करौली में भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों और बेसहारा जीवों को पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'एक परिंडा मेरे मां के नाम' अभियान शुरू किया गया है। इस पहल की शुरुआत कैलादेवी पुलिस वृत्ताधिकारी कार्यालय से परिंडा लगाकर की गई, जिसका लक्ष्य लोगों को जीवों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए 8प्रेरित करना है। पैरालिगल वॉलंटियर खुश बिहारी शर्मा ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण पशु-पक्षियों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर परिंडे लगाने का संकल्प लिया गया है, ताकि निराश्रित जीवों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जीवों की सेवा मानवता का महत्वपूर्ण दायित्व है। पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से हुई अभियान की शुरुआतअभियान की औपचारिक शुरुआत कैलादेवी पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय परिसर से हुई। पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा ने परिंडा लगाकर इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजहित और जीवों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है, और ऐसे जन जागरूकता अभियानों में सभी को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस अवसर पर कैलादेवी मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, अभिषेक शुक्ला और पुलिस स्टाफ सहित कई लोग मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने इस अभियान को प्रेरणादायक बताया और आमजन से भी भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की।
सिरसा के ऑटो मार्केट स्थित ब्लू बैरी होटल में देह व्यापार मामले में पुलिस ने आरोपियों के लिए धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस ने महिला यूटयूबर व होटल संचालक की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह पर दाबिश दे रही है। शहर में चार से पांच जगह पर छापेमारी की है और यूटयूबर का घर भी बंद आ रहा है और लोकेशन भी अनट्रेस आ रही है। पुलिस उनका सुराग लगाने में जुटी है। पीड़ित महिलाओं की मांग है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाए। इनके पकड़े जाने के बाद ही बाकी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी। उसी में पता चलेगा कि एक लाख की डील में पैसे बांटने की बात कर रही थी वो किस-किस को दिए जाने थे। इसमें अभी और लोगों के संलिप्त होने का शक जताया जा रहा है। पीड़ित महिलाओं ने उनके खिलाफ भी षडयंत्र के तहत काम करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित महिलाएं का कहना है कि आरोपी हैप्पी सिंगला ने पहले उनको पत्रकार बताया और बाद में पंजाब पुलिस में रहने की बात कही। उसने हरियाणा व पंजाब पुलिस की छवि को खराब करने का काम किया है। उनको भी जान का खतरा बना हुआ है। हालांकि, एसपी सिरसा ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लिया और संचालक को गिरफ्तार करवाया। पुलिस का कहना है कि उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीमें कर रही छापेमारी सूत्रों की मानें तो इसे लेकर महिला थाना पुलिस ने टीम बना दी है और जगह-जगह पर छापेमारी कर रही है। वहीं, इसकी ऑडियो क्लीप भी वायरल हुई थी, जिसमें महिला एएसआई का नाम आने एवं उससे यूटयूबर की बात होने का जिक्र है। सवाल ये है कि क्या पुलिस महिला एएसआई को जांच में शामिल करेगी। एक लाख की डील में किन-किनको हिस्सा दिया जाना था, उनके नाम पर अभी संशय है। जानिए… पूरा मामला पंजाब के अबोहर निवासी महिला के अनुसार, वह 8 से 9 महीने पहले वह प्रिंस और नीतू अरोड़ा से मिली थी। इनका सिरसा में ब्लू बैरी नाम से होटल है। उन्हें होटल में खाना बनाने और सफाई करने के लिए लड़कियों की जरूरत है। कहा गया कि खाना बनाने वाली लड़की को 15 हजार रुपए प्रतिमाह और सफाई करने वाली लड़की को 12 हजार रुपए प्रतिमाह सैलरी दी जाएगी। होटल मालिक ने संबंध बनाए, लोगों को बुलाने लगा पीड़ित महिला ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली दूसरी महिला के साथ मिलकर होटल में काम करने के लिए चली गईं। दो-तीन महीने तक किसी ने उनसे कुछ नहीं कहा। फिर प्रिंस अरोड़ा ने उन दोनों से जबरन शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही, प्रिंस पैसे कमाने के लिए दूसरे लोगों को होटल बुलाने लगा और उनसे देह व्यापार करवाने लगा। होटल कर्मी अरुण ने भी शोषण करना शुरू कर दिया। होटल से भागकर थाने पहुंची उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह जान बचाकर होटल से भागकर थाने पहुंची और एसपी से भी मिली। गत वीरवार 13 तारीख को पुलिस ने बयान दर्ज कर मेडिकल करवाया और अभी उनको सुरक्षा के लिए भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने प्रमोशन प्रक्रिया में अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि प्रमोशन प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन याचिका की अगली सुनवाई तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। यह अंतरिम आदेश 72 आरक्षकों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया। मामले की अगली सुनवाई अब 15 जून को होगी। दरअसल, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आरक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में नियमों के पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया है। कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ आरक्षक लव कुमार पात्रे, भूपेंद्र कुमार पटेल, विक्रम सिंह शांडिल्य समेत कुल 73 पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी बिलासपुर रेंज, एसपी कोरबा समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। दूसरे जिले में नियुक्ति, ट्रांसफर के बाद वरिष्ठता सूची प्रभावित याचिका में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इसमें उन आरक्षकों को भी शुरुआती नियुक्ति की तारीख के आधार पर सीनियर मानकर प्रमोशन देने की तैयारी की जा रही है, जिन्होंने अपनी इच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर कराया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ पुलिस एग्जीक्यूटिव फोर्स कांस्टेबल भर्ती, पदोन्नति, सेवा शर्त नियम 2007 में किए गए संशोधन के अनुसार अगर कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो नए जिले की सीनियरिटी लिस्ट में उसका नाम सबसे नीचे माना जाता है। आरोप है कि मौजूदा प्रमोशन प्रक्रिया में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। 1 जून को जारी होनी है फाइनल लिस्ट याचिका में यह भी कहा गया कि यदि इस समय हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो नियमों के विपरीत 1 जून 2026 को फाइनल फिट लिस्ट जारी हो जाती। इससे लंबे समय से एक ही जिले में काम कर रहे आरक्षकों का हक मारा जाएगा। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को इस याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने माना- सेवा नियमों का उल्लंघन हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद माना कि मामला सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि विभागीय पदोन्नति समिति अपनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन हाईकोर्ट की अनुमति के बिना अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। बिलासपुर संभाग में पदोन्नति के लिए 795 जवान योग्य बिलासपुर संभाग में कुल 795 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया है। आईजी कार्यालय की ओर से जारी जिलावार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बिलासपुर और रायगढ़ जिले से 230-230 आरक्षक योग्य पाए गए हैं। इसके अलावा कोरबा से 85, जांजगीर से 60, मुंगेली से 40, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 40, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 60, सक्ती जिले से 50 आरक्षक सूची में शामिल हैं। प्रमोशन पाने के लिए कराया जाता है ट्रांसफर दरअसल, बिलासपुर समेत कई पुराने जिलों के आरक्षक प्रमोशन की संभावना बढ़ाने के लिए अपना ट्रांसफर नवगठित जिलों में कराते हैं। वहां सीनियरिटी सूची में आगे आने का फायदा मिल जाता है। ऐसे में प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर उन्हें पहले पदोन्नति मिल जाती है। प्रमोशन मिलने के बाद कई आरक्षक हवलदार बनकर दोबारा अपने पुराने जिले में ट्रांसफर करा लेते हैं। पुलिस विभाग में लंबे समय से इस तरह की प्रक्रिया चलने की चर्चा रही है।
इटावा। जिले में लगातार हो रही पुलिस मुठभेड़ों से अपराधियों में डर का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। बीते 48 घंटे के भीतर पुलिस की यह पांचवीं मुठभेड़ बताई जा रही है। थाना वैदपुरा पुलिस ने मंगलवार देर रात 25 हजार रुपये के इनामी और एनडीपीएस एक्ट में वांछित चल रहे एक बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं। मामले में एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और फरार तथा इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। चेकिंग के दौरान मिली थी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना वैदपुरा पुलिस मंगलवार और बुधवार की रात बरी तिराहे पर संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहा एक आरोपी नगला बरी तिराहे से नगरिया जाने वाले मार्ग पर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपी तेजी से गांव की ओर भागने लगा। जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई। एनडीपीएस एक्ट में था फरार पुलिस ने घायल आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान सुभाष यादव पुत्र तिलक सिंह निवासी नगला इमलिया थाना पिलुआ जनपद एटा के रूप में हुई। वह वर्तमान में एटा के न्यू संजय नगर इलाके में रह रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2024 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं।आर्म्स एक्ट में दर्ज हुआ नया मुकदमामुठभेड़ और बरामदगी के बाद थाना वैदपुरा में आरोपी के खिलाफ बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि पुलिस टीम ने सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नागेंद्र चौधरी सहित थाना पुलिस टीम के कई जवान शामिल रहे।
गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के सरिसिया सिहोडीह पुराने पुल के नीचे बुधवार सुबह 11वीं की एक छात्रा का शव पानी में तैरता मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी। 18 मई से लापता थी पायल, परिजन कर रहे थे तलाश मृतका की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिरिसिया निवासी जागेश्वर दास की 17 वर्षीय पुत्री पायल कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि पायल 18 मई से लापता थी। परिजनों के अनुसार वह सोमवार की सुबह ट्यूशन पढ़ने और बच्चों को पढ़ाने के लिए घर से निकली थी। रोजाना दोपहर तक घर लौट आने वाली पायल उस दिन देर शाम तक वापस नहीं आई, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। उसकी मां ने फोन किया तो उसने बताया कि वह सिलाई का काम खत्म कर घर लौट रही है, लेकिन इसके बाद जब दोबारा संपर्क किया गया तो मोबाइल बंद मिला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस कर रही थी तलाश पायल के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। देर रात तक जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजन थाना पहुंचे और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस भी छात्रा की तलाश में जुट गई थी। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों ने पुल के नीचे पानी में शव देखा और इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान पायल के रूप में की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। हत्या या सुसाइड, गुत्थी सुलझा रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। पुलिस हत्या या सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
डूंगरपुर जिले में आज वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय द्वारा प्री डीएलएड परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। यह परीक्षा 2 पारियों में 28 केंद्रों पर हो रही है, जिसमें कुल 21,219 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की पहली पारी के लिए डूंगरपुर शहर के सभी 28 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। सुबह से ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए प्रवेश निर्धारित समय से पहले शुरू कर दिया गया था। त्रि-स्तरीय जांच के बाद मिली एंट्रीपरीक्षार्थियों की त्रि-स्तरीय जांच की गई। इसमें गेट पर एडमिट कार्ड, फोटो पहचान पत्र और फोटो का मिलान किया गया। इसके अतिरिक्त, बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिली। महिला परीक्षार्थियों के दुपट्टे और हाथों में पहनी चूड़ियां तक उतरवाई गईं, ताकि किसी भी अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्तपरीक्षा के दौरान नकल या किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सख्त निगरानी रखी गई। पहली पारी की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनाए रखी गई।
झांसी में सगे भाइयों को सात साल की जेल:12 साल पहले पड़ोसी को शराब में मिलाकर पिलाया था जहर
झांसी की अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव की अदालत ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर पड़ोसी की हत्या करने के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात-सात साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सागर गेट के बाहर का है। अभियोजन के अनुसार रवि वर्मा ने 7 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई देवेंद्र वर्मा 5 जनवरी को पड़ोस में रहने वाले सुनील कुमार और संतोष कुमार के साथ गया था। आरोप है कि दोनों भाइयों ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।पोस्टमार्टम के बाद एफएसएल रिपोर्ट में भी शराब में जहर मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।सुनवाई के दौरान अभियुक्त पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की और कहा कि परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। वहीं एडीजीसी रवि प्रकाश गोस्वामी ने तर्क दिया कि यह गंभीर अपराध है और आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की है, इसलिए कठोर सजा दी जानी चाहिए।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुनील कुमार और संतोष कुमार को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कठोर कैद सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने जुर्माने की 75 प्रतिशत राशि मृतक के भाई रवि वर्मा को देने का आदेश भी दिया है।फैसले के समय दोनों आरोपी जमानत पर थे। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। बताया गया कि आरोपी सुनील कुमार की पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी लगी हुई थी, जिस पर अब संकट खड़ा हो गया है।
निकाह के दिन दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार:देवरिया में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप
देवरिया के खुखुंदू थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को उसके निकाह के दिन ही दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। युवक पर गांव की एक युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद की गई। खुखुंदू थाना क्षेत्र निवासी जीशान खान का गांव की एक युवती से लगभग सात वर्षों से प्रेम संबंध था। आरोप है कि इस अवधि में जीशान ने युवती को शादी का भरोसा दिलाया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, युवक लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन बाद में उसने किसी और से शादी कर ली और युवती से दूरी बना ली। युवती ने कई बार जीशान पर शादी के लिए दबाव बनाया, लेकिन वह राजी नहीं हुआ। इसी दौरान युवती को पता चला कि जीशान का निकाह किसी और लड़की से तय हो गया है। इसके बाद पीड़िता ने 16 मई को खुखुंदू थाने में जीशान के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी जीशान खान के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को जीशान का निकाह होना था, लेकिन पुलिस ने उसे निकाह से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।
सिंगरौली में मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात एक बड़ी चोरी की वारदात हुई। अज्ञात चोरों ने डायल 112 वाहन चालक के घर में दीवार तोड़ अंदर घुसकर नकदी व जेवरात चुरा लिए। घटना का खुलासा बुधवार सुबह होने पर गांव में हड़कंप मच गया। मामला जिले के देवसर क्षेत्र अंतर्गत जियावन थाना इलाके के ग्राम कोहराखोह का है। जानकारी के अनुसार, फरियादी ओम प्रकाश बैस ग्राम कोहराखोह के निवासी हैं और खदान क्षेत्र में तैनात डायल 112 वाहन चालक हैं। मंगलवार रात लगभग 11 बजे वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खाने के बाद घर में सो गए थे। इसी दौरान चोर घर के पीछे से आए और दीवार में एक बड़ा छेद करके अंदर घुस गए। अलमारी से नकदी-जेवर लेकर फरार चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़ा और उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषणों के साथ करीब 20 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। चोरी गई संपत्ति का कुल मूल्य 90 हजार रुपए से अधिक आंका जा रहा है। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे ओम प्रकाश बैस के चाचा रूपनारायण बैस ने घर के पीछे दीवार में सेंध लगी देखी। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी टूटी मिली। घटना की सूचना मिलते ही जियावन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों की तलाश में जुटी है। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
शामली जनपद में एक महिला, उसकी बहन और पति के साथ छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना सिटी शामली में हनुमान धाम के पास हुई, जब कार सवारों ने बाइक हटाने को लेकर विवाद किया। पीड़ित महिला रेखा पत्नी रविकांत, निवासी करन विहार, करनाल (हरियाणा) मूल रूप से सदर कोतवाली सिटी शामली की रहने वाली हैं। वह देर शाम अपने मायके से घर लौट रही थीं। इसी दौरान कार सवार कुछ लोगों ने उनकी बाइक के सामने से अपनी गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने महिला और उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ व अभद्र व्यवहार किया। जब महिला के पति ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र में दलित किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, एक आरोपी मुठभेड़ में घायल होने के बाद पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक, पहले आरोपी सोहेल को कल मंगलवार को दोपहर में अंतू के लोहंगपुर जंगल में मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एसओ अभिषेक सिंह सिरोही ने दूसरे आरोपी इरफान खान उर्फ खुन्ने को अंतू रेलवे स्टेशन से पकड़ा। इरफान महुली, नगर कोतवाली क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी का अपहरण करने के बाद उसे पूरी रात नगर कोतवाली और दिलीपपुर इलाकों में कार से घुमाया। भोर करीब 4 बजे उसे अचेत अवस्था में घर के पास छोड़कर फरार हो गए। बताया गया है कि किशोरी की दोस्ती फेसबुक पर गुड्डू खान नामक युवक से हुई थी। सोमवार शाम को गुड्डू उसे बाइक से महुली मंडी ले आया, जहां उसने अपने साथियों सोहेल और इरफान को भी बुला लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। भोर में परिजनों को किशोरी अचेत अवस्था में मिली। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। होश में आने पर किशोरी ने घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर उसकी मां की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया।
लुधियाना में एक्सिस बैंक एटीएम को लूटने की कोशिश:फायरिंग कर भागे बदमाश ,सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
थाना बस्ती जोधेवाल के अंतर्गत आते नूरवाला रोड सरताज नगर में तड़के उस समय हड़कंप मच गया जब एक्सिस बैंक के एटीएम को निशाना बनाने आए शातिर लुटेरों ने न सिर्फ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया बल्कि खुद को घिरता देख हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। बैंक कंट्रोल रूम से मिला जानकारी : 3 से 4 कार में आए लुटेरों ने सरताज नगर स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। आरोपियों ने कैश निकालने की गैस कटर से काटना शुरू किया जिससे गैस कटर की तेज आंच के कारण एटीएम मशीन बुरी तरह से झुलस गई। जैसे ही बदमाशों ने मशीन से छेड़छाड़ की मुंबई स्थित बैंक के मुख्य कंट्रोल रूम में तुरंत ऑटोमैटिक अलर्ट गूंज उठा कि लुधियाना के नूरवाला रोड स्थित सरताज नगर एटीएम में कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है। मुंबई के अधिकारियों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत लुधियाना कॉल किया और स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश होते ही इलाके में रूटीन गश्त कर रही थाना बस्ती जोधेवाल की पीसीआर से 2 मुलाजम गाड़ी से तुरंत मौके पर पहुंचे सायरन सुन भागे बदमाश,पुलिस ने पीछे लगाई गाड़ी: जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, उसका सायरन सुनकर एटीएम के अंदर मौजूद लुटेरे घबरा गए। वे कैश को वहीं छोड़ तुरंत बाहर निकले और अपनी गाड़ी में बैठकर भागने लगे। लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने भी हिम्मत दिखाते हुए तुरंत लुटेरों की गाड़ी के ठीक पीछे अपनी गाड़ी लगा दी और उनका पीछा करना शुरू कर दिया। जल्दबाजी और हड़बड़ाहट के चक्कर में लुटेरों ने अपनी गाड़ी आगे जाकर एक बंद गली में घुसा दी। जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने गाड़ी को बैक करने का प्रयास किया, तो पीछा कर रही पुलिस गाड़ी ने उन्हें पीछे से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। बदमाशों ने दहशत फैलाने और रास्ता साफ करने के इरादे से हवा में गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी हुए कामयाब : पुलिस और स्थानीय लोगों का घेरा मजबूत होता देख लुटेरे लगातार हवाई फायरिंग करते रहे और पुलिस टीम को चकमा देकर अपनी गाड़ी सहित अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। वारदात की भनक लगते ही थाना पुलिस और अन्य उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई है और आसपास के रूटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के सुराग हाथ लग चुके हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा
फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। इन तबादलों में दो निरीक्षक और छह उपनिरीक्षक शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक राजेश कुमार सिंह को पुलिस लाइन से प्रभारी रिट सेल भेजा गया है। वहीं, निरीक्षक समर बहादुर यादव को प्रभारी रिट सेल से अपराध शाखा में नई तैनाती दी गई है। उपनिरीक्षक भूकेन्द्र सिंह को कमालगंज थाने से शमसाबाद थाने भेजा गया है। महेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस लाइन से शमसाबाद थाने, जबकि धनीराम को पुलिस लाइन से कायमगंज थाने में तैनात किया गया है। उपनिरीक्षक राकेश कुमार को पुलिस लाइन से जहानगंज थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, सर्वेश कुमार को पुलिस लाइन से राजेपुर थाने और अजय कुमार को पुलिस लाइन से मेरापुर थाने में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी इन आदेशों के बाद, संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत सितंबर 2025 की डेल्टा रैंकिंग के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इस नवीनतम मूल्यांकन में चित्रकूट जनपद ने देश के कुल 112 आकांक्षी जनपदों की सूची में 12वां स्थान प्राप्त किया है। यह उल्लेखनीय है कि जून 2025 की रैंकिंग में जनपद 42वें पायदान पर था। यह सफलता जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के मार्गदर्शन, दूरदर्शी प्रशासनिक विजन और निरंतर की गई कड़ी निगरानी का परिणाम है। उनके स्पष्ट निर्देशों के तहत जनपद के सभी विकासखंडों में 'डेटा बेस्ड प्लानिंग' को कार्यप्रणाली का मुख्य आधार बनाया गया। नीति आयोग के 'चैंपियंस ऑफ चेंज' पोर्टल पर प्रदर्शित होने वाले सभी प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स) की विभागवार और ब्लॉकवार सूक्ष्म समीक्षा सुनिश्चित की गई। विभिन्न विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर कोर-इंडिकेटर्स के संतृप्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस प्रशासनिक गतिशीलता को बनाए रखा जाए, ताकि आगामी समीक्षा अवधियों में चित्रकूट देश के शीर्ष पांच जनपदों में अपनी जगह सुनिश्चित कर सके।
अमेठी में सड़क हादसे में युवक की मौत:बिजली पोल से टकराई बाइक, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक की बाइक अनियंत्रित होकर एक विद्युत पोल से टकरा गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामो थाना क्षेत्र के ग्राम सभा गौरा निवासी अजय कुमार (24) पुत्र राज बहादुर पासी देर रात बाजार से अपने घर लौट रहा था। पूरब गौरा के कटारी मोड़ के पास उसकी तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। बाइक सीधे एक विद्युत पोल से जा टकराई, जिससे अजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामों पहुंचाया। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जामों थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बुधवार सुबह बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर उसके परिजनों को सूचित किया। परिजनों के पहुंचने के बाद पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
