गार्ड के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने बिना किसी नुकसान के सैकड़ों लड़ाकों को निष्क्रिय कर दिया। उसने कहा कि उसने इस तरह की सैन्य तकनीक न तो पहले कभी देखी थी और न ही इसके बारे में सुना था।
चुनावों से पहले नेपाल में उठी राजशाही बहाली की मांग,सड़कों पर उतरे राजपरिवार के समर्थक
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Gaza Stabilization Force: बांग्लादेश की पैलेस्टाइन सोलिडैरिटी कमेटी ने सरकार को गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स में शामिल न होने की चेतावनी दी है. समिति ने कहा कि गाजा गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है और किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल में भागीदारी फिलिस्तीन समर्थक बांग्लादेश की ऐतिहासिक व नैतिक नीति के खिलाफ होगी.
‘एक झटके में छीन सकता हूं अमेरिकियों की नागरिकता...' ट्रंप के विवादित बयान से मचा बवाल
Trump:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर उन्हें किसी अमेरिकी नागरिक की देशभक्ति पर शक होगा या वे देश के लिए खतरा हैं, तो वह उसकी नागरिकता तुरंत रद्द कर सकते हैं. उन्होंने नेचुरलाइज्ड नागरिकों को भी इससे अलग नहीं बताया और कहा कि ऐसा करना उनका अधिकार है.
ट्रंप का ऐलान – “किसी भी हालत में ग्रीनलैंड होगा अमेरिका का”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने अधिकार में लेगा। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता है तो रूस या चीन इस रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर सकते हैं
Donald Trump Acting President of Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट डाली, जिसमें खुद को 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' बताया. ये ऐलान निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद आया, जब अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा कर तेल की बिक्री का कंट्रोल ले रहा है. ट्रंप ने कहा कि वो देश को चलाएंगे जब तक संक्रमण पूरा नहीं होता. ये पोस्ट दुनिया भर में हंगामा मचा रहा है.
ईरान पर ट्रंप की सख्त चेतावनी – “बहुत कड़े कदम” उठाने की तैयारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में चल रही घटनाओं को देखते हुए अमेरिका कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है
कौन हैं खामनेई की सत्ता को चुनौती देने वाले रजा पहलवी? इस्लामी क्रांति की वजह से छोड़ना पड़ा था ईरान
Trump Act For Iran:ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे और निर्वासित युवराज रजा पहलवी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश छोड़ने को मजबूर हुए रजा पहलवी अब ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक प्रमुख प्रतीक और समर्थक के रूप में उभर रहे हैं. अमेरिका में निर्वासन में रह रहे 65 वर्षीय पहलवी ने हाल के दिनों में ईरानी जनता से सड़कों पर डटे रहने और आंदोलन को जारी रखने की अपील की है.
ट्रंप की 'बहुत मजबूत एक्शन' वाली धमकी सुनते ही ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई ने बातचीत का ऑफर दे दिया है. ये तब हुआ है जब विरोध प्रदर्शनों में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. उधर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से अपील की है कि ईरान को आजाद करवाओ, फिर महान बनाओ'. जिसके बाद अब नेगोशिएशन की उम्मीद जगी है. लेकिन हालात अभी भी आग की तरह भड़क रहे हैं. जानें पूरी खबर.
2026 Apocalypse Prediction: सोशल मीडिया पर प्रलय की भविष्यवाणियां एक बार फिर तेजी से वायरल हो रही हैं. इन भविष्यवाणियों में तीसरे विश्व युद्ध, भयानक मौसम, भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और यहां तक कि एलियन से मानव के संपर्क की बात कही जा रही है. आइए जानते है कि असल में ये भविष्यवाणियां बार-बार क्यों वायरल हो रही है...
Trump inclined to keep ExxonMobil:वेनेजुएला इन दिनों पूरी दुनिया की सुर्खियों में है. अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सैन्य कार्रवाई के जरिए हटाकरअब इस देश के विशाल तेल भंडारों को अमेरिकी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी में जुटे हैं.लेकिन मामला इतना आसान नहीं है.
6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। उसके साथ 30 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, 'शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।' 15 दिन तक मारकाट और लूटपाट के बाद गजनवी वापस लौटा तो उसके पास 6 टन से ज्यादा सोना था और पीछे सोमनाथ में 50 हजार से ज्यादा लाशें और खंडहर बन चुका मंदिर। गजनवी के बाद भी सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा गया और फिर बना। आखिरी बार 75 साल पहले इसे सरदार पटेल के प्रयासों से बनाया गया। इन्हीं दो ऐतिहासिक पड़ावों को जोड़ते हुए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। उन्होंने अपने भाषण में कहा सोमनाथ मंदिर पर ध्वजा आज भी फहरा रही, 1000 साल पहले हमलावरों को लगा था कि वे जीत गए। मंडे मेगा स्टोरी में सोमनाथ मंदिर और उससे जुड़ी कंट्रोवर्सीज की पूरी कहानी... गजनवी की लूट के 1000 साल और मौजूदा सोमनाथ मंदिर के बनने के 75 साल पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया गया। 8 से 11 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया। 10 जनवरी की शाम वे सोमनाथ पहुंचे। उन्होंने सोमेश्वर महादेव की महाआरती की। 72 घंटे चलने वाले ओंकार जाप में शामिल हुए। फिर ड्रोन शो भी देखा, जिसमें 3 हजार ड्रोन से सोमनाथ गाथा दिखाई गई। अगले दिन यानी 11 जनवरी को निकाली गई शौर्य यात्रा में पीएम मोदी शामिल हुए। इसमें 108 घोड़े और हजारों श्रद्धालु भी चल रहे थे। फिर पीएम मोदी ने सोमेश्वर महादेव का पूजन-अभिषेक किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, '1000 साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया।' उन्होंने नेहरू का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा, 'जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी मंदिर आने से रोकने की कोशिश की गई।' पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी देश कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन देश के कुछ लोगों ने कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेक दिए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी राजकोट रवाना हो गए। ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी, अजीत सिंह ------ सोमनाथ मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... सोमनाथ मंदिर पर गजनवी के हमले के 1000 साल: मुस्लिम शासकों ने कई बार तोड़ा, सरदार पटेल ने बनवाया; ध्वस्त होने से बनने तक की कहानियां 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से अहम है। साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हो गए हैं। पीएम मोदी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें...
6 फरवरी 2025, सरसंघचालक मोहन भागवत 10 दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की और संगठन के भविष्य के रोडमैप पर बातचीत की। करीब 10 महीने बाद 18 दिसंबर को भागवत 4 दिन के लिए फिर बंगाल पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का जिक्र करते हुए हिंदुओं से एकजुट होने को कहा। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इस लिहाज से मोहन भागवत के ये दोनों दौरे काफी अहम हैं। चुनाव को लेकर RSS की क्या तैयारी है। ये हमें पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में संघ के स्वयंसेवक समझाते हैं। वे बताते हैं, ‘पिछले साल फरवरी में बंगाल दौरे के वक्त संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को अगले एक साल का टारगेट दिया था। इसमें VHP के कार्यकर्ता भी शामिल थे। मार्च 2026 तक स्वयंसेवकों को हिंदुओं के हर घर में दस्तक देनी है।' 'हमें हर हिंदू के घर पहुंचना है। उसमें दलितों के घर तो सबसे पहले हैं। उनके साथ खाना-पीना है। एक दिन या रात साथ गुजारनी है। बीमारी में उन्हें अस्पताल पहुंचाना है। शादी ब्याह में मदद करनी है। अभी हमें यही आदेश मिला है। अप्रैल 2025 से लेकर अब तक मैं अपनी टीम के साथ 5000 से ज्यादा घरों में जा चुका हूं। कहीं कुछ घंटे रुके तो कहीं एक दिन या रात का प्रवास किया।' पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर संघ की और क्या तैयारियां हैं, संघ के स्वयंसेवक किन एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हमने RSS में अपने सोर्सेज से बात कर समझने की कोशिश की। बंगाल में चुनाव से पहले हिंदुओं को क्या मंत्र दे रहा संघकोलकाता में एक संघ कार्यकर्ता ने हमें पूरा एजेंडा समझाया। वे कहते हैं, प्रखर या कहें प्रचंड हिंदुत्व, दलितों को जोड़ना, बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत, घुसपैठ और ममता राज में महिलाओं पर क्रूरता। इन 5 मुद्दों पर हम घर-घर चर्चा कर रहे हैं। अब तक बंगाल के एक बड़े हिस्से में हम पहुंच भी चुके हैं।' आप बंगाल के हिंदुओं को क्या मंत्र दे रहे हैं? ये पूछने पर वो हंसकर बताते हैं, 'वही जो दुनिया के हर कोने में हिंदुओं के लिए है। हिन्दुव: सोदरा: सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्।मम दीक्षा धर्म रक्षा, मम मंत्र समानताः।मतलब सभी हिंदू एक-दूसरे के भाई हैं, कोई भी हिंदू पतित (नीच) नहीं है। मेरा संकल्प धर्म की रक्षा करना और मेरा मंत्र समानता है। इस मंत्र को उनके मन तक पहुंचाना है। हम हिंदू भाईचारे के इस मूलमंत्र को हर हिंदू तक खासतौर पर हर दलित तक पहुंचा रहे हैं।' वे इस बात को और साफ करते हुए कहते हैं, 'देखिए संघ चुनाव में किसी पार्टी के लिए सीधा प्रचार नहीं करता, लेकिन सबको पता है कि संघ और VHP किसके संगठन हैं। हमें चुनाव के पहले हर हिंदू और खासतौर पर दलितों को संदेश देना ही है कि हिंदू एकजुट नहीं रहे तो उनका हाल बांग्लादेश के हिंदुओं जैसा होगा।' कुछ देर के मौन के बाद वे गंभीरता से कहते हैं, 'आपको पता है कि बांग्लादेश की सीमा संदेशखाली से सिर्फ 15 किलोमीटर दूर है। बंगाल में संघ की सबसे एक्टिव विंग VHP है। इसलिए इस काम में उसके कार्यकर्ता सीधे तौर पर इन्वॉल्व हैं। हर टीम में स्वयंसेवक और VHP कार्यकर्ता साथ काम कर रहे हैं।’ पश्चिम बंगाल में RSS का एजेंडा, 5 पॉइंट्स में समझिए… 1. प्रचंड हिंदुत्व की बातेंदिसंबर में पश्चिम बंगाल पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- दुनियाभर के हिंदुओं को एकजुट होकर बांग्लादेशी हिंदुओं की मदद करनी होगी। भारत ही हिंदुओं का एकमात्र देश बचा है। भारत सरकार को भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर दखल देना चाहिए। मुझे लगता है कि सरकार शायद कुछ कर भी रही है।' संघ प्रमुख की इस चिंता को RSS की बंगाल यूनिट के जनरल सेक्रेटरी जिश्नू बसु समझाते हुए कहते हैं, 'बंगाल भी बांग्लादेश जैसा ही बनता जा रहा है। यहां के बुद्धिजीवी गाजा के हालात पर चिंता जताते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कोई बात नहीं करता। ये कैसे बुद्धिजीवी हैं, जिन्हें हजारों किलोमीटर दूर गाजा की हिंसा दिखती है, लेकिन कुछ किलोमीटर दूर स्थित बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार नहीं दिखता।' वहीं बंगाल में RSS के जमीनी कार्यकर्ता कहते हैं, 'हम बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की कहानी घर-घर तक पहुंचा रहे हैं। RSS बंगाल यूनिट के पदाधिकारी तो इसे अपने भाषणों और बयानों में दोहरा ही रहे हैं। सरसंघचालक कह चुके हैं कि बंगाल में जल्द ही कुछ और बड़े पदाधिकारियों का दौरा भी हो सकता है। ऐसे वे भी अपने प्रवास के दौरान इन बातों को यहां दोहराएंगे।' वे आगे कहते हैं, RSS पॉलिटिकल बातें नहीं करती है। हम ये नहीं बता सकते कि किस पार्टी को वोट दें, लेकिन हिंदू राष्ट्रहित में कैसी सरकार चुननी चाहिए, ये तो बता ही सकते हैं। राष्ट्रहित में ये बताना हमारा धर्म है कि हिंदुओं को एकजुट और चौकन्ना रहना होगा। बंटेंगे तो कटेंगे। दलित, आदिवासी और सवर्ण से पहले हम हिंदू हैं, यही हमारी पहचान है। 2. हिंदुओं को एकजुट करने की कोशिशइसका मतलब RSS के एक साल के एजेंडे में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की कहानी पहुंचाना भी शामिल था। इस पर RSS के पदाधिकारी कहते हैं, 'देखिए हमारा प्रमुख एजेंडा हिंदू एकजुटता है। उसका सबसे ताजा उदाहरण बंगाल में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार है। आम हिंदू भी इसे देख और सुन रहा है, तो अगर कहानी वहां से शुरू होगी तो ज्यादा समझ आएगी। ‘हम कहते हैं कि अगर बंगाल को बांग्लादेश बनाने से बचाना है तो हिंदुओं को अवेयर होना पड़ेगा। हमारे बीच ऊंच-नीच का भाव भुलाकर एकजुट होना होगा। बंगाल और बांग्लादेश ज्यादा दूर नहीं हैं। हमें अपनी पहचान बचानी होगी। हिंदू नस्ल बचानी होगी क्योंकि हम ही कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।' 3. दलितों के घर उनके साथ खाने पर चर्चाबंगाल में 30% से ज्यादा दलित हैं। यानी ये निर्णायक स्थिति में है। सोर्स बताते हैं, ‘फरवरी 2025 में RSS प्रमुख ने स्वयंसेवकों को दलित कम्युनिटी के बीच प्रमुखता से जाने को कहा था। उनके घर प्रवास करने और साथ भोजन करने की सलाह दी थी। बशीरहाट के एक कार्यकर्ता इसे लेकर कहते हैं, 'भागवत जी का संदेश साफ था कि हिंदू समुदाय की एकजुटता को ऊंच-नीच में बांटने की कोशिश हो रही है। दलितों और आदिवासियों के मन में ये भाव भरा जा रहा है। इसलिए हमें दलितों और आदिवासियों के भीतर कमजोर हो रहे हिंदुत्व के भाव को फिर से मजबूत करना होगा।' 'इसलिए घर-घर जाने के अभियान में स्वयंसेवकों की लिस्ट में सबसे ऊपर दलितों के घर हैं। उनके घरों में कम से कम एक दिन या रात गुजारना हर स्वयंसेवक की लिस्ट में है। उनके दुख-सुख में हमें बराबरी से खड़ा होना है। ये पहल ऊंची जाति के सवर्ण स्वयंसेवक कर रहे हैं। वो दलितों के घर उनके कामकाज में जा रहे हैं। ये कोशिश है कि दलित उन स्वयंसेवकों के घर बराबरी से आएं।' 4. ममता राज में महिलाओं से क्रूरता पर बातचुनाव से ठीक एक साल पहले RSS की बैठक के एजेंडे में चौथे नंबर पर महिलाओं के साथ ममता राज में हो रही हिंसा का मुद्दा है। बंगाल में RSS के एक आधिकारिक सोर्स ने बताया, '2022 में नदिया जिले में हुए गैंगरेप में TMC कार्यकर्ता का नाम आया और CM ममता उसके बचाव में उतर गईं।' 'फिर आरजीकर रेप-मर्डर केस में भी ममता बनर्जी पीड़िता के पक्ष में नहीं दिखीं और एक्शन लेने में देरी हुई। इसके बाद सबसे ताजा मामला मालदा और मुर्शिदाबाद में दंगाइयों के आतंक का है, जिसकी सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं हुईं। आरोप है कि ये दंगे वक्फ कानून के खिलाफ एक खास कम्युनिटी के लोगों ने किए थे।' वे आगे कहते हैं कि बंगाल में हिंदू महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की एक लंबी लिस्ट है। हम घर-घर चर्चा में इस मुद्दे को भी उठा रहे हैं। 5. घुसपैठ पर संघ की चिंताRSS बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर लगातार सख्त है। एक साल के एजेंडे की लिस्ट में घुसपैठ का मुद्दा भी शामिल किया गया था। बंगाल की जनता को डेटा से समझाया जा रहा है कि कैसे घुसपैठ से राज्य की डेमोग्राफी चेंज करने की साजिश चल रही है। इस कवायद का सिर्फ एक ही मकसद है, हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाना। ममता के वोटों का गणित बिगाड़ने की भी तैयारीइमोशनल मुद्दों के बाद वोटों के गणित की बारी आती है। ममता के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद के ऐलान को भी स्वयंसेवक CM ममता की चाल बता रहे हैं। मुर्शिदाबाद के एक संघ कार्यकर्ता कहते हैं, 'ममता बनर्जी लगातार हिंदुओं के सेंटिमेंट्स के साथ खेल रही हैं। हुमायूं कबीर के तौर पर उन्होंने मुस्लिम तुष्टिकरण और पोलराइजेशन का पासा फेंका। उनकी पार्टी में रहते हुए पिछले एक साल से वो लगातार बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहा था। उस पर एक्शन तब लिया, जब हंगामा मचा।' हालांकि अब तो मुस्लिम वोट बंट ही जाएगा न। इस पर जवाब मिला, 'क्या खाक बंटेगा। हुमायूं को पहले भी पार्टी से निकाला गया था। फिर शामिल कर लिया गया था। चुनाव में अगर मुस्लिम वोटों के बंटने का डर होगा तो फिर उसे शामिल कर लेंगे।' फिर वो धीरे से कहते हैं कि हालांकि अगर ये शामिल नहीं हुआ तो ममता का बड़ा नुकसान होगा। बंगाल में BJP की स्थिति पर संघ का सर्वे जारीबंगाल के सह प्रचार प्रमुख बिप्लव रॉय मस्जिद के मसले को सीधा काटते हैं। वे कहते हैं, 'भारत में बाबरी मस्जिद अब दोबारा बन ही नहीं सकती। बाबर ने तो भारत पर हमला किया था। उसके नाम से मस्जिद कैसे बन सकती है। जो कह रहे हैं, उन्हें कहने दो। मैं कह रहा हूं कि इस नाम से मस्जिद नहीं बनेगी।' बंगाल में BJP की क्या स्थिति है और संघ किन मुद्दों पर लोगों से सवाल पूछ रही या उन्हें टटोल रही है? बिप्लव रॉय जवाब में कहते हैं, 'हम बेरोजगारी, राज्य की आर्थिक स्थिति, अस्पतालों की हालत, एजुकेशन, डेवलपमेंट पर लोगों से बात कर रहे हैं कि किन मुद्दों पर उन्हें असंतोष है।' 'RSS फरवरी के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपकर बताएगी कि लोगों के बीच किन मुद्दों की चर्चा है। जनता किन मुद्दों को लेकर खफा है और सरकार से क्या आस लगाए हुए है। लोग सत्ताधारी दल के पक्ष में हैं या लहर उसके विरोध में है।' =========================== ये खबर भी पढ़ें... बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्ल, पश्चिम बंगाल तक असर 18 दिसंबर 2025, रात करीब 9 बजे का वक्त था। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में भीड़ ने गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू दास को पकड़ लिया। ईशनिंदा का इल्जाम लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद दीपू के शव को फैक्ट्री से कुछ दूर ले गए और आग लगा दी। उस दिन से अब तक बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में 6 हिंदुओं की हत्या हुई है। बांग्लादेश में दीपू की हत्या का असर पश्चिम बंगाल में दिख रहा है। पढ़िए पूरी खबर...
ईरान में महंगाई के खिलाफ उग्र आंदोलन: 100 से अधिक शहरों में हिंसा, 538 मौतें; अमेरिका-यूरोप की नजर
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी इमारतों, बैंकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कड़ी कार्रवाई की, जिसके चलते हालात लगातार बेकाबू होते चले गए।
'यह न्यूज़ीलैंड है, भारत नहीं... ऑकलैंड के पास सिखों जुलूस को रोका गया, SGPC ने बताया अस्वीकार्य
सिखों का ये जुलूस रविवार, 11 जनवरी को सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिख संगत मंदिर से शुरू हुआ और कैमरन रोड होते हुए टौरंगा बॉयज़ कॉलेज की ओर बढ़ रहा था. पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी क्योंकि एक इस जुलूस को लेकर एक स्थानीय ईसाई समूह के द्वारा संभावित हस्तक्षेप की आशंका थी.
ईरान में अवाम का कत्लेआम! विरोध-प्रदर्शन में अब तक 538 ने गंवाई जान, एक्टिविस्ट्स का दावा
Iran protest live update:ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 538 लोग मारे गए हैं. मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है. दूसरी ओर तेहरान की सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सैन्य हमला किया तो अमेरिका की सेना और इजरायल पर डायरेक्ट हमला होगा.
Europe Tourism News: यूरोप घूमने का सपना काफी लोगों का रहता है. माना जाता है कि यूरोपीय देश बहुत साफ-सुथरे और टूरिस्ट फ्रेंडली हैं. लेकिन क्या ये फैक्ट वाकई सच हैं. एक ट्रैवल ब्लॉगर के वीडियो ने यूरोपीय देशों के टूरिज्म का 'ग्लैमर' तोड़ दिया है.
