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कर्क राशि वालोंं को कहीं से शुभ समाचार मिलेगा, जानें क्या कहती है आपकी राशि

Aaj ka Rashifal 17 अगस्त 2026, Horoscope Today: कर्क राशि वालों की नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी. पूरे उत्साह से काम करेंगे. कहीं से शुभ समाचार मिलेगा. क्रोध से बचना होगा. जीवन में सुख सुविधाएं बढ़ेंगी. व्यापार से संबंधित लाभ का योग है.

आज तक 17 Aug 2026 6:00 am

आज 3 शुभ संयोगों में नाग पंचमी, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2026: आज सावन सोमवार और 3 दुर्लभ शुभ संयोगों का महामिलन! जानें पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त, सरल विधि और जीवन की परेशानियों को दूर करने के अचूक उपाय.

आज तक 17 Aug 2026 6:00 am

17 अगस्त 2026 का पंचांग: आज है नाग पंचमी और सावन का तीसरा सोमवार, जानें अभिजित मुहूर्त और राहुकाल

Aaj 17 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 17 अगस्त 2026, दिन- सोमवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, पंचमी तिथि शाम 17 बजे तक फिर षष्ठी तिथि, चित्रा नक्षत्र, चंद्रमा- कन्या में दोपहर 16.19 बजे तक फिर तुला में, सूर्य- कर्क में सुबह 08.04 बजे तक फिर सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.59 बजे से दोपहर 12.51 बजे तक, राहुकाल- सुबह 07.30 बजे से सुबह 09.08 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

आज तक 17 Aug 2026 2:30 am

मीन राशि वालों के आज रुके हुए काम बनेंगे, इस रंग के पहनें कपड़े

Pisces Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: मन की चिंता दूर होगी, रुके हुए काम बनेंगे, प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, अपने आत्मविश्वास को और बढ़ाना होगा, स्वभाव में अहंकार का भाव ना बढ़ने दें, व्यापार में सावधानी रखें हानि हो सकती है.

आज तक 17 Aug 2026 2:24 am

कुंभ राशि वालों को आज व्यापार में धन लाभ होगा, जानें अपना शुभ रंग

Aquarius Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: तेजी से काम करने का दिन है, सुख सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा, परिवार के सहयोग से काम बनेंगे, नकारात्मक सोच से बचना होगा, अपना खान-पान ना बिगड़ने दें, व्यापार में धन लाभ होगा.

आज तक 17 Aug 2026 2:20 am

मकर राशि वालों के लिए धन प्राप्ति के रास्ते बनेंगे, करें ये उपाय

Capricorn Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: परिवार से संबंधित काम बनेंगे, भाग्य का साथ मिलेगा, धन प्राप्ति के रास्ते बनेंगे, रिश्तेदारों से मुलाकात होगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में जल्दबाजी में फैसले ना करें.

आज तक 17 Aug 2026 2:18 am

वृश्चिक राशिवालों का किसी से मतभेद हो सकता है, जानें दैनिक भाग्यफल

Scorpio Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: किसी से मतभेद हो सकता है, उधार लेन देन से बचना होगा, सेहत के मामले में सावधान रहें, रुके हुए काम बनेंगे, पैसों से जुड़ा फैसला सोच समझ कर करें, व्यापार में हानि हो सकती है.

आज तक 17 Aug 2026 2:12 am

तुला राशिवालों के लिए धन की स्थिति में सुधार होगा, पजानें दैनिक राशिफल

Libra Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: धन की स्थिति में सुधार होगा, परिवार को और वक्त देना होगा, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, लोगों से विवाद हो सकता है सावधान रहें, छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलेगी, व्यापार से संबंधित काम बनेंगे.

आज तक 17 Aug 2026 2:08 am

कन्या राशिवालों को समस्याओं से छुटकारा मिलेगा, रिश्ते मजबूत होेंगे, जानें दैनिक भाग्यफल

Virgo Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, समस्याओं से छुटकारा मिलेगा, अपने काम पर ध्यान देना होगा, संतान से सुख मिलेगा, रिश्ते मजबूत होंगे, व्यापार में फायदे का योग है.

आज तक 17 Aug 2026 2:06 am

सिंह राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, कहीं से शुभ समाचार मिलेगा, जानें दैनिक भाग्यफल

Leo Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, कोर्ट केस में सफलता मिलेगी, कहीं से शुभ समाचार मिलेगा, उधार लेनदेन से बचना होगा, संतान से खुशी मिलेगी, व्यापार में जल्दबाजी में फैसला ना करें.

आज तक 17 Aug 2026 2:02 am

कर्क राशिवालों को क्रोध से बचना होगा, कैसा रहेगा व्यापार, जानें दैनिक भाग्यफल

Cancer Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, पूरे उत्साह से काम करेंगे, कहीं से शुभ समाचार मिलेगा, क्रोध से बचना होगा, जीवन में सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, व्यापार से संबंधित लाभ का योग है.

आज तक 17 Aug 2026 2:00 am

मिथुन राशिवालों को धन का लाभ होगा, शुभ रंग भूरा, जानें दैनिक राशिफल

Gemini Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: धन का लाभ होगा, करियर में आगे बढ़ाने के अवसर मिलेंगे, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, कोर्ट केस में सफलता मिलेगी, शत्रुओं से सावधान रहें, व्यापार से संबंधित काम बनेंगे.

आज तक 17 Aug 2026 1:56 am

वृष राशिवालों को सेहत पर ध्यान देना होगा, मित्रों से मतभेद हो सकता है, जानें दैनिक भाग्यफल

Taurus Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: अचानक खर्चों में होगी बढ़ोतरी, सेहत पर ध्यान देना होगा, मित्रों से मतभदे हो सकता है, सीनियर अधिकारियों से सहयोग मिलेगा, जल्दबाजी में कोई काम करने से बचें, व्यापार में उधार लेकर पैसा ना लगाएं.

आज तक 17 Aug 2026 1:54 am

मेष राशिवालों के लिए धैर्य से काम करने का दिन, मन की चिंता दूर होगी, जानें दैनिक राशिफल

Aries Daily Horoscope, 17 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: धैर्य से काम करने का दिन है, मन की चिंता दूर होगी, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, घर परिवार से सहयोग प्राप्त होगा, कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.

आज तक 17 Aug 2026 1:50 am

रिश्तों का सम्मान करें,संबंधों पर ध्यान दें

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: बड़ों के प्रति जबावदेह रहेंगे. रिश्तों में सहजता बनाए रहेंगे.योजनाओं में सहज रहेंगे. कार्य व्यापार पर नजर रखेंगे. उम्मीदों पर खरा उतरने का भाव रहेगा.

आज तक 17 Aug 2026 1:22 am

वचन बनाए रखेंगे,सबसे सामंजस्य रहेगा

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: सकारात्मक बदलावों को बढ़ावा देंगे. वादा वचन बनाए रखेंगे. सबसे सामंजस्य रहेगा. विविध प्रयासों में सफल होंगे. कलात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे.

आज तक 17 Aug 2026 1:18 am

दबाव से बचेंगे,दिनचर्या नियमित रहेगी

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: चर्चा में पहल रखेंगे. निजी मामलों में उत्साह से आगे बढ़ेंगे. सामंजस्य से हर मामले को हल करेंगे. सफलता के अवसर बढ़ेंगे.

आज तक 17 Aug 2026 1:16 am

आज्ञा मानेंगे, रिश्तों में मिठास रहेगी

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: व्यावसायिक प्रदर्शन सहज बना रहेगा. समकक्षों सहयोगियों की मदद से कार्य करेंगे. प्रलोभन में आने से बचेंगे. लंबित कार्यों में सूझबूझ रखेंगे.

आज तक 17 Aug 2026 1:12 am

गोपनीयता पर जोर होगा, रुटीन पर जोर बनाए रखें

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: निर्णय लेेने में जल्दबाजी न करें. अफवाह के शिकार होने से बचें. आत्मविश्वास से कार्यों को गति दें. गरिमा गोपनीयता पर जोर होगा.

आज तक 17 Aug 2026 1:10 am

असहजताएं कम होंगी, उत्साह बढ़ा रहेगा

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: अन्य की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. पद प्रभाव में वृद्धि होगी. मेलजोल में सहज रहेंगे. विभिन्न विषयो में संवार आएगी. कारोबार में स्थिति अनुकूल रहेगी.

आज तक 17 Aug 2026 1:06 am

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, संकेतों पर ध्यान देंगे

Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: विविध मामलों मेंसंकल्पों को पूरा करें. अनुबंधों में स्पष्टता बनाए रहें. समय सीमा का ध्यान रखेंगे. अधिकारियों से सामंजस्य रहेगा.

आज तक 17 Aug 2026 1:04 am

स्वास्थ्य पर जोर होगा, खानपान सुधार पाएगा

Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: नजरिया स्पष्ट बनाए रहें. वादा निभाने में आगे रहेंगे. करीबियों से मेलजोल का भाव रहेगा. सहकारी कार्यों में साथ समर्थन बनाए रखेंगे

आज तक 17 Aug 2026 1:00 am

उत्साह दिखाएंगे, लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएंगे

Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: वाणी व्यवहार अच्छा रहेगा. साख प्रभाव में वृद्धि होगी. घर का वातावरण सुखकर रहेगा. परिस्थितियों में सुधार आएगा.अपनों की खुशी बढ़ाएंगे.

आज तक 17 Aug 2026 12:54 am

सतर्कता बनाए रहेंगे, धोखे में नहीं आएंगे

Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 17 August 2026: आदर सम्मान का भाव बनाए रहेंगे. अपनी बात कहने में सफल रहेंगे. सूझबूझ भरे व्यवहार से वातावरण को सकरात्मक बनाने पर जोर होगा.

आज तक 17 Aug 2026 12:52 am

मिथुन राशि वालों का कारोबार संतुलित रहेगा, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Career Rashifal 17 August 2026 (करियर राशिफल): कार्यगति तेज रहेगी. वाणिज्यिक गतिविधियां प्रभावशाली रहेंगी. साहस और पराक्रम बनाए रखेंगे. व्यापार में सक्रियता और पहल बढ़ेगी. वित्तीय लाभ पर फोकस बढ़ेगा.

आज तक 17 Aug 2026 12:48 am

मेष राशि वालों को मित्रों का साथ मिलेगा, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Love Rashifal 17 August 2026 (लव राशिफल): अपनों को समय देंगे. संवेदनशीलता रहेगी. सबसे मधुर व्यवहार रखेंगे. आपसी खुशियों को बढ़ाएंगे. भाईचारा मजबूत बना रहेगा.

आज तक 17 Aug 2026 12:46 am

धनु राशि वालों के वित्तीय मामले संवरेंगे, जानें क्या कहती है आपकी राशि

Aaj ka Arthik Rashifal 17 August 2026 (आर्थिक राशिफल): धनु राशि वालों को पैतृक पक्ष से लाभ होगा. वित्तीय मामले संवरेंगे. बड़ों से सहयोग संवाद बढ़ाएंगे. महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल होंगे. शासन के कार्य बनेंगे. योजनाएं आकार लेंगी.

आज तक 17 Aug 2026 12:42 am

आज 17 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह

Aaj 17 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग

आज तक 17 Aug 2026 12:40 am

नाग पंचमी पर पहले करें शिवजी की पूजा या सर्पदेव की? इन 6 जरूरी नियमों का रखें ध्यान

