सोना-चांदी नहीं...इस देश में आसमान छू रही खीरे की कीमतें, महंगाई में 'मीट' भी छूटा पीछे
Russia News: दुनियाभर में सोने-चांदी की कीमतों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, इसी बीच रूस में खीरे की कीमतों ने हर किसी को हैरान-परेशान हो रहे हैं. आलम ऐसा है कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
YouTube अचानक ग्लोबली डाउन हो गया, जिससे भारत, अमेरिका और कई देशों में यूजर्स वीडियो नहीं देख पाए। ऐप पर “Something Went Wrong” एरर मैसेज दिखा। कंपनी ने तकनीकी गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है, सर्विस बहाली का इंतजार जारी है।
Smart Control Drill: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को सैन्य अभ्यास के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. बता दें कि यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति गुजरती है.
H-1B से शुरू हुई बहस, ‘Indian Hate’ तक पहुंची, अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ 115% बढ़ी नफरत
America News: अमेरिका के H-1B वीजा प्रोग्राम को लेकर भारतीय काफी ज्यादा परेशान थे. इसकी वजह से यहां रहने वाले भारतीयों के खिलाफ नफरत तेजी से बढ़ रही है.
US 50 jet deployment to Middle East: मिडिल ईस्ट में अचानक सैन्य हलचल तेज हो गई है. अमेरिका ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर F-22, F-35 और F-16 समेत 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच यह कदम बड़ा संदेश माना जा रहा है. अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे डील होगी या टकराव.
90 feet hanuman statue controversy texas: टेक्सास के शुगर लैंड में स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में बनी नब्बे फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है. रिपब्लिकन कार्यकर्ता कार्लोस टुर्सियोस के बयान के बाद भारतीय मूल के लोगों ने कहा कि यह निजी जमीन पर बनी आस्था की प्रतीक प्रतिमा है और इसे निशाना बनाना गलत है.
कश्मीर में पहलगाम के पास मट्टन में कश्मीरी पंडितों की बस्ती है। आबादी करीब 300 की है। यहां की गलियों में दिन के 4 बजते ही सन्नाटा पसर जाता है। मट्टन में रहने वाले रमेश कौल (बदला हुआ नाम) अब अनजान नंबरों से आने वाले फोन नहीं उठाते। वजह पूछने पर बताते हैं, ‘कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पुलिस ने कहा है कि शाम होने से पहले घर आ जाएं। अजनबियों से दूर रहें। अंधेरे में बाहर न निकलें और कोई संदिग्ध दिखे, तो तुरंत खबर करें।’ कश्मीरी पंडितों को टारगेट किलिंग की धमकी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप द रेजिस्टेंस फोर्स यानी TRF ने दी है। इसके अलावा 1990 के दशक में एक्टिव रहे ग्रुप मुस्लिम जांबाज फोर्स ने भी पोस्टर लगाकर कश्मीर की आजादी तक जंग जारी रहने की धमकी दी है। इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीरी पंडितों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। फाल्कन स्क्वाड के नाम से आई धमकीकश्मीरी पंडितों के लिए जारी धमकी वाला लेटर फाल्कन स्क्वाड के नाम से जारी किया गया है। इसमें लिखा है... कश्मीरी पंडितों थोड़े फायदे के लिए बलि का बकरा मत बनो। पहले ही देख चुके हो कि इस रास्ते पर चलने का अंजाम जान गंवाना होता है, जैसा राहुल पंडित, माखन लाल बिंद्रू, मोहन लाल और बाकी के साथ हुआ था। इन्हें हमने कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। तुम लोग उनकी तरह मत बनो। अपना नाम मरने वालों की लिस्ट में मत लिखवाओ। RSS की सरकार ने लोकल कश्मीरियों को बदनाम करने के लिए तुम लोगों का इस्तेमाल किया है। झूठे आरोप लगाकर लोकल कश्मीरियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया, उनकी प्रॉपर्टी जब्त की गई। कश्मीरी पंडितों की नौकरी का रास्ता खोला गया। इससे गैर-कश्मीरियों और कश्मीरी पंडितों की मौत का रास्ता साफ हो रहा है। हमने काफी समय से कश्मीरी पंडितों को टारगेट करने से खुद को रोक रखा था क्योंकि कुछ कश्मीरी पंडितों के ग्रुप ने हमें भरोसा दिया था कि सरकार के हाथों में नहीं खेलेंगे। अब आपने अपने बड़ों के समझौते को खत्म कर दिया है। इसलिए राहुल पंडित, बिंद्रू और दूसरे लोगों के साथ तुम लोग भी उसी तरह के अंजाम के लिए तैयार हो जाओ। तुम लोगों की सभी एक्टिविटी पर हमारी नजर है। आने वाले दिनों में कोई दिक्कत होती है, तो आंसू नहीं बहाना। तीन साल की शांति, फिर मिलने लगीं धमकियांकश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को उनकी जिंदगी पर क्या असर पड़ा है, इसे समझने के लिए हमने मट्टन में रहने वाले रमेश कौल से बात की। रमेश और उनके परिवार ने 1990 के दशक में आतंकवाद बढ़ने पर कश्मीर छोड़ दिया था। विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए सरकार की योजना के तहत 2010 में उन्हें नौकरी मिली। इसके बाद वे फिर से कश्मीर लौट आए। तब से मट्टन में ही रह रहे हैं। हमने रमेश को शाम करीब 6 बजे फोन किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। दूसरी बार भी फोन रिसीव नहीं हुआ, तब मैसेज किया। पहचान जाहिर करने के बाद रमेश ने कॉल बैक किया। हमने फोन न उठाने की वजह पूछी। जवाब मिला- हम अनजान कॉल नहीं उठा रहे हैं। रमेश ने पूछा आपको मेरा नंबर कैसे मिला। हमने बताया कि आपके एक करीबी दोस्त ने नंबर दिया है। रमेश ने दोस्त से कंफर्म किया, फिर बात करने के लिए तैयार हो गए। वे बताते हैं- धमकी मिलने के बाद हमें सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। आखिरी बार इस तरह की धमकी 2022 में मिली थी। फिर 3 साल तक सब शांत रहा। अब अचानक फिर धमकियां मिलने लगी हैं। रमेश आगे कहते हैं, 'गृहमंत्री अमित शाह 5 फरवरी को तीन दिन के लिए कश्मीर आए थे। उनके दौरे से पहले 3 फरवरी को ये धमकी आई। अब इसके पीछे क्या वजह है, ये तो जांच एजेंसियां ही बता सकेंगी।’ ‘हमें सलाह दी गई है कि अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। शाम 4 से 5 बजे के बाद बाहर निकलने में सावधानी बरतें। जरूरी न हो, तो घर में ही रहें। ऑफिस आने-जाने के लिए रास्ता बदलते रहें। हम अलर्ट तो हैं, लेकिन ये भी सच है कि अब डरने वाले नहीं है। आखिर कब तक ऐसी धमकी से डरते रहें।’ RSS का नाम लेकर क्यों धमकी मिल रही है? रमेश जवाब देते हैं, ‘हम मंदिर और धर्म को लेकर काफी एक्टिव हैं। आखिर अपनी पहचान क्यों छिपाकर रखें। पुराने मंदिरों को फिर से ठीक किया गया है। लोग पूजा करने आ रहे हैं। कश्मीर में कई साल से हमारी धार्मिक यात्राएं रुक गई थीं। हमने इसे दोबारा शुरू किया है। पहले गणेश चतुर्थी नहीं मनाते थे, हमारी रथयात्रा बंद हो गई थी, अब सब शुरू कर दिया है। ये यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक होती है।’ ‘कन्याकुमारी से यात्रा शुरू हो चुकी है। वहां से जम्मू आएगी। अगले कुछ दिनों में कश्मीर के कुपवाड़ा, गांदरबल, उरी और श्रीनगर पहुंचेगी। फिर श्रीनगर से मार्तंड होते हुए कन्याकुमारी के लिए रवाना हो जाएगी। आतंकी चाहते हैं कि हिंदू एक्टिव न हों। इसलिए वे फिर से धमकी दे रहे हैं।’ ‘आतंकी धमकी दे रहे, लेकिन अब डरेंगे नहीं’हमने श्रीनगर में रहने वाले एक और कश्मीरी पंडित से बात की। वे अपनी पहचान छिपाते हुए बताते हैं, ‘1990 के दशक में विस्थापित हो चुके कश्मीरी पंडित फिर से अपनी जमीनें पहचानने में जुटे हैं। इन जमीनों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। जर्जर हो चुके मंदिर फिर से बनवा रहे हैं। इससे भी आतंकी भड़के हुए हैं। वे धमकियां दे रहे हैं, ताकि हम डर जाएं। 'हम RSS से जुड़े हों या न जुड़े हों, आतंकी संगठन हमें RSS से जुड़ा बताते हैं। हम अपनी मर्जी से पहचान और अधिकार तलाश रहे हैं। इसलिए डर नहीं रहे हैं। वे आगे बताते हैं, ‘हमें सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस से पूरा सपोर्ट मिल रहा है। हम कुछ भी कर लें, उनकी जिहादी मानसिकता खत्म नहीं हो सकती। फाल्कन स्क्वाड की धमकी हो या मुस्लिम जांबाज फोर्स के पोस्टर, ये सभी लश्कर-ए-तैयबा से ही जुड़े हैं। अब तो सभी आतंकी संगठन मिलकर टारगेट कर रहे हैं। हमें भी अपनी फोर्स पर यकीन है।’ एक और कश्मीरी पंडित ने फोन पर बताया, ‘1990 के दशक में हिंसा के दौरान 800 से ज्यादा परिवार कश्मीर छोड़कर नहीं गए थे। इनमें से 150 के घरों की हालत बहुत खराब है। जम्मू-कश्मीर सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। पिछले 35 साल से कश्मीरी पंडितों को रोजगार नहीं मिल रहा है।’ ‘1990 में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा हो रही थी, तब करीब 25 हजार हिंदुओं के पास सरकारी नौकरी थी। ये लोग विस्थापित हो गए। उनकी जगह बंदूक के जोर पर लोकल लोगों को नौकरी मिल गई। इस समय कश्मीरी पंडितों को राहत पैकेज पर सिर्फ 5 हजार लोगों को नौकरी मिली है। इस समय 15 हजार से ज्यादा कश्मीरी पंडित यहां रह रहे हैं।’ ‘जम्मू के विलेज डिफेंस गार्ड की तरह हथियारों की ट्रेनिंग मिले’एक कश्मीरी पंडित कहते हैं, ‘आतंकियों की धमकी को देखते हुए हमें भी जम्मू के विलेज डिफेंस गार्ड की तरह ट्रेनिंग और लाइसेंसी हथियार देने चाहिए। इससे हम किसी हमले के दौरान खुद को बचा सकेंगे। अगर ऐसा हुआ तो कश्मीर से बाहर जा चुके कश्मीरी पंडित भी लौट पाएंगे।’ ये शख्स दावा करते हैं कि बीते 700 साल में कश्मीरी पंडितों को 7 बार कश्मीर से भगाया जा चुका है। एक बार तो कश्मीर में पंडितों के सिर्फ 11 घर रह गए थे। आज 15 हजार के करीब आबादी बची है। अगर ऐसे धमकी मिलती रही, टारगेट किलिंग हुई तो परेशानी आ सकती है। दिल्ली ब्लास्ट के बाद मुस्लिम जांबाज फोर्स एक्टिवजनवरी के आखिर में कश्मीर के कुछ इलाकों में मुस्लिम जांबाज फोर्स के पोस्टर मिले थे। पोस्टर पर लिखा था, कश्मीर की आजादी तक, भारत की बर्बादी तक, जंग जारी रहेगी। खुदा के लिए जिहाद करना है। हमारे सोर्स बताते हैं कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद एक्टिव हुआ ये ग्रुप कश्मीरी नौजवानों को ब्रेनवॉश कर रहा है। पोस्टर के जरिए उन्हें जिहाद के लिए उकसा रहा है। मुस्लिम जांबाज फोर्स ग्रुप 1990 के दशक में काफी एक्टिव था। 2021 में इसने श्रीनगर के फेमस कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे आकाश मेहरा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। आकाश मेहरा को 17 फरवरी 2021 को गोली मारी गई थी। आतंकी ग्रुप का मानना है कि बाहरी लोग कश्मीर में अपना बिजनेस बढ़ा रहे हैं। इस वजह से आकाश मेहरा की हत्या की गई। पहले मुस्लिम जांबाज फोर्स और फिर फाल्कन स्क्वाड की तरफ से कश्मीरी पंडितों को टारगेट किलिंग की धमकी को सुरक्षा एजेंसियां भी गंभीरता से ले रहीं हैं। हमने इस पर जम्मू-कश्मीर से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की। वे कहते हैं कि आतंकी माहौल खराब करने के लिए ऐसी धमकी देते हैं। हमारी सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हैं। कश्मीरी पंडितों को किसी तरह से खतरा नहीं होगा। कश्मीरी पंडितों के पलायन और हत्याओं के अलग-अलग आंकड़ेRTI से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘1990 से 2021 के बीच यानी 31 साल में आतंकवादियों के हाथों कुल 1724 लोग मारे गए। इनमें 5% यानी कुल 81 कश्मीरी पंडित थे। इस दौरान 1 लाख 54 हजार 161 लोग कश्मीर छोड़कर चले गए। इनमें 88% यानी 1,35,426 हिंदू थे। पलायन करने वाले मुस्लिमों की संख्या 18,735 थी। हालांकि, कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की रिपोर्ट कहती हैं कि 1990 के बाद कुल 399 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी। ये सर्वे 2008-09 में किया गया था। इसमें दावा किया गया कि 1990 में ही 302 हत्याएं हुई थीं। बाकी 97 हत्याएं उसके बाद के सालों में हुईं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मार्च 2010 में एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने अलग आंकड़ा दिया था। सरकार के मुताबिक, 1989 से 2004 के बीच कश्मीर में 219 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी। स्टोरी में सहयोग: जम्मू-कश्मीर से रऊफ डार ………………………………… जम्मू-कश्मीर से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें...पाकिस्तानी आतंकियों से लड़ेंगी जम्मू की अनीता-सोनाली, विलेज डिफेंस गार्ड एक्टिव जम्मू के डोडा में रहने वाली अनीता राज और सोनाली विलेज डिफेंस गार्ड्स यानी VDG की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक राइफल चलानी सीखी है। डोडा की रहने वाली कई महिलाएं विलेज डिफेंस गार्ड भी हैं। ये पिछले एक साल से घर के कामकाज के अलावा सेना के साथ गांव की सुरक्षा भी कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर...
रमजान से पहले इजराइल का बड़ा कदम! अल-अक्सा के सीनियर इमाम के मस्जिद में एंट्री से रोका, मचा घमासान
Israel Ramadan Tension: इजरायली अधिकारियों ने रमजान से ठीक पहले अल-अक्सा मस्जिद के इमाम शेख इकरीमा साबरी के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और विरोध बढ़ने की गंभीर आशंका जताई जा रही है.
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बीएनपी ने शानदार जीत हासिल की है. मंगलवार को तारिक रहमान ने बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ले. उनके मंत्रिमंडल में एक नाम हिंदू समुदाय के नेता निताई रॉय चौधरी का भी है, लेकिन उनको अभी कोई विभाग नहीं आवंटित हुआ है.
ट्रंप और खलीफा के बीच जंग या कन्फ्यूजन? DNA टेस्ट में जानिए सच्चाई
DNA:जनवरी 2026 में खामेनेई ने कहा था कि वो ईरान में विदेशी ताकतों की साजिशें कामयाब नहीं होने देंगे. इस बयान के बाद ईरान में प्रदर्शनकारियों पर भारी बल प्रयोग किया गया था और हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए थे. इन घटनाओं की वजह से माना जा रहा है कि सख्त अल्फाजों से भरे खामेनेई के सोशल मीडिया पोस्ट किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तरफ इशारा कर रहे हैं.
Superbloom In Death Valley: डेथ वैली को धरती की सबसे गर्म जगहों में से एक माना जाता है. इस बंजर जमीन पर फूल खिलना भी सामान्य बात नहीं है, हालांकि इस साल इसमें परिवर्तन देखने को मिल सकता है.
Kilauea Volcano Eruption In Hawaii: हवाई द्वीप पर स्थित किलाउआ ज्वालामुखी एक बूार फिर तेजी से फटा है. यह घटना लगभग 10 घंटे तक चली, जिसमें लावा 1,300 फीट की ऊंचाई तक उछलता रहा.
पाताल में समा रही धरती! इंडोनेशिया में दिखा खतरनाक 'सिंकहोल', क्यों धीरे-धीरे धंसती जा रही जमीन?
Giant Sinkhole Indonesia: इंडोनेशिया से एक भयंकर खबर सामने आ रही है, यहां एक विशाल सिंकहोल ने हेक्टेयर खेली वाली जमीन को निगल लिया है, जिससे एक गहरा गड्ढा बन गया है. खतरनाक बात ये है कि ये गड्ढा बढ़ता ही जा रहा है.
ना तेल बचा, ना कैश और ना ही खाना...अमेरिका ने दबाई क्यूबा की नस, जनता के भूखे मरने की आ गई नौबत
Cuba in Crisis: क्यूबा वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंधों और तेली की नाकेबंदी के कारण सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है. देश तेल की कमी, बिजली कटौती और पार्यप्त भोजन न मिलने की समस्या झेल रहा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंम ने क्यूबा को 'फेल्ड नेशन' बताया है.
चीन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए अमेरिका ने फिलीपींस में और सैन्य ताकत तैनात करने का फैसला लिया है. माना जा रहा है कि इससे चीन और यूएस के बीच तनाव बढ़ सकता है.
ICE Detains Indian National over Physical Assault: अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों (ICE) की ओर से हाल ही में एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.
GPS के भरोसे चला ड्राइवर, समुद्र में जा फंसी डिलीवरी वैन! आपकी आंखें खोल देगी ये खबर
Amazon Delivery Van News: अमेजन डिलीवरी वैन ड्राइवर को GPS पर आंख मूंदकर भरोसा करना महंगा पड़ गया है. जीपीएस के भरोसे चल रहा ड्राइवर समुद्र के पानी में जा फंसा. जी हां, ये खबर आपकी आंखे खोल देगी. ये घटना न सिर्फ टेक्नोलॉजी पर बल्कि इंसानी समझ पर भी सवाल खड़े कर रही है.
तारिक रहमान के शपथ से शहबाज शरीफ ने क्यों बनाई दूरी? क्या जमात की हार से दुखी है पाकिस्तान
Shehbaz Sharif: बांग्लादेश में चुनाव जीतने के बाद बीएनपी नेता तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. भारत और पाकिस्तान समेत 13 देशों को न्योता भेजा गया है, लेकिन शहबाज शरीफ समारोह में शामिल नहीं होंगे. जानकारों के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी के सरकार में न आने से पाकिस्तान ने ‘वेट एंड वॉच’ नीति अपनाई है.
बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल शुरू हो चुकी है. सत्ता संभालने की तैयारी कर रही BNP ने अपनी नई कैबिनेट टीम का ऐलान कर दिया है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने कुल 49 नेताओं पर भरोसा जताते हुए 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्रियों के नाम तय किए हैं.
अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर आज, ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच आज जिनेवा में दूसरे राउंड की बैठक होने वाली है। आज का दिन दोनों देशों के लिए बेहद खास है
दो दशक बाद बांग्लादेश में बीएनपी की वापसी, नया प्रधानमंत्री आज
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) लगभग दो दशकों के बाद दक्षिण एशियाई देश में सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है। मंगलवार को बीएनपी के नए चुने गए सांसद शपथ ग्रहण करेंगे
Why will Bangladesh MPs be sworn in twice: बांग्लादेश में नई संसद के गठन के साथ इस बार सांसद दो बार शपथ लेने की बात कही जा रही है. यानी17 फरवरी 2026 कोआज बांग्लादेश में कुछ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं देखा गया. तारिक रहमान के राज में दोहरी शपथ की बात क्यों उठ रही है, जानें इसके पीछे की कहानी की कहानी.
