पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र के बापौली स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाने जा रही एक लेडी टीचर का मंगलवार सुबह हथवाला रोड पर ब्रेजा कार सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया। हालांकि, कुछ देर बाद आरोपियों ने उसे गांव पट्टीकल्याणा के पास यह कहते हुए छोड़ दिया कि उन्होंने 'गलत लड़की' का अपहरण कर लिया था। लेडी टीचर मंगलवार सुबह अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं। हथवाला रोड पर पहुंचते ही, उन्हें एक गली के बाहर बिना नंबर की ब्रेजा कार खड़ी मिली, जिसमें दो युवक सवार थे। युवकों ने शिक्षिका को जबरन कार में बैठा लिया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। पट्टीकल्याणा के पास छोड़कर भागे कार में बैठाने के बाद युवकों ने शिक्षिका से उसका नाम पूछा। जैसे ही शिक्षिका ने अपना नाम बताया, युवकों ने कहा कि उन्होंने 'गलत लड़की' को उठा लिया है। इसके बाद आरोपी कार लेकर पट्टीकल्याणा के पास पहुंचे और शिक्षिका को वहीं छोड़कर भाग गए। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस इस घटना के संबंध में समालखा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ब्रेजा कार की तलाश शुरू कर दी है। आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस बोली-आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा समालखा पुलिस चौकी के अनिल कुमार ने बताया कि कार की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के दो प्रोफेसरों को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी भरा पत्र भेजा गया है। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता प्रोफेसर मान सिंह (शिक्षाशास्त्र विभाग) ने बताया कि 17 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में स्पीड पोस्ट से प्राप्त पत्र में उन्हें और उनके सहयोगी डॉ. हर्ष मणि सिंह (अर्थशास्त्र विभाग) को संबोधित कर बेहद अपमानजनक गालियां दी गईं तथा जान से मारने की साफ धमकी दी गई। पत्र 14 मार्च को आरएमएस के माध्यम से भेजा गया था। प्रोफेसर मान सिंह ने 22 मार्च को कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया। शिकायत में प्रोफेसरों ने बताया कि इस धमकी से वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं। डर के मारे अवसाद और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। कॉलेज के अन्य शिक्षक भी सतर्क हो गए हैं। थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक महिपाल यादव जांच कर रहे हैं। पुलिस डाकघर और आरएमएस केंद्र के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि भेजने वाले की पहचान हो सके। एफआईआर धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना उच्च शिक्षा संस्थानों में फैली असुरक्षा को उजागर करती है।
रायपुर में गर्मी के मौसम में गुणवत्ताहीन पेय पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में विशेष जांच अभियान चला रहा है। नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देश पर अधिकारियों की टीम लगातार दुकानों और उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण कर रही है तथा संदिग्ध उत्पादों के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत भाठागांव स्थित मेसर्स टीएससी सन्स एक्वाईन से एक्वा इन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के दो नमूने लिए गए। वहीं अग्रसेन चौक की मेसर्स सिद्धार्थ मिनरल्स से होमीप्योर और अवंती विहार कॉलोनी की मेसर्स सन प्रोडक्ट्स से सन एक्वा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक-एक नमूना संग्रहित किया गया।नोटिस होगा जारी इसके अलावा बोरियाकला क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए मेसर्स महेश गृह उद्योग से पार्थ लीची ड्रिंक और मेसर्स मीनाक्षी बेवरेजेस से मंगल्या पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूने लिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जिन फर्मों के नमूनों में खामियां पाई जा रही हैं, उन्हें सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है। यदि कोई उत्पाद अमानक या असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बुधवार को बस्ती पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सिलाई मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री ने शासन की उपलब्धियां गिनाईं। दैनिक भास्कर द्वारा रसोई गैस की किल्लत पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का हल्का-फुल्का असर निश्चित तौर पर है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री इस स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। 40 हजार रुपये देने की घोषणा बस्ती मेडिकल कॉलेज से मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर किए जाने और रास्ते में उनकी मौत होने संबंधी सवाल पर मंत्री ने जिलाधिकारी को इस विषय को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा सरकार बदलने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा पर आशीष पटेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक सरकार में थे, तब उन्होंने यह काम क्यों नहीं किया। मंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार 'डिलीवरी' देती है, जबकि विपक्ष केवल वादे करता है।
राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अजमेर जिले के पुष्कर में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सीआईडी जोन अजमेर ने ओवरस्टे कर रही एक थाई महिला को शरण देने के मामले में होटल प्रबंधक और विदेशी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सीआईडी एडिशनल एसपी राजेश मीणा के अनुसार, पुष्कर स्थित द मस्कमेलन होटल एंड रिजॉर्ट में 1 फरवरी 2026 को थाईलैंड की नागरिक कन्याफाट नोएनहोंग ठहरी थी। होटल प्रबंधन ने उसके ऑनलाइन सी-फॉर्म में गलत वीजा नंबर दर्ज किया, जिससे उसके ओवरस्टे को छिपाया जा सके। जांच के दौरान पाया गया कि दर्ज वीजा नंबर किसी अन्य युगांडा नागरिक का था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विदेशी महिला और होटल संचालक ने कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया। महिला पिछले दो साल से अधिक समय से भारत में अवैध रूप से रह रही थी। होटल प्रबंधक द्वारा जानबूझकर उसकी वास्तविक स्थिति छिपाकर शरण देना पाया गया। इस मामले में पुष्कर थाने में प्रकरण संख्या 95/2026 दर्ज करते हुए होटल प्रबंधक और विदेशी महिला के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 22, 23 और 24 के तहत केस दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीना ने बताया कि आगे भी ओवरस्टे करने वाले विदेशी नागरिकों और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं का रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिया। परिणामों के अनुसार कोटा प्रदेश के 41 जिलों में 39वें नंबर पर रहा। कोटा जिले का रिजल्ट 89.25% रहा है। जबकि हाड़ौती संभाग के चार जिलों में कोटा सबसे अंतिम पायदान पर रहा। हालांकि कोटा का रिजल्ट पिछले सालों के मुकाबले इस बार बेहतर रहा। साल 2025 में कोटा का रिजल्ट 87.89% रहा था, जो इस बार 1.35% बढ़कर 89.25% रहा। वहीं परिणामों में बेटियों ने एक बार फिर परचम जारी किया है। कोटा में इस साल परीक्षा में कुल छात्र 13323 और 12068 छात्राएं रजिस्टर्ड थे। कुल 25391 रजिस्टर्ड थे। इनमें से 13118 छात्र और 11924 छात्राएं थे। वहीं कुल 25042 स्टूडेंटस ने परीक्षा दी। इनमें 11436 छात्र सफल रहे। इनका प्रतिशत 87.18 रहा। वहीं 10915 छात्राएं पास हुई, जिनका प्रतिशत 91.54 रहा। परिणामों के अनुसार सैकंड डिवीजन छात्रों की संख्या इस बार ज्यादा रही। कोटा में छात्रों में फर्स्ट डिवीजन 4526, सैकंड डिवीजन 5079 और 1831 छात्र थर्ड डिवीजन पास हुए हैं। वहीं छात्राओं मे 5503 फर्स्ट, 4445 सैकंड और 967 थर्ड डिवीजन से पास हुईं है। छात्राओं में फर्स्ट डिवीजन वाली स्टूडेंट ज्यादा है जबकि सैकंड डिवीजन में छात्रों की सख्या ज्यादा है। वहीं खैराबाद ब्लॉक की सरकारी स्कूलों का परिणाम 90.40 प्रतिशत रहा। यहां 2114 स्टूडेंटस ने परीक्षा दी थी। जिसमें 712 फर्स्ट,956 सैकंड और 247 स्टूडेंट थर्ड डिवीजन पास हुए है। 138 स्टूडेंटस के सप्लीमेंट्री आई है। इधर एक सेंटर पर पांच बच्चों में चार सैकंड डिवीजनवहीं कोटा के जे मार्शल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पांच बच्चो का सेंटर भीममंडी के महात्मा गांधी स्कूल में आया था। सभी पांच बच्चे परीक्षा में उपस्थित रहे और परीक्षा दी। जारी रिजल्ट के अनुसार पांचों बच्चे पास भी हो गए, लेकिन इन पांच में एक ही बच्चा फर्स्ट डिवीजन पास हुआ है। बाकि चारों सैकंड डिवीजन पास हुए है। इसी तरह बंधा के सरकारी स्कूल के 22 बच्चों का सेंटर जामुनिया के सरकारी स्कूल में आया। यहां 22 में 17 स्टूडेंट पास हुए। इनमें चार स्टूडेंटस के फर्स्ट डिवीजन,तीन स्टूडेंट सैकंड डिवीजन और 9 स्टूडेंट थर्ड डिवीजन पास हुए। पांच स्टूडेंटस फैल हो गए।
हरदोई के मेडिकल कॉलेज में बुधवार दोपहर एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी करते हुए एक युवक को रंगे हाथ पकड़ा गया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने उसे दबोच लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। यह घटना हरदोई के मेडिकल कॉलेज में हुई। बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर निवासी रामदीन अपनी और अपनी मां की दवा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज आए थे। वे हड्डी वार्ड के कक्ष संख्या चार के सामने डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगे थे। इसी दौरान एक युवक ने रामदीन की जेब से मोबाइल निकाल लिया। आहट होने पर रामदीन ने अपनी जेब जांची तो मोबाइल गायब मिला। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद एक युवक तेजी से भागने लगा। रामदीन ने भागते हुए युवक को आवाज लगाई। आरोपी ने भागते समय मोबाइल फोन फेंक दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया। मेडिकल कॉलेज के गार्ड मौके पर पहुंचे और आरोपी को मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस सहायता केंद्र ले गए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पानीपत शहर के मॉडल टाउन इलाके में छेड़छाड़ के पुराने मुकदमे में समझौता करने और केस वापस लेने का दबाव बनाते हुए एक युवक ने युवती के साथ मारपीट की। आरोपी ने युवती को एक सुनसान गली में ले जाकर न केवल उसे पीटा, बल्कि केस वापस न लेने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शॉपिंग करने गई थी युवती, रास्ते में मिला आरोपी पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, ऋषि कॉलोनी की रहने वाली एक युवती 20 मार्च की शाम करीब 5 बजे रामलाल चौक पर शॉपिंग करने आई थी। इसी दौरान उसे हनुमान कॉलोनी निवासी विशाल मिला। शिकायत में बताया कि आरोपी विशाल के खिलाफ पीड़िता ने पहले ही थाना चांदनी बाग में छेड़छाड़ और पीछा करने की धाराओं के तहत FIR दर्ज करवा रखी है। एकान्त में ले जाकर की मारपीट आरोपी विशाल ने युवती को रास्ते में रोक लिया और पुराने मुकदमे के बारे में बात करने का बहाना बनाया। उसने कहा कि सड़क पर भीड़भाड़ है, इसलिए वे किसी शांत जगह चलकर बात करते हैं। युवती उसकी बातों में आ गई और वह उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर मॉडल टाउन स्थित बाल विकास स्कूल के पास एक सुनसान गली में ले गया। गली में पहुंचते ही आरोपी का लहजा बदल गया और उसने युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह उसके खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ का मुकदमा तुरंत वापस ले ले। जब युवती ने कानूनी कार्रवाई से पीछे हटने और मुकदमा उठाने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी आपा खो बैठा। उसने युवती के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे उसकी बाईं आंख और माथे पर गंभीर चोटें आईं। परिवार को खत्म करने की धमकी मारपीट के दौरान जब युवती ने शोर मचाया, तो आरोपी घबरा गया। भागने से पहले उसने पीड़िता को खौफनाक चेतावनी दी। उसने कहा, अगर तूने यह मुकदमा वापस नहीं लिया, तो तुझे और तेरे पूरे परिवार को जान से मार डालूंगा इसके बाद वह अपनी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने किसी तरह घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। पिता के घर देर से लौटने के कारण युवती का मेडिकल अगले दिन 21 मार्च को करवाया गया। पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़िता ने थाना मॉडल टाउन में लिखित शिकायत देकर आरोपी विशाल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि इस घटना के बाद से युवती और उसका परिवार गहरे खौफ में है और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। पुलिस ने पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच तेज कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में दिव्यांग बच्चों के साथ सीएम ने जन्मदिन मनाया। मप्र सरकार के मंत्रियों, विधायकों और बीजेपी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने उन्हें सीएम हाउस पहुंचकर बधाई दी। बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता हाथों में मेंहदी लगवाकर सीएम को आशीर्वाद देने पहुंचीं। महिलाओं ने हाथों पर लिखा था- ‘शक्ति का आशीर्वाद’….. युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भेंट किया त्रिशूल बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के नेतृत्व में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचे। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सीएम को त्रिशूल भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी। चिटि्ठयां लेकर पहुंची महिलाएं बड़ी संख्या में बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने सीएम को हाथ से लिखी चिटि्ठयां भेंट कीं। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी, महिला मोर्चा की महामंत्री मोना सुस्तानी मौजूद रहे। अलग-अलग तरह के गिफ्ट बॉक्स बनाकर महिलाएं सीएम हाउस पहुंचीं। सीएम बोले: आज बहनों के आशीर्वाद का दिन सीएम ने कहा हमारी सरकार के गठन के बाद से बहनों का आशीर्वाद जिस प्रकार से मिला है। पूरे देश के लिए मप्र एक प्रकार से आकर्षक प्रदेश है। आज भले ही मेरा जन्मदिन हो लेकिन, वास्तव में आज का दिन बहनों के आशीर्वाद का दिन है। पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई नेताओं ने दी बधाई
पलवल में मकान से लाखों की चोरी:अकेली युवती ने खुद को कमरे में बंद कर बचाई जान; कैश-जेवर ले गए बदमाश
पलवल के कैंप थाना क्षेत्र स्थित न्यू कॉलोनी में दिनदहाड़े एक मकान में चोरी की घटना सामने आई है। चोर दीवार फांदकर घर में घुसे और लाखों रुपए की कैश व जेवरात लेकर फरार हो गए। इस दौरान घर में अकेली मौजूद एक युवती ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई। कैंप थाना पुलिस ने विनोद नामक व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। विनोद ने शिकायत में बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे उनकी बेटी घर पर अकेली थी। उसी समय दो युवक दीवार कूदकर घर के अंदर घुस आए। आहट सुनकर बेटी ने अनहोनी की आशंका पर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। बेटी ने फोन पर पिता को सूचना दी युवती ने खिड़की से देखा कि दोनों आरोपी दूसरे कमरे में घुसकर सामान खंगाल रहे थे। उसने तुरंत अपने माता-पिता को फोन पर सूचना दी। हालांकि, जब तक परिजन घर पहुंचे, आरोपी करीब 75 हजार रुपए कैश और 10 ग्राम सोने के कुंडल सहित अन्य सामान लेकर फरार हो चुके थे। पीड़ित विनोद ने आशंका जताई है कि चोरों ने उनके घर से और भी कीमती सामान चुराया होगा। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही सूचना मिलते ही कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
करनाल जिला के इंद्री थाना क्षेत्र में नहर से गोवंश के कटे सिर मिलने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीआईए-1 टीम ने तीन आरोपियों को काबू किया है। यह कार्रवाई संयुक्त रूप से सीआईए-1, सीआईए-2 और सीआईए-3 की टीमों ने की। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के नकुड़ के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन्हें अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लेकर पूरे गिरोह और नेटवर्क का खुलासा करेगी। तीनों टीमों ने मिलकर की कार्रवाईसीआईए-1 इंचार्ज ने बताया कि इस गंभीर मामले की जांच एसपी करनाल द्वारा सीआईए-1, सीआईए-2 और सीआईए-3 को सौंपी गई थी। तीनों टीमों ने लगातार मिलकर काम किया और मंगलवार शाम को तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवाब, शहजाद और आजम के रूप में हुई है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। क्या था पूरा मामला...धमनहेड़ी के पास पहली बार मिले अवशेषघटनाक्रम की शुरुआत 18 मार्च, बुधवार को हुई थी। धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे से गुजर रहे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को बाहर निकलवाया। इसके बाद उन्हें उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर मिले। आसपास हड्डियों का ढांचा और खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की गई। अगले दिन फिर मिले कटे सिर, हाईवे किया जामपहली घटना के अगले ही दिन 19 मार्च, गुरुवार को उसी नहर के पास फिर से 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से माहौल और गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए कटे सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए। इसके बाद सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया गया। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर गोरक्षकों को शांत किया और ठोस कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। धनौरा के पास तीसरी बार मिले अवशेषतीसरी घटना 21 मार्च, शनिवार को सामने आई। धनौरा गांव के पास नहर में फिर से गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना पर थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी थी। अल्टीमेटम के बाद महापंचायत और प्रदर्शनगोरक्षा दल ने पुलिस को 22 मार्च, रविवार सुबह 11 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर इंद्री में महापंचायत बुलाई गई और प्रशासन के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा। इससे गोरक्षा दल के सेवादारों में रोष फैल गया और उन्होंने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गोरक्षा दल के प्रधान मोनू राणा ने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में इस तरह की घटना हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब रिमांड में होगा खुलासासीआईए-1 टीम के अनुसार, तीनों आरोपियों को काबू कर लिया गया है और अब इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर इस पूरे मामले के पीछे जुड़े नेटवर्क और अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