हम फिर से एक हो सकते हैं... ईरान पर इजरायल का बड़ा बयान, शर्त बस एक ही है!
Israel Iran Tension: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान की मौजूदा सरकार गिरने पर दोनों देश फिर से साझेदार बन सकते हैं'. आपको बताते चलें कि ईरान और इजरायल एक जमाने में जिगरी दोस्त हुआ करते थे'. ईरान में कट्टरपंथियों की सरकार आने के बाद दोनों के रिश्ते तल्ख होते चले गए.
ट्रंप का क्यूबा को अल्टीमेटम – बहुत देर होने से पहले डील करो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरेबियाई देश क्यूबा को धमकी दी है। अल्टीमेटम के साथ कि अगर अमेरिका संग डील नहीं की तो उसे उसका अंजाम भुगतना होगा
Let's deal! इससे पहले देर हो जाए... वेनेजुएला को बर्बाद करने के बाद क्यूबा को ट्रंप की खुली धमकी
Trump warns Cuba: कहां 'ईगल' इतना बड़ा अमेरिका और इत्तू सा क्यूबा, टेक्निकली दोनों में दूर-दूर तक कोई तुलना नहीं है, फिर भी सुपरपावर इस छोटे से देश जिसे 'चीनी का कटोरा' भी कहते हैं, उस क्यूबा से बेंइतहा नफरत करता है. दोनों की दूरी बस इतनी कि फौज छोड़िए, कोई आम अमेरिकी अपनी नाव पर बैठे और चंद घंटों में पहुंच जाए.
बुर्ज खलीफा नहीं रहेगी दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग, ये देश बनाने जा रहा 1000 मीटर ऊंचा टावर
Jeddah Tower: जेद्दा टावर का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2018 में कुछ कारणों से इसे रोकना पड़ा था. अब फिर से 2024–25 में इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम दोबारा शुरू हुआ है, जिसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है.
न कोई नदी और न कोई झरना फिर भी लाखों की आबादी को कैसे मीठा पानी पहुंचाता है ये मुस्लिम देश?
पानी की भारी भरकम कमी के बावजूद ये आधुनिक कुवैत से बिलकुल अलग है. यहां पर लगभग 4.9 मिलियन घर हैं. कुवैत अपनी विशाल तेल संपदा, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अपनी बड़ी भूमिका और ज्यादा कमाई वाले देशों के अलावा अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. इसे 'खाड़ी का हॉलीवुड' के नाम से भी जाना जाता है.
hair shaving ritual of china: चीन और ताइवान में नवजात बच्चों का सिर मुंडवाने की रस्म होती है, जो बुद्धिमानी और भविष्य में अधिकारी बनने का प्रतीक है. समारोह में नानी और चाचा की भूमिका सबसे जरूरी होती है.
'भुगतने होंगे भयानक परिणाम...' Kim Jong Un की बहन ने ड्रोन अटैक को लेकर साउथ कोरिया को धमकाया
Kim Jong-Un: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ पर स्पष्टीकरण की मांग की है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई ड्रोन ने उत्तर कोरिया के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया को भविष्य में किसी भी उकसावे पर भयानक परिणाम भुगतने होंगे.
तो ट्रंप ने ईरान को सबक सिखाने का कर लिया फैसला? इजरायल में पक रही है खिचड़ी है, चल रही तैयारी
Iran Protest: ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के संकेतों के बीच इजरायल हाई अलर्ट पर है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा प्रतिष्ठान हालात की समीक्षा कर रहा है.
Trump Nobel Peace Prize: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने हाल ही में 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसे देने या साझा करने की इच्छा व्यक्त की थी. इस पर अबनॉर्वे के नोबेल संस्थान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार साझा और हस्तांतरणीय नहीं किया जा सकता है.
Western Cape Fires: दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न और ईस्टर्न केप प्रांतों में कई जगहों पर जंगलों में लगी आग अभी भी फैली हुई है. जिसकी वजह से कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.
'चैन से नहीं बैठेंगे...' वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अब ट्रंप को दी धमकी, खाई ये कसम
Donald Trump: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिकी हिरासत में लिए गए राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की देश वापसी तक कोई आराम न करने का संकल्प लिया है. मिरांडा में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता और शांति का आह्वान किया और पुष्टि की कि मादुरो की सात कार्य योजनाएं जारी हैं जो देश के नेतृत्व और भविष्य के लिए निर्णायक हैं.
विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सेना का ऐलान हर हाल में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा है कि वह देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी
क्या है अमेरिका का मिस्ट्री बम जिससे ट्रंप ने मादुरो को बनाया अपना गुलाम
Nicolas Maduro: वेनेजुएला में राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को किडनैप करने के अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने एक मिस्ट्री वेपन का इस्तेमाल किया था. मादुरो की सुरक्षा में तैनात सैकड़ों सैनिक इस तकनीक के सामने बेबस हो गए जबकि अमेरिकी सैनिकों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
अमेरिकी सेना का बड़ा एक्शन सीरिया में आईएसआईएस ठिकानों पर स्ट्राइक
अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर स्ट्राइक की है। सैनिकों पर दिसंबर में हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई है
ईरान में हालात बिगड़े ट्रंप बोले अमेरिका हर मदद के लिए तैयार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उनमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है
Iran Protest:ईरान ने पिछले डेढ़ दशक में कई बड़े जन आंदोलनों का सामना किया है. हर बार लाखों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे गूंजे. आंदोलन के शुरुआती चरणों में सरकार पर दबाव बढ़ता दिखा लेकिन हर बार आंदोलन का अंत एक ही पैटर्न में हुआ. और इसके लिए ईरान के सुप्रीम लीडर की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को क्रेडिट दिया जाता है. आइए समझते है IRGC कैसे इन आंदोलनों को आसानी से खत्म कर देती है.
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है. ट्रंप के इस साइन से अमेरिकी खातों में जमा वेनेजुएला के तेल राजस्व को सुरक्षित रखा जाएगा. इस आदेश से वेनेजुएला के भविष्य की तेल आय पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण रहेगा.
OP Hawkeye: अब सीरिया में कहर बनकर टूटा अमेरिका! 35 से ज्यादा ISIS ठिकाने तबाह
operation hawkeye strike in syria: अमेरिका ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक चलाया है. यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में की गई है और आईएसआईएस को पूरी तरह कमजोर करने के मकसद से आगे भी जारी रहेगी.
जानें क्यों आसान नहीं है डोनाल्ड ट्रंप के लिए ग्रीनलैंड को हड़पना, क्या है सबसे बड़ी दीवार
ग्रीनलैंड कोई अमेरिकी उपनिवेश नहीं, बल्कि डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसकी संप्रभुता डेनमार्क के पास है। ऐसे में किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई सीधे तौर पर डेनमार्क की संप्रभुता पर हमला मानी जाएगी।
पाकिस्तान में हिंदू किसान की हत्या, हजारों लोग सड़कों पर उतरे; प्रशासन को झुकना पड़ा
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद तनाव फैल गया। 22 वर्षीय किसान कैलाश कोहली की हत्या से आक्रोशित हिंदू समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और थार कोयला मार्ग पर यातायात ठप कर दिया।
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद इस नियुक्ति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तारिक रहमान को नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।
ईरान में खामेनेई के खिलाफ शोर गल्फ देशों तक पहुंचा, जीसीसी में बढ़ी हलचल, क्या सता रहा ट्रंप का डर?
ईरान में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है
21 सेकेंड का एक वीडियो है। इसमें दिख रहे लोगों के हाथ में तलवारें और फरसे हैं। भारत माता की जय का नारा लगाते हुए सभी एक घर के सामने रुकते हैं। घर से बाहर निकले शख्स को तलवार थमाते हैं और कहते हैं, ‘ये अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए, अगर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा होती है, तो विधर्मियों से अपनी सुरक्षा के लिए।’ शख्स तलवार लेता है, माथे से लगाता है। सभी नारा लगाते हैं- जय श्री राम। ये वीडियो 29 दिसंबर का है। जगह गाजियाबाद का शालीमार गार्डन एरिया। तलवार बांटने वाले हिंदू रक्षा दल के सदस्य थे। 6 जनवरी को पुलिस ने इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी को बेटे के साथ अरेस्ट कर लिया। 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। संगठन का कहना है कि सदस्यों को जमानत मिलेगी, तो फिर से तलवार बांटेंगे। इनके अलावा एक कहानी उन लोगों की भी है, जिन्होंने तलवारें ले लीं। ये लोग भी हिरासत में हैं। इनमें एक सोसाइटी के गार्ड थे। उनकी पत्नी बताती हैं कि पति सो रहे थे। संगठन वाले आए, हाथ में तलवार दे दी। पुलिस उन्हें भी पकड़कर ले गई। दैनिक भास्कर ने इस मामले में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा से बात की। हम उन लोगों के परिवार से भी मिले, जिन्हें तलवार लेने की वजह से जेल जाना पड़ा। लोग बोले- अनजाने में तलवार ले ली, पुलिस ने पकड़ लियाहम गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एरिया में पहुंचे। यहां ज्यादातर लोग इस मुद्दे पर बोलने से बचते रहे। हिंदू रक्षा दल ने कई घरों में तलवारें बांटी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से दो परिवारों से हमने बात की। हालांकि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते। इसलिए सभी के नाम बदले गए हैं। अरेस्ट लोगों में एक शख्स सोसाइटी में गार्ड हैं। उनकी पत्नी भावना कहती हैं, ‘ मेरे पति किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं। वे तो घर में सो रहे थे। संगठन के लोग आए और आवाज लगाई। पति गेट पर चले गए, उन लोगों ने अचानक हाथ में तलवार थमा दी और कहा कि ऐसा बोलो। मेरे पति ने बोल दिया। हमारा उनसे कोई नाता नहीं है। उसी दिन शाम को पुलिस आई और पति को ले गई। पुलिसवालों ने मुझसे कहा कि कोर्ट में जाकर बात करना।’ हमने भावना से पूछा कि हिंदू रक्षा दल वाले हथियार बांट रहे हैं, इसे वे सही मानती हैं या गलत। भावना कहती हैं, ‘अभी डर का माहौल है। सबके पास हथियार होना ही चाहिए। देखो बांग्लादेश में क्या हो रहा है। यहां हम सुरक्षित नहीं हैं।’ ‘नहीं पता था तलवार पकड़ना इतना बड़ा जुर्म है’भावना के घर के पास अमित की दुकान है। पुलिस ने उनके भाई को भी गिरफ्तार किया है। अमित कैमरे पर नहीं आना चाहते थे। वे कहते हैं, ‘यहां तलवारें दी जा रही थीं। आसपास के कुछ लोग वहां जाकर खड़े हो गए। मेरा भाई भी दुकान के बाहर खड़ा था। तभी उसके हाथ में आकर तलवार पकड़ा दी। उसने भी पकड़ ली। तभी किसी ने फोटो ले ली। उसे नहीं पता था कि तलवार पकड़ना इतना बड़ा जुर्म है।’ अमित कहते हैं, ‘हमारा इस सबसे कोई लेना-देना नहीं है। यहां सब ठीक है। हम अपना काम करने वाले लोग हैं। सच बताऊं तो हम उनकी (हिंदू रक्षा दल) चीजों पर ध्यान भी नहीं देते। बस इतना है कि हिंदू रक्षा दल हमारे बगल में है।' कोई अपराध होगा, तो उसके लिए प्रशासन है, हम क्यों हथियार उठाएंगे। ये भारत है। कहीं अगर कुछ हुआ है, तो ऐसा नहीं है कि हर जगह वैसा होगा। संगठन वाले गलत कर रहे हैं। हिंदू-मुस्लिम, जाति की बात नहीं होनी चाहिए। जगह: हिंदू रक्षा दल का ऑफिसशालीमार गार्डन एरिया में ही हिंदू रक्षा दल का ऑफिस है। हम यहां पहुंचे, तब राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी फरार चल रहे थे। बाद में पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। ऑफिस में संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा मिले। तलवार बांटने पर केस दर्ज होने के बाद भी संकेत कटारा इसे गलत नहीं मानते। वे कहते हैं, ‘इससे कोई अपराध नहीं हुआ। शांति भंग नहीं हुई, कोई नुकसान नहीं हुआ। संगठन के सदस्यों को जमानत मिल जाएगी, तो आगे फिर से इस पर विचार करेंगे।’ सवाल: आप तलवार क्यों बांट रहे हैं?जवाब: बांग्लादेश में 15 दिन में तीन हिंदू लड़कों को मार दिया। इससे हमारे कार्यकर्ता गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि हम एक कार्यक्रम करते हैं। शस्त्र पूजन करके घरों में तलवार बांटेंगे, ताकि बहन-बेटियां अपनी सुरक्षा में उस तलवार का इस्तेमाल कर सकें। सवाल: देश में कानून है, तो तलवार बांटने की क्या जरूरत है?जवाब: देश की व्यवस्था ऐसी है कि भीड़तंत्र के आगे पुलिस भी बेबस रही है। इसी इतिहास को देखते हुए हमने आत्मरक्षा में तलवार बांटी हैं। हमने किसी को घृणा की नजरों से नहीं देखा, हमने दंगा नहीं किया, मुझे नहीं लगता कि ये इतना बड़ा अपराध होना चाहिए, जो पुलिस ने बना रखा है। सवाल: तलवारें दिखाना, बांटना क्या कानून तोड़ना नहीं है?जवाब: हमने तो छोटा सा गैरकानूनी कदम उठाया है। अपने ही देश में जम्मू-कश्मीर हो या बंगाल, वहां खुलेआम हथियार दिए जा रहे हैं। हमने आत्मरक्षा में हथियार दिए हैं। हमें पता था कि हम पर केस होगा, लेकिन ये नहीं पता था कि पुलिस झूठा केस करेगी। सरकार हथियार का लाइसेंस देती है। अगर लाइसेंस वाले हथियार से कुछ हो जाता है, तो उसके लिए जिम्मेदार भी तो सरकार होगी। सवाल: आपके संगठन के लोग एक समुदाय के लिए नफरत फैला रहे हैं, ऐसा क्यों?जवाब: आपने हमारे जो भी भाषण सुने होंगे, वे क्रिया की प्रतिक्रिया हैं। देश के बड़े-बड़े शहरों में लव जिहाद, गाय काटने, हिंदुओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं हो रही हैं। लोगों को अपने मकान पर लिखना पड़ रहा है कि ये मकान बिकाऊ है। अल्पसंख्यकों की आबादी जहां ज्यादा हुई है, वहां हिंदुओं को प्रताड़ित किया गया है। आप गलत काम छोड़ दो, तो हम कौन सा किसी को भगा रहे हैं। सवाल: 2024 में हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने बांग्लादेशी बताकर मुस्लिमों की झुग्गियां क्यों तोड़ी थीं?जवाब: हम बहुत भावुक लोग हैं। उस वक्त भी बांग्लादेश में हिंसा हो रही थी। अगर कानून पर भरोसा नहीं होता तो हम और बड़ा आंदोलन करते। हम अगर कुछ गलत करते हैं, तो कानूनी प्रक्रिया का भी सम्मान करते हैं। सवाल: इतनी तलवारें आप कहां से लाए?जवाब: आप दिल्ली में कहीं भी चले जाइए, तलवारें मिल जाएंगी। लोग पैसा खर्च नहीं करना चाहते या उनके पास पैसे नहीं हैं। हमने ऐसे ही लोगों को तलवारें बांटी हैं, ताकि जिनके घरों में लड़कियां हैं, वे अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहेंगे। जिहादी किस्म के लोग भारत में भी मौजूद हैं। बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी हैं। वे यहां भी ऐसी हरकत करेंगे, इसलिए हम तलवार बांट रहे हैं। सवाल: जिहादी किस्म से आपका क्या मतलब है?जवाब: जो लोग हमारे धर्म की लड़कियों को गलत निगाहों से देखते हैं, उन्हें साजिशन नाम बदलकर फंसाएं, ऐसे लोगों को हम जिहादी प्रवृत्ति का कहते हैं। अगर वे हमारे साथ इस तरह का काम करेंगे तो बहन-बेटियों को आत्मरक्षा में तलवार उठानी पड़ेगी। सवाल: तलवारों के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं?जवाब: संगठन के एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता हैं। यही लोग संगठन के लिए पैसे देते हैं। इसी से हमारा काम होता है। हमारा कोई अलग से पैसे का सोर्स नहीं है। संगठन के एक और सदस्य ललित शर्मा कहते हैं, ‘तलवारों के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों तरह से ये मिल जाती हैं। हम कहीं भी जाते हैं, तो कार्यक्रमों में तलवारें मिल जाती हैं। गाजियाबाद में करीब 15 लोगों को तलवारें बांटी थीं। फिर पुलिस का फोन आ गया, तो बंद कर दिया। हमने खासकर उन घरों में तलवारें दीं, जहां लड़के नहीं हैं। हमारी मंशा किसी को मारना नहीं है। हम चाहते हैं कि हिंदुओं को मजबूत किया जाए।’ (आर्म्स एक्ट 1959 के अनुसार, 9 इंच से लंबी तलवार बिना लाइसेंस रखना और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन करना अपराध है। इसके लिए 3 साल तक की सजा हो सकती है।) पिंकी चौधरी की बेटी बोली- तलवार बांटना सहीतलवार बांटने के मामले में केस दर्ज होने के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी फरार थे। इसी दौरान 3 जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया। इसमें वो कह रहे हैं कि प्रशासन चाहे जो मुकदमे लगा दे, जब लौटकर आऊंगा तो मुंहतोड़ जवाब दूंगा। इससे पहले 31 दिसंबर को उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि जो हम चाहते थे, वो करके दिखा दिया। आतंकवादियों को पता लग गया कि हिंदू अब हथियार उठाने को तैयार है। हम हटेंगे नहीं, चाहे कितने भी मुकदमे हो जाएं। 5 जनवरी को पिंकी चौधरी की बेटी करुणा चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस पूछताछ के लिए उसे थाने ले गई और घंटों तक पूछताछ की। करुणा ने तलवार बांटने को सही ठहराया और कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए हर घर में एक पिंकी चौधरी होना चाहिए। मुस्लिमों की पिटाई, भड़काऊ वीडियो, पहले भी विवादों में रहा हिंदू रक्षा दलहिंदू रक्षा दल सांप्रदायिक नारों, मुसलमानों पर हमले और भड़काऊ बयानों की वजह से पहले भी विवादों में रहा है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद संगठन ने वीडियो जारी कर कहा था कि देहरादून में कहीं भी कश्मीरी मुसलमान दिखेगा, तो उसका इलाज किया जाएगा। सुबह 10 बजे से हिंदू रक्षा दल की टीम अलग-अलग इलाकों में जाएगी। हम अब सरकार के भरोसे नहीं बैठेंगे। अगस्त 2024 में संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और कुछ सदस्यों ने गाजियाबाद की झुग्गी बस्ती में मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर पीटा। झुग्गियों को तोड़फोड़ की और सांप्रदायिक नारे लगाए थे। तब पुलिस ने पिंकी चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। कुछ महीने बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। अगस्त 2021 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक रैली में खुलेआम मुसलमानों के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। तब भी पिंकी चौधरी ने भड़काऊ बयान दिए थे। फिर गिरफ्तारी हुई, लेकिन कुछ ही दिनों में वह बाहर आ गए। ...............................ये स्टोरी भी पढ़िए स्कैन कर बांग्लादेशी बताने वाली मशीन का सच क्या 23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। यहीं कह गए कि मशीन तो तुम्हें बांग्लादेशी बता रही है। क्या है इस मशीन का सच, पढ़िए पूरी खबर...
China electromagnetic: चीन ने दक्षिण चीन सागर को धीरे-धीरे एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षेत्र में बदलना शुरू कर दिया है. वहां पर पहले चीन ने कृत्रिम द्वीप बनाए और अब उन द्वीपों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के ठिकानों बनाने शुरू कर दिए है, लेकिन इसका मकसद सिर्फ निगरानी करना नहीं है.
DNA: ट्रंप ने किया पावर शिफ्ट, उड़ गई 'दोस्तों' की नींद, पुतिन का नाम क्यों रटने लगा यूरोप?
Third World War:जिस रूस को यूरोप सबसे बड़ा दुश्मन समझता था, आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उसी रूस से बातचीत की नसीहत क्यों दे रहे हैं. पावर शिफ्टिंग की इस प्रक्रिया में अमेरिका रूस को धमका रहा है और चीन अमेरिका को धमकी दे रहा है.
DNA: सऊदी अरब के बाद पाकिस्तान के इस्लामिक नाटो में आएगा 'खलीफा'! भारत के लिए कितना खतरा?
Pakistan Islamic NATO: तुर्किये पाकिस्तान की तरह ही कट्टर इस्लामिक और भारत विरोधी मुल्क है. तुर्किए के इस गठबंधन में शामिल होने से कैसे मिडिल ईस्ट, यूरोप और दक्षिण एशिया में शक्ति का संतुलन बदल सकता है और इसे भारत के लिहाज से कितना बड़ा खतरा माना जाए..इसे समझने की जरूरत है.