जोमो केन्याटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कर्मचारियों की हड़ताल से उड़ानें प्रभावित
केन्या के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सोमवार को कई उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा
Bangladesh News: अंतरिम सरकार के प्रमुख रहे मोहम्मद यूनुस ने अपने विदाई भाषण में 'सेवन सिस्टर्स' का राग अलापा. उन्होंने ये बयान ऐसे समय पर दिया है तारिक रहमान ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सुधार की बात की है.
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक बड़ी राहत की खबर आ रही है. बीएनपी के बड़े नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने साफ-साफ कह दिया है कि शेख हसीना के मुद्दे पर भारत के साथ दोस्ती को बंधक नहीं बनाया जाएगा.
अमेरिका के रोड आइलैंड हॉकी एरिना में गोलीबारी में तीन की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल
अमेरिका के पावकेट स्थित एक आइस एरीना में हुई फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतकों में हमलावर भी शामिल है
आइस हॉकी मैच में 'खूनी खेल'! स्टैंड से अचानक चली गोलियां, हमलावर समेत 3 की मौत से दहल उठा अमेरिका
Ice hockey match shooting: अमेरिका के रोड आइलैंड में एक आइस हॉकी मैच के दौरान हुई गोलीबारी में हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस के अनुसार, यह हिंसक घटना किसी पुराने पारिवारिक विवाद का परिणाम हो सकती है, जिसकी जांच जारी है.
बांग्लादेश की राजनीति में आज एक बड़ा इतिहास रचने वाला दिन है. पिता जियाउर रहमान राष्ट्रपति थे, मां खालिदा जिया तीन बार प्रधानमंत्री बनीं, और अब बेटा तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. ये पहली बार है जब जिया परिवार की तीसरी पीढ़ी देश की सत्ता संभाल रही है. आज 17 फरवरी 2026 को ढाका के जतिया संसद भवन में तारिक रहमान PM बनकर इतिहास रचने वाले हैं. जानते हैं पूरी कहानी.
Colombia News: करीब छह दशक पहले कोलंबिया की सेना और विद्रोहियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी. इस गोलीबारी में एक कोलंबियाई पादरी की भी जान चली गई थी. अब जाकर उनकी पहचान हो पाई है.
DNA: ट्रंप-खलीफा के बीच..'बिन बारूद वाला युद्ध', हथियार नहीं चल रहे, फिर भी कैसे चल रही वॉर?
अमेरिका के राष्ट्रपति खामेनेई को झुकाने के लिए ट्रंप सीधे उनकी जिंदगी की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी कर रहे हैं. इस कारण ही ईरान और अमेरिका के बीच साइलेंट बैटल शुरू हो चुका है. आइए डिटेल में इसके बारे में बताते हैं...
पेंशन के लिए घर पर ही सड़ाई 100 साल से भी ज्यादा उम्र की मां की लाश, सालों बाद पकड़ में आरोपी
Mummified Body Found In Germany: जर्मनी में एक महिला कई सालों तक अपनी मां के ममीफाइड शरीर के साथ रह रही थी. पुलिस की एक जांच में इसका खुलासा हुआ.
लोकतांत्रिक बदलाव या सत्ता का नया चेहरा! मादुरो की विदाई के बाद वेनेजुएला के क्या हैं हाल?
Venezuela After Maduro: निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता से बेदखली वेनेजुएला की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है. लेकिन अब सवाल ये है कि ये बदलाव देश में वास्तविक लोकतंत्र की बहाली करता है या केवल यह सत्ता के नए चेहरे का उदय बनकर रह जाएगा.
Muhammad Yunus Role After Bangladesh Elections: बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के बाद अब सवाल किए जा रहे हैं कि आखिर अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस अब किस भूमिका पर होंगे?
Israel-America Meeting On Iran Conflict: हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका ने इजरायल को ईरान पर हमले को लेकर आश्वासन दिया था.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. इन सब के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास का नाम 'Smart Control of the Strait of Hormuz' रखा गया था.
North Korea News: उत्तर कोरिया की राजनीति में एक नया चेहरा नजर आ रहा है. उत्तर कोरिया के राजनीतिक आयोजनों में किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए नजर आ रही है, जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि जू-ए उत्तर कोरिया की अगली सुल्तान होने सकती हैं.
Amber Luke Tattoos Journey: ऑस्ट्रेलिया की सबसे ज्यादा टैटू वाली महिला एम्बर ल्यूक का नाम आपने जरूर सुना होगा. अपने शरीर को कैनवास बनाने वाली महिला का जीवन उसके टैटू की तरह इतना रंगीन नहीं है. टैटू के शौक ने 3 हफ्तों तक उनकी आंखों की रोशनी छीन ली. इस खबर में एम्बर के जीवन के बारे में बताएंगे..
मशहूर टीवी एंकर सवाना गुथरी की मां नैन्सी गुथरी अब भी तीसरे हफ्ते में भी गायब हैं. 31 जनवरी की रात को वो अपने घर से अचानक लापता हो गईं, जिसके बाद पूरे अमेरिका की पुलिस इस मामले में खोजबीन कर रही है, लेकिन अब तक नैन्सी गुथरी का पता नहीं लग पाई है, जबकि गुथरी को खोजने के लिए 18 हजार फोन कॉल और 13 हजार टिप्स लोगों ने दे दिया है. पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है.
रूस-यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया के करीब 6000 सैनिक मारे या घायल हुए हैं. यह दावा दक्षिण कोरिया की तरफ से किया गया है. इसी बीच उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने बेटी किम जू ए के साथ जंग में शहीद परिवारों को‘लग्जरी मरहम’ दिया है.किम को पता है कि अपने देश के सैनिक इस तरह जंग में मारे जाते गए तो जनता में गुस्स फैल सकता है. जानें पूरी रिपोर्ट.
Bangladesh Tarique Rahman oath-taking on Feb 17:बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक जीत के बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य होने जा रहा है. ढाका के संसद परिसर में होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 1200 देशी-विदेशी मेहमान शामिल होंगे. भारत, भूटान, पाकिस्तान समेत कई देशों के बड़े नेता पहुंचेंगे. देखें कौन-कौन दिग्गज होंगे शामिल.
जर्मनी में बढ़ रहे हैं दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित अपराध
जर्मनी की सरकार ने संसद में बताया है कि साल 2025 में 2024 के मुकाबले दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित अपराधों की संख्या बढ़ी है. जर्मन पुलिस के आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी गई है
रूस ने नावाल्नी को दिया जहर: यूरोपीय देशों का दावा
जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि यूरोपीय प्रयोगशालाओं में हुए टेस्ट इस बात की पुष्टि करते हैं कि अलेक्सी नावाल्नी की हत्या एपिबेटिडीन नाम के न्यूरोटॉक्सिन से की गई
ओबामा का ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला, वर्तमान दौर की अमेरिकी राजनीति को बताया जोकरों का शो
ओबामा ने वर्तमान राजनीतिक विमर्श को इंटरनेट मीडिया और टेलीविजन पर चल रहे “सर्कस” से तुलना करते हुए कहा कि राजनीति में गंभीरता और गरिमा का स्तर गिरा है।
Awami League Dilemma Before Tarique Rahman:बांग्लादेश में चुनाव के बाद नई सत्ता बनने जा रही है और सबकी नजर तारिक रहमान के अगले कदम पर टिकी है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अवामी लीग और शेख हसीना के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई होगी या देश मेल-मिलाप की राह पर चलेगा. नई सरकार का रुख ही देश की राजनीति की दिशा तय करेगा.
12 साल के लड़के ने बना डाला न्यूक्लियर फ्यूजन, बच्चे का कारनामा देख दुनिया हैरान
एडन का न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर एक दिन में तैयार नहीं हुआ। इस परियोजना को पूरा करने में उसे कुल चार साल लगे। इस दौरान उसे कई तकनीकी अड़चनों, सुरक्षा जांचों और असफल प्रयोगों का सामना करना पड़ा।
हिंद महासागर में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक अन्य तेल टैंकर को रोका और उस पर सवार हो गई
US magazine report on pakistan proxy war: अमेरिकी पत्रिका की रिपोर्ट में कहा गया कि यूएन के ध्यान ना देने के कारण पाकिस्तान पर कड़ा दबाव नहीं बन पाया और वह पड़ोसी देशों के खिलाफ प्रॉक्सी युद्ध की नीति अपनाता रहा है. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि इंडिया को आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के सच्चाई को दुनिया के सामने लगातार लाना चाहिए और अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना चाहिए.
