तेल, ताकत और तख्तापलट... अब किसके हवाले की जाएगी वेनेजुएला की सत्ता? ट्रंप ने खोल दिए पत्ते
Donald Trump: अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अब वेनेजुएला की सत्ता किसके हाथ में होगी. आइए जानते हैं इस हमले के बाद के बाद वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है…
राष्ट्रपति, लेकिन बेबस: मादुरो और पत्नी को सैन्य अड्डे के बेडरूम से घसीटते हुए ले गई अमेरिकी फोर्स
Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को बंदी बना लिया है. राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ काराकास के हाई-सिक्योरिटी फोर्ट टिउना मिलिट्री कंपाउंड में अपने घर के अंदर सो रहे थे, तभी अमेरिकन कमांडो ने घर में घुसपैठ की.
वाहेगुरु गुरु जी का खालसा। वाहेगुरु जी की फतह। मैं वही महिंदर कौर हूं, जिसे कंगना रनोट ने 100-100 रुपए लेकर किसान आंदोलन में जाने वाली महिला कहा था। कंगना बीबी ने बाकायदा मेरी फोटो शेयर कर लिखा था कि ‘यह वही दादी हैं जो 100 रुपए में परफॉर्मेंस के लिए उपलब्ध हैं।’ बीबी ये जान ले कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थीं। मैं खुद बठिंडा के गांव महेंद्रगढ़ जंडियां के किसान परिवार से हूं। पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ रही हूं और जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती मैं लड़ती रहूंगी। जब तक उसे सबक नहीं सिखा देती, तब तक अदालत जाती रहूंगी। कंगना के शब्दों ने मेरे समेत तमाम पंजाबियों के दिलों पर चोट की है। कंगना पर केस के चक्कर में कुल साढ़े सात लाख कर्ज है मुझ पर। साहूकार का 62,000 का कर्ज अलग से है। बैंक वालों ने हम पर केस कर रखा है। ट्रैक्टर नहीं है हमारे पास, किराए पर लेते हैं हर साल। मेरी कुछ जमीन राजस्थान में भी है, जो मेरे ही रिश्तेदारों ने हड़प ली है। उसका भी केस चल रहा है। चाहे कंगना वाला मामला हो या मेरी जायदाद का मामला हो, दोनों में ही वकील को पैसे देने पड़ते हैं। वकील बात करने तक के पैसे लेता है। जमीन बेचकर उसे लाखों रुपए दिए हैं मैंने। कुछ कर्ज लिया, कुछ जमीन बेची। कंगना वाले मामले में किसान जत्थेबंदियों ने भी मेरी मदद की है। मैं तो अनपढ़ हूं। मुझे तो अपनी उम्र भी नहीं पता। आजादी के वक्त दो साल की थी, उस हिसाब से अब मेरी उम्र करीब 82 साल होगी। जब हमें पता लगा कि मीडिया के जरिए कंगना ने ऐसा कहा है तो पंजाबियों का खून खौल गया। सभी एक हो गए। हमारे पूरे गांव में इस बारे में मीटिंग हुई। गांव ने फैसला लिया कि इस पर मानहानि का केस करो। इसे बोलने की तमीज सिखाई जाए। ऐसे तो हर कोई उठकर हमें कुछ भी बोल देगा। जिन्होंने यह फैसला लिया वो मेरे बच्चे जैसे थे, उन्होंने मुझे मां बना लिया। पूरा पंजाब ही इस मसले पर एक हो गया। किसान जत्थेबंदियों को विदेशों तक से फोन आए कि मानहानि का केस किया जाए। मैं पंजाब और पंजाबियों के लिए लड़ रही हूं। किसान यूनियन की जड़े विदेशों तक फैली हैं, सहायता भी आई थी। हमारे बच्चे जो विदेशों में बैठे हैं उनका खून खौल गया। इसलिए मैंने केस किया। मेरे तीन बेटियां हैं, उन्होंने मुझे जाने से मना किया, लेकिन मैं नहीं रुकी। फिर मुझे किसी ने रोका भी नहीं। इस सोमवार यानी पांच जनवरी को कोर्ट में तारीख है। कंगना कोर्ट में पेश होगी। मैंने आज तक उसे देखा नहीं है। उससे मिलना चाहती हूं। देखना चाहती हूं कि आखिर वो कितनी बड़ी शेरनी है, जिसने शेर किसान बेटे की शेरनी मां को गलत शब्द बोले हैं। वो जवान है, भाजपा सांसद है, पैसे वाली है, एक्ट्रेस है। फिर भी मेरे सामने क्यों नहीं आती है, उसे किस बात का डर है। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है। मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं, लेकिन पांच साल में मैंने हार नहीं मानी। खाली हाथ अदालत के मैदान में जाती हूं। मुझे तो उससे या उसकी सरकार से डर नहीं लगता। मैं उससे पूछना चाहती हूं कि क्या कोई किसान 100 रुपए की खातिर आंदोलन में जाएगा? उसे लगता है हम उसे मार देंगे। अगर वो शेरनी है तो सामने तो आए, पीछे क्यों हट रही है। वो तो छिप रही है, हम तो नहीं छिप रहे। मेरे मन में रोष है कि वो इतनी पढ़ी-लिखी होकर भी, बड़े नेताओं को खुश करने के लिए और टिकट लेने के लालच में हमें आतंकवादी और माओवादी कहती है। उसने कहा कि इंदिरा के दंगों के वक्त हमें मच्छर जैसे मसल दिया गया। हम अन्नदाता हैं। हमारा उगाया अन्न सारा देश खाता है, कंगना भी खाती है। फिर भी हमें कीड़ा-मकोड़ा समझती है। मुझे दुख है कि जिसे खेती किसानी के बारे में जरा सा भी नहीं पता, वो महिला किसानों के खिलाफ ऐसी बातें करती है। बसता हुआ पंजाब कंगना को अच्छा नहीं लगता है। कंगना मुझसे माफी मांगे। एकबार मुझसे पूछे तो सही कि मैं उसे माफ करूंगी या नहीं। उसने जज से माफी मांगी है, मेरे तो मत्थे ही नहीं लगी। पांच साल अकेले अदालत में धक्के खाने के बाद अब माफी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। माफी का वक्त अब निकल चुका है। जितनी बारी मैं अदालत गई हूं उतनी बार वो आए। मिले तो सही मुझसे, मेरे सामने तो आए। मैं उसे सबक सिखाना चाहती हूं। अक्ल देना चाहती हूं। कंगना को ये पता चलना चाहिए कि किसी कौम को ऐसे छेड़ना आसान नहीं। बीबी कंगना थोड़ा जुबान पर लगाम रख, कौड़े बचन न बोल। संभल कर बोल, अभी भी स्याणी बन जा। मैं फिर उसे यही कहूंगी की वह जियूंदी बसती रहे बीबी, लेकिन अदालत आए कम से कम। मेरे पास कुल 12 किले (जमीन नापने की इकाई) जमीन है। एक बेटा है। मैंने रातों को अपने बेटे को खेतों में काम करते हुए और पानी देते हुए देखा है। मैं खुद इस उम्र में धान बोती हूं। बेटा फसल उगाने से लेकर उसे मंडी तक गिराने तक का काम खुद करता है। इतनी मेहनत कौन कर लेगा। मैं तो इस उम्र में भी सारा काम खुद करती हूं। चाय बनाती हूं, खाना बनाती हूं। बारिश, आंधी, तूफान, सर्दी, गर्मी कुछ हो हम खेत में ही रहते हैं। किसान कहां रुकता है। मेरे इकलौते बेटे को चार महीने पहले खेत में धान बोते हुए सांप ने काट लिया। जहर उसके खून में आ गया था। वह बिस्तर पर पड़ा है। चार महीने के बाद अब कहीं जाकर डॉक्टर ने कहा है कि खतरे की कोई बात नहीं है। किसान आंदोलन पर मैं अपनी बहू के साथ गई थी। मेरी बहू भी बराबर मेरे साथ 200 दिन तक वहां बैठी थी। वहां उसे ऐसी सर्दी लगी कि निमोनिया हो गया, जो संभला ही नहीं। आखिरकार वो मर गई। बेटा बिस्तर पर है, बहू मर गई, उनका कोई बच्चा नहीं है। मेरा घर देखो कैसा है, अभी तक बना नहीं है। हम अनपढ़ ही सही, लेकिन शेरनियां हैं। दरअसल, मोदी सरकार जब काले कानून लेकर आई थी तब हर दिन हमारे गांव के गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट होने लगी। गांव की पंचायत और किसान जत्थेबंदी के प्रधान ने इन कानूनों का और इसका किसानों पर असर का पंजाबी में तर्जुमा करके हमें बताया। तब हमें पता लगा कि यह क्या बला है। हम हर दिन गुरुद्वारे जाने लगे, वहां इन कानूनों के बारे में बताया जाता था। हमें बताया गया कि तुम्हारे बच्चों को जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। तुमसे तुम्हारी ही जमीन पर दिहाड़ी पर काम करवाया जाएगा। तुम्हें लगता है कि हम किसान दिहाड़ी मजदूरी कर सकेंगे। जब हमें समझ आ गया कि यह क्या कानून है, उसके बाद हम सबने दिल्ली की राह पकड़ ली। जब बेटे धरने पर बैठे हों तो माएं कहां से घर बैठ जाएंगी। हम अणखी पंजाबी हैं। क्या बच्चे, क्या औरतें सभी अपने बेटों की जायदाद की खातिर घर से निकल गईं। वहां हमें गर्मी लगी, बारिश आई, धुंध रही, सर्दी हुई। ऐसा कौन सा दुख था जो हमने नहीं सहा। बारिशों में हम ट्रालियों में बैठे। आंधी में हमारे तंबू उखड़ गए, हमने फिर लगा लिए। दुख ऐसा था कि हमसे सहा तो नहीं जाता था, लेकिन हम डटे रहे। वहां कौन सी हमारी हवेलियां थीं, लेकिन हम औरतें फिर से उसे लगा देती थीं। सरकारों ने बुढ़ापे में वक्त डाला, लेकिन भगवान ने साथ दिया। हमें वो वक्त कभी भूलेगा नहीं जो इस सरकार ने हम पर डाला और कंगना बोलती है कि हम सौ सौ रुपए लेकर आंदोलन में आए हैं। हम वहां घूमने या किसी एश परस्ती में नहीं गए थे। बल्कि हम पर वक्त पड़ गया था ऐसा। कंगना खुद तो इश्क की छांव में थी और पैसों में खेल रही थी। हमारे पास कैसी छांव और कैसा पैसा। हम तो दाने उगाएंगे तो खाएंगे और देश को खिलाएंगे। पता नहीं कंगना क्यों पंजाब का बुरा चाहती है। सरकार जनता की सुख मनाए जनता है तभी वो राज कर सकेंगे। मेरे सामने की बात है, मैं 200 दिन तक किसान आंदोलन में बैठी हूं। कितने किसान मेरे सामने मर गए। मैंने रोती हुई माएं देखी हैं। मुझे नहीं भूलते वो सब। मरते दम तक कंगना से अदालत में लड़ूंगी। पीछे नहीं हटूंगी। (महिंदर कौर ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) -------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-रिश्तेदार की लाश लेकर आया, मेरे गाल छूने लगा:लाशें जलाने के कारण शादी नहीं हुई- पति के बिना जी लूंगी, लाशों के बिना नहीं मैं टुम्पा दास- पश्चिम बंगाल में डोम समुदाय की पहली महिला हूं, जो पिछले कई सालों से कोलकाता के बड़िपुर गांव के श्मशान में लाशें जला रही हूं। पता नहीं भारत में कोई और महिला यह काम करती है या नहीं, पर मैंने यही रास्ता चुना… और यह रास्ता आसान नहीं था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
केरल के सबरीमाला मंदिर से चोरी हुए 4.5 किलो सोने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। SIT जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिसके बाद अब ये मामला मंदिर के द्वारपालकों की मूर्तियों से सोना चोरी होने तक ही सीमित नहीं है। केरल पुलिस का दावा है कि चोरी में मंदिर प्रशासन और कई रसूखदार राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसमें बड़े इंटरनेशनल मूर्ति तस्करी रैकेट और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के शामिल होने का भी शक है। अब सवालों के घेरे में वो लोग हैं, जिनकी निगरानी में ये गड़बड़ी पता चली। 12 दिसंबर को केरल के स्पेशल कोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व चेयरमैन और CPI(M) नेता ए. पद्मकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं 17 दिसंबर को मंदिर बोर्ड से जुड़े एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर श्रीकुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि मंदिर के गर्भगृह के मुख्यद्वार और द्वारपालकों की मूर्तियों से सोने की परतें हटाकर बाहर भेजी गईं। केरल पुलिस ने एक NRI शख्स को भी गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में तमिलनाडु के डिंडीगुल में रहने वाले डी मणि और केरल निवासी उन्नीकृष्णन पोट्टी को चोरी का मास्टरमाइंड बताया। वहीं, केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का आरोप है कि LDF सरकार के कार्यकाल में मंदिर की 4 पंचलोहा मूर्तियों को बाहर निकालकर इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क को बेच दिया गया। अब तक इस मामले में TDB के पूर्व चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि केस में अब तक चार्जशीट फाइल नहीं हो पाई है। इस मामले में केरल और तमिलनाडु के दो गोल्ड कारोबारी भी रडार पर हैं। दैनिक भास्कर ने इस मामले में अब तक हुई जांच का पता लगाया और घटना के जिम्मेदारों की लिस्टिंग की है। एक्सपर्ट्स और केरल पुलिस के सोर्सेज से ये भी समझने की कोशिश की कि क्या सबरीमाला में चोरी के पीछे अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का हाथ हो सकता है। केरल की पॉलिटिकल पार्टियों की भी राय जानी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले उन किरदारों पर चलते हैं, जो केरल पुलिस की रडार पर हैं… सबरीमाला मंदिर से 4.5 किलो सोना चोरी होने के मामले में केरल का नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी मुख्य आरोपी है। पोट्टी को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है।1. मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर द्वारपालकों की मूर्तियों पर चढ़ी सोने की प्लेटें चोरी कीं।2. TDB बोर्ड के अधिकारियों की सिफारिश पर गर्भगृह के सोने से मढ़े दरवाजों को तांबे की प्लेट बताकर हटाया। मामले की जांच कर रही SIT से जुड़े सोर्स ने बताया कि उन्नीकृष्णन पोट्टी 29 अगस्त 2019 को द्वारपालक मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई की एक फर्म 'स्मार्ट क्रिएशंस' के पास ले गए थे। उस वक्त तिरुवभरणम कमिश्नर आरजी राधाकृष्णन ने महाजर (सरकारी दस्तावेज) में बताया था कि सोने की परत चढ़ाने से पहले 38,258 ग्राम तांबे के पैनलों की चेकिंग की गई। इससे जुड़े दस्तावेज पर पोट्टी के साइन भी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि 1999 में जिन पैनलों पर बिजनेसमैन विजय माल्या ने सोने की परत चढ़वाई थी, वो पैनल 2019 तक तांबे के कैसे बन गए। SIT सोर्स ने बताया, ‘इस मामले में एक मलयाली NRI बिजनेसमैन से पूछताछ की गई, जिसने कबूला है कि मंदिर में हुई चोरी में पोट्टी का बड़ा हाथ था। सबरीमाला में 2019 और 2020 के दौरान बड़े पैमाने पर मूर्तियों की तस्करी हुई। इसी दौरान पंचधातु की 2 मूर्तियां एक अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी गिरोह को बेची गईं। इन्हें तमिलनाडु के रहने वाले डी मणि ने खरीदा था।’ ’NRI शख्स ने खुलासा किया है कि उन्नीकृष्णन पोट्टी खरीदारों और मंदिर प्रशासन के बीच हुई सौदेबाजी में मिडिलमैन था क्योंकि उस वक्त सबरीमाला में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले एक उच्च अधिकारी ने मूर्तियां उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी।’ SIT को दिए गए बयान में NRI व्यापारी ने बताया कि मूर्तियों की खरीदारी के वक्त उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ डी मणि और सबरीमाला के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। अब केरल पुलिस एक-एक करके इन्हें दबोच रही है। इस मामले में 17 दिसंबर को TDB के पूर्व एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर AO श्रीकुमार और 29 दिसंबर को मंदिर बोर्ड के सदस्य रह चुके एन. विजयकुमार को गिरफ्तार किया गया है। उन्नीकृष्णन पोट्टी के अलावा इस मामले का दूसरा मास्टरमाइंड तमिलनाडु का मूर्ति व्यापारी डी मणि है। उसका असली नाम बालमुरुगन है। केरल पुलिस में शामिल एक सीनियर अफसर ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि डी मणि तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम था। हालांकि केरल कांग्रेस के लीडर रमेश चेन्निथला ने 14 दिसंबर को खुद SIT से संपर्क कर उससे जुड़ी अहम जानकारी दी। 'उसी जानकारी के आधार पर SIT टीम को चेन्नई भेजा गया। जहां कई दिनों की निगरानी और पीछा करने के बाद डी मणि का पता लगा। चेन्निथला के अलावा डी मणि का नाम NRI बिजनेसमैन ने भी लिया था। उसने आरोप लगाया कि डी मणि उस गिरोह का हिस्सा था, जो साउथ के मंदिरों की मूर्तियों की तस्करी की बड़ी प्लानिंग कर रहा था। उनके निशाने पर तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर भी था।’ 'व्यवसायी ने अपने बयान में ये खुलासा किया कि इंटरनेशनल मार्केट में डी मणि को लोग 'डायमंड मनी' और 'दाऊद मनी' जैसे नामों से जानते थे। उसका गिरोह केरल के मंदिरों से करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले की प्लानिंग कर रहा था।' SIT सोर्सेज के अनुसार, इंटरनेशनल ब्लैक मार्केट में सोने की चादरें और दुर्लभ मूर्तियां भारी कीमतों पर खरीदी-बेची जाती हैं। खासकर जब उन्हें अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के जरिए बेचा जाए। पूछताछ में ये भी पता चला है कि ये गैंग अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और खाड़ी देशों में ऑपरेट कर रहे अंतरराष्ट्रीय तस्करों को मूर्ति सप्लाई करता था। ये दुर्लभ कलाकृतियों के लिए करोड़ों रुपए देने को तैयार थे। मामले में 30 और 31 दिसंबर को SIT ने डी मणि से पूछताछ की। इस दौरान उसे कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है। मणि ने केरल पुलिस को बताया कि वो तिरुवनंतपुरम केवल दो बार आया। न वो NRI बिजनेसमैन को जानता है और न ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को। मणि से पूछताछ के बाद SIT इस नतीजे पर पहुंची है कि वो इरिडियम धोखाधड़ी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल डी मणि को छोड़ दिया गया है, लेकिन उससे आगे भी पूछताछ हो सकती है। सबरीमाला सोना चोरी मामले में सबसे बड़ा चेहरा पूर्व TDB चेयरमैन और CPI(M) विधायक ए पद्मकुमार हैं। पद्मकुमार 2019 में मंदिर बोर्ड के चेयरमैन थे। आरोप है कि 19 मार्च 2019 को उनकी अध्यक्षता में मंदिर बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके बाद गर्भगृह के मुख्यद्वार पर चढ़ी सोने की प्लेटें उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। SIT को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान मंदिर से सोना गायब हुआ होगा। SIT सोर्स ने बताया, ‘29 दिसंबर को चोरी के इस मामले में पद्मकुमार की भूमिका सही साबित हुई। जब TDB के पूर्व सदस्य एन विजयकुमार ने SIT को बताया कि उन्होंने पद्मकुमार के कहने पर ही सोने की परत चढ़ाने के काम से जुड़े अहम दस्तावेज साइन किए थे।’ 69 साल के पद्मकुमार फिलहाल केरल पुलिस की न्यायिक हिरासत में हैं। बीते 12 दिसंबर को कोल्लम कोर्ट में पद्मकुमार के वकील राजन ने उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अब PMLA-मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ED के पास उनकी तलाशी और जब्ती के अधिकार हैं। ऐसे में पद्मकुमार की जमानत पर कई महीनों तक रोक बरकरार रह सकती है। केरल और तमिलनाडु के 2 गोल्ड बिजनेसमैन भी रडार पर केरल SIT ने इस केस में कर्नाटक के सोना कारोबारी गोवर्धन और चेन्नई के बिजनेसमैन पंकज भंडारी को भी बराबर दोषी माना है। आरोप है कि दोनों ने जांच के दौरान केरल पुलिस से न सिर्फ अहम सबूत छिपाए, बल्कि अधिकारियों को गुमराह करने की भी कोशिश की। 24 दिसंबर को कर्नाटक के बेल्लारी में गोवर्धन के 'रोड्डम ज्वेलरी' शोरूम में छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस ने दुकान बंद करवाकर वहां कई घंटों तक स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और लॉकर में रखी ज्वेलरी की जांच की। जांच टीम का ये मानना है कि मंदिर के सोने की मूल प्लेट्स अब भी गायब हैं, जिनकी बरामदगी के लिए दूसरी बार गोवर्धन के ठिकानों पर छापेमारी की गई। पहली कार्रवाई में बेल्लारी से 470 ग्राम सोना जब्त किया गया था, लेकिन उस सोने का संबंध सबरीमाला मंदिर से नहीं पाया गया। अब आरोपी गोवर्धन ने केरल हाईकोर्ट का रुख करते हुए SIT पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मंदिर से 500 करोड़ का सोना चोरी होने का दावाजैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, केरल हाईकोर्ट भी SIT जांच की प्रोग्रेस पर नजर बनाए हुए है। अदालत ने मंदिर से लापता सोने को पता लगाने में हो रही देरी, जांच और गवाहों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया है कि क्या सोने की मूल छड़ों की तस्करी करके उन्हें सोने की परत चढ़ी तांबे की छड़ों से बदल दिया गया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सबरीमाला मंदिर में रखे गए सोने को साइंटिफिक टेस्टिंग के लिए विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) भेजा गया है। टेस्टिंग रिजल्ट आने के बाद ये साबित हो पाएगा कि क्या वाकई सोने में मिलावट की गई। गोल्ड स्कैम मामले में SIT को अहम जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ये कह चुका है कि भारत के मंदिरों से धातु की दुर्लभ मूर्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त में पहले भी सुभाष कपूर जैसे फॉरेन स्मगलर्स शामिल रहे हैं। ऐसे में संभव है कि सबरीमाला मंदिर से जो सोना और कीमती सामान निकाला गया, उसे पुरानी कीमती सामान के तौर पर बेच दिया गया हो।‘ ‘मंदिर के सोने की चोरी में TDB बोर्ड के पुराने अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। मेरा अनुमान है कि गायब संपत्तियों की कीमत लगभग 500 करोड़ हो सकती है।‘ इस केस में पूर्व TDB चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में तेजी लाने के लिए 30 दिसंबर को हाईकोर्ट ने SIT में दो सर्कल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को होगी। एक्सपर्ट बोले- केस में जांच की दिशा सही, लेकिन रफ्तार धीमीकेरल के सीनियर जर्नलिस्ट केए शाजी सबरीमाला गोल्ड स्कैम केस पर करीब से नजर रख रहे हैं। उनका मानना है कि मामले की जांच सही दिशा में जरूर है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है। SIT ने डी मणि और उन्नीकृष्णन पोट्टी जैसे अहम नामों को पकड़ तो लिया है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि चोरी हुआ सोना कहां है और किसे बेचा गया है। न ही चार्जशीट दाखिल हो पाई है। जब तक मनी ट्रेल सामने नहीं आती, ये केस सिर्फ गिरफ्तारियों तक ही सीमित रहेगा। केए शाजी कहते हैं, ‘दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपए का दान और बेशकीमती सामान भेंट किए जाते हैं, लेकिन इसका सटीक ब्योरा आम जनता के सामने कभी ट्रांसपेरेंसी से नहीं रखा जाता। अगर मंदिरों में हर साल मिलने वाले दान और चढ़ावे का सार्वजनिक ऑडिट किया जाए और भक्तों को इसका ब्योरा दिया जाए तो इससे दो बड़े फायदे होंगे।‘ 1. मंदिर में आने वाले हर चढ़ावे का सटीक और दस्तावेजी लेखा-जोखा बना रहेगा।2. मंदिर प्रशासन और टेंपल बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे खजाने और बहुमूल्य संपत्तियों को लेकर निगरानी और सतर्कता मजबूत होगी। पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं… BJP: मूर्तियां अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल नेटवर्क को बेची गईं, CBI जांच होकेरल BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर कहते हैं, ‘ यह मामला भगवान अयप्पा मंदिर में लूटे गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं है। इसमें कुछ लोगों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। ये एक बड़ी राजनीतिक साजिश है, जो कांग्रेस-UDF के शासनकाल में शुरू हुई और माकपा-LDF के शासन में खूब आगे बढ़ी। लिहाजा मामले में सिर्फ SIT जांच काफी नहीं है। CBI को ये केस जल्द से जल्द हैंडओवर किया जाना चाहिए।‘ ‘ये केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक धार्मिक और राजनीतिक षड्यंत्र है। 2015 में भी UDF शासनकाल के दौरान बदली गईं पवित्र ‘पठिनेट्टम पदी’ (मंदिर तक जाने वाली सोने की 18 सीढ़ियां) के कुछ हिस्सों के साथ छेड़छाड़ की गई। इस मामले में भी चोरी हुई। BJP अयप्पा भक्तों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।