बिहार के गया जी में मनचलों पर पुलिस दीदी का लगाम
बिहार के गया में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने ‘पुलिस दीदी’ पहल शुरू की है। 28 अगस्त को एसएसपी सुशील कुमार ने स्कूटी और बाइक सवार महिला पुलिसकर्मियों को रवाना किया।
बात है जून 1987 की। उस दिन लाहौर में चमड़ी झुलसा देने वाली तेज धूप थी। घड़ी में दोपहर के 12 बज रहे थे। शहर के बीचों-बीच मेन रोड पर एक टैक्सी आकर रुकी। ओवरकोट पहने 40-45 साल का एक शख्स बाहर निकला। हाथ में चमड़े का बैग। वह रुमाल से पसीना पोछ रहा था। चेहरे पर थकान थी, लेकिन आंखें पूरी तरह सतर्क। वह बार-बार मुड़कर चारों तरफ देख रहा था। वह तेजी से एक संकरी गली में मुड़ गया। कुछ ही मिनटों में एक हवेलीनुमा घर के सामने खड़ा था। दरवाजे पर ताला लटका था। उसने जेब से चाबी निकाली और बुदबुदाया- ‘गुल साहब से मिलने से पहले थोड़ा आराम कर लेता हूं।’ तभी एक मोटरसाइकिल गली में दाखिल हुई। उस पर दो लोग सवार थे। चेहरे काले कपड़ों से ढके हुए। बाइक हवेली के सामने आकर रुकी। पीछे बैठे शख्स ने पिस्टल निकाली और ट्रिगर दबा दिया। गोली दरवाजा खोल रहे शख्स की खोपड़ी को पार कर गई। वह गिर पड़ा। दरवाजा मांस के छोटे-छोटे टुकड़े और खून से लाल हो गया। तभी दूसरे हमलावर ने भी पिस्टल निकालकर गिरे हुए शख्स को एक के बाद एक 8 गोलियां मारीं। खबर फैलते ही लाहौर में हड़कंप मच गया। मरने वाला कौन था और उसकी हत्या करने वालों का भारत से क्या रिश्ता था… पूरी कहानी स्पाई फाइल्स सीरीज के ‘ऑपरेशन हॉरनेट’ में… 31 अक्टूबर 1984 की सुबह। दिल्ली में सर्दियां पड़ने लगी थीं, लेकिन सियासी गलियारों का पारा चढ़ा हुआ था। एक महीने के भीतर लोकसभा चुनाव होने थे। हर दिन की तरह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते की मेज पर दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे थे। नाश्ता खत्म कर वे अखबार पढ़ने लगीं। सुबह साढ़े 8 बजे बीबीसी की एक टीम उनका इंटरव्यू लेने आने वाली थी। प्रधानमंत्री को तैयार करने के लिए सुबह ही मेकअप आर्टिस्ट पहुंच चुका था। 8 बजे उनके निजी सचिव आरके धवन 1, सफदरजंग रोड पहुंचे। उन्होंने इंदिरा को खबर दी- ‘मैडम, इंटरव्यू का वक्त 9.20 कर दिया गया है। सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर हाथ से बुनी हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने इंदिरा आवास से बाहर निकलीं। उन्हें 1, अकबर रोड पर अपने दफ्तर जाना था, जहां बीबीसी की टीम उनका इंतजार कर रही थी। आवास से दफ्तर का फासला महज 50 मीटर का था। कैंपस के भीतर से ही पैदल रास्ता बना था। इंदिरा धीरे-धीरे चल रही थीं। उन्हें धूप से बचाने के लिए सिपाही नारायण सिंह छाता ताने बगल में चल रहा था और आरके धवन ठीक पीछे-पीछे। अकबर रोड गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने हाथ जोड़कर कहा- ‘नमस्ते।' इंदिरा जैसे ही झुकीं, बेअंत ने अपनी .38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा के मुंह से निकला- ‘तुम ये क्या कर रहे हो बेअंत?' बेअंत ने फायर कर दिया। गोली इंदिरा के पेट में लगी। बेअंत रुका नहीं, उसने एक के बाद एक चार और गोलियां दागीं। बेअंत का साथी सतवंत वहीं खड़ा रहा। इंदिरा को गोली लगते ही वह घबरा गया। बेअंत चिल्लाया- ‘गोली मारो!’ सतवंत ने अपनी स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के शरीर में उतार दीं। दोनों ने अपने हथियार वहीं फेंक दिए। बेअंत ने पंजाबी में कहा- ‘हमें जो करना था, कर दिया। अब तुम करो, जो तुम्हें करना है।' इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के सिपाही दौड़ते हुए पहुंचे। गोलीबारी में बेअंत मारा गया और सतवंत गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीएम आवास पर तैनात डॉक्टर की चीख गूंजी- ‘एम्बुलेंस लाओ तुरंत!' आमतौर पर वहीं रहने वाली एम्बुलेंस का ड्राइवर शायद उस वक्त चाय पीने चला गया था। डॉक्टर फिर चिल्लाए- ‘तो एक कार लाओ। तुरंत लाओ।' एक सफेद रंग की एंबेसडर कार बुलाई गई। पुलिसकर्मियों की मदद से धवन ने इंदिरा को कार की पिछली सीट पर लिटाया और खुद आगे की सीट पर बैठ गए। उस वक्त सोनिया गांधी बाथरूम में थीं। नौकर की चीख सुनकर वे बदहवास हालत में बाहर भागीं। सफेद गाउन, बिखरे हुए गीले बाल। वे दौड़कर सीधे कार में जा बैठीं। इंदिरा को थपथपाते हुए बोलीं- ‘ओह मम्मी, ओह गॉड, मम्मी...' वे लगातार बात करके उन्हें होश में रखना चाहती थीं। कार तेजी से एम्स की तरफ दौड़ रही थी। सोनिया अपने गाउन की आस्तीन से इंदिरा के चेहरे से बहता खून पोंछती जा रही थीं। कुछ किलोमीटर का रास्ता उन्हें जिंदगी का सबसे लंबा सफर लग रहा था। वे मन ही मन बुदबुदा रही थीं- ओह गॉड, और तेज चलो...' सोनिया के दिमाग में एक साथ कई सवाल कौंध रहे थे- राजीव कहां हैं, उन्हें कैसे बताऊं? बच्चे कहां हैं, उन्हें तो बुलाना पड़ेगा... फिर वे इंदिरा की तरफ देखकर फुसफुसाईं- ‘ओह मम्मी प्लीज जिंदा रहना।' सुबह 9.32 बजे कार एम्स के दरवाजे पर रुकी। जूनियर डॉक्टरों ने जब मरीज को देखा, तो वहां अफरातफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में सीनियर डॉक्टरों की टीम पहुंच गई। इंदिरा के फेफड़ों को ऑक्सीजन दी गई। शरीर में खून पहुंचाने के लिए नलियां डाली गईं। फिर डॉक्टर उन्हें आठवीं मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर में ले गए। जांच करने पर पता चला कि दिल में हल्की-हल्की धड़कन अब भी है। सोनिया की आंसुओं से भरी आंखों में उम्मीद की एक पतली सी किरण चमकी। इधर, दिल्ली के लोधी रोड पर RAW के दफ्तर में फोन एक के बाद एक बजने लगे। खबर आ चुकी थी कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोली मार दी गई है। दफ्तर में मौजूद जॉइंट सेक्रेटरी जीबीएस सिद्धू खबर सुनते ही सन्न रह गए। उनका दिमाग तुरंत 10 दिन पुरानी एक घटना पर चला गया। वह 21 अक्टूबर का दिन था, संडे। दोपहर के करीब 1 बज रहे थे। सिद्धू पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से जिमखाना क्लब से गुजर रहे थे। सफदरजंग चौराहे के पास अचानक उनकी नजर प्रधानमंत्री आवास के बाहरी गेट पर गई। वहां दो युवा पुलिसवाले खड़े थे। दोनों के हाथों में स्टेन गन थी। उनमें से एक 25 साल का गठीला सिख था, जिसकी लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच थी और दाढ़ी करीने से सेट की हुई। सिद्धू ने पत्नी की तरफ देखते हुए कहा- ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद तो सिख सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया था। इन्हें वापस किसने लगा दिया? यह तो मैडम की हत्या का सबसे आसान तरीका है।’ अगली सुबह सिद्धू RAW दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एक पर्चा उठाया और उस पर लिखा- 'पीएम आवास पर तैनात सिख सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही यह जांच हो कि इनकी वापसी की सिफारिश किसने की थी।' उन्होंने अपने सहायक को बुलाकर कहा- ‘एक लिफाफा लाओ। उस पर साफ-साफ लिख दो कि इसे सिर्फ वही खोले जिसके नाम यह भेजा जा रहा है।’ सहायक लिफाफा तैयार करने बाहर चला गया। सिद्धू अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे सोचने लगे- 'पीएम आवास पर तैनात ये सिपाही गांवों से आते हैं। इनकी सोच आज भी पुरानी है। स्वर्ण मंदिर पर हुए हमले का बदला ये जरूर लेंगे। अगर ऐसा हुआ, तो जिस अफसर ने इन्हें वापस ड्यूटी पर भेजा है, वह मुझ पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगा देगा। आजकल माहौल ऐसा है कि किसी भी सिख पर इल्जाम आसानी से लग जाएगा।' तभी सहायक लिफाफा लेकर कमरे में आया। लिफाफे पर RAW प्रमुख गैरी सक्सेना का नाम लिखा था। सिद्धू ने लिफाफा अपने हाथ में लिया और टेबल पर रख दिया। जैसे ही सहायक कमरे से बाहर निकला, सिद्धू ने वह नोट और लिफाफा उठाया, और फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया। इधर, बीबीसी रेडियो पर इंदिरा की मौत का ऐलान हो चुका था। सिद्धू अपने कमरे में अकेले बैठे खुद को कोस रहे थे- 'काश! मैंने उस दिन वह नोट फाड़ा न होता और RAW चीफ को भेज दिया होता, तो आज यह दिन देखना न पड़ता।' तभी उनके मन में एक और ख्याल आया। वे धीरे से बुदबुदाए- 'लेकिन काव साहब ने भी तो मैडम को साफ-साफ चेताया था कि अपने सुरक्षा घेरे से सिख गार्डों को हटा लें।' काव साहब यानी आरएन काव। देश की खुफिया एजेंसी RAW के पूर्व प्रमुख, जो उस वक्त प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। दरअसल, 1980 का दशक भारत के लिए बेहद नाजुक दौर था। पंजाब में खालिस्तानी चरमपंथ अपनी जड़ें जमा चुका था। भारतीय खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इन चरमपंथियों को ट्रेनिंग, भारी पैसा और आधुनिक हथियार मुहैया करा रही थी। RAW ने तय कर लिया था कि पाकिस्तान और चरमपंथियों के इस गठजोड़ को हर कीमत पर तबाह करना है। RAW के सीधे टारगेट पर दो नाम थे- ISI के दो मोहरे, अब्दुल खान और संधू। आदेश साफ था- इन दोनों को खत्म करना है। 