Donald Trump: जेनेवा में चल रही अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच नेतन्याहू ने कहा कि किसी भी परमाणु समझौते में ईरान का परमाणु ढांचा पूरी तरह नष्ट होना चाहिए. इस बीच आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य तैयारी भी बढ़ा रहा है, ताकि बात के साथ-साथ ईरान पर सैन्य तैनाती के जरिए भी दबाव बनाया जा सके.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा सिर्फ कूटनीतिक इवेंट नहीं है। इसके साथ जुड़ी है 3.60 लाख करोड़ की 114 राफेल फाइटर जेट की संभावित डील, जो भारतीय वायुसेना के लिए ऑक्सीजन साबित हो सकती है। चीन-पाकिस्तान से दो मोर्चों पर निपटने के लिए भारतीय वायुसेना में 42.5 स्क्वाड्रन मंजूर किए गए हैं। इस वक्त भारत के पास करीब 29 स्क्वाड्रन ऑपरेशनल हैं। यानी जरूरत से 13 कम। इसमें भी अगले 10 साल में जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 जैसी कई मौजूदा फ्लीट रिटायर हो जाएंगी। इसलिए सवाल कई हैं- 114 नए राफेल की डील कितनी क्रूशियल है, 42.5 स्क्वाड्रन पूरे होने में कितना वक्त लगेगा और जब चीन छठवीं पीढ़ी के जेट्स पर आगे बढ़ चुका है और पाकिस्तान को भी 5वीं पीढ़ी के जेट्स मिलने वाले हैं, तो भारत की क्या स्ट्रैटजी है। मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी... **** ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह ------ ये खबर भी पढ़िए 239 पैसेंजर्स के साथ अचानक कैसे गायब हुआ MH370 विमान:12 साल बाद सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू; कौन-से राज खुलेंगे 12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। पूरी खबर पढ़िए…
शेख हसीना के तख्तापलट के करीब डेढ़ साल बाद बांग्लादेश को चुनी हुई सरकार मिल रही है। 12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP गठबंधन ने 212 सीटें जीती हैं। लंदन से बांग्लादेश लौटे BNP लीडर तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी से 3 हिंदू सांसद भी चुने गए हैं। इनमें से ढाका-3 सीट से जीत दर्ज करने वाले गोयेश्वर चंद्र रॉय मंत्री बन सकते हैं। गोयेश्वर पिछली BNP सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वे भारत से अच्छे रिश्तों के हिमायती हैं लेकिन उन्हें भारत से कई सारी शिकायतें भी हैं। दैनिक भास्कर ने हिंदुओं की सुरक्षा, शेख हसीना की वापसी और भारत से बांग्लादेश के रिश्तों समेत तमाम मुद्दों पर गोयेश्वर चंद्र रॉय से बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: मुस्लिम बहुल सीट ढाका-3 से आप एकतरफा जीते हैं। बदले माहौल में चुनाव लड़ने और जीतने का सफर कैसा रहा?जवाब: जो हम चाहते थे, वही नतीजे आए। हमारी पहले से तैयारी थी कि हम पूरे दम से चुनाव लड़ेंगे। हमने फासीवादी शेख हसीना के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। चुनाव से पहले हमने बांग्लादेश के लोगों के सामने अपनी योजना रखी थी। हम युवाओं को फोकस में रखकर सरकार चलाएंगे। लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करेंगे। इकोनॉमी को मजबूत करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने की हमारी कोशिश है। चुनाव के नतीजे बता रहे हैं कि जनता हमारी प्लानिंग से संतुष्ट हैं। सवाल: आपने विपक्ष में रहकर अवामी लीग के खिलाफ 17 साल लड़ाई लड़ी है, ये कितना मुश्किल था?जवाब: सिर्फ मुझ पर ही 61 केस दर्ज किए गए। हमने हसीना सरकार के आसमान छूते भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। इसलिए मुझे दबाने के लिए अवामी लीग ने ये फर्जी केस किए थे। बांग्लादेश में हर व्यक्ति करप्शन और टॉर्चर से छुटकारा चाहता था, कोई सुरक्षित महसूस नहीं करता था। इस चुनाव में लोगों ने अपने मन की बात बैलेट के जरिए बताई है। सवाल: बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को लेकर तारिक रहमान से आपकी क्या बातचीत हुई?जवाब: बांग्लादेश की ऐसी विचारधारा है कि हम अल्पसंख्यक शब्द में यकीन नहीं करते हैं। देश में रहने वाला हर व्यक्ति इस मिट्टी से जन्मा है। सबके पास संविधान के मुताबिक बराबरी का अधिकार है। सरकार और प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करती है। हसीना सरकार के वक्त कई हिंदुओं को घर से निकालकर टॉर्चर किया गया। हमारे पास इसके सबूत हैं, लेकिन भारत ने कभी कोई एक्शन नहीं लिया। मुझे नहीं लगता है कि भारत कथित बांग्लादेशी अल्पसंख्यक हिंदुओं के लिए कुछ करना चाहता है। हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई सभी ने BNP को वोट दिया है। लोगों को यकीन है कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था सुधारेगी और लोगों की सुरक्षा तय करेगी। सवाल: जनता ने कट्टरपंथी पार्टी जमात को क्यों खारिज किया, आपको क्या लगता है?जवाब: बांग्लादेश के लोग धार्मिक हैं, लेकिन कट्टर नहीं। हमारे यहां सांप्रदायिक सद्भाव है, यही हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा है। हम पूजा और रोजा दोनों साथ करते हैं। सवाल: आपको क्या लगता है कि जमात को लोग कभी पसंद नहीं करेंगे?जवाब: जमात के बारे में हम जानते हैं कि वो कितने कट्टर हैें। हालांकि अब वो संवैधानिक रास्ते पर हैं और चुनाव लड़ रहे हैं। अगर जनता उन्हें चुनकर भेज रही है तो हम क्या कर सकते हैं। भला हम उनका विरोध कैसे कर सकते हैं। अगर जमात को कुछ सीटें मिली हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि बांग्लादेशी कट्टर हो रहे हैं। अवामी लीग के वोटर्स ने BNP को वोट दिया है, ना कि जमात को। सवाल: यूनुस सरकार का कार्यकाल आप कैसे देखते हैं। क्या आपको नहीं लगता कि उन्होंने हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ गलत किया?जवाब: मैं फिर से कहूंगा कि आप अल्पसंख्यकों पर फोकस मत कीजिए। हर किसी को खतरा रहा है, हर कम्युनिटी को धमकियां मिली हैं। शेख हसीना सरकार के वक्त प्रशासन की कोई जवाबदेही नहीं थी क्योंकि उनके ऑर्डर के बिना कुछ नहीं हो सकता था। हसीना ने सिर्फ अल्पसंख्यकों को नहीं सबको टॉर्चर किया। मैं हिंदू कम्युनिटी से हूं, आप मुझे अल्पसंख्यकों का नेता कहते हैं। हालांकि मुझे अल्पसंख्यकों का नेता कहलाया जाना पसंद नहीं है। हसीना सरकार ने मुझे टॉर्चर किया, दर्जनों केस किए, जेल भेजा। तब किसी ने नहीं कहा कि अल्पसंख्यकों को टॉर्चर किया जा रहा है। तब भारत ने भी कुछ नहीं कहा। अगर अवामी लीग के हिंदू लीडर पर भी सियासी वजहों से हमला होता है, तो आप माइनॉरिटी की बात करने लगते हैं। 23 मार्च 1973 को शेख मुजीब ने रोमना काली के एतिहासिक मंदिर पर हमला किया था, लेकिन तब भारत ने कोई सवाल नहीं किया। 2001 में PM रहीं खालिदा जिया के नेतृत्व में मैंने उस मंदिर का पुनर्निमाण करवाया। आप जाकर वो मंदिर देख सकते हैं। अवामी लीग के नेताओं ने कई मंदिरों पर हमले किए, हिंदुओं की जमीन हड़प लीं लेकिन उसकी कभी कोई चर्चा नहीं हुई। सवाल: पिछले दिनों अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का जिम्मेदार कौन है?जवाब: जो भी हत्याएं हुई हैं, वो राजनीतिक हत्याएं हैं। किसी को धर्म की वजह से नहीं मारा गया। चुनाव के वक्त साउथ एशिया के हर देश में कुछ ना कुछ होता रहता है। आपको भी ये बात समझनी चाहिए, ताकि माइनॉरिटी को लेकर ये प्रोपेगेंडा बंद हो। सियासी रंजिश में होने वाली हिंसा हमारे यहां आम बात है। जब आप ऐसे मुद्दे उठाते हैं तो मुस्लिम कम्युनिटी अपमानित महसूस करती है। अगर आप खबरों के जरिए मुसलमानों को अपमानित महसूस कराएंगे तो अल्पसंख्यकों का क्या होगा। सवाल: आपके नजरिए से डॉ यूनुस का डेढ़ साल का कार्यकाल कैसा रहा?जवाब: वो राजनीतिक नहीं एक अंतरिम सरकार थी। मैं उनकी तारीफ करूंगा कि वो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवा पाए। अंतरिम सरकार के सामने कई चुनौतियां थीं लेकिन बांग्लादेश में फाइनेंशियल दिक्कतें और कानून व्यवस्था के चलते उसे हल नहीं कर सके। उन्हें जो करना था, उन्होंने किया। अब हमारी चुनी हुई सरकार को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए, पार्टी के हिसाब से नहीं। सवाल: बांग्लादेशियों के लिए आपका क्या सपना है और भारत उसमें कैसे मदद कर सकता है?जवाब: भारत ने 1971 में हमारी मदद की लेकिन उसे समझना चाहिए कि सिर्फ एक पार्टी से दोस्ती करके कुछ नहीं होगा। दोस्ती देशों, लोगों और सरकारों के बीच होनी चाहिए। हमारी भाषा, संस्कृति, सोच-विचार सब एक जैसा है। भारत को लगता था कि बांग्लादेश में सिर्फ हसीना ही सरकार है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ मोमिन से किसी ने पूछा कि भारत-बांग्लादेश के संबंध कैसे हैं? उन्होंने जवाब दिया, पति-पत्नी की तरह हैं। क्या ये दोस्ताना रिश्ते की बातें हैं? लोग उनसे पूछ रहे हैं कि पत्नी कौन और पति कौन है? बांग्लादेश के लोग एंटी-इंडियन कभी नहीं रहे, लोग अवामी लीग के खिलाफ रहे हैं। भारत ने हमेशा अवामी लीग को प्रमोट किया। सवाल: भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे बेहतर किए जा सकते हैं?जवाब: भारत को ये स्वीकारना होगा कि उन्होंने जो किया वो गलत था। भारत के उच्चायोग ने मुझे कभी नहीं बुलाया लेकिन 5 अगस्त के बाद खूब संबंध बनाने की कोशिश की। क्या हमें नहीं पता है कि ऐसा क्यों किया। पिछले 17 सालों में उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया, वो मेरा नाम तक नहीं जानते थे। अब उन्हें लग रहा है कि मेरे पास पावर आ रही है, तो मुझसे मिलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि उन्होंने जो किया वो गलत है। उन्हें अपनी विदेश नीति में बदलाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध होना बहुत जरूरी है। दोस्ती में बड़े या छोटे देश का सवाल नहीं होता, बराबरी के स्तर पर संबंध बनाए जाते हैं। सवाल: शेख हसीना अभी भारत में हैं, क्या आप उनकी वापसी के लिए बात करेंगे?