हिंडोली में हथियारों के साथ 2 बदमाश गिरफ्तार:2 अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस किए जब्त
बूंदी में अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन आग के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है। हिंडोली थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 2 अवैध पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस जब्त कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।हिंडोली थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने इसे अंजाम दिया। पुलिस टीम ने रात में NH-148डी हाईवे पर नैनवां रोड स्थित अमरत्या तिराहा के पास गश्त के दौरान एक कार को रोका। तलाशी लेने पर कार में सवार 2 युवकों के पास से2 अवैध पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लविश उर्फ लोंटया (20) पुत्र रमेश कुमार पाराशर, निवासी पाराशर मोहल्ला देई और दिनेश (23) पुत्र फोरूलाल, निवासी माताजी का झोंपड़ा देई, थाना देई शामिल है। दोनों के पास हथियारों का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला।
हाथरस जिला अस्पताल में ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण पूरी रात बिजली गुल रही। इससे अस्पताल के सभी वार्डों में अंधेरा छा गया और मरीज तथा चिकित्साकर्मी भीषण गर्मी में परेशान रहे। ट्रांसफार्मर अभी तक ठीक नहीं हो पाया है। यह घटना कल हुई थी, जिसके बाद से जिला अस्पताल परिसर में विद्युत आपूर्ति बाधित है। पुरुष और महिला अस्पताल दोनों में यही स्थिति बनी रही। यहां तक कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का इनवर्टर भी काम करना बंद कर दिया। बिजली न होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के कारण उनकी हालत और बिगड़ गई। चिकित्साकर्मी भी इस दौरान काफी असुविधा में दिखे। आज सुबह जनरेटर चलाकर पुरुष और महिला वार्डों में कुछ हद तक विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। हालांकि, इसके बावजूद भी कुछ वार्डों में बिजली नहीं आ पाई, जिससे मरीज दर्द से कराहते रहे। मरीजों और तीमारदारों ने झेली परेशानी... एक मरीज मनीष ने बताया, मैं कल रात से अस्पताल में भर्ती हूं, लेकिन रात भर लाइट नहीं आई। मरीज के साथ आई तीमारदार चेतना ने कहा, मैं अपने मरीज को लेकर इमरजेंसी वार्ड में आई हूं, लेकिन यहां तो इमरजेंसी वार्ड तक में लाइट नहीं है और जनरेटर भी चालू नहीं हुआ है।
कन्नौज में सरकारी योजनाओं के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य:20-21 मई को विशेष शिविरों में बनेगी किसान आईडी
कन्नौज जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों के पास फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री की संख्या कम है, वहां किसानों की सुविधा के लिए दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर 20 और 21 मई को जिले के विभिन्न राजस्व ग्रामों में ये विशेष कैंप लगेंगे। इन शिविरों में कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ राजस्व विभाग के लेखपाल, ग्राम सचिव, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और जनसेवा केंद्र के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। ये सभी मिलकर किसानों की फार्मर आईडी बनाने में सहायता करेंगे। इस अभियान के तहत विकास खंड कन्नौज के राजस्व ग्राम वैसापुर पट्टी (71), मियागंज (65), आकिलपुर (64), सलेमपुर रमई (60), तहसीपुर (58); विकास खंड गुगरापुर के माछा (53); विकास खंड जलालाबाद के अलीनगर (51), बनपुरा नरायनपुर (49); विकास खंड उमर्दा के अहेर (154), उमर्दा (143), कनौली (137), किनौरा (135), चंदियापुर (132); विकास खंड हसेरन के करसाह (93), बरियामऊ (76); विकास खंड सौरिख के बहादुरपुर मझिबवां (94), कुसका (86); विकास खंड तालग्राम के ऊँचा (166), मझपुर्वा (178), आदमपुर कपूरापुर (169); तथा विकास खंड छिबरामऊ के जगतपुर (113), खुड़ावा (112), त्योर (110), कमालपुर (103) एवं भगवानपुर (95) में कैंप आयोजित किए जाएंगे। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र या विभागीय कर्मियों से संपर्क कर इसे जल्द से जल्द बनवा लें। ऐसा करने से वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज एवं कृषि यंत्र अनुदान, सोलर पंप योजना और उर्वरक वितरण जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।
आन के लिए बेटी का गला घोंटकर हत्या:अलीगढ़ के गांव जरारा में हुई वारदात, खेत में दबाया शव
अलीगढ़ में पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की गला घोंट कर हत्या कर दी। फिर शव को पीठ पर रस्सी से बांधकर बाइक से खेत में पहुंचा। जहां उसने 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव का दफना दिया। युवती की मां की सूचना पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बेटी पड़ोसी युवक से एक साल से प्यार करती थी। उससे शादी करने की जिद पर अड़ी थी। उसे समझाया, लेकन वह नहीं मानी। एक सप्ताह से उसने खाना छोड़ दिया था।मान-सम्मान के लिए मैंने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने लड़की की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया। आरोपी की निशानदेही से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना खैर कोतवाली क्षेत्र की है। तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार शाम पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को हिरासत में पूछताछ शुरू की। पूरन को साथ लेकर पुलिस खेत में पहुंची और करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में दबाया गया शव निकलवा लिया। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पीठ पर शव को बांधकर बाइक से लेकर जंगल पहुंचा गांव जरारा निवासी पूरन किसान है। घर में उसकी पत्नी, बेटा और बेटी हैं। पूरन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मेरी बेटी शिवानी पड़ोसी लड़के से प्यार करती थी। उससे शादी करना चाहती थी। इसकी जानकारी जब मुझे लगी तो उसे समझाया। जब वह नहीं मानी तो उसका बाहर आना जाना बंद कर दिया। 8 दिन पहले उसने खाना-पीना छोड़ दिया था। 17 मई को उसने सुसाइड की कोशिश की। उसने तेजाब पी लिया। तभी मैंने उसे मारने का प्लान बना लिया। मैं उसे अस्पताल लेकर नहीं गया। बल्कि मैंने उसका गला घोंट दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मैं बाइक लेकर कमरे के अंदर आया। फिर मैंने शिवानी के शव को अपनी पीठ पर रस्सी से बांधा। सोमवार तड़के करीब 3 बजे मैं उसे अकेले ही घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में खेत पर ले गया। यहां टप्पल के रहने वाले रामकौर के खेत में पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा। जहां उसे दफना दिया। पड़ोसी से प्रेम करती थी, मेरी बदनामी हो रही थी आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी से शादी करना चाहती थी। उसकी लव स्टोरी से मेरी बदनामी हो रही थी। मुझे डर था कि बेटी कहीं भाग न जाए या सुसाइड न कर ले। अगर ऐसा वह करती तो मेरी बदनामी होती। इसलिए मैंने उसे खुद ही मार डाला। शिवानी को घर में न देखकर मां राजकुमारी और भाइयों समीर और सागर ने उसे आसपास खोजा। रिश्तेदारी में खोजा। जब शिवानी नहीं मिली तो उन्होंने मंगलवार शाम को पुलिस को सूचना दी। कहा कि मेरे पति ने बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस ने पूरन को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की, इसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिर पुलिस उसे खेत पर लेकर पहुंची, जहां उसने शिवानी को दफनाया था। उसकी मौजूदगी में पुलिस ने शिवानी का शव गड्ढे से बाहर निकाला। मां की तहरीर पर केस दर्ज हुआ एसपी देहात मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि बेटी के प्रेम संबंधों के कारण उसके पिता ने उसकी हत्या कर दी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पिता की निशानदेही पर शव मिल गया है। पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। ………………..ये खबर भी पढ़िए- यूपी में भीषण गर्मी, पारा 49C पहुंचने के आसार:बांदा लगातार तीसरे दिन देश में सबसे गर्म, 14 शहरों में स्कूल बंद; लखनऊ में बिजली कटौती पर हंगामा यूपी बीते 4-5 दिन से भीषण गर्मी की चपेट में है। मंगलवार को बांदा का पारा सीजन में पहली बार 48.2C रिकॉर्ड किया गया। यह देश का सबसे गर्म और दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। 2022 में बांदा का तापमान 49.2C तक पहुंच गया था। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में 4 साल पुराना ये रिकॉर्ड टूट सकता है। बुधवार को यूपी के ज्यादातर शहरों में सुबह से तेज धूप है। गर्मी से लोगों का बेहाल है। गर्म हवाओं की वजह से उमस का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 53 जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर
समाजवादी पार्टी की नेत्री और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी काजल निषाद को मंगलवार देर रात गोरखपुर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। काजल निषाद ने बुधवार को गोरखपुर के गीडा इलाके में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के बैनर तले सहजनवा रेलवे स्टेशन के पास आयोजित होना था। सोशल मीडिया पर जताया विरोध हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद काजल निषाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा “यह खौफ अच्छा है, यह होना भी चाहिए। अभी-अभी मुख्यमंत्री जी के आदेश पर गोरखपुर, रामगढ़ ताल पुलिस ने मुझे हाउस अरेस्ट किया है। अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने से शासन-प्रशासन में जो यह खौफ है, यह अच्छा है। इस तानाशाही के खिलाफ सदैव लड़ते रहेंगे।” उनकी इस पोस्ट के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। रात में पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क हो गया था। मंगलवार देर रात तारामंडल थाने की पुलिस काजल निषाद के घर पहुंची और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिस ने साफ कहा कि वे किसी भी हालत में गीडा के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकतीं। प्रशासन का कहना है कि यह प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकता था। इसी कारण एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई। गीडा में प्रदूषण बना मुद्दा बताया जा रहा है कि गीडा क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी आंदोलन की तैयारी कर रही थी। काजल निषाद इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने वाली थीं। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। राजनीति में लगातार सक्रिय हैं काजल निषाद टीवी अभिनेत्री रह चुकी काजल निषाद पिछले कुछ वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने गोरखपुर क्षेत्र में कई चुनाव लड़े हैं। वे समाजवादी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सदर सीट से उम्मीदवार रह चुकी हैं। इसके अलावा कैंपियरगंज विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच उनकी राजनीतिक सक्रियता फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।
फर्रुखाबाद में गुरुवार को लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचेंगे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर को जाम से मुक्त रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने रूट डायवर्जन की घोषणा की है। यह डायवर्जन परीक्षा समाप्त होने तक लागू रहेगा। गुरुवार को परीक्षा समाप्ति तक हल्के और भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू रहेगा। कन्नौज से कानपुर होते हुए फतेहगढ़ की ओर आने वाले मालवाहक वाहन जैसे ट्रक, टैंकर, डीसीएम, डंपर और लोडर को जिला जेल क्रॉसिंग से सेंट्रल जेल की ओर डायवर्ट किया जाएगा। फर्रुखाबाद बस अड्डे से कानपुर जाने वाली रोडवेज बसें लाल गेट, फव्वारा, आईटीआई होते हुए सेंट्रल जेल की तरफ से गुजरेंगी। स्कूलों, कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों के आसपास भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ई-रिक्शा, ऑटो और टेंपो जैसे हल्के वाहन निर्धारित मार्गों से ही संचालित होंगे और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में उनका प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी वाहन चालकों से निर्धारित रूट डायवर्जन का पालन करने का आग्रह किया गया है। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सूचित किया गया है कि पांचाल घाट गंगा पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात प्रभावित है। पुल पार करने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। अतः परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने परीक्षा केंद्र के लिए निर्धारित समय से पहले प्रस्थान करें, ताकि समय पर पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा या बाधा न हो।
अयोध्या के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती और लाइन ट्रिपिंग से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी के बीच रात में हर 10 से 15 मिनट पर बिजली लाइन ट्रिप होने से ग्रामीण परेशान हैं। कुमारगंज, मिल्कीपुर, अमानीगंज, तुलसामपुर और सैदपुर समेत कई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में दिन और रात दोनों समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी रात में करीब 100 से ज्यादा बार बिजली लाइन ट्रिप हो रही है। उमस भरी गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार करने को मजबूर हैं। इलाके में तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे दिन के समय भी लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, दिन में कुछ देर बिजली मिल जाती है, लेकिन रात में मुश्किल से तीन से चार घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। ट्रांसफार्मरों पर बढ़ा लोड बना वजहविद्युत विभाग के उपखंड अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मरों पर जरूरत से ज्यादा लोड बढ़ने के कारण लाइन बार-बार स्वतः ट्रिप हो रही है। अधिकारियों के अनुसार लगातार बढ़ रही बिजली मांग के चलते व्यवस्था संभालना चुनौती बन गया है। विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था और लोड कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। किसानों की सिंचाई पर पड़ा असरबिजली संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है। इस समय धान की नर्सरी डालने के साथ गन्ना और जायद फसलों की सिंचाई का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है, लेकिन अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसान राजकुमार, देवी प्रसाद, रामबली, प्रभाकर तिवारी, उमानाथ और दीनानाथ ने बताया कि बार-बार लाइन ट्रिप होने से सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने की व्यवस्था सुधारने की मांगग्रामीणों और किसानों ने बिजली विभाग से ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती से हालात और खराब होते जा रहे हैं।
घाटमपुर के परास मोड़ के पास अज्ञात वाहन बाइक सवार को टक्कर मार कुचलते हुए भाग निकला। हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना देने के साथ दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। फतेहपुर जिले के कलाना गांव निवासी 24 वर्षीय सुमित देर रात अपनी बहन प्रियंका को दिल्ली जाने के लिए कानपुर रेलवे स्टेशन छोड़ने गया था, जहां से वापस बाइक से अपने साथी गांव निवासी हिमांशु सोनकर के साथ घर लौट रहा था, तभी घाटमपुर थाना क्षेत्र के परास मोड़ के पास पहुंचते ही अज्ञात वाहन बाइक में टक्कर मारते हुए दोनों युवकों को कुचलकर भाग निकला। हादसे में दोनों युवकों को मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची घाटमपुर पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दोनों युवक अविवाहित थे, घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिली थी, परिजनों को जानकारी देकर दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रात भर सड़क किनारे पड़े रहे मृतक, सुबह हुई जानकारी देर रात अज्ञात वाहन के कुचलने से दोनों युवकों की मौत हो गई। रात भर सड़क किनारे दोनों के शव पड़े रहे, सुबह राहगीरों की सूचना पर पुलिस को घटना की जानकारी हुई, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है।
छतरपुर जिले की बक्सवाहा नगर परिषद ने बुधवार को बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सड़क किनारे रखी अस्थाई गुमटियों, ठेलों और दुकानों के बढ़ाए गए हिस्सों को हटाया गया। लंबे समय से यहां अवैध कब्जे के कारण लोगों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर परिषद के अमले ने बस स्टैंड पहुंचकर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया। प्रशासनिक टीम ने इलाके में कई स्थानों से अतिक्रमण हटाकर रास्ता पूरी तरह से साफ कर दिया। इन अस्थाई दुकानों और गुमटियों के हटने के बाद स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत महसूस की है। दोबारा कब्जा करने पर लगेगा जुर्मानाकार्रवाई के दौरान प्रभारी सीएमओ केवट ने अतिक्रमणकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा, यदि दोबारा सड़क या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अवैध कब्जा किया गया, तो दंडात्मक कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही सीएमओ ने स्पष्ट किया कि नगर में अतिक्रमण हटाने की यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी।
भाजपा नेता की टोल मैनेजर को धमकी- उलटाकर टांग दूंगा:एसपी-टीआई के पास भागते फिरोगे; सामने आया ऑडियो
लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ना है तो क्लियर कर लो… शांति से प्लाजा चल रहा है। चलने दो। फोकट उंगली मत करो। भागते फिरोगे एसपी व टीआई के पास। यहां तेरी नेतागीरी नहीं चलेगी। ज्यादा होशियारी सूझेगी तो उलटा कर टांग दूंगा। यह धमकी रतलाम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर ने चिकलिया फोरलेन टोल नाके के मैनेजर अरिजीत दास गुप्ता को दी है। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग दैनिक भास्कर के पास मौजूद है। मामले में मैनेजर ने बीजेपी नेता शुभम गुर्जर को आदतन अपराधी बताते हुए अपने और स्टाफ के साथ गाली-गलौज करने, कानून व्यवस्था बिगाड़ने की धमकी देने, सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने को लेकर रतलाम एसपी अमित कुमार व टोल प्लाजा संबंधित थाना क्षेत्र बिलपांक में शिकायत की है। पढ़िए रिपोर्ट… टोल मैनेजर अरिजीत दास गुप्ता और शुभम गुर्जर के बीच बातचीत के अंश… गुर्जर - नमस्ते टोल मैनेजर- जी भाई, नमस्कार। गुर्जर - सोमवीर जी को जम नहीं रहा क्या, टोल अच्छे से चल रहा है तो… टोल मैनेजर - नहीं, ऐसा तो नहीं है। क्या हो गया? मैं तो यहीं पर बैठा हूं। गुर्जर- नहीं समझ आ रहा है तो पूछ लो यार। आपके लड़के हर गाड़ी रोक कर बहस कर रहे हैं। यह अच्छ बात नहीं है। टोल मैनेजर - नहीं, हर गाड़ी नहीं। गुर्जर - मेरी बात सुन लो… नियम कायदे की बात है न तो हजार पॉइंट हैं मेरे पास। इतनी शिकायतें होंगी कि घर आओगे शिकायत कटवाने। सारी शिकायतें यहीं हैं। तुम और सोमवीर साहब ज्यादा नियम कायदे (गाली देते हुए) …रहे हैं न… तो मुझे एक हजार नियम कायदे आते हैं। टोल मैनेजर - हर गाड़ी को रोककर नहीं, खाली… गुर्जर - बहस कर रहे हो यार… सोमवीर साहब ने बोला है। सोमवीर साहब को लड़ना है तो बता दो। हम आ जाते हैं, लड़ लो (गाली देते हुए)। टोल चला लो या फिर कुश्ती लड़ लो। टोल मैनेजर - शुभम जी आप समझ नहीं पा रहे हैं। आपकी जो जेन्यूइन गाड़ियां हैं वो तो जा ही रही हैं न। गुर्जर - आप नहीं समझ रहे हैं। दिनभर थोड़ी न बात करूंगा। (गालियां देते हुए) आप लोगों का 50 लाख कलेक्शन से भी पेट नहीं भरा तो हम लोकल वालों को खा जाओ। टोल मैनेजर - अरे साहब! आप क्यों गुस्सा हो रहे हो। गुर्जर - सुबह से शाम तक हम परेशान हो रहे हैं। टोल मैनेजर - जिन गाड़ियों को आप नहीं जानते, वो भी आपका नाम ले रहे हैं। गुर्जर - मैं कह रहा हूं गुप्ता जी फिर भागते फिरोगे एसपी और टीआई के पास। सोमवीर को कह दो, एक घंटे में मैं वहां आ रहा हूं। (गाली देते हुए) लड़ ले फिर। मैं बताता हूं टोल प्लाजा कैसे चलेगा। फोकट की नेतागीरी… जो आता है नया चाबुक लेकर बैठ जाता है, साहब बनने के लिए यहां पर। टोल मैनेजर - मैं कहां चाबुक लेकर बैठा हूं। गुर्जर - हमारी (गाली देते हुए) लोकल लोगों की जमीनें खा गए। हमारे लोग 50-50 लाख का कलेक्शन करके दे रहे हैं। बता देना सोमवीर साहब को उलटा कर भेजूंगा यहां से… जाएगा एसपी और टीआई के पास भागता हुआ। (गाली देते हुए) लड़ना है तो बता दे फिर आता हूं मैं उधर। टोल मैनेजर - ठीक है। मैं बोलता हूं, उन्हें। गुर्जर - शांति से प्लाजा चल रहा है तो चलने दो। फोकट उंगली मत करो। हमारे गांव में आकर हमें नेतागीरी सिखाएगा क्या वो सोमवीर। बता देना कुलदीप के पास जा नेतागीरी करने आगरा। यहां तेरी नेतागीरी नहीं चलेगी। टांग दूंगा उलटा ज्यादा होशियारी सूझेगी तो। टोल मैनेजर - ठीक है, मैं बात करता हूं। गुर्जर - बता देना सोमवीर को बुलाना है क्या। बोलना- बुलाना है तो बताओ। फिर आता हूं मैं अपने हिसाब से। परेशान कर दिया- सुबह से शाम तक। सोमवीर-सोमवीर सुनकर। तुम्हारा ही टोल है, (गाली देते हुए) दुनियाभर में तुम्हें ही सबसे ज्यादा घाटा हो रहा है। तुम्हारे पास इमरजेंसी लाइन नहीं है… बाइक के लिए अलग लाइन नहीं है। लोगों को परेशान करने के लिए… उंगली करने के लिए… मैं आता हूं फिर तुम्हारा एक बंदा प्लाजा पर बैठकर दिखा दे। टोल मैनेजर - ठीक है। आपको लगे बात करना है तो बता दीजिएगा। गुर्जर - लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ना है क्या तो क्लियर कर लो… हां लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ना है। (गाली देते हुए) तुमको ही… है, मेरा कुछ नहीं होगा। मैं हाथ नहीं जोड़ूंगा। नहीं समझ आ रही तो फिर मैं समझा दूंगा। 18 मई को कॉल कर धमकाया शिकायत में बताया गया है- मैं अरिजीत दास गुप्ता, चिकल्या टोल प्लाजा पर टोल मैनेजर हूं। 18 मई की दोपहर लगभग 3.05 बजे मेरे मोबाइल नंबर पर आरोपी शुभम गुर्जर (मोबाइल नंबर +++++44477) का फोन आया। उसने अत्यंत आक्रामक लहजे में टोल प्लाजा से उसके नाम पर बिना किसी वैधानिक शुल्क के गाड़ियां निकालने का दबाव बनाया। जब मैंने MPRDC नियमों का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया, तब शुभम गुर्जर ने मुझे तथा हमारे हेड ऑफिस (HO) से आए सोनवीर सर को गालियां दीं। आरोपी ने फोन पर ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा- वह एक घंटे में टोल पर आकर हमें देख लेगा। इससे टोल स्टाफ में भय का माहौल है। पूर्व में घटना को दे चुका अंजाम शिकायत में बताया कि शुभम गुर्जर टोल प्लाजा पर पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। शुभम के खिलाफ 12 फरवरी 2024 को इसी थाने (बिलपांक) में एक केस दर्ज है। पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद आरोपी के हौसले बुलंद हैं। वह लगातार कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। 100 कारों को बिना शुल्क कर निकलवाता है शिकायत में बताया गया है कि शुभम गुर्जर रोज लगभग 100 बाहरी कारों को अपने रसूख और धमकी के बल पर बिना टोल शुल्क दिए पास कराता है। इस कारण MPRDC (Madhya Pradesh Road Development Corporation) को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जब भी हमारा स्टाफ नियमों के तहत बाहर के जिलों की गाड़ियों से शुल्क का प्रयास करता है तो वाहन चालक आरोपी शुभम गुर्जर से बात कराते हैं। वह टोल स्टाफ को धमकाते हुए गाड़ी निकालता है। शुभम गुर्जर की होगी जिम्मेदारी शिकायत में कहा गया है कि अगर टोल स्टाफ और अधिकारी उसे समझाने का प्रयास करते हैं तो शुभम गुर्जर टोल अधिकारियों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। इस घटना को देखते हुए अगर किसी भी टोल स्टाफ और कंपनी अधिकारी के साथ कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शुभम गुर्जर की होगी। पुलिस को पुरानी एफआईआर के साथ ही 18 मई को धमकाने की वॉइस रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई है। रिपोर्ट दर्ज करने की मांग शिकायत में शुभम गुर्जर के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, गाली-गलौज, मारने की धमकी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने की धारा में केस दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही टोल प्लाजा पर सुरक्षा की भी मांग की गई है, ताकि सभी कर्मचारी बिना किसी भय के काम कर सकें। दो माह पहले हुई थी नियुक्ति शुभम गुर्जर भारतीय जनता युवा मोर्चा का आईटी सेल प्रभारी है। दो माह पहले भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने इसकी नियुक्ति की थी। जिला उपाध्यक्ष के पद से हटाया था शुभम गुर्जर आईटी सेल प्रभारी से पहले भाजयुमो का जिला उपाध्यक्ष था। 12 फरवरी 2024 में टोल प्लाजा का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें शुभम गुर्जर टोल प्लाजा में पिस्टल अड़ाकर कर्मचारियों को धमकाते हुए और मारपीट करते दिखा था। मामला 2023 का था। उस समय भी बिना टोल दिए गाड़ी निकालने को लेकर विवाद हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद तत्कालीन एसपी राहुल लोढ़ा ने शुभम के खिलाफ बिलपांक थाने में केस दर्ज कराया था, तब भाजयुमो के तत्कालीन जिलाध्यक्ष विप्लव जैन (वर्तमान में प्रदेश महामंत्री भाजयुमो) ने शुभम गुर्जर को जिला उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया था। केस दर्ज होने के 2 माह तक फरार रहने के बाद शुभम ने कोर्ट में सरेंडर किया था। दो माह पहले इसे पद दे दिया गया। ………………… यह खबर भी पढ़ें दमोह टोल पर तोड़फोड़, कर्मचारियों से मारपीट का CCTV दमोह में नाका टोल बैरियर पर मंगलवार रात टोल शुल्क को लेकर विवाद हो गया। बदमाशों ने तोड़फोड़ और मारपीट की भी। इस दौरान दो कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल कर्मचारियों ने टोल से पैसों की लूट का भी आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
