डिजिटल समाचार स्रोत

...

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

द्रौपदी महारानी भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त थीं और सदैव उनके दिव्य संबंध में रहीं। उनके चरित्र से हमें यह महान शिक्षा मिलती है कि परिस्थिति कितनी भी विपरीत क्यों न हो, यदि हमारे ऊपर कृष्ण कृपा है और उनके चरणों का आश्रय है, तो हमारे भीतर वे दिव्य गुण ...

वेब दुनिया 13 Feb 2026 10:57 am