जवाब: लोकतंत्र की मां, बेगम खालिदा जिया ने कभी देश नहीं छोड़ा। उन्होंने देश में रहकर कानून और कोर्ट का सामना किया। हसीना को वापस आकर कोर्ट का सामना करना चाहिए। भारत को लंबे वक्त के लिए हसीना को पनाह नहीं देनी चाहिए। ये भारत के लिए शर्मनाक है। भारत ने सभी क्रिमिनल्स को कोलकाता में पनाह दी हुई है। उन सबको वापस आना चाहिए और कोर्ट का सामना करना चाहिए। सवाल: अवामी लीग का बांग्लादेश में क्या फ्यूचर है?जवाब: मुझे नहीं पता कि लोग क्या सोच रहे हैं। BNP का हमेशा मानना रहा है कि किसी राजनीतिक पार्टी को बैन करना समाधान नहीं है। अवामी लीग को भी बैन नहीं करना चाहिए। हमारी पार्टी ने इस पर बयान भी जारी किया था। अगर अवामी लीग चुनाव लड़ती तो BNP की जीत और बड़ी होती। सवाल: चुनाव के साथ रेफरेंडम पर भी वोटिंग हुई और जुलाई चार्टर के पक्ष में वोटिंग हुई, ये कैसे लागू होगा?जवाब: रेफरेंडम में कई सारे सुधारों के सुझाव हैं, हमने खुद कई बार ये सुधार करने की बातें की हैं। अगर ये सुधार नहीं होंगे तो लोग हमारे खिलाफ भी हो सकते हैं। हमें बहुत सतर्कता से काम करना होगा। हमें संविधान के रास्ते पर चलना होगा। हम पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम 16 साल से न्याय के लिए लड़ रहे हैं, ताकि एक निष्पक्ष सिस्टम बन सकें। सवाल: क्या रेफरेंडम के बाद बांग्लादेश अब सेक्युलर राज्य नहीं रहेगा? क्या लोगों का ये डर वाजिब है?जवाब: नहीं, ऐसा नहीं है। हम प्रैक्टिकली सेक्युलर है। हम सिर्फ इस्लाम की विचारधारा में यकीन नहीं रखते हैं बल्कि सभी की धार्मिक भावनाओं को मानते हैं। हम सबके धार्मिक अधिकारों की वकालत करते हैं। सेक्युलरिज्म के मुद्दे पर हम समझौता कर सकते हैं, लेकिन हम असांप्रदायिक देश बनाना चाहते हैं। हम कम्युनल नहीं हो सकते। पिछले चुनावों में शेख हसीना को दो तिहाई बहुमत मिला और विपक्ष नाम मात्र का था। तब भी उन्होंने संविधान से ‘बिस्मिल्ला-ए-रहमान ए रहीम’ हटाने की कोशिश नहीं की। सवाल: अब लगता है कि बांग्लादेश में स्थिरता का दौर आ रहा है, आपके हिसाब से 3 बड़ी चुनौतियां क्या हैं?जवाब: सबसे बड़ी चुनौती राजनीति है। मुझे लगता है कि अवामी लीग और जमात, सरकार के खिलाफ माहौल बनाएंगे और अस्थिरता लाने की कोशिश करेंगे। जब ये होगा तब भारत का क्या रुख होने वाला है, ये देखना सबसे अहम होगा। जमात और अवामी लीग सरकार गिराने के लिए हाथ मिला सकते हैं। सवाल: आपके हिसाब से BNP लीडर तारिक रहमान की 3 सबसे बड़ी खूबियां क्या हैं?जवाब: वो जिया उर रहमान का खून हैं और खालिदा जिया की विरासत आगे बढ़ा रहे हैं। वो लोगों की बातें ध्यान से सुनते हैं और उन पर अमल करते हैं। वो बहुत व्यवहारिक हैं। उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान दूसरी पार्टी की आलोचना नहीं की। सवाल: क्या आप शेख मुजीब की लेगेसी का संरक्षित करेंगे?जवाब: मैं उनका घर तोड़े जाने की घटना की निंदा करता हूं। वो शेख हसीना का घर है। हसीना को देश वापस आना चाहिए और अपने घर जाना चाहिए। अगर किसी मदद की जरूरत होगी, तो हम उनकी मदद भी करेंगे। हम किसी का घर-इमारत तोड़ने में यकीन नहीं रखते हैं। गलत चीज, गलत होती है। बाकी लेगेसी के संरक्षण की बात है, तो ये हमारी जिम्मेदारी नहीं है। मुझे लगता है कि शेख मुजीब अवामी लीग के फादर हो सकते हैं, वो फादर ऑफ नेशन नहीं हैं। सवाल: क्या आप भारत जाना चाहते हैं?जवाब: बिल्कुल जाना चाहता हूं, लेकिन भारत मुझे वीजा और इजाजत ही नहीं देता। मेरे कोलकाता, दिल्ली, मुंबई हर जगह बहुत सारे जानने वाले हैं, मैं उनसे मिलना चाहता हूं। …………………….ये खबर भी पढ़ें… अवामी लीग-हिंदुओं के वोट BNP को मिले, जमात हारी करीब ढाई महीने पहले ही लंदन से बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय है। 12 फरवरी को हुए चुनाव में उनकी पार्टी BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों की जरूरत थी। कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी बुरी तरह हारी है। पढ़िए पूरी खबर…
NBC 5 डलास-फोर्ट वर्थ की ओरिजिनल रिपोर्ट के मुताबिक, एडन ने पहले दो साल फिजिक्स के थ्योरेटिकल पहलुओं पर पूरी तरह फोकस किया, इससे पहले कि वह किसी इक्विपमेंट को छूते भी नहीं थे.
आसमान में उड़ रहा जहाज बना जंग का मैदान, तुर्की से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
Turkiye to Manchester flight: मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने दूसरे को पकड़कर जकड़ लिया, जिसकी वजह से विमान में बैठे परिवार और बुजुर्ग यात्री डर गए. गवाहों के अनुसार सीटों पर खून के निशान दिखे और फर्श पर दांत तक पड़े दिख रहे थे. इस घटना में कुछ यात्रियों ने घायलों को प्राथमिक उपचार भी दिया.
ट्रंप टैरिफ-टैरिफ खेलते रहे और US में इस बीमारी ने मचा दी तबाही, बंद करने पड़े कॉलेज
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में खसरे पर नज़र रखने वाले प्रोजेक्ट को लीड करने वाली पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट लॉरेन गार्डनर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल मामलों की संख्या और भी ज़्यादा होगी, जिसका एक बड़ा कारण बच्चों के वैक्सीनेशन रेट में कमी है.
Pews religious survey on Hindus:प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2010 से 2020 तक दुनियाभर में हिंदू आबादी एकदम संतुलित रूप से बढ़ी है. हालिया अनुमानित आंकड़े सनातन हिंदू धर्म के अनुयाइयों को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह बताते हैं.
हिन्द महासागर में चल रहा था तेल का खेल... फिर अमेरिका ने अचानक मार दी भांजी, अब क्या करेंगे ट्रंप?
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद सटीक और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया. बताया गया कि ‘वेरोनिका III’ ने अमेरिकी निगरानी से बचने के लिए Caribbean Sea से लेकर Indian Ocean तक लंबा समुद्री रास्ता तय किया.
बुआ-भतीजी में होगी सत्ता की जंग, किम के घर में मचेगा तगड़ा क्लेश, तमाशा देखेगी पूरी दुनिया
पैक्टू खानदान से सीधे आने की वजह से, अगर किम यो-जोंग के भाई की मौत हो जाती है, तो उन्हें नॉर्थ कोरिया का अगला उत्तराधिकारी माना जा सकता है. हालांकि, हाल में ही सरकारी मीडिया का किम जोंग उन की छोटी बेटी, किम जू ए पर फोकस होने से आने वाले समय में उत्तराधिकार को लेकर कुछ अटकलें सत्ता संघर्ष को लेकर लगाई जा रही हैं.
Extraterrestrial life: लंबे समय से एरिया 51 को लेकर कई तरह की साजिश वाली कहानियां चलती आ रही हैं. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने ये भी दावा किया कि 1947 मेंरोसवैल में गिरे कथित एलियन यान का मलबा यहां लाकर छिपाया गया था. हालांकि अमेरिकी सरकार ने कभी इन दावों की पुष्टि नहीं की है.
एलेक्सी नवलनी को ‘डार्ट मेंढक’ का जहर दिए जाने का दावा, पांच यूरोपीय देशों ने रूस पर लगाया आरोप
पांचों देशों के विदेश मंत्रालयों ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि नवलनी से संबंधित जैविक नमूनों के स्वतंत्र विश्लेषण में ‘एपिबेटिडाइन’ नामक रासायनिक पदार्थ की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।
Saket Srinivasaiah: यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया का निधन हो गया, उनके निधन ने हर किसी को चौंका दिया है. अब उनके भारतीय स्टूडेंट के रूममेट ने बताया कि मौत से पहले श्रीनिवासैया कैसे हो गए थे.
आत्महत्या नहीं, Epstein का कत्ल हुआ था... US डॉक्टर के दावे ने फिर खोली साजिश की परतें
Jeffrey Epstein:जेफरी एपस्टीन की 2019 में जेल में हुई मौत पर विवाद फिर तेज हो गया है. पोस्टमार्टम की निगरानी करने वाले डॉ. माइकल बैडेन ने दावा किया कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी.
Larry the cat 15 years anniversary: ब्रिटेन की सरकार की बिल्ली लैरी ने 15 साल पूरे कर लिए हैं और वह छह प्रधानमंत्रियों के दौर में 10 डाउनिंग स्ट्रीट में रह चुका है. सड़क से उठाकर लाए गए इस चीफ माउसर को अब स्थिरता और ब्रिटिश राजनीति की अनोखी पहचान के रूप में देखा जाता है.
म्यूनिख में अमेरिका के सामने एकजुट यूरोप
जर्मनी में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूरोपीय नेता अमेरिका के सामने एकजुट हो कर खड़े होने का संदेश देते दिख रहे हैं. वहीं अमेरिका ने दोस्ती बरकरार रखने का संकेत दिया है
सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्थानीय पुलिस ने साकेत श्रीनिवासैया का शव बरामद होने की पुष्टि की है।
वो महिला जिसने काटा सबसे ताकतवर का सम्राट का सिर, खून के मटके में डुबाया और बोली- ले अब जी भरकर पी
Warrior Queen Who Defeated Cyrus The Great: रानी टोमिरिस ने 530 ईसा पूर्व में फारस के राजा साइरस द ग्रेट की सेना का मुकाबला किया और अपने बेटे की मौत का बदला लेते हुए युद्ध में उसे पराजित कर दिया था. कहा जाता है कि जीत के बाद टॉमिरिस ने साइरस का सिर कटवाकर खून से भरे पात्र में डलवाया, जिससे उसकी क्रूरता और प्रतिशोध की कहानी इतिहास में अमर हो गई थी.
