अंग्रेजों की कोशिश नाकाम! 300 साल पुराने 'रिजर्व माता' मंदिर का चमत्कार
300 साल से भी ज्यादा पुराना महाराष्ट्र के अकोला का यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. मां अंबिका को यहां अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. कोई उन्हें 'बागातली देवी' कहता है, तो कोई 'रिजर्व माता' के नाम से जानता है.
नवपंचम और षडाष्टक योग से पलटेगी 5 राशियों की किस्मत, मिल सकते हैं बड़े लाभ
कुंभ राशि के राहु का कर्क राशि के मंगल और गुरु के साथ षडाष्टक योग चल रहा है तो दूसरी ओर मीन केशनि का कर्क के मंगलऔर गुरु के साथ नवपंचम योग चल रहा है और तीसरी ओर सिंह केतु का शनि के साथ षडाष्टक योग चल रहा है। इसी के साथ सूर्य और शनि का समसप्तक योग भी ...
Shardiya Navratri: अपनी राशि अनुसार करें देवी की उपासना और मंत्र जप, मिलेगी मां की कृपा
नवरात्रि का पर्व की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान भक्तजन मां दुर्गा की उपासना करते हैं और व्रत रखते हैं। देवी दुर्गा सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन 9 दिन मां दुर्गा धरती पर आती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ ही 10 महाविद्धियों की पूजा की जाती है। आइए आपको इस लेख में राशि के अनुसार, किस देवी की पूजा की जाती है। साथ ही जाने मंत्रों का जप करना चाहिए, जिससे आपको मां दुर्गा की पूरी कृपा प्राप्त हो सकें। शारदीय नवरात्रि में राशि अनुसार, किस देवी की पूजा करें और कौनसे मंत्र जप करें मेष राशि मेष राशि के लोगों को मां दुर्गा की आराधना करना चाहिए। रोजाना मां दुर्गा के मंत्र 'ओम ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' और 'ओम ऐं सरस्वत्यै नमः' इन मंत्रों का जप कम से कम 11 या 21 बार करें। वृषभ राशि इस राशि के जातकों को मां काली की पूजा करनी चाहिए। आपको मां काली के मंत्र 'क्रीं कालिकायै नमः' जप रोजाना 11 या 21 बार करें। मिथुन राशि मिथुन राशि वाले मां तारा की आराधना करें। आपको 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट्' मंत्र का जप नवरात्रि के समय कर सकते हैं। इस मंत्र का जप 11 या 21 बार करें। कर्क राशि कर्क राशि के लोगों को मां कमला की पूजा या उपासना करनी चाहिए। कमला महाविद्या को लक्ष्मी स्वरुप माना जाता है। इसके साथ ही दौरान आपको ओम श्रीं ही श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम: मंत्र का जप कम से कम 11 या 21 बार रोजाना करें। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों को मां बाला त्रिपुर सुंदरी की आराधना करना शुभ फलदायी रहेगा। इस अवधि में आपको 'ऐं क्लीं सौं:' इस मंत्र का जप रोजाना करना चाहिए। कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को नवरात्रि के पावन अवसर पर मां मातंगी की पूजा आराधना करना चाहिए। आप नवरात्रि में 'ऊँ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा' मंत्र का जप कर सकते हैं। तुला राशि नवरात्रि के पावन अवसर पर तुला राशि के जातकों को माता महाकाली की उपासना कर सकते हैं। नवरात्रि में 'कालिकायै नम:' मंत्र का जप करना बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही आप कामाख्या चालीसा का पाठ कर सकते हैं। यह आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लोगों को नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करना बेहद लाभकारी है। इस दौरान मां दुर्गा का मंत्र 'ऊँ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' का जप कम से कम 11 या 21 बार जरुर करें। यदि समय मिले तो कम से कम 108 बार करें। धनु राशि धनु राशि वाले नवरात्रि पर मां बगलामुखी की पूजा कर सकते हैं। आप मां बगलामुखी के नाम मंत्र का जप कर सकते हैं। मकर राशि मकर राशि के जातकों को मां षोडशी की आराधना करना चाहिए। षोडशी यानी श्रीविद्या। इनके मंत्र का जप आप किसी गुरु दीक्षा लेने के बाद ही करना चाहिए। आपको दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों को मां भुवनेश्वरी की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान 'ओम ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः' मंत्र का जप करना चाहिए, इसे आप कम से कम 11, 21 या 51 बार जप कर सकते हैं। इसके साथ ही आप दुर्गा कवच का पाठ करें। मीन राशि मीन राशि के लोगों को मां बगलामुखी की आराधना करना शुभ रहता है। यदि आपने कोई गुरु मंत्र लिया है, तो आप उसे प्राथमिकता दें और उसका जप करें।
NEET छात्रा की डेथ मिस्ट्री क्यों नहीं सुलझा पाई CBI? देखें क्राइम कहानियां विद शम्स
इसी साल जनवरी में पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में नाबालिग नीट छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिली थी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए. मामले के तूल पकड़ने पर जांच एसआईटी को दी गई और बाद में राज्य सरकार ने इसे सीबीआई को सौंप दिया, हालांकि छात्रा के परिजन सीबीआई जांच के पक्ष में नहीं थे. सीबीआई की जांच के दौरान लगभग 30 लोगों का डीएनए टेस्ट हुआ और हॉस्टल के संचालक को जेल भी भेजा गया. हालांकि, तय 90 दिनों की समयसीमा में चार्जशीट दाखिल न होने के कारण आरोपी को जमानत मिल गई. देखें क्राइम कहानियां विद शम्स.
नवरात्र में शुक्र अस्त, 14 अक्टूबर से इन 4 राशियों के अच्छे दिन शुरू
Shukra Asta 2026: 14 अक्टूबर से शुक्र तुला राशि में अस्त होने वाले हैं. इसके बाद शुक्र 30 अक्टूबर को उदयवान होंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह परिवर्तन चार राशियों को आर्थिक मोर्चे पर लाभ देने वाला साबित हो सकता है.
वृषभ राशि वाले खर्चों को कंट्रोल करें, जानें क्या कहती है आपकी राशि
Aaj ka Rashifal 12 अक्टूबर 2026, Horoscope Today: वृषभ राशि वालोें के लिए आज तेजी से काम करने का दिन है. मित्रों से सहयोग मिलेगा. गुस्से को काबू में रखना होगा. अपने खर्चों को कंट्रोल करें. उधार लेन-देन से बचना होगा. व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
मीन राशिवालों की धर्म कर्म में रुचि बढ़ेगी, भाग्य का साथ मिलेगा, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: धर्म कर्म में रुचि बढ़ेगी, भाग्य का साथ मिलेगा, आपके खर्चे बढ़ेंगे, मित्रों की सलाह से फैसले करें, आत्मविश्वास को और बढ़ाना होगा.
कुंभ राशिवालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, परिवार के सहयोग से काम बनेंगे, नकारात्मक सोच से बचना होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी.
मकर राशिवाले हर काम सावधानी से करें, लोगों से उलझने से बचें, जानें जरूरी टिप
Capricorn Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, लोगों से उलझने से बचें, करियर बदलने की योजना ना बनाएं, अपनी सोच को पॉजिटिव रख कर फैसले करें, सेहत का ख्याल रखना होगा.
धनु राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में मन लगेगा, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में मन लगेगा, ऑफिस में सहयोगियों से मदद मिलेगी, संतान की सेहत को लेकर चिंता रहेगी, यात्रा से लाभ होगा.
वृश्चिक राशि वालों की आज व्यापार में स्थिति बेहतर होगी, जानें कैसी रहेगी सेहत
Scorpio Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: आत्मविश्वास बढ़ेगा, धन निवेश से लाभ होगा, रिश्तेदारों से संबंध सुधरेंगे, पैसों से जुड़ा फैसला सोच समझ कर करें, अपनी सेहत का ख्याल रखें, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
तुला राशि वाले आज आलस्य से बचें, करियर को आगे बढ़ाने का समय है
Libra Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: धन की स्थिति बेहतर होगी, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी, कोई काम जल्दबाजी में करने से बचें, अपने व्यवहार में विनम्रता रखें, व्यापार में लाभ का योग है.
कन्या राशि वाले आज मां दुर्गा को लाल फल अर्पित करें, धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे
Virgo Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: अनजान लोगों से मतभेद हो सकता है, धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे, विदेश यात्रा का योग है, नए लोगों से मीटिंग होगी, किसी की आलोचना ना करें, व्यापार में नुकसान हो सकता है सावधान रहें.
सिंह राशि वाले नौकरी में उन्नति के लिए आज क्या करें? जानें दैनिक राशिफल
Leo Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, आलस्य छोड़कर काम करने का दिन है, आपके काम की सराहना होगा, नौकरी में उन्नति के योग हैं, करीबी लोगों से मतभेद हो सकता है, गुस्से से बचें.
मिथुन राशि वालों को आज व्यापार में स्थिति बेहतर होगी, करें ये उपाय
Gemini Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: तेजी से काम करने का दिन है, मित्रों से सहयोग मिलेगा, गुस्से को काबू में रखना होगा, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, उधार लेन-देन से बचना होगा, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
वृषभ राशि वालों को आज रुका हुआ पैसा मिलेगा, शुभ रंग- गुलाबी
Taurus Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: रुका हुआ पैसा मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, आपका मान-सम्मान में बढ़ेगा, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.
मेष राशि वाले आज मां दुर्गा की आरती करें, कार्यों में सफलता मिलेगी
Aries Daily Horoscope, 12 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: आपकी योजनाएं सफल होंगी, कार्यों में सफलता मिलेगी, आपका उत्साह बढ़ेगा, करियर को आगे बढ़ाने के लिए फैसले करने होंगे, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का समय है, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.
