नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशी लोकेश नागौरी ने 16 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कांग्रेस की मनुडी को 3 वोट, निर्दलीय उम्मीदवार को 6 वोट, गुर्जर को एक वोट मिलने की जानकारी दी गई है। शाहपुरा में एक वोट से कांग्रेस की जीत: शाहपुरा में कांग्रेस प्रत्याशी रमेश सेन ने 18 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार बालमुकुंद तोषनीवाल को 17 वोट मिले। कांग्रेस ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
बड़वानी में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले जिले भर के किसान राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी में इकट्ठा हुए। मंडी में सभा के बाद किसान तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिल से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट कार्यालय का गेट बंद था और ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं आया। इससे किसानों में गुस्सा बढ़ गया। किसान कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन गेट बंद होने के कारण अंदर नहीं जा पाए। नाराज किसानों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय से नीचे आकर खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे और सेंधवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दीं। उन्होंने करीब 20 मिनट तक चक्काजाम किया और सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी मौके पर एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत, तहसीलदार राहुल सोलंकी और पुलिस प्रशासन मौजूद था। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें जल्द ही शासन स्तर पर भेजी जाएंगी। हालांकि, किसान कुछ देर तक कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। जाम के कारण कुछ देर तक ट्रैफिक पर भी असर पड़ा। आखिर में किसानों ने एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांगें स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करना, एमएसपी पर उपज खरीदना, खाद-बीज और कृषि सिंचाई सामग्री के दाम कम करना, नहरों में पानी छोड़ना, खराब नहरों की मरम्मत करना और अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा देना थीं। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो 1 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसे जल्द ही शासन स्तर पर भेजा जाएगा। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने पलवल निवासी एक व्यक्ति से 1 लाख 31 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने वॉट्सऐप पर गैस बिल अपडेट करने का संदेश भेजा और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से 2 ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 31 हजार 525 रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पलवल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार के मुताबिक, पलवल निवासी संदीप ने शिकायत में बताया कि 17 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे उनके वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया। इसमें खुद को अडानी गैस से जुड़ा बताया गया। संदेश में लिखा था कि लंबे समय से मीटर रीडिंग अपडेट नहीं होने के कारण रात में गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसमें एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। एसबीआई क्रेडिट कार्ड से कटे 1.31 लाख रुपए संदीप ने दिए गए नंबर पर फोन किया। सामने वाले व्यक्ति ने गैस बिल अपडेट करने के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप में संदीप से नाम, मोबाइल नंबर और ठग की ओर से दिया गया 10 अंकों का सीएएन नंबर दर्ज कराया गया। इसके बाद करीब 25 रुपए का छोटा सा सत्यापन भुगतान करने को कहा गया। संदीप ने 2 बार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन दोनों बार भुगतान असफल रहा। इसके तुरंत बाद उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 26 हजार रुपए और 5 हजार रुपए कटने के 2 मैसेज आए। इस तरह कुल 1 लाख 31 हजार रुपए की रकम निकाल ली गई। मामले की जांच कर रही साइबर पुलिस जब संदीप को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने 17 सितंबर को साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पलवल पहुंचकर अपनी शिकायत दी और अपना बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवरिया में समाजवादी चिंतक, विचारक और पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह की 13वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार, 22 सितंबर को बरहज स्थित बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। स्थानीय रिपोर्टों में भी उनके 22 सितंबर को बरहज पहुंचने की पुष्टि की गई है। मोहन सिंह की बेटी और पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह ने सोमवार को सपा कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुण्यतिथि पर आयोजित सभा में मोहन सिंह के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोहन सिंह का सार्वजनिक जीवन समाजवादी विचारधारा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। कार्यक्रम में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी जाएगी। तैयारियां पूरी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता होंगे शामिल श्रद्धांजलि सभा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। शिवपाल सिंह यादव के बरहज आगमन को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारियां तय की हैं। जिलाध्यक्ष ने की समय पर पहुंचने की अपील सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मोहन सिंह का राजनीतिक जीवन समाजवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित से जुड़ा रहा। श्रद्धांजलि सभा उनके सार्वजनिक जीवन और विचारों को याद करने का अवसर है।
