ट्रंप पर गोली चलाने वाले शूटर पर मिला नया इनपुट, अटॉर्नी जनरल का खुलासा
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने मंगलवार को खुलासा किया कि 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाले शूटर के बारे में एफबीआई को नई जानकारियां मिली हैं.
दिल्ली के 2,453 PG का सर्वे, 4 इमारतें खतरनाक, लोगों की जान पर खतरा
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने राजधानी के कुल 2,453 PG भवनों का सर्वे किया. जिसमें से 4 PG भवन देखने में खतरनाक पाए गए. और 85 भवन संभावित रूप से कमजोर पाए गए.
नेपाल में बाढ़ से तबाह हुए हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में रोका गया रेस्क्यू, 868 लोग अब भी लापता
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त 13 जलविद्युत परियोजनाओं में से 10 में लापता लोगों की तलाश रोक दी गई है. अब सिर्फ चिलिमे, अपर त्रिशूली-1 और अपर त्रिशूली-3 ‘बी’ में बचाव कार्य जारी है. बताया जा रहा है कि 868 लोग अब भी लापता हैं.
सऊदी पर हूती हमलों से भारत चिंतित, कहा- बाब-अल-मंदेब में नेविगेशन को खतरा
सऊदी अरब पर अचानक हुए हूती हमलों के बीच भारत की प्रतिक्रिया आई है. भारत का कहना है कि इस तरह के हमलों से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को खतरा है.
हूती हमलों ने बढ़ाई सऊदी की चिंता, मांगा मिस्र का समर्थन
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देह फतह अल सीसी से काहिरा में मुलाकात की. इस बातचीत में एक बढ़ते क्षेत्रीय संकट पर ज़ोर दिया गया.
पश्चिम एशिया तनाव: यूएस के हमले में ईरानी नावें तबाह; हूती लड़ाकों के हमलों के बीच सऊदी-मिस्र की नजदीकी बढ़ी
एफबीआई की नौकरी के नियम क्यों बदले?: सीनेट में उठे सवाल, काश पटेल ने पीड़ितों का दिया हवाला; क्या कहा?
होर्मुज के पास अमेरिकी ड्रोन जहाज पर कब्जे की कोशिश, US ने तबाह कीं ईरान की दो नावें
अमेरिकी सेना ने बताया कि होर्मुज के पास अमेरिका ड्रोन पोत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहीं ईरान की दो छोटी बोट्स को तबाह कर दिया है. हालांकि, ईरानी मीडिया ने इन बोट्स को मछली पकड़ने वाली नाव बताया है.
लंदन में सुरक्षा कारणों से रद्द हुआ CM विजय का कार्यक्रम, निराश हुए फैंस
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की एक झलक पाने के लिए मंगलवार को लंदन की सबसे ऊंची इमारत 'द शार्ड' के बाहर सैकड़ों प्रशंसक जुट गए, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से उनके एक आयोजित कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है.
अमेरिका से तनाव के बीच कार्नी का बड़ा संदेश: 'कनाडा और मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगा'; क्या है आगे की राह?
टल गया थलपति विजय का कार्यक्रम, लंदन पुलिस ने नहीं दी परमिशन; वजह क्या
लंदन दौरे पर गए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय के फैन्स को मंगलवार को झटका लगा। लंदन की सबसे ऊंची इमारत ‘द शार्ड’ के बाहर जुटे फैन्स विजय की झलक नहीं देख पाए। असल में लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने विजय के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी।
UP में 17 सितंबर से एक महीने चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान', होगी साप्ताहिक समीक्षा
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे.
'माई के लाल हो तो बताओ...', भोपाल में BJP विधायक पर भड़के ओवैसी
Bhopal Owaisi Speech UCC: भोपाल में असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के 'मिसाइल' बयान पर बोला हमला. काजी कैंप पर दी सीधी चुनौती. UCC को बताया विविधता खत्म करने की साजिश. पढ़ें पूरी खबर.
सलवार पहने फांसी पर लटका था पति, गंगा किनारे मिली पत्नी, पुलिस हैरान
Bijnor Husband Wife Mysterious Death: बिजनौर में पति-पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत. पत्नी की सलवार में फांसी पर लटका मिला पति, गंगा किनारे मिली पत्नी की लाश. पुलिस जांच जारी.
निर्दलीयों ने बिगाड़ा खेल? UGC पर राजपूतों की नाराजगी से BJP को टेंशन
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में स्थानीय मुद्दों के साथ UGC के जाति आधारित नियमों को लेकर राजपूत समाज की नाराजगी ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया.
राहुल-प्रियंका ने लगाई कांग्रेस सचिवों की क्लास, पूछे तीखे सवाल, आधे हो गए फेल!
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 10 जनपथ में 64 AICC सचिवों का आकलन किया. उनसे कांग्रेस की एक गलती, अपने राज्यों के शीर्ष पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और तीन शीर्ष AICC सचिवों के नाम समेत करीब पांच से छह सवाल पूछे गए.
चुकंदर के रस से बनाएं नेचुरल क्रीम, फेस पर आएगा गुलाबी निखार
Anti Aging Night Cream: अगर आप भी अपनी स्किन को लंबे समय तक टाइट और सुंदर रखना चाहती हैं तो इसके लिए बाजार की महंगी क्रीम्स खरीदने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर ही जबरदस्त एंटी एजिंग नाइट क्रीम बनाने का तरीका बता रहे हैं.
कानपुर में घोड़े ने आधा दर्जन लोगों को काटा, भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
कानपुर में सड़क पर घूम रहे एक घोड़े ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों पर हमला कर उन्हें काट लिया. तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें महिला अफसाना की हालत गंभीर बताई गई है. पुलिस ने घोड़े को पकड़कर एक प्लांट में बंद कराया, लेकिन गुस्साई भीड़ ने वहां पहुंचकर घोड़े को पीट-पीटकर मार डाला.
भोपाल में ओवैसी के काफिले की गाड़ियां टकराईं, 4-5 बाइक सवार घायल
Bhopal Asaduddin Owaisi Convoy Accident: भोपाल के VIP रोड पर ओवैसी के काफिले का एक्सीडेंट. आपस में टकराईं गाड़ियां, 4-5 बाइक सवार घायल. पुलिस जांच में जुटी...
राजा भइया के गढ़ में धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा, कुंडा में जुटेंगे 2 लाख श्रद्धालु
प्रतापगढ़ के कुंडा में राजा भइया के यहां बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्री रामकथा होने की चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक नवंबर में 17, 18 और 19 तारीख को कथा आयोजित हो सकती है. बेती स्थित राजमहल परिसर या बड़े मैदान में आयोजन की संभावना है. करीब दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है.
टॉयलेट पेपर फ्लश करें या डस्टबिन में डालें? जान लें सही तरीका
Toilet Paper Tips: टॉयलेट पेपर को फ्लश करना चाहिए या डस्टबिन में डालना? जानें आपके घर की पाइपलाइन, सीवेज सिस्टम और सेप्टिक टैंक के हिसाब से कौन सा तरीका सही है. साथ ही जानें टॉयलेट पेपर ज्यादा फ्लश करने से पाइप क्यों जाम हो सकती है और किन चीजों को गलती से भी टॉयलेट में फ्लश नहीं करना चाहिए.
सेंसर बोर्ड से पहले अटकी सलमान की मातृभूमि, चीन के जिक्र पर फंसी बात
सलमान खान की फिल्म मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस से जुड़ी एक ताजा अपडेट सामने आई है. खबर है कि फिल्म सेंसर बोर्ड में अटक रही है, जिसके पीछे चीन का जिक्र सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है.
सैमसन की तूफानी वापसी, फिर टीम में जगह पर क्यों लटकी है तलवार?
भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन ने आखिरकार फॉर्म में वापसी कर ली है. उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी की.
'मैडम, सरकार बनने दो, CM कोटे से आपको IAS बनवा दूंगा', सपा नेता की चैट
Mathura SP Leader Viral WhatsApp Chat: मथुरा में सपा नेता डॉ. राजन रिजवी ने महिला को सपा सरकार बनने पर IAS बनवाने का दिया झांसा. RLD नेता रोहित अग्रवाल का सपा पर करारा हमला. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Nepal के नक्शे में शामिल Lipulekh और Kalapani पर बोले विदेश मंत्री, यह कोई बोझ नहीं
(शिरीष बी प्रधान)काठमांडू, 15 सितंबर विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मंगलवार को कहा कि नेपाल सरकार देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखकर अपनी विदेश नीति का संचालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधि सभा में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए खनाल ने कहा कि “पुराना बोझ” वाली बात नेपाल के गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रीय धरोहर, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता, राष्ट्रीय हितों की रक्षा या ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के संदर्भ में नहीं कही गई थी। वह सांसद सीता थापलिया के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। थापलिया ने इस वाक्यांश का मतलब साफ करने को कहा था और पूछा था कि पिछली सरकारों के कौन से फैसले “बोझ” माने जाते हैं; क्या नेपाल के संविधान में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा वाले नक्शे को शामिल करने का फैसला “पुराना बोझ” माना जाता है; और पिछली सरकारों की विदेश नीति में क्या गलतियां हुई थीं। इन सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्री ने नेपाल की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर विदेश नीति अपनाने के प्रति सरकार की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई। यह देखते हुए कि नेपाल ने हमेशा पड़ोसी और मित्र देशों के साथ संबंधों को उच्च प्राथमिकता दी है, मंत्री ने विश्वास जताया कि इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में उच्च-स्तरीय यात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खनाल ने कहा कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को शामिल करने वाला नेपाल का राजनीतिक नक्शा और इसे मंजूरी देने के लिए संविधान में संशोधन करने का संसद का सर्वसम्मत फैसला, नेपाल के सभी लोगों के साझा राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह हमारा संवैधानिक और संप्रभु दस्तावेज है, जिसे किसी भी संदर्भ में ‘बोझ’ के तौर पर नहीं देखा जा सकता।”नेपाल और भारत के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को लेकर सीमा विवाद रहा है और दोनों देश इन इलाकों पर अपना दावा करते हैं। भारत का कहना है कि ये इलाके उत्तराखंड का हिस्सा हैं और इस मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। नेपाल की केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने मई 2020 में कालापानी और लिपुलेख समेत उन इलाकों को अपने आधिकारिक नक्शे में देश के अभिन्न अंग के तौर पर शामिल किया। खनाल ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आजादी, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता, स्वायत्तता, सीमा सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना किसी भी सरकार की सबसे अहम और स्थायी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पड़ोसी और मित्र देशों के साथ आपसी सम्मान, समानता, भरोसे और आर्थिक साझेदारी के आधार पर रिश्तों को एक नयी और बेहतर दिशा में ले जाना चाहती है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा सरकार और विदेश मंत्रालय का साफ नजरिया है कि देश की आर्थिक समृद्धि को ऐसी स्पष्ट, परिपक्व और नतीजों पर केंद्रित कूटनीति के जरिये हासिल किया जाए, जो राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखती हो।
₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर लगेगा MDR, जानें नियम
UPI के चुनिंदा P2M लेनदेन पर 15 अक्टूबर 2026 से नया MDR फ्रेमवर्क लागू होगा. ₹2,000 से ज्यादा के कुछ भुगतान पर व्यापारियों से 0.4% शुल्क लिया जाएगा. हालांकि आम ग्राहकों, P2P ट्रांसफर और पात्र छोटे व्यापारियों को इससे छूट रहेगी. वीडियो में जानें इस MDR का मतलब और UPI से जुड़े सभी चार्ज भी.
