अंक ज्योतिष में जन्मतारीख से मिलने वाले मूलांक के आधार पर किसी भी व्यक्ति के जीवन से जुड़ी कई बातों के बारे में संकेत दिए जाते हैं। 28 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। किसी मूलांक के लिए आज के दिन करियर में नए मौके सामने आ सकते हैं, तो वहीं किसी मूलांक के लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी से काम करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं 28 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 लेकर मूलांक 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है। मूलांक 1 आज मूलंक 1 वाले जातकों को धन से जुड़े किसी मामले में घर-परिवार से तनाव हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बिजनेस में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। अपनी जिम्मेदारियों को टालने की जगह उनको पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएं। इसे भी पढ़ें: Shankh Benefits: शंखनाद से खत्म होती है Negative Energy, मानसिक शांति के साथ बढ़ता है आत्मबल मूलांक 2 आज मूलांक 2 वाले जातकों के प्रेम और वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। जरूरी कामों पर ध्यान दें और बेवजह की बातचीत में अपना समय न गवाएं। जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। मन को शांत रखने के लिए ध्यान करें। मूलांक 3 मूलांक 3 वाले जातक किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले अच्छे-बुरे दोनों पहलुओं पर विचार जरूर करें। कार्यक्षेत्र या नौकरी के कारण यात्रा करनी पड़ सकती है। आज कुछ काम आसानी से बन जाएंगे, तो वहीं कुछ कामों में रुकावट आ सकती है। मूलांक 4 मूलांक 4 वाले जातकों के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। हालांकि आय बढ़ने के साथ खर्चे भी बढ़ सकते हैं। नौकरी में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से बहस करने से बचें। मूलांक 5 इस मूलांक के जातकों के लिए आज का दिन व्यापार के लिए थोड़ा चुनौतीभरा रह सकता है। कुछ लोग आपके काम में कमियां निकालने या फिर रुकावट डालने की कोशिश करेंगे। हालांकि पुराने कार्य धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे। परिस्थितियों से परेशान होने की जगह धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहें। मूलांक 6 मूलांक 6 वाले जातकों को परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी का साथ पाने से राहत महसूस करेंगे। किसी प्रिय व्यक्ति के साथ कहीं घूमने के लिए जा सकते हैं। धन लाभ के मौके मिल सकते हैं। मूलांक 7 आज इस मूलांक के लोगों को अपना समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। नौकरी में प्रमोशन या फिर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अचानक यात्रा पर जा सकते हैं। ऑफिस में नया कॉन्ट्रैक्ट या फिर समझौता मिल सकता है। किसी भी कागज पर साइन करने से पहले इसको अच्छे से पढ़ लें। मूलांक 8 मूलांक 8 वाले जातक आज अपनी सेहत को लेकर थोड़ा परेशान रह सकती हैं। पुरानी परेशानियों में फिर से उलझ सकते हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या में लापरवाही न करें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है। ऑफिस में अपना व्यवहार संयम रखें। मूलांक 9 मूलांक 9 वालों के लिए सलाह और योजनाएं तरक्की के नए रास्ते खोल सकती हैं। किसी जरूरी काम में आपकी रणनीति सही साबित होगी। अगर बैंक से लेन-देन की योजना बना रहे हैं, तो कोई और ऑप्शन देख सकते हैं। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने से सफलता मिल सकती है।
अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार
अक्टूबर 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण महीना है। इस महीने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी (दशहरा) और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्यौहार आ रहे हैं। इस माह में 26 अक्टूबर तक हिन्दू माह आश्विन मास भी रहेगा। इस माह का काफी महत्व मानाया गया ...
पूर्वजों का सपनों में आना देता है क्या संकेत? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
हम जीवन में जो भी सपने देखते हैं, नींद में जो सपने देखते हैं, कभी-कभी उनके बड़े गहरे असर होते हैं, बड़े गहरे अर्थ होते हैंआज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बताएंगे कि अगर आप अपने पूर्वजों- पितरों के सपने देखते है तो इसका आपके जीवन पर क्या संबंध बनता है. आज आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
शुक्र-सूर्य का द्वि-द्वादश संबंध: 6 राशियों के लिए शुभ संकेत, धन और करियर में मिल सकता है लाभ
ज्योतिष शास्त्र में जब शुक्र (Venus) और सूर्य (Sun) एक-दूसरे से 30 डिग्री का कोणीय अंतर (angular distance) बनाते हैं, तो इसे 'द्वादश भाव' या 'द्वि-द्वादश संबंध' (Semi-Sextile Aspect) के रूप में जाना जाता है। सूर्य और शुक्र के इस 30 डिग्री गोचर ...
शुक्र का वक्री गोचर: 5 राशियों के लिए शुरू होगा शुभ समय, धन-प्रेम में मिल सकता है लाभ
शुक्र देव 03 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12:45 बजे अपनी स्वराशि तुला में वक्री चाल चलेंगे। गोचर के दौरान वे चित्रा नक्षत्र के बाद स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, वैभव, प्रेम और आकर्षण का कारक माना ...
28 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 28 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 28 सितंबर 2026, दिन- सोमवार, आश्विन मास, कृष्ण पक्ष, द्वितीया तिथि रात 19.13 बजे तक फिर तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र सुबह 10.16 बजे तक फिर अश्विनी नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में सुबह 10.16 बजे तक फिर मेष में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.48 बजे से दोपहर 12.36 बजे तक, राहुकाल- सुबह 07.42 बजे से सुबह 09.12 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.
कुंभ राशि वालों को आज नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, जानें पूरा भाग्यफल
Aquarius Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, परिवार के सहयोग से काम बनेंगे, नकारात्मक सोच से बचना होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, व्यापार में लाभ के रास्ते खुलेंगे.
मकर राशि वाले आज सोच को पॉजिटिव रख कर फैसले करें, जानें कैसी रहेगी सेहत
Capricorn Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, लोगों से उलझने से बचें, करियर बदलने की योजना ना बनाएं, अपनी सोच को पॉजिटिव रख कर फैसले करें, सेहत का ख्याल रखना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
धनु राशि वालों को आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में मन लगेगा
Sagittarius Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में मन लगेगा, ऑफिस में सहयोगियों से मदद मिलेगी, संतान की सेहत को लेकर चिंता रहेगी, यात्रा से लाभ होगा, व्यापार में रुके हुए काम बनेंगे.
वृश्चिक राशि वालों को आज धन निवेश से लाभ होगा, इस चीज का करें दान
Scorpio Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: आत्मविश्वास बढ़ेगा, धन निवेश से लाभ होगा, रिश्तेदारों से संबंध सुधरेंगे, पैसों से जुड़ा फैसला सोच समझ कर करें, अपनी सेहत का ख्याल रखें, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
तुला राशि वालों के लिए आज करियर को आगे बढ़ाने का समय है, इस रंग के पहनें कपड़े
Libra Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: धन की स्थिति बेहतर होगी, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी, कोई काम जल्दबाजी में करने से बचें, अपने व्यवहार में विनम्रता रखें, व्यापार में लाभ का योग है.
कन्या राशि वालों के लिए आज धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे, विदेश यात्रा का योग है
Virgo Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: अनजान लोगों से मतभेद हो सकता है, धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे, विदेश यात्रा का योग है, नए लोगों से मीटिंग होगी, किसी की आलोचना ना करें, व्यापार में नुकसान हो सकता है सावधान रहें.
सिंह राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, गुस्से से बचें
Leo Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, आलस्य छोड़कर काम करने का दिन है, आपके काम की सराहना होगा, नौकरी में उन्नति के योग हैं, करीबी लोगों से मतभेद हो सकता है, गुस्से से बचें.
कर्क राशि वालों का आज सम्मान और बढ़ेगा, शुभ रंग- सफेद
Cancer Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: आपका सम्मान और बढ़ेगा, धन लाभ के अवसर मिलेंगे, सेहत को लेकर चिंता रहेगी, अपनी योजनाओं को लागू करें, ये समय काम को आगे बढ़ाने का है, व्यापार में ज्यादा धन निवेश से बचें.
वृषभ राशि वालों को आज रुका हुआ पैसा मिलेगा, जरूरी टिप- मतभेद से बचें
Taurus Daily Horoscope, 28 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: रुका हुआ पैसा मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, आपका मान-सम्मान में बढ़ेगा, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.
जल्दबाजी में निर्णय न लें, सजगता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: विविधि प्रयासों में धैर्य से काम लेंगे. उचित प्रस्ताव प्राप्त होंगे. सभ्यता संस्कार से सभी प्रसन्न रहेंगे. परिस्थिति का उचित आंकलन बनाए रखें. जल्दबाजी में निर्णय न लें. सजगता से आगे बढ़ेंगे.
करीबियों से भेंट मुलाकात होगी, उत्सव आयोजन में शामिल होंगे
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: विविध प्रयास प्रभावपूर्ण बने रहेंगे. करीबियों से भेंट मुलाकात होगी. उत्सव आयोजन में शामिल होंगे. व्यक्तित्व सुधार पाएगा. रचनात्मक नजरिया बनाए रखेंगे. विविध कार्यों के लिए प्रेरित होंगे. साहस से काम लेंगे.
कारोबारी सफलता बनी रहेगी, प्रस्तावों की प्राप्ति होगी
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: घर की साज संवार बढ़ाए रखें. परंपरागत कार्यों को बढ़ावा दें. वाणी व्यवहार असरदार बना रहेगा. वचन निभाने का प्रयास होगा. सभी के साथ सद्भावना बनाए रखें. लक्ष्य वक्त पर पूरे करें.
