Attacks On Minorities In Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ अमेरिका के कई शहरों में प्रदर्शन हुए. हिंदू अमेरिकियों ने रैलियों और प्रार्थना सभाओं के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लक्षित हमलों और कथित नरसंहार के बीच चुप रहना कोई विकल्प नहीं है.
बांग्लादेश में जनवरी 2026 के दौरान भीड़ हिंसा, जेल और पुलिस हिरासत में हुई मौतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मानवाधिकार संगठन एमएसएफ की रिपोर्ट के मुताबिक हालात खतरनाक होते जा रहे हैं. चुनाव नजदीक होने के बीच कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
Malaysia seizes two oil tankers: मलेशियाई समुद्री एजेंसी ने अवैध तेल ट्रांसफर करते दो टैंकर जब्त कर उनके कप्तानों को गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई से मलेशिया ने समुद्री इलाके में अवैध तेल व्यापार रोकने का साफ संदेश दिया है.
Elon musk on epstein files: एलन मस्क ने एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद कहा है कि वह कभी उसकी किसी पार्टी में नहीं गए और असली न्याय तभी होगा जब दोषियों की गिरफ्तारी और सजा होगी.
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है.ईरानी संसद के स्पीकर ने यूरोपियन यूनियन की सभी सेनाओं को आतंकी संगठन घोषित कर दिया.यह कदम EU द्वारा ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी कहे जाने के जवाब में उठाया गया है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका के इजराइल राजदूत माइक हकाबी ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप की धमकियां खाली नहीं, वो वादे निभाते हैं. अगर तेहरान ने समझौता नहीं किया तो जून 2025 के 'मिडनाइट हैमर' हमले से भी बड़ा तांडव हो सकता है, जब अमेरिका ने ईरान की परमाणु साइट्स को तबाह किया था.जानें पूरी रिपोर्ट.
न्याय विभाग ने हाल ही में लाखों पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं, जिनमें एफबीआई की 30 लाख से अधिक फाइलें, लगभग 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। शुक्रवार शाम तक छह लाख से अधिक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके थे, जबकि बड़ी संख्या में फाइलें अब भी गोपनीय रखी गई हैं। इस पर कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने पारदर्शिता को लेकर आपत्ति जताई है।
ग्रीनलैंड पर अमेरिका का बड़ा ऐलान, ट्रंप बोले- लगभग बन गई है बात; बस कुछ हफ्ते और
Greenland Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है और इस पर लगभग सहमति बन गई है. उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताया.
अमेरिका के न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए. फाइलों में एलन मस्क, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन और वॉल स्ट्रीट के बड़े नाम शामिल हैं. हालांकि किसी पर अभी तक कोई आरोप तय नहीं हुआ है. दस्तावेजों ने दुनिया भर के ताकतवर लोगों की दोस्ती और कनेक्शन की पोल खोल दी है.
Trump ICE Minnesota: मिनेसोटा में संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप के आईसीई अभियान को रोकने से इंकार कर दिया है. जबकि राज्य ने एजेंटों पर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन और नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया है.
ईरान के बजाए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत...अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा, चीन का भी किया स्वागत
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान के कच्चे तेल के बजाय वेनेजुएला का तेल खरीदेगा.
ट्रंप ने जो बोला था, वो सच हो गया. जनवरी की शुरुआत में ही अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने रातोंरात काराकास में ऑपरेशन चलाया और निकोलास मादुरो को उनके घर से उठा लिया. जिसके बाद अब ट्रंप वेनेजुएला में तेल पर कब्जा करने जा रहे हैं, जानें कैसे उसकी पहल शुरू की है.
ट्रंप का दावा: ईरान से जारी है बातचीत, नौसैनिक बेड़ा भी रवाना
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान इस समय अमेरिका से बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की कोशिश है कि बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाला जाए
बीएलए का 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0,' बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर किया हमला
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को पूरे बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' को अंजाम दिया। इसके बाद प्रांत के कई जिलों से पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाकर हथियारबंद झड़पें, धमाके और हमले हुए
यूक्रेन में तकनीकी खराबी से बड़े पैमाने पर बिजली गुल
यूक्रेन में तकनीकी खराबी के चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई
18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। मैं यूपी के बागपत जिले के गांव किरठल का रहने वाला हूं। पिताजी बड़ी मुश्किल से खेती के सहारे परिवार का खर्च चलाते थे। पश्चिमी यूपी के ज्यादातर युवाओं की तरह मैं भी सेना में भर्ती होना चाहता था। खूब तैयारी भी करता था। इसी मेहनत की वजह से बीए की पढ़ाई के दौरान एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट भी मिला। 12 अक्टूबर 2011 की वह स्याह रात आज भी मेरे जेहन में दर्ज है। उस वक्त मेरी उम्र 18 साल दो महीने थी। पिताजी ने मुझे जरूरी काम से बहन के घर शामली भेजा। उसी रात, बहन के गांव से करीब सात किलोमीटर दूर एक वारदात हुई। कुछ अपराधियों ने दो पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनकी राइफल छीन ली। मुठभेड़ में एक सिपाही की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शक के आधार पर करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया। उनमें मेरे पिताजी भी शामिल थे। पिताजी की गिरफ्तारी के बाद हमारे गांव में दहशत फैल गई। मेरी मां बुरी तरह घबरा गईं। उन्होंने मुझे दादी के मायके सरुरपुर भेज दिया। दादी के मायके रहते हुए 11 दिन बीत चुके थे। 24 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे रहे थे। मैं परिवार के लोगों के साथ आंगन में खाना खा रहा था। तभी कुछ लोगों के आने की आहट सुनाई दी। वो सीढ़ियों से छत की तरफ बढ़ रहे थे। मैंने छत की ओर देखा तो पुलिसकर्मी AK-47 ताने खड़े थे। सभी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। पूरा घर पुलिस छावनी बन चुका था। इस कार्रवाई में मेरा एक रिश्तेदार भी शामिल था, जिसकी उस दिन छुट्टी रद्द कर दी गई थी। छत से एक पुलिसकर्मी ने सख्त आवाज में पूछा- अमित कहां है? परिवार की एक महिला ने हाथ जोड़कर कहा- साहब, अमित ने कुछ गलत नहीं किया है। पुलिस तब भी लगातार वही सवाल दोहराती रही- पहले बताओ अमित कहां है, जहां भी है उसे हमारे हवाले कर दो। मेरे हाथ में रोटी का निवाला था, मैंने उसे थाली में छोड़ दिया। खड़ा हुआ और बोला- मैं ही अमित हूं। मुझे देखते ही पुलिस ने अपनी बंदूकें नीचे कर लीं। एक पुलिस वाले की तो हंसी छूट गई। वह बोला- अरे, तू ही अमित है रे? दरअसल, वे किसी लंबे-चौड़े, खूंखार अपराधी की तलाश में थे, लेकिन सामने 18 साल का एक दुबला-पतला, साधारण सा लड़का खड़ा था। हमारे रिश्तेदार पुलिस के सामने हाथ जोड़ते रहे, लेकिन पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया और बोलेरो जीप में बैठाकर अपने साथ ले गई। यह मुजफ्फरनगर पुलिस थी। उधर, बागपत पुलिस भी मेरी तलाश में थी। जब उन्हें पता चला कि मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुझे पकड़ लिया है तो उनकी जीप भी हमारे पीछे चल पड़ी। वो तब तक पीछा करते रहे, जब तक मुजफ्फरनगर पुलिस की जीप शामली में दाखिल नहीं हो गई। रास्ते में पुलिसकर्मी अपने अधिकारियों को सूचना देते जा रहे थे- जय हिंद सर, अमित को पकड़ लिया है। वे इस तरह बता रहे थे, जैसे किसी खूंखार आतंकी को दबोच लिया हो। इस पर अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शामली मुख्यालय में बड़ी संख्या में मीडिया मौजूद है, इसलिए अमित को शामली थाने ले जाओ। फिर एक घंटे बाद मुजफ्फरनगर सिविल लाइन थाने ले जाना। पुलिस वालों ने ठीक ऐसा ही किया। एक घंटे बाद मुझे मुजफ्फरनगर सिविल लाइन थाने के हवालात में बंद कर दिया गया। मुझे हवालात में डालते ही पुलिस वालों ने पिताजी को छोड़ दिया। हवालात के ठीक बगल में क्राइम ब्रांच का ऑफिस था। उसके अधिकारी लगातार 11 दिन यानी 3 नवंबर तक हर रोज दिन में अपने पास रखकर पूछताछ करते और रात में हवालात में बंद कर देते थे। अब हवालात का हाल बताता हूं। पहले दिन मुझे आलू की सब्जी और रोटी दी गई। मैंने खाने से मना कर दिया। इस पर एक पुलिस वाले ने कहा- पहले इसे कूटो, फिर खाना खाएगा। इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने कहा- हाथ उल्टा करके आगे कर। मैंने हाथ बढ़ाया तो उसने इतनी जोर से डंडा मारा कि मेरे हाथ का मांस उधड़ गया। फिर उसने मेरी कमर में मुक्के मारे। वे बार-बार पूछते रहे- बता, राइफल कहां है? मैं हर बार यही कहता रहा कि मुझे कुछ नहीं पता। पुलिस रोज मुझे बेरहमी से पीटती। बस पिटाई का तरीका बदल जाता था और वही सवाल दोहराती- बता, राइफल कहां है? मेरा जवाब भी वही होता था कि मैं नहीं जानता। एक दिन पुलिस ने मुझे जमीन पर लिटाया, दोनों टांगें बांधकर दीवार से लटका दिया। घंटो इसी तरह लटकाए रखा और मैं चीखता रहा। इसी तरह एक दिन मेरी पैंट उतरवाकर, घंटो खड़ा रखा। फिर फर्श पर बैठाकर मेरी दोनों टांगों को लगभग 360 डिग्री तक खींचा। दर्द के मारे हालत इतनी खराब हो गई कि चल भी नहीं पा रहा था। इसी दौरान सहारनपुर में कुछ बदमाशों ने पुलिस की राइफल छीन ली थी। पुलिस को लगा कि यह किसी एक ही गिरोह का काम है। इस घटना का गुस्सा भी पुलिस ने मुझ पर उतारा। उस दिन पुलिस ने हवालात में एक अपराधी से पूछताछ के दौरान उसके प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांध दी। जब मैंने उसे देखा तो पुलिस वाले कहने लगे- अब तेरी बारी है। फिर मेरे कपड़े उतरवाए और मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी ईंट लटका दी। खिंचाव के कारण पेट में तेज दर्द होने लगा। ऐसा लग रहा था कि मैं मर जाऊंगा। हालत बिगड़ने पर एक पुलिस वाले ने ही कह दिया- ईंट हटाओ, वरना यह मर जाएगा। तब जाकर उन लोगों ने ईंट हटाई। फिर मुझे दूसरी सजा दी गई। मेरा सिर एक ओखलीनुमा कुर्सी में डालकर मुझे उल्टा लटका दिया गया। मैं दाएं-बाएं सिर भी नहीं हिला पा रहा था। आंखों और नाक में साबुन मिला पानी डाला गया। मैं दर्द से चिल्लाता रहा। दूसरी ओर पुलिस पैरों पर डंडे बरसाती रही- इतने कि आज भी मेरे घुटने टेढ़े हैं। ठीक से खड़ा नहीं हो पाता। 4 नवंबर उस थाने में मेरा आखिरी दिन था। उस दिन मुझे सबसे ज्यादा पीटा गया। हवालात के गेट के सामने फर्श पर बैठाया गया। जैसे ही आंख लगती, जोर से डंडा मारा जाता और गंदी गालियां दी जातीं। पुलिस का कमाल देखिए- रिकॉर्ड में मेरी गिरफ्तारी 3 नवंबर दिखाई गई। लिखा गया कि मुझे जंगल से उस वक्त पकड़ा गया जब मैं अपराधियों के साथ मुठभेड़ की योजना बना रहा था। जबकि सच यह था कि पुलिस ने मुझे 24 अक्टूबर से ही हिरासत में रखा था। इस तरह रिपोर्ट तैयार करने के बाद पुलिस मुझे शामली मुख्यालय लेकर गई। मीडिया के सामने राइफल और कुछ हथियार दिखाए। दावा किया कि पुलिस ने वो हथियार मुझसे ही बरामद किए हैं। मीडिया से बातचीत के बाद भी मुझे छोड़ा नहीं गया। थाने के बरामदे में मेरी पैंट उतरवाई गई और फिर डंडे बरसाए गए। उस दिन पूरी पैंट खून से सन गई। 