राजस्थान दिवस के मौके पर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर में अजमेर रोड स्थित बस टर्मिनल से राजस्थान रोडवेज की 207 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री प्रेम बैरवा भी मौजूद रहें। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी, इसके साथ ही रोडवेज के नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है। रोडवेज के बेड़े में लगातार नई बसें जोड़ने के साथ-साथ सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सकें। डिप्टी सीएम बैरवा ने कहा कि सरकार का मानना है कि प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। नई बसों के संचालन से उन क्षेत्रों में भी आवागमन आसान होगा, जहां अभी तक सार्वजनिक परिवहन के सीमित साधन उपलब्ध हैं। इससे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े यात्रियों को भी काफी राहत मिलेगी। बता दें कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के बेड़े में शामिल की गई इन बसों में 100 ब्लूलाइन एक्सप्रेस बसें, 79 स्टार लाइन बसें और 28 नए एसी बस शामिल हैं। इन सभी बसों को आज औपचारिक रूप से फ्लैग ऑफ किया गया है। ऐसे में आज से इन सभी बसों को प्रदेश के अलग-अलग रूटों पर संचालित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। --- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें।
सपा से बागी हुए रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय अब भाजपा में हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के चार वर्षों का लेखा-जोखा पेश करते हुए उपलब्धियां गिनाई। उनका कहना है कि बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार प्राथमिक में रहा। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने विधायक से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पिछले 4 सालों के काम से कितने संतुष्ट हैं? खुद को 10 में से कितने अंक देंगे?जवाब: विकास एक सतत प्रक्रिया है। वह इस बात से संतुष्ट हैं कि जनता की अपेक्षाओं और मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए काफी काम किया। ये भी सच है कि अभी भी कई कार्य शेष हैं, जिन्हें पूरा करना चुनौती बना हुआ है। सवाल: सबसे बड़ा कौन सा काम रहा?उत्तर: क्षेत्र में बिजली की समस्या सबसे गंभीर थी। 2012 से पहले बिजली आपूर्ति बेहद सीमित थी, लेकिन अब औसतन 18 घंटे बिजली मिल रही है। इसके अलावा, 80% से अधिक सड़कें पक्की हो चुकी हैं। क्षेत्र में दो गंगा पुल, पांच नए अस्पताल, पांच बिजली उपकेंद्र और एक आईटीआई कॉलेज की स्थापना भी कराई। सवाल: आगे आने वाले समय में क्या प्राथमिकताएं हैं?जवाब: मुख्य फोकस किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ना होगा। ‘रोजी और रोटी’ विकास मॉडल का केंद्र है। सवाल: आगामी चुनाव में टिकट को लेकर आपकी क्या दावेदारी है?जवाब: खुद को पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता मानता हूं। टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करता है। उनके लिए जनता की सेवा और पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है।
गोरखपुर में श्री राणी सती दादी सेवा मंडल की ओर से मासिक कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी पूरे भक्ति भाव से कीर्तन- भजन में लीन नजर आएं। कार्यक्रम की शुरुआत दादी जी के भव्य श्रृंगार से किया गया। उसके बाद मधुर कीर्तन और दादी जी के भजनों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। भजनों का यह सिलसिला घंटों तक चला। इस दौरान विनायक जी चले आना हमारे कीर्तन में, पित्रो की महिमा बड़ी निराली, दादी जी आओ थारा चरण दबाऊंगी जैसे भजन गाएं गए। उसके बाद श्रद्धालुओं की ओर से थली पूजन किया गया। इसके अलावा भोग- आरती के बाद भक्तों ने महाप्रसाद लिया। इस दौरान कालीबाड़ी महंत रविंद्र दास,पवन सिंघानिया, भरत जालान, नारायण खेमका,अमित सिंघानिया, मनीष रूगटा, मनोज गोयल, संजय, शैलेश तुलस्यान, संदीप केडिया, दीपक , विनय, संदीप कटारूका ,चन्दन, सुमन सिंघानिया, मंजू जालान, एकता, मीता, संजू,काजल और बड़ी संख्या में दादी भक्त सपरिवार उपस्थित रहे।
एमसीबी जिले के नगर पंचायत जनकपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रही भूख हड़ताल के तीसरे दिन पार्षद कमल चौधरी की तबीयत बिगड़ गई। डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड क्रमांक 09 के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष कमल चौधरी ने 16 मार्च से नगर पंचायत के खिलाफ यह आंदोलन शुरू किया था। जाने पार्षद क्यों हैं भूख हड़ताल पर पार्षद चौधरी का आरोप है कि उनके वार्ड में महीनों से नालियां जाम हैं और जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर पंचायत के सीएमओ और अन्य अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनकपुर बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय गंदगी के कारण बंद पड़ा है। इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चियों को शौच के लिए भटकना पड़रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी है। पार्षद कमल चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जब तक वार्ड में नियमित सफाई, नालियों की सफाई और बस स्टैंड शौचालय को साफ कर चालू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जल्द की जाएगी सफाई व्यवस्था नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल ने बताया कि पार्षद की मांगों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को वार्ड में लगाया गया है और बस स्टैंड शौचालय की सफाई कर जल्द ही व्यवस्था बहाल की जाएगी।
बूंदी के करवर कस्बे में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। संबंधित एजेंसियों की उदासीनता और संसाधनों की कमी के कारण डेढ़ साल से लोग जलसंकट का सामना कर रहे हैं। कस्बे में 48 घंटे में केवल एक बार आंशिक पेयजल वितरण किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत योजना का संचालन पिछले 2 साल से ग्राम पंचायत कर रही है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। भूमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भी उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। 9 में से 3 ही ट्यूबवेल चालूबांसला डेम और पंप हाउस में लगे 9 ट्यूबवेलों में से केवल 3 ही चालू हैं। शेष ट्यूबवेल तकनीकी खामियों के कारण कई महीनों से बंद पड़ी हैं। ऐसे में चालू 3 ट्यूबवेलों से पानी जेलार्ड में इकट्ठा कर उच्च जलाशय के माध्यम से वितरित किया जाता है, जिससे आवश्यक पेयजल का संग्रहण नहीं हो पाता। 2 विभागों की आपसी खींचतान है जिम्मेदारपेयजल आपूर्ति की इस खराब स्थिति के लिए 2 विभागों की आपसी खींचतान भी जिम्मेदार है। पीएचईडी विभाग स्कीम को पंचायत को सौंपने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। वहीं, ग्राम पंचायत स्पष्ट दिशा निर्देश और बजट की अनुपलब्धता का हवाला दे रही है। व्यवस्था में सुधार की थी उम्मीदउपभोक्ताओं ने बताया कि जल जीवन मिशन में संसाधनों में बढ़ोतरी के बाद पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी। हालांकि, एजेंसियों द्वारा बेतरतीब ढंग से लाइन बिछाने और अनियोजित कार्य करने से योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, निगरानी की कमी और अधिकारियों की अनदेखी के कारण बिना मापदंडों के नए नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। फर्जी कनेक्शनों की शिकायतें भी मिली हैं। कंटेंट : रशिद अख्तर, करवर।
छत्तीसगढ़ के बालोद पुलिस ने बुधवार को मध्य प्रदेश के शाजापुर जिला जेल से फरार एक विचाराधीन कैदी को गिरफ्तार किया। आरोपी जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था और अपने ससुराल दल्लीराजहरा में छिपा हुआ था। इस मामले में पहले ही लापरवाही के आरोप में एक जेल प्रहरी को निलंबित किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार, नई आबादी मक्सी निवासी जयराम उर्फ जीवन (35) 15 मार्च को शाजापुर जिला जेल से फरार हो गया था। वह हाफ मर्डर के मामले में 30 अक्टूबर 2025 से जेल में बंद था। फरारी के बाद शाजापुर पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने ससुराल भोयरटोला (दल्लीराजहरा) में छिपा हो सकता है। इसके बाद यह इनपुट बालोद पुलिस से साझा किया गया। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और बुधवार शाम करीब 7 बजे आरोपी को उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे शाजापुर पुलिस को सौंप दिया गया। बिजली बंद थी, CCTV कैमरे नहीं दे पाए सुराग घटना के समय बिजली बंद होने के कारण CCTV कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे कोई फुटेज नहीं मिल सका। जेल अधीक्षक दुष्यंत कुमार पगारे ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात प्रहरी प्रदीप वर्मा ने किचन पर ताला लगाने के बाद बंदियों की गिनती पूरी बता दी थी, जबकि दो बंदी अंदर ही छिपे हुए थे। इस गंभीर लापरवाही के चलते उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। किचन में बनाई थी जेल ब्रेक की पूरी योजना जेल ब्रेक की योजना आरोपी ने किचन में काम के दौरान बनाई थी। जयराम और उसका साथी राहुल को किचन में लकड़ियां चीरने का काम दिया गया था। इसी दौरान उन्होंने लकड़ियां इकट्ठा कर पौधों में पानी देने वाले पाइप के साथ जोड़कर एक अस्थायी सीढ़ी तैयार कर ली। इसके अलावा मोटे तारों को मोड़कर पंजा बनाया, जिससे दीवार पर पकड़ बनाई जा सके। घटना वाले दिन दोनों बंदी सुबह भोजन के बाद किचन के पीछे बने कमरे में छिप गए। किचन में ताला लगने के बाद राहुल के कंधे पर चढ़कर जयराम ने तार के पंजे को दीवार के होल में फंसाया और करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। हालांकि, राहुल भागने में सफल नहीं हो सका और बाद में उसी ने प्रहरी को घटना की जानकारी दी।
इंदौर में छात्राओं से छेड़छाड़ के तीन मामले सामने आए हैं। तीनों केस में छात्राओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई है। तीनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। केस:1 - दोस्ती की तो शादी के लिए बनाने लगा दबाव आजाद नगर थाना क्षेत्र में एक छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने सुजल खटीक के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट का केस दर्ज किया है। पीड़िता के मुताबिक वह निजी कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा है और पिछले एक साल से आरोपी को जानती थी। दोनों के बीच दोस्ती थी, लेकिन आरोपी शादी के लिए दबाव बनाने लगा। मना करने पर उसने जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां देना शुरू कर दिया। करीब 10 दिन पहले आरोपी ने मूसाखेड़ी के एक कैफे पर मिलने बुलाया और धमकी दी कि नहीं आने पर घर आकर हंगामा करेगा। डरी हुई छात्रा वहां पहुंची तो आरोपी ने शादी को लेकर विवाद करते हुए उसके साथ मारपीट की। मौके पर पहुंचे दो युवकों ने बीच-बचाव किया। बाद में आरोपी के परिजनों ने माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार धमकियां देता रहा। परेशान होकर छात्रा ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। केस:2 - रावजी बाजार में घर में घुसकर की छेड़छाड़ रावजी बाजार थाना क्षेत्र के आलापुरा इलाके में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ने अक्षय उर्फ भैयू पुत्र गुड्डू जोशी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। छात्रा ने बताया कि वह अपने नाना के घर रहती है। घटना के दौरान वह घर पर कपड़े धो रही थी, तभी आरोपी घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत की। आरोपी ने उसे शादी के लिए धमकाते हुए कहा कि अगर किसी और के बारे में सोचा तो वह उसकी मां और दोनों बहनों को खत्म कर देगा। डर के कारण छात्रा ने बाद में अपनी मां और नाना को घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। केस:3 - भंवरकुआ में छात्रा का पीछा कर हॉस्टल तक पहुंचा युवक भंवरकुआ थाना क्षेत्र में भी एक छात्रा ने कुलदीप पुत्र शंकर सिंह राठौर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पीड़िता के अनुसार आरोपी उसके भाई का दोस्त है और वह उसे पहले से जानती है। आरोपी शादी के लिए दबाव बना रहा था। बुधवार रात वह छात्रा का पीछा करते हुए हॉस्टल तक पहुंच गया और रास्ते में रोककर बात करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया। इसके बाद छात्रा अपनी सहेली के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
बांदा में पेड़ पर लटका मिला युवक का शव:पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के छापर गांव में गुरुवार सुबह एक अधेड़ व्यक्ति का शव महुआ के पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान छापर गांव निवासी 40 वर्षीय शिवमोहन पुत्र भूरा वर्मा के रूप में हुई है। वह गांव से लगभग 500 मीटर दूर जरिया गांव के रास्ते पर स्थित जूनियर विद्यालय के पास एक महुआ के पेड़ पर साफी से फांसी लगाकर झूलता पाया गया। सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने शिवमोहन का शव पेड़ से लटका देखा। यह खबर पूरे गांव में फैल गई और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों को सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंचे। मृतक शिवमोहन अपने पीछे पत्नी चुनकी देवी, चार पुत्रियां और दो पुत्र छोड़ गए हैं। वह गांव में ही रहकर मेहनत-मजदूरी का काम करते थे। थानाध्यक्ष संदीप कुमार पटेल ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार की ओर से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बहराइच के रामगांव में नवनिर्मित एवीएम ग्लोबल स्कूल का उद्घाटन किया गया। भारतीय जनता पार्टी की एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी और 'नारियल मैन' के नाम से प्रसिद्ध धर्मेंद्र राजभर ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक गिरजा शंकर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की उन्नति का आधार है और यह नया स्कूल बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। धर्मेंद्र राजभर ने भी बच्चों को खेल और साहस के प्रति प्रोत्साहित किया। समारोह का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गीत, लोक नृत्य और देशभक्ति कार्यक्रमों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय के आधुनिक परिवेश और उसके प्रबंधन की सराहना की। अंत में, विद्यालय के प्रबंधक गिरिजा शंकर शुक्ला ने सभी अतिथियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्नाव में 150 स्कूली वाहन अनफिट:बच्चों की सुरक्षा खतरे में, एआरटीओ करेगा जांच और कार्रवाई
उन्नाव जिले में अनफिट स्कूली वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत 838 स्कूली वाहनों में से लगभग 150 वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस फेल हो चुकी है, लेकिन वे अभी भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं या स्क्रैप नहीं किए गए हैं। जिले में पांच सौ से अधिक विद्यालय संचालित होते हैं। इन स्कूलों के बच्चों को लाने-ले जाने के लिए कुल 838 स्कूली वाहन परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं। नियमानुसार, इन सभी वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमित फिटनेस जांच से गुजरना अनिवार्य है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत वाहनों में से करीब 150 वाहन ऐसे हैं जिनकी आयु 15 वर्ष से कम होने के बावजूद उनकी फिटनेस जांच में वे फेल हो चुके हैं। इसका अर्थ है कि ये वाहन तकनीकी रूप से सड़क पर चलने के योग्य नहीं हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि ये अनफिट वाहन वर्तमान में स्कूलों द्वारा संचालित नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि, सवाल यह भी उठता है कि यदि ये वाहन उपयोग में नहीं हैं, तो उन्हें स्क्रैप क्यों नहीं कराया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वाहन कभी भी नियमों को दरकिनार कर सड़कों पर उतर सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि 150 ऐसे वाहन चिन्हित किए गए हैं जिनकी फिटनेस फेल है, जबकि उनकी आयु सीमा अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालकों से बात कर इन वाहनों की स्थिति की जांच कराई जाएगी। एआरटीओ सिंह ने स्पष्ट किया कि जो वाहन फिटनेस योग्य नहीं पाए जाएंगे, उनका चेचिस नंबर जमा कराकर स्क्रैप की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी अनफिट वाहन सड़क पर चलता हुआ पाया गया, तो संबंधित स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
उन्नाव में चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर हिंदू नव संवत्सर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान शहर में ढोल-नगाड़ों के साथ एक भव्य जनसंपर्क अभियान निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। यह अभियान शहर के विभिन्न बाजारों और प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस अभियान का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता विमल द्विवेदी ने किया। उन्होंने व्यापारियों और आमजन को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान लोगों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया और भगवा अंगवस्त्र भेंट कर नवसंवत्सर के महत्व से अवगत कराया गया। जनसंपर्क अभियान में वक्ताओं ने चैत्र प्रतिपदा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है, जो भारतीय संस्कृति, परंपरा और नव ऊर्जा का प्रतीक है। लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों से जुड़ने का आह्वान भी किया गया। हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया। शहर के व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कई स्थानों पर व्यापारियों ने अभियान में शामिल लोगों का स्वागत भी किया। जनसंपर्क यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ती रही और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि हिंदू नव संवत्सर केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और जीवन दर्शन का प्रतीक है, जिसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ, जिससे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
खनवार मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़:चैत्र नवरात्रि पर कुशीनगर, देवरिया और बिहार से पहुंचे भक्त
कुशीनगर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भक्तिमय माहौल है। जिले के प्रसिद्ध खनवार देवी मंदिर, चेडा देवी मंदिर और बिहार सीमा के मदनपुर मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से भक्त मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। सुबह की आरती के साथ ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है। श्रद्धालु विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा कर अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं। खनवार देवी मंदिर का इतिहास बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित प्राचीन थावे देवी मंदिर से जुड़ा माना जाता है। हजारों वर्षों से इस स्थान की विशेष धार्मिक महत्ता रही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां उनकी हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन खनवार मंदिर में विशेष महत्व रखता है। इस दिन यहां एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की दुकानें और सांस्कृतिक गतिविधियां भी होती हैं। इस अवसर पर केवल कुशीनगर से ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों जैसे देवरिया, महराजगंज और बिहार प्रांत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जौनपुर में RSS ने वर्ष प्रतिपदा उत्सव मनाया:संस्थापक डॉ. हेडगेवार का जन्मोत्सव भी आयोजित किया गया
जौनपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की नगर इकाई ने वर्ष प्रतिपदा उत्सव और आद्य सरसंघचालक प्रणाम कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम बजरंग शाखा, ताड़तला में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर अविनाश पार्थडिकर ने चैत्र नववर्ष प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह तिथि प्रकृति में एक विशेष ऊर्जा के संचार का दिन है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के नववर्ष से अलग है। प्रोफेसर पार्थडिकर ने यह भी उल्लेख किया कि इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को नियमित रूप से शाखा जाने और परिवार प्रबोधन का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में नगर संघचालक धर्मवीर, नगर प्रचारक मंगलेश्वरम, नगर कार्यवाह डॉ. राजीव, सह जिला कार्यवाह रविन्द्र और बौद्धिक प्रमुख अतुल सहित वीरेंद्र, अनिल, राजीव, अविनाश, अरुण, अजय, सत्येंद्र, हर्षवर्धन, नारायण, ओमप्रकाश और दिनेश उपस्थित रहे।
यूजीसी एक्ट बचाओ समता आंदोलन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर डॉ. अंबेडकर प्रतिमा के पास शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से हक की आवाज बुलंद की गई। शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव और जातीय उत्पीड़न के खिलाफ, यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन में सामाजिक न्याय के लिए जुटे लोगों ने अपनी बात रखी। इस मौके पर अधिवक्ता धीरेंद्र यादव ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 बहाली की लड़ाई सामाजिक न्याय की लड़ाई बन गई है। एक्ट केंद्र सरकार की कृपा से नही मिला है, बल्कि रोहित बेमुला, डॉ पायल तांडवी, दर्शन सोलंकी, मुथुकृष्णन, रश्मि, पुलायला राजू, मदारी वेंकटेश, सेंथिल कुमार, फ़ातिमा लतीफ़, एंजेल चकमा जैसे हजारों छात्रों की शहादत से मिला। जनहित याचिकाओं से एक्ट बना वक्ताओं ने कहा कि रोहित बेमुला की मां राधिका बेमुला व पायल तांडवी की मां ओबेदा तांडवी की जनहित याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश व 31 सदस्यीय सर्वदलीय संसदीय कमेटी के सुझाव के बाद केन्द्र सरकार ने यह यूजीसी एक्ट बनाया है। केंद्र सरकार की ग़लत नीयत और कमजोर पैरवी से सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दिया है। मुख्य रूप से अधिवक्ता नीरज कुशवाहा, बीएल सहनी, भास्कर पासवान, रामधारी, लाल चन्द्र यादव, विकेश्वर प्रसाद, मनोज यादव, ओम प्रकाश सिंह, जगत बहादुर यादव, रोशनलाल, आर के गौतम, मुलायम सिंह यादव, सचिन कुमार, दुलारे प्रसाद, अमरेंद्र यादव, अन्नू सिंह इत्यादी अधिवक्ताओं के साथ कई अवकाश प्राप्त अधिकारी, कर्मचारी, बुद्धजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फतेहाबाद में युवक की हत्या के 2 आरोपी गिरफ्तार:रंजिश के चलते चाकू से किए थे वार; एक पर 7 केस दर्ज
फतेहाबाद के गुरुनानकपुरा मोहल्ला में युवक संदीप उर्फ दीपा के मर्डर मामले में सीआईए और सिटी थाने की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों की पहचान अशोक नगर निवासी रजत और गुरुनानकपुरा मोहल्ला निवासी मंगत उर्फ मंगी के रूप में हुई है। आरोपी मंगत पर पहले से ही 7 केस दर्ज हैं। सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि 15 मार्च को गुरुनानकपुरा मोहल्ला में हुए एक विवाद के दौरान आरोपियों ने रंजिश के चलते संदीप सिंह उर्फ दीपा पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामा की शिकायत पर किया था केस दर्जपुलिस ने मृतक संदीप के मामा हरजिन्द्र सिंह उर्फ काका के बयान के आधार पर 16 मार्च को बीएनएस की धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 103(1), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उपरोक्त दोनों आरोपियों को काबू कर लिया है। इन सात केसों में आरोपी है मंगत उर्फ मंगी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी मंगत उर्फ मंगी पर सिटी थाना फतेहाबाद में 2 नवम्बर 2018 को धारा 13A-3-67 गैंबलिंग एक्ट, सिटी थाना फतेहाबाद में 19 अगस्त 2019 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/61/85, सिटी थाने में ही 23 मई 2019 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/27A/61/85 के तहत केस दर्ज है। इसके अतिरिक्त सिटी थाना फतेहाबाद में ही 7 नवम्बर 2022 को गैंबलिंग एक्ट की धारा 13-3-67, सिटी थाना फतेहाबाद में 5 अगस्त 2021 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/27A/61/85, सिटी थना फतेहाबाद में 1 अक्टूबर 2020 को आईपीसी की धारा 147/148/149/323/324/341/427/506/365 और इसी थाने में 19 फरवरी 2023 को गैंबलिंग एक्ट की धारा 13-3-67 के तहत केस दर्ज है।