तेज़ रफ्तार कार ने लड़के को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें कार सड़क पार कर रहे लड़के को टक्कर मारती दिख रही है. पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कार भी कब्जे में ली गई है.
सुप्रीम कोर्ट के 'बैलेट' फैसले से ट्रंप नाराज, अपने ही जजों पर भड़के; खूब सुनाया
नवंबर के मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले डाक से वोटिंग पर नए नियम लगाने की ट्रंप प्रशासन की कोशिश सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोर्ट पर तीखा हमला बोला है।
19 साल छोटी मनीषा कोइराला के प्यार में रहे नाना पाटेकर? खुला राज
90 के दशक में नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के प्यार की भी चर्चा होती थी. तब कोई उनके रिश्ते का सच नहीं जानता था, मगर बाद में लोगों ने धीरे-धीरे करके कई खुलासे किए. अब एक बार फिर नाना और मनीषा के प्यार का जिक्र उठा है.
पाकिस्तान ने उगला भारत के खिलाफ जहर, नकवी को लेकर बवाल जारी
श्रीलंका को 72 रन से हराने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर अपनी साथी खिलाड़ियों के साथ ट्रॉफी लेने स्टेज पर नहीं पहुंची थी. जिसके बाद से ही चर्चाओं का माहौल गर्म है.
स्पेशल डाइट और नीम तेल से मालिश... सतपुड़ा में हाथियों का हॉलिडे शुरू
Satpura Tiger Reserve Elephant Festival: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 14 से 20 सितंबर तक 'हाथी महोत्सव'. 6 हाथियों को गश्त से मिला विश्राम; नीम-अरंडी तेल मालिश व स्पेशल डाइट चालू. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
यूपी में सरकारी नौकरी पाने का बड़ा मौका, 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू
उत्तर प्रदेश में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने Assistant Teacher और PGT के लिए विज्ञापन जारी किए हैं. अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले OTR करना अनिवार्य होगा. Assistant Teacher की परीक्षा 3 और 4 दिसंबर, जबकि PGT की परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को आयोजित होगी.
चीन ने बनाया AI रोबोट मछली, असली-नकली में फर्क नहीं कर पाएंगे
चीन की एक कंपनी ने बड़ी ही खास तरह का रोबोट तैयार किया है, जो एक असली फिश के जैसी है. इस मशीन का नाम अंडरवॉटर ROVs है और कंपनी ने बताया है कि यह रोबोटिक मशीन पानी में असली जैसी मशीन की तरह तैयार कर सकती है.
गांव में अचानक पहुंचा मगरमच्छ, जाल बिछाकर किया रेस्क्यू
सुपौल के नेपाल सीमा से सटे खोंटाहा गांव में रिहायशी इलाके के बीच विशाल मगरमच्छ पहुंच गया. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची. जाल की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. ग्रामीणों के मुताबिक, 2008 की कोसी बाढ़ के बाद से इलाके में मगरमच्छ दिखते रहे हैं.
बिकिनी में तापसी पन्नू, समंदर किनारे दिखाई बोल्डनेस
बॉलीवुड डीवा तापसी पन्नू इन दिनों वेकेशन पर हैं. वो पति और गर्ल गैंग के साथ एग्जॉटिक लोकेशन पर टाइम स्पेंड कर रही हैं.
कीड़े लगी दाल और सड़े मशरूम... भोपाल के 10 बड़े होटलों में बड़े छापा
Bhopal Hotel Kitchen Raid: भोपाल के रेडिसन, सयाजी और पलाश होटल पर खाद्य विभाग का छापा. सड़े आलू, एक्सपायरी चिकन और कीड़े लगी दालें बरामद. पढ़ें किस होटल में क्या मिला...
किसानों को सस्ता लोन, पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण... योगी कैबिनेट के बड़े फैसले
योगी कैबिनेट ने 23 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इनमें चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 और परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के फैसले शामिल हैं.
'वर्ल्ड कप से पहले बदलाव ...', युवराज ने टीम इंडिया को दी गंभीर सलाह
वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले युवराज सिंह को भारतीय क्रिकेट टीम के मैनेजमेंट को बड़े बदलाव से बचने की सलाह दी है. युवराज ने कहा स्क्वॉड जो भी बने वो कंसिसटेंट होना चाहिए.
अब UPI फ्री नहीं... लेकिन आम आदमी को नहीं देना होगा 1 भी रुपया, जानिए A to Z नियम
नए UPI नियमों को लेकर भी आम लोगों के मन में यही डर है कि क्या अब डिजिटल पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा पैसे कटेंगे? नए नियम के मुताबिक Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे पेमेंट ऐप्स को सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि वे यूजर्स से किसी भी तरह की प्लेटफॉर्म फीस या हिडन चार्ज नहीं वसूल सकते.
सब्सिडी का कमाल,किसान की हो रही है लाखों की कमाई
यूपी के मवाना के किसान नंदकिशोर ने सरकारी सब्सिडी से आधुनिक कृषि मशीनें खरीदीं और अब खेती की लागत घटने के साथ सालाना 4-5 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई भी कर रहे हैं. देखिए कैसे सरकार की सब्सिडी ने बदल दी एक किसान की जिंदगी. वीडियो में जानें किसान की कमाई के सभी स्रोत.
घर पर नारियल तेल और एलोवेरा से बनाएं मॉइस्चराइजर, सॉफ्ट रहेगी स्किन
Homemade Moisturizer: अगर आप भी फेस या हाथों पर लगाने के लिए बाजार से महंगी क्रीम्स खरीदते आए हैं तो रुक जाएं. आप घर पर सस्ती चीजों से ज्यादा असरदार और केमिकल फ्री क्रीम बना सकते हैं. यहां हम आपको नेचुरल क्रीम बनाने का तरीका बता रहे हैं.
ChatGPT Astra खुद से IRCTC पर कर रहा रेल टिकट बुक, लोग हैरान
ट्रेन टिकट बुक करना अब पहले जितना झंझट वाला काम नहीं रहेगा. आपको सिर्फ बोलना हो कि कहां से कहां जाना है, कब जाना है और कितने लोगों का टिकट चाहिए, बाकी काम AI खुद कर दे. ChatGPT Astra के एक एक्सपेरिमेंट ने इसी फ्यूचर की झलक दिखाई है. हालांकि अभी पेमेंट और कुछ जरूरी स्टेप्स इंसान को ही करने पड़ते हैं.
AI इंसानियत को कैसे खत्म कर सकता है? CEOs की वार्निंग समझें
AI की रफ्तार अब सिर्फ टेक्नोलॉजी की दौड़ नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल बन गया है कि क्या AI इंसानों की बनाई सीमाओं से आगे निकल सकता है? OpenAI के AI agents के Hugging Face इंसिडेंट से लेकर Anthropic के Dario Amodei की AI development को स्लो करने की अपील, रिकर्सिव सेल्फ इंप्रूवमेंट और AI सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंता तक-दुनिया के सबसे बड़े AI labs खुद इस रेस के खतरे पर बहस कर रहे हैं. दूसरी तरफ अमेरिका और चीन के बीच AI की जियोपॉलिटिक्स इस रेस को रोकना और मुश्किल बनाती है. क्या AI सच में इंसानयित के लिए रिस्क बन सकता है, या फिर सेफ्टी का डर, रेगुलेशन और अमेरिका-चीन की कंपटीशन इस पूरी कहानी के पीछे बड़ा फैक्टर है? इस Explainer में समझिए AI की इस पूरी रेस, उसके खतरे और आने वाले वक्त में इंसानों के लिए इसका क्या मतलब है
अगरतला-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में स्मोक वार्निंग से हड़कंप, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग
अगरतला से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E6504 को कार्गो एरिया में स्मोक वार्निंग मिलने के बाद मंगलवार शाम लखनऊ डायवर्ट किया गया. विमान में 103 यात्री और छह क्रू मेंबर थे और यह शाम 6.29 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा.
