छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में वार्ड नंबर 36 के भाजपा पार्षद पर एक युवक ने धारदार फरसे से हमला कर दिया। इससे पार्षद के सिर व शरीर के अन्य हिस्से में चोट आई। घटना के बाद घायल को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक जूटमिल झोपड़ीपारा क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 36 के पार्षद विजय चौहान शनिवार की रात को मीना बाजार की ओर से पेट्रोल भरवाने के बाद अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुराना बस स्टैंड स्थित मटन मार्केट के पास उन्होंने देखा कि कमल सारथी वहीं के एक युवक के साथ मारपीट कर रहा था। बताया जा रहा है कि पार्षद ने बीच-बचाव करते हुए कमल सारथी को युवक से मारपीट नहीं करने की समझाइश दी और कहा कि युवक शराब के नशे में है उससे मारपीट न करे। तभी पार्षद के समझाइश के बाद कमल सारथी आक्रोशित हो गया और उसने धारदार फरसा लाकर गाली-गलौज करते हुए विजय चौहान पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की बताया जा रहा है कि कमल ने पार्षद पर लगातार वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से खून बहने लगा। घटना के बाद विजय चौहान तत्काल जूटमिल थाना पहुंचे। जहां से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच व कार्यवाही शुरू कर दी है। असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ाक्षेत्र के लोगों ने बताया कि पुराना बस स्टैंड स्थित मटन मार्केट और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से असामाजिक तत्वों की भीड़ होती है। रात के समय शराब के नशे में अक्सर मारपीट की घटनाएं घटित होती है। साथ ही चोरी और नशे से जुड़ी घटनाओं की शिकायतें सामने आती रहती है। बताया जा रहा है कि मारपीट के सावित्री नगर शराब भट्टी क्षेत्र में भी इस तरह की वारदात हो रही है।
अजमेर में जेल वार्डन के घर से गहने-कैस चोरी:ताले तोड़कर घर में घुसे चोर, पीहर से वापस लौटी तो पता चला
अजमेर के घूघरा विनायक कॉलोनी में घर के ताले तोड़कर गहने और कैश चुराने का मामला सामने आया है। पीड़िता अपनी मां के पास किशनगढ़ गई हुई थी। वापस लौटी तो वारदात का पता चला। पीड़ित महिला जेल ट्रेनिंग सेंटर में वार्डन के पद पर पोस्टेड है। पीड़िता की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विनायक कॉलोनी निवासी अरूणा कुमावत ने बताया- महिला 10 सितम्बर की शाम को अपने पीहर किशनगढ़ चली गई थी। घर पर कोई नहीं था। लौटी तो देखा कि घर के बाहर के ताले टूटे हुए थे। अन्दर जाकर देखा तो कमरों व आलमारी के ताले टूटे थे। आलमारी में रखे सोने चांदी के जेवरात व करीब 32 हजार रुपए चोरी हो गए। सूचना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन थाने में एएसआई मनीराम व पुलिस टीम पहुंची और मौका मुआयना किया। पुलिस आस पास के सीसीटीवी फुटेज व सुराग खंगाल रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ……….. पढें ये खबर भी… अजमेर में 360 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल:दो घंटे में मिल जाएगा पूरा रिजल्ट; ट्रेफिक रहेगा डायवर्ट, पार्टी प्रत्याशी नहीं आएंगे अजमेर में नगर निगम चुनाव को लेकर पॉलीटेक्निक कॉलेज में मतगणना 14 सितम्बर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। चुनाव मैदान में उतरे 360 कैंडिडेट्स के भाग्य का फैसला होगा। सबसे पहले डाक मत पत्र गिने जाएंगे। इसके बाद ईवीएम से वोट की गणना होगी। मतगणना 6 कमरों में एक साथ होगी और इसके लिए हर कमरे में छह से सात टेबल लगाई गई है। पूरी खबर पढें
हाथरस में कल श्री गणेश चतुर्थी पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे और भक्त भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए उपवास रखेंगे। घंटाघर स्थित प्राचीन गणेश मंदिर, तरफरा रोड स्थित गणेश मंदिर और होली वाली गली स्थित चमत्कारी गणेश मंदिर में छप्पन भोग, फूल बंगला और संकीर्तन संध्या का आयोजन किया जाएगा। पर्व के दौरान 14 और 15 सितंबर को भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गणपति दरबार में भक्त फूल बंगला के बीच भगवान गणेश के दर्शन करेंगे। इसके साथ ही गणेश जी की शोभायात्रा भी निकाली जाएगी और महाआरती का आयोजन होगा। 21 हजार रुपए तक की प्रतिमाएं बिक रही श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाएं और पूजा सामग्री खरीदी है। मूर्ति विक्रेता मदन भाई राजस्थान के पाली के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह गणेश चतुर्थी से चार महीने पहले हाथरस आकर मूर्ति बनाने का काम शुरू कर देते हैं। पिछले करीब 15 साल से वह यह काम कर रहे हैं। इस बार काफी श्रद्धालु मूर्तियां खरीद रहे हैं। पिछली बार के मुकाबले इस बार अच्छी बिक्री हुई है। उनके पास 100 रुपए से लेकर 21,000 रुपए तक की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। प्रतिमाओं की खूब बिक्री हो रही है। कल घर पर स्थापित की जाएगी प्रतिमा आवास विकास कॉलोनी निवासी पंकज शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में सालों से गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। कल घरों में प्रतिमा स्थापित की जाएगी और 11वें दिन विसर्जन किया जाएगा। उन्होंने इस पर्व के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शनिवार को साइबर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें 500 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने 9 वीडियो मॉड्यूल वाले डिजिटल कोर्स ‘साइबर संकल्प’ की शुरुआत की। हर वीडियो 5 से 6 मिनट का है। इसमें साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के आसान उपाय बताए गए हैं। कार्यक्रम में साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने की अपील की गई। गृहमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे खुद साइबर अपराधों से बचने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने साइबर जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया। डिजिटल अरेस्ट में एक करोड़ से ज्यादा की ठगी, समय पर शिकायत से वापस मिली रकम कार्यक्रम में साइबर ठगी के पीड़ित डॉ. सेन ने अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वे एक करोड़ रुपए से ज्यादा की डिजिटल अरेस्ट ठगी का शिकार हुए थे। ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने गोल्डन ऑवर में पुलिस से संपर्क किया। समय पर कार्रवाई होने से ठगी की रकम वापस मिल गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराने या देर करने के बजाय तुरंत पुलिस और 1930 हेल्पलाइन से संपर्क करना जरूरी है। 9 वीडियो में साइबर अपराध और बचाव की जानकारी ‘साइबर संकल्प’ को डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर तैयार किया गया है। इसमें कुल 9 वीडियो मॉड्यूल हैं। प्रत्येक वीडियो 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के जरिए लोग आसान भाषा में साइबर अपराध के नए तरीकों, ऑनलाइन ठगी की पहचान और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी ले सकेंगे। गृहमंत्री बोले- डिजिटल लेनदेन बढ़ा, इसलिए सावधानी भी जरूरी विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान विजय शर्मा ने कहा कि भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है। उन्होंने बताया कि देश में करीब 36 लाख करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन हुआ है, जो दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा बढ़ने के साथ साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक रहना भी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने बताए ऑनलाइन सुरक्षा के तरीके कार्यक्रम की शुरुआत अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. गौरव मंडल के साइबर जागरूकता सत्र से हुई। उन्होंने साइबर अपराधों के बदलते तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने भी विद्यार्थियों को नए तरह के साइबर अपराधों से सावधान रहने और ऑनलाइन सुरक्षा के नियमों का पालन करने की सलाह दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों का जागरूक होना जरूरी है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रयागराज में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। इस एक महीने के अभियान के लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सीडीओ हर्षिका सिंह को इसका नोडल अधिकारी बनाया है। अभियान के पहले दिन जिले के सभी प्रमुख प्रोजेक्ट, नदियों के घाटों, मंदिरों, पार्कों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में दीपदान किया जाएगा। इस दौरान 108 मीटर व्यास की ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। हर नागरिक 25 मिनट का डिजिटल श्रमदान करेगा। साथ ही, हर ब्लॉक में 7 बहुउद्देशीय शिविरों के जरिए सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को होगी। पहले 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत सभी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नदियों के घाटों, मंदिरों, पार्कों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में खास दीप जलाए जाएंगे। इसी दिन केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ पाने वाले परिवार शाम 7 बजे अपने घरों पर दीप जलाकर अभियान से जुड़ेंगे। अभियान के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूलों को कार्यक्रम का मैदान बनाया गया है। कक्षा 5 से 8 तक के छात्र ड्राइंग बनाएंगे। वहीं, कक्षा 9 से 12 के छात्र भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। उच्च शिक्षा संस्थानों में युवाओं से बातचीत और 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी होंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोक जागरूकता के लिए 'नमो सेवा गाथा' तैयार की गई है। ग्राम पंचायत स्तर, सामुदायिक केंद्रों और स्कूलों समेत प्रमुख सार्वजनिक जगहों पर सांस्कृतिक नुक्कड़ नाटक दिखाए जाएंगे। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर खास और बड़े कार्यक्रम होंगे। पोषण और मातृत्व कल्याण पर ध्यान देते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिन का उत्सव और बातचीत कार्यक्रम होगा। इसमें आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को सम्मानित किया जाएगा। हेल्दी बेबी प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही, अतिरिक्त पोषाहार सामग्री, कॉमिक्स बुक्स और मिठाई बांटी जाएगी। 'कहानी बदलाव की' सेगमेंट में सरकारी परियोजनाओं से लाभार्थियों के जीवन में आए अच्छे बदलावों को शॉर्ट रील्स के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के जरिए शहरी और ग्रामीण ब्यौरे को जोड़ा गया है। प्रमुख चौराहों पर स्थायी अखंड सेवा ज्योति स्थापित होगी। जनपद के विभिन्न कोनों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां मुख्य चौराहों पर मिलेंगी। साथ ही विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प तथा सफाई, स्वच्छता व भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम होंगे। ‘सेवा मेरा योगदान’ जन-आंदोलन का आधार होगा। इसके तहत स्वच्छता अभियान, नदी घाट सफाई, सघन वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, अंगदान संकल्प, नशामुक्त भारत, मतदाता जागरूकता, वोकल फार लोकल, गौशाला, स्कूल व सरकारी योजनाओं पर जनजागरूकता होगी। हर विधानसभा में न्यूनतम 2 स्थलों का कायाकल्प होगा और हर नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर माई भारत पोर्टल पर वीडियो अपलोड करेगा। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की साक्षात् मौजूदगी होगी। प्रत्येक विकास खंड स्तर पर 7 बहुउद्देशीय शिविर लगेंगे। स्टॉल, स्वास्थ्य मेला और केंद्र-राज्य की समस्त योजनाओं की जानकारी एक छत के नीचे मिलेगी। ऑन-द-स्पॉट फॉर्म भरना और पात्रता सत्यापन करते हुए 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दृश्य पक्ष को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर घर से राष्ट्र’ कार्यक्रम के तहत चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का भारत मण्डल और भव्य ह्यूमन रंगोली उतारी जाएगी। पूरे अभियान के सफल आयोजन की जिम्मेदारी सीडीओ को दी गई है। इसके अलावा हर उप-कार्यक्रम के लिए पृथक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। नगर आयुक्त सीलम सांई तेजा, डीडीओ जीपी कुशवाहा, पीडी भूपेंद्र सिंह, बीएसए अनिल कुमार समेत सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश हैं कि वे अपनी कार्ययोजना को अमली जामा पहनाएं।
यमुनानगर में ऑटो में सफर कर रही एक महिला के बैग से नकदी और जरूरी दस्तावेज चोरी होने का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि कमानी चौक से यमुनानगर बस अड्डे के बीच ऑटो में उसके साथ बैठी दो महिलाओं ने उसके बैग में रखा पर्स निकाल लिया। पर्स में 11,800 रुपये की नकदी के अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र और बस पास रखा हुआ था। महिला को चोरी का पता घर पहुंचने के बाद चला। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत देकर सामान बरामद कराने और दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका के चलते कार्रवाई की मांग की। काम खत्म कर घर जा रही थी महिला मसाना रांगड़ान गांव निवासी बेबी ने यमुनानगर सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह प्रोफेसर कॉलोनी में काम करती है। वह काम खत्म करके वापस घर जा रही थी। उस समय करीब 11:30 बजे वह ऑटो में सवार थी। ऑटो में उसके अलावा दो अन्य महिलाएं और करीब आठ साल का एक बच्चा भी बैठा था। महिला के अनुसार, सफर के दौरान उसके बैग में रखा पर्स चोरी कर लिया गया। पर्स में 11 हजार 800 रुपये नकद थे। इसके अलावा उसमें उसका पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र और बस पास भी रखा हुआ था। घर पहुंचने के बाद जब उसने अपना बैग और सामान देखा तो पर्स गायब मिला। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर महिलाओं की तलाश की शुरू बेबी ने पुलिस से उसका सामान वापस दिलाने की मांग करते हुए कहा कि उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों का कोई गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच के बाद केस दर्ज कर लिया है। ऑटो में बैठी महिलाओं की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
खरगोन जिले में 17 सितंबर से दो बड़े सरकारी अभियान शुरू किए जाएंगे। इनमें ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ और ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ शामिल हैं। स्वामित्व अभियान के तहत पात्र भूस्वामियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा, जबकि सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे महीने जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी। प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को वर्चुअल बैठक के जरिए दोनों अभियानों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान कुल 14 अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यक्रम पूरी गंभीरता से किए जाएं। जनप्रतिनिधियों को भी प्रशासन के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करना होगा। पात्र भूस्वामियों को मिलेगा मुफ्त पंजीयन ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ के तहत पात्र भूस्वामियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा। इससे लोगों को जमीन और संपत्ति से जुड़े कानूनी दस्तावेज मिल सकेंगे। साथ ही संपत्ति संबंधी विवादों के समाधान में भी मदद मिलेगी। कलेक्टर गुरु प्रसाद ने बताया कि स्वामित्व अभियान के लिए जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी सेवा संकल्प की शुरुआत ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत हितग्राहियों के घरों के साथ बड़े सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थानों पर दीपक जलाए जाएंगे। अभियान के पहले दिन जिला अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। इसके बाद 19 सितंबर से स्कूल-कॉलेजों में ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, 2 से 10 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत बड़े शिविर लगाए जाएंगे। 7 अक्टूबर को निकलेगी सेवा ज्योति कलश यात्रा अभियान के तहत 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ निकाली जाएगी। प्रशासन की ओर से पूरे महीने जनसेवा से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महम में युवाओं ने सफाई का मोर्चा संभाला:पंचायत की ओर से 4 सफाई कर्मी नियुक्त; ग्रामीणों ने की सराहना
रोहतक जिले के महम शहर से सटे गांव किशनगढ़ में पंचायत ने चार सफाई कर्मचारी नियुक्त किए थे। हालांकि, पंचायत का इलाका बड़ा होने के कारण इन कर्मचारियों से संतोषजनक सफाई नहीं हो पा रही थी। गांव की गलियों में गंदगी जमा हो गई थी और पानी निकासी के नाले भी भर गए थे। इस समस्या को देखते हुए गांव के युवाओं ने शिकायत करने के बजाय खुद ही सफाई का जिम्मा उठाने का फैसला किया। शुरुआत में कुछ युवा आगे आए, लेकिन धीरे-धीरे और लोग भी जुड़ते गए। अब ये युवा हर रोज खुद ही गांव की सफाई करते हैं और ट्रैक्टर-ट्रॉली से गंदगी को गांव से बाहर डालते हैं। युवाओं के इस काम को देखकर अब दूसरे ग्रामीण भी इसमें सहयोग करने लगे हैं। हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी थीम के तहत युवाओं ने मिलकर गलियों और नालियों की सफाई की। इस पहल को ग्रामीणों का लगातार साथ मिल रहा है। अब गांव के बड़े-बुजुर्ग और महिलाएं भी इस अभियान से जुड़कर अपने घरों के सामने सफाई कर रही हैं। इस सफाई अभियान में विकास, जुग्गा, जितेंद्र, सत्ते मास्टर, सुनील, जंगी परवीन, नवीन ग्रेवाल, संदीप फौजी, हर्ष, अंकित गज्जू, कृष्ण, मोनी और सतीश सहित कई युवा श्रमदान कर रहे हैं। अभियान से जुड़े युवाओं का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ गलियों और नालियों की सफाई करना नहीं है। वे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना और उनकी सोच में बदलाव लाना चाहते हैं। युवाओं ने ग्रामीणों से अपील की है कि कोई भी गंदगी न फैलाए और अपने घर व गेट के सामने नियमित रूप से सफाई रखे। युवाओं ने यह भी बताया कि स्वच्छता का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से है। अगर गांव साफ रहेगा, तो गंदगी से होने वाली कई बीमारियों से बचा जा सकता है। पूरे गांव में युवाओं की इस पहल की तारीफ हो रही है।
हापुड़ में असहाय महिला को सहारा:इनर व्हील क्लब बांटा राशन, बच्चों के चेहरे खिली मुस्कान
हापुड़ में कुछ दान - कई चेहरे की मुस्कान, मानवता की यही तो पहचान की भावना को चरितार्थ करते हुए इनर व्हील क्लब हापुड़ ने समाज सेवा की दिशा में एक और सराहनीय कदम उठाया है। क्लब की ओर से ग्राम श्याम नगर की एक अस्वस्थ विधवा महिला के परिवार को आवश्यक मदद पहुंचाकर खुशहाली फैलाने का प्रयास किया गया। पीड़ित महिला घरेलू कार्य करके किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही है। उसकी खराब सेहत और दयनीय स्थिति को देखते हुए क्लब अध्यक्ष श्वेता जैन की अगवाई में जरूरतमंद परिवार को कई दिनों के लिए राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई। राशन किट में दाल, चीनी, चावल, चाय पत्ती, बेसन, कुकिंग ऑयल, रसोई के सभी मसाले, सोयाबीन बड़ी और ताजी सब्जियां शामिल रहीं। परिवार के छोटे बच्चों की चाहत और चेहरे पर तुरंत मुस्कान लाने के लिए उन्हें आइसक्रीम और चिप्स के पैकेट भी दिलवाए गए। बच्चों की खुशी देख क्लब अध्यक्ष श्वेता जैन ने गहरी आत्मसंतुष्टि और आनंद का अनुभव किया। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष ने कहा कि इनर व्हील परिवार इसी तरह छोटे-छोटे सहयोग भाव से समाज को सुखी और समृद्ध बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। क्लब के सभी सदस्य समय-समय पर इसी सेवा भावना और प्रण के साथ अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र के नुकेरा गांव में एक गुरुद्वारे के अंदर बनी पानी की टंकी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। लंबे समय से टंकी की दीवारों और जोड़ों से लगातार पानी टपक रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात दिन-ब-दिन खतरनाक होते जा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि टंकी कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक यह टंकी काफी पुरानी है और देखभाल नहीं होने से इसकी हालत बहुत खराब हो गई है। टंकी से निकलने वाला पानी नीचे फर्श और आसपास के इलाके को गीला रखता है। बारिश के मौसम में यह रिसाव और बढ़ जाता है। नुकेरा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कई बार विभाग को बताया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। न तो टंकी की ठीक से जांच हुई और न ही मरम्मत या नई व्यवस्था का काम शुरू हुआ। ग्रामीण मैनपाल, विसु, राजविंदर, दलीप सिंह और सुनील समेत अन्य लोगों ने मौके पर विरोध किया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा और आसपास आने-जाने वाले लोगों के लिए यह टंकी खतरा बन गई है। अगर टंकी अचानक गिर जाती है, तो जान-माल का नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों की मांग है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) या संबंधित विभाग तुरंत मौके पर पहुंचकर टंकी की जांच करे और जरूरी कदम उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कागजी शिकायत से काम नहीं चलेगा। विभाग को मौके पर आकर हालात देखने चाहिए। टंकी की मरम्मत, उसे मजबूत करने या जरूरत पड़ने पर नई टंकी का निर्माण समय रहते होना चाहिए, ताकि कोई हादसा न हो। फिलहाल ग्रामीण चिंतित हैं और विभाग से जल्द ध्यान देने की अपील कर रहे हैं।
जयपुर भष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सांभरलेक थानाधिकारी को थाने में ही 50 हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी राममिलन मीणा ने सड़क निर्माण का काम नहीं रुकवाने की एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। फिलहाल एसीबी टीम की ओर से थानाधिकारी से पूछताछ के साथ ही ऑफिस और घर की तलाशी ली जा रही है। डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया- जयपुर एसीबी की टीम ने रविवार दोपहर सांभर थाने के पुलिस निरीक्षक राममिलन मीणा को अरेस्ट किया है। एसीबी मुख्यालय पर परिवादी (ठेकेदार) की ओर से थानाधिकारी राममिलन मीणा के रिश्वत मांगने की शिकायत दी गई थी, जिसके बाद एडिशनल एसपी (एसीबी) भूपेन्द्र के नेतृत्व में एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। 50 हजार देने का दबाव बनाया था गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी (ठेकेदार) ने कहा था कि PWD से मिले वर्क ऑडर पर सांभर इलाके में सड़क निर्माण का काम मिला है। सड़क निर्माण काम में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने और बिना रोक-टोक के निर्माण कार्य चलते रहने की एवज में थानाधिकारी राममिलन घूस की डिमांड कर रहे हैं और रिश्वत के 50 हजार रुपए देने को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। हर महीने 20 हजार की डिमांड शिकायत में बताया- परिवादी के पिता के नाम की फर्म को पीडब्ल्यूडी विभाग से सड़क निर्माण काम सौंपा गया है। सांभर लेक थाना इलाके में बिना रुकावट काम चालू रखने की एवज में पुलिस निरीक्षक राममिलन मीणा की ओर से हर महीने 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर परेशान किया जा रहा है। वहीं रिश्वत राशि नहीं देने पर निर्माण साइट पर लगे वाहनों और कर्मचारियों को थाने ले जाकर परेशान किया जा रहा था। एसीबी सत्यापन के दौरान आरोपी राममिलन मीणा की ओर से हर महीने 10 हजार रुपए के हिसाब से कुल 50 हजार रुपए रिश्वत राशि की मांग करना पाया गया। एसीबी ने थानाधिकारी कक्ष में ही रिश्वत के 50 हजार रुपए लेते दबोच लिया। एसीबी ने परिवादी को रिश्वत की रकम देकर भेजा था एसीबी की ओर से शिकायत का सत्यापन करवाकर ट्रैप रखा गया। एसीबी टीम ने परिवादी ठेकेदार को घूस की रकम देकर थानाधिकारी राममिलन के पास भेजा। थाना परिसर में बने एसएचओ रूम में रिश्वत के 50 हजार रुपए लेते एसीबी टीम ने थानाधिकारी राममिलन को रंगे हाथों धर-दबोच लिया। आरोपी थानाधिकारी से हो रही पूछताछ एसीबी टीम की ओर से सांभर थाना परिसर में उनके ऑफिस और क्वार्टर की तलाश ली जा रही है। इसके साथ ही जयपुर के जगतपुरा स्थित घर पर भी सर्च किया गया। एसीबी टीम की ओर से फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जयपुर- RAS अफसर का पीए 1-लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार:घर से 100 ग्राम सोना और 10 लाख कैश मिला, सेना से रिटायर्ड है आरोपी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर में एडीएम ईस्ट (RAS) नरेंद्र कुमार वर्मा के पीए मुकेश चौधरी को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, मुकेश चौधरी ने परीक्षा संबंधी लॉजिस्टिक के बिल पास कराने की एवज में शिकायतकर्ता (परिवादी) से करीब 1.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। (पढ़िए पूरी खबर)
टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के बम्होरी बराना गांव में रविवार को ग्रामीणों ने शराब की दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। गांव के मरगुवां रोड पर हरिजन बस्ती में एक शराब की दुकान है। इसी दुकान से परेशान होकर गांव की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मिलकर दुकान में रखी देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर की बोतलें सड़क पर फेंक दीं। उन्होंने दुकान के सामान में आग भी लगा दी। परिवार बर्बाद होने का लगाया आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि शराब की वजह से गांव का माहौल खराब हो रहा है। नशे में पति घर आकर महिलाओं से मारपीट करते हैं, जिससे रोज झगड़े होते हैं। उनका कहना है कि शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हो गए हैं। पूरे मोहल्ले में नशे की हालत में लोग आपस में लड़ाई-झगड़ा करते हैं। इसी वजह से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। पुलिस ने कराया मामला शांत घटना की खबर मिलते ही दिगौड़ा और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लिधौरा तहसीलदार अनिल तलैया ने भी मौके का जायजा लिया और पंचनामा बनाया। दिगौड़ा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया है। फिलहाल शराब दुकान के आसपास पुलिस तैनात की गई है। पूरे मामले की जांच कर बड़े अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