सलूंबर में बायण माताजी मंदिर में घट स्थापना:नौ दिवसीय महोत्सव होगा, 27 मार्च को रामनवमी के साथ समापन
मेवाड़ की आस्था और परंपरा के प्रतीक सलूंबर रावले में विराजित सिसोदिया वंश की कुलदेवी बायण माताजी मंदिर में गुरुवार को चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हुआ। अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधान के साथ घटस्थापना की गई, जिसके साथ नौ दिवसीय नवरात्र महोत्सव की शुरुआत हुई। मंदिर में हर दिन होगा दुर्गा स्पतशती का पाठ बायण माता सेवा संस्थान के अध्यक्ष शम्भू सिंह दौलपुरा ने बताया कि नवरात्र पर्व के दौरान मंदिर में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना होगी। यज्ञ और हवन का किया जाएगा आयोजन नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत अष्टमी के दिन विशेष यज्ञ और हवन का आयोजन होगा, जिसमें पूर्णाहुति दी जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा की उपासना का पावन पर्व माना जाता है। यह उत्सव नौ दिनों तक चलता है और हर दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। 27 मार्च तक चलेंगी नवरात्रि चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव देशभर में मनाया जाएगा। साथ ही हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का भी शुभारंभ होगा। ज्योतिष अनुसार, 19 मार्च को घटस्थापना का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 10:10 बजे तक रहा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 बजे से 12:36 बजे तक था, जिसमें भी घटस्थापना की गई।
लुधियाना में पड़ोसियों ने परिवार पर किया हमला:बीच-बचाव करने आए युवक को भी पीटा,14 टांके लगे 4 पर FIR
लुधियाना के नानक नगर इलाके में पड़ोसियों द्वारा एक परिवार पर हमला करने का मामला सामने आया है। बीच-बचाव करने आए युवक को भी आरोपियों ने दातर (तेजधार हथियार) से घायल कर दिया। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मनीष पुत्र लाल चंद, निवासी गली नंबर 10, नानक नगर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह काम से घर लौटा तो देखा कि उनके पड़ोस में रहने वाले दो भाई रमन और करण उनके माता-पिता और बहन के साथ मारपीट कर रहे थे। सिर पर लगे 14 टांके मनीष के मुताबिक, आरोपियों के साथ उनकी मां पूजा और बहन निशा भी मौके पर मौजूद थीं और मारपीट में शामिल थीं। जब उसने अपने परिवार को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया और दातर से चोटें पहुंचाईं। खून से लथपथ हालत में उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां उसके सिर पर 14 टांके लगे। घटना के बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। थाना दरेसी की पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों रमन, करण, पूजा और निशा, निवासी गली नंबर 10, नानक नगर के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2), 126(3) और 126(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैथल से गुहला के पूर्व विधायक दिल्लू राम बाजीगर के बेटे एवं कुरुक्षेत्र जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने कुरुक्षेत्र में अदालत में समर्पण कर दिया। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जेल अधीक्षक रहते हुए नियमों का उल्लंघन करते हुए जेल में गैंगस्टरों को मोबाइल के इस्तेमाल की छूट दी। इनमें से एक गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा है, जो जेल में बंद रहते हुए नकली शराब बनाने की साजिश में शामिल था। इस साजिश के चलते बनी जहरीली शराब से 22 लोगों की जान चली गई थी। सोमनाथ पर 50 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया। जेल से ही चल रहा था नेटवर्क बता दें कि नवंबर 2023 में जहरीली शराब के सेवन से अंबाला और यमुनानगर में 22 लोगों की मौत हुई थी। उस समय सोमनाथ जेल अधीक्षक थे। जेल में बंद गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा द्वारा अपने साथियों के सहयोग से अंबाला में जहरीली शराब का नेटवर्क चलाया जा रहा था। जब मोनू को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि वह जेल से ही नेटवर्क चला रहा था। इस दौरान यह भी पता चला कि इसमें मोनू का सहयोग जेल के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किया गया। उसके बाद से सोमनाथ मामले को लेकर पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गांव में भी आई टीम स्टेट क्राइम ब्रांच ने उसको पकड़ने के लिए गांव पोलड़ स्थित डेरा दिल्लू राम उनके घर पर दबिश भी दी। मई 2025 में चार गाड़ियों में आए करीब 2 दर्जन पुलिसकर्मियों ने घर की तलाशी ली, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। सोमनाथ जगत पर गंभीर आरोपों के चलते 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सोमनाथ जगत ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पूर्व विधायक के बेटे सोमनाथ जगत पूर्व विधायक और संसदीय सचिव रह चुके दिल्लू राम बाजीगर के पुत्र हैं। दिल्लू राम गुहला हलके से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 9 चुनावों में भाग ले चुके हैं। सोमनाथ भी नौकरी से पहले पिता के साथ राजनीति में सक्रिय थे। नौकरी लगने के बाद वे राजनीति से दूर हो गए थे। सीवन थाना के जांच अधिकारी पारस कुमार ने बताया कि सोमनाथ द्वारा सरेंडर करने की सूचना उनके पास आई है। पहले भी जब टीमें उनके घर पर दबिश देने के लिए आई थी तो सीवन पुलिस की ओर से उनका सहयोग किया गया, लेकिन उस समय वह घर पर नहीं मिला था।
लखनऊ में घर आए दामाद को मारते समय बेटियों ने भी साथ दिया। उन्होंने बीचबचाव करने आई बड़ी बहन के हाथ पकड़ लिए। दामाद को ससुर, चचिया ससुर और सास पीटते रहे। वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ा इसके बावजूद पीटना बंद नहीं किया। इस दौरान दामाद की 2 साल की मासूम बेटी यानी हत्यारोपी ससुर की नातिन रोती जा रही थी। घटना आशियाना इलाके के सेक्टर-आई की मंगलवार रात की है। तीर्थराज ने अपने छोटे भाई यज्ञनारायण और पत्नी-बेटियों के साथ मिलकर दामाद विष्णु यादव की हत्या कर दी थी। पुलिस ने ससुराल के सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस रिपोर्ट में पढ़िए, उस रात हत्या के बाद क्या-क्या हुआ? पुलिस के आने पर आरोपी ससुर-सालियों का रिएक्शन क्या था? दामाद की डेडबॉडी किस हालत में थी, पति की डेडबॉडी को भी बेटी कैसे कह रही थी कि वह अभी बेहोश हैं... पढ़िए- पहले घर की 3 तस्वीरें- अब पढ़िए पूरा मामला- तीर्थराज सिंह लखनऊ हाईकोर्ट में वकील है। वह आशियाना सेक्टर-I स्थित मकान संख्या ए-1061 में पत्नी सरोज और 5 बेटियों राधा, साक्षी, रत्ना, ज्योति और विधि सिंह के साथ रहता है। 4 साल पहले उसकी मझली बेटी साक्षी ने प्रतापगढ़ के विष्णु यादव से लव मैरिज कर ली थी। तीर्थराज और परिवारवाले बेटी की इस शादी के खिलाफ थे। इसीलिए तीर्थराज, विष्णु से कम बातचीत करते थे। पड़ोसी ने बताया- तीर्थराज अपनी गाड़ी में भाजपा का झंडा लगाकर चलता है। दबंग व्यक्ति है। डेढ़ साल पहले एक सब्जी वाले को भी बुरी तरह पीटा था। अब पढ़िए उस रात का घटनाक्रम- पुलिस को अंदर नहीं आने दे रहा था ससुर हत्या वाली रात पुलिस को पड़ोसियों ने सूचना दी कि यहां हत्या हो गई है। पुलिस पहुंची तो तीर्थराज के घर का गेट अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर तीर्थराज बाहर आया। पुलिस ने कहा गेट खोलिए तो बोला- नहीं खोलेंगे। पुलिस ने बताया कि घर में हत्या की सूचना है। गेट खोलिए। इस पर तीर्थराज बोला- कुछ नहीं हुआ है। नॉर्मल मारपीट है। हमारे घर का मामला है। हम इसे सुलझा लेंगे। आप लोगों की कोई जरूरत नहीं है। गेट नहीं खुलेगा। पुलिस टीम में करीब 8-10 सिपाही-अधिकारी थी। सबने धक्का देकर गेट खोला और दाखिल हो गए। दामाद की डेडबॉडी को घसीटने की कोशिश पुलिस अंदर दाखिल हुई तो हर कमरे में छानबीन शुरू की। जैसे ही अंदर के कमरे में कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे तो चौंक गए। वहां पर एक युवक की डेडबॉडी पड़ी थी। सिर से ढेर सारा खून निकला हुआ था। डेडबॉडी को घसीटने की कोशिश की गई थी। तब तक पुलिस पहुंच गई तो सभी आरोपी शांत हो गए थे। पुलिस के पैर पकड़कर रोई बेटी, बोली- बचा लो घर में बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके कपड़ों पर भी खून लगा था। पुलिस को जैसे ही देखा तो उसने महिला पुलिसकर्मी के पैर पकड़ लिए। वह पैर नहीं छोड़ रही थी। यह कहती जा रही थी कि अंदर पति बेहोश पड़े हैं। उन्हें बचा लो। मुझे ये लोग मार डालेंगे। मुझे भी बचा लो। मेरी छोटी सी बेटी है, रो रही है। उसे कौन देखेगा। विष्णु के लखनऊ आने से नाराज थे पत्नी साक्षी ने पुलिस को बताया कि विष्णु के लखनऊ वापस आने से उसके परिवार वाले नाराज थे। मंगलवार रात जब वह ससुराल पहुंचा तो इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। साक्षी के मुताबिक, सबसे पहले उसके पिता तीरथराज ने विष्णु पर हमला किया। इसके बाद उसकी बहनों और अन्य परिजनों ने भी मिलकर मारपीट शुरू कर दी। जब वह पति को बचाने दौड़ी तो दो बहनों ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसी दौरान बाकी लोगों ने विष्णु को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। लखनऊ में बसने की तैयारी, अगले दिन थी जॉइनिंग विष्णु पहले लखनऊ में ही काम करता था, लेकिन शादी के बाद वह बाहर चला गया, जहां उसने जस्ट डायल कंपनी में नौकरी की। वह दोबारा लखनऊ में बसना चाहता था। हाल ही में उसने एक कंपनी में आवेदन किया था और उसका चयन भी हो गया था। बुधवार को उसकी जॉइनिंग तय थी। इसी को लेकर वह रविवार को पत्नी और बेटी के साथ लखनऊ आया था। उसने तेलीबाग में किराये पर कमरा लिया और नई शुरुआत की तैयारी कर रहा था। यहां ही रहकर बेटी पढ़ाने की प्लानिंग थी। सिर की हड्डी टूटी, ज्यादा खून बहा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि विष्णु के सिर की हड्डी टूट गई थी। ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हुई। पुलिस ने इसे साफतौर पर हत्या का मामला माना है। एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल के मुताबिक, मृतक के पिता छेदीलाल यादव की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। छेदीलाल प्रतापगढ़ के सांगीपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि विष्णु एक हफ्ते पहले ही लखनऊ आया था। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे उसने छोटे भाई रोहित से बात कर बताया था कि वह ससुराल जा रहा है। उसके बाद रात 10:30 बजे पुलिस ने फोन किया कि विष्णु यादव की हत्या हो गई है। भाई बोला- बेटी का लखनऊ में एडमिशन कराना चाहता था मृतक के भाई रोहित यादव ने बताया- मेरी अपने भाई विष्णु से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे बात हुई थी। हालचाल लिया था, तब तक सबकुछ ठीक था। रात करीब 10छ30 बजे दरोगा का फोन आया कि भाई की हत्या कर दी गई है। भाई लखनऊ में ही सेटल होना चाहता था। बेटी का एडमिशन यहीं कराना चाहता था। लव मैरिज बनी हत्या की वजह- 5 साल पहले हुई थी विष्णु और साक्षी की मुलाकात पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि विष्णु और साक्षी की मुलाकात करीब पांच साल पहले लखनऊ में ही हुई थी। दोनों एक ही इलाके में रहते थे। पास-पड़ोस में रहने के कारण पहले दोस्ती हुई, फिर बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। करीब एक साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने चार साल पहले कोर्ट मैरिज कर ली। हालांकि इस शादी से साक्षी के परिवार वाले बिल्कुल खुश नहीं थे। विरोध के बावजूद दोनों साथ रहे। कुछ समय बाद परिवार ने ऊपर-ऊपर से रिश्ते को स्वीकार कर लिया, लेकिन अंदर ही अंदर नाराजगी बनी रही। छोटी बहन को घुमाने ले जाने पर दर्ज कराया था केस शादी के कुछ समय बाद साक्षी के कहने पर विष्णु उसकी छोटी बहन रतन को घुमाने ले गया था। इसी बात से ससुर तीरथराज भड़क गए। उन्होंने विष्णु के खिलाफ नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में विष्णु करीब एक साल जेल में रहा और 5 मई 2025 को जमानत पर छूटा। परिजनों का कहना है कि वह लड़की को भगाकर नहीं ले गया था, बल्कि परिवार की जानकारी में ही घूमने गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह पत्नी और बेटी के साथ कुछ समय गांव में रहा, फिर दोबारा लखनऊ आ गया। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- नाना-नानी से बच्ची को मिलाने लाए दामाद की हत्या : लखनऊ में 4 सालियों ने कमरे में बंद कर मारा, बचाने आई पत्नी को भी पीटा लखनऊ में 3 साल की बेटी को नाना-नानी से मिलाने आए दामाद की ससुरालवालों ने हत्या कर दी। आरोप है कि सास-ससुर, चचिया ससुर और सालियों ने मिलकर दामाद को कमरे में बंद कर दिया और जमकर पीटा। इस दौरान उसकी पत्नी बीच-बचाव करती रही, लेकिन ससुरालवाले नहीं माने। ससुर ने चारपाई का पाया दामाद के सिर पर मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़िए)
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो दिन पहले जिस गुना जिला प्रशासन की तारीफ की थी, उसे गुरुवार को गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने 'नकारा' बता दिया। नवसंवत्सर के अवसर पर मानस भवन में आयोजित विक्रमोत्सव कार्यक्रम में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की मौजूदगी में विधायक ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अफसर केवल कागजों में काम करते हैं। कार्यक्रम में विधायक मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे, जबकि जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे और सांसद प्रतिनिधि हरि सिंह यादव भी मौजूद रहे। नवसंवत्सर के अवसर पर प्रशासन द्वारा मानस भवन में विक्रमोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान सम्राट विक्रमादित्य के ऊपर नाटिका का मंचन किया गया। कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दुनिया नदी का काम सहज मत मानना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा, अब आप एक दो दिन बाद गुनिया नदी का काम चालू करोगे न, उसे सहज मत मानना। बहुत कठिन है वो काम। न जाने कितने रसूखदार हैं न, दिल्ली, भोपाल और ग्वालियर से फोन लगवाएंगे आपको कि साहब जरा रुकवा देना। इसलिए मेरा इतना ही निवेदन है कि डिस्मेंटल आफ्टर सूचना। डिस्मेंटल आफ्टर संदेश। आप करते तो हो ही नहीं, कागजों में करने से क्या मतलब विधायक ने आगे कहा, हम हर कदम पर आपके साथ खड़े हैं। कल हम इसीलिए नहीं आए उस मीटिंग में। आप करते तो हो ही नहीं, कागजों में करने से क्या मतलब। कुछ कर के बताओ न भाई। आपको याद करेंगे। “ये मानस भवन जिन कलेक्टर ने बनाया न, उनको लोग आज भी याद करते हैं। बहुत अच्छा काम किया उस महापुरुष ने। वो भी जिलाधीश था, आप भी श्रीमान जिलाधीश हैं।” एसडीएम तलवार लेकर घूम जाएं, देखो कितना मजा आता है विधायक शाक्य ने मंच से कहा, ये SDM तो आज से नवरात्रि चालू हो गईं, दुर्गा स्वरूप हैं, घूम जाएं तलवार लेकर खटा खट, देखो कितना मजा आता है। गुना सुधार जाए, गुना जिला सुधार जायेगा, आज अगर हम ये न कर पाए, तो फिर कभी नहीं होगा, आप जैसे ऐसे ही नकारा अफसर आते जाएंगे और चले जाएंगे।
गिरिडीह में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (एसएसवीएम), बरगंडा के छात्रों ने हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में एक प्रभात फेरी और शोभायात्रा निकाली। गुरुवार को विद्यालय परिसर से शुरू हुई इस यात्रा में शहर भर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। छोटे बच्चों से लेकर शिक्षकों तक, सभी पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे। प्रभात फेरी विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर अरगाघाट रोड, मकतपुर और कचहरी चौक से होते हुए वापस विद्यालय पहुंची। संचलन के दौरान, विद्यार्थी घोष की मधुर धुन पर अनुशासित पंक्तियों में चल रहे थे। उन्होंने 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्', 'नव वर्ष मंगलमय हो', 'विक्रमादित्य अमर रहें' और 'डॉ. हेडगेवार अमर रहें' जैसे नारों से वातावरण को गुंजायमान किया। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं इस अवसर पर भारत माता, सम्राट विक्रमादित्य और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। ये झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इनके माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि विक्रम संवत के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। इसका भारतीय जीवन पद्धति, संस्कृति और अध्यात्म से गहरा संबंध है। मान्यता है कि इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त कर विजय प्राप्त की थी। साथ ही, वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ भी इसी दिन से होता है, जो शक्ति उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। प्रबंधन ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता के प्रति गर्व की भावना जगाना है। इसके साथ ही, समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश भी दिया गया। मकतपुर में बरनवाल सेवा समिति के अध्यक्ष लखनलाल बरनवाल की ओर से शोभायात्रा में शामिल बच्चों के बीच शीतल पेय का वितरण किया गया। इस पहल से बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया।
भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना क्षेत्र में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर टैंकर और ट्रेलर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर टैंकर को चीरते हुए आगे निकल गया और टैंकर में भरा करीब 30 टन सरसों का तेल सड़क पर फैल गया। हालांकि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए हाईवे जाम हो गया। रॉन्ग साइड आ रहा था टैंकर ट्रेलर चालक मनोहर सिंह (निवासी ब्यावर) ने बताया कि वह टायर से भरा ट्रेलर लेकर जयपुर से भरतपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से एक टैंकर रॉन्ग साइड से आ रहा था। टैंकर की हेडलाइट बंद थी और चालक वाहन को लहराते हुए चला रहा था। भीषण टक्कर, टैंकर को चीरता निकला ट्रेलर अचानक सामने आए टैंकर को ट्रेलर चालक समय पर नहीं देख पाया और दोनों वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रेलर टैंकर को चीरता हुआ आगे निकल गया। हाईवे पर फैला 30 टन सरसों का तेल हादसे में टैंकर में भरा करीब 30 टन सरसों का तेल हाईवे और उसके किनारे फैल गया। सड़क पर तेल फैलने से फिसलन की स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए लगा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही खेड़ली मोड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारु करवाया। हादसे के चलते कुछ समय के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। इतनी भीषण टक्कर के बावजूद दोनों वाहनों के ड्राइवर सुरक्षित रहे और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
मैनपुरी के कुरावली क्षेत्र में एक 85 वर्षीय दलित बुजुर्ग महिला की करोड़ों रुपये की जमीन का कथित तौर पर फर्जी बैनामा करा लिया गया है। पीड़िता रेशम देवी ने इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रेशम देवी ने आरोप लगाया है कि गणेश यादव, रघुनंदन, शैलेन्द्र कुमार यादव, अजय कुमार, विशाल दिवाकर, रवी गुप्ता और दीपक पाल ने मिलकर साजिश रची। उन्होंने महिला को फोन कर बुलाया और यह कहकर डराया कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा होने वाला है, जिसे बचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया करनी होगी। महिला के कुरावली पहुंचने पर उन्हें नवीन बस स्टैंड से एक काले रंग की गाड़ी में बैठाकर मैनपुरी ले जाया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें काफी देर तक गाड़ी में ही बैठाए रखा। इसी दौरान, दीपक पाल और गणेश यादव गाड़ी से उतरे और कुछ देर बाद लौटकर आए। उन्होंने महिला के कई कोरे कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। इसके बाद, उन्हें एक कार्यालय में ले जाकर बिना कोई जानकारी दिए 2-3 अन्य दस्तावेजों पर भी अंगूठा लगवाया गया। पीड़िता का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह नहीं बताया गया कि किन कागजों पर उनके अंगूठे लगवाए जा रहे थे। घर छोड़ते समय आरोपियों ने उन्हें किसी को कुछ भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। शक होने पर जब पीड़िता ने संबंधित दस्तावेज निकलवाए, तो उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। दस्तावेजों से सामने आया कि 9 मार्च 2026 को उनकी गाटा संख्या 299, मौजा सुजरई देहात की पूरी जमीन का बैनामा विशाल दिवाकर के नाम करा दिया गया है। महिला का कहना है कि उन्हें इस जमीन के बदले कोई पैसा नहीं मिला। इसके अतिरिक्त, 10 जून 2025 को एक एग्रीमेंट के नाम पर 5 लाख रुपये का एक चेक भी दिखाया गया था। हालांकि, बैंक जांच में यह सामने आया कि चेक की रकम पहले ही निकाली जा चुकी थी। जब पीड़िता के बेटे ने गणेश यादव से फोन पर बात की, तो आरोप है कि उसने जातिसूचक गालियां दीं और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल पीड़ित ने प्रशासन से फर्जी बैनामा निरस्त कर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में कुरावली थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटा थर्मल प्लांट में दो भालू की एंट्री से हड़कंप:रात की शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों में दहशत
कोटा के थर्मल पावर प्लांट परिसर में एक बार फिर जंगली जानवर की एंट्री से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। देर रात प्लांट के आसपास दो भालू दिखाई देने के बाद वहां ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। रात की शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों ने प्लांट के पास भालू को घूमते हुए देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत सतर्कता बरतते हुए इसकी सूचना अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों को दी। कुछ समय तक पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा और कर्मचारी समूह में ही काम करते नजर आए। थर्मल प्लांट के आसपास जंगल क्षेत्र होने के कारण कई बार जंगली जानवर भटककर प्लांट परिसर तक पहुंच जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रात के समय काम करने वालों को ऐसे हालात में ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि अंधेरे में जंगली जानवर अचानक सामने आ जाते हैं। कुछ दिन पहले भी थर्मल प्लांट परिसर में एक अजगर घुस आया था। उस दौरान अजगर ने एक कर्मचारी को कुंडली बनाकर लपेट लिया था, लेकिन मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत पहुंचकर उसे बचा लिया। हालांकि अजगर को डंडे से मारते हुए वो बाद में मर गया था। लगातार जंगली जानवरों के दिखाई देने से कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों ने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि प्लांट परिसर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और जंगल की ओर से आने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।
धर्म की नगरी काशी में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन माता के दर्शन को श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। वाराणसी में प्रथम दिन माता शैलपुत्री के दर्शन का विधान है। माता का अति प्राचीन मंदिर वरुणा नदी के तट पर अलईपुर में मौजूद हैं। जहां मंगला आरती के बाद से भक्त माता के दर्शन के लिए उमड़े हुए हैं। लंबी कतारें मंदिर तक पहुंच रही हैं। भक्त मंदिर का पट खुलने के बाद से दर्शन-पूजन कर रहे हैं। नवरात्रि की प्रथम आराध्य देवी देवी शैलपुत्री के अलईपुरा स्थित मंदिर के साथ ही काशी के सभी देवालयों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। दुर्गाकुंड स्थित माता कुष्मांडा का आज स्वर्ण श्रृंगार किया गया। साथ ही गौरी पूजन के तहत पहले दिन गायघाट स्थित हनुमान मंदिर में विराजमान प्रथम गौरी मुख निर्मालिका गौरी के दर्शन पूजन करने के लिए भक्त पधार रहे हैं। दूसरी ओर गंगा घाटों पर पूजापाठ कर सनातनधर्मी नवसंत्वसर का स्वागत कर रहे हैं। श्रीविद्या मठ के सामने केदार घाट पर शंकराचार्य स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद ने पंचांग जारी किया तो दशाश्वमेध घाट पर नमामि गंगे ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। वहीं बटुकों ने नव संवत्सर के स्वागत में योगाभ्यास केदार घाट पर किया। ऊपर फोटो पर क्लिक कर देखिए VIDEO… काशी में चैत्र नवरात्र की तस्वीरों में देखिए धूम...
