आज त्रिपुष्कर योग और रविवार व्रत का महासंयोग, दोपहर से शुरू होगी भद्रा, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
हिंदू सनातन पंचांग के अनुसार आज 21 जून 2026 को बेहद खास और पवित्र संयोग बन रहा है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और रविवार का दिन है। आज के दिन भगवान सूर्य नारायण की उपासना और रविवार व्रत का विशेष महत्व माना गया है। इसके साथ ही आज के पंचांग में त्रिपुष्कर योग जैसा फलदायी योग भी बन रहा है, जिसमें किए गए कार्यों का तीन गुना फल मिलता है। हालांकि, आज के दिन कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से पहले पंचांग के नियमों और भद्रा के समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि दोपहर से भद्रा का साया शुरू होने जा रहा है।आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थितिआज 21 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 05 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है जो दोपहर 02 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा जो रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा। आज चंद्रमा पूरे दिन और रात सिंह राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य देव मिथुन राशि में विराजमान हैं।त्रिपुष्कर योग का महामुहूर्त और दोपहर से भद्रा का सायाज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 15 मिनट तक त्रिपुष्कर योग रहेगा। इस योग में भूमि, भवन की खरीदारी या कोई बड़ा निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से ही भद्रा का साया भी शुरू हो रहा है, जो अगले दिन यानी 22 जून की भोर में 03 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। चूंकि भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, इसलिए इसका आंशिक असर रहेगा, फिर भी इस दौरान मांगलिक और विवाह जैसे शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समयअगर आप आज कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो दिन के सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। वहीं दूसरी ओर, किसी भी शुभ कार्य को करने से बचने के लिए राहुकाल के समय का ध्यान रखें। आज का राहुकाल शाम को 05 बजकर 38 मिनट से शाम को 07 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। राहुकाल के दौरान नया निवेश या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।आज का दिशाशूल और रविवार व्रत पूजा विधिआज रविवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसका मतलब है कि आज के दिन पश्चिम दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से दलिया, घी या पान खाकर निकलें। आज रविवार व्रत के दिन सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से मान-सम्मान, नौकरी में तरक्की और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?
ब्रह्मांड के 'कम्युनिकेशन मिनिस्टर' और बुद्धि के देवता, बुध, 29 जून 2026 की रात 10:45 बजे कर्क राशि में वक्री (Retrograde) होने जा रहे हैं, यानी वे अपनी उल्टी चाल शुरू करेंगे। ज्योतिष में बुध की वक्री चाल को थोड़ा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यह ...
प्रद्युम्न चतुर्थी 2026: जानिए व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी करते हैं। इस दिन व्रत रखने का बड़ा महत्व है। इस बार इस चतुर्थी का व्रत 18 जून 2026 गुरुवार के दिन रखा जाएगा। चलिए जानते हैं कि इस चतुर्थी को क्यों कहते हैं प्रद्युम्न ...
बुधादित्य और गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, 5 राशियों पर होगी धन-वर्षा
वर्तमान में वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के गोचर और चाल से कई महत्वपूर्ण और शुभ-अशुभ योग बन रहे हैं। जून 2026 में बने इन शक्तिशाली ग्रह गोचरों (विशेषकर गुरु का उच्च राशि कर्क में जाना और सूर्य-बुध का बुधादित्य योग) से मुख्य रूप से 5 राशियों को ...
दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक
देश भर में हनुमान जी को समर्पित कई मंदिर है। इस मंदिरों का अपना विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर शामिल है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है और एक ऊंचे टीले पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के बाद ही रामलला के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान जी इस मंदिर में रक्षक के रूप में वास करती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में आने पर भक्तों को खास ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है। किसी खास मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हनुमान गढ़ी मंदिर से जुड़े रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahu Ketu Temples: Rahu-Ketu के प्रकोप से हैं परेशान? India के इन 6 मंदिरों में दर्शन से मिलेगा हर संकट से छुटकारा पौराणिक कथा पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्रीराम ने रावण की लंका पर विजय प्राप्त की और जब अयोध्या वापस आए, तो प्रभु श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के आने का उत्साह मनाया जा रहा था। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और राम जी ने सभी को विदा किया। लेकिन हनुमान जी अयोध्या को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे। राम जी ने दी हनुमान जी को ये जगह हनुमानजी की भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को अयोध्या में रहने के लिए एक जगह दी। यह स्थान एक ऊंचे टीले पर मौजूद थी। जहां पर हनुमान गढ़ी मंदिर को बनाया गया था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक ऊंचे टीले पर होने के कारण हनुमान जी को यहां से पूरी अयोध्या नगरी दिखती थी। राम जी ने रहने के लिए यह स्थान देते हुए हनुमान को यह वचन दिया कि अयोध्या मेरा दर्शन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक की हनुमान गढ़ी के दर्शन नहीं किए जाएंगे। मनोकामनाएं होती हैं पूरी इस प्रसंग का वर्णन स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी को चोला अर्पित करने से सभी दोष की समस्या से छुटकारा मिलता है। हनुमान गढ़ी मंदिर में माता अंजनी की गोद में बाल हनुमान की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। वहीं यूपी सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा कराया गया है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
Saur Ashadha Month 2026: सौर आषाढ़ माह प्रारंभ, जानिए महत्व
Hindu Solar Month Ashadha: सौर आषाढ़ माह हिंदू सौर कैलेंडर और ज्योतिष विज्ञान का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब हम 'सौर' आषाढ़ की बात करते हैं, तो इसका सीधा संबंध सूर्य देव के गोचर यानी राशि परिवर्तन से होता है।
सिंधु सम्राट राजा दाहिर: शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा
इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नायक होते हैं जिनका बलिदान इतना महान होता है कि सदियाँ बीतने के बाद भी उनकी वीरता की गूँज कम नहीं होती। अविभाजित भारत के ऐसे ही एक महान हिंदू योद्धा थे—सिंधु सम्राट राजा दाहिर। आइए, इतिहास की परतों को खोलते हुए जानते हैं ...
मिथुन संक्रांति 2026: करें ये 5 विशेष दान, आर्थिक तंगी और जीवन के संकटों से मिल सकती है राहत
सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बहुत बड़ा बदलाव माना जाता है। जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान और विशेष रूप से दान का बेहद खास ...
मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय
जब सूर्य देव अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो प्रकृति और हमारे जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। साल 2026 की यह मिथुन संक्रांति आपके आत्मबल को बढ़ाने और सूर्य देव की असीम कृपा पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं इस ...
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, 6 राशियों को मिलेगी करियर, नौकरी और व्यपार में बड़ी सफलता
सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के राजा सूर्य का यह राशि परिवर्तन 6 राशियों के लिए फायदे का समय रहेगा। नौकरीपेशा हैं तो पदोन्नति या इंक्रीमेंट की संभावना और व्यापारी हैं तो कोई बड़ी डील हो सकती है। आइए जानते हैं कि मेष, सिंह, ...
Shukra Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत: मुहूर्त से लेकर कथा तक, जानें व्रत की पूरी जानकारी
Pradosh Vrat 2026: वर्ष 2026 में कई बार शुक्र प्रदोष व्रत आएगा। प्रत्येक प्रदोष तिथि त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव का विशेष पूजन किया जाता है। इस व्रत से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त ...
बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग
11 जून 2026 गुरुवार को बुध ग्रह का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश हो गया है, जहां वे 08 अगस्त तक रहकर अश्लेशा में गोचर कर जाएंगे। इस नक्षत्र में बुध ग्रह करीब 58 दिनों तक रहेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं और यह मिथुन एवं कर्क राशियों ...
Parama Ekadashi 2026: 3 साल बाद आई परमा एकादशी, इस तरह करें पूजा और व्रत
Parama Ekadashi Puja Vidhi: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ माना जाता है। यह एकादशी लगभग तीन वर्ष बाद आती है, क्योंकि इसका संबंध अधिक मास ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (09 जून, 2026)
Today 09 June 2026 horoscope in Hindi : आज 09 जून 2026, मंगलवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें
ideologies list: विश्व के इतिहास में दर्शन (Philosophy), राजनीति, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विचारों और सिद्धांतों की एक विशाल श्रृंखला रही है। इन सिद्धांतों को ही हिंदी में 'वाद' और अंग्रेजी में '-ism' कहा जाता है। दुनिया के सभी ...
