अमेरिकी कांग्रेस के दोनों प्रमुख दलों के एक वरिष्ठ नेता की ओर से चीन पर अमेरिका की खुली राजनीतिक व्यवस्था का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
लेबनान पर इजरायल का बड़ा हमला: दक्षिणी लेबनान में हवाई हमलों से मची तबाही, 18 लोगों की मौत, कई घायल
इजरायल और लेबनान के बीच जारी सीमा पर संघर्ष में दक्षिणी लेबनान में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी नागरिक सुरक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी है।
अमेरिका ने ईरान पर फिर बरसाए मिसाइलें
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा।
ईरान से तनाव के बीच इजरायल के प्रमुख एयरबेस को मामूली नुकसान, मिसाइल के टुकड़े गिरे
ईरान के साथ हालिया तनाव के बीच उत्तरी इजरायल में स्थित रामत डेविड एयर बेस पर मिसाइल के कुछ टुकड़े गिरे। इसकी पुष्टि इजरायली सेना ने की है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ का इतवारा बाजार इलाका। सुबह के करीब 9 बजे हैं। एक घर के बाहर कुछ लोग अर्थी तैयार कर रहे हैं। पास में एक लाश रखी है। ये 18 साल के सक्षम की है। लाश के पास मां छाती पीट-पीटकर रो रही है। तभी घर से एक बदहवास लड़की निकल कर आई और लाश से लिपटकर रोने लगी। नाम है आंचल। रोते-रोते बोली, ‘सक्षम और मैंने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं। अब मेरा क्या होगा? इस अर्थी में बांधकर मेरा भी अंतिम संस्कार कर दो।’ लोग समझा रहे थे, लेकिन वो नहीं मान रही थी। कुछ देर बाद उसने कहा- ‘सिंदूर और अगरबत्ती लाओ! मैं सक्षम की लाश से शादी करूंगी और इसे इंसाफ दिलाऊंगी।’ सिंदूर लाया गया। उसने कांपते हाथों से सक्षम का बेजान चेहरा छुआ और अपनी मांग में सिंदूर भर लिया। मंगलसूत्र की जगह गले में लाल धागा बांधा। रोते हुए बोली- ‘अब से सक्षम की विधवा हूं। उसकी जगह घर में रहूंगी। उसके मां-बाप अब मेरे मां-बाप हैं।’ लाश से शादी की चर्चा दुनियाभर में हुई। अमर प्रेम की मिसाल दी गई। लेकिन वो लड़की सक्षम का घर छोड़कर जा चुकी है। इस बार ब्लैकबोर्ड में नांदेड़ की संगीता ताटे की स्याह कहानी, जिनके बेटे को प्रेमिका के घरवालों ने मार डाला। फिर प्रेमिका ने बेटे की लाश से शादी की और अब घर छोड़कर चली गई… मैं नीरज झा महाराष्ट्र के नांदेड़ के इतवारा बाजार में घनी आबादी, संकरी गलियों से होते हुए संगीता ताटे से मिलने पहुंचा। एक पतली-सी सीढ़ी के सहारे दूसरे माले पर बने उनके घर में दाखिल हुआ। 40 साल की संगीता से बातचीत शुरू हुई। बेटे को गोली मारने की बात बताते हुए रो पड़ती हैं। सिसकते हुए कहती हैं- ‘मुझे नहीं पता था कि लड़की का परिवार इतनी बेरहमी से मेरे बेटे को मार देगा, नहीं तो कभी उसे वहां जाने नहीं देती। मेरा अब क्या ही बचा। न बेटा बचा, न पति। वो लड़की भी अब जा चुकी है।’ वह बताती हैं- 27 नवंबर 2025 की बात है। दोपहर करीब 1 बजे थे। मेरा बेटा सक्षम घर पर था। तभी उसके कुछ दोस्त उसे बुलाने आए। उन्होंने कहा- ‘चलो, तुम्हारी गर्लफ्रेंड के घरवाले बुला रहे हैं।' सक्षम ने हैरानी से पूछा- 'वे मुझे क्यों बुलाएंगे?' उसका एक दोस्त बोला- 'वे शादी की बात करना चाहते हैं।' सक्षम दोस्तों के साथ चला गया। दोस्त उसे लड़की के घर छोड़कर चले गए। घर में उसका दामाद की तरह स्वागत हुआ। उसे चाय-पानी दिया गया। माहौल ऐसा था मानो किसी रिश्ते की बात होने वाली हो। कुछ देर बाद अचानक सब बदल गया। लड़की के बाप ने पिस्टल निकाली और सक्षम की कनपटी पर तान दी। कहने लगे- ‘तू मेरी बेटी से शादी करेगा? सा%$’ सक्षम जान बचाने के लिए भागा, लेकिन लड़की के बाप ने उस पर गोली चला दी। पहली गोली उसके सीने में लगी। वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद दो गोलियां और उसके सीने में दाग दीं। वह जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। तभी एक बड़ा पत्थर उठाकर लाए और सिर पर दे मारा। मेरे बेटे का सिर बुरी तरह से कुचल दिया। सक्षम की मौत का सदमा मेरे पति बर्दाश्त नहीं कर सके। 3 महीने बाद उनकी भी मौत हो गई। ये बताते हुए संगीता फिर रोने लगीं। ‘घर में कोई और है या आप अकेली रहती हैं?, मैंने पूछा संगीता ताटे धीरे से बोलीं- ‘छोटा बेटा नासिक में रहकर पढ़ाई कर रहा है। अब घर में अकेली बची हूं। बेटे की प्रेमिका मेरे ही घर रह रही थी, लेकिन कुछ महीने में वापस मायके चली गई। उसने कहा था- ‘मम्मी, सक्षम की जगह अब मैं आपका बेटा हूं। आपके साथ ही रहूंगी। आपकी देखभाल करूंगी।’ वह साढ़े 3 महीने साथ रही। एक दिन अचानक बोली- ‘दादी की तबीयत बहुत खराब हो गई है। मुझे उनसे मिलने जाना है’। यहां से कुछ ही दूर उसका घर है। मैं उसे पहुंचाकर आ गई। उसके बाद से वह कभी लौटकर नहीं आई। अब मेरी क्या ही जिंदगी बची है? रोज बेटे को याद करती हूं। सोचती हूं, उस दिन मुझे भी मार दिया गया होता तो इस तरह बेटे की याद में घुट-घुटकर न जीती। लेकिन फिर सोचती हूं- मैं नहीं रहूंगी तो बेटे को इंसाफ कौन दिलाएगा? घर में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा। सरकार ने वादा किया था कि वह 3 महीने में घर के किसी सदस्य को नौकरी देगी, लेकिन 6 महीने बीत चुके हैं, कुछ नहीं हुआ।’ लड़की को आप पहले से जानती थीं? उसकी कोई तस्वीर? संगीता मोबाइल का स्क्रीन ऑन करती हैं। एक तस्वीर दिखाती हैं, जिसमें लड़का-लड़की एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखे हुए खड़े हैं। वह बताती हैं- ‘लड़की का नाम आंचल है। साथ में मेरा बेटा सक्षम। लड़की इसी बस्ती में रहती थी। दोनों की इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे वे मिलने-जुलने लगे। प्यार हो गया। हम SC यानी शेड्यूल कास्ट से हैं और लड़की पिछड़ी जाति यानी OBC से है। मेरा बेटा 12वीं में पढ़ता था और लड़की 11वीं में। कुछ समय बाद सक्षम आंचल के घर जाने लगा। नवरात्रि में दोनों गरबा करने जाते थे। लड़की के घर वालों को शक हुआ। उन्हें दोनों के रिश्ते की बात पता चल गई। वह रिश्ते के खिलाफ हो गए, लेकिन आंचल मेरे बेटे के साथ ही शादी करना चाहती थी। एक दिन उसके घर वाले मारते-पीटते हुए आंचल को थाने लेकर गए। वहां कहा कि सक्षम और उसके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराओ, नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे। लड़की बोली- वह मुकदमा नहीं दर्ज कराएगी। वह सक्षम से ही शादी करेगी। संगीता ताटे आगे बताती हैं- पता नहीं, अचानक उन लोगों के मन में क्या आया। वे सक्षम को अपनाने की बात कहने लगे। मेरे बेटे को घर बुलाने लगे। ये सारी बातें मुझे बेटे की मौत से दो महीने पहले पता चली थीं। मैंने उससे कहा था कि वो परिवार ठीक नहीं है। गांजा-चरस का धंधा करते हैं। वे अपराधी लोग हैं। गोली-बंदूक भी रखते हैं। उनसे दूर रहो। लेकिन मेरे बेटे ने कहा- मम्मी वे अच्छे लोग हैं। मेरी आंचल के पापा से बात हुई है। उसका भाई तो अब मेरा दोस्त बन चुका है। वह हमारी शादी करवाने की बात कहते हैं। पहले चाचा की शादी हो जाए तब आंचल से शादी करूंगा।’ इस दौरान बार-बार संगीता की नजर बेटे सक्षम की तस्वीर पर जाकर टिक रही है। ऐसा लग रहा जैसे वो बेटे की तस्वीर को गले लगाना चाह रही हों। फिर से फूट-फूटकर रोने लगीं। फफकते हुए बोलीं- ‘सक्षम इतना समझदार था कि पापा के साथ धंधे में हाथ बंटाता था। इसी इतवारा बाजार में एक सब्जी मंडी है। वहां हमारी फल की दुकान थी। वह स्कूल और कोचिंग से जब आता तो दुकान पर पापा का हाथ बंटाता था। 