3 नवंबर 1984... दिल्ली में इंदिरा के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। विदेशी मेहमान आ चुके थे। उनके बेटे राजीव गांधी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके थे। दूसरी तरफ, दिल्ली और आसपास के इलाकों में हिंसा भड़की हुई थी। सिखों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा था। सैकड़ों सिख मारे जा चुके थे। इसी दौरान, फ्रांस की राजधानी पेरिस के 'कैफे द फ्लोर' में एक शख्स अकेला बैठा कॉफी पी रहा था। उम्र करीब 40 साल। नाम- संजीव जिंदल। भारत की खुफिया एजेंसी RAW का खास अफसर। संजीव कॉफी की चुस्की लेते हुए सोच में डूबे थे। तभी कैफे में फोन बजा और कहा गया कि कॉफी पी रहे संजीव को बुला दीजिए। वेटर ने संजीव तक ये बात पहुंचाई। संजीव ने जैसे ही रिसीवर उठाया, दूसरी तरफ से एक घबराई हुई आवाज आई, 'संजीव, कुछ महीने पहले तुम जिस रिपोर्ट की बात कर रहे थे, मुझे उसका पूरा ब्योरा चाहिए। फौरन दिल्ली आ जाओ।' यह फोन अनुज भारद्वाज का था। RAW का वह अफसर, जिसे जासूसी की दुनिया में 'पॉप स्टार' कहा जाता था। संजीव अगले दिन दिल्ली के RAW दफ्तर में अनुज भारद्वाज के सामने बैठे थे। भारद्वाज ने पूछा, 'क्या तुम वह रिपोर्ट लाए हो? डिटेल में बताओ कि उसमें क्या है।' संजीव ने मेज पर फाइल रखते हुए कहा, 'सर, मैं बार-बार वही बात नहीं दोहराना चाहता। लंदन में हमारे सूत्र ने खबर दी थी कि ISI साजिश रच रही है। हो सकता है इसका पीएम की हत्या से सीधा संबंध न हो, लेकिन आप रिपोर्ट देखेंगे तो समझ जाएंगे कि उसकी चेतावनियों में दम है।' भारद्वाज ने कुछ सोचते हुए कहा, 'मैं पुरानी रिपोर्टें नहीं पढ़ने वाला। तुम मुझे सीधा एक्शन प्लान बताओ।' संजीव बोले, 'हमें तुरंत एक ऑपरेशन शुरू करना चाहिए। हम अब्दुल खान और संधू, दोनों को मार गिराएंगे। तभी ISI और खालिस्तानी गठजोड़ की कमर टूटेगी।' भारद्वाज ने सख्त लहजे में कहा, 'लेकिन मुझे तुम्हारे उस एजेंट पर भरोसा नहीं है। मैं ऑपरेशन की इजाजत नहीं दे सकता।' संजीव ने कुछ पल सोचा और बोले, 'मुझे थोड़ा वक्त दीजिए। मैं आपके हर सवाल का जवाब दूंगा और वादा करता हूं कि आपको निराश नहीं करूंगा।' भारद्वाज ने कहा, 'मेरी विदेश मंत्रालय के एक अफसर से बात हुई है। अगले साल राजीव गांधी फ्रांस के दौरे पर जाने वाले हैं। मैं चाहता हूं कि इस ऑपरेशन का मुख्य केंद्र भले लंदन रहे, लेकिन इसकी पूरी देखरेख पेरिस के सेफ हाउस से हो।' संजीव मुस्कुराए और बोले, 'बिल्कुल ऐसा ही होगा।' संजीव वापस पेरिस लौट गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने अपने अंडरकवर एजेंट्स को काम पर लगा दिया। इस गुप्त मिशन का नाम रखा गया- 'ऑपरेशन हॉरनेट'। मकसद साफ था- दुश्मन को अपने जाल में फंसाकर वहीं खत्म करना। पुराना भारत भी घर में घुसकर मारता था… ये वही ऑपरेशन था… दिसंबर 1984... RAW दफ्तर में अनुज भारद्वाज को कोड वर्ड में मैसेज मिला। रिपोर्ट पढ़ते ही भारद्वाज को अहसास हुआ कि संधू, जो अचानक गायब हो गया था, शायद इस वक्त इस्लामाबाद में है। भारद्वाज ने सोचा- 'संधू जरूर कोई बड़ी साजिश रच रहा है। हमें जल्द से जल्द इसके ठिकाने का पता लगाना होगा।' कुछ दिनों बाद संजीव फिर भारत पहुंचे और सीधे भारद्वाज के कमरे में उनसे मिले। भारद्वाज ने कहा, 'अब मुझे समझ आ रहा है कि तुम्हारा इशारा किस तरफ था। बताओ, तुम्हारी योजना क्या है?' संजीव ने तुरंत जवाब दिया, ‘सर, हमें किसी भी हाल में संधू तक पहुंचना होगा। हम ISI को संधू का इस्तेमाल करके भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति नहीं बनने दे सकते।’ भारद्वाज ने आंखें सिकोड़कर पूछा, 'क्या तुम्हारा मतलब है कि ISI सीधे संधू को चला रही है?' संजीव ने कहा, 'ISI प्रमुख जनरल अख्तर अब्दुर रहमान खुद इस पूरे ऑपरेशन की देखरेख कर रहा है। उसने संधू को पूरी तरह अपने जाल में सेट कर रखा है और वह अब उसी के इशारों पर नाच रहा है।' 'तो इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तुमने क्या सोचा है?' भारद्वाज ने पूछा। संजीव ने अपना प्लान सामने रखा, 'मुझे लंदन दूतावास में एक अंडरकवर अफसर की जरूरत है, जो क्लार्क के साथ तालमेल बिठा सके। वह सिर्फ एक बिचौलिए का काम करेगा।' क्लार्क, संजीव का बेहद भरोसेमंद एजेंट था, जो लंदन में रहकर RAW के गुप्त मिशनों को अंजाम देता था। भारद्वाज अपनी कुर्सी से खड़े हुए और मुस्कुराते हुए बोले, 'बड़ी कामयाबी लेकर आना, तबाही नहीं।' संजीव भी मुस्कुराए, कुर्सी से उठे और 'बाय' कहकर बाहर निकल गए।संजीव ने जल्द ही लंदन दूतावास के लिए एक जासूस चुन लिया, जिसका कोड नेम रखा गया-मोहन नारायणन। नारायणन को आतंकवाद की गहरी समझ थी। वह यूरोपीय माहौल से अच्छी तरह वाकिफ था। उसकी पर्सनालिटी शानदार थी और वह बिना कोई गोपनीय जानकारी उजागर किए कहानियां गढ़ने में माहिर था। पंजाबी के अलावा उसे जर्मन और फ्रेंच भी आती थीं। 'ऑपरेशन हॉरनेट' को दो हिस्सों में बांट दिया गया। खुफिया जानकारी जुटाना और उसका विश्लेषण करना नारायण और क्लार्क की जिम्मेदारी थी, जबकि पूरे ऑपरेशन की कमान संजीव के कंधों पर थी। अब जनवरी 1985 का महीना आ चुका था। उस रोज संजीव वियना के एक कैफे में बैठे अपनी महिला साथी का इंतजार कर रहे थे। उसका नाम था- सोफी। हिस्ट्री से ग्रेजुएट सोफी वियना के एक NGO में काम करती थी। संजीव से उसकी पहली मुलाकात मानवाधिकार आयोग की एक कॉन्फ्रेंस में हुई थी। वहां सोफी ने पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की थी। उसकी बातें सुनकर संजीव काफी प्रभावित हुए थे। दूसरी तरफ, सोफी भी संजीव की राजनीतिक समझ की मुरीद हो गई थी। देखते ही देखते दोनों के बीच दोस्ती हो गई, जो धीरे-धीरे संजीव के सीक्रेट मिशन तक जा पहुंची। सोफी पाकिस्तान के खिलाफ संजीव के लिए काम करने लगी। वह अंडरकवर एजेंट्स तक पैसे पहुंचाती, नए एजेंटों को ट्रेनिंग देती और जरूरत पड़ने पर खुद हैंडलर का काम भी संभाल लेती। दिलचस्प बात यह थी कि सोफी को ये भनक तक नहीं थी कि RAW के लिए एजेंट की तरह काम कर रही है। उसे बस पाकिस्तान से नफरत थी और संजीव से लगाव। संजीव अभी सोफी के बारे में सोच ही रहे थे कि वह कैफे में दाखिल हुई। वह सीधे संजीव की टेबल पर आई और सामने रखी कुर्सी खींचकर बैठ गई। नीली आंखें, गोल फ्रेम वाला बड़ा चश्मा, कंधे तक लंबे बाल, मैट ब्लैक लेदर जैकेट, कार्गो पैंट और लेदर बूट्स। आगे चलकर ये सोफी पाकिस्तान को बहुत खटकने वाली थी… संजीव ने मुस्कुराते हुए कहा, 'आखिरकार तुम्हारे समाजवादी नेता को जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार मिल ही गया?' सोफी ने चिढ़कर जवाब दिया, 'तुम ऑस्ट्रिया में ब्रूनो के योगदान को नजरअंदाज नहीं कर सकते।' वह डॉ. ब्रूनो क्रिंस्की की बात कर रही थी, जो 13 साल तक ऑस्ट्रिया के चांसलर रहे थे। 'मुझे अच्छी तरह पता है कि उन्होंने अवॉर्ड सेरेमनी में नेहरू की तारीफ की थी,' संजीव ने हल्का सा तंज कसा। सोफी ने सिगरेट जलाई और सीधे संजीव की आंखों में देखते हुए पूछा, 'क्या तुमने मुझे यहां ब्रूनो और नेहरू की दोस्ती पर बात करने के लिए बुलाया है?' 'तुम्हें इतना चिढ़ने की जरूरत नहीं है,' संजीव ने हंसते हुए कहा। 'हम पूरे दो साल बाद मिल रहे हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि तुम अब मेरे दोस्त बचे भी हो या नहीं,' सोफी ने कहा। संजीव खामोश रहे। सोफी ने फिर टोका, 'मुझसे सच-सच कहो। तुम्हारा इस तरह अचानक वापस आना मुझे डरा रहा है।' संजीव सीधे मुद्दे पर आए, 'क्या तुम जानती हो कि हरप्रीत आहूजा इस वक्त कहां है?' 'अच्छा, वह इंडियन जो हमारे NGO में काम करता था?' सोफी ने पूछा। संजीव ने हां में सिर हिलाया। सोफी मुस्कुराई और बोली, 'वह तो एक साल पहले ही NGO छोड़कर जा चुका है। तुम उसे क्यों ढूंढ रहे हो?' 'मैं चाहता हूं कि तुम उसे मेरे लिए ढूंढ निकालो,' संजीव ने टेबल पर एक मोटा लिफाफा रख दिया। सोफी ने लिफाफे को देखते हुए पूछा, 'इसमें क्या है?' संजीव ने लिफाफा उठाया और वापस टेबल पर रखते हुए कहा, '10 हजार डॉलर हैं। चाहो तो गिन सकती हो।' 'फिक्र मत करो, हरप्रीत मेरा पुराना दोस्त रहा है,' सोफी ने आंख मारते हुए कहा, लिफाफा उठाया और कैफे से बाहर निकल गई। जाते-जाते उसने टेबल पर एक कागज छोड़ दिया था। संजीव ने वह कागज उठाया और चुपचाप जेब में रख लिया। दो दिन बाद संजीव पेरिस लौट आए। उन्होंने एक पब्लिक टेलीफोन बूथ से लंदन में इंडियन एंबेसी के एक सेफ नंबर पर फोन किया। दूसरी तरफ से RAW एजेंट नारायणन ने फोन उठाया। संजीव ने पूछा, 'काम हुआ?' नारायणन ने कोड वर्ड में जवाब दिया, 'अब्दुल खान का एक माली है- तारिक सिद्दीकी। बंदा गद्दारी करने को तैयार है, लेकिन मोटा माल मांग रहा है।' फोन काटते हुए संजीव के मुंह से धीरे से निकला, 'डियर सोफी, बस तुम धोखा मत देना...' कहानी की शुरुआत में लाहौर में जिसे गोली मारी गई, वह ISI का एजेंट अब्दुल था। यह उन दो लोगों में शामिल था, जिसकी तलाश RAW को थी। मारने वाला कौन था और उसे कैसे मारा… पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए पार्ट-2 में… ***** रेफरेंस :
संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर हैं। इस बीच वहां मांग उठ रही हैं- RSS पर बैन लगे। यह मांग अमेरिकी सरकार का धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद और कमिश्नर जीन मिल्स ने की है। मार्च में इसी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भी RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी। इस मांग का आधार क्या है, RSS पर क्या आरोप लगाए गए हैं और क्या ट्रम्प RSS पर बैन लगाएंगे; इसी पर आज का एक्सप्लेनर… सवाल-1: अमेरिका में RSS पर पाबंदी को लेकर कौन सवाल उठा रहा है? जवाब: मोहन भागवत 25 अगस्त से 19 दिन के विदेश दौरे पर हैं। पहला पड़ाव अमेरिका है, फिर कनाडा और ब्रिटेन। RSS पर प्रतिबंधों को लेकर तीन प्रमुख लोगों ने बयान दिए हैं- 19 अगस्त को USCIRF के कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा, 'RSS नेता भले ही भारतीय सरकार से जुड़े हों, लेकिन उन्हें अमेरिका में हाई-लेवल मीटिंग्स और डिप्लोमेसी में तरजीह नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के दोषी पाए गए RSS सदस्यों पर बैन लगाना चाहिए।' USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद ने भी कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं। ये एक ऐसा भारतीय संगठन है, जिससे जुड़े समूहों ने ईसाई और मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत अमेरिका आ रहे हैं।' कमीशन की पूर्व चेयरपर्सन नादिन मेंजा ने भी अमेरिकी मैगजीन 'प्रोविडेंस' में लिखा, ‘भागवत जिस एकता और सद्भाव की बात करते हैं, वह संघ की जमीनी हरकतों से बिल्कुल अलग है। संघ के रवैये के लिए उसे बैन किया जाना चाहिए।’ सवाल-2: तो फिर इन बयानों का आधार क्या है और इसके पीछे की दलील क्या है? जवाब: RSS पर पाबंदी की बात मार्च 2026 से शुरू हुई। अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की। इसमें भारत से जुड़े 2 पन्ने हैं। इनमें 23 घटनाओं का जिक्र है- इन 10 प्रमुख घटनाओं के अलावा 13 और घटनाओं का जिक्र है, जिसमें 28 में से 12 राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों, रेवरेंड फ्रैंकलिन ग्राहम का वीजा रद्द करने और गौ संरक्षण के नाम पर हत्या करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में USCIRF ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसकी सरकारों, हिंदू राष्ट्रवादी नेता और संगठन का जिक्र किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सिर्फ एक जगह जिक्र है। वो भी Targeted Sanctions, यानी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के सेक्शन में। USCIRF का कहना है कि RSS की संपत्तियां जब्त कर लेनी चाहिए और उसके सदस्यों के अमेरिका आने पर रोक या वीजा रद्द कर देना चाहिए। सवाल-3: RSS पर बैन की मांग करने वाला ये USCIRF आखिर है क्या?जवाब: USCIRF की शुरुआत 3 दशक पहले हुई… आयोग बनने की कहानी आयोग का स्ट्रक्चर USCIRF में संसद के जरिए नियुक्त 9 कमिश्नर होते हैं, जो दोनों पार्टियों से होते हैं। एक कमिश्नर को चेयरमैन बनाया जाता है। फिलहाल पाकिस्तानी मूल के डॉ. आसिफ महमूद इसके चेयरमैन हैं। आयोग का काम आयोग की ताकत आयोग अपनी सालाना रिपोर्ट अमेरिकी विदेश मंत्रालय को सौंपता जरूर है, लेकिन खुद कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, सिर्फ सिफारिशें देता है। सवाल-4: क्या वाकई अमेरिका में RSS पर बैन लग सकता है?जवाबः नहीं, फिलहाल ऐसा नहीं लगता। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… सवाल-5: पाबंदी की इस मांग पर भारत सरकार और RSS का क्या रुख है?जवाबः भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF को पूर्वाग्रह से ग्रसित और जीरो भरोसे वाली संस्था बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को कहा, ‘USCIRF सालों से भारत के खिलाफ भ्रामक, गलत और भड़काऊ बयान देती रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि ये अपने छिपे हुए एजेंडे के तहत काम करती हैं और इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।’ वहीं RSS ने फिलहाल इस पर कोई बात नहीं कही है। हालांकि 24 अगस्त को VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा, ‘USCIRF के मन में सनातन धर्म, हिंदू समाज और भारत के प्रति गहरी नफरत है। हाल में RSS के प्रति जो नफरत दिखाई है, वह हिंदूफोबिया से प्रेरित उसके जाने-पहचाने एजेंडे का एक हिस्सा है।’ मार्च में भारत के पूर्व जजों और अधिकारियों ने एक बयान जारी कर USCIRF रिपोर्ट को दिमागी तौर पर दिवालिया और स्वार्थी बताया था। 275 अफसरों ने इस बयान पर दस्तखत किए थे, जिसमें 25 रिटायर्ड जज, 10 राजदूतों समेत 119 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और 131 आर्म्ड फोर्सेस के अधिकारी थे। सवाल-6: USCIRF पर क्यों उठ रहे हैं सवाल, पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?जवाबः USCIRF के मौजूदा चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी हैं। वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के खारियान गांव में जन्मे। उन्होंने कराची के सिंध मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली, फिर 1990 के दशक के आखिर में अमेरिका चले गए। अमेरिका के कैलिफोर्निया में महमूद प्रैक्टिस करने लगे। बाद में अमेरिका की नागरिकता मिल गई। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी से राजनीति भी की है। 2008 से 2016 तक डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में डेलिगेट रहे। 2022 में कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिर 2024 में डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हाकीम जेफ्रीज ने उन्हें USCIRF में नियुक्त हुए। जुलाई 2026 में चेयरमैन चुने गए। 2019 में जब भारत सरकार ने आर्टिकल 370 हटाया, तब महमूद ने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए अमेरिकी संसदीय सुनवाई कराने के लिए लॉबिंग की थी। महमूद ने कहा था, ‘कश्मीरी अकेले नहीं हैं। हम तब तक उनके साथ खड़े रहेंगे, जब तक कि उन सभी के मानवाधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते।’ महमूद पर सवाल उठते रहे हैं- --------------------------------ये भी पढ़ें- ‘मोहन भागवत का कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं’: आयोजक बोले- 16 धर्मों के लोग आएंगे, विरोध करने वाले भी आएं HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत…
नेपाल बाढ़ लाइव: जलप्रलय के बीच से जिंदा लौटे कई भारतीय, सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती; अबतक कितनी मौतें?
रूस पर हर दिन हजार ड्रोनों से हमले का प्लान, जेलेंस्की का आर्मी को मैसेज
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ लंबी दूरी के ड्रोन हमले बढ़ाने का आदेश दिया है. वह रोजाना कम से कम 1,000 ड्रोन लॉन्च करना चाहते हैं. इस बीच, रूस के हमलों में यूक्रेन के कीव, सूमी, खेरसॉन और खार्किव में कई लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए.
Nepal Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ त्रासदी से करीब 500 लोगों की मौत, विदेशी बचाव दलों को मंजूरी नहीं दी
टिहरी में अनियंत्रित होकर पलटी बस, चपेट में आने से 2 स्कूटी सवारों की मौत
उत्तराखंड के टिहरी में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई. बताया जा रहा है कि हादसे में बस की चपेट में आने से दो स्कूटी सवारों की मौत हो गई. बस में 60 यात्री सवार थे.
ट्रंप को फिर झटका: डाक से मतदान वाले आदेश पर लगी रोक, प्रशासन ने फैसले के खिलाफ दायर की अपील; जज ने क्या कहा?
क्या नेपाल ने ठुकराई भारत और चीन की मदद? PM बालेन शाह ने बताई सच्चाई
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने विदेशी सहयोग ठुकराने की खबरों को भ्रामक बताया और कहा कि भारत, चीन व अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ राहत-बचाव के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है.
Tibet में Isha Foundation के 77 तीर्थयात्री बाढ़ के बाद लापता, दूतावासों से संपर्क
तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास दो दिन पहले आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हुए ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। समूह की समन्वयक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में गए 77 सदस्यीय समूह से संपर्क नहीं हुआ है। ईशा फाउंडेशन की स्थापना भारतीय आध्यात्मिक नेता जग्गी वासुदेव ने की है, जिन्हें सद्गुरु के नाम से जाना जाता है। समूह की समन्वयक मां गंभीरी ने पीटीआई-को बताया कि सद्गुरु आपदा स्थल जियारोंग जाकर मदद करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि समूह में 19 देशों के नागरिक शामिल थे और मदद एवं जानकारी के लिए भारत, चीन और नेपाल में संबंधित दूतावासों के अलावा विभिन्न कार्यालयों तथा मंत्रालयों से संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘लापता 77 तीर्थयात्रियों के बारे में पिछले दो दिन से कोई जानकारी नहीं मिली है। बचाव दल मौके पर हैं, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं है।
Nepal Flood Update: नेपाल में फिर से मंडरा रहा फ्लैश फ्लड का खतरा, स्थानीय प्रशासन हुआ अलर्ट!
Nepal Flood Update: नेपाल में फिर से मंडरा रहा फ्लैश फ्लड का खतरा, स्थानीय प्रशासन हुआ अलर्ट!
600 के करीब मौतें, नेपाल में आई त्रासदी में अब भी 1924 लापता
Nepal Flood Live Updates: नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 587 के पार पहुंच गई है, जबकि 1924 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. भारत की ओर से नेपाल को लगातार राहत मुहैया कराई जा रही है और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
चींटी-कीड़ों को आकर्षित करती हैं ये चीजें, इसीलिए खिंचे चले आते हैं
बारिश में कीड़े-मकौड़ों का आंतक बहुत बढ़ जाता है. हद तो तब हो जाती है जब लाल-काली चींटियां और उड़ने वाले दीमक, तिलचट्टे सीधे घरों के अंदर चले आते हैं और वहां अपना डेरा डाल लेते हैं. हालांकि कई बार हमारी कुछ गलतियों की वजह से भी कीड़े घर के अंदर घुस आते हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कि ऐसी कौन सी चीजें है जो चींटियों और उड़ने वाले दीमकों को आपके घर में खींचती हैं.