स्वास्थ्य संकेतों को अनदेखा न करें, जांच बनाए रखें
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: करीबी मददगार रहेंगे. अनुभवियों से सलाह बनाए रखें. संतुलित संयमित गति से आगे बढ़ें. कार्यों में पहल बनाए रखें. एक दूसरे की मदद का भाव बढ़ाएं. जिद व अहंकार की स्थिति में नहीं आएं.
सुखद संयोग बनाए रहेंगे, विविध मामलों में प्रभावी बने रहेंगे
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: परस्पर सहयोग की भावना बढ़ेगी. व्यक्तिगत प्रयासों में सफल होंगे. कलात्मकता को बढ़ावा देंगे. निजी प्रदर्शन उम्दा बना रहेगा. प्रतियोगिता में बेहतर रहेंगे. सुखद संयोग बनाए रहेंगे. विविध मामलों में प्रभावी बने रहेंगे.
लेन-देन में धैर्य दिखाएं, दोस्तों की मदद से हित साधेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: वाणिज्यिक कार्यों मे सहज प्रदर्शन बनाए रहें. लेनदेन में धैर्य दिखाएं. दोस्तों की मदद से हित साधेंगे. कार्यक्षेत्र और तार्किकता बनाए रखेंगे. निजी विषयों में सहजता के साथ आगे बढ़ेंगे. लोभ व प्रलोभन में नहीं आएं. ठगों से बचें.
सभी से बेहतर तालमेल रखेंगे, नेतृत्व में पहल का भाव होगा
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: सहभागिता बढ़ाने का प्रयास बनाए रखेंगे. व्यक्तिगत प्रयासों पर जोर होगा. करीबी व परिचतों से बेहतर व्यवहार बना रहेगा. एक दूसरे के लिए मददगार होंगे. दिनचर्या व्यवस्थित बनाए रखेंगे. अपनी बात स्पष्टता से रखेंगे.
आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा, व्यावसायिक विषयों में सकारात्मकता बढ़ेगी
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: परिचितों से मेलजोल बढ़ाएंगे. विभिन्न कार्यों में तेजी रहेगी. सामंजस्य से कार्य करेंगे. कारोबारी मामलों में उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन करेंगे. महत्वपूर्ण सूचनाओं की प्राप्ति होगी. नियमित गतिविधियों पर जोर होगा.
अनुभव का लाभ उठाएं, योजनाओं को संतुलित ढंग से आगे बढ़ाएं
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: परंपरागत विषयों को बल मिलेगा. दायित्वों को पूरा करेंगे. लक्ष्य पर नजर रखेंगे. व्यर्थ की बहस में नहीं आएंगे. सूझबूझ से जरूरी कार्यों को पूरा करेंगे. संबंधों का लाभ मिलेगा. उपलब्धियां सामान्य रहेंगी.
दबाव में नहीं आएंगे, व्यवहार में सुधार पाएगा
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 28 September 2026: सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा. नीति-रीति पर अमल बढ़ाएंगे. पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. संबंधों को मजबूत बनाए रहेंगे. सबसे संबंध संवार पाएंगे. सफलता का प्रतिशत बढ़त पर बना रहेगा.
कुंभ राशि वाले लेनदेन को गति देंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 28 September 2026 (करियर राशिफल): कारोबार में तेजी बनी रहेगी. औद्योगिक गतिविधियां बल पाएंगी. प्रभावी प्रदर्शन बनाए रखेंगे. व्यवस्था पर फोकस होगा. नीति-नियमों का सम्मान करेंगे
मीन राशि वाले को आकर्षक प्रस्ताव मिलेंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 28 September 2026 (लव राशिफल): प्रेम में विश्वास बढ़ेगा. निजी संबंध सुखदायक रहेंगे. अपनों से चर्चा-संवाद बढ़ाएंगे. प्रियजन प्रसन्न रहेंगे. भ्रमण और मनोरंजन के अवसर बनेंगे.
मीन राशि वाले सुविधाएं बढ़ाएंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 28 September 2026 (आर्थिक राशिफल): आर्थिक योजनाएं गति लेंगी. करीबी सहयोगी बने रहेंगे. लाभ का प्रतिशत बढ़ा रहेगा. करियर व्यापार में सुधार आएगा. जिम्मेदारियों को निभाएंगे
आज 28 सितंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 28 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
भारतीय वास्तु शास्त्र और प्राचीन स्थापत्य विज्ञान में घर के खिड़की-दरवाजों को केवल हवा और रोशनी के आने-जाने का माध्यम नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और प्राण शक्ति (प्राणिक एनर्जी) का मुख्य प्रवेश द्वार माना गया है। आधुनिक जीवनशैली, एयर कंडीशनर के अत्यधिक उपयोग और धूल-प्रदूषण से बचने के चक्कर में आजकल अधिकांश घरों और फ्लैट्स में लोग खिड़कियों को दिन-रात बंद रखने के आदी हो चुके हैं। वास्तु विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि 24 घंटे खिड़कियां बंद रखने की यह अनजानी आदत घर के सूक्ष्म ऊर्जा चक्र को पूरी तरह बाधित कर देती है। जब किसी घर में प्राकृतिक वायु और सूर्य की किरणों का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, तो वहां नकारात्मक स्पंदन तेजी से पनपने लगते हैं, जिसका सीधा असर परिवार के सदस्यों की आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के भीतर ऊर्जा का प्रवाह नदी के बहते पानी की तरह होना चाहिए। जिस तरह रुका हुआ पानी सड़ने लगता है, ठीक उसी तरह बंद कमरों में रुकी हुई हवा और ऊर्जा बासी होकर नकारात्मकता का रूप ले लेती है। घर की खिड़कियों को खोलने और बंद करने की सही दिशा, समय और तरीका वास्तु संतुलन को बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। इसलिए यदि आप भी अपने घर की खिड़कियों को हर समय बंद रखने की भूल कर रहे हैं, तो इसके गंभीर दुष्प्रभावों को समझना बेहद जरूरी है।आर्थिक तंगी और आय में रुकावट: धन की देवी लक्ष्मी के आगमन पर असरसनातन मान्यताओं और वास्तु ग्रंथों में यह उल्लेख मिलता है कि घर में सुख, समृद्धि और धन का वास तभी होता है जब वहां का वातावरण जीवंत और प्रकाशित हो। खिड़कियों को लगातार बंद रखने से घर में 'तामसिक ऊर्जा' का संचय होने लगता है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की ताजी किरणें और ब्रह्म मुहूर्त की पावन वायु जब घर के हर कोने में पहुंचती हैं, तो वह दरिद्रता और दुर्भाग्य को बाहर निकालती हैं। जब खिड़कियां हमेशा बंद रहती हैं, तो धन के नए अवसर रुकने लगते हैं और संचित धन अनावश्यक बीमारियों या फिजूलखर्ची में नष्ट होने लगता है।इसके अलावा व्यापार और करियर में उन्नति के लिए उत्तर और पूर्व दिशा की खिड़कियों का खुला रहना अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है और पूर्व दिशा सूर्य देव तथा सकारात्मक चेतना की दिशा है। यदि इन दिशाओं की खिड़कियां हर समय बंद रखी जाएं, तो व्यक्ति को अपने प्रयासों का पूरा फल नहीं मिल पाता और परिवार में लगातार आर्थिक तंगी का साया मंडराता रहता है।पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव और डिप्रेशन का बढ़ता जाललंबे समय तक बंद कमरों में रहने से केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि घर के सदस्यों का भावनात्मक संतुलन भी बिगड़ने लगता है। वास्तु के अनुसार जब घर में पुरानी और स्थिर ऊर्जा कैद रहती है, तो परिवार के लोगों में चिड़चिड़ापन, क्रोध और अनावश्यक तनाव बढ़ने लगता है। छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के बीच विवाद होना, बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का मन अशांत रहना अक्सर बंद खिड़कियों से उत्पन्न होने वाले वास्तु दोष का परिणाम होता है।प्राकृतिक रोशनी और खुली हवा की अनुपस्थिति में घर का वातावरण भारी हो जाता है, जिससे अवसाद (डिप्रेशन) और नकारात्मक विचारों का जन्म होता है। खिड़कियां खोलने से न केवल कमरे की हवा बदलती है, बल्कि घर के भीतर रहने वाले लोगों की मानसिक तरंगें भी तरोताजा होती हैं। इसलिए वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रातःकाल कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए घर की खिड़कियों को पूरी तरह खोलकर घर में नई ऊर्जा का संचार होने देना चाहिए।सेहत पर दोहरा प्रहार: बैक्टीरिया का जमावड़ा और गंभीर बीमारियों का खतरायदि हम वास्तु के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और मेडिकल साइंस के नजरिए से भी देखें, तो घर को हमेशा सील-बंद रखना बीमारियों को खुला निमंत्रण देना है। सूर्य की पराबैंगनी (यूवी) किरणें प्राकृतिक कीटाणुनाशक का कार्य करती हैं। जब सुबह की धूप खिड़कियों के रास्ते घर के बिस्तरों, सोफों और फर्श पर पड़ती है, तो हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, फंगस और डस्ट माइट्स अपने आप नष्ट हो जाते हैं।इसके उलट, जिन घरों की खिड़कियां 24 घंटे बंद रहती हैं, वहां नमी (सीलन) और हानिकारक रोगाणुओं का जमावड़ा लग जाता है। इससे परिवार के सदस्यों में अस्थमा, एलर्जी, सांस की बीमारियां, माइग्रेन और त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से फैलने लगती हैं। घर में पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण सुबह उठने पर भी शरीर में थकान और आलस्य बना रहता है। इस तरह बंद खिड़कियां न केवल वास्तु दोष पैदा करती हैं बल्कि परिवार की सेहत को भी खोखला कर देती हैं।