दतिया पीतांबरा पीठ में 30 हजार भक्तों ने किए दर्शन:सुरक्षा में 150 पुलिसकर्मी तैनात, मुख्य द्वार बंद
दतिया के प्रसिद्ध पीतांबरा शक्ति पीठ में गुरुवार को चैत्र नवरात्र के शुभारंभ अवसर पर पहले दिन ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 12 बजे तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है, वहीं निर्माण कार्य के चलते मंदिर का मुख्य द्वार प्रवेश के लिए बंद रखा गया है। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होते ही पीतांबरा शक्ति पीठ में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के पहले दिन ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। 150 पुलिसकर्मी तैनात, CCTV से रखी जा रही नजर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। व्यवस्था शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए 150 पुलिसकर्मियों की टीम तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से भी की जा रही है। निर्माण कार्य के चलते मुख्य द्वार बंद मंदिर के मुख्य द्वार पर वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण उसे बंद रखा गया है। भक्तों को मंदिर में प्रवेश के लिए उत्तर द्वार, नवीन उत्तर द्वार और पश्चिम द्वार का उपयोग करना पड़ रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में आने-जाने के लिए व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
सिरसा बस स्टैंड के मेन गेट पर बाइक खड़ा करने को लेकर रोडवेज ड्राइवर और बाइक चालक के बीच झगड़ा हो गया। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें रोडवेज कर्मचारी बाइक चालक के साथ धक्का-मुक्की करते दिख रहे हैं और आपस में एक-दूसरे से बहस कर रहे हैं। इस पर रोडवेज कर्मचारियों का कहना कि बाइक वाले ने बस स्टैंड के बीच में अंदर की ओर बाइक खड़ा किया था। ऐसे में बस भी निकल पानी मुश्किल थी और गुजरते समय बाइक पर रखा सामान बस से भीड़ गया। तभी बाइक चालक ने बस ड्राइवर का शीशा खोकर तोड़ने की कोशिश की और गाली-गलौज करने लगा। बस पर भी ईंट फेंककर मारने की कोशिश करने लगा। इसका विरोध किया तो ये मामला बिगड़ गया। जानकारी के अनुसार, ये घटना बुधवार रात करीब सवा आठ बजे की है। रोडवेज बस ड्राइवर रूट से बस स्टैंड पर आया तो उस वक्त एक बाइक मेन गेट के आगे खड़ी थी। इसी बात को लेकर रोडवेज बस ड्राइवर, कंडक्टर व बाइक चालक के बीच झगड़ा हो गया। इसका किसी ने वीडियो बना लिया, जो कुछ देर बाद वायरल हो गया। हालांकि, दोनों पक्षाें की ओर से इसकी शिकायत किसी को नहीं दी, नु पलिस तो न रोडवेज प्रशासन। अब ये चर्चा में आ गया। जानिएं पूरा मामला क्या है रात करीब 8.25 की घटना इस मामले में रोडवेज कर्मचारी इंद्र सिंह ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में बताया, अक्सर बस स्टैंड के मेन गेट पर कोई न कोई वाहन खड़ा देता है और ई-रिक्शा वाले भी यहीं खड़ा होते हैं। बुधवार रात करीब 8.25 बजे भी ऐसा ही हाल था। किसी ने मेन गेट में पिलर के पास बीच में बाइक खड़ी कर रखी थी और खुद वह कहीं सामान लेने गया था। उसे कोई हटा नहीं रहा था। उसी वक्त हनुमानगढ रूट से रोडवेज ड्राइवर सतबीर सिंह बस लेकर बस स्टैंड पहुंचे और हॉर्न दिया तो कोई नहीं आया। ड्राइवर सतबीर बस को अंदर ले जाने लगे तो बाइक पर कुछ सामान रखा था वो बस से टच होने से नीचे गिर गया। तभी एक युवक आया और बस की खिड़की खोलकर ड्राइवर से गाली-गलौज करने लगा। बस पर ईंट फेंकने की कोशिश की। तभी वह भी मौके पर पहुंचा और युवक को पकड़ लिया। इस दौरान युवक गाली-गलौज पर उतर आया तो ये मामला हो गया। इस बीच किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। उस दौरान एक पुलिसकर्मी भी वहां आ गया तो उक्त युवक को उसी की गलती बताते हुए कहा-ये बीच में बाइक क्याें खड़ा किया। हर समय बस आती है, वो मानने को तैयार नहीं था। कुछ देर बाद वह चला गया। गेट पर खड़े रहते हैं अक्सर वाहन, प्रशासन सख्ती करे : यूनियन रोडवेज यूनियन से प्रधान पृथ्वी सिंह का कहना है कि बस स्टैंड के मेन गेट पर अक्सर ई-रिक्शा, ऑटो वाले या अन्य लोग वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे बसों का वहां से गुजर पाना मुश्किल हो जाता है। ड्राइवर कब तक उनको हटाते रहे और किसी को कुछ कहते हैं तो झगड़ा कर लेते हैं। प्रशासन की ओर से इन पर सख्ती करनी चाहिए।
कोरबा जिले में 'सजग कोरबा, सतर्क कोरबा' अभियान के तहत मानिकपुर पुलिस ने उरांव बस्ती में चौपाल लगाई। इस दौरान पुलिस ने लोगों को नशा और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया। पुलिस की समझाइश पर बस्तीवासियों ने नशा सेवन और अवैध कारोबार से दूर रहने का संकल्प लिया, साथ ही उच्च अधिकारीयों से चौकी प्रभारियों को बेहतर पुलिसिंग के निर्देश मिले हैं। शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखे के दिए निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को बेहतर पुलिसिंग के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और उनके निराकरण का प्रयास करने को कहा गया है। यह अभियान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। नशे से दूर रहने की दी हिदायत मानिकपुर पुलिस चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर अपनी टीम के साथ उरांव पारा पहुंचे। चौपाल लगाकर बस्तीवासियों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। बस्तीवासियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय, यातायात नियमों का पालन करने और अपराध से दूर रहने की समझाइश दी। लोगों को नशा और नशे के अवैध कारोबार ना करने को कहा।
करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद राजधानी रांची को आखिरकार अपनी नई शहर सरकार मिल गई। गुरुवार को आयोजित समारोह में मेयर रोशनी खलखो समेत 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही आज ही डिप्टी मेयर का भी चुनाव होगा। शहर को डिप्टी मेयर आज ही मिल जाएगा। इसके लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। शपथ ग्रहण के बाद सभी प्रतिनिधियों ने नगर निगम पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। इसके साथ ही शहर के विकास और बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में नई बोर्ड काम करने को तैयार है। सीमित संसाधनों में उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती नई शहर सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित संसाधनों के बीच जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति फिलहाल मजबूत नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष में 2610 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है। अब तक महज 115 करोड़ रुपए की ही आय हो सकी है। ऐसे में विकास कार्य काफी हद तक केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर रहेंगे। समय पर फंड नहीं मिलने की स्थिति में योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन बड़ी प्राथमिकता रांची में सफाई व्यवस्था पर हर माह 6 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने के बावजूद हालात संतोषजनक नहीं हैं। सड़कों पर कचरा और जाम नालियां अब भी बड़ी समस्या हैं। नई मेयर के सामने झिरी में वर्षों से जमा कचरे के निस्तारण, वहां पार्क निर्माण, 12 मटेरियल रिकवरी सेंटर को चालू करने और कचरे से आय के मॉडल को लागू करने की चुनौती है। सीवरेज-ड्रेनेज और भ्रष्टाचार पर फोकस शहर में सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था अब भी अधूरी है। जोन-1 का प्रोजेक्ट 24 करोड़ रुपए की कमी के कारण ठप है। नई बोर्ड के लिए इसे शुरू कराना प्राथमिकता होगी। वहीं, जोन-2, 3 और 4 के लिए 4000 करोड़ रुपए की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा, निगम में फैले भ्रष्टाचार और दलाली तंत्र पर रोक लगाने के लिए वार्ड स्तर पर सेवाएं पहुंचाने की दिशा में काम शुरू करने की बात कही गई है, ताकि लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। राजस्व बढ़ाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार की जरूरत नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए होल्डिंग टैक्स, पार्किंग, होर्डिंग और वॉटर कनेक्शन से राजस्व बढ़ाने की योजना पर काम किया जाएगा। साथ ही टैक्स चोरी पर सख्ती भी की जाएगी। वहीं, शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति सुधारने के लिए नई सिटी बसों की खरीद और 244 बसों के संचालन की योजना को गति देने की भी जरूरत है, जो अब तक फाइलों में अटकी हुई थी।
उज्जैन में गुरुवार सुबह चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत हुई। हरसिद्धि मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना कर नौ दिवसीय पर्व का शुभारंभ किया गया। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्रि के पहले दिन मंदिर के पट सुबह 4 बजे खोले गए। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह 8 बजे विधिवत घट स्थापना कर पर्व की शुरुआत की गई। नौ दिनों तक नौ स्वरूपों की पूजा यह पर्व 27 मार्च तक चलेगा। नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों-शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की क्रमवार पूजा की जाएगी। मंदिर परिसर में स्थित करीब 51 फीट ऊंची दीपमालाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। इनमें 1000 से अधिक दीपक लगाए जाते हैं। शाम को दीपमाला प्रज्वलित की जाएगी। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। यह स्थल सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी का भी माना जाता है। सालभर जलती हैं दीपमालाएं पहले दीपमालाएं केवल नवरात्रि में प्रज्वलित होती थीं, लेकिन अब विशेष बुकिंग के चलते ये सालभर जलाई जाती हैं। मान्यता है कि दीप प्रज्वलन के दौरान मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर के महंत रामचंद्र गिरी के अनुसार, हरसिद्धि शक्तिपीठ में प्रतिदिन प्राकृतिक ज्योत प्रज्वलित होती है। यहां देशभर से श्रद्धालु मनोकामना लेकर पहुंचते हैं।
मैनपुरी जिले में मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस घटना में एक ही परिवार के छह सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ितों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता महाराज सिंह, निवासी ग्राम गनेशपुर, थाना बिछवां, जनपद मैनपुरी के अनुसार, यह घटना 18 मार्च को शाम लगभग 6:30 बजे हुई। पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए महाराज सिंह के बेटे जीतू को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। महाराज सिंह के सिर और हाथ पर लाठी मारी, जिससे उनका सिर फट गया और बायां हाथ टूट गया। जब जागेश्वरी पत्नी सरमन सिंह उन्हें बचाने आईं, तो उन्हें भी बालों से पकड़कर जमीन पर गिराकर पीटा गया, जिससे उनका कंधा टूट गया। शोर सुनकर अनुपम पत्नी जीतू, नीतू पुत्री महाराज, महारानी पत्नी महाराज सिंह और महाराज सिंह भी वहां पहुंचे, जिन्हें लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया गया। पीड़ितों ने 1076 और 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस काफी देर बाद पहुंची। मजबूर होकर, पीड़ित परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने सभी घायलों का डॉक्टरी मुआयना कराकर घटना के आधार पर थाना बिछवां में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
हरदा में गुरुवार को हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर सकल हिंदू समाज और वैश्य समाज द्वारा भगवा वाहन चेतना रैली निकाली गई। यह रैली हरदा सहित कई स्थानों पर आयोजित की गई। यह रैली सामाजिक समरसता, हिंदुत्व की एकता और नववर्ष के उत्सव को मनाने के उद्देश्य से निकाली गई थी। वैश्य महासम्मेलन के जिला प्रभारी राजीव जैन और जिलाध्यक्ष दीपक नेमा ने बताया कि वैश्य समाज गुड़ी पड़वा को वैश्य चेतना दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन सभी तहसीलों में वाहन रैली निकालकर वैश्य एकता के लिए जन जागृति का कार्य किया जाता है। हरदा जिले की सभी तहसीलों में यह वाहन रैली निकाली गई। हरदा नगर में वैश्य चेतना रैली नर्मदीय धर्मशाला चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग भगवा ध्वज के साथ शामिल हुए। इस वैश्य चेतना रैली में वैश्य समाज के केशव बंसल, दीपक नेमा, सरगम जैन, राजीव जैन, अजय अग्रवाल, संजय पाटनी, संयम अग्रवाल, अमित तोषनीवाल और शुभम बंसल सहित अभय अग्रवाल उपस्थित रहे।
चैत्र नवरात्र शुरू, मेरठ के मंदिरों में उमड़ी भीड़:मां दुर्गा का पालकी पर आगमन, भव्य शृंगार
मेरठ में चैत्र नवरात्र 19 मार्च यानी आज से शुरू हो गए हैं, जो 27 मार्च तक चलेंगे। शहर के प्रसिद्ध मंदिरों, विशेषकर नौचंदी मैदान स्थित चंडी देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पर्व को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस वर्ष घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6:52 से 7:53 बजे तक था। नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया नाइट जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है, जिनमें पारंपरिक संगीत और उत्साह देखने को मिलता है। शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित चैत्र नवरात्र पर्व आज से शुरू हो गया है। इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी की सवारी पर हो रहा है, जिसे शुभ माना गया है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर सुख, समृद्धि और संपन्नता की कामना करते हैं। पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री का गुणगान किया जा रहा है। यह देवी दुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। वह वृषभ (बैल) पर सवार हैं और उनके दाएं हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल सुशोभित है। मान्यता है कि माता जीवन में स्थिरता, दृढ़ता और मन की चंचलता को दूर करने की शक्ति प्रदान करती हैं। घरों और मंदिरों में मां भगवती की पूजा-अर्चना से पहले कलश या घट स्थापना की जाती है। देवी पुराण के अनुसार, स्थापित किया गया कलश सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। कलश में गंगाजल, अक्षत, पुष्प, हल्दी और लौंग अर्पित किए जाते हैं। कई देवी भक्त इन नौ दिनों में व्रत भी रखते हैं। देवी मंदिरों में मां जगदंबे का विशेष शृंगार और आरती की जाएगी। बुधवार को बाजारों में श्रद्धालुओं ने मां की चुनरी, पोशाक, सोलह शृंगार की सामग्री, नारियल और अन्य पूजन सामग्री खरीदी।
छिंदवाड़ा के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को विक्रमोत्सव 2026 का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय नववर्ष और विक्रम संवत के स्वागत में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना की गई और संस्कृति विभाग के कलाकारों ने 'सम्राट विक्रमादित्य' पर नाट्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के साथ ही शासन के निर्देश पर जिले के प्रमुख मंदिरों में ब्रह्मध्वज स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन शामिल हुए। निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे सूर्य उपासना की गई, जिसके माध्यम से भारतीय नववर्ष और विक्रम संवत के स्वागत का संदेश दिया गया। इस अवसर पर “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर आकर्षक नाट्य प्रस्तुति का मंचन भी किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भारतीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ा। यह नाट्य प्रस्तुति संस्कृति विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई। प्रमुख मंदिरों में स्थापित किए जा रहे ब्रह्मध्वज शासन के निर्देशों के अनुसार जिले के प्रमुख मंदिरों और स्थलों पर ब्रह्मध्वज स्थापित किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। ये ब्रह्मध्वज महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। निगम आयुक्त को बनाया गया था नोडल अधिकारी कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर हरेंद्र नारायन द्वारा नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव, महापौर विक्रम अहके और एसडीएम सुधीर जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में सपा विधायक पंकज मलिक और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के बीच चल रही जुबानी जंग अब समर्थकों तक पहुंच गई है। मंत्री अनिल कुमार के समर्थकों द्वारा विधायक पंकज मलिक का पुतला दहन किए जाने के विरोध में गांव पंचेड़ा कला में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में 2027 के विधानसभा चुनाव में जवाब देने की चेतावनी दी गई। पंचायत में मंत्री अनिल कुमार की जाति से संबंधित टिप्पणी पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। पंचायत सदस्यों ने स्पष्ट किया कि विधायक पंकज मलिक ने मंत्री की जाति पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पलटवार करते हुए कहा था कि उनके परिवार पर कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दलित व्यक्ति का कैबिनेट मंत्री बनना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है। मंत्री ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि जनता सब समझती है। मंत्री अनिल कुमार ने पुरकाजी विधानसभा सीट के इतिहास पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी यहां कभी मजबूत नहीं रही और दूसरे स्थान पर भी नहीं पहुंच पाई। इस सीट पर आमतौर पर बसपा या भाजपा जीतती रही हैं। पिछली बार लोकदल गठबंधन से जीत मिली थी, लेकिन अब जनता सच्चाई के आधार पर फैसला करेगी।
नोएडा में पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन:DCP से मांगा स्पष्टीकरण, एसीपी की जांच, SHO और विवेचक सस्पेंड
थाना फेज-तीन थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती को विशेष समुदाय के युवक ने धर्म छिपाकर प्रेमजाल में फंसा लिया। शादी का झांसा देकर आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। उसे वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म किया और पीड़िता से लाखों रुपये ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने बड़ा एक्शन लिया है। सीपी ने DCP शक्ति अवस्थी से स्पष्टीकरण मांगा है। वही ACP सेंट्रल उमेश यादव की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए है। SHO पुनीत कुमार और विवेचक प्रीति गुप्ता को सस्पेंड किया गया है। सीपी ने मामले की जांच ADCP नोएडा को सौंपी है। अब तक की जांच में लापरवाही मिली है। बताया गया कि FIR दर्ज करने के दौरान धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST एक्ट को शामिल नहीं किया गया था। हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव भी किया था आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार शाम हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने पर हंगामा किया था।
बुलंदशहर में गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक महिला और उसकी बेटियों के साथ मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांजा बेचने वाले एक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर इस घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना 14 मार्च की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला के 12 वर्षीय बेटे की पड़ोसी युवक से मामूली कहासुनी हो गई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी सोनी ने बच्चे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब महिला अपने बेटे को बचाने पहुंची, तो आरोपी ने उसके साथ भी अभद्रता की और अपने साथियों रिहान, आलम व वाहिद को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से महिला और उसकी बेटियों पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई बेटियों के साथ भी मारपीट की गई और उनके साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें की गईं। इस हमले में महिला के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उसकी बेटियां भी घायल हो गईं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसके पड़ोस में गांजा बेचने का काम करता है और वह लगातार इसका विरोध करती रही है। इसी रंजिश के चलते घटना को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी और पुराने मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाया। महिला की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के उरसान गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। शराब के नशे में धुत पति ने वसूले से हमला कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, उरसान गांव निवासी मिथिलेश कश्यप का विवाह लगभग नौ वर्ष पहले गांव के ही रजत कश्यप से हुआ था। बताया गया है कि रजत शराब का आदि था और अक्सर शराब पीकर घर आने के बाद मिथिलेश से विवाद करता था। मिथिलेश के विरोध करने पर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। बुधवार रात भी रजत शराब के नशे में घर लौटा। इसके बाद पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर रजत ने लकड़ी छीलने वाले बसूले से मिथिलेश पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मिथिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। गुरुवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही डेरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी राजीव सिरोही ने बताया कि आरोपी रजत कश्यप को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और वारदात में इस्तेमाल किया गया वसूला भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मृतका मिथिलेश के भाई रवि कुमार, जो रूरा थाना क्षेत्र के भारा पुरवा के निवासी हैं, ने गुरुवार को डेरापुर थाने में तहरीर दी। उन्होंने अपनी बहन की मृत्यु के स्पष्ट कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शिवपुरी में कार्यालय सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए 2014 में जारी भर्ती विज्ञापन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया नियमों के विपरीत थी, इसलिए इसके आधार पर की गई सभी नियुक्तियां भी निरस्त मानी जाएंगी। पीठ ने शिवपुरी कलेक्टर को तीन माह के भीतर नया विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, तत्कालीन कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर पर कार्रवाई का भी आदेश दिया गया है। कोर्ट ने 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें से 1.50 लाख रुपये याचिकाकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में दिए जाएंगे और 25 हजार रुपये नगर निगम ग्वालियर के स्वच्छता खाते में जमा होंगे। यह राशि दोषी अधिकारियों से वसूलने की अनुमति शासन को दी गई है। जस्टिस आनंद सिंह बहावत की एकलपीठ ने यह आदेश योगेश कुमार कुशवाह की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता ने बताया था कि लोक सेवा प्रबंधन विभाग के 14 जुलाई 2011 के सर्कुलर के अनुसार, भर्ती के लिए केवल स्नातक योग्यता और तय प्रक्रिया आवश्यक थी। हालांकि, जारी किए गए विज्ञापन में 60 प्रतिशत अंकों की एक अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई थी, जो नियमों के खिलाफ थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अधिकारियों ने बिना सोच-विचार के विज्ञापन जारी किया, जिसके कारण याचिकाकर्ता को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अदालत ने स्पष्ट किया कि 2011 के सर्कुलर के अनुसार मेरिट का निर्धारण स्नातक के अंकों के आधार पर होना था, लेकिन यह शर्त मनमाने ढंग से जोड़ी गई। यह याचिका लगभग 11 वर्षों तक लंबित रही। सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 15 पद थे, लेकिन अतिरिक्त शर्त जोड़ने के कारण कई योग्य उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सके।
