इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 20 आपराधिक मामलों में विचारण अदालत को दो जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकलपीठ ने मोहम्मद कलीम खान की याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता मोहम्मद कलीम खान को आजमगढ़ जिले के जयनपुर, गंभीरपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया, अहरौला, महमूरगंज, सराय मीर, टेहबरपुर, खंधरापुर, देवगांव, फूलपुर और रानी की सराय थानों में दर्ज कुल 20 मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। 20 मामलों के दो जमानत कैसे याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि निचली अदालत को निर्देश दिया जाए कि वह सभी 20 मामलों में दो ही जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करे, ताकि अलग-अलग मामलों के लिए अलग-अलग जमानतदार पेश न करने पड़ें। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से स्पष्ट पूछा कि क्या याचिकाकर्ता ने कभी इन मामलों में जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास किया था, और क्या अधीनस्थअदालत ने अलग-अलग मामलों के लिए अलग जमानतदार मांगने पर इन्कार किया था। इस पर अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता ने वास्तव में किसी भी मामले में जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास ही नहीं किया, और अधीनस्थ अदालत की ओर से भी कोई स्पष्ट इन्कार रिकॉर्ड पर नहीं है। इस पर कोर्ट ने पाया कि चूंकि याचिकाकर्ता ने कभी जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास ही नहीं किया, इसलिए उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और मामले में कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को छूट होगी कि वह सुप्रीम कोर्ट के हनी निशाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले (29 अक्टूबर 2018 को निर्णीत विशेष अनुमति याचिका में दिए गए फैसले के आलोक में सभी 20 मामलों में दो जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने के लिए नए सिरे से आवेदन दाखिल करे। जिस पर अदालत निर्णय लेगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के अगले चरण को स्थगित कर दिया है। आयोग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 20 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक होने वाला दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार अब तय कार्यक्रम के अनुसार नहीं होगा। आयोग ने स्थगन का कारण स्पष्ट नहीं किया है। नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 20 विभागों में 265 पदों पर भर्ती होनी है। मुख्य परीक्षा के परिणाम के आधार पर 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित किया गया था। जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 सितंबर से दस्तावेज सत्यापन शुरू होना था और इसके बाद अलग-अलग तारीखों में इंटरव्यू आयोजित किए जाने थे। रिजल्ट के बाद उठे थे सवाल मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठे थे। साक्षात्कार के लिए 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों के चयन को लेकर कांग्रेस ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। पार्टी की ओर से परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और इंटरव्यू स्थगित करने की मांग की गई थी। हालांकि आयोग पहले स्पष्ट कर चुका है कि कम संख्या में अभ्यर्थियों के चयन का कारण तकनीकी या मानवीय त्रुटि नहीं है। आयोग के अनुसार कई अभ्यर्थी प्रत्येक प्रश्नपत्र में निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर पाए थे। इसी वजह से निर्धारित अनुपात के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका। नई तारीख का इंतजार इंटरव्यू स्थगित होने के बाद अब 608 अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजार करना होगा। आयोग ने कहा है कि दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की नई समय-सारणी बाद में जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। नई तारीख जारी होने के बाद आगे की प्रक्रिया उसी के अनुसार होगी।
रायपुर जिले के खरोरा इलाके में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की वारदात सामने आई है। रेस्टहाउस के सामने किराना दुकान के पास बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला के गले से मंगलसूत्र- सोने का हार झपट लिया। वारदात के बाद आरोपी बाइक से तेज रफ्तार में फरार हो गए। घटना से इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक खरोरा निवासी साहू परिवार मूल रूप से इल्दा गांव का रहने वाला है। परिवार बुधवार 16 सितंबर को निजी काम से बाजार आया था। काम पूरा करने के बाद सभी वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रेस्टहाउस के सामने किराना दुकान के पास ब्रेकर के आसपास बाइक सवार बदमाशों ने महिला को निशाना बनाया। अचानक झपटा मारकर भागे बताया जा रहा है कि बाइक सवार बदमाश महिला के करीब पहुंचे और अचानक उसके गले से मंगलसूत्र और सोने का हार झपट लिया। महिला और उसके परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले आरोपी बाइक से तेज रफ्तार में वहां से निकल गए। अचानक हुई घटना से महिला घबरा गई। आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी बालोद बाजार की तरफ भागे। लोगों ने उनका पीछा किया, लेकिन बुडेरा चौक के आगे बदमाश किस रास्ते से निकले, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी। CCTV फुटेज से पहचान की कोशिश घटना की सूचना मिलते ही खरोरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान और बाइक के नंबर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात से पहले बदमाश महिला का पीछा तो नहीं कर रहे थे। साथ ही उनके भागने वाले रास्ते पर लगे कैमरों की फुटेज भी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कौशांबी में मंगलवार रात प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया। बताया गया कि युवक की पिटाई भी की गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसे थाने ले जाया गया। बुधवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और शाम करीब सात बजे परिवार शादी के लिए राजी हो गए। इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई। मामला पिपरी थाना क्षेत्र के शेरगढ़ गांव का है। पढ़िए पूरा मामला…. परिजनों ने पकड़कर पुलिस को बुलाया कौशांबी थाना क्षेत्र के जाटी गांव निवासी आकाश दिवाकर (22) मंगलवार रात अपनी प्रेमिका सलोनी दिवाकर (20) से मिलने शेरगढ़ गांव पहुंचा था। बताया गया कि दोनों के बीच करीब तीन साल से प्रेम संबंध थे और वे चुपचाप मिलते थे। आकाश के आने की जानकारी होने पर परिजनों ने दोनों को पकड़ लिया। इस दौरान युवक की पिटाई किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और युवक को थाने ले जाया गया। बुधवार को दिनभर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही। दोनों परिवार शादी के लिए हुए राजी बुधवार शाम करीब सात बजे दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए। इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में आकाश और सलोनी की शादी करा दी गई। शादी के दौरान मंदिर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
बदायूं में बुधवार देर रात तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शवों को कार से बाहर निकालकर कब्जे में लिया गया। मामला उझानी कोतवाली क्षेत्र का है। मोतीमहल के पास हुआ हादसा हादसा मथुरा-बरेली हाईवे पर मोतीमहल के पास रात करीब 10:30 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और छत भी नीचे दब गई। दो दोस्तों की मौत, तीन घायल मृतकों की पहचान अयोध्यागंज निवासी सागर मिश्रा (20) और मुजरिया थाना क्षेत्र के परमू गांव निवासी रामकेश (24) के रूप में हुई है। घायलों में उझानी के बहादुरगंज निवासी शैलेंद्र (20), सक्षम (17) और अयोध्यागंज निवासी कार्तिक (20) शामिल हैं। सभी दोस्त ढाबे से खाना खाकर लौट रहे थे। रिकवरी वैन से कार हटाई हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शवों को कार से बाहर निकाला। बाद में रिकवरी वैन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को हाईवे किनारे कराया गया, जिसके बाद आवाजाही सामान्य हुई। उझानी कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में सागर मिश्रा और रामकेश की मौत हुई है। घायलों का इलाज चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के एक दिन पहले सरकार ने एक महीने तक चलने वाले सेवा कार्यक्रमों को देखते हुए बुधवार को फिर 2500 करोड़ रुपए के तीन अलग-अलग कर्ज लिए हैं। यह कर्ज सरकारी सिक्योरिटी और री इश्यू के माध्यम से आरबीआई के जरिये हुए नीलामी द्वारा लिए गए हैं। इसके लिए मंगलवार को नीलामी के बाद बुधवार को सरकार को पेमेंट किया गया है। हालांकि सरकार ने कर्ज लेने की वजह विकास योजनाओं और परियोजनाओं के वित्त पोषण बताई है। इसके पहले राज्य सरकार विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के नाम पर एक सितम्बर को ₹ 3,600 करोड़ का कर्ज लिया था। बुधवार को लिए गए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कर्ज का कुल आंकड़ा 53900 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 42 हजार 614 करोड़ रुपए हो गया है। 700 करोड़ का कर्ज 8 साल के लिए सरकार ने 7.39% ब्याज दर वाली मध्य प्रदेश सरकारी सिक्योरिटी 2034 की री-इश्यू के जरिए 700 करोड़ रुपये जुटाए। यह प्रतिभूति 22 जुलाई 2026 को जारी की गई थी और इसकी अवधि 8 साल है। इसका मूलधन 22 जुलाई 2034 को चुकाया जाएगा। इस पर ब्याज सालाना 7.39% की दर से होगा और भुगतान हर छह महीने में 22 जनवरी और 22 जुलाई को किया जाएगा। 900 करोड़ का कर्ज 12 साल के लिए दूसरी कर्ज राशि सरकारी प्रतिभूति के अंतर्गत 900 करोड़ रुपये की है। इसकी ब्याज दर 7.58% सालाना है और अवधि 12 साल है। यह प्रतिभूति भी 22 जुलाई 2026 से प्रभावी है। इसका पूरा मूलधन 22 जुलाई 2038 को चुकाया जाना है। इस पर भी ब्याज का भुगतान साल में दो बार 22 जनवरी और 22 जुलाई को किया जाएगा। सबसे लंबी अवधि का 900 करोड़ का कर्ज सरकार ने 22 साल की अवधि वाली सरकारी प्रतिभूति के जरिए भी 900 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया है। इस पर ब्याज दर 7.66% सालाना है। यह प्रतिभूति 19 अगस्त 2026 से प्रभावी है और इसका मूलधन 19 अगस्त 2048 को वापस किया जाएगा। यानी इस कर्ज की अदायगी के लिए सरकार को करीब 22 साल का समय मिलेगा। ब्याज का भुगतान साल में दो बार 19 फरवरी और 19 अगस्त को किया जाएगा। सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार कर्ज का उद्देश्य विकास कार्यों के लिए वित्त जुटाना बताया गया है। इन प्रतिभूतियों में निवेश बैंकों के लिए Statutory Liquidity Ratio (SLR) के तहत पात्र निवेश के रूप में माना जाएगा। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि ये प्रतिभूतियां रेडी फॉरवर्ड फैसिलिटी के लिए योग्य होंगी।
मध्यप्रदेश में सीधी भर्ती से नियुक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड में 70%, 80% और 90% वेतन देने की व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 8 सितंबर को इस व्यवस्था को रद्द करते हुए कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से 100% वेतन देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। सरकार ने इसके लिए 13 प्रमुख आधार बताए हैं। उसका कहना है कि 2019 से अब तक प्रोबेशन पर रहे कर्मचारियों को 100% वेतन के हिसाब से अंतर की राशि एक साथ देने पर राज्य के खजाने पर बड़ा अतिरिक्त भार पड़ेगा। सरकार का तर्क- एरियर देने से बजट पर पड़ेगा असर सरकार के मुताबिक पुराने कर्मचारियों के एरियर के भुगतान के साथ बढ़े हुए वेतन का असर भविष्य की भर्तियों के बजट प्रबंधन पर भी पड़ सकता है। याचिका में पुलिस, पटवारी और शिक्षक भर्ती जैसी बड़ी नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है। राज्य का कहना है कि पुराने एरियर के भुगतान और नई भर्तियों के वित्तीय प्रबंधन का असर पूंजीगत कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के बजट पर भी पड़ सकता है। अनुच्छेद 309 का हवाला- सेवा शर्तें तय करने का अधिकार राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 309 का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से जुड़े नियम बनाने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। सरकार के मुताबिक 70-80-90% वेतन की व्यवस्था मनमाने तरीके से लागू नहीं की गई थी। इसे वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग में प्रक्रिया, परीक्षण और विचार-विमर्श के बाद सक्षम स्तर की मंजूरी से लागू किया गया था। प्रोबेशन को प्रशिक्षण और दक्षता के आकलन से जोड़ासरकार ने 1966 के सेवा नियमों और वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि नियुक्ति के शुरुआती समय में कर्मचारियों को प्रशिक्षण और दक्षता के आकलन से गुजरना होता है। इसी आधार पर चरणबद्ध भुगतान की व्यवस्था की गई थी। राज्य ने यह भी तर्क दिया है कि सेवा शर्तों से जुड़े नीतिगत फैसलों में न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा सीमित होना चाहिए, जब तक कोई स्पष्ट कानूनी उल्लंघन न हो। दूसरे राज्यों की व्यवस्था का भी दिया उदाहरण सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों में प्रोबेशन के दौरान स्टाइपेंड या कम वेतन की व्यवस्था का उल्लेख किया है। हालांकि छत्तीसगढ़ ने 2023 में यह व्यवस्था समाप्त कर 100% वेतन लागू कर दिया था, लेकिन पुराने समय का एरियर नहीं दिया गया। हाई कोर्ट ने दो बार कर्मचारियों के पक्ष में दिया फैसला प्रोबेशन के दौरान कम वेतन देने का मामला पहले भी हाई कोर्ट में कर्मचारियों के पक्ष में जा चुका है। 6 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट ने सीधी भर्ती से नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से पूरा वेतन देने और बकाया राशि का 6% सालाना ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके बाद 9 सितंबर को डबल बेंच ने 12 दिसंबर 2019 से लागू 70-80-90% वेतन व्यवस्था को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने नियुक्ति की तारीख से कर्मचारियों को 100% वेतन देने का निर्देश दिया। अब राज्य सरकार ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले में अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह खबर भी पढ़ें… 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगी पूरी सैलरी जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड में कर्मचारियों को 70%, 80% और 90% न्यूनतम वेतनमान देने की व्यवस्था निरस्त कर दी है। इससे मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को राहत मिली है। कोर्ट ने कहा- जब कर्मचारी से पद के अनुरूप पूरा काम लिया जा रहा है, तो केवल प्रोबेशन पर होने के आधार पर उसे कम वेतन नहीं दिया जा सकता।पूरी खबर पढ़ें
बाराबंकी में सिद्धौर क्षेत्र के टेड़वा गांव में बुधवार रात करीब 9:30 बजे युवक और युवती ने अलग-अलग घरों में फांसी लगाने की कोशिश की। युवक की मौत हो गई, जबकि युवती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हिमांशु यादव थानपुर धौरहरा निवासी दुर्गा प्रसाद यादव का बेटा था। वह अपने ननिहाल में रह रहा था। गांववालों के मुताबिक, हिमांशु और जूली गौतम के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग था। जूली की शादी करीब तीन साल पहले अवनीश गौतम से हुई थी। हिमांशु की मौत के बाद युवती ने भी की कोशिश परिजनों के अनुसार, हिमांशु की मौत की जानकारी मिलने के बाद जूली ने भी फांसी लगाने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पिता ने लगाया हत्या का आरोप हिमांशु के पिता दुर्गा प्रसाद ने बेटे की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर हिमांशु ने खुद फांसी लगाई थी तो कमरे का दरवाजा तोड़े जाने या अन्य सबूत क्यों नहीं मिले। उन्होंने जूली के ससुरालवालों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया सूचना मिलने पर कोठी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस दोनों के रिश्ते, घटना की वजह और युवक की मौत से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई कोठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के इंदिरा नगर बी ब्लॉक स्थित दुर्गा माता मंदिर, गंगा पार्क में श्री छत्रपति शिवाजी गणेशोत्सव मंडल की ओर से आठवां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार को उत्सव के दूसरे दिन विधिविधान से पूजा किया गया । इसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया। यह उत्सव 22 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान रोज शाम भजन संध्या और झांकियों का आयोजन होगा। 22 सितंबर को सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 23 सितंबर को ढोल-नगाड़ों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। मुख्य आयोजक बालकिशन महानूर ने बताया कि इस आयोजन में मंडल के पदाधिकारी डीएस शुक्ला, सीबी सिंह, अनूप त्रिपाठी, विनीत वर्मा, अशोक शर्मा, संजय शर्मा, निशांत खरे, अमोल महानूर, अमन महानूर, उमेश सिंह, विजय शर्मा, अरुण सिंह, आयुष गुप्ता और चंद्रकांत त्रिपाठी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।
लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस पर बुधवार कों आंचलिक विज्ञान नगरी में विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । उत्तर प्रदेश पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय के सहयोग से हुए दो दिवसीय कार्यक्रम की थीम शीतल ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई रही। इसमें ओजोन परत संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सतत शीतलन और ऊर्जा दक्षता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में तात्कालिक भाषण, पोस्टर डिजाइन, स्लोगन लेखन, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, वृक्षारोपण और विज्ञान फिल्म प्रदर्शन जैसी गतिविधियां हुईं। प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को वैज्ञानिक और रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। जलवायु परिवर्तन कों सरल तरीके से समझाया बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान दिया। उन्होंने ओजोन परत के महत्व, वायुमंडलीय प्रक्रियाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक सोच, शोध, नवाचार और तकनीक जरूरी हैं। सतत शीतलन व्यवस्था और ऊर्जा दक्षता को पर्यावरणीय प्रभाव कम करने का महत्वपूर्ण उपाय बताया। युवाओं की भूमिका अहम पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय के उप निदेशक सुब्रन कुमार ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, स्कूल और समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ऊर्जा और पानी बचाने, कचरा कम करने, अनावश्यक उपभोग से बचने और पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।
लखनऊ के पत्रकारपुरम में गणेश पूजा पत्रकारपुरम समिति ने बुधवार को गणेशोत्सव के दौरान एक झांकी प्रस्तुत की। इसे शिवम छलिया आर्ट ग्रुप ने प्रस्तुत किया। झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पंडाल में गणपति बप्पा के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं ने झांकी का आनंद लिया। कई श्रद्धालु पंडाल के साथ सेल्फी लेते भी दिखे। झांकी के दौरान कलाकारों ने कई भक्ति गीत और भजन गाए। इनमें गणपति बप्पा मोरया, देवा श्री गणेशा, सुखकर्ता दुखहर्ता, गजाननं भूतगणादि सेवितम् और जय गणेश देवा जैसे भजन शामिल थे। इन भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। समिति के संरक्षक आरपी दुबे ने बताया कि गणेशोत्सव में रोज धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। इनका मकसद लोगों को भगवान गणेश की भक्ति से जोड़ना है। साथ ही बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति से परिचित कराना भी है। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव के पांचवें संस्करण के पांचवें दिन साहित्य, कहानी, रंगमंच, विज्ञान, संगीत और कविता से जुड़े कार्यक्रम हुए। चिल्ड्रन्स कॉर्नर में बच्चों ने दास्तानगोई, अभिनय, विज्ञान प्रयोग और कविता पाठ में शामिल हुए । वहीं लेखक से मिलिए में डॉ. हरिओम ने अपने साहित्यिक अनुभव साझा किए। दास्तानगो आस्था और तस्नीम ने बच्चों को कहानी सुनाई। रंजीता और राहुल ने ‘रंगमंच: कल्पना और अभिनय’ के जरिए बच्चों को अभिनय की बारीकियां समझाईं। विज्ञान सत्र में प्रयोगों और गतिविधियों से वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल तरीके से बताया गया। ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय एवं कविता पाठ’ में विद्यार्थियों ने नागार्जुन, कबीर और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतिभागियों को एनबीटी की पुस्तकें, उपहार और प्रमाण-पत्र दिए गए। कहानी, कविता और गजल लेखन की प्रक्रिया बताई लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम में डॉ. हरिओम ने लेखन, प्रशासन और रचनात्मक प्रक्रिया पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के साथ साहित्य के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन समाज और लोगों से जुड़ाव लेखन को लगातार विषय देता है। उन्होंने कहानी, कविता और गजल लेखन की प्रक्रिया बताई और कबीर, तुलसीदास व गालिब का उल्लेख किया। उन्होंने अपनी प्रकाशित पुस्तकों और तीन पुस्तकों के अनुवाद की जानकारी दी। कार्यक्रम में उन्होंने गीत भी प्रस्तुत किए। गुरु-शिष्य परंपरा और साहित्य में अनुशासन पर चर्चा संगीत, साहित्य और जेन जी संवाद में मालिनी अवस्थी और यतींद्र मिश्र ने नई पीढ़ी की सोच, संगीत में बदलाव, गुरु-शिष्य परंपरा और साहित्य में अनुशासन पर चर्चा की। मालिनी अवस्थी ने लखनऊ से अपने जुड़ाव और लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ाई के अनुभव साझा किए। उन्होंने दादरा भी प्रस्तुत किया। यतींद्र मिश्र ने पीढ़ियों के बीच संवाद और समझ को जरूरी बताया। हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन में मंजीत सिंह ने संचालन किया। चिराग जैन, पंकज प्रसून, सर्वेश अस्थाना, डॉ. मालविका हरिओम और मनीषा शुक्ला ने काव्य पाठ किया। मनीषा शुक्ला की पंक्ति ‘जीवन इक अभ्यास है, अनुभव एक किताब’ को सराहना मिली। शाम को ‘बज्म-ए-इश्क’ में अमीर खुसरो की रचनाओं पर नृत्य प्रस्तुति हुई। डॉ. सुरभि शुक्ला ने निर्देशन किया। इसके बाद आकाशवाणी दिल्ली के युवा कलाकार देवानंद झा ने गायन प्रस्तुति दी।
लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी, निशातगंज स्थित अक्षय वर मल्ल पार्क में चल रहे गणेशोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को ‘लखनऊ के महाराजा’ के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह विशेष आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। भक्तों ने गणपति बप्पा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंजता रहा। दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया । इसमें श्रद्धालुओं को छोले-चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंत्रोच्चारण के साथ विद्यार्थियों ने विधि-विधान से गणपति की आराधना की। सामूहिक मंत्रोच्चारण से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना की। इसके बाद भजन गायक धनंजय मित्तल ने भजन संध्या प्रस्तुत की। उन्होंने ‘देवा श्री गणेशा, गणपति बप्पा मोरया, सुखकर्ता दुखहर्ता, शेंदूर लाल चढ़ायो और गणेश जी की सवारी जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते नजर आए। बच्चों और युवाओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आयोजक प्रतीक सिंहा ने बताया कि गणेशोत्सव में रोजाना धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
पीलीभीत में पूरनपुर क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर हंगामा किया। शेरपुर कलां, जटपुरा, रुद्रपुर समेत आसपास के गांवों से 300 से 400 ग्रामीण उपकेंद्र पहुंचे। लोगों ने रात की बिजली कटौती बंद करने और सप्लाई व्यवस्था सुधारने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि रात में बिजली गुल रहने से भीषण गर्मी और उमस में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग परेशान हैं। अंधेरा होने के कारण जंगली जानवरों के गांव में घुसने का डर भी बना रहता है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से उपकेंद्र पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हो गए। एसएसओ को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ सर्वेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बिजली सप्लाई में तत्काल सुधार की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर रात की कटौती बंद नहीं हुई और बिजली व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 50 से ज्यादा गांवों को बिजली देने का दावा ग्रामीणों का कहना है कि शेरपुर बिजली घर से 50 से ज्यादा गांव जुड़े हैं। आरोप है कि यहां की बिजली काटकर पूरनपुर कस्बे में सप्लाई भेज दी जाती है। इससे गांवों में लगातार बिजली कटौती हो रही है। अधिकारी का नाम पूछने पर दोबारा शुरू हुई नारेबाजी ज्ञापन देने के बाद ग्रामीण वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड गुरदेव सिंह ने एक अधिकारी का नाम पूछा। सही जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीण दोबारा गेट पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कोतवाल ने समझाकर ग्रामीणों को शांत कराया मामले की जानकारी पर पूरनपुर कोतवाल पवन पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और उनकी शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया। प्रदर्शन में पूर्व प्रधान विपिन, नदीम, सलमान, मोहित समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
खैरथल-तिजारा जिले की 3 नगर परिषद और 4 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 22 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। इनमें भाजपा के 9, कांग्रेस के 7 और 6 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। नामांकन पत्रों की सूची जारी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर सामने आने लगी है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा नामांकन खैरथल नगर परिषद में 5 और टपूकड़ा नगर पालिका में 4 हुए हैं। इसके बाद तिजारा, भिवाड़ी और किशनगढ़बास में 3-3, जबकि मुंडावर में 2 और कोटकासिम में एक उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया है। अध्यक्ष पद के नामांकन का निकायवार गणित खैरथल में 5 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे खैरथल नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 5 नामांकन दाखिल हुए हैं। भाजपा से विक्रम सिंह और कांग्रेस से ओमप्रकाश रोघा उम्मीदवार हैं। वहीं सर्वेश कुमार, सुमित रोघा और नवल सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। तिजारा में भाजपा के दो, कांग्रेस का एक नामांकन तिजारा में अध्यक्ष पद के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से रामावतार सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। भाजपा से रेखा देवी और सुभाष चंद सैनी ने पर्चा भरा है। भिवाड़ी नगर परिषद में भाजपा से गुंजन खटाना, कांग्रेस से गजराज तंवर और निर्दलीय के तौर पर शीशराम तंवर ने नामांकन दाखिल किया है। जारी सूची में शीशराम तंवर का नाम भाजपा की श्रेणी में भी दर्ज है। किशनगढ़बास में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार किशनगढ़बास में अध्यक्ष पद के लिए 3 नामांकन हुए हैं। भाजपा से विश्वास यादव, कांग्रेस से भारती और निर्दलीय के तौर पर मूलचंद सिंह ने पर्चा दाखिल किया है। टपूकड़ा में 4 नामांकन टपूकड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए 4 नामांकन दाखिल किए गए हैं। रघुवीर सिंह तंवर ने कांग्रेस और निर्दलीय दोनों श्रेणियों में नामांकन किया है। इनके अलावा कांग्रेस से धीरज कुमार और भाजपा से बलवंत सिंह ने पर्चा भरा है। कोटकासिम में भाजपा की रेखा सैनी ने भरा नामांकन कोटकासिम नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से रेखा सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। यहां कुल एक नामांकन हुआ है। मुंडावर में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार मुंडावर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए दो नामांकन दाखिल हुए हैं। कांग्रेस से मनीषा बाई गुर्जर और भाजपा से महेंद्र सिंह ने पर्चा भरा है। अब नामांकन पत्रों की होगी जांच नामांकन दाखिल होने के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी। इसके बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी के साथ संबंधित निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्षदों के समर्थन और सियासी समीकरण भी साफ होंगे। खैरथल नगर परिषद के विजेता
सोनभद्र के रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ वर्षों तक पति-पत्नी की तरह रहने और बाद में दूसरी शादी करने के आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवती से एक बेटा होने के बाद युवक ने दूसरी महिला से शादी कर ली और पीड़िता के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह फरार हो गया था। बुधवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 2014 से युवती के साथ रह रहा था पुलिस के अनुसार, खलियारी गांव निवासी शमशाद अंसारी (30) वर्ष 2014 से एक युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ रह रहा था। दोनों पति-पत्नी की तरह जीवन बिता रहे थे। वर्ष 2023 में युवती ने एक बेटे को जन्म दिया। दूसरी शादी करने के बाद फरार होने का आरोप आरोप है कि शमशाद ने हाल ही में दूसरी महिला से शादी कर ली। युवती के विरोध करने पर उसने मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया। दूसरी शादी की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। खलियारी-सरईगढ़ मार्ग से गिरफ्तारी पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए शमशाद अंसारी को खलियारी-सरईगढ़ मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। कानूनी कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
मेरठ के कोतवाली इलाके में हिस्ट्रीशीटर असलम पहलवान के पिता के घर के बाहर हुई फायरिंग की जांच में पुलिस को हाजी फिरोज कुरैशी उर्फ भूरा के नेटवर्क से जुड़ी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, एक बाल अपचारी भी फिरोज के संपर्क में था। उसे पकड़कर पूछताछ की जा रही है। यह घटना 8 सितंबर को हुई थी। सराय बहलीम निवासी हिस्ट्रीशीटर असलम पहलवान के घर में घुसकर उसके पिता को हथियारों के बल पर धमकाने और इसके बाद फायरिंग करने का आरोप लगा था। घटना के समय फिरोज उर्फ भूरा के साथ अदनान और कुछ अन्य युवक भी मौजूद थे। फिरोज जेल में, अदनान ने कोर्ट में किया सरेंडर हाजी सिराज की शिकायत पर पुलिस ने फिरोज, अदनान और कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने फिरोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पुलिस का दबाव बढ़ने पर अदनान ने गाजियाबाद कोर्ट में पुराने मामले में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे भी जेल भेज दिया गया। फिरोज के संपर्क में रहने वालों की जांच शुरू फिरोज की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले युवकों की जानकारी जुटानी शुरू की। इसी जांच में एक बाल अपचारी के उसके नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि हाजी सिराज के घर के बाहर हुई फायरिंग में भी बाल अपचारी की भूमिका सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी। अब पुलिस फिरोज के संपर्क में रहने वाले दूसरे युवकों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच की जा रही है कि नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हैं और किन घटनाओं में उनकी भूमिका रही है। फिरोज की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि फिरोज कुरैशी से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। उनके आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिरोज की हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया भी कर रही है।
मिर्जापुर में छानबे विकासखंड के अकोढ़ी गांव में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे जनसंपर्क पर निकले भाजपा विधायक पं. रत्नाकर मिश्र की गाड़ी रेलवे अंडरपास में कीचड़ में फंस गई। ड्राइवर और आसपास मौजूद लोगों ने करीब एक घंटे तक वाहन निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में ट्रैक्टर बुलाकर गाड़ी को कीचड़ से बाहर निकाला गया। एक घंटे की कोशिश के बाद बुलाया ट्रैक्टर बताया गया कि विधायक का वाहन अकोढ़ी गांव के रेलवे अंडरपास से गुजर रहा था, तभी कीचड़ में फंस गया। ड्राइवर और आसपास के लोगों ने उसे निकालने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक कोशिश के बाद भी गाड़ी आगे नहीं बढ़ी, जिसके बाद ट्रैक्टर की मदद ली गई। ट्रैक्टर से खींचकर वाहन को बाहर निकाला गया। बारिश में अंडरपास में भर जाता है पानी ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे अंडरपास में बारिश के दौरान लंबे समय तक पानी भरा रहता है। निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर कीचड़ जमा हो जाता है। इससे इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल विधायक की गाड़ी के कीचड़ में फंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कीचड़ से भरा रास्ता और ट्रैक्टर की मदद से वाहन को बाहर निकालने का दृश्य दिखाई दे रहा है। घटना के बाद अंडरपास में जलभराव और सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों की समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई। ग्रामीण लंबे समय से पानी निकासी और रास्ते की समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव 2026-27 के लिए गुरुवार को मतदान होगा। हाईकोर्ट के क्रिकेट ग्राउंड में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान कराया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीआरओ) एसएफए नकवी और चुनाव समिति ने मतदान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव में अध्यक्ष से लेकर गवर्निंग काउंसिल सदस्य तक कुल 30 पदों के लिए 263 प्रत्याशी मैदान में हैं। अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की गई थी। इस चुनाव में कुल 11,724 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए आने वाले सभी मतदाताओं और प्रत्याशियों को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से जारी मूल आईडी कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है। चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए मतदान स्थल और आसपास सुरक्षा तथा प्रवेश व्यवस्था को भी अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। मतदान पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। 20 गेट से प्रवेश, पार्किंग की अलग व्यवस्थाक्रिकेट ग्राउंड में मतदान के लिए कुल 20 गेट बनाए गए हैं। मतदाताओं को गेट संख्या 3, 3ए, 3बी, 4 और 5 से प्रवेश दिया जाएगा। ये प्रवेश द्वार कानपुर रोड की ओर त्रिभुवन उपाध्याय हाल के पास बनाए गए हैं। पुराने महाधिवक्ता कार्यालय के पास स्वचालित सीढ़ी के बगल से भी प्रवेश की व्यवस्था की गई है। मतदान के दिन प्रत्याशियों और मतदाताओं से अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन केवल मल्टीलेवल पार्किंग में खड़े करने को कहा गया है। कानपुर रोड पर न्यायविद हनुमान मंदिर से पानी की टंकी तक सड़क के दोनों ओर पार्किंग पर रोक रहेगी। इस पूरे हिस्से को नो-पार्किंग के साथ नो-वेंडिंग जोन भी रखा गया है। यहां किसी तरह का स्टॉल या दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी। 30 पदों के लिए 263 प्रत्याशीचुनाव में अध्यक्ष का एक, महासचिव का एक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष का एक पद है। संयुक्त सचिव के चार पद हैं, जिनमें प्रशासन, महिला, पुस्तकालय और प्रेस शामिल हैं। कोषाध्यक्ष के दो पद हैं, जिनमें एक पुरुष और एक महिला के लिए निर्धारित है। उपाध्यक्ष के छह पद हैं, जिनमें दो महिला और चार पुरुष श्रेणी के हैं। सबसे अधिक मुकाबला गवर्निंग काउंसिल के पदों पर है। इसके 15 पदों में पांच महिलाओं और 10 सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। अंतिम सूची के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए आठ, महासचिव के लिए 14 और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। संयुक्त सचिव प्रशासन के लिए 13, संयुक्त सचिव महिला के लिए पांच, संयुक्त सचिव पुस्तकालय के लिए 12 और संयुक्त सचिव प्रेस के लिए 10 प्रत्याशी हैं। पुरुष कोषाध्यक्ष पद पर 11 और महिला कोषाध्यक्ष पद पर तीन प्रत्याशी हैं। दो महिला उपाध्यक्ष पदों के लिए छह तथा चार पुरुष उपाध्यक्ष पदों के लिए 50 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। गवर्निंग काउंसिल की पांच महिला सीटों पर 16 और 10 पुरुष सीटों पर 100 प्रत्याशी मैदान में हैं। पहली बार महिलाओं के लिए आरक्षित सीटेंइस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी खास बदलाव हुआ है। हाईकोर्ट बार चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए अलग सीटों का प्रावधान किया गया है। विभिन्न पदों को मिलाकर आरक्षित सीटों पर 32 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके अलावा सामान्य श्रेणी के पदों पर भी महिला प्रत्याशियों ने दावेदारी की है। उपलब्ध अंतिम सूची के अनुसार कुल 34 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। महिलाओं के लिए उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और गवर्निंग काउंसिल में सीटें निर्धारित की गई हैं। प्रचार सामग्री हटाने के निर्देशमतदान से पहले चुनाव समिति ने हाईकोर्ट परिसर और आसपास प्रचार सामग्री को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। गेट नंबर सात से डॉ. आंबेडकर प्रतिमा के बीच, फ्लाईओवर के आसपास, होटल के दोनों ओर सड़क तथा गेट नंबर 3-बी से फ्लाईओवर तक लगाए गए टेंट और बड़े बैनर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। चुनाव समिति ने सभी प्रत्याशियों और मतदाताओं से चुनाव आचार संहिता तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मतदान के बाद मतगणना और परिणाम की प्रक्रिया चुनाव समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
जीआरपी बरेली जंक्शन पुलिस ने रेलवे प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे संदिग्ध व्यक्ति व वस्तु चेकिंग अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने चोरी के दो अलग-अलग मामलों में 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से सोने की चेन के टुकड़े, नोज रिंग, हाथ की रिंग और नकदी बरामद हुई है। पहले मामले में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार वर्मा व उप-निरीक्षक अनुराग प्रताप सिंह की टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 04 के अंतिम छोर पर दबिश देकर तीन संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान ट्रेन में कोच अटेंडेंट के रूप में कार्य करने वाले शेखर (22 वर्ष), गजब सिंह (30 वर्ष) और अनित कश्यप (21 वर्ष) के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने की चेन के तीन टुकड़े बरामद हुए। पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा कर दिया। दूसरे मामले में उप-निरीक्षक संजीव कुमार की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर बरेली साइन बोर्ड के पास से बदायूं निवासी परवेज (32 वर्ष) पुत्र मुशर्रफ को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी की 2 सोने की नोज रिंग, 1 हाथ की रिंग और 2,200 रुपये नगद बरामद किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार परवेज एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिस पर बदायूं जिले के सहसवान, मुजरिया और जरीफनगर थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 6 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
ललितपुर में कोतवाली सदर क्षेत्र के एक निजी स्कूल में फीस जमा न होने पर कक्षा 9 के 14 साल के छात्र को परीक्षा में बैठने से रोकने का आरोप है। परिजनों के मुताबिक, छात्र को करीब दो घंटे तक अलग कमरे में बैठाया गया। बाद में उसकी मां के स्कूल पहुंचने पर उसे घर जाने दिया गया। सिविल लाइन निवासी राजेश यादव ने बुधवार शाम कोतवाली सदर में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अर्थव बुढ़वार मार्ग स्थित रॉयल एकेडमी स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है। दाखिले के समय स्कूल प्रबंधन को उसके गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहे इलाज की जानकारी दी गई थी। स्कूल के समन्वयक को भी समय-समय पर इलाज के बारे में बताया जाता रहा है। परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देने का आरोप राजेश यादव के मुताबिक, 15 सितंबर को अर्थव परीक्षा देने स्कूल पहुंचा था। आरोप है कि स्कूल के समन्वयक और प्रधानाचार्य ने उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी। अभिभावक को बुलाकर बकाया फीस जमा कराने की बात कही गई और छात्र को अलग कमरे में बैठा दिया गया। फोन पर अनुरोध के बाद भी नहीं मिली अनुमति उस समय राजेश यादव शहर से बाहर थे। उन्होंने फोन पर स्कूल अधिकारियों से बच्चे को परीक्षा में बैठने देने का अनुरोध किया। अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने छात्र को घर भेजने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बावजूद उसे स्कूल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मां के पहुंचने के बाद छात्र को जाने दिया राजेश यादव ने बताया कि जानकारी मिलने पर उनकी पत्नी स्कूल पहुंचीं। काफी आग्रह के बाद छात्र को वहां से जाने दिया गया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर फोन पर उनके और उनकी पत्नी के साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है। पिता के मुताबिक, उनका बेटा अभी इलाज करा रहा है और घटना के बाद से मानसिक रूप से परेशान है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग राजेश यादव ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पास व्हाट्सऐप चैट और वीडियो भी उपलब्ध हैं। वहीं, विद्यालय की प्रधानाचार्य ने पत्र जारी कर कहा है कि यदि विद्यालय के किसी कर्मचारी की बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगती हैं।