घर में इन चीजों से आ सकते हैं सांप! बारिश में न करें ये गलतियां
Snakes In Home: बारिश के मौसम में घर के आसपास सांप नजर आने और घर के अंदर घुसने का खतरा बढ़ जाता है. जानें घर में मौजूद या आसपास रखी किन चीजों की वजह से सांप और उनके शिकार आकर्षित हो सकते हैं और किन आसान उपायों से आप मॉनसून में सांपों को घर से दूर रख सकते हैं.
दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर लगा महंगाई का झटका - AajTak
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दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर लगा महंगाई का झटका
वेस्ट एशिया में जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेज उछाल का असर अब CNG की कीमतों पर भी पड़ा है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली में CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू होंगी.
नेपाल में एक और 'जल विस्फोट' विनाशलीला मचाने को तैयार? देखें 10 तक
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ अब तक 500 से ज़्यादा ज़िंदगियां लील चुकी है. मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. करीब एक हज़ार लोग अब भी लापता हैं. ऊपर से महाप्रलय का एक और खतरा मंडराना शुरू हो गया है. नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बनी एक और झील फट गई है. ऐसे में अगर एक और ग्लेशियर टूटा तो नेपाल में कितनी बड़ी तबाही मच सकती है? देखें 10 तक.
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा के नतीजे घोषित, NTA ने जारी किया रिजल्ट
फाइनल आंसर की जारी होने के बाद NTA ने UGC-NET जून 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. 84 विषयों के नतीजे और स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी, उनका रिजल्ट और स्कोर कार्ड री-एग्जाम के बाद जारी किया जाएगा.
नेपाल बाढ़ : हाइड्रोपावर टनल में फंसे मजदूर, भारत से मांगी मदद
भोटेकोशी नदी में बाढ़ से आई आफत और भूस्खलन से नेपाल के रसुवा और नुवाकोट की 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं. करीब 933 कर्मचारी लापता हैं, जिनमें से 254 को बचाया गया है. भारत ने राहत सामग्री और 11 सदस्यीय बचाव टीम भेजी है.
'रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया', अखिलेश का यूपी सरकार पर हमला
UP Politics: अखिलेश यादव का रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा अव्यवस्था को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला. बोले- रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया, दशानन से बड़े झूठे निकले बीजेपी वाले.
12वीं पास और ग्रेजुएट निकले साइबर ठग, 403 करोड़ का कर चुके लेन देन
Jhansi Cyber Crime News: झांसी पुलिस ने 403 करोड़ के साइबर फ्रॉड रैकेट का किया पर्दाफाश. चाइनीज हैंडलर्स के साथ मिलकर क्रिप्टो USDT में बदलते थे ठगी के पैसे, 6 छात्र गिरफ्तार.
भारत और चीन दोनों की मदद स्वीकार, विदेशी सहायता लेने पर नेपाल सरकार का यूटर्न
नेपाल सरकार ने विदेशी सहायता टीमों को स्वीकार कर लिया है। बाढ़ में जूझ रहे पहाड़ी देश ने भारत और चीन दोनों देशों से एक्सपर्ट और बचाव दलों को आने की मंजूरी दे दी है। अभी तक मौत का आंकड़ा 579 तक पहुंच चुका है।
Nepal Flood राहत पर विदेशी मदद खारिज नहीं की, भारत और चीन से मांगे 42 Bailey Bridges
शिरीष बी प्रधानकाठमांडू, 28 अगस्त नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है। नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से परिचित हैं। रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की मौत और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बाद नेपाल व्यापक स्तर पर बचाव और राहत अभियान चला रहा है। नेपाल पुलिस के अनुसार, इस तबाही में अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 1,000 लोग लापता हैं। भारत समेत कई अन्य देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता की पेशकश की है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शुरुआती चरण में अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहती है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार ने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता से लेने से इनकार नहीं किया है। खनाल ने नेशनल न्यूज एजेंसी (आरएसएस) से कहा कि ‘‘अंतरराष्ट्रीय सहायता को अस्वीकार नहीं किया गया है, बल्कि बचाव की रणनीति राष्ट्रीय क्षमता, तत्काल जरूरत और नेपाल की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।’’उन्होंने कहा कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव टीम नेपाल की भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों और स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘अपरिचित इलाके में बाहरी बचाव दल की तैनाती से समन्वय एवं तकनीकी प्रबंधन और जटिल हो सकता है तथा इससे अप्रत्याशित खतरे भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए उपलब्ध राष्ट्रीय क्षमता का इस्तेमाल करते हुए बचाव अभियान चलाया गया।’’खनाल ने कहा कि सरकार उन कठिन परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए तैयार है, जहां बेहद जटिल भौतिक संरचनाओं में विशेष तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है। नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 बेली पुलों के निर्माण में मदद करने का अनुरोध किया है। इन पुलों को इस तरह बनाया जाता है कि इन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़ा जा सके। विदेश मंत्री खनाल के सहयोगी ने बताया कि नेपाल ने अपने पड़ोसी देशों से सहायता मांगी है, क्योंकि अचानक आई बाढ़ में 36 से अधिक पुल बह गए हैं। प्राधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से तत्काल जरूरत की कुछ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की भी अपील की है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि आश्रय संबंधी सामान, खाद्य सामग्री और स्वच्छता उत्पादों की तत्काल जरूरत है। एनडीआरआरएमए ने एक बयान में कहा, ‘‘दान देने की इच्छुक एजेंसियां, अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदार, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और अन्य इच्छुक संगठन तलाश, बचाव और राहत कार्यों के लिए खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री दान कर सकते हैं।’’भारत ने नेपाल में राहत और पुनर्वास कार्यों में सहायता के लिए राहत सामग्री की दो खेप भेजी हैं।
पेंच ढीला किए बिना चमकेगा कड़ाही का हैंडल! टूथपेस्ट से ऐसे करें साफ
Kadhai Cleaning Tips: अगर आपके किचन में रखी कड़ाही के हैंडल और तली पर कालिख और चिकनाई की मोटी परत सालों से जमी हुई है जो घंटों रगड़ने पर भी साफ नहीं होती तो यहां हम आपको एक आसान ट्रिक बता रहे हैं. घर में पड़े टूथपेस्ट से आप कड़ाही को नया जैसा चमका सकते हैं.
कल का मौसम: 29 अगस्त को यूपी में कहां होगी बारिश? IMD का नया अपडेट
Kal Ka Mausam: उत्तर प्रदेश में मानसून का असर 29 अगस्त को भी बना रहेगा, जहां पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए 29 अगस्त को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है.
नेपाल में आई आपदा ने मानवता दो दहला दिया है। इस हादसे में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, आपदा के बाद 300 से ज्यादा भारतीय लापता हैं।
नेपाल में कैसे अचानक आ गई इतनी विनाशकारी बाढ़, चीन ने बताई वजह
चीन ने कहा कि हमने गौर किया है कि चीन और नेपाल के विशेषज्ञों तथा आधिकारिक संस्थानों ने आपदा के कारण का प्रारंभिक आकलन किया है। उनके विश्लेषण के अनुसार, नेपाल में ऊंचाई पर स्थित एक हिमनद के टूटने से यह आपदा आई।''
घर पर बनाएं शुद्ध छोले का मसाला, एक चम्मच डालते ही स्वाद होगा दोगुना
घर पर तैयार किया हुआ छोले मसाला खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा सकता है, धनिया, जीरा, लाल मिर्च और साबुत मसालों से बना यह मसाला खुशबूदार और स्वादिष्ट होता है. इसे बनाना बेहद आसान है और एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकते हैं.
IAS ने बस्ती में बंधवाई राखी, छुए बहनों के पैर; पत्नी-बेटे को भी ले गए संग
Datia IAS Swapnil Wankhede: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने परिवार संग बस्ती में मनाया रक्षाबंधन. निर्धन बहनों के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, पोस्ट शेयर कर लिखा- स्नेह के धागों से बने ये रिश्ते बेहद खास हैं.
बाढ़ के बाद 11 देश मदद को तैयार, क्या नेपाल ने किया इनकार? अब सरकार ने दिया जवाब
बाढ़ से तबाही के बाद विदेशी मदद को लेकर नेपाल सरकार ने अपना रुख साफ किया है. सरकार का कहना है कि उन्होंने कभी भी विदेशी सहायता लेने से इनकार नहीं किया. लेकिन शुरुआती दौर में स्थानीय सुरक्षा बलों को प्राथमिकता दी गई है. नेपाल ने भारत और चीन से बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है ताकि प्रभावित इलाकों का संपर्क जल्द बहाल किया जा सके.
नेपाल में एक और महाप्रलय का क्यों सता रहा डर? देखें खबरदार
नेपाल और तिब्बत में अब एक और झील का खतरा मंडरा रहा है. झील ओवरफ्लो होने पर राहत और बचाव अभियान को रोक दिया गया था लेकिन 3 घंटे बाद इसे फिर से फिर शुरू कर दिया गया. तिब्बत में जो दूसरी झील से फिर तबाही का डर बढ़ गया है, उसमें 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी इकट्ठा हो गया है. देखें खबरदार.
सुशांत की एक्स मैनेजर दिशा की मौत पर बॉम्बे HC ने पूछे सवाल
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिवंगत दिशा सालियन (जो एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं) के पिता सतीश सालियन की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और अधिकारियों को कुछ कथित गड़बड़ियों को लेकर फटकार लगाई.
'मुझे बचा लीजिए...', मौत से कुछ घंटे पहले रोती रही गर्भवती, बच्चा भी नहीं बचा
Kalpana Mishra Rewa Viral Video News: मौत से कुछ ही घंटे पहले प्रसूता का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह रोते-बिलखते हुए अपने परिजनों से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही है.
नेपाल बाढ़ में अब तक 538 शव बरामद, भोटेकोसी-त्रिशूली नदी को लेकर फिर अलर्ट
नेपाल बाढ़ के बाद से वहां अब तक 538 शव बरामद हो चुके हैं. अब भी करीब 2000 लोग लापता है, हालांकि विदेशी पर्यटकों में से 121 को खोज निकाला जा चुका है. लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में एक बार फिर अलर्ट जारी कर दिया गया है.
गेहूं-चावल की बोरियां न करें फेंकने की भूल, ऐसे घर में करें रीयूज
घर में गेहूं, चावल, आटा या दाल की खाली बोरियां फेंकने से पहले ये रीयूज आइडियाज जरूर जान लें. मजबूत पुरानी बोरी से स्टोरेज बैग, ग्रो बैग, खिलौना ऑर्गेनाइजर और सामान ढकने जैसी कई उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं. इससे कचरा कम होगा और पैसे भी बचेंगे.
विनाशकारी बाढ़ के बीच नेपाली सेना कैसे बनी 'देवदूत'? देखें विशेष
नेपाल में ऐसी तबाही हुई है कि ये पूरा देश कई बरस पीछे हो गया है. सबकुछ बर्बाद हो गया. इस बीच लापता लोगों को खोजने में नेपाल ने पूरी ताकत लगाई हुई है, और ऐसे में देवदूत बनकर आई है नेपाल की सेना. नेपाल की सेना ने एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट की टनल में एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जो बहुत मुश्किल था. यहां 350 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षिल बाहर निकाला गया. देखें विशेष.
नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई थी विनाशकारी बाढ़! चीन ने बताया तबाही का कारण
नेपाल में आई भीषण तबाही के पीछे अब चीन ने वजह साफ की है. चीन और नेपाल के विशेषज्ञों ने प्रारंभिक जांच में ग्लेशियर टूटने को बाढ़ का मुख्य कारण बताया है. बाढ़ ने सड़क, पुल, घर और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है.