ऋषिकेश में होगा बटुकों का उपनयन-उपाकर्म संस्कार:मेहंदीपुर बालाजी ट्रस्ट के गुरुकुल का संस्कार समारोह
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से संचालित रामेष्ट-वेद-संस्कृत-गुरुकुलम् के बटुकों का उपनयन एवं उपाकर्म संस्कार 15 सितंबर को उत्तराखंड के ऋषिकेश में होगा। सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में होने वाले इस कार्यक्रम में कई प्रमुख संत भी शामिल होंगे। गुरुकुल के प्राचार्य घनश्याम हरदेनिया ने बताया कि सत्र 2026-27 में अध्ययनरत नए बटुकों का उपनयन संस्कार और अन्य सभी बटुकों का उपाकर्म संस्कार वेद-निकेतन स्वर्गाश्रम, जानकी झूले के पास, ऋषिकेश में होगा। यह आयोजन वैदिक विधि-विधान और आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न कराया जाएगा। उपनयन संस्कार के माध्यम से नए बटुकों को गुरु-शिष्य परंपरा, वैदिक अध्ययन, अनुशासन और संस्कारमय जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, सभी बटुकों का उपाकर्म संस्कार वेदाध्ययन और ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा व संकल्प को मजबूत करेगा। आचार्य घनश्याम ने बताया कि गुरुकुल का उद्देश्य वेद, संस्कृत और भारतीय संस्कृति के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, चरित्र और राष्ट्रबोध का विकास करना है। इस अवसर पर गुरुकुल परिवार के साथ अभिभावक और संस्कृति-प्रेमी भी शामिल होंगे।
अड्डा उसरा में जलभराव:पानी भरने से स्कूली बच्चे परेशान, नगर पालिका से स्थायी निकासी मांग
इटावा में नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 23 अड्डा उसरा में बारिश के बाद जलभराव की समस्या बनी हुई है। मोहल्ले की कई गलियों में पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों के जूते और कपड़े भीग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से समस्या बार-बार सामने आती है। पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने से कुछ समय राहत मिलती है, लेकिन बारिश के बाद फिर जलभराव हो जाता है। लोगों ने नगर पालिका से स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
इंदौर के वार्ड 49 के पूर्वी क्षेत्र की तिलक नगर, साईनाथ कॉलोनी, गोयल नगर, पत्रकार कॉलोनी समेत आसपास के रहवासियों ने रविवार सुबह प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन के विरोध में प्रदर्शन किया। बंगाली चौराहे के पास मेट्रो ऑफिस के समीप बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्तियां रखीं। प्रदर्शनकारियों ने ‘वार्ड 49 बचाओ, भूमिगत मेट्रो हटाओ’ के नारे लगाए। रहवासियों का कहना है कि वे मेट्रो या विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन घनी आबादी वाले क्षेत्र से भूमिगत लाइन निकालने से भविष्य में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। बोरिंग सूखने और पुराने मकानों में दरार की आशंका रहवासियों के मुताबिक, क्षेत्र में पेयजल के लिए मुख्य रूप से बोरिंग पर निर्भरता है। उनका दावा है कि टनल बोरिंग मशीन (TBM) से खुदाई के दौरान सैकड़ों बोरिंग प्रभावित होकर सूख सकती हैं। प्रदर्शनकारियों ने 50-60 साल पुराने मकानों की नींव को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि खुदाई से मकानों में दरारें आने और जमीन धंसने का खतरा हो सकता है। निर्माण कार्य के दौरान 2-3 साल तक धूल, शोर और कंपन से बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई। रहवासियों ने करीब 3.3 किलोमीटर के भूमिगत खंड से अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने का भी दावा किया। रहवासियों ने वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया रहवासियों ने मांग की कि मेट्रो को घनी रहवासी कॉलोनियों से निकालने के बजाय पूर्व निर्धारित गजट नोटिफाइड मार्ग से ले जाया जाए। इसके अलावा वर्ल्ड कप चौराहा-शिवाजी प्रतिमा-एमवाय हॉस्पिटल होते हुए बस स्टैंड तक वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सीए मनीष जैन, अमिताभ उपाध्याय, विपुल जैन, शैलेन्द्र जैन, मनोज दलाल, विकास मिश्रा, अंकित दुबे और राजीव जैन सहित कई रहवासी मौजूद रहे।
छतरपुर में कच्चे मकान के मलबे में दबने के बाद करीब आधे घंटे तक हेमा केवट अपनी 2 माह की बेटी हिमांशी को मुंह से सांस देती रही। उसे भरोसा था कि वह अपनी बच्ची को बचा लेगी। खुद भी मलबे में दबी हेमा की सांसें घुट रही थीं, लेकिन वह बेटी को बचाने की कोशिश करती रही। दो दिन बाद होश में आने पर उसे पता चला कि उसकी बेटी और 13 साल की ननद रचना की हादसे में मौत हो चुकी है। बुधवार-गुरुवार की रात करीब 1 बजे हेमा अपनी बेटी हिमांशी और ननद रचना के साथ कच्चे मकान में लकड़ी की खटिया पर सो रही थी। अचानक मकान का छप्पर और मिट्टी की दीवारें भरभराकर गिर गईं। तीनों मलबे में दब गए। हादसे में दोनों बच्चियों की मौत हो गई, जबकि हेमा गंभीर रूप से घायल हो गई। खटिया के सहारे चेहरे के पास बची जगह हेमा ने बताया कि मकान गिरने के बाद उसका पेट, कमर और दोनों पैर मिट्टी में दब गए थे। वह हिल भी नहीं पा रही थी। गनीमत रही कि खटिया का एक हिस्सा नीचे धंस गया और छप्पर की लकड़ी का भारी हिस्सा खटिया की पाटियों पर टिक गया। इससे उसके सीने और चेहरे के आसपास थोड़ी जगह बची रही। वह दोनों कुहनियों के बल उल्टी लेटी हुई थी। बेटी को हाथ से छू नहीं पा रही थी, लेकिन सीने और चेहरे से उसे महसूस कर रही थी। कुछ देर बाद बच्ची की सांसें तेज होने लगीं। हेमा को लगा कि बेटी की हालत बिगड़ रही है, तो उसने उसे मुंह से सांस देना शुरू कर दिया। हेमा के मुताबिक, वह करीब 25 से 30 मिनट तक बेटी को सांस देती रही। उस समय उसे यह पता नहीं था कि बच्ची की सांसें थम चुकी हैं। वह खुद भी मलबे में दबी थी और सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन बेटी को बचाने की उम्मीद में संघर्ष करती रही। मोबाइल की टॉर्च दिखी तो जगी बचने की उम्मीद मलबे के अंदर हेमा को बाहर की आवाजें और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कुछ देर बाद उसे ऊपर हलचल महसूस हुई। मिट्टी हटने लगी और मलबे के बीच से मोबाइल की टॉर्च की रोशनी दिखाई दी। हेमा ने बताया कि टॉर्च की रोशनी दिखते ही उसे लगा कि अब बचाव दल उन तक पहुंच गया है। बाहर से लोगों की आवाजें सुनाई दीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला गया। वह उस समय बेहोश थी। होश आने पर उसने खुद को छतरपुर जिला अस्पताल के आईसीयू में पाया। परिजनों ने कुछ समय तक नहीं बताई बच्ची की मौत अस्पताल में हेमा की हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे दोनों बच्चियों की मौत की जानकारी नहीं दी। उससे कहा गया कि उसकी 2 माह की बेटी हिमांशी पीआईसीयू में भर्ती है और ननद रचना दूसरे वार्ड में भर्ती है। बाद में जब हेमा को सच्चाई पता चली तो वह स्तब्ध रह गई। जिस बेटी को बचाने के लिए वह मलबे के नीचे अपनी जान की परवाह किए बिना संघर्ष करती रही, वह उसे बचा नहीं सकी। बिजली गुल होने के बाद मोबाइल की रोशनी में रेस्क्यू हेमा की सास फूला बाई केवट ने बताया कि मकान गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसे में बिजली की लाइन भी टूट गई थी, जिससे इलाके में अंधेरा हो गया। इसके बाद लोगों ने मोबाइल और बैटरी की रोशनी में मलबा हटाना शुरू किया। परिजनों और आसपास के लोगों ने हाथों से मिट्टी हटाई। घर में मौजूद बर्तन और खाना बनाने के सामान की मदद से भी मलबा हटाया गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया। तब तक दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी और हेमा गंभीर रूप से घायल थी। कमर और पीठ में गंभीर चोट, सहारे से बैठ रही फूला बाई के मुताबिक, हेमा की कमर, पीठ, पेट और कमर के नीचे के हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। वह अभी खुद से ठीक से उठ-बैठ नहीं पा रही है। उसे सहारे की जरूरत पड़ रही है और फिलहाल चलना भी संभव नहीं है। मलबे के नीचे करीब आधे घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझती हेमा के लिए उस रात सबसे बड़ी चिंता अपनी दुधमुंही बेटी की थी। उसे बचाने की उम्मीद में वह खुद की तकलीफ भूलकर लगातार उसकी सांसों के लिए कोशिश करती रही। इस मामले से जुड़ी खबर पढ़ें…. छतरपुर में कच्चा मकान ढहने से दो बच्चियों की मौत:2 माह की नातिन और 13 साल की बेटी मलबे में दबीं छतरपुर जिले के हिनौता थाना क्षेत्र के क्योटा गांव में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे बड़ा हादसा हो गया। परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे, तभी कच्चा मकान और उसकी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। पूरी खबर पढ़ें
मां विंध्यवासिनी धाम में रविवार को तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन की शुरुआत भव्य वेद संदेश यात्रा के साथ हुई। मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली गई। इसमें हाथी-घोड़ों के साथ 500 से अधिक बटुक शामिल हुए। धर्म ध्वजा और वेद संदेश के साथ निकली यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से आए विद्वान और आचार्य भी शामिल रहे। वेद संदेश यात्रा मां विंध्यवासिनी धाम से शुरू होकर पुरानी वीआईपी मार्ग, राम-जानकी मंदिर, स्टेट बैंक चौराहा, बावली चौराहा और बंगाली चौराहा होते हुए विंध्य रेजिडेंसी पहुंची। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर वैदिक मंत्रों का उच्चारण होता रहा। अनुशासित तरीके से चल रहे बटुकों के साथ हाथी-घोड़े लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। वेद संदेश यात्रा से जुड़ी 7 तस्वीरें देखिए… जगह-जगह फूल बरसाकर हुआ स्वागत यात्रा में शामिल विद्वानों, आचार्यों और बटुकों का रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। धर्म ध्वजा और वेद संदेश के साथ निकली यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्ग के किनारे जुटे रहे। पूरे इलाके में धार्मिक और वैदिक माहौल बना रहा। तीन दिन तक वैदिक ज्ञान और संस्कृति पर मंथन सम्मेलन के दौरान तीन दिनों तक विद्वान वैदिक ज्ञान, संस्कार, भारतीय संस्कृति और वेदों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं से जोड़ना है। नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा वैदिक ज्ञान आयोजक अगस्त्य द्विवेदी ने बताया कि वेद संदेश यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। इसका मकसद प्राचीन वैदिक ज्ञान, संस्कार और भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही वैदिक परंपराओं के संरक्षण और उनके प्रचार-प्रसार को लेकर समाज में जागरूकता पैदा करना भी सम्मेलन का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि विंध्याचल में पहली बार इस तरह का क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
भिवानी में ट्रेन की चपेट में आने से हरियाणा पुलिस के हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे। जो 2 बच्चों के पिता थे और फिलहाल सिटी थाना में ईआरवी इंचार्ज के तौर पर तैनात थे। वहीं कुछ दिन पहले ही पलवल से ट्रांसफर लेकर भिवानी आए थे। ईआरवी के इंचार्ज थे अमित कुमार भिवानी के सिटी थाना प्रभारी जरनैल सिंह ने बताया कि भिवानी की खरकड़ी फाटक के नजदीक लाजपत नगर निवासी हेड कांस्टेबल अमित कुमार जो ईआरवी पर बतौर इंचार्ज तैनात थी। जिन्होंने करीब 15 दिन पहले ही सिटी थाना में ड्यूटी ज्वाइन की थी। उन्होंने कहा कि शनिवार को वे ड्यूटी ऑफ करके घर पर गए थे। अब पता चला कि उनकी मौत हो गई। प्राथमिक जांच के अनुसार उसके घर के पास से ही रेलवे लाइन गुजरती है। रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत होना प्रतीत हुआ है। उन्होंने बताया कि अमित कुमार ने 2006 में हरियाणा पुलिस ज्वाइन की थी। वहीं उनकी उम्र करीब 40 साल थी और 2 बच्चों के पिता थे। ट्रेन की चपेट में आने से मौतजीआरपी पुलिस चौकी इंचार्ज रवि कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन अधिक्षक की तरफ से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बीटीएम मील के पीछे रेलवे लाइन पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। जहां से एक लाइन रोहतक की तरफ व दूसरी हिसार की तरफ जाती है। रेलवे लाइन पर एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। उसकी जेब से हरियाणा पुलिस का एक आईकार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान लाजपत नगर निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है। उसके आईकार्ड पर भाई प्रदीप का नंबर लिखा हुआ था, जिस पर संपर्क करके बुलाया गया। प्राथमिक जांच के अनुसार लाइन पार करते समय यह किसी कारण से ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। मृतक अमित कुमार के भाई प्रदीप कुमार के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई की गई है। परिवार के अनुसार पहले अमित कुमार की पहले ड्यूटी पलवल थी, जो अब ट्रांसफर लेकर भिवानी आए थे।
गाजियाबाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित ब्रह्म समागम में रविवार को डिप्टी CM बृजेश पाठक पहुंचे। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा हार का बहना ढूंढ रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से आ रही है। उन्होंने ब्राह्मण समाज की गौरवशाली परंपरा, त्याग, समर्पण और राष्ट्रवाद को रेखांकित करते हुए समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। ब्राह्मण सदैव राष्ट्र को सर्वोपरि डिप्टी CM बृजेश पाठक ने कहा कि ब्राह्मण सदैव राष्ट्र को सर्वोपरि रखता है। हमारी परंपरा समाज को देने की रही है। समाज निर्माण में ब्राह्मण समाज द्वारा दिए गए संस्कार आज भी नई पीढ़ी को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दधीचि जैसे तपस्वी ऋषि इसी त्याग और समर्पण की परंपरा के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपनी अस्थियों तक का दान कर समाज और राष्ट्र कल्याण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बोलते- ब्राह्मण समाज बिना किसी स्वार्थ और लालच के समाज कल्याण में विश्वास रखता है। समाज को संगठित, संस्कारित और सुव्यवस्थित बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आसुरी शक्ति हमारे समाज को भ्रमित या विभाजित नहीं कर सकती। बुद्धि और विवेक से संपन्न इस समाज की रगों में त्याग और समर्पण की भावना कूट-कूटकर भरी है। ब्राह्मण समाज को अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक एकता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने समाज की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। सपा पर साधा निशाना मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा- समाजवादी पार्टी हारने का बहाना तलाश रही है। उनकी हार पक्की है। केवल आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। जब जीतते हैं तब ईवीएम अच्छी है, हारते हैं तो ईवीएम पर सवाल उठाते हैं। 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की कोई दाल गलने वाली नहीं है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत में आ रही है। 2 मिनट का मौन रखा कार्यक्रम पहले उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा की पत्नी सत्यवती के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक आरडी शर्मा ने सभी अतिथियों एवं समाज के गणमान्य लोगों का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। यह रहे रहे मौजूद इस मौके पर शहर विधायक संजीव शर्मा, भाजपा नेता सुनील भराला, भाजपा नेता तरुण शर्मा, नानक चंद शर्मा, अमरेश शर्मा, धर्मेंद्र भारद्वाज, लोकेश दीक्षित, आरती शर्मा, आरती त्यागी, आदेश फौजी, प्रदीप शर्मा, सुनील शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, पंकज मुद्गल, विशाल गोस्वामी, मनीष भार्गव, अंकुर शर्मा, विनय शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, मीडिया प्रभारी नीरज शर्मा, पंकज भारद्वाज और अन्य रहे।
गोंडा में सिराथू विधायक पुलिस को चकमा देकर विनोद साहनी के घर पहुंच गईं। गोंडा-बाराबंकी बॉर्डर तक जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। इसी बीच सिराथू विधायक पल्लवी पटेल रविवार सुबह पुलिस को चकमा देकर अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मृतक के घर पहुंच गईं। दरअसल, चंद्र शेखर के आने की खबर को लेकर पुलिस उनके पीछे लगी हुई थी। इसी बीच पल्लवी पटेल मौका पाकर अपने कुछ लोगों के साथ बैरिकेडिंग पार करके निकल गईं। घर पहुंचर उन्होंने पल्लवी पटेल ने विनोद साहनी की पत्नी ऊषा देवी, बेटे राजा साहनी और बेटियों रागिनी व विजयलक्ष्मी से मुलाकात की। उन्होंने परिवार से घटना की जानकारी ली, शोक जताया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। परिवार से मुलाकात के बाद विधायक ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पीड़ित परिवार को नौकरी, मुआवजा और सुरक्षा देने की मांग की। देखें 3 तस्वीरें… अब जानें पूरा मामला…. रविवार 11:40 बजे को सिराथू विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर रेक्सडिया गांव स्थित विनोद साहनी के घर पहुंच गईं। पुलिस को उनके पहुंचने की सूचना मिली तो विनोद साहनी के घर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक परिवार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि विनोद साहनी निषाद और मल्लाह समाज के लिए आवाज उठाते थे। जिस तरह उनकी हत्या की गई, उससे दलित, शोषित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग अंदर तक डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आज सीमाओं पर आतंकवादियों से ज्यादा खतरा 'जातंकवादियों' से है। विधायक ने कहा कि संगठित अपराध और दिनदहाड़े हत्याओं के कारण परिवार उजड़ रहे हैं। सरकार हर बार सिर्फ प्रयास करने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। उनका आरोप था कि सत्ता संरक्षित लोगों की सुनवाई होती है, जबकि पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। घायल विनोद ने खुद लिया था आरोपियों का नाम पल्लवी पटेल ने कहा कि विनोद कुमार साहनी ने घायल अवस्था में खुद आरोपियों के नाम बताए थे। उन्होंने दावा किया कि गोलू सिंह और आकाश सिंह के नाम विनोद की ओर से दी गई तहरीर में भी दर्ज हैं। विधायक ने कहा कि अगर आरोपियों को बचाने के लिए ऊपर से किसी तरह का दबाव आता है तो वह परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और अपनी क्षमता के अनुसार न्याय की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि चार लोगों की गिरफ्तारी और दो अधिकारियों के निलंबन भर से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। परिवार का एक सदस्य चला गया और पूरा परिवार बिखर गया है। इसलिए सरकार को परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा देनी चाहिए। सोशल मीडिया पोस्ट पर बोलीं- वंचितों की आवाज को अपराध न बनाएं विनोद साहनी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के सवाल पर पल्लवी पटेल ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है। उनका आरोप था कि जब पीड़ित और वंचित समाज अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है तो उसे अपराध की श्रेणी में लाने की कोशिश होती है, जबकि सदन में पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर भी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था जरूर कायम है, लेकिन न्याय व्यवस्था की जमीनी हकीकत कागजों से अलग दिखाई देती है। पीड़ित परिवार को सिर्फ अधिकारियों के निलंबन या आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षा और न्याय की गारंटी चाहिए। परिवार को नौकरी-मुआवजा और सुरक्षा की मांग पल्लवी पटेल ने कहा कि विनोद की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें बिना किसी दबाव और पक्षपात के गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत कार्रवाई की भी मांग की। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा, सुरक्षा और असलहा देने की मांग रखी। विधायक ने कहा कि अगर आरोपियों को बचाने के लिए किसी स्तर से दबाव बनाया गया तो वह परिवार के साथ खड़ी होकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल गिरफ्तारी कराना नहीं, बल्कि ऐसे परिवार को न्याय और सुरक्षा दिलाना है, जिसने हत्या की घटना में अपना सदस्य खोया है। ------------------------------------ ये यूपी एक्सप्लेनर पढ़ें - मुख्तार के रिश्तेदारों की संपत्ति हाईकोर्ट ने क्यों रिलीज की, क्या कमजोर है यूपी का गैंगस्टर एक्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों की संपत्तियां रिलीज कर दीं। एक अन्य मामले के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट को ‘स्टिलबॉर्न’ (पैदा होते ही मर जाना) यानी ‘मरा हुआ कानून’ बताया। महाराष्ट्र के ‘मकोका’ और गुजरात के ‘गुजसीटॉक’ कानूनों से तुलना करते हुए गैंगस्टर एक्ट की कानूनी खामियों की ओर इशारा किया। पढ़िए पूरी खबर…
बुलंदशहर के खुर्जा नगर कोतवाली इलाके में रविवार दोपहर 12 बजे पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें 12 मुकदमों का आरोपी नौशाद उर्फ साबू गोली लगने से घायल हो गया। यह कार्रवाई ककोड़ रोड पर भोगपुर के जंगलों में चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के 12,000 रुपये, एक अवैध तमंचा और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। खुर्जा नगर कोतवाली पुलिस ककोड़ रोड पर भोगपुर के पास गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर आता दिखा। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह रुका नहीं और बाइक की रफ्तार बढ़ाकर जंगल की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने उसे घेर लिया। खुद को घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस पर सीधा फायर कर दिया। पुलिस ने बचाव में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी। गोली लगने से वह गिर पड़ा और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान नौशाद पुत्र साबू के रूप में हुई है। वह अलीगढ़ के बन्ना देवी का रहने वाला है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि नौशाद पर अलग-अलग थानों में करीब 12 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से 12,000 रुपये नकद (चोरी के), एक 315 बोर का तमंचा, दो खाली कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी मिला है। खुर्जा के क्षेत्राधिकारी (सीओ) शोभित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश नौशाद 2 सितंबर को खुर्जा कोतवाली इलाके की प्रीत विहार कॉलोनी में हुई दिनदहाड़े चोरी की घटना में फरार चल रहा था। घटना के बाद घायल बदमाश को तुरंत खुर्जा के सूरजमल जटिया अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद आरोपी की हालत ठीक है। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जिला जेल भेजा जा रहा है।