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने उत्तर कोरिया में कथित ड्रोन घुसपैठ की त्वरित जांच का दिया आदेश
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया में कथित ड्रोन घुसपैठ की त्वरित जांच के आदेश दिए
Reza Pahlavi's Appeal in Iran Protest: ईरान में हालात दिनोंदिन गंभीर हो रहे हैं. खामेनेई के शासन के खिलाफ जनता आर-पार की जंग के मूड में है. इसी बीच अमेरिका में निर्वासित जीवन बिता रहे रजा पहलवी ने लोगों से अपील की है कि अब केवल नाराजगी जताने से काम नहीं चलेगा बल्कि शहरों पर कब्जा करना होगा.
Indonesia blocked Grok chatbot: इंडोनेशिया ने शनिवार को AI-जनरेटेड पोर्नोग्राफिक कंटेंट के जोखिम के कारण एलन मस्क के ग्रोक चैटबॉट को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है. इंडोनेशिया ऐसा करने वाला पहला देश बन गया जिसने इस AI टूल तक पहुंच को रोक दिया है.
Iran protest:ईरानी युवतियों के ऐसे तमाम वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वो अपने नेता खामेनेई की तस्वीर जलाकर सिगरेट सुलगा रही हैं. ऐसी तस्वीरेंविरोध की नई लहर को दिखाती हैं, जो महिलाओं पर 50 सालों से लगे प्रतिबंधों से किसी न किसी तरह जुड़ी है. ईरानी महिलाओं का यह ट्रेंड पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है.
मादुरो की तरह ट्रंप को उठा लो…! गरमाए ईरानी नेता ने ट्रंप को सुनाई खरी-खोटी; आखिर कौन हैं अजघादी?
hassan rahimpour to threat trump: ईरान में आर्थिक संकट के कारण देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसी बीच ईरानी नेता हसन रहीमपुर अजघादी ने डोनाल्ड ट्रंप को धमकी दी है, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है.
नोबेल समिति को होनी चाहिए शर्मिंदगी... माचाडो के प्राइज समर्पित करने वाले बयान पर बोले ट्रंप
Maria Corina Machado: भारत-पाकिस्तान संघर्ष सुलझाने का दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनसे अधिक योग्य कोई नहीं है और उन्होंने बराक ओबामा की आलोचना की. व्हाइट हाउस में उन्होंने 8 जेट गिराए जाने का दावा दोहराया. ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो, जिन्होंने अपना नोबेल उन्हें समर्पित करने की पेशकश की थी अगले सप्ताह वाशिंगटन आएंगी.
donald trump gifts shoes to vance or marco: डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जूते भेंट किए हैं. इस दौरान उन्होंने दोनों को बच्चे कहकर बुलाया, ये सब उन्होंने ओवल ऑफिस में मीडिया से चले दो घंटे चली बातचीत के दौरान किया है. राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस का दौरा कराया और अपने करियर और पुरानी उपलब्धियों पर चर्चा की है.
ईरान में प्रदर्शन, ट्रंप की सख्त चेतावनी: “नागरिकों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं”
ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ दो हफ्तों से जारी प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग न किया जाएगा
वेनेजुएला के तेल पर ट्रंप का सख्त रुख, अमेरिका ने कैरेबियन में एक और टैंकर किया जब्त- Video
US Navy: ट्रंप सरकार ने वेनेजुएला से जुड़े तेल कारोबार पर कार्रवाई करते हुए कैरेबियन सागर में एक और तेल टैंकर को जब्त कर लिया है. अमेरिकी सेना के अनुसार, प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में तड़के अमेरिकी मरीन और नौसेना ने संयुक्त अभियान में टैंकर ‘ओलिना’ पर कब्जा किया है.
1971 Royal Party and Pahlavi Empire: 1971 में इतिहास की सबसे महंगी पार्टी की गई थी, जिसमें लगभग 4,150 करोड़ रुपये का खर्च आया था. जिसे रजा पहलवी ने फारसी साम्राज्य के 2500 साल पूरे होने पर मनाया था. जो आगे चलकर पहलवी साम्राज्य के पतन का कारण बना.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर इसलिए कब्जा कर रहा है ताकि चीन और रूस वहां अपना प्रभाव न बढ़ा सकें. व्हाइट हाउस में तेल कंपनियों के प्रमुखों से बातचीत में उन्होंने कहा कि समय पर अमेरिकी कदम न उठाया जाता तो चीन या रूस वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों पर कब्जा कर चुके होते.
कई युद्धों को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए मैं नोबेल पुरस्कार का हकदार : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए
ढाका यूनिवर्सिटी में अब मुजीबुर रहमान हॉल का बदलेगा नाम, कहलाएगा 'उस्मान हादी हॉल'
बांग्लादेश में अब शैक्षिक संस्थानों के नाम बदले जाने की परंपरा का आगाज हो रहा है। बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर 'उस्मान हादी हॉल' रखने का फैसला किया है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने की कोशिश इसलिए की जा रही है, ताकि चीन और रूस इस क्षेत्र में अपना प्रभाव न बढ़ा सकें
अरब स्प्रिंग की परछाई ईरान तक पहुंची! क्यों याद आ रहे हैं मिस्र, लीबिया, सीरिया और यमन?
Iran Protest: ईरान में आर्थिक दबाव और सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ जनता की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है. हाल के दिनों में युवाओं और महिलाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. इसी वजह से विशेषज्ञ ईरान में अरब स्प्रिंग के आने की बात कर रहे हैं. आइए समझते है कि आखिर ये अरब स्प्रिंग क्या है? और ये कैसे किसी देश की सत्ता को कैसे प्रभावित करती है...
Trump and the Nobel Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर लाखों लोगों की जान बचाई है, जबकि भारत ने बार-बार कहा कि युद्धविराम पूरी तरह द्विपक्षीय समझौते से हुआ है. ट्रंप ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया और नोबेल शांति पुरस्कार का खुद को हकदार बताया है. लेकिन भारत ने किसी तीसरी पार्टी की मध्यस्थता को नकार दिया है.
वेनेजुएला का तेल, चाबी अमेरिका के हाथ! ट्रंप बोले- भारत को तेल चाहिए तो शर्तें माननी होंगी
India's oil sales to Venezuela: अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है, लेकिन यह सौदा पूरी तरह वॉशिंगटन के कंट्रोल में होगा.
Trump Warns Iran: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है, अमेरिका ईरान की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा है. वह किसी भी हिंसा की स्थिति में चुप नहीं बैठेगा.
23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछ कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। फिर बोले कि मशीन लगाओ इनकी पीठ पर। फिर उन्होंने मोहम्मद कैसर की पीठ की ओर हाथ किया, जैसे कुछ चेक कर रहे हों। फिर बोले, 'ये तो बता रही है कि तुम बांग्लादेशी हो।' घटना का वीडियो वायरल हुआ और पहचान के इस तरीके पर सवाल उठने लगे। SHO अजय शर्मा ने सफाई दी कि वे मजाक कर रहे थे। वहीं कैसर आलम इस तरह पूछताछ से परेशान हैं। वे कहते हैं, 'हमने बताया कि हम बिहारी हैं, लेकिन पुलिसवाले घर आकर आधार कार्ड, पहचान पत्र और बाकी कागजात मांगने लगे।' यूपी में पुलिस 'ऑपरेशन टॉर्च' चला रही है। इसके तहत पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दिल्ली में भी बांग्लादेशियों की धरपकड़ की जा रही है। पिछले साल दिल्ली और आस-पास के इलाकों में 2200 से ज्यादा बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। गाजियाबाद पुलिस के पास स्कैन करके नागरिकता पहचानने वाली कौन सी मशीन है, 23 दिसंबर को चेकिंग के दौरान क्या हुआ था, वीडियो में दिख रहे कैसर आलम और बस्ती वालों से पुलिस ने क्या पूछताछ की, हमने ग्राउंड पर पहुंचकर जाना। बाढ़ से परेशान होकर बिहार छोड़ा, दिल्ली आकर बसेहम गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-3 में बने बिहारी मार्केट की झुग्गी में पहुंचे। ये इलाका कौशाम्बी थाना क्षेत्र में आता है। दिल्ली नगर निगम ने करीब 15 साल पहले बिहारी मार्केट के लिए 4 बाई 4 और 5 बाई 5 की करीब 30 दुकानें बनवाई थीं। इन्हीं में लोग बस्ती बसाकर रहने लगे। इनमें ज्यादातर मुस्लिम हैं। बस्ती के हाल बहुत अच्छे नहीं हैं। झुग्गियों के बाहर मिट्टी का चूल्हे बने है। नहाने और शौच के लिए पब्लिक टॉयलेट है, जहां रोज के 30 रुपए देने होते हैं। बस्ती में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम के पिता बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट से काम की तलाश में दिल्ली आए और यहीं बस गए। कैसर बीते 25 साल से पेंटर का काम कर रहे हैं। वायरल वीडियो को लेकर कैसर दावा करते हैं कि सिर्फ उनकी बस्ती में ही जांच की गई। आसपास की बस्तियों में नहीं हुई। वीडियो भी पुलिसवालों ने ही बनाया। पुलिस ने सबके कागजात चेक किए और फिर चले गए। पुलिसवालों ने ऐसा नहीं कहा कि तुम बांग्लादेशी हो, यहां मत रहो। सब जानते हैं कि हम बिहार से हैं। अररिया में आज भी मोहम्मद कैसर का मकान है। इसी पते पर उनका आधार कार्ड बना है। वे बिहार छोड़कर दिल्ली आने की वजह बाढ़ को बताते हैं। कैसर कहते हैं, ‘वहां हर साल बाढ़ से फसल बर्बाद हो जाती है। साल भर की मेहनत पानी में बह जाती है। फिर यहां मजदूरी करके बाल-बच्चों का गुजारा करते हैं। अभी दो बेटियों की शादी की तो बहुत कर्ज हो गया। काम भी बंद है।’ वायरल वीडियो में आधार कार्ड दिखा रही महिला मोहम्मद कैसर की साली रोशनी खातून हैं। 22 साल की रोशनी भी बिहारी मार्केट की झुग्गी में पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं। रोशनी कहती हैं कि हम सभी अररिया जिले से हैं। आधार और पैन कार्ड सब बिहार के एड्रेस पर हैं। 