क्या ममता बनर्जी से बागी हुए सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर लग गया ग्रहण?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर NCPI में शामिल हुए 20 बागी सांसदों को बड़ा सियासी झटका लगा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि बागियों को पार्टी में शामिल करने की कोई योजना नहीं है. ऐसे में बागी सांसदों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.
रिंकू सिंह-प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय, लखनऊ में लेंगे सात फेरे
क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय हो गई है. दोनों 4 दिसंबर को लखनऊ के रमाडा होटल में शादी के बंधन में बंधेंगे. शादी में परिवार के सदस्यों के अलावा करीबी रिश्तेदार और खास मेहमान शामिल हो सकते हैं. इससे करीब 15 महीने पहले 8 जून 2025 को दोनों की रिंग सेरेमनी हुई थी.
अंबानी के गणेशोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री का देसी अंदाज
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री पारंपरिक अंदाज में पहुंचे. भगवा कुर्ता, सफेद धोती, मरून शॉल के साथ उन्होंने गोल्डन खड़ाऊ और चांदी के कड़े पहने थे. पैरों में लगा आलता भी चर्चा में रहा. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लुक सुर्खियों में है. वीडियो में जानें सोशल मीडिया पर यूज़र्स क्या कर रहे कमेंट.
अलमारी की दराज से आती है सीलन की बदबू? परफ्यूम नहीं, ऐसे करें दूर
How To Remove Musty Smell From Wooden Drawers: पुरानी अलमारी या ड्रेसिंग टेबल की दराज से आने वाली सीलन और बासीपन की महक कपड़ों को भी खराब कर देती है. अगर आपकी भी दराजों से सीलन की अजीब की महक आ रही है, तो परेशान ना हों. आप घर पर रखी कुछ आसान चीजों का इस्तेमाल करके दराजों से फफूंदी और नमी की बदबू हटा सकते हैं. चलिए जानते हैं असरदार नुस्खे.
वैभव जैसा 'हीरा' कहां मिलेगा? खरीदने के लिए तरस रहे IPL मालिक
आईपीएल की टीम लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका के पास वैभव सूर्यवंशी को खरीदने का मौका था. लेकिन वह ऑक्शन के दौरान वैभव को अपनी टीम में शामिल करने से चूक गए.
B-ग्रेड हसीना के प्यार में थे विजय वर्मा? तमन्ना को दिया धोखा!
नेहल वडोलिया ने विजय वर्मा के साथ अफेयर को लेकर ट्रोल्स को जवाब दिया है. नेहल ने अपने अतीत और करियर के बारे में खुलकर बात की.
Donald Trump ने डाक मतपत्र पर रोक खारिज होने के बाद Supreme Court की आलोचना की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस साल के मध्यावधि चुनावों में डाक मतपत्रों पर पाबंदी लगाने की उनकी कोशिश को खारिज किए जाने के बाद अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की आलोचना करते हुए कहा कि उनका विरोध करने वाले न्यायाधीश “वे लोग नहीं हैं जिनका मैंने साक्षात्कार लिया था”। ट्रंप प्रशासन ने आखिरी समय में यह कोशिश की थी कि डाक मतपत्र प्राप्त करने के लिए कौन पात्र होगा, यह तय करने में अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) की केंद्रीय भूमिका हो। लेकिन राज्य के चुनाव अधिकारियों ने दलील दी कि तीन नवंबर के मध्यावधि चुनावों के लिए बदलाव करने का पर्याप्त समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मौजूदा व्यवस्थाएं पहले से ही सुरक्षित और सटीक हैं। अदालत ने सोमवार देर रात आपात आदेश में फैसला सुनाया कि ये पाबंदियां इस साल के चुनाव के लिए कम से कम अदालत में टिकने योग्य नहीं हैं। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, “देश के लिए सही काम करने में अदालत की अक्षमता और अनिच्छा इतिहास में बहुत नकारात्मक तरीके से दर्ज होगी। इस उच्चतम न्यायालय को कट्टरपंथी वामपंथियों द्वारा दबाव में लाकर और बहकाकर ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिन्होंने अमेरिका को कम से कम सौ साल पीछे धकेल दिया है।”न्यायमूर्ति नील गोरसच, एमी कोनी बैरेट और ब्रेट कैवनॉ को ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में नामित किया था, लेकिन सोमवार के फैसले में इन सभी ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया। ट्रंप ने कहा, “ये वे लोग नहीं हैं जिनका मैंने अमेरिका के उच्चतम न्यायालय में सेवा के लिए साक्षात्कार लिया था, वे अपने मूल स्वरूप की महज एक छाया भर रह गए हैं।” उन्होंने कहा कि अदालत “बेहद खराब फैसलों के जरिए अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा रही है, जिनका प्रभाव इतना व्यापक है कि हमारे देश के लिए इससे उबरना या इसकी भरपाई करना आसानी से संभव नहीं होगा।
सड़क पर युवक को कार ने मारी टक्कर, ग्रेटर नोएडा में हिट-रन, Video
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हिट एंड रन का मामला सामने आया है. बिसरख थाना क्षेत्र के एक मूर्ति चौक का बताया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. दावा है कि 5 सितंबर सुबह 4:35 बजे तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे युवक को टक्कर मारी. युवक को गंभीर चोट आने की बात कही जा रही है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
राजस्थान निकाय चुनाव में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’! खरीद फरोख्त का खुला खेल
राजस्थान निकाय चुनाव में जीते हुए करीब दस हजार पार्षदों को राजनीतिक दलों ने अलग-अलग होटलों और रिसॉर्ट्स में बंद रखा है ताकि वे दूसरे दलों के संपर्क में न आएं और बोर्ड गठन की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.
गांव की सड़क पर दिखा विशाल मगरमच्छ, घरों के बीच पहुंचा तो अफरा-तफरी
सुपौल के नेपाल सीमावर्ती खोंटाहा गांव में रिहायशी इलाके के बीच सड़क पर विशाल मगरमच्छ पहुंच गया. घर के पास मगरमच्छ देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची. ग्रामीणों की मदद से जाल बिछाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा गया. ग्रामीणों का कहना है कि 2008 की कोसी बाढ़ के बाद से इलाके में मगरमच्छ दिखते रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर के सुरक्षा काफिले को बाइक सवार ने किया ओवरटेक
पुणे के शिवाजीनगर में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल के सुरक्षा काफिले को बाइक सवार ने ओवरटेक किया. पुलिस ने 32 वर्षीय युवक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पढ़ें पूरी कहानी.
अंबानी के गणेशोत्सव में टिफनी ट्रंप ने ऐसे लूटी महफिल
मुकेश और नीता अंबानी के गणेशोत्सव में डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप पति माइकल बोलोस के साथ पहुंचीं. टिफनी ने लहंगा-चोली और पारंपरिक जूलरी में देसी लुक अपनाया. संजय दत्त ने उनके साथ तस्वीर साझा की, जबकि राधिका अंबानी संग उनकी सेल्फी भी सामने आई. वीडियो में जानें सोशल मीडिया पर यूज़र्स का रिएक्शन.
पितृपक्ष में ये 3 चीजें खरीदने से लगता है त्रिदोष, भूलकर भी घर न लाएं
पितृपक्ष में कुछ खास चीजों की खरीदारी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. इन में झाड़ू, नमक और सरसों के तेल को सबसे प्रमुख माना गया है. कहते हैं कि पितृपक्ष में इन चीजों को खरीदने त्रिदोष लगता है. यह त्रिदोष इंसान को अर्श से फर्श तक पहुंचा सकता है.
राज ठाकरे के घर बप्पा दर्शन के लिए नहीं गए CM फडणवीस और शिंदे, इस वजह से बनाई दूरी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे की पीएम मोदी और अमित शाह पर तीखी आलोचना के बाद इस बार उनके घर गणपति दर्शन से दूरी बनाई. फडणवीस ने राज ठाकरे पर अमित शाह के बयान को चुनिंदा तरीके से सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि बहुभाषी होने से मराठी पहचान प्रभावित नहीं होती.
नौकर को रातों-रात बनना था अमीर, कर डाली 12 करोड़ की चोरी, फिर...
मथुरा के कोसीकलां में जुगल किशोर ज्वेलर्स के यहां हुई 12 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का एसटीएफ और पुलिस ने खुलासा कर दिया है. दुकान के पूर्व कर्मचारी ने अपने परिवार के साथ मिलकर गैस कटर से छत काटकर इस वारदात को अंजाम दिया था.
महाभारत देखती हैं स्मृति, मिटाई पलाश की यादें? दिखा दर्द
पलाश मुच्छल से शादी टूटने के बाद स्मृति मंधाना ने अपने गुस्से और दर्द पर बात की. बिना पलाश का नाम लिए उन्होंने बताया कि वह महाभारत देखकर खुद को शांत करती हैं.
वैभव बाहर, इस खिलाड़ी की एंट्री, दूसरे T20I में ऐसी है टीम इंडिया
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे T20I में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली. वहीं साइड स्ट्रेन के कारण वरुण चक्रवर्ती बाहर हैं. अफगानिस्तान ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है.
बारिश के मौसम में खराब हो गए हैं बाल? तुरंत बदलें अपनी ये 4 आदतें
बारिश के पानी और मॉनसून के मौसम में नमी और पसीने की वजह से बालों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है और बालों की नेचुरल चमक भी खो जाती है. बालों को हेल्दी और शाइनी बनाने के लिए सितंबर में इन कुछ आसान हेयर केयर टिप्स को अपनी डेली रूटीन में शामिल करना चाहिए. आइए आपको 4 आसान हेयर केयर टिप्स के बारे में बताते हैं.