बांग्लादेश में स्पीकर दिलाता है शपथ लेकिन वो तो जेल में है, अब कौन कराएगा तारिक रहमान की ताजपोशी?
Bangladesh: बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को आम चुनाव में बहुमत मिलने के बाद तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. संसद भंग और स्पीकर पद खाली होने के कारण शपथ प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
जेलेंस्की का बड़ा बयान: यूक्रेन वास्तविक शांति समझौते के लिए तैयार
यूक्रेन शांति समझौते के लिए तैयार हो गया है। राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने जर्मनी के म्यूनिख में कहा कि यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है, जो वास्तविक शांति लाएगा
Russian oil: अमेरिका लगातार दावा कर रहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद को कम कर दिया है. जिसपर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी में जवाब दिया है. ये जवाब म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में दिया है. जानिए विदेश मंत्री ने क्या कुछ कहा?
कैंपस से निकले, बैग-पासपोर्ट मिला...पर 6 दिन तक कहां थे साकेत? IITian की मौत बनी रहस्य की पहेली
Saket Srinivasaiah Death: दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना लाखों युवाओं का सपना होता है. कर्नाटक के छात्र साकेत श्रीनिवासैया ने भी यही सपना देखा और इसे पूरा करने के लिए IIT मद्रास से बीटेक करने के बाद वे अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में मास्टर्स की पढ़ाई करने पहुंचे. लेकिन यह उड़ान अचानक एक रुक गई है और लापता होने के 6 दिनों बाद उनका शव मिला है.
10 मिनट में मौत! ग्लव्स पहनकर ही उस मेंढक को छूना, रूस के विपक्षी नेता की मौत में सनसनीखेज खुलासा
मेंढक में जहर? जब से रूस के विपक्षी नेता की मौत में यह एंगल पता चला है भारत के लोग भी हैरान हैं. वो कौन सा मेंढक होता है? क्या वह आसपास के तालाबों में मिलता है? रंगीन दिखने वाले इस मेंढक के भीतर जहर कैसे बन जाता है जिससे एलेक्सी नवलनी की हत्या का दावा किया जा रहा है?
बांग्लादेश चुनाव: दूसरी ताकत बनने के बावजूद सत्ता से दूर रही जमात-ए-इस्लामी
हाल ही में संपन्न 13वें संसदीय चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरने के बावजूद जमात-ए-इस्लामी अपनी संख्यात्मक ताकत को सार्थक राजनीतिक सफलता में नहीं बदल सकी
उत्तरप्रदेश के शहर फैजाबाद का रहने वाला मैं मोहम्मद शरीफ। बीते 25 सालों में मैंने 23 हजार से ज्यादा लावारिस और कटी-फटी लाशों का अंतिम संस्कार किया है। मुझे आज भी याद है वो दिन जब बड़ा बेटा रईस काम पर जाने के लिए घर से निकला था। उसकी अम्मी जिद करने लगी कि बिना खाना खाए घर से नहीं जाएगा।अम्मी का मन रखने के लिए उसके ही हाथ से दो निवाले खाकर निकला था। तब हमें क्या पता था कि आखिरी बार उसको देख रहे हैं। हम तो इतने बदनसीब थे कि अपने बच्चे की लाश भी नहीं देख पाए। रईस होमियोपैथी दवाओं का एमआर था। उसे पढ़ने का बहुत शौक था। सात बच्चों में सबसे बड़ा वही था। उसकी कमाई से ही घर चलता था। मैं तो साइकिल मैकेनिक था। घर की सारी जिम्मेदारी वही उठाता था। उस रोज जब शाम तक वो नहीं लौटा तो हमने उसकी दुकान पर पता किया। दुकान खुली थी, लेकिन रईस वहां पहुंचा ही नहीं था। वहां काम करने वाले लड़के को भी कुछ नहीं पता था। हम वापस घर आ गए। सारी रात इंतजार करते रहे। सुबह हम उस साइकिल स्टैंड पर गए ,जहां रईस अपनी साइकिल खड़ी करता था। साइकिल स्टैंड वाले ने बताया कि मेरे पास कल सुबह साइकिल खड़ी करके गए थे। जाते हुए कह गया था कि सुल्तानपुर जा रहा हूं, शाम तक आऊंगा। हमने सुल्तानपुर में भी पता करवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला। कई दिन बीत गए, रईस का कुछ पता नहीं चला। हम उसकी तस्वीर लेकर मारे-मारे घूम रहे थे। घर में न खाना बनता था, न ही कोई खाता था। हमने बड़े शहरों में भी उसे तलाशा। जब कोई सुराग नहीं मिला तो थककर घर बैठ गए। रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पैसे मांगकर घर का खर्च चला रहे थे। लगभग डेढ़ महीने के बाद लोकल थाने से दो पुलिस वाले आए। उनके हाथ में एक थैला था। मुझे देखते ही उन्होंने थैले से एक मुड़ी हुई कमीज निकाल कर दी। वह कमीज मेरे बेटे की थी, मेरे रईस की। पुलिस वालों ने बताया कि महीने भर पहले सुल्तानपुर में आपके बेटे की हत्या हुई है। उसकी लाश कई दिन तक सड़क किनारे पड़ी थी। कुत्ते उसकी लाश को नोच-नोचकर खा गए थे। हमने इसका पता ढूंढने की बहुत कोशिश की। कई दिनों तक इसके बारे में कुछ पता नहीं चला तो उसकी लाश नदी में फेंक दी। पुलिस उसकी शर्ट पर लगे टेलर के टैग के जरिए डेढ़ महीने बाद हम लोगों तक पहुंच पाई थी। पुलिस वाले एक महीने से ये शर्ट लिए आसपास के इलाकों के दर्जियों के पास भटक रहे थे। आखिर वो लोग शेख टेलर के पास पहुंचे, जिसने रईस की शर्ट सिली थी। उसी ने शर्ट पहचान कर पुलिस को हमारे घर भेजा। ये सुनते ही हम लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रईस की अम्मी रो-रोकर बेहोश हो जाती थी। कई दिनों तक घर में चूल्हा नहीं जला। घर में किसी को कुछ होश नहीं था। घर के खर्च से लेकर छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई तक सबकुछ रईस देखता था। हमें सारी उम्मीदें उसी से थीं। एक झटके में हमारा सब उजड़ गया। मैं तो 15 दिन तक घर में रह ही नहीं पाया। जैसे ही घर आता उसकी याद आने लगती। ये सोच-सोचकर परेशान हो जाता कि मेरे बेटे की लाश इस तरह फेंक दी गई। लगभग पांच-छह महीने के बाद मैंने फैसला किया कि जैसा मेरे बेटे की लाश के साथ हुआ, वो किसी के साथ नहीं होगा। अब फैजाबाद में किसी की लाश फेंकी नहीं जाएगी। मैं उनके धर्म को अनुसार अंतिम संस्कार करुंगा। इसके लिए मैं एसडीएम साहब से मिला। उन्हें लिखित में दिया कि लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अब मैं करुंगा। उसके बाद मुझे पुलिस स्टेशन से फोन आने लगे। जिस लाश का 72 घंटे तक कोई दावेदार नहीं होता है उन लाशों को मुझे सौंप दिया जाता है। ये लाशें या तो सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की होती या फिर जिन्हें मारकर फेंक दिया जाता उनकी। हिंदू लाशों का दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया जाता है और मुस्लिम लाशों का इस्लाम के अनुसार। हिंदूओं के तमाम रीति-रिवाज मैं पास खड़े होकर अपनी निगरानी में करवाता हूं। आजकल एक लाश के दाह संस्कार का खर्च लगभग दस हजार रुपये लग जाते हैं। पहले ज्यादा खर्च नहीं आता था तो खुद ही कर लेता था या फिर लोगों से चंदा मांगता था। मैंने अपनी सारी पूंजी लाशों के अंतिम संस्कार पर लगा दी। जब लोग मेरे बारे में जानने लगे, सबकुछ मीडिया में आ गया तो मुकेश अंबानी जैसे-जैसे बड़े-बड़े लोगों ने मेरा काम को सराहा। फिर धीरे-धीरे अयोध्या और फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन ने आगे बढ़कर मेरा साथ देना शुरू किया। हिंदू लाशों के दाह संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन और होटल के मालिक शरद करते हैं। ऐसे ही मुस्लिम कब्रों को खोदने के लिए भी बड़े लोग सामने आए। अब इस काम के लिए पैसे की दिक्कत नहीं होती। जब मैंने इस काम की शुरुआत की तो लोग मुझपर हंसते थे, चिढ़ाते थे। कहते थे कि पागल है, सड़ी-गली लाशें उठाता है। सबने मुझे दावतों और रिश्तेदारी में बुलाना बंद कर दिया गया। मुझे अपने साथ बैठने नहीं देते थे। फिर भी मैंने ये सब छोड़ा नहीं। घंटो पोस्ट मार्टम कमरे के सामने बैठकर इंतजार करता था। ये काम करके मुझे बहुत सुकून मिलता है। हर बार लावारिस लाश का अंतिम संस्कार कर के मुझे मेरा बेटा याद आ जाता है। मैं आज भी किराए के मकान में रहता हूं। लगभग 92 साल उम्र है और सेहत लगातार खराब चल रही है। रईस के जाने के बाद एक सड़क दुर्घटना में छोटे बेटे की भी मौत हो गई थी। अब सिर्फ एक बेटा बचा है उसे भी पिछले साल मुंह का कैंसर हो गया था। वह स्कूल के बच्चों की वैन चलाता है। पूरे घर परिवार की जिम्मेदारी अब उसपर है। घर का इकलौता कमाने वाला भी खुद ही बीमार है। साल 2020 में मुझे मेरे इन कामों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। हाल ही में मेरे स्पाइन का ऑपरेशन उत्तर प्रदेश सरकार ने करवाया है। मुझे खुशी है कि मैंने खुद से जो वादा किया था उसे निभाया। मुश्किलें आईं लेकिन रुका नहीं। कसम खाई थी कि अब लावारिस लाशें फेंकी नहीं जाएगी और मैंने उसे कायम रखा। जब बाद में लोगों को पता चलता कि उनके लोगों का अंतिम संस्कार मैंने किया है तो मुझसे मिलने आते। शुक्रिया करते हैं। आज मैं इतना बीमार हूं फिर भी काम जारी है। परसों ही एक मुस्लिम शव का संस्कार किया है , लेकिन इतने साल बाद भी ऐसी लाशें देखकर अपने बेटे का याद करके रोता हूं। (मोहम्मद शरीफ ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) --------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
