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नवरात्रि का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप की आराधना के साथ-साथ एक विशेष रंग को समर्पित होता है। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष
इंदिरा एकादशी 2026: पितृ पक्ष की इस एकादशी का है खास महत्व, जानें पूजा-तर्पण का शुभ मुहूर्त, पारण समय और राशिफल। Indira Ekadashi 2026: पितृ पक्ष में आ
नवरात्रि के नौ पावन दिन जगद्जननी मां भवानी की आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर होते हैं। यदि आप इन दिनों श्रद्धापूर्वक कुछ विशेष
पितृ पक्ष में द्वादशी तिथि का श्राद्ध अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में इसे 'संन्यासी श्राद्ध' के नाम से भी जाना जाता है। यह तिथि विश
Guru Nanak Dev Ji Punyatithi 2026: प्रति वर्ष अनुसार सिख धर्म के संस्थापक तथा सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी की पुण्यतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अन
इस वर्ष 24 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ संपन्न होगा। इस पूरे पखवाड़े में एकादशी श्राद्ध (ग्यारस श्राद्ध) क
Indira Ekadashi 2026 : इंदिरा एकादशी सनातन धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी एकादशी मानी जाती है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली य
सूर्य और शनि का समसप्तक योग ज्योतिष और खगोल विज्ञान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली घटना माना जाता है। जब दो प्रमुख ग्रह एक-दूसरे से ठीक 180 डि
Sharadiya Navratri 2026 : शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह शक्ति की उपासना का पर्व है, जो आश्विन मास के
शारदीय नवरात्रि के आगमन से ठीक पूर्व पड़ने वाली सर्वपितृ अमावस्या का सनातन परंपरा में अत्यंत अनूठा और पावन महत्व है। यह पितृ पक्ष का समापन दिवस होता ह
Pitru Paksha tithi 2026: पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि का श्राद्ध अत्यंत फलदायी और समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। यह दिन उन सभी दिवंगतों के तर्पण
Navamii ki pooja ke shubh muhut 2026: साल 2026 की शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन पर्व
वर्तमान स्थिति में मंगल कर्क राशि (Cancer) में और बुध तुला राशि (Libra) में स्थित हैं। कर्क और तुला एक-दूसरे से चौथे और दसवें घर (4th & 10th House) के
हां, महिलाएं श्राद्ध कर्म, तर्पण और पिंडदान कर सकती हैं। सनातन धर्मशास्त्रों में परिस्थितियों के अनुसार महिलाओं को श्राद्ध कर्म करने का स्पष्ट अधिकार
सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन उन सभी ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों के निमित्त धार्मिक कर्म किए जाते हैं, जिनक
वर्तमान ग्रहों की स्थिति के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को बुध ग्रह ने तुला राशि में प्रवेश किया है, जहाँ अपनी स्वराशि में पहले से विराजमान शुक्र के साथ मि
03 अक्टूबर 2026, शनिवार के दिन छाया ग्रह केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश होने जा रहा है। मघा नक्षत्र के स्वामी स्वयं केतु हैं, जबकि इसके अध
Jivitputrika Vrat 2026: जिऊतिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत या जितिया व्रत भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, अच
सूर्य और शनि का समसप्तक योग चल रहा है। ज्योतिष और खगोल विज्ञान में सूर्य और शनि का 180 डिग्री पर होना एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। इसे ज्योतिषीय भ
03 अक्टूबर 2026, शनिवार के दिन छाया ग्रह केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश होने जा रहा है। मघा नक्षत्र के स्वामी स्वयं केतु हैं, जबकि इसके अध
शास्त्रों (स्मृतियों, धर्मशास्त्रों और पुराणों) के अनुसार, श्राद्ध पक्ष (पितृपक्ष) के दौरान नए वस्त्र, सोना या अन्य संपत्तियों की खरीदारी पर कोई निषेध
हिंदू धर्म में देवी, देवता के साथ ही पितरों के लिए भी दिनों को नियुक्त किया गया है। यह समय पूर्णत: खगोलीय खटना और इधर माध्यम में हो रही हलचल के अनुसार
अक्टूबर 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण महीना है। इस महीने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी (दशहरा) और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्यौहार आ
ज्योतिष शास्त्र में जब शुक्र (Venus) और सूर्य (Sun) एक-दूसरे से 30 डिग्री का कोणीय अंतर (angular distance) बनाते हैं, तो इसे 'द्वादश भाव' या 'द्वि-द्व
