मध्यप्रदेश सरकार ने शनिवार आधी रात 20 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। अशोक बर्णवाल को मुख्य सचिव बनाए जाने के 24 घंटे बाद हुई इस पहली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में 6 कलेक्टर बदले गए हैं। इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय लाया गया है, जबकि भास्कर लक्षकार को इंदौर संभागायुक्त बनाया गया है। समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को रतलाम का कलेक्टर बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की कमान सौंपी गई है। इसके लिए उन्हें उद्योग और एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। यह विभाग अभी प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह के पास था। कटेसरिया बने रतलाम कलेक्टर सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को सरकार ने उनकी मेहनत का इनाम दिया है। उन्हें रतलाम कलेक्टर बनाया गया है। पहले दस साल तक बंद पड़ी पदोन्नति की कार्यवाही के लिए कटेसरिया ने पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संदीप यादव को जल संसाधन एमडी कृषि उपज मंडी कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव पदस्थ किया गया है। मुख्यमंत्री के विश्वस्त अधिकारी संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। अब केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध योजना की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। यह विभाग अभी एसीएस डॉ. राजेश राजौरा के पास था। शुक्रवार को जारी आदेश में उन्हें प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया था। राजौरा के पास एनवीडी विभाग की जिम्मेदारी भी थी, जिसे अब प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार को सौंपा गया है। वे राजस्व विभाग के साथ इस विभाग का काम भी देखेंगे। रिटायरमेंट से पहले हटाए गए शहडोल कलेक्टर शासन के आदेश में इसी साल रिटायर होने वाले शहडोल कलेक्टर केदार सिंह को अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग पदस्थ किया गया है। रत्नाकर झा को अनूपपुर कलेक्टर बनाया गया है। कलेक्टर मंदसौर अदिति गर्ग को ओएसडी सह आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग पदस्थ किया गया है। आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव को औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक बनाया गया है। मिशा सिंह शहडोल की नई कलेक्टर रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह को शहडोल भेजा गया है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल दो साल की स्टडी लीव पर गई हैं और वहां अपर कलेक्टर प्रभारी कलेक्टर के रूप में काम देख रहे थे। शासन ने दिव्यांक सिंह को मंदसौर और डॉ. शेर सिंह मीना को आगर मालवा का कलेक्टर पदस्थ किया है। 17 महिला कलेक्टर थीं, अब संख्या घटकर 15 प्रदेश के 55 जिलों में एक माह पहले तक 17 महिला कलेक्टर पदस्थ थीं। अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल इसी माह दो साल की स्टडी लीव पर चली गई हैं, इसलिए वहां नए कलेक्टर की पोस्टिंग की गई है। वहीं मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग और आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव से कलेक्टरी लेकर उन्हें भोपाल पदस्थ किया गया है। दूसरी ओर रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह को शहडोल का कलेक्टर बनाया गया है, जिससे महिला कलेक्टरों की संख्या में एक पद की भरपाई हुई। ऊर्जा विभाग मनीष सिंह को, पीएचई की जिम्मेदारी सचिन सिन्हा को राज्य सरकार ने अहम विभागों में भी बदलाव किया है। प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से सचिन सिन्हा को हटाकर उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। वहीं नीरज मंडलोई से ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। यह विभाग अब प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है। राघवेंद्र सिंह अब वन विभाग के प्रमुख सचिव बने उधर, पिछले ढाई साल से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग संभाल रहे राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ ने 1 अगस्त को विशेष पासपोर्ट सेवा अभियान आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत आवेदकों की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट जारी किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग निर्धारित तिथि पर अपने पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकें। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी आईएफएस ज्ञानवीर सिंह ने बताया कि यह विशेष अभियान लखनऊ क्षेत्र के सभी 4 पासपोर्ट सेवा केंद्रों और 33 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर समय रहते ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें और निर्धारित समय पर अपने सभी मूल दस्तावेजों तथा उनकी प्रतियों के साथ संबंधित केंद्र पर पहुंचें। 17 अगस्त से बदलेगी जन शिकायत निवारण कार्यक्रम की व्यवस्था क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि 17 अगस्त से जन शिकायत निवारण कार्यक्रम में केवल ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले आवेदकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण और बिना अपॉइंटमेंट प्रवेश की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य शिकायतों के निस्तारण को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है। पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष जोर ज्ञानवीर सिंह ने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जा रही है। कार्यालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग भी वह स्वयं करते हैं, ताकि आवेदकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें तथा किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। कार्यभार संभालने के बाद सेवाओं में सुधार क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी आईएफएस ज्ञानवीर सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की कार्यप्रणाली और सेवा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। ऑनलाइन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और आवेदकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
करनाल के फुसगढ़ क्षेत्र में एक 24 वर्षीय युवती ने शुक्रवार देर शाम को संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना से पहले युवती की अपने मंगेतर के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। परिजनों का आरोप है कि बातचीत के दौरान कही गई एक बात से आहत होकर युवती ने यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जिसके बाद रात को ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया है। आज पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। नर्सिंग का कर रखा था कोर्समृतका की पहचान चांदनी पुत्री रामस्वरूप के रूप में हुई है। वह नर्सिंग कोर्स पूरा करने के बाद एक निजी अस्पताल में ट्रेनिंग कर रही थी। परिवार में उसके माता-पिता और एक भाई हैं। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। परिजनों के अनुसार, चांदनी ने सुबह घर की साफ-सफाई की और मंदिर भी गई थी। इसके बाद उसकी मां अपने काम पर चली गई, जबकि पिता रामस्वरूप भी घर से बाहर थे। इसी दौरान चांदनी ने अपने मंगेतर से वीडियो कॉल पर बात की। परिवार का कहना है कि कॉल के दौरान मंगेतर की ओर से कुछ ऐसा कहा गया, जिसे वह सहन नहीं कर पाई और उसने देर शाम को ही कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब उसकी मां घर लौटी तो बेटी को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। तीन साल पहले तय हुआ था रिश्ता, विदेश जाने की तैयारी थीपिता रामस्वरूप ने बताया कि चांदनी का रिश्ता करीब तीन साल पहले बसताड़ा गांव के एक युवक के साथ तय हुआ था। युवक इटली में काम करता है। तीन महीने बाद शादी तय थी और युवती शादी के बाद विदेश जाने वाली थी। इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी तैयार हो चुके थे और शादी की खरीददारी भी चल रही थी। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शवसूचना मिलने पर सेक्टर-32-33 थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव को मोर्च्युरी हाउस में रखवाया गया है, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। शिकायत के आधार पर होगी आगे की कार्रवाईपरिजनों ने युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सेक्टर-32-33 थाना के एसएचओ सुनील ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवती द्वारा कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद ही आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मेरठ के चर्चित सावित्री देवी हत्याकांड में शु्क्रवार को अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एससी-एसटी ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। मुकदमे में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया था। लगभग 8 वर्ष चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए शेष सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले के एक आरोपी की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता एससी-एसटी कोर्ट वैभव कुमार सिंह ने बताया कि सरूरपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर रजापुर गांव में वर्ष 2016 में चेतन उर्फ भूरा की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे की पैरवी मृतक चेतन की मां सावित्री देवी करती आ रही थीं। मुकदमे में सुमित व सुजित को नामजद किया गया था। 3 फरवरी, 2018 को सावित्री देवी अपने खेत पर काम कर रही थीं। इसी दौरान हमलावरों ने आकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, जिसमें सावित्री देवी की मौत हो गई। सावित्री ने जताया था जान का खतरासावित्री पर बेटे की हत्या के मामले में पैरवी ना करने का दबाव बन रहा था लेकिन वह दबाव में नहीं आई। धमकी का सिलसिला शुरु हुआ तो सावित्री देवी तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी से मिलीं और सुरक्षा की गुहार लगाई। मंजिल सैनी की तरफ से सावित्री के परिवार को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध हो गया। इसके तीन दिन बाद ही सावित्री की हत्या कर दी गई। मामला कई दिन तक जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था। 13 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट सावित्री देवी की हत्या का मुकदमा उसके बेटे मीतन पुत्र वेदीराम की तरफ से दर्ज कराया गया था। जिस तरह पहले भाई और फिर मां की हत्या कर आरोपी फरार हो गए, उसको लेकर मीतन भी बेहद डरा था। पुलिस ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया, जिसके बाद मामले में अतुल, ब्रह्मा उर्फ राज आर्यन, जगबीर, विपिन, कुलदीप, सुजित, जगपाल, संजय, अशोक, अंकित, मोंटी, मोहन, सुमित को नामजद किया गया। पांच आरोपियों को दिया दोषी करारअपर सत्र न्यायाधीश/विशेष नयायाधीश, एससी/एसटी एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन था। बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल बख्शी के द्वारा पैरवी की गई। शुक्रवार को कोर्ट ने अतुल,ब्रह्मा उर्फ राज आर्यन, जगबीर, विपिन और कुलदीप को दोषी पाते हुए हिरासत में लेने के आदेश जारी कर दिए। जबकि सुबूतों के अभाव में जगपाल, संजय, अशोक, अंकित, मोंटी, मोहन, सुमित को दोषमुक्त कर दिया। सुजित की कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। शनिवार को सुनाया जाएगा फैसला कोर्ट ने अतुल,ब्रह्मा उर्फ राज आर्यन, जगबीर, विपिन और कुलदीप को दोषी करार दिया है, जिसके बाद वह शनिवार को अपना निर्णय सुनाएगी। पांच आरोपियों को दोषी पाए जाने के बाद अब सभी की निगाह इनको मिलने वाली सजा पर आकर टिक गई है। इस दोहरे हत्याकांड ने उस दौरान सनसनी फैलाने का काम किया था। पुलिस को खासी किरकिरी झेलनी पड़ी थी।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शनिवार को शहर के कई इलाकों में 5 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली विभाग के मुताबिक, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी। जिसको लेकर उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पानी भरने और बिजली से जुडी अन्य जरूरी काम सुबह 10 बजे से पहले ही निपटा लें, ताकि बिजली न रहने के दौरान कोई परेशानी न हो। जानिए कौन-कौन से इलाके होंगे प्रभावितविद्युत उपकेंद्र इंडस्ट्रियल स्टेट के 11केवी पश्चिमी जनप्रिय फीडर, विद्युत उपकेंद्र दुर्गाबाड़ी के 11केवी हनुमंत नगर फीडर , विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर ओल्ड के 11 केवी मोती पोखरा, फेस तीन, बशारतपुर फीडर, विद्युत उपकेंद्र मोहद्दीपुर के 11 केवी नीनाथापा फीडर, विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर न्यू के 11केवी रेल विहार, करीम नगर फीडर, विद्युत उपकेंद्र खोराबार के 11केवी सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र प्रभावित होंगे।
ग्वालियर के ग्वालियर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गौसपुरा नंबर-1 के ठाकुर मोहल्ला में शुक्रवार रात 10.30 बजे पुरानी रंजिश को लेकर बेखौफ बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई हैं। जिम से कसरत कर अपने घर लौट रहे चार दोस्तों पर पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने रास्ता रोककर मारपीट की फिर गोलियां चला दीं। अचानक हुई इस गोलीबारी में चारों युवक छर्रे लगने और गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई, जिसका फायदा उठाकर सभी हमलावर मौके से भाग गए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जेएएच के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। जिम से लौट रहे थे युवक, रास्ते में अचानक घेरा जानकारी के मुताबिक, सुभाष नगर के रहने वाले करन तोमर, अभि यादव, योगेश राठौर, गुरुदत्त सिंह भदौरिया शुक्रवार रात को अपनी रोजाना की दिनचर्या के तहत जिम से वर्कआउट कर अपने-अपने घर लौट रहे थे। देर रात जिम से लौटने का कारण यही चारो जिम के खाली होने के बाद ताला लगाकर आते थे। जैसे ही चारों युवक गौसपुरा नंबर-1 स्थित ठाकुर मोहल्ला पहुंचे, तभी वहां पहले से हथियारों से लैस होकर घात लगाए बैठे अर्जुन पहाड़िया, अंशू पटेल, राहुल राजपूत उर्फ मोटा, कृष्णा उर्फ विलेन और चुन्नू रजक अपने अन्य साथियों के साथ अचानक सामने आ गए। जब तक पीड़ित युवक कुछ समझ पाते, आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उन पर असलों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी से मची अफरा-तफरी बदमाशों द्वारा की गई अचानक गोलीबारी में चारों युवक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा और आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सभी बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। स्थानीय निवासियों ने हिम्मत जुटाकर तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्वालियर थाना पुलिस का बल भारी अमले के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस ने बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से सभी चारों घायल युवकों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुरानी रंजिश में हमला; सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस प्रारंभिक तफ्तीश में पुलिस को पता चला है कि फरियादी और आरोपी पक्ष के बीच पुराना विवाद चला आ रहा था, उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने इस दुस्साहसिक वारदात की साजिश रची थी। ग्वालियर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
लखनऊ के इंदिरानगर जैन मंदिर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन शुक्रवार को चौसठ ऋद्धियों की पूजा-अर्चना की गई। आठ दिवसीय विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान के अभिषेक और नवदेवताओं के पूजन से हुई। आचार्य सुबल सागर के सानिध्य में आयोजित विधान में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा किया। आचार्य सुबल सागर ने कहा कि चौसठ ऋद्धियों के पूजन से रोग, बाधाएं और संकट दूर होते हैं। इससे लौकिक सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। श्रीजिनशासन प्रभावना चातुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि आचार्य सुबल सागर का उपवास जारी है। वह पूरे दिन में केवल एक बार खड़े होकर जल ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने अन्न, फल समेत सभी प्रकार के आहार का त्याग किया हुआ है। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि सहादतगंज, गुडंबा, गोमती नगर, याहियागंज, चौक, आशियाना, चारबाग और डालीगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट, भाटपाररानी (देवरिया) की टीम को पशु चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। हैदराबाद में आयोजित नेशनल रिव्यू मीट में टीम के डॉ. पारस नाथ प्रजापति, मेडिकल टेक्नीशियन (एमटीएस) और पायलट को राज्य स्तरीय उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टीम को यह सम्मान एक गंभीर रूप से बीमार कुत्ते के पैर में हुए ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाने के लिए मिला। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी दक्षता और समर्पित सेवा को देखते हुए टीम को सम्मानित किया गया। वेटरनरी यूनिट ने पहला स्थान हासिल किया ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट ने पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि पर लखनऊ स्थित मुख्यालय में भी टीम का सम्मान किया गया। ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के प्रेसिडेंट टी.वी.एस रेड्डी ने डॉ. पारस नाथ प्रजापति और उनकी टीम को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। यह उपलब्धि मोबाइल वेटरनरी यूनिट के लिए प्रेरणास्रोत उन्होंने कहा कि 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट किसानों और पशुपालकों को घर-घर निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही है। सभी टीमों से इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। टीम की सफलता पर वरिष्ठ पशु चिकित्सकों सहित डॉ. शरद, डॉ. साहिल, डॉ. प्रीति कों कई जनपदों के चिकित्सकों ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की सभी 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट के लिए प्रेरणास्रोत है।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित श्यामनगर के एक मैरिज लॉन में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे उस समय हंगामा हो गया, जब एक दूल्हे की पहली पत्नी उसकी दूसरी शादी रोकने मौके पर पहुंच गई। महिला ने खुद को दूल्हे की कानूनी पत्नी बताया और विवाह रुकवा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। चमनगंज निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी जूही लाल कॉलोनी के एक इंटीरियर कारोबारी युवक से वर्ष 2022 में हुई थी। वर्ष 2024 में उसकी विदाई हुई। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। महिला का आरोप है कि कानूनी विवाद लंबित होने के बावजूद उसके पति ने बिना तलाक लिए और उसे सूचित किए बिना करीब 10 किलोमीटर दूर एक मैरिज लॉन में दूसरी शादी की तैयारी कर ली थी। महिला के अनुसार, दूल्हे के पड़ोसी ने उसे फोन पर दूसरी शादी की जानकारी दी। इसके बाद महिला ने अपने पति, ससुर और अन्य रिश्तेदारों को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह अपनी बहन के साथ सीधे मैरिज लॉन पहुंची और शादी का विरोध करते हुए हंगामा किया। इस अचानक हुई घटना से बारात और समारोह में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। महिला ने लगभग एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस ने स्थिति को संभाला और दूल्हे को हिरासत में ले लिया। पुलिस दोनों पक्षों को चौकी ले गई, जहां उनसे पूछताछ की गई। देर रात तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रही। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से तहरीर मांगी गई है। प्राप्त शिकायतों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला ने बताया कि आरोपी रोजाना व्हाट्सएप पर चैटिंग करता है। इतना ही महीने में कई बार मुलाक़ात भी होती है।
लखनऊ में पृथ्वी विज्ञान महोत्सव:दूसरे दिन विज्ञान, सिनेमा और पर्यावरण पत्रकारिता पर हुई चर्चा
लखनऊ के बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में विज्ञान, सिनेमा और पर्यावरण पत्रकारिता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आयोजन 'पृथ्वी-2026: भारतीय पुराविज्ञान फिल्म महोत्सव एवं राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान संचार संवाद' का दूसरे दिन था । इस दौरान मास्टरक्लास, वृत्तचित्र प्रदर्शन, परिचर्चा और प्रतियोगी फिल्मों के माध्यम से पृथ्वी विज्ञान, जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान संचार के अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ विज्ञान फिल्मकार नंदन कुध्यादी की मास्टरक्लास से हुई। उन्होंने प्रो. बीरबल साहनी और आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन व योगदान को फिल्मों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीके साझा किए। इस सत्र में उनकी लघु फिल्म 'एक वैज्ञानिक के वेश में क्रांतिकारी' का भी दिखाया गया। प्रो. साहनी के जीवन और कार्यों पर आधारित फिल्म दिखाई पृथ्वी विज्ञान अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया। इसके अलावा, प्रो. बीरबल साहनी के जीवन और कार्यों पर आधारित एक फिल्म के अंश प्रदर्शित किए गए। वक्ताओं ने भारतीय पुराविज्ञान की नींव रखने और पृथ्वी विज्ञान अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया । अशोक कुमार ने 'सतत भविष्य की कहानियां: पर्यावरण पत्रकारिता की शक्ति' विषय पर मास्टरक्लास लिया। उन्होंने बताया कि लेखन ऐसा होना चाहिए, जिसे पाठक पहली बार में ही आसानी से समझ सकें। रिपोर्टिंग केवल समस्याओं तक सीमित न रहे उन्होंने पर्यावरण पत्रकारिता में जिज्ञासा, विश्वसनीयता और संवेदनशीलता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। अशोक ने यह भी कहा कि रिपोर्टिंग केवल समस्याओं तक सीमित न रहे, बल्कि समाधान और वैज्ञानिक तथ्यों को भी सामने रखें। इसके बाद जलवायु परिवर्तन पर आधारित प्रतियोगी वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों में पर्यावरणीय चुनौतियों, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को प्रमुखता से दर्शाया गया। दूसरे सत्र में 'पृथ्वी विज्ञान में जनसहभागिता: विज्ञान संचार, मीडिया और सिनेमा के माध्यम से सेतु निर्माण' विषय पर एक परिचर्चा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह ने की। वक्ताओं ने वैज्ञानिक शोध को सरल, विश्वसनीय और रोचक तरीके से आम लोगों तक पहुंचाने की बात कही।