गाजियाबाद के लोनी की अमन गार्डन फेज-2 कॉलोनी में बने दो मंजिला मकान का गेट अब कम ही खुलता है। ये घर कमरुद्दीन का है। वही कमरुद्दीन जिस पर जहरीले लड्डू खिलाकर दिल्ली में तीन लोगों को मारने का आरोप है। पड़ोसी बताते हैं कि कमरुद्दीन तंत्र-मंत्र से पैसे डबल करने और कैंसर समेत हर मर्ज का इलाज करने का दावा करता था। आसपास के लोग उसके घर इलाज के लिए जाते भी थे। कमरुद्दीन इलाज के बहाने लोगों से लाखों रुपए ठग चुका था। इलाज और पूजा के लिए उनसे लड्डू, अंडे और गोश्त मंगाता था। उसके घर बाहर से गाड़ियां आती थीं। 8 फरवरी को 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश और 40 साल की लक्ष्मी 2 लाख रुपए लेकर कमरुद्दीन के पास पहुंचे थे। कमरुद्दीन ने कहा था कि 2 लाख रुपए के 3 करोड़ रुपए बना देगा। फिर तीनों की डेडबॉडी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक कार में मिली। दिल्ली पुलिस 72 साल के कमरुद्दीन और उसके दो बेटों से पूछताछ कर रही है। पता चला है कि कमरुद्दीन पहले भी इस तरह के मामलों में जेल जा चुका है। कमरुद्दीन का अतीत पता करने हम उसके घर पहुंचे। उसके पड़ोसियों से मिले। एक विक्टिम रणधीर की फैमिली से बात की और अफसरों से अब तक हुई जांच के बारे में पूछा। शुरुआत कमरुद्दीन के घर सेकमरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसके 5 बेटे और 2 बेटियां हैं। तीन बेटे फिरोजाबाद में रहते हैं। कमरुद्दीन वहां भी तंत्र-मंत्र का काम करता था। इसलिए उसका फिरोजाबाद आना-जाना लगा रहता था। दिल्ली पुलिस ने ट्रिपल मर्डर की जांच शुरू की, तो इसका एक सिरा स्पॉट से करीब 30 किमी दूर गाजियाबाद के लोनी में मिला। कमरुद्दीन यहां की अमन गार्डन फेज-2 कॉलोनी में परिवार के साथ रहता है। कॉलोनी में ज्यादातर लोग 7-8 साल पहले ही बसे हैं। सड़कें कच्ची हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि कमरुद्दीन के घर बाहर से भी लोग आते थे। घर के सामने अक्सर कारें खड़ी रहती थीं। उसके पिछले कांड के बारे में किसी को नहीं पता। लोनी में जिस जगह कमरुद्दीन का घर है, वहीं उसके बेटों की किराने की दुकान और एक होटल है। घर से सटे एक छोटे से हिस्से में मजार बनी है। यहां रहने वालीं नजराना कमरुद्दीन का नाम सुनते ही भड़क जाती हैं। नजराना 8 साल से इसी इलाके में रह रही हैं। वे भी कमरुद्दीन की जालसाजी का शिकार हुई हैं। नजराना बताती हैं कि एक पहचान वाले ने मुझे कमरुद्दीन के बारे में बताया था। ये काम (ट्रिपल मर्डर) करने से दो दिन पहले ही कमरुद्दीन मेरे घर आया था। मैं उससे बेटे का इलाज करा रही थी। कमरुद्दीन ने कभी 20 हजार, कभी 50 हजार कर-करके मुझसे 2.75 लाख रुपए ले लिए। मैं पैसे वापस मांग रही थी। वो यही बोलने आया था कि जल्द पैसे लौटा देगा। नजराना आगे कहती हैं, ‘मैं कमरुद्दीन को ढाई-तीन साल से जानती हूं। मेरे बेटे के दिल में छेद है। किसी ने मुझे बताया था कि कमरुद्दीन अच्छा इलाज कर देता है। मैं बेटे को उसके पास ले गई। बेटे को फायदा नहीं हुआ, तो मैंने कमरुद्दीन से पैसे वापस मांगे। उसने कहा था कि तुम 9 या 10 तारीख (फरवरी) को पैसे लेने आ जाना। मैं उसके घर गई, तो देखा वहां पुलिसवाले खड़े हैं। लोगों ने बताया कि कमरुद्दीन ने तीन मर्डर किए है। मेरे तो पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।’ बेटे के इलाज और कमरुद्दीन की जालसाजी के बारे में नजराना बताती हैं, ‘शुरू में उसने मुझसे 1100 रुपए मजार पर डलवाए थे। फिर काला मुर्गा लाने के लिए कहा। उसने कहा था कि तुम्हारे ऊपर कुछ जादू हुआ है, मैं उतार दूंगा। मैं पैसे देती रही।' 'उसके पास एक चाकू रहता था। उसे वो पैर के तलवे में फंसा देता था और फिर मंत्र पढ़ता था। फिर सिर पकड़कर बैठा देता था। अगरबत्ती जलाकर देता और उसमें फूंक मारता रहता। कभी लड्डू, कभी अंडे मंगवाता था। मैं उसे अंडे की 50 से ज्यादा ट्रे दे चुकी थी।’ कमरुद्दीन पर भरोसा कब उठा? नजराना कहती हैं, ‘मेरे बेटे का हॉस्पिटल में भी इलाज चल रहा था। एक बार उसके ऑपरेशन पर एक लाख रुपए खर्च हो गए। कमरुद्दीन ने कहा कि हॉस्पिटल में पैसे खर्च मत करो, मुझे दे दो। मैं कैंसर का भी इलाज कर देता हूं।’ ‘कमरुद्दीन से परेशान होकर घर छोड़ा’ऐसा ही अनुभव साजिदा का भी है। उनकी बेटी बीमार रहती है। लोगों के बताने पर वे बेटी को कमरुद्दीन के पास ले गईं। साजिदा बताती हैं, ‘कमरुद्दीन ने मुझसे लड्डू और अंडे मंगवाए। एक बार कहा कि ढाई किलो गोश्त लेकर आओ। उसके पास जाते-जाते एक साल हो गया, लेकिन बेटी को आराम नहीं मिला। वो बिना पैसे के काम नहीं करता था। हमेशा एक-दो हजार मांग लेता था। मेरी बेटी बता रही थी कि कमरुद्दीन ने उसे भी लड्डू खिलाया था।’ इसी इलाके के रहने वाले अब्दुल कहते हैं, ‘कमरुद्दीन की वजह से लोग परेशान होने लगे थे। वो जादू-टोना करता था। परेशान होकर हम खुद इस जगह को छोड़कर चले गए।’ आसपास के लोग बताते हैं कि उसने कुछ साल में आसपास बहुत प्रॉपर्टी खरीदी है। उसकी एक जमीन पर मस्जिद भी बनी है। मस्जिद में अब ताला लगा है। दिल्ली पुलिस कमरुद्दीन की प्रॉपर्टी की जांच भी कर रही है। तीनों विक्टिम घर पर बताए बिना कमरुद्दीन के पास गएरणधीर, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी करीब एक साल से कमरुद्दीन के संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन ने इन तीनों को भरोसे में लिया था कि वो तंत्र-मंत्र विद्या से उनके लिए धनवर्षा करवाएगा। 8 फरवरी को उसने तीनों को 2 लाख रुपए लेकर बुलाया। उसने झांसा दिया कि वो दो लाख रुपए से तीन करोड़ रुपए बना देगा। आरोप है कि कमरुद्दीन ने तीनों को जहर मिले लड्डू खिला दिए। इससे तीनों की मौत हो गई। हम रणधीर के घर नजफगढ़ के बापरोला गांव पहुंचे। यहां उनके चचेरे भाई सरवर मिले। सरवर बताते हैं, ‘रणधीर खेती और प्रॉपर्टी का काम करते थे। वे 8 फरवरी को सुबह 9:30 बजे घर से निकले थे। उन्होंने कभी बताया नहीं कि वे किसी कमरुद्दीन को जानते हैं। हमें अब पता चला कि नरेश तो पहले से वहां जाता था। उसी के जरिए वे कमरुद्दीन से मिले।' रणधीर के भतीजे हरीश बताते हैं कि ताऊ बहुत ज्यादा रिजर्व रहते थे। वे सब कुछ बहुत निजी रखते थे। किससे मिलने जा रहे हैं, परिवार में किसी को कुछ नहीं पता था। नरेश हमारे यहां आता-जाता था। वे किसी अंधविश्वास में शामिल थे या नहीं, ये अभी नहीं कह सकते। शिव नरेश भी प्रॉपर्टी डीलर थे। उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले थे, लेकिन अभी दिल्ली के नांगली डेयरी इलाके में अकेले रहते थे। शिवनरेश और लक्ष्मी के परिवार से संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस को पता चला कि सलीम नाम के एक शख्स के जरिए पहले लक्ष्मी कमरुद्दीन से मिली थी। फिर लक्ष्मी के जरिए शिव नरेश और रणधीर उसके संपर्क में आए। पुलिस सलीम से भी पूछताछ कर रही है। सभी एक-दूसरे से सुनकर ही कमरुद्दीन से मिले थे। आउटर दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा बताते हैं, ‘लक्ष्मी के पति बीमार रहते थे। वो एक दिन कमरुद्दीन के पास गई। कमरुद्दीन ने उसे जादू बताकर शॉल से पैसे निकालकर दिखाए। उसे बताया गया कि वो ऐसे ही पैसों की बारिश करवा सकता है।’ दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन ने भूत-प्रेत और जादू-टोने के नाम पर इस तरह का ढोंग 2010 में सीखा था। ऐसे कामों के लिए वो बेसन के लड्डू और अंडे का इस्तेमाल करता था। दिल्ली में जिन तीन लोगों की हत्या हुई, वे तीनों घटना से एक दिन पहले भी कमरुद्दीन के पास लोनी गए थे। उस दिन वे पैसे नहीं ले गए थे। इसलिए कमरुद्दीन ने उन्हें लौटा दिया था। कमरुद्दीन पर पहले से तीन मर्डर के आरोपपुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि कमरुद्दीन के खिलाफ पहले से दो केस दर्ज हैं। दोनों मामले हत्या से जुड़े हैं। पहला मामला राजस्थान के धौलपुर जिले का है। फरवरी 2014 में राजा खेड़ा इलाके में अनिता नाम की महिला की लाश मिली थी। पुलिस को पता चला अनिता कुछ महीने पहले कमरुद्दीन के संपर्क में आई थी। अनिता और उसके पति नारायण सिंह को शादी के कई साल के बाद भी बच्चे नहीं हुए थे। अनिता और उसके पति ने कमरुद्दीन से मिलना शुरू किया और उसके जाल में फंसते चले गए। आरोप है कि 26 फरवरी 2014 को पैसे के लालच में कमरुद्दीन ने अनिता की हत्या कर दी। हालांकि कुछ साल जेल में रहने के बाद वो सबूतों के अभाव में रिहा हो गया। इसके बाद ही वो लोनी शिफ्ट हो गया था। इसी तरह मई, 2025 में कमरुद्दीन पर फिरोजाबाद में दो लोगों के मर्डर का आरोप लगा था। उसने रामनाथ और उसके एक रिश्तेदार पूरन को तंत्र-मंत्र के जरिए पैसे दिलाने का झांसा दिया। 