राहु का गोचर: 5 राशियों के लिए खुले हैं तरक्की के बंद दरवाजे, अभी भी बचा है समय
राहु का यह गोचर कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सफलता के योग बन रहे हैं। जानिए वे 5 राशियां कौन-सी हैं और कैसे उठा सकती हैं इसका लाभ।
आषाढ़ का महीना 2026: क्या करें और किन गलतियों से बचें?
मौसम बदल रहा है और इसके साथ ही शुरू हो रहा है सनातन परंपरा का बेहद खास महीना- आषाढ़। इस साल यानी 2026 में 30 जून से 14 जुलाई तक आषाढ़ का कृष्ण पक्ष रहेगा, और फिर 15 जुलाई से 29 जुलाई तक शुक्ल पक्ष चलेगा।
भविष्य मालिका की कौन-कौन सी भविष्यवाणियां अब तक हुईं सच? जानिए चौंकाने वाले तथ्य
Bhavishya Malika: ओडिशा के महान संत अच्युतानंद दास जी और उनके पंचसखाओं द्वारा करीब 500-600 साल पहले ताड़ के पत्तों पर लिखी गई 'भविष्य मालिका' आजकल अपनी सटीक भविष्यवाणियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रंथ के अनुयायियों और ...
8 जून से पलटेगी इन 4 राशियों की किस्मत, गुरु-शुक्र मिलकर बना रहे गजलक्ष्मी राजयोग
Gajalakshmi Rajyoga 2026: ज्योतिष की दुनिया में एक बहुत बड़ा महासंयोग होने जा रहा है। जब धन-वैभव के मालिक शुक्र और ज्ञान के देवता गुरु एक साथ हाथ मिलाते हैं, तो बनता है बेहद शुभ 'गजलक्ष्मी राजयोग'। इस बार यह दुर्लभ योग 8 जून 2026 से कर्क राशि में ...
गुरु का कर्क राशि में महागोचर, 2 राशियों के लिए अशुभ, 3 पर मिलाजुला प्रभाव, करें 5 उपाय
2 जून 2026 को गुरु ने कर्क में में गोचर किया है। बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ, कुछ के लिए अशुभ और कुछ के लिए मिलाजुला असर रहेगा। यदि आपकी राशि पर गुरु के कर्क में गोचर का अशुभ या मिलाजुला असर है तो आजमाएं 5 उपाय और निश्चिंत ...
कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव
वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण होते हैं। प्रत्येक चरण ढाई वर्ष का होता है। मेष पर पहला चरण, मीन पर दूसरा चरण और कुंभ पर तीसरे चरण का प्रभाव है। तीसरा चरण अर्थात शनि की साढे साती अब उतार पर ...
सोमवार से रविवार तक करें ये अचूक उपाय, हर दिन चमकेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के अनुसार, सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी विशेष ग्रह और देवी-देवता को समर्पित होते हैं। यदि हम वार (दिन) के अनुसार छोटे-छोटे विशेष उपाय करें, तो उस दिन से जुड़े ग्रह बलवान होते हैं और हमारे काम आसानी से बनने लगते हैं। ...
गायत्री मंत्र को वेदों का महामंत्र माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि यह सूखी हुई जिंदगी को भी हरा-भरा कर सकता है। लेकिन अक्सर लोग जाने-अनजाने में इसका जाप करते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें इसका ...
Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत?
June First Week Numerology: जून 2026 का पहला सप्ताह कई लोगों के लिए नए अवसर, आर्थिक प्रगति और व्यक्तिगत विकास के संकेत लेकर आया है। वहीं कुछ मूलांक वालों को इस दौरान धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। यहां जानें इस सप्ताह का ...