23 दिसंबर की घटना याद कर रोशनी बताती हैं, ‘मैं सामान लेने बाहर जा रही थी, तभी पुलिस वाले आ गए। बोले- आईडी दिखाओ। मैंने फोन पर दिखाई कि तभी जीजा जी (कैसर आलम) आ गए। उनसे भी आईडी मांगी। वो निकालने लगे तो पुलिस वाले बोले कि सही-सही बताओ कि कहां के रहने वाले हो।‘ ‘फिर पुलिसवाले कहने लगे कि उनके पास मशीन है, जिसे शरीर पर लगाते ही पता चल जाएगा कि बांग्लादेशी हो या बिहारी। एक पुलिस वाले ने जीजा जी के कंधे पर मशीन लगा दी। मशीन में बोला कि तुम बांग्लादेशी हो। पता नहीं कौन सी मशीन थी।‘ 'यहां कोई बांग्लादेशी नहीं, पहले ऐसी जांच नहीं हुई'38 साल के मोहम्मद दिलबर भी बिहारी मार्केट की झुग्गियों में रहते हैं। वे कहते हैं, ‘यहां पहले कभी ऐसी जांच नहीं हुई। हालांकि हमारी बस्ती में सभी बिहार से हैं, कोई बांग्लादेशी नहीं है। बिहार और बांग्लादेश के लोग अलग दिख जाते हैं। हमारी भाषा से ही पता चल जाता है।' 'अधिकारी पढ़े-लिखे हैं, वे दो मिनट में सब पकड़ लेते हैं। उन्होंने कोई जबरदस्ती नहीं की। इससे पहले भी पुलिस ने कभी बेवजह परेशान नहीं किया। वीडियो वायरल होने के बाद भी कोई दिक्कत नहीं हुई। पुलिस दोबारा बस्ती में नहीं आई।‘ 'लोग पहचान जानने आए, बस्ती का हाल कोई नहीं देखता'बिहारी मार्केट के पास ही रहने वाले तालिफ कॉन्ट्रैक्टर हैं। रंगाई-पुताई का काम करवाते हैं। वे खुद को मोहम्मद कैसर का रिश्तेदार बताते हैं। तालिफ कहते हैं, ‘पुलिस आईडी चेक कर रही थी और खुद ही वीडियो बना रही थी। वीडियो 23 दिसंबर को वायरल नहीं हुआ। 4-5 दिन बाद हुआ, तब लोगों ने देखा। हमने प्रूफ दिखा दिया, तो पुलिस चली गई। कोई दिक्कत नहीं हुई।‘ ‘वीडियो वायरल होने के बाद यहां काफी लोग आ चुके हैं, लेकिन किसी को बस्ती का हाल नहीं नजर आया। यहां कितनी गरीबी है, पढ़ाई-लिखाई की सुविधा तक नहीं है। गंदगी से बच्चे बीमार पड़ जाते हैं।‘ यहां सरकार से राशन या बाकी कोई मदद नहीं मिलती है। अब बांग्लादेशियों की जांच हुई, तब यहां पुलिस और मीडिया आई है। पहले तो कोई पूछने तक नहीं आता था। बस्ती के हालात से लोग नाराजरोशनी भी घटना के साथ ही बस्ती के खराब हालात का जिक्र करती हैं। वे कहती हैं, ‘बस्ती में संकरी गलियां हैं, छोटे-छोटे घरों में चार-पांच लोग मुश्किलों में रह रहे हैं। ज्यादातर लोग दिहाड़ी पर काम करते हैं। आसपास अस्पताल न होने और गरीबी की वजह से बच्चों की डिलीवरी घर पर ही होती है। इसलिए उनका बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा। सरकारी स्कूल में एडमिशन नहीं मिल रहा। पुलिसवाले जांच करने तो झुग्गी में आ गए, लेकिन हमारी मदद करने कोई नहीं आता है।‘ मोहम्मद कैसर भी बस्ती की हालत पर चिंता जताते हुए कहते हैं, ‘30-35 झुग्गियां हैं। हर झुग्गी में 4 से 5 लोग रहते हैं। ऐसे में बच्चे पढ़ाई कहां और कैसे करें। इतनी कम कमाई में किसी एक बच्चे का एडमिशन ही करा पाते हैं, बाकी अनपढ़ रह जाते हैं। हमारे चारों बच्चे अनपढ़ हैं। हम भी पढ़ाना चाहते थे, लेकिन हालात ऐसे नहीं थे कि पढ़ा पाएं। हमारा बस एक ही काम है कि दिन भर मेहनत करके शाम को दो वक्त की रोटी खाओ।‘ सफाई में बोले SHO- कोई मशीन नहीं है, मजाक किया था5 जनवरी को हम कौशांबी थाना पहुंचे। SHO अजय शर्मा ने हमसे बात करने से मना कर दिया। हालांकि 2 जनवरी को उन्होंने दैनिक भास्कर से ही बात करते हुए घटना पर सफाई दी थी। तब उन्होंने कहा था, ‘झुग्गियों में लोगों का सत्यापन किया जा रहा था। मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि तलाशी के दौरान ये लोग सच बोलें। इलाके में पहले भी 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं। कौशाम्बी थाने में FIR भी दर्ज है। जो भी झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है, उनकी जांच के लिए ऊपर से निर्देश हैं। सत्यापन जरूरी है।‘ क्या आपके पास कोई ऐसी मशीन है, जो नागरिकता चेक कर सकती है? इस सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं, ‘मेरे पास ऐसी कोई मशीन नहीं है। मैंने ये गलत तरीके से नहीं कहा था। मजाकिया अंदाज में बोल रहा था कि आप कहां के रहने वाले हो, सही बताओ नहीं तो मशीन बता देगी। मेरा मकसद सिर्फ सच जानना था।‘ बांग्लादेशी कहने के सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं कि मेरी मंशा सिर्फ इतनी थी कि वो लोग सच बोलें। मैं उनसे कोई जबरदस्ती नहीं कर रहा था। SHO को वॉर्निंग मिली, पहले भी रहे हैं विवादों मेंACP इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अपराध रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशाम्बी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे। वीडियो वायरल हुआ, तब SHO अजय शर्मा को डिपार्टमेंट से चेतावनी दी गई कि ऐसा व्यवहार दोबारा ना हो। सभी तथ्यों की जांच कर एक्शन लिया जा रहा है।’ अजय शर्मा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। जून, 2022 में मेरठ के पल्लवपुरम थाने में उनके खिलाफ एक रेप केस दर्ज हुआ था। तब वे दरोगा हुआ करते थे। बाद में आरोप सही नहीं पाए गए और इस केस में एफिडेविट लगा दिया गया। अवैध नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस मुश्किलअवैध तरीके से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस बहुत मुश्किल है। इसमें सिक्योरिटी, कानून और डिप्लोमेसी शामिल होते हैं। भारत में इस प्रोसेस को डिपोर्टेशन या पुश बैक कहते हैं। पूरी प्रोसेस 5 स्टेप में होती है। 1. पहचान करके हिरासत में लेनापुलिस या खुफिया एजेंसियां संदिग्धों की पहचान करती हैं। इसके लिए अक्सर झुग्गी बस्तियों में छापेमारी होती है। अगर पकड़े गए संदिग्ध के पास भारतीय नागरिकता का सबूत जैसे- वोटर आईडी या पासपोर्ट नहीं मिलता तो उसे विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत हिरासत में लिया जाता है। डिपोर्ट करने की प्रोसेस पूरी होने तक उसे जेल की बजाय डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है। 2. दूतावास को खबर देनाहिरासत में लेने के बाद विदेश मंत्रालय बांग्लादेश हाई कमीशन को खबर देता है। बांग्लादेश के अधिकारी हिरासत में लिए गए शख्स से मिलते हैं और यह कंफर्म करते हैं कि क्या वो सच में बांग्लादेश का नागरिक है। 3. नागरिकता का वेरिफिकेशनये सबसे मुश्किल स्टेज है। बांग्लादेश के अधिकारी उस शख्स के बताए पते की जांच करवाते हैं। अक्सर अवैध प्रवासी गलत पता बताते हैं या बांग्लादेश सरकार उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार कर देती है। ऐसा होने पर भारत उन्हें वापस नहीं भेज सकता। 4. ट्रैवल परमिट जारी करनाएक बार नागरिकता की पुष्टि हो जाने पर बांग्लादेश हाई कमीशन ट्रैवल परमिट जारी करता है। ये एक तरह का अस्थायी पासपोर्ट होता है। ये परमिट सिर्फ एक बार यात्रा के लिए होती है ताकि कोई सीमा पार कर सके। 5. हैंडओवरपरमिट मिलने के बाद BSF और पुलिस उस व्यक्ति को भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाती है। वहां फ्लैग मीटिंग होती है और कागजी कार्रवाई के बाद व्यक्ति को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश को सौंप दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, किसी को भी सिर्फ शक के आधार पर विदेशी बताकर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए फॉरेनर ट्रिब्यूनल या कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बिना साबित हुए किसी को बांग्लादेशी कहना मानहानि और मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बन सकता है।.................ये खबर भी पढ़ें... ‘4500 टका दिए, एजेंट ने भारत पहुंचा दिया’ दलाल के जरिए भारत आए। आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी तक बनवा ली। एक तो पश्चिम बंगाल पुलिस में सिपाही बन गया। ये कहानी उन बांग्लादेशियों की है, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में पश्चिम बंगाल से करीब 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आइडेंटिफाई किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
ट्रंप से आर-पार, पुतिन की यलगार! ऑयल टैंकर को लेकर जंग का खतरा अबतक टला नहीं
Russia US Tension: जिस मैरिनेरा तेल टैंकर पर कब्जे को समुद्री डकैती बताया गया है. उसे अमेरिका ने रूस का मानने से इनकार कर दिया. रूस के साथ टकराव टालने के लिए अमेरिका ने साफ-साफ कहा कि जिस जहाज को अमेरिकी फोर्स ने जब्त किया वो वेनेजुएला का था जिसने बचने के लिए रूस का झंडा लगाया था.
ट्रंप के टैरिफ पॉलिसी पर आज नहीं आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अब और कितना करना होगा इंतजार?
Court Verdict On Trump Tariff Case: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली थी, हालांकि अब इसे टाल दिया गया है.
Opinion: अमेरिका को ईरान में वेनेजुएला की तरह दखल क्यों नहीं देना चाहिए? समझिए जियोपॉलिटिक्स
US Iran Tension:ईरान की चिंता खत्म नहीं हुई, इसकी दो वजहें हैं. एक तो ईरान में सरकार विरोधी चिंगारी ठंडी नहीं हुई है. दूसरा जून, 2025 को अपने करीबी और जिगरी इजरायल से तेहरान पर हमले करवाकर डोनाल्ड ट्रंप अपने गुस्से का ट्रेलर दिखा चुके हैं. अमेरिका-ईरान की इस नूराकुश्ती को लेकर जियोपॉलिटल एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है.
Pakistan Role In Gaza Stabilisation: भारत में इजरायल के राजदूत का साफ कहना है कि कई देशों ने यह स्पष्ट किया है कि वे गाजा के लिए अपने सैनिक भेजने के इच्छुक नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे हमास से लड़ना नहीं चाहते हैं.