India's Shield aginst China| भारत अपनी सैन्य रणनीति से कैसे चीन को फंसा रहा? | Teh Tak Part 6
हर गुजरते दिन के साथ चीन भारत के लिए और भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। चीन ने रणनीतिक तरीके से भारत को घेरना भी शुरू कर दिया है। चीन ने हाल के कुछ सालों में नेपाल, पाकिस्तान, म्यांमार और श्रीलंका के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाकर भारत के खिलाफ स्ट्रैजिक प्लानिंग में लगा है। विशेषज्ञों ने उसे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का का नाम दिया है। आपको ये लगता होगा कि चीन हमेशा अपनी सीमा से आगे बढ़कर बॉर्डर वाले इलाकों के जरिये भारत में कब्जा जमाना जमाना चाहता है। लेकिन ये अकेला ऐसा इलाका नहीं है जहां से चीन भारत को घेरने की कोशिश करता है। लेकिन ये समझना चीन को भारी पड़ सकता है कि भारत इस मामले पर केवल हाथ पर हाथ धड़े बैठा है। भारत ने भी चीन को काउंटर करने के लिए नेकलस ऑफ डायमंड नाम की एक स्ट्रैटर्जी बनाई है। भारत ने चीन का मुकाबला करने की क्या योजना बनाई भारत ने दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था को साथ लेकर चलने के मकसद से एक्ट ईस्ट पॉलिसी को लॉन्च किया था। इसके अलावा वियतनाम, दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, इंडोनेशिया, थाइलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के साथ अहम सैन्य अड्डे और रणनीतिक समझौतों को अंजाम दिया गया है ताकि चीन को जवाब दिया जा सके। भारत ने म्यांमार के साथ नौसैनिक साझेदारी शुरू की है। इसके तहत म्यांमार की नौसेना को इंडियन नेवी की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि क्षेत्र में भारत की मौजूदगी बढ़ सके। भारत म्यांमार के सिटवे पोर्ट पर अपना व्यापारिक-बंदरगाह तैयार करने लगा है। देश के सबसे दूरस्थ राज्य, मिजोरम को कोलकता से जोड़ने के लिए वर्ष 2008 में भारत ने म्यांमार के साथ कालाडान प्रोजेक्ट के लिए करार किया। ये बंदरगाह कालडन नदी के जरिए भारत के मिजोरम से जुड़ जायेगा ताकि वहां से कार्गो-जहाज आवागमन कर सके। पाकिस्तान के ग्वादर में पोर्ट बना रहा है तो भारत भी ईरान के चाहबर-पोर्ट बनाने में जुट गया है। चाबहार बंदरगाह ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के मध्य में स्थित है। यहां पर भारत के पश्चिमी तट से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मालदीव पोर्ट के पास ही यहां पर मिलिट्री रडार लगा दिया। जिसकी वजह से यहां पानी के जहाज, नौसेना के जहाज जितनी भी गतिविधियां होती हैं उस पर नजर रखी जा सकती है। मालदीव सेशेल्स और ओमान में भी भारतीय नौसेना सक्रिय हो रही है. सिंगापुर के साथ साल 2017 में एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया था। भारत का नेकलेस ऑफ डायमंड भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए मोजाबिंक चैनल समेत दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर, चीन के भारी निवेश वाले पूर्वी अफ्रीकी तट को बेहद अहम मानता है। विश्लेषकों का मानना है कि ये अभ्यास हिंद महासागर में पूर्वी अफ्रीकी देशों और द्वीपीय देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। पिछले कुछ सालों में हिंद महासागर भारत और चीन के बीच टकराव का नया केंद्र बनता जा रहा है। भारत ने चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स की नीति को मात देने के लिए नेकलेस ऑफ डायमंड नीति को मजबूत करना शुरू कर दिया है। क्या है पूरी स्ट्रैटर्जी? भारत ने हाल के दिनों में चीन को काउंटर करने के लिए गुपचुप तरीके से कई कदम उठाए हैं। जिसमें प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा का काफी रोल रहा है। भारत की ये योजना जमीनी स्तर पर तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। जिसका सीधा उदाहरण मॉरीशस में गुप्त तरीके से बन रहा भारत का मिलिट्री बेस है। मॉरीशस के अगलेगा द्वीप पर भारत के गुप्त सैन्य अड्डे की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। इस आईलैंड की नई सैटेलाइट इमेज जारी हुई है जिससे पता चलता है कि भारतीय नौसेना के P-8I सबमरीन हंटिंग विमान को रखने के लिए आईलैंड पर हैंगर का निर्माण, नए बने रनवे के बगल में हो रहा है। पाकिस्तान के ग्वादर एयरोप्ट पर चीन की मौजूदगी को काउंटर करने के लिए भारत ने ओमान में एक बेस सेट-अप किया है। डैकम पोर्ट से भारत का महत्वपूर्ण क्रूड ऑयल ट्रेड होता है। इसके अलावा ये पोर्ट अरेबियन सी और गल्फ ईडन दोनों पर ही अपनी नजर रखता है। जो ओमान के साथ भारत के अच्छे रिश्तों की वजह से संभव हो पाया है। भारत इंडोनेशिया के साथ सबांग बंदरगाह प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। अफ्रीका में जिबूती, पश्चिम एशिया में ओमान के टुकम बंदरगाह पर सैन्य गतिविधि के लिए भारत को अनुमति प्राप्त है। चीन के पड़ोसी देशों में जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के साथ भारत के सैन्य समझौते हैं। जिसके अंतर्गत भारतीय नौसेना को इन देशों के बंदरगाहों पर तेल भरवाने मरम्मत करवाने और हथियार जुटाकर आगे बढ़ने का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: China 99-Year Trap | जानिए कैसे Chinese Territory बन गए श्रीलंका के 2 बड़े पोर्ट ?| Teh Tak Part 1
UP: प्रयागराज में सपा नेता पवन यादव की गोली मारकर हत्या
प्रयागराज के हंडिया में सपा नेता पवन यादव को गोली मारी गई. समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन की इलाज के दौरान मौत हो गई.
आराम के फिराक में था एक कीड़ा पेड़ की पत्ती पर बैठा कुकून बनाने की जद्दोजहद में लगा हुआ था बेचारा लेकिन उसे कहां पता था कि एक रोज उसके कुकून का धागा बनाकर उस धागे से बने रुमाल को हिलाते हुए नायिका गाना गाएगी रेशम का रुमाल गले में डालकर तू आ जाना दिलदार मेरे रेशम यानी सिल्क से आपको हो सकता है रुमाल याद आए या शॉल या साड़ी लेकिन एक चीज और है जिसका नाम सिल्क से ही याद आता है सिल्क रूट या सिल्क रोड 2000 साल पहले तैयार किया हुआ एक रास्ता जो एशिया को यूरोप से जोड़ता था आज बड़ी बात नहीं लगती हमें लेकिन तब बहुत बड़ी बात थी। सिल्क रूट नाम से ही पता चलता है कि इस रास्ते से रेशम का व्यापार हुआ करता था हालांकि रेशम इकलौती चीज नहीं थी मसाले से लेकर सोने और घोड़ों तक तमाम चीजें इसी रास्ते से आती है और जाती थी। जब भारत आने का समुद्री रास्ता तैयार हो गया सिल्क रूट की अहमियत लगभग खत्म हो गई। लेकिन 2013 में जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कजाकिस्तान में अपने वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की घोषणा की, तो उन्होंने इसका आधिकारिक नाम सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट रखा (जो बाद में बीआरआई यानी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा बना। चीन इसे साम्राज्य विस्तार या कब्जे के बजाय ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों की बहाली के रूप में दुनिया के सामने पेश करना चाहता था। 'सिल्क रोड' नाम देने से इसे शांति, प्राचीन सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक साझेदारी का प्रतीक बनाकर बेचा गया। कर्ज देना और जाल में फंसाना चीन मध्य एशिया और मुख्यभूमि दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक सुनियोजित आर्थिक मॉडल पर काम कर रहा है। इस रणनीति में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के लिए कर्ज देना, प्राकृतिक संसाधनों पर रियायतें हासिल करना और व्यापारिक मार्गों की व्यवस्था को चीन-केंद्रित बनाना शामिल है। किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और लाओस जैसे पहाड़ी और स्थलरुद्ध देश इस रणनीति के अहम केंद्र बनते जा रहे हैं। चीन के लिए ये देश उसके ओवरलैंड ट्रेड नेटवर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के महत्वपूर्ण गेटवे हैं। कैसे काम करता है चीन का मॉडल? इस मॉडल की शुरुआत चीन के पॉलिसी बैंकों और सरकारी कंपनियों से होती है। चीन इन देशों में सड़क, रेल, बिजली और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय मदद और निर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसके बाद संबंधित देश भारी कर्ज के बोझ में आ जाता है। अगर वह कर्ज चुकाने में मुश्किल महसूस करता है तो कई मामलों में खनन अधिकार, ऊर्जा परियोजनाओं, पावर ग्रिड या अन्य रणनीतिक परिसंपत्तियों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी या रियायतों का रास्ता खुल जाता है। यानी जिस बुनियादी ढांचे की शुरुआत विकास और कनेक्टिविटी के नाम पर होती है, वही आगे चलकर चीन को आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव हासिल करने का जरिया दे सकता है। सड़क-रेल से लेकर ट्रांजिट कंट्रोल तक चीन जिन देशों में निवेश करता है, वहां सड़क और रेल के ऐसे कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं जो उसके व्यापक व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ते