आज (19 मार्च) हम चैत्र प्रतिपदा के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत कर रहे हैं। लेकिन खगोल विज्ञान के नजरिए से देखें तो समय के चक्र में एक बड़ा बदलाव आ चुका है। प्राचीन काल में जिस दिन चंद्र नववर्ष (प्रतिपदा) होता था, उसी दिन सूर्य भी अपनी पहली राशि ‘मेष’ में प्रवेश करता था। आज स्थिति यह है कि चंद्र नववर्ष और सौर नववर्ष (मेष संक्रांति) के बीच 26 दिनों का बड़ा अंतर आ गया है। इस साल नववर्ष 19 मार्च को है, वहीं सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में जाएगा। क्यों आया तारीखों में यह अंतर? कुशालपुर दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान डॉ. आशुतोष झा के अनुसार, आज से 1700 से 2000 साल पहले (लगभग 285 ईस्वी के आसपास) ये दोनों घटनाएं एक ही दिन होती थीं। उस समय सूर्य और चंद्रमा की गणना में ‘पूर्ण सामंजस्य’ था, जिसका उल्लेख हमारे प्राचीन ग्रंथ ‘सूर्य सिद्धांत’ में मिलता है। तारीखों के इस बड़े अंतर की असली वजह एक खगोलीय घटना है, जिसे ‘अयनचलन’ कहते हैं। ऐसे बढ़ा फासला ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे इसे सरल भाषा में समझाते हुए कहते हैं कि, पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते समय एक ‘लट्टू’ या भंवरे की तरह मामूली सा डगमगाती है। इस डगमगाहट के कारण वह बिंदु (वसंत संपात), जहां से गणना शुरू होती है, हर साल थोड़ा पीछे खिसक जाता है। हालांकि यह बदलाव बहुत सूक्ष्म है, लेकिन 72 सालों में यह 1 डिग्री और 2000 सालों में लगभग 26 दिन का अंतर पैदा कर चुका है। भारतीय गणित का कमाल, ‘अधिकमास’ से सुधारते हैं गलती सौर वर्ष लगभग 365 दिन का होता है और चंद्र वर्ष 354 दिन का। हर साल जो 11 दिन बच जाते हैं, वे 3 साल में एक पूरे महीने के बराबर हो जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष शर्मा के मुताबिक, भारतीय गणित की श्रेष्ठता इसी में है कि हम हर 32.5 महीने में एक ‘अधिकमास’ जोड़कर इस अंतर को खत्म कर देते हैं। यही कारण है कि अयनचलन के बावजूद हमारे त्योहार (जैसे होली, दिवाली) अपनी सही ऋतुओं में ही आते हैं। दो भागों में बंटे हमारे नववर्ष उत्सव चंद्र नववर्ष (19 मार्च): इसे गुड़ी पड़वा या उगादि कहा जाता है। यह हमारा मानसिक और आध्यात्मिक नववर्ष है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि शुरू होती है, जिसका समापन 27 मार्च को रामनवमी पर होगा। सौर नववर्ष (14 अप्रैल): जब सूर्य वास्तव में मेष राशि में प्रवेश करता है। इसे पंजाब में बैसाखी, बंगाल में पोइला बैशाख और केरल में विशु के रूप में मनाते हैं। यह प्रकृति और फसलों का नववर्ष है। …………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… आज से चैत्र नवरात्रि...छत्तीसगढ़ के देवी मंदिरों में खास इंतजाम: दुर्ग-डोंगरगढ़ तक स्पेशल ट्रेन, 10 ट्रेनों का स्टॉपेज, शक्तिपीठों में विशेष आरती, जानिए हेल्पलाइन नंबर आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के देवी मंदिरों में भी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बस्तर के मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी, बिलासपुर के महामाया मंदिर, रायपुर के महामाया मंदिर समेत 10 मंदिरों में विशेष आरती के साथ मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित की गईं। पढ़ें पूरी खबर…
देवरिया नगर पालिका परिषद ने गृहकर और जलकर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। पालिका ने ऐसे 63 भवन स्वामियों की संपत्तियों को कुर्क और सीज करने की तैयारी कर ली है। यह कार्रवाई लंबे समय से कर जमा न करने वाले लोगों पर की जा रही है। 18 से 26 मार्च तक चलेगी कार्रवाई पालिका द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च से 26 मार्च तक अलग-अलग मोहल्लों में अभियान चलाकर बकायेदारों की संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें रौनियारी मोहल्ला, नई कॉलोनी, उमा नगर, सोमनाथ नगर, रामनाथ देवरिया दक्षिणी व उत्तरी, अंबेडकर नगर, साकेत नगर समेत कई क्षेत्रों के भवन स्वामी शामिल हैं। बड़े नामों की सूची से बढ़ी हलचल बकायेदारों की सूची में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल होने से शहर में चर्चा तेज हो गई है। इनमें निजी संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। नगर पालिका का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। इन बकायेदारों में सदर अंजुमन इस्लामिया वक्फ और क्षेत्रीय गांधी आश्रम जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। कर बकाया की बढ़ती रकम को देखते हुए नगर पालिका ने इन संपत्तियों को कुर्क और सीज करने की तिथि निर्धारित कर दी है। इस कार्रवाई से शहर के बकायेदारों में हड़कंप मच गया है और कई लोग अब भुगतान की तैयारी में जुट गए हैं। नगर पालिका के अनुसार, वर्ष 2012 से स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू है, जिसके तहत भवन स्वामी स्वयं अपने कर का आकलन कर जमा करते हैं। इसके बावजूद कई भवन स्वामी वर्षों से कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। पालिका ने ऐसे बकायेदारों को पहले डिमांड नोटिस जारी किए थे, लेकिन अधिकांश लोगों ने भुगतान में रुचि नहीं दिखाई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संजय तिवारी ने बताया कि कर वसूली को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग निर्धारित समय पर बकाया जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। शव की पहचान कटरा महोला, हनुमान मंदिर, महोबा रोड निवासी गंजू रैकवार (35) के रूप में हुई है। यह हादसा वाहन की चपेट में आने से हुआ। सुबह जब लोग वहां पहुंचे, तब घटना का खुलासा हुआ। मृतक का शव सड़क किनारे क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला था। सूचना मिलने पर ओरछा रोड थाना पुलिस और थाना प्रभारी आईपीएस लेखराज मीणा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। शव की पहचान के बाद परिजनों को सूचित किया गया, जो घटनास्थल पर पहुंचे। पत्नी बेटियों संग मायके गई थीपरिजनों के अनुसार, गंजू रैकवार ट्रक बॉडी मेकर का काम करता था। घटना के समय वह ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में ही मौजूद था। बताया गया कि उसकी पत्नी अस्वस्थ होने के कारण अपनी दोनों बेटियों के साथ मायके गई हुई थी, जिसके कारण वह अकेला रह रहा था। आशंका जताई जा रही है कि हादसा देर रात हुआ, जब किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी और फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि शव बुरी तरह कुचला हुआ मिला, जिससे वाहन की तेज रफ्तार का अनुमान है। ओरछा रोड थाना पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि वाहन की तलाश की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पंजाब के पूर्व वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी केजेएस चीमा आज औपचारिक रूप से शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हो गए हैं। अकाली दल की एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें सिरोपा भेंट कर पार्टी में जॉइन कराया । कॉन्फ्रेंस के दौरान सुखबीर ने बताया की के.जे.एस. चीमा का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के बड़े नेताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अनुभव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। चीमा पंजाब के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल के करीबी रहे। उन्होंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया है और उनके भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ भी प्रशासनिक सेवाओं में अहम जिम्मेदारी संभाली है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के साथ काम करने का उनका अनुभव पार्टी के लिए नीति-निर्धारण में मददगार साबित हो सकता है।वही बादल ने कहा कि चीमा जैसे सुलझे हुए और अनुभवी अधिकारी के आने से अकाली दल को नई मजबूती मिलेगी। उनके आने से न केवल पार्टी का आधार बढ़ेग बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हमें उनके विजन का फायदा मिलेगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान सरकार से पिछले छह दशकों के पानी का पैसा बकाया होने का दावा किया है। मान ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ देने की मांग की है। इसके लिए औपचारिक दावा पेश करने की घोषणा की है। मान ने कहा राजस्थान या तो पैसा दे या पंजाब से पानी लेना बंद करे। मान बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। मान ने कहा- पानी देने के लिए 1920 में बीकानेर महाराजा, बहावलपुर रियासत के बीच अंग्रेजों का समझौता हुआ था। बहावलपुर तो पाकिस्तान चला गया। राजस्थान फीडर से बीकानेर गंगानगर तक पानी जाता है,वह 18000 क्यूसेक पानी जाता है। उस समझौते के तहत प्रति एकड़ के हिसाब से पानी देने की फीस रखी गई थी। 1960 तक राजस्थान वो पैसा देता रहा। सिंधु जल समझौते के बाद राजस्थान ने पैसा देना बंद किया मान ने कहा- उसके बाद इंडस ट्रीटी (सिंधु जल समझौता) लागू हो गया। उसके बाद वो पैसे देने बंद कर दिए। राजस्थान ने पैसे देना बंद कर दिया और पंजाब ने मांगना बंद कर दिया। पैसा दो नहीं या पानी छोड़ो मान ने कहा- 1920 का जो समझौता था, उस समझौते को रद्द (टर्मिनेट) नहीं किया। 1960 से लेकर 2026 तक हिसाब लगाते हैं तो यह 1.44 लाख करोड़ रुपए होता है। राजस्थान पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ बकाया बनता है। अगर वो यह कहते हैं कि सिंधु जल समझौते में तो लिखा ही नहीं गया है तो फिर पानी भी छोड़ो। पानी आप 1920 वाले कानून से ले रहे हो, पैसे की बात तुम 1960 के एक्ट से कर रहे हो, या तो 1920 का एक्ट टर्मिनेट करवाओ या फिर हमसे पानी लेना बंद करो। 1960 से 1926 तक 1.44 लाख करोड़ बकाया मान ने कहा- पानी के बंटवारे पर सिंधु जल समझौता हुआ। सिंधु जल संधि के बाद राजस्थान ने 18,000 क्यूसेक पानी लेना जारी रखा, लेकिन पैसा देना बंद कर दिया। अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाए की गणना करें, तो राजस्थान पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ बकाया है। वे हमारा पानी तो चाहते हैं, लेकिन हमारा बकाया चुकाने को तैयार नहीं हैं। राजस्थान सरकार को चिट्ठी लिखी भगवंत मान ने कहा- हैरानी की बात है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के जरिए पानी की मांग करने वाले राज्य इस भारी बकाया भुगतान के मुद्दे पर चुप हैं। हमने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राजस्थान सरकार को एक बैठक के लिए पत्र लिखा है। पंजाब इस मामले को मजबूती से आगे बढ़ाएगा। राजस्थान या तो पंजाब से पानी लेना बंद कर दे या फिर उन्हें बकाया चुकाना होग।
सहारनपुर विकास प्राधिकरण में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय का तबादला कर उन्हें उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा में कार्यकारी निदेशक बनाया गया है। उनकी जगह आईएएस अधिकारी सूरज पटेल को सहारनपुर विकास प्राधिकरण का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आईएएस (2019 बैच) सूरज पटेल इससे पहले अमेठी में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने यह जिम्मेदारी जनवरी 2024 में संभाली थी। उनके प्रशासनिक अनुभव में फतेहपुर में सीडीओ और मेरठ व बहराइच में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में सेवाएं शामिल हैं। कानपुर के पास एक गांव के मूल निवासी सूरज पटेल ने सिविल सेवा परीक्षा तीन बार उत्तीर्ण की है। उन्होंने पहले आईआरएस (2015), फिर आईपीएस (2016) और अंततः आईएएस (2018) में अखिल भारतीय रैंक 70 हासिल की। उन्होंने वित्त मंत्रालय और पेप्सिको जैसी संस्थाओं के साथ भी कार्य किया है। सूरज पटेल को जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे समावेशी विकास और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के लिए पहचाने जाते हैं। सहारनपुर में उनकी नियुक्ति से शहर के विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। संतोष कुमार राय के कार्यकाल में भी कई विकास योजनाओं को गति मिली थी। उनके स्थानांतरण के बाद, स्थानीय लोगों और कारोबारियों को नए उपाध्यक्ष से लंबित परियोजनाओं, अवैध निर्माण और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम करने की उम्मीद है। शासन स्तर पर इस बदलाव को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सूरज पटेल सहारनपुर के विकास को किस तरह गति देते हैं, इस पर सभी की नजरें हैं।
करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र में पश्चिमी यमुना नहर के पास गोवंश के अवशेष मिलने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को 7 गोवंश के अवशेष मिलने के बाद गुरुवार को फिर 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से इलाके में तनाव बढ़ गया। घटना से गुस्साए गोरक्षकों ने इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर अवशेष रखकर जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बुधवार को सामने आया था पहला मामला धमनहेड़ी गांव के पास बुधवार दोपहर कुछ लोग नहर किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अवशेषों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए उचानी के पशुधन केंद्र भिजवाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि नहर किनारे कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर एक ओर पड़े मिले। पास ही हड्डियों का ढांचा और पशुओं की खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने ब्लड सैंपल लिए और पूरे क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने आसपास के खेतों में भी तलाशी अभियान चलाया। डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 7 गोवंश के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है। सभी अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि मामला गोवंश की हत्या से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। गुरुवार को फिर मिले कटे हुए सिर पहली घटना के अगले ही दिन गुरुवार को उसी नहर के पास फिर 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से लोगों में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। गोरक्षकों ने कटे हुए सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। मांग पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी गोरक्षा दल के प्रधान मोनू राणा ने कहा कि यह घटना हिंदू भावनाओं को आहत करने वाली है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक जाम जारी रहेगा। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, नहर पर गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और संदिग्ध गौशालाओं की जांच की मांग की। पुलिस ने किया समझाने का प्रयास प्रदर्शन की सूचना मिलते ही इंद्री थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गोरक्षकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में डीएसपी सतीश गौतम भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से काम किया जाएगा। प्रशासन ने की जांच तेज पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।
इंदौर में नशे के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 10 किलो 600 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो शहर में नशे के आदी लोगों को सप्लाई करता था। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के मुताबिक, बुधवार को मुखबिर से सूचना मिलने पर टीम ने लक्ष्मीबाई नगर इलाके में दबिश दी। यहां सीमेंट गोदाम के पास एक टीन शेड के पास टू-व्हीलर पर काले बैग के साथ खड़ा एक संदिग्ध युवक मिला। घेराबंदी कर युवक को रोका गया और पूछताछ में उसने अपना नाम करण केवट निवासी इंदौर बताया। तलाशी लेने पर उसके काले बैग से 10 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सस्ते में खरीदकर शहर में करता था सप्लाईप्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह सस्ते दामों में गांजा खरीदकर शहर में सप्लाई करता था। पुलिस ने उसके पास से गांजा, एक मोबाइल फोन और टू-व्हीलर सहित करीब 2 लाख रुपए से ज्यादा का माल जब्त किया है। माइनिंग कंपनी में करता था मजदूरीपुलिस के अनुसार आरोपी एक निजी माइनिंग कंपनी में दैनिक वेतन पर काम करता है और उसकी पढ़ाई 9वीं कक्षा तक ही है। फिलहाल क्राइम ब्रांच उससे नेटवर्क और सप्लाई चैन को लेकर पूछताछ कर रही है। नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाईक्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मुद्दा सूबे के गवर्नर असीम घोष तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेसी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर से शिकायत की। विधायकों ने कहा कि सत्तासीन पार्टी बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। इस दौरान कांग्रेस की ओर से चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर आईएएस पंकज अग्रवाल के खिलाफ भी शिकायत की। कांग्रेसी विधायकों ने अपनी शिकायत में लिखा है कि राज्यसभा के दो सदस्यों के निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की प्रक्रिया को सत्ताधारी दल ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को संचालित कराने वाले आईएएस अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका भी पक्षपातपूर्ण, अत्यंत अनुचित और निंदनीय थी। यहां देखिए लेटर की कॉपी… यहां देखिए कांग्रेस विधायकों का लेटर... निर्दलीय को मिले 7 वोटों ने चौकाया हरियाणा विधानसभा में 90 सदस्य हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के 48 सदस्य हैं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 37 सदस्य हैं, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के दो सदस्य हैं। तीन सदस्य निर्दलीय हैं। चुनाव सूत्र के अनुसार, राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होती है। संजय भाटिया भाजपा के उम्मीदवार थे और कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौध को अपना उम्मीदवार बनाया था। सामान्य परिस्थितियों में, भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की जीत निश्चित थी। लेकिन, दूसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या में सदस्यों की कमी के बावजूद, भाजपा ने अपने उपाध्यक्ष सतीश नंदल को 7 भाजपा विधायकों द्वारा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़ा करके सबको चौंका दिया, जो स्पष्ट रूप से किसी धूर्त इरादे से किया गया था। राजनीतिक बाजार बना रही बीजेपी सत्ताधारी दल के इस अनैतिक कृत्य ने हरियाणा विधानसभा की गरिमा को कुचल दिया और इसे एक राजनीतिक बाजार में बदल दिया। सत्ताधारी दल ने राजनीतिक शिकारी की तरह व्यवहार किया और अपने स्वतंत्र उम्मीदवार की जीत के लिए सभी अनैतिक साधनों का सहारा लिया। उन्होंने खुलेआम और बेशर्मी से विधायकों की खरीद-फरोख्त, सौदेबाजी, प्रलोभन, धमकियां, संस्थागत दबाव, बेईमान सौदे और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया। यह सब दिन दहाड़े की गई घोर हत्या थी।RO की भूमिका पर सवाल उठाए रिटर्निंग ऑफिसर का आचरण सत्ताधारी पार्टी की कुटिल हेराफेरी और साजिशों को बल देता है। आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने भाजपा/स्वतंत्र उम्मीदवार के एजेंट के रूप में संवैधानिक प्राधिकारी के पद के लिए अशोभनीय व्यवहार किया। उन्होंने जानबूझकर और गैरकानूनी रूप से कांग्रेस विधायकों के वोटों को खारिज कर दिया और भाजपा तथा स्वतंत्र उम्मीदवारों के पक्ष में अमान्य वोटों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए मतगणना प्रक्रिया में हेरफेर करने का भी प्रयास किया। आरओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग सभी कांग्रेसी विधायकों ने अपने पत्र में लिखा है, हम आपके समक्ष सरकार के अलोकतांत्रिक, अनैतिक और अहंकारी राजनीतिक आचरण को प्रस्तुत करते हैं, जिसने राज्य को कलंकित किया है और जनता की नज़र में विधायकों की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है, जो देश में लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक प्रवृत्ति है। आपसे निवेदन है कि आप अपनी सरकार को अपने राजनीतिक आचरण में शालीनता, लोकतांत्रिक मानदंडों, अनुशासन और शिष्टता का पालन करने का निर्देश दें और राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।