दुनिया की सबसे धीमी गति वाली मिसाइल, जिसकी स्पीड जानकर पीट लेंगे माथा; फिर भी इस्तेमाल कर रहे कई देश
World Slowest Missile: हाइपरसोनिक मिसाइलों के इस युग में आज भी कई देश एक ऐसी मिसाइल इस्तेमाल कर रहे हैं. जिसकी बेहद धीमी स्पीड जानकर आप माथा पीट लेंगे. वह मिसाइल इतनी स्लो चलती है कि उसे आते देखकर कोई भी आसानी से छिप सकता है.
हम झुकेंगे नहीं... ईरान में विरोध-प्रदर्शनों के बीच खामेनेई का देश को संबोधन, अमेरिका को कड़ा संदेश
Iran Protest Against Goverment: ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं, लोग महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. प्रदर्शन के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन सामने आया है.
What is Storm Goretti powerful bomb cyclone: यूरोप इस समय ‘वेदर बम’ कहे जा रहे तूफान स्टॉर्म गोरेटी से कराह रहा है. हवाएं 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस में परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. हीथ्रो एयरपोर्ट पर भारी उड़ानें रद्द हैं, ट्रेनों पर ब्रेक और कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी है. प्रशासन लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रहा है.
ईरान की वो तीन खूबसूरत राजकुमारियां, जिन्होंने अमेरिका में बैठकर हिला दी खामेनेई की सत्ता
ईरान में क्या रजा शाह वाला दौर फिर लौटेगा? अमेरिका की धमकियों के बीच जिस तरह से शाह के बेटे रजा पहलवी एक्टिव हैं उससे प्रोटेस्ट बढ़ता ही दिख रहा है. ईरान में हो रहे प्रोटेस्ट में तीन खूबसूरत प्रिंसेस का बड़ा रोल है जिन्होंने अमेरिका में बैठकर ईरान के लोगों में सरकार के खिलाफ लोकतंत्र के लिए आशा पैदा की.
USA:वेनेजुएला, ईरान, सीरिया, नेपाल और बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों और विरोध आंदोलनों के बीच डीप स्टेट की चर्चा तेज हो गई है. सत्ता परिवर्तन और विदेश नीति में अचानक बदलावों को लेकर बाहरी ताकतों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. खासतौर पर वेनेजुएला में अमेरिकी प्रभाव और ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों ने इस बहस को और हवा दी है. आइए जानते है कि आखिर ये डीप स्टेट क्या होता है...
Protest in Iran: ईरान में सरकार के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला के मुंह से खून आ रहा है और वह सरकार के विरोध में नारेजाबी कर रही है.
S Jaishankar: पिछले साल सितंबर के महीने में विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका की यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने करीब 670 किलोमीटर की यात्रा सड़क मार्ग से की थी. जिसमें लगभग 7 घंटों का वक्त लगा था. सड़क मार्ग से इस यात्रा को पूरा करने के बाद जयशंकर ने राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से मुलाकात की थी.
US ने निकाल दी चीन की हेकड़ी, पास कर दिया फंडिंग बिल; निर्यात पर लगेगी सख्त पाबंदी
US-China Relations:अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने चीन को लेकर सख्ती बढ़ाने वाला फंडिंग बिल पास किया है. कानून के तहत निर्यात नियंत्रण, व्यापार नियमों का कड़ा पालन, सरकारी तकनीक खरीद पर रोक और अमेरिका-चीन सहयोग सीमित किया गया है. साथ ही इस बिल में सरकारी चीन यात्राओं की निगरानी, ऊर्जा और परमाणु सुरक्षा से जुड़े नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.
Russian flagged oil tanker seized by US military:अमेरिका ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर Marin(Bella 1) को जबसे कब्जे में लिया है, पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है. अब सूचना आई है कि इस जहाज पर मौजूद 28 क्रू में से तीन भारतीय भी अमेरिकी कब्जे में हैं.
1952 का वो कानून जिसके दम पर ग्रीनलैंड ने ट्रंप को धमकाया; पहले मारेंगे गोली, बात बाद में होगी
Greenland Denmark: ग्रीनलैंड पर बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमले की स्थिति में उसके सैनिक बिना आदेश के गोली चला सकते हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह अधिकार 1952 के सैन्य नियमों के तहत अब भी लागू है. यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य विकल्प की बात दोहराई है.
अमेरिका का वेनेजुएला पर नियंत्रण कई साल तक रह सकता है : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन आने वाले कई वर्षों तक वेनेजुएला पर निगरानी बनाए रख सकता है और देश के विशाल तेल भंडार से तेल निकालता रहेगा
Trump paying Greenlanders to buy island for US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर नया विवादित प्लान तैयार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप हर ग्रीनलैंडर को $10,000 से $100,000 तक ऑफर कर अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए मनाने की सोच रहे हैं. जिसके बाद डेनमार्क और NATO देश इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर चिंता में हैं. जानते हैं ट्रंप का प्लान.
सीजफायर के बाद बड़ा खेल, लेबनानी सरकार ने हिज्बुल्लाह की ताकत पर लगाया ब्रेक, छीने हथियार
Lebanon: सीजफायर के बाद अब लेबनानी सरकार स्थिति सही करने की कोशिश में है, इसके तहत अब सरकार गैर-सरकारी हथियारों को अपने कंट्रोल में लेने के लिए अभियान चला रही है. जिसे हिज्बुल्लाह से जोड़कर देखा जा रहा है.
Senator Graham warns Iran Supreme Leader:अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधी धमकी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर जुल्म जारी रहा, तो ट्रंप उन्हें मार देंगे. ईरान में आर्थिक संकट से बड़े विरोध हो रहे हैं, दर्जनों मौतें हुईं हैं.
US प्रेसिडेंट को गंभीरता से लें यूरोपीय लीडर्स...ग्रीनलैंड पर उठे शोर के बीच वेंस ने किसे चेताया?
JD Vance: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर इस समय 56 हजार से अधिक की आबादी वाले इस द्वीप ग्रीनलैंड पर है. जिसे लेकर अब अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा कि यूरोपियन नेताओं को ग्रीनलैंड पर प्रेसिडेंट ट्रंप को गंभीरता से लेना चाहिए.
अमेरिकी डेल्टा फोर्स के हेलिकॉप्टर जैसे ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के सुरक्षित ठिकाने के पास पहुंचे, जमीन से भारी फायरिंग होने लगी। एक MH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई। इस एक पॉइंट पर मिशन नाकाम हो सकता था। अगर हेलिकॉप्टर गिरता, तो अमेरिकी सैनिक दुश्मन शहर में फंस जाते। 3D, मैप और AI के जरिए देखिए अमेरिका के ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' की पूरी कहानी। वीडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक कीजिए…
तारीख 7 जनवरी, वक्त रात के 1 बजे। पुरानी दिल्ली सो रही थी, तभी 32 जेसीबी और बुलडोजर तुर्कमान गेट की गलियों में दाखिल हुए। हाईकोर्ट के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36,400 वर्ग फीट में बने एक बंद पड़े बारात घर और प्राइवेट क्लिनिक के अलावा पार्किंग ढहाने की तैयारी थी। जेसीबी चलनी शुरू हुईं, तभी भीड़ जुट गई। MCD के स्टाफ और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। 5 पुलिस वाले घायल हो गए। पुलिस ने हालात संभाले और MCD के अमले ने कब्जे तोड़ दिए। दो दिन बीत गए, तुर्कमान गेट के आसपास पुलिस तैनात है। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं। गलियों में बैरिकेडिंग हैं। दुकानें भी दो दिन से बंद हैं। फैज-ए-इलाही मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी का दावा है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई है, वह 100 साल से ज्यादा पुरानी नोटिफाइड वक्फ संपत्ति है। दैनिक भास्कर ने कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम, मस्जिद की तरफ से पैरवी कर रहे वकील इरशाद हनीफ और वक्फ बोर्ड की वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। इससे समझ आया कि पूरा मामला कागजों की वजह से उलझा है। मस्जिद के पास उस जमीन के कागज नहीं हैं। मस्जिद कमेटी का दावा- 1913 के पेपर में 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्रमस्जिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम से हमने फोन पर बात की। जमीन के कागजों पर वे कहते हैं, ‘पेपर जमा करने की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की थी। वक्फ बोर्ड दिल्ली सरकार के तहत आता है। दिल्ली सरकार में अभी कौन लोग हैं, आप जानते हैं। वे 1913 के पेपर नहीं दिखा रहे हैं, जिसमें 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्र है। उन्होंने सिर्फ 1940 का पेपर दिखाया, जिसमें 0.195 एकड़ जमीन के बारे में लिखा है।’ दरअसल, MCD कमिश्नर ने 22 दिसंबर के अपने आदेश में कहा था कि 1940 में बनी डीड के तहत मिली 0.195 एकड़ ज़मीन के अलावा मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड के पास बाकी जमीन पर मालिकाना हक नहीं है। मतलूब करीम मस्जिद के बाहर की जमीन के मालिकाना हक या पेपर की बात वक्फ बोर्ड की तरफ मोड़ देते हैं। वे कहते हैं कि कमेटी ने MCD को सारी बातें बताई थीं। हमारे पास जो डॉक्यूमेंट्स थे, हमने दे दिए। बाकी के लिए हमने समय मांगा था, लेकिन हमें समय ही नहीं दिया गया। वक्फ बोर्ड की वकील बोलीं- नहीं पता मस्जिद कमेटी ने कौन से कागज जमा किएहमने जमीन विवाद पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में पेश हुईं वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। वे कहती हैं, ‘दो साल से बोर्ड नहीं है, यानी अभी कोई पैनल नहीं है। पैनल की गैर-मौजूदगी में जिन्हें सीईओ बनाया गया था, वे भी रिटायर हो चुके हैं।’ ‘अभी कोई अधिकारी नहीं है, जो फाइल को मंजूरी दे। वक्फ बोर्ड की लीगल सेल से कोई निर्देश नहीं आता है, तब तक हम कोई फाइल जमा नहीं कर सकते। मुझे नहीं पता कि मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी ने सुनवाई के दौरान कौन से पेपर जमा किए थे।’ मस्जिद कमेटी के वकील बोले- कोर्ट ने रोक लगाई थी, कार्रवाई मनमानीफैज-ए-इलाही मस्जिद कमेटी की तरफ से हाईकोर्ट में केस लड़ रहे सीनियर वकील इरशाद हनीफ भी दावा करते हैं कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह वक्फ की है। वक्फ कानून की धारा-83 में प्रावधान है कि वक्फ की जमीन पर विवाद हो, तो उस पर वक्फ ट्रिब्यूनल ही फैसला ले सकता है। इरशाद आगे कहते हैं, ‘सेव इंडिया फाउंडेशन ने इस जमीन पर याचिका लगाई थी। 