खिड़कियों के रखरखाव के जरूरी नियम: आवाज और गंदगी लाती है दरिद्रतावास्तु शास्त्र में केवल खिड़कियां खोलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी साफ-सफाई और स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। गंदे, धूल से भरे या टूटे हुए शीशे सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को घर के भीतर आने से रोकते हैं। वास्तु के अनुसार गंदे शीशे वाली खिड़कियां नकारात्मकता को कई गुना बढ़ा देती हैं और व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता को धुंधला कर देती हैं। इसलिए खिड़कियों के शीशों और चौखटों को हमेशा पोंछकर चमकदार और स्वच्छ रखना चाहिए।इसके अतिरिक्त एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू खिड़कियों से आने वाली आवाज है। यदि आपकी खिड़कियों को खोलते या बंद करते समय चीं-चीं या किसी प्रकार की कर्कश आवाज आती है, तो यह वास्तु के अनुसार अत्यंत अशुभ संकेत माना जाता है। इसे 'ध्वनि वास्तु दोष' कहा जाता है, जो घर में अचानक आने वाले संकटों और विवादों को जन्म देता है। ऐसी खिड़कियों के कब्जों में तुरंत तेल या ग्रीस डालकर उनकी आवाज को शांत करना चाहिए।पर्दों का सही चयन और खिड़कियों के लिए जरूरी वास्तु टिप्सखिड़कियों पर लगाए जाने वाले पर्दों का रंग और उनका फैब्रिक भी घर की ऊर्जा को गहराई से प्रभावित करता है। कई लोग कमरों को फैंसी लुक देने के लिए बहुत भारी और गहरे रंग के पर्दे लगा देते हैं, जो दिन के समय भी प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा को पूरी तरह रोक लेते हैं। वास्तु के अनुसार खिड़कियों पर हल्के रंगों जैसे सफेद, हल्का पीला, हल्का हरा या क्रीम रंग के पारदर्शी और हल्के फैब्रिक वाले पर्दे लगाने चाहिए। हल्के पर्दे हवा के सुगम प्रवाह में बाधा नहीं बनते और घर को एक शांत व सकारात्मक आभा प्रदान करते हैं।यदि आपके घर में भी लंबे समय से खिड़कियां बंद रखने का चलन बन चुका है, तो आज ही इस आदत में बदलाव लाएं। प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के तुरंत बाद पूर्व और उत्तर दिशा की खिड़कियों को अवश्य खोलें, ताकि नया प्रकाश और ताजी हवा आपके घर के हर कोने को ऊर्जावान बना सके। यह छोटा सा वास्तु सुधार आपके जीवन में धन, आरोग्य और सुख-शांति के नए द्वार खोल सकता है।
Pitru Paksha में वर्जित सब्जियों के इस्तेमाल से लग सकता है पितृ दोष, सात्विक रखें थाली
पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और यह आश्विन मास की अमावस्या तक मनाई जाएगी। इन 16 दिनों में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में पूर्वज सूक्ष्म रुप लेकर धरती पर जरुर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए अन्न-जल को ग्रहण करते हैं। जब श्राद्ध का भोजन बनाया जाता है, तो तैयार करते समय कुछ जरुरी सावधानी और शुद्धता बरतने की काफी आवश्यकता है। ज्योतिषी के अनुसार, यदि श्राद्ध की थाली में नियमों के विरुद्ध जाकर कुछ खास सब्जियां या मसाले शामिल कर दिए जाते हैं, तो पितृ नाराज हो जाते हैं। जिस कारण से आपके घर में पितृ दोष भी लग सकता है। क्यों जरूरी है श्राद्ध में सात्विकता का ध्यान रखना? दरअसल, पितृपक्ष का मुख्य उद्देश्य पूर्वजों को तृप्त करना है। इसके लिए भोजन पूरी तरह से सात्विक, पवित्र और दोषमुक्त होना जरुरी है। किचन में जरा सी भी लापरवाही या वर्जित चीजों का इस्तेमाल श्राद्ध के पूर्ण फल को नष्ट कर सकता है। जब आप भोजन बनाएं, तो मन में पूर्ण श्रद्धा और पवित्रता का भाव रखें, जिससे पितर प्रसन्न होकर घर में हमेशा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। श्राद्ध की थाली में कौन सी सब्जियां नहीं शामिल करनी चाहिए? ज्योतिषी के अनुसार, जब आप पितरों के लिए भोजन बनाएं, तो तामसिक और जमीन के नीचे उगने वाली कुछ सब्जियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। - कंदमूल और जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियां: आलू, मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर और अरबी को श्राद्ध की खाली में शामिल न करें। - अन्य वर्जित सब्जियां: जैसे कि बैंगन, कटहल, पत्तागोभी और काले चने का इस्तेमाल न करें। इन सभी चीजों को अशुभ माना जाता है। श्राद्ध में किन मसालों और अनाजों का न करें प्रयोग? श्राद्ध पक्ष में मसूर की दाल, चने की दाल, कुलथी और राजमा नहीं पकाना चाहिए। इसके स्थान पर मूंग की दाल या उड़द की दाल का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है, क्योंकि उड़द के बड़े पितरों को विशेष प्रिय माने जाते हैं। पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए श्राद्ध के इन नियमों का पालन करना बहुत ही जरुरी है। इस दौरान आप पूरी शुद्धता और सागदी के साथ पितरों के लिए भोग तैयार करते हैं, तो वे प्रसन्न होकर आपके पूरे परिवार को आरोग्य, शांति और संपन्नता का आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं।
पशु-पक्षियों की सेवा से पितृ कैसे होंगे प्रसन्न? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है. ऐसा माना जाता है कि पशु-पक्षियों की सेवा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. भाग्य चक्र' में पंडित शैलेंद्र पांडेय आज बताएंगे पितृ पक्ष में कौन से 5 जीवों की खास भूमिका है. सक्सेस मंत्र, जरुरी टिप के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी. देखें वीडियो.
पितृ पक्ष शुरू होते ही 5 राशियों की बदली किस्मत, नौकरी-पैसे में लाभ
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 2026 इन 5 राशियों के लिए खास रहने वाला है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान करियर में तरक्की, नौकरी में नए अवसर और धन लाभ के योग बन सकते हैं. जानें कौन-सी हैं ये 5 राशियां.
आज से शुरू हुए श्राद्ध, जानें तर्पण की विधि, जरूरी नियम और खास तिथियां
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत आज 27 सितंबर से हो चुकी है. जानिए 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) तक की सभी प्रमुख तिथियां, श्राद्ध-तर्पण की सही विधि और जरूरी नियम.
तुला राशि वालों के लाभ में वृद्धि होगी, जानें क्या कहती है आपकी राशि
Aaj ka Rashifal 27 सितंबर 2026, Horoscope Today: तुला राशि वालों के आज परिवार से संबंधित काम बनेंगे. मन उत्साहित रहेगा. मित्रों से मुलाकात होगी. नई योजना बनने का समय है. लाभ में वृद्धि होगी. व्यापार से जुड़े फैसले करने का समय है.
27 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 27 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 27 सितंबर 2026, दिन- रविवार, आश्विन मास, कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा तिथि, प्रतिपदा तिथि रात 20.58 बजे तक फिर द्वितीया तिथि, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.48 बजे से दोपहर 12.36 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 16.42 बजे से शाम 18.12 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम, आज प्रतिपदा का श्राद्ध है.
कुंभ राशिवालों के खर्चे बढ़ेंगे, सेहत के मामले में ध्यान दें, जानें दैनिक रशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, सेहत के मामले में ध्यान दें, जल्दबाजी में फैसला ना करें, करियर के मामले में सोच समझ कर निर्णय लें, अपने मन की बात सबसे ना कहें.
वृश्चिक राशि वालों के आज धन लाभ के रास्ते बनेंगे, नेगेटिव विचारों से बचें
Scorpio Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: मित्रों से किसी विषय पर चर्चा होगी, धन लाभ के रास्ते बनेंगे, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, किसी बात को लेकर अड़े ना रहें, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में निवेश की स्थिति बनेगी..
कन्या राशि वालों का आज मान-सम्मान मिलेगा, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी
Virgo Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, रिश्तेदारों से संबंध सुधरेगा, मान-सम्मान मिलेगा, अपने खर्चों को कंट्रोल में रखें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
सिंह राशि वालों की आज नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, जरूरी टिप- इगो से बचें
Leo Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, करियर को लेकर नए सिरे से विचार होगा, परिवार को और वक्त दें, क्रोध की वजह से काम बिगड़ सकता है, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कर्क राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, जानें पूरा भाग्यफल
Cancer Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मन की बेचैनी दूर होगी, शत्रुओं पर विजय मिलेगी, उधार लेनदेन से बचें, हर काम सोच समझ कर करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ का योग है.