बुलंदशहर जनपद के सिकंदराबाद क्षेत्र में जनसुविधाओं के विस्तार और समग्र विकास के लिए विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। उन्होंने एक विशेष भूमि के श्रेणी परिवर्तन का प्रस्ताव रखा है। विधायक के अनुसार, सिकंदराबाद नेशनल हाईवे पर लगभग 100 बीघा भूमि उपलब्ध है। इस पर वर्तमान में एक जर्जर नॉर्मल स्कूल स्थित है। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि 'पशुचर' श्रेणी में दर्ज है, जिसे सामान्य श्रेणी में परिवर्तित कर जनहित के कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। लक्ष्मीराज सिंह ने इस भूमि पर एक ईएसआई अस्पताल और एक स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 30 बेड के ईएसआई अस्पताल को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इस स्थान पर अस्पताल की स्थापना से क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि भूमि के श्रेणी परिवर्तन के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र की जाए। इससे सिकंदराबाद क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
शामली जनपद में भारतीय जनता पार्टी की नव निर्वाचित जिला कार्यकारिणी की परिचय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी मोहित बेनीवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके बाद बैठक की औपचारिक कार्यवाही शुरू हुई। बैठक के दौरान नव नियुक्त जिलाध्यक्ष रामजीलाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों के लिए सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
SP ने मिशन शक्ति रैली को दिखाई हरी झंडी:बोलीं- पीड़ित महिलाओं को हर विभाग से मिलकर दिलाएंगे न्याय
सुल्तानपुर में बुधवार को पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने 'मिशन शक्ति 5' के तहत आयोजित एक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना था। यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुरू किए गए 'मिशन शक्ति फेज 5' का हिस्सा है, जो महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है। इस चरण का मुख्य लक्ष्य महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विभिन्न विभागों में कार्यरत महिला कर्मचारी एकत्रित हुईं। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने इन महिला कर्मचारियों द्वारा पैदल और स्कूटी सहित विभिन्न माध्यमों से नगर के विभिन्न मार्गों के लिए रैली को रवाना किया। एसपी चारु निगम ने बताया कि मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। एसपी ने इस अवसर पर कहा कि पीड़ित महिलाओं को केवल एफआईआर दर्ज कराने और चार्जशीट लगाने तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सैकड़ों महिला कर्मियों ने रैली निकालकर महिलाओं को जागरूकता का संदेश दिया। यह रैली नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी। मिशन शक्ति केंद्रों में विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाई जा सके। इसके अतिरिक्त, आशा बहुओं के माध्यम से गांवों में चौपालें लगाई जाएंगी, जिनमें महिला पुलिस की टीम भी शामिल होगी, जो महिलाओं की समस्याओं के समाधान में मदद करेगी। एसपी ने सभी महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का भी संदेश दिया।
रायपुर नगर निगम ने बकायेदारों को साफ चेतावनी दी है कि 31 मार्च 2026 से पहले अपना पूरा प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर दें, वरना कुर्की और सीलबंदी जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। तय समय सीमा के बाद बकाया राशि पर 17% अधिभार के साथ वसूली की जाएगी। निगम के राजस्व विभाग ने अपील की है कि सभी बड़े बकायेदार तत्काल बकाया जमा कर कार्रवाई से बचें। साथ ही आम नागरिकों से भी समय पर टैक्स जमा करने की अपील की गई है, ताकि अतिरिक्त शुल्क और कार्रवाई से बचा जा सके। खास बात यह है कि लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम के सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग 31 मार्च तक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे। 26 मार्च (रामनवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी टैक्स जमा किया जा सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिक ‘मोर रायपुर’ ऐप या नगर निगम की वेबसाइट के जरिए घर बैठे आसानी से संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। निगम ने ज्यादा से ज्यादा लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
मुजफ्फरनगर में शाहपुर के पलड़ी गांव में पथराव:दो पक्षों में विवाद, एक परिवार का घर चपेट में आया
मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, जिसकी चपेट में कश्यप समाज के एक परिवार का घर आ गया। इससे परिवार में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, आदिल, गुफरान और फिरोज सहित कुछ लोगों का दूसरे पक्ष से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद जल्द ही बढ़ गया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। पथराव के दौरान उड़कर आए ईंट-पत्थर पास ही रहने वाले कश्यप परिवार के घर और गली में गिरे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग करते हुए भय का माहौल बताया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को नियंत्रित किया और मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले पर बघरा योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपसी विवाद के दौरान कश्यप परिवार को निशाना बनाया गया। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि परिवार किसी भी सूरत में पलायन नहीं करेगा और वे उनके साथ खड़े हैं। वहीं, एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि यह दो पक्षों के बीच आपसी विवाद था, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार शाम से ही पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोगों को आशंका है कि डीजल और पेट्रोल की कमी हो गई है, जिसके चलते वे स्टॉक जमा कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में किसानों की दलहन और तिलहन फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य चल रहा है। कृषि यंत्रों को चलाने के लिए डीजल की आवश्यकता होती है, ऐसे में किसानों को ईंधन न मिलने का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि एक सप्ताह बाद गेहूं की मड़ाई भी शुरू हो जाएगी, जिससे डीजल की मांग और बढ़ेगी। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के बरई पारा पेट्रोल पंप पर जैसे ही बुधवार को डीजल और पेट्रोल की खेप पहुंची, बड़ी संख्या में लोग डिब्बे, पीपा, बोतलें और अपने वाहन लेकर तेल भरवाने पहुंच गए। ग्रामीण क्षेत्रों में यह खबर फैलते ही लोग बोतलें और गाड़ियां लेकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ते नजर आ रहे हैं। किसान ओम प्रकाश सिंह, रामचेत, सुधीर कुमार पाण्डेय, रामबली तिवारी, ओम प्रकाश तिवारी, राजू और संजय तिवारी सहित कई किसानों ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फसल तैयार है और मड़ाई का कार्य चल रहा है। यदि इस समय डीजल उपलब्ध नहीं हुआ, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, किसानों का अभी कहना है कि बीच-बीच में मौसम भी खराब हो जा रहा है इससे किसानों में और डर सता रहा है कि अगर कहीं बारिश हो गई तो फसल खराब हो जाएगी। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी अयोध्या, बृजेश कुमार मिश्रा ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि जनपद में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में 13 लाख लीटर पेट्रोल और 18 लाख लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। डीएसओ ने जनता से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
करौली जिले में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम इस बार 91.01 प्रतिशत रहा। कई विद्यार्थियों ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। सेंट जेवियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करौली की छात्रा पूर्णिमा गोयनका ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कैला देवी के छात्र अमन राजोरिया ने 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। हिंडौन सिटी के आदर्श विद्या मंदिर के छात्र प्रियांशु कुमार गुप्ता और आदर्श मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा खुशबू शर्मा ने भी 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जिले में दसवीं की परीक्षा के लिए कुल 24,502 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 13,294 छात्र और 11,208 छात्राएं शामिल थीं। इनमें से 24,147 विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जिनमें 13,071 छात्र और 11,076 छात्राएं थीं। छात्रों में 6,016 प्रथम श्रेणी, 4,520 द्वितीय श्रेणी और 1,456 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल 11,992 छात्र पास हुए और उनका उत्तीर्ण प्रतिशत 91.75 रहा। छात्राओं में 4,556 प्रथम श्रेणी, 4,271 द्वितीय श्रेणी और 1,157 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुईं। कुल 9,984 छात्राएं सफल रहीं और उनका उत्तीर्ण प्रतिशत 90.14 दर्ज किया गया। जिले में कुल 10,572 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 8,791 द्वितीय श्रेणी और 2,613 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। इस तरह कुल 21,976 छात्र-छात्राएं सफल रहे और जिले का कुल परीक्षा परिणाम 91.01 प्रतिशत रहा। यह खबर भी पढ़ें:- 10वीं बोर्ड में पूर्णिमा ने अर्जित किए 99 फीसदी:जिले में 91% फीसदी से अधिक स्टूडेंट पास, फर्स्ट डिविजन से पास होने वाले ज्यादा
चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र में बुधवार को सुबह करीब 10:30 बजे खदान में भरे पानी में डूबने से पांच वर्षीय मासूम बच्ची की हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बेज दिया गया है। घटना से जुड़ी तस्वीरें… जानिए पूरा घटनाक्रम… महुआ बिनने के दौरान हुआ हादसा यह हादसा ग्राम पंचायत खण्डेहा के मजरा पियरा में हुआ। मृत बच्ची की पहचान संतोष कुमार की पुत्री काव्या कोल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने माता-पिता के साथ महुआ बिनने गई थी। इसी दौरान खेलते-खेलते वह पास स्थित एक पुरानी पत्थर की खदान के पास पहुंच गई और अचानक उसमें भरे पानी में गिर गई। काफी देर तक बच्ची के नजर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जब वे खदान के पास पहुंचे तो बच्ची पानी में पड़ी मिली। परिजन उसे तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही मऊ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी इंचार्ज राहुल पांडे पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर नायब तहसीलदार पारुल सिंह भी पहुंचीं और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह पुरानी खदान अक्सर पानी से भरी रहती है और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे बच्चों के लिए यह खतरनाक साबित हो रही है। मृत बच्ची के पिता संतोष कुमार एक गरीब किसान और मजदूर हैं।
नोएडा के बाद बरेली में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां सेटेलाइट बस स्टैंड पर एक खुले नाले में युवक गिर गया है। मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे युवक नाले में गिरा, जिसके बाद से उसे निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। नगर निगम के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें भी नाले की सफाई में लगी हुई है। लेकिन अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। घटना का CCTV आया सामने वही युवक के नाले में गिरने का सीसीटीवी भी सामने आया है। जहां खुले नाले में एक युवक गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। जिस वक्त युवक गिरा, उस वक्त भी बस स्टैंड पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। जिस जगह नाला है वहां पर सामने पुलिस चौकी और एक दुकान भी है। दुकानदार ने युवक को गिरता देख भागकर बचाने का प्राय किया। लेकिन वो उसे बचा नहीं सका। होली पर सफाई के बाद से खुला है नाला बारादरी थाना क्षेत्र के सेटेलाइट बस स्टैंड पर होली पर नगर निगम ने नाले की सफाई करवाई थी। जिसके बाद वहां का एक स्लैप हटा दिया गया था। उसके बाद नाले को नहीं ढका गया था। रात करीब साढ़े 9 बजे जैसे ही युवक गहरे नाले में गिरा तो वहां मौजूद एक दुकानदार ने उसका हाथ पकड़कर बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन नाले का बहाव तेज होने की वजह से वो बह गया। जैसे ही नाले में गिरने की खबर नगर निगम के अधिकारियों को लगी तो हड़कंप मच गया। नकटिया नदी में गिरा है नाला नाले की गहराई करीब 15 फिट बताई जा रही है। ये नाला नकटिया नदी में जाकर गिरा है। सेटेलाइट बस स्टैंड से नकटिया नदी करीब 5 किलोमीटर दूर शाहजहांपुर रोड पर है। माना जा रहा है युवक बहता हुआ कही नदी में न चला गया हो। अगर ऐसा हुआ तो नदी की तरफ भी छानबीन करनी पड़ेगी। रात भर मौके पर रहे नगर आयुक्त इस हादसे के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को नाले से निकालने का प्रयास शुरू किया गया। रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चला लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। 16 घंटे से लगातार NDRF, SDRF और नगर निगम की टीमें रेस्क्यू में लगी हुई है लेकिन युवक का कही कोई सुराग नहीं लग सका है। नाले की सफाई के लिए टैंक साफ करने वाली मशीन, जेसीबी भी लगी हुई है। अब मिट्टी भी मंगवाई गई है ताकि नाले में मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोका जा सके। पर्यावरण अभियंता बोले-लापरवाही नहीं सिर्फ दुर्घटना इस मामले में नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि ये एक दुर्घटना है। इसमें अभी तक किसी की लापरवाही नहीं है। उन्होंने बताया कि जो स्लैप हटाया गया था वहां पर बहुत ज्यादा गैप नहीं था। उन्होंने बताया कि रात भर नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य खुद यहां पर मौजूद रहे है। अभी भी हमारी टीमें युवक की तलाश में लगी हुई है। 24 घंटे हजारों यात्री आते है बस स्टैंड पर बड़ी बात ये है सेटेलाइट बस स्टैंड पर 24 घंटे हजारों यात्री आते है। इतनी महत्वपूर्ण जगह पर नाले का खुला होना बहुत बड़ी लापरवाही है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए इसे लापरवाही मानने को तैयार नहीं है वो इसे महज एक दुर्घटना मान रहे है। ये अधिकारी मौजूद फिलहाल मौके पर रात भर नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य मौजूद रहे और अब पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी, सीओ सिटी थर्ड पंकज श्रीवास्तव, बारादरी थाने के इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद है।
ग्वालियर में प्लॉट दिलाने के नाम पर रकम लेने के 13 साल बाद भी रजिस्ट्री और कब्जा न देने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को दोषी ठहराया है। आयोग ने बिल्डर को ग्राहक को 4 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। 4 लाख लेने के बाद भी नहीं मिला कब्जा बता दें कि परिवादिनी एकता शर्मा ने साल 2011 में बिल्डर की दो अलग-अलग योजनाओं में कुल 4 लाख रुपए जमा किए थे। उन्हें लंबे समय तक न तो प्लॉट दिया गया और न ही उसकी रजिस्ट्री की गई। बिल्डर ने बाद में रकम वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसा नहीं लौटाया गया। मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचने पर दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। आयोग ने अपनी जांच में पाया कि ग्राहक की सहमति के बिना अतिरिक्त (एक्सेसरीज) शुल्क लेना गलत था और यह अनिवार्य भी नहीं था। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 13 साल बीत जाने के बाद भी ग्राहक को न तो प्लॉट दिया गया और न ही उसकी जमा राशि लौटाई गई। इसे सेवा में कमी (deficiency in service) माना गया। 45 दिनों में लौटानी होगी राशी आयोग ने बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह 45 दिनों के भीतर एकता शर्मा को 4 लाख रुपए की राशि वापस करे। यदि बिल्डर निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करता है, तो उसे इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
पलवल में ट्रक की टक्कर से व्यक्ति की मौत:पैदल जा रहा था; नहीं हुई पहचान, ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार
पलवल के नेशनल हाईवे-19 पर ओमैक्स सिटी के सामने एक अज्ञात व्यक्ति की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। कैंप थाना पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल के अनुसार, पीसीआर पर तैनात ईएसआई श्रीचंद ने अपनी तहरीर में बताया कि 24 मार्च को उन्हें एक कॉल मिली थी। कॉल करने वाले ने बताया कि ओमैक्स सिटी के पास एक ट्रक ने पैदल चल रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी है। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। फरार ड्राइवर की तलाश कर रही पुलिस तहरीर के अनुसार, होडल की तरफ से आ रहे एक ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए पैदल चल रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी थी। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मार्च को छिंदवाड़ा और सौंसर के दौरे पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि अभी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार मुख्यमंत्री का दौरा सुबह से दोपहर तक कई कार्यक्रमों में व्यस्त रहेगा। मुख्यमंत्री सुबह करीब 11 बजे विशेष विमान से इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे पुलिस ग्राउंड जाएंगे, जहां वे विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे तथा आमसभा को संबोधित करेंगे। 500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में करीब 500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से— जुन्नारदेव में 133 करोड़ रुपए की लागत से बने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का लोकार्पण करेंगे। पीडब्ल्यूडी की 10-12 सड़कों का उद्घाटन करेंगे। पीआईयू और ट्राइबल विभाग के नए भवन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, आरईएस और पीएचई के विभिन्न निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे। सिहोरामाल में महायज्ञ में होंगे शामिल छिंदवाड़ा के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सिहोरामाल जाएंगे, जहां वे 1008 कुंडीय चंडी महायज्ञ में शामिल होंगे। सौंसर के जामसांवली में ‘हनुमान लोक’ का लोकार्पण इसके बाद मुख्यमंत्री सौंसर के जामसांवली पहुंचेंगे। यहां वे दोपहर करीब 2 बजे हनुमान लोक के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। 35 करोड़ रुपए की लागत से बने दर्शन व्यवस्था और मंडप भवन का उद्घाटन करेंगे और आमसभा को भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी है। सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया। एसडीएम परासिया शुभम कुमार यादव सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है।