देवरिया में बुधवार रात करीब 8 बजे पत्नी से विवाद के बाद 25 वर्षीय युवक ने आत्महत्या की कोशिश की। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर देखा तो युवक फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मामला खुखुंदू थाना क्षेत्र के खखड़ी गांव का है। मुरली की चार महीने पहले हुई थी शादी मुरली (25) पुत्र रामनिवास खखड़ी गांव का रहने वाला है। उसकी शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। परिजनों के मुताबिक, बुधवार को उसकी पत्नी का ममेरा भाई घर आया था। शाम करीब 7 बजे मुरली घर पहुंचा, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। ममेरे भाई के जाने के बाद बढ़ी कहासुनी विवाद के दौरान पत्नी का ममेरा भाई घर से चला गया। इसके बाद भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी होती रही। विवाद के बाद मुरली अपने कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंचे परिजन काफी देर तक मुरली के कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से बंद था। परिजनों और आसपास के लोगों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो मुरली फंदे पर लटका मिला। लोगों ने उसे तुरंत नीचे उतारा और इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले गए। मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर रेफर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद मुरली को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। विवाद की असली वजह की जांच कर रही पुलिस परिजनों ने बताया कि घटना से पहले पत्नी के ममेरे भाई के घर आने को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ था। हालांकि, विवाद की असली वजह और घटना के अन्य पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस बोली- मामले की जांच के बाद होगी कार्रवाई खुखुंदू प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह ने बताया कि युवक के आत्महत्या की कोशिश करने की जानकारी मिली है। उसे इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र के बेलनगंज में रामबाबू पराठा वाले के पास बीच सड़क पर मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एसीपी छत्ता ऑफिस से चंद कदम की दूरी पर हुई इस घटना में एक ठेकेदार और उसके मजदूरों द्वारा दो राहगीरों को पीटते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो बुधवार शाम करीब 5 बजे का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बेलनगंज बाजार में ठेकेदार और कुछ राहगीरों के बीच पहले कहासुनी हुई थी। मामूली बातचीत से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि 4 से 5 लोग दो युवकों को सड़क पर गिराकर पीट रहे हैं। इस दौरान एक महिला बीच-बचाव करती हुई भी दिखाई दे रही है, लेकिन दबंग लोग नहीं मान रहे हैं। भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस मारपीट से अफरातफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों ने किसी तरह मामला शांत कराया। पूरी घटना किसी राहगीर ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली और सोशल मीडिया पर डाल दी, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। एसीपी छत्ता ऑफिस के नजदीक इस तरह की दबंगई पर लोग भी सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की जा रही है। छत्ता थाना पुलिस ने बताया कि वीडियो के आधार पर दबंग ठेकेदार को चिन्हित किया जा रहा है। पीड़ितों की तहरीर मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की जांच में जुट गई है।
गोंडा में मंडी परिषद के पूर्व अधिकारी रामनरेश सोनकर के खिलाफ आय से अधिक खर्च के मामले में सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच में उनकी वैध आय 67.82 लाख रुपए, जबकि खर्च 1.13 करोड़ रुपए से अधिक पाया गया। विभाग के मुताबिक, आय और खर्च के बीच 45.61 लाख रुपए का अंतर मिला, जिसके संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। 11 सितंबर को दर्ज मुकदमे की कॉपी बुधवार रात करीब 10 बजे सामने आई। सोनकर ने जांच और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है। आय से 45.61 लाख रुपए अधिक खर्च का दावा सतर्कता अधिष्ठान की जांच के अनुसार, जांच अवधि में रामनरेश सोनकर की विभिन्न वैध स्रोतों से कुल आय 67,82,681 रुपए थी। इस दौरान परिवार के खर्च, संपत्तियों की खरीद और अन्य मदों में कुल 1,13,44,108 रुपए खर्च किए गए। विभाग ने दोनों का मिलान किया तो 45,61,427 रुपए का अंतर सामने आया। जांच एजेंसी के मुताबिक, अतिरिक्त खर्च और संपत्ति खरीद के संबंध में संतोषजनक सफाई नहीं मिली। 2021 में शुरू हुई थी जांच शासन के निर्देश पर वर्ष 2021 में तत्कालीन मंडी परिषद अधिकारी के आय-व्यय और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच शुरू की गई थी। सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर ने आय के ज्ञात स्रोतों और खर्च का ब्योरा जुटाया। जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुकदमा चलाने की मंजूरी 15 जुलाई को मिली, जिसके बाद 11 सितंबर को केस दर्ज किया गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर कर रहा है। सोनकर बोले- हाईकोर्ट के आदेश पर फैसला नहीं हुआ मुकदमा दर्ज होने के बाद दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में रामनरेश सोनकर ने कहा कि वह जांच के संबंध में लखनऊ हाईकोर्ट गए थे। उनके मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका निरस्त करते हुए उन्हें सरकार के सामने नया प्रत्यावेदन देने की अनुमति दी थी। सोनकर का दावा है कि कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में विधि के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता अनुभाग-4 के उपसचिव रामप्रीत प्रसाद ने सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक राजीव कृष्ण को पत्र लिखा था। सोनकर का आरोप है कि प्रत्यावेदन पर निर्णय होने से पहले ही जल्दबाजी में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।
सीतापुर में शहीद उधम सिंह की प्रतिमा करीब 15 साल बाद बुधवार शाम 5 बजे मिश्रिख कोतवाली के मालखाने से बाहर निकाली गई। न्यायालय के आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारतीय सिख संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा को ससम्मान रिलीज कराया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकालकर प्रतिमा को नैमिषारण्य स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब ले जाया गया। इस दौरान देशभक्ति के नारे लगाए गए। 2010 में स्थापना को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 में नैमिष के ठाकुर नगर स्थित सार्वजनिक पार्क में शहीद उधम सिंह की प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित की जा रही थी। इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद मामला कोतवाली पहुंचा। प्रतिमा को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर मालखाने में रखवा दिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवाद से जुड़े लोगों को जमानत मिल गई, लेकिन प्रतिमा करीब 15 साल तक मालखाने में रखी रही। कोर्ट के आदेश के बाद पूरी हुई प्रक्रिया प्रतिमा को सम्मानजनक स्थान पर स्थापित कराने के लिए भारतीय सिख संगठन की ओर से लगातार कानूनी पैरवी की जा रही थी। न्यायालय के आदेश के बाद प्रतिमा को रिलीज करने का रास्ता साफ हुआ। बुधवार को संगठन के जिलाध्यक्ष गुरपाल सिंह की अगुवाई में 100 से अधिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मिश्रिख कोतवाली पहुंचे। आवश्यक लिखापढ़ी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रतिमा मालखाने से बाहर निकाली गई। फिलहाल गुरुद्वारा साहिब में रखी गई प्रतिमा प्रतिमा बाहर आते ही लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर खुशी जताई और शहीद उधम सिंह के सम्मान में नारे लगाए। इसके बाद प्रतिमा को शोभायात्रा के रूप में नैमिषारण्य स्थित गुरुद्वारा साहिब ले जाया गया। जिलाध्यक्ष गुरपाल सिंह ने कहा कि शहीद उधम सिंह ने देश की आजादी और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन बलिदान किया था। प्रतिमा का वर्षों तक मालखाने में रखा रहना समाज के लिए पीड़ादायक था। उन्होंने बताया कि प्रतिमा फिलहाल गुरुद्वारा साहिब में सुरक्षित रखी गई है। सर्वसम्मति से निर्णय लेकर बाद में इसे किसी उपयुक्त और सम्मानजनक स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
बिजनौर में शहर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव में सोमवार से लापता दंपति के शव मंगलवार को अलग-अलग जगह मिले थे। पति का शव पेड़ से लटका मिला, जबकि पत्नी का शव नदी किनारे मिला। जांच के दौरान पति के कपड़े गायब होने और उसके पत्नी की सलवार पहने मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब गायब कपड़ों की तलाश के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद ले रही है। देशराज के कपड़ों की तलाश में जुटी मैरी बुधवार शाम करीब 4 बजे संभल से डॉग स्क्वायड की टीम बिजनौर पहुंची। टीम के साथ सात साल की लैब्राडोर स्निफर डॉग मैरी भी थी। मैरी अपने बैच की गोल्ड मेडलिस्ट बताई जा रही है। टीम पहले मृतक देशराज के घर पहुंची और इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। जंगल और आने-जाने वाले रास्तों पर तलाश डॉग स्क्वायड ने देशराज का शव मिलने वाले स्थान और आसपास के जंगल में कपड़ों की तलाश की। इसके बाद घटनास्थल से आने-जाने वाले रास्तों पर भी खोजबीन की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि देशराज के कपड़े कहां और किन परिस्थितियों में गायब हुए। तीन किलोमीटर तक गंध पहचानने में माहिर है मैरी पुलिस के मुताबिक, मैरी करीब तीन किलोमीटर के दायरे में गंध के आधार पर सुराग तलाशने में सक्षम है। हाल ही में संभल में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में भी मैरी ने गमछे की गंध के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की मदद की थी। दोनों के कपड़े गायब मिलने से उठे सवाल पुलिस के सामने इस मामले में कई सवाल हैं। बताया गया कि देशराज के कपड़े गायब थे और उसके शरीर पर पत्नी की सलवार मिली। वहीं पत्नी सुषमा के शरीर पर नीचे का कपड़ा नहीं था। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस कपड़ों की तलाश के साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह सामने आई पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, देशराज की मौत हैंगिंग यानी फांसी से हुई, जबकि सुषमा की मौत गला दबाने से हुई। दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। एडीजी और डीआईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया घटना के बाद देर शाम बरेली के एडीजी रमित शर्मा और मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज जी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश दिए। अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही पुलिस एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि गायब कपड़ों की तलाश के लिए संभल से डॉग स्क्वायड की मैरी को बुलाया गया है। इसके साथ ही पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है।
फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर याकूतगंज चौकी के पास बुधवार शाम चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार शिक्षा विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी राहुल चौहान (38) की मौत हो गई। पुलिस उन्हें गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के समय उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में जेब से मिले मोबाइल और कागजात की मदद से परिजनों को सूचना दी गई। सिर में गंभीर चोट, हाथ-पैर में फ्रैक्चर राहुल चौहान कादरी गेट थाना क्षेत्र के मसेनी के रहने वाले थे। वह मैनपुरी के बेवर में शिक्षा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। बुधवार शाम याकूतगंज चौकी से कुछ दूरी पर एक चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया गया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और हाथ-पैर में भी फ्रैक्चर हुआ था। चर्चा है कि बाइक को पिकअप वाहन ने टक्कर मारी थी, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल से परिजनों को दी सूचना याकूतगंज चौकी पुलिस राहुल को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर दीपक तिवारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहचान न होने पर पुलिस ने तलाशी ली तो जेब से मोबाइल और कुछ कागजात मिले। मोबाइल से संपर्क करने पर उनकी बहन से बात हुई और परिवार को हादसे की जानकारी दी गई। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। कुछ समय पहले हुआ था बेटा परिजनों के मुताबिक, राहुल दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। कुछ समय पहले ही उनके यहां बेटा हुआ था। उनकी पत्नी बेटे के साथ इन दिनों मायके गई हुई थीं। राहुल की ससुराल कमालगंज में है। उनकी मौत से परिवार सदमे में है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के लगातार फैसलों के बावजूद, उत्तर प्रदेश के अधिकारी और राज्य सरकार 'यूपी गुंडा एक्ट' का इस्तेमाल दमन के हथियार के तौर पर कर रहे हैं। जस्टिस संदीप जैन की कोर्ट ने कहा कि नौकरशाही को गैर-कानूनी और मनमाने आदेश जारी करना बंद करना होगा, वरना उन्हें हर्जाना भरना पड़ सकता है। बेंच ने कहा, अब तक यह कोर्ट उन अधिकारियों पर हर्जाना लगाने से बचता रहा है, जो 1970 के एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लगातार मनमाने आदेश जारी कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया कि नौकरशाही को कड़ा संदेश दिया जाए कि वे ऐसा करना बंद करें, वरना 1970 के एक्ट के तहत शक्तियों के मनमाने और गैर-कानूनी इस्तेमाल के लिए उन्हें हर्जाना भरना पड़ सकता है। एकल जज ने गाजियाबाद के अभिषेक त्यागी की याचिका को मंज़ूर करते हुए यह टिप्पणी की। गाजियाबाद केस में चुनौती त्यागी ने 'उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ़ गुंडाज एक्ट, 1970' के तहत अपने खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को चुनौती दी थी। कोर्ट ने गाजियाबाद के एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस और मेरठ डिवीज़न के कमिश्नर के आदेशों को रद्द किया और याचिकाकर्ता को 50,000 का हर्जाना देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों की सैलरी से हर्जाने की रकम वसूल सकती है। जानिए क्या है मामलामामले के अनुसार याची के खिलाफ कार्यवाही दो आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की गई। गाजियाबाद के एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस ने 18 सितंबर, 2025 के आदेश से त्यागी को अपने स्थायी पते पर रहने और छह महीने तक हर दूसरे और चौथे शनिवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में अपनी हाज़िरी लगाने का निर्देश दिया। बाद में 10 दिसंबर, 2025 को मेरठ डिवीज़न के कमिश्नर ने आदेश के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट के सामने त्यागी ने तर्क दिया कि सिर्फ़ दो आपराधिक मामलों के आधार पर उन्हें गुंडा नहीं कहा जा सकता। राज्य सरकार की दलीलें अलगदूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा कि इन दो मामलों से पता चलता है कि त्यागी आदतन अपराधी हैं और एक्ट के तहत की गई कार्रवाई सही थी। हाईकोर्ट ने पहले के कई फैसलों का ज़िक्र किया जिनमें 'गुंडा एक्ट' के तहत 'आदतन' शब्द का मतलब समझाया गया है। इन मामलों में यह माना गया कि इस शब्द का मतलब 'बार-बार' या 'लगातार' है। इसके लिए एक जैसी बार-बार की जाने वाली गतिविधियों में निरंतरता का होना ज़रूरी है। इन फैसलों के अनुसार, आदत का निष्कर्ष निकालने के लिए बार-बार, लगातार और एक जैसी गतिविधियां ज़रूरी हैं, न कि अलग-अलग, अकेली और अलग-अलग तरह की गतिविधियां।
-डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, संगठन, प्रशासन और राष्ट्र निर्माण की लंबी यात्रा के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्षों तक जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभाला। इसके बाद विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को प्रमुखता दी गई। विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अमेरिका, रूस सहित विभिन्न शक्ति-केंद्रों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। आज भारत की भूमिका वैश्विक राजनीति में भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत ने शांति और संवाद का पक्ष रखा। पश्चिम एशिया में भारतीय हितों की रक्षा से लेकर वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने तक, भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को सामने रखा है। ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी भारत ने अपनी प्राथमिकताओं को मजबूती से रखने का प्रयास किया। संकट के समय भारत की मानवीय भूमिका कोरोना महामारी के दौरान भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ दूसरे देशों को दवाइयां, वैक्सीन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई। युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी कई अभियान चलाए गए। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को वापस लाने के अलावा अन्य संकटग्रस्त क्षेत्रों से नागरिकों को स्वदेश लाने के प्रयास किए गए। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में दृढ़ता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने और इसके खिलाफ समर्थन जुटाने पर भी जोर दिया गया। गरीब कल्याण से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, उज्ज्वला और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब और वंचित वर्गों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया। पक्का घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन, बैंक खाता, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न जैसी जरूरतों को जनकल्याण की योजनाओं से जोड़ा गया। स्वच्छ भारत अभियान के जरिए स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया। गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की दिशा में काम हुआ। मध्यप्रदेश में इंदौर का स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार अग्रणी रहना भी इसी जनभागीदारी के उदाहरण के रूप में उल्लेखित है। आर्थिक क्षेत्र में मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के जरिए उत्पादन, तकनीक, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए गए। रक्षा उत्पादन और निर्यात के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में भी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है। चंद्रयान-3 की सफलता को भारत की वैज्ञानिक क्षमता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। युवा और महिला सशक्तीकरण पर जोर युवाओं को देश की बड़ी ताकत मानते हुए कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, मुद्रा योजना, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के अवसरों पर जोर दिया गया। उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित करना बताया गया है। महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महिला आरक्षण कानून और लखपति दीदी जैसे प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इन पहलों को महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने से जोड़ा गया है। संस्कृति, विरासत और नागरिकों से संवाद विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। योग को वैश्विक पहचान दिलाने में भारत की भूमिका, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मान्यता और अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे विषयों का उल्लेख किया गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के निर्णय को भी राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जोड़ा गया है। ‘मन की बात’ के जरिए सामान्य नागरिकों से सीधे संवाद की परंपरा का भी उल्लेख है। इसमें गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से जुड़े लोगों के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की बात कही गई है। लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा, संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण की यात्रा बताते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी का आह्वान किया गया है। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर घरों और प्रतिष्ठानों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर देश की विकास यात्रा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के प्रति अपनी भागीदारी व्यक्त करने की अपील की गई है।
बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा महिला से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला ने 15 सितंबर को थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 12 सितंबर को गैस सिलिंडर भरवाने जाते समय उसके साथ घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, दोनों नामजद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। महिला का मेडिकल परीक्षण और अदालत में बयान दर्ज कराया जा चुका है। गैस एजेंसी ले जाने का आरोप महिला ने शिकायत में बताया कि वह 12 सितंबर को घर का गैस सिलिंडर भरवाने निकली थी। रास्ते में परिचित अशोक पांडेय ने उसे रोका और बाइक से गैस एजेंसी तक छोड़ने की बात कही। आरोप है कि वह महिला को मटौंध स्थित गैस एजेंसी ले गया और वहां से चौकीदार दीपू गुप्ता के कमरे में ले गया। जबरन शराब पिलाने और गलत हरकत का आरोप महिला के मुताबिक, कमरे में अशोक ने शराब मंगवाई और पी। आरोप है कि उसने महिला को भी जबरन शराब पिलाई। महिला ने बताया कि बेहोशी की हालत में अशोक ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि चौकीदार दीपू गुप्ता ने छेड़छाड़ की। महिला के अनुसार, घटना के बाद अशोक उसे ई-रिक्शा से घर छोड़ गया। शिकायत के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तार महिला ने होश में आने के बाद पति को घटना की जानकारी दी और 15 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने नामजद आरोपी अशोक पांडेय और दीपू गुप्ता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंदसौर की नई आबादी पुलिस ने शातिर मादक पदार्थ तस्कर अफजल पिता कासम अजमेरी, निवासी अरनिया निजामुद्दीन, पर PIT-NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की है। उज्जैन संभाग आयुक्त के आदेश पर आरोपी को गिरफ्तार कर एक साल के लिए इंदौर केंद्रीय जेल भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसी के तहत एसपी विनोद कुमार मीना ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने अपने इलाके के आदतन अपराधियों की सूची बनाई। उन्होंने अफजल के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की। पुलिस ने यह रिपोर्ट एसपी के जरिए मंदसौर जिला दंडाधिकारी को सौंपी। जिला दंडाधिकारी की सिफारिश पर मामला उज्जैन संभाग आयुक्त के पास भेजा गया। आयुक्त ने PIT-NDPS एक्ट की धारा 3(1) के तहत अफजल को एक साल तक इंदौर केंद्रीय जेल में रखने का आदेश दिया। बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर इंदौर जेल में दाखिल कराया। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि अफजल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज हैं। वायडी नगर थाने में साल 2019 में अपराध क्रमांक 449/2019 दर्ज हुआ था। इसमें धारा 8/15 और 29 NDPS एक्ट लगाई गई थी। नई आबादी थाने में साल 2024 में अपराध क्रमांक 140/2024 धारा 8/15 NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ। इसके बाद साल 2025 में नई आबादी थाने में अपराध क्रमांक 63/2025 दर्ज हुआ। इसमें धारा 8/15 और 29 NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। क्या है PIT-NDPS एक्टपुलिस के मुताबिक PIT-NDPS एक्ट के तहत ऐसे आदतन मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिनके लगातार अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी, खरीद या बिक्री में शामिल रहने की आशंका हो। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को निरुद्ध कर मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