शहडोल में कोयला लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा:चालक को चोट, मजदूर दूसरे ट्रक में शिफ्ट करते रहे कोयला
शहडोल में सोमवार को सोहागपुर थाना क्षेत्र के एनएच-43 पर कोटमा तिराहे के पास एक कोयला लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। जानकारी के मुताबिक, कोयला लोड यह ट्रक बुढ़ार की ओर से शहडोल की तरफ आ रहा था। कोटमा तिराहे के पास अचानक ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पलट गया। ट्रक पलटने से उसमें लदा सारा कोयला सड़क पर बिखर गया। हादसे के बाद सोमवार सुबह से ही मजदूरों की मदद से पलटे हुए ट्रक से कोयला निकालकर दूसरे ट्रक में लोड किया जा रहा है। मौके पर ट्रक को हटाने और कोयले को दूसरे वाहन में शिफ्ट करने का काम जारी रहा। हालांकि, यह कोयला कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही कोयले के स्रोत और गंतव्य की स्थिति साफ हो सकेगी।
गाजीपुर में 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने आपत्ति जताई है। सोमवार दोपहर रायफल क्लब में हुई बैठक में छोटे और फुटकर कारोबारियों पर इसके संभावित आर्थिक असर पर चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि UPI ने छोटे दुकानदारों और ग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान को तेज और आसान बनाया है। व्यापारियों का कहना है कि भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है और इसका असर छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। मंडल के अनुसार किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा और ऑटो पार्ट्स जैसे फुटकर कारोबार में ग्राहक अक्सर 2 हजार रुपए से अधिक का भुगतान करते हैं। इन कारोबारों में लाभ मार्जिन सीमित होने के कारण अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के लिए बोझ बन सकता है। व्यापारिक लागत बढ़ने और कीमतों पर असर की आशंका ज्ञापन में कहा गया कि MDR की अतिरिक्त लागत से व्यापारिक खर्च बढ़ सकते हैं। व्यापार मंडल ने आशंका जताई कि इसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ आएगा। व्यापार मंडल ने छोटे, मध्यम और फुटकर कारोबारियों पर प्रस्तावित MDR के संभावित प्रभाव का व्यापक अध्ययन कराने की मांग की है। छोटे कारोबारियों के लिए शुल्क-मुक्त UPI की मांग व्यापारियों ने छोटे कारोबारियों के लिए UPI भुगतान को शुल्क-मुक्त रखने के विकल्प पर दोबारा विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी श्रेणी में MDR लागू किया जाता है तो छोटे कारोबारियों को उचित राहत और पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए। लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों से बातचीत की मांग ज्ञापन में 15 अक्टूबर से प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले देश के प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने की मांग की गई है। व्यापार मंडल का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देते हुए छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक बोझ को कम करने के उपायों पर भी विचार होना चाहिए।
श्रावस्ती में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को पीएसआई इंडिया और केनव्यू के सहयोग से संचालित ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की समीक्षा की। बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुई। अध्यक्षता सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। सीएमओ ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पांच साल तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मौतों को रोकना और दस्त के मामलों में समय पर इलाज को बढ़ावा देना है। इसके लिए लोगों को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ मामलों की सही रिपोर्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। 5 डायरिया चैंपियन को किया सम्मानित बैठक के दौरान डायरिया की रोकथाम और नियंत्रण में बेहतर काम करने वाले पांच डायरिया चैंपियन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें एएनएम शशिलता, एएनएम किस्मती सिंह, बीसीपीएम वसीम, आशा नीलम सिंह और आशा संगिनी साधना वर्मा शामिल रहीं। 1,989 स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई ट्रेनिंग पीएसआई इंडिया के पंकज पाठक ने बताया कि जिले में 40 ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्रों का निरीक्षण किया गया। अब तक 994 आशा कार्यकर्ताओं, 109 एएनएम, 35 आशा संगिनियों, 806 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 8 मुख्य सेविकाओं, 23 डॉक्टरों और 14 स्टाफ नर्सों को डायरिया के इलाज की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। प्रचार गाड़ियों से भी चलाया गया जागरूकता अभियान बैठक में पिछले तीन महीनों में हुई गतिविधियों की समीक्षा की गई। ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन’ के तहत तीन प्रचार गाड़ियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियान की भी जानकारी दी गई। बैठक में एसीएमओ डॉ. केके वर्मा, डॉ. उदय नाथ, एआरओ सुरेश यादव, डीपीएम मनीष बिसारिया, डीसीपीएम राकेश गुप्ता और पीएसआई इंडिया के रमेश चंद मौजूद रहे।