गुरुग्राम में शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग आईएफसी के सामने चौक पर सैकड़ों जागरूक नागरिकों और विभिन्न सोसाइटियों के रेजिडेंट्स ने सड़कों पर उतरकर अवैध कचरा डंपिंग और बदहाल सुविधाओं के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था, टूटी सड़कों और लचर बुनियादी ढांचे के स्थायी समाधान की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि गुरुग्राम जैसे ग्लोबल सिटी में बुनियादी नागरिक सुविधाओं का लगातार कम होना बेहद चिंताजनक है। नगर निगम, महानगर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों से दूर हो रहे हैं। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते हैं और समस्याओं के नाम पर केवल अस्थायी काम किया जाता है। ग्राउंड पर काम किया जाए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण आज शहर का यह हाल हो चुका है। अब नागरिक किसी भी तरह के बहानों को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं और वे धरातल पर ठोस बदलाव चाहते हैं। गुरुग्राम को 'कूड़ाग्राम' नहीं बनने देंगे प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं 'मेक माई गुरुग्राम' और 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' के नागरिक आंदोलनों की संयोजक गौरी सरिन ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गुरुग्राम के निवासी भारी-भरकम टैक्स चुकाते हैं, सभी नियमों का ईमानदारी से पालन करते हैं और देश की आर्थिक प्रगति में सबसे बड़ा योगदान देते हैं। बदले में वे ऐसी कचरा प्रबंधन व्यवस्था की मांग कर रहे हैंख् जिसमें कचरा व्यवस्थित रूप से संभाला जाए; ऐसी नालियों की, जिनमें पानी का सही निकास हो; और ऐसे सार्वजनिक स्थानों की, जो वास्तव में सुरक्षित और साफ बने रहें। हाथ में तख्तियां लेकर पहुंचे रेजिडेंट्स प्रदर्शन में शामिल रेजिडेंट्स हाथ में स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थेञ स्थानीय निवासी खुशबू ने हाथ में तख्तियां लिए हुए कहा कि हम यहां 'गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड' की विभिन्न सोसाइटियों के निवासियों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका की प्रतियां लेकर आए हैं। हम प्रशासन को यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम अपने सुंदर शहर को 'कूड़ाग्राम' में तब्दील नहीं होने देंगे। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। बहानों का वक्त खत्म, अब चाहिए काम द्वारका एक्सप्रेसवे रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेजीडेंट बी. सरीन ने कहा कि नागरिकों का सब्र अब जवाब दे चुका है। शहर की बदहाली को दूर करने के लिए अब केवल कागजी दावों या प्रेस कॉन्फ्रेंस से काम नहीं चलेगा। नगर निगम और जीएमडीए जैसी एजेंसियों को आपसी दोषारोपण बंद कर एक मेज पर आना होगा और समन्वित कार्रवाई करनी होगी। गुरुग्राम को अब बहानों की नहीं, बल्कि एक जवाबदेह, पारदर्शी और सुचारु नागरिक व्यवस्था की जरूरत है।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के स्कूलों के प्राचार्यों को जरूरत के अनुसार 2 कालखंड पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर किसी एक स्कूल में व्यवस्था को लेकर कमी मिली है तो वहां सुधार के निर्देश दिए जाने चाहिए थे। पूरे प्रदेश के करीब 5000 स्कूलों के प्राचार्यों के लिए एक जैसा निर्देश जारी करना उचित नहीं है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि प्राचार्य का पद वर्तमान विभागीय नियमों में प्रशासनिक पद है। प्राचार्य अपने स्कूल परिसर में मर्ज किए गए स्कूलों की व्यवस्था भी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही डीडीओ प्राचार्य को संकुल की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। प्राचार्य पहले से ही जरूरत पड़ने पर क्लास लेते हैं, क्योंकि यह जिम्मेदारी पहले से ही उनके शैक्षणिक पद का हिस्सा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार संकुल व्यवस्था को अधिकार देने की मांग संजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है, लेकिन संकुल व्यवस्था को अभी सिर्फ कामकाज तक सीमित रखा गया है। संकुल प्राचार्य को पूरे संकुल की व्यवस्था के लिए जरूरी अधिकार नहीं दिए गए हैं। नियम के अनुसार संकुल प्राचार्य को वेतन आहरण-वितरण और सेवा पुस्तिका के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जानी है, लेकिन इसे अब तक प्रदेश में पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी एक स्कूल में कमी मिली थी तो वहां की व्यवस्था सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जा सकता था। इसके बजाय पूरे प्रदेश के लिए निर्देश जारी करना विभागीय नियमों से अलग है। खाली पद भरने से सुधरेगी स्कूलों की व्यवस्था टीचर्स एसोसिएशन ने कहा कि विभाग को प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक और सहायक शिक्षक के खाली पद भरने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम शिक्षक, ग्रंथपाल, विज्ञान प्रयोगशाला शिक्षक और स्कूलों के कार्यालयों में लिपिक के खाली पद भी भरे जाने चाहिए। इससे स्कूलों की पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों बेहतर होंगी। एसोसिएशन के मुताबिक आरएमएसए स्कूलों में लिपिक और प्यून के पद ही स्वीकृत नहीं हैं। इन स्कूलों के लिए अलग से व्यवस्था बनाने की जरूरत है। वहीं प्रदेश के स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और प्यून के हजारों पद खाली हैं। भर्ती नहीं होने से स्कूलों की साफ-सफाई और रोजमर्रा की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एसोसिएशन का दावा है कि पिछले 18 साल से चतुर्थ श्रेणी प्यून के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। स्कूलों में चौकीदार के पद भी खाली हैं। कई स्कूलों में कमरों की कमी, एक ही कमरे में चल रही अलग-अलग व्यवस्था एसोसिएशन ने स्कूल भवनों की स्थिति सुधारने की भी मांग की है। उनका कहना है कि शासन की स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार ज्यादातर स्कूलों में प्राचार्य, स्टाफ, शिक्षक, लिपिक और प्रयोगशाला के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए। लेकिन कई स्कूलों में पर्याप्त भवन या कमरे नहीं हैं। कमरे कम होने के कारण कहीं प्राचार्य और लिपिक एक ही कमरे में बैठ रहे हैं तो कहीं प्राचार्य और स्टाफ के लिए एक ही कमरा इस्तेमाल हो रहा है। कुछ स्कूलों में प्रयोगशाला के कमरे में भी शिक्षक बैठ रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि जिन स्कूलों में भवन या कमरों की कमी है, वहां भी व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
राजस्थान के 309 शहरी निकायों के 10167 वार्डों पर दो फेज में हुए चुनावों का रिजल्ट कल आएगा। 38889 उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला होगा। सोमवार सुबह 8 बजे से निकायों में वोटों की गिनती शुरू होगी। दोपहर तक सभी निकायों के नतीजे आ जाएंगे। 309 निकायों में कहां किसका बोर्ड बनेगा इस पर तस्वीर साफ हो जाएगी। जयपुर सहित 10 नगर निगमों का रिजल्ट आएगा। दरअसल, शहरी निकायों में 9 और 11 सितंबर को दो फेज में वोटिंग हुई थी। पहले फेज में 162 शहरी निकायों में 76.41 फीसदी और दूसरे फेज के 147 निकायों में 71.69 फीसदी वोटिंग हुई थी। दोनों फेज को मिलाकर कुल 74.05 फीसदी वोटिंग हुई थी। कांग्रेस,बीजेपी के उम्मीदवार पहले से बाड़ेबंदी में, कल हारे हुए उम्मीदवार बाड़ेबंदी से फ्री वोटिंग के बाद से ही बीजेपी और कांग्रसे ने पार्षद उम्मीदवारों की अलग अलग जगहों पर बाड़ेबंदी कर रखी है। कल नतीजे आने के बाद जो उम्मीदवार हार जाएंगे उन्हें बाड़ेबंदी से फ्री कर दिया जाएगा। कल के बाद केवल जीते हुए उम्मीदवार ही बाड़ेबंदी में रखे जाएंगे। नतीजों के बाद मेयर, सभापति और चैयरमेन बनाने पर जोर आजमाइश नतीजों के बाद मेयर, सभापति और चैयरमेन बनाने पर जोर आजमाइश का दौर चलेगा। जहां पूरा बहुमत नहीं आएगा वहां जोड़ तोड़ चलेगा। 21 सितंबर को मेयर, सभापति और नगरपालिका चैयरमेन के लिए वोटिंग होगी।
झज्जर जिले के गांव डीघल गांव में पिछले दिनों हत्या समेत कई अन्य आपराधिक वारदातों के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और अपराध पर नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। गांव में कई बार गोलियों की आवाज गूंजने और फाइनेंस का कारोबार अधिक होने के चलते पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी कड़ी में रविवार को पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद से गांव में सघन सर्च अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान डिघल चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव के विभिन्न घरों, दुकानों और संदिग्ध स्थानों की गहनता से जांच की। डॉग स्क्वाड की मदद से ऐसे स्थानों को भी खंगाला गया, जहां नशीले पदार्थ, अवैध हथियार या अन्य आपत्तिजनक सामान छिपाए जाने की आशंका हो सकती है। हत्या और अन्य वारदातों के बाद बढ़ाई निगरानी डिघल गांव में पिछले दिनों हत्या के अलावा अन्य आपराधिक घटनाएं भी सामने आई हैं। कई बार गोली चलने की घटनाओं के कारण गांव चर्चा में रहा है। इसके अलावा गांव में फाइनेंस का कारोबार भी बड़ी संख्या में होने के कारण पुलिस संवेदनशील गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही है। पुलिस का प्रयास है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। संदिग्ध स्थानों पर पुलिस की नजर सर्च अभियान के दौरान पुलिस टीम ने संवेदनशील और संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। पुलिस के अनुसार नशे के कारोबार, अवैध हथियार रखने वालों और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गांव में इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर रही है।
जैसलमेर के रामदेवरा में रविवार को (भादवा शुक्ल पक्ष की दूज पर) 642वें भादवा मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। सुबह 3 बजे ब्रह्ममुहूर्त में बाबा रामदेव की समाधि पर मंगला आरती हुई। सुबह 8 बजे स्वर्ण मुकुट धारण कराने के साथ मेले की शुरुआत की गई। 26 सितंबर तक चलने वाले मेले में करीब 50 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। मेले में राजस्थान के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, असम, बंगाल समेत अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। समाधि परिसर में आयोजित अभिषेक और पूजा-अर्चना में रामदेवरा गादीपति राव भोमसिंह तंवर, जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे, मेलाधिकारी और एसडीएम हीरसिंह चारण, रामदेवरा प्रशासक समंदर सिंह, पोकरण तहसीलदार प्रीतम सिंह मौजूद थे भादवा मेले की प्रशासनिक तैयारियां 15 दिन पहले 29 अगस्त से चल रही थी, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसकी शुरुआत दूज से मानी जाती है। सबसे पहले देखिए मेले से जुड़े PHOTOS…. 3 शिफ्ट में 150 पुजारी करवा रहे श्रद्धालुओं को दर्शन समिति के व्यवस्थापक कमल छंगाणी ने बताया- मंदिर में 150 पुजारी 3 शिफ्ट में श्रद्धालुओं को दर्शन करवा रहे हैं। वर्तमान में बाबा रामदेव समाधि पर सुबह 3 बजे अभिषेक आरती, छोटी आरती सुबह 6 बजे, भोग आरती 8 बजे, शाम 7.30 बजे बड़ी आरती और रात 9 बजे मंगल आरती की जाती है। आज 5 लाख लोगों के दर्शन करने का अनुमान है। भादवा महीने में अब तक 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं। श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित किया गया है। मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखने का इंतजाम किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन कर सकें। 1800 पुलिसकर्मी, 350 होमगार्ड, 620 सीसीटीवी से निगरानी एसपी अभिषेक शिवहरे- मेले में सुरक्षा के लिए समाधि समिति ने अपने स्तर पर भी व्यवस्था की है। समिति की ओर से मंदिर परिसर में 220 सीसीटीवी कैमरे लगाए है। साथ ही प्रशासन की ओर से 400 सीसीटीवी लगाए गए है। 200 होमगार्ड और 1800 पुलिसकर्मी लगाए है। इसके अलावा मंदिर समिति की तरफ से 150 निजी सुरक्षाकर्मी और 150 अतिरिक्त होमगार्ड मंदिर समिति की ओर से लगाए गए हैं। सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस की ओर से कतार व्यवस्था और भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया- मेले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए दो कंट्रोल रूम बनाए कैमरे रामदेवरा की सभी मुख्य सड़कों, चौराहों, लाइनों के पास लगाए गए है। इसके लिए वीआईपी रोड पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से पुलिस और प्रशासन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं मंदिर में लगे सीसीटीवी का कंट्रोल रूम मंदिर परिसर में ही बना हुआ है। पोकरण एसडीएम हीरसिंह चारण को मेलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। रामसरोवर तालाब पर मोटर बाइक के साथ एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। 7 सूचना केंद्रों पर 50 टीचर ड्यूटी दे रहे है। जो मेले में भटकने वाले लोगों को परिवार से मिलाने का काम कर रहे हैं। 9 जगह पार्किंग की व्यवस्था रामदेवरा मेले को लेकर पार्किंग का 72 लाख 75 हजार रुपए का टेंडर हुआ है। ये टेंडर बाड़मेर निवासी सुनील चौधरी के नाम पर हुआ है। पार्किंग के लिए रामदेवरा में 9 पॉइंट बनाए गए हैं। पार्किंग शुल्क के तौर पर बाइक, स्कूटी और थ्री व्हीलर टैक्सी से 30 रुपए, जीप, कार, ट्रैक्टर से 120 रुपए, मिनी बस और 21 सीट से बड़े वाहनों से 130 रुपए, ट्रक और बड़ी बसों से 200 रुपए पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है।
वाराणसी में गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) गंदे और दूषित पानी को वैज्ञानिक तरीकों से साफ कर पर्यावरण के अनुकूल बनाने की महत्वपूर्ण प्रणाली है। दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित जल को विभिन्न चरणों में उपचारित किया जाता है।उन्होंने बताया कि एसटीपी में सबसे पहले बार स्क्रीन के माध्यम से बड़े कचरे और ठोस पदार्थों को अलग किया जाता है। इसके बाद प्राथमिक निपटान टैंकों में भारी कणों को नीचे बैठाकर तथा तैरने वाले पदार्थों को हटाया जाता है। द्वितीयक उपचार में सूक्ष्मजीवों की मदद से जैविक गंदगी कम की जाती है। अंतिम चरण में सोडियम हाइपोक्लोराइट सहित अन्य प्रक्रियाओं से पानी का कीटाणुशोधन किया जाता है।राजेश शुक्ला के अनुसार, एसटीपी से जल प्रदूषण कम करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और पानी के पुन: उपयोग में मदद मिलती है। उपचारित गाद से खाद तथा जैविक पदार्थों से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी रहती हैं। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए आवश्यक हैं।
दूदू में शहरी सरकार के लिए मतदान के बाद अब सोमवार को मतगणना होगी। यह मतगणना दूदू के राजकीय आईटीआई कॉलेज में होगी। प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। दूदू नगर पालिका में पार्षद पद के लिए 9 सितंबर को मतदान हुआ था, जिसमें 89.16 प्रतिशत वोटर्स ने वोट डाले थे। मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे शुरू होगी और यह 3 राउंड में पूरी की जाएगी। अनुमान है कि सुबह 10 बजे तक स्थिति साफ हो जाएगी और सभी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। बता दें कि चेयरमैन का पद ओपन रखा गया है। मतगणना के बाद यह सामने आएगा कि इस बार किसकी शहरी सरकार बनेगी। देखना होगा कि भाजपा-कांग्रेस बोर्ड बना पाएंगे या उन्हें निर्दलीयों का साथ लेना पड़ेगा। पार्षदों की जीत-हार की स्थिति सोमवार दोपहर तक साफ हो जाएगी।
घर में रोज की तरह बातचीत चल रही थी। कहीं पति-पत्नी के बीच झगड़ा था, कहीं जमीन को लेकर परिवार में मनमुटाव था तो कहीं शराब पीने पर किसी ने डांट दिया। बाहर से देखने पर ये वही बातें थीं, जो अक्सर परिवारों में होती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछले करीब ढाई महीने में सामने आए कई हत्या के मामलों में यही छोटी-छोटी बातें इतनी बढ़ीं कि परिवार के ही एक सदस्य ने दूसरे की जान ले ली। कहीं बहू पर ससुर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा, कहीं दामाद ने ससुर को मार डाला और एक मामले में चाचा पर अपनी दो साल की भतीजी को जलते चूल्हे की आग में फेंक दिया। घटनाओं में पति-पत्नी, भाई-भाई, बेटा-माता-पिता, बहू-ससुर, सौतेली मां-बेटे, दामाद-ससुर और चाचा-भतीजी जैसे रिश्ते हत्या के मामलों में सामने आए। वजहें भी अलग-अलग थीं। कहीं जमीन और पैसे का विवाद था, कहीं शराब को लेकर झगड़ा, कहीं पति-पत्नी के बीच शक था और कहीं डांटने जैसी बात के बाद मामला इतना बढ़ा कि जान चली गई। आखिर क्यों घर के विवाद रिश्तों के कत्ल तक पहुंचे? 75 दिनों में सामने आए 16 मामलों की पूरी कहानी पढ़िए:- जशपुर में बहू ने ससुर की हत्या की साजिश रची जुलाई की शुरुआत जशपुर के एक मामले से हुई। दुलदुला इलाके में 70 साल के बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी बहू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में बहू पर अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। बुजुर्ग के हाथ-पैर बांधे गए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था। वारदात को लूट का रूप देने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामला सुलझाने का दावा किया। इसी जुलाई में एक और मामले में रिश्ते की तस्वीर कुछ अलग थी। रायगढ़ में एक बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। इस मामले में विवाद जमीन को लेकर था। पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों ने घर में घुसकर बुजुर्ग की हत्या की, उसकी पत्नी को भी मार दिया और सबूत मिटाने के लिए घर और शवों को आग लगा दी। कबीरधाम में पत्नी और चचेरे भाई पर पति की हत्या का आरोप 26 जुलाई को कबीरधाम के सहसपुर लोहारा इलाके में महेश साहू का शव सड़क किनारे मिला। सिर, हाथ और पैरों पर चोट के निशान थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला परिवार तक पहुंचा। पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी नीता साहू और उसके चचेरे भाई ओदराम साहू ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि पति के शराब पीने और आए दिन होने वाले घरेलू विवाद से पत्नी परेशान थी। पुलिस के अनुसार दोनों ने पत्थर से सिर पर वार किया और फिर शव को सड़क किनारे इस तरह छोड़ दिया कि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल पत्थर और दूसरे सामान बरामद करने का दावा किया। यहां रिश्ते की एक और परत सामने आती है। जिस व्यक्ति के साथ शादी के बाद घर बसाया, उसी की हत्या के आरोप में पत्नी का नाम आया और उसके साथ उसका अपना चचेरा भाई भी आरोपी बना। सौतेली मां से विवाद हुआ, बेटे ने लकड़ी से हमला कर दिया अगस्त में सक्ती का मामला सामने आया। यहां 38 साल के अनिल कुमार पर अपनी सौतेली मां कौशिल्या सिदार की हत्या का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच छोटी-छोटी घरेलू बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। 10 अगस्त की शाम भी घर में किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। पुलिस के अनुसार नशे की हालत में अनिल ने घर में रखी लाठी से सौतेली मां पर हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हुई और उसकी मौत हो गई। आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अंबिकापुर में पत्नी पर शक, दो लोगों की मौत अगस्त में अंबिकापुर के बिसरपानी दारापारा में भी पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक पत्नी के चरित्र पर शक को लेकर विवाद हुआ। आरोपी पति पर पत्नी और एक अन्य युवक पर फावड़े से हमला करने का आरोप लगा। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पति को गिरफ्तार किया। यहां विवाद की शुरुआत पति-पत्नी के बीच शक से हुई, लेकिन मामला दो लोगों की मौत तक पहुंच गया। कोरबा में सिर्फ डांट से नाराज होकर मौसी की हत्या 31 अगस्त को कोरबा के बांकी मोंगरा इलाके में सामने आया मामला इससे अलग था। यहां शराब के नशे में घर लौटे युवक को उसकी मौसी ने डांटा। पुलिस के मुताबिक युवक को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने लकड़ी से मौसी के सिर पर कई वार कर दिए। महिला की मौत हो गई। इस मामले की रिपोर्टों में बताया गया कि मामूली डांट के बाद विवाद बढ़ा और आरोपी ने अपनी ही मौसी पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। एक ही परिवार के रिश्ते में यहां कोई जमीन का बड़ा विवाद नहीं था। बात सिर्फ डांटने से शुरू हुई और हत्या तक पहुंच गई। रायपुर में दामाद ने ससुर की हत्या की सितंबर की शुरुआत में रायपुर के धरसीवां का मामला सामने आया। यहां दामाद हेमराज निषाद पर अपने ससुर मोहन निषाद की हत्या का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक जमीन बेचने से मिली करीब एक करोड़ रुपए की रकम को लेकर विवाद था। 3 सितंबर की रात ससुर ने दामाद को पार्टी के लिए बुलाया था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान विवाद हुआ और दामाद ने ससुर की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। 4 सितंबर की रात पुलिस गश्त के दौरान एक वाहन को रोकने की कोशिश में मामला खुला। पुलिस ने दामाद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में रिश्ता था दामाद और ससुर का, और विवाद जमीन की रकम का। धमतरी में शक ने पति-पत्नी के रिश्ते को खत्म कर दिया धमतरी के सुपेला इलाके में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा सितंबर में हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस को हत्या का शक हुआ। जांच में पति पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक पत्नी के मोबाइल पर किसी से बात करने को लेकर पति को शक था। विवाद के बाद उसने रस्सी से गला घोंट दिया और फिर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। यहां भी शुरुआत घर के अंदर के विवाद से हुई और बाद में पति पर हत्या और सबूत छिपाने की कोशिश का आरोप लगा। 9 सितंबर को कोरबा में घर बनाने की बात पर पत्नी की हत्या कोरबा के पाली इलाके में 9 सितंबर को पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, घर बनाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान पति ने सीमेंट के डंबल से पत्नी पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक तरफ जमीन बेचने की रकम को लेकर दामाद-ससुर के बीच विवाद हत्या तक पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ घर बनाने जैसी घरेलू बात पर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद जानलेवा हो गया। अब रिश्ते की कड़ी में चाचा-भतीजी भी 10 सितंबर को बिलासपुर से आया मामला इस पूरी कड़ी को और बड़ा करता है। यहां दो साल की बच्ची की मौत के मामले में उसके चाचा नितिन कुमार लोनिया पर गंभीर आरोप लगा। रिपोर्ट के मुताबिक पारिवारिक विवाद के दौरान चाचा ने बच्ची को जलते लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया। बच्ची गंभीर रूप से झुलसी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। यह मामला पति-पत्नी या भाई-भाई के झगड़े से अलग है। यहां परिवार के दो बड़ों के बीच विवाद की कीमत एक दो साल की बच्ची को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। रिश्ते अलग, विवाद की वजहें भी अलग जुलाई से 10 सितंबर तक सामने आए इन मामलों को देखें तो एक ही तरह की वजह हर जगह नहीं थी। कहीं जमीन और संपत्ति का विवाद था। रायगढ़ में जमीन की पुरानी रंजिश का मामला सामने आया, जबकि रायपुर में जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर दामाद पर ससुर की हत्या का आरोप लगा। कहीं शराब विवाद की वजह बनी। कबीरधाम में पति के शराब पीने और घरेलू झगड़े का जिक्र पुलिस की जांच में आया। सक्ती में भी सौतेली मां और बेटे के बीच विवाद के दौरान आरोपी के नशे में होने की बात सामने आई। कोरबा में मौसी की डांट से नाराज भतीजे पर हत्या का आरोप लगा। कुछ मामलों में हत्या की वजह शक भी सामने आया। अंबिकापुर में पत्नी के चरित्र पर शक और धमतरी में पति के मोबाइल पर बात करने को लेकर शक की बात पुलिस जांच में सामने आई। वहीं, कुछ मामलों में विवाद की शुरुआत बेहद छोटी बातों से हुई। कहीं घर के विवाद, कहीं डांट-फटकार तो कहीं घर बनाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा हत्या तक पहुंच गया। हत्या के बाद कहानी बदलने की कोशिश भी इन मामलों में सिर्फ हत्या तक बात नहीं रुकी। कुछ मामलों में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वारदात को दूसरी घटना दिखाने की कोशिश भी की। कबीरधाम में शव को सड़क किनारे छोड़कर सड़क हादसा दिखाने की कोशिश का आरोप लगा। धमतरी में हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगा। रायपुर में ससुर की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गश्त के दौरान मामला खुल गया। जशपुर में भी हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश का जिक्र पुलिस की जांच में सामने आया। रिश्ते बचे रहे, लेकिन भरोसा नहीं इन घटनाओं में कोई एक रिश्ता नहीं है। पति-पत्नी हैं, भाई हैं, सौतेले रिश्ते हैं, बहू-ससुर हैं, दामाद-ससुर हैं, मौसी-भतीजा हैं और अब चाचा-भतीजी का मामला भी सामने आया है। किसी मामले में वजह जमीन थी, किसी में पैसा, किसी में शराब, किसी में शक और किसी में घर की छोटी-सी बात। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए मामलों में एक बात समान दिखती है। घटना के आरोपी और मृतक के बीच पहले से कोई न कोई पारिवारिक रिश्ता था। यही वजह है कि जुलाई से 10 सितंबर तक सामने आए इन मामलों की सूची में बाहर के दुश्मन से ज्यादा अपने ही रिश्तों के नाम दिखाई देते हैं। हालांकि इन मामलों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ में हत्या के ज्यादातर मामलों में रिश्तेदार ही आरोपी हैं। इसके लिए राज्य में दर्ज कुल हत्या के मामलों और उनमें पारिवारिक आरोपियों का आधिकारिक पुलिस आंकड़ा जरूरी होगा। अभी न्यूज रिपोर्टों में सामने आए मामलों की तस्वीर यही बताती है कि इस अवधि में परिवार के भीतर के विवाद कई बार हत्या तक पहुंचे। ……………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 2 साल की भतीजी को जलते चूल्हे में डाला, मौत:बिलासपुर में भाभी को लेकर भागा देवर, लौटने के बाद विवाद में जिंदा जलाया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पारिवारिक विवाद के दौरान चाचा ने अपनी 2 साल की भतीजी को जलते लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया। बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी बीमारी की खबरों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। मायावती के मुताबिक, पार्टी से निकाले गए लोग पिछले एक-दो दिनों से यह भ्रम फैला रहे हैं कि बहनजी बीमार हैं, इसलिए वह मीडिया में न आकर बड़े मामलों पर भी सीधे X पर जानकारी दे रही हैं। उन्होंने कहा- इसका सबूत है कि पार्टी के आलोक कुमार के पास कल रात 10:04 बजे आकाश आनंद का फोन आया। उन्होंने पूछा- बहनजी बीमार हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है? आलोक कुमार ने कहा- वह बिल्कुल ठीक हैं। अपने काम में लगी हुई हैं। इस पर आकाश ने कहा- मेरी यह बात बहनजी को मत बताना और फोन रख दिया। यह गंभीरता से सोचने की बात है। मायावती ने कहा- उनकी यह मानसिकता सही भी हो सकती है और गलत भी। क्योंकि अभी भी वह अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहे हैं। आकाश अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हो पाए हैं, इसीलिए उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया। दरअसल, मायावती 3 सितंबर को लखनऊ में सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं। देशभर के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसके बाद से वह X पर ट्वीट कर फैसलों की जानकारी दे रही हैं। चार दिन पहले उन्होंने आकाश को पार्टी में पद वापस देने के लिए उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की शर्त रखी थी। इसके 17 घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसके बाद मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया। शनिवार को उन्होंने X पर ही कहा- भविष्य में पार्टी की जिम्मेदारी आकाश की बहन दीपिका आनंद को सौंपी जा सकती है। मायावती 2 बड़ी बातें पढ़िए 1- चीन के साथ सीमा विवाद जल्द सुलझना चाहिए मायावती ने कहा कि दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन में 140 पैराग्राफ का घोषणा पत्र सभी देशों की सहमति से जारी हुआ। यह बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है। कई देश इस समय युद्ध, तनाव और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में BRICS देशों का एक साथ आना आपसी सहयोग और समझ को दिखाता है। BRICS देशों के बीच आर्थिक रिश्ते मजबूत करने की कोशिश भी उम्मीद जगाती है। BRICS करेंसी बनाने की दिशा में कदम भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि चीन के साथ मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने की कोशिशों का क्या नतीजा निकलता है, यह आने वाला समय बताएगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जल्द से जल्द सुलझना चाहिए। 2- 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार विचार करे मायावती ने लखनऊ के इको गार्डन में आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने और संविदा के बजाय स्थायी करने की मांग को लेकर करीब 58 हजार पंचायत सहायक पिछले कुछ दिनों से राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार को उनकी जायज मांगों पर विचार करना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है….