मनीष त्रिपाठी, रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य), ने शुक्रवार को प्रयागराज स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त सचिव ने अस्पताल के स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों, आपातकालीन इकाई और अन्य चिकित्सा विभागों का जायजा लिया, साथ ही मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की। त्रिपाठी ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रबंधन को मरीजों के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की स्वचालन (ऑटोमेशन) पहलों और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की। त्रिपाठी ने कहा कि तकनीक के उपयोग से मरीजों के आराम और समग्र स्वास्थ्य देखभाल अनुभव में सुधार हुआ है, जो सराहनीय है।
बदायूं में शुक्रवार रात सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। 10 लोग घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरी ईको कार की दूध से लदे पिकअप से टक्कर हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसा बिसौली थाना क्षेत्र के रानेट चौराहे के पास हुई। पुलिस के अनुसार, ईको कार में सवार 10-11 लोग आसफपुर में 'जात' (धार्मिक अनुष्ठान) में जा रहे थे। इसी दौरान, दूध से भरे कैंटर पिकअप ने ईको कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे में कस्तूरी (पत्नी लीलाधर) और मुंशी (पुत्र बनवारी), दोनों ग्राम बेन, थाना बिल्सी के निवासी, की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में सर्वेश, बाबी, रोशनी, अखिलेश, संजय, गौरव, अंशुमान, शिवम, फूल सिंह और ईको चालक हेम सिंह शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी बिसौली में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक बिसौली घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारु कराया गया। कोतवाल कमलेश मिश्रा ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से जा टकराया। हादसे में ट्रक चालक केबिन के अंदर स्टेयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उसे निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार पुलिस ने ट्रैक्टर की मदद से ट्रक को खींचकर चालक को बाहर निकाला और गंभीर हालत में जिला अस्पताल भिजवाया। घटना की 3 तस्वीर देखिए… हादसे में घायल चालक की पहचान पवन निवासी धौलपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह ट्रक संख्या RJ 11 GD 5122 से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) के लिए माल लेकर शुक्रवार सुबह झांसी आया था। माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री खुलने पर वह हेल्पर के साथ वापस आगरा के लिए रवाना हुआ था। स्कूटी सवार महिला को बचाने में हुआ हादसा बताया जा रहा है कि केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले रोड पर जीआरपी रिजर्व लाइन से करीब 500 मीटर आगे अचानक सामने एक महिला स्कूटी लेकर आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक को तेज़ी से मोड़ा, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे पेड़ और फिर बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गया। उसका बायां पैर केबिन के हिस्से और बोनट में दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया चालक सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया। यहां तक कि एम्बुलेंस की रस्सी बांधकर भी उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर मंगवाया। ट्रैक्टर की मदद से ट्रक के अगले हिस्से को खींचकर केबिन में जगह बनाई गई, जिसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला जा सका। गंभीर रूप से घायल पवन को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। दर्द से तड़पता रहा चालक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक करीब एक घंटे तक केबिन में फंसा रहा। इस दौरान वह दर्द से तड़पते हुए लोगों से खुद को बचाने की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से आखिरकार उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर द्वारा होटल व्यवसायी एवं समाजसेवी श्री कृष्ण कुमार मेहता से जुड़े लगभग 5.20 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने का स्वागत किया। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA), न्यूयॉर्क के अध्यक्ष, के.के. एवं चंद्रा मेहता फैमिली ट्रस्ट के चेयरमैन तथा जयपुर फुट USA के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की आशा और मजबूत हुई है। न्यायालय ने जांच एजेंसी को अगली सुनवाई पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर आर्थिक अपराध की जांच अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकती और इसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। भंडारी बोले- धर्मार्थ काम में लिया जाएगा पैसा भंडारी ने कहा- जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस मुख्यालय (PHQ) से बार-बार चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने का अनुरोध किए जाने के बावजूद आज तक कोई नियुक्ति नहीं की गई। अब शिकायतकर्ता पक्ष स्वयं एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, ताकि तकनीकी जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतकर्ता किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट अथवा अन्य विशेषज्ञ की सहायता उपलब्ध कराता है, तो जांच एजेंसी आवश्यकता होने पर उसका उपयोग कर सकती है। भंडारी ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों में जोधपुर पुलिस ने जांच के सिलसिले में अन्य राज्यों में जाकर साक्ष्य जुटाने अथवा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के लिए कोई टीम नहीं भेजी। यदि जांच एजेंसी चाहे तो शिकायतकर्ता यात्रा एवं अन्य आवश्यक व्यय वहन करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जांच को गति देने के लिए शिकायतकर्ता से इस प्रकार का सहयोग लिया जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में धोखाधड़ी की राशि की वसूली होती है तो उसका उपयोग पूर्णतः जनहित एवं धर्मार्थ कार्यों में किया जाएगा। भंडारी ने कहा-मामला प्रवासी भारतीयों के बीच गलत मैसेज देता है भंडारी ने कहा कि यह मामला प्रवासी भारतीयों के बीच गलत संदेश देता है। एक ओर राजस्थान सरकार और विभिन्न सरकारी एजेंसियां एनआरआई एवं प्रवासी भारतीयों को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित करती हैं, वहीं दूसरी ओर यदि ऐसे मामलों में वर्षों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होती तो इससे प्रवासी निवेशकों का विश्वास कमजोर पड़ता है। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण कुमार मेहता 23 वर्षों तक राजस्थान फाउंडेशन (USA) ( राजस्थान सरकार )के अध्यक्ष रहे हैं तथा वर्तमान में जयपुर फुट USA के सलाहकार हैं। उनके परिवार के के.के. एवं चंद्रा मेहता फैमिली ट्रस्ट, जिसके चेयरमैन प्रेम भंडारी हैं, ने कोविड-19 महामारी के दौरान राजस्थान पुलिस सहित अनेक सरकारी संस्थाओं को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए तथा राजस्थान पुलिस के लिए मास्क खरीदने हेतु आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया था। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट में श्री कृष्ण कुमार मेहता की ओर से अधिवक्ता श्री विशाल शर्मा ने प्रभावी रूप से पक्ष रखा।
उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री एवं अमेठी की प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने शुक्रवार को जिले का एक दिवसीय दौरा कर विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और सभी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। विकास भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर प्रभारी मंत्री दोपहर करीब दो बजे अमेठी पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने गौरीगंज स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद विकास भवन पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। विकास कार्यों की प्रगति की ली जानकारी विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी., गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष भवानी दत्त समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, ग्रामीण विकास और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने को कहा। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। कानून-व्यवस्था पर भी दिए सख्त निर्देश कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अपराध नियंत्रण, महिलाओं और दलितों की सुरक्षा तथा थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता तक सीधे पहुंचे योजनाओं का लाभ बैठक के बाद प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि जिले में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे।
बदायूं जेल में डकैती के आरोप में बंद एक विचाराधीन कैदी की शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे मौत हो गई। कैदी संभल जिले का निवासी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दे दी है। कैदी की पहचान संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र के जनेटा गांव निवासी 58 वर्षीय ओमवीर पुत्र मोहर सिंह के रूप में हुई है। ओमवीर को इस्लामनगर थाना क्षेत्र में 19 मई को हुई लूट और डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे 25 मई को एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा था और 26 मई को न्यायिक हिरासत में बदायूं जिला कारागार भेजा था। जेलर मोहम्मद खालिद ने बताया कि ओमवीर लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उसका लीवर लगभग 80 प्रतिशत क्षतिग्रस्त हो चुका था। उसका इलाज पहले लखनऊ के एक अस्पताल में भी हुआ था। शुक्रवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर जेल अधिकारियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी की मौत के बाद शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचित कर दिया है। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उन्हें सौंप दिया जाएगा। जेलर ने यह भी बताया कि तबीयत बिगड़ने पर कैदी को बिना किसी देरी के अस्पताल भेजा गया था। मौत से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस ने भी इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
मेरठ में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली विद्युत वायर बेचने का कारोबार खूब फल फूल रहा है। रेलवे रोड पुलिस और चंडीगढ़ की कंपनी की जांच टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 11 से 12 लाख रुपए कीमत की कथित नकली वायर बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में खुलासा किया कि वह यह माल पानीपत की एक फैक्ट्री से लाकर मेरठ के बाजारों में खपाता था, जिससे उसे अच्छा-खासा मुनाफा होता था। चंडीगढ़ की स्पीड सर्च एंड सिक्योरिटी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड को सूचना मिली थी कि मेरठ में पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशन इंडिया, वी-गार्ड, पॉलीकैब, हैवेल्स, ग्रेट व्हाइट और आरआर केबल समेत कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर नकली वायर बाजार में बेची जा रही हैं। सूचना के बाद कंपनी की टीम ने गोपनीय जांच शुरू की। टीम ने जल्द ही उस ठिकाने को ढूंढ लिया, जहां से यह काला कारोबार चल रहा था। रेलवे रोड इलाके से पकड़ा आरोपी 23 जुलाई की देर रात ऑपरेशन मैनेजर सौमित सिंह आर्य के नेतृत्व में टीम ने रेलवे रोड क्षेत्र में निगरानी के दौरान एक संदिग्ध युवक को रोक लिया। उसके पास मौजूद बड़े प्लास्टिक बैग की तलाशी लेने पर विभिन्न ब्रांडों के वायर बॉक्स बरामद हुए। सूचना पर रेलवे रोड पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अब सप्लाई चेन और नकली माल तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है। प्लास्टिक के थैले से 292 वायर बॉक्स बरामदपुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से हैवेल्स के 54, ग्रेट व्हाइट के 32, वी-गार्ड के 56, पॉलीकैब के 38, आरआर के 58 और एंकर के 54 वायर बॉक्स बरामद हुए। कुल 292 बॉक्स की बाजार कीमत करीब 11 से 12 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी ने पुलिस और कंपनी को बरगलाने का प्रयास भी किया लेकिन उसकी एक नहीं चली। माल का बिल नहीं दिखा पाया आरोपीगिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम मुस्तकीम पुत्र फार्मूद निवासी लाला मोहम्मदपुर, मेरठ बताया। उसने बताया कि वह यह माल पानीपत की एक फैक्ट्री से खरीदकर मेरठ लाता था और बाजार में सप्लाई करता था। पुलिस के बिल और वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने पूरा माल कब्जे में लेकर थाने पहुंचकर सील कर दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमाकंपनी के फील्ड मैनेजर ललित की तहरीर पर रेलवे रोड थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली माल तैयार करने वाली फैक्ट्री कहां संचालित हो रही है और यह नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है।
संभल हिंसा के आरोपी जफर अली एडवोकेट ने विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का मंच साझा किया है। वह कल मुरादाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। जफर अली ने संभल हिंसा मामले में जेल से रिहा होने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के जफर अली ने आज मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ मंच साझा किया। यह कार्यक्रम मुरादाबाद की जामा मस्जिद के छोटा मैदान में असदुद्दीन ओवैसी की कल होने वाली जनसभा से पहले आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक का हिस्सा था। इस दौरान जफर अली के साथ संभल नगर पालिका परिषद की चेयरमैन आसिया मुशीर के पति चौधरी मुशीर खां भी मौजूद थे। मंच पर जब प्रदेश अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तब जफर अली और चौधरी मुशीर खां एक-दूसरे का हाथ थामे हुए दिखाई दिए। विधानसभा चुनाव से पहले जफर अली का AIMIM के मंच पर आना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। जफर अली ने बताया कि वह आज पार्टी की बैठक में शामिल हुए, लेकिन औपचारिक सदस्यता कल ओवैसी की मौजूदगी में लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव लड़ने का मन जनता के कहने पर बनाया था और पहले यह घोषणा की थी कि वह किसी भी पार्टी से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब उन्होंने AIMIM में शामिल होने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा पेश किया था। कोर्ट के आदेश पर उसी शाम पहले चरण का सर्वे हुआ। दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया, जिसके दौरान हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान सर्वे बाधित हुआ और हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इक़बाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेजा गया, जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है। मुल्ला अफरोज पर अक्टूबर 2025 में रासुका लगी, इसके बाद वारिस और गुलाम पर भी रासुका की कार्रवाई की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।
प्रदेश में सितंबर से नवंबर के बीच होने पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी करके प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स, एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में मौजूदा ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों और जिला परिषद के वार्डो की लॉटरी निकालने के अधिकारी दिए। प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14 हजार 403 ग्राम पंचायतों में नवंबर तक चुनाव करवाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके लिए सरकार और निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। 5 अगस्त तक आएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 5 अगस्त तक आने के बाद सरकार के स्तर पर इन सभी पंचायती राज संस्थाओं में सरपंच, उपसरपंच, प्रधान के अलावा वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इन लॉटरी जिला मुख्यालय पर कलेक्टर और उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी (SDO) या SDM के स्तर पर निकाली जाएगी। संभावना है कि जिला परिषद वार्ड और प्रधान के आरक्षण की लॉटरी जिला मुख्यालय स्तर पर कलेक्टर की निगरानी में निकाली जाएगी। वहीं पंचायत समिति के वार्डों, ग्राम पंचायत के वार्डों, सरपंच और उपसरपंच के आरक्षण की लॉटरी उपखंड स्तर पर एसडीओ या एसडीएम के स्तर पर निकाली जाएगी।
राजस्थान में वर्ष 2026 में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों की तैयारियां राज्य सरकार ने तेज कर दी हैं। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम द्वारा जारी आदेश के तहत पंचायत समितियों, जिला परिषदों और ग्राम पंचायतों में वार्डों व पदों के आरक्षण और श्रेणीवार आवंटन के लिए जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को अधिकार सौंप दिए गए हैं। टोंक के अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनोद कुमार मीना ने बताया कि आदेश अभी ई-मेल के माध्यम से प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन विभाग के आधिकारिक ग्रुप में यह आदेश साझा किया जा चुका है। कलेक्टर और एसडीएम निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिकाराजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-98 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार जिला कलेक्टर अपने क्षेत्र की पंचायत समितियों और जिला परिषदों के वार्डों (एकल निर्वाचन क्षेत्र) के आरक्षण के साथ ही प्रधान पदों के आरक्षण और श्रेणीवार आवंटन का निर्धारण करेंगे। वहीं, उपखंड अधिकारी (एसडीएम) अपने क्षेत्राधिकार की ग्राम पंचायतों के वार्डों के आरक्षण और सरपंच पदों के आरक्षण और उनके श्रेणीवार आवंटन की चुनाव संबंधी प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला कलेक्टरों और एसडीएम को राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा प्रक्रिया पूरी करेंगे। चुनाव संबंधी प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला कलेक्टरों और एसडीएम को राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 15 एवं 16 और राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 5, 6, 7, 8 और 9 के तहत शक्तियां प्रत्यायोजित की गई हैं। सरकार ने आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री के निजी सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सभी संबंधित विभागों, प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को जरूरी कार्रवाई के लिए भेज दी है।