हिसार जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं को कथित तौर पर मुर्गा बनाकर पूरे परिसर में घुमाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इसे छात्राओं की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामला 7 मार्च को सामने आया, जिसमें अग्रोहा ब्लॉक जगान गांव स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में छात्राओं को अपमानजनक सजा देने की बात कही गई। घटना के तीन वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया। इसके बाद जांच समिति गठित कर दी गई है। अनुशासन के नाम पर उत्पीड़न- आयोग आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा और सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि अगर आरोप सही पाए गए, तो यह बच्चों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने दो टूक कहा कि अनुशासन के नाम पर शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि छात्राओं को सार्वजनिक रूप से इस तरह अपमानित करना “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों की भावना के विपरीत है। स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करें। धारा 82 में शारीरिक दंड पर प्रतिबंध आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बच्चों को शारीरिक दंड देना कानूनन अपराध है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 में शारीरिक दंड पर रोक है। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 में क्रूरता दंडनीय है। धारा 82 में शारीरिक दंड पर प्रतिबंध है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय के तहत भी बच्चों को किसी भी प्रकार के अपमान और हिंसा से संरक्षण का अधिकार है। इन अधिकारियों से मांगी गई रिपोर्ट आयोग ने 4 स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए रिपोर्ट मांगी है। इसमें उपायुक्त हिसार, जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, स्कूल प्रिंसिपल शामिल है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी अपनी रिपोर्ट 12 मई 2026 की अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले प्रस्तुत करें। असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने कहा कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
झालावाड़ पुलिस ने रात के समय आमजन को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, झालावाड़ डिप्टी सर्कल के 5 थानों के पुलिस अधिकारी और हेड कॉन्स्टेबल रात भर अलर्ट मोड पर रहेंगे। इस पहल में मुख्यालय स्थित कोतवाली, झालरापाटन, सदर, बकानी और रटलाई थानों के पुलिसकर्मी शामिल होंगे। वे रोज रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक गश्त पर रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे। संबंधित पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबर होंगे सार्वजनिकआमजन को पुलिस की मदद के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों के सार्वजनिक मोबाइल नंबरों पर कॉल करने की सुविधा मिलेगी। एएसआई, हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल और पुलिस वाहन चालकों के नाम, पद और नंबर प्रतिदिन झालावाड़ जिले के सोशल मीडिया ग्रुप पर साझा किए जाएंगे। डीएसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा ने बताया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से रात के समय लोगों को तत्काल पुलिस सहायता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नियुक्त पुलिसकर्मी फोन नहीं उठाते हैं, तो पीड़ित व्यक्ति सीधे उनके (डीएसपी के) सार्वजनिक नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिसकर्मियों को रात के समय मोबाइल कॉल अटेंड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी कॉल अनुत्तरित न रहे और आमजन को समय पर सहायता मिल सके। झालावाड़ पुलिस का नवाचारझालावाड़ पुलिस की ओर से यूं तो पुलिस थानों और बीट कॉन्स्टेबल आदि के नंबर सर्वाजनिक रूप से उपलब्ध है, लेकिन पुलिस की ओर से इस व्यवस्था के माध्यम से रात के समय जरूरत होने पर मदद मिल सकेगी। जरूरत के समय थानाधिकारी से बात नहीं होने पर विकल्प के रूप में अन्य पुलिस कर्मियों के नंबर मौजूद होने से उनको रात के समय परेशानी नहीं होगी। खासकर महिलाओं को मिलेगा इसका लाभझालावाड़ शहर समेत झालावाड़ सर्किल के ग्रामीण इलाकों में कई बार रात के समय थाने का बेसिक फोन और थानाधिकारियों से संपर्क नहीं होने की शिकायते मिलती रहती है, ऐसे में पुलिस की ओर से यह नवाचार किया गया है, वही रात के समय महिलाओं को भी आने-जाने के दौरान या कहीं भी असुरक्षित महसूस करने पर वह किसी भी पुलिस कर्मी के नंबर पर कॉल करके तुरंत मदद ले सकेंगी।
झारखंड के विभिन्न जिलों में रसोई गैस किल्लत की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर एलपीजी गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। झरिया के बस्ताकोला स्थित चौधरी गैस एजेंसी में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। सुबह से ही एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल सका। उपभोक्ताओं ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर दिया थाकुछ दिन पहले गैस आपूर्ति न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाकर जाम हटवाया था। हालांकि, इस घटना के बावजूद गैस आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है और समस्या जस की तस बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही गैस बुकिंग और भुगतान कर दिया है। इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिदिन लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे घरों में खाना बनाने में परेशानी हो रही है। घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रहीजमशेदपुर में भी रसोई गैस की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे हैं कि लगातार आश्वासन के बावजूद जमीनी स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। एक ओर गैस एजेंसी संचालक बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है। वहीं, दूसरी ओर आम लोगों की परेशानी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग अपने दैनिक कामकाज छोड़कर घंटों लाइन में खड़े होकर गैस बुकिंग और सिलेंडर लेने का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर महिलाओं और बुजुर्गों को भी लाइन में खड़ा देखा जा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर इतनी भीड़ और लंबा इंतजार क्यों हो रहा है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि समय पर गैस नहीं मिलने के कारण उनके घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी बताया कि बुकिंग के बाद भी उन्हें कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। लोगों में इस स्थिति को लेकर असमंजस के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे और जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान निकाले, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। गैस सिलेंडर आपूर्ति में आई है कमीएजेंसी प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति में कमी है। पहले सिलेंडर की लोडिंग रात में होती थी, जिससे सुबह तक वितरण संभव हो पाता था। अब गाड़ी सुबह लोड होने के कारण दोपहर तक पहुंचती है। एक गाड़ी में लगभग 342 सिलेंडर आते हैं और पहुंचते ही उनका वितरण कर दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है। चतरा के इटखोरी में गैस संकटइधर, चतरा के इटखोरी थाना क्षेत्र के गांधी चौक स्थित विशाल इंडियन गैस गोदाम में उपभोक्ताओं को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के असर और आपूर्ति में कमी के कारण स्थानीय लाभुकों को एक सिलेंडर के लिए चार से पांच दिन पहले बुकिंग करानी पड़ रही है। कतारों में खड़े ग्रामीणों का कहना है कि समय पर गैस न मिलने से घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन और गैस एजेंसी की सुस्ती के बीच आम जनता परेशान है। लोग मांग कर रहे हैं कि आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए ताकि इस संकट से निजात मिल सके। गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिलीवहीं, जामताड़ा में एक बार फिर गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की परेशानी सामने आई है। बुधुडीह स्थित गैस गोदाम में गुरुवार को सिलेंडर लेने के लिए गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली। लाइन गोदाम से निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों से उन्हें गैस नहीं मिल रही थी। गैस बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को 2–3 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही सिलेंडर आने की खबर मिली, लोग सुबह से ही लाइन में लग गए। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह स्थिति उन्हें लगभग 15 साल पहले के दिनों की याद दिला रही है, जब गैस लेने के लिए इसी तरह घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता था।
जयपुर में आंखों की फ्री जांच के लिए महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। जो एस.एस.जी. पारीक पी.जी. कॉलेज, बनीपार्क में सक्षम संस्था जयपुर और महेश भगवती बलदवा फाउंडेशन, हैदराबाद के संयुक्त और विशेष प्रयासों से 29 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस में सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लगभग 4000 लोगों का नेत्र परीक्षण करने का टारगेट सेट किया गया है। जयपुर में मीडिया से बात करते हुए हैदराबाद के महेश भगवती बल्दवा फाउंडेशन की चेयरपर्सन और हर्बल फार्मा दिग्गज इग्जोरियल और कार्तिकेय ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की फाउंडर प्रसिद्ध उद्योगपति भगवती बल्दवा ने कहा- इस मेगा कैंप में चार हजार लोगों की आंखों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और सही ट्रीटमेंट सजेस्ट के लिये शहर के एक्सपर्ट प्रोफेशनल की मेडिकल टास्क फोर्स लगेगी। 125 डेडिकेटेड वॉलंटियर्स अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे इसमें 25 अनुभवी और सीनियर नेत्र रोग विशेषज्ञ यानी ऑप्थल्मोलॉजिस्ट अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं। इन डॉक्टर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए 50 ऑप्टोमेट्रिस्ट्स टीम होगी। जो मरीजों के विजन की सटीक माप लेने और शुरुआती जांच का जिम्मा संभालेंगे। साथ ही लोगों को मैनेज करने, मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने, उन्हें सही काउंटर तक ले जाने और पूरे सिस्टम को स्मूथ तरीके से रन करने के लिए 125 डेडिकेटेड वॉलंटियर्स अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे। इस मौके पर भगवती बल्दवा ने कहा- दिव्यांग जनों की सेवाकार्य में आर्थिक समस्या को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। भगवती बल्दवा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वो सरकार से पहले ही निवेदन कर चुके हैं कि वो जल्द से जल्द जयपुर में जमीन उपलब्ध करवाए, जहां महेश-भगवती बल्दवा फाउंडेशन जयपुर में विश्वस्तरीय अष्टावक्र दिव्यांग सेवा केंद्र की स्थापना कर सकें। इस स्टेटऑफ दी आर्ट हॉस्पिटल में दिव्यांगजनों के लिये तमाम सुविधाएं होंगी। इस प्रेस वार्ता के दौरान इस मेगा आई कैंप का पोस्टर भी रिलीज किया गया। इस कैंप का मकसद सिर्फ लोगों की आँखें चेक करके उन्हें वापस भेजना नहीं है। यह एक एंड-टू-एंड सोल्यूशन प्रोवाइड करने वाला इनिशिएटिव है। जाँच के दौरान जिन मरीजों को दवाइयों की जरूरत होगी, उन्हें मौके पर ही एकदम निःशुल्क और हाई-क्वालिटी मेडिसिन दी जाएगी। जिन्हें नजर के चश्मे की आवश्यकता होगी, उन्हें उनका विजन करेक्ट करने के लिए चश्मे डिस्ट्रीब्यूट किए जाएंगे। और जिन मरीजों को मोतियाबिंद या आंखों से जुड़ी किसी अन्य गंभीर बीमारी के चलते सर्जरी की दरकार होगी, उनका चिन्हीकरण करके सक्षम संस्था द्वारा वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों के माध्यम से बिल्कुल मुफ्त आँखों का ऑपरेशन करवाया जाएगा। यानी स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी तक, मरीज को अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना है। समाज के हर वर्ग, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर तबके तक रोशनी पहुँचाने का यह एक ऐतिहासिक प्रयास है। सक्षम संस्था देश भर में दिव्यांग जनों के उत्थान और उनके रिहैबिलिटेशन के लिए एक साइलेंट रिवोल्यूशन चला रहा है। इस संस्था के राजस्थान में मौजूद सभी सक्षम दिव्यांग सेवा केंद्रों को महेश भगवती बल्दवा फाउंडेश की ओर से संचालन का सहयोग मिलता है। इस केंद्रों में दिव्यांग भाई-बहनों को संबल दिया जा रहा है, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सशक्तिकरण के प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इससे पहले संस्था की ओर से बाबा रामदेवजी की पवित्र भूमि रामदेवरा में आयोजित हुए नेत्र कुम्भ में 33 दिनों तक देश भर से लगभग 1,02,950 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था। एइनमें से एक लाख से भी ज्यादा लोगों की आँखों की प्रॉपर स्क्रीनिंग की गई, उन्हें निःशुल्क दवाइयां दी गईं और उत्तम क्वालिटी के चश्मों का वितरण किया गया। इस पूरी एक्सरसाइज में लगभग 6224 ऐसे मरीजों का आइडेंटिफिकेशन किया गया, जिन्हें तत्काल आँखों के ऑपरेशन की जरूरत थी। इन सभी 6224 लोगों का विभिन्न अस्पतालों और बड़े मेडिकल कॉलेजों के साथ टाई-अप करके सफलतापूर्वक ऑपरेशन करवाया जा रहा है। इस प्रेस वार्ता में उद्योगपति महेश बल्दवा, चंद्रशेखर (सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री), सक्षम के प्रदेश सचिव डॉ. कुलदीप मिश्रा, डॉ महावीर सैनी, डॉ. क्षमाशील गुप्त, मेजर निति गुप्ता सहित संस्ता से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की गौसिया मस्जिद को धार्मिक स्थल मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने 1995 से चली आ रही परंपरा को जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके निजी परिसर में पूजा-पद्धति करने से नहीं रोका जा सकता, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। यह पूरा मामला संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना हयात नगर क्षेत्र के गांव धनेटा सतीपुरा में गाटा संख्या 291 पर बनी गौसिया मस्जिद से संबंधित है। 27 फरवरी को न्यायमूर्ति अतुल श्रीधन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने मुनाजिर खान की याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। बेंच ने संभल के डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि उन्हें लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या अपना तबादला करवा लेना चाहिए। 16 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच ने जिला प्रशासन के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें संभल की मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित की गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने अपनी याचिका में बताया था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसकर्मी आए थे। उन्होंने निर्देश दिया था कि मस्जिद में केवल 20 लोग ही नमाज पढ़ सकते हैं और एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर खान ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई और 16 मार्च को हाईकोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया। हयातनगर गांव में 2700 से अधिक लोग निवास करते हैं। यहां 450 वर्गफीट क्षेत्र में गौसिया नाम की मस्जिद स्थित है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन का गाटा नंबर 291 है। दस्तावेज़ों में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर दर्ज है।
जौनपुर जनपद के थाना लाइन बाजार अंतर्गत चकमाहन गांव में एक विवाहिता की फांसी लगाने से मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान शेजल यादव के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के पिता जयशंकर यादव 'मखनचु' और मां रेखा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शेजल की शादी 29 अप्रैल 2025 को चकमाहन निवासी कन्हैया लाल यादव के बेटे सचिन यादव से की थी। सचिन वर्तमान में मुंबई में कार्यरत है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज को लेकर शेजल को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले वे अपनी बेटी को उसके मायके कोहड़ें सुल्तानपुर (थाना बक्सा) ले गए थे। हालांकि, ससुराल के लोग उसी शाम वहां पहुंचे और दबाव बनाकर शेजल को जबरदस्ती अपने साथ चकमाहन वापस ले आए। परिजनों को कुछ ही घंटों बाद बेटी की मौत की खबर मिली। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी लाइन बाजार के.के. सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव के पास से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मौके पर मृतका के माता-पिता और मामा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे, जो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। थाना प्रभारी के.के. सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हेतु भेज दिया गया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
नवरात्र पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा की भीड़:घर-घर हुई घट स्थापना, मंदिरों में विशेष सजावट और भंडारे
टोंक जिले में बसंती नवरात्र के साथ भक्ति का माहौल बन गया है। घट स्थापना के बाद माताजी के मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जिलेभर में पूजा-अर्चना, व्रत और धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू हो गया है, वहीं मंदिरों को आकर्षक सजावट से सजाया गया है। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ नवरात्र शुरू होते ही माताजी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। लोग सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर भंडारे भी लगाए गए हैं। कई श्रद्धालु नवरात्र के व्रत रख रहे हैं, तो कई लोग पैदल और दंडवत यात्रा कर माताजी के दरबार में पहुंच रहे हैं। कंकाली माताजी सहित कई मंदिरों में रौनक जिला मुख्यालय स्थित कंकाली माताजी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां महिलाएं सजधज कर धोक लगा रही हैं। बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दूणजा माताजी, चांदली माताजी और कुचलवाड़ा माताजी सहित जिले के अन्य देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मंदिरों में आकर्षक सजावट और साफ-सफाई नवरात्र से पहले मंदिरों में साफ-सफाई और विशेष सजावट की गई। अधिकांश मंदिरों में विद्युत सजावट की गई है, जिससे रात के समय मंदिर जगमगाते नजर आ रहे हैं। सजावट और भक्ति के माहौल के बीच जिलेभर में नवरात्र पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा में ब्राह्मण समाज को इंगित करने वाले विवादित प्रश्न पर गोरखपुर के विधायक फतेहबहादुर सिंह ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा है कि इस तरह के प्रश्न अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय हैं। किसी भी समाज या वर्ग के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना न केवल सामाजिक सद्भाव को आहत करता है बल्कि हमारी लोकतांत्रित मर्यादाओं के भी विपरीत है। फतेह बहादुर सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के पुत्र हैं। वह प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे हैं। सातवीं बार विधानसभा के सदस्य हैं। वर्तमान में वह कैंपियरगंज विधानसभा से विधायक हैं। दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए इस विवादित प्रश्न के लेकर कई नेताओं ने टिप्पणी की थी। लेकिन गोरखपुर से एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के अलावा किसी ने अपनी बात नहीं रखी थी। यहां दो ब्राह्मण विधायक भी हैं। फतेह बहादुर सिंह न कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां हर जाति, वर्ग और समुदाय ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ब्राह्मण समाज ने भी शिक्षा, संस्कृति, ज्ञान और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। इसलिए किसी भी प्रकार की टिप्पणी जो किसी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाए, वह स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती जैसे महत्वपूर्ण विषय को जातीय टिप्पणी और सामाजिक विभाजन बनाना उचित नहीं है। यह समय समाज को बांटने का नहीं बल्कि एकजुट होकर देश और प्रदेश की प्रगति के लिए कार्य करने का है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वे अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखें तथा समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करें। पोस्ट पर मिला समर्थनगोरखपुर से पहली बार किसी विधायक की ओर से इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। इस पोस्ट के कमेंट में भी पूर्व मंत्री के इस टिप्पणी को खूब समर्थन मिला है। कई लोगों ने यह मामला सदन में उठाने की सलाह भी दी है।