अंकित बालियान की हत्या पर गरमाया माहौल, AICWA ने CM योगी को लिखा खत
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार शाम एक जिम के बाहर चार हथियारबंद हमलावरों ने अंकित बालियान की हत्या कर दी. अब इस मामले में ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने न्याय की मांग की है.
पार्लर जाकर पैसे ना फूंके, घर पर आसानी से स्ट्रेट करें अपने बाल
Hair Straight at home: अगर आप भी रक्षाबंधन पर अपने लुक को चेंज करना चाहती हैं तो इसके लिए आपको पार्लर जाकर कोई हेयर ट्रीटमेंट कराने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही किचन की चीजों से अपने बालों में इंस्टैंट स्ट्रेटनेस और शाइन ला सकती हैं.
नेपाल त्रासदी: अपनों की तलाश में रेस्क्यू सेंटर पर परिजनों का तांता, देखें
नेपाल के नुवाकोट में 26 अगस्त को आई बाढ़ के पीड़ित परिवार अपनों को तलाशने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. रेस्क्यू सेंटर में प्रशासन ने कई नामों की लिस्ट लगाई है. कैंप पर पहुंच रहे लोग अपनों के नाम खोज रहे हैं. देखें आजतक की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
मैं बैंक से बोल रहा हूं... गलती पड़ेगी भारी, जरूर चेक करें ये 2 नंबर
बैंक के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचना है तो नंबर जरूर चेक करें. RBI ने बैंकिंग कॉल के लिए सीरीज तय की है. जानिए 1600 से शुरू नंबर क्यों जरूरी है और कब रहें सावधान.
400 से ज्यादा कंटेनर बहे, 1000 से ज्यादा लोग लापता... नेपाल में बाढ़ से बड़ी तबाही
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस दौरान 400 से अधिक मालवाहक कंटेनर ट्रक बह गए हैं. इस व्यापार से जुड़े 1000 से ज्यादा लोग लापता हैं. बाढ़ से रसुवागढ़ी-केरुंग नाका और त्रिशूली गलियारा क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जहां तीज, दशैं और तिहार के लिए जरूरी सामान ले जा रहे ट्रक बह गए. कारोबारी संगठनों के अनुसार, नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में 5.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद हिमालयी क्षेत्र में बड़ा जल संकट खड़ा हो गया है। भूकंप के झटकों के कारण तिब्बत के ऊपरी पहाड़ी हिस्से में स्थित एक जल भंडारण बांध (डैम) के क्षतिग्रस्त होने और टूटने की सूचना सामने आई है। इसके परिणामस्वरूप निचले मैदानी और घाटी क्षेत्रों की ओर भारी मात्रा में पानी का तेज बहाव शुरू हो गया है। इस जलप्रलय का सीधा और सबसे घातक असर नेपाल की प्रमुख नदी त्रिशूली के तटीय इलाकों पर पड़ा है।नेपाल के गृह मंत्रालय और जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों सहित पूरे त्रिशूली नदी बेसिन में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर और किनारे की बस्तियों में पानी घुसने के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद नदी किनारे बसे गांवों और कस्बों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।तिब्बत में डैम टूटने से बिगड़े हालात और नदी का उफानभूकंप का केंद्र तिब्बत के दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्र में दर्ज किया गया, जिसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे थी। इस तीव्रता के झटके से पहाड़ी ढलानों पर भारी भूस्खलन हुआ और प्राकृतिक व कृत्रिम जल संरचनाओं को गहरा नुकसान पहुंचा। तिब्बत क्षेत्र से निकलने वाली सहायक नदियों में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी जमा होने के बाद बांध की दीवार टूटने से जलप्रवाह अनियंत्रित हो गया।त्रिशूली नदी, जो तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है, अपने साथ भारी गाद, पत्थर और मलबे का बहाव लेकर आ रही है। रसुवागढ़ी सीमा के पास जलस्तर सामान्य से कई मीटर ऊपर बह रहा है। नदी किनारे बने अस्थायी पुल, सड़कें और तटीय निर्माण जलमग्न हो चुके हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी की तेज आवाज और बहाव को देखकर लोग अपनी संपत्ति और घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं।नेपाल के तटीय इलाकों में भगदड़ और निकासी अभियाननेपाल सरकार ने सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और नेपाल पुलिस की विशेष आपदा प्रतिक्रिया टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। रसुवा और नुवाकोट के निचले इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए चेतावनी जारी की जा रही है।प्रशासन ने निम्नलिखित प्रमुख सुरक्षा कदम उठाए हैं:तटीय बस्तियों की खाली कराना: त्रिशूली नदी के किनारे बसे सैकड़ों परिवारों को तत्काल प्रभाव से सामुदायिक केंद्रों, स्कूलों और ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।यातायात और जलविद्युत परियोजनाओं पर रोक: रसुवा-काठमांडू राजमार्ग पर तटीय मार्गों को सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिया गया है। त्रिशूली बेसिन पर चल रहे सभी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ताकि टरबाइन और बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाया जा सके।राहत और आपातकालीन आश्रय: विस्थापित नागरिकों के लिए भोजन, पीने का साफ पानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों (बिहार और यूपी) पर संभावित असरत्रिशूली नदी नेपाल के चितवन जिले में देवघाट के पास काली गंडकी से मिलकर 'नारायणी नदी' बनाती है, जो आगे चलकर भारत के बिहार राज्य में प्रवेश कर 'गंडक नदी' कहलाती है। तिब्बत और नेपाल में आए इस जल उफान का सीधा प्रभाव भारत के सीमावर्ती जनपदों पर पड़ने की आशंका है।बिहार के पश्चिमी चंपारण (वाल्मीकि नगर बैराज), पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि नेपाल से अचानक भारी पानी छोड़े जाने की स्थिति में बैराज के फाटकों को नियंत्रित कर संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को स्टैंडबाय मोड पर रखा है।हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय संवेदनशीलता और भूवैज्ञानिकों की चेतावनीभूवैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के निरंतर टकराव के कारण हिमालयी क्षेत्र दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों (Seismic Zone V) में आता है। जब भी इस क्षेत्र में मध्यम से तेज तीव्रता का भूकंप आता है, तो केवल संरचनात्मक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि पहाड़ी नदियों के मार्ग अवरुद्ध होने, हिमनद झीलों (GLOF) के फटने और बांध टूटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और पहाड़ों पर अनियंत्रित निर्माण कार्यों के चलते प्राकृतिक संतुलन पहले ही कमजोर हो चुका है। ऐसे में भूकंपीय झटके प्राकृतिक जल संरचनाओं पर भारी दबाव डालते हैं। तिब्बत और नेपाल के बीच रियल-टाइम हाइड्रोलॉजिकल डेटा शेयरिंग और आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।आपातकालीन स्थिति में नागरिकों के लिए जरूरी दिशानिर्देशस्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।तटीय और प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के लिए मुख्य सुरक्षा प्रोटोकॉल:नदी के किनारों, घाटों और निचले पुलों के पास जाने से पूरी तरह बचें।अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां और आपातकालीन किट हमेशा तैयार रखें।स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबरों के संपर्क में रहें।यदि नदी का जलस्तर अचानक कम होता दिखाई दे, तो भी पास न जाएं, क्योंकि यह ऊपरी हिस्से में भूस्खलन द्वारा बने अस्थायी बांध का संकेत हो सकता है जो कभी भी टूट सकता है।नेपाल और भारत के जल संसाधन विभाग लगातार तिब्बत की जल स्थिति और सैटेलाइट इमेजरी पर नजर बनाए हुए हैं ताकि स्थिति सामान्य होने तक हर संभावित खतरे से निपटा जा सके।
विनाशकारी बाढ़ से नेपाल हुआ तबाह, कितना बड़ा नुकसान? मंत्री ने बताया अब कैसे होगी भरपाई
भीषण बाढ़ को लेकर बचाव अभियान जारी है। वहीं, दूसरे चरण में नेपाल सरकार एक अस्थायी शेल्टर की योजना बना रही है। यहां पर लोगों को खाना, पानी, बिजली और फोन आदि की सुविधा मिलेगी।
चोर बना ठेकेदार, 26 मजदूर लगाए, काट डाला BSNL का एक किलोमीटर तार
मुंगेर में बीएसएनएल के अंडरग्राउंड तार चोरी करने की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोप है कि अररिया का ठेकेदार बनकर आए एक व्यक्ति ने 26 मजदूरों से रातभर सड़क खुदवाई और करीब एक किलोमीटर तक तार काट लिया. पुलिस ने छह मजदूरों को गिरफ्तार कर तार, कुदाल, गैता, बाइक, स्कूटी और ई-रिक्शा बरामद किया है.
भारत मदद करने के लिए तैयार, नेपाल ने ठुकरा दिया रेस्क्यू का ऑफर!
नेपाल में बहुत बड़ी बाढ़ आई जिसमें अब तक कई सौ लोगों की मौत हो चुकी है। कई हजार लापता हैं। रेस्क्यू लगातार चल रहा है। लेकिन इसी बीच बालेन शाह ने मदद लेने से इंकार कर दिया है। दरअसल बालेन शाह ने दुनिया के सभी देशों को यह कह दी है बात कि उन्हें रेस्क्यू में किसी की मदद नहीं चाहिए। लेकिन सवाल भारत पर है कि भारत जब मदद कर रहा है भारत रेस्क्यू करवाने के लिए अपनी टीम भेजने के लिए तैयार था तो बालेन शाह क्यों मना कर रहे हैं? इसे भी पढ़ें: Tibet में Flash Floods से 5 लोगों की मौत, 558 लापता होने की पुष्टि बालेन शाह के छोटे भाई हरीश कुमार ने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और भारत ने नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। यह साबित करता है कि हम दोनों सिर्फ पड़ोसी नहीं एक दूसरे के प्यारे भाई हैं। अगर इस लिहाज से भावना अच्छी है और कह रहा है कि अगर हम किसी से नहीं लेंगे तो ईश्वर करें कि नेपाल को वो शक्ति दे कि अपने पैरों पर स्वयं ही खड़ा हो सके। नेपाल की डेमोग्राफी इस तरह से है कि हिमालय के उस पार चाइना है। तो चीन जो भी मदद करेगा उसको पूरा हिमालयन क्रॉस करके आना पड़ेगा तब मदद पहुंचाएगा। भारत के साथ ऐसी बात है कि भारत चारों तरफ से बिलकुल मदद भेज सकता है। खास करके पूरा मधेशी इलाका पूरा यूपी पूरा बिहार पूरा ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज है। जब भी नेपाल पे मुसीबत आई है चाहे भूकंप आया हो या बाढ़ आया हो भारत ने मदद की है। इस आपदा का दायरा बहुत बड़ा है। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,545 लोगों को बचाया गया है और वे घायल हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, लगभग 1,000 लोग लापता हैं, जिनमें 28 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाया है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood से भारत-नेपाल व्यापार प्रभावित, Sonauli Border पर 16 किमी तक ट्रकों की कतार नेपाल पुलिस ने खोज और बचाव कार्यों के लिए 4,348 कर्मियों को तैनात किया है। अधिकारियों ने रसुवा से 644, नुवाकोट से 898 और धाडिंग से तीन लोगों को बचाया है। लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। 'काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 51 मलेशियाई, 53 यूक्रेनी, 33 ब्रिटिश, 35 ऑस्ट्रेलियाई और 25 कनाडाई नागरिकों के साथ-साथ दर्जनों अन्य देशों के नागरिक भी लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने भी कहा है कि कम से कम 100 चीनी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद, नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और मानवीय सहायता का स्वागत किया है। अमेरिका ने 5,00,000 डॉलर की सहायता का वादा किया है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: Bhotekoshi नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद दूसरी लहर की चेतावनी जारी विदेश मंत्रालय ने बाढ़ से प्रभावित विदेशी नागरिकों के लिए जानकारी, खोज और बचाव प्रयासों तथा कांसुलर सहायता के समन्वय के लिए एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नेपाल की तबाही का मंजर
30 से ज्यादा सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल की तबाही की तस्वीरें कैद हैं. बाढ़ से पहले और बाद की इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कहां पुल बह गए, कहां घर मलबे में दब गए और किन पनबिजली परियोजनाओं पर खासा असर पड़ा है.