27 नवंबर को बस्ती के कुछ लोगों ने बताया कि 10 मिनट पहले सक्षम को आंचल के घरवालों ने मार डाला। लाश उनके घर के बाहर सड़क पर पड़ी है। जब तक हम पहुंचते, पुलिस वहां से लाश को थाने ले जा चुकी थी। लड़की के घर वाले हत्या के बाद आसपास ही छिपे थे। पुलिस ने सभी को दबोच लिया था। मैं तो बेहोश पड़ी थी। होश आने पर जब थाने पहुंची, तो बेटे की लाश थाने के बरामदे में पड़ी थी। पुलिस ने हत्यारों को हवालात में बंद कर रखा था।’ इस बीच संगीता की चचेरी सास रेखा बाई आती हैं। वह कहती हैं- ‘उन हत्यारों की फांसी होनी चाहिए। हमारे सक्षम को मार दिया।' घटना के थोड़ी देर बाद ही हम थाने पहुंचे। आंचल सक्षम की लाश से लिपटकर रो रही थी। कह रही थी- मेरे सामने ही मेरे होने वाले पति को पापा, भाई ने मिलकर मार दिया। सक्षम को मारने से पहले उन्होंने आंचल को एक कमरे में बंद कर दिया था। उस दिन थाने से हम जब सक्षम की लाश घर लेकर आए, तो साथ में आंचल भी आई। तब तक रात हो चुकी थी। अगले दिन सुबह जब अर्थी बनाई जा रही थी, तभी आंचल ने बेटे की लाश के साथ शादी कर ली। फिर हमारे घर में ही रहने लगी। कुछ महीने बाद अपने मायके चली गई। यह कहते हुए वह रोने लगती हैं। ‘पति की कब और कैसे मौत हुई?’, मैंने संगीता ताटे से पूछा वह बताती हैं- ‘आंचल जब मेरे घर रहने लगी तो हम उसका बेटी की तरह ख्याल रखते थे। किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते थे। जो कहती थी, लाकर देते थे। उधर, पुलिस ने उसके मां, भाई और पिता तीनों को जेल भेज दिया था। हमें लगा कि अब सक्षम की जगह आंचल ही हमारा बेटा है और ताउम्र हमारे साथ रहेगी। मार्च महीने की बात है। शायद इंस्टाग्राम पर उसके चाचा से उसकी बात होनी शुरू हुई। हम लोग कोई पूछताछ नहीं करते थे कि वह किससे बात कर रही है। चाचा ने क्या कहा, नहीं पता। फिर दादी की तबीयत का बताकर वो घर से चली गई। उसके जाने पर मेरे पति की तबीयत और बिगड़ गई। सक्षम के जाने के सदमे में वह काम-धंधा छोड़कर पहले ही घर बैठ गए थे। उनका रह-रहकर बीपी कम हो रहा था। हमने आंचल को फोन किया और ये बातें बताई, लेकिन वह वापस लौटकर नहीं आई। 21 मार्च को अचानक पति की भी मौत हो गई। मेरी जिंदगी एकदम से उजड़ गई।’, यह कहते हुए संगीता फिर से रोने लगीं। संगीता रोते हुए उठीं और सक्षम की तस्वीर को सीने से लगा लिया। उसे चूमने लगीं। इस दौरान टेबल पर जल रहा दीया बुझ जाता है। वह उसे फिर से जलाती हैं। संगीता आगे बताती हैं- ‘अब तो केवल बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए जिंदा हूं। लड़की का परिवार तो जेल में है, लेकिन पता नहीं कब वे जमानत पर छूटकर बाहर आ जाएं। डर लगता है कि मुझे भी न मार दें। डरती हूं कि बेटे का केस अकेले कैसे लड़ूं? प्राइवेट वकील करना पड़ेगा। उसके लिए पैसे कहां से लाऊंगी?’ सक्षम की मां से बात करने के बाद मैंने लाश से शादी करने वाली आंचल से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। -------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड- भाई का अपहरण किया, जिससे जिंदा साबित हो जाऊं:सिंदूर लगाने वाली पत्नी विधवा पेंशन मांगने पहुंची, लेकिन मुझे जिंदा नहीं माना साल 1975। लाल बिहारी 20 साल के थे। शादी के 10 साल बाद अभी-अभी गौना हुआ था और पत्नी घर आई थी। मां ने कहा- गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से कुछ लोन ले लो। अपना काम-धंधा शुरू करो, वर्ना आगे बाल-बच्चों को कैसे पालोगे? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
17 जून 2015 की बात है। के. अन्नामलाई कर्नाटक के उडुपी के SP थे। तैनाती के 6 महीने बाद 17 साल की एक लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अन्नामलाई परिवार से मिलने पहुंचे। लड़की की मां ने उनसे पूछा- ‘क्या मेरी बच्ची को वापस ला सकते हो? अन्नामलाई ने जवाब दिया- ‘नहीं, लेकिन मैं यह कर सकता हूं कि वो सबके दिलों में रहे, सबको याद रहे।’ अन्नामलाई ने लड़की के नाम से 10 हजार रुपए की स्कॉलरशिप शुरू कर दी। पुलिस अफसर रहते हुए अन्नामलाई के ऐसे कई किस्से कर्नाटक में मशहूर होते गए। अचानक उन्होंने 2019 में नौकरी छोड़ दी और अपने राज्य तमिलनाडु लौट गए। अगस्त 2020 में BJP जॉइन की। 11 महीने बाद ही प्रदेश अध्यक्ष बना दिए गए। तमिलनाडु में जगह तलाश रही BJP को बड़े चेहरे की जरूरत थी और अन्नामलाई को बड़े प्लेटफॉर्म की। 6 साल बाद 2 जून, 2026 को ये साथ छूट गया। इस दौरान अन्नामलाई को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा। उन्हें BJP और AIADMK का गठबंधन टूटने की वजह माना गया। पार्टी में साइडलाइन कर दिए गए। चुनाव में टिकट तक नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने BJP से इस्तीफा दिया और 5 जून को नए अभियान की घोषणा कर दी। इसे लीडरशिप मूवमेंट बताया। नाम दिया- 'इधु नम्मा इयक्कम' यानी 'ये हमारा आंदोलन है'। अन्नामलाई इस मूवमेंट को पार्टी में बदलकर 2031 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। ठीक वैसे, जिस तरह आम आदमी पार्टी और थलापति विजय की TVK की शुरुआत एक आंदोलन से हुई और बाद में पॉलिटिकल पार्टी ये बन गईं। अब 4 सवाल… और इनके जवाब… 1. अन्नामलाई का मूवमेंट पॉलिटिकल पार्टी में कब बदलेगा? BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने https://wetheleader.org/ पोर्टल बनाया। 5 जून से इस पर रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। उन्होंने कहा कि पहले मैं लोगों को आंदोलन से जोडूंगा, फिर ट्रेनिंग देकर पॉलिटिकल पार्टी बनाऊंगा। BJP के स्टेट वाइस प्रेसिडेंट रहे और अन्नामलाई के सपोर्ट में BJP छोड़ने वाले करु नागराजन कहते हैं, ‘वी द लीडर्स तमिलनाडु के लोगों का आंदोलन है। हमारे प्रेसिडेंट अन्नामलाई ने आम लोगों, खासकर युवाओं से जुड़ने की गुजारिश की थी। बड़ी संख्या में लोग मेंबर बन चुके हैं। हमारा प्लान है कि 3 से 4 महीने के अंदर इन लोगों को कोयंबटूर में ट्रेनिंग देकर फ्यूचर लीडर बनाया जाए। इन्हीं लोगों में से हम पार्टी के लिए लीडरशिप तैयार करेंगे।’ क्या पार्टी बनाने की कोई डेडलाइन है? नागराजन जवाब देते हैं, ‘जून के आखिर तक मेंबरशिप कैंपेन चलेगा। हमारे पास सदस्यों का बड़ा आंकड़ा आ जाएगा, तब ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरु करेंगे। अक्टूबर से नवंबर के बीच पार्टी बनाने की तरफ बढ़ जाएंगे।’ 2. क्या अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु में BJP बिखर जाएगी? अन्नामलाई ने इस्तीफे से पहले दावा किया कि पार्टी आलाकमान को बीते 18 महीनों से मतभेद के बारे में बता रहे थे। 5 दिसंबर 2025 को पार्टी छोड़ने की सूचना दे दी थी, लेकिन दिल्ली से मैसेज मिला कि आप मई में होने वाले विधानसभा चुनाव खत्म होने तक रुक जाइए। तमिलनाडु की राजनीति और सोशल इश्यूज पर 20 से ज्यादा किताब लिख चुके पॉलिटिकल एक्सपर्ट मालन नारायणन इस पर कहते हैं, ‘BJP में रहते हुए अन्नामलाई ने DMK के मंत्रियों और सांसदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने राज्यपाल को DMK फाइल्स सौंपी थी। केंद्र सरकार ने इस पर आंखें मूंद लीं। BJP ने DMK के खिलाफ उस आक्रामकता से काम नहीं लिया, जैसा उसने AAP और TMC के लिए किया।’ ‘6 मई 2022 को प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए अन्नामलाई ने बड़े फेरबदल किए। द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टियों से आए नेताओं को जगह दी। पूर्व AIADMK सांसद शशिकला पुष्पा, एजी संपत, पूर्व DMK विधायक वीपी दुरैसामी इसके उदाहरण हैं।’ अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद पार्टी में नंबर दो नेता रहे करु नागराजन के अलावा प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश और 14 दूसरे पदाधिकारी BJP छोड़ चुके हैं। करु नागराजन कहते हैं, ‘BJP में रहते हुए भी अन्नामलाई की छवि पब्लिक लीडर जैसी थी। मौजूदा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और केंद्र में मंत्री लोगनाथन मुरुगन जैसे बड़े नेता पार्टी में ब्रांच मैनेजर की तरह काम कर रहे हैं।’ ‘तमिलनाडु के लोग अन्नामलाई का वर्क कल्चर जानते हैं। उन्होंने BJP को तमिलनाडु में नीचे से ऊपर तक पहुंचाया। उन्होंने पार्टी छोड़ी, तो उनकी विचारधारा से प्रभावित दूसरे नेताओं ने समर्थन किया।’ 3. क्या अन्नामलाई के आंदोलन के पीछे पूरा खेल BJP का ही है? तमिलनाडु कांग्रेस का तो यही मानना है। पार्टी के सांसद मणिकम टैगोर कहते हैं, ‘अन्नामलाई का मूवमेंट BJP और RSS का प्लान-B है। अन्नामलाई ने भले खुद को BJP से अलग कर लिया है, लेकिन पर्दे के पीछे से उन्हें लीडरशिप का सपोर्ट मिलता रहेगा।’ सीनियर जर्नलिस्ट राजसंगीथन इस पर कहते हैं, ‘अन्नामलाई का इस्तीफा और नई पार्टी बनाना BJP के बड़े प्लान का हिस्सा लगता है।’ 4. क्या अन्नामलाई की पार्टी थलापति विजय की TVK जैसा कमाल कर पाएगी? पॉलिटिकल एक्सपर्ट मालन नारायणन के मुताबिक, इस वक्त तमिलनाडु की दोनों बड़ी द्रविड़ पार्टियां DMK-AIADMK कमजोर पड़ चुकी हैं। लोग नए विकल्प तलाश रहे हैं। लिहाजा, अन्नामलाई की नई शुरुआत के लिए ये वक्त बिल्कुल मुफीद है। वहीं, सीनियर जर्नलिस्ट उमा सुधीर के मुताबिक, अन्नामलाई के आंदोलन से तीन तरह के लोग जुड़ रहे हैं। 1. अन्नामलाई की आक्रामकता और लोकप्रियता देखकर उन्हें हीरो मानने वाले। 2. जो ये मानते हैं कि BJP को तमिलनाडु में मजबूत करने वाले अकेले अन्नामलाई ही थे। 3. पढ़े-लिखे युवा, जो जानना चाहते हैं कि अन्नामलाई आगे क्या करने वाले हैं। उमा आगे कहती हैं, ‘अन्नामलाई के मूवमेंट के पीछे थलापति की पार्टी TVK की कामयाबी भी है। वे कह चुके हैं कि ग्रासरूट लीडरशिप तैयार करेंगे। तमिलनाडु की पॉलिटिक्स में नई जनरेशन का ही बोलबाला होने वाला है। DMK में स्टालिन उम्रदराज हो गए हैं। वे उदयनिधि को आगे कर रहे हैं। AIADMK में पलानीस्वामी के बाद युवा चेहरे की तलाश है। अन्नामलाई अभी 42 साल के हैं। 2031 का चुनाव विजय, उदयनिधि और अन्नामलाई के बीच हो सकता है।’ BJP बोली- अन्नामलाई के जाने से फर्क नहीं पड़ेगा अन्नामलाई के साथ छोड़ने पर तमिलनाडु BJP के स्टेट स्पोक्सपर्सन नारायणन तिरुपति कहते हैं, ‘हमारा संगठन इतना मजबूत है कि किसी के आने या जाने से फर्क नहीं पड़ता। अन्नामलाई को पार्टी ने अध्यक्ष बनाया और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्हें लगा कि पार्टी छोड़नी है, तो लीडरशिप ने उनके फैसले का सम्मान करते हुए इस्तीफा मंजूर कर लिया। उनके जाने से संगठन में कोई मतभेद नहीं है।’ ………………………………….ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना 2 जून को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेता गाड़ी से उतरे और एक-दूसरे को गले लगाया। अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। अब्दुल सत्तार ने जवाब में कहा- शिंदे साहब रजामंदी दें, तो दोनों पार्टियों को एक होने में जरा भी वक्त नहीं लगेगा। क्या ये करीबी शिवसेना के दोनों गुटों के एक होने का संकेत है? पढ़ें पूरी खबर...
पीओके में विरोध प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की सख्ती, बल प्रयोग का आरोप
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने के आरोप लगे हैं।
ओमान तट के पास ऑयल टैंकर पर हमला, 3 भारतीय लापता
ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक ऑयल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ है
ओमान तट के पास जहाज पर हमले की भारत ने की निंदा, 21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, तीन अब भी लापता
ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की भारत सरकार ने कड़ी निंदा की है
ईरान पर और बड़े हमलों की चेतावनी, ट्रंप बोले-'बातचीत में देरी की कीमत चुकानी होगी'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख और सख्त करते हुए हमले और तेज करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर तेहरान जल्द किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो अमेरिका उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बना सकता है।
पाकिस्तानी सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर पीओके में क्रैश, सभी 21 सैन्यकर्मियों की मौत
पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के पास सेना का एक हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। स्थानीय मीडिया ने सैन्य प्रवक्ता के हवाले से इसकी जानकारी दी। पीओके
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव: यमन तट के पास जहाज पर गोलीबारी, ओमान के पास टैंकर में लगी आग
मध्य पूर्व एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। खाड़ी क्षेत्र और आसपास के समुद्री मार्गों में संघर्ष एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।
TMC के 58 विधायकों की टूट और अब 20 सांसदों के बागी होने का दावा। ममता बनर्जी के पास अब सिर्फ 22 विधायकों और 8 सांसदों का समर्थन बाकी है। खेमे के सांसदों से लेकर पार्टी नेताओं तक पर हमले हो रहे। इस बीच ममता लगातार दो दिन सोनिया गांधी से मिलीं। INDIA ब्लॉक की अगुवाई करने की भी इच्छा जताई। ये तक कहा जा रहा कि ममता ‘अपनी वाली TMC’ का कांग्रेस में विलय कर सकती हैं। क्या ममता के पास यही अकेला चारा बाकी, TMC के बागी सांसदों से बीजेपी को क्या फायदा और क्या ममता की राजनीतिक वापसी हो पाएगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या 58 विधायकों के बाद TMC के 20 सांसद भी टूट जाएंगे? जवाब: TMC में टूट की शुरुआत 6 मई की शाम ममता के घर पर हुई एक बैठक से हुई थी। करीब एक महीने में ममता अपने 58 विधायक गंवा चुकी हैं। अब खबरें हैं कि 20 सांसद भी बगावत कर रहे हैं। पूरी टाइमलाइन समझिए… कीर्ति आजाद ने दावा किया, ‘काकोली का 20 सांसदों वाला दावा झूठा है। उनके पास सिर्फ 12-13 सांसद हैं। उन्होंने बताया नहीं कि नंबर कितने हैं। दो तिहाई हुए या नहीं। वर्ना अब तक आपने नंबर जारी कर दिया होता। स्पीकर को चिट्ठी में क्या लिखा, ये भी बता दिया होता।’ सवाल-2: काकोली के साथ 20 सांसदों वाले दावे के क्या मायने हैं? जवाब: दरअसल, 1985 में केंद्र की राजीव गांधी सरकार ने संविधान में 10वीं अनुसूची जोड़ी थी। इसे ही दल-बदल विरोधी कानून कहा जाता है। इसके मुताबिक, विधायक या सांसद पार्टी की सदस्यता छोड़ें, पार्टी व्हिप को न मानें, तो पार्टी की शिकायत पर लोकसभा या विधानसभा अध्यक्ष उसकी सदस्यता रद्द कर सकते हैं। हालांकि इसमें अपवाद ये है कि अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायक या सांसद दूसरी पार्टी में जाना चाहे, तो वो अयोग्य नहीं ठहराए जा सकते। यानी अगर कम से कम दो-तिहाई सदस्य एक साथ अलग हों, तो इसे दल-बदल नहीं, बल्कि विलय माना जाता है। ऐसे में उनकी सदस्यता बरकरार रहती है। फिलहाल लोकसभा में TMC के 28 सांसद हैं। यानी दो तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए काकोली को कम से कम 19 सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। काकोली के 20 बागी सांसदों के समर्थन वाले दावे में 2 पेच भी हैं… पहला: अब तक वो चिट्ठी सामने नहीं आई है, जिसमें काकोली ने 20 सांसदों के समर्थन की बात कही है। दूसरा: दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए बागी सांसदों के लिए एकजुट होना या फिर दूसरी पार्टी में शामिल होना जरूरी माना जाता है। अब तक ये साफ नहीं है कि ये सभी सांसद बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। कल्याण बनर्जी ने 9 जून को कहा, 'मुझे नहीं पता कौन क्या दावा कर रहा है, लेकिन जिस चिट्ठी का जिक्र काकोली घोष ने किया है, वह अब तक सार्वजनिक नहीं है। सोमवार को ओम बिड़ला के ऑफिस में सांसदों की कोई चिट्ठी नहीं दी गई है। ' कल्याण बनर्जी ने ये भी कहा कि बागी सांसद दल-बदल विरोधी कानून के तहत पार्टी नहीं छोड़ सकते। कीर्ति आजाद ने भी कहा, ‘अगर इस झूठ को मान भी लें कि उनके (काकोली के) साथ 20, 21 या 22 सांसद हैं, तो उन्हें बीजेपी में विलय करना होगा।' 10वीं अनुसूची के पैराग्राफ 6 के मुताबिक, स्पीकर या सदन के चेयरपर्सन ही दल-बदल पर आखिरी फैसला लेंगे। हालांकि 1991 में सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि स्पीकर के फैसले की कानूनी समीक्षा हो सकती है। सवाल-3: तो अब ममता बनर्जी के पास आगे के क्या रास्ते हैं? जवाब: अभी 3 सिनैरियो बन रहे हैं… 1. बचे हुए नेताओं के साथ दोबारा पार्टी खड़ी करें 2. सांसदों को पार्टी छोड़कर जाने से रोक लें सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी कहती हैं, ‘ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पर एजेंसियां छापे मार रही हैं। सांसदों पर हमले हो रहे हैं। विधायकों से लेकर मेयर और पार्षदों तक पर दबाव बनाया जा रहा है।’ 3. कांग्रेस से नजदीकी, केंद्र की राजनीति पर फोकस शिखा मुखर्जी बताती हैं, ‘कांग्रेस और INDIA गठबंधन SIR के खिलाफ अभियान खड़ा करने की प्लानिंग कर रहा है, ममता देशभर में इसका प्रचार करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि बंगाल SIR से BJP को फायदा मिलने का सबसे ताजा उदाहरण है।’ ये भी अटकलें लगाई गईं कि ममता अपनी वाली TMC का कांग्रेस में विलय कर सकती हैं। सवाल-4: क्या ममता कांग्रेस में विलय भी कर सकती हैं? जवाब: फिलहाल इसकी संभावना कम है। कांग्रेस के सीनियर नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया है। अधीर ने कहा, ‘ममता ने मेघालय, त्रिपुरा और गोवा जैसे राज्यों में कांग्रेस को कमजोर करने के लिए उम्मीदवार उतारे थे। तो अब विलय या करीबी की बात कैसी? अभी भी लड़ते जाओ, किसने रोका है।’ ममता की INDIA ब्लॉक के नेतृत्व की इच्छा पर अधीर ने कहा, ‘अगर आप फ्री हैं, तो अपनी पार्टी को सारे हिंदुस्तान में फैलाइए। किसने मना किया है? हमने ममता को नहीं बुलाया, वो मजबूरी में कांग्रेस के पास आई हैं।’ शिखा मुखर्जी कहती हैं, ‘ममता के कांग्रेस में विलय की संभावना कम हैं, क्योंकि उन्होंने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर बड़े जतन से अपनी पार्टी TMC खड़ी की थी। फिर वे 3 बार सीएम बनीं। अब एक झटके के चलते अगर ममता TMC को खत्म करके फिर से कांग्रेस में चली जाएंगी, तो इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचेगा। वो ये बात जानती हैं।’ सवाल-5: ममता की TMC के कमजोर होने से BJP को क्या फायदा होगा? जवाब: इससे केंद्र में BJP को 2 बड़े फायदे हैं… 1. INDIA गठबंधन के सांसद घटेंगे 2. NDA के सहयोगी दलों पर BJP की निर्भरता घटेगी अधीर रंजन चौधरी कहते हैं, ‘TMC के बागी सांसद बीजेपी और नरेंद्र मोदी के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। बीजेपी अब अपने बचे हुए एजेंडे परिसीमन बिल और वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को संसद में पारित करा लेगी।’ *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें… TMC के बागी विधायक बीजेपी में क्यों नहीं गए; कौन हैं बंगाल के नए नेता विपक्ष ऋतब्रत बनर्जी, क्या वही TMC चलाएंगे 6 मई की शाम। बंगाल चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने घर पर TMC विधायकों की बैठक बुलाई। इसमें अभिषेक बनर्जी की चुनावी भूमिका की तारीफ करते हुए खड़े होकर तालियां बजाने को कहा। कुछ विधायक खड़े हुए। कुछ चुपचाप बैठे रहे। बैठे रहने वालों में एक थे ऋतब्रत बनर्जी। पढ़ें पूरी खबर…
पाकिस्तान: खाई में गिरी टूरिस्ट वैन, एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत
पाकिस्तान के इस्लामाबाद-मरी एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सभी एक ही परिवार के सदस्य थे।
24 साल पुराने नेपाल के शाही परिवार हत्याकांड की फिर होगी जांच, मामले की फाइलें दोबारा खुलेंगी
नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग ने पदभार संभालने के बाद इस मामले को फिर से खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले की गई जांच से जुड़े सभी दस्तावेजों और रिपोर्टों का पुनः अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि क्या मामले की गहराई से दोबारा जांच की आवश्यकता है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। ईरानी दावे के अनुसार, कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन अमेरिकी ठिकानों की ओर दागे गए।
अफगानिस्तान में हवाई हमले, पाकिस्तानी सीमा पर फिर बढ़ा तनाव
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने रिहायशी इलाकों पर बमबारी की। उनके मुताबिक, हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई।
ईरानी हमले का जवाब देंगे : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अत्याधुनिक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया है और इस हमले का जवाब देना उसके लिए जरूरी हो गया है
NEET एग्जाम से चार दिन पहले 29 अप्रैल की बात है। महाराष्ट्र के लातूर में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर रोज की तरह अपनी कोचिंग पहुंचे। बच्चों से एग्जाम की तैयारी के बारे में पूछा। फिर आंखें बंद कर थोड़ी देर खड़े रहे और बोले- ‘कल रात मेरे सपने में भगवान विट्ठल आए। बोले- बच्चे मेहनत से पढ़ रहे हैं, इसलिए एक सवाल बताऊंगा, जो NEET एग्जाम में जरूर आएगा।’ फिर मोटेगांवकर ने एक सवाल लिखवाया और कहा कि इसे जरूर याद कर लेना। 3 मई को NEET एग्जाम हुआ। पेपर में मोटेगांवकर का बताया सवाल भी आया। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई। मामले में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत 13 लोग गिरफ्तार किए गए। मोटेगांवकर पर केमिस्ट्री का पेपर लीक करने का आरोप है। हालांकि एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। वो 10 जून यानी आज संसदीय कमेटी के सामने लिखित जवाब भी पेश करेगी। 