जयपुर में दिन-दहाड़े कैटरिंग वर्कर से लूट:बाइक पर आए थे बदमाश, पता पूछने के बहाने रोका
जयपुर में सोमवार दिन-दहाड़े कैटरिंग वर्कर से 35 हजार रुपए लूटने का मामला सामने आया है। बाइक पर आए दो बदमाशों ने पता पूछने के बहाने उसे रोका था। ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस वारदातस्थल के आस-पास लगे CCTV फुटेजों को खंगालने के साथ लुटेरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया- भरतपुर के उच्चैन के रहने वाले संगीराम से लूट की वारदात हुई। वह घाटगेट इलाके में किराए से रहकर कैटरिंग में जॉब करता है। सुबह करीब 11:15 बजे वह रोटरी सर्किल पर भरतपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान बाइक पर आए दो लड़कों ने उसे पता पूछने के बहाने रोका। जगह के बारे में जानकारी नहीं होने की कहकर बाइक पर बैठकर साथ चलने की कहा। बाइक पर बैठाकर ले जाने के दौरान बातचीत करने लगे। रुपए लेकर गांव जाने का पता चलने पर बदमाशों ने दिन-दहाड़े डरा-धमकाकर उसकी जेब में रखे 35 हजार रुपए छीन लिए। लूट की वारदात को अंजाम देकर दोनों बदमाश बाइक से फरार हो गए। ट्रांसपोर्ट नगर थाने में पीड़ित ने बाइक सवार लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
चंदौली में राजवाहा निर्माण पर सवाल:किसान विकास मंच ने गुणवत्ता पर धांधली का आरोप लगाया
चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र में स्थित गोविंदीपुर रजवाहा के मरम्मत और निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगा है। किसान विकास मंच ने कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री रामअवध सिंह के अनुसार, गोविंदीपुर नहर को हेड से नौ किलोमीटर तक दुरुस्त करने के लिए 4 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह कार्य वाराणसी की सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिसकी निगरानी सिंचाई विभाग कर रहा है। रामअवध सिंह ने बताया कि पुराने जर्जर कुलावों को हटाकर छह इंच के नए सीमेंट ह्यूम पाइप लगाए जाने थे। उन्होंने यह भी कहा कि दस फुट की गहराई को देखते हुए, पानी से भरी नहर में कुलावों को सुरक्षित रूप से बंद करने के लिए एक ढांचा भी बनाया जाना चाहिए था ताकि कोई दुर्घटना न हो। हालांकि, लोहे के खराब कुलावों के स्थान पर नहर की ओर से छह इंच के घटिया गुणवत्ता वाले प्लास्टिक के कुलावे लगा दिए गए हैं, जिन्हें आसानी से तोड़ा जा सकता है। उन्होंने सीमेंट की जोड़ाई के लिए उचित तराई न किए जाने पर भी आपत्ति जताई। सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी में सीमेंट की जोड़ाई को जूट के बोरों, पुआल या ईंट-पत्थर से ढककर दिन में चार बार तराई की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार और सहायक अभियंता राकेश तिवारी को सूचित किया गया है। संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने अधिकारियों से तत्काल दोनों कुलावों को हटाकर मानक गुणवत्ता वाले ह्यूम पाइप लगाने और नहर चालू रहने पर कुलावों को बंद करने की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट कराने और अवर अभियंता रत्नेश यादव को निलंबित कराने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मौके पर बिजयमल मौर्य, राहुल सिंह, शांतनु तिवारी और दीपक सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
पुलिसकर्मियों को वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करना अब महंगा पड़ सकता है। ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो वर्दी में रील बनाते हैं। पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, पुलिस विभाग का कोई भी कर्मचारी, चाहे वह पुरुष हो या महिला, वर्दी में रील नहीं बनाएगा और न ही उसे फेसबुक या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ये निर्देश सभी कर्मचारियों को सूचित कर दिए गए हैं। साथ ही, यह जानकारी मिली है कि शहर कोतवाली की कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड की है। इन महिला पुलिसकर्मियों की रील की जांच जारी है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच नगर क्षेत्राधिकारी द्वारा की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग का कहना है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया के उपयोग में विभागीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को दिल्ली मंडल के डीआरएम पीआर त्रिपाठी विशेष निरीक्षण यान 'परख' से पहुंचे। उन्होंने स्टेशन परिसर, विभिन्न विभागों और कार्यालयों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। डीआरएम ने स्टेशन पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, यात्री सुविधाओं और निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कई कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, वहीं पाई गई कमियों और त्रुटियों को तत्काल ठीक करने के आदेश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान, डीआरएम ने सामाजिक संगठन शहीद एकता मंच द्वारा स्टेशन परिसर में चलाई जा रही जल सेवा की सराहना की। मंच की ओर से उन्हें मुजफ्फरनगर की प्रसिद्ध मिठास भेंट कर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इसी क्रम में, व्यापारी नेता संजय मित्तल ने डीआरएम पीआर त्रिपाठी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नई मंडी क्षेत्र की ओर रेलवे स्टेशन का विस्तार करने और वहां एक टिकट खिड़की खोलने की मांग की गई। मित्तल ने बताया कि नई मंडी क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री रेलवे का उपयोग करते हैं, जिन्हें स्टेशन तक पहुंचने में असुविधा होती है। डीआरएम ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारी भी सक्रिय और मुस्तैद नजर आए।
उज्जैन में एक भावुक मामला सामने आया। मां की आत्महत्या के बाद गिरफ्तार पिता के साथ उसका चार साल का बेटा भी जेल पहुंच गया। कोर्ट में बच्चे ने नाना-नानी के साथ जाने से इनकार करते हुए पिता के साथ रहने की जिद की, जिसके बाद अदालत ने उसे पिता के साथ भेजने का आदेश दिया। देवास रोड स्थित आरके होम्स कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने करीब एक महीने पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया। नाना-नानी के साथ जाने से किया इनकार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी का चार वर्षीय बेटा भी उसके साथ था, जिसे पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची। सुनवाई के दौरान बच्चे के नाना-नानी ने उसे अपने साथ रखने की इच्छा जताई, लेकिन बच्चे ने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। वह लगातार अपने पिता के साथ रहने की जिद करता रहा। कोर्ट में मासूम की भावनात्मक अपील को देखते हुए न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को उसके पिता के साथ भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों को भैरवगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर बच्चों को महिला बंदियों के साथ रहने की अनुमति होती है, लेकिन किसी पुरुष बंदी के साथ बच्चे के रहने का मामला बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। माता-पिता ही प्राकृतिक संरक्षक लोक अभियोजन अधिकारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि “माता-पिता बच्चे के प्राकृतिक संरक्षक होते हैं। इस स्तर पर स्थायी कस्टडी का निर्णय नहीं किया गया था। बच्चे की इच्छा के आधार पर अदालत ने यह फैसला लिया।” जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि बच्चे के लिए भोजन, दूध, पढ़ाई और मनोरंजन की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उसे सुरक्षित वातावरण में रखा जाएगा ताकि उस पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
भरतपुर के डेहरा मोड़ इलाके में एक बस ने दो बाइक सवार पिता-बेटे और एक ई-रिक्शा ड्राइवर को टक्कर मार दी। घटना में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक सवार एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर बस को लेकर फरार हो गया। टक्कर लगते ही सड़क पर घसीटते हुए चले गए पिता-बेटे चंदन (54) निवासी झामरी ने बताया कि वह अपने बेटे दीपक (24) के साथ घर के किसी काम से भरतपुर आ रहा था। इस दौरान डेहरा मोड़ पर एक बस ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर घसीटते हुए चले गए। युवक को ICU में किया गया एडमिट घटना में चंदन और दीपक के काफी चोट आई। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां दीपक को ICU में एडमिट कर दिया गया। वहीं चंदन की हालत भी गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर बस को लेकर फरार हो गया। ई-रिक्शा को भी मारी बस ने टक्कर वहीं ई-रिक्शा के ड्राइवर ब्रज मोहन ने बताया कि वह डेहरा मोड़ के पास सवारियों के इंतजार में सड़क किनारे ई-रिक्शा में बैठा था। जयपुर की तरफ से बस आ रही थी। बस काफी स्पीड में थी। बस के आगे एक बाइक चल रही थी। बाइक को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित हुई और बाइक और ई-रिक्शा को टक्कर मार दी।
आजमगढ़ के शहर कोतवाली क्षेत्र में शराब के नशे में चाकू बाजी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पीड़ित नागेंद्र यादव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि बड़े भाई रविंदर यादव जब बंसी बाजार में सामान लेने गए थे। वहीं गांव के संदीप यादव ने शराब के नशे में गाली गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने से रविंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। जहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इस मामले में पीड़ित की तारीख पर मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपी की तलाश की जा रही थी। शराब के ठेके के पास से गिरफ्तारी मामले की विवेचना करें सब इंस्पेक्टर मिथलेश कुमार ने बताया कि आरोपी संदीप यादव की तलाश की जा रही थी। किसी भी पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी देसी शराब के ठेके के पास है। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी के कब्जे से चाकू भी बरामद कर लिया गया आरोपी को न्यायालय भेजा जा रहा है। जहां से जेल रवाना किया जाएगा। पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
संभल जिले में एक महिला को तेल छिड़ककर आग लगाने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से झुलसी महिला की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से गांव के लोग चुप्पी साधे हुए हैं और पुलिस को कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। यह घटना संभल के गुन्नौर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव की है। मृतक महिला की पहचान अनेकश्री (44) पत्नी स्वर्गीय किशनपाल के रूप में हुई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 3:30 बजे कुछ अज्ञात लोग घर में घुस आए। उन्होंने सो रही अनेकश्री को उठाकर दूसरे कमरे में ले जाकर मारपीट की और फिर तेल छिड़ककर आग लगा दी। महिला की चीख सुनकर उसका 15 वर्षीय बेटा जाग गया। शोर मचने पर हमलावर अनेकश्री को झुलसी हालत में छोड़कर फरार हो गए। परिवार के सदस्यों ने तुरंत महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गुन्नौर में भर्ती कराया। सीएचसी गुन्नौर में प्राथमिक उपचार के बाद, 70 प्रतिशत से अधिक झुलसी महिला को बेहतर इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर किया गया। वहां से उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि रसूलपुर गांव की एक महिला की मौत हुई है। घटना को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस घटना में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है।
ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पड़ोसी के घर से नाबालिग बेटे को वापस लाने पहुंचे माता-पिता का महिला पड़ोसी से विवाद हो गया। महिला ने घटना का वीडियो बनाकर पिता के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। मामला हनुमान नगर का है। बताया गया है कि कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर पिता कल्ला और उसकी पत्नी बेटे को बुलाने के लिए रविवार रात नेहा के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि नाबालिग घर लौटने को तैयार नहीं था। इस दौरान जब माता-पिता उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने लगे, तो नेहा और दंपती के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर नेहा ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें नाबालिग के साथ मारपीट और झगड़ा होता दिखाई दे रहा है। इसके बाद नेहा वीडियो लेकर सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस को वीडियो भी सौंपा है। पुलिस ने कल्ला खटीक के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
दतिया शहर में जून जैसी तपिश और चुभन का अहसास मई के महीने में ही चरम पर पहुंचने लगा है। सूरज के तीखे तेवरों और आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को बुरी तरह झुलसा दिया है। अधिकतम तापमान 45.5 पर पहुंच गया। सूरज निकलने के साथ ही सुबह 9 बजे से ही धूप ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। दोपहर होते-होते स्थिति और भी खराब हो गई। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। जरूरी काम से बाहर निकले लोग पूरी तरह से चेहरे और सिर को सूती कपड़ों से ढके हुए दिखाई दिए। गर्म हवाओं के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों का बुरा हाल रहा। लोग गर्मी से बचने के लिए गन्ने के रस, लस्सी और छाछ के ठेलों पर शरण लेते दिखे। रात के तापमान में गिरावट, थोड़ी मिली राहतदिनभर की भीषण और झुलसाने वाली गर्मी के बीच रात में भी राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान में लगभग 2.3 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही रात का पारा गिरकर 28.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे देर रात और सुबह के समय लोग गर्मी के कारण चैन की सांस नहीं ले सके। बिजली भी इस दौरान झटका देती रही। कई इलाकों में रात में बिजली की केबल जलने की घटनाएं हुई हैं। इससे रात में लोगों को बिजली तक नहीं मिल सकी। मौसम विभाग की सलाह: बरतें सावधानीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की आशंका है। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन के तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। चिकित्सकों ने भी इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए आम जनता को अलर्ट रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय बेवजह घरों से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो खाली पेट न निकलें और पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि ऐसे मौसम में हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
एटा जिले के शीतलपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय प्रांगण में एकत्रित होकर पंचायत चुनाव समय पर कराने या प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि यदि निर्धारित समयावधि में पंचायत चुनाव कराना संभव न हो, तो ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। उनका तर्क है कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था बाधित नहीं होगी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर पंचायत चुनाव संपन्न होने की संभावना कम है। ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि यदि निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को क्षति पहुंच सकती है। ज्ञापन में कोरोना काल का भी हवाला दिया गया, जब पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति के बाद वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं। इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए थे। संगठन का कहना है कि ग्राम प्रधान सीधे जनता से जुड़े जनप्रतिनिधि होते हैं और ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को जिम्मेदारी से संचालित करते हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री से पंचायत चुनाव समय पर कराने या विशेष परिस्थितियों में ग्राम प्रधानों के कार्यकाल विस्तार पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। इस संबंध में ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी ने बताया कि समस्त ग्राम प्रधानों ने एकत्रित होकर लिखित ज्ञापन सौंपा है, जिसमें प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने और समय पर चुनाव कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रिया राजपूत, कुसुमदेवी, विमला लोधी, विवेक कुमार, सुमन यादव, कुसमा देवी, योगेंद्र कुमार, पवन कुमार, नीलम कुमारी प्रधान, नीरज कुमार, विनोद प्रधान और केशव कुमार (प्रधान) शामिल थे।
बदायूं में बर्फ लदे लोडर की ऑटो से भिड़ंत:एक महिला की मौत, 6 लोग घायल, रोड पर फैली बर्फ की सिल्लियां
बदायूं में एक लोडर और ऑटो की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में ऑटो सवार एक महिला की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद सड़क पर बर्फ की सिल्लियां बिखर गईं, जिससे आवागमन बाधित हो गया। यह हादसा बिसौली कोतवाली क्षेत्र के धुबियाताल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, एक ऑटो रानेट से सवारियां लेकर बिसौली की ओर जा रहा था। तभी विपरीत दिशा से आ रहे बर्फ की सिल्ली लदे लोडर से उसकी भिड़ंत हो गई। हादसे में वजीरगंज थाना क्षेत्र के टिकुरी कलिया गांव निवासी गुड्डो (45) पत्नी सुनील की मौत हो गई। घायलों में मुड़िया धुरेकी थाना फैजगंज बेहटा निवासी राजवती (50) पत्नी कातीराम और पूजा (30) पत्नी संजीव शामिल हैं। इनके अलावा, आंवला, बरेली के रसूला गांव निवासी मेवाराम (65), वजीरगंज थाना क्षेत्र के लहरा गांव निवासी सूरजभान (60) और उनकी बेटी सावित्री (22) व बिसौली थाना क्षेत्र के अजनावर गांव निवासी नेकसू भी घायल हुए हैं। टक्कर के बाद सड़क पर बर्फ की सिल्लियां फैल गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया और एक नए हादसे की आशंका पैदा हो गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बर्फ हटवाई और आवागमन सुचारु कराया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। गुड्डो देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बिसौली के एसएचओ कमलेश मिश्रा ने बताया कि इस हादसे में एक महिला की जान गई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अन्य घायलों में से किसी को भी गंभीर चोटें नहीं आई हैं। महिला का शव कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र में एक जंगली हाथी के हमले में 30 वर्षीय कौशर अंसारी की मौत हो गई। यह घटना सोमवार को गडैया गांव में हुई। पिछले दो दिनों में हाथी के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को कौशर अंसारी अपने घर के पास खेत में बांस काट रहे थे। इसी दौरान गांव के आसपास घूम रहे जंगली हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाथी ने पहले युवक को सूंड से उठाकर जमीन पर पटका और फिर पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। युवक की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, ग्रामीणों ने मृतक के शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले नेता और उप प्रमुख हरेन्द्र कुमार सिंह कर रहे थे। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए वन विभाग से तत्काल हाथी को आबादी क्षेत्र से खदेड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान करने की भी मांग की।
लखनऊ में चेंबर हटाने पर अधिवक्ताओं का आक्रोश:पुरवा में न्यायिक कार्य ठप किया, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
उन्नाव के पुरवा तहसील में सोमवार को अधिवक्ताओं ने लखनऊ में चेंबर हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। अधिवक्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और अधिवक्ताओं का उत्पीड़न बंद करो जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि लखनऊ में वकीलों के चेंबर हटाने की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अधिवक्ता समाज की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने प्रशासन पर अधिवक्ताओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। बार एसोसिएशन पुरवा के अध्यक्ष श्याम लाल सोनी ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिवक्ताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण तहसील, सिविल कोर्ट और रजिस्ट्रार कार्यालय में कामकाज ठप रहा। इससे दूर-दराज से आए फरियादियों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मामलों की सुनवाई टल गई और रजिस्ट्री सहित अन्य प्रशासनिक कार्य बाधित रहे। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रमेश श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लखनऊ में अधिवक्ताओं के चेंबर हटाने की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। तहसील परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को शांत कराने का प्रयास करते हुए उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सुलतानपुर में एक शिक्षक पर कथित 'फर्जी' मुकदमा दर्ज होने के विरोध में शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को 'मोस्ट कल्याण संस्थान' और 'सोम्स शिक्षक महासभा' के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव प्रसाद को सौंपा। यह मामला बल्दीराय थाना क्षेत्र के वलीपुर स्थित एक कॉलेज से जुड़ा है। कॉलेज के शिक्षक राजेश गौतम पर पुलिस ने एक मुकदमा दर्ज किया है, जिसे विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिक्षक समुदाय ने 'फर्जी' और 'मनगढ़ंत' बताया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शिक्षक राजेश गौतम ने 26 जनवरी को कॉलेज के एक क्लर्क के खिलाफ डॉ. भीमराव आंबेडकर पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। संगठनों का आरोप है कि इसी मामले में क्लर्क को बचाने, समझौता कराने का दबाव बनाने और बदले की भावना से पुलिस की मिलीभगत से राजेश गौतम के खिलाफ गंभीर धाराओं में 'फर्जी' मुकदमा दर्ज किया गया है। मोस्ट कल्याण संस्थान के जनरल सेक्रेटरी (सेवानिवृत्त नेवी ऑफिसर) राम उजागर यादव ने प्रशासन से कई मांगें की हैं। इनमें शिक्षक राजेश गौतम पर दर्ज मुकदमे की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, 'फर्जी' मुकदमे को तत्काल वापस लेना और फर्जी एफआईआर दर्ज करने वाले संबंधित थानाध्यक्ष व अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित/बर्खास्त कर कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। संगठन ने यह भी मांग की है कि शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के उत्पीड़न की पुनरावृत्ति न हो। यहां पर मास्टर श्याम लाल निषाद, जीशान आदि मौजूद रहे।