सैफ अली खान केस में नया मोड़, आरोपी ने कोर्ट से कहा- गुनाह कबूल करूंगा, रहम करें
सैफ अली खान पर चाकू से हमले के केस में बड़ा अपडेट आया है. आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट में गुनाह कबूल करने की इच्छा जताई और नरमी की मांग की. अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बताया सबसे महान राष्ट्रपति, रैंकिंग को दिखाया ठेंगा
डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा, बाइडन, जिमी कार्टर, यूलिसिस ग्रांट और वॉरेन हार्डिंग को नाकाम राष्ट्रपति बताया। ट्रंप का यह दावा इसलिए चर्चा में है क्योंकि अमेरिकी इतिहास और राजनीति के विशेषज्ञों की राय इससे बिल्कुल अलग है।
राधिका अंबानी ने शेफ विकास खन्ना को बांधी जलेबी वाली राखी, PHOTOS
सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बेहद प्यारा और भावुक कर देने वाला वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में अंबानी परिवार की छोटी बहू राधिका अंबानी रक्षाबंधन के मौके पर विकास खन्ना को जलेबी वाली राखी बांधती दिख रही हैं.
दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 21 साल के छात्र का शव लटका मिला
पश्चिम बर्धमान जिले दुर्गापुर में शुक्रवार दोपहर एक निजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 21 वर्षीय प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्र अभिषेक कुमार का शव कमरे में फंदे से लटका मिला. बिहार के सीतामढ़ी निवासी अभिषेक का शव उसके रूममेट ने देखा. छात्रों ने दरवाजा तोड़कर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बांका में लापता युवक की लाश कुएं में मिली, 3 युवकों पर हत्या का आरोप
बिहार के बांका में पांच दिन से लापता 21 वर्षीय दशरथ गोस्वामी की लाश गांव के पास कुएं में मिलने से हड़कंप मच गया. अब उसके परिजनों ने तीन युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. पढ़ें पूरी कहानी.
पैसों के विवाद में दोस्त ने शकील को मारा, प्रेम प्रसंग का रचा झूठा ड्रामा
कौशाम्बी में शकील हत्याकांड का पुलिस ने तीन दिन बाद खुलासा किया है. पैसों के लेनदेन के विवाद में उसके दोस्त मोहम्मद कदीम ने हत्या की थी. जांच भटकाने के लिए आरोपी ने घटनास्थल पर चूड़ियां, दुपट्टा, चप्पल और अन्य सामान रखकर इसे प्रेम प्रसंग का रंग देने की कोशिश की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
रोज की आलू की सब्जी से हो गए बोर? ट्राई करें महाराष्ट्रीयन बटाटा रस्सा
रोजमर्रा की आलू की सब्जी से कुछ अलग और तीखा खाने का मन है, तो पारंपरिक महाराष्ट्रीयन बटाटा रस्सा ट्राई करें. सरसों, करी पत्ते और गोडा मसाले के तड़के से तैयार यह तीखी ग्रेवी वाली सब्जी भाकरी, पूरी और चावल के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है. जानें इसे बनाने का आसान तरीका.
त्योहारों से पहले महंगाई की मार, सीधे 9 रुपये बढ़े दूध के दाम; कब से लागू नई कीमतें? - Hindustan
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बांग्लादेश ने चीन से J-10CE फाइटर जेट खरीदने का ड्राफ्ट एग्रीमेंट तैयार कर लिया। ये एक सामान्य बात लगती है। लेकिन इसकी घोषणा करते हुए बांग्लादेशी मंत्री जाहिद उर रहमान ने जो दलील दी, वो भारत के लिए ज्यादा चिंताजनक है। रहमान ने कहा- ‘मई 2025 में भारत-पाकिस्तान की जंग के दौरान जिस चीनी J-10C ने भारत के राफेल मार गिराए, बांग्लादेश उसी जेट पर भरोसा जताने जा रहा है।’ हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल गिरने के दावों की आज तक पुष्टि नहीं हो सकी। J-10C फाइटर जेट को लेकर क्या सौदा हुआ, चीन अब कैसे बांग्लादेश की मिलिट्री एडवांस बना रहा और बांग्लादेश का रुख भारत के लिए चिंताजनक क्यों है; आज के एक्सप्लेनर में इन्हीं सवालों के जवाब… सवाल-1: बांग्लादेश और चीन के बीच J-10C को लेकर क्या सौदा हुआ है? जवाब: अभी सौदा हुआ नहीं, सिर्फ मसौदा तैयार हुआ है। ड्राफ्ट एग्रीमेंट के मुताबिक… इस डील के बाद बांग्लादेश, चीनी J-10CE खरीदने वाला दूसरा देश बन जाएगा। पहला पाकिस्तान है। चीनी वायुसेना भी एक सीट वाले मल्टीरोल कॉम्बैट जेट J-10C का इस्तेमाल करती है। बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने बताया कि अगर 30 जून 2027 तक डील को बजट में मंजूरी मिल गई, तो खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी दौरान जाहिद रहमान ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान जंग में थे, तो भारत का राफेल फाइटर जेट चीन के J-10 ने गिराया था। ये अब साबित हो चुका है। बांग्लादेश ने राफेल के खिलाफ J-10 के परफॉरमेंस पर गौर किया है। चीनी फाइटर जेट, यूरोपियन एयरक्राफ्ट- यूरोफाइटर टाइफून और राफेल से सस्ते भी हैं।’ सवाल-2: क्या वाकई चीनी जेट ने भारत के राफेल मार गिराए थे? जवाब: मई 2025 में पाक सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ के दावे से इस बहस की शुरुआत हुई… भारत का रुख हालांकि 15 जून, 2026 को भारतीय वायुसेना के एक दस्तावेज से पता चला कि उसके पास मौजूद सभी 36 राफेल विमान सही-सलामत और ऑपरेशनल हैं। ये दस्तावेज राफेल के इंजन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी 'सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन्स' को राफेल के मेंटेनेंस के लिए भेजी गई रिक्वेस्ट का था। सवाल-3: भारत के राफेल और चीन के J10 फाइटर जेट में कौन बेहतर? जवाब: अभी दुनिया में 5 सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स हैं। जैसे- अमेरिका के F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग II, चीन के J-20 माइटी ड्रैगन और J-35A और रूस का सुखोई-57 फेलॉन। इन्हें 5th जनरेशन फाइटर जेट्स कहा जाता है। राफेल और J-10 दोनों 4.5th जनरेशन के फाइटर जेट्स हैं। भारतीय सेना के रिटायर्ड कैप्टन और एविएशन एक्सपर्ट अभिनय डोगरा कहते हैं, ‘जंग में राफेल, चीन के J-10C से कहीं बेहतर है। राफेल के स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सेंसर चीन के मुकाबले बहुत मैच्योर और भरोसेमंद हैं। हालांकि J-10C की स्पीड कुछ ज्यादा है।’ ब्रिटेन के एयरपावर और मिलिट्री टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट जस्टिन ब्रॉन्क कहते हैं, ‘राफेल और J-10C की बियॉन्ड विजुअल रेंज, BVR यानी, हवा में दूर से ही होने वाली लड़ाई हो, तो राफेल हर मामले में J-10C से काफी आगे निकलेगा। J-10C का ईंधन बहुत तेजी से खत्म होता है। इसमें लगने वाली चीन की PL-15 मिसाइल्स, राफेल की मेटियोर मिसाइल्स के मुकाबले कमजोर है।’ सवाल-4: बांग्लादेश ने जानबूझकर राफेल और भारत का जिक्र क्यों किया? जवाब: शेख हसीना के पीएम रहते बांग्लादेश का झुकाव भारत की तरफ था। 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना को तख्तापलट के बाद भागकर भारत आना पड़ा था। उसके बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी और फरवरी 2026 से पीएम तारिक रहमान की पार्टी BNP सत्ता में हैं। सत्ता बदलने के बाद से बांग्लादेश, भारत के बजाय पाकिस्तान-चीन के करीब जा रहा है। इसके कुछ संकेत देखिए… 1. चीन के दौरे, भारत के न्योते का जवाब नहीं दिया 2. अपने डेवलपमेंट प्रोजेक्ट भारत से लेकर चीन को दिए 3. पाकिस्तान-तुर्किये-सऊदी के साथ डील की तैयारी अब चीन से J-10C फाइटर जेट्स के सौदे में राफेल और J-10 की तुलना के बहाने जाहिद रहमान ने भारत के राफेल गिराने के पाकिस्तान के दावे को हवा दी है। जाहिद ने ये भी कहा, '5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश दोबारा आजाद हुआ है। उससे पहले बांग्लादेश अपने हितों के मद्देनजर फॉरेन और डिफेंस पॉलिसी के फैसले नहीं ले पाता था। हम चीनी J-10C खरीदने पर सोच भी नहीं पाते, लेकिन अब हम इसे खरीदने जा रहे हैं।’ विदेशी मामलों के जानकार और JNU के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बांग्लादेश ने सोच-समझकर बयान जारी किए थे। हालांकि अब BNP सरकार अपनी पुरानी नीति पर चलती दिखाई दे रही है। हसीना से पहले बांग्लादेश की पीएम और तारिक रहमान की मां खालिदा जिया भी एंटी इंडिया स्टैंड के लिए जानी जाती थीं।’ सवाल-5: तो क्या अब चीन, पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश को भी मजबूत कर रहा है? जवाब: 2002 से चीन और बांग्लादेश के बीच डिफेंस एग्रीमेंट है। हथियारों के अलावा दोनों देशों की सेनाएं जॉइंट एक्सरसाइज करती हैं। बांग्लादेश का चीन से फाइटर जेट या हथियार खरीदना भी कोई नई बात नहीं है। कुछ आंकड़े देखिए… बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड सिक्योरिटी स्टडीज के प्रेसिडेंट मेजर जनरल (रिटायर्ड) मुनीरुज्जमान के मुताबिक, बांग्लादेश का नए फाइटर जेट्स खरीदने का प्लान पुराना है, हालांकि अभी ये सौदा बातचीत की स्टेज में है। दरअसल, बांग्लादेश ने 2009 में 'फोर्सेज गोल 2030' नाम का प्लान शुरू किया था। इसके तहत बांग्लादेश की तीनों फोर्सेज को 2030 तक आधुनिक हथियारों से लैस करने की योजना है। इसके तहत बांग्लादेश, चीन से बैटल टैंक, कई मिसाइल्स, रॉकेट लॉन्चर, रडार सिस्टम और F-7 जेट्स और रूस से 16 याक-130 लाइट अटैक एयरक्राफ्ट, MI-17 और कुछ रडार सिस्टम खरीद चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, J-10C बांग्लादेश की विशलिस्ट में तब शामिल हुआ, जब बांग्लादेश एयरफोर्स के चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने 2024 में चीन का दौरा किया। उन्होंने चीन से कुछ लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने की बात की। मार्च 2025 में मोहम्मद यूनुस के चीन दौरे पर ये बातचीत आगे बढ़ी। बांग्लादेश चीन से चौथी जनरेशन के कुछ फाइटर जेट्स, अटैक हेलीकॉप्टर और ड्रोन वगैरह खरीदने की भी बात कर रहा है। जनरल मुनीरुज्जमान कहते हैं, ‘बेशक बांग्लादेश को नए लड़ाकू विमानों की जरूरत है, लेकिन आज दुनिया में एक नए तरह का जियो-पॉलिटिकल डिवीजन है। खास तौर पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव है। इसलिए किसी भी देश से जेट खरीदने से पहले इसके राजनीतिक असर की एनालिसिस करना भी जरूरी है।’ सवाल-6: इससे भारत को खतरा क्या है? जवाब: 1971 की जंग हारने के बाद पाकिस्तानी नेवी को बंगाल की खाड़ी से भागना पड़ा था। तब से इस इलाके में पाकिस्तान की मौजूदगी नहीं रही है। पकिस्तान से कोई जंग हुई, तो भी पूर्वी मोर्चे से भारत को कोई बड़ा खतरा नहीं हुआ। हालांकि अब भारत के लिए कई चिंताएं हैं… --------- ये वीडियो भी देखिए… क्या जम्मू-कश्मीर पर भारत के पाले में अमेरिका, अमेरिकी राजदूत सर्जियो बोले- ये भारत का अहम हिस्सा; ट्रम्प का असली मकसद क्या 19 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने वहीं से बयान दिया- 'जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया। ये बहुत खूबसूरत जगह है।' पूरी खबर पढ़िए…
एयरपोर्ट पर लैंड करते ही प्लेन का टायर फटा, अटक गईं 41 लोगों की सांसें
एलायंस एयर की दिल्ली से आई फ्लाइट की बिलासपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान बायां टायर फट गया. इसमें 37 यात्री और 4 क्रू मेंबर सवार थे. सभी 41 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. विमान की आगे की उड़ान रद्द कर दी गई है.
