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Jivitputrika Vrat 2026: जिऊतिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत या जितिया व्रत भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, अच
सूर्य और शनि का समसप्तक योग चल रहा है। ज्योतिष और खगोल विज्ञान में सूर्य और शनि का 180 डिग्री पर होना एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। इसे ज्योतिषीय भ
03 अक्टूबर 2026, शनिवार के दिन छाया ग्रह केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश होने जा रहा है। मघा नक्षत्र के स्वामी स्वयं केतु हैं, जबकि इसके अध
शास्त्रों (स्मृतियों, धर्मशास्त्रों और पुराणों) के अनुसार, श्राद्ध पक्ष (पितृपक्ष) के दौरान नए वस्त्र, सोना या अन्य संपत्तियों की खरीदारी पर कोई निषेध
हिंदू धर्म में देवी, देवता के साथ ही पितरों के लिए भी दिनों को नियुक्त किया गया है। यह समय पूर्णत: खगोलीय खटना और इधर माध्यम में हो रही हलचल के अनुसार
अक्टूबर 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण महीना है। इस महीने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी (दशहरा) और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्यौहार आ
ज्योतिष शास्त्र में जब शुक्र (Venus) और सूर्य (Sun) एक-दूसरे से 30 डिग्री का कोणीय अंतर (angular distance) बनाते हैं, तो इसे 'द्वादश भाव' या 'द्वि-द्व
शुक्र देव 03 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12:45 बजे अपनी स्वराशि तुला में वक्री चाल चलेंगे। गोचर के दौरान वे चित्रा नक्षत्र के बाद स्वाति नक्षत्र में
श्रद्धा का महापर्व महालय 26 सितंबर से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर तक कुल 15 दिनों का रहेगा। इस वर्ष चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन, 30 सितंबर
12 Zodiac Weekly Horoscope: इस सप्ताह यानी 28 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच ग्रहों के गोचर और चंद्रमा की बदलती स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन
साप्ताहिक अंक राशिफल: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026: 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के सप्ताह में परिवर्तन, संवाद, निर्णय और नई परिस्थितियों के बीच तालमेल मुख्य
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक यानी कुल 16 दिनों तक चलता है। हालांकि इस बार पंचमी तिथि का क्षय होने स
वर्ष 2026 में महा भरणी श्राद्ध 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह तिथि तब तय होती है जब पितृपक्ष के दौरान अपराह्न काल (दोपहर के समय) में 'भरणी
क्या हमने कभी ठहरकर यह सोचने की कोशिश की है कि हम कौन हैं? हमारा नाम, हमारा परिचय और हमारी व्यक्तिगत पहचान निश्चित ही हमारी अपनी है, लेकिन हमारे अस्ति
हिंदू धर्म और वैदिक शास्त्रों में पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह 16 दिनों की वह पवित्र अवधि होती है, जब हमारे
Sun Enter Hasta Nakshatra 2026: 27 सितम्बर 2026, रविवार को दोपहर 13:25 बजे सूर्य देव चंद्रमा के स्वामित्व वाले 'हस्त नक्षत्र' में गोचर करने जा रहे हैं
shardiya navratri 2026: वर्ष में चार नवरात्रियां होती हैं- चैत्र, आषाढ़, माघ और आश्विन माह में नवरात्रि आती हैं। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन
पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) में पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनका निधन किसी भी मा
बुध ग्रह 21 सितंबर 2026, सोमवार को हस्त नक्षत्र से निकलकर रात्रि 10 बजकर 45 मिनट पर मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे। बुध का यह न
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रहती है तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रीराधा जी का जन्मोत्सव रहता है। श्रीराधा जी की जय
07 सितंबर को बुध के बाद 17 सितंबर 2026 को सूर्य ग्रह ने कन्या राशि में गोचर किया है। बुध और सूर्य की इस युति से कन्या राशि में एक अत्यंत शुभ और प्रभाव
Maharishi Dadhichi Jayanti 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को दधीचि जयंती के रूप में मनाया जाता है। महर्षि दधीचि
ज्योतिष शास्त्र में शनि और शुक्र का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान में शनि ग्रह मीन राशि में और शुक्र ग्रह तुला राशि में विराजमान हैं।
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी का पावन व्रत आरंभ होता है। यह प्रसिद्ध व्रत गणेश