आज फैसलों में जल्दबाजी से बचें, सेहत और खर्च पर दें ध्यान
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: परिवार के लोगों से सुधार बना रहेगा. मध्यम प्रदर्शन बना रहेगा. यात्राओं से बचेंगे. सूचनाओं की प्राप्ति होगी. अधिकारियों का समर्थन बनाए रखें.
आज मिलेगी बड़ी सफलता, धन लाभ के बनेंगे योग!
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित होंगे. घर में सुख बढ़ेगा. इच्छित सफलताएं प्राप्त करेंगे. उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन रहेगा.
आज विवादों से दूर रहें, कारोबार में लाभ मिलेगा
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: वाद विवाद की स्थिति को टालें. योजना का सम्मान रखें. नीति नियमों में भरोसा बढ़ाएं. व्यवस्था पर पकड़ रखें. विविध प्रयास सहज रहेंगे.
आज का दिन शानदार रहेगा, करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: निजी जिम्मेदारियों को निभाएंगे. प्रभावी ढंग से चुनौतियों का सामना करेंगे. अपनों के लिए बेहतर करने का भाव रहेगा. सूझबूझ और लगन से काम करें.
आज सतर्क रहें, जल्दबाजी में न उठाएं कोई कदम
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: आवश्यक गतिविधियों को बना रखें. तार्किकता पर जोर दें. वाद-विवाद व उलझाव में न आएं. सीख सलाह अपनाने की कोशिश करें.
आज संभलकर रहें, लालच और दिखावे में आकर न करें गलती
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: सहजता से आगे बढ़ते रहें. तथ्यात्मक विषयों में स्पष्टता बढ़ाएं. सूझबूझ से लक्ष्यों को साधें. ठगों से सजग रहें. व्यर्थ की बातों में समय न गवाएं.
सिंह राशि वालों को मिलेंगे नए अवसर, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: महत्वपूर्ण कार्यों में हरसंभव प्रयास बनाए रखेंगे. सबसे तालमेल बिठाने की कोशिश होगी. कारोबार में वांछित सफलता पाएंगे.
आर्थिक मामलों में मिलेगी मजबूती, काम पर रखें फोकस
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: व्यावसायिक नीतियों की अनदेखी से बचें. सहकार की भावना पर बल बनाए रखें. बहस विवाद से बचें. मेलजोल से आगे बढ़ते रहेगे. कला कौशल पर भरोसा बढ़ाएंगे.
कारोबार में बढ़ेगा लाभ, करियर में मिलेगी सफलता
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: व्यवस्थित ढंग से कार्य करेंगे. कारोबार को उचित दिशा में बढ़ावा देंगे. नियमों का पालन करेंगे. कला कौशल पर बल बनाए रखेंगे. सभी कार्यों में सहयोग पाएंगे.
कामकाज में आ सकती हैं रुकावटें, जल्दबाजी से बचें
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: आसपास का वातावरण साधारण रहेगा. लेनदेन के प्रति गंभीर रहेंगे. जिम्मेदारों का सहयोग बनाए रखेंगे. व्यर्थ चर्चा से बचेंगे. स्पष्टता से पक्ष रखेंगे.
आज का दिन रहेगा शानदार, काम में मिलेगी सफलता
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 12 October 2026: व्यक्तिगत संबंधों में अनुकूलता रहेगी. परिचय का लाभ उठाएंगे. उत्साह से कार्यों को पूरा करेंगे. कारोबार में इच्छित गति आएगी. पद प्रभाव बनाए रखेंगे.
कर्क राशि वाले जिद-अहंकार से बचें, जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा दिन
Aaj ka Career Rashifal 12 October 2026 (करियर राशिफल): कर्क राशि वाले अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ें. कला और कौशल से जुड़े कामों में सक्रियता बढ़ेगी. जिद और अहंकार से बचना जरूरी होगा.
कुंभ राशि वालों को शुभ सूचना मिलेगी, जानें आपके लिए कैसा रहेगा दिन
Aaj ka Love Rashifal 12 October 2026 (लव राशिफल): कुंभ राशि वालों के आपसी सहयोग और स्नेह से रिश्तों में मजबूती आएगी. अपनी बात सहजता से रखें और व्यवहार में मधुरता बनाए रखें. भावनात्मक प्रयासों में सफलता मिल सकती है.
आज 12 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 12 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
नवरात्रि को लेकर दिल्ली के कालकाजी मंदिर में तैयारियां पूरी, देखें सजावट
दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में शारदीय नवरात्रि को लेकर सभी तैयारियां व्यापक स्तर पर पूरी कर ली गई हैं. नवरात्रि के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर से लाखों श्रद्धालु मां कालका के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मंदिर परिसर को बेहद खूबसूरत फूलों और रोशनी से सजाया गया है.
अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से लाइब्रेरियन के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए फॉर्म जमा करने की लास्ट डेट नोटिफिकेशन पब्लिश होने के 15 दिनों तक निर्धारित की गई है। जो भी युवा इस वैकेंसी के लिए पात्रता पूरी करते हैं, वे 21 अक्तूबर 2026 या उससे पहले ईमेल के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन का तरीका इसके लिए उम्मीदवार को वेबसाइट या नीचे दिए लिंक से ऑफलाइन आवेदन डाउनलोड कर सकते हैं। फिर इसे पूर्ण रुप से भरकर उसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों को अटैच करके मेल recruitment@nta.ac.in भेज सकते हैं। ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में Application for the Post of Librarian, NTA जरुर लिखें। फॉर्म भरने के लिए योग्यता - किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से लाइब्रेरी साइंस/लाइब्रेरी और इन्फॉर्मेंशन साइंस में बैचलर डिग्री प्राप्त की हो। - जिन लोगों ने केंद्र/राज्य सरकार, PSU या स्वायत्त निकायों के सेवानिवृत्त अधिकारी, जिन्होंने लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, असिस्टेंट लाइब्रेरियन या लाइब्रेरी और इन्फॉर्मेशन ऑफिसर, या इसके समकक्ष पद पर काम किया हो। - साथ ही आपके पास लाइब्रेरी मैनेजमेंट में 5 साल का अनुभव होना जरुरी है। - उम्मीदवार की अधिकतम आयु 50 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। रिटायर्ड गवर्नमेंट कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु 62 साल निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को उनकी योग्यता, अनुभव और पद के लिए उपयुक्तता के आधार पर किया जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को सक्षम अधिकारी द्वारा गठित चयन समिति के सामने व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। चयन समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। आपको बताते चलें कि, यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 2 साल के लिए है। वहीं, परफॉर्मेंस के आधार पर अवधि बढ़ाई जा सकती है। अन्य स्किल्स -लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर में दक्षता। -डिजिटल डेटाबेस और कंप्यूटर सिस्टम को मैनेज करने का अनुभव। -ऑटोमेटेड कैटलॉगिंग सिस्टम की अच्छी जानकारी। -बेहतरीन ऑर्गनाइजेशनल स्किल्स। -मल्टी टास्किंग की आदत होनी चाहिए। -अंग्रेजी और हिंदी का कामकाजी ज्ञान।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 12 अक्टूबर, 2026
Today 12 October horoscope in Hindi : आज 12 अक्टूबर, 2026, सोमवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
12 October Birthday: आपको 12 अक्टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
12 October Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 12 को जन्मे व्यक्तियों ...
घर में इस समय भूल से भी न लगाएं पोछा! जानें क्या कहता है वास्तु
Vastu Tips: क्या आप जानते हैं कि सुबह कितने बजे तक पोछा लगा लेना चाहिए और किस समय सफाई करने से बचना चाहिए? आइए जानते हैं घर में पोछा लगाने से जुड़े वास्तु के जरूरी नियम.
Shardiya Navratri 2026 पर बन रहे दुर्लभ योग, इन 4 राशियों का चमकेगा करियर और धन लाभ होगा
आज यानी 11 अक्तूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि पर्व शुरु होता है और इस दिन मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसको ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ और खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, नवरात्रि पर्व के समय ग्रहों की चाल में कई योग बनेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इनका कुछ राशियों पर अच्छा प्रभाव रहने वाला है। नवरात्रि के समय कुछ राशियों के लिए करियर, धन, मान-सम्मान और पारिवारिक जीवन में अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये 4 लकी राशियां। नवरात्र में बनेंगे कई शुभ योग हिंदू पंचांग के अनुसार, 17 अक्टूबरको सूर्य कन्या राशि से निकालकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि में सूर्य के साथ ही बुध और शुक्र भी रहेंगे। ऐसे में इन ग्रहों की स्थिति से शुक्रादित्य, बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और त्रिग्रही योग का निर्माण बनेगा। कर्क राशि में गुरु के होने से हंस राजयोग का निर्माण होता है। वहीं, तुला राशि में शुक्र की मौजदूगी से मालव्य राजयोग बनेगा। कर्क राशि में गुरु और मंगल की स्थिति भी ज्योतिष के लिहाज से खास मानी जा रही है। इस समय शनि देव मीन राशि में वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित है। आज यानी 11 अक्तूबर को चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेंगे। यहां शुक्र के साथ उनकी युति के कलात्मक योग बनेगा। जिसके बाद चंद्रमा वृश्चिक, धनु और मकर राशि से होकर गुजरेंगे। ग्रहों की इन चालों के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह समय काफी शुभ और लाभकारी माना जा रहा है। मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय बेहद खास रहने वाला है। लंबे समय से अटके हुए काम आगे बढ़ेंगे। करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने की संभावना है। अचानक से धन लाभ होगा। सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। आप अपने निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में बेहतर तरीके से आगे बढेंगे। इस दौरान आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा। मिथुन राशि नवरात्रि के समय नौकरी और कारोबार के लिहाज से मिथुन राशि के लिए यह अवधि बेहतरीन रहने वाली है। वर्कप्लेस में अपनी योग्यता साबित करने का मौका प्राप्त होगा। किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिलने से आपकी भूमिका बढ़ सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है, लेकिन निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें। सोच-समझकर बनाई गई योजनाओं आगे आपको लाभ देगी। इस अवधि में मां दुर्गा की विशेष कृपा रहने वाली है, आपके सभी प्रयासों को नई दिशा मिलेगी। सिंह राशि यह समय सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ है। इस दौरान मान-सम्मान और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, नौकरी करने वालों को अपने काम के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। अपने टैलेंट और कार्यक्षमता के दम पर आप दूसरों के बीच अलग पहचान बनाने में सफल होंगे। बिजनेस करने वाले लोगों को नए मौके प्राप्त होंगे। इस अवधि में अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें। मिले हुए अवसरों का पूरा लाभ उठा सकते हैं। तुला राशि तुला राशि के लोगों के लिए नवरात्रि का समय अच्छा रहने वाला है। नौ दिनों तक करियर और पैसों से जुड़ी परेशनियां दूर होगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अगर काफी समय से कोई भी कार्य रुका हुआ है, वो पूरा होगा। अटका हुआ धन वापस मिलेगा। नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को नए अवसर प्राप्त होंगे। जो लोग अविवाहित उनकी शादी की बात आगे बढ़ सकती है।
नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की करें पूजा? कैसा रहेगा आज आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देवी तंत्र साधना का विशेष महत्व बढ़ जाता है. नवरात्रि के इस पावन पर्व पर 10 महाविद्याओं की महिमा का विशेष वर्णन किया जाता है. 10 महाविद्याओं में पहला स्वरूप माता काली का माना गया है. माता काली शक्ति संप्रदाय की मुख्य देवी हैं. इसके साथ ही नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की उपासना की जाती है. 'भाग्य चक्र' में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कैसे करें मां शैलपुत्री की पूजा. साथ ही बताएंगे 12 राशियों के दैनिक राशिफल.