हिंदू धर्म में सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व होता है, जिसे नाग पंचमी के रूप में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष नाग पंचमी का यह पावन पर्व बेहद खास संयोग लेकर आया है, क्योंकि इस दिन सावन का सोमवार भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता भगवान शिव के परम आभूषण माने जाते हैं, इसलिए इस दिन देवों के देव महादेव और सर्प देवताओं की एक साथ विधिवत पूजा करने से जीवन के कई प्रकार के कष्ट औरदोष दूर होते हैं। हालांकि, पूजा-पाठ के दौरान कुछ खास नियमों और छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है, अन्यथा अज्ञानताववश की गई गलतियों से मनचाहे फल की प्राप्ति नहीं होती है। यदि आप भी नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष या पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए व्रत और पूजा करने की सोच रहे हैं, तो इससे जुड़े जरूरी नियमों, सही पूजा क्रम और सावधानियों के बारे में विस्तार से जान लेना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा।पहले किसकी पूजा करें: भगवान शिव या नाग देवता?नाग पंचमी के दिन अक्सर श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल जरूर आता है कि पूजा की शुरुआत करते समय सबसे पहले किसकी आराधना करनी चाहिए—भगवान शिव की या फिर नाग देवता की? इस संबंध में सनातन शास्त्रों और ज्योतिषीय परंपराओं का स्पष्ट निर्देश यह है कि पूजा का शुभारंभ हमेशा जगत के संचालक और नागों के अधिपति भगवान शिव से ही किया जाना चाहिए। चूंकि नाग देवता भगवान भोलेनाथ के गले की शोभा बढ़ाते हैं और उनके बिना शिव की आराधना अधूरी मानी जाती है, इसलिए सबसे पहले शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करना चाहिए। महादेव को प्रसन्न करने के बाद ही उनके प्रिय आभूषण नाग देवता (मूर्ति, चित्र या प्रतीक) की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव और नाग देवता दोनों का संयुक्त आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का स्थायी वास होता है।नियम 1: जीवित सांपों को दूध पिलाने से बचेंनाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के दौरान उन्हें दूध अर्पित करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। लेकिन आधुनिक समय में और वन्यजीव संरक्षण के नियमों को ध्यान में रखते हुए यह समझना बहुत जरूरी है कि सपेरों द्वारा लाए गए जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक और घातक साबित हो सकता है। सांप एक सरीसृप (Reptile) जीव है और वह लैक्टोज को पचा नहीं सकता, जिससे उसकी मौत भी हो सकती है। इसलिए, शास्त्रों के अनुसार भी पूजा हमेशा नाग देवता की मूर्ति, तस्वीर, चांदी या तांबे से बने विग्रह की करनी चाहिए। आप मंदिर में जाकर प्रतीकात्मक रूप से या तस्वीर पर ही दूध और जल अर्पित कर सकते हैं, जिससे पर्यावरण और जीव-दया दोनों का पालन हो सके।नियम 2: नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई क्यों है वर्जित?पारंपरिक मान्यताओं और लोक-संस्कृति के अनुसार नाग पंचमी के पावन दिन भूमि की खुदाई करने या खेतों में नुकीले औजारों का इस्तेमाल करने से सख्त परहेज करना चाहिए। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि सांपों का प्राकृतिक आवास जमीन के अंदर यानी बिलों में होता है। इस दिन जमीन खोदने से भूमि के भीतर रहने वाले नागों या उनके छोटे बच्चों को शारीरिक चोट पहुंच सकती है, जिसे बहुत अशुभ माना गया है। इसके अलावा, सावन का महीना प्रकृति के संवर्धन और संरक्षण का समय होता है, इसलिए पेड़-पौधों को काटने या मिट्टी खोदने जैसे कार्यों से बचकर प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए।नियम 3: कालसर्प और पितृ दोष से मुक्ति के अचूक उपायजिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु का दुष्प्रभाव चल रहा हो, उनके लिए नाग पंचमी का दिन किसी वरदान से कम नहीं होता है। इस दिन शिव मंदिर में जाकर चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, महामृत्युंजय मंत्र का सविधि जाप करने और गरीबों को अन्न-वस्त्र का दान करने से समस्त प्रकार के तात्विक और मानसिक संताप दूर होते हैं। इस दिन सात्विक आहार का पालन करें और मन में किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार या क्रोध को न आने दें, क्योंकि संयमित आचरण से ही पूजा का पूर्ण आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।नियम 4: पूजा सामग्री और विधि का रखें विशेष ध्याननाग पंचमी की पूजा को पूरी श्रद्धा और सही विधान के साथ संपन्न करना चाहिए। प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली में फूल, चंदन, अक्षत (चावल), हल्दी, धूप, दीप और नैवेद्य के साथ धान का लावा (खील) अवश्य शामिल करें। पूजा के दौरान प्रमुख नौ नागों—अनंत, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक और कालिया का स्मरण करते हुए धूप-दीप दिखाएं। अंत में पूरे विधि-विधान से आरती कर अपने परिवार की रक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करें। नाग पंचमी का यह त्योहार हमें केवल धार्मिक कर्मकांड ही नहीं सिखाता, बल्कि यह जीव-जगत और प्रकृति के साथ प्रेमपूर्वक जीने का एक सुंदर संदेश भी देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 1:54 pm

नाग पंचमी पर सूर्य का अपनी ही सिंह राशि में महा-गोचर: बना 'स्वग्रही' राजयोग, इन 5 राशियों को मिलेगा बंपर प्रमोशन

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा और आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व व प्रशासनिक सत्ता के कारक भगवान सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक अत्यंत युगांतकारी खगोलीय और आध्यात्मिक घटना मानी जाती है। इस बार का सूर्य गोचर इसलिए भी असाधारण और दुर्लभ फलदायी बन गया है क्योंकि यह पावन पर्व 'नाग पंचमी' और 'सिंह संक्रांति' के अद्भुत संयोग के बीच घटित हो रहा है। भगवान भास्कर अपनी मित्र राशि कर्क की यात्रा समाप्त कर अपनी स्वयं की मूल त्रिकोण राशि 'सिंह' (Leo) में प्रवेश कर रहे हैं।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में विराजमान होते हैं, तो वे अत्यंत बलवान और प्रभावशाली हो जाते हैं। इसे ज्योतिषीय भाषा में 'स्वग्रही राजयोग' कहा जाता है। सूर्य का यह पराक्रमी गोचर विशेष रूप से प्रशासनिक सेवाओं, कॉर्पोरेट लीडरशिप, राजनीति, सरकारी नौकरियों और व्यापार से जुड़े जातकों के जीवन में युगांतकारी परिवर्तन लाने वाला है। 12 राशियों में से 5 विशेष राशियां ऐसी हैं जिनकी किस्मत का ताला इस गोचर के प्रभाव से खुलने जा रहा है और उन्हें करियर में अप्रत्याशित सफलता, प्रमोशन और सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।सूर्य का स्वराशि सिंह में गोचर: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से क्यों है इतना खास?सूर्य को सौरमंडल का अधिपति माना गया है। सिंह राशि सूर्य की अपनी निजी राशि है जहां वे पूरे एक वर्ष बाद पुनः लौटते हैं। जब कोई भी प्रमुख ग्रह अपने ही घर (स्वराशि) में आता है, तो वह अपने सभी शुभ और सकारात्मक गुणों को पूरी शक्ति के साथ प्रसारित करता है।आत्मबल और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि: इस गोचर के दौरान जातकों में निर्णय लेने की क्षमता, आत्म-विश्वास और नेतृत्व कौशल का अभूतपूर्व विकास होता है।सरकारी और प्रशासनिक लाभ: सूर्य को सरकारी तंत्र और उच्चाधिकारियों का कारक माना जाता है। ऐसे में जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं, यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोगों या प्रशासनिक पदों की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह अवधि स्वर्णिम साबित होती है।आरोग्यता और तेज: सूर्य जीवन ऊर्जा और प्राण शक्ति के दाता हैं। इस गोचर से शारीरिक दुर्बलता, नेत्र विकार और हृदय से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का दुर्लभ आध्यात्मिक संयोगनाग पंचमी की तिथि पंचमी होती है जिसके स्वामी नाग देवता हैं, वहीं संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा का विधान है। नाग देवता भगवान शिव के कंठ का हार हैं और भगवान शिव को सूर्य का परम आराध्य माना गया है। ऐसे में नाग पंचमी के पावन दिन सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश करना अध्यात्म और ज्योतिष का एक अनूठा संगम है।यह संयोग कुंडली में मौजूद 'कालसर्प दोष', 'पितृ दोष' और 'ग्रहण दोष' के अशुभ प्रभावों को शांत करने का सबसे उत्तम अवसर प्रदान करता है। इस दिन सूर्य और नाग देवता की एक साथ आराधना करने से करियर में आ रही अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं और रुकी हुई पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।इन 5 भाग्यशाली राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर में मिलेगा जबरदस्त उछालसूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन 5 राशियों के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं रहेगा:1. मेष राशि (Aries): रचनात्मकता और पदोन्नति के खुलेंगे द्वार मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर पंचम भाव (विद्या, बुद्धि, संतान और प्रतिष्ठा) में होगा। मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो सूर्य का परम मित्र है।करियर में प्रभाव: कार्यक्षेत्र में आपकी बौद्धिक क्षमता और नवाचार की जमकर सराहना होगी। यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे थे, तो इस दौरान शुभ समाचार मिल सकता है।विद्यार्थियों के लिए लाभ: उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगे छात्रों को बड़ी सफलता मिलने के प्रबल योग हैं।वित्तीय स्थिति: निवेश और पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ हो सकता है।2. मिथुन राशि (Gemini): साहस और संपर्कों से मिलेगा बड़ा मुनाफा मिथुन राशि के लिए सूर्य देव तृतीय भाव (पराक्रम, साहस और भाई-बहनों का स्थान) में गोचर करेंगे। तीसरे भाव में सूर्य का गोचर अत्यंत शुभ और पराक्रम में वृद्धि करने वाला माना जाता है।करियर में प्रभाव: यदि आप मीडिया, मार्केटिंग, जनसंपर्क, वकालत या लेखन के क्षेत्र में हैं, तो आपके नेटवर्क का विस्तार होगा। आपकी बातचीत की शैली से बड़े क्लाइंट्स और प्रोजेक्ट्स हासिल होंगे।व्यापारिक प्रगति: व्यापारियों को नई साझेदारियों और नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।प्रशासनिक सहयोग: सरकारी विभागों या उच्च अधिकारियों से जुड़े रुके हुए काम आसानी से पूरे होंगे।3. सिंह राशि (Leo): मान-सम्मान और शीर्ष लीडरशिप की होगी प्राप्ति सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर उनके प्रथम भाव यानी लग्न भाव (आत्म, व्यक्तित्व और प्रतिष्ठा) में हो रहा है। लग्न में स्वग्रही सूर्य का बैठना 'कुलदीपक योग' जैसा प्रभाव देता है।व्यक्तित्व में निखार: आपकी आभा, आकर्षण और निर्णय क्षमता में गजब का निखार आएगा। लोग आपके विचारों और नेतृत्व का लोहा मानेंगे।नौकरी में प्रभाव: कॉर्पोरेट में वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को बड़ी जिम्मेदारियां और नई टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा। कार्यस्थल पर आपका प्रभाव बढ़ेगा।सामाजिक प्रतिष्ठा: राजनीति और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को कोई महत्वपूर्ण पद या सम्मान प्राप्त हो सकता है।4. तुला राशि (Libra): आय के नए स्रोत और इच्छाओं की पूर्ति तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य देव एकादश भाव यानी लाभ और आय भाव में संचरण करेंगे। ग्यारहवें भाव में सूर्य का गोचर सबसे अधिक आर्थिक लाभ प्रदान करने वाला माना गया है।आय में बंपर वृद्धि: आपकी नियमित आय के साथ-साथ आय के अतिरिक्त स्रोत भी बनेंगे। पुराना फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है।वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ सहकर्मियों और बॉस का पूर्ण समर्थन मिलेगा, जिससे आपकी प्रोफाइल कंपनी में मजबूत होगी।सपनों की पूर्ति: कोई बड़ी व्यावसायिक योजना या नया प्रोजेक्ट जो धन की कमी के कारण अटका था, वह गति पकड़ेगा।5. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का मिलेगा 100% साथ और लंबी यात्राओं से लाभ धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य देव नवम भाव (भाग्य, धर्म और लंबी यात्राओं) में गोचर करेंगे। धनु राशि का स्वामी देवगुरु बृहस्पति है, जिसके साथ सूर्य का मित्रता का संबंध है।भाग्य का उदय: पिछले कुछ समय से जिस काम में लगातार अड़चनें आ रही थीं, वे भाग्य के सहयोग से स्वतः सुलझने लगेंगी।विदेश व लंबी यात्राओं के योग: नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में की गई दूरगामी यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। विदेशी कंपनियों से जुड़े काम में मुनाफा होगा।आध्यात्मिक यश: धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे समाज में आपका रुतबा और यश कई गुना बढ़ जाएगा।करियर और मान-सम्मान बढ़ाने के लिए संक्रांति व नाग पंचमी पर करें ये अचूक उपायसूर्य के शुभ प्रभाव को कई गुना बढ़ाने और करियर में निरंतर सफलता बनाए रखने के लिए शास्त्रों में बताए गए इन सरल उपायों को अवश्य अपनाएं:सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से अर्घ्य: प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान के बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, अक्षत, गुड़ और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' का जाप करें।आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: यदि आप सरकारी नौकरी, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय या उच्च पद की लालसा रखते हैं, तो प्रतिदिन वाल्मीकि रामायण रचित 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें।भगवान शिव और नाग देवता की आराधना: नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करें। साथ ही 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें, जिससे कुंडली के सभी नकारात्मक दोष भस्म हो जाते हैं।गुड़, तांबा और गेहूं का दान: संक्रांति के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को तांबे का बर्तन, गेहूं, लाल वस्त्र अथवा गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।किन राशियों को बरतनी होगी थोड़ी सावधानी?जहां 5 राशियों के लिए यह गोचर वरदान समान है, वहीं वृषभ, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में अपने अहंकार और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें और अपने स्वास्थ्य, विशेषकर रक्तचाप और आंखों की नियमित जांच कराते रहें।सूर्य का सिंह राशि में यह प्रवेश आत्मविश्वास, पराक्रम और नई शुरुआत का संदेश लेकर आ रहा है। सकारात्मक सोच, कठोर परिश्रम और सूर्य देव की नित्य आराधना के साथ आगे बढ़ने पर यह समय आपके करियर को नई ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 9:16 am