कासगंज जिले के अमॉपुर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 28 वर्षीय सेल्समैन सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान पप्पू उर्फ हेम सिंह के पुत्र सोनू के रूप में हुई है, जो अमॉपुर कोतवाली क्षेत्र के खेरिया गांव का निवासी था। सोनू कासगंज के राज कोल्ड स्टोरेज चौराहे स्थित शराब के ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत था। बताया गया है कि सोनू ठेके से अपनी बाइक पर सवार होकर घर खेरिया जा रहा था। अमापुर-कासगंज मार्ग पर नगला चिंती के समीप पहुंचते ही एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और उन्होंने एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस द्वारा सोनू को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमॉपुर पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लोकायुक्त इंदौर की टीम ने सोमवार को धार जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उन पर निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में 17 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त इंदौर से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालय परिसरों में 122 शौचालयों के निर्माण से जुड़ा है। इन कार्यों के लिए लगभग 3 करोड़ 42 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। आवेदक दिलीप साधव, जो जिला शिक्षा केंद्र धार में प्रभारी सहायक यंत्री हैं, इन निर्माण कार्यों का सुपरविजन कर रहे थे। 5 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थेशिकायत में बताया गया कि जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन के रूप में 17 लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। आवेदक दिलीप साधव ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाए जाने के बाद सोमवार को एक ट्रैप दल का गठन किया गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी खरे को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी प्रदीप कुमार खरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत धार के सर्किट हाउस में कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और प्रभात मोरे शामिल रहे।
झांसी के मऊरानीपुर में एक रेडियम व्यापारी गौरव ताम्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनकी मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मौत से पहले व्यापारी ने कहा था- मुझे मेरी पत्नी, कविता देवी, सासु और ससुर (रिटायर्ड टीचर) ये लोग इतना परेशान किए-इताना परेशान किए कि मुझे अपने-आप में ये लगने लगा कि फांसी लगा लूं। मैं एक व्यापारी हूं पूरे क्षेत्र में मेरा नाम है। मेरी पत्नी न समय पे खाना न पानी देती। मैं अपने पत्नी के नाम 10 लाख रुपए का जमीन लिया था जिकि इसी चक्कर में मेरी सासु दिमांग लगाया कि इसे अब बहुत परेशान करो...उस चक्कर में मेरी पत्नी और सासु बहुत परेशान कर रही हैं। हमे 10 दिन हो गया भटकते-भटकते पागल हो गए सो नहीं पा रहे हैं मेरी इस समय आंखें दर्द कर रही हैं। पूरा दिन नहाए नहीं हूं, बहुत परेशान हूं और अब मन कर रहा है कि फांसी लगा लूं। और मेरे मरने की जिम्मेदार मेरी पत्नी और ससुराल वाले होंगे। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, मृतक गौरव (38) पीलिया के इलाज के लिए चंदेरा, मध्य प्रदेश गए थे। घर लौटते समय खदीयन चौराहे के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर गए। आसपास के लोगों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस गौरव को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गौरव एक व्यापारी था और 'राज रेडियम' के नाम से अपनी दुकान चलाते थे, जो कि मऊरानीपुर बाजार में रेडियम के काम के लिए प्रसिद्ध थी। सात साल पहले हुआ था प्रेम विवाह वायरल वीडियो में गौरव ताम्रकार ने बताया कि मैं एक व्यापारी हूं जोकि मऊरानीपुर बाजार में 'राज रेडियम' के नाम से मेरी दुकान प्रसिद्ध है। आगे कहा- करीब सात साल पहले उन्होंने आर्य समाज मंदिर में हरपालपुर निवासी एक युवती से प्रेम विवाह किया था। गौरव ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी पत्नी, सास-ससुर और साला उनके पैसे और संपत्ति के पीछे पड़ गए थे। विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और झूठी शिकायतों के माध्यम से परेशान किया जाता था। 35 लाख रुपए की जमीन का बैनामा गौरव ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि उनसे जबरन उनके पैसों से जलालपुरा मौजा में करीब 35 लाख रुपए की जमीन का बैनामा कराया गया था। अब ससुराल पक्ष उस जमीन को बेचने का दबाव बना रहा था। बड़े भाई ने कोतवाली में दी तहरीर वीडियो वायरल होने के बाद मृतक के भाई सौरभ ताम्रकार ने कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गौरव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का नतीजा है। उन्होंने पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। कोतवाल प्रभारी मुकेश कुमार सोलंकी ने बताया- मृतक के भाई के तरफ से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर के जानसठ में एक युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जानसठ स्थित माही मेडिकल सेंटर को पूरी तरह सील कर दिया। यह कार्रवाई 32 वर्षीय एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना मिलते ही उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने अस्पताल पर छापा मारा, जहां जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि माही मेडिकल सेंटर आयुष विभाग में पंजीकृत था, लेकिन मौके पर पंजीकृत चिकित्सक डॉ. अवलीन मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पहले से ही सील था, बावजूद इसके सेंटर में कथित तौर पर गतिविधियां जारी थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के दस्तावेजों, उपचार व्यवस्था और संचालन प्रणाली की गहन जांच की। इसमें कई नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद माही मेडिकल सेंटर को पूरी तरह सील कर दिया गया और उसके संचालक को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जनपद में अवैध और नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान जानसठ के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह भी मौजूद थे।
रामपुर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन जांच को लेकर मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों द्वारा लिखे गए सीटी स्कैन के पर्चों पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) के काउंटर साइन के बाद ही जांच हो पा रही है, जिससे मरीजों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस बी.सी. सक्सेना ने इस व्यवस्था का कारण बताया। उनके अनुसार, कई लोग डॉक्टरों पर अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन कराने का दबाव डालते हैं। उन्होंने एक मरीज के तीमारदार को समझाते हुए कहा कि इलाज डॉक्टर की सलाह पर आधारित होना चाहिए, न कि जांच के लिए दबाव बनाने पर। वास्तविक आवश्यकता होने पर ही सीटी स्कैन किया जाएगा। यह नई व्यवस्था केवल जिला अस्पताल के मरीजों तक सीमित नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) से आने वाले मरीजों के सीटी स्कैन पर्चों को भी सीधे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इन सभी मामलों में पहले सीएमएस के हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं। अस्पताल परिसर में इस व्यवस्था को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। एक ओर डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर सीटी स्कैन लिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीएमएस की अनुमति के बिना जांच संभव नहीं है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सीटी स्कैन लिखने वाले डॉक्टरों के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं, या सीएमएस अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों और उनके परिजनों को हो रही है। उन्हें जांच के लिए अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनके इलाज में भी देरी हो रही है।
नागौर शहर के ऐतिहासिक गिनाणी तालाब की एक साल से टूटी दीवार को लेकर अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित शहरवासियों ने नगर परिषद और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर तालाब की सुरक्षा दीवार जल्द बनवाने की मांग की। लोगों का आरोप है कि बजट की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद भी नगर परिषद प्रशासन काम शुरू नहीं करवा रहा है, जिससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में नागौर नगरपरिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविन्द सिंह भींचर ने बताया कि DMFT (आपदा प्रबंधन राहत कोष) से इस सड़क के लिए फंड जारी हो गया है और DLB से स्वीकृति के लिए गया हुआ है। आगामी एक दो दिन में इसका काम शुरू हो जाएगा। हादसे का डर वार्डवासियों ने बताया कि पिछले साल भारी बारिश के दौरान गिनाणी तालाब की दीवार ढह गई थी। इसके बाद नगर परिषद ने केवल लकड़ी की बल्लियां लगाकर इतिश्री कर ली, लेकिन आज तक स्थायी सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू नहीं कराया गया। तालाब के आसपास हर समय लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद भी काम फाइलों में अटका हुआ है। जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कभी अराजकता का अड्डा माना जाने वाला रामगढ़ताल आज पर्यटन का पसंदीदा केंद्र बना है। CM योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के कारण इसका तेजी से विकास हुआ। आज यह ताल वाटर स्पोर्ट्स का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री के प्रयास से यहां 49 करोड़ रुपये की लागत से वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनने के बाद इस ताल की स्थिति में आमूलचूल बदलाव आया। राष्ट्रीय स्तर की रोइंग प्रतियोगिताओं की लगातार मेजबानी रामगढ़ताल को मिलने लगी है। 3 साल के अंदर यहां नेशनल लेवल रोइंग की 3 सफल प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं और राष्ट्र स्तरीय चौथी प्रतियोगिता सोमवार से शुरू हुई है। इसके साथ ही रामगढ़ताल एशियाड रोइंग की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के विशेष प्रशिक्षण शिविर की शानदार मेजबानी भी कर चुका है। वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाने के बाद रामगढ़ताल वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में, खासकर रोइंग प्रतियोगिताओं के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफार्म बनकर उभरा है। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए रामगढ़ताल को खासी वरीयता दी जा रही है। वाटर स्पोर्ट्स के लिए समूचे उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण इस वेन्यू पर, फेडरेशन रोइंग एकेडमी भी स्थापित करने की तैयारी में है। रामगढ़ताल के किनारे वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने के बाद यहां सबसे पहले मई 2023 के खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की रोइंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ था। इस प्रतियोगिता में देशभर के विश्वविद्यालयों से करीब ढाई सौ खिलाड़ी शामिल हुए थे। इसके बाद यहां अक्टूबर 2024 में रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की मेजबानी में सब जूनियर राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता हुई। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आए थे। राष्ट्रीय स्तर की रोइंग प्रतियोगिताओं के आयोजन, रोइंग के लिए मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए रामगढ़ताल में ही, एशियाड 2026 में प्रतिभाग के लिए राष्ट्रीय महिला रोइंग टीम के कैंप का आयोजन इस वर्ष मार्च माह में हुआ था। यह रोइंग भारतीय रोइंग के इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश को रोइंग के राष्ट्रीय प्रशिक्षिण शिविर की मेजबानी मिली थी। इस मई माह में रोइंग की दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं ने रामगढ़ताल का नाम पूरे देश में प्रतिष्ठित कर दिया है। पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग के रूप में 16 मई को सम्पन्न हुई तो इस माह की दूसरी प्रतियोगिता, जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ सोमवार को हुआ। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष एवं यूपी रोइंग एसोसिएशन के सचिव सुधीर शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष रूचि और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते गोरखपुर का रामगढ़ताल अब देश के बेहतरीन रोइंग वेन्यू के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां लगातार हो रहे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन इसका प्रमाण हैं कि रामगढ़ताल वाटर स्पोर्ट्स के हब के रूप में उभर रहा है। सीएम योगी की पहल पर रामगढ़ताल और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विकास ने उत्तर प्रदेश के खेल इतिहास, विशेषकर रोइंग के क्षेत्र में में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक शिक्षक के घर चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने घर से सोने के जेवर और नकदी सहित करीब 50,700 रुपए का सामान चुरा लिया। यह घटना भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमर्रा में हुई। शिक्षक परिवार अपने भांजे की शादी में अभनपुर गया हुआ था। जब वे वापस लौटे, तो घर का दरवाजा खुला और चैनल गेट का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियां खुली हुई थीं। अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के जेवर ले गए चोर चोरों ने घर में घुसकर दो अलमारियों के ताले तोड़े। उन्होंने एक सोने का गुलबंद सेट, एक सोने का इयरिंग सेट, एक सोने का मंगलसूत्र, सोने के टॉप्स, सोने की बाली, एक सोने की नथली, एक सोने का लॉकेट, चार सोने की फुल्ली, दो सेट चांदी के पायल, चार चांदी की बिछिया, एक चांदी का माला, एक चांदी की अंगूठी और दो चांदी की चुटकी चुरा ली। घर से 50,700 रुपए गायब इसके अलावा, छोटी अलमारी से 1000 रुपए नकद भी गायब थे। कुल मिलाकर 50,700 रुपए की चोरी हुई है। घटना की सूचना तत्काल भखारा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह धमतरी में चोरी की कोई पहली घटना नहीं है। कुछ समय पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के जालमपुर स्थित अर्जुन रेजिडेंसी कॉलोनी में भी दो घरों में चोरी हुई थी, जहां से चार लाख रुपए से अधिक का सामान चुराया गया था। उन मामलों के आरोपी अभी भी फरार हैं।
बुरहानपुर पुलिस आगामी बकरीद पर्व को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। सोमवार दोपहर पुलिस अधीक्षक सभागृह में एसपी आशुतोष बागरी और एएसपी अंतर सिंह कनेश ने आसूचना संकलन अधिकारियों की मासिक बैठक ली। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। एसपी बागरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शांति भंग करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की एक विशेष टीम इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे निगरानी रखेगी। उन्होंने जुआ, सट्टा, मादक पदार्थ, अवैध गोवंश तस्करी और अन्य अवैध धंधों में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए। त्योहार के दौरान आयोजित होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। एसपी ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपुष्ट खबरों को फॉरवर्ड न करें। उन्होंने सभी से सद्भाव और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा का माहौल स्थापित करना है, ताकि सभी समुदाय बिना किसी भय के त्योहार मना सकें। बुरहानपुर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह चौकस और तैयार है।
अंबाला के ब्राह्मण माजरा गांव में बस स्टैंड निर्माण को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को खुलकर सड़क पर आ गया। प्रशासन ने जैसे ही जेसीबी मशीनों से खुदाई शुरू करवाई, गांव के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते पुलिस की मौजूदगी में ही धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को काम रुकवाना पड़ा। अब एक पक्ष निर्माण स्थल के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। 7 दिन से समीर कर रहा था विवादगांव में प्रस्तावित बस स्टैंड की जगह को लेकर पिछले करीब एक सप्ताह से विवाद चल रहा था। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि बस स्टैंड का निर्माण रविदास चौपाल के ठीक सामने कराया जा रहा है, जिससे सामाजिक और धार्मिक माहौल प्रभावित होगा।ग्रामीणों का आरोप है कि बस स्टैंड बनने के बाद वहां बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और शराब सेवन जैसी गतिविधियां भी हो सकती हैं। इसी कारण वे लगातार जगह बदलने की मांग कर रहे थे। जेसीबी पहुंची तो भड़क गए ग्रामीणसोमवार सुबह प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू होते ही विरोध कर रहे लोग मौके पर जुट गए। कुछ ही देर में बस स्टैंड के समर्थन और विरोध में दो गुट आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस के सामने हुई धक्का-मुक्कीहालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब दोनों पक्षों के लोग पुलिस बैरिकेडिंग के बीच ही भिड़ गए। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई और कई बार पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। निर्माण स्थल पर शुरू हुआ धरनाबस स्टैंड का विरोध कर रहे लोगों ने निर्माण स्थल के पास ही धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक बस स्टैंड की जगह नहीं बदली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन पर उनकी बात अनसुनी करने का आरोप लगाया। पंचायत और प्रशासन समझौते की कोशिश मेंतनाव को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी अब दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने में जुटे हैं। गांव में माहौल को शांत बनाए रखने के लिए लगातार पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। फिलहाल ब्राह्मण माजरा में बस स्टैंड का मुद्दा अब केवल निर्माण तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि गांव के सामाजिक और सामुदायिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
रोहतक में भालौठ सब ब्रांच नहर को पक्का करने के खिलाफ ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अगर प्रशासन ने नहर को पक्का करने का प्रयास किया तो वह आंदोलन को तेज कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी। ग्रामीण उमेद सिंह, रणधीर, सुमित दलाल, सूरत सिंह ने बताया कि भालौठ सब ब्रांच नहर को पक्का करने के खिलाफ गांव काहनी, रिठाल रोड के नहर पुल पर रिठाल, किलोई, धामड़, काहनी के सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे और नहर को पक्का करने के काम को रूकवाया। ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा मुद्दों के समाधान के लिए कोई बातचीत न करने के खिलाफ नारेबाजी की। नहर पर लगे नलकों पर निर्भर ग्रामीण उमेद सिंह ने बताया कि भालौठ सब ब्रांच नहर के किनारे नलके लगा रखे है, जिन पर ग्रामीण पीने के पानी के लिए निर्भर है। अब प्रशासन और सरकार द्वारा नहर को पक्का करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी भी नसीब नहीं होगा । आसपास भूमिगत मीठे जल के स्त्रोत खत्म हो जाएंगे। नहर के बेड को कच्चा रखने की मांग रणधीर सिंह ने बताया कि सरकार दोहरी नीति बनाकर ग्रामीणों को परेशान कर रही है, जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न ही किसी भी कीमत पर नहर को पक्का होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने धरने के माध्यम से नहर के बेड को कच्चा रखने, हर पुल के पास घाट छोड़ने और उसमें ढाल बनाने, दो पुलों के बीच में दोनों तरफ सीढ़ियां बनाने की मांग की।
ऑनलाइन फार्मेसी की मनमानी और डीप डिस्काउंट के विरोध में 20 मई को आगरा समेत पूरे देश में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर आगरा के करीब 5 हजार कैमिस्ट एक दिन की हड़ताल करेंगे। आगरा फार्मा एसोसिएशन ने बंद को सफल बनाने की रणनीति तैयार कर ली है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप बंसल ने बताया कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नियमों को ताक पर रखकर दवाएं बेच रहे हैं। बिना सत्यापन के बिक्री और एक ही पर्चे का बार-बार इस्तेमाल हो रहा है। AI से फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाएं दी जा रही हैं। इससे एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस का खतरा बढ़ा है। यह सीधे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। महामंत्री महेश अग्रवाल 'ग्वाला' ने कहा कि बड़े कॉरपोरेट डीप डिस्काउंट देकर बाजार बिगाड़ रहे हैं। जरूरी दवाओं का मार्जिन सरकार तय करती है, लेकिन ऑनलाइन कंपनियां अनुचित प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इससे आगरा के छोटे और मझोले कैमिस्टों का कारोबार चौपट हो रहा है। जिले में करीब 25 हजार परिवारों की आजीविका पर संकट है। AIOCD ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कोविड काल की अस्थायी अधिसूचना G.S.R. 220(E) और ई-फार्मेसी की अधिसूचना G.S.R. 817(E) को तुरंत रद्द करने की मांग की है। साथ ही अनुचित छूट पर रोक के लिए समान अवसर नीति बनाने को कहा है। मीडिया प्रभारी मुकेश कुमार गर्ग ने बताया कि बंद के दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। बैठक में हरिओम सिंघल, जगदीश राठी, सुनील गुप्ता, चन्द्रकान्त गुप्ता, अमित ग्वाला समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा।