आज से नवरात्र शुरू, बस इतनी देर रहेगा कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
Navratri 2026: शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं. जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, घटस्थापना का सही समय, पूजा विधि और नवरात्रि से जुड़ी जरूरी जानकारी.
11 अक्टूबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 11 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 11 अक्टूबर 2026, दिन- रविवार, आश्विन मास, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथि रात 21.30 बजे तक फिर द्वितीया तिथि, चित्रा नक्षत्र रात 22.32 बजे तक फिर स्वाति नक्षत्र, चंद्रमा- कन्या में सुबह 10.04 बजे तक फिर तुला में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.44 बजे से दोपहर 12.31 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 16.29 बजे से शाम 17.56 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.
मीन राशिवालों का सुख के साधनों पर धन खर्च होगा, परिवार वालों के साथ घूमने जाएंगे, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: किसी भी काम में जल्दबाजी से बचें, धन लाभ के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, सुख के साधनों पर धन खर्च होगा, परिवार वालों के साथ घूमने जाएंगे, अपना खान-पान ना बिगड़ने दें.
कुंभ राशिवाले लंबी दूरी की यात्रा से बचें, मित्रों से सहयोग मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: लंबी दूरी की यात्रा से बचें, मित्रों से सहयोग मिलेगा, परिवार में सुख बढ़ेगा, लोगों को खुश रखने का प्रयास करें, अपनी सेहत का ख्याल रखना होगा.
मकर राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, मन में किसी बात को लेकर टेंशन रहेगी, जानें जरूरी टिप
Capricorn Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, मन में किसी बात को लेकर टेंशन रहेगी, उताबलापन आपके काम बिगाड़ सकता है, अपने परिवार वालों से कोई बात ना छुपाएं, अपने बजट को ध्यान में रख कर पैसे खर्च करें.
धनु राशिवालों की मित्रों से मुलाकात होगी, किसी नई योजना पर चर्चा होगी, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: मित्रों से मुलाकात होगी, किसी नई योजना पर चर्चा होगी, सुख-सुविधाओं में खर्च बढ़ेगा, धन संबंधी लेन-देन में सावधानी बरतें, परिवार की समस्याओं का समाधान होगा.
वृश्चिक राशि वालों को आज परिवार से सपोर्ट मिलेगा, शुभ रंग होगा लाल
Scorpio Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: किसी बात को लेकर ज्यादा चिंता ना करें, अपने काम पर ध्यान लगाना होगा, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, निवेश के मामले में सावधानी बरतें, लोगों से संपर्क बढ़ेगा, विदेश से संबंधित व्यापार से लाभ होगा.
तुला राशि वाले धन लाभ के लिए आज ये उपाय करें, जानें दैनिक राशिफल
Libra Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: मन उत्साहित रहेगा, धन लाभ का योग है, परिवार में प्रेम बढ़ेगा, गर्म स्वभाव का प्रदर्शन ना करें, सेहत आपकी ठीक रहेगी, व्यापार में तरक्की के मौके मिलेंगे.
सिंह राशि वालों के लिए आज व्यापार में उन्नति का समय है, जानें कैसी रहेगी सेहत
Leo Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: किसी बात को लेकर चिंता रहेगी, आज अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, विरोधी मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, आपकी योजनाएं सफल होंगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में उन्नति का समय है.
कर्क राशि वाले आज मां दुर्गा को नारियल-चुनरी अर्पित करें, मान-सम्मान बढ़ेगा
Cancer Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखें, कोई भी बड़ा फैसला सोच समझ कर करें, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, मान-सम्मान बढ़ेगा, किसी काम को लेकर किसी से उम्मीद लगा कर ना बैठे रहें, व्यापार से संबंधित काम बनेंगे.
मिथुन राशि वालों को आज कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, बरतें ये सावधानी
Gemini Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, शुभ कार्यों में मन लगेगा, खर्च ज्यादा रहेंगे, परिवार के लोगों से पैसा उधार लेकर खर्च ना करें, व्यापार में ध्यान देने का समय है.
वृषभ राशि वालों को आज परिवार से सहयोग मिलेगा, जानें शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: नई योजना बनाने का समय है, परिवार से सहयोग मिलेगा, लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा, व्यर्थ के विवाद से दूर रहें, क्रोध को अपने पर हावी ना होने दें, व्यापार में हानि हो सकती है.
मेष राशि वालों को आज व्यापार के क्षेत्र में अनुकूलता रहेगी, करें ये उपाय
Aries Daily Horoscope, 11 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, कोई अच्छी खबर मिलेगी, मन की चिंता दूर होगी, परिवार की सलाह से फैसला करें, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार के क्षेत्र में अनुकूलता रहेगी.
नियंत्रण बनाए रखें, सलाह मानें
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: घरेलू मामलो में असामान्य स्थिति रह सकती है. सबको साथ लेकर आगे बढ़ें. सक्रियता और सम्मान बनाए रखें. संदेशों को साझा करने में उतावली न दिखाएं.
सकारात्मक रहेंगे, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: सभी का साथ समर्थन प्राप्त होगा. घर वालों से सहायता मिलेगी. सभी क्षेत्रों में अच्छा करने की कोशिश होगी. समझदारी और सक्रियता से कई मार्ग खुलेंगे.
लक्ष्य पूरा करेंगे, अवसरों का लाभ उठाएंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: संवेदनशील मामलों मेंसजगता बनाए रखेंगे. व्यवस्था के प्रति उत्साह दिखाएंगे. करीबी मदद बनाए रहेंगे. कला प्रदर्शन के अवसर भुनाएंगे.
सेहत पर ध्यान दें, संवेदनशील बने रहें
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: सकारात्मक बदलावों के लिए प्रयास करें. संकल्पशक्ति को बनाए रखें. कारोबारी कठिनाई बनी रह सकती है. निरंतरता बनाए रखें.
दिनचर्या सहज रहेगी, योग प्राणायाम बढ़ाएं
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: घर के मामले पक्ष में बनेंगे. करीबियों पर फोकस बनाए रखेंगे. आयोजन में शामिल हो सकते हैं. गंभीर विषयों में रुचि बनाए रखेंगे.
सहजता बनाए रखेंगे, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: आवश्यक मामलों में अनुकूलन बढ़ा रहेगा. उपलब्धियां बनाए रखेंगे. सफल लोगों से भेंट के अवसर बनेंगे. करीबी सहकार की स्थिति बनाए रहेंगे.
अनुशासन बना रहेगा, स्वास्थ्य के मामले सुधरेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: घरवालों के हित संरक्षण पर जोर देंगे. अनुभवियों का साथ बना रहेगा. लक्ष्य पाने का प्रयास बनाए रखेंगे. जनता के हित के कार्यों के प्रति झुकाव बढ़ेगा.
दिनचर्या सुधारें, स्वास्थ्य विषयों पर ध्यान दें
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: आत्मनियंत्रण रखें. भावुक फैसलों में जिद बचें. नियमित प्रयासों को बढ़ाएं. अवसरों को भुनाने में जल्दबाजी न दिखाएं. कार्य लंबित रह सकते हैं.
असहजता कम होगी, जीवनशैली संवार पाएगी
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: जरूरी कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल रहेंगे. बजट पर फोकस बनाए रखेंगे. सबको जोड़े रखने में सफल रहेंगे. सहयोग और विश्वास बनाए रखेंगे.
नए लोगों से दूरी रखें, करीबियों के साथ समय बिताएं
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: सबको साधे रखने का प्रयास रहेगा. वातावरण पर नियंत्रण बढ़ाएं. नियमों का लाभ उठाएं. महत्वपूर्ण मामलों को सूझबूझ से आगे बढ़ाएं.
तेजी दिखाएंगे, व्यक्तित्व बल पाएगा
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 11 October 2026: अमल बढ़ाएंगे. कारोबार पर नियंत्रण बनाए रखने में कामयाब होंगे. आधुनिकता के साथ परंपराओं को बनाए रखेंगे. आयोजनों से जुड़ने की संभावना बनेगी.