‘ कांग्रेस: जांच में हो रही चूक उजागर करेंगेकेरल कांग्रेस के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन कहते हैं, ‘सबरीमाला सोने की लूट मामले में CBI जांच की मांग सबसे पहले कांग्रेस ने ही की थी। हमने इस पर ज्यादा जोर इसलिए नहीं दिया क्योंकि केरल हाईकोर्ट ने खुद इस मामले को गंभीरता से लिया था। अगर कोर्ट ने दखल नहीं दिया होता तो ये चोरी आज भी जारी रहती। 2019 में हुई चोरी 2026 में भी होती।‘ ‘CM ऑफिस के इशारे पर दो सीनियर IPS अधिकारी SIT पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता। इन दोनों को मामले से हटा दिया जाना चाहिए, नहीं तो इन अधिकारियों के नाम उजागर किए जाएंगे।‘ LDF: सबरीमाला पर UDF और BJP झूठ फैला रहेLDF में शामिल CPM के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन कहते हैं, ‘सबरीमाला मामले की जांच जारी है, बावजूद इसके विपक्षी दल इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। कांग्रेस इसका फायदा उठाना चाहती है। UDF और BJP ने सबरीमाला जैसे मुद्दों पर झूठा प्रचार किया। उनकी ये कोशिश सफल नहीं हुई। उन्हें लोकल निकाय चुनाव में हार झेलनी पड़ी। क्या केस में आरोपी बनाए गए पद्मकुमार पर पार्टी एक्शन लेगी? इस सवाल पर गोविंदन कहते हैं, ‘CPM ऐसी पार्टी नहीं है जो खबरों के आधार पर कार्रवाई करती है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही हम कोई फैसला लेंगे।‘ UDF: SIT जांच शुरू होने के बाद मामला धीमा पड़ा UDF में शामिल रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी RSP के सीनियर लीडर शिबू बेबी जॉन ने मामले में हो रही जांच की दिशा पर सवाल उठाए हैं। केरल हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि SIT जांच शुरू होने के कुछ हफ्तों बाद से ये मामला बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। .............ये खबर भी पढ़ें... कहां गया बांके बिहारी मंदिर का 1000 करोड़ का खजाना 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन मथुरा के पास वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 54 साल से बंद पड़े खजाने का ताला टूटा तो सबको उत्सुकता थी कि अंदर से क्या मिलेगा। हाई पावर कमेटी के निर्देश पर जब दरवाजा खोला गया तो अंदर दीवारों पर सीलन-फफूंद, सतह पर कीचड़ और धूल की परतें जमी मिलीं। टॉर्च की रोशनी में जांच अधिकारी तहखाने में गए लेकिन जो भी सामने आया, वो 'सोने का भंडार' की उम्मीद के मुकाबले बहुत मामूली था। पढ़िए पूरी खबर,,,
8 दिसंबर 2012 का दिन। वेनेजुएला के कैंसर ग्रस्त राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज और उनके करीबी निकोलस मादुरो लोगों के सामने टीवी स्क्रीन पर आए। चावेज 2 महीने पहले ही हेनरिक कैप्रिल्स को हराकर चौथी बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने थे। चुनाव के दौरान उन्होंने कैंसर की बात छिपाई थी। टीवी पर उन्होंने संविधान की एक प्रति हाथों में लहराते हुए जनता से कहा, 'मेरा कैंसर वापस आ गया है और पूर्णिमा के चांद की तरह मेरी बिल्कुल साफ, अटल और दृढ़ सलाह है कि आप निकोलस को राष्ट्रपति चुनें। मैं आपसे दिल से अनुरोध कर रहा हूं, अगर मैं नहीं रहा, तो सिर्फ निकोलस उन युवा लीडर्स में से एक हैं, जिनमें सत्ता संभालने की अपार क्षमता है।' 3 महीने बाद ही चावेज की मौत हो गई और मादुरो अगले राष्ट्रपति बन गए। जबकि राष्ट्रपति पद की लाइन में चावेज के दामाद तक थे। अब 12 साल सत्ता में रहने के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैनिक कल राजधानी कराकस से उठा लाए हैं। उन पर अमेरिका कैदी की तरह मुकदमा चलाएगा।आखिर एक मामूली बस ड्राइवर से वेनेजुएला के ‘अजेय राष्ट्रपति’ कैसे बने मादुरो, क्या वाकई खतरनाक ड्रग कार्टेल चलाते थे, कैसे बने अमेरिका के दुश्मन, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… 1960 का दशक। इस समय अगर अमेरिका का हर व्यक्ति औसतन 100 रुपए कमाता, तो वेनेजुएला का हर व्यक्ति 82 रुपए कमाता था। तेल उत्पादन ने वेनेजुएला को इतना अमीर देश बना दिया था कि उसे ‘लैटिन अमेरिका का सऊदी अरब’ कहा जाने लगा था। इसी दौर में वेनेजुएला की राजधानी कारकस में 13 नवंबर 1962 को निकोलस मादुरो का जन्म हुआ। बाहर से वेनेजुएला की जो चकाचौंध दिखती थी, अंदर की हकीकत उससे काफी अलग थी। तेल से होने वाली कमाई सिर्फ ऊंचे तबके को मिल पाती, देश के ज्यादातर लोग बेहद गरीब थे। मादुरो के पिता जीसस निकोलस वर्कर्स के ट्रेड यूनियन के लीडर थे। मां टेरेसा हाउस वाइफ थीं, जो वेनेजुएला के ही पड़ोसी देश कोलंबिया की रहने वाली थीं। यहीं उनकी शादी जीसस निकोलस से हुई और दोनों वेनेजुएला आ गए। आगे चलकर ये बात मादुरो के राजनीतिक करियर का एक बड़ा रोड़ा बनने वाली थी। रॉक म्यूजिक और बेसबॉल के अलावा बचपन से ही मादुरो का एक और इंट्रेस्ट था- पॉलिटिक्स। मादुरो ने हाईस्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। 21 साल की उम्र में वह वेनेजुएला के लेफ्ट लीडर रहे जोस विसेंट रेंगल के बॉडीगार्ड बन गए। इसके बाद उन्होंने बस चलाना शुरू कर दिया। वो आगे चलकर ट्रेड यूनियन लीडर भी बने। 1980 के दशक में मादुरो ने क्यूबा जाकर पॉलिटिकल स्टडीज का कोर्स किया। यहां लैटिन अमेरिका के वामपंथी नेताओं को शिक्षा दी जाती थी। उनके राजनीतिक विरोधी आरोप लगाते हैं कि क्यूबा में रहने के दौरान वहां की इंटेलिजेंस एजेंसी ने मादुरो को बतौर एजेंट काम पर रखा था। यह वह दौर था, जब तेल के दाम गिरने की वजह से वेनेजुएला में आर्थिक अस्थिरता आ गई थी। इसके खिलाफ ह्यूगो चावेज ने क्रांति शुरू की, जो आगे चलकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति और मादुरो के गुरु बने। 1992 में चावेज ने वेनेजुएला में सत्ता पलटने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब हुए। इस समय तक मादुरो भी उनके संपर्क में आ चुके थे। 1999 में चावेज वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने और इसके अगले ही साल मादुरो भी वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के मेंबर बन गए। धीरे-धीरे मादुरो चावेज के भरोसेमंद बनते चले गए। वो 2005 में वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के प्रमुख बने और फिर 2006 में चावेज ने उन्हें अपना विदेश मंत्री बनाया। इसी समय एक बार उनका भारत आना हुआ। किसी राजनीतिक यात्रा पर नहीं, लेकिन अपने गुरु का आशीर्वाद लेने। निकोलस मादुरो सत्य साईं बाबा को अपना गुरु मानते थे। 2005 में वो आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में 'प्रशांति निलयम आश्रम' दर्शन के लिए आए थे। मादुरो के करीबी बताते हैं कि सत्य साईं बाबा की एक बड़ी तस्वीर उनके ऑफिस पर भी लगी थी। 2011 में जब सत्य साईं बाबा की मृत्यु हुई थी, तब वेनेजुएला ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। इस समय मादुरो विदेश मंत्री थे। नवंबर में सत्य साईं की 100वीं सालगिरह पर उन्होंने एक मैसेज जारी किया था, 'मुझे हमेशा उनकी मुलाकात याद आती है... महान गुरु का ज्ञान हमें हमेशा रोशन करता रहे।' मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरेस भी चावेज की करीबी थीं, वह आंदोलन के दिनों में मादुरो से मिली थीं। सीलिया पेशे से वकील थीं और मादुरो सहित दूसरे नेताओं का कानूनी बचाव करती थीं। बाद में वह सत्य साईं बाबा की भक्त बन गईं।दोनों ने अपने-अपने पार्टनर से तलाक लेकर 2013 में शादी की थी। आगे चलकर सीलिया वेनेजुएला की अटॉर्नी जनरल भी बनीं। मादुरो की राजनीति में सीलिया एक्टिव रहती हैं। उन्हें वेनेजुएला में 'फर्स्ट लेडी' नहीं बल्कि 'फर्स्ट कॉम्बैटेंट' यानी 'पहली लड़ाकू' कहा जाता है। जून 2011 में चावेज को अपने कैंसर का पता चला। चावेज कहते थे कि उन्होंने अपनी सेहत के साथ बहुत लापरवाही की। वो देर रात तक जागते थे और दिन में 40 कप कॉफी पीते थे। क्यूबा में चावेज की कीमोथेरेपी शुरू हुई। उनके सिर के बाल चले गए, पेल्विक सर्जरी की गई, लेकिन उन्होंने ये कभी नहीं बताया कि उन्हें कौन सा कैंसर था। 2012 में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने थे। चावेज की पार्टी पार्टिडो सोशलिस्टा यूनिडो डी वेनेज़ुएला यानी PSUV ने चावेज को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया। इस दौरान चावेज ने झूठ कहा कि डॉक्टर्स ने कहा है कि उनका कैंसर अब पूरी तरह खत्म हो गया है। वह नहीं चाहते थे कि उनकी बीमारी के चलते उनके प्रतिद्वंद्वी हेनरिक कैप्रिल्स चुनाव जीत जाएं। 7 अक्टूबर को चुनाव हुआ, वेनेजुएला की नेशनल इलेक्शन काउंसिल ने बताया कि चावेज को 74 लाख यानी 54% से ज्यादा वोट मिले, जबकि कैप्रिल्स को लगभग 61 लाख यानी करीब 45% वोट मिले। चावेज अगले 6 साल के लिए राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने विदेश मंत्री मादुरो को अपना उपराष्ट्रपति बनाया। 2 ही महीने बाद चावेज की तबीयत फिर बिगड़ गई। 8 दिसंबर को उन्होंने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और फिर उन्हें कैंसर की चौथी बार सर्जरी के लिए क्यूबा जाना पड़ा। प्लेन पर चढ़ते हुए चावेज ने लोगों को फ्लाइंग किस दी। फरवरी 2013 में सरकार ने कहा कि चावेज वेनेजुएला लौट आए हैं और कराकस के मिलिट्री हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। हालांकि इसके बाद उन्हें सार्वजानिक तौर पर कभी नहीं देखा गया। 5 मार्च 2013 को उनकी मौत की खबर आई। वेनेजुएला के संविधान के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति 6 साल के कार्यकाल में से 4 साल तक किसी वजह से पद पर न रहें, तो 30 दिन के अंदर नए चुनाव कराने होंगे। PSUV की तरफ से मादुरो ही राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। उन्होंने चुनाव के लिए नामांकन करवाते समय कहा, 'मैं चावेज नहीं हूं, लेकिन उनका बेटा हूं।' उनकी चुनावी रैलियों में लाउडस्पीकरों से चावेज की आवाज में गाया हुआ वेनेजुएला का राष्ट्रगान गूंजता था। एक रैली में मादुरो ने कहा, 'चावेज मुझे एक छोटी चिड़िया की तरह दिखे और उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारे साथ हूं।' अप्रैल 2013 में चुनाव हुए। इलेक्शन काउंसिल ने 50.8% वोट के साथ मादुरो को विजेता घोषित किया। जबकि उनके खिलाफ लड़े हेनरिक कैप्रिल्स को 49% वोट मिले। कैप्रिल्स ने PSUV पर वोटों की गिनती में गड़बड़ी करवाने का आरोप लगाया। PSUV के ट्विटर अकाउंट को हैक करके उसमें PSUV पर ही चुनावी धांधली का आरोप लगाया गया। हालांकि मादुरो और PSUV ने इन आरोपों से इनकार कर दिया। वेनेजुएला के कानून के हिसाब से वहां जन्मा व्यक्ति ही देश का राष्ट्रपति बन सकता है। मादुरो की मां का जन्म और उनके माता-पिता की शादी कोलंबिया में होने के कारण विपक्षियों ने उनके राष्ट्रपति बनने पर आपत्ति जताई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और 2016 में कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मादुरो का जन्म कोलंबिया में नहीं, बल्कि कराकस में ही हुआ है। विपक्ष ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए इसके बाद तीन और राष्ट्रपति चुनावों में मादुरो की जीत हुई। हर बार विपक्षी दलों ने चुनावों में धांधली और गैरकानूनी तरीके से सत्ता हथियाने का आरोप लगाया। 