राजगढ़ जिले में खिलचीपुर में हिंदू नववर्ष के पूर्व बुधवार रात को खिलचीपुर का इमली स्टैंड काव्य, हास्य और उत्साह के रंग में रंग गया। भाजपा नेता अंशुल तिवारी द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” में बड़ी संख्या में करीब 5 हजार लोग जमा हुए, जो रात 9 बजे से डेढ़ बजे तक कवियों की प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। रात का सबसे बड़ा आकर्षण शाजापुर के हास्य कवि दिनेश “देशी घी” का मंचन रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित गीत “तेरी पलक झपकी श्री योगी, गुंडों की गाड़ी टपकी, सारा जमाना है तेरे पीछे...” सुनाकर पंडाल में तालियों और ठहाकों की गड़गड़ाहट पैदा कर दी। उनके हास्य और व्यंग्य ने दर्शकों को बार-बार हंसने और झूमने पर मजबूर किया। इंदौर के गीतकार अमन अक्षर ने भगवान राम पर आधारित अपनी प्रसिद्ध कविता “सहारा जग है प्रेरणा, प्रभाव सिर्फ राम है...” सुनाई, जिसने श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया। जोधपुर की आयुषी ने ठहाके लगाएवहीं जोधपुर से आई कवयित्री आयुषी रखेचा ने हास्य और श्रृंगार रस का संगम प्रस्तुत किया। उनकी पंक्तियां “बढ़ती सी धड़कनों में खलल करके जाऊंगी, अगर झील सा है मन तो, कवल करके जाऊंगी...” ने युवाओं और महिलाओं को भावविभोर कर दिया। हास्य कवि जानी बैरागी ने अपनी चुटीली कविताओं और व्यंग्य के जरिए लोगों का खूब मनोरंजन किया। डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने व्यंग्यात्मक कविताओं से माहौल को हल्का-फुल्का बनाया। उन्होंने कहा, “बुझ ही नहीं सकती ये आग, क्योंकि लगी कम फैलाई ज्यादा है, जो देश घास की रोटी खाकर जिंदा रह सकता है, वह अमेरिका टेरिप से क्या मारेगा मेरे भाई।” श्रोताओं ने उनके ह्यूमर और व्यंग्य पर जोरदार ठहाके लगाए। महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहेकार्यक्रम का संचालन ओरछा के कवि सुमित ओरछा ने किया। मंच पर हास्य, भक्ति, वीर और श्रृंगार रस का सुंदर संतुलन देखने को मिला। इस कवि सम्मेलन में केवल खिलचीपुर के लोग ही नहीं, बल्कि जीरापुर, माचलपुर, छापीहेड़ा, राजगढ़, खुजनेर और आसपास के दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, जिला महामंत्री देवी सिंह सोंधिया, पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा और अंशुल तिवारी खुद मौजूद रहे। उन्होंने आमजन के बीच बैठकर कवि सम्मेलन का आनंद लिया और कवियों के मंचन की सराहना की। आधे घंटे से ज्यादा आतिशबाजी हुईजैसे ही हिंदू नववर्ष का आगाज हुआ, कार्यक्रम स्थल पर करीब आधे घंटे तक आतिशबाजी की गई। अंशुल तिवारी ने श्रोताओं पर गुलाब के फूल बरसाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। कवियों की प्रस्तुतियों, हास्य, व्यंग्य, भक्ति और श्रृंगार रस के मिश्रण ने इस कवि सम्मेलन को न केवल यादगार बना दिया, बल्कि नववर्ष के स्वागत को भी विशेष अंदाज में मनाया गया। श्रोताओं ने इसे शहर के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन में से एक बताया। कई लोग इसे जीवनभर याद रखने लायक अनुभव मान रहे हैं। कवियों की प्रस्तुति और भीड़ की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि खिलचीपुर में साहित्य और संस्कृति के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है।
ललितपुर में गुरुवार से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो गया है। पहले दिन सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ी। सुम्मेरा तालाब स्थित छोटी माता मंदिर में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पहुंचीं और मां को जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। इसके अतिरिक्त, नदीपुरा स्थित बड़ी माता मंदिर और चंडी माता मंदिर में भी भक्तगण पूजा करने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। छोटी माता मंदिर के महंत नितिन गिरी महाराज ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ये नौ दिन विशेष आयोजनों और अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। श्रद्धालु अपने घरों में भी घट पूजा करते हैं और माता का पाठ करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। महिलाएं नौ दिनों तक जल अर्पित करती हैं और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। नवरात्र के नौ दिन पूरे होने के बाद कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।
बुलंदशहर की स्याना विधानसभा सीट से दो बार के विधायक देवेंद्र लोधी ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी विधानसभा में 500 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य कराए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के प्रतिनिधि रहे देवेंद्र सिंह लोधी 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में स्याना सीट से जीतकर लखनऊ पहुंचे हैं। भास्कर रिपोर्टर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पिछले 4 साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे?जवाब: मैं अपने मुंह से अपने नंबर कैसे बताऊं। यह तो जनता ही तय करेगी कि मैंने क्या किया है। मैं हमेशा अपनी जनता के बीच रहा हूं और उनकी सेवा करने का प्रयास किया है। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?जवाब: मैंने अपनी विधानसभा में ऐसा कोई गांव नहीं छोड़ा, जो लिंक रोड से न जुड़ा हो। मैंने अपनी विधानसभा में लगभग 500 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए हैं। इतनी सड़कें बनवाई हैं कि अगर गिनाने लगूं तो शाम हो जाए। मैंने जहांगीराबाद से दौलतपुर तक बहुत अच्छा मार्ग बनवाया है। इसके अलावा लखावटी मोड़ से बसिघाट तक भी एक सुंदर मार्ग बनवाया गया है। इसी तरह कई अन्य सड़कों का भी निर्माण कराया गया है। इसके अलावा करीब 20 से अधिक धर्मार्थ मार्ग भी बनवाए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई विकास कार्य कराए गए हैं। सिद्ध बाबा मंदिर पर करीब 60 लाख रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके अलावा मांडू घाट पर भी लगभग 60 लाख रुपए से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। मेरी विधानसभा का कोई भी गांव विकास कार्य से अछूता नहीं रहा है। अभी मेरे कार्यकाल का एक साल बाकी है और इस दौरान भी मैं और विकास कार्य कराने का प्रयास करूंगा। इसके अलावा 93 करोड़ रुपए की लागत से गंगा पर पुल का निर्माण कराया गया है। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए?जवाब: मैं स्याना में एक रोडवेज बस स्टैंड बनवाना चाहता हूं। इसके अलावा एक इंजीनियरिंग कॉलेज और एक मेडिकल कॉलेज बनवाने की भी योजना है। एक यूनिवर्सिटी की मांग भी करूंगा। इसके साथ ही कुचेसर से जेवर एयरपोर्ट तक मार्ग का निर्माण कराने का प्रयास करूंगा। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं?जवाब: यह फैसला पार्टी तय करेगी। यदि पार्टी मौका देगी तो निश्चित रूप से मैं दावेदार हूं और मजबूती से चुनाव लड़ूंगा। मैंने जनता की सेवा की है और जनता ही मालिक है। सवाल: यदि अगली बार फिर विधानसभा पहुंचे तो क्या प्राथमिकता रहेगी?जवाब: यदि अगली बार मैं जीतकर विधानसभा पहुंचता हूं तो मेरी प्राथमिकता होगी कि स्याना में एक रोडवेज बस स्टैंड, एक मेडिकल कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कराया जाए।
पानीपत जिले के थाना मतलौडा के अंतर्गत आने वाले गांव पाथरी में एक घर को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की यह वारदात उस समय हुई जब घर की पुत्रवधू अपने मायके गई हुई थी। पीड़ित परिवार ने अब चौकी उरलाना कलां में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चोरी का केस दर्ज कर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। ये है पूरा मामला पुलिस को दी गई शिकायत में गांव पाथरी निवासी महेन्द्र ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करते हैं। घटना की शुरुआत जनवरी माह में हुई थी। 3 जनवरी को महेन्द्र की पुत्रवधू पूजा अपनी अलमारी को ताला लगाकर और चाबी को अलमारी के ऊपर ही रखकर अपने मायके गांव मतलौडा चली गई थी। 13 जनवरी को पूजा अपने मायके से वापस लौट आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब 3-4 दिन पहले जब पूजा ने अपनी अलमारी चेक की, तो उसके होश उड़ गए। अलमारी के लॉकर से कीमती आभूषण गायब थे। चोरों ने बड़ी चालाकी से अलमारी के ऊपर रखी चाबी का इस्तेमाल किया और वारदात को अंजाम देकर चाबी वापस वहीं रख दी, ताकि किसी को शक न हो। चोरी हुए सामान का विवरण पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी हुए आभूषणों में लगभग 7 तोले सोना शामिल है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपए है। गायब सामान में 3 सोने की अंगूठियां, 2 सोने की चैन, 3 जोड़ी कान के झुमके, 2 सोने के लॉकेट शामिल है। जांच में जुटी पुलिस महेन्द्र ने बताया कि वारदात का पता चलने के बाद वे पिछले कुछ दिनों से अपने स्तर पर घर और आस-पड़ोस में पूछताछ और तलाश कर रहे थे, लेकिन जब कुछ हाथ नहीं लगा तो 18 मार्च को उन्होंने उरलाना कलां चौकी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
कोटा में चेक बाउंस के करीब 8 साल पुराने मामले में महिला को दोषी मानते हुए 10 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 9 लाख प्रतिकर से दंडित किया गया है। वहीं महिला के पति को बरी किया गया है। सजा न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट प्रकरण क्रम-2 ने सुनाई है। मामले को लेकर बसंत बिहार रोड, बालाकुंड निवासी परिवादी ऋषि ने 21 अगस्त 2018 को चंदा पत्नी विष्णु और उसके पति विष्णु पुत्र रामसिंह निवासी स्वामी विवेकानंद नगर के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया था। परिवाद में बताया कि उसकी केशवपुरा में बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान है। आरोपी विष्णु एमआर का काम करता है। उससे 5-7 साल से जान पहचान है। आरोपी मार्च 2016 में मेरे पास आया। उसने बताया कि उसकी माता जी की तबियत खराब है। उनके इलाज के लिए 6 लाख रुपए की जरूरत है। उसने 6 लाख रुपए उधार लिए। उसने बदले में एक्सिस बैंक तलवंडी शाखा का पत्नी चंदा के अकाउंट से एक चेक साइन करके दिया। जिसमें 6 लाख रुपए का अमाउंट लिखा था। पैसो की जरूरत होने पर आरोपी की ओर से दिया गया चेक बैंक में लगाया तो 7 जुलाई 2018 को चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी से पैसे लौटाने को कहा तो टालमटोल करता रहा। वकील के जरिए आरोपी के एड्रेस पर नोटिस भिजवाए। उसके बाद भी आरोपी ने उधार लिए पैसे नहीं लौटाए। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट मिति श्रीवास्तव ने सुनवाई के बाद दोषी महिला चंदा को सजा सुनाई,जबकि पति विष्णु को दोष मुक्त किया।
गोरखपुर नगर निगम के वाहन विभाग की समीक्षा बैठक में व्यवस्था सुधारने को लेकर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवल ने सख्त रुख अपनाया। बैठक में साफ कहा गया कि जो ड्राइवर अपने काम में लापरवाही कर रहे हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। उनकी जगह नए और जिम्मेदार कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, ताकि काम प्रभावित न हो और व्यवस्था बेहतर बन सके। ड्रेस कोड अनिवार्य, नहीं मानने पर वेतन कटेगावाहन चालकों के लिए ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी ड्रेस में नहीं मिलेंगे, उनके वेतन में कटौती की जाएगी। इस कदम का मकसद अनुशासन बनाए रखना और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना है। 609 वाहनों का डेटा और बीमा 7 दिन में पूरा करने का लक्ष्यनगर निगम के सभी 609 वाहनों का पूरा रिकॉर्ड अपडेट रखने और उनका बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन वाहनों का बीमा अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें अगले 7 दिनों के भीतर कवर करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही बड़े वाहनों का बीमा नवीनीकरण भी तुरंत कराने को कहा गया है। हर वाहन को मिलेगा यूनिक आईडी, एप से जुड़ेंगे सभी रिकॉर्डअब हर वाहन को एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा और उसे एक विशेष एप्लीकेशन से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी वाहन की पूरी जानकारी एक क्लिक पर आसानी से मिल सकेगी। यह कदम पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए उठाया गया है। पीले रंग में ही आएंगे नए कूड़ा कलेक्शन वाहनबैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम में आने वाले नए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन केवल पीले रंग के ही होंगे। इससे शहर में इन वाहनों की पहचान आसान होगी और व्यवस्था अधिक व्यवस्थित दिखेगी। महेवा वर्कशॉप जल्द शुरू, वहीं होगी वाहनों की धुलाईमहेवा स्थित वर्कशॉप के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके शुरू होने के बाद सभी वाहनों की धुलाई और मेंटेनेंस की व्यवस्था भी वहीं की जाएगी, जिससे काम अधिक सुचारु रूप से हो सके। वीटीएमएस सिस्टम में सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोरवाहनों की निगरानी के लिए उपयोग किए जा रहे व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनूपपुर जिला मुख्यालय स्थित केंद्रीय विद्यालय में अब कक्षा 11वीं (विज्ञान संकाय) की पढ़ाई शुरू होगी। केंद्रीय विद्यालय संगठन के जबलपुर संभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसके संचालन को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस संबंध में स्वीकृति प्रदान की गई है। विद्यालय में पहले से संचालित कक्षा 1 से 10 तक की कक्षाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि कक्षा 11 के लिए एक सेक्शन स्वीकृत किया गया है। केंद्रीय विद्यालय अनूपपुर का संचालन 6 अगस्त 2019 से प्राथमिक स्कूल के रूप में शुरू हुआ था। केंद्रीय विद्यालय अनूपपुर के प्राचार्य देवेंद्र तिवारी ने बताया कि संभागीय कार्यालय ने विद्यालय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां पूरी करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्टाफ की स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी नियमानुसार पूरी की जाएंगी। इस कदम से अनूपपुर और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिल सकेगी। वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय अनूपपुर में कक्षा 1 से 10 तक 418 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। मानपुर गांव में विद्यालय का नया भवन निर्माणाधीन है, जिसके अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की समय सीमा तय है। यदि भवन निर्धारित समय पर तैयार हो जाता है, तो अगले वर्ष कक्षा 12वीं का संचालन भी संभव हो जाएगा। इससे अनूपपुर केंद्रीय विद्यालय में नामांकित बच्चे कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। वर्ष 2024-25 में पास हुए बच्चों को कक्षा के अभाव में अन्य स्कूलों में जाना पड़ा था, हालांकि अब इस शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं में बच्चों का नामांकन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में वाहन चेकिंग के दौरान नशे में स्कूटी सवार युवती ने जमकर हंगामा किया। पुलिस के रोकने पर उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए बदसलूकी की और मौके पर मौजूद लोगों से भी विवाद करते नजर आई। युवती के हंगामे का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। घटना के दौरान जब लोग वीडियो बनाने लगे तो युवती गुस्से में आ गई और गाली-गलौज करने लगी। उसने कहा कि इतना क्या वीडियो बना रहे हो, ज्यादा से ज्यादा फांसी होगा न और क्या होगा, बना ले वीडियो, रील्स बनाकर वायरल कर देना, कोलेप्स कर देना और क्या होगा। तस्वीरों में देखिए युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा... राजीव गांधी चौक पर चल रही थी चेकिंग दरअसल, मंगलवार रात सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम राजीव गांधी चौक पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इस दौरान चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच हो रही थी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा रही थी। पुलिस को देख भागने के दौरान गिरी इसी दौरान रात करीब 10:30 बजे महाराणा प्रताप चौक की ओर से आ रही स्कूटी सवार युवती पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन अचानक स्कूटी सहित गिर गई। इसके बाद युवती पुलिस जवानों पर ही भड़क गई। वह सड़क पर भीड़ को लेकर हंगामा करने लगी। ब्रेथ एनालाइजर में शराब पीने की पुष्टि हुई पुलिसकर्मी उसे संभालने पहुंचे तो वह उनके साथ बदसलूकी करने लगी। पुलिस ने युवती को ब्रेथ एनालाइजर में फूंक मारने को कहा। वह बीच सड़क पर हंगामा करती रही और जांच से बचने की कोशिश करती रही। काफी मशक्कत के बाद उसने जांच कराई, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट 185 के तहत कार्रवाई करते हुए स्कूटी को जब्त कर लिया है। …………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में बार के सामने युवक-युवतियों का हाई वोल्टेज ड्रामा: आधी रात बीयर की बोतल लेकर निकले, कमेंट्स करने पर हुआ विवाद, फिर मारपीट छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पेट्रेशियन होटल के इल्यूम बार के सामने नशे में युवक-युवतियों के हाई वोल्टेज ड्रामेबाजी का वीडियो सामने आया है। बार से बाहर निकलते समय लड़कियों पर कमेंट्स करने को लेकर कुछ लड़कों से विवाद के बाद मारपीट हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
दाऊदी बोहरा समाज ने ईद की नमाज अदा की:देश-समाज की खुशहाली की दुआ मांगी, गले लगकर दी मुबारकबाद
शहर में दाऊदी बोहरा समाज ने आज ईद का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया। सुबह ठीक 6 बजे सूर्योदय के साथ ईद की नमाज अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लिया। नमाज आमिल साहब शेख हुसैन भाई (अमरावती वाले) के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान देश, समाज की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर खुशी की मजलिस का भी आयोजन किया गया, जहां समाज के लोगों ने एकजुट होकर पर्व की खुशियां साझा कीं। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया, जबकि बुजुर्गों ने भी पारंपरिक तरीके से शुभकामनाएं दीं। पूरे माहौल में भाईचारा और सौहार्द स्पष्ट नजर आया। समाज के प्रवक्ता सिराज दाऊदी ने बताया कि ईद को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। मस्जिद को विशेष रूप से सजाया गया था और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के लोगों ने मिलकर व्यवस्थाओं को सफल बनाने में सहयोग किया। प्रवक्ता सिराज दाऊदी ने इस अवसर पर प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर पालिका, पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए सहयोग और व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
सीएम डॉ. मोहन यादव कुछ ही देर में इंदौर पहुंचेंगे। वे जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह में अग्निकांड पीड़ितों के परिजनों से मिलेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम पहले पीड़ितों के घर जाने वाले थे, लेकिन बाद में कार्यक्रम में फेरबदल किया गया। हादसे में बुधवार को तीन बच्चों सहित आठ लोगों की इसमें मौत हो गई थी। बुधवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता परिवार के बचे हुए सदस्यों से मिलने पहुंचे। अग्निकाड में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, साले की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका, नाती कार्तिक, राशि और तनय की मौत हो गई थी। इस हादसे में मनेाज की पत्नी सुनीता, दो बेटे सौरभ व बाबू बच निकलकर बाहर आ गए थे। पूरे हादसे में बीजेपी और कांग्रेस के नेता घर जाकर दु:ख जता चुके हैं।
जोधपुर में चैत्र नवरात्रि के मौके पर घरों में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की गई। मंदिरों में भी खास आयोजन किए गए। जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थित माता चामुंडा मंदिर में भी दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आई। महाआरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। घरों में माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। दान पुण्य भी किया गया। सरदारपुरा राधा गोविंद रानीजी के मंदिर में रामचरित मानस नवाह्न पारायण पाठ की शुरुआत हुई। 19 से 27 मार्च तक हर दिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें साधक परिवार के रवि भैय्या के साथ मंडली के सदस्य पाठ करेंगे। हिंदू नववर्ष महोत्सव समिति की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर लोगों का तिलक लगाकर ओर रोली बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दी। महोत्सव समिति के वरुण धनाड़िया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर के लोगों को हिन्दू नववर्ष की शुभकामनाएं दी। श्याम भक्ति सेवा संस्थान की ओर से इस मौके 500 खाटूश्याम बाबा की मूर्तियों को वितरित किया गया। कार्यक्रम को लेकर पूर्व में रजिस्ट्रेशन करवाया गया था। आयोजन समिति अध्यक्ष ईश्वरसिंह उदावत ने बताया महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में बाबा की मूर्तियों को वितरित किया गया। कार्यक्रम में NCB के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी, BSF IG ML गर्ग भी शामिल हुए।
बस्ती शहर में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा मोहल्ले में बुधवार दोपहर एक घर से भरा हुआ गैस सिलेंडर चोरी हो गया। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कटरा निवासी राहुल पाल ने बताया कि घटना के समय वह घर पर नहीं थे और उनकी पत्नी अकेली थीं। इसी दौरान एक अज्ञात युवक मुख्य गेट से घर में दाखिल हुआ। युवक ने मौका देखकर रसोई में रखा भरा हुआ गैस सिलेंडर उठाया और आसानी से बाहर निकल गया। घर के अंदर मौजूद किसी भी व्यक्ति को इसकी भनक तक नहीं लगी। परिजनों के बाहर आने पर जब सिलेंडर गायब मिला, तब चोरी का पता चला। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया, जिसमें युवक सिलेंडर ले जाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। फुटेज के आधार पर युवक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल पाल ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र के हरिपुरा गांव में किन्नू खरीद के नाम पर 8.55 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले किसान का विश्वास जीता और फिर लाखों रुपए की किन्नू फसल लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरिपुरा निवासी सुरेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के 3 लोगों ने उनके और उनके चचेरे भाई जयपाल के साथ किन्नू खरीद में 8.55 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। सुरेंद्र कुमार के खेत में किन्नू का बाग है। 3 महीने पहले हुआ था संपर्कफिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) के किशनदासपुरा निवासी रामहरि, प्रदीप और मनोहर पिछले कुछ समय से इलाके में किन्नू खरीद का काम कर रहे थे। ये तीनों करीब 3 महीने पहले सुरेंद्र कुमार के संपर्क में आए थे। परिवादी ने बताया कि 28 जनवरी 2026 को आरोपियों ने 28 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से किन्नू खरीदने का सौदा तय किया। शुरुआत में आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए 14.55 लाख में से 6 लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया। 14.55 लाख में से बकाया 8.55 लाख नहीं चुकाएशुरुआती भुगतान के बाद आरोपियों ने सुरेंद्र कुमार और उनके चचेरे भाई के बाग से किन्नू की तुड़ाई शुरू कर दी और उसे बाहर भेजना भी शुरू कर दिया। हालांकि, वे शेष भुगतान को टालते रहे। 27 फरवरी को आरोपी अचानक गांव छोड़कर चले गए। जब पूरा हिसाब देखा गया, तो 8 लाख 55 हजार रुपए और बकाया पाए गए। पीड़ित ने बताया कि 17 मार्च को फोन पर बात करने पर आरोपियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने योजना बनाकर धोखाधड़ी की है और अब वे पैसे नहीं देंगे। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच एएसआई विजय सिंह को सौंपी गई है।