बिलासपुर के कलेक्टोरेट परिसर में स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने मल्टीलेवल पार्किंग में आटोडील का कारोबार करने का आरोप है। अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एमआईसी के सदस्यों ने मेयर को घेरा। स्मार्ट सिटी के जीएम (रेवेन्यू) एवं नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि पार्किंग का ठेका राजन जायसवाल को तीन वर्षों के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्किंग में ऑटोडील का धंधा होने पर उसे तत्काल रोकने और पार्किंग का उपयोग केवल गाड़ियों के पार्किंग के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश कब और किसने जारी किया कोई खबर नहीं अपर आयुक्त के अनुसार, इस मामले की जांच का जिम्मा जोन 3 को सौंपा गया है। हालांकि, जोन 3 के प्रभारी जोन कमिश्नर प्रवीण शुक्ला ने बताया कि शाम पौने छह बजे तक उन्हें जांच संबंधी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी के जीएम (टेक्निकल) एसपी साहू ने कहा कि ठेकेदार को नोटिस भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन यह आदेश कब और किसने जारी किया, इसकी प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई। विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप का कहना है कि जनता के उपयोग के लिए बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग का शतप्रतिशत उपयोग वाहनों की पार्किंग के लिए होना चाहिए। वहां कोई धंधा कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करना चाहिए।
हरियाणा एंटी करॅप्शन ब्यूरो की टीम ने छात्रवृत्ति घोटाले के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों के खिलाफ कैथल कोर्ट में चालान पेश किया है। आरोपी धर्मबीर (बीएल सेंटर संचालक), राजेश कुमार और नवीन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी छात्रवृत्ति राशि का गबन किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। इसके बाद पंजाब के शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाते हुए छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए। इन आवेदनों पर कॉलेजों की जाली मोहर, प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी हाजिरी रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों को वैध दिखाया गया। अपने खातों में ट्रांसफर की रकम इन फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा करवाकर छात्रवृत्ति राशि स्वीकृत करवाई गई। आरोपियों ने बायोमैट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44 लाख 59 हजार 760 रुपए की राशि निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर ली, जिससे हरियाणा सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा। साल 2023 में दर्ज हुआ था मामला इस संबंध में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान 29 दिसंबर 2025 को धर्मबीर, राजेश कुमार और नवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनमें से नवीन कुमार 6 फरवरी 2026 से जमानत पर है, जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत) की गिरफ्तारी अभी लंबित है।
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में एक होटल संचालक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवकों ने होटल में खाना न मिलने पर संचालक को पीटा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार रात सुमेरपुर कस्बे के एक होटल में हुई। होटल संचालक प्रवीण ने बताया कि कुछ युवक देर रात खाना खाने होटल पहुंचे थे। उस समय होटल में गैस खत्म हो गई थी, जिसके कारण प्रवीण ने खाना बनाने में असमर्थता जताई। इसी बात से नाराज होकर युवकों ने उस पर हमला कर दिया। लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा आरोप है कि हमलावर युवकों ने प्रवीण को काउंटर से खींचकर बाहर निकाला और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। मारपीट में उसके कपड़े फट गए और वह अर्द्धनग्न अवस्था में फर्श पर पड़ा रहा। हमलावर लगातार उसे पीटते रहे। यह पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुमेरपुर कस्बे में लंबे समय से एके-47 गैंग नाम का एक समूह सक्रिय है। बताया जाता है कि यह गैंग मारपीट, छिनैती और छेड़खानी जैसी वारदातों में शामिल रहता है। लोगों का कहना है कि इस गैंग के डर से वे अक्सर शिकायत करने से बचते हैं। अधिकारियों का कहना है कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि गैंग के कुछ सदस्यों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिले में नाबालिग के अपहरण और रेप के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पिछले चार महीनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। मैहर की ताला थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। चार महीनों से फरार था आरोपी ताला थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र मिश्रा की टीम ने आरोपी को पकड़ा। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने 17 दिसंबर 2025 को नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पीड़िता को बरामद किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि गोविंद यादव ने अपने साथियों पिंटू पाव और बंटा कोल के साथ मिलकर उसका अपहरण किया और महाराष्ट्र ले जाकर दुष्कर्म किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा जेल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले के सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी गोविंद यादव (20 वर्ष), निवासी धौसड़ा, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के कुटवारा गांव में मंगलवार रात करीब 9:30 बजे मंदिर की माता की प्रतिमा तोड़ने का मामला सामने आया। घटना के समय कुछ ग्रामीण मंदिर के बाहर बैठे थे, तभी गांव का निवासी दानवीर जाटव वहां पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार, दानवीर जाटव ने गाली-गलौज करते हुए मूर्ति तोड़ने की धमकी दी और एक बड़ा पत्थर उठाकर मूर्ति पर फेंक दिया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया। महिलाओं ने आरोपी को पकड़कर मंदिर से बाहर निकाला, लेकिन वह फरार हो गया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कीबुधवार सुबह ग्रामीण और हिंदू संगठन के सदस्य थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। अभी तक पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। इंदार थाना प्रभारी विवेक यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं का रिजल्ट मंगलवार को घोषित कर दिया है। श्रीगंगानगर जिले के विजयनगर के रहने वाले सिद्धार्थ ज्याणी ने 10th में 99.17% अंक हासिल किए हैं। जतिन सारस्वत ने 98.83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वहीं, पदमपुर की वंदना ने 98.33 प्रतिशत स्कोर किया है। जैतसर की वाणी शर्मा के 97.67 प्रतिशत नंबर आए हैं। इस साल बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी को समाप्त हुई थीं, जिनमें कुल 10 लाख 68 हजार 109 स्टूडेंट शामिल हुए थे। वहीं , श्रीगंगानगर जिले से 44 हजार स्टूडेंट एग्जाम में बैठे थे। श्रीगंगानगर जिले का पासिंग रिजल्ट 94.29 प्रतिशत रहा। दैनिक भास्कर एप पर 10वीं बोर्ड में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के फोटो, वीडियो और इंटरव्यू प्रकाशित किए जाएंगे। इन नंबरों पर भेजें जानकारी : 9413166980 इस फॉर्मेट में भेजें अपनी जानकारी नाम :स्टूडेंट के फोटोस्कूल का नाम:प्रतिशत:मार्कशीट की फोटो:
लुधियाना के निजी स्कूलों द्वारा री-एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर की जा रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ अब समाजसेवी संस्थाएं और अभिभावक लामबंद हो गए हैं। बुधवार को लुधियाना की विभिन्न संस्थाओं ने जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स पहुंचकर डिप्टी कमिश्नर (DC) को एक लिखित शिकायत सौंपी। संस्थाओं का आरोप है कि स्कूल बिना किसी ठोस कारण के भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। क्या है अभिभावकों की शिकायत? अभिभावकों और संस्था के प्रतिनिधियों ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से पुरानी क्लास से नई क्लास में जाने पर जबरन री-एडमिशन फीस वसूली जा रही है। स्कूलों द्वारा विकास के नाम पर वसूले जा रहे फंड का कोई स्पष्ट ब्यौरा नहीं दिया जा रहा। RTE के नियमों की अनदेखी: संस्थाओं ने मांग की है कि प्रशासन जांच करे कि क्या स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 की धारा 12 (1) (c) के तहत 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं या नहीं। DC ने दिए जांच के आदेश इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर, लुधियाना ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा आज कई संस्थाएं अपनी शिकायतें लेकर आई हैं। मामला काफी गंभीर है। अभिभावकों और बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कार्रवाई न होने पर होगा बड़े आंदोलन की चेतावनी संस्थाओं ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन नाजायज शुल्कों पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में इस विरोध को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह बच्चों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा मामला है जिसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इटावा के उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में मानसिक रूप से असमर्थ महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में जांच का अहम चरण पूरा हो गया है। नौ सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और अब 28 मार्च को कार्यकारिणी परिषद की बैठक में दोषियों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। आरोपी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और पीड़िता का इलाज जारी है। जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई तय विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार चिकित्सा संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ आदेश कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने पूरे मामले की गहराई से जांच कर सीलबंद रिपोर्ट सौंप दी है। कुलसचिव दीपक वर्मा ने बताया कि अब इस रिपोर्ट के आधार पर 28 मार्च को होने वाली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तीन घंटे चली बैठक में बनी रणनीति मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन की करीब तीन घंटे तक चली बैठक में जांच रिपोर्ट के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में दोषियों की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है। कुलपति स्तर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन का दावा, जीरो टॉलरेंस नीति लागू जारी प्रेस नोट में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात प्रमुख बिंदुओं के जरिए स्थिति स्पष्ट की है। इसमें बताया गया है कि घटना सामने आते ही मुकदमा दर्ज कराया गया, आरोपी सफाई कर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और पीड़िता के सभी मेडिकल परीक्षण कराए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता का इलाज जारी, निगरानी में मेडिकल बोर्ड पीड़िता की हालत को देखते हुए उसके इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए मेडिकल बोर्ड की निगरानी में लगातार उपचार किया जा रहा है। सभी जरूरी चिकित्सकीय जांच पूरी कर ली गई हैं और डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर नजर बनाए हुए है। मानसिक रोग विभाग में भर्ती करीब 38 वर्षीय महिला, जो बोलने और समझने में असमर्थ है, के गर्भवती होने की पुष्टि 17 मार्च को रूटीन जांच के दौरान हुई थी। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में सफाई कर्मी रविंद्र कुमार बाल्मीकि को आरोपी बनाया गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभागाध्यक्ष को पद से हटा दिया और संबंधित वार्ड में तैनात एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को भी हटाया गया। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी, जिसने अब अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त और ठोस कार्रवाई होगी या मामला औपचारिकता तक सीमित रह जाएगा। 28 मार्च को होने वाली बैठक इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी और उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि दोषियों पर कितनी बड़ी कार्रवाई होती है।
रामानुजगंज में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का समापन आज उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। कन्हर नदी तट पर हजारों व्रती और श्रद्धालु भगवान सूर्य की आराधना में शामिल हुए। सूर्योदय के साथ व्रतियों ने विधि-विधान से अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घाटों पर भक्ति गीत और छठी मइया के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। मुख्य बातें सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे यह आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। नगर पालिका अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधियों ने भी घाट पहुंचकर व्रतियों का उत्साहवर्धन किया।
दमोह मॉडल रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था में लगे निजी कर्मचारी बुधवार से हड़ताल पर चले गए हैं। समय पर वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों ने यह कदम उठाया है, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में गंदगी फैल गई है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दमोह को मॉडल रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त है और यह अपनी बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, वर्तमान में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्थिति बिगड़ गई है। अधिकारियों के चैंबर के बाहर भी कचरा फैला हुआ है। दमोह रेलवे स्टेशन पर सफाई का ठेका उत्तर प्रदेश के लखनऊ की आरएन इंडस्ट्रीज को दिया गया है। इस कंपनी के माध्यम से स्टेशन पर 17 सफाई कर्मचारी और दो सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। सुपरवाइजर शक्ति सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। एक महीने का वेतन अगले महीने की 27 तारीख तक दिया जाता है, तब तक दूसरा महीना शुरू हो चुका होता है। इस वजह से कर्मचारियों को अपना घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। कर्मचारियों ने अपनी समस्या से कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी कारण सभी सफाई कर्मचारियों ने बुधवार से काम बंद कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप स्टेशन पर गंदगी का अंबार लग गया है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पूर्व जिला खेल अधिकारी नरेंद्र ठाकुर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। महिला ने डौंडी थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि नरेंद्र ठाकुर ने 500 रुपए का नोट दिखाकर उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। टीआई उमा ठाकुर के अनुसार, आरोपी वर्तमान में डौंडी स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक (पीटीआई) के रूप में पदस्थ है। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने रास्ते में उसे अकेला पाकर रोका और अश्लील बातें करने लगा। इसके बाद 500 रुपए का नोट दिखाकर संबंध बनाने की मांग की। मामले में अब तक आरोपी नरेंद्र ठाकुर की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। भास्कर टीम ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। इस मामले में बालोद एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 75(1)(ii) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और मामले की जांच जारी है।
शाजापुर शहर में बुधवार सुबह से पेट्रोल और डीजल की किल्लत देखने को मिली। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई बंद होने से लोगों को भारी भीड़ और लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। अग्रिम भुगतान न होने से रुकी सप्लाईजानकारी के मुताबिक, राधा पेट्रोल पंप, बस स्टैंड स्थित पंप और बेरछा रोड के एचपी पंप ने कंपनी को समय पर अग्रिम भुगतान नहीं किया था। इसके कारण इन पंपों की सप्लाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि अब कंपनियां केवल कैश क्रेडिट पर ही ईंधन उपलब्ध करा रही हैं। एक-एक कर पंपों पर खत्म हुआ ईंधनशहर में शुरुआत में सिर्फ दो पंपों पर ही पेट्रोल-डीजल मिल रहा था, लेकिन टंकी चौराहा स्थित भारत पेट्रोल पंप पर भी सुबह करीब 11:30 बजे ईंधन खत्म हो गया। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। एक पंप पर ही मिल रहा ईंधन, तय की गई सीमाफिलहाल शहर में केवल रिलायंस पेट्रोल पंप पर ही ईंधन उपलब्ध है। यहां सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपए का पेट्रोल और 1000 रुपए का डीजल देने की सीमा तय की गई है। संचालक ने कहा-पर्याप्त है स्टॉकरिलायंस पेट्रोल पंप के संचालक ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि उनके पंप पर ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि बुधवार को तीन टैंकर मंगवाए जा रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक पंप पर करीब 8000 लीटर पेट्रोल और 18000 लीटर डीजल उपलब्ध था। प्रशासन ने किया खंडन, अफवाहों से बचने की अपीलजिला प्रशासन ने स्थिति को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की। डिब्बों में ईंधन देने पर रोककलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे डिब्बों या टंकियों में ईंधन न दें। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बावजूद शहर में फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं और लोगों को अभी भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाने के संबंध में MHA के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह निर्देश अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका समय से पहले दायर की गई है और यह भेदभाव की अस्पष्ट आशंका पर आधारित है। CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि गृह मंत्रालय की एडवाइजरी में वंदेमातरम न गाने पर किसी भी तरह की सजा का प्रावधान नहीं है। बेंच ने कहा- ये दिशानिर्देश केवल एक प्रोटोकॉल हैं और इनका पालन करना अनिवार्य नहीं है। जब दंडात्मक कार्रवाई होगी या इसे गाना अनिवार्य किया जाएगा, तब हम इन सब बातों पर ध्यान देंगे। याचिकाकर्ता का दावा- सलाह देने के बहाने साथ गाने मजबूर किया जाएगा याचिका मुहम्मद सईद नूरी ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के वकील संजय हेगड़े ने कहा कि वंदेमातरम गाते समय व्यवधान करने पर सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा- जो व्यक्ति वंदेमातरम गाने या राष्ट्रगीत के समय खड़े होने से इनकार करता है, उस पर हमेशा बहुत बड़ा बोझ होता है। सलाह देने के बहाने लोगों को साथ गाने के लिए मजबूर किया जा सकता है। गणतंत्र दिवस के बाद जारी किए गए थे दिशा-निर्देश गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को एक आदेश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई। आदेश में साफ लिखा है कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। पढ़ें पूरी खबर… बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। ‘वंदे मातरम’ एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था।
इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक महिला कर्मचारी से उसके ही मैनेजर द्वारा छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 30 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती है और स्कीम नंबर-74 में रहती है। 28 जनवरी 2026 की रात करीब 8:30 बजे उसका मैनेजर हिमांशु दुबे बिना सूचना दिए उसके घर पहुंच गया। कमरे में पहुंचकर छेड़छाड़ की कोशिश कुछ देर सामान्य बातचीत के बाद आरोपी ने अचानक गलत नीयत से उसे छूने की कोशिश की। पीड़िता के विरोध करने और शोर मचाने पर उसने उसे धक्का देकर खुद को बचाया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकला। नौकरी से निकलवाने की धमकी पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब उसने कंपनी में शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि वह कंपनी में लंबे समय से काम कर रहा है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। साथ ही शिकायत करने पर नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दी। बाद में पीड़िता ने अपने परिचितों को पूरी घटना बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी हिमांशु दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में 6 मार्च को हुई गौवंश की नृशंस हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बड़ी संख्या में गौसेवक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने इस जघन्य कृत्य के दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा। गाय की बछिया का कटा सिर मिला थाघटनाक्रम के अनुसार, 6 मार्च को इंडस्ट्रियल एरिया बायपास पर एक बछिया का कटा हुआ सिर मिला था, जिसकी सूचना मिलते ही गौसेवकों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने भी पुष्टि की थी कि बछिया का सिर किसी अत्यंत धारदार हथियार से पेशेवर तरीके से काटा गया है। तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तारइस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमवार, 23 मार्च को तीन आरोपियों इरशाद खान (निवासी छाबड़ा, राजस्थान हाल हड्डीमील), आसिफ खान और शाहरुख खान (दोनों निवासी हड्डीमील, गुना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी इरशाद खान पर पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जिला बदर का अपराधी रहा है। कलेक्ट्रेट पहुंचे राजकुमार, अमित, प्रमोद, पवन, संतोष और अभिषेक सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के समक्ष तीखी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जब छोटे-मोटे अपराधों में पुलिस आरोपियों का जुलूस निकाल सकती है, तो गौमाता की हत्या करने वाले और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे वाले इन अपराधियों के सरकारी जमीन पर बने अवैध मकानों को अब तक क्यों नहीं ढाया गया? उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इन आरोपियों के अवैध ठिकानों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान गौसेवकों ने कहा कि गौवंश के प्रति ऐसी क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि प्रशासन जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करता है, तो शहर के हिंदू भाई सडक़ों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
छ्त्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के जावंगा में संचालित एक क्रशर प्लांट को प्रशासन ने सील कर दिया है। साथ ही 55 लाख 18 हजार 800 रुपए की पेनल्टी लगाई है। दरअसल, प्लांट में ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आ रहीं थीं। स्कूल के ऊपर पत्थर गिरा था। दैनिक भास्कर की खबर के प्रशासन का हरकत में आया। जांच की और कार्रवाई की गई। कलेक्टर देवेश ध्रुव के निर्देश पर खनिज उड़नदस्ता दल और राजस्व अमले ने संयुक्त कार्रवाई में ग्राम जावंगा, तहसील गीदम स्थित पत्थर खदान में अनियमितता पाई। यह खदान मेसर्स टी. रमेश (भद्राचलम, तेलंगाना) को 2013 से 2033 तक के लिए लीज पर दी गई है। 18 फरवरी 2026 को खदान में की गई ब्लास्टिंग का असर आसपास के क्षेत्र में देखा गया। करीब 500 मीटर दूर स्थित प्राथमिक शाला बड़े पनेरा (कोसापारा) में पत्थर गिरने की पुष्टि हुई, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। पत्थर स्कूल की छत तोड़कर क्लासरूम में गिरा था। जांच में ये बातें आईं सामने 1. खदान संचालक और ब्लास्टर मौके पर मौजूद नहीं मिले 2. ब्लास्टिंग से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए 3. खदान क्षेत्र के सीमा चिन्ह सुरक्षित नहीं पाए गए 4. स्वीकृत क्षेत्र से बाहर 0.18 हेक्टेयर भूमि पर अवैध खननजांच में करीब 10,800 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन सामने आया।गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने खदान का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। साथ ही खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई करते हुए 55 लाख18,800 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। प्रशासन की चेतावनीप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के खनन, परिवहन या भंडारण दंडनीय अपराध है। दोबारा उल्लंघन मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम लगातार जांच करती रहेगी।
रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में चाकू मारकर मोबाइल लूट करने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान धनेश टंडन उर्फ मेंटल और टिकेश्वर निषाद उर्फ ऑटो के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश यादव 23 मार्च की रात ट्रांसपोर्ट नगर से लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आए दो युवकों ने उनसे गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके पेट और पीठ पर चाकू से हमला किया और मौके से भाग गए। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और स्थानीय पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। चाकू भी किया गया जब्त आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया है। साथ ही धनेश टंडन के पास से बटनदार चाकू और टिकेश्वर निषाद के पास से लोहे का चाकू भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। फिलहाल उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
नीमच जिले में ईरान-इजरायल युद्ध की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार को लगातार दूसरे दिन शहर और ग्रामीण इलाकों के पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका से अपने वाहनों के टैंक फुल करवा रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह से लगी भीड़ सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में यह अफवाह तेजी से फैली कि युद्ध के कारण ईंधन की भारी कमी हो सकती है। इस आशंका में लोग न केवल अपने वाहनों के टैंक भरवा रहे हैं, बल्कि प्लास्टिक की कैन और अन्य बर्तनों में भी अतिरिक्त पेट्रोल जमा कर रहे हैं। यह सिलसिला मंगलवार शाम से शुरू होकर बुधवार को भी जारी रहा। देखिए तस्वीरें… कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इसके बाद लोग आधी रात को भी नेशनल हाईवे पर स्थित पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे लंबी कतारें लग गईं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। कई लोग दूसरों को देखकर कतारों में खड़े हो गए, जिससे भीड़ और बढ़ गई। कलेक्टर बोले-पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त स्टॉक बिगड़ते हालात और अफवाहों को देखते हुए नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्थिति संभाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। कलेक्टर ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है, जिन्होंने आपूर्ति श्रृंखला के सामान्य होने की पुष्टि की है। कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन तैनात प्रशासनिक अधिकारी लगातार पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि कालाबाजारी या अनावश्यक भीड़ को रोका जा सके। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे युद्ध के नाम पर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं, क्योंकि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कानपुर में गैस की किल्लत को लेकर सुबह 5 बजे से लाइनें लग जाती हैं। अगर गैस की समस्या और बढ़ती है तो शहर में कितने दिनों का स्टॉक रिजर्व में रखा गया है? गैस एजेंसियां KYC के नाम से 200 से 400 रुपए की वसूली करती हैं। फोन पर गैस सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज आ जाता है, लेकिन सिलेंडर घर क्यों नहीं पहुंचता है? इस सभी सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर ने कानपुर के जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बातचीत पढ़ने से पहले गैस किल्लत की 3 तस्वीरें देखिए…... शहर में गैस का 5 दिनों का इमरजेंसी स्टॉक जिले में घरेलू सिलेंडर उपभोक्ताओं की कुल संख्या 11 लाख 44 हजार 75 है। इस आंकड़े का 10 प्रतिशत 1 लाख 14 हजार 4 सौ 8 सिलेंडर सभी एजंसियों पर इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखे गए हैं। वहीं, शहर में प्रतिदिन 24 हजार से 25 हजार सिलेंडर की बुकिंग हो रही हैं। इसके सापेक्ष 20 हजार सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं। यदि कानपुर में कंपनियों के द्वारा गैस की सप्लाई बंद हो जाती है, तो शहर में घरेलू सिलेंडर का स्टॉक 5 दिनों में निल हो जाएगा। सवाल - इस समय शहर में कितना इमरजेंसी स्टॉक रिजर्व रखा गया है, प्रतिदिन शहर में कितनी गैस की खपत है? जवाब- हम लोग इमरजेंसी के लिए सभी गैस एजेंसियों पर 10 प्रतिशत इमरजेंसी रिजर्व में स्टॉक है। प्रतिदिन 20 से 22 हजार सिलेंडर प्रतिदिन बुकिंग हो रहा है। केवल 1000 से 500 सिलेंडर की डिलीवरी कम हो रही है। बीच में संडे की वजह से प्लांट बंद रहता है। इस विषय में कंपनियों से बात की गई है। संभव हो तो संडे को भी प्लांट खुल जाएं, जिससे डिलीवरी होती रहे। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो। सवाल- शहर में प्रतिदिन घरेलू और कॉमर्शियल कितने सिलेंडर बुक होते हैं? जवाब- हमारे पास कॉमर्शियल का कोई रिकॉर्ड नहीं है। घरेलू की बात करें तो मार्च 2025 में 22 से 23 हजार सिलेंडर प्रतिदिन डिलीवर होते थे। इस समय 20 से 22 हजार सिलेंडर प्रतिदिन डिलीवर हो रहे हैं। सवाल- फोन पर डिलीवरी का मैसेज आ रहा है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहे। मैसेज क्यों आ रहे हैं? जवाब- देखिए मैसेज पहले चला जाता होगा। अभी DSC होने के 2 से 3 दिन सिलेंडर मिलने में लग जा रहे हैं। पहले 2 से 3 दिन में डिलीवरी हो जाती है, लेकिन अब 5 से 6 दिन में डिलीवरी हो रही है। लेकिन सिलेंडर मिल जा रहा है। हमारे समाने ऐसे विषय आए हैं, लेकिन हम लोग इसकी जांच करवाएंगे। ये मामले किस गैस एजेंसी के है, हम इसकी बाद मे जांच करवाएंगे। इस तरह की कोई समस्या आई है तो जांच करवाएंगे। सवाल- गैस एजेंसी वाले KYC के नाम से 200 से 400 रुपए ले रहे हैं। क्या कोई शुल्क निर्धारित किया गया है? जवाब- KYC का कोई शुल्क नहीं लगता है। यदि कोई गैस एजेंसी KYC के नाम से पैसा ले रहा है तो जांच करवा के कार्यवाही करेंगे। जांच में तथ्य सही पाए जाते है तो कार्यवाही करेंगे। सवाल- KYC न हो पाने के कारण कितने गैस कनेक्शन डिक्टिवेट हुए हैं? जवाब- कितने कनेक्शन डिक्टिवेट हुए हैं, इसका कोई आंकड़ा तो नहीं है। कुछ गैस एजेंसियों के द्वारा बताया गया है। जिनकी KYC नहीं हो पाई थी। इस समय ये भी EKYC के लिए प्रयास कर रहे है। सवाल- इस साल ईद पर कितने गैस सिलेंडर बुक हुए हैं, कितने सिलेंडर डिलीवर हुए हैं? जवाब- 21 तारीख को करीब 21 हजार सिलेंडर बुक हुए हैं, करीब 20 हजार सिलेंडर की डिलीवरी हुई है। 22 तारीख को 22 हजार सिलेंडर बुक हुए हैं, 20 हजार के आसपास डिलीवरी हुई है। सवाल- आपकी तरफ से अब तक कितनी कार्यवाही की गई है, कितनी टीमें एक्टिव हैं? जवाब- तहसील स्तर पर कुल 4 टीमें बनाई गई है, जो SDM के साथ काम करती है। शहरी क्षेत्र में कुल 11 टीमें काम कर रही है। अभी तक हम लोग 11 FIR दर्ज करवा चुके है।
डालीगंज पुल के पास टाटा मैजिक में लगी आग:चालक ने कूदकर बचाई जान, फायर ब्रिगेड ने 30 मिनट में बुझाई
लखनऊ के डालीगंज पुल पर बुधवार तड़के टाटा मैजिक गाड़ी में आग लग गई। चालक ने समय रहते उतरकर अपनी जान बचाई। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। एफएसओ चौक ने बताया- बुधवार तड़के करीब 3:55 बजे डालीगंज पुल के पास एक मैजिक वाहन में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन से एक वाटर टेंडर और हजरतगंज फायर स्टेशन से एक अन्य वाटर टेंडर मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों गाड़ियों से पंपिंग कर करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग में गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। वाहन चालक की पहचान महफूज अहमद पुत्र महबूब अहमद निवासी मोती झील कॉलोनी, बाजारखाला के रूप में हुई है।
कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के घंटाघर मुख्य रोड पर सरेआम मारपीट की घटना सामने आई है। दो पक्षों के बीच हुई इस झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार देर शाम की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक की मुक्कों से जमकर पिटाई की जा रही है। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद फिर विवाद शुरू हो गया। मारपीट करने वालों में रवि शंकर सहित आसपास के रहने वाले अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुरानी रंजिश के कारण दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। पुलिस ने दर्ज किया मामला, कार्रवाई जारी सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। मारपीट के वायरल वीडियो के आधार पर धारा 151 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। तीन दिन में तीसरी घटना, लोगों में दहशत पिछले तीन दिनों में कोरबा में मारपीट की यह तीसरी घटना है। इससे पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास एक कॉलोनी में शराब के नशे में एक युवक ने गार्ड की पिटाई की थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके अलावा, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर नशे में स्कॉर्पियो चालक की कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते पिटाई की थी। उस मामले में भी पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की थी। घंटाघर पर हुई ताजा घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
सीमावर्ती जिले जैसलमेर में मौसम के मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। मंगलवार को आठ दिनों के अंतराल के बाद पारा 35 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 28 मार्च को प्रदेश के ऊपर एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस सिस्टम के प्रभाव से जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी किया है। मार्च के अंत तक हीटवेव से राहत आमतौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह तक जैसलमेर और पोकरण का इलाका भीषण गर्मी की चपेट में आ जाता है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभों के बार-बार सक्रिय होने से स्थिति भिन्न है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मार्च के अंत तक हीटवेव (लू) चलने की संभावना न के बराबर है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार को भी बादलों के घेरे के कारण पारे में बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है, जिससे सुबह और शाम की हवाओं में अभी भी हल्की ठंडक घुली हुई है। 28 मार्च को सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 28 मार्च को प्रदेश के ऊपर एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इस सिस्टम के प्रभाव से जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। विभाग ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक 28 मार्च को जिले के कई स्थानों पर मेघगर्जना, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं (अंधड़) के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई जा रही है। इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मार्च का विदाई सप्ताह सुहावना बना रहेगा।
गुरुग्राम के पालम विहार थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। युवक अपने दोस्त के साथ बाइक पर लौट रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान जौनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 27 वर्षीय आयुष सिंह पुत्र जामवंत सिंह के रूप में हुई है। वह पिछले करीब दो वर्षों से गुरुग्राम के सतगुरु एन्क्लेव स्थित एक पीजी में रहता था और एक निजी कंपनी में काम करता था। पीछे से आई गाड़ी ने मारी टक्कर यह हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। आयुष अपने दोस्त आशुतोष के साथ सरोहल गांव से अपनी बाइक पर सवार होकर पीजी की ओर लौट रहा था। सिरोहल के पास रानी मंदिर के नजदीक पहुंचते ही पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आयुष सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। राहगीरों की मदद से घायल आयुष को तुरंत मनीपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के चचेरे भाई ने दी पुलिस को सूचना घटना की सूचना मिलने पर मृतक का चचेरा भाई निशांत सिंह अस्पताल पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आयुष की मौत सड़क दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों के कारण हुई। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गुरुग्राम पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी वाहन चालक की पहचान कर जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार किया जा सके।
मैनपुरी में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चक्रवर्ती सम्राट सेवा समिति द्वारा आयोजित की गई थी। इसका शुभारंभ शहर के पावर हाउस रोड स्थित गौतम बुद्ध विद्यालय से हुआ। शोभायात्रा पावर हाउस रोड से शुरू होकर भला चौराहा, स्टेशन रोड और करहल रोड सहित शहर के सभी मुख्य चौराहों से गुजरी। इसका समापन आगरा रोड स्थित गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज में एक सभा के रूप में होगा। कार्यक्रम संयोजक सुनील कुशवाहा ने बताया कि इस शोभायात्रा की तैयारी एक महीने से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य सम्राट अशोक के आदर्शों और शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार करना है। शोभायात्रा में आधा दर्जन से अधिक झांकियां शामिल थीं। इनमें भगवान बुद्ध और भीमराव अंबेडकर की झांकियां प्रमुख थीं। डीजे की गाड़ियां भी साथ चल रही थीं। सबसे अंत में सम्राट अशोक के स्वरूप में सजे एक युवक का रथ था, जिसे आकर्षण का मुख्य केंद्र बताया गया। इस शोभायात्रा में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आलोक सिंह शाक्य, महाराज सिंह शाक्य, डॉ. वीरेंद्र शाक्य, गिरिजा नंद शाक्य, राहुल शाक्य, सम्राट ऋषि शाक्य, विनीता शाक्य और मनोज शाक्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