Vishwakarma Jayanti 2026: विश्वकर्मा जयंती (विश्वकर्मा पूजा) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो देवशिल्पी और ब्रह्मांड के पहले वास्तुकार भगवान वि
Santan Saptami 2026 : भाद्रपद शुक्ल सप्तमी के दिन संतान सप्तमी या संतान सातें का व्रत किया जाता है। इस व्रत को 'मुक्ताभरण' भी कहते हैं। इस व्रत का विध
महाराष्ट्र के प्रमुख सांस्कृतिक व धार्मिक उत्सवों में से एक 'ज्येष्ठा गौरी व्रत' वर्ष 2026 में 17 सितंबर (गुरुवार) से शुरू होकर 19 सितंबर (शनिवार) तक
गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन भगवान श्री गणेश को मोतीचूर के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गणपत
बुध ग्रह के देवता भगवान गणेश और बुधदेव है। गणेश उत्सव प्रारंभ हो गए हैं और 17 सितंबर 2026 को बुध ग्रह का क्रांतिवृत्त प्रारंभ होगा। बुध के क्रांति परि
भगवान श्री गणेश केवल प्रथम पूज्य ही नहीं, बल्कि अद्भुत और रोचक लीलाओं के स्वामी भी हैं। उनका जन्म किसी सामान्य प्रक्रिया से नहीं, बल्कि अयोनिज (बिना य
भगवान श्री गणेश की आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा हिंदू धर्म में सबसे अधिक गाई जाने वाली और लोकप्रिय आरतियों में से एक है। इसी के साथ ही मराठी आर
Baba Ramdev Jayanti 2026 : राजस्थान और पश्चिमी भारत की सांस्कृतिक आस्था के दैदीप्यमान प्रतीक, लोक देवता बाबा रामदेवजी, जो कि रामसा पीर के नाम से भी जा
Varaha Jayanti 2026 : वराह जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है
14 सितंबर 2026 को मध्यान्ह काल 11:20 से 01:48 के बीच गणपति प्रतिमा की स्थापना होगी। इससे पहले गणेश मूर्ति का घर में शुभ मुहूर्त में विधिवत आगमन कराया
किसी भी कार्य का शुभारंभ 'श्री गणेश' लिखकर ही किया जाता है। वे विघ्नहर्ता, बाधाओं को दूर करने वाले और प्रथम पूज्य हैं। इसी कारण भाद्रपद मास में हर कोई
Ganesh chaturthi kab hai 2026 mein: सनातन परंपरा में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मध्यान्ह काल में भगवान गणेश जी का जन्म उत्सव मना
Hartalika Teej Vrat 2026: हरतालिका तीज हिन्दू धर्म के सबसे कठिन और पवित्र व्रतों में से एक है, जिसे भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया
11 सितंबर 2026 शुक्रवार को शुक्र चित्रा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को वे पुनः चित्रा
उज्जैन के खड़े हनुमान जी के मंदिर और प्रतिमा को हटाने/शिफ्ट करने की कोशिशें नाकाम होने जैसी घटनाएं देश के कई अन्य शहरों में भी सामने आ चुकी हैं। उज्जै
Ganesh chaturthi kab hai 2026 mein: सनातन परंपरा में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसी पावन तिथि पर बुद्धि,
18 सितंबर 2026 की शाम 05:03 बजे मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल यहाँ 12 नवंबर 2026 तक विराजमान रहेंगे। कर्क राशि में उच्च के
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका एक-दूसरे के संदर्भ में बनना वाला कोण मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति कर्क
पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास तथा अमान्त कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की अमावस्या तिथि को 'पिठोरी अमावस्या' के रूप में मनाया जाता है। वर्ष
mumbai ganpati aagman 2026: मुंबई में इन दिनों ऐसा प्रतीत होता है मानो शहर की रफ्तार को एक नई धुन मिल गई हो। सड़कों पर ढोल-ताशों की गूंज, लहराते भगवा
अमावस्या को पितरों का दिन माना जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे पोला अमावस्या, पिठ
वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इसी दिन घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में मंगलमूर्ति श्री गणेश जी की स्थाप
राहु-केतु का कुंभ और सिंह राशि में गोचर जारी है। जानिए 5 दिसंबर 2026 तक कौन सी राशियां रहेंगी भाग्यशाली और किन उपायों से दूर होंगे अशुभ प्रभाव।
वर्तमान में सूर्य सिंह राशि में और शनि मीन राशि में होकर षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। इस योग में दोनों ग्रह एक दूसरे से 6/8 का संबंध (षडाष्टक यो
Mercury's Nakshatra change: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रह जब भी किसी नए नक्षत्र में प्रवेश करत
बछ बारस जिसे गोवत्स द्वादशी भी कहा जाता है, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से माताओं द्वारा अपनी संतान

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