जयपुर रेंज के निर्देश पर अलवर पुलिस ने जिलेभर में दो दिन तक विशेष “एरिया डोमिनेशन अभियान” चलाया है। अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर कुल 246 आरोपियों और बदमाशों को गिरफ्तार किया। अभियान में 494 पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिन्होंने 146 टीम बनाकर जिले के 461 जगहों पर कार्रवाई की। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटर, वारंटी, इनामी बदमाशों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई करना था। पुलिस ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया, जो इलाके में डर और अपराध का माहौल बना रहे थे। फरार 29 आरोपियों को पकड़ा अभियान के दौरान महिला अत्याचार के मामलों में वांछित 3 आरोपी, आदतन अपराधी 5, गंभीर अपराधों में वांछित 9 आरोपी, सामान्य मामलों में फरार 29 आरोपी और गिरफ्तारी वारंट वाले 51 लोगों को पकड़ा गया। इसके अलावा स्थाई वारंटी और पीओ श्रेणी के 36 अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 4 इनामी बदमाशों को भी दबोचा। अवैध शराब और तस्करी पर सख्ती से कार्रवाई कार्रवाई के दौरान अवैध शराब, नशा तस्करी और हथियार रखने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई। पुलिस ने 14 आबकारी एक्ट, एक आर्म्स एक्ट, एक एनडीपीएस एक्ट, एक कॉपीराइट एक्ट और 4 RPGO के मामले दर्ज किए। पुलिस ने अभियान में 77 लीटर अवैध हथकढ़ शराब, 53 किलो 660 ग्राम गांजा, एक चाकू और 4020 रुपये बरामद किए। वहीं 170 BNSS के तहत 71 लोगों को हिरासत में लिया गया। एसपी ने कहा कि जिले में अपराध और बदमाशों के खिलाफ आगे भी लगातार इसी तरह सख्त अभियान चलाए जाएंगे ताकि आम लोगों में सुरक्षा का माहौल बना रहे।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के चंडीगढ़ स्थित आवास पर एक बेहद खास और अहम मुलाकात हुई। राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने कैप्टन के घर पहुंचकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान डेरा ब्यास मुखी ने पूर्व सीएम की सेहत का हाल-चाल जाना और परिवार को अपना आशीर्वाद दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह का हाल-चाल जानने पहुंचे डेरा ब्यास मुखी पंजाब की सियासत और आध्यात्म के नजरिए से यह एक बेहद खास और पारिवारिक मुलाकात रही। राधा स्वामी सत्संग ब्यास के पूजनीय मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने अचानक चंडीगढ़ स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के घर पहुंचकर सबको सुखद आश्चर्य में डाल दिया। बताया जा रहा है कि इस शिष्टाचार भेंट का मुख्य उद्देश्य कैप्टन अमरिंदर सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेना था। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी आत्मीय बातचीत हुई। बेटी जय इंदर कौर ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी इस खास मौके की तस्वीरें और जानकारी कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और भारतीय जनता पार्टी की नेता जय इंदर कौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं। उन्होंने तस्वीरों के साथ एक भावुक संदेश भी लिखा जिसमें उन्होंने डेरा मुखी के आगमन पर गहरी खुशी और आभार व्यक्त किया।जय इंदर कौर ने अपने पोस्ट में लिखा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के पूजनीय मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी आज चंडीगढ़ में हमारे घर पधारे। इस दौरान उन्होंने मेरे पिता कैप्टन अमरिंदर सिंह जी की सेहत को लेकर उनका हाल-चाल जाना। हमारे घर में चरण स्पर्श करने और हम सभी को अपना कीमती आशीर्वाद देने के लिए हम बाबा गुरिंदर ढिल्लों जी का हृदय से धन्यवाद करते हैं। पंजाब में है RSSB का गहरा प्रभाव गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उम्र के इस पड़ाव पर पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में राधा स्वामी सत्संग ब्यास जैसी आध्यात्मिक संस्था के प्रमुख का स्वयं चलकर उनके घर आना एक बड़ी बात है। पंजाब सहित देशभर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के करोड़ों अनुयायी हैं और बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का सभी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बेहद सम्मान किया जाता है। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।
मेरठ में आयोजित राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के 65वें संयुक्त अधिवेशन ,नवाचार शैक्षिक गोष्ठी एवं कार्यकारिणी बैठक का सोमवार को समापन हुआ। जिसमे राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ में अध्यापक पद पर कार्यरत विपिन भारद्वाज को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया और लखनऊ की नीलू सिंह को प्रदेश महामंत्री, अनुज अग्रवाल को प्रदेश संगठन मंत्री और पवित्रा को प्रदेश उपाध्यक्ष चुना गया है। रविवार को आयोजित उद्घाटन सत्र में सांसद राजकुमार सांगवान, शिक्षक एमएलसी श्रीचंद शर्मा और शिक्षाविद एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज मौजूद रहे। कार्यक्रम में सेवा निवृत्त शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ में अध्यापक पद पर कार्यरत व राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन भारद्वाज ने बताया कि लंबे समय बाद संगठन के चुनाव संपन्न हुए हैं। उन्होंने आगे बताया की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद एक बैठक आयोजित हुई जिसमे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। वर्ष 2014 के बाद चुनाव न होने से शिक्षक अपनी समस्याएं सरकार तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचा पा रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षकों की बात सुनना चाहती है और अब संगठन को मजबूत बनाकर शिक्षकों के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन विस्तार, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और पदोन्नति में आरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विपिन भारद्वाज ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े कई छोटे-बड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जैसे- बीएलओ को 34 % आरक्षण मिल गया है और वह प्राइमरी विभाग है और फिर वह हमारे सामने प्रमोशन लेकर प्रिंसिपल या इंचार्ज बन कर आते है ,उन्होंने इस पर आगे कहा की या तो यह आरक्षण हटाया जाए या शिक्षकों को भी आरक्षण दिया जाए और साथ ही काफी समस्याएं है। जिनके समाधान के लिए संगठन सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों और सम्मान की रक्षा संगठन की प्राथमिकता होगी। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुचित्रा सैनी और गीता का माला पहनाकर सम्मान किया गया। वहीं सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने निष्पक्षता, ईमानदारी और बिना भेदभाव के कार्य करने की शपथ ली।
मऊ जिले के जिला महिला चिकित्सालय में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महिला कल्याण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं मिशन शक्ति योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल मुकद्दर ज़रिफ ने की। इस अवसर पर 9 नवजात बच्चियों को बेबी किट वितरित की गई। साथ ही उपस्थित महिलाओं को कन्या सुमंगला योजना और मातृ वंदना योजना की विस्तृत जानकारी भी दी गई। हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन की टीम ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को 112, 181, 108, 1090, 1098 और 1076 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाने के तरीकों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। कई अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई से विधि सह परिवीक्षा अधिकारी रेनु पांडेय, हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन की डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर श्रीमती अर्चना राय, सेंटर मैनेजर संध्या सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीएलबी ममता विश्वकर्मा, स्टाफ नर्स और धात्री महिलाएं समेत कई लोग मौजूद रहे।
राजधानी जयपुर में आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करते सीएसटी ने थाना सांगानेर सदर और मुरलीपुरा क्षेत्र से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी रविवार को राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले जा रहे आईपीएल टी-20 मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने दोनों ठिकानों से कुल 20 मोबाइल, 1 एलईडी, 4 सट्टा हिसाब की कॉपियां (रजिस्टर), कैलकुलेटर, जियो फाइबर सेटअप बॉक्स, चार्जर सहित सट्टेबाजी में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए हैं। इसके अलावा 2 लग्जरी वाहन और 1 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 27 हजार रुपए की नकद सट्टा राशि भी मिली है। सांगानेर सदर में दुकान के ऊपर कमरे से चल रहा था नेटवर्क पहली कार्रवाई थाना सांगानेर सदर इलाके में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि जेडीए कॉलोनी, गोविंदपुरा सांगानेर स्थित दुकान नंबर 41 के ऊपर बने कमरे में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। पुलिस ने दबिश देकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले जा रहे आईपीएल मैच पर अलग-अलग बुकियों और सट्टा संचालकों उत्तम सैनी, निरंजन शर्मा और भगवान शर्मा से लाइन लेकर जूम एप के जरिए लोगों से ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे थे। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए दुकान के ऊपर बने कमरे से पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में धर्म सिंह चौधरी (29), रोशन चौधरी (27), हरि गुर्जर (28), महेंद्र चौधरी (25), अजीत चौधरी (21), गिर्राज चौधरी (30) और सूर्यप्रकाश चौधरी उर्फ सूरज चौधरी (31) शामिल हैं। आरोपियों से सट्टे के दौरान रखी शराब की बोतले भी मिली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सांगानेर सदर में मामला दर्ज किया है। मुरलीपुरा में मकान से संचालित हो रहा था ऑनलाइन सट्टा दूसरी कार्रवाई थाना मुरलीपुरा इलाके में विजयबाड़ी पथ नंबर-6 स्थित मकान नंबर 366 में की गई। यहां से पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आईपीएल मैच पर सट्टा लगाने के लिए सौरभ और अभिषेक नामक बुकियों से लाइन लेकर जूम एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी करवा रहे थे। आरोपी पुलिस से बचने के लिए निजी मकान से नेटवर्क चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में योगेश जैन उर्फ पिल्लू (31) और संजय जैन (50) शामिल हैं। पुलिस ने मौके से 5 मोबाइल, चार्जर, एलईडी, जियो फाइबर सेटअप बॉक्स, रिमोट, सट्टा हिसाब की कॉपी और पेन बरामद किए हैं। इस मामले में थाना मुरलीपुरा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य बुकियों व सहयोगियों की तलाश जारी है।
फतेहपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन:पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ी कीमतों पर सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सोमवार को जिला और शहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की बढ़ी कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। कचेहरी परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शहर अध्यक्ष मो. आरिफ गुड्डा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार जनता से पेट्रोल, डीजल और गैस की बचत करने की अपील करती है, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों देशों को रिफाइंड तेल बेचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य जनता को भ्रमित करना बन गया है। गुड्डा ने कहा कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पहले ही इन मुद्दों को लेकर सरकार को आगाह कर चुके थे। ‘भारत में ही बढ़ रही कीमतें’ वरिष्ठ कांग्रेस नेता शेख एजाज अहमद ने कहा कि पड़ोसी देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आ रही है, जबकि भारत में कीमतों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो मंदी जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में वरिष्ठ महिला नेता संतोष कुमारी शुक्ला, प्रदेश सचिव शोभा दुबे, पार्टी प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, ब्रजेश मिश्रा और कलीम उल्ला सिद्दीकी सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पप्पी राजपूत, शकीला बानो, आशीष गौड़, राजेंद्र लोधी, राजीव लोचन निषाद, जे.पी. पासवान, पं. राम नरेश, सैयद सहाब अली, निजामुद्दीन, मनोज घायल, नरेन्द्र सिंह रिक्की, आदित्य श्रीवास्तव, फजलुर्रहमान, नवनीत तिवारी, चौधरी मोइन राइन, आनंद सिंह गौतम, नजमी कमर, डॉ. अब्दुल हमीद, बसीर अहमद, कौशल कुमार शुक्ला, शुभम दुबे, नौशाद, अजय बच्चा सलीम शेख, धर्मेंद्र सिंह और अब्दुल रज्जाक समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवरिया में सड़क हादसे में रुद्रपुर के मजदूर की मौत:शव गांव पहुंचने पर परिजनों में मचा कोहराम
देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के छितही गांव निवासी एक प्रवासी मजदूर की मस्कट में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। सोमवार को जब उनका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों में शोक छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। जानकारी के अनुसार, छितही गांव के भोजपुरिया टोला निवासी मोहन निषाद (48) पुत्र स्वर्गीय जीयन निषाद लगभग डेढ़ वर्ष पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से मस्कट मजदूरी करने गए थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम को वह काम से लौट रहे थे, तभी एक सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। सोमवार को एंबुलेंस के माध्यम से मोहन निषाद का शव गांव पहुंचा। शव देखते ही उनकी पत्नी कुमारी देवी की हालत बिगड़ गई और वह शव से लिपटकर रोने लगीं। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में थे। गांव की महिलाओं और रिश्तेदारों ने किसी तरह परिजनों को संभाला। मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों के अनुसार, मोहन निषाद अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। वह विदेश में मजदूरी करके अपने बच्चों और परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिवार के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन और सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रवासी मजदूरों के परिवारों के लिए एक विशेष सहायता योजना लागू की जानी चाहिए, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं की स्थिति में परिवारों को सहारा मिल सके। सोमवार शाम को गांव में मोहन निषाद का अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
सवाई माधोपुर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मकान में दबिश देकर साइबर ठगी के मास्टरमाइंड बुद्धिप्रकाश मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को विज्ञान नगर पावर हाउस के पास स्थित किराए के कमरे से पकड़ा। पुलिस ने मौके से साइबर फ्रॉड में उपयोग किए जा रहे 22 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एचपी कंपनी का एक लैपटॉप, एयरटेल कंपनी का वाई-फाई सिस्टम, 13 एटीएम कार्ड, 8 सिम कार्ड, 2 चेक बुक, 2 बैंक पासबुक सहित अन्य सामान जब्त किया है। बचने के लिए वाईफाई यूज करता था SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि ASP विजय सिंह मीणा व सीओ सिटी उदय सिंह मीणा के सुपरविजन में कोतवाली थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। थानाधिकारी मदनलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर शाखा से प्राप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि आरोपी एवीएटर गेम में नुकसान झेल चुके लोगों को लॉस रिकवर कराने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी ऑटो क्लिकर की मदद से 22 मोबाइल फोन से एक साथ हजारों मैसेज भेजकर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी ने मोबाइल में सिम कार्ड का उपयोग नहीं किया, बल्कि वाईफाई के जरिए सभी डिवाइस संचालित करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। रुपए डबल करने का लालच देता था पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम और अन्य एप्लीकेशन पर बिटकॉइन, शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और सट्टा संबंधी चैनल बनाकर लोगों को रुपये डबल करने का लालच देता था। इसके बाद वह ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन के जरिए एडवांस राशि प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल में बिजली गुल:सुबह से बाधित आपूर्ति, मोबाइल की रोशनी में हो रहा काम
फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सोमवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह से ही बिजली की आवाजाही के कारण भीषण गर्मी में भर्ती मरीज परेशान रहे। अस्पताल में कई कार्य मोबाइल की रोशनी में किए गए। अस्पताल में सुबह से ही बिजली बार-बार ट्रिप हो रही थी, जिससे कभी 10 मिनट तो कभी आधे घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद वह भी सोमवार को बार-बार खराब होता रहा। कर्मचारियों ने बताया कि जनरेटर गर्म होने के कारण उसे बार-बार बंद करना पड़ रहा था। बिजली बाधित होने से अस्पताल के पर्चा काउंटर, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे रूम, सीटी स्कैन और ब्लड बैंक सहित सभी विभागों का कार्य प्रभावित हुआ। कर्मचारियों को मोबाइल की रोशनी में काम करना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों की ड्रिप जांचने के लिए भी मोबाइल टॉर्च का सहारा लिया गया। सोमवार को फर्रुखाबाद का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे भीषण गर्मी पड़ रही थी। लोहिया अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार गर्मी और अंधेरे से बेहाल दिखे। बच्चा वार्ड में तीमारदार बच्चों को हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए, जबकि अन्य वार्डों में भी अंधेरा छाया रहा। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में फर्रुखाबाद जनपद के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलने पर यहां मरीजों की भारी भीड़ थी। हालांकि शाम 3:00 बजे करीब बिजली सुचारू हो पाई। सीएमएस बोले- 33 हजार की लाइन में दिक्कत मामले में लोहिया अस्पताल पुरुष की सीएमएस डॉक्टर जगमोहन शर्मा ने बताया 33000 की लाइन में दिक्कत आने से बिजली की आपूर्ति में समस्या आ रही है। जनरेटर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा अस्पताल में बड़ी संख्या में ऐसी लगी है। ऐसे में जनरेटर लोड नहीं उठा पा रहा है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी ऐसी को जनरेटर से हटा दिया जाए।
बरेली की कोतवाली पुलिस ने एक महिला को डरा-धमकाकर, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह 13 दिसंबर 2025 को अपने मायके कुशीनगर से आकर बरेली जंक्शन पर सुबह के वक्त उतरी थी। वहां उसे ससुराल पक्ष के जान-पहचान वाले गुलाब सिंह उर्फ सीताराम और रिंकू मिले। दोनों ने घर छोड़ने के बहाने महिला को अपनी बातों में फंसाया और फिर डरा-धमकाकर जबरन बस में बैठा लिया। बच्ची को मारने की धमकी देकर किया गलत काम आरोपी महिला की दो साल की मासूम बेटी को गोद में लेकर धमकी देने लगे कि अगर उसने विरोध किया, तो बच्ची को जान से मार देंगे। डर के मारे महिला चुप रही। आरोपी उसे हिमाचल प्रदेश के मौनीनगर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर दोनों ने उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया। गुलाब सिंह दिन में उस पर नजर रखता था और रिंकू रात में पहरा देता था। इस बीच आरोपियों ने महिला को बेचने के लिए कुछ लोगों को भी दिखाया। पति को फोन कर मांगी मदद, ऐसे बची जान 15 दिसंबर 2025 को जब आरोपी सो रहे थे, तब महिला ने चुपके से अपने पति को फोन किया और पूरी आपबीती बताई। उसने कहा कि मौका मिलते ही वह वहां से भागेगी और उसे बस अड्डे पर मिले। इसके बाद वह किसी तरह चंगुल से छूटकर 20 जनवरी 2026 को अपने पति के साथ बरेली लौटी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कोतवाली थाने में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बोला- मर्जी से गई थी एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुलाब सिंह उर्फ सीताराम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हाफिजगंज क्षेत्र के ग्राम चैना मुरारपुर का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह छुपाने के लिए दावा किया कि महिला उसकी मर्जी से गई थी, बस उससे गलती यह हुई कि महिला का तलाक नहीं हुआ था और उसने शादी भी नहीं की थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, मामले की जांच जारी है।
प्रयागराज शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार रूटों पर ई रिक्शा की नो एंट्री लागू कर दी गई है। फिलहाल एक महीने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह व्यवस्था लागू की गई है। एक महीने बाद समीक्षा की जाएगी और परिणाम संतोषजनक पाए जाने पर आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा। यह व्यवस्था 21 मई से लागू होगी और एक माह तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत शहर के जिन चार रूटों पर नो एंट्री लगाई गई है, उनमें निम्न क्षेत्र शामिल हैं। (i) रामबाग फ्लाई ओवरब्रिज । (ii) सिविल लाइंस हनुमान मन्दिर से सुभाष चौराहे तक। (iii) लक्ष्मी टाकीज चौराहे से पुलिस क्लब चौराहे तक एवं पुलिस क्लब चौराहे से आनन्द हास्पिटल तक। (iv) कचहरी से लेकर विश्वविद्यालय मार्ग एवं विश्वविद्यालय से ए०एन०झा मार्ग तक। 2 - ई रिक्शा संचालन हेतु डायवर्जन क्षेत्रः- (i) तेलियरगंज से सिविल लाइन होकर आने वाले ई-रिक्शा सिविल लाइन हनुमान मन्दिर से फायर बिग्रेड चौराहे से होकर नवाब युसुफ रोड की तरफ होते हुए सिविल लाइन रेलवे स्टेशन, मा० हाईकोर्ट की तरफ जायेंगे एवं इसी रुट से वापस आयेंगे। (ii) बैरहना / संगम की तरफ से आने वाले ई-रिक्शा जी०टी० जवाहर सीएमपी कालेज, मेडिकल चौराहा होते हुए सी०ए०वी० कालेज से बाएं मुड़कर डी०आर०एम० ऑफिस होते हुए सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन, मा० हाईकोर्ट की तरफ जाएंगे एवं उसी मार्ग से वापस आएंगे।