ग्वालियर के खुर्दे वाला मोहल्ला स्थित राजश्री अपार्टमेंट में बुधवार सुबह 11 बजे आग लग गई। अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर में स्थित केमिकल गोदाम से आग शुरू हुई और पहली मंजिल तक पहुंच गई। पुलिस ने अपार्टमेंट में रह रहे परिवारों को बाहर निकला और 3 फायर ब्रिगेड पानी और एक गाड़ी केमिकल फॉर्म की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। अब धुआं निकल रहा है, जिस पर फॉम डाला जा रहा है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर गोदाम है, जिसमें स्याही और सर्जिकल सामान रखा है। बताया जा रहा है कि सर्जिकल सामान से आग भड़की। आसपास के लोगों ने जैसे ही आग देखी, तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने जल्दी से अपार्टमेंट खाली कराया और घरों में रखे गैस सिलेंडर बाहर निकाले। वहीं गोदाम से स्याही के ड्रम भी बाहर निकाले गए। संकरा रास्ता-दमकलों को पहुंचने में हुई कठिनाई अपार्टमेंट तक पहुंचने का रास्ता संकरा होने के कारण दमकलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि दमकल समय से पहुंच गईं और पानी डालना शुरू किया। गोदाम के मालिक का पता लगाया जा रहा है। शॉट सर्किट से आग लगने की आशंका आग लगने के सही कारणों का अब तक पता नहीं चला है पर आशंका जताई जा रही है कि शॉट सर्किट से आग लगी है। आग लगते ही स्थानीय लोगों ने पानी डालकर बुझाने का प्रयास किया, पर आग भड़क गई। अपार्टमेंट में फंस गए थे रहवासी बिल्डिंग में लगभग 20 परिवार रहते हैं। रहवासी लक्ष्मी राठौर ने बताया कि हम लोग पूरी तरह से फंस गए थे। न तो नीचे उतर पा रहे थे और ऊपर भी टॉवर लगा है। बच्चों को एक-एक करके निकला है। बहुत मुश्किल से जान बचाई है। कई बार केमिकल के गोदाम हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई नहीं सुनता। रेशमा ने बताया कि कुछ समझ नहीं आ रहा था कि कैसे बचेंगे। बड़ी मुश्किल से बाहर निकले हैं। ये शिल्पा मेडिकल वालों का गोदाम है। राहत कार्य जारी है सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि गोदाम में स्याही के ड्रम रखे थे, जिन्हें बाहर निकाल लिया है। अंदर रखे सर्जिकल वेस्ट मटेरियल से आग लगी थी। एसडीआरएफ की टीम अंदर मौजूद है। आग लगभग एक घंटा पहले लगी थी। जिस पर काबू पा लिया गया है। आग बुझाने में लगभग 3 गाड़ी पानी और एक गाड़ी केमिकल फॉर्म का इस्तेमाल की जा चुका है। अभी राहत कार्य जारी है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे सड़क सुरक्षा संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का दूसरा दिन भी जागरूकता और सीख से भरपूर रहा। परिवहन विभाग की इस पहल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आगे चलकर समाज में जागरूकता फैलाने का काम कर सकें। हर जिले से शामिल हुए युवा प्रतिभागी लखनऊ आरटीओ संजय तिवारी ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम में एनसीसी, स्काउट-गाइड और एनएसएस के छात्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक जिले से चार-चार प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया है। प्रशिक्षण के बाद ये सभी युवा अपने-अपने जिलों में जाकर सड़क सुरक्षा के एंबेसडर के रूप में काम करेंगे। फर्स्ट एड और घायलों की मदद का प्रशिक्षण दो दिवसीय इस कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने और घायलों की मदद करने के तरीके सिखाए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने पर पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा, जिससे लोग आगे आकर मदद करने के लिए प्रेरित हों। प्रतियोगिताओं के जरिए किया जाएगा प्रोत्साहन आरटीओ के अनुसार, ऐसे जागरूक युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति रुचि और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेगी। प्रतिभागियों ने साझा किया अनुभव महाराजगंज से आए स्काउट-गाइड के छात्रों ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान जब वे होटल लौट रहे थे, तो उन्हें सड़क पर कई लोग गलत तरीके से वाहन चलाते नजर आए। इससे उन्हें यह समझ आया कि लापरवाही ही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। अपने जिलों में फैलाएंगे जागरूकता प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने-अपने जिलों में लौटकर 100 से 200 लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे। इस पहल से न केवल युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
उन्नाव। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार अलसुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। किलोमीटर संख्या 281 के पास श्रद्धालुओं से भरी एक टेंपो ट्रेवलर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस मिनी बस में करीब 25 यात्री सवार थे, जिनमें से लगभग 7 लोग घायल हो गए। छह घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल उन्नाव रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह टेंपो ट्रेवलर महाराष्ट्र के अमरावती जिले से श्रद्धालुओं को लेकर आगरा होते हुए अयोध्या दर्शन के लिए जा रही थी। बांगरमऊ क्षेत्र के पास अचानक चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन नियंत्रण से बाहर होकर हाईवे पर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा (UPIDA) की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औरास भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। चिकित्सकों के अनुसार, छह यात्रियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल उन्नाव रेफर किया गया है। घायलों में लहू कुमार, शालनी गाद्रे, प्रांजलि राउत, विश्वास चौधरी, नंदनी चौधरी, ज्योति उत्खेड़े, धर्मपाल और मालू तढ़हकी शामिल हैं। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश घायलों को सिर और हाथ-पैर में चोटें आई हैं, लेकिन सभी की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। इस हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा अचानक हुआ और बस पलटते ही यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों ने भी राहत कार्य में मदद की और पुलिस को सूचना दी।
शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद के मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच दोपहर बाद 3. 45 बजे इस अहम मामले में फैसला सुनाएगी। हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बुधवार को सुनवाई से पहले शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वरानंद के वकील कोर्ट पहुंच गए हैं। साथ ही केस दर्ज कराने और गिरफ्तारी का विरोध करने वाले आशुतोष महाराज भी प्रयागराज पहुंच रहे हैं। 27 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था। 27 फरवरी को रिजर्व हुआ था फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब जज ने कहा था कि फैसला आने तक शंकराचार्य गिरफ्तारी नहीं होगी। पुलिस जांच में शंकराचार्य सहयोग करेंगे। अदालत में शंकराचार्य का पक्ष वकील पीएन मिश्रा ने रखा, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए थे। शिकायकर्ता आशुतोष महाराज की वकील रीना सिंह ने भी दलीलें रखीं थीं। शंकराचार्य ने बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में 24 फरवरी को अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की FIR दर्ज की थी। सुनवाई से पहले शंकराचार्य ने काशी में दैनिक भास्कर से बात की थी। उन्होंने कहा- सच को सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट सहित जो भी हो, वो होना चाहिए। झूठ की उम्र लंबी नहीं होती। सभी प्रमाण पेश किए जाएंगे। फैसला पक्ष में न आने पर उच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेंगे। इससे पहले, शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अजीत कुमार सरोज को पुलिस ने करीब 20 घंटे बाद पकड़ा। आरोपी लॉ का छात्र है। वाराणसी कचहरी में ही प्रैक्टिस करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया- पड़ोसी को फंसाने के लिए यह मैसेज भेजा था। बता दें कि श्रीनाथ त्रिपाठी को बुधवार देर रात जान से मारने की धमकी मिली थी। उनके मोबाइल पर आए मैसेज में लिखा था- वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी। जानिए पूरा मामला
डालीगंज पुल के पास खड़ी मैजिक गाड़ी में लगी आग:फायर की गाड़ी ने 30 मिनट में पाया आग पर काबू
लखनऊ में बुधवार सुबह डालीगंज पुल के पास खड़ी एक मैजिक गाड़ी में अचानक आग लग गई। घटना करीब सुबह 3:55 बजे की है, जब इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था। आग लगते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन से एक वाटर टेंडर और हजरतगंज फायर स्टेशन से भी एक वाटर टेंडर तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही बिना समय गंवाए आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। दोनों गाड़ियों से लगातार पानी की बौछार की गई, जिसके बाद करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। जिस गाड़ी में आग लगी, उसका नंबर यूपी 32 एसएन 2651 बताया गया है। यह एक मैजिक वाहन है, जो पुल के पास खड़ी थी। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वाहन में कोई सवार नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। गाड़ी चालक की पहचान महफूज अहमद पुत्र महबूब अहमद, निवासी मोतीझील कॉलोनी, बाजारखाला के रूप में हुई है। सूचना के बाद चालक भी मौके पर पहुंच गया था। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि फायर विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया।
हरियाणा में रैपर बादशाह के विवादित टटीरी सांग पर फिर बड़ा एक्शन पुलिस ने किया है। टटीरी सॉन्ग से संबंधित कुल 1,588 विवादित गाने के यूआरएल की रिपोर्ट किए गए। जिनको हरियाणा पुलिस की साइबर ब्रांच की ओर से हटा दिया गया। पुलिस की ओर से बताया गया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर 525 यूआरएल, इंस्टाग्राम पर 967 यूआरएल और फेसबुक पर 96 यूआरएल की पहचान की गई थी, जिसको प्लेटफॉर्मों से हटा दिया गया है। पंचकूला पुलिस ने सारे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से गाने से जुड़े कुल 857 लिंक हटवा दिए हैं, जिनमें 154 यूट्यूब वीडियो और 703 इंस्टाग्राम रील्स शामिल हैं। इसी के साथ पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जो इन्हें अब तक शेयर कर रहे हैं। पुलिस ने सभी प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सॉन्ग के सभी वर्जन- री-अपलोड, शॉर्ट वीडियो और अन्य रूपों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। बादशाह की गिरफ्तारी पर लग चुकी रोक बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद हरियाणा महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग ने इस पर संज्ञान लिया था। हरियाणा महिला आयोग द्वारा बादशाह को पानीपत में पेशी के लिए बुलाया गया था, जिसमें पेश न होने पर उनकी गिरफ्तारी का ऑर्डर दिया गया।हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और पुलिस से लुकआउट नोटिस वापस लेने को कहा। बादशाह पर दर्ज हुए थे 3 केस बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें भी गठित कर दी थी। वहीं, लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया था। हालांकि, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सिंगर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शर्त रखी कि बादशाह को खुद जांच में सहयोग करना होगा। बता दें कि हरियाणा राज्य महिला आयोग ने 13 मार्च को पानीपत में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके बाद गुरुवार को सिंगर को हाईकोर्ट से राहत मिली। 2 पॉइंट में सॉन्ग के बारे में जानिए… सिमरन ने तीन साल पहले गाया: टटीरी सॉन्ग में फीमेल वोकल देने वाली 20 वर्षीय सिमरन जागलान कैथल जिले के पट्टी अफगान गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता कर्मबीर फौजी भी हरियाणवी सिंगर हैं। सिमरन ने करीब तीन साल पहले टटीरी सॉन्ग गाया था। बादशाह को उनकी ट्रेडिशनल स्टाइल में गाई हुई आवाज पसंद आई तो दोबारा रिकॉर्डिंग कर मंगाया। इसी के बाद बादशाह ने टटीरी को नए ढंग से पेश किया, जिसमें फीमेल वोकल रिमरन ने दी। जींद में हुई थी गाने की शूटिंग: इस गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई थी। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। वहीं, प्रोडक्शन टीम ने 14 मार्च को सिमरन और बादशाह का मुंबई में एक शो भी शेड्यूल किया था। सॉन्ग के यूट्यूब से हटाए जाने के बाद मुंबई शो भी कैंसिल कर दिया गया। रील्स क्रिएटर्स को जारी हो चुकी वॉर्निंग अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पंचकूला आयुक्त शिबास कविराज ने रील क्रिएटर्स को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी इस गाने पर रील, शॉर्ट या अन्य वीडियो बनाकर शेयर करेगा उसके खिलाफ केस दर्ज एक्शन लिया जाएगा। वहीं, ऐसा करने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक या बैन भी किया जा सकता है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। अनियंत्रित बाइक की चपेट में आने से बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी बाइक सवार को हिरासत में ले लिया है। मृतक बच्चे की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण (करमा) निवासी मोहम्मद एजाज के पुत्र अर्हम के रूप में हुई है। अर्हम मंगलवार को ही अपने नानी घर परसौनी आया था। जानकारी के अनुसार, ननिहाल पहुंचने के कुछ ही समय बाद एक तेज रफ्तार बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्हम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बाइक सवार को हिरासत में ले लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टक्कर मारने वाले बाइक सवार युवक मनीष साव (पिता बजरंग साव) को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने मासूम अर्हम के शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। रात अधिक होने के कारण शव को सुरक्षित रखा गया है, जिसे कल सुबह पोस्टमॉर्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा जाएगा। थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपी युवक से पूछताछ की जा रही है और बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के माता-पिता और ननिहाल पक्ष के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि रिहायशी इलाकों और गांवों के भीतर वाहन की गति पर नियंत्रण रखें, क्योंकि आपकी एक पल की लापरवाही किसी का पूरा संसार उजाड़ सकती है।
आदिवासी समुदाय लंबे समय से बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग कर रहा है। राजस्थान के अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के आदिवासियों के लिए मानगढ़ आस्था केंद्र है लेकिन अब राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के किसी भी प्रस्ताव से केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया है। उदयपुर से बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने लोकसभा में इसे लेकर 23 मार्च को सरकार से सवाल किया था। तब केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने फिलहाल इसके प्रस्ताव को लेकर इनकार कर दिया है। बता दें कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने को लेकर राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण-2022 में ही अपनी सिफारिशों की मंत्रालय को रिपोर्ट दे चुका है। पढ़िए, सांसद के सवाल और केंद्रीय मंत्री के जवाब उदयपुर से बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने पूछा था कि- 1- क्या सरकार की ओर से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के विचाराधीन प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है या इसका प्रस्ताव है? 2- सरकार भगवान बिरसा मुंडा या मानगढ़ धाम जैसे ऐतिहासिक जनजातीय बलिदानों पर कोई फिल्म या वेब सीरीज बनाने की योजना बना रही है? 3- क्या इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने जनजाति गौरव नामक पुस्तक लिखी है? 4- क्या सरकार देशभर में जनजातीय नायकों के शहादत स्थलों की सुरक्षा और वीरतापूर्ण कामों के बारे में साहित्य सृजन के लिए कोई विरासत संरक्षण संबंधी काम या लेखन परिजयोजना लागू कर रही है? केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जवाब दिया- 1- वर्तमान में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 2- भगवान बिरसा मुंडा या मानगढ़ धाम जैसे ऐतिहासिक जनजातीय बलिदानों पर कोई फिल्म या वेब सीरीज बनाने की योजना का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 3- 'जनजातीय गौरव' नामक पुस्तक लिखी गई है। पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ जनजातीय समाज की भूमिका पर प्रकाश डालता है। 4- जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 10 राज्यों में 11 जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों को मंजूरी दी है। इसके अलावा विभिन्न जनजातीय समुदायों के जीवन और संस्कृति को दर्शाने वाली दुर्लभ कलाकृतियों, पारंपरिक पोशाकों, आभूषणों, हथियारों और अन्य तत्वों को प्रदर्शित करेन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से नृवंशविज्ञान संग्रहालयों को भी मंजूरी दी गई है। मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग क्यों उठी? आदिवासियों के नेता स्वतंत्रता सेनानी गोविंद गुरु के नेतृत्व में 17 नवंबर 1913 को करीब 1.5 लाख से ज्यादा भील आदिवासियों ने मानगढ़ पहाड़ी पर सभा की थी। इस सभा पर अंग्रेज सरकार की पुलिस ने गोलियां चला दी थी, जिसमें लगभग 1,500 आदिवासियों की जान चली गई थी। इस नरसंहार को राजस्थान के जलियांवाला बाग भी कहा जाता है। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण 2022 में कर चुका राष्ट्रीय स्मारक के दर्जे की सिफारिश राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) के तत्कालीन अध्यक्ष तरुण विजय ने 6 जुलाई 2022 को मानगढ़ पहाड़ी को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट दी थी। उस समय कला संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन मेघवालन को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में मानगढ़ पहाड़ी के बारे में प्रासंगिक विवरण और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की सिफारिशें शामिल थीं। तत्कालीन संस्कृति मंत्री मेघवाल ने कहा था- रिपोर्ट को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाएंगे तत्कालीन कला, संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने रिपोर्ट लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए था कि गुमनाम नायकों और मानगढ़ पहाड़ी को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। 17 नवंबर 1913 को ब्रिटिश सेना ने 1500 भील आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को बेरहमी से मार डाला था। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए, आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर हम एनएमए अध्यक्ष तरुण विजय की दी गई रिपोर्ट को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाएंगे। हमारी युवा पीढ़ी उनके बलिदान और मानगढ़ पहाड़ी से अनजान है, यह हमारी जिम्मेदारी होगी कि हम मानगढ़ पहाड़ी के महत्व को उजागर करें और इसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं। पीएम ने कहा था- आदिवासी समाज के बलिदान को इतिहास में जगह मिलनी चाहिए1 नवंबर 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी मानगढ़ धाम के दौरे पर आए थे। मानगढ़ धाम की गौरव गाथा के कार्यक्रम में राजस्थान के तत्कलीन सीएम अशोक गहलोत, एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात के तत्कालीन सीएम भूपेंद्र पटेल शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने कहा था- 17 नवंबर 1913 को मानगढ़ में जो नरसंहार हुआ वह अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पराकाष्ठा थी। दुनिया को गुलाम बनाने की सोच के साथ मानगढ़ की इस पहाड़ी पर अंग्रेजी हुकूमत ने 1500 से ज्यादा लोगों को घेरकर के उन्हें मौत के घाट उतारा था। दुर्भाग्य से आदिवासी समाज के इस बलिदान को इतिहास में जो जगह मिलनी चाहिए वह नहीं मिली। आज देश उस कमी को पूरा कर रहा है। मानगढ़ धाम में स्थित शहीद स्मारक की दीवारों पर शिलालेख पर नरसंहार की कहानी और पत्थरों पर युद्ध का चित्रण किया गया है। मानगढ़ धाम को फोटो में देखिए...