बांदा। महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सोमवार को बांदा की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार कोर्ट में पेश नहीं हुए। वहीं, मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी से होने वाली जिरह भी नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान मुकदमे के वादी और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी तथा तत्कालीन दारोगा देवेंद्र शुक्ला कोर्ट में मौजूद रहे। देवेंद्र शुक्ला के अधिवक्ता को रविकांत त्रिपाठी से जिरह करनी थी। हालांकि, अधिवक्ता की ओर से स्वास्थ्य खराब होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए जिरह के लिए समय मांगा गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 29 सितंबर निर्धारित कर दी। मामले में तत्कालीन कांस्टेबल अजय यादव के अलावा सुरेश और ब्रम्हदत्त भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इंद्रकांत ने वीडियो जारी कर लगाए थे गंभीर आरोप महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने 7 सितंबर 2020 को एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर हर महीने 6 लाख रुपए रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके अगले दिन 8 सितंबर 2020 को इंद्रकांत को गोली लगी थी। इलाज के दौरान 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी। भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई पहले लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही थी। बाद में इसे बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। अब इसी अदालत में सुनवाई हो रही है। आधे घंटे हुई थी जिरह, समय खत्म होने पर टली 5 सितंबर को वादी और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी के बाकी बयान पूरे कराए गए थे। इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने करीब आधे घंटे तक जिरह की थी। कोर्ट का समय समाप्त होने के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद 14 सितंबर को एक अधिवक्ता की मृत्यु के कारण अदालत में शोक अवकाश रहा था। अब सोमवार को भी अधिवक्ता के स्वास्थ्य संबंधी कारण से जिरह नहीं हो सकी। 29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने बताया कि सोमवार को तत्कालीन दारोगा देवेंद्र शुक्ला और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी न्यायालय में उपस्थित थे। देवेंद्र शुक्ला के अधिवक्ता की ओर से स्वास्थ्य खराब होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके चलते जिरह नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने सोमवार को बुरहानपुर स्थित सांसद कार्यालय में नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान लालबाग क्षेत्र के नागरिकों ने भुसावल-बुरहानपुर-खंडवा रेलखंड में निर्माणाधीन तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम के साथ रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग रखी। सांसद ने तुरंत भुसावल डीआरएम से फोन पर बात कर दोनों विषयों पर जानकारी ली और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। तीसरी-चौथी रेल लाइन और ओवरब्रिज पर चर्चा लालबाग क्षेत्र के नागरिकों ने कहा कि भुसावल, बुरहानपुर और खंडवा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण चल रहा है। क्षेत्र में बढ़ते आवागमन को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज की भी जरूरत है। नागरिकों ने सांसद के सामने इन दोनों विषयों को प्राथमिकता से उठाने की मांग रखी। सांसद पाटील ने मौके पर ही रेलवे डीआरएम भुसावल से फोन पर बात की। उन्होंने तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम की स्थिति तथा रेलवे ओवरब्रिज से जुड़े विषय पर जानकारी ली। साथ ही संबंधित स्तर पर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चाय पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से चर्चा सांसद कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के साथ चाय पर चर्चा भी हुई। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और जरूरतों से जुड़े अपने सुझाव रखे। सांसद पाटील ने सभी के सुझाव और अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास केवल एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक सुझावों से अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ता है। जनसंवाद से मिले सुझावों को गंभीरता से लेकर विकास और जनहित के विषयों पर आगे की रणनीति तय की जाती है।
रामपुर में 1 दिसंबर से घर-घर होगी जनगणना:4 जनवरी तक चलेगी, 16 से 30 नवंबर तक कर सकेंगे स्व-गणना
रामपुर में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर संत रविदास शिरोमणि सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी गुलाब चंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीडीओ ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे। इससे पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। स्व-गणना पूरी करने के बाद परिवार को एक आईडी मिलेगी। यह आईडी प्रगणक को दिखानी होगी। जिन परिवारों की स्व-गणना नहीं होगी, उनका विवरण प्रगणक निर्धारित अवधि में घर जाकर दर्ज करेंगे। किसी की गणना न छूटे, न हो दोहरी गणना सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति गणना से छूटे नहीं और किसी की दोहरी गणना भी न हो। जनगणना का संदर्भ समय 5 जनवरी 2027 की मध्य रात्रि 12 बजे निर्धारित किया गया है। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण राउंड चलेगा। इस दौरान संदर्भ समय के आसपास हुए जन्म और मृत्यु की जानकारी को अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों के प्रशिक्षण की भी हुई समीक्षा बैठक में जनगणना-2027 के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिले में जनगणना सहायकों और तकनीकी सहायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण 17 और 18 सितंबर को पूरा हो चुका है। चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 19 और 21 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण भी सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर चलाएं जागरूकता अभियान सीडीओ ने सभी चार्ज अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना को सफल बनाने में आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नाथूलाल गंगवार, बीएसए कल्पना देवी, एसडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी और चार्ज अधिकारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय प्रभारी शंकरलाल लोधी और नवनियुक्त जिला संगठन प्रभारी नरेंद्र राजपूत सोमवार को जिले के दौरे पर पहुंचे। जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। फतेहगढ़ में भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया। दोनों नेता करीब 2 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर स्वागत किया। महिला पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा की, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मालाएं व पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद नेताओं ने जिला पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक शुरू की। बैठक में जिले में पार्टी के संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जा रही है। नरेंद्र राजपूत का पहला जिला प्रवास जिला संगठन प्रभारी बनाए जाने के बाद नरेंद्र राजपूत पहली बार क्षेत्रीय प्रभारी शंकरलाल लोधी के साथ फर्रुखाबाद पहुंचे। भाजपा ने 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए नए जिला प्रभारियों की घोषणा की थी, जिसमें फर्रुखाबाद की जिम्मेदारी नरेंद्र राजपूत को दी गई है। देर शाम तक चलेगी बैठक पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार संगठनात्मक बैठक शाम तक चलने की संभावना है। दोनों नेता रात में फर्रुखाबाद में रुकेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, जिला मंत्री अमरदीप दीक्षित, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कीड़े वाला चावल, बिजली-पानी की किल्लत; 8 किमी पैदल चल अधिकारियों के पास पहुंचीं मयूरभंज की छात्राएं
मयूरभंज जिले के उदला ब्लॉक स्थित बिशीपुर आश्रम स्कूल की छात्राओं ने छात्रावास में पेयजल, बिजली और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के विरोध में 8 किलोमीटर पैदल मार्च किया।
कोटा नगर निगम चुनाव में वार्ड 49 से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले पार्षद कौशल किशोर शर्मा ने भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन से मुलाकात कर पार्टी की सदस्यता ली। उन्होंने भाजपा की मेयर प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी को समर्थन देने की बात कही। BJP के 100 वार्डों में अब 58 पार्षद हुए निर्दलीय कौशल किशोर के पार्टी में शामिल होने से संख्या बढ़ी। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़े थे कौशल किशोर शर्मा को भाजपा से टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने वार्ड 49 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरमेन्द्र सिंह हाड़ा को हराया। चुनाव प्रचार के दौरान कौशल किशोर के स्कूल में नगर निगम की टीम फायर सेफ्टी जांच के लिए पहुंची थी। यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर होने की बात सामने आई थी। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कौशल किशोर चुनाव जीतने के बाद भाजपा के समर्थन में आए हैं और आज पार्टी परिवार में शामिल हुए हैं। कौशल किशोर ने कहा कि वे भटक गए थे, लेकिन भाजपा ही उनका मूल परिवार है। कई लोगों ने उनसे संपर्क किया लेकिन उन्होंने कहीं और जाने के बजाय भाजपा में लौटने का निर्णय लिया। कौशल किशोर ने कहा कि भाजपा परिवार में शामिल होकर उनका दिल हल्का हो गया है। वे काफी समय से एक बोझ लेकर चल रहे थे। उन्होंने कहा कि वे अपने सभी साथियों के साथ मिलकर काम करेंगे और आगे एक साथ रहेंगे।
सीहोर में मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया। दोपहर से शाम 4:30 बजे तक तेज धूप और उमस के बाद अचानक तेज हवाएं चलीं। कुछ ही देर में आसमान में घने बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के दौरान आसमान में इंद्रधनुष भी दिखाई दिया। लोगों ने इसके फोटो और वीडियो बनाए। 21 सितंबर तक जिले में 33.93 इंच औसत बारिश भू-अभिलेख विभाग ने 21 सितंबर को जिले के वर्षामापी केंद्रों की दैनिक वर्षा के आंकड़े जारी किए हैं। जिले की सामान्य औसत बारिश 45.21 इंच है। 21 सितंबर को जिले में औसत बारिश 0.03 इंच दर्ज की गई। 1 जून से 21 सितंबर तक जिले की कुल औसत बारिश 33.93 इंच रही। पिछले साल इसी अवधि में कुल औसत बारिश 39.44 इंच थी।
रामपुर के हस्तशिल्प, खानपान और औद्योगिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण आयोजित होगा। रामपुर से सात प्रमुख औद्योगिक और हस्तशिल्प इकाइयों का चयन किया गया है। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने सोमवार दोपहर इसकी जानकारी दी। प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत रामपुर का जरी-पैचवर्क हॉल नंबर 9 में प्रदर्शित किया जाएगा। मैसर्स अशरफ ट्रेडर्स जरीवर्क और पैचवर्क उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। हॉल नंबर 11 में मैसर्स गुलशन वेलफेयर सोसायटी पारंपरिक हैंड एम्ब्रॉयडरी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। लाइव किचन में तैयार होगा हब्शी हलवा एक जिला एक व्यंजन (ODOP) के तहत रामपुर का हब्शी हलवा भी ट्रेड शो में आकर्षण का केंद्र रहेगा। मैसर्स शाही मिठास के संचालक रेहान खां पैकेज्ड हब्शी हलवा प्रदर्शित करेंगे। वहीं मैसर्स हकीम जी स्वीट्स के संचालक सुहैल अख्तर खां लाइव किचन में पारंपरिक तरीके से हलवा तैयार करेंगे। इसके अलावा हॉल नंबर 10 में मैसर्स एजे हैंडीक्राफ्ट ग्रास मैट और कारपेट, हॉल नंबर 14 में मैसर्स एमीगोज टेबल रनर और हॉल नंबर 15 में मैसर्स नीरू मैंथॉल मेंथा ऑयल व क्रिस्टल उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक होंगे शामिल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब 1.5 लाख बी2बी खरीदार और 4.5 लाख से अधिक बी2सी दर्शक पहुंच सकते हैं। इस मंच के जरिए रामपुर के उद्यमियों को देश-विदेश के खरीदारों और कारोबारियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच और कारोबारी संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। निर्यात और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास उपायुक्त उद्योग अनुराग यादव ने बताया कि ट्रेड शो रामपुर के उद्यमियों और पारंपरिक शिल्पकारों के लिए महत्वपूर्ण मंच है। जरी-पैचवर्क, हब्शी हलवा, मेंथा और होम फर्निशिंग से जुड़े कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बिहार में तीन डिसमिल जमीन के किए करें घर बैठे आवेदन, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शुरू की सुविधा