2018 के चुनाव में मादुरो के खिलाफ जुआन गुआइदो विपक्षी उम्मीदवार थे। तब अमेरिका सहित 50 से ज्यादा देशों ने जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के राष्ट्रपति के बतौर मान्यता दी, लेकिन वेनेजुएला पर मादुरो का ही शासन चलता रहा। वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2025 में नोबेल पीस प्राइज जीतने वाली मारिया मचाडो चावेज और मादुरो के दौर में सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही थीं। मारिया का ऑर्गेनाइजेशन 'सुमाते' देश में निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग के लिए प्रदर्शन करता था। ‘सुमाते’ को लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाले अमेरिकी संगठन नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी (NED) से लाखों डॉलर की फंडिंग मिलती रही है। 2002 में सुमाते के बैनर तले मारिया ने चावेज के भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोला, जिसके चलते उन पर देशद्रोह का आरोप लगा। कहा गया कि एलीट क्लास से आने वाली मारिया जॉर्ज बुश यानी तब के अमेरिकी राष्ट्रपति के इशारे पर काम कर रही हैं। मई 2005 में मारिया बुश से मिलीं और उन्होंने खुद बताया कि एक लाख डॉलर की रकम मिली है। इसके बाद मारिया, चावेज की सरकार के निशाने पर आ गईं। तबसे उनके दो बेटे और एक बेटी अमेरिका में ही रहते हैं। बीते दिनों ऑस्लो में उनका नोबेल लेने उनकी बेटी ही पहुंची थीं। 2023 में मारिया राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन अयोग्य घोषित कर दिया गया। उनकी जगह एडमंडो गोंजालेज विपक्ष से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने। शासन ने मारिया की उड़ानों पर बैन लगा दिया, तो मारिया ने एडमंडो के लिए पूरे देश में पैदल चुनाव प्रचार किया। 2024 के चुनाव में भी मादुरो चुनाव में धांधली करके राष्ट्रपति बने, जबकि यूरोपियन यूनियन और कई अन्य देशों ने एडमंडो गोंजालेज को राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दी। चुनाव हारने के बाद गोंजालेज को धमकियां मिलने लगीं, तो वे स्पेन चले गए। जबकि मारिया वेनेजुएला में ही रहती रहीं। मादुरो की पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के डर से मारिया छिपी रहती थीं। मादुरो पर 2018 से लेकर 2024 तक तीन बार जानलेवा हमले हुए… अमेरिका, कभी वेनेजुएला से तेल खरीदता रहा है, लेकिन ह्यूगो चावेज के दौर से अमेरिका पर वेनेजुएला की अंदरूनी राजनीति में दखल देने के आरोप भी लगते रहे। 2002 में ह्यूगो का तख्तापलट करने की कोशिश हुई, इसमें अमेरिका का नाम आया। मादुरो के दौर में अमेरिका वेनेजुएला को लेकर और सख्त हो गया। 2017 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कई बैन लगाए। 2019 से अमेरिका मादुरो को वेनेजुएला का राष्ट्रपति नहीं मानता है। इसी साल अमेरिका ने मादुरो को नार्को-टेररिस्ट यानी अवैध ड्रग्स का धंधा करने वाला आतंकी करार देकर उन पर इनाम रखा था। इसी साल ट्रम्प ने इनाम की रकम दोगुनी कर दी थी। अमेरिका ने मादुरो पर आरोप लगाए कि वह ड्रग तस्करी में शामिल हैं। बीते कुछ महीनों में अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स के जवानों ने वेनेजुएला से आने वाले जहाजों पर करीब 25 हमले किए। इनमें कम से कम 90 लोगों की मौत हुई। मारिया ने इस कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि ये वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए जरूरी है। ये गिरोह अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। अमेरिकी सेना तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमले कर रही थी, जबकि ट्रम्प का कहना था कि वेनेजुएला से अमेरिका में फेंटानिल और कोकीन जैसे ड्रग्स भेजे जा रहे हैं। ट्रम्प ने वेनेजुएला के दो गैंग - 'ट्रेन दे अरागुआ' और 'कार्टेल दे लोस सोलेस' को आतंकी संगठनों की लिस्ट में डाल दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि 'लोस सोलेस' के लीडर खुद मादुरो हैं। जबकि 'कार्टेल दे लोस सोलेस' किसी गैंग लीडर के जरिए संचालित होने वाला कोई संगठित गिरोह नहीं है। बल्कि ये शब्द व्यापक तौर पर उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है, जो कोकीन को वेनेजुएला के रास्ते गुजरने देते हैं। हालांकि मादुरो का कहना था कि अमेरिका 'ड्रग्स के खिलाफ युद्ध' को बहाना बनाकर उन्हें सत्ता से हटाना चाहता है और वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। ड्रग्स के मामलों के एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि वेनेजुएला पूरी दुनिया में ड्रग तस्करी का काफी छोटा खिलाड़ी है। ये एक ट्रांजिट देश की तरह काम करता है। यहां से दूसरे देशों में बनी ड्रग्स की तस्करी होती है। JNU में इंटरनेशनल स्टडीज के प्रो. अमिताभ सिंह कहते हैं, ‘अमेरिका की नजर वेनेजुएला के तेल के भंडार पर है। वह लंबे समय से वेनेजुएला में विपक्ष की सबसे बड़ी नेता और नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मारिया मचाडो को सत्ता में लाना चाहता था, जिससे वो वेनेजुएला की सत्ता पर कंट्रोल कर सके।’ ट्रम्प भी मारिया को वेनेजुएला के विपक्ष का चेहरा मानते रहे। जनवरी 2025 में मादुरो वेनेजुएला तीसरी बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले थे। मारिया अगस्त 2024 से छिपी हुई थीं, लेकिन उन्होंने मादुरो के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस पर ट्रम्प ने उन्हें ‘फ्रीडम फाइटर’ कहते हुए उनकी सुरक्षा की मांग की थी। अमेरिका ने मारिया को राजनीतिक शरण देने की भी बात कही। रणनीतिक तौर पर मारिया भी अमेरिका और ट्रम्प की तारीफ करती हैं। 2024 में ट्रम्प ने जब दोबारा राष्ट्रपति चुनाव जीता, तो मारिया ने उन्हें जीत की बधाई देते हुए X पर लिखा था, 'हम हमेशा आप पर भरोसा करते हैं। अमेरिका का लोकतंत्र वेनेजुएला के लिए प्रेरणा है।' अब मादुरो को पकड़ने के बाद ट्रम्प ने कहा है कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि वेनेजुएला का अगला नेता कौन होगा। जब तक वहां हालात पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते और सत्ता का सही तरीके से बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वेनेजुएला की जिम्मेदारी अमेरिका अपने हाथ में रखेगा।ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अभी वेनेजुएला को चलाएगा। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि मादुरो सरकार किसी दूसरे नेता के जरिए दोबारा सत्ता में बनी रहे। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था को नए चेहरे के साथ जारी रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जानकारों का कहना है कि मादुरो को ट्रम्प ने आतंकवादियों की लिस्ट में डाला हुआ है। ऐसे में उन्हें लंबे समय के लिए जेल में डालकर मुकदमा चलाया जा सकता है। वहीं वेनेजुएला में मारिया अमेरिका की मदद से विपक्ष के नेताओं को साथ लेकर चुनाव करवा सकती हैं। ------- ये खबर भी पढ़िए... ट्रम्प ने राष्ट्रपति मादुरो को पत्नी समेत क्यों उठवा लिया, वेनेजुएला में घुसकर कैसे चला ऑपरेशन; क्या बड़ी जंग छिड़ेगी वेनेजुएला की राजधानी काराकस में 2 जनवरी की रात एक स्पेशल मिलिट्री के बाद एक चौंकाने वाला ऐलान हुआ- वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लगता है, लेकिन दावा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने किया है। पूरी खबर पढ़िए...
वेनेजुएला में जो हुआ वो दुनिया ने देखा... सऊदी-यूएई के मामले में ट्रंप किसके साथ हैं?
यमन और सऊदी अरब के बॉर्डर पर जहां नए टकराव हुए हैं. ये वही जगह है जहां 1 और 2 जनवरी के दरमियान सऊदी एयरफोर्स ने बमबारी की थी. सऊदी अरब का कहना था कि ये बमबारी बागियों को सऊदी की सीमा से दूर रखने के लिए की गई. बमबारी के बाद UAE ने भी यमन से फौज वापस हटा ली थी. लेकिन तनाव बरकरार है.
DNA: 2026 के दूसरे महायुद्ध की तैयारी? 'ऑपरेशन मादुरो' खत्म, 'ऑपरेशन खलीफा' शुरू!
World politics: सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या मादुरो के बाद अब अगली बारी ईरान के खलीफा खामेनेई की है? क्या मादुरो के बाद अब खामेनेई का तख्तापलट होगा? क्या खामेनेई को भी अमेरिका मादुरो की तरह ही उठाएगा? क्या इस बार खलीफा का सत्ता से हटना तय है? बीते48 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.
Venezuela coup: निकोलस मादुरो का तख्तापलट अगर एक फिक्सिंग है तो ये किसने की और किस मकसद से की? इस सवाल का जवाब आने वाले वक्त में मिल जाएगा लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इस एक्शन ने उन देशों की साख पर बट्टा लगा दिया है जो मादुरो का साथ देने का दम भर रहे थे.
DNA: 30 मिनट में वेनेजुएला के राष्ट्रपति अगवा, क्या अब अमेरिका तय करेगा कि कौन देश चलाएगा?
US Venezuela war in Hindi: अमेरिकी सेना ने शनिवार को महज 30 मिनट के ऑपरेशन में वेनेजुएला में घुसकर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर लिया. उन्हें पकड़कर न्यूयार्क ले जाया जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब यूएस तय करेगा कि दुनिया में कौन सरकार चलाएगा.
Was the US attack on Venezuela fixed: क्या वेनेजुएला पर यूएस का हमला फिक्स था. यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि घातक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद वेनेजुएला ने अमेरिकी हमले का कोई जवाब नहीं दिया और वहां की सेना मादुरो को उठाकर ले गए.
DNA: 2026 में एशिया बन सकता है जंग का मैदान? 2000 मिसाइलों से ताइवान पर हमला करने को तैयार चीन!
DNA Analysis: अमेरिका वेनेजुएला में तख्तापलट कर चुका है. ईरान में करना चाहता है. इन दोनों देशों में वो चीन के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है. यानी जहां-जहां चीन अपनी पैठ बढ़ा रहा है, अमेरिका वहां-वहां तख्तापलट करने में लगा है. इसी के साथ अमेरिका ताइवान में भी चीन का का रास्ता रोक रहा है. जिसके खिलाफ चीन सख्त हो गया है. अब हम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ताइवान और अमेरिका के खिलाफ एलान ए जंग के बारे में बताएंगे. जिसके बाद 2026 को दुनिया में सबसे बड़ी उथल पुथल वाला साल भी माना जा रहा है.
Venezuela President Nicolas Maduro: अमेरिकी की वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर सामने आई है. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति की फोटो शेयर की है. जिसमें मादुरो की आंखों पर पट्टी और हाथों में हथकड़ी लगी दिखाई दे रही है.
US Venezuela War Latest News: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को किडनैप कर न्यूयार्क ले जाने के बाद रूस, ईरान और क्यूबा भड़क उठे हैं. तीनों मुल्कों ने इसे यूएस की दादागिरी बताते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की अपील की है.
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी ने निकोलस के जिंदा होने का मांगा सबूत
अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, एक रिपब्लिकन सांसद ने बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका में ट्रायल के लिए अरेस्ट किया है।
मादुरो के बाद कोरिना मचाडो सत्ता संभालने को तैयार, लेकिन क्या कहता है वेनेजुएला का कानून?
Venezuela New President News:ने देश पर हुए हमले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि वो देश की सत्ता संभालने को तैयार हैं, लेकिन किसी के कहने से क्या होता है, आपात स्थितियों में कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव क्या कहता है वेनेजुएला का संविधान और कानून आइए बताते हैं.
कितनी खतरनाक है US की रहस्यमयी डेल्टा फोर्स, नेवी सील कमांडो से कितनी अलग?