प्रयागराज में सरकारी नौकरी की आस लगाए लाखों बेरोजगार युवाओं को ठगने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। ठगों ने यूपीटीईटी के नाम से फर्जी वेबसाइट बना डाली। इस वेबसाइट पर शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी असली नोटिफिकेशन तो पोस्ट किया ही, साथ ही एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक पेमेंट गेटवे व हेल्पडेस्क का लिंक भी डाल दिया। इस मामले में आयोग के उपसचिव की ओर से कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। आवेदन से संबंधित सभी विकल्प भी डिस्प्ले कियाउपसचिव संजय कुमार सिंह की ओर से पुलिस को बताया गया, आयोग की ओर से उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का विज्ञापन जारी करते हुए इसे अधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in/ पर जारी/अपलोड किया गया है। इसमें आवेदन 27 मार्च, 2026 से प्रारम्भ होने की बात कही गई है। किसी व्यक्ति ने उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के सम्बन्ध में एक फर्जी वेबसाइट https://uptet2026.in/ बनाई है। इस पर एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुडने का विकल्प भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही आयोग की अधिकारिक वेबसाइट की तरह ही उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 की आवेदन प्रक्रिया से सम्बन्धित सभी विकल्प भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उपसचिव का कहना है कि यह कृत्य न केवल आयोग की साख को नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि आम जनता/अभ्यर्थियों को आर्थिक एवं मानसिक हानि भी पहुंचा सकता है। तहरीर मिलने के बाद कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया। क्या है फर्जी वेबसाइट मेंफर्जी वेबसाइट https://uptet2026.in के बारे में सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। इस वेबसाइट को खोलने पर सबसे पहले होमपेज पर सबसे ऊपर बांई ओर टॉप पर UP.TET लिखा हुआ नजर आता है। दाहिनी ओर ऊपर की तरफ ही होम और इसके ठीक बगल ऑरेंज कलर के बैकग्राउंड में JOIN NOW का ऑप्शन दिखाई देता है। इसके बाद बैंगनी कलर के इंटरफेज पर सबसे ऊपर UP TET 2026 Notification, Form Date, Apply Link लिखा नजर आता है। इसमें Notification, Form Date, Exam Date, Apply Link के ऑप्शन मिलते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि आयोग की वेबसाइट की तरह ही इन विकल्पों पर क्लिक करने पर ऑफिशयल नोटिफकेशन, डेट और आवेदन करने का लिंक भी सामने आ जाता है। इसमें न्यू कैंडिडेट और एग्जिस्टेट कैंडिडेट(लॉगिन क्रिएट कर चुके अभ्यर्थियों) का लॉगिन ऑप्शन भी दिया गया है जैसा कि आधिकारिक वेबसाइटों पर भी होता है। इसके बाद FAQ(Frequently Asked Questions) के साथ ही SBI epay और ICICI Bank payment helpdesk के नाम से कई मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। दोपहर तक बंद नहीं कराई जा सकी थी वेबसाइटइस मामले में एफआईआर मंगलवार रात 11:25 मिनट पर दर्ज की गई। हालांकि दोपहर 12:15 बजे तक यह वेबसाइट बंद नहीं कराई जा सकी थी। इस मामले में एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र ने बताया कि साइबर सेल को रिपोर्ट भेजी गई थी। वेबसाइट को तत्काल बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीकर की गोकुलपुरा थाना पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक के पास से पुलिस ने 14.88 किलो डोडा चूरा जब्त किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मुख्य तस्कर की तलाश में जुटी है। दरअसल, 24 मार्च की रात को गोकुलपुरा थाना SHO RPS विजयपाल यादव (ट्रेनी) अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इस दौरान एक युवक पुलिस को देखकर खेतों की तरफ भागने लगा। मामला संदिग्ध लगता देख पुलिस ने युवक का पीछा किया। कुछ दूरी पर पुलिस ने आरोपी नितेश कुमार (21) पुत्र रामप्रसाद मेघवाल निवासी तेतरा को पकड़ लिया। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसके पास से करीब 14.88 किलो डोडा चूरा मिला। आरोपी के पास से पुलिस को दो मोबाइल भी मिले हैं। पुलिस ने इन्हें जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी नितेश नीमच से मुख्य तस्कर के कहने पर डोडाचुरा लाकर सप्लाई करने जा रहा था। आरोपी बस से मलकेड़ा पहुंचा था। अब पुलिस मामले में मुख्य तस्कर की तलाश कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश,हंसराज,जयसिंह सहित अन्य टीम की भूमिका रही। 23 की रात अफीम के साथ युवक को गिरफ्तार किया था बता दें कि गोकुलपुरा पुलिस ने इससे पहले 23 मार्च की रात को भी NDPS एक्ट की कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक यश को गिरफ्तार किया था। जिसके पास से 22.78 ग्राम अफीम बरामद की गई थी।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को 10वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। चूरू जिले का कुल परिणाम 94.46 प्रतिशत रहा। जिले में इस बार भी बेटियों ने बेटों से बेहतर प्रदर्शन किया। 10वीं बोर्ड परीक्षा में 19,120 लड़के शामिल हुए, जिनमें से 17,910 पास हुए। लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.67 रहा। वहीं, 17,638 बेटियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 16,813 उत्तीर्ण हुईं। बेटियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.32 रहा। यह पहली बार रहा जब 10वीं का परिणाम 12वीं कक्षा से पहले जारी किया गया। साथ ही, बोर्ड के इतिहास में यह पहला मौका है जब मार्च में परिणाम घोषित किया गया।राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके चलते बोर्ड प्रशासन ने दसवीं का परिणाम सबसे पहले घोषित किया है। इस साल बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू होकर 28 फरवरी को समाप्त हुई थीं। यह खबर भी पढ़िए...चूरू का 94.46 प्रतिशत रहा 10वीं का रिजल्ट:बेटियां फिर बेटों से रही आगे, 95 फीसदी से ज्यादा हुई पास
अंतरराष्ट्रीय पहलवान जोंटी कुमार को उत्तर प्रदेश सरकार के सर्वोच्च खेल सम्मान 'लक्ष्मण पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। उन्हें कुश्ती में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मार्च को लखनऊ में आयोजित एक समारोह में उन्हें सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। जोंटी कुमार वर्तमान में उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में सीसीटीसी पद पर कार्यरत हैं। रेलवे में अपनी सेवा के साथ उन्होंने खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर विभाग और देश का नाम रोशन किया है। दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान अखाड़ा से जुड़े जोंटी कुमार ने अपने करियर में कई राष्ट्रीय खिताब जीते हैं। इनमें चार बार 'भारत केसरी', तीन बार 'यूपी केसरी' और दो बार 'भारत कुमार' का खिताब शामिल है। उन्होंने नेशनल गेम्स में दो स्वर्ण पदक, सीनियर फेडरेशन कप में दो स्वर्ण पदक और सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक भी हासिल किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जोंटी कुमार का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अंडर-23 और सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा एशिया कुश्ती प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। उन्होंने सीनियर वर्ल्ड और एशियन कुश्ती प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है। उनकी इन सफलताओं के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी उन्हें तीन बार 'यूपी केसरी' का खिताब जीतने पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और रेलवे खेल संघ के पदाधिकारियों ने जोंटी कुमार को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
श्योपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक गंभीर वारदात सामने आई। चोरी के इरादे से घर में घुसे बदमाशों ने एक ही परिवार के पांच लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। परिवार के जागने पर किया हमलाकलारना बस्ती, वार्ड क्रमांक 11 निवासी बाबूलाल बैरवा (56) ने पुलिस को बताया कि मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे ग्राम पीपल्दी का रहने वाला समीर अपने दो साथियों के साथ उनके घर में घुसा। जैसे ही परिवार के लोग जागे, बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। दो महिलाओं की हालत गंभीरहमले में ममता को गर्दन, माथे और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं अर्चना के हाथ, उंगली, कलाई और गर्दन के पीछे गहरे घाव हुए हैं। बाबूलाल की पत्नी कान्ति, खुद बाबूलाल और उनके बेटे लोकेन्द्र को भी चोटें लगी हैं। सभी घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया। हमले के बाद आरोपी फरारवारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने शुरू की जांचपुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक सत्यम सिंह गुर्जर को दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शहर के 'द स्पोर्ट्स हब' (टीएसएच) में आयोजित सिग्नेचर लॉन टेनिस डे टूर्नामेंट 2026 का खिताब विमन्यु अग्रवाल ने अपने नाम कर लिया है। टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मेंस सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में विमन्यु ने नितिन जशनानी को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कोर्ट पर घंटों चले इस संघर्ष में विमन्यु ने खेल के निर्णायक मौकों पर अपनी पकड़ बनाए रखी। फाइनल में दिखा विमन्यु का दम मेंस सिंगल्स के फाइनल में विमन्यु अग्रवाल और नितिन जशनानी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। दोनों ही खिलाड़ी एक-एक अंक के लिए जूझते नजर आए। हालांकि, विमन्यु ने शानदार सर्विस और दमदार फोरहैंड के दम पर नितिन को 6-4 से पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। इससे पहले सेमीफाइनल में विमन्यु ने अभिनव भाटिया को 4-2 से और नितिन ने नितेश कुमार सिंह को 4-0 से मात देकर फाइनल का टिकट पक्का किया था। अभिनव और नितेश को संयुक्त रूप से दूसरे उपविजेता का खिताब मिला। डबल्स में ऋषभ-शिवम की जोड़ी ने मारी बाजी मेंस डबल्स का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जो अंत में टाईब्रेकर तक खिंचा। ऋषभ गोयल और शिवम की जोड़ी ने जबरदस्त तालमेल दिखाते हुए गौतम खेमका और विशाल खन्ना को 8-6 से हरा दिया। इस वर्ग में विमन्यु अग्रवाल-नितिन जशनानी और दक्ष खंडेलवाल-हरजस कलसी की जोड़ियां दूसरे उपविजेता के स्थान पर रहीं। अनुभवी खिलाड़ियों में गौतम और विशाल चमके 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के डबल्स मुकाबलों में भी खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना। इस कैटेगरी के फाइनल में गौतम खेमका और विशाल खन्ना की जोड़ी ने अजय गुप्ता और डॉ. डी.के. जैपुरिया को 6-3 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
सरकारी पटरी पर अवैध कब्जे की शिकायत:एटा में ग्रामीणों ने राजस्व विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया
एटा जिले के सकीट क्षेत्र के मानपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सरकारी पटरी पर अवैध अतिक्रमण की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग व्यक्ति इस भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच करवाकर अवैध कब्जा रुकवाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने राजस्व टीम पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने दिनेश प्रताप और हरि प्रकाश, पुत्रगण लक्ष्मण पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी इस भूमि की पैमाइश हुई थी, लेकिन राजस्व कर्मियों द्वारा गलत आख्या प्रस्तुत कर दी गई थी। गांव के निवासी मैनपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनेश प्रताप सिंह और हरिप्रकाश द्वारा गुंडागर्दी के बल पर पटरी पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस कारण गांव वालों को रास्ता निकालने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि उनका रास्ता खुलवाया जाए और अवैध रूप से भरी गई नींव को हटाकर अतिक्रमण समाप्त किया जाए।
दौसा में एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत सैंड स्टोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 2 दिन की ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। उद्योग विभाग और राजसीको के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में स्थानीय मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म इकाइयों और कारीगरों को डिजिटल रूप से मजबूत बनाकर उन्हें देश-विदेश के बाजार से जोड़ने की ट्रेनिंग दी गई। इसमें लोकल ब्रांड्स को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के तरीके सिखाए गए। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मेघराज मीणा और जिला उद्योग अधिकारी राज राजेश्वर गौड़ ने प्रतिभागियों को एक जिला-एक उत्पाद योजना के अवसरों के बारे में बताया और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना ट्रेनिंग के दौरान आईसीईएस की टीम के रिपुदमन स्वामी और विकास जैन ने डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद बेचने, एसएसओ आईडी और उद्यम पंजीकरण जैसी जरूरी जानकारियां सरल तरीके बताए। एक जिला-एक उत्पाद योजना केन्द्र और राज्य सरकारों की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य हर जिले के पारंपरिक या विशेष उत्पाद को पहचान देकर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इसके तहत हर जिले का एक खास उत्पाद जैसे- हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, खाद्य पदार्थ, या खनिज आधारित उत्पाद का चयन किया जाता है, जिसमें उस क्षेत्र की विशेषता और परंपरा झलकती है। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को ब्रांड पहचान देना, कारीगरों और उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना, उत्पादों की क्वालिटी, पैकेजिंग और मार्केटिंग में सुधारनिर्यात को बढ़ावा देना, वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को मजबूत करना है। यह योजना स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाती है और पारंपरिक कला को खत्म होने से बचाती है। साथ ही, यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
कोण्डागांव जिले में ‘उल्लास भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 22 मार्च 2026 को एक महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के 10,570 निरक्षर नागरिकों ने साक्षर बनने के उद्देश्य से भाग लिया। यह अभियान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अभियान के लिए कुल 14,470 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिनमें से 10,570 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिले के पांचों विकासखंडों में कुल 469 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां यह परीक्षा आयोजित की गई। कोण्डागांव जिले में ‘उल्लास भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 22 मार्च 2026 को एक महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के 10,570 निरक्षर नागरिकों ने साक्षर बनने के उद्देश्य से भाग लिया। यह अभियान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अभियान के लिए कुल 14,470 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिनमें से 10,570 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिले के पांचों विकासखंडों में कुल 469 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां यह परीक्षा आयोजित की गई।15 साल, उससे अधिक आयु के निरक्षरओं को पढ़ना-लिखना डीईओ भारती प्रधान ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य 15 साल और उससे अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों को पढ़ना-लिखना, गणना करना और आवश्यक जीवन कौशल सिखाकर सशक्त बनाना है, ताकि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ योगदान कर सकें। पुनर्वास केंद्र देवखरगांव को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा केंद्राध्यक्ष तुलाराम शोरी (प्राचार्य), सहित कई शिक्षकों ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र के ग्राम लवली के पास नहर पटरी किनारे बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह ग्रामीणों ने शव को नहर के पास पड़ा देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने युवती की पहचान मछरेहटा थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय मोनिका के रूप में की। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने युवती की हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया है, ताकि साक्ष्य छिपाए जा सकें। हालांकि, एएसपी दुर्गेश सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जिससे घटना से जुड़े सुराग मिल सकें। परिजनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस युवती की दिनचर्या, संपर्कों और हाल के घटनाक्रमों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, मोबाइल कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं, जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। एएसपी दुर्गेश सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
सिरसा शहर में चोरी का अजीब मामला सामने आया है। रस्म पगड़ी वाले घर में किसी ने सेंधमारी कर दी। पूरा परिवार घर में सोया हुआ था और रात्रि को किसी ने सभी के मोबाइल चुरा लिए। ऐसे में पूरे गांव में यह चर्चा का विषय बन गया है और चोर का अभी तक पता नहीं चल पाया है। किसी जानकार पर ही शक जताया जा रहा है, क्योंकि हर किसी के लिए अंदर आना मुश्किल है। जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को गांव स्थित घर में रस्म पगड़ी का कार्यक्रम रखा गया है। इसके चलते गांव व बाहर वालों का भी आना-जाना लगा रहता है। गांव में ही ऐसी चोरी पहली बार हुई है। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है और फोन को ट्रैस लगवा दिया है। रात में सोया हुआ था परिवार पुलिस को दी शिकायत में संदीप कुमार, प्रेम कुमार, संदीप, प्रकाश, अजय, शीशपाल, सोनू का कहना है कि वह कंगनपुर के रहने वाले हैं, उनमें से शीशपाल की माता का 19 मार्च को स्वर्गवास हो गया था, इसलिए वे सभी शीशपाल के घर गांव में मृत्यु शोक में परिवार सहित बैठने के लिए आए हुए थे। इसी दौरान रात्रि को सोए हुए थे और सभी के मोबाइल अपने-अपने पास ही थे। सभी के मोबाइल चुराकर फरार जब सुबह वह सभी उठे, तो सभी के मोबाइल चोरी हो गए। 7 लोगों में से किसी के पास मोबाइल नहीं था, जोकि पास के चार कमरों में से चोरी किए हैं। इसके बाद अपने स्तर पर फोन तलाशे, पर उनका कोई पता नहीं चला। उन्हें शक है कि कोई व्यक्ति घर से मोबाइल चोरी कर ले गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव को लेकर लगातार विवाद खड़े हो रहे हैं। इस बार वोटिंग के बाद बनाए गए काउंटिंग एजेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सूबे से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार की ओर से इसको लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) को शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा कि 2014 में ईसीआई द्वारा जो सर्कुलर जारी किया गया था उसके हिसाब से काउंटिंग में केंद्रीय मंत्री, स्टेट कैबिनेट मंत्री, विधायक या अन्य सरकार के लाभ से जुड़े पदों पर तैनात किसी भी व्यक्ति को काउंटिंग एजेंट नहीं बनाया जा सकता है। हालांकि ये शिकायत जिस दिन वोटिंग और काउंटिंग थी उसी दिन 16 मार्च को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। ECI के सर्कुलर में क्या 2 प्वाइंट में समझिए... 1. केंद्रीय मंत्रियों के लिए ये निर्देश हेमंत ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज से करीब 12 वर्ष पूर्व 9 मई 2014 को जारी एक निर्देशानुसार पत्र के अनुसार, देश के सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को जारी के अनुसार चुनाव में राज्य सरकार में मौजूदा मंत्री एवं प्रदेश विधानसभा के मौजूदा विधायकों को मतदान के पश्चात होने वाली मतगणना में अर्थात काउंटिंग एजेंट नियुक्त नहीं किया जा सकता। 2. स्टेट में ये रहेगी स्थिति यहीं नहीं प्रदेश सरकार के मौजूदा मंत्री और राज्य विधानसभा के सदस्यों (विधायकों) के अलावा केंद्र सरकार में मौजूदा मंत्री, मौजूदा सांसद, शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्ष (जैसे मेयर,नप अध्यक्ष/प्रधान), जिला परिषद एवं ब्लाक/पंचायत समिति के अध्यक्ष/चेयरमैन, राष्ट्रीय/प्रादेशिक/जिला सहकारी समितियों के निर्वाचित चेयरमैन, केंद्र और प्रदेश के सार्वजनिक उपक्रमों के चेयरमैन, जो राजनीतिक पृष्ठभूमि से हो, सरकारी प्लीडर (वकील) और कोई भी सरकारी कर्मचारी भी चुनाव में किसी उम्मीदवार का काउंटिंग एजेंट नहीं बन सकता है। 9 मई 2014 को जारी हुआ सर्कुलर ये सर्कुलर 9 मई 2014 को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देश स्पष्ट रूप से भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाने हर चुनाव पर लागू है और अब तक इस निर्देश जारी होने के बाद आजतक उसमें कोई संशोधन या निरस्तीकरण नहीं हुआ है। यहां जानिए किस पार्टी का कौन बना काउंटिंग एजेंट हरियाणा के राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव भारतीय निर्वाचन आयोग के 9 मई 2014 को जारी ये निर्देश के बावजूद, चुनाव में दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों, भाजपा(BJP) के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध एवं इकलौते निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल द्वारा अपने-अपने काउंटिंग एजेंटों के रूप में क्रमशः प्रदेश सरकार के एक वर्तमान मंत्री और हरियाणा विधानसभा के मौजूदा विधायकों की नियुक्ति की गई, जो कि निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। दो बार भेज चुके शिकायत एडवोकेट हेमंत कुमार ने 16 मार्च के बाद मंगलवार 24 मार्च एक बार फिर भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी और हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी ए श्रीनिवास, आईएएस और साथ साथ हरियाणा राज्य सभा चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी (RO) की ड्यूटी निभा चुके वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को इस संबंध में रिमाइंडर भेजा है। हेमंत ने उक्त सभी पदाधिकारियों से मामले में तत्काल संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनी रहे। एक कांग्रेस-एक पर बीजेपी उम्मीदवार जीतें हरियाणा में गत सप्ताह 16 मार्च को प्रदेश से राज्यसभा की 2 सीटों के निर्वाचन के लिए करवाए गए मतदान, जिसमें भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध दोनों निर्वाचित घोषित किए गए, जबकि निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़े सतीश नांदल, जो हालांकि हरियाणा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, बहुत कम अंतर से चुनाव हार गए थे। बहरहाल इस चुनाव की मतगणना दौरान तीनो उम्मीदवारों द्वारा बनाए गए काउंटिंग एजेंट की योग्यता पर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है।