आजमगढ़ में CCTV कैमरा तोड़ने पर बवाल:दो पक्षों में मारपीट, लाठी-डंडे चले; 16 लोगों पर केस दर्ज
आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा तोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना में एक पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने 16 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित उमेश सरोज ने बताया कि उन्होंने अपने तालाब में मछली पालन की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाया था। आरोप है कि विपक्षी कैमरा तोड़ रहे थे। जब उमेश ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमलापीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर जब उनका छोटा भाई मौके पर पहुंचा तो उसके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावर मौके से सामान भी उठा ले गए। 16 आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा उमेश सरोज की तहरीर पर पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में अरविंद कुमार, रामनरेश, प्रेम, प्रद्युम्न, सनी, रामप्रीत, मेवा, मोहन, अखिलेश, धर्मेंद्र दिवाकर, सोनू, मुकेश, अलखनाथ यादव, भोला, संजू और लाल बहादुर के नाम शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
करौली जिले के सपोटरा स्थित नारौली डांग वन क्षेत्र में आग लग गई। इस घटना में लगभग 100 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ, जिससे सैकड़ों पेड़-पौधे और वनस्पति जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों, वन विभाग और दमकल टीम के करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। एक सप्ताह के भीतर वन क्षेत्र में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। हवा के कारण तेजी से फैली आगप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नारौली डांग रेंज की पहाड़ियों में अज्ञात कारणों से आग लगी। तेज गर्मी और हल्की हवाओं के चलते आग तेजी से फैली और जंगल के एक बड़े हिस्से में फैल गई। आग की चपेट में आने से चिरोल, धोक, देशी बबूल जैसे कई प्रकार के पेड़-पौधे और घास-फूस जलकर राख हो गए। जंगल में सूखी झाड़ियां और पत्तियां बड़ी मात्रा में होने के कारण आग और तेजी से फैली। इस आग से वन क्षेत्र में रहने वाले जीव-जंतुओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबूआग लगने की सूचना मिलते ही गंगापुर सिटी और सपोटरा रेंज की वन विभाग टीम के साथ दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से मिट्टी डालकर और पेड़ों की टहनियों का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, जिसके बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 10 मई को रानेटा प्लांटेशन क्षेत्र और 14 मई को नारौली डांग वन क्षेत्र में भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं।
दमोह में नाका टोल बैरियर पर मंगलवार रात टोल शुल्क को लेकर विवाद हो गया। बदमाशों ने तोड़फोड़ और मारपीट की भी। इस दौरान दो कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल कर्मचारियों ने टोल से पैसों की लूट का भी आरोप लगाया है। घटना मंगलवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। बदमाशों ने टोल पर लगी लाखों रुपए की मशीनों और कंप्यूटरों में तोड़फोड़ की। पूरी घटना टोल नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें 6 से अधिक बदमाश मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। 6 से अधिक लोगों ने टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट की जानकारी के अनुसार, दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर कोरासा गांव के आगे यह टोल नाका संचालित होता है। बताया गया है कि सागर जिले के गढ़ाकोटा निवासी मुकेश यादव अपने साथियों के साथ टोल नाके पर पहुंचा था। यहां टोल शुल्क के भुगतान को लेकर उसका कर्मचारियों से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मुकेश यादव और उसके साथ कार में मौजूद करीब 6 से अधिक लोगों ने टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। 15 हजार रुपए लूट कर भागे आरोपी घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस टोल बैरियर पहुंची और अन्य कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। घायल कर्मचारी धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि गढ़ाकोटा के कुछ लोग कार से टोल पर आए थे। पैसे मांगे जिसको लेकर कहा सुनी हुई। 6 से अधिक लोगों ने टोल नाका पर तोड़फोड़ कर दी और हमारे साथ मारपीट भी की गई है। उस दौरान टोल नाके पर करीब 10 से अधिक कर्मचारी भी मौजूद थे जिन्होंने पूरी घटना देखी है। टोल पर करीब 15 हजार रुपए रखे थे जो आरोपी लूट कर ले गए हैं। दूसरे घायल मदन सिंह परिहार ने बताया की कार सवार व्यक्ति ने अपने आप को गढ़ाकोटा का मुकेश यादव बताया था। उसके साथ कई लोग थे। जिन्होंने टोल के कर्मचारियों से डंडों से मारपीट की और टोल में तोड़फोड़ कर दी है। आरोपियों की तलाश में टीम रवाना हुई घटना की जानकारी लगते ही देहात थाना टीआई अमित गौतम, सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम सिंह दांगी मौके पर पहुंचे। टोल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में जांच शुरू कर दी है। उधर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि रात में जानकारी लगी थी कि टोल नाके पर कुछ विवाद हुआ है। जिसमें दो कर्मचारी घायल हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी लूट की घटना करते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं। वह केवल तोड़फोड़ कर रहे हैं। फिर भी वहां लगे सभी सीसीटीवी फुटेज जांचे जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश में टीम रवाना की गई है। लूट की घटना पर संदेह, कैशलेस सिस्टम जांच का आधार घायल कर्मचारियों ने टोल नाके पर भले ही 15 हजार रुपए के आसपास की लूट की घटना के आरोप लगाए हैं, लेकिन वाहनों में अधिकांश फास्ट ट्रैक का उपयोग होता है। ज्यादातर लोग नगद देने की अपेक्षा कैशलेस का ही उपयोग करते हैं। इसके अलावा जब रात में दूसरी कर्मचारियों की शिफ्ट चालू होती है उसके पहले पैसों का हिसाब किताब भी हो जाता है। टोल नाका से गुजरने वाले वाहनों से 40-50 से लेकर 100 तक लिया जाता है। फिर भी कर्मचारियों ने आरोप लगाए हैं तो पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा दुकानबंदी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवा आपूर्ति बाधित होने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने भी दवा व्यापारियों से दुकानें खुली रखने की अपील की है। प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा दुकानबंदी को लेकर शासन स्तर से सभी जिलों के औषधि अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से कहा गया है कि दवा आवश्यक वस्तु की श्रेणी में आती है, इसलिए किसी भी प्रकार की बंदी से मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी की ओर से जारी पत्र में सभी सहायक आयुक्तों और औषधि निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में दवा दुकानों का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी दवा व्यापारी द्वारा दुकान बंद कर दवा आपूर्ति प्रभावित की जाती है तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उधर, आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रस्तावित बंदी को अनैतिक बताते हुए पहले ही विरोध दर्ज कराया था। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सभी दवा व्यापारियों से मरीजों के हित को देखते हुए दुकानें खुली रखने की अपील की है, ताकि लोगों को दवाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
एसआरएन अस्पताल में बुधवार सुबह बवाल हो गया। यहां हादसे में घायल एक बच्ची को लेकर पहुंची कुछ महिला वकीलों और जूनियर डॉक्टरों में किसी बात को लेकर नोकझोंक के बाद विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि वहां मारपीट शुरू हो गई। महिला वकीलों का आरोप है कि उन्हें ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी रूम में बंद कर पीटा गया। बाल पकड़कर घसीटा गया और अभद्रता की गई। अस्पताल का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिला वकील मारपीट का आरोप लगाते नजर आ रही हैं। इसमें वह यह भी कहते दिखाई देती हैं कि मारपीट में अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने जूनियर डॉक्टरों का साथ दिया। दरवाजा गार्डों ने ही बंद किया और उन्हें धमकाया। महिला वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे में घायल बच्ची को उसके पिता कहीं और ले जाना चाहते थे, लेकिन डॉक्टरों ने घायल बच्ची को भी इमरजेंसी रूम में बंद कर लिया और बच्ची को देने से भी इंकार किया। कहा कि बच्ची को तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक कि तुम लोग मारपीट का वीडियो मोबाइल से डिलीट नहीं कर देते। मौके पर कोतवाली थाने की फोर्स पहुंच गई है। उधर काफी संख्या में अधिवक्ता भी आ गए हैं। पुलिस दोनों पक्षों को समझाने में जुटी हुई है।
गौतमबुद्ध नगर में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई:206 ट्रकों के चालान, 1.29 करोड़ का जुर्माना
गौतमबुद्ध नगर में ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ने मई महीने में बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान 206 ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए और उन पर कुल 1 करोड़ 29 लाख 40 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क लगाया गया। इनमें से अब तक 50 लाख 80 हजार रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि यह कार्रवाई सहायक संभागीय अधिकारी नंद कुमार, अभिषेक कनौजिया और यात्रीकर अधिकारियों की टीम ने मिलकर की। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए वाहनों को सेक्टर-142, जेवर, नॉलेज पार्क, बादलपुर और सेक्टर-62 स्थित डी पार्क समेत कई थाना क्षेत्रों में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग को बताया बड़ा खतराडॉ. पांडेय ने ट्रक और मिनी ट्रक चालकों व मालिकों को ओवरलोडिंग के नुकसान के बारे में आगाह किया। उन्होंने कहा कि क्षमता से ज्यादा माल भरना सड़क पर चलने वाले लोगों और वाहन चालकों दोनों के लिए खतरा बनता है। उन्होंने बताया कि ज्यादा वजन होने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे ब्रेक फेल होने, टायर फटने और वाहन पलटने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सड़क और वाहन दोनों को नुकसानपरिवहन विभाग के मुताबिक, ओवरलोडिंग से इंजन, टायर, ब्रेक और सस्पेंशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे वाहन जल्दी खराब होते हैं और मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है। अधिक वजन वाले वाहनों से सड़कें भी जल्दी टूटने लगती हैं। सड़कों पर गड्ढे और दरारें पड़ने से उनकी मरम्मत में सरकारी धन खर्च होता है। ईंधन खर्च और प्रदूषण भी बढ़ता हैअधिकारियों ने बताया कि ओवरलोड वाहन ज्यादा ईंधन खर्च करते हैं, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है। अधिक ईंधन जलने से प्रदूषण भी बढ़ता है, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। इसके अलावा ऐसे वाहन धीमी गति से चलते हैं और खराबी आने पर माल की डिलीवरी में देरी होती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
SGPGI के हाई-टेक लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट (LTU) में भर्ती 61 साल के मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सोमवार सुबह अचानक हुई इस घटना से संस्थान में हड़कंप मच गया। तीसरी मंजिल के वॉर्ड में भर्ती मुस्ताक का शव खून से लथपथ हालत में मिला। गले पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। घटना सामने आने के बाद पुलिस, फॉरेंसिक टीम जांच में जुट गई हैं। लेकिन अब तक कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। आखिर मरीज के पास कैसे पहुंचा ब्लेड ? हत्या है या आत्महत्या? पढ़िए पूरी रिपोर्ट सबसे पहले पढ़िए क्या था मामला ? SGPGI में भर्ती बजुर्ग मरीज का बेड पर खून से लथपथ शव मिला था। धारदार हथियार से उसका गला रेता गया था। पास में खून से सना सर्जिकल ब्लेड भी मिला। माना जा रहा है कि उसी से मरीज का गला रेता गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए हैं। शुरूआती जांच में पुलिस इसे बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या करना मान रही है। लेकिन हत्या की बात से भी पूरी तरह से इनकार नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी एंगल पर बारीकियों से जांच की जा रही है। मरीज के पास ब्लेड कैसे पहुंचा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाई-सिक्योरिटी माने जाने वाले LTU वॉर्ड में भर्ती मरीज तक ब्लेड जैसी धारदार वस्तु आखिर पहुंची कैसे? आखिर रेजर वाले ब्लेड की जरूरत क्या हैं? गंभीर मरीजों की सुरक्षा के लिए सामान की निगरानी की जाती है। ऐसे में यदि मरीज ने खुद को नुकसान पहुंचाया तो ब्लेड किसने दिया? और यदि किसी दूसरे व्यक्ति ने हमला किया तो क्या इसीलिए ब्लेड लाया गया। बड़ा सवाल आत्महत्या है या हत्या? सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मुस्ताक की मौत कैसे हुई? यदि यह आत्महत्या है तो एक गंभीर मरीज इतनी हालत में खुद को इतना नुकसान कैसे पहुंचा सकता है? वहीं यदि हत्या की आशंका है तो वॉर्ड के भीतर कोई बाहरी व्यक्ति कैसे पहुंचा? या फिर क्या किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया? परिजनों का कहना है कि मुस्ताक की हालत में लगातार सुधार हो रहा था और डॉक्टर भी रिकवरी की बात कह रहे थे। ऐसे में अचानक आत्महत्या की संभावना परिवार को स्वीकार नहीं हो रही। दूसरी ओर पुलिस हर एंगल से जांच करने की बात कह रही है। हाई-टेक बिल्डिंग में CCTV कैमरे क्यों नहीं? SGPGI देश के सबसे बड़े सुपरस्पेशियलिटी मेडिकल संस्थानों में गिना जाता है। यहां हर साल करोड़ों रुपये की फंडिंग होती है और आधुनिक सुविधाओं का दावा किया जाता है। इसके बावजूद जिस 6 मंजिला LTU बिल्डिंग में यह घटना हुई, वहां पर्याप्त CCTV निगरानी न होना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक घटना वाले फ्लोर पर कैमरे नहीं लगे थे। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि घटना के समय वहां कौन मौजूद था और क्या गतिविधियां हुईं। अब अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। घटना के समय किसी को भनक क्यों नहीं लगी? LTU जैसे संवेदनशील वॉर्ड में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी 24 घंटे तैनात रहते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी घटना हो जाना और किसी को आवाज तक न सुनाई देना कई आशंकाओं को जन्म दे रहा है।अगर मरीज ने खुद को नुकसान पहुंचाया तो क्या उस समय कोई मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी? वहीं यदि किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका रही तो वह बिना किसी की नजर में आए वॉर्ड तक कैसे पहुंचा और वापस कैसे निकल गया? यह सवाल जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। जब रिकवरी हो रही थी तो ऐसा कदम क्यों? परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि मुस्ताक की हालत पहले से बेहतर हो रही थी। डॉक्टरों द्वारा इलाज जारी था और रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही थी। ऐसे में अचानक आत्महत्या जैसी बात कई लोगों को स्वीकार नहीं हो रही। मेडिकल विशेषज्ञ मानते हैं कि गंभीर मरीजों में मानसिक तनाव हो सकता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि ऐसे मरीजों की लगातार निगरानी की जाए। यदि मरीज मानसिक रूप से परेशान था तो क्या उसकी काउंसिलिंग हुई? क्या अस्पताल को किसी तरह के तनाव या डिप्रेशन के संकेत मिले थे? इन सवालों के जवाब फिलहाल नहीं मिले हैं। परिवार शक के घेरे में क्यों? जांच के दौरान पुलिस परिवार और मिलने-जुलने वालों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस हर पहलू की जांच करना चाहती है ताकि किसी भी संभावना को नजरअंदाज न किया जाए। मरीज के पास ब्लेड कैसे पहुंचा ये जांच का विषय SGPGI के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि गाल ब्लैडर के कैंसर का मरीज था। इसकी सर्जरी पहले कहीं और हुई थी बाद में जब परेशानी हुई तब यहां लाकर भर्ती किया गया था। यहां भर्ती करने पर उसे राहत मिली थी और डिस्चार्ज हो गया था। पर बाद में कुछ हार्ट की समस्या के चलते उसे एडमिट किया गया था। पहले पोस्ट ICU में रहा पर राहत मिलने के बाद उसे वापस वॉर्ड में भेज दिया गया था। जहां उसका इलाज हो रहा था और जल्द ही उसे छुट्टी दी जाने वाली थी। जो जानकारी मिली उसके अनुसार सुबह बेड के पास ब्लड दिखा। तत्काल ड्यूटी डॉक्टर और टीम मौके पर पहुंची। उसकी पल्स डाउन थी और CPR देने के बाद भी वो रिवाइव नहीं किया जा सका। उसके गले मे ब्लेड से कट का निशान दिखा। वो सर्जिकल ब्लेड नहीं था। मरीज के पास ब्लेड कैसे पहुंचा, ये जांच का विषय है। DCP समेत पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर तफ्तीश की है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
बस्ती रेलवे स्टेशन पर वेंडरों से मारपीट और उन्हें जबरन थाने में बैठाने के आरोप में एक जीआरपी उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी रेलवे गोरखपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के सिस गांव निवासी रामप्रवेश ने जीआरपी थाना बस्ती में इस संबंध में तहरीर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 मई की रात वह अन्य वेंडरों के साथ प्लेटफार्म संख्या एक पर अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान जीआरपी थाने में तैनात उपनिरीक्षक संदीप कुमार यादव वहां पहुंचे और दुकान पर काम कर रहे कुछ वेंडरों को जबरन पकड़कर थाने ले गए। तहरीर के अनुसार, विरोध करने पर उपनिरीक्षक संदीप कुमार यादव ने भगवत प्रसाद, महेश तिवारी, पप्पू चौधरी, रजनीश, सुरेंद्र, वासुदेव गुप्ता, योगेश और श्याम दुबे के साथ अभद्रता की। उन्हें थाने में बैठाकर अपमानित भी किया गया। वेंडरों ने बताया कि वे सभी वैध कागजात के आधार पर अपनी दुकानें चला रहे थे, लेकिन उन्हें अवैध रूप से दुकान चलाने का आरोप लगाकर कार्रवाई की धमकी दी गई। इस घटना से नाराज वेंडरों ने प्रभारी निरीक्षक जीआरपी जितेंद्र कुमार सिंह को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी। इसके बाद एसपी रेलवे गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने मामले का संज्ञान लिया और उपनिरीक्षक संदीप कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर बस्ती पुलिस लाइंस भेजने का निर्देश जारी किया। साथ ही, पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
नर्मदापुरम जिले के औद्योगिक क्षेत्र मोहासा में नेचर बायो फूड्स (दावत) प्लांट की साइड पर बिना सूचना के ही निर्माण कार्य शुरू किया गया। न कंपनी और न कंट्रक्शन फर्म ने श्रम विभाग को काम, मजदूरों के संबंध में सूचना दी। एक माह से मिट्टी डालकर जमीन समतल करने का काम चल रहा था। बीते दिनों नेचर बायो फूड्स दावत प्लांट की साइट पर मजदूर अतुल यादव (19) की डंपर की चपेट में आने से मौत के बाद श्रम विभाग निरीक्षक सरिता साहू मौके पर पहुंची तो सारी कमियां उजागर हो गई। मंगलवार को श्रम विभाग ने बिना सूचना, बिना सुरक्षा व्यवस्था चल रहे निर्माण कार्य को लेकर कंपनी के जिम्मेदार नेचर बायो फूड्स दावत के राजेश जायसवाल, RNG कंस्ट्रक्शन मंडीदीप के कांट्रेक्टर विनोद कुमार जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण में मिली कई गड़बड़ी और लापरवाही श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने साइट का निरीक्षण किया। जांच में कई गड़बड़ी और लापरवाही मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने श्रम विभाग को निर्माण कार्य, कार्यस्थल, वहां लगाए गए श्रमिकों की संख्या की कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा के इंतजाम अपर्याप्त हैं। इसके अलावा पहले भी भगवती राइस मिल में ऐसी लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। आरोप यह भी है कि नाममात्र की रॉयल्टी लेकर बड़ी मात्रा में मिट्टी खोदकर साइट से लेवलिंग कराई जा रही है। एमपीआईडीसी की निगरानी में काम, सूचना की जिम्मेदारी मोहासा में कई कम्पनियों के साइड पर प्लांट पर निर्माण कार्य एमपीआईडीसी की निगरानी में चल रहे है। ऐसे में उन अधिकारी, इंजीनियर की जिम्मेदारी बनती है कि वो संबंधित कंपनी और कंस्ट्रक्शन ठेकेदार को आवश्यक विभागों की अनुमति, सूचना देने की प्रक्रिया को पूरा कराएं। दावत प्लांट पर करीब एक माह से काम कर रहा है। ऐसे में एमपीआईडीसी द्वारा प्रक्रिया पूरी करने के लिए दोबारा क्यों नहीं कहा गया, बड़ा सवाल है? एमपीआईडीसी के जेई इंजीनियर आयुष सेन ने बताया यहां केवल फील्ड ऑफिस है। हम केबल जमीन, सर्वे कराकर देते है। तहसील, कलेक्ट्रेट, रोड, बिजली के खंभे लगाकर देना हमारी जिम्मेदारी होती है। बिल्डिंग, अन्य परमिशन रीजनल ऑफिस से होते है। रीजनल ऑफिस से सारे नियम एवं शर्ते कंपनी को बता दी थी। दावत कंपनी और उनके कॉन्टेक्टर की गलती है। उन्हें परमिशन लेनी चाहिए थी। शिविर लगाकर मजदूरों का कराया पंजीयन श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने मोहासा पहुंचकर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के पंजीयन शिविर लगाया। संबल योजना एवं मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रम निरीक्षक ने न्यूनतम वेतन अधिनियम, बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम, बंधुआ श्रम अधिनियम, एवं बोनस भुगतान अधिनियम जैसे विभिन्न श्रम कानूनों के बारे में भी श्रमिकों को जागरूक किया गया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित संस्थान ग्रेन टेक, ग्राम मोहासा तहसील माखननगर जिला नर्मदापुरम में निर्माणाधीन कार्यस्थल पर पहुंचकर वहां कार्यरत प्रवासी श्रमिकों का प्रवासी पोर्टल पर पंजीयन भी कराया।
सीमावर्ती व पर्यटन नगरी जैसलमेर के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से 22 मई का दिन बेहद खास होने जा रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार अब जैसलमेर तक किया जा रहा है। 22 मई को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का शुभारंभ करेंगे। इस सीधी रेल सेवा से न केवल थार मरुस्थल, सोनार किला और पटवों की हवेली देखने आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को सहूलियत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी उच्च शिक्षा और बेहतर इलाज के लिए जोधपुर व अहमदाबाद आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। जैसलमेर जुड़ेगा सीधे अहमदाबाद से इस ट्रेन के सीधे जुड़ने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अब साबरमती (अहमदाबाद) से जैसलमेर के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय हैंडीक्राफ्ट, होटल और गाइड व्यवसाय को मजबूती मिलेगी। जैसलमेर के स्थानीय निवासियों को इलाज और पढ़ाई के लिए गुजरात और जोधपुर के बड़े सेंटर्स तक पहुंचने में आसानी होगी। जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत में अब 20 कोच, यात्रियों को मिलेगी राहत इसके साथ ही, यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 26481/82) में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इस ट्रेन में डिब्बों की संख्या 8 से बढ़ाकर अब सीधे 20 की जा रही है। कोच बढ़ने से जयपुर, मकराना, अलवर और गुरुग्राम जैसे प्रमुख स्टेशनों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को ज्यादा सीटें मिलेंगी और उनका सफर आरामदायक होगा।
दतिया जिले के इंदरगढ़ में मंगलवार रात युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट यूजी पेपर लीक मामले के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस हॉस्पिटल चौराहे से शुरू होकर सेवढ़ा रोड तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष शिवाजी गुर्जर और ब्लॉक उपाध्यक्ष अल्ताफ खान ने किया। बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में मशाल लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांगइस मौके पर युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह ‘रामू’ गुर्जर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।