नाग पंचमी 2026: तीक्ष्ण बुद्धि और गज

सनातन धर्म में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला 'नाग पंचमी' का पावन पर्व केवल पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह तिथि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली प्रवाह का प्रतिनिधित्व करती है। पौराणिक मान्यताओं और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, तिथियों के अधिष्ठाता देवताओं का प्रभाव उस दिन जन्म लेने वाले जातकों के संपूर्ण जीवन, मस्तिष्क और कर्मक्षेत्र पर जीवनपर्यंत बना रहता है। पंचमी तिथि के स्वामी स्वयं 'नाग देवता' (सर्प शक्ति) हैं, जिन्हें सनातन दर्शन में गूढ़ ज्ञान, कुंडलिनी शक्ति, अंतर्दृष्टि और अमरता का प्रतीक माना गया है।यही कारण है कि नाग पंचमी के पावन दिन जन्म लेने वाले जातक असाधारण बौद्धिक क्षमता, गजब की तार्किक शक्ति और एक अत्यंत रहस्यमयी आभा के धनी होते हैं। सांसारिक मामलों में इनकी त्वरित निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता के आगे बड़े-बड़े ज्ञानी और रणनीतिकार भी नतमस्तक हो जाते हैं।पंचमी तिथि और नाग देवता का प्रभाव: तीक्ष्ण बुद्धि और रणनीतिक सोचवैदिक ज्योतिष में पंचमी तिथि को 'पूर्णा' और ज्ञानदायिनी तिथि माना गया है। नाग पंचमी के दिन जन्मे व्यक्तियों पर नागराज वासुकी, शेषनाग और तक्षक जैसे दिव्य सर्पों का सूक्ष्म प्रभाव माना जाता है। सर्प का स्वभाव जिस प्रकार सतर्क, संवेदनशील, एकाग्र और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग होता है, ठीक उसी प्रकार के गुण इन जातकों के स्वभाव में स्वतः विकसित होते हैं।गहन विश्लेषण क्षमता: ये जातक किसी भी विषय की केवल ऊपरी सतह को नहीं देखते, बल्कि उसकी जड़ों तक जाकर सूक्ष्म विश्लेषण करने में माहिर होते हैं।शतरंज के खिलाड़ी जैसी दूरदर्शिता: ये जीवन की परिस्थितियों का आकलन कई कदम आगे रखकर करते हैं। किसी भी संकट या व्यावसायिक चुनौती में इनके पास हमेशा एक 'बैकअप प्लान' तैयार रहता है।तर्क और संवाद में अजेय: वाद-विवाद, बहस और रणनीतिक वार्ताओं में इनके तर्कों को काटना बेहद कठिन होता है। तथ्यपरक बातें और सटीक शब्दों का चयन इनकी पहचान होती है।रहस्यमयी व्यक्तित्व और अद्भुत 'छठी इंद्री' (Sixth Sense) का वरदाननाग पंचमी पर जन्म लेने वाले लोगों का सबसे बड़ा गुण उनकी प्रबल अंतर्दृष्टि (Intuition Power) होती है। नागों की तरह इनकी इंद्रियां आसपास की नकारात्मक और सकारात्मक तरंगों को बहुत तेजी से भांप लेती हैं।झूठ और धोखे की तुरंत पहचान: यदि कोई व्यक्ति इनके सामने बनावटी व्यवहार कर रहा हो या मीठी बातों में धोखा छिपाए हो, तो ये अपनी छठी इंद्री से तुरंत खतरे को महसूस कर लेते हैं। इन्हें शब्दों से अधिक लोगों की शारीरिक भाषा (Body Language) और ऊर्जा समझ आती है।अंतर्मुखी और गंभीर स्वभाव: ये लोग अपनी वास्तविक योजनाएं, योजना की रणनीति और व्यक्तिगत भावनाएं हर किसी के सामने उजागर नहीं करते। इनके मन में क्या चल रहा है, इसका सही अंदाजा इनके सबसे करीबी मित्र भी आसानी से नहीं लगा पाते।स्वाभिमान और मर्यादा: इन जातकों में आत्मसम्मान की भावना अत्यंत प्रबल होती है। ये बिना वजह किसी के मामले में दखल नहीं देते, लेकिन यदि कोई इनके आत्मसम्मान या अधिकारों पर प्रहार करे, तो ये उसे कभी क्षमा नहीं करते और सही समय आने पर सटीक जवाब देते हैं।करियर और प्रोफेशन: किन क्षेत्रों में गाड़ते हैं सफलता के झंडे?नाग पंचमी पर जन्मे लोगों की खोजी और विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति उन्हें उन व्यवसायों में शीर्ष पर पहुंचाती है जहां गूढ़ ज्ञान, शोध और एकाग्रता की आवश्यकता होती है:रिसर्च, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: जटिल एल्गोरिदम को डिकोड करना, डाटा एनालिसिस और वैज्ञानिक शोध में ये असाधारण नवाचार करते हैं।जासूसी, सुरक्षा और गुप्तचर सेवाएं: रॉ (RAW), सीबीआई, पुलिस इन्वेस्टिगेशन, फोरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में इनकी सतर्कता और खोजी दिमाग इन्हें अव्वल बनाता है।मेडिकल, फार्मेसी और टॉक्सिकोलॉजी: विष और औषधि का सीधा संबंध सर्प शक्ति से माना गया है। इसलिए ये सफल सर्जन, फार्मासिस्ट, बायोकेमिस्ट या पैथोलॉजिस्ट बनते हैं।ज्योतिष, तंत्र और गूढ़ विद्याएं (Occult Sciences): पराविज्ञान, वैदिक ज्योतिष, टैरो कार्ड, हीलिंग और कुंडलिनी योग के क्षेत्र में इनकी अंतर्दृष्टि इन्हें महान मार्गदर्शक बनाती है।वकालत और राजनीति: कूटनीति, जटिल कानूनी धाराओं की व्याख्या और राजनीतिक रणनीति बनाने में इनका कोई सानी नहीं होता।राहु-केतु और कालसर्प योग का प्रभाव: जीवन की चुनौतियांज्योतिष शास्त्र में नागों का सीधा संबंध छाया ग्रह राहु और केतु से माना जाता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन जन्मे जातकों की कुंडली में राहु-केतु की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।प्रारंभिक जीवन में संघर्ष: इन जातकों के शुरुआती जीवन में कई बार अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव, गलतफहमियां और पारिवारिक जिम्मेदारियों का भारी बोझ देखने को मिलता है।अकेलेपन की भावना: असाधारण बुद्धि होने के कारण ये अक्सर अपने आयु वर्ग के लोगों से खुद को मानसिक रूप से अलग महसूस करते हैं, जिससे कभी-कभी इनमें एकाकीपन आ जाता है।अति-संशय से बचाव जरूरी: अत्यधिक सतर्क रहने की आदत कई बार इनके भीतर अविश्वास और संशय पैदा कर देती है, जिससे इनके करीबी रिश्तों में खिंचाव आ सकता है।32 वर्ष की आयु के बाद अभूतपूर्व भाग्योदय: जीवन के शुरुआती संघर्षों को पार करने के बाद, विशेष रूप से 28 से 36 वर्ष की आयु के बीच ये जातक समाज में अप्रत्याशित धन, यश और उच्च पद प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं।नाग पंचमी पर जन्मे जातकों के लिए अचूक ज्योतिषीय उपायनाग पंचमी पर जन्मे जातकों को अपनी ऊर्जा को संतुलित रखने और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए निम्नलिखित नियमों और उपायों का पालन करना चाहिए:भगवान शिव की नित्य आराधना: भगवान शिव नागों के अधिपति हैं। इन जातकों को प्रतिदिन शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करना चाहिए और महामृत्युंजय मंत्र अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करना चाहिए।नाग गायत्री मंत्र का अनुष्ठान: 'ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्' मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति, निर्णय क्षमता और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है।पर्यावरण और जीवों का सम्मान: कभी भी सर्पों या रेंगने वाले जीवों को अकारण कष्ट न पहुंचाएं। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे मारने के बजाय वन विभाग या स्नेक सेवर की मदद से सुरक्षित जंगल में छुड़वाएं।चांदी के नाग-नागिन का दान: यदि कुंडली में कालसर्प दोष या पितृ दोष का प्रभाव अधिक हो, तो नाग पंचमी के दिन चांदी के छोटे नाग-नागिन के जोड़े का विधिवत पूजन कर शिवलिंग पर अर्पित करें या बहते जल में प्रवाहित करें।नाग पंचमी के दिन जन्म लेना एक विशेष दैवीय कृपा और विशिष्ट जीवन उद्देश्य का संकेत है। यदि ये जातक अपनी कुशाग्र बुद्धि, धैर्य और अंतर्दृष्टि का उपयोग समाज के कल्याण और रचनात्मक कार्यों में करें, तो वे न केवल अपने कुल का नाम रोशन करते हैं, बल्कि इतिहास में अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 9:07 am

80 साल, 80 कहानियां: इन उपलब्धियों ने बदली भारत की तस्वीर, देखें कहानी

आजतक के कार्यक्रम कहानी में नेहा बाथम ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 80 सालों में उन कहानियों के बारे में बात की जिन्होनें भारत की तस्वीर बदल दी. कभी विज्ञान में नई उडान, कभी खेतों में नई हरियाली, कभी अंतरिक्ष में तिरंगा पहुंचा तो कभी खेल के मैदान में दुनिया को चौंकाया. लोकतंत्र से लेकर आजादी तक, सड़क से लेकर सैटेलाइट तक भारत ने अस्सी सालों में लंबा सफर तय किया है.

आज तक 16 Aug 2026 9:01 am

सावन पूर्णिमा 2026: सावन पूर्णिमा पर क्यों बदला जाता है जनेऊ? जानिए 3 पवित्र धागों में छिपे ब्रह्मा, विष्णु और महेश के दिव्य रहस्य व श्रावणी उपाकर्म का सही नियम

सनातन धर्म में सावन मास की पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक जागरण का महापर्व माना जाता है। यह दिन केवल भाई-बहन के अटूट स्नेह के प्रतीक 'रक्षाबंधन' तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैदिक परंपरा में इसे 'श्रावणी उपाकर्म' (Shravani Upakarma) और 'नारियल पूर्णिमा' के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। वैदिक काल से ही सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर नया जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करने और पुराने जनेऊ का शास्त्रोक्त विसर्जन करने की परंपरा चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से यज्ञोपवीत बदलने से साधक को त्रिदेवों—ब्रह्मा, विष्णु और महेश का साक्षात आशीर्वाद प्राप्त होता है और पूर्व में अनजाने में हुए समस्त कायिक, वाचिक व मानसिक पापों का परिमार्जन होता है।श्रावणी उपाकर्म: आत्मशुद्धि और वैदिक संकल्प का महापर्वश्रावणी उपाकर्म को वैदिक ज्ञान के अध्ययन की नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन काल में गुरुकुलों में विद्यार्थी इसी दिन से वेदों का सस्वर अध्ययन पुनः प्रारंभ करते थे। यह अनुष्ठान मुख्य रूप से तीन चरणों में संपन्न होता है:पंचगव्य एवं तीर्थ स्नान: सबसे पहले साधक नदी, सरोवर या गंगाजल मिले जल से पंचगव्य (गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर) का प्राशन कर शरीर एवं चित्त की बाह्य व आंतरिक शुद्धि करते हैं।ऋषि तर्पण और देव तर्पण: इसके बाद जल और कुश के माध्यम से सप्तऋषियों, पूर्वजों और देवताओं का तर्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।यज्ञ और नूतन यज्ञोपवीत धारण: अंत में वेदमंत्रों के साथ आहुतियां दी जाती हैं और विधिवत अभिमंत्रित नया जनेऊ धारण किया जाता है।जनेऊ के तीन सूत्रों में बसा है त्रिदेवों का वासयज्ञोपवीत केवल सूत का धागा नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा का सूक्ष्म रूप है। जनेऊ में मुख्य रूप से तीन सूत्र (लड़) होते हैं, जिनका सीधा संबंध सृष्टि के संचालक त्रिदेवों से है:प्रथम सूत्र (भगवान ब्रह्मा): जनेऊ का पहला धागा सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा का प्रतीक है। यह व्यक्ति को ज्ञान, विवेक, सत्यवादिता और सृजनशीलता का मार्ग दिखाता है।द्वितीय सूत्र (भगवान विष्णु): दूसरा धागा सृष्टि के पालनकर्ता और संरक्षण के स्वामी भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करता है। यह साधक को धर्म, मर्यादा, सदाचार और समाज के प्रति पोषण का दायित्व निभाने की प्रेरणा देता है।तृतीय सूत्र (भगवान महेश/शिव): तीसरा धागा संहार और पुनर्जागरण के देव भगवान शिव का प्रतीक है। यह व्यक्ति के भीतर के अज्ञान, दुर्गुणों, अहंकार और तामसिक प्रवृत्तियों के संहार का संदेश देता है।जब साधक इस त्रि-सूत्रीय धागे को अपने कंधे से हृदय तक धारण करता है, तो वह हर क्षण त्रिदेवों की दिव्य उपस्थिति और उनके द्वारा निर्धारित मर्यादाओं का स्मरण रखता है।तीन ऋण, तीन गुण और तीन ग्रंथियों का आध्यात्मिक विज्ञानजनेऊ के तीन सूत्र केवल त्रिदेवों का ही प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि जीवन के गूढ़ दार्शनिक सत्यों को भी समाहित किए हुए हैं:तीन ऋणों की मुक्ति: हिंदू धर्म के अनुसार प्रत्येक मनुष्य जन्म से तीन ऋण लेकर आता है—पितृ ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण। जनेऊ के तीन सूत्र व्यक्ति को स्मरण कराते हैं कि उसे माता-पिता की सेवा (पितृ ऋण), ईश्वर की आराधना (देव ऋण) और वेदों व गुरुओं के ज्ञान का प्रसार (ऋषि ऋण) करके इन दायित्वों से मुक्त होना है।त्रिगुणों का संतुलन: यह प्रकृति के तीन गुणों—सत्व (शुद्धता), रज (कर्म) और तम (अंधकार/आलस्य) का संतुलन बनाए रखने का सूचक है। यह साधक को तामसिक और अत्यधिक राजसिक वृत्तियों से ऊपर उठकर सात्विक जीवन जीने का मार्गदर्शन करता है।ब्रह्मग्रंथि का महत्व: जनेऊ के तीनों सूत्रों को आपस में जोड़ने वाली गांठ को 'ब्रह्मग्रंथि' कहा जाता है। इसमें ओंकार (ॐ) और गायत्री मंत्र की पराशक्ति का वास माना गया है, जो मूलाधार से लेकर सहस्रार चक्र तक प्राण ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करती है।9 बारीक तंतुओं में 9 देवताओं का आह्वानयदि जनेऊ के तीनों सूत्रों को खोला जाए, तो प्रत्येक सूत्र में 3-3 बारीक तंतु (धागे) होते हैं, जिनकी कुल संख्या 9 होती है। वैदिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ तंतुओं में नौ विशिष्ट देवताओं का वास होता है:ओंकार (प्रणव)अग्नि देवसर्प (अनंत नाग)सोम (चंद्रमा)पितृगणप्रजापति (ब्रह्मा)वायु देवसूर्य देवसर्वदेव (विश्वेदेव)इन 9 तंतुओं के माध्यम से साधक पूरे ब्रह्मांड की सकारात्मक शक्तियों से सीधे जुड़ता है, जिससे उसकी निर्णय क्षमता, एकाग्रता और आत्मबल में वृद्धि होती है।सावन पूर्णिमा ही जनेऊ बदलने के लिए सर्वोत्तम क्यों?सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, जो ध्यान, वैराग्य और चेतना के स्वामी हैं। वहीं पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है, जो मन का कारक ग्रह है। सावन पूर्णिमा पर श्रवण नक्षत्र का विशेष संयोग बनता है।वर्षा ऋतु के कारण शरीर में वात और कफ का असंतुलन हो सकता है, ऐसे समय में श्रावणी पर्व पर स्नान, व्रत, मंत्र जाप और नए ऊर्जावान जनेऊ का स्पर्श शरीर की ऊर्जा प्रणालियों को पुनर्संतुलित करता है। यह समय पूरे वर्ष के संचित मानसिक तनाव और अशुद्धियों को त्यागकर नई आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ जीवन शुरू करने का होता है।ब्रह्मचारी और गृहस्थ के लिए जनेऊ के अलग-अलग नियमशास्त्रों में जीवन के आश्रमों के अनुसार जनेऊ के सूत्रों की संख्या निर्धारित की गई है:ब्रह्मचारी (अविवाहित): अविवाहित युवा या विद्यार्थियों के लिए केवल 3 सूत्रों (एक जनेऊ) को धारण करने का विधान है, क्योंकि उन पर केवल स्वयं के आचरण और विद्या अर्जन का दायित्व होता है।गृहस्थ (विवाहित): विवाहित पुरुषों के लिए 6 सूत्रों (दो जनेऊ) को धारण करना अनिवार्य माना गया है। इसमें 3 सूत्र स्वयं के लिए और 3 सूत्र धर्मपत्नी के आध्यात्मिक उत्तरदायित्व व परिवार के संरक्षण के प्रतीक होते हैं।जनेऊ धारण करने की शास्त्रीय विधि और महामंत्रसावन पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान के बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। जनेऊ को गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर उस पर चंदन, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद गायत्री मंत्र का कम से कम 11 या 24 बार जाप करें। तत्पश्चात निम्नलिखित पौराणिक मंत्र का उच्चारण करते हुए जनेऊ को दाहिने हाथ के नीचे से बाएं कंधे पर धारण करें:यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्। आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः॥पुराने जनेऊ के विसर्जन का नियम:नया जनेऊ धारण करने के बाद ही पुराने जनेऊ को उतारा जाता है। कभी भी पहले पुराना जनेऊ उतारकर शरीर को बिना जनेऊ के नहीं रखना चाहिए। पुराने जनेऊ को गले से उतारते समय इस विसर्जन मंत्र का जाप करें:एतावहद्दिनपर्यन्तं ब्रह्म त्वं धारितं मया। जीर्णत्वात्ते परित्यागो गच्छ सूत्र यथासुखम्॥पुराने यज्ञोपवीत को किसी बहते हुए शुद्ध जल (नदी/नहर) में प्रवाहित कर दें अथवा किसी पीपल या बरगद के वृक्ष की जड़ में स्वच्छ मिट्टी खोदकर दबा दें। इसे कभी भी कूड़ेदान या अपवित्र स्थान पर न फेंकें।सावन पूर्णिमा का यह दिव्य अनुष्ठान केवल बाह्य रीति-रिवाज नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म के उच्च नैतिक मूल्यों, संयमित जीवनशैली और त्रिदेवों के प्रति अटूट निष्ठा का सजीव प्रमाण है। इस दिन श्रद्धापूर्वक यज्ञोपवीत धारण करने से मनुष्य को तेज, पराक्रम और दीर्घायु का वरदान मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 8:58 am