हैं। इन परियोजनाओं से चीन को यूरोप, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया तक जमीनी व्यापार मार्ग मजबूत करने में मदद मिलती है। इस व्यवस्था का एक अहम पहलू ट्रांजिट और लॉजिस्टिक्स पर बढ़ता प्रभाव है। बंदरगाहों और समुद्री रास्तों के साथ-साथ चीन अब रेल, हाईवे, बॉर्डर क्रॉसिंग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए अपने व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित और प्रभावशाली बनाने की कोशिश कर रहा है। कर्ज-संसाधन-रणनीतिक प्रभाव इस पूरे मॉडल को सरल शब्दों में समझें तो इसकी कड़ी कुछ इस तरह बनती है: चीन के बैंक और सरकारी कंपनियां → बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट → संबंधित देश पर बढ़ता कर्ज → कर्ज चुकाने में परेशानी → खनन/ऊर्जा/इंफ्रास्ट्रक्चर में रियायतें → चीन का बढ़ता आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव। हालांकि, किसी भी देश में चीन के निवेश को सीधे तौर पर ‘कर्ज के बदले कब्जा’ कहना हर मामले में सही नहीं होगा। लेकिन इतना स्पष्ट है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्ज, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स—इन चारों को जोड़कर चीन अपनी क्षेत्रीय आर्थिक मौजूदगी को दीर्घकालिक रणनीतिक प्रभाव में बदलने की कोशिश करता है। कैसे मजबूत होती है चीन की पकड़? चीन की रणनीति सिर्फ सड़क और रेल नेटवर्क बनाने तक सीमित नहीं है। इन व्यापारिक गलियारों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि खनिज संसाधनों की आवाजाही सीधे चीन के औद्योगिक केंद्रों तक हो, जबकि चीन में तैयार होने वाला सामान इन्हीं रास्तों से संबंधित देशों के बाजारों तक पहुंचे। रेल और हाईवे कॉरिडोर का इस्तेमाल सोना, पोटाश, बॉक्साइट और तांबा जैसे भारी खनिजों की ढुलाई के लिए किया जा सकता है। ये संसाधन चीन के शिनजियांग और युन्नान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचते हैं, जहां उनका प्रसंस्करण किया जाता है। इसके उलट चीन में तैयार उपभोक्ता वस्तुएं इन्हीं जमीनी व्यापार मार्गों के जरिए मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में पहुंचती हैं। यानी कच्चा माल चीन की ओर और तैयार माल चीन से बाहर यह व्यवस्था व्यापारिक गलियारों को बीजिंग की औद्योगिक जरूरतों से जोड़ देती है। इसे भी पढ़ें: India's Shield aginst China| भारत अपनी सैन्य रणनीति से कैसे चीन को फंसा रहा? | Teh Tak Part 6
अक्टूबर 2019 की बात है महीने की 27 तारीख को दीवाली थी। लेकिन नेपाल की राजधानी काठमांडू में करीब एक पखवाड़े पहले ही दिवाली का माहौल बन गया था। रंग रोगन का काम चल रहा था, गड्ढे भरे जा रहे थे। कुल मिलाकर बोलचाल की भाषा में कहें तो एकदम चकाचक बनाने की तैयारी हो रही थी। यह सारी तैयारी पड़ोसी देश से आ रहे खास मेहमान के लिए थी। खास मेहमान थे शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति। उनसे पहले 1996 में आए थे जियांग जेमिन दोनों राष्ट्रपतियों के नेपाल आने के बीच 23 साल का फासला रहा। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी नेपाल और भारत की दोस्ती। कुछ सालों में यह समीकरण बदलने लगा और दोनों देशों के बीच रिश्तों में ठंडापन आ रहा है। नेपाल की गर्मजोशी उसकी उत्तर की दिशा यानी चीन के तरफ शिफ्ट होती जा रही है। चीन के दबाव में अपने फैसले लेने लगा है नेपाल। कुछ ऐसा ही हाल भारत के एक और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के साथ भी देखने को मिला। नेपाल और बांग्लादेश में चीन की सक्रियता पारंपरिक आर्थिक मदद से रणनीतिक तौर पर अपनी पहुँच बढ़ाने की सोची-समझी कोशिश को दिखाती है। वहाँ की घरेलू राजनीतिक गुटबाजी, बुनियादी ढाँचे की कमी और भारत के दबदबे को संतुलित करने की इन देशों की पुरानी इच्छा का फ़ायदा उठाकर, चीन ने खुद को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और फ़ैसले लेने के ढांचे में शामिल कर लिया है। ट्रांस-हिमालयन मल्टी-डायमेंशनल कनेक्टिविटी नेटवर्क तिब्बत के रेलवे नेटवर्क को ऊबड़-खाबड़ हिमालयी इलाकों से होते हुए सीधे काठमांडू तक बढ़ाना। तकनीकी और पर्यावरणीय रूप से जोखिम भरा होने और इसमें भारी लागत आने के बावजूद, यह लाइन बीजिंग के भू-राजनीतिक मकसद को पूरा करती है। नेपाल को उत्तर की ओर से सप्लाई का एक वैकल्पिक रास्ता देना, ट्रांज़िट पर भारत के एकाधिकार को कम करना, और भारत-गंगा के मैदानी इलाकों तक चीन की तेज़ी से नागरिक-सैन्य लॉजिस्टिक्स पहुँचाना। तातोपानी–कोदारी (अरनिको हाईवे) और रासुवागढ़ी–केरुंग बॉर्डर पॉइंट्स को अपग्रेड करने से चीन का ट्रांज़िट इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्थित रूप से बढ़ा है। एयरपोर्ट फाइनेंसिंग और व्हाइट एलिफेंट का जाल चीन के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक से लगभग 216 मिलियन डॉलर के रियायती लोन से बना यह एयरपोर्ट एक ऐसा हाई-प्रोफाइल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसकी कमर्शियल व्यवहार्यता (मुनाफ़ा कमाने की क्षमता) पर सवालिया निशान हैं। भारत ने ऐसी बिजली खरीदने या नए एयर ट्रांज़िट रूट देने से इनकार कर दिया है जो सीधे तौर पर चीन द्वारा बनाए गए सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हों। इस वजह से पोखरा एयरपोर्ट का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है और काठमांडू पर कर्ज़ चुकाने का बोझ बढ़ गया है। जब प्रोजेक्ट्स से पर्याप्त ऑपरेशनल रेवेन्यू (कामकाज से होने वाली कमाई) नहीं मिल पाता, तो बीजिंग को शर्तों पर दोबारा बातचीत करने, इक्विटी स्वैप (हिस्सेदारी की अदला-बदली) के लिए दबाव डालने या खास द्विपक्षीय रेगुलेटरी छूट हासिल करने का मौका मिल जाता है। बांग्लादेश: रणनीतिक घेराबंदी और चोकपॉइंट पर दबाव बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी में एक अहम जगह पर है; इसकी सीमा भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों से लगती है और यह बहुत ज़रूरी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के ठीक दक्षिण में स्थित है। इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर और बंदरगाहों पर पकड़: पद्मा ब्रिज रेल लिंक - इस प्रोजेक्ट को ज़्यादातर चीनी इंजीनियरिंग कंपनियों ने फंड किया और बनाया। इसने दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश में कनेक्टिविटी को बदल दिया और दिखाया कि चीन बड़े और मुश्किल राष्ट्रीय गौरव वाले प्रोजेक्ट्स को पूरा कर सकता है। समुद्री पहुँच (मोंगला और पायरा): चीन ने मोंगला बंदरगाह और उसके आस-पास के इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक ज़ोन में गहरे समुद्र में आधुनिकीकरण के लिए पैसा लगाया है। बंगाल की खाड़ी के बंदरगाहों पर नियंत्रण या गहरी तकनीकी मौजूदगी से पूरे उत्तरी हिंद महासागर में समुद्री लॉजिस्टिक्स और नौसेना की गतिविधियों पर लंबे समय तक नज़र रखी जा सकती है। तीस्ता नदी का व्यापक प्रबंधन और बहाली प्रोजेक्ट (1 अरब डॉलर से ज़्यादा का प्रस्ताव) में ड्रेजिंग, तटबंध बनाना और नदी के किनारे इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाना शामिल है। भू-राजनीतिक दरार: तीस्ता नदी सिक्किम से निकलती है और उत्तरी बांग्लादेश में प्रवेश करती है। भारत में राज्य-स्तर पर घरेलू विरोध के कारण भारत और बांग्लादेश तीस्ता जल-बंटवारे के आधिकारिक समझौते को हल नहीं कर पाए, इसलिए चीन ने इस खाली जगह का फ़ायदा उठाया। तीस्ता के किनारे काम कर रहे चीनी इंजीनियर बीजिंग को सिलीगुड़ी कॉरिडोर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर लाते हैं, जिससे भारत की मुख्य रणनीतिक कमज़ोरी के पास उनकी सक्रिय मौजूदगी बन जाती है। भारत के रणनीतिक जवाबी उपाय क्षेत्रीय व्यापार को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए रेलवे लिंक (जैसे, नेपाल में जोगबनी-बिरटनगर, बांग्लादेश के साथ अखौरा-अगरतला) और इनलैंड वॉटरवे (आंतरिक जलमार्ग) के लिए फंड देना। ऊर्जा व्यापार से जुड़ी शर्तें: भारत ऐसी नीतियां लागू करता है जो चीनी इक्विटी या ठेकेदारों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट से पैदा हुई बिजली की खरीद या ट्रांज़िट को रोकती हैं, जिससे नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में चीनी निवेश पर सीधा असर पड़ता है। किसी एक पार्टनर पर निर्भरता कम करने और संस्थागत मजबूती बनाने के लिए BIMSTEC और BBIN (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल) मोटर वाहन और ट्रांज़िट फ्रेमवर्क को फिर से सक्रिय करना। इसे भी पढ़ें: Decoding String Of Pearls | क्या ड्रैगन के गुलाम बन जाएंगे कई देश? | Teh Tak 4
Decoding String Of Pearls | क्या ड्रैगन के गुलाम बन जाएंगे कई देश? | Teh Tak 4