वाराणसी के जगतपुर महाविद्यालय में 2 यूपी ईएमई कंपनी एनसीसी के अधीन सत्र 2026-27 के लिए एनसीसी की नई भर्ती अक्टूबर माह में आयोजित की जाएगी। महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में भर्ती को लेकर छात्र-छात्राओं की तैयारी शुरू कर दी गई है। लेफ्टिनेंट डॉ. सिंह ने बताया कि इच्छुक छात्र-छात्राएं अभी से शारीरिक दक्षता, दौड़ और लिखित परीक्षा की तैयारी करें। एनसीसी से जुड़ने पर छात्रों को अनुशासन, व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ 'बी' एवं 'सी' सर्टिफिकेट के माध्यम से सेना व अन्य सरकारी नौकरियों में विशेष लाभ मिलता है। भर्ती की तिथि एवं पात्रता संबंधी विस्तृत सूचना शीघ्र ही महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी।
गोरखपुर में रविवार को सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महत्वपूर्ण परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेता स्वातंत्र देव सिंह के नेतृत्व में संगठन और आगामी कार्यक्रमों को लेकर गहन मंथन हुआ। बैठक का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित होने वाले “सेवा पखवाड़ा” को प्रभावी और व्यापक बनाने पर रहा। इस दौरान नेताओं ने साफ कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के बीच सेवा और समर्पण का संदेश पहुंचाने का बड़ा अवसर है। 17 सितंबर से होगा सेवा का महाअभियान बैठक में तय किया गया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे जिले में “सेवा पखवाड़ा” के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच कैंप, वृक्षारोपण, गरीब एवं जरूरतमंदों को सहायता सामग्री वितरण, जल संरक्षण जागरूकता, तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देने जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। नेताओं ने निर्देश दिया कि हर कार्यक्रम का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे और इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। हर कार्यक्रम की माइक्रो प्लानिंग बैठक में सेवा पखवाड़ा के प्रत्येक कार्यक्रम को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। किस दिन कौन-सा आयोजन होगा, किस मंडल व बूथ स्तर के कार्यकर्ता को क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, और किस तरह से कार्यक्रमों की निगरानी की जाएगी-इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। स्वातंत्र देव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर कार्यकर्ता अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाए और कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने में कोई कमी न छोड़े। उन्होंने कहा कि “सेवा ही संगठन की पहचान है और इसी भावना के साथ हमें जनता के बीच जाना है।”
फतेहपुर के खागा कोतवाली के उमरा गांव में युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से बीमार चल रहे रामचंद्र की जान तांत्रिक के झाड़-फूंक करने के दौरान चली गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तांत्रिक सर्वेश ओझा को हिरासत में ले लिया। रामचंद्र पुत्र सकतू कई दिनों से बीमार था। परिजनों के मुताबिक, उसका कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद रामचंद्र ने सर्वेश ओझा पुत्र प्रेमचंद्र सोनी से संपर्क किया। परिजनों का कहना है कि सर्वेश ने उसे झाड़-फूंक के जरिए ठीक करने की गारंटी दी थी। 12 सितंबर को सर्वेश ने रामचंद्र की झाड़-फूंक शुरू की। रात में वह अपने घर चला गया, लेकिन करीब 12 बजे रामचंद्र की तबीयत दोबारा बिगड़ गई। इसके बाद तांत्रिक फिर घर पहुंचा और सुबह तक झाड़-फूंक करता रहा। आखिर में उसने परिजनों से कहा कि रामचंद्र के दिमाग की नस फट गई है। इसके कुछ ही देर बाद रामचंद्र की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर तांत्रिक को दोबारा बुलाया परिजनों के मुताबिक, 12 सितंबर को दिन में सर्वेश ओझा ने रामचंद्र की झाड़-फूंक शुरू की थी। रात में वह घर चला गया था। देर रात करीब 12 बजे रामचंद्र की हालत फिर बिगड़ने पर उसे दोबारा बुलाया गया। इसके बाद वह सुबह तक झाड़-फूंक करता रहा। सुबह उसने रामचंद्र के दिमाग की नस फटने की बात कही। इसके तुरंत बाद रामचंद्र की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने तांत्रिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने तांत्रिक को हिरासत में लिया युवक की मौत और हंगामे की सूचना पर खागा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सर्वेश ओझा को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विधायक के आने तक शव न उठाने की जिद रामचंद्र के परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि जब तक खागा विधायक एवं राज्यमंत्री कृष्णा पासवान मौके पर नहीं आतीं, तब तक वे शव नहीं उठने देंगे। हंगामे की आशंका को देखते हुए तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। खबर लिखे जाने तक गांव में स्थिति शांत बनी हुई थी। परिवार में 18 साल की बेटी और दो नाबालिग बेटे रामचंद्र के परिवार में 18 साल की एक बेटी और 15 व 13 साल के दो बेटे हैं। परिजनों के मुताबिक, रामचंद्र के पास खेती की जमीन भी नहीं थी। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अब परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पानीपत जिले के इसराना थाना क्षेत्र के चमराडा गांव में शराब के नशे में दो दोस्तों ने अपने एक साथी को बुरी तरह पीटा। गाली-गलौज के बाद हुई मारपीट में युवक घायल हो गया। उसे पानीपत सिविल अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायल युवक ने मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना 11 सितंबर की रात करीब 9 बजे हुई। चमराडा गांव का रहने वाला जसमेर (राम दिया का बेटा) गली से जा रहा था। तभी उसे गांव के ही सोनू (जय भगवान का बेटा) और सुरेश (मीणा का बेटा) मिले। दोनों ने जसमेर से शराब पीने के लिए साथ चलने को कहा। जसमेर ने पहले तो मना किया, लेकिन उनके जोर देने पर वह उनके साथ चला गया। तीनों एक ठेके पर पहुंचे और वहां खूब शराब पी। शराब पीने के बाद वे घर की तरफ चलने लगे। रास्ते में तीनों आपस में गाली-गलौज करने लगे। मारने की धमकी देकर आरोपी फरार जसमेर ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने भी नशे में उन्हें गाली दे दी थी। इसके बाद सोनू और सुरेश ने मिलकर उसे गली में बुरी तरह पीटा। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा होने लगे। लोगों को आता देख सोनू और सुरेश जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गए। लोगों ने सिविल अस्पताल पहुंचाया जसमेर ने 112 नंबर पर फोन किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से जसमेर को पानीपत सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी मिल गई। जसमेर ने इसराना थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी और दोनों दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वाराणसी के विकास इंटर कालेज की फ़ुटबाल टीम आज दिल्ली के लिए रवाना होगी। टीम दिल्ली में आयोजित 65वें सुब्रतो इंटरनेशनल फुटबाल टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी। अंडर-17 वर्ग की इस प्रतियोगिता का शुभारंभ 15 सितंबर को दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम होगा। इसके पहले विकास इंटर कालेज में 15 दिन का यूपी टीम का ट्रेनिंग शिविर लगाया गया। जिसमें खिलाड़ियों ने खेल में फुटबाल की पासिंग, पेनाल्टी कार्नर, कार्नर और चिप शॉट से पेनाल्टी का गुर कोच इंटरनेशनल प्लेयर राशीद अनवर से सीखा। शिविर में खिलाड़ियों को कोच रशीद अनवर ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान खिलाड़ियों की तकनीक, पासिंग, गोल करने की क्षमता, फिटनेस और मैच की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। चिप शॉट से थ्रू पास तक पर जोर प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को मैच की छोटी-छोटी बारीकियों से रूबरू कराया गया। कोच राशिद अनवर ने बताया - विपक्षी खिलाड़ी को चकमा देकर चिप शॉट कब और किस स्थिति में लगाना है। इसका विशेष अभ्यास कराया गया। इसके अलावा साइड पास और थ्रू पास के दौरान गेंद की गति, दिशा और समय का ध्यान रखने की तकनीक भी सिखाई गई। पेनाल्टी पर विशेष ध्यान कोच ने बताया - मैच के दौरान अगर मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है। तो पेनल्टी शूटआउट भी निर्णायक हो सकता है। इसे देखते हुए खिलाड़ियों को पेनल्टी शूट लेने की तकनीक के साथ मानसिक रूप से दबाव संभालने का भी अभ्यास कराया गया। टीम प्रबंधन ने संभावित पेनल्टी शूटआउट के लिए खिलाड़ियों की भूमिका और क्रम पर भी तैयारी की है। वाराणसी के खिलाड़ियों पर नजर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने से टीम के खिलाड़ियों में खासा उत्साह है। 15 दिन के शिविर के दौरान खिलाड़ियों ने कठिन अभ्यास के साथ टीम गेम पर भी विशेष ध्यान दिया। अब टीम दिल्ली में अपने प्रदर्शन को लेकर तैयार है। विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि टीम ने प्रतियोगिता के लिए पूरी मेहनत की है। हमारा प्रयास है कि खिलाड़ी दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और उत्तर प्रदेश के साथ वाराणसी का नाम भी रोशन करें।
करनाल के सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने का आरोप लगाया है। मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल के मोर्चरी हाउस भेजा। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 12 सितंबर सुबह अस्पताल में कराया था भर्तीमृतका की पहचान 30 वर्षीय मनिका के रूप में हुई है। वह कुंजपुरा थाना क्षेत्र के गांव कुंडाकलां की रहने वाली थी। मृतका के परिजन गोविंद सिंह ने बताया कि मनिका गर्भवती थी और डिलीवरी का समय आने पर 12 सितंबर सुबह करीब 7 बजे उसे कुंजपुरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से करीब डेढ़ बजे उसे करनाल के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। ऑपरेशन से बेटे को दिया जन्म, परिवार में थी खुशीगोविंद सिंह के अनुसार, करनाल अस्पताल में करीब साढ़े 5 बजे मनिका ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। मनिका की पहले से 4 साल की बेटी भी है। बेटे के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। करीब साढ़े 8 बजे उसे आईसीयू में दाखिल किया गया, जहां इलाज शुरू होने के बाद उसका दर्द कुछ ठीक होने लगा। खून चढ़ाने के कुछ मिनट बाद बिगड़ी हालतपरिजन के मुताबिक, मनिका का गला काफी सूख रहा था, इसलिए उसे ढक्कन भर पानी पिलाया गया। इसके बाद उसका ब्लड सैंपल लेकर लैब भेजा गया। रात करीब 3 बजे उसे ब्लड चढ़ाया गया। गोविंद सिंह का आरोप है कि खून चढ़ने के 5 से 7 मिनट बाद ही मनिका को तेज खुजली होने लगी। वह बेचैन होकर तड़पने लगी। परिजनों ने नर्स से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन उनके अनुसार डॉक्टर करीब साढ़े 5 बजे पहुंचा। तब तक मनिका की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कीगोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि मनिका को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाया गया और ब्लड चढ़ाते समय डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि इमरजेंसी में डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं था और डॉक्टर कहां था। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को मौके पर बुलाया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के खटकरा (मैली) गांव में बीते गुरुवार को गोकशी की सूचना मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गांव के बाहर एक छप्पर से हड्डी और मांस के टुकड़े मिलने की सूचना पर एडिशनल एसपी, एसडीएम और सीओ धनघटा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। रात में अचानक गायब हो गया बछड़ा खटकरा (मैली) निवासी अजय चौहान ने गांव के बाहर छप्पर बना रखा है, जहां वह पशु पालते हैं। पालतू पशुओं की रखवाली के लिए रात में अजय की दादी और बहन वहीं रहती हैं। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात छप्पर से उनका एक बछड़ा अचानक गायब हो गया। सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बछड़े का पता नहीं चल सका। मोबाइल चार्ज करने गई बहन ने देखा मांस गुरुवार सुबह अजय की बहन पास में जहूर पुत्र गेना के घर मोबाइल चार्ज करने गई थी। वहां घर के अंदर हड्डी और मांस के टुकड़े दिखाई देने पर उसे शक हुआ। उसने तत्काल इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाके में फैल गई। एक आरोपी हिरासत में, दो फरार धनघटा पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया था, जबकि दो अन्य आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बरामद हड्डी और मांस के टुकड़े किस पशु के हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने बरामद सामग्री को परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और अग्रिम कार्रवाई में जुटी थी। पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई वहीं, इस मामले में पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई। संतकबीरनगर में एसपी संदीप कुमार मीना ने गोवध की घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और ड्यूटी में लापरवाही की जांच की गई। शुरुआती जांच में कर्तव्य के प्रति लापरवाही पाए जाने पर उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव और आरक्षी प्रवीण कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
आजमगढ़ में रविवार को तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में चार युवक गंभीर घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो का इलाज चल रहा है। हादसा बिलरियागंज क्षेत्र में हुआ। पल्सर और ग्लैमर बाइक की जोरदार टक्कर के बाद दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़क पर काफी दूर तक खून बिखर गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों और घायलों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। दोनों बाइक को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया गया है। पहचान के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
फरीदाबाद के सेक्टर-10 स्थित टीसीसी शिव मंदिर में चोरों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। रात के अंधेरे में मंदिर में घुसे चोर पांच दानपात्र तोड़कर उनमें रखी करीब 50 से 60 हजार रुपये की दान राशि लेकर फरार हो गए। मंदिर कमेटी के अनुसार मंदिर में चोरी की यह चौथी वारदात है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से कमेटी के सदस्यों में नाराजगी है। दानपात्र टूटे मिले, रकम गायब थी मंदिर कमेटी के सदस्य राम रूप आर्य ने बताया कि चोरी रात करीब 12 बजे से सुबह चार बजे के बीच हुई। सुबह करीब पांच बजे मंदिर के पुजारी राधिका प्रसाद मिश्रा पहुंचे तो पांचों दानपात्र टूटे हुए मिले। दानपात्रों में रखी दान राशि गायब थी। इसके बाद मंदिर कमेटी को सूचना दी गई। फैन लगाने के लिए छोड़ी जगह से घुसा चोर जांच में सामने आया कि चोर मंदिर के पीछे बने गेट के ऊपर एडजस्ट फैन लगाने के लिए छोड़े गए रास्ते की खिड़की तोड़कर अंदर दाखिल हुआ था। इसके बाद उसने मंदिर में रखे पांचों दानपात्र तोड़े और उनमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया। जुलाई में भी हुई थी चोरी मंदिर कमेटी के अनुसार इससे पहले जुलाई में भी मंदिर में चोरी हुई थी। उस समय भी चोर दानपात्र तोड़कर श्रद्धालुओं की दान राशि ले गया था। इसके अलावा मंदिर से भगवान के वस्त्र और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। कमेटी का कहना है कि बार-बार मंदिर को निशाना बनाए जाने से श्रद्धालुओं और सदस्यों में रोष है। पुलिस और क्राइम ब्रांच कर रही जांच राम रूप आर्य ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामला क्राइम ब्रांच को भी सौंपा गया है। पुलिस ने जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। मंदिर कमेटी ने पुलिस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के साथ मंदिर के आसपास रात में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। सेंट्रल थाना प्रभारी सतबीर सिंह के मुताबिक पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक्सयूवी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा भवानीगंज में लालता प्रसाद स्कूल के पास हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उत्तम कुमार साहू (30) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक वाहन लेकर फरार हो गया। रविवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। उत्तम बीघापुर थाना क्षेत्र के बाबूखेड़ा गांव निवासी दिनेश कुमार साहू के बेटे थे। वह लखनऊ में एफडीसी एमआर के तौर पर काम करते थे। शनिवार शाम वह बाइक से लखनऊ से घर लौट रहे थे। इसी दौरान करीब 7 बजे उनकी बाइक को एक्सयूवी ने टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने वाहन का नंबर यूपी 32 एमएल 4741 बताया है। लखनऊ से घर लौटते समय हुआ हादसा उत्तम शनिवार शाम लखनऊ से बाइक लेकर घर के लिए निकले थे। भवानीगंज में लालता प्रसाद स्कूल के पास पहुंचते ही एक्सयूवी ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार के लोग घटनास्थल पहुंचे। कार चालक गाड़ी लेकर भागा परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद एक्सयूवी चालक रुका नहीं और वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। लोगों ने कार का नंबर यूपी 32 एमएल 4741 बताया। उत्तम के कजिन सुरेंद्र ने पुलिस से चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जानकारी जुटाने पर वाहन के कई ओवरस्पीडिंग चालान होने की बात सामने आई है। अगले साल मार्च में होनी थी शादी उत्तम तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके एक बड़ा भाई और एक बहन हैं। परिवार के मुताबिक, अगले साल मार्च में खेरवा गांव में उनकी शादी तय थी। परिवार शादी की तैयारियों को लेकर खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन हादसे की खबर से घर में मातम छा गया। माता-पिता समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद कार्रवाई में जुटी पुलिस पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रविवार सुबह से परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने लगे। पुलिस के मुताबिक, तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक की तलाश के साथ हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
हरियाणा के हांसी जिले के गांव खांडा खेड़ी में जींद-भिवानी रोड पर बालाजी हार्डवेयर एवं सेनेटरी स्टोर में शनिवार रात आग लग गई। आग तेजी से फैली और पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस घटना में दुकान में रखा बिजली, हार्डवेयर और सेनेटरी का लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। शनिवार रात ड्यूटी से लौट रहे गांव के एक कर्मचारी ने दुकान से धुआं उठता देखा। उसने तुरंत दुकान मालिक सतीश वर्मा को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद डायल-112 पर भी सूचना दी गई। खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। हालांकि, आग इतनी फैल चुकी थी कि शुरुआती कोशिशों में उस पर काबू नहीं पाया जा सका। बाद में दो फायर गाड़ियों ने काफी कोशिश के बाद आग पर काबू पाया। देर रात आग लगने की मिली सूचना दुकान मालिक सतीश वर्मा ने बताया कि वह खांडा खेड़ी के ही रहने वाले हैं। वे काफी समय से हार्डवेयर और सेनेटरी की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। शनिवार रात करीब 11 बजे उन्हें फोन पर दुकान में आग लगने और धुआं उठने की खबर मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग पूरी दुकान में फैल चुकी थी। सेनेटरी का सारा सामान जलकर राख सतीश वर्मा के मुताबिक, आग बुझने तक दुकान में रखा बिजली, हार्डवेयर और सेनेटरी का सारा सामान जलकर राख हो गया था। उन्होंने बताया कि जले हुए सामान की कीमत लाखों रुपए थी। इस आग से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। उनकी दुकान ही परिवार की आय का मुख्य जरिया थी, इसलिए घटना के बाद परिवार के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।
नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए रविवार तड़के बीकानेर में हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। बीकानेर रन क्लब की ओर से आयोजित इस रन में शहर के बड़ी संख्या में युवाओं के साथ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भी हिस्सा लिया। बीकानेर पुलिस ने आयोजन को सहयोग दिया। ये हॉफ मैराथन थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग ढाई किलोमीटर, पांच किलोमीटर और टारगेट प्वाइंट पर दस किलोमीटर तक दौड़े। सुबह करीब 5 बजे से जूनागढ़ में युवा जुटने लगे थे। इस रन को ‘BAD Run’ नाम दिया गया, जिसका आशय ‘Bikaner Against Drugs’ है। नशे के खिलाफ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत आमजन और खासकर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के लिए इस बार रन का आयोजन किया गया। एसपी खुद सुबह 5 बजे पहुंचे जूनागढ़ पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा स्वयं सुबह करीब 5 बजे जूनागढ़ पहुंच गए। उनकी मौजूदगी और पहल से बड़ी संख्या में युवा और पुलिस अधिकारी रन में शामिल हुए। एसपी के साथ सीओ सिटी अनुज डाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी दौड़े। रन के दौरान युवाओं और पुलिस अधिकारियों ने करीब 21 किलोमीटर के सफर में दौड़ लगाई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ उन्हें फिटनेस और खेल गतिविधियों से जोड़ना रहा। हर रविवार रन करता है बीकानेर रन क्लब बीकानेर रन क्लब के फाउंडर इशान शर्मा ने बताया- क्लब की ओर से हर रविवार इस तरह का रन आयोजित किया जाता है। इस रविवार की रन को नशे के खिलाफ जागरूकता के संदेश के लिए समर्पित किया गया था। उन्होंने बताया कि रन में बीकानेर के युवाओं के साथ पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, सीओ सिटी अनुज डाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों और युवाओं की एक साथ भागीदारी से नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया। ये रहा रूट इशान ने बताया- मैराथन का रूट जूनागढ़ से शुरू हुआ और कोटगेट, गोगागेट, रानी बाजार पुल, मेडिकल कॉलेज सर्किल, नागणेचीजी मंदिर, बाइपास रोड, शिव बाड़ी मंदिर, चलाना अस्पताल, जयपुर रोड, गंगा म्यूजियम, दीनदयाल सर्किल, गंगानगर सर्किल से होते हुए वापस जूनागढ़ पहुंचे। ये करीब दस किलोमीटर का रन था, जिसमें गोगागेट पर ढाई किलोमीटर का रन पुरा हुआ। नीलकंठ अभियान से जुड़ा आयोजन एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि यह हाफ मैराथन इवेंट था, जिसमें बीकानेर के युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। नशे के खिलाफ पुलिस के नीलकंठ अभियान के तहत आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से इस दौड़ का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है। खेल और फिटनेस जैसी गतिविधियों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा सकता है।