इंदौर में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के जाति प्रमाण-पत्र को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने खारिज कर दी। मंगलवार को न्यायमूर्ति संजीव भट्ट की एकलपीठ में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। बुधवार को कोर्ट ने आदेश जारी कर याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता का दावा- कालरा OBC श्रेणी में नहीं आतेयाचिका सुनील यादव ने दायर की थी। इसमें दावा किया गया था कि वार्ड 65 से पार्षद कमलेश कालरा ने नामांकन के साथ OBC का जाति प्रमाण-पत्र लगाया है, जबकि वे इस श्रेणी में नहीं आते। याचिकाकर्ता ने प्रमाण-पत्र को गलत बताते हुए उसे चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि मामला केवल प्रमाण-पत्र जारी होने तक सीमित नहीं है। यह भी जांचना जरूरी है कि जारी किया गया प्रमाण-पत्र सही है या गलत। निर्वाचन को चुनौती देनी है तो चुनाव याचिका दायर करेंशासन की ओर से दलील दी गई कि यदि याचिकाकर्ता पार्षद कमलेश कालरा के निर्वाचन को चुनौती देना चाहते हैं, तो उन्हें चुनाव याचिका दायर करनी चाहिए थी। शासन के अनुसार, याचिकाकर्ता ने ऐसा नहीं किया। दो अन्य OBC प्रमाण-पत्रों का भी दिया गया हवालासुनवाई के दौरान कमलेश कालरा की ओर से अपने समर्थन में चंद्र कुमार और जयेश राजानी के नाम से जारी OBC जाति प्रमाण-पत्रों का उल्लेख किया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि दोनों प्रमाण-पत्र एसडीएम जूनी इंदौर के आदेश से पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। ऐसे में इन्हें कालरा के जाति प्रमाण-पत्र के समर्थन में आधार नहीं बनाया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुरक्षित रखा था। बुधवार को आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
स्मैक, हथियार, कैश के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार:27 हजार 700 रुपए भी जब्त; नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
टोंक जिले में अवैध नशे और हथियारों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में जिला स्पेशल टीम (DST) ने नासिरदा थाना क्षेत्र में 6 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक नामजद आरोपी समेत 7 के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब 13.30 ग्राम अवैध स्मैक, 10 लीटर हथकड़ शराब, 51 पव्वे देशी शराब, 2 धारदार चाकू, 27 हजार 700 रुपए, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और मोबाइल फोन जब्त किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 2.60 लाख रुपए है। DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि रामसिंह को 8 ग्राम स्मैक और 51 पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं एक महिला तस्कर को 5.30 ग्राम स्मैक, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 700 रुपए और मोबाइल के साथ पकड़ा गया। इसी तरह संदीप सांसी को धारदार चाकू और 27 हजार रुपए, जबकि अनिल सांसी को एक अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया। दौलतराम सांसी और बाबूनाथ को 5-5 लीटर अवैध हथकड़ शराब के साथ पकड़ा गया। एक अन्य नामजद आरोपी संजय सांसी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिसपुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के जरिए स्मैक की सप्लाई लाइन, नशीले पदार्थों के मुख्य सरगनाओं और अवैध हथियारों के सप्लायर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बुधवार को भोपाल के 4 होटल और रेस्टोरेंट की जांच की। इस दौरान भोजपुर रोड स्थित द सेलेस्टियल पार्क होटल में रखा मसाला एक्सपायर मिला। किचन में डस्टबिन खुले मिले तो तेल की कढ़ाई काली हो चुकी थी। सभी होटलों को नोटिस जारी किए गए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को द सेलेस्टियल पार्क, रंजीत रिजॉर्ट, गुरु कृपा फूड एंड कैटर्स, अमानते रेस्टोरेंट की जांच की गई। द सेलेस्टियल पार्क के निरीक्षण के दौरान एरोमेटिक मिक्स सीजनिंग मसाला का एक पैकेट, जिसकी एक्सपायरी अवस्था में पाया गया। किचन एरिया में 4 डस्टबिन खुले हुए पाए गए और 2 कढ़ाई काले रंग की एवं अस्वच्छ स्थिति में पाई गईं। किचन एरिया में कार्यरत 19 कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप/मेडिकल फिटनेस संबंधी प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। कर्मचारियों के मेडिकल परीक्षण संबंधी अभिलेख भी उपलब्ध नहीं पाए गए। पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए गए। जिन्हें जांचा गया। करीब 20 किलो सड़नयुक्त प्याज पाया गया, जिसे तत्काल मौके पर नष्ट कराया गया। किचन में साफ-सफाई एवं खाद्य पदार्थों के भंडारण के उचित प्रबंध भी पाए गए। यहां से मूंग दाल एवं काजू के 2 नमूने जांच हेतु लिए गए। रंजीत रिजॉर्ट होशंगाबाद रोड में भी जांचयहां निरीक्षण के दौरान किचन एरिया का ड्रेनेज सिस्टम उचित स्थिति में नहीं पाया गया। किचन में उपयोग किए जाने वाले बर्तन साफ-सुथरे नहीं पाए गए और रेस्टोरेंट परिसर में डस्टबिन खुले में रखे हुए पाए गए। कर्मचारियों के FOSTAC प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। कर्मचारियों की मेडिकल चेकअप/मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं पाई गई। बावड़ियाकलां स्थित गुरु कृपा फूड एंड कैटर्स के निरीक्षण के दौरान किचन एरिया में साफ-सफाई के उचित प्रबंध नहीं पाए गए। 3 डस्टबिन खुले हुए थे, जिनमें भारी मात्रा में कचरा ऊपर तक भरा हुआ पाया गया। किचन एरिया के समीप टाइल्स टूटी हुई और ड्रेनेज सिस्टम उचित स्थिति में नहीं पाया गया। किचन एरिया में कॉकरोच की उपस्थिति के साक्ष्य पाए गए और टूटी टाइल्स वाले क्षेत्र में 04 कॉकरोच किचन एरिया में घूमते हुए पाए गए। धुले हुए बर्तन गंदगी के मध्य रखे हुए पाए गए। खाद्य अवशेषों के उचित प्रबंधन की व्यवस्था नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान एवरेस्ट MDH चाट मसाला, श्री मां मक्का आटा, हर्ष मसाले, परमात्मा पास्ता सहित कई खाद्य पदार्थों के पैकेट एक्सपायरी अवस्था में पाए गए। यहां पर कॉकरोच की उपस्थिति, अत्यधिक गंदगी, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के भंडारण और अन्य गंभीर कमियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रतिष्ठान को सुधार सूचना जारी की गई है। वहीं, खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई है। बावड़ियाकलां में ही अमानते रेस्टोरेंट निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई के उचित प्रबंध पाए गए तथा कर्मचारी उचित वेशभूषा में कार्य करते पाए गए। हालांकि, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए और पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं पाया गया। खाद्य पदार्थों के खरीदी बिल उपलब्ध पाए गए। फ्रीजर में रखी दाल मखनी में हल्की बदबू पाई गई। जिसे तत्काल मौके पर नष्ट कराया गया। यहां से मूंग दाल, तुवर दाल और आटे के कुल तीन सैंपल लिए गए।
श्रीगंगानगर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर भाजपा के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। भाजपा ने पूर्व उपसभापति अजय दावड़ा को सिंबल देकर अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, लेकिन दावेदारी कर रहे संजय मूंदड़ा और डॉ. भरतपाल मय्यर खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बुधवार को भाजपा से दावड़ा, मूंदड़ा और गौरव मित्तल और कांग्रेस से अनूप सिंह बाजवा ने नामांकन दाखिल किया। 65 पार्षदों के बोर्ड में बहुमत का आंकड़ा 33 है। भाजपा के पास 30, कांग्रेस के 17 और निर्दलीय 18 पार्षद हैं। यानी भाजपा को अपनी कुर्सी बचाने के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। यही वजह है कि निर्दलीय पार्षदों पर दोनों दलों की नजर है। दावड़ा को सिंबल मिलने के बाद मूंदड़ा और मय्यर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। मूंदड़ा ने अपने समर्थन में बड़ी संख्या में पार्षद होने का दावा किया, जबकि मय्यर ने आरोप लगाया कि पार्षदों से राय लिए बिना प्रत्याशी तय किया गया। उधर, विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा कि दावड़ा के नाम पर जयपुर में विचार-विमर्श के बाद फैसला हुआ है और भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन है। अब मुकाबला सिर्फ भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि निर्दलीयों और भाजपा के असंतुष्ट खेमे के रुख पर भी टिका है। 21 सितंबर को मतदान के बाद ही सभापति कौन बनेगा, इसकी तस्वीर साफ हो पाएगी। अब पढ़िए- सभापति पद के दावेदारों के प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण पूर्व उपसभापति रहे चुके अजय दावड़ा अजय दावड़ा भाजपा के स्थानीय नेताओं में शामिल रहे हैं और नगर परिषद के पूर्व उपसभापति रह चुके हैं। 2026 के चुनाव में वे वार्ड 58 से भाजपा प्रत्याशी निर्वाचित हुए। इस बार उन्हें 1,169 वोट मिले और वे 504 वोटों के अंतर से जीते। दावड़ा की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है। आढ़त कारोबारी संजय मूंदड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिलसंजय मूंदड़ा भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। मूंदड़ा आढ़तियां हैं और सभापति पद की दावेदारी में उनका नाम चुनाव परिणाम आने के बाद से प्रमुखता से सामने आया था। वार्ड 55 से मूंदड़ा ने चुनाव जीता है। मूंदड़ा ने पार्टी सिंबल नहीं मिलने के बावजूद सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी कायम रखी है। सीनियर डॉक्टर डॉ. भरतपाल मय्यर भी दावेदारों में शामिलडॉ. भरतपाल मय्यर भाजपा के पार्षद हैं और वार्ड 21 से निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 790 वोट मिले और उन्होंने 454 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। मय्यर शहर में सीनियर डॉक्टर के रूप में विशेष पहचान रखते हैं और शहर में उनकी छवि भी अच्छी है। सभापति पद के लिए टिकट वितरण में उनका नाम भी चर्चा में था। अब वे अजय दावड़ा को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। श्रीगंगानगर निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… श्रीगंगानगर में 65 वार्डों के नतीजे घोषित:बीजेपी 30, कांग्रेस 17 और 18 निर्दलीय ने जीत दर्ज कराई श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद अब बोर्ड गठन की तस्वीर भी लगभग साफ हो गई है। भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 17 और निर्दलीयों को 18 वार्डों में जीत मिली है। पूरी खबर पढ़िए
जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी किनारे बने देवरी-चिचोली पिकनिक स्पॉट को प्रशासन ने पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। यहां लगातार हो रहे हादसों के बाद यह फैसला लिया गया। हाल ही में चौकसे कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी में डूब गए थे। हादसे में तीनों की मौत हो गई थी। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश के बाद एसडीएम और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और नदी के आसपास बैरिकेडिंग कर दी। लोगों को खतरनाक जगहों पर जाने से रोकने के लिए सूचना बोर्ड भी लगाया गया है। अब तक 22 लोगों की मौत प्रशासन की ओर से लगाए गए बोर्ड में बताया गया है कि देवरी-चिचोली इलाके में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में पिकनिक मनाने पहुंचे तीन कॉलेज छात्र नदी में बह गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस, नगर सैनिक और SDRF की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया और तीनों के शव बाहर निकाले। तेज बहाव और भंवर से खतरा देवरी-चिचोली अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। लेकिन हसदेव नदी के कुछ हिस्सों में तेज बहाव और भंवर हैं, जिससे यहां हादसे का खतरा बना रहता है। कई लोग नहाने या सेल्फी लेने के दौरान नदी के गहरे हिस्से में चले जाते हैं। नदी में चिकने और नुकीले पत्थर भी हैं। इनके कारण पानी में फंसने या नदी में गिरने के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। नदी की गहराई और खतरनाक हिस्सों की जानकारी नहीं होने से भी हादसे हो जाते हैं। लोगों से नदी में नहीं जाने की अपील लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए कलेक्टर ने इलाके को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर देवरी-चिचोली में पिकनिक मनाने या हसदेव नदी में उतरने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यह रोक लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है।
मेरठ में बैजल भवन चौराहे पर लगातार लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। कुटिया चौराहे से बैजल भवन चौराहे तक वन-वे व्यवस्था अब स्थायी रूप से लागू कर दी गई है। बैजल भवन की ओर से कुटिया चौराहे की तरफ आने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नई व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसके तहत जाफर वाला बाग, बेगमपुल और माल रोड की तरफ से आने वाले वाहनों के रूट में भी बदलाव किया गया है। जाफर वाला बाग से सीधे नहीं जा सकेंगे जाफर वाला बाग की तरफ से आने वाले वाहन अब बैजल भवन की ओर सीधे नहीं जा सकेंगे। एसएसपी आवास या कमिश्नरी की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को बायीं ओर मुड़कर साईं मंदिर वाली रोड से जाना होगा। वहीं, बेगमपुल की तरफ से आने वाले वाहन यू-टर्न लेकर बैजल भवन रोड पर नहीं पहुंच सकेंगे। माल रोड का ट्रैफिक भी बदलेगा रास्ता माल रोड की तरफ से आने वाला वह ट्रैफिक, जो पहले बैजल भवन के सामने से कमिश्नरी की तरफ जाता था, अब इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। ऐसे वाहन हजारी का प्याऊ (मंदिर रोड) अथवा कमिश्नरी आवास चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। चौधरी चरण सिंह पार्क से कुटिया चौराहे होते हुए यातायात का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। जाम रोकने के लिए किया गया डायवर्जन प्रभारी ट्रैफिक लालसा पांडेय ने बताया कि बैजल भवन चौराहे पर लगातार जाम की स्थिति को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। कुटिया चौराहे से बैजल भवन चौराहे तक वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। इससे अनावश्यक क्रॉसिंग और यू-टर्न से बनने वाले यातायात दबाव को कम करने का प्रयास किया गया है। इस तरह समझें नई व्यवस्था
छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के गीदम शहर में 80 साल से सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस बार भी 11 दिन तक आयोजन होगा। गणेश मंडप में नगर के अलग-अलग समाजों को आमंत्रित कर महाआरती और सम्मान किया जाएगा। 19 से 23 सितंबर तक पुराना बाजार पारा स्थित सार्वजनिक कला मंच पर रोज शाम 7 से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन में दिगंबर जैन, क्षत्रिय, साहू, बंगाली, आदिवासी समाज समेत अन्य समाजों और संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। गणेशोत्सव की स्थापना पूजा में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी और गुमड़ा के स्वामी भी शामिल हुए। पहले दिन ब्राह्मण समाज के लोगों को आमंत्रित कर पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद दिगंबर जैन समाज की महाआरती कराई गई। समिति का कहना है कि हर साल नगर के अलग-अलग समाजों को आयोजन से जोड़ा जाता है। 15 साल से साजिद संभाल रहे सांस्कृतिक आयोजन समिति के सांस्कृतिक प्रमुख साजिद भारती (खान भैया) पिछले 15 साल से आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मुस्लिम समाज से होने के बावजूद वे गणेशोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। शेख नसीम समेत अलग-अलग समाजों के लोग भी आयोजन में सहयोग करते हैं। 19 से 23 सितंबर तक ये कार्यक्रम 19 सितंबर- स्वर धारा मानस परिवार, पेंटा की भजन मंडली, डांस और गायन20 सितंबर- आस्था गुरुकुल, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, माधवपारा स्कूल और पोटा केबिन कारली21 सितंबर- संगीत महाविद्यालय, जावंगा (गीदम)22 सितंबर- दंतेश्वरी म्यूजिकल ग्रुप, गीदम23 सितंबर- सांस्कृतिक क्लब, गीदम और पुरस्कार वितरण समिति ने गीदम के लोगों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से गणेशोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।
इंदौर में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है। सिलिकॉन सिटी क्षेत्र की गणेश रेसिडेंसी में रहने वाली लता बाई की 13 सितंबर को मौत हो गई। उनके चार सगे बेटों ने मां का शव लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मौत के बाद 3 दिन तक उनके बेटों को अंतिम संस्कार के लिए कहा जाता रहा। लेकिन, वे न तो मुखाग्नि देने के लिए तैयार हुए और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए। बताया जा रहा है कि लता बाई ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी और जेवर बेचकर गणेश रेसीडेंसी में फ्लैट खरीदा था। जिसे बाद में बेटों ने अपने नाम करवा लिया और वृद्ध मां को बेघर कर सड़क पर छोड़ दिया। बेटों ने घर से निकाला, आश्रम में रह रही थी बद्ध महिला की सड़क पर भटकने की जानकारी समाजसेवी संगठन प्रीयु फाउंडेशन के अजय नागदा को मिली थी। इसके बाद उन्होंने लता बाई का मेडिकल परीक्षण करवाया और उन्हें जानकी वृद्धाश्रम में आश्रय दिलाया। लता बाई करीब 8 महीने से वृद्धाश्रम में रह रही थीं। हाल ही में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना दी, बेटों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार लता बाई की मौत की सूचना ॐ शांति आश्रम की ब्रह्मकुमारी ज्योति दीदी के माध्यम से उनके चारों बेटों को दी गई। इसके बावजूद बेटों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। जानकी वृद्धाश्रम और प्रीयु फाउंडेशन ने कराया अंतिम संस्कार बेटों के इनकार के बाद जानकी वृद्धाश्रम और प्रीयु फाउंडेशन के सदस्य आगे आए। उन्होंने बेटे का फर्ज निभाते हुए इंदौर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम में बुधवार को लता बाई का पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया।
टीकमगढ़ के मबई गांव में गणेश प्रतिमा खंडित कर दी गई है। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। जानकारी के मुताबिक, मबई गांव में टीकमगढ़-जतारा रोड पर हायर सेकेंडरी स्कूल के पास सड़क किनारे स्थानीय लोगों ने गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार रात करीब 9 बजे कुछ युवकों ने शराब के नशे में पंडाल में रखी प्रतिमा को फेंककर खंडित कर दिया। इन पर लगा आरोप मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि गांव के ही प्रकाश अहिरवार, मनोज अहिरवार और भागचंद अहिरवार ने यह घटना की है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपियों ने प्रतिमा खंडित करने के साथ पंडाल में मौजूद लोगों से मारपीट भी की। पुलिस मौके पर पहुंची घटना की खबर मिलते ही गांव में भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। खबर मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। अधिकारी क्या बोले? एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। समिति के सदस्यों और मोहल्ले के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि आरोपों की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति बनी रहे। पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी है।
कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के कोलिहामुड़ा गांव में तालाब का पानी लंबे समय से लाल बना हुआ है। पानी का रंग लगातार बदलता रहता है और कई बार यह मटमैला भी दिखाई देता है। पानी को देखकर ग्रामीणों ने डर के कारण तालाब का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई साल से समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। यह तालाब गोपालपुर में चैतमा से करीब एक किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी साफ करने के लिए कई बार तालाब में चूना डाला गया, लेकिन इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा। पानी आज भी लाल और मटमैला दिखाई देता है। बांध के पानी के रिसाव की आशंका ग्राम पंचायत के सरपंच राम सिंह कंवर ने बताया कि तालाब का पानी कई सालों से लाल है। ग्रामीणों का मानना है कि पास के बांध से पानी के रिसाव के कारण तालाब में काई जम रही है। इसी वजह से पानी का रंग लाल हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहर और शाम के समय पानी का रंग और ज्यादा बदलता दिखाई देता है। चैतमा के सीपी जायसवाल ने बताया कि समस्या काफी पुरानी है। कई बार चूना डालने के बाद भी पानी साफ नहीं हुआ। ग्रामीण आधार सिंह गोंड और राम सिंह गोंड ने भी बांध से पानी रिसने और काई जमने की आशंका जताई है। वैज्ञानिक जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी में आयरन और दूसरे रासायनिक तत्वों की जांच होनी चाहिए। जांच से ही पता चल सकेगा कि पानी लाल होने की असली वजह क्या है। जानकारों के मुताबिक, पानी का रंग लाल या लाल-भूरा होने की एक वजह पानी में आयरन की ज्यादा मात्रा भी हो सकती है। आसपास की मिट्टी या चट्टानों से लोहे के तत्व पानी में मिलने पर पानी का रंग बदल सकता है। हालांकि, तालाब के पानी के लाल होने का सही कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान करने और तालाब को दोबारा उपयोग के लायक बनाने की मांग की है।