बारां में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रहे ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब एक ऑटो बारां से किशनगंज की तरफ जा रहा था। पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ऑटो पलट गया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में तेल फैक्ट्री निवासी बलराम वैष्णव (70), हाउसिंग बोर्ड निवासी बद्री बाई पांचाल (80) और केलवाड़ा निवासी युनुस मोहम्मद (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बद्री बाई को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। दोनों अन्य गंभीर घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने घायलों के बयानों के आधार पर कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंडवा में 45 डिग्री के पार तापमान:मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बंद पड़े एसी, एंबुलेंस भी हो रहीं खराब
खंडवा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है। अल सुबह से लेकर देर शाम तक गर्म लपटों का असर बना हुआ है। तेज गर्मी के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर हेल्थ सिस्टम पर देखने को मिल रहा है। प्रसूति वार्ड में बंद पड़े मिले एसीभास्कर की पड़ताल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रसूति वार्ड में लगे एसी बंद मिले। महिला चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड में चार एसी लगे हुए हैं। इनमें से तीन बंद पड़े हैं, जबकि एक एसी चालू है, जो हर आधे घंटे में बंद हो जाता है। एसी का पानी भी बाहर बह रहा है। अधिकांश महिला मरीज अपने घरों से स्टैंड पंखे लाकर इस्तेमाल कर रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई सुध नहीं ली है। गनीमत यह है कि अस्पताल की बिल्डिंग दो-तीन मंजिला है, जिससे हीटवेव का असर कुछ कम हो जाता है। एंबुलेंस सेवा भी हुई प्रभावितभीषण गर्मी के बीच 108 एंबुलेंस सेवा भी प्रभावित नजर आ रही है। कई एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि इमरजेंसी के समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल स्टोर में दवाओं की सुरक्षा के लिए एसी और कूलर लगाए गए हैं, ताकि तेज गर्मी में दवाएं खराब न हों। किसानों के लिए सिंचाई में परेशानी हो रहीभीषण गर्मी के बीच किसानों ने कपास और मूंग की फसल की बुवाई कर दी है। सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की जरूरत पड़ रही है, लेकिन बिजली कंपनी की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ही बिजली दी जा रही है। दोपहर की तेज गर्मी में खेतों की सिंचाई करना किसानों के लिए परेशानी बन गया है। भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री सुभाष पटेल ने इस समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मेरठ में जेल चुंगी से किला रोड की ओर जाने वाली सड़क पर इन दिनों जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों से इलाके में गंदगी और बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही पास ही में स्कूल होने से छात्रों में बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यहां आए दिन कूड़े में आग लग जाती है। इससे उठने वाला जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार शहर से कूड़ा उठाने वाली नगर निगम की गाड़ियां रोजाना इसी स्थान पर रुकती हैं और बड़े डंपर में कूड़ा ट्रांसफर करती हैं। लेकिन जिस जगह कूड़ा ट्रांसफर किया जाता है, वहीं लगातार कूड़ा जमा होने से सड़क किनारा मिनी डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो गया है। मामले की जानकारी मिलने पर छात्र नेता विनीत चपराना मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मौके पर हंगामा किया और जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई। विनीत चपराना ने कहा कि नगर निगम शहर को स्वच्छ रखने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन हकीकत में सड़कों को ही कूड़ाघर बना दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही इस कूड़े को छात्र यहांसे उठाकर संबंधित अधिकारियों के आवास पर ले जाकर ही प्रदर्शन करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक असली) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को संभल में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में किसान बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सर्किल रेट के बजाय बाजार दर पर मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों का कहना था कि वर्तमान व्यवस्था से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खतौनी में त्रुटियां सुधारने की मांग किसानों ने राजस्व अभिलेखों, विशेष रूप से खतौनी में सहखातेदारों के नाम और अंशों में हुई त्रुटियों को अभियान चलाकर ठीक कराने की मांग की। उनका आरोप था कि जल्दबाजी में की गई प्रविष्टियों के कारण भूमि विवाद बढ़ रहे हैं। खाद की उपलब्धता और MSP का मुद्दा उठाया भाकियू कार्यकर्ताओं ने रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उनकी जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग भी की। इसके साथ ही मंडी समितियों में किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दरों पर खरीदने और मंडी शुल्क में हो रही अनियमितताओं को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बिजली और भ्रष्टाचार पर भी जताई नाराजगी किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही तहसील और थानों में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात कही। चकबंदी से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। कई किसान नेता रहे मौजूद इस दौरान जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह, सचिन यादव, आशिक रजा, ओम प्रकाश, ऋषि पाल यादव, जयवीर सिंह, सत्यपाल, केदारी सिंह, बाबूराम प्रजापति और वीरेश यादव सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर देशभर में केमिस्ट संगठनों का विरोध अब तेज हो गया है। मरीजों की सुरक्षा, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इसका असर देखने को मिलेगा। इस बीच संगठन के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें भी रखी हैं। 20 मई को देशभर में बंद का ऐलान ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) और लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। लखनऊ सहित पूरे यूपी में मेडिकल स्टोर बंद रखने की तैयारी है। सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया ज्ञापन सोमवार दोपहर संगठन के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञान चंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इसमें ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण और कड़े नियम लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी का कहना है कि यह सिर्फ व्यापार का मामला नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उनका आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना उचित मेडिकल जांच और फार्मासिस्ट सत्यापन के दवाएं बेची जा रही हैं, जो मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर चिंता संगठनों ने दावा किया कि ऑनलाइन माध्यम से युवाओं तक नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाएं आसानी से पहुंच रही हैं। दर्द निवारक, स्लीपिंग पिल्स और कुछ प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। स्थानीय दुकानों पर सख्ती, ऑनलाइन पर ढील का आरोप दवा व्यापारियों के मुताबिक, स्थानीय मेडिकल स्टोर्स पर फार्मासिस्ट संदिग्ध ग्राहकों को दवा देने से मना कर देते हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की निगरानी प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पा रही है। नकली दवाओं और भारी डिस्काउंट पर सवाल संगठनों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर दवाएं बेच रही हैं, जो सामान्य नियमों के तहत संभव नहीं है। इससे नकली दवाओं या किसी बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। सरकार से कड़े नियमों की मांग केमिस्ट संगठनों ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन रोकने के लिए मजबूत सत्यापन प्रणाली बनाने और बिना फार्मासिस्ट निगरानी दवा वितरण पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही जीएसआर 817 और कोविड काल में लागू जीएसआर 220 जैसे प्रावधानों को वापस लेने की भी मांग उठाई गई है। इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने का दावा संगठनों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए टोलफ्री नंबर जारी करने की भी बात कही गई है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। चार साल बाद बाजार बंद करने का फैसला केमिस्ट संगठनों ने करीब चार साल बाद दवा बाजार बंद करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बुरहानपुर में कोतवाली पुलिस ने डाकवाड़ी स्थित रेन बसेरा में बेसहारा बुजुर्गों से मुलाकात की। पुलिस टीम ने उनका हालचाल जाना और उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा। यह पहल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश के बाद की गई। कोतवाली थाना प्रभारी नीता देअरवाल अपनी टीम के साथ रेन बसेरा पहुंचीं। उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों से आत्मीयता से बातचीत की, उनके स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। पुलिस टीम के इस मानवीय व्यवहार को देखकर कई बुजुर्ग भावुक हो गए। शुरुआत में कुछ संकोच करने वाले बुजुर्गों ने भी पुलिसकर्मियों के विनम्र आचरण के बाद सहज महसूस किया। बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने पुलिस टीम की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। एसपी ने जोर दिया कि बुरहानपुर पुलिस जहां अपराधियों के प्रति सख्त है, वहीं बुजुर्गों और जरूरतमंदों के प्रति उतनी ही संवेदनशील भी है। दरअसल एसपी ने बुरहानपुर में कुछ दिन पहले ही पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस टीम से कहा कि वह अपने अपने थाना क्षेत्रों में अच्छा काम करें। इसका असर भी देखने को मिल रहा है।
भीलवाड़ा शहर के पुर रोड स्थित प्रतापनगर स्कूल परिसर में स्थापित प्राचीन जुझार जी महाराज की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। पवित्र देवस्थान पर तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और हिंदू संगठनों के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। तेली समाज गुटकणिया परिवार आस्था का केंद्र इस प्राचीन देवस्थान से स्थानीय तेली समाज की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यहां तेली समाज के गुटकणिया परिवार द्वारा पिछले कई सालों से नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे थे। इस तरह अचानक आस्था के केंद्र को निशाना बनाए जाने से समाज जनों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिसके चलते मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। प्रदर्शन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारियों सहित तेली समाज के युवा और प्रबुद्ध जन घटना स्थल पहुंचे। इस दौरान घटना को लेकर लोगों मे रोष देखा गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन से दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। शहर का माहौल खराब करने का प्रयास विहिप के भीलवाड़ा महानगर सह मंत्री सुशील सुवालका ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार भीलवाड़ा शहर के शांत माहौल में जहर घोलकर भाईचारे को खराब करने की घिनौनी कोशिशें कर रहे हैं। ऐसी ताकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जल्द से जल्द दोषियों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। पुलिस मौके पर, समझाइश के प्रयास जारी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रतापनगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले को शांत कराने और मामला सुलझाने के लिए समझाइश के प्रयास शुरू किए। थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया है। असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है ।
बस्तर संभाग के कभी माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में अब विकास कार्यों को गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से इन क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद सड़क, पुल-पुलिया और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दूरस्थ वनांचल गांवों तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत कोंडागांव जिले के सुदूर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है। सुरक्षा कारणों और माओवादी दहशत के कारण वर्षों तक जिन गांवों में सरकारी योजनाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। जिले में 103 किलोमीटर से ज्यादा 29 सड़कों के निर्माण को मंजूरी जिले में कुल 103.60 किलोमीटर लंबी 29 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। इन कार्यों की कुल लागत 78 करोड़ 24 लाख रुपए है। इसमें पीएमजीएसवाई परियोजना क्रियान्वयन इकाई कोंडागांव के तहत 19 सड़कों की कुल लंबाई 68.37 किलोमीटर है, जिसकी लागत 50 करोड़ 27 लाख रुपए है। केशकाल में 11 नई ग्रामीण सड़कों को मिली मंजूरी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता से मिली जानकारी के अनुसार, केशकाल क्षेत्र में पीएमजीएसवाई-4 (वर्ष 2025-26) के तहत 11 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है। इन सड़कों की कुल लंबाई 39.23 किलोमीटर है। इनमें बावनमारी-बेडमामारी, होनहेड़-घोड़ाझर, बिंझे-चिखलाडीही, कलेपाल-पराली और रावबेड़ा-गिरगोली जैसे कई ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। फरसगांव क्षेत्र में पतोड़ा से कुम्हारपारा तक सड़क निर्माण भी स्वीकृत किया गया है। मर्दापाल में 45 किमी लंबी 12 नई सड़कों का निर्माण होगा इसी तरह मर्दापाल क्षेत्र में 45 किलोमीटर लंबी 12 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनमें पुजारीपारा-कटुलपारा, पल्ली-बरसूर मार्ग से कीलम, लखापुरी-एहरा, बयानार मार्ग से बड़को और छोटेउसरी से टिमेनार जैसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोंडागांव क्षेत्र में भी 20.36 किलोमीटर लंबी 6 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इन सड़क निर्माण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनेगी। स्थानीय ग्रामीणों को बाजारों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हरदा जिले में मूंग की फसल के लिए किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने का मुद्दा गरमा गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने आरोप लगाया कि सरकार ने मूंग की बोनी के समय 2200 क्यूसेक पानी देने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान में किसानों को केवल 1700 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। मोहन सांई ने कहा कि मूंग की फसल इस समय फूल पर है और जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में किसानों को अगले 10 दिनों तक लगातार पानी की जरूरत है। बोले- गर्मी से झड़ सकते हैं फसल के फूल उन्होंने कहा कि यदि समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो तेज गर्मी के कारण मूंग के फूल झड़ जाएंगे और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सिंचाई व्यवस्था में लापरवाही के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने होशंगाबाद कमिश्नर और सिंचाई विभाग के अधिकारी एसी मीणा से चर्चा की है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि किसानों को अगले 10 दिनों तक पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। पानी नहीं मिला तो होगा आंदोलन मोहन सांई ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो जिला कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। सोमवार को नहरों के निरीक्षण के दौरान उनके साथ किसान कांग्रेस प्रदेश महामंत्री रविशंकर शर्मा, संदीप सोलंकी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में एक बेटे ने मोबाइल नहीं मिलने की बात पर अपने ही मां-पिता पर हसिए से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में मां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि पिता को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने आरोपी बेटे को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। जामुल निवासी दिनेश साहू (50) और उनकी पत्नी खिलेश्वरी साहू (47) अपने बेटे राकेश साहू को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। बताया जा रहा है कि राकेश का इलाज कुरुद स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इसी सिलसिले में परिवार उसे अस्पताल लेकर जा रहा था। अस्पताल जाने से पहले राकेश ने अपने पिता से मोबाइल मांगा। पिता ने उसे बाद में मोबाइल देने की बात कही। इसी बात से राकेश नाराज हो गया। देखते ही देखते उसने अपना आपा खो दिया और हसिए से पहले पिता पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने मां पर भी लगातार कई वार कर दिए। पड़ोसियों ने रस्सी से बांधकर पाया काबूहमले के दौरान चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने पहले अन्य लोगों को बुलाया, फिर मिलकर आरोपी युवक को घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया, ताकि वह किसी और पर हमला न कर सके। पड़ोसियों रस्सी से बांधकर लाया अस्पतालघटना के बाद पड़ोसियों ने ही घायल पति-पत्नी को सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया। वहीं आरोपी बेटे को भी रस्सी से बांधकर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद मां खिलेश्वरी साहू की हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं आरोपी बेटे का इलाज भी मेकाहारा में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, पिता दिनेश साहू को ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। दूसरी ओर मां की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस कर रही कार्रवाईघटना की सूचना मिलने के बाद जामुल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में मोबाइल को लेकर हुए विवाद की बात सामने आई है। भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि बेटा मोबाइल मांग रहा था। परिजनों ने उसे बाद में मोबाइल देने की बात कही थी। इसी बात से नाराज होकर उसने मां-पिता पर हसिए से हमला कर दिया। घायल मां और बेटे दोनों का रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में इलाज चल रहा है।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. इंदौर में टैंकर ने बाइक को मारी टक्कर,तीन की मौतइंदौर के धार रोड स्थित हाईलिंक कॉलोनी के सामने सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे में एक मां और उसके दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार के छह लोग (तीन वयस्क-तीन बच्चे) एक ही बाइक पर सवार होकर पगड़ी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार टैंकर ने उन्हें टक्कर मार दी। पूरी खबर यहां पढ़ें… 2. इंदौर में युवक पर चाकू से हमला, VIDEO इंदौर में युवक पर चाकू से हमला करने का वीडियो सामने आया। इसमें आरोपी युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करता नजर आ रहा है। आरोपी एक के बाद एक युवक पर कई वार करता दिख रहा है। हमले में युवक को चाकू के चार वार लगे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… 3. इंदौर में पांचवीं मंजिल से गिरे जूनियर डॉक्टर की मौतइंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रविवार देर रात एक पीजी डॉक्टर की मौत हो गई। डॉक्टर का शव हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से गिरने के बाद परिसर में मिला। पुलिस आत्महत्या और हादसा, दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… 4. शाजापुर बस हादसे में जिंदा जले मासूम को लेकर आक्रोशशाजापुर बस हादसे में जिंदा जलकर चार वर्षीय मासूम अनय जैन की मौत को लेकर दिगंबर जैन समाज में भारी आक्रोश है। सोमवार को दिगंबर जैन समाज (सामाजिक संसद) के समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें… 5. म्यूजियम की 5 विरासतें, जिन्होंने इंदौर की पहचान गढ़ी इंदौर के म्यूजियम में संरक्षित कई दुर्लभ आर्टिफैक्ट्स केवल इतिहास की निशानी नहीं हैं, बल्कि वे उस दौर की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि की कहानी भी बताते हैं। म्यूजियम डे पर दैनिक भास्कर की विशेष प्रस्तुति में इतिहासकार जफ़र अंसारी और म्यूजियम क्यूरेटर आशुतोष महाशब्दे ऐसे चुनिंदा आर्टिफैक्ट्स से जुड़ी रोचक और कम चर्चित जानकारियां साझा की। पूरी खबर यहां पढ़ें… 6. इंदौर के रीजनल पार्क में पुलिस का सीक्रेट स्टिंग ऑपरेशनइंदौर में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने रविवार रात रीजनल पार्क क्षेत्र में गुप्त स्टिंग ऑपरेशन चलाकर दो मनचलों को रंगे हाथों पकड़ लिया। “ऑपरेशन सिक्रेट मिडनाइट” और “ऑपरेशन मजनू” के तहत की गई इस कार्रवाई में महिला पुलिसकर्मियों को सादी वर्दी में मैदान में उतारा गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… 7. इंदौर के हॉस्टल में तोड़फोड़ की मिलेगी सजा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IET के हॉस्टल में अर्धनग्न होकर ‘दारू बदनाम कर दी’ गाने पर डांस करने और तोड़फोड़ करने के मामले में स्टूडेंट्स को कड़ी सजा मिलेगी। इसे लेकर अनुशासन समिति के सदस्यों की रविवार शाम को इमरजेंसी मीटिंग हो गई, जिसमें कमेटी ने अनुशंसा भी कर दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें… 8. इंदौर पुलिस की छापामार कार्रवाईइंदौर में सोमवार तड़के कमिश्नरेट पुलिस ने एक गोपनीय और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए शहर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की खास बात यह रही कि इसमें अवैध कारोबार से जुड़ी एक महिला माफिया के साथ एक प्रधान आरक्षक भी पुलिस के शिकंजे में आ गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… 9. इंदौर में फिर बढ़ी गर्मी की तपिश, पारा 42 पारइंदौर में दो दिनों तक तापमान में गिरावट के बाद गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान कम होने के बावजूद उमस और तपिश बनी हुई थी, वहीं रविवार को पारे में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग दिनभर परेशान रहे। पूरी खबर यहां पढ़ें… 10. इंदौर में टेंट हाउस के गोदाम में लगी आग इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र के कर्बला के पास सोमवार सुबह टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विदिशा के मुक्तिधाम में सोमवार को अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे लोगों ने देखा कि कुछ कुत्ते एक नवजात शिशु के शव को नोच रहे थे। यह भयावह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। लोगों ने तुरंत कुत्तों को भगाया और मामले की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी। मामूली तरीके से दफनाया गया था नवजातप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नवजात केशव को मामूली तरीके से दफनाया गया था। इसी वजह से कुत्तों ने कब्र खोदकर शव को बाहर निकाल लिया और उसे नोचना शुरू कर दिया। शव की स्थिति बेहद गंभीर और विचलित करने वाली बताई जा रही है। पुलिस ने पहुंचकर कराया दोबारा दफनघटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुक्तिधाम कर्मचारियों की मदद से गहरा गड्ढा खुदवाकर नवजात के शव को दोबारा सम्मानपूर्वक दफन कराया। कोतवाली के एक आरक्षक ने बताया कि नवजात के शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई और शव को सुरक्षित तरीके से दफनाया गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटनामौके पर मौजूद दीपेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि वे अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। तभी उन्होंने देखा कि कुत्ते एक नवजात के शव को नोच रहे हैं। इसके बाद लोगों ने तुरंत कुत्तों को भगाया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं और नवजात को इस तरह दफनाने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