देशभर के मेडिकल संस्थानों में छात्रों के मानसिक उत्पीड़न, रैगिंग और अकादमिक अन्याय के मामलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी कड़ी में एम्स जोधपुर के एम.सीएच. न्यूरोसर्जरी (बैच 2020-23) के छात्र डॉ. विक्रांत शर्मा ने अपने साथ हुई कथित अकादमिक धांधली और उत्पीड़न को लेकर मीडिया से बात की है। उनका आरोप है कि वर्ष 2021 में रैगिंग की शिकायत करने के बाद विभाग के कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों ने प्रतिशोध की भावना से उन्हें लगातार तीन बार फेल किया, जबकि बाद में स्वतंत्र परीक्षा में वे उत्तीर्ण साबित हुए। अब उन्हें चौथे प्रयास में उत्तीर्ण होने की डिग्री दी जा रही है, जबकि उनका दावा है कि उन्हें पहले ही प्रयास में पास घोषित किया जाना चाहिए था। डॉ. शर्मा का कहना है कि एम्स जोधपुर में आयोजित होने जा रहे दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अनुप्रिया पटेल हैं। उन्होंने स्वयं इस मामले में जांच करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी जांच नहीं हुई। ऐसे में वे दीक्षांत समारोह से पहले पूरे मामले को मीडिया और देश के सामने रखना चाहते हैं, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनका करियर बचाया जा सके। रैगिंग की शिकायत के बाद शुरू हुआ संघर्षडॉ. विक्रांत शर्मा के अनुसार वर्ष 2021 में उन्होंने अपने वरिष्ठ छात्र डॉ. नितिन कुमार द्वारा की गई रैगिंग की शिकायत संस्थान के अधिकारियों से लेकर उच्च स्तर तक की। उनका आरोप है कि इसी शिकायत के बाद विभाग के कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनके प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और उनके पूरे शैक्षणिक मूल्यांकन को प्रभावित किया। उन्होंने अपने पत्र में विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों पर निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं करने तथा जानबूझकर उनके करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। पहले प्रयास में जानबूझकर फेल करने का आरोपडॉ. शर्मा का कहना है कि जून 2023 में आयोजित एम.सीएच. न्यूरोसर्जरी की अंतिम परीक्षा में उन्हें जानबूझकर असफल घोषित किया गया। इसके बाद उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से दस्तावेज प्राप्त किए। जिनसे उन्हें कथित रूप से तीन साल के आंतरिक थ्योरी मूल्यांकन को गलत तरीके से दर्शाने,तीन वर्ष के दौरान प्रैक्टिकल इंटरनल असेसमेंट नियमानुसार आयोजित ही नहीं करने, उनकी थीसिस, शोध कार्य, प्रकाशनों और पुरस्कारों का भी मूल्यांकन नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताओं की जानकारी मिली। स्वतंत्र परीक्षा में हुए पास डॉ. शर्मा का कहना है कि दिसंबर 2024 में सुरक्षा व्यवस्था और वीडियोग्राफी के बीच स्वतंत्र बाहरी परीक्षा आयोजित कराई गई, जिसमें वे सफल रहे और अंततः एम.सीएच. न्यूरोसर्जरी परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। उनका सवाल है कि यदि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष परीक्षा में पास हो सकते हैं तो जून 2023 में उन्हें असफल क्यों घोषित किया गया? सांसदों और केंद्रीय मंत्री तक पहुंचा मामला डॉ. शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी पीड़ा राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत और सांसद हनुमान बेनीवाल के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाई। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 22 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत को लिखे पत्र में स्वीकार किया कि उन्हें डॉ. विक्रांत शर्मा की ओर से रैगिंग संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है तथा उन्होंने इस मामले को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया है। डॉ. शर्मा का कहना है कि मंत्री स्तर पर पत्र जारी होने के बावजूद आज तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई और न ही उनकी शिकायतों का समाधान किया गया। चौथे प्रयास की डिग्री नहीं, पहले प्रयास का न्याय चाहिए। डॉ. शर्मा का कहना है कि वर्तमान में उन्हें चौथे प्रयास में उत्तीर्ण होने की डिग्री दी जा रही है, जबकि उनके अनुसार यदि निष्पक्ष मूल्यांकन होता तो वे जून 2023 में ही पहले प्रयास में सफल घोषित हो जाते। उनका कहना है कि मेडिकल शिक्षा में प्रयासों (Attempts) का सीधा प्रभाव चिकित्सक के भविष्य, सरकारी नियुक्तियों, सुपर स्पेशियलिटी अवसरों तथा निजी प्रैक्टिस की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसलिए चौथे प्रयास की डिग्री उनके पूरे करियर पर स्थायी नकारात्मक प्रभाव डालेगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की माग की है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी बहुचर्चित इमारत को ध्वस्त करने के लिए दी गई 15 दिन की समयसीमा शनिवार को पूरी हो रही है। ऐसे में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की तकनीकी टीम शनिवार को मौके पर पहुंचकर इमारत का विस्तृत निरीक्षण और नाप-जोख करेगी। टीम यह आकलन करेगी कि भवन स्वामी ने अब तक कितना हिस्सा गिराया है और कितना अवैध निर्माण अभी भी बाकी है। एलडीए के आदेश के बाद भवन स्वामी खुद इमारत का ध्वस्तीकरण करा रहा है, लेकिन काम की रफ्तार को लेकर प्राधिकरण संतुष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। निरीक्षण के बाद बची हुई अवैध निर्माण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ध्वस्तीकरण की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समयसीमा के बाद भी अवैध निर्माण पूरी तरह नहीं हटाया गया मिला तो एलडीए स्वयं कार्रवाई करेगा। यह वही इमारत है, जहां हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। हादसे के बाद भवन की वैधता और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठे थे। अब निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बची हुई अवैध संरचना पर अगले एक-दो दिनों में एलडीए का बुलडोजर चलने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क गेट के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की, विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और उनकी आवाज को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि शनिवार को आगरा कलेक्ट्रेट पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने इंकलाब जिंदाबाद, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग से जुड़े नारे लगाए। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर विरोध मार्च निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया। छात्र मुकुंद्र ठाकुर ठाकुर ने कहा कि आगरा की छात्र शक्ति दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में एकजुट हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि पिछले एक महीने से छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुकुंद्र ठाकुर ने नीट परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के बाद नीट परीक्षा दोबारा कराई। उनका कहना था कि यदि निष्पक्षता की बात है तो सरकार को चुनाव भी दोबारा कराने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दोबारा परीक्षा में छात्र सफल हो जाएंगे, लेकिन सरकार जनता का विश्वास दोबारा हासिल नहीं कर पाएगी। छात्रा प्रिया झा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। छात्रा दीप्ति ने कहा कि यह कहना गलत है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगरा के छात्र भी उसी आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं। उनके अनुसार यह केवल नीट परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद छात्र लंबे समय से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं छात्र रोहन ने सरकार पर रोजगार और शिक्षा के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के बजट का बड़ा हिस्सा प्रचार-प्रसार पर खर्च किया गया, जबकि युवाओं के रोजगार और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल नीट या पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर भी किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल शुक्रवार शाम बागपत पहुंचे। प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी जिले की पहली यात्रा थी। भाजपा विधायक योगेश धामा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पुष्प वर्षा की गई और बुलडोजर से भी फूल बरसाए गए। आशीर्वाद रिसॉर्ट में हुआ सम्मान समारोह मोहित बेनीवाल के सम्मान में आशीर्वाद रिसॉर्ट में समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। समारोह में उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। 2027 में भाजपा की जीत का किया दावा समारोह को संबोधित करते हुए मोहित बेनीवाल ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का आभार जताते हुए संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया। जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर बोले- सरकार युवाओं के साथ जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के सवाल पर बेनीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद युवाओं के लिए अवसर लगातार बढ़े हैं। यदि कहीं कोई कमी या लापरवाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कहा-पिछली सरकारों के दौरान कई पेपर लीक के मामले सामने आए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कई पेपर लीक के मामले सामने आए और फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरियां तक मिलीं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ कहीं भी अन्याय हुआ है तो केंद्र और प्रदेश सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार की योजनाओं का किया जिक्र मोहित बेनीवाल ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का युवा भाजपा के साथ है और विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाला है।
पाली जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी की प्रेरणा से संचालित 'मिशन मानस' के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चवाड़िया में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए जा रहे हैं। स्कूल में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ- साथ नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी करवाई जा रही है। इन्हें नवोदय विद्यालय (NVS) और केंद्रीय विद्यालय (KVS) की तर्ज पर करवाया जा रहा है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स को ही सौंपी गई है। स्कूल में रोजाना सुबह 7:20 बजे प्रार्थना सभा आयोजित होती है, जिसका पूरा संचालन स्टूडेंट्स अंग्रेजी माध्यम में करते हैं। प्रार्थना सत्र में व्यायाम, सरस्वती वंदना, भ्रामरी, मेडिटेशन, समाचार वाचन, जीके क्विज, ‘थॉट ऑफ द डे’, बाल कविता और समूहगान जैसी गतिविधियां शामिल रहती हैं। इससे स्टूडेंट्स के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति और मंच संचालन क्षमता भी निखर रही है। स्कूल में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एमओसी (मास्टर ऑफ क्लास) प्रणाली भी लागू की गई है। इसके तहत स्टूडेंट प्रतिदिन अपनी कक्षा की सकारात्मक और नकारात्मक गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करते हैं। आठवें कालांश में प्रधानाचार्य दिनेश कुमार इसकी समीक्षा करते हैं और अगले दिन की कार्ययोजना तैयार कराई जाती है। इस व्यवस्था से स्टूडेंट्स में स्वअनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। स्कूल के वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में मंच संचालन से लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स ही निभाते हैं। लगातार हो रही सह-शैक्षणिक गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्कूल में स्वच्छता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। शौचालयों की नियमित सफाई के लिए स्टूडेंट्स ने क्राउड फंडिंग के माध्यम से राशि एकत्र की है। इस राशि के उपयोग, लेखा-जोखा और संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी भी स्टूडेंट्स स्वयं संभालते हैं, जिससे उनमें पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत हो रही है। 19 पद स्वीकृत, कार्यरत केवल 12स्कूल में कुल 19 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में प्रधानाचार्य सहित केवल 9 कार्मिक और 3 पंचायत शिक्षक, यानी कुल 12 सदस्यीय टीम कार्यरत है। सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद जनवरी 2026 से प्रधानाचार्य दिनेश कुमार के नेतृत्व में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक असर स्टूडेंट्स के ओवरऑल डेवलमेंट पर भी पड़ा है।
अजमेर जिले के पीसांगन के एक सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों पर छात्राओं से अनुचित व्यवहार और अश्लील चैट करने का आरोप है। यह घटनाक्रम शुक्रवार को सामने आया। पुलिस बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जानकारी दे रही थी। पुलिस ने बच्चों को बताया कि कोई आपको गलत टच करे तो तुरंत अभिभावकों और शिक्षकों को सूचित करें। इसी दौरान विद्यालय परिसर में आरोपी शिक्षकों की कथित हरकतें सामने आईं। दोनों टीचर को पहले स्कूल से हटाया और बाद में सस्पेंड कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर से दोनों के खिलाफ पीसांगन थाने में मामला दर्ज कराया गया। प्रिंसीपल ने देखा आरोपी शिक्षक का मोबाइल, मिली अश्लील चैट पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य को बताया- शिक्षकों के द्वारा छात्राओं को अनैतिक संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा बेड टच करते हुए किसी को बताने पर फेल करने की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत मिलने पर प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक का मोबाइल फोन चेक किया, जिसमें कथित रूप से अश्लील चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले। इस दौरान परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच कुछ कहासुनी भी हुई। सूचना मिलने पर विद्यालय परिसर में जानकारी दे रही पुलिस ने स्थिति को काबू करने का प्रयास किया। शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को किया टर्मिनेट शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर अजमेर स्थित संयुक्त निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए विभागीय कमेटी का गठन किया गया और दोनों को सस्पेंड कर दिया है। परिजनों की शिकायत पर पीसांगन थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। इनपुट सहयोग: प्रदीप कुमार कालेसरा
स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रदेश के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों के हित में लोक शिक्षण आयुक्त ने बड़ा फैसला लिया है। ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण जो शिक्षक इस शिक्षा सत्र में विद्यालयों में री-जॉइन नहीं कर पा रहे थे, उन्हें राहत दी गई है। अब ऐसे शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। इसके बाद वे विद्यालयों में री-जॉइन कर सकेंगे, लेकिन आगे उन्हें नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों (हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल) को जारी निर्देश में कहा है कि 30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद अतिथि शिक्षक संगठन ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और राहत देने का आवेदन सौंपा। इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि चालू शिक्षा सत्र के लिए री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता दी जाती है। हालांकि, री-जॉइनिंग के बाद अतिथि शिक्षकों को लिखित वचन-पत्र देना होगा कि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार की राहत नहीं मांगी जाएगी और वे नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षा सत्रों में री-जॉइनिंग की प्रक्रिया ई-अटेंडेंस के आधार पर ही होगी और किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जाएगी। एक लाख 10 हजार अतिथि शिक्षक, पांच हजार को राहत अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अधीन कार्यरत अतिथि शिक्षकों की कुल संख्या करीब एक लाख 10 हजार है। उन्होंने बताया कि इनमें से करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता अचानक लागू होने के कारण री-जॉइनिंग से वंचित हो रहे थे। उनकी वास्तविक समस्याओं से 14 जुलाई को हुई बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त अभिषेक सिंह को अवगत कराया गया था। संगठन ने बताया था कि गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, परिवार में आकस्मिक मृत्यु, नेटवर्क की अनुपलब्धता, तकनीकी कारण, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने या स्वयं के विवाह जैसे कारणों से कई शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम रही। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की गई थी। इसके बाद आयुक्त ने इन मामलों में राहत प्रदान की है। संगठन के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता और उमाशंकर बैस ने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पद स्थायित्व और अवकाश की पात्रता सहित अन्य मांगों पर मंथन कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।
लखनऊ के कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर में एक अधिवक्ता को आवंटित चैंबर में संचालित विवाह केंद्र को हाईकोर्ट प्रशासन ने खाली करा लिया है। इस कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में दर्ज स्वत: संज्ञान जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने पारित किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायालय को सूचित किया कि चैंबर नंबर 31, जहां विवाह केंद्र चल रहा था, उसे खाली करा लिया गया है। दरअसल, यह मामला एक आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में आया था। न्यायालय ने पाया था कि अधिवक्ताओं के लिए आवंटित चैंबर का उपयोग विवाह केंद्र के रूप में किया जा रहा था। पुलिस रिपोर्ट के अवलोकन से पता चला कि चैंबर को विवाह समारोह के लिए सजाया गया था। वहां तोरण द्वार बनाया गया था और फूलों से सजावट की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने इसे स्वत: संज्ञान जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। अब हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा चैंबर खाली कराए जाने की जानकारी दिए जाने के बाद न्यायालय ने स्वत: संज्ञान याचिका का निस्तारण कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुकदमों की सुनवाई टालने और बिना उचित कारण अदालत से अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने कहा कि यह वकालत के पेशे की गरिमा के अनुरूप नहीं है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि कुछ मामलों में जानबूझकर सुनवाई को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इससे लंबित मुकदमों का बोझ वास्तविक कारणों के बजाय कृत्रिम रूप से बढ़ता है, जिससे न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। श्रावस्ती के मामले में हो रही थी सुनवाई यह महत्वपूर्ण टिप्पणी न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने श्रावस्ती के एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक आपराधिक मामले में फैसला सुनाते हुए की। न्यायालय ने विशेष न्यायाधीश, एससी-एसटी एक्ट, श्रावस्ती के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सीआरपीसी की धारा 319 के तहत एक व्यक्ति को अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब करने की मांग खारिज कर दी गई थी। मामले में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धारा 319 सीआरपीसी के तहत किसी व्यक्ति को अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब करने के लिए केवल प्रथम दृष्टया साक्ष्य पर्याप्त नहीं है। इसके लिए रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्य इतने मजबूत होने चाहिए कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का ठोस आधार बन सके। बार-बार तारीख मांगने पर चिंता जताई न्यायालय ने पाया कि वर्तमान मामले में ऐसा कोई सशक्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं था, जिसके आधार पर संबंधित व्यक्ति को अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किया जा सके। लिहाजा, हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश के पारित आदेश को कानून सम्मत बताते हुए उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। फैसले के दौरान न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी पर भी चिंता जताई। पीठ ने दोहराया कि मुकदमों की सुनवाई टालने के लिए बार-बार तारीख मांगने या बिना उचित कारण अदालत से अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति से न्यायालय पर लंबित मुकदमों का बोझ बढ़ता है। ऐसी प्रवृत्ति न केवल न्याय वितरण की गति को प्रभावित करती है, बल्कि वकालत के पेशे की गरिमा पर भी प्रतिकूल असर डालती है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) प्रवक्ता (पुरुष/महिला) प्रारंभिक परीक्षा- 2025 का परिणाम घोषित कर दिया है। यह परीक्षा 12 अगस्त 2025 को 13 विषयों के लिए विज्ञापित शिक्षकों की भर्ती हेतु 14 जून 2026 को आयोजित की गई थी। आयोग ने अब रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और इतिहास इन चार विषयों के परिणाम जारी किए हैं, जिनमें कुल 7,395 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी के अनुसार, रसायन विज्ञान विषय में पुरुष वर्ग की 85 और महिला वर्ग की 62 रिक्तियां थीं। इस विषय के लिए 23,702 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 9,938 परीक्षा में शामिल हुए। प्रारंभिक परीक्षा में 2,395 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए औपबंधिक रूप से सफल घोषित किए गए हैं। गणित विषय में पुरुष वर्ग की 94 और महिला वर्ग की 28 रिक्तियां निर्धारित थीं। इस परीक्षा के लिए 39,781 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 15,387 उपस्थित रहे। परिणाम के बाद, इस विषय में कुल 853 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफलता मिली है। अंग्रेजी विषय में रिक्तियों की संख्या अधिक थी, जिसमें पुरुष वर्ग की 100, महिला वर्ग की 84 और स्पर्श दृष्टिबाधित राजकीय इंटर कॉलेज व समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के लिए 05 रिक्तियां शामिल थीं। इस विषय में सर्वाधिक 42,866 पंजीकरण दर्ज किए गए थे, जिनमें से 16,683 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे। कुल 2,571 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इतिहास विषय के तहत पुरुष वर्ग में 41, महिला वर्ग में 34, तथा स्पर्श दृष्टिबाधित राजकीय इंटर कॉलेज व समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के लिए 03 रिक्तियां थीं। इस परीक्षा के लिए 35,862 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था और 14,184 उपस्थित हुए थे। इनमें से कुल 1,586 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह परिणाम औपबंधिक है। मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जल्द ही जारी किया जाएगा। प्राप्तांक और कट-ऑफ अंक की जानकारी अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
बाड़मेर में 65 साल के डॉक्टर को उनके ही घर में ‘नजरबंद’ (डिजिटल अरेस्ट) कर 2 करोड़ रुपये हड़पने वाली नर्स को पुलिस रिमांड के बाद आज कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। महिला आरोपी को जोधपुर जेल भेजा गया है। थाना इंचार्ज ने बताया- शहर के एक डॉक्टर ने बुधवार (22 जुलाई) को उनके ही अस्पताल में काम करने वाली नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें उन्होंने बताया कि करीब 10 साल से ब्लैकमेल कर नर्स उनसे सैलरी के अलावा 2 करोड़ रुपए ले चुकी है। ऐसे में मामले की जांच कर महिला को डिटेन किया गया और पूछताछ के बाद शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। 23 जुलाई को महिला को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया। थाना इंचार्ज ने बताया- इस मामले से जुड़े सबूत इकट्ठे किए गए। उन्हें संकलित करने के बाद हमें समय की आवश्यकता थी, इसलिए हमने एक दिन का पुलिस रिमांड लिया था। शुक्रवार को आज फिर उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। उससे सारे रिकॉर्ड लिए गए हैं। महिला आरोपी के पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सबूत, जो पेन ड्राइव या किसी अन्य ड्राइव में हो सकते हैं, उनकी भी तलाश की गई। इससे संबंधित बैक रिकॉर्ड की जांच की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण किया जाएगा। लॉकर की भी जांच की गई। आवश्यक सबूत जुटा लिए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। ----------------------------- इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… डॉक्टर से 2-करोड़ हड़पने वाली नर्स लड़ चुकी पंचायत चुनाव:पति पर भी कर रखा है केस; घर में सीसीटीवी कैमरों से रखती थी नजर
इंदौर के पलासिया इलाके में रहने वाली पीडब्ल्यूडी की एक महिला इंजीनियर ने शुक्रवार दोपहर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें पति ने आसपास के लोगों की मदद से फंदे से उतारा। इसके बाद एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पलासिया पुलिस के मुताबिक, महिला का नाम आरती यादव, पति निलेश यादव, निवासी साकेत रोड है। आरती पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठ इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं और सरकारी क्वार्टर में रहती हैं। उनके पति भी पीडब्ल्यूडी में पदस्थ हैं। आरती के भाई उपेंद्र ने बताया कि उनकी बहन और जीजा निलेश के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। आरती का मायका सुखलिया इलाके में है। उनकी शादी को 10 साल हो चुके हैं, जबकि ससुराल झाबुआ में है। पलासिया पुलिस ने मामले में मायके पक्ष के लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।
आजमगढ़ में जमीन की पैमाइश के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार रात एक लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान संत लाल गौतम के रूप में हुई है। शिकायत मिलने के बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। पीड़ित धर्मेंद्र शर्मा और बबलू शर्मा ने आरोप लगाया था कि जमीन की पैमाइश कराने के लिए उन्होंने कई बार लेखपाल से संपर्क किया, लेकिन वह लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। इसके बाद दोनों ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन यूनिट से की। मिठाई की दुकान के पास बिछाया था जाल शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। प्रभारी आनंद कुमार वर्मा और इंस्पेक्टर कमलेश कुमार पासवान अपनी टीम के साथ लालगंज स्थित जय मां वैष्णो स्वीट हाउस के पास पहले से मौजूद थे। जैसे ही पीड़ित ने केमिकल लगे नोट लेखपाल को दिए, टीम ने उसे सड़क किनारे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी पर मुकदमा दर्ज एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल संत लाल गौतम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ एंटी करप्शन की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी राजस्व और शिक्षा विभाग के कई कर्मचारियों एवं अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है।
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के मसवानपुर में जमीन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अपनी जमीन पर पिलर लगाने का विरोध करने पर पड़ोसियों ने सब्जी विक्रेता और उसके परिवार पर पथराव कर दिया। इस दौरान सब्जी विक्रेता समेत उसके बेटे और बेटी के साथ मारपीट की गई, जिससे तीनों घायल हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मसवानपुर निवासी सब्जी विक्रेता शकूर बक्स ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह रोज की तरह बाजार से सब्जी बेचकर घर लौटा तो देखा कि पड़ोसी मुराद, जिशान, छोटू, नूरजहां और नाजरीन उसकी जमीन पर जबरन पिलर खड़े कर रहे थे। जब उसने इसका विरोध किया तो सभी आरोपी आक्रोशित हो गए और गाली-गलौज करते हुए उस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर उसे बचाने पहुंचे उसके बेटे गौरी और बेटी चांदनी के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर दी। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों के एकत्र होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही रावतपुर थाने का फ़ोर्स मौके पर पहुंचा और घटना की जाँच पड़ताल शुरू की। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बालिका गृह, नारी निकेतन, बाल गृह और फोस्टर होम में रहने वाले बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर रुख अपनाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश भुवन गोयल की खंडपीठ ने अधिकारियों को इन संस्थानों की मौजूदा सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा शपथ-पत्र के जरिए पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस शपथ-पत्र में सीसीटीवी कैमरे, पावर बैकअप, चिकित्सा सुविधा, वाटर प्यूरीफायर, भोजन के उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था, कपड़े और टॉयलेट्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके साथ ही, सफाईकर्मी, रसोइया और चौकीदार जैसी सेवाओं के लिए तैनात कर्मचारियों का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। कोर्ट ने व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था, प्रशिक्षकों के नाम व उनकी योग्यता तथा बच्चों की नियमित पढ़ाई के लिए भेजे जा रहे स्कूलों की जानकारी भी मांगी है। व्यक्तिगत दान का ब्योरा भी देना होगा संस्थानों को मिलने वाले व्यक्तिगत दान का ब्योरा भी देना होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को तत्काल अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने और वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। खंडपीठ ने संस्थानों में जगह और कमरों के विस्तार के साथ-साथ पुरुषों व महिलाओं के लिए अतिरिक्त शौचालय बनाने की प्रस्तावित योजना की जानकारी भी मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम 7 बजे कांवड़ यात्रा और आगामी त्योहारों को लेकर समीक्षा बैठक की। सीएम योगी ने कहा- कांवड़ रूट पर दुकानदारों को नेम प्लेट लगाना जरूरी है। फेक न्यूज फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। ऐसे लोगों पर तत्काल एक्शन होना चाहिए। कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने यह भी कहा कि मिलावट, ओवररेटिंग और अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सीएम ने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि DJ बजाएं, लेकिन तेज आवाज नहीं होनी चाहिए। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। तीन अगस्त को पहला सोमवार है, उस दिन शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ेगी। सीएम की 7 बड़ी बातें…. 1- अफवाह फैलाने वालों पर सख्त एक्शन: कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की ऐसी व्यवस्था हो कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। अफवाह फैलाने, सौहार्द बिगाड़ने, मिलावट, ओवररेटिंग और अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। 2- मेरठ मॉडल पूरे प्रदेश में लागू होगा: मेरठ जोन की कांवड़ यात्रा प्रबंधन योजना की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अब कांवड़ यात्रा पूरे प्रदेश का आयोजन बन चुकी है, इसलिए सभी जिलों में एक जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। 3- घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं: कांवड़ यात्रा मार्गों की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। मार्गों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था हो। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं और चिकित्सा शिविरों में एंटी वेनम व एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। 4- मांस और शराब की दुकानें रहेंगी बंद: कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई हो। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखा जाए। डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे। 5- CCTV, ड्रोन और सोशल मीडिया पर निगरानी: संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी बढ़ाने, पुलिस पेट्रोलिंग तेज करने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 6- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी सतर्क रहें: जिन नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां घाटों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए। संभावित बाढ़ और कटान वाले इलाकों में पहले से सभी जरूरी इंतजाम पूरे रखे जाएं। 7- कोटेदारों के उत्पीड़न और ओवर बिलिंग पर भी सख्ती: कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतों पर चिंता जताते हुए भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और विजिलेंस जांच के निर्देश दिए। वहीं बिजली उपभोक्ताओं की ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और वास्तविक खपत के अनुसार ही बिल जारी करने के निर्देश भी दिए। यूपी में कांवड़ यात्रा का रूट 200 किमी लंबा, पूरा रास्ता पैदल तय करते हैं श्रद्धालु उत्तर प्रदेश में सावन के महीने में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों के श्रद्धालु शामिल होतें हैं। इन्हें कांवड़िया कहा जाता है। ये कांवड़िए हरिद्वार से गंगा जल लेकर अलग-अलग शहरों में बने शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा का रूट नीचे दिए ग्राफिक से समझिए। -------------------- यह खबर भी पढ़िए:- संभल में तुर्क लोगों ने मस्जिद में नमाज से रोका:SC बोले- मुतवल्ली ने नया रिवाज शुरू किया, 6 बार नमाज पढ़ाते हैं संभल में शुक्रवार दोपहर तुर्क समुदाय के लोगों ने मुस्लिम धुन्ना समाज (अनुसूचित जाति) के लोगों को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोक दिया। धुन्ना समुदाय के लोगों का आरोप है कि मुतवल्ली ने मस्जिद में नई परंपरा शुरू की है। वह दिन में 6 बार नमाज पढ़ाते हैं, न मानने पर हमें नमाज नहीं पढ़ने दी जाती। पढ़ें पूरी खबर…
बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का डर दिखाकर पंचायत सरपंचों से जबरन वसूली करने वाले दो पत्रकारों, संजय अजीत और अंकुश चौहान को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। इनके खिलाफ जबरन वसूली और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, दोनों पत्रकारों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ये आरोपी सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को वापस कराने या बंद कराने का झांसा देकर सरपंचों से मोटी रकम की मांग करते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी संजय अजीत अपनी पत्नी और अन्य लड़कों के मोबाइल नंबरों पर फोन-पे और गूगल-पे के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाता था। पुलिस को इसके पुख्ता व्हाट्सएप चैट और डिजिटल सबूत भी मिले हैं। पुलिस ने बिछाया जाल, 90 हजार लेते गिरफ्तार शिकायतों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पूरी योजना बनाकर दोनों को पकड़ने का जाल बिछाया। पुलिस ने रिश्वत में दिए जाने वाले नोटों के सीरियल नंबर पहले ही नोट कर लिए थे। जैसे ही पीड़ित सरपंच ने दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के पास 90 हजार रुपए दिए, पुलिस ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। अन्य शिकायतों की भी जांच जारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अन्य पंचायतों से भी मिली शिकायतों की जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान वसूली या जालसाजी के नए मामले सामने आते हैं, तो आरोपियों पर अलग से भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयकर विभाग ने भोपाल में 167वें आयकर दिवस पर खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों शिखा चौहान (कयाकिंग स्लालम) और शिवराज शाण्डिल्य (शूटिंग) को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा विभाग एवं देश का गौरव बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) मोना मोहंती, आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) विजय कुमार पंडा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मोना मोहंती ने कहा कि कर देना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक का योगदान है। उन्होंने कहा कि जागरूक और ईमानदार करदाता ही मजबूत अर्थव्यवस्था और विकसित भारत की नींव रखते हैं। इस अवसर पर आयकर आयुक्त (प्रशासन) राम कुमार यादव ने विभाग की पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने विभाग की विभिन्न पहल और करदाताओं के हित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभाग की पदक विजेता खिलाड़ियों शिखा चौहान (कयाकिंग स्लालम) और शिवराज शाण्डिल्य (शूटिंग) को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग एवं देश का गौरव बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया। आयकर दिवस के उपलक्ष्य में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-01, भोपाल में आयोजित पोस्टर निर्माण एवं भाषण (एलोक्यूशन) प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही विद्यालय को इन प्रतियोगिताओं और वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में आयकर विभाग की भूमिका, ईमानदार कर अनुपालन और जन-जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 167वें आयकर दिवस की शुभकामनाएं दीं।
हापुड़ में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के युवा जिलाध्यक्ष समेत 38 पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी। निवर्तमान युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में इस्तीफे का ऐलान किया। इस दौरान पार्टी हाईकमान से फोन आने के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अनुशासनहीनता पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप अशोक त्यागी ने बताया कि 'टीम रालोद' के एक कार्यक्रम में हुई अनुशासनहीनता के मामले में पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच समिति का गठन किया था, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि इसी विरोध में उन्होंने और 37 अन्य पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है। हाईकमान के फोन से मची हलचल इस्तीफे की घोषणा के दौरान पार्टी हाईकमान से फोन आने पर कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों के बीच हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, फोन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से किया गया था, जो सामूहिक इस्तीफे के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए था। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने यह भी घोषणा की कि वे फिलहाल पार्टी के किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। सूची में कई नाम, लेकिन सभी नहीं पहुंचे इस्तीफे की सूची में कुल 38 पदाधिकारियों के नाम शामिल किए गए थे। हालांकि, कार्यक्रम में कई पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। ऐसे में जिन लोगों ने मौके पर इस्तीफे की पुष्टि नहीं की या हस्ताक्षर नहीं किए, उनके नामों पर पेन चला दिया गया। इन पदाधिकारियों ने किए हस्ताक्षर जारी सूची के अनुसार पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव भरना, विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, शिवकुमार रोहेला, चेतन त्यागी, जितेंद्र करकोड़ा, आकिल खान, चमन सिंह, आसिफ मलिक और आमिर सैफी ने इस्तीफा सूची पर हस्ताक्षर किए। इन नामों के आगे नहीं थे हस्ताक्षर सूची में कुंवरपाल सिरोही, मनीष त्यागी, प्रवीण रावत, आलोक त्यागी, विक्की अरोड़ा, बलराम सेठी, अंशुल शर्मा, कमल सैनी, राजीव निर्मल, अखिल चौधरी, अभिषेक त्यागी, विशाल त्यागी, कुणाल गौतम, वरुण चौधरी, ध्रुव गौतम और लताफत चौधरी समेत कुछ अन्य पदाधिकारियों के नाम दर्ज थे, लेकिन उनके आगे हस्ताक्षर नहीं थे। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सभी ने औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया है या नहीं।
नीमच में 4 घंटे बिजली कटौती:सुबह 7 बजे से 11 बजे तक पोल शिफ्टिंग का काम चलेगा
नीमच शहर के महू रोड और उससे जुड़ी कई कॉलोनियों में शनिवार सुबह लोगों को 4 घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा किए जा रहे पोल शिफ्टिंग काम की वजह से यह सप्लाई रोकी गई थी। बिजली कंपनी सहायक यंत्री ने बताया कि रोड चौड़ीकरण और पोल शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसी के चलते 11 केव्ही महू रोड फीडर की बिजली सुबह 7 बजे से 11 बजे तक पूरी तरह बंद रखी गई थी, ताकि कर्मचारी बिना किसी खतरे के काम निपटा सकें। ये प्रमुख इलाके और कॉलोनियां प्रभावित इस 4 घंटे की कटौती का असर शहर के कई बड़े इलाकों पर पड़ा। मुख्य रूप से महू रोड, पटवा कॉलोनी, उदय विहार कॉलोनी, स्टार सिटी कॉलोनी, आदित्य स्टेट कॉलोनी, वृन्दावन कॉलोनी, प्रगति नगर, महावीर नगर, हवाई अड्डा रोड, कालानी कॉलोनी, वैभव नगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली गुल रही। काम के हिसाब से समय बदलने का दिया था संकेत बिजली कंपनी के अधिकारियों ने पहले ही साफ कर दिया था कि काम की जरूरत के हिसाब से कटौती का समय थोड़ा-बहुत घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई थी कि वे बिजली बंद होने से पहले ही पानी भरने जैसे अपने जरूरी काम निपटा लें।
संभल में एक किशोर पर 7 वर्षीय बच्चे से दुष्कर्म का आरोप लगा है। जामुन खिलाने के बहाने उसे खेत में ले जाया गया था। बच्चे की मां के विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना थाना धनारी क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़ित बच्चा अपने खेत में जामुन खाने गया था। आरोप है कि गांव का ही एक 16 वर्षीय किशोर उसे जंगल में बनी मढ़ैया में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। पीड़ित बच्चे के पिता के अनुसार, घटना सोमवार को हुई थी। गुरुवार शाम 6:30 बजे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रात 12 बजे नामजद किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 96, 352, 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5ड व 6 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना धनारी प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि बच्चे की मां की शिकायत पर किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी की उम्र भी लगभग 15-16 साल है। फिलहाल, पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौज में प्रदर्शन कारियों पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारी सड़कों पर उतर आए। एडिशनल एसपी से लेकर सभी सर्कल के सीओ ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शुक्रवार शाम 6 बजे से 9 बजे तक पैदल मार्च किया। पुलिस अधिकारियों ने जनता से संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कन्नौज के छिबरामऊ में एडिशनल एसपी अजय कुमार, सीओ सुरेश कुमार के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया गया। सीओ सुरेश कुमार ने सौरिख और सकरावा थाना क्षेत्रों में भी मार्च पास्ट किया। सीओ सिटी शिल्पा वर्मा तालग्राम थानाध्यक्ष रंजना पांडेय व फोर्स के साथ सड़क पर निकल पड़ीं। तिर्वा में सीओ कुलवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी संजय शुक्ला ने फोर्स के साथ मार्च पास्ट किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पब्लिक से संवाद किया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। एडिशनल एसपी अजय कुमार ने कहा ये मार्च पास्ट कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किया गया। किसी तरह की अराजकता यदि कोई करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया गया कि दिल्ली में कांकरोच पार्टी के आन्दोलन में हुई अराजकता के कारण कुछ जिलों में भी युवकों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। जिसको लेकर कन्नौज पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस कर्मियों को अराजकतत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई माहौल खराब करने का प्रयास न कर सके।
सिरसा में एक युवती द्वारा फोटो वायरल करने के मामले में दर्ज केस में समझौता कराने के नाम पर कथित रूप से 5 लाख रुपए की मांग करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाकर युवती, उसके पति और एक अन्य आरोपी को दो लाख रुपए की नकदी लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से पूरी राशि बरामद कर ली है। मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। फोटो वायरल मामले में समझौते के लिए मांगे 5 लाख पुलिस के अनुसार, यह मामला इसी वर्ष फरवरी में दर्ज हुए एक केस से जुड़ा है। युवती ने उस समय एक युवक पर फोटो वायरल करने, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य आरोप लगाते हुए महिला थाना में शिकायत दी थी। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश कर दिया था और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि बाद में युवती ने उसी केस में समझौता कराने के नाम पर आरोपी पक्ष से पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। इस बीच युवती का विवाह हो चुका था और उसका पति भी कथित रूप से इस पूरे मामले में शामिल हो गया। बाहिया निवासी युवक ने पुलिस से की शिकायत गांव बाहिया निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उसके भाई संजय कुमार के खिलाफ दर्ज केस को खत्म कराने का झांसा देकर गांव मिट्ठी सुरेरा निवासी प्रियंका और उसका पति गजानंद लगातार पांच लाख रुपए मांग रहे थे। बाद में दोनों पक्षों के बीच दो लाख रुपए नकद और तीन लाख रुपए ऑनलाइन देने पर कथित सहमति बनी। ट्रैप लगाकर तीनों आरोपियों को दबोचा शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ट्रैप की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार शिकायतकर्ता को शुक्रवार को महिला थाना के पास स्थित एक पार्क में बुलाया गया। पुलिस ने पहले ही शिकायतकर्ता को दिए गए 500-500 रुपए के नोटों की चार गड्डियों के नंबर दर्ज कर लिए थे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपियों को दो लाख रुपए दिए और तय संकेत दिया, सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर प्रियंका, उसके पति गजानंद और उनके साथी अवतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दो लाख रुपए बरामद, जांच जारी पुलिस ने तलाशी के दौरान प्रियंका के कब्जे से 50 हजार रुपए और अवतार सिंह के पास से डेढ़ लाख रुपए बरामद किए। इस प्रकार शिकायतकर्ता से ली गई पूरी दो लाख रुपए की राशि मौके से बरामद कर ली गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि मामले में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी प्रकार ब्लैकमेल कर रकम वसूलने का प्रयास या वसूली तो नहीं की। मामले की जांच जारी है।