मिथुन राशि वालों की आज कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी, जानें शुभ रंग
Gemini Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: लोगों से उलझने से बचें, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, सेहत पर ध्यान दें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
वृषभ राशि वाले आज फल का दान करें, जीवन में सुख बढ़ेगा
Taurus Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: हर काम सोच समझ कर करें, किसी को पैसा उधार देने से बचें, जीवन में सुख बढ़ेगा, कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, व्यापार में और ध्यान देना होगा.
मेष राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, शुभ रंग- मरून
Aries Daily Horoscope, 27 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, भाग्य का साथ मिलेगा, परिवार से सहयोग मिलेगा, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार संबंधी कार्यों पर फिरे विचार करने का दिन है.
जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे, वादा निभाएंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: योजनाओं को मूर्तरूप देंगे. भेंट संवाद पर फोकस रहेगा. साथियों की मदद बनाए रखेंगे. व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी. जीवन स्तर संवार पर रहेगा.
अच्छा भाव रहेगा, लोगों से स्नेह बनाए रखेंगे
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: प्रभावशाली लोगों से भेंट होगी. निज विकास पर जोर रखेंगे. आत्मविश्वास उूंचा रखेंगे. करीबियों से चर्चा संवाद असरदार बना रहेगा
चर्चा में सतर्कता बढ़ाएं, अन्य के प्रभाव में न आएं
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: अवसरों को भुनाने में जल्दबाजी से बचें. स्थिति का उचित आंकलन करें. नियमित दिनचर्या बनाए रखें. खानपान की आदतों को संवारें.
लक्ष्य साधेंगे, लोकप्रियता में वृद्धि होगी
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: नवीन कोशिशें बनाए रहेंगे. उपलब्धियों को बढ़ावा मिलेगा. विवेक विनम्रता से कार्य करेंगे. निजी मामलों में व्यवस्थित रहेंगे. कला और कौशल के बल रहेगा.
हल्का भोजन लें, जांच नियमित रखें
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: मेलजोल में पहल बनाए रहें. अहंकार में नहीं आएं. विभिन्न मामलों में प्रशिक्षण बढ़ाएं. कला कौशल पर जोर दें. अतिसंवेदनशील होने से बचें.
घर में सहज रहेंगे, निजी संबंधों में मधुरता रखेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: बाधाओं को साहस से दूर करेंगे. व्यर्थ बातों में समय देने से बचेंगे. सबको जोड़े रखने का प्रयास होगा. व्यक्तिगत संबंधों में पहल रखेंगे.
सतर्कता बनाए रहें, रुटीन कार्यों को पूरा करें
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: समता सामंजस्यता बनाए रखेंगे. लेनदेन में स्पष्टता बढ़ाएं. रिश्तों में धैर्य दिखाएं. करीबी से सहज संबंध बनाए रखेंगे. सजगता सतर्कता से आगे बढ़ेंगे.
कारोबारी लक्ष्य पाएंगे, लेनदेन में सहज रहेंगे
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: विविध मामलों में गति आएगी. सबके प्रति प्रेम और विश्वास बना रहेगा. व्यक्तिगत संबंधों को बेहतर बनाएंगे. रहन सहन के संतुलन पर बल बनाए रखेंगे.
संपर्क बढ़ाएंगे, जिम्मेदारी निभाएंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: लेनदेेन में सजगता बनाए रखें. प्रलोभन और दिखावे में नहीं आएंगे. व्यक्तिगत मामलों में साहस बढ़ेगा. कार्य वक्त पर पूरा करने का प्रयास रखेंगे.
जवाबदेही बनाए रखेंगे, संतुलन से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 27 September 2026: परिस्थिति के अनुरूप निर्णय लेंगे. आसपास का वातावरण में अनुकूलन रहेगा. विविध वस्तुओं में रुचि रहेगी. योजनाएं सूझबूझ से आगे बढ़ेंगे.
मीन राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 27 September 2026 (करियर राशिफल): कारोबार मध्यम गति से चलेगा. करियर में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें. कर्मठता से कार्य करें.अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन बनाए रखें
वृष राशि वालों के रिश्ते संवरेंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 27 September 2026 (लव राशिफल): भावनात्मक विषयों में विनम्र बने रहें. प्रेम और स्नेह के मामलों में धैर्य दिखाएं. बहकावे में न आएं. अहंकार से दूर रहें. रिश्ते संवेदनशील रहेंगे
कर्क राशि वालों की पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 27 September 2026 (आर्थिक राशिफल): वित्तीय हित लाभ बढ़ाए रहेंगे. जिम्मेदारों से भेंट होगी. जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचेंगे. विभिन्न मामले हितकर रहेंगे. आय के स्त्रोत विकसित होंगे.
आज 27 सितंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 27 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
बरसात में तैरते अवसर (व्यंग्य)
हर बरस बरसात के मौसम से पहले, वार्षिक आयोजन की तरह ज़रूरी बैठक होती है। कई बार शरारती बारिश, बैठक से पहले ही आ जाती है और एजेंडा बहा ले जाती है। बैठक में उच्च स्तरीय विचार विमर्श किया जाता है कि आने वाली बरसात से जैसे कैसे, कैसे निपटा जाए। बहुत ज्यादा गहन विचार विमर्श के बाद कठोर निर्णय लिए जाते है और उन्हें कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जब बारिश जोश में होती है तो सभी योजनाओं के होश बह जाते हैं। इस बार बरसात के मौसम के सम्बन्ध में जो बैठक हुई थी उसकी अध्यक्षता ज्यादा उच्च अधिकारी ने की। उनकी सोच बिलकुल नई रही। बैठक में आए अन्य लोग भी चाहते थे कि इस बार बरसात से कुछ इस तरह से निपटा जाए कि चारों तरफ तारीफ के पुल बंधे दिखें । सभी ने एक मत से माना कि जहां पानी आफत ही बन जाए वहां तो ऊपर वाला ही कुछ कर सकता है लेकिन जहां कुछ फुट पानी आया हो, वहां बैठक में अनुमोदित योजना कार्यान्वित की जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: दुर्घटना और सख्त कार्रवाई (व्यंग्य) बैठक में सकारात्मक निर्णय लिया गया कि बरसात को आफत न कहा जाए और इस सन्दर्भ में प्राकृतिक आपदा जैसे घिसे पिटे शब्दों का प्रयोग न किया जाए। इसे एक वार्षिक अवसर की तरह लिया जाए। बारिश के नाराज़ पानी ने जहां आना जाना है उसे कोई रोक नहीं सकता लेकिन हम कैसे इसका उपयोग कर सकते हैं इसकी योजना नवोन्मेषी ढंग से बनाई जा सकती है। आम लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया का प्रयोग करते हुए बताया जाए कि प्रशासन, इस बार ठहरे हुए पानी वाले क्षेत्रों में नाव योजना चलाएगा। अलग अलग आकार में मोटर बोट, नाव वगैरा उपलब्ध करवाई जाएंगी। आम लोग अपने ख़्वाब, इरादे, यातायात, सामान और अन्य ज़रूरतों के मुताबिक प्रयोग कर सकेंगे। बारिश कुदरती है उस पर विश्वास नहीं कर सकते, नाव इंसान का आविष्कार है। हर बरस उसकी ज़रूरत पड़ती है इसलिए उस पर भरोसा करना पडेगा। अपनी नाव या मोटरबोट खरीदने के लिए सब्सिडी मिलेगी। बढ़िया योजना है। इस बहाने नाव बेचने, खरीदने, किराए पर देने और मरम्मत का मौसमी व्यवसाय भी चल निकलेगा। यह तो मेहनती और अवसर का लाभ उठाने वाले पर निर्भर है कि कितना कमाया। चुनाव के मौसम में भी तो घोड़ों का मौसमी व्यापार कर, लोग कुछ न कुछ कमाते ही हैं। बाज़ार में तरह तरह की डिजाईन वाली, रंग बिरंगी और स्वचालित बोट्स पहले से उपलब्ध हैं। उनमें से मनपसंद चुनकर खरीद सकते हैं। किश्तों पर होम डिलीवरी भी हो सकती है। आजकल तो छोटे से छोटा व्यवसायी भी स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, करता भी है, सफल होता है तो असफल भी हो सकता है। कोशिश बड़ी चीज़ है। एक बार नाव योजना शुरू होकर सफलता से तैर निकली तो इरादों के जहाज भी चल सकते हैं। इस योजना में आर्थिक मछलियां पकाने और खाने की संभावना बहाई जा सकती है। राजनीति के सुगंधित नाले तो खुद ही इस योजना से मिलने आ जाएंगे। खेल कूद विभाग सालाना प्रतियोगिता आयोजित कर सकता है। तैरना सीखने वाले इच्छुक जब चाहें सीख सकते हैं। जिनके यहां बरसात के मौसम में भी पानी नहीं आता, घर आए इस जल का भंडारण कर सकते हैं। देखोजी, कमियां तो हर काम में रह जाती हैं। कोई योजना पसंद न आए तो संशोधन का दूध डाला जा सकता है। शुद्ध सीमेंट के हलवे से मरम्मत की जा सकती है। यह योजना संजीदगी से समझाती है कि समय सबको अवसर देता है और अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उम्मीद की जा सकती है अगले बरस, ‘सफल नाव योजना’ पर बैठक, नाव में बैठकर हो। - संतोष उत्सुक
SBI SCO Recruitment: स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ी, 5 अक्टूबर तक करें Apply
बैंक में नौकरी करने की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, भारतीय स्टेट ऑफ इंडिया की तरफ से स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट को एक्सटेंड कर दिया गया है। जो उम्मीदवार किसी कारणवश इस पद के लिए आवेदन नहीं कर पाएं, वे अब आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिर के पदों पर आवेदन करने की लास्ट डेट 05 अक्तूबर, 2026 निर्धारित की है। जानें आवेदन करने के लिए जरुरी योग्यता - स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। - उम्मीदवार के पास कुछ वर्षों का कार्यानुभव होना काफी जरुरी है। - उम्मीदवारों की आयु की गणना 31 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम आयु 23, 26, 28 और 35 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु 35, 40, 42 और 50 वर्ष निर्धारित की गई है। - रिजर्वेशन कैटेगरी के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में विशेष छूट दी गई है। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन पर्सनल टेलिफोनिक इंटरव्यू, वीडियो इंटरव्यू के आधार पर किया जा सकता है। इंटरव्यू कुल 100 अंकों के लिए आयोजित किया जाता है। कैसे करें आवेदन - सबसे पहले आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर विजिट करें। - अब वेबसाइट के होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सेक्शन पर क्लिक करें। - इसमें मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। - फॉर्म भरने के बाद जरुरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। - फिर रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। - अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।
कल से शुरू से पितृ पक्ष, नोट कर लें श्राद्ध की सभी जरूरी तिथियां
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 27 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा. जानें श्राद्ध की सभी तिथियां, तर्पण के नियम और जरूरी बातें.