धार शहर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले कई दिनों से शहर का अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। लगातार बढ़ते इस तापमान और गर्म हवाओं के चलते लोगों का दिन के समय घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। शहर में सुबह के समय भी पारा 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर होते ही शहर की सड़कें और बाजार पूरी तरह सूने हो जाते हैं। आम नागरिक केवल जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। अस्पतालों में बढ़े डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजलू और अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, बुखार, कमजोरी और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दिनभर चलने वाली इस तपिश का सबसे ज्यादा नुकसान मजदूर वर्ग, राहगीरों और छोटे व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। 25 मई तक जारी रहेगा लू का असरमौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 25 मई तक जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव जारी रह सकता है। हालात को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को दोपहर के समय घरों में सुरक्षित रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
अलीगढ़ में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल:वेतन बढ़ाने और स्थायीकरण की मांग, शहर में जमा हुआ कचरा
अलीगढ़ में बुधवार सुबह सफाई कर्मचारियों ने इगलास-मथुरा रोड स्थित ए टू जेड कंपनी के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, स्थायीकरण और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर काम बंद कर दिया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के बाद कई इलाकों में कूड़ा उठान बंद हो गया और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने लगे। कर्मचारियों ने नगर निगम पर लगाए अनदेखी के आरोपसफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि नगर निगम लगातार कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में सुधार नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त पर ज्ञापन तक न लेने का आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना है कि चयनित कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है। 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनसफाई कर्मचारियों ने 16 सूत्रीय मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें वेतन 21 हजार रुपये करने, पीएफ लागू करने, कर्मचारियों को नियमित करने, एनपीएस का भुगतान, चिकित्सा सुविधा और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति जैसी मांगें प्रमुख हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थायी नौकरी मिल रही है और न ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ। अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनीप्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द गंभीरता से बातचीत नहीं हुई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। हड़ताल का असर सीधे शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं और कचरा उठान पूरी तरह बंद पड़ा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भी उठे सवालयह आंदोलन सिर्फ वेतन और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम की आउटसोर्सिंग व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सीहोर कोतवाली पुलिस ने बुधवार सुबह वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी हुई एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद कर ली है। इन मामलों में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीते 17 मई को कराड़िया निवासी रूप कंवर सालिया ने अपनी स्कूटी चोरी होने की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया था। इसी दिन बद्री महल के रहने वाले सर्वेश राठौर ने भी अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर धारा 303(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाईमामलों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी कोतवाली रविंद्र यादव ने एक टीम का गठन किया। इस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए चोरी हुई होंडा शाइन मोटरसाइकिल और स्कूटी का पता लगाया और वाहनों को जब्त कर लिया। पुलिस गिरफ्त में आए तीन आरोपीपुलिस ने चोरी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कृष्ण नगर कॉलोनी (हाउसिंग बोर्ड) निवासी 31 वर्षीय मिथुन सिकरवार (पिता मोहन सिंह), जूनिया बाड़ी कस्बा निवासी 34 वर्षीय सगीर (पिता हबीब) और भोपाली पाठक निवासी 27 वर्षीय शोएब (पिता शौकत) के रूप में हुई है। तीनों ही आरोपी सीहोर के रहने वाले हैं।
मेरठ में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना गर्मी अपने रिकॉर्ड तोड़ रही है। मंगलवार को मेरठ में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य तापमान से 5.6 डिग्री अधिक रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने बुधवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना जताई है, जिससे हीटवेव का असर और गंभीर हो सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.7 डिग्री अधिक है। दिन और रात के तापमान में 16.9 डिग्री का अंतर होने से दिन में झुलसाने वाली गर्मी और रात में उमस लोगों को परेशान कर रही है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं । दोपहर के समय हालात ऐसे रहे कि शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों में दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी से बचने के लिए लोग छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा लेते नजर आए। सीसीएसयू परिसर में छात्राएं भी छाते के सहारे कॉलेज पहुंचती दिखीं। गर्मी के साथ-साथ शहर की वायु गुणवत्ता भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मंगलवार को मेरठ का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 245 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। सबसे खराब स्थिति एमआईईटी कॉलेज क्षेत्र में रही, जहां एक्यूआई 319 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा जयभीम नगर में 262, पल्लवपुरम में 244 और गंगानगर में 229 एक्यूआई दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी के साथ प्रदूषण का स्तर भी और बढ़ सकता है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। यदि यही स्थिति बनी रही तो हीटवेव का प्रभाव और खतरनाक हो सकता है। फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं।विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने को कहा गया है। बाहर निकलते समय हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
मथुरा में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थाना गोविंद नगर क्षेत्र में तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चाय पी रहे लोगों पर चढ़ गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब डेढ़ बजे गोकुल रेस्टोरेंट के आगे चौधरी कैंटीन के सामने हुआ। जानकारी के मुताबिक, कंटेनर दिल्ली से आगरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से टकरा गया। इसके बाद कंटेनर सड़क किनारे दुकान के बाहर खड़े लोगों को कुचलता हुआ निकल गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। भाग रहे चालक को लोगों ने पकड़ादुर्घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर भागने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही थाना गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलों को अस्पताल भिजवाया। इलाज के दौरान दो लोगों की मौतअस्पताल में उपचार के दौरान चंदौली, छाता निवासी ललित पुत्र जगदीश और एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल नरी, छाता निवासी तेजपाल पुत्र बासुदेव और गंगनपुर, एटा निवासी विकास पुत्र महेंद्र का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। पुलिस ने कंटेनर कब्जे में लियाथाना गोविंद नगर प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अज्ञात मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के कारण कुछ देर तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। बाद में क्षतिग्रस्त कंटेनर हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया। पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
गाजीपुर में तापमान 40 डिग्री के करीब:डीएम ने अलर्ट जारी किया, अस्पताल हाई अलर्ट पर मोड पर
गाजीपुर में भीषण गर्मी और हीट वेव का प्रकोप जारी है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गर्म हवाएं चलने और तापमान में वृद्धि की संभावना जताई है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल, छायादार स्थान और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक व गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी केंद्रों पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल इलाज मिल सके। प्रशासन ने आम जनता से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की अपील की है। लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
बीकानेर में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। शहर में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा रहा। मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए मंगलवार को भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के संकेत बता रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी का यही दौर जारी रह सकता है। 25 मई से शुरू होगा नौतपा, बढ़ सकती है परेशानी गर्मी के बीच अब लोगों की चिंता नौतपा को लेकर भी बढ़ गई है। 25 मई से नौतपा शुरू होकर एक जून तक चलेगा। इस दौरान तेज गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना और मुश्किल हो सकता है। दोपहर में शहर की रफ्तार पड़ रही थम भीषण गर्मी का असर शहर की गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बीकानेर के मुख्य मार्गों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों और कार्यालयों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। शाम को लौट रही बाजारों की रौनक गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजार लगभग सूने नजर आते हैं, जबकि शाम ढलने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ने लगती है और बाजारों में फिर से रौनक लौट आती है।
सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात बच्चा चोरी का एक मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात युवक गायनिक वार्ड से एक दिन के नवजात को झोले में डालकर भाग रहा था। अस्पताल में मौजूद एक अन्य महिला की सतर्कता के कारण आरोपी बच्चे को छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे नवजात सुरक्षित बच गया। माडा टोला निवासी शिवानी चौधरी ने मंगलवार सुबह एक बच्चे को जन्म दिया था। रात करीब 10 बजे एक अज्ञात युवक उनके पास पहुंचा और बच्चे को दूध पिलाकर सुलाने की बात कही। वह काफी देर तक दूर खड़ा होकर गायनिक वार्ड की ओर देखता रहा। शिवानी के सो जाने के बाद उसने मौका पाकर नवजात को चुरा लिया। झोले से आ रही थी रोने की आवाजआरोपी युवक बच्चे को एक झोले में डालकर डिलीवरी रूम के बाहर से निकल रहा था। इसी दौरान नई बस्ती की रहने वाली अभिलाषा तिवारी को झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने गौर किया तो झोले के बाहर बच्चे के पैर भी दिखाई दिए। शक होने पर अभिलाषा ने युवक को रोका और उससे पूछताछ शुरू कर दी। पीछा करने पर बच्चा फेंककर भागापूछताछ से घबराकर युवक वहां से भागने लगा। अभिलाषा ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया, जिसके बाद आरोपी झोला और बच्चे को वहीं फेंककर फरार हो गया। शोर सुनकर एक नर्स और अभिलाषा के देवर भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बच्चे को सुरक्षित उसकी मां शिवानी को सौंप दिया गया। सीसीटीवी फुटेज से होगी आरोपी की पहचानघटना की जानकारी तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शिवानी और अभिलाषा के बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जाएंगे, ताकि आरोपी युवक की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
जेल से बाहर आते ही फिर से मादक-पदार्थ की तस्करी शुरू की। एएनटीएफ ने लगातार निगरानी रखकर पिकअप गाडी से 324.47 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया। लेकिन तस्कर भागने में सफल हो गया। आरोपी मध्यप्रदेश, गुजरात से मारवाड़ तक नशे की खेप पहुंचाता था। फिलहाल टीम आरोपी की तलाश कर रही है। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- एएनटीएफ ने पहले ऑपरेशन विषयुग्म चलाकर तस्कर जोंगेंद्र को गिरफ्तार किया था। जेल भेज दिया था। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद सुधरा नहीं फिर से तस्करी शुरू कर दी। शातिार जोगंद्र इंडस्ट्रियल इलाके में अपना व्यापार फैलाता और व्यापार की आड़ में नशे का व्यापार चलाता था। जेल से बाहर आकर फिर शुरू की तस्करी टीम को सूचना मिली कि राजस्थान के मारवाड़ इलाके में एएनटीएपु की ओर से पकड़े गए जोगेंद्र जेल से बाहर आकर फिर से तस्करी में सक्रिय हो गया है। टीम ने जोंगेद्र पर निगाह रखनी शुरू की। जानकारी सटीक मिलने पर टीम ने जाल बिछाया। ऐसी सूचना मिली थी कि तस्कर मारवाड़ में कहीं बाड़मेर स्थित अपने घर से अवैध मादक-पदार्थ की बड़ी खेप लेकर तस्करी करने जा रहा है। घर पर दी दबिश एएनटीएफ टीम सिविल ड्रेस में तस्कर के घर इंद्रा कॉलोनी आदर्श चवा गांव पहुंची। टीम ने सूचना इकट्ठी कर पता लगाया कि जोगेंद्र गांव में नही है व उसके एक पिकअप में अवैध डोडा-पोस्त भर रखा है व उसे मकान के पीछे की तरफ रामाराम के खत में खड़ी कर रखी है। तस्कर जोगेंद्र भागा टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर मौके पर बुलाया तो स्थानीय पुलिस रामाराम के घर से पूछताछ की गई तो बताया कि जोगेंद्र रोहिड़ा के पेड़ के नीचे अपनी पिकअप को खड़ी कर कहीं चला गया। टीम ने घर व आसपास छानबीन की लेकिन जोंगेद्र नहीं मिला। 324.47 किलो डोडा-चूरा किया जब्त स्थानीय पुलिस ने पिकअप की तलाशी लेने पर उसके अंदर से अवैध डोडा चाूरा 323.47 किलोग्राम बरामद किए। वहीं पिकअप गाड़ी को जब् तकर लिया।
प्रतापगढ़ के फतनपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। सुवंशा नगर पंचायत के करका वार्ड में एक महिला को एआई तकनीक से कथित तौर पर बनाए गए अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगा गया। जानकारी के अनुसार, महिला के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया। उसने खुद को साइबर टीम का सदस्य बताया और महिला के अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस धमकी से डरकर महिला ने आरोपी द्वारा बताए गए क्यूआर कोड के जरिए 13 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद भी आरोपी ने और रकम की मांग जारी रखी। इससे परेशान होकर महिला ने पूरी घटना अपने पति को बताई। सूचना मिलने पर पति मुंबई से घर पहुंचे और फतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह मामला साइबर ठगी और डिजिटल ब्लैकमेलिंग का लग रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, क्यूआर कोड या ऑनलाइन धमकी के झांसे में न आएं। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
सहारनपुर में एसएसपी अभिनंदन ने मंगलवार देर रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया। इस दौरान कई इंस्पेक्टरों और उप-निरीक्षकों (एसआई) के कार्यक्षेत्र बदले गए। प्रशासनिक बदलाव के तहत थाना प्रभारियों, अपराध शाखा, सर्विलांस सेल और अन्य इकाइयों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में हुए इस तबादला आदेश को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेष रूप से, देवबंद थाना प्रभारी रोजंत त्यागी को हटाकर पुलिस लाइन भेजे जाने के बाद यह फेरबदल चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हाल ही में गांव लालवाला में हुई हिंसा की घटना के बाद सुर्खियों में आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है। जारी आदेश के अनुसार, इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर बौद्ध को अपराध शाखा से स्थानांतरित कर नानौता थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, नानौता थाना प्रभारी नवीन कुमार सैनी को अपराध शाखा में नई तैनाती दी गई है। इंस्पेक्टर कपिल देव को सदर बाजार थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि संतोष कुमार त्यागी को सर्विलांस सेल से कुतुबशेर थाना प्रभारी बनाया गया है। एसएसपी कार्यालय से जारी सूची में देवेश कुमार शर्मा को नकुड़ थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन्द्रेश कुमार को गंगोह थाना प्रभारी तथा चंद्रसैन सैनी को कोतवाली देहात की जिम्मेदारी मिली है। इसके अतिरिक्त, कई उप-निरीक्षकों (एसआई) को भी विभिन्न थानों और अपराध शाखा में नई तैनाती दी गई है। पुलिस विभाग में देर रात हुए इस फेरबदल को आगामी कानून-व्यवस्था की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनों, संवेदनशील मामलों और क्षेत्रीय गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। जिले के कई थानों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को भी बदला गया है, जिससे कार्यप्रणाली में तेजी और बेहतर समन्वय की उम्मीद है। एसएसपी अभिनंदन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल अपनी नई जिम्मेदारियां संभालें और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
डीडवाना-कुचामन जिले में एसपी ऋचा तोमर के निर्देश पर सघन नाकाबंदी अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 165 वाहनों के चालान काटे गए और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत 4 वाहनों को जब्त किया गया।अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस ने जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की। कार्रवाई के तहत, काली फिल्म लगे 19 वाहनों के चालान किए गए। इसके अलावा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर 27, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 38 और बिना नंबर प्लेट के 39 वाहनों के चालान काटे गए।अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर 38 चालान किए गए। लोकल एवं स्पेशल एक्ट के तहत भी 2 प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस प्रशासन ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की, ताकि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भाजपा नेता ने TMC सांसद का सिर काटने की धमकी:1 करोड़ इनाम की घोषणा पर सयोनी घोष ने PM से पूछा सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सयोनी घोष को भाजपा नेता और सिकंदराबाद नगर पालिका के चेयरमैन डॉ. प्रदीप दीक्षित द्वारा सिर काटने की धमकी देने के बयान पर अब राजनीति गरमा गई है। डॉ. दीक्षित ने सयोनी घोष का सिर काटने वाले को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद सयोनी घोष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री अमित शाह से इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है, खासकर 'नारी शक्ति वंदन' के संदर्भ में। सांसद घोष ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भाजपा नेता द्वारा उनके सिर कटाने के लिए 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उन्होंने इस धमकी के मुख्यधारा के मीडिया में भी रिपोर्ट होने का जिक्र किया। घोष ने पश्चिम बंगाल भाजपा और सुवेंदु अधिकारी द्वारा महिलाओं की सुरक्षा पर दिए गए बयानों का हवाला देते हुए विपक्षी महिला सांसद को मिली धमकी पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और लोकतंत्र में अपनी आवाज बुलंद करती रहेंगी। वहीं, विवादित बयान देने वाले बुलंदशहर के चेयरमैन डॉ. प्रदीप दीक्षित अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार नहीं है। डॉ. दीक्षित ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हिंसा के समर्थक नहीं हैं, लेकिन ऐसी प्रतिक्रिया स्वाभाविक होती है। डॉ. दीक्षित ने खुद को शिवभक्त बताते हुए कहा कि वह आज भी अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने सयोनी घोष का सिर काटने पर एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की थी। यह विवादित बयान सिकंदराबाद में धर्म ध्वज यात्रा के दौरान दिया गया था।
नागौर में एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने 6 महीने में 2 FIR दर्ज कर ली। पहली FIR में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर जेल भेज दिया। दूसरी FIR में परिवादी (शिकायतकर्ता) को ही आरोपी मानकर उसे भी जेल भेज दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट में भी एक ही हत्या के मामले में 2 अलग-अलग ट्रायल चल रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… नागौर के खींवसर के खडखाली गांव में चचेरे भाइयों उम्मेदाराम पुत्र हरिराम और चुनाराम पुत्र ताजुराम की शादी उसी गांव के मोहनराम की बेटी सरोज और शोभा से हुई थी। चचेरे भाई होने के अलावा उम्मेदाराम और चुनाराम आपस में साढ़ू भी थे। दोनों भाइयों के दो साले दुर्गाराम और किशनाराम थे। उम्मेदाराम दोनों सालों के साथ पार्टनरशिप में काम करता था। वहीं चुनाराम की दोनों सालों से बनती नहीं थी। 11 मार्च 2024 को ताजुराम ने पांचौड़ी थाने में रिपोर्ट दी कि 10 मार्च की रात 10 बजे उम्मेदाराम की पत्नी सरोज बेटे अर्जुन के साथ पीहर में ही थी। उसने वहीं से अपनी बहन यानी चुनाराम की पत्नी शोभा को फोन लगाया। इसी दौरान वहां सरोज और शोभा का भाई दुर्गाराम भी आ गया। सरोज से फोन लेकर शोभा से बात की और उसके पति चुनाराम को लेकर ताने कसे। चुनाराम उस वक्त वहीं था। उसने शोभा से फोन लिया। इसके बाद चुनाराम और दुर्गाराम के बीच फोन पर काफी बहस हुई। दुर्गाराम ने शोभा को ससुराल में खुश नहीं रखने को लेकर चुनाराम को खरी-खोटी सुनाई। दोनों ने एक-दूसरे को धमकियां दी। दुर्गाराम ने फोन काटा और छोटे भाई किशनाराम को साथ लेकर ट्रेलर में बैठ चुनाराम के घर की तरफ रवाना हो गए। ये देखकर सरोज ने पति उम्मेदाराम को फोन किया। मौके पर जाकर समझाइश के लिए कहा। उम्मेदाराम भी चुनाराम के घर की तरफ चला गया। इधर, दुर्गाराम और किशनाराम ट्रेलर लेकर पहुंच गए और टक्कर मारकर चुनाराम के घर का गेट और पटि्टयां तोड़ दी। उन्हें समझाने के लिए उम्मेदाराम, चुनाराम के पिता ताजुराम और मां चुकी देवी वहां पहुंचे। दोनों भाइयों ने उन पर व्हील पाने और लोहे की रॉड से हमला कर दिया और ट्रेलर चढ़ा दिया। चुकी देवी, ताजुराम तो बच गए, लेकिन टायर ऊपर से निकलने के कारण उम्मेदाराम की मौत हो गई। दुर्गाराम-किशनराम को किया गिरफ्तार मौके पर हाहाकार मचने के बाद आस-पड़ोस के लोग वहां पहुंचे। उन्होंने वहां से पैदल भाग रहे दुर्गाराम और किशनाराम को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने मुकदमा संख्या 25/2024 दर्ज कर दुर्गाराम और किशनाराम को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तत्कालीन पांचौड़ी SHO खेताराम को मामले की जांच सौंपी गई। लंबी इन्वेस्टिगेशन के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के बयान और 27 लोगों की गवाही के साथ सभी फिजिकल व टेक्निकल एविडेंस के साथ एक जून 2024 को चार्जशीट पेश कर दी गई। गवाहों में उम्मेदाराम की पत्नी सरोज और उम्मेदाराम के भाई जगदीश की गवाही भी शामिल थी। मृतक की पत्नी ने शिकायतकर्ता पर लगाया आरोप इसके बाद अगस्त 2024 में मृतक उम्मेदाराम की पत्नी और हत्या के आरोपी दुर्गाराम व किशनाराम की बहन सरोज ने नागौर कोर्ट में इस्तगासा पेश कर बताया कि उसके चाचा ससुर ताजुराम और उनके दोनों बेटे चुनाराम व मोहनराम उसके पति उम्मेदाराम से द्वेष रखते थे। दोनों परिवारों के बीच में जमीन विवाद भी था। इसी के चलते 10 मार्च की रात को जब उसने पति उम्मेदाराम को अपने भाइयों व चुनाराम के बीच लड़ाई को शांत करने भेजा तो चुनाराम व उसके भाई मोहनराम ने पिता ताजुराम के साथ मिलकर उसके पति उम्मेदाराम की हत्या कर दी। हत्या का आरोप उसके भाइयों दुर्गाराम और किशनाराम पर लगा दिया। बाद में इन्हीं आरोपियों ने उसे व उसके बेटे अर्जुन को जान से मारने की धमकी देकर भाइयों के खिलाफ पुलिस में मुझसे झूठी गवाही भी दिलवा दी। कोर्ट ने पांचौड़ी एसएचओ से मांगी जानकारी उम्मेदाराम की हत्या के मामले में ये नए फैक्ट थे। ऐसे में कोर्ट ने इस मामले में नया मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने से पहले पांचौड़ी एसएचओ को लेटर भेज पूछा कि क्या उम्मेदाराम की हत्या के सबंध में पहले से कोई मामला दर्ज है? मामले में जांच कर चार्जशीट पेश कर चुके तत्कालीन पांचौड़ी एसएचओ खेताराम ने कोर्ट को बताया कि सरोज पत्नी उम्म्मेदाराम द्वारा इस संबंध में पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। ऐसे में नागौर कोर्ट इस मामले में FIR दर्ज कर इन्वेस्टिगेशन के ऑर्डर कर देती है। 