वृषभ राशि वाले धैर्य बनाए रखें, जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा दिन
Aaj ka Love Rashifal 11 October 2026 (लव राशिफल): वृष राशि वालों के रिश्तों में सहजता बनी रह सकती है. मित्रों का साथ मिलेगा और भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे. अपने निजी रिश्तों की जिम्मेदारी समझें और बातचीत के दौरान एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें.
कन्या राशि के धन-धान्य में वृद्धि होगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 11 October 2026 (आर्थिक राशिफल): कन्या राशि वालों को परिवार और करीबियों का सहयोग मिल सकता है. संपत्ति से जुड़े मामले पक्ष में बन सकते हैं. धन-धान्य में वृद्धि के संकेत हैं. हालांकि, आर्थिक अनुशासन बनाए रखें और उधार के लेनदेन में सावधानी बरतें.
आज 11 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 11 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
आज का 11 अक्टूबर मीन राशिफल: जल्दबाजी बिगाड़ सकती है काम, धैर्य से लें फैसले
Aaj ka Meen Rashifal 11 October 2026, Pisces Horoscope Today: कामकाज में स्पष्टता बनाए रखेंगे. पेशेवर सहायक होंगे. अनुकूलन पर जोर देंगे. चर्चा में जल्दबाजी न दिखाएं. सावधानी बरतें.
आज का 11 अक्टूबर कुंभ राशिफल: आज भाग्य देगा पूरा साथ, धन लाभ के बनेंगे योग
Aaj ka Kumbh Rashifal 11 October 2026, Aquarius Horoscope Today: धर्म कार्यों में रुचि लेंगे. मनोरंजक यात्रा हो सकती है. शिक्षा व समृद्धि को बल मिलेगा. चर्चा संवाद में प्रभावी रहेंगे.
Sharadi Navratri 2026 की शुरुआत और नौ दिनों के रंगों का अनूठा सांस्कृतिक महत्व
हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का पर्व बेहद पवित्र, ऊर्जावान और उल्लास से भरा माना जाता है। साल 2026 में आने वाली इस नवरात्रि को लेकर देश भर के मंदिरों और घरों में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। इन नौ दिनों के दौरान माता दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि की इन पावन रात्रियों में एक बेहद खास परंपरा सदियों से चली आ रही है, और वह है हर दिन एक निश्चित रंग के कपड़े पहनने की परंपरा। आधुनिक दौर में सोशल मीडिया और फैशन के चलते यह परंपरा और अधिक लोकप्रिय हो गई है, जहां लोग न सिर्फ धार्मिक आस्था के लिए बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन के साथ इन रंगों को अपनाते हैं। पहले दिन नारंगी रंग से लेकर नौवें दिन तक के ये नौ अलग-अलग रंग देवी मां के विभिन्न गुणों और शक्तियों का प्रतीक माने जाते हैं, जो भक्तों के जीवन में उत्साह और रंग भर देते हैं।नवरात्रि के हर दिन का अपना एक विशेष रंग और उसके पीछे की पौराणिक मान्यताधार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, नवरात्रि के प्रत्येक दिन का संबंध किसी न किसी विशेष ग्रह और देवी के उस स्वरूप से होता है जो उस दिन को नियंत्रित करता है। उदाहरण के लिए, नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा पर मां शैलपुत्री की पूजा होती है, और इस दिन नारंगी या प्रतिपदा के रंग को बेहद ऊर्जावान माना जाता है। इसी तरह दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की आराधना के लिए सफेद रंग पहना जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है। मां चंद्रघंटा के लिए लाल रंग, कूष्मांडा के लिए पीला रंग, स्कंदमाता के लिए हरा रंग, कात्यायनी के लिए स्लेटी (ग्रे) रंग, कालरात्रि के लिए नीला रंग, महागौरी के लिए गुलाबी रंग और सिद्धिदात्री के लिए बैंगनी या मयूर पंख जैसा हरा रंग बेहद शुभ माना गया है। इन रंगों को क्रमबद्ध तरीके से पहनने के पीछे यह मान्यता है कि यह भक्तों के मन और मस्तिष्क को शुद्ध करते हैं और देवी मां की विशेष कृपा प्राप्त कराते हैं।रंगों का मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक प्रभाव: क्यों मानसिक शांति देते हैं ये नौ रंगसिर्फ धार्मिक या ज्योतिषीय दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि रंगों का हमारे जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है। विज्ञान भी यह मानता है कि रंग मनुष्य के मूड, ऊर्जा के स्तर और विचारों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। जब हम नवरात्रि के दौरान हर दिन एक नया और सकारात्मक रंग पहनते हैं, तो हमारे शरीर के चक्र सक्रिय होते हैं और दिनचर्या में एक नया उत्साह बना रहता है। पीला रंग बुद्धिमत्ता और खुशी का संचार करता है, हरा रंग प्रकृति और ताजगी का अहसास कराता है, जबकि लाल रंग ऊर्जा और साहस का प्रतीक है। इन नौ दिनों तक लगातार रंगों के बदलाव से जीवन की एकरसता टूटती है और व्यक्ति मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करता है। यही कारण है कि यह परंपरा केवल बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक संतुलन का एक बेहतरीन जरिया भी है।आधुनिक जीवनशैली में कैसे लोकप्रिय हो रही है नवरात्रि के नौ रंगों की यह परंपराआज के समय में यह परंपरा सिर्फ पारंपरिक परिवारों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कॉर्पोरेट दफ्तरों, कॉलेजों, किटी पार्टियों और हाउसिंग सोसाइटियों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। युवा वर्ग और कामकाजी महिलाएं बढ़-चढ़कर इस परंपरा का पालन करती हैं और हर दिन एक तय रंग के कपड़े पहनकर अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। इससे न केवल सामाजिक मेल-जोल बढ़ता है, बल्कि त्योहारों का उल्लास भी कई गुना बढ़ जाता है। बाजार में भी नवरात्रि के इन नौ दिनों को ध्यान में रखते हुए विशेष डिजाइनर कपड़ों, एथनिकwear और एक्सेसरीज की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। व्यापारी वर्ग के लिए भी यह सीजन व्यापार का एक बड़ा अवसर साबित होता है, जो पारंपरिक संस्कृति को आधुनिक बाजार से जोड़ने का काम करता है।त्योहारों का असली संदेश और माता की आराधना का सच्चा मार्गशारदीय नवरात्रि केवल सजने-संवरने या नए कपड़े पहनने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों, नकारात्मकता और अहंकार का त्याग कर आत्मशुद्धि करने का समय है। रंगों का यह चयन हमें यह सिखाता है कि जिस तरह प्रकृति हर दिन नए रंगों में सजती है, उसी तरह हमारे जीवन में भी विविधता, संतुलन और सकारात्मकता होनी चाहिए। जब भक्त नौ दिनों तक नियमों, अनुशासन, उपवास और इन विशेष रंगों के जरिए मां दुर्गा की साधना करते हैं, तो उनके भीतर एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इस बार आने वाली नवरात्रि 2026 में आप भी इन नौ रंगों के नियमों का पालन करते हुए अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत करें और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।