4 नवंबर को मुझे कोर्ट में पेश किया जाना था। मेडिकल से पहले पुलिस ने एक बार फिर पिटाई की। कान इतनी जोर से रगड़े गए कि दर्द से कराह उठा। पूरे शरीर पर पिटाई के निशान साफ नजर आ रहे थे। हालांकि डॉक्टर ने रिपोर्ट में मुझे पूरी तरह फिट दिखा दिया। पुलिस मुझे पेशी के लिए जीप से ले जा रही थी। उस दिन घना कोहरा था। पुलिस की जीप एक गाड़ी से टकराने से बाल-बाल बची। उसका गुस्सा भी पुलिस ने मुझ पीटकर उतारा। जज के सामने मुझे पेश करते हुए पुलिस ने चालाकी से मुझे कमर तक ढंक रखा था, ताकि पैंट पर लगा खून जज को न दिखे। वहां जज ने मुझे देखा। फिर रीडर ने मुझसे एक कागज पर दस्तखत करवाए और पुलिस के साथ जेल भेज दिया। वहां मुझे जेल की अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां एक शख्स आया और बोला- तुम्हें टीका लगेगा। मैंने पूछा- क्या आप डॉक्टर हैं? उसने कहा- नहीं, मैं कैदी हूं, लेकिन यह काम मुझे आता है। उसकी बात सुनकर मैं घबरा गया। कुछ समय बाद मुझे अस्पताल से डिस्चार्ज कर एक बैरक में भेज दिया गया। वहां एक पंडित जी थे। उनसे दोस्ती हो गई। लंगड़ाते देख उन्होंने पूरी बात पूछी। मैंने सब बता दिया। तब से वो मेरी देखभाल करने लगे। जेल में पानी जैसी दाल मिलती थी। उसी दाल में रुमाल भिगोकर अपने जख्मों की सिकाई करता था। जेल आए मुझे 15 दिन हो चुके थे। एक दिन पिताजी का नाम पुकारा गया। मैं खुश हो गया। वे मुझसे मिलने आए थे। उस दिन हम दोनों एक-दूसरे को बस निहारते रह गए। उस दिन पंडित जी ने कहा था- ध्यान रखना, पिताजी तुम्हारी खून से सनी पैंट न देख पाएं, नहीं तो बहुत दुखी होंगे। मैंने छिपाने की कोशिश भी की, लेकिन बातचीत के दौरान उनकी नजर पैंट पर पड़ गई। वे फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें जैसे-तैसे चुप कराया। जाते समय उन्होंने कहा- क्या से क्या हो गया, अमित। हम कहां से कहां आ गए। तबसे पिताजी हर महीने मुझसे मिलने आते। मैं हरबार कहता कि पढ़ाई छूट गई है। वे कहते- कोई बात नहीं, खुद को 12वीं पास मान लो, लेकिन मेरा दिल नहीं मानता था। जेल में रोज एक ही पानी की पाइप से सौ से ज्यादा कैदी नहाते थे। शाम होते ही सभी को एक जगह खड़ा कर दिया जाता। वहीं बातें होती थीं- अपराध की, सजा की और सबसे ज्यादा कानून की। मुझे लगता, यह जेल नहीं, अपने आप में एक चलती-फिरती अदालत है। हर दिन बैरक में कोई नया कैदी आता और कानून पर नई चर्चा छिड़ जाती। कानून से जुड़ी प्रैक्टिकल पढ़ाई तो मेरी वहीं हो गई थी। उसी जेल में पश्चिमी यूपी के नामी-गिरामी गैंगस्टर भी बंद थे। मुझे देखते और रोज अपने गैंग में शामिल होने का न्यौता देते। उन्हें लगता था कि मैंने पुलिस के हथियार लूटे हैं तो खूंखार भी हूं और पढ़ा-लिखा भी। असल में वे चाहते थे कि गैंग का हिसाब-किताब, लूट, जमाबंदी और बाकी कागजी काम संभालूं। हालांकि, पंडित जी ने समझाया था कि यहां सबकी हां में हां मिलाना है। मैं वही करता रहा। मेरे बैरक में एक बड़े अधिकारी भी बंद थे। उनका नाम नहीं बता सकता। वो मुझसे चिट्ठी-पत्री और अर्जियां लिखवाते थे। उनके साथ रहते हुए कानूनी दांव-पेच और कानूनी भाषा की गहरी समझ हो गई। एक दिन एक गांव के सरपंच आए। उन्हीं की मदद से एक वकील से मेरी बात बनी। तब इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेरी जमानत अर्जी दी गई। फिर 7 फरवरी 2014 को जमानत मिली। यहीं से मेरी कहानी ने एक नई करवट ली। जिस दिन जेल से रिहा हो रहा था, जेल के लगभग सभी कैदी गेट तक छोड़ने आए। जेल में दो गैंग चलते थे। दोनों ही गैंग के कैदी मुझे छोड़ने आए थे। यह देखकर जेलर तक हैरान रह गया। उसने पूछा- आज ऐसा कौन आदमी छूट रहा है, जिसे दो दुश्मन गैंग एक साथ छोड़ने आए हैं? वजह साफ थी- मैं उनकी लिखा-पढ़ी का काम करता था। जेल से बाहर आते ही पिताजी के साथ घर गया। उस दिन मां ने पसंदीदा मटर-पुलाव बनाया था। घर वालों ने बताया कि मेरे जेल जाने के बाद उन्होंने कितना कुछ सहा। लोगों ने खुलकर सामाजिक बहिष्कार तो नहीं किया, लेकिन पीठ पीछे कहते थे- क्या पता, इनके लड़के ने ही मर्डर किया हो। ये सब सुनकर मां परेशान रहती थीं। उन्हें डर रहता था कि कोई मुझे नुकसान न पहुंचा दे। वे चाहती थीं कि गांव छोड़ दूं। वे कहतीं- बेटा, जमानत पर बाहर तो आ गया, अब बस इस मामले का कलंक हमारे माथे से मिटा दे। कुछ दिन बाद गांव छोड़कर गुड़गांव चला गया। वहां अपने दोस्त के साथ रहता था। गुजारा करने के लिए कैलेंडर बेचता था। साथ ही एक वकील के साथ तीन हजार रुपए महीने पर क्लर्क का काम करता था। 22 नवंबर 2015 को गुड़गांव से मेरठ आ गया। यहीं एलएलबी में दाखिला लिया। पढ़ाई की फीस जुटाने में दोस्तों ने खूब मदद की। कोर्ट की हर तारीख पर जाने के लिए वे मुझे 500 रुपए उधार देते थे। जिसे मैं छोटे-मोटे काम करके लौटाता था। 2018 में एलएलबी पूरा हुआ। इसके बाद 2020 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलएम किया। मेरे रिसर्च का विषय था- भारत में कैदियों के अधिकार एवं कारागार व्यवस्था का विश्लेषणात्मक अध्ययन। एलएलएम की फीस यूपी के एक पीसीएस अधिकारी ने भरी। उनका प्यार और सहयोग आज भी मेरे साथ है। डिग्री लेते ही मेरी असली लड़ाई शुरू हुई। अदालत में खुद अपनी पैरवी करने की अर्जी दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अदालत के सामने मैंने पहला अहम सबूत रखा- जिस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ था, उसने अपने बयान में साफ कहा था कि मैं उस वारदात में शामिल नहीं था। इसके बाद मैंने दूसरा महत्वपूर्ण फैक्ट सामने रखा। घटना 12 अक्टूबर की थी, जबकि मेरी गिरफ्तारी 24 अक्टूबर को हुई। जबकि, घायल पुलिसकर्मी से जांच अधिकारी ने पूछताछ 12 नवंबर को की। मेरा सवाल सीधा था- घायल पुलिसकर्मी का बयान लिए बिना मुझे कैसे गिरफ्तार कर लिया? इतना ही नहीं, पुलिस ने कागजों में मेरी गिरफ्तारी 3 नवंबर को एक फर्जी मुठभेड़ के तौर पर दर्ज की, जबकि मैं 24 अक्टूबर से ही पुलिस हिरासत में था। यही फैक्ट अदालत में साबित करने में सफल रहा। आखिरकार, 27 सितंबर 2023 को अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी कर दिया। (एडवोकेट अमित चौधरी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) ----------------------------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
इसी बीच, तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इराकी सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में भी गैस विस्फोट की एक अलग घटना में चार लोगों की मौत हो गई। लांकि इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे भी गैस रिसाव से जुड़ा हादसा बताया गया है।
बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों का 14 शहरों में 48 जगहों पर एक साथ हमला, 84 सैनिक मारे गए
सरकारी प्रवक्ता शाहिद रिंद के अनुसार, शुक्रवार देर रात से शनिवार दोपहर तक विद्रोहियों ने क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हुब, चमन, नसीराबाद और अन्य स्थानों पर सुरक्षा बलों, सरकारी एजेंसियों और कुछ नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। राजधानी क्वेटा में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि की गई है।
Agenda of Bangladesh Jamaat e Islami: बांग्लादेश में संसद का चुनाव लड़ रही जमात-ए-इस्लामी का असली चेहरा बेनकाब हो गया है. उसके एजेंडे में खुलकर लिखा है कि वह महिलाओं को किसी भी तरह की आजादी देने की पक्षधर नहीं है. ऐसे में अगर वह जीत गई तो बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था डूब सकती है.
बुल्गारिया की राष्ट्रपति के साथ विशेष साक्षात्कार
बुल्गारिया दक्षिणपूर्वी यूरोप में स्थित है, जी बाल्कन प्रायद्वीप के पूर्वी भाग में है। इसकी सीमा उत्तर में डेन्यूब नदी के पार रोमानिया से, पश्चिम में सर्बिया और उत्तरी मैसेडोनिया से, दक्षिण में ग्रीस और तुर्की से और पूर्व में काला सागर से लगती है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौन ने 31 जनवरी को चीन के च्योछ्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र में अल्जीरिया के सुदूर संवेदन उपग्रह-3बी के सफल प्रक्षेपण पर बधाई संदेश का आदान-प्रदान किया।
दुनिया की पांच सबसे गहरी गोल्ड माइन, धरती के 4 किलोमीटर अंदर से निकलता है चमकीला सोना
दक्षिण अफ्रीका की मपोनेंग गोल्ड माइन (Mponeng Gold Mine) दुनिया की सबसे गहरी सोने की खदान है. यहां के माइनिंग डायरेक्टर का दावा है कि सोने की ये खान अपने आप में एक अजूबा है. ये एतिहासिक खान धरती की सतह से करीब चार किलोमीटर नीचे तक फैली हुई है.
US Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बादल लगातार सघन हो रहे हैं. युद्ध में जीत के लिए अमेरिका अपनी मोर्चेबंदी को मजबूत कर रहा है. इसके लिए वह 83 साल पुरानी ट्रिक का फिर से इस्तेमाल कर रहा है. क्या यह ट्रिक उसे ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों से बचा पाएगी.
Donald Trump: अमेरिका में 2026 फेडरल बजट को समय पर मंजूरी न मिलने से सरकार आंशिक रूप से बंद हो गई है. फंडिंग विवाद के कारण कई गैर-जरूरी सेवाएं ठप हैं और हजारों कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. कांग्रेस को उम्मीद है कि अगले हफ्ते समझौता हो जाएगा और शटडाउन जल्द खत्म होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हमले की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने ईरान पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स को मध्य एशिया के समुद्री क्षेत्र में तैनात किया है।
Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच तकरार बढ़ती जा रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान की ओर पहले से ज्यादा बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा है.
NATO Membership Talks: अरब लीग प्रमुख अहमद अबुल घीत ने कहा कि यूक्रेन में रूस को हराया नहीं जा सकता, क्योंकि वह अपनी सैन्य क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है. उन्होंने शीत युद्ध के दौरान परमाणु टकराव से बचाव का हवाला दिया और कहा कि अमेरिका रूस को चीन से दूर करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
Shehbaz Sharif Emotional Admission: पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक हालत को लेकर अब खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सच्चाई सामने रख दी है. इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वह बता रहे हैं कि कैसे उन्हें अलग-अलग देशों के सामने जाकर मदद मांगनी पड़ी.
जल्द फिर शुरू होगा वेनेजुएला से तेल निर्यात : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के नेतृत्व में चल रही पहल की तारीफ की
हमला हुआ तो क्या बचेगा तेहरान का निजाम? 5 संभावनाएं जो बदल सकती हैं ईरान का नक्शा
Trump Iran Attack Plan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
भारत, फ्रांस ने एआई इम्पैक्ट समिट को ग्लोबल साउथ के लिए बताया मील का पत्थर
भारत और फ्रांस ने नई दिल्ली में होने वाले आने वाले एआई इम्पैक्ट समिट को ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस के लिए एक अहम मोड़ बताया है
जिस खदान पर टिका है करोड़ों का कारोबार! अचानक ढह गई वो माइन; 200 से ज्यादा लोगों की गई जान
Eastern Congo: पूर्वी कांगो में एक बड़ा हादसा हो गया, यहां पर रुबाया कोल्टन खदान ढहने की वजह से अभी तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों की संख्या अभी बढ़ भी सकती है.
Epstein Files: अमेरिका के न्याय विभाग ने जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी फाइलें जारी की हैं. करीब 30 लाख पन्नों के इन दस्तावेजों में बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क, मेलानिया ट्रंप, ममदानी की मां मीरा नायर जैसे कई बड़े नामों का जिक्र है. फाइल्स में कई आरोप और शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन न्याय विभाग ने साफ कहा है कि इनसे किसी के गलत काम की पुष्टि नहीं होती है.
Iran-Us Tensions: अमेरिका और ईरान एक दूसरे को लगातार निशाना साध रहे हैं. अमेरिका- ईरान पर हमले की भी धमकी दे रहा है. इसी बीच सामने आई कुछ सैटेलाइट तस्वीरों ने हलचल बढ़ा दी है.
Epstein Files Controversy: एप्सटीन फाइल्स को लेकर अमेरिका के न्याय विभाग पर सवाल खड़े हो गए हैं. डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एप्सटीन से जुड़े एक अहम दस्तावेज को कुछ समय के लिए वेबसाइट से हटा दिया गया था. बाद में फिर से अपलोड किया गया. इस दौरान 16 फाइलें गायब होने की खबर ने विवाद और बढ़ा दिया है.