पीथमपुर में बुधवार शाम पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाह फैलते ही शहर में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह बात तेजी से फैली कि आने वाले दिनों में ईंधन की सप्लाई रुक सकती है। इसके बाद लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। वाहनों की लंबी कतारें लगी, यातायात प्रभावितअफवाह के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह हालात ऐसे रहे कि मुख्य सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। लोग सिर्फ गाड़ियों की टंकी ही नहीं, बल्कि बोतल और कैन में भी पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए। प्रशासन बोला-हमारे पास पर्याप्त स्टॉकस्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। एसडीएम जगदीश मेहरा ने साफ कहा कि क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य चल रही है। अफवाहों से दूर रहने की अपील, पुलिस ने कार्रवाई की दी चेतावनीप्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी से ही अनावश्यक भीड़ और परेशानी बढ़ती है।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया। पेट्रोल पंपों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के मैनपाट के मूसाखोल नर्सरी में मंगलवार रात जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट तार की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई। युवक को बचाने के दौरान उसका साला भी झुलस गया। पुलिस ने बुधवार सुबह शव बरामद किया। मौके से जीआई तार भी जब्त किए गए हैं। मामला कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मुर्ताडांड निवासी मिश्रा यादव (37) अपने साले और दो ग्रामीणों के साथ लकड़ी चोरी करने मूसाखोल के सागौन नर्सरी में गया था। रात करीब 10 बजे मिश्रा यादव जंगल में बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह गिर गया और छटपटाने लगा। उसके साले ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन करंट लगने से उसे जोर का झटका लगा। मिश्रा यादव की मौके पर मौत हो गई। हाई वोल्टेज लाइन से जोड़ा गया था तार घटना के बाद मिश्रा यादव के साथ गए तीनों युवक वापस आ गए और जानकारी कमलेश्वरपुर थाने को दी गई। बुधवार सुबह थाना प्रभारी मनोज प्रजापति की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मेन लाइन की सप्लाई कटवाकर शव को बरामद किया। पुलिस ने जंगल में हाई वोल्टेज तार से जोड़कर शिकार के लिए फैलाए गए जीआई तार को भी जब्त किया है। तार में फंसकर एक सियार की भी मौत हो गई थी। सियार के शव को वनकर्मियों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बताया कि, जंगली जानवरों के शिकार के लिए जीआई तार फैलाकर तार को 11 हजार केवी की सप्लाई लाइन से जोड़ा गया था। इससे तार की संपर्क में आते ही मिश्रा यादव को बिजली का झटका लगा और उसकी तत्काल मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। करंट फैलाने वालों की तलाश मिश्रा यादव पेशे से ड्राइवर था। वह अपना नया घर बनवा रहा था। घर के लिए लकड़ी लेने के इरादे से ही वे सागौन नर्सरी में घुसा था और हादसा हो गया। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया है। पुलिस करंट फैलाने वालों की तलाश कर रही है। जहां हादसा हुआ, वहां से पहले से जंगली सूअर और अन्य जानवरों का आना-जाना होता है। माना जा रहा है कि जंगली सूअर के शिकार के लिए ही करंट फैलाया गया था।
आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के सुराई गांव के रहने वाले मोहम्मद कुद्दुस ने पूरे सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए मलेशिया की नागरिकता के बावजूद भी किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले की लोकल इंटेलिजेंस सक्रिय हुई और मामले की तहकीकात में जुट गई। आरोपी के तीन बेटे हैं जो की आजमगढ़ से लेकर लखनऊ तक रहते हैं। सबसे खास बात यह है कि जिस SIR की प्रक्रिया को लेकर लगातार विपक्ष ने निशाना बनाया। उस प्रक्रिया में आरोपी अपना नाम दर्ज करवाने में सफल रहा। ऐसे में SIR की प्रक्रिया से जुड़े हुए लोकल स्तर के लोगों की लापरवाही खुलकर सामने आई। बिना वास्तविकता जाने प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ आरोपी लेता रहा। इसके साथ ही जिले की मतदाता सूची में 2025-26 में भी आरोपी का नाम अंतिम मतदाता सूची में अंकित रहा। विदेशी नागरिक होने के बाद भी लेता रहा योजनाओं का लाभ आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद कुड्डूस ने जिस तरह से मलेशिया के नागरिक होने के बाद भी जिनका ओसीआई कार्ड भी 2016 में जारी किया गया था। उसके बाद भी जिस तरह से आजमगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेता रहा। ऐसे में निश्चित रूप से सिस्टम की लापरवाही सामने आई है। पूरे प्रदेश का हो सकता है इकलौता ऐसा मामला है। जहां विदेशी नागरिक ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ SIR की प्रक्रिया में भी अपना नाम दर्ज कराया है। आयुष्मान योजना से भी जुड़ने के मिले संकेत सूत्रों की माने तो आरोपी ने आयुष्मान योजना का कार्ड भी बनवाया हुआ है और 1 वर्ष पूर्व राजधानी लखनऊ के वेदांता हॉस्पिटल में ऑपरेशन भी कराया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसी मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल कौन करेगा वेरीफिकेशन ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जिस तरह से आरोपी ने 2025 में फिर की प्रक्रिया में अप्लाई किया तो वेरिफिकेशन क्यों नहीं किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ देने के बाद जिम्मेदार लोगों ने जमीनी स्तर पर किस तरह की जांच की। अंतिम मतदाता सूची में कैसे नाम प्रकाशित होगा। ऐसे में कई ऐसे सवाल हैं जो पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़े कर रहे हैं।
रेवाड़ी जिले के गांव मुरार खेड़ा के पास नहर में व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह घूमने के लिए निकले ग्रामीणों ने नहर में शव पड़ा देखा। घटना की सूचना गांव के सरपंच और बावल पुलिस को दी। सूचना के बाद पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शव को नहर से निकाला। मृतक की पहचान गांव पातुहेड़ा के अनिल के रूप में हुई है। डूबने से हुई मौत जानकारी के अनुसार 37 वर्षीय गांव पातुहेड़ा के अनिल किसी काम के लिए घर से निकला था। इसी दौरान वह पांव फिसलने से नहर में गिर गया। जिससे कारण डूबने से उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह मुरार खेड़ा के पास ग्रामीणों ने उसका शव में पड़ा देखा। सूचना के बाद बावल पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी को भी खंगाला। पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव बावल थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सुबह मुरार खेड़ा के पास नहर में शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। मृतक की पहचान पातुहेड़ा निवासी अनिल के रूप में हुई है। नहर में डूबने से उसकी मौत हुई है। परिजनों के बयान पर 174 की कार्रवाई की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
राजस्थान पेंशनर समाज शिवगंज के सदस्यों ने केंद्र सरकार के पेंशन विरोधी विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। पेंशन समाज के अध्यक्ष रघुनाथ मीना ने बताया कि केंद्र सरकार ने 25 मार्च, 2025 को बिना किसी पूर्व सूचना के इस विधेयक को वित्त विधेयक के हिस्से के रूप में संसद में प्रस्तुत किया और इसे लोकसभा से अनुमोदित करवा लिया। मीना ने आगे कहा कि यदि यह अधिनियम लागू होता है, तो यह पेंशनभोगियों को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि और पेंशन पात्रता के आधार पर वर्गीकृत करेगा। इससे केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यकाल से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगी वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ से वंचित हो जाएंगे। मौजूदा पेंशनभोगियों को पेंशन वृद्धि का लाभ नहीं मिलने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पेंशनरों का आरोप है कि केंद्र सरकार 31 दिसंबर, 2025 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से वंचित करना चाहती है। इसी के विरोध में यह ज्ञापन सौंपा गया है।इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजयसिंह गहलोत, सचिव जयसिंह राठौड़, कोषाध्यक्ष भूराराम माधव, देवकिशन अरोड़ा, बिशनलाल वर्मा, गणेश पारंगी, मोहब्बतसिंह राठौड़, बाबुलाल कंडारा, मांगीलाल चौहान, मनोहर दाना, दलपत सिंह इंदा, पुनाराम कुम्हार, पोपटलाल त्रिवेदी, पुखराज सहित कई अन्य पेंशनर उपस्थित थे।
बैतूल में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर बुधवार को कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय में हेलमेट जांच का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान हेलमेट नहीं पहनने वाले 14 शासकीय कर्मचारियों पर चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 4200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय में की जांचकलेक्ट्रेट परिसर में डिप्टी कलेक्टर तृप्ति पटेरिया, कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डहरिया और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच की। अभियान के दौरान अधिकांश कर्मचारी हेलमेट पहने मिले। हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 कर्मचारियों पर प्रति व्यक्ति 300 रुपये के हिसाब से कुल 2400 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह, एसपी कार्यालय में भी हेलमेट जांच अभियान चलाया गया। यहां एसपी वीरेंद्र जैन और एएसपी कमला जोशी की निगरानी में पुलिस कर्मियों और कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों के हेलमेट की जांच हुई। ट्रैफिक अमला और गंज थाना टीआई नीरज पाल भी मौके पर मौजूद रहे। एसपी कार्यालय में 6 कर्मचारियों के चालान बनाकर कुल 1800 रुपये की कार्रवाई की गई। 14 सरकारी कर्मचारियों के चालान बनाएइस प्रकार, दोनों स्थानों पर कुल 14 कर्मचारियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने पूर्व में ही निर्देश जारी किए थे कि सभी शासकीय कर्मचारी कार्यालय आते समय दोपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। इसका उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना है।
ग्वालियर में सिपाही पर मारपीट का आरोप...वीडियो:गाड़ी हटाने पर विवाद, 3 पर केस दर्ज
ग्वालियर के माधौगंज थाना क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में एक सिपाही और उसके साथियों द्वारा एक व्यक्ति से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब विवाद के बाद मारपीट की गई। अब वीडियो सामने आया है। घर पहुंचकर की गई मारपीट का आरोप पीड़ित सोनू सोनी (37), निवासी चितेरा ओली, ने आरोप लगाया कि सिपाही गिर्राज गुर्जर अपने 15-20 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। मारपीट की पूरी घटना पास के घर में मौजूद एक युवक ने मोबाइल में रिकॉर्ड की। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया कि शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सिपाही गिर्राज गुर्जर, आर्यन गुर्जर और मनीष गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
करौली जिले के लांगरा थाना पुलिस ने अवैध रूप से गांजा उगाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खेत से गांजे के हरे-गीले पौधे बरामद कर जब्त किए हैं। डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर लांगरा थाना पुलिस टीम कहारपुरा-बुगडार स्थित एक खेत में पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर एक व्यक्ति ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीराम पुत्र रामजीलाल, निवासी कहारपुरा (बुगडार), थाना लांगरा, जिला करौली बताया। तलाशी के दौरान उसके खेत में जगह-जगह गांजे के हरे पौधे खड़े मिले। गवाहों की मौजूदगी में जांच करने पर इन पौधों से तेज गंध आ रही थी और इनकी पहचान मादक पदार्थ गांजे के रूप में हुई।पुलिस ने मौके पर पौधों को उखाड़कर जब्त किया। जब्त किए गए गांजे के हरे-गीले पौधों (पत्ती, डंठल और जड़ सहित) का कुल शुद्ध वजन 5 किलो 927 ग्राम पाया गया। इसके बाद आरोपी मनीराम को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद जब्त मादक पदार्थ को मालखाने में जमा कराया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक:पेयजल आपूर्ति व अवैध कनेक्शनों पर सख्ती के निर्देश
डीडवाना में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में जिले की पेयजल व्यवस्था, जल जीवन मिशन के कार्यों और अन्य संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को आगामी गर्मी के मौसम के मद्देनजर पेयजल आपूर्ति का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समर कंटीजेन्सी प्लान तैयार रखने, आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने और टैंकर संचालन की प्रभावी निगरानी पर जोर दिया। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत जारी कार्यों, मरम्मत के लिए बजट प्रावधान तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के बेहतर संचालन हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में दीर्घकालीन पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी परियोजनाएं तैयार करने पर बल दिया गया।डॉ. खड़गावत ने अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ नियमित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा।बैठक में एडीएम मोहन लाल खटनावलिया, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता सुनील मानवताल, परियोजना विंग के अधीक्षण अभियंता मुकेश गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीग जिले के बृजनगर में मंगलवार रात चोरों ने 2 दुकानों को निशाना बनाया। इस घटना से पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। सूचना मिलने पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों से मिलकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। चोरी की बढ़ती वारदातों पर गृह राज्यमंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए। बृजनगर पुलिस को स्पष्ट आदेश दिए गए कि चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।मंत्री बेढ़म ने पुलिस को मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस को इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वारदात का खुलासा करने को कहा। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय व्यापारियों और आमजन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तेल संकट की अफवाह के बीच इंदौर में मंगलवार रात पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते शहर के कई पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं और लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। स्थिति बिगड़ते ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि तुरंत एक्टिव हो गए। कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाइश देते हुए बताया कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि इंदौर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अधिकारियों ने डिपो और पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया बुधवार सुबह भी पुलिस अधिकारी पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पंप संचालकों से बातचीत कर सप्लाई की स्थिति जानी गई। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने डिपो और पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इधर, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भरोसा दिलाया कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है और बेवजह घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल पंपों पर पहुंची पुलिस बुधवार सुबह पुलिसकर्मी और अधिकारी पेट्रोल पंप पर पहुंचे और लोगों की समझाइश दी। उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों से बातचीत भी की। हालांकि एक बात ये सामने आई कि रात में पेट्रोल पंपों पर लगी भीड़ के कारण कुछ पेट्रोप पंपों पर रात में स्टॉक खत्म हो गया, जिसके चलते कुछ जगह पर सुबह दिक्कत आई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टैंकरों के आने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य है। अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई इंदौर पुलिस ने आमजन से अपील है कि पेट्रोल-डीजल की कमी की किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर बुधवार को बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज के फाफामऊ स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज पहुंचा। यहां 23 मार्च को कोल्ड स्टोरेज की जर्जर इमारत ढहने से कई लोगों की मौत हो गई थी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसपी मंडल कॉर्डिनेटर राजू गौतम ने किया। उन्होंने मौके का मुआयना कर हालात का जायजा लिया। राजू गौतम ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए प्रशासन की लापरवाही का परिणाम ठहराया। उन्होंने आशंका जताई कि मलबे में अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं। घटना के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 20-20 लाख रुपये की सहायता देने की अपील की। बीएसपी प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जर्जर इमारतों, पुलों और भवनों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। राजू गौतम ने कहा कि जान सबकी कीमती है, चाहे मजदूर हो या कोई और। सरकार को दोबारा ऐसी घटनाओं को रोकना सुनिश्चित करना चाहिए। आय दिन ऐसी खबरें आ रही हैं, जो लोगों की जिंदगियां छीन रही हैं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पास के मोरहू गांव पहुंचा। जहां हादसे में इलेक्ट्रिशियन जगदीश की मौत हो गई थी। बीएसपी ने पीड़ित परिवार को सहायता राशि के साथ राहत सामग्री प्रदान की। गौतम ने कहा कि बीएसपी दुख के इस मौके पर हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पार्टी हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।