13 गिरफ्तार आरोपियों में 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक भास्कर की टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची। बेटे को NEET टॉपर बनाने और मेडिकल कॉलेज खोलने का सपना लातूर से अरेस्ट शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का RCC (रेणुकाई करियर सेंटर) नाम से कोचिंग सेंटर है। ये NEET, JEE और MHT-CET एग्जाम की तैयारी कराता है। महाराष्ट्र के 8 और शहरों में इसके सेंटर हैं। कोचिंग के पास उनके कुछ जानने वाले मिले। वे पहचान बताए बिना कहते हैं कि पेपर लीक कराने के पीछे मोटेगांवकर की मंशा बेटे को टॉप कराना था। वे 23 साल से कोचिंग चला रहे हैं। सैकड़ों बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाया। इस बार NEET में उनका बेटा बैठ रहा था। चाहते थे कि टॉप करे या अच्छी रैंक लाए। कोचिंग में पढ़ने वाले तेजस सहारे और एक पूर्व टीचर की बातें भी यही इशारा करती हैं। तेजस कहते हैं, ‘सर का बेटा स्पेशल बैच में पढ़ता था। उसके साथ मेरे कुछ दोस्त भी थे। एग्जाम के बाद नंबर जोड़े गए, तो सर के बेटे के 720 में से 704 नंबर आए। इस बार वो टॉप करता।’ कोचिंग में पहले पढ़ा चुके टीचर कहते हैं, ‘मोटेगांवकर मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते थे। कॉलेज बन रहा था। बस बेटे को डॉक्टर बनाना था।’ कोचिंग के दो बैच को मिला था NEET का पूरा पेपर कोचिंग में पढ़ने वाले संजय मोरे बताते हैं, ‘यहां NEET की तैयारी करने वाले कई बैच हैं। दो बैच सबसे टॉप के माने जाते हैं। पूरा पेपर सिर्फ इन्हीं दोनों बैच को मिला था। 1. एम्स बैच: इसमें सभी क्लासेज के सबसे अच्छे स्टूडेंट्स चुने जाते हैं। यही रैंक लाते हैं और इन्हीं से कोचिंग का प्रचार होता है। 2. प्रीमियम बैच: इसमें वे स्टूडेंट्स होते हैं, जो पढ़ाई में ज्यादा अच्छे नहीं, लेकिन किसी भी कीमत पर सिलेक्शन चाहते हैं। मोटेगांवकर की करोड़ों की प्रॉपर्टी, लेकिन सामान्य लाइफस्टाइल RCC कोचिंग का टर्नओवर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बताया जाता है। हालांकि, हम लातूर के शिवनगर की ओंकार रेजिडेंसी में मोटेगांवकर के फ्लैट पर पहुंचे, तो ऐसा कुछ नहीं दिखा। मोटेगांवकर इस फ्लैट में पिछले 10 साल से माता-पिता, पत्नी और दो बेटों के साथ रह रहे थे। बड़ा बेटा 12वीं और छोटा छठवीं में पढ़ता है। सोसायटी के एक मेंबर बताते हैं, ‘परिवार का रहन-सहन बहुत साधारण है। घर में एक कार और स्कूटी है। मोटेगांवकर को ज्यादातर स्कूटी से ही कोचिंग जाते देखा है।’ खुला घर, बिखरा सामान और अकेले कुत्ता बचापेपर लीक मामले में गिरफ्तार प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी उर्फ पीवी कुलकर्णी को CBI ने मास्टरमाइंड बताया है। वे NTA के पेपर तैयार करने वाले पैनल में थे। आरोप है कि उन्होंने क्लास लगाकर स्टूडेंट्स को एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब बताए। कुलकर्णी ने 24 साल तक लातूर के दयानंद साइंस कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाई। चार साल पहले रिटायर हुए। कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल युवराज पी. सरनाईकर कहते हैं, ‘पेपर लीक में कुलकर्णी सर का नाम कैसे आ गया, हम सब हैरान हैं।‘ कॉलेज के टीचर भी इससे अनजान हैं कि वे NTA से जुड़े थे और पेपर सेट करने वाली टीम में थे। कॉलेज के बाद हम लातूर में कुलकर्णी के घर पहुंचे। घर के सामने की दीवार पर लिखा है- ‘कुलकर्णी परिवार आपका स्वागत करता है।’ परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा और बेटी इंजीनियर हैं। छोटा बेटा 10वीं में है। घर का दरवाजा खुला मिला, लाइट जल रही थीं, सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और एक कुत्ता बैठा मिला। काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद ऊपर से तीन लड़के आए। बताया कि यहां किराए से रहते हैं। कुलकर्णी और उनके परिवार के बारे में पूछने पर बोले, ‘CBI जबसे सर को ले गई, तब से परिवार का कोई नहीं आया। अकेला कुत्ता बचा है। सर पिछले डेढ़ महीने से छोटे बेटे के साथ रह रहे थे। पत्नी पुणे में बेटी के यहां गई थीं।‘ अब बेटा कहां है? जवाब मिला- ‘पता नहीं।‘ कोचिंग के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, ‘सर कोई कोचिंग नहीं चलाते। रिटायरमेंट के बाद घर में पढ़ते-लिखते रहते थे। हमें नहीं लगता कि सर ने ऐसा किया होगा। घरवाले हमें यहां से निकलने के लिए कह रहे हैं, लेकिन हम नहीं जाएंगे। अगर हम भी चले गए, तो उनका कुत्ता भूखा मर जाएगा।‘ पड़ोस में रहने वाले प्रदीप लोखंडे कहते हैं, ‘घर पर कभी कोचिंग चलते नहीं देखी। न किसी को ये पता था कि कुलकर्णी सर पेपर सेट करने का काम करते हैं। हम तो बस यही जानते थे कि वे दयानंद कॉलेज के रिटायर्ड टीचर हैं।‘ कोचिंग में पेपर लीक का आरोप, लेकिन कोचिंग चलते नहीं देखी पुणे से गिरफ्तार मनीषा मांढरे NTA से जुड़ी थीं। NEET में बायोलॉजी का पेपर तैयार करने वाले पैनल में थीं। पुणे के कात्रज इलाके की गंगा ओसियन पार्क सोसायटी में उनका फ्लैट है। आरोप है कि इसी फ्लैट में उन्होंने स्टूडेंट्स को कोचिंग देकर NEET एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब बताए थे। सोसायटी के मेंबर बताते हैं कि मनीषा तलाकशुदा हैं और पिछले चार साल से अकेले रह रही थीं। एक बेटी है, लेकिन साथ नहीं रहती। कोचिंग चलाने के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘कभी कोई कोचिंग चलते नहीं देखी, न कोई स्टूडेंट आता दिखा। यहां कोचिंग चलाने की परमिशन भी नहीं है।‘ सोसायटी के सेक्रेटरी राज बिराजदार भी यही दोहराते हैं। वे कहते हैं, ’अगर कोचिंग चलती तो किसी को तो पता चलता। पीवी कुलकर्णी का भी यहां आना-जाना नहीं था।’ मनीषा की लाइफस्टाइल के बारे में पूछने पर यहां रहने वाली एक महिला कहती हैं, ’हम लोगों की तरह वो मिडिल क्लास ही हैं। ज्यादा पैसा नहीं है।’ हमने पूछा क्या कभी अपने कामकाज के बारे में बताया। वे कहती हैं, ’नहीं, इस बारे में नहीं सुना।’ ‘NTA से पेपर लीक कराना मनीषा के बस की बात नहीं’मनीषा पुणे के मॉडर्न कॉलेज में पिछले 24 साल से बॉटनी पढ़ा रही थीं। छह महीने बाद रिटायर होने वाली थीं, लेकिन लीक में नाम आने के बाद कॉलेज ने सस्पेंड कर दिया। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे कहती हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि NTA से पेपर लीक कराना इतना आसान है। मैं जितना मनीषा को जानती हूं, वो अपने दम पर ये नहीं कर सकतीं।‘ NTA से जुड़े होने के सवाल पर वे कहती हैं, ‘हां ये जानते थे कि पिछले 6-7 साल से वो NTA से जुड़ी थीं, लेकिन उनकी भूमिका के बारे में कुछ नहीं पता था।‘ कॉलेज की एक टीचर कहती हैं कि मनीषा मांढरे महाराष्ट्र बोर्ड एग्जाम के पेपर भी सेट करती थीं। हम सब कई साल से साथ पढ़ा रहे हैं। हमें नहीं लगता कि वे ऐसा कर सकती हैं। क्लिनिक बंद पड़ा, पार्लर मिला ही नहींपेपर लीक केस में आरोपी मनीषा वाघमारे का फ्लैट भी पुणे की गंगा ओसियन पार्क सोसायटी में ही है। पति संजय वाघमारे और दो बच्चों के साथ रहती थीं। मनीषा ब्यूटीशियन हैं। पति की डेंटल क्लिनिक के अंदर ही पार्लर का बोर्ड लगा है। आरोप है कि मनीषा ने स्टूडेंट्स को मनीषा मांढरे और पीवी कुलकर्णी की कोचिंग तक पहुंचाया और बदले में मोटी रकम ली। सोसायटी के सेक्रेटरी राज बिराजदार कहते हैं, ‘वाघमारे फैमिली लंबे समय से रह रही है। सबसे अच्छे से बातचीत होती है। सोसायटी के फंक्शन में परिवार बढ़-चढ़कर शामिल होता था।‘ पड़ोसी कहते हैं, ‘पिछले 10 साल से इन्हें देख रहे हैं। घर और रहन-सहन में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता।‘ इसके बाद हम बिबवेवाड़ी इलाके के कपिल उपवन प्लाजा में उनके पति संजय वाघमारे की क्लिनिक ‘डेंटल डिजाइंस’ पहुंचे। क्लिनिक बंद मिला। पास के दुकानदार ने बताया, ‘मनीषा को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ये बंद है।’ मनीषा के ब्यूटी पार्लर के बारे पूछने पर वे कहते हैं, ‘क्लिनिक के अंदर ही ब्यूटी पार्लर का बोर्ड लगा है, लेकिन वहां किसी को आते-जाते नहीं देखा। डॉक्टर के मरीज जरूर आते थे। मनीषा कभी-कभार ही दिखती थीं।‘ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के सेक्रेटरी प्रवीण निजामपुरकर कहते हैं, ‘CBI की टीम क्लिनिक पर भी जांच करने आई थी। वे CCTV फुटेज में देखना चाहते थे कि कौन आता-जाता है। हमने पूरा फुटेज दिखाया। इन लोगों के गलत काम से बच्चों का बहुत नुकसान हुआ।’ रिटायरमेंट से एक महीने पहले लीक केस में गिरफ्तार पुणे से गिरफ्तार मनीषा हवलदार पर NEET पेपर में आए फिजिक्स के सवाल लीक करने का आरोप हैै। वे सेठ हीरालाल सराफ कॉलेज परिसर में चलने वाले स्कूल की प्रिंसिपल थीं। अगले महीने उनका रिटायरमेंट था। वे NTA के पेपर सेट करने वाले पैनल में भी थीं। हम कॉलेज पहुंचे तो स्टूडेंट बाहर खड़े थे और गेट पर ताला लटका मिला। उन्हें किसी ने नहीं बताया कि कॉलेज क्यों बंद है और कब खुलेगा। स्कूल चलाने वाली संस्था विद्या प्रसारिणी सभा के सचिव सतीश गवली कहते हैं, ‘हम नहीं जानते थे कि वो NTA से जुड़ी हैं। पेपर लीक में उनका नाम आना हमारे लिए हैरान करने वाला है, क्योंकि स्कूल में आज तक उनके खिलाफ एक भी शिकायत नहीं आई। उनका काम और व्यवहार दोनों अच्छा था। लीक का मामला सामने आने के बाद भी वो रेगुलर स्कूल आती रहीं।’ कॉलेज के पास दुकान चलाने वाले मुकुंद शिंदे बताते हैं, ‘22 मई को सुबह करीब 10 बजे CBI की टीम आई थी। वे दिनभर कॉलेज में जांच करते रहे। शाम करीब 6 बजे कम्प्यूटर और दस्तावेज साथ लेकर गए।’ पुणे के सदाशिव पेठ इलाके की लक्ष्मी निवास सोसायटी में मनीषा का दो कमरे का फ्लैट है। परिवार में रिटायर्ड पति और 95 साल के पिता रहते हैं। बेटी और बेटा दोनों अमेरिका में नौकरी करते हैं। चार-पांच साल में एक बार घर आते हैं। CBI ने मनीषा को इसी फ्लैट से गिरफ्तार किया। सोसायटी में रहने वाले कहते हैं, ‘CBI की टीम के साथ जब मैडम जा रही थीं, तो हमें लगा कि शायद उनके रिश्तेदार हैं। बाद में टीवी से गिरफ्तारी का पता चला। उसके बाद से पति भी फ्लैट छोड़कर चले गए। घर में पिता अकेले बचे। उन्हें काफी दिनों बाद पता चला कि उनकी बेटी गिरफ्तार हो चुकी है। पेपर लीक के पीछे क्या ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क, CBI जांच में जुटी ----------------------ये खबर भी पढ़ें… 2024 NEET केस बताता है, 2026 पेपर लीक तय था 5 मई 2024, NEET-UG का एग्जाम था। पेपर शुरू होने से पहले ही पता चला कि पेपर लीक हो गया है। मुख्य सेंटर पटना बताया गया, जहां सॉल्वर गैंग ने एक रात पहले कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब रटवाए। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियां सामने आईं। एग्जाम कैंसिल नहीं हुआ। आगे ऐसा न हो, इसके लिए NTA ने फुल-प्रूफ सिस्टम बनाने का दावा किया। पढ़िए पूरी खबर…
नरेंद्र मोदी बतौर इलेक्टेड प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को क्रॉस कर चुके हैं। नेहरू चुनाव जीतकर 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे। मोदी का बतौर पीएम आज उससे एक ज्यादा, यानी 4399वां दिन है। हालांकि नेहरू 1947 से 1952 तक, यानी 1733 दिन बिना चुनाव के प्रधानमंत्री भी थे। उसे भी जोड़ दें, तो नेहरू कुल 6131 दिन तक लगातार पीएम रहे। देश में सबसे ज्यादा लगातार 9000 से ज्यादा दिनों तक सत्ता प्रमुख रहने का रिकॉर्ड भी नरेंद्र मोदी के नाम है। पहले गुजरात के सीएम और फिर देश के पीएम के तौर पर। बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 सालों की 12 बड़ी छाप का पूरा एनालिसिस… ****** ग्राफिक्स- दृगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा ------------- पीएम मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पीएम मोदी की रैलियां आधी हुईं, भाषण लंबे; सूट पहनकर विदेश जाते थे, अब कुर्ता- जैकेट; कितने अलग हैं मोदी 3.0 8 जून 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 साल पूरे किए। इन 11 सालों में प्रधानमंत्री के लुक, स्टाइल, पहनावे और बोलने के तौर-तरीके काफी बदल गए हैं। उनकी रैलियां घट गई हैं और भाषण लंबे हो गए। अब वो तेजी से बोलने की बजाय ठहरकर बोलने लगे। पूरी खबर पढ़ें…
शी चिनफिंग ने कनाडा की नई गवर्नर जनरल को बधाई संदेश भेजा
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 8 जून को कनाडा की नई गवर्नर जनरल लुईस आर्बर को बधाई संदेश भेजा।
रूस पर दबाव बढ़ाने की तैयारी, ईयू ने 21वें प्रतिबंध पैकेज का किया ऐलान
यूरोपीय आयोग ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का 21वें पैकेज प्रस्तावित किया है। इसका लक्ष्य ऊर्जा, वित्तीय सेवाएं और क्रिप्टो, व्यापार और पहली बार मत्स्य पालन जैसे अहम सेक्टर हैं
भारत ने पिछले 3 साल में 26 परमाणु हथियार बढ़ाए। अब परमाणु जखीरा 190 तक पहुंच गया है। भारत ने पहली बार 12 न्यूक्लियर बम मिसाइल्स पर लोड करके तैनात कर दिए हैं। ये खुलासा स्वीडिश थिंकटैंक SIPRI की लेटेस्ट रिपोर्ट में हुआ है। आखिर इस तैनाती के मायने क्या हैं और भारत लगाातर अपना न्यूक्लियर जखीरा क्यों बढ़ा रहा; आज के एक्सप्लेनर में 6 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: पिछले दिनों भारत के परमाणु जखीरे में क्या-क्या बदला?जवाबः स्वीडन का थिंकटैंक है- स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI। ये दुनियाभर के परमाणु हथियारों पर नजर रखता है और हर साल एक रिपोर्ट जारी करता है। 8 जून को जारी ‘SIPRI ईयरबुक 2026’ के मुताबिक… सवाल-2: भारत के परमाणु हथियार ‘तैनात’ करने का मतलब क्या है? जवाबः परमाणु बम में मौजूद यूरेनियम और प्लूटोनियम जैसे एनरिच्ड रेडियोऐक्टिव मटेरियल आपस में रिएक्ट करके भारी मात्रा में एनर्जी रिलीज करते हैं, जिससे भयंकर विस्फोट होता है। परमाणु बम अकेले काम नहीं करता। इसे दुश्मन के ठिकाने तक पहुंचाने के लिए एक डिलीवरी सिस्टम की भी जरूरत होती है। ये डिलीवरी सिस्टम 3 तरह के हो सकते हैं… अब सवाल आता है कि परमाणु बम को मिसाइल से जोड़कर रखें या अलग-अलग। इसके 2 तरीके होते हैं- 1. डी-मेटेड: इसमें वॉरहेड यानी परमाणु बम और मिसाइल अलग-अलग रखे जाते हैं। अगर दुश्मन अटैक करता है या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा हो, तो दोनों को जोड़कर फायर कर दिया जाता है। 