कोटा नगर निगम के 100 वार्डों से चुनाव लड़ रहे 373 प्रत्याशियों का भाग्य सोमवार को तय हो जाएगा। सुबह 8 बजे से जेडीबी कॉलेज में कांउटिंग शुरू हो जाएगी। काउंटिंग को लेकर प्रशासन की तरफ से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, दूसरी तरफ दोनों पार्टियों ने बाड़ेबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। इधर, पार्टीयों की नजर भी अब रिजल्ट पर टिकी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश जोशी ने बताया कि दोपहर एक बजे तक सभी वार्डों के नतीजे घोषित हो जाएंगे। काउंटिंग शुरू होने के दो से तीन घंटे बाद रूझान क्लियर होने लग जाएंगे। स्थिति साफ होने लगेगी। मतगणना के लिए जेडीबी कॉलेज में चार काउंटिंग हॉल बनाए गए हैं। हर हॉल में 14-14 टेबल लगाई गई है। इस तरह कुल 56 टेबलों पर मतगणना होगी। इसके लिए 56 काउंटिंग टीमें बनाई गई हैं। काउंटिंग टीमों का रेंडमाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। मतगणना की शुरुआत सबसे पहले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती से होगी। इसके बाद ईवीएम के मतों की गणना की जाएगी। सोमवार सुबह जेडीबी कॉलेज पहुंचने के बाद काउंटिंग टीमों को बताया जाएगा कि किस कर्मचारी की ड्यूटी किस टेबल पर रहेगी। कोटा में इस बार निगम चुनाव में 67.66% मतदान हुआ। जेडीबी कॉलेज में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए है। एंट्री केवल पास धारकों को मिलेगी। इसके अलावा कॉलेज के अंदर और बाहर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। कोटा में प्रत्याशियों को तैयार रहने के मिले निर्देश बीजेपी और कांग्रेस दोनों की नजर परिणामों पर टिकी है। दोनों पार्टियों ने बाड़ेबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्याशियों को अपना बैग तैयार रखने व अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रत्याशियों को कहा है कि वे बिना बताए इधर-उधर न जाएं और अपने नेताओं के लगातार संपर्क में रहें। प्रत्याशियों को मानसिक रूप से तैयार रहने और किसी भी समय बाड़ेबंदी के लिए निकलने का निर्देश दिया गया है। भाजपा ने भी अपने सभी 100 प्रत्याशियों को अलर्ट पर रखा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कभी भी फोन करके बुलाया जा सकता है, इसलिए वे चलने के लिए अपनी पूरी तैयारी रखें।भाजपा सभी 100 प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी एक साथ एक ही स्थान पर करने की योजना बना रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण की तर्ज पर बाड़ेबंदी भी विधानसभावार अलग-अलग समूहों में की जा सकती है। इन परिणामों पर टिकी है सबकी नजरकई वार्ड इसलिए हॉट बने हुए हैं क्योंकि वहां से चुनाव लड़ रहे चेहरे सीधे महापौर पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं। बीजेपी के वार्ड 98 में अनुसुइया गोस्वामी, वार्ड 64 में प्रतिभा सुमन, वार्ड 83 में सीमा चौधरी, वार्ड 87 में पुष्पा चौधरी और वार्ड 77 दीपा आर्य जैसे वार्डों से महापौर के दावेदार मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस से वार्ड 57 में पूर्व पार्षद अमोलक देवी, वार्ड 6 में पूर्व चेयरमैन आईना महक, वार्ड 2 में देवबाई गुर्जर, वार्ड 84 में सीमा यादव और वार्ड 71 में सविता सुवालका है। इसके अलावा वार्ड 88 कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष का टिकट काटकर नए चेहरे को दिया गया। वार्ड 91 में बीजेपी के गोपाल राम और कांग्रेस के संजय के बीच मुकाबला है। यहां कांग्रेस के विशाल मेवाडा का टिकट काटा गया था। जबकि गोपाल मंडा के लिए ये नया वार्ड है। ऐसे में इस परिणाम पर भी सबकी नजर है।
सलूंबर जिले में स्थानीय सार्वजनिक अवकाश की तारीख बदल दी गई है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है। पहले 21 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, सलूंबर जिले में 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी) को स्थानीय सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। यह आदेश राजस्थान जयपुर के सामान्य प्रशासन विभाग के जारी बयान के बाद आया था। राज्य निर्वाचन आयोग, जयपुर ने सितंबर 2026 में नगरीय निकायों के चुनाव तय किए हैं। इसी को देखते हुए इस अवकाश में थोड़ा बदलाव किया गया है। बदले हुए आदेश के मुताबिक, अब 14 सितंबर 2026, सोमवार (गणेश चतुर्थी) की जगह 25 सितंबर 2026, शुक्रवार (अनंत चतुर्दशी) को सलूंबर जिले में स्थानीय सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने सभी संबंधित विभागों और आम जनता से इस बदली हुई अवकाश तिथि का ध्यान रखने को कहा है।
सांभर लेक में जश्ने आमदे मुस्तफा कॉन्फ्रेंस:उलेमा और शायरों ने दिया इंसानियत और भाईचारे का पैगाम
सांभर लेक में शनिवार रात जश्ने आमदे मुस्तफा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। देर रात तक चली इस कॉन्फ्रेंस में देश के अलग-अलग हिस्सों से उलेमा-ए-किराम, मशायख, हाफिज, कारी और शायरे इस्लाम शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस को नेपाल से हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती लियाकत हुसैन, पाली से शायरे इस्लाम हजरत कारी शरीफ रजा, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से हजरत अल्लामा मौलाना कारी नासिर रजा चतुर्वेदी और अजमेर शरीफ से हजरत मौलाना अशरफ साहब सहित कई उलेमा ने संबोधित किया। नातख्वां मोहम्मद शरीफ पाली ने नात-ए-पाक पेश की। उलेमा-ए-किराम ने बताया कि हजरत मोहम्मद मुस्तफा की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए रहमत और मार्गदर्शन का पैगाम है। उनकी शिक्षाएं इंसान को सच्चाई, इंसाफ, सब्र, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद करने का रास्ता दिखाती हैं। मौलाना मुफ्ती लियाकत हुसैन ने नई पीढ़ी को हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शिक्षाओं से जोड़ने की बात कही। उन्होंने बच्चों और युवाओं को अच्छे व्यवहार, शिक्षा और इंसानियत के रास्ते पर आगे बढ़ने को कहा। कारी नासिर रजा चतुर्वेदी ने कहा कि नबी की शिक्षाओं को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। मौलाना अशरफ अजमेर शरीफ ने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा व अच्छे कामों की ओर बढ़ने की अपील की। मौलाना ताहिर रजा सांभर लेक ने इन आयोजनों को धर्म और बुजुर्गों की शिक्षाओं से जोड़ने वाला बताया। कार्यक्रम की शुरुआत सांभर लेक के हाफिज वसीम साहब की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके बाद नात-ए-पाक और तकरीरों का सिलसिला चला। किशनगढ़-अजमेर के कारी अब्दुल अलीम को 'बुलबुल-ए-बाग-ए-मदीना' के रूप में याद किया गया। अजमेर शरीफ के कारी बिसालुद्दीन हरमाड़ा ने सना-ख्वानी-ए-मुस्तफा पेश की। यह कार्यक्रम सांभर लेक के काजी-ए-शहर मौलाना फहीम उस्मानी की देखरेख में हुआ। सांभर लेक के इमाम दरगाह शरीफ हजरत अल्लामा मौलाना गयूरुल हसन उस्मानी और नरायना की जामा मस्जिद के इमाम हजरत अल्लामा मौलाना कारी आशिक अली ने इसे संरक्षण दिया। नावा तहसील के चीफ काजी और कुचामन सिटी के काजी-ए-शहर जनाब काजी गफ्फारुल हसन उस्मानी ने अध्यक्षता की। सांभर लेक दरगाह शरीफ के खादिम हाजी अल्ताफ हुसैन भी मौजूद थे।
मंडला के नाव घाट में मिला शख्स का शव:कोतवाली पुलिस ने निकाला शव; एक-दो दिन पुराने होने की आशंका
मंडला के नाव घाट क्षेत्र में रविवार को अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नाव की मदद से शव को बाहर निकाला और कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की उम्र करीब (40- 45) साल बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शव एक-दो दिन पुराना होने की आशंका है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के इलाके में जानकारी जुटा रही है और मृतक की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। शव मिलने की खबर के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। पहचान के बाद आगे की कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति मृतक को पहचानता हो या उसके बारे में कोई जानकारी रखता हो, तो तुरंत कोतवाली पुलिस से संपर्क कर सूचना दें। पहचान होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई साफ हो पाएगी।
देवरिया जिले में एक महिला से 40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सऐप कॉल पर महिला के परिजनों को आपराधिक मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। परिजनों के अनुसार, धमकी से डरी महिला ने घर में रखे अपने और परिवार के सदस्यों के गहने बेच दिए। इसके बाद ठगों के बताए क्यूआर कोड पर रकम ट्रांसफर कर दी। गहने गायब होने की जानकारी जब परिजनों को हुई, तब इस ठगी का खुलासा हुआ। महिला के पिता ने एसपी से शिकायत की है। मामले की जांच साइबर थाने को सौंपी गई है। सुरौली थाना क्षेत्र के अगया निवासी किशुन बहादुर गुप्ता ने एसपी को बताया कि उनकी बेटी गुड़िया की शादी जिले के दूसरे थाना क्षेत्र में हुई है। गुड़िया के पति विदेश में रहते हैं, इसलिए वह बच्चों की पढ़ाई के लिए मायके में रह रही थी। शिकायत के मुताबिक, अप्रैल में गुड़िया के मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वालों ने परिवार के सदस्यों को आपराधिक मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और इससे बचने के लिए पैसे मांगे। आरोप है कि डर के कारण गुड़िया ने इसकी जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं दी। उसने पहले अपने पास मौजूद रकम ठगों के बताए क्यूआर कोड पर भेजी। जब उससे और पैसे मांगे गए, तो उसने घर में रखे अपने और परिजनों के गहने शहर की तीन अलग-अलग दुकानों पर बेच दिए। आरोप है कि दुकानदारों से ही ठगों के बताए क्यूआर कोड में रकम ट्रांसफर कराई गई। परिजनों को जब गहने नहीं मिले, तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। पूछताछ के बाद पूरी घटना का पता चला। इसके बाद महिला के पिता ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस शिकायत में बताए गए लेनदेन और कॉल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
रायपुर के पंडरी-मोवा इलाके में कार टकराने के विवाद के बाद कारोबारी से मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दूसरी कार में सवार तीन युवकों ने पहले कारोबारी से गाली-गलौज की। इसके बाद उसके चेहरे पर 4-5 मुक्के मारे। आरोपियों ने कारोबारी की शर्ट फाड़ दी और गले से सोने की चेन लूट ली। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई। शिकायत के बाद पंडरी पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है। पूरे मामले का खुलासा पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। अशोका रतन गेट पर कार से टकराई दूसरी कार शिकायतकर्ता अमन अग्रवाल (24) कैपिटल पैलेस, अवंति विहार निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे वे अपनी नेक्सॉन कार से अशोका रतन के गेट नंबर-1 से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान एटी प्लाजा ओवरब्रिज की तरफ से आ रही काले रंग की एक कार उनकी कार से टकरा गई। अमन के मुताबिक, वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दूसरी कार का चालक और उसके साथ मौजूद दो युवक नीचे उतरकर उनकी कार के पास पहुंच गए। तीनों ने गाली-गलौज करते हुए उनसे विवाद शुरू कर दिया। नाक पर मुक्के मारे, चेन खींचकर भागे आरोप है कि विवाद बढ़ने पर एक युवक ने अमन के चेहरे और नाक पर 4-5 मुक्के मारे। मारपीट के कारण उनकी नाक से खून निकलने लगा। इसके बाद आरोपियों ने उनकी शर्ट फाड़ दी और गले में पहनी सोने की चेन खींचकर ले गए। चेन खींचने से उनके गले में भी चोट आई। वारदात के बाद तीनों आरोपी काली कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। अमन ने परिवार को घटना की जानकारी दी और पंडरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया है। CCTV से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस को घटनास्थल का CCTV फुटेज मिल गया है। फुटेज में मारपीट और लूट की घटना रिकॉर्ड हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से मिले साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को पकड़ा है।
पानीपत शहर के तहसील कैंप थाना क्षेत्र अंतर्गत पटेल नगर में घरेलू कलह के चलते एक 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पत्नी से हुए झगड़े के बाद गुस्से में आकर युवक ने अपने दोनों हाथ शीशे पर मार दिए। इस दौरान शीशा टूटने से उसके हाथ की नस कट गई। लगातार खून बह जाने के कारण उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल से मिला ब्रॉड डेड का रुक्का तहसील कैंप थाना पुलिस को 13 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे सिविल अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई कि पटेल नगर निवासी गौरव (26) को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की। पति-पत्नी के बीच हुआ था झगड़ा, गुस्से में उठाया आत्मघाती कदम घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीम पटेल नगर स्थित मृतक के घर पहुंची। पुलिस ने मृतक के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान परिजनों व पड़ोसियों ने खुलासा किया कि वारदात से पहले गौरव और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान गौरव अत्यधिक गुस्से में आ गया और उसने आपा खोते हुए अपने दोनों हाथ घर में लगे शीशे पर जोर से मार दिए। हाथ की नस कटने से लगातार बहता रहा खून शीशे पर जोरदार हमला करने के कारण कांच टूटकर गौरव के हाथों में धंस गया, जिससे उसके एक हाथ की मुख्य नस गहराई तक कट गई। नस कटते ही तेजी से खून बहने लगा। जब तक परिजन और पड़ोसी कुछ समझ पाते और उसे संभालते, तब तक अत्यधिक मात्रा में खून बह चुका था। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की कार्रवाई तहसील कैंप थाना पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भिजवा दिया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों व पड़ोसियों के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कोटा के 32 सेंटर पर SET-2026 परीक्षा:सेंटर के बाहर लगी लंबी कतारें, 3 लेयर चेकिंग के बाद एंट्री हुई
कोटा में राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान में करीब 4 साल बाद SET परीक्षा होने से अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। एग्जाम कोटा समेत प्रदेश के 7 संभागीय मुख्यालयों पर परीक्षा आयोजित हो रही है। कोटा में 32 परीक्षा केंद्रों पर 14,839 अभ्यर्थी नामांकित हैं। रविवार सुबह परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें नजर आईं। दादाबाड़ी इलाके में मोदी कॉलेज के बाहर भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले पुलिस और कॉलेज स्टाफ ने मेटल डिटेक्टर से जांच की। तीन लेयर की चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑफलाइन OMR आधारित प्रणाली से आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए गए और इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। 1.77 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हो रहे प्रदेशभर में 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनके लिए 7 संभागीय मुख्यालयों पर कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर इस वर्ष परीक्षा का आयोजन कोटा विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। परीक्षा यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी और केंद्रों से समन्वय के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
हापुड़ में सिपाही ने रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रविवार को वह थाने में पहरे की ड्यूटी कर रहा था। करीब 11 बजे इसी दौरान उसने अपनी सरकारी रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, लेकिन तब तक सिपाही की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सिपाही के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आ रही है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर धौलाना थाना क्षेत्र की है। अब जानिए पूरा मामला मृतक सिपाही आशीष वर्मा पुत्र श्रवणनाथ आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील के निबोहरा थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव के रहने वाले थे। आशीष वर्ष 2025 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। अप्रैल 2026 से धौलाना थाने में तैनात थे। बताया गया कि आशीष करीब 15 दिन की छुट्टी पर गए थे। छुट्टी पूरी होने के बाद दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। छुट्टी पर जाने से पहले उन्होंने करीब तीन दिन धौलाना थाने में रेस्ट भी किया था। शनिवार को पिलखुवा चौराहे पर लगाई गई थी ड्यूटी शनिवार को आशीष की ड्यूटी पिलखुवा चौराहे पर लगाई गई थी। यहां उन्हें वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुचारु रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद रविवार को वह थाने में पहरे की ड्यूटी कर रहे थे। करीब 11 बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो आशीष घायल अवस्था में मिले। उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। परिजनों को दी गई सूचना, जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी पुलिस ने आशीष के परिजनों को दे दी है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, घटना के बाद धौलाना थाने समेत पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सरकारी रायफल से गोली किन परिस्थितियों में चली। खुद को गोली मारने की बात सामने आ रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। …………….. ये खबर भी पढ़िए… वाराणसी में 40 साल के MS डॉक्टर ने सुसाइड किया, हेरिटेज हॉस्पिटल की OT से इंजेक्शन लाए वाराणसी में 40 साल के डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। शनिवार रात कमरे में उन्होंने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन हाथ में लगाकर जान दी। बेड पर उनका शव बैठी हुई हालत में मिला। डॉ. शुभंकर गौतम हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 3 साल से यूरोलॉजिस्ट थे। यह वाराणसी का बड़ा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। शुभंकर ने एम्स से MS और फिर MCh की डिग्री हासिल की थी। शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने ओपीडी में मरीजों को देखा। इसके बाद कैंपस में ही अपने कमरे में आ गए। बताया जा रहा है कि शाम को उनका फोन पर पत्नी से विवाद हो गया। इसके बाद रूम से हॉस्पिटल गए। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा में श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कलाकुंज, मारुति स्टेट में वात्सल्य सेवा समिति, कलाकुंज- अवधपुरी के तत्वावधान में चल रहे 44 दिवसीय श्री पार्श्वनाथ कल्याण स्रोत मंदिर विधान का पंचम दिवस रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान पार्श्वनाथ की आराधना के साथ विधान की मांगलिक एवं धार्मिक क्रियाओं का शुभारंभ किया गया। विधानाचार्य पंडित सुमेर जैन शास्त्री के निर्देशन में इंद्र-इंद्राणियों ने मंत्रोच्चार के साथ विधान की विभिन्न धार्मिक क्रियाएं विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराईं। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के समक्ष पूजन-अर्चन कर धर्मलाभ लिया। विधान के दौरान भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ आराधना में लीन नजर आए। विधान के दौरान संगीतमय भक्ति का भी आयोजन किया गया। भक्ति गीतों और मधुर भजनों की स्वर लहरियों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों के साथ भगवान पार्श्वनाथ की आराधना की और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला। पंचम दिवस के विधान के पुण्यार्जक परिवार मन्नू विहार निवासी विवेक जैन, ज्योति जैन एवं मोक्षा जैन रहे। पुण्यार्जक परिवार ने भगवान पार्श्वनाथ की आराधना कर विधान में सहभागिता की और पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन, पूजन और विधान में सहभागिता कर धर्मलाभ लिया। 44 दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को लेकर समाजजनों में लगातार उत्साह बना हुआ है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आगामी दिनों में भी विधान की विभिन्न धार्मिक क्रियाएं श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न होंगी।
बुरहानपुर में फिर निशाने पर वही मिठाई दुकान:पहले 30 हजार जुर्माना, अब फिर सैंपल जांच के लिए भेजा
बुरहानपुर में खाद्य औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शनिवार को नेपानगर में जांच अभियान चलाया। टीम ने दो डेयरी से दूध के सैंपल लिए, जबकि बुधवारा बाजार स्थित प्रकाश स्वीट्स से एक खाद्य पदार्थ का नमूना लिया। सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सहायक खाद्य औषधि प्रशासन अधिकारी अलोक रावत के मुताबिक, प्रकाश स्वीट्स से मावा जलेबी का सैंपल लिया गया है। इस दुकान से पहले भी मावे का सैंपल जांच में खराब पाया गया था, जिसके बाद 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था। विभाग के अनुसार, यह जुर्माना अभी तक जमा नहीं किया गया है। एक सप्ताह में जुर्माना जमा करने के निर्देश विभाग ने दुकान संचालक को पुराने जुर्माने की राशि जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में जुर्माना जमा नहीं करने पर दुकान सील करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। खाद्य औषधि प्रशासन अधिकारी कमलेश डावर ने बताया कि नेपानगर में तीन स्थानों पर जांच की गई। प्रकाश स्वीट्स बुधवारा से मावा जलेबी, जबकि वैभव डेयरी और सरस्वती डेयरी, मातापुर बाजार से दूध के सैंपल लिए गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार बोला- दही का सैंपल लिया गया वहीं, प्रकाश स्वीट्स के संचालक राम जैसवानी ने विभाग के दावे से अलग बात कही है। उनका कहना है कि टीम ने मावा जलेबी का नहीं, बल्कि दही का सैंपल लिया है। पुराने जुर्माने को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर वह दो-तीन दिन में जुर्माने की राशि जमा कर देंगे। अब खाद्य पदार्थों के सैंपल की लैब रिपोर्ट और पुराने जुर्माने को लेकर विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
लखनऊ में रविवार को इको गार्डन में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का 13 वें दिन विरोध प्रदर्शन जारी है। 68500 और 69000 भर्ती अभ्यर्थियों ने आरक्षण घोटाला का आरोप लगाया । प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। अभ्यर्थियों का कहना है अधिकार लेने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। 5% छूट देने की मांग प्रदर्शन कर रहे हैं आशुतोष ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है पिछले 6 सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं । अगर हमारे साथ न्याय होता तो हम लोग बारिश में खुले आसमान के नीचे न बैठे होते । बताया कि वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया। 'मंत्री से मिलने के बाद भी नहीं हुआ समाधान' अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5% की छूट दी जाए। उनका कहना है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40% अंक पर परिणाम संशोधित कर नई चयन सूची जारी की जाए। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले को लेकर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री के साथ उच्च अधिकारियों कि बैठक भी हुई मगर अभी तक किसी तरह समस्या का समाधान नहीं निकला। 6800 सीटों पर घोटाले का आरोप प्रदर्शन कर रहे हैं 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी राजेंद्र कुमार ने कहा कि हम लोग पिछले 6 सालों से संघर्ष कर रहे हैं। 6800 सीटों पर आरक्षण घोटाला हुआ था जिसको लेकर लगातार लड़ाई जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर तमाम मंत्री , सांसद और विधायक सबके दरवाजे पर गुहार लगाने पहुंचे मगर अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इस सरकार में पिछड़े दलितों की बात वाले तमाम मंत्री हमें गुमराह कर रहे हैं।
डिंडौरी के शहपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कछारी के घुसिया गांव में शनिवार को पिता-पुत्र कुएं में गिर गए। बासोरी तेकाम (28) अपने 7 साल के बेटे को कंधे पर बैठाने के लिए कुएं की मुंडेर पर खड़ा कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों कुएं में गिर गए। रिश्तेदार ने बेटे को सुरक्षित निकाला मृतक के रिश्तेदार माया राम परस्ते ने बताया कि बासोरी शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बेटे और उनके साथ गांव के कुएं में नहाने गया था। नहाने के बाद घर लौटते समय हादसा हुआ। माया राम आगे निकल चुके थे, तभी कुएं से आवाज सुनकर वापस लौटे और शोर मचाया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गहराई ज्यादा होने से बचाव में आई दिक्कत बासोरी कुएं की गहराई में डूब गया। सूचना मिलने पर शहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन कुएं की गहराई अधिक होने के कारण काफी परेशानी आई। मोटर पंप से पानी निकाला, देर शाम मिला शव पुलिस और ग्रामीणों ने मोटर पंप से कई घंटे तक कुएं का पानी बाहर निकाला। इसके बाद देर शाम बासोरी का शव कुएं से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शहपुरा अस्पताल भेज दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ओडिशा के भुवनेश्वर से 2 क्विंटल से अधिक अवैध गांजा लादकर ग्वालियर आ रहे नशा तस्करों के मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया। तस्कर कई राज्यों की सीमाओं, पुलिस चेकिंग और टोल प्लाजा को चकमा देकर करीब 1227 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे। ग्वालियर पहुंचने के लिए उन्हें करीब 100 किलोमीटर की दूरी और तय करनी थी, लेकिन इससे पहले ही बबीना में झांसी पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने हाईवे पर घेराबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक से 214 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले में ट्रक ड्राइवर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक आरोपी ग्वालियर के सिंधिया नगर का रहने वाला है। पूछताछ में ग्वालियर के एक बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। फार्म हाउस के पास चेकिंग में पकड़ा गया 214 किलो गांजा झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम हाईवे पर सुकुवां-ढुकुवां रोड स्थित नयाखेड़ा में एक फार्म हाउस के सामने सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। ट्रक में छिपाकर रखा 214 किलो गांजा बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सतपाल (46) निवासी सौदापुरा, जिला पानीपत (हरियाणा) और मोहन कुशवाहा (27) निवासी सिंधिया नगर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। सतपाल ट्रक ड्राइवर है, जबकि मोहन गांजा तस्करी में शामिल था। ग्वालियर नेटवर्क का खुलासा, 30 हजार और 1 लाख रुपए का लालच पूछताछ में मोहन कुशवाहा ने बताया कि उसका पड़ोसी आकाश कुशवाह गांजा तस्करी का मुख्य सरगना है। वह आकाश के साथ किराए की कार से भुवनेश्वर गया था। वहां आकाश ने अपने गुर्गों के जरिए ट्रक में गांजा लोड कराया। माल लोड होने के बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद करा दिए गए। उन्हें निर्देश दिया गया था कि ग्वालियर पहुंचने के बाद ही मोबाइल फोन चालू करें, ताकि माल की डिलीवरी कराई जा सके। इस काम के बदले मोहन को 30 हजार रुपए और ड्राइवर सतपाल को 1 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। पुलिस से बचने के लिए ढाबों के फोन से करते थे संपर्क ड्राइवर सतपाल ने पूछताछ में बताया कि ग्वालियर निवासी उमराव सिंह रावत उर्फ कल्लू के कहने पर वह भुवनेश्वर से गांजा लेकर निकला था। पुलिस से बचने के लिए रास्ते में वे होटल और ढाबों के मोबाइल फोन से ही एक-दूसरे से संपर्क करते थे। इसका मकसद अपनी लाइव लोकेशन को ट्रैक होने से बचाना था।