बिहार सरकार ने वासभूमिहीन परिवारों के लिए 'अभियान बसेरा-2' के तहत तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
₹2 हजार से ज्यादा के चुनिंदा UPI भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के प्रस्ताव के विरोध में विदिशा व्यापार महासंघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। नए शुल्क को 15 अक्टूबर से लागू किया जाना है। इसके विरोध में महासंघ ने 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का ऐलान किया है। व्यापारियों का कहना है कि UPI को बढ़ावा देने के बाद अब शुल्क लगाने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसका असर खासकर छोटे कारोबारियों पर हो सकता है। 2 हजार से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर MDR NPCI के नए MDR ढांचे के तहत 15 अक्टूबर से ₹2 हजार से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा। ₹75 हजार या उससे ज्यादा के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। वहीं, ₹2 हजार तक के मर्चेंट पेमेंट और पर्सन-टू-पर्सन भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा। सरकार का कहना है कि यह शुल्क ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा और UPI से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भुगतान शुल्क-मुक्त रहेगा। व्यापारियों पर पहले से करों का बोझ: माहेश्वरी विदिशा व्यापार महासंघ के पदाधिकारी आशीष माहेश्वरी ने कहा कि व्यापारियों पर पहले से GST और अन्य करों का बोझ है। ऐसे में UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाने में सहयोग किया है। छोटे दुकानदारों से लेकर ठेले वालों तक QR कोड के जरिए भुगतान की व्यवस्था बनाई गई। माहेश्वरी ने कहा कि अब UPI पर शुल्क लगाने का फैसला व्यापारियों के हित में नहीं है। इसी के विरोध में 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया जाएगा। उन्होंने सरकार से नए MDR को तत्काल वापस लेने की मांग की। मांग नहीं मानी गई तो व्यापारी आगे बड़ा आंदोलन करने पर विचार करेंगे। छोटे दुकानदारों पर सीधा असर पड़ने की आशंका व्यापारी नीरज चौरसिया ने कहा कि ₹2 हजार से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR का असर छोटे दुकानदारों पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि व्यापारी यह खर्च अपनी जेब से वहन नहीं कर पाएंगे। यदि इसे ग्राहकों पर डालने की स्थिति बनी तो दुकानदार और ग्राहक के बीच विवाद हो सकता है। उन्होंने कहा कि UPI व्यवस्था को मुफ्त रखा जाना चाहिए, ताकि ग्राहक और व्यापारी दोनों इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें। उनके मुताबिक यदि व्यापारी UPI स्वीकार करना कम करते हैं तो बाजार में नकदी के इस्तेमाल का दबाव बढ़ सकता है। UPI को अपनाने में व्यापारियों ने सहयोग किया: बंसल वरिष्ठ व्यापारी घनश्याम बंसल ने कहा कि व्यापारी समाज ने UPI को तेजी से अपनाया और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग किया। उनके अनुसार अब व्यापारियों पर MDR का बोझ डालने से असंतोष है। बंसल ने कहा कि 23 सितंबर का कार्यक्रम इसी विरोध की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शुल्क व्यवस्था लागू रहती है तो व्यापारियों के लिए UPI के इस्तेमाल को लेकर आगे और कठोर निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है। 23 सितंबर को व्यापारी दर्ज कराएंगे विरोध व्यापार महासंघ का कहना है कि UPI पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं होना चाहिए। संगठन ने 0.4 प्रतिशत MDR व्यवस्था वापस लेने की मांग की है। 23 सितंबर को प्रस्तावित ‘नो UPI डे’ के तहत व्यापारी विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद की रणनीति संगठन की बैठक और प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि नया MDR ग्राहक से नहीं लिया जाएगा और UPI से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भुगतान शुल्क-मुक्त रहेगा।
सिलीगुड़ी में 17 लाख में सरकारी जमीन की लीज, अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर से खुला खेल
सिलीगुड़ी में सरकारी जमीन की लीज दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया। बागडोगरा के एक व्यापारी की शिकायत पर नक्सलबाड़ी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
कुरुक्षेत्र के पिहोवा में कार को रास्ता न देने को लेकर हुए विवाद के बाद 14 सितंबर की रात गुरप्रीत सिंह पर तलवार और डंडों से हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्याकांड के तीन मुख्य आरोपियों कर्ण पंडित, जशनदीप निवासी पिहोवा और आशीष निवासी जींद को नेपाल और भूटान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल के रास्ते विदेश भागने की फिराक में थे। उनका पीछा करते हुए कुरुक्षेत्र पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल और भूटान पुलिस की मदद से तीनों को बॉर्डर क्षेत्र से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों को छिपाने, उन्हें भागने में मदद करने और पुलिस से बचाने के आरोप में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस वारदात में उनकी भूमिका, फरारी में मदद करने वालों और विदेश भागने की योजना के संबंध में पूछताछ करेगी। नेपाल से आगे विदेश भागने की तैयारी थी सीआईए-2 के प्रभारी मंदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पिहोवा निवासी गुरप्रीत सिंह की हत्या के