Difference between Delta Force and Navy SEAL: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को 30 मिनट के अंदर गिरफ्तार कर अमेरिका ने दुनिया में तहलका मचा दिया. जिसके बाद अमेरिका की डेल्टा फोर्स का नाम सुर्खियों में बना हुआ है, जिसने रात के अंधेरे को चीरते हुए दूसरे देश में घुसकर चंद मिनटों में राष्ट्रपति को उठा लिया.
Who is Trump Next Target: वेनेजुएला पर जबरदस्त सैन्य हमले के बाद अमेरिकन सेनाएं वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अरेस्ट कर यूएस ले जा चुकी है. इस हमले के बाद से ईरानी तानाशाह खामेनेई को भी डर बढ़ गया है. लेकिन सूत्रों की मानें तो ट्रंप ने खामेनेई को नहीं बल्कि एक अन्य देश के राष्ट्रपति को टारगेट कर लिया है.
अमेरिका के हवाई और जमीनी हमले में वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई शहरों को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के ट्वीट के बावजूदवेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कहां हैं? इस पर असमंजस बना हुआ है.
मादुरो पर अमेरिका में चलेगा आपराधिक मुकदमा: मार्को रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश में मुकदमे के लिए गिरफ्तार किया गया है। उटाह राज्य के सीनेटर माइक ली ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी
वेनेजुएला में ताबड़तोड़ हमले के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित, मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में
वेनेजुएला में शनिवार को ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में हैं
Venezuela New President News: वेनेजुएला के वामपंथी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकन देश की राजधानी से उठाकर ले गए. इसके बाद से पूरी दुनिया शॉक में है. अब सबसे बड़ा सवाल है कि वेनेजुएला का नया राष्ट्रपति कौन बनेगा. इस पद के लिए देश की 'ऑयरन लेडी' का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.
US attack on Venezuela: वेनेजुएला पर हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरों की गिरफ्तारी को लेकर ट्रंप ने दावा किया है. अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई के लिए चीन को जिम्मेदार माना जा रहा है. लेकिन क्या सच में मादुरो के लिए ड्रैगन से नजदीकी इस अटैक का कारण है?
अमेरिका का वेनेज़ुएला पर बड़ा हमला, ट्रंप का दावा-अमेरिका के कब्ज़े में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति मादुरो
अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर किया बड़ा हमला, कराकस समेत 4 शहरों में बमबारी
वेनेजुएला ARMY का सरेंडर, डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ा, देश से बाहर ले गए; ट्रंप का दावा
US Attack on Venezuela: राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाया है. ट्रंप कुछ देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी जानकारी देश की जनता से साझा करेंगे.
हमें पता है निशाना कहां साधना है...ट्रंप की चेतावनी पर बरसे विदेश मंत्री, किस बात पर फूटा गुस्सा?
Donald Trump: बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी, जिसके बाद अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि हमें पता है निशाना कहां साधना है.
Bangladesh Violence:बांग्लादेश के शरियतपुर में हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास की 31 दिसंबर की रात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी. खोकन ने आग बुझाने के लिए तालाब में कूदकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान आझ ढाका के राष्ट्रीय बर्न इंस्टीट्यूट में उनकी मृत्यु हो गई.
बांग्लादेश में अगले महीने की 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहा है। 13वें संसदीय चुनाव की तैयारियों के बीच, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) में अंदरूनी उथल-पुथल मची हुई है। बांग्लादेशी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन को लेकर एनसीपी के नेताओं में आक्रोश है। इस वजह से एनसीपी के 14 केंद्रीय नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है
Venezuela Attack: हमले के बाद निकोलस मादुरो ने छोड़ा राष्ट्रपति भवन, वेनेजुएला में लगी इमरजेंसी
Venezuela Attack: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी फाइटर जेटों ने तहलका मचा दिया है. हमले के बाद निकोलस मादुरो ने राष्ट्रपति भवन छोड़ दिया है और वेनेजुएला में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है.
Saudi vs UAE Conflict: मध्य-पूर्व एक बार फिर सुलग रहा है और इसका असर एशिया तक महसूस की जा सकती है!. कभी अच्छे रिश्ते वाले दो देश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आज यमन को लेकर आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं. भले ही फिलहाल तनाव कुछ थमता दिख रहा हो लेकिन इन दोशों के बीच की खींचतान ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. आखिरी सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के बढ़ते तनाव से पाकिस्तान क्यों टेंशन में है आइए जानते हैं...
US Attack On Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के अचानक कई धमाके हुए और आसमान में अमेरिकी फाइटर जेटों की आवाजें सुनाई दी हैं.
2026 के दूसरे ही दिन शक्तिशाली भूकंप से दक्षिणी मैक्सिको दहल उठा। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी मैक्सिको में 6.5 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए
ट्रम्प की धमकी से भड़का ईरान, यूएन पहुंची शिकायत कहा- हम युद्ध की आग को उभार देंगे
Trump warning Iran: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों ने तनाव और बढ़ा दिया है. ईरान ने इन बयानों को भड़काऊ बताया है. संयुक्त राष्ट्र से इसकी कड़ी निंदा करने की मांग भी की है. ईरान का कहना है कि अमेरिका के ऐसे बयान उसकी संप्रभुता के खिलाफ हैं और हालात को और बिगाड़ सकते हैं.
Taliban Spokesperson: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है. जिसकी वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में हलचल मची है. इसी बीच तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ लड़ाई की उम्मीद नहीं है.
दक्षिण कोरिया: कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून के खिलाफ एक और अरेस्ट वारंट किया जारी
दक्षिण कोरिया की अदालत ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ सबूतों को नष्ट करने की चिंताओं का हवाला देते हुए एक अतिरिक्त हिरासत वारंट जारी किया। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एक स्वतंत्र वकील चो यून सुक द्वारा किए गए अनुरोध को स्वीकार कर, जिन्होंने यून के विद्रोह और अन्य आरोपों की जांच का नेतृत्व किया था
कौन हैं मिखाइलो फेडोरोव? जिन्हे ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन का नया रक्षा मंत्री बनने का दिया प्रस्ताव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार (2 दिसंबर) को कहा कि डेनिस शमीहाल की जगह प्रथम उप प्रधानमंत्री मिखाइलो फेडोरोव नए रक्षा मंत्री बनेंगे
ट्रंप ने फिर निकाली चीन की हेकड़ी, अब इस चीज पर लगा दी रोक; US की सुरक्षा का दिया हवाला
US: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईफो कॉर्पोरेशन को एमकोर कॉर्पोरेशन के चिप संबंधित एसेट्स खरीदने से रोक दिया. ट्रंप ने कार्यकारी आदेश जारी कर इस सौदे को रद्द कर दिया और हाईफो को 180 दिनों के भीतर इन संपत्तियों से अपने हित खत्म करने का निर्देश दिया है.
Nepal Air Incident: नेपाल में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. यहां पर भद्रपुर एयरपोर्ट पर लैंड करते समय बुद्ध एयर का एक टर्बोप्रॉप पैसेंजर एयरक्राफ्ट रनवे से फिसल गया.
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर ट्रंप ने चीन-लिंक्ड चिप डील रोकी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर एसेट्स और एक चीनी-लिंक्ड कंपनी से जुड़े एक बड़े सौदे पर रोक लगा दी है। ट्रंप ने कहा कि यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है
जन्नत का ख्वाब, खून की साजिश! 18 साल की उम्र में 20 बेगुनाहों के कत्ल की कसम, कौन है यह लड़का?
अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना को दहलाने की साजिश एक लड़के ने बनाई थी. नए साल की खुशियों को मातम में तब्दील करने की उसने कसम भी खाई थी. हालांकि समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जानिए आखिर ये लड़का कौन है?
Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क के नए मेयर बने ममदानी ने शपथ के बाद पहले दिन कुछ ऐसा काम किया कि वो चर्चाओं में आ गए हैं, शपथ लेने के बाद ममदानी एक्टिव हो गए और उन्होंने पहला दिन कुछ ऐसे गुजारा.
मेक्सिको में फिर डोली धरती, आया 6.5 तीव्रता का भूकंप; बाल-बाल बची राष्ट्रपति क्लाउडिया-देखें Video
Earthquake:मेक्सिको सिटी में शुक्रवार को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके राजधानी में महसूस किए गए. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भूकंप के झटकों के बाद हॉल छोड़ने पर मजबूर हो गईं लेकिन कुछ मिनटों बाद वापस लौटीं. भूकंप का केंद्र गुरेरो राज्य के सैन मार्कोस कस्बे के पास था.
सऊदी अरब की यमन पर एक और स्ट्राइक, UAE के लड़ाकों पर फिर बोला हमला; 7 की मौत
Yemen Crisis: यमन में यूएई द्वारा समर्थित एसटीसी के हद्रामौत और अल-महरा में घुसने के बाद वहां के हालात बिगड़ गए हैं, जिससे सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है. जिसके बाद सऊदी अरब ने यमन में यूएई समर्थित गुटों के लिए भेजे जा रहे हथियारों की एक खेप पर हवाई हमला किया था. जिसमें कुछ 7 लोगों की मारे जाने की खबर है.
ईरान के भीतर बढ़ती जा रही बेकरारी... ट्रंप ने खींच दी लक्ष्मण रेखा, कहा- हम खुद जमीन पर उतरेंगे
Trump Warns Iran Over Protest: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती हैं, तो अमेरिका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बयान के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.