शहर के विजय फीलिंग पेट्रोल पंप पर एक नाबालिग बच्चे के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नाबालिग को पेट्रोल पंप परिसर में पिलर से बांधा हुआ दिख रहा है। उसके आसपास कई लोग मौजूद हैं और कुछ लोग बच्चे के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं। मारपीट कर रहे लोग पंप पर काम करने वाले कर्मचारी बताए जा रहे हैं। पेट्रोल पंप मनीष अग्रवाल का है, जो हाल ही में शुरू हुआ है। घटना रविवार सुबह 10 बजे कीहै। बताया जा रहा है कि नाबालिग पेट्रोल पंप के पीछे बने घर में चोरी करने की कोशिश में घुसा था। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पैर पकड़ छोड़ने की लगाई गुहार वीडियो में बच्चा वहां मौजूद लोगों का पैर पकड़ रहा है और छोड़ने के लिए बोल रहा है, लेकिन लोगों ने उसकी बात नहीं सुनी और उसे आखिरकार पिलरसे बांध दिया। इसके बाद पेट्रोल पंप के कर्मचारी और आसपास के लोगों ने उसे खूब मारा और फिर उसे उसके घर का नंबर पूछा जब बच्चे के द्वारा दिया गया नंबर बंद आया तो फिर से उसे बुरी तरह से पीटा गया। और कहा कि तुम गलत नंबर बता रहे हो यह पुराना नंबर है। तस्वीरें देखिए… चोरी का लगाया आरोप पंप के कर्मचारी अंकित सिंह ने बताया कि पेट्रोल पंप पर पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है, लेकिन कोई चोर पकड़ा नहीं गया था। आज चोरी की कोशिश करते हुए ये लड़का पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि नाबालिग लोहे की पुरानी सरिया, पेट्रोल पंप का कुछ सामान और वायर चोरी करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस को नहीं मिली शिकायत इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी से बात की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस को इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत या आवेदन मिलने पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने यह भी साफ किया कि अगर किसी को चोरी या किसी दूसरे अपराध की जानकारी मिलती है, तो उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को बताना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को खुद कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट करने का हक नहीं है।
शामली में खुद को लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताकर जान से मारने की धमकी देने वाली महिला को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार किया है। महिला ने 7 सितंबर को अखिल भारतीय जाट महासभा के यूथ विंग के शामली जिलाध्यक्ष मुकुल चौधरी और यू-ट्यूबर नीरज शर्मा को फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। शनिवार को यूपी पुलिस महिला को जयपुर से शामली लेकर आई। उसकी पहचान बिहार के बक्सर की रहने वाली बिंदू देवी के रूप में हुई है। वह जयपुर में बाउंसर का काम करती है। उसने अपने हाथ पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का टैटू भी बनवा रखा है। बिंदू देवी ने कहा- मैं 8 साल से लॉरेंस बिश्नोई को अपना पति मानती हूं। मैं उससे कभी नहीं मिली हूं। जब भी मौका मिलेगा, उससे मिलूंगी। मैं उसका जन्म-जन्म तक इंतजार करूंगी। अगर उसे किसी ने गलत बोला तो बदला लूंगी। जानिए पूरा मामला... शामली के रहने वाले हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की 2 सितंबर को तेरहवीं थी। श्रद्धांजलि देने जाट महासभा के यूथ विंग के जिलाध्यक्ष मुकुल चौधरी भी पहुंचे थे। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग को लेकर टिप्पणी की थी। इस वीडियो को यू-ट्यूबर नीरज शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया था। इसके बाद जयपुर में रहने वाली बाउंसर बिंदु देवी ने फेसबुक पर कमेंट कर नीरज का नंबर लिया। उसने लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ खबर चलाने को लेकर फोन पर मुकुल चौधरी और नीरज शर्मा को जान से मारने की धमकी दी। जयपुर से गिरफ्तार किया यूट्यूबर नीरज शर्मा और मुकुल चौधरी ने 9 सितंबर को शामली के एसपी से शिकायत की थी। एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। महिला की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस की एक टीम जयपुर के करतारपुर पहुंची। वहां से महिला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उसे 12 सितंबर को शामली लेकर आई। बिहार की रहने वाली है बिंदु, 5 बच्चों की मां एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बिंदू देवी मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली है। पति से 8 साल पहले तलाक होने के बाद वह जयपुर में रह रही थी। वह एक सिक्योरिटी एजेंसी के लिए बाउंसर का काम करती थी। उसकी चार बेटियां और एक बेटा है। पुलिस ने महिला के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिससे धमकी दी गई थी। पुलिस के सामने बोली- लॉरेंस को गलत बोला तो सबक सिखाऊंगी महिला ने पुलिस के सामने कहा- “लॉरेंस मेरा पति है। अगर उसके बारे में किसी ने कुछ गलत कहा तो मैं उसे सबक सिखाऊंगी। ये लोग (मुकुल चौधरी) भी उसके बारे में गलत बोल रहे थे। लॉरेंस पर जो आरोप लग रहे हैं, उनके सबूत नहीं हैं। लॉरेंस ने अगर अपराध किया है तो उसे सजा दो, लेकिन उसे गलत बोलने का अधिकार किसी को नहीं है।” ----------------- यह खबर भी पढ़ें… करोड़पति-ससुर की हत्या की रात बहू ने जमकर शराब पी:डेढ़ घंटे पति के साथ झूमी, कानपुर में होटल मालिक बोले- बहुत खुश लग रही थी कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की रात बहू और बेटे ने खूब शराब पी। जिस वक्त सुपारी किलर कारोबारी की घर में हत्या कर रहे थे, उसी समय उनकी आरोपी बहू शालू पति सुब्रत के साथ लाउंज में पार्टी कर रही थी। लाउंज के मैनेजर और वेटर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- दोनों ने यहां करीब 5 घंटे बिताए। ड्रिंक लेने के बाद शालू करीब डेढ़ घंटे तक पति के साथ डीजे फ्लोर पर डांस करती रही। इस दौरान उसने ग्रिल्ड फिश और मटन टिक्का भी खाया। पढ़ें पूरी खबर…
हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र में रंजिश के चलते एक युवक की कार को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग करने का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर हरदोई जा रहे आदिल की कार पर बदमाशों ने कई राउंड फायर किए। आदिल ने किसी तरह मौके से कार भगाकर अपनी जान बचाई और भंडायल पुलिस चौकी पहुंचकर शरण ली। घटना हेतमपुरवा और इटौली तिराहे के बीच की बताई जा रही है। मुजफ्फरपुर मजरा अलीशाबाद निवासी आदिल पुत्र हनीफ के मुताबिक, वह सोमवार दोपहर करीब एक बजे कार से हरदोई जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने आदिल की कार का काफी दूर तक पीछा भी किया। किसी तरह वह बदमाशों से बचकर भंडायल पुलिस चौकी पहुंचे। मामले में पुलिस ने शनिवार रात 9:37 बजे 5 नामजद समेत 10 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। कार को घेरकर कई राउंड फायरिंग का आरोप आदिल का आरोप है कि हेतमपुरवा और इटौली तिराहे के बीच पहुंचते ही बदमाशों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अवैध तमंचों से कई राउंड फायर किए गए। अचानक हुई फायरिंग से वह घबरा गए और कार को तेजी से भगाकर मौके से निकलने में कामयाब रहे। आरोप है कि हमलावरों ने इसके बाद भी पीछा नहीं छोड़ा। मोटरसाइकिल से बदमाश काफी दूर तक कार का पीछा करते रहे। जान बचाने के लिए आदिल सीधे भंडायल पुलिस चौकी पहुंचे। आदिल का दावा- पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं आरोपी पीड़ित आदिल ने पुलिस को बताया कि हमलावरों में शामिल कुछ लोग पहले भी लूट, चोरी, डकैती और मारपीट के मामलों में जेल जा चुके हैं। उसने यह भी दावा किया कि आरोपियों के खिलाफ कोतवाली देहात में पहले से जानलेवा हमले की FIR दर्ज है। 5 नामजद समेत 10 के खिलाफ FIR पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टड़ियावां पुलिस ने शनिवार रात 9:37 बजे मुकदमा दर्ज किया। FIR में रवि उर्फ आयरी निवासी आयरी, एनडी उर्फ निजामू निवासी असिगवां, अब्बास निवासी झबरा पुरवा, अनमोल निवासी भेलखेड़ा और संदीप रावत निवासी संडीला को नामजद किया गया है। इसके अलावा 4-5 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस FIR दर्ज होने के बाद टड़ियावां पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस घटना के पीछे बताई जा रही रंजिश और फायरिंग की परिस्थितियों की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
RSS कार्यालय का ताला तोड़कर चोरी:उचेहरा में गैस सिलेंडर समेत सामान ले गए बदमाश
सतना जिले के उचेहरा नगर के वार्ड-2 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय में चोरी हो गई। शनिवार-रविवार की रात चोरों ने बाहर के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वे गैस सिलेंडर, गंजा, LED लाइट और अन्य सामान चुराकर ले गए। चोरी की यह घटना रविवार सुबह तब सामने आई, जब नगर कार्यवाह हरि किशन जायसवाल कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे रोज की तरह सुबह करीब 5.30 बजे कार्यालय आए थे। उन्हें बाहर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखने पर सामान बिखरा हुआ था और कुछ चीजें गायब थीं। इसके बाद उन्होंने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को जानकारी दी। चोरों की पहचान में जुटी पुलिसजानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने कार्यालय का मुआयना किया और घटना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज देखना शुरू कर दिया है। पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने और उनकी आवाजाही का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
पाली के शहर के आदर्श नगर स्थित करीब 800 साल पुराने रत्नेश्वर महादेव मंदिर में दानपात्र चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना 11 सितंबर की सुबह की बताई जा रही है। मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे में एक युवक दानपात्र उठाकर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात जानकारी के अनुसार, सुबह एक युवक मंदिर में पहुंचा और मौका देखकर वहां रखा दानपात्र उठाकर फरार हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रवासियों ने पुलिस को सूचना दी। मंदिर में चोरी की घटना सामने आने के बाद लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने और चोरी हुए दानपात्र को बरामद करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
धनबाद जिले के कतरास रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुमारपट्टी में कथित अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध सुरंग में घुसकर कोयला निकालने के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ महिलाएं और पुरुष अवैध सुरंगों में घुसकर कोयला निकालने का काम करते थे। रविवार भी इसी तरह कोयला निकालने के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसके नीचे कई लोग दब गए। ग्रामीणों ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला सुरंग धंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कुदाल और गेंती की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। इस दौरान तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, हादसे के बाद अभी भी कई और लोगों के सुरंग के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। ग्रामीण अपने स्तर से ही बचाव अभियान में जुटे रहे और सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। दो शव बाहर निकाले, बाइक से अस्पताल ले गए ग्रामीण मलबा हटाने के दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों के शव भी बाहर निकाले। दोनों शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बाइक पर रखकर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश रहा कि कथित अवैध खनन के कारण ऐसी जानलेवा स्थिति पैदा हुई। बताया जा रहा है कि केशलपुर कुमारपट्टी इलाके में अवैध सुरंगों के जरिए कोयला निकालने का काम लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटनास्थल पर मौजूद लोग मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण लगातार बचाव कार्य में लगे रहे। जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरंग के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कई अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका है। वहीं, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरंग के अंदर कितने लोग कोयला निकाल रहे थे, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह अवैध कोयला खनन के दौरान सुरंग का धंसना बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही मृतकों और हादसे में प्रभावित अन्य लोगों की संख्या समेत पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
धार के सरदारपुर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान बदहाल व्यवस्था सामने आई है। अस्पताल में अलग पीएम रूम नहीं होने के कारण पुराने ड्रेसिंग रूम में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। हाल ही में हुई बारिश के दौरान कमरे की छत और दीवारों से पानी टपकता रहा। वहीं, शव के आसपास कीड़े-मकोड़े घूमते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मामला निपावली निवासी 17 वर्षीय आयुष सूर्यवंशी की मौत से जुड़ा है। शुक्रवार को पानी में डूबने से आयुष की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव सरदारपुर सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में अलग पीएम रूम नहीं होने के कारण शव को पुराने भवन के ड्रेसिंग रूम में रखा गया। परिजनों ने कमरे में रात बिताई मृतक के परिजनों के मुताबिक, उन्हें इसी कमरे में शव के साथ पूरी रात गुजारनी पड़ी। इस दौरान कमरे की छत और दीवारों से लगातार पानी टपकता रहा। शव के आसपास कीड़े-मकोड़े भी घूमते रहे। बारिश के दौरान कमरे की स्थिति खराब होने के बावजूद शव को किसी दूसरी सुरक्षित जगह नहीं ले जाया जा सका। सामने आए वीडियो में कमरे की बदहाल स्थिति दिखाई दे रही है। सीबीएमओ बोलीं- जल्द सुरक्षित कमरे में होगा पीएम सीबीएमओ डॉ. शीला मुजाल्दा ने बताया कि अस्पताल में अलग से पीएम रूम नहीं है। इसी वजह से पुराने ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल किया जा रहा था। बारिश के कारण कमरे में पानी टपकने की समस्या सामने आई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पुराने भवन के शिशु वार्ड के एक सुरक्षित कमरे को पीएम रूम के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पोस्टमार्टम के दौरान इस तरह की परेशानी न हो।
सीकर जिले में 21 साल की युवती और 20 साल की महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती सिलाई सीखने की बात कहकर घर से निकली थी। वहीं महिला जेवरात और रुपए भी लेकर चली गई। अब पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। 21 साल की युवती की मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी एक महीने से सिलाई सीख रही थी। 6 सितंबर को सुबह करीब 9 बजे वह घर से सिलाई सीखने की बात कहकर निकली थी। जो शाम तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसकी रिश्तेदारी और आस-पड़ोस में भी काफी तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। जब सिलाई सेंटर पर पूछा तो पता चला कि एक लड़की का कॉल आया था जो युवती के बारे में पूछ रहा था। अब उस लड़के का नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा है। ऐसे में परिवार को अंदेशा है कि वह युवक ही युवती को अपने साथ लेकर चला गया। 2 साल के बेटे को छोड़कर महिला लापता सीकर में 20 साल की महिला अपने 2 साल के बेटे को घर पर छोड़कर चली गई। इस संबंध में महिला के ससुर ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि उनका बेटा बाहर नौकरी करता है। बहू अपने 2 साल के बेटे को घर पर छोड़कर चली गई। जिसका कुछ पता नहीं चल पाया। महिला अपने साथ डॉक्यूमेंट,जेवरात और नगदी रुपए भी लेकर चली गई।
जयपुर में परिचित युवक के एक नाबालिग लड़की का किडनैप करने का मामला सामने आया है। निकाय चुनाव के वोट डालने गए परिजनों के पीछे से आरोपी परिचित आया था। नाबालिग का किडनैप करने के साथ ही लाखों रुपए के गहने व कैश भी चुरा ले गया। जयपुर के पुलिस स्टेशन में नाबालिग पीड़िता के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- जयपुर की रहने वाली 17 साल की लड़की के किडनैपिंग का मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में बताया- निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में घर पर बेटी-बेटे को छोड़कर परिजन वोट डालने गए थे। गहने और कैश भी ले गया आरोपी इस दौरान आरोपी परिचित पीछे से घर आया। नाबालिग बेटी का जबरन किडनैप कर साथ ले गया। इसके साथ ही घर के बक्से में रखे सोने के कुंडल, मंगलसूत्र व चांदी की कनकती, पायजेब और 1.65 लाख रुपए भी चुरा ले गया। बेटे ने कॉल कर दी सूचना नाबालिग बहन को किडनैप कर ले जाने के बारे में बेटे ने कॉल कर परिजनों को बताया। परिजनों की ओर से आरोपी परिचित से कॉन्टैक्ट करने का प्रयास किया। मोबाइल बंद आने पर उसके घर पहुंचने पर लॉक लगा मिला। नाबालिग बेटी के किडनैपिंग को लेकर परिजनों की ओर से शिकायत दी गई। पुलिस ने किडनैपिंग का मामला दर्ज कर नाबालिग और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
कोटा में सड़क पर घूमता दिखा भालू, VIDEO:लोग बोले- कुत्ते भौंकने लगे तो लगा चोर आया, फिर भालू दिखा
कोटा शहर के कुन्हाड़ी क्षेत्र में रिद्धि-सिद्धि नगर प्रथम में शनिवार देर रात सड़क पर भालू घूमता दिखा। भालू कॉलोनी की सड़क पर टहलता रहा। इसके बाद अंधेरे में गायब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय अचानक कॉलोनी में कुत्तों के जोर-जोर से भौंकने की आवाज आने लगी थी। लगातार भौंकने पर कुछ लोग घरों से बाहर निकले। लोगों की नजर सड़क पर घूम रहे भालू पर पड़ी। लोगों ने भालू का वीडियो बना लिया। पहले लगो चोर आया स्थानीय निवासी ने बताया- क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाएं भी हो रही हैं। ऐसे में कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर लगा कि शायद कोई चोर आया है। बाहर निकलकर देखा तो सड़क पर भालू घूमता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की आवाजाही को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस बोली- गश्त के दौरान भालू दिखा था कुन्हाड़ी थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि गार्ड को गश्त के दौरान दूर से भालू जैसा जानवर दिखा था। कॉलोनी से थाने में कोई सूचना नहीं मिली। सुरक्षा के लिहाज से वन विभाग को जानकारी दी जाएगी। पांच दिन पहले ही कोटा के नयापुरा स्थित सीवी गार्डन में चिड़ियाघर के पिंजरे से एक लेपर्ड निकलकर गार्डन में पहुंच गया था। वन विभाग की टीम ने करीब कई घंटे की मशक्कत के बाद उसे पेड़ से रेस्क्यू किया था। कुन्हाड़ी क्षेत्र में थर्मल परिसर के अंदर भी कई बार भालू नजर आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बूंदी शहर के ब्रह्मपुरी इलाके में रविवार सुबह एक बंद कमरे से पति-पत्नी के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घर के अंदर उनकी 10 महीने की बेटी सुरक्षित मिली है। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाये है। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। दोनों की 2 साल पहले नाता प्रथा से शादी हुई थी। डीएसपी अनिल जोशी ने बताया कि हनीफ (40) और उसकी पत्नी रोशन के शव मिले है। शुरुआती जांच में घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की ओर संकेत कर रही हैं। हालांकि, मृतकों के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है।मौके से मिली 10 महीने की मासूम को परिजनों को सौंप दिया गया है। महिला की मानसिक हालत नहीं थी ठीकजिस मकान में शव मिले, उसके निचले हिस्से में मृतक हनीफ की मां रहती है। पुलिस यह पता कर रही है कि घटना से पहले घर में क्या हालात थे और दंपती के बीच कोई झगड़ा हुआ था या नहीं। घटना के बाद इलाके में काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की। रिश्ते में भतीजे अकील अंसारी ने बताया है कि रोशन की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। घटना से एक दिन पहले ही उसे अस्पताल से दिखाकर लाए थे। परिजनों के अनुसार, दंपती के बीच पहले भी कई बार झगड़ा होता था। AI जनरेटेड फोटोज से समझिए मामला... 7 भाई-बहनों में सबसे छोटा था युवकबताया जा रहा है कि हनीफ ने करीब 2 साल पहले कैथून निवासी रोशन से नाता प्रथा से शादी की थी। दोनों की 10 महीने की बेटी है। हनीफ 4 भाइयों और 3 बहनों में सबसे छोटा था और सिलाई का काम कर परिवार का गुजर-बसर करता था। विवाद और हमले की आशंका भी जांच के घेरे मेंपड़ोसियों और परिजनों ने बताया कि पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। परिवार को आशंका है कि महिला ने पति पर हमला किया होगा। कोतवाली थाना प्रभारी रमेश आर्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुरी में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों की जांच के बाद खनियाधाना और मायापुर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। जांच में दोनों मोबाइल नंबर सिम धारकों के नाम पर पाए गए। पुलिस ने रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी बनकर 51 हजार रुपए की ठगी खनियाधाना थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर 6232378702 की जांच की। साइबर पुलिस मुख्यालय से मिले रिकॉर्ड के अनुसार, इस नंबर से महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी अजिंक्या प्रकाश माली को फोन किया गया था। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पीड़ित से 51,600 रुपए एक बैंक खाते में जमा करा लिए। जांच में मोबाइल नंबर रामरतन लोधी (71) पुत्र बाघराज लोधी, निवासी मजरा फुटेरा, ग्राम मुहारीखुर्द के नाम पर मिला। पुलिस ने सिम बेचने वाले पीओएस एजेंट से भी पूछताछ की, जिसमें सिम जारी होने की पुष्टि हुई। इसी नंबर से तमिलनाडु के थूथुकुडी निवासी महेश्वरन से जुड़ी एक अन्य साइबर ठगी की शिकायत भी सामने आई। रिकॉर्ड और जांच के आधार पर पुलिस ने मोबाइल नंबर के उपयोगकर्ता के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। दूसरे नंबर से 5 हजार रुपए की ठगी मायापुर थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर 7999120858 की जांच की। यह नंबर गुजरात के नवसारी जिले के बिलिमोरा थाना क्षेत्र में हुई साइबर ठगी की शिकायत से जुड़ा मिला। शिकायत के मुताबिक, 12 जून 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर अनजान व्यक्ति का फोन आया था। इसके बाद उसके बैंक खाते से बिना जानकारी के चार ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5,100 रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में यह मोबाइल नंबर राममिलन लोधी पुत्र खलक सिंह लोधी, निवासी ग्राम पायगा (कुटियाटोर), थाना मायापुर के नाम पर मिला। पुलिस ने सिम बेचने वाले पीओएस एजेंट मुकेश तिवारी से पूछताछ की। इसके बाद सिम धारक राममिलन लोधी से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, राममिलन लोधी मोबाइल नंबर के इस्तेमाल और ठगी के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में मिले रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर उसके खिलाफ भी धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों में मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल, ठगी की रकम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