बीजापुर के बड़ेआलवाड़ा के जंगल-पहाड़ी इलाके से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह सामग्री माओवादियों ने छिपाकर रखी थी। इस कार्रवाई को फरसेगढ़ थाना, डीआरजी बीजापुर और बीडीएस टीम ने मिलकर अंजाम दिया। यह मामला फरसेगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस को 15 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद बीजापुर के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संयुक्त टीम ने बड़ेआलवाड़ा के आसपास जंगल और पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध जगह पर छिपाकर रखी गई हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली। मौके पर मौजूद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम ने सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए और डिमाइनिंग की कार्रवाई के बाद बरामद सामान को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। ये हथियार और सामान मिले पुलिस ने बताया कि बरामद सामान में 315 बोर का एक देशी कट्टा, 315 बोर के 49 जिंदा कारतूस, 303 रायफल के 25 जिंदा कारतूस और 12 बोर के 34 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही 303 रायफल का बट प्लेट, बोल्ट, खाली मैगजीन और दूसरे पार्ट्स भी मिले हैं। तलाशी के दौरान करीब 8 किलोग्राम जिलेटिन, चार्जर के साथ छह वॉकी-टॉकी सेट, एक मेन पेक सेट, अलग-अलग तरह के इलेक्ट्रॉनिक और कॉपर वायर, डेटोनेटर वायर, क्लच वायर, बैटरी, सेल, स्विच, सॉकेट और दूसरे उपकरण व औजार भी मिले हैं। पुलिस ने बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अलीगढ़ में क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव पर भीड़ ने हमला कर दिया। उन्हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ और बेल्टें मारीं। इस दौरान सचिन हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखे। सचिन को बचाने आए उनके छोटे भाई और उसके दोस्त को भी लोगों ने मारकर घायल कर दिया। हमलावर सचिन को खींचकर अंबेडकर पार्क के अंदर ले गए। यहां उनसे वाल्मीकि समाज और डॉ. अंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाए गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखते ही हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सचिन को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल भेजा है। घटना सिविल लाइंस इलाके के घंटाघर चौराहे की है। 2 तस्वीरें देखिए… भाई के साथ चाट खा रहे थे सचिन राघव बुधवार शाम करीब 6.30 बजे क्षत्रिय युवा करणी सेना का जिलाध्यक्ष सचिन राघव घंटाघर के पास चाट खा रहे थे। साथ उसका छोटा भाई सुंदर और एक दोस्त प्रहलाद भी था। इसी दौरान करीब 150 लड़कों की भीड़ ने दोनों भाइयों को घेर लिया। भीड़ ने जय भीम के नारे लगाते हुए सचिन को पीटना शुरू कर दिया। थप्पड़ और बेल्टों से हमला किया। भाई ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी पीटा। सचिन ने बताया कि हमलावर मुझे सड़क पर खींचते हुए आंबेडकर पार्क से एसबीआई तिराहे की तरफ ले गए। इस दौरान मुझे बेल्ट से पीटा। पार्क के अंदर भी हमलावरों ने भी मारपीट की। सचिन बोले- 150-200 लोगों की भीड़ ने घेर लिया सचिन ने बताया कि मैं, मेरा छोटा भाई सुंदर और दोस्त प्रहलाद शाम करीब 6 बजे स्टेट बैंक के पास खड़े थे। वहां पर अचानक से 'जय भीम' के नारे लगाते हुए 150-200 लोगों की भीड़ आ गई। भीड़ ने हम लोगों पर हमला कर दिया। भीड़ में शामिल एक हमलावर ने मुझे चाकू मारा, जिससे मेरी कोहनी में गहरी चोट आई है। भीड़ मुझे पार्क के अंदर ले गई। यहां मुझसे कहा कि बाबा साहब के सामने झुक कर मुर्गा बनो। हमारे सामने जय भगवान वाल्मीकि और जय भीम बोलो। मैंने कहा कि मैं बोल रहा हूं। मगर फिर भी वे लोग मुझे पीटते रहे। सवर्ण पंचायत में भाषण बना विवाद की वजह हमले के पीछे मंगलवार को हुई सवर्ण पंचायत को कारण माना जा रहा है। दरअसल, पंचायत में सचिन के छोटे भाई सुंदर ने भाषण दिया था। उसने अपने सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए अलग-अलग भूमिकाओं को लेकर टिप्पणी की थी। सुंदर ने कहा था कि जब हम पूजा करते हैं तो पंडित होते हैं। सरकार से लड़ते हैं तो क्षत्रिय और धन एकत्रित करते हैं तो वैश्य होते हैं। इसी क्रम में नहरों और पोखरों से मृत गोवंश निकालने के काम करते हैं तो हम भंगी होते हैं। सुंदर ने अपने भाषण का यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद भीम आर्मी से जुड़े लोगों की ओर से टिप्पणियां की जाने लगीं। कौन हैं सचिन राघव? सचिन राघव क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष हैं। वह अलीगढ़ में लंबे समय से सामाजिक और जातीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनके कई बयानों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। सचिन के खिलाफ पूर्व में मुकदमे दर्ज होने और जेल जाने की बात भी सामने आती रही है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया- पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। सचिन को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। ……………………. ये खबर भी पढ़ें- सपा नेता बैंककर्मी से बोला-CM कोटे से IAS बनवाऊंगा:खूबसूरत होने के साथ आपकी सीरत बहुत अच्छी...आप कंप्लीट वुमन; FIR दर्ज मैडम नमस्ते, आप एक एक्सट्रा औरा वाली महिला हैं। खूबसूरत होने के साथ आपकी सीरत बहुत अच्छी है। यानी आप कंप्लीट वुमन हैं। मुझे आपकी पर्सनेलिटी पर आपकी यह जॉब अच्छी नहीं लगती। सपा की सरकार बनती है तो में आपको चीफ मिनिस्टर कोटे से डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करूंगा। ये मैसेज मथुरा में सपा नेता और अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव डॉ. राजन रिजवी ने वॉट्सऐप पर 38 साल की महिला बैंककर्मी को भेजा। बार-बार मैसेज से असहज और परेशान होकर बैंककर्मी ने पुलिस से शिकायत करके मंगलवार को कोतवाली में FIR दर्ज कराई। पढ़ें पूरी खबर
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय में काम पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की गई है। अभनपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र बनाने में देरी के मामले में स्टेनो हेमलता दीवान पर 1700 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जानकारी के अनुसार समय-सीमा खत्म होने के बाद भी 17 आवेदनों का निराकरण नहीं किया गया था। आवेदनों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने को सेवा में लापरवाही माना गया। इसके बाद प्रति आवेदन 100 रुपए के हिसाब से कुल 1700 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन जुर्माने की राशि नियमानुसार चालान के जरिए शासकीय कोष में जमा कराई गई है। कार्रवाई कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर की गई। प्रशासन ने कहा कि सरकारी सेवाओं के लिए तय समय-सीमा का पालन जरूरी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना है। समय पर काम नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर इसी अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया जोधपुर हवाई अड्डे की ओर से यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘यात्री सेवा अभियान-2026’ का आयोजन 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। एयरपोर्ट डायरेक्टर डॉ. मनोज उनियाल ने बताया- अभियान के दौरान यात्री सुविधाओं, सेवा गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वच्छता और कर्मचारियों के व्यवहार की समीक्षा की जाएगी। अभियान का 17 सितंबर को औपचारिक शुभारंभ के साथ लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम, यात्री सहायता कार्यक्रम और ‘सेल्फी विद पीएम’ बूथ जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के विभिन्न चरणों में हवाई अड्डे के प्रवेश, पार्किंग, बैठने की सुविधा, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी। फीडबैक और शिकायतों का होगा समाधान यात्रियों की शिकायतों और सुझावों को प्राथमिकता देते हुए फीडबैक क्यूआर, एयरसेवा, सुझाव पेटियों और अन्य माध्यमों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी। बार-बार सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए ‘Listen and Resolve’ डेस्क की गतिविधि भी प्रस्तावित है। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर इसी अवधि में प्राधिकरण की ओर से ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान भी चलाया जाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होगा। इसके तहत टर्मिनल भवन, यात्री आवागमन क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में विशेष सफाई अभियान, कचरा प्रबंधन और कचरा पृथक्करण की गतिविधियां की जाएंगी। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को विशेष स्वच्छता अभियान और श्रमदान का आयोजन होगा। सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था की भी जांच यात्री सेवा अभियान के दौरान मेडिकल सुविधा, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और आपातकालीन मार्गों की वर्किंग की समीक्षा की जाएगी। फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए शिष्टाचार, सहानुभूति, स्पष्ट संवाद और यात्री-केंद्रित व्यवहार को लेकर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। उत्कृष्ट सेवा देने वाले कर्मचारियों को ‘बेस्ट सेवक’ या ‘बेस्ट स्माइल’ के रूप में प्रोत्साहित करने की गतिविधि प्रस्तावित है।
जयपुर में ATM में कैश डालने गए बैंक कर्मचारियों से 41.70 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने बुधवार को युवती को अरेस्ट किया। युवती ने बॉयफ्रेंड और उसके साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। मामले में पुलिस बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया- युवती अंशु कुमारी जाटव (22) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अंशु कुमारी की निशानदेही पर लूटे गए रुपए में से 26.80 लाख रुपए उसके किराए के कमरे बजरंग दीप प्रथम श्रीकृष्णपुरा रामनगरिया से बरामद किए गए हैं। वारदात में शामिल अंशु कुमारी का बॉयफ्रेंड मासलपुर करौली निवासी मस्तराम मीणा, उसके दो साथी पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जांगम फरार चल रहे हैं। डीसीपी ईस्ट ने बताया- 14 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे बैंक कर्मचारी अक्षयपात्र के पास बैंक ऑफ इंडिया के ATM में कैश डालने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दो बदमाशों ने हथियार की नोक पर उनसे करीब 41.70 लाख रुपए कैश से भरा बैग लूट लिया था। एक अन्य व्यक्ति कार लेकर कुछ दूरी पर खड़ा था। लूट के बाद बाइक सवार बदमाशों ने कैश कार में शिफ्ट कर दिया, ताकि पुलिस की नाकाबंदी को चकमा दिया जा सके। बॉयफ्रेंड ने बताई थी ATM की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था मस्तराम ने युवती को बताया था कि अक्षयपात्र के पास बैंक ऑफ इंडिया का ATM है। उसके मुताबिक वहां नियमित रूप से कैश निकाला जाता है और कैश लेने के दौरान अक्सर एक महिला कर्मचारी के साथ एक पुरुष होता है। ATM की रेकी के बाद बनाई थी लूट की साजिश पुलिस के मुताबिक- बैंक अधिकारियों से जानकारी मिली कि ATM से कैश निकालने का समय निश्चित नहीं था। पिछले तीन दिन की छुट्टियों के बाद ATM में बड़ी रकम जमा थी। इसी आधार पर पुलिस ने रेकी के एंगल को भी जांच में शामिल किया। जांच के दौरान ATM के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमती एक युवती पुलिस के रडार पर आई। पुलिस ने युवती की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके बारे में जानकारी जुटाई। वारदात के दिन युवती ने दी थी कैश पहुंचने की सूचना बैंक कर्मचारी जब 14 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे ATM पर पहुंचे तो युवती ने तुरंत साथियों को इसकी सूचना दी और वहां से निकल गई। इसके बाद दो बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों से हथियार की नोक पर कैश लूट लिया। पुलिस के अनुसार- लूट के बाद पैसे को बाइक से एक कार में शिफ्ट किया गया। इसके बाद कैश को दो हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा आरोपी युवती के किराए के कमरे में रखे सूटकेस में छिपा दिया गया, जबकि बाकी रुपए लेकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कपड़े भी बदले। कमरे से 26.80 लाख रुपए बरामद DST टीम ने युवती अंशु कुमारी के संदिग्ध पाए जाने के बाद किराए के मकान में पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में युवती ने वारदात से जुड़े राज खोल दिए। उसकी सूचना पर पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां सूटकेस से लूट के 26.80 लाख रुपए बरामद कर लिए गए। अंशु कुमारी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। बैंक कर्मचारी की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी आपस में एक बैंक कर्मचारी का नाम ले रहे थे। ऐसे में पुलिस वारदात में किसी बैंक कर्मचारी की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों को ATM में कैश आने और बैंक कर्मचारियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी कहां से मिली। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में बैंक ATM पर पिस्तौल दिखाकर 42 लाख लूटे,VIDEO:कर्मचारियों ने डिपोजिट मशीन से निकाला था कैश, बैग छीनकर फरार हो गए बदमाश जयपुर में अक्षयपात्र चौराहे के पास बैंक ऑफ इंडिया के ATM बूथ पर 42 लाख रुपए की लूट हो गई। बैंककर्मी एटीएम बूथ में लगी डिपोजिट मशीन से रुपए निकालने आए थे। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाश हेलमेट लगाकर आए और पिस्तौल दिखाकर रुपए से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना सोमवार सुबह करीब 10:41 बजे की है। (पूरी खबर पढ़ें)
बीकानेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत के आंकड़े से दो सीट ज्यादा हासिल की हैं। लेकिन वार्ड 50 से कांग्रेस के टिकट पर जीते पार्षद नवरतन डागा ने पार्टी से बगावत कर दी है। डागा ने मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने निर्दलीय पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में करने की कवायद तेज कर दी है। वहीं कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी है। बुधवार को हुए नामांकन के बाद मेयर पद के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने अनिल कल्ला को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने सुरेंद्र सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद नवरतन डागा ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है। डागा ने कांग्रेस के सिंबल से भी नामांकन दाखिल किया था। सिंबल नहीं मिलने की स्थिति में उनका कांग्रेस वाला पर्चा खारिज होगा, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल नामांकन बना रहेगा। यदि वे नाम वापस नहीं लेते हैं तो मेयर पद के चुनाव में उनकी दावेदारी कायम रहेगी। अब पढ़िए- दावेदारों की प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण विरासत में मिली राजनीति, शुरू से सक्रिय रहे अनिल कल्लाकांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला लंबे समय से राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उनके पिता जनार्दन कल्ला पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला की स्थानीय राजनीति को संभालते रहे हैं। अनिल कल्ला राजीव यूथ क्लब का संचालन कर रहे हैं। क्लब के माध्यम से उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक आयोजन भी किए। हाल ही में अनिल कल्ला को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने मदन गोपाल मेघवाल को शहर अध्यक्ष बनाया। अब मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी में अनिल कल्ला का कद भी बढ़ गया है। ABVP से मेयर पद की दावेदारी तक पहुंचे सुरेंद्रभाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत भी छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति में आए हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) से जुड़े रहे हैं। कॉलेज की राजनीति के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के समर्थक के रूप में भी उनकी पहचान रही। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई। सुरेंद्र सिंह शेखावत पंचशती सर्किल पर कब्जे तोड़ने के खिलाफ चले आंदोलन की अगुवाई भी कर चुके हैं। राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए भी वे सक्रिय रहे हैं। विवाद के बाद चर्चा में आए नवरतन डागानवरतन डागा बिजनेसमैन हैं और कांग्रेस की विचारधारा के साथ काम करते रहे हैं। वार्ड 50 से कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद टिकट के दावेदार मोहित अरोड़ा नाराज हो गए थे। इसी दौरान अरोड़ा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के बीच मारपीट का वीडियो सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भाजपा की सोशल मीडिया विंग ने इस घटना को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। अब उसी वार्ड से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले नवरतन डागा के मेयर पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल करने से कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। शहर अध्यक्ष ने की अनिल कल्ला के समर्थन की अपीलशहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिकृत मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों से अनिल कल्ला को पूर्ण सहयोग और समर्थन देने की अपील की है। जैसलमेर में कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदीडागा की बगावत के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों की निगरानी बढ़ा दी है। कांग्रेस के पार्षदों को बीकानेर से जैसलमेर ले जाया गया था और उन्हें 21 सितंबर तक वहीं रखने की बात सामने आई है। पार्टी खेमे में पार्षदों से बाहरी संपर्क सीमित रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस खेमे में कुछ निर्दलीय पार्षदों के भी होने की चर्चा है, हालांकि पार्टी स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला ने भी इसे पार्टी की रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा था कि रणनीति सार्वजनिक नहीं की जा सकती। ……………………………. बीकानेर निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत, 42 सीटें जीती:भाजपा पिछड़ी; पूर्व मेयर हारी, पूर्व मंत्री के भतीजे जीते, पढ़िए- पूरा रिजल्ट बीकानेर नगर निगम के 80 नवनिर्वाचित पार्षदों की पूरी प्रोफाइल:कहीं 26 तो कहीं 2398 वोटों से जीते प्रत्याशी; जानिए- किस वार्ड में कितना रहा मार्जिन बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड, मेयर कौन?:कल्ला, डोटासरा और नाहटा सहित 6 नाम दौड़ में, पढ़ें- किसके पक्ष में समीकरण
इंदौर के खजराना गणेश को बुधवार को 501 किलो का लड्डू का भोग अर्पित किया। बीजेपी प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे अपने समर्थकों के साथ खजराना गणेश मंदिर पहुंचे और भगवान को 501 किलो का लड्डू का भोग अर्पित किया। साथ ही भगवान गणेश की आरती की। इस दौरान भगवान के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। खजराना गणेश मंदिर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। भगवान का रोजाना सुंदर श्रृंगार करने के साथ बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे है। बुधवार शाम बीजेपी के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे अपने समर्थकों के साथ मंदिर परिसर पहुंचे और भगवान गणेश को 501 किलो का लड्डू का भोग अर्पित किया और भगवान गणेश की महाआरती की। उन्होंने भगवान लंबोदर से इंदौर सहित पूरे प्रदेश और देशवासियों की सुख, समृद्धि और शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। ढोल-धमाकों के साथ पालकी में लेकर पहुंचेइस मौके पर बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। 501 किलो लड्डू दर्शनार्थियों और भक्तों के बीच खासा कौतुहल व आकर्षण का केंद्र बना रहा। ढोल-धमाकों के साथ पालकी को सजाकर लड्डू को ले जाया गया। पूरा मंदिर परिसर जय श्री गणेश और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल 301 किलो का लड्डू अर्पित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रितेश तिवारी, अंकुर पांडे, आशीष हिंदुजा, अजय अग्निहोत्री, हर्षवर्धन बर्बे सहित बड़ी संख्या में युवा एवं लोग मौजूद रहे। महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
कानपुर से प्रयागराज के बीच 200 किलोमीटर लंबा प्राचीन नदी मार्ग (पैलियो चैनल) खोजा गया है, जो जमीन से 25 मीटर नीचे है। इसका उपयोग वर्षा जल को भूजल में पुनर्भरण करने के लिए किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलेगा। इसका लक्ष्य 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचना और 'सेवा सेतु शिविरों' के माध्यम से योजनाओं का लाभ मौके पर उपलब्ध कराना है।