टीकमगढ़ बस स्टैंड पर महिला ने युवक को पीटा:अश्लील बातों पर की पिटाई, लोगों ने VIDEO बनाया
टीकमगढ़ के पुराना बस स्टैंड पर शुक्रवार शाम एक महिला ने अश्लील टिप्पणी करने वाले एक युवक की चप्पलों से पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से पोस्ट हो गया है। जानकारी के अनुसार, युवक पर महिला से अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। महिला ने पहले युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसने सार्वजनिक रूप से उसकी पिटाई कर दी। घटनास्थल पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर युवक को हटाया। इस पूरी घटना को कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से फैल गया। तस्वीरें देखें युवक की पिटाई- थाने में शिकायत नहीं पहुंची कोतवाली पुलिस ने बताया कि फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि, घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराना बस स्टैंड पर संचालित शराब दुकान के कारण आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी होती है। लोगों ने इस शराब दुकान को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान को फिर से सील कर दिया है। पिछले दिनों इस कोचिंग संस्थान की सील इस शर्त के साथ खोली गई थी की बिल्डिंग का मालिक बिल्डिंग की पैमाइश करा कर कंपाउंडिंग कराएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट हिदायत दी थी किस दौरान बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं किया जाएगा। लेकिन MDA अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण के निर्देशों का उल्लंघन करके स्कॉलर्स डेन कोचिंग के संचालक विवेक ठाकुर ने संबंधित बिल्डिंग के अंदर फिर से अवैध रूप से कोचिंग सेंटर का संचालन शुरू कर दिया था।इसकी सूचना मिलने के बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष IAS अनुभव सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण के सचल दल मौके पर पहुंचा और बिल्डिंग के अंदर पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को बाहर निकाल कर बिल्डिंग को फिर से सील कर दिया गया।इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने बिल्डिंग मलिक को कार्रवाई की कड़ी हिदायत भी दी। बता दें कि सिविल लाइंस में तहसील के पास बने वासुदेव कॉम्पलेक्स में स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर का संचालन किया जा रहा था। जबकि इस बिल्डिंग का मानचित्र गारमेंट शोरूम के लिए पास है। स्वीकृत मानचित्र के इतर बिल्डिंग का इस्तेमाल किए जाने पर प्राधिकरण ने बिल्डिंग मलिक को नोटिस जारी किया था और कोचिंग सेंटर को तत्काल बंद कर देने के निर्देश दिए थे। एमडीए के निर्देश का पालन नहीं करने पर प्राधिकरण अधिकारियों ने इस बिल्डिंग को सील करने के आदेश दिए थे। पिछले महीने लखनऊ की कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने शहर में अवैध रूप से चल रहे तमाम कोचिंग संस्थानों को सील किया। इसी क्रम में स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर को भी सील कर दिया गया था। फायर डिपार्टमेंट ने भी स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर के संचालक को फायर एनओसी नहीं होने पर एक नोटिस जारी किया था। पिछले दिनों बासुदेव कांप्लेक्स बिल्डिंग के मालिक डॉक्टर संदीप बंसल की ओर से प्राधिकरण में एक शपथ पत्र देकर कहा गया था कि वह मानचित्र से अधिक किए गए अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग करने के लिए तैयार है। उन्होंने शपथपत्र देकर कहा था कि उनकी बिल्डिंग में अब कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होगा। बल्कि बिल्डिंग का उपयोग स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही होगा।एमडी वीसी IAS अनुभव सिंह ने बताया कि वासुदेव कंपलेक्स मलिक ने शपथ पत्र में स्पष्ट रूप से यह कहा था कि भविष्य में उनकी बिल्डिंग के अंदर कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होगा और वह मानचित्र से इधर किए गए निर्माण पर कंपाउंडिंग करना चाहते हैं। उनके इस आवेदन पर इस शर्त के साथ बिल्डिंग की सील खोल दी गई थी कि वह कंपाउंडिंग हेतु मापजोख कराकर मानचित्र प्रस्तुत करेंगे। बिल्डिंग मालिक के इस आवेदन के बाद प्राधिकरण ने इस शर्त के साथ बिल्डिंग की सील खोल दी थी कि बिल्डिंग में कंपाउंडिंग होने तक किसी भी प्रकार की गतिविधि शुरू नहीं की जाएंगी। सिर्फ नापजोख के लिए बिल्डिंग की सील खोली गई थी।MDA वीसी ने बताया की इस शर्त का उल्लंघन करते हुए वासुदेव परिसर में फिर से अवैध रूप से कोचिंग सेंटर के संचालन की सूचनाएं मिल रही थीं। इस सूचना पर शुक्रवार को प्राधिकरण के सचल दल ने मौके पर जाकर चेक किया। इस दौरान पूर्व में सील किए गए वासुदेव परिसर में स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर का संचालन होते पाया गया। इसके बाद इस बिल्डिंग को फिर से सील कर दिया गया है। एमडी वीसी का कहना है कि इस मामले में प्राधिकरण एक विधिक शिकायत दर्ज कराए जाने पर भी विचार कर रहा है।
गोंडा कोर्ट में गवाह पेश न करने पर कार्रवाई:पुलिस अफसरों पर केस, तत्कालीन सीओ के खिलाफ NBW जारी
गोंडा में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आलोक शर्मा की अदालत ने गवाहों को पेश न करने पर कड़ा रुख अपनाया है। पुराने लंबित मामलों में बार-बार निर्देश के बावजूद गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत न किए जाने के बाद कार्रवाई की गई। अदालत ने चार अलग-अलग मामलों में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष नवाबगंज, थानाध्यक्ष इटियाथोक और संबंधित पैरोकारों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा-29 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, गोंडा के पुलिस अधीक्षक को दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 'राज्य बनाम यादवेंद्र पांडेय' मामले में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के साक्षी रामविलास और विवेचक अमित श्रीवास्तव को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इस पर थानाध्यक्ष नवाबगंज और संबंधित पैरोकार के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है। 'राज्य बनाम राम मनोरथ' मामले में भी साक्षियों को प्रस्तुत न करने पर थानाध्यक्ष नवाबगंज के विरुद्ध धारा-29 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज किया गया है। उन्हें 5 अगस्त 2026 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। 'राज्य बनाम सुनील पांडेय आदि' मामले में गवाहों की अनुपस्थिति और तामील रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें 3 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश होने का आदेश मिला है। 'राज्य बनाम स्वामीनाथ आदि' मामले में साक्षियों को अदालत में पेश न करने पर थानाध्यक्ष इटियाथोक एवं पैरोकार के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। दोनों को 3 अगस्त 2026 को उपस्थित होकर जवाब देना होगा।न्यायालय ने एक अन्य मामले में कठोर कदम उठाते हुए तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (CO) अमित कुमार श्रीवास्तव और डॉ. सुबोध के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। लंबित मुकदमों में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित न कराना न्याय प्रक्रिया में देरी का एक बड़ा कारण बनता है। अदालत ने इस गंभीर मुद्दे पर यह सख्त कार्रवाई की है।
मुजफ्फरनगर में नई मंडी में स्थित वैदिक पुत्री पाठशाला कन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक पर नियुक्ति के बदले शारीरिक संबंध बनाने का कथित दबाव डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम महिला वोकेशनल ट्रेनर की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कर कॉलेज के 75 साल के प्रबंधक अरविंद गर्ग को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब जानिए पूरा मामला… पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि हाल ही में उनका संविदा पर चयन हुआ था और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से नियुक्ति पत्र भी जारी किया गया था। वह 21 जुलाई को नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज लेकर कॉलेज पहुंची, जहां बाबू ने कागजात देखने के बाद प्रधानाचार्य के बाहर होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा। महिला का आरोप है कि अगले दिन कॉलेज पहुंचने पर दोपहर में प्रबंधक अरविंद गर्ग आए। उन्होंने कागजातों में कथित कमी बताई और नियुक्ति सुनिश्चित कराने के बदले शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा। महिला ने विरोध करते हुए वहां से घर लौटकर पूरी बात अपने पति को बताई। पीड़िता का कहना है कि पति की सलाह पर वह अगले दिन दोबारा कॉलेज गई और इस बार बातचीत की रिकॉर्डिंग के लिए मोबाइल ऑन कर लिया। आरोप है कि प्रबंधक ने फिर अश्लील बातें करते हुए वही प्रस्ताव दोहराया। महिला ने इनकार किया और वापस लौटकर पुलिस से शिकायत कर दी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय घटना हुई, कार्यालय में कोई महिला कर्मचारी मौजूद नहीं थी और वहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। उन्होंने कहा कि आरोपी उम्र में उनके दादा के समान हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने प्रबंधक अरविंद गर्ग और कॉलेज की प्रधानाचार्य राजेश कुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी आनंद देव मिश्रा ने बताया- प्रबंधक को गिरफ्तार कर नियमानुसार थाने से जमानत दे दी गई है। मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। CO नई मंडी सुनील कुमार ने कहा- महिला ने 24 जुलाई को तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच की जा रही है।
कोटा में रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने 54 किलो 940 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप और अपहरण के मामले में पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी को दबोच लिया। अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया- रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक भारी मात्रा में डोडा चूरा लेकर ट्रेन से पंजाब जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने टीटीई विश्राम गृह के पास दोनों को दो ट्रॉली बैग और दो हैंड बैग के साथ पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान पंजाब के बठिंडा निवासी गगनदीप उर्फ गगन (20) और आकाशदीप सिंह (19) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर दोनों के बैगों से कुल 54 किलो 940 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सस्ते दामों में डोडा चूरा खरीदकर पंजाब में महंगे दामों में बेचते थे। पुलिस ने दोनों से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अपहरण, लूट का इनामी आरोपी गिरफ्तार वहीं, अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप, अपहरण और लूट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी अजय मीणा उर्फ बिड्डू (22) को गिरफ्तार किया। आरोपी अजय पर एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर युवती से बुलाने, झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अपहरण करने और एटीएम से 95 हजार रुपए निकलवाने का आरोप है।
शहर में शुक्रवार को मां आशापुरा गुरुकुल घुमन्तू जाति छात्रावास के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय घुमन्तू कार्य प्रमुख दुर्गादास मुख्य वक्ता रहे, जबकि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि थे। समारोह में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, विभाग संघ चालक सुरेशचन्द्र माथुर, छात्रावास समिति अध्यक्ष बोहराराम बोराणा सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में अतिथियों द्वारा पौधरोपण और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। छात्रावास के स्टूडेंट्स ने वैदिक मंत्रोच्चार, स्वागत गीत और भजन प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। समिति के सह सचिव राजेश चौधरी ने छात्रावास का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता दुर्गादास ने कहा कि घुमन्तू समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने समाज के उत्थान के लिए सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि घुमन्तू कार्य जगन्नाथ का रथ है, इसमें सभी का हाथ लगना चाहिए। कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार 71 हजार घुमन्तू कार्ड जारी किए हैं। साथ ही समाज के कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से घुमन्तू समाज के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया गया है, जिसका जल्द लोकार्पण होगा। समारोह में भामाशाह अरविंद गुप्ता एवं उनके परिवार का विशेष सम्मान किया गया। परिवार की ओर से छह कमरों, रसोई, वंदना हॉल, शौचालय, गीजर, सीसीटीवी कैमरे, टीवी और कंप्यूटर जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित छात्रावास भवन का निर्माण कर समाज को समर्पित किया गया। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने घुमन्तू समाज के राष्ट्र और धर्म रक्षा में योगदान की सराहना की। वहीं पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने छात्रावास को शिक्षा का मंदिर बताते हुए स्टूडेंट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा ने इसे समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। समारोह के दौरान जोधपुर प्रांत प्रचारक विजयानंद ने वर्ष 2020 से छात्रावास में निरंतर सेवाएं दे रहे अधीक्षक लालाराम और उनकी धर्मपत्नी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में संघ पदाधिकारी, छात्रावास समिति के सदस्य, भामाशाह तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय शुक्रवार देर शाम हरदोई पहुंचे। वे सवायजपुर विधानसभा के हरपालपुर क्षेत्र में आयोजित एक पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री का कार्यक्रम दोपहर 3 बजे निर्धारित था, लेकिन वे शाम करीब 7:15 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस निर्धारित समय से लगभग चार घंटे की देरी के कारण कार्यक्रम में मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री मनोज पांडेय ने NEET परीक्षा विवाद पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी अपनी बात रखी। मंत्री ने कहा कि देश के छात्र और युवा भारत का भविष्य हैं, और उनके हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। समयबद्ध तरीके से दोबारा परीक्षा कराकर परिणाम घोषित किए गए, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। मंत्री पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों सहित हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि समस्याओं का स्थायी समाधान केवल संवाद से ही निकलता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है, जिससे दोषियों को कम समय में सजा दिलाई जा सके। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि जो लोग आज शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल की घटनाओं को भी याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कहा, बार-बार आइना साफ करने से कुछ नहीं होगा, थोड़ा अपना चेहरा भी साफ कर लीजिए। मंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार छात्रों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं।
मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पन्ना में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के हित में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। इसी तर्ज पर प्रदेश के चारों महानगरों में भी ऐसी अदालतें स्थापित की जाएंगी। पेपर लीक केस के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी, ताकि फैसला तेजी से हो सके। भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी। मेडिकल सीटें 5500 से बढ़कर 10 हजार होंगी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज और 500 सीटें थीं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जबकि सीटें करीब 5500 तक पहुंच चुकी हैं। अगले दो वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 52 और सीटें 10 हजार तक हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि पन्ना मेडिकल कॉलेज का अगले वर्ष लोकार्पण किया जाएगा। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले कॉलेज का निर्माण तेजी से चल रहा है। पन्ना क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ाएगा नया अनोखा ग्लास फ्लोर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पन्ना के बृहस्पति कुंड पर 8 करोड़ लागत से निर्मित ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। पन्ना में निर्मित यह कांच के फ्लोर वाला व्यू प्वाइंट यहां के पर्यटन को बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुल 184.83 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में गुन्नौर और पवई के 74 करोड़ रुपए लागत के 2 सांदीपनि विद्यालय शामिल हैं। 35 लाख हितग्राहियों के खाते में पैसे ट्रांसफर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से करीब 210 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को जमीन बेचने की जरूरत नहीं मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब एक लाख करोड़ रुपए की इस परियोजना में केंद्र सरकार ने 90 प्रतिशत राशि देने की मंजूरी दी है। इससे बुंदेलखंड के किसानों को सिंचाई का बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों की जमीन, मकान या दुकान परियोजना में आएगी, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को अपनी जमीन बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। --------------------यह खबर भी पढ़ें पेपर लीक पर मोदी बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे:युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। पढ़ें पूरी खबर
दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद चलो मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों और युवाओं की मदद के लिए आम आदमी पार्टी लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी का कहना है कि AAP Student Helpline (8588833548) पर लगातार छात्रों और युवाओं के फोन तथा संदेश आ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, अब तक हेल्पलाइन के माध्यम से करीब 500 छात्रों और युवाओं की मदद की जा चुकी है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पार्टी की लीगल टीम लगातार सक्रिय है और जरूरतमंद छात्रों को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में अरविंद केजरीवाल स्वयं मंदिर मार्ग थाने पहुंचे, जहां उन्होंने हिरासत में लिए गए छात्रों से मुलाकात की और कहा कि जब तक बच्चों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक वे थाने से नहीं जाएंगे। इसके बाद मंदिर मार्ग, पार्लियामेंट थाना सहित अन्य स्थानों पर हिरासत में लिए गए 70 से 80 छात्रों को रिहा कराया गया। पार्टी ने ये भी कहा कि अशोक विहार क्षेत्र से भी कुछ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा एक लापता छात्र का पता लगाकर उसे उसके परिवार तक पहुंचाया गया। इस पर आगे आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है। इसी उद्देश्य से पार्टी ने कानूनी और मेडिकल सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की है, ताकि किसी भी छात्र को कठिन परिस्थिति में अकेला महसूस न करना पड़े। पार्टी का कहना है कि वह हमेशा जनआंदोलनों में जनता के साथ खड़ी रही है। जिस तरह किसान आंदोलन के दौरान किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाया गया और हर स्तर पर उनका साथ दिया गया, उसी तरह आज भी पार्टी छात्रों और युवाओं के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और ऐसे समय में युवाओं का साथ देना सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी भी है। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर आम आदमी पार्टी का कहना है कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पार्टी के अनुसार, उसकी लीगल टीम लगातार थानों और संबंधित स्थानों पर पहुंचकर सहायता दे रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से छात्रों से संपर्क बनाए हुए है और अब तक लगभग 500 छात्रों और युवाओं को कानूनी व अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। पार्टी का कहना है कि आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।
आगरा में 25 और 26 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी है। जनसभा स्थल टाटा ग्राउंड (फतेहाबाद रोड) और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, खंदारी परिसर में कार्यक्रमों के मद्देनजर यह प्लान तैयार किया गया है। ये रहेगा डायवर्जन 26 जुलाई विशेष प्रतिबंध जनसभा स्थल के लिए पार्किंग व्यवस्था बसों के लिए रूट प्लान फतेहाबाद की ओर से आने वाली बसें तोरा चौकी, 125 फुट रोड, केला देवी धर्मकांटा, लॉइड्स मोड़, महेना मर्ज टिराहा होते हुए जनसभा स्थल की बस पार्किंग तक पहुंचेंगी। माल रोड/बाईपास की ओर से आने वाली बसें सिकंदरा बाईपास, 100 फुट रोड होते हुए निर्धारित पार्किंग तक जाएंगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:यूथ कांग्रेस-एनएसयूआई ने निकाला मशाल जुलूस, प्रदर्शन किया
नीट पेपर लीक मामले के विरोध में जिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत किया गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुंचा। अंबेडकर सर्कल पर एक सभा आयोजित की गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रामलाल बिश्नोई, इलमदीन मेहर, प्रधान हाजी उमरदीन, शीशपाल बिश्नोई, नवल किशोर जोशी, भेराराम मकवाना और विजय नोखड़ा सहित कांग्रेस, यूथ कांग्रेस तथा एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
केवई नदी में बुजुर्ग का शव मिला:परिजन बोले- मानसिक अस्वस्थ थे, अनूपपुर में पांच दिन से लापता थे
अनूपपुर जिले के कोतमा थाना इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केवई नदी के द्विधारा घाट पर 54 वर्षीय रामपति साहू का शव मिला। वे पिछले 5 दिनों से लापता चल रहे थे और बिजुरी थाना क्षेत्र के तरसीली गांव के रहने वाले थे। रामपति साहू का शव सीतामढ़ी पिकनिक स्पॉट के पास कलधवा गांव के नजदीक नदी में बहता मिला। एक स्थानीय ग्रामीण की सूचना के बाद उनके बेटे ने कोतमा पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया और शाम को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। 5 दिनों से लापता थे मानसिक अस्वस्थ वृद्ध जांच अधिकारी प्रधान आरक्षक अजय तोमर के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि रामपति साहू मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। वे काम के सिलसिले में रोजाना तरसीली से छुलहा गांव पैदल आते-जाते थे और रास्ते में पड़ने वाली केवई नदी पार करते थे। वे पिछले 5 दिनों से लापता थे और परिजन उनकी तलाश में जुटे थे, हालांकि थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर परिजनों ने कोई साफ जवाब नहीं दिया है। नदी में बहने से मौत की आशंका पुलिस को मृतक के शरीर पर कोई गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन नदी में काफी दूर तक बहने के कारण शरीर पर खरोंचें आई हैं। आशंका जताई जा रही है कि नदी पार करते वक्त वे पानी के तेज बहाव में बह गए होंगे। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
सीकर में आज रातभर धरना, शाह-प्रधान का पुतला फूंका:जंतर-मंतर की तर्ज पर रात जागो-देश जगाओ अभियान
सीकर में आज छात्र संगठन SFI ने कल्याण सर्किल पर धरना दिया है। रात जागो-देश जगाओ के राष्ट्रीय आह्वान के तहत धरना रातभर चलेगा। इससे पहले स्टूडेंट यूनियन SFI के बैनर तले स्टूडेंट्स ने आक्रोश रैली निकालकर कल्याण सर्किल पर गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठन SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका और अखिल भारतीय जनवादी नौजवान सभा(DYFI) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सत्यजीत भींचर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में SFI, DYFI, मजदूर संगठन CITU के कार्यकर्त्ता और स्टूडेंट्स ढाका भवन से अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान के पुतले की शवयात्रा लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे। सर्किल पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टूडेंट्स विरोधी दमनकारी नीतियों के खिलाफ दिल्ली की तरह पूरे देश में जंतर-मंतर सजेंगे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने तक ये आंदोलन रुकने वाला नहीं है। सरकार जितना दमन करेगी आंदोलन उतना ही उग्र होगा। सीकर के कल्याण सर्किल पर धरना दिया है, जिसमें रातभर स्टूडेंट्स दिल्ली में 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज का विरोध करेंगे। पूर्व विधायक पेमाराम और DYFI के सत्यजीत भींचर ने कहा कि आज सीकर में स्टूडेंट्स स्ट्राइक के तहत सभी कोचिंग्स से भी स्टूडेंट स्ट्राइक में शामिल होने के लिए एक दिन हड़ताल की अपील की गई थी। केंद्र सरकार सिर्फ एक मंत्री के लिए पूरे देश के युवाओं पर डंडे बरसा रही है। देश का युवा और स्टूडेंट इस दमनकारी नीति के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ेगा। छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में RLP ने किया प्रदर्शन दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) छात्र विंग ने सीकर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान RLP ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि छात्रों की आवाज़ आखिर कब सुनी जाएगी, शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा और लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने वालों पर बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्र हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में लगातार जारी रहेगी तथा जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष भी जारी रहेगा।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक डॉक्टर से 8.51 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। झुंझुनूं पुलिस ने महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने झुंझुनूं निवासी डॉ. नवीन प्रकाश बंसल को ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में निवेश पर कम समय में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। ठगों के झांसे में आकर डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख 51 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए। काफी समय तक न तो निवेश पर कोई रिटर्न मिला और न ही आरोपियों से संपर्क हो सका। इसके बाद डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने झुंझुनूं साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। महाराष्ट्र से पकड़े गए आरोपीएसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि एएसपी फूलचंद मीणा के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा के सुपरविजन और एसआई गोपाल लाल के नेतृत्व में टीम ने कॉल डिटेल, बैंक खातों की ट्रेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख नसीर (47) निवासी सोनारगांव, थाना जानेफल, संदीप लठाड़ (33) निवासी दुर्गबोरी, थाना डोणगांव और राहुल सुरदास मेहेत्रे (41) निवासी लोणी गवली, थाना डोणगांव, जिला बुलढाणा (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उज्जैन के नीलगंगा क्षेत्र में पांच दिन पहले हुए डबल मर्डर केस में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में इंदौर निवासी विवेक वर्मा, जबरन कॉलोनी निवासी यश पासी और बड़नगर निवासी पीयूष पासी शामिल हैं। तीनों शुक्रवार दोपहर नीलगंगा थाना क्षेत्र के मंछामन स्थित एक निर्माणाधीन मल्टी में छिपे हुए थे। पुलिस पहुंची तो वे भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन गिरने से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी नरेश पासी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। उसके पैर में गोली लगी थी। उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया। 19 जुलाई को नीलगंगा चौराहे पर पुरानी रंजिश के चलते हुई फायरिंग में सगे भाई लोकेश गोरकर और जीतेश गोरकर की मौत हो गई थी। वहीं भाजपा नेता दिलीप राव गोरकर, उनके पुत्र तपन गोरकर समेत कई लोग घायल हुए थे। मामले में रोशन पासी, राकेश पासी, सन्नी पासी समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की साजिश, उनकी भूमिका और फरार आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही शेष आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
दमोह में महिला और बाल विकास विभाग के सहायक संचालक अनिल जैन का एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में अफसर उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध नीम करोली कैंची धाम और वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं पर विवादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं, जिससे हिंदू संगठनों में गुस्सा फैल गया है। वीडियो में सहायक संचालक अनिल जैन नीम करोली धाम में जुटने वाली भक्तों की भीड़ की तुलना बेहद मल से करते दिख रहे हैं। वीडियो में वे कहते सुने जा रहे हैं कि जैसे बहुत ढेर सारा खाने पर कुछ अंदर जाता है और कुछ बाहर आता है, ठीक उसी तरह यह भीड़ भी है। बजरंग दल के जिला संयोजक गोलू चौबे ने आरोप लगाया कि अफसर वहां दर्शन करने नहीं बल्कि मौज-मस्ती करने गए थे और अपनी फेसबुक आईडी से ऐसी टिप्पणी कर उन्होंने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है। बजरंग दल और विहिप ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन शुक्रवार शाम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर अफसर अनिल जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सख्त मांग की। उन्होंने कहा कि लग तो रहा था कि ऑफिस में घुसकर मारे, पर अफसर होने से शांत रह गए। संगठन के सदस्यों का कहना है कि वे अभी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं, लेकिन अगर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो वे अपने तरीके से जवाब देने को मजबूर होंगे। पुलिस ने शुरू की जांच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर में पिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने बेटे हुकमचंद को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला गवाहों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। एडीजीसी विक्रम सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों की गवाही को कोर्ट ने विश्वसनीय माना। एडीजीसी विक्रम सिंह के अनुसार, मामला थाना नानौता क्षेत्र के गांव गुडंब का है। 4 फरवरी 2024 को प्रवीण कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि रात करीब 10:15 बजे उसके पिता रुपचंद और बड़े भाई हुकमचंद के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि हुकमचंद ने गुस्से में डंडे से पिता के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से रुपचंद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि घटना के समय पड़ोसी सचिन और उसकी पत्नी पायल मौके के पास मौजूद थे। दोनों ने घर में शोर सुनने के बाद छत से देखा कि हुकमचंद अपने पिता के साथ मारपीट कर रहा था। सचिन ने अपनी गवाही में कोर्ट को बताया कि जब वह मौके पर पहुंचा तो रुपचंद जमीन पर पड़े थे और हुकमचंद हाथ में डंडा लेकर अपने घर के कमरे में घुसा। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। घटना की जानकारी तत्काल प्रवीण कुमार को फोन पर दी गई। विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्रवीण कुमार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल नौ गवाह पेश किए। वादी प्रवीण कुमार ने अपने बयान में बताया कि पिता और बड़े भाई हुकमचंद के बीच पहले से घरेलू विवाद चलता रहता था। परिवार के पास करीब 10 बीघा जमीन थी, जिसे हुकमचंद और उसका छोटा भाई दीपक बेचना चाहते थे, जबकि रुपचंद इसके पक्ष में नहीं थे। घटना वाले दिन भी इसी जमीन को लेकर दोनों के बीच बहस हुई थी, जो बाद में हिंसक रूप ले गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी कोर्ट में प्रस्तुत किए। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए आरोपों से इनकार किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कोर्ट ने हुकमचंद को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। एडीजीसी विक्रम सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान इस मामले में अहम साबित हुए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोष सिद्ध मानते हुए फैसला सुनाया।
मंदसौर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। अफजलपुर थाना पुलिस ने 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत एक स्कॉर्पियो वाहन से 465 किलोग्राम (4.65 क्विंटल) डोडाचूरा जब्त किया है। जब्त डोडाचूरा और वाहन की कुल कीमत 21.30 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, बरामद डोडाचूरा की कीमत 9.30 लाख रुपये है, जबकि स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक GJ-18-BN-6188) की कीमत 12 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर की गई। शुक्रवार को अफजलपुर थाना पुलिस गश्त और संदिग्ध वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही चालक वाहन लेकर भागने लगा। कुछ दूरी पर चालक स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रखे 21 कट्टों में 465 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। पुलिस ने स्कॉर्पियो और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है। अफजलपुर थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 195/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण कायम किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मंदसौर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। 19 जुलाई को शामगढ़ थाना पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर से लगभग एक क्विंटल डोडाचूरा जब्त किया था। इसके बाद, 21 जुलाई को नारायणगढ़ थाना पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से 1 किलो 100 ग्राम अफीम पकड़ी थी।अब अफजलपुर पुलिस द्वारा स्कॉर्पियो से 4.65 क्विंटल डोडाचूरा की यह बड़ी खेप पकड़े जाने से स्पष्ट है कि तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए महंगी एसयूवी और लग्जरी वाहनों का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ से चपरासी भर्ती में जीरो नंबर (जीरो से ज्यादा एक से कम) लाने वाले अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिल गई है। डिवीजन बैंच ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में अलग-अलग कैटेगरी की मेरिट लिस्ट को रद्द करने के एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने रोक राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) और सरकार की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए लगाई। अपील में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एकलपीठ ने 22 मई के आदेश से नई शर्त लागू कर दी। जबकि ना ही नियमों और ना ही विज्ञापन की शर्त में न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए थे। सिंगल बेंच के आदेश से कई चयनित अभ्यर्थी प्रभावित हुए है, जो कि इस मामले में पक्षकार भी नहीं थे। ऐसे में इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस पर खंडपीठ ने एकलपीठ के 22 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करके 6 सप्ताह में जवाब मांगा है। सिंगल बेंच ने कहा था-बेसिक स्टैंडर्ड जरूरी दरअसल, सिंगल बेंच ने अपने आदेश से जीरो कट ऑफ वाली कैटेगरी की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था-भर्ती में न्यूनतम अंक निर्धारित करना जरूरी है। बिना न्यूनतम अंक निर्धारण के भर्ती करना गैर-संवैधानिक माना जाएगा। कोर्ट ने कर्मचारी चयन बोर्ड को न्यूनतम अंक निर्धारित करने की छूट भी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि चाहे पद ग्रेड फोर्थ का ही क्यों न हो, लेकिन सरकारी सेवा में एक 'बेसिक स्टैंडर्ड' का होना जरूरी है। बता दें कि यह मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी भर्ती थी। परीक्षा में 21 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। जीरो और माइनस में नंबर लाने वाले में क्या फर्क इस मामले में याचिकाकर्ता ने कहा था कि उसने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में एक्स सर्विसमैन (ओबीसी) कैटेगरी में अप्लाई किया था। भर्ती परीक्षा में उसके माइनस में नंबर आए। उसकी कैटेगरी में बोर्ड को उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, वहीं भर्ती में सैकड़ों पद खाली हैं। ऐसे में माइनस में अंक लाने वालों को भी नियुक्ति दी जाए, क्योंकि भर्ती विज्ञप्ति और सेवा नियमों में न्यूनतम अंक निर्धारित नहीं किए गए है। वहीं कई कैटेगरी में कट ऑफ 0.0033 (जीरो) गई है। उसके बाद भी उन कैटेगरी में अभ्यर्थियों का सिलेक्शन किया गया है। ऐसे में जीरो नंबर लाने वाले अभ्यर्थी नहीं मिलने पर माइनस में नंबर लाने वालों को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीरो और माइनस में नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता में कोई फर्क नहीं है।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत मिलन और भातखंडे एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से 'क्लासिकल वॉयस ऑफ अवध-2026' का शुभारंभ हो गया। यह दो दिवसीय संगीत कार्यक्रम है। उद्घाटन रामकृष्ण मिशन के स्वामी मुक्तिनाथानंद ने किया। उद्घाटन सत्र में स्वामी मुक्तिनाथानंद ने कहा कि आज के तनावपूर्ण दौर में ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सहज माध्यम संगीत है। संगीत व्यक्ति को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है। खयाल और ठुमरी में प्रतिभागी ने प्रस्तुति दी प्रतियोगिता के पहले दिन वाद्य संगीत वर्ग में सात प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। वहीं, गायन वर्ग में खयाल और ध्रुपद श्रेणी में 26 और ठुमरी में एक प्रतिभागी ने अपनी प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों ने वृंदावनी सारंग, मधुवंती, बिहाग, जौनपुरी और भीमपलासी जैसे लोकप्रिय रागों की पारंपरिक बंदिशें प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। ये मौजूद रहे प्रतियोगिता में लखीमपुर खीरी, लखनऊ, कानपुर, हरदोई और अयोध्या सहित कई शहरों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। गायन वर्ग का मूल्यांकन पंडित मिलन देबनाथ, डॉ. सीमा भारद्वाज, प्रो. सौभाग्य वर्धन (चंडीगढ़) और डॉ. राम शंकर सिंह (बीएचयू, वाराणसी) ने किया। वाद्य संगीत वर्ग के निर्णायक डॉ. सुजीत देवघरिया (बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान) और पंडित अभिजीत रायचौधरी (लखनऊ) रहे।
सरगुजा के सलका निवासी 15 वर्षीय छात्र की टिहरी के जंगल में हत्या कर दी गई है। छात्र के चेहरे को भारी पत्थर से कुचला गया है एवं पैर में भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। छात्र शाम को अपने घर से खेलने जाना बताकर निकला था। मामला उदयपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम सलका निवासी विरेंद्र कंवर (15 वर्ष) पिता पिकेश्वर सिंह कंवर सलका हाईस्कूल का छात्र था। गुरुवार शाम को वह घर से खेलने जाना बताकर निकला था, फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने देर शाम छात्र की खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। परिजन परेशान होकर शुक्रवार को भी उसकी खोजबीन कर रहे थे। योग करने पहुंचे लोगों ने देखा शव शुक्रवार सुबह टिहली पर्वत पर योग करने पहुंचे लोगों ने किशोर का शव पड़ा देखा। इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी गई। सरपंच की सूचना पर उदयपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शव मिलने की सूचना पर परिजन एवं ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। अंबिकापुर से पहुंची फारेंसिक टीम ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया। आशंका है कि छात्र के साथ बेहरमी से मारपीट की गई और उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया है। पंचनामा पश्चात् शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी शिशिरकांत सिन्हा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का है। मृतक के चेहरे और पैरों में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। घटना को लेकर सलका में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन घटना को लेकर कुछ नहीं बता सके। मृतक का घर घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। छात्र किसके साथ घटनास्थल की ओर पहुंचा था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।
प्रयागराज में अब स्कूलों के बाहर मुख्य सड़क पर बच्चों को उतारना और चढ़ाना प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में यह सख्त निर्देश दिए। यह कदम शहर के पॉश और व्यस्त इलाकों में स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए उठाया गया है। डीएम ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे सड़क पर भीड़ या जाम की स्थिति उत्पन्न न होने दें। बैठक में जोर दिया गया कि बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने और उतारने की व्यवस्था विद्यालय परिसर के भीतर ही की जाए। इसके लिए स्कूल अपने खेल मैदान या अन्य परिसर का उपयोग कर सकते हैं, ताकि मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें न लगें। यह समस्या विशेष रूप से सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट (जूनियर और सीनियर विंग), सेंट जोसेफ स्कूल, गर्ल्स हाई स्कूल और सेंट एंथोनी जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों के सामने देखी जाती है। इन स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय वाहनों द्वारा मुख्य सड़क पर बच्चों को उतारने-चढ़ाने से रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी, डीआईओएस, एआरटीओ और एसीपी ट्रैफिक की एक संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम जाम से प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करेगी और एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगी। इसी क्रम में, स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1 से 15 जुलाई तक 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, परिवहन विभाग ने मानक के विपरीत और बिना फिटनेस के संचालित 301 वाहनों का चालान किया, जबकि 38 वाहनों को सीज किया गया। इसके अतिरिक्त, फिटनेस समाप्त हो चुके 324 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी की गई है और विद्यालयों को आगामी 15 दिनों के भीतर इन वाहनों का फिटनेस कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
महिला ऑटो चालक का वाहन जलाया, दो पर FIR:मानसिक उत्पीड़न और धमकी के आरोप, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में रहने वाली एक महिला ऑटो चालक ने दो युवकों पर लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न करने, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और साजिश के तहत उनके ऑटो में आग लगाने का आरोप लगाया है।पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महिला ऑटो चालक ने लगाए गंभीर आरोप आवास विकास, केशवपुरम निवासी ममता सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं।उन्होंने बताया कि जिस ऑटो का संचालन वह करती हैं, वह उनके परिचित तनवीर के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन उसकी किस्तों का भुगतान और संचालन वह स्वयं करती हैं। ममता का आरोप है कि उनकी बेटी का पूर्व परिचित देवांग प्रताप सिंह और उसका साथी ऋषभ सिंह काफी समय से उन्हें और उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। दोनों कथित तौर पर लगातार गाली-गलौज करते रहे और जान से मारने की धमकी भी देते रहे। पहले भी हेल्पलाइन पर की गई थी शिकायत पीड़िता के अनुसार, आरोपियों की हरकतों से परेशान होकर उन्होंने पहले 1090 महिला हेल्पलाइन और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ते गए और उत्पीड़न जारी रहा। रात में घर के बाहर खड़ा था ऑटो, सुबह मिला जला हुआ ममता सिंह ने बताया कि 18 जुलाई की रात उन्होंने अपना ऑटो घर के बाहर खड़ा किया था। 19 जुलाई की सुबह करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच अज्ञात लोगों ने ऑटो में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। पीड़िता का आरोप है कि घटना की जानकारी जुटाने पर उन्हें पता चला कि इस मामले में देवांग प्रताप सिंह और ऋषभ सिंह की संलिप्तता हो सकती है। इसके बाद उन्होंने रावतपुर थाने में तहरीर देकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरूरावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य, साक्ष्य और तकनीकी प्रमाण सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार:एत्माद्दौला पुलिस ने 15 टेट्रा पैक देशी शराब जब्त कर जेल भेजा