हरियाणा में नारनौल के अटेली क्षेत्र में दो लाख रुपए हफ्ता मांगने, रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने और घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद अटेली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज होने के करीब दो घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव ताजपुर निवासी सतवीर उर्फ छोटिया और रामलखन के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोग उससे दो लाख रुपए हफ्ते के रूप में मांग रहे थे। अलग-अलग नंबरों से कर रहे थे कॉल रुपए देने से इनकार करने पर आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन और व्हाट्सएप कॉल कर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धमकियों के बाद कुछ लोग उसके घर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद वह भयभीत हो गया और अटेली थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी। दो घंटे में पकड़ा शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। दो को किया गिरफ्तार अटेली थाना प्रभारी सज्जन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही दो लाख रुपए हफ्ता मांगने, धमकी भरे कॉल करने और घर में तोड़फोड़ करने संबंधी शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
टायर चेक कर रहे खलासी को दूसरे ट्रक ने कुचला:मौके पर मौत; आरोपी चालक वाहन छोड़ फरार
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर रविवार तड़के सड़क हादसा हो गया। पड़हा पेट्रोल पंप के पास ट्रक का टायर चेक कर रहे खलासी को पीछे से आ रहे एक ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में खलासी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना रविवार तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। कटनी से वाराणसी जा रहा था ट्रक पुलिस के मुताबिक, ट्रक कटनी से वाराणसी की ओर जा रहा था। इसी दौरान पड़हा पेट्रोल पंप के पास खलासी टायर चेक करने के लिए ट्रक से नीचे उतरा था। तभी दूसरे ट्रक की टक्कर से उसकी जान चली गई। हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। मृतक की पहचान संतोष तिवारी (55) के रूप में हुई है। वह रीवा जिले के चाकघाट थाना क्षेत्र के ढकरा सोनौरी के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम दिवाकर तिवारी है। पुलिस कर रही फरार चालक की तलाश घटना की खबर मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव को अस्पताल पहुंचाया। अमरपाटन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की वजह और फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
कानपुर के जाजमऊ गंगापुल को मरम्मत और स्पैन के बेयरिंग बदलने के लिए NHAI ने 3 महीने के लिए बंद कर दिया है। आज यानी रविवार दोपहर 12 बजे से डायवर्जन लागू कर दिया गया है। अब रोडवेज बस सहित भारी वाहनों को एंट्री नहीं मिलेगी। डायवर्जन की व्यवस्था 13 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। उन्नाव के तीन प्रमुख चौराहों से डायवर्जन लागू कर दिया गया। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की ओर से कानपुर आने वाली 600 से अधिक रोडवेज बसों का रास्ता बदल जाएगा। एनएचएआई के डायरेक्टर पंकज यादव ने बताया- पुराने गंगापुल की मरम्मत के लिए उन्नाव प्रशासन के साथ मिलकर गगनखेड़ा, आजाद मार्ग और त्रिभुवन खेड़ा चौराहों पर बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया है। हाईवे पर भारी यातायात होने के कारण डायवर्जन लागू करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। तीन दिनों तक बड़े वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जबकि छोटे वाहनों को आवागमन की अनुमति होगी। भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू उन्नाव से औरैया-इटावा जाने वाले वाहन: उन्नाव से औरैया और इटावा की ओर जाने वाला भारी वाहन यातायात गंगा एक्सप्रेस-वे से होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का प्रयोग करना होगा। इसके जरिए वाहन औरैया-इटावा की ओर जा सकेंगे। वैकल्पिक रूप से वाहन उन्नाव के बक्सर मोड़ से कानपुर और आगे औरैया-इटावा की ओर जा सकेंगे। उन्नाव से बांदा-महोबा जाने वाले वाहन: उन्नाव से बांदा और महोबा की ओर जाने वाला भारी वाहन यातायात NH-31 से लालगंज और फतेहपुर होते हुए बांदा-महोबा की ओर जाएगा। हमीरपुर, झांसी और उरई जाने का रूट: उन्नाव से हमीरपुर, झांसी और उरई की ओर जाने वाले भारी वाहन उन्नाव के बक्सर मोड़ पहुंचेंगे। यहां से NH-19 (चौड़गरा) का प्रयोग करते हुए SH-46 के रास्ते घाटमपुर जाएंगे। इसके बाद NH-34 से हमीरपुर, झांसी और उरई की ओर जा सकेंगे। उन्नाव से कानपुर आने वाले भारी वाहन: उन्नाव से कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहनों को NH-31 से उन्नाव के बक्सर मोड़ का रास्ता अपनाना होगा। यहां से वाहन कानपुर की ओर जा सकेंगे। पढ़िए पूरी खबर मुरादाबाद में गन्ना समिति के डायरेक्टर के घर चली गोली; आधी रात को सोते समय हमलावरों ने की वारदात मुरादाबाद में गन्ना समिति के डायरेक्टर अमरजीत सिंह के घर पर अज्ञात हमलावरों ने आधी रात गोली चलाई। एक गोली उनके दरवाजे को चीरते हुए अंदर जाकर धंसी। घटना के बाद से डरे सहमे गन्ना समिति डायरेक्टर ने घटना की सूचना पुलिस को दी है। उन्होंने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। घटना मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में लोधीपुर राजपूत गांव की है। यहां रहने वाले अमरजीत सिंह गन्ना समिति में डायरेक्टर हैं। रात में वह अपने परिवार के साथ घर में सोए थे। शनिवार आधी रात के बाद अचानक फायर की आवाज सुनकर परिवार की आंख खुली। उन्होंने छत पर जाकर देखा तो कोई नजर नहीं आया। पढ़िए पूरी खबर ईवीएम-वीवीपैट की जांच पारदर्शी होगी, लखनऊ में 14 सितंबर को 33 जिलों के अफसरों की ट्रेनिंग विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) कराई जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को जांच प्रक्रिया पारदर्शी और तय मानकों के अनुसार कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एफएलसी के हर चरण की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी। उनकी जानकारी में पूरी प्रक्रिया कराई जाएगी, ताकि जांच को लेकर पारदर्शिता बनी रहे। 14 सितंबर को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशिक्षण एवं प्रबंध अकादमी में प्रशिक्षण कार्यशाला होगी। इसमें 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी और एफएलसी से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे। इससे पहले गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में 21-21 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आजमगढ़ से अलकायदा से जुड़ा संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, साथियों को ‘मुजाहिद’ कहता था यूपी एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने आजमगढ़ से 19 साल के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा फैलाने और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप है। युवक ग्रुप में जुड़े लोगों को ‘मुजाहिद’ कहता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नबील पुत्र मोहम्मद दानिश निवासी चितारा महमूदपुर, थाना दीदारगंज, आजमगढ़ के रूप में हुई है। एटीएस के अधिकारियों ने बताया- नबील के मोबाइल की जांच में AQIS की विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़े वॉट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है। एक ग्रुप का नाम अरबी भाषा में है। पूरी खबर पढ़िए
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान सुंदर महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म किए जाने संबंधी कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के बयान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आज (रविवार) रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक अभय मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभय मिश्रा यौन विकृतियों से पीड़ित हैं और इसी वजह से लगातार इस तरह के बयान दे रहे हैं। ‘इस तरह की बात सोचना भी संभव नहीं’जनार्दन मिश्रा ने कहा, “मैं दोबारा दोहरा रहा हूं कि अभय यौन विकृतियों से पीड़ित हैं। मैंने तो अपने पूरे जीवनकाल में इस तरह की बात नहीं सोची। आप पत्रकार हैं और प्रश्न पूछ रहे हैं, लेकिन इस बारे में प्रश्न पूछने में भी मर्यादा का पालन कर रहे हैं। क्योंकि यह विषय ही इतना गंदा है, इसे वही आदमी बोल सकता है, जो यौन विकृतियों से पीड़ित हो।” भैयालाल का तो व्यवसाय भी ईमारदारी का थासांसद ने विधायक अभय मिश्रा की ओर से डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के पिता के व्यापार को लेकर की गई टिप्पणी पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल अगर कोई व्यवसाय करते भी थे तो वह ईमानदारी का व्यवसाय था। जनार्दन मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा, “विधायक अभय मिश्रा ने तो स्टेपनी चोरी करके और स्टेट बैंक में पॉकेट मारकर अपना कारोबार शुरू किया था। अब यहां तक पहुंचे हैं तो अशोभनीय बातें करते हैं।” सांसद ने आगे दावा किया कि कोतवाली में जिस तरह अपराधियों की फोटो स्लेट लेकर लगाई जाती थी, उसी तरह लंबे समय तक अभय मिश्रा की फोटो भी लगी रहती थी। विधायक ने कहा था- सुंदर महिला की डेडबॉडी से होता है रेप मध्यप्रदेश के रीवा में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने संजय गांधी अस्पताल को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। जयस्तंभ चौराहे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी सुंदर महिला की डेड बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल लाई जाती है तो उसके साथ रेप होता है। विधायक ने पोस्टमॉर्टम के नाम पर मृतकों के परिजनों से रुपए वसूले जाने का आरोप भी लगाया। पूरी खबर पढ़िए…
भाजपा महानगर अध्यक्ष की ओर से जारी की गई विशेष आमंत्रित कार्यसमिति सदस्यों की सूची संशोधित की गई है। 11 सितंबर को जारी सूची पर सवाल खड़े होने लगे तो महानगर अध्यक्ष ने वरिष्ठ नेता चिरंजीव चौरसिया का नाम भी 18वें नंबर पर शामिल कर लिया है। लेकिन अभी भी पूर्व नगर विधायक एवं वर्तमान राज्य सभा सदस्य डा. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम सूची से बाहर है। 11 सितंबर को जारी सूची भी 26 अगस्त को ही तैयार हो गई थी और 13 सितंबर को जारी सूची भी उसी तिथि में तैयार थी। अब इस बात को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि एक दिन तैयार सूची दो अलग-अलग दिन क्यों जारी की गई और उसमें अंतर क्यों है? 11 सितंबर शुक्रवार को जारी की गई कार्यसमिति सदस्यों की सूची में 17 नाम शामिल थे। सभी को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। इसमें पहला नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है। गोरखपुर के तीन नेता पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व निभा रहे हैं, उनके नाम भी इसमें शामिल किए गए हैं। नगर निगम के 3 पूर्व उपसभापतियों के नाम भी शामिल किए गए थे। जानिए क्या सवाल उठाए गए भाजपा नेता सुमित मौर्य ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट कर सूची को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने लिखा था कि सूची में चिरंजीव चौरसिया का नाम क्यों नहीं शामिल किया गया है? चिरंजीव पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हैं। भाजपा के वह काफी पुराने नेता हैं। लगातार सवाल उठाने के बाद रविवार को एक और सूची जारी की गई, जिसमें 18वें नंबर पर चिरंजीव चौरसिया का नाम जोड़ दिया गया। चिरंजीव चौरसिया ने अपने फेसबुक पर यह सूची पोस्ट करते हुए लिखा है कि महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने यह सूची उन्हें रविवार को भेजी है। सूची को एक बार फिर संशोधित किया गया लेकिन इस बार भी डा. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम बाहर है। वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे हैं। गोरखपुर शहर सीट से लगातार 4 बार विधायक चुने गए। अभी भी गोरखपुर में उनकी सक्रियता रहती है। इससे पहले जिले के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर के लोकार्पण कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। यह फ्लाईओवर उनके घर के पास से शुरू होता है। अपने मोहल्ले के कार्यक्रम में न बुलाए जाने पर उन्होंने अपना दुख व्यक्त किया था। महानगर कार्यसमिति में बढ़े 13 लोगों के नाम महानगर कार्यसमिति में भी 13 नाम बढ़ाए गए हैं। इनमें कई व्यापारियों को शामिल किया गया है। पहले सूची में कार्यसमिति के 57 सदस्य थे। अब यह संख्या 70 हो गई है। इसमें विनोद दूबे, उमेश श्रीवास्तव, भोला अग्रहरि, मदन अग्रहरि, गणेश वर्मा, दुर्गेश बजाज, रोहित सावंत, अंकित गुप्ता, सोमू निगम, जितेंद्र गौड़, पशुपतिनाथ निगम, अवधेश अग्रहरि, विशाल निषाद के नाम शामिल हैं।
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में हुए कार्यक्रम में उन्होंने आयोग की स्मारिका, डायरी और न्यूज लेटर का विमोचन किया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, जनजाति कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी और आयोग के अध्यक्ष एपी सिंह मौजूद रहे। मास्टर प्लान नहीं आया तो विभागीय कार्रवाई होगी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल समेत जिन शहरों में अब तक मास्टर प्लान नहीं आया है, वहां विभागीय स्तर पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया जाए और कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे बढ़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवेदनशील विषय है और कांग्रेस के नेताओं से भी राजनीति नहीं करने की अपील है। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के समय भी सरकार थी, लेकिन तब इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया। अब होने वाली कार्रवाई का झूठा श्रेय लेने से बात नहीं बनेगी। जनता सब जानती है और उसकी नजर में सारी चीजें हैं। मानवता की भावना से समान अधिकार जरूरी: सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मानव योनि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इससे हमें अपने कर्तव्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है। दुनिया धीरे-धीरे भारत और उसकी विशेषताओं को समझ रही है और देश लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में जो कहा जाता है, उसे करके दिखाने का प्रयास किया गया है। मानवता की भावना के साथ सभी लोगों के लिए समान अधिकार के आधार पर काम करना ही मानव अधिकारों की भावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के अधिकार और बराबरी के लिए काम कर रही है। अब तक करीब 58 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि लाड़ली बहनों के खातों में डाली जा चुकी है। काकोरी कांड का जिक्र, नक्सलवाद की चुनौतियां भी गिनाईं मुख्यमंत्री ने काकोरी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी अंग्रेजी शासन से जुड़े कुछ लोगों के नाम पर मार्ग बनाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के कारण देश की आजादी लज्जित और कलंकित हुई, उनका महिमामंडन नहीं होना चाहिए। उन्होंने बालाघाट में नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं और मानव अधिकारों के नजरिए से ऐसे मामलों में कार्रवाई जरूरी है। सागर शराब मामले में सख्ती जारी रहने की बात सागर में जहरीली शराब मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी एक अपराधी का हाफ एनकाउंटर हुआ है। सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार बिल्कुल लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। होने वाली घटनाओं पर कठोरता से कार्रवाई जारी रहेगी। आयोग के काम की सराहना, निष्पक्ष कार्रवाई पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव अधिकार आयोग की टीम अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले मुख्यमंत्री हैं, जो आयोग के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों में आते रहेंगे। उन्होंने आयोग से कहा कि वह मानव अधिकारों के हनन से जुड़े मामलों में बिना किसी पक्षपात और भय के संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करे। आयोग को अपनी गरिमा और संवेदना के साथ काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मानवता की भावना के साथ सभी वर्गों को समान अधिकार देना जरूरी है। 1995 में हुई थी मानव अधिकार आयोग की स्थापना मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एपी सिंह ने स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आगे ले जाना चाहते हैं। उनका विजन उन्होंने विधानसभा में भी देखा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की स्थापना 1995 में हुई थी। हर साल 13 सितंबर को स्थापना दिवस मनाया जाता है। मानव जाति अपने अस्तित्व, जीवन की बुनियादी जरूरतों और स्वतंत्रता के प्रति शुरू से सजग रही है। एपी सिंह ने कहा कि आजादी के बाद संविधान में मानव अधिकारों को प्रस्तावना और मूल अधिकारों के रूप में महत्व दिया गया। इसमें कानून के सामने समानता और धर्म, जाति व वर्ग के आधार पर भेदभाव से अधिकारों की रक्षा का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार 14 सितंबर को प्रयागराज आएंगे। सीएम हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आमंत्रण पर हाईकोर्ट में आएंगे। उनका कार्यक्रम इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित किया गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूण भंसाली कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। ऐसी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री यहां से प्रदेश के वकीलों के लिए कई घोषणाएं कर सकते हैं। सीएम योगी अधिवक्ता भवन और वकीलों के चैंबरों की सौंपेंगे। सीएम योगी के कार्यक्रम की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। रविवार को आला अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का दौरान कर इंतजाम देखे। सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित कई मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और डिप्टी एडवोकेट जनरल की बैठक में सीएम के कार्यक्रम की चर्चा हुई।
टोंक के राजकीय अल्पसंख्यक बालक आवासीय स्कूल में नाबालिग छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर छात्रावास के बाहर चल रहा परिजनों का धरना खत्म हो गया। बीती रात करीब 2 बजे टोंक तहसीलदार अजयपाल यादव और जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण अधिकारी नितेश कुमार जैन दोबारा धरना स्थल पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। परिवार ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन दिया। बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, सरकारी योजनाओं के तहत परिवार को लाखों रुपए का लाभ दिलाने और मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद रात करीब ढाई बजे परिजनों ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए धरना खत्म कर दिया। 17 सितंबर को दिए जाएंगे 2 लाख रुपए प्रशासन की ओर से बताया गया कि पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की सहायता 17 सितंबर को दी जाएगी। इसके अलावा अन्य सरकारी स्कीम के तहत मृतक छात्र के परिवार को लाखों रुपए का आर्थिक लाभ दिलवाया जाएगा। मामले की जांच के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार होगी। जांच कमेटी में हॉस्टल के संचालक, गार्ड और अन्य संबंधित कार्मिकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। प्रशासन की ओर से इन सभी बिंदुओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। दोबारा धरना स्थल पहुंचे अधिकारी इससे पहले शनिवार को परिजन छात्रावास के बाहर धरने पर बैठ गए थे। देर रात तक प्रशासन और परिवार के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण अधिकारी नितेश जैन भी वहां से चले गए, लेकिन परिजन धरने पर बैठे रहे। बाद में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बीती मध्यरात करीब 2 बजे तहसीलदार अजयपाल यादव और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नितेश जैन वापस धरना स्थल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिवार से बातचीत कर उनकी मांगों पर सहमति बनाने की कोशिश की। आर्थिक सहायता, जांच कमेटी और सरकारी योजनाओं के लाभ का आश्वासन मिलने के बाद परिजन धरना खत्म करने पर सहमत हुए। दादी ने मुख्यमंत्री को भेजा था पत्र मृतक की दादी दूनी निवासी शमीम बानो ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम भेजे पत्र में न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया था कि उनका पोता अरशद खान करीब दो साल से राजकीय अल्पसंख्यक बालक आवासीय स्कूल, टोंक में रहकर पढ़ाई कर रहा था। दादी के अनुसार, 7 सितंबर की रात अरशद की तबीयत बिगड़ गई थी। साथी स्टूडेंट्स से बातचीत में उन्हें पता चला कि अरशद ने गार्ड को तबीयत खराब होने की बात बताई थी। आरोप है कि गार्ड ने उसे एक गोली देकर सो जाने और अगले दिन डॉक्टर को दिखाने की बात कही थी। सुबह हालत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने पर मृत बताया परिजनों के अनुसार, इसके बाद अरशद की तबीयत में सुधार नहीं हुआ और 8 सितंबर की सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई। बाद में चार लोग उसे हाथ-पैर पकड़कर हॉस्टल से ऑटो तक ले गए और सीट के नीचे लिटाकर सआदत अस्पताल पहुंचाया। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल प्रशासन की ओर से सुबह करीब साढ़े 7 बजे उन्हें फोन कर बताया गया कि बच्चा बीमार है और उसे हार्ट अटैक आया है, इसलिए वे जल्द अस्पताल पहुंचें। परिजन अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने अरशद को मृत बताया। शव गांव ले जाकर दफनाया, कार्रवाई नहीं होने पर धरना इसके बाद पीड़ित परिवार शव को गांव ले गया और रीति-रिवाज के अनुसार दफना दिया। परिजनों का आरोप है कि 3-4 दिन बीतने के बाद भी हॉस्टल के दोषी कार्मिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर परिवार शनिवार को टोंक पहुंचा और हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गया। देर रात तक सहमति नहीं बनने के बाद भी परिजन धरने पर डटे रहे। आखिरकार आधी रात के बाद अधिकारी दोबारा मौके पर पहुंचे और परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब ढाई बजे परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया।
