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शामली में AIMIM ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन:मंत्री नितेश राणे पर कार्रवाई की मांग, मदरसों को कहा था आतंकवाद का केंद्र

शामली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे के कथित विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री नितेश राणे ने AIMIM पार्टी को आतंकवादी संगठन बताया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तुलना आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन से की। इसके अतिरिक्त, राणे ने मदरसों को आतंकवाद का केंद्र बताते हुए उन्हें बंद करने की भी मांग की है। AIMIM पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा मंत्री द्वारा दिया गया यह बयान संविधान और कानून की भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती है और समाज में वैमनस्य फैलता है, जिससे देश की एकता और भाईचारा कमजोर होता है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मंत्री नितेश राणे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका उद्देश्य है कि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि इस तरह की बयानबाजी न कर सके। इस दौरान बड़ी संख्या में AIMIM कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 May 2026 1:38 pm

अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार:खुद को आतंकवाद निरोधी अधिकारी बताकर करते ठगी, 'किराने के सामान' ने खोला गैंग का राज

जोधपुर कमिश्नरेट की चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने दक्षिण भारत में 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध करवाने वाले मास्टरमाइंड और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को आतंकवाद निरोधी अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता था और ठगी के कमीशन को डिजिटल करेंसी 'यूएसडीटी' के जरिए ट्रांसफर करता था। इसी तरीके से गिरोह करोड़ों रुपए की ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। खाता ब्लॉक हुआ तो सामने आई 'मिस्टर मुथु' की एंट्री सीएचबी सेक्टर 17ई चांद विलास के पीछे की गली में सतीश किराना स्टोर के संचालक भीकमचंद जैन (47) पुत्र बाबूलाल जैन ने 6 मई को धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 24 अप्रैल को उनका एचडीएफसी बैंक खाता अचानक ब्लॉक हो गया। बैंक शाखा में संपर्क करने पर पता चला कि 18 अप्रैल को रात 8:39 बजे और 9:14 बजे उनके खाते में 'मिस्टर मुथु' के नाम से क्रमशः 35,477 रुपये और 1,200 रुपये का फ्रॉड पेमेंट आया था, जिसके कारण चेन्नई पुलिस की रिपोर्ट पर खाता ब्लॉक किया गया है। इसके बाद जैन ने उस दिन हुए लेनदेन चेक करने के साथ ही अपने यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। तब उसे पता चला कि 18 अप्रैल को उनकी दुकान के बाहर एक काले रंग की स्कॉर्पियो आकर रुकी, जिसमें से दो युवक नीचे उतरे। चेक और क्रीम शर्ट वाले लड़के, गाड़ी में बैठे तीसरे ने किया पेमेंट इन युवकों ने भीकमचंद की दुकान से तेल के दो डिब्बे, शक्कर का कट्टा, घी का डब्बा और अन्य भारी सामान लिया। भुगतान के समय, उनमें से एक युवक ने दुकान के फोन-पे बिजनेस स्कैनर का फोटो लिया और स्कॉर्पियो के अंदर बैठे अपने साथी को भेजा। गाड़ी में बैठे व्यक्ति ने उसी समय 'मिस्टर मुथु' के नाम वाले उस फर्जी खाते से व्यापारी के खाते में ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर कर दिया, जिसमें डिजिटल अरेस्ट की ठगी की रकम आई थी। इसी राशि की वजह से व्यापारी का खाता ब्लॉक हुआ था। डिजिटल अरेस्ट की साजिश और चेन्नई कनेक्शन खुद के साथ हुए फ्रॉड का पता चलने पर पीड़ित चौहाबो थाने पहुंचा और इसकी शिकायत दी। डीसीपी (पश्चिम) कमल शेखावत के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। इसमें एडीसीपी जयदेव सिहाग और एसीपी रविन्द्र बोथरा के सुपरविजन में थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक, एएसआई भंवराराम, हेड कांस्टेबल पिंटूसिंह, कांस्टेबल दिनेश पटेल, बाबुलाल, मंगतुराम और दिनेश को शामिल किया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, स्कॉर्पियो के नंबर व अन्य टेक्निकल सर्विलांस से आरोपियों के बारे में छानबीन की। आखिरकार टीम ने जैन की दुकान से खरीददारी करने वाले मूलतया सोजत सिटी, हाल करणीनगर मधुबन निवासी धीरेन्द्रसिंह चारण (30) और पीपाड़ शहर, हाल सरदार पटेल कॉलोनी, देवनगर निवासी मास्टरमाइंड श्रवण विश्नोई (27) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में श्रवण ने बताया कि वह 2023 से साइबर फ्रॉड कर रहा है। वह दक्षिण भारत की गैंग से चेन्नई में मिला था और अब टेलीग्राम के जरिए उन्हें अलग-अलग राज्यों से बैंक खाते किराये पर उपलब्ध करवाता है। पाकिस्तान का डर और 'आरबीआई' के फर्जी खाते यह गिरोह दक्षिण भारत के लोगों को कॉल कर आतंकवाद निरोधी अधिकारी होने का दावा करता था। वे पीड़ितों को डराते थे कि उनके आधार और बैंक खाते का लिंक आतंकवादियों से है, जिसमें पाकिस्तान का पैसा भी शामिल है। खौफ दिखाकर वे लोगों का पैसा फर्जी 'आरबीआई' खाते में ट्रांसफर करवाते थे। श्रवण इन म्यूल खातों में आए पैसे को एटीएम या अन्य माध्यमों से निकालकर नकद कर लेता था और दक्षिण भारत की गैंग को उनका कमीशन डिजिटल करेंसी के जरिए भेज देता था। तमिलनाडु के 70 साल के बुजुर्ग के थे 36 हजार जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल को किराना स्टोर पर जो लगभग 36 हजार रुपए का पेमेंट किया गया था, वह दरअसल तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई जिले के एक 70 साल के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ऐंठे गए 8 लाख 70 हजार रुपए का ही हिस्सा था। पुलिस ने श्रवण के कब्जे से 6 फर्जी सिमकार्ड और 3 मोबाइल जब्त किए हैं।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 7:45 am