आरोपी पुलिस से बचने के लिए नेपाल पहुंच गए हैं और वहां से आगे विदेश भागने की तैयारी में हैं। सूचना के बाद पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन और उनके संभावित रास्तों पर निगरानी शुरू की। टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद नेपाल और भूटान पुलिस को भी आरोपियों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस टीमें लगातार आरोपियों का पीछा करती रहीं। आखिरकार संयुक्त कार्रवाई में तीनों मुख्य आरोपियों को नेपाल और भूटान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। जिला पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो चुकी है। मुख्य आरोपियों को छिपाने वाले 3 लोग भी गिरफ्तार पुलिस ने सिर्फ मुख्य आरोपियों को ही नहीं पकड़ा, बल्कि उन्हें छिपाने और पुलिस से बचाकर आगे ले जाने में सहयोग करने वाले तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इन आरोपियों से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि गुरप्रीत पर हमला करने के बाद मुख्य आरोपी किन-किन जगहों पर छिपे और उन्हें नेपाल तक पहुंचाने में किस-किस ने मदद की। कार को रास्ता न देने पर शुरू हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार पूरा विवाद 14 सितंबर की रात पिहोवा बाजार में कार को रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस को दिए बयान में गगनदीप सिंह ने बताया था कि वह अपने दोस्त अभिषेक के साथ इनोवा कार में घर का जरूरी सामान लेने बाजार जा रहा था। पिहोवा चौक पर उसका ताऊ का बेटा गुरप्रीत सिंह भी कार में बैठ गया। इसके बाद जब वे बाजार की तरफ जा रहे थे, तभी सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार उनकी कार के आगे आ गई। आरोप है कि फॉर्च्यूनर चालक उनकी कार को आगे निकलने के लिए रास्ता नहीं दे रहा था और बार-बार कार के आगे कट मार रहा था। इस दौरान गाली-गलौज भी हुई। कुछ दूरी आगे जाने के बाद फॉर्च्यूनर सवारों ने अपनी गाड़ी क्वालिटी होटल के पास रोक दी। गगनदीप ने भी अपनी इनोवा उनके पास रोक दी और गाली देने का कारण पूछने के लिए नीचे उतरने लगा।इसी दौरान फॉर्च्यूनर से कर्ण पंडित तलवार लेकर बाहर आया और गुरप्रीत के सिर पर कई वार किए। उसके साथी ने दोनों पर डंडों से हमला किया। घायल गुरप्रीत की 19 सितंबर का मौत हो गई। 7 घंटे शव रखकर किया था प्रदर्शन गुरप्रीत की मौत के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिहोवा मेन चौक पर शव रखकर करीब 7 घंटे जाम लगाया था। DSP रणधीर सिंह ने दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार ने जाम खोला था आरोपियों की तलाश में CIA और थाना पुलिस की टीमें लगाई गई थीं।
लखीमपुर खीरी के चिल्ड्रेंस एकेडमी में सोमवार को टीचर निशात फातिमा (26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपी बॉयफ्रेंड सऊद अंसारी ने खुद को भी गोली मार ली। मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। मामला कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल का है। वारदात के समय स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। घटना के बाद दोनों के बीच पुराने परिचय और प्रेम संबंध की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे और सऊद कभी-कभी निशात को स्कूल छोड़ने और लेने भी आता था। पुलिस दोनों के संबंधों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। 10 साल पुराना था दोनों परिवारों का परिचय स्थानीय लोगों के मुताबिक, निशात फातिमा का परिवार पहले सऊद अंसारी के परिवार के मकान में किराये पर रहता था। इस वजह से दोनों परिवारों का परिचय करीब दस साल पुराना बताया जा रहा है। समय के साथ निशात और सऊद के बीच भी संपर्क बना रहा। स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। बताया जाता है कि सऊद कभी-कभी निशात को स्कूल छोड़ने और लेने भी आता था। करीब एक साल से स्कूल में पढ़ा रही थीं निशात निशात फातिमा करीब एक साल से चिल्ड्रन्स एकेडमी में शिक्षिका के तौर पर काम कर रही थीं। सोमवार को वह रोज की तरह स्कूल पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, सऊद असलहा लेकर स्कूल परिसर में पहुंचा और निशात को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। घटना के समय स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। गोली चलने के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दोनों की मौत के बाद स्कूल और परिवारों में शोक का माहौल है। निशात तीन भाई-बहनों में थीं। उनके पिता इलियास मुंबई में काम करते हैं। उनके दो भाइयों में अनस का नाम सामने आया है। सऊद के पिता जिला उद्योग कार्यालय में कार्यरत आरोपी सऊद अंसारी पढ़ाई करता था। उसके पिता कय्यूम अंसारी जिला उद्योग कार्यालय में कार्यरत हैं, जबकि बड़ा भाई दाऊद अंसारी सोफा-गद्दे की दुकान चलाता है। घटना के बाद सऊद के परिवार में भी शोक है। घटना की वजह पुलिस जांच के बाद होगी स्पष्ट दोनों परिवारों के पुराने परिचय और प्रेम संबंध की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल घटना की वजह को लेकर है। दोनों के बीच कोई विवाद हुआ था या वारदात के पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस घटना से पहले की गतिविधियों, दोनों के संबंधों और स्कूल परिसर में हुई वारदात से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। -------------------------- स्कूल में 26 साल की महिला टीचर की हत्या:युवक क्लास में घुसा, खींचकर बाहर लाया, 3 गोली मारी; फिर सुसाइड किया; लखीमपुर में वारदात लखीमपुर में एक स्कूल में घुसकर महिला टीचर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने पहले टीचर को गोली मारी, फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। मामला कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल का है। वारदात के समय स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर….