भू-राजस्व वसूली में प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गोरखपुर स्थित होटल गुलजार और हवाबाग स्थित मेथोडिस्ट चर्च की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। कुर्की की कार्रवाई बुधवार को की गई। इन संपत्तियों पर डायवर्सन का 23.50 लाख रुपए शुल्क बकाया है। प्रशासन ने दोनों संपत्तियों के क्रय-विक्रय, अनुबंध और किसी भी प्रकार के लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यदि निर्धारित समय-सीमा में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो प्रशासन इन संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई करेगा। अपर कलेक्टर ने दिए बड़े बकायादारों से वसूली के निर्देश राजस्व विभाग के अनुसार अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने हाल ही में राजस्व वसूली समीक्षा बैठक में बड़े बकायादारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद गोरखपुर एसडीएम अनुराग सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि गोरखपुर स्थित होटल गुलजार के संचालक संजय भाटिया और गुलजारी लाल भाटिया पर व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही भूमि के लिए 8 लाख 50 हजार रुपए की डायवर्सन राशि बकाया थी। मांग पत्र जारी होने और समयावधि पूरी होने के बाद भी यह राशि जमा नहीं की गई थी। चर्च पर 15 लाख कर डायवर्सन शुल्क बकाया हवाबाग स्थित मेथोडिस्ट चर्च पर 15 लाख रुपए की डायवर्सन राशि बकाया थी। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण बुधवार को चर्च की संपत्ति भी कुर्क कर ली गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा न होने की स्थिति में कुर्क संपत्तियों की नीलामी कर राजस्व वसूला जाएगा। बकायादारों की सूची तैयार कर रहे गोरखपुर तहसील क्षेत्र के अन्य बड़े बकायादारों की सूची भी तैयार की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
बांसवाड़ा के धामनिया में बुधवार को नगर परिषद के कचरा यार्ड में भीषण आग लगी, जिसे रात एक बजे काबू किया गया। आग से धुआं पूरे इलाके में फैल गया और चार दमकल की मदद से घंटों मशक्कत के बाद स्थिति काबू हुई, जबकि कारणों की जांच जारी है। आग लगने के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में असर देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिश्नोई टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल की गाड़ियां भी तुरंत पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग को देखते हुए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। चार दमकल ने रात एक बजे पाया काबूनगर परिषद आयुक्त दुर्गेश रावल ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। दमकल के चार वाहनों ने कड़ी मेहनत के बाद रात करीब 1 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग के कारणों की जांच जारीफिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी मानवीय गलती से। डंपिंग यार्ड को लेकर पहले से विरोधस्थानीय लोग पिछले कई दिनों से इस डंपिंग यार्ड का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन डंपिंग यार्ड के लिए तय नहीं है, इसके बावजूद यहां कचरा डाला जा रहा है। दो दिन पहले स्थानीय लोगों ने नगर परिषद आयुक्त को इसे हटाने के लिए ज्ञापन भी दिया था।
फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज सांपों के जहर मामले को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं हैं। जिसके बाद कोर्ट ने अब एफआईआर को रद्द कर दिया है। दरअसल रियलिटी शो बिग बॉस से चर्चा में आए यूट्यूबर एल्विश यादव समेत 6 लोगों के खिलाफ नवंबर 2023 में एक FIR दर्ज की गई थी। आरोप था कि एल्विश यादव फार्म हाउसों में जिंदा सांपों के साथ वीडियो शूट कराते हैं। रेव पार्टी करते हैं, जिसमें नशे के लिए सांप के जहर का भी यूज होता है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को पकड़ा था। जिनके पास से 9 जहरीले सांप और 20 मिलीमीटर जहर बरामद हुए थे। इनमें 5 कोबरा, एक अजगर, दो दोमुंहे सांप और एक रैट स्नेक थे। जिसके बाद सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। फिर 17 मार्च 2024 को नोएडा पुलिस ने पूछताछ के बाद एल्विश को गिरफ्तार किया था और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। हालांकि, उन्हें कुछ दिनों बाद जमानत मिल गई थी, लेकिन यह मामला काफी चर्चा में रहा। ये है पूरा मामला एल्विश बोले- निर्दोष हूं, झूठा फंसाया गया नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव समेत कुछ लोगों पर सांप का जहर पार्टी में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की थी। आरोप था कि उन्होंने एक पार्टी में अवैध तरीके से सांपों और जहर का इस्तेमाल किया था। इस मामले में वन विभाग और पुलिस की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई। एल्विश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि मेरे खिलाफ गलत और बिना सबूत के आरोप लगाए गए हैं। मैं निर्दोष हूं और मुझे झूठे केस में फंसाया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एल्विश की अपील पर सुनवाई न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एल्विश यादव की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ एल्विश यादव की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। चार्जशहट में विदेशियों समेत अन्य लोगों की तरफ से रेव पार्टियों में मनोरंजन के लिए सांप के जहर का सेवन करने का आरोप लगाया गया है। 3 महीने पहले हाईकोर्ट ने चार्जशीट रद्द करने की याचिका खारिज की थी एल्विश यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से 3 महीने पहले बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने रेव पार्टी में ड्रग्स-सांप के जहर के इस्तेमाल के मामले में चार्जशीट रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने कहा- यादव के खिलाफ चार्जशीट और FIR में बयान हैं। ऐसे आरोपों की जांच मुकदमे के दौरान की जाएगी। एल्विश ने याचिका में FIR को चुनौती नहीं दी है। पुलिस ने अप्रैल 2024 में 1200 पन्नों की चार्जशीट एल्विश के खिलाफ दाखिल की थी। इसमें एल्विश का सपेरों से संबंध होने का दावा किया था। चार्जशीट के खिलाफ एल्विश ने 29 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें कहा था- मेरे पास से कोई सांप या मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। मेरा अन्य आरोपियों से कोई संबंध नहीं है। इसलिए चार्जशीट रद्द की जाए। एल्विश के वकील ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि आवेदक और सह-आरोपी के बीच कोई कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं होने के अलावा, उसके पास से कोई सांप, मादक या मनोविकारजनक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। हालांकि, सूचना देने वाला अब पशु कल्याण अधिकारी नहीं है, फिर भी उसने खुद को पशु कल्याण अधिकारी बताते हुए FIR दर्ज कराई थी। एल्विश यादव को एक जाने-माने प्रभावशाली व्यक्ति और टेलीविजन पर कई रियलिटी शो में दिखाई देने वाला व्यक्ति बताते हुए वकील ने कहा था कि FIR में उनकी संलिप्तता ने मीडिया का बहुत ध्यान आकर्षित किया है। सरकारी एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल ने कहा- जांच में सामने आया कि एल्विश ने उन लोगों को सांपों की आपूर्ति की थी, जिनसे बरामदगी की गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सौरभ श्रीवास्तव ने याचिका को खारिज कर दिया। मार्च-2024 में नोएडा पुलिस ने एल्विश को अरेस्ट किया था अक्टूबर 2023 में BJP नेता मेनका गांधी की संस्था पीपल्स फॉर एनिमल्स की ओर से एल्विश की नोएडा पुलिस से शिकायत की गई थी। FIR में लिखा था कि एल्विश जिंदा सांपों के साथ दिल्ली NCR के फॉर्म हाउस में वीडियो शूट कराता है। गैरकानूनी रूप से रेव पार्टियों में इन सापों और उनके जहर का इस्तेमाल होता है। रेव पार्टियों में विदेशी लड़कियों के शामिल होने की बात भी सामने आई। आरोप था कि इन पार्टियों में स्नेक वेनम और दूसरे ड्रग्स का सेवन किया जाता था। केस में गिरफ्तार आरोपी राहुल यादव का एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई थी, जिसमें उसने PFA मेंबर को बताया था कि उसने एल्विश की पार्टी में ड्रग्स पहुंचाई थी। पुलिस को राहुल के पास से 20ml जहर मिला था। सांपों को वन विभाग ने मेडिकल परीक्षण और FSL जांच के लिए भेजा था। इसमें खुलासा हुआ था कि 5 कोबरा की विष ग्रंथि निकाली गई थीं। 17 मार्च, 2024 को एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह पांच दिन तक जेल में रहे थे। बाद में गुरुग्राम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद कोर्ट ने एल्विश के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। एल्विश ने इस मामले में चार्जशीट और मुकदमे की प्रक्रिया को चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने इसलिए रद्द की FIRइसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में प्रक्रिया और तथ्यों को लेकर गंभीर कमियां हैं। इसलिए मामले को खत्म कर दिया गया है। ......................
हरियाणा के हांसी शहर में वीरवार को काली देवी मंदिर के पास स्थित हनुमान गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने एजेंसी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पर पहुंच गए थे। अपनी बारी का इंतजार करते हुए वे लंबे समय तक लाइन में खड़े रहे। कई घंटों बाद भी सिलेंडर न मिलने पर उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा ढाणी कुंदनापुर से आए एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा, जबकि उन्होंने काफी समय पहले सिलेंडर लिया था और अब दोबारा लेने आए थे। एक अन्य उपभोक्ता ने शिकायत की कि कई दिन पहले सिलेंडर बुक कराने के बावजूद उन्हें आज बिना सिलेंडर लौटना पड़ा। घर में कई दिनों से गैस खत्म जगदीश कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनके घर में कई दिनों से गैस खत्म है और वे चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि आज घंटों लाइन में लगने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया। एजेंसी संचालक ने बुलाई पुलिस स्थिति बिगड़ती देख एजेंसी संचालक ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपभोक्ताओं को समझाया और उनसे अपील की कि जिन गांवों में होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है, वहां के लोग एजेंसी पर भीड़ न करे। 100 सिलेंडरों की पर्चियां काटी गैस एजेंसी मालिक के अनुसार, 389 गैस सिलेंडर होम डिलीवरी के माध्यम से वितरित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 100 सिलेंडरों की पर्चियां एजेंसी पर काटी गई हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा पैनिक बुकिंग के कारण अचानक भीड़ बढ़ गई। इसके अतिरिक्त, जिन उपभोक्ताओं की गैस होम डिलीवरी के लिए भेजी गई थी, वे भी एजेंसी पर पहुंच गए, जिससे अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल, प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, उपभोक्ताओं में गैस आपूर्ति को लेकर नाराजगी अभी भी बनी हुई है।
बलरामपुर में जनपद पंचायत शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के बाद पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपियों ने फर्ज़ी जियो-टैग,हितग्राहियों के खातों से OTP या अंगूठे के माध्यम से पैसे निकले हैं। इन पर कुल 10 लाख 5 हजार 881 रुपये के गबन का आरोप है। जानिए कौन - कौन से फर्जीवाड़े शामिल हैं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा जिले में योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
बैतूल जिले में गुरुवार को शासकीय जयवंती हॉक्सर महाविद्यालय परिसर में जल संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े दो बड़े कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। इसी के साथ विक्रमोत्सव 2026 के तहत जिला स्तरीय सूर्य उपासना कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ से हुई। इस दौरान जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें जल के महत्व और संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। अभियान के तहत जिले की सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में 30 जून तक जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई, मरम्मत, भूजल संवर्धन और पौधारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे। ब्रम्हध्वज वंदना की भी गईइसके बाद विक्रमोत्सव के अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर ब्रम्हध्वज वंदना की गई और धार्मिक-सांस्कृतिक वातावरण में सूर्य उपासना की गई। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल के कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य नाटक का मंचन कर उपस्थित लोगों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक मौजूद रहे। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य जहां एक ओर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना था, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को बढ़ावा देना भी था।
सिंगरौली शराबी शिक्षक निलंबित:नशे में आता था स्कूल, आधे से ज्यादा बच्चे नहीं आ रहे थे स्कूल
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। बरगवां थाना क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक पाठशाला मझौली टोला मझगवा-2 में पदस्थ शिक्षक लखपति सिंह पर आरोप है कि वे रोजाना शराब के नशे में स्कूल आते थे। आरोप है कि वे हाजिरी लगाकर घर चले जाते थे। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो मंगलवार को सामने आया था। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के मुताबिक, शिक्षक का यह व्यवहार लंबे समय से जारी था। स्कूल में नामांकित 25-30 बच्चों में से आधे से अधिक ने पढ़ाई छोड़ दी थी। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शिक्षक शराब पीकर बच्चों से बदसलूकी करते थे और सवाल पूछने पर ग्रामीणों से भी अभद्र व्यवहार करते थे। इस स्थिति के चलते अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। मामले की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.बी. सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान शिक्षक लखपति सिंह नशे की हालत में पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बालोतरा के गांधीपुरा स्थित आर्य समाज परिसर में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में 287वीं रैंक से चयनित जितेंद्र प्रजापत और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित कुलदीप कच्छवाहा को 'आर्य गौरव' सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दोनों युवाओं के माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। निरंतर परिश्रम करने का आह्लान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि इन दोनों युवाओं की उपलब्धियां उनके परिवार, क्षेत्र और समाज के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने युवाओं से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। लेफ्टिनेंट कुलदीप कच्छवाहा आर्य समाज गांधीपुरा, बालोतरा के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने अपने नवोदय विद्यालय में चयन का श्रेय गणपतलाल गहलोत को दिया। कई गणमान्य लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में दिलीप गहलोत, नरेश पंवार, वागाराम पंवार, राजेंद्र गहलोत, मंगलाराम पंवार, गोविंदराम परिहार, अचलचंद गहलोत, बृज मनोहर पिथानी, चंपालाल सुन्देशा, मांगीलाल पंवार, महेंद्र सुन्देशा, राधेश्याम पंवार, मंशाराम पंवार, सांवलचंद पंवार, मांगीलाल परमार, संतोष पंवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने दोनों चयनित युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट कार्य कर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।
टॉफी दिलाने के बहाने बच्ची को ले जाने लगा युवक:छत से पड़ोसी के शोर मचाने पर छाेड़ा, CCTV में दिखा
अलवर शहर में NEB क्षेत्र में ढोल बजाने वाला एक युवक घर के अंदर से 7 साल की बालिका को टाफी दिलाने के बहाने खुद के साथ ले जाने लगा तो छत से पड़ोसी ने देख लिया। उसके शोर मचाने पर युवक वहां से निकल गया। वरना बड़ी वारदात हो सकती थी। बालिका के परिजनों ने पुलिस को मौखिक शिकायत दी है। अभी मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। बालिका के पिता ने बताया कि यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे के आसपास की है। 7 साल की बालिका घर के गेट पर खड़ी थी। तभी एक ढोल बजाने वाला युवक आया। उसने आते ही बालिका से कहा कि आपको चीज दिलाकर लाता हूं। बच्ची उसकी बातों में आकर उसके साथ चल दी। कुछ ही दूरी पर जाने के बाद पड़ोसी ने छत से देख लिया। उसके चिल्लाने पर ढोल बजाने वाला बालिका को छोड़ गया। हालांकि जाते समय उसने कहा कि वह गलत नहीं है। दुकान पर कुछ चीज दिलाने जा रहा था। लेकिन पड़ोसी के चिल्लाने पर बालिका वापस आ गई। उसके बाद परिजन घर के बाहर आए। तब युवक निकल गया। अब CCTV में आया सामने घटना के बाद पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी में सब सामने आ गया। जिसमें ढोल बजाने वाला युवक पहले घर आता है। गेट पर बालिका मिल जाती है। वह उसे चीज दिलाने के बहाने हाथ पकड़कर ले जाने लगता है। जैसे ही घर से निकलते हैं युवक एक बार बगल में मुड़कर भी देखता है कि उसे कोई देख तो नहीं रहा है। लेकिन कुछ ही सेकंड के बाद छत पर खड़े पड़ोसी ने देख लिया। उसके चिल्लाने पर बालिका वापस घर की तरफ आ गई। वह थोड़ी सफाई देकर आगे निकल गया। अब बालिका के पिता का कहना है कि उनके पड़ोस पुलिसवाले रहते हैं। उनको जानकारी दी है। गुरुवार दोपहर बाद में पुलिस को लिखित में शिकायत देकर आऊंगा।
बड़वानी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर गुरुवार सुबह अंजड़ नगर में प्रभात फेरी निकाली। हनुमान मोहल्ला स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई इस फेरी में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में ढोल की थाप पर 'श्रीराम जय राम, जय जय राम' की धुन गाते हुए और शंख ध्वनि करते हुए अनुशासनबद्ध तरीके से कदमताल करते हुए आगे बढ़े। प्रभात फेरी हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर श्रीकृष्ण चौक, बसस्टैंड, सराफा बाजार और अस्पताल चौक से गुजरी। यह ठीकरी रोड स्थित दशहरा मैदान पर समाप्त हुई, जहां स्वयंसेवकों ने आद्य सरसंघचालक प्रणाम और ध्वज प्रणाम के बाद शाखा लगाई। इस अवसर पर जिला बौद्धिक प्रमुख सतीश शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि नवसंवत्सर गुड़ी पड़वा का दिन संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिवस भी है। शर्मा ने अपने बौद्धिक में सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख किया, जिन्होंने विक्रम संवत की शुरुआत की थी और पूरे एशिया पर विजय पताका फहराई थी। उन्होंने कहा कि 14 लोगों को सम्राट की उपाधि मिली थी, जिनमें विक्रमादित्य भी शामिल थे। उन्होंने वर्तमान संदर्भ में राष्ट्र को संगठित करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। शर्मा ने हिंदू सनातन धर्म के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में विभागीय संघ चालक सुरेंद्र सिंह मंडलोई भी मंचासीन रहे। प्रभात फेरी का मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
सोनीपत में सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक यूट्यूबर ने विवाद की वीडियो बनाकर युवक को डराया और लाखों रुपये की मांग कर डाली। पीड़ित से एडवांस में हजारों रुपये लेने के बाद आरोपी लगातार दबाव बना रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की भी जांच करेगी यूट्यूब चैनल के जरिए बनाया दबाव सोनीपत के सेक्टर-14 के साहिल कुमार ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ‘स्वर्णपत्र’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाला विशाल वशिष्ठ उसे लगातार धमका रहा था। आरोपी ने विवाद की वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर मानसिक दबाव बनाया। 5 लाख की मांग, 50 हजार एडवांस वसूला पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कुल पांच लाख रुपये की मांग की थी। डर के चलते साहिल आरोपी को 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर चुका था। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा। विवादित वीडियो बनी ब्लैकमेलिंग का हथियार जांच में सामने आया कि 12 मार्च को साहिल का सुमित नामक व्यक्ति के साथ झगड़ा हुआ था। इसी दौरान आरोपी विशाल वशिष्ठ ने उस घटना की वीडियो बना ली। बाद में इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का प्रयास किया गया। मानसिक दबाव में आया पीड़ित आरोपी ने न केवल वीडियो वायरल करने की धमकी दी, बल्कि पीड़ित की सामाजिक छवि खराब करने की बात भी कही। इससे साहिल मानसिक रूप से परेशान हो गया और आखिरकार उसने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को दबोचा सेक्टर-27 थाना प्रभारी सवित कुमार के अनुसार शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तत्परता दिखाते हुए आरोपी विशाल वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। रिमांड पर लेकर होगी गहन पूछताछ पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी ब्लैकमेल तो नहीं किया। एसएचओ सवित कुमार ने स्पष्ट कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