महोबा में किसान अपने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि लगातार फसल नुकसान और साहूकारों के कर्ज व उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला खरेला थाना क्षेत्र के हले थर्ड मोहल्ले का है। पांच बीघा अपनी, 100 बीघा बटाई पर लेते थे किसान हरगोविंद प्रजापति (52) के पास पांच बीघा अपनी जमीन थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह गांव में करीब 100 बीघा जमीन बटाई और बलकट पर लेकर खेती करते थे। परिजनों के मुताबिक, पिछले चार साल से फसल अच्छी नहीं हो रही थी। इस साल फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। साहूकारों पर उत्पीड़न का आरोप मृतक के बेटे बाबूराम और रिश्तेदार दिलीप कुमार ने बताया कि लगातार नुकसान के कारण हरगोविंद साहूकारों के कर्ज में दब गए थे। उनका आरोप है कि रकम वापस न कर पाने पर साहूकार उन्हें अपमानित करते थे, फोन पर गालियां देते थे और रास्ता रोककर दबाव बनाते थे। परिजनों ने फसल बर्बादी और कथित उत्पीड़न को घटना की वजह बताया है। परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की हरगोविंद तीन बेटों के पिता थे। उनकी मौत से परिवार में मातम है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद देने और कथित उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विभाग से पूछा है कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति क्यों दी गई, जबकि बाकी याचियों को अब तक समान लाभ क्यों नहीं मिला। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। याचियों ने न्यायालय को बताया कि एक अंक के विवाद से प्रभावित 2249 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होना था। इसके बावजूद 7 मई 2026 को सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति मिली। याचियों का कहना था कि जब एक अभ्यर्थी को समान विवाद में नियुक्ति का लाभ मिला है, तो बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखने का कारण साफ किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जवाब मांगा है।
हिंदी के विस्तार से समृद्ध हो रही भारतीय संस्कृति, नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर
दैनिक जागरण द्वारा मुजफ्फरपुर में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति का सशक्त संवाहक बताया। उन्होंने हिंदी के विस्तार से भारतीय संस्कृति के समृद्ध होने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पर कानकोर्स संरचना के निर्माण के कारण 27 दिनों का ब्लॉक लिया गया है, जिससे कानपुर से लखनऊ आने-जाने वाली कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। कुछ ट्रेनों को मानकनगर और उतरेटिया तक सीमित किया गया है, जबकि अन्य को ऐशबाग और मल्हौर जैसे वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।
यूपी में जल संरक्षण के लिए खजाना खुला, 1.65 करोड़ से जमीन के नीचे पहुंचाया जाएगा बारिश का पानी
योगी सरकार ने गंगा-यमुना दोआब में 1.65 करोड़ रुपये की 'प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण' परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य बारिश के पानी को भूजल में पहुंचाना है। इस परियोजना के तहत कानपुर से प्रयागराज के बीच 200 किमी लंबी प्राचीन भूमिगत नदी प्रणाली की पहचान की गई है, जो भूजल पुनर्भरण में सहायक होगी।
रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है। यह शिविर प्राइवेट हॉस्पिटल में 17 से 25 सितंबर तक चलेगा। शिविर का शुभारंभ 17 सितंबर को होगा। लोग सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वास्थ्य जांच करा सकेंगे। इस दौरान करीब 6,800 रुपए की स्वास्थ्य जांच पूरी तरह मुफ्त की जाएगी। स्वास्थ्य शिविर में होगी 10 तरह की जांच सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि शिविर में करीब 10 तरह की जांच की जाएगी। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रहेगी, जो लोगों की जांच और स्वास्थ्य संबंधी सलाह देगी। इस अभियान में सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, युवा विंग अध्यक्ष जीतू लोहाना, महिला विंग अध्यक्ष काजल सचदेव, महामंत्री लक्ष्मी बजाज चंचलानी, महक होतवानी, चेयरमैन नीता कुकरेजा, मानसी कुकरेजा, सोनिया कुकरेजा, सिमरन कुकरेजा, गरिमा छाबरिया, श्वेता सचदेव और श्वेता साधवानी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
बंद मकान का शटर काटकर लाखों के जेवर चोरी:निगरानी बदमाश समेत 2 गिरफ्तार, 3.50 लाख का माल बरामद
पुरानी बस्ती पुलिस ने सूने मकान में शटर काटकर लाखों के जेवर और नगदी चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पुलिस का निगरानी बदमाश है। दोनों ने प्रोफेसर कॉलोनी में मकान सूना पाकर शटर गेट काटा और अंदर घुसकर अलमारी से सोने-चांदी के जेवर, सिक्के और नगदी समेत अन्य सामान चोरी किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल बुलेट समेत करीब 3.50 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। 27 अगस्त को घर में ताला लगाया, 31 को चोरी का पता चला प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मकान मालिक 27 अगस्त को घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। 31 अगस्त को घर में काम करने वाली महिला ने फोन कर बताया कि मकान का शटर गेट कटा हुआ है और अंदर सामान बिखरा पड़ा है। इसके बाद मकान मालिक 1 सितंबर को वापस पहुंचे तो चोरी का पता चला। जांच करने पर अलमारी में रखे चांदी के सामान और जेवर, सोने के सिक्के, चेन, ईयररिंग, नोजपिन, ब्रेसलेट, मोती का हार, सैमसंग मोबाइल समेत अन्य सामान गायब मिला। इसके बाद पुरानी बस्ती थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। CCTV में तलाश, पुराने चोरों की कुंडली खंगाली मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पुरानी बस्ती पुलिस की टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ मकान मालिक, काम करने वाली महिला और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इलाके में लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। पुलिस ने चोरी के पुराने मामलों में जेल जा चुके आरोपियों और हाल ही में जेल से बाहर आए बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पुरानी बस्ती थाने का निगरानी बदमाश भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी घटना स्थल के आसपास संदिग्ध हालत में देखा गया था। पूछताछ में साथी का नाम बताया पुलिस ने भूपेन्द्र उर्फ गजनी को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने अपने साथी करण ताण्डी के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद करण को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की निशानदेही पर सोने-चांदी के विभिन्न जेवर, चांदी के सिक्के, नगदी और घटना में इस्तेमाल बुलेट वाहन बरामद किया गया। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3.50 लाख रुपए बताई गई है। दोनों पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके पुलिस के अनुसार भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी पुरानी बस्ती थाने का निगरानी बदमाश है। उसके खिलाफ इसी थाने में नकबजनी और चोरी के 4 मामले पहले से दर्ज हैं और वह इन मामलों में जेल जा चुका है। वहीं करण ताण्डी भी चोरी और नकबजनी के 2 मामलों में पुरानी बस्ती थाने से जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी भूपेन्द्र पटेल उर्फ गजनी (26) पिता स्व. रोहित पटेल, निवासी दंतेश्वरी चौक, गोपियापारा, पुरानी बस्ती, रायपुर। करण ताण्डी (24) पिता राजेश ताण्डी, निवासी दंतेश्वरी मंदिर के पीछे, डबरीपारा, कुशालपुर, पुरानी बस्ती, रायपुर।
बुलंदशहर में आगामी नवरात्र मेले एवं अखाड़ों के आयोजन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न अखाड़ा अध्यक्षों एवं प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान धार्मिक झांकियों एवं कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। संगठन की ओर से अखाड़ा अध्यक्षों को पत्र सौंपकर आग्रह किया गया कि धार्मिक झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूप को फिल्मी अथवा लोकगीतों पर नृत्य प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत न किया जाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नवरात्र मेले एवं अखाड़े केवल मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं। इन आयोजनों में भगवान श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण, गौरा-पार्वती तथा अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में उनके स्वरूप की प्रस्तुति करते समय धार्मिक भावनाओं एवं मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी भी धार्मिक आयोजन में बाधा डालना नहीं है, बल्कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखना है। इसी उद्देश्य से अखाड़ा अध्यक्षों एवं संचालकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आग्रह किया गया है कि झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूपों को मनोरंजन अथवा फिल्मी नृत्य का हिस्सा न बनाया जाए। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि मेले और अखाड़े हिंदू समाज की पुरानी परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। इसलिए सभी आयोजकों की जिम्मेदारी है कि कार्यक्रमों में ऐसी प्रस्तुति रखी जाए जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो और मेले की गरिमा भी बनी रहे। कार्यकर्ताओं ने अखाड़ा अध्यक्षों से आयोजन के दौरान अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सुनील, जिला मंत्री विनोद, पूर्व जिला सह गौ रक्षा प्रमुख अरुण हिन्दू, शक्ति गिरी, पवन कश्यप, दीपक ठाकुर, जिला गौ रक्षा प्रमुख हरिशंकर, ध्रुव ठाकुर, रुद्र सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बाड़मेर में अवैध फैक्ट्री की सूचना पर पुलिस डीएसटी टीम ने दबिश दी। वहां पर पनीर की फैक्ट्री बनाई जा रही थी। इस पर पुलिस ने फूड इंस्पेक्टर को सूचना दी गई। टीम ने वहां पर खाद्य पदार्थो के सैंपल लिए गए। जांच के लिए जोधपुर लेबोरेट्री भेजी गई है। वहीं करीब 250 किलो पनीर और 800 लीटर दूध को नष्ट करवाया गया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगी। कार्रवाई जैसलमेर रोड़ पेट्रोल पंप के पीछे शाम करीब चार बजे की है। दरअसल, बाड़मेर डीएसटी टीम को सूचना मिली थी कि जैसलमेर रोड सोढ़ा पेट्रोल पंप के पीछे अवैध फैक्ट्री चल रही है। इस पर डीएसटी टीम वहां पर दबिश दी। जांच पड़ताल करने पर पनीर बनाने की फैक्ट्री मिली। इस पर डीएसटी टीम ने खाद्य विभाग को सूचना दी। इस पर खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौका मुआयना किया। वहां पर चार ड्रमों में भरा करीब 800 लीटर दूध और 250 किलो पनीर मिला। संदेह लगने पर टीम ने दूध और पनीर को नष्ट करवाया गया। फूड इंस्पेक्टर ने बताया- मुकेश कुमार पुत्र मेवाराम खत्री मालिक वहां पर फैक्ट्री में पनीर बना रहा था। पनीर और दूध संदिग्ध लगने पर हमने उनको वहां पर नष्ट करवाया है। फिलहाल हमने दूध और पनीर सैंपल लेकर जांच के लिए लेबोरट्री भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल का अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम हाईकोर्ट ऑडिटोरियम में रखा गया। इसमें वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर खास मेहमान के तौर पर मौजूद थे। एसोसिएशन अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर का साफा पहनाकर स्वागत किया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्यों, सरकारी वकीलों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने फूल भेंटकर अतिथियों का अभिनंदन किया। वकीलों से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान करने की अपील स्वागत भाषण में अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने कहा- मुख्य न्यायाधीश का राजस्थान हाईकोर्ट में आना बार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से न्यायाधीशों की स्थायी सिटिंग, शनिवार को भी काम करने और न्यायाधीशों के स्वीकृत पद बढ़ाने जैसे वकीलों से जुड़े खास मुद्दों का जल्दी समाधान करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में हाईकोर्ट की न्यायिक प्रतिष्ठा और मजबूत होगी। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल ने वकीलों के प्रति प्यार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और बार के बीच मजबूत और अच्छा तालमेल न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाता है। एसोसिएशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीश को यादगार चिन्ह भी दिए गए। इस मौके पर महासचिव डॉ. अरुण कुमार झाझड़िया, सहसचिव डॉ. मिलाप चोपड़ा, कोषाध्यक्ष रघुवीर सिंह भाटी, पुस्तकालय सचिव कोमल आर. वर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, बार कौंसिल के सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्ता, सरकारी अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे।
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत गुरुवार को वाराणसी से होगी। अभियान के तहत वाराणसी से वडनगर तक बाइक यात्रा निकाली जाएगी। बुधवार को यात्रा की तैयारियों का कार्यकर्ताओं और युवाओं ने अवलोकन किया। इस दौरान काशी क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भाजपा काशी क्षेत्र के मनीष मौर्य ने बताया कि अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
जयपुर के स्वास्थ्य भवन में इन दिनों एक अलग ही मामला देखने को मिल रहा है। एक डॉक्टर अपनी अटेंडेंस (हाजिरी) रजिस्टर या ऑनलाइन करने के बजाए ऑफिस की दीवार पर दो दिन (15 और 16 सितंबर) से कर रहे हैं। डॉक्टर का ये मामला इन दिनों पूरे चिकित्सा महकमे में चर्चा का विशेष बना हुआ है। स्वास्थ्य भवन में जब यह बात फैली तो इसे लेकर पूरे महकमे में चर्चा शुरू हो गई। दरअसल डॉ. हंसराज भदालिया का पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने टोंक से तबादला करके जयपुर में अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित जैसे अहम पद पर कर दिया, लेकिन विभाग ने डॉ. भदालिया के जॉइनिंग करने से पहले ही इस आदेश में संशोधन करके उनका ट्रांसफर अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित जयपुर की जगह तोपखाना राजकीय डिस्पेंसरी जयपुर कर दिया। इस संशोधित आदेश के खिलाफ भदालिया ने कोर्ट में याचिका लगाई। जहां कोर्ट ने संशोधित आदेश को स्थगित करते हुए डॉ. भदालिया को पूर्व की जगह कार्यरत करने के निर्देश दिए। टोंक के बजाए जयपुर में बैठने लगे कोर्ट के इस आदेशों की प्रति लेकर डॉ. भदालिया स्वास्थ्य भवन में निदेशक के यहां पहुंचे और जॉइनिंग की अर्जी दी। इसके बाद भी निदेशक ने जयपुर के बजाए पूर्व में कार्यरत टोंक में ही दोबारा जॉइनिंग देने के लिए कहा। वहीं डॉ. भदालिया टोंक जॉइन करने के बजाए विभाग के ऑफिशियल बिना जॉइन करवाए जयपुर स्वास्थ्य भवन स्थित अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित के चैंबर में जाकर बैठने लग गए। रजिस्टर नहीं मिला तो दीवार पर लगा दी हाजिरी विभाग की बिना मंजूरी के अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित के चैंबर में जाकर बैठने पर विभाग ने डॉ. भदालिया की जॉइनिंग को ऑफिशियली नहीं माना। न ही उनकी हाजिरी जयपुर में अप्रूव की। इस पर डॉ. भदालिया जिस चैंबर में बैठे, वहां मौजूद कुर्सी के पीछे दीवार पर ही अपनी हाजिरी पैन से लिखकर लगा दी।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के खेल कौशल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में खेल उपकरण खरीदने और खेल के मैदानों के विकास के लिए 33.96 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक पात्र स्कूल को 1-1 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी। यह आदेश शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव (IAS) विजय सिंह दहिया की ओर से जारी किए गए हैं। हरियाणा के राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय को यह फंड खर्च करने की अनुमति दे दी गई है। शिक्षा विभाग को यह संपूर्ण बजट 31 मार्च 2027 तक खर्च करना होगा। DEO के जरिये किया जाएगा बजट वितरण आरोही स्कूलों को बजट वितरण संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के माध्यम से किया जाएगा। इस 1-1 लाख रुपए के बजट का उपयोग किस प्रकार और किन-किन खेलों की सामग्री पर किया जाना है, इसके लिए अलग से एसओपी जारी की जाएगी। पूरा खर्च स्वीकृत बजट सीमा के भीतर ही होना चाहिए और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही नियम अनुसार खर्च किया जाएगा। योजना वार्षिक प्लान में शामिल होनी चाहिए और स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक राशि नहीं खर्च की जाएगी। स्कूलों में खेल सुधार के लिए सरकार के 4 बड़े फैसले
लखनऊ के बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्रों को कचरा प्रबंधन और 4 बिन सिस्टम के बारे में बताया गया। यूको क्लब प्रभारी और विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह, नगर पंचायत बख्शी का तालाब और आईसीटी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से यह जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम में बच्चों को कचरे को स्रोत पर ही अलग करने के आसान तरीके सिखाए गए। उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के फायदे समझाए गए। साथ ही, गीले कचरे से घर पर जैविक खाद बनाने का तरीका भी बताया गया। कचरा जलाकर सोलर पैनल चार्ज करने का मॉडल तैयार हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि साफ-सफाई की शुरुआत घर से और कचरा अलग करने की शुरुआत स्रोत से होती है। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष गणेश रावत से कचरा प्रबंधन पर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि कचरा जलाकर सोलर पैनल चार्ज करने का एक नया मॉडल तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम से स्कूल में शिक्षकों और छात्रों की मदद से कचरा जोन बनाने में भी मदद मिलेगी। इस दौरान प्रधानाचार्य, आईसीटी सहायक प्रबंधक सुभाष चंद्र त्रिपाठी, कोऑर्डिनेटर अनुराग पांडेय समेत स्कूल का पूरा स्टाफ शामिल हुए।
नीमच में 21 लाख का डोडाचूरा पकड़ा:राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार, रतनगढ़ का आरोपी मौके से भागा
नीमच जिले की रतनगढ़ पुलिस ने काकरिया तलाई बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान एक बोलेरो नियो कार से 141 किलो 800 ग्राम अवैध डोडाचूरा पकड़ा है। इसकी कीमत करीब 21.27 लाख है। रतनगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार, काकरिया तलाई चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान राजस्थान की ओर से आ रही एक बिना नंबर की काले रंग की बोलेरो नियो को रोका गया। गाड़ी रुकते ही चालक के पास बैठा व्यक्ति अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकला। हालांकि, पुलिस ने कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर 7 प्लास्टिक के बोरों में भरा 141 किलो 800 ग्राम डोडाचूरा मिला। अजमेर का तस्कर गिरफ्तार पकड़े गए आरोपी की पहचान योगेंद्र सिंह उर्फ जॉनी (34), निवासी अजमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि फरार साथी गणेश धाकड़ है, जो रतनगढ़ थाना क्षेत्र के काकरिया तलाई का ही रहने वाला है। NDPS एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने 8 लाख रुपये कीमत की बोलेरो और 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत केस दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की जांच शुरू कर दी गई है।
लखनऊ में मिसिंग लिंक ट्रस्ट (MLT) ने बाल सुरक्षा के लिए खुली बात लॉन्च किया है। बच्चों की सुरक्षा हमेशा एक भरोसेमंद बातचीत से शुरू होती है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट के तहत 69,191 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 96 प्रतिशत से ज़्यादा मामलों में आरोपी करीबी लोग थे। बच्चों का शोषण न हो, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें रिश्तों की सीमा, सहमति और हेल्दी रिलेशन को समझने की जानकारी हो। उन्हें यह पता होना चाहिए कि कब और कैसे मदद लेनी है। ये सारे कदम बाल शोषण को रोकने के लिए आवश्यक हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि माता-पिता, शिक्षकों और बच्चों की देखभाल करने वालों के पास बच्चों की बात सुनने, जवाब देने और उनका साथ देने के लिए पर्याप्त जानकारी हो। MLT ने Capgemini India के साथ मिलकर 'खुली बात' लॉन्च किया। मिसिंग लिंक ट्रस्ट की फाउंडर ट्रस्टी और सीईओ, लीना केजरीवाल ने कहा, खुली बात एआई मॉडल से मिलने वाली कोई आम सलाह नहीं है। यह हमारे दस साल से अधिक समय तक किए गए ज़मीनी काम पर आधारित है। इसमें जोखिम के सही और स्थानीय पैटर्न को ध्यान में रखा गया है और यह भारतीय परिवारों की असल ज़िंदगी की स्थितियों के प्रति संवेदनशील है। हर जवाब एक सोच-समझकर तैयार किए गए नॉलेज बेस से आता है, जिसे पूर्वाग्रह, जेंडर और पावर डायनामिक्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि अलग-अलग स्तर की डिजिटल पहुँच और जानकारी रखने वाले वयस्क भी इसका इस्तेमाल कर सकें। यह सिर्फ़ जानकारी देने तक सीमित नहीं है। यह परिवारों को वास्तविक, स्थानीय सपोर्ट और रिपोर्टिंग के तरीकों से जोड़ता है। इसलिए इसका मकसद सिर्फ़ वयस्कों को जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझने में मदद करना है कि वे क्या देख रहे हैं और उसके हिसाब से सही कदम उठा सकें।