Aaj Ka Rashifal 16 August: कन्या राशि वाले लव पार्टनर के साथ बिताएं वक्त, कर्क वाले काम में न करें लापरवाही; जानिए मेष से मीन तक 12 राशियों का आज का भविष्यफल

वैदिक ज्योतिष और पंचांग के अनुसार आज 16 अगस्त को रविवार का दिन है, जो भगवान सूर्यदेव की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए विशेष फलदायी माना गया है। आज हस्त नक्षत्र और ग्रहों के विशिष्ट योगों के प्रभाव से कई राशियों के अटके हुए काम पूरे होने के आसार हैं। वहीं कुछ राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में लापरवाही से बचने और रिश्तों में संयम बरतने की सलाह दी गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए सितारे क्या संकेत दे रहे हैं।सभी 12 राशियों का आज का दैनिक राशिफलमेष राशि (Aries): आज परिवार और निजी मामलों में व्यस्तता बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी क्रिएटिव स्किल्स और मेहनत से उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कानूनी व उधारी के मामलों में थोड़ी सावधानी बरतें। दांपत्य जीवन में छोटी बातों पर बहस करने से बचें।शुभ रंग: क्रीम, शुभ अंक: 2वृषभ राशि (Taurus): मन मुताबिक काम पूरे होने से मानसिक शांति और प्रसन्नता मिलेगी। आर्थिक लाभ और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यापार में नई योजनाओं को गति मिलेगी। जीवनसाथी और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।शुभ रंग: श्वेत, शुभ अंक: 6मिथुन राशि (Gemini): परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी और नए लोगों से संपर्क आगे चलकर लाभदायक साबित होगा। अति-उदार बनने या भावनाओं में बहकर आर्थिक फैसले लेने से बचें। पैतृक व संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रगति होगी।शुभ रंग: आसमानी, शुभ अंक: 5कर्क राशि (Cancer): कार्यक्षेत्र और पेशेवर जिम्मेदारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई से बचें। टीम के साथ सामंजस्य बनाकर चलें और टकराव से दूर रहें। प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री से जुड़ा कोई पुराना अटका काम गति पकड़ सकता है। आत्मविश्वास बनाए रखें।शुभ रंग: गुलाबी, शुभ अंक: 7सिंह राशि (Leo): परिवार और सामाजिक मामलों में मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार और वित्तीय मामलों में निरंतरता बनी रहेगी और लाभ उम्मीद से बेहतर हो सकता है। गुस्से और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं।शुभ रंग: गहरा गुलाबी, शुभ अंक: 1कन्या राशि (Virgo): लव पार्टनर और जीवनसाथी के साथ क्वालिटी टाइम बिताना आपके रिश्ते को नई ताजगी देगा। व्यापार में तरक्की के नए मौके मिलेंगे और आपकी कार्यक्षमता की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी।शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 3तुला राशि (Libra): व्यावहारिक सोच और कौशल के बल पर आपको साथियों की तुलना में अधिक लाभ मिलेगा। कला, रचनात्मकता और डिजाइनिंग से जुड़े लोगों के लिए दिन शानदार है। कार्यस्थल पर अपनी ऊर्जा को केंद्रित रखें।शुभ रंग: सफेद, शुभ अंक: 6वृश्चिक राशि (Scorpio): करियर में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करेंगी। आर्थिक रूप से दिन सकारात्मक रहेगा। रिश्तों में संवाद बनाए रखें ताकि गलतफहमियां न पनपें।शुभ रंग: लाल, शुभ अंक: 9धनु राशि (Sagittarius): सही सलाह और समझदारी से लिए गए फैसले धन लाभ कराएंगे। घर-परिवार में मांगलिक और सुखद माहौल रहेगा। यात्रा या किसी कार्यक्रम के दौरान नए संपर्क बन सकते हैं।शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 3मकर राशि (Capricorn): महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और अधूरे कार्यों को समय पर पूरा करने में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपका अनुशासन और कार्यशैली सीनियर्स को प्रभावित करेगी। सेहत का थोड़ा ध्यान रखें।शुभ रंग: नीला, शुभ अंक: 8कुंभ राशि (Aquarius): व्यापार को नए स्तर पर ले जाने की योजना बना सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान और वित्तीय लेनदेन करते समय सतर्क रहें। ऑफिस में काम के प्रति गंभीरता बनाए रखें।शुभ रंग: जामुनी, शुभ अंक: 4मीन राशि (Pisces): आपके हुनर और योग्यता की कार्यक्षेत्र में प्रशंसा होगी। रुके हुए काम आसानी से पूरे होंगे। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी और परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।शुभ रंग: केसरिया, शुभ अंक: 7आज का विशेष ज्योतिषीय उपायरविवार के पावन दिन प्रातः काल तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल पुष्प, रोली और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें। 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' अथवा 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने से मान-सम्मान, आरोग्य और कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 8:49 am

निवेश में सावधानी बरतें, जानें क्या कहती है आपकी राशि

Aaj ka Rashifal 16 अगस्त 2026, Horoscope Today: वृश्चिक राशि वालों की आज नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी. अपने काम पर ध्यान लगाना होगा. परिवार से सपोर्ट मिलेगा. निवेश के मामले में सावधानी बरतें. लोगों से संपर्क बढ़ेगा. व्यापार से लाभ होगा.

आज तक 16 Aug 2026 6:00 am

16 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 16 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 16 अगस्त 2026, दिन- रविवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी तिथि 16.52 बजे तक फिर पंचमी तिथि, हस्त नक्षत्र, चंद्रमा- कन्या में, सूर्य- कर्क में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.59 बजे से दोपहर 12.51 बजे तक, राहुकाल- शाम 17.21 बजे से रात 19.00 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.

आज तक 16 Aug 2026 2:30 am

मीन राशिवाले हर काम सावधानी से करें, धन लाभ के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, जानें शुभ रंग

Pisces Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, धन लाभ के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, सुख के साधनों पर धन खर्च होगा, परिवार वालों के साथ घूमने जाएंगे, अपना खान-पान ना बिगड़ने दें.

आज तक 16 Aug 2026 2:24 am

कुंभ राशिवालों को मित्रों से सहयोग मिलेगा, परिवार में सुख बढ़ेगा, जानें दैनिक राशिफल

Aquarius Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: इमोशनल हो कर फैसला ना करें, मित्रों से सहयोग मिलेगा, परिवार में सुख बढ़ेगा, लोगों को खुश रखने का प्रयास करें, अपनी सेहत का ख्याल रखना होगा.

आज तक 16 Aug 2026 2:20 am

धनु राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, किसी नई योजना पर चर्चा होगी, जानें शुभ रंग

Sagittarius Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, किसी नई योजना पर चर्चा होगी, सुख-सुविधाओं में खर्च बढ़ेगा, धन संबंधी लेन-देन में सावधानी बरतें, परिवार की समस्याओं का समाधान होगा.

आज तक 16 Aug 2026 2:14 am

वृश्चिक राशिवालों की नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, काम पर ध्यान लगाना होगा, जानें जरूरी टिप

Scorpio Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, अपने काम पर ध्यान लगाना होगा, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, निवेश के मामले में सावधानी बरतें, लोगों से संपर्क बढ़ेगा.

आज तक 16 Aug 2026 2:12 am

तुला राशिवालों की मन की टेंशन दूर होगी, धन लाभ का योग है, जानें दैनिक राशिफल

Libra Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: मन की टेंशन दूर होगी, धन लाभ का योग है, परिवार में प्रेम बढ़ेगा, गर्म स्वभाव का प्रदर्शन ना करें, सेहत आपकी ठीक रहेगी.

आज तक 16 Aug 2026 2:08 am

कन्या राशिवाले लड़ाई झगड़े से बचें, सुख के साधन में खर्च बढ़ेगा, जानें शुभ रंग

Virgo Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: लड़ाई झगड़े से बचें, सुख के साधन में खर्च बढ़ेगा, जीवनसाथी की ओर से खुशी मिलेगी, विरोधी आपकी प्रगति में रुकावटें लाने का प्रयास करेंगे, सावधान रहें, जल्दबाजी में आकर कोई फैसला ना करें.

आज तक 16 Aug 2026 2:06 am

सिंह राशिवालों को सेहत पर ध्यान देना होगा, योजनाएं सफल होंगी, जानें दैनिक राशिफल

Leo Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: योजनाएं आपकी सफल होंगी, आज अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, विरोधी मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, आपकी योजनाएं सफल होंगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में उन्नति का समय है.

आज तक 16 Aug 2026 2:02 am

कर्क राशिवालों के लिए मेहनत का फल मिलेगा, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, जानें दैनिक राशिफल

Cancer Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मेहनत का फल मिलेगा, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, मान-सम्मान बढ़ेगा, कोई बड़ा कार्य बिना एग्रीमेंट किए शुरु ना करें, किसी काम को लेकर किसी से उम्मीद लगा कर ना बैठे रहें, व्यापार से संबंधित काम बनेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 2:00 am

मिथुन राशिवालों के लिए मित्रों से मदद मिलेगी, शुभ रंग हल्का पीला, जानें दैनिक राशिफल

Gemini Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: मित्रों से मदद मिलेगी, शुभ कार्यों में मन लगेगा, कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी, खर्च ज्यादा रहेंगे, परिवार के लोगों से पैसा उधार लेकर खर्च ना करें, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.