शुक्र देव 03 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12:45 बजे अपनी स्वराशि तुला में वक्री चाल चलेंगे। गोचर के दौरान वे चित्रा नक्षत्र के बाद स्वाति नक्षत्र में
श्रद्धा का महापर्व महालय 26 सितंबर से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर तक कुल 15 दिनों का रहेगा। इस वर्ष चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन, 30 सितंबर
12 Zodiac Weekly Horoscope: इस सप्ताह यानी 28 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच ग्रहों के गोचर और चंद्रमा की बदलती स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन
साप्ताहिक अंक राशिफल: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के सप्ताह में परिवर्तन, संवाद, निर्णय और नई परिस्थितियों के बीच तालमेल मुख्य
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक यानी कुल 16 दिनों तक चलता है। हालांकि इस बार पंचमी तिथि का क्षय होने स
वर्ष 2026 में महा भरणी श्राद्ध 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह तिथि तब तय होती है जब पितृपक्ष के दौरान अपराह्न काल (दोपहर के समय) में 'भरणी
क्या हमने कभी ठहरकर यह सोचने की कोशिश की है कि हम कौन हैं? हमारा नाम, हमारा परिचय और हमारी व्यक्तिगत पहचान निश्चित ही हमारी अपनी है, लेकिन हमारे अस्ति
हिंदू धर्म और वैदिक शास्त्रों में पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह 16 दिनों की वह पवित्र अवधि होती है, जब हमारे
Sun Enter Hasta Nakshatra 2026: 27 सितम्बर 2026, रविवार को दोपहर 13:25 बजे सूर्य देव चंद्रमा के स्वामित्व वाले 'हस्त नक्षत्र' में गोचर करने जा रहे हैं
shardiya navratri 2026: वर्ष में चार नवरात्रियां होती हैं- चैत्र, आषाढ़, माघ और आश्विन माह में नवरात्रि आती हैं। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन
पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) में पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनका निधन किसी भी मा
बुध ग्रह 21 सितंबर 2026, सोमवार को हस्त नक्षत्र से निकलकर रात्रि 10 बजकर 45 मिनट पर मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे। बुध का यह न
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रहती है तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रीराधा जी का जन्मोत्सव रहता है। श्रीराधा जी की जय
07 सितंबर को बुध के बाद 17 सितंबर 2026 को सूर्य ग्रह ने कन्या राशि में गोचर किया है। बुध और सूर्य की इस युति से कन्या राशि में एक अत्यंत शुभ और प्रभाव
Maharishi Dadhichi Jayanti 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को दधीचि जयंती के रूप में मनाया जाता है। महर्षि दधीचि
ज्योतिष शास्त्र में शनि और शुक्र का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान में शनि ग्रह मीन राशि में और शुक्र ग्रह तुला राशि में विराजमान हैं।
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी का पावन व्रत आरंभ होता है। यह प्रसिद्ध व्रत गणेश
Vishwakarma Jayanti 2026: विश्वकर्मा जयंती (विश्वकर्मा पूजा) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो देवशिल्पी और ब्रह्मांड के पहले वास्तुकार भगवान वि
Santan Saptami 2026 : भाद्रपद शुक्ल सप्तमी के दिन संतान सप्तमी या संतान सातें का व्रत किया जाता है। इस व्रत को 'मुक्ताभरण' भी कहते हैं। इस व्रत का विध
महाराष्ट्र के प्रमुख सांस्कृतिक व धार्मिक उत्सवों में से एक 'ज्येष्ठा गौरी व्रत' वर्ष 2026 में 17 सितंबर (गुरुवार) से शुरू होकर 19 सितंबर (शनिवार) तक
गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन भगवान श्री गणेश को मोतीचूर के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गणपत
बुध ग्रह के देवता भगवान गणेश और बुधदेव है। गणेश उत्सव प्रारंभ हो गए हैं और 17 सितंबर 2026 को बुध ग्रह का क्रांतिवृत्त प्रारंभ होगा। बुध के क्रांति परि
भगवान श्री गणेश केवल प्रथम पूज्य ही नहीं, बल्कि अद्भुत और रोचक लीलाओं के स्वामी भी हैं। उनका जन्म किसी सामान्य प्रक्रिया से नहीं, बल्कि अयोनिज (बिना य
भगवान श्री गणेश की आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा हिंदू धर्म में सबसे अधिक गाई जाने वाली और लोकप्रिय आरतियों में से एक है। इसी के साथ ही मराठी आर
Baba Ramdev Jayanti 2026 : राजस्थान और पश्चिमी भारत की सांस्कृतिक आस्था के दैदीप्यमान प्रतीक, लोक देवता बाबा रामदेवजी, जो कि रामसा पीर के नाम से भी जा
Varaha Jayanti 2026 : वराह जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है

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