2. मेटेड: वॉरहेड पहले से मिसाइल पर फिट होते हैं, ताकि खतरे की स्थिति में फौरन सीधे फायर किया जा सके। भारत अब तक पहला तरीका अपनाता था। लेकिन SIPRI की रिपोर्ट कहती है कि पहली बार भारत ने शांतिकाल में 12 परमाणु हथियार मिसाइलों पर तैनात कर दिए हैं। शांतिकाल, यानी वो स्थिति, जब एक देश किसी दूसरे देश के साथ सीधे तौर पर जंग में शामिल नहीं होता। यह बड़ा बदलाव इसलिए है, क्योंकि अब तक यह काम सिर्फ अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन ही करते थे। भारत इस क्लब में शामिल होने वाला छठा देश बन गया है। मौजूदा समय में दुनियाभर की ऑपरेशनल सेनाओं के पास मौजूद 4,012 परमाणु हथियारों में से करीब 2,200 परमाणु हथियार मिसाइलों और विमानों पर तैनात हैं। ये डिप्लॉयड हथियार हाई अलर्ट पर रखे गए हैं। सवाल-3: भारत ने अचानक 12 परमाणु बम क्यों तैनात कर दिए? जवाबः एक्सपर्ट्स इसके पीछे 3 बड़ी वजहें बताते हैं… 1. न्यूक्लियर ट्रायड के लिए पनडुब्बियों पर न्यूक्लियर बम की तैनाती ऑबर्जवर रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में फेलो और डिफेंस एक्सपर्ट मनोज जोशी के मुताबिक, ‘12 परमाणु बमों की तैनाती पूरी तरह से स्ट्रैटेजिक फैसला है। भारत अब तक सुरक्षा कारणों से न्यूक्लियर वॉरहेड्स को मिसाइल से अलग कहीं दूर लोकेशंस पर रखता आया है, लेकिन अब हमारे पास न्यूक्लियर हमले करने में सक्षम सबमरीन्स मौजूद हैं। ये पेट्रोलिंग या गश्त के लिए जाती हैं, तो वहां परमाणु बमों को मिसाइलों से अलग रखना संभव नहीं है।’ 2. पाकिस्तान के टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों का जवाब भारत ने 2003 में अपना न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन जारी किया था। इसके मुताबिक, भारत न्यूक्लियर अटैक के लिए 'नो फर्स्ट यूज' पॉलिसी अपनाता है। यानी भारत पहला वार नहीं करेगा, लेकिन न्यूक्लियर अटैक का जवाब न्यूक्लियर अटैक से देगा। जबकि पाकिस्तान ‘नो फर्स्ट यूज’ की पॉलिसी नहीं मानता। इसके उलट वो भारत पर परमाणु हमला करने की धमकी देता आया है। पाकिस्तान ने हमेशा अपने जखीरे में भारत से ज्यादा परमाणु बम बनाए रखने की कोशिश की है। 2024 तक पाकिस्तान के पास भारत से 2 परमाणु बम ज्यादा थे। साथ ही पाकिस्तान के पास NASR (HAtf-9) जैसी लैंड बेस्ड न्यूक्लियर वॉरहेड ले जा सकने वाली बैलिस्टिक मिसाइल हैं, जिसकी रेंज 60-70 किलोमीटर है। इसे पाकिस्तान का ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन’ भी कहा जाता है। भारत के पास 5 हजार किमी से ज्यादा दूरी यानी चीन तक अटैक करने की क्षमता वाली मिसाइल है, लेकिन 100 से कम रेंज में वार करने वाली मिसाइलें नहीं हैं। एक संभावना है कि भारत ने पाकिस्तान के टैक्टिकल हथियारों के काउंटर के लिए 12 परमाणु बम तैनात किए। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ा है। ऐसे में भारत किसी संभावित टकराव का जवाब देने के लिए अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है। 3. भारत की उत्तरी सीमाओं पर चीन के बढ़ते दबदबे का काउंटर सवाल-4: भारत ने 2023 तक पाकिस्तान से कम परमाणु बम क्यों रखे थे? जवाबः भारत के कम हथियार रखने की 3 बड़ी वजहें हो सकती हैं… 1. भारत ने ‘नो फर्स्ट यूज’ स्ट्रैटजी अपनाई 2. पाकिस्तान से सीधी दुश्मनी, लेकिन उसका इलाका छोटा 3. भारत के पास संसाधन कम, लेकिन तकनीक बेहतर की सवाल-5: भारत ने 3 साल में 26 परमाणु बम क्यों बढ़ाए? जवाबः चीन को ध्यान में रखते हुए भारत अपने परमाणु बम बढ़ा रहा है। चीन के सैन्य ठिकाने बिखरे हुए हैं और उसका एरिया भारत से करीब 3 गुना है। इसीलिए उसे ज्यादा परमाणु बमों और लॉन्ग रेंज मिसाइल्स की जरूरत है। अब भारत 6 से 8 हजार किमी रेंज वाली अग्नि-6 जैसी लॉन्ग रेंज मिसाइलों पर काम कर रहा है। ये चीन के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकती हैं। ऑबर्जवर रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में फेलो और डिफेंस एक्सपर्ट मनोज जोशी कहते हैं, ‘चीन ने बहुत तेजी से परमाणु हथियार बढ़ाए हैं, क्योंकि अमेरिका के मुकाबले उसकी परमाणु क्षमता कम है। चीन के बढ़ते हथियारों के चलते भारत भी सतर्क है, क्योंकि चीन उस पर भी इनका इस्तेमाल कर सकता है। इसीलिए भारत भी अपने परमाणु हथियार बढ़ा रहा है।' ORF में सीनियर फेलो सुशांत सरीन कहते हैं, ‘बीते कुछ सालों में पाकिस्तान और चीन नजदीक आए हैं। इसीलिए कूटनीतिक तौर पर भारत, दोनों देशों को ये संदेश ही देना चाहता है कि अगर वे एकसाथ दो मोर्चों से भारत पर हमला करें, तो भी भारत दोनों पर मजबूत पलटवार करने में सक्षम होगा। सवाल-6: तो क्या अब पाकिस्तान और चीन से एकसाथ निपट सकता है भारत? जवाबः चीन परमाणु हथियारों के मामले में हमसे कहीं आगे हैं… उसके पास भारत से करीब 3 गुना यानी 620 परमाणु हथियार हैं। SIPRI के मुताबिक, 2023 से चीन हर साल 100 न्यूक्लियर हथियार बढ़ा रहा है। जबकि भारत ने 2023 से 2025 तक सिर्फ 16 न्यूक्लियर हथियार बढ़ाए हैं। पाकिस्तान और चीन दोनों के परमाणु हथियार जोड़कर भारत से चार गुना ज्यादा होते हैं। SIPRI के मुताबिक, चीन रेगिस्तानों और पहाड़ों पर करीब 350 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल भी तैनात कर रहा है। चीन ने भी पहली बार अपने 24 परमाणु हथियारों को मिसाइलों और ऑपरेशन बेसों पर तैनात किया है। हालांकि मनोज जोशी कहते हैं, ‘परमाणु युद्ध परमाणु हथियारों की संख्या पर बहुत निर्भर नहीं करती। 5-10 परमाणु बम भी एक पूरा देश तबाह कर सकते हैं। अगर पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कुल 5 बम ही गिरा दिए जाएं, तो फिर पाकिस्तान में बाकी क्या रहेगा। भारत में मुंबई, दिल्ली और कोई दो बड़े शहरों पर परमाणु हथियार गिरा दिए जाएं, तो बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा।’ मनोज कहते हैं कि इसी तरह अगर चीन हमारे 150 परमाणु हथियार भी खत्म कर दे, तो भी जवाबी हमले के लिए हमारे पास 30 हथियार होंगे। इनसे भारत, चीन के 15 बड़े शहर खत्म कर सकता है। सुशांत भी कहते हैं कि हथियारों का जखीरा सिर्फ न्यूक्लियर डिटरेंस दिखाने के लिए होता है। अगर कभी परमाणु हमले की नौबत आई, तो पाकिस्तान के महत्वपूर्ण तीन-चार इलाकों पर बम गिराना ही भारत के लिए काफी होगा।‘ *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें…क्या नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया; पीएम बालेन शाह का बड़बोलापन, उनका ही नुकसान क्यों करेगा पीएम बालेन शाह ने रविवार को दावा किया- नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन पर कब्जा किया है। मामले ने तूल पकड़ा, तो नेपाल के विदेश मंत्रालय को सफाई देनी पड़ी। पढ़ें पूरी खबर…
दक्षिणी लेबनान के शहर टायर में इजरायली एयरस्ट्राइक, 8 की मौत
इजरायली एयरस्ट्राइक में दक्षिणी लेबनान के प्रमुख तटीय शहर टायर में 8 लोगों की मौत हो गई। आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेस) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शहर के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का आदेश जारी किया था।
PoK में पाकिस्तान सेना ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलियां, 30 से ज्यादा मरे, 200 घायल
पीओके में जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) की ओर से 9 जून को एक बड़े लॉन्ग मार्च का आह्वान किया गया था। जेएएसी क्षेत्र का एक प्रमुख नागरिक अधिकार संगठन माना जाता है, जो लंबे समय से शासन व्यवस्था, सब्सिडी, बिजली, खाद्यान्न और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है।
अमेरिकी अदालत से 1 लाख डॉलर का एच-1बी वीजा शुल्क रद्द होने के बाद व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचाव किया है। अमेरिकी संघीय अदालत ने वीजा शुल्क को यह करते हुए रद्द कर दिया कि प्रशासन ने अपनी अधिकार सीमा से बाहर जाकर काम किया और एक गैर-कानूनी टैक्स लगाया।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से साफ कहा कि अगर इजराइल लगातार बड़े हमले करता रहा तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अलग-थलग पड़ सकता है।