सर्वपितृ अमावस्या 2026 कब है? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और इस अंतिम तिथि का पौराणिक महत्व
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) का पखवाड़ा हमारे पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-तर्पण करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या तिथि तक चलने वाले इस 16 दिवसीय काल का समापन जिस अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी दिन पर होता है, उसे सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya 2026) या महालया अमावस्या कहा जाता है। पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार के दिन पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अपने परिजनों या पूर्वजों की मृत्यु की तिथि याद नहीं है या फिर पूरे पितृ पक्ष के दौरान किसी कारणवश वे तर्पण और पिंडदान नहीं कर पाए हैं, तो वे इस एक विशेष दिन पर सभी ज्ञात और अज्ञात पूर्वजों के नाम से श्राद्ध कर्म संपन्न कर सकते हैं। शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग भी माना जा रहा है, जो पितृ दोष के निवारण के लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा।हिंदू संस्कृति और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सर्वपितृ अमावस्या का दिन बेहद शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करके तांबे या पीतल के लोटे में जल, गंगाजल, काला तिल, कुशा और फूल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पूर्वजों का ध्यान करते हुए तर्पण किया जाता है। इसके अलावा ब्राह्मण को भोजन कराने के साथ-साथ गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए भोजन का अंश (पंचबली भोग) जरूर निकाला जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृगण तृप्त होकर अपने परिजनों को सुख, समृद्धि, शांति और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं तथा उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।सर्वपितृ अमावस्या 2026 के लिए श्राद्ध और पूजन का शुभ मुहूर्तधार्मिक अनुष्ठानों और पिंडदान के लिए दिन का वह समय सबसे उत्तम माना जाता है जब सूर्य ढलने की ओर होता है और दोपहर का उत्तरार्ध काल शुरू होता है। वर्ष 2026 में 10 अक्टूबर को श्राद्ध कर्म के लिए निम्नलिखित प्रमुख मुहूर्त बेहद शुभ रहेंगे:कुतुप मुहूर्त (Kutup Muhurat): सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तकरौहिण मुहूर्त (Rauhina Muhurat): दोपहर 12:31 बजे से दोपहर 01:17 बजे तकअपराह्न काल (Aparahna Kaal): दोपहर 01:17 बजे से दोपहर 03:37 बजे तकविशेषज्ञों के अनुसार, अपराह्न काल के इन निश्चित समय के भीतर ही तर्पण और पिंडदान का कार्य पूरा कर लेना सबसे उत्तम फलदायी माना जाता है।महालया और शारदीय नवरात्रि का पावन संगमपूर्वी भारत और खासकर पश्चिम बंगाल में सर्वपितृ अमावस्या के दिन को 'महालया' (Mahalaya) के रूप में बहुत ही भव्य तरीके से मनाया जाता है। महालया के दिन ही पितृ पक्ष का समापन होता है और इसी के साथ देवी पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। इसके ठीक अगले दिन यानी रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर मां दुर्गा की घटस्थापना (Ghatasthapana) की जाएगी। इस प्रकार पितरों की विदाई और मां शक्ति के आगमन का यह अद्भुत संयोग इस बार के पर्व को और भी अधिक आध्यात्मिक और खास बना रहा है।
सिंह और धनु राशि के लिए बेहद खास रहने वाला है यह हफ्ता, करियर से लेकर कारोबार तक मिलेगा सहयोग
नया हफ्ता यानी 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 का यह दौर ज्योतिषीय और टैरो कार्ड की गणना के लिहाज से बेहद खास और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है। ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के साथ-साथ टैरो कार्ड्स (Tarot Cards) के माध्यम से जब इस सप्ताह के भविष्यफल का आकलन किया जाता है, तो यह साफ नजर आता है कि कई राशियों के जातकों के जीवन में लंबे समय से चली आ रही रुकावटें अब दूर होने वाली हैं। विशेष रूप से सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह किसी वरदान से कम नहीं साबित होने वाला है, जहां उन्हें अपने कार्यक्षेत्र, करियर और पर्सनल लाइफ में चारों तरफ से अपार सफलता और लोगों का सहयोग मिलने के योग बन रहे हैं। अंक ज्योतिष और टैरो भविष्यवाणी के अनुसार, इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार बन रही है जो मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित लोगों को उनकी उम्मीद से बढ़कर परिणाम दिलाने वाली है। आइए टैरो कार्ड रीडर की मदद से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए यह नया हफ्ता कैसा बीतने वाला है।सिंह राशि (Leo): करियर में चमकेगी किस्मत, वरिष्ठ अधिकारियों का मिलेगा पूरा साथसिंह राशि के जातकों के लिए 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 का यह पूरा सप्ताह ऊर्जा, आत्मविश्वास और उपलब्धियों से भरा रहेगा। टैरो कार्ड्स के अनुसार इस हफ्ते आपके लिए 'द सन' (The Sun) कार्ड निकला है, जो इस बात का संकेत देता है कि आपके जीवन में मान-सम्मान और यश में जबरदस्त वृद्धि होने वाली है। यदि आप लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन या किसी बड़े प्रोजेक्ट के मिलने का इंतजार कर रहे थे, तो इस सप्ताह आपकी यह मुराद पूरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके द्वारा किए गए कामों की सराहना होगी और आपके सहकर्मी तथा वरिष्ठ अधिकारी आपका पूरा समर्थन करेंगे। व्यापार करने वाले जातकों को भी इस दौरान अचानक किसी बड़े मुनाफे का सौदा हाथ लग सकता है। परिवार के साथ यह हफ्ता बहुत ही आनंददायक बीतेगा और सेहत भी पूरी तरह से साथ देगी।धनु राशि (Sagittarius): अटके हुए कार्य होंगे पूरे, आर्थिक मामलों में मिलेगी बड़ी राहतधनु राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह वित्तीय मोर्चे पर बहुत बड़ी राहत लेकर आने वाला है। टैरो कार्ड 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' (Wheel of Fortune) के प्रभाव से आपके जीवन का पहिया एक बार फिर सकारात्मक दिशा में तेजी से घूमने लगेगा। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था या कोर्ट-कचहरी का कोई पुराना मामला चल रहा था, तो इस हफ्ते फैसला आपके पक्ष में आने के प्रबल योग बन रहे हैं। करियर के मामले में आपको अपने दोस्तों और गुरुजनों का ऐसा सहयोग मिलेगा जो आपकी दिशा बदल देगा। छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने का यह सबसे सही समय है। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी और वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशि के जातकों के लिए कैसा रहेगा यह हफ्ता?मेष राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है, जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसान दे सकता है। वृषभ राशि के लोगों को कार्यस्थल पर थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी, हालांकि सप्ताह के अंत तक आर्थिक लाभ के योग बनेंगे। मिथुन राशि के जातकों के लिए नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद साबित होगी और संवाद की कला से आपके बिगड़े हुए काम भी बन जाएंगे। कर्क राशि के जातकों को इस हफ्ते मानसिक शांति बनाए रखने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना चाहिए, परिवार में किसी पुराने मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा हो सकती है।कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि का साप्ताहिक भविष्यफलकन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह स्वास्थ्य के मामले में थोड़ा सतर्क रहने का है, अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें। तुला राशि के लोगों को पार्टनरशिप के बिजनेस में बड़ा मुनाफा मिल सकता है और लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। वृश्चिक राशि के जातकों को छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है, हालांकि आपकी सूझबूझ से सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। मकर राशि के जातकों को कड़ी मेहनत का फल अब पदोन्नति या वेतन वृद्धि के रूप में मिलने वाला है। कुंभ राशि के जातकों के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होगी। अंत में, मीन राशि के जातकों की रचनात्मकता चरम पर होगी, कला और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है।
श्रद्धा का महापर्व महालय 26 सितंबर से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर तक कुल 15 दिनों का रहेगा। इस वर्ष चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन, 30 सितंबर (बुधवार) को मनाया जाएगा। ज्योतिर्विद डॉ. पं. सोमेश्वर जोशी के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या शनिवार को ...