सुल्तानपुर के धोपाप धाम में श्रीराम कथा के शुभारंभ से एक दिन पहले सोमवार को कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा सागर कुटीवा से शुरू होकर तीर्थ स्थल धोपाप पहुंची। आदि गंगा गोमती नदी के तट से जल भरकर आचार्य पंडित राहुल ने कलश पूजन कराया। इसके बाद कलशों को भगवान श्रीराम के मंदिर में स्थापित किया गया। शोभायात्रा में रथ पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और बजरंगबली की झांकी शामिल थी। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर इसमें भाग लिया। कथा के मुख्य संयोजक और धोपाप विकास बोर्ड के अध्यक्ष रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में यह शोभायात्रा संपन्न हुई। मुख्य आयोजक रवीन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि श्रीराम कथा का आयोजन 19 मई से 25 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कई वर्षों से धोपाप धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आध्यात्मिक वातावरण के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कथा का समापन 25 मई को होगा। इसके बाद रात्रि में तहरी प्रसाद का वितरण किया जाएगा। 26 मई को सुबह 6 बजे से प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित होगा। रवीन्द्र त्रिपाठी ने कलश शोभायात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने सुरक्षा इंतजामों और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के लिए आभार व्यक्त किया। त्रिपाठी ने महिलाओं, क्षेत्रवासियों और सभी श्रद्धालुओं का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग से ही धोपाप का विकास और ऐसे आयोजनों का सफल संचालन संभव हो पाता है।
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दो दिन पहले महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं से 5 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया था, वहीं अब गुजरात से आई दो महिलाओं से भस्म आरती में विशेष दर्शन कराने के नाम पर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। मामले में महाकाल थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंची थीं। भस्म आरती की बुकिंग के लिए उन्होंने गूगल पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर मिला। महिला के अनुसार आरोपी ने खुद को मंदिर से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती दर्शन कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने अलग-अलग किश्तों में कुल 42 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार बुकिंग होने का भरोसा देता रहा। 16 मई की शाम आरोपी का फोन आया और उसने कहा कि बुकिंग नहीं हो पाई है, वह पैसे वापस कर देगा। इसके बाद जब महिलाएं महाकाल मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि इस तरह कोई बुकिंग प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई पुजारी भी नहीं है। ठगी का एहसास होने पर दोनों महिलाओं ने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन में विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का कार्य करता है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह अपने दोस्तों शार्दूल कांबले और तन्मय भालेकर के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आए थे। यहां आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में बैठाकर दर्शन कराने के नाम पर तीनों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए। बाद में उन्होंने मंदिर प्रशासन से शिकायत की थी। श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी ये खबर भी पढ़ें महाकाल मंदिर में वसूली का कोडवर्ड ‘शूटर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं से रुपए लेकर अवैध तरीके से दर्शन कराने के मामले में पुलिस अब तक 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर चुकी है। मंदिर के 8 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है लेकिन अब भी अवैध वसूली नहीं रुकी है।पूरी खबर पढ़ें
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर बीएचयू परिसर स्थित भारत कला भवन में सोमवार को कला, इतिहास और संस्कृति से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संग्रहालय परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 16 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 25 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरकर कला के विविध रंग प्रस्तुत किए। वहीं, बीएचयू के कला संकाय एवं वेल बीइंग सर्विसेज सेल की ओर से चयनित विद्यार्थियों के लिए ‘क्यूरेटेड वॉक’ का आयोजन किया गया। संग्रहालय के सहायक संग्रहाध्यक्ष डॉ. दीपक भरथन अलाथुर के मार्गदर्शन में छात्रों को संग्रहालय की दुर्लभ कलाकृतियों और ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी दी गई। ‘बनारस गैलरी’ बनेगी नई पहचानकार्यक्रम के दौरान भारत कला भवन प्रशासन ने संग्रहालय में जल्द ही ‘बनारस गैलरी’ शुरू किए जाने की जानकारी भी दी। संग्रहालय के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रो. निशांत ने बताया कि संग्रहालय की दूसरी मंजिल पर स्थित एक पुराने बंद हिस्से की मरम्मत के बाद उसे ‘बनारस गैलरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बनारस स्वयं में एक जीवंत संग्रहालय है, जहां प्राचीनता और आधुनिकता साथ-साथ दिखाई देती है। नई गैलरी में प्राचीन काशी से लेकर आधुनिक बनारस तक की सांस्कृतिक यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। राजघाट उत्खनन के पुरावशेष होंगे आकर्षणप्रस्तावित गैलरी में राजघाट उत्खनन से प्राप्त दुर्लभ पुरावशेषों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार राजघाट में पहला उत्खनन वर्ष 1940 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया गया था, जबकि 1960 से 1969 के बीच बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग ने व्यापक खुदाई कराई थी। खुदाई में मिले मिट्टी के बर्तन, प्राचीन मुहरें और अन्य अवशेषों से यह प्रमाणित हुआ कि यह क्षेत्र 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 18वीं शताब्दी ईस्वी तक लगातार आबाद रहा। यहां प्राप्त गुप्तकालीन ब्राह्मी लिपि की एक मुहर, जिस पर ‘वाराणसी-अधिष्ठानाधिकरणस्य’ अंकित है, विशेष महत्व रखती है। अब जानिए कैसे तैयार हुआ भारत कला भवनमहामना की कर्मभूमि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इस संग्रहालय की स्थापना 1 जनवरी 1920 को भारत कला परिषद के रूप में हुई थी। इसके प्रथम आजीवन सभापति महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर थे। वर्ष 1950 में यह बीएचयू का हिस्सा बन गया। इसमें हड़प्पा काल की वस्तुएं, प्राचीन मूर्तियां, दुर्लभ सिक्के, हस्तलिखित ग्रंथ, और 12वीं से 20वीं शताब्दी के बीच के भारतीय लघुचित्र शामिल हैं। यह संग्रहालय दो मंजिलों में बना है, जिसमें मुख्य रूप से भारतीय लघुचित्र, मूर्तिकला, प्रागैतिहासिक वस्तुएं, बीएचयू के संस्थापक की निजी वस्तुएं (मालवीय गैलरी), और वस्त्र-आभूषण की दीर्घाएँ शामिल हैं।
जोधपुर में भीषण गर्मी को देखते हुए होटल्स और रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में बदलाव करना शुरू कर दिया है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अब हेल्दी और शरीर को ठंडक पहुंचाने वाली डिशेज परोसी जा रही हैं। होटल संचालकों का कहना है कि लोग गर्मी में हल्का, पौष्टिक और ठंडक देने वाला भोजन ज्यादा पसंद कर रहे हैं, इसलिए मेन्यू में छाछ, फ्रूट बेस्ड डिशेज, सलाद और कूलिंग ड्रिंक्स जैसी चीजों को खास जगह दी जा रही है। कुकुंबर बोट सलाद, कोकम फिज, सत्तू का पानी परोस रहे जोधपुर के चंद्रा होटल के बसंत बूब ने बताया कि गर्मियों को देखते हुए कुकुंबर बोट सलाद, कोकम फिज, सत्तू का पानी आदि भी परोसा जा रहा है। जिसे ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं। बूब ने बताया कि कुकुम्बर बोट सलाद में खीरे को नाव का शेप देकर अंदर से खोखला किया जाता है और उसके अंदर पौष्टिक सब्जियों, फलों या पनीर की स्वादिष्ट फिलिंग की जाती है। यह वजन घटाने और गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। खास तौर पर वेलकम ड्रिंक तैयार वहीं कोकम फ्रिज के लिए सूखे कोकम को गर्म पानी में भिगोकर, चीनी और मसालों के साथ पकाकर सिरप तैयार किया जाता है, जिसे फ्रिज में स्टोर करके कभी भी ठंडा पानी या सोडा मिलाकर पिया जा सकता है। शेफ ने बताया कि गर्मी के मौसम के हिसाब से डिशेज बनाई जा रही है। लोगों के लिए वेलकम ड्रिंक खास तौर पर तैयार किया है। जिसमें सत्तू का पानी, कोकम का शरबत आदि हैं। जिनकी तासीर ठंडी होती है। इसके अलावा भी खाने की कई प्रमुख डिशेज परोसी जा रही है। गर्मी से बचाव के लिए बनाए जा रहे दही कबाब, दही के शोले जोधपुर के पाल रोड स्थित The BiG O रेस्टोरेंट में भी गर्मी से राहत के लिए कई प्रकार की डिशेज बनाई जा रही है। रेस्टोरेंट के अक्षय भाटी ने बताया की गर्मी से बचाव के लिए दही कबाब, दही के शोले बनाए जा रहे हैं। इसमें रातभर हेंग किए हुए दही के साथ मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें वेजिटेबल, मसाले डालकर एक ब्रेड में रोल कर परोसा जाता है। इसके अलावा कई तरह के वेलकम ड्रिंक भी तैयार किए गए हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। जिसमें कीवी, केरी पानी की सहायता से बनी ड्रिंक भी शामिल है। इसे ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं।
लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के केनाटोली गांव में सोमवार को हुए सड़क हादसे में एक स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान केनाटोली निवासी 35 वर्षीय कुंदन तिग्गा, पिता मिलकुस तिग्गा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कुंदन तिग्गा अपनी स्कूटी से महुआडांड़ की ओर जा रहे थे। तभी विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुंदन तिग्गा सड़क पर गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। बताया गया है कि हादसे के समय उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की मदद से घायल कुंदन तिग्गा को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद मोटरसाइकिल चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही महुआडांड़ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेज दिया है। महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस फरार बाइक सवार की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी हुई है।
महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को जालोर जिला मुख्यालय कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं के साथ छलावा कर रही है। महिलाओं को गुमराह किया जा रहा जालोर कांग्रेस की महिला अध्यक्ष संतोष कंवर ने कहा कि परिसीमन की आड़ में महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार महिलाओं को झांसा देने के बजाय इस आरक्षण को बिना किसी देरी के तुरंत धरातल पर लागू करें। महिला अध्यक्ष ने आरक्षण के वर्गीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के दायरे में शामिल करने की बात कही जा रही है, लेकिन इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं को नजर अंदाज किया गया है। कांग्रेस की मांग है कि आरक्षण का लाभ ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए। हस्ताक्षर अभियान चलाकर जताया विरोध कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इस विरोध प्रदर्शन और अभियान में गीता श्री, जुबैदा बानू सहित कांग्रेस की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शाजापुर जिले के सलसलाई थाना क्षेत्र में मारपीट का शिकार हुई महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोपहर 3 बजे जिला मुख्यालय के ट्रैफिक पॉइंट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एबी रोड हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इब्राहिम खान पर डंडे से हमले का आरोप घटना 15 मई की रात की है, जब अनीताबाई मालवीय लसूडिया मेहा जोड़ पर गंभीर घायल अवस्था में मिली थीं। महिला के बेटे रोहित मालवीय ने पुलिस को बताया कि आरोपी इब्राहिम खान ने उसकी मां पर डंडे से हमला कर उन्हें सड़क पर पटक दिया था। गंभीर रूप से घायल महिला ने देवास के अमलतास अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। संगठनों ने लगाया लव जिहाद का आरोप विहिप विभाग मंत्री राजेश ने आरोप लगाया कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा है और जिले में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप लेगा। आरोपी हिरासत में, हत्या की धाराएं बढ़ेंगी एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी इब्राहिम खान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस मामले में पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। महिला की मौत के बाद अब पुलिस मामले में हत्या से संबंधित अन्य धाराएं जोड़ने की कार्रवाई कर रही है। हाईवे पर जाम, प्रशासन ने संभाला मोर्चा प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, एसडीएम मनीषा वास्कले और तहसीलदार सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को उचित वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। यह खबर भी पढ़ें… शाजापुर में महिला की पीट-पीटकर हत्या:रात में इब्राहिम खान ने सड़क पर रोका, फिर लाठी-डंडे से किया हमला शाजापुर जिले के सलसलाई थाना क्षेत्र में एक महिला पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। 15 मई 2026 की रात लसुल्डिया मेहा जोड़ के पास 40 वर्षीय अनीताबाई मालवीय को एक युवक ने डंडे से बेरहमी से पीटा था। गंभीर रूप से घायल महिला को देवास के अमलतास अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार रात उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इसे हत्या की सोची-समझी साजिश बताया है। पढ़ें पूरी खबर
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गुप्त सूचना पर होटल में छापेमारी कर 36 मजदूरों और 6 नाबालिगों को मुक्त कराया गया। इन्हें कथित तौर पर गुजरात ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने की तैयारी थी। पुलिस ने मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए खड़ी राजलक्ष्मी ट्रेवल्स की बस जब्त कर ली। इस मामले में गुजरात के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पोड़ाहाट अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सूचना मिली थी कि कुछ लोग महिला-पुरुष मजदूरों और नाबालिग बच्चों को होटल में ठहराकर दूसरे राज्य भेजने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और चक्रधरपुर थाना पुलिस को अलर्ट किया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस पदाधिकारी परमेश्वर उरांव, राज किशोर तिवारी, बीरबल चौबे सहित पुलिस बल और श्रम विभाग के सदस्य शामिल थे। छापेमारी के दौरान कुल 36 मजदूर और छह नाबालिगों को बरामद किया गया। रेस्क्यू किए गए नाबालिगों में पांच लड़के और एक लड़की शामिल हैं। सभी नाबालिगों को बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर चाइल्डलाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है। पुलिस ने गुजरात के मोरबी निवासी निकुंज गोविंद बोरसानिया और कादीवर निलेश भाई को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और बाल श्रम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की आगे की जांच कर रही है।
राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी लखन बैरागी, रोहित बैरागी, विनोद बैरागी और दीप बैरागी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 34 के तहत दोषी माना। साथ ही सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है। मामला 16 जनवरी 2024 का है। बीएसयूपी कॉलोनी बैरागी डेरा में पानी भरने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद आरोपियों ने संजीव बैरागी और राजेश बैरागी पर हमला कर दिया था। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए चाकू और अन्य धारदार हथियार से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल की हुई थी सर्जरी अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार हमले में संजीव बैरागी को गंभीर चोटें आई थीं। शरीर के नाजुक हिस्सों में चोट लगने के कारण उनकी सर्जरी करनी पड़ी थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी। आर्म्स एक्ट में भी मिली सजा कोर्ट ने लखन बैरागी और दीप बैरागी को आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत भी दोषी माना। दोनों को 3-3 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने राहत देने से किया इनकार सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों को पहली बार अपराध करने वाला बताते हुए नरमी बरतने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने कहा कि मामला गंभीर है और इसमें घायल को जानलेवा चोटें पहुंचाई गई हैं। ऐसे में आरोपियों को चेतावनी या परिवीक्षा अधिनियम का लाभ नहीं दिया जा सकता।