माला क्या होती है? सीधा और सरल जवाब है- एक अलंकारिक वस्तु, जो फूलों से या अन्य चीजों मसलन पत्ती, कागज आदि से बनायी जाती है। यूं तो मालाएं कई प्रकार की होती हैं; जैसे फूलों की, रत्नों की, बीजों की एवं धातुओं की आदि। लेकिन मोतियों की माला का एक पौधा होते हैं, जिसे अंग्रेजी में स्ट्रिंग ऑफ प्लर्स कहते हैं जो अपने नाम के अनुरूप लगभग गोलाकार, छोटे मटर के आकार के पत्तों द्वारा आसानी से पहचाने जा सकते हैं। पत्तियों के तने पर उगते हैं, जो सुंदर ढंग से प्लांटर्स और हैंगिंग बास्केट के ऊपर फैल जाते हैं। लेकिन आज हम बात स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नामक पौधे की नहीं बल्कि चीन की एक नीति, एक योजना की करेंगे। चीन की इस योजना को मोतियों की माला, स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स कहा जाता है। आपको ये लगता होगा कि चीन हमेशा अपनी सीमा से आगे बढ़कर बॉर्डर वाले इलाकों के जरिये भारत में कब्जा जमाना जमाना चाहता है। लेकिन ये अकेला ऐसा इलाका नहीं है जहां से चीन भारत को घेरने की कोशिश करता है। आखिर क्या है स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स दक्षिणी छोर पर हिन्द महासागर के जरिए चीन भारत को घेरना चाहता है। भारत को घेरने की कोशिश में पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार और मालदीव जैसे देशों का इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट, श्रीलंका के हंबनटोटा, बांग्लादेश के चिटगोंग पोर्ट, म्यांमार का क्यौकप्यू पोर्ट, मालदीव के फेयधूफिनोल्हु द्वीप को चीन ने अपना बेस बनाया। भारत को घेरने की इस नीति को चीन स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का नाम देता है। चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति उसकी उसी सिल्क रूट का हिस्सा है जिसे वो बेल्ट एंड रोड एनिसिएटिव का नाम देता है। कंबोडिया से शुरू होकर म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, पाकिस्तान से होते हुए ये रास्ता सुडान तक जाता है। अगर आप इस रास्ते को जोड़ते हैं तो ये साफ तौर पर भारत को घेरता हुआ दिखाई पड़ता है। भारत को घेरने की रणनीति के तहत ही चीन इन देशों के पोर्ट और द्वीप पर अपने बेस बना रहा है। कब दुनिया के सामने खुली चीन की पोल ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ का जिक्र आज से करीब 16 साल पहले (2005 में) अमेरिकी के रक्षा मंत्रालय ने ‘एशिया में ऊर्जा का भविष्य’ नाम की एक खुफिया रिपोर्ट में किया था। पेंटागन की इस रिपोर्ट में चीन द्वारा समुद्र में तैयार किए जा रहे ‘मोतियों’ का विस्तृत विवरण दिया गया था। ये समुद्र में पाए जाने वाले मोती नहीं बल्कि दक्षिण चीन सागर से लेकर मलक्का-स्ट्रैट, बंगाल की खाड़ी और अरब की खाड़ी तक (यानि पूरे हिंद महासागर में) सामरिक ठिकाने (बंदरगाह, हवाई पट्टी, निगरानी-तंत्र इत्यादि) तैयार करना था। हालांकि उस वक्त इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन ये ठिकाने अपने ऊर्जा-स्रोत और तेल से भरे जहाजों के समुद्र में आवागमन की सुरक्षा के लिए तैयार कर रहा है। लेकिन जरुरत पड़ने पर इन सामरिक-ठिकानों को सैन्य-जरुरतों के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है। मालदीव चीन पर भरोसा करना इसलिए भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि इसकी ये योजना जिबूती तक ही सीमित नहीं है। मालदीव में अब्दुल्ला यामीन की चीन समर्थित सरकार थी। लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा था। उनके कार्यकाल के दौरान मालदीव के फेयधूफिनोल्हु द्वीप में उसने अपना मिलिट्री बेस बना लिया है। 2066 तक के लिए मालदीव की सरकार से चीन ने इस द्वीप को 4 मिलियन डॉलर की लीज पर लिया हुआ है। चीन के अधिकार में आने के बाद से इस द्वीप के आकार में 38 हजार स्क्वायर मीटर से एक लाख स्क्वायर मीटर की बढ़ोतरी हुई है। चीन ने कहा है कि ये उसका अधिकार है कि वो इस द्वीप का कैसे प्रयोग करता है। अगर चीन का ये मिलिट्री बेस पूरी तरह से काम करने लगता है तो हिन्द महासागर में इस मिलिट्री बेस की दूरी लक्ष्यद्वीप से केवल 900 और भारत की मुख्य भूमि से 1 हजार किलोमीटर की दूरी पर होगा। म्यांमार म्यांमार के क्याकप्यू बंदरगाह में चीन की मौजूदगी है। बंगाल की खाड़ी में स्थित बंदरगाह ने चीन को एक वाणिज्यिक समुद्री सुविधा प्रदान की है जिसका उपयोग संघर्ष के समय एक सैन्य सुविधा के रूप में किया जा सकता है। चीन ने यहां काफी निवेश किया है और क्यायुकु और कुनमिंग को जोड़ती 2400 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन इसका एक उदाहरण है। भारतीय तटों के निकट एक अन्य चीनी उपस्थिति कोको द्वीप समूह में है। कोको द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उत्तर में स्थित हैं और संघर्ष के समय रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। चीन के पास कथित तौर पर वहां एक सैन्य अड्डा भी है।
UPI पर 0.40% MDR लागू, लेकिन आम आदमी के लिए बिल्कुल फ्री, ये रही गाइडलाइंस
15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चेंट (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नया फ़्रेमवर्क लागू होगा. हालांकि, ग्राहकों को कोई चार्ज नहीं देना होगा. अगर आपस में भी आप यूपीआई के जरिए पैसा ट्रांसफर करते हैं तो भी यह चार्ज नहीं लगेगा. यह सिर्फ कुछ चुनिंदा बड़े व्यापारियों पर ही लागू होगा.
अंबानी के इवेंट में 71 की रेखा का जलवा, हसीनाओं को दी टक्कर
गणपति पूजा में कृति सेनन, माधुरी दीक्षित, अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर और नुपूर सेनन जैसी तमाम एक्ट्रेस नजर आईं.
China 99-Year Trap | जानिए कैसे Chinese Territory बन गए श्रीलंका के 2 बड़े पोर्ट ?| Teh Tak Part 1
पॉवरफुल की क्या परिभाषा हो सकती है, ठेठ देशी अंदाज में समझें तो उसका घर भी अच्छे से चले और पूरे मौहल्ले में भी भौकाल हो। यही बात देशों पर भी लागू होती है। भारत की हमेशा से ये चाह रही है कि उसे दक्षिण एशिया में इज्जत मिले। उसे एक पॉवरफुल कंट्री की तरह देखा जाए। उसकी ये इच्छा उसकी विदेश नीति की दिशा तय करती है। भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका के रिश्ते कैसे हैं इसके लिए अलग से एक तह तक का पूरा एपिसोड करना पड़ जाएगा। लेकिन संक्षेप में समझें तो तमिलनाडु से जाफरा मोटरबोट से चंद घंटों में पहुंचा जा सकता है। दोनों देशों के बीच सदियों से संबंध हैं। जब भारत और श्रीलंका दोनों ही अंग्रेजों के गुलाम थे तो भारत से तमिल समुदाय के लोग श्रीलंका जाकर बसे। आधुनिक समय में इसी तमिल समुदाय की वजह से श्रीलंका और भारत का भविष्य साथ में जुड़ा हुआ है। राजवी गांधी द्वारा तमिल समस्या को लेकर श्रीलंका में शांति सेना भेजना हो या फिर बदले में नाराज लिट्टे समर्थकों द्वारा राजीव गांधी की हत्या को अंजाम दिया जाना। दोनों देशों के बीच का कनेक्शन काफी पुराना और गहरा है और आज भी तमिलनाडु में हजारों श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी रहते हैं। 2007 में सेना भेजने के बाद से लगातार भारत श्रीलंका की मदद करता आ रहा है। लेकिन बाद के दिनों में श्रीलंका भारत की बजाय चीन की गोद में जा बैठा। चीन ने श्रीलंका से क्यों बढ़ाई नजदीकी अंतर्राष्ट्रीय संबंध श्रीलंका और भारत के बीच संबंध दशकों पुराने रहे हैं। साल दर साल इसमें बढ़ोतरी ही देखने को मिली। 2007 के बाद जब श्रीलंका की सेना ने तमिल उग्रवादियों के खिलाफ अभियान तेज किया तो उस वक्त भी भारत उस अभियान में उसके साथ खड़ा रहा। लेकिन इस बीच चीन ने भी श्रीलंका पर अपनी नजरे बनाई रखी थी। 2005 में श्रीलंका के राष्ट्रपति बने महिंद्रा राजपक्षे का झुकाव चीन की तरफ अधिक था। वो अपने इलाके हंबनटोटा में एक बंदरगाह बनवाना चाहते थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पहले भारत की तरफ देखा, लेकिन भारतीय कंपनियों के प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं दिखाने पर राजपक्षे चीन के पास पहुंच गए। चीन की बैंकों ने उन्हें दिल खोल कर कर्ज दिया। इसके बाद अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने के लिए भी श्रीलंका ने चीन से कर्ज लिया। साल 2014 में शी जिनपिंग ने श्रीलंका का दौरा भी किया। देखते ही देखते श्रीलंका पर इतना कर्ज हो गया कि उसके पास ब्याज चुकाने तक के पैसे नहीं रहे। कर्ज न चुका पाने के कारण श्रीलंका को सामरिक दृष्टि से बेहद अहम हंबनटोटा बंदरगाह चीन को 99 साल की लीज पर दे देना पड़ा। चीन का नौ सेना के अड्डे बनाने का प्लान श्रीलंका की भौगोलिक स्थिति उसे बेहद खास बनाती है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुंद्री मार्ग यानी हिंद महासागर में श्रीलंका की स्थिति बेहद खास है। चीन यहां अपना वर्चस्व स्थापित करके समुंद्री मार्ग को अपने मालवाहक जहाजों के आवागमन के लिए सुरक्षित बनाना चाहता था। इसके साथ ही चीन अपने नौ सेना के अड्डे बनाने के इरादे पाले हुए थे। चीन के ये इरादे भारत के वर्चस्व के लिए बड़ा खतरा है। चीन ने श्रीलंका में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए वहां शी जिनपिंग के ड्रीम प्रोजेक्ट यानी बीआरआई के तहत कई परियोजनाएं