आज तक 16 Aug 2026 1:56 am

वृष राशिवालों के लिए परिवार का सहयोग मिलेगा, जानें दैनिक भाग्यफल

Taurus Daily Horoscope, 16 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, परिवार से सहयोग मिलेगा, लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा, व्यर्थ के विवाद से दूर रहें, क्रोध को अपने पर हावी ना होने दें, व्यापार में हानि हो सकती है.

आज तक 16 Aug 2026 1:54 am

अनुबंधों में सफल होंगे, लोगों की नजर में बने रहेंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: नेतृत्व में सफलता पाएंगे. जरूरी कार्यों को वक्त पर पूरा करेंगे. विभिन्न मामलों को बेहतर स्थिति बनाए रखेंगे. कामकाज आसान बनाने की सोच होगी. निर्णय लेने में उत्साह दिखाएंगे. महत्वपूर्ण कदम उठा सकेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 1:24 am

भावनाओं पर काबू लाएं, कारोबारी फैसलों में दबाव में न आएं

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: कारोबारी फैसलों में दबाव में न आएं. करीबियों की अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश होगी. जल्दी में फैसले लेने से बचें. सहज प्रदर्शन बनाए रखें. संकल्पों को पूरा करें. आकस्मिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखें. व्यावसायिक चर्चा पर बल रहेगा.

आज तक 16 Aug 2026 1:22 am

कारोबारी प्रयासों को बनाए रखेंगे, इच्छित प्रस्ताव प्राप्त होंगे

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: कला कौशल को बढ़ावा देंगे. अनुकूल माहौल बना रहेगा. आकर्षक प्रस्तावों की प्राप्ति होगी. सभी क्षेत्रों में उच्च प्रदर्शन बनाए रखेंगे. महत्वपूर्ण चर्चा संवाद में हिस्सा लेंगे. संबंधों का लाभ मिलेगा.

आज तक 16 Aug 2026 1:18 am

कार्य ऊर्जा बेहतर रहेगी, अनुशासन बल पाएगा

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: अपनों के साथ समय साझा करेंगे. कार्यक्षेत्र में पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी. नवीन संभावनाओं को बल मिलेगा. कारोबारी परिणाम पक्ष में बनेंगे. जवाबदेही से कार्य करेंगे. अन्य की नजर में बने रहेंगे. व्यवस्था पर नियंत्रण बढ़ाएंगे.

आज तक 16 Aug 2026 1:16 am

औरों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे, कार्यव्यवस्था मजबूत बनाएंगे

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: वरिष्ठों का साथ समर्थन रहेगा. सबको आकर्षित करने में सफल होंगे. करीबियों पर भरोसा बढ़ाएंगे. अनुशासन और उत्साह से कार्य करेंगे. विविध कार्यों को उचित रीति-नीति आगे बढ़ाएंगे. औरों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 1:12 am

स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे, व्यर्थ की आशंकाओं में न आएं

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: वरिष्ठों से भेंट मुलाकात बनाए रहेंगे. योजनाएं साझा करने में जल्दबाजी न करें. अनुशासन से आगे बढ़ते रहें. योजनाओं पर फोकस बढ़ाएं. कार्यों को गति देने पर जोर रखेंगे. अनुभव का लाभ उठाएं.

आज तक 16 Aug 2026 1:10 am

सबसे तालमेल रहेगा, आवश्यक सूचनाएं मिलेंगी

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: कलात्मक कार्यों में सहज रहेंगे. करीबियों को प्रसन्न करेंगे. जरूरी निर्णय लेंगे. सबको प्रभावित करने में सफल होंगे. अन्य की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. सबसे तालमेल रहेगा. आवश्यक सूचनाएं मिलेंगी.

आज तक 16 Aug 2026 1:06 am

कारोबार बढ़ाने में रुचि लेंगे, प्रयासों में बेहतर रहेंगे

Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: कारोबार में सहज सफलता पाएंगे. अपेक्षा के अनुरूप योजनाएं बढ़ाएंगे. विविध विषयों में निरंतरता बढ़ाएंगे. अपनों की खुशी में शामिल होंगे. रिश्तों में सद्भावना बनाए रखेंगे. व्यवहार से सबका मन जीतेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 1:04 am

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, संतुतिल दिनचर्या रखें

Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: सहज रणनीति से कार्य करें. किसी भी प्रकार के दबाव अथवा भ्रम से बचें. लक्ष्य की ओर गति बनाए रखें. चर्चा संवाद में सहकार रखें. सभी से सलाह बनाए रहें. नीति नियमों का पालन बढ़ाएंगे. सभी के प्रति सहयोग बनाए रखें.

आज तक 16 Aug 2026 12:58 am

कार्य ऊर्जा बेहतर रहेगी, स्वास्थ्य सुधार पर रहेगा

Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: भावनात्मक रूप से सकारात्मक रहेंगे. पहल की भावनाा बनाए रखेंगे. व्यक्तिगत संबंधो मेंमजबूती लाएंगे. बड़ों की आज्ञा बनाए रखेंगे. स्वयं को व्यवस्थित रखेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 12:54 am

स्वयं पर फोकस बनाए रखें, नियमित स्वास्थ्य जांच बढ़ाएं

Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 16 August 2026: प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेंगे. जरूरी समझौतों को आगे बढ़ाएंगे. संपर्क बेहतर बना रहेगा. संचार का लाभ मिलेगा. नियमितता के साथ आगे बढ़ेंगे. व्यवसाय में सावधानी बनाए रखेंगे.

आज तक 16 Aug 2026 12:52 am

मीन राशि वाली जल्दबाजी से बचें, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Career Rashifal 16 August 2026 (करियर राशिफल): कामकाजी सहयोग बढ़ेगा . करियर-व्यापार में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. आर्थिक विषय गति लेंगे, लाभ उम्मीद के अनुरूप रहेगा, भौतिक सुविधा-संसाधन बढ़ेंगे

आज तक 16 Aug 2026 12:48 am

सिंह राशि वाले पहल का भाव रखेंगे, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Love Rashifal 16 August 2026 (लव राशिफल): आपसी सामंजस्य बढ़ाएंगे.रिश्ते निभाने की सोच रहेगी. चहुंओर शुभता रहेगी, भावनात्मक संबंधों में करीबी आएगी . प्रियजनों के साथ स्मरणीय पल बिताएंगे

आज तक 16 Aug 2026 12:46 am

सिंह राशि वालों की लेन-देन में सक्रियता रहेगी, जानें अपनी राशि का हाल

Aaj ka Arthik Rashifal 16 August 2026 (आर्थिक राशिफल): सिंह राशि वालों को इच्छित भेंट मिल सकती है. लाभ उम्मीद से बेहतर बना रहेगा. आर्थिक अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा. बचत और बैंकिंग से जुड़े मामलों पर ध्यान देंगे. लेन-देन में सक्रियता रहेगी. आर्थिक हितलाभ में वृद्धि होने के संकेत हैं.

आज तक 16 Aug 2026 12:42 am

आज 16 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह

Aaj 16 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग

आज तक 16 Aug 2026 12:40 am

Nag Panchami Gemstones Remedies: नाग पंचमी के दिन धारण कर लें ये 3 चमत्कारी रत्न, राहु-केतु के बुरे प्रभाव और कालसर्प दोष से तुरंत मिलेगी मुक्ति

सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी नाग पंचमी (Nag Panchami) का दिन भगवान शिव के आभूषण नाग देवताओं की आराधना के लिए सबसे फलदायी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह पावन दिन कुंडली में स्थित सबसे जटिल और कष्टकारी दोषों—विशेषकर कालसर्प दोष (Kaal Sarp Dosh), राहु-केतु जनित पीड़ा, अचानक आने वाले संकटों और अज्ञात भय से मुक्ति पाने का सर्वोत्तम अवसर होता है। जब किसी जातक की जन्मकुंडली में सभी सातों प्रमुख ग्रह राहु और केतु की धुरी के बीच आ जाते हैं, तो कालसर्प योग का निर्माण होता है, जिससे जीवन के हर क्षेत्र—करियर, विवाह, स्वास्थ्य और धन में लगातार रुकावटें आती हैं। ज्योतिष शास्त्र में नाग पंचमी के शुभ मुहूर्त पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ-साथ तीन अत्यंत शक्तिशाली और चमत्कारी रत्नों को धारण करने का विशेष विधान बताया गया है, जो इन छाया ग्रहों के दुष्प्रभावों को समाप्त कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का संचार करते हैं।नाग पंचमी पर कालसर्प और राहु-केतु दोष निवारण के 3 चमत्कारी रत्नरत्न शास्त्र के विद्वानों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन प्राण-प्रतिष्ठित करवाकर इन रत्नों को धारण करने से तुरंत राहत मिलती है:1. गोमेद रत्न (Hessonite / Gomed):गोमेद को छाया ग्रह राहु का मुख्य रत्न माना जाता है। यदि कुंडली में राहु नीच का हो, अशुभ भाव में बैठा हो या कालसर्प दोष का मुख्य कारण बन रहा हो, तो गोमेद धारण करना बेहद लाभकारी सिद्ध होता है।लाभ: यह अचानक होने वाली दुर्घटनाओं, मानसिक तनाव, अनिद्रा, भ्रम, व्यापारिक घाटे और कानूनी मुकदमों से सुरक्षा प्रदान करता है। राजनीति, तकनीक और सट्टे-शेयर बाजार से जुड़े लोगों के लिए यह अत्यधिक प्रभावी माना जाता है।धारण विधि: गोमेद को अष्टधातु या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर नाग पंचमी के दिन राहु के बीज मंत्र ॐ रां राहवे नमः का 108 बार जाप करके दाहिने हाथ की मध्यमा (Middle Finger) उंगली में धारण करना चाहिए।2. लहसुनिया रत्न (Cat's Eye / Vaidurya):लहसुनिया को रहस्यमयी और मोक्षकारक ग्रह केतु का रत्न माना गया है। इसमें बिल्ली की आंख जैसी एक चमकीली सफेद या हरी रेखा (Chatoyancy Effect) दौड़ती हुई दिखाई देती है।लाभ: केतु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को अचानक बीमारियों, गुप्त शत्रुओं, भूत-प्रेत बाधा और नजर दोष का सामना करना पड़ता है। लहसुनिया धारण करने से एकाग्रता बढ़ती है, आध्यात्मिक उन्नति होती है और अचानक आने वाले संकट टल जाते हैं। कालसर्प दोष की शांति में यह रक्षा कवच की तरह काम करता है।धारण विधि: लहसुनिया को चांदी या पंचधातु में बनवाकर नाग पंचमी के दिन केतु के बीज मंत्र ॐ कें केतवे नमः का जाप करते हुए मध्यमा या कनिष्ठिका (Little Finger) में धारण किया जाता है।3. सच्चा मोती (Natural Pearl / Moti):कालसर्प दोष और राहु की पीड़ा का सबसे पहला और गहरा असर जातक के मन और मस्तिष्क पर पड़ता है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है और राहु चंद्रमा को ग्रसित कर 'ग्रहण दोष' बनाता है, जिससे अत्यधिक घबराहट, डिप्रेशन और निर्णय लेने में भ्रम पैदा होता है।लाभ: सच्चा दक्षिण भारतीय या बसरा मोती धारण करने से चंद्रमा मजबूत होता है, मन शांत और स्थिर रहता है तथा राहु-केतु द्वारा उत्पन्न मानसिक अशांति तुरंत नियंत्रित हो जाती है।धारण विधि: मोती को चांदी की अंगूठी में कनिष्ठिका उंगली (Little Finger) में सोमवार या नाग पंचमी के दिन ॐ सों सोमाय नमः या ॐ नमः शिवाय का जाप कर धारण करना चाहिए।रत्न धारण करने से पहले ध्यान रखने योग्य जरूरी नियमरत्नों में ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित करने की अपार शक्ति होती है, इसलिए इन्हें पहनते समय कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना अनिवार्य है:कुंडली का सटीक विश्लेषण: बिना किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से कुंडली दिखाए कभी भी सीधे रत्न धारण न करें, क्योंकि गलत रत्न पहनने से विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते हैं।रत्न की शुद्धता (Authenticity): रत्न पूरी तरह प्राकृतिक, दोषरहित (बिना दरार या काले धब्बों के) और लैब-सर्टिफाइड होना चाहिए। सिंथेटिक या कांच के नकली पत्थरों से कोई ज्योतिषीय लाभ नहीं मिलता।शुद्धिकरण और प्राण-प्रतिष्ठा: नाग पंचमी की सुबह रत्न जड़ित अंगूठी को कच्चे गाय के दूध, गंगाजल, तुलसी के पत्तों और शहद के मिश्रण में रखकर शुद्ध करें और शिवलिंग अथवा नाग देवता की प्रतिमा से स्पर्श कराकर ही धारण करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 5:41 pm

Lord Shiva Third Eye Mystery: मां पार्वती के एक मजाक से क्यों पूरे ब्रह्मांड में छा गया था घोर अंधेरा? जानिए महादेव की तीसरी आंख और अंधकासुर के जन्म का रहस्य

सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों में भगवान शिव को 'त्रिलोचन' यानी तीन नेत्रों वाला कहा गया है। महादेव की तीसरी आंख प्रलय, ज्ञान, विवेक और असीम ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। शिव महापुराण और महाभारत के अनुशासन पर्व में एक अत्यंत रोचक और रहस्यमयी पौराणिक प्रसंग का वर्णन मिलता है, जब जगत जननी मां पार्वती के एक छोटे से कौतूहल और मजाक के कारण पूरे चराचर ब्रह्मांड में भयानक अंधकार छा गया था। सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश एकाएक लुप्त हो गया और समस्त देवता व जीव-जंतु त्राहि-त्राहि करने लगे थे। इस महासंकट से सृष्टि की रक्षा करने के लिए भगवान शिव को अपने ललाट पर तीसरे नेत्र को प्रकट करना पड़ा था।मां पार्वती का खेल और सृष्टि में छा गया महा-अंधकारशिव पुराण की कथा के अनुसार, एक बार कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और मां पार्वती एकांत में विराजमान थे। वातावरण अत्यंत शांत और आनंदमय था।इसी दौरान मां पार्वती के मन में एक चंचल कौतूहल जागा और उन्होंने पीछे से आकर अपने दोनों कोमल हाथों से महादेव की दोनों आंखें बंद कर दीं।महादेव की दोनों आंखों में से एक नेत्र को सूर्य और दूसरे को चंद्रमा का स्वरूप माना जाता है।जैसे ही माता पार्वती के हाथों ने शिव के दोनों नेत्र ढके, समस्त ब्रह्मांड से एक क्षण में सूर्य और चंद्रमा की रोशनी पूरी तरह गायब हो गई।तीनों लोकों में ऐसा घोर और भयानक अंधकार छा गया जैसे महाप्रलय आ गई हो। पृथ्वी पर पेड़-पौधों, ऋषियों, मनुष्यों और स्वर्ग में देवताओं के बीच हाहाकार मच गया।ललाट से प्रकट हुई तीसरी आंख और विनाशकारी अग्निसृष्टि में मचे इस भीषण हाहाकार और अंधकार को मिटाने के लिए भगवान शिव ने अपने ललाट (माथे) के मध्य में स्थित 'तीसरे नेत्र' (The Third Eye) को अचानक खोल दिया।तीसरा नेत्र खुलते ही उसमें से करोड़ों सूर्यों के समान एक अत्यंत दिव्य, प्रखर और विनाशकारी ज्योति पुंज प्रस्फुटित हुआ।इस असीम प्रकाश से पूरे ब्रह्मांड का अंधकार तो पलभर में दूर हो गया, लेकिन तीसरे नेत्र से निकलने वाली प्रचंड ज्वाला और गर्मी से हिमालय पर्वत धधकने लगा और जीव-जंतु झुलसने लगे।मां पार्वती ने जब देखा कि उनके एक मजाक से महादेव का तीसरा नेत्र खुल गया है और उसकी तपन से पर्वत और वन जल रहे हैं, तो उन्होंने भयभीत और हाथ जोड़कर भगवान शिव से उस प्रचंड अग्नि को शांत करने की विनती की। महादेव ने माता की प्रार्थना सुनकर तीसरे नेत्र के प्रभाव को शांत और सामान्य किया।माता पार्वती के पसीने से कैसे हुआ 'अंधकासुर' का जन्म?इस पौराणिक प्रसंग से एक और अत्यंत शक्तिशाली असुर के जन्म की कथा भी जुड़ी हुई है:जब महादेव के तीसरे नेत्र से भयंकर अग्नि और ताप उत्पन्न हुआ, तो भय और अत्यधिक गर्मी के कारण माता पार्वती के हाथों से पसीना निकलने लगा।माता पार्वती के उसी पसीने और महादेव के तेज के मिलन से एक अत्यंत बलवान, भयानक और अंधा बालक उत्पन्न हुआ।अंधकार के समय उत्पन्न होने और नेत्रहीन होने के कारण इस बालक का नाम अंधक (Andhaka) पड़ा।बाद में भगवान शिव ने इस बालक को अपने परम भक्त दैत्यराज हिरण्याक्ष को वरदान स्वरूप गोद दे दिया, जिसने आगे चलकर घोर तपस्या कर शक्तियां हासिल कीं और बाद में 'अंधकासुर' के नाम से जाना गया।भगवान शिव की तीसरी आंख का आध्यात्मिक और दार्शनिक संदेशधार्मिक और यौगिक दृष्टिकोण से भगवान शिव का तीसरा नेत्र केवल कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गहरा आध्यात्मिक रहस्य समेटे हुए है।आज्ञा चक्र का प्रतीक: योग शास्त्र में दोनों भौहों के बीच स्थित चक्र को 'आज्ञा चक्र' (Ajna Chakra) कहा जाता है। यह आंतरिक ज्ञान, अंतर्ज्ञान (Intuition) और भ्रम को भस्म करने की शक्ति का केंद्र है।काम और वासना का नाश: जिस प्रकार महादेव ने अपने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया था, उसी प्रकार यह नेत्र यह संदेश देता है कि जब मनुष्य अपनी अंतरात्मा और विवेक को जाग्रत करता है, तो उसके भीतर का अज्ञान, काम, क्रोध और मोह रूपी अंधकार हमेशा के लिए नष्ट हो जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 5:38 pm

दुर्लभ शिव योग में आज रखा जा रहा है हरियाली तीज का व्रत, पूजन के लिए ये हैं 5 सबसे शुभ मुहूर्त और विधि

सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाए जाने वाले सुहागिनों के सबसे बड़े और पावन पर्व हरियाली तीज का उल्लास आज पूरे देश में देखने को मिल रहा है। सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और माता पार्वती तथा भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। इस बार हरियाली तीज का यह पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार इस विशेष दिन पर अद्भुत और दुर्लभ शिव योग का निर्माण हो रहा है, जो पूजा के फल को कई गुना अधिक बढ़ा देता है। यदि आप भी आज हरियाली तीज का व्रत रख रही हैं और पूजा के सही समय, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि के बारे में जानना चाहती हैं, तो यह विस्तृत जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। आइए जानते हैं आज के दिन के सभी प्रमुख मुहूर्त, पूजा का शुभ तरीका और इस पर्व से जुड़ी खास बातें।हरियाली तीज पर बन रहा है अत्यंत शुभ 'शिव योग' का महासंयोगवैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष हरियाली तीज के पावन अवसर पर ग्रहों और नक्षत्रों की चाल से एक बेहद पवित्र 'शिव योग' बन रहा है, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में की गई पूजा, साधना और व्रत का फल कभी भी निष्फल नहीं होता है तथा जातक के समस्त पापों और कष्टों का नाश होता है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह योग इसलिए भी खास है क्योंकि माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और इसी योग के प्रभाव से उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त हुआ था। इस दिन महिलाएं सोलह शृंगार करके पूरी आस्था के साथ माता गौरी का ध्यान करती हैं और अपने सुहाग की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं।पूजन के लिए आज के 5 सबसे उत्तम और श्रेष्ठ मुहूर्तदिनभर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए कई शुभ समय ज्योतिषीय गणना के अनुसार तय किए गए हैं, जिनका पालन करके व्रत और पूजन को पूर्ण फलदायी बनाया जा सकता है। आज के दिन का सबसे पहला और सुबह का ब्रह्म मुहूर्त पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है, जिसमें स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके अलावा दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह का अभिजित मुहूर्त है, जो किसी भी नए कार्य और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ होता है। तीसरा महत्वपूर्ण मुहूर्त दोपहर का गोधूलि बेला और प्रदोष काल का समय है, जब माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ की संयुक्त पूजा करना सबसे अधिक फलवान माना जाता है। चौथा और पांचवां मुहूर्त शाम के समय का अमृत काल और चर चौघड़िया का समय है, जिसमें महिलाएं अपने घरों में विधिवत कथा सुन सकती हैं और सामूहिक रूप से पूजा संपन्न कर सकती हैं।हरियाली तीज की सरल और प्रामाणिक पूजा विधिहरियाली तीज की पूजा हमेशा विधि-विधान और पूरी श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और नए वस्त्र धारण करके सोलह शृंगार करें, क्योंकि सुहागन महिलाओं के लिए यह शृंगार बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके बाद अपने घर के मंदिर या किसी स्वच्छ स्थान पर चौकी सजाकर उस पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। अब वहां भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। पूजा की थाली में मां पार्वती को अर्पित करने के लिए सुहाग की सभी वस्तुएं जैसे चूड़ियां, महावर, सिंदूर, बिंदी, आलता और नए वस्त्र सजाएं। इसके बाद भगवान गणेश का आह्वान करते हुए पूजन शुरू करें और फिर माता पार्वती व शिवजी को बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के दौरान हरियाली तीज की कथा का श्रवण अवश्य करें या स्वयं पढ़ें।व्रत का समापन और इस पर्व का पौराणिक व सामाजिक महत्वहरियाली तीज का यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन शाम को कथा सुनने के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और अपने पति का आशीर्वाद प्राप्त करके व्रत का पारण करती हैं। इस पर्व का सांस्कृतिक महत्व भी बहुत अधिक है क्योंकि इस दिन महिलाएं पारंपरिक हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं, हाथों में मेहंदी रचाती हैं, झूला झूलती हैं और लोकगीत गाकर उत्सव मनाती हैं। यह त्योहार प्रकृति के प्रति प्रेम और महिलाओं के आपसी सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक है। आज के दिन सच्चे मन से शिव-पार्वती की आराधना करने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है तथा वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:45 pm

साप्ताहिक लव राशिफल : इस हफ्ते 5 राशियों के प्रेम जीवन में आएगी उथल-पुथल, मिथुन को मिलेगा प्यार और तुला को नया पार्टनर

अगस्त महीने का यह नया सप्ताह लव लाइफ और रिश्तों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक का यह हफ्ता सभी 12 राशियों के प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन और डेटिंग लाइफ में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। कुछ राशि के जातकों के रिश्तों में जहां गलतफहमियां दूर होंगी और रोमांस परवान चढ़ेगा, वहीं कुछ खास राशियों के प्रेम जीवन में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। इस हफ्ते मिथुन राशि के जातक प्यार के रंग में रंगे नजर आएंगे, तो वहीं तुला राशि के सिंगल जातकों की जिंदगी में किसी नए पार्टनर की एंट्री हो सकती है। आइए प्रसिद्ध ज्योतिषीय आकलन के आधार पर जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए यह साप्ताहिक लव राशिफल (Weekly Love Horoscope) क्या खास लेकर आया है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा यह हफ्तामेष राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। पार्टनर के साथ छोटी-मोटी बातों पर वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी है। वृषभ राशि के प्रेमियों के लिए यह समय अपने रिश्ते को एक कदम आगे बढ़ाने और विवाह की बात आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल है। बात करें मिथुन राशि की, तो इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों में जबरदस्त निखार देखने को मिलेगा। यदि आप सिंगल हैं, तो किसी खास व्यक्ति के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है और दिल की बात कहने का यह सबसे सही समय है। पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव या डिनर डेट पर जाने के योग बन रहे हैं, जिससे आपसी नजदीकियां और अधिक बढ़ेंगी।कर्क, सिंह और कन्या राशि के प्रेम संबंधों का हालकर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने पार्टनर की भावनाओं को समझने की खास जरूरत है। कामकाज की व्यस्तता के कारण आप अपने साथी को कम समय दे पाएंगे, जिससे वे थोड़े नाराज हो सकते हैं। सिंह राशि के लोगों के प्रेम जीवन में उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी। आपके और आपके जीवनसाथी के बीच का पुराना तनाव इस हफ्ते पूरी तरह दूर हो जाएगा और आप एक-दूसरे के साथ बेहतरीन पल बिताएंगे। कन्या राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता थोड़ा संभलकर चलने का है। किसी तीसरे व्यक्ति की दखलअंदाजी आपके रिश्ते में खटास पैदा कर सकती है, इसलिए अपने निजी मामलों में किसी बाहरी को शामिल न करें और साथी पर पूरा भरोसा रखें।तुला, वृश्चिक और धनु राशि की लव लाइफ की स्थितितुला राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता किसी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। जो जातक अभी तक सिंगल हैं, उनकी जिंदगी में किसी नए पार्टनर की एंट्री हो सकती है, जिससे दिल के तार जुड़ेंगे। वहीं कपल्स के बीच आपसी समझ और प्यार और अधिक प्रगाढ़ होगा। वृश्चिक राशि के लोगों को अपने गुस्से पर काबू रखने की सलाह दी जाती है, अन्यथा आपके तीखे बोल आपके रिश्ते में दूरियां ला सकते हैं। धनु राशि के जातकों के प्रेम संबंधों में इस हफ्ते ताजगी बनी रहेगी। आप दोनों मिलकर किसी छोटी यात्रा की योजना बना सकते हैं, जहां खुलकर दिल की बातें साझा करने का अवसर मिलेगा और रिश्ते में नया रोमांच पैदा होगा।मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों का साप्ताहिक प्रेम भविष्यमकर राशि के जातकों का वैवाहिक जीवन इस सप्ताह काफी सुखद और आनंदमय रहने वाला है। परिवार के सहयोग से आपके रिश्ते को आधिकारिक मंजूरी भी मिल सकती है। कुंभ राशि के जातकों के जीवन में प्यार का अहसास गहरा होगा, लेकिन काम के दबाव के कारण आप अपने साथी को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे हल्की-फुल्की शिकायतें मिल सकती हैं। मीन राशि के लोगों के लिए यह हफ्ता भावनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील रहेगा। यदि आप अपने क्रश से अपने प्यार का इजहार करना चाहते हैं, तो यह सप्ताह आपके पक्ष में परिणाम लेकर आ सकता है। कुल मिलाकर यह हफ्ता सभी राशियों को प्रेम के नए आयाम सिखाने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:43 pm

नाग पंचमी पर घर में बार-बार सांप आने या कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के अचूक उपाय, प्रसन्न होंगे नागदेव और महादेव