‘बहुत रिसर्च करने के बाद मुझे पता चला कि पार्टी (कांग्रेस) के जो हाईकमान हैं, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और राहुल गांधी जी, अगर वहां सुधार नहीं होगा, तो संगठन में नीचे भी सुधार नहीं होगा।’ ये बात कह रहे मोहम्मद मुकीम लंबे वक्त तक कांग्रेस में रहे। विधायक बने। उनकी बेटी सोफिया फिरदौस कांग्रेस से अब भी विधायक हैं। मोहम्मद मुकीम ने सोनिया गांधी को लेटर लिखकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की लीडरशिप पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र ज्यादा हो गई है, इसलिए उन्हें बदला जाना चाहिए। उन्होंने शिकायत की थी कि राहुल जमीनी नेताओं से कट गए हैं। इसलिए प्रियंका गांधी को आगे लाना चाहिए। लेटर सामने आने के बाद मोहम्मद मुकीम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वे दावा करते हैं कि 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा और बदलाव की जड़ में मोहम्मद मुकीम ही होंगे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने लीडरशिप पर सवाल उठाए और पार्टी से निकाल दिए गए। आपने सोनिया गांधी को चिट्ठी क्यों लिखी थी?जवाब: दुख की बात है कि जो परिवार कांग्रेस से जुड़े रहे, वे आज पार्टी से दूर हो रहे हैं। मेरे परिवार का आजादी की लड़ाई में योगदान रहा है। मेरे बड़े भैया पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक से जुड़े थे। जेबी पटनायक की गाड़ी में ही सिर्फ 42 साल की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। इसके बाद भी मेरा परिवार कांग्रेस के लिए हमेशा साथ रहा। आपको एक बात बताता हूं। राहुल जी ने 2023 में हम 18 नेताओं को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद PCC अध्यक्ष बदल दिया। ओडिशा में शरत पटनायक जी को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। हम लोग समझ नहीं पाए कि किस आधार पर ये फैसला लिया गया। जो व्यक्ति खुद 6 बार इलेक्शन हार चुका हारे, उसे प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यहीं से गड़बड़ शुरू हुई। इसका नतीजा यह हुआ कि ओडिशा में कांग्रेस पूरी तरह बिखर गई। वोट शेयर 30% से गिरकर 15% रह गया। प्रदेश अध्यक्ष खुद चुनाव हार गए। उन्हें सिर्फ 15 हजार वोट मिले। केंद्र में उम्मीद जागी थी कि हम 54 से 99 सीट तक पहुंचे थे। हमें लगा था कि कांग्रेस शायद फिर वापस आ रही है, लेकिन इसके बाद हम सभी 5 राज्यों में बुरी तरह चुनाव हारे। सवाल: ओडिशा में शरत पटनायक को PCC अध्यक्ष बनाने का फैसला राहुल गांधी जी के कहने पर हुआ था?जवाब: हां, यह फैसला उनकी सहमति से ही लिया गया था। राहुल जी ने सबसे अलग-अलग बात की। फिर ये फैसला लिया। मुझे लगा कि उनके आसपास जो लोग हैं, हमारे राज्य के इंचार्ज हैं, ये लोग सही बात नहीं पहुंचा रहे हैं। इससे गलत फैसले होते हैं। 5 राज्यों में हारने के बाद मुझे लगा कि हम विपक्ष में हैं। विपक्ष के अध्यक्ष का बड़ा रोल होना चाहिए। हमारी पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी अनुभवी नेता हैं, लेकिन उनकी उम्र 83 साल से ज्यादा हो चुकी है। वे उस तरह की दौड़भाग नहीं कर पाते। अगर हम रूलिंग पार्टी से तीन गुना मेहनत नहीं करेंगे तो हम उस पोजिशन में नहीं आ पाएंगे। सवाल: आपको लगता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र का मुद्दा उठाना सही है?जवाब: मैंने 7–8 पॉइंट लिखे थे। इसमें ये भी था कि कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए दौड़भाग मुश्किल हो रही है। यहां युवा लीडर को लाना चाहिए। हमारे पास प्रियंका गांधी हैं। हम उन्हें बना सकते हैं। ऐसे लीडर हैं, जिन्होंने खुद को साबित किया है। डीके शिवकुमार, शशि थरूर, सचिन पायलट, रेवंत रेड्डी हैं, इनकी एक टीम बनाकर उन्हें पूरे भारत में भेजना चाहिए। मेरी बात कड़वी हो सकती है, लेकिन आज भी मुझे अफसोस नहीं है। भले पार्टी ने मुझे बिना बात किए बाहर कर दिया है। सवाल: आप सोनिया गांधी से क्या उम्मीद कर रहे थे?जवाब: सोनिया जी कांग्रेस की सुप्रीम लीडर हैं। उनकी मेहनत से कांग्रेस 2004 में सत्ता में आई थी। हमने 10 साल सरकार चलाई। इसलिए मैंने सोचा कि उन्हें अपनी बात बताना चाहिए। अब उनके दखल देने का समय आ गया है, उन्हें कोई उपाय निकालना चाहिए। ऐसा नहीं होता तो कांग्रेस को रूटलेस होने में टाइम नहीं लगेगा। सवाल: आपने लेटर में लिखा कि युवा नेताओं जैसे सचिन पायलट, रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार और शशि थरूर को मुख्य भूमिका मिलनी चाहिए। क्या ये राहुल की लीडरशिप को चैलेंज करना नहीं होगा?जवाब: मैंने जिन नेताओं की बात कही, वे दूसरी लाइन के नेता हैं। प्रियंका गांधी अब सांसद हैं। संसद में अच्छा बोल रही हैं। उन्हें सामने आकर लीडरशिप लेनी चाहिए। उनका अंदाज ऐसा है कि लोग उन्हें पसंद करते हैं। अभी हम सिर्फ तीन राज्यों में हैं। बाकी राज्य BJP या रीजनल पार्टियों के पास हैं। हमारे यहां के PCC प्रेसिडेंट ईस्टर्न ओडिशा से हैं। उनकी कोस्टल ओडिशा में कोई पहचान नहीं है। हमने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि प्रेसिडेंट के साथ अलग-अलग नेताओं को टीम की तरह सिलेक्ट कीजिए। उनका असर आसपास की तीन-चार सीटों पर होगा। सवाल: ये बात सुनकर राहुल गांधी क्या बोले?जवाब: कुछ नहीं। 6 महीने हो गए, कुछ नहीं हुआ। आप BJP को देखिए। वे पूरे साल चुनाव की तैयारी करते हैं। अगर संगठन ठीक से काम नहीं करेगा, तो कांग्रेस आगे कैसे बढ़ेगी। हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को अगर मौका नहीं मिलता है, तो निराशा होती है। पार्टी गलत फैसला ले रही है। लीडरशिप मेहनत नहीं कर रही है। इसलिए पार्टी चुनाव हार रही है। चुनाव नहीं जीतेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे। सवाल: आपने लिखा कि राहुल गांधी तक किसी की पहुंच नहीं है। आप उनसे आखिरी बार कब मिले थे?जवाब: मैं विधायक था, मैंने तीन साल कोशिश की, लेकिन एक बार भी राहुल गांधी से मिलने का अपॉइंटमेंट नहीं मिला। 2019 में हमारी मुलाकात हुई थी। 2019 से 2024 के बीच एक बार 2023 में हमें बुलाया गया था, जब PCC अध्यक्ष चुना गया। बीच में जब भी मिलने का वक्त मांगा, विधायक होने के बाद भी मुझे अपॉइंटमेंट नहीं मिला। अगर पार्टी के सुप्रीम लीडर हमसे बात नहीं करेंगे, तो पार्टी का हाल क्या होगा। इसी भावना के साथ सोनिया गांधी को लेटर लिखा था। CWC मेंबर्स को भी भेजा। वह लेटर लीक होकर मीडिया तक पहुंच गया। सवाल: क्या प्रियंका गांधी, राहुल गांधी से बेहतर नेतृत्व दे सकती हैं?जवाब: अकेले राहुल गांधी से भी होना मुश्किल है। हम लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार रहे हैं। इसलिए पार्टी को सामूहिक नेतृत्व की जरूरत है। राहुल जी पार्टी के अध्यक्ष नहीं हैं। मेरा मानना है कि प्रियंका गांधी जी को आगे लाया जाना चाहिए। पूरी टीम को साथ लेकर काम किया जाए। ऊपर से नीचे तक सर्जरी होनी चाहिए। सवाल: राहुल गांधी से आपको क्या शिकायत है?जवाब: मैं जो कहना चाहता हूं, उसे राहुल जी के खिलाफ नहीं समझा जाना चाहिए। मैंने उन्हें लीडर माना है। मैं आज भी कांग्रेस की विचारधारा के साथ हूं। राहुल जी को समझना चाहिए था। हम काम करने वाले लोग हैं। मैंने जो सीट जीती, वहां 35 साल से कांग्रेस नहीं जीती थी। पिछले चुनाव में मेरी बेटी लड़ी थीं। वहां PM मोदी आए, अमित शाह आए, तब के चीफ मिनिस्टर भी आए, इसके बावजूद हम जीते। हमारे साथ लोग जुड़े हैं। हम जैसे लोग पार्टी को बचाकर रखे हुए हैं। पार्टी को ये सोचना चाहिए। भारत जोड़ो यात्रा चल रही थी। राहुल जी ओडिशा आए थे। राउरकेला गए थे। हम भी वहां थे। वे तीन दिन रहे, लेकिन सिर्फ सुबह नमस्कार करके चले गए। हमने कहा कि राहुल जी यूथ कांग्रेस और कार्यकर्ताओं से मिलें, पूर्व विधायक-सांसदों से मिलें। इससे उन्हें पता भी चल जाएगा कि स्थिति क्या है, लेकिन वे नहीं मिले। सवाल: बिहार में राहुल गांधी फ्रंट पर थे, फिर भी चुनाव में हार मिली। क्या आपको राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कोई कमी महसूस होती है?जवाब: वहां हमारा मैनेजमेंट अच्छा नहीं था। हम ग्राउंड पर नहीं गए। यह एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए कई साल की मेहनत चाहिए। यह राहुल गांधी जी के नेतृत्व की बात नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष को राज्य में संगठन मजबूत करना चाहिए था। इसीलिए तो हम 5 राज्यों में हारे हैं। सवाल: पार्टी में प्रियंका गांधी जी को किस तरह की भूमिका निभानी चाहिए?जवाब: प्रियंका गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहिए। पार्टी को ऐसा चेहरा चाहिए, जो लोगों का दर्द समझे और कार्यकर्ताओं के साथ काम कर सके। राहुल गांधी जी नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए प्रियंका जी काे आगे आना चाहिए। सवाल: इससे कांग्रेस को कैसे फायदा हो सकता है?जवाब: आप मानें या न मानें, कांग्रेस गांधी परिवार से अलग नहीं हो सकती। अगर गांधी परिवार से कोई नेतृत्व करे, चुनाव जीते लोगों की टीम बनाए, भारत को 4–5 जोन में बांटकर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दे। इससे अपने-आप अच्छा माहौल बनेगा। कांग्रेस में ऐसे लीडर कम हैं, जिन्हें लोग सुनने आएं। हमारे पास युवा नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिलिंद देवड़ा कांग्रेस में नहीं हैं। अब जो नेता बचे हैं, उन्हें अगर सही से सामने नहीं लाएंगे तो कांग्रेस भी डूबेगी और वे लोग भी जाएंगे। सवाल: आपकी बेटी सोफिया फिरदौस अब भी कांग्रेस विधायक हैं। आपकी बगावत का उन पर क्या असर होगा?जवाब: एक जिम्मेदार कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर मैं वही कर रहा हूं, जो पार्टी के हित में सही है। सोफिया अपने बलबूते पर विधायक है। वह अपना काम करेगी। मुझे मेरा काम करने दीजिए। सवाल: आगे आप क्या करेंगे, क्या नई पार्टी बनाएंगे?जवाब: मेरे मन में कांग्रेस की विचारधारा है, उसे कांग्रेस मुझसे अलग नहीं कर सकती। उसी विचारधारा में रहते हुए हम ओडिशा के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर सोचेंगे। इसके लिए हम लोगों से मिल रहे हैं। ये पहले ही साफ कर चुका हूं कि हम BJP और BJD में नहीं जाएंगे। सवाल: अब आपको लगता है कि लेटर नहीं लिखना चाहिए था, क्या कोई अफसोस है?जवाब: बिल्कुल भी नहीं। आप देखिए, 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा। बदलाव की जड़ मैं ही होऊंगा। दिल्ली में इस पर चर्चा हो रही है। सवाल: पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, आप इसे कैसे देखते हैं?जवाब: यह सब घिसी-पिटी राजनीति है। भारत सेक्युलर देश है। किसी को ऊपर या नीचे दिखाने की कोशिश करना सही नहीं है। कोई मस्जिद बनवाता है, जैसे बहुत लोग मंदिर भी बनवाते हैं, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
ड्राइवर ने दो यात्रियों को कैब में उठाया, उतारते वक्त हो चुकी थीं तीन; गजब घटना से दुनिया हैरान
Cab Passenger Amazing News: एक कैब ड्राइवर ने बुकिंग आने पर अपनी टैक्सी में 2 लोगों को बिठाया. लेकिन जब उसने उन्हें ड्रॉप किया तो यात्रियों की संख्या 3 हो चुकी थी. इस अजब घटना पर दुनिया भर के लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
Why are Protests Happening in Iran: ईरान में गृहयुद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एकाएक क्यों सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने ईरान को धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के साथ बलप्रयोग किया गया तो यूएस सैनिक हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा.
Iran US : ईरान की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उन्हें जबरदस्त जवाब दिया है. ईरान ने कहा, 'आप हमें न समझाए कि क्या करना है? हम दंगाइयों और कारोबारियों में फर्क करना जानते हैं. बेहतर होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने सैनिकों की सुरक्षा पर ध्यान दें, बजाए की मिडिल ईस्ट की शांति खतरे में डाले.'
यमन में UAE के समर्थन वाले अलगाववादियों पर ताबड़तोड़ हमला, एयरस्ट्राइक में 7 की मौत
Airstrike In Yemen: यमन में सऊदी अरब की लीडरशिप वाले गठबंधन ने UAE समर्थित दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) के खिलाफ एयरस्ट्राइक किए, जिसने पिछले महीने देश के बड़े हिस्से पर कंट्रोल किया था.
मातम में बदला नया साल, जश्न के दौरान अपार्टमेंट में लगी आग; ऊंची मंजिल से कूदकर भारतीय छात्र की मौत
Indian Student Death Germany: जर्मनी के बर्लिन शहर में न्यू ईयर के जश्न के दौरान एक अपार्टमेंट में आग लग गई, जिससे कूदने के दौरान एक भारतीय छात्र की मौत हो गई.
नेपाल के बाद अब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जेन-जी का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिल रहा है। बढ़ती महंगाई को लेकर बीते पांच दिनों से जारी जेन-जी के विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। इसमें कम से कम छह लोग मारे गए
पीओके में विरोध 'प्रदर्शन', पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश, वादाखिलाफी के लगाए आरोप
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में फिर से शहबाज सरकार के खिलाफ विरोध की भावनाएं धधक रही हैं। पीओके की जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और सरकार के बीच बातचीत रद्द हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में अक्टूबर 2025 के समय में लंबे विरोध और हिंसा के बाद जो शांति आई थी, वह फिर से जा सकती है
Iran Protests: ईरान में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की हिंसक झड़प में अबतक आठ की मौत की खबर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देते हुए उनकी सुरक्षा का दावा कर रहे हैं. गौरतलब है कि खामेनेई के शासन की नाकामी से खस्ताहाल इकॉनमी और आसमान छूती महंगाई के चलते लोग सड़कों पर हैं.
क्या है एंटी-कम्युनिज्म वीक बिल? अमेरिकी कांग्रेस ने किया पेश
USA: अमेरिकी कांग्रेस ने नवंबर के पहले सप्ताह (2-8 नवंबर) को एंटी-कम्युनिज्म वीक घोषित करने वाला बिल पेश किया है. सीनेटर रिक स्कॉट ने इसे पेश किया, जिसमें राष्ट्रपति से सालाना घोषणा और कम्युनिस्ट शासन के पीड़ितों को सम्मानित करने का आग्रह है.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, जिसकी वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी खटास आई है. ऐसे में अब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने कहा है ट्रंप ने रिश्ते को बिगाड़ दिया है.