बेमेतरा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृतलाल रोहलडेकर को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर महिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) से गाली-गलौज करने, आपत्तिजनक बातें कहने और गलत तरीके से छूने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद की गई है। 15 सितंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में बताया गया है कि बेमेतरा कलेक्टर के पत्र और 24 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान महिला CHO के साथ-साथ दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी लिए गए। जांच में डॉ. रोहलडेकर पर लगाए गए आरोप पहली नजर में सही पाए गए। जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की थी। सरकारी नियमों के उल्लंघन का मामला जांच में सामने आए व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है। इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। अब उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जगदलपुर में रहेगा मुख्यालय निलंबन के दौरान डॉ. रोहलडेकर का मुख्यालय स्वास्थ्य सेवाएं संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय, जगदलपुर संभाग-बस्तर तय किया गया है। वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रयागराज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हरबंश सिंह ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अधिवक्ता हित को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। उन्होंने कहा कि वोट डालते समय अधिवक्ताओं को यह जरूर देखना चाहिए कि वे कैसी बार एसोसिएशन चाहते हैं। हरबंश सिंह ने जोर दिया कि एक-एक वोट अधिवक्ताओं के आने वाले साल का भविष्य तय करता है, इसलिए मतदान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हरबंश सिंह ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं को ऐसी बार एसोसिएशन बनाने के लिए मतदान करना चाहिए, जो उनकी समस्याओं और बातों को सुने। इसके बाद उन समस्याओं को बेंच और शासन के सामने रखकर उनके समाधान के लिए कोशिश की जा सके। उन्होंने समझाया कि जिस तरह कोई सामान खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को परखा जाता है, उसी तरह मतदान करते समय भी अधिवक्ताओं को अपने निर्णय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हरबंश सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि हाईकोर्ट की कार्यशैली हाईकोर्ट रूल्स और तय नियमावली के हिसाब से चलनी चाहिए। उनका कहना है कि अलग-अलग कोर्ट में अलग-अलग समय और प्रक्रिया के कारण अधिवक्ताओं को जो दिक्कतें होती हैं, उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं को अपने काम के दौरान जिन असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें दूर करने के लिए कोशिश की जाएगी। हरबंश सिंह का जोर हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को नियमों के अनुरूप बनाए रखने और अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने पर रहेगा।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बुधवार को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पांच महीने से धरने पर बैठी महिलाओं ने आपत्ति जताई। कार्रवाई के दौरान महिलाएं नाराज दिखाई दीं। उनका कहना था कि मकान और कारोबार खत्म होने के बाद अब उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद करीब 6:30 बजे से इलाके में बिजली और पानी की व्यवस्था बंद है। महिलाओं का कहना था कि बच्चों के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं है। महिलाओं ने कहा- मकान तोड़ दिए हमारे, हमारा बिजनेस सारा खत्म कर दिया। हम लोगों के पास पानी भी नहीं है, भूखे-प्यासे मर रहे हैं बच्चे हमारे। पांच महीने से धरने पर बैठी थीं महिलाएं महिलाओं ने बताया कि वे पिछले पांच महीने से धरने पर बैठी थीं। उनका आरोप है कि आवास विकास की ओर से लगातार मीटिंग के लिए बुलाया जाता रहा, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। महिलाओं ने कहा- हम लोग पांच महीने से धरने पर बैठे थे। कुछ भी नहीं हुआ। आवास विकास रोज बुला रहा है कि मीटिंग है। इनकी मीटिंग ही नहीं हो रही। रोज मीटिंग है, ये हो रहा है, वो हो रहा है। अचानक शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई महिलाओं का कहना था कि एक तरफ उनकी समस्याओं को लेकर लंबे समय से बातचीत चलती रही, वहीं बुधवार को अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उनका आरोप है कि कार्रवाई के बाद परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
जालौन में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और नशीला पदार्थ खिलाकर रेप के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। बुधवार शाम को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने अबरार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 53 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अबरार के खिलाफ पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत अपर जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज राजपूत और शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत के अनुसार, कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने 7 दिसंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 16 जनवरी 2022 को घर से चली गई थी। आरोप लगाया कि भगत सिंह नगर, कोंच निवासी अबरार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। बेटी के फोन के बाद पिता ने दी पुलिस को सूचना अभियोजन के मुताबिक, काफी समय बाद 7 दिसंबर को किशोरी ने फोन कर पिता को बताया कि उसकी जान को खतरा है और अबरार उसे जान से मारने की फिराक में है। पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी की धमकी के कारण वह पहले शिकायत नहीं कर सके। बेटी का फोन आने के बाद उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी। सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने अबरार को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में उसके कलमबंद बयान दर्ज कराए गए। किशोरी ने नशीला पदार्थ खिलाने का लगाया आरोप अदालत में दिए बयान में किशोरी ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी 2022 को अबरार उसे मंदिर ले गया था। वहां उसने लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। बेहोश होने के बाद आरोपी उसे दिल्ली ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के अनुसार, कुछ दिन बाद आरोपी उसके साथ मारपीट करने लगा, जिसके बाद उसने परिवार को घटना की जानकारी दी। जांच के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पुलिस ने जांच और किशोरी के बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद 9 फरवरी 2023 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने अबरार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 53 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
लखनऊ में पीड़ित परिवार से मुलाकात:पूजा शुक्ला ने सौंपी आर्थिक मदद, अखिलेश यादव ने दिया नौकरी आश्वासन
लखनऊ के भरतनगर में बुधवार को समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा शुक्ला ने स्वर्गीय मदन बिहारी तिवारी के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से दी गई एक लाख रुपये की सहयोग राशि परिवार को सौंपी। पूजा शुक्ला ने परिवार की अखिलेश यादव से फोन पर बात भी कराई। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए अखिलेश यादव का आभार जताया। अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। पूजा शुक्ला ने परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही। इस मौके पर पार्षद ललित तिवारी, अभिषेक मिश्रा, डॉ. हमज़ा बिलाल, सुधीर मौर्य, सरकार यादव, अनिरुद्ध त्रिपाठी, ऋषि यादव और अनुराग यादव आदि मौजूद रहे।
कानपुर, उन्नाव समेत उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में गुरुवार, 17 सितंबर को ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। मरीजों को सलाह दी गई है कि अस्पताल जाने से पहले संबंधित विभाग और डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी अवश्य देख लें।
बालाघाट में पटवारियों ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन आदेश 2026 के खिलाफ प्रदर्शन किया। बुधवार को जिले के 300 से अधिक पटवारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नए आदेश को वापस लेने की मांग की। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष अरुण बिरनवार ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत आबादी की जमीन पर काबिज लोगों के अधिकार पत्र, खसरा और खतौनी तैयार हो चुके हैं। अब सरकार इनकी रजिस्ट्री में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता पक्ष) के रूप में शामिल कर रही है। पटवारियों का तर्क है कि सीमा, क्षेत्रफल या पारिवारिक विवाद कोर्ट में पहुंचने पर उन्हें बेवजह कानूनी पचड़ों में घसीटा जाएगा, जिसका आर्थिक बोझ उठाना उनके लिए संभव नहीं होगा। जियो टैग और फार्मर ID पर भी रखीं मांगें अपनी अन्य समस्याओं को लेकर भी पटवारियों ने प्रशासन के सामने मांगें रखीं। जियो टैग गिरदावरी में आ रही तकनीकी खामियों का समाधान होने तक काम पर रोक लगाई जाए। फार्मर ID बनने में आ रही प्रदेश स्तरीय तकनीकी देरी का ठीकरा पटवारियों पर न फोड़ा जाए और किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न हो।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन की ओर से 17 सितंबर को GIC मैदान में प्रस्तावित मजदूर-किसान महापंचायत को लेकर यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। कार्यक्रम के चलते गुरुवार शाम 4 बजे से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। पुलिस ने लोगों से महावीर चौक और सर्कुलर रोड की ओर जाने से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे के अनुसार, एसडी तिराहे से जानसठ फ्लाईओवर के नीचे होते हुए महावीर चौक की ओर रोडवेज बस, कार, बाइक और अन्य वाहनों का आवागमन शाम 4 बजे से प्रतिबंधित रहेगा। रोडवेज बसों को छोड़कर अन्य वाहन एसडी तिराहे से रोडवेज बस अड्डा और प्रकाश चौक होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। प्रकाश चौक से भारी वाहनों और बसों को महावीर चौक की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। जानसठ रोड स्थित टिकैत चौक से केवल दोपहिया और चारपहिया वाहन महावीर चौक की ओर जा सकेंगे। ई-रिक्शा, रोडवेज बस, निजी बस और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मिनाक्षी चौक से भी लोडर और भारी वाहनों को महावीर चौक की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। सुजडू चुंगी से दोपहिया वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों को सर्कुलर रोड पर महावीर चौक की ओर आने से रोका जाएगा। इसके अलावा महावीर चौक से सर्कुलर रोड पर A2Z फाटक चौराहे तक बाईं ओर का मार्ग बंद रहेगा। इस मार्ग पर यातायात दाईं ओर से संचालित किया जाएगा। रात में होगी महापंचायत GIC मैदान में होने वाली महापंचायत को लेकर भाकियू पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार कार्यक्रम रात में आयोजित किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, उसके दशकों पुराने संघर्ष के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी महापंचायत रात के समय होगी। भाकियू ने मुजफ्फरनगर के अलावा दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया है। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि इस बार महापंचायत में बड़े भंडारे की व्यवस्था नहीं होगी। संगठन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने साथ दो साथियों के लिए घर से भोजन लेकर आएं। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचने की संभावना को देखते हुए GIC मैदान में जगह भरने पर सड़क के दोनों ओर ट्रैक्टर खड़े कराने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम में रागिनी और पंजाबी गायकों की प्रस्तुतियां भी होंगी। संगठन के अनुसार, महापंचायत का समापन सुबह करीब 5 बजे होगा। महापंचायत को लेकर GIC मैदान में तैयारियां चल रही हैं। यातायात पुलिस ने लोगों से कार्यक्रम के दौरान असुविधा से बचने के लिए महावीर चौक और सर्कुलर रोड से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
सीहोर में बुधवार को दिनभर तेज धूप और उमस के बाद रात में मौसम अचानक बदल गया। रात करीब 8:30 बजे तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे दिनभर गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। दोपहर में शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप के साथ हवा में नमी अधिक होने से दिनभर उमस बनी रही और लोग पसीने से परेशान रहे। शाम के बाद मौसम बदला और रात में बारिश शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश की एक वजह स्थानीय संवहन (लोकल कन्वेक्शन) है। दिन में तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने और हवा में नमी अधिक होने से स्थानीय स्तर पर तेजी से गर्मी बढ़ी। इसके चलते वायुमंडल में संवहनी बादल बने, जो शाम के बाद बारिश में बदल गए। मानसून ट्रफ और कम दबाव का भी असर बारिश का दूसरा कारण सक्रिय मानसून ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आसपास ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण लगातार नमी आ रही है। इसी के असर से रात में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बुधवार रात हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने गुरुवार को गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना जताई है। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
रायपुर में त्योहारी सीजन से पहले नॉर्थ जोन पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नशीली दवा, अवैध शराब और ऑनलाइन सट्टे के मामलों में कार्रवाई की गई। पुलिस ने NDPS एक्ट में 4 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर 183 नशीली टैबलेट बरामद की हैं। वहीं अवैध शराब बेचने वाले एक आरोपी और ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एक व्यक्ति पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों के 8 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। इस तरह नॉर्थ जोन पुलिस ने एक दिन में कुल 14 लोगों के खिलाफ वैधानिक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। बाइक में रखी थीं नशीली दवा की 183 टैबलेट पुलिस के मुताबिक अपराध क्रमांक 469/2026 में 4 आरोपियों के खिलाफ धारा 21(बी) NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरोपियों के पास से एक यामाहा बाइक क्रमांक CG 04 LZ 9586 में रखी Nitrazepam की 19 पत्तियां मिलीं। इनमें कुल 183 टैबलेट थीं। उरला में 33 पाउच शराब के साथ आरोपी पकड़ा गया उरला थाना क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचते एक आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने लोकेश वघेल उर्फ डोंगा के खिलाफ अपराध क्रमांक 470/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी एक्ट में कार्रवाई की है। उसके पास से 33 पाउच देशी शराब बरामद की गई। शराब की कुल मात्रा 5.940 लीटर और कीमत करीब 2,640 रुपए बताई गई है। खमतराई में ऑनलाइन सट्टा, 8 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई खमतराई थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा लिखाने वाले एक आरोपी के खिलाफ भी संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह में 3, पंडरी में 1, गुढ़ियारी में 3 और खमतराई में 1 व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नॉर्थ जोन में लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग की जा रही है। नशीले पदार्थ, अवैध शराब, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
हिमाचल में 7 साल के भीतर 64 हजार बार खिसके पहाड़, इस साल मानसून में अब तक 300 लोगों ने गंवाई जान
हिमाचल प्रदेश में पिछले सात सालों में 64 हजार से अधिक भूस्खलन दर्ज किए गए हैं, जिससे इस मानसून में 300 लोगों की जान गई है।
नाथ नगरी में गणेश उत्सव आयोजित:बिहारीपुर खत्रियान में सजा पंडाल, श्रद्धालुओं ने लगाए बप्पा के जयकारे
बरेली में नाथ नगरी के राजा बिहारीपुर खत्रियान में श्री गणेश उत्सव के अवसर पर भव्य पंडाल सजाया गया। रंग-बिरंगी सजावट और फूलों से सजे पंडाल में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई। उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए। पूजा-अर्चना और भक्ति गीतों से आयोजन स्थल भक्तिमय हो गया। पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां हुईं।
इंदौर के पुराने और प्रतिष्ठित मिठाई-नमकीन कारोबारी JMB ग्रुप के इंदौर स्थित तीन ठिकानों पर बुधवार को सेंट्रल GST विभाग की टीम ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। विभाग को अनियमितताओं और बिना बिल ड्रायफ्रूट्स की खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने समूह के तीन आउटलेट्स पर पहुंचकर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान दुकानों के शटर बंद रखे गए। अधिकारियों द्वारा स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड, बिल और कंप्यूटर में दर्ज कारोबारी डेटा का मिलान किया जा रहा है। इन तीन ठिकानों पर चल रही जांच टीम ने कलेक्टोरेट के समीप, स्कीम नंबर 104 और रेसकोर्स रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ पहुंची और जांच शुरू की। मिली जानकारी के मुताबिक सेंट्रल GST की जांच में ड्रायफ्रूट्स की बिना बिल खरीद-बिक्री को प्रमुखता से देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग को ऐसी जानकारी मिली थी कि मिठाई कारोबार में ड्रायफ्रूट्स की बढ़ती खपत के बीच बिना GST बिल के खरीदारी की जा रही है। इसी आधार पर अधिकारियों ने स्टॉक और लेखा-जोखा की जांच शुरू की है। 1954 में हुई थी JMB की शुरुआत JMB ग्रुप के इतिहास की बात करें तो इसकी स्थापना 1954 में इंदौर में की थी। फिलहाल विभाग की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों, स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। टैक्स चोरी या किसी अन्य अनियमितता की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर पिकअप से बाइक को टक्कर मारकर पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हथुनिया थाना क्षेत्र के गोर्धनपुरा निवासी कुशाल खान पठान (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया-आरोपी हथुनिया थाने का हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी है। उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं। वारदात में इस्तेमाल पिकअप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीन साल पहले सात लाख रुपए उधार लिए थे पुलिस ने बताया- 6 सितंबर को मोखमपुरा निवासी जावेद खान पठान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके पिता शाहबाज खान पठान ने करीब तीन साल पहले कुशाल खान से 7 लाख रुपए उधार लिए थे। इसमें से कुछ पैसे वापस कर दिए थे। आरोप है कि कुशाल खान ब्याज पर ब्याज जोड़कर लगातार रुपए मांग रहा था। अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को बाइक से मारी टक्कर रंजिश के चलते 6 सितंबर को जावेद के पिता शाहबाज खान पठान और भाई शोयब खान पठान बाइक से प्रतापगढ़ जा रहे थे। आरोप है कि अवलेश्वर टोल से आगे बसाड़ गांव की सरहद में कुशाल खान ने पिकअप से पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं। बांसवाड़ा से मोबाइल फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल से सबूत जुटाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से मंदसौर तक करीब 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने भेष बदलकर की गश्त 13 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अजमेर दरगाह क्षेत्र और रेलवे स्टेशन के आसपास होटल, मुसाफिरखाने या गेस्ट हाउस में छिपा है। टीम ने अभय कमांड सेंटर के कैमरों की मदद से तलाश की। पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर इलाके में पैदल गश्त की। इसी दौरान दरगाह के पास एक गली में कुशाल खान दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाने और पिता-पुत्र को पिकअप से टक्कर मारने की बात स्वीकार की है। 15 सितंबर को आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों और साजिश के संबंध में पूछताछ कर रही है। … घटना से जुड़ी यह खबर पढ़ें अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को पिकअप ने टक्कर मारी, मौत:बड़े बेटे ने हत्या का शक जताया; कहा- बाइक से गिरने पर कुचलने की कोशिश की प्रतापगढ़ जिले में बाइक पर अस्पताल जा रहे पिता-पुत्र को पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर घायल हो गए। उनको इलाज के लिए प्रतापगढ़ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)
गाजियाबाद के विजयनगर थाना के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में मंगलवार शाम दसवीं की छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। बुधवार शाम विजयनगर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद छात्रा के शव को परिजनों को सौंप दिया। छात्रा के पिता और अन्य रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर चुप्पी साधे रहे। पिता बस इतना कहते कि यदि पढ़ाई का प्रेशर था तो बताना चाहिए था। अपनी मम्मी से भी कभी कुछ नहीं कहा। बेटी ही हमारे लिए बेटे के समान थी। लेकिन बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया। पढ़ाई के प्रेशर में किया था सुसाइड छात्रा ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें लिखा है- मैं पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती। पढ़ाई के दबाव की वजह से सुसाइड कर रही हूं। किसी को दोष नहीं देती। इसकी जिम्मेदार खुद को मानती हूं। मम्मी-पापा… I Love You. छात्रा के गिरने की आवाज सुनते ही गार्ड और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना पर विजयनगर पुलिस भी पहुंची। इस दौरान छात्रा के परिवार वहां वीडियो बनाने वालों पर गुस्सा गए। पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पैर से सिर तक सारी हड्डी टूटीं गौर सिद्धार्थम निवासी देवेंद्र सिंह फाइनेंस एडवाइजर हैं। उनके बेटा नहीं है, और परिवार में पत्नी और 2 बेटी थीं। जिनमें शनाया बिष्ट (16) इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार शाम करीब 6.45 बजे छात्रा फ्लैट की 15वीं मंजिल से कूद गई। छात्रा का सिर फट गया। चेहरा और शरीर खून से सना था। SHO विजयनगर धर्मपाल सिंह ने बताया कि छात्रा जहां से कूदी उसकी ऊंचाई 150 फीट के आसपास थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा की पैर से लेकर सिर तक सारी हड्डी टूटी हुईं बताई गईं। छात्रा के दोनों पैर के अलावा, हाथ और शरीर के बीच के भाग की हड्डी भी टूट गई। इनके अलावा गर्दन और सिर की हड्डी भी क्रेक मिलीं। जहां सिर का पीछे का हिस्से बिखर गया। इस मामले में परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया। पुलिस को मिला दो पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला। छात्रा ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होने की बात लिखी है। आगे लिखा- आप सब लोग जो भी मेरी चिंता कर रहे हैं, अब न करें। अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जियो। मैं किसी को दोष नहीं देती। जितने भी मेरे दोस्त हैं, कृपया मेरी वजह से आप लोग अपनी जिंदगी खराब मत करो। मम्मी-पापा आप दोनों की एक और बेटी है रिद्धि, कृपया मेरी वजह से उसका भविष्य खराब मत करना। मम्मी-पापा अपना, दादी का और रिद्धि का ध्यान रखना। मौसी-मौसा जी, मामा-मामी, चाचा-चाची और नानी आप सब भी खुश रहो। रिद्धि और मिष्ठी सॉरी यार, तुम लोग भी मेरे बारे में ज्यादा मत सोचो। सफल बनो।