12 Zodiac Weekly Horoscope: इस सप्ताह यानी 28 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच ग्रहों के गोचर और चंद्रमा की बदलती स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। किसी के लिए यह सप्ताह करियर में नई उपलब्धियां लेकर आएगा, तो ...
साप्ताहिक अंक राशिफल: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के सप्ताह में परिवर्तन, संवाद, निर्णय और नई परिस्थितियों के बीच तालमेल मुख्य रहेगा। इस अवधि में स्थितियाँ एक ही गति से आगे बढ़ने के बजाय बीच-बीच में अपना स्वरूप बदल सकती हैं। ...
धार्मिक शास्त्रों में पितृ पक्ष का महीना बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। विष्णु पुराण से लेकर गरुड़ पुराण के साथ-साथ भविष्य पुराण में महर्षि विश्वामित्र के हवाले से श्राद्ध के विभिन्न रुपों में वर्णन देखने को मिलता है। आज यानी 26 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन आश्विन अमावस्या पर होगा। इन 16 दिनों में विधिवत रुप से पितरों का तर्पण किया जाता है, जिससे हमारे पूर्वजों की आत्मा तृप्त होती है और वह अपने परिवार पर हमेशा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, पितरों के लिए दो प्रमुख यज्ञ किए जाते हैं- पिंड पितृयज्ञ' और 'श्राद्ध'। वेदों में वर्णन पांच मुख्य महायज्ञों (ब्रह्म, देव, पितृ, वैश्वदेव और अतिथि यज्ञ) में से 'पितृयज्ञ' को ही पुराणों में विस्तार से श्राद्ध कर्म की संज्ञा दी गई है। वहीं, भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में इसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। जैसे कि उत्तर भारत व उत्तर-पूर्व भारत में श्राद्ध पक्ष कहा जाता है, वहीं तमिलनाडु में इसे 'आदि अमावसाई', केरल में 'करिकडा वावुबली' और महाराष्ट्र में ' 'पितृ पंधरवडा' कहा जाता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं श्राद्ध के 12 प्रकार, जिसके बारे में आपको जरुर पता होना चाहिए। श्राद्ध के 12 प्रमुख प्रकार नित्य श्राद्ध: रोजाना बिना किसी स्पेशल काम्य भावना के जल, तिल व अन्न से किया जाने वाला सामान्य श्राद्ध। नैमित्तिक श्राद्ध: किसी एक विशेष पितर की वार्षिक मृत्यु तिथि पर संपन्न किया जाने वाला श्राद्ध। काम्य श्राद्ध: किसी भी विशेष मनोकामना या सिद्धि की प्राप्ति हेतु किया जाने वाला श्राद्ध। नान्दी श्राद्ध: अपने घर में किसी प्रकार के मांगलिक कार्य या शुभ अवसर के समय किया जाने वाला श्राद्ध। पार्वण श्राद्ध: पितृपक्ष की तिथियों, पर्वों या अमावस्या तिथि पर किया जाने वाले प्रमुख श्राद्ध। सपिण्डन श्राद्ध: किसी व्यक्ति की मृत्यि के पश्चात प्रेत-पिंड को पितृ-पिंड में सम्मिलित करने हेतु किया जाने वाले श्राद्ध ( यह आत्मा को पितरों से मिलन कराता है)। गोष्ठी श्राद्ध: किसी भी परिवार , कुल या स्वजातीय समूह के लोगों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाने वाला श्राद्ध। शुद्धयर्थ श्राद्ध: आत्म-शुद्धि एवं पापों के क्षलन के उद्देश्य से किया जाने वाला श्राद्ध। कर्मांग श्राद्ध: जीवन के 16 संस्कारों (जैसे कि गर्भाधन, नामकरण, उपनयन आदि) के अवसर पर किया जाने वाला श्राद्ध। दैविक श्राद्ध: इस श्राद्ध के जरिए देवताओं की कृपा प्राप्त करने मुख्य उद्देश्य का श्राद्ध। यात्रार्थ श्राद्ध: तीर्थ यात्रा पर जाने से पूर्व या तीर्थ स्थानों (जैसे कि गया, प्रयागराज) में जाकर किया जाने वाला श्राद्ध। पुष्ट्यर्थ श्राद्ध (वृद्धि श्राद्ध): इसके खुद व परिवार की आर्थिक उन्नति, सुख-समृद्धि संतान प्राप्ति एवं विवाह आदि वृद्धि कारक अवसरों हेतु किया जाने वाला श्राद्ध है। आखिर प्रेत श्राद्ध क्या है? जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके देह त्यागने से लेकर सपिंडीकरण (सपिण्डन श्राद्ध) होने तक की अवधि में जो श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, उन्हें प्रेत श्राद्ध के नाम से जाना जाता है। मुत्यु के पश्चात जीवात्मा प्रेत योनि के सूक्ष्म प्रभाव में रहती है। उन्हें इस कष्टदायक स्थिति से मुक्त करने, मार्ग में संबल प्रदान करने और उसे पितृलोक में स्थान दिलाने के उद्देश्य से 10 गात्र श्राद्ध, एकादशाह (11वें दिन का श्राद्ध) और द्वादशाह (12वें दिन का श्राद्ध) जैसे प्रेत श्राद्ध संपन्न किए जाते हैं। जब यह पूर्ण हो जाता है, आत्मा प्रेत भाव से मुक्त होकर पितरों की श्रेणी में चली जाती है।
नई दिल्ली। आज के दौर में जब हर कोई अपने करियर में मनचाहा प्रमोशन, पदोन्नति और बिजनेस में मुनाफा कमाने के लिए दिन-रात पसीना बहाता है, तब कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम हाथ नहीं लगते। फेंगशुई और वास्तु विज्ञान के अनुसार, जब आपके कार्यस्थल या निवास स्थान की सकारात्मक ऊर्जा में रुकावट आ जाती है, तो प्रगति की राह में बाधाएं आने लगती हैं। प्राचीन चीनी फेंगशुई शास्त्र में इस समस्या से मुक्ति पाने और उन्नति के नए मार्ग खोलने के लिए कई ऊर्जावान प्रतीकों का उल्लेख मिलता है। इन्हीं प्रतीकों में सर्वाधिक शक्तिशाली, शुभ और चमत्कारी माना जाता है 'ड्रैगन टर्टल' (Dragon Turtle)।ड्रैगन टर्टल कोई साधारण सजावटी वस्तु नहीं है, बल्कि यह फेंगशुई के दो सबसे प्रभावशाली खगोलीय जीवों—ड्रैगन (अजगर/अजदहा) और टर्टल (कछुआ)—का एक अद्वितीय और शक्तिशाली संगम है। फेंगशुई की मान्यताओं के अनुसार, ड्रैगन शक्ति, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता, साहस और सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि कछुआ लंबी उम्र, स्थिरता, धैर्य और सुरक्षा की ढाल का प्रतीक है। जब ये दोनों शक्तियां एक रूप में समाहित होती हैं, तो व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ व्यावसायिक ऊंचाइयों का मार्ग प्रशस्त होता है। हालांकि, इसे कार्यस्थल या घर में रखते समय नियमों की अनदेखी करने पर इसका सकारात्मक प्रभाव समाप्त हो सकता है।करियर और व्यापार में ड्रैगन टर्टल रखने के चमत्कारी लाभफेंगशुई विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रैगन टर्टल को अपने जीवन का हिस्सा बनाने से कार्यस्थल के वातावरण में जादुई बदलाव देखने को मिलते हैं। जो लोग लंबे समय से प्रमोशन के इंतजार में हैं या कॉर्पोरेट राजनीति का शिकार हो रहे हैं, उनके लिए यह विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होता है:पीठ पीछे होने वाली राजनीति से सुरक्षा (Backstabbing Protection): यदि ऑफिस में सहकर्मी आपके खिलाफ साजिश रचते हैं या आपकी मेहनत का श्रेय कोई और ले जाता है, तो ड्रैगन टर्टल एक अभेद्य सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।बिजनेस में नए अवसर और वित्तीय स्थिरता: व्यापारियों के लिए यह नकदी प्रवाह (Cash Flow) को सुचारू बनाए रखने और अटके हुए भुगतानों को निकालने में ऊर्जावान मदद करता है।निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि: इसके प्रभाव से व्यक्ति के भीतर नेतृत्व के गुण और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।नियम 1: सही दिशा का चयन—उत्तर और दक्षिण-पूर्व है सबसे फलदायीड्रैगन टर्टल को स्थापित करते समय सबसे पहली और अनिवार्य शर्त उसकी दिशा होती है। फेंगशुई में हर दिशा का एक विशेष तत्व (Element) होता है, और गलत दिशा में रखा गया प्रतीक विपरीत ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।करियर में तरक्की के लिए (उत्तर दिशा): यदि आपका मुख्य लक्ष्य नौकरी में प्रमोशन पाना, वेतन वृद्धि या नई नौकरी का अवसर तलाशना है, तो इसे अपने ऑफिस के कमरे, केबिन या घर के अध्ययन कक्ष (Study Room) के उत्तर कोने (North Sector) में रखें। उत्तर दिशा जल तत्व और करियर संभावनाओं से जुड़ी होती है, जहां यह प्रतीक अत्यधिक सक्रिय हो जाता है।धन और व्यापार वृद्धि के लिए (दक्षिण-पूर्व दिशा): यदि आप व्यापारी हैं और बिक्री बढ़ाने, नए क्लाइंट्स जोड़ने या धन संचय के इच्छुक हैं, तो इसे दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में स्थापित करें। यह दिशा धन और समृद्धि (Wealth Sector) की स्वामी मानी जाती है।