ओमान तट के पास व्यापारी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, 24 भारतीयों को किया गया रेस्क्यू
भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) मुंबई ने ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर एक त्वरित और सफल बचाव अभियान को अंजाम दिया है
मस्कट में भारतीय दूतावास ने होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में आग लगने की घटना के बाद एमटी मैरीवेक्स पर सवार 24 भारतीय क्रू को बचाए जाने की पुष्टि की है
ट्रंप का दावा- ईरान परमाणु समझौते के लिए तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश छोड़ने और अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने को तैयार है
पीओके के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी को लेकर चिंता, हालात पर उठे सवाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित गोलीबारी को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं
फिलीपींस में भूकंप के बाद 32 लोगों की मौत, कई इमारतें क्षतिग्रस्त, स्कूल बंद करने की घोषणा
दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। भूकंप में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई, कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और स्कूलों और विमानों का संचालन रोक दिया गया। कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में हटा लिया गया।
जंग शुरू होने के 100वें दिन, यानी 7 जून को ईरान और इजराइल फिर भिड़ गए। ईरान के तेहरान, तबरीज और इस्फहान में धमाके गूंजे। इजराइल पर भी ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प दोनों पक्षों से शांति की गुहार लगा रहे हैं। आखिर 2 महीने से जारी सीजफायर अचानक क्यों टूटा, क्या अमेरिका के बिना इजराइल लड़ पाएगा और दोबारा जंग से भारत पर कितना असर पड़ेगा; आज के एक्सप्लेनर में 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: क्या वाकई ईरान और इजराइल में दोबारा जंग शुरू हो चुकी है? जवाब: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। 5 हफ्ते जंग चलती रही। ईरान हार मानने को तैयार नहीं था। पाकिस्तान की कोशिशों के बाद 8 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रम्प ने सीजफायर की घोषणा कर दी। तब से दोनों पक्षों में कोई सीधा बड़ा हमला नहीं हुआ था, लेकिन करीब 2 महीने बाद ये शांति वापस भंग हो गई… ईरान की FARS न्यूज एजेंसी ने 8 जून को दावा किया कि अब ईरान हमले रोक रहा है। इजराइल की तरफ से ऐसा कोई संकेत फिलहाल नहीं मिला है। सवाल-2: क्या अमेरिका भी इजराइल के साथ इन हमलों में शामिल है? जवाब: इजराइल के ताजा हमलों में अमेरिका सीधे शामिल नहीं है। उल्टा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट Axios के मुताबिक, ईरान के हमलों के बावजूद ट्रम्प नेतन्याहू को फोन करना चाहते थे कि पलटवार न करें। लेकिन इजराइल ने हमला कर दिया। ट्रम्प इजराइल के बेरूत पर हमले से भी बिल्कुल खुश नहीं थे। उन्होंने अमेरिकी मीडिया से कहा भी कि इन हमलों से शांति समझौते के इरादे पर कोई असर नहीं पड़ा है। नेतन्याहू के पास भी इसे स्वीकार करने के अलावा 'कोई विकल्प' नहीं है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, ‘सारे फैसले मैं लेता हूं, नेतन्याहू नहीं।’ इससे पहले जब 2 जून को इजराइल ने लेबनान पर हमला किया था। तब भी ट्रम्प ने नेतन्याहू को फटकार लगाई थी। Axios ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ट्रम्प ने फोन पर नेतन्याहू को गालियां दीं और कहा कि वो शांति वार्ता को बर्बाद कर रहे हैं। सवाल-3: क्या अमेरिका के बगैर ईरान का मुकाबला कर पाएगा इजराइल? जवाबः इजराइल और ईरान जमीन से जुड़े हुए नहीं हैं, यानी किसी भी तरह से सीमा साझा नहीं करते हैं। इसलिए जंग हवा या पानी में ही हो सकती है। इसके लिए इजराइल को अमेरिका की मदद चाहिए। मिलिट्री पावर रैंकिंग में इजराइल दुनिया में १५वें नंबर पर है और ईरान १६वें। ऐसे में ईरान से निपटने के लिए इन 4 वजहों से इजराइल को अमेरिका की सख्त जरूरत है… 1. लंबी दूरी की उड़ान के लिए रीफ्यूलर्स की कमी 2. हवाई हमला रोकने वाले इंटरसेप्टर्स की कमी 3. इजराइल के पास जमीन और लोगों की कमी 4. इतनी महंगी जंग का खर्च कौन उठाएगा विवेक मिश्र के मुताबिक, ‘अमेरिकी मदद के बिना इजराइल 10-15 दिन ईरान का मुकाबला कर सकता है। इसके बाद उसे अमेरिका का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।’ दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में रिसर्च एसोसिएट और ईरानी मामलों के जानकार यासिर अली मिर्जा कहते हैं, ‘ट्रम्प भले ही इस जंग से ऊब चुके हैं, लेकिन वो चाहकर भी इजराइल को जंग में सपोर्ट करना बंद नहीं कर सकते, क्योंकि इजराइली लॉबी का अमेरिका की विदेश नीति में दखल है। ये लॉबी अमेरिकी सांसदों और पॉलिसी मेकर्स को फंड भी करती है।’ सवाल-4: आखिर ट्रम्प की बात क्यों नहीं मान रहे नेतन्याहू? जवाबः एक्सपर्ट्स इसके पीछे दो बड़ी वजहें मानते हैं… नेतन्याहू का करप्शन केस से बचने और सत्ता में बने रहने की कोशिश दुश्मन को खत्म करने का आखिरी बड़ा मौका सवाल-5: मिडिल ईस्ट में दोबारा जंग शुरू होने से भारत की चिंता क्यों बढ़ गई?जवाबः 100 दिन की ईरान जंग में दुनिया की जीडीपी को 339 लाख करोड़ रुपए के नुकसान होने का अनुमान है। भारत भी इससे असर से अछूता नहीं है… ------------------- ये खबर भी पढ़िए… होर्मुज में जलते जहाज से 24 भारतीयों का रेस्क्यू:ईरान बोला- अब इजराइल पर हमले नहीं; भारत ने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा होर्मुज स्ट्रेट के पास एक तेल टैंकर में आग लगने के बाद उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों को इंडियन नेवी ने बचा लिया है। शुरुआती रिपोर्टों में जहाज पर हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़िए…
एक स्थानीय आपदा अधिकारी के अनुसार, फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में आए 7.8 तीव्रता के ऑफशोर (समुद्र के पास) भूकंप में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है।
ईरान पर इजरायली पलटवार: पश्चिमी और मध्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक
यरूशलम, 8 जून (आईएएनएस)। ईरान की मिसाइल बौछारों के बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया कि इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
इजरायल-ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने की शांति की अपील, बातचीत की मेज पर लौटने को कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से कहा है कि वह इजरायल पर मिसाइलें दागना बंद करे और फिर से बातचीत की मेज पर लौट आए। यह बयान तब आया जब ईरान ने इजरायल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई खेप दागी।
पीएम नेतन्याहू ने लेबनान में जारी हमलों के बीच किया दावा, 'पीछे हट रहा है हिज्बुल्लाह'
इजरायल में हर हफ्ते होने वाली कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखे हुए है
पाकिस्तानी सेना आंतरिक सुरक्षा को ठीक करने में रही नाकाम
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) के अनुसार, मई में पाकिस्तान में हुई मिलिटेंट हिंसा में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