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पावन पर्व बहुत ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर नाग देवता की पूजा करने का विधान है और देश भर के विभिन्न नाग मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। सनातन धर्म में सांपों को भगवान शिव का आभूषण और उनके प्रिय गण के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सच्चे मन से नाग देवता और भोलेनाथ की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष जैसी गंभीर परेशानियां हैं या फिर आपके घर के आसपास या अंदर बार-बार सांप निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो सावन की नाग पंचमी का यह दिन इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सबसे उत्तम और प्रभावी माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से विशेष उपाय करने से नागदेव और महादेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।कुंडली में कालसर्प दोष का प्रभाव और नाग पंचमी पर इसके निवारण की महत्तावैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो उसे कालसर्प योग या कालसर्प दोष कहा जाता है। इस दोष के प्रभाव से जातक को जीवन में तमाम तरह की असफलताओं, मानसिक तनाव, करियर में रुकावट, स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिषियों का मानना है कि कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्तियों को नाग पंचमी के दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने चाहिए। इस दिन चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करके किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करने या विधिवत मंदिर में दान करने से इस दोष के बुरे प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख या यथासंभव जाप करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन के रास्ते आसान होने लगते हैं।घर में बार-बार सांप आने का ज्योतिषीय और वास्तु संकेतकई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ घरों में या उसके आसपास बार-बार सांप दिखाई देने लगते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों के मन में एक अनजाना भय और दहशत बैठ जाती है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसे हल्के में नहीं लिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में बार-बार सांप का आना पितृ दोष, नाग दोष या फिर किसी नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का संकेत हो सकता है। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आपको घबराने की बजाय धार्मिक उपायों का सहारा लेना चाहिए। नाग पंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर गोबर या हल्दी से नाग देवता का चित्र बनाना चाहिए और उनकी पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही घर में कालसर्प दोष निवारक पूजा या विशेष शांति अनुष्ठान कराने से इस प्रकार की समस्याओं से मुक्ति मिलती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।नाग पंचमी के दिन करने योग्य अचूक और सरल ज्योतिषीय उपायसावन मास के इस पावन पर्व पर कुछ ऐसे सरल उपाय किए जा सकते हैं, जिन्हें कोई भी आम व्यक्ति आसानी से अपनाकर अपने जीवन के कष्टों को दूर कर सकता है। सबसे पहले, नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद किसी नजदीकी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव और उनके गले में विराजमान नाग देवता का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करें। शिवलिंग पर तांबे या चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा, इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करना चाहिए तथा किसी सपेरे को सांपों को प्रताड़ित करने से बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थान या जंगल में भेजने में सहयोग करना चाहिए। नाग देवता को मीठा दूध और खीर का भोग लगाना भी अत्यंत फलदायी माना गया है, जिससे घर में सुख-शांति का वास होता है।भगवान शिव और नाग देवता की कृपा से जीवन में आती है समृद्धिनाग पंचमी का यह पर्व हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम और सम्मान सिखाता है। हमारे शास्त्रों में प्रकृति के हर एक तत्व को देवता का दर्जा दिया गया है, और सांप भी उसी पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो खेतों के चूहों को खाकर किसानों की फसल की रक्षा करते हैं। नाग पंचमी के दिन श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से न केवल कालसर्प दोष शांत होता है, बल्कि भगवान शिव की कृपा से साधक को आरोग्य, लंबी आयु और अकूत धन-धान्य की प्राप्ति होती है। अपने जीवन से सभी प्रकार के भय और संकटों को दूर करने के लिए इस नाग पंचमी पर विधि-विधान से पूजा करें और नागदेवता से अपने परिवार की रक्षा की प्रार्थना करें, जिससे आपके जीवन में हमेशा सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:42 pm

Chanakya Niti Life Lessons: दुख और संकट में भी इन 4 लोगों के सामने कभी न खोलें अपने दिल का राज

मानव जीवन सुख और दुख के चक्र से बंधा हुआ है। जब व्यक्ति पर मुश्किल समय आता है, आर्थिक तंगी घेरती है या कोई व्यक्तिगत संकट खड़ा होता है, तो वह मन का बोझ हल्का करने के लिए अपने आसपास के लोगों से अपनी भावनाएं साझा करने लगता है। हालांकि, भारतीय नीतिशास्त्र के महान ज्ञाता आचार्य चाणक्य और महात्मा विदुर के अनुसार, संकट के समय जरूरत से ज्यादा भावुक होकर अपनी कमजोरियों को उजागर करना भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है। दुनिया में हर व्यक्ति आपका सच्चा हमदर्द नहीं होता। अक्सर लोग आपके सामने झूठी सहानुभूति दिखाते हैं, लेकिन पीठ पीछे आपकी लाचारी और दुख का मजाक उड़ाते हैं या समय आने पर उसी कमजोरी का इस्तेमाल आपके खिलाफ करते हैं। नीतिशास्त्र के अनुसार, ऐसे 4 प्रकार के लोग होते हैं जिनके सामने दुख में भी कभी अपने दिल की बात नहीं कहनी चाहिए।1. ईर्ष्यालु और छिपी हुई दुश्मनी रखने वाले लोग (Envious Relatives and Friends)जो लोग आपकी तरक्की, प्रतिष्ठा या खुशहाली से मन ही मन जलन की भावना रखते हैं, उनके सामने कभी भी अपने बुरे दौर का जिक्र न करें। ऐसे लोग आपके सामने बहुत मीठे बनकर पूरी बात सुनेंगे और ऐसा दिखावा करेंगे जैसे उन्हें बहुत दुख हुआ है, लेकिन मन ही मन वे आपकी बर्बादी पर खुश होते हैं। जब आप अपनी वित्तीय तंगी या पारिवारिक कलह का राज इन्हें बताते हैं, तो वे समाज में उस बात को नमक-मिर्च लगाकर फैलाते हैं और आपके मनोबल को कमजोर करने का प्रयास करते हैं।2. वाचाल और दूसरों के राज न पचा पाने वाले लोग (Gossipers)कुछ लोगों का स्वभाव अत्यधिक बोलने और दूसरों की निजी बातों को गॉसिप का विषय बनाने का होता है। ऐसे लोगों को दूसरों के रहस्यों को छुपाकर रखना नहीं आता। यदि आप भावुक होकर अपने दुख, गलती या कमजोरी की बात ऐसे व्यक्ति से कह देते हैं, तो वह 'सिर्फ तुम्हें बता रहा हूं' कहकर उस बात को तीसरे व्यक्ति तक पहुंचा देगा। ऐसे लोगों को अपनी आंतरिक बातें बताना अपनी प्रतिष्ठा को चौराहे पर नीलाम करने जैसा होता है।3. मतलबी और स्वार्थी लोग (Selfish Opportunists)स्वार्थी लोग केवल तब तक आपके साथ होते हैं जब तक आपसे उनका कोई हित सध रहा होता है। जब आप ऐसे लोगों के सामने अपने आर्थिक नुकसान या जीवन के संकट का रोना रोते हैं, तो वे मदद करने के बजाय तुरंत दूरी बना लेते हैं ताकि आप उनसे कोई सहायता न मांग लें। इसके अलावा, कई बार वे आपकी लाचारी और मजबूरी का फायदा उठाकर अपने काम बहुत कम लागत या मुफ्त में निकलवाने की चालें चलने लगते हैं।4. आपकी क्षमताओं को कम आंकने वाले आलोचक (Toxic Critics)कुछ लोग स्वभाव से ही निराशावादी और नकारात्मक होते हैं। उनका काम हर स्थिति में आपकी कमियां निकालना और आपको ही दोषी ठहराना होता है। यदि आप किसी विफलता या संकट के समय अपनी परेशानी ऐसे लोगों के सामने रखेंगे, तो वे ढांढस बंधाने के बजाय आपको यह एहसास कराएंगे कि आप ही अयोग्य हैं। इससे आपका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट जाएगा और आप गहरे अवसाद या तनाव की ओर बढ़ सकते हैं।मुश्किल वक्त में कैसे संभालें खुद को?आत्ममंथन और धैर्य: संकट के समय सबसे पहले खुद को शांत रखें और ठंडे दिमाग से समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित करें।सीमित भरोसा: अपने बेहद भरोसेमंद माता-पिता, जीवनसाथी या सच्चे गुरु के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति से अपने घरेलू या वित्तीय संकट साझा न करें।संयम रखें: चाणक्य नीति कहती है कि अपने दुखों को सीने में छिपाकर चेहरे पर शांति बनाए रखना ही शत्रुओं को परास्त करने का सबसे बड़ा हथियार होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:42 pm

Famous Shiv Temple: 3000 साल प्राचीन मंदिर की अनोखी बनावट, जहां गंगा जल में डूबे हैं महादेव

भारत में महादेव के कई फेमस मंदिर हैं, जो अपनी अनोखी परंपराओं और रहस्यों के कारण जाने जाते हैं। उन्हीं में से एक केरल के मलप्पुरम जिले में नीरपथूर महादेव मंदिर है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर भगवान शिव का शिवलिंग सालभर पानी में डूबा रहता है। यही कारण है कि इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मॉनसून में मंदिर का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। सावन में यहां एक अलग रंग देखने को मिलता है। यहां चारों ओर हरियाली, बारिश का मौसम और पानी से भरा गर्भगृह इस मंदिर की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। बताया जा रहा है कि यह मंदिर करीब 3,000 पुराना है। इसे भी पढ़ें: Famous Shiv Temple: हिमाचल के इन Famous Shiva Temples के दर्शन से मिलेगी अपार शांति, देखें पूरी Travel Guide कहां है ये मंदिर भगवान शिव का यह मंदिर केरल के मलप्पुरम जिले में पुथूर गांव में है। नीरपथूर महादेव मंदिर का संचालन मालाबार देवस्वम बोर्ड करता है। यहां पर हर साल बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत नीरपथूर महादेव मंदिर की सबसे बड़ी खासियत गर्भगृह है। यहां पर महादेव शिवलिंग के रूप में विराजमान थे। यहां पूरे साल गर्भगृह में पानी भरा रहता है। यही कारण है कि यह मंदिर केरक के सबसे अनोखे शिव मंदिरों में शामिल है। हमेशा पानी में रहता है शिवलिंग माना जाता है कि मंदिर में मौजूद शिवलिंग स्वयंभू है। यहां कि यह शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ था। वहीं गर्भगृह में भरा यह पवित्र जल मां गंगा का प्रतीक है। क्यों खास होते हैं यहां के दर्शन नीरपथूर महादेव मंदिर के आसपाल हरियाली छाई रहती है। गर्भगृह में मौजूद पानी का दृश्य बेहद सुंदर दिखता है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। वहीं कई बार भारी बारिश के कारण पानी का लेवल भी बढ़ जाता है। इस कारण मौसम के हिसाब से दर्शन की व्यवस्था बदल दी जाती है। यहां मनाए जाते हैं ये त्योहार नीरपथूर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा यहां सहस्र दीपम भी यहां का प्रमुख उत्सव है। इस मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में ऊक्त पहुंचते हैं और दीपक की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है। मंदिर की बनावट यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि अपनी अनोखी बनावट के कारण भी खास है। जहां ज्यादातर मंदिरों में गर्भगृह सूखा रहता है। वहीं यहां पर शिवलिंग पूरे साल पानी से भरा रहता है। ऐसे पहुंचे आप यहां पर हवाई जहाज से पहुंच सकते हैं। बता दें के कालीकट से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंदिर से करीब 60 किमी दूर है। वहीं आप यहां पर ट्रेन से आना चाहती हैं, तो तिरूर रेलवे स्टेशन मंदिर से 60.7 किमी दूर है। वहीं अगर बस से आते हैं, तो पेरिंथलमन्ना KSRTC बस डिपो मंदिर से करीब 25.9 दूर है। इन बातों का रखें ध्‍यान बारिश के मौसम में फिसलन के लिए कंफर्टेबल जूते पहनें। मंदिर के अंदर जाने से पहले वहां के सभी नियमों का पालन करें। दर्शन और पूजा के दौरान शांति बनाए रखें। अगर आप मॉनसून में यहां जा रहे हैं, तो पहले मौसम की जानकारी ले लें।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:40 pm

Nimbu Mirchi Totka Secrets: क्यों टांगते हैं नींबू-मिर्च? सिर्फ अंधविश्वास नहीं, इसके पीछे छिपा है गहरा विज्ञान और रहस्य