29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी-कॉलेज में भेदभाव रोकने वाले UGC के नए नियम पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि नियमों के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। UGC के 2012 के नियम में बदलाव के बाद 13 जनवरी 2026 को इसे जारी किया गया था। स्टूडेंट्स का एक तबका इसे जरूरी बता रहा था, जबकि दूसरा विरोध में था। रोक लगने के बाद विरोध कर रहे स्टूडेंट इसे जीत बता रहे हैं और सपोर्ट करने वाले नाराज हैं। 30 जनवरी को JNU में रोक के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया। उनका कहना है कि रेगुलेशन के गलत इस्तेमाल का तर्क बेकार है। इसलिए नए नियम पर रोक नहीं लगाई जा सकती। आखिर SC/ST-OBC से भेदभाव रुकना सवर्णों का शोषण कैसे हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हमने कुछ स्टूडेंट्स से बात की। साथ ही एक्सपर्ट से समझने की कोशिश की है कि आखिर UGC के नए नियम की जरूरत क्यों पड़ी। रोक से नाराज स्टूडेंट्स बोले…हमारे साथ भेदभाव रुक जाए, ये सवर्णों का शोषण कैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे जयदेव हिंदी डिपार्टमेंट से एमए सेकेंड ईयर के स्टूडेंट हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है। उनका मानना है कि रेगुलेशन के गलत इस्तेमाल का तर्क फिजूल है। वे कहते हैं, 'इस देश में करप्शन इतने ऊपर तक है कि किसी भी नियम-कानून का गलत इस्तेमाल रोका नहीं जा सकता है।' वे आगे कहते हैं, ‘रेगुलेशन का विरोध करने वालों को ये नहीं दिख रहा है कि एक तबके का लंबे वक्त से शोषण हो रहा है, जिसे वो जारी रखना चाहते हैं। पिछड़ी जाति के लोगों का शोषण रोकने की बात हुई तो ये सवर्णों को अपना शोषण कैसे लगने लगा।‘ ‘UGC एक्ट 2026 जिस शोषण के खिलाफ आया, वो चाहे SC/ST के खिलाफ हो, OBC, दिव्यांग या महिलाओं के खिलाफ, वो शोषण बड़े स्तर पर हो रहा है। चाहे देश की किसी भी यूनिवर्सिटी में देख लें, हर जगह ये वर्ग शोषित है।‘ जयदेव आगे कहते हैं, ‘अब छुआछूत ही जातिगत भेदभाव नहीं है। इसका स्वरूप बदल गया है। सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की भर्ती को लेकर एक डेटा जारी किया था। असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए OBC की 80%, ST की 83% और SC की 60% खाली हैं। ऐसे में जो सवर्ण समाज तर्क दे रहा है कि शोषण कहां हो रहा है, उसे क्या ये नहीं दिख रहा। वो क्या सिर्फ छुआछूत को ही जातिगत शोषण मान रहा है।’ ये हमें लड़वाने की साजिश, हम क्या सिर्फ पिसने के लिएममता भी दिल्ली यूनवर्सिटी से PHD कर रही हैं। UGC के नए नियम लाने और उस पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने से खफा हैं। उनका मानना है कि ये दोनों तबकों के लोगों को लड़वाने की सियासी साजिश है। ममता कहती हैं, 'हमारे जैसे लोग क्या सिर्फ पिसने के लिए हैं। नियम-कानून हमारे खिलाफ हों या हमारे समर्थन में, हम सिर्फ पिसते ही हैं। ये रेगुलेशन आया तो हमें खुशी हुई और लगा कि यूनिवर्सिटी-कॉलेज में होने वाला भेदभाव रोक दिया जाएगा।' 'हम खुशी ही मना रहे थे कि तभी खुद को प्रोग्रेसिव बताने वाले तथाकथित लोगों ने बड़ी संख्या में रेगुलेशन का विरोध शुरू कर दिया। इस विरोध को मान भी लिया गया। हम लोग बेवजह ही इसमें फंस गए हैं। हमने न ये कानून मांगा था न हटाने को कहा। अब उलटा हमें जगह-जगह जाकर बोलना पड़ रहा है कि हम कितने टॉर्चर हो रहे हैं।' वे आगे कहती हैं, 'सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को इतनी जल्दी मंजूर कर लिया और फैसला भी सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट देते हुए कहा कि उन्होंने समाज बंटने से रोक लिया। ये मुद्दा समाज में विवाद को बढ़ा देता। आखिर समानता की बात करने से समाज में कौन सी लड़ाई बढ़ जाती है।' फैसले से खुश स्टूडेंट्स बोलेकहते हैं- पंडित हो, मंदिर में घंटी बजाओ, हम भी पीड़ितदिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहे हर्षवर्धन मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं। वे कहते हैं, 'हमारी यही मांग थी कि बिल वापस लिया जाए या इसमें सुधार हो ताकि ये जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स के साथ अन्याय जैसा न लगे। हम इसमें कुछ हद तक कामयाब रहे।' हर्षवर्धन आगे कहते हैं, 'नए नियमामें में सीधे दावा किया जा रहा है कि OBC, SC/ST सिर्फ विक्टिम हो सकते हैं। प्रताड़ित करने वाले लोग सिर्फ जनरल कैटेगरी के। ये समाज को बांटने वाला है। हमने पूछा कि आंकड़े बताते हैं कि SC/ST स्टूडेंट्स भेदभाव का शिकार होते रहे हैं। इस पर हर्षवर्धन कहते हैं, ‘ये इसीलिए है क्योंकि हमने ऐसा मान लिया है कि शोषित सिर्फ SC/ST या OBC ही है जबकि ऐसा नहीं है। ये कह देना गलत है कि सिर्फ कुछ खास वर्ग के लोग ही पीड़ित है। हर जाति वर्ग का व्यक्ति इसका शिकार हो सकता है और प्रताड़ित करने वाला भी किसी जाति का हो सकता है।‘ 'मैं ब्राह्मण हूं लेकिन मुझे भी भेदभाव झेलना पड़ता है। साथी कहते हैं- पंडित जी जाओ मंदिर में घंटी बजाओ, भीख मांगों यहां पढ़ने क्यों आए हो। JNU और BHU कैंपस की दीवारों पर लिखा है- ‘ब्राह्मण, बनिया गो बैक’,आपको क्या लगता है कि हमारे साथ जाति सूचक शब्द इस्तेमाल नहीं होते। पिछले 7 महीने से यूनिवर्सिटी में मुझे कई बार ये सब झेलना पड़ा।‘ हर्षवर्धन के मुताबिक, UGC की 2012 की गाइडलाइंस में हर वर्ग को शामिल किया गया है इसलिए वो भेदभाव खत्म कर समानता बनाए रखने का यूनिवर्सल तरीका है, जिसमें कोई भी विक्टिम हो सकता है और कोई भी आरोपी। सोशल जस्टिस को बनाए रखने में इसका बड़ा रोल है। समान अधिकार देने के लिए हमारे साथ भेदभाव क्योंभरत चौधरी भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट फैसले से खुश हैं। भरत कहते हैं, ‘अगर कोर्ट इस मामले में दखल नहीं देता तो सोसायटी गलत दिशा में चली जाती। इसलिए ये जरूरी था। UGC ने नए रेगुलेशंस में नाम तो इक्विटी कमेटी रख दिया, लेकिन इक्विटी तब आएगी न, जब आप सबको साथ लेकर चलेंगे।‘ ‘UGC के नए रेगुलेशन को ऐसे परिभाषित किया है कि शोषण सिर्फ SC/ST, OBC और दिव्यांगों के साथ हो सकता है। उसमें से जनरल कैटेगरी को पूरी तरह से हटा दिया गया। अब किसी एक वर्ग को हटाकर इक्विटी कैसे आ सकती है।‘ भरत नए नियमों में समय सीमा तय करने और झूठी शिकायत पर कोई जवाबदेही या सजा होने पर सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं, नए नियम में शिकायत करने वाले के लिए पहचान बताना जरूरी नहीं है। झूठी शिकायत पर सजा भी तय नहीं है, ऐसे में इसका गलत इस्तेमाल होता। 'कोई भी झूठी शिकायत करके बेवजह किसी को मुश्किल में डाल सकता है। आपसी रंजिश में भी इस तरह के काम किए जा सकते हैं। ऐसे में जिसके खिलाफ झूठी शिकायत की जा रही है, उस पर इसका क्या असर होगा, ये कौन देखेगा। इसलिए नियम कायदे ऐसे नहीं होने चाहिए कि एक को समान अधिकार देने के लिए दूसरे के साथ भेदभाव कर दिया जाए।' यूनिवर्सिटी-कॉलेज में भेदभाव के रिकॉर्ड केस यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में भेदभाव खत्म करने के लिए UGC 2012 में प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस लेकर आया था। हालांकि 2016 में हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित स्टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड के बाद इन नियमों को सख्त करने की मांग उठी। अगस्त 2019 में रोहित वेमुला की मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि भेदभाव के खिलाफ नियमों को सख्त बनाया जाए। इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में नए नियम बनाने का निर्देश दिया था। UGC का ही डेटा बताता है कि पिछले पांच साल में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 118% बढ़ी हैं। ये डेटा UGC ने हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में बने इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेल (EOC) और SC/ST सेल से जुटाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में UGC को निर्देश दिया था कि 2012 के प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस के तहत जातिगत भेदभाव की शिकायतों का डेटा दे। इसके बाद ये रिपोर्ट UGC ने संसद की स्थायी समिति और सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में जाति आधारित भेदभाव से जुड़ी कई रिपोर्ट पहले भी सामने आती रही हैं। 2007 में एम्स दिल्ली में जातिगत भेदभाव को लेकर सुखदेव थोराट कमेटी ने रिपोर्ट जारी की थी। ये हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में जातिगत भेदभाव का अपनी तरह का पहला ऑफिशियल डॉक्यूमेंट था। रिपोर्ट में बताया गया था कि AIIMS में SC/ST स्टूडेंट्स को बड़े स्तर पर भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह 2023 में IIT बॉम्बे में दलित और आदिवासी स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव का सर्वे सामने आया था। IIT बॉम्बे के SC/ST स्टूडेंट सेल के सर्वे के मुताबिक, एक चौथाई SC/ST स्टूडेंट्स ने बताया था कि वे मेंटल हेल्थ संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। इनमें से 9% स्टूडेंट्स ने मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के लिए जाति को बड़ा कारण बताया था। चार ने प्रोफेसर्स के जातिगत और भेदभावकारी बर्ताव को भी वजह बताया था। एक्सपर्ट- नए नियम में भेदभाव की परिभाषा ही हटा दी गईजाति के मुद्दों पर लगातार लिखने वाले राइटर और IRS अधिकारी एमएस नेथ्रपाल कहते हैं कि इन नियमों का विरोध तो SC/ST और OBC वर्ग के लोगों को करना चाहिए था क्योंकि इसमें बहुत खामियां हैं। वे कहते हैं, ‘नियम के तहत जिस कॉमन इक्विटी कमेटी बनाने की बात है, उसमें वीसी और सीनियर प्रोफेसर को शामिल करने की बात है। ये कौन लोग हैं, दलित समुदाय से आने वाला कोई वीसी नहीं हैं। नए नियम में भेदभाव की परिभाषा ही हटा दी है। अब कमेटी अपने विवेक से तय करेगी कि वे किस चीज को भेदभाव मानती है और किसे नहीं।’ वे नए नियमों पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, नए नियमों में EWS, दिव्यांग और महिलाओं को एक ही इक्विटी सेल में शामिल कर लिया गया है। लिंग के आधार पर और जाति के आधार पर भेदभाव अलग-अलग चीजें हैं। पिछड़ी जाति का व्यक्ति किसी भी पद पर हो, उसके साथ जाति के आधार पर तब भी भेदभाव होता है। IIT, IIM ये लागू नहीं, जहां सुसाइड के ज्यादा केसनेथ्रपाल आगे कहते हैं, ’ये नियम IIT, IIM और बहुत सारे हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में लागू ही नहीं होते, जबकि उन्हीं संस्थानों में दलितों और पिछड़ों के साथ भेदभाव और सुसाइड के मामले ज्यादा आते हैं।’ नए नियमों पर रोक लगने के बाद नेथ्रपाल कहते हैं, ’अलग-अलग कमेटियों की सिफारिश के बाद 2012 में इस तरह का रेगुलेशन आया था। अभी जो नियम आया, उस पर बहुत लोगों ने तर्क दिया कि इससे स्टूडेंट बंट जाएंगे। लेकिन ये नियम तो 2012 से है, तो क्या इससे स्टूडेंट बंट गए।’ ’फेक केस की बात भी बेकार है। 2012 से नियम आने के बाद कितने फेक केस आए, कोई डेटा है। जो ये तर्क दे रहे हैं तो आप सिर्फ यूपी का उदाहरण लें। SC/ST एक्ट के तहत दोष साबित होने की दर 80% है और दोष कोर्ट में साबित होता है। अगर फेक केस होते तो ये रेट कम होता।’ जिनका सदियों से वर्चस्व, वे भेदभाव की शिकायत कर रहेदिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर और 'जातिगत जनगणना' किताब के लेखक लक्ष्मण यादव नए नियमों की जरूरत को लेकर कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के नियम को और सख्त करने को कहा था। इसके लिए ये उपाय हुए और 2026 में नए नियम जारी किए गए। हालांकि इसमें भेदभाव के प्रकार नहीं बताए गए जबकि 2012 के नियम में ये था। विरोध और रोक को लेकर वे कहते हैं, ’80-90% संस्थानों में जो प्रमुख हैं, वे सवर्ण ही हैं। कमेटी में SC/ST, OBC के कितने सदस्य होंगे, ये नहीं बताया गया है। इसका मतलब है कि विरोध गलत एंगल पर हुआ। जबकि विरोध इसका होना चाहिए कि ये नियम वंचितों को न्याय दिलाने के लिए अब भी ठोस नहीं हैं।’ लक्ष्मण कहते हैं, ’जो लोग सदियों से वर्चस्व में रहे हैं, वे विरोध करके कहते हैं कि उनके साथ भेदभाव हो जाएगा। जैसे महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में कानून बनाए जाते हैं, ताकि उन्हें हम मौका दें। गलत इस्तेमाल वहां भी हो जाता है। वो तो हर कानून का हो रहा है। कुछ उदाहरण लेकर आप पूरे कानून का विरोध नहीं कर सकते हैं।’…………….ये खबर भी पढ़ें… माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा डॉक्टरों के पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए होने वाला NEET-PG एग्जाम विवादों में है। इस साल सेकेंड राउंड की काउंसलिंग के बाद भी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में PG की करीब 18 हजार सीटें खाली रह गईं। जिसके बाद NEET PG-2025 एग्जाम का कट-ऑफ SC/ST/OBC कैटेगरी के लिए परसेंटाइल घटाकर जीरो कर दिया गया। पढ़िए पूरी खबर…