12 नवंबर, 2025 को याचिका लिस्ट हुई और उसी दिन हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ये वक्फ की जमीन है, तो उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए। MCD के डिप्टी कमिश्नर ने दो बार सुनवाई की।’ ‘मस्जिद कमेटी ने डॉक्यूमेंट देने के लिए उनसे एक महीने का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि 24 घंटे का समय देंगे। इसके पीछे क्या मकसद था, समझ नहीं आया। इसके बाद 22 दिसंबर को आदेश आ गया कि मस्जिद के बाहर की जमीन MCD की है।’ इरशाद कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को कहा था कि मामले पर विचार करने की जरूरत है। फिर क्या जल्दबाजी थी कि आधी रात तोड़फोड़ शुरू कर दी। नोटिस तक नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने जो कहा था, मैं उसे एक तरह से रोक मानता हूं।’ ‘हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। ये समय 12 फरवरी 2026 को पूरा होता। हमने MCD के डिप्टी कमिश्नर से एक महीने का वक्त मांगा, जो हमें नहीं दिया गया। आप हमें दस्तावेज जमा करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दे रहे हैं। ये तो गलत है।’ इरशाद बताते हैं, ‘1940 के समझौते के तहत लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने करीब 900 गज जमीन मस्जिद को ट्रांसफर की थी। उसके बाहर 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन कब्रिस्तान की है। यहीं तबलीगी जमात का मरकज चलता है। मस्जिद के बाहर के पूरे हिस्से को ढहा दिया गया है।’ ‘सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर, 2024 को फैसला दिया था, जिसमें कार्रवाई के नियम तय किए गए थे। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने आदेश दिया था कि डिमॉलिशन की प्रक्रिया देर रात या तड़के सुबह नहीं की जा सकती है। MCD ने इसका उल्लंघन किया है। रात में 2 बजे पुलिस तैनात करके बुलडोजर चलाया गया।’ कब्जे के खिलाफ याचिका लगाने वाले प्रीत सिरोही की बात ‘देश में कराची-लाहौर बन गए हैं, जब तक मैं हूं, इन्हें रहने नहीं दूंगा’प्रीत सिंह सिरोही का दावा है कि फैज-ए-इलाही के आसपास की जमीन का मालिकाना हक PWD और MCD के पास है। दिल्ली में रहने वाले प्रीत सिरोही सेव इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था चलाते हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई मस्जिद, मजार, दरगाह और कब्रिस्तान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। प्रीत सिरोही देशभर में 2500 से ज्यादा और दिल्ली में 275 इस्लामिक स्ट्रक्चर्स के खिलाफ पिटीशन डाल चुके हैं। इसके लिए दिल्ली में 37 वकीलों की टीम बनाई है। उनके पास ऐसे मामलों की लंबी लिस्ट है। अप्रैल, 2025 में दैनिक भास्कर ने प्रीत सिरोही का इंटरव्यू किया था। इसमें उन्होंने कहा था, ‘जब तक मैं हूं, इन्हें नहीं रहने दूंगा। बहुत पहले से कागज इकट्ठा कर रहा हूं। अब कोर्ट में पिटीशन डालनी शुरू की हैं।’ 'नेता मंचों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। जनता को गुमराह कर रहे हैं कि कराची तक हमारे झंडे होंगे। यहां देश में कई जगह कराची, रावलपिंडी और लाहौर बन गए हैं। एक दिन ऐसा आएगा कि हमें ही झोला उठाकर भागना पड़ेगा। इसलिए मैंने तय कर लिया कि मैं नेताओं के भरोसे नहीं रहूंगा।' लोग बोले- मस्जिद के पास हमेशा से बारात घर ही देखा हैमस्जिद के पास ही हमें मुदस्सिर उस्मान मिले। उस्मान आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। वे बताते हैं, ‘15 दिन पहले नोटिस आया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। मैं 42 साल का हूं। हम इस जगह क्रिकेट खेला करते थे।’ इलाके की पीस कमेटी के मेंबर शहजाद खान बताते हैं कि बारात घर में 25 दिसंबर को ही नोटिस लगा दिया गया था कि यहां कोई कार्यक्रम नहीं होगा। आप इंतजाम कर लीजिए। नरेश रॉबिनसन भी पीस कमेटी के मेंबर हैं। वे बताते हैं, ‘5 जनवरी को DCP ऑफिस में बैठक बुलाई गई थी। इसमें करीब 250 लोग थे। DCP ने साफ किया था कि कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के आसपास की जमीनों पर कार्रवाई होगी। मीटिंग में मस्जिद कमेटी के लोग भी थे। उन्होंने तब कार्रवाई पर कोई एतराज नहीं जताया था।’ पथराव करने वाले 11 आरोपी पकड़े, इनमें एक नाबालिगपुलिस सोर्स के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि मस्जिद को ढहाया जा रहा है। इसके बाद लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस और MCD स्टाफ पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इससे 5 पुलिसवाले घायल हो गए। जांच की जा रही है कि क्या हिंसा के पीछे अभियान रुकवाने की साजिश है। पुलिस और MCD स्टाफ पर पथराव के आरोप में पुलिस ने 11 लोगों को पकड़ा है। 7 जनवरी को 25 साल के मोहम्मद अरीब, 23 साल के मोहम्मद कैफ, 25 साल के मोहम्मद काशिफ और 30 साल के मोहम्मद हामिद को अरेस्ट किया गया है। 17 साल के एक लड़के को भी कस्टडी में लिया गया। ये सभी चांदनी महल एरिया के रहने वाले हैं। अगले दिन 8 जनवरी को अरेस्ट आरोपियों के नाम अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद हैं। ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के हैं। हिंसा में शामिल बाकी लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पड़ताल की जा रही है। पुलिस सोर्स के मुताबिक, विवाद पैदा करने वाले वीडियो में से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नाम के शख्स ने रिकॉर्ड किया था। वीडियो में लोगों से घरों से बाहर निकलने के लिए कहा गया था। ऐसी अफवाहें फैलाई गईं कि मस्जिद ढहाने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। आरोपी की बहन बोली- भाई दुकान से लौट रहे थे, पुलिस ने पकड़ लियागिरफ्तार किए गए मोहम्मद अरीब की बहन उस पर लगे आरोप को झूठा बताती हैं। बहन सामने नहीं आना चाहतीं, इसलिए हम उनकी पहचान नहीं बता रहे हैं। वे कहती हैं, ‘अरीब एलईडी लाइट्स का काम करता है। बड़े भाई का कैफे है। कैफे रात तक चलता है। रात करीब डेढ़ बजे दोनों आ रहे थे। उन्हें पता चला कि मस्जिद के पास माहौल खराब है। दोनों अपने दोस्त के यहां रुक गए। रात तीन बजे घर के लिए निकले तो पुलिस वालों ने अरीब को पकड़ लिया।’ अरीब की बहन पुलिस पर सवाल उठाती हैं कि अरीब इस इलाके में था ही नहीं। न ही पुलिस के पास कोई सबूत है, तो आप उसे कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं। अगर आप गिरफ्तार करते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी बनती है कि घरवालों को बताएं। हम अगले दिन भी उसे हर जगह ढूंढते रहे। किसी थाने में पुलिस ने नहीं बताया कि उसे पकड़ा गया है। वो उस वक्त चांदनी महल थाने में था। हम वहां भी गए थे। आखिरकार रात में हमें उसके बारे में पता चला।’ डिप्टी कमिश्नर बोले- मस्जिद की जमीन सुरक्षितसिटी एस.पी. जोन के डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने बताया, ‘यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में था। अदालत के आदेश के बाद ही कार्रवाई की गई है। यह करीब 36,400 स्क्वायर फीट एरिया था। इसके चारों ओर दो मंजिला दीवार थी, जिसके ऊपर एक मंजिला स्ट्रक्चर बना हुआ था। मस्जिद की जमीन सुरक्षित है।’ ‘हमें पर्याप्त पुलिस बल दिया गया था। रात भर सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रात में पथराव की एक घटना हुई थी, लेकिन पुलिस पूरी तरह तैयार थी। हमने 32 जेसीबी का इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा है। पूरे एरिया को 9 जोन में बांटा गया था। हर एक की मॉनिटरिंग एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे।’ सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP निधिन वाल्सन ने बताया कि कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। इसी दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए। CCTV और बॉडी कैमरा फुटेज मिलने के बाद हम दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करेंगे। ................................ ये रिपोर्ट भी पढ़ें मस्जिद पहुंचे सपा सांसद से पूछताछ करेगी पुलिस, नेता बोले- रिएक्शन तो होगा ही फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी को लेकर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद नदवी घटनास्थल से नहीं गए और आसपास मौजूद रहे। वहीं सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि यहां 100 साल पुरानी मस्जिद और दुकानें हैं। अतिक्रमण के नाम पर ज़ुल्म किया जाएगा तो लोग कब तक विरोध नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी
फ्रांस में सरकार के विरोध में वहां के किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों का यह गुस्सा यूरोपियन यूनियन और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर है
पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन पर एमनेस्टी ने उठाए सवाल, तुरंत समीक्षा की मांग
पाकिस्तान में हाल ही में संविधान में 27वां संशोधन कर कई बड़े बदलाव किए गए। इसके तहत असीम मुनीर की ताकत बढ़ा दी गई और प्रधानमंत्री से लेकर न्यायपालिका तक की शक्तियों को कम कर दिया गया
DNA: ईरान के लिए मंडराया बड़ा संकट? ट्रंप की सेना ने चारों तरफ से घेरा, अब क्या करेंगे खामेनेई
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वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व पर अब अमेरिका का राज, मनमर्जी से तेज बेचेंगे ट्रंप; कर दिया बड़ा ऐलान
Trump To take Venezuela Oil reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से अमेरिका के साथ एक स्पेशल ऑयल पार्टनरशिप करने के लिए कहा है.
टैरिफ वॉर के बाद युद्ध की तैयारी में ट्रंप? 'वेनेजुएला मिशन' पूरा, भारत-चीन सहित इन देशों पर भी नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (7 दिसंबर) को 2027 के लिए पेंटागन का बजट 50% बढ़ाकर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 120 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) करने का प्रस्ताव रखा है. 2026 में अमेरिकी सेना का बजट 901 अरब डॉलर है.
Bangladesh Deepu Chandra Das Case: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी है. अब दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
Bangladesh News: बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. 2025 की बात करें तो बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा.