अधिकमास पूर्णिमा व्रत: शुभ संयोग और मुहूर्त में करें लक्ष्मी नारायण की पूजा, जानिए उपाय
अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा 30 और 31 मई 2026 को रहेगी। इस दुर्लभ संयोग में लक्ष्मी नारायण की पूजा करके आप जीवनभर के संताप से मुक्त होगी सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्वपूर्ण
जून माह में रहेगी ज्येष्ठ माह की 2 एकादशियां, जानिए तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Jyeshtha Month Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह की एकादशियां विशेष रूप से भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती हैं। इस दिन भक्त विधिपूर्वक उपवास रखकर विष्णु सहस्रनाम, गीता पाठ और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि एकादशी के दिन किया गया ...
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
Nirjala Ekadashi Date 2026: निर्जला एकादशी हिन्दू धर्म के प्रमुख व्रतों में से एक है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आती है। इस दिन व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन निर्जल यानी बिना जल ग्रहण किए व्रत करते ...
जून में कर्क राशि में बनेगा गजलक्ष्मी योग, 4 राशियों को मिलेगा अचानक से धन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब धन के दाता शुक्र और ज्ञान के कारक गुरु की युति किसी शुभ राशि में होती है तब गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होता है। 8 जून 2026 से कर्क राशि में बनने वाला यह योग कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला माना जा ...
गुरुवार किस देवी या देवता का दिन होता है, क्या करना चाहिए इस दिन?
हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) का दिन मुख्य रूप से ब्रह्मा, भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और गुरुओं के गुरु भगवान दत्तात्रेय को समर्पित है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है क्योंकि वे भगवान विष्णु की अर्धांगिनी ...
जून 2026 में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज, जानिए क्या कहता है ज्योतिष
साल 2026 का आधा सफर तय करते ही जून का महीना मौसम के लिहाज से बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। एक तरफ जहां सूरज की तपिश इंसानी सब्र का इम्तिहान लेगी, वहीं दूसरी तरफ ग्रहों की चाल इस बार झमाझम बारिश के योग भी बना रही है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र और ...
Purnima date 2026: अधिकमास की पूर्णिमा का व्रत रखने का क्या है महत्व, जानिए पूजा मुहूर्त और विधि
Adhik Maas Purnima Vrat: अधिकमास पूर्णिमा का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, दान, स्नान और पूजा करने से कई गुना अधिक फल ...
बुध का वृषभ राशि में उदय, 12 राशियों पर कैसा रहेगा असर?
बुद्धि, संवाद, व्यापार और तर्क क्षमता के कारक बुध ग्रह 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे वृषभ राशि में उदित हो रहे हैं। ज्योतिष में बुध का उदय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे रुके हुए कामों में गति आती है और करियर-कारोबार में नई ऊर्जा देखने को ...
जून 2026 का ज्योतिषीय विश्लेषण: कैसा रहेगा मौसम, राजनीति, राशि और देश-दुनिया का हाल?
जून 2026 में ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई बड़े बदलावों के संकेत दे रही है। इस महीने मौसम, वर्षा, राजनीतिक घटनाक्रम, देश-दुनिया की हलचल और जनजीवन पर क्या असर पड़ सकता है? जानें ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहयोगों के आधार पर जून माह का विस्तृत विश्लेषण। इसी के ...
ganga dussehra katha: गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के पर्व को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र में सर्वश्रेष्ठ नदी 'गंगा' स्वर्ग से अवतरित हुई थीं। इस वर्ष 25 मई 2026 को गंगा दशहरा मनाया जा रहा है। अत: इस पावन दिन ...
Ganga Dussehra Bhog: गंगा दशहरा पर मैया को अर्पित करें ये विशेष भोग
Ganga Puja Prasad: गंगा दशहरा पर 10 की संख्या का बड़ा महत्व है। यदि आप भी गंगा मैया से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो यह कोशिश करें कि आप जो भी भोग- जैसे मालपुए, सत्तू के लड्डू या फल, अर्पित कर रहे हैं तो उनकी संख्या 10 ही हो।