8 मई 2025 को दोनों को घर बुलाकर कुछ खिलाया। अगले दिन वहीं दोनों की लाश मिली। FIR के मुताबिक, लाश के पास दो गिलास, लड्डू और नींबू मिले थे। रामनाथ के भाई राम सिंह ने कमरुद्दीन के खिलाफ केस दर्ज करवाया। राम सिंह ने आरोप लगाया कि कमरुद्दीन ने उसके भाई और पूरन से तंत्र-मंत्र के नाम पर बड़ी रकम ली थी। फिरोजाबाद के एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि कमरुद्दीन यहां भी तंत्र-मंत्र का काम करता था। पिछले कुछ साल से वह लोनी में रह रहा था। पकड़े जाने के डर से लोकल लोगों के साथ ऐसे काम कम करता था। फिरोजाबाद में पिछले साल की घटना के कुछ दिन बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। तीन महीने बाद चार्जशीट दाखिल हुई थी, लेकिन सितंबर में उसे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। वहीं, आउटर दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा बताते हैं कि कमरुद्दीन के अलावा उसके परिवार के बाकी सदस्यों की भूमिका भी जांची जा रही है। इसलिए उन्हें भी हिरासत में लिया गया है। किसी भी पीड़ित के परिवार वालों को इस बारे में बहुत कम जानकारी है। अब तक उसने तीन मामलों (ट्रिपल मर्डर सहित) में शामिल होने की बात स्वीकारी है। ऐसे और पीड़ित हो सकते हैं। …………………….. ये खबर भी पढ़ें...कहां छिपा है 400 किलो सोना चुराने वाला सिमरनप्रीत, तलाश में 32 करोड़ खर्च 13 जनवरी को कनाडा के पियर्सन एयरपोर्ट पर पुलिस ने पाकिस्तानी मूल का अरसलान चौधरी को अरेस्ट कर लिया। चौधरी और उसके 8 साथियों ने अप्रैल 2023 में एयरपोर्ट से 184 करोड़ रुपए का 400 किलो सोना चुराया था। तीन साल की मेहनत और 32 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद पुलिस मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी तक पहुंच पाई। कुल 9 आरोपियों में 5 भारतीय मूल के हैं। इनमें से सिमरनप्रीत अब भी पकड़ा नहीं गया है। पढ़ें पूरी खबर...
Scorpion Venom Business: लोग सुरक्षित भविष्य के लिए सोना-चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिच्छू का जहर सोने से भी 80 गुणा ज्यादा महंगा बिकता है. सोने के दाम जहां डेड़ करोड़ रुपये प्रति किलो हैं. वहीं बिच्छा का जहर 80 करोड़ रुपये प्रति किलो बिक रहा है.
Ali Khamenei AI:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इस टूल ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस के उन संवेदनशील इलाकों का चयन किया था जिनपर आगे चलकर अमेरिकी वायुसेना ने बमबारी की थी. इसके साथ ही साथ सैटेलाइट की तस्वीरों का आकलन करके इस AI टूल ने ये भी बता दिया था कि मादुरो की सुरक्षा को किस तरह भेदा जा सकता है.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक साक्षात्कार में एक ऐसा दावा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है.
Zelensky Comments on Hungarian PM: यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हंगरी के पीएम विक्टर ओरबान पर तीखा तंज कसा है. म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप की सुरक्षा हम कर रहे हैं और आप सेनाओं को मजबूत करने बजाय अपना पेट बढ़ा रहे हैं.
Job Chances News in Dubai: क्या दुबई में जिंदगी वाकई इतनी आसान है कि वहां जाकर हर कोई सेटल हो जाए? इस सवाल का जवाब भारत से दुबई नौकरी की तलाश में गए एक व्यक्ति ने अपने वीडियो में दिया है. जिसके आपको जरूर देखना चाहिए.
पुतिन विरोधी वकील Navalny की हुई थी हत्या, 5 देशों ने रूस पर लगाया जहर देकर मारने का आरोप
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत यूरोप के पांच देशों ने रूस पर आरोप लगाया है कि मास्को की सरकार ने विपक्ष के नेता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक एलेक्सी नवेलनी को जहर देकर मार दिया है.
सैलरी से लेकर भत्तों तक, भारत और बांग्लादेश के सांसदों में कौन ज्यादा ‘कमाता’ है? जान लीजिए हकीकत
India and Bangladesh MP Salary Allowances: क्या आप जानते हैं कि सैलरी से लेकर भत्तों तक, भारत और बांग्लादेश के सांसदों में कौन ज्यादा ‘कमाता’ है? आज हम आपको दोनों मुल्कों में सांसदों को मिलने वाले वेतन-भत्तों के साथ ही सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताएंगे.
जानवरों की बलि, लाल गुलाब या एक संत की कहानी, क्या आपको मालूम है कैसे हुई वैलेंटाइन डे की शुरुआत
Valentines Day:वैलेंटाइंस डे आज पुरानी रोमन परंपराओं और ईसाई संतों की कहानियों से निकलकर प्यार, गिफ्ट और बड़े-बड़े तोहफों का ग्लोबल सेलिब्रेशन बन गया है. लेकिन गुलाब, टेडी और चॉकलेट के पीछे चौकाने वाली दंत कहानियां और मिथकों का एक लंबा-चौड़ा इतिहास है जिसकी वजह से ये दिन प्रेमी जोड़ों का खास त्योहार बन सका.
इटली में ओलंपिक खेल जारी है. इसी बीच कुछ संदिग्धों ने एक जगह पर रेलवे और इससे जुड़ी संपत्तियों में तोड़फोड़ की, जिससे मध्य इटली से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार थम गई. ट्रेनों का आवागमन करीब 1 घंटे बाद फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सका.
Bangladesh Pakistan Ties: बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की इकतरफा जीत के बाद दिल्ली से लेकर लंदन, पेरिस, इस्लामाबाद तक मंथन जारी है. बीएनपी की विदेश नीति कैसी होगी खासकर पड़ोसी देशों से उसके रिश्ते कैसे होंगे? यूनुस सरकार रिसेट होते ही यानी रहमान के प्रधानमंत्री बनते ही सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि वो पाकिस्तान के साथ कैसे डील करते हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक शाही शादी में सोने की बिस्कुट जैसी चीज नजर आ रही है. यूजर्स ने दावा किया है कि यह 24 कैरेट सोना है, लेकिन वास्तव में कुछ और ही सच्चाई सामने आई है.
चीनी सैन्य अधिकारियों को CIA ने दिया खुलेआम मुखबिरी का आफर, चीन आग बबूला
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा है। इस अभियान के तहत पार्टी और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में कई वरिष्ठ और मध्यम स्तर के अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई हुई है।
पीएम मोदी जाएंगे बांग्लादेश? तारिक रहमान की ताजपोशी का न्योता देगी BNP! कहा- सहयोग बढ़ेगा
बांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में बीएनपी की बड़ी जीत के बाद नई सरकार बनने जा रही है. पार्टी के नेता तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारी है. बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता ने इसे आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश बताया है.
Sultan Bin Sulayem Resignation: दुबई की चमकदार स्काईलाइन और बिजनेस जगत का बड़ा नाम सुल्तान अहमद बिन सुलायेम इन दिनों बड़े गंभीर विवाद में घिर गए हैं. चार दशकों तक दुबई को ग्लोबल ट्रेड हब बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले इस दिग्गज कारोबारी का नाम अमेरिका में जारी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स में सामने आया है. एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद DP World में बड़ा बदलाव हुआ है और सुल्तान बिन सुलायम को पद से हटा दिया गया है.
बांग्लादेश में भी 'BJP' की जीत, 105543 वोट पाकर अंदलीव रहमान की जीत ने बढ़ाई हलचल
BJP in bangladesh: बांग्लादेश में संसदीय चुनाव हुआ है, जिसमें ऐसा नतीजा सामने आया है, जिसने भारत के लोगों को चौका दिया है. दरअसल बांग्लादेश में बीजेपी नामक पार्टी भी एक सीट जीती है. जिससे लोग कनफ्यूज हो गए थे.
जीत के तुरंत बाद बीएनपी ने की शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग, भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर नई बहस
बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री पहले ही शेख हसीना के प्रत्यर्पण की औपचारिक अपील कर चुके हैं और पार्टी इस पहल का समर्थन करती है।
मरने से पहले बनाई अनोखी योजना, प्रोफेसर ने मौत के बाद कैसे भेजे पोस्टकार्ड? जानें पूरा मामला
Don Glickman Postcards: किसी के मर जाने के बाद उसका मैसेज आपको मिले तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगा. कोई भी आम आदमी ये सब देखकर हैरान रह जाएगा. ये कोई फिल्मी कहानी नहीं सच है. अमेरिका के कॉलेज प्रोफेसर के मरने के बाद 100 से ज्यादा लोगों तक उनका पोस्टकार्ड पहुंचा. चलिए विस्तार से समझते हैं.