नियम 2: मुख की स्थिति और कुर्सी के पीछे रखने का सही तरीकाड्रैगन टर्टल की स्थापना में उसका मुख किस तरफ है, यह उसके प्रभाव को पूरी तरह बदल देता है। इसमें अक्सर लोग भारी भूल कर बैठते हैं:ऑफिस डेस्क पर रखने का नियम: यदि आप इसे अपनी काम करने वाली टेबल (Workstation) पर रखते हैं, तो ध्यान रहे कि इसका मुख मुख्य दरवाजे या खिड़की की तरफ होना चाहिए ताकि यह बाहर से आने वाली सकारात्मक 'ची' (Chi Energy) और समृद्धि को आकर्षित कर सके।कुर्सी के पीछे रखना सबसे शुभ: कॉरपोरेट अधिकारियों और व्यवसायियों के लिए सबसे प्रभावी तरीका यह माना जाता है कि इसे अपनी बैठने की कुर्सी के ठीक पीछे किसी शेल्फ या टेबल पर रखा जाए। जब ड्रैगन टर्टल आपकी पीठ के पीछे होता है, तो इसका मुख कमरे की तरफ होना चाहिए। यह स्थिति आपको एक मजबूत 'माउंटेन सपोर्ट' (अदृश्य सहारा) प्रदान करती है, जिससे आपको वरिष्ठ अधिकारियों का समर्थन मिलता है और आपके विरोधी कमजोर पड़ते हैं।नियम 3: धातु, स्वच्छता और सिक्के का विशेष संयोजनतीसरा महत्वपूर्ण नियम इस मूर्ति की बनावट, उसकी शुद्धता और उसके साथ जुड़े प्रतीकों से संबंधित है:सिक्के वाला ड्रैगन टर्टल चुनें: फेंगशुई में सबसे शुभ वह ड्रैगन टर्टल माना जाता है जिसके मुंह में एक चीनी सिक्का (Coin) दबा हो और जो सिक्कों व सोने की ईंटों के ढेर पर बैठा हो। यदि आपकी मूर्ति के मुंह में सिक्का है, तो ध्यान दें कि सिक्के का लिखा हुआ भाग (यांग पक्ष) ऊपर की ओर होना चाहिए।पीठ पर बच्चे वाला ड्रैगन टर्टल: यदि ड्रैगन टर्टल की पीठ पर एक छोटा कछुआ (बेबी टर्टल) बैठा हुआ है, तो यह परिवार में वंश वृद्धि, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और पीढ़ियों तक चलने वाले व्यापारिक साम्राज्य का सूचक होता है।धातु का चयन और स्वच्छता: पीतल (Brass) या कांस्य की धातु से बना ड्रैगन टर्टल सबसे शक्तिशाली माना जाता है। क्रिस्टल या राल (Resin) का भी उपयोग किया जा सकता है। इसे कभी भी धूल-मिट्टी वाली जगह पर न छोड़ें। सप्ताह में कम से कम एक बार इसे साफ जल या गंगाजल से पोंछकर धूप-दीप दिखाएं।भूलकर भी न करें ये गलतियां: कहां नहीं रखना चाहिए ड्रैगन टर्टलजिस तरह सही जगह पर रखा ड्रैगन टर्टल जीवन संवार सकता है, उसी तरह गलत स्थान पर रखने से भारी वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इन स्थानों पर इसे रखने से बचें:बेडरूम और किचन में कभी न रखें: इसे कभी भी शयनकक्ष (Bedroom) या रसोई घर में स्थापित नहीं करना चाहिए। बेडरूम में रखने से मानसिक अशांति और अनिद्रा की समस्या हो सकती है, जबकि किचन की अग्नि ऊर्जा इसके जल और धातु प्रभाव को नष्ट कर देती है।बाथरूम या टॉयलेट के पास मनाही: इसे किसी भी ऐसे स्थान पर न रखें जो बाथरूम की दीवार से सटा हो या जहां से गंदा पानी गुजरता हो।जमीन पर रखने से बचें: ड्रैगन टर्टल को कभी भी सीधे फर्श या जमीन पर न रखें। इसे हमेशा टेबल, स्टूल या शेल्फ पर कम से कम जमीन से ढाई से तीन फीट की ऊंचाई पर आदरपूर्वक स्थापित करना चाहिए।यदि आप इन तीन बुनियादी नियमों—दिशा, मुख की सही स्थिति और स्वच्छता—का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए ड्रैगन टर्टल को अपने कार्यस्थल या अध्ययन कक्ष में स्थान देते हैं, तो यह आपके पेशेवर जीवन में स्थिरता, सम्मान और अपार आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय शुरू कर सकता है।
नई दिल्ली। वैवाहिक जीवन दो अलग-अलग विचारों, व्यक्तित्वों और प्राथमिकताओं वाले व्यक्तियों का एक पवित्र संगम होता है। जब दो लोग एक छत के नीचे साथ रहने लगते हैं, तो छोटी-मोटी बातों पर असहमति होना स्वाभाविक है। हालांकि, जब यही सामान्य नोकझोंक रोजमर्रा के कटु झगड़े, तनाव और मानसिक दूरी में बदलने लगे, तो पूरे घर की सुख-शांति भंग हो जाती है। महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और समाजशास्त्री आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध कृति 'चाणक्य नीति' (Chanakya Niti) में सफल और सुखद गृहस्थ जीवन को लेकर कई व्यावहारिक मार्गदर्शक सिद्धांत प्रस्तुत किए हैं। आचार्य चाणक्य का मानना था कि जिस दांपत्य में अनुशासन, परस्पर सम्मान और विश्वास की त्रिवेणी बहती है, वह जीवन हर चुनौती को आसानी से पार कर लेता है।आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस के काम के दबाव और संवाद की कमी के चलते आज के दौर में पति-पत्नी के बीच दरारें जल्दी उभरने लगती हैं। चाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी रिश्ते की डोर को बांधे रखने के लिए केवल प्रेम ही काफी नहीं होता, बल्कि उसके लिए तीन मौलिक जीवन-मूल्यों का पालन करना आवश्यक है। यदि शादीशुदा जोड़े इन तीन नियमों को अपने दैनिक आचरण में शामिल कर लें, तो पुराने से पुराने मनमुटाव को खत्म कर रिश्ते में वही पुरानी गर्मजोशी और स्थायित्व लाया जा सकता है।नियम 1: बिना शर्त परस्पर सम्मान और मर्यादा का अटूट पालनचाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी दांपत्य जीवन की सबसे बुनियादी ईंट 'सम्मान' (Mutual Respect) है। चाणक्य कहते हैं कि जहां एक-दूसरे के प्रति आदरभाव समाप्त हो जाता है, वहां प्रेम का जीवित रहना असंभव है। कई बार झगड़े के दौरान पति या पत्नी गुस्से में आकर एक-दूसरे के परिवार, अतीत, रंग-रूप या आर्थिक स्थिति पर कड़वे ताने कसने लगते हैं। चाणक्य चेतावनी देते हैं कि क्रोध में बोले गए अपमानजनक शब्द उस तीर की तरह होते हैं, जो सीधे दिल पर गहरा घाव करते हैं और जिन्हें कभी वापस नहीं लिया जा सकता।गृहस्थ जीवन में कभी भी आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली बात चारदीवारी के अंदर या बाहर नहीं होनी चाहिए। विशेषकर परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों या मित्रों के सामने अपने जीवनसाथी की खिल्ली उड़ाना अथवा उसे नीचा दिखाना रिश्ते की जड़ें खोखली कर देता है। जीवनसाथी की कमियों को अकेले में प्रेम और धैर्य के साथ समझाना और समाज के सामने उसकी प्रतिष्ठा की ढाल बनना ही एक परिपक्व और सुदृढ़ रिश्ते की सबसे बड़ी पहचान है।नियम 2: वाणी पर कठोर संयम और क्रोध के समय मौन की शक्तिआचार्य चाणक्य का सूत्र है कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु और बुद्धि का विनाशक होता है। दांपत्य जीवन में अधिकांश बड़े विवाद किसी गंभीर कारण से नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के गुस्से पर दूसरे व्यक्ति द्वारा तुरंत पलटवार करने से भड़कते हैं। जब दोनों तरफ से तीखी बातें कही जाने लगती हैं, तो छोटी सी बात विकराल रूप धारण कर लेती है।चाणक्य नीति सिखाती है कि जब जीवनसाथी किसी बात को लेकर अत्यधिक क्रोध में हो या आवेश में बोल रहा हो, तो दूसरे साथी को उस क्षण बिल्कुल शांत और मौन धारण कर लेना चाहिए। मौन रहना कोई कमजोरी या हार नहीं है, बल्कि वह उस जल के समान है जो क्रोध की ज्वाला को बुझा देता है। जब समय बीतने पर गुस्सा शांत हो जाए, तब ठंडे दिमाग से एक-दूसरे के दृष्टिकोण को सुनना चाहिए। दोनों साझेदारों के बीच स्पष्ट और सौहार्दपूर्ण संवाद (Open Communication) का होना अत्यंत आवश्यक है ताकि गलतफहमियां मन के भीतर गांठ न बनने पाएं।नियम 3: अटूट गोपनीयता, पारदर्शिता और तीसरे व्यक्ति का पूर्ण बहिष्कारचाणक्य नीति का तीसरा और सर्वाधिक महत्वपूर्ण नियम रिश्ते की गोपनीयता से जुड़ा है। चाणक्य स्पष्ट लिखते हैं कि घर के अंदर होने वाले विवाद, निजी कमजोरियां या आर्थिक योजनाएं कभी भी किसी बाहरी व्यक्ति के सामने उजागर नहीं करनी चाहिए। आज के डिजिटल दौर में अक्सर देखा जाता है कि पति-पत्नी अपने पारिवारिक झगड़े को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगते हैं या दूर के रिश्तेदारों व पड़ोसियों के साथ साझा करते हैं।जब भी किसी दांपत्य विवाद में तीसरा व्यक्ति मध्यस्थ बनकर प्रवेश करता है, तो समस्या सुलझने के बजाय और अधिक उलझ जाती है। बाहरी लोग अक्सर सहानुभूति का नाटक करके घर के भीतर का भेद जान लेते हैं और फिर उसी का फायदा उठाते हैं। पति-पत्नी के बीच एक ऐसी स्पष्ट सीमा रेखा होनी चाहिए कि उनका विवाद चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, उसका समाधान वे दोनों आपस में बैठकर ही निकालेंगे। इसके साथ ही रिश्ते में आर्थिक और भावनात्मक पारदर्शिता होनी चाहिए; एक-दूसरे से महत्वपूर्ण बातें छिपाना या झूठ बोलना भरोसे की नींव को कमजोर करता है।