11 October Birthday: आपको 11 अक्टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
11 October Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 11 को जन्मे व्यक्तियों ...
घर, मकान या खेत के लिए जमीन खरीदना हर इंसान के जीवन का एक बड़ा और भावनात्मक फैसला होता है। इसमें जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगती है, इसलिए हर कोई चाहता है कि ली गई संपत्ति हमेशा फलदायी रहे और परिवार में सुख, शांति तथा समृद्धि लेकर आए। सनातन परंपरा और वैदिक ज्योतिष में किसी भी अचल संपत्ति (Real Estate) के सौदे, बयाने (टोकन मनी) और रजिस्ट्री के लिए शुभ मुहूर्त, वार (दिन), तिथि और नक्षत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार जैसे कुछ दिन भूमि क्रय के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी होते हैं, वैसे ही कुछ खास दिन, तिथियां और योग ऐसे भी होते हैं जिनमें जमीन का सौदा करना कानूनी विवाद, कर्ज, निर्माण में रुकावट या पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है।जमीन की रजिस्ट्री और सौदे के लिए कौन से वार (दिन) माने जाते हैं अशुभ?ज्योतिष शास्त्र में भूमि का सीधा कारक ग्रह मंगल देव को माना गया है, जबकि भवन और सुख-समृद्धि के कारक शुक्र और गुरु हैं। जब भी जमीन खरीदने या रजिस्ट्री कराने की बात आती है, तो कुछ विशेष वारों को टालने की सलाह दी जाती है:मंगलवार (Tuesday): यद्यपि मंगल ग्रह भूमि का स्वामी है, लेकिन जमीन खरीदने या रजिस्ट्री कराने के लिए मंगलवार को वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि मंगलवार को खरीदी गई भूमि पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है या उस संपत्ति को लेकर कोर्ट-कचहरी और विवाद की स्थिति बन सकती है। (हालांकि यदि आपको जमीन बेचनी हो, तो मंगलवार का दिन अनुकूल माना जाता है)।शनिवार (Saturday): शनिवार का दिन शनिदेव का दिन है, जो वायु तत्व और विरक्ति के प्रतीक हैं। ज्योतिष के अनुसार, शनिवार को सामान्य आवासीय प्लॉट की रजिस्ट्री कराने से निर्माण कार्य में अत्यधिक देरी होती है और काम वर्षों तक अटक सकता है। यदि जमीन विवादित हो या कोर्ट के दायरे में हो, तो शनिवार का सौदा लंबे मुकदमे में बदल सकता है।रविवार (Sunday): रविवार सूर्य देव का दिन है। प्रशासनिक और सरकारी कार्यों के लिए यह उत्तम है, लेकिन निजी भूमि के क्रय-विक्रय और गृह निर्माण से जुड़े सौदों में इसे मध्यम या टालने योग्य माना जाता है।इसके विपरीत सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को भूमि क्रय और रजिस्ट्री के लिए सबसे अनुकूल और फलदायी दिन माना जाता है।इन अशुभ तिथियों और योगों में भूलकर भी न दें बयानावार के अलावा पंचांग की तिथियों का भी गहरा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ तिथियों को 'रिक्ता तिथि' कहा गया है, जिसका अर्थ होता है 'खाली हाथ रहना'। इन तिथियों में कोई भी शुभ या स्थाई निवेश करने से बचना चाहिए:रिक्ता तिथियां (चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी): किसी भी महीने के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) की 4थी, 9वीं और 14वीं तिथि को रिक्ता तिथि कहा जाता है। इन तिथियों पर जमीन का सौदा करने से धन की बर्बादी और समझौते के टूटने का जोखिम सबसे अधिक रहता है।अमावस्या (Amavasya): अमावस्या की तिथि पितरों और दान-पुण्य के लिए उत्तम है, लेकिन भूमि रजिस्ट्री, टोकन मनी देने या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए इसे पूरी तरह अशुभ माना जाता है।भद्रा (Bhadra): पंचांग में जब भी भद्रा का साया हो, तब किसी भी प्रकार का मांगलिक या अचल संपत्ति का सौदा नहीं करना चाहिए। भद्रा काल में की गई रजिस्ट्री अक्सर कानूनी विवादों में उलझ जाती है।राहुकाल और यमगंड: दिन के 24 घंटों में लगभग 90 मिनट का समय राहुकाल का होता है। जिस दिन भी रजिस्ट्री कराने जाएं, उस दिन के स्थानीय राहुकाल का समय जरूर जांच लें और उस समयावधि में न तो पैसे का लेन-देन करें और न ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करें।भूमि खरीद के लिए वर्जित नक्षत्र: जिनसे दूर रहना ही समझदारीनक्षत्र चक्र में 27 नक्षत्र होते हैं, जिनमें से कुछ नक्षत्रों को उग्र और तीक्ष्ण माना गया है। भूमि क्रय के संदर्भ में निम्नलिखित नक्षत्रों को टालना चाहिए:भरणी और कृत्तिका नक्षत्र: ये अग्नि तत्व और यम से संबंधित नक्षत्र हैं। इनमें जमीन खरीदने से भूमि पर दुर्घटना या अशांति का भय रहता है।आर्द्रा, आश्लेषा और ज्येष्ठा नक्षत्र: ये तीक्ष्ण नक्षत्र माने जाते हैं। इनमें भूमि अनुबंध करने से भविष्य में पड़ोसी या विक्रेताओं से कटुता पैदा हो सकती है।मूल नक्षत्र: गंडमूल नक्षत्रों के प्रभाव के दौरान भी बड़ा वित्तीय निवेश करने से बचना चाहिए।मृगशिरा, पुनर्वसु, मघा, विशाखा, अनुराधा, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरभाद्रपद और रोहिणी नक्षत्र को भूमि क्रय के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।मलमास (अधिकमास) और पितृपक्ष में भूमि निवेश के नियमसाल के कुछ विशेष कालखंडों में भी जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने की मनाही होती है:खरमास (धनु व मीन संक्रांति): जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं (लगभग 15 दिसंबर से 14 जनवरी और 14 मार्च से 14 अप्रैल), तो इसे खरमास कहा जाता है। इस दौरान भूमि का बैनामा (रजिस्ट्री) या गृह प्रवेश वर्जित होता है।पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष): भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक के 16 दिन पूर्वजों के तर्पण और स्मरण के होते हैं। इस अवधि में नया प्लॉट, फ्लैट या जमीन खरीदना वर्जित माना जाता है क्योंकि यह समय भौतिक सुखों के विस्तार का नहीं बल्कि आत्मिक शांति का है।चातुर्मास में देवशयन: देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी के बीच नए भूमि पूजन या नींव खुदाई से बचना चाहिए, हालांकि रजिस्ट्री सामान्य शुभ मुहूर्त देखकर की जा सकती है।वित्तीय और कानूनी सुरक्षा के साथ करें सही समन्वयज्योतिषीय नियमों का पालन करने के साथ-साथ यह भी उतना ही जरूरी है कि खरीदार भूमि के कानूनी और राजस्व दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल करे। जमीन का खसरा-खतौनी, 30 साल का भारमुक्त प्रमाण पत्र (Non-Encumbrance Certificate), विकास प्राधिकरण (जैसे LDA, DDA, HUDA आदि) से ले-आउट की मंजूरी और विक्रेता के मालिकाना हक का सत्यापन किसी योग्य अधिवक्ता से अवश्य कराएं। जब शुभ ग्रह-नक्षत्रों के आशीर्वाद के साथ पुख्ता कानूनी जांच का तालमेल होता है, तो खरीदी गई भूमि पीढ़ियों तक सुख, समृद्धि और संपन्नता का आधार बनती है।
सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर 2026: 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर बाद 02:25 बजे सूर्य देव का मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है। चित्रा नक्षत्र ऊर्जा, रचनात्मकता, निखार और शिल्पकला का प्रतीक है। सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन सभी राशियों को प्रभावित करेगा, ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 11 अक्टूबर, 2026
Today 11 October horoscope in Hindi : आज 11 अक्टूबर, 2026, रविवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 11 अक्टूबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
11 October 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए ...
आचार्य चाणक्य की ये खास बातें खोल देंगी इंसान का असली चेहरा
भारतीय इतिहास और सनातन संस्कृति के महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और प्रकांड विद्वान आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और सटीक साबित होती हैं जितनी कि प्राचीन काल में थीं। आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध रचना 'चाणक्य नीति' में मानव जीवन, समाज, मित्रता, शत्रुता, और पारिवारिक संबंधों का ऐसा सजीव और व्यावहारिक चित्रण किया है जिसे समझकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बड़े धोखों और असफलताओं से बच सकता है। आज के इस मतलबी और धोखेधड़ी से भरे दौर में अक्सर लोग चिकनी-चुपड़ी बातें करने वालों और मीठे शब्दों के जाल में फंसकर अपना सब कुछ लुटा बैठते हैं, और बाद में उन्हें सिर्फ पछतावा हाथ लगता है। आचार्य चाणक्य ने बहुत पहले ही आगाह कर दिया था कि इंसान की मीठी वाणी या बाहरी दिखावे पर कभी भी आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि कई बार मीठी बोली के पीछे बहुत गहरे और खतरनाक स्वार्थ छिपे होते हैं। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको चाणक्य नीति के उन अचूक सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो किसी भी व्यक्ति के असली चेहरे को पहचानने में आपकी मदद करेंगे।मीठी बातों और चिकनी-चुपड़ी जुबान के पीछे छिपे होते हैं गहरे और खतरनाक स्वार्थआचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना था कि इस दुनिया में हर व्यक्ति अपने किसी न किसी निजी स्वार्थ या उद्देश्य के तहत ही दूसरों के संपर्क में आता है। जो लोग आपके सामने बहुत अधिक मीठा बोलते हैं, आपकी हर बात पर बिना किसी कारण के हां में हां मिलाते हैं और अत्यधिक चापलूसी करते हैं, उनसे हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। चाणक्य नीति कहती है कि जहरीले सांप के मुंह में भी अमृत जैसी ठंडक और महक नहीं होती, लेकिन उसकी प्रवृत्ति डंक मारने की ही होती है, ठीक उसी प्रकार कुछ लोगों का स्वभाव जन्मजात अवसरवादी होता है। वे संकट के समय सबसे पहले मुंह मोड़ लेते हैं और केवल अच्छे दिनों में आपके आसपास मंडराते रहते हैं। इसलिए किसी भी नए व्यक्ति पर तुरंत विश्वास करने से पहले उसके आचरण और संकट के समय उसके व्यवहार का बारीकी से परीक्षण जरूर करना चाहिए।