7 घंटे तक जिंदगी की जंग, बोरवेल से निकली 16 साल की किशोरी, फिर थम गई सांसें
कानपुर के महाराजपुर इलाके में शुक्रवार को मिट्टी धंसने से 16 साल की किशोरी बोरवेल में गिर गई. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. NDRF को भी बुलाया गया. JCB से खुदाई के साथ मैनुअल सर्च ऑपरेशन चलाया गया. करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद किशोरी को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
बच्चा रात में देर तक जागता है? तुरंत बदलें शाम की ये 5 आदतें
बच्चों का रात में देर तक जागना और सुबह उठने में परेशानी होना एक आम समस्या बन चुका है. एक्सपर्ट्स के अनुसार सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि शाम की गलत आदतें भी बच्चों की नींद बिगाड़ती हैं. बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सही बेडटाइम रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है.
12वीं की छात्रा का अनोखा मॉडल, महिलाओं की घर बैठे ₹25 हजार तक कमाई
Noida Success Story: नोएडा की 17 वर्षीय छात्रा राहिणी बंसल की पहल 'सूत्रधार' ने 250+ महिलाओं को आत्मनिर्भर बना दिया है. कपड़ों की कतरन से सामान बनाकर महिलाएं 4 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक महीना की कमाई कर ले रही हैं.
मराठी फिल्म देऊल बंद 2 ने कमाए 100 करोड़, शाहरुख खान से जुड़ा कनेक्शन
मराठी फिल्ममेकर प्रवीण तारडे शाहरुख खान के बहुत आभारी हैं, जिन्होंने एक ऐसी फिल्म का पूरा समर्थन किया जिसकी सफलता की कोई गारंटी नहीं थी. अब उनकी फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई है.
'सिगरेट की स्मेल बर्दाश्त नहीं...' कहकर महिला ने छोड़ी जॉब
बेंगलुरु की एक महिला ने अपना रेजिग्नेशन ईमेल का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो अब तक 56 लाख से ज्यादा व्यूज के साथ वायरल हो चुका है.
पिता के अधूरे ख्वाब को बेटे ने दी नई उड़ान! अयान की टीम इंडिया में एंट्री
अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन अयान अकरम के अगले सफर की दिशा तय करेगा. पिता अकरम सैफी का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन उसे पूरा करने की राह में अयान अकरम ने एक कदम जरूर बढ़ा दिया है.
शाम की चाय के लिए बनाएं लहसुन-मिर्च ठेचे वाली कचौरी, स्वाद में लाजवाब
ब्रेड, पनीर, मूंगफली और तीखे लहसुन-मिर्च वाले ठेचे से बनाएं स्वादिष्ट पनीर ठेचा कचौरी. इस आसान रेसिपी में आटा गूंथने की जरूरत नहीं है. एयर फ्रायर की मदद से कचौरी को कम तेल में बाहर से कुरकुरा और अंदर से सॉफ्ट बनाया जा सकता है. जानें आसान रेसिपी.
तबाही के बाद नेपाल PM समेत पूरी कैबिनेट रिलीफ फंड में देगी एक महीने की सैलरी
नेपाल पीएम बालेन शाह और उनकी कैबिनेट ने आपदा राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का फैसला लिया है. सरकार ने प्रभावित लोगों और कारोबारियों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है.
लखनऊ में रक्षाबंधन पर ट्रैफिक जवान की जांबाजी, पीड़िता ने बांधी राखी
Lucknow Bravery News: लखनऊ में भाई को राखी बांधने जा रही महिला की चेन लूटकर भाग रहे बदमाश को ट्रैफिक सिपाही नवीन चौधरी ने ईंट से घायल होने के बाद भी पकड़ा. अस्पताल में महिला ने बांधी राखी.
कियारा संग यश के इंटीमेट सीन्स, सिद्धार्थ मल्होत्रा को मिले भद्दे कमेंट्स
फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' के सिनेमाघरों में आने के बाद, इसमें यश के साथ एक्ट्रेस कियारा आडवाणी के इंटीमेट सीन्स को लेकर सिद्धार्थ मल्होत्रा की ट्रोलिंग हो रही है.
नेपाल में तबाही के बीच चीन में फूटी नई 'ग्लेशियर' आफत
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात पहले ही बिगड़े हैं, अब चीन में ग्लेशियर टूटने से बनी झील ने नई समस्या खड़ी कर दी है. इस झील में 25 लाख घन मीटर से ज्यादा पानी जमा होेने की खबर है, जिसके टूटने पर नेपाल के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
आज शाम इतने बजे तक बांध सकते हैं राखी, नोट कर लें शुभ समय
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर आज राखी बांधने का शुभ मुहूर्त शाम 6:48 बजे तक रहेगा. जानें राखी बांधने का सही समय, पूजा विधि और जरूरी नियम.
जाको राखे साईंया... 2 सेकेंड की देरी और दीवार से दब जाता युवक, VIDEO
Datia Viral Video: दतिया के होली पुरा में युवक के गुजरते ही भरभराकर गिरी जर्जर दीवार, 1-2 सेकेंड से बची जान. देखें रोंगटे खड़े कर देने वाला CCTV वीडियो...
NTA में बड़ा फेरबदल, 2 नए निदेशक और संयुक्त निदेशक नियुक्त
नीट पेपर लीक के बाद अब केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में दो नए निदेशक और एक संयुक्त निदेशक नियुक्त किए हैं. सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए चार-स्तरीय पेपर चेकिंग प्रक्रिया लागू करने और विशेषज्ञों को बदलने जैसा कदम भी उठाया है. इसके साथ ही नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स भी बनाई गई है.
ऋतिक के बेटे रेहान का म्यूजिक डेब्यू, भावुक हुईं सुजैन-सबा, बढ़ाया जोश
ऋतिक रोशन के बड़े बेटे रेहान रोशन ने 20 साल की उम्र में म्यूजिक इंडस्ट्री में डेब्यू कर लिया है. उनके पहले गाने ‘द हेवनली प्लेस’ पर ऋतिक, सुजैन, सबा आजाद और राकेश रोशन ने प्यार लुटाया.
नेपाल पर मंडरा रहा एक और खतरा, चीन ने जारी की चेतावनी, अचानक झील फटी तो...
शुक्रवार सुबह तक इस झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। बताया गया है कि गुरुवार को झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी था और अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी जमा होने की आशंका है।
नेपाल का त्रिशूली गांव कीचड-मलबे के ढेर में हुआ तब्दील, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल में आई महाप्रलय ने भयंकर तबाही मचाई है. बाढ़ से त्रिशूली गांव पूरी तरह से मैदान में तब्दील हो गया है. दूर तक अगर कुछ नज़र आता है तो सिर्फ मलबे के ढेर. चारों तरफ सैलाब का सितम नजर आ रहा है. नदी पर बना पुल बाढ़ के पानी में बहा गया. देखें आशुतोष मिश्रा की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
नेपाल आपदा का सबसे डरावना वीडियो, बालकनी में फंसा परिवार और चारों तरफ तबाही
वीडियो में एक परिवार अपने घर की दूसरी मंजिल की बालकनी में फंसा नजर आ रहा है। घर के चारों तरफ तेज रफ्तार से बाढ़ का पानी बह रहा है और उसके साथ मिट्टी और मलबा भी बहता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कम से कम तीन लोग बालकनी में खड़े नजर आ रहे हैं
रेकी, मर्डर और लोकेशन भेजने का दावा, अंकित हत्याकांड में आया खौफनाक ट्विस्ट
शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में हत्या से करीब दो घंटे पहले की कथित CCTV फुटेज सामने आने से जांच में नया मोड़ आया है. फुटेज में कुछ युवक मोबाइल का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं. दावा है कि अंकित की लोकेशन किसी दूसरे शख्स को भेजी जा रही थी. सोशल मीडिया पर कुछ युवकों के हत्या की जिम्मेदारी लेने का कथित वीडियो भी सामने आया है.
33 छक्के, 44 चौके, 493 रन... पप्पू यादव के बेटे ने मचाया तहलका
डीपीएल में पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन ने बल्ले से कमाल का खेल दिखाया. लगातार रन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें इस लीग के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में शामिल कर दिया. अब नजरें इस बात पर होंगी कि क्या कोई बल्लेबाज उन्हें ऑरेंज कैप की रेस में पीछे छोड़ पाता है या सार्थक रंजन सीजन के टॉप रन स्कोरर बने रहते हैं.