चूरू जिले के राजलदेसर में तरबूज से संदिग्ध झाग निकलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एक खाद्य सुरक्षा टीम को जांच के लिए राजलदेसर भेजा। डॉ. शर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रतनलाल गोदारा अपनी टीम के साथ राजलदेसर कस्बे पहुंचे। टीम ने सबसे पहले उस उपभोक्ता मनोज कुमार शर्मा के घर का दौरा किया, जिन्होंने यह तरबूज खरीदा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने घर पहुंचकर तरबूज का बारीकी से निरीक्षण किया, जिससे लगातार झाग निकल रहे थे। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने नियमानुसार उस तरबूज का सैंपल जब्त किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रतनलाल गोदारा ने बताया कि सीएमएचओ के सख्त निर्देशों के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि तरबूज के इस संदिग्ध सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट अगले 15 से 20 दिनों के भीतर आने की संभावना है। रिपोर्ट में झाग निकलने के कारणों का स्पष्टीकरण होने के बाद ही विभाग द्वारा आगे की कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के जगनेर में तीन साल पहले लॉकर की चाबी नहीं देने पर मां को कमरे में बंद करके बेटे ने सिल-बट्टे से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सोमवार को एडीजे प्रथम ने कलयुगी बेटे को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ये था मामलाएक मार्च 2023 को जगनेर कस्बा निवासी सुनीता देवी पत्नी सुभाष चन्द्र बिंदल घर पर अकेली थी। पति सुभाष बिंदल आगरा गए हुए थे। उसका ही बड़ा बेटा शिवम उर्फ सैंकी आ गया। अपनी मां से लॉकर की चाबी मांगी। मां ने लॉकर की चाबी देने से मना कर दिया। तो वह आग बबूला हो उठा और हैवान बन बैठा। मां को पहले उसने बरामदे में हमला बोला और फिर कमरे में खींचकर सिलबट्टे से पीटकर मौत के घाट उतार कर बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया था। हत्या के बाद बहन को भेजा था मैसेजहत्या के बाद शिवम ने अपनी बहन को वीडियो बनाकर भेजा था, उसने कहा था कि मां को मार डाला है। वीडियो में वो कह रहा था कि मां मुझे माफ कर देना। हत्या के 7 माह बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अपर जिला जज प्रथम की कोर्ट ने सोमवार को आरोपी बेटे शिवम को साक्ष्य के आधार पर हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने सोमवार को नो व्हीकल डे के मौके पर साइकिल चलाकर लोगों को पेट्रोल और डीजल की बचत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया भर के हालात को देखते हुए ईंधन की बचत बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गोरखपुर की सड़कों पर साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश की। रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी लोगों को पेट्रोल और डीजल का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। उनका कहना था कि भारत हर दिन ईंधन आयात पर भारी खर्च करता है और अगर लोग थोड़ी सावधानी बरतें तो देश का काफी पैसा बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जैसे कोरोना काल में देशवासियों ने प्रधानमंत्री का सहयोग किया था, वैसे ही अब ईंधन बचाने के अभियान में भी साथ दें। उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए साइकिल का इस्तेमाल करें और जहां संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं। सांसद ने किसानों से भी खास अपील की। उन्होंने कहा कि किसान खेती में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें, ताकि डीजल पर निर्भरता कम हो सके और खेती की लागत भी घटे। इससे पहले भी रवि किशन एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक गाड़ी से पहुंचे थे और वहां भी लोगों से पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करने की अपील की थी। उनके इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं क्षेत्र स्थित ग्राम समना के गवर्नमेंट स्कूल के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन को हटा दिया गया है। प्रशासनिक पहल और विद्युत विभाग की तत्परता से इस लाइन को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया, जिससे अब स्कूल परिसर विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित हो गया है। यह मामला 5 मई को आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान सामने आया था। ग्राम समना के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर अवधेश मीना के समक्ष स्कूल के ऊपर से गुजर रही इस हाई वोल्टेज लाइन को हटाने की मांग रखी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और विद्युत विभाग को 20 दिनों के भीतर लाइन स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एफ.आर. मीणा ने बताया कि निर्देशों के पालन में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता स्तर पर एक टीम गठित की गई। कार्य के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा से समन्वय स्थापित कर पुलिस सहायता भी उपलब्ध कराई गई। प्रशासनिक सहयोग और विभागीय समन्वय के परिणामस्वरूप स्कूल के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन को सफलतापूर्वक हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। इस कार्य के पूर्ण होने पर ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राहत व्यक्त की है। स्कूल परिसर के सुरक्षित होने से अब बच्चों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण में अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी।
कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने अपने परिवार के साथ सोमवार को देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। राज्यपाल के आगमन के मद्देनजर मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा बैद्यनाथ का दर्शन किया। तीर्थ पुरोहितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से विशेष पूजा संपन्न कराई। इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों ने भी श्रद्धापूर्वक पूजा में भाग लिया और परिवार, समाज तथा देश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर सांसद निशिकांत दुबे भी राज्यपाल के साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी बाबा बैद्यनाथ के दरबार में मत्था टेका। राज्यपाल की मौजूदगी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया, कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल में कैद किया। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थीं। राज्यपाल को विशेष सुरक्षा घेरे में मंदिर के गर्भगृह तक ले जाया गया, जहां पूजा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। पूरे कार्यक्रम की निगरानी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई।
नागौर के खींवसर में जेके सीमेंट कंपनी के सीमेंट प्लांट एक्सपेंशन को लेकर विवाद छिड़ गया है। कंपनी की ओर से करीब 5 हजार बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में दलाल भी एक्टिव किए गए हैं, जो किसान और कंपनी प्रबंधन के बीच बिचौलिया बने हुए हैं। दलाल किसानों की जमीन को कौड़ियों के दाम खरीदकर कंपनी को महंगे दामों पर बेच रहे हैं। यह पूरी प्रोसेस सिर्फ एग्रीमेंट के आधार पर की जा रही है। किसानों का कहना है- हमारी जमीन एग्रीमेंट करके बुक कर ली जाती है, फिर लंबे समय तक दलाल जमीन को होल्ड रखते हैं। इसके बाद कंपनी को महंगे दाम पर बेचकर किसानों को उसकी आधी रकम ही थमा रहे हैं। हाल यह है कि अगर किसान एग्रीमेंट का तय समय पूरा होने के बाद किसी दूसरे को जमीन बेचते है, तो दलाल उसे कोर्ट कार्रवाई और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। किसानों का कहना है- फिलहाल करीब 700 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। लेकिन दलाल अब धमकाने लगे है, जिससे किसान आंदोलन करने की रणनीति बना रहे है। हालांकि जमीनों के सौदे को लेकर लालावास और ताडावास सहित आसपास के गांवों में दलाल सक्रिय हो गए हैं और किसानों को अंधेरे में रखकर बड़े पैमानें पर जमीनों के सौदे में मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उनके साथ ठगी की गई है और दलालों ने उन्हें अंधेरे में रखा है। किसान बोले- एक बीघा पर 7 लाख तक की धोखाधड़ी कर रहे दलालकिसान श्रवण ने बताया- दलाल आत्मा राम और जय प्रकाश ने उनकी जमीन का 10 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से एग्रीमेंट करवाया। लेकिन न तो उन्हें पैसे दिए गए, न ही जमीन की रजिस्ट्री करवाई। जब हमनें अपनी जमीन किसी दूसरे किसान को 12 लाख रुपए प्रति बीघा में बेच दी, तो दलाल उन्हें धमकाने लगे। आरोप है कि अब उन्हें कोर्ट से नोटिस भेजकर डराया जा रहा है और जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही है। बाद में पता चला कि उनकी जमीन की असली कीमत 17 लाख रुपए प्रति बीघा तक थी। श्रवण के पास 9 बीघा जमीन थी जिसका उसने दलाल से एग्रीमेंट किया था। हमारे हक का पैसा दलाल खा रहेकिसान ताजाराम का कहना है- एक साल पहले जोधपुर के जय प्रकाश नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और लालावास क्षेत्र में जमीनों के सौदे शुरू किए। ताजाराम और उनके साथियों ने मिलकर करीब 700 बीघा जमीन दिलवाई। बाद में उन्हें पता चला कि दलालों ने प्रति बीघा 7 लाख रुपए का मोटा कमीशन खाया है। आरोप है कि किसानों के हक का पैसा दलाल खा गए। कंपनी ने दिए 14 से 17 लाख, किसानों को थमाए सिर्फ 10 लाखकिसानों का कहना है- सीमेंट कंपनी ने जमीन अधिग्रहण के लिए 14 से 17 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से भुगतान किया था। दलालों ने किसानों ने कॉन्टेक्ट किया और बीच में चेन बनकर किसानों तक असली कीमत की जानकारी ही नहीं पहुंचने दी। दलालों ने किसानों से महज 10 से 11 लाख रुपए प्रति बीघा में जमीनें खरीद लीं और कंपनियों को ऊंचे दामों में बेच दी। इस तरह प्रति बीघा पर 5 से 7 लाख रुपए का कमीशन दलालों ने खाया है। एग्रीमेंट कर बुक कर रहे जमीन, दूसरों को बेचने पर दे रहे धमकीकिसानों का कहना है- किसान और कंपनी के बीच में दलाल सक्रिय होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। दलालों ने पहले किसानों से जमीन का एग्रीमेंट करवा लिया, लेकिन बाद में जमीन नहीं खरीदी। इसके बाद परेशान होकर किसान ने अपनी जमीन दूसरे व्यक्ति को बेच दी, तो दलाल अब उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं और कोर्ट से नोटिस भिजवाकर डरा रहे हैं। विधायक बोले- किसानों का आर्थिक नुकसान बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई होखींवसर विधायक रेवंतराम डांगा ने कहा- कुछ दलाल क्षेत्र में किसानों को निशाना बना रहे है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रशासन से मांग है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए दोषी दलालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसा खेल न हो।
बरेली में चलती कार बनी आग का गोला:IVRI पुल पर मचा हड़कंप, चालक ने कूदकर बचाई जान
बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित आईवीआरआई (IVRI) पुल पर सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुल से गुजर रही एक कार अचानक धूं-धूं कर जलने लगी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी कार आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि कार चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंकाप्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सबसे पहले कार से हल्का धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके कुछ ही पलों बाद कार से तेज लपटें उठने लगीं और आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग इतनी तेज हो गई कि आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए। पुल पर लगा लंबा जामआईवीआरआई पुल के बीचोंबीच कार में आग लगने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे पुल पर लंबा जाम लग गया। काफी देर तक लोग जाम में फंसे रहे और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दमकल पहुंचने से पहले जलकर राख हुई कारघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
कोटा में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन के साथ-साथ रात भी तपने लगी हैं। मौसम विभाग ने 18 और 19 मई को प्रदेश के 19 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। दोपहर 3 बजे तक तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के साथ अब उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भी गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। गर्म हवा के थपेड़ों ने किया परेशान कोटा शहर में सुबह 9 बजे से ही तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी। सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। गर्मी से बचने के लिए कोई गमछा और साफी बांधकर निकला तो कोई ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आया। दोपहर होते-होते गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। दोपहर में सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम उद्योग नगर इलाके की सड़कों पर दोपहर के समय इक्का-दुक्का वाहन ही चलते दिखाई दिए। वहीं स्टेशन से एरोड्रम जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहन चालक चेहरे को पूरी तरह ढककर निकलते नजर आए। इंसानों के साथ-साथ जानवर भी गर्मी से बेहाल दिखे और पेड़ों की छांव में बैठे दिखाई दिए। दोपहर 3 बजे तक शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। हालात ऐसे हैं कि घरों की टंकियों का पानी भी सुबह से ही गर्म आने लगा है। दिन के साथ अब रातों में भी गर्मी का असर महसूस होने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ किया प्रदर्शन:जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
मेरठ में जिला कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव कर आम जनता की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में बेतहाशा वृद्धि की है। इससे पहले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों और 5 किलो के घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी की गई थी। जिला अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतें घरेलू उपयोग की वस्तुओं सहित रोजमर्रा की प्रत्येक वस्तु की कीमतों में वृद्धि का कारण बन रही हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बस, ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ गया है, जिससे मजदूर, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने बताया कि घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर महंगे होने से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों का रसोई बजट बिगड़ गया है। 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहा है। डीजल महंगा होने से माल-भाड़ा बढ़ गया है, जिसका सीधा असर सब्जी, फल, दाल, आटा और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजों पर पड़ा है। भाटी ने यह भी कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से खेती की लागत बढ़ गई है, जिससे ट्रैक्टर और पंपसेट चलाना महंगा हो गया है और किसानों की कमर टूट रही है। एक तरफ युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महंगाई ने आम आदमी का जीना दूभर कर दिया है। जिला प्रवक्ता सय्यद आमिर रज़ा ने मांग की कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के दाम आधे करने और गरीब परिवारों को सब्सिडी देने की भी बात कही। रज़ा ने यह भी सुझाव दिया कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि सभी राज्यों में एक समान दर हो। उन्होंने महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस नीति बनाने और 5 किलो वाले सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा महंगाई पर नियंत्रण हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वह जनहित में सड़क से सदन तक चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
असम की रहने वाली रोसिया परिवार से बिछड़कर 2300 किलोमीटर दूर राजस्थान पहुंच गई। पति 10 साल तक रोज काम से लौटने के बाद पत्नी को तलाशते रहे। कोरोना काल में उनकी मौत हो गई, लेकिन पत्नी की तलाश अधूरी रह गई। 16 साल में 12 साल का बेटा 28 साल का हो गया। भरतपुर के अपना घर आश्रम में जब महिला का अपने बच्चों से मिलान हुआ तो वह उन्हें सीने से लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। बेटे भी मां के आंचल से लिपट गए, मानो उन्हें अपनी खोई हुई दुनिया वापस मिल गई हो। दोनों बेटों के मन में एक ही दुख रहा कि मां तो मिल गई, लेकिन इस दिन को देखने के लिए पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। 1. 16 साल पहले घर से निकली, 2015 में आश्रम पहुंची अपना घर आश्रम के सचिव नरेन्द्र तिवारी ने बताया - रोसिया उर्फ आयशा निवासी पला हजूरी, थाना उमरी गांव (असम) 16 साल पहले घर के किसी काम से निकली थी। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। घर से निकलने के बाद वह अपना पता भूल गई और वापस घर नहीं लौट सकी। 8 अगस्त 2015 को हरिओम सेवा दल रोहतक द्वारा उन्हें भरतपुर के अपना घर आश्रम लाया गया। 2. इलाज के बाद याद आया घर का पता नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि आश्रम में रोसिया का इलाज कराया गया। धीरे-धीरे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना घर आश्रम की टीम को अपने घर का पता बताया। टीम ने परिवार से संपर्क किया, जिसके बाद उनके दोनों बेटे नूरूल हुडा और नूर साहेद उन्हें लेने के लिए आश्रम पहुंचे। 3. 16 साल बाद मां से मिलकर रो पड़े बेटे 16 साल बाद मां को सामने देखकर दोनों बेटे भावुक हो गए। मां से मिलते ही दोनों बेटे उनके गले लगकर रोने लगे। परिवार ने रोसिया के मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। मां भी अपने दोनों बेटों को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। 4. पत्नी को ढूंढते-ढूंढते पति की हो गई मौत रोसिया के बड़े बेटे नूरूल हुडा ने बताया कि जब उनकी मां घर से बिछड़ी थी, तब उनकी उम्र महज 12 साल थी। मां के घर नहीं लौटने पर उनके पिता ने उन्हें जगह-जगह तलाश किया। पिता रोज काम से लौटने के बाद मां को ढूंढने निकल जाते थे। उन्हें भरोसा था कि एक दिन पत्नी मिल जाएगी, लेकिन लंबे समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने से वह हताश हो गए। लॉकडाउन के दौरान उनके पिता की मौत हो गई। 5. अब मां के लौटने से घर में लौटी रौनक नूरूल हुडा ने बताया कि अब उनकी शादी हो चुकी है। घर में पत्नी और बच्चे हैं, जबकि छोटा भाई भी साथ रहता है। परिवार का खुद का मकान है। उन्होंने कहा कि मां के मिलने के बाद घर की रौनक लौट आई है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि अब पिता इस खुशी को देखने के लिए नहीं रहे। दोनों भाई अपनी मां को साथ लेकर घर के लिए रवाना हो गए।
भिवानी पहुंचे जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला ने पीएम मोदी की अपील पर सहमति जताते हुए विधायक रामकुमार के विवादित बयानों पर पलटवार करते हुए उनके गोबर खाने विवादित बयान दिया। हरियाणा में विधायक रामकुमार गौतम अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में हैं। चाहे वो पहली टर्म में जेजेपी के साथ थे या अब भाजपा में, पर चौटाला परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल रहते हैं। ऐसे में अब जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला ने चुप्पी तोड़ी और ऐसा करारा जवाब दिया है। डॉ. अजय चौटाला जिला के कई गांवों में अपने कार्यकर्ताओं के परिजनों के निधन पर शोक प्रकट करने पहुंचे थे। अजय चौटाला ने किया कटाक्षउन्होंने भाजपा विधायक रामकुमार गौतम के विवादित बयानों पर करारा कटाक्ष किया। जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम ओपी चौटाला पर भाजपा व ब्राह्मणों को खत्म करने व दुष्यंत चौटाला को पैसे का लालची बताया था। इस पर अजय चौटाला पहले तो रामकुमार गौतम को दादा कहकर चुप रहे पर पल भर बाद ही कहा कि वो कुछ भी कह सकते हैं, वो दादा हैं। जो आदमी जिसका विधानसभा में यह रिकॉर्ड है कि 10 किलो गोबर खा सकता है, वह कुछ भी कह सकता है। सरकार पर साधा निशानाडॉ. अजय चौटाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोग बिजली पानी की समस्या से परेशान हैं। पिछले दिनों आंधी से पोल गिरे थे, वो भी अब तक ठीक नहीं किए गए। इस दौरान अजय चौटाला ने पीएम मोदी द्वारा देश हित में विदेश सामान की बजाय स्वदेशी उत्पादों की खरीद करने की अपील का समर्थन किया और कहा कि ये हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। सभी ये ज़िम्मेदारी निभाएँगे तो संकट जल्द ख़त्म हो सकता है।
झुंझुनूं पुलिस ने 16 और 17 मई को पूरे जिले में दो दिवसीय विशेष ‘एरिया डोमिनेशन अभियान’ चलाया। इस महाअभियान में झुंझुनूं पुलिस के 334 जवानों और अधिकारियों को शामिल किया गया। एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि पुलिस ने कुल 77 टीमें गठित कीं, जिन्होंने जिले के अलग-अलग इलाकों में कुल 613 संदिग्ध स्थानों और अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस टीमों ने अलग-अलग मामलों में वांछित कुल 50 आरोपियों और वारंटियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 6 इनामी अपराधी, 6 स्थाई वारंटी, 19 वारंटी समेत कई अपराधियों को गिरफ्तार किया। गांजा और अवैध शराब जब्त अभियान के दौरान पुलिस ने नशे के सौदागरों और अवैध शराब बेचने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की। नशीले पदार्थ (NDPS Act) में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 134 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1 मामला दर्ज कर 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आबकारी अधिनियम के तहत कुल 11 मामले दर्ज किए गए और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 425 पव्वे देशी शराब और 1 लीटर हथकड़ शराब बरामद की। अन्य 2 मामले दर्ज कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जिले में शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में पुलिस ने 52 लोगों को हिरासत में लिया। इस प्रकार दो दिनों के भीतर पुलिस ने कुल 112 लोगों को गिरफ्तार किया।
देवास ब्लास्ट के बाद खरगोन में पुलिस अलर्ट:पटाखा-गोदामों का निरीक्षण किया, सुरक्षा उपायों की जांच की
देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद खरगोन जिले में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को खरगोन, मेनगांव, गोगावा, सनावद और टांडा बरूड सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में एसडीओपी और थाना प्रभारियों ने विस्फोटक मैगजीन तथा पटाखा गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिएनिरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने गोदाम संचालकों को प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और बाउंड्री वॉल या तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही विस्फोटक सामग्री और गोदामों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने को कहा गया। फायर सेफ्टी पर विशेष जोरपुलिस ने गोदामों में अग्निशामक यंत्र और अन्य जरूरी सुरक्षा संसाधन 24 घंटे उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संचालकों को फायर ब्रिगेड, पुलिस थाना और कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर प्रमुख स्थानों पर चस्पा करने को कहा गया है। एसपी बोले- नियमों के अनुसार होगी जांचपुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि सभी एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विस्फोटक गोदामों और पटाखा दुकानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति से निपटने के संसाधनों की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