गणेश चतुर्थी और जैन समाज के पर्युषण पर्व समेत पांच प्रमुख पर्वों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर में मांस-मटन की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी किया है। निगम क्षेत्र में निर्धारित तिथियों पर पशुवध गृह और मांस-मटन की सभी दुकानें बंद रहेंगी। होटल और अन्य स्थानों पर भी मांस-मटन बेचने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया है। निगम ने साफ किया है कि प्रतिबंध वाले दिन अगर किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन की बिक्री होती मिली तो मौके पर ही सामान जब्त कर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन 5 दिनों में रहेगा प्रतिबंध नगर निगम के मुताबिक अलग-अलग पर्वों के चलते इन तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। 14 सितंबर – श्री गणेश चतुर्थी 15 सितंबर – पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस 22 सितंबर – डोल ग्यारस 25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी 26 सितंबर – पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा इन सभी दिनों में नगर निगम के पूरे क्षेत्र में स्थित पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानें बंद रखी जाएंगी। होटल और रेस्टोरेंट पर भी रहेगी नजर प्रतिबंध सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम की टीम होटल और अन्य ऐसे स्थानों पर भी नजर रखेगी, जहां मांस-मटन की बिक्री या परोसे जाने की संभावना है। महापौर के निर्देश के बाद जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि प्रतिबंधित तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री न हो। बिक्री मिली तो मौके पर सामान जब्त होगा निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर कोई होटल, दुकान या अन्य प्रतिष्ठान मांस-मटन बेचते हुए मिला तो मांस-मटन को तत्काल जब्त किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले की चितरंगी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक घर की बाउंड्री से गांजे के हरे पौधे जब्त किए हैं। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह थाना प्रभारी सुधेश तिवारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नौगई सेकंड में एक व्यक्ति ने अपने घर की बाउंड्री के अंदर गांजे के पौधे लगा रखे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। 8.20 किलो वजनी पौधे जब्त तलाशी के दौरान आरोपी रज्जू उर्फ राजेश्वर केवट (37), निवासी नौगई, के घर की बाउंड्री में गांजे के 11 हरे पौधे मिले। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के नियमों के तहत पौधों को उखड़वाकर जब्त किया। जब्त पौधों का कुल वजन करीब 8 किलो 200 ग्राम है। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपए बताई है। धारा 8 और 20-ए में केस दर्ज थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 441/2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 8 और 20-ए एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के कासमपुर गांव में महिला से मिलने पहुंचे एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मिर्जापुर निवासी मौ. शहजान ने आरोप लगाया है कि महिला के देवर समेत कई लोगों ने उसे पकड़कर घर के अंदर ले गए। वहां हाथ-पैर बांधकर उल्टा लटकाया और लाठी-डंडों से बेहोश होने तक पीटा। युवक का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया और धमकाकर उससे महिला के साथ संबंध होने की बात कबूल कराई। शहजान की तहरीर के आधार पर मिर्जापुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रात 12:30 बजे महिला की ससुराल पहुंचा था शहजान ने पुलिस को बताया कि कासमपुर निवासी गुलशेर की शादी उसके गांव की एक युवती से हुई है। आरोप है कि 5 सितंबर की रात युवती ने फोन कर उसे अपनी ससुराल बुलाया था। शहजान के मुताबिक, वह बाइक से रात करीब 12:30 बजे कासमपुर पहुंचा। घर के बाहर युवती से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसका देवर 3-4 लोगों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी ने उसे पकड़ लिया और घर के अंदर खींचकर ले गए। इसके बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हाथ-पैर बांधकर उल्टा लटकाने का आरोप शहजान का आरोप है कि आरोपियों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे उल्टा लटका दिया। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। युवक के मुताबिक, पिटाई के बाद वह बेहोश हो गया। शहजान ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसका वीडियो बनाया। वीडियो में डराकर उससे यह कहलवाया गया कि उसके महिला से काफी समय से संबंध हैं। साथ ही धमकी दी गई कि उनकी बात नहीं मानी तो उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया जाएगा। 15 लाख रुपए मांगने का आरोप युवक का आरोप है कि होश में आने के बाद आरोपियों ने कहा कि पुलिस को बुला लिया गया है। इसके बाद उसके परिवार से 15 लाख रुपए मंगवाने को कहा गया। आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि पैसे नहीं दिए तो रेप के मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। तहरीर में शहजान ने आरोप लगाया है कि बाद में उसके परिवार से 3 लाख 75 हजार रुपए लिए गए। इसमें 50 हजार रुपए नकद और 25 हजार रुपए उसके भाई जीशान से फरमान के खाते में ऑनलाइन लिए जाने की बात कही गई है। बाकी रकम के भुगतान का भी तहरीर में जिक्र किया गया है। पुलिस उसे थाने ले गई थी शहजान के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। वहां से उसे धारा 151 के तहत भेजा गया। बाद में परिवार के लोगों ने बेहट तहसील से उसकी जमानत कराई और उसे घर लेकर आए। युवक का कहना है कि आरोपियों की धमकी के कारण उसने तत्काल शिकायत नहीं की। हालत ठीक होने के बाद 12 सितंबर को वह मिर्जापुर थाने पहुंचा और पूरी घटना की तहरीर दी। मिर्जापुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मारपीट, वीडियो बनाने, धमकी देने और रकम लेने के आरोपों की जांच कर रही है। युवक ने पुलिस को घटना से जुड़े वीडियो उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
कोटा में रविवार को फिर धूप खिली हुई है। शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद कोटा में गर्मी और उमस बढ़ गई है। जिससे लोग परेशान है। हालांकि एक सप्ताह बाद कोटा में मानसून गतिविधी एक्टिव हुई है। कोटा में अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं इस सीजन में अब तक 417.1 मिमी बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 13 सितंबर तक औसत 670 मिमी बारिश होती है। मौसम विभाग ने कोटा संभाग में अगले तीन दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 28% कम बारिश हुई है। ये हैं बांधो की स्थितिकोटा में बांधों की स्थिति की बात करें तो गांधी सागर में 1300.8 फीट,राणा प्रताप बांध में 1143.38 फीट,जवाहर सागर बांध में 972.3 फीट पानी भरा है। वहीं कोटा बैराज में 852.80 फीट लेवल पर पानी है।
नगर परिषद चुनाव के परिणाम से पहले जैसलमेर में बाड़ेबंदी में रखे गए जालोर कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों का डांस करते हुए एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में प्रत्याशी डीजे की धुन पर नाचते और कालबेलिया कलाकारों के साथ आनंद लेते नजर आ रहे हैं। डांस करते हुए का वीडियो सामने आया जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर को मतदान संपन्न होने के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को 10 सितंबर को बस से जैसलमेर भेज दिया था। शनिवार शाम को वीडियो अब सामने आया है। इसमें प्रत्याशी ‘नाचेगी छोरी नाचेगी’ सहित अन्य गीतों पर नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं। वार्ड-38, 39 और 40 का कांग्रेस प्रत्याशी बाड़ेबंदी में नहीं नगर परिषद में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ की आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की है। चुनाव परिणाम घोषित होने तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए पार्टी नेतृत्व उन्हें जैसलमेर लेकर गई है। जानकारी के अनुसार हालांकि इस दौरान वार्ड-38, 39 और 40 का कांग्रेस प्रत्याशी बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हुआ। इन्होंने अपना पारिवारिक कारण बताते हुए आने से मना कर दिया।
बारां के 6 निकायों में मतदान पूरा होने के बाद राजनीतिक समीकरण बदलने का खेल शुरू हो गया है। यहां वोट भले ही मतदाता डालते हैं, लेकिन बोर्ड किसका बनेगा, यह नतीजों के बाद ही तय होता है। 210 वार्डों के नतीजे सोमवार 14 सितंबर को आएंगे। हालांकि, इससे पहले ही प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी का दौर शुरू हो चुका है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने उम्मीदवारों को सुरक्षित जगहों पर भेज रहे हैं। साथ ही, वे 274 निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर रख रहे हैं।इन निर्दलीय प्रत्याशियों में बड़ी संख्या बागियों की है। ये सीसवाली, अटरू, मांगरोल और अंता में किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तब तेज हुई जब मतदान के दौरान ही भाजपा की वार्ड 16 की प्रत्याशी गायब हो गईं। यह मामला कोतवाली पहुंचा और किडनैप का केस दर्ज हुआ। बाड़ेबंदी से पहले ही इस घटना ने सस्पेंस बढ़ा दिया। 2021 में हुआ था उलटफेरबारां में उलटफेर कोई नई बात नहीं है। दिसंबर 2021 में जिला परिषद की 25 सीटों में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 सदस्य जीते थे, लेकिन जिला प्रमुख कांग्रेस की उर्मिला जैन भाया बन गईं। क्रॉस वोटिंग करने वाले का नाम आज तक सामने नहीं आया। इसी तरह दिसंबर 2020 में नगर परिषद बारां में कांग्रेस के 32, भाजपा के 21 और 7 निर्दलीय जीते थे। लेकिन सभापति चुनाव में कांग्रेस को 40 वोट मिले। अंता में 16-16 की बराबरी के बाद एक निर्दलीय चेयरमैन बन गया था।इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है। आम आदमी पार्टी के आने और निर्दलीयों की सक्रियता ने गणित को उलझा दिया है।
लखनऊ में शनिवार शाम बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा बेगम के लुक में नजर आईं। रैंप पर लखनवी चिकनकारी से सजी ड्रेस पहनकर चलीं। लोगों से ‘नमस्ते’ और ‘आदाब’ किया। मौका था फिक्की फ्लो लखनऊ के ‘गुलमोहर 2026-एक मकसद के साथ फैशन’ का। होटल ताज में हुए आयोजन में रैंप पर लखनऊ की कला, कारीगरी और विरासत की झलक दिखी। लखनवी पहनावे ने लोगों का दिल जीत लिया। लोकल डिजाइनर-ज्वैलर्स ने भी बिखेरा जलवा। VIDEO देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें….
सीहोर के काहिरी डेम के पास ग्राम लसूडिया खास में स्थित नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दो दिन के भीतर दो बार क्लोरीन गैस रिसाव का मामला सामने आया है। गैस की चपेट में आने से दर्जनों ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। लोगों ने चक्कर, बेचैनी, खांसी, एलर्जी और आंखों में जलन की शिकायत की। पहली घटना 8 सितंबर की रात हुई थी। बताया गया कि प्लांट में रखे सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ, जिसकी चपेट में आसपास के कई लोग आ गए थे। इसके बाद नगरपालिका ने स्थिति सामान्य होने का दावा करते हुए क्लोरीन गैस सिलेंडर को सावधानीपूर्वक ट्रीट करने की बात कही थी। हालांकि, 10 सितंबर की रात प्लांट के सामने से गुजर रहे और आसपास रहने वाले लोगों की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। कई ग्रामीणों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद कुछ लोग घर लौट गए, जबकि दो लोग अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीणों को खांसी, आंखों में जलन की शिकायतप्रेमजी, अनमोल, रामसभा बाई, केसर सिंह, प्रेम सिंह, अभिषेक, रीना, वैष्णवी, राकेश और मयंक सहित कई ग्रामीण अभी भी खांसी, एलर्जी और आंखों में जलन की समस्या से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद भी वे डर के माहौल में हैं। उनका आरोप है कि गैस रिसाव को लेकर नगरपालिका प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, नगरपालिका प्रशासन इसे सामान्य घटना बता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो लोगों को ही हल्की गैस का असर हुआ है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि गैस की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत खराब हुई है। रामसभा बाई बोलीं- अचानक तेज खांसी और चक्कर आने लगेलसूडिया खास निवासी रामसभा बाई ने बताया कि गुरुवार रात वह घर में काम कर रही थीं। अचानक उन्हें तेज खांसी आने लगी और चक्कर आने लगे। उनके मुताबिक, घर के ज्यादातर सदस्य भी गैस की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अनमोल की हालत काफी खराब है और उसकी खांसी रुक नहीं रही है। रामसभा बाई के अनुसार, उनकी छह महीने की पोती भी गैस की चपेट में आ गई थी। उसे लगातार खांसी होने पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी बहू रीना और पोता मयंक भी बीमार हैं। ग्रामीणों का आरोप- लीकेज सिलेंडर की जानकारी नहीं दीगैस रिसाव को लेकर ग्रामीण नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। युवक अभिषेक मालवीय ने बताया कि 10 सितंबर को लीकेज सिलेंडर का ट्रीटमेंट किया जाना था, लेकिन इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि पहले से सूचना दी जाती तो ग्रामीण अपने रिश्तेदारों के घर चले जाते या उस रास्ते से निकलने से बचते। अभिषेक ने आरोप लगाया कि नगरपालिका टीम ने लीकेज सिलेंडर को पानी के एक गड्ढे में छोड़ दिया, जिससे गैस का रिसाव हुआ और आसपास के कई लोग इसकी चपेट में आ गए। फसलों पर भी असर, किसानों ने मुआवजे की मांग कीग्रामीणों के मुताबिक क्लोरीन गैस के प्रभाव से आसपास के खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई एकड़ में सोयाबीन, तुवर और मक्का की फसल प्रभावित होने की बात कही जा रही है। किसान रमेश ने बताया कि उनके करीब आधा एकड़ खेत में सोयाबीन और तुवर की फसल लगी थी, जो गैस के प्रभाव से खराब हो गई। उन्होंने इससे लाखों रुपए के नुकसान का दावा किया है। किसान राकेश ने बताया कि उनकी मक्का की फसल भी गैस की चपेट में आने से बर्बाद हो गई। उन्होंने नगरपालिका से फसल के नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। सालों से अनुपयोगी पड़े थे क्लोरीन गैस के सिलेंडरजानकारी के अनुसार, काहिरी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस के तीन सिलेंडर लंबे समय से पड़े थे। बताया गया कि प्रत्येक सिलेंडर में करीब 600 लीटर गैस भरी थी। ग्रामीणों का कहना है कि ये सिलेंडर करीब 10 साल से अनुपयोगी हालत में पड़े थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इन सिलेंडरों का समय रहते निपटारा या सुरक्षित ट्रीटमेंट क्यों नहीं किया गया। तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 6 सिलेंडर हटाएघटना के बाद नगरपालिका सीहोर ने नागदा, उज्जैन स्थित ग्रासिम केमिकल कंपनी से संपर्क किया। कंपनी की टेक्निकल टीम गुरुवार को सीहोर पहुंची और अलग-अलग तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पड़े हुए क्लोरीन गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से हटाया। नगरपालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि ग्रासिम की टेक्निकल टीम छह खाली सिलेंडरों को सावधानीपूर्वक अपने साथ ले गई है। मूल खबर पढ़िए… क्लोरीन गैस रिसाव से पेड़-पौधे तक झुलसेसीहोर के लसूड़िया खास गांव में काहिरी बांध के पास पानी फिल्टर प्लांट में रात क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। बताया जा रहा है कि गैस के प्रभाव से आसपास के पेड़-पौधे तक झुलस गए। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आंखों में तेज जलन, घुटन, सांस लेने में परेशानी और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। पूरी खबर पढ़िए…
चंडीगढ़ में मोबाइल पर रील्स देखने से रोके जाने से नाराज 8 साल का बच्चा घर से बिना बताए निकल गया। वह अकेले ट्रेन से ग्वालियर पहुंच गया। चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में टीटीई ने उसे अकेले सफर करते देखा और आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ ने बच्चे को ग्वालियर में ट्रेन से उतारकर उसकी मां से बात कराई। चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस में अकेला मिला बच्चा ट्रेन नंबर 19308 चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में चेकिंग के दौरान टीटीई ने बच्चे को अकेले सफर करते देखा और तुरंत आरपीएफ कंट्रोल रूम को सूचना दी। रविवार तड़के करीब 3:05 बजे आरपीएफ टीम ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची। टीम ने बच्चे को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचाया। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि रील देखने पर घरवालों ने उसे डांटा था, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए ट्रेन में बैठ गया। बच्चा 11 सितंबर की दोपहर से गायब था आरपीएफ अधिकारियों ने बच्चे के बताए मोबाइल नंबर पर उसकी मां से संपर्क किया। मां ने बताया कि बच्चा 11 सितंबर की दोपहर से गायब था। परिजन ने चंडीगढ़ में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और उसकी तलाश कर रहे थे। RPF ने चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द किया गया पहचान की पुष्टि और जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्चे को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया। रविवार को परिजन ग्वालियर पहुंचे। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे बच्चे को घर ले जाएंगे। आरपीएफ के मुताबिक, बच्चे के अकेले सफर करने की जानकारी मिलते ही टीटीई ने तत्काल सूचना दी थी। बच्चे को सुरक्षित ट्रेन से उतारने के बाद उसकी काउंसलिंग भी कराई गई है।
इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र के कड़ाबीन इलाके में 27 वर्षीय नवविवाहिता शिवानी की फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मृतका के पति, सास और ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। साथ ही देर रात पति और ससुर को हिरासत में लिया। एसीपी अशोक सिंह जादौन ने जांच के बाद रविवार को मृतका शिवानी मौर्य (27) की मौत के मामले में पति लोकेश मौर्य, ससुर मनोहर और सास अनिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एसीपी ऑफिस में परिवार के बयान हुए। इसमें शिवानी के परिजन ने बताया कि फरवरी 2026 में उसकी शादी लोकेश से हुई थी। शिवानी का परिवार कम्पेल में रहता है। परिजन के मुताबिक, शादी के दिन भी दहेज को लेकर विवाद हुआ था। बाद में लोकेश ने कार खरीदने के लिए 5 लाख रुपए मांगे। इसमें शिवानी के पिता ने 2 लाख रुपए की व्यवस्था कर दी। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग 15 लाख रुपए की और मांग करने लगे। इन बातों को लेकर वे शिवानी को परेशान करते थे। 10 सितंबर को शिवानी ने सुसाइड किया था 10 सितंबर को शिवानी ने सुसाइड कर लिया था। उसे पति और अन्य लोग अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां रात में पिता और अन्य परिजन को कॉल कर घटना की जानकारी दी गई। जब शिवानी के मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे तो पति और ससुर वहां से चले गए। दूसरे दिन पोस्टमॉर्टम के दौरान भी परिजन वहां नहीं आए। हालांकि, परिजन के बयान और आरोपों के बाद एसीपी ने पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बीते 24 घंटे में मारपीट, साइबर धोखाधड़ी और गुमशुदगी के कई मामले सामने आए। एक ही खबर में पढ़ें जोधपुर में हुए क्राइम के प्रमुख समाचार। सिगरेट खरीदने आए बदमाशों का हमला, दो गंभीर जोधपुर के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में 11 सितंबर की शाम दुकान से सिगरेट खरीदने आए बदमाशों ने कहासुनी के बाद एक युवक व उसके साथी पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रार्थी अजय कुमार प्रजापत (30) ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी सुनील व आर्यन दुकान पर आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। ऑनलाइन लिंक भेजकर व्यवसायी के खाते से उड़ाए 71.7 हजार जोधपुर कमिश्नरेट के खांडा फलसा थाने में साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है। डागा बाजार निवासी व्यापारी सूरजकरण सारडा (52) को अज्ञात ठग ने मोबाइल पर एक ऑनलाइन लिंक भेजा। पीड़ित द्वारा लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से 71,775 रुपए पार हो गए। जयपुर साइबर थाने में दर्ज जीरो नंबर एफआईआर के आधार पर खांडा फलसा थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दो अलग अलग सड़क हादसे प्रतापनगर में चांदणा भाकर निवासी जयपाल की स्कॉर्पियो ने स्कूटी सवार महिला को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। भगत की कोठी में अमृतादेवी चौराहे के पास अज्ञात कार चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए सर्राफा व्यवसायी को टक्कर मार दी। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंधेरे में पहाड़ी से गिरा मजदूर, मौके पर मौत झंवर थाना क्षेत्र के रोहिला कल्ला गांव में 12 सितम्बर को एक दर्दनाक हादसा हुआ। डिडवाना-कुचामन निवासी मजदूर भैरूलाल (43) तड़के पहाड़ी क्षेत्र में जा रहा था, तभी अंधेरे में पैर फिसलने से गहरे गड्ढे में जा गिरा। सिर में गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ठेकेदार मांगीलाल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग दर्ज किया है। कहासुनी के बाद मारपीट शहर के महामंदिर थाना क्षेत्र में मारवाड़ सभा भवन के सामने कहासुनी में झड़प का मामला सामने आया है। बदमाशों ने मारवाड़ सभा भवन के सामने एक युवक और उसके साथी को घेरकर लोहे के सरियों और पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने एकजुट होकर जान से मारने की नीयत से लोहे के हथियार, सरिए और पाइप से प्रार्थी व उसके दोस्त के साथ गंभीर मारपीट की। हमले में दोनों को कई जगह गंभीर चोटें आईं। सूचना पर पहुंची महामंदिर थाना पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जोधपुर में चार दिन आंधी-बारिश का अलर्ट:आज छाए रहेंगे बादल, पिछले 24 घंटे में 11 एमएम बरसात हुई
जोधपुर में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को शहर में हुई बारिश से तापमान में गिरावट भी आई। हालांकि उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इधर, पिछले 24 घंटे में 11 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य से 32 प्रतिशत कम हुई बारिश जोधुपर में 12 सितंबर तक 279.2 एमएम बारिश होती है। जो इस बार 189.2 एमएम रिकॉर्ड की गई। जो सामान्य बारिश से करीब 32 प्रतिशत कम हुई है। आगे क्या-बारिश की संभावना, तापमान भी गिरेगा मौसम विभाग में 15 से 18 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 15 से 17 सितंबर तक बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का दौर चलेगा। वहीं, 18 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तापमान गिरने की भी संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी में बहे दो छात्रों के शव 48 घंटे बाद बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार को एक छात्र का शव मिला था, जबकि दूसरे और तीसरे छात्र का शव अब बरामद किया गया है। दोनों के शव नदी में पत्थरों के नीचे बने खोखले हिस्से में फंसे थे। घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान मुरारी साहू (22), पवन लाल (22) और सचिन सिंह (23) के रूप में हुई है। तीनों बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के छात्र थे। दरअसल, 8 दोस्तों का दल देवरी गांव पिकनिक मनाने आया था। सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया था। उसे बचाने के लिए दो दोस्तों ने नदी में छलांग लगा दी थी। देखिए पहले तस्वीरें… पिकनिक मनाने गए थे 8 स्टूडेंट्स CSP योगिताबाली खापर्डे ने बताया कि बिलासपुर के चौकसे कॉलेज में बी.फार्मा फर्स्ट ईयर के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे देवरी गांव पहुंचे थे। इनमें 4 लड़कियां और 4 लड़के शामिल थे। बचाने के चक्कर में 2 दोस्त बहे मुरारी साहू, पवन लाल और सचिन सिंह नदी किनारे सेल्फी लेने के लिए खड़े थे। इसी दौरान पवन का पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के लिए मुरारी और सचिन नदी में कूद गए। तेज बहाव के कारण तीनों छात्र नदी में बह गए और लापता हो गए। पुलिस और गोताखोरों ने शुरू की तलाश घटना की सूचना मिलते ही बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया। इसके बाद बिलासपुर SDRF की टीम ने भी नदी में तलाश शुरू की। शनिवार को पवन, रविवार को मुरारी-सचिन के शव मिले शनिवार को नगर सैनिक गोताखोरों को घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर पवन पाल का शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। वहीं रविवार सुबह बिलासपुर SDRF की टीम ने करीब 6:15 बजे मुरारी और 7 बजे सचिन का शव बरामद किया। पत्थरों के नीचे फंसे थे दोनों के शव बताया जा रहा है कि मुरारी और सचिन के शव नदी में पत्थरों के नीचे बने खोखले हिस्से में फंसे थे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हसदेव नदी में बिलासपुर चौकसे-कॉलेज के 3 छात्र बहे,तलाश जारी: सेल्फी लेते फिसला पैर, बचाने कूदे 2 स्टूडेंट्स भी लापता, देवरी पिकनिक मनाने गए थे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए। बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को देवरी गांव पहुंचे थे। नदी किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए नदी में कूदे दो अन्य छात्र भी बह गए। पढ़ें पूरी खबर…
भाद्रपद शुक्ल तृतीया पर रविवार को हरतालिका तीज (केवड़ा तीज) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने मिट्टी से शिवलिंग, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की प्रतिमाएं बनाईं और विधि-विधान से पूजन कर सुख, सौभाग्य, आरोग्य और दांपत्य जीवन की समृद्धि की कामना की। शहर के नया महादेव मंदिर, सिद्धेश्वर शिवालय हाउसिंग बोर्ड, धनेश्वर शिवालय समेत विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही वृत्तार्थियों की भीड़ रही। महिलाओं ने सातों श्रृंगार कर भगवान शिव-पार्वती का पूजन किया। विशेष रूप से केवड़े के पुष्प, कुमकुम सहित पूजन सामग्री अर्पित कर आराधना की गई। कई घरों में भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर हरतालिका तीज की कथा सुनी। माता पार्वती की तपस्या का प्रतीक है व्रतआचार्य संजय पंड्या शास्त्री ने बताया कि हरतालिका तीज का व्रत माता पार्वती की भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए की गई कठोर तपस्या और अटूट निष्ठा का प्रतीक है। मान्यता है कि माता पार्वती ने कठिन तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया था। इसी परंपरा के तहत महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार के कल्याण की कामना से निर्जला उपवास रखती हैं। मिट्टी की प्रतिमा बनाकर की विशेष पूजाव्रत के दौरान महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेशजी की प्रतिमाएं बनाकर स्थापित कीं। इसके बाद केवड़े के फूल, कुमकुम और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव-पार्वती की पूजा की। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाओं ने हरतालिका तीज की कथा का श्रवण किया। कई स्थानों पर रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण कर भगवान शिव-पार्वती का स्मरण किया गया।