2025 में नेपाल आए 11.5 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक
नेपाल में वर्ष 2025 के दौरान 11.5 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों ने यात्रा की। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को पूरी तरह बिगाड़ा: कांग्रेसमैन सुब्रमण्यम का आरोप
व्यक्तिगत मतभेदों से कमजोर हुए रिश्ते, आर्थिक और रणनीतिक हितों पर असर टैरिफ और नीतिगत फैसलों से भारत-अमेरिका साझेदारी को नुकसान: सुब्रमण्यम चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत को स्वाभाविक सहयोगी बताया अमेरिकी सांसद ने वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनके अनुसार, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच रिश्तों में आई यह कमजोरी दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा रही है। सुहास सुब्रमण्यम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को पूरी तरह से खराब कर दिया है। यह एक ऐसा प्रशासन था, जिसमें अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप ने वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों को मजबूत किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रिश्तों में आई गिरावट की वजह व्यक्तिगत और नीतिगत मतभेद हैं। सुब्रमण्यम के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री मोदी को लेकर व्यक्तिगत कारणों के चलते ट्रंप उन मजबूत आर्थिक संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो कई वर्षों से बने हुए थे। इसका असर दोनों देशों पर पड़ रहा है। सांसद ने चेतावनी दी, हमारे और भारत के बीच संबंधों को खत्म करने या नुकसान पहुंचाने का कोई मतलब नहीं है। अगर अमेरिका के पास भारत के साथ संबंधों को मजबूत करके एक बड़ा अवसर है, तो हम वास्तव में अपनी आर्थिक शक्ति और आर्थिक प्रभाव को मजबूत कर सकते हैं। जब हम देखते हैं कि चीन के साथ क्या हो रहा है, तो भारत कई मायनों में हमारे लिए एक स्वाभाविक सहयोगी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी और बढ़ाई जा सकती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव को उन्होंने एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने विनिर्माण और औद्योगिक सहयोग का हवाला देते हुए कहा, अगर कंपनियां चीन से निवेश निकालना चाहती हैं, तो भारत उस प्रयास में एक स्वाभाविक भागीदार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) इस संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी ने भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा, दोनों तरफ ऐसे कई लोग हैं जो आपसी मजबूत संबंधों के पक्ष में हैं। लेकिन जब आप मौजूदा ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के एक्शन देखते हैं, तो यह बहुत-बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध खत्म करने और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। उल्टा हालात और खराब हो गए। उनके अनुसार, टैरिफ और सहयोगी देशों से रिश्तों में आई दरार के कारण अमेरिका पर भरोसा कम हुआ है। कई देश अब अमेरिका पर पहले जैसा भरोसा नहीं कर रहे हैं। आगे की राह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीते एक साल में खराब हुए रिश्तों को सुधारने की जरूरत है, जिनमें भारत के साथ संबंध भी शामिल हैं।
Donald Trump: न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर जोहरान ममदानी के कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने से अमेरिका में विवाद छिड़ गया. ट्रंप और उनके समर्थकों ने विरोध जताया, जबकि ममदानी समर्थकों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक बताया. ट्रंप ममदानी की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नीतियों से भी असहज हैं, जिससे दोनों के बीच वैचारिक टकराव और बढ़ गया है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो झुके, अमेरिका से बातचीत को तैयार; ड्रोन हमले पर साध ली चुप्पी
Venezuela US Relation: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से ड्रग तस्करी के खिलाफ समझौते पर बात करना चाहता है तो वेनेजुएला इसके लिए पूरी तरह तैयार है.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले दिनों यूक्रेन की ओर से भेजे गए 250 ड्रोन को मार गिराया, जिनमें से 12 ड्रोन मास्को क्षेत्र को निशाना बनाने वाले थे
Muhammad Yunus: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में दक्षिण एशियाई देशों की एकजुट उपस्थिति का हवाला देते हुए SAARC को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय सहयोग और एकता का संकेत है तथा SAARC दक्षिण एशिया के लोगों के लिए फिर प्रभावी मंच बन सकता है.
नए साल की रात खून से लाल रूस! खेरसॉन में यूक्रेन का ड्रोन हमला, 24 की मौत 50 से ज्यादा लोग घायल
New Year attack Russia: रूस के खेरसॉन इलाके में नए साल के जश्न के दौरान एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है. रूस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन की तरफ से किए गए इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है. जिनमें 1 बच्चा भी शामिल है. वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. हमला एक कैफे और होटल पर हुआ, जहां लोग नया साल मना रहे थे. रूस ने इसे आम लोगों पर किया गया आतंकी हमला बताया है.
‘हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हम जानते हैं कि किसी भी इम्तिहान का मुश्किल हिस्सा आखिर में होता है। अल्लाह की मर्जी से हम इसे जीतकर, और मजबूत होकर निकलेंगे। ये सिर्फ आपकी लड़ाई है। जो भी करना है, खुद करना है। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा एक प्लान बताएंगे।’ ये मैसेज कश्मीर में एक्टिव आतंकियों के लिए है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन कश्मीरियों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रोपेगैंडा चला रहे हैं। दैनिक भास्कर को कुछ मैगजीन और डॉक्यूमेंट मिले हैं, जिनसे नौजवानों को संगठन से जोड़ने और हमले की तैयारी का खुलासा हुआ है। ये मैगजीन दिसंबर में आतंकी नेटवर्क के जरिए पब्लिश की गई थी। ये मैगजीन या एक-दो पेज के स्टेटमेंट वाले पेज का पीडीएफ बनाकर अलग-अलग ग्रुप तक पहुंचाया जा रहा है। ये कंटेंट उर्दू और अंग्रेजी में है। सुरक्षा एजेंसियों के सोर्स बताते हैं कि इसका मकसद पढ़े-लिखे नौजवानों को टारगेट करना है। मैगजीन के जरिए आतंकियों को आर्मी के ऑपरेशन और आगे की तैयारी की जानकारी दी जा रही है। इसमें 33 साल से फरार आतंकी जहांगीर का इंटरव्यू भी है। घुसपैठ का प्लान तैयार, लिखा- जवाब नहीं दिया तो हालात खराब हो जाएंगेआतंकी संगठन मैसेज देने के लिए ZUV नाम से एक लेटर भेज रहे हैं। ZUV का मतलब है- मेरी जिंदगी, मेरी रूह की मौजूदगी से है। एक महीने के भीतर ही इस नेटवर्क की तरफ से कई बार स्टेटमेंट बनाकर आतंकी ग्रुपों में भेजे गए हैं। इनमें से एक स्टेटमेंट 9 पेज का है। इसके आखिरी पेज पर भारतीय सेना की तैयारी का जिक्र है। 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए अलर्ट भी किया गया है। इस स्टेटमेंट में लिखा है, ‘नवंबर की घटना ने इंडिया को और भड़का दिया है। वे कश्मीर पर अपनी मशीनरी से पकड़ मजबूत कर रहे हैं। हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा प्लान बताएंगे। हम अपने लोगों से आने वाले इवेंट्स के लिए मेंटली और फिजिकली तैयारी शुरू करने के लिए कहेंगे।’ ‘खासकर नौजवानों से कहेंगे कि वे इस सर्दी का समझदारी से इस्तेमाल करें। ये बताना जरूरी है कि इंडियन आर्मी और कश्मीर पुलिस को ऑर्डर दिए गए हैं कि जैसे ही रास्ता बर्फ से साफ होना शुरू हो, वो ऊपर के इलाकों में ऑपरेशन शुरू कर दें। मार्च 2026 से इसकी शुरुआत हो सकती है। इस बारे में हमने अगस्त में ही ऑपरेशन प्लान के बारे में बताया था। इसलिए अगर हम जल्दी जवाब नहीं देते हैं, तो हालात और खराब हो जाएंगे। ‘सभी ऑर्गेनाइजेशन मिलकर एक्टिव हों’14 दिसंबर को जारी ZUV के लेटर में नौजवानों को नेटवर्क में भर्ती करने की बात कही गई है। इसमें लिखा है कि हथियारों के साथ विरोध करने वालों को खत्म करने के लिए इंडियन आर्मी को ऑर्डर मिला है। आर्मी कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बड़ा ऑपरेशन शुरू कर सकती है। इसलिए हम भी सेना की एक्टिविटी पर नजर बनाए हुए हैं। आगे लिखा है कि हम सभी भाइयों को बदलते हालात के बारे में अलर्ट कर रहे हैं। चाहे वे किसी भी ऑर्गनाइजेशन से जुड़े हों। सभी आर्मी का प्लान रोकने के लिए काउंटर स्ट्रैटजी बनाने में आगे आएं। इसके अलावा कश्मीरी युवाओं से सोशल मीडिया पर कुछ भी संदिग्ध एक्टिविटी पोस्ट नहीं करने की गुजारिश की गई है। दिल्ली और नौगाम में हुए ब्लास्ट का जिक्र, एजेंसियों पर सवालडॉक्यूमेंट के पेज नंबर-8 पर दिल्ली ब्लास्ट और फिर नौगाम में हुए धमाके का जिक्र है। इसमें लिखा है कि हाल में पुलिस की हिंसा में इजाफा हुआ है। दिल्ली और नौगाम धमाकों के बाद पुलिस काफी निराश है। हम जानते हैं कि भारतीय एजेंसियों को महीनों तक इसकी भनक तक नहीं लगी कि उनकी नाक के नीचे क्या होने वाला है। पुलिस केमिकल्स (विस्फोटक) को भी ठीक से नहीं संभाल पाई। इसलिए छापेमारी कर रही है। 33 साल से वांटेड आतंकी का इंटरव्यू, पहाड़ों का बेटा बतायाजम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बन रहे रतले पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले तीन लोगों का लिंक आतंकी जहांगीर सरूरी से मिला था। इनमें एक जहांगीर का सगा भाई, दूसरा चचेरा भाई और तीसरा भतीजा है। मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी को हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बताया जाता है। वह 1992 से एक्टिव है। जहांगीर को जम्मू में सबसे लंबे वक्त तक जिंदा रहने वाले आतंकवादियों में से एक माना जाता है। उस पर डोडा-किश्तवाड़ में कई हत्याओं में शामिल होने का केस है। जहांगीर सरूरी का प्रोपेगैंडा इंटरव्यू द रिवोल्यूशन रिसर्जेंस मैगजीन में पब्लिश हुआ है। 29 पेज की मैगजीन में 24 नंबर पेज पर ओवैस बिलाल ने ये इंटरव्यू किया है। ये बातचीत कहां हुई, इसका जिक्र नहीं है। जहांगीर के बारे में लिखा है कि वह पिछले 33 साल से जम्मू के किश्तवाड़ और डोडा में आजादी की लड़ाई लड़ रहा है। उसे पहाड़ों का बेटा बताया गया है। इंटरव्यू में लिखा है कि 1992 में मुजाहिदीन में शामिल होने के बाद उसने कई ऑपरेशन किए। ‘गोला-बारूद और हथियार कम, इसलिए किसी भी तरह हथियार चाहिए’इंटरव्यू के दौरान जहांगीर से 1992 से अब तक के सफर के बारे में पूछा गया। उसने जवाब दिया, ‘मैं मुजाहिदीन में शामिल हुआ, तब आगे का रास्ता कुर्बानी का था। अल्लाह ने हमें कई मोर्चों पर जीत दिलाई। इंडियन आर्मी और उनकी खुफिया एजेंसियों ने हमें रोकने के लिए हर कोशिश की, लेकिन हम कभी पीछे नहीं हटे। मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह अल्लाह की मदद और मेरे दोस्तों की कुर्बानी की बदौलत है। दुश्मन आज भी हमसे डरता है। यही डर हमारी कामयाबी का सबूत है।’ भारतीय सेना के एक्शन पर जहांगीर ने जवाब दिया, ‘हमें पता चला है कि भारतीय सेना कुछ खास लोगों को उधमपुर जैसे कैंप में मिलिट्री ट्रेनिंग दे रही है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों और नशीली दवाओं के अड्डों से हमारे लोगों को दिक्कत आ रही है। हमारे पास अब काफी लिमिटेड गोला-बारूद है। उसी से ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी संख्या अब कम हो गई है। रिसोर्स भी कम हैं, लेकिन हम लड़ाई लड़ रहे हैं।’ इसके बाद जहांगीर कहता है कि हमारे पास हथियार कम हैं, लेकिन ये सच है कि सिर्फ हथियार ही हथियार से मुकाबला कर सकते हैं। इसलिए किसी भी तरह कश्मीर के हर कोने तक हथियार पहुंचने चाहिए। हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक कश्मीर को भारत के कंट्रोल से बाहर नहीं करा देते। उनके हथियारों का इकलौता जवाब हमारा अपना हथियार है। आतंकियों के मददगारों पर एक्शन, इसलिए प्रोपेगैंडा चला रहे: सोर्सआखिर आतंकी संगठन नौजवानों को नए-नए तरीके से क्यों टारगेट कर रहे हैं। इसे समझने के लिए हमने जांच एजेंसियों के कुछ अधिकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर कार्रवाई हो रही है। उनके मददगारों की प्रॉपर्टी जब्त हो रही है। आतंकियों के घरों को तोड़ा जा रहा है। इससे जम्मू-कश्मीर में लोकल नेटवर्क से आतंकियों को मदद मिलने में काफी कमी आई है। यही वजह है कि आतंकी अब लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसके लिए वे प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अनंतनाग में दिखा पाकिस्तानी आतंकी, एजेंसियां अलर्ट25 दिसंबर को कश्मीर के अनंतनाग में दो संदिग्ध आतंकी देखे गए थे। इनमें एक लोकल आतंकी मोहम्मद लतीफ भट्ट कुलगाम का रहने वाला है। उसने इसी साल नवंबर में आतंकी संगठन जॉइन किया है। दूसरा आतंकी हंजुल्ला पाकिस्तानी है। दोनों लश्कर-ए-तैयबा के संगठन कश्मीर रिवोल्यूशन आर्मी से जुड़े हैं। दोनों की तलाश के लिए अनंतनाग और कुलगाम के आसपास के इलाके में छापेमारी की गई। एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लतीफ और हंजुल्ला के दिखने का दावा है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दोनों आतंकियों का अब तक पता नहीं चला है। सोर्स बताते हैं कि दोनों अनंतनाग से भागकर कुलगाम के जंगलों की ओर चले गए हैं। ये एरिया पीर पंजाल रेंज से जुड़ा है, जहां आतंकी छिपते रहे हैं। आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पाकिस्तान में एक मंच पर दिखे आतंकी, महिला विंग की भी मीटिंगहाल में लाहौर में हुए एक कार्यक्रम में हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा सईद, सैफुल्लाह कसूरी और आतंकी मुजम्मिल इकबाल हाशिमी एक साथ मंच पर दिखे। इस मंच से युवाओं को कट्टरपंथी का मैसेज दिया गया। इसके अलावा आतंकी मसूद अजहर की छोटी बहन सादिया अजहर की अगुआई में बनी महिला विंग भी साजिश रच रही है। ऑपरेशन सिंदूर में हवाई हमले में सादिया का पति यूसुफ अजहर मारा गया था। वह जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वॉर्टर बहावलपुर में मौजूद था। मीटिंग के बारे में सोर्स से पता चला कि मीटिंग में महिलाओं से परिवार के नौजवानों को जिहाद के रास्ते पर लाने के लिए तैयार करने के लिए कहा गया। महिलाओं को ट्रेनिंग देने के साथ उनके बच्चों को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ने की बात कही जा रही है। इससे जैश के ट्रेनिंग सेंटर पर युवाओं को लाने में आसानी होगी। इससे पहले जमात उल मोमिनात ने 8 अक्टूबर से भर्तियां शुरू की थीं। इसे बहावलपुर में जैश के ट्रेनिंग सेंटर मरकज-उस्मान-ओ-अली में शुरू किया गया।
नए साल की रात स्विट्जरलैंड के मशहूर स्की रिसॉर्ट क्रैन्स-मोंटाना में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया
पहले 'जस्टिस मिशन 2025', फिर नए साल पर जिनपिंग के तेवर पर ताइवान ने दिया मुंहतोड़ जवाब
चीन ने हाल ही में ताइवान के इर्द-गिर्द 'जस्टिस मिशन 2025' अभियान चलाया। नए साल के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भाषण में तल्ख तेवर दिखाते हुए हर हाल में चीन में विलय होने की बात कही है। इन सबके बीच ताइवान अलर्ट मोड पर है
नववर्ष पर रूस ने यूक्रेन पर किए 200 से ज्यादा ड्रोन हमले? जेलेंस्की ने लगाए नए आरोप
रूस और यूक्रेन के बीच नए साल में भी तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। बीते दिनों रूस ने दावा किया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हमला किया
बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको का दावा, पुतिन को पहले ही दी थी हत्या की कोशिश की चेतावनी
रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने अपने हालिया हमले में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाया था
हमास को काबू करेगा या दे देगा खुली छूट? गाजा मिशन में PAK की 'एंट्री' से चिंता में क्यों इजरायल!
Pakistan entry into Gaza in Hindi: गाजा में हमास से हथियार डलवाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में इंटरनेशनल फोर्स का प्लान बन रहा है. जिसमें पाकिस्तान के भी शामिल होने की संभावना है. इस संभावना से इजरायल में टेंशन बढ़ी हुई है.
Ghana News in Hindi: घाना में 25 दिसंबर को क्रिसमस डे वाले दिन दुनिया पर प्रलय आने और लोगों के डूबकर मर जाने की बात कहने वाले फर्जी ईसाई पादरी को अरेस्ट कर लिया गया है. आरोप है कि उसने डर का साम्राज्य फैलाकर लोगों से लाखों डॉलर बटोर लिए.
भारी बारिश और बर्फबारी से अफगानिस्तान में जल प्रलय, करोड़ों लोगों पर मंडराया खतरा
Afghanistan flood: अफगानिस्तान के कई इलाकों में पिछले तीन से हो रही भारी बारिश और बर्फबारी के चलते अचानक बाढ़ के हालात बन गए. जिसके चलते कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य घायल हो गए हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता की तरफ से ये जानकारी गुरुवार को दी गई.
Indian Diplomats Meeting With Bangladesh Jamaat Chief: बांग्लादेश में जमात ए इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान और भारतीय डिप्लोमैट्स के साथ हुई बैठक अब विवाद का विषय बनी हुई है.
Switzerland New Year Blast: स्विट्जरलैंड में नए साल के मौके पर एक बार में बड़ा धमाका हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई. घटना को लेकर पुलिस जांच में जुटी है.
चीन और ताइवान के बीच फिर बढ़ा तनाव
चीन ने बुधवार देर रात को ताइवान के आसपास बड़े पैमाने आयोजित सैन्य अभ्यास के पूरा होने की घोषणा की. इसके थोड़ी देर बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल के अपने संबोधन में ताइवान को लेकर बयान दिया
ईरान में पिछले चार दिनों से क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन? जानिए क्या है इनकी मांग
ईरान इस समय गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है और इसका सीधा असर सड़कों पर दिख रहा है. ईरान के कई शहरों में पिछले चार दिन से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा की भारी गिरावट ने आम लोगों का गुस्सा भड़का दिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि जो प्रदर्शन पहले सिर्फ आर्थिक मांगों तक सीमित थे, अब वे सीधे शासन बदलने की मांग में बदलते जा रहे हैं
पुतिन के घर पर कथित हमले का मामला, रूस और यूरोपीय देश आमने-सामने
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमले का मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है. यूक्रेन के पक्ष में सीधे तौर पर यूरोपीय देश उतर आए हैं
Kim Jong Un Message For Soldiers: नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नए साल के मौके पर रूस के लिए जंग लड़ रहे अपने सैनिकों को संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने सैनिकों की प्रशंसा की है.
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वो बदलाव को तत्पर हैं। ऐसा करते वक्त वो हिचकिचाएंगी नहीं और आवश्यक सुधारों के लिए पूरी ताकत झोंक देंगी
यूक्रेन ने पुतिन के घर को नहीं बनाया टारगेट? सीआईए को हमले के नहीं मिले कोई निशान
रूस की तरफ से दावा किया गया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, इस मामले में अमेरिकी मीडिया ने जानकारी दी है कि सीआईए को इस हमले के कोई निशान नहीं मिले हैं
बांग्लादेश में नहीं थम रहे अपराध, झौचर में बदमाशों ने 24 साल के युवक को उतारा मौत के घाट
बांग्लादेश में अपराध के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन हिंसा की घटनाओं ने देश में अशांति का माहौल बना दिया है। बांग्लादेशी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार ताजा मामला ढाका के हजारीबाग पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले झौचर इलाके से आया है, जहां गुरुवार सुबह नए साल पर बदमाशों ने एक युवक की हत्या कर दी
खामनेई की सत्ता पर संकट! ईरान में आखिर क्यों सड़कों पर उतरे लोग? सरकार का रुख भी जान लीजिए
Protests in Iran: ईरान में पिछले 4 दिनों से लोग सड़कों पर हैं. वहां सीधे तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का विरोध हो रहा है. 86 साल के खामेनेई दशकों से वहां राज कर रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर इसकी वजह क्या है.
रूस : खेरसॉन में एक कैफे और होटल पर 3 यूक्रेनी ड्रोन हमले, 24 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल
रूस के खेरसॉन क्षेत्र में एक कैफे और होटल पर तीन यूक्रेनी ड्रोन हमले में 24 लोगों की मौत हो गयी और 50 से अधिक लोग घायल हैं
अमेरिका के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने गुरुवार सुबह न्यूयॉर्क शहर के 112वें मेयर के तौर पर शपथ ले ली है। ममदानी ने नवंबर 2025 में न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर के तौर पर जीत हासिल की। अब नए साल के मौके पर उन्होंने अपने पद की शपथ ली है
फ्लोरिडा : ट्रंप ने अपने रिसॉर्ट में मनाई न्यू ईयर की पार्टी, बताया नववर्ष का लक्ष्य
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में न्यू ईयर की पार्टी सेलिब्रेट की और नए साल का दिल खोलकर स्वागत किया। इस पार्टी में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अलावा भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, कारोबारी फिल रफिन, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, रूडी गिउलिआनी और गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम, एरिक और लारा ट्रंप, अमीराती अरबपति हुसैन सजवानी और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो शामिल हुए
जिस देश की प्रधानमंत्री महिला, वहां की संसद में महिला टॉयलेट का टोटा, मचा बवाल
Japan Women Parliament Toilet Issue: जापान की ससंद में महिला सांसदों के लिए पर्याप्त टॉयलेट नहीं हैं. इसी समस्या की मांग को लेकर प्रधानमंत्री साने ताकाइची समेत 60 महिला सांसदों ने एक याचिका दी है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
स्विट्जरलैंड के बार में धमाका, कई लोगों की मौत, मातम में बदला नए जाल का जश्न
Crans montana bar explosion several:आज से नए साल यानी 2026 का आगाज हुआ है.न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बीच स्विट्जरलैंड से बड़ी खबर है. क्रैन्स-मोंटाना के एक बार में बड़ा धमाका हुआ है. कई लोगों की मौत की खबर है. धमाके की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है. पुलिस ने धमाके की पुष्टि की है.
ट्रंप की धमकी भी नहीं आई काम! न्यूयॉर्क को मिला पहली बार मुस्लिम मेयर, जोहरान ममदानी ने ली शपथ
Zohran Mamdani News: न्यूयॉर्क शहर को अपना नया मेयर मिल गया है. जोहरान ममदानी ने नए साल की शुरुआत में मेयर पद की शपथ ली. वह न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं. खास बात यह रही कि शपथ समारोह एक पुराने और ऐतिहासिक सबवे स्टेशन में हुआ. ममदानी अब अमेरिका के सबसे बड़े शहर की कमान संभालेंगे.
ट्रंप का बड़ा फैसला: शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटेंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनकी सरकार अब शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रही है
जेलेंस्की का नए साल पर संदेश: हमें युद्ध का अंत चाहिए, यूक्रेन का नहीं
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नए साल की पूर्व संध्या पर अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करना चाहता है
नए साल पर पुतिन का संदेश: सैनिक हैं हीरो, जीत हमारी होगी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोर्चे पर लड़ रहे अपने सैनिकों से कहा कि रूस को पूरा भरोसा है कि वह यूक्रेन युद्ध में जीत हासिल करेगा
Grape Theory New Year: नए साल की रात 12 अंगूर खाने की एक पुरानी परंपरा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है. यह परंपरा स्पेन से शुरू हुई थी. माना जाता है कि इससे नए साल में किस्मत अच्छी रहती है. लोग इसे मजे के साथ-साथ उम्मीदों और अच्छी सोच के साथ निभाते हैं.
बांग्लादेश में यूनुस से क्यों नहीं मिले एस जयशंकर? तारिक रहमान से मुलाकात के सियासी मायने जानिए
India Bangladesh Tension: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की बांग्लादेश यात्रा औपचारिक तौर पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए थी, लेकिन इसमें एक अहम कूटनीतिक संकेद देखने को मिला है. जयशंकर ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से कोई मुलाकात नहीं की, जबकि खालिदा जिया के परिवार से मिले और उनके बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवेदना पत्र भी दिया. अब इसे लेकर तरह के सियासी कयास लगाए जा रहे हैं.