अजित पवार के निधन के बाद दो सबसे बड़े सवाल हैं। पहला कि उनकी पार्टी NCP कौन संभालेगा और दूसरा कि क्या तीन साल पहले अलग हुए अजित पवार गुट और शरद पवार गुट अब फिर एक हो जाएंगे। दूसरे सवाल का जवाब है- हां। सोर्सेज के मुताबिक, दोनों पार्टियों के विलय की प्रोसेस पूरी हो चुकी है, अजित पवार ने खुद इसका इसका रोडमैप बनाया था। वे लगातार इस मसले पर मीटिंग कर रहे थे। उनके निधन के बाद भी दो बार मीटिंग हो चुकी है। अब 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव का रिजल्ट आने के बाद दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। सोर्स बताते हैं कि शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं। यानी NCP महायुति का हिस्सा बनी रहेगी, इससे केंद्र में NDA को शरद पवार गुट के 8 सांसदों का साथ भी मिल जाएगा। पार्टी की कमान संभालने के लिए अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को आगे किया गया है। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल की दावेदारी से खींचतान की स्थिति बन रही है। विलय तय, लेकिन हालात थोड़े बदले NCP (शरद गुट) में हमारे सोर्स दावा करते हैं कि दोनों पार्टियों ने विलय का खाका तैयार कर लिया है। हालांकि, अजित पवार के निधन के बाद हालात थोड़े बदले हैं। सोर्स बताते हैं, ‘28 जनवरी को अजित दादा नहीं रहे। उनके निधन से पहले ही दोनों गुटों ने विलय के लिए 9 फरवरी की तारीख तय कर ली थी। अब कुछ चीजें बदली हैं, लेकिन विलय अब भी तय है।’ 9 तारीख ही क्यों तय हुई? सोर्स इसका जवाब देते हैं, ‘इसके पीछे शरद पवार का दिमाग है। महीने भर पहले मीडिया में विलय की बात आने लगी थी। शरद पवार पहले पानी की थाह ले रहे थे। उन्होंने ऐसी खबरें चलने दीं। रिस्पॉन्स ठीक आया, तब बात आगे बढ़ाई।’ ‘5 फरवरी को महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों के चुनाव होने हैं। 7 फरवरी को रिजल्ट आना था। रणनीति यह थी कि पहले चुनाव खत्म होने दें क्योंकि पुणे जिला परिषद अजित पवार का गढ़ रहा है। मीटिंग में तय हुआ था कि शरद गुट के कैंडिडेट भी अजित पवार की NCP के सिंबल घड़ी पर ही चुनाव लड़ेंगे। मैसेज दिया जाएगा कि अब दोनों पवार साथ आ रहे हैं। इसके बाद ही अनाउंसमेंट होगा। अब उससे पहले ही स्थितियां बदल गईं हैं। ’ नेताओं के बयानों से इशारा, दोनों पार्टियां एक होने वाली हैंNCP (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने दावा किया है कि अजित पवार ने महाराष्ट्र में नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दोनों गुटों के विलय पर साथ बैठकर फैसला लेने की बात कही थी। शिंदे ने कहा, ‘पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों के लिए दोनों पार्टियों के गठबंधन के लिए हम मिले थे। तब उन्होंने (अजित पवार) कहा था कि 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बाद हम बैठकर चर्चा करेंगे।’ 40 साल से ज्यादा वक्त तक अजित पवार के सहयोगी रहे किरण गुर्जर भी यही बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने हादसे से पांच दिन पहले कहा था कि वे दोनों गुटों का विलय चाहते हैं। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है। 30 जनवरी को शरद गुट के लीडर अनिल देशमुख ने कहा कि अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि NCP के दोनों गुट एक साथ आएं। इस इच्छा को पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, पार्टी लीडर जयंत पाटिल ने विलय पर मीटिंग होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अजित पवार इस मसले पर पॉजिटिव थे। उन्होंने कहा था कि पहले स्थानीय निकाय के चुनाव गठबंधन करके लड़ा जाए, चुनाव के बाद विलय पर फैसला लेंगे। हमारे सोर्स ने इस तरह की 4 से 5 मीटिंग की बात मानी है। वे दावा करते हैं, ‘विलय की पहल शरद गुट की तरफ से की गई थी। अजित दादा इससे खुश थे। वे अपनी पार्टी की तरफ से आगे आकर मीटिंग कर रहे थे। शरद गुट से जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और रोहित पवार मीटिंग में शामिल हुए थे।’ विलय से BJP को भी फायदा, हाईकमान की सहमतिसोर्स दावा करते हैं कि अजित पवार को BJP हाईकमान से हरी झंडी मिल गई थी। BJP भी चाहती है कि दोनों पार्टियां एक हो जाएं, इसलिए वो इसमें अडंगा नहीं लगा रही। महाराष्ट्र में BJP की सरकार मजबूत है, लेकिन लोकसभा में उसे शरद पवार गुट के 8 सांसदों की जरूरत है। अजित पवार के पास सिर्फ एक सांसद है। अगर NCP एक हो जाती है, तो केंद्र में BJP को 9 सांसदों का समर्थन मिलेगा, जो बड़ा आंकड़ा है। सोर्स के मुताबिक, BJP शरद पवार के साथ काम करने में सहज नहीं है। इसीलिए एक प्लान तैयार किया गया था। शरद पवार ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे मार्च में राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद राजनीति में एक्टिव नहीं रहेंगे। योजना यही थी कि शरद पवार सम्मानजनक तरीके से बाहर निकल जाएं, फिर सुप्रिया सुले दिल्ली और अजित पवार राज्य संभाल लें। इससे NCP के दोनों गुटों और BJP का भी फायदा था। नगर निगम चुनाव से एक होने से शुरुआतनगर निगम चुनावों में दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड में गठबंधन किया था। ये दोनों पार्टियों के एक होने की दिशा में पहला कदम था। उम्मीदवारों को शरद पवार गुट के चुनाव चिह्न ‘बिगुल’ की जगह NCP के चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ पर चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। हालांकि गठबंधन का फायदा नहीं मिला। पुणे नगर निगम की 165 सीटों में से BJP ने 119 सीटें जीत लीं। अजित पवार की NCP की 27 और शरद पवार की NCP को 3 सीटें मिलीं। पिंपरी-चिंचवड नगर निगम की 128 सीटों में से BJP को 84 सीटें मिलीं। NCP को सिर्फ 37 सीटें मिलीं। परिवार और पार्टी ने सुनेत्रा पवार को आगे किया, डिप्टी CM बनेंगीNCP (अजित गुट) के एक सीनियर लीडर नाम न देने की शर्त पर बताते हैं, ‘पवार परिवार ने मिलकर तय किया है कि अब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को आगे किया जाएगा। अजित दादा के दोनों बेटों के पास राजनीतिक अनुभव की कमी है। सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और उनके नाम पर परिवार या विधायकों में विरोध नहीं है।' आज यानी 31 जनवरी को NCP विधायक दल की बैठक होनी है। इसमें सुनेत्रा को नेता चुना जाएगा। महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूचना दे दी गई है। उन्हें 31 जनवरी को ही डिप्टी CM के शपथ ग्रहण समारोह से आपत्ति नहीं है। अजित पवार के निधन से उनकी सीट बारामती खाली हो गई है। सुनेत्रा वहां से चुनाव लड़ सकती हैं। अजित पवार के बाद पार्टी के कंट्रोल पर खींचतान शरद गुट में हमारे सोर्स दावा करते हैं कि दोनों गुटों के एक होने, अजित पवार के महाराष्ट्र में पार्टी संभालने और सुप्रिया सुले के दिल्ली में रहने से प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे लीडर साइडलाइन हो जाते। प्रफुल्ल पटेल शरद पवार के सबसे करीबियों में शामिल थे। पार्टी टूटने से पहले शरद पवार ने उन्हें अजित पवार पर तवज्जो देकर पार्टी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया था। सोर्स आगे कहते हैं, ‘प्रफुल्ल पटेल की BJP से करीबी है। अजित पवार को भी ये बात पता थी। उनके निधन के बाद अब शरद पवार खुद कमान संभालना चाहते हैं ताकि पार्टी पर फैमिली का होल्ड रहे और पहले जैसी समझ बनी रहे।’ ‘शरद पवार अपने वफादार नेताओं जैसे जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे को राज्य की राजनीति में बिठाना चाहते हैं। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल को किनारे लगाना आसान नहीं है। पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट होने के नाते वे खुद को उत्तराधिकारी मान रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे चाहते हैं कि पार्टी पर उनका होल्ड रहे।’ सोर्स के मुताबिक, प्रफुल्ल पटेल BJP को समझाने में लगे हैं कि वे ही अजित पवार को लेकर आए थे। ऐसे में उनके हाथ में पार्टी रहने पर ही BJP का फायदा है। BJP के हाथ में विलय की चाबीसोर्स मानते हैं कि इस पॉलिटिकल मर्जर पर आखिरी फैसला BJP को ही करना है। पार्टी पूरे मामले को 2029 के लिहाज से देख रही है। BJP को डर है कि अगर शरद पवार के हाथ में पूरी ताकत गई, तो वे पार्टी को फिर से मजबूत कर देंगे। इससे भविष्य में BJP को नुकसान हो सकता है। फिलहाल 3 साल की म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग पर बात चल रही है कि मंत्रियों का पोर्टफोलियो वैसा ही रहे और सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष या डिप्टी CM का पद देकर बीच का रास्ता निकाला जाए।’ सोर्स बताते हैं- अजित पवार के निधन के बाद परिवार की एक मीटिंग हुई। इसमें भी आगे के प्लान पर बात हुई। 29 जनवरी को सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा के घर जाकर बात की है। आने वाले कुछ दिनों में पार्टी अध्यक्ष का पेच सुलझ जाएगा। एक्सपर्ट बोले- BJP भी चाहती है दोनों गुट एक हो जाएंNCP के मौजूदा हालात पर हमने बारामती के सीनियर जर्नलिस्ट ओमकार वाबले से बात की। वे कहते हैं, ‘दोनों पार्टियों के एक होने से कैडर, वोटर और फैमिली साथ रहेगी। महाराष्ट्र की राजनीति में सरकार किसी की हो, मराठा समुदाय हमेशा सत्ता के करीब रहता है। BJP जानती है कि मराठा उनसे पूरी तरह नहीं जुड़े हैं, इसलिए वह NCP को तोड़कर या साथ रखकर अपना आधार बनाना चाहती है।’ ओमकार इसमें एकनाथ शिंदे को भी जरूरी मानते हैं। वे कहते हैं, 'राज्य में BJP अपने दम पर सत्ता के करीब तक पहुंच गई है। पार्टी के पास 133 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 145 विधायक चाहिए। ऐसे में BJP पूरा कंट्रोल चाहती है। एकनाथ शिंदे के पास लचीलापन नहीं है। वे हर बात पर अमित शाह के पास जाते हैं। अजित पवार काफी फ्लेक्सिबल थे। इसलिए BJP के लिए अब भी NCP को साथ रखना आसान है।’ …………………………….ये खबर भी पढ़ें एयरस्ट्रिप नहीं दिखी, क्यों लैंड हुआ अजित पवार का प्लेन अजित पवार ने 28 जनवरी की सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। करीब 40 मिनट में प्लेन बारामती पहुंच गया। लैंडिंग के आखिरी पलों में हादसा हुआ। पायलट ने लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। दूसरी कोशिश में 8:46 बजे प्लेन रनवे के पास क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्ट में आया है कि पहली बार में पायलट को रनवे नहीं दिखा था। उस वक्त विजिबिलिटी 3 हजार मीटर थी, जो कम से कम 5 हजार मीटर होनी थी। पढ़ें पूरी खबर...