शुरू की थी। जिनके मुनाफे में न आने की वजह से श्रीलंका चीन के कर्ज के बोझ के तले दब गया है। कोलंबो पोर्ट सिटी सीधे ज़मीन बनाने का काम (2014–2019): चीन की कंपनी 'चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी' (CCCC) के साथ 1.4 अरब डॉलर के FDI समझौते के तहत, श्रीलंका ने कोलंबो के कमर्शियल हार्बर के पास समुद्र की तलहटी से 269 हेक्टेयर ज़मीन तैयार की। ड्रेजिंग (समुद्र तल की खुदाई) का खर्च उठाने के बदले, चीनी सरकारी ठेकेदार को 116 हेक्टेयर ज़मीन दी गई, जो ज़्यादातर 99 साल की लीज़ पर थी। इस प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति ने सरकारी स्तर पर तनाव बढ़ा दिया। श्रीलंका की संसद ने एक कानून पास करके एक स्वायत्त 'स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन' (SEZ) बनाया, जिसे सामान्य म्युनिसिपल प्रशासनिक निकायों के बजाय राष्ट्रपति के अधीन एक कमीशन चलाता है। इस कानून में सिंगल-विंडो मंज़ूरी, बड़े राष्ट्रीय टैक्स नियमों से छूट, ऑफशोर फाइनेंशियल स्टेटस और तय विदेशी मुद्राओं में लेन-देन की सुविधा दी गई। आलोचकों और श्रीलंकाई विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में इस बिल को चुनौती दी। उनका तर्क था कि यह कानून एक ऐसा असंवैधानिक और देश के सामान्य कानूनों के दायरे से बाहर का इलाका बनाता है, जो आम लोकतांत्रिक निगरानी से दूर चलता है। इसे भी पढ़ें: CPEC & Gwadar Exposed | कैसे भारत की पश्चिमी सीमा पर पहुंचा चीन! | Teh Tak Part 2
CPEC & Gwadar Exposed | कैसे भारत की पश्चिमी सीमा पर पहुंचा चीन! | Teh Tak Part 2
चीन का मकसद बेल्ट एंड रोड परियोजना के जरिये पूरी दुनिया को चीन से जोड़ने का है। इसके लिए वो कई देशों में भारी मात्रा में निवेश कर रहा है। सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत चीन सड़क, रेलवे और ऊर्जा पाइपलाइन बिछाने के लिए पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर लोन दे रहा है। इस परियोजना को साल 2049 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरे वैश्विक नेटवर्क का सबसे अहम और रणनीतिक मुकुट है—चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, यानी CPEC। करीब 3,000 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर चीन के शिनजियांग प्रांत को पाकिस्तान के रास्ते सीधे अरब सागर से जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन पाकिस्तान में आधुनिक सड़कें, हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क, ऑप्टिकल फाइबर और रणनीतिक तेल-गैस पाइपलाइनें बिछाने के लिए भारी-भरकम कर्ज मुहैया करा रहा है। कहने को यह दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक समृद्धि की साझेदारी है, लेकिन असल में यह बीजिंग की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसे अपनी कम्युनिस्ट क्रांति के 100 साल पूरे होने यानी साल 2049 तक मुकम्मल करने का लक्ष्य तय किया गया है। कश्मीर से अरब सागर तक CPEC और ग्वादर का जाल चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) का मुख्य ज़मीनी-से-समुद्री मार्ग है। शिनजियांग के काशगर से बलूचिस्तान में गहरे समुद्र वाले ग्वादर बंदरगाह तक फैले इस कॉरिडोर से पश्चिमी चीन (जो चारों तरफ़ ज़मीन से घिरा है) सीधे अरब सागर से जुड़ जाता है। CPEC खुंजेराब दर्रे से पाकिस्तान में प्रवेश करता है और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुज़रता है। यह विवादित रास्ता सीमा से जुड़े आम संवेदनशील मुद्दों को दरकिनार करता है और चीन को काराकोरम हाईवे से सटा हुआ ज़मीनी परिवहन का सीधा रास्ता देता है। ट्रांज़िट स्पाइन (मुख्य मार्ग): यह कॉरिडोर एक्सप्रेसवे, माल-ढुलाई लाइनों और पावर-ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से गुज़रता है और अंदरूनी इलाकों के मुख्य केंद्रों को सीधे दक्षिणी तटों से जोड़ता है। दक्षिणी सिरा (ग्वादर): बलूचिस्तान में फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित ग्वादर बंदरगाह एक रणनीतिक केंद्र के तौर पर काम करता है, जहाँ ज़मीनी व्यापार खत्म होता है और अरब सागर के समुद्री रास्ते शुरू होते हैं। ग्वादर में चीन का अतिक्रमण और पाक सरकार के अत्याचार ग्वादर बंदरगाह 60 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना (सीपीईसी) का अहम हिस्सा है। ग्वादर बंदरगाह का उद्धाटन सबसे पहले 2002 में हुआ था। जब इसे चीन और पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना का हिस्सा बनाया गया। तब फिर से इसका उद्घाटन हुआ। ग्वादर के लोगों से वादा किया गया था कि इस परियोजना से उनकी और पाकिस्तान की जनता की जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन वर्तमान दौर में आलम ये है कि यहां पानी और बिजली की भारी किल्लत हो गई है और अवैध मछली पकड़ने से आजीविका पर खतरा आ गया है। जिसकी वजह से यहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अरब सागर में चीन का दोहरे इस्तेमाल वाला ठिकाना सरकारी कंपनी 'चाइना ओवरसीज़ पोर्ट होल्डिंग कंपनी' (COPHC) द्वारा 40 साल की लीज़ पर चलाए जा रहे ग्वादर में आम नागरिकों के लिए सामान की आवाजाही बहुत कम रही है। इसकी असली अहमियत रणनीतिक है: यहाँ गहरे पानी वाले बर्थ, खास तरह के ब्रेकवाटर और एक आधुनिक एयरपोर्ट है, जो मिलिट्री लॉजिस्टिक्स और समुद्री सप्लाई में मदद करने के लिए बनाए गए हैं। कराची से सिर्फ़ 400 किमी दूर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ग्वादर में PLA नेवी (PLAN) की मौजूदगी से चीन के युद्धपोत, परमाणु पनडुब्बियाँ और निगरानी करने वाले साधन सीधे मुंबई और कारवार में भारत के पश्चिमी नौसेना कमान के सामने आ जाते हैं। ग्वादर इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और एकोस्टिक मॉनिटरिंग नोड के तौर पर काम करता है। चीन उत्तरी अरब सागर में आने वाले भारतीय नौसैनिक जहाजों को ट्रैक कर सकता है, फारस की खाड़ी से होने वाले समुद्री ट्रैफिक पर नज़र रख सकता है, और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज़रूरी समुद्री संचार मार्गों (SLOCs) को चुनौती दे सकता है। यह पोर्ट हैनान या जिबूती से दूर काम करने वाली PLAN पनडुब्बियों के लिए एक सुरक्षित विदेशी ठिकाना देता है। पाकिस्तान द्वारा चीनी हैंगोर-क्लास (टाइप 039B) पनडुब्बियाँ हासिल करने के साथ मिलकर, ग्वादर ऐसी अंडरवाटर ऑपरेशन क्षमता देता है जिससे भारत के पनडुब्बी-रोधी युद्ध साधनों को उलझाए रखा जा सके। इसे भी पढ़ें: China Enters India Backyard | नेपाल-बांग्लादेश में चीन की सीक्रेट एंट्री:चिकन नेक पर कितना बड़ा खतरा? | Teh Tak Part 3
शिवमहापुराण कथा के बीच मंत्री को CM योगी का बुलावा, भेजा हेलीकॉप्टर
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ऊंचाहार में श्री शिवमहापुराण कथा में मौजूद थे. इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर भेजकर लखनऊ बुलाया. मनोज पांडेय हेलीकॉप्टर से लखनऊ पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री के स्नेह और विश्वास के लिए आभार जताया.
Bab-el-Mandeb में Houthi हमलों से शिपिंग को खतरा, MEA ने Saudi Arabia का किया समर्थन
यमन में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के बावजूद भारत को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रही है, क्योंकि इस इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच यह अहम जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह रणनीतिक रूप से अहम रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और पश्चिमी एशिया से ग्लोबल मार्केट तक ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक ज़रूरी रूट है। भारत के लिए इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में रुकावट बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हूथी हमलों और क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर चर्चा की। जायसवाल ने कहा हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हूथी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ, जिसकी हमने निंदा की है। हम रेड सी इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं। हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के लिए बने बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका जयसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी, दोनों को खतरा है। उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें जाहिर तौर पर हमें मंजूर नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
टीम इंडिया में वापसी ना होने पर छलका इस स्टार खिलाड़ी का दर्द
टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें भरोसा था कि अगली दो सीरीज के बाद उनकी भारतीय टीम में वापसी हो जाएगी, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें एहसास हो गया कि अब चयनकर्ता उन्हें वापस बुलाने वाले नहीं हैं.