मैं गुजरात पुलिस कमिश्नर बोल रहा हूं। गुजरात में आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। जांच में सामने आया है कि तुम उग्रवादियों और आतंकियों के साथ मिली हो। तुम्हें जेल भेजा जाएगा। घर सील कर दिया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तुम्हें अपने मोबाइल का कैमरा ऑन रखना होगा। कुछ इस तरह की बातें कह कर कानपुर के किदवई नगर निवासी वृद्धा को साइबर ठगों ने 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख रुपए वसूल लिए। पति की मौत के बाद अकेले रहती हैं वृद्धाकिदवई नगर निवासी स्नेहलता ने बताया कि वह किराए के मकान में अकेले रहती हैं। पति का निधन हो चुका है, बेटा-बेटी बाहर रहते हैं। बताया कि कुछ समय पहले दिल्ली के विकास सदन में स्थित एलआईजी का मकान और कानपुर के कृष्णानगर में जमीन बेची थी, इससे मिली रकम उनके खातों में जमा थी। इधर 10 मार्च की सुबह पहली बार एक कॉल आई, फोन करने वाले ने आतंकवादी घटना में नाम आने की बात कह धमकाया। कुछ देर में पुलिस घर भेजने की बात कहकर वीडियो कॉल उठाने का दबाव बनाया। उन्होंने फोन उठाया तो एक पुलिस अधिकारी अपने कार्यालय में बैठा दिखा। उसने खुद को गुजरात पुलिस का कमिश्नर बताया और उनके साथ काफी अभद्र तरीके से बात की। 13 मार्च को खाते से कराए 20 लाख ट्रांसफर आरोप है कि ठगों ने 13 मार्च को उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते से 20 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद 16 मार्च को आरटीजीएस से 50 हजार, 49 हजार और 1 हजार रुपए और निकलवा लिए। फिर आरोपियों ने कॉल नहीं किया। स्नेहलता ने बताया कि उनका एक मकान शहर में है। उसे बेचने की बात चल रही है। उन्हें इसी के सिलसिले में बाहर जाना था। वैसे आरोपी उन्हें घर के बाहर जाने या किसी के घर आने से रोकते थे पर जब उन्होंने 80 लाख में मकान का सौदा करने की बात बताई तो आरोपियों ने उन्हें जाने दिया। उन लोगों ने 80 लाख कब तक आ जाएंगे कहकर पूछा पर पर वह टाल गईं। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।
दुर्ग जिले में निजी अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अभिजीत के कहने पर सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण कराया गया। इस जांच में कई अस्पतालों में नियमों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद 48 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया और 5 अस्पतालों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। नर्सिंग होम एक्ट और आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की जांच के लिए 4 टीम बनाई गई थी। इन टीमों में नगर निगम, आयुष विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीमों को एक महीने के भीतर सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। 124 अस्पतालों की हुई जांच जिले में कुल 124 निजी अस्पतालों की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में 48 अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं और नियमों में कमी पाई गई। इसके बाद इन अस्पतालों को 30 दिन के अंदर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था। अधिकारियों ने साफ कहा था कि, समय रहते कमियां दूर नहीं की गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने बताया कि, अस्पतालों से जवाब मिलने के बाद फिर से निरीक्षण किया गया। दूसरी बार जांच में 5 अस्पतालों में मिली खामियां एक बार नोटिस देने के बाद विभाग की ओर से दोबारा जांच की गई। जिसमें पाया गया कि 5 अस्पतालों ने अभी भी जरूरी सुधार नहीं किए हैं। ये अस्पताल नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल (जामगांव आर, पाटन), प्राची हॉस्पिटल (पुलगांव), जीवन ज्योति हॉस्पिटल (वार्ड 5, जामुल भिलाई), आईएमआई हॉस्पिटल (न्यू खुर्सीपार भिलाई) और आशीर्वाद नर्सिंग होम (जीई रोड, भिलाई) का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। जांच में नहीं मिली साफ-सफाई और जरूरी स्टाफ अधिकारियों का कहना है कि, ये कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों में साफ-सफाई, जरूरी मशीनें, स्टाफ और इलाज की सही व्यवस्था होना जरूरी है। जिन अस्पतालों में ये सब नहीं पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि, बाकी अस्पतालों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी। अगर कहीं भी लापरवाही मिली तो आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ने लगी है। वर्तमान में रोजाना 53.73 लाख यूनिट बिजली की मांग दर्ज की जा रही है, जो सर्दियों के मुकाबले काफी अधिक है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के चलते आने वाले दिनों में खपत और बढ़ने की संभावना है और जून-जुलाई के महीनों में यह आंकड़ा 90 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। ऐसे में बढ़ते लोड को संभालने के लिए बिजली निगम ने समय रहते बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अब तक शहर में 15 फीडरों के जरिए बिजली सप्लाई की जा रही थी, लेकिन बढ़ती मांग के कारण इन पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए निगम ने फीडरों की संख्या बढ़ाकर 21 कर दी है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली का लोड विभाजित किया जा सकेगा और ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी। इसी क्रम में ग्वालिसन फीडर को चालू कर दिया गया है, जिससे कोसली रोड और आसपास के इलाकों में सप्लाई का दबाव कम हुआ है और उपभोक्ताओं को राहत मिलने लगी है। पांच फीडर शुरू होने बाकी निगम अधिकारियों के अनुसार, अभी पांच नए फीडर और शुरू किए जाने बाकी हैं, जिनका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पावर हाउस से जुड़ा कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि गर्मी का पारा चरम पर पहुंचने से पहले ही इन सभी फीडरों को चालू कर दिया जाएगा, जिससे बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी। शहर में लगाए 55 नए ट्रांसफार्मर बढ़ती मांग को देखते हुए निगम ने शहर में 55 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए हैं। इनमें 200 केवी के 8 और 100 केवी के 47 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इन ट्रांसफार्मरों को उन स्थानों पर लगाया गया है, जहां बिजली की खपत अधिक रहती है या पहले लोड ज्यादा होने के कारण बार-बार फॉल्ट की समस्या सामने आती थी। इसके अलावा जर्जर बिजली पोल और पुराने तारों को भी बदल दिया गया है, ताकि गर्मी के मौसम में तकनीकी खराबियों को कम किया जा सके। शहर में करीब 34 हजार उपभोक्ता हैं और बढ़ती खपत के बीच इन सभी को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना निगम के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि, एसडीओ का दावा है कि इस बार गर्मी में लंबे बिजली कट से राहत मिलेगी और 23 से 24 घंटे तक बिजली सप्लाई देने का प्रयास किया जाएगा। क्यों बढ़ रही है बिजली खपत गर्मी का असर बढ़ते ही बिजली की मांग में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। कूलर, एसी, फ्रिज और पंखों का उपयोग अब बढने लगा है, जिससे घरेलू खपत में अचानक इजाफा हुआ है। इसके साथ ही शहरीकरण और नए कनेक्शनों की संख्या बढ़ने से भी कुल लोड बढ़ रहा है। दिन और रात दोनों समय खपत अधिक रहने लगी है, जिससे सिस्टम पर लगातार दबाव बना हुआ है। यह उठाए गए है कदम बिजली निगम ने बढ़ते लोड को देखते हुए फीडरों की संख्या 15 से बढ़ाकर 21 कर दी है। ग्वालिसन फीडर को चालू कर दिया गया है, जिससे एक बड़े क्षेत्र का लोड अलग हो गया है। इसके अलावा पांच और नए फीडर तैयार हैं, जिन्हें आने वाले 3-4 महीनों में चालू किया जाएगा। यह कदम पीक सीजन से पहले बिजली व्यवस्था को संतुलित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस सिर्फ फीडर ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। शहर में 55 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जिनमें 200 केवी और 100 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इन्हें उन स्थानों पर लगाया गया है, जहां पहले ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज की समस्या अधिक रहती थी। इसके अलावा पुराने जर्जर पोल और तारों को बदलकर फॉल्ट की संभावनाओं को कम किया गया है। अभी इन इलाकों को राहत ग्वालिसन फीडर शुरू होने से कोसली रोड, ग्वालिसन रोड और आसपास की कॉलोनियों में बिजली सप्लाई का दबाव कम हुआ है। पहले इन क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या आती थी, लेकिन अब लोड बंटने से स्थिति में सुधार हो रहा है। आने वाले समय में नए फीडर शुरू होने से शहर के अन्य इलाकों को भी इसी तरह राहत मिलने की उम्मीद है। आगे की तैयारी निगम ने गर्मी के चरम सीजन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है। नए फीडरों को चालू करने के साथ-साथ मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जून-जुलाई में जब खपत अपने उच्च स्तर पर होगी, तब भी सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए बैकअप प्लान तैयार किया जा रहा है। क्या बोले अधिकारी बिजली निगम झज्जर के एसडीओ सुरेश कुमार ने बताया कि ग्वालिसन फीडर को शुरू कर दिया गया है। अन्य पांच फीडर को भी गर्मी का पीक सीजन शुरू होने से पहले शुरू कर दिया जाएगा। प्रयास रहेगा कि उपभोक्ताओं को लंबे बिजली कट से छुटकारा दिलाया जा सके।
पानीपत शहर के थाना सेक्टर-29 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पसीना कलां में स्थित रावल इंडेन गैस एजेंसी पर दिन-दहाड़े बदमाशों द्वारा लूटपाट की कोशिश और कर्मचारियों को धमकी देने का मामला सामने आया है। कार सवार आधा दर्जन युवकों ने एजेंसी के अंदर घुसकर न केवल काम बंद करवाया, बल्कि सिलेंडर लूटने की भी कोशिश की। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया है। ये है पूरा मामला गैस एजेंसी के मालिक आजाद रावल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शनिवार दोपहर लगभग 12:40 बजे उनकी एजेंसी पर उपभोक्ताओं की काफी भीड़ थी और काम सुचारू रूप से चल रहा था। इसी दौरान एक कार में सवार होकर 4-5 युवक वहां पहुंचे। गाड़ी से उतरते ही इन युवकों ने सीधे एजेंसी के ऑफिस में प्रवेश किया और कंप्यूटर ऑपरेटर को जान से मारने की धमकी देते हुए तुरंत काम बंद करने को कहा। उपभोक्ताओं को खदेड़ा, लूट का प्रयास आरोपियों ने एजेंसी पर सिलेंडर लेने आए आम लोगों को डरा-धमका कर बाहर निकाल दिया। शिकायतकर्ता के पुत्र कृष्ण, जो बाहर सिलेंडर वितरण का कार्य देख रहे थे, को भी आरोपियों ने सीधे तौर पर चुनौती दी। युवकों ने कहा, हम यहां से दो सिलेंडर उठाकर ले जाएंगे, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। एजेंसी मालिक का आरोप है कि इन युवकों की नीयत केवल हंगामा करने की नहीं, बल्कि सरेआम लूटपाट करने की थी। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात हैरानी की बात यह है कि हंगामा करने वाले इन पांचों युवकों के नाम पर एजेंसी में कोई गैस कनेक्शन भी दर्ज नहीं है। पूरी वारदात गैस एजेंसी में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस की ERV-112 गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से एक युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जबकि अन्य साथी भागने में सफल रहे। पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित आजाद रावल ने थाना सेक्टर-29 के प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी पांचों आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ लूट के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अलसुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर पहुँच रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक करीब 30,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। नवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। माता का विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त यहाँ दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह प्राचीन पांडवकालीन मंदिर है। यहाँ दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इसी कारण नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुगम और सुरक्षित दर्शन के लिए व्यापक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। यह धाम केवल आम श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि देश के कई प्रसिद्ध नेता और अभिनेता भी यहाँ आस्था के साथ दर्शन करने आते रहे हैं। इससे इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।
शामली जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के लिलोन गांव में दो नाबालिग लड़कों के अपहरण और उन्हें नग्न कर पीटने का मामला सामने आया है। पीड़ितों के परिजनों ने शामली के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की और न्याय की मांग की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिले के लिलोन गांव के बच्चों को कथित तौर पर अगवा कर बंधक बनाया गया। इसके बाद उन्हें नग्न कर बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि यह घटना लिलोन निवासी नितिन ने अंजाम दी। बताया जा रहा है कि आरोपी नितिन के पिता सुधीर उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के पद पर गाजियाबाद में तैनात हैं। नितिन स्वयं सिटी के सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं। बच्चों के पिता बोले- मारना चाहते थे आरोपी पीड़ित बच्चों के पिता ने बताया कि उनके बच्चे स्कूल की छुट्टी पर थे। 10 तारीख को वे खेलने के लिए गए थे। उसी दौरान गांव के तीन लड़के – शिवम, गोलू और नितिन – उन्हें उठा ले गए और मारपीट की। बच्चों को नहर में फेंक दिया गया। बड़ा बेटा तैर कर छोटे भाई को बचाने गया, लेकिन वह भी नहर में गिर गया। इसके बाद बच्चों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर घर ले जाया गया। घर पर कपड़े उतारकर बुरी तरह मारपीट की गई। यहां तक कि गर्म चिमटे भी पैरों पर लगाए गए। गांव के अन्य बच्चों ने फोन करके बताया कि मेरे बच्चे बंधक बनाए गए हैं और उन्हें पीटा जा रहा है। पिता का आरोप- अपहरण की बात कटवाई पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल की। पुलिस आई और नाम पूछने के बाद थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। जब थाने पहुंचे, तो बंधक बनाने वाले मामले में दरोगा मुकेश दिनकर ने कहा कि “इसे काट दो।” पीड़ित ने पूछा कि कार्रवाई कैसे होगी, तो कहा गया कि कार्रवाई मैं ही करूंगा। तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं परिजन ने तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। कप्तान साहब के पास जाकर तहरीर दिखाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी के खिलाफ केवल धारा 151 (शांति भंग) में चालान कर दिया गया, जबकि अपहरण, बंधक बनाने और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों के साथ हुई मारपीट, अपहरण और बंधक बनाने की घटना पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। थाना कोतवाली प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि मामले में पीड़ित की तहरीर पर आरोपी को गिरफ्तार कर 151 धारा के तहत जेल भेजा गया था।
लखनऊ में गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता हाथ में सिलेंडर के कटआउट लेकर विधानसभा के सामने पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। पुलिस ने उन्हें रोका तो तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिसकर्मी उन्हें पकड़-पकड़कर गाड़ियों में बैठाने लगे। कई कार्यकर्ता पुलिस बस के ऊपर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत करके उन्हें भी नीचे उतारा। सभी को ईको गार्डन ले गए। ‘सिलेंडर महंगा, आम जनता परेशान’ प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर किल्लत बनी हुई है। गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है। ब्लैक में सिलेंडर मिल रहे हैं। जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है। सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि सिलेंडर की किल्लत का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण अन्य जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ रहे हैं। किल्लत से बढ़ी मुश्किलें छात्र सभा के सदस्यों ने यह भी कहा कि कई जगहों पर सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। इससे खासकर मध्यम और गरीब वर्ग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन के अंत में सपा छात्र सभा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महंगाई के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने 10 अधिकारियों का दो दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों को 9 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, 10 विभाग प्रमुखों ने कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया। अधिकारियों की इस उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर ने 18 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत वेतन कटौती का आदेश दिया। जिन अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, उनमें नवनीत राठिया (कार्यपालन यंत्री, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग), गंगाराम बघेल (उप संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण), सुमन द्विवेदी (सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण), त्रयम्बकेश द्विवेदी (कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी), प्रवेश मिश्रा (जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास), पवन कुमार सिंह (जिला शिक्षा अधिकारी), जे.एस. उइके (सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य), श्याम बहादुर सिंह (कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग), डॉ. बबिता खरे (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और डॉ. एस.बी. खरे (सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक) शामिल हैं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को आमजन की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
धौलपुर जिले में नवरात्र, ईद, रामनवमी, महावीर जयंती और हनुमान जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर जिलेभर में कम्युनिटी लायजन ग्रुप (सीएलजी) सदस्यों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। एएसपी वैभव शर्मा और एडीएफ मुख्यालय बाड़ी के कमल कुमार जांगिड़ के पर्यवेक्षण में इन बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इनका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करना है। एसपी ने सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक और शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित कर बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन बैठकों में विशेष रूप से नवरात्र स्थापना, रामनवमी और ईद के दौरान कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई। आम जनता से भी सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने सभी समुदायों से एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने, आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, लोगों को साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। बैठकों में प्राप्त सुझावों पर अमल करते हुए त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
हिन्दू सनातन धर्म का नया वर्ष विक्रम संवत्सर 2083 और चैत्र नवरात्र आज (गुरुवार) से शुरू हो गया है। सीहोर जिले के सलकनपुर स्थित मां विजयासन देवी धाम सहित शहर के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा विंध्याचल पहाड़ी पर स्थित धाम में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और छांव की व्यवस्था की गई है, वहीं गुड़ी पड़वा के अवसर पर लोगों ने घर के दरवाजों पर गुड़ी बांधकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। चैत्र नवरात्र में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए रोप-वे के जरिए पहुंच रहे हैं और यह सुविधा चालू रखी गई है। रोप-वे के अलावा श्रद्धालु पैदल मार्ग से भी मंदिर पहुंच सकेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के नीचे पार्किंग भी तैयार की जा रही है। 9 दिन तक चलेगा मां भगवती की आराधना का दौर नवरात्र के 9 दिन रोजाना मां भगवती की आराधना होगी। 9 दिनों तक देवी धाम में श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में शीश झुकाने पहुंचेंगे। शहर के मालाखेड़ी रोड स्थित खेड़ापति माता मंदिर में भी श्रद्धालु सुबह से जल अर्पित करने पहुंचे। शहर के अन्य मंदिरों में भी दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। आचार्य बोले- नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना देती है विशेष फल आचार्य पंडित सोमेश परसाई ने बताया, “गुड़ी पड़वा पर विधि-विधान से आराधना करें। मां भगवती की आराधना भी करें।” उन्होंने आगे कहा, “चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना विशेष फल देती है।” नवरात्र के पहले दिन शहर में मालाखेड़ी रोड स्थित खेड़ापति कॉलोनी के सामने काली माता की प्रतिमा विराजित की गई है। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर भी मां भगवती की प्रतिमाएं विराजित की गई हैं।