सीहोर से करीब 110 किलोमीटर दूर बुधनी तहसील के जलाखेड़ा गांव में एक बड़ा हादसा टल गया। होलीपुरा ग्राम पंचायत स्थित हनुमान मंदिर के शिखर पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई, जिससे मंदिर का नया बना शिखर टूट गया। राहत की बात यह रही कि गणेश आरती की तैयारी कर रहे दर्जनों ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे पूरी तरह सुरक्षित रहे। ग्रामीणों ने इसे हनुमान जी का चमत्कार माना है। गणेश आरती की चल रही थी तैयारी, अचानक बदला मौसम मिली जानकारी के अनुसार, गांव के हनुमान मंदिर परिसर में गणेश प्रतिमा स्थापित है। रविवार रात रोज की तरह यहां आरती की तैयारी चल रही थी। आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर परिसर में इकट्ठे हुए थे। तभी अचानक मौसम बदल गया और हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चलने लगी। धमाके से मची भगदड़, इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ आसमानी बिजली सीधे मंदिर के नए बने शिखर पर गिरी। धमाके की तेज आवाज से पूरे परिसर में लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे, बच्चे भी डर गए। हालांकि, ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया। सोमवार को टूटा दिखा शिखर, सरपंच ने तहसील को दी सूचना सोमवार को जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे, तो हाल ही में बने शिखर का बड़ा हिस्सा टूटा देखकर चौंक गए। ग्रामवासी रूपसिंह ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी किसी को खरोंच तक न आना हनुमान जी की कृपा है। घटना के बाद ग्राम पंचायत सरपंच कमल सिंह ने तुरंत तहसील कार्यालय को जानकारी दी। तहसीलदार राकेश खजूरिया ने पटवारी को मौके पर जाकर जांच करने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को इंदौर पहुंचे। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जोशी प्रवास के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को लेकर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत युवा कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और सेवा एवं विकास का संदेश दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान में शामिल होंगे जोशी जोशी ने कहा कि अगले दो दिनों तक वे भी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा यात्रियों के साथ अभियान में शामिल होंगे। उनके अनुसार, ग्रामीण इलाकों में अभियान को लोगों का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना इंदौर दौरे के दौरान जोशी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। जोशी ने कहा कि देश का युवा ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह समर्थन और मजबूत होगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव का किया जिक्र जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रों के बीच अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने विपक्ष पर युवाओं के लिए ठोस विजन और कार्यक्रम नहीं होने का आरोप लगाया। जोशी ने कहा कि विपक्ष रटी-रटाई बातों के सहारे राजनीति कर रहा है, जबकि युवा देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहता है।
सीकर में खतीजा बानो नगर परिषद की नई सभापति बन गई हैं। पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी खतीजा बानो इस बार शहर के वार्ड 16 से सभापति बनी थीं। सभापति के पद पर खतीजा बानो का नाम लगभग चुनाव की घोषणा के साथ ही फाइनल हो गया था। मुस्लिम समाज के अधिकांश पार्षदों को पहले ही राजी कर लिया था। दूसरे गुट ने नाराजगी जताई, लेकिन पार्षद चुनाव का परिणाम आते ही विधायक राजेंद्र पारीक ने सभी को साध लिया। खतीजा बानो के पति पूर्व सभापति जीवण खां को विधायक राजेंद्र पारीक का सबसे करीबी माना जाता है। सभापति पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होने के बाद कांग्रेस ने वार्ड 16 से निर्वाचित पार्षद खतीजा बानो को अपना प्रत्याशी बनाया। सोची-समझी रणनीति के तहत 3 बार बाड़ाबंदी की जगह बदली गई। विधायक राजेंद्र पारीक ने बाड़ाबंदी में खुद मोर्चा संभाला और सावधानी बरतते हुए बाड़ाबंदी की लोकेशन से जुड़ा कोई वीडियो-फोटो जारी नहीं किया। पढ़िए खतीजा बानो की प्रोफाइल खतीजा बानो: 1999 से राजनीति में सक्रिय पति जीवण खां का राजनीतिक अनुभव भी साथ खतीजा बानो को सभापति बनाए जाने में उनके पति जीवण खां की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण है। जीवण खां 2 बार सीकर नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं और कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। जीवण खां की सांप्रदायिक सौहार्द वाली छवि भी काफी काम कर गई। जीवण खां ने अपने दोनों कार्यकाल में शहर के अधिकांश सर्किल का नामकरण हिंदू देवी-देवताओं और महापुरुषों के नाम पर करवाया।
नीमच शहर के सीआरपीएफ रोड और बंगला नंबर 41-42 क्षेत्र में अवैध मांस और अंडे की दुकानों से परेशान सर्व हिंदू समाज और स्थानीय रहवासी सोमवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शहर के बीच चल रही अवैध दुकानों और उनसे हो रही समस्याओं को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया को एक ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में रहवासियों ने बताया कि सीआरपीएफ रोड और बंगला नंबर 41-42 क्षेत्र में 'चिकन पैलेस', 'द अरब ग्रिल एंड रोस्टेड', 'रोक्सी एग्ज सेंटर', 'राजा मुर्गा चिकन सेंटर' समेत 7 से 8 अन्य दुकानों पर खुलेआम मांस और अंडे बेचे जा रहे हैं। फुटपाथ पर ग्राहकों को बैठाकर मांसाहार कराया जाता है। दुकानों के बाहर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों से रोज ट्रैफिक पर असर पड़ता है। रहवासियों का आरोप है कि मांसाहार के अवशेषों के कारण सड़कों पर हिंसक कुत्ते और मवेशी घूमते रहते हैं। यहां आने वाले ग्राहक शराब और गांजे के नशे में धुत होकर स्थानीय लोगों और राहगीर महिलाओं पर अश्लील टिप्पणियां करते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। इससे इलाके में आए दिन विवाद होते हैं और आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। हिंदू बहुल इलाकों में दुकानें स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह 70 प्रतिशत से ज्यादा शाकाहारी आबादी वाला हिंदू बहुल इलाका है। अभी गणेश उत्सव चल रहा है और सीआरपीएफ रोड पर कई जगह गणेश पंडाल लगे हैं। नियमों को नजरअंदाज कर पंडालों के पास ही मांस-अंडे बेचे जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि नियम के खिलाफ चल रही इन दुकानों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं और इन्हें रिहायशी इलाके से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर नगर पालिका प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरा समाज सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगा।