दुर्ग शहर में सोमवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने नगर निगम का घेराव किया। इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। निगम कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल, अधिकारी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन में पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण वोरा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निगम गेट पर ही रोक दिया। नगर निगम आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने शहर की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दुर्ग शहर के 60 वार्डों में आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन निगम प्रशासन और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ज्ञापन में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग छह महीनों से हितग्राहियों को पेंशन नहीं मिली है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग परेशान हैं। इसके साथ ही शहर में गहराते जल संकट को भी बड़ा मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस का कहना है कि कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जबकि जहां पानी मिल रहा है वहां लो-प्रेशर और दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन पर हमला बोला। आरोप लगाया गया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कचरा प्रबंधन को लेकर भी कांग्रेस ने घेरा कचरा प्रबंधन को लेकर भी कांग्रेस ने निगम को घेरा। नेताओं ने कहा कि शहर में समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा और कई जगहों पर गंदगी और दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। रविशंकर स्टेडियम और धमधा नाका ओवरब्रिज के आसपास की स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बताया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कचरे को खुले में जलाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। स्ट्रीट लाइट और प्रधानमंत्री आवास का मुद्दा भी उठा ज्ञापन में शहर के वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी शामिल किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई वार्ड अंधेरे में डूबे हुए हैं और निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए आवासों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप भी लगाया गया। कांग्रेस का कहना है कि कई जगहों पर पानी, बिजली, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे रहवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। टेंडर और तालाब गहरीकरण में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस ने नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि SOR रेट से अधिक के टेंडरों को निरस्त किया जाए ताकि निगम को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही शक्तिनगर तालाब गहरीकरण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। धीरज बाकलीवाल- निगम पूरी तरह फेल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छह महीने से पेंशन बंद है, पानी की भारी समस्या है, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवासों में सुविधाएं नहीं हैं और कचरा प्रबंधन पूरी तरह फेल हो गया है। बाकलीवाल ने कहा कि “नगर निगम पूरी तरह असफल साबित हुआ है और जनता त्रस्त है।” भाजपा सरकार पर अरुण वोरा का बड़ा हमला पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश की स्थिति खराब हो गई है और सरकार जनता की समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है। वोरा ने कहा कि कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है और अब जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों, राशन दुकानों की स्थिति, जल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “जनता ने जिस विश्वास से भाजपा को चुना था, उस भरोसे पर सरकार खरी नहीं उतरी। सरकार कुंभकरण की नींद में सोई हुई है।” महापौर और अधिकारियों की खींचतान पर भी बोले वोरा पूर्व विधायक अरुण वोरा ने नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल जरूरी है। वोरा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में तालमेल के साथ 600 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए थे, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के गोकुलपुर पुलिस लाइन के निकट एक बंद घर में अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए की चोरी को अंजाम दिया है। यह घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है, जिसका पता सोमवार दोपहर बाद चला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। गोकुलपुर निवासी सुपर्णा प्रमाणिक के घर में चोरों ने मुख्य दरवाजे सहित कई दरवाजों के ताले तोड़ दिए। चोरों ने घर से 1 लाख 20 हजार रुपए नकद, दो भरे हुए गैस सिलेंडर, लगभग 20 हजार रुपए मूल्य के पीतल, एल्युमीनियम और लोहे के बर्तन, तथा तीन भारी सोने के गहने चुरा लिए। चोरों ने घर का ऑटोमेटिक लॉक तोड़ा सुपर्णा प्रमाणिक ने बताया कि वह और उनके पति अभिजीत सरदार दो दिन पहले अपने पिता सपन प्रमाणिक के घर वैशाख माह के अनुष्ठान में शामिल होने गए थे। जब वे अपने घर लौटे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया और घर से नकदी, बर्तन व सोने के गहने गायब थे। चोरों ने घर का ऑटोमेटिक लॉक तोड़ा था। चोरी की जानकारी मिलते ही नगर थाने को सूचित किया गया। थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक विकर्ण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। उन्होंने घर के सदस्यों से भी घटना की जानकारी ली। पुलिस ने घटनास्थल पर दो लोहे के सबल मिलने की बात कही है, जिन्हें चोर छोड़ गए थे। पुलिस फिंगरप्रिंट के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
दतिया में पुरानी रंजिश में हवाई फायरिंग:घर के बाहर आधा दर्जन लोगों ने किया हंगामा, गाली-गलौज की
दतिया के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निचरोली गांव में रविवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक लोग एक व्यक्ति के घर के बाहर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हवाई फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घर के बाहर पहुंचकर की गाली-गलौजनिचरोली निवासी प्रभूदयाल यादव (45) रविवार शाम करीब साढ़े 7 बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी गांव के पंजाब यादव, लला उर्फ माहते यादव, रोहित यादव और सहदेव यादव वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने मां-बहन की गालियां दीं। विरोध करने पर की हवाई फायरिंगप्रभूदयाल यादव के मुताबिक विरोध करने पर लला उर्फ माहते यादव और पंजाब यादव ने बंदूक से हवाई फायर कर दिए। फायरिंग होते ही प्रभूदयाल जान बचाकर घर के अंदर भाग गए। घर के बाहर किया हंगामाआरोप है कि इसके बाद नीलेश यादव, सिरोमन यादव, मंगल यादव बड़ोनी और दिलीप यादव पिसनारी भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने घर के बाहर हंगामा किया, गालियां दीं और गेट पर लातें मारीं। इस दौरान परिवार की एक महिला के साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप है। शिकायत करने पर दी जान से मारने की धमकीघटना के समय प्रभूदयाल का बेटा जितेंद्र यादव, भाई मनीराम यादव, ऊषा यादव सहित गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए थे। पीड़ित का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करनाल में घरौंडा की नई अनाज मंडी में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने हरियाणा के लोगों के स्वभाव, भक्ति और जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कई प्रेरणादायक बातें कही। उन्होंने नशे से दूर रहने, मेहनत करने और भगवान शिव की भक्ति से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और भगवान शिव के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। हरियाणा के लोगों की खासियत पर कही बड़ी बातपंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हरियाणा के लोगों में एक बड़ी खूबी होती है कि यहां का व्यक्ति एक बार जिसका हाथ थाम लेता है, उसे जिंदगी भर नहीं छोड़ता। इसके पीछे कारण है उनके अंदर का भरोसा और परमात्मा के प्रति भाव। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति कभी भटकता नहीं और हमेशा सही रास्ते पर चलता है। नशे को लेकर दी चेतावनीउन्होंने कहा कि पानी में डूबने वाले को बचाने के मौके होते हैं, लेकिन जो दारू की पियाली में डूब जाता है, उसे बचाना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को दुख देता है। पियाली में डूबा व्यक्ति पूरे परिवार को रुला देता है, इसलिए इससे दूर रहना चाहिए। बेलपत्र का महत्व बतायाकथा में उन्होंने बेलपत्र की महिमा बताते हुए कहा कि एक बेलपत्र का स्पर्श करने से तीन लक्ष्मियां कृपा करना शुरू कर देती हैं। यदि जीवन में धन की कमी महसूस हो रही हो तो इधर-उधर भटकने की बजाय मेहनत करें और भगवान शिव की पूजा करें। उन्होंने बताया कि पहले शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं, फिर जल अर्पित करें और अगले दिन पुराने बेलपत्र को मंदिर में छोड़कर नया चढ़ाने का क्रम जारी रखें। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। खुली चिट्ठियों में श्रद्धालुओं ने सुनाए अनुभवगंगोह सहारनपुर से आई सरिता विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पति की नौकरी चली गई थी। उन्होंने छुपकर मोबाइल पर कथा सुनी और बेलपत्र पर शहद लगाकर भगवान शिव को अर्पित किया। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को उनके पति की सरकारी नौकरी लग गई। वह 15 साल बाद नौकरी मिलने पर बाबा का धन्यवाद करने आई हैं। बेटे को मिली नौकरीवाराणसी की शशि देवी, पति राजकुमार चौरसिया ने बताया कि उनके बेटे की सरकारी नौकरी की तैयारी चल रही थी। उन्होंने बेलपत्र पर शहद लगाकर भगवान शिव को अर्पित किया, जिसके बाद बेटे की नौकरी लग गई।उड़ानानगर से आई गायत्री सिंह ने बताया कि उनका बेटा 10 साल से तैयारी कर रहा था और निराश हो चुका था। उन्होंने भी बेलपत्र और शहद अर्पित किया, जिससे बेटे को नौकरी मिली और परिवार में पोते का सुख भी प्राप्त हुआ।
हिसार के सेक्टर 13 में पत्नी सोनिया की हत्या करके फरार हुआ आरोपी पति सौरभ पर पुलिस ने 50 हजार का ईनाम घोषित किया है। एसपी सिद्धांत जैन के आदेश पर आज सोमवार को थाना सिविल लाइन ने इसकी घोषणा की। पुलिस ने कहा है कि जो भी व्यक्ति इस आरोपी को गिरफ्तार करवाने या इसके ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी देगा, उसे यह इनामी राशि प्रदान की जाएगी। आरोपी सौरभ आनंद के खिलाफ अपनी धर्मपत्नी की हत्या करने के आरोप में थाना सिविल लाइन, हिसार में मुकदमा नंबर 151, धारा 103(1), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज है। वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा है और पुलिस इसकी गहनता से तलाश कर रही है। पुलिस जांच और इनपुट के अनुसार, आरोपी के वर्तमान में दिल्ली अथवा हरिद्वार (उत्तराखंड) क्षेत्र में छिपे होने की प्रबल संभावना है। आमजन से अपील व संपर्क सूत्रहिसार पुलिस ने आम जनता से अपील है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस आरोपी के संबंध में कोई भी सुराग या जानकारी मिले तो थाना सिविल लाइन प्रभारी के मोबाइल नंबर 8814011307 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा जिला हिसार पुलिस कंट्रोल रूम 01662-237150 पर भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता और पहचान पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखी जाएगी। आरोपी को पकड़वाने में मदद करने वाले को पुलिस अधीक्षक के विवेकानुसार ₹50,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उधर, ऑटो मार्केट में काले बैनर लगाकर प्रदर्शन वहीं आज सोनिया मर्डर मामले में ऑटो मार्केट में व्यापारियों की मीटिंग हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस मीटिंग में सोनिया का हत्यारा अभी तक ना पकड़े जाने पर भारी रोष प्रकट किया और ऑटो मार्केट में काले बैनर लगाकर प्रदर्शन किया। सोनिया का हत्यारा को पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक ना पकड़े जाने के विरोध में बजरंग गर्ग के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। बजरंग गर्ग ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा लगभग 18 दिनों तक सोनिया का हत्यारा को गिरफ्तार ना कर पाना पुलिस प्रशासन व सरकार की विफलता है। जिसके कारण प्रदेश की जनता में सरकार व पुलिस प्रशासन के प्रति बड़ा भारी रोष है। सभी बाजारों में किया जाएगा प्रदर्शन : गर्ग बजरंग गर्ग ने कहा की इसी तरह हिसार के सभी बाजरों में काले बैनर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मेयर गौतम सरदाना, श्री बाबा विश्वकर्मा सभा प्रधान रमेश वत्स, स्पेयर पार्ट एसोसिएशन प्रधान कुल प्रकाश गोयल, पूर्व परिषद पंकज दीवान, सब्जी मंडी एसोसिएशन विशंभर कथूरिया, सचिव हंसराज नारंग, उप प्रधान बलदेव ग्रोवर, सचिन राजपाल, सुरेश राजगढ़िया, राजगुरु मार्केट एसोसिएशन सचिव टीनू आहूजा आदि प्रतिनिधियों भारी संख्या में भाग लिया।
पानीपत में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे (जीटी रोड) पर पट्टीकल्याणा गांव के सामने एक तेज रफ्तार इनोवा गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब युवक सोनीपत से समालखा की तरफ दूध देने जा रहा था। आरोप है कि इनोवा ड्राइवर ने सर्विस रोड से मेन हाईवे पर गाड़ी चढ़ाते समय न तो इंडिकेटर दिया और न ही स्पीड कम की। समालखा थाना के अंतर्गत आने वाली हल्दाना पुलिस चौकी ने मृतक के पिता की शिकायत पर आरोपी गाड़ी ड्र्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बाइक पर दूध देने जा रहा था युवक मूल रूप से जिला सिरोही (राजस्थान) के गांव नवारा निवासी डूंगा राम ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनका परिवार यहां दूध का कारोबार करता है। रविवार (17 मई) की दोपहर करीब 2:45 बजे उनका बेटा हमीरा राम बाइक पर सोनीपत से समालखा की तरफ गायों का दूध देने जा रहा था। वहीं, डूंगा राम और उनका भतीजा तेजाराम अपनी दूसरी बाइक पर दूध का हिसाब-किताब करने के लिए हमीरा राम के पीछे-पीछे आ रहे थे। आरोप- बिना इंडिकेटर दिए अचानक आई इनोवा पीड़ित पिता ने बताया कि जैसे ही उनका बेटा हमीरा राम अपनी बाइक लेकर पट्टीकल्याणा गांव के पास सेवन रीन मॉडल ढाबा और CNG पेट्रोल पंप के सामने पहुंचा, तभी सर्विस रोड की तरफ से एक इनोवा ड्राइवर गाड़ी को लापरवाही से चलाते हुए अचानक जीटी रोड पर चढ़ा दी। तभी आगे चल रही हमीरा राम की बाइक को सीधी टक्कर मार दी। बाइक सवार की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि हमीरा राम बाइक सहित हाईवे पर दूर जा गिरा। उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद पीछे से पहुंचे पिता डूंगा राम और भतीजे तेजाराम ने राहगीरों की मदद से लहूलुहान हालत में हमीरा राम को पानीपत के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हरदा जिले के छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम हिवाला में सोमवार दोपहर एक 17 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत फंदे से उतारकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान समर्थ पटेल के रूप में हुई है। वह मदनगोपाल बघेल का छोटा बेटा था। बताया गया है कि समर्थ पिछले चार महीने से अकोला में मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा था। वह दो भाइयों में छोटा था। घटना के समय घर में थे मां और बड़ा भाई पुलिस के अनुसार घटना के समय समर्थ की मां और बड़ा भाई घर में नीचे मौजूद थे, जबकि उसके पिता किसी काम से खिरकिया गए हुए थे। कुछ देर बाद परिजनों को समर्थ के फांसी लगाने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मजदूर को जहरीले सांप ने डसा: हालत बिगड़ने पर भोपाल रेफर खेत में काम के दौरान पैर में काटा; साथी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे वहीं जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र की करताना चौकी अंतर्गत ग्राम इकडालिया में एक मजदूर को जहरीले सांप ने डस लिया। जानकारी के अनुसार खंडवा जिले के आशापुर के पास ग्राम मेंडापानी निवासी कालू पिता भालू को दाहिने पैर में सांप ने काट लिया। सर्पदंश के बाद उसके साथी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर भोपाल रेफर किया गया। साथियों ने बताया कि सांप के काटने के बाद से कालू को लगातार घबराहट हो रही थी।
बालाघाट जिले के कटंगी से विधायक गौरव पारधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है। विधायक अब अपने सभी क्षेत्रीय प्रवास, पार्टी कार्यक्रमों और ग्रामीण बैठकों के लिए इसी नई कार का उपयोग कर रहे हैं। विधायक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक दबाव के बीच उन्होंने यह कदम उठाया है। विदेशी मुद्रा और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव विधायक गौरव पारधी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के आयात के लिए भारत को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। वैश्विक तेल संकट को देखते हुए इसे कम करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकेगी। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण पर नियंत्रण विधायक ने कहा कि पेट्रोल-डीजल से फैलने वाला प्रदूषण पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। प्रदूषण मुक्त भविष्य के लिए ईवी वाहनों का उपयोग एक प्रभावी विकल्प है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी तेल बचाने के लिए कार पूलिंग जैसे उपाय अपना रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील का जनप्रतिनिधियों पर असर मध्य एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट के कारण प्रधानमंत्री ने ईंधन की बचत और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की अपील की थी। विधायक पारधी ने इसे व्यक्तिगत स्तर पर लागू करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी द्वारा हाल ही में जिला क्रिकेट संघ सवाईमाधोपुर की पूर्व कार्यकारिणी को अमान्य घोषित कर दिया था। इसके बाद जिले की क्रिकेट राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एडहॉक कमेटी के निर्णय के बाद जिला क्रिकेट संघ सवाईमाधोपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश गोयल उर्फ राजू चक्की की नियुक्ति की गई है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने पर राजेश गोयल ने जिला क्रिकेट संघ सवाईमाधोपुर की कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं क्रिकेट प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। गोयल ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले में क्रिकेट गतिविधियों को मजबूत करना, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करना रहेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला क्रिकेट संघ पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न क्रिकेट प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर जिले में खेल वातावरण को और बेहतर बनाया जाएगा। उनकी नियुक्ति के बाद जिले के क्रिकेट खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि राजेश गोयल कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा के करीबी कार्यकर्ता माने जाते है।
सोनीपत शहर के पुलिस लाइन क्षेत्र के पास सोमवार सुबह एक 23 वर्षीय युवती ने दूसरी मंजिल की छत से छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। छलांग लगाते ही आसपास के एरिया में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस युवती की मौत मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। मृतका बिहार की रहने वाली थी और 3 दिन पहले ही अपने भाइयों के पास सोनीपत आई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। 3 दिन पहले बिहार से आई थी ममता मृतका की पहचान बिहार के किशनगंज निवासी ममता कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस को दी जानकारी में उसके भाई रवि ने बताया कि ममता तीन दिन पहले ही बिहार से सोनीपत आई थी। वह यहां अपने भाइयों और भाभी के साथ कुछ दिन रहने के लिए आई हुई थी। ममता बिहार में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। सोनीपत में मजदूरी कर रहा भाई रवि ने बताया कि उनका बड़ा भाई लक्ष्मण पिछले करीब तीन वर्षों से सोनीपत में मजदूरी का काम कर रहा है। करीब दो महीने पहले उसकी शादी हुई है। शादी के बाद वह पत्नी को साथ लेकर दोबारा सोनीपत लौट आया था। लक्ष्मण, उसकी पत्नी, रवि और सभी पुलिस लाइन के पास एक किराए के मकान में रह रहे थे और ममता कुमारी भी 3 दिन पहले आई थी। सुबह अचानक छत पर गई, कुछ देर बाद नीचे कूदी रवि ने बताया कि सोमवार सुबह ममता अचानक मकान की छत पर चली गई। कुछ देर बाद लोगों ने उसके नीचे गिरने की सूचना दी। जब परिवार के सदस्य नीचे पहुंचे तो ममता गंभीर हालत में लहूलुहान पड़ी हुई थी। उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना के बाद आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। मकान मालिक बोले- मानसिक रूप से परेशान थी नांदल जूस दुकान संचालक ने बताया कि लक्ष्मण पिछले करीब तीन साल से उनके यहां किराए पर रह रहा था। उन्होंने कहा कि परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और 20 साल से उनका परिवार गांव रोहट में भी रहता था। कुछ सालों से परिवार बिहार चला गया। उनके अनुसार लक्ष्मण ने बताया था कि ममता मानसिक रूप से परेशान चल रही थी और उसकी दवाई भी खत्म हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस बोली- हर एंगल से जांच जारी पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का है। युवती के दूसरी मंजिल से गिरने के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आत्महत्या, मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
कैथल के पूंडरी में भाजपा विधायक सतपाल जांबा ने विभिन्न गांवों और वार्डों में 16 करोड़ 20 लाख रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। विधायक सतपाल जांबा ने गांव जांबा, टयोंठा, हाबड़ी, सिरसल, बदनारा, फतेहपुर, फरल, ढांड, बरोट, जड़ौला, पबनावा, कौल, संगरौली, खेड़ी साकरा और आहूं सहित कई गांवों में पहुंचकर सड़क, खेत का रास्ता, गली, पार्क, चौपाल, ट्यूबवेल और शेड निर्माण जैसी परियोजनाओं की आधारशिला रखी तथा कई कार्यों का उद्घाटन किया। गलियों के निर्माण का शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पूंडरी के विभिन्न वार्डों में गलियों के निर्माण कार्यों का शुभारंभ भी किया गया। वहीं अहलूवालिया चौक से पुंडरीक तीर्थ तक सड़क निर्माण परियोजना और फतेहपुर क्षेत्र में गुरु ब्रह्मानंद चौक से मुंदड़ी वाली नहर तक सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की। सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता इसके अतिरिक्त ढांड नई अनाज मंडी और कौल अनाज मंडी में शेड निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया गया, जिससे किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। कई गांवों में पार्क, चौपाल और सामुदायिक स्थलों के निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया।विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य लगातार प्राथमिकता के आधार पर करवाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, पार्क, चौपाल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में क्षेत्र में बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दिनभर चले कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधायक का स्वागत किया।
चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार तहसील के एक गांव में रहने वाले परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर लगातार धमकाने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी लंबे समय से उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं और मकान, दुकान व खेती की जमीन पर कब्जा करने का दबाव बना रहे हैं। परिवार ने बताया कि आए दिन होने वाले विवाद और धमकियों के कारण घर के सभी सदस्य डर के माहौल में जी रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत भी खराब हो गई है और परिवार सामान्य जीवन नहीं जी पा रहा है। गांव के ही लोगों पर लगाए गंभीर आरोप पीड़ितों का कहना है- उनके परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कई सालों से गांव में रहकर जीवनयापन कर रहा है, लेकिन लगातार विवाद के कारण परिवार मानसिक तनाव में है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी उनके मकान, दुकान और खेती की जमीन हड़पना चाहते हैं। इसी कारण परिवार लगातार डर के माहौल में रह रहा है। देर रात घर पहुंचकर हंगामा और फायरिंग करने का आरोप पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी शराब के नशे में देर रात उनके घर पहुंचते हैं और घर के बाहर पत्थर व शराब की बोतलें फेंककर जाते हैं। परिवार का कहना है कि इससे महिलाएं और बच्चे काफी डरे हुए हैं। आरोप लगाया कि पहले उन पर देशी पिस्टल से फायरिंग की गई थी और गोली उन्हें छूते हुए घर की दीवार पर जाकर लगी। घटना के बाद से परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और पहले भी गंभीर मामलों में नाम सामने आ चुका है। परिवार का कहना है कि उन्हें हर समय किसी बड़ी घटना का डर बना रहता है। पहले समझौते का भरोसा दिया, फिर भी नहीं रुका विवाद पीड़ित परिवार का कहना है- पहले विवाद खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश भी हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने एक स्टांप पर लिखित में यह भरोसा दिया था कि आगे से वह और उसका परिवार किसी प्रकार का झगड़ा नहीं करेगा। साथ ही यह भी लिखा गया था कि अगर भविष्य में विवाद हुआ तो उसकी जिम्मेदारी उनकी रहेगी। इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ और परेशानियां लगातार जारी रहीं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
डीग के जल महल स्थित पीरियड म्यूजियम में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस गरिमापूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जयपुर मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद विनोद सिंह रावत के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर मयंक मनीष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम इस वर्ष की थीम ‘म्यूजियम्स यूनाइटिंग ए डिवाइडेड वर्ल्ड’ पर आधारित रहा, जिसमें संग्रहालयों की भूमिका, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। प्राचीन धरोहरों के संरक्षण का दिया संदेश मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरों और स्मारकों में पूर्वजों की आस्था, संस्कृति और समृद्ध परंपराएं समाहित हैं। उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक धरोहरों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें। उन्होंने नंद भवन में बहज पर हुए उत्खनन कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया और पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं का अवलोकन किया। संग्रहालय केवल संग्रह नहीं, ज्ञान के केंद्र : गोविंद सिंह मीणा उप अधीक्षण पुरातत्वविद गोविंद सिंह मीणा ने संग्रहालयों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं का संग्रह भर नहीं हैं, बल्कि ये अध्ययन, शोध और ज्ञानार्जन के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। वहीं सहायक अधीक्षण पुरातत्व अभियंता रतन लाल जीतरवाल ने कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों और डीग के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत और संग्रहालयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कक्षा 4 से 11 तक के छात्रों के लिए सामान्य ज्ञान और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बालिका उच्च प्राथमिक आदर्श विद्या मंदिर, सेंट मैरी पब्लिक स्कूल, विकास सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आदर्श उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर, प्रेम भारती विद्यापीठ तथा किरण कॉन्वेंट चिल्ड्रन एकेडमी, डीग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार प्रतियोगिताओं के विजेताओं को जिला कलेक्टर मयंक मनीष और उप अधीक्षण पुरातत्वविद गोविंद सिंह मीणा द्वारा पुरस्कृत किया गया। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता प्रथम स्थान — दिव्यांश बंसल, द्वितीय स्थान — कृपा शर्मा, तृतीय स्थान — तन्मय जोशी चित्रकला प्रतियोगिता प्रथम स्थान — आशी सक्सेना, द्वितीय स्थान — सुरभि शर्मा, तृतीय स्थान — पूर्वा शर्मा धरोहरों के महत्व के साथ कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के अंत में उप अधीक्षण पुरातत्वविद गोविंद सिंह मीणा ने संग्रहालय में प्रदर्शित प्राचीन धरोहरों और पुरावशेषों के महत्व पर अपने समापन विचार व्यक्त किए। उन्होंने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सोमवार दोपहर जिला किसान कांग्रेस कमेटी रतलाम ग्रामीण और आदिवासी कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता राजेश पुरोहित 44 डिग्री तापमान की तपती धूप में लेटते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहीं, कांग्रेस नेता प्रदर्शन में बिल्ली लेकर पहुंचे और जिला प्रशासन को “भीगी बिल्ली” बताया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला भी जलाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कलेक्ट्रेट परिसर में बैरिकेड्स भी लगाए गए थे। बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और हाथों में झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए परिसर में प्रवेश किया। इस दौरान किसान नेता राजेश पुरोहित मुख्य गेट से कलेक्ट्रेट परिसर तक लेटते हुए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। पुलिस ने अंदर बैरिकेड्स लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेसी और किसान बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद कांग्रेसी जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। यहां किसान कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजेश भरावा ने हाथ में बिल्ली लेकर कहा कि जिला प्रशासन “भीगी बिल्ली” की तरह काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। नारेबाजी के बाद एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव मौके पर पहुंचीं। कांग्रेस नेताओं ने उन्हें राज्यपाल और कलेक्टर के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। शिवराजसिंह का पुतला फूंका ज्ञापन सौंपने के बाद सभी कलेक्ट्रेट के बाहर आए। यहां पर नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान का पुतला जलाया। प्रदर्शन को देखते हुए पहले से यहां पर दो फायर लॉरी खड़ी कर रखी थी। पुतला जलाते हुए पुलिस ने पुतला छिनने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेसियों व पुलिस में पुतले को लेकर छीनाछपटी भी हुई। लेकिन कांग्रेसियों ने पुतला जला दिया। तब वाटर कैनन से पानी की बौछार कर कांग्रेसियों को खदेड़ा। पुतले की आग को भी बुझा दिया। तब पुलिस पुतला छिन कर ले गई। क्या बोले कांग्रेसी किसान कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष राजेश भरावा ने कहा कि किसानों की कई समस्या है, लेकिन जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। जिला प्रशासन मोहन सरकार के दबाव में इतना डरा दबा हुआ कि जब चाहे बाहर निकलता है जब चाहे नहीं निकलता है। बिल्ली को लेकर हमने आश्वासन दिया है किसानों की लड़ाई कांग्रेस लड़ती रहेगी। डीपी धाकड़ ने कहा कि गेहूं उपार्जन में रतलाम जिले के 46 हजार 532 किसान वेटिंग में है। कितने किसानों का गेहूं तुला है कितनों का नहीं। जिला प्रशासन को बताना चाहिए। 10 दिन से स्लॉट बुकिंग नहीं हो रहा है। सरकार चाहती है किसान लाइनों में लगा रहे। हमने जवाब मांगा है लेकिन जिला प्रशासन कोई जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। किसान नेता राजेश पुरोहित ने कहा हमने प्रशासन को लगातार अवगत कराया है। भंडारण गृह पर जा रहे है। लेकिन प्रशासन हमारी बात नहीं सुन रहा है। किसी भी समस्या का हल नहीं कर पा रहा है। इसलिए चिलचिलाती धूप में लेट कर विरोध प्रदर्शन किया कि कलेक्टर हमारी बात सुनेगी। लेकिन कलेक्टर नहीं आई। इसका मतलब कहीं ना कहीं कलेक्टर सरकार के दबाव में है। यह रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत, किसान नेता व जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी अधयक्ष किशन सिंगाड़, महासचिव लक्ष्मणसिंह डिंडौर,मंगल पाटीदार, देवेंद्रसिंह सेजावता, अभिषेक शर्मा, संजय चौहान आदि बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल हुए। यह रखी मांगें यह तस्वीरें देखें…
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाला मामले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच ने कहा कि मामले में आरोप गंभीर हैं, लेकिन इनकी अंतिम पुष्टि ट्रायल के दौरान होगी। अनिल टुटेजा को इस मामले में 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि वे 21 अप्रैल 2024 से ही न्यायिक हिरासत में थे। राज्य सरकार की ओर से 2019 के कुछ व्हाट्सएप मैसेज का हवाला देते हुए आरोपों की गंभीरता बताई गई। वहीं, टुटेजा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है और मामले में 85 गवाहों की जांच होनी है, जिससे ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लगेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई पूरी होने और अंतिम फैसला आने में काफी समय लग सकता है। इसलिए मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत देना सही होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि टुटेजा को जमानत के लिए संबंधित न्यायालय में तय नियमों के अनुसार बॉन्ड जमा करना होगा। जमानत के साथ कड़ी शर्तें सुप्रीम कोर्ट ने टुटेजा की पूर्व प्रभावशाली प्रशासनिक भूमिका को देखते हुए गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई। इसी कारण कोर्ट ने सख्त शर्त लगाई कि रिहाई के बाद वे छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे। रिहाई के एक सप्ताह के भीतर उन्हें अपने निवास की पूरी जानकारी ACB और संबंधित पुलिस थाने को देनी होगी। साथ ही, उन्हें हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित होना होगा, जब तक कि अदालत से विशेष छूट न मिले। क्या है DMF घोटाला छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं। टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। ED के तथ्यों के मुताबिक टेंडर करने वाले संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी और बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर नाम के लोगों के साथ मिलकर पैसे कमाए गए। डिस्ट्रिक मिनरल फंड (DMF) घोटाला मामले में कलेक्टर को 40%, सीईओ 5%, एसडीओ 3% और सब इंजीनियर को 2% कमीशन मिला। DMF के वर्क प्रोजेक्ट में करप्शन के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया था। फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरण, खेल सामग्री और मेडिकल उपकरणों की कैटेगरी को जोड़ा गया था, ताकि संशोधित नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी डेवलपमेंट वर्क को दरकिनार कर अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया जा सके। यह खुलासा कोरबा में 575 करोड़ रुपए से ज्यादा के हुए DMF स्कैम की जांच में हुआ है। इसकी पुष्टि रायपुर कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पेश किए गए 6 हजार पेज के चालान से हुई है। 25 से 40 प्रतिशत का कमीशन ED की जांच से पता चला कि ठेकेदारों ने अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को भारी मात्रा में कमीशन का भुगतान किया है, जो कि कांट्रैक्ट का 25% से 40% तक था। रिश्वत के लिए दी गई रकम की एंट्री विक्रेताओं ने आवासीय (अकोमोडेशन) के रूप में की थी। एंट्री करने वाले और उनके संरक्षकों की तलाशी में कई आपत्तिजनक विवरण, कई फर्जी स्वामित्व इकाई और भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। तलाशी अभियान के दौरान 76.50 लाख कैश बरामद किया गया। वहीं 8 बैंक खाते सीज किए। इनमें 35 लाख रुपए हैं। इसके अलावा फर्जी डमी फर्मों से संबंधित विभिन्न स्टाम्प, अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें DMF घोटाला...पूर्व IAS टुटेजा की बेल खारिज:हाईकोर्ट बोला- विभाग के सीनियर अफसर रहे, सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा, जमानत नहीं दे सकते छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस एनके व्यास ने कहा कि आरोपी पहले विभाग में सीनियर अफसर रह चुके हैं और यह आर्थिक गड़बड़ी सोच-समझकर की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
बीकानेर में गहराते जल संकट और नहरबंदी के बीच पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने राज्य की भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. कल्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बीकानेर शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 119 करोड़ रुपए की बड़ी जल परियोजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन सरकार की लापरवाही और अकर्मण्यता के चलते आज तक यह योजना पूरी नहीं हो सकी। डॉ. कल्ला ने कहा कि इस परियोजना का काम मई 2024 तक पूरा होना था। योजना के तहत पहले चरण में दो बड़े जलाशयों का निर्माण किया जाना था। इनमें बीछवाल जलाशय का निर्माण करीब 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसे पूरी तरह तैयार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती तो आज बीकानेर शहर को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। नहरबंदी के दौरान भी पर्याप्त मात्रा में पानी संग्रहित किया जा सकता था और लोगों को एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने जैसी स्थिति नहीं बनती। 8500 एमएलडी क्षमता के जलाशय बनने थे डॉ. कल्ला ने बताया कि शोभासर जलाशय की क्षमता लगभग 3000 एमएलडी है, जबकि बीछवाल में 2500 एमएलडी क्षमता का नया जलाशय बनाया जा रहा है। इसके अलावा कुल मिलाकर बीकानेर में 8500 एमएलडी क्षमता के जलाशय प्रस्तावित थे, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना अधूरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि बीकानेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में पानी सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही। मुख्यमंत्री, जलदाय मंत्री और मुख्य सचिव को लिखेंगे पत्र पूर्व मंत्री ने कहा कि अब वे इस मामले को लेकर जलदाय मंत्री, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे और परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर कर जल्द काम पूरा करवाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से इस योजना पर काम तेज करना चाहिए, ताकि आने वाले समय में बीकानेरवासियों को बार-बार जल संकट का सामना न करना पड़े।
हरियाणा के रेवाड़ी निवासी युवा साइक्लिस्ट महेश प्रजापत अपनी 20 हजार किलोमीटर लंबी सोलो साइकिल यात्रा के तहत बाड़मेर पहुंचे। सोमवार को जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल से मुलाकात की। साथ ही अपने यात्रा के उद्देश्य और अनुभव को साझा किया। महेश का कहना है कि इस यात्रा का मकसद फिट इंडिया और हमारे सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यहां से फिर माउंटआबू और उदयपुर से गुजरात जाऊंगा। महेश ने बताया- मरुस्थल की तेज गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद स्थानीय लोगों के साथ प्रजापत समाज के लोगों का समर्थन और उत्साह उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। इसमें हम फिट इंडिया और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग मंदिर हैं लोकल स्तर पर उनको सब जानता है लेकिन प्रदेश और देश स्तर पर कोई जानता नहीं है हम उनको प्रमोट कर रहे हैं। करीब 30 किलो सामान के साथ साइकिल चला रहे हैं। उनके बैंग में टेंट, स्लीपिंग बैंग, जरूरी बर्तन और दैनिक उपयोग का सामान शामिल हैं। 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम का सफर महेश ने अपनी यात्रा गत 15 मार्च से शुरू की। इस यात्रा में वे देशभर के 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम, लेह-लद्दाख व स्पीति वैली तक करीब 20 हजार किलोमीटर की यात्रा करेंगे। महेश अब तक मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, आगरा, जयपुर, पुष्कर, जोधपुर और जैसलमेर की यात्रा कर ली है। महेश प्रजापति ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का भ्रमण करना नहीं है, बल्कि युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना और सनातन संस्कृति का संदेश फैलाना भी है। वे रास्ते में स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं में जाकर लोगों में संवाद भी कर रहे है। उन्होंने कहा कि बाड़मेर के बाद माउंट आबु, उदयपुर होते हुए गुजरात की ओर बढ़ेंगे। वे इससे पहले साइकिल से नेपाल, भूटान, थाईलैंड और वियतनाम की यात्राएं भी कर चुके है।
हाथरस में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक किशोर जिंदा जल गया। तार से लिपटा हुआ किशोर सड़क किनारे करीब 20 मिनट तक पड़ा रहा। उसके शरीर से धुआं निकल रहा था, लेकिन कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। बिजली सप्लाई बंद कराई गई, लेकिन तब तक किशोर की मौत हो गई। लड़का एक लोहे के तार को सड़क के पार फेंकने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान तार हाईटेंशन लाइन से छू गया और उसकी मौत हो गई। घटना सिकंद्राराऊ थाना क्षेत्र की है। पहले दो तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए मामला… हबीबपुर गांव के रहने वाले ओमबीर सिंह नोएडा में रहकर कैब चलाने का काम करते हैं। गांव में पत्नी निर्मला देवी दो बेटों सौरभ और विनोद के साथ रहती हैं। छोटा बेटा विनोद कुमार (17) 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। आज गांव के बाहर सड़क किनारे खड़ा था। गांव के बाहर मवेशियों के लिए एक छोटी सी जगह में घेर बनाया था। उस जगह को सेफ करने के लिए उस पर चारों तरफ तार लगा रहा था। इन तारों में करंट लगाने से कोई मवेशी आसपास नहीं आते हैं। इसी झटका मशीन चालू करने के लिए उसके हाथ में लोहे के तार का बंडल था। सड़क पर गिरकर जलता रहा विनोद झटका मशीन के तार को सड़क के पार फेंक रहा था। लोहे का तार ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लोहे के तार के जरिए किशोर के शरीर में उतर गया। करंट लगते ही किशोर सड़क किनारे गिर गया और उसका शरीर धू-धूकर जलने लगा। करीब 5 मिनट तक किशोर आग की लपटों के साथ जलता रहा। इसके बाद भी करीब 15 मिनट तक उसके शरीर से धुआं निकलता रहा। किशोर को पड़ा देख और भी लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन किसी भी पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। गांव के लोगों ने बिजली विभाग को सूचना देकर सप्लाई बंद कराई, लेकिन तब तक किशोर की मौत हो गई थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जाने से रोका किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया कि 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार नीचे पड़ा हुआ था, जिसकी चपेट में आने से विनोद की जान गई है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने मांगों को लेकर कुछ देर शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोका। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ। एसडीओ बोले- तार जमीन पर नहीं था हालांकि, बिजली विभाग के एसडीओ युसूफ हुसैन ने इस बात को नकारा है। उन्होंने बताया कि अगर हाईटेंशन लाइन का तार टूटा होता तो क्षेत्र की बिजली सप्लाई तत्काल ट्रिप कर जाती, जबकि ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई। कोतवाली प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। --------------------- यह खबर भी पढ़े… प्रयागराज में 4 मंजिला होटल में भीषण आग:12 लोग अंदर फंसे, सभी को बचाया; ट्रांसफार्मर ब्लास्ट के बाद हादसा प्रयागराज में चार मंजिला बिट्ठल होटल में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। होटल में 12 लोग फंस गए थे। दमकल कर्मियों ने सभी लोगों को बचा लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल से सटे ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट के बाद आग लगी। चिंगारी से होटल की लकड़ी में आग लग गई। हवा के चलते आग तेजी से फैली। देखते-देखते पूरे होटल में आग फैल गई। पढ़ें पूरी खबर…