आगरा में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अब मेयर ने नगर आयुक्त के खिलाफ पार्षदों द्वारा पारित निंदा प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजकर कार्रवाई की मांग की है। मेयर ने नगर आयुक्त पर वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सदन की अवमानना के आरोप लगाए हैं। सीएम को भेजे पत्र में मेयर ने कहा- नगर आयुक्त ने नगर निगम अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि करोड़ों रुपए के कार्य ऑफलाइन टेंडर और रेट लिस्ट के माध्यम से बिना पारदर्शिता के आवंटित किए गए। नगर आयुक्त के समर्थन में उतरे कर्मचारी जिस तरह पार्षद मेयर के समर्थन में उतर आए थे। उसी तरह से नगर निगम के कर्मचारी नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के समर्थन में आ गए। कर्मचारियों ने काली पट़्टी बांधकर काम किया। चपरासी से लेकर क्लर्क और अधिकारियों ने भी काली पट्टी बांधकर काम किया था। उन्होंने सोमवार को नगर निगम सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव का विरोध किया था। मेयर ने सीएम से क्या शिकायत की पढ़िए…. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे शिकायती पत्र में मेयर ने कहा- नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सदन की अवमानना की है। इन अनियमितताओं की शिकायत शासन स्तर पर किए जाने के बाद नगर आयुक्त ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए सदन की बैठक बाधित करने का प्रयास किया। विकास कार्यों की अनदेखी से पार्षदों में आक्रोश पार्षदों में विकास कार्यों की अनदेखी और 50-50 लाख रुपए के कार्यों के प्रस्तावों पर अमल न होने को लेकर भी आक्रोश है। 15वें वित्त आयोग के प्रस्तावों पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। महापौर ने कहा- सदन की बैठक में नगर आयुक्त और उनके अधीनस्थ अधिकारी शामिल नहीं हुए, जो निगम के इतिहास का काला दिन है। मेयर ने नगर आयुक्त पर उठाया सवाल मेयर ने यह भी कहा- नगर आयुक्त लोकसभा सत्र और विधानमंडलीय समिति की बैठक का हवाला देकर सदन टालने की बात कर रहे हैं। जबकि 21 जुलाई 2023 को भी सदन की बैठक हुई थी, तब लोकसभा का मानसून सत्र चल रहा था। मेयर के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानमंडल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति (2025-26) के आगमन पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को केवल खानपान आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी थी। नगर आयुक्त का क्या है कहना? वहीं, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा- कार्यालय से बैठक को लेकर कोई लिखित निर्देश नहीं मिला। 13 मार्च को बजट बैठक कराने का प्रस्ताव पहले ही दिया जा चुका। शहर के विकास के लिए 2025-26 का बजट पास होना बेहद जरूरी है। संसद के बजट सत्र के चलते बैठक पर रोक की स्थिति थी। विशेष परिस्थितियों में ही बैठक संभव है। मेयर को पत्र भेजकर निर्देश मांगे गए, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।
बड़वानी जिले के जूनापानी गांव में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुए ने बकरी चरा रहे बच्चों पर हमला कर दिया। बच्चों को बचाने के लिए ग्रामीण लाठियां लेकर तेंदुए से भिड़ गए। इस संघर्ष में पांच ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं तेंदुए की भी मौत हो गई। झाड़ियों से निकलकर बच्ची पर झपटा घटना सुबह करीब 9 बजे की है। गांव के कुछ बच्चे पास के जंगल में बकरियां चराने गए थे, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक एक बच्ची पर हमला कर दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद परिजन और अन्य ग्रामीण दौड़े। ग्रामीणों ने लाठियों से प्रहार कर तेंदुए को भगाने और बच्चों को बचाने की कोशिश की। पांच घायलों की हालत गंभीर, सेंधवा रेफर तेंदुए ने बचाव करने आए ग्रामीणों पर भी हमला कर दिया, जिसमें जीवन पिता नंदू, नंदू, कल्याण सिंह, चिंटू चिंटू पिता लाल सिंह और सुरेश पिता निम्बा गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को वरला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सेंधवा रेफर कर दिया गया। देखिए तस्वीरें … गांव वाले बोले- संघर्ष और भागने में तेंदुआ भी घायल ग्रामीणों के अनुसार, बचाव के दौरान हुए संघर्ष और भागने की कोशिश में तेंदुआ भी घायल हो गया। वह जान बचाने के लिए एक पेड़ पर जा चढ़ा, लेकिन चोटों के कारण कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। वरला रेंजर प्रीति परमार ने बताया कि वन विभाग की टीम जब तक मौके पर पहुंची, तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। विधायक और वन अमले ने लिया जायजा घटना की जानकारी मिलते ही सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी, वन विभाग के एसडीओ मुकेश मरावी भी घटना स्थल पर पहुंचे। विधायक ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और वन्य प्राणियों की मौजूदगी के प्रति सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। फिलहाल, विभाग तेंदुए की मौत के असल कारणों की जांच कर रहा है।
एम्स भोपाल में 25 मार्च को अंगदान, प्रत्यारोपण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम विषयों पर राष्ट्रीय स्तर का सीएमई आयोजित की गई। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) के साथ हो रहे इस कार्यक्रम में न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच दिया, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर दिशा भी तय की गई। खास बात यह है कि इसमें अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट सिस्टम की चुनौतियों और AI के जरिए इलाज को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में एक्सपर्ट ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर फोकस रहेगा। इसमें बताया जाएगा कि AI कैसे बीमारी की पहचान, इलाज के फैसले और रिसर्च को बेहतर बना रहा है। हाल ही में विकसित AI मॉडल जैसे सिस्टम ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयासों को 60% तक कम कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। एम्स में दिनभर चलेगा अकादमिक मंथन कौटिल्य भवन स्थित लेक्चर थिएटर में सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक यह कार्यक्रम चलेगा। इस दौरान एक्सपर्ट भविष्य के ट्रांसप्लांट प्लान को शेयर करेंगे। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक प्रो. योगेश चावला, मेडांटा के डॉ. अरविंद कुमार, एस्टर अस्पताल के डॉ. सोनल अस्थाना, IIT इंदौर की डॉ. अतरेयी घोष और कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंगदान और ट्रांसप्लांट पर फोकस पहले सत्र में देश में अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट की जरूरत, कानूनी ढांचा और अस्पतालों की तैयारियों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे अंगदान को बढ़ावा देकर ज्यादा मरीजों को जीवन दिया जा सकता है। पैनल डिस्कशन और ओपन हाउस भी कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन, एक्सपर्ट लेक्चर और ओपन हाउस सेशन होंगे। इससे डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछने और अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की पहल एम्स भोपाल के अनुसार यह कार्यक्रम अंगदान को बढ़ावा देने और AI जैसी तकनीकों को अपनाने की दिशा में अहम कदम है। इससे भविष्य में मरीजों को बेहतर, तेज और सटीक इलाज मिल सकेगा।
जबलपुर के आधारताल में स्थित एक दुकान के बाहर लगे बोर्ड को हिंदू धर्म सेना जबलपुर के कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि जो भी दुकानदार अपना धर्म और नाम बदलकर व्यापार करेगा, उसकी दुकान किसी भी कीमत पर चलने नहीं दी जाएगी। बुधवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने आधारताल थाना प्रभारी को एक शिकायत पत्र देकर मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो नाम की आड़ में जिहाद फैलाने का काम कर रहे हैं। दरअसल, हिंदू धर्म सेना को जानकारी मिली थी कि आधारताल चौक पर विशेष समुदाय के लोग हिंदू नाम से दुकान संचालित कर रहे हैं। टीआई ने आश्वासन दिया है कि ऐसे व्यक्तियों को पुलिस चिन्हित कर सख्ती से समझाइश देगी कि नाम बदलकर बोर्ड न लगाया जाए। बता दें कि पुलिस ने हाल ही में दुकान संचालक मोहम्मद जावेद हुसैन को एक लड़की को दो लाख रुपए में बेचने के आरोप में उसकी महिला साथी के साथ गिरफ्तार किया था। संचालक का नाम हुसैन, दुकान का नाम पिंकी आधारताल चौक में गारमेंट्स एंड मेन्स वियर की दुकान है, जिसका नाम पिंकी शॉप है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को जानकारी लगी कि एक विशेष समुदाय के लोग हिंदू लड़की के नाम से दुकान चला रहे हैं। हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ता आधारताल स्थित दुकान पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए बोर्ड तोड़ दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही टीआई प्रवीण सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि शिकायत पर कार्रवाई जरूर होगी। हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत का कहना है कि पूरे शहर में इस तरह का मामला चल रहा है, जहां विशेष समुदाय के लोग हिंदू नाम से दुकान खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके पीछे उद्देश्य लड़कियों को बहलाना और बाद में उनके साथ गलत करना है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत का कहना है कि मोहम्मद जावेद हुसैन ने पिंकी गारमेंट्स के नाम से दुकान खोली है, जिसमें हिंदू लड़कियां काम करती हैं। उनका कहना है कि इससे गलतफहमी पैदा होती है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ता मुकेश रजक का कहना था कि जब मोहम्मद जावेद हुसैन मुस्लिम है, तो उसे अपने ही नाम से दुकान रखनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है। पांच दिन पहले हुआ जावेद गिरफ्तार पिंकी गारमेंट्स के नाम से दुकान चला रहे संचालक मोहम्मद जावेद हुसैन को पांच दिन पहले ही आधारताल पुलिस ने एक लड़की को राजस्थान में रहने वाले पारस नाम के व्यक्ति को दो लाख रुपए में बेचने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी एक साथी पूनम को भी पकड़ा है। मामले में उज्जैन और राजस्थान के दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। शहर के गोहलपुर में रहने वाली 19 वर्षीय युवती, मोहम्मद हुसैन की दुकान पर काम करती थी, 11 दिसंबर 2025 को लापता हो गई थी। परिजनों ने आधारताल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान मामला मानव तस्करी में बदल गया। पुलिस को पता चला कि मोहम्मद जावेद ने अपनी महिला साथी पूनम के साथ मिलकर युवती को उज्जैन निवासी ईश्वर के हवाले किया, जहां से उसे जबरन राजस्थान के कोटा निवासी पारस को दो लाख रुपए में बेच दिया गया। चार महीने बाद युवती हुई आजाद गोहलपुर निवासी युवती को पारस के घर में बंधक बनाकर रखा गया था। चार माह बाद वह मौका पाकर 18 मार्च को जबलपुर पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अन्य दुकानों को लेकर भी उठे सवाल हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं ने आसपास की दुकानों में भी पूछताछ की। इसमें सामने आया कि कुछ अन्य दुकानों में भी अलग नाम से व्यापार किया जा रहा है। पास ही एक दुकान डीएल ऑनलाइन के नाम से चल रही थी। पूछताछ में संचालक ने अपना नाम अंसारी बताया, जिसके बाद उसे वास्तविक नाम से दुकान चलाने की सलाह दी गई। इसी तरह एक दुकान ‘मैडम टेलर’ नाम से भी संचालित पाई गई।
बालाघाट में मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बाद पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। मंगलवार रात पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगने के बाद, आज बुधवार को गैस एजेंसियों पर भी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति ऐसी हो गई कि गैस एजेंसी संचालकों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी। संचालक बोली-पर्याप्त स्टॉक है, अफवाहों पर ध्यान न दें बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गैस आपूर्ति से संबंधित किसी खबर के बाद लोग बड़ी संख्या में गैस एजेंसियों पर पहुंच गए। इससे एजेंसियों की सामान्य व्यवस्था प्रभावित हुई। गैस एजेंसी संचालक अनीश खान ने स्पष्ट किया कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। हट्टा पेट्रोल पंप पर भीड़ में नायब तहसीलदार मौजूद रहे दूसरी ओर, बुधवार को भी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई। इसे देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमला पेट्रोल पंपों पर तैनात किया गया है। हट्टा के पेट्रोल पंप पर नायब तहसीलदार मंजुला महोबिया की मौजूदगी में पेट्रोल वितरित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पेट्रोल को लेकर बढ़ती भीड़ के मद्देनजर, प्रशासन ने मौखिक रूप से राशनिंग के आदेश दिए हैं। इसके तहत, कुछ पेट्रोल पंपों पर दो सौ रुपए तो कुछ पर पांच सौ रुपए से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। देखिए तीन तस्वीरें… तहसीलदार बोले-अफवाहों में न आए और घबराएं नहीं नायब तहसीलदार मंजुला महोबिया ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों में न आएं और घबराएं नहीं, क्योंकि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है और सभी को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जनगणना 2027 की तैयारियां तेज:गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियों के तहत जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिन के ट्रेनिंग का आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 23 से 25 मार्च तक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना गौरेला के सभा कक्ष में चल रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने जनगणना काम में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के कामो को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में पूरा किया जाए। निर्धारित समय सीम में हो सारे काम इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के कार्य को सुव्यवस्थित और बिना गलती के संपन्न कराना है। प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर अनिल कुमार वर्मा और अंबुज कुमार मिश्रा ने फील्ड ट्रेनरों को जनगणना से जुड़े कई तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। जनगणना निदेशालय से धरमराज मीणा ने भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने जनगणना के कामो को निर्धारित समय-सीमा में व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में शामिल फील्ड ट्रेनर्स आगे चलकर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसका उद्देश्य जनगणना कार्य को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। इस अवसर पर एसडीएम मरवाही देवेंद्र सिरमौर और एसडीएम पेंड्रारोड विक्रांत अंचल भी उपस्थित थे।
मिल्कीपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में देरी का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन शुक्ला ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि वार्षिक चुनाव नियमों के विरुद्ध नहीं कराए जा रहे हैं। अधिवक्ता पवन शुक्ला के अनुसार, मिल्कीपुर बार एसोसिएशन का चुनाव 17 दिसंबर 2025 तक हो जाना चाहिए था। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में याचिका दायर करनी पड़ी। मामले का संज्ञान लेते हुए, हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, मिल्कीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, मंत्री, कार्यकारी सदस्य और एल्डर्स कमेटी को नोटिस जारी किया है। इन सभी पक्षों को 31 मार्च 2026 को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को दस्ती नोटिस तामील कराने का आदेश दिया था। पवन शुक्ला के मुताबिक, एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष हरिमोहन शंकर श्रीवास्तव और कार्यकारी सदस्य एडवोकेट संदीप शुक्ला को नोटिस मिल गया है। हालांकि, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाण्डेय और मंत्री सूर्य नारायण द्विवेदी ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया है। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष हरिमोहन शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में चुनाव कराने के लिए बार एसोसिएशन अध्यक्ष और मंत्री से सदस्यों की सूची मांगी थी, लेकिन उन्हें आज तक कोई दस्तावेज नहीं मिला। उन्होंने यह भी बताया कि बार काउंसिल के नियमानुसार, कार्यकाल समाप्त होने पर यदि कमेटी चुनाव नहीं कराती है, तो उसके सारे अधिकार एल्डर्स कमेटी में निहित हो जाते हैं। नियमानुसार, अध्यक्ष और मंत्री को अपना चार्ज तुरंत एल्डर्स कमेटी को सौंप देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब सभी अधिवक्ताओं की निगाहें हाईकोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं।
मंडसौर जिले के अफजलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलांत्री में मंगलवार देर रात सड़क हादसा हुआ। घायल व्यक्ति की पहचान मांगू सिंह (50 वर्ष), निवासी बिलांत्री के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मांगू सिंह गांव के एक ढाबे पर खाना खाकर बाहर निकले ही थे कि तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि वह सड़क पर गिर पड़े और उन्हें सिर, मुंह, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज जारी है। मोटरसाइकिल चालक को भी चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसान की मौत के बाद सड़क जाम:रायबरेली में 23 नामजद सहित 173 लोगों पर FIR, महिलाएं भी शामिल
रायबरेली के जगतपुर में किसान की मौत के बाद हुए सड़क जाम और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस घटना में 173 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिनमें 23 नामजद और 150 अज्ञात पुरुष व महिलाएं शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब छिछौरा मजरे अलावलपुर निवासी 55 वर्षीय सुरेश कुमार की 19 मार्च को तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर विशवनाथगंज गांव के पास सड़क जाम कर दिया था, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई। पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास करने पर कुछ लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की व अभद्रता की। इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम हाउस में भी पुलिस के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई थी।जगतपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि एक सिपाही की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मुआवजे का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच जारी है।
संभल में एक ग्राम प्रधान और उनके साथियों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह घटना प्रधानी के चुनाव से चली आ रही पुरानी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है। यह पूरा घटनाक्रम जनपद संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव मिलक सिरसी का है। ग्राम प्रधान फय्याज पुत्र हबीब ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मार्च को सलीम की पत्नी सुनार के अंतिम संस्कार से लौटते समय यह वारदात हुई। फय्याज के अनुसार, रास्ते में अफजल पुत्र हनीफ, इरफान पुत्र अफजल, सरताज व गुलजार पुत्र सत्तार, भूरा पुत्र अबरार, जरीफ पुत्र बाबू और तहजीब पुत्र जरीफ मिले। उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज शुरू कर दी। जब इसका विरोध किया गया, तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान कई लोग मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने बीच-बचाव किया। इस घटना में शिकायतकर्ता फय्याज के हाथ और सिर में चोटें आईं, जबकि उनके चाचा अजीज पुत्र हमीद के सिर में खुली चोट लगी। थाना पुलिस ने दोनों घायलों को मेडिकल जांच के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय संभल भेजा है। पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सभी आरोपी गांव से फरार हो गए हैं। बुधवार को थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3), 118(1), 110 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसआई विशांत कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, और घटना की सत्यता एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
10वीं के रिजल्ट ने पिछले 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ा:बेटियों ने मारी बाजी, आर्यन नागायच रहे जिले के टॉपर
भरतपुर जिले में इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम न सिर्फ बेहतर रहा, बल्कि पिछले चार साल का रिकॉर्ड भी टूट गया। कुल 95.39% परिणाम के साथ जिले ने रैंकिंग में भी सुधार करते हुए 17वें स्थान से 13वें स्थान पर छलांग लगाई। खास बात यह रही कि छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं आर्यन नागायच 99.50% अंक के साथ जिले के टॉपर रहे। रिजल्ट में सुधार, रैंकिंग में भी उछालइस बार भरतपुर जिले का कुल परिणाम 95.39 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 94.25 प्रतिशत से 1.14 प्रतिशत अधिक है। लगातार चार साल बाद जिले ने अपने प्रदर्शन में सुधार दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही प्रदेश स्तर की रैंकिंग में भी चार स्थान का सुधार हुआ है। बेटियों का रहा बेहतर प्रदर्शनजिले के परिणाम में छात्राओं ने फिर से बाजी मारी। कुल परिणाम में उनका प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। आर्यन नागायच बने जिला टॉपररिजल्ट जारी होने के बाद जिलेभर के स्कूलों में खुशी का माहौल रहा। इस साल आर्यन नागायच ने 99.50 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं वंदना कुमारी ने 99.33 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