‘बैंक की नकदी लाने–लेजाने का काम जिस गाड़ी में होता है, उसी में आपके 2 हजार के नोट बदल देंगे। 50 करोड़ के नोट होंगे, तब भी दिक्कत नहीं। 40 फीसदी कमीशन हमारा होगा।’ यह खुलासा 2 हजार के नोट बदलने वाले माफिया ने भास्कर के कैमरे पर किया। चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म की आड़ में माफिया नोट बदलने का कारोबार चला रहे हैं। नेक्सस को एक्सपोज करने के लिए हमने ब्रोकर बनकर तीन माफियाओं से मुलाकात की। तीनों ने नोट बदलने के अलग–अलग तरीके बताए। तीन दलालों से रिपोर्टर की मुलाकात। सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी रिपोर्ट…।पहली मुलाकात : गजेंद्र यादव लोकेशन : जाईपुरिया माल, इंदिरापुरम क्या तरीका बताया : बैंक की गाड़ी में बदल देंगे पहले 5 करोड़ 2 स्लॉट में… हमने गजेंद्र को कहा कि, हमारे पास 50 करोड़ रुपए के दो हजार के नोट हैं और उन्हें बदलवाना है। गजेंद्र: 5 करोड़ के स्लॉट से कर लोरिपोर्टर: ठीक हैगजेंद्र: कैश आपके पास हैरिपोर्टर: हां, हमारे पास, यानी पार्टी के पास गजेंद्र: कितने का, फाइनल हम लोग डिस्कस क्या कर सकते हैंरिपोर्टर: आप बताइए परसेंटेज कैसे तय करना है। 50 करोड़ के सभी नोट 2 हजार के हैं गजेंद्र: 45 टका। इसमें 5% हमारा मीडिएटर का रहेगा। उनका 40 का फिगर है।रिपोर्टर: ठीक हैगजेंद्र: 5 हमारा बच जाएगा, ढाई आप ले लीजिए, ढाई हम ले लेंगेरिपोर्टर: ठीक है गजेंद्र: अभी हमारे CA साहब नहीं हैं। वही सब करवाएंगेरिपोर्टर: ठीक है गजेंद्र: गाड़ी आएगी और गाड़ी से ही ले जाएंगेरिपोर्टर: किसकी गाड़ीगजेंद्र: उनका सिस्टमउदित: CMSगजेंद्र: बैंक का कैश वाली CMS मिल जाएगीरिपोर्टर: CMS वाली गाड़ी आएगीगजेंद्र: हां गजेंद्र ने बताया कि इस काम में उसके साथ देवेंद्र वर्मा नाम का एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है, जिसकी नोएडा में पार्टनरशिप में चलने वाली एक सीए फर्म है। सीए देवेंद्र वर्मा से हमारी मुलाकात नोएडा सेक्टर-18 के एक रेस्टोरेंट में हुई। रिपोर्टर और देवेंद्र के बीच हुई बातचीत देवेंद्र: बताओ फिर क्या है रिपोर्टर: 2 हजार के नोट वाले 50 करोड़ बदलना है देवेंद्र: 50-50 में बात हुई है रिपोर्टर: हांगजेंद्र: 5 हम लोग रखेंगे, 40 दे देंगेरिपोर्टर: मतलब पार्टी को 50गजेंद्र : पार्टी को 50 जाएगा। आपकी पार्टी को 40 जाएगा। बाकी जो 10 बचे, उसमें से 5-5 हम रख लेंगेदेवेंद्र: ठीक है, कब करोगे? पार्ट में?रिपोर्टर: पार्ट में ही समझदारी है देवेंद्र: जैसे किसी दूसरी सिटी से लाना है, नोएडा में एक जगह रख दिया, उसमें से ढाई ले आए, फिर एक घंटे बाद ढाई ले आए…रिपोर्टर: नहीं, ऐसा नहीं होगा। जैसे बात हुई है, 5 करोड़ का स्लॉट, तो 5 करोड़ मैं आपके पास ले आऊंगादेवेंद्र: ढाई दे देंगेरिपोर्टर: आप मुझे ढाई देंगे, 500-500 के नोट में देवेंद्र: कहोगे तो 100-100 के दे देंगे, पर फिर बहुत ज्यादा हो जाएगा रिपोर्टर: कुली करना पड़ेगादेवेंद्र: हां, 500-500 ठीक रहेगा। एक दिन फाइनल कर लो। उस दिन आप ले आनारिपोर्टर: ठीक है, एक बार लोकेशन बता देना कहां लाना हैदेवेंद्र: वो मैं बता दूंगा देवेंद्र वर्मा और गजेंद्र यादव के दावों से पता चलता है कि दिल्ली एनसीआर में 2 हजार के नोट बदलने का सिस्टम एक्टिव है। पड़ताल के दौरान हमारी अगली मुलाकात अबरार नाम के शख्स से हुई। अबरार के संपर्क पुरानी दिल्ली के कई हवाला एजेंटों से बताए गए। अबरार ने बताया कि वह सैयद केसी नाम के एक व्यक्ति को जानता है, जो 2 हजार के नोटों की कितनी भी बड़ी रकम बदलवा सकता है। अबरार के मुताबिक, सैयद चांदनी चौक का बड़ा हवाला एजेंट है। दूसरी मुलाकात : सैयद केसी लोकेशन : जाफराबाद,दिल्ली क्या तरीका बताया : बैंक वर्किंग डे में बदलेंगे रिपोर्टर और सैयद के बीच हुई बातचीत… सैयद: लगभग कितना हैरिपोर्टर: 50 करोड़ के आसपास। 5 करोड़ स्टार्टिंग में ले आए या 10 करोड़सैयद: जितने मर्जी ले आओरिपोर्टर: 10 करोड़ भी हो जाएंगेसैयद: कोई दिक्कत नहीं। आप बैंक वर्किंग डे पर लानारिपोर्टर: बैंकसैयद: हां, बैंक वर्किंग डे पर, सुबह 10 से शाम 4 तकरिपोर्टर: तो बैंक में होगासैयद: बैंक में नहीं। हम अपने पास रख लेंगे, आप निकाल लेंगे। आपको बैंक वर्किंग डे पर लाना हैरिपोर्टर: मतलब बैंक वर्किंग डे पर हीसैयद: हां, हम निकालकर देंगे। सामने बैंक है, कोई दिक्कत नहींरिपोर्टर: 5 करोड़ निकल जाएंगेसैयद: हां, सब मैनेज कर लेंगेरिपोर्टर: पैसे कैसे देंगे, सिस्टम क्या रहेगासैयद: गाड़ी लेकर आओ, वहीं हैंडओवर कर देंगेरिपोर्टर: गाड़ी में देंगेसैयद: हांरिपोर्टर: पहले पैसेसैयद: पहले चेक करेंगे, फिर हाथ के हाथ देंगे। टाइम नहीं लगेगारिपोर्टर: कमीशन कितना रहेगासैयद: 35–65, 65 आपको देंगे, 35 वो रखेंगे रिपोर्टर: मतलब 1 करोड़ में 65 लाख आपकोसैयद: हां, सीधे हाथों-हाथ। 500 के नोट मेंरिपोर्टर: 2000 के नोट बैंक में जमा होंगेसैयद: हां, बैंकिंग चैनल सेसैयद: हमारे पास CMS गाड़ी की परमिशन है। बड़े नोट मूवमेंट का इंतजाम रहता है रिपोर्टर: कितनी रकम रूटीन में रहती हैसैयद: 20–25 करोड़। बाहर से ट्रांसफर हो तो हाथ के हाथ सैयद केसी ने दावा किया कि पुरानी दिल्ली के आढ़ती, यानी हवाला कारोबारी, 35 फीसदी कमीशन पर 2 हजार के नोट बदलने के इस पूरे खेल को अंजाम देंगे। उसके मुताबिक, इन लोगों की बैंकों में सेटिंग है। सीएमएस की गाड़ी से पैसा आएगा और वहीं गिनती व जांच-पड़ताल के बाद हाथों-हाथ 2 हजार के बदले नए नोट दे दिए जाएंगे। उसका दावा था कि पूरा लेन-देन गाड़ी के अंदर ही निपटा दिया जाएगा। नोट बदलने वाले 2 माफियाओं से मुलाकात के बाद हमारी पड़ताल और आगे बढ़ी। सूत्रों से पता चला कि यह खेल सिर्फ हवाला नेटवर्क तक सीमित नहीं है। इंटरनेट पर भी ऐसे कई लोग और ग्रुप सक्रिय हैं, जो क्रेडिट कैश कराने या डिजिटल लेन-देन की आड़ में 2 हजार के नोट बदलवाने का दावा करते हैं। गूगल पर सर्च करने पर हमें कैश अगेंस्ट क्रेडिट कार्ड नाम की एक वेबसाइट मिली। वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर हमने सीधे कॉल किया। फोन संतोष नाम के शख्स ने उठाया। हमने बिना घुमाव के सीधे 2 हजार के नोट बदलवाने की बात कही। बातचीत कुछ ही देर में मुलाकात तय करने तक पहुंच गई। जगह और समय भी फिक्स हो गया। तीसरी मुलाकात : संतोष कुमार लोकेशन : कनॉट प्लेस, नई दिल्ली क्या तरीका बताया : 30 फीसदी ही रिटर्न मिलेगा रिपोर्टर और संतोष के बीच हुई बातचीत… संतोष: पूरी रकम एक बार में नहीं हो सकती, पार्ट्स में करना होगा रिपोर्टर: हां संतोष: पहले कितनी रकम से शुरुआत हो सकती है रिपोर्टर: 50 लाख से शुरू कर लेते हैं संतोष: शुरुआत के लिए थोड़ा ज्यादा है, फिर भी बात करके बताऊंगा रिपोर्टर: नोट बिल्कुल नए हैं, इस्तेमाल नहीं हुए। जिनसे एक्सचेंज होगा, वो दिल्ली से बाहर की पार्टी है क्या? संतोष: हां, बाहर की पार्टी है। रिपोर्टर: अभी बैंक नहीं ले रहे, सिर्फ RBI ले रही है संतोष: हां, अब प्रक्रिया RBI चैनल से ही है। फॉर्मेलिटी और डॉक्यूमेंटेशन समझना पड़ेगा रिपोर्टर: यहां तो सीधे कैश ट्रांजैक्शन की बात हो रही है संतोष: बड़ी रकम पर सवाल उठते हैं, इसलिए प्रक्रिया संभलकर करनी होगी रिपोर्टर: काम पक्का है संतोष: हां, कन्फर्म है रिपोर्टर: कमीशन कितना संतोष: 30% रिटर्न मिलेगा, 70% उधर रहेगा संतोष: पहले समय होता तो वैल्यू बेहतर मिलती, अभी स्थिति कमजोर है। नोट बदलने के नियम क्या हैं : बिना रिकॉर्ड बदलना गैरकानूनी RBI ने साफ किया है कि, 2 हजार रुपए का नोट अब भी लीगल टेंडर है। यानी किसी व्यक्ति के पास 2 हजार रुपए का नोट है तो कोई अपराध नहीं है, लेकिन इन नोटों को आरबीआई में जमा करना जरूरी है। देशभर में आरबीआई के 19 इश्यू ऑफिस हैं, जहां नोट बदले जा सकते हैं। RBI के अनुसार 2 हजार के नोट को बदलने या बैंक खाते में जमा कराने के लिए कोई नया दस्तावेज आवश्यक नहीं है, लेकिन प्रक्रिया KYC नियमों के तहत होती है। आम तौर पर 20 हजार रुपए तक के नोट बदलने पर कागजात नहीं मांगे जाते, हालांकि शक या बार-बार लेन-देन पर पहचान पूछी जा सकती है। बैंक में जमा करते समय KYC अनिवार्य है। आधार/पैन की मांग हो सकती है। बड़ी रकम पर पैन के साथ पैसे के सोर्स की भी जांच होती है। इंडिया पोस्ट से भेजने पर भी पहचान और बैंक विवरण देना जरूरी है। RBI स्पष्ट करती है कि बिना रिकॉर्ड या सेटिंग के 2 हजार के नोट बदलना नियमों के खिलाफ है। कॉन्क्लूजन : सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के मकसद से 2 हजार रुपए के नोट बंद किए थे, लेकिन नोट माफिया अपने नेटवर्क के जरिए ब्लैक को व्हाइट कर रहे हैं। सवाल उठता है कि अब तक कितने काले धन रखने वाले अपना पैसा ठिकाने लगा चुके होंगे। यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नोट : भास्कर ने इस पूरे को लेकर RBI, दिल्ली पुलिस, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और ED को ईमेल किया है। जवाब आते ही खबर में अपडेट करेंगे। ……………………………. आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं ‘लड़की पसंद कर लो, फंसाने का काम हमारा’:कॉन्ट्रेक्ट लेकर हनीट्रैप–सेक्सटॉर्शन करने वाले एक्सपोज, नाबालिग के साथ बनाते हैं वीडियो ‘14 प्लस बेस्ट है…। उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ, तब भी केस पक्का। 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है।’ ये बात सेक्सटॉर्शन और हनीट्रैप का कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली गैंग के एजेंट ने दैनिक भास्कर के खुफिया कैमरे पर कही। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अलर्ट में कहा कि चुनावी अवधि के दौरान राजनीतिक हिंसा किसी भी रूप में सामने आ सकती है। शांतिपूर्ण रैलियां अचानक हिंसक हो सकती हैं और चरमपंथी संगठनों द्वारा हमलों का खतरा बना रह सकता है।
ट्रंप का ट्रिपल वार: ब्रिटेन, क्यूबा और कनाडा पर एक साथ सख्ती,जानें क्या है मामला
इमिग्रेशन कार्रवाई को लेकर देश में विरोध बढ़ रहा है, वहीं डेमोक्रेट पार्टी के साथ टकराव के चलते संघीय सरकार पर शटडाउन का खतरा भी मंडरा रहा है। ऐसे में ट्रंप का यह बहुस्तरीय आक्रामक रुख ध्यान भटकाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
DNA: ईरान पर संकट बड़ा है, लेकिन आस-पास के दूसरे मुस्लिम देश भी क्यों डरे हैं?
Iran Vs US अमेरिका पहले से ही समंदर में महाविनाशक जंगी बेड़ा खड़ा कर चुका है. अब उसने अपने विध्वसंक बमवर्षक विमान उड़ाए हैं. दूसरी तरफ खलीफा की सेना समंदर में बारूद बिछा रही है. ईरान और अमेरिका की तैयारियों के बीच आज की बड़ी खबर ये है कि खलीफा पर हमले में अमेरिका के साथ 7 देश शामिल होने जा रहे हैं.