संकट के समय ही होती है सच्चे और झूठे मित्रों की असली पहचानआचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में यह बहुत ही स्पष्ट रूप से समझाया है कि असली मित्र या भरोसेमंद इंसान की पहचान कभी भी सुख-विलास या संपन्नता के दिनों में नहीं हो सकती। जब आपके पास धन, पद, और यश होता है, तब आपके चारों तरफ चापलूसों और मतलबी लोगों का मेला लगा रहता है, जो आपकी हर बात की तारीफ करते हैं। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब इंसान किसी गंभीर संकट, वित्तीय तंगी या मानसिक परेशानी के दौर से गुजर रहा होता है। चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति आपके बुरे वक्त में चट्टान की तरह आपके साथ खड़ा रहता है, आपको सही सलाह देता है और बिना किसी स्वार्थ के आपकी सहायता करता है, वही आपका सच्चा हितैषी और शुभचिंतक होता है। इसके विपरीत, जो लोग मुसीबत आते ही किनारा कर लेते हैं, वे केवल नाममात्र के साथी होते हैं।धोखेबाज और कपटी मनुष्यों के स्वभाव को ऐसे पहचानें: चाणक्य के व्यावहारिक नियमचाणक्य नीति के अध्ययन से यह बात साफ हो जाती है कि कपटी और धोखेबाज इंसान का मुखौटा कभी न कभी जरूर उतरता है, बशर्ते सामने वाला व्यक्ति समझदारी और विवेक से काम ले। चाणक्य कहते हैं कि जिस प्रकार सोने की परख उसे आग में तपाकर, काटकर और घिसकर की जाती है, ठीक उसी प्रकार किसी भी मनुष्य के चरित्र और विश्वसनीयता की परख उसके साथ कुछ समय बिताकर, कठिन परिस्थितियों का सामना करके और उसके संकटकालीन व्यवहार को देखकर की जा सकती है। जो लोग पीठ पीछे आपकी बुराई करते हैं और सामने आने पर बहुत अधिक आदर और मीठी बातें करते हैं, वे दूध में छिपे हुए जहर के समान होते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखना ही बुद्धिमानी है, अन्यथा वे जीवन के किसी न किसी मोड़ पर आपको भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।चाणक्य की इन जीवनोपयोगी सीखों को अपनाकर बचाएं अपना भविष्यसंक्षेप में कहा जाए तो आचार्य चाणक्य की नीतियां हमें आंखें मूंदकर किसी पर भी भरोसा करने से मना करती हैं। आज के समय में जब लोग अपने स्वार्थ के लिए रिश्तों और वसूलों को दांव पर लगा देते हैं, तब चाणक्य के ये विचार एक मजबूत ढाल का काम करते हैं। हमें हमेशा अपने विवेक, अनुभव और बुद्धि का इस्तेमाल करके ही किसी को अपने जीवन के राज बताने चाहिए या व्यावसायिक और व्यक्तिगत साझेदारी करनी चाहिए। यदि आप चाणक्य नीति की इन मूल्यवान बातों को अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं, तो न केवल आप छल्लावा और धोखे से सुरक्षित रह पाएंगे, बल्कि अपने लिए एक शांत, सुरक्षित और सफल भविष्य का निर्माण भी कर सकेंगे।
नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा को लगाएं ये 9 प्रिय भोग, प्रसन्न होकर मां भरेंगी सुख-समृद्धि का भंडार
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाली शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व सनातन परंपरा में अध्यात्म, साधना और भक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 की शारदीय नवरात्रि के नौ पवित्र दिनों में शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के स्वरूप विशेष को उनका पसंदीदा विशेष भोग अर्पित करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है, जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और घर में सुख, शांति, समृद्धि तथा आरोग्य का वास होता है। यदि आप भी इस शारदीय नवरात्रि में मां जगदंबा को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक नौ दिनों के नवदुर्गा भोग की पूरी विस्तृत सूची और इसके धार्मिक महत्व को विस्तार से जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।#1 नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को लगाएं शुद्ध गाय के देसी घी का भोग: मिलेगा आरोग्य और निरोगी काया का वरदानशारदीय नवरात्रि के पहले दिन नवदुर्गा के प्रथम स्वरूप पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां शैलपुत्री को शुद्धता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के दिन मां शैलपुत्री के चरणों में शुद्ध गाय के देसी घी का भोग लगाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। मां शैलपुत्री को गाय के घी का भोग लगाने या घी से बने मिष्ठान अर्पित करने से साधक को सभी प्रकार की शारीरिक व्याधियों, बीमारियों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि इस भोग से मां प्रसन्न होकर अपने भक्त को निरोगी काया और दीर्घायु होने का वरदान देती हैं, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।#1 दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को अर्पित करें शक्कर और पंचामृत का नैवेद्य: बढ़ेगी लंबी उम्र और बौद्धिक क्षमतानवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है, जो तपस्या, त्याग और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। द्वितीया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर (चीनी), सफेद मिठाई, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का नैवेद्य अर्पित करने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही, विद्यार्थियों और ज्ञान की साधना करने वाले जातकों के लिए मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर और पंचामृत चढ़ाना मानसिक एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और बौद्धिक विकास में अप्रत्याशित वृद्धि प्रदान करता है।#1 तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को चढ़ाएं दूध से बनी मिठाइयां और खीर: दूर होंगे जीवन के सारे दुख और आर्थिक संकटतीसरे दिन मां दुर्गा के भव्य और सौम्य स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है, जिनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्रमा सुशोभित है। मां चंद्रघंटा को दूध, गाय के दूध से बनी खीर, मावे की बर्फी या रबड़ी का भोग लगाना बेहद प्रिय है। मान्यता है कि तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को दूध से बने मिष्ठान अर्पित करने और तत्पश्चात उसे ब्राह्मणों या कन्याओं में दान करने से साधक के जीवन के समस्त दुख, मानसिक तनाव और आर्थिक संकट दूर हो जाते हैं। मां चंद्रघंटा अपने भक्तों को परम शांति, निडरता और धन-धान्य से परिपूर्ण होने का वरदान देती हैं।#1 चौथे दिन मां कुष्मांडा को लगाएं मालपुए का भोग: बुद्धि, यश और सौभाग्य में होगी अपार वृद्धिनवरात्रि के चौथे दिन अपनी मंद हंसी से ब्रह्मांड की रचना करने वाली मां कुष्मांडा की उपासना की जाती है। चतुर्थी तिथि को मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाना सर्वोपरि माना गया है। शुद्ध घी में तले हुए मालपुए पर शहद या चाशनी चढ़ाकर मां कुष्मांडा के चरणों में अर्पित करने से देवी अत्यंत प्रसन्न होती हैं। जो जातक इस दिन मालपुए का नैवेद्य चढ़ाते हैं और बाद में इसे पूजा के बाद प्रसाद रूप में वितरित करते हैं, उनकी बुद्धि, ज्ञान, यश और निर्णय लेने की क्षमता में अपार वृद्धि होती है। मां कुष्मांडा की कृपा से साधक का सुप्त भाग्य जागृत होता है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए द्वार खुलते हैं।#1 पांचवें दिन मां स्कंदमाता को चढ़ाएं केला और शहद: मिलेगी निरोगी सेहत और संतान सुख की प्राप्तिपंचमी तिथि को भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है। मां स्कंदमाता को पके हुए केले, केले का हलवा और शहद का भोग अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को पके केले अर्पित करने से जातक का स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इसके अलावा, जिन दंपत्तियों को संतान प्राप्ति में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो, उनके लिए मां स्कंदमाता को केले और शहद का भोग लगाना एक अचूक उपाय माना जाता है। इस भोग से प्रसन्न होकर मां अपने भक्तों की गोद भरती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।#1 छठे दिन मां कात्यायनी को लगाएं शुद्ध शहद और गुड़ का भोग: दूर होंगी शादी की रुकावटें और बढ़ेगा आकर्षणषष्ठी तिथि को महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रकट हुई मां कात्यायनी की आराधना की जाती है, जिन्हें युद्ध और विजय की देवी भी कहा जाता है। मां कात्यायनी को शुद्ध शहद (Honey) और गुड़ का भोग लगाना बेहद शुभ माना गया है। यदि किसी जातक के विवाह में अकारण विलंब हो रहा हो या वैवाहिक जीवन में अनबन चल रही हो, तो छठे दिन मां कात्यायनी को शहद और गुड़ से बने व्यंजनों का भोग लगाने से शादी के शीघ्र योग बनते हैं। मां कात्यायनी अपने भक्तों को सुंदरता, तेजस्विता और समाज में अद्भुत आकर्षण का वरदान देती हैं।#1 सातवें दिन मां कालरात्रि को चढ़ाएं गुड़ और मेवे का नैवेद्य: भय, संकट और शत्रुओं का होगा सर्वनाशनवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी महासप्तमी के दिन मां दुर्गा के अत्यंत उग्र और शक्तिशाली स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को गुड़, गुड़ से बनी खीर या मालपुए और मेवे का भोग लगाना उत्तम माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाकर उसका दान करने से साधक को किसी भी प्रकार के अज्ञात भय, भूत-प्रेत बाधा, तंत्र-मंत्र के असर और शत्रुओं के षड्यंत्र से स्थायी मुक्ति मिलती है। मां कालरात्रि अपने भक्तों के सभी पापों को भस्म कर उन्हें अभय और सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं।#1 आठवें दिन महाअष्टमी पर महागौरी को लगाएं नारियल और पूड़ी-हलवे का भोग: संतान की उन्नति और सुख-समृद्धि का वरदानअष्टमी तिथि यानी महाअष्टमी के पावन अवसर पर मां महागौरी की पूजा की जाती है, जिनका वर्ण शंख और चंद्रमा के समान अत्यंत श्वेत है। महागौरी को श्रीफल (नारियल), नारियल की बर्फी, पूड़ी, चना और सूजी के हलवे का भोग लगाना सबसे प्रिय माना गया है। महाअष्टमी के दिन महागौरी को नारियल का भोग लगाने और कन्या पूजन के समय कन्याओं को हलवा-पूड़ी खिलाने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इस भोग से प्रसन्न होकर मां महागौरी जातक के घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और संतान की निरंतर उन्नति का वरदान देती हैं।#1 नौवें दिन महानवमी पर मां सिद्धिदात्री को चढ़ाएं तिल, खीर और पंचमेवा: मिलेगी सभी सिद्धियों और रिद्धियों की प्राप्तिनवरात्रि के अंतिम और नौवें दिन यानी महानवमी पर सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है। मां सिद्धिदात्री को काले तिल, तिल के लड्डू, पंचमेवा, खीर और मालपुए का भोग अर्पित किया जाता है। महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को तिल और खीर का नैवेद्य चढ़ाने से साधक को अष्ट सिद्धियों और नवनिधियों की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूरे नियम से मां को भोग लगाने से नवरात्रि के पूरे नौ दिनों की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और जातक का जीवन सभी सांसारिक कष्टों से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।