भारतीय समाज में सदियों से घर, दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और नए वाहनों के मुख्य द्वार पर सात हरी मिर्चों के साथ एक ताजा पीला नींबू धागे में पिरोकर लटकाने की परंपरा चली आ रही है। अधिकांश लोग इसे केवल बुरी नजर से बचने का एक टोटका या धार्मिक अंधविश्वास मानकर अपनाते हैं। मंगलवार या शनिवार के दिन नए नींबू-मिर्च को मुख्य द्वार पर बांधना और पुराने को फेंकना भारतीय जनजीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। हालांकि, यदि प्राचीन भारतीय परंपराओं, वास्तु शास्त्र और आधुनिक विज्ञान के दृष्टिकोण से इसका बारीक विश्लेषण किया जाए, तो स्पष्ट होता है कि हमारे पूर्वजों द्वारा शुरू किए गए इस रिवाज़ के पीछे केवल धार्मिक मान्यताएं ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, कीट-पतंगों की रोकथाम और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से जुड़े कई ठोस वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण भी मौजूद थे।धार्मिक और पौराणिक मान्यता: दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी का रहस्यहिंदू पौराणिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी की एक बड़ी बहन हैं, जिनका नाम 'देवी अलक्ष्मी' (Goddess Alakshmi) है। देवी अलक्ष्मी को दरिद्रता, कलह, दुख और दुर्भाग्य की प्रतीक देवी माना गया है। पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि जहां देवी लक्ष्मी को मीठे, सुगंधित और स्वादिष्ट पकवान पसंद हैं, वहीं देवी अलक्ष्मी को तीखी, खट्टी और कड़वी वस्तुएं अत्यंत प्रिय होती हैं। मान्यता है कि जब घर के मुख्य दरवाजे पर नींबू (खट्टा) और हरी मिर्च (तीखा) लटका दिए जाते हैं, तो देवी अलक्ष्मी दरवाजे पर ही अपना मनपसंद भोजन पाकर संतुष्ट हो जाती हैं और वहीं से तृप्त होकर लौट जाती हैं। इससे वे घर या दुकान के भीतर प्रवेश नहीं कर पातीं और घर में दरिद्रता तथा कलह का वास होने से बच जाता है।कीट-पतंगों और मक्खी-मच्छरों से बचाव का प्राकृतिक विज्ञाननींबू-मिर्च को दरवाजे पर टांगने का सबसे बड़ा और व्यावहारिक कारण पूरी तरह वैज्ञानिक है। प्राचीन काल में आज की तरह आधुनिक कीटनाशक स्प्रे, मॉस्किटो रिपेलेंट्स या एयर प्यूरीफायर उपलब्ध नहीं थे। नींबू में भरपूर मात्रा में साइट्रिक एसिड और वाष्पशील तेल (Essential Oils) पाए जाते हैं, जबकि ताजी हरी मिर्च में 'कैप्साइसिन' (Capsaicin) नामक तीखा एल्कलाइड मौजूद होता है। जब एक सूती धागे में तांबे या लोहे की सुई से नींबू और मिर्च को एक साथ पिरोया जाता है, तो धागा नींबू के अम्लीय रस और मिर्च के तीखे तेल को लगातार सोखता रहता है। जैसे-जैसे हवा दरवाजे से होकर गुजरती है, यह अम्लीय और तीखी गंध पूरे प्रवेश द्वार पर एक प्राकृतिक सुरक्षा घेरा बना देती है। यह तीखी गंध मक्खियों, मच्छरों, कीड़े-मकोड़ों, मकड़ियों और अन्य जहरीले कीटों के श्वसन तंत्र को परेशान करती है, जिससे वे घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाते।वास्तु शास्त्र और सकारात्मक ऊर्जा का सिद्धांतवास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी भवन या परिसर का मुख्य द्वार (Main Entrance) सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है क्योंकि यहीं से समस्त ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं का भीतर आगमन होता है। यदि मुख्य द्वार पर नकारात्मक तरंगें (Negative Vibes) मौजूद हों, तो वे पूरे परिवार के सदस्यों के मानसिक संतुलन और प्रगति को प्रभावित कर सकती हैं। वास्तु में नींबू के गोल आकार और उसके चमकीले पीले रंग को सूर्य और गुरु ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। नींबू वातावरण में मौजूद नकारात्मक तरंगों और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक असंतुलन को सोखने की अद्भुत क्षमता रखता है। यही कारण है कि जब नींबू सूखकर काला पड़ने लगता है, तो माना जाता है कि उसने आसपास की सभी दूषित और नकारात्मक ऊर्जाओं को अपने भीतर समाहित कर लिया है, जिसके बाद उसे बदलकर नया नींबू लगाना आवश्यक माना जाता है।मानव मनोविज्ञान और रंगों का दृश्य प्रभाव (Visual Psychology)मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी मुख्य द्वार पर लटकी हुई ताजी हरी मिर्च और चमकीला पीला नींबू एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी सुंदर घर, नए वाहन या सफल व्यापारिक दुकान को देखता है, तो अनायास ही उसके मन में ईर्ष्या, आकर्षण या तीव्र नजर का भाव उत्पन्न हो सकता है। चमकीला पीला रंग और गहरा हरा रंग मनुष्य की आंखों को तुरंत अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जब कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश द्वार पर आता है, तो उसकी पहली नजर सीधे लटके हुए नींबू-मिर्च पर पड़ती है। इससे देखने वाले की मानसिक एकाग्रता भंग हो जाती है और उसकी नकारात्मक सोच या ईर्ष्या का प्रभाव संपत्ति या घर के सदस्यों पर सीधे पड़ने से बच जाता है।नींबू-मिर्च लटकाते समय इन जरूरी नियमों का रखें ध्यानपरंपरा के अनुसार, नींबू-मिर्च लटकाने का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही विधि और नियमों के साथ स्थापित किया जाए।हमेशा बेदाग, ताजा पीला नींबू और बिना टूटी हुई 7 ताजी हरी मिर्चों का ही उपयोग करना चाहिए।इसे बांधने के लिए हमेशा काले या कच्चे सूती धागे का प्रयोग किया जाता है, जो ऊर्जा को सोखने में सबसे प्रभावी माना जाता है।इसे लगाने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।जब नींबू-मिर्च पूरी तरह सूख जाए या उसका रंग काला पड़ने लगे, तो उसे तुरंत हटाकर किसी सुनसान जगह, बहते जल या कचरे में विसर्जित कर देना चाहिए और उसे कभी भी घर के किसी सदस्य के पैरों के नीचे नहीं आने देना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:40 pm

किस मंजिल पर रहना है सबसे शुभ? फ्लैट खरीदते समय न करें 4 गलतियां

Vastu Tips: वास्तु के अनुसार फ्लैट के लिए कौन सा फ्लोर शुभ माना जाता है? जानें ग्राउंड, पहली, दूसरी, तीसरी और ऊपरी मंजिल से जुड़े वास्तु नियम और सही फ्लोर चुनने के खास टिप्स.

आज तक 15 Aug 2026 9:56 am

अटारी बॉर्डर पर जश्न-ए-आजादी की दिखीं खास झलक, देखें पंजाब आजतक

अटारी बार्डर में माहौल देश भक्ति के रंग में रंग गया है... अटारी बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी की फाइनल रिहर्सल हुई... आजादी के पर्व से ठीक पहले सरहद का ये इलाका मानो जश्न के मंच में बदल गया है... सुरक्षा जवानों के कदमों की धमक... बैंड की धुन... और तिरंगे की शान... सब मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे हैं, जिसे देखकर हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए.

आज तक 15 Aug 2026 8:55 am

उत्साह और उमंग के साथ निकली तिरंगा यात्रा, देखें गुजरात आजतक

सबसे पहले बात 15 अगस्त की... जिसकी रौनक पूरे देश में देखने को मिल रही है... देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा...लेकिन एक दिन पहले ही पूरा गुजरात तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है... हर तरफ देशभक्ति का जोश हाई है... पूरे उत्साह और उमंग के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है.. हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता के जयकारे से माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर है.. तो कहीं ध्वजारोहण प्रोटोकॉल को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है..

आज तक 15 Aug 2026 8:43 am

15 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 15 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 15 अगस्त 2026, दिन- शनिवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 17.28 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, चंद्रमा- सिंह में सुबह 09.34 बजे तक फिर कन्या में, सूर्य- कर्क में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.59 बजे से दोपहर 12.52 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.08 बजे से सुबह 10.47 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व, आज हरियाली तीज है.

आज तक 15 Aug 2026 2:30 am

मीन राशिवालों को परिवार से सपोर्ट मिलेगा, करियर में उन्नति होगी, जानें शुभ रंग

Pisces Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: आलस्य छोड़ कर काम करने का दिन है, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, करियर में उन्नति होगी, वाणी में नियंत्रण रखें, मित्रों पर शक ना करें.

आज तक 15 Aug 2026 2:24 am

कुंभ राशिवालों को संतान से खुशी मिलेगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, जानें दैनिक राशिफल

Aquarius Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: कार्यक्षमता और बढ़ेगी, धन की लाभ के लिए अपनी कोशिश तेज कर दें, करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, संतान से खुशी मिलेगी, सेहत पर ध्यान देना होगा.

आज तक 15 Aug 2026 2:20 am

मकर राशिवालों के प्रॉपर्टी से जुड़े काम बनेंगे, कहीं दूर से शुभ सूचना मिलेगी, जानें जरूरी टिप

Capricorn Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से जुड़े काम बनेंगे, कहीं दूर से शुभ सूचना मिलेगी, आपका सम्मान और बढ़ेगा, सेहत ठीक रहेगी, फैसले लेने में देरी ना करें.

आज तक 15 Aug 2026 2:18 am

धनु राशिवालों का धन लाभ का योग है, अहंकार से बचना होगा, जानें शुभ रंग

Sagittarius Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, अहंकार से बचना होगा, रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी, अहंकार से बचना होगा, मित्रों के भरोसे कोई काम ना छोड़ें.

आज तक 15 Aug 2026 2:14 am

वृश्चिक राशि वालों के आज करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे, गुस्से से बचें

Scorpio Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, आपका सम्मान बढ़ेगा, करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे, मन की चिंता दूर होगी, अपने खान-पान का ख्याल रखें, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 15 Aug 2026 2:12 am

कन्या राशि वालों के आज रुके काम बनेंगे, करें ये उपाय

Virgo Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: रुके काम बनेंगे, परिवार में सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, करियर को लेकर नई योजना बनेगी, विदेश से संबंधित काम में सफलता मिलेगी, गुस्से को कंट्रोल करें, व्यापार बढ़ाने के लिए मेहनत भी बढ़ानी होगी.

आज तक 15 Aug 2026 2:06 am

सिंह राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, जानें पूरा भाग्यफल

Leo Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: मन में टेंशन रहेगी, हर काम धैर्य से करने का दिन है, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, काम को लेकर व्यस्तता रहेगी, करियर में तरक्की के लिए मेहनत बढ़ाएं, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 15 Aug 2026 2:02 am

मिथुन राशि वाले आज आसमानी रंग के पहनें कपड़े, मन की परेशानी दूर होगी

Gemini Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: काम में जल्दबाजी से बचें, बातचीत में इगो से बचें, मन की परेशानी दूर होगी, कोई शुभ समाचार मिलेगा, धन लाभ के लिए और मेहनत करना होगा, व्यापार में समय और देना होगा.

आज तक 15 Aug 2026 1:56 am

वृषभ राशि वाले आज किसी गरीब को फल दान करें, होगा धन लाभ

Taurus Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: धन लाभ होगा, शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, यात्रा से लाभ का योग है, खर्चों को कंट्रोल करें, परिवार की उलझनें कम होंगी, व्यापारी में लाभ की स्थिति बनेगी.

आज तक 15 Aug 2026 1:54 am

मेष राशि वालों को आज काम में सफलता मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल

Aries Daily Horoscope, 15 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: आपका सम्मान बढ़ेगा, काम में सफलता मिलेगी, कुछ नया करने का मौका मिलेगा, पैसा किसी को उधार ना दें, नेगेटिव विचारों को हावी ना होने दें, व्यापार से जुड़ी उलझनें बढ़ सकती हैं.

आज तक 15 Aug 2026 1:50 am

संबंधों में स्पष्टता रखेंगे, सुख से समय बिताएंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: भावनात्मक संतुलन बनाए रखेंगे. वाणी व्यवहार सहज होगा. लोगों से मेलजोल बढ़ाने के अवसर बनेंगे. विविध विषयों में निरंतरता और सक्रियता रखेंगे.

आज तक 15 Aug 2026 1:24 am

तनाव में नहीं आएं, निजी संवाद पर जोर रखें

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: उदासी के कारणों को हावी न होने दें. विवेक विनम्रता से आगे बढ़ें. अन्य के प्रभाव में अतिउत्साह न दिखाएं. वाणी व्यवहार संतुलित बनाए रखें.

आज तक 15 Aug 2026 1:22 am

फोकस बनाए रखेंगे, प्रस्तावों प्राप्ति होगी

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: विभिन्न मोर्चे पर सफलता पाएंगे. जरूरी निर्णय ले पाएंगे. संस्कार परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा. मानसम्मान का भाव रहेगा. अन्य से सहज संवाद रहेगा.

आज तक 15 Aug 2026 1:18 am

कार्यशैली सुधरेगी, कार्यों में गति आएगी

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: उचित प्रदर्शन पर जोर होगा. चहुंओर इच्छित परिणाम बनेंगे. आपसी मेलजोल बढ़ाने का भाव रहेगा. परंपरागत कार्यों में सहयोगी रहेंगे.

आज तक 15 Aug 2026 1:16 am

सुखद पल बिताएंगे, मेहमान आएंगे

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: समझौतों को आगे बढ़ाएंगे. सामंजस्यता की कोशिश बनाए रखेंगे. अनुकूल स्थिति का लाभ उठाएंगे. हर स्थिति के लिए तैयार रहेंगे.

आज तक 15 Aug 2026 1:12 am

तार्किकता पर जोर रखें, समकक्ष सहायक होंगे

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: व्यक्तिगत प्रयास बेहतर बनाएंगे. विविध मामलों में सहज रहेंगे. लंबित विषयों को वक्त पर पूरा करेंगे. संवेदनशीलता बनी रहेगी. समकक्ष सहायक होंगे.

आज तक 15 Aug 2026 1:10 am

स्वास्थ्य सुधार पाएगा, दिनचर्या आकर्षक रहेगी

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 15 August 2026: भावनात्मक मामलों मेंपहल का भाव रहेगा. नवीन गतिविधियों को बल देने की कोशिश होगी. बड़ों की आज्ञा रखेंगे. निजी मामलों में सकारात्मकता से आगे बढ़ेंगे

आज तक 15 Aug 2026 1:06 am