एत्माद्दौला पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक के पास से 15 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई 22 जुलाई की रात को हुई, जब उपनिरीक्षक प्रवल प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि रामबाग फ्लाईओवर के नीचे प्राचीन शिव मंदिर के सामने एक युवक अवैध देशी शराब के साथ किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गौतम पुत्र राजू बाल्मीकि बताया, जो नगला धनी, महाराणा प्रताप नगर, विजयनगर कॉलोनी, सुल्तानगंज की पुलिया, थाना हरिपर्वत का निवासी है। उसकी तलाशी लेने पर गुलाबी-नीले रंग की तौलिया से टप बस ब्रांड के 15 टेट्रा पैक (प्रत्येक 200 एमएल) देशी शराब बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में गौतम ने शराब बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने की बात स्वीकार की। वह शराब बिक्री का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चार टेट्रा पैक नमूने के रूप में सुरक्षित रखे और शेष 11 टेट्रा पैक को सील कर कब्जे में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
तेज रफ्तार कार से वृद्धा की मौत:अज्ञात चालक पर मुकदमा दर्ज, तलाश जारी
ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़ी एक 55 वर्षीय महिला को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के बेटे की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया था। यह घटना गुरुवार सुबह गल्ला मंडी क्षेत्र के एपेक्स हॉस्पिटल के सामने हुई। फिरोजाबाद के खेरागढ़ क्षेत्र स्थित गांव कनवाड़ा निवासी पुष्पा देवी (55) पत्नी मनीराम अपने बेटे अतुल शर्मा और बहू के साथ खेरिया मोड़ स्थित दरगाह पर जात करने जा रहीं थीं। वे फल खरीदने के लिए हाईवे किनारे रुके थे, तभी लखनऊ नंबर UP32PK7335 की एक तेज रफ्तार कार ने पुष्पा देवी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल पुष्पा देवी को एसएन मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर ट्रांस यमुना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया। मृतका के बेटे अतुल शर्मा ने अज्ञात चालक के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने वाहन को सीज कर दिया है और फरार चालक की तलाश तेज कर दी है। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहन के पंजीकरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी चालक की पहचान कर जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज से श्रावण मास में कांवड़ यात्रा पर हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कांवड़ मेला-2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा हेतु कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को हरिद्वार क्षेत्र के रायवाला, मोतीचूर और ज्वालापुर स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी। इस निर्णय से प्रयागराज मंडल के उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश जाते हैं। रेलवे के अनुसार, 14113 सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस और 14114 देहरादून-सूबेदारगंज एक्सप्रेस को इस अवधि में प्रतिदिन रायवाला, मोतीचूर और ज्वालापुर स्टेशनों पर दो-दो मिनट का अतिरिक्त ठहराव मिलेगा। इसके अतिरिक्त, सप्ताह में दो दिन चलने वाली 14309 एवं 14317 लक्ष्मीबाई नगर-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस तथा वापसी दिशा की 14310 एवं 14318 योग नगरी ऋषिकेश-लक्ष्मीबाई नगर एक्सप्रेस भी इन तीनों स्टेशनों पर रुकेंगी। वहीं, साप्ताहिक 22659 तिरुवनंतपुरम नॉर्थ-योग नगरी ऋषिकेश सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 22660 योग नगरी ऋषिकेश-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी अस्थायी ठहराव प्रदान किया गया है। रेलवे प्रशासन ने बताया कि श्रावण मास में हरिद्वार और ऋषिकेश में कांवड़ यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। ऐसे में इन स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव से भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और श्रद्धालुओं को ट्रेन में चढ़ने तथा उतरने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने प्रयागराज और आसपास के यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व अपनी ट्रेन का समय और ठहराव रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य जांच लें। रेलवे का कहना है कि कांवड़ मेला-2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
बालाघाट जिले के जंगलों में बसे कुंडेकसा और बोंदारी गांवों में पिछले 15 दिनों में वायरल बुखार के कारण तीन बच्चों की जान चली गई। अडोरी पंचायत के इन दोनों गांवों में 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं। गांव वालों का दर्द है कि दूर-दराज इलाका होने की वजह से उन्हें टाइम पर इलाज और सही स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। गांव में फैले इस बुखार से तीन मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। बीते 22 तारीख को 3 साल की छोटी बच्ची प्रीति मरकाम ने दम तोड़ दिया। इससे करीब दो हफ्ते पहले एक ही घर के दो भाई-बहन, 13 साल के लम्बिया धुर्वे और 1 साल के संतोष धुर्वे की एक-एक दिन के अंतर पर मौत हो गई थी। बीमार लोगों और मृत बच्चों में तेज बुखार के साथ गले में खराश, मुंह में छाले और शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने निकलने जैसे लक्षण दिखे हैं। अंधविश्वास और झाड़-फूंक बनी मुसीबत मामले पर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौतों की बड़ी वजह ग्रामीणों का वक्त पर अस्पताल न जाना और पंडा-पुजारियों के चक्कर में पड़कर झाड़-फूंक करवाना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि एक बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे बड़े अस्पताल ले जाने को कहा गया था, पर घरवाले इसके लिए तैयार ही नहीं हुए। बैगा बहुल गांवों में घर-घर पहुंच रही डॉक्टरों की टीम इन दोनों गांवों में ज्यादातर आदिवासी बैगा समाज के लोग रहते हैं। बीमारी की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम एक्शन में आ गई है। CMHO डॉ. परेश उपलव ने बताया कि डॉक्टरों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की टीम पिछले तीन दिनों से हर घर जाकर लोगों का चेकअप कर रही है। अफसरों ने खुद गांव पहुंचकर मेडिकल कैंप का जायजा लिया है और हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है।
फर्रुखाबाद में महिला और नवजात की मौत के बाद आवास विकास स्थित मदर केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने की। मामले की जानकारी शुक्रवार शाम 7:45 बजे जारी प्रेस नोट के माध्यम से दी गई। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (पंजीकरण) डॉ. आर.सी. माथुर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का कोई संचालक, चिकित्सक या अधिकृत प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं मिला। जांच टीम ने अस्पताल के पंजीकरण, मरीज के उपचार, भर्ती, प्रसव, रेफरल और प्रसूता की मृत्यु से संबंधित अभिलेख मांगे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। साथ ही उपचार संबंधी रिकॉर्ड का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को प्रसूता के उपचार से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने और जांच टीम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मातृ मृत्यु ऑडिट (Maternal Death Audit) भी शुरू कर दिया गया है, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की जा सके। अस्पताल प्रबंधन द्वारा जांच में सहयोग न करने और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराने को गंभीर अनियमितता मानते हुए चिकित्सालय को नियमानुसार सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है और आवश्यक विभागीय एवं विधिक कार्रवाई भी की जा रही है। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि मरीजों के जीवन के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्वास्थ्य विभाग के नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी निजी अस्पतालों को पंजीकरण की शर्तों का पालन करने और उपचार संबंधी अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जांच में सहयोग न करने या अनियमितता मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कांकेर के पखांजूर क्षेत्र में वन विभाग ने 11 कछुओं की अवैध बिक्री की कोशिश नाकाम करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाजार में बोरे में कछुए लेकर ग्राहक तलाश रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया। वन विभाग के अनुसार सूचना मिली थी कि पीव्ही-124 बाजार में दीपांकर राय नाम का युवक कछुए बेचने के लिए पहुंचा है। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसके कब्जे से 11 जीवित कछुए बरामद किए। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि आरोपी कछुए कहां से लेकर आया था। कछुआ खरीदना, बेचना और पालना भी अपराध वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि कछुओं की खरीद-फरोख्त करना या उन्हें घर में पालना कानूनन अपराध है। यदि किसी को कछुआ मिलता है तो उसे सुरक्षित वन विभाग को सौंपना चाहिए। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर जेल की सजा के साथ भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला बार एसोसिएशन प्रयागराज के लंबे समय से लंबित चुनाव कराने का रास्ता साफ करते हुए तीन सप्ताह के भीतर चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने सर्वसम्मति से 10 सदस्यीय एल्डर कमेटी का गठन किया है, जो चुनाव प्रक्रिया का संचालन करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र श्रीवास्तव और अखिलेश झा को रिटर्निंग ऑफिसर/ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। चुनाव को लेकर याचिका दाखिल थी याचिका बार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार पांडेय ने दाखिल की थी। उनका कहना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया, लेकिन उसके बाद भी उपविधियों के अनुसार नए चुनाव नहीं कराए गए। सुनवाई के दौरान निवर्तमान समिति, पूर्व चुनाव समिति, एल्डर कमेटी और अन्य पक्षों के बीच मतभेद होने के बावजूद सभी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से शीघ्र चुनाव कराने पर सहमति जताई। आचार संहिता भी लागू की अदालत ने चुनाव के लिए विस्तृत आचार संहिता भी लागू की है। आदेश के अनुसार न्यायालय परिसर या शहर में पोस्टर, बैनर, कटआउट और हैंडबिल लगाने, जुलूस निकालने, नारेबाजी करने तथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रचार करने पर रोक रहेगी। उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को सार्वजनिक भोज या पार्टियों से भी दूर रहने का निर्देश दिया गया है ताकि अधिवक्ता पेशे की गरिमा बनी रहे और न्यायालय का कार्य प्रभावित न हो। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कराई जाएगी खंडपीठ ने निर्देश दिया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। नवगठित एल्डर कमेटी 24 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे से कार्यभार संभालेगी और तीन सप्ताह के भीतर चुनाव कराकर परिणाम घोषित करेगी। साथ ही, प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन बिपिन कुमार ने गुरुवार को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चल रही विस्तार परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने नई टर्मिनल बिल्डिंग, मल्टीलेवल कार पार्किंग और रनवे एप्रन सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दिसंबर तक सभी प्रमुख परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। उन्होंने जोर दिया कि तय समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी करना प्राथमिकता है। निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में बिपिन कुमार ने स्पष्ट किया कि दिसंबर तक सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को हर हाल में तय समय पर कार्य पूरा करने को कहा। एयरपोर्ट विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। नई टर्मिनल बिल्डिंग के संचालन से एयरपोर्ट की यात्री क्षमता बढ़ेगी, जबकि मल्टीलेवल कार पार्किंग और प्रस्तावित टनल के निर्माण से यातायात व्यवस्था भी सुविधाजनक होगी। निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद चेयरमैन दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
सिवनी पुलिस ने शहर में पिछले कई महीनों से लगातार हो रही चोरी और नकबजनी की 6 वारदातों का खुलासा शक्रवार को किया। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लाल चंदानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और दोपहिया वाहनों सहित लगभग ₹25 लाख का सामान मिला है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि वर्ष 2025 में भैरोगंज क्षेत्र से चोरी किए गए जेवरों को आरोपियों ने आईआईएफएल (IIFL) बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए बैंक से करीब ₹10 लाख के जेवर जब्त कर लिए हैं। इस मामले में पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ जारी है और चोरी के पैसों से खरीदी गई कार की तलाश की जा रही है। हिस्ट्रीशीटर अज्जू कोष्ठा समेत 6 गिरफ्तार मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अज्जू उर्फ अजय कोष्ठा भी शामिल है, जिस पर पहले से ही 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अज्जू कोष्ठा व राजकुमार विश्वकर्मा को विभिन्न चोरी के मामलों में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार। महेंद्र उर्फ पिल्लई व सूरज डमार (जबलपुर निवासी)हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में आभूषण, नकदी और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी के साथ पकड़े गए। अतिन हेडाउ हाल ही में भैरोगंज में हुई चोरी के आरोप में मोबाइल, पावर बैंक, चार्जर, नकदी और स्कूटी के साथ गिरफ्तार हुआ है। पुलिस खंगाल रही अन्य वारदातों के तार भैरोगंज, गुरुनानक वार्ड, सूफीनगर, नया मोहल्ला और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई इन चोरियों का सुराग पुलिस ने मुखबिरों की मदद से लगाया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर जिले की अन्य पुरानी चोरियों का भी खुलासा हो सकता है।
प्रयागराज में तीर्थ पुरोहितों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 26 जुलाई को संगम नगरी में आयोजित होगी। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामकृष्ण तिवारी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में देशभर के प्रमुख तीर्थों से आए तीर्थ पुरोहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मंथन करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा तीर्थ स्थलों के विकास के नाम पर बनाए जा रहे कॉरिडोरों से तीर्थ पुरोहितों के पारंपरिक अधिकारों पर पड़ रहे प्रभाव पर चर्चा करना होगा। महासभा का कहना है कि कई स्थानों पर विकास परियोजनाओं के चलते तीर्थ पुरोहितों के अधिकारों का हनन हो रहा है। इस विषय पर बैठक में प्रस्ताव पारित कर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को भेजा जाएगा। साथ ही देशभर के तीर्थ पुरोहित अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति भी तय करेंगे। महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री मधु चकहा ने बताया कि बैठक में अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर भी गंभीर विचार-विमर्श होगा। मंदिरों में दान की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महासभा राम मंदिर में चोरी के दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की सजा की मांग संबंधी प्रस्ताव भी पारित करेगी, जिसे केंद्र और प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। उनका कहना है कि इससे भविष्य में मंदिरों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामकृष्ण तिवारी के अनुसार बैठक में रामेश्वरम, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, द्वारिका, सोमनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, बैद्यनाथ धाम, त्र्यंबकेश्वर, नासिक, परली बैद्यनाथ, घृष्णेश्वर, बिठूर, चित्रकूट, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, उज्जैन, विंध्याचल और मदुरै सहित देश के प्रमुख तीर्थों से तीर्थ पुरोहित और महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में पारित प्रस्तावों को सरकारों तक भेजने के साथ आगे की कार्ययोजना भी तय की जाएगी।
पाली जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन युवकों हेमू (20), कुशाल (21) और प्रवीण (18) का शुक्रवार को जोधपुर में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पांच बत्ती, सांसी बस्ती से जब तीनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं। अंतिम यात्रा सिंवाची गेट श्मशान घाट पहुंची, जहां तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। जवान बेटों की असमय मौत से परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। दरअसल, गुरुवार दोपहर पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र में बांडाई मोड़ के पास इन युवकों की कार सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बस से पीछे जा टकराई थी। हादसे में हेमू (20) पुत्र तुलसाराम, कुशाल (21) पुत्र दिलीप, प्रवीण (18) पुत्र बाबूलाल निवासी निवासी पांच बत्ती सांसी कॉलोनी, जोधपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रौनक (21) पुत्र देवाराम और हनीश (18) पुत्र मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका जोधपुर में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, पांचों युवक कार से ओम बन्ना के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान बांडाई मोड़ के पास उनकी कार सड़क पर खड़ी रोडवेज बस से पीछे टकरा गई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे का वीडियो आया सामनेइस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय राजसमंद फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम रोडवेज बस की जांच कर रही थी। जांच के दौरान एक अधिकारी वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार कार पीछे से बस में आकर टकरा गई और पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में कार की तेज रफ्तार और टक्कर का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देखिए- तस्वीरें ये खबर भी पढ़िए… रोडवेज में घुसी कार, 3 युवकों की मौत:ओम बन्ना के दर्शन करने जा रहे थे, डिवाइडर से टकराकर खड़ी बस से टकराई गाड़ी पाली में खड़ी रोडवेज बस में स्विफ्ट कार घुस गई। कार में सवार 3 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 2 घायलों को जोधपुर रेफर किया है। कार सवार युवक जोधपुर से पाली ओम बन्ना के दर्शन करने जा रहे थे। पूरी खबर पढ़िए
नर्मदापुरम जिले की ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा में सरपंच पद को लेकर विवाद गहरा गया है। जिलाबदर किए जाने के बाद सरपंच का कार्यभार संभालने वाले स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा ने आरोप लगाया है। इसमें बताया कि उन्हें पद से हटाने की कोई वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बिना ही राजनीतिक दबाव में निर्वाचित सरपंच माखन कीर को दोबारा कार्यभार सौंप दिया गया। मामले को लेकर शुक्रवार को उन्होंने अपने अधिवक्ता के साथ पत्रकार वार्ता कर प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। जिलाबदर के बाद संभाला था सरपंच का कार्यभार कैलाश दायमा ने बताया कि ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा के निर्वाचित सरपंच माखन कीर को उनके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर तत्कालीन कलेक्टर सोनिया मीना ने जिलाबदर किया था। इसके बाद ग्राम पंचायत के पंचों की सर्वसम्मति से उन्हें स्थानापन्न सरपंच चुना गया और उन्होंने करीब दो माह तक पंचायत का कार्यभार संभाला। कमिश्नर के आदेश के बाद फिर मिला कार्यभार दायमा के अनुसार, जून माह में नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर श्रीकांत बनोट ने जिलाबदर आदेश पर स्थगन दे दिया। इसके बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने माखन कीर को पुनः सरपंच का कार्यभार सौंप दिया। 'विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए बिना हटाया' पत्रकार वार्ता में कैलाश दायमा और उनके अधिवक्ता मनीष सराठे ने आरोप लगाया कि यदि जिलाबदर के कारण माखन कीर को सरपंच पद से हटाया गया था, तो उनकी पुनर्नियुक्ति से पहले नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि बिना किसी औपचारिक आदेश के उन्हें पद से हटाकर कार्यभार वापस सौंप दिया गया, जो नियमों के विपरीत है। सीईओ बोले- नियमों के तहत हुई कार्रवाई जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रंजीत ताराम ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह नियमसम्मत बताया। उन्होंने कहा कि कैलाश दायमा को केवल निर्वाचित सरपंच की अनुपस्थिति में पंचों की सर्वसम्मति से अस्थायी रूप से दायित्व सौंपा गया था। अब जब माखन कीर के जिलाबदर आदेश पर स्थगन मिल गया है, तो नियमानुसार वही पुनः सरपंच का कार्यभार संभालेंगे। वहीं कैलाश दायमा अब फिर से पंच के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