12 सितंबर को उम्मेदाराम की हत्या को लेकर ताजुराम और उसके दो बेटों चुनाराम व मोहनराम के खिलाफ भी पांचौड़ी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया। तीन मामले मर्ज, लगा दी एफआर 12 सितंबर 2024 को ही मृतक उम्मेदाराम के सगे भाई जगदीश ने कोर्ट में इस्तगासा दायर कर बताया कि उम्मेदाराम का समझाइश के लिए चुनाराम के घर पहुंचना उसके पिता ताजुराम, उसके बेटों मोहनराम व चुनाराम व मां चुकी को नागवार गुजरा। तीनों ने मिलकर उस पर लाठी-सरियों और डंडों से हमला कर दिया। सिर में चोट लगने से उम्मेदाराम नीचे गिर गया। इसी दौरान वहां पहुंचे दुर्गाराम और किशनाराम ने उम्मेदाराम को ट्रेलर से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में इन सभी ने साजिश रचते हुए खुद को पीड़ित बताते हुए मर्डर की फर्जी कहानी बना दी। जगदीश ने दावा किया कि चचेरे भाई होने के बावजूद उम्मेदाराम की मौत के बाद ताजुराम के अलावा कोई भी सदस्य उसके अंतिम संस्कार या शोक बैठकों में शामिल नहीं हुआ। जगदीश ने एक सीसीटीवी वीडियो का जिक्र कर दावा किया कि उसके भाई उम्मेदाराम की हत्या में ताजुराम, चुनाराम, मोहनराम व चुकी देवी भी शामिल हैं। इसके बाद चुनाराम की पत्नी शोभा ने भी अपने पति व ससुराल वालों के खिलाफ इस्तगासा पेश कर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस पर कोर्ट ने उम्मेदाराम के भाई जगदीश और शोभा की ओर से पेश की गई शिकायत को सरोज की 12 सितंबर 2024 को दर्ज हुई FIR में मर्ज कर तीनों मामलों की एक साथ जांच करने के निर्देश पुलिस को दिए। तीनों मामलों को मर्ज कर तत्कालीन पांचौड़ी एसएचओ हरजीराम ने जांच कर इन सभी मामलों को झूठा मानते हुए मामले में एफआर लगा दी। एसपी ने दोबारा जांच के निर्देश दिए इतना सब कुछ होने के बाद 10 जनवरी 2025 को तत्कालीन नागौर एसपी नारायण टोगस ने नागौर क्विक इन्वेस्टिगेशन डिस्पोजल टीम के एडिशनल एसपी प्रवेंद्र सिंह महला को मामले में दोबारा जांच के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी प्रवेंद्र सिंह महला मामले में जांच कर 6 अप्रैल 2025 को उम्मेदाराम की हत्या के मामले में उसके सगे साढ़ू और चचेरे भाई चुनाराम को गिरफ्तार कर लिया। इधर चुनाराम की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजन पुलिस मुख्यालय में न्याय की गुहार लेकर पहुंचे और वहां परिवाद पेश किए। तत्कालीन राजस्थान ADGP क्राइम दिनेश एमएन ने मामले में विभागीय जांच करवाते हुए नागौर एसपी को 26 जून 2025 को आदेश देते हुए बताया कि मृतक की पत्नी सरोज द्वारा दर्ज करवाई गई FIR में तत्कालीन एसएचओ हरजीराम की जांच कर मामले को झूठा मानते हुए पेश की गई एफआर रिपोर्ट सही है। इस एफआर रिपोर्ट को कोर्ट में पेश कर 2 जुलाई 2025 तक इसकी पालना रिपोर्ट उन्हें भेजें। नहीं माने तत्कालीन ADGP क्राइम दिनेश एमएन के आदेश इधर, कोर्ट में ये चार्जशीट पेश होने से 5 दिन पहले तत्कालीन राजस्थान ADGP क्राइम दिनेश एमएन ने नागौर एसपी नारायण टोगस को एक नया आदेश भेजकर बताया कि मामले में सामने आया कि जब पहले से 1 FIR दर्ज थी तो बाद में 1 नई एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी। अगर कोई नए फैक्ट्स सामने आए थे तो कोर्ट की अनुमति से इन्वेस्टिगेशन कर उसी FIR में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की जानी थी। इसके अलावा इसी आदेश में ये भी निर्देश दिए गए कि पूर्व में भेजे आदेशानुसार इस नए मामले में एफआर पेश कर 169 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही कर चुनाराम की रिहाई करवाना सुनिश्चित किया जाए। वहीं इसकी पालना रिपोर्ट 4 जुलाई 2025 तक उन्हें पेश करें। एडिशनल एसपी प्रवेंद्र सिंह महला ने आदेशों की अवहेलना करते हुए 7 जुलाई 2025 को कोर्ट में एफआर देने की जगह चुनाराम के खिलाफ एक नई चार्जशीट पेश कर दी। नई चार्जशीट में बताई ये कहानी… इस चार्जशीट में बताया कि जब उम्मेदाराम समझाइश के लिए मौके पर आया तो वहां पहले से ताजुराम, उसकी पत्नी चुकी देवी, उसके बेटे चुनाराम, मोहनराम व चुनाराम की पत्नी शोभा दुर्गाराम और किशनाराम से लड़ने के लिए लाठी-डंडे हाथ में लेकर तैयार खड़े थे। उम्मेदाराम को वहां देख ताजुराम ने उसे पूछा कि तू यहां क्यों आया है? इस पर उम्मेदाराम ने उन्हें बताया कि वह तो दुर्गाराम और किशनाराम को यहां लड़ने से रोकने के लिए आया हूं। तब ताजुराम व उसके बेटे उम्मेदाराम से कहते हैं कि दुर्गाराम और किशनाराम यहां ट्रेलर लेकर क्यों आए हैं? इस पर उम्मेदाराम उन्हें कहता है कि ये तो चुनाराम से पूछो। इतने में चुनाराम ने उम्मेदाराम के सिर पर लाठी की मारी, जिससे वह नीचे गिर गया। इतने में दुर्गाराम जो अपने ट्रेलर में था, उसने आवेश में आकर ताजुराम व चुकी देवी पर चढ़ाने के लिए अपने ट्रक को आगे चला दिया। वहां पर पहले से नीचे पड़े उम्मेदाराम पर ट्रेलर चढ़ गया। इधर, किशनाराम ने चुकी देवी और ताजुराम के साथ मारपीट कर दी। चार्जशीट में एक सीसीटीवी फुटेज का भी हवाला दिया गया, जिसमें साफ-साफ तो कुछ दिख तो नहीं रहा, पर कुछ आवाजें आ रही हैं। कोर्ट ने पुलिस इन्वेस्टिगेशन को संदिग्ध माना इसके बाद चुनाराम के परिजन उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे। यहां जज संदीप शाह ने 30 अक्टूबर 2025 को चुनाराम को जमानत देते हुए इस केस की पुलिस इन्वेस्टिगेशन को संदिग्ध बताते हुए ऑर्डर में लिखा कि चुनाराम पहली FIR का शिकायतकर्ता था, जिसमें पुलिस ने अपनी जांच के बाद दुर्गाराम और किशनाराम को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में जांच के दौरान मृतक उम्मेदाराम पर दुर्गाराम द्वारा ट्रेलर चढ़ाने का फैक्ट फिर से सामने आया। CCTV ट्रांसक्रिप्ट में चुनाराम द्वारा ट्रेलर चलाने का कोई उल्लेख नहीं है। वहीं मृतक उम्मेदाराम की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी उसके सिर पर कोई चोट नहीं है। ऐसे में इन्हीं तथ्यों को आधार मानते हुए चुनाराम को जमानत दे दी गई। मामले में किसका क्या कहना है रिटायर्ड DGP बोले- लापरवाह पुलिसवालों को चार्जशीट देनी चाहिए
इटावा। दिल्ली से बिहार लौट रहे एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सफर के दौरान सात माह की मासूम बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। बच्ची को तेज बुखार आने के बाद परिजनों ने रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटावा जंक्शन पर आरपीएफ सक्रिय हो गई और ट्रेन रुकवाकर बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। दिल्ली से बिहार लौट रहा था परिवार बिहार के सासाराम जनपद के थाना रोहतास क्षेत्र के ग्राम चिनारी निवासी गुलशन आरा अपनी बहू बेबी खातून पत्नी वसीम, बेटी अल्फिया नाज, तीन वर्षीय पोती अमेरा और सात माह की पोती अक्सा के साथ दिल्ली दवा लेने गई थीं। मृत बच्ची के पिता वसीम चेन्नई में वेल्डिंग का काम करते हैं। मंगलवार को परिवार दिल्ली के सराय काले खां से मुगलसराय जाने के लिए गाड़ी संख्या 12820 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-6 में सवार हुआ था। 4 तस्वीरें देखिए… सफर के दौरान बिगड़ी हालत ट्रेन यात्रा के दौरान अचानक सात माह की मासूम अक्सा को तेज बुखार आ गया। कुछ ही देर में उसकी हालत और खराब होने लगी। घबराए परिजनों ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही इटावा जंक्शन पर आरपीएफ को अलर्ट किया गया। मंगलवार दोपहर ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची, जहां आरपीएफ टीम पहले से मौजूद थी। आरपीएफ ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया ट्रेन रुकते ही आरपीएफ कांस्टेबल श्याम पाल सिंह और अन्य जवानों ने परिवार को ट्रेन से नीचे उतारा। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से बच्ची को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। चलती ट्रेन में बच्ची की मौत से मां बेबी खातून, दादी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरपीएफ ने मामले की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दे दी है। परिवार ने बताया कि बच्ची को पहले बुखार आया था।
सेवर पाली घाट पर लोगों से की समझाइश:चंबल में अवैध बजरी रोकने वन विभाग का अभियान
चंबल नदी से अवैध बजरी खनन रोकने के लिए वन विभाग ने समझाइश अभियान शुरू किया है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने सेवर पाली घाट पहुंचकर बजरी के काम से जुड़े लोगों और ग्रामीणों से चंबल से बजरी नहीं निकालने की अपील की। सहायक वनपाल हरवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और चंबल क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी। टीम ने अवैध बजरी निकासी से दूर रहने की समझाइश दी। संरक्षण में सहयोग करने की अपीलवन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चंबल नदी राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्र में आती है। इस कारण यहां बजरी निकासी पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर लगातार अवैध बजरी खनन की शिकायतें मिल रही थीं।हाल ही में केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) के एक सदस्य ने चंबल क्षेत्र में बजरी निकासी को लेकर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चंबल नदी और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अवैध बजरी निकासी की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया।
रामपुर की रामनाथ कॉलोनी के निवासी भीषण गर्मी के बीच दूषित और काले पानी की आपूर्ति से परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा आपूर्ति किया जा रहा पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि इसका उपयोग न तो पीने के लिए किया जा सकता है और न ही घरेलू कार्यों के लिए। निवासियों ने बताया कि पाइपलाइन से आने वाला पानी इतना खराब है कि इससे कपड़े धोना, नहाना या खाना बनाना संभव नहीं है। स्थानीय निवासी एस. गुर्जर ने कहा कि गंदे पानी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। योगेश चौधरी ने बताया कि अक्सर आपूर्ति में काला और दूषित पानी आता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। संजू चौधरी के अनुसार, पिछले दो दिनों से पानी की आपूर्ति भी नहीं हुई है, और जब पानी आता है तो वह बेहद काला होता है। फिलहाल, लोग पड़ोस में लगे आरओ प्लांट से पानी लेकर काम चला रहे हैं। मुकेश शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में पिछले लगभग बीस वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है, और गरीब परिवार मजबूरी में इसी दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, तो उसकी जांच कराकर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
संभल में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दोपहर में 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के कारण सड़कें सूनी रहीं। शहर का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 पर पहुंच गया।बुधवार सुबह 8 बजे संभल जिले का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच इसके 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा था। मई महीने में लगभग 15 दिन मौसम सुहावना रहा था, लेकिन अब भीषण गर्मी का दौर जारी है। अप्रैल में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिसके मुकाबले वर्तमान तापमान 3 डिग्री सेल्सियस कम है, फिर भी गर्मी त्वचा को झुलसाने वाली महसूस हो रही है।भीषण गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में पेट दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 700 से 800 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 300 से 400 नए मरीज होते हैं।हाल ही में हुई बारिश से जिले के 75% किसानों को लाभ हुआ है। मक्का, बाजरा और मेंथा जैसी पानी वाली फसलों को इससे बड़ा फायदा मिला है। हालांकि, 25% किसान ऐसे भी हैं जिनकी मक्का और बाजरा की फसलें आंधी और बारिश के कारण गिर गई हैं, जिससे उन्हें नुकसान हुआ है।स्थानीय निवासी श्यामलाल ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण लोग दोपहर में घरों से निकलने से बच रहे हैं। दिन में तीन-चार घंटे सड़कों पर सन्नाटा रहता है। लोग अपने कामकाज के लिए सुबह या देर शाम को ही घर से निकलना पसंद कर रहे हैं।
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक राजा कुमार मित्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले में एक संगठित गिरोह फर्जी तरीके से फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल पेमेंट बैंक, गूगल पे और फोनपे के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी आम लोगों को झांसा देकर उनसे पैसे वसूले जा रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी अभियान चलाते हुए छह आरोपियों को धर दबोचा। मोबाइल, सिम कार्ड बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशु दास, मिथुन कुमार दास, चंदन दास, कैलाश दास, कुंदन कुमार दास और अजीत कुमार दास के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और एक प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किया है। जब्त किए गए उपकरणों की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी के कई सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विशु दास, मिथुन कुमार दास और चंदन दास का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और ये पहले भी साइबर थाना में दर्ज मामलों में शामिल रह चुके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय होकर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था। कैशबैक और ऐप के नाम पर करते थे ठगी पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी गूगल पे, फोनपे और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। वे फोनपे गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे रिडीम कर लेते थे और इस तरह लोगों से ठगी करते थे। इसके अलावा फर्जी एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से कार्ड बंद होने और उसे चालू कराने के नाम पर भी ठगी की जाती थी। इस अभियान में साइबर थाना प्रभारी नागेंद्र कुमार मंडल, अवर निरीक्षक उपेंद्र मिश्रा सहित पथरड्डा ओपी और देवघर पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
आगरा भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। तापमान 46.5C पर पहुंच चुका है। इसको देखते हुए आगरा में 20 मई को 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। 8वीं कक्षा तक छुट्टी रहेगी वहीं, कक्षा 9 से 12 तक ऑनलाइन क्लास लगेंगी। मौसम विभाग ने 24 मई तक आगरा में लू चलने को लेकर अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी की वजह से ताजमहल पर टूरिस्ट की संख्या भी आधी रह गई है। गर्मी और लू से टूरिस्ट बेहाल हैं। गर्मी झेल पाना मुश्किल हो रहा है। स्थिति ये है कि दोपहर के समय डायना बेंच पर खाली हो जाती है। धूप से ये सीट इतनी गर्म हो जा रही है कि इस पर बैठकर फोटो खींचवाना मुश्किल हो गया है। दोपहर में शरीर झुलसा देने वाली गर्मी और लू ने लोगों को बेहाल कर दिया है। पहले पढ़िये स्कूलों की छुट्टी का आदेश आगरा में भीषण गर्मी को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 20 मई को बंद रहेंगे। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षण (डीआईओएस) चंद्रशेखर ने आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने सभी बोर्ड के स्कूलों प्रबंधन को कड़ाई से आदेश का पालन करने का आदेश दिया है। आदेश न मानने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बाद डीएम मनीष बंसल के निर्देश प सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय, वित्तविहीन विद्यालय तथा सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी माध्यमिक विद्यालय नर्सरी से कक्षा 8 तक 20 मई को अध्यापन कार्य नहीं होगा। कक्षा 9 से 12 तक ऑनलाइन क्लास लगेंगी। मंगलवार सीजन का सबसे गर्म दिन आगरा में मंगलवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 46.5C पर पहुंच गया। ये इस साल का सबसे अधिक अधिकतम तापमान है। दिन ही नहीं, रात भी इस सीजन की गर्म रही। 1.9C की बढ़ोत्तरी के साथ ही न्यूनतम तापमान 27.4C पर पहुंच गया। आगरा में लू के थपेड़ों और शरीर को झुलसा देने वाली धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दिन का तापमान सामान्य से 3.6C अधिक हो गया है। रात भी तपने लगी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.3C अधिक है। आगरा में दिन के साथ-साथ रात भी तप रही है। जमीन तपने लगी है। खुले में रहने वाले छांव की तलाश कर रहे हैं। ताजमहल पर टूरिस्ट बेहाल भीषण गर्मी और लू के चलते ताजमहल सहित अन्य स्मारकों पर टूरिस्ट का ग्राफ गिर गया है। गर्मी की वजह से दोपहर को ताजमहल पर टूरिस्ट कम दिखाई दिए। मंगलवार को ताजमहल देखने के लिए 13082 टूरिस्ट पहुंचे। जबकि सामान्यतौर पर हर रोज लगभग 25,000 टूरिस्ट ताजमहल देखने आते हैं। गर्मी की वजह से टूरिस्ट आगरा में बहुत कम आ रहे हैं, जो आ भी रहे हैं वे सुबह-शाम ही होटल से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर में धूप इतनी तेज है कि ताजमहल के पत्थर तप रहे हैं। इन पर नंगे पैर चलना मुश्किल हो गया है। शू-कवर भी भी पत्थरों की गर्मी नहीं झेल पा रहे। डायना सीट पर पर बैठकर फोटो खींचवाना मुश्किल हो गया है। ताजमहल और आगरा किला की तस्वीर… जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति दोपहर में तेज धूप बुधवार सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है। हवा नहीं चल रही। ऐसे में गर्मी और ज्यादा परेशान कर रही है। पैदल या दोपहिया वाहन से सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। लोग छाता या गमछा लेकर चलने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए शहर-शहर में प्याऊ लगाए गए हैं। अभी कुछ दिन तक आंधी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होगी। दिन के साथ-साथ रात का भी तापमान बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आगरा का तापमान 47C पार सकता है। हीटवेट का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दिनभर गर्म हवाएं चलेंगी। तेज धूप रहेगी। तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। 24 मई तक हीटवेव रहेंगी। इससे तापमान और बढ़ेगा। दिन ही नहीं, रात और तपने लगेगी। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
गोंडा जिले में सपा नेता ओमप्रकाश सिंह हत्याकांड के आरोपी और भाजपा सभासद उदयभान सिंह को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उदयभान सिंह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। जेल से छूटने के बाद उन्होंने गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला था, जिसका वीडियो सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। उदयभान सिंह को 15 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से सशर्त जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद उन्होंने गोंडा मंडलीय कारागार से अपने घर परसपुर राजा टोला तक लग्जरी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का काफिला निकाला था। दैनिक भास्कर द्वारा 18 अप्रैल को इस पूरे काफिले को लेकर के प्रमुखता से खबर भी चलाई गई थी। यह काफिला मृतक सपा नेता ओमप्रकाश सिंह के घर के सामने से भी गुजरा, जिससे उनके परिवार में दहशत फैल गई। काफिले के दौरान नारेबाजी करते हुए लापरवाही से वाहन चलाने का भी आरोप है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए परसपुर पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के बाद उदयभान सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। जो भी आरोपी इस तरीके से करेंगे उनके खिलाफ भी इसी तरीके से कठोर कार्रवाई की जाएगी। 4 तस्वीरें देखिए… एसपी जायसवाल ने यह भी बताया कि जो भी आरोपी जेल से छूटते हैं, उन्हें शर्तों के आधार पर जमानत दी जाती है। उदयभान सिंह ने हाईकोर्ट से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। परसपुर थाने की पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। किसी को भी नियमों की उल्लंघन करने को लेकर की छूट रही प्रदान की गई है जिन शर्तों पर जमानत मिली है उनका पालन करना अनिवार्य है।
भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा कोषड पुलिया के पास हाईवे पर उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार बाइक अचानक सड़क पर आए सांड से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अरुण उर्फ पप्पू जाटव पुत्र सुमेर जाटव उम्र करीब 50 वर्ष निवासी किशूपुरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अरुण जाटव मंगलवार रात रमा गांव डीजल देने गए थे। वहां से वापस अपने गांव किशूपुरा लौटते समय कोषड पुलिया के पास उनकी बाइक अचानक सड़क पर घूम रहे सांड से जा भिड़ी। हादसे में अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश पुलिस की सुरपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक का बुधवार को पीएम कराया जाएगा। हादसे के बाद परिजनों में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे पर आवारा मवेशियों की लगातार आवाजाही बनी रहती है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर घूम रहे आवारा पशुओं को हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सिंगरौली में रिलायंस कन्वेयर पुल परसौना के पास बुधवार सुबह सड़क हादसा हुआ। हादसे में अमलोरी निवासी प्रकाश शाह का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर चक्काजाम कर सड़क पर आवागमन बाधित कर दिया। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, उसके सिर में चोट आई है। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बैढ़न कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। नियमित पुलिस निगरानी की मांग की ग्रामीणों का आरोप है कि कन्वेयर सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों का लगातार आवागमन होता है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने गति नियंत्रण, सुरक्षा संकेतक और नियमित पुलिस निगरानी की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन हो रहे हादसों के कारण क्षेत्र में भय का माहौल है। बैढ़न कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। घायल युवक को अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि युवक किस वाहन की चपेट में आया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पंजाब में आज दवा दुकानों की राज्यव्यापी हड़ताल:ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा एक्शन
पंजाब के दवा कारोबार और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी ऑनलाइन दवा कंपनियों की मनमानी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर आज 20 मई को पूरे प्रदेश में दवा दुकानें और होलसेल मार्केट पूरी तरह से बंद हैं। कल रात 12 बजे से शुरू हो चुकी है और आज रात 12 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे जारी रहेगी। होलसेल और रिटेल मार्केट पर भारी असर एसोसिएशन के फैसले के बाद आज सुबह से ही पंजाब के तमाम जिलों में दवाइयों की होलसेल और रिटेल मार्केट पूरी तरह बंद नजर आ रही हैं। इस हड़ताल के कारण आज मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयों की किल्लत और दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आखिर क्यों बंद हैं आज दवा दुकानें: केमिस्ट एसोसिएशन का सीधा आरोप है कि ऑनलाइन दवा सप्लाई करने वाली कॉपोरेट कंपनियां न केवल स्थानीय दुकानदारों के व्यापार को चौपट कर रही हैं,बल्कि आम जनता की सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर रही हैं। बिना पर्ची (Prescription) के दवाओं की बिक्री: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी डॉक्टर के प्रामाणिक परामर्श या पर्ची के धड़ल्ले से दवाइयां डिलीवर की जा रही हैं। वेरिफिकेशन का अभाव: ऑनलाइन ऑर्डर लेते समय पर्ची की सत्यता की कोई जांच (Verification) नहीं की जाती जिससे युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।नियमों की अनदेखी: जहां जमीन पर काम करने वाले रिटेल केमिस्ट्स के लिए बेहद सख्त नियम और कानून हैं, वहीं इन ऑनलाइन पोर्टल्स पर निगरानी की भारी कमी है। हमारा विरोध केवल व्यापार को लेकर नहीं, बल्कि जनहित और पंजाब की जवानी को बचाने को लेकर भी है। बिना किसी वेरिफिकेशन के घर-घर दवाइयां पहुँचाना युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहा है। सरकार को इस पर तुरंत लगाम लगानी होगी। सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग केमिस्ट एसोसिएशन ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पुरजोर मांग की है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों की इस अनियंत्रित कार्यप्रणाली पर तुरंत रोक लगाई जाए और इनके लिए कड़े नियम तय किए जाएं। पदाधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप अख्तियार कर सकता है।
अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, गजरौला कोतवाली क्षेत्र के खियालीपुर ढाल के पास एक तेज रफ्तार वेगनर कार को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन लोग पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला था। हादसे में घायल हुए दोनों लोगों को गंभीर हालत में हायर सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर अपडेट की जा रही है….