सुखी दांपत्य जीवन के लिए चाणक्य नीति का व्यावहारिक सारइन तीन मूलभूत नियमों के अतिरिक्त आचार्य चाणक्य ने गृहस्थ सुख के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण आदतों को अपनाने की भी सलाह दी है:आर्थिक तालमेल: घर के खर्चों और भविष्य के निवेश को लेकर पति-पत्नी दोनों के बीच सहमति और स्पष्ट योजना होनी चाहिए, क्योंकि पैसों का तनाव अक्सर घरेलू कलह की मुख्य वजह बनता है।समान जिम्मेदारियां: घर चलाने और पारिवारिक कर्तव्यों को किसी एक व्यक्ति का बोझ बनाने के बजाय दोनों को मिल-जुलकर साझा करना चाहिए।माफ करने की प्रवृत्ति: गलतियां हर इंसान से होती हैं; पुरानी बातों को बार-बार कुरेदने के बजाय उन्हें भूलकर आगे बढ़ने की भावना दांपत्य को अमर बनाती है।चाणक्य नीति के ये सदियों पुराने विचार आज के आधुनिक युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। यदि पति-पत्नी इन तीन नियमों—परस्पर सम्मान, क्रोध के समय संयम और रिश्ते की गोपनीयता—को आत्मसात कर लें, तो उनका वैवाहिक जीवन हर प्रकार के नकारात्मक तनाव से मुक्त होकर प्रेम, विश्वास और शांति से परिपूर्ण हो जाएगा।
मीन राशिवालोें के करियर में उन्नति होगी, वाणी में नियंत्रण रखें, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: मन में टेशन ना पालें, एक्टिव होकर काम करना होगा, करियर में उन्नति होगी, वाणी में नियंत्रण रखें, मित्रों पर शक ना करें.
तुला राशि वालों के परिवार की परेशानी दूर होगी, हनुमान चालीसा पढ़ें
Libra Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: परिवार की परेशानी दूर होगी, सेहत के मामले में ध्यान रखना का दिन है, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, स्वभाव में चिड़चिड़ापन ना बढ़ने दें, स्वभाव में विनम्रता रखें, व्यापार में ध्यान देने का समय है.
कन्या राशि वाले आज गुस्से को कंट्रोल करें, शुभ रंग- नीला
Virgo Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: रुके काम बनेंगे, परिवार में सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, करियर को लेकर नई योजना बनेगी, विदेश से संबंधित काम में सफलता मिलेगी, गुस्से को कंट्रोल करें, व्यापार बढ़ाने के लिए मेहनत भी बढ़ानी होगी.
सिंह राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, करें ये उपाय
Leo Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: मन में टेंशन रहेगी, हर काम धैर्य से करने का दिन है, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, काम को लेकर व्यस्तता रहेगी, करियर में तरक्की के लिए मेहनत बढ़ाएं, व्यापार में लाभ का योग है.
कर्क राशि वालों को आज मित्रों से मदद प्राप्त होगी, जानें पूरा भाग्यफल
Cancer Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मित्रों से मदद प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, रुके हुए काम पूरे होंगे, घर में कलह ना बढ़ने दें, व्यापार में सावधानी से फैसले करें.
मिथुन राशि वलों के आज रुके हुए काम पूरे होंगे, जरूरी टिप- धैर्य रखें
Gemini Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए काम पूरे होंगे, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, कोई शुभ समाचार मिलेगा, धन लाभ के लिए और मेहनत करना होगा, व्यापार में समय और देना होगा.
वृषभ राशि वालों की आज कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, जानें शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, यात्रा से लाभ का योग है, नेतृत्व क्षमता आपकी बढ़ेगी, खर्चों को कंट्रोल करें, परिवार की उलझनें कम होंगी, व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी.
मेष राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, नेगेटिव विचारों को हावी ना होने दें
Aries Daily Horoscope, 26 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: धन संबंधी फैसले सोच समझ कर करें, लोगों से उलझने से बचें, पैसा किसी को उधार ना दें, करियर पर ध्यान देने का समय है, नेगेटिव विचारों को हावी ना होने दें, व्यापार से जुड़ी उलझनें बढ़ सकती हैं.
सबका सहयोग पाएंगे, कामकाज में सामंजस्य रखेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: विविध गतिविधियों में नवीन संभावनाएं बनेंगी. अनुकूलन बनाए रहेंगे. सभी का साथ बनाए रखेंगे. घर में सहकार बढ़ेगा.
सकारात्मक बनेंगी, उपलब्धियों को बढ़ाएंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: व्यवसाय के सभी पहलुओं में संतुलन रखेंगे. स्पर्धा का भाव बनाए रखेंगे. महत्वपूर्ण मामलों को साधेंगे. निजी गतिविधियों में तेजी बढ़ेगी.
वादविवाद पर अंकुश रखें, करीबियों को सुनें
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: लेनदेन में स्पष्टता बढ़ाएंगे. विनय विवेक से कार्य करें. विविध कार्यों में संतुलित ढंग से आगे बढ़ते रहने पर जोर दें. जिम्मेदारियां को हर हाल निभाएं.
अपेक्षित प्रदर्शन बनाए रहेंगे, सबका दिल जीतेंगे
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: व्यक्तिगत लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ेंगे. विभिन्न उपलब्धियों को बढ़ावा मिलेगा. कला और कौशल पर बल देंगे. अपेक्षित प्रदर्शन बनाए रहेंगे.
अपनों को साथ रखें, गेस्ट का आना बना रहेगा
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: परिचितों का समर्थन रहेगा. अवसरों का लाभ उठाएंगे. करीबियों से चर्चा संवाद साधारण रहेगा. व्यर्थ के विचारों से प्रभावित होने से बचेंगे.
घर में सुख रहेगा, बड़ों से भेंट होगी
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: वाणिज्यिक प्रदर्शन बेहतर रहेगा. परिवार में शुभ स्थिति रहेगी. नकारात्मक बातों से कार्य प्रभावित नहीं होेने देंगे. सबको जोड़े रखने का प्रयास होगा.
फोकस बढ़ाएं, मौसमी सावधानी रखें
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: जिम्मेदारों से तालमेल बनाए रखेंगे. आर्थिक लेनदेन में संतुलन बना रहेगा. वाणिज्यिक विषयों में शुभता बनी रहेगी. सूझबूझ से आगे बढ़ेंगे.
आर्थिकी मजबूत रहेगी, बड़ों से सलाह लेंगे
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: नवीन अवसरों को बल मिलेगा. सकारात्मक सोच और सक्रियता बढ़ेगी. प्रदर्शन में प्रभावी रहेंगे. आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा.
रिश्तों का सम्मान करेंगे, अपनों पर नजर रखेंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: कारोबारी मामलों में संतुलन बढ़ाएंगे. आवश्यक मामले पक्ष में रहेंगे. जल्दबाजी से बचें. जिम्मेदारियों में सहजतता बनाए रखेंगे.
खानपान अच्छा रहेगा, व्यक्तित्व संवारेंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: आर्थिक पक्ष की अनुकूलता बनी रहेगी. आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा. अपनों के साथ सुखद पल बिताएंगे. खुशियों को बढ़ावा मिलेगा.
कामकाज में संतुलन रखें, सामंजस्यता बनाए रहें
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 26 September 2026: पेशेवर विषयों में अतिरिक्त सावधानी बनाए रखें. प्रबंध कार्यों में स्पष्ट रहें. नियम निरंतरता बनाए रखें. कार्यव्यवस्था में सहजता रखें.
मीन राशि वालों के रिश्ते में मधुरता आएगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 26 September 2026 (करियर राशिफल): भावनात्मक दबाव में आने से बचें. अपने प्रियजनों के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए रिश्तों में सहनशीलता और संयम रखना बेहद जरूरी है.
मीन राशि वालों को गुड न्यूज़ मिलेगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 26 September 2026 (लव राशिफल): आगे बढ़ते रहें. अन्य के प्रति कोई पूर्वाग्रह न रखें. चर्चा में उतावली न करें. परिजनों के साथ वादविवाद टालें. निजी विषयों में रुटीन बनाए रहें.