संभल में लोहे की रॉड से लड़की का सिर फोड़ा:मकान के प्लास्टर के दौरान बिजली का तार हटाने पर मारपीट
संभल में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक किशोरी का सिर लोहे की रॉड से फोड़ दिया गया। इस घटना का 36 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। यह वारदात शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे हुई। यह घटना संभल तहसील के हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन उपनगर के मोहल्ला कच्चा बाजार में हुई। विपिन आर्य के मकान पर प्लास्टर का काम चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे, उनके मकान में लगी एक पतंग से पड़ोसी जगदीश पुत्र धर्मपाल का बिजली का तार हट गया था। इसी बात से नाराज होकर जगदीश ने अपने बेटे अंशुल और पत्नी रुचि के साथ मिलकर मकान मालिक विपिन से मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर विपिन के परिजन बाहर आ गए। जब विपिन की बेटी रोशनी आर्य ने अपने पिता को बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उसके साथ भी मारपीट की। रोशनी ने जगदीश पर लोहे की रॉड से हमला कर उसके सिर में चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट से मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। विपिन और उनके परिवार के सदस्य घायल किशोरी को लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया। बताया गया है कि कई लोगों ने मारपीट रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष आपस में भिड़ते रहे। थाना प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि घायल लड़की को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। पीड़ित पक्ष ने मारपीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपा है।
औरैया के प्रभारी मंत्री राकेश कुमार राठौर 'गुरु' ने शुक्रवार शाम पांच बजे दिबियापुर स्थित नवनिर्मित रोडवेज बस स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द बस स्टेशन का संचालन शुरू कराने का आश्वासन दिया। मंत्री ने करीब डेढ़ घंटे तक बस स्टेशन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्माण कार्य तथा संचालन की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह बस स्टेशन लंबे समय से संचालन की प्रतीक्षा कर रहा है। भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद नियमित बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएँ रखते हुए बताया कि बस स्टेशन बनने के काफी समय बाद भी संचालन शुरू नहीं हुआ है, जिससे उन्हें अन्य स्थानों से बसें पकड़नी पड़ती हैं। इस पर प्रभारी मंत्री राकेश कुमार राठौर 'गुरु' ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संचालन में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर दिबियापुर रोडवेज बस स्टेशन का नियमित संचालन जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर सड़क एवं परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है, और दिबियापुर बस स्टेशन का संचालन भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बस स्टेशन शुरू होने से दिबियापुर सहित आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को कानपुर, इटावा, औरैया, लखनऊ, आगरा एवं अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी और सुगम बस सेवा उपलब्ध हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, संबंधित विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने मंत्री से बस स्टेशन को शीघ्र चालू कराने की मांग दोहराई, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बहराइच में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर 'वारिस पंजाब दे' संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बहराइच पुलिस की संयुक्त टीम ने मनवीर सिंह ढिल्लों (कैलिफोर्निया, अमेरिका) और विक्रमजीत सिंह (भगत सिंह नगर, पंजाब) को दबोचा। ये दोनों 2023 के अजनाला थाना हमले में नामजद थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। जांच में सामने आया है कि पीलीभीत के पूरनपुर निवासी जोगा सिंह ने इन आरोपियों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने और शरण देने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। जोगा सिंह पूरनपुर के एक धार्मिक स्थल का मुख्य सेवादार है और 'वारिस पंजाब दे' संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मनवीर सिंह ढिल्लों अपने परिवार के साथ नेपालगंज एयरपोर्ट पहुंचा था। वहीं, विक्रमजीत सिंह पिछले एक साल से काठमांडू में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पूछताछ के दौरान विक्रमजीत ने स्वीकार किया कि वह पहले भी पुलिस से बचने के लिए जोगा सिंह के घर रुका था। शुक्रवार तड़के रुपईडीहा आउटपोस्ट पर बिना वीजा भारत में घुसपैठ करते समय दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि सीमा पार कराने के बाद जोगा सिंह ने उनके लिए रुपईडीहा बॉर्डर पर एक कार का इंतजाम किया था, जिससे उन्हें पूरनपुर पहुंचना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बहराइच पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जोगा सिंह को पूरनपुर के मोहनपुर क्षेत्र से हिरासत में ले लिया है। पुलिस उसे बहराइच ले गई है, जहां सुरक्षा एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इसकी फंडिंग के पहलुओं पर गहन पूछताछ कर रही हैं। 23 दिसंबर 2024 को पीलीभीत पुलिस की पंजाब में पुलिस स्टेशन पर बम से हमला करने वाले तीन खालिस्तानी आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसवंत प्रीत नाम के तीन आतंकी ढेर हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि पंजाब में पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद आरोपी विदेश भागने के लिए पीलीभीत आए थे।
रामपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में लखनऊ के एक कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उनकी बचपन की दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जा रहे थे। हादसा शहजादनगर थाना क्षेत्र के धमोरा (जीरो प्वाइंट) के पास हुआ, जहां उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद कई पलटे खा गई। सुबह लखनऊ से जिम कॉर्बेट के लिए निकले थे लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर एन-2 निवासी 30 वर्षीय उदयवीर सिंह अपनी 25 वर्षीय दोस्त पूर्वसी के साथ शुक्रवार सुबह करीब छह बजे जिम कॉर्बेट पार्क (रामनगर) के लिए रवाना हुए थे। दोनों बचपन के दोस्त थे और साथ में पढ़ाई की थी। डिवाइडर से टकराकर कई बार पलटी कार सुबह करीब 10 बजे धमोरा (जीरो प्वाइंट) के पास उनकी कार अचानक बेकाबू हो गई। कार डिवाइडर से टकराने के बाद कई पलटे खाते हुए हाईवे पर जाकर रुकी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान युवक की मौत राहगीरों ने कार में फंसे दोनों को बाहर निकालकर पुलिस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान उदयवीर सिंह ने दम तोड़ दिया, जबकि पूर्वसी का इलाज जारी है। घायल युवती सॉफ्टवेयर इंजीनियर है घायल पूर्वसी के पिता कृष्ण मोहन सिंह, जो उत्तर प्रदेश सचिवालय में रिव्यू ऑफिसर (समीक्षा अधिकारी) हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी लखनऊ स्थित एचसीएल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उन्होंने बताया कि उदयवीर और पूर्वसी बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और अच्छे दोस्त थे। उदयवीर शेयर बाजार से जुड़े कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच शहजादनगर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि मृतक की पहचान राघवेंद्र सिंह के पुत्र उदयवीर सिंह के रूप में हुई है। दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम करीब सात बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ रवाना हो गया।
आजमगढ़ में दलित परिवार के घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सात दोषियों पर 26-26 हजार रुपये, दो दोषियों पर 46-46 हजार रुपये और एक दोषी पर 66 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी राशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बिलरियागंज थाना क्षेत्र के तोहफापुर निवासी लल्लन सरोज की गांव के रविशंकर यादव से पुरानी रंजिश थी। इसी विवाद को लेकर 28 नवंबर 2023 की शाम करीब पांच बजे रविशंकर यादव, श्यामा यादव, दयाशंकर यादव, रामफेर पासी, शंकर, रामचेत, अजय, विजय, अमर और धर्मेंद्र कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए लल्लन सरोज के घर में घुस गए। आरोप है कि सभी ने वादी और उसके परिजनों के साथ मारपीट की तथा लूटपाट की। पांच गवाहों की गवाही के बाद सुनाया फैसला पुलिस ने विवेचना पूरी कर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने पांच गवाहों के बयान कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
बीजापुर नगर पंचायत चुनाव से पहले बीजापुर जिले के भोपालपटनम में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है। आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में 372 युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने सभी नवप्रवेशी युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी की विचारधारा से जुड़कर संगठन को मजबूत करने और जनसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरण भोपालपटनम नगर पंचायत में फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले बड़ी संख्या में युवाओं का भाजपा में शामिल होना स्थानीय राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि युवाओं का बढ़ता समर्थन क्षेत्र में पार्टी की मजबूत होती पकड़ का संकेत है और इससे आगामी नगर पंचायत चुनाव में संगठन को लाभ मिलेगा। वहीं राजनीतिक जानकार इसे चुनाव से पहले भाजपा के लिए सकारात्मक और कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं।
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले शुक्रवार को कोटा में कोचिंग छात्रों और युवा नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगा, शहीद भगत सिंह की तस्वीरें और अपनी मांगों के बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे छात्रों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता पवन मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना और उसके बाद भी धांधली की शिकायतें आना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। पवन मीणा ने कहा- जब छात्र जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, तो उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। आने वाले समय में यही छात्र देश के डॉक्टर, वकील, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे। अपनी न्यायसंगत मांगों के लिए आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा इस तरह बेरहमी से लाठियां भांजना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS…. हाथ से लिखे अनोखे नारे, पोस्टरों के जरिए जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स अपने हाथों में अलग-अलग स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे। इनमें छात्राओं के हाथों में 'फ्यूचर ऑफ इंडिया नॉट फॉर सेल' (Future of India Not For Sale) और 'अच्छा हुआ मैं पढ़ाई में ठीक नहीं हूं, बड़ी होकर शिक्षा मंत्री बन जाऊंगी' जैसे तीखे कटाक्ष करते स्लोगन लिखे हुए थे। वहीं, प्रदर्शन में शामिल अन्य युवा भी व्यवस्था पर तंज कसते पोस्टर लेकर आए थे। एक पोस्टर पर लिखा था- 'जहां जज ही कसाई हो, वहां बकरी मुकदमा नहीं जीत सकती', तो वहीं एक अन्य पोस्टर पर लिखा था- 'अगला प्रधानमंत्री शादीशुदा होना चाहिए, ताकि वो मन की बात पत्नी से और काम की बात जनता से करे। इन अनोखे और व्यंग्यात्मक स्लोगन्स के जरिए युवाओं ने सरकार और पूरी व्यवस्था पर तीखा निशाना साधा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्रप्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और पूरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक मंत्री को बचाने में जुटी हुई है, जबकि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
कानपुर में स्कूटी सवार युवक का लूट:48 घंटे में पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में रास्ता पूछने के बहाने स्कूटी सवार युवक का अपहरण कर उसके साथ मारपीट और लूट की वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट के 4,550 रुपए, पीड़ित के आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। वहीं घटना का मुख्य साजिशकर्ता और हिस्ट्रीशीटर आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। रास्ता पूछने के बहाने रोका, फिर स्कूटी समेत अगवा किया विजय नगर, काकादेव निवासी आगित मिश्रा ने पुलिस को बताया कि 22 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे वह निजी इंजीनियरिंग कंपनी से काम खत्म कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। डबल पुलिया स्थित साईं मंदिर के पास चार युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने उन्हें रोका। स्कूटी रुकते ही एक आरोपी आगे बैठ गया, जबकि दो अन्य पीछे बैठ गए। चौथा आरोपी बाइक से पीछे-पीछे चलता रहा। आरोपियों ने रास्ते में उनकी आंख और मुंह दबा दिया और जबरन कर्बला क्षेत्र ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद 17 हजार रुपये, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से तीन आरोपी दबोचे मुकदमा दर्ज होने के बाद रावतपुर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर शुक्रवार शाम कर्बला मैदान स्थित शिव मंदिर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर अवतारी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। नकदी और दस्तावेज बरामद, एक आरोपी पर पहले से मुकदमा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश पाल निवासी कच्ची मड़ैया, जयप्रकाश नगर, हन्नू कश्यप निवासी कच्ची मड़ैया, जयप्रकाश नगर और अनु दुबे निवासी गांधी नगर, प्रकाश नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूट की रकम में से 4,550 रुपये, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आकाश पाल के खिलाफ काकादेव थाने में पहले से भी आपराधिक मुकदमा दर्ज है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी थाना प्रभारी कमलेश ने बताया कि वारदात का मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर अवतारी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
जगराओं में कूरियर कर्मी से कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले में होटल व्यवसायी मनमोहन कत्याल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जगराओं कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत उसके हीराबाग स्थित आवास पर अदालत का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। अदालत ने मनमोहन कत्याल को 29 जुलाई को पेश होने का आखिरी मौका दिया है। यदि कत्याल इस दिन अदालत में आत्मसमर्पण करता है, तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। पेश नहीं होने की स्थिति में अदालत उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। लुधियाना सेशन कोर्ट पहले ही 25 जून को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है। युवती से मारपीट व बदसलूकी का आरोप यह मामला 10 जून का है, जब एक युवती कूरियर देने गई थी और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी की गई। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता गंभीर हालत में एसएसपी कार्यालय पहुंची थी, लेकिन उसे बस स्टैंड पुलिस चौकी भेज दिया गया। महिला आयोग की चेयरपर्सन ले चुकी मामले में संज्ञान पीड़िता ने उसी दिन सिविल अस्पताल में अपना मेडिकल भी करवाया था, लेकिन पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 11 जून को पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने स्वतः संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद थाना सिटी जगराओं में मनमोहन कत्याल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एफआईआर होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 14 जून को मनमोहन कत्याल ने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर जारी कर पीड़िता पर ही आरोप लगाए थे। हालांकि, 16 जून को घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर युवती की पिटाई करता दिखाई दिया, जिससे शहरभर में आक्रोश फैल गया। जनदबाव बढ़ने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और 19 जून को हरियाणा के यमुनानगर सहित कई स्थानों पर दबिश दी। हालांकि, घटना के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपी मनमोहन कत्याल अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह था पूरा मामलापीड़िता करमजीत कौर, निवासी गांव जसोवाल, पिछले चार वर्षों से अमेज़न की कूरियर कंपनी में डिलीवरी एजेंट के रूप में कार्यरत है। शिकायत के अनुसार, 10 जून को वह हीराबाग स्थित मनमोहन कत्याल के घर पार्सल देने गई थी। पार्सल देने के बाद गार्ड ने उसे अंदर बुलाया, जहां मनमोहन कत्याल ने पहले आए एक पार्सल को लेकर विवाद शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ बदसलूकी की और गलत नीयत से उसे पकड़ लिया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद जब वह घर के बाहर पहुंची तो आरोपी ने बाहर आकर उसकी कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उसकी स्कूटी, मोबाइल फोन और पार्सल डिलीवरी से मिली नकदी भी छीन ली गई। घटना के बाद पीड़िता एसएसपी कार्यालय पहुंची, जहां से उसे पुलिस चौकी भेजा गया। थाना सिटी जगराओं में कत्याल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि, डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब अदालत की कानूनी कार्रवाई ने उसके खिलाफ शिकंजा और कस दिया है।
शाहगंज में चकबंदी कानूनगो 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:विजिलेंस टीम ने तहसील परिसर से रंगे हाथ पकड़ा
जौनपुर के शाहगंज में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) वाराणसी की टीम ने शुक्रवार को शाहगंज तहसील परिसर में कार्रवाई की। टीम ने एक चकबंदी कानूनगो को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, खुटहन थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने चकबंदी से जुड़े मामले में शाहगंज स्थित कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। आरोप है कि इस मामले में अनुकूल रिपोर्ट लगाने के लिए संबंधित चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद कानूनगो को पकड़ने के लिए एक ट्रैप योजना बनाई गई। शुक्रवार को शिकायतकर्ता ने शाहगंज तहसील परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास आरोपी कानूनगो को तय राशि सौंपी। इसी दौरान पहले से मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने कानूनगो अनिल कुमार को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले अवैध धन की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल विजिलेंस से करें। शिकायत की गोपनीय जांच के बाद दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फलोदी जिले की लोहावट पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 139 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लोहावट कस्बे के दयाकौर चौराहे के पास की गई। थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्होंने एक स्कोर्पियो को रोका। कार में सवार कंवरलाल (28) और विकास (23) के कब्जे से अवैध अफीम का दूध मिला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंवरलाल पुत्र धन्नाराम विश्नोई और विकास पुत्र जगदीश विश्नोई के रूप में हुई है। दोनों इन्द्रनगर फतेहसागर, लोहावट, फलोदी के निवासी हैं। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के साथ स्कोर्पियो वाहन को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ लोहावट पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सीतापुर के शिवपुरी मोहल्ले में 27 मकानों को लेकर डीएम कोर्ट से जारी नोटिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे दिए गए इस आदेश से गृह स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक डीएम कोर्ट विवादित नोटिस के आधार पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लेगा। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनूप गुप्ता सहित 27 मकान मालिकों ने डीएम कोर्ट के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं में से एक वंदना मिश्रा ने बताया कि भूमि के स्वामित्व से जुड़े विवाद का निर्णय सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। जबकि, डीएम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस में 24 जुलाई तक स्वामित्व से संबंधित निर्णय की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। जिलाधिकारी न्यायालय ने 6 जुलाई को यह नोटिस जारी किया था। इसमें संबंधित पक्षों को 24 जुलाई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस में उल्लेख किया गया था कि शिवपुरी मोहल्ले में स्थित करीब 25 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम छावनी गोरा बारीक के नाम दर्ज है, जबकि इस भूमि पर वर्तमान में 27 आवास बने हुए हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार ने मामले को प्रथम दृष्टया विचारणीय माना। उन्होंने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और अंतरिम आदेश पारित किया कि अगली सुनवाई तक डीएम कोर्ट इस नोटिस के आधार पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेगा। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को यह भी आश्वासन दिया है कि अगली सुनवाई तक वे विवादित भूमि या संपत्ति का किसी प्रकार का हस्तांतरण या विक्रय नहीं करेंगे।हाईकोर्ट के इस आदेश से फिलहाल 27 मकान मालिकों को अंतरिम राहत मिली है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।