नवरात्रि घटस्थापना पर चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का दूषित संयोग
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना और भक्ति का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। वर्ष 2026 की शारदीय नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ हो रही है, लेकिन इस बार पंचांगीय गणनाओं के अनुसार घटस्थापना के दिन एक विशेष और दुर्लभ ज्योतिषीय स्थिति बन रही है। इस वर्ष प्रथम नवरात्रि के दिन 'चित्रा नक्षत्र' और 'वैधृति योग' का एक साथ प्रभाव रहेगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं और शास्त्र ग्रंथों में घटस्थापना के लिए दूषित या वर्जित माना जाता है। ऐसे में देवी भक्तों के मन में कलश स्थापना के सही समय और नियम को लेकर कई तरह की दुविधाएं पैदा हो गई हैं। ज्योतिषाचार्यों और धर्मशास्त्रियों ने शास्त्रों के सूक्ष्म अध्ययन के आधार पर उस विशेष शुभ मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त का निर्धारण किया है जिसमें पूजा-अर्चना करने से व्रत-अनुष्ठान पूर्णतः सफल और फलदायी होगा।घटस्थापना पर चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का दूषित प्रभाव: क्या कहते हैं धर्मशास्त्र?हिंदू धर्मग्रंथों विशेषकर 'निर्णय सिंधु' और 'धर्म सिंधु' के अनुसार शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना के समय चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का त्याग किया जाना बेहद आवश्यक माना गया है। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख मिलता है कि जब घटस्थापना के समय चित्रा नक्षत्र या वैधृति योग विद्यमान हो, तो उस अवधि में सामान्य मुहूर्त में पूजा करने से बचा जाना चाहिए क्योंकि इस कालखंड को दूषित संयोग कहा गया है। इस वर्ष नवरात्रि के पहले दिन तड़के से ही चित्रा नक्षत्र का चरण प्रारंभ हो रहा है और साथ ही वैधृति योग की व्याप्ति भी बनी हुई है। शास्त्रों का निर्देश है कि यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो, तो भक्तों को देवी पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त का चुनाव करना चाहिए अथवा चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के बीत जाने या उनके प्रभाव के कम होने का इंतजार करना चाहिए।नवरात्रि 2026 घटस्थापना का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त: जानें कलश स्थापना का समयवर्ष 2026 की शारदीय नवरात्रि पर चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के दूषित संयोग को ध्यान में रखते हुए विद्वानों ने कलश स्थापना के लिए 'अभिजित मुहूर्त' को सबसे उत्तम और निर्दोष समय घोषित किया है। अभिजित मुहूर्त को शास्त्रों में सभी प्रकार के दोषों का निवारण करने वाला और भगवान विष्णु का प्रिय मुहूर्त माना गया है। पंचांग के अनुसार घटस्थापना का प्रात:काल का सामान्य शुभ मुहूर्त सुबह 06:15 बजे से लेकर सुबह 07:30 बजे तक रहेगा, लेकिन जिन स्थानों पर चित्रा और वैधृति का प्रभाव तीव्र है, वहां मध्याह्न काल में दोपहर 11:45 बजे से दोपहर 12:35 बजे के मध्य पड़ने वाले 'अभिजित मुहूर्त' में कलश स्थापना करना सर्वाधिक शुभ और फलदायी रहेगा। इस 50 मिनट की विशेष समयावधि में घटस्थापना करने से सभी प्रकार के नक्षत्र और योग जनित दोष स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।देवी पुराण के अनुसार घटस्थापना की सही विधि और आवश्यक नियममां भगवती की कृपा और कृपा-प्रसाद प्राप्त करने के लिए घटस्थापना की विधि शास्त्रसम्मत होनी चाहिए। नवरात्रि के पहले दिन प्रातःकाल स्नान ध्यान से निवृत होकर घर के पूजा स्थल या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को पवित्र गंगाजल छिड़ककर स्वच्छ कर लेना चाहिए। इसके बाद एक मिट्टी की वेदी या चौकोर पात्र में सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज) बोएं और उस पर शुद्ध तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश की स्थापना करें। कलश में जल, दूर्वा, पंचपल्लव (आम या अशोक के पत्ते), सुपारी, अक्षत और सिक्का डालें। कलश के मुख पर नारियल (श्रीफल) को लाल कपड़े या चुनरी में लपेटकर स्थापित करें। कलश स्थापना के समय मां दुर्गा का ध्यान करते हुए ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का जाप करें। अभिजित मुहूर्त में नियमपूर्वक की गई स्थापना से घर में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।इस तरह करें दोषों का निवारण: मां दुर्गा की पूजा में ध्यान रखने योग्य बातेंयदि किसी कारणवश साधक को प्रातःकाल में ही घटस्थापना करनी पड़े, तो ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि वे पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश और अपने कुलदेवता का पूजन करें और फिर मां दुर्गा के समक्ष क्षमा याचना मंत्र का पाठ करें। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के प्रभाव को निष्फल करने के लिए कलश के समीप देसी घी का अखंड दीपक प्रज्वलित करें और मां भगवती को रोली, अक्षत, और लाल पुष्प अर्पित करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक रोजाना श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से जीवन के समस्त भय, रोग, और मानसिक कषाय दूर हो जाते हैं। 2026 की इस नवरात्रि में सही समय और भक्तिभाव से की गई साधना से मां अंबे अपने भक्तों के भंडार भरेंगी और हर मनोकामना पूर्ण करेंगी।
शारदीय नवरात्रि 2026: कलश और घटस्थापना की विधि, महत्व और मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि केवल तिथियों की गणना नहीं, बल्कि आपके द्वार पर भक्ति, ऊर्जा और दिव्य चेतना के आगमन का पावन समय है। 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इन नौ दिनों में ब्रह्मांड की आद्याशक्ति आपके घर में प्रविष्ट होती है। इस साधना यात्रा की ...
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा। मेष अग्रज तुल्य जनों से वाद विवाद न करें। किसी से कोई विवाद हो सकता है। चिंताजनक हालात बनेंगे। आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। वृष मुसीबत में परिवार दृढ़ और एक रहेगा। अपनी उपलब्धियों से खुशी होगी। धन हानि के योग, शत्रु भी प्रबल। संतान संबंधी कार्यों में सफलता और खुशी। मिथुन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रूचि। मान सम्मान बढेगा, विदेश से भी लाभ और सम्पर्क। सावधानी से चलें और निवेश करें। मानसिक स्थिति में सुधार, काम निबटेंगे। कर्क दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। सहकर्मी प्रतिष्ठा बढ़ाने में सहायक होंगे। स्वास्थ्य में बिगाड़, पूंजीनिवेश से घाटा। लाभदायक समाचार और उपलब्धियां। सिंह परिवार में शुभ एवं मंगल कार्य होंगे। संघर्ष प्रधान दिन- डटकर सामना करें। उच्च शिक्षण और शोध कार्यों में सफलता मिलेगी। काम के दवाब से चिड़चिड़ापन। कन्या अपराहन में यात्रा के योग है। बैंक बैलेंस बढ़ने की खुशी होगी। धर्म और अध्यात्म में रूचि बढ़ेगी। रिश्वत का लेन-देन संभव है। तुला बनते हुए काम बिगड़ने से दुख होगा। कलह योग हैं, अकारण विवाद से बचें। निकटवर्ती लोगों से अनबन संभव है। सगे-संबंधियों के कारण दुःख और तनाव होगा। वृश्चिक विशेष सफलताएं मिलेगी। सामान्य दिन हैं, मनोनुकूल सफलता। जन सम्पर्क व्यापक होगा- फेसबुक से। आज आप जन-नेता की श्रेणी में आ सकते हैं। धनु विशेष व्यक्तियों के साथ भेंट और भोजन। सरकारी क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा, सफलता भी मिलेगी। आज के प्रयास भविष्य के लिए नींव बनेंगे। गंभीर समस्या सुलझ जाएगी। मकर कार्य की अधिकता लेकिन उसी अनुपात में लाभ भी। जरूरी काम 12 बजे तक कर लें। ग्रह कलह से परेशानी और दुविधा रहेगी। घर में अतिथियों के स्वागत सम्मान में व्यस्तता। कुंभ अग्रज तुल्य लोगों से लाभ होगा। परेशानी में रहेंगे, आर्थिक हानि भी। गलतफहमी और अफवाहों से चिंता बढ़ेगी। व्यक्तित्व में निखार, अनायास काम बनेंगे। मीन व्यापार की स्थिति मजबूत होगी। नई वस्तुओं से ऐश्वर्य और सम्मान बढ़ेगा। अस्थायी नौकरी पक्की हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा, तनाव से मुक्ति।
सूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर 2026: जानें 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव
Sun's entry into Chitra Nakshatra 2026: 11 अक्टूबर 2026, रविवार के दिन दोपहर बाद 02 बजकर 25 मिनट पर सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर चित्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक ...
शारदीय नवरात्रि 2026: गज पर आएंगी माता दुर्गा, जानें विदाई की सवारी और देश-दुनिया पर इसका प्रभाव
इस वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 11 अक्टूबर 2026 रविवार से हो रहा है। रविवार होने से मां दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हो रहा है और प्रस्थान (विदाई) मंगलवार के दिन होने के कारण चरणायुध (मुर्गा) या कुछ मान्यताओं के अनुसार घोड़े पर माना गया ...