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रायबरेली में हैं। आज स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी की मूर्ति का इनॉगरेशन करेंगे। साथ ही जनता दर्शन करेंगे। इसके बाद अमेठी जाएंगे। उनके पहुंचने से पहले सांसद केएल शर्मा के खिलाफ पोस्टर लगे हैं। इसमें लिखा- किशोरी लाल, दो साल। तुमने क्या किया? एक बस कांग्रेस नेता के स्कूल में। एक एंबुलेंस अपने ट्रस्ट के हॉस्पिटल में। पोस्टर में अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी के किए गए काम गिनाए गए हैं। इसमें लिखा है- कन्या महाविद्यालय, चार आईटीआई, दो राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना करवाई। गौरीगंज में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना और रामगंज में सैनिक स्कूल का भी निर्माण करवाया। पोस्टर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कांग्रेस कार्यालय के पास लगाए गए हैं। हालांकि, किसने लगवाए हैं, इसका पता नहीं चल पाया है। राहुल गांधी मंगलवार को रायबरेली पहुंचे थे। लखनऊ से जाते वक्त उन्होंने चुरुवा मंदिर में हनुमानजी के दर्शन किए। उन्होंने कहा था- अब आर्थिक तूफान आने वाला है। पीएम मोदी ने अडाणी और अंबानी वाला जो आर्थिक ढांचा बनाया है, वह टूटकर गिरेगा। इसका नुकसान आम जनता को होगा। यूपी की जनता को झटका लगेगा। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राहुल गांधी 6 बार रायबरेली आ चुके हैं। यह उनका 7वां दौरा है। इससे पहले, 19 जनवरी 2026 को रायबरेली आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल 2027 में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। राहुल गांधी के रायबरेली-अमेठी दौरे की पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती मांग और शॉर्टेज के बीच स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस, 102 महतारी एक्सप्रेस, 1099 मुक्तांजलि वाहन और पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी वाहन अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आते हैं। इनमें ईंधन आपूर्ति बाधित होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सीधे प्रभावित हो सकती हैं। इसी कारण पेट्रोल पंप संचालकों और ऑयल कंपनियों को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने कहा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में इन सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो। वहीं, डीजल शॉर्टेज का असर बिलासपुर में लोकल ट्रांसपोर्ट पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रक, बस और मेटाडोर संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर बुधवार को ट्रक, बस और मेटाडोर एसोसिएशन के पदाधिकारी कलेक्टर से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराएंगे। दुर्घटना, प्रसूता और गंभीर मरीजों के लिए लाइफलाइन हैं ये सेवाएं स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, गंभीर बीमारी समेत मेडिकल इमरजेंसी में तत्काल सहायता पहुंचाती है। 102 महतारी एक्सप्रेस गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम करती है। 1099 मुक्तांजलि वाहन अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाओं में उपयोग किए जाते हैं। पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट दूरस्थ, विशेष क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती है। ऐसे में इन वाहनों को समय पर ईंधन नहीं मिलने पर आम लोगों की जान बचाने वाली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। पेट्रोल पंपों को तत्काल दें निर्देश कलेकटर स्वास्थ्य संचालनालय के आयुक्त-सह-संचालक की ओर से जारी पत्र में सभी जिलों के कलेक्टरों से अपने-अपने जिले के पेट्रोल पंप संचालकों, ऑयल कंपनियों को तत्काल निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि एंबुलेंस, मेडिकल वाहनों को रीफ्यूलिंग के दौरान प्राथमिकता मिल सके। पत्र में जिक्र किया गया है कि कई जिलों में ईंधन की मांग अचानक बढ़ने से सामान्य उपभोक्ताओं के साथ आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए अलग प्राथमिकता तय करना जरूरी हो गया है। बिलासपुर समेत कई जिलों में बढ़ी चिंता पिछले दिनों बिलासपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुछ पंपों पर ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति भी बनी। डीजल-पेट्रोल सप्लाई प्रभावित होने, पैनिक बाइंग बढ़ने से आम लोगों के साथ एंबुलेंस सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई। इसी पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य विभाग का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। डीजल शॉर्टेज से ट्रांसपोर्टरों की बढ़ीं दिक्कतें ईंधन, खासकर डीजल की कमी की समस्या लगातार बनी हुई है। इसके चलते मंगलवार को ट्रांसपोर्टर काफी परेशान नजर आए। बड़ी गाड़ियों से लेकर छोटी व्यावसायिक वाहनों तक को डीजल के लिए कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़े। बताया जा रहा है कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग के करीब 80 फीसदी पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं था। जहां डीजल मिला, वहां भारी वाहनों की लंबी कतार लगी रही। शहर के भीतर स्थित कई पेट्रोल पंपों पर कारों में 10 लीटर, ट्रकों में अधिकतम 20 लीटर तक ही डीजल दिया गया। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को लोकल ट्रांसपोर्ट का काम करीब आधा प्रभावित रहा। गाड़ी मालिक डीजल की कमी से परेशान हैं। हाइवा, ट्रकों का माइलेज प्रति लीटर महज 3 से 4 किलोमीटर होता है। ऐसे में 10 से 20 लीटर डीजल में कामकाज चलाना मुश्किल हो गया है। अरोरा पेट्रोल पंप में चोरी-छिपे डीजल बेचने का वीडियो वायरल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव सैय्यद रासीद अली शनिवार को अपनी कार में डीजल भरवाने अरोरा पेट्रोल पंप पहुंचे थे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें डीजल देने से इनकार कर दिया, जबकि पंप पर कई बड़ी गाड़ियां खड़ी थीं। बताया गया कि जैसे ही रासीद अपनी गाड़ी लेकर पंप से बाहर निकले, कर्मचारियों ने ट्रकों में डीजल भरना शुरू कर दिया। इसके बाद रासीद दोबारा पेट्रोल पंप पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर एसोसिएशन के ग्रुप में वायरल कर दिया।
बूंदी में आज 4.30 घंटे बिजली आपूर्ति बंद:मेंटेनेंस और नये ट्रांसफार्मर लगाने का होगा काम
बूंदी में आज विद्युत वितरण निगम द्वारा मेंटेनेंस और नये पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित करने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी एईएन सीएम जारवाल ने दी। 11 केवी मीरागेट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में मनोहर बावड़ी, बड़ी बागर, ब्रह्मपुरी, तेलीपाड़ा, तिवारीपाड़ा, छोटा बाजार, फरासों का तकिया, नागदी बाजार, इमामचौक, मीरागेट, होली का खूंट, पशु अस्पताल और खाइलैंड मार्केट शामिल हैं। यह कटौती मेंटेनेंस कार्य के चलते की जा रही है। वहीं, डिस्कॉम की ओर से 33 केवी जीएसएस हट्टीपुरा पर नये पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य भी किया जाएगा। इस कार्य के कारण जीएसएस से जुड़े 11 केवी फीडर हट्टीपुरा, पॉलिटेक्निक, सिलोर एजी, रीको और आसपास के गांवों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
भरतपुर के वैर इलाके के सीता गांव में ग्रामीणों ने एक लेपर्ड को पीट-पीटकर मार डाला। देर रात करीब 10 बजे लेपर्ड वनय सिंह के मकान में घुस गया था। इस दौरान ग्रामीण वनय सिंह के घर के बाहर इकट्ठे हो गए। जैसे ही लेपर्ड वनय सिंह के घर से बाहर निकला तभी ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला। ग्रामीणों ने लेपर्ड के शव को जलाने की भी कोशिश कि लेकिन, वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर लेपर्ड के शव को कब्जे में लिया। ग्रामीण के घर में घुसा था लेपर्ड वन विभाग के रेंजर हरभान सिंह ने बताया कि सीता गांव के रहने वाले वनय सिंह के घर में एक लेपर्ड घुस आया। वनय सिंह के परिवार ने लेपर्ड को देखकर शोर मचाया तो, ग्रामीण वनय सिंह के घर के बाहर इकट्ठे हो गए। लेपर्ड की सूचना पर वन विभाग की टीम और वैर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने लेपर्ड को पीट-पीटकर मार डाला लेपर्ड जैसे ही वनय सिंह के घर से बाहर निकला तो, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। साथ ही पुलिस और वन विभाग की टीम की मौजूदगी में लेपर्ड के शव को जलाने की कोशिश कि, वन विभाग और पुलिस की टीम मुश्किल से लेपर्ड के शव को आग से बाहर निकाला। हत्या करने वालों के खिलाफ होगी FIR शव को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। भरतपुर पशुपालन विभाग में लेपर्ड के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वन विभाग की तरफ से लेपर्ड को मारने और उसके शव को जलाने वाले लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई जाएगी। 15 से लेपर्ड का मूवमेंट था वनय सिंह ने बताया कि 15 दिन से आसपास के इलाके में लेपर्ड का आतंक था। जिसकी वजह इलाके में काफी काफी दहशत थी। वह कई पालतू जानवरों को अपना शिकार भी बना चुका था। देर रात वह हमारे घर में घुस आया।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रेलवे के 2 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में नौकरी कर रहे हैं। इनमें इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और उनकी स्टूडेंट रामा लक्ष्मी (वेटलिफ्टर) शामिल हैं। राव असिस्टेंट स्पोर्ट्स सेक्रेट्री के तौर पर रेलवे में काम कर रहे हैं। CBI के मुताबिक, आरोपियों ने एक कैंडिडेट से 5 लाख रिश्वत मांगी थी। मेडिकल परीक्षण के अनफिट सर्टिफिकेट को फीट कर देंगे कहा था, पैसे नहीं देने पर फेल करने की धमकी देकर कुछ रकम ले लिए थे। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को दोनों को रायपुर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को एक जून तक कस्टोडियल डिमांड पर भेज दिया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि कोच के कहने पर वेटलिफ्टर ने कैंडिडेट्स से पैसे मांगे थे। वहीं CBI के वकील ने बताया कि इस मामले में मास्टरमाइंड का गिरफ्तार होना बाकी है। 5 लाख रुपए की डिमांड की थी CBI के वकील प्रशांत बाजपेयी ने बताया कि, पीड़िता से दोनों आरोपियों ने 5 लाख रुपए की मांग की थी। आरोपियों ने वंशिका पर दबाव बनाया कि उसने पैसे नहीं दिए तो उसे मेडिकल परीक्षण में फेल कर दिया जाएगा। पैसे देने पर उसे टीटीआई पोस्ट के लिए एलिजिबल सर्टिफिकेट जारी करने का आश्वासन दिया गया था। मामले के जांच अधिकारी के अनुसार, पूरे केस का मास्टरमाइंड कौन है, इसकी जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। राजशेखर के कहने पर लक्ष्मी ने मांगे थे पैसे अब तक की जांच में सामने आया है कि रामा लक्ष्मी ने राजशेखर राव के कहने पर ही वंशिका से पैसों की मांग की थी। पुलिस के मुताबिक, वंशिका युवती होने के कारण राजशेखर राव ने सीधे बात करने के बजाय रामा लक्ष्मी के जरिए पैसे मांगना आसान समझा। आरोप है कि कोच ने अपनी स्टूडेंट का इस्तेमाल माध्यम के तौर पर किया और इसके बदले उसे कुछ रकम देने का प्रस्ताव भी दिया था। अब जानिए क्या है पूरा मामला CBI के मुताबिक, रायपुर रेल मंडल में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती निकली थी, जिसमें अभ्यर्थी वांशिका ने आवेदन किया था। वह लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट दोनों पास कर चुकी थी, जबकि मेडिकल परीक्षण बाकी था। आरोप है कि भिलाई में पदस्थ वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (टेक्नीशियन-2) बी. राजशेखर राव और सीसी-टीसी राजलक्ष्मी ने वांशिका से संपर्क किया। दोनों ने मेडिकल में अनफिट को फिट कराने का झांसा देकर पैसों की मांग की। CBI के अनुसार आरोपियों ने उससे कुछ रकम भी ले ली थी। शिकायत के बाद दोनों गिरफ्तार शिकायत के बाद अधिकारियों ने आरोपियों को पकड़ने की प्लानिंग की। शनिवार (16 मई) को टीम ने बी. राजशेखर राव को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। वहीं राजलक्ष्मी को रायपुर स्थित DRM ऑफिस से हिरासत में लिया गया। घर से कैश मिलने की खबर इस कार्रवाई के दौरान दोनों के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। जांच में टीम को घर से लाखों रुपए कैश मिलने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, कितना पैसा मिला, इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 5 लाख रिश्वत मांगने वाले छत्तीसगढ़ के 2 खिलाड़ी गिरफ्तार:अनफीट से फीट कर देंगे कहकर कैंडिडेट से पैसे मांगे, CBI ने पकड़ा शनिवार (16 मई) को टीम ने बी. राजशेखर राव को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। वहीं राजलक्ष्मी को रायपुर स्थित डीआरएम ऑफिस से हिरासत में लिया गया था। जांच में टीम को घर से लाखों रुपए कैश मिलने की जानकारी सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर
जोधपुर से बैंगलुरू के लिए रवाना हुई निजी ट्रेवल्स एजेंसी की एक बस में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि इंजन से उठी लपटों को देखकर ड्राइवर ने तत्काल बस रोक दी और सभी 16 यात्रियों को मेन गेट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग से बस का ज्यादातर हिस्सा जलकर राख हो गया, वहीं कुछ यात्रियों का सामान भी जलकर खाक हो गया। घटना पाली रोड पर डी-मार्ट के पास की है। विवेक विहार थानाधिकारी खदाव ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10:15 बजे एमआर ट्रेवल्स की एक बस जोधपुर से बैंगलुरू जा रही थी। यह बस जैसे ही शहर से बाहर निकलकर झालामंड होते हुए पाली रोड स्थित डी-मार्ट के पास पहुंची। अचानक बस के इंजन में चिंगारी निकलने लगी। आग की चिंगारियां देखते ही बस में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मचने लगी। यात्रियों का सामान जला ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और बिना देरी किए सभी 16 यात्रियों को बस के मेन गेट से सुरक्षित नीचे उतारा। जब तक यात्री संभलते और आगे का हिस्सा पूरी तरह लपटों में घिरता, तब तक सभी बाहर आ चुके थे। यात्रियों ने अपना सामान निकाल लिया था, लेकिन कुछ यात्रियों का सामान आग में जल गया। इंजन के पास वायरिंग से चिंगारी की आशंका यात्री बस यूरो-6 मॉडल की है, उसके इंजन या इसके पास वायरिंग से चिंगारी निकलने के बाद आग लगने की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड टीम की प्रारंभिक जांच में गर्मी और इंजन के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। वहीं, सूत्रों की मानें तो यूरो-6 श्रेणी की बसों में इंजन के पास इस तरह आग लगने की घटनाएं पहले भी कई राज्यों में सामने आ चुकी हैं। तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू आग की सूचना मिलने पर विवेक विहार थानाधिकारी दिलीप खदाव सहित अन्य की टीम और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया ने बताया कि रात 10:20 बजे आग की सूचना मिली थी। इसके बाद बासनी फायर स्टेशन के अधिकारी प्रशांत सिंह चौहान की अगुवाई में बासनी से दो और शास्त्री नगर फायर स्टेशन से एक दमकल मौके पर भेजी गई। आधे घंटे तक ट्रैफिक रुका रहा फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।इस दौरान पाली रोड पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। थानाधिकारी ने बताया कि आग पूरी तरह बुझने के बाद क्रेन की मदद से जली हुई बस को सड़क से हटाकर विवेक विहार थाने में लाकर खड़ा किया गया है। घटना के वास्तविक कारणों की जांच फायर ब्रिगेड के एक्सपर्ट की टीम करेगी। ------------ ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले:15 लोग झुलसे; बचने के लिए चलती गाड़ी से कूदे लोग, जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर 3.30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में दो लोगों की पहचान हो गई। इनमें एक स्थानीय पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान और 79 साल के हुसैन खां है। (पढ़िए पूरी खबर)
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से अमृतसर जा रही पश्चिम एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री से अज्ञात बदमाश ने पर्स स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना ट्रेन के चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद हुई। मामले में रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमृतसर निवासी वसंती हनुमंत माने ने बताया कि वे मूल रूप से महराष्ट्र के रहने वाले हैं तथा काफी साल से अमृतसर के प्रिंस एवेन्यू में रहते हैं। उनका परिवार ट्रेन नंबर 12925 पश्चिम एक्सप्रेस के कोच S-4 की सीट नंबर 2, 3 और 4 पर सफर कर रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक उनका लेडीज पर्स छीनकर फरार हो गया। पर्स में था मंगलसूत्र और तीन अंगूठी महिला के अनुसार, पर्स में 4 हजार रुपए नकद, गोल्ड मंगलसूत्र, तीन सोने की अंगूठियां, दो सोने की चेन, सोने के झुमके, चांदी की पायल और आधार कार्ड रखा हुआ था। महिला ने बताया कि चोरी गए गहनों का वजन करीब 10 तोला था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यदि आरोपी सामने आए तो वह उसकी पहचान कर सकती हैं। चल रही है जांच : SHO चंडीगढ़ GRP थाना SHO उर्मिला के अनुसार भारतीय न्याय संहिता की धारा 304 बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच एसआई जगदेव सिंह को सौंपी है। वहीं, महिला द्वारा गहनों के बिल पेश करने पर उन्हें केस प्रॉपर्टी में शामिल किया जाएगा।
हरियाणा के फतेहाबाद में जमीनी विवाद को लेकर एक बेटे ने अपने ही परिवार पर हमला कर दिया। ढाणी रामपुरा में वह अपने साथियों को लेकर पहुंचा। युवकों ने घर पर जमकर पथराव किया और विरोध करने पर परिवार पर लाठी-डंडों और कस्सी से हमला कर दिया। इस हमले में युवक के माता-पिता, भाई-बहन और दादी घायल हो गई। सभी का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। हमले की पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में नकाबपोश युवक पथराव और लाठियों से हमला करते हुए दिख रहे हैं। इस मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस को दी गई है। परिवार पर हमले की तस्वीरें… जानिए व्यक्ति ने शिकायत में क्या आरोप लगाए… 10 एकड़ जमीन का विवाद ढाणी रामपुरा निवासी देशराज ने बताया कि उनके पास 10 एकड़ जमीन है। जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से उनका अपने बड़े बेटे मंगत के साथ विवाद चल रहा है। इस मुद्दे पर कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। घर के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ीं देशराज के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे मंगत अपने 15-20 साथियों के साथ ढाणी पर पहुंचा और अचानक हमला बोल दिया। युवकों ने पहले हंगामा किया, फिर फायरिंग कर दहशत फैलाई और इसके बाद घर पर जमकर पथराव किया। हमले में घर के दरवाजे, खिड़कियों के शीशे और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। युवकों के हाथों में डंडे, लाठियां और कस्सी थीं। हमले में पांच लोग घायल हुए हमले में देशराज, उनकी पत्नी प्रकाश कौर, मां प्यारो, छोटे बेटे राजेंद्र और बेटी अनुराधा भी घायल हो गई। सभी घायलों को पहले नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद भी बेटा लगातार धमकियां दे रहा है, जिससे परिवार में दोबारा हमले का डर बना हुआ है। SHO बोले- आरोपियों की पहचान कर रहे सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर के साथ उत्तर प्रदेश में भी मेडिकल स्टोर्स बंद हैं। लखनऊ समेत राज्य के प्रमुख शहरों में दवा बाजार पूरी तरह शटर डाउन रहे, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि यह बंद मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे गंभीर सवालों के बीच किया गया है। लखनऊ समेत पूरे यूपी में मेडिकल स्टोर बंद राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद, चारबाग, चौक और अन्य प्रमुख दवा बाजारों में सुबह से ही दुकानें बंद रहीं। केमिस्ट संगठनों के आह्वान पर प्रदेशभर में दवा व्यापारियों ने बंद का समर्थन किया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर देखने को मिला। ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट और लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जांच और फार्मासिस्ट निगरानी के दवाएं बेच रहे हैं, जो मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ‘मरीजों की सुरक्षा से समझौता नहीं’ एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का मामला नहीं है, बल्कि मरीजों की जान से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे गलत इलाज और दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ रहा है। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता पर चिंता दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक स्लीपिंग पिल्स, दर्द निवारक और अन्य प्रतिबंधित दवाएं आसानी से पहुंच रही हैं। इससे नशे के दुरुपयोग के मामले बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारी डिस्काउंट और गुणवत्ता पर सवाल संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर दवाएं बेच रही हैं, जो निर्धारित मार्जिन के अनुरूप नहीं है। इससे नकली दवाओं और सप्लाई चेन में गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही है। इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने का दावा बंद के बावजूद संगठनों ने दावा किया है कि इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखी गई है। इसके लिए कुछ स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। ये है प्रमुख मांगे सरकार से सख्त नियमों की मांग, आगे आंदोलन की चेतावनीकेमिस्ट संगठनों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कड़े नियम बनाने, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर रोक लगाने और फार्मासिस्ट की अनिवार्य निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में मंगलवार रात नेशनल हाईवे-9 पर दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा खियालीपुर ढाल के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार कार को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि वैगनआर कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार चालक को संभवतः नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे अज्ञात वाहन से टकरा गया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। देखिए दो तस्वीरें… चार की मौत, दो घायल हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, मृतकों में तीन लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी था। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मारवाड़ के रेल यात्रियों को 22 मई से 3 बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। जोधपुर में आयोजित होने वाले एक समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत ट्रेन के 20 डिब्बों वाले नए स्वरूप और साबरमती-जोधपुर ट्रेन के जैसलमेर विस्तार का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा जालोर से भुज-दिल्ली के बीच एक नई ट्रेन को भी रेल मंत्री हरी झंडी दिखाएंगे। इन नई ट्रेनों के शुरू होने से न केवल पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा के लिए भी आवागमन आसान होगा। वंदे भारत में अब 8 की जगह 20 डिब्बे, सफर होगा आसान जोधपुर से जयपुर होकर दिल्ली कैंट तक जाने वाली वंदे भारत ट्रेन (26481/82) में यात्रियों की भारी भीड़ और बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने डिब्बों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 कर दी है। यह ट्रेन 25 सितंबर 2025 को 8 कोच के साथ शुरू हुई थी। मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, अलवर, रेवाड़ी और गुड़गांव में ठहराव के कारण यह ट्रेन पर्यटन और रोजगार के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस ट्रेन से मेड़ता में मीरा बाई के मंदिर, मकराना के मार्बल उद्योग, सांभर की नमक इंडस्ट्रीज और अलवर के सरिस्का अभ्यारण जैसे स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिल रहा है। साबरमती-जोधपुर ट्रेन का जैसलमेर तक विस्तार दूसरी बड़ी सौगात साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस (20485/86) के जैसलमेर तक विस्तार के रूप में मिलेगी। स्वर्ण नगरी के नाम से विख्यात जैसलमेर पर्यटन के साथ-साथ सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। सोनार किला, पटवों की हवेली, बड़ा बाग और थार मरुस्थल देखने आने वाले पर्यटकों के लिए यह ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी। इस विस्तार से जैसलमेर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा चिकित्सा और शिक्षा के लिए जोधपुर व अहमदाबाद जाने वाले निवासियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। जालोर पहली बार राजधानी से जुड़ रहा, भुज-दिल्ली के बीच दौड़ेगी नई ट्रेन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 22 मई को जालोर से भुज-दिल्ली (वाया भीलड़ी-जालोर-पाली मारवाड़-मारवाड़ जंक्शन) नई ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर जालोर सांसद लूंबाराम और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। यह ट्रेन जालोर और आसपास के क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगी, क्योंकि इसके माध्यम से जालोर पहली बार राजस्थान और देश की राजधानी से सीधे जुड़ रहा है। यह ट्रेन अंजार, गांधीधाम, भचाउ, भीलड़ी, धनेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालोर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, पाली मारवाड़, मारवाड़ जंक्शन, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, बांदीकुई, अलवर और रेवाड़ी स्टेशनों पर ठहरेगी। इस नई ट्रेन के शुरू होने से पश्चिमी भारत और उत्तर भारत के बीच मजबूत संपर्क स्थापित होगा। चर्चा वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो फेज-2 और ट्रेनिंग सेंटर की भी जोधपुर के भगत की कोठी में देश का पहला वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इसके 167 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रथम चरण का शिलान्यास किया था, जिसका काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस डिपो में एक साथ 600 मीटर लंबी वंदे भारत ट्रेन की सर्विसिंग हो सकेगी। रेल मंत्री के 22 मई के दौरे के दौरान आयोजित होने वाले समारोह में इसी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए डिपो के 'फेज-2' (मेंटेनेंस कम वर्कशॉप डिपो) की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। दूसरे चरण के तहत डिपो परिसर में एक अत्याधुनिक वर्कशॉप और विश्वस्तरीय आवासीय ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। यहां देशभर के इंजीनियरों, लोको पायलट और सहायक कर्मचारियों को वंदे भारत सहित हाई-स्पीड ट्रेनों के रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। भगत की कोठी में 400 करोड़ से बनेगा नया कोचिंग टर्मिनल, जैसलमेर को भी सौगात इस समारोह में जोधपुर के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देते हुए एक और बड़ी घोषणा किए जाने की चर्चा है। भगत की कोठी में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से एक नया 'कोचिंग टर्मिनल' विकसित किया जाना है। यह नया टर्मिनल भविष्य में नई ट्रेनों के सुचारू संचालन, उनके रखरखाव और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा, समारोह के दौरान रेल मंत्री संभवतया वर्चुअल माध्यम से जैसलमेर में नवनिर्मित 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का भी उद्घाटन कर सकते हैं। इस कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से सीमांत जिले जैसलमेर में ही ट्रेनों के रखरखाव और साफ-सफाई की उच्च स्तरीय सुविधा मिल सकेगी। ऐसे में चर्चा यह भी है कि रेल मंत्री जोधपुर दौरे के दौरान इनका उद्घाटन अथवा शिलान्यास कर सकते हैं। हालांकि, फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
CAIT प्रतिनिधियों की रेल मंत्री से मुलाकात:जबलपुर-दिल्ली अतिरिक्त ट्रेन चलाने की मांग
दिल्ली में मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सदस्यों ने मुलाकात की। बैठक में देशभर से प्रतिनिधि शामिल हुए और व्यापार व रेल सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में मध्यप्रदेश से नेशनल कोऑर्डिनेटर और राष्ट्रीय महिला संगठन की सीमा सिंह चौहान भी शामिल हुईं। वे जबलपुर से जुड़ी समस्याओं को लेकर बैठक में पहुंचीं और व्यापारिक मुद्दे रखे। जबलपुर से जुड़ी रेल समस्याएं रखींसीमा सिंह चौहान ने रेल मंत्री को जबलपुर के व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रेल सेवाओं को व्यापार के अनुकूल और अधिक सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने जबलपुर-दिल्ली के बीच देर शाम एक अतिरिक्त ट्रेन शुरू करने की मांग रखी, जिससे व्यापारियों और यात्रियों को सुविधा मिल सके। लॉजिस्टिक्स और साइडिंग सुधार की मांगबैठक में साइडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, माल ढुलाई प्रक्रिया को सरल बनाने और व्यापारियों पर लगने वाले अनुचित डेमरेज शुल्क में राहत देने की मांग भी की गई। रेल मंत्री ने दिए निर्देशरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सीमा सिंह चौहान ने बताया कि मंत्री का सकारात्मक रुख जबलपुर के व्यापारिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है।
आईपीएस पीयूष दीक्षित दौसा जिले के नए एसपी होंगे। दीक्षित जयपुर एसीबी के एसपी लगे हुए थे। वहीं दौसा के एसपी सागर राणा को भीलवाडा जिले का एसपी लगाया गया है। राज्य सरकार ने बीती रात 17 आईपीएस की ट्रांसफर लिस्ट में जारी की थी, जिसमें 7 जिलों के एसपी बदले गए हैं। एसीबी में एसपी थे दीक्षितपीयूष दीक्षित जयपुर एसीबी के एसपी लगे हुए हैं। इससे पहले वे जयपुर में ही एसपी सिक्योरिटी के पद पर तैनात थे। मार्च 2026 में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में करौली एसपी लोकेश सोनवाल की जगह दीक्षित को एसपी लगाया था। लेकिन सोनवाल का ट्रांसफर निरस्त होने के बाद दीक्षित को एसीबी का एसपी लगा दिया गया था। वे साल 2019 में पुलिस सेवा पदक से भी सम्मानित हो चुके हैं। 15 माह एसपी रहे सागर राणा2019 बैच के आईपीएस सागर राणा 15 माह 17 दिन दौसा जिले के एसपी रहे। उन्होंने 3 फरवरी 2025 को बतौर एसपी दौसा में जॉइन किया था। इनके कार्यकाल में जिले में पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाई की। इनसे पूर्व सागर की पत्नी रंजिता शर्मा भी दौसा एसपी रह चुकी थी। 17 IPS के तबादले, 7 जिलों के SP बदले:हरेंद्र कुमार महावर कोटा के नए IG होंगे, बिना सूचना छुट्टी पर रहे IG का भी ट्रांसफर
लुधियाना में कर्ज के बोझ और फाइनेंसरों के चलते इलेक्ट्रीशियन ने सुसाइड कर लिया। काकोवाल रोड स्थित विशाल कॉलोनी में काम-धंधा मंदा होने के कारण किश्तें न चुका पाने से परेशान था। मृतक की पहचान बूटा सिंह के रूप में हुई है जो पेशे से बिजली का काम करता था। आरोप है कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के रिकवरी एजेंट और कुछ अन्य निजी कर्जदाता लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। थाना जोधेवाल की पुलिस ने मृतक की पत्नी वीरपाल कौर की शिकायत पर बैंक के रिकवरी कर्मचारियों सहित कुल 5 नामजद लोगों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीछे छूट गया रोता-बिलखता परिवार बूटा सिंह की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे अपनी बुजुर्ग मां पत्नी वीरपाल कौर और 2 बच्चों एक बेटा और एक बेटी को रोता-बिलखता छोड़ गया है। घर के कमाने वाले सदस्य के इस तरह अचानक चले जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। ऑल्टो कार करवाई थी फाइनेंस पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में गली नंबर 01, विशाल कॉलोनी काकोवाल रोड की रहने वाली वीरपाल कौर ने बताया कि उनके पति बूटा सिंह ने कुछ समय पहले एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से एक ऑल्टो कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले कुछ समय से बिजली का काम-धंधा काफी मंदा चल रहा था, जिसके चलते उनकी आमदनी पर भारी असर पड़ा और वे कार की किश्तें समय पर नहीं भर पा रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार किश्तें टूटने पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के रिकवरी कर्मचारियों ने उनके पति को परेशान करना शुरू कर दिया। निजी कर्जदाताओं ने भी कर रखा था जीना मुहाल वीरपाल कौर ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उनके पति ने बैंक के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी उधार पैसे ले रखे थे। जब वे पैसे नहीं लौटा पाए तो इन उधारदाताओं ने भी दबाव बनाना और गालियां देना शुरू कर दिया। हर तरफ से मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण उनके पति गहरे तनाव में रहने लगे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर 18 मई को बूटा सिंह ने अपने कमरे में गाडर के साथ चुन्नी बांधकर फंदा लगा ली। इन लोगों पर हुई FIR दर्ज थाना जोधेवाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 मई को आरोपियों के खिलाफ अमर गुप्ता ,रविंदर कौर,ताजी,देवकी देवी,विनय,एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के रिकवरी कर्मचारी एफआईआर दर्ज की है इस मामले की जांच एएसआई बलकार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा।
कटनी जिले ने मातृ एवं शिशु सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) का आंकड़ा लगभग शत-प्रतिशत तक पहुंच गया है। हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) की ओर से जारी अप्रैल 2025 से 31 मार्च तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल में कुल 23,234 प्रसव दर्ज किए गए। इनमें से 23,223 प्रसव सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षित रूप से कराए गए। पूरे जिले में घर पर प्रसव के केवल 11 मामले सामने आए हैं। जिले में संस्थागत प्रसव की दर लगभग 99.94% प्रतिशत के अनुसार, जिले में संस्थागत प्रसव की दर लगभग 99.94% रही, जबकि घर पर प्रसव का प्रतिशत मात्र 0.06% दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग इस सफलता का श्रेय ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ पहुंच, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की जमीनी सक्रियता तथा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों को दे रहा है। कुछ वर्षों पहले तक कटनी के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के अभाव, परिवहन सुविधाओं की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी के कारण घर पर प्रसव होना एक आम बात थी। यह जच्चा-बच्चा दोनों के लिए बेहद जोखिम भरा होता था। लेकिन बीते कुछ समय में जमीनी स्तर पर स्थितियों में तेजी से सुधार हुआ है। स्वास्थ्य अमला हाई अलर्ट पर रहता 'जननी एक्सप्रेस' की उपलब्धता, शासन की ओर से दी जाने वाली निशुल्क प्रसव सुविधाएं दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी ने महिलाओं को अस्पतालों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य विभाग की रणनीति के तहत, गर्भवती महिला का पंजीकरण होते ही आशा और एएनएम कार्यकर्ता उनसे लगातार संपर्क में रहती हैं। प्रसव की संभावित तिथि (EDD) नजदीक आने पर स्वास्थ्य अमला हाई अलर्ट पर रहता है। प्रसव पीड़ा शुरू होते ही एम्बुलेंस के माध्यम से महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जाता है। कटनी में सबसे ज्यादा डिलीवरी कटनी जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में कुल 23 हजार 234 प्रसव दर्ज किए गए, जिनमें से 23 हजार 223 प्रसव अस्पतालों में हुए। केवल 11 मामलों में ही घर पर प्रसव हुआ। आंकड़ों के अनुसार कटनी विकासखंड में सबसे अधिक 9 हजार 970 प्रसव दर्ज किए गए, जिनमें सिर्फ एक प्रसव घर पर हुआ। वहीं विजयराघवगढ़ विकासखंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए पूरे वर्ष में शून्य होम डिलीवरी का रिकॉर्ड बनाया। घर पर प्रसव के 6 मामले दर्ज बड़वारा और रीठी विकासखंड में भी स्थिति काफी बेहतर रही, जहां केवल एक-एक घर पर प्रसव का मामला सामने आया। बहोरीबंद विकासखंड में घर पर प्रसव के 6 मामले दर्ज हुए, जो जिले में सबसे अधिक हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99 फीसदी से अधिक रहा। ढीमरखेड़ा में 2 घर पर प्रसव दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लगातार जागरूकता अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से यह सुधार संभव हुआ है। सीएमएचओ डॉ. राज ठाकुर ने बताया कि जिले की इस उपलब्धि के पीछे आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मेहनत है। उन्होंने घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और परिजनों को अस्पताल में प्रसव के फायदे समझाए। ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल, स्वास्थ्य शिविर और परामर्श कार्यक्रमों के जरिए लोगों में जागरूकता बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग का अगला लक्ष्य प्रसव के बाद मां और नवजात की बेहतर देखभाल, सही पोषण और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
इंदौर के हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग कांड में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ चिंटू ठाकुर से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड भोपाल निवासी श्वेता विजय जैन बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि श्वेता और शराब तस्करी से जुड़ी अलका दीक्षित की दोस्ती जिला जेल में हुई थी। वहीं हनीट्रैप नेटवर्क की योजना बनी। क्राइम ब्रांच के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने नेताओं, कारोबारियों और रसूखदार लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और उगाही शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि गैंग पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और कई हाईप्रोफाइल लोगों को शिकार बना चुका है। बदनामी के डर से कई पीड़ित सामने नहीं आ रहे हैं। कोर्ट ने छह दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंपा डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक मंगलवार को श्वेता जैन, अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और जितेंद्र पुरोहित को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ में श्वेता जैन ने बताया कि 2019 के चर्चित हनीट्रैप मामले में जेल के दौरान उसकी मुलाकात अलका दीक्षित से हुई थी। उस समय अलका शराब तस्करी के मामले में जेल में बंद थी। दोनों की दोस्ती वहीं हुई और जमानत के बाद भी संपर्क बना रहा। “फंसाओ और वसूली करो” गैंग का तरीका पुलिस जांच में सामने आया है कि अलका पहले से अनैतिक गतिविधियों और शराब तस्करी से जुड़ी रही है। आरोप है कि श्वेता के इशारे पर अलका लोगों को जाल में फंसाती थी और फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रकम वसूली जाती थी। जांच अधिकारियों के अनुसार गैंग नेताओं, कारोबारियों और रसूखदार लोगों को टारगेट करता था। पुलिस को शक है कि 2019 के हनीट्रैप कांड से जुड़े कुछ लोग भी इस नेटवर्क के संपर्क में रहे हैं। भाजपा पदाधिकारी बताकर करता था शिकार की तलाश पुलिस के अनुसार आरोपी लाखन चौधरी पीथमपुर क्षेत्र का रहने वाला है और खुद को भाजपा पदाधिकारी बताता था। वह प्रॉपर्टी कारोबार की आड़ में लोगों से संपर्क कर संभावित शिकार तलाशता था। जांच में सामने आया है कि हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को फंसाने के बाद अलका ने इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा से सलाह ली थी। आरोप है कि अलका ने कारोबारी के फोटो भी पुलिसकर्मी को भेजे थे। पुलिसकर्मी और कथित मीडियाकर्मी की भूमिका भी जांच में पूछताछ में प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा ने अलका से संपर्क होने की बात स्वीकार की है। पुलिस को शक है कि वह आरोपियों को ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के तरीके बता रहा था। देवास निवासी जितेंद्र पुरोहित, जो खुद को मीडियाकर्मी बताता था, उसका नाम भी जांच में सामने आया है। पुलिस का कहना है कि जितेंद्र ने भी अलका को पीड़ितों से रकम वसूलने के तरीके बताए और षड्यंत्र में शामिल हो गया। कई बड़े नाम सामने आने की आशंका क्राइम ब्रांच आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, सोशल मीडिया कनेक्शन और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि आने वाले दिनों में कई हाईप्रोफाइल नाम सामने आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार कई कारोबारी और राजनीतिक लोग गैंग के संपर्क में थे, लेकिन बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं करवा रहे हैं। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, सुपर कॉरिडोर पर दी धमकी पुलिस जांच के अनुसार कारोबारी चिंटू ठाकुर की मुलाकात करीब एक महीने पहले अलका दीक्षित से हुई थी। अलका और उसके साथियों ने कारोबारी पर जमीन के सौदों और व्यापार में 50 फीसदी हिस्सेदारी देने का दबाव बनाया। इनकार करने पर गैंग ने हनीट्रैप की साजिश रची। एक युवती के जरिए चिंटू के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार किए गए। इसके बाद अलका, लाखन चौधरी, जयदीप और जितेंद्र पुरोहित ने सुपर कॉरिडोर पर कारोबारी की कार रोककर धमकाया और एक करोड़ रुपए की मांग की। रकम नहीं देने पर वीडियो वायरल कर बदनाम करने की चेतावनी दी गई। जेल में बने थे संपर्क, रसूखदारों को फंसाने की मिली ट्रेनिंग जांच में सामने आया है कि हनीट्रैप मामले में जेल जा चुकी श्वेता जैन ने अलका और उसके साथियों को प्रभावशाली लोगों को जाल में फंसाने के तरीके बताए थे। पुलिस को शक है कि गैंग लंबे समय से बड़े कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बना रहा था। ड्रग्स और हथियार नेटवर्क से भी जुड़े तार डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए जांच शुरू की। जांच में अलका दीक्षित के ड्रग्स और अवैध हथियार तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद 40 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों की सात टीमें बनाकर इंदौर और भोपाल में एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उज्जैन के जमीन विवाद से शुरू हुआ पूरा खेल पुलिस सूत्रों के अनुसार अलका दीक्षित का उज्जैन के एक बड़े कारोबारी से जमीन को लेकर विवाद हुआ था। भुगतान नहीं मिलने के बाद उसने हनीट्रैप गैंग के जरिए प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। गैंग ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन के कई कारोबारियों और नेताओं से संपर्क बढ़ाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस जल्द कुछ और बड़े खुलासे कर सकती है। ये खबर भी पढ़ें… शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाया, एक करोड़ मांगे इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ चिंटू ठाकुर को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर में बेलमोर्ट पार्क ऑफिस में आग:दस्तावेज समेत ऑफिस का पूरा सामान जला, दमकलों ने आग पर पाया काबू
इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में बेलमोर्ट पार्क के ऑफिस में बुधवार सुबह आगजनी की घटना हो गई। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ऑफिस में रखा पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे ने बताया कि आग बेलमोर्ट पार्क के मेंटेनेंस ऑफिस में लगी थी, जहां टाउनशिप बिल्डर का भी कार्यालय है। सुबह करीब 5 बजे गार्ड ने धुआं निकलते देखा था। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर पानी डालकर आग पर नियंत्रण किया। आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए हैं। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। खंडवा रोड पर सब्जी दुकान में आगइधर, खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में भी अलसुबह एक सब्जी की दुकान में आग लग गई। इस घटना में दुकान का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार बबली पति प्रीतम सिंह की दुकान में यह आग लगी थी। मौके पर करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
कोटा रेल मंडल में राजधानी एक्सप्रेस (12431) के कोच में आग लगने के मामले में यात्रियों ने जीआरपी कोटा को शिकायत दी है। कोच में सवार यात्रियों ने रेलवे की लापरवाही से एसी कोच में आग लगने का आरोप लगाया है। साथ ही जान माल को खतरा उत्पन्न होने व उनका सामान जलकर नष्ट होने के कारण मुआवजा दिलवाने की मांग की है। यात्रियों ने घटना के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यात्रियों की शिकायत पर जीआरपी थाना ने जीरो नंबर की FIR काट कर जीआरपी शामगढ़,जिला इंदौर (एमपी) को भेजी है। क्योंकि जिस स्टेशन लूनीरिछा के पास हादसा हुआ, वो क्षेत्र जीआरपी इंदौर के अधीन आता है। इन्होंने दी शिकायत भूषण अशोक ने शिकायत में बताया कि लैपटॉप, लैपटॉप चार्जर, एप्पल का आईफोन, जरूरी डॉक्यूमेंट (एजुकेशन व बर्थ सर्टिफिकेट) कपड़े और नकदी, रेलवे की लापरवाही के कारण जल कर नष्ट हो गए। सभी यात्रियों को जान माल का खतरा उत्पन्न हो गया था। अमनदीप सिंह ने शिकायत में बताया कोच में आग लगने से एक लैपटॉप, लैपटॉप चार्जर, मोबाइल चार्ज, ब्लूटूथ, पावर बैंक, कपड़े, दो जोड़ी चमड़े के जूते,चप्पल, ग्रेजुएशन और बर्थ सर्टिफिकेट, आधार, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, मेट्रो कार्ड रेलवे की लापरवाही के कारण जलकर नष्ट हो गए। गोपाल चहाण ने शिकायत में बताया व अपनी पत्नी, बच्चों बुआ के साथ ट्रेन में सफर कर रहे थे। आग लगने से 2 मोबाइल फोन, 4 लगेज, नकदी जलकर नष्ट हो गए। प्रतीक ने बताया वो महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। जॉब के सिलसिले में दिल्ली जा रहे थे। बोगी में दो बैग रखे थे। एक बैग में कपड़े रखे थे। दूसरे बैग में लैपटॉप व नगदी रखी हुई थी। आग लगने से सब जल गया। केवल एक मोबाइल बचा है। हरियाणा रोहतक निवासी वीरमति ने शिकायत में बताया उनके दो बैग. कान की ज्वेलरी. कपड़े. मोबाइल चार्ज चप्पल और नगदी आग में जल गए। इनके अलावा प्रवीण चादवानी, अंकित टोंगिया, सुनील कडेर,विनोद यादव, अमित कुमार, अंकित, प्रवीण, अभिलेश, अब्दुल रशीद, शिवकुमार, अर्चना, नीलम, सविता, कुलदीप मिश्रा,मोईज अली ने भी शिकायत में आग में जले सामानो के बारें में लिखा है। नुकसान का जल्द मुआवजा देने की मांग की है। जीआरपी SHO गुलजारी लाल ने बताया कि कुछ यात्रियों ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है। जिसपर धारा 324(4) बीएनएस 150 रेलवे एक्ट में मामला दर्ज किया है। ट्रेन के कोच में आग लगने की घटना जीआरपी शामगढ़ जिला इंदौर (एमपी ) में हुई थी। इसलिए जीरो नंबर की FIR दर्ज कर जीआरपी शामगढ़ को भेजी है। बता दें, रविवार तड़के 5 बजे करीब विक्रमगढ़-आलोट और लूनी-रीछा स्टेशनों के बीच तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच व एसएलआर कोच में आग लगी थी। --------------------------- ये खबर भी पढ़े ट्रेन के कोच में आग,टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण:स्टाफ से की पूछताछ, 6 सदस्यीय टीम 20 मई तक सौंपेगी जांच रिपोर्ट पैसेंजर बोले- कोच में धुआं उठते ही झाड़ियों में कूदे:बच्चों को बचाने में सामान छूटा; 15 मिनट में राजधानी एक्सप्रेस के 2 डिब्बे जले त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के 2 कोच में आग लगी:गार्ड ने लोको पायलट को सूचना दी, 15 मिनट में 68 यात्री बाहर निकाले; सभी सुरक्षित