दो हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त चार्ज को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। सिविल लाइंस व्यापार मंडल ने कहा है कि इस तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी असर डालेगा। उन्होंने वित्त मंत्री से इस चार्ज को जनहित और व्यापारिक हित में वापस लेने की मांग की है। अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि व्यापारी पहले से ही अपने कारोबार पर विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। व्यापारियों को माल की बिक्री पर जीएसटी देना पड़ता है। इसके अलावा अपनी कुल आय पर आयकर भी जमा करना होता है। ऐसे में 2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाया जाना व्यापारियों के लिए एक और आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। कारोबार की लागत पर पड़ेगा असरव्यापार मंडल अध्यक्ष के मुताबिक, किसी व्यापारी को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है तो उसका असर कारोबार की लागत पर पड़ेगा। व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को अपने उत्पाद या सेवा की कीमत में शामिल करने के लिए मजबूर हो सकता है। इसका अंतिम भार ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बाजार में काफी प्रतिस्पर्धा है। ऑनलाइन कारोबार और ई-कॉमर्स के कारण व्यापारियों को अपने उत्पाद कम मुनाफे पर बेचने पड़ रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगने से व्यापारियों के लिए लागत और बढ़ जाएगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग से पहले ही प्रभावित है कारोबारव्यापारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि व्यापारी पहले से ऑनलाइन ट्रेडिंग से प्रभावित हैं। ग्राहक बड़ी संख्या में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक दुकानदारों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ व्यापारियों के कारोबार को और प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने व्यापार और ग्राहकों के बीच भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया है। छोटे-बड़े कारोबार में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे में यूपीआई से जुड़े किसी भी अतिरिक्त शुल्क का असर बड़ी संख्या में व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है। राहत देने वाला कदम उठाएंसिविल लाइंस व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री से मांग की है कि 2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित चार्ज को वापस लिया जाए। व्यापार मंडल का कहना है कि यह फैसला व्यापारियों, ग्राहकों और व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। सुशील खरबंदा ने कहा कि व्यापारियों की पहले से ही कई तरह की लागत बढ़ी हुई है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय व्यापार को राहत देने वाले कदम उठाए जाने चाहिए।
आगरा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय ने 14 सितंबर को प्रथम काउंसलिंग की कट-ऑफ लिस्ट और परिणाम जारी किया था, लेकिन तीन दिन के अंदर तीन बार लिस्ट बदल दी गई। आरोप है कि पहली लिस्ट में जिन छात्रों के नाम थे, दूसरी और तीसरी लिस्ट में उनके नाम काट दिए गए। पीड़ित छात्रों का कहना है कि कई छात्रों ने तो पहली लिस्ट में नाम आने के बाद फीस भी जमा कर दी थी। इसके बाद पहली लिस्ट कैंसिल कर दी। दूसरी लिस्ट आई तो उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर घूस लेकर सीटें बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि हमारा नाम पहली लिस्ट में था, दूसरी लिस्ट आई तो नाम गायब था। ऐसा एक-दो नहीं, कई छात्रों के साथ हुआ है। इसके अलावा जारी परिणाम में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का कहीं भी उल्लेख नहीं है, जो नियमों के खिलाफ है। इसी को लेकर सोमवार को पीड़ित छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। शाम करीब 7 बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया की मांग की। हंगामे के बाद कुलपति और रजिस्ट्रार ने छात्रों से बात की। उन्होंने माना कि प्रवेश प्रक्रिया में खामियां हुई हैं। आश्वासन दिया कि जो कट-ऑफ लिस्ट जारी हुई है, उसे निरस्त कर नए सिरे से जारी किया जाएगा। जिन प्रोफेसरों ने बिना प्रोविजनल के प्रवेश लिए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। पूरी प्रवेश प्रक्रिया दोबारा कराई जाएगी। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है।
रामपुर के जिला जेल में बंद दो अलग-अलग बंदियों के परिजनों को बुधवार शाम फोन कर ठगी की कोशिश की गई। फोन करने वालों ने बंदियों की हालत गंभीर बताकर इलाज और खून चढ़ाने के नाम पर रुपए मांगे। एक मामले में बंदी की मौत होने और उसका शव भेजने की बात भी कही गई। परिजनों ने जेल प्रशासन से संपर्क किया तो दोनों बंदी सुरक्षित मिले। अब फोन नंबरों की जांच की जा रही है। इलाज के नाम पर मांगे रुपए पहला मामला अटाई नगर के एक बंदी के परिवार से जुड़ा है। फोन करने वाले ने बंदी की हालत गंभीर बताते हुए इलाज के लिए रुपए मांगे। परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने जेल प्रशासन से संपर्क किया। जांच में बंदी सुरक्षित मिला और फोन पर दी गई जानकारी गलत निकली। ब्लड के लिए मांगे 1980 रुपए दूसरा मामला स्योंडरा गांव के एक बंदी से जुड़ा है। बंदी के पिता को फोन कर बताया गया कि उनके बेटे को गंभीर चोट लगी है और काफी खून बह गया है। फोन करने वाले ने खून चढ़ाने के नाम पर 1980 रुपए मांगे। उसने यह भी कहा कि खून की व्यवस्था मिलिट्री कैंटीन से होगी। बाद में बंदी की मौत होने और शव भेजने की बात कहकर पिता को डराने का प्रयास किया गया। फोन नंबरों की जांच कर रहा जेल प्रशासन परिजनों की सूचना पर जेल प्रशासन ने दोनों बंदियों की स्थिति की जानकारी ली। दोनों सुरक्षित मिले। जिला जेल अधीक्षक ने बताया कि फोन करने वाले नंबरों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को संबंधित नंबरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सांवलिया सेठ को 25.60 करोड़ रुपए का चढ़ावा:चौथे राउंड में निकले 4.97 करोड़; कल भी होगी काउंटिंग
मेवाड़ के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में खोले गए भंडार की दान राशि की चौथे राउंड की काउंटिंग बुधवार को पूरी हुई। चौथे राउंड की काउंटिंग में 4 करोड़ 97 लाख 26 हजार 600 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही अब तक चार चरणों की काउंटिंग में कुल 25 करोड़ 60 लाख 82 हजार 600 रुपए की राशि गिनी जा चुकी है। अभी भी दान राशि बाकी है, जिसकी काउंटिंग गुरुवार, 17 सितंबर को पांचवें राउंड में की जाएगी। लगातार चार राउंड में करोड़ों रुपए की राशि सामने आने से एक बार फिर श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली है। 10 सितंबर को खोला गया था भंडार श्रीसांवलियाजी मंदिर की भंडार दानपेटी 10 सितंबर को चतुर्दशी के दिन खोली गई थी। इसके बाद मंदिर मंडल की ओर से दान राशि की काउंटिंग अलग-अलग राउंड में शुरू की गई। पहले राउंड की काउंटिंग में ही बड़ी राशि सामने आई थी। इसमें 7 करोड़ 53 लाख 60 हजार रुपए प्राप्त हुए थे। इसके बाद दूसरे राउंड की काउंटिंग में 7 करोड़ 51 लाख 94 हजार रुपए की राशि मिली। दोनों राउंड में ही करीब 15 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि गिनी जा चुकी थी। इसके बाद तीसरे राउंड में 5 करोड़ 58 लाख 2 हजार रुपए और जुड़ने के बाद कुल राशि 20 करोड़ 63 लाख 56 हजार रुपए पहुंच गई थी। बुधवार को चौथे राउंड की काउंटिंग पूरी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 25 करोड़ 60 लाख 82 हजार 600 रुपए हो गया। चार दिन रुकी रही थी काउंटिंग, फिर दोबारा शुरू हुई प्रक्रिया भंडार खुलने के बाद दान राशि की काउंटिंग लगातार नहीं हो सकी थी। 11 सितंबर को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं की गई थी। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण बैंक बंद रहे। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होने के कारण भी इन दिनों काउंटिंग का काम नहीं किया गया। इसके बाद 14 सितंबर को दोबारा काउंटिंग शुरू हुई। सोमवार को दूसरे राउंड की काउंटिंग पूरी की गई और मंगलवार को तीसरे राउंड की राशि गिनी गई। बुधवार को चौथे राउंड में बची हुई राशि की काउंटिंग पूरी की गई। मंदिर मंडल की ओर से हर राउंड की काउंटिंग के बाद राशि की जानकारी जारी की जा रही है। सोने-चांदी और ऑनलाइन दान की राशि की काउंटिंग अभी बाकी भंडार से निकली नकद राशि की काउंटिंग के अलावा सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती वस्तुओं का तौल अभी बाकी है। इसके साथ ही मनीऑर्डर और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दान राशि की काउंटिंग भी की जानी है। भेंट कक्ष में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य सामग्री का तौल पूरा होने के बाद ही मंदिर को मिले कुल दान का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। अभी तक जारी आंकड़ा सिर्फ भंडार से मिली नकद राशि का है जो अभी भी बाकी है। पांचवें राउंड में होगी बची राशि की काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार भंडार में अभी कुछ दान राशि बाकी है, जिसकी काउंटिंग गुरुवार 17 सितंबर को पांचवें राउंड में की जाएगी। इसके बाद भंडार से मिली कुल नकद राशि का अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है।
बलरामपुर में जंगल और आबादी के बीच बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अब घटना के बाद नहीं, बल्कि पहले से तैयारी की जाएगी। जोखिम की पहचान कर उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में बुधवार रात 8 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें वन क्षेत्र से सटे 120 संवेदनशील गांवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तरफ से पेश की गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए जोखिम प्रबंधन, पहले से तैयारी, तुरंत प्रतिक्रिया और मानव-वन्यजीवों के साथ रहने पर ध्यान दिया जाए। संवेदनशील गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। बैठक में पुराने संघर्षों के आंकड़ों के आधार पर वन सीमा से सटे इलाकों की हॉटस्पॉट और संवेदनशीलता मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। हर घटना का जियो-टैग्ड डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि वन्यजीवों की गतिविधियां किन इलाकों में और कैसे बढ़ रही हैं। इसी के हिसाब से निगरानी और बचाव की रणनीति बनाई जा सकेगी। बहुत संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप और नाइट-विजन उपकरणों का सही इस्तेमाल होगा। प्रभागीय स्तर पर 24x7 रैपिड रिस्पॉन्स टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि आबादी में वन्यजीव के पहुंचने की सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंच सके। डीएम ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं माना। उन्होंने सभी संबंधित विभागों की भूमिका तय की। बिजली विभाग को वन सीमा से लगे गांवों में रोशनी की व्यवस्था ठीक करने और ढीले व लटकते बिजली के तारों को सही करने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग को खुले में शौच रोकने और शौचालयों का पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही ग्राम प्रधानों के जरिए विलेज अलर्ट नेटवर्क शुरू करने के निर्देश दिए गए। जंगल से सटे इलाकों में ऐसी फसलों की जगह, जिनसे संघर्ष की आशंका बढ़ती है, हालात के हिसाब से दूसरी फसलें उगाने को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन विभाग पशुधन के टीकाकरण और सुरक्षित पशु बाड़ों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करेगा। स्वास्थ्य विभाग को सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आपात स्थिति से निपटने के लिए एंटी-वेनम, एंटी-रैबीज इंजेक्शन और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।पुलिस और एसएसबी को वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने पर वन विभाग के साथ तत्काल समन्वय कर भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जरूरत के अनुसार संयुक्त गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।डीएम ने ग्रामीणों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने के लिए विद्यालयों, ग्राम चौपालों, ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा। लोगों को स्पष्ट रूप से ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी दी जाएगी।ग्रामीणों से विशेष रूप से रात में वन सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा वन्यजीव दिखाई देने पर उसके आसपास भीड़ न लगाने की अपील की जाएगी। वन्यजीव को घेरने, भगाने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम अथवा कंट्रोल रूम को सूचना देने पर जोर रहेगा।संवेदनशील वन सीमाओं पर सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए 10 किलोमीटर अतिरिक्त सोलर चेनलिंक फेंसिंग के प्रस्ताव पर भी तेजी से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी विभागों को कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील गांवों में नियमित जागरूकता और निगरानी गतिविधियां जारी रखने को कहा।बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सोहेलवा, अपर जिलाधिकारी सहित वन विभाग एवं विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के आदेश पर 6 साल बाद गैंगस्टर विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट बन गया है, जिसके बाद कागजों में कुख्यात विकास दुबे की अब मौत हुई है। विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 6 साल की लड़ाई के बाद आज मेरी जीत हुई, न्यायपालिका ने मेरी बात सुनी और मेरे पति का 6 साल बाद डेथ सर्टिफिकेट जारी कराया। नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगाकर थक चुकी रिचा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम हरकत में आया और प्रमाण पत्र बनाकर हाईकोर्ट में दाखिल कर दिया। हाईकोर्ट के नोटिस जारी करने के बाद मचा था हड़कंप बिकरू कांड के बाद गैंगस्टर विकास दुबे का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। विकास दुबे की मौत के बाद पोस्टमार्टम से जारी दस्तावेजों में उसके पिता का नाम रामकुमार की बजाय राजकुमार लिख गया था। पिता का नाम गलत होने से विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पा रहा था। विकास की पत्नी रिचा दुबे ने बताया कि विकास के डेथ सर्टिफिकेट के लिए उन्होंने कई बार नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर डीएम कानपुर तक से शिकायत कर दस्तावेजों में सही नाम दर्ज कराने की गुहार लगाई थी। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नही हुई। विकास का डेथ सर्टिफिकेट जारी ने हो पाने से वरासत संबंधी प्रक्रिया समेत कई और समस्याएं आ रहीं थी। अतत: मजबूर होकर उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग को पक्षकार बनाते हुए याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने पक्षकारों को नोटिस जारी किया तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन सीएमओ हरिदत्त नेमी ने भी पोस्टमार्टम पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। रिचा दुबे ने बताया कि नगर निगम कानपुर ने 11 सितंबर 2026 को विकास दुबे पुत्र रामकुमार के नाम से डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसके साथ ही जारी सर्टिफिकेट को अफसरों ने हाईकोर्ट में दाखिल किया है। विकास का सर्टिफिकेट हाईकोर्ट से जारी आदेश में संलग्न मिला है। 1:53 मिनट के वीडियो में यह बोली रिचा दुबे मैं कहना चाहती हूं, कि प्रशासनिक गलती के कारण मुझे संघर्ष करना पड़ा। न्यायपालिका को थैंक यू… उन्होंने कानपुर CMO को संबोधित करते हुए कहा कि आपने कहा था कि– एक छोटी सी गलती को सही कराना है, इस छोटी सी गलती के कारण मिडिल क्लास फैमिली के लिए बहुत ज्यादा दिक्कत भरा था। इन 6 सालों में मेरे बच्चों की पढ़ाई छूट गई। मेरे जीविकोपार्जन का पैसा नहीं बचा, मेरे अकाउंट और प्रापर्टी 6 साल से फ्रीज थी। हम खाने को भटक रहे थे। न रहने को घर था, न खाने को रोटी… हमने बहुत स्ट्रगल किया। कभी–कभी किसी की एक छोटी सी गलती मिडिल क्लास फैमिली का जीवन बर्बाद कर देती है। न्यायपालिका ने मेरी सुनी, देर में सही पर हमारी जीत हुई। वरासत संबंधी प्रक्रिया में मिलेगी सहूलियत गैंगस्टर विकास दुबे के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसका डेथ सर्टिफिकेट जारी न होने से पत्नी और दो बेटों के नाम वरासत को लेकर अड़चनें आ रहीं थी। रिचा दुबे ने बताया कि डेथ सर्टिफिकेट जारी होने से वरासत आदि अड़चने खत्म होंगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर उनको पूरा भरोसा है। उन्हें इस मामले में न्याय मिला है। आठ पुलिस कर्मियों की गोली मारकर की गई थी हत्या चौबेपुर के बिकरू गांव में 2/3 जुलाई 2020 की रात पुलिस ने विकास की तलाश में दबिश दी थी। विकास को पुलिस के पहुंचने की सूचना पहले ही मिल गई थी। जिसके बाद गैंगस्टर विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ पुलिस टीम को घेरकर हमला कर दिया था। इस हमले में डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। घटना के बाद विकास दुबे फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी। 9 जुलाई 2020 को उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर के पास गिरफ्तार किया गया। 10 जुलाई को कानपुर लाते समय भौती के पास वाहन पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चलाई। मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
बागपत में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में बागपत की अदालत ने आरोपी अंकित को तीन साल छह महीने की जेल और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद 16 सितंबर 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफटीसी प्रथम की अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित किया गया था। 2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के मुताबिक, बड़ौत थाना क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव निवासी अंकित पुत्र धर्मवीर के खिलाफ 2022 में बिनौली थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में इसे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित किया गया। पुलिस और अभियोजन ने की पैरवी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस और अभियोजन विभाग ने अदालत में पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने केस से जुड़े साक्ष्य और तथ्य कोर्ट के सामने रखे। इस दौरान एडवोकेट इंद्रपाल ने भी पैरवी में भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित मामलों में पुलिस और अभियोजन विभाग अदालत में साक्ष्य व तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं। अभियान के तहत अन्य मामलों में भी प्रभावी पैरवी जारी रहेगी।
मरवाही में बिजली गिरने से 15 मवेशियों की मौत:किसान के 7 गाय और 8 बकरियों की गई जान, मुआवजे की मांग
मरवाही में अचानक मौसम बदलने से एक किसान के 15 मवेशियों की मौत हो गई। यह घटना सेमरदर्री ग्राम पंचायत के बीजाडांड में हुई है। जानकारी के अनुसार, किसान मोहरसिंह आयम अपने मवेशियों को चराने जंगल ले गए थे। शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इसी दौरान बिजली गिरने से वहां मौजूद 7 गाय, 7 बकरी और 1 बकरे की मौके पर ही मौत हो गई। कुल 15 मवेशी मारे गए। घटना के समय किसान लाल सिंह करीब 200 मीटर दूर था, जिससे उसकी जान बच गई। इस घटना से किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मदद और मुआवजे की मांग की है।
पायनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कालेज, कालीथान बलरामपुर में ‘हिन्दी दिवस‘ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डाॅ. एम.पी. तिवारी, कोषाध्यक्षा मीता तिवारी, प्रबन्धक इं. आकाश तिवारी, निदेशक प्रकृति तिवारी व उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय सहित अध्यापक/अध्यापिकाएं उपस्थित रहे। हिंदी दिवस का आयोजन हिंदी भाषा के प्रति विद्यार्थियों में प्रेम, सम्मान एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर डाॅ. एम.पी. तिवारी ने बताया कि 1947 में जब भारत आजाद हुआ, तो देश के सामने एक राजभाषा के चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल था। इसे ध्यान में रखते हुए 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में चुना गया। तभी से हर वर्ष इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। कक्षा 8 के अध्यापक टी.एन. शुक्ला ने विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से हिंदी दिवस के इतिहास, महत्व एवं हिंदी भाषा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। अध्यापक टी.एन. शुक्ला एवं अभिषेक जायसवाल द्वारा कक्षा 6, 7, 8 एवं 10 के छात्र-छात्राओं के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय, अध्यापिका पूनम चौहान एवं आयुशी सिंह, अध्यापक टी.एन. शुक्ला एवं अभिषेक जायसवाल सहित समस्त अध्यापक/अध्यापिकाओं ने बच्चों की गतिविधि एवं भाषण कार्यक्रम को देखकर सराहना की और बच्चों को प्रोत्साहित किया।