राजस्थान में निकाय चुनावों के बाद मेयर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव हुए, जिसमें भाजपा ने अजमेर, अलवर, उदयपुर और पाली में जीत दर्ज की।
खरगोन में मंगलवार, 22 सितंबर को 11 केवी सांई सिटी फीडर पर बिजली लाइन का रखरखाव किया जाएगा। इसके चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सांई सिटी, डाबरिया रोड और आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में सांई सिटी कॉलोनी, ट्रेचिंग ग्राउंड, डाबरिया रोड क्षेत्र, गोकुलधाम कॉलोनी और आदिवासी धर्मशाला क्षेत्र शामिल हैं। बारिश के बाद किया जा रहा रखरखाव बिजली वितरण कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि बारिश के बाद बिजली लाइन का जरूरी रखरखाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रखरखाव कार्य के दौरान बिजली कटौती की अवधि में कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।
डिंडोरी जिले में सोमवार को महिला स्व-सहायता समूह और रसोइया बहनों ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वे जिला पंचायत प्रशासन को ज्ञापन देने पहुंची थीं, लेकिन कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इसके बाद महिलाएं गेट पर ही धरने पर बैठ गईं। कुछ देर बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लंबित भुगतान, मानदेय वृद्धि, पोषण आहार की लागत बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कुल 15 मांगें शामिल हैं। समूह की अध्यक्ष संतोषी परस्ते ने बताया कि जून 2025 और जून 2026 की 15-15 दिनों की लंबित राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। महिलाओं के अनुसार, करीब 2.32 लाख रसोइया बहनों को यह राशि समय पर नहीं मिली है। उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर मिलने वाली पोषण आहार और खाद्यान्न राशि बढ़ाने की मांग भी की। इसके अलावा, ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था खत्म करने और प्रति विद्यार्थी भोजन लागत राशि को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। मध्याह्न भोजन की राशि बढ़ाई जाए महिलाओं ने मध्याह्न भोजन योजना में प्रति विद्यार्थी भोजन की लागत राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए करने की मांग की है। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण मौजूदा राशि में अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन देना मुश्किल हो रहा है। सेवा आयु 65 साल की जाए ज्ञापन में रसोइया बहनों की सेवा आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग भी रखी गई है। समूह अध्यक्ष और सचिव के लिए बीमा, पेंशन और मासिक मानदेय की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। साथ ही, अच्छी गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने, खाद्यान्न की पूरी मात्रा तौलकर देने और गैस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। जिला अध्यक्ष संतोषी परस्ते ने कहा कि उनकी मांगें नहीं सुनी जा रही हैं। ऐसे में अब वे चूल्हा बंद करके आंदोलन करेंगी।
पटना में नशेड़ी बेटे ने मां को जिंदा जलाया, बचाने आए पड़ोसी को दांत से काटा; पुलिस ने किया गिरफ्तार
खाजेकलां थाना क्षेत्र के दुल्ली घाट में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नशे के आदी बेटे चिंटू ने अपनी विधवा मां रेखा देवी को जलाकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना में एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना पनिहारा तिराहा पर हुई, जब 26 साल का मजदूर ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतार रहा था। इसी दौरान वह 11 KV बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह नीचे गिर गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान वार्ड नंबर 6 राजबाड़ा मोहल्ला निवासी हेमंत रजक (26) पुत्र गोपाल रजक के रूप में हुई है। हेमंत मजदूरी का काम करता था। सोमवार को वह पनिहारा तिराहा पर कम्मा साहू के यहां खड़े ट्रक (क्रमांक RJ09GD8725) से सीमेंट की बोरियां उतार रहा था। तभी ड्राइवर ने ट्रक को थोड़ा आगे बढ़ा दिया। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही 11 KV बिजली लाइन की चपेट में हेमंत का हाथ आ गया। करंट लगते ही वह ट्रक से नीचे गिर गया। हादसे के वक्त हेमंत के साथ कमल रजक, फूल सिंह रजक और अवधेश रजक भी काम कर रहे थे। उन्होंने तुरंत घटना की जानकारी परिजनों को दी। मृतक के बड़े भाई नीरज रजक और पिता गोपाल रजक मौके पर पहुंचे। वे हेमंत को अचेत हालत में सरकारी अस्पताल खनियाधाना ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खनियाधाना पीएम हाउस में रखा गया है। मृतक के भाई नीरज रजक की मौखिक रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सागर के बंडा विकासखंड में हुए जहरीली शराबकांड के बाद पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने बड़ा एक्शन लिया है। बंडा थाना और गूगरा चौकी में पदस्थ एसआई, मुंशी, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों समेत 40 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर किया गया है। इनके स्थान पर पुलिस लाइन से नए स्टाफ को थाना और चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जहरीली शराबकांड सामने आने के बाद पुलिस विभाग में पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। तत्कालीन बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा और एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को हटा दिया गया था। इसके बाद बंडा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सिविल लाइन टीआई आनंद सिंह को सौंपी गई थी। लाइन से नए पुलिसकर्मियों की तैनाती जारी आदेश के अनुसार बंडा थाना में पदस्थ एसआई मुन्ना लाल धुर्वे, आदिल खान समेत 40 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इनके स्थान पर पुलिस लाइन से एसआई रामू प्रजापति, शिवम दुबे समेत प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को बंडा थाना भेजा गया है। इसके अलावा जिले के अन्य थानों में भी पुलिसकर्मियों के पदस्थापना स्तर पर हल्का बदलाव किया गया है। कार्रवाई के बाद बंडा थाना और गूगरा चौकी का स्टाफ बड़े स्तर पर बदल गया है। देखिए आदेश…