राजस्थान में अगले महीने राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। आकड़ों के गणित के अनुसार, तीन में से दो सीट पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस की जीत पक्की है। ऐसे में बीजेपी केवल दो सीटों को लेकर प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर 16 मई को प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में भी संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। कोर कमेटी के सदस्यों ने चर्चा के बाद प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और सीएम भजनलाल शर्मा को नामों का फाइनल पैनल भेजने के लिए अधिकृत किया है। प्रदेश के राजनीतिक समीकरण और खाली हो रही सीटों के जातिगत समीकरण को देखते हुए पार्टी एक सीट पर मूल ओबीसी से किसी को राज्यसभा भेज सकती है। एक सीट से केन्द्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को फिर से रिपीट किया जा सकता है। हालांकि इसका अंतिम निर्णय केन्द्रीय नेतृत्व पर छोड़ा गया है। पूनिया-राठौड़ और अलका गुर्जर का नाम आगे प्रदेश कोर कमेटी में जिन नामों को लेकर चर्चा हुई है, उनमें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर का नाम प्रमुखता से रहा है। सतीश पूनिया और राजेन्द्र राठौड़ के विधानसभा चुनाव हारने के बाद से लगातार उन्हें संसद में भेजने की चर्चा रही है। दोनों को ही लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। इसके बाद हुए विधानसभा उपचुनावों में भी दोनों को फिर से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा रही। लेकिन वहां भी दोनों के हाथ खाली रहे। सतीश पूनिया को पार्टी ने हरियाणा का प्रदेश प्रभारी बनाकर संगठन में जिम्मेदारी दे रखी है। राजेन्द्र राठौड़ के पास फिलहाल कोई खास जिम्मेदारी नहीं है। ऐसे में इस बार इनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर को विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा थी। लेकिन उन्हें भी टिकट नहीं मिला था। इसके साथ ही मौजूदा राज्यसभा सांसदों में से बीजेपी की कोई भी महिला सांसद नहीं है। ऐसे में इस बार पार्टी उनके नाम पर भी विचार कर रही है। अलका गुर्जर पार्टी के लिए जातिगत समीकरण के लिहाज से भी फिट बैठ रही हैं। आदिवासी अंचल से सामान्य को टिकट चर्चा है कि पार्टी इस बार आदिवासी अंचल से किसी सामान्य वर्ग के नेता को राज्यसभा भेज सकती है। उदयपुर जिले में पंच से लेकर सांसद तक के अधिकतर पद रिजर्व कैटेगिरी में हैं। लंबे समय से उदयपुर जिले से कोई सामान्य वर्ग का सांसद नहीं बना है। साल 2016 में भी पार्टी इस तरह का प्रयोग कर चुकी है। उस समय पार्टी ने डूंगरपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य हर्षवर्द्धन सिंह को राज्यसभा भेजा था। इस बार उदयपुर से प्रमोद सामर के नाम को लेकर चर्चा चल रही है। प्रमोद सामर प्रदेश टीम में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा जिले में युवा मोर्चा की कमान भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में इनके पास सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का जिम्मा है। इनके नाम को लेकर गुलाबचंद कटारिया की सहमति भी पार्टी के लिए जरूरी है, जो फिलहाल संभव कम नजर आती है। प्रभुलाल सैनी और नरसी कुलरिया के नाम की भी चर्चा मूल ओबीसी के तहत पार्टी प्रभुलाल सैनी के नाम पर भी विचार कर सकती है। प्रभुलाल सैनी सत्ता व संगठन दोनों में सक्रिय रहे हैं। वसुंधरा सरकार में मंत्री रहे। संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें हिंडोली से टिकट दिया था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। अंता उपचुनाव में भी वे टिकट के प्रबल दावेदार रहे थे। ऐसे में अब पार्टी में उन्हें राज्यसभा भेजने पर भी विचार चल रहा है। इसके साथ ही बीकानेर जिले की नोखा तहसील के सीलवा मूलवास गांव के रहने वाले और नरसी ग्रुप के संस्थापक-एमडी नरसी कुलरिया के नाम की भी चर्चा है। नरसी कुलरिया उद्योगपति और समाजसेवी हैं। इनकी कंपनी नए संसद भवन के इंटीरियर का काम भी कर चुकी है। आरएसएस भी इनके नाम को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि कोर कमेटी में इनके नाम पर कोई चर्चा नहीं हुई।
लुधियाना में 200 फुट रोड पर एक व्यक्ति से सोने की चेन छीनने का मामला सामने आया है। गाड़ी में सवार व्यक्ति से थाना सदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता निरभैल सिंह निवासी गांव चुपकी, लुधियाना ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 19 मई 2026 को वह अपनी कार में सवार होकर घर लौट रहा था। जब वह 200 फुट रोड पर पहुंचा तो उसे रूप सिंह दिखाई दिया। बात टाल कर अचानक झपटी चेन और धक्का देकर हुआ फरार निरभैल सिंह के मुताबिक उसने कार रोककर रूप सिंह से उसके बेटे मनदीप सिंह के बारे में पूछा, जो पहले उसके पास ड्राइवर की नौकरी करता था। आरोप है कि इस दौरान रूप सिंह ने बात टालनी शुरू कर दी और अचानक उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी गर्दन में पहनी सोने की चेन झपट ली और मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव गिल, लुधियाना की तरफ फरार हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान रूप सिंह पुत्र हरनेक सिंह निवासी गांव घनौर खुर्द, थाना धूरी, जिला संगरूर के रूप में हुई है। थाना सदर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर यमुनानगर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण एवं शहरी यमुनानगर की ओर से बुधवार को जिला सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल सिंह ने बताया कि यह धरना-प्रदर्शन सुबह 10 बजे जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर आयोजित होगा। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। इन मुद्दों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले महिला के कटे शव की शिनाख्त हो गई है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से जीआरपी ने मृतका की पहचान कुशीनगर निवासी युवती के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, मामले के खुलासे के करीब पहुंच चुकी जांच में शुरुआती तौर पर हत्या के पीछे पारिवारिक कारण सामने आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ऑनर किलिंग एंगल से जांच कर रही है। 2 तस्वीरें देखिए… कुशीनगर की रहने वाली थी मृतका, परिवार पर शक गहराया पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका कुशीनगर जिले की रहने वाली थी। पहचान होते ही जांच की दिशा साफ हो गई और परिवार के लोगों पर शक गहराने लगा। बताया जा रहा है कि युवती चार बहनों में तीसरे नंबर पर थी और घर में कुछ समय से तनाव चल रहा था। ‘ऑनर’ एंगल से जांच, पिता और रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध जीआरपी सूत्रों के मुताबिक युवती के किसी युवक से संपर्क को लेकर परिवार नाराज था। इसी को लेकर ‘ऑनर किलिंग’ की आशंका जताई जा रही है। जांच में पिता और एक रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। ट्रेन के S-1 कोच में बैग-बॉक्स में मिला था शव 17 मई को बिहार के छपरा से लखनऊ आ रही गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में एक युवती का सिर कटा शव मिला था। शव स्लीपर बोगी में एक बॉक्स के अंदर रखा हुआ था। युवती के हाथ-पैर पॉलीथीन में पैक किए गए थे। हथियार और सिर की तलाश जारी, कई टीमें लगीं पुलिस के मुताबिक हत्या में इस्तेमाल हथियार और मृतका का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और कई टीमें इस काम में जुटी हैं। ………… इससे संबंधित ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ में ट्रेन में युवती का सिर कटा शव मिला:बैग में हाथ-पैर और बक्से में धड़, सिर का पता नहीं बिहार के छपरा से लखनऊ आने वाली गोमतीनगर एक्सप्रेस की रविवार को एक युवती की सिर कटी लाश मिली। स्लीपर बोगी में मिली लाश एक बॉक्स में बंद थी। युवती के हाथ पैर पॉलीथीन में पैक किए गए थे। सिर का अभी पता नहीं चल पाया है। पढ़िए पूरी खबर…
राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज भीमपुर आएंगे:सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन कार्यक्रम में होंगे शामिल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज बुधवार को बैतूल जिले के भीमपुर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे “जांच, जागरूकता एवं जनभागीदारी महा अभियान” का हिस्सा बनेंगे।कार्यक्रम के तहत राज्यपाल सिकल सेल एवं थैलीसीमिया जांच मशीन का शुभारंभ करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी करेंगे। निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल सुबह 10:15 बजे भीमपुर हेलीपैड पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे सुबह 10:25 बजे पुलिस ग्राउंड स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। सुबह 10:45 बजे सिकल सेल एवं थैलीसीमिया जांच मशीन का उद्घाटन होगा, जिसके बाद 10:55 बजे विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया जाएगा। मंचीय कार्यक्रम सुबह 11:05 बजे वंदे मातरम्, राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और स्वागत के साथ शुरू होगा। इसमें स्वागत उद्बोधन, संक्षिप्त ब्रीफिंग और एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी शामिल है। मंचासीन अतिथियों के संबोधन के बाद हितलाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सिकल मित्र, यूडीआईडी कार्ड, जेनेटिक कार्ड, स्व-सहायता समूहों को सीसीएल चेक, टीबी मरीजों को फूड बास्केट तथा प्रतिभावान बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 11:45 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का समापन दोपहर 12:08 बजे आभार प्रदर्शन, वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ होगा। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल स्वास्थ्य शिविर एवं दिव्यांग परीक्षण शिविर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12:30 बजे भीमपुर हेलीपैड से बैतूल के लिए रवाना होंगे। राज्यपाल दोपहर 12:50 बजे बैतूल पहुंचेंगे और फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में भोजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। शाम 5:30 बजे से 5:45 बजे के बीच उनके द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम भी किया जाएगा।
लखनऊ में तीसरे बड़े मंगल पर विशाल भंडारा:विशाल खंड-1 समिति ने किया आयोजन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
लखनऊ में तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर आस्था और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। विशाल खंड-1 समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और राहगीर उमड़ पड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान जी की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ। इसके उपरांत भंडारे में ताजी पूड़ी, कद्दू की सब्जी और शीतल जल का प्रसाद वितरित किया गया। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर राहत महसूस की और समिति के सेवाभाव की सराहना की। बड़े मंगल की परंपरा लखनऊ की पहचान इस अवसर पर समाजसेवी और ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा अपनी पत्नी रेखा शर्मा और जे.पी. नेगी के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन में लगे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया और कहा कि बड़े मंगल की परंपरा लखनऊ की पहचान है, जो सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भंडारे को सफल बनाने में आशा मौर्या, उषा शर्मा, वीणा भटनागर, कृष्णा तिवारी, सतीश शर्मा, श्रीप्रकाश तिवारी, वंशराज मौर्या, अजय भटनागर, रिंकी श्रीवास्तव और सोनाली केसरवानी सहित कई स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग दिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा।
जबलपुर जिले के शहपुरा तहसील अंतर्गत पलवा गांव में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसडीएम और तहसीलदार का घेराव कर गांव की बदहाल तस्वीर सामने रख दी। गांव की सड़कों पर कीचड़, गंदे पानी और अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का जायजा लेने और लोगों से बातचीत करने निकले थे। शाम के समय जैसे ही उनका काफिला बरगी विधानसभा क्षेत्र के पलवा गांव पहुंचा, अधिकारियों की नजर गांव की सड़कों पर बह रहे गंदे पानी और बदहाल व्यवस्था पर पड़ी। गांव में जल निकासी के लिए समुचित नालियां तक नहीं थीं और पूरी सड़क दलदल में तब्दील नजर आ रही थी। विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप इसी दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर की गाड़ी रोक ली और गांव की वास्तविक स्थिति दिखाई। ग्रामीणों ने सरपंच कमलेश पटेल, सहायक सचिव और संबंधित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि गांव में विकास कार्य सिर्फ कागजों में पूरे कर दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद गांव की हालत बदतर बनी हुई है। लोगों ने मांग की कि सरपंच और सहायक सचिव के कार्यकाल में हुए सभी निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय वित्तीय जांच कराई जाए। नालियों का निर्माण घटिया ग्रामीणों ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में भी गांव की मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी भरा हुआ है। उनका कहना था कि गांव में पीने का पानी भले न मिले, लेकिन सड़कों पर बहता पानी हर जगह दिखाई देता है। आरोप है कि नालियों का निर्माण बेहद घटिया तरीके से किया गया, जिसके कारण पानी सड़कों पर फैल रहा है। कीचड़ में फंस गईं अधिकारियों की गाड़ियां निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां भी कीचड़ में फंस गईं। काफी मशक्कत के बाद वाहनों को बाहर निकाला गया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब गर्मी में गांव का यह हाल है, तो बारिश के मौसम में हालात कितने भयावह हो जाते होंगे। लोगों ने कहा कि जब अधिकारियों की गाड़ियां तक सुरक्षित नहीं निकल पा रहीं, तो बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोज कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी ग्रामीणों के तीखे सवालों और जमीनी हालात को देखकर प्रशासनिक अमला भी असहज नजर आया। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरपंच, सहायक सचिव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। कलेक्टर ने चार तहसीलदारों को हटाया इधर, मंगलवार रात कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए चार तहसीलदारों के पदस्थापना परिवर्तन के आदेश जारी कर दिए। प्रभारी तहसीलदार सुमित गुप्ता को तहसीलदार शहपुरा से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसील शहपुरा पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा तीन अन्य तहसीलदारों के भी तबादले किए गए हैं।
बुरहानपुर में गंभीर जल संकट के मद्देनजर महापौर माधुरी अतुल पटेल के निर्देश पर नगर निगम ने अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जल विभाग की टीम ने 108 स्थानों पर खुले नल कनेक्शनों की एंड कैपिंग कर उन्हें बंद कर दिया है। शहर में कई उपभोक्ता बिना मीटर और बिना टैक्स के सीधे पाइपलाइन में मोटर लगाकर पानी खींच रहे थे। इससे पानी की भारी बर्बादी हो रही थी और वैध उपभोक्ताओं को जल आपूर्ति में बाधा आ रही थी। महापौर माधुरी अतुल पटेल ने बताया कि बिना मीटर और बिना टैक्स पानी का उपयोग करने वाले अवैध कनेक्शनों को तुरंत काटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की बर्बादी करने वालों और मोटर लगाने वालों पर स्पॉट फाइन की विशेष कार्रवाई शुरू की गई है। आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जल संकट के बीच यह व्यापक अभियान चलाया गया है। अवैध कनेक्शन काटने के साथ-साथ भारी जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है, और अवैध कनेक्शन धारकों से वसूली भी की जाएगी। मंगलवार को जल विभाग की टीम ने जयस्तंभ वार्ड में प्रशांत सोनटके, खानका वार्ड में जमीर उद्दीन काजी और शिकारपुरा वार्ड में आकाश गुलाबसिंह द्वारा खुले नल कनेक्शनों की एंड कैपिंग की। सभी वार्डों के पंप ऑपरेटर खुले नल कनेक्शनों में एंड कैपिंग का कार्य कर रहे हैं। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अवैध कनेक्शनों पर यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। अभियान के दौरान कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू, सहायक यंत्री अशोक पाटिल, उप यंत्री सुनील चौहान, संतोष सुखदाने सहित अन्य निगम कर्मचारी मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए अपनी कामकाज में बदलाव किए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाईकोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के लिए सर्कुलर जारी किया है। इस आदेश के बाद भीषण गर्मी में वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सर्कुलर के मुताबिक समर वेकेशन के दौरान अदालती कार्यवाही सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। हालांकि, जो वकील किसी कारणवश वर्चुअली नहीं जुड़ पाएंगे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति रहेगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट खुद भी फिजिकल सुनवाई के निर्देश दे सकेगा। कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम हाईकोर्ट और जिला अदालतों के कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि रोटेशन व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहें, ताकि न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य सरकारी संचार माध्यमों पर हर समय उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा। फ्यूल बचाने के लिए जज-अधिकारी करेंगे कार पूलिंग फ्यूल की बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाईकोर्ट ने नई पहल की है। इसके तहत राज्य के न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अफसरों और मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए व्हीकल पूलिंग यानी साझा वाहन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट के जजों से भी आपस में कार-पूलिंग करने का आग्रह किया गया है। रजिस्ट्री को तैयारियों के निर्देश इन सभी व्यवस्थाओं को बिना किसी बाधा के लागू करने के लिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित अन्य जरूरी तकनीकी इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि रमेश सिन्हा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तकनीक, आपसी समन्वय और संस्थागत जिम्मेदारी के जरिए आम जनता के लिए न्याय सुलभ बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम देशहित में संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर उठाया गया है। ………………….. हाईकोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हाईकोर्ट बोला- प्रमोशन कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं: RI से CMO प्रमोशन का रास्ता साफ, पदोन्नति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के प्रमोशन पर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि कर्मचारियों के लिए प्रमोशन कोई मौलिक अधिकार नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
सवाई माधोपुर के अपैक्स रणथंभौर सेविका के सामने बन रहा रोड अब विवादों में आ गया। लोगों ने प्रशासन से यहां हो रहे अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण की मांग की है। लोगों के विरोध चलते मामला गरमाया हुआ है। अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण की मांग स्थानीय निवासी टीकम गर्ग ने बताया कि अपैक्स रणथंभौर सेविका सवाई माधोपुर जिले का सबसे प्रमुख अस्पताल है, यह सवाई माधोपुर का एक मात्र सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। जिसमें कार्डियो, न्यूरो, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ मौजूद है। ऐसे में यहां पर दिनभर बड़ी संख्या में मरीजों का जमावड़ा लगा रहता है। सेविका का अस्पताल की सड़क करीब 40 फिट है लेकिन अतिक्रमण की चलते यह सड़क 15 फीट की रह गई है अब यहां पर अतिक्रमण नहीं हटाकर सड़क निर्माण किया जा रहा है। जिससे सभी को परेशानी होगी। वहीं राजेश गुर्जर का कहना है सेविका बड़ा अस्पताल है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते है। यहां वाहन भी बड़ी संख्या में आते हैं। इसी के साथ एंबुलेंस भी बहुत आती है, लेकिन लोगों ने इस इलाके में रैंप, झोपड़ी जैसे अतिक्रमण कर रखे हैं। जिससे रास्ता जाम हो जाता है। जिससे लोगों सहित मरीजों को खासी परेशानी होती है। ऐसे प्रशासन को अतिक्रमण हटाकर 40 फीट की सड़क बनवाई जानी चाहिए।
बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डीजे एम्पलीफायर चोरी का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया और चोरी का माल बरामद किया। वहीं, एनडीपीएस एक्ट में पिछले तीन महीने से फरार चल रहे डोडा-चूरा तस्कर को भी दबोच लिया गया। इसके अलावा अवैध गोवंश परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए दो बैलों को मुक्त कराते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। सभी कार्रवाइयां थानाधिकारी धनपत सिंह के नेतृत्व में की गईं। 1. दीपावली पर डीजे एम्पलीफायर चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार और माल बरामद करीब छह महीने पहले दीपावली के दौरान हुई डीजे चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रार्थी वालसिंग गरासिया निवासी झलकिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके घर के बाहर खड़ी 407 गाड़ी से अज्ञात चोर डीजे सेट का कीमती एम्पलीफायर चोरी कर ले गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध भरत पुत्र छगन गरासिया निवासी झलकिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किया गया एम्पलीफायर बरामद कर लिया और आरोपी को न्यायालय में पेश किया। 2. तीन महीने से फरार नशा तस्कर गिरफ्तार, डोडा-चूरा सप्लाई में था शामिल एनडीपीएस एक्ट के मामले में पुलिस ने पिछले तीन महीने से फरार चल रहे वांछित आरोपी सोनू खान पुत्र नौसार खान उम्र 35 वर्ष निवासी हिम्मतगढ़ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि 8 फरवरी 2026 को कसारवाड़ी थाना क्षेत्र में अवैध डोडा-चूरा जब्त कर आरोपी फुलजी डामोर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि फुलजी को डोडा-चूरा की सप्लाई सोनू खान ने ही की थी। तभी से आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। 3. गोवंश क्रूरता मामले में कार्रवाई, पिकअप से दो बैल मुक्त, ड्राइवर गिरफ्तार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बांसवाड़ा की ओर से सज्जनगढ़ की तरफ आ रही एक संदिग्ध पिकअप को थाने के सामने नाकाबंदी कर रोका। जांच में पिकअप के पिछले हिस्से में दो बैल क्रूरतापूर्वक ठूंसे हुए मिले। पुलिस के अनुसार, पशुओं के परिवहन के लिए वाहन में कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। पूछताछ के दौरान चालक बहादुरसिंह पुत्र रत्ना हरीजन निवासी टांडी बड़ी लगातार बयान बदलता रहा। पुलिस ने राजस्थान गोवंशीय पशु अधिनियम 1995 के तहत मामला दर्ज कर पिकअप जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और दोनों बैलों को मुक्त कराया।