खलीफा से पहले शी जिनपिंग का तख्तापलट? बीजिंग में अंदरखाने सुलग रही चिंगारी बन सकती है ज्वाला
भारत और जापान के बीच समुद्री सहयोग और आपसी तालमेल बढ़ाने पर चर्चा
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि इंडियन नेवी और जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) के बीच हाल ही में स्टाफ टॉक्स के 11वें संस्करण का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में किया गया।
तो गाजा से मिट जाएगा हमास का नामोनिशान? सीजफायर को लेकर इजरायल का बड़ा बयान
Israel-Gaza War Ceasefire: हमास-इजरायल के बीच जंग के बाद अब सीजफायर जारी है. वहीं अब इजरायल का कहना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद गाजा में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी.
Bangladesh General Election News: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. इससे पहले वहां पर हिंसा का चक्र तेज हो गया है. इसे देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
1 सप्ताह तक नहीं चलेंगी मिसाइल-गोलियां... ट्रंप की मांग पर रूस ने कीव पर रोका अटैक; क्या बताया कारण?
Russia-Ukraine War Ceasefire: रूस-यूक्रेन के बीच जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रेपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से सीजफायर को लेकर बातचीत में मदद करने की अपील की.
EU To List Iran Revolutionary Guards As Terror Group: यूरोपीय संघ (EU) की ओर से खामेनेई के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन में लिस्ट करने के फैसले के बाद अब ईरान का रिएक्शन सामने आया है.
US Iran Latest News: यूएस और ईरान के बीच जंग के बादल लगातार गहरा रहे हैं. जहां यूएस अपनी सैन्य घेराबंदी मजबूत कर रहा है. वहीं ईरान ने भी 1 फरवरी से लाइव फायर ड्रिल का ऐलान कर अमेरिका को संदेश दे दिया है.
USCC Meeting: इस साल फरवरी 2026 को US-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) की बैठक होगी. इस बैठक में भारत पर खास फोकस रहेगा.
शादी से पहले फिजिकल रिलेशन! इस देश में कपल पर बरसाए गए 140 कोड़े, बेहोश हो गई महिला
Indonesia News: इंडोनेशिया में एक कपल को शादी से पहले फिजिकल रिलेशन बनाने और शराब पीने की वजह से 140-140 कोड़े मारे गए, इस आचेह प्रांत में शरिया कानून लागू होने के बाद से यह सबसे कड़ी सजाओं में से एक है.
South Korea News: साउथ कोरिया में मार्शल लॉ के दौरान दो मिलिट्री कमांडरों ने सांसदों को अरेस्ट करने की कोशिश की गई थी. अब ऐसे करने वाले कमांडरों को बर्खास्त कर दिया गया है. जानिए क्या है पूरा मामला.
ब्रिटेन और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो गए हैं. चीन दौरे पर गए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मरकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद ट्रंप ने इसे “बहुत खतरनाक” कदम बताया है. इस बयान से दुनिया की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
‘अखबार ले लो…’ पेरिस के आखिरी हॉकर को मिला फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान
Last Newspaper Hawker France: पेरिस की सड़कों पर दशकों से गूंजती अखबार ले लो की आवाज अब इतिहास में दर्ज हो गई है. 73 साल के अली अकबर, जिन्हें फ्रांस का आखिरी पारंपरिक हॉकर माना जाता है, उन्हें राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा है. यह सम्मान उनके काम, मेहनत और पेरिस की पुरानी परंपरा को जिंदा रखने के लिए दिया गया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के ऊपर कमर्शियल एयरस्पेस फिर से खोलने जा रहा है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए दौर की शुरुआत हो रही है. इसमें अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में काम के मौके तलाश रही हैं.
Nanook Band: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. इसी बीच ग्रीनलैंड का नानूक बैंड चर्चाओं में आ गया है. ये बैंड शांति का संदेश दे रहा है.
भारत-EU की डील अमेरिका की नाराजगी, यूरोप के रुख को बताया ‘निराशाजनक’
स्कॉट बेसेंट ने इंटरव्यू में कहा, “वे जो अपने लिए बेहतर समझें, वही करें, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि यूरोपीय देशों का रुख बहुत निराश करने वाला है, क्योंकि वे यूक्रेन-रूस युद्ध में अग्रिम मोर्चे पर हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और ईयू ने नई दिल्ली में एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ईरान में भयंकर विरोध प्रदर्शन और गरीबी के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ने छिपकर दुनिया भर में लग्जरी प्रॉपर्टी का विशाल साम्राज्य खड़ा किया है. ब्लूमबर्ग की जांच से खुला कि लंदन की बिलियनेयर्स रो, दुबई की विला और यूरोप के होटल्स में करोड़ों लगे हैं, सब ईरानी तेल के पैसे से. ये सब सैंक्शन तोड़कर हुआ, जबकि जनता सड़कों पर मर रही है.
रूस ने जेलेंस्की को दिया मॉस्को आने का न्योता, युद्ध के बीच शांति वार्ता की कोशिशें तेज
रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता का अगला दौर रविवार को अबू धाबी में निर्धारित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मानवीय मुद्दों, युद्धबंदियों की अदला-बदली और बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि, क्रेमलिन ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं।
2020 की गलती 2026 में सजा! IRS- ट्रेजरी डिपार्टमेंट पर केस; ट्रंप क्यों खोल रहे हैं पुरानी फाइल?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप IRS और ट्रेजरी डिपार्टमेंट पर $10 बिलियन का केस कर रहे हैं. ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ये साल 2018-2020 के बीच प्रेसिडेंट की टैक्स जानकारी को लीक होने से रोकने में नाकाम रहे.
Trumprx Website: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन एक नई सरकारी वेबसाइट TrumpRx लॉन्च करने जा रहा है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग दवा कंपनियों से सीधे कम दाम पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों का दवा पर होने वाला खर्च घटेगा, लेकिन इस योजना को लेकर दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स में हलचल मची गई है.
ट्रंप की चेतावनी– कनाडाई एयरक्राफ्ट पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ व्यापारिक स्तर पर एक्शन लेने की चेतावनी दी है
क्यूबा से खतरे पर ट्रंप का बड़ा कदम, अमेरिका में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि क्यूबा से अमेरिका को एक असामान्य और गंभीर खतरा है। उन्होंने क्यूबा सरकार से पैदा हुए खतरे को लेकर देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है
कनाडा के Bombardier Jets की छुट्टी; ट्रंप का बड़ा ऐलान; PM कार्नी को फिर दी 50% टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बने विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. बता दें ट्रंप की ये धमकी गल्फस्ट्रीम जेट के प्रमाणन विवाद के बाद आई है. चीन के साथ कनाडा के बढ़ते व्यापार को लेकर भी ट्रंप ने 100% टैरिफ की धमकी दी थी जिससे अमेरिका-कनाडा तनाव और बढ़ गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल ने रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ी राहत दिलाई है. ट्रंप की अपील पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कड़ाके की ठंड के दौरान एक हफ्ते तक कीव और अन्य शहरों पर हमले न करने पर सहमति जता दी. इसके पीछे की वजह चौंकाने वाली है.
Great American Recovery Initiative: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नशे और लत के खिलाफ लड़ाई के लिए एक नई राष्ट्रीय योजना की शुरुआत की है. इसका नाम ग्रेट अमेरिकन रिकवरी इनिशिएटिव रखा गया है. इस योजना का मकसद नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को इलाज, सहारा और दोबारा सामान्य जिंदगी में लौटने में मदद देना है.
Russia-Ukraine Peace Talks: रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है. जानकारी के अनुसार, ये कदम अबू धाबी में रूस-यूक्रेन-अमेरिका की पहली त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आया है. वहीं, यूक्रेन पर रूसी ड्रोन हमले जारी हैं जिन्हें कीव शांति प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश बता रहा है.
इजराइल से लेकर US बेस तक...जंग में शामिल होगा पूरा इलाका, धमकियों के बीच ईरान ने ट्रंप को चेताया
Donald Trump: अमेरिका और ईरान दोनों एक दूसरे पर लगातार तंज कस रहे हैं, इसी बीच ईरानी आर्मी के स्पोक्सपर्सन मोहम्मद अकरामी निया ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है ट्रंप ऑपरेशन कर सकते हैं और फिर दो घंटे बाद ट्वीट कर सकते हैं, तो ऐसा कुछ भी नहीं है.
EU Designates IRGC Terrorist: यूरोपीय यूनियन ने ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. यह फैसला ईरान में हाल ही में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों और उन पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद लिया गया है. इसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी. इस कदम को यूरोप की ईरान नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से अमेरिका भड़का हुआ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूरोप के लिए यूक्रेन युद्ध से ज्यादा जरूरी ट्रेड है। वह अपने खिलाफ युद्ध को फंड कर रहा है। बेसेंट ने कहा कि इस डील से भारत को ज्यादा फायदा होगा। भारत-EU की डील से अमेरिका इतना परेशान क्यों है, क्या वाकई भारत को इस डील से ज्यादा फायदा होगा और ट्रम्प के टैरिफ का असर घटेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुई 'मदर ऑफ ऑल डील' क्या है? जवाबः जब दो या ज्यादा देश आपस में ये तय कर लेते हैं कि वे एक-दूसरे के सामान और सेवाओं पर टैक्स, पाबंदियां और रुकावटें कम या खत्म कर देंगे, तो उसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA कहते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो FTA व्यापार का ‘टोल फ्री हाईवे’ है। भारत ने 27 जनवरी को यूरोपीय यूनियन के साथ FTA अनाउंस कर दिया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर ने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा है… सवाल-2: इससे नाराज अमेरिका किस तरह गुस्सा जाहिर कर रहा है? जवाबः भारत और EU के बीच ट्रेड डील होने के बाद ट्रम्प सरकार के मंत्री इस डील की आलोचना कर रहे हैं… सवाल-3: क्या वाकई इस डील से भारत को ज्यादा फायदा होगा? जवाबः भारत ने 2025 में यूरोप को 6.8 लाख करोड़ रुपए का सामान बेचा। वहीं EU से 5.5 लाख करोड़ रुपए का सामान खरीदा। यानी दोनों देशों के बीच हो रहे व्यापार में भारत के पास पहले से 1.3 लाख करोड़ रुपए की बढ़त है। इसे टेक्निकल भाषा में ट्रेड सरप्लस भी कहते हैं। इस डील के तहत भारत ने यूरोप से आने वाले करीब 96.6% चीजों से टैरिफ पूरी तरह हटा दिया है या बहुत कम कर दिया है। ऐसे ही यूरोप ने भी भारत से आने वाले 99.5% सामान पर टैरिफ खत्म कर दिया है या घटा दिया है। डील के बाद EU का भारत पर लगने वाला एवरेज टैरिफ 3.8% से घटकर 0.1% हो गया है। भारत-EU की ट्रेड डील से भारत के इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा… यूरोप में भारतीय कपड़े ज्यादा बिकेंगे 20% बढ़ सकता है फार्मा और केमिकल ट्रेड भारत में लग सकती हैं यूरोप की डिफेंस फैक्ट्रियां भारत के चमड़ा कारीगरों का व्यापार बढ़ेगा इसके अलावा भारत की हर तरह की ज्वेलरी पर लगने वाली ड्यूटी खत्म या बहुत कम हो जाएगी। भारत के लोगों को यूरोपियन शराब, यूरोपियन कारें और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे, क्योंकि इन पर लगने वाले प्रीमियम टैरिफ कम हो जाएंगे। इस डील से भारत को फायदा तो होता दिख रहा है लेकिन यह कहना कि भारत को ज्यादा फायदा होगा अभी जल्दबाजी होगी। चाइनीज एकेडमी ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड एंड इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन के सीनियर रिसर्चर जोऊ मी के मुताबिक, अमेरिका को लग रहा है कि पूरी दुनिया उसके लॉजिक के हिसाब से चलेगी। इसमें भले ही उसके साझेदारों का नुकसान हो जाए। अब अमेरिका के साझेदार उसके हिसाब से नहीं चल रहे इसलिए वो ऐसे बयान दे रहा है। सवाल-4: यूरोपियन यूनियन को डील से क्या हासिल होगा? जवाबः भारत ने EU से आयात होने वाली 49.6% चीजों पर तुरंत टैरिफ खत्म कर दिया है। बाकी की 39.5% चीजों पर 5 से 10 साल में टैरिफ खत्म हो जाएगा। EU की ट्रेड डील से यूरोपियन यूनियन के इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा… भारत में यूरोपीय शराब और वाइन की खपत बढ़ेगी भारत में यूरोपीय कारों की डिमांड बढ़ेगी इसके अलावा मशीनरी पर 44%, केमिकल्स पर 22% और फार्मा सेक्टर पर 11% लगने वाला टैरिफ भी आने वाले कुछ सालों में पूरी तरह खत्म हो जाएगा। यूरोप के आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलिकॉम जैसे हाई-वैल्यू सर्विस सेक्टर को भी भारत में ज्यादा मौके मिलेंगे। क्योंकि इन सेक्टर में दूसरे देशों के मुकाबले टैरिफ कम लगेगा। सवाल-5: क्या ये डील ट्रम्प के टैरिफ को बेअसर कर देगी? जवाबः ट्रम्प ने भारत के सामानों पर फिलहाल 50% टैरिफ लगा रखा है, जो उनके सत्ता में आने से पहले 10% से भी कम था। इससे भारत के एक्सपोर्ट पर बेहद नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव यानी GTRI के मुताबिक, नवंबर 2025 में भारत ने करीब 3 लाख करोड़ रूपए का सामान निर्यात किया। ये साल 2024 से 11% कम था। सिर्फ अमेरिका को किए जाने वाले निर्यात में 28.5% की कमी आई। मई 2025 में भारत ने अमेरिका को लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का निर्यात किया था। अक्टूबर में ये घटकर 56 हजार करोड़ रूपए रह गया। GTRI के मुताबिक, भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात साल 2024–25 में 86.5 अरब डॉलर था। यह 2025–26 में घटकर करीब 50 अरब डॉलर रह सकता है। यानी भारतीय घरेलू बाजार को 3 लाख करोड़ रूपए का नुकसान होगा। सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, ज्वेलरी, झींगा (श्रिंप) और कालीन के निर्यात पर पडे़गा। आशंका है कि इन सेक्टरों में निर्यात करीब 70% तक गिर जाएगा, जिससे लाखों नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। ट्रेड डील के बाद ईयू ने एक्सपोर्ट के लिए भारत की कुछ सीफूड प्रोसेसिंग फैसिलिटीज को भी मंजूरी दे दी है। इससे शिपमेंट्स बढ़ सकेंगी, खासकर ऐसे समय में जब कई प्रोड्यूसर्स को US के टैरिफ की वजह से दबाव झेलना पड़ रहा है। अमेरिका को होने वाले इस निर्यात पर बढ़े टैरिफ का असर जमीन पर दिखने लगा है। सूरत जैसे प्रमुख हब से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक हीरों के उत्पादन में कटौती शुरू हो चुकी है। सूरत की हीरा पॉलिशिंग इंडस्ट्री 12 लाख लोगों को रोजगार देती है। अर्थशास्त्री शरद कोहली कहते हैं कि ट्रेड डील से भारतीय सामान चीन जितना सस्ता हो सकता है, जिससे यूरोप में इसकी डिमांड बढ़ेगी। ट्रंप के टैरिफ की वजह से भारत को हीरों और जेम्स में जो नुकसान हुआ है, यूरोप से उसकी भरपाई हो सकती है। हालांकि, पूरी भरपाई के बारे में कहना संभव नहीं है। लेकिन 3 से 4 सालों में EU–भारत के बीच का व्यापार करीब 22 लाख करोड़ तक जा सकता है। सवाल-6: इस डील से अमेरिका को किस बात का डर सता रहा है? जवाबः EU और भारत के करीब आने से अमेरिका के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं… सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर छूट सकता है भारत पर टैरिफ का दबाव बेअसर भारत-EU के बीच FTA दो बड़े इकोनॉमिक प्लेयर्स का साथ आना है। यह अमेरिका के लिए सिग्नल है कि दोनों देश अपने एजेंडा पर आगे बढ़ने को तैयार हैं। अमेरिका का विकल्प ढूंढ रहे दुनिया भर के देश अंतरराष्ट्रीय मामलों में JNU के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह कहते हैं, ‘इन घटनाओं ने EU को NATO से इतर साझेदारियां तलाशने की इच्छा को और मजबूत किया है। इसलिए EU-India FTA सिर्फ इकोनॉमिक स्ट्रेटजी तक सीमित न रहकर, अमेरिका के खिलाफ EU के लिए एक जियो-पॉलिटिकल इंश्योरेंस के रूप में सामने आता है।’ ------------- ये खबर भी पढ़िए… 4 करोड़ लाशों पर बैठा था यूरोप:76 साल पहले कैसे बना NATO, क्या अब बिखरना तय है; आखिरी कील ठोक रहे ट्रम्प तारीख- 4 मार्च 2025। वॉशिंगटन डीसी की एक शाम। अमेरिकी कांग्रेस का संयुक्त सत्र चल रहा था। ट्रम्प मंच पर खड़े बोल रहे थे। उन्होंने अचानक कहा कि अमेरिका को हर हाल में ग्रीनलैंड लेना पड़ेगा। बात इतनी बेहिचक थी कि संसद में बैठे सांसद हंस पड़े, लेकिन ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे थे। पूरी खबर पढ़िए…
Iran nuclear bomb news: यूएस-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बड़ी खबर निकलकर आ रही है. कहा जा रहा है कि ईरान ने अपना परमाणु बम बना लिया है. हालांकि इस बारे में अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है. इन कयासों के बीच अजित डोवल के दूत ने एकाएक तेहरान में बड़ी विजिट की है.
Israel To Remove Palestinians From East Jerusalem: इजरायल द्वारा प्रशासित यरुशलम नगर निगम बोर्ड ने अल-अक्सा मस्जिद के नजदीक बसे फिलिस्तीनियों को अपने घर खाली करने का नोटिस भेज दिया है.
America Control On Venezuela Oil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पद की शपद लेने के बाद कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बताया, हालांकि अब ऐसा लगता है कि उनका 51वां राज्य कनाडा नहीं वेनेजुएला है.
ईरान जिस वक्त परमाणु बारूद के ढेर में खड़ा नजर आ रहा है. उस वक्त भारत के एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल के डिप्टी पवन कपूर तेहरान पहुंचे. यानी जिस वक्त दुनिया के सभी मुल्क अपने अपने नागरिकों को तेहरान से निकाल रहे हैं. आशंका जाहिर की जा रही है.
इस मुस्लिम देश में तेजी से गिरी जन्मदर, चीन-जापान से भी बुरे हालात; महज 7 सालों में बदल गए आंकड़े
Turkey Falling Birth Rates: तुर्किए में पिछले 25 सालों में सबसे प्रजनन दर में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. राष्ट्रपति एर्दोगन ने इसे देश के लिए गंभीर खतरा बताया है.
US CISA Chief Shared Internal Files On ChatGPT: अमेरिका में भारतीय मूल के CISA चीफ पर AI में सरकार के इंटर्नल डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने का आरोप लगा है.
पाकिस्तान अब धीरे-धीरे आतंकिस्तान बन चुका है. दुनिया के बड़े से बड़े आतंकियों का ठिकाना पाकिस्तान में ही हैं. इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पाक की यात्रा करने से पहले फिर एक बार विचार करने को कहा गया है.
EU To List Iran Revolutionary Guards As Terror Group: यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन में लिस्ट करने का फैसला किया है.
ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलें उड़ा न दें युद्धपोत? US में घबराहट, बचाव के लिए तैनात किया THAAD सिस्टम
What is US Thaad System: अमेरिका बेशक ईरान के खिलाफ युद्ध पर आमादा हो लेकिन उसे ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों से डर भी सता रहा है. इससे बचाव के लिए उसने पश्चिम एशिया में अपने खतरनाक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती कर दी है.
Us Smithsonian Museum: अमेरिका के स्मिथसोनियन के नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. म्यूजियम ने तमिलनाडु के मंदिरों से जुड़ी तीन ऐतिहासिक कांस्य मूर्तियां भारत को लौटाने का ऐलान किया है. जांच में साफ हुआ कि ये मूर्तियां कई दशक पहले गलत तरीके से मंदिरों से हटाई गई थीं. इनमें से एक मूर्ति, शिव नटराज, भारत सरकार की सहमति से लंबे समय के लिए अमेरिका में ही प्रदर्शित की जाएगी.
iran us conflict:अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान पर पहले हमला कर सकता है. जवाब में ईरान ने भी खुली चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का करारा और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप के अफसर ने ChatGPT पर डाले गोपनीय दस्तावेज, सुरक्षा सिस्टम ने जारी किया अलर्ट
US Cyber Security: अमेरिका में साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. ट्रंप प्रशासन द्वारा नियुक्त साइबर एजेंसी CISA के कार्यवाहक प्रमुख पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी काम से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज पब्लिक ChatGPT में अपलोड कर दिए. इसके बाद सुरक्षा सिस्टम ने अलर्ट जारी कर दिया.
कौन हैं वो नन जो चर्च ऑफ इंग्लैंड की बनीं पहली महिला आर्कबिशप, 105 पुरुषों के बाद मिली जिम्मेदारी
Sarah Mullally: 63 साल की सारा मुलली कैंटरबरी की आर्कबिशप बन गईं हैं. इस जिम्मेदारी के बाद मुलैली चर्च ऑफ इंग्लैंड को लीड करने वाली पहली महिला बन गईं हैं.
अजित पवार की खबर के बीच एक और विमान हादसा, प्लेन क्रैश में गई 15 लोगों की जान
Colombian Plane Crash Near Venezuela: अभी हम महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन हादसे से उबरे नहीं थे कि, वेनेजुएला सीमा पर भी एक बड़ा विमान हादसा हो गया है. 15 लोगों को ले जा रहा एक छोटा कमर्शियल विमान जो कि Beechcraft 1900 मॉडल का था, वेनेजुएला सीमा के पास क्रैश हो गया. दुख की बात ये है कि इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी है.
यूक्रेन की बलि और भारत से यारी? EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अमेरिका ने यूरोप को घेरा
US Treasury Secretary: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने यूरोप की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के लोगों की चिंता करने की बात तो की लेकिन असल में भारत के साथ बड़ा व्यापार समझौता कर अपने फायदे को पहले रखा है. बेसेंट ने इसे बेहद निराशाजनक बताया है.
28 जनवरी 2025 की सुबह 8.10 बजे… मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक 6 सीटर लियरजेट- 45XR विमान ने उड़ान भरी। इसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, 2 पायलट और एक फ्लाइट अटेंडेंट सवार थी। उन्हें बारामती की 250 किलोमीटर की दूरी 30 मिनट में तय करनी थी। लेकिन 35 मिनट बाद ये प्लेन आग के गोले में बदल गया। 3D मैप, वीडियो और AI के जरिए देखिए अजित पवार के प्लेन क्रैश की मिनट-टू-मिनट पूरी कहानी, वीडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक कीजिए…
महाराष्ट्र का बारामती, अजित पवार का यहां सिक्का चलता था। 8 बार विधायक और एक बार सांसद बने। बारामती में ही आखिरी सांस भी ली। अजित पवार ने 28 जनवरी की सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। करीब 40 मिनट में प्लेन बारामती पहुंच गया। लैंडिंग के आखिरी पलों में हादसा हुआ। पायलट ने लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। दूसरी कोशिश में 8:46 बजे प्लेन रनवे के पास क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्ट में आया है कि पहली बार में पायलट को रनवे नहीं दिखा था। उस वक्त विजिबिलिटी 3 हजार मीटर थी, जो कम से कम 5 हजार मीटर होनी थी। दैनिक भास्कर ने हादसे की वजहों की पड़ताल की। इसमें तीन सवाल निकलकर सामने आए। 1. हादसे की वजह क्या है, प्लेन में तकनीकी खराबी या खराब मौसम? 2. क्या लैंडिंग के वक्त नियमों का पालन नहीं किया गया? 3. क्या हादसा मैनुअल और इंस्ट्रूमेंट प्रोसीजर के कन्फ्यूजन में हुआ? इन सवालों के जवाब के लिए हमने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB की दो रिपोर्ट्स की पड़ताल कीं। ये रिपोर्ट बारामती एयरपोर्ट पर हुए हादसों से जुड़ी हैं। पहला हादसा: 20 सितंबर 2021 क्या हुआ: रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी का एयरक्राफ्ट क्रैश इसकी रिपोर्ट में मौसम की जानकारी वाले पेज पर लिखा है कि बारामती एयरपोर्ट पर मौसम विभाग से रिकॉग्नाइज्ड कोई ऑफिस नहीं है। यहां पुणे ऑफिस से मौसम की जानकारी ली जाती है। हालांकि रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी का वेदर इंस्ट्रूमेंट है, जो मौसम की मॉनिटरिंग करता है। दूसरा हादसा: 25 जुलाई, 2022 क्या हुआ: ट्रेनिंग एयरक्राॅफ्ट दुर्घटनाग्रस्तजांच रिपोर्ट में लिखा है कि बारामती एयरपोर्ट पर एक ही रनवे है। ये दो साइड से है। इसे रनवे 11 और 29 कहा जाता है। रनवे विजुअल अप्रोच वाला है, यानी इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल तभी करना चाहिए, जब विजिबिलिटी 5 किमी या इससे ज्यादा हो। कम विजिबिलिटी होने पर यहां लैंडिंग खतरनाक हो सकती है। यही वजह है कि इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ पायलट ट्रेनिंग के लिए होता है। विजुअल अप्रोच वाले रनवे को समझने के लिए हमने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA में फ्लाइट इंस्पेक्टर रह चुके कैप्टन प्रशांत ढल्ला से बात की। वे कहते हैं कि एयरपोर्ट पर विजिबिलटी के हिसाब से दो कैटेगरी है। 1. विजुअल फ्लाइट रूल्स 2. इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स विजुअल अप्रोच के लिए विजिबिलिटी कम से कम 5 किमी होनी चाहिए। ये पायलट को बताया जाता है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के कंट्रोलर को भी जानकारी दी जाती है कि आप तभी विजुअल अप्रोच के लिए सहमति देंगे, जब 5 किमी की विजिबिलिटी हो। इसके बाद पायलट इंस्ट्रूमेंट यानी टेक्निकल अप्रोच को फॉलो नहीं करता है। इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स को 5 और खासकर 3 किमी से कम की विजिबिलिटी के दौरान फॉलो करना होता है। बारामती एयरपोर्ट पर बड़े एयरपोर्ट की तरह कम विजिबिलिटी के दौरान लैंडिंग के इंतजाम नहीं है। यहां पायलट को रनवे देखकर ही प्लेन उतारना होता है। हादसे के वक्त विजिबिलिटी करीब 3 हजार मीटर थी। यानी इस एयरपोर्ट पर विजुअली लैंडिंग नहीं हो सकती थी। ऐसे में इंस्ट्रूमेंट के जरिए ही लैंडिंग हो सकती है। एक्सपर्ट बोले- रेडिएशन फॉग हादसे का बड़ा फैक्टर DGCA के पूर्व अधिकारी कैप्टन प्रशांत ढल्ला बताते हैं, ‘इस हादसे में खराब मौसम बड़ा फैक्टर हो सकता है। बारामती एयरपोर्ट पर रेडिएशन फॉग होता है। मतलब रात में 2 बजे से सुबह 8-9 बजे तक एक लेयर बन जाती है। हादसे की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट ने लैंडिंग के लिए दो बार कोशिश की थी। दूसरी बार में हादसा हो गया।’ हादसे के चश्मदीद पिंटू सरडे ने भी दैनिक भास्कर को कोहरे की बात बताई है। वे कहते हैं, ‘सुबह-सुबह कोहरा था, कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। हमने देखा कि प्लेन ने एक बार उतरने की कोशिश की, लेकिन रनवे तो ऊपर था। हमने सोचा कि ये प्लेन रनवे की ओर क्यों नहीं जा रहा है। दूसरी बार उतरने की कोशिश करते हुए प्लेन गिर गया।’ ‘हम भागकर पहुंचे। वहां बहुत आग लगी हुई थी। इसलिए हममे से कोई आगे नहीं जा पाया। 4-5 लोग जमीन पर पड़े थे। डॉक्युमेंट पड़े थे। हमने पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आ गईं। तब पता चला कि प्लेन में अजित दादा थे। हमने उनकी डेडबॉडी भी देखी।’ डॉ. प्रशांत ढल्ला के दावे के बाद हमने दुनियाभर के एयरोस्पेस में फ्लाइट्स पर नजर रखने वाली संस्था फ्लाइटरडार 24 की रिपोर्ट देखी। इसके मुताबिक, प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ा था। बारामती एयरपोर्ट के रनवे 11 पर उतरने की कोशिश की। प्लेन से आखिरी सिग्नल सुबह 8:43 बजे मिला था। रिपोर्ट में 2 बड़ी लापरवाहियों का जिक्र पहली: बारामती एयरपोर्ट पर ऑटोमेटिक वेदर रिपोर्टिंग सिस्टम नहीं है। लिहाजा, प्लेन लैंडिंग से पहले मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिल रहे फोरकास्ट डेटा या बारामती एयरपोर्ट की पिछली जानकारी के आधार पर उड़ रहा था। मुंबई एयरपोर्ट बारामती से करीब 200 किलोमीटर दूर है। वहां के मौसम का डेटा बारामती के लिए सटीक नहीं हो सकता। इसलिए पायलटों को लैंडिंग के वक्त मुश्किल आई। दूसरी: हादसे के वक्त बारामती एयरपोर्ट के लोकल टावर पर स्टाफ नहीं था। स्टाफ होता तो पायलटों को मौसम का सही अनुमान मिल पाता और सही लैडिंग हो सकती थी। मैनुअल और इंस्ट्रूमेंट प्रोसीजर के कन्फ्यूजन में तो नहीं हुआ हादसासिविल एविएशन मिनिस्ट्री की तरफ से जारी रिपोर्ट में लिखा है कि प्लेन बारामती एयरपोर्ट से करीब 55 किमी दूर था, तब पायलट ने पुणे एटीसी से कम्युनिकेशन किया था। वहां से कहा गया कि पायलट अपने विवेक से ही लैंडिंग करे। उसी समय क्रू ने विजिबिलिटी के बारे में पूछा था। बताया गया कि विजिबिलिटी 3 हजार मीटर के आसपास है। ये विजुअल लैंडिंग अप्रोच के लिए जरूरी 5 किमी की विजिबिलिटी से कम थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बारामती एयरपोर्ट विजुअल लैंडिंग अप्रोच के लिए ही बना है। इसलिए पायलट ने रनवे देखने के बाद उसी अप्रोच को अपनाया। रिपोर्ट में भी लिखा है कि पहले अप्रोच में रनवे नहीं दिखा था। इसलिए दोबारा कोशिश की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पायलट को रनवे दिख रहा था। आशंका है कि पायलट को मैनुअल और इंस्ट्रूमेंट प्रोसीजर फॉलो करने में कन्फ्यूजन हुआ होगा। AAIB की पुरानी जांच रिपोर्ट में बारामती एयरपोर्ट के बारे में लिखा है। इसके मुताबिक, विजुअल अप्रोच वाले रनवे पर बेसिक मार्किंग होती हैं। इन्हें जेट प्लेन ऑपरेशन के लिए सही नहीं माना जाता। सरकार ने कहा- विजिबिलिटी बहुत खराब थी, हादसे की जांच कराएंगे इस हादसे पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा है कि पूरे मामले की जांच पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से की जाएगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के समय मौके पर विजिबिलिटी बहुत खराब थी। लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पायलट से पूछा था कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है। पायलट ने बताया था कि रनवे नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद प्लेन दोबारा लैंडिंग के लिए लौटा। इस दौरान ATC ने फिर से पायलट से रनवे की विजिबिलिटी के बारे में पूछा। पायलट ने रनवे दिखाई देने की बात कही। लैंडिंग की परमिशन मिलने के बाद विमान हादसे का शिकार हो गया। दैनिक भास्कर ने इस पर एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन मोहन रंगनाथ से भी बात की। उनसे 3 सवाल पूछे। पढ़िए जवाब... सवाल: क्या बारामती जैसी छोटी हवाई पट्टियों पर सुबह उड़ान जोखिम भरी होती है? जवाब: हां, बारामती जैसी जगहों पर इंस्ट्रुमेंट लैंडिंग सिस्टम की सुविधा नहीं होती। वहां सुरक्षित लैंडिंग के लिए बहुत ज्यादा विजिबिलिटी की जरूरत होती है। सर्दियों में सुबह विजिबिलिटी अक्सर न्यूनतम सीमा से बहुत कम होती है। ये उड़ानों के लिए जोखिम पैदा करती है। सवाल: बारामती में विजिबिलिटी, तापमान और हवा का पैटर्न सुबह की उड़ानों को कैसे प्रभावित करता है?जवाब: सर्दियों में इस एरिया में हल्का कोहरा या धुंध रहती है। इससे सुबह की उड़ानों के लिए मुश्किल होती है। कम विजिबिलिटी की वजह से रनवे को देख पाना मुश्किल होता है। ये स्थिति ऐसे हादसों की वजह बनती है। सवाल: बारामती एयरपोर्ट पर वेदर कंट्रोल सिस्टम न होने से प्लेन मुंबई एयरपोर्ट से मिल रहे डेटा के आधार पर उड़ रहा था। क्या ऐसा मुमकिन है ? जवाब: 28 जनवरी की दोपहर 12 बजे मेरी फ्लाइट मुंबई में लैंड हुई थी। तब विजिबिलिटी सिर्फ 2500 मीटर थी। इस लिहाज से बारामती में सुबह 8 बजे की विजिबिलिटी देखें तो वह 2500 मीटर से कम रही होगी। दोनों एयरपोर्ट्स के बीच की दूरी करीब 200 किमी है। दोनों जगहों की विजिबिलिटी एक समय पर एक जैसी नहीं हो सकती। लिहाजा, विमान को किसी दूसरे एयरपोर्ट के वेदर फॉर कास्टिंग सिस्टम के मुताबिक उड़ाने में मुश्किल हो सकती है। बारामती अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड, इसलिए नियमों के उल्लंघन की आशंका ज्यादाबारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए लोकल ऑपरेटर्स से कोऑर्डिनेट करना पड़ता है। ये एयरपोर्ट अनकंट्रोल्ड एयर फील्ड है, यानी यहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल नहीं है। यहां ट्रैफिक की इन्फॉर्मेशन एयरपोर्ट से चल रहे फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के पायलट या इंस्ट्रक्टर देते हैं। उड़ान के लिए ऑनसाइट ऑपरेटर से कोऑर्डिनेट करना होता है, जो अभी रिलायंस एयरपोर्ट डेवलपमेंट ग्रुप है। ये महाराष्ट्र इंड्रस्टियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी है। लोकल प्रोसेस और पार्किंग अवेलेबिलिटी के लिए फ्लाइट स्कूल कार्वर एविएशन प्राइवेट लिमिटेड से कॉन्टैक्ट करना होता है। कार्वर एविऐशन बारामती एयरपोर्ट के एडवाइजरी टावर का मैनेजमेंट करता है। उड़ान की परमिशन DGCA से मिलती है। DGCA भारत में सभी नॉन शेड्यूल्ड और प्राइवेट फ्लाइट की परमिशन देने वाली प्राइमरी अथॉरिटी है। 2022 में बारामती में प्लेन क्रैश के बाद बनी AAIB की रिपोर्ट में लिखा है कि अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड होने की वजह से नियमों के उल्लंघन की आशंका रहती है। बारामती में खुलेआम उल्लंघन हुए भी हैं। चश्मदीद बोले- प्लेन नीचे आया, गिरने के बाद 4-5 ब्लास्ट हुए दैनिक भास्कर ने हादसे के वक्त मौजूद लोगों से बात की। एयरपोर्ट बारामती शहर से करीब 8 किमी दूर है। रनवे के आसपास खेत हैं। प्लेन क्रैश होने के बाद खेतों में काम कर रहे लोग मदद के लिए आए। एक महिला बताती हैं, ‘पहले विमान ऊपर गया, फिर गांव की तरफ नीचे की ओर आया। इसके बाद हवा में घूमा और जमीन से टकरा गया। प्लेन के टुकड़े हमारे घरों तक आकर गिरे।’ एक और चश्मदीद बताते हैं, ‘लग रहा था कि प्लेन एयर स्ट्रिप पर उतर रहा है, लेकिन वो क्रैश हो गया। बहुत जबरदस्त विस्फोट हुआ। पूरे प्लेन में आग लगी थी। 4–5 विस्फोट हुए। आग ज्यादा थी, इसलिए हम मदद नहीं कर पाए।’ यहीं मिले दीपक हादसे वाली जगह से डेडबॉडी निकालने वालों में शामिल थे। वे बताते हैं, ‘मेरे पास फोन आया था कि एक प्लेन गिरा है। अफवाह है कि उसमें अजित दादा हैं। मैं आया तब आग बुझ गई थी। शुरुआत में हमने तीन डेडबॉडी निकालीं। अजित दादा की पहचान नहीं हो पा रही थी। घड़ी से उनकी पहचान की गई।’ अजित पवार जिस प्लेन में सवार थे, उसके बारे में जानिए… अजित पवार के निधन के बाद से बारामती में मार्केट बंद, मुंबई में पोस्टर हटाए अजित पवार के निधन की खबर सुनते ही मुंबई के नरीमन पॉइंट पर NCP ऑफिस में कार्यकर्ता जुट गए। ऑफिस में लगे पोस्टर-बैनर हटा दिए गए। कई कार्यकर्ता रोते दिखे। मुंबई में वर्ली की महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलम प्रकाश कांबले मोबाइल में अजित पवार की फोटो दिखाते हुए कहती हैं, ‘दादा की यादें मेरे साथ हैं। मैंने उन्हें राखी बांधी थी। सब उनके पास जाने से डरते थे, मैं आवाज लगाती थी दादा-दादा, वे तुरंत मुस्कुराते हुए आते थे, फोटो खिंचवाते थे।’ बायकुला की सुवर्णा हांडे रोते हुए कहती हैं, ‘मैं मिडिल क्लास से हूं। दादा की वजह से इतनी पहचान हो गई कि लोगों के काम कराती हूं। दादा कहते थे कि बस काम करते रहो। हम हर बार उम्मीद लेकर आते थे कि दादा मिलेंगे। आज भी इसी उम्मीद से आए थे।’ ‘हमारी सरकार से एक ही मांग है, ये जो भी हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए। ये बहुत बड़ा हादसा है। हमें इसके पीछे साजिश लग रही है। सरकार को सच सामने लाना चाहिए।’ बारामती में 57 साल से पवार परिवार का दबदबाहादसे के बाद सभी डेड बॉडी बारामती के पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर मेडिकल कॉलेज लाई गईं। अजित पवार के समर्थक अस्पताल पहुंचने लगे। हालात संभालने के लिए हॉस्पिटल के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई। बारामती सीट पवार परिवार का गढ़ रही है। पहले NCP लीडर शरद पवार यहां से चुनाव जीतते थे, फिर अजित पवार जीतने लगे। अजित पवार और शरद पवार के अलग होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ा। अजित पवार यहां से चुनाव जीतते रहे। उनके सम्मान में शहर के दुकानदारों ने मार्केट बंद कर दिया। 1967 में शरद पवार पहली बार बारामती से विधायक चुने गए थे। इसके बाद लगातार 6 बार चुनाव जीते। 1991 के उपचुनाव में शरद पवार ने ये सीट भतीजे अजित पवार को दे दी। तब से इस सीट से अजित पवार ही विधायक थे। जुलाई, 2023 में अजित पवार ने बगावत कर दी और शरद पवार की पार्टी NCP पर दावा ठोक दिया। अजित पवार बारामती से 8 बार चुनाव जीते थे। 2024 के विधानसभा चुनाव में चाचा शरद पवार ने उनके सामने युगेंद्र पवार को उतार दिया था। युगेंद्र, अजित पवार के भाई श्रीनिवास के बेटे हैं। 57 साल में ये पहला मौका था, जब विधानसभा चुनाव में पवार परिवार के दो कैंडिडेट आमने-सामने थे। ये खबर भी पढ़िए… हवा में चक्कर काटकर क्रैश, अजित पवार का विमान आग का गोला कैसे बना अजित पवार जिस लियरजेट-45 प्लेन से सफर कर रहे थे, उसे प्राइवेट जेट और चार्टर्ड फ्लाइट मुहैया करवाने वाली दिल्ली की VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ऑपरेट करती है। ये प्लेन 16 साल पुराना था। प्लेन क्रैश कैसे हुआ, संभावित वजहें कौन-सी हो सकती हैं और इस तरह के क्रैश में पहले किन नेताओं की जान गई, पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर…