बर्लिन साइबर अटैक: डार्क वेब पर सरकारी फाइलें लीक करने के पीछे कौन?
बर्लिन में हाल ही में हुए एक बड़े साइबर हमले में करीब 14 लाख रिकॉर्ड डार्क वेब पर लीक हो गए हैं. कर्मचारियों और आम लोगों के डाटा के साथ जरूरी सरकारी सिस्टम की जानकारी भी खतरे में है
दरगाह में हिंदू जोड़े की शादी, दूल्हा-दुल्हन पर मुस्लिमों ने बरसाए अक्षत
तमिलनाडु की नागौर दरगाह में हिंदू परिवार की शादी की रस्म हुई. मुस्लिम बुजुर्गों ने दूल्हा-दुल्हन को बधाई दी. अब गंगा-जमुनी तहजीब की यह मिसाल सोशल मीडिया पर वायरल है.
राम की नगरी में धर्मशाला बनवाएंगे अमिताभ, पिता को समर्पित
अमिताभ बच्चन ने कुछ समय पहले अयोध्या की पावन धरती पर एक जमीन खरीदी थी, जिसकी लागत 15 करोड़ रुपये है. अब वो इसपर एक भव्य धर्मशाला का निर्माण कराएंगे, जिसमें वो अपने पिता की याद में कुछ खास करने वाले हैं.
फ्लड के बाद नेपाल को भारत से मदद की उम्मीद, दिल्ली आएंगे नेपाली वित्त मंत्री
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले 17 सितंबर को भारत के दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली जाएंगे. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत से बड़े आर्थिक सहयोग और सहायता पैकेज की उम्मीद करना है.
छल्ले वाले पर्दे वॉशिंग मशीन में ऐसे धोएं, नहीं होंगे खराब!
How To Wash Curtains With Rings: छल्ले वाले पर्दों को वॉशिंग मशीन में धोने में समस्या का सामना करना पड़ता है. लोग या तो इनके छल्ले बार-बार निकालते हैं, या फिर सीधा ड्राई क्लीनिंग में पैसा खर्च कर देते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से एक हैं, तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है. इस आसान ट्रिक को अपनाकर आप आसानी से घर पर ही छल्ले वाले पर्दे धो सकते हैं.
UP: किसानों को मिल रही 90% तक सरकारी सब्सिडी
PM-KUSUM योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसान डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपना रहे हैं. सामान्य और ओबीसी किसानों को 60% तक, जबकि पात्र किसानों को 90% तक सब्सिडी मिल सकती है. यूपी में 53,182 स्वतंत्र सोलर पंप लगाए जा चुके हैं. वीडियो में जानें क्या है ये स्कीम.
150 साल बाद लाइब्रेरी पहुंची खोई हुई किताब, पुरानी चिमनी में रखी मिली
ऑस्ट्रेलिया में एक पुराने घर की चिमनी की दीवार के बीच ईंटों के पीछे एक किताब मिली. इसे छिपाकर रखा गया था. यह किताब 150 साल पुरानी थी. किताब खोलते ही जानकारी मिली कि इसे एक स्थानीय लाइब्रेरी से इश्यू कराया गया था, जो आज भी. फिर उस घर के मालिक ने लाइब्रेरी जाकर उस किताब को आज इतने साल बाद वापस किया.
9/11 हमला: षड्यंत्र के वे सिद्धांत जो आज भी फैल रहे हैं
11 सितंबर के हमलों के 25 साल बाद भी उसे लेकर कई षड्यंत्रकारी सिद्धांत फैले हुए हैं. आखिर लोग इन पर विश्वास क्यों करते हैं
ढाका यूनिवर्सिटी में जिन्ना की 'एंट्री', मुजीबुर हुए 'एग्जिट', बांग्लादेश में विरासत पर वार
ढाका यूनिवर्सिटी के DUCSU म्यूज़ियम में शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीरों की जगह पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगा दी गईं. इसके बाद विरोध-प्रदर्शन भी हुए. लेकिन इस घटना ने यह भी तय कर दिया है कि बांग्लादेश किस दिशा की ओर में जा रहा है.
जिसने दिलाई आजादी उसे ही भूल बैठा बांग्लादेश? मुजीब उर रहमान की जगह लग रहीं जिन्ना की तस्वीरें
बांग्लादेश में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम देखने को मिला है। यहां देश को आजादी दिलाने वाले शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीरें हटाई जा रही हैं। इनकी जगह लगाई गई हैं जिन्ना की तस्वीरें…
गंगा स्नान करती महिला के Video से छेड़छाड़? दूसरे वीडियो से बढ़ा सस्पेंस
सोशल मीडिया पर गंगा स्नान से जुड़े दो वीडियो वायरल हैं. दोनों में महिला के साथ युवक और बुजुर्ग के गंगा स्नान की गतिविधियां समान दिखाई दे रही हैं, लेकिन महिला के रूप में अंतर है. वीडियो की तारीख, स्थान और सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है. समान गतिविधियों के चलते वीडियो के AI से बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है.
टॉयलेट के बहाने भागने की फिराक में था सिया को टक्कर मारने वाला, रिश्तेदार भी धरा गया
गुरुग्राम में महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारने और अभद्रता के मामले में मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा-राजगढ़ के बीच से गिरफ्तार किया गया. सीसीटीवी और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास समेत बीएनएस की धारा 78 और 79 जोड़ी गईं.
30 साल बाद शनि मीन राशि में मार्गी, 7 महीने मौज काटेंगी ये 4 राशियां
शनि देव 11 दिसंबर को मीन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं. उनकी सीधी चाल का शुभ प्रभाव कई राशियों पर दिखाई दे सकता है. वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों को करियर, कारोबार, आय और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं.
इन ब्यूटी क्रीमों पर CDSCO का हेल्थ अलर्ट, आप तो यूज नहीं कर रहे?
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पाकिस्तान में बनी 'गोरी ब्यूटी क्रीम' और 'चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम' को भारत में बिक्री के लिए बैन किया था, लेकिन ये फिर भी बिक रही हैं. अब CDSCO ने इन क्रीम के नुकसान को लेकर हेल्थ अलर्ट जारी किया है.
सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका
कहां तो सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था और कहां अब उसके अपने शहरों पर मुसीबत आन खड़ी हुई। सऊदी अरब यमन के अंसारुल्ला हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है। हालात यह हैं कि जद्दा, जजान और आभा जैसे शहरों में इमरजेंसी अलर्ट है। यमन से हूतियों की मिसाइलें और ड्रोन सऊदी के शहरों पर गिर रहे हैं। खुद हूतियों ने भी दावा किया है कि उन्होंने सऊदी के साउथ वेस्ट में खमीज मुशैद पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन मारे हैं। और एक फौजी बेस को निशाना भी बनाया है। इन हमलों में सऊदी के 13 लोग जख्मी हो गए। लेकिन आभा, जिद्दा, जजान और ताइफ जैसे शहरों पर हूतियों के अटैक का खतरा बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि इन हमलों से निपटने के लिए सऊदी की राजधानी रियाद में हाई लेवल की इमरजेंसी मीटिंग हो रही हैं। हूतियों की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमलों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख सऊदी अरब भी अपनी हिमायती यमन की सेना की मदद से हूतियों के इलाकों पर हवाई हमले और पलटवार कर रहा है। को तो नुकसान हो रहा है लेकिन उनकी जीत का कारवा यमन में बढ़ता ही चला जा रहा है। अंसारउल्ला फोर्सेस इस वक्त सेंट्रल यमन और लाल सागर के साहिली इलाकों पर अपना फोकस रखे हुए हैं और अपने टारगेट भी हासिल करती जा रही हैं। की रणनीति फिलहाल दिखा रही है कि अदन की तरफ नहीं बढ़ना है बल्कि उन इलाकों पर कंट्रोल हासिल करना है जिनसे राजधानी सना पर आगे चलकर हमले का खतरा कम होता जाए। वहीं सऊदी के सबसे बड़े सहारे अमेरिका ने इस जंग में सीधे कूदने से साफ मना कर दिया है। सिर्फ खुफिया जानकारी और मदद सऊदी को मुहैया करवा रहा है। अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा है कि हूतियों ने भी अमेरिका से इस लड़ाई से दूर रहने के लिए कहा है। इधर हूतियों के हमलों से हलाकान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए मिडिल ईस्ट के देशों और अप्रत्यक्ष रूप से यानी इनडायरेक्ट तौर पर इसराइल से भी अपील की है। इसराइल हायम की रिपोर्ट के मुताबिक यह रिक्वेस्ट सीधे दूसरे गल्फ देशों और मिस्र से की गई थी। लेकिन इसराइल से अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जरिए इनडायरेक्ट कांटेक्ट किया गया और इंटेलिजेंस और दूसरी मदद मांगी गई जिससे हूतियों को बाब अल मंदब स्टेट को बंद करने से रोका जा सके। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia ने हूतियों पर दागी मेड इन चाइना मिसाइल, यमन के रेगिस्तान में ही जा गिरी सेटेलाइट तस्वीरों में दिखाया गया है कि सऊदी अरब से रेड सी यानी लाल सागर तक जाने वाली मुख्य पाइपलाइन पर बना पंपिंग स्टेशन ड्रोन अटैक में तबाह हो चुका है। सऊदी के तेल खरीदारों का कहना है कि अगर इस अहम पाइपलाइन को फिर से चालू नहीं किया तो सऊदी के पास एक्सपोर्ट के लिए तेल का स्टॉक ही खत्म हो जाएगा।