नन्ही बहन को बारिश से बचाता रहा भाई, फिर कुत्ते को भी भगाया
रक्षाबंधन पर बच्चों का एक प्यारा सा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो लोगों का दिल जीत रहा है. भाई-बहन के प्यार और इस त्योहार के असली मर्म को दिखाने वाले इस वीडियो में एक छोटा भाई अपनी बहन की रक्षा करते नजर आता है.
अंकित बालियान हत्याकांड: परिवार ने की आरोपियों के एनकाउंटर की मांग
यूपी के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद पत्नी स्वाति और बहन रीना ने CM योगी से न्याय की गुहार लगाई है. परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पढ़ें पूरी कहानी.
किचन की 3 चीजों से घर पर बनाएं फ्लोर क्लीनर, जिद्दी दाग होंगे साफ
Homemade Floor Cleaner: अगर आप घर की सफाई के लिए केमिकल वाले फ्लोर क्लीनर की जगह नेचुरल ऑप्शन ढूंढ़ रहे हैं तो नींबू, यूकेलिप्टस और सिरके से बना होममेड फ्लोर क्लीनर आपके काम आ सकता है. यह फर्श की सफाई के साथ जिद्दी दाग और चिकनाई हटाने में भी मदद करता है.
ऑफिस हसल से लेकर Revenge, Gen-Z की हर मुश्किल का हल बताती है ये किताब
नई जेनरेशन की नई-नई समस्याओं के लिए कुछ अलग ही सॉल्यूशन की ज़रूरत होती है. ये सॉल्यूशन हमारे आसपास हो या नहीं, लेकिन हमारे ग्रंथों, हमारी कहानियों में ज़रूर हैं. ऐसे ही कई जवाबों को लेकर एक किताब आई है, आप ही हीरो हैं... ये कैसी है ज़रूर पढ़ें.
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने इस खास अंदाज में मनाया रक्षाबंधन, Photos
आज देशभर में धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा. इस मौके पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी अपने भाई बहन के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर रहे हैं.
AI राखी, करेले की सब्जी... रक्षाबंधन पर जेन-अल्फा से PM मोदी की मजेदार बातचीत
रक्षाबंधन का त्योहार जेन-अल्फा बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर मनाया. इस दौरान बच्चों ने पीएम मोदी को राखी बांधी और कविताएं सुनाईं. बच्चों की मासूमियत भरी बातचीत का वीडियो पीएम ने शेयर किया है.
Tibet में Flash Floods से 5 लोगों की मौत, 558 लापता होने की पुष्टि
के जे एम वर्माबीजिंग, 28 अगस्त चीन ने शुक्रवार को कहा कि तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा पर स्थित एक भूमि पत्तन क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के बाद पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 558 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में आई बाढ़ ने सीमा के पास के गांवों और कस्बों को अपनी चपेट में ले लिया था। नेपाल में इस आपदा में 538 लोगों की मौत हुई है। तिब्बत के आपातकालीन प्रबंधन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है जबकि 558 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 260 की पहचान विदेशी नागरिकों के रूप में की गई है लेकिन उनकी राष्ट्रीयता की जानकारी अभी साझा नहीं की गई है। चीन और भारत के बीच संबंधों में सुधार के बाद बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत पहुंचे हैं। बताया गया है कि कुछ भारतीय तीर्थयात्री तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित आव्रजन भवन में मौजूद थे, जब अचानक आई बाढ़ ने उसे बुरी तरह प्रभावित किया। आव्रजन भवन को भीषण बाढ़ के पानी से घिरते दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इससे पहले शुक्रवार को चीनी अधिकारियों ने बताया कि ग्यिरोंग काउंटी से 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें 555 पर्यटक और 499 स्थानीय लोग शामिल हैं। सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, अब इलाके में कोई पर्यटक फंसा हुआ नहीं है। तिब्बत में लापता विदेशी पर्यटकों का विवरण पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि बीजिंग संबंधित दूतावासों के साथ विवरण को लेकर समन्वय कर रहा है। क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण भी इसमें शामिल हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार तक नागरिक उड्डयन सेवाओं ने 324 बचावकर्मियों को आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया और 24 टन बचाव उपकरण, दैनिक उपयोग की वस्तुएं तथा चिकित्सा सामग्री पहुंचाई। अचानक आई बाढ़ से चीन की ओर बंदरगाह तक जाने वाली सड़कें कट गईं और संचार तथा बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। सरकारी प्रसारक सीजीटीवी ने बताया कि आपात संचार व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को बहाल करने की दिशा में चरणबद्ध प्रगति हुई है। उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि एक दूरसंचार बेस स्टेशन को सफलतापूर्वक बहाल किया गया, दो नए बेस स्टेशन चालू किए गए और 5जी इंटर-नेटवर्क रोमिंग सुविधा भी सक्रिय कर दी गई। बृहस्पतिवार देर रात चीन ने स्तर-4 चेतावनी जारी की। इसमें दो नदियों के संगम पर बनी नई झील के प्राकृतिक बांध के टूटने और निचले इलाकों में बाढ़ आने के गंभीर खतरे की चेतावनी दी गई। चीनी अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, छुओचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है। अगले तीन दिनों में इसमें तीन लाख घन मीटर और पानी आने की संभावना है, जिससे प्राकृतिक बांध के टूटने की आशंका बढ़ गई है।
मोहित ने फ्लैट लिया तो रोहित ने की SIP, 20 साल में कौन ज्यादा अमीर?
Buy Flat or SIP: दोनों ही फैसले अपनी जगह सही हैं, फर्क बस इतना है कि घर के साथ इमोशन जुड़ा होता है, और दूसरा आर्थिक तौर पर ज्यादा निर्भर बनाता है.
रक्षाबंधन से एक दिन पहले बहन का मिला शव, तीन भाइयों की कलाई रह गई सूनी
Dholpur News: धौलपुर में रक्षाबंधन से एक दिन पहले विवाहिता जानकी बाई का शव पेड़ के नीचे मिला. पिता का आरोप- मेल नर्स पति ने 20 लाख दहेज और अवैध संबंधों के चक्कर में की हत्या.
गरीब छात्रा ने डीएम को बांधी राखी तो साइकिल मिला तोहफा
रक्षाबंधन पर कानपुर में डीएम जितेंद्र कुमार सिंह से राखी बंधवाने पहुंची गरीब छात्रा ने अपनी आर्थिक परेशानी बताई। पिता की मृत्यु और मां की सीमित आय के चलते छह महीने की फीस नहीं भरी गई थी।
नेपाल में दूसरी बाढ़ का क्यों खतरा, जिसकी वजह से रोका गया रेस्क्यू, देखें
नेपाल के लिए एक और बड़ी खतरे की घंटी बज गई है. नेपाल-चीन सीमा के पास बनी बैरियर लेक के टूटने से भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सबसे बड़ी चिंता ये है कि जिस इलाके में अभी राहत और बचाव का काम चल रहा था, वहीं अब दूसरी फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हो गया है. हालात इतने संवेदनशील हैं कि नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है. रसुवा में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू भी रोक दिया गया. देखें वीडियो.
ये क्या बड़ा खेल हो गया? सऊदी को पछाड़ भारत बना केन्या का नंबर 1 तेल सप्लायर
एक ऐसा देश जिसे कभी कच्चे तेल के लिए पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर माना जाता था, आज वह दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों को उनके अपने ही खेल में मात दे रहा है। भारत ने इतिहास रच दिया है। पहली बार भारत ने सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात यानी यूएई जैसे तेल के दिग्गजों को पछाड़ते हुए अफ्रीका के एक बेहद महत्वपूर्ण देश केन्या का सबसे बड़ा पेट्रोल सप्लायर बनने का गौरव हासिल किया है। यह सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं बल्कि ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स में भारत के बढ़ते वर्चस्व और न्यू इंडिया की फॉरेन पॉलिसी का सीधा सबूत है। दरअसल केन्या जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दशकों से सऊदी अरब और यूएई पर निर्भर था आज भारत की ओर क्यों देख रहा है? इसके पीछे एक बड़ी वजह है सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा। हाल के समय में मिडिल ईस्ट के हालात और ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने केन्या को डरा दिया था। इसे भी पढ़ें: CM Hemant Soren ने UAE में फंसे झारखंड के मजदूर की सुरक्षित वापसी के दिए निर्देश केन्या को यह डर सताने लगा था कि क्या सऊदी और यूएई उसे भविष्य में सुरक्षित रूप से तेल मुहैया करा पाएंगे। अब तेल का संकट किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है। ऐसे में केन्या ने एक साहसिक फैसला लिया। उसने अपने पुराने पार्टनर्स को पीछे छोड़ते हुए भारत को अपना प्राइम सप्लायर चुन लिया। इस समय केन्या के तमाम बड़े तेल कॉन्टैक्ट्स भारत की झोली में आ रहे हैं। यह भारत की विश्वसनीयता का प्रमाण है कि एक अफ्रीकी देश ने उस पर अपनी पूरी इकॉनमी की चाबी सौंप दी है। अब यहां एक तकनीकी सवाल यह उठता है कि कई लोग कहेंगे कि सऊदी और यूएई तो कच्चे तेल के राजा हैं तो भारत ने उन्हें कैसे पछाड़ा? दरअसल इसका जवाब बहुत सीधा है। इसे भी पढ़ें: सिर्फ भारतीय और अमेरिकन की एंट्री... UAE ने हमें होटलों से भगाया, पाकिस्तानी संसद में MP ने बयां किया दर्द अफ्रीका के 90% से ज्यादा देश कच्चा तेल खरीदते ही नहीं। क्यों? क्योंकि कच्चे तेल को रिफाइन करना यानी उसे पेट्रोल, डीजल या विमान ईंधन में बदलना एक बहुत ही खर्चीला और जटिल काम है। एक रिफाइनरी खड़ी करने में अरबों डॉलर लगते हैं और उसे चलाने की तकनीक हर देश के पास नहीं होती है। अफ्रीकी देश यह भारी खर्च अफोर्ड नहीं कर सकते हैं। इसलिए वह सीधा फिनिश्ड प्रोडक्ट यानी कि पेट्रोल और डीजल मंगाते हैं और यही भारत का सबसे मजबूत पक्ष है। भारत दुनिया का रिफाइनिंग हब बन चुका है। हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरीज हैं। भारत कच्चा तेल खरीदता है। उसे वर्ल्ड क्लास क्वालिटी में रिफाइन करता है और फिर पूरी दुनिया को बेचता है। केन्या के मामले में भी यही हुआ। उन्हें पेट्रोल चाहिए था और भारत ने उन्हें सबसे बेहतर डील और सुरक्षा दे दी है। यह जीत सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि सामरिक भी है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Iran के खिलाफ Trump ने शुरू किया Operation Economic Outcast, India-China पर भी पड़ेगा बड़ा असर! याद कीजिए जब पहले कभी केन्या या अफ्रीकी देशों में तेल का संकट आता था तो वह किसकी तरफ देखते थे? अमेरिका, रूस या सबसे ज्यादा चीन पर। चीन ने पिछले दो दशकों में अफ्रीका में भारी निवेश करके वहां के देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसाया। लेकिन भारत की रणनीति अलग है। भारत निर्भरता नहीं साझेदारी में विश्वास रखता है। केन्या का भारत को चुनना यह सुनिश्चित करता है कि वो चीन के पाले में ना जाए। यह भारत की विदेश नीति की एक बहुत बड़ी डिप्लोमेटिक विक्ट्री है।