पितृ पक्ष यानी महालय का पावन पखवाड़ा अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का हिंदू धर्मग्रंथों और गरुड़ पुराण में अत्यंत विशिष्ट, संवेदनशील और गूढ़ महत्व वर्णित किया गया है। पितृ पक्ष की इस चतुर्दशी को 'घायल चतुर्दशी', 'घात चतुर्दशी' या 'शस्त्रहत श्राद्ध' के नाम से जाना जाता है। सनातन परंपरा के अनुसार, यह एकमात्र ऐसी विशेष तिथि है जिस दिन उन पूर्वजों, परिजनों या कुल के सदस्यों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है जिनकी मृत्यु स्वाभाविक रूप से (प्राकृतिक बुढ़ापे या बीमारी से) न होकर किसी दुर्घटना, अकाल मृत्यु, हत्या, आत्महत्या, विषपान, सर्पदंश, जल में डूबने, अग्नि दुर्घटना या युद्ध व शस्त्र के प्रहार से हुई हो। शास्त्रों का सख्त विधान है कि सामान्य या प्राकृतिक रूप से दिवंगत हुए पूर्वजों का श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को कभी नहीं किया जाता; उनका श्राद्ध या तो उनकी अपनी स्वाभाविक तिथि पर अथवा सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया जाता है। यदि किसी अकाल मृत्यु का ग्रास बने परिजन की मृत्यु की वास्तविक तिथि ज्ञात न हो, तो भी उनका श्राद्ध आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को करने से उनकी भटकती अतृप्त आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।घात चतुर्दशी श्राद्ध का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्वगरुड़ पुराण और निर्णय सिंधु जैसे प्रामाणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि जो जीवात्माएं अपनी स्वाभाविक आयु पूरी किए बिना ही किसी आकस्मिक आपदा, दुर्घटना या अस्वाभाविक परिस्थिति के कारण देह त्याग देती हैं, उनकी आत्मा अक्सर मोह, वासना और अधूरी इच्छाओं के बंधन में फंसकर वायुमंडल में भटकती रहती है। ऐसी अशांत आत्माओं को पितृ लोक में सहज स्थान नहीं मिल पाता। आश्विन कृष्ण चतुर्दशी का यह पवित्र दिन विशेष रूप से इन्हीं अतृप्त पितरों की मुक्ति के लिए समर्पित किया गया है। इस दिन विधिवत जल, काले तिल, कुशा, जौ, सफेद चंदन और गंगाजल से किया गया तर्पण उन पूर्वजों को शांति प्रदान करता है जो असमय काल के गाल में समा गए थे। मान्यता है कि यदि परिजन इस दिन उनके निमित्त नारायण बलि, त्रिपंडी श्राद्ध या सामान्य पंचबलि कर्म संपन्न करते हैं, तो पूर्वज सभी प्रकार के कष्टों और प्रेत योनि के बंधनों से मुक्त होकर अपने वंशजों को सुख, समृद्धि, वंश वृद्धि और अकाल मृत्यु से रक्षा का मंगलमय आशीर्वाद प्रदान करते हैं।आज का विस्तृत दैनिक पंचांग: वार, नक्षत्र, योग और करणआश्विन कृष्ण पक्ष की इस महत्वपूर्ण तिथि का खगोलीय और पंचांगीय विवरण ज्योतिषीय गणना के अनुसार अत्यंत विशिष्ट ऊर्जा लेकर आता है। आज के दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा अपनी विशिष्ट स्थिति में संचरण कर रहे हैं।संवत्सर व संवत: विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 (कालयुक्त संवत्सर)।मास व पक्ष: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष।तिथि: चतुर्दशी तिथि (अपराह्न काल तक प्रभावी, तदुपरांत अमावस्या तिथि का आरंभ)।वार: शनिवार (शनि देव के प्रभाव वाला दिन, जो पितृ कर्म और तर्पण के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है)।नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र (उपरांत हस्त नक्षत्र का प्रवेश)।योग: शुक्ल योग (उपरांत ब्रह्म योग की शुरुआत)।करण: शकुनि करण (उपरांत चतुष्पाद और नाग करण)।सूर्य व चंद्र स्थिति: सूर्योदय कन्या राशि में और चंद्र देव कन्या राशि में गोचरस्थ रहेंगे।सूर्योदय व सूर्यास्त: सूर्योदय प्रातः 06:19 बजे और सूर्यास्त सायं 05:58 बजे होगा।श्राद्ध और तर्पण के लिए आज के सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्तश्राद्ध कर्म कभी भी प्रातः काल के उषाकाल में या रात्रि के समय नहीं किया जाता। शास्त्रों में दोपहर के समय को 'कुतुप' और 'रौहिण' काल कहा गया है, जो पितरों के आहार ग्रहण और तर्पण का सर्वोत्तम समय माना जाता है। आज घात चतुर्दशी पर श्राद्ध और पिंडदान संपन्न करने के लिए निम्नलिखित मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ हैं:कुतुप मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक। (अवधि: 46 मिनट - यह पितरों को जल और तिल अर्पित करने का सर्वोत्तम समय है)।रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:31 बजे से दोपहर 01:18 बजे तक। (अवधि: 47 मिनट)।अपराह्न काल (श्राद्ध का मुख्य समय): दोपहर 01:18 बजे से दोपहर 03:37 बजे तक। (इसी अवधि के भीतर ब्राह्मण भोजन, तर्पण और पिंडदान का कार्य संपन्न करना चाहिए)।अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक (सर्वकार्य सिद्धिदायक मुहूर्त)।विजय मुहूर्त: दोपहर 02:05 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक।गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:58 बजे से सायं 06:22 बजे तक।आज के अशुभ काल: इन समयों में भूलकर भी न करें श्राद्ध कर्मपितृ कर्म करते समय राहुकाल और यमगंड जैसे दूषित समयों का विशेष रूप से त्याग करना चाहिए, क्योंकि इन मुहूर्तों में किए गए तर्पण का फल पितरों को नहीं पहुंचता:राहुकाल: प्रातः 09:14 बजे से प्रातः 10:41 बजे तक। (इस दौरान कोई भी नया कार्य, संकल्प या श्राद्ध का आरंभ न करें)।यमगंड काल: दोपहर 01:36 बजे से दोपहर 03:03 बजे तक।गुलिक काल: प्रातः 06:19 बजे से प्रातः 07:46 बजे तक।दुर्मुहूर्त: प्रातः 06:19 बजे से प्रातः 07:06 बजे तक।चतुर्दशी श्राद्ध की प्रामाणिक विधि और पंचबलि कर्म के नियमअकाल मृत्यु से दिवंगत हुए परिजनों का श्राद्ध करते समय विशेष शुचिता और नियमों का पालन अनिवार्य है। सुबह नित्यकर्म और स्नानादि के उपरांत दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें। अनामिका अंगुली में कुशा की पवित्री (अंगूठी) धारण करें। तांबे या कांसे के पात्र में शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, काले तिल, सफेद फूल और जौ मिलाकर दोनों हाथों की अंजुली से 'पितृतीर्थ' (अंगूठे और तर्जनी के मध्य भाग) से तर्पण दें। तर्पण के समय दिवंगत आत्मा का नाम, गोत्र और उनके मोक्ष की प्रार्थना का संकल्प लें। तर्पण के पश्चात पंचबलि कर्म अवश्य करें, जिसमें भोजन के पांच अलग-अलग ग्रास पत्तल पर निकाले जाते हैं:गौ बलि (गाय के लिए): पहली ग्रास गाय माता को खिलाएं।श्वान बलि (कुत्ते के लिए): दूसरी ग्रास काले या भूरे कुत्ते को अर्पित करें।काक बलि (कौवे के लिए): कौवे को पितरों का दूत माना जाता है, इसलिए तीसरी ग्रास छत या मुंडेर पर कौवों के लिए रखें।देवादि बलि (देवताओं व चींटियों के लिए): चौथी ग्रास चींटियों और कीट-पतंगों के निमित्त पेड़ की जड़ में डालें।पिपीलिकादि बलि (अतिथि व भिक्षुक के लिए): पांचवीं ग्रास किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण के लिए रखें। इसके पश्चात योग्य, सदाचारी ब्राह्मण को श्रद्धापूर्वक सात्विक भोजन (खीर, पूड़ी, उड़द की दाल का बड़ा आदि) कराएं और यथाशक्ति वस्त्र, अन्न तथा दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।सामान्य मृत्यु वाले पूर्वजों का चतुर्दशी को श्राद्ध क्यों नहीं किया जाता?धर्मशास्त्रों में इस बात की स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी परिजन की मृत्यु सामान्य बुढ़ापे, बीमारी या प्राकृतिक रूप से हुई है, तो उनका श्राद्ध कभी भी आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि यदि स्वाभाविक रूप से मृत पूर्वज का श्राद्ध इस दिन किया जाता है, तो परिवार में कलह, अशांति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे पूर्वजों का श्राद्ध अगले दिन आने वाली सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के दिन ही श्रद्धापूर्वक किया जाना चाहिए। घात चतुर्दशी का यह पावन दिन केवल और केवल उन दिवंगत आत्माओं के उद्धार का महापर्व है, जिन्होंने असमय इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया था। इस दिन सच्चे मन से किया गया एक लोटा जल का तर्पण भी पूर्वजों के सभी क्लेशों को मिटाकर घर-परिवार में शांति और सुरक्षा का रक्षा कवच स्थापित करता है।मेटा विवरण (Meta Description): Aaj Ka Panchang: आज आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को होगा असमय मौत और दुर्घटना में गए परिजनों का घात चतुर्दशी श्राद्ध; देखें आज का पूरा पंचांग, कुतुप मुहूर्त, राहुकाल और श्राद्ध तर्पण विधि।कीवर्ड्स (Keywords): आज का पंचांग, घात चतुर्दशी श्राद्ध, घायल चतुर्दशी तर्पण, अकाल मृत्यु श्राद्ध नियम, आश्विन कृष्ण चतुर्दशी पंचांग, शस्त्रहत श्राद्ध विधि, कुतुप मुहूर्त आज, राहुकाल समय आज, पंचबलि कर्म विधि, पितृ पक्ष चतुर्दशी श्राद्ध, सर्वपितृ अमावस्या से पहले श्राद्ध, Aaj Ka Panchang Today, Ghat Chaturdashi Shraddha, Unnatural Death Shraddha Vidhi, Shastra Hata Shraddha Rules, Pitru Paksha Chaturdashi Tithi, Kutup Muhurat Today, Rahu Kaal Timing Today, Panchbali Karma Pitru